Jab Beta Dubai Se Wapis Aaya Apni Bevi Ko Dekh Kar Uske Hosh Udd Gaye | Moral Stories In Urdu Hindi — Transcript
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- 0:00यह कहानी है उस घर की जिसका रखवाला ही
- 0:03शैतान बन गया। अपनी रातें गुनाहों से
- 0:05रंगीन बनाता रहा। लेकिन अंजाम बहुत
- 0:08दर्दनाक था। गांव रंगपुर का बूढ़ा रमेश
- 0:12अपने बेटे आरिश को रुखसत कर रहा था। आरिश
- 0:15को दुबई में नौकरी मिल गई थी। आरिश अपनी
- 0:17खूबसूरत बीवी को अपने बाप के पास छोड़कर
- 0:21जा रहा था। रमेश के चेहरे पर खुशी की झलक
- 0:24नजर आ रही थी। आरिश ने अपनी बीवी का हाथ
- 0:27पकड़ते हुए कहा, बाबा तुम्हारा अच्छे से
- 0:30ख्याल रखेंगे। रमेश ने आगे बढ़ते हुए कहा,
- 0:33बेटा बेफिक्र रहो। सोनिया को मैं बहुत
- 0:37प्यार दूंगा। आरिश ने अपनी बीवी सोनिया को
- 0:40गले लगाया और गाड़ी में बैठकर एयरपोर्ट के
- 0:43लिए रवाना हो गया। अगले दिन जब सोनिया
- 0:45अपने ससुर को चाय दे रही थी। ससुर ने कहा
- 0:49बहू इधर आओ। मेरे पास बैठो और मेरी बात
- 0:53सुनो। रमेश ने कहा बहू मैं खुद को बहुत
- 0:56अकेला और तन्हा महसूस करने लगा हूं। मैं
- 0:59चाहता हूं कोई ऐसा हो जो हर वक्त मेरे पास
- 1:02हो मेरे दिल को बहलाए और मुझे खुश रखे।
- 1:06बहू मैं सोच रहा हूं कि मैं शादी कर लूं।
- 1:09मेरी ख्वाहिशों को पूरा करने वाली बीवी
- 1:12मिल जाए। सोनिया ने कहा ससुर जी आप यह
- 1:15कैसी बातें कर रहे हैं। मैं हूं ना आपका
- 1:18ख्याल रखने के लिए। आपको खुश रखने के लिए।
- 1:22आप जो कहेंगे मैं करूंगी। ससुर जी आपका हर
- 1:25हुक्म सर आंखों पर। रमेश के चेहरे पर
- 1:29मुस्कुराहट फैल गई। रमेश उठकर सोनिया के
- 1:32करीब बैठ गया। रमेश ने सोनिया के कंधे पर
- 1:34हाथ रखते हुए कहा, ठीक है बहू। देखते हैं
- 1:38तुम मुझे खुश रखने के लिए क्या कर सकती
- 1:40हो। सोनिया ने कहा, ससुर जी इतनी जल्दी भी
- 1:44क्या है? अब तो हम दोनों इस घर में अकेले
- 1:46हैं। ससुर जी मैं रात को आपको एक खास
- 1:50तोहफा दूंगी। सोनिया ने चाय वाले बर्तन
- 1:53उठाए और किचन की तरफ चली गई। रमेश सोनिया
- 1:57को जाते हुए पीछे से देखकर मुस्कुरा रहा
- 1:59था। रमेश की नजरें सोनिया पर चुपके से
- 2:02टिकी रहती। जब सोनिया घर में झाड़ू लगाती
- 2:06कपड़े धो रही होती। रमेश कहता बहू काम
- 2:10करते हुए यह दुपट्टा उतार दिया करो ताकि
- 2:12ठीक से काम कर सको। रमेश की छुपी हुई
- 2:15निगाहें उसे घूरती रहती जैसे कोई शिकारी
- 2:19अपने शिकार को ताकता हो। एक रात रमेश अपने
- 2:23कमरे से उठा और आहिस्ता कदमों से सोनिया
- 2:26के कमरे की तरफ बढ़ा। सोनिया आईने के
- 2:29सामने खड़ी अपने बाल संवार रही थी। उसका
- 2:32दुपट्टा कंधे से सरक गया था। अचानक रमेश
- 2:35के कदमों की आहट सुनकर वह मुड़ी और घबराई
- 2:38हुई आवाज में बोली ससुर जी क्या हुआ? क्या
- 2:42आपको किसी चीज की जरूरत है? रमेश आगे बढ़ा
