गुरु चोर और चेला महाचोर | hindi kahaniya | animal Stories | hindi kahani | new stories in hindi — Transcript
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- 0:00एक जंगल में जगगा नाम का एक बाघ रहता था।
- 0:07[संगीत]
- 0:09वो सारा दिन सोता ही रहता था और जैसे ही
- 0:12रात होती थी वो शेर की गुफा में जाकर
- 0:16[संगीत]
- 0:23उसके शिकार को चुरा लाता था।
- 0:29[संगीत]
- 0:33और उस शिकार को पेट भर कर खाता था।
- 0:43उसका यही काम था कि दूसरा के किए हुए
- 0:45शिकार को चोरी करके खाना। यही कारण था कि
- 0:48वह कभी भी शिकार पर नहीं जाता था और वह
- 0:50चोरी करके बैठे-बैठे ही खाता था।
- 0:53अरे वाह, आज तो मजा आ गया। बड़ा ही
- 0:56स्वादिष्ट खाना था। कुछ भी कहो, मुझको
- 0:59मेरा यह काम बहुत ही अच्छा लगता है।
- 1:02बैठे-बैठे खाना मिल जाता है। इधर-उधर भी
- 1:04नहीं भटकना पड़ता। सीधा गुफा में जाता हूं
- 1:07और खाना लेकर आ जाता हूं। बड़ा ही अच्छा
- 1:10लग रहा है।
- 1:12अब उसका रोज का यही नियम था कि वो शेर की
- 1:14गुफा में जाता और वहां से शेर का शिकार
- 1:16चुरा कर लाता।
- 1:21और आराम से बैठकर खाता।
- 1:26और पूरा दिन फटकार कर सोता। उस जंगल में
- 1:29जग्गा के दो चेले और थे। लकी और टोना।
- 1:32[संगीत]
- 1:38अरे यार टोना गुरुजी को देख पूरा दिन सोते
- 1:41रहते हैं और अब तो यह शिकार पर भी नहीं
- 1:43जाते। पता नहीं यह क्या खाते हैं और इन पर
- 1:45भूख का असर भी नहीं दिखता। ऐसा लगता है
- 1:48जैसे रोज भर पेट ताजाताज़ा मांस खा रहे
- 1:50हो। हां लकी यही तो मैं तुमसे भी कहना
- 1:53चाहता था पर उससे पहले ही तुमने मुझसे बोल
- 1:56दिया यही तो मेरी समझ में भी नहीं आ रहा
- 1:59कि गुरुजी शिकार भी नहीं कर रहे पता नहीं
- 2:02इनको कौन सी जड़ी बूटी मिल गई जो इनको भूख
- 2:04ही नहीं लगती टोना इसका पता तो हमको
- 2:07गुरुजी से ही मिलेगा चल गुरु जी के पास
- 2:09चलते हैं।
- 2:10लकी और टोना गुरुजी के पास गए।
- 2:18[संगीत]
- 2:21गुरु जी को लकी और टोना का प्रणाम।
- 2:24अरे टोना और लकी तुम दोनों यहां पर क्या
- 2:27कर रहे हो?
