Forgotten in the Arctic for 4 Years | The Survival Story in hindi — Transcript
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- 0:00साल 1932 आर्कटिक के सबसे सुनसान कोने में
- 0:04जहां समुद्र और कभी ना पिघलने वाली बर्फ
- 0:07एक दूसरे से लिपटे पड़े थे, एक छोटी सी
- 0:10लकड़ी की हट खड़ी थी। जैसे कोई भूला पिसरा
- 0:13रहस्य जो समय ने जानबूझकर छिपा रखा हो। उस
- 0:17हट के अंदर 21 [संगीत] साल की एलेना
- 0:19कार्लसन अकेली बैठी थी। उसकी सांसे इतनी
- 0:22धीमी थी कि लग रहा था जैसे हवा भी उन्हें
- 0:25सुनने से डर रही हो। बाहर तापमान -30° के
- 0:29आसपास गिर चुका था। हवा 60 किमी/ घंटे की
- 0:32रफ्तार से चीख रही थी और आसमान में सूरज
- 0:36पिछले कई हफ्तों से गायब था। पोलर नाइट
- 0:40शुरू हो चुकी थी। वह अंधेरा जो सिर्फ रात
- 0:42नहीं बल्कि समय को ही निगल लेता है। हट के
- 0:45अंदर सिर्फ दो आवाजें बची थी। एक पुरानी
- 0:48घड़ी की टिक टिक जो हर सेकंड को मौत की ओर
- 0:51गिन रही थी और दूसरी एलेना की थीमी थकी
- 0:55हुई सांसे। उसे यहां फंसे हुए पूरे 4 साल
- 0:58हो चुके थे और सबसे डरावनी सच्चाई यह थी
- 1:01कि मेनलैंड पर मौजूद लोग मान चुके थे।
- 1:03एलेना को 3 साल पहले ही बचा लिया गया है।
- 1:06उसकी डायरी के आखिरी पन्ने पर नमी से
- 1:09मुड़े हुए स्याही के निशान में लिखा था
- 1:11अगर कोई यह पढ़ रहा है तो इसका मतलब मैं
- 1:14या तो बच गई या फिर समुद्र ने मुझे हमेशा
- 1:18के लिए अपने पास रख लिया। लेकिन इस कहानी
- 1:20की असली शुरुआत उससे कई साल पहले होती है।
- 1:24जून 1928
- 1:26जब आर्कटिक की बर्फ थोड़ी सी पिघलती है और
- 1:29छोटे सप्लाई जहाज उन इलाकों तक पहुंच पाते
- 1:32हैं जहां इंसान का पहुंचना खुद एक पागलपन
- 1:35लगता है। एलेना कार्लसन एक युवा रिसर्च
- 1:38असिस्टेंट एक सप्लाई मिशन पर शामिल हुई
- 1:41थी। उसके पिता एक एक्सप्लोरर थे। उन्होंने
- 1:44बचपन से उसे सिखाया था डर से भागना नहीं
- 1:47उसे समझना चाहिए। डर को पास आने दो। उसके
- 1:50चेहरे को देखो और फिर फैसला करो कि तुम
- 1:53हारोगे या लड़ोगे। यही वजह थी कि एलेना ने
- 1:56इस खतरनाक मिशन को चुना। उनका छोटा जहाज
- 1:59सात लोगों की टीम के साथ एक दूरदराज
- 2:02आइलैंड की ओर बढ़ रहा था। काम था एक
- 2:05पुराने ट्रैपिंग स्टेशन तक सर्दियों का
- 2:07सामान पहुंचाना। शुरुआत में सब कुछ
- 2:09बिल्कुल सामान्य था। समुद्र शांत था। हवा
- 2:13ठंडी लेकिन स्थिर आसमान साफ। [संगीत]
- 2:15लेकिन आर्कटिक में मौसम कभी वादा नहीं
- 2:18रखता। वह सिर्फ इंतजार करता है सही पल का।