- 2:46लेकिन अचानक उसका पांव फिसला या शायद उसने
- 2:50जानबूझकर गिरने का बहाना किया। उसने
- 2:53सोनिया को अपनी बाहों में ले लिया और
- 2:55दोनों बिस्तर पर गिर गए। सोनिया के दिल की
- 2:58धड़कन एकदम तेज हो गई। वो घबराहट में फौरन
- 3:01उठी और अपना दुपट्टा ठीक करते हुए खड़ी हो
- 3:04गई। उसकी सांस तेजी से चल रही थी। लेकिन
- 3:08वो खुद को संभालते हुए बोली ससुर जी यह
- 3:11क्या था? रमेश ने फौरन माफी मांगी। लेकिन
- 3:15उसकी आंखों में वही परास्तार चमक अब भी
- 3:18मौजूद थी। माफ करना बहू। मेरा पांव फिसल
- 3:21गया। दरअसल मैं तुमसे अपनी दवाई पूछने आया
- 3:24था कि वो कहां रखी है। सोनिया के दिल में
- 3:27एक तूफान सा उठ रहा था। उसने जल्दी से
- 3:30कहा, ससुर जी आप अपने कमरे में जाइए। मैं
- 3:33दवाई लेकर आती हूं। वह तेजी से कमरे से
- 3:36बाहर निकल गई। शाम को जब सोनिया अपने शौहर
- 3:39आरश से वीडियो कॉल पर बात कर रही थी। उसकी
- 3:42आवाज में वही पुराना प्यार झलक रहा था। वह
- 3:46आरश को अपनी अदाओं से हंसाती। वीडियो कॉल
- 3:49पर आरश को अपना खूबसूरत बदन दिखाती।
- 3:53बार-बार नए कपड़े पहनकर उसे दिखाती और
- 3:56मोबाइल पर वीडियो रिकॉर्ड करके भेजती थी।
- 3:59वह हंसते हुए आरश को चूमती और उससे दिल की
- 4:02बातें करती। लेकिन उसे क्या खबर थी कि
- 4:05रमेश खिड़की के पीछे छिप कर यह सब देख रहा
- 4:08था। उसकी आंखों में हसद की आग भड़क रही थी
- 4:11और उसका चेहरा गुस्से से लाल हो गया था।
- 4:14वह खामोशी से वहां से हट गया। लेकिन उसके
- 4:17दिल में कुछ और ही चल रहा था। अगले दिन जब
- 4:20सोनिया अपने कमरे में मोबाइल पर मशरूफ थी,
- 4:22अचानक उसे बाहर से एक औरत की हंसी की आवाज
- 4:25सुनाई दी। वह हैरान हुई और फौरन बाहर
- 4:28निकली। वहां रमेश एक औरत के साथ हंस-हंस
- 4:31कर बातें कर रहा था। सोनिया ने हैरत और
- 4:34गुस्से से पूछा, ससुर जी, यह औरत कौन है?
- 4:38रमेश ने बड़े इत्मीनान से जवाब दिया, बहू,
- 4:41मैंने तुमसे कहा था ना कि मैं दूसरी शादी
- 4:44करना चाहता हूं। यह खातून रिश्ते करवाती
- 4:47है। मैंने उनसे कहा है कि मेरे लिए कोई
- 4:49अच्छी खूबसूरत बीवी ढूंढ दें। उसकी आवाज
- 4:52में एक अजीब सी चालाकी थी। जैसे वह
- 4:55जानबूझकर सोनिया को तंग कर रहा हो। सोनिया
- 4:59के दिल में गुस्से की लहर उठी। उसका चेहरा
- 5:02लाल हो गया। लेकिन वह कुछ कहे बिना पलट कर
- 5:05अपने कमरे में चली गई। सोनिया के दिल में
- 5:07एक तूफान उठ रहा था। वह नहीं चाहती थी कि
- 5:10रमेश दूसरी शादी करे क्योंकि उसके जहन में
- 5:14रमेश की बेपनाह जायदाद और दौलत का खौफ था।
- 5:18अगर रमेश ने शादी कर ली तो सारी दौलत उसकी
- 5:21नई बीवी के नाम हो जाएगी और सोनिया के हाथ
- 5:24खाली रह जाएंगे। इस खौफ ने उसे रात के
- 5:27सन्नाटे में रमेश के कमरे की तरफ धकेल
- 5:29दिया। वह हाथ में दूध का गिलास लेकर
- 5:32दरवाजा खटखटाती है। रमेश अपने बिस्तर पर
- 5:36लेटा हुआ था। उसके हाथ में एक पुराना खत
