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How Long Is Your LIFELINE? | Reality of Palmistry | Dhruv Rathee — Transcript

by Dhruv Rathee · 4,007 words · 506 segments · language en · Watch on YouTube

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  1. 0:00बहुत से लोगों को लगता है कि हाथों की इन
  2. 0:02लकीरों में आपकी किस्मत लिखी हुई है। यह
  3. 0:05वाली लाइन बताएगी कि मैं कितनी उम्र तक
  4. 0:07जिऊंगा। एक दूसरी बताएगी कि मैं जिंदगी
  5. 0:09में कितना कामयाब होऊंगा। लेकिन क्या सही
  6. 0:11में ऐसा है?
  7. 0:14इंडिया में लगभग 70% लोग मानते हैं कि
  8. 0:16उनका फ्यूचर पहले ही लिखा जा चुका है। पर
  9. 0:19केवल इंडियंस ही नहीं वेस्टर्न कंट्रीज के
  10. 0:21लोग भी हथेलियों की लाइंस में अपना फ्यूचर
  11. 0:24ढूंढते हैं।
  12. 0:24टाइम व्हेन आई वास इन कॉलेज [संगीत] आई
  13. 0:26डिसाइड टू गोरी।
  14. 0:28आज के दिन ये एक बड़ा मार्केट बन गया है।
  15. 0:30ढेरों वेबसाइट्स और एप्स आ गई हैं जो
  16. 0:32हथेली को पढ़कर फ्यूचर बताने का काम करती
  17. 0:35है। इसको 1 लाख से ज्यादा लोगों ने कर
  18. 0:36लिया है डाउनलोड। तो स्टेप बाय स्टेप सारी
  19. 0:37चीजें बताएंगे। केसेस इसको यूज़ करना है।
  20. 0:39लाखों लोग तो एआई चैटब्स पर भी अपने हाथ
  21. 0:41की फोटोस अपलोड करके ये पूछ रहे हैं।
  22. 0:43आपको बस अपने हाथ की क्लियर पिक्चर अपलोड
  23. 0:45करनी है और इसको ऐड कर देना है।
  24. 0:47क्या है इसके पीछे की सच्चाई? आइए जानते
  25. 0:49हैं पामिस्ट्री को पूरी तरह से आज के इस
  26. 0:52वीडियो में।
  27. 0:5410 लोगों का भविष्य बताओ [संगीत] अभी।
  28. 0:58मनोरथ पूर्ण होगा यूपीएससी में घर में आज
  29. 1:01से ही सुख शांति बनी रहेगी आशीर्वाद
  30. 1:03गुरुदेव महाराज की जय
  31. 1:04नमस्कार दोस्तों असल में यह कोई नया
  32. 1:06फिनोमिना नहीं है हाथ पढ़कर फ्यूचर बताना
  33. 1:09यह हजारों साल पुरानी प्रैक्टिस है जो
  34. 1:11एंशिएंट इंडिया में ओरिजनेट हुई थी हस्त
  35. 1:14सामुद्रिक शास्त्र इसमें जन्म से लेकर मौत
  36. 1:16तक शादी से लेकर किस्मत और धन तक हर एक
  37. 1:19चीज को हथेली की किसी ना किसी लाइन से
  38. 1:22जोड़ा गया है। यहां तक कि ग्रीक फिलॉसोफर
  39. 1:24एरिस्टोटल ने भी अपनी किताब हिस्ट्री ऑफ
  40. 1:26एनिमल्स में लिखा था कि लंबी उम्र वाले
  41. 1:28लोगों की हथेली पर एक या दो लाइंस पूरी
  42. 1:31हथेली के आर-पार जाती हैं। लेकिन जिनकी
  43. 1:33उम्र कम होती है उनकी हथेली में ये लाइंस
  44. 1:36[संगीत] छोटी होती हैं। आज के दिन हम इसी
  45. 1:38लाइन को लाइफ लाइन कहते हैं यानी जीवन
  46. 1:41रेखा। लेकिन पूरी दुनिया में पा्मेस्ट्री
  47. 1:43को फेमस किया था असल में विलियम जॉन
  48. 1:46वार्नर ने। एक आयरिश आदमी जिन्हें चीरो के
  49. 1:48नाम से भी जाना जाता था। यह दावा करते थे
  50. 1:51कि यह इंडिया में ब्राह्मणस के उस सेट से
  51. 1:53कला सीख कर आए हैं जिनके पूर्वजों ने
  52. 1:55सामुद्रिक का वो साइंस डेवलप किया था। 21
  53. 1:58जुलाई साल 1894 वार्नर ने लॉर्ड किचनर
  54. 2:01[संगीत] का हाथ पढ़ा। वो इंसान जो बाद में
  55. 2:03जाकर ब्रिटिश आर्मी के सबसे पावरफुल आदमी
  56. 2:06बनते हैं और इनका हाथ पढ़कर इन्होंने कहा
  57. 2:08कि आप भाई साहब तो 66 साल की उम्र तक
  58. 2:11जिओगे और आपकी मौत 1916 में होगी पानी की
  59. 2:14वजह से। अब इत्तेफाक की बात देखो कि ठीक
  60. 2:16ऐसा ही हुआ दोस्तों। 5 जून 1916 को फर्स्ट
  61. 2:20वर्ल्ड वॉर के बीच किचनर का जहाज
  62. 2:22स्कॉटलैंड के पास एक जर्मन माइन से टकराया
