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राहुल ने ऐसी अपील क्यों की ? | Khabarhaat — Transcript

by KhabarHaat · 3,139 words · 416 segments · language en · Watch on YouTube

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  1. 0:04नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम है प्रदीप
  2. 0:06चौहान। बात समझनी है तो पूरी सुननी होगी।
  3. 0:10दोस्तों, राहुल गांधी ने आज एक वीडियो
  4. 0:13जारी किया या वीडियो अपील जारी करी कि 1
  5. 0:16तारीख को 1 नवंबर को जो दिल्ली में मह
  6. 0:18रैली वो कर रहे हैं, उसमें पार्टिसिपेशन
  7. 0:21के लिए उन्होंने लोगों से अपील की। ना
  8. 0:23सिर्फ अपनी पार्टी या अपने लोगों से अपील
  9. 0:26की है बल्कि जितनी स्टूडेंट यूनियन है
  10. 0:28चाहे वह किसी भी पार्टी से एफिलिएटेड हो
  11. 0:30उन सबको उस रैली में उस मार्च में शामिल
  12. 0:34होने की अपील की है। नमस्कार चलो दिल्ली
  13. 0:38रामलीला मार्च लोकतंत्र को बचाने का, वोट
  14. 0:43चोरी को रोकने का, संविधान को बचाने का
  15. 0:45मार्च है। यह किसी एक राजनीतिक पार्टी का
  16. 0:48मार्च नहीं है। यह हिंदुस्तान की आत्मा का
  17. 0:50मार्च है। सब लोग जो नरेंद्र मोदी, अमित
  18. 0:54शाह, ज्ञानेश कुमार से तंग हैं। सब लोग जो
  19. 0:58लोकतंत्र को बचाना चाहते हैं। संविधान की
  20. 1:00रक्षा करना चाहते हैं। आप सब आइए। एक ही
  21. 1:03प्रोटेस्ट है। देश का प्रोटेस्ट है। डोंट
  22. 1:06वरी अबाउट द पुलिस। डोंट वरी अबाउट लाठीज़।
  23. 1:11द बीजेपी विल नॉट हैव द ग्स टू ट्राई एनी
  24. 1:14ऑफ़ देयर एंटिक्स। कम मार्च विद अस। वी विल
  25. 1:18वॉक टुगेदर टू प्रोटेक्ट द कॉन्स्टिट्यूशन
  26. 1:21टू प्रोटेक्ट द इंडियन नेशन। तो घबराने की
  27. 1:24जरूरत नहीं है। देश का मार्च है, आपका
  28. 1:27मार्च है। आप सब आइए मिलकर हम संविधान की
  29. 1:31रक्षा लोकतंत्र की रक्षा करें। आई अर्ज ऑल
  30. 1:35स्टूडेंट ग्रुप्स रिगार्डलेस ऑफ योर
  31. 1:37पॉलिटिकल एफिलिएशन। इफ यू फील दैट इंडिया
  32. 1:41इज अंडर अटैक। इफ यू फील योर अंडर अटैक,
  33. 1:45योर एक्सप्रेशन, योर आइडियाज, योर वे ऑफ़
  34. 1:47थिंकिंग इज अंडर अटैक, कम एंड जॉइन अस। इट
  35. 1:50विल बी अ फैंटास्टिक मार्च एंड इट्स ए
  36. 1:53मार्च फॉर द सोल ऑफ़ दिस कंट्री। लुकिंग
  37. 1:56फॉरवर्ड टू सीइंग ऑल ऑफ़ यू देयर।
  38. 2:00अब सवाल यह है कि मैं शुरू में ही इस अपील
  39. 2:02की बात क्यों कर रहा हूं? दरअसल राहुल
  40. 2:04गांधी ने इस अपील में लोगों से जो आह्वान
  41. 2:07किया है खासकर आप उस बात पे ध्यान दीजिए
  42. 2:09जहां उन्होंने कहा कि कोई भी स्टूडेंट
  43. 2:11ऑर्गेनाइजेशन हो किसी की भी सेलेटेड हो उन
  44. 2:14सबको आना चाहिए।
  45. 2:17इस अपील को जारी करने की जरूरत क्यों
