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How ₹5,000 Turned Into ₹45,000 Crores 😱 | Big Bull Rakesh Jhunjhunwala Story — Transcript

by AB FinDoc · 2,510 words · 313 segments · language en · Watch on YouTube

Full transcript

  1. 0:00साल 2002 मुंबई की एक भरी दोपहर दलाल
  2. 0:03स्ट्रीट पर सन्नाटा था लेकिन राकेश जी के
  3. 0:06ऑफिस में फोन की घंटी ने उस शांति को तोड़
  4. 0:09दिया। दूसरी तरफ एक ब्रोकर था जिसकी आवाज
  5. 0:12में घबराहट [संगीत] साफ सुनाई दे रही थी।
  6. 0:14राकेश भाई मॉ्गन स्टैनली पैनिकिक में है।
  7. 0:17वो टाइटन के ₹90 लाख शेयर्स का ब्लॉक
  8. 0:20बेचने [संगीत] वाले हैं। अगर आप सिर्फ 5
  9. 0:22लाख शेयर उठा लें तो मैं आपको मार्केट रेट
  10. 0:24से नीचे सिर्फ ₹32 में दिला दूंगा। उस
  11. 0:27वक्त पूरा बाजार टाइटन से दूर भाग रहा था।
  12. 0:30कंपनी घाटे में थी, मैनेजमेंट पर सवाल थे।
  13. 0:33लेकिन राकेश झुनझुनवाला जी ने सिगार का एक
  14. 0:36लंबा कश खींचा और बिना पलक झपकाए बोले
  15. 0:39सौदा पक्का करो पूरा माल उठा लो। यह सिर्फ
  16. 0:42एक ट्रेडिंग कॉल नहीं थी। यह उस साम्राज्य
  17. 0:44की नींव थी जिसे आज हम ₹45,000 करोड़ का
  18. 0:48पोर्टफोलियो कहते हैं। 1992 में हर्षद
  19. 0:51मेहता ने जिस बिग [संगीत] बुल के ताज को
  20. 0:53छुआ था उस ताज को अगले 30 सालों तक अपनी
  21. 0:56मुट्ठी में रखने वाला यह इकलौता शख्स था।
  22. 0:59एक ऐसा इंसान जिसने तब भारत पर दांव लगाया
  23. 1:02जब [संगीत] दुनिया भारत को गरीब समझती थी।
  24. 1:05आज हम ₹5000 से ₹45,000 करोड़ के [संगीत]
  25. 1:09उस सफर की रगरग को समझेंगे जिसने राकेश
  26. 1:12झुंझुनवाला जी को भारत का वारेन बफेट बना
  27. 1:15दिया। चलिए शुरू करते हैं द बिग बुल राकेश
  28. 1:19झुंझुनुनवाला की यह अनसुनी दास्तान। राकेश
  29. 1:22जी का जन्म 5 जुलाई 1960 को हैदराबाद में
  30. 1:25हुआ। उनका परिवार राजस्थान के झुंझुनू से
  31. 1:27था और इसी जुड़ाव की वजह से उनके नाम के
  32. 1:30पीछे झुंझुनवाला लगा। उनके पिता राधेश्याम
  33. 1:33झुनझुनवाला जी इनकम टैक्स ऑफिसर थे। अक्सर
  34. 1:37शाम को घर पर उनके दोस्त आते और चर्चा
  35. 1:39होती स्टॉक मार्केट की। 15 साल के राकेश
  36. 1:42जी रोज छुपकर यह सब बातें सुनते थे। एक
  37. 1:45दिन उन्होंने पिता से पूछा, पापा, यह
  38. 1:47शेयर्स के भाव रोज क्यों ऊपर नीचे होते
  39. 1:49हैं? पिता ने जवाब दिया, बेटा, अखबार
  40. 1:52पढ़ो। खबर और शेयर की कीमत का रिश्ता
  41. 1:55समझो। तुम्हें धीरे-धीरे सब समझ आएगा। यही