- 2:22तीसरे दिन होराइजन पर धुंध छाने लगी।
- 2:25तापमान अचानक गिर गया। हवा का दबाव तेजी
- 2:28से नीचे जाने लगा। यह कोई चेतावनी नहीं
- 2:31थी। यह मौत का निमंत्रण था। कैप्टन ने
- 2:33वापसी के बारे में सोचा, लेकिन अब बहुत
- 2:36देर हो चुकी थी। तूफान अचानक नहीं आया। वह
- 2:40धीरे-धीरे आया जैसे शिकारी अपने शिकार को
- 2:43घेरता है। पानी भारी लगने लगा। लहरें ऊंची
- 2:47होने लगी। हवा की दिशा बदल गई और उसकी
- 2:49रफ्तार 20 से बढ़कर 70 किमी/ घंटे तक
- 2:53पहुंच गई। जहाज का कंपास बार-बार झटके खा
- 2:56रहा था। विजिबिलिटी घटकर सिर्फ 50 मीटर रह
- 3:00गई। कैप्टन ने एंकर डालने की कोशिश की।
- 3:02लेकिन समुद्र का तल असमान था। चैन ठीक से
- 3:06पकड़ नहीं बना पा रही थी। तभी एक विशाल
- 3:09लहर आई और जहाज को बर्फीली चट्टानों की
- 3:11तरफ धकेल दिया। धड़ाम जहाज का पिछला
- 3:15हिस्सा जोर से टकराया। इंजन तुरंत बंद हो
- 3:18गया। अब हालात [संगीत] पूरी तरह बेकाबू हो
- 3:20चुके थे। जहाज में पानी भरना शुरू हो गया।
- 3:23क्रू ने तुरंत फैसला लिया। इमरजेंसी
- 3:25[संगीत]
- 3:25इवाक्यूएशन। एलेना को पहले ग्रुप के साथ
- 3:28एक इनफ्लेटेबल राफ्ट में भेजा गया ताकि वे
- 3:30पास के आइलैंड तक पहुंच सके जो लगभग 2
- 3:34कि.मी. दूर था। लेकिन आर्कटिक के समुद्री
- 3:36करंट्स सीधे नहीं बहते। वे धोखा देते हैं।
- 3:40[संगीत] कुछ ही मिनटों में राफ्ट अपनी
- 3:41दिशा से भटक गई। हवा अब 80 किमी/ घंटे की
- 3:46रफ्तार [संगीत] से चल रही थी। लहरें राफ्ट
- 3:49को खिलौने की तरह उछाल रही थी। एलेना ने
- 3:51पीछे मुड़कर जहाज की आखिरी झलक देखी।
- 3:54लेकिन धुंध और उड़ती बर्फ ने उसे कुछ ही
- 3:57सेकंड में निगल लिया। करीब 15 मिनट बाद
- 4:00उन्हें जमीन दिखाई दी। लेकिन वह उनका
- 4:03टारगेट आइलैंड नहीं था बल्कि एक छोटा
- 4:06चट्टानी और पूरी तरह निर्जन टापू जिसकी
- 4:09लंबाई मुश्किल से 800 मीटर थी। लहरों ने
- 4:12राफ्ट को किनारे पर पटक दिया। एलेना किसी
- 4:15तरह पत्थरों को पकड़ कर ऊपर चढ़ी। लेकिन
- 4:18बाकी लोग धुंध में कहीं पीछे छूट गए।
- 4:21चारों तरफ सिर्फ सफेद थुंध, तेज हवा और
- 4:24मौत जैसा सन्नाटा। जब एलेना ने पीछे
- 4:27मुड़कर देखा तो उसे सिर्फ खाली समुद्र
- 4:29दिखाई दिया और उसी पल उसे समझ आ गया वह अब
- 4:33पूरी तरह अकेली है। हवा अभी भी तेज गर्जना
- 4:37कर रही थी। एलेना उस ठंडे निर्जन टापू पर
- 4:40अकेली खड़ी थी। उसके कपड़े पूरी तरह भीग
- 4:43चुके थे। हाथ सुन्न पड़ने लगे थे। शरीर
- 4:46तेजी से अपनी गर्मी खो रहा था। उसे पता था
- 4:49आर्कटिक में भूख से पहले इंसान ठंड से