  46. 2:20पड़ी? क्या राहुल गांधी को विश्वास नहीं
  47. 2:23है कि उनकी पार्टी, उनके नेता और उनके
  48. 2:25सहयोगी 21 किस पार्टियों के रैली रामलीला
  49. 2:28मैदान भर पाएंगे? नहीं। वह तो मालूम है
  50. 2:31उन्हें कि वह पूरा मैदान भरेगा। लेकिन उस
  51. 2:34दिन वह पूरे देश को दिखाना चाहते हैं कि
  52. 2:38अब बदलाव का वक्त आ चुका है। यह देश बदलाव
  53. 2:43चाह रहा है। इसके लिए ज्यादा से ज्यादा
  54. 2:45लोगों को दिल्ली पहुंचने की गुजारिश कर
  55. 2:48रहे हैं। और यह संकेत राहुल गांधी को मिला
  56. 2:53मालूम किससे? इन दो तस्वीरों से देखिए।
  57. 2:57वाराणसी में समाजवादी पार्टी के
  58. 3:00कार्यकर्ता जश्न मना रहे हैं। तो नागपुर
  59. 3:03में कांग्रेस के कार्यकर्ता जश्न मना रहे
  60. 3:06हैं। और माशा्लाह इस जश्न को और बढ़ा दिया
  61. 3:13तब उस चीज ने जब प्रधानमंत्री के इस ट्वीट
  62. 3:17को लोगों ने मजाक बनाकर छोड़ दिया।
  63. 3:21प्रधानमंत्री के इस ट्वीट में जल्दबाजी जो
  64. 3:26दिखी वह तो फिर भी ठीक थी। बाकायदा
  65. 3:29देवेंद्र फडनवीस जो महाराष्ट्र के
  66. 3:32मुख्यमंत्री है उन्हें तो अपना यह ट्वीट
  67. 3:34डिलीट तक करना पड़ गया।
  68. 3:37जबकि कोई बहुत बड़ा चमत्कार नहीं हुआ।
  69. 3:40सिर्फ एक सीट कांग्रेस जीती एमएलसी के
  70. 3:43चुनाव में और उसने पूरा नैरेटिव बदल दिया।
  71. 3:49नैरेटिव इसलिए बदला
  72. 3:52क्योंकि अब संकेत मिलने लगे हैं कि विदाई
  73. 3:57का वक्त आ गया है। अब आप सोचिए
  74. 4:02स्थिति आप इस चीज से लगाइए कि ये चार
  75. 4:05चेहरे आपके सामने हैं। चार बड़े चेहरे
  76. 4:08बीजेपी के हैं। प्रधानमंत्री
  77. 4:12वाराणसी से सांसद हैं। दो बार के सांसद
  78. 4:16हैं। एमएलसी के चुनाव में हार जाती है।
  79. 4:20बीजेपी वहां समाजवादी पार्टी जीतती है।
  80. 4:22लखनऊ से भी हार जाते हैं। नागपुर से हार
  81. 4:27जाते हैं और पटना से। देखिए इसका अगर
  82. 4:31सिलसिला दूसरे तरीके से बताऊं मैं।
  83. 4:34अयोध्या 2024 में बीजेपी हारी। बांकीपुर
  84. 4:39पटना नितिन नवीन की सीट हाल ही में बीजेपी
  85. 4:43हारी। लखनऊ के एमएलसी सीट कल बीजेपी हारी।
  86. 4:48वाराणसी की दोनों सीटें एमएलसी की बीजेपी
  87. 4:51हारी और नागपुर
  88. 4:54बीजेपी हारी।
  89. 4:58बांकीपुर किसकागढ़
  90. 5:01बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन की सीट।
  91. 5:05वाराणसी
  92. 5:07प्रधानमंत्री दो बार के सांसद जहां से
  93. 5:10चुने जा रहे हो वहां से पब्लिक रिजेक्ट कर
  94. 5:13रही है। नागपुर जो इन सबके
  95. 5:17जो गढ़ है या यूं कहें कि इन सब के जो वो
  96. 5:21है सर संचालक है या जो भी कहें नागपुर
  97. 5:26आरएसएस का हेड क्वार्टर आरएसएस का गढ़
  98. 5:29देवेंद्र फडनवीस का गढ़ 20 साल तक एमएलसी
  99. 5:33उस जगह से रहने वाले