- 2:28गुरु जी आप हमको एक बात बता दो। आप पूरा
- 2:32दिन सोते रहते हो और रात के समय में कोई
- 2:35भी जानवर घर से बाहर नहीं निकलते जो आप
- 2:37उनको अपना शिकार बना पाओ। तो आप खाते क्या
- 2:40हो? हमारी समझ में यह नहीं आ रहा। हां
- 2:43गुरु जी, हम दोनों इसी बात को लेकर चिंतित
- 2:45हैं कि आप बिना खाए पिए इतने दिनों तक
- 2:47कैसे जीवित रह रहे हो।
- 2:50लकी और टोना तुम दोनों को तो पता है जब
- 2:54तुम मेरे शिष्य थे तो मैं कितना ध्यान में
- 2:56लीन रहता था। बस उसी का फल मुझको अब मिल
- 2:59गया। मैं अपनी सिद्धि के द्वारा अपने पूरे
- 3:01शरीर पर कंट्रोल कर सकता हूं। और यही कारण
- 3:04है कि अब मुझको दिव्य शक्तियां प्राप्त हो
- 3:07गई हैं। और मुझको भूख भी नहीं लगती। तुमको
- 3:10लगता है कि मैं सारे दिन सोता रहता हूं।
- 3:13जबकि मैं सोता नहीं हूं। आंखें बंद करके
- 3:16परमात्मा में लीन रहता हूं।
- 3:18माफ करना गुरु जी। हम तो आपके पास कुछ और
- 3:21ही सोच कर आए थे। लेकिन आप तो कुछ और ही
- 3:25निकले। ठीक है गुरु जी। आप अपनी सिद्धि
- 3:27में लगे रहो। हमको तो ज्ञान प्राप्त हो
- 3:30नहीं पाया। हमको तो अब मेहनत करके ही अपना
- 3:33पेट भरना पड़ेगा। ठीक है बच्चा अब मेरा
- 3:35चिंतन करने का समय हो गया है। तुम जाओ और
- 3:38मुझको परमात्मा में लीन होने दो।
- 3:41लकी और टोना गुरुजी के पास से लौट आए।
- 3:47अरे यार टोना तुझको गुरुजी की बातों में
- 3:50कितने प्रतिशत सच्चाई लगती है? लकी हो
- 3:53सकता है जगघा को ज्ञान प्राप्त हो गया हो।
- 3:56वैसे भी वह बरसों से तो गुरुजी बना बैठा
- 3:58था। क्या पता उसने यह सिद्धि प्राप्त कर
- 4:01ली हो। कुछ भी हो लकी लेकिन मुझको यह बात
- 4:03हजम नहीं होती कि उस जग को सिद्धि प्राप्त
- 4:06हो सकती है। तूने देखा नहीं था कि वह किस
- 4:08तरह से अपने शिष्यों के साथ बदतमीजी से
- 4:10पेश आता था। हां लकी यह बात तो तू ठीक कह
- 4:13रहा है। उसने एक दिन मेरी गर्लफ्रेंड लोना
- 4:16को भी छेड़ दिया था। जब वो उसके पास
- 4:18शिक्षा लेने आई थी। कुछ तो गड़बड़ है।
- 4:21हमको देखना पड़ेगा। हां लकी देखना तो
- 4:24पड़ेगा। क्यों ना हम उस जगह पर कुछ दिनों
- 4:26के लिए निगरानी रखें। फिर हमको पता चल
- 4:28जाएगा वह क्या खाता है और क्या पीता है और
- 4:31उसको सिद्ध प्राप्त हुई भी है या नहीं।
- 4:34हां टोना तुम बिल्कुल ठीक कहते हो। हमको
- 4:36कल सुबह से ही उस पर नजर गढ़ानी होगी। तभी
- 4:39हम उसकी सच्चाई का पता लगा पाएंगे।
- 4:41अच्छा हुआ। इन दोनों की कमीनों को मैंने
- 4:43मूर्ख बनाकर भेज दिया। अगर यह मेरी सच्चाई
- 4:46जान जाते तो यह मुझसे पहले शेर के वहां से
- 4:49चोरी करके ले आते या फिर मेरा भांडा ही
- 4:52फोड़ देते।
- 4:55और सूरज की पहली किरण के साथ लकी ऑटोना
- 4:58जग्गा गुरुजी की निगरानी करने लगे।
- 5:02[संगीत]
- 5:07अरे यार अगर वो शेर आज किसी खरगोश का
- 5:10शिकार करके ले आए तो मजा ही आ जाए। बहुत
- 5:13दिन हो गए खरगोश का मांस नहीं खाया। टोना
- 5:16वो देखो गुरु जी जाग गए हैं और खुद से ही