- 4:52मरता [संगीत] है। इसलिए उसने सबसे पहले एक
- 4:54ही चीज सोची
- 4:56ऊपर और सूखी जगह वह लड़खड़ाते हुए पत्थरों
- 5:00पर चढ़ने लगी। हर कदम पर फिसलने का खतरा
- 5:03था। नीचे उफनता समुद्र था जो किसी भी पल
- 5:06उसे निगल सकता था। तेज हवा उसके चेहरे पर
- 5:09बर्फ के नुकीले कण फेंक रही थी जो सुई की
- 5:12तरह चुभ रहे थे। काफी संघर्ष के बाद वह
- 5:15समुद्र तल से करीब 20 से 25 मीटर ऊपर
- 5:19पहुंच गई और तभी उसे दूर एक छोटी सी लकड़ी
- 5:23की हट दिखाई दी। [संगीत] जैसे इस बर्फीली
- 5:25मौत के बीच एक आखिरी उम्मीद खड़ी हो। वह
- 5:28धीरे-धीरे उस हट तक पहुंची। दरवाजा आधा
- 5:32टूटा हुआ था। लकड़ी पुरानी और सड़ी हुई लग
- 5:35रही थी। लेकिन अंदर कदम रखते ही उसे एहसास
- 5:38हुआ यह जगह अभी भी उसे जिंदा रख सकती है।
- 5:42अंदर कुछ पुराने ऑयल ड्रम पड़े थे। एक जंग
- 5:45लगा स्टोव कोने में रखा था। दीवार पर एक
- 5:48पुरानी लैंप टंगी हुई थी। शायद यह किसी
- 5:51पुराने ट्रैपर की छोड़ी हुई शेल्टर थी जो
- 5:53खुद कभी वापस नहीं लौटा। एलेना ने तुरंत
- 5:56अपने भीगे कपड़े उतारे [संगीत] और आसपास
- 5:59ढूंढकर कुछ पुराने सूखे कंबल निकाले। उसके
- 6:03हाथ कांप रहे थे। सांसे तेज हो रही थी।
- 6:06हाइपोथर्मिया धीरे-धीरे उसके शरीर को जकड़
- 6:09रहा था। अगर शरीर का तापमान 35 डिग्री
- 6:12सेल्सियस से नीचे गिर जाए तो कुछ ही
- 6:14मिनटों में इंसान बेहोश हो सकता है। बाहर
- 6:17तूफान लगातार दरवाजे को धक्का दे रहा था।
- 6:20ऐसा लग रहा था जैसे पूरी हट हिल रही हो।
- 6:23लेकिन अंदर एलेना ने किसी तरह खुद को
- 6:26संभाला। उसने आयल ड्रम से थोड़ा फ्यूल
- 6:28निकाला और बहुत सावधानी से स्टोव जलाया
- 6:32क्योंकि वह जानती थी अगर ज्यादा धुआं भर
- 6:34गया तो कार्बन मोनोऑक्साइड उसे बिना आवाज
- 6:37के मार सकता है। धीरे-धीरे हट के अंदर
- 6:40थोड़ी गर्मी फैलने लगी और कई घंटों बाद
- 6:43एलेना ने [संगीत] पहली बार राहत की सांस
- 6:46ली। उस रात वह स्टोफ के पास बैठी रही।
- 6:49नींद उसकी आंखों में थी, लेकिन डर उससे
- 6:52कहीं ज्यादा बड़ा था। हर आवाज उसे चौंका
- 6:54रही थी। दीवारों की चरमराहट, हवा की सीटी
- 6:58जैसी आवाज और बाहर टकराती बर्फ। ऐसा लग
- 7:01रहा था जैसे कोई बाहर खड़ा होकर दरवाजा
- 7:04तोड़ने की कोशिश कर रहा हो। सुबह हुई
- 7:06लेकिन सूरज नहीं निकला। बस हल्की नीली
- 7:10रोशनी आसमान [संगीत] में फैल गई। आर्कटिक
- 7:12में दिन और रात का फर्क धीरे-धीरे खत्म
- 7:16होने लगता है। एलेना ने हिम्मत जुटाई और
- 7:18हट से बाहर निकलकर पूरे आइलैंड का सर्वे