  100. 5:37नितिन गडकरी का गढ़
  101. 5:40पब्लिक ने रिजेक्ट जीती कौन कांग्रेस। अब
  102. 5:45इस सब के मायने पर बात करने से पहले जरा
  103. 5:49मैं आपको वह चीज भी दिखाना चाहता हूं कि
  104. 5:52देखिए जब चीजें बदलती है तो हालात कैसे
  105. 5:54बदलते हैं? वो सुना है ना आपने हालात बदल
  106. 5:57गए, वो बदल गए। वो एक मीम आता है ना? जो
  107. 6:00बीजेपी
  108. 6:01जो बीजेपी के नेता राहुल गांधी का मजाक
  109. 6:05उड़ा रहे थे। रात प्रधानमंत्री के ट्वीट
  110. 6:08को शेयर कर रहे थे, कार्टून बना रहे थे,
  111. 6:10सब कुछ बना रहे थे। आज उल्टा उन्हीं
  112. 6:14प्रधानमंत्री का मजाक बना रहे हैं
  113. 6:16विपक्षी।
  114. 6:18सवाल दो सीट के फायदे का नहीं है। सवाल यह
  115. 6:20है कि बनारस के अंदर वाराणसी में मोदी जी
  116. 6:24हारे। पटना में नितिन नवीन जी हारे और
  117. 6:27नागपुर के अंदर मोहन भागवत जी हारे। तो
  118. 6:30देश का गुस्सा साफ है।
  119. 6:31बहुत आनंद हो गया उनको कि कांग्रेस को सीट
  120. 6:34नहीं मिली। और तुम जीत गए ना तुम आप आनंद
  121. 6:37व्यक्त करो। आनंद क्या है कि कांग्रेस को
  122. 6:40सीट नहीं मिली लेकिन एक सीट 100 के बराबर
  123. 6:44है। नागपुर, बनारस और लखनऊ।
  124. 6:48सर नागपुर
  125. 6:48मुख्यमंत्री ने जब कल ट्वीट किया उसके बाद
  126. 6:50नतीजे आए तो नागपुर के अंदर कांग्रेस
  127. 6:52[हंसी] पार्टी जीत गई। सर
  128. 6:53प्रधानमंत्री पे दया आती है। बहुत बचकाने
  129. 6:55हो गए हैं इस उम्र में। अरे थोड़ा इंतजार
  130. 6:57कर लेते। अपना इलाका वाराणसी से एमएलसी
  131. 7:01हारे।
  132. 7:02नागपुर संघ के गढ़ से हारे। थोड़ा एकआध
  133. 7:05घंटा रुक जाते। इतना जल्दबाजी क्या थी और
  134. 7:07हम तो फिर चुनौती देते हैं। करवाइए अब
  135. 7:09सारे चुनाव बैलेट पेपर से। हम भी देखते
  136. 7:11हैं। हम तैयार हैं। आइए ना हटाइए ज्ञानेश
  137. 7:14को। रोकिए एसआईआर को। हम तैयार हैं। आप
  138. 7:18तैयार हो? अब जरा इन हार के खास करके इन
  139. 7:23चार चेहरे जो मैंने आपको बताए इनके हार के
  140. 7:26मायने समझिए।
  141. 7:29इनके मायने यह है। पहला मायना जो मुझे ऐसा
  142. 7:32लग रहा है जो मुझे तय लग रहा है वह यह तय
  143. 7:36है कि अभी हाल फिलहाल में कुछ हो या ना हो
  144. 7:40वो बाद की बात है कि सत्ता पलटती है नहीं
  145. 7:43बदलती या जो भी होता है प्रधानमंत्री
  146. 7:46बदलते हैं या नहीं बदलते जो भी होता है वो
  147. 7:49बाद की बात है। लेकिन अगर प्रेजेंट
  148. 7:51सिचुएशन को भी आप लेकर चलिए तो 2029 में
  149. 7:55अगर नरेंद्र मोदी के चेहरे पर ही चुनाव
  150. 7:58लड़ा जाता है या मोदी जी को ही की अगुवाई
  151. 8:01में चुनाव लड़ा जाता है तो आज मेरी बात
  152. 8:03लिख के रख लीजिए।
  153. 8:06कल एमएलसी चुनाव के नतीजों ने तय कर दिया