- 5:18बातें करने लग रहे हैं। पता नहीं क्या
- 5:20बातें कर रहे हैं। सुनाई तो यहां तक दे
- 5:22नहीं रही है। कोई बात नहीं है लक्की सुनाई
- 5:26नहीं दे रही तो क्या हुआ? गुरु जी तो हमको
- 5:28दिखाई दे रहे हैं। जो भी कुछ बातें कर रहे
- 5:31होंगे उसके हिसाब से ही तो वह जाएंगे। फिर
- 5:34हम उनका पीछा कर लेंगे। करने दो क्या
- 5:37बातें कर रहे हैं अपने आप से।
- 5:44लकी और टोना को दोपहर हो गया।
- 5:46अरे टोना यार देख सुबह से दोपहर हो गई।
- 5:49गुरुजी तो यहां से कहीं पर भी नहीं गए
- 5:51हैं। और वह एक बार जाकर दोबारा से सो गए।
- 5:53अरे लकी तू जाने की तो छोड़ ही दे। तूने
- 5:56एक बात पर गौर दिया। गुरुजी तो खड़े भी
- 6:00नहीं हुए हैं और तू जाने की बात कर रहा
- 6:02है। मुझको तो लगता है गुरु जी को सच में
- 6:05कोई सिद्धि प्राप्त हो गई है। चल यहां से
- 6:08चलते हैं। अरे टोना चुपचाप खड़ा रहे। उसे
- 6:11सिद्धि प्राप्त नहीं हुई है। वह तो सोया
- 6:13पड़ा है। जब आदमी ध्यान में होता है तो
- 6:15उसका शरीर अपने बलबूते पर खड़ा होता है।
- 6:17पर यहां पर गुरु जी को देख वह तो जमीन में
- 6:20ऐसे पड़े हैं जैसे नींद की गोली खाली हो।
- 6:24कुछ ना कुछ तो अवश्य है। तू रात होने का
- 6:27इंतजार कर। गुरु जी कुछ ना कुछ हरकत तो
- 6:29अवश्य करेंगे। ठीक है लकी तू कहता है तो
- 6:31मैं तेरी बात मान लेता हूं।
- 6:33और दोनों इंतजार करते हैं।
- 6:37और जग्गा खड़े होकर जाने लगा। अरे लकी वो
- 6:41देख गुरुजी तो खड़े होकर जा रहे हैं। हां
- 6:43टोना तुमने बिल्कुल ठीक कहा। चल हम भी
- 6:46इनका पीछा करते हैं।
- 6:51[संगीत]
- 6:53टोना और लकी भी जग्गा का पीछा करने लगे।
- 6:57[संगीत]
- 6:59और जगगा शेर की गुफा में घुस गया।
- 7:08गुरुजी शेर की गुफा में क्यों गए हैं?
- 7:10मेरी तो कुछ भी समझ में नहीं आ रहा। सब्र
- 7:13रख लकी सब कुछ समझ में आ जाएगा। थोड़ा
- 7:16इंतजार कर और देख गुरुजी क्या लेकर आते
- 7:19हैं।
- 7:21लकी और टोना ने कुछ देर इंतजार किया। तभी
- 7:24जगगा एक मांस का टुकड़ा लेकर गुफा से
- 7:26निकला।
- 7:27वो देख जगगा गुरुजी तो मांस का टुकड़ा
- 7:30लेकर जा रहे हैं।
- 7:35हां, तुमने बिल्कुल ठीक कहा। वो मांस का
- 7:38टुकड़ा लेकर जा रहे हैं और मुझे ऐसा लगता
- 7:41है कि उन्होंने वो मांस का टुकड़ा शेर की
- 7:44गुफा से चुराया है।
- 7:50हम तो इसको सिद्ध गुरुजी समझ रहे थे। पर
- 7:52यह तो चोर निकला। चल लकी चलकर शेर को बता
- 7:55देते हैं कि उसका शिकार जग्गा लेकर जाता
- 7:57है। अरे टोना पागल हो गया क्या तू? कभी तो
- 8:00अपनी खोपड़ी का इस्तेमाल कर लिया कर। जरा
- 8:03सोच गुरु जी बैठे-बैठे खाना खा रहे हैं।
- 8:05हमने तो उनको आज देखा है ना। ना जाने वह
- 8:07कब से शेर का शिकार चुरा कर खा रहे हैं।
- 8:09क्यों ना हम भी गुरु जी का शिकार चुरा कर
- 8:11खाएं। जब गुरु जी यहां से चुरा कर लेकर
- 8:13जाएंगे तो हम उनका पीछा करेंगे और उनका
- 8:15शिकार चुरा लेंगे। हां लकी यह बहुत अच्छा
- 8:18आईडिया है। कल से हम ऐसा ही करेंगे। तैयार
- 8:21रहना तुम शाम को ही आ जाना और गुरु जी के
