FALL - 2026 | GOSPLE | CLASS 3 — Transcript
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- 0:00कृपालु परमेश्वर
- 0:02पिता हम धन्यवाद करते हैं सुंदर समय के
- 0:04लिए प्रभु आपकी उपस्थिति में हम इस क्लास
- 0:07को कर रहे हैं परमेश्वर पवित्र आत्मा
- 0:09हमारी मदद करें कि हम किस रीती से सुनते
- 0:12हैं और क्या सुनते हैं परमेश्वर प्रभु इस
- 0:15क्लास को परमेश्वर आप अभिषेक करना एन करना
- 0:18प्रभु ताकि हम परमेश्वर जो सुनते हैं जो
- 0:20बोलते हैं प्रभु वो आपकी आत्मा की सहायता
- 0:23से परमेश्वर हम समझ सके और उसका उपयोग कर
- 0:27सके अपनी जिंदगी में प्रभु प्रार्थना करते
- 0:29हैं जो जो लोग यहां पर है परमेश्वर प्रभु
- 0:32आप हर किसी के साथ में रहना परमेश्वर उनके
- 0:34ध्यान को एकाग्र करना प्रभु जो भी वो
- 0:36सुनते हैं लिखते हैं प्रभु परमेश्वर आप
- 0:39उनकी सहायता और मदद करना परमेश्वर हम
- 0:41धन्यवाद करते हैं प्रभु प्रभु हम
- 0:43प्रार्थना करते है परमेश्वर ऑनलाइन के
- 0:45स्टूडेंट के लिए परमेश्वर जो लोग ऑनलाइन
- 0:47लेते हैं प्रभु वो लोग अपने नोट्स को लिख
- 0:49सके पिता हमारी मदद कीजिए सहायता कीजिए
- 0:52परमेश्वर हम आपकी उपस्थिति में चलना चाहते
- 0:54हैं परमेश्वर आप हमारी मदद करना सहायता
- 0:56करना धन्यवाद करते हैं प्रार्थना अपना
- 0:59यीशु के नाम से मांगते हैं। आमीन। ओके। सो
- 1:01आप सभी का स्वागत है क्लास नंबर दो में।
- 1:04सो पिछले कुछ [गला साफ़ करने की आवाज़]
- 1:05क्लासेस के हम रिव्यु करेंगे। पिछला क्लास
- 1:07हमने सीखा था वन और टू। मतलब क्लास नंबर
- 1:09एक था। तो आप लोगों में से कुछ बोलना
- 1:11चाहें कि पिछले क्लास में हमने किन चीजों
- 1:13को कवर किया था। तो आप बता सकते हैं पिछले
- 1:15क्लासेस का। जस्ट क्विक रिव्यु कर सकते
- 1:18हैं हम। कि पिछले क्लास में हमने कौन-कौन
- 1:21सी मुख्य चीजें कवर की थी? दो चीजें बहुत
- 1:24इंपॉर्टेंट थी हमारे बाइबल कॉलेज के लिए
- 1:26कि जहां पर हमने दो वचनों को सुना था।
- 1:28मरकुस का चार अध्याय वचन नंबर 24 कहता है
- 1:30कि आप क्या सुनते हो? व्हाट यू हियर?
- 1:33एकिसियस फाइव वन में जब हमने वचन पढ़ा था
- 1:36तो उसमें ये लिखा था कि व्हेन यू एंटर
- 1:38हाउस ऑफ द लॉर्ड जब तुम परमेश्वर के भवन
- 1:41में प्रवेश करो तो तुम्हें क्या करना
- 1:43पड़ेगा? अपने कानों को सुनने के लिए खोलना
- 1:47पड़ेगा। तो जब हम बाइबल क्लास में होते
- 1:49हैं, परमेश्वर की उपस्थिति में होते हैं,
- 1:51पर्सनल डिवोशन में होते हैं तो मुझे क्या
- 1:53करना पड़ेगा? अपने कानों को खोलना पड़ेगा।
- 1:55तो लेकिन बाइबल हमें क्लियरली बताती है दो
- 1:57वचनों के विषय में कि आप क्या सुनते हो और
- 2:01किस रीती से सुनते हो। क्या सुनने का मतलब
- 2:04क्या होता है कि संसार में बहुत सारी
- 2:05आवाजें हैं जिन आवाजों में से एक आवाज
- 2:08परमेश्वर की ही होती है। आप क्या सुनते
- 2:10हो? कई बार क्या होता है कि संसार की आवाज
- 2:13के बीच में परमेश्वर की आवाज दब जाती है।
- 2:16कई बार हम अपनी आवाज को ऊंचा रखते हैं।
- 2:18परमेश्वर की आवाज को नीचा रखते हैं। इसलिए
- 2:21वो कहता है लेखक कि जब तुम परमेश्वर के
- 2:23भवन में एंट्री करो एक्सियस फाइव वन में
- 2:26तो क्या करो रेडी टू हियर सुनने के लिए
- 2:29तुम तैयार रहो दूसरा पंक्ति क्या कहता था
- 2:32लुका का ए 18 क्या कहता था हाउ यू हियर
- 2:36तुम किस रीति से सुनते हो जब तुम बाइबल के
- 2:39पन्नों को पलटते हो तो क्या तुम परमेश्वर
- 2:41से मुलाकात करना चाहते हो या नहीं करना
- 2:43चाहते हो क्या तुम बस एक रूटीन की तरह
- 2:46फॉलो करते हो कि मुझे आज पांच पेज पढ़ना
- 2:48है पांच अध्याय पढ़ना है 10 पंक्तियां
- 2:50पढ़ना है परमेश्वर कहता है कि तुम किस
- 2:53रीति से सुनते हो सुन सुनने का मतलब है कि
- 2:55तुम्हारा एटीट्यूड क्या होता है। जब तुम
- 2:58परमेश्वर के वचन से खुद को ऊंचा रखते हो
- 3:01तो क्या होता है? परमेश्वर कहता है कि तुम
- 3:03वचन से शिक्षा लेने के लायक नहीं हो।
- 3:06लेकिन जब हम परमेश्वर के सम्मुख जाते हैं,
- 3:08डिवोशन लाइफ में जाते हैं, क्लास में जाते
- 3:10हैं, चर्च में जाते हैं तो हमारा एटीट्यूड
- 3:13क्या होना चाहिए? परमेश्वर मुझे नम्र कर
- 3:15ताकि मैं क्या कर सकूं? आपके वचनों से मैं
- 3:18कुछ सीख सकूं, कुछ मैं समझ सकूं। हमने
- 3:21क्या बात किया था कि जो बाइबल पढ़ते हैं
- 3:23वो लोग समझते नहीं है तो क्या हुआ था यीशु
- 3:25मसीह ने खुद क्या किया था समझा दिया था जब
- 3:29हम परमेश्वर के सामने नम्र होते हैं तो
- 3:31क्या करता है परमेश्वर हमें अपने बाइबल की
- 3:34पंक्तियों से हमारे जीवन के लिए क्या है
- 3:37उसका वो अर्थ सही तरीके से हमको समझाता है
- 3:40उसके लिए क्या करना पड़ेगा हमको नम्र होना
- 3:42पड़ेगा और क्या था कि दो चीजों के बारे
- 3:45में हमने देखा था सिंबॉलिक लैंग्वेज और
- 3:48क्या था टाइपोलॉजिकल लैंग्वेज तो दोनों
- 3:50में अंतर क्या होता है कि जब आप बाइबल को
- 3:53पढ़ोगे अब ये चीजें क्या गोस्पल्स की जो
- 3:55किताब है उसमें दृष्टांतों में बात है।
- 3:57हिस्ट्री है, ज्योग्राफीस है, यीशु मसीह
- 3:59की पूरा जीवनी है, चेलों का है, उद्धार की
- 4:02योजना है, बहुत सारी चीजें हैं। लेकिन जब
- 4:05तक आप इन चीजों को नहीं समझोगे जब तक क्या
- 4:07होगा कि हमें समझने में थोड़ी दिक्कत
- 4:09होगी। सिंबॉलिक लैंग्वेज का मतलब क्या था?
- 4:12सांकेतिक भाषा।
- 4:13सांकेतिक भाषा। यानी उसका मतलब क्या था?
- 4:15कि जब कोई अननोन चीज को रिप्रेजेंट करने
- 4:19के लिए आप कोई नोन चीज की सहायता करते हो
- 4:22उसको क्या बोलते हैं? सिंबल। जैसे कि क्या
- 4:24हमने दृष्टांत में क्या बात किया था? यीशु
- 4:26मसीह ने बोला कि एक बीज बोने वाला बीज
- 4:29बोने के लिए निकलता है। तो ये क्या था?
- 4:31सिंबॉलिक लैंग्वेज। यानी किसी संदे मतलब
- 4:34संकेतों में बात करना। जब हम दृष्टांतों
- 4:38को पढ़ेंगे तो क्या होगा कि हमें समझना
- 4:39पड़ेगा कि यीशु मसीह कौन सी सिंबल में बात
- 4:42कर रहे हैं। तो बीच क्या दर्शाता था?
- 4:44परमेश्वर के वचन को जिस भूमि में फेंका
- 4:47गया वो क्या था? मनुष्य का हृदय था। तो ये
- 4:50क्या है? सिंबल है। टाइपोलॉजिकल क्या था?