  154. 8:09कि मोदी जी वाराणसी छोड़कर भागेंगे।
  155. 8:13अगला चुनाव वाराणसी से नहीं लड़ेंगे मोदी
  156. 8:16जी। यह आप काफी हद तक तय मानिए।
  157. 8:212024 में 12:00 बजे तक जो प्रधानमंत्री
  158. 8:24मोदी पिछड़ रहे थे अजय राय से।
  159. 8:27कहीं उसका जिक्र नहीं हो रहा था और 12:00
  160. 8:30बजे के बाद अचानक खबरें आनी बंद हो गई और
  161. 8:32उसके बाद 1:30 बजे के आसपास खबरें आती है
  162. 8:35तो वो अग्रसर होते हैं और 1.5 लाख वोटों
  163. 8:37से जीतते हैं। 10 लाख वोटों से जीतने का
  164. 8:40दावा करने वाले प्रधानमंत्री 1.5 लाख
  165. 8:43वोटों से झेल जीतते हैं बमुश्किल। उस पर
  166. 8:46भी अजय राय ने कई सवाल खड़े किए हुए हैं।
  167. 8:50वो प्रधानमंत्री वो झटका फिर भी थोड़ा सा
  168. 8:53सहन कर गए। शायद उससे नॉर्मल हुए थे।
  169. 8:56लेकिन अब एमएलसी में भी जो लोगों ने
  170. 8:59रिजेक्ट कर दिया है प्रधानमंत्री के चेहरे
  171. 9:01को रिजेक्ट कर दिया। ऐसे में मोदी जी कभी
  172. 9:05रिस्क नहीं लेंगे वाराणसी से दोबारा चुनाव
  173. 9:08लड़ने का। यानी कि मोदी जी छोड़ के
  174. 9:13भागेंगे और गुजरात में अगर चुनाव लड़ेंगे
  175. 9:15तो गुजरात में किसी सेफ सीट से लड़ेंगे।
  176. 9:18अब ये तय है। यानी कि आधी लड़ाई तो विपक्ष
  177. 9:22ने यहां जीत ली कि मोदी जी को यूपी छोड़ने
  178. 9:25पर काफी हद तक मजबूर कर दिया है। दूसरा
  179. 9:31नागपुर में कांग्रेस की जीत ने तय कर दिया
  180. 9:34है कि नितिन गडकरी की राजनीतिक पारी पर भी
  181. 9:38एक तरह से फुल स्टॉप लगना तय मान लीजिए
  182. 9:41आप। क्योंकि नितिन गडकरी जहां से एमएलसी
  183. 9:44रहे हैं और संघ का गढ़ है। मुख्यमंत्री का
  184. 9:49गढ़ है। उसके बावजूद कांग्रेस जीतती है।
  185. 9:53तो यह तय है कि देवेंद्र फडनवीस पे असर
  186. 9:57पड़ेगा। नो डाउट। लेकिन देवेंद्र फडनवीस
  187. 9:59अभी यंग है। उनके पास उम्र है, सब कुछ है
  188. 10:02और दिल्ली का आशीर्वाद है, संघ का
  189. 10:04आशीर्वाद है। वो बच जाएंगे शायद। लेकिन
  190. 10:07नितिन गडकरी का 2029 का सपना मुझे चकनाचूर
  191. 10:11होता नजर आ रहा है। उसी तरह से लखनऊ में
  192. 10:16राजनाथ सिंह की पारी भी अब समाप्त समझी
  193. 10:19है।
  194. 10:22उम्र भी है, सब कुछ है और एमएलसी के चुनाव
  195. 10:25में हुई हार ने बता दिया कि राजनाथ सिंह
  196. 10:28को भी अब टाटा बाय-बाय का समय आ गया है।
  197. 10:32नितिन नवीन की तो शुरुआत ही जो है वो
  198. 10:36बदकिस्मती से हार के साथ हुई है। उम्र है
  199. 10:39उनके पास सब कुछ है लेकिन ईमानदारी से
  200. 10:42बताऊं तो बीजेपी के जितने अध्यक्ष पिछले
  201. 10:4610 12 सालों में 15 सालों में हुए हैं।
  202. 10:49मुझे लगता है नितिन नवीन का नाम नाकामयाब
  203. 10:54अध्यक्षों में शामिल होगा।