- 5:39और कुछ तस्वीरें थी जिन्हें वह गहरी सोच
- 5:42में डूब कर देख रहा था। सोनिया के दरवाजा
- 5:45खटखटाने की आवाज पर उसने फौरन वह खत और
- 5:48तस्वीरें तकिए के नीचे छिपा दी। सोनिया
- 5:51अंदर दाखिल हुई। उसकी आवाज में एक अजीब सी
- 5:54नरमी थी। ससुर जी आप थक गए होंगे। क्या
- 5:59मैं आपका सर दबा दूं? रमेश ने खामोशी से
- 6:02सर हिलाया। सोनिया ने अपना दुपट्टा
- 6:04जानबूझकर जमीन पर गिरा दिया और सर दबाते
- 6:08हुए अपना सर रमेश के सीने पर रख दिया।
- 6:11रमेश के जिस्म में एक हल्की सी लजिश दौड़
- 6:14गई। वह घबराते हुए बोला बहू यह क्या कर
- 6:18रही हो? सोनिया ने अपनी आवाज में एक मधुर
- 6:21सी चालाकी भरते हुए कहा, ससुर जी मैं तो
- 6:24आपका दिल बहला रही हूं। आपको खुश कर रही
- 6:27हूं। आप फिक्र ना करें। मेरे होते हुए
- 6:30आपको दूसरी शादी की जरूरत नहीं पड़ेगी।
- 6:33रमेश की आंखों में एक अजीब सी चमक पैदा
- 6:36हुई। उसने सोनिया को अपनी बाहों में भर
- 6:39लिया और धीमी आवाज में कहा, बहू अगर तुम
- 6:43मेरी ख्वाहिशात पूरी करती रहो तो मैं
- 6:46तुम्हें सब कुछ दूंगा। मेरी दौलत, मेरी
- 6:49जायदाद सब तुम्हारा होगा। फिर उसने एक
- 6:52लम्हे के लिए रुक कर जैसे कोई खौफ उसे सता
- 6:55रहा हो। कहा लेकिन बहू अगर आरश को हमारे
- 6:58इस ताल्लुक के बारे में पता चल गया तो
- 7:01क्या होगा? सोनिया ने एक रहस्यमई
- 7:03मुस्कुराहट के साथ जवाब दिया। ससुर जी उसे
- 7:07कौन बताएगा? वैसे भी वह पता नहीं कब वापस
- 7:10आएगा और उस कंगले के पास है ही क्या? उसके
- 7:14पास तो कुछ भी नहीं। सच्चा प्यार तो वही
- 7:17दे सकता है जिसके पास दौलत हो। उसकी आवाज
- 7:20में एक अजीब सी बेनियाजी थी जो रमेश के
- 7:23दिल में एक नई आग भड़का गई। उसने सोनिया
- 7:27को और करीब खींचते हुए कहा, ठीक है बहू आज
- 7:30रात तुम यहीं मेरे साथ मेरे बिस्तर पर सो
- 7:34जाओ। सोनिया ने कुछ कहे बिना उसके साथ
- 7:36बिस्तर पर लेट गई। लेकिन उसके दिल में एक
- 7:39अजीब सी बेचैनी अंगड़ाइयां ले रही थी। आधी
- 7:42रात को जब सोनिया गहरी नींद में डूब चुकी
- 7:45थी। रमेश आहिस्ता से उठा। उसके कदम
- 7:48सन्नाटे में हल्की सी आहट पैदा कर रहे थे।
- 7:51वह सीधा सोनिया के कमरे में गया और वहां
- 7:53की तलाशी लेने लगा। उसकी नजरें तेजी से हर
- 7:57कोने पर दौड़ रही थी जैसे वह कोई गहरा राज
- 8:00ढूंढ रहा हो। आखिरकार उसकी नजर अलमारी के
- 8:04ऊपर पड़ी जहां एक फूलों वाला छोटा सा
- 8:07गुलदान रखा था। रमेश ने उसे उठाया। उसे
- 8:10हाथ में पकड़ कर देखा और उसके चेहरे पर एक
- 8:13खौफनाक इत्मीनान फैल गया। वह खामोशी से
- 8:17वापस अपने कमरे में जाकर सो गया जैसे उसे
- 8:20कोई बड़ा राज हाथ लग गया हो। दिनभर सोनिया
- 8:23रमेश को अपनी अदाओं से लुभाती रही। कभी वह
- 8:26उसका हाथ पकड़ कर अपनी तरफ खींचती। कभी
- 8:29उसकी गोद में बैठ जाती और कभी अपनी बाहें
- 8:32उसके गले में डालकर मुस्कुराती हुई बातें
