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भिखारी हसबैंड | Episode 81–100 | Kahvanihindi — Transcript

by Kahvani Hindi · 43,669 words · 5,491 segments · language en · Watch on YouTube

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  1. 0:04तो हेलो दोस्तों, कैसे हैं आप लोग? मुझे
  2. 0:06आशा है कि आप लोग ठीक ही होंगे और मजे से
  3. 0:08इस चैनल पर जो भी सीरीज आ रही है उसको सुन
  4. 0:10रहे होंगे। तो आपके बहुत ही मांग के बाद
  5. 0:14आया है वेगर हस्बैंड का नया वीडियो जिसमें
  6. 0:16एपिसोड 81 से 100 तक हैं। तो जल्दी से
  7. 0:20जल्दी इस वीडियो को देखो और बताओ कि कोई
  8. 0:22मिस्टेक तो नहीं हुई है और ऐसी ही स्टोरीज
  9. 0:25को देखने के लिए हमारे चैनल को सब्सक्राइब
  10. 0:28करें। वीडियो को लाइक करें, कमेंट करें और
  11. 0:31दोस्तों [गला साफ़ करने की आवाज़] के साथ
  12. 0:32शेयर करना ना भी ना भूलें। तो करते हैं
  13. 0:34लेट्स स्टार्ट दिस वीडियो वेगर हस्बैंड।
  14. 0:37शौर्य के प्लेन क्रैश के बाद उसके साथ
  15. 0:40हादसों का शायद कोई गहरा रिश्ता बन गया
  16. 0:42था। भिखारी के रूप में शिप्रा से जबरदस्ती
  17. 0:45शादी किस्मत ने करवाई भी तो एक हादसे की
  18. 0:48तरह। उसके बाद भी जीवन में उसे सुकून नसीब
  19. 0:52नहीं हुआ। जहां भी वो जा रहा था, जो भी कर
  20. 0:55रहा था, मुसीबत नए-नए रूप बदलकर उसका
  21. 0:58वेलकम करने को तैयार बैठी रहती थी।
  22. 1:01कृष्णापुरम में भी मुसीबत ने अपना खेल
  23. 1:04शुरू कर दिया था। अभी कुछ पल पहले जहां
  24. 1:07हंसीज़ाक और लाइटों [संगीत] की चकाचौंध थी,
  25. 1:10वहां अब जिंदगी और मौत की जंग शुरू हो
  26. 1:12चुकी थी। शूटिंग के दौरान पानी [संगीत] की
  27. 1:15लहरें जो अभी तक शांत दिख रही थी, अब किसी
  28. 1:18भूखे साए की तरह [संगीत] नताशा कपूर को
  29. 1:20निगलने के लिए बेताब थी। किनारे पर खड़े
  30. 1:24सैकड़ों लोग तमाशबीन बने थे। सबकी सांसे
  31. 1:28थमी हुई थी। पर किसी में इतना साहस नहीं
  32. 1:30था कि मौत के उस फनते जबड़े में हाथ डाल
  33. 1:33सके। सिल्वर स्क्रीन की सबसे चमकता सितारा
  34. 1:37नताशा इन लहरों के आगोश से निकलने के लिए
  35. 1:40छटपटा रही थी। नदी के बीचोंबीच नताशा का
  36. 1:44हाथ एक आखिरी बार पानी से बाहर निकला और
  37. 1:46फिर अचानक [संगीत] नीचे की ओर खींचता चला
  38. 1:49गया। रत्नाकर शेट्टी की रूह कांप उठी। उसे
  39. 1:52समझ नहीं आ रहा था कि एक नेशनल लेवल की
  40. 1:55तैराक आखिर ऐसे कैसे डूब सकती है। उसके
  41. 1:58चेहरे पर हवाइयां उड़ [संगीत] रही थी। पर
  42. 2:00उसकी नजरें नताशा पर जमी थी। रत्नाकर
  43. 2:04शेट्टी [संगीत] हैरानी और घबराहट में
  44. 2:06चिल्लाते हुए बोला यह कैसे हो सकता है? वो
  45. 2:10तो अच्छी तैराक है। फिर वो पानी में कैसे
  46. 2:12डूब रही है? कोई उसे बचाओ जल्दी करो।
  47. 2:16सेट पर भगदड़ मच गई थी। पर शौर्य शौर्य का
  48. 2:20चेहरा पत्थर की तरह शांत था। उसकी पार की
  49. 2:23नजरें देख पा रही थी कि पानी के नीचे कुछ
  50. 2:26ऐसा है जो कुदरती नहीं है। देखतेदेखते
  51. 2:30शौर्य अचानक गंभीर आवाज में बोला।
  52. 2:33उसके पैर में कोई रस्सी लिपट गई है जिसके
  53. 2:36कारण वो नीचे जा रही है। चिल्लाने से कुछ
  54. 2:39नहीं होगा। शेट्टी साहब आपने यहां सेफ्टी
  55. 2:42का कोई इंतजाम नहीं किया है क्या? लाइफ
  56. 2:44गार्ड्स कहां है? शौर्य का सवाल सुनते ही
  57. 2:47रत्नाकर के पैरों तले जमीन खिसक गई। उसे
  58. 2:51अपनी वो गलती याद आई जो उसने बजट बचाने के
  59. 2:53चक्कर में की थी। रत्नाकर शेट्टी डर में
  60. 2:57हकलाते हुए शौर्य से बोला, एक्चुअली
  61. 3:00[संगीत] नताशा एक अच्छी तैराक है इसलिए
  62. 3:02उसने इसके लिए मना कर दिया था। हमें लगा
  63. 3:05सब ठीक रहेगा। शौर्य समझ गया कि यहां
  64. 3:08बैठे-बैठे तर्क करना नताशा को मौत के मुंह
  65. 3:11में धकेलना होगा। उसे जल्दी ही कुछ करना
  66. 3:14होगा क्योंकि हर [संगीत] बीतता सेकंड
  67. 3:16नताशा से ऑक्सीजन छीन रहा था। किनारे पर
  68. 3:19खड़े लोग डर के मारे पत्थर हो गए थे। सबको
  69. 3:22यही लग रहा था कि अगर वह पानी में कूदे तो
  70. 3:25क्या पता नताशा उन्हें भी साथ ले डूबे। यह
  71. 3:28डर [संगीत] मौत से भी बड़ा था। लेकिन
  72. 3:31शौर्य को खतरों से खेलने की शायद आदत सी
  73. 3:34पड़ गई थी। लोगों को मौत का डर था। लेकिन
  74. 3:37शौर्य के दिमाग में नताशा की जिंदगी बचाने
  75. 3:39की फिक्र। वो कोई तरीका सोच ही रहा था कि
  76. 3:43तभी उसकी निगाह रत्नाकर शेट्टी के बगल में
  77. 3:45खड़े उस पॉट बॉय की तरफ गई। [संगीत] जो
  78. 3:47उसके लिए चाकू से सेब काट रहा था। बिना एक
  79. 3:51शब्द बोले शौर्य ने झपट्टा मारकर उसके हाथ
  80. 3:54से वो धारदार चाकू छीन लिया और नदी में
  81. 3:56जंप लगा दिया। रत्नाकर शेट्टी यह देखकर
  82. 4:00चौंक गया कि शौर्य अचानक नदी में क्यों
  83. 4:02कूद गया। उसने देखा शौर्य तेजी से नताशा
  84. 4:06की तरफ बढ़ रहा था। राहुल भी हैरान होकर
  85. 4:09शौर्य को देख रहा था और अपने जीजू की
  86. 4:11हिम्मत का कायल हो गया था। शौर्य तेजी से
  87. 4:15नताशा के पास पहुंचा और एक गोता पानी के
  88. 4:18अंदर लगाया और सीधा नताशा के पैर के पास
  89. 4:20पहुंचा। उसने अपने हाथ के चाकू से नीचे की
  90. 4:23रस्सी को काटना शुरू किया। उसका हाथ इतनी
  91. 4:26तेजी से चल रहा था कि जल्दी ही वो रस्सी
  92. 4:29कट गई। रस्सी के कटते ही नताशा ऊपर आ गई।
  93. 4:33उसने बहुत सारा पानी पी लिया था जिसके
  94. 4:35कारण उसे तैरना मुश्किल हो रहा था।
  95. 4:37[संगीत] पर अच्छी बात यह थी कि वो अभी होश
  96. 4:40में थी। उसने बिना कुछ सोचे समझे शौर्य का
  97. 4:43हाथ पकड़ लिया। शौर्य धीरे-धीरे उसे
  98. 4:46किनारे की तरफ ले आया। वहां उपस्थित कुछ
  99. 4:49लोगों और नताशा की सेक्रेटरी लीना ने
  100. 4:51[संगीत] तुरंत नताशा को सहारा देकर
  101. 4:53रेस्टोरेंट तक पहुंचाया। अब तक रत्नाकर
  102. 4:56शेट्टी भी भागकर नताशा के पास पहुंच गया।
  103. 4:59उसकी आंखें इधर-उधर शौर्य की तलाश में घूम
  104. 5:01[संगीत] रही थी। तभी उसने भीड़ से अलग एक
  105. 5:05खंभे से टिके खड़े शौर्य को देखा। उसके
  106. 5:08कपड़े भी गीले हो चुके थे। रत्नाकर शेट्टी
  107. 5:11[संगीत] जल्दी से शौर्य के पास पहुंचा और
  108. 5:13उसका धन्यवाद करते हुए बोला, "आपका
  109. 5:16बहुत-बहुत धन्यवाद श्रवण जी। आपने अपनी
  110. 5:19हिम्मत से एक बहुत बड़ी दुर्घटना को होने
  111. 5:22से टाल दिया। नहीं तो पता नहीं आज [संगीत]
  112. 5:25क्या हो जाता। रत्नाकर शेट्टी की बात
  113. 5:28सुनकर शौर्य ने कोई खास रिएक्ट नहीं किया।
  114. 5:31बस अपनी स्थिति को [संगीत] देखते हुए
  115. 5:32बोला, वो सब तो ठीक है। पर मैं अब क्या
  116. 5:36करूं? मेरे कपड़े तो गीले हो गए। शौर्य का
  117. 5:39सवाल सुनकर रत्नाकर शेट्टी हंसते हुए
  118. 5:41बोला, "अरे आप कपड़ों की चिंता क्यों करते
  119. 5:45हैं? मैं अभी आपके लिए नए कपड़े अरेंज
  120. 5:47करवाता हूं। इतना कहकर उसने अपने पास खड़े
  121. 5:50असिस्टेंट से कहा, जाओ। निखिल आडवाणी के
  122. 5:54लिए जो कपड़े लाए थे, उन्हें जल्दी से ले
  123. 5:56आओ। रत्नाकर शेट्टी की बात सुनकर उसका
  124. 5:59असिस्टेंट तेजी से वहां से चला गया। उसके
  125. 6:01जाने के बाद शौर्य ने पूछा, "यह निखिल
  126. 6:05आडवाणी कौन है?" शौर्य की बात सुनकर
  127. 6:08रत्नाकर शेट्टी बोला निखिल आडवाणी हमारे
  128. 6:11इस ऐड शूट का मेन लीड एक्टर है। वही जो
  129. 6:15नताशा को डूबते छोड़कर खुद बचकर अलग हो
  130. 6:18गया था। शौर्य ने उस पल की याद दिलाई तो
  131. 6:21रत्नाकर शेट्टी थोड़ा शर्मिंदा होते हुए
  132. 6:23बोला हां वही। तभी शौर्य मुस्कुराते हुए
  133. 6:27बोला। यही फर्क होता है रील और [संगीत]
  134. 6:30रियल में। स्क्रीन पर बड़े-बड़े कारनामे
  135. 6:33करते नजर आते हैं। पर जब असलियत में
  136. 6:35मुसीबत आती है तो सबसे पहले पीठ दिखा देते
  137. 6:38हैं। आप बिल्कुल सही कह रहे हैं। रत्नाकर
  138. 6:42शेट्टी खिसियानी हंसी-हंसते हुए बोला। तभी
  139. 6:44उसका असिस्टेंट कपड़े लेकर वहां आ गया।
  140. 6:47कपड़े लेते हुए रत्नाकर शेट्टी बोला। चलिए
  141. 6:51सामने निखिल की वैनिटी वैन है। उसी में
  142. 6:53चलकर कपड़े चेंज कर लीजिए। तभी स्पॉट बॉय
  143. 6:57शौर्य के किनारे पर उतारे जूते भी ले आया।
  144. 7:00शौर्य निखिल की वैनिटी वैन के अंदर गया और
  145. 7:02जल्दी से कपड़े बदलकर बाहर आ गया। कपड़े
  146. 7:05उसे पूरी तरह फिट आए थे। जैसे ही वह
  147. 7:08वैनिटी वैन से बाहर आया उसी समय वहां
  148. 7:10निखिल आडवाणी भी पहुंच गया था। वो भी गीले
  149. 7:14कपड़ों में ही था। उसने शौर्य को अपने लिए
  150. 7:17लाए हुए कपड़े पहनते देखा तो गुस्से में
  151. 7:19बोला
  152. 7:21तुमने यह मेरे कपड़े कैसे पहन लिए? शौर्य
  153. 7:24ने निखिल के गुस्से की तरफ कोई ध्यान नहीं
  154. 7:26दिया और सपाट स्वर में बोला, "मुझसे बोलने
  155. 7:29से अच्छा है कि यह बात तुम अपने डायरेक्टर
  156. 7:31साहब से करो।" शौर्य का जवाब सुनकर निखिल
  157. 7:34रत्नाकर शेट्टी की तरफ मुड़ा और गुस्से
  158. 7:37में बोला, "यह क्या है शेट्टी साहब? आपने
  159. 7:39मेरे कपड़े इसे कैसे दे दिए? इस पर
  160. 7:42रत्नाकर शेट्टी सफाई देते हुए बोला, "अरे
  161. 7:45आप चिंता क्यों करते हैं निखिल जी? मैं
  162. 7:47आपके लिए दूसरे कपड़े मंगवा दूंगा।"
  163. 7:50निखिल थोड़ा नाराज हुआ और बोला बात दूसरे
  164. 7:53कपड़े की नहीं है। बात है कि आपने इसे
  165. 7:57मुझसे बिना पूछे मेरे लिए लाए हुए कपड़े
  166. 7:59दिए कैसे? अभी रत्नाकर शेट्टी निखिल के
  167. 8:02सवाल का जवाब देते उसी समय वहां लीना आ
  168. 8:05गई। वो रत्नाकर शेट्टी से बोली। आपको मैम
  169. 8:08ने बुलाया है और साथ में इनको भी लाने के
  170. 8:11लिए बोला है। लीना ने शौर्य की तरफ इशारा
  171. 8:14करते हुए कहा।
  172. 8:15[संगीत]
  173. 8:16लीना की बात सुनकर रत्नाकर शेट्टी ने
  174. 8:18निखिल से कहा,
  175. 8:20निखिल जी एक बार नताशा से मिलाऊं फिर लौट
  176. 8:22कर आपसे बात करता हूं। निखिल कुछ और बोलता
  177. 8:25उससे पहले ही रत्नाकर शेट्टी उसके जवाब का
  178. 8:28इंतजार किए बिना शौर्य के साथ नताशा कपूर
  179. 8:31की वैनिटी वैन की तरफ बढ़ गया। शौर्य,
  180. 8:33रत्नाकर शेट्टी और राहुल के साथ वैनिटी
  181. 8:35वैन के अंदर गया, तो उसने देखा कि अंदर
  182. 8:38पहले से ही नताशा कपूर किसी शख्स के साथ
  183. 8:40बैठी हुई थी। यह वैनिटी वैन अंदर से बहुत
  184. 8:43ही खूबसूरत और विशाल थी। रत्नाकर शेट्टी
  185. 8:47के साथ दो और लोगों को देखकर नताशा खड़ी
  186. 8:49हो गई और हाथ से सोफे की तरफ इशारा करते
  187. 8:52हुए बोली बैठिए आप सब रत्नाकर शेट्टी ने
  188. 8:57उस दूसरे शख्स की ओर देखकर कहा आप कब आए
  189. 9:01मेहता साहब इतना कहकर वो शौर्य की तरफ
  190. 9:04मुड़ा और बोला मिस्टर श्रवण इनसे मिलिए यह
  191. 9:08हैं इस शहर के जानेमाने उद्योगपति हंसल
  192. 9:10मेहता जी यह जो ऐड शूट हो रही है वो
  193. 9:13इन्हीं के लिए हो रही है शौर्य ने यह
  194. 9:16जानकर कि हंसल मेहता शहर [संगीत] के एक
  195. 9:17सम्मानित व्यक्ति हैं। उन्हें नमस्ते
  196. 9:19किया। तभी रत्नाकर शेट्टी ने शौर्य का
  197. 9:22परिचय देते हुए कहा, "यह मिस्टर श्रवण है
  198. 9:25और इन्होंने ही अभी मिस नताशा को अपनी जान
  199. 9:29पर खेलकर बचाया था।" [संगीत] जब नताशा ने
  200. 9:32यह सुना कि यही वो शख्स है जिसने उसे
  201. 9:34डूबने से बचाया तो उसने कृतज्ञता से शौर्य
  202. 9:37का आभार प्रकट किया। हंसल मेहता भी यह
  203. 9:41जानकर कि शौर्य ने ही मिस नताशा को बचाया
  204. 9:43है। अपने चेहरे पर एक मुस्कान लाते हुए
  205. 9:46बोले, "आपका बहुत-बहुत धन्यवाद मिस्टर
  206. 9:49श्रवण। आपके कारण यहां एक बहुत बड़ी
  207. 9:51दुर्घटना होने से बच गई। हाथों हाथ हंसल
  208. 9:55मेहता ने रत्नाकर शेट्टी से भी पूछ लिया।
  209. 9:57शेट्टी साहब, अब आगे का क्या प्लान है?