- 7:21किया। यह टापू बहुत छोटा था। करीब 800
- 7:25मीटर लंबा। चारों तरफ सिर्फ चट्टानें और
- 7:27बर्फ। सबसे ऊंची जगह लगभग 40 मीटर की
- 7:31चट्टान थी। जहां से दूर तक समुद्र देखा जा
- 7:34सकता था। उसे समझ आ गया अगर कोई जहाज या
- 7:37विमान यहां से गुजरेगा तो उसे यहीं से
- 7:39दिखेगा। उसने तुरंत एक फैसला लिया। मुझे
- 7:42सिग्नल देना होगा। उसने आसपास से ड्रिफ्ट
- 7:45वुड इकट्ठा करना शुरू किया। ठंडी हवा में
- 7:48झुकी हुई लकड़ियां, समुद्र से बहकर आए
- 7:51टुकड़े सब कुछ। उसने एक जगह [संगीत]
- 7:53इकट्ठा किया और सिग्नल फायर बनाने की
- 7:56कोशिश की। लेकिन हवा उत्तर से दक्षिण की
- 7:59ओर बह रही थी और धुआं समुद्र की तरफ फैल
- 8:02रहा था। मेनलैंड की तरफ नहीं। दिन बीतते
- 8:04गए। मौसम हर कुछ घंटों में बदलता रहा। कभी
- 8:09हल्की धूप तो कभी अचानक बर्फीली आंधी जो
- 8:12शरीर की गर्मी मिनटों में खींच लेती थी।
- 8:15एलेना ने जल्दी समझ लिया। यहां उसका सबसे
- 8:18बड़ा दुश्मन भूख नहीं। ठंड और अकेलापन है।
- 8:21उसने अपने रहने के तरीके को बदलना शुरू
- 8:24किया। हट के चारों तरफ पत्थरों से एक छोटा
- 8:27विंड बैरियर बनाया ताकि हवा सीधे अंदर ना
- 8:30घुसे। ड्रिफ्ट वुड को जमीन से ऊपर रखने के
- 8:33लिए एक छोटा रैक बनाया ताकि लकड़ी सूखी
- 8:35रहे। क्योंकि गीली लकड़ी ज्यादा धुआं देती
- 8:38है और कम गर्मी। एक दिन उसे टापू के
- 8:40किनारे सी बर्ड्स का एक झुंड दिखाई दिया।
- 8:43वहां चट्टानों के बीच कई अंडे पड़े थे। यह
- 8:46उसके लिए एक बड़ा मौका था। उसने धीरे-धीरे
- 8:49चढ़कर अंडे इकट्ठा किए। आर्कटिक में यह
- 8:52अंडे बहुत कीमती होते हैं क्योंकि इनमें
- 8:54हाई फैट होता है जो शरीर को ठंड में ऊर्जा
- 8:58देता है। लेकिन हर बार वहां जाना एक रिस्क
- 9:00था। पतली बर्फ पर पैर फिसल सकता था और
- 9:04नीचे का पानी लगभग शून्य डिग्री सेल्सियस
- 9:07था। अगर कोई उसमें गिर जाए तो कुछ ही
- 9:09मिनटों में शरीर जवाब दे देता है। एक शाम
- 9:13एलेना हट के बाहर खड़ी थी। उसने दूर हो
- 9:15राइजन पर कुछ देखा जैसे कोई जहाज उसका दिल
- 9:19तेजी से धड़कने लगा। उसने हाथ हिलाए
- 9:22चिल्लाई लेकिन कुछ ही सेकंड में धुंध
- 9:24[संगीत] ने उस दृश्य को निगल लिया। वह
- 9:27सिर्फ एक फॉल्स होप था। उसी पल एलेना को
- 9:30पहली बार एहसास हुआ। शायद उसे बचाने कोई
- 9:34जल्दी नहीं आने वाला। और अब सर्वाइवल
- 9:36सिर्फ इंतजार नहीं बल्कि हर दिन की लड़ाई
- 9:39बनने वाला था। और यह लड़ाई अभी बस शुरू
- 9:42हुई थी। दिन अब धीरे-धीरे एक जैसे लगने
- 9:45लगे थे। ना कोई नया चेहरा, ना कोई आवाज,