  204. 10:57नितिन गडकरी की अध्यक्षता में रहते हुए
  205. 11:01पार्टी ने ऊपरी सफर तय किया। राजनाथ सिंह
  206. 11:04के अध्यक्ष रहते हुए पार्टी ने जीत दर्ज
  207. 11:06की। उसके बाद अमित शाह के अध्यक्ष रहते
  208. 11:09हुए पार्टी ने ऊपर का ही सफर तय किया। फिर
  209. 11:12जेपी नड्डा की अध्यक्षता में पार्टी ने
  210. 11:15ऊपर का सफर तय किया। लेकिन नितिन नवीन की
  211. 11:18अध्यक्षता में शुरुआत ही हार से हो रही
  212. 11:21है। यह अलग बात है कि गोदी मीडिया इन सब
  213. 11:24चीजों पे जिक्र ना करके सारा फोकस कर्नाटक
  214. 11:27में कांग्रेस की हार पर कर रहा है कि भाई
  215. 11:29कांग्रेस की सरकार है फिर भी हार गए। मुझे
  216. 11:32ऐसा लगता है कि वह उनका काम है। उनको यही
  217. 11:37करना है। यही आदेश है। लेकिन कहीं ना कहीं
  218. 11:40कांग्रेस को भी आत्म मंथन करने की जरूरत
  219. 11:42है। राहुल गांधी को यह देखने की जरूरत है
  220. 11:45कि कर्नाटक में यह हुआ तो क्यों हुआ? इस
  221. 11:49पे डिटेल किसी और दिन बात करेंगे। लेकिन
  222. 11:51इतना सवाल मैं अभी भी करना चाहूंगा कि
  223. 11:52कांग्रेस को जरूर झांकना पड़ेगा कि यह खेल
  224. 11:56हुआ तो क्यों हुआ? क्योंकि कर्नाटक में भी
  225. 11:592 सवा दो साल बाद विधानसभा चुनाव होने हैं
  226. 12:03और वहां बीजेपी इस वक्त बहुत कमजोर स्थिति
  227. 12:05में है। संगठन के रूप में बहुत कमजोर है।
  228. 12:08उसके बावजूद कांग्रेस को हराने में कामयाब
  229. 12:12कैसे हुए? यह सोचना पड़ेगा। खैर वापस अब
  230. 12:16लौटते हैं दिल्ली की राजनीति में। तो यह
  231. 12:19विदाई के मैंने आपको बता दिया विदाई तय
  232. 12:22है। इन सब लोगों की विदाई तय है। किसी का
  233. 12:27लोकसभा बदलेगा, कोई अपना चुनाव क्षेत्र
  234. 12:29बदलेगा, तो कोई शायद अब आपको बीजेपी की
  235. 12:32तरफ से चुनावी
  236. 12:34राजनीति में शायद ना दिखाई दे। ये भी तय
  237. 12:38है। हालांकि खुद की गोरखपुर से भी बड़ी
  238. 12:41मुश्किल से खींचतान के सीट जीतने में
  239. 12:44एमएलसी की सीट जीतने में कामयाब हुए हैं
  240. 12:46योगी आदित्यनाथ वो अलग बात है। लेकिन
  241. 12:49अयोध्या, मथुरा, वाराणसी ये सब जिस तरह से
  242. 12:53जो गढ़ लग रहे थे बीजेपी के हाल फिलहाल
  243. 12:57में सब ने रिजेक्ट किया है बीजेपी को। तो
  244. 13:00इससे एक चीज बड़ी साफ है
  245. 13:03कि लोगों को अब चीजें समझ में आ गई है। अब
  246. 13:06आलम यह है देखिए वो ये जो निषाद साहब हैं
  247. 13:10एनडीए का हिस्सा हैं, मंत्री हैं ये कह
  248. 13:13रहे हैं कि ये पढ़े लिखों का चुनाव था।
  249. 13:15पढ़े लिखे लोग वोटर थे। इसलिए बीजेपी की
  250. 13:17हार हुई। अब ये अपने आप में बड़ा
  251. 13:20हास्यास्पद है कि देश में जो पढ़ा लिखा
  252. 13:24तबका है, क्या वो मान गया है कि बीजेपी