  42. 1:58वह पल था जब राकेश जी के दिमाग में पहली
  43. 2:01बार स्टॉक मार्केट का बीज बोया गया। लेकिन
  44. 2:03पिता ने एक शर्त रखी पहले पढ़ाई पूरी करो।
  45. 2:06राकेश जी ने सिडनम कॉलेज से बीकॉम किया और
  46. 2:091985 में चार्टर्ड अकाउंटेंट बन गए। पिता
  47. 2:13चाहते थे कि बेटा एक स्थिर नौकरी करें।
  48. 2:15लेकिन राकेश जी का दिल तो दलाल स्ट्रीट
  49. 2:18में धड़कता था। जब उन्होंने पिता से
  50. 2:20मार्केट में उतरने की इच्छा जाहिर की और
  51. 2:22कुछ पैसे मांगे तो पिता ने साफ मना कर
  52. 2:24दिया। मुझसे पैसे मत मांगना और किसी दोस्त
  53. 2:27से भी उधार मत लेना। राकेश जी ने अपनी जेब
  54. 2:30टटोली तो उनके पास अपनी सेविंग्स के सिर्फ
  55. 2:32₹5,000 थे। पर उन पर मार्केट में उतरने का
  56. 2:36एक बहुत बड़ा जुनून सवार था। साल 1985
  57. 2:39सिर्फ ₹5,000 लेकर उन्होंने स्टॉक मार्केट
  58. 2:42में कदम रखा। उस वक्त सेंसेक्स सिर्फ 150
  59. 2:45के आसपास था। उन्होंने शुरुआत में कुछ
  60. 2:47छोटे-छोटे ट्रेड लिए जिससे वह बाजार की
  61. 2:50चाल को समझने लगे। इसी दौरान उनके बड़े
  62. 2:53भाई जो खुद एक सीए थे, वह राकेश जी के पास
  63. 2:56एक अमीर [संगीत] महिला को लेकर आए। वह
  64. 2:58महिला अपने पैसे सही जगह इन्वेस्ट करना
  65. 3:01चाहती थी। उस दौर में बैंक्स एफडी पर 12
  66. 3:03से 13% का ब्याज देते थे। लेकिन राकेश जी
  67. 3:06ने उस महिला को 18% ब्याज देने का वादा
  68. 3:09किया और उनसे ₹.5 लाख की इन्वेस्टमेंट ले
  69. 3:12ली। इसके बाद कुछ और क्लाइंट्स के जरिए
  70. 3:14उन्होंने कुल ₹1 लाख का फंड जमा किया और
  71. 3:17फिर आया साल 1986। राकेश जी ने अपना पहला
  72. 3:21बड़ा दांव खेला Tata T के शेयर पर।
  73. 3:24उन्होंने ₹43 के भाव पर 5000 शेयर खरीदे।
  74. 3:28सिर्फ 3 महीने के अंदर Tata T का भाव ₹143
  75. 3:32तक पहुंच गया। मुनाफा सीधा ₹5 लाख। यह
  76. 3:35उनकी पहली बड़ी जीत थी, लेकिन असली पिक्चर
  77. 3:38तो अभी बाकी थी। साल 1989 में भारत की
  78. 3:41माइनिंग कंपनी सेसा गोवा जिसे आज हम वेदता
  79. 3:44के नाम से जानते हैं उसे ग्लोबल क्राइसिस
  80. 3:47की वजह से [संगीत] भारी नुकसान हो रहा था।
  81. 3:49शेयर का दाम गिरकर सिर्फ ₹28 रह गया था।
  82. 3:53राकेश जी ने अपनी अब तक की सारी जमा पूंजी
  83. 3:56और कुछ पैसा उधार लेकर पूरे ₹1 करोड़
  84. 3:59इकट्ठा किए और यह पूरी रकम उन्होंने सेसा
  85. 4:02गोवा के शेयर्स पर दांव पर लगा दी। जरा
  86. 4:04सोचिए उस दौर में एक मिडिल क्लास लड़के के
  87. 4:07लिए ₹1 करोड़ कितनी बड़ी रकम थी। लेकिन
