Is Overthinking Stealing Your Peace? | How to Stop Overthinking & Trust Allah — Transcript
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- 0:00क्या कभी एक छोटी सी बात आपके [संगीत]
- 0:02दिमाग का पूरा सुकून छीन लेती है? बेड पर
- 0:06लेटते ही अचानक कोई पुरानी बात याद आ गई।
- 0:09काश [संगीत] मैंने उस वक्त ऐसा ना कहा
- 0:11होता। फिर एक और थॉट उसने मेरे मैसेज का
- 0:15रिप्लाई क्यों नहीं किया। अगर लाइफ में
- 0:17मैं सबसे पीछे रह गई तो एक ऐसी दुनिया में
- 0:21जो सिर्फ [संगीत] आपके दिमाग में एक्सिस्ट
- 0:23करती है जहां पुरानी कॉन्वर्सेशंस बार-बार
- 0:26रिपीट होती हैं। जहां अगर और काश खत्म ही
- 0:30नहीं होते। [संगीत] और सबसे अजीब बात हम
- 0:32उन चीजों का भी दर्द महसूस करने लगते हैं
- 0:35जो अभी हुई ही नहीं। हम उन इमेजिनरी
- 0:38सिचुएशंस में भी रियल इमोशंस फील करते
- 0:40हैं। ओवरथिंकिंग का एक अजीब [संगीत]
- 0:42इफेक्ट होता है। आप फिजिकली किसी जगह बैठे
- 0:45होते हो लेकिन मेंटली हजार जगह घूम रहे
- 0:48होते हो। आप [संगीत] अम्मी से बात कर रहे
- 0:50होते हो लेकिन माइंड किसी और प्रॉब्लम में
- 0:52होता है। आप [संगीत] खाना खा रहे होते हो
- 0:55लेकिन सोच फ्यूचर की होती है। आप बेड पर
- 0:58होते हो लेकिन दिमाग पास्ट को रिवाइंड कर
- 1:01रहा होता है। [संगीत] बॉडी को रेस्ट मिल
- 1:02जाता है लेकिन माइंड को कभी नहीं। और
- 1:06धीरे-धीरे इंसान मेंटली थकने लगता है।
- 1:10[संगीत] बिना वजह रोना, मूड अचानक खराब हो
- 1:13जाना, छोटी बात पर इरिटेट होना, हर चीज
- 1:16में खुद को जस्टिफाई करना और सबसे डेंजरस
- 1:20खुद पर डाउट करना। [संगीत]
- 1:22आज की जनरेशन के पास पहले से ज्यादा
- 1:25कंफर्ट है। लेकिन शायद [संगीत] पहले से
- 1:27ज्यादा मेंटल नॉइज़ भी। हर वक्त
- 1:30नोटिफिकेशंस, [संगीत] हर वक्त कंपैरिजनंस,
- 1:32हर किसी की लाइफ स्क्रीन पर परफेक्ट नजर
- 1:35आती है। किसी की शादी, किसी का करियर,
- 1:38किसी [संगीत] की सक्सेस, किसी का ग्लोइंग
- 1:41फेस, किसी की ब्यूटीफुल लाइफ और हम चुपचाप
- 1:44अपनी लाइफ को उन सब से कंपेयर करते रहते
- 1:46हैं। फिर फ्यूचर का प्रेशर, पास्ट का
- 1:49रिग्रेट और [संगीत] प्रेजेंट, प्रेजेंट तो
- 1:51बस निकलता जाता है। लेकिन क्यों? हम
- 1:55[नाक से की जाने वाली आवाज़]
- 1:55अपने ही थॉट्स के अंदर इतने [संगीत] कैद
- 1:57क्यों हो जाते हैं? आज की कहानी शायद इसी
- 2:01सवाल का जवाब दे। यमुना [संगीत] एक सिंपल
- 2:04सी लड़की थी। उसकी जिंदगी बाहर से बिल्कुल
- 2:06नॉर्मल थी। कॉलेज, पढ़ाई, घर, [संगीत]
- 2:10फ्रेंड्स, फैमिली, नमाज, सब कुछ। लेकिन
- 2:15उसके अंदर एक ऐसी दुनिया थी जिसके [संगीत]
- 2:17बारे में किसी को पता नहीं था। घर में एक
- 2:20कॉर्नर था जहां वो अक्सर चुपचाप जाकर
- 2:23बैठती। वहां कोई शोर नहीं होता था। बस एक
- 2:26खिड़की, [संगीत]
- 2:27चाय और यमुना। लोग समझते थे कि वह थोड़ी
- 2:31क्वाइट [संगीत] नेचर की है। उसके दिमाग