- 8:35करती। लेकिन रमेश अब झिझक रहा था। उसकी
- 8:39नजरें सोनिया से मिलती लेकिन वह फौरन पलट
- 8:43जाता जैसे उसके दिल में कोई नया मंसूबा पक
- 8:46रहा हो। सोनिया उसकी इस सर्द मेहरी से
- 8:49उलझन में पड़ गई लेकिन उसने अपनी चालाकी
- 8:52जारी रखी। अगली रात अचानक सोनिया के कमरे
- 8:56से रोने की दर्द भरी आवाजें गूंजने लगी।
- 8:59यह आवाजें दिल को चीरने वाली थी। रमेश जो
- 9:03अपने कमरे में बेचैनी से टहल रहा था। यह
- 9:06आवाजें सुनकर भागता हुआ सोनिया के कमरे की
- 9:09तरफ लपका। उसने दरवाजा खोलकर अंदर दाखिल
- 9:13होते हुए घबराई हुई आवाज में पूछा। बहू
- 9:16क्या हुआ? क्यों रो रही हो? खैर तो है?
- 9:19उसकी आवाज में परेशानी थी। जैसे वो जानता
- 9:23हो कि यह रोने की वजह कुछ साधा नहीं।
- 9:26सोनिया बिस्तर पर बैठी थी। उसका चेहरा
- 9:28आंसुओं से भीगा हुआ था। वो और तेज आवाज
- 9:32में रोने लगी जैसे उसका दिल टूट कर बिखर
- 9:34रहा हो। वो हिचकियां लेते हुए बोली ससुर
- 9:38जी आपने यह क्या कर दिया? मेरी तो जिंदगी
- 9:42बर्बाद हो गई है। मैं कहीं की नहीं रही।
- 9:44आपने मेरी इज्जत लूट ली है। उसकी आवाज में
- 9:47दर्द और इल्जाम की थी जो रमेश के दिल को
- 9:50छलनी कर गई। रमेश ने कदम आगे बढ़ाए और
- 9:53सोनिया के पास बैठते हुए कहा, "बहू, बताओ
- 9:56तो सही हुआ क्या है? तुम ऐसी बातें क्यों
- 10:00कर रही हो? सोनिया ने आंसू पोंछते हुए
- 10:03लेकिन और ज्यादा शिद्दत से रोते हुए बोली,
- 10:06ससुर जी मुझे सुबह से उल्टियां आ रही है।
- 10:09मैं हामिला हो गई हूं और यह सब आपकी वजह
- 10:12से हुआ है। आपने मेरी जिंदगी बर्बाद कर
- 10:14दी। अब मैं दुनिया वालों को क्या मुंह
- 10:17दिखाऊंगी? वो फौरन इंकार करते हुए बोला,
- 10:20"बहू, यह कैसे हो सकता है? मैंने तो कुछ
- 10:23भी नहीं किया। तुम गलतफहमी में हो। उसकी
- 10:26आवाज में दफा की कोशिश थी। लेकिन सोनिया
- 10:29ने उसे टोकते हुए कहा, "ल लगता है ससुर जी
- 10:33आपकी याददाश्त कमजोर हो गई है। रात को
- 10:36आपने अपने कमरे में मेरे साथ वो सब कुछ
- 10:38किया जो एक शौहर अपनी बीवी के साथ करता
- 10:41है। और अब आप मासूम बन रहे हैं। सोनिया की
- 10:44आवाज अब शोर में तब्दील हो गई थी। जैसे वह
- 10:47पूरे गांव को जगाना चाहती हो। और यह
- 10:49ड्रामा अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया
- 10:52था। रमेश घबरा कर उठा और दरवाजे की तरफ
- 10:55देखा। फिर सोनिया की तरफ पलट कर धीमी आवाज
- 10:58में बोला, "अच्छा बहू, ठीक है। तुम ठीक कह
- 11:01रही हो। लेकिन तुम फिक्र मत करो। मैं सब
- 11:05कुछ संभाल लूंगा। तुम जो कहोगी वैसा ही
- 11:08होगा।" उसकी आवाज में अब एक अजीब सी
- 11:10तस्लीम थी। जैसे वो अपने आप को कसूरवार
- 11:14मान रहा हो। वो आगे बढ़कर सोनिया के कंधे
- 11:17पर हाथ रखते हुए बोला। लेकिन इस राज का
- 11:19किसी को भी पता ना चले। वरना हम दोनों
- 11:22बर्बाद हो जाएंगे। सोनिया ने आंसू पोंछते