- 4:53टाइपोलॉजिकल का मतलब क्या है? आदि रूप।
- 4:56टाइप के दो मीनिंग था। एक क्या था? टाइप
- 4:59और एक एंटी टाइप। तो टाइप का मतलब क्या
- 5:02था? जो सिर्फ पुराने नियम में इस्तेमाल
- 5:05होता था। लेकिन एंटी टाइप में क्या होता
- 5:07था? कि नए नियम में उसकी पूर्ति होती थी।
- 5:10पूरा होता था। जो हमने भविष्यवाणियां, जो
- 5:13हमने पंक्तियां प्रभु यीशु मसीह के बारे
- 5:15में पुराने नियम में पढ़ी, वो क्या होंगी?
- 5:18हमको नए नियम में पूरी होती हुई कहां पे
- 5:20दिखाती है। जैसे कि प्रभु यीशु मसीह
- 5:22पुराने नियम में क्या लिखा है? परमेश्वर
- 5:24का मेमना क्या होगा? बलिदान होगा। लेकिन
- 5:26क्या नए नियम में वो पंक्ति पूरी होती हुई
- 5:29दिखती है हमको? कहां पे दिखती है? जब जॉन
- 5:32द बेप्टिस्ट ने यीशु मसीह को देखा तो क्या
- 5:35बोला उसने?
- 5:37देखो परमेश्वर का वो मेमना। तो यानी टाइप
- 5:40क्या था? पुराने नियम में था। एंटी टाइप
- 5:42क्या है? उसकी पूर्ति करता है। ओके? और
- 5:46हमने बात किया था पिछले क्लास में कि
- 5:48गोस्पल लिखने का पर्पस क्या है? चार ही
- 5:50गोस्पल्स क्यों है? कई गोस्पल्स हो सकते
- 5:52थे पर चार ही गोस्पल्स क्यों है? चारों
- 5:55गोस्पल्स में क्या है? गोस्पल्स की किताब
- 5:56पहले क्यों रखी गई है? क्योंकि गोस्पल्स
- 5:58की किताब पहले इसलिए रखी गई है कि हम यीशु
- 6:00मसीह के बारे में सीखते हैं। ओके। यीशु
- 6:02मसीह का जीवन कहां पर दिखता है? हमें इन
- 6:04चार किताबों के बीच में दिखता है। दूसरा
- 6:07क्या था? प्रेरितों की किताब क्यों रखी गई
- 6:09उसके बाद में कि प्रेरितों की किताब में
- 6:11पहले हमारे लिए क्या है? उद्धार की योजना
- 6:13है। सेल्वेशन हमको कहां से पाना है?
- 6:15गोस्पल्स की किताब में हमको देखने को
- 6:17मिलता है। लेकिन जब हमने गोस्पल्स पा लिया
- 6:19उसके बाद क्या आता है? एक्ट्स की किताब
- 6:21आती है। तो एक्ट्स में क्या दिखता है?
- 6:22देखने को हमको कि पवित्र आत्मा मिलता है।
- 6:24उसके बाद में कलीसिया फैलती है। तो क्या
- 6:26होता है कि पूरे संसार में चर्च का फैलाव
- 6:30होता है। उसके बाद में क्या आता है? जब
- 6:32कलीसिया फैल जाती है तो क्या होता है?
- 6:34लेटर्स आते हैं। लेटर्स का मतलब लेटर्स
- 6:36में क्या था? डॉक्ट्रिस थी कि अब हमने
- 6:38विश्वास पा लिया। कलीसिया भी फैल गई है।
- 6:41लेकिन अब मुझे कलीसिया के लोगों को
- 6:43स्ट्रांग करना है तो मुझे क्या करना
- 6:44पड़ेगा? लोगों को डॉक्ट्रिंस सिखाना
- 6:47पड़ेगा। उसके बाद क्या आता था? रेवोलेशन
- 6:50की किताब। रेवुलेशन में क्या दिखता है कि
- 6:52एक उद्धार पाए व्यक्ति की एक जीवन उसे
- 6:56फ्यूचर में क्या मिलेगा? एक हमको क्या
- 6:58मिलता है? एक झलक देखने को मिलती है। तो
- 7:00ये चीजें कहती है कि हमको गोस्पल्स की
- 7:02किताबों में मिलता है। ओके और कुछ कोई चीज
- 7:05ऐसी जो मतलब हम भूल रहे हैं पिछले क्लासेस
- 7:08से
- 7:13चार पॉइंट देना मति यीशु मसीह को राजा
- 7:17यस ओके सो यस तो अब हम उस चीज को कवर
- 7:21करेंगे कि जो चार चीजें हैं हमारी किताबें
- 7:24कितनी है गोस्पल्स की
- 7:29ओके। पहली किताब है वो मती की किताब है।
- 7:32मैथ्यू दूसरी किताब क्या है?
- 7:36मार्क। तीसरा क्या है? लोक चौथा है जॉन।
- 7:41ओके? तो इसमें से हम इन चार किताबों को जब
- 7:44पढ़ते हैं तो इन किताबों को जब हम पढ़ते
- 7:46हैं तो इसमें हमें कुछ विशेषता दिखाई
- 7:48पड़ती है। पहली जो तीन किताबें हैं उनको
- 7:51क्या बोलते हैं हम लोग? सेनोप्टिक गोस्टल।
- 7:55सेप्टिक का मतलब होता है एक जैसी दिखने
- 7:59वाली। मत्ती पढ़ोगे, मरकुस पढ़ोगे, लूका
- 8:02पढ़ोगे तो आपको क्या दिखेगा? एक जैसी
- 8:04किताबें दिखेंग। यानी इनमें जो घटनाएं हैं
- 8:07वो लगभग में सिमिलर है। इसे बोलते हैं हम
- 8:09लोग सनपट्टिक गोस्पल। लेकिन जब हम जॉन को
- 8:11पढ़ते हैं तो ये टोटल क्या है? बिल्कुल
- 8:14डिफरेंट दिखती है। तो मत्ती किसको लिखी गई
- 8:16थी? जस यानी यहूदों यहूदियों को लिखी गई
- 8:21थी। मरकुस किसको लिखी गई है?
- 8:23रोमंस लोगों को। और लू किसको लिखा गया था?
- 8:27ग्रीक यानी यूनानी लोगों को। जॉन किसको
- 8:30लिखा गया था?
- 8:32वर्ल्ड यानी संसार को। जब हमने इन किताबों
- 8:36के बारे में जब हम पढ़ा पढ़ना शुरू करेंगे
- 8:38तो कुछ चीजें हमको बहुत ही डिफरेंट दिखाई
- 8:40पड़ेंगी कि जब मत्ती लिखता है तो वो जस को
- 8:42लिखता है। मरकुस लिखता है तो रोमंस को
- 8:44लिखता है। लूक लिखता है तो ग्रीक को लिखता
- 8:46है। जॉन लिखता है तो वर्ल्ड को लिखता है।
- 8:48लेकिन इसमें कुछ चीजें हमें ये समझना
- 8:50पड़ेगा कि मैथ्यु ने अगर जूस को लिखा है
- 8:53तो हम उसका एक्सप्लेन कैसे करें कि वो जूस
- 8:56को लिखता है। तो इसका जब मत्त ने लिखना
- 8:58शुरू किया जस को तो उसका रीज़न क्या हो
- 9:01सकता है? ये क्या कहता है? मैथ्यु जब
- 9:03लिखना प्रारंभ करता है तो वो कहता है कि
- 9:05यीशु मसीह क्या है? हमारा राजा है। किंग
- 9:08की तरह वो उसको पेश करता है। किंग की तरह
- 9:11बोलता है तो यीशु मसीह क्या है? हमारा
- 9:12राजा है। लेकिन हम इस चीज की सच्चाई को
- 9:15समझेंगे कि इसने किंग के रूप में इसको
- 9:18प्रदर्शित क्यों किया? ओके।
- 9:22जब मंत्री लिखना शुरू किया जूस को
- 9:24यहूदियों के लिए तो यहूदियों के लिए सबसे
- 9:27महत्वपूर्ण बात क्या थी? सबसे महत्वपूर्ण
- 9:30बात उनके लिए जो होती थी वो क्या होती थी
- 9:32जैमिलॉजी
- 9:35मतलब वंशावली
- 9:38आपने गोस्पल की किताब में जब आप पढ़ते हैं
- 9:40गोस्पल की किताब तो गोस्ली किताब में कहीं
- 9:42देखा फरीसियों को या यहूदियों को किसी भी
- 9:45व्यक्ति को यीशु मसीह से ये पूछा हो कि
- 9:47आपकी वंशावली क्या है? कहीं वंशावली ऊपर
- 9:49विवाद किया उन्होंने कभी पूछा नहीं बोला।
- 9:52क्यों नहीं बोला? क्योंकि जब मत्ती ने
- 9:53लिखना शुरू किया तो उसने पहली पंक्ति क्या
- 9:55लिखी? पढ़ो मैथ्यु वर्ण में क्या लिखा
- 9:57उसने?
- 10:11कोई भी पढ़ सकते हो मैथ्यू वन वन
- 10:15अब्राहम की संतान दाऊद की संतान
- 10:17ओके दो वर्ड क्या है अब्राहम एंड डेविड
- 10:22ओके यहूदियों के लिए ये दो नाम सबसे
- 10:24महत्वपूर्ण थे ठीक अब्राहम और डेविड
- 10:27क्योंकि परमेश्वर ईश्वर ने कई हजार साल
- 10:29पहले वायदा किया था कि जो राजा आएगा वो
- 10:33किस वंशावली से आएगा? अब्राहम से वायदा
- 10:35किया था और दाऊद के सिंहासन से वो आएगा।
- 10:38तो उनके लिए सिर्फ मैटर करता था कि हमारी
- 10:40वंशावली में ये होना चाहिए। ओके? अब एक
- 10:43सवाल है आपसे कि सोचो कल को आपके दरवाजे
- 10:46पर एक व्यक्ति आता है। ठीक? और वो दरवाजा
- 10:49खटखटाता है और आपसे ये कहता है कि मैं
- 10:51राजा हूं। तो सबसे पहला आप सवाल क्या
- 10:53करोगे? कि आप राजा हो तो आप क्या बोलोगे
- 10:55उससे?