- 2:33में हर वक्त कुछ ना कुछ चल रहा होता। कभी
- 2:36[संगीत] पास्ट, कभी फ्यूचर, कभी लोगों की
- 2:39बातें, कभी अपनी [संगीत] मिस्टेक्स, कभी
- 2:42वो सिचुएशंस जो सिर्फ उसके इमेजिनेशन में
- 2:45एक्सिस्ट करती थी। एक दिन टीचर ने उसकी
- 2:48प्रेजेंटेशन सुनी, प्रेजेंटेशन खत्म हुई।
- 2:51टीचर ने बस इतना कहा [संगीत] ओके बस एक
- 2:55नॉर्मल सा ओके लेकिन यमुना के लिए वो ओके
- 2:58नॉर्मल नहीं था। [संगीत] घर आते हुए उसका
- 3:00माइंड शुरू हो गया। शायद प्रेजेंटेशन
- 3:03अच्छी नहीं थी। शायद टीचर डिसपॉइंटंटेड
- 3:06थे। [संगीत] शायद मुझे प्रेजेंटेशन करनी
- 3:08ही नहीं चाहिए थी। एक वर्ड और उसके माइंड
- 3:11ने पूरी कहानी बना दी। उसकी [संगीत]
- 3:14फ्रेंड ने मैसेज का रिप्लाई नहीं किया।
- 3:16यमुना फोन बार-बार चेक करने लगी। 5
- 3:19[संगीत] मिनट, 10 मिनट, 1 घंटा। फिर थॉट
- 3:23आया। उसने रिप्लाई क्यों नहीं किया? शायद
- 3:26वह मुझसे नाराज है। [संगीत] और जब रिप्लाई
- 3:28आया, सॉरी फोन मेरे पास नहीं था। बस
- 3:32[संगीत]
- 3:32इतनी सी बात। यमुना कुछ सेकंड्स के लिए
- 3:35चुप रही। और रात को [संगीत] जब दुनिया सो
- 3:39जाती, यमुना का माइंड जागता रहता। अगर मैं
- 3:42फ्यूचर में कुछ नहीं कर पाई तो। अगर सब
- 3:45मुझसे आगे निकल गए तो?
- 3:47[संगीत]
- 3:47अगर लोग बदल गए तो अगर मैं फेल हो गई तो
- 3:51कभी वो फ्यूचर के एक इमेजिनरी फेलियर पर
- 3:54रोती [संगीत] और कभी पास्ट की एक पुरानी
- 3:57बात पर उसे समझ ही नहीं आ रहा था उसके साथ
- 4:00हो क्या रहा है यमना अल्लाह पर यकीन करती
- 4:04थी [संगीत] वो नमाज पढ़ती थी कुरान पढ़ती
- 4:07थी दुआ करती थी [संगीत]
- 4:09लेकिन एक चीज थी जो वो अभी तक पूरी तरह
- 4:12नहीं सीख पाई थी [संगीत] तवकुल
- 4:15वो अल्लाह पर यकीन तो करती थी लेकिन आउटकम
- 4:18को अपने कंट्रोल में रखना चाहती थी। हर
- 4:21चीज परफेक्ट हो। हर सिचुएशन उसकी मर्जी के
- 4:24मुताबिक हो। कोई उसे मिसअंडरस्टैंड ना
- 4:27करे। [संगीत] कोई उसे रिजेक्ट ना करे।
- 4:30फ्यूचर में कोई अनएक्सेक्टेड प्रॉब्लम ना
- 4:32आए। जैसे [संगीत]
- 4:33अगर वो हर पॉसिबिलिटी के बारे में पहले ही
- 4:36सोच लेगी तो वह हर्ट होने से बच जाएगी।
- 4:39लेकिन उसे पता नहीं था। ओवरथिंकिंग फ्यूचर
- 4:42को सेफ नहीं बनाती। [संगीत] वो सिर्फ
- 4:44प्रेजेंट का सुकून छीन लेती है। फिर एक
- 4:47दिन कॉलेज से [संगीत] घर लौटते वक्त ज़ैनब
- 4:50ने फुटपाथ के पास एक आदमी को देखा। वो
- 4:53जमीन पर बैठा था। उसके सामने एक पुरानी
- 4:56घड़ी पड़ी थी। घड़ी का गिलास टूट [संगीत]
- 4:58चुका था और उसकी सुई 5:17
- 5:02पर रुकी हुई थी। [संगीत] यमुना कुछ
- 5:04सेकंड्स के लिए रुक गई। वो आदमी घड़ी को
- 5:06कपड़े से साफ कर रहा था। फिर उसने एक नई
- 5:09बैटरी निकाली। घड़ी में लगाई।
- 5:11[संगीत]
- 5:11वो उसे ठीक करने लगा। यमुना चुपचाप देखती
- 5:15रही और अचानक उसके माइंड में एक थॉट आया।
- 5:20[संगीत] यह आदमी एक ऐसी घड़ी को ठीक करने