  63. 2:25और डूब गया। 700 से ज्यादा लोग मारे गए।
  64. 2:28जिनमें से एक किचनर भी थे। इसी तरह वार्नर
  65. 2:30ने उस वक्त के फेमस राइटर ऑस्कर वाइल्ड का
  66. 2:33हाथ देखकर कहा
  67. 2:34आपको 41 या 42 साल की उम्र में एग्जाइल
  68. 2:38किया जाएगा। और इत्तेफाक की बात देखिए कि
  69. 2:40मई 1895 में ऑस्कर वाइल्ड को एक मामले में
  70. 2:442 साल की हार्ड लेबर की सजा सुनाई जाती है
  71. 2:46और उस वक्त उनकी उम्र थी 41 इयर्स। लेकिन
  72. 2:50दिक्कत यह है कि ये सिर्फ कुछ चुनिंदा
  73. 2:51उदाहरण है। साइंस ऐसे किस्सों में नहीं
  74. 2:54मानती। साइंस को हार्ड एविडेंस चाहिए होता
  75. 2:56है।
  76. 3:00और यह एविडेंस ढूंढने की कोशिश हुई थी साल
  77. 3:031990 में। इस साल इंग्लैंड के डॉक्टर्स ने
  78. 3:06एक रिसर्च स्टडी के जरिए लाइफ लाइन और
  79. 3:08लोगों की एक्चुअल एज के बीच रिलेशनशिप
  80. 3:11ढूंढने की कोशिश करी। ऐसा करने के लिए
  81. 3:13इन्होंने 100 मुर्दा लोगों की दोनों
  82. 3:15हथेलियों की लाइफ लाइन की लेंथ मापी और
  83. 3:18हॉस्पिटल रिकॉर्ड्स में दर्ज लोगों की
  84. 3:19एक्चुअल उम्र से कंपेयर किया और जानते हो
  85. 3:22इस स्टडी का रिजल्ट क्या आया कि राइट हैंड
  86. 3:24की लाइफ लाइन और मौत की उम्र के बीच
  87. 3:26इन्होंने देखा कि 0.55 का कोरिलेशन है।
  88. 3:29यानी स्टैटिस्टिकली दोनों में मजबूत संबंध
  89. 3:32दिखा। इन डॉक्टर्स ने लाइफ लाइन की लेंथ
  90. 3:34से किसी की भी उम्र निकालने का एक
  91. 3:36फार्मूला तक बना दिया जो कुछ ऐसा दिखता
  92. 3:38है। एज ऑफ़ डेथ इक्वल्स टू 115 * बाय द
  93. 3:42राइट हैंड्स करेक्टेड लाइफ लाइन रेश्यो -
  94. 3:45[संगीत] 27 करेक्टेड लाइफ लाइन रेश्यो
  95. 3:47मतलब हथेली छोटी है या बड़ी इस फैक्टर को
  96. 3:49रिमूव करके हथेली का जो साइज है उसके
  97. 3:52रेश्यो में आपके हाथ पे जो लाइन है ये
  98. 3:54लाइफ लाइन है इसकी लेंथ कितनी है? अब जब
  99. 3:56यह स्टडी पब्लिश हुई तो दुनिया भर के
  100. 3:58अखबारों और टीवी चैनल्स पर हेडलाइंस चलने
  101. 4:00लगी कि एक नई स्टडी ने साबित कर दिया है
  102. 4:02कि आपकी हथेली की लाइफलाइन सच में बताती
  103. 4:05है कि आप कितनी उम्र जिओगे। लेकिन इन सारी
  104. 4:08खबरों के बीच उस रिसर्च पेपर में एक लाइन
  105. 4:10भी लिखी थी जो इन सारे अखबारों ने और टीवी
  106. 4:12चैनलों ने नहीं दिखाई। एक ऐसी लाइन जो
  107. 4:14पूरी स्टडी का कंक्लूजन ही उल्टा कर देती
  108. 4:17थी। इसमें लिखा था कि उम्र बढ़ने के साथ
  109. 4:20झुर्रियां आती है, रिंकल्स आते हैं लोगों
  110. 4:22को और चेहरे पर तो रिंकल्स आते ही हैं
  111. 4:24लेकिन हाथों में भी जो रिंकल्स हैं वो
  112. 4:26बढ़ते हैं यानी हाथों की जो लाइनें हैं वो
  113. 4:28भी बढ़ती है। वो भी उम्र के साथ लंबी हो
  114. 4:31सकती है। तो उन्होंने लिखा कि जो लोग
  115. 4:32ज्यादा जिए हैं हो सकता है कि उनकी हथेली
  116. 4:35की लाइंस भी ज्यादा लंबी इसलिए हो क्योंकि
  117. 4:37उनकी उम्र ज्यादा थी। यानी लाइन ने जिंदगी
  118. 4:40नहीं बनाई। जिंदगी ने लाइन बनाई और शायद
  119. 4:42फ्यूचर के लिए भी यही बात सच हो कि वह
  120. 4:44कहीं पहले से लिखा हुआ नहीं है। वह रोज
  121. 4:46लिखा जा रहा है। आपकी छोटी-छोटी आदतों से
  122. 4:50लिखा जा रहा है। पैसे के मामले में तो यह
  123. 4:52बात सबसे ज्यादा सच है। अमीर बनने के लिए
  124. 4:54ज्यादा कमाना जरूरी नहीं है। जरूरी है कि
  125. 4:56जो कमाते हो उसका एक छोटा सा हिस्सा हर
  126. 4:59दिन बचाओ और उसे कंपाउंड होने दो। जरा सोच
  127. 5:01कर देखो। अगर रोज के फिजूल खर्चों की जगह
  128. 5:03सिर्फ 100 या ₹200 हर दिन एसआईपी में