- 10:57अगर कोई व्यक्ति राजा होने का दावा करता
- 10:59है तो आप उससे पहला सवाल क्या करोगे?
- 11:02किस नगर के राजा हो या किस जगह के?
- 11:06यस। किस नगर के या किस जगह के राजा हो?
- 11:09ओके। और क्या पूछ सकते हैं हम उससे?
- 11:12हम उससे ये भी पूछेंगे कि अगर आप राजा
- 11:15होने का दावा करते हो तो आप बताओ कि आप
- 11:17किस वंश से आते हो? आप किस राजा के पुत्र
- 11:20हो ना? मतलब हमारे देश में या कई जगहों पे
- 11:23बहुत सारे राजा हुए। लेकिन जब आप ये कहते
- 11:25हो कि मैं राजा का बेटा हूं तो मैं उससे
- 11:27ये पूछूंगा कि अपनी वंशावली बताओ कि आप
- 11:30किस बेटे किस राजा के चलते चले जा रहे
- 11:31क्योंकि आज के समय में आप राजा को देख के
- 11:33पहचान नहीं सकते हो कि उसके पास क्या मतलब
- 11:35पुस्त जमीन है कौन से उसके पास वंश है
- 11:38नहीं लेकिन आप पहला सवाल उससे यही करोगे
- 11:40कि आप अपने खानदान के बारे में बताओ कि आप
- 11:43किस राजा के बेटे हो तो जब यह जब वो उसने
- 11:47लिखना शुरू किया मैथ्यों ने तो इनके लिए
- 11:49सिर्फ मैटर क्या करता था वंशावली इनके लिए
- 11:51मैटर करती थी कि अगर कोई व्यक्ति व्यक्ति
- 11:54राजा होने का दावा करेगा तो क्या होना
- 11:56चाहिए? उसकी वंशावली मुझे पता होनी चाहिए।
- 11:58तो उसने क्या किया? मैथ्यू ने जब लिखना
- 12:00शुरू किया तो क्या किया? पूरा अब्राहम से
- 12:03लेके दाऊद तक उसने पूरा वंशावलियों को कवर
- 12:06कर दिया। ठीक? तो अब वहां से क्या हुआ कि
- 12:08कोई डाउट ही उनके पास नहीं रहा। उसने बोला
- 12:11कि हां यही क्या है? राजा है। ठीक? दूसरा
- 12:14क्या लिखा उसने? मरकुश जब लिखना प्रारंभ
- 12:17करता है तो वो कहता है कि मैंने अपनी जो
- 12:19किताब लिखी वो रोमंस को लिखी। ओके? जब वो
- 12:23रोमंस को लिखता है तो इसमें क्या था कि
- 12:25रोमंस को उसने क्यों लिखा? रोमंस मतलब
- 12:28समझते हैं ना रोम वाला रोम लोग। मतलब रोमन
- 12:30सरकार जो रोमंस लोग थे जब वो उनको लिखता
- 12:33है तो मरकुसी की किताब में आपको कुछ
- 12:36मरकुसी की किताब की शुरुआत कहां से होती
- 12:38है? पहला अध्याय जब आप पढ़ते हो जब उसने
- 12:41लिखना शुरू किया तो पहले अध्याय में कौन
- 12:44सी चीजें हमें ज्यादा दिखती है?
- 12:48हीलिंग दिखती है। ओके? हीलिंग।
- 12:52चिन्ह और चमत्कार। ओके? तो मरकुस जब लिखता
- 12:56है रोमंस को तो वो पहले अध्याय में
- 12:58ज्यादातर हीलिंग्स डालता है। क्या कोई
- 13:01लकवाग्रस्त व्यक्ति ठीक हो गया, कोई फोड़ी
- 13:04व्यक्ति ठीक हो गया। जब मत्ती लिख रहा है
- 13:06तो वो डिफरेंट टाइप्स लिखता है। लेकिन वो
- 13:08क्यों लिखता है ज्यादातर हीलिंग के बारे
- 13:09में। क्यों लिखता है? क्योंकि रोमंस के
- 13:11पास एक बड़ा एंपायर था। मतलब एक बड़ा
- 13:14साम्राज्य था। तो ये साम्राज्य क्या था कि
- 13:17इनके पास एक बड़ी सेना है तो ये बड़ी सेना
- 13:20से क्या करते थे जिससे लड़ाई करेंगे उससे
- 13:22जाके क्या कर सकते है जीत सकते हैं आगे
- 13:25अपनी लड़ाई उन्होंने किया जाके क्या किया
- 13:27उन्होंने जीत लिया उससे लेकिन वो ये सवाल
- 13:29करते थे कि रोमन्स लोग अगर तुम्हारे पास
- 13:31परमेश्वर है तो क्या करें मुझको चंगाई दे
- 13:34सोचो कि कोई व्यक्ति एक सैनिक है सोल्जर
- 13:37लड़ाई लड़ने के लिए गया तो क्या हुआ उसका
- 13:40कहीं हाथ कट गया कहीं पैर कट गया वो कोई
- 13:41बीमार हो गया तकलीफ हो गया तो रोम मरकुस
- 13:44ये कहता है रोमंस लोगों को कि तुम बड़ी
- 13:47सेना के बल पे पूरी दुनिया जीत सकते हो।
- 13:51लेकिन जब तुमको चंगाई या चमत्कार चाहिए
- 13:53होगा तो तुम्हें किसकी जरूरत पड़ेगी?
- 13:56परमेश्वर की जरूरत पड़ेगी। इसलिए वो क्या
- 13:58करता है? अपनी जब वो किताब लिखना शुरू
- 14:00करता है रोमन से लोगों को तो क्या डालता
- 14:02है पहले? ज्यादातर वो चंगाई और चमत्कार के
- 14:04बारे में बात करता है। ठीक? तीसरा किसको
- 14:07लिखता है वो? लूका जो लिखता है वो किसको
- 14:09लिखता है? ग्रीक को लिखता है।
- 14:13लूका में और मैथ्यों में एक अंतर है। ओके?
- 14:16पिछले क्लास में हमने थोड़ा डिस्कस किया
- 14:18था इसके ऊपर कि जब मैथ्य ने अपनी किताब को
- 14:22लिखना शुरू किया तो उसने कहां से शुरू
- 14:24किया? वंशावलियां जो डाली वो डाली अब्राहम
- 14:28और डेविड से। लेकिन जब लोका ने लिखना शुरू
- 14:31किया तो उसने अपनी वंशावली कहां से डाली?
- 14:36आदम से। क्यों डाली उसने आदम से? जबकि
- 14:38इसने शुरू किया तो इसने सिर्फ अब्राहम और
- 14:40डेविड से लिख दिया और इसने जब लिखना शुरू
- 14:43किया आई थिंक लुक 338 के आसपास कहीं पे है
- 14:46ना आदम का नाम ठीक तो वहां पे आदम मतलब
- 14:49ठीक सो सवाल ये है कि मैथ्यु तो नहीं चाह
- 14:53सकता था कि वो अब्राहम और डेविड से शुरू
- 14:54करे लूका भी नहीं लिख सकता था आदम के बारे
- 14:57में लेकिन इन दोनों में अंतर क्यों है
- 15:00क्योंकि जब ये व्यक्ति लिखता है तो वो
- 15:02लिखता है जूस को जब ये व्यक्ति लिखता है
- 15:03तो ग्रीक को लिखता है तो इन दोनों में
- 15:06अंतर ये है कि ये व्यक्ति जब वो लिखना
- 15:08प्रारंभ करता है तो आदम से इसलिए स्टार्ट
- 15:10करता है क्योंकि ग्रीक क्या है? ग्रीक
- 15:13मतलब एक मतलब कोई ग्रीक एक साम्राज्य समझ
- 15:15लो। तो ग्रीक में क्या है कि इनके पास खुद
- 15:18के मतलब गॉड थे। ठीक? इनके पास खुद के गॉड
- 15:21है। तो जब वो लोका लिखता है ग्रीक लोगों
- 15:23को तो वो क्या सवाल करता है? सोचो दो
- 15:26व्यक्ति डिबेट कर रहे हैं। एक मैं एक
- 15:28सामने वाला व्यक्ति वो व्यक्ति ये सवाल
- 15:30करता है कि मेरा भगवान है। मेरे पास एक
- 15:33परमेश्वर एक गॉड है। ठीक? और मैं कहता हूं
- 15:36कि मेरे पास भी गॉड है। तो अब हम दोनों जब
- 15:39कोई बात कर रहे हैं, डिबेट कर रहे हैं तो
- 15:40हम एक सवाल करेंगे। तुम मुझे बताओ कि इस
- 15:44दुनिया को ब्रह्मांड को किसने बना के
- 15:46तैयार किया? पहला इंसान किसने बनाया? तो
- 15:48आप दूसरी किताबों में जब आप पढ़ोगे तो
- 15:50उसका कोई जिक्र नहीं है। कहीं पर भी आपको
- 15:52उसका आंसर नहीं मिलेगा। तो जब वो ये कहता
- 15:55है कि लोग जब वो लिखता है ग्रीक लोगों को
- 15:58देखो जब तुम अपने भगवान के बारे में पढ़ते
- 16:01हो तो पहला इंसान किसने बनाया? तुमको ये
- 16:04पता नहीं है। लेकिन जब तुम अगर बाइबल को
- 16:07पढ़ोगे तो क्या है कि पहला इंसान किसने
- 16:09बनाया इसका जिक्र कहां में मिलता है
- 16:11तुमको? बाइबल में मिलता है। इसलिए वो
- 16:13ग्रीक क्या कहता है कि सन ऑफ़ मतलब ये क्या
- 16:16है? इंसान के पुत्र के बारे में मैन ऑफ
- 16:19गॉड के बारे में बात करता है। कि यीशु
- 16:22मसीह कहां से आया? आदम है। आदम के बाद में
- 16:24उसने पूरी वंशावलिया यीशु मसीह तक को पूरी
- 16:28एडिट कर दी। इन्होने कहां से किया था?