- 5:23में इतना वक्त लगा रहा है [संगीत] जो अभी
- 5:25चल ही नहीं रही। वो कुछ सेकंड्स तक घड़ी
- 5:28को देखती रही। फिर उसे रियलाइज हुआ। मैं
- 5:31भी तो यही कर रही हूं। मैं पास्ट [संगीत]
- 5:33को बार-बार खोलती हूं। जो हो गया उसे
- 5:37दोबारा चेंज करना चाहती हूं। जो कहा जा
- 5:39चुका उसका मीनिंग दोबारा ढूंढती हूं
- 5:42[संगीत] और फिर फ्यूचर की उन सिचुएशंस का
- 5:45स्ट्रेस लेती हूं जो अभी आई ही नहीं और
- 5:49[संगीत] फिर खुद से कहा कल की घड़ी अभी
- 5:51चली ही कहां है उसकी आंखों में आंसू आ गए
- 5:55[संगीत] लेकिन इस बार वो सैडनेस के आंसू
- 5:57नहीं थे यह रियलाइजेशन के आंसू थे उसे
- 6:00[संगीत] समझ आ गया था मैं अपनी जिंदगी के
- 6:04आज को उन चीजों के लिए सैक्रिफाइस कर रही
- 6:06[संगीत] हूं जो या तो बीत चुकी की है या
- 6:09अभी हुई ही नहीं। यमुना [संगीत] ने उस दिन
- 6:12एक अहम बात समझी। पास्ट को बदला नहीं जा
- 6:15सकता। फ्यूचर को कंट्रोल नहीं किया जा
- 6:17सकता। लेकिन प्रेजेंट में जो करना है वो
- 6:20हमारे हाथ में है। [संगीत] कुरान में
- 6:22अल्लाह ताला फरमाता है ना डरो और कमजोर ना
- 6:26पड़ो और ना गम [संगीत] करो और तुम ही
- 6:29गालिब रहोगे। अगर तुम मोमिन हो। यूमना को
- 6:32लगा शायद अल्लाह हमें हर सिचुएशन का आंसर
- 6:36पहले से नहीं देता। लेकिन वह हमें इतना
- 6:38जरूर सिखाता है। [संगीत] कमजोर मत पड़ो।
- 6:41उसने फिर अपने लिए एक सिंपल रूल बनाया।
- 6:44[संगीत] जब भी कोई थॉट आए वो खुद से
- 6:46पूछेगी क्या यह मेरे कंट्रोल में है? अगर
- 6:49आंसर हां है [संगीत] तो सोचना बंद। एक्शन
- 6:52लेना है। प्रॉब्लम है? सलूशन ढूंढो। पढ़ाई
- 6:56वीक है। स्टडी प्लान बनाओ। किसी से
- 6:59मिसअंडरस्टैंडिंग है। कामली बात करो।
- 7:02[संगीत] आज से एक छोटी हैबिट स्टार्ट करो।
- 7:05लेकिन अगर आंसर नहीं है तो उस थॉट को
- 7:09अल्लाह के हवाले करो। [संगीत] कुरान में
- 7:11अल्लाह फरमाता है अल्लाह किसी जान पर उसकी
- 7:15ताकत से बढ़कर बोझ नहीं डालता। [संगीत] तो
- 7:18हर पॉसिबल फ्यूचर को आज ही सॉल्व करना
- 7:21तुम्हारी रिस्पांसिबिलिटी नहीं है।
- 7:23तुम्हें सिर्फ आज का स्टेप लेना है। और जब
- 7:27यमुना का माइंड फिर से फ्यूचर की तरफ
- 7:30भागता वो खुद को याद [संगीत] दिलाती जो
- 7:32होना है अल्लाह जानता है। जो मेरे बस में
- 7:36है मैं उसकी [संगीत] कोशिश करूंगी। जो
- 7:38मेरे बस में नहीं उसे अल्लाह के हवाले
- 7:41करूंगी। क्योंकि तवकुल का मतलब यह नहीं कि
- 7:44तुम एफर्ट करना छोड़ दो। तवकुल का मतलब है
- 7:48एफर्ट [संगीत] तुम्हारा आउटकम अल्लाह का
- 7:51और अल्लाह फरमाता है और जो अल्लाह पर
- 7:54भरोसा करे तो वो उसके लिए काफी है। लेकिन
- 7:58यमुना ने यह भी समझा सिर्फ ओवरथिंक मत करो
- 8:01कहने से ओवरथिंकिंग नहीं रुकती। माइंड को
- 8:04एक अल्टरनेटिव चाहिए। [संगीत] इसलिए जब
- 8:07थॉट रिपीट होता वो उसे लिख देती। फिर खुद
- 8:10से पूछती [संगीत] इसका प्रूफ क्या है?