  88. 4:10राकेश जी को अपनी रिसर्च पर पूरा भरोसा
  89. 4:13था। यह उनके जीवन का सबसे बड़ा और खतरनाक
  90. 4:16रिस्क था। लेकिन किस्मत ने उनका साथ दिया।
  91. 4:19देखते ही देखते कुछ ही सालों में यह शेयर
  92. 4:22रॉकेट बना और ₹2200 के स्तर तक पहुंच गया।
  93. 4:26सेसा गोवा के शेयर्स ने राकेश जी को
  94. 4:28करोड़पति बना दिया। जिस लड़के की जेब में
  95. 4:31कभी सिर्फ ₹5000 थे, उसने उस साल पहली बार
  96. 4:35₹20 लाख का इनकम टैक्स भरा। [संगीत] इसी
  97. 4:38दौर के बीच राकेश जी की जिंदगी का एक बहुत
  98. 4:40ही भावुक और मशहूर किस्सा जुड़ा है। साल
  99. 4:431987 में उनकी शादी रेखा जी से हुई। रेखा
  100. 4:46जी एक अमीर परिवार से थी। जहां एसी और कार
  101. 4:49जैसी सारी सुख सुविधाएं थी। लेकिन शादी के
  102. 4:52बाद राकेश जी के घर में उस वक्त एसी नहीं
  103. 4:55था। रेखा जी अक्सर एसी की मांग करती थी।
  104. 4:58पर राकेश जी उस वक्त बाजार में पैसा लगा
  105. 5:00रहे थे और अपनी पूंजी बढ़ा रहे थे। फिर
  106. 5:03आया साल 1990 तब वीपी सिंह [संगीत] जी की
  107. 5:06सरकार थी। दिल्ली की गलियारों में हलचल थी
  108. 5:08क्योंकि वित्त मंत्री मधु दंडवते जी बजट
  109. 5:11पेश करने वाले थे। बाजार डरा हुआ था। सबको
  110. 5:14लगा बजट बिजनेस विरोधी होगा। लेकिन राकेश
  111. 5:17जी का मानना था कि वीपी सिंह की सरकार ऐसा
  112. 5:20नहीं करेगी। राकेश जी ने अपनी पूरी ताकत
  113. 5:23लगाकर उस दिन ट्रेडिंग की और चमत्कार हुआ।
  114. 5:26उस एक रात में उनकी नेटवर्थ ₹3 करोड़ से
  115. 5:29बढ़कर ₹20 करोड़ हो गई। अगली सुबह
  116. 5:32उन्होंने रेखा जी को एक शानदार एसी गिफ्ट
  117. 5:34किया और एक बड़ी बात कही। शौक हमेशा
  118. 5:37इन्वेस्टमेंट के प्रॉफिट से पूरे करने
  119. 5:39चाहिए अपनी मूल पूंजी से नहीं। अब सवाल यह
  120. 5:42उठता है कि आखिर राकेश जी को इतना बड़ा
  121. 5:45दांव खेलने का हौसला कहां से मिला? दरअसल
  122. 5:48दलाल स्ट्रीट में उनकी मुलाकात दो ऐसे
  123. 5:50दिग्गजों से हुई जिन्होंने उनकी सोच बदल
  124. 5:52दी। पहले थे राधाकिशन दमानी जी जो आज
  125. 5:55डीमार्ट के मालिक हैं। राकेश जी उन्हें
  126. 5:58अपना गुरु और बड़ा भाई मानते थे और दूसरे
  127. 6:01थे मनु मनेक जिन्हें बाजार में ब्लैक
  128. 6:04कोबरा कहा जाता था। [संगीत] मनु मनेक एक
  129. 6:06मशहूर बियर यानी शॉर्ट सेलर थे जो मार्केट
  130. 6:09गिरने पर पैसा कमाते थे। राकेश जी भी कुछ
  131. 6:12समय के लिए मनु मनेक के ग्रुप में शामिल
  132. 6:14हुए। लेकिन 1991 में जब हर्षद मेहता ने