- 9:48बस बर्फ, हवा और अनंत सन्नाटा। लेकिन
- 9:52एलेना अब सिर्फ जिंदा नहीं रह रही थी। वह
- 9:54सीख चुकी थी कैसे जिंदा रहना है। उसने
- 9:57अपने दिन को हिस्सों में बांट लिया था।
- 9:59[संगीत] सुबह ड्रिफ्ट वुड इकट्ठा करना,
- 10:02दोपहर सी बर्ड्स के अंडे ढूंढना और शाम हट
- 10:05को मजबूत करना क्योंकि आर्कटिक में छोटी
- 10:08सी गलती भी जान ले सकती है। तापमान अब -
- 10:1225° से नीचे गिरने लगा था और कई बार हवा
- 10:1690 किमी/ घंटे की रफ्तार से चलती। ऐसे में
- 10:19बाहर कुछ मिनट से ज्यादा रहना खुद को मौत
- 10:22के हवाले करने जैसा था। एलेना ने हट के
- 10:25चारों तरफ बर्फ और पत्थरों से एक मोटी
- 10:27दीवार बना दी ताकि हवा सीधे अंदर ना घुसे।
- 10:31उसने स्टोव के आसपास भी एक छोटा सा घेरा
- 10:33बनाया जिससे गर्मी ज्यादा देर तक टिक सके।
- 10:37अब वह हर चीज सोच समझ कर करती थी। हर कदम,
- 10:41हर सांस क्योंकि यहां गलतियों की कोई
- 10:43दूसरी चांस नहीं थी। लेकिन असली खतरा अभी
- 10:47तक सामने नहीं आया था। एक रात जब बाहर
- 10:50पूरी तरह अंधेरा था और हवा अजीब सी आवाजें
- 10:53कर रही थी। तभी थक थक हट के दरवाजे पर कुछ
- 10:57टकराया। एलेना एकदम सन्न रह गई। उसने सांस
- 11:01रोक ली। कुछ सेकंड तक सब कुछ शांत रहा।
- 11:04फिर भारी कदमों की आवाज जैसे कोई बड़ा
- 11:08जानवर हट के चारों तरफ घूम रहा हो। एलेना
- 11:11धीरे-धीरे उठी और खिड़की के छोटे से छेद
- 11:13से बाहर झांका और जो उसने देखा [संगीत]
- 11:16उसने उसके शरीर में ठंड से भी ज्यादा डर
- 11:19भर दिया। बर्फ पर साफ दिखाई दे रहे थे
- 11:22विशाल पंजों के निशान पोलर पेयर आर्कटिक
- 11:26का सबसे खतरनाक शिकारी। जिसके लिए इंसान
- 11:29सिर्फ एक और शिकार होता है। एलेना का दिल
- 11:32जोर-जोर से धड़कने लगा। वह जानती थी अगर
- 11:35वह भालू इस हट के अंदर घुस गया तो सब कुछ
- 11:38खत्म। उसने तुरंत दरवाजे के पीछे भारी आयल
- 11:42ड्रम खींच कर लगा दिए। पत्थरों को जमा कर
- 11:44दिया ताकि दरवाजा आसानी से ना खुले। उसने
- 11:48स्टोव की आग भी धीमी कर दी क्योंकि ज्यादा
- 11:51रोशनी और गंध भालू को और आकर्षित कर सकती
- 11:54थी। बाहर से आवाजें और तेज होने लगी। खर
- 11:59खुर्र जैसे कोई नाखूनों से लकड़ी को खरौंच
- 12:02रहा हो। कभी भारी सांसों की आवाज कभी
- 12:05दरवाजे पर हल्का धक्का। उस छोटे से बंद
- 12:08कमरे में बैठी एलेना के लिए हर आवाज कई
- 12:11गुना डरावनी हो चुकी थी। समय जैसे रुक गया
- 12:14था। 1 मिनट 1 घंटे जैसा लग रहा था। फिर
- 12:17अचानक सब कुछ शांत हो गया। एलना [संगीत]