  129. 5:06डालोगे और हर साल 10% से स्टेप अप करोगे
  130. 5:08तो वही ₹100 डेली की बचत 25 साल में ₹1
  131. 5:11करोड़ 30 लाख तक बन सकती है। कमाई नहीं
  132. 5:14बदलनी है बस आदत बदलनी है और यही आदत आसान
  133. 5:17बनाते हैं इस वीडियो के स्पॉन्सर बचत ऐप।
  134. 5:20सिर्फ ₹100 रोज से आपका पैसा यूपीआई ऑटो
  135. 5:23पे से ऑटोमेटिकली इन्वेस्ट होता है। SBI,
  136. 5:25ICICI और Axis के भरोसेमंद म्यूच्यूल
  137. 5:28फंड्स में। एफडी से बेहतर रिटर्न्स के
  138. 5:30साथ। बचत एप सेबी रजिस्टर्ड है। सेफ्टी की
  139. 5:32टेंशन नहीं और कोई लॉक इन भी नहीं। मतलब
  140. 5:34इमरजेंसी में पैसा इंस्टेंटली निकाला भी
  141. 5:37जा सकता है। तो देर मत करो डिस्क्रिप्शन
  142. 5:39में दिए गए लिंक से बचत एप डाउनलोड करो और
  143. 5:41आज ही अपनी पहली एसआईपी शुरू करो। और हां
  144. 5:44ये मत भूलना कि म्यूच्यूअल फंड्स में
  145. 5:45इन्वेस्ट करते वक्त मार्केट रिस्क्स होते
  146. 5:47हैं। इन्वेस्ट करते वक्त रिटर्न्स को तो
  147. 5:49देखना जरूर लेकिन रिस्क्स भी समझना। अब
  148. 5:51अपने टॉपिक पर वापस आए तो अगर हाथ की
  149. 5:54लकीरें हमारा फ्यूचर नहीं बताती तो पाम
  150. 5:56रीडर कैसे हाथ देखकर हमारा एक्यूरेटली
  151. 5:59फ्यूचर प्रिडिक्ट कर पाते हैं। यह समझने
  152. 6:01के लिए पहले एक केस देखना होगा। अमेरिका
  153. 6:04के एक छोटे से शहर में एक टीनएजर रे
  154. 6:06हाईमैन मैजिक शोज़ करके पैसे कमाता था।
  155. 6:09लेकिन फिर उसे लगा कि थोड़ा एक्स्ट्रा
  156. 6:10इनकम चाहिए। तो उसने हाथ देखना शुरू कर
  157. 6:13दिए। शुरुआत में उसे पास्ट्री पर जरा भी
  158. 6:15भरोसा नहीं था। लेकिन फिर कुछ ही सालों
  159. 6:17में रे हाईमैन सच में पा्मेस्ट्री का
  160. 6:19पक्का बिलीवर बन गया। क्योंकि उसके
  161. 6:21क्लाइंट्स बार-बार कहते थे कि उसने जो भी
  162. 6:24बताया वह सब सच निकला। फिर एक दिन एक
  163. 6:26प्रोफेशनल मेंटलिस्ट ने रे को एक
  164. 6:28एक्सपेरिमेंट सजेस्ट किया। उन्होंने कहा
  165. 6:30कि हथेली की जो लाइंस कहती हैं, ठीक उसका
  166. 6:33उल्टा बताओ अपने। एक एक्सपेरिमेंट के तौर
  167. 6:35पर करके देखो क्या होता है। तो रे ने अगले
  168. 6:37कुछ हफ्तों तक ठीक ऐसा ही किया। यानी अगर
  169. 6:39लाइफ लाइन लंबी उम्र बता रही थी तो उसने
  170. 6:41कम उम्र बताई। मनी लाइन पैसा बता रही थी
  171. 6:44तो उसने [संगीत] कहा कि जीवन में स्ट्रगल
  172. 6:46देखना पड़ेगा। अब हैरानी की बात यह निकली
  173. 6:48कि इन बिल्कुल ऑपोजिट प्रेडिक्शंस के
  174. 6:50बावजूद रे ने जो पाम रीडिंग्स करी थी वो
  175. 6:52पहले जितनी ही सक्सेसफुल साबित हुई। पहले
  176. 6:54की तरह ही लोग आकर उनसे कहते कि आपने जो
  177. 6:57कहा था सर बिल्कुल सच हो गई वो बात। आपकी
  178. 6:59प्रेडिक्शन एक बार फिर से सही निकली। वाह
  179. 7:01सर आप तो एक नंबर के फ्यूचर प्रेडिकशंस
  180. 7:03करते हो और यह सब देखकर रे हाईमैन शॉक रह
  181. 7:06गया। वो इतना हॉररिफाइड हुआ इस चीज से कि
  182. 7:08उसके बाद से उसने हाथ पढ़ना ही छोड़ दिया
  183. 7:11और आज वो साइकोलॉजी के एक रनाउंड प्रोफेसर
  184. 7:14हैं। अब सवाल फिर से वही आता है कि सेम
  185. 7:17लाइंस को लेकर एग्जैक्टली ऑपोजिट
  186. 7:19प्रेडिक्शंस करी और फिर भी वो सही साबित
  187. 7:21हुई। ऐसा कैसे हो सकता है? इसका जवाब छिपा
  188. 7:24है दोस्तों तीन चीजों में जिनमें से पहली
  189. 7:26चीज निकली 1948 में एक क्लासरूम में हुए
  190. 7:30एक्सपेरिमेंट से। साल 1948 में साइकोलॉजी
  191. 7:32के एक प्रोफेसर बेटराम फोरेर ने अपनी