  133. 6:17अपना बुल रन शुरू किया तो मार्केट को इतनी
  134. 6:20ऊंचाई पर पहुंचा दिया कि बियर कार्टेल को
  135. 6:22भारी नुकसान हुआ। राकेश जी और दमानी जी को
  136. 6:25भी उस वक्त काफी लॉस झेलना पड़ा। लेकिन
  137. 6:28जैसे ही साल 1992 में हर्षद मेहता का
  138. 6:32स्कैम दुनिया के सामने आया, पूरा मार्केट
  139. 6:34ताश के पत्तों की तरह ढह गया। जहां दुनिया
  140. 6:37रो रही थी, वहां राकेश जी ने इस गिरावट का
  141. 6:40फायदा उठाया और जमकर शॉर्ट सेलिंग की। उस
  142. 6:43वक्त उन्होंने करीब 30 से 35 करोड़ कमाए
  143. 6:46लेकिन यहीं से उनकी सोच बदल गई। उन्हें
  144. 6:48समझ आ गया कि शॉर्ट [संगीत] सेलिंग थोड़े
  145. 6:51समय का खेल है। भारत का असली भविष्य तो
  146. 6:54लॉन्ग टर्म इन्वेस्टिंग [संगीत] में छुपा
  147. 6:55है। साल 1992 हर्षद मेहता स्कैम की
  148. 6:59उथल-पुथल और मनु मनेक के बीियर कार्टिल से
  149. 7:01अलग होने के बाद राकेश जी ने अपनी एक नई
  150. 7:04पहचान बनाने [संगीत] का फैसला किया।
  151. 7:06उन्होंने अपनी खुद की एसेट मैनेजमेंट
  152. 7:08कंपनी की नींव रखी जिसे नाम दिया गया रेयर
  153. 7:11एंटप्राइजेस। [संगीत] इस नाम के पीछे एक
  154. 7:13बहुत ही प्यारा और निजी राज छुपा था। रेयर
  155. 7:16शब्द दरअसल राकेश जी और उनकी धर्मपत्नी
  156. 7:19रेखा जी के नामों पर रखा गया था। आर का
  157. 7:22मतलब था रेखा और आर ए का मतलब था राकेश।
  158. 7:26यह कंपनी सिर्फ एक कागजी फर्म नहीं थी
  159. 7:28बल्कि राकेश जी के साम्राज्य [संगीत] का
  160. 7:30वह नर्व सेंटर था। जहां से वे भारतीय
  161. 7:32कंपनियों की तकदीर और अपनी किस्मत का
  162. 7:35फैसला करते थे। [संगीत] यह वह दौर था जहां
  163. 7:37से राकेश जी ने एक शॉर्ट टर्म ट्रेडर की
  164. 7:39छवि को पीछे छोड़कर एक मैच्योर लॉन्ग टर्म
  165. 7:43[संगीत] इन्वेस्टर बनने की तरफ अपने कदम
  166. 7:45बढ़ाए। साल 1994 में अमेरिकी दिग्गज कंपनी
  167. 7:48[संगीत] मॉ्गन स्टैनली ने भारत का पहला
  168. 7:51विदेशी म्यूच्यूल फंड ल्च किया। लोगों को
  169. 7:54लगा कि अब विदेशी कंपनियां ही हमारे बाजार
  170. 7:56को चलाएंगी। लेकिन तभी मंदी आई और मॉ्गन
  171. 7:59स्टैनली भारत से अपना पैसा निकालने
  172. 8:01[संगीत] लगा। यही वो मौका था जब राकेश जी
  173. 8:04ने दुनिया को अपना लोहा मनवाया। उन्होंने
  174. 8:06[संगीत] बड़े गर्व से कहा था विदेशी क्या
  175. 8:09जानते हैं भारत एक सोता हुआ शेर है जो अब
  176. 8:12जाग चुका है। जब सब डर के मारे बेच रहे थे
  177. 8:15राकेश जी ने जमकर खरीदारी की और साबित
