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Friend Request - Yaadon ka IdiotBox with Neelesh Misra Season 1 #92.7 BIG FM — Transcript

by Neelesh Misra · 2,457 words · 309 segments · language en · Watch on YouTube

Full transcript

  1. 0:00बात बे बात पे अपनी ही बात कहता है मेरे
  2. 0:04अंदर मेरा छोटा सा शहर रहता
  3. 0:07[संगीत]
  4. 0:09है यादों के इडियट बॉक्स में क्या क्या
  5. 0:14चलता है देखो
  6. 0:17तू 92.7 बिग एफएम पे आप सुन रहे हैं कहानी
  7. 0:22याद शहर की यादों का इडियट बॉक्स विद
  8. 0:25नीलेश मिश्रा 35 शहरों में सुन रहे हैं आप
  9. 0:28यह कहानी लेकिन असल में हम सिर्फ एक शहर
  10. 0:32में रहते हैं याद शहर रोज सुनाऊंगा मैं
  11. 0:35आपको याद शहर की एक कहानी और अपनी गीतों
  12. 0:39की डायरी से कुछ गीत कुछ मैंने लिखे हैं
  13. 0:42और कुछ मुझसे भी कहीं बेहतर साथी शायरों
  14. 0:47ने मेरे आलीशान दफ्तर में हर साल की
  15. 0:50शुरुआत में एक महाकुंभ होता है कई दिन
  16. 0:52चलता है इसको कहते हैं एनुअल रिव्यू इसमें
  17. 0:56बड़े-बड़े महारथी गंगा नहाने आते हैं सब
  18. 1:00कुछ ना कुछ अगले बजट का प्रसाद लेकर चले
  19. 1:03जाते हैं ऐसी ही आठ आठ नन घंटे लंबी
  20. 1:06मीटिंग में मुझे नींद की हल्की सी झपकी और
  21. 1:10कॉफी के अगले कप के बीच में अक्सर पुराने
  22. 1:13दिन याद आते हैं मोहल्ले की क्रिकेट टीम
  23. 1:17के वाइस कैप्टन से कब कंपनी का वाइस
  24. 1:19प्रेसिडेंट बन गया कब वक्त पता ही नहीं
  25. 1:22चला मजे उसमें भी थे और कुल मिलाकर मजे
  26. 1:27इसमें भी है गाड़ी घोड़ा नौकर चाकर सब है
  27. 1:32दिल्ली में चार बेडरूम का घर है सिंगल
  28. 1:35आदमी हूं जीवन का आनंद उठा रहा हूं ना
  29. 1:38जिम्मेदारियां ना बीवी का अंकुश ना बच्चों
  30. 1:41की किच किच साल में एक बार विदेश छुट्टी
  31. 1:45पर जाने के लिए दफ्तर टिकट देता है हां यह
  32. 1:48अलग बात है कि कई सालों से मैंने छुट्टी
  33. 1:50ही नहीं ली हर साल खत्म होते होते एचआर
  34. 1:54वाले ईमेल भेजना शुरू कर देते हैं कि सर
  35. 1:57जी छुट्टी फिर आपकी लैब्स होने वाली फिर
  36. 2:00ना
  37. 2:01कहना मैं ढीठ का ढीठ ठहरा हर साल अपनी
  38. 2:05मेहनत से कमाई हुई छुट्टियां मैं एक बार
  39. 2:08फिर इस नौकरी के महायज्ञ में स्वाहा कर
  40. 2:11देता
  41. 2:11हूं आजकल फिर मेल आने लगी है उन्हीं
  42. 2:15महानुभाव की कुए में डूबती हुई छुट्टियों
  43. 2:18की याद दिलाते
  44. 2:19हुए लेकिन एक और एनुअल रिव्यू के महासागर
  45. 2:22से जब मैंने उस दिन लंच ब्रेक में सांस
  46. 2:25लेने के लिए सर निकाला तो लगा कि इस साल
  47. 2:29लगता ए चार वालों की शिकायत दूर हो
  48. 2:32जाएगी मेरे दफ्तर में सामने मेज पर एक
  49. 2:36कार्ड रखा था अभी-अभी ऑर्डिनरी पोस्ट से
  50. 2:40दूर याद शहर से आया था मेरे कॉलेज का
  51. 2:44रियूनियन था कितने साल बाद मुझे मौका मिल