  192. 7:35क्लास के 39 स्टूडेंट्स को उनका
  193. 7:37पर्सनालिटी एनालिसिस दिया। और जो एनालिसिस
  194. 7:39में कहा गया स्टूडेंट्स को अब वह मैं आपको
  195. 7:42भी बताना चाहूंगा। इनफैक्ट मैं आप लोगों
  196. 7:44का पर्सनालिटी एनालिसिस करना चाहूंगा। आप
  197. 7:46वो इंसान जो इस वीडियो को देख रहे हो मैं
  198. 7:49आपकी पर्सनालिटी प्रेडिक्ट करना चाहता
  199. 7:51हूं। रेडी हो आप? तो सुनो मेरी पहली
  200. 7:53प्रेडिक्शन। आप चाहते हो कि दूसरे लोग
  201. 7:55आपको पसंद करें लेकिन हमेशा ऐसा होता
  202. 7:57नहीं। आप कभी-कभी खुद की बहुत आलोचना करते
  203. 8:00हो। बहुत ज्यादा क्रिटिकली देखते हो अपने
  204. 8:02आपको [संगीत] कई बारी। दूसरी प्रेडिक्शन।
  205. 8:04आप कभी-कभी काफी इंट्रोवर्टेड फील करते हो
  206. 8:06कि अकेले में रहने का मूड कर रहा है आज
  207. 8:08मुझे। किसी से नहीं मिलना है। लेकिन
  208. 8:09कभी-कभी आप बिल्कुल एक्सट्रोवर्टेड बन
  209. 8:11जाते हो। लोगों के साथ घुलना मिलना आपको
  210. 8:13पसंद है। काफी सोशलबल आप हो। बाहर से आप
  211. 8:16काफी कंट्रोल्ड से दिखते हो लेकिन अंदर से
  212. 8:18कभी-कभी बड़े इनसिक्योर फील करते हो।
  213. 8:21तीसरी प्रेडिक्शन आप अपने आप को एक
  214. 8:23इंडिपेंडेंट [संगीत] थिंकर के तौर पर
  215. 8:24देखते हो। जो दूसरों की बातों में ए यकीन
  216. 8:27नहीं कर लेता। आप दूसरों की बात में तभी
  217. 8:28विश्वास करते हो जब उसका सफिशिएंट प्रूफ
  218. 8:31दिया जाए। [संगीत] है कि नहीं ये आपकी
  219. 8:32पर्सनालिटी? बताओ जरा मुझे नीचे कमेंट्स
  220. 8:34में लिखकर बताओ।
  221. 8:35चीटिंग करता है तो
  222. 8:37साल 1948 में प्रोफेसर बेटराम फोरेर ने भी
  223. 8:40अपने स्टूडेंट्स को यही प्रेडिक्शनंस दी
  224. 8:43थी कि उनकी पर्सनालिटी कुछ इस तरह की है।
  225. 8:45असल में ये सारी बातें एक एस्ट्रोलॉजी की
  226. 8:47किताब से उठाई गई थी। ये सारी की सारी
  227. 8:49स्टेटमेंट्स जो मैंने आपको भी बताई ये बड़ी
  228. 8:52वेग स्टेटमेंट्स थी। देयर इज़ अ ब्रेक इन
  229. 8:54योर लाइफ लाइन दिस इज़ लाइफ लाइन राइट
  230. 8:55हियर।
  231. 8:57फिजिकल प्रॉब्लम
  232. 9:05प्रॉब्लम्स
  233. 9:05यानी सुनने में ऐसा लगता है कि ये बड़ी
  234. 9:07स्पेसिफिकली सिर्फ आपके लिए कही गई लेकिन
  235. 9:09एक्चुअली में ये बड़ी ब्रॉड स्टेटमेंट्स
  236. 9:11हैं और ज्यादातर लोग अपने आप को खुद इन
  237. 9:14स्टेटमेंट्स में देखते हैं और यही चीज
  238. 9:16प्रोफेसर के स्टूडेंट्स के साथ हुई।
  239. 9:17स्टूडेंट्स ने ऑन एवरेज पांच में से 4.26
  240. 9:20की रेटिंग दी। यानी ज्यादातर स्टूडेंट्स
  241. 9:22का कहना था कि ये एनालिसिस लगभग परफेक्ट
  242. 9:25है और एग्जैक्टली उन्हीं की पर्सनालिटी को
  243. 9:27डिस्क्राइब करती है। सेम बातें 39 अलग-अलग
  244. 9:30स्टूडेंट्स को लग रही थी कि वो उनके लिए
  245. 9:32कही गई हो। साल 1956 में साइकोलॉजिस्ट पॉल
  246. 9:35मिल ने इस फिनोमिना को एक नाम दिया बारम
  247. 9:38इफेक्ट। बारम इफेक्ट का मतलब बड़ा सिंपल
  248. 9:41है। यह वो वेग और जनरलाइज सी बातें हैं जो
  249. 9:44किसी भी इंसान या कंडीशन के बारे में सच
  250. 9:46हो सकती हैं। लेकिन लोग अक्सर इन्हें अपनी
  251. 9:48यूनिक पर्सनालिटी या कंडीशंस का एक्यूरेट
  252. 9:51डिस्क्रिप्शन मान लेते हैं। ये सारे पाम
  253. 9:53रीडर्स और फॉर्च्यून टेलर्स एग्जैक्टली
  254. 9:55यही करते हैं। बड़ी जनरलाइज सी बातें
  255. 9:57बोलते हैं जो लोगों को लगता है कि उनके
  256. 9:59लिए बड़ी सच है। उदाहरण के तौर पर ये आपको
  257. 10:01कह सकते हैं कि आने वाले समय में आपकी