  178. 8:18किया कि एक हिंदुस्तानी इन्वेस्टर को अपने
  179. 8:21देश पर सबसे ज्यादा भरोसा है। अब बात करते
  180. 8:24हैं उस फोन कॉल के सौदे की [संगीत] जिसका
  181. 8:26जिक्र हमने शुरुआत में किया था। साल 2002
  182. 8:30टाइटन का वो ₹32 वाला सौदा [संगीत] उस
  183. 8:32वक्त यह एक सुसाइड मिशन जैसा लग रहा था
  184. 8:34क्योंकि tाइटन कंपनी उस समय घाटे [संगीत]
  185. 8:37में चल रही थी। दरअसल मॉ्गन स्टैनली जैसा
  186. 8:40दिग्गज इन्वेस्टर टाइटन से अपना पल्ला
  187. 8:42झाड़ना [संगीत] चाहता था। उन्हें लगता था
  188. 8:44कि कंपनी का ज्वेलरी बिजनेस यानी तनिष्क
  189. 8:47कभी मुनाफा नहीं कमा पाएगा। घड़ी का
  190. 8:49कारोबार भी सुस्त पड़ चुका था और मॉ्गन
  191. 8:52स्टैनली को डर था कि कहीं उनका सारा पैसा
  192. 8:54डूब ना जाए। इसीलिए वे अपनी पूरी होल्डिंग
  193. 8:58बेचकर बाजार से भागना चाहते थे। लेकिन
  194. 9:01राकेश जी ने सिर्फ चार्ट्स नहीं देखे।
  195. 9:03उन्होंने टाइटन के एमडी भास्कर भट्ट जी से
  196. 9:05मुलाकात की और कंपनी की असली ताकत समझी।
  197. 9:09उन्होंने टाटा ब्रांड की ट्रस्ट वैल्यू और
  198. 9:11भारत के मिडिल क्लास के बढ़ते शौक को
  199. 9:14पहचाना। [संगीत] उन्हें पूरा यकीन था कि
  200. 9:16जो तनिष्क आज घाटे में है वही कल भारत की
  201. 9:19सबसे बड़ी ज्वेलरी चेन [संगीत] बनेगा।
  202. 9:22राकेश जी ने Titan के 5 लाख शेयर लिए और
  203. 9:25उसके बाद भी नहीं रुके। वह लगातार खरीदारी
  204. 9:28करते गए [संगीत] और एक वक्त ऐसा आया जब
  205. 9:30उनके पास Titan के 6 करोड़ शेयर थे। अब
  206. 9:34यहां वह गु्थी सुलझाते हैं जो बहुत से
  207. 9:36लोगों को कंफ्यूज करती है।
  208. 9:38[संगीत]
  209. 9:38लोग कहते हैं कि उन्होंने Titan ₹3 में
  210. 9:40खरीदा जबकि हकीकत में उनकी खरीद 32 से ₹35
  211. 9:44की थी। दरअसल साल 2011 में जब शेयर
  212. 9:48स्प्लिट हुआ तो उनका एक शेयर 10 हिस्सों
  213. 9:50में बांट गया [संगीत] जिससे उनकी ₹30 वाली
  214. 9:53खरीद कागजों पर सिर्फ ₹3 रह गई। यह है
  215. 9:56कंपाउंडिंग का असली जादू। उन्होंने 20 साल
  216. 9:59तक उन शेयर्स को अपनी तिजोरी में दबाए
  217. 10:02रखा। आज उनकी फैमिली के पास Titan के 5%
  218. 10:05से भी ज्यादा शेयर्स हैं। जिनकी कीमत
  219. 10:08हजारों करोड़ में है। राकेश जी अक्सर कहते
  220. 10:11थे बाजार में पैसा दिमाग से नहीं बल्कि
  221. 10:14दिल और जिगर से बनता है। बाजार का असली
  222. 10:17खिलाड़ी वो है जो किसी भी बड़े से बड़े
  223. 10:19तूफान [संगीत] में भी अपनी रिसर्च पर डटे