  210. 10:00क्या अभी शूटिंग को कंटिन्यू करना है या
  211. 10:02पैकअप करना है? हंसल मेहता की बात सुनकर
  212. 10:05रत्नाकर शेट्टी नताशा की ओर देखकर बोले
  213. 10:08अगर नताशा जी जब शूटिंग के लिए कंफर्टेबल
  214. 10:11फील करेंगी तभी हम आगे की शूटिंग कर
  215. 10:14पाएंगे नहीं तो पैकअप ही करना पड़ेगा
  216. 10:18ठीक है फिर मैं अभी निकलता हूं जैसा हो
  217. 10:20मुझे इन्फॉर्म कर दीजिएगा रत्नाकर [संगीत]
  218. 10:22शेट्टी ने हंसल मेहता से अपनी सहमति जताई
  219. 10:25हंसल मेहता के जाते ही रत्नाकर शेट्टी ने
  220. 10:27नताशा कपूर से कहा मिस कपूर यह समझ नहीं
  221. 10:31आया कि आपके पैर में अचानक ये रस्सियां
  222. 10:34कहां से आकर लिपट गई थी? यही तो मुझे भी
  223. 10:38समझ में नहीं आ रहा है कि वो रस्सी आई
  224. 10:40कहां से और उसमें ऐसा क्या था जो मुझे
  225. 10:43नीचे की ओर खींच रहा था। नताशा कपूर भी
  226. 10:46सोच भरे स्वर में बोली। उन दोनों की बात
  227. 10:49सुनकर शौर्य बोला अगर आपने पहले ही नाव
  228. 10:52में मौजूद चीजों पर ध्यान दिया होता तो यह
  229. 10:55हादसा नहीं होता। दरअसल वो एक लंगर था जो
  230. 10:59उस रस्सी [संगीत] के साथ बंधा हुआ था। सभी
  231. 11:01नावों में यह लंगर होता है। नदी के बीच
  232. 11:04में कहीं नाव खड़ी करनी हो तो उसके लिए इस
  233. 11:06लंगर का उपयोग किया जाता है। नाव जिस समय
  234. 11:09पलटी थी उसी समय यह लंगर भी नाव से नदी
  235. 11:13में गिर गया और किसी तरह उसकी रस्सी मिस
  236. 11:16नताशा के पैर से लिपट गई होगी क्योंकि जब
  237. 11:18लंगर पानी में डाला जाता है तो उसकी रस्सी
  238. 11:21तेजी से खींचती है। शौर्य के इतना कहते ही
  239. 11:25सभी उसकी ओर आश्चर्य से देखने लगे। फिर
  240. 11:27शौर्य ने अपनी बात को बढ़ाते हुए आगे कहा
  241. 11:30वो तो शुक्र मनाइए कि जहां पर लंगर गिरा
  242. 11:33था वहां नदी की गहराई ज्यादा नहीं थी।
  243. 11:36इसीलिए जब वह जमीन तक पहुंच गया तो मिस
  244. 11:38नताशा पानी की सतह से थोड़े ही नीचे जाकर
  245. 11:41रुक गई थी और ऊपर से भी दिखाई दे रही थी।
  246. 11:44अगर वहां नदी ज्यादा गहरी होती तो जब तक
  247. 11:47लंगर को जमीन नहीं मिलती मिस नताशा भी
  248. 11:50उसके साथ खींचती हुई नीचे तक [संगीत]
  249. 11:52पहुंच जाती। शौर्य के मुंह से हकीकत सुनकर
  250. 11:55नताशा के शरीर में झुरझुरी सी दौड़ गई।
  251. 11:58उसने फिर से शौर्य का दिल से आभार प्रकट
  252. 12:01किया और [संगीत] बोली मिस्टर श्रवण आज मैं
  253. 12:04आपकी कायल हो गई। आपका यह एहसान मुझ पर
  254. 12:07उधार रहा। रत्नाकर शेट्टी को यही सही समय
  255. 12:11लगा जब वो शौर्य के आने के मकसद के बारे
  256. 12:13में बात कर सकता था। उसने नताशा कपूर से
  257. 12:17कहा मिस कपूर मिस्टर श्रवण वही शख्स हैं
  258. 12:20जिनके बारे में मैंने आपको कल बताया था कि
  259. 12:23आपसे मीटिंग करना चाहते हैं। रत्नाकर
  260. 12:26शेट्टी की बात सुनकर नताशा ने इस बार गौर
  261. 12:29से शौर्य की तरफ देखा। तभी रत्नाकर शेट्टी
  262. 12:32ने ही बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, मिस्टर
  263. 12:35श्रवण जिस कंपनी के लिए काम करते हैं,
  264. 12:37उसके ब्रांड के प्रमोशन के लिए आपसे
  265. 12:40एग्रीमेंट करना चाहते हैं। आप किस कंपनी
  266. 12:43के ब्रांड एंडोर्समेंट के लिए काम कर रहे
  267. 12:45हैं मिस्टर श्रवण? नताशा ने सीधे शौर्य से
  268. 12:48सवाल किया। नताशा का सवाल सुनकर शौर्य को
  269. 12:51समझ नहीं आया कि वह क्या जवाब दें। अगर
  270. 12:54राहुल साथ नहीं होता तो वह नताशा को बता
  271. 12:57सकता था कि वह जिंक कलेक्शन के लिए ऐड
  272. 12:59कैंपेन करने वाला है। पर राहुल के साथ
  273. 13:02होने के कारण उसने कहा यह तो अभी मुझे भी
  274. 13:05नहीं पता है। पर कल परसों में कंपनी से
  275. 13:07मीटिंग होगी तो क्लियर हो जाएगा कि किस
  276. 13:10कंपनी का ऐड कैंपेन करना है। नताशा को
  277. 13:13थोड़ा शक भी हुआ कि यह क्या बात हुई? यह
  278. 13:16बंदा उसके साथ एग्रीमेंट करने आ गया है और
  279. 13:18उसे पता ही नहीं कि किसके लिए ऐड बनाना
  280. 13:21है। शौर्य की बात सुनकर राहुल को भी
  281. 13:23आश्चर्य हुआ कि यह तो कमाल की बात है।
  282. 13:26उसके जीजू को जिस कंपनी का ऐड बनाना है
  283. 13:29उसी कंपनी का नाम ही नहीं पता है। पर वो
  284. 13:32यहां कुछ बोल नहीं सकता था। तभी अचानक उस
  285. 13:34[संगीत] वैनिटी वैन के दरवाजे पर नॉक हुआ।
  286. 13:37सबका ध्यान दरवाजे की तरफ चला गया।
  287. 13:40[संगीत] सभी सोचने लगे अब कौन आ गया है?
  288. 13:43नताशा वह अपनी वैनिटी वैन के भीतर [संगीत]
  289. 13:46सुरक्षित थी। लेकिन उसके दिल के अंदर मानो
  290. 13:48तूफान की तरह उथल-पुथल मची थी। वो मौत के
  291. 13:51शिकंजे से तो बाहर निकल आई थी। लेकिन नदी
  292. 13:54का वो खौफनाक मंजर अभी भी उसकी आंखों के
  293. 13:56सामने तैर रहा था। वो दृश्य बार-बार उसके
  294. 14:00दिमाग में दस्तक दे रहा था। लेकिन अचानक
  295. 14:03दरवाजे पर हुई दस्तक ने वैनिटी के अंदर के
  296. 14:05माहौल को और भी सस्पेंस से भर दिया।
  297. 14:08दरवाजे की ठक और वैनिटी के अंदर बैठे
  298. 14:11लोगों के दिलों की धक-धक दोनों में ही
  299. 14:14बेचैनी थी। वहां एक शौर्य ही शेर दिल था
  300. 14:17जो बेफिक्र नजर आ रहा था। तभी नताशा ने
  301. 14:20अपने असिस्टेंट से कहा जरा देखो बाहर कौन
  302. 14:24है? उसकी असिस्टेंट [संगीत] दरवाजे के पास
  303. 14:27गई और जैसे ही उसने दरवाजा खोला तो सामने
  304. 14:30निखिल आडवाणी खड़ा था। उसने लीना [संगीत]
  305. 14:32से पूछने की जहमत भी नहीं उठाई कि नताशा
  306. 14:35अंदर है या नहीं।
  307. 14:37बल्कि लीना को धक्का देकर अंदर कदम रखा।
  308. 14:40जैसे नताशा की वैन नहीं उसका अपना
  309. 14:43साम्राज्य हो। निखिल आडवाणी सीधा चलकर
  310. 14:46नताशा के पास पहुंचा। चेहरे पर झूठा
  311. 14:49पछतावा और आंखों में चालाकी लिए उसने
  312. 14:52सिंपथी दिखाते हुए कहा,
  313. 14:55"तुम ठीक तो हो नताशा? मुझे तुम्हारी बड़ी
  314. 14:58चिंता हो गई थी। मैं तो अभी तक बहुत नर्वस
  315. 15:00था। पर अब तुम्हें ठीक देखकर मुझे अच्छा
  316. 15:03लग रहा है।
  317. 15:05अच्छा जी बहुत जल्दी तुमको मेरा ध्यान आ
  318. 15:08गया। अगर तुम्हें मेरी इतनी ही चिंता थी
  319. 15:11तो फिर तुम मुझे नदी में डूबता देखकर अपना
  320. 15:14हाथ छुड़ाकर भाग क्यों गए थे? नताशा
  321. 15:17भावहीन स्वर में बोली तो निखिल के माथे पर
  322. 15:20पसीना चमक उठा। उसने तुरंत अपनी बातों का
  323. 15:23जाल बुनना शुरू किया। अरे कैसी बात कर रही
  324. 15:26हो तुम? मैं भागा कहां था? मैं तो किसी
  325. 15:29ऐसी चीज की तलाश में गया था जिससे मैं
  326. 15:31तुम्हारी मदद कर सकूं। वो तो मेरे वापस
  327. 15:34आने से पहले यह लड़का वहां पर आ गया। नहीं
  328. 15:37तो मैं तुम्हें बचाने ही वाला था। तभी
  329. 15:40वैनिटी वैन के एक कोने से हंसी की आवाज
  330. 15:42गूंजी। यह शौर्य था। उसकी हंसी में
  331. 15:46तिरस्कार था। कमाल है। मैं प्लेटफार्म से
  332. 15:50तैर कर नताशा के पास तक पहुंच गया। उसके
  333. 15:53पैर के नीचे की रस्सी तक काट दी और तब तक
  334. 15:56आपको कुछ भी नहीं मिला। जिससे आप नताशा को
  335. 15:59बचा सकें। क्या आप इंतजार कर रहे थे कि जब
  336. 16:02[संगीत] वो डूब जाती तब आप उसको बचाने की
  337. 16:05कोशिश करते। यह सुनकर निखिल के चेहरे का
  338. 16:08रंग उड़ गया। शौर्य की बेबाकी उसे सुई की
  339. 16:12तरह चुभ रही थी। शौर्य ने रुकने की बजाय
  340. 16:15अपनी बात और वजन के साथ रखी। उसने कहा,
  341. 16:19कोई बच्चा भी आपकी बात का यकीन नहीं
  342. 16:21करेगा। मिस्टर निखिल अगर मुझे जरा भी ये
  343. 16:24लगता कि आप अभी भी मिस नताशा को बचाने की
  344. 16:27कोशिश कर रहे हैं तो यकीन मानिए मैं पानी
  345. 16:30में नहीं कूदता।
  346. 16:32अब निखिल का पारा सातवें आसमान पर पहुंच
  347. 16:34गया। एक साधारण से दिखने वाले लड़के ने
  348. 16:37[संगीत] उसे आईना दिखा दिया था। वो गुस्से
  349. 16:40में बोला तुम हो कौन? और तुम्हारी इतनी
  350. 16:43हिम्मत कि तुम मुझे झूठा कहोगे। तुमने
  351. 16:46थोड़ी सी दिलेरी क्या दिखा दी? तुम अपने
  352. 16:48आप को शहंशाह समझने लगे।
  353. 16:51मैं कौन हूं यह जानकारी आपके किसी काम की
  354. 16:53नहीं है। मैं तो बस आपको आईना दिखा रहा
  355. 16:56हूं कि जो शख्स मुसीबत के वक्त अपनी कलीग
  356. 16:59को पीठ दिखा दे उससे बड़ा मौका परस्त कोई
  357. 17:02नहीं होता। शौर्य बेबाकी से बोला नताशा
  358. 17:06शांत थी। लेकिन उसके अंदर एक [संगीत]
  359. 17:08क्रांति चल रही थी। शौर्य का एक-एक शब्द
  360. 17:11निखिल के लिए नफरत की आग में घी डाल रहा
  361. 17:14था। उसे एहसास हुआ कि जिसे वह दोस्त समझती
  362. 17:17थी, वह सिर्फ एक कायर था। निखिल अब
  363. 17:20तिलमिला उठा। वो सीधे फिल्म के प्रोड्यूसर
  364. 17:22रत्नाकर शेट्टी को वार्निंग देता हुआ
  365. 17:24बोला, "मिस्टर रत्नाकर ये आप किस शख्स को
  366. 17:28अपने साथ ले आए हैं जो मेरी बेइज्जती करने
  367. 17:30की कोशिश कर रहा है और आप खामोश बैठे उसे
  368. 17:33सुन रहे हैं। आप समझ रहे हैं इसका क्या
  369. 17:36परिणाम हो सकता है।
  370. 17:38रत्नाकर शेट्टी के चेहरे पर हवाइयां उड़
  371. 17:41रही थी। वो एक तरफ शौर्य को देख रहे थे जो
  372. 17:44मेनका जी के रेफरेंस से आया था जो एक ऐसी
  373. 17:46ताकत थी जिसे वो नजरअंदाज नहीं कर सकते
  374. 17:49थे। दूसरी तरफ निखिल था [संगीत] जिसके
  375. 17:51बिना फिल्म का प्रोजेक्ट बीच में ही लटक
  376. 17:53सकता था। तभी निखिल आडवाणी ने फिर से
  377. 17:56रत्नाकर शेट्टी से कहा मिस्टर शेट्टी या
  378. 17:59तो आप इस शख्स को यहां से बाहर निकालिए
  379. 18:02नहीं तो फिर आप यह समझिए कि मैं इस
  380. 18:03प्रोजेक्ट से खुद को अलग कर रहा हूं।
  381. 18:07इन शब्दों से वैन में सन्नाटा सा पसर गया।
  382. 18:10रत्नाकर के हाथ पैर फूलने लगे। शौर्य को
  383. 18:13लगा कि शायद उसने बात ज्यादा बिगाड़ दी
  384. 18:15है। वो रत्नाकर के नुकसान के बारे में
  385. 18:18सोचने लगा और उसने मन ही मन तय किया कि वो
  386. 18:21सॉरी बोल देगा। लेकिन जैसे ही शौर्य अपना
  387. 18:24मुंह खोलने वाला था नताशा की आवाज ने सबको
  388. 18:27चौंका दिया।
  389. 18:29मिस्टर शेट्टी निखिल का तो मुझे पता नहीं
  390. 18:32कि वो यह प्रोजेक्ट करेगा या नहीं। पर अगर
  391. 18:34निखिल इस प्रोजेक्ट में आगे रहा तो मैं
  392. 18:36पक्का इस प्रोजेक्ट में काम नहीं करूंगी।
  393. 18:38तो आप यह देख लीजिए कि आप किसके साथ काम
  394. 18:41करना चाहते हैं। मेरे साथ या निखिल के
  395. 18:44साथ। नताशा ने दो टूक में अपनी बात कह दी।
  396. 18:49निखिल ने जैसे ही नताशा की बात सुनी वो
  397. 18:51आश्चर्य से नताशा की तरफ देखने लगा और
  398. 18:54बोला नताशा ये तुम कैसी बात कर रही हो? हम
  399. 18:57दोनों इतने समय से इस इंडस्ट्री में साथ
  400. 18:59में काम कर रहे हैं। एक दूसरे के इतने
  401. 19:01अच्छे दोस्त हैं। फिर तुम मेरे लिए ऐसी
  402. 19:04बात कैसे कर सकती हो? इस पर नताशा ने
  403. 19:07निखिल के मुंह पर कह दिया माफ करना निखिल
  404. 19:10तुम मेरे दोस्त थे अब नहीं हो और मैं
  405. 19:12तुम्हें बता दूं कि आगे भविष्य में भी कभी
  406. 19:15मैं तुम्हारे साथ कोई भी काम नहीं करूंगी।
  407. 19:17इसके बाद नताशा ने तुरंत रत्नाकर शेट्टी
  408. 19:20की ओर देखा और कहा आपके पास ज्यादा समय
  409. 19:23नहीं है मिस्टर शेट्टी इसीलिए आप जितनी
  410. 19:26जल्दी मुझे कंफर्म कर दें कि आप इस
  411. 19:28प्रोजेक्ट पर किसके साथ आगे बढ़ना चाहते
  412. 19:30हैं वो हमारे लिए अच्छा होगा। रत्नाकर
  413. 19:33शेट्टी ने गहरी सांस ली। उन्हें समझ आ गया
  414. 19:36था कि हवा का रुख बदल चुका है। इसीलिए
  415. 19:39उन्होंने भी निखिल को दो टूक कह दिया।
  416. 19:42मिस्टर निखिल आप चाहते हैं कि मैं श्रवण
  417. 19:45को यहां से बाहर कर दूं। नहीं तो आप मेरे
  418. 19:47इस प्रोजेक्ट में काम नहीं करेंगे तो मैं
  419. 19:49आपको बता दूं कि मैं मिस्टर श्रवण को यहां
  420. 19:52से बाहर तो नहीं करने वाला। तो फिर आपका
  421. 19:55रास्ता क्लियर है। आप यहां से जा सकते
  422. 19:58हैं।
  423. 20:00निखिल आडवाणी को विश्वास नहीं हुआ कि
  424. 20:02रत्नाकर शेट्टी उसको लेकर इतनी जल्दी
  425. 20:05फैसला कर सकता है। और वो भी नताशा का
  426. 20:08हवाला ना देकर श्रवण के सपोर्ट में उसे
  427. 20:11यहां से जाने को कह रहा है। यह उसके लिए
  428. 20:13और भी बेइज्जती की बात थी। अब वो बात को
  429. 20:16संभालने की कोशिश करते हुए बोला
  430. 20:19रत्नाकर जी [संगीत] मैं अपने काम को लेकर
  431. 20:22बड़ा प्रोफेशनल हूं। मैं नहीं चाहता कि
  432. 20:24मेरे कारण किसी का नुकसान हो और अगर मैंने
  433. 20:27यह काम लिया है तो मैं यहां से इसे पूरा
  434. 20:30करके जाऊंगा। हां, इसके आगे मुझे आपके साथ
  435. 20:33काम करने से पहले सोचना पड़ेगा। तो आप देख
  436. 20:36लीजिए। मैं किसी का नुकसान नहीं करना
  437. 20:39चाहता। [संगीत] तभी रत्नाकर शेट्टी बॉल को
  438. 20:42निखिल के कोर्ट में ही फेंकते हुए बोले।
  439. 20:44आप समझे नहीं निखिल जी सिर्फ श्रवण की ही
  440. 20:47बात नहीं है। अब तो मिस नताशा भी आपके साथ
  441. 20:50काम नहीं करना चाहती। इसीलिए मैं खुद
  442. 20:52मजबूर हूं। मैं चाहकर भी अब कुछ कर पाने
  443. 20:55की स्थिति [संगीत] में नहीं हूं। अगर मिस
  444. 20:57नताशा आपके साथ काम करने को तैयार हैं या
  445. 21:01हो जाएंगी।
  446. 21:03तो फिर मुझे कोई दिक्कत नहीं है। अरे भाई
  447. 21:06मैं क्यों अपना नुकसान करना चाहूंगा?