  253. 13:28किसी काम की नहीं है? इसलिए पढ़े लिखे
  254. 13:30लोगों ने रिजेक्ट करना शुरू कर दिया है।
  255. 13:33उस हिसाब से तो 60% से ज्यादा आबादी ने
  256. 13:37बीजेपी को एक तरह से रिजेक्ट कर दिया। 60
  257. 13:39से 70% मुझे नहीं मालूम है एग्जैक्टली अभी
  258. 13:42कितनी साक्षरता दर है भारत की। क्योंकि
  259. 13:45साक्षरता दर या आंकड़े किसी भी तरह के
  260. 13:48आंकड़े यह सरकार मुझे लगता है आंकड़ों से
  261. 13:51कहा जाता है कि जैसे इस सरकार को नफरत है
  262. 13:53तो आंकड़े आते नहीं है। लेकिन जितने भी
  263. 13:56हैं यह तो तय है कि अगर पढ़े लिखों ने
  264. 13:59बीजेपी को निषाद साहब के हिसाब से नहीं
  265. 14:02पसंद करते हैं तो फिर यह भी विदाई के
  266. 14:05संकेत हैं। दूसरी तरफ जो नैरेटिव गाड़ा जा
  267. 14:10रहा है जिस तरह से राहुल गांधी को खींचने
  268. 14:14की कोशिश की जा रही है। राहुल गांधी की
  269. 14:15रैली को लेकर सब कुछ किया जा रहा है। वो
  270. 14:18भी पासा रोज उल्टा पड़ रहा है। राहुल
  271. 14:20गांधी की उस अपील जारी करने का एक ये भी
  272. 14:23बहुत बड़ा कारण है। इफेक्ट है कि दिल्ली
  273. 14:25की आम जनता जिस दिल्ली की आम जनता को
  274. 14:28राहुल गांधी के खिलाफ भड़काने की कोशिश की
  275. 14:31जा रही थी। दरअसल वो जनता तो राहुल गांधी
  276. 14:35के साथ खड़ी नजर आ रही है।
  277. 14:37एक तारीख को रैली होने वाली है और सपोर्ट
  278. 14:40कर
  279. 14:40सपोर्ट कर रहा है। सारा व्यापारी चांदी
  280. 14:42चौक का कर रहा है।
  281. 14:43सारा चांदी चौक का व्यापारी सपोर्ट कर रहा
  282. 14:44है।
  283. 14:45राहुल गांधी
  284. 14:45राहुल गांधी राहुल गांधी
  285. 14:46मोदी जी तो पूछने भी नहीं आते हमारे देश
  286. 14:48में हमारे भारत में हो क्या रहा है।
  287. 14:51ये सब पागल बना रहे हैं ये। यह राजनीति चल
  288. 14:53रही है राजनीति और कुछ नहीं है। सबसे
  289. 14:55बढ़िया राहुल गांधी, प्रियंका गांधी उससे
  290. 14:57बढ़िया कोई नहीं है।
  291. 14:58कसम से
  292. 15:01चार गुना भीड़ रखते हैं हम लोग।
  293. 15:02उठा लेती है।
  294. 15:03दो रोटी
  295. 15:04रखने की जगह नहीं होती।
  296. 15:05टाइम तो पैर रखने की जगह नहीं होती।
  297. 15:06पैर रखने की जगह नहीं होती। चाबी चौक के
  298. 15:08अंदर।
  299. 15:08इस टाइम तो
  300. 15:09ये जो
  301. 15:09नहीं तो इनकी रैली की वजह से तो फिर आज
  302. 15:11मार्केट में बहुत नुकसान भी हुआ होगा।
  303. 15:13बहुत ज्यादा
  304. 15:14मार्केट बंद है।
  305. 15:15मार्केट बंद है।
  306. 15:16मार्केट। अच्छा पर ये लोग तो कह रहे हैं
  307. 15:18ये लोग तो कह रहे हैं एक तारीख को रामलीला
  308. 15:20मैदान में जो रैली होगी उसकी वजह से
  309. 15:21दुकानों पे इंपैक्ट पड़ेगा मतलब दुकानदारी