  224. 10:22रहे। लेकिन दोस्तों जैसा कि कहा जाता है
  225. 10:25हर सिक्के के दो पहलू होते हैं। राकेश जी
  226. 10:28कोई भगवान नहीं [संगीत] थे कि उनके छूते
  227. 10:30ही हर चीज सोना बन जाए। उन्होंने भी
  228. 10:32जिंदगी में बड़े घाटे सहे हैं। साल 2019
  229. 10:35में डीएचएफएल में उन्हें करीब ₹178 करोड़
  230. 10:39से ₹221 करोड़ तक का भारी नुकसान [संगीत]
  231. 10:42हुआ। जब वह कंपनी घोटाले और कर्ज के संकट
  232. 10:45में फंस गई। सिर्फ यही नहीं बॉलीवुड
  233. 10:47[संगीत] के दबंग सलमान खान की कंपनी
  234. 10:49मंडाना रिटेल जिसे आज हम बीइंग ह्यूमन के
  235. 10:52नाम से जानते हैं। उसमें भी राकेश जी को
  236. 10:54भारी लॉस उठाना पड़ा। उनके कुछ और निवेश
  237. 10:57जैसे डीबी रियलिटी और कई छोटी कंपनियों ने
  238. 11:00भी उन्हें निराश किया। लेकिन उनकी खूबी
  239. 11:02यही थी कि वह अपनी गलती तुरंत मानते
  240. 11:04[संगीत] थे और उसे सीख कर आगे बढ़ जाते
  241. 11:06थे। इन घाटों के बावजूद राकेश जी का
  242. 11:09पोर्टफोलियो हमेशा चर्चा में रहता था। वे
  243. 11:12केवल टाइटन के भरोसे नहीं बैठे थे।
  244. 11:14उन्होंने बाजार के हर सेक्टर में अपनी
  245. 11:16पार्क ही नजर दौड़ाई थी। क्रिसिल,
  246. 11:18ल्यूपेन,
  247. 11:20Farma, paz Industries और vol्टs जैसी
  248. 11:23दर्जनों मजबूत कंपनियों में उन्होंने बड़े
  249. 11:25निवेश किए थे। उनकी रणनीति बिल्कुल साफ
  250. 11:28थी। ऐसी कंपनियों को ढूंढना जिनकी कीमत आज
  251. 11:31बाजार की नजर में भले ही कम हो, लेकिन
  252. 11:33जिनका भविष्य सीधे भारत की तरक्की से
  253. 11:36जुड़ा हो। मिसाल के तौर पर उन्होंने
  254. 11:38ल्यूपेन में उस वक्त [संगीत] निवेश किया
  255. 11:40जब भारत का फार्मा सेक्टर दुनिया में अपनी
  256. 11:42पहचान बना रहा था। राकेश जी अक्सर अपनी
  257. 11:45बेबाक भाषा में एक मिसाल देते थे कि अगर
  258. 11:48कोई लड़की सुंदर है तो रिश्ता मांगने वाले
  259. 11:50खुद ब खुद आ जाएंगे। यानी अगर कंपनी का
  260. 11:53बिजनेस और मैनेजमेंट मजबूत है तो आज नहीं
  261. 11:56तो कल बाजार उसकी असली कीमत पहचान ही
  262. 11:59लेगा। वे केवल शेयर्स नहीं खरीदते थे। वे
  263. 12:01भारत की ग्रोथ स्टोरी का एक हिस्सा खरीदते
  264. 12:04थे। परेशानियां सिर्फ घाटों तक सीमित नहीं
  265. 12:06थी। साल 2021 में राकेश जी के बेदाग करियर
  266. 12:10पर एक विवादित आरोप की छाया भी पड़ी।
  267. 12:12एपटेक शेयरों के मामले में उन पर इंसाइडर
  268. 12:15ट्रेडिंग के आरोप लगे। सेबी ने आरोप लगाया
  269. 12:17कि राकेश जी और उनके करीबियों ने ऐसी