  448. 21:09इसीलिए आप देख लीजिए कि आप मिस नताशा को
  449. 21:11अपने साथ काम करने के लिए तैयार कर सकते
  450. 21:14हैं या नहीं। [संगीत]
  451. 21:16वो नहीं चाहते थे कि वो उन दोनों के सामने
  452. 21:18हाथ पैर जोड़ें। इससे अच्छा यही होगा कि
  453. 21:21निखिल खुद अपनी कोशिश कर ले। अगर नताशा
  454. 21:24उसके साथ काम करने को तैयार हो जाती है तो
  455. 21:27यह रत्नाकर शेट्टी के हक में ही था। नहीं
  456. 21:30तो इससे नुकसान रत्नाकर शेट्टी को ही था
  457. 21:32कि वह हाथों हाथ कहां से मेल लीड कैरेक्टर
  458. 21:35को ला पाएगा। रत्नाकर शेट्टी की बात को
  459. 21:38सुनकर निखिल आडवाणी नताशा के पास गया और
  460. 21:41मुस्कुराने का प्रयास करते हुए बोला,
  461. 21:44नताशा मैं समझता हूं कि तुम मेरे साथ मजाक
  462. 21:47कर रही थी। तुम मेरे साथ इतना रूट कैसे हो
  463. 21:50सकती हो? यह संभव ही नहीं है। बोल दो
  464. 21:53मिस्टर शेट्टी को कि तुम्हें मेरे साथ काम
  465. 21:55करने में कोई दिक्कत नहीं है।
  466. 21:59तुम्हें अपनी बात से पलटने की आदत होगी
  467. 22:01निखिल पर मुझे नहीं है। मैं अपनी बात को
  468. 22:03लेकर एकदम स्पष्ट हूं। मैंने कह दिया कि
  469. 22:06मैं तुम्हारे साथ आगे से कोई काम नहीं
  470. 22:08करूंगी [संगीत] तो समझ लो नहीं करूंगी।
  471. 22:11भले ही इसके बाद मुझे बिना काम के रहना
  472. 22:13पड़े तो भी मैं तुम्हारे साथ काम करने के
  473. 22:16लिए कभी तैयार [संगीत] नहीं हो सकती।
  474. 22:17इसीलिए व्यर्थ का प्रयास करने का कोई
  475. 22:20फायदा नहीं है। नताशा निखिल से पूरी तरह
  476. 22:24रूढ़ होकर बोली तो निखिल का चेहरा गुस्से
  477. 22:26से लाल हो गया। उसकी मुस्कान अब एक हिंसक
  478. 22:30धमकी में बदल गई।
  479. 22:32तुम समझ नहीं रही हो कि तुम क्या करने की
  480. 22:34कोशिश कर रही हो। तुम निखिल आडवाणी से
  481. 22:37उलझने की कोशिश कर रही हो। तुम अभी समझ भी
  482. 22:40नहीं सकती कि तुम्हें इसके कितने गंभीर
  483. 22:42परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। इसीलिए मैं
  484. 22:44तुम्हें लास्ट वार्निंग दे रहा हूं। अभी
  485. 22:47भी अपने फैसले के बारे में सोच लो। नहीं
  486. 22:50तो मैं तुम्हें कहीं का नहीं छोडूंगा।
  487. 22:53दिखा दी ना अपनी औकात। अब मैं समझ सकती
  488. 22:56हूं कि तुम्हें गुंडे ही हो। और शायद अभी
  489. 22:58तक जो तुम काम करते आ रहे हो वो अपनी
  490. 23:01काबिलियत से नहीं इसी गुंडागर्दी के
  491. 23:03द्वारा ही करते आ रहे होंगे। तुमने शायद
  492. 23:06मेरी बातों पर ध्यान नहीं दिया। मैंने कहा
  493. 23:09था कि अगर मुझे खाली भी बैठना पड़े तो मैं
  494. 23:12खाली बैठ लूंगी। पर मैं तुम्हारे साथ काम
  495. 23:14नहीं करूंगी। तो इसीलिए तुमसे जो बन पड़े
  496. 23:18तुम वो [संगीत] कर लो। मैं अपनी बात पर
  497. 23:20कायम हूं और कायम रहूंगी।
  498. 23:23नताशा दृढ़ स्वर में बोली। इसके बाद निखिल
  499. 23:26आडवाणी के हाथ में कुछ रहा नहीं। उसने एक
  500. 23:29सरसरी निगाह उस वैनिटी वैन में मौजूद सभी
  501. 23:32लोगों पर डाली और तेजी से वहां से निकल
  502. 23:34गया। निखिल आडवाणी के वहां से जाने के बाद
  503. 23:38उस वैन में थोड़ी देर तो खामोशी रही। उसके
  504. 23:41बाद रत्नाकर शेट्टी की आवाज सुनाई दी। वो
  505. 23:44चिंता भरे स्वर में बोला। अभी यह शूट कैसे
  506. 23:48होगा? और अभी कहां तुरंत मेन लीड हीरो
  507. 23:51मिलेगा? अब तो लगता है सप्ताह 10 दिन के
  508. 23:54लिए शूटिंग को पोस्टपोन करना ही पड़ेगा।
  509. 23:58रत्नाकर शेट्टी की बात सुनकर नताशा ने एक
  510. 24:01दो जगह कॉल लगाए पर कहीं भी उसकी बात बन
  511. 24:04नहीं पाई। जो काम करने को तैयार भी था वो
  512. 24:07इतनी जल्दी शूट के लिए अवेलेबल नहीं हो
  513. 24:09सकता था। नताशा निराश भाव से शौर्य की तरफ
  514. 24:13देख रही थी कि तभी उसके दिमाग में कुछ
  515. 24:15स्ट्राइक किया। वो रत्नाकर शेट्टी की तरफ
  516. 24:18मुड़ी और बोली मिस्टर शेट्टी अगर आप चाहे
  517. 24:22तो आपका शूट आज ही हो सकता है। नताशा की
  518. 24:27बात [संगीत] सुनकर रत्नाकर शेट्टी आश्चर्य
  519. 24:29से बोले
  520. 24:30यह आप कैसी बात कर रही हैं? मैं भला अपना
  521. 24:34नुकसान क्यों चाहूंगा? मैं तो चाहूंगा ही
  522. 24:37कि जितनी जल्दी हो सके मेरा शूट हो जाए।
  523. 24:41नताशा सरकास्टिक वे में बोली। फिर समझ
  524. 24:44लीजिए एक मेल लीड एक्टर मेरी निगाह में है
  525. 24:48जो मुझे लगता है कि इस काम को अच्छे से कर
  526. 24:50सकता है। नताशा की इस बात पर रत्नाकर
  527. 24:54शेट्टी यहां मौजूद [संगीत]
  528. 24:56सभी शख्स को देखते हुए बोले अब आप
  529. 24:59पहेलियां ही बुझाएंगी या साफ-साफ बताएंगी
  530. 25:01भी कि आखिर वो कौन शख्स है जो आपके साथ
  531. 25:04में लीड रोल करेगा।
  532. 25:07रत्नाकर शेट्टी की बात पर नताशा मुस्कुराई
  533. 25:10और शौर्य की तरफ देखते हुए बोली श्रवण है
  534. 25:14ना यह कर लेगा निखिल आडवाणी का काम
  535. 25:17[संगीत]
  536. 25:18शौर्य ने जब नताशा के मुंह से अपना नाम
  537. 25:20सुना तो वो हैरान होकर बोला ये आप क्या कह
  538. 25:24रही हैं मैं भला इस काम को कैसे कर पाऊंगा
  539. 25:27आप क्यों मेरे साथ मजाक कर रही हैं नताशा
  540. 25:31की बात सुनकर रत्नाकर शेट्टी ने भी अब गौर
  541. 25:33से शौर्य की तरफ देखा और उसकी पर्सनालिटी
  542. 25:36को देखकर वो भी खुश हो गया वो शौर्य से
  543. 25:39बोला मिस्टर श्रवण आप ऐसा क्यों सोच सोचते
  544. 25:43हैं कि आप यह काम नहीं कर पाएंगे। आप बस
  545. 25:46खुद [संगीत] को हमारे हवाले कर दें। बाकी
  546. 25:48आपसे काम कैसे लेना है यह हम देख लेंगे।
  547. 25:53रत्नाकर शेट्टी की बात पर शौर्य हैरान
  548. 25:56होते हुए बोला मिस्टर शेट्टी [संगीत] आप
  549. 25:58गलत समझ रहे हैं। मैं यहां नताशा कपूर के
  550. 26:01साथ अपनी कंपनी के लिए एग्रीमेंट करने आया
  551. 26:03हूं ना कि खुद यहां एक्टिंग करने। इसीलिए
  552. 26:06आप तो मुझे माफ ही करें।
  553. 26:09नताशा ने देखा कि शौर्य पीछे हट रहा है।
  554. 26:12लेकिन नताशा हार मानने वालों में से नहीं
  555. 26:14है। उसने अपनी चाल चल [संगीत] दी थी। वो
  556. 26:17धीरे-धीरे शौर्य के पास आई। उसकी आंखों
  557. 26:19में एक चमक थी जो बता रही थी कि शौर्य अब
  558. 26:22इस जाल से नहीं निकल पाएगा। किस्मत जब
  559. 26:25अपना पासा पलटती है तो फर्श पर पड़ा शख्स
  560. 26:28भी अर्श पर पहुंच जाता है। शौर्य और निखिल
  561. 26:31की पलटती दुनिया इसी बात पर मोहर लगा रही
  562. 26:34थी। नताशा कपूर की वैनिटी वैन के भीतर का
  563. 26:37तापमान अचानक गिर गया था। एक तरफ शौर्य था
  564. 26:41जो सिर्फ एक बिजनेस डील के लिए यहां आया
  565. 26:43था [संगीत] और दूसरी तरफ शौर्य को लीड रोल
  566. 26:46कराने की नताशा की जिद थी। जिसने पूरे सेट
  567. 26:49के समीकरण बदल दिए थे। सस्पेंस की डोर
  568. 26:52खींच चुकी थी और हर किसी की सांसे [संगीत]
  569. 26:55थमी हुई थी। शौर्य के चेहरे पर उलझन साफ
  570. 26:58दिखाई दे रही थी। वो एक ऐसी स्थिति में
  571. 27:01खड़ा था, जहां से पीछे हटने का रास्ता बंद
  572. 27:04होता जा रहा था। उसे समझ नहीं आया कि
  573. 27:07अचानक नताशा कपूर के मन में क्या आया कि
  574. 27:10उसने उसका नाम ले लिया। वो तो यहां अपनी
  575. 27:12कंपनी के ब्रांड एंडोर्समेंट के लिए नताशा
  576. 27:15के साथ एग्रीमेंट करने के लिए आया था और
  577. 27:18यहां उल्टा हो रहा है। नताशा कपूर उसी
  578. 27:21[संगीत] से अब एक्टिंग करवाना चाह रही थी।
  579. 27:24शौर्य ने दोबारा रत्नाकर शेट्टी को समझाने
  580. 27:26का प्रयास किया। मिस्टर शेट्टी ना ही मैं
  581. 27:30मॉडल हूं और ना ही कोई एक्टर। इसलिए जो आप
  582. 27:34चाह रहे हैं वो मुझसे संभव नहीं है। आप
  583. 27:37क्यों अपनी शूटिंग की ऐसी तैसी करना चाहते
  584. 27:39हैं? आप किसी अच्छे प्रोफेशनल मॉडल को
  585. 27:42देखिए और उनके साथ काम कीजिए। और एक बात
  586. 27:45यह भी है कि ना मुझे एक्टिंग में और ना ही
  587. 27:48मॉडलिंग में कोई इंटरेस्ट है। तो आप मुझे
  588. 27:50माफ करें।
  589. 27:52रत्नाकर [संगीत] शेट्टी का चेहरा जो कुछ
  590. 27:55पल पहले उम्मीद से चमक रहा था अचानक बुझ
  591. 27:57गया। उन्हें लगा कि डूबते को तिनके का
  592. 28:00सहारा मिला था। लेकिन तिनका हाथ से छूट
  593. 28:02गया। उन्होंने बेबसी में नताशा की तरफ
  594. 28:05देखा। लेकिन नताशा नताशा कपूर की आंखों
  595. 28:09[संगीत] में हार का कोई नामोनिशान नहीं
  596. 28:11था। वो शौर्य को ऐसे देख रही थी जैसे किसी
  597. 28:14पारखी की नजर कीमती [संगीत] हीरे को देख
  598. 28:16रही हो। वो मुस्कुराती हुई शौर्य से बोली।
  599. 28:20मिस्टर श्रवण क्या [संगीत] आप चाहते हैं
  600. 28:22कि मैं आपकी कंपनी के लिए काम करूं? जबकि
  601. 28:25मुझे अभी पता भी नहीं है कि आप किस ब्रांड
  602. 28:28के लिए मुझसे प्रमोशन कराना चाहते हैं?
  603. 28:30फिर भी मैं बिना यह जाने आपके ब्रांड के
  604. 28:33लिए काम करने को तैयार [संगीत] हूं। पर
  605. 28:36उसके लिए मेरी एक शर्त है।
  606. 28:39नताशा कपूर की बात को सुनकर शौर्य के मन
  607. 28:41में एक आशंका ने जन्म लिया। पर फिर भी
  608. 28:44उसने पूछा बोलिए क्या शर्त है आपकी? नताशा
  609. 28:49के होठों पर एक हल्की मगर अर्थपूर्ण
  610. 28:51मुस्कान आई और वो बोली यही कि आपको मेरे
  611. 28:54साथ इस ऐड में जो शूट होने जा रहा है
  612. 28:57उसमें काम करना पड़ेगा। मैं समझती हूं कि
  613. 29:00आप एक प्रोफेशनल एक्टर नहीं हैं। पर मुझे
  614. 29:03आप में वो उम्मीद दिखाई दे रही है और मैं
  615. 29:06विश्वास के [संगीत] साथ कह सकती हूं कि इस
  616. 29:08रोल के लिए आप एकदम परफेक्ट हैं। शौर्य एक
  617. 29:12अजीब धर्म संकट में फंस गया था। एक तरफ
  618. 29:14उसकी कंपनी का भविष्य था और दूसरी तरफ यह
  619. 29:17अनचाही पहचान। लेकिन राहुल की आंखों में
  620. 29:20एक अलग ही चमक थी। वो अपने जीजू को पर्दे
  621. 29:23पर सुपरस्टार नताशा कपूर के साथ देखने के
  622. 29:25ख्याल से ही रोमांचित था। वो धीरे से
  623. 29:28शौर्य के करीब झुका और कान में फुसफुसाया।
  624. 29:33अरे जीजू मना क्यों कर रहे हो? ऐसा मौका
  625. 29:36बार-बार थोड़ी मिलता है तुरंत हां कर दो।
  626. 29:40शौर्य राहुल को देखकर हैरान था कि [संगीत]
  627. 29:42वो इतना खुश क्यों हो रहा है? जबकि नताशा
  628. 29:45ने जब राहुल को शौर्य के कान में कुछ कहते
  629. 29:47हुए देखा तो उसने शौर्य से पूछा। यह लड़का
  630. 29:51कौन है? इस पर शौर्य बोला। इसे आप मेरा
  631. 29:56छोटा [संगीत]
  632. 29:56भाई समझ सकती हैं। यह आपका बहुत बड़ा फैन
  633. 29:59है। जब इसे पता चला कि मैं आपसे मिलने जा
  634. 30:01रहा हूं तो आपको देखने की जिद में यह मेरे
  635. 30:04साथ आ गया।
  636. 30:06क्या सच में ऐसा है? नताशा ने राहुल से
  637. 30:10पूछा। हां सच में मैं तो आपका बहुत बड़ा
  638. 30:13फैन हूं। मैंने आपकी फिल्म जो अभी आई है
  639. 30:16जानम उसे कई बार देखा है। राहुल खुश होते
  640. 30:19हुए बोला नताशा जो पहले से ही एक सफल मॉडल
  641. 30:23और हिट अभिनेत्री बन चुकी थी राहुल की
  642. 30:25मासूमियत देखकर मुस्कुरा दी। उसने इस मौके
  643. 30:28का फायदा उठाते हुए राहुल को अपनी तरफ कर
  644. 30:31लिया और उससे कहा राहुल तुम इन्हें क्यों
  645. 30:34नहीं समझाते मेरे साथ काम करने के लिए?
  646. 30:38मैं अभी उनके कान में यही तो कह रहा था कि
  647. 30:40[संगीत] वो आपकी बात मान जाएं।
  648. 30:43राहुल शौर्य की ओर देखते हुए बोला। तभी
  649. 30:46नताशा एक बार फिर शौर्य से बोली,
  650. 30:50देखो तुमसे ज्यादा समझदार तो तुम्हारा यह
  651. 30:52भाई नजर आ रहा है। फिर तुम क्यों इतना भाव
  652. 30:55खा रहे हो? इस पर शौर्य ने कहा, "अरे तुम
  653. 30:59समझ नहीं रही हो। मुझे इस काम का कुछ भी
  654. 31:02पता नहीं है और तुम्हें तो कोई भी बढ़िया
  655. 31:04एक्टर मिल जाएगा। तो फिर तुम क्यों चाहती
  656. 31:06हो कि मैं ही तुम्हारे साथ काम करूं।
  657. 31:09नताशा का चेहरा अब गंभीर हो गया। उसकी
  658. 31:12बातों में एक प्रोफेशनल और एक इंसान का
  659. 31:14दर्द घुला हुआ था। नताशा ने शौर्य को
  660. 31:17समझाने की पूरी कोशिश की। शायद तुम अपनी
  661. 31:20जगह पर सही हो। पर तुम्हें यह समझना चाहिए
  662. 31:23कि अगर अभी किसी भी एक्टर को साइन किया
  663. 31:25जाएगा तो फिर यह शूट और भी डिले होगा और
  664. 31:28इस तरह से प्रोड्यूसर का बहुत ज्यादा पैसा
  665. 31:31बर्बाद होगा। जो कि मैं नहीं चाहती। और
  666. 31:34क्योंकि इस शूटिंग का मेन लीड एक्टर जो था
  667. 31:37मेरे कारण इस शूटिंग से बाहर हुआ है।
  668. 31:39इसीलिए हमारी जिम्मेदारी बनती है कि मैं
  669. 31:41अपने कारण उनका कोई नुकसान नहीं होने दूं।
  670. 31:45और मुझे यह भी विश्वास है कि तुम इस रोल
  671. 31:47के लिए एकदम [संगीत] बेस्ट साबित होंगे।
  672. 31:51और फिर नताशा ने अपना आखिरी और सबसे बड़ा
  673. 31:53कार्ड चला और आगे बोली और हां तुम्हारे
  674. 31:57लिए इस काम के बदले एक और ऑफर है कि मैं
  675. 31:59तुम्हारे ब्रांड के लिए तो काम करूंगी ही।
  676. 32:02और उसके लिए मैं तुमसे एक पैसा भी चार्ज
  677. 32:04नहीं करूंगी। अब तो तुम्हें मेरी बात
  678. 32:07मानने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
  679. 32:10शौर्य ने जब यह सुना तो उसके पास और कोई
  680. 32:12चारा रह नहीं गया था। वैसे नताशा का यह
  681. 32:16ऑफर कि वो उससे कोई भी पैसा चार्ज नहीं
  682. 32:18करेगी। कोई खास मायने नहीं रखता था। पर
  683. 32:21अगर वह इसके बाद भी मना करता तो वह औरों
  684. 32:24को अपने ऊपर शक करने का कारण दे देता।
  685. 32:27क्योंकि इतना बड़ा ऑफर ठुकराना किसी आम
  686. 32:29आदमी के लिए तो मुमकिन ही नहीं होगा। और
  687. 32:32शौर्य ने खुद को जो सबके सामने प्रस्तुत
  688. 32:34किया था कि [संगीत] वो किसी कंपनी के लिए
  689. 32:36काम कर रहा है तो इसका मतलब वो बहुत पैसे
  690. 32:39वाला तो था नहीं। तो फिर इतने बड़े ऑफर को
  691. 32:42कैसे ठुकरा सकता था? खैर अंत में शौर्य ने
  692. 32:46एक गहरी सांस ली और हथियार डाल दिए।
  693. 32:49अगर आपकी यही ज़िद है तो फिर ठीक है। मैं
  694. 32:52तैयार हूं। पर अगर कुछ भी बुरा होता है या
  695. 32:56मैं आपकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता तो
  696. 32:58उसके लिए फिर मैं जिम्मेदार नहीं हूं।
  697. 33:02ठीक है तुम्हें कोई दोष नहीं देगा। इतना
  698. 33:06बोलकर नताशा कपूर रत्नाकर शेट्टी से बोली
  699. 33:09तो अब आप तैयार हैं मिस्टर शेट्टी।
  700. 33:11[संगीत] आप श्रवण को उसका रोल समझा दीजिए
  701. 33:14और अपनी शूटिंग को कंटिन्यू कीजिए क्योंकि
  702. 33:17नदी वाला हिस्सा मैं चाहती हूं कि आज ही
  703. 33:19कंप्लीट हो जाए। इस पर रत्नाकर शेट्टी खुश
  704. 33:23होते हुए बोले बिल्कुल मैं तो एकदम तैयार
  705. 33:26बैठा हूं मिस कपूर। आप तैयार रहिए। मैं
  706. 33:29अभी श्रवण को तैयार करके लोकेशन पर
  707. 33:31पहुंचकर आपको फोन करता हूं। इसके बाद
  708. 33:35रत्नाकर शेट्टी शौर्य और राहुल के साथ
  709. 33:37नताशा कपूर की वैनिटी वैन से बाहर आए और
  710. 33:40उस वैनिटी वैन की तरफ बढ़ गए जिसे
  711. 33:42उन्होंने निखिल आडवाणी के लिए बुक किया
  712. 33:44हुआ था। वो शौर्य के साथ निखिल की वैनिटी
  713. 33:47वैन के अंदर गए तो उन्होंने देखा कि निखिल
  714. 33:50अभी गया नहीं था। वह अभी तक अपनी वैनिटी
  715. 33:52वैन के अंदर ही था। जब उसने रत्नाकर
  716. 33:55शेट्टी को शौर्य के साथ वैनिटी वैन के
  717. 33:57अंदर आते देखा तो हैरान होते हुए बोला
  718. 34:02आप आ गए मिस्टर शेट्टी मैं आपका ही इंतजार