- 16:30सिर्फ मत ने अब्राहम से स्टार्ट किया था।
- 16:32लेकिन इन्होने कहां से लिखना शुरू किया?
- 16:34आदम से क्यों किया? क्योंकि हमारा जो
- 16:36परमेश्वर है उसने क्या किया? पहले इंसान
- 16:39को बना के तैयार किया। जिस परमेश्वर की
- 16:41तुम आराधना करते हो वो क्या है? सच्चा
- 16:44नहीं है। क्योंकि उसने क्या किया? पहले
- 16:45इंसान को बना के तैयार नहीं किया। लेकिन
- 16:47जो परमेश्वर मेरे पास में है वो क्या है?
- 16:50उसने पहले इंसान को बना के तैयार किया। तो
- 16:53वो इंसान कौन है? सच्चा परमेश्वर है।
- 16:55इसलिए वो कहता है लूका अपनी जो वंशावली
- 16:58स्टार्ट करता है वो आदम से करता है कि
- 17:00इनको ग्रीक लोगों को ये पता चल सके कि
- 17:02पहला इंसान किसने बनाकर तैयार किया। ठीक?
- 17:06अब योना जब वो लिखता है तो वो क्या कहता
- 17:09है कि मैंने अपनी किताब जो लिखी है वो
- 17:11वर्ल्ड को लिखी है और ये सबसे आखरी में
- 17:12लिखी गई है किताब 95 एडी के आसपास में
- 17:15लिखी गई है। ओके। सो अब हम देखेंगे जॉन वन
- 17:18वन वन टू थ्री देख सकते हैं। आई थिंक वन
- 17:21और टू
- 17:27आदि में वचन था वचन परमेश्वर के साथ था और
- 17:30वचन परमेश्वर का
- 17:31ओके आदि में वचन था
- 17:35इंग्लिश में ऐसे देख सकते हैं आई थिंक इन
- 17:37द बिगिनिंग ओके जब ये लिखना शुरू करता है
- 17:41अपनी किताब को तो वो कहता है कि मैंने
- 17:43अपनी किताब को पूरा वर्ल्ड को लिखा है ओके
- 17:45क्यों उसने वर्ल्ड को लिखा क्योंकि ये जो
- 17:48किताब है सबसे आखरी में लिखी गई है जब तक
- 17:50क्या हुआ था लगभग में यीशु मसीह को डेथ
- 17:54हुए कुछ 60 65 साल हो चुके थे और पूरे
- 17:56संसार में क्या हुआ था जब तक गोस्पल फैल
- 17:59चुका था तो जब योना ने अपनी किताब लिखना
- 18:02शुरू किया तो उसने ना तो वंशावलिया डाली
- 18:04ना उसने चंगाई डाली ना उसने कुछ नहीं डाला
- 18:06उसने क्या किया कि इन द बिगिनिंग यानी आदि
- 18:09में क्या था परमेश्वर के वचन को डाल दिया
- 18:12अब हम सिंपल सोचते हैं कि जब हम कोई किताब
- 18:15को पढ़ना शुरू करते हैं गोस्पल्स की किताब
- 18:16को या कहीं पर भी तो हमारा बेसिक सवाल
- 18:19क्या होता है हम यीशु मसीह की वंशावली के
- 18:21बारे में कोई बात करते हैं कि यीशु मसीह
- 18:23किस संस्था पहले से आया? हमने कभी ये सवाल
- 18:25नहीं किया। क्योंकि हमारे लिए क्या करता
- 18:27है वो मैटर नहीं करता है। हमने कोई चीज के
- 18:29बारे में बात नहीं किया। लेकिन हमने क्या
- 18:30किया था? कुछ बेसिक सवालों के बारे में
- 18:32सोचा था आज से कई साल पहले। वो सवाल क्या
- 18:35थे? कि दुनिया किसने बनाई? सबसे पहला
- 18:37इंसान बना के कहां तैयार किया गया? ये
- 18:39सूर्य, चंद्रमा, तारे, नदियां, पहाड़ कहां
- 18:41से आ गए? तो हमारे सवाल क्या थे? वो बेसिक
- 18:44थे। तो वो जब लिखता है जॉन तो वो क्या
- 18:46करता है? अपने पूरे वर्ल्ड को लिख के
- 18:48तैयार करता है। तो वर्ल्ड क्या मतलब संसार
- 18:50के लोगों के लिए कुछ चीजें जो है वो क्या
- 18:52है? कॉमन सवाल रहेंगे कि दुनिया बना के
- 18:54किसने तैयार की है। तो उसने क्या किया इन
- 18:56द बिगनिंग जब हम शुरुआत में ही देख लेते
- 18:59हैं कि पहला वचन में कि शुरुआत में क्या
- 19:01था? वचन था तो वो पूरा जब आप वचन पढ़ेंगे
- 19:05तो वहां पर एक बार फिर से पढ़ना वचन में
- 19:08क्या लिखा है?
- 19:11आधी में वचन था और वचन परमेश्वर ने
- 19:14ओके क्या लिखा? आदि में वचन था। इन द
- 19:16बिगनिंग में वचन था और वचन क्या था
- 19:19परमेश्वर के साथ था
- 19:20वचन परमेश्वर के संग था तीसरा
- 19:23और वचन परमेश्वर था
- 19:24ओके यहां पे आपको चीज दिखाई पड़ रही है
- 19:28वचन था वचन परमेश्वर के संग था और वचन ही
- 19:32परमेश्वर था तो उसने पहली चीज क्या कर दी
- 19:34है त्रिनिटी के बारे में उसने बात कर दी
- 19:36है त्रियकता
- 19:38जब हमने पहला सवाल ये किया जब हम वर्ल्ड
- 19:41में रहते संसार में हमने पहला ये सवाल
- 19:43किया कि परमेश्वर कौन है? तो उसने बोला
- 19:46आदि में वचन था। वचन परमेश्वर के संग था
- 19:50और वचन ही परमेश्वर था। तो वचन कौन है?
- 19:54यहां पर वर्ड वर्ड जो मतलब शब्द है वो
- 19:58क्या है? यीशु मसीह। यीशु मसीह ही
- 20:02परमेश्वर था इन द बिगिनिंग। तो यहां पर
- 20:05उसने क्या किया? ट्रिनिटी को एक्सप्लेन
- 20:08किया। ओके?
- 20:09सो जब वो स्टार्ट करता है जॉन तो हम लोग
- 20:12बेस से सवाल करते हैं ना कि हु इज गॉड?
- 20:15परमेश्वर कौन है? तो त्रियकता के बारे में
- 20:18हमने देखा मतलब कि यीशु मसीह क्या है?
- 20:20परमेश्वर है। लेकिन जब आप जेनसिस के एक-एक
- 20:23में जाओगे। ओके?
- 20:25ये वर्ड जो है ओके? सत्य।
- 20:29इसके दो चीज़ होते हैं। एक होता है लोगोस।
- 20:34लोगोस का मतलब समझते हैं।
- 20:36एक होता है लोगोस और दूसरा जो होता है वो
- 20:39क्या होता है? रेमा।
- 20:44जब जॉन लिखता है तो वो इन दो वर्डों का
- 20:46इस्तेमाल करता है। ओके? तो लोगोस जो होता
- 20:50है वो क्या है? हमारे लिए
- 20:54रिटन यानी लिखित वर्ड। लिखा हुआ वचन।
- 21:00लिखित यानी रिटन।
- 21:03ये कहां पर मिलता है हमको लोगोस मतलब
- 21:05बाइबल में।
- 21:10दूसरा जो है वो क्या होता है? रेमा। रेमा
- 21:13का मतलब होता है पर्सनल वर्ड।
- 21:18पर्सनल वर्ड का मतलब है कि जब तुमने लिखित
- 21:22वचन को पढ़ा फिर वो क्या होता है कि हमारे
- 21:25लिए पर्सनल वर्ड बन जाता है। कि जब पंक्ति
- 21:28को मैंने पढ़ा वो पंक्ति मेरे लिए क्या
- 21:30हुई? अब वो मेरे लिए एप्लीकेशन बन गई। तो
- 21:32वो ये कहता है कि जब तुम वचन पढ़ोगे किस
- 21:35परिस्थिति में मुझको क्या मिलता है ये
- 21:37क्या होता है? हमको रेमा बताता है।
- 21:42जेमिसिस
- 21:44वन वन दूसरा वचन यया का निक्स कोई पढ़ेगा।
- 21:54ओके ये चीज समझे ये चारों का मतलब मैथ्यु
- 21:57मार्ग लोक जॉन क्यों लिखा? किस कारण लिखा
- 22:00ना
- 22:01जेनेसिस वन
- 22:02आदि में परमेश्वर ने आकाश और पृथ्वी की
- 22:04सृष्टि की
- 22:06ओके और यया 96
- 22:15क्योंकि हमारे लिए एक बालक उत्पन्न हुआ
- 22:19हमें एक पुत्र दिया गया और प्रभु का उसके
- 22:22कंधे पर होगी और उसका नाम अद्भुत युक्ति
- 22:25करने वाला पराक्रमी परमेश्वर अनंत का पिता
- 22:28और शांति वो वर्ड क्या लिखा है? अनंत काल
- 22:31का पिता। इन द बिगिनिंग जेनेसिस वन वन में
- 22:34जब हमने देखा तो वहां पर भी क्या है?