  310. 15:23पड़ेगा
  311. 15:24यहां नहीं पड़ेगा फर्क
  312. 15:25पड़ रहा है देख लो पब्लिक
  313. 15:26यहां से लेके कह रहे हैं रानीबाग तक ये
  314. 15:28जाम है आज
  315. 15:28हां पूरा
  316. 15:29तो ये अभी ये फर्क नहीं पड़ेगा
  317. 15:31हां हां
  318. 15:32राहुल गांधी तो एक एक दिन में 4 घंटे के
  319. 15:35लिए आएगा वहां
  320. 15:35बस भी नहीं मिल रही है रोड पे
  321. 15:37एक दिन में 4 घंटे के लिए ये सुबह से लगा
  322. 15:39के बैठे हैं
  323. 15:41मतलब राहुल जी के लिए क्या संदेश है
  324. 15:43बढ़िया है हम तो चाह रहे हैं कि अब अगला
  325. 15:44चेहरा वही बने देश के मतलब डीएन के लिए
  326. 15:47क्योंकि
  327. 15:48हम
  328. 15:48ऐसा नहीं है कि वो फुटपटांग है। पढ़े लिखे
  329. 15:51हैं।
  330. 15:52पढ़े लिखे हैं और जाहिर बात है कि देश को
  331. 15:57सही से ही चलाएंगे।
  332. 15:59बहुत वो
  333. 16:00जैसे अभी आप कह रहे थे ना कि उन तक संदेश
  334. 16:02पहुंचाइएगा। क्या संदेश पहुंचाना?
  335. 16:04संदेश ये पहुंचाना है कि वो संघर्ष करें।
  336. 16:07सीधा सिंपल बात है वो संघर्ष करें। उनको
  337. 16:10हिम्मत बनाइए। उनको हिम्मत दीजिए। संघर्ष
  338. 16:12करें। देश के लोग पब्लिक जितने आते हैं ना
  339. 16:15ये जितने रैली हुआ है अभी जितना ये
  340. 16:18प्रोटेस्ट चला था उसमें पब्लिक मिले हम तो
  341. 16:21मिले हैं ना इनहीं बीच में हम चलते थे
  342. 16:23पब्लिक सब चाहत में है कि अब सरकार बदल
  343. 16:26देना है
  344. 16:27अच्छा
  345. 16:28सरकार बदलने की मूड में है लोग मन में है
  346. 16:32इसलिए उनको बोलिए तरीके से काम
  347. 16:36जरूर जरूर
  348. 16:38राजनीति में यूं तो कहते हैं कि कुछ
  349. 16:41प्रेडिक्शन नहीं की जा सकती। कुछ भी
  350. 16:43प्रेडिक्ट करो हो कुछ और जाता है। सब जहां
  351. 16:46पर वाकई में जब 400 पार मान के चल रहे थे
  352. 16:482024 में तो बीजेपी 240 में सिमट गई तो वो
  353. 16:53भी अपने आप में एक ये बात को साबित करता
  354. 16:55है कि राजनीति में प्रेडिक्शन नहीं की जा
  355. 16:57सकती। बात बिल्कुल सही है कि एक वक्त आ
  356. 17:00गया था जब हम लोग भी जो हम मान रहे थे कि
  357. 17:03बीजेपी को 400 पार तो नहीं जा सकती। लेकिन
  358. 17:06जिस तरह की हवा बनी थी तो हम भी यह मान के
  359. 17:08चल रहे थे कि 300 पार तो वह चली जाएगी।
  360. 17:10लेकिन हुआ क्या? 240 पहुंचे वो भी कैसे
  361. 17:14पहुंचे वो कहानी बिल्कुल अलग है। लेकिन
  362. 17:18फिर भी एक जो हवा चलती है राजनीति में जो
  363. 17:22एक बदलाव का संदेश होता है ना वो बहुत
  364. 17:25जल्दी बदलता नहीं है या उसको बदल पाना
  365. 17:27इतना आसान नहीं होता। जैसे कि आप विधानसभा
  366. 17:30चुनाव में और चुनाव में देखते हैं कि जब
  367. 17:32बदलाव की आहट आने लगती है तो वह आहट बढ़ती