  719. 34:04कर रहा था आप एक बार अच्छे से सोच लीजिए
  720. 34:08क्योंकि आप एक समझदार आदमी हैं। आप समझ
  721. 34:11सकते हैं कि अगर यह शूटिंग सप्ताह 10 दिन
  722. 34:12के लिए भी आगे पोस्टपोन होती है तो
  723. 34:15प्रोड्यूसर का लाखों रुपया यूं ही बर्बाद
  724. 34:17चला जाएगा और मैं नहीं चाहता कि
  725. 34:20प्रोड्यूसर का कुछ नुकसान हो। रत्नाकर
  726. 34:23शेट्टी मुस्कान के साथ बोले आपसे किसने
  727. 34:26[संगीत] कहा निखिल जी कि शूटिंग सप्ताह 10
  728. 34:29दिन के लिए पोस्टपोन होने वाली है। शूटिंग
  729. 34:31अपने समय से ही होगी और कल तक ये शूट पूरा
  730. 34:34भी हो जाएगा। क्या कहा आपने? यह शूटिंग
  731. 34:38पोस्टपोन नहीं होगी। तो फिर मेरा
  732. 34:40रिप्लेसमेंट कौन होगा? निखिल आडवाणी
  733. 34:43आश्चर्य से बोला।
  734. 34:45आप उसकी चिंता मत कीजिए। यह देखना मेरा
  735. 34:49काम है कि आपके रिप्लेसमेंट के तौर पर
  736. 34:51मुझे किसे लेना है और अगर आप जानना ही
  737. 34:54चाहते हैं तो सुनिए आपके रिप्लेसमेंट के
  738. 34:57तौर पर मिस्टर श्रवण इस शूट को पूरा
  739. 35:00करेंगे।
  740. 35:01रत्नाकर शेट्टी शौर्य की तरफ इशारा करते
  741. 35:04हुए बोले
  742. 35:06निखिल ये जानकर और भी आग बबूला हो गया कि
  743. 35:08श्रवण उसका रिप्लेसमेंट है। वो भड़कते हुए
  744. 35:11बोला यह क्या बेवकूफी है? इसे एक्टिंग का
  745. 35:15ए भी पता है जो आपने इसे मेरे रिप्लेसमेंट
  746. 35:17के तौर पर ले लिया है। आप जानबूझकर
  747. 35:20प्रोड्यूसर का पैसा बर्बाद कर रहे हैं। पर
  748. 35:23मुझे क्या मैं तो आपका भला चाह रहा था।
  749. 35:26इसीलिए मैं अभी तक रुका हुआ था। लेकिन अब
  750. 35:29जब आपको कुएं में डूबना ही है तो आप शौक
  751. 35:31से डूबिए। अब अगर आप मेरे पैर भी पकड़ेंगे
  752. 35:35तो भी मैं शूटिंग के लिए तैयार नहीं होने
  753. 35:37वाला।
  754. 35:39इस पर रत्नाकर शेट्टी स्पष्ट शब्दों में
  755. 35:41बोले, "मेरा अच्छा सोचने के लिए आपका
  756. 35:44बहुत-बहुत धन्यवाद। पर मैं आपको बता दूं
  757. 35:47कि अब मुझे आपकी कोई जरूरत नहीं है। इसलिए
  758. 35:50अब आप अपना बोरिया बिस्तर उठाइए और चलते
  759. 35:53बनिए। निखिल के पास अब खोने के लिए सिर्फ
  760. 35:56अपनी बची कुची इज्जत थी।" उसने गुस्से में
  761. 35:59अपने असिस्टेंट को इशारा किया और पैर
  762. 36:02पटकता हुआ वैन से बाहर निकल गया। उसके
  763. 36:04जाते ही रत्नाकर के असिस्टेंट और मेकअप
  764. 36:07मैन ने शौर्य को घेर लिया। आधे घंटे के
  765. 36:10भीतर जब शौर्य वैन से बाहर निकला तो पूरा
  766. 36:13क्रू उसे देखता रह गया। उसकी कमाल की
  767. 36:15पर्सनालिटी और नए कॉस्ट्यूम ने उसे एक
  768. 36:18असली हीरो बना दिया था। तुरंत ही रत्नाकर
  769. 36:21ने नताशा को फोन लगाया और बोले
  770. 36:24नताशा जी श्रवण पूरी तरह से तैयार है। अगर
  771. 36:28आप तैयार हैं तो फिर लोकेशन पर चलते हैं।
  772. 36:31नताशा ने भी अपनी तरफ से रत्नाकर शेट्टी
  773. 36:34को हरी झंडी दे दी। उसके बाद रत्नाकर
  774. 36:36शेट्टी शौर्य के साथ वैन से बाहर आए और
  775. 36:39उसे समझाते हुए नदी की तरफ बढ़ गए। सीन
  776. 36:43कुछ इस प्रकार था कि हीरोइन एक बोट पर
  777. 36:45मस्ती कर रही होती है। तभी एक शार्क वहां
  778. 36:47पर आ जाती है और उस बोट पर हमला कर देती
  779. 36:50है जिससे वो बोट पलट जाती है और हीरोइन
  780. 36:53नदी में गिर जाती है। दूसरी तरफ हीरो एक
  781. 36:56वाटर स्कूटर पर सर्फिंग कर रहा होता है।
  782. 36:58उसके हाथ में एक एनर्जी ड्रिंक का कैन
  783. 37:00होता है। जब वो हीरोइन को मुसीबत में
  784. 37:02देखता है तो उसे बचाने के लिए उस एनर्जी
  785. 37:05ड्रिंक का एक सिप लेता है और नदी में जंप
  786. 37:08लगा देता है।
  787. 37:10हीरो हीरोइन को शार्क से बचाता है और
  788. 37:13लास्ट में उस एनर्जी ड्रिंक का नाम लेकर
  789. 37:15बोलता है। जो पीते हैं स्ट्रांग वो खतरों
  790. 37:18से नहीं डरते क्योंकि स्ट्रांग पीने वाले
  791. 37:21होते हैं कुछ खास।
  792. 37:24शौर्य को इस ऐड की बेसिक थीम समझ में आ
  793. 37:26गई। वो समझ गया कि उसे क्या करना है।
  794. 37:29शौर्य रत्नाकर शेट्टी के साथ लोकेशन पर
  795. 37:31[संगीत] पहुंचा। नताशा भी अपने असिस्टेंट
  796. 37:34के साथ नदी किनारे पहुंच गई। उस बोट को
  797. 37:36फिर से तैयार किया गया। प्रिकॉशन के तौर
  798. 37:40पर अब इसमें कोई भी लंगर नहीं रखा गया। एक
  799. 37:43बार फिर से शूटिंग शुरू हो गई। नताशा नाव
  800. 37:46पर मस्ती कर रही थी। तभी शार्क नाव पर
  801. 37:48हमला करती है और नाव पलट जाती है। शौर्य
  802. 37:52वाटर स्कूटर से तेजी से नताशा के पास
  803. 37:54पहुंचता है और एनर्जी ड्रिंक का एक सिप
  804. 37:56लेने के बाद उसे हवा में फेंकता है और नदी
  805. 37:59में जंप लगा देता है। शार्क जो कि नताशा
  806. 38:02को निगलने ही वाली होती है तभी शौर्य के
  807. 38:04हाथ में एक रड नजर आती है जिसे वह शार्क
  808. 38:07के मुंह में फंसा देता है। शार्क अपना
  809. 38:10मुंह बंद नहीं कर पाती और वह नताशा को
  810. 38:12बचाकर अपने वाटर स्कूटर पर ले आता है।
  811. 38:15नताशा खुश होते हुए शौर्य से लिपट जाती है
  812. 38:18और कहती है तुमने मुझे बचा लिया तो शौर्य
  813. 38:23अपने वाटर स्कूटर से वही एनर्जी ड्रिंक
  814. 38:25निकालता है और हाथ में लहराते हुए कहता है
  815. 38:29मैंने नहीं इस स्ट्रांग ने तुमको बचाया है
  816. 38:32क्योंकि जो पीते हैं स्ट्रांग वो खतरों से
  817. 38:34नहीं डरते तभी तो [संगीत] कहते हैं
  818. 38:37स्ट्रांग में है कुछ खास इसीलिए दुश्मन
  819. 38:40नहीं आते पास यह लाइन कहते हुए शौर्य को
  820. 38:44शायद मालूम भी नहीं था कि उसके दुश्मन अब
  821. 38:47दूर नहीं आसपास ही हैं। नताशा और रत्नाकर
  822. 38:50शेट्टी के बार-बार कहने पर भी शौर्य यह
  823. 38:53बात कबूल करने को तैयार नहीं था कि वो एक
  824. 38:55अच्छा एक्टर भी है। शायद वो यह भूल गया था
  825. 38:58कि अभी बीती रात ही उसने शिप्रा को कहा था
  826. 39:01कि उसे हर वक्त एक्टर मोड में रहना पड़ता
  827. 39:03है और घर के हर शख्स के सामने उसे उसके
  828. 39:06अनुसार एक्टिंग करनी पड़ती है। नताशा
  829. 39:10[संगीत] या निखिल तो स्क्रीन पर अपने नकली
  830. 39:11रोल निभा रहे हैं। लेकिन शौर्य असल जिंदगी
  831. 39:14में हर रोज सुबह से रात तक न जाने कितने
  832. 39:18किरदारों को जीवांत कर रहा है। इतना
  833. 39:21जबरदस्त टैलेंट पाने में तो शायद एक मझे
  834. 39:24हुए अभिनेता को भी बरसों [संगीत] लग सकते
  835. 39:25हैं। और शायद यही कारण था कि शौर्य को
  836. 39:28अपनी जिंदगी के पहले ही स्क्रीन रोल
  837. 39:30[संगीत] को निभाने में कोई मुश्किल नहीं
  838. 39:32हुई। नदी के उस बर्फीले पानी से निकलकर जब
  839. 39:35शौर्य कैमरा [संगीत] के सामने अपने डायलॉग
  840. 39:37बोल रहा था तो किसी को अंदाजा नहीं था कि
  841. 39:40वो सिर्फ एक शॉट की स्क्रिप्ट नहीं पढ़
  842. 39:42रहा बल्कि अपनी जिंदगी की नई स्क्रिप्ट
  843. 39:45लिख रहा है। एक बार मास्टर शॉट ओके होने
  844. 39:48के बाद और भी कई शॉट लिए गए जिसमें
  845. 39:51अलग-अलग मिड और क्लोज शॉट भी लिए गए। शूट
  846. 39:54कंप्लीट होने के बाद नताशा ने शौर्य के
  847. 39:57साथ पूरी शूट की वीडियो देखी और खुश होते
  848. 39:59हुए बोली देखा मैंने कहा था ना कि तुम इसे
  849. 40:04कर लोगे देखो तो कितना अच्छा काम किया है
  850. 40:06तुमने
  851. 40:08नताशा के बाद रत्नाकर शेट्टी भी उसके पास
  852. 40:10आकर उसका कंधा थपथपाते हुए बोला मिस्टर
  853. 40:14श्रवण आपने तो कमाल कर दिया कोई कह ही
  854. 40:17नहीं सकता कि आपने ये काम पहली बार किया
  855. 40:20है। आपके चेहरे के भाव कितने नेचुरल लग
  856. 40:23रहे हैं। सचमुच आपने मेरी उम्मीद से बढ़कर
  857. 40:27[संगीत] काम किया है। मैं बता नहीं सकता
  858. 40:30कि मैं कितना खुश हूं। मैं दावे के साथ कह
  859. 40:33सकता हूं कि [संगीत] निखिल भी इतना अच्छा
  860. 40:35काम नहीं कर पाता।
  861. 40:37शौर्य को अभी भी यकीन नहीं था। वो रत्नाकर
  862. 40:40शेट्टी की बात सुनकर बोला बस बस मुझे अब
  863. 40:43और [संगीत] चने के झाड़ पर चढ़ाने की
  864. 40:45जरूरत नहीं है। आप लोग जानबूझकर मेरी इतनी
  865. 40:48तारीफ कर रहे हैं ताकि मुझे बुरा फील ना
  866. 40:50हो। अरे नहीं मिस्टर श्रवण मैं सच कह रहा
  867. 40:54हूं। आपने सचमुच बहुत बढ़िया काम किया है।
  868. 40:58रत्नाकर शेट्टी ने अपने दिल के भाव व्यक्त
  869. 41:00किए। इस पर शौर्य खुश होते [संगीत] हुए
  870. 41:03बोला,
  871. 41:04चलो अगर ऐसा है तो फिर बढ़िया है। आपका
  872. 41:08काम तो हो गया। अब मेरे काम का क्या?
  873. 41:11शेट्टी तो नहीं समझा मगर पास खड़ी नताशा
  874. 41:14शौर्य का मतलब समझ गई और बोली, कहा था ना?
  875. 41:18तुम अगर इस शूट के लिए तैयार हो जाते हो
  876. 41:21तो मैं तुम्हारा काम फ्री में करूंगी।
  877. 41:24शौर्य को विश्वास नहीं [संगीत] हुआ। इसलिए
  878. 41:26उसने कंफर्म करने के लिए फिर से पूछा क्या
  879. 41:30सच में तुम मेरा काम करने के लिए तैयार हो
  880. 41:32और वो भी फ्री में।
  881. 41:35[संगीत] शौर्य की अविश्वास भरी नजरों को
  882. 41:37देखते हुए नताशा ने कहा तो अब मैं तुम्हें
  883. 41:40कैसे यकीन दिलाऊं? चलो ऐसा करते हैं। अगर
  884. 41:44तुम्हारे पास एग्रीमेंट की कॉपी है तो उसे
  885. 41:47ले आओ। मैं उस पर साइन कर देती हूं।
  886. 41:50शौर्य को जब यह महसूस हो गया कि नताशा
  887. 41:52सीरियस है तो उसने कहा नहीं उसकी कोई
  888. 41:56जरूरत नहीं है। जब तुमने कह दिया तो मुझे
  889. 41:58तुम पर पूरा विश्वास है। खैर कुछ देर बाद
  890. 42:02पैकअप की आवाज गूंजते ही सारे क्रू
  891. 42:05मेंबर्स सामान समेटने लगे। राहुल भी शौर्य
  892. 42:08की परफॉर्मेंस से खुश था। जब शूट हो रहा
  893. 42:11था उस समय राहुल ने अपने मोबाइल से कई
  894. 42:13फोटो क्लिक [संगीत] किए थे। और उनमें से
  895. 42:16उसने कुछ अच्छे फोटो शिप्रा को भेज दिए
  896. 42:19थे। वो समझता था कि शिप्रा और शौर्य का
  897. 42:21रिलेशन नॉर्मल नहीं है। राहुल भले ही
  898. 42:24शौर्य को जीजू कहता है, पर वह जानता था कि
  899. 42:27शिप्रा भी शौर्य को अपने [संगीत] पति का
  900. 42:29दर्जा नहीं दे रही है। बीतते समय के साथ
  901. 42:32राहुल को धीरे-धीरे शौर्य से एक अपनापन
  902. 42:34महसूस होने लगा था। राहुल ने नोटिस किया
  903. 42:38कि नताशा अपने वैनिटी वैन में जाने वाली
  904. 42:40थी। तो उसने जल्दी से नताशा से कहा, नताशा
  905. 42:43जी क्या आप मेरे साथ एक फोटो खिंचवा सकती
  906. 42:46हैं? नताशा राहुल की बात सुनकर मुस्कुराते
  907. 42:49हुए बोली, "क्यों नहीं? मैं अपने इतने
  908. 42:53बड़े फैन को नाख कैसे कर सकती हूं?" नताशा
  909. 42:56राहुल के करीब चली गई और बोली, "तुम अपना
  910. 42:59मोबाइल मुझे दो। मैं फोटो खींचती हूं।"
  911. 43:03राहुल ने अपना मोबाइल नताशा के हाथ में
  912. 43:05दिया। उसके बाद नताशा ने राहुल के कंधे पर
  913. 43:08एक हाथ रखकर दूसरे हाथ से सेल्फी ली।
  914. 43:10राहुल नताशा के इतने पास आने से थोड़ा
  915. 43:13असहज तो हुआ पर उसे अच्छा भी लगा। फोटो
  916. 43:16खींचने के बाद नताशा ने उस फोटो को देखा।
  917. 43:19फिर राहुल को दिखाते हुए कहा,
  918. 43:23"यह ठीक है।" राहुल ने फोटो देखा तो उसे
  919. 43:27देखकर लगा कि अगर किसी को भी वह सेल्फी
  920. 43:29दिखाएगा तो सभी यही समझेंगे कि [संगीत] वो
  921. 43:32और नताशा एक दूसरे को अच्छी तरह जानते
  922. 43:35हैं। इसीलिए वह खुश होते हुए बोला, "यह तो
  923. 43:38बहुत ही बढ़िया है। राहुल का जवाब सुनकर
  924. 43:42नताशा ने एक प्यारी मुस्कान के साथ राहुल
  925. 43:44को देखा और अपने वैनिटी वैन की तरफ बढ़
  926. 43:47गई। नताशा के वहां से जाने के बाद शौर्य
  927. 43:50राहुल के पास आया और बोला
  928. 43:54क्या बात [संगीत] है? बहुत फोटो-वोटो
  929. 43:56खींचे जा रहे हैं। सब ठीक तो है? हां सब
  930. 43:59बढ़िया है। मेरा यहां आना तो अब जाकर सफल
  931. 44:02हुआ। नहीं तो अभी तक तो मैं आप दोनों के
  932. 44:05ही फोटो खींचे जा रहा था। राहुल मोबाइल
  933. 44:08में फोटो देखता हुआ बोला। मेरा फोटो।
  934. 44:12शौर्य को पता नहीं था कि राहुल ने उसके
  935. 44:14शूट करते वक्त के कुछ फोटो खींचे थे। उसने
  936. 44:17राहुल की तरफ हाथ बढ़ाते हुए कहा, "जरा
  937. 44:20दिखाना तो मैं भी तो [संगीत] देखूं तुमने
  938. 44:22मेरे कैसे फोटो लिए हैं।" राहुल ने फोटो
  939. 44:25निकालकर मोबाइल शौर्य की तरफ बढ़ा दिया।
  940. 44:28शौर्य स्क्रॉल करके फोटो देखने लगा तो एक
  941. 44:30जगह उसकी उंगली रुक गई। उस फोटो में उसने
  942. 44:33[संगीत] देखा उसके हाथ में स्ट्रांग का
  943. 44:36कैन था और नताशा उसे पीछे से अपनी बाहों
  944. 44:39में भरे हुए थी। दोनों के कपड़े गीले थे।
  945. 44:43अगर किसी को यह पता ना हो कि यह एक शूटिंग
  946. 44:46के समय का फोटो है तो देखने वाले यही
  947. 44:48समझेंगे कि यह दोनों गहरे प्रेम में हैं।
  948. 44:51शौर्य राहुल की तरफ देखते हुए बोला
  949. 44:55यह क्या है? ऐसे फोटो लेने की क्या जरूरत
  950. 44:58थी? शौर्य ने आप देखा ना ताव, उसने जल्दी
  951. 45:01से उस फोटो को डिलीट कर दिया। अरे जीजू,
  952. 45:04यह [संगीत] आप क्या कर रहे हो? मेरा
  953. 45:06मोबाइल मुझे वापस करो और आप ऐसे मेरे
  954. 45:08मोबाइल से फोटो डिलीट नहीं कर सकते।
  955. 45:11राहुल शौर्य के हाथ से अपना मोबाइल छीनता
  956. 45:13हुआ बोला। वैसे राहुल को तसल्ली थी कि
  957. 45:16शौर्य ने एक फोटो ही डिलीट की थी और उसे
  958. 45:18भी उसने शिप्रा को पहले ही भेज दिया था।
  959. 45:21इसलिए उसे फोटो डिलीट होने की चिंता
  960. 45:23[संगीत] नहीं थी। शिप्रा इस समय एयरपोर्ट
  961. 45:26पर खड़ी किसी का इंतजार कर रही थी।
  962. 45:30तभी उसने हाथ हिलाकर एक लड़की को अपनी तरफ
  963. 45:33आकर्षित किया। दोनों की नजरें मिली और वह
  964. 45:36लड़की भागकर शिप्रा के पास पहुंचकर उससे
  965. 45:39लिपट गई।
  966. 45:40वो लड़की भी खूबसूरती में शिप्रा से कुछ
  967. 45:43कम नहीं थी। [संगीत] उसने शिप्रा को हग
  968. 45:45करने के बाद चारों तरफ देखते हुए कहा, तुम
  969. 45:49अकेली आई हो
  970. 45:52क्यों और किसको आना था [संगीत] मेरे साथ?
  971. 45:55शिप्रा ने उल्टा सवाल कर दिया। तुम्हारे
  972. 45:58पतिदेव को आखिर मुझे भी तो देखना है कि
  973. 46:01मेरी बहन का पति कैसा है? मैंने सुना था
  974. 46:03कि वह तुम्हारा ड्राइवर बना हुआ है। पर
  975. 46:06यहां तो मुझे तुम्हारे सिवा कोई और दिख
  976. 46:08नहीं रहा है।
  977. 46:10वो लड़की शरारत भरे स्वर में बोली तो
  978. 46:12शिप्रा ने मेघना को आंख दिखाते हुए कहा
  979. 46:15मेघना की बच्ची अगर अपनी जुबान ज्यादा
  980. 46:18चलाई तो घर जाने से पहले ही मैं तुम्हारी
  981. 46:20जान ले लूंगी [संगीत] यार यह तो गलत बात
  982. 46:24है क्या मैं अपने जीजाजी से भी नहीं मिल
  983. 46:26सकती या तुम्हें कहीं यह डर तो नहीं है कि
  984. 46:28मेरी [संगीत] खूबसूरती देखकर वो कहीं फिसल
  985. 46:31ना जाए इसीलिए तुम उन्हें यहां लाई ही
  986. 46:33नहीं मेघना ने इतराते हुए कहा तो शिप्रा
  987. 46:37तंज [संगीत] कसते हुए बोली घर चल रही हो,
  988. 46:39अच्छे से मिल लेना और अपनी खूबसूरती का
  989. 46:42जादू भी उसके [संगीत] ऊपर चला लेना। ना
  990. 46:46अभी मैं तुम्हारे घर नहीं चल सकती।
  991. 46:48[संगीत] उससे पहले मुझे एक मीटिंग करनी
  992. 46:50है। मैं कल आ जाऊंगी। अभी तुम मुझे राजकमल
  993. 46:53होटल छोड़ दो। मेघना ने शिप्रा की बात
  994. 46:56काटते हुए कहा। कैसी [संगीत] बात करती हो?