  52. 2:48रहा था मेरे शहर वापस जाने का और पुराने
  53. 2:50यारों से मिलने का मैं फौरन अपनी
  54. 2:53सेक्रेटरी के कमरे में पहुंचा और कहा
  55. 2:55नताशा मैं सर आप छुट्टी पर जा रहा हूं बोल
  56. 2:58दो चार वालों को
  57. 3:00वापस जा रहा हूं अपने कॉलेज रियूनियन है
  58. 3:03अरे मजा आएगा यार सर नताशा ने मुझे एक
  59. 3:06सेकंड को देखा शायद पक्का कर रही थी कि
  60. 3:09मैं मजाक तो नहीं कर रहा हूं फिर फोन उठा
  61. 3:12लिया मैंने कहा किसको फोन कर रही हो बोलिए
  62. 3:16गिनेस बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स वालों को
  63. 3:18मेरा बॉस छुट्टी पर जा रहा है आप सुन रहे
  64. 3:22हैं 92.7 बिग एफएम पे कहानी याद शहर की
  65. 3:26यादों का इडियट बॉक्स विथ नीलेश मिश्रा
  66. 3:32हे गाइस बॉस इ गोइंग न लीव वो छुट्टी प जा
  67. 3:35रहे हैं फाइनली आई एम सो हैप्पी फॉर हिम
  68. 3:38लग रहा था मेरी सेक्रेटरी नताशा मेरे
  69. 3:40छुट्टी पर जाने से मुझसे ज्यादा खुश थी
  70. 3:43एकदम चिड़िया जैसी चहक रही थी मुझसे
  71. 3:46ज्यादा जानती है ना मेरे बारे में अब
  72. 3:48सेक्रेटरी कम दोस्त ज्यादा बन गई है अक्सर
  73. 3:52मैं उससे पुराने दिनों की बातें करता था
  74. 3:55बिछड़े हुए दोस्तों के बारे में बताता था
  75. 3:58व खास करके एकद में बहुत इंटरेस्टेड रहती
  76. 4:01थी कॉलेज के दिनों का मेरा बेस्ट फ्रेंड
  77. 4:05सुधाकर सुधाकर जोशी यूनिवर्सिटी का टॉपर
  78. 4:09था उन दिनों ऐसा लगता था कि जिंदगी और
  79. 4:12सपने इसकी दाई और बाई जेब में रहते हैं जो
  80. 4:15चाहेगा कर लेगा लाइफ में कवि टाइप था गाने
  81. 4:18गाता था जगजीत सिंह की वो नजम बात निकलेगी
  82. 4:22तो फिर दूर तलक जाएगी वो तो जैसे आइटम
  83. 4:26नंबर था उसका सुपर हिट लड़किया इतनी फिदा
  84. 4:30रहती थी उस पे क्लास की बातूनी लड़कियां
  85. 4:33उसकी खामोशी की कायल थी हम लोग सब बस
  86. 4:37स्टैंड पर खरीदी गजल की किताबों से चुरा
  87. 4:39चुरा के लड़कियों को शेर लिख के भेजते थे
  88. 4:41वो कम वक्त फौरन उसी समय लड़कियों पर शेर
  89. 4:45लिख देता था लड़कियां मधुमक्खी की तरह
  90. 4:47खींची चली जाती थी सुधाकर मुझ पे भी कुछ
  91. 4:51लिख दो ना सुधाकर व्हाट इज दिस तुमने
  92. 4:54चंद्रा के लिए गाना लिखा मेरे लिए नहीं
  93. 4:56बड़ा जलते थे हम सब लड़के उससे लेकिन
  94. 5:00मेरा बेस्ट फ्रेंड भी था इसलिए उसे सब माफ
  95. 5:02था मैं लंच में सैंडविच खाते खाते यह सोच
  96. 5:05ही रहा था कि सुधाकर आएगा कि नहीं कि
  97. 5:08नताशा बीच में फूट पड़ती है वहां सुधाकर
  98. 5:12आएगा कि नहीं मैंने नताशा से मजाक में
  99. 5:15गुस्सा दिखाते हुए कहा कमबखत य सुधाकर आज
  100. 5:18भी मेरी नाक के नीचे लड़कियों को इंप्रेस
  101. 5:20कर रहा है लेकिन हां मैं भी जानना चाहता
  102. 5:23था कहां होगा मेरा दोस्त कैसा होगा इतने
  103. 5:27साल से कोई खबर नहीं फ ढूंढा मिला नहीं