- 22:36त्रियकता है। और नाइन सिक्स में भी हमने
- 22:39देखा यहां के वहां पर भी क्या है? अनंत का
- 22:42पिता। यानी यीशु मसीह क्या है? हमारा
- 22:46परमेश्वर है। ओके। तो योना जो है वो इस
- 22:50चीज को दर्शाता है। लेकिन त्रियकता के
- 22:52बारे में अगर आप देखोगे तो जब जेनिस वन वन
- 22:56स्टार्ट होता है तो वो कहता है कि आदि में
- 22:59इन द बिगिनिंग तो हमारा सवाल क्या होता है
- 23:01जब परमेश्वर ने अगर वहां से शुरुआत किया
- 23:04तो क्या उसके पहले परमेश्वर था या नहीं
- 23:07था? इन द बिगिनिंग यानी शुरुआत में तो वो
- 23:11किस सेंस में कहता है हमें समझना पड़ेगा।
- 23:14वो जो कहता है वन वन में कि इन द बिगिनिंग
- 23:18वो क्रिएशन के सेंस में कहता है हमने पहले
- 23:22क्या देखा एक अध्याय से दो अध्याय तक क्या
- 23:25है पृथ्वी का या पूरी पूरा ब्रह्मांड के
- 23:28क्रिएशंस के बारे में बात करता है यानी
- 23:31समय जो है वो परमेश्वर से नहीं आया
- 23:33परमेश्वर समय के पहले से था तो कुछ लोग
- 23:36क्या करते सवाल करते हैं इन द बिगनिंग
- 23:39यानि जब जेम्स वन वन आया तभी परमेश्वर आया
- 23:42ये क्या है गलत है लेकिन परमेश्वर क्या था
- 23:45बिगिनिंग से पहले था लेकिन जब ये वो बात
- 23:48करता है तो वो किस बारे में बात करता है
- 23:50सेंस में वो सृष्टि के आरंभ के बारे में
- 23:53बात करता है ओके सो
- 23:56जेनेसिस 126
- 24:00ये क्या है कि हम टिग्निटी के बारे में
- 24:01कुछ चीज सीखेंगे तो हमको गोस्पल्स में
- 24:04बहुत मदद मिलेगा
- 24:07जेसिस 126
- 24:15पढ़िए फिर परमेश्वर ने कहा हम मनुष्य को
- 24:19अपने स्वरूप के अनुसार अपनी समानता में
- 24:21बनाए ओके वहां पर कोई ट्रिग्निटी है क्या
- 24:24त्रिकता दिखती दिखती है
- 24:26यस क्या वर्ड लिखा है
- 24:27अस
- 24:29मतलब हम मतलब अवहम तो ये वर्ड क्या है मैं
- 24:34सिंगल वर्ड है अस या हम भी वी क्या है
- 24:37मतलब एक से अधिक व्यक्ति को दर्शाता है तो
- 24:41तीन कौन व्यक्ति कितने व्यक्ति है?
- 24:49ओके। पिता, पुत्र, पवित्र आत्मा। इन तीनों
- 24:53काम क्या है? हम बाइबल में जब देखते है,
- 24:57हम गोस्पल में मतलब है तो हमें समझना
- 24:59पड़ेगा कि पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा का
- 25:02काम क्या होता है? पिता का काम होता है ही
- 25:04प्लानर। मतलब योजना बनाना।
- 25:08योजना बनाने वाला है। प्लानर
- 25:12इसे क्या है
- 25:15मतलब फुलफिल करना प्लान को फुलफिल करने
- 25:18वाला है कि जो योजना पिता बनाता है उसको
- 25:21क्या करता है बेटा पूरा करता है और जो
- 25:25योजना को पूरा करता है उसके बाद क्या होता
- 25:27है उस योजना में मतलब जो प्लान गॉड ने
- 25:30तैयार किया उस योजना में हमको चलने में ये
- 25:34मदद करता है
- 25:37ठीक पिता क्या है प्लानर
- 25:40योजना बनाया कि अब इंसान के लिए मरने कौन
- 25:45जाएगा? तो बेटा ने क्या बोला पिता आपकी
- 25:48योजना जो है मैं क्या करूंगा? पूरा करने
- 25:51के लिए जाऊंगा। तो यीशु मसीह क्या हुए?
- 25:53संसार में आए। लेकिन अब यीशु मसीह का डेथ
- 25:58हुआ, रेजर्स हुआ, चले गए। तो अब जो योजना
- 26:01थी उद्धार की उस योजना उद्धार की योजना को
- 26:03पूरा करने में कौन मदद करता है? हमको
- 26:05पवित्र आत्मा हमको मदद करता है। तो ये
- 26:08चीजें हमें क्या करनी पड़ेगी? बिल्कुल
- 26:10सिंपल तरीके से मदद समझनी पड़ेगी। पिता ने
- 26:13योजना बनाई कौन जाएगा? पिता ने पुत्र ने
- 26:16बोला मैं जाऊंगा और ये क्या हुआ? पवित्र
- 26:19आत्मा ने बोला कि ठीक है मैं इनको विश्वास
- 26:21में चलने में क्या करूंगा? मदद करूंगा। तो
- 26:24इन तीनों चीजों में क्या है कि ये
- 26:26त्रिनिटी है जो क्या है? जेनेसिस से ही
- 26:29स्टार्ट है। ओके?
- 26:32सिंपल शब्दों में त्रियकता में कोई तीन
- 26:34व्यक्ति नहीं है बल्कि एक व्यक्ति से तीन
- 26:37व्यक्ति जुड़े हुए हैं। ठीक? ये अलग-अलग
- 26:40नहीं है। जेसिस वन वन में क्या किया? योना
- 26:42ने ये बात क्लियर कर दी। आदि में परमेश्वर
- 26:45वचन था। वचन परमेश्वर के संग था और वचन ही
- 26:48परमेश्वर था। तो अब इसके माध्यम से हम एक
- 26:52सिंपल सोचो कि अब त्रिनिटी को अगर
- 26:54एक्सप्लेन करना है। तीन व्यक्ति को
- 26:58ओके।
- 26:59पिता का काम जैसे और और सिंपल करते हैं।
- 27:01जैसे पिता का काम क्या होता है? चुनना।
- 27:04पिता ने क्या किया? हमको चुना। बेटे का
- 27:08काम क्या? बेटे का काम क्या था? उद्धार
- 27:10दिया। पवित्रता का काम क्या हुआ? मतलब उस
- 27:13उद्धार की योजना में हमको मदद करना। मतलब
- 27:16आगे चलाने में मदद किया। अगर सिंपल तरीके
- 27:19से कि आपको अगर समझाया जाए जैसे कि एक
- 27:21व्यक्ति है। मैं भी चलो टीचर मान लेते
- 27:24हैं। ओके? एक व्यक्ति है। मैं
- 27:30ये व्यक्ति अपने बेटे के लिए क्या होगा?
- 27:34बेटे के लिए क्या है? पिता है। ठीक? और
- 27:38अपने पत्नी के लिए क्या होगा? ये पति
- 27:41होगा। और ये अपने पिता के लिए क्या होगा?
- 27:44बेटा। या जो स्कूल में पढ़ाने जाता है
- 27:46टीचर तो अपने बच्चों के लिए क्या होगा? एक
- 27:49टीचर। ये व्यक्ति का रोल अलग-अलग है। जो
- 27:53बच्चा है, पिता है उसके लिए रोल अलग होगा।
- 27:56किसी का वो पति है उसके लिए रोल अलग होगा।
- 27:58जब वो स्कूल में जाता है तो क्या है वो
- 28:00टीचर है तो उसका रोल क्या है वहां पर अलग
- 28:02है लेकिन क्या व्यक्ति बदला वो व्यक्ति वो
- 28:06नहीं बदला व्यक्ति क्या है एक ही है लेकिन
- 28:09वो अलग-अलग रोल में क्या करता है वो काम
- 28:11करता है तो योना जब अपनी किताब को स्टार्ट
- 28:13करता है तो वो इस तरीके से स्टार्ट करता
- 28:15है कि परमेश्वर के साथ त्रियकता से वो
- 28:17स्टार्ट करता है ताकि दुनिया क्या कर सके
- 28:19उस चीज को वो समझ सके जब यही योना जाके
- 28:22अगली किताबों में लिखेगा फर्स्ट सेकंड
- 28:24थर्ड जॉन जाके लिखेगा तो वहां पर वो और
- 28:26अच्छी तरीके से इस चीज़ को एक्सप्लेन करेगा
- 28:28वहां पर वो क्या बोलेगा कि हमने जब इनके
- 28:30बारे में लिखा था लेकिन वो क्या कहेगा
- 28:32हमने उनको देखा समझा महसूस किया उसके बारे
- 28:35में भी वो वहां पर लिखेगा जाकर सो ये समझ
- 28:37में आया अभी तक पवित्र आत्मा के बारे में
- 28:40ओके
- 28:47जेनेसिस वन वन में ओके सवाल ये है कि
- 28:50गोस्पेल्स की हम किताब पढ़ रहे हैं तो ये
- 28:53गोस्पेस की किताब की जरूरत हमको क्यों
- 28:54पड़ी पढ़ने के लिए यीशु मसीह के जीवन के
- 28:56बारे में पढ़ने की जरूरत क्यों पड़ी? जब
- 28:59आप जेनेसिस में आप पढ़ते हो उत्पत्ति की
- 29:01किताब में तो वहां पे परमेश्वर ने सब कुछ
- 29:03क्या किया? अच्छा बनाया। एक चीज बना के
- 29:06तैयार की तो क्या बोला? अच्छा है। दूसरी
- 29:08चीज बनाई तो क्या बोले? अच्छा है। जब
- 29:10परमेश्वर ने सब कुछ अच्छा बना के तैयार
- 29:12किया तो फिर ये पाप, मृत्यु, बुढ़ापा या
- 29:16जो दुनिया में दूसरी चीजें हैं वो कहां से
- 29:18आ गई? जब सब कुछ अच्छा बनाया तो पाप,
- 29:22मृत्यु कहां से आ गई?