- 8:23पीछे चलेंगे। जगगा चल अब धंधे पर तेरा
- 8:26जाने का टाइम हो गया है। आज जरूर वो शेर
- 8:29कुछ बढ़िया शिकार करके लाया होगा। कल का
- 8:31तो बहुत ही स्वादिष्ट मांस था। मैंने बोला
- 8:34ही था कि मुझको हिरण का मांस चाहिए और शेर
- 8:37की गुफा में मुझको हिरण का ही मांस मिल
- 8:39गया।
- 8:41बहुत मजा आया खाने में। आज मेरा मन जंगली
- 8:44मुर्गे का मांस खाने को कर रहा है। आज
- 8:47जंगली मुर्गे का मांस मिलना चाहिए। अरे
- 8:49यार यहां पर खरगोश का मीट रखा था। कौन ले
- 8:52गया? मैंने रात को जब पेट भर के खाया था
- 8:55तो बाकी बचा हुआ यहीं पर रख दिया था। पता
- 8:58नहीं कौन है जो मेरे शिकार को चुरा कर ले
- 9:01जाता है। अब मुझको निगरानी रखनी होगी।
- 9:05[संगीत]
- 9:09लकी और टोना ने भी जग्गा का पीछा किया।
- 9:13सहमे हुए कदमों से शेर की गुफा में गया।
- 9:20और वो गुफा के पास झाड़ियों में खड़े हो
- 9:22गए।
- 9:23टोना, मुझको तो यह सोच-सच कर हंसी आ रही
- 9:25है कि गुरुजी तो चोर निकले। कोई बात नहीं
- 9:28है लकी। आज से हम भी तो चोर बन जाएंगे जब
- 9:31हम गुरुजी का ही खाना चुराएंगे।
- 9:33और जगह एक मांस का टुकड़ा लेकर गुफा से
- 9:35बाहर निकला।
- 9:36[संगीत]
- 9:38लकी और टोना ने उसका पीछा किया।
- 9:50अरे टोना ये तो मांस का टुकड़ा लेकर जा
- 9:53रहा है। जल्दी से कुछ करो नहीं तो वो उसको
- 9:55खा जाएगा। हां रुको मैं इसके अंदर भय
- 9:58बनाता हूं।
- 10:02और टोना ने शेर की आवाज निकाली।
- 10:06मुझे लगता है वो शेर आ गया है। अच्छा होगा
- 10:08कि मैं मांस के टुकड़े को यहीं पर छिपा
- 10:10देता हूं। अगर उसने मुझ पर यह मांस का
- 10:13टुकड़ा देख लिया तो मुझको चोरी के इल्जाम
- 10:15में बहुत मार पड़ेगी।
- 10:16और जंगल में थोड़ी दूर जाकर जग्गा ने वो
- 10:18टुकड़ा एक पेड़ के पास रख दिया।
- 10:25इसको मैं यहीं पर रखकर चला जाता हूं और
- 10:28थोड़ी देर बाद आकर ले जाऊंगा।
- 10:30टोना देख गुरुजी ने वहां पर मांस का
- 10:32टुकड़ा छुपा दिया है। चल वहां से जाकर हम
- 10:34उसको चुरा लेते हैं और कहीं दूर जाकर आराम
- 10:36से बैठकर खाएंगे।
- 10:37और वह दोनों वहां पर आए।
- 10:43और उस मांस के टुकड़े को लेकर वहां से चले
- 10:45गए
- 10:49और दूर जाकर उस मांस के टुकड़े को खाने
- 10:52लगे।
- 10:57अरे वाह आज तो बहुत ही स्वादिष्ट खाना था।
- 11:00खाकर मजा आ गया। हां आज से हम यही करेंगे
- 11:04और पूरा दिन हम भी फटक कर सोएंगे।
- 11:06और कुछ देर के बाद जगगा वहां पर आया। उसको
- 11:09मांस का टुकड़ा वहां पर नहीं मिला तो वह
- 11:11चौंक गया।
- 11:15अरे यहां से मेरा मांस का टुकड़े कौन ले
- 11:18गया। आज मुझको भूखा ही रहना पड़ेगा। अब तो
- 11:21कल रात को ही भोजन मिलेगा। अरे यार पता
- 11:24नहीं कौन है जो मेरा किया हुआ शिकार हर
- 11:26दिन चुरा कर ले जाता है। मुझको इसकी खोज
- 11:28खबर लगानी पड़ेगी। नहीं तो मुझको दिन में
- 11:31भूखा रहना पड़ेगा। बड़ी मुश्किल से मैं
- 11:33शिकार करके लाता हूं और कोई इतनी आसानी से
- 11:36उसको ले जाता है।