  104. 5:31सोचा था भूले बिसरे फ्रेंड को एक फ्रेंड
  105. 5:35रिक्वेस्ट भेज
  106. 5:38दूं आप सुन रहे हैं 92.7 बिग एफएम पे
  107. 5:42कहानी याद शहर की यादों का इडियट बॉक्स
  108. 5:45विद नीलेश
  109. 5:51मिश्रा दिल्ली से याद शहर की फ्लाइट दो
  110. 5:54घंटे की थी नताशा ने काफी सुबह की टिकट
  111. 5:57करवाई थी और मैंने सोचा था कि प्लेन में
  112. 6:00थोड़ी सी नींद निकाल लूंगा लेकिन सो नहीं
  113. 6:02पाया प्लेन में बैठा बैठा सारे भुले हुए
  114. 6:06चेहरे याद कर रहा था कैसा होगा वोह धुला
  115. 6:10पतला बलबीर जिसे देख के हम सब कहते थे कि
  116. 6:12जैसे हैंगर पर कमीज टंगी हो और वो गबरू
  117. 6:16पहलवान आकाश सिंह जिसका वक्त कॉपी किताबें
  118. 6:18उठाने में कम वेट्स उठाने में ज्यादा
  119. 6:21निकलता था और कैसी होगी वो रिचा की बच्ची
  120. 6:24जो नेता बनना चाहती थी मैंने खुद प भी
  121. 6:27निगाह डाली क्या मैं ज्यादा मोटा हो गया
  122. 6:30हूं नहीं यार थोड़ा सा पहुची तो है और कौन
  123. 6:34सा वो लोग भी ब्यूटी क्वीन होंगे हां
  124. 6:36ब्यूटी क्वीन से याद आया वह कहां होगी
  125. 6:39रुचा अवस्थी माय गॉड यह फिल्म की हीरोइन
  126. 6:42पानी पिए उसके
  127. 6:44सामने ख्याल गाथा फिर चल पड़ी
  128. 6:47थी चेहरे लमहे दिन मौसम गलियां
  129. 6:54[संगीत]
  130. 6:55राते एयरपोर्ट से निकला तो देखा कि या शहर
  131. 6:59में सब कुछ बदल चुका था छोटा शहर थोड़ा
  132. 7:03बड़ा हो गया था यहां पिज़्ज़ा मिलने लगा
  133. 7:06था और डिजाइनर कपड़े महंगी गाड़ियां सर से
  134. 7:10चली जा रही थी लेकिन सड़कें अभी भी वैसी
  135. 7:14ही थी जैसे शहर कह रहा हो सड़कें पतली है
  136. 7:17तो क्या दिल बड़ा होना चाहिए
  137. 7:19भैया जहां कभी भैया और भाभी की दुकान का
  138. 7:23बोर्ड लगा के अग्रवाल जी सारे शहर को
  139. 7:25साड़ी बेचा करते थे वहां एक पांच मंजिल का
  140. 7:28शॉपिंग
  141. 7:30जहां गर्म जलेबी मिला करती थी वहां फास्ट
  142. 7:33फूड मिल रहा था दिल फेंक लड़के अभी भी
  143. 7:37वैसे ही चौराहे पर लड़कियों का इंतजार कर
  144. 7:39रहे थे बस उनके पास अब हमारी तरह साइकिलें
  145. 7:42नहीं नई नई मोटरसाइकिल और 10 द लाख की
  146. 7:45गाड़ियां
  147. 7:47थी मैं होटल पहुंचा जल्दी जल्दी नहाया
  148. 7:51कपड़े बदले और नीचे पहुंचा जहां कॉलेज
  149. 7:54रियूनियन हो रहा था एक छोटा सा म्यूजिकल
  150. 7:57परफॉर्मेंस चल रहा था उसके बादन र गेम हसी
  151. 8:02मस्ती हल में धीरे धीरे दाखिल लोग खूब मजे
  152. 8:06ले लेक साथ में गा रहे थे और ताली बजा रहे
  153. 8:08थे और व दूर वही था लड़कियों के दिल का
  154. 8:14डकैत स्टेज पर मेरा कॉलेज का बेस्ट फ्रेंड
  155. 8:18सुधाकर जोशी गिटार बजा के गाना गा रहा
  156. 8:22था चलते चलते मेरे य गीत याद रखना आप सुन
  157. 8:28रहे से बिग एफएम पे कहानी याद शहर की
  158. 8:32यादों का इडियट बॉक्स विद नीलेश
  159. 8:37[संगीत]