  368. 17:36है कम नहीं होती है। तो वह मुझे ऐसा लग
  369. 17:38रहा है कि यह जो बदलाव की आहट अब दिख रही
  370. 17:42है। मैं यह नहीं कहता कि आज बदलेंगे, कल
  371. 17:45बदलें, परसों बदलेंगे। हो सकता है 2029 तक
  372. 17:49यही चले और 2029 में बदले लेकिन बदलाव
  373. 17:53होना तय है। अब जैसे पवन खेड़ा ने कहा ना
  374. 17:56कि अब बैलेट पेपर पे चल हम तो आज भी
  375. 17:58चैलेंज कर रहे हैं कि बैलेट पेपर पे चुनाव
  376. 18:01करके देखिए। वो तो होने का नहीं है। वह तो
  377. 18:04मुझे भी पता है। आपको भी मालूम है यह नहीं
  378. 18:06होगा।
  379. 18:08लेकिन यह राजनीति में खास करके जब इतने
  380. 18:11बड़े सिस्टम से आप लड़ रहे हो बीजेपी जैसा
  381. 18:15सिस्टम पूरा वहां पर अगर आप प्रधानमंत्री
  382. 18:19को यह सोचने पर मजबूर कर दें कि मैं अगला
  383. 18:21चुनाव यहां से नहीं लडूंगा जहां से जीतता
  384. 18:23आ रहा हूं तो आधी जीत तो आपकी यहीं तय हो
  385. 18:26गई। जब आप बड़े-बड़े बीजेपी के नेताओं को
  386. 18:30उन्हीं के गढ़ में हराकर संकेत दे रहे हैं
  387. 18:33कि टाइम आ गया बदलने तो आपकी आधी जीत वहीं
  388. 18:37हो जाती है। इसलिए मुझे ऐसा लगता है कि अब
  389. 18:42राजनीति
  390. 18:44जो भी हो यह एक तारीख के बाद या त्यौहारी
  391. 18:46सीजन निपटने के बाद राजनीति अब वही होगी
  392. 18:51जो विपक्ष चाहेगा।
  393. 18:54विपक्ष का नैरेटिव कितना बढ़िया काम कर
  394. 18:56रहा है। इस वक्त राहुल गांधी कैसे सब पूरी
  395. 18:59राजनीति इस देश की घुमा रहे हैं। इसका
  396. 19:02सबसे बड़ा उदाहरण कल का खुद का
  397. 19:04प्रधानमंत्री का वो ट्वीट है जो उन्होंने
  398. 19:06जल्दबाजी में किया जहां कांग्रेस को जीरो
  399. 19:08बताते मजाक उड़ा रहे थे। वरना आप सोचिए
  400. 19:13एक देश का प्रधानमंत्री एमएलसी चुनाव को
  401. 19:17लेकर ट्वीट करेगा।
  402. 19:19देश का प्रधानमंत्री जो किसी को कुछ समझता
  403. 19:23नहीं था, जो किसी को कोई तवज्जो नहीं देता
  404. 19:25था, आज मजबूर हो गया है कि एमएलसी की जीत
  405. 19:28का भी जश्न मनाया जाए और लोगों को अपने
  406. 19:32जीत के जश्न से ज्यादा विपक्षी की हार का
  407. 19:35स्वाद दिखाया जाए और फिर वो उल्टा पड़
  408. 19:39जाए। जैसे संजय राउत ने कहा कि एक ही सीट
  409. 19:41100 के बराबर पड़ गई। तो आप वहीं से
  410. 19:44अंदाजा लगाइए कि राजनीति देश की इस वक्त
  411. 19:48कौन चला रहा है, कौन मजबूत है और कौन इस
  412. 19:52वक्त बैकफुट पे खेल रहा है। फिलहाल इस
  413. 19:56बातचीत को यहीं खत्म रखते हैं। इजाजत
  414. 19:58दीजिए। वीडियो पसंद आए तो लाइक कीजिएगा,
  415. 20:00शेयर कीजिएगा और कमेंट बॉक्स में अपनी राय
  416. 20:03भी जरूर दीजिएगा। नमस्कार।

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