  270. 12:20जानकारी के आधार पर ट्रेड किया जो आम जनता
  271. 12:22के पास नहीं थी। लेकिन राकेश जी ने कानूनी
  272. 12:26लंबी लड़ाई लड़ने के बजाय सेबी के साथ
  273. 12:28करीब ₹37 करोड़ का सेटलमेंट किया।
  274. 12:31उन्होंने यह रकम बिना अपना जुर्म स्वीकार
  275. 12:33किए कानूनी प्रक्रिया को खत्म करने के लिए
  276. 12:35भरी थी। उस समय पूरे मार्केट में यह चर्चा
  277. 12:38का विषय रहा। लेकिन इसके बावजूद वे हमेशा
  278. 12:41बड़े स्कैम से दूर रहे और अपनी पहचान एक
  279. 12:44लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर के रूप में ही बनाए
  280. 12:46रखी। अपने आखिरी समय में गिरती सेहत और
  281. 12:49डायलिसिस पर होने के बावजूद राकेश जी का
  282. 12:51हौसला कम नहीं हुआ। साल 2021 में उन्होंने
  283. 12:54अपनी जिंदगी का आखिरी और सबसे भावुक रिस्क
  284. 12:57[संगीत] लिया अकासा एयर को शुरू करने का।
  285. 13:00कुछ लोग हंसे, कुछ ने मजाक उड़ाया कि
  286. 13:02एयरलाइन में तो बड़े-बड़ों का पैसा डूब
  287. 13:04जाता है। लेकिन राकेश जी ने निडर होकर
  288. 13:07कहा, "मैं चाहता हूं कि भारत का आम आदमी
  289. 13:10भी सस्ते में हवाई यात्रा का सपना पूरा कर
  290. 13:12सके।" किस्मत देखिए। उनकी मौत से ठीक एक
  291. 13:16हफ्ते पहले 7 अगस्त 2022 को अकासा एयर की
  292. 13:20पहली फ्लाइट ने आसमान में उड़ान भरी। और
  293. 13:2314 अगस्त 2022 [संगीत]
  294. 13:24दलाल स्ट्रीट का शेर हमेशा के लिए खामोश
  295. 13:27हो गया। किडनी की बीमारी ने भारत का सबसे
  296. 13:31बड़ा बुल हमसे छीन लिया। उन्होंने हमें
  297. 13:33सिखाया कि बाय राइट सीट टाइट। उन्होंने
  298. 13:36साबित किया कि अगर आपको खुद पर और अपने
  299. 13:39देश पर भरोसा है तो ₹5,000 भी ₹45,000
  300. 13:43करोड़ बन सकते हैं। राकेश झुनझुनवाला जी
  301. 13:46चले गए। लेकिन हर गिरते मार्केट में जब
  302. 13:49कोई हिम्मत हारता है तो उनकी आवाज गूंजती
  303. 13:52है। मार्केट इज सुप्रीम। बाजार सबसे ऊपर
  304. 13:56है। अगर आपको द बिग बुल की यह प्रेरणादायक
  305. 13:59यात्रा पसंद आई हो तो इस वीडियो को एक
  306. 14:01लाइक जरूर करें। हमारे चैनल को सब्सक्राइब
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  309. 14:09आप तक पहुंचती रहे। नोटिफिकेशन बेल जरूर
  310. 14:12ऑन करें ताकि अगली कहानी आपसे मिस ना हो।
  311. 14:15तब तक के लिए अपनी इन्वेस्टमेंट और अपने
  312. 14:17पैसों का ख्याल रखें। मिलते हैं अगली
  313. 14:20वीडियो में। जय हिंद।

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