  160. 8:41मिश्रा मजेदार होते हैं जिंदगी के दाव
  161. 8:44पेंच देखो ना मैं खड़ा था यहां अपने 1 स
  162. 8:48बिछड़े हुए यारों के बीच और सोच रहा था
  163. 8:52कितनी मनमानी करती है यह दो जुड़वा बहने
  164. 8:55जिंदगी और
  165. 8:56किस्मत रातों और मंजिलों का सपनों और
  166. 9:00हकीकत का जो पेचीदा अक्सर तकलीफ भरा
  167. 9:03रिश्ता होता है उसे अगर समझना हो तो ऐसी
  168. 9:06ही किसी जगह आ जाना चाहिए यूनिवर्सिटी के
  169. 9:09रियूनियन में सबने सपने देखे राहें चली
  170. 9:13भटके लड़खड़ाए गिरे फिर कभी कोई ऐसा लम्हा
  171. 9:17आया कि राहे ही बदल गई किसी का एस्ट्रोन
  172. 9:21मर बन के तारों को देखने का सपना था लेकिन
  173. 9:24सिर्फ बैंक के एग्जाम में निकल पाए तो अब
  174. 9:26मैनेजर हैं कोई डॉक्टर बनना चाहता था नहीं
  175. 9:29बन सका तो अब किसी कंपनी में मार्केटिंग
  176. 9:32मैनेजर है कुछ के सपने पूरे हुए लेकिन आधा
  177. 9:36रास्ता जाकर दिल ने ईमानदारी से कहा यार
  178. 9:39यह तो तुम्हारा असली रास्ता ही नहीं है
  179. 9:42मैं एक एक चेहरे को देख रहा था और उस
  180. 9:44चेहरे की कहानी सोच रहा था जब साथ थे तो
  181. 9:48ना कोई अमीर था ना गरीब साथ बैठ के कैंटीन
  182. 9:51में चाय पीते थे और समोसे और बंद मक्खन
  183. 9:53खाते थे लेकिन अब हमारे आगे हमारे
  184. 9:56विजिटिंग कार्ड चल रहे थे
  185. 10:00परफॉर्मेंस खत्म हो गया तालियां बजने लगी
  186. 10:03और फिर लोग खाने की ओर कूछ करने लगे मैं
  187. 10:07भीड़ को चीरता अपने यार की ओर चला पीछे से
  188. 10:10उसके कंधे पर हाथ थपथपा आया उसने दो सेकंड
  189. 10:14लगाए मुझे पहचानने में और फिर बोला ओए तू
  190. 10:17हमने हंस के एक दूसरे को गले से लगा लिया
  191. 10:20सुधाकर बोला और कहां है आजकल तू सुना है
  192. 10:24बड़ी टॉप चीज बन गया है मैंने कहा हां
  193. 10:28दिल्ली में एक कंपनी में वाइस प्रेसिडेंट
  194. 10:30हूं मल्टीनेशनल है हां बढ़िया चल रहा है
  195. 10:33और तू बम्बे में सुधाकर बोला नहीं यार मैं
  196. 10:38तो यहीं रहता हूं एक दुकान खोली है छोटी
  197. 10:40सी स्टेशनरी की मैं अचानक ऐसे चुप हो गया
  198. 10:45जैसे मतम हो मैंने कहा क्या यार तू तो
  199. 10:51क्या क्या करने वाला था लाइफ में
  200. 10:54यह सुधाकर पलटा और धीरे-धीरे
  201. 10:59चला गया आप सुन रहे हैं 92.7 बिग एफएम पे
  202. 11:03कहानी याद शहर की यादों का इडियट बॉक्स
  203. 11:06विद नीलेश
  204. 11:11मिश्रा शाम का रंग अचानक मेरे लिए बदल गया
  205. 11:14था यह महफिल जिसमें आने के लिए मैं इतना
  206. 11:17बेताब था उस महफिल में मैं अचानक अपने आप
  207. 11:21को आउट ऑफ प्लेस महसूस कर रहा था हमारी
  208. 11:24यूनिवर्सिटी का स्टार वो सुधाकर उसी याद
  209. 11:28शहर में मैं एक स्टेशनरी की दुकान चला रहा
  210. 11:31था किस्मत का इतना बड़ा खेल बाकी शाम
  211. 11:35सुधाकर ने और मैंने ज्यादातर एक दूसरे से