  258. 10:04जिंदगी में एक बड़ा बदलाव होने वाला है।
  259. 10:06अब हर किसी की जिंदगी में हर दिन चेंजेस
  260. 10:08तो होते ही रहते हैं। अगर आप स्कूल में हो
  261. 10:10तो हो सकता है आपका स्कूल खत्म होने वाला
  262. 10:12हो। बड़ा बदलाव। अगर आप कॉलेज में पढ़ रहे
  263. 10:14हो तो कुछ सालों बाद आपका कॉलेज खत्म हो
  264. 10:16जाएगा। बड़ा बदलाव या फिर हो सकता है अगर
  265. 10:18आप जॉब में काम कर रहे हो तो जॉब बदलने
  266. 10:20वाली हो। एक और बड़ा बदलाव और अगर यह सब
  267. 10:22भी ना हो तो घर में कुछ ना कुछ तो बदलता
  268. 10:25ही रहता है। शादी होना, बच्चे होना या
  269. 10:27रिलेशनशिप में कुछ बदलाव आना आप किसी भी
  270. 10:30चीज को बड़े बदलाव के तौर पर देख सकते हो।
  271. 10:32पर यह बात हर किसी के लिए हर समय सच
  272. 10:35रहेगी। इसी कारण से एक पाम रीडर को सही
  273. 10:37होने की जरूरत नहीं है। आपका दिमाग खुद ही
  274. 10:39प्रेडिक्शन को सही बना देता है। और ऐसी
  275. 10:41वेक स्टेटमेंट्स तो सिर्फ शुरुआत है। एक
  276. 10:43अच्छा पाम रीडर तो और भी ज्यादा स्पेसिफिक
  277. 10:46चीजें बता सकता है और उसके लिए वो
  278. 10:48इस्तेमाल करता है कोल्ड रीडिंग का। कोल्ड
  279. 10:50रीडिंग एक ऐसा प्रोसेस है जिसमें भविष्य
  280. 10:52बताने वाला क्लाइंट के बैकग्राउंड और
  281. 10:54प्रॉब्लम्स के बारे में कैलकुलेटेड गेसेस
  282. 10:57करता है। फिर जो बंदे का रिएक्शन आता है
  283. 10:59उसके हिसाब से आगे की चीजें बोलता है और
  284. 11:01सुनने वाले को लगता है कि वो सच में उसका
  285. 11:03फ्यूचर प्रेडिक्ट कर रहा है। रे हाईन ने
  286. 11:06अपने 1977 के एक ऐसे ही रिसर्च पेपर में
  287. 11:08कोल्ड रीडिंग करने की कुछ टेक्निक्स बताई
  288. 11:11थी। इसमें पहली चीज आती है पाम रीडर का
  289. 11:13खुद का बिहेवियर। जो बंदा यहां पर भविष्य
  290. 11:15प्रिडिक्ट कर रहा है उसका खुद का
  291. 11:17कॉन्फिडेंट दिखना बहुत जरूरी है और उसे
  292. 11:19चीजों को ड्रामेटाइज करना चाहिए। एक
  293. 11:20ड्रामेटिक तरीके से धीरे-धीरे बोलकर मूवी
  294. 11:23स्टाइल में चीजें बताई जाए।
  295. 11:25प्रश्नों से अधिक शंका है आपके मन में।
  296. 11:28जितना वो ड्रामेटिक तरीके से बात करेगा।
  297. 11:30जितना वो कॉन्फिडेंट तरीके से बात करेगा।
  298. 11:32इंप्रेशन यह जाएगा कि वो जितना कुछ बता
  299. 11:35रहा है उसे उससे ज्यादा पता है। दूसरी चीज
  300. 11:38होती है अच्छे से ऑब्जर्व करना। सामने
  301. 11:40वाला जो बंदा बैठा है उसके कपड़े कैसे
  302. 11:42हैं? कौन सी ज्वेलरी उसने पहनी है? उसका
  303. 11:45बोलचाल का तरीका क्या है? सिर्फ यही चीजें
  304. 11:47ढंग से ऑब्जर्व कर लोगे तो अब बहुत कुछ
  305. 11:49ऐसी चीजें बता पाओगे जो एक आम इंसान मिस
  306. 11:53आउट कर जाता है। एक अच्छा पाम रीडर इसी
  307. 11:55चीज से एक बेस तैयार करता है। और फिर आती
  308. 11:57है तीसरी टेक्निक फिशिंग। फिशिंग यानी वेक
  309. 12:00स्टेटमेंट्स को एक सवाल की तरह कहना।
  310. 12:02जिसके बाद आप खुद अपने बारे में कुछ चीजें
  311. 12:04बताने लगते हो और भविष्य बताने वाला
  312. 12:07उन्हीं चीजों को रिफ्रेश करके एक कहानी
  313. 12:09बुन देता है और आप ही को दोबारा बताता है।
  314. 12:12अक्सर आप बाद में खुद ही भूल जाते हो कि
  315. 12:14उस इंफॉर्मेशन को तो आपने ही दिया था। फॉर
  316. 12:16एग्जांपल वो आपसे कह सकता है कि कोई ना
  317. 12:19कोई तो है आपकी जिंदगी में जिसकी वजह से
  318. 12:22आपको स्ट्रेस फील हो रहा है। [संगीत] कोई
  319. 12:23आपके बड़ा करीब है। है ना? और इसके जवाब
  320. 12:27में आपका रिएक्शन क्या होगा?