- 11:39और जग फिर से शेर की गुफा में भोजन चुराने
- 11:42के लिए गया।
- 11:44और जैसे ही वह भोजन लेकर निकला
- 11:49[संगीत]
- 11:53तो लकी और टटोना ने फिर से शेर की आवाज
- 11:55निकाली
- 11:59और जग्गा शेर की आवाज से काफी घबरा गया
- 12:04और उसने फिर से उस टुकड़े को उसी पेड़ के
- 12:06पास रख दिया। हम्म
- 12:14[संगीत]
- 12:22और वो दोनों इसका शिकार लेकर चले गए।
- 12:28और आराम से बैठकर खाने लगे।
- 12:35कुछ भी कहो यार टोना। दो दिनों से खूब
- 12:37तबीयत भर के खाना मिल रहा है। ना मेहनत
- 12:39करनी पड़ती है और ना ही शिकार। बैठे-बैठे
- 12:42भोजन मिल रहा है।
- 12:43अरे यार, आज कोई फिर मेरा शिकार चुरा कर
- 12:46ले गया। कौन हो सकता है? दो दिनों से मैं
- 12:48शेर का शिकार चुरा कर लाता हूं तो मुझको
- 12:51शेर की आवाज सुनाई देती है। अगर शेर होता
- 12:53तो मुझको पकड़ लेता और मुझसे कहता कि मेरा
- 12:56शिकार क्यों चुरा कर ले जाता है। मुझे तो
- 12:58कुछ गड़बड़ लगती है। मुझको देखना पड़ेगा
- 13:01कौन है जो मेरा शिकार चुराता है।
- 13:03और जैसे ही शाम हुई तो वो दोनों इसका
- 13:05इंतजार करने लगे कि कब गुरुजी शेर का
- 13:07शिकार चुराने के लिए जाएं।
- 13:09[संगीत]
- 13:12अरे यार लकी आज तो यह गुरुजी जा ही नहीं
- 13:15रहे। अब हमारा क्या होगा? अरे होगा क्या?
- 13:18अब हम वैसे भी गुरु जी का सारा दांव पेच
- 13:20सीख गए हैं। हम खुद शेर की गुफा से शिकार
- 13:22चुरा कर लाएंगे। चलो हमारे साथ।
- 13:24और वो दोनों शेर की गुफा में चले जाते
- 13:27हैं।
- 13:31और एक मांस का टुकड़ा लेकर आ रहे होते
- 13:33हैं।
- 13:34[संगीत]
- 13:38[हंसी]
- 13:40अच्छा। तो यह दोनों चेले हैं जो मेरा
- 13:43शिकार चुरा ले जाते हैं। आज इनको मजा
- 13:45चखाता हूं। हाथ जो पकड़े हैं।
- 13:58और फिर जग्गा ने भी शेर की कड़क आवाज
- 14:00निकाली। और दोनों चेले काफी डर गए।
- 14:05अरे लकी शेर आ रहा है। जल्दी कर इसको कहीं
- 14:09पर छुपा दे और बाद में आकर ले लेंगे।
- 14:10जल्दी कर
- 14:11और दोनों ने उस मांस के टुकड़े को एक पेड़
- 14:13के पास छुपा दिया।
- 14:18[संगीत]
- 14:28और जग्गा उस मांस के टुकड़े को लेकर चला
- 14:31गया।
- 14:32[संगीत]
- 14:34और आराम से बैठकर खाने लगा।
- 14:41कुछ भी कहो यार। चोर के घर से चोरी करके
- 14:44खाने का कुछ अलग ही मजा है। जब मैं चोरी
- 14:47करके लाता था और उसको खाता था, तो कम मजा
- 14:49आता था। और अब यह दोनों चेले चोरी करके
- 14:51लाए हैं, तो इनका शिकार खाने में बहुत ही
- 14:53मजा आ रहा है।
- 14:55अरे यार टोना, हमारा छुपाया हुआ शिकार तो
- 14:57यहां पर नहीं है। पता नहीं कौन ले गया।
- 14:59कहीं गुरु जी तो नहीं ले गए। अरे यार उनको
- 15:03क्या पता कि हम शेर की गुफा से शिकार चुरा
- 15:05कर लाए हैं। उनको इसके बारे में कुछ नहीं
- 15:07पता। किसी जानवर का काम होगा। देख लेना
- 15:09लकी आखिर वो हमारे गुरु हैं और गुरु चेले
- 15:13से दो कदम आगे ही चलता है। चाहे फिर वो
- 15:16कोई भी काम क्यों ना हो। टोना भले गुरुजी
- 15:19आगे चलते हो लेकिन यह काम गुरु जी का नहीं