  212. 11:38नजरें नहीं मिलाई दूर से मुझे देख के
  213. 11:42सफारी सूट में अपनी तोन सजाए एक आदमी आया
  214. 11:44मुझे गले लगा लिया मैंने कहा ओ बलबीर तू
  215. 11:48तो हैंगर पर टंगी कमीज हुआ करता था तो यह
  216. 11:51क्या हो गया बलबीर बोला यार वाइफ हट्टी
  217. 11:54कट्टी मिल गई ना तो खुद को थोड़ा मैचिंग
  218. 11:56बनाना पड़ा थोड़ी देर में बार के पास खड़ा
  219. 12:00हुआ मिला वो पुराना गबरू पहलवान आकाश सिंह
  220. 12:03किसी ठीक ठाक होटल में मैनेजर बन गया है
  221. 12:05आजकल और वो पागल रिचा नेता बनना चाहती थी
  222. 12:08और थोड़ा-थोड़ा बन भी गई अभी अभी उसे
  223. 12:10एमएलए का टिकट मिला है यह सब पुराने दोस्त
  224. 12:13मिले जिन्हें मैं कब से ढूंढ रहा था लेकिन
  225. 12:17पता नहीं क्यों खुशी आधी आधी लग रही थी
  226. 12:21दिमाग में सिर्फ सुधाकर घूम रहा था मैंने
  227. 12:23रिचा से कहा बेचारे सुधाकर का सुना लाइफ
  228. 12:27बेकार हो गई यार उसकी रिजा ने कहा लो
  229. 12:30सुधाकर आ गया वो मेरे पास आकर खड़ा हुआ
  230. 12:33मैंने उसे कहा यार मैं तब से यही सोचने की
  231. 12:37कोशिश कर रहा हूं कि तूने अपनी लाइफ के
  232. 12:39साथ क्या कर लिया तू हम सबसे ज्यादा
  233. 12:41टैलेंटेड था तुझे यह स्टेशनरी की दुकान ही
  234. 12:44मिली थी खोलने के लिए तू दिल्ली आ यार
  235. 12:47मेरे साथ रुक महीना दो महीना मैं दिलाता
  236. 12:49हूं तुझे अच्छी सी नौकरी सुधाकर ने मुझे
  237. 12:51देखा और बोला कब तक है तू यहां मैंने कहा
  238. 12:56कल दोपहर की फ्लाइट है वो बोला कल सुबह
  239. 12:59दुकान प आ जाना पोस्ट ऑफिस के बगल में है
  240. 13:02बात करते हैं मैंने कहा हां हां
  241. 13:06पक्का अगली सुबह मैं तैयार होकर 9:00 बजे
  242. 13:09ही मार्केट पहुंच गया सुधाकर की दुकान
  243. 13:11ढूंढने में ज्यादा वक्त नहीं लगा पोस्ट
  244. 13:13ऑफिस देख के यादें ताजा हो गई यही मैं और
  245. 13:17वह अक्सर आते थे जब वह दिल्ली और बॉम्बे
  246. 13:19में मैगजींस के दफ्तरों में अपनी कविताएं
  247. 13:22और कहानियां छपने के लिए भेजा करता था फिर
  248. 13:25बाहर चाय पीते हुए मैं उससे कहता था यार
  249. 13:27कभी तुझे बुक प्राइज मिले लेगा तू इसी
  250. 13:30पोस्ट ऑफिस में अनाउंसमेंट की चिट्टी लेने
  251. 13:32आएगा सपनों के उस आलीशान महल उस 100 साल
  252. 13:37पुराने पोस्ट ऑफिस के बगल में आज एक
  253. 13:40नाकामी की झोपड़ी खड़ी थी सुधाकर की
  254. 13:42स्टेशनरी की दुकान सुधाकर ने मेरे लिए
  255. 13:46जलेबियां मंगा के रखी थी मेरे सामने कागज
  256. 13:50का पैकेट खोल के बोला लगता है काफी दया आ
  257. 13:54गई तुझको मुझ
  258. 13:55[संगीत]
  259. 13:57पर अब सुन 92.7 बिग एफएम पे कहानी याद शहर
  260. 14:02की यादों का इडियट बॉक्स विथ नीलेश
  261. 14:07[संगीत]
  262. 14:10मिश्रा सच कहूं तो मुझे सुधाकर के ऊपर
  263. 14:13सचमुच दया आ गई थी पर मैंने कहा दया नहीं