  321. 12:28हां सर आपको कैसे पता लगा? एक्चुअली में
  322. 12:31मुझे स्ट्रेस फील हो रहा है एक बंदे से।
  323. 12:32वह एक्चुअली में ऑफिस का बंदा है जिसकी
  324. 12:34वजह से मुझे स्ट्रेस फील हो रहा है। उस वो
  325. 12:36मेरी जॉब में मेरे को हमेशा तंग करते रहता
  326. 12:38है। वाओ सर आप तो इतने अच्छे प्रेडिक्ट कर
  327. 12:40रहे हो अभी से।
  328. 12:41मैं तुम्हारी लकीर में यह भी देख पा रहा
  329. 12:43हूं कि पैसा पैसा शब्द मुझे दिख रहा है।
  330. 12:46पैसा शब्द आजकल तुम्हें ज्यादा परेशान कर
  331. 12:48रहा है। क्या ये करेक्ट है या नहीं?
  332. 12:50बिल्कुल सर एक्साक्टली उसी बंदे की वजह से
  333. 12:52तो यह प्रॉब्लम आ रही है पैसे की। इसी की
  334. 12:55वजह से मैं टेंशन में हूं कहीं मैं जॉब ना
  335. 12:56लूज कर दूं। क्या आप प्लीज प्रिडिक्ट करके
  336. 12:59बता सकते हो मैं मेरी जॉब का क्या होगा
  337. 13:01आगे? ऐसी ही एक और ट्रिक है जिसमें पाम
  338. 13:03रीडर खुद आपसे पूछता है कि किस लाइन से
  339. 13:05शुरू करना है और आप जो लाइन सेलेक्ट करते
  340. 13:08हो उससे तुरंत पता लग जाता है कि आपके
  341. 13:10दिमाग में सबसे बड़ी प्रॉब्लम किस कैटेगरी
  342. 13:12की है। अगर आपने बोला कि मनी लाइन से शुरू
  343. 13:14करते हैं तो उसे पता लग जाएगा कि आपकी
  344. 13:16लाइफ में पैसे को लेकर प्रॉब्लम चल रही
  345. 13:18है। इसी के साथ ही वो बीच-बीच में आपकी
  346. 13:21तारीफ भी करता रहता है। बस उसमें कुछ
  347. 13:23नेगेटिव बातें ऐड कर देता है ताकि सब
  348. 13:26ऑथेंटिक लगे। अब इंटरेस्टिंग बात यह है कि
  349. 13:28जितना आप बैक एंड फोर्थ बात करते रहोगे उस
  350. 13:30पाम रीडर से उतना ही उसको आपके बारे में
  351. 13:33पता लगेगा। आपके रिएक्शंस देखने को
  352. 13:35मिलेंगे अलग-अलग चीजों के बारे में और वो
  353. 13:37जो अपने गेसेस कर रहा है, कैलकुलेटेड
  354. 13:39गेसेस कर रहा है वो उतने ही एक्यूरेट होते
  355. 13:42चले जाएंगे। हार्व यूनिवर्सिटी में इस पर
  356. 13:44एक एक्सपेरिमेंट भी हुआ था जिसमें सामने
  357. 13:46आया कि सबसे असरदार रीडिंग वो होती है
  358. 13:49जिसमें क्लाइंट को लेकर लगभग 75% पॉजिटिव
  359. 13:52और 25% नेगेटिव बातें हो। और यह नेगेटिव
  360. 13:55बातें ही इनफैक्ट रीडिंग को सक्सेसफुल
  361. 13:57बनाती हैं। इसी कारण हर पाम रीडर आपको
  362. 14:00एक-दो कमियां जरूर बताता है। फिर आता है
  363. 14:03सबसे बड़ा गोल्डन रूल। पाम रीडर वही बताता
  364. 14:06है जो आप सुनना चाहते हो। आपकी टेंशन,
  365. 14:09आपकी प्रॉब्लम्स और इन सबको समझकर। वो मोर
  366. 14:11और लेस वही चीजें बताएगा जिनको देखकर आप
  367. 14:14संतुष्ट फील करो ताकि आप उसके बाद वापस
  368. 14:17आना चाहो। यही सारी ट्रिक्स का इस्तेमाल
  369. 14:19करके दोस्तों कोई भी पाम रीडर कोई भी
  370. 14:22भविष्यवाणी करने वाला आपको भरोसा दिला
  371. 14:24सकता है कि वो हथेलियों की लाइन से आपका
  372. 14:27फ्यूचर पड़ रहा है। लेकिन एक्चुअली में
  373. 14:29ऐसा बिल्कुल भी नहीं होता। और यहां पर
  374. 14:32कन्फर्मेशन बायस भी एक बड़ा रोल प्ले करता
  375. 14:34है। यानी हर चीज को इस तरीके से इंटरप्रेट
  376. 14:36करना कि जो हमारा पहले से ओपिनियन है हम
  377. 14:39सिर्फ उसी से सहमत होने वाली बात को चुने।
  378. 14:41उसे रीइंफोर्स करने वाली बातों को सुने और
  379. 14:44उसके खिलाफ जाने वाली चीजों को हम इग्नोर
  380. 14:47कर दें। एक फॉर्च्यून टेलर बहुत सारी
  381. 14:49प्रेडिकशंस करता है। अब जो प्रेडिक्शन सही
  382. 14:51साबित हो जाती हैं वो तो हमें याद रहती है