  995. 46:59अपना घर होते हुए तुम होटल में ठहरोगी।
  996. 47:02मम्मी मुझे जान से मार देंगी कि मैं
  997. 47:04तुम्हें साथ लेकर क्यों नहीं आई? पहले तुम
  998. 47:06घर चलो। उसके बाद तुमको जहां जाना हो चली
  999. 47:09जाना। [संगीत] फिर मुझे मम्मी की डांट
  1000. 47:11नहीं सुननी पड़ेगी। शिप्रा मेघना का बैग
  1001. 47:14डिक्की में रखते हुए बोली। मेघना ने
  1002. 47:16शिप्रा को मनाते हुए कहा।
  1003. 47:19अरे [संगीत] तुम मौसी की चिंता मत करो।
  1004. 47:21मैं उनसे बात कर लूंगी। पापा ने पहले ही
  1005. 47:23होटल राजकमल में कमरा बुक कर रखा है। एक
  1006. 47:26बार काम खत्म हो जाता है तो फिर मैं
  1007. 47:28[संगीत] आकर कुछ दिन तुम्हारे साथ रहूंगी
  1008. 47:30ना।
  1009. 47:32इस पर शिप्रा ने ना में सर हिलाकर [संगीत]
  1010. 47:34कहा, नहीं मैं तुम्हारी बात मानने वाली
  1011. 47:38नहीं हूं। अगर तुम होटल जाना चाहती हो तो
  1012. 47:40पहले मेरे सामने मम्मी को [संगीत] फोन कर
  1013. 47:42लो। तभी मैं तुम्हें होटल राजकमल लेकर
  1014. 47:45जाऊंगी।
  1015. 47:46मेघना शिप्रा की जिद भरी बात सुनकर बोली।
  1016. 47:49ठीक है बाबा मैं अभी मौसी को फोन करके बोल
  1017. 47:52देती हूं। इतना कहकर [संगीत] उसने अपना
  1018. 47:54मोबाइल निकाला, नंबर डायल किया और फोन
  1019. 47:57स्पीकर पर कर दिया। कुछ पल बाद ही दूसरी
  1020. 48:00तरफ से शिप्रा की मम्मी की आवाज आई।
  1021. 48:03हेलो
  1022. 48:05आवाज सुनकर मेघना इधर से बोली। हेलो मौसी
  1023. 48:09मैं मेघना बोल रही हूं। मौसी मुझे आज कुछ
  1024. 48:12अर्जेंट काम है इसलिए मुझे अभी होटल
  1025. 48:14राजकमल जाना पड़ेगा। मैं कल आती हूं आपके
  1026. 48:17पास। यह शिप्रा की बच्ची मान नहीं रही है।
  1027. 48:20इस पर बीना जी जिद भरे स्वर में [संगीत]
  1028. 48:22बोली।
  1029. 48:24ये कैसी बात कर रही हो बेटी? अपना घर होते
  1030. 48:27हुए तुम होटल में ठहरोगी। यह मुझे अच्छा
  1031. 48:30लगेगा क्या?
  1032. 48:31अरे मौसी ऐसी बात नहीं है। एक्चुअली मेरी
  1033. 48:34एक मीटिंग वहीं पर है। इसलिए पहले मेरा
  1034. 48:36वहां जाना जरूरी है। जैसे ही मीटिंग खत्म
  1035. 48:39होती है मैं [संगीत] अपना सामान लेकर आपके
  1036. 48:41पास आ जाऊंगी और फिर रहूंगी आपके साथ जब
  1037. 48:44तक आपका मन ना भर जाए या आप मुझे धक्के
  1038. 48:46[संगीत] मारकर अपने घर से निकाल ना दें।
  1039. 48:50मेघना ने हंसते हुए कहा तो बीना जी
  1040. 48:53वार्निंग देते हुए बोली
  1041. 48:55अगर ऐसी बात है तो फिर ठीक है। तुम चली
  1042. 48:58जाओ। लेकिन अगर कल तुम समय से यहां नहीं
  1043. 49:01आई तो फिर मैं तुम्हारी एक भी नहीं
  1044. 49:04सुनूंगी।
  1045. 49:05देखा शिप्रा की बच्ची तुम फालतू में मेरी
  1046. 49:08मौसी को विलेन बना रही थी। वो कितनी
  1047. 49:10समझदार हैं। एक बार में बात समझ गई। मेघना
  1048. 49:14उपहास करते हुए बोली। तो शिप्रा ने खुश
  1049. 49:17होने का दिखावा करते हुए कहा। चलो अब
  1050. 49:20ज्यादा इतराओ मत और बैठ जाओ गाड़ी में।
  1051. 49:22मुझे भी तुम्हारे साथ रहने का कोई शौक
  1052. 49:24नहीं है। मेरे लिए तो अच्छा ही है जो
  1053. 49:26तुमसे पीछा छूटेगा।
  1054. 49:28आ हा ज्यादा खुश होने की जरूरत नहीं है।
  1055. 49:31मैं इतनी आसानी से तुम्हारा पीछा नहीं
  1056. 49:34छोड़ने वाली। मैं सिर्फ आज के लिए होटल
  1057. 49:36राजकमल में जा [संगीत] रही हूं। कल से फिर
  1058. 49:38मैं तुम्हारे सिर पर ही मंडराऊंगी। मेघना
  1059. 49:41ने मजाक भरे स्वर में कहा। तभी शिप्रा ने
  1060. 49:44गाड़ी आगे बढ़ा दी और एक सॉन्ग चला दिया।
  1061. 49:46पर अगले ही पल मेघना ने सॉन्ग को बंद कर
  1062. 49:49दिया और सीरियस स्वर में शिप्रा से कहा,
  1063. 49:53तुमने अपने लिए आगे क्या सोचा है? शिप्रा
  1064. 49:57ने अनजान बनते हुए पूछा। किस बारे में?
  1065. 50:02अब मेरे सामने अनजान बनने का दिखावा मत
  1066. 50:04करो। मैं जानती हूं कि तुम अच्छे से समझ
  1067. 50:06रही हो कि मैं किस बारे में बात कर रही
  1068. 50:08हूं। मेघना का स्वर अभी भी गंभीर था।
  1069. 50:12लेकिन शिप्रा सामने रोड पर नजर गड़ाए हुए
  1070. 50:15बोली।
  1071. 50:16मैंने कुछ भी सोचना बंद कर दिया है। सब
  1072. 50:19कुछ ऊपर वाले पर छोड़ दिया है। देखते हैं
  1073. 50:22वो मेरी जिंदगी की गाड़ी कहां ले जाते
  1074. 50:24हैं। यह क्या बात हुई? सब कुछ भगवान भरोसे
  1075. 50:28छोड़ने का क्या [संगीत] मतलब? तुमने अभी
  1076. 50:30तक उससे तलाक लेकर खुद को अलग क्यों नहीं
  1077. 50:32किया? मेघना ने शिप्रा के चेहरे की तरफ
  1078. 50:35देखते [संगीत] हुए पूछा। तो शिप्रा ने
  1079. 50:38सपाट स्वर में जवाब दिया।
  1080. 50:40उससे क्या होता?
  1081. 50:44क्या मतलब? उससे क्या होता? अरे तुम मुझसे
  1082. 50:47अलग हो जाती, तुम्हारा नाम मुझसे अलग हो
  1083. 50:49जाता। यह ज्यादा जरूरी है ना? शिप्रा के
  1084. 50:53लिए मेघना की चिंता उसके स्वरों में
  1085. 50:55स्पष्ट नजर आ रही थी। पर शिप्रा ने समझाया
  1086. 50:59इतना आसान नहीं है। जैसे ही मैं तलाक
  1087. 51:01[संगीत] लेती हूं, मेरे परिवार वाले फिर
  1088. 51:03से मेरे लिए दूसरा लड़का देखना शुरू कर
  1089. 51:05देंगे। एटलीस्ट फिलहाल मैं इस परेशानी से
  1090. 51:08तो बची हुई हूं।
  1091. 51:10अपनी बात कहने के बाद शिप्रा ने
  1092. 51:12मुस्कुराने का असफल प्रयास किया। इस पर
  1093. 51:15मेघना अपनी आंखें बड़ी करती हुई बोली, तो
  1094. 51:19क्या तुम इसलिए उससे तलाक ही नहीं लोगी कि
  1095. 51:21अंकल आंटी दोबारा तुम्हारी शादी की कोशिश
  1096. 51:23करेंगे?
  1097. 51:25तब तक तो नहीं ही लूंगी जब [संगीत] तक कि
  1098. 51:27मेरे मम्मी पापा के सिर से मेरी दूसरी
  1099. 51:29शादी कराने का भूत नहीं उतर जाता। शिप्रा
  1100. 51:33निर्णायक स्वर में बोली। तभी शिप्रा के
  1101. 51:36फोन का नोटिफिकेशन बजा। उसने स्क्रीन देखी
  1102. 51:39तो राहुल का मैसेज था। शिप्रा की कार
  1103. 51:42फाइनली होटल राजकमल के बाहर पहुंच गई।
  1104. 51:45उसने गाड़ी पार्क की [संगीत] और मेघना से
  1105. 51:47पूछा।
  1106. 51:49अब तुम्हारा आगे का क्या प्लान है? क्या
  1107. 51:51मैं तुम्हारे साथ होटल के अंदर चलूं? जवाब
  1108. 51:54में मेघना ने कहा। नहीं मैं खुद चली
  1109. 51:57जाऊंगी। अभी तुम घर जाओ। मैं कल आती हूं।
  1110. 52:00बस एक बार हमारी मीटिंग पूरी हो जाए। उसके
  1111. 52:02बाद आराम ही आराम। तो ठीक है फिर [संगीत]
  1112. 52:05मैं चलती हूं। शिप्रा ने हामी भरते हुए
  1113. 52:08कहा। इसके बाद मेघना ने डिक्की से अपना
  1114. 52:10बैग निकाला और उसमें से एक पैकेट निकालकर
  1115. 52:13शिप्रा की तरफ बढ़ाते हुए कहा, "यह लो, यह
  1116. 52:17हमारे कुछ नए प्रोडक्ट्स हैं जो अभी-अभी
  1117. 52:19लॉन्च हुए हैं। शायद तुम्हें पसंद [संगीत]
  1118. 52:21आएंगे।" शिप्रा ने पैकेट को देखा। वो
  1119. 52:25ग्रेशिया के ब्यूटी प्रोडक्ट्स थे। पैकेट
  1120. 52:27को ऊपर नीचे देखने के बाद शिप्रा ने कहा,
  1121. 52:30कंजूस कहीं की हमेशा अपने प्रोडक्ट देती
  1122. 52:33हो। कभी बाहर की किसी बढ़िया कंपनी का
  1123. 52:35प्रोडक्ट भी दे दिया करो। अरे मैं ऐसा
  1124. 52:38क्यों करूंगी भला? जब मेरा प्रोडक्ट सबसे
  1125. 52:41अच्छा है तो मैं क्यों तुम्हें घटिया
  1126. 52:43प्रोडक्ट दूंगी? लगाना इसे। देखना चेहरा
  1127. 52:46और ग्लो करेगा। मेघना ने हंसते हुए कहा।
  1128. 52:50ठीक है। [संगीत] ठीक है। शिप्रा भी
  1129. 52:52मुस्कुराते हुए बोली और पैकेट को बगल वाली
  1130. 52:55सीट पर डालकर [संगीत] कार को आगे बढ़ाते
  1131. 52:57हुए वहां से चली गई। दूसरी तरफ शौर्य भी
  1132. 53:00अपने [संगीत] काम से फ्री हो गया था। वो
  1133. 53:02रत्नाकर शेट्टी के पास गया और उनसे बोला
  1134. 53:05शेट्टी साहब अब आप मुझे इजाजत दीजिए मैं
  1135. 53:08निकलता हूं। रत्नाकर शेट्टी ने जब शौर्य
  1136. 53:11की बात सुनी तो उन्होंने कहा श्रवण जी अगर
  1137. 53:15आप तैयार हो तो मैं यहीं आपके रहने की
  1138. 53:17व्यवस्था कर दूं क्योंकि ऐसा है कि कल का
  1139. 53:20भी शूटिंग का शेड्यूल है तो फिर आपको आने
  1140. 53:22जाने में परेशानी हो सकती है। [संगीत]
  1141. 53:24उससे अच्छा है कि आप यहीं रह जाएं।
  1142. 53:28रत्नाकर शेट्टी की बात सुनकर [संगीत]
  1143. 53:29शौर्य को ध्यान आया कि इनका तो दो दिन का
  1144. 53:32शेड्यूल था पर उसका रात में यहां रुकने का
  1145. 53:35कोई इरादा नहीं था। इसीलिए उसने कहा आप
  1146. 53:38मुझे समय [संगीत] बता दीजिए। मैं कल समय
  1147. 53:40से यहां आ जाऊंगा।
  1148. 53:43अब अगर आपने जाने का निश्चय कर ही लिया है
  1149. 53:46तो फिर ठीक है। लेकिन प्लीज कल आप 10:00
  1150. 53:48बजे तक आ जाइएगा ताकि समय से शूटिंग को
  1151. 53:51कंप्लीट कर लिया जाए। [संगीत]
  1152. 53:54रत्नाकर शेट्टी रिस्पेक्ट के साथ बोले
  1153. 53:57ठीक है आप चिंता मत [संगीत] कीजिए मैं कल
  1154. 53:5910:00 बजे तक आ जाऊंगा।
  1155. 54:02इसके बाद शौर्य राहुल के साथ वहां से
  1156. 54:04निकलने ही वाला था कि उससे पहले ही
  1157. 54:06रत्नाकर शेट्टी को कुछ ध्यान आया तो
  1158. 54:08उन्होंने कहा मिस्टर [संगीत] श्रवण अगर आप
  1159. 54:11जाने से पहले एक बार मिस नताशा से मिल लें
  1160. 54:14तो अच्छा होगा। कहीं ऐसा ना हो कि बाद में
  1161. 54:16वह आपका इंतजार करते हुए हमसे पूछे कि आप
  1162. 54:19कहां गए? रत्नाकर शेट्टी ने संभावना
  1163. 54:22व्यक्त की। [संगीत]
  1164. 54:24उनकी बात सुनकर शौर्य बोला
  1165. 54:27अगर ऐसा है तो आप भी साथ में चलिए। अभी ही
  1166. 54:29नताशा कपूर से भी मिल लेता हूं। इतना कहकर
  1167. 54:33रत्नाकर शेट्टी और शौर्य नताशा के वैनिटी
  1168. 54:35वैन की तरफ बढ़ गए। नताशा कपूर के वैनिटी
  1169. 54:39वैन के पास पहुंचकर रत्नाकर शेट्टी ने
  1170. 54:41उसके दरवाजे पर नॉक [संगीत] किया तो अंदर
  1171. 54:43से लीना ने वैनिटी वैन का दरवाजा खोला।
  1172. 54:47सबको साथ में देखकर उसने अंदर आने का
  1173. 54:49इशारा किया। शौर्य, रत्नाकर शेट्टी और
  1174. 54:52राहुल के साथ वैनिटी वैन के अंदर गया।
  1175. 54:55नताशा ने अब तक अपने कपड़े चेंज कर लिए
  1176. 54:58थे। उसने अपना मेकअप भी साफ कर लिया था।
  1177. 55:00शॉर्टन ने महसूस किया कि नताशा बिना
  1178. 55:03[संगीत] मेकअप के भी बहुत खूबसूरत लग रही
  1179. 55:05थी। बल्कि अब उसके चेहरे पर एक अलग ही
  1180. 55:07सादगी भरा आकर्षण था [संगीत] जो किसी को
  1181. 55:09भी अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए काफी था।
  1182. 55:13उसने सभी को सोफे पर बैठने का इशारा किया
  1183. 55:15और [संगीत] वो शौर्य की तारीफ करते हुए
  1184. 55:17बोली
  1185. 55:18तुमने वाकई में बहुत अच्छा काम किया
  1186. 55:20श्रवण। मैं तो कहती हूं कि तुमको इस
  1187. 55:23प्रोफेशन को सीरियसली लेना चाहिए। नताशा
  1188. 55:27की बात सुनकर शौर्य झेपते हुए बोला तुम
  1189. 55:30कुछ ज्यादा ही तारीफ कर रही हो मेरी।
  1190. 55:32मैंने ऐसा भी कुछ नहीं किया है कि तुम
  1191. 55:34मुझे आसमान [संगीत]
  1192. 55:35में बिठा रही हो। जो थोड़ा बहुत किया है
  1193. 55:38शायद वो तुम्हारी हौसला अफजाई के कारण
  1194. 55:40संभव हो पाया है।
  1195. 55:43बातें करते हुए शौर्य और नताशा कब एक
  1196. 55:45दूसरे से इतना इनफॉर्मल हो गए थे कि दोनों
  1197. 55:47को पता ही नहीं चला। [संगीत] दोनों अब एक
  1198. 55:50दूसरे को आपकी जगह तुम कहकर बुला रहे थे।
  1199. 55:54अब तुम्हारा क्या प्लान है? क्या तुम यहीं
  1200. 55:57रुकोगे? क्योंकि कल भी शूट करना है। नताशा
  1201. 56:01ने शौर्य से पूछा तो शौर्य ने [संगीत]
  1202. 56:03जवाब दिया। अरे नहीं मुझे तो अभी निकलना
  1203. 56:06है। मैं तो सिर्फ तुम्हें यह बताने के लिए
  1204. 56:08आया था कि मैं अभी जा रहा हूं। कल मैं समय
  1205. 56:11से आ जाऊंगा। इस पर नताशा कुछ कह पाती।
  1206. 56:14उससे पहले ही उसका फोन बजने लगा। उसने फोन
  1207. 56:17उठाया। एक परिचित नंबर देखकर उसने कहा
  1208. 56:21हेलो मेघना आप कैसी हैं? क्या आप विशालगढ़
  1209. 56:26आ गई हैं?
  1210. 56:28फिर मेघना की दूसरी तरफ की [संगीत] बात
  1211. 56:29सुनकर नताशा बोली
  1212. 56:33अच्छा तो आप राजकमल में ठहरी हुई हैं।
  1213. 56:35[संगीत]
  1214. 56:37नताशा कुछ देर दूसरी तरफ की आवाज सुनती
  1215. 56:39रही। फिर उसने अपने हाथ की घड़ी में समय
  1216. 56:42देखा और बोली
  1217. 56:44कल तो मैं बिजी रहूंगी क्योंकि पूरे दिन
  1218. 56:46मेरा शूट चलेगा। ऐसा करती हूं कि हम अभी
  1219. 56:49लंच पर ही मिलते हैं। मैं वहीं राजकमल
  1220. 56:51होटल ही आ जाती हूं। वहीं पर साथ में लंच
  1221. 56:54करते हैं। इसके बाद दूसरी तरफ से कुछ कहा
  1222. 56:57गया। फिर नताशा ने फोन काट दिया। फोन रखने
  1223. 57:01के बाद नताशा ने शौर्य की तरफ देखा और
  1224. 57:03उससे [संगीत] कहा
  1225. 57:05श्रवण क्या तुम मुझे होटल राजकमल छोड़
  1226. 57:08दोगे?
  1227. 57:09शौर्य नताशा की बात सुनकर बोला, "यह भी
  1228. 57:12कोई पूछने की बात है। मैं तो उधर जा ही
  1229. 57:15रहा हूं, तो तुम्हें भी छोड़ दूंगा। तो
  1230. 57:18फिर ठीक है, तुम बाहर गाड़ी में मेरा
  1231. 57:20इंतजार करो। मैं बस अभी तैयार होकर आती
  1232. 57:22हूं। नताशा ने एक तरह से सबको संकेत दिया
  1233. 57:25कि सभी वैनिटी वैन के बाहर चले जाएं। उसे
  1234. 57:28तैयार होना है। नताशा की बात सुनकर सभी
  1235. 57:31वैनिटी वैन से बाहर आ गए। शौर्य अपनी कार
  1236. 57:34की तरफ बढ़ा। उसने रत्नाकर शेट्टी से कहा,
  1237. 57:37ठीक है शेट्टी साहब कल मिलते हैं। अब आप
  1238. 57:40भी जाकर आराम कीजिए। हां, ठीक है कल मिलते
  1239. 57:43हैं। रत्नाकर शेट्टी ने कहा। उसके बाद
  1240. 57:46शौर्य से हाथ मिलाकर वो रेस्टोरेंट की तरफ
  1241. 57:48बढ़ गए। शौर्य राहुल के साथ कार के बाहर
  1242. 57:51ही खड़े होकर नताशा के आने का इंतजार करने
  1243. 57:54लगा। इंतजार करते हुए ही राहुल शौर्य से
  1244. 57:57बोला, "क्या बात है जीजू। लगता है नताशा
  1245. 58:02कपूर तो आप पर फिदा ही हो गई है। राहुल की
  1246. 58:05बात सुनकर शौर्य चिढ़ते हुए बोला ज्यादा
  1247. 58:08बकवास करने की जरूरत नहीं है। और हां तुम
  1248. 58:11क्या हर समय जीजू जीजू बोलते रहते हो? घर
  1249. 58:14पर तो ठीक है पर बाहर बोलने की क्या जरूरत
  1250. 58:16है?