- 29:27गार्डन
- 29:28वो गार्डन
- 29:29हां गार्डन से ओके उसका कर्ताधर्ता कौन है
- 29:33मतलब कर्ताधर्ता मतलब उसको तैयार करने
- 29:35वाला कौन है बिगड़ा हुआ सब कुछ
- 29:38ओके
- 29:40तो कुछ पंक्तियां हम देखेंगे उसके बारे
- 29:42में
- 29:48किताब 28
- 29:5413 से 20 तक है
- 29:59ओके इसको पढ़िए। पंक्तियां बहुत महत्वपूर्ण
- 30:01है।
- 30:03ये स्केल 28 13 टू 20 यहां पर कुछ पॉइंट्स
- 30:08लेते हैं हम शैतान के बारे में। उसकी मतलब
- 30:10उसके बारे में बहुतेंट पंक्तियां है
- 30:22तू परमेश्वर की नाम बारी में था तेरे पास
- 30:26आभूषण मान हीरा फिरोजा सुलेमानी मनी यश
- 30:32नीलमनी मरकत और लाल सब बात के मनी और सोने
- 30:37के पहरा थे तेरे डब और बालूसिया
- 30:40बांसुरिया
- 30:42में बनाई गई थी।
- 30:43ओके म्यूजिक कहां से आया?
- 30:46ड बांसुरिया सुर कहां पे थे?
- 30:49शैतान
- 30:50हां देखो उसके बारे में क्वालिटी और क्या
- 30:52क्वालिटी बोलेगा?
- 30:56बांसुरियां
- 30:59बनाई गई थी। जिस दिन सिरजा गया था उस दिन
- 31:03वे भी तैयार गई थी। तैयार की गई हां और
- 31:06आगे 33 तक 23 फटाफट तू चाहने वाला निश्चित
- 31:11स्वरूप था मैंने तुझे ऐसा ठहराया कि तू
- 31:13परमेश्वर के पवित्र पर्वत पर रहता था तू
- 31:16आगे तू आग सर के चमकने वाला चमकने वाले
- 31:20मनियों के बीच चलता फिरता था जिस दिन से
- 31:23तू सिरसा गया और उस दिन तक तुझ में
- 31:27कुटिलता ना पाई गई उस दिन उस समय तक तू
- 31:30अपनी सारी चाल चलन में निर्दोष रहा परंतु
- 31:33लेन देन की बहुतायत के कारण तू उपद्रव से
- 31:36उपद्रव से भरकर पापी हो गया। इसी से मैं
- 31:39इसी से मैंने तुझे अपवित्र जानकर परमेश्वर
- 31:42के पर्वत से उतारा और यह चाहने वाले ने
- 31:47तूने तुझे आसरी के चमकने वाले मणियों के
- 31:49बीच से नाश किया है। सुंदरता के कारण तेरा
- 31:53मन फूल उठा था और वैभव के कारण तेरी
- 31:55बुद्धि बिगड़ गई। ओके। क्या लिखा कि तू
- 31:57सुंदर भी था। सुंदरता भी क्या थी? शैतान
- 32:01दिखने में बहुत सुंदर था। और क्या लिखा कि
- 32:04बुद्धि के कारण तू डगमगा गया। यानी उसके
- 32:07पास बहुत सारी क्वालिटी थी। म्यूजिक उससे
- 32:09स्टार्ट हुआ। उसके पास विज़डम थी। उसके पास
- 32:12सुंदरता थी। ओके? तो सवाल ये है क्या ये
- 32:16चीजें मुझे कमजोर कर सकती है? ऐसे दो बड़े
- 32:19पाप जिनसे परमेश्वर बहुत नफरत करता है।
- 32:24सॉरी।
- 32:25दो बड़े पाप, दो सिन जिनसे गॉड गेट करता
- 32:29है।
- 32:33ओके प्राउड घमंड
- 32:37ओके
- 32:39ओके कोई भी आइडल वर्शन आइडल वर्सेस
- 32:45ओके पहली चीज क्या है प्राउड और प्राउड
- 32:49क्या है परमेश्वर कभी भी पसंद नहीं करता
- 32:51है क्यों नहीं करता है क्योंकि शैतान के
- 32:53अंदर क्या आया था सिर्फ प्राउड आया था
- 32:56प्राउड में क्या था कि मैं अपने सिंहासन
- 32:58अभी हम पढ़ेंगे पंक्तियों को कि परमेश्वर
- 33:00से ऊंचा जाऊंगा ऊंगा तो क्या परमेश्वर ऐसा
- 33:02चाहेगा वो बनाने वाला है उसके ऊपर कोई
- 33:04जाएगा तो क्या पसंद करेगा नहीं दूसरा क्या
- 33:07है आइडल वर्शिप जब परमेश्वर ने 10 नियम
- 33:09दिए तो पहली तीन पंक्तियां क्या बोली कि
- 33:11मुझे छोड़कर किसी और को ईश्वर करके मत
- 33:14मानना तो मुझे छोड़कर कोई दूसरी मूर्ति मत
- 33:18बनाना क्यों बोला क्योंकि परमेश्वर अपनी
- 33:21महिमा कभी किसी के साथ में शेयर नहीं करता
- 33:25है और शैतान ने यहां पर क्या किया था
- 33:27परमेश्वर की महिमा को छीनने की कोशिश
- 33:30कोशिश की थी। तो परमेश्वर इन दो पापों से
- 33:33बहुत ज्यादा नफरत करता है। कि एक वो क्या
- 33:37करता है? प्राउड कि मैं परमेश्वर के सामने
- 33:39प्राउड नहीं दिखा सकता हूं। दूसरा क्या
- 33:41कहता है? आइडल वर्शिप। यानी जब जो महिमा
- 33:44मुझे मिलनी चाहिए वो महिमा मैं किसी और के
- 33:48साथ में शेयर नहीं कर सकता हूं। तो
- 33:50परमेश्वर क्या करता है? इन दो चीजों से
- 33:52बहुत ज्यादा नफरत करता है। ओके। पहला तथस
- 33:56तीन का छ फर्स्ट 36 में शैतान का भी जिक्र
- 34:01किया गया है। इसी
- 34:04इसी के बारे में जिक्र किया गया है।
- 34:06प्राउड
- 34:08फिर यह कि नया चेला ना हो। ऐसा ना हो कि
- 34:11अभिमान करके शैतान सा दंड पाए।
- 34:14क्या करे? शैतान सा दंड पाए। जब प्राउड
- 34:17आएगा तो क्या बोला उसने? शैतान सा दंड
- 34:21पाए। तो प्राउड और आइडल वरशिप से परमेश्वर
- 34:24क्या करता है? बहुत ज्यादा नफरत करता है।
- 34:27दूसरी पंक्तियां है यया
- 34:3114 की 12 से लेकर 16 तक
- 34:36ये मतलब और यया बहुत इंपॉर्टेंट पंक्तियां
- 34:40है इसके विषय में। पढ़िए ऐसा आया।
- 34:44हे भोर के चमकने वाले तारे तू कैसे आकाश
- 34:47से गिर पड़ा है? तू जो जाति जाति को हरा
- 34:50देता था।
- 34:50उसकी क्वालिटी के बारे में बात कर रहा है
- 34:52यहां पर कि तू जाति जातियों को हराता था।
- 34:54हां पढ़ो।
- 34:55तू अब कैसे काटकर भूमि पर गिराया गया है।
- 34:58तू मन में कहता तो था मैं स्वर्ग पर
- 35:01चढूंगा।
- 35:01ओके वचन क्या लिखा है? जब तू मन में कहता
- 35:04था इंग्लिश बाइबल में लिखा है इन योर
- 35:06हार्ट।
- 35:09हां आगे मैं स्वर्ग पर चढूंगा। मैं अपने
- 35:12सिंहासन को ईश्वर के तारा से अधिक ऊंचा
- 35:15करूंगा।
- 35:15परमेश्वर के सिंहासन से वो ऊंचा करेगा।
- 35:19फिर
- 35:20और उत्तर दिशा की चोर पर सभा के पर्वत पर
- 35:23विराजूंगा। मैं मेघों से भी ऊंचे ऊंचे
- 35:26स्थानों के ऊपर चढूंगा। मैं परम प्रधान के
- 35:28तुल्य हो जाऊंगा। परंतु तू अधोग में उस
- 35:31गड्ढे की तरह तक उतारा जाएगा। जो तुझे
- 35:35देखेंगे तुझको ताते हुए तेरे विषय में सोच
- 35:37सोच कर कहेंगे क्या यह वही पुरुष है जो
- 35:40पृथ्वी को चैन से रहने ना देता था और
- 35:43राज्य में घबराहट डाल देता था जो जगत को
- 35:46जंगल बनाता और उसके नगरों को ढाल देता था
- 35:50और अपने बंदियों को घर जाने नहीं देता था
- 35:53ओके ये क्या है शैतान ने कुछ अच्छी
- 35:55क्वालिटी के बारे में बात किया लेकिन यहां
- 35:58पर क्या है जो शैतान है उसने कोई चीज
- 36:01ऑब्जर्व किया इसमें क्या उसने वर्ड यूज़