- 11:24हुए अपना सर रमेश के कंधे पर रखते हुए
- 11:26कहा, ठीक है ससुर जी मुझे कभी भी अकेला मत
- 11:30छोड़ना। लेकिन अगली सुबह घर में एक ऐसा
- 11:33झलझला आया। रमेश जब घर में दाखिल हुआ,
- 11:36उसके साथ एक खूबसूरत औरत थी जिसने दुल्हन
- 11:39जैसा लिबास पहना हुआ था और वो हंस-हंस कर
- 11:43एक दूसरे से बातें कर रहे थे। सोनिया ने
- 11:45यह मंजर देखा तो उसका चेहरा गुस्से से लाल
- 11:49हो गया। उसने चीखते हुए पूछा, ससुर जी, यह
- 11:53कौन है? रमेश ने बड़े सुकून से जवाब दिया,
- 11:56"बहू, यह मेरी बीवी है। मैंने शादी कर ली
- 11:59है। आज से यह तुम्हारी सास है। सोनिया
- 12:02हैरान थी। मैं ससुर जी को खुश रखने के लिए
- 12:05सब कुछ देने को तैयार थी। फिर इन्होंने
- 12:07शादी क्यों कर ली? सोनिया की आंखें गुस्से
- 12:10से लाल पीली हो गई। वो धीरे से बोली, ससुर
- 12:13जी, आप जरा मेरे कमरे में आइए। आपसे बात
- 12:15करनी है। वो भाग कर अपने कमरे में चली गई।
- 12:19रमेश जब सोनिया के कमरे में गया तो वह
- 12:22गुस्से में पागल हो रही थी। उसने कहा ससुर
- 12:25जी आपने मेरे साथ धोखा किया है। अब मैं
- 12:28आपकी हकीकत सबको बताऊंगी। रमेश ने कहा बहू
- 12:32पागल मत बनो। मैंने शादी इसलिए की है कि
- 12:35यह औरत तुम्हारी खिदमत करेगी। अब तुम घर
- 12:38का कोई काम नहीं करोगी। सारे काम यह
- 12:40करेगी। मैं और तुम मिलकर बस प्यार करेंगे।
- 12:43रमेश की यह बात सुनते ही सोनिया का गुस्सा
- 12:46ठंडा हो गया और उसके चेहरे पर एक इत्मीनान
- 12:49और खुशी की मुस्कुराहट फैल गई। लेकिन
- 12:52सोनिया की जिंदगी में वो तूफान आने वाला
- 12:55था। घर के हाल में सोनिया एक मल्लिका की
- 12:57तरह विराजमान थी। रमेश की नई बीवी जो अब
- 13:01उस घर की नौकरानी से ज्यादा कुछ ना थी।
- 13:03सोनिया के पांव दबाती उसके सर की मालिश
- 13:06करती और घर के सारे काम चुपचाप संभालती।
- 13:10सोनिया अपनी चालाकी पर फक्र महसूस करती
- 13:13थी। जैसे उसने रमेश की दौलत और जायदाद को
- 13:17अपनी मुट्ठी में कर लिया हो। लेकिन रमेश
- 13:20के चेहरे पर एक अजीब सी खामोशी थी। उसकी
- 13:23आंखों में हैरानी और गुस्से की एक छिपी
- 13:26हुई आग झलकती थी जैसे उसने कोई बड़ा राज
- 13:29पकड़ लिया हो। रमेश अब सोनिया से दूर-दूर
- 13:32रहने लगा था। उसकी नजरें ठंडी थी। सोनिया
- 13:36को लगने लगा कि उसकी मेहनत से बनाया गया
- 13:39जाल टूट रहा है। रमेश की दौलत, उसकी ताकत
- 13:43उसके हाथ से फिसलती नजर आ रही थी। एक दिन
- 13:46जब रमेश अपनी बीवी के साथ ज्यादा वक्त
- 13:49गुजार रहा था, सोनिया ने उसे तन्हाई में
- 13:52पकड़ लिया। उसकी आवाज में एक जहरीलापन था।
- 13:56ससुर जी, यह क्या हो रहा है? आप मुझसे दूर
- 13:59क्यों रहते हैं? अपनी बीवी को ज्यादा वक्त
- 14:02देते हैं। क्या आपको वह वादा याद नहीं जो
- 14:05आपने मुझसे किया था? रमेश ने एक लम्हे के
- 14:08लिए उसकी तरफ देखा। सोनिया मुझे कुछ याद