  383. 14:54लेकिन जो नहीं होती हम उन्हें भूल जाते
  384. 14:56हैं और सालों बाद हमें लगता है कि अरे यार
  385. 14:59उस व्यक्ति ने तो सच में यह प्रेडिक्ट
  386. 15:01किया था और अब यह चीज खो गई है। यानी वो
  387. 15:03तो सही है। अब यहां पर एक सवाल आपके मन
  388. 15:05में उठेगा कि अगर यह सब कुछ सिर्फ कोल्ड
  389. 15:07रीडिंग जैसी ट्रिक से ही हो रहा है तो वो
  390. 15:10जो वार्नर बंदा था उसने दो लोगों की मौत
  391. 15:12का साल एग्जैक्टली कैसे प्रेडिक्ट कर दिया
  392. 15:15था। ऐसा करना तो सिर्फ कोल्ड रीडिंग या
  393. 15:17बार्नम इफेक्ट या किसी भी छोटी-मोटी ट्रिक
  394. 15:19से पॉसिबल नहीं है। अगर आप ऐसा सोच रहे हो
  395. 15:21तो यह बात सच है दोस्तों। ऐसा पॉसिबल नहीं
  396. 15:23है। उसके पीछे असल में एक और कारण था।
  397. 15:26कारण यह है कि वार्नर भाई साहब ने यह
  398. 15:28दोनों कहानियां खुद बताई थी और वो भी
  399. 15:31एक्चुअल इवेंट्स के सालों बाद। ऑस्कर
  400. 15:33वाइल्ड वाली कहानी 1912 में छपी किताब में
  401. 15:36बताई गई थी। जबकि उनका अरेस्ट 1895 में
  402. 15:39हुआ था। 17 सालों बाद वो कहानी बताई गई।
  403. 15:42पर किचनर वाली कहानी 1932 में बताई गई।
  404. 15:44किचनर की मौत के 16 साल बाद। यानी कि हम
  405. 15:47सिर्फ इस बंदे की बातों पर यकीन कर रहे थे
  406. 15:49कि इसने कहा कि प्रेडिक्शन करी थी इसने।
  407. 15:52लेकिन हमारे पास उसका कोई सबूत नहीं है।
  408. 15:54अरे बाप रे ये तो धोती खोल रहा है।
  409. 15:57और जब एक्चुअली में वार्नर ने सच में
  410. 15:58फ्यूचर इवेंट्स प्रेडिक्ट करने की कोशिश
  411. 16:00करी तब जानते हो क्या हुआ। 1931 में
  412. 16:03उन्होंने प्रेडिक्ट किया था कि अगले 50
  413. 16:04सालों में न्यूयॉर्क का एक बड़ा हिस्सा
  414. 16:06तबाह हो जाएगा। नॉर्थ अटलांटिक में जमीन
  415. 16:09की एक नई पट्टी उभरेगी और नॉर्दर्न यूरोप
  416. 16:12में ग्लेशियल एज लौट आएगी जिससे ब्रिटेन,
  417. 16:15डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी जैसे देश रहने
  418. 16:17लायक नहीं रहेंगे। इन प्रेडिक्शंस को किए
  419. 16:20गए लगभग 100 साल हो चुके हैं। लेकिन इनमें
  420. 16:23से एक भी चीज सच नहीं हुई। न्यूयॉर्क अभी
  421. 16:25भी वहीं का वहीं है और ब्रिटेन, फ्रांस और
  422. 16:27जर्मनी में लोग अभी भी रहते हैं।
  423. 16:30वाह, क्या सीन है। वाह क्या सीन है।
  424. 16:33अब कैसा लगेगा दोस्तों अगर मैं आपसे कहूं
  425. 16:35कि हाथों की लाइंस एक्चुअली में पूरी
  426. 16:37तरीके से बकवास नहीं है। इनसे कुछ चीजें
  427. 16:40हैं जो एक्चुअली में बताई जा सकती हैं।
  428. 16:42इसके लिए थोड़ा बायोलॉजी में जाना होगा।
  429. 16:44ज्यादातर लोग सोचते हैं कि हमारे हाथों के
  430. 16:46मुड़ने से ये लाइंस आती हैं। क्योंकि जहां
  431. 16:48पर आप एग्जैक्टली मोड़ रहे हो हाथ वहीं पर
  432. 16:50ये लाइंस बननी शुरू होती हैं। लेकिन सच
  433. 16:52बात यह है कि ये लाइंस तभी बन जाती हैं जब
  434. 16:54बच्चा मां के पेट में होता है। प्रेगनेंसी
  435. 16:57के एट्थ से 13थ वीक में और एवोल्यूशन के
  436. 17:00पर्सपेक्टिव से देखा जाए तो इन लाइंस का
  437. 17:02काम होता है हाथ की स्किन को स्ट्रेच और
  438. 17:04स्क्वीज़ करने में मदद करना ताकि मुट्ठी
  439. 17:06अच्छे से बंद हो सके। अगर ये लाइंस नहीं
  440. 17:08होती तो स्किन एक गुच्छा बनाकर हाथ के बीच
  441. 17:11में इकट्ठी हो जाती है और किसी भी चीज को
  442. 17:14पकड़ना मुश्किल हो जाता।
  443. 17:16अब ये लाइंस भले ही हमारा फ्यूचर ना बताती
  444. 17:19हो लेकिन एक केस ऐसा है जहां ये सच में