- 12:21कई घंटों तक वहीं बैठी रही। हिलने की
- 12:23हिम्मत भी नहीं हुई। जब सुबह की हल्की
- 12:26नीली रोशनी आई तब उसने धीरे से दरवाजा
- 12:29खोला। बाहर पूरी बर्फ पर हट के चारों तरफ
- 12:34पोलर बेयर के पंजों के ताजा निशान थे। कुछ
- 12:37जगहों पर दीवार पर खरोच के निशान भी।
- 12:40एलेना को अब समझ आ गया था अब खतरा सिर्फ
- 12:43ठंड नहीं है। अब वह किसी के इलाके में घुस
- 12:45चुकी है। उस दिन के बाद उसने अपने
- 12:48सर्वाइवल के तरीके बदल दिए। खाने के सारे
- 12:51अवशेष उसने हट के पास रखना बंद कर दिया।
- 12:55अंडों के छिलके दूर समुद्र किनारे फेंकने
- 12:57लगी ताकि कोई गंध भालू को यहां तक ना
- 13:00खींचे। लेकिन असली चुनौती अब भी बाकी थी।
- 13:04धीरे-धीरे पोलर नाइट पूरी तरह शुरू हो
- 13:07चुकी थी। अब सूरज बिल्कुल गायब था। 24
- 13:10घंटे सिर्फ अंधेरा। ऐसा अंधेरा जिसमें समय
- 13:13का कोई मतलब नहीं रहता। दिन और रात का
- 13:16फर्क खत्म हो जाता है। एलेना ने दीवार पर
- 13:19निशान बनाकर दिन गिनना शुरू किया। एक दो
- 13:23तीन लेकिन कुछ हफ्तों बाद उसे खुद ही
- 13:26भरोसा नहीं रहा कि वह सही गिन रही है या
- 13:29नहीं। अकेलापन अब उसके दिमाग पर असर डालने
- 13:32लगा था। कभी-कभी उसे लगता जैसे कोई उसका
- 13:35नाम पुकार रहा है। कभी दूर कभी बहुत पास।
- 13:38एक रात उसे साफ-साफ सुनाई दिया एलेना।
- 13:42वह तुरंत बाहर भागी। दिल जोर से धड़क रहा
- 13:45था। उम्मीद जगी शायद कोई उसे ढूंढने आया
- 13:48है। लेकिन बाहर सिर्फ हवा थी जो चट्टानों
- 13:52से टकराकर इंसानी आवाज जैसी लग रही थी। वह
- 13:56पहली बार था जब एलेना को एहसास हुआ उसका
- 13:59सबसे बड़ा दुश्मन अब प्रकृति नहीं। उसका
- 14:02खुद का दिमाग बनता जा रहा है। फिर भी उसने
- 14:06हार नहीं मानी। हर दिन वह सिग्नल फायर के
- 14:09लिए लकड़ियां जमा करती रही। हर दिन वह उस
- 14:12चट्टान पर चढ़कर दूर तक देखती रही क्योंकि
- 14:15उसके अंदर एक उम्मीद अभी भी जिंदा थी। एक
- 14:19दिन कोई जरूर आएगा। लेकिन उसे नहीं पता था
- 14:23कि जिस दुनिया से वह मदद की उम्मीद कर रही
- 14:25है, वह दुनिया उसे पहले ही भुला चुकी है।
- 14:29महीने बीतते गए और धीरे-धीरे वक्त जैसे थम
- 14:33[संगीत] सा गया। पोलर नाइट खत्म होने में
- 14:35बहुत समय लगा। लेकिन जब आखिरकार होराइजन
- 14:39पर हल्की रोशनी लौटने लगी तो एलेना ने
- 14:41पहली बार महसूस किया वह अब भी जिंदा है।
- 14:45यह उसके आइलैंड पर पूरे एक साल होने का
- 14:47संकेत था। उसकी डायरी के पन्ने नमी से
- 14:50मुड़ चुके थे। दीवार पर बने निशान इतने
- 14:54ज्यादा हो गए थे कि उसे गिनना भी मुश्किल