- 14:11नहीं। जो करना है कर लो। अब मैं तुम्हारी
- 14:13कोई बात नहीं मानूंगा। सोनिया का चेहरा
- 14:16गुस्से से लाल हो गया। वो तेज-तेज़ कदमों
- 14:18से अपने कमरे की तरफ भागी। दरवाजा जोर से
- 14:22बंद किया और अपने शौहर आरश को फोन मिलाया।
- 14:25उसकी आवाज सिसकियों और गुस्से से भरी थी।
- 14:28आरिश तुम जहां हो फौरन वापस आ जाओ। मेरी
- 14:31जिंदगी बर्बाद हो गई है। मेरी इज्जत मेरी
- 14:34इज्जत लुट गई। उसकी आवाज टूट रही थी।
- 14:37तुम्हारे अब्बू ने उन्होंने मुझे हामिला
- 14:40कर दिया। उन्होंने तुम्हें जानबूझकर दुबई
- 14:43भेजा ताकि वो पीछे मुझे हासिल कर सकें।
- 14:46अर्श के कानों में जैसे बिजली गिर गई।
- 14:49उसकी आवाज कांपती हुई निकली। ये ये क्या
- 14:52कह रही हो? अब्बू ऐसा नहीं कर सकते। झूठ
- 14:54मत बोलो। सोनिया ने एक गहरी सांस ली। आरश
- 14:57मैं तुम्हें सबूत भेजती हूं। खुद देख लो।
- 15:00उसने अपना फोन खोला और एक वीडियो निकाली।
- 15:02एक ऐसी वीडियो जिसमें वो रमेश के साथ उसके
- 15:05कमरे में थी। उसके सीने पर सर रखकर लेटी
- 15:09हुई थी। जो सोनिया ने रमेश के कमरे में
- 15:11चुपके से मोबाइल का कैमरा ऑन करके बनाई
- 15:14थी। जो आरश की दुनिया को तबाह करने के लिए
- 15:17काफी थी। उसने वीडियो आरश को भेज दी। आरश
- 15:21ने जैसे ही वह वीडियो देखी, उसका दिल फटने
- 15:24लगा। उसका जिस्म कांप रहा था। आरश ने
- 15:27दोबारा सोनिया को कॉल की। सोनिया मेरी जान
- 15:30फिक्र मत करो। मैं जितनी जल्दी हो सके आ
- 15:33रहा हूं। बस मेरी जान थोड़ा इंतजार कर लो।
- 15:36अगली सुबह घर का माहौल एक बारूद के ढेर की
- 15:40तरह था। एक चिंगारी से सब कुछ फटने वाला
- 15:42था। रमेश उसकी बीवी और सोनिया डाइनिंग
- 15:45टेबल पर बैठे नाश्ता कर रहे थे। रमेश
- 15:48खामोश था। अचानक घर के दरवाजे की घंटी बजी
- 15:52एक तेज दिल दहला देने वाली आवाज। सोनिया
- 15:55की सांस अटक गई। रमेश की आंखों में एक
- 15:57अजीब सी चमक आई जैसे वह उस लम्हे का
- 16:00इंतजार कर रहा हो। उसकी नजरें दरवाजे की
- 16:03तरफ जमी। घंटी दोबारा बजी। रमेश ने दरवाजा
- 16:07खोला। सामने आर्श खड़ा था। उसकी आंखों में
- 16:10गुस्से की आग और दर्द की चिंगारियां थी।
- 16:13सोनिया उठी और भागकर आरश के गले लग गई।
- 16:16जोर-जोर से रोने लगी। रमेश ने एक लम्हे के
- 16:19लिए अपनी आवाज को नरम किया। बेटा तुम यहां
- 16:22कैसे? खैर तो है वापस क्यों आ गए? लेकिन
- 16:25इससे पहले कि वो जुमला मुकम्मल करता आरश
- 16:28ने एक धमाके की तरह अपने बाप का गिरेबान
- 16:32पकड़ लिया। उसकी आवाज गुस्से से कांप रही
- 16:35थी। तुम बाप नहीं दरिंदे हो। तुमने मेरी
- 16:38मासूम बीवी की इज्जत लूटी। उसके साथ
- 16:40ज्यादती की। मैं तुम्हें नहीं छोडूंगा।
- 16:43आरश ने जोर से धक्का मारा। रमेश जमीन पर
- 16:46गिर गया। रमेश ने एक गहरी सांस ली। वो
- 16:49लड़खड़ाते हुए उठा। अर्श को कुर्सी पर
- 16:51बैठाते हुए बोला बेटा तुम मुझे जान से मार