  264. 14:17यार हां तकलीफ तो
  265. 14:19हुई उसने कहा इस बच्चे को देख रहा है जो
  266. 14:23अभी अभी ये नोटबुक और पेन लेकर गया है
  267. 14:26मुझसे एक रिक्शे वाले का बेटा है
  268. 14:29मेरी और इसकी एक शर्त लगी है अगर यह अपनी
  269. 14:33क्लास में पहली पांच पोजीशन में ले आएगा
  270. 14:36तो उस महीने नोटबुक और कलम मैं इसे फ्री
  271. 14:39दूंगा पिछले तीन महीने से मेरी लॉटरी खुली
  272. 14:42हुई है मैं लगातार शर्त हार रहा हूं उस
  273. 14:46सड़क के पार बूढ़े अंकल को देख रहे हो यह
  274. 14:50समझ लो मेरे अडॉप्टेड बेटे हैं आजकल
  275. 14:54अंग्रेजी सीख रहे हैं मुझसे इस छोटे से
  276. 14:57बाजार में हम सब एक दूसरे को जानते जानते
  277. 14:59हैं रात को सारे परिवार के साथ खाना खाता
  278. 15:02हूं मां-बाप खुश हैं आंखों के सामने हैं
  279. 15:07इस सुकून के साथ उन्हें रोज गुड नाइट कहता
  280. 15:09हूं अपने बेटे को परियों की कहानियां
  281. 15:12सुनाता हूं और फिर जब आधी नींद में होता
  282. 15:16हूं और बीवी ऑर्डर देती है कि उसे जन्मदिन
  283. 15:18पर सिल्क की सड़ी चाहिए तो अनसुनी करते
  284. 15:21हुए सोने का नाटक कर लेता हूं सब कुछ तो
  285. 15:25है मेरे पास ना घर छोड़ के दूर जाना पड़ा
  286. 15:29ना किसी बड़े से शहर में छोटे से घर में
  287. 15:32आधी अधूरी जिंदगी जीनी पड़ी ना स्ट्रेस की
  288. 15:36दवाए लेता हूं ना ईएमआई की जंजीर बांधे
  289. 15:39चलता हूं मैं जिनसे इस दुनिया में सबसे
  290. 15:42ज्यादा प्यार करता हूं वह मेरे साथ है
  291. 15:44मेरे सामने है मैं जैसे शर्म के पत्थर से
  292. 15:48बना हुआ बुत बन गया था बस जमीन की ओर
  293. 15:51देखता
  294. 15:52रहा सुधाकर ने जलेबी की प्लेट मेरी ओर
  295. 15:56खिसका हुए कहा मुझ पर दया मत कर
  296. 16:00क्योंकि हम दोनों के बीच में अगर कोई
  297. 16:02बेचारा
  298. 16:03है तो वो तुम
  299. 16:06हो चार कस्टमर्स आकर चले गए मैं चुपचाप
  300. 16:10बैठा रहा आखिरकार बोला सुधाकर आई एम
  301. 16:16सॉरी मैं अपनी सक्सेसफुल जिंदगी को अपने
  302. 16:19रोशनी भरे शहर को अपनी नकली खुशियों को
  303. 16:23असली समझ बैठा
  304. 16:25था तेरा वह कॉलेज वाला दोस्त कहीं खो गया
  305. 16:30था सुधाकर ने काउंटर का दरवाजा खोला और
  306. 16:35मुझे आके गले लगा
  307. 16:36लिया बोला चल नई शुरुआत करते
  308. 16:41हैं जा तू वापस अपने शहर मैं आ रहा हूं फे
  309. 16:46पर मुझे एक फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज देना

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This page contains the full transcript of Friend Request - Yaadon ka IdiotBox with Neelesh Misra Season 1 #92.7 BIG FM by Neelesh Misra, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 2,457 words across 309 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.

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