- 14:56लगने लगा। समर के छोटे महीनों में तापमान
- 14:59थोड़ा बढ़ा। बर्फ पिघलने लगी और छोटे-छोटे
- 15:03पानी के गड्ढे बनने लगे। [संगीत] एलेना उन
- 15:05पानी को कपड़े से छान कर पीती थी क्योंकि
- 15:08उसे पता था कि समुद्र का खारा पानी उसे और
- 15:12कमजोर बना देगा। उसने कई बार सील का शिकार
- 15:15करने की कोशिश की लेकिन बिना हथियार के यह
- 15:18लगभग नामुमकिन था। इसलिए वह अभी भी सी
- 15:21बर्ड्स के अंडों और ड्रिफ्ट वुड पर ही
- 15:23निर्भर थी। दूसरा साल फिर वही ठंड, वही
- 15:27तूफान, वही अकेलापन। लेकिन अब एलेना बदल
- 15:31चुकी थी। उसने हट की छत को और मजबूत किया।
- 15:34पत्थरों और लकड़ियों से उसे कसकर बांधा
- 15:36ताकि 100 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाएं भी
- 15:39उसे गिरा ना सके। तीसरे साल तक उसके कपड़े
- 15:42जगह-जगह से फट चुके थे। उसने उन्हें
- 15:45बार-बार जोड़कर पहना। उसके हाथों की त्वचा
- 15:48ठंड से फट चुकी थी। चेहरे पर सख्ती आ चुकी
- 15:51थी। लेकिन उसकी आंखों में अब भी एक ज़िद
- 15:54थी। जिंदा रहने की ज़िद। उधर मेनलैंड पर
- 15:58सर्च ऑपरेशन पहले साल में ही बंद कर दिया
- 16:01गया था। रिकॉर्ड में लिख दिया गया था
- 16:03एलेना कार्लसन रेस्क्यूड। यानी जिस दुनिया
- 16:07से वह उम्मीद लगाए बैठी थी, वह दुनिया उसे
- 16:10पहले ही बचा चुकी थी। [संगीत] एलेना को इस
- 16:13सच्चाई का कोई अंदाजा नहीं था। उसके लिए
- 16:15हर दिन एक नई उम्मीद लेकर आता था। चौथे
- 16:20साल की गर्मियों में जब बर्फ फिर से थोड़ी
- 16:22पिघली और सूरज कई घंटों तक आसमान में रहने
- 16:26लगा। एलेना ने एक बड़ा फैसला लिया। अब
- 16:29सिर्फ आग नहीं [संगीत] कुछ ऐसा बनाना होगा
- 16:32जो आसमान से भी दिखे। वह आइलैंड की सबसे
- 16:35ऊंची चट्टान पर छड़ी। उसने ड्रिफ्ट वुड,
- 16:38पत्थर और जली हुई लकड़ी के कोयले से जमीन
- 16:42पर एक बहुत बड़ा निशान बनाया। करीब 15
- 16:45मीटर लंबा ऐसा पैटर्न जो नेचुरल नहीं लग
- 16:48सकता था क्योंकि उसे समझ आ चुका था धुआं
- 16:51हमेशा हवा में खो जाता है लेकिन निशान
- 16:55रहते हैं दिन बीता फिर एक और दिन फिर एक
- 16:59आवाज घू ऊ एलना ने सिर उठाया और 4 साल में
- 17:04पहली बार उसने सच में एक इंजन की आवाज
- 17:07सुनी उसका दिल रुक सा गया वह दौड़कर
- 17:10चट्टान के किनारे पहुंची और आसमान की तरफ
- 17:12देखा एक छोटा एयर एयरक्राफ्ट दूर उड़ता
- 17:15हुआ दिखाई दे रहा था। उसने हाथ हिलाए
- 17:18चिल्लाई।
- 17:20भागी। एयरक्राफ्ट ने एक चक्कर लगाया। फिर
- 17:24धीरे-धीरे नीचे आया। उस पल एलेना समझ गई।