- 16:54डालना लेकिन पहले मेरी बात सुन लो फिर जो
- 16:57सजा देना चाहो वो मुझे कबूल है। रमेश ने
- 17:01अपनी जेब से एक पुराना तय किया हुआ खत
- 17:04निकाला और कुछ तस्वीरें अर्श के हाथ में
- 17:07थमा दी। यह खत मेरे दोस्त ने भेजा। यह
- 17:09तस्वीरें देखो। तुम्हारी बीवी यह कोई
- 17:12इज्जतदार औरत नहीं बल्कि एक तवायफ है। एक
- 17:16जिस्म फरोश जो कोठे पर अपना धंधा करती थी।
- 17:20मेरे दोस्त ने उसे वहां देखा और मुझे यह
- 17:22हकीकत बताई। आरश की आंखें हैरत से फैल गई।
- 17:26उसने तस्वीरें देखी। सोनिया एक अजीब सी
- 17:29जगह पर रंगीन लिबास में हंसती मुस्कुराती
- 17:33जैसे वो अपने डंडे की मलिका हो। उसका
- 17:35दिमाग घूम गया। अब्बू ये ये क्या है? उसकी
- 17:39आवाज कांप रही थी। रमेश ने एक गहरी सांस
- 17:42ली और बोला, बेटा यह बताओ जब तुम दुबई में
- 17:45थे। सोनिया ने तुम्हें कितनी बार कॉल की?
- 17:47कितनी बार वीडियोस भेजी? अर्श ने सोचते
- 17:50हुए कहा, अब्बू, उसने बस एक दो बार कॉल की
- 17:53थी। वीडियोस? नहीं, उसने कोई वीडियो नहीं
- 17:56भेजी। रमेश के होठों पर एक सर्द
- 17:58मुस्कुराहट आई। ठीक है बेटा, अब एक और
- 18:01खौफनाक राज देखो। वो उठा और अपने कमरे से
- 18:04एक खूबसूरत फूलों वाला गुलदस्ता गुलदान ले
- 18:07आया। यह गुलदान नहीं बेटा। इसमें कैमरा
- 18:10छुपा था जो मैंने सोनिया के कमरे में रखा
- 18:12था। रमेश ने अपना फोन निकाला और एक वीडियो
- 18:16चलाई। अर्श की आंखें स्क्रीन पर जमी थी।
- 18:19वीडियो में सोनिया का कमरा था। रात का
- 18:21अंधेरा खिड़की से एक लड़का चुपके से अंदर
- 18:23कूदा। सोनिया ने उसे देखते ही अपनी बाहों
- 18:26में भर लिया। फिर दोनों बिस्तर पर लेट गए।
- 18:28आरश की सांस रुकने लगी। वीडियो में सोनिया
- 18:31और वो लड़का एक दूसरे में गुम हो रहे थे।
- 18:34वो लड़का सोनिया का दुपट्टा हवा में उछाल
- 18:37रहा था। नाजायज ताल्लुक की ऐसी तस्वीर जो
- 18:40आरश के दिल को छुरियों की तरह चीर रही थी।
- 18:43रमेश की आवाज गूंजी। बेटा यह सोनिया सारा
- 18:46दिन सारी रात उसी आशिक से फोन पर बातें
- 18:49करती थी। उसे प्यार भरे पैगाम भेजती।
- 18:52नए-नए कपड़े बदलकर गंदी वीडियोस बनाती और
- 18:55उसे भेजती। लेकिन जाहिर ऐसा करती जैसे वो
- 18:59तुमसे बात कर रही हो। रमेश ने एक लम्हे के
- 19:01लिए रुक कर आरिश की तरफ देखा। मैंने
- 19:04जानबूझकर इस बेगैरत औरत के साथ एक झूठा
- 19:07रिश्ता बनाया ताकि इसकी असलियत जान सकूं।
- 19:10अगर यह इज्जतदार होती, तो कभी मेरे करीब
- 19:13ना आती, मेरे कमरे में ना जाती, मेरे साथ
- 19:16ना सोती। लेकिन इसकी जायदाद की लालच ने
- 19:19इसे अंधा कर दिया था। रमेश ने एक और चौंका
- 19:22देने वाला राज खोला और यह जो मेरी बीवी
- 19:25है, यह कोई बीवी नहीं बल्कि एक लेडी
- 19:28डॉक्टर है। जब सोनिया ने मुझ पर यह घटिया
- 19:30इल्जाम लगाया कि मैंने उसे हामिला किया तो