- 36:03किया बार-बार
- 36:08मैं
- 36:10ये पांच बार यूज़ हुआ है। इंग्लिश बाइबल
- 36:13में पांच बार लिखा है। पांच वर्ड पांच बार
- 36:17बोलता है मैं मैं। तो ये क्या है कि मैं
- 36:20जो है वो क्या दर्शाता है? प्राउड को
- 36:23दर्शाता है। और परमेश्वर कभी भी प्राउड को
- 36:26पसंद नहीं करता। में क्या लिखा है कि
- 36:28परमेश्वर घमंड से चढ़ी हुई आंखें कभी भी
- 36:32बर्दाश्त नहीं कर सकता। हो सकता है मेरे
- 36:34पास विज़डम है। मेरे पास पैसा है। मेरे पास
- 36:36पोजीशन है। मेरे पास अच्छी पर्सनालिटी है।
- 36:39मेरे पास अच्छा लोगों का
- 36:42मतलब फॉलो करने वाले लोग हैं। ये क्या हो
- 36:44सकता है? मेरे एक प्राउड का कारण बन सकता
- 36:47है। इन योर हार्ट। घमंड कहां पे आया? मेरे
- 36:51मन के अंदर ये तैयार करता है। तो हमें
- 36:54क्या करना चाहिए? हमें दो चीजों से बचना
- 36:56चाहिए। पहला प्राउड से बचना चाहिए। मुझे
- 36:58नम्र होना चाहिए। दूसरी चीज कि जो
- 37:00परमेश्वर का स्थान है हमारे जीवन में वो
- 37:03किसी और को नहीं देना चाहिए। मेबी मेरे
- 37:06स्थान मेरे जीवन में जो परमेश्वर का स्थान
- 37:08है वो क्या कर सकता हूं मैं? किसी और को
- 37:10दे सकता हूं। आइडियल वर्सेस का मतलब सिर्फ
- 37:12मूर्ति पूजा ही नहीं है। आज मूर्ति पूजा
- 37:14मेरे जीवन में मेरा पैसा हो सकता है। मे
- 37:16भी मैं परमेश्वर से ज्यादा महत्व मैं मेरे
- 37:19पैसे को देता हूं। मैं परमेश्वर से ज्यादा
- 37:22महत्व मैं दूसरे लोगों को देता हूं। मैं
- 37:25परमेश्वर को पीछे करता हूं और मैं क्या
- 37:26करता हूं उन चीजों को मैं आगे रखता हूं।
- 37:29तो ये भी चीज क्या है हमारे लिए एक आइडियल
- 37:31वरशिप है। तो हमें ये समझना है कि ये
- 37:34चीजें क्या है? दो चीजें शैतान ने बड़ी
- 37:36गलती की इसके कारण क्या हुआ? ये आज हम लोग
- 37:40गोस्पेल में बैठे हुए हैं। ठीक? ओके। आगे
- 37:42कुछ पंक्तियां पढ़ते हैं। ओके। आगे चीज एक
- 37:44सवाल करते हैं कि परमेश्वर ने इंसान को
- 37:46क्यों बनाया?
- 37:58ये क्वेश्चन है कि परमेश्वर ने इंसान को
- 38:00क्यों बनाया? सो व्हाई गॉड मेड मैन?
- 38:06क्योंकि मनुष्य उसकी महिमा है।
- 38:08ओके।
- 38:10उसकी आराधना करे।
- 38:12उसकी आराधना कर सके। ओके। लेकिन सवाल ये
- 38:14है की जब इतना सब कुछ बिगड़ गया शैतान ने
- 38:16कर दिया पाप हो गया दुनिया में इतनी सब
- 38:19चीजें हो गई उसके बावजूद भी क्या इंसान को
- 38:23बनाने के पहले परमेश्वर को मालूम नहीं था
- 38:25कि इंसान मेरे खिलाफ में जाएगा
- 38:29पता था ना हमने पीछे पढ़ा था ना कि उसके
- 38:31कुछ क्वालिटीज है गुड तो पता होने के
- 38:34बावजूद भी परमेश्वर ने क्यों बनाया
- 38:38सवाल ये है
- 38:40पश्चाताप को और इंसान को और वो परमेश्वर
- 38:44पे विश्वास करे और फिर वो बचाया जाए।
- 38:48इंसान या शैतान?
- 38:49इंसान
- 38:49इंसान। ओके। ये यस करेक्ट। ओके।
- 38:53परमेश्वर प्यार है और वो जताना चाह रहा था
- 38:57कि मेरा कैरेक्टर प्यार है। ग्रेस प्यार
- 39:02और एक बोलते हैं ना जैसे शायद
- 39:07दिस इज समथिंग व्हिच आई फील। ट्रिनिटी में
- 39:10वो कंप्लीट है। पर वो अगर अपना प्यार और
- 39:14अपना ग्रेस किसको फिर जताएगा? क्रिएशन में
- 39:17तो किसी वो एक क्रिएशन है। वो सुंदर चित्र
- 39:20जो उन्होंने बनाया है। लेकिन वो ये भी चाह
- 39:23रहा था कि अपना कैरेक्टर वो किसी को रिवील
- 39:26करे। यस
- 39:28एंड हैव दैट फेलोशिप कि मैं जैसे एक हम
- 39:32हमारे अंदर वो इनहेरेंट सॉरी मैं बीच-बीच
- 39:35में इंग्लिश यूज़ कर रही हूं कि हमारे अंदर
- 39:38वो प्यार एक सबसे बड़ा इमोशन है हर इंसान
- 39:41इस चीज के लिए भूखा है।
- 39:43यस
- 39:44तो वो चीज परमेश्वर को दिखाना है। दिस इज़
- 39:46व्हाट
- 39:47यस यस सबके आंसर सही है और ये हमारा भी
- 39:50आंसर सही है। लेकिन परमेश्वर ने इंसान को
- 39:52बना के क्यों तैयार किया कि जब शैतान ने
- 39:56पाप किया कि तुमने पाप किया लेकिन तुमने
- 39:58क्या किया मन को नहीं फिराया तुम मेरे पास
- 40:01वापस मुड़ के नहीं आए लेकिन मैं तुमसे
- 40:04कमजोर सृष्टि करूंगा वो कौन होगा इंसान वो
- 40:08पाप करेगा पाप करने के बाद क्या करेगा
- 40:11मेरे पास वो वापस मुड़कर भी आएगा ओके सो
- 40:15इन पंक्तियों के बारे में हमें कहां मिलता
- 40:16है भजन संहिता
- 40:18फाइव पे यह मैं नहीं कहता हूं यह बाइबल
- 40:21कहती है 58 साल 58 एंड रेवेशन्स
- 40:25138
- 40:27ये दो पंक्तियां इसके बारे में बहुत जिक्र
- 40:29करती है पढ़ो [गला साफ़ करने की आवाज़]
- 40:33साम्स फाइव हे यहोवा मेरे शत्रु के कारण
- 40:36अपने धर्म के मार्ग में मेरी अगवाई कर
- 40:40मेरे आगे आगे अपने सीधे मार्ग को दिखा
- 40:4485
- 40:4585 सॉरी
- 40:4785
- 40:54क्योंकि तूने उसको परमेश्वर से थोड़े ही
- 40:57कमजोर
- 40:57ओके जो वर्ड लिखा परमेश्वर वहां पर एंज्स
- 41:00है हम क्या है एंज्स से थोड़े ही कमजोर
- 41:05बनाए गए हैं। ठीक दूसरा पंक्ति क्या है?
- 41:09इसी रेवेशन 13 8
- 41:13और पृथ्वी के वे सब रहने वाले जिनके नाम
- 41:17उसने के जीवन की पुस्तक में लिखे नहीं गए
- 41:20जो जगत की उत्पत्ति के समय से घात हुआ है
- 41:23ओके जगत की उत्पत्ति के समय से कौन हुआ
- 41:28घात हुआ वो कौन था
- 41:32जीसस ओके परमेश्वर ने इंसान को क्यों
- 41:35बनाया कि अपना प्रेम दिखाना चाहता था ये
- 41:38ये सब चीजें हमारे पास क्या है? आंसर्स है
- 41:40और ये रियल है। लेकिन जब हम सोचो एक तुम
- 41:43सोचते कि शैतान और परमेश्वर के बीच
- 41:45वार्तालाप हो रही होगी तो क्या वार्तालाप
- 41:47हो रही होगी कि मैंने तुम्हें बना के
- 41:49तैयार किया लेकिन तुमने क्या किया? मन
- 41:51नहीं फिराया। लेकिन मैं तुमसे कमजोर
- 41:53बनाऊंगा। भजन पांच के आठ के अनुसार में आठ
- 41:56के पांच के अनुसार तो क्या होगा कि वो
- 41:58कमजोर होगा। लेकिन क्या करेगा? वो मन को
- 42:01अभी फिराएगा। क्योंकि जगत की उत्पत्ति के
- 42:05समय पर कौन हुआ था? मेमना घात किया गया
- 42:08था। यानी यीशु मसीह का पहले क्या हो गया?