- 17:28यह कोई भ्रम नहीं है। यह सच है। कुछ घंटों
- 17:31बाद एक रेस्क्यू शिप आइलैंड के किनारे
- 17:33पहुंचा। जब दरवाजा खुला और लोग बाहर आए तो
- 17:37एलेना कुछ पल के लिए बस उन्हें देखती रह
- 17:39गई। जैसे उसका दिमाग यकीन ही नहीं कर पा
- 17:42रहा था कि वह बच गई है। 4 साल का इंतजार,
- 17:464 साल की लड़ाई, 4 साल का अकेलापन सब उस
- 17:50एक पल में खत्म हो गया। जब उसे शिप पर
- 17:52चढ़ाया गया तो उसने आखिरी बार उस आइलैंड
- 17:55को देखा। वही हट, वही चट्टान, वही बर्फ,
- 17:59जहां उसने मरने के बजाय जीना चुना था। बाद
- 18:03में इन्वेस्टिगेशन में पता चला कि जहाज
- 18:06दुर्घटना के बाद भेजा गया डिस्ट्रेस
- 18:08सिग्नल अधूरा था और सिस्टम में एक गलती की
- 18:11वजह से एलेना को रेस्क्यूड मार्क कर दिया
- 18:14गया था। यानी वह 4 साल तक अकेली नहीं थी।
- 18:18वह भुला दी गई थी। एलेना की कहानी सिर्फ
- 18:21सर्वाइवल की कहानी नहीं है। यह एक सच्चाई
- 18:24है। कभी-कभी इंसान को प्रकृति नहीं हराती
- 18:28या बल्कि एक छोटी सी इंसानी गलती उसे पूरी
- 18:32दुनिया से अलग कर देती है। और फिर भी अगर
- 18:35इंसान के अंदर उम्मीद जिंदा हो तो वह
- 18:39बर्फ, तूफान और मौत के बीच भी जीने का
- 18:43रास्ता ढूंढ ही लेता है। अगर आपको एलेना
- 18:46की यह अविश्वसनीय सर्वाइवल स्टोरी पसंद आई
- 18:48हो तो इस वीडियो को लाइक जरूर करें और
- 18:51अपने दोस्तों के साथ शेयर करें। ऐसी ही
- 18:54सच्ची, रहस्यमई और दिल दहला देने वाली
- 18:56कहानियां देखने के लिए हमारे चैनल को
- 18:59सब्सक्राइब करना बिल्कुल मत भूलिए। और
- 19:02जाते-जाते मुझे कमेंट करके जरूर बताइए कि
- 19:05आप यह वीडियो दिल्ली, मुंबई, भारत के किसी
- 19:07भी शहर या दुनिया के किसी भी कोने से देख
- 19:10रहे हैं। मैं आप सभी के कमेंट पढ़ता हूं
- 19:12और जितना हो सके उनका जवाब भी देता हूं।
- 19:16आपका एक कमेंट और एक लाइक हमें अगली
- 19:18[संगीत]
- 19:19ऐसी शानदार वीडियो बनाने के लिए बहुत
- 19:21मोटिवेट करता है। मिलते हैं अगली रोमांचक
- 19:24और सच्ची कहानी के साथ। तब तक अपना ख्याल
- 19:27[संगीत] रखिए। धन्यवाद।
- 19:38ओम
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This page contains the full transcript of Forgotten in the Arctic for 4 Years | The Survival Story in hindi by Rejuvenate things , generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 3,157 words across 385 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.
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