  445. 17:21कुछ बताती हैं। ज्यादातर लोगों की हथेली
  446. 17:23पर ये तीन बड़ी लाइनें होती है। लेकिन कुछ
  447. 17:26लोगों में सिर्फ एक ही लाइन होती है। अगर
  448. 17:28कोई बच्चा सिर्फ एक लाइन के साथ पैदा होता
  449. 17:30है तो यह डाउन सिंड्रोम होने का इंडिकेशन
  450. 17:34हो सकता है। एक ऐसी कंडीशन जिसमें इंसान
  451. 17:36में क्रोमोजोम 21 की एक एक्स्ट्रा कॉपी
  452. 17:39होती है जो उसके मेंटल और फिजिकल
  453. 17:41डेवलपमेंट को अफेक्ट करती है। और इसी तरह
  454. 17:43कुछ और जेनेटिक डिजीजसेस भी हैं जो
  455. 17:45हथेलियों की लाइनों से आइडेंटिफाई किए जा
  456. 17:48सकते हैं। लेकिन नोट करने वाली बात यह है
  457. 17:50कि यहां पर भी एक सिंगल लाइन सिर्फ
  458. 17:52इंडिकेशन दे सकती है। कोई फॉर श्योर नहीं
  459. 17:55बता सकती कि बच्चे को सही में यह जेनेटिक
  460. 17:57डिजीज है या नहीं। इनफैक्ट ज्यादातर केसेस
  461. 17:59में इसका कोई मतलब नहीं होता। यह सिर्फ एक
  462. 18:02इंडिकेटर है और डॉक्टर्स इसे नोट करते हैं
  463. 18:04ताकि खतरे को आइडेंटिफाई किया जा सके। तो
  464. 18:07कुल मिलाकर बात यह है कि इस थोड़ी बहुत
  465. 18:09बायोलॉजी के अलावा पा्मिस्ट्री पूरी तरीके
  466. 18:11से एक फ्रॉड चीज है। रे हाईनैन ने हथेली
  467. 18:15की लकीरों को लेकर ऑपोजिट प्रेडिक्शंस किए
  468. 18:18और दोनों बार वो सही निकले। इसलिए नहीं
  469. 18:20क्योंकि वो लकीरें झूठ बोल रही थी बल्कि
  470. 18:22इसलिए कि लकीरें कभी बोल ही नहीं रही थी।
  471. 18:25एक पाम रीडर आपके बारे में एक्यूरेट चीजें
  472. 18:27इसलिए नहीं बता पाता क्योंकि वो आपका हाथ
  473. 18:29पड़ रहा होता है। बल्कि वो इसलिए बता पाता
  474. 18:31है क्योंकि वो आपको पढ़ रहा होता है और आप
  475. 18:34उसे खुद लीड कर रहे होते हो। और फिर आता
  476. 18:36है हमारा दिमाग जो प्रेडिक्शन सही साबित
  477. 18:38होती हैं उन्हें हम याद रखते हैं और जो
  478. 18:40नहीं होती उन्हें भूल [संगीत] जाते हैं और
  479. 18:42इसी कॉकटेल से यह बिलीफ पैदा होती है कि
  480. 18:46सच में हाथ की लकीरें पढ़कर फ्यूचर पता
  481. 18:48किया जा सकता है। इन लाइनों को लेकर
  482. 18:50फिंगरप्रिंटिंग के फादर फ्रांसिस गैल्टन
  483. 18:53ने कहा था दीज़ लाइंस आर नो मोर
  484. 18:55सिग्निफिकेंट देन द क्रीजेस इन ओल्ड
  485. 18:57क्लोथ्स। इन हाथों की लकीरों के उतने ही
  486. 18:59मायने हैं जितने आपके कपड़ों में पड़ रही
  487. 19:02सिलवटों के हैं। और वो 1990 वाली रिसर्च
  488. 19:05याद है जहां पर लाइफ लाइन का फार्मूला तक
  489. 19:07बना दिया गया था। उस स्टडी के लीड ऑथर
  490. 19:09डॉक्टर पीजी न्यूरिक ने कहा था कि स्टडी
  491. 19:12के पहले वो पामिस्ट्री में विश्वास नहीं
  492. 19:13करते थे। लेकिन स्टडी के बाद भी वो इसमें
  493. 19:16विश्वास नहीं करते हैं। याद रखना आप अपना
  494. 19:19फ्यूचर खुद बनाते हो। आप अपनी तकदीर
  495. 19:22[संगीत] खुद लिखते हो। कोई आपको नहीं बता
  496. 19:24सकता कि आप फ्यूचर में क्या करोगे क्योंकि
  497. 19:27यह आप पर निर्भर है। आप खुद डिसाइड कर
  498. 19:29सकते हो आपका फ्यूचर क्या होगा। आप खुद
  499. 19:31अपना भविष्य तय करते हो।
  500. 19:35बचत ऐप को चेक आउट करना मत भूलना। लिंक
  501. 19:37नीचे डिस्क्रिप्शन में मिल जाएगा। अब यहां
  502. 19:39पर अगर आप सोच रहे हो एस्ट्रोलॉजी में
  503. 19:41कितनी सच्चाई है तो उसकी बात मैंने इस
  504. 19:43वाले वीडियो में करी है। यहां क्लिक करके
  505. 19:45जान सकते हो। बहुत-बहुत धन्यवाद।
  506. 19:50[संगीत]

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