- 15:22है। कोई जानवर खा गया होगा। खैर कोई बात
- 15:24नहीं है। आज हम भूखा सो लेते हैं। कल फिर
- 15:27से शेर के वहां से शिकार चुरा कर लाएंगे।
- 15:29और जैसे ही शाम हुई दोनों चेले शेर की
- 15:31गुफा में गए
- 15:34और शिकार लेकर जंगल की तरफ आ गए।
- 15:39[संगीत]
- 15:44तभी जग्गा ने शेर की आवाज निकाली।
- 15:48और वो दोनों डर गए और मांस के टुकड़े को
- 15:51एक पेड़ के पास छुपा दिया। लकी हम मांस का
- 15:53टुकड़ा छिपा तो रहे हैं लेकिन इस बार हम
- 15:56देखेंगे कि हमारे मांस के टुकड़े को कौन
- 15:59लेकर जाता है और दोनों वहां से चले गए
- 16:04[संगीत]
- 16:05और थोड़ी दूर जाकर टुकड़े पर नजर बनाए हुए
- 16:08थे।
- 16:11तभी उन्होंने देखा कि जगगा उस टुकड़े को
- 16:13लेकर जा रहा होता है।
- 16:17उन्होंने जग्गा का पीछा किया।
- 16:23और जगगा उस टुकड़े को लेकर एक पेड़ के पास
- 16:25बैठा था। तभी दोनों चेले वहां पर आ गए।
- 16:31वाह गुरु जी आप तो यह बहुत अच्छा काम कर
- 16:33रहे हो। आपको चोरी करते हुए शर्म नहीं
- 16:36आती। हम इतनी मेहनत से भोजन लेकर आए थे और
- 16:38हम उसको रखकर पानी लेने गए थे तो आपने
- 16:41हमारे भोजन को चुरा लिया।
- 16:42अरे बस करो तुम दोनों। वरना एक ही झापड़
- 16:45में जमीन पर गिर जाओगे। क्या तुमने मेरा
- 16:47शिकार नहीं चुराया था? और क्या तुम यह
- 16:50शिकार शेर की गुफा से चुरा कर नहीं लाए
- 16:52हो? जहां से पहले मैं लेकर आता था।
- 16:55और तुमने मेरा पीछा किया और तुमने मुझको
- 16:58ऐसा करते देख लिया और फिर तुम मेरा शिकार
- 17:00चुरा कर खाते थे और फिर मैं शिकार लेने
- 17:02गुफा में नहीं गया तो तुम खुद लेने गए और
- 17:04मैं तुम्हारा शिकार चुरा कर खाने लगा।
- 17:07इसमें गलत क्या किया मैंने?
- 17:08लकी बात तो ठीक है गुरु जी की। हमने गुरु
- 17:11जी के शिकार की चोरी की और गुरु जी ने
- 17:13हमारे शिकार की चोरी कर ली। मैंने तुमसे
- 17:15पहले ही कहा था लकी कि गुरु जी हमसे दो
- 17:18कदम आगे चलते हैं पर तुमने मेरी एक भी बात
- 17:21नहीं मानी। आखिर तुमको सोचना चाहिए था कि
- 17:24गुरुजी से चेले कभी नहीं जीत सकते।
- 17:26अरे बस करो तुम दोनों। मेरे सामने ज्यादा
- 17:28नाटक मत करो और आगे से तुमने मेरे शिकार
- 17:30को चुराया तो मैं जाकर शेर को बता दूंगा
- 17:33कि तुम दोनों ही उसका शिकार चुराते हो।
- 17:34समझे?
- 17:39[संगीत]
- 17:41मुझको बताने की जरूरत नहीं है। मैं
- 17:43तुम्हारे पास आ ही गया हूं। और मैंने
- 17:45तुम्हारी बातों को सुन भी लिया है कि कैसे
- 17:47पहले गुरु मेरे शिकार को चुराता था। फिर
- 17:50चेले गुरु के शिकार को चुराते थे। और फिर
- 17:52गुरु ने चेले के शिकार को चुराया। अरे
- 17:55इतनी हेराफेरी से चोरी कौन करता है?
- 17:58तुम्हारी इस प्रकार की चोरी को देखकर तो
- 18:00मेरे पास एक ही शब्द है कि गुरु चोर और
- 18:03चेला महाचोर। चलो तुम सबको सजा मिलेगी।
- 18:07जंगल के राजा का शिकार चुराते हो। गुरु
- 18:10चोर, चेला, महाचोर। जल्दी चलो।
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