- 8:13कभी-कभी हम फैक्ट्स पर नहीं अपने फियर्स
- 8:15[संगीत]
- 8:16पर रिएक्ट कर रहे होते हैं। और अगर थॉट
- 8:19फिर भी माइंड में घूमता रहे यमुना अपना
- 8:21फोन साइड में रखती, [संगीत] रूम क्लीन
- 8:24करती, वॉक पर जाती, स्ट्रेचिंग करती,
- 8:27[संगीत] कुकिंग में अम्मी की हेल्प करती
- 8:29क्योंकि हर थॉट को सॉल्व करना जरूरी नहीं
- 8:32होता। माइंड [संगीत] को आंसर नहीं
- 8:35डायरेक्शन चाहिए होती है। कभी-कभी बस
- 8:38थोड़ी देर आराम से बैठो। [संगीत] कुछ मत
- 8:40करो। बस अपने थॉट्स को ऑब्जर्व करो। कौन
- 8:44सा थॉट आ रहा है और वो [संगीत] तुम्हें
- 8:46कैसा फील करवा रहा है। ना उस पर रिएक्ट
- 8:49करो ना उसे जज करो। सिर्फ समझो। जब तुम
- 8:53अपने थॉट्स को ऑब्जर्व [संगीत] करना
- 8:54सीखोगी तो तुम उन्हें समझना और कंट्रोल
- 8:58करना भी बेहतर सीख [संगीत] पाओगी। यमुना
- 9:00अब भी कभी-कभी ओवरथिंक करती थी। वो एक दिन
- 9:03में कंप्लीटली चेंज नहीं हुई। लेकिन
- 9:06डिफरेंस यह था पहले थॉट्स उसे कंट्रोल
- 9:09करते थे। अब वो अपने थॉट्स को ऑब्जर्व
- 9:11करना सीख [संगीत] रही थी और शायद हम सबको
- 9:15यमुना की तरह यह समझना होगा तुम्हारा
- 9:17माइंड तुम्हें हर पॉसिबल डेंजर से बचाने
- 9:20की कोशिश करता है लेकिन तुम्हें हर पॉसिबल
- 9:23डेंजर को इमेजिन करके जीना नहीं है और
- 9:26सुकून शायद उस दिन शुरू होता है जब हम
- 9:29दोनों के बीच का फर्क समझ लेते हैं
- 9:31[संगीत] इसलिए अगली बार जब तुम्हारा माइंड
- 9:34कहे अगर ऐसा हो गया तो रुकना [संगीत] एक
- 9:38गहरी सांस लेना और खुद से पूछना क्या यह
- 9:42[संगीत] अभी हो रहा है? अगर नहीं तो अपने
- 9:45प्रेजेंट में वापस आओ। अगर तुम कुछ कर
- 9:48सकती हो [संगीत] तो एक्शन लो। अगर नहीं कर
- 9:51सकती तो दुआ करो और अल्लाह [संगीत] के
- 9:54हवाले कर दो। क्योंकि जिस कल को लेकर तुम
- 9:57आज रो रही हो वो कल अभी तुम्हारे पास आया
- 10:00ही नहीं। और जिस [संगीत] पास्ट को लेकर
- 10:03तुम खुद को पनिश कर रही हो वो पास्ट
- 10:05तुम्हारे हाथ में अब रहा ही नहीं।
- 10:07तुम्हारे पास सिर्फ यह पल है, [संगीत] यह
- 10:11सांस, यह वक्त, यह जिंदगी। और सबसे बढ़कर
- 10:16[संगीत]
- 10:17अल्लाह। क्योंकि जिंदगी काश और अगर में
- 10:20नहीं गुजरती। जिंदगी उस पल में होती है जो
- 10:24अल्लाह ने अभी तुम्हारे हाथ में रखा है।
- 10:26इस वीडियो को लाइक और शेयर जरूर करें।
- 10:29शायद आपका एक शेयर किसी ऐसे इंसान तक यह
- 10:32मैसेज पहुंचा दे [संगीत] जो आज अपने ही
- 10:34थॉट्स के अंदर खामोशी से लड़ रहा है। और
- 10:37ऐसे ही मीनिंगफुल इस्लामिक सेल्फ
- 10:38इंप्रूवमेंट वीडियोस के लिए चैनल [संगीत]
- 10:40को सब्सक्राइब करना ना भूलें। मिलते हैं
- 10:43नेक्स्ट वीडियो में। टिल देन, अल्लाह
- 10:45हाफिज़।
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