  1251. 58:18तो फिर क्या बोलूं? आप ही बताइए। राहुल ने
  1252. 58:21शौर्य की आंखों में देखते हुए पूछा। तो
  1253. 58:24शौर्य ने कुछ सोचा और बोला।
  1254. 58:28ठीक है। अगर तुम्हें कुछ बोलना ही है तो
  1255. 58:30तुम मुझे भैया बोल सकते हो।
  1256. 58:33अगर ऐसी बात है तो फिर ठीक है। अब मैं
  1257. 58:35आपको घर के बाहर भैया ही बोलूंगा। राहुल
  1258. 58:38हल्की मुस्कान के साथ बोला। दोनों बातें
  1259. 58:41कर ही रहे थे कि तभी उन्होंने सामने से
  1260. 58:43नताशा को आते हुए देखा। जब नताशा पास आ गई
  1261. 58:46तो वो शौर्य से बोली तो चलें फिर।
  1262. 58:51शौर्य भी उसकी बात से सहमति जताते हुए
  1263. 58:53बोला ठीक है चलो।
  1264. 58:56इतना कहकर वो ड्राइविंग सीट पर जाकर बैठ
  1265. 58:59गया। अभी राहुल ड्राइवर के बगल वाली सीट
  1266. 59:01पर बैठने जा ही रहा था कि [संगीत] नताशा
  1267. 59:04बोल पड़ी। राहुल तुम पीछे वाली सीट पर बैठ
  1268. 59:08जाओ। मैं यहां बैठ जाती हूं। [संगीत]
  1269. 59:10नताशा की बात सुनकर राहुल ने शौर्य की तरफ
  1270. 59:13देखा। शौर्य ने आंखों ही आंखों में सहमति
  1271. 59:16जताई। राहुल पीछे वाली सीट पर जाकर बैठ
  1272. 59:19गया और नताशा शौर्य के बगल वाली सीट पर
  1273. 59:22जाकर बैठ [संगीत] गई।
  1274. 59:24सबके बैठने के बाद शौर्य ने कार आगे बढ़ा
  1275. 59:26दी। कुछ देर [संगीत] तक कार में खामोशी
  1276. 59:29छाई रही। उस खामोशी को नताशा ने ही भंग
  1277. 59:34किया और उसने शौर्य से कहा,
  1278. 59:37तुम्हें पता है मैं इतनी जल्दी [संगीत]
  1279. 59:40किसी के साथ इतना कैजुअल नहीं होती जितना
  1280. 59:43कि तुम्हारे साथ हो गई हूं। मैं इस बारे
  1281. 59:45में सोचती हूं तो मुझे [संगीत] खुद पर ही
  1282. 59:47आश्चर्य होता है। शायद इसका कारण यह है कि
  1283. 59:50तुमने आज अपनी जान [संगीत] पर खेलकर मेरी
  1284. 59:52जान बचाई है।
  1285. 59:55अगर सच कहूं तो मेरे साथ भी ऐसा ही है।
  1286. 59:58मैं भी जल्दी किसी लड़की के साथ इतना इजी
  1287. 1:00:00होकर बात नहीं कर पाता जितना [संगीत] कि
  1288. 1:00:02तुम्हारे साथ कर रहा हूं। मुझे तो पता ही
  1289. 1:00:05नहीं चला कि कब मैंने तुम्हें आपसे तुम
  1290. 1:00:07कहना शुरू कर दिया। अब सोचता हूं तो खुद
  1291. 1:00:10पर हंसी भी आती है। शौर्य ने भी अपने
  1292. 1:00:13उद्गार व्यक्त किए।
  1293. 1:00:14[संगीत]
  1294. 1:00:15इतना कहकर शौर्य दो पल रुका। फिर बोला और
  1295. 1:00:18प्लीज तुम ये बार-बार जान बचाने वाली बात
  1296. 1:00:21बोलकर मुझे शर्मिंदा मत किया करो। ठीक है
  1297. 1:00:24अब नहीं करूंगी। अब खुश नताशा ने स्माइल
  1298. 1:00:28करते हुए कहा हां अब सही है। [संगीत]
  1299. 1:00:32शौर्य भी मुस्कुरा कर बोला। उसके बाद वो
  1300. 1:00:34अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए बोला। अभी तुम
  1301. 1:00:38होटल राजकल में किससे मिलने के लिए जा रही
  1302. 1:00:40हो? मेघना सिंह ग्रेशाs ब्यूटी प्रोडक्ट
  1303. 1:00:44की ओनर है। उसी के साथ अभी मीटिंग करनी
  1304. 1:00:46है। वो आज ही यूके से आई है और होटल
  1305. 1:00:48राजकमल में ठहरी हुई है। क्योंकि मैं कल
  1306. 1:00:51भी शूट में ही बिजी रहूंगी। इसीलिए मैंने
  1307. 1:00:53सोचा आज ही उससे मिल लेती हूं और साथ
  1308. 1:00:56[संगीत] में लंच भी हो जाएगा। नताशा बोली
  1309. 1:00:59यह बढ़िया है। इस तरह उस बेचारी का कल का
  1310. 1:01:02दिन खराब होने से बच जाएगा। तुमने अच्छा
  1311. 1:01:04डिसीजन लिया। शौर्य ने नताशा की तारीफ
  1312. 1:01:07करते हुए [संगीत] कहा।
  1313. 1:01:09मैंने भी यही सोचकर आज ही उससे मिलने का
  1314. 1:01:12फैसला किया और फिर यह भी सोचा कि इसी
  1315. 1:01:14बहाने होटल राजकमल में लंच करने का मौका
  1316. 1:01:17भी मिल जाएगा। नताशा ने खुशी जाहिर करते
  1317. 1:01:20हुए कहा दूसरी तरफ शिप्रा मेघना को होटल
  1318. 1:01:24राजकमल छोड़ने के बाद अपने घर पहुंच गई
  1319. 1:01:27थी। वो कार पार्क करने के बाद सीधा अपने
  1320. 1:01:29कमरे में पहुंची। उसने अपना मोबाइल चेक
  1321. 1:01:32किया तो उसमें कई नोटिफिकेशन देखकर उसने
  1322. 1:01:35अपना चैट बॉक्स ओपन किया। उसने देखा कि
  1323. 1:01:38राहुल ने उसके साथ बहुत सारे फोटो शेयर
  1324. 1:01:41किए हुए थे। वो एक-एक करके सारे फोटो
  1325. 1:01:44देखने लगी। जैसे-जैसे वो फोटो देखती जा
  1326. 1:01:47[संगीत] रही थी, उसका आश्चर्य बढ़ता जा
  1327. 1:01:49रहा था। वो शौर्य को स्टाइलिश कपड़ों में
  1328. 1:01:52नताशा के साथ देखकर अचंभित थी। उसे समझ
  1329. 1:01:55नहीं आया कि श्रवण नताशा कपूर के इतने
  1330. 1:01:58करीब कैसे हो गया है कि दोनों एक साथ इतने
  1331. 1:02:01खास पल बिता रहे हैं। [संगीत] यह बात उसे
  1332. 1:02:04परेशान करने लगी। उसे यह नहीं पता था कि
  1333. 1:02:07यह फोटो शूटिंग की फोटो है क्योंकि राहुल
  1334. 1:02:09ने इसमें ऐसा कहीं मेंशन किया ही नहीं था।
  1335. 1:02:12इसीलिए भी शिप्रा आश्चर्य में थी कि क्या
  1336. 1:02:15शौर्य पहले से नताशा कपूर को जानता है?
  1337. 1:02:18फिर शिप्रा उस फोटो पर जाकर रुक गई।
  1338. 1:02:21[संगीत] जिसमें नताशा पीछे से उसे बाहों
  1339. 1:02:23में भरे हुए थी और दोनों के ही कपड़े गीले
  1340. 1:02:26थे। नताशा और शौर्य को इतने पास देखकर
  1341. 1:02:30शिप्रा को अच्छा नहीं लगा। उसने सोचा यह
  1342. 1:02:34नताशा कितनी बेशर्म लड़की है जो खुलेआम
  1343. 1:02:37शौर्य के साथ नजदीकियां बढ़ा रही है। उसे
  1344. 1:02:40राहुल पर भी गुस्सा आ रहा था। वो सोच
  1345. 1:02:43[संगीत] रही थी कि क्या राहुल वहां सिर्फ
  1346. 1:02:45उन दोनों की फोटो खींचने गया था क्या?
  1347. 1:02:48लास्ट में उसने राहुल की भी कुछ फोटो देखी
  1348. 1:02:51जिसमें वो नताशा के साथ था। लेकिन इन फोटो
  1349. 1:02:54को देखकर लग [संगीत] रहा था कि यह एक फैन
  1350. 1:02:56का फोटो है जिसने अपने आइडल के साथ फोटो
  1351. 1:02:59खिंचवाया है। अचानक शिप्रा को अपने अंदर
  1352. 1:03:02बेचैनी सी महसूस होने लगी। वो जो अभी बैठी
  1353. 1:03:06हुई थी अचानक खड़ी होकर कमरे में इधर-उधर
  1354. 1:03:09टहलने लगी। फिर वो खुद ही सोचते हुए मन ही
  1355. 1:03:11मन बोली। मैं अचानक इतना अनकंफर्टेबल
  1356. 1:03:15क्यों फील करने लगी हूं? अगर शौर्य नताशा
  1357. 1:03:18के इतने करीब है भी तो इससे मुझे भला क्या
  1358. 1:03:21प्रॉब्लम हो सकती है?
  1359. 1:03:23यह सोचकर उसने खुद से कहा, हां मुझे क्यों
  1360. 1:03:26प्रॉब्लम है? वो किसी के साथ रहे, किसी के
  1361. 1:03:30साथ जाए तो मुझे क्यों बुरा लग रहा है?
  1362. 1:03:32मैंने तो पहले ही शौर्य को बोल दिया था कि
  1363. 1:03:35वो किसी के साथ भी रिलेशन में जा सकता है।
  1364. 1:03:37मुझे कोई आपत्ति नहीं होगी। तो फिर मुझे
  1365. 1:03:40यह बेचैनी क्यों हो रही है?
  1366. 1:03:44अब शिप्रा के लिए कमरे में रहना मुश्किल
  1367. 1:03:46हो रहा था। इसीलिए वो कमरे से निकल कर
  1368. 1:03:48डाइनिंग रूम [संगीत] में आ गई। उसने सोचा
  1369. 1:03:51क्या वो राहुल को फोन करके पता करें कि वो
  1370. 1:03:53अभी कहां है? फिर उसने खुद ही अपना इरादा
  1371. 1:03:56बदल दिया। नहीं यह ठीक नहीं रहेगा क्योंकि
  1372. 1:04:00श्रवण उसके साथ ही होगा। अगर उसे पता
  1373. 1:04:03चलेगा कि मैं उसके बारे में जानना चाह रही
  1374. 1:04:05हूं तो वो क्या सोचेगा?
  1375. 1:04:08शिप्रा एक अजीब सी कशमकश के अंदर फंसती जा
  1376. 1:04:11रही थी। पर वो कोई फैसला नहीं ले पा रही
  1377. 1:04:14थी। राहुल का घर होटल राजकमल के रास्ते पर
  1378. 1:04:17ही पड़ता है। इसीलिए शौर्य ने गाड़ी को
  1379. 1:04:20राय मैनशन के पास रोक लिया और बोला
  1380. 1:04:24तुम घर जाओ मैं होटल राजकमल से होकर आता
  1381. 1:04:27हूं। राहुल बिना कुछ कहे कार से उतर गया
  1382. 1:04:30और अपने घर की तरफ बढ़ गया। फिर अगले ही
  1383. 1:04:33पल शौर्य ने कार आगे बढ़ा दी। कार में
  1384. 1:04:36खामोशी छाई हुई थी। दोनों में से कोई कुछ
  1385. 1:04:39बोल नहीं रहा था। फिर तभी खामोशी को
  1386. 1:04:42तोड़ते हुए शौर्य ने कहा क्या तुम सच में
  1387. 1:04:45अभी मीटिंग के बाद कृष्णापुरम वापस जाओगी
  1388. 1:04:49और चारा ही क्या है वापस तो जाना ही
  1389. 1:04:51पड़ेगा नताशा ने जवाब दिया नहीं अगर तुम
  1390. 1:04:55चाहो तो मैं वहीं होटल राजकमल में
  1391. 1:04:57तुम्हारे रहने की व्यवस्था कर सकता हूं
  1392. 1:04:59सुबह तुम कृष्णापुरम चली जाना और हो सका
  1393. 1:05:02तो मैं भी तुम्हारे साथ ही चलूंगा। शौर्य
  1394. 1:05:04ने नताशा को ऑप्शन दिया तो नताशा ने कहा
  1395. 1:05:08अगर ऐसी बात है तो पहले देखते हैं कि वहां
  1396. 1:05:11कितना टाइम लगता है। उसी के हिसाब से फिर
  1397. 1:05:14डिसाइड करेंगे [संगीत] कि क्या करना है।
  1398. 1:05:17ठीक है जैसी तुम्हारी मर्जी। शौर्य ने भी
  1399. 1:05:20रिप्लाई किया। उसके बाद कार में फिर
  1400. 1:05:23खामोशी छा गई। वहीं दूसरी तरफ राहुल अपने
  1401. 1:05:27घर पहुंचा तो शिप्रा डाइनिंग रूम में ही
  1402. 1:05:29बैठी इसी इंतजार में थी कि राहुल को फोन
  1403. 1:05:32करे या ना करें। पर [संगीत] जब उसने राहुल
  1404. 1:05:34को आते देख लिया तो उसने फोन को साइड में
  1405. 1:05:36रखते हुए पूछा
  1406. 1:05:38बहुत टाइम लगा दिया तुम तो सुबह ही गए थे
  1407. 1:05:42फिर इतना वक्त कैसे लग गया
  1408. 1:05:45राहुल ने शरारती अंदाज में शिप्रा की तरफ
  1409. 1:05:48देखा और पूछा क्या सच में तुम यही जानना
  1410. 1:05:50चाहती हो राहुल की बात सुनकर शिप्रा बोली
  1411. 1:05:55हां तो और क्या जानना चाहूंगी वैसे तुमने
  1412. 1:05:58इतने सारे फोटो क्यों भेजे हैं क्या इसी
  1413. 1:06:00मीटिंग के लिए श्रवण नताशा से मिलने गया
  1414. 1:06:04एक साथ इतने सारे क्वेश्चन क्या हुआ?
  1415. 1:06:07तुम्हें फोटो पसंद नहीं आए क्या? राहुल
  1416. 1:06:10शिप्रा को चिढ़ाते हुए बोला तो शिप्रा ने
  1417. 1:06:13भी यूं जताया जैसे उसे इस बात से [संगीत]
  1418. 1:06:15कोई खास फर्क नहीं पड़ रहा हो। इसमें पसंद
  1419. 1:06:18आने ना आने वाली क्या बात है? मैंने तो
  1420. 1:06:21इसलिए पूछा कि यहां से तो वो बोल कर गया
  1421. 1:06:23था कि वह एक मीटिंग के लिए जा रहा है। पर
  1422. 1:06:26फोटो देखकर तो लग रहा है जैसे वो दोनों एक
  1423. 1:06:28दूसरे के पुराने जानकार हो और किसी पिकनिक
  1424. 1:06:31पर गए हो।
  1425. 1:06:33राहुल ने महसूस किया कि शिप्रा बड़ी
  1426. 1:06:35शिद्दत से यह जानना चाह रही है कि उन
  1427. 1:06:37दोनों का रिलेशन क्या है। लेकिन फिर वो
  1428. 1:06:40बोला तुम तो रहने ही दो। तुम उनके बारे
  1429. 1:06:44में जानकर भी क्या करोगी? वैसे सच कहूं तो
  1430. 1:06:47आज मजा बहुत आया। सबसे बड़ी बात यह है कि
  1431. 1:06:50आज मैं फाइनली अपनी फेवरेट स्टार से मिल
  1432. 1:06:53पाया। राहुल खुश होते हुए बोला। राहुल की
  1433. 1:06:56बात सुनकर शिप्रा को गुस्सा तो बहुत आया
  1434. 1:06:59पर उसने अपने गुस्से को दबाते हुए कहा अब
  1435. 1:07:02इसमें रहने दो वाली क्या बात है मैं तो
  1436. 1:07:05इसलिए जानना चाहती हूं कि श्रवण ने सुबह
  1437. 1:07:07कुछ और कहा था पर फोटो देखकर तो कुछ और ही
  1438. 1:07:10लग रहा है इसी जिज्ञासा के कारण मैं पूछ
  1439. 1:07:13रही हूं [संगीत] समझे और तुम भी ज्यादा
  1440. 1:07:15भाव मत खाओ सीधे-सीधे बता दो अरे क्या
  1441. 1:07:18दीदी तुम तो पीछे ही पड़ गई ठीक है मैं
  1442. 1:07:21बाद में बताऊंगा अभी मुझे भूख लग रही है
  1443. 1:07:24पहले मुझे कुछ खाना है। उसके बाद मैं इस
  1444. 1:07:26बारे में बात करूंगा। राहुल जानबूझकर
  1445. 1:07:29शिप्रा को सताने के लिए ऐसा कर रहा था।
  1446. 1:07:32शिप्रा भी यह समझ गई थी। तुम जानबूझकर ऐसा
  1447. 1:07:35कर रहे हो ना? तुम्हें मुझे सताने में
  1448. 1:07:37बड़ा मजा आता है। अगर ऐसा है तो फिर मुझे
  1449. 1:07:40कुछ नहीं जानना है। मैं जा रही हूं अपने
  1450. 1:07:42कमरे में। शिप्रा नाराजगी भरे स्वर में
  1451. 1:07:45बोली। वो उठकर अपने कमरे की तरफ जाने लगी।
  1452. 1:07:48तभी राहुल उसे रोकते हुए बोला। अरे दीदी
  1453. 1:07:51तुम चली जाओगी तो फिर मुझे खाना कौन देगा?
  1454. 1:07:54अगर तुम्हें जाना ही है तो चली जाना पर
  1455. 1:07:57पहले मुझे खाना तो दे दो। [संगीत] क्यों?
  1456. 1:08:00ऊपर वाले ने हाथ पैर दिए हैं ना खुद निकाल
  1457. 1:08:02कर खा लो। शिप्रा ने गुस्से में कहा।
  1458. 1:08:06शिप्रा का बिहेवियर देखकर राहुल बोला।
  1459. 1:08:09मुझे समझ नहीं आ रहा है कि तुम इतने
  1460. 1:08:11गुस्से में क्यों हो? [संगीत] ऐसा मैंने
  1461. 1:08:13क्या कर दिया।
  1462. 1:08:16राहुल की बात सुनकर शिप्रा को भी लगा कि
  1463. 1:08:18वो कुछ ज्यादा ही उतावलापन दिखा रही है।
  1464. 1:08:21उसने अपने व्यवहार के बारे में सोचा। उसे
  1465. 1:08:24खुद पर आश्चर्य हो रहा था कि वह श्रवण के
  1466. 1:08:26बारे में जानने के लिए इतनी ज्यादा उत्सुक
  1467. 1:08:28क्यों हो रही है। शायद इसी का फायदा राहुल
  1468. 1:08:31भी उठा रहा है जिसके कारण वो उससे इस तरह
  1469. 1:08:34से बात कर रहा है। खैर उसने एक लंबी सांस
  1470. 1:08:38ली और खुद को शांत किया। वो राहुल का खाना
  1471. 1:08:41लगाने के लिए खुद को तैयार कर ही रही थी
  1472. 1:08:44कि तभी शंतू कहीं बाहर से डाइनिंग रूम में
  1473. 1:08:47आई। तो शिप्रा शंतू से बोली शंतो राहुल के
  1474. 1:08:51साथ मेरा भी खाना लगा दो। मुझे भी भूख लग
  1475. 1:08:53रही है।
  1476. 1:08:55शंतों के इतना बोलने के बाद शिप्रा फिर से
  1477. 1:08:57आकर डाइनिंग टेबल पर बैठ गई। पर अब उसने
  1478. 1:09:00राहुल से इस बारे [संगीत] में कोई बात
  1479. 1:09:02नहीं की। जबकि राहुल इंतजार कर रहा था कि
  1480. 1:09:05शिप्रा उससे कभी भी श्रवण के बारे में पूछ
  1481. 1:09:08सकती है। शिप्रा ने तो नहीं पर हां संतो
  1482. 1:09:12ने उससे पूछ लिया। अरे राहुल भैया आप तो आ
  1483. 1:09:16गए पर यह जीजाजी कहां रह गए? आप दोनों तो
  1484. 1:09:19साथ ही गए थे। हां गया तो साथ ही था और
  1485. 1:09:22आया भी साथ ही पर उनको कुछ और काम था
  1486. 1:09:25जिसके कारण वो फिर से होटल राजकमल चले गए
  1487. 1:09:28हैं। राहुल ने आधी अधूरी बात संतो को
  1488. 1:09:31बताई। शिप्रा ने राहुल से कुछ पूछा तो
  1489. 1:09:34नहीं पर उसके कान राहुल की बात की तरफ ही
  1490. 1:09:36थे। तभी संतो राहुल के सामने प्लेट लगाते
  1491. 1:09:39हुए बोली [संगीत]
  1492. 1:09:41तो क्या फिर वो आकर खाना खाएंगे या कल की
  1493. 1:09:43ही तरह खाना खाकर ही आएंगे?
  1494. 1:09:47वैसे जिनके साथ वो गए हैं तो ऐसी उम्मीद
  1495. 1:09:49तो नहीं है कि वो बिना खाना खाए आएंगे पर
  1496. 1:09:52फिर भी मैं पक्का कुछ कह नहीं सकता। राहुल
  1497. 1:09:56ने कुछ सोचते हुए बोला शिप्रा उम्मीद कर
  1498. 1:09:59रही थी कि शंतो आगे भी उससे पूछे कि वो
  1499. 1:10:01किसके साथ गया है। पर संतो [संगीत] ने
  1500. 1:10:03इसके आगे कुछ नहीं पूछा। शिप्रा ने भी सोच
  1501. 1:10:06लिया था कि वह भी राहुल से कुछ नहीं
  1502. 1:10:08पूछेगी।
  1503. 1:10:10राहुल अब इस बात से हैरान था कि शिप्रा
  1504. 1:10:12कैसे अपनी इच्छाओं को दबाकर खाना खाने की
  1505. 1:10:15कोशिश कर रही है। जब राहुल ने यह नोट किया
  1506. 1:10:18कि शिप्रा ना ही अब श्रवण के बारे में कुछ
  1507. 1:10:20पूछ रही है और ना ही कुछ बोल रही है तो वह
  1508. 1:10:23खुद ही शिप्रा से बोला क्या हुआ अब कुछ
  1509. 1:10:26पूछोगी नहीं
  1510. 1:10:29अब कुछ भी जानने की इच्छा नहीं है
  1511. 1:10:33शिप्रा ने एक टूक जवाब दिया राहुल समझ गया
  1512. 1:10:36कि अब शिप्रा सचमुच नाराज हो गई है इसीलिए
  1513. 1:10:39वो प्यार से बोला क्या दीदी तुम भी
  1514. 1:10:42छोटी-छोटी बातों पर नाराज हो जाती हो
  1515. 1:10:44तुम्हें बस थोड़ा सा छेड़ रहा
  1516. 1:10:47अच्छा पूछो क्या जानना चाहती हो? मैं अब
  1517. 1:10:49सब कुछ ईमानदारी से बताऊंगा।
  1518. 1:10:52पर अब सचमुच शिप्रा को कोई इच्छा नहीं रह
  1519. 1:10:54गई थी उसके बारे में जानने की। इसीलिए
  1520. 1:10:57उसने कहा अब रहने दो। अब मुझे कुछ भी नहीं
  1521. 1:11:00जानना है। इतना बोलकर वो चुपचाप खाना खाने
  1522. 1:11:04लगी। अब उसे यह भी लग रहा था कि उसकी भूख
  1523. 1:11:07ही मर गई है। इसीलिए वह जल्दी ही खाना
  1524. 1:11:10खाकर अपनी जगह से उठ गई और अपने कमरे में
  1525. 1:11:13चली गई। शिप्रा के बदले व्यवहार को देखकर
  1526. 1:11:16राहुल को अब अफसोस होने लगा कि उसने फालतू
  1527. 1:11:19में अपनी दीदी का मूड खराब कर दिया। वहीं
  1528. 1:11:22दूसरी तरफ शौर्य नताशा को लेकर होटल
  1529. 1:11:25राजकमल पहुंच चुका था। वो नताशा के साथ
  1530. 1:11:28कार से बाहर आ गया। एक ड्राइवर आगे बढ़कर
  1531. 1:11:30आया और शौर्य से चाबी लेकर कार को
  1532. 1:11:33पार्किंग के लिए लेकर चला गया। शौर्य
  1533. 1:11:36नताशा के साथ होटल के अंदर जाते हुए बोला।
  1534. 1:11:40मैं तुम्हारे लिए रूम की चाबी लेकर आता
  1535. 1:11:42हूं। तुम लंच के बाद यहीं रह जाना। सुबह
  1536. 1:11:44हम साथ में ही कृष्णापुरम के लिए चलेंगे।
  1537. 1:11:48जब शौर्य यह सब बोल रहा था तो नताशा उसकी
  1538. 1:11:51बातें सुने जा रही थी और सोच रही थी कि
  1539. 1:11:53क्या शौर्य इतना कैपेबल है कि वो उसके लिए
  1540. 1:11:56होटल राजकमल में कमरा बुक कर [संगीत] सके।
  1541. 1:11:59क्योंकि वो जानती थी कि होटल राजकमल
  1542. 1:12:01विशालगढ़ के सबसे महंगे होटलों में आता
  1543. 1:12:04है। [संगीत] तो यहां का एक कमरा बुक करना
  1544. 1:12:06बहुत महंगा सौदा होगा। खैर शौर्य नताशा के
  1545. 1:12:10साथ रिसेप्शन पर पहुंचा। बाहर ही उसे राम
  1546. 1:12:13सिंह मिल गया तो उसने राम सिंह से कहा राम
  1547. 1:12:16सिंह जाकर मेनका मैम से प्रेसिडेंसी रूम
  1548. 1:12:18की चाबियां ले आओ। आज ये मैडम यहीं
  1549. 1:12:20ठहरेंगी तो तुम्हें इनका खास ध्यान रखना
  1550. 1:12:23है।
  1551. 1:12:24जी सर बस मैं अभी लाया।
  1552. 1:12:27इतना बोलकर राम सिंह वहां से चला गया। तभी
  1553. 1:12:31शौर्य ने नताशा से पूछा।
  1554. 1:12:33तुम्हारी जिसके साथ मीटिंग है वो कहां पर
  1555. 1:12:36है? इस पर नताशा अपना फोन निकालते हुए
  1556. 1:12:39बोली, अभी पता करती हूं।
  1557. 1:12:42फिर उसने मेघना को कॉल लगाया तो मेघना ने
  1558. 1:12:45कहा,
  1559. 1:12:46आप कैबिन नंबर 105 में आ जाओ। मैंने उसे
  1560. 1:12:49आपके लिए रिजर्व कर रखा है और मैं भी वहीं
  1561. 1:12:52पहुंच रही हूं।
  1562. 1:12:54ठीक है, मैं पहुंचती हूं। मैं होटल में ही
  1563. 1:12:56हूं इसलिए मुझे ज्यादा टाइम नहीं लगेगा।
  1564. 1:12:59नताशा ने बताया तो मेघना ने जवाब दिया।
  1565. 1:13:02कोई बात नहीं आप पहुंचिए। बस मैं भी पहुंच
  1566. 1:13:05ही रही हूं। मैं भी अपने रूम से निकल ही
  1567. 1:13:07रही हूं।
  1568. 1:13:09अब तक राम सिंह भी प्रेसिडेंसी रूम की
  1569. 1:13:11चाबियां लेकर आ गया था। शौर्य राम सिंह के
  1570. 1:13:13रूम की चाबियां लेकर नताशा की तरफ बढ़ाते
  1571. 1:13:16हुए बोला,
  1572. 1:13:18लो इन्हें तुम रखो। मैं भी निकलता हूं।
  1573. 1:13:21बाकी राम सिंह तुम्हें अपने रूम में
  1574. 1:13:22पहुंचा देगा।
  1575. 1:13:24पर तुम कहां चल दिए? इतनी जल्दी क्या है
  1576. 1:13:27तुम्हें जाने की? तुम हमारे साथ नाश्ता
  1577. 1:13:29करने के बाद ही यहां से जाओगे। समझे?
  1578. 1:13:32नताशा शौर्य को रोकते हुए बोली तो शौर्य
  1579. 1:13:35ने अपने कंधे उचका कर कहा अरे यार पर मैं
  1580. 1:13:38तुम दोनों की मीटिंग के बीच क्या करूंगा
  1581. 1:13:41तुम्हारी वहां पर कुछ पर्सनल बातें होंगी
  1582. 1:13:43मेरे कारण तुम दोनों अनइजी फील करोगी
  1583. 1:13:47इस पर नताशा ने शौर्य को समझाते हुए कहा
  1584. 1:13:51तुम उसकी चिंता मत करो सारी बातें लगभग
  1585. 1:13:53पहले ही फाइनल हो चुकी है मिलना तो बस एक
  1586. 1:13:56औपचारिकता है जो सिर्फ यह प्रूफ करने के
  1587. 1:13:58लिए है कि हम अपनी बात पर कायम है तुम
  1588. 1:14:01अच्छी तरह जरा सोच लो। बाद में कहीं
  1589. 1:14:03तुम्हें मेरे कारण पछताना ना पड़े। शौर्य
  1590. 1:14:06मुस्कुराते हुए नताशा को वार्निंग देते
  1591. 1:14:08हुए बोला तो नताशा ने भी मुस्कुराते हुए
  1592. 1:14:11कहा अरे तुम मेरी चिंता मत करो। अगर
  1593. 1:14:15तुम्हारे कारण मेरा कुछ नुकसान भी होगा तो
  1594. 1:14:17मुझे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। एक बात
  1595. 1:14:20मैं तुम्हें बताऊं? [संगीत] इतना बोलने के
  1596. 1:14:23बाद नताशा शौर्य के जवाब की प्रतीक्षा किए
  1597. 1:14:26बिना फिर से बोलना शुरू कर दी। एक्चुअली
  1598. 1:14:29तुम वो पहले शख्स हो जिसके साथ मैं इतने
  1599. 1:14:32आराम से घूम पा रही हूं या बात कर पा रही
  1600. 1:14:35हूं। नहीं तो ऐसा बहुत कम ही होता है कि
  1601. 1:14:38मैं किसी से इतनी सहजता के साथ बात करती
  1602. 1:14:41हूं।
  1603. 1:14:42शौर्य नताशा की बात सुनकर बोला अगर ऐसी
  1604. 1:14:46बात है तो मैं सचमुच बड़ा लकी आदमी हूं
  1605. 1:14:48जिसे तुम्हारा यह स्नेह प्राप्त हुआ है।
  1606. 1:14:51जो भी हो तुम्हें बातें बनाना बहुत अच्छी
  1607. 1:14:54तरह आता है। नताशा शौर्य की तारीफ करते
  1608. 1:14:57हुए बोली फिर अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए
  1609. 1:14:59नताशा ने कहा चलो 105 नंबर कैबिन में चलना
  1610. 1:15:03है। वहीं पर मेघना आएगी।
  1611. 1:15:07इसके बाद राम सिंह उन दोनों को लेकर 105
  1612. 1:15:10नंबर कैबिन में पहुंचा।
  1613. 1:15:11[संगीत]
  1614. 1:15:11अभी तक मेघना केबिन के अंदर नहीं आई थी।
  1615. 1:15:14नताशा शौर्य के साथ कैबिन के अंदर आकर बैठ
  1616. 1:15:17गई।
  1617. 1:15:19तो शौर्य ने राम सिंह को कुछ आर्डर देकर
  1618. 1:15:22कहा
  1619. 1:15:24जाकर ये सब ले आओ।
  1620. 1:15:28राम सिंह के वहां से जाने के बाद नताशा
  1621. 1:15:30शौर्य से बोली, क्या तुम यहां रेगुलर आते
  1622. 1:15:33हो जो राम सिंह तुम्हारी बात को बड़े
  1623. 1:15:35ध्यान से सुन और मान रहा है?
  1624. 1:15:38नहीं ऐसा नहीं है पर मैं अक्सर यहां आता
  1625. 1:15:41रहता हूं और यहां पर सबसे अच्छी जान पहचान
  1626. 1:15:43भी है इसलिए मुझे कोई दिक्कत नहीं है और
  1627. 1:15:47दूसरी बात यह भी है कि होटल के ओनर मेरे
  1628. 1:15:49बॉस हैं जिनके लिए मैं काम करता हूं
  1629. 1:15:52[संगीत]
  1630. 1:15:53शौर्य ने होटल राजकमल से अपना रिश्ता
  1631. 1:15:55समझाया तभी कैबिन के दरवाजे के खुलने की
  1632. 1:15:58आवाज आई और शौर्य को कैबिन के दरवाजे के
  1633. 1:16:01[संगीत] पास एक साया नजर आया। मेघना कैबिन
  1634. 1:16:04के अंदर आई तो उसने नताशा के साथ किसी और
  1635. 1:16:07को भी देखा। उसने नताशा से हाथ मिलाया और
  1636. 1:16:10जिज्ञासा से शौर्य की तरफ देखा। जैसे
  1637. 1:16:13जानना चाहती हो कि यह कौन है? नताशा ने
  1638. 1:16:16मेघना का परिचय शौर्य से कराते हुए कहा।
  1639. 1:16:20यह श्रवण है। इसी के कारण यह मीटिंग संभव
  1640. 1:16:23हो पाई है। क्योंकि जब आपका फोन आया, तो
  1641. 1:16:26यह मेरे साथ ही था और यह इधर ही आ रहा था।
  1642. 1:16:30तो मैंने अभी ही मिलने का प्लान बना लिया।
  1643. 1:16:32फिर तो मुझे इनका विशेष ध्यान करना पड़ेगा
  1644. 1:16:35क्योंकि इनके कारण मुझे भी कल तक का
  1645. 1:16:37इंतजार नहीं करना पड़ेगा। आपका बहुत-बहुत
  1646. 1:16:40धन्यवाद मिस्टर श्रवण। इतना बोलकर मेघना
  1647. 1:16:43ने शौर्य से हाथ मिलाया तो शौर्य बोला
  1648. 1:16:46मैंने ऐसा भी कुछ नहीं किया। उल्टा आपके
  1649. 1:16:49कारण मुझे मिस नताशा के साथ डिनर करने का
  1650. 1:16:51मौका मिल गया। इसीलिए सही मायने में मुझे
  1651. 1:16:55आपका धन्यवाद करना चाहिए।
  1652. 1:16:58आप चाहे तो मेरा धन्यवाद कर सकते हैं।
  1653. 1:17:00मुझे कोई ऐतराज नहीं होगा। मेघना हंसते
  1654. 1:17:03हुए बोली तो शौर्य ने भी मुस्कुराते हुए
  1655. 1:17:06कहा बहुत बढ़िया [संगीत]
  1656. 1:17:07आप बातें बहुत अच्छी करती हैं। इस पर
  1657. 1:17:10मेघना हल्की मुस्कान के साथ बोली
  1658. 1:17:14जर्रा नवाजी के लिए शुक्रिया। तभी राम
  1659. 1:17:17सिंह स्टार्टर और रेड वाइन की बोतल लेकर
  1660. 1:17:19कमरे में हाजिर हुआ। ये सब इंतजाम देखकर
  1661. 1:17:22मेघना बोली [संगीत] अरे आप लोगों ने तो
  1662. 1:17:25लगता है मेरे आने से पहले ही ऑर्डर भी कर
  1663. 1:17:28लिया है।
  1664. 1:17:30नहीं नहीं ऐसा कुछ नहीं हुआ। हमने सोचा जब
  1665. 1:17:33तक आप आएंगी तब तक टाइम पास के लिए कुछ तो
  1666. 1:17:36चाहिए। बस इसीलिए कुछ मंगा लिया। नताशा
  1667. 1:17:40मेघना को जवाब देते हुए बोली खैर राम सिंह
  1668. 1:17:43ने रेड वाइन के तीन गिलास सर्व किए। तभी
  1669. 1:17:46मेघना ने सोचा
  1670. 1:17:48क्यों ना अभी ही डिनर के लिए आर्डर दे
  1671. 1:17:50दिया जाए ताकि वक्त रहते राम सिंह डिनर
  1672. 1:17:53सर्व कर दे। यह सोचकर वो नताशा से बोली आप
  1673. 1:17:57डिनर में क्या लेना चाहेंगी? कुछ भी जो
  1674. 1:18:00आपको पसंद हो आप मंगा लीजिए। मुझे सब
  1675. 1:18:03चलेगा। नताशा ने जवाब दिया। तो [संगीत]
  1676. 1:18:06मेघना ने फिर शौर्य से पूछा और आप मिस्टर
  1677. 1:18:09श्रवण नो थैंक्स। मुझे रहने दीजिए। मैं यह
  1678. 1:18:13ड्रिंक लेकर यहां से चला जाऊंगा। शौर्य
  1679. 1:18:16इंकार करता हुआ बोला तो मेघना ने शौर्य को
  1680. 1:18:18इंसिस्ट करते हुए कहा अरे यह क्या बात
  1681. 1:18:21हुई? अभी तो आपने कहा कि मेरे कारण आपको
  1682. 1:18:24नताशा के साथ डिनर करने का मौका मिल रहा
  1683. 1:18:27है और अब आप जाने की बात कर रहे हैं। हां
  1684. 1:18:30श्रवण तुम बिना डिनर किए यहां से नहीं जा
  1685. 1:18:32सकते। नताशा भी मेघना की बात का समर्थन
  1686. 1:18:36करती हुई बोली। अब शौर्य के पास कोई चारा
  1687. 1:18:40रह नहीं गया। इसीलिए उसने कहा अगर ऐसी बात
  1688. 1:18:43है तो आप मेरे लिए भी अपनी पसंद का ही कुछ
  1689. 1:18:46मंगा लीजिए। मेघना शौर्य की बात सुनकर
  1690. 1:18:49मुस्कुराई और फिर उसने राम सिंह को आर्डर
  1691. 1:18:51नोट करवाया और बोली
  1692. 1:18:5520 मिनट बाद तुम यह आर्डर ले आना। मेघना
  1693. 1:18:58से आर्डर लेने के बाद राम सिंह उस कैबिन
  1694. 1:19:00से चला गया। तीनों [संगीत] ने अपना गिलास
  1695. 1:19:02उठाया और चीयर्स करते हुए रेड वाइन का सिप
  1696. 1:19:05लेने लगे।
  1697. 1:19:07हम सभी लगभग एक ही उम्र के हैं। इसीलिए एक
  1698. 1:19:10दूसरे से आपकी जगह तुम कहकर बात कर सकते
  1699. 1:19:13हैं। इससे हमें ज्यादा फॉर्मल नहीं होना
  1700. 1:19:16पड़ेगा। नताशा अपने बीच की दूरियों को
  1701. 1:19:18खत्म करना चाहती थी। इस पर मेघना भी नताशा
  1702. 1:19:22से सहमति जताते हुए बोली। यह तुमने
  1703. 1:19:24बिल्कुल सही कहा। मैं खुद भी इस तरह से
  1704. 1:19:27नहीं रह सकती। काम अपनी जगह पर है। उसके
  1705. 1:19:30अलावा भी हम अच्छे दोस्त भी हो सकते हैं।
  1706. 1:19:33तभी शौर्य बोल पड़ा। दरअसल मैं इसीलिए भी
  1707. 1:19:37यहां से जाना चाहता था क्योंकि तुम दोनों
  1708. 1:19:39को अपने काम के संबंध में भी बात करनी
  1709. 1:19:41होगी। मेरा उन बातों के बीच में होना ठीक
  1710. 1:19:44नहीं है। मेघना को शौर्य के यहां से जाने
  1711. 1:19:48की बात कहने का कारण समझ में आया तो वो
  1712. 1:19:50मुस्कुराती हुई बोली ऐसी कोई बात हमारे
  1713. 1:19:54बीच होने को रह नहीं गई है जो तुम्हारे
  1714. 1:19:56सामने नहीं हो सकती। मिलना एक फॉर्मेलिटी
  1715. 1:19:59थी। और दूसरी बात यह है कि हमारे बीच जो
  1716. 1:20:02डीलिंग हुई है उस एग्रीमेंट पेपर पर नताशा
  1717. 1:20:05का साइन भर लेना है।
  1718. 1:20:07[संगीत] ठीक है फिर जब तुम कंफर्टेबल हो
  1719. 1:20:10तो फिर मुझे कोई दिक्कत नहीं है। शौर्य
  1720. 1:20:13बोला मेघरा ने महसूस किया था कि नताशा
  1721. 1:20:16शौर्य से कुछ ज्यादा ही फ्रेंडली दिख रही
  1722. 1:20:18थी। उसने शौर्य को पूरे अधिकार से डिनर के
  1723. 1:20:21लिए रुकने को भी कहा था।
  1724. 1:20:24लगता है तुम दोनों एक दूसरे के ज्यादा ही
  1725. 1:20:26करीब हो। इस पर नताशा शौर्य को देखती हुई
  1726. 1:20:29बोली
  1727. 1:20:31ऐसा कुछ नहीं है। इनफैक्ट मैं श्रवण से आज
  1728. 1:20:34पहली बार ही मिली हूं। पर इस एक दिन में
  1729. 1:20:36ही इसने मुझ पर अपना गहरा असर छोड़ा है।
  1730. 1:20:39ऐसा बहुत कम होता है जब मैं किसी से इतनी
  1731. 1:20:42जल्दी इतना क्लोज हो पाती हूं। यह मेरी
  1732. 1:20:45खुशकिस्मती है कि तुम मेरे लिए ऐसा सोचती
  1733. 1:20:47हो। बोलते हुए शौर्य का चेहरा ब्लश करने
  1734. 1:20:50लगा। मेघना खुद को शौर्य के बारे में
  1735. 1:20:53जानने से रोक नहीं सकी। [संगीत]
  1736. 1:20:55जब नताशा ऐसा तुम्हारे लिए बोल रही है तो
  1737. 1:20:58जरूर उसने तुम में कुछ खास नोटिस किया
  1738. 1:21:00होगा। वैसे क्या मैं जान सकती हूं कि तुम
  1739. 1:21:04करते क्या हो?
  1740. 1:21:06मेरा वर्क प्रोफाइल ऐसा कुछ खास नहीं है।
  1741. 1:21:09अभी-अभी मैंने एक कंपनी जॉइ की है जिसके
  1742. 1:21:11लिए एक ब्रांड एंडोर्समेंट का काम मुझे
  1743. 1:21:13मिला है। उसी सिलसिले में मेरा नताशा से
  1744. 1:21:16मिलना हुआ। शौर्य ने बताया। शौर्य के बारे
  1745. 1:21:20में जानकर मेघना को महसूस हुआ कि नताशा
  1746. 1:21:23शायद श्रवण के बारे में कुछ ज्यादा ही
  1747. 1:21:25बढ़ा चढ़ाकर बोल रही थी [संगीत] क्योंकि
  1748. 1:21:27शौर्य का वर्क प्रोफाइल कुछ खास तो
  1749. 1:21:29अट्रैक्टिव तो था नहीं। उसे लगा फालतू में
  1750. 1:21:33नताशा श्रवण को उसके स्तर पर ले आई थी।
  1751. 1:21:36कहां वो एक बड़े ब्रांड की ओनर है और कहां
  1752. 1:21:39शौर्य अभी अपने करियर बनाने के लिए
  1753. 1:21:41स्ट्रगल ही कर रहा है। दोनों के स्टेटस
  1754. 1:21:44में जमीन आसमान का अंतर है। जरूर नताशा
  1755. 1:21:48श्रवण के व्यक्तित्व से प्रभावित होगी।
  1756. 1:21:50[संगीत] इसीलिए वो श्रवण की इतनी तारीफ कर
  1757. 1:21:52रही थी। नताशा ने जो श्रवण की खास इमेज
  1758. 1:21:56ड्रॉ की थी वो मेघना के मन से एक पल में
  1759. 1:21:59ही धूमिल हो गई। पर उसे लगा कि शौर्य उसके
  1760. 1:22:02काम आ सकता है। शौर्य के कारण उसका बहुत
  1761. 1:22:05समय बच सकता था। यह सोचकर उसने प्रभावशाली
  1762. 1:22:09स्वर में शौर्य से कहा,
  1763. 1:22:12"मैं तुम्हें अपने बारे में बता दूं।
  1764. 1:22:14तुमने ग्रेशा ब्यूटी प्रोडक्ट के बारे में
  1765. 1:22:16सुना होगा। यह मेरी ही कंपनी है। इसी के
  1766. 1:22:19ब्रांड एंडोर्समेंट के लिए मैंने नताशा के
  1767. 1:22:21साथ एग्रीमेंट किया है। शौर्य मेघना की
  1768. 1:22:25बातों से समझ गया कि वो उसके सामने क्या
  1769. 1:22:27जताना चाहती है। उसकी बातों से लग रहा था
  1770. 1:22:30कि वो शौर्य को बता रही थी कि उसके सामने
  1771. 1:22:33उसकी कोई हैसियत नहीं है। उन दोनों में
  1772. 1:22:36जमीन आसमान का अंतर है। शौर्य के चेहरे पर
  1773. 1:22:40एक हंसी आ गई। वो मेघना की बात के जवाब
  1774. 1:22:42में बोला। तुमने सही कहा। ग्रीशा के बारे
  1775. 1:22:46में कौन नहीं जानता? इस ब्रांड ने बहुत ही
  1776. 1:22:49कम समय में मार्केट में अपना अच्छा नाम कर
  1777. 1:22:52लिया है।
  1778. 1:22:53शौर्य की बात सुनकर मेघना की छाती और भी
  1779. 1:22:56चौड़ी हो गई। उसे ऐसा महसूस हुआ जैसे उसने
  1780. 1:22:59शौर्य के सामने साबित कर दिया कि वो कितनी
  1781. 1:23:02बड़ी चीज है। नताशा भी मेघना के व्यवहार
  1782. 1:23:05के परिवर्तन को महसूस कर चुकी थी। [संगीत]
  1783. 1:23:08उसे अच्छा तो नहीं लगा पर वो दोनों के बीच
  1784. 1:23:10में कुछ बोली नहीं।
  1785. 1:23:13वहीं दूसरी तरफ शिप्रा अपने कमरे में चली
  1786. 1:23:15तो आई थी [संगीत] पर उसके मन को चैन नहीं
  1787. 1:23:18मिल रहा था। रह-रह कर उसकी आंखों के सामने
  1788. 1:23:22नताशा [संगीत] के साथ वाला शौर्य का फोटो
  1789. 1:23:24घूम जाता था। वो इसलिए भी परेशान थी कि
  1790. 1:23:27अभी तक शौर्य आया नहीं था। उसके मन में
  1791. 1:23:30रह-रह कर अजीब से ख्याल आ जा रहे थे। वो
  1792. 1:23:34थी तो अपने कमरे में पर उसके कान डाइनिंग
  1793. 1:23:36रूम की तरफ ही थे। अगर शौर्य आता तो उसे
  1794. 1:23:39पता चल जाता कि वह आ गया है। उसे खुद पर
  1795. 1:23:42भी हैरानी हो रही थी कि वह श्रवण के बारे
  1796. 1:23:45में इतना क्यों सोच रही है। जितना वह अपना
  1797. 1:23:49दिमाग श्रवण की सोच से बाहर करना चाह रही
  1798. 1:23:51थी, उतना ही उसका ध्यान उसकी तरफ चला जा
  1799. 1:23:54रहा था। जब उसे किसी भी तरह चैन नहीं
  1800. 1:23:57मिला, तो उसने सोचा
  1801. 1:24:00क्यों [संगीत] ना श्रवण को फोन करके ही
  1802. 1:24:01पूछ लिया जाए कि वो कब तक आएगा? इसमें
  1803. 1:24:04बुराई ही क्या है? इतना तो मैं पूछ ही
  1804. 1:24:07सकती हूं। वैसे तो श्रवण को खुद ही बता
  1805. 1:24:10देना चाहिए था कि वह कब तक आने वाला है।
  1806. 1:24:12पर अगर उसने नहीं बताया तो मैं खुद पूछ
  1807. 1:24:15सकती हूं। इसमें कुछ गलत भी नहीं है।
  1808. 1:24:19शिप्रा को अपनी यह सोच सही लगी। उसने
  1809. 1:24:22श्रवण को फोन करने की सोच कर अपना फोन
  1810. 1:24:25निकाला। यहां होटल राजकमल में अब तक राम
  1811. 1:24:28सिंह ने सबके सामने डिनर भी लगा दिया था।
  1812. 1:24:31इसी बीच में मेघना ने एग्रीमेंट पेपर पर
  1813. 1:24:34नताशा से साइन भी करवा लिए थे।
  1814. 1:24:37डिनर करते हुए मेघना ने शौर्य से कहा,
  1815. 1:24:41श्रवण मेरे पास तुम्हारे लिए कुछ काम है।
  1816. 1:24:44अगर तुम इसे करने के लिए तैयार होते हो तो
  1817. 1:24:46तुम्हें कुछ फायदा ही होगा। अच्छा ऐसा
  1818. 1:24:50क्या काम है जिससे मेरा [संगीत] फायदा हो
  1819. 1:24:52सकता है?
  1820. 1:24:54बोलते हुए शौर्य की निगाह मेघना की तरफ
  1821. 1:24:57घूम गई। तो मेघना सवालिया नजर से शौर्य की
  1822. 1:25:00तरफ देखते हुए बोली। तुम अपनी ब्रांड की
  1823. 1:25:03ऐड की शूटिंग कब करने वाले हो?
  1824. 1:25:06अभी डेट तो निश्चित नहीं की है पर इसी वीक
  1825. 1:25:09में करने का प्लान है। [संगीत]
  1826. 1:25:11शौर्य ने जवाब दिया। साथ ही वो यह भी सोच
  1827. 1:25:14रहा था क्या मेघना के दिमाग में क्या चल
  1828. 1:25:17रहा है? क्या [संगीत] तुमने शूटिंग के लिए
  1829. 1:25:20जिस भी चीज की जरूरत है वो सब कुछ बुक कर
  1830. 1:25:23रखा है?
  1831. 1:25:25मेघना ने पूछा। लगभग [संगीत] सब अरेंजमेंट
  1832. 1:25:29हो गए हैं। शौर्यन ने जवाब दिया।
  1833. 1:25:32तुम ऐसा क्यों नहीं करते कि अपनी शूटिंग
  1834. 1:25:34के साथ हमारी शूटिंग भी करवा दो। इससे
  1835. 1:25:37होगा यह कि शूटिंग अरेंज करने में जो
  1836. 1:25:39हमारा समय खराब होगा वो बच जाएगा। और
  1837. 1:25:43तुम्हारी भी अच्छी कमाई हो जाएगी। [संगीत]
  1838. 1:25:45मेघना ऐसे स्वर में बोली जैसे वो जता रही
  1839. 1:25:48हो कि वो श्रवण के फायदे के बारे में
  1840. 1:25:50कितना सोच रही है। नताशा भी मेघना के
  1841. 1:25:53इरादे को अच्छे से समझ रही थी। उसे मेघना
  1842. 1:25:56की बात सुनकर अच्छा तो नहीं लगा पर वो यह
  1843. 1:25:59देखना चाहती थी कि शौर्य क्या जवाब देता
  1844. 1:26:02है। [संगीत]
  1845. 1:26:03शौर्य भी मेघना के कहने के अंदाज से हैरान
  1846. 1:26:06था। उसकी बात पर उसे हंसी भी आई पर उसने
  1847. 1:26:09अपने चेहरे से ज्यादा कुछ जाहिर नहीं होने
  1848. 1:26:11दिया। अगर मेघना की बातों में उसे आग्रह
  1849. 1:26:14नजर आता या दोस्ताना भाव नजर आता तो मेघना
  1850. 1:26:18की बात से तुरंत तैयार हो जाता। पर उसकी
  1851. 1:26:21बातों में जो शौर्य पर एहसान जताने का भाव
  1852. 1:26:23था वो शौर्य को पसंद नहीं आया। वो एक फीकी
  1853. 1:26:27मुस्कान के साथ मेघना [संगीत] से बोला
  1854. 1:26:30सॉरी मैं यह कर नहीं पाऊंगा। मेरे अपने
  1855. 1:26:34कुछ कमिटमेंट हैं जिसके कारण मैं नहीं कर
  1856. 1:26:36पाऊंगा।
  1857. 1:26:38मेघना को उम्मीद नहीं थी कि श्रवण ऐसे
  1858. 1:26:40सीधे उससे इंकार कर देगा। वो तो सोच रही
  1859. 1:26:44थी कि श्रवण उसके प्रपोजल पर तुरंत तैयार
  1860. 1:26:46हो जाएगा। शौर्य के इंकार से मेघना के
  1861. 1:26:49घमंड को एक झटका सा लगा। वो झटका सिर्फ
  1862. 1:26:53मेघना को ही नहीं लगा था। नताशा भी शौर्य
  1863. 1:26:56के जवाब से खुश हो गई थी। उसे जो लग रहा
  1864. 1:26:59था कि शौर्य कहीं मेघना के प्रपोजल के
  1865. 1:27:01फायदे को सोचकर उसकी बात पर सहमत ना हो
  1866. 1:27:04जाए। अगर ऐसा होता तो उसने जो शौर्य को
  1867. 1:27:07लेकर एक इमेज अपने दिमाग में बनाई थी वो
  1868. 1:27:10धूमिल हो जाती। दूसरी तरफ मेघना को जब यह
  1869. 1:27:13महसूस हो गया कि श्रवण ने उसके प्रपोजल को
  1870. 1:27:15रिजेक्ट कर दिया है तो उसके अहम को भी
  1871. 1:27:18झटका सा लगा। अपनी सोच से बाहर आकर मेघना
  1872. 1:27:21दोबारा शौर्य से बोली लगता है तुम ठीक से
  1873. 1:27:24मेरी बात को समझे नहीं। मैं तो तुम्हारा
  1874. 1:27:27फायदा कराना चाहती हूं। तुम तो अपने
  1875. 1:27:29ब्रांड की शूटिंग कर ही रहे हो। अगर तुम
  1876. 1:27:31साथ में हमारे ब्रांड की शूटिंग भी कर
  1877. 1:27:33दोगे तो तुम्हें अच्छा खासा पैसा कमाने का
  1878. 1:27:35मौका मिल जाएगा।
  1879. 1:27:38तुम गलत समझ रही हो। मेरी नीड बहुत ज्यादा
  1880. 1:27:41नहीं है। इसीलिए [संगीत] मैं एक्स्ट्रा
  1881. 1:27:43वर्क लोड अपने ऊपर नहीं डालता। इसीलिए
  1882. 1:27:45मैंने कहा कि तुम्हें अपने काम के लिए
  1883. 1:27:48किसी और को हायर करना चाहिए।
  1884. 1:27:51शौर्य ने धैर्य के साथ अपना जवाब दिया। यह
  1885. 1:27:54बात मेघना के ईगो को हर्ट करने के लिए
  1886. 1:27:56काफी थी। एक ही पल में जो मेघना के चेहरे
  1887. 1:28:00पर खुशी का भाव था वो गायब हो गया। अभी
  1888. 1:28:03मेघना इस सदमे से उभर भी नहीं पाई थी कि
  1889. 1:28:06तभी शौर्य का फोन रिंग करने लगा। शौर्य ने
  1890. 1:28:10बिना फोन की ओर निगाह डाले फोन उठा लिया।
  1891. 1:28:13किस्मत को शौर्य और शिप्रा के साथ खेल
  1892. 1:28:16खेलने में शायद कुछ ज्यादा ही मजा आ रहा
  1893. 1:28:18है। इसीलिए हर रोज वो दोनों को किसी ना
  1894. 1:28:20किसी ऐसे नए कनेक्शन से जोड़ रही है
  1895. 1:28:22[संगीत] जो शिप्रा और शौर्य की डेली लाइफ
  1896. 1:28:25में ऐसी एंट्री कर रहा है जैसे किसी अच्छी
  1897. 1:28:27खासी चलती लव स्टोरी में विलिन करता है।
  1898. 1:28:30शौर्य को सिर्फ दिखावटी हस्बैंड बनाए रखने
  1899. 1:28:33की [संगीत] शिप्रा की सोच जहां शौर्य से
  1900. 1:28:36उसकी दूरियां बढ़ा रही थी। वहीं शौर्य की
  1901. 1:28:38नई जिंदगी में हर दिन शामिल हो रही एक से
  1902. 1:28:40बढ़कर एक खूबसूरत लड़कियों से शौर्य की
  1903. 1:28:43नजदीकियां बढ़ती जा रही थी। [संगीत]
  1904. 1:28:46राहुल की शूटिंग लोकेशन से भेजी गई शौर्य
  1905. 1:28:49और नताशा की रोमांटिक फोटो देखकर शिप्रा
  1906. 1:28:52के दिल में उथल-पुथल और दिमाग में बेचैनी
  1907. 1:28:54बढ़ गई थी। उसकी जलन उसके बदन को अंदर ही
  1908. 1:28:57अंदर जला [संगीत] रही थी। उसकी आंखों के
  1909. 1:29:00आगे लगातार नताशा की बाहों में शौर्य की
  1910. 1:29:03भीगे कपड़ों वाली तस्वीर ही घूम रही थी।
  1911. 1:29:06अंदर की आग को सहन करना जब बेकाबू हो गया
  1912. 1:29:09तो उसने अपना मोबाइल उठाया और सीधा शौर्य
  1913. 1:29:11को फोन लगा डाला।
  1914. 1:29:14नताशा और मेघना के साथ बैठे शौर्य के फोन
  1915. 1:29:16की घंटी जैसे ही बजी शौर्य ने फोन उठा
  1916. 1:29:19लिया। तभी दूसरी तरफ से शिप्रा की आवाज
  1917. 1:29:22आई। [संगीत]
  1918. 1:29:24हेलो कहां हो तुम?
  1919. 1:29:26क्या हुआ? शौर्य शिप्रा की आवाज सुनकर
  1920. 1:29:30बोला [संगीत]
  1921. 1:29:30अरे 10:00 बज गए। तुम अभी तक आए नहीं और
  1922. 1:29:33पूछ रहे हो कि क्या हुआ?
  1923. 1:29:36शिप्रा नाराजगी भरे स्वर में बोली अरे तो
  1924. 1:29:39मैंने कब कहा कि मैं 10:00 बजे तक आ
  1925. 1:29:40जाऊंगा। मुझे भी एक घंटा और लगेगा।
  1926. 1:29:44बोलते हुए शौर्य अपनी जगह से उठकर एक साइड
  1927. 1:29:46में चला गया।
  1928. 1:29:48पर इतनी रात तक तुम बाहर क्या कर रहे हो?
  1929. 1:29:51शिप्रा खुद को सवाल करने से रोक नहीं पा
  1930. 1:29:54रही थी।
  1931. 1:29:56उसकी बोलने की टोन बिल्कुल वैसी थी जैसी
  1932. 1:29:58पति को बेहद प्यार करने वाली एक फिक्रम
  1933. 1:30:01पत्नी की होती है। शिप्रा का सवाल सुनकर
  1934. 1:30:04शौर्य को भी अच्छा लगा कि वो उसका इंतजार
  1935. 1:30:06कर रही है। पर वो बोला ये क्या बात हुई कि
  1936. 1:30:10मैं बाहर क्या कर रहा हूं? मैं किसी काम
  1937. 1:30:13से कहीं आया हुआ हूं और अभी यहां मुझे कुछ
  1938. 1:30:15टाइम लगेगा।
  1939. 1:30:18शौर्य का जवाब सुनकर शिप्रा को समझ नहीं
  1940. 1:30:20आया कि अब वो क्या बोले। जब उसे कुछ समझ
  1941. 1:30:24नहीं आया तो वह फोन रखने से पहले बोली
  1942. 1:30:27मैं संतो को बोल देती हूं कि तुम्हारा
  1943. 1:30:29खाना निकाल कर डाइनिंग टेबल पर ढक कर रख
  1944. 1:30:32देगी तुम आओगे तो खा लेना
  1