- 42:10वध हो चुका है। क्योंकि परमेश्वर के माइंड
- 42:13में क्या है? ऑलरेडी सारी चीजें प्लान है।
- 42:16ओके? सो जब ये सब क्रिएशन बन रही है तो
- 42:19क्रिएशन के टाइम पे क्या है? जॉस 38 में
- 42:23लिखा है कि जब परमेश्वर ब्रह्मांड को बना
- 42:26रहा था तो क्या कर रहे थे? स्वर्गदूत जय
- 42:28जयकार कर रहे थे। वो पूरे ब्रह्मांड को
- 42:31सृष्टि को बनते हुए देख रहे थे अपने सामने
- 42:33से। ठीक? लेकिन
- 42:36जेस थ्री में और मैथ्य फोर में कुछ चीजें
- 42:39दिखाई पड़ती है। जेमिस थ्री में क्या हुआ?
- 42:42शैतान जाता है परमेश्वर की बनाई हुई
- 42:45सृष्टि के पास में। तो क्या वहां पर सबसे
- 42:47बेस्ट क्या है? इंसान का निर्माण होना।
- 42:50ठीक? और मैथ्य फोर में क्या होता है?
- 42:52शैतान जाता है परमेश्वर के पुत्र के पास
- 42:55में। तो दोनों में फरक क्या है? जेनेसिस
- 42:58थ्री में और मैथ्यु फोर में क्या अंतर
- 42:59आया?
- 43:03जेनेस थ्री में जब शैतान गया तो क्या हुआ?
- 43:07आदम गिर गया। लेकिन मैथ्य फोर में जब
- 43:11शैतान वही गया यीशु मसीह के पास में तो
- 43:13क्या यीशु मसीह गिरे पाप में? नहीं गिरे।
- 43:15दोनों में अंतर क्या था?
- 43:19जब मेबी हम सोच सकते हैं इस चीज को कि जब
- 43:22जेनेस थ्री में आदम के पास गया और उसने
- 43:24बात करना शुरू किया तो आदम के अंदर क्या
- 43:27हुई? एक अभिलाषा आ गई। तो अभिलाषा क्या
- 43:29हुई? जैसे शैतान के अंदर एक अभिलाषा आई थी
- 43:32कि मैं परमेश्वर के जैसा हो जाऊंगा तो
- 43:34शैतान ने क्या बोला तुम्हारी आंखे खुल
- 43:36जाएंगी तुम परमेश्वर की तरह बन जाओगी तो
- 43:38क्या हुआ ओ मैं खा के देता हूं फल लेकिन
- 43:41मैथ्यु फोर में भी जाके क्या बोला शैतान
- 43:43ने वही प्रलोभन यीशु मसीह को दिया कि अगर
- 43:46तू मुझे दंडवत करे तो क्या करूंगा ये सारा
- 43:49साम्राज्य मैं तुझे दे दूंगा लेकिन क्या
- 43:51बोला यीशु मसीह ने कि तू अपने परमेश्वर को
- 43:54सिर्फ क्या कर प्रणाम या नमस्ते मतलब तू
- 43:57उसके सामने सिर झुका जेम्स थ्री में क्या
- 44:00हुआ आदम गिर गया सिर्फ अभिलाषा के कारण
- 44:02मैथ्य फोर में क्या हुआ यीशु मसीह उस चीज
- 44:05से वो स्ट्रांग हो गए ओके
- 44:09अब अगली चीज हम देखेंगे क्योंकि जेम्स हम
- 44:12गोस्पेल में बहुत सारी चीजें कवर करेंगे
- 44:14ओके
- 44:16परमेश्वर ने नरक कब बनाया है मतलब हेल बोल
- 44:19सकते है मनोज नरक
- 44:21नरक कब बनाया कई बाइबल में जिक्र है इसके
- 44:26बारे में
- 44:28मनोज कुछ [संगीत]
- 44:30बोलते हां
- 44:32आई थिंक जब फॉल ऑफ एंज्स हो गया
- 44:36जैसे शैतान ने वन वन थर्ड ऑफ़ एंज्स अपने
- 44:40साथ लेके गए आई थिंक तब
- 44:42ओके हम बाइबल में जिक्र नहीं है कि नरक कब
- 44:46बनाया मेबी छ दिन में उसका जिक्र नहीं
- 44:48दिखता है ना मतलब कहीं पर भी ऐसा वर्ड
- 44:50नहीं लिखा कि परमेश्वर ने नरक बना के
- 44:52तैयार किया लेकिन हमें एक चीज देखने को
- 44:54मिलती है कि नरक में कौन जा रहा है
- 44:59शैतान
- 45:02या इंसान
- 45:04सवाल ये इंपॉर्टेंट है हमारे लिए। मतलब कब
- 45:07बना पता नहीं लेकिन शैतान जा रहा है या
- 45:09इंसान जा रहा है नरक में। दोनों जा रहे
- 45:12हैं। पर बनाया किसके लिए था? शैतान के
- 45:15लिए। हमको पता है कि शैतान के लिए
- 45:17परमेश्वर ने नरक बना के तैयार किया। लेकिन
- 45:20किसके साथ में जा रहा है उसके साथ में?
- 45:22इंसान भी जा रहा है। क्यों जा रहा है? वो
- 45:24हिंदी में कहते है ना कि मैं डूबा तो डूबा
- 45:26पर तुमको भी लेके डूबूंगा। इसका मतलब क्या
- 45:28हुआ कि मैं तो जा रहा हूं पर तुम भी क्या
- 45:32करो मेरे साथ में आओ। इसका मतलब क्या है
- 45:35कि शैतान इसलिए जेनेसिस थ्री में भी गया
- 45:37और मैथ्य फोर में भी गया। तो आज हमें क्या
- 45:40करना पड़ेगा कि शैतान जो प्रलोभन हमारे
- 45:42सामने लेके आता है क्योंकि उसका तो
- 45:46मे बी ओके शैतान एक बड़ा अटैक क्या करता
- 45:49है इंसान के ऊपर कि उसको हमारा फ्यूचर
- 45:52मालूम नहीं होता है तो वो क्या करता है
- 45:54हमारे पास्ट को बार-बार लेके आता है ना
- 45:56पास्ट का आपके मिस्टेक्स पास्ट लेके आता
- 45:58है जब वो आपके पास्ट को लेकर आए तो आप
- 46:01उसके फ्यूचर को बताओ कि तुम्हारा फ्यूचर
- 46:04क्या है? तुम तो नर्क में जाने वाले हो।
- 46:06मेरा पास्ट जैसा था वो था। तुम्हारे पास्ट
- 46:09को वो याद दिलाए तो तुम उसके फ्यूचर को
- 46:10बताओ। तो क्या होगा? शैतान तुमसे
- 46:12ऑटोमेटिकली दूरी। मैं तो स्वर्ग में जा
- 46:14रहा हूं। मैं विश्वासी हूं। मैंने विश्वास
- 46:16किया मैं स्वर्ग में जाऊंगा। लेकिन
- 46:17तुम्हारा फ्यूचर क्या होगा? तुम्हारा
- 46:19पास्ट बताए तो तुम क्या करो? उसके फ्यूचर
- 46:22को बता के तैयार कर दो। ओके? सो
- 46:26दो पंक्तियां जॉन 36। ये तो बहुत मतलब
- 46:29कॉमनली है। जॉन 36 में क्या लिखा है?
- 46:36परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम किया कि
- 46:38पूरी दुनिया यहां पर जो
- 46:40[गला साफ़ करने की आवाज़] वर्ड है वो क्या
- 46:41है मतलब पूरी दुनिया के लिए अपना बेटा
- 46:44दिया लेकिन जॉन चैप्टर वन वर्स आई थिंक 12
- 46:49हां
- 46:52जॉन वन 12 ये दोनों पंक्तियां एक ही किताब
- 46:54में दिखती है जॉन 36 क्या कहता है कि पूरी
- 46:59दुनिया के लिए उसने जान दिया लेकिन स्वर्ग
- 47:02पहुंच जाएगा
- 47:04जॉन वन 12 वाले वो कौन है
- 47:08जितनों ने उसे ग्रहण किया परमेश्वर ने
- 47:11सिर्फ जान हमारे और आपके लिए नहीं दिया ये
- 47:13मत सोचो कि हमें सिर्फ हमारे लिए वो आया
- 47:16वो दुनिया में हर एक व्यक्ति हर एक रंग हर
- 47:19एक कलर हर एक भाषा की व्यक्ति के लिए वो
- 47:22दुनिया में आया लेकिन स्वर्ग कौन जाएगा
- 47:25सिर्फ वो जाएंगे जितनों ने उसको ग्रहण
- 47:28किया और ये चीज क्या है हमको समझनी पड़ेगी
- 47:31कि परमेश्वर ने कभी भी इंसान इंसान के लिए
- 47:33नरक नहीं बनाया। नरक सिर्फ बनाया था शैतान
- 47:36के लिए। लेकिन इंसान अपनी स्वेच्छा से
- 47:40वहां पर जाना पसंद करता है। कहां पर? जहां
- 47:43पर शैतान जा रहा है। हम चाहे तो आज
- 47:45स्वीकार कर सकते हैं प्रभु को। तो हम क्या
- 47:48कर सकते हैं? नरक जाने से बच सकते हैं।
- 47:50ओके? सो यहां पे ब्रेक लेंगे पांच मिनट का
- 47:53और फिर स्टार्ट करेंगे।
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