- 19:34मैंने इस डॉक्टर को अपनी झूठी बीवी बनाकर
- 19:36घर लाया। इसने सोनिया का मुआयना किया और
- 19:39साबित कर दिया कि यह सब झूठ था। सोनिया ने
- 19:42मुझे ब्लैकमेल करने के लिए यह ड्रामा
- 19:44रचाया ताकि वह मेरी जायदाद हथिया सके। आरश
- 19:48की आंखों से आंसू बह रहे थे लेकिन उसका
- 19:50चेहरा गुस्से से लाल हो चुका था। वो
- 19:53कुर्सी से उठा पीछे मुड़ा और एक जोरदार
- 19:56थप्पड़ सोनिया के मुंह पर मार दिया। गंदी
- 19:58बदकार बेहया औरत उसकी आवाज घर की दीवारों
- 20:02से टकराई। मैंने तुमसे कितना प्यार किया।
- 20:04तुम्हें खुश रखने के लिए दुबई गया। लेकिन
- 20:07तुमने मेरे साथ यह धोखा किया। सोनिया की
- 20:09जुबान बंद हो चुकी थी। उसकी आंखें फटी की
- 20:12फटी रह गई। जैसे उसका सारा ड्रामा जमीन
- 20:15बोस हो गया हो। आरश ने गुस्से में चीखते
- 20:18हुए कहा, अब्बू फौरन पुलिस को फोन करें और
- 20:21इस औरत को पुलिस के हवाले करें। मैं इसकी
- 20:23शक्ल नहीं देखना चाहता। रमेश ने कहा, बेटा
- 20:27नहीं ऐसा नहीं करना। पुलिस को नहीं बुलाना
- 20:30वरना हम पूरे मोहल्ले में बदनाम हो
- 20:32जाएंगे। इस तवाइयफ के लिए यही सजा काफी है
- 20:35कि यह वापस अपने कोठे पर जाए। उसी गंदगी
- 20:38में जिल्लत और रुसवाई की जिंदगी गुजारे।
- 20:41दफा हो जाओ मेरे घर से। जाकर अपने उस आशिक
- 20:43के पास रहो। उसी कोठे पर अपना धंधा करो।
- 20:47मैंने तुम्हें इज्जत दी, घर दिया। यह मेरी
- 20:49गलती थी। सोनिया जमीन पर बैठ गई और अर्श
- 20:52के पांव पकड़ ली। अर्श ऐसा मत करो। मुझे
- 20:55माफ कर दो। मैं तुम्हारी बीवी हूं। मुझसे
- 20:58गलती हो गई है। लेकिन आरश गुस्से में पीछे
- 21:02हट गया। उसने गलीज लफ्जों के साथ तीन बार
- 21:04कहा मैं तुम्हें तलाक देता हूं। तलाक देता
- 21:07हूं। तलाक देता हूं। और सोनिया को धक्के
- 21:10देकर घर से बाहर निकाल दिया। दरवाजा बंद
- 21:13कर दिया। आरश ने अपने बाप रमेश को गले
- 21:16लगाया। उसकी आंखों में आंसू थे। अब्बू
- 21:19मुझे माफ कर दें। मुझे हकीकत का पता नहीं
- 21:22था। रमेश ने रोते हुए कहा, बेटा कोई बात
- 21:25नहीं। यह एक बड़ा धोखा था। लेकिन शुक्र है
- 21:28वक़ पर हमारी आंखें खुल गई। मैंने तुम्हें
- 21:30दुबई इसलिए भेजा क्योंकि तुम इस औरत की
- 21:34झूठी मोहब्बत में पागल हो चुके थे।
- 21:36तुम्हारे यहां होते हुए यह सच कभी सामने
- 21:39नहीं आ सकता था। लेकिन यह धोखा यह जख्म
- 21:43शायद हमें भूलने में वक्त लगेगा।
- 21:45[संगीत]
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This page contains the full transcript of Jab Beta Dubai Se Wapis Aaya Apni Bevi Ko Dekh Kar Uske Hosh Udd Gaye | Moral Stories In Urdu Hindi by Amna ki voice2, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 3,624 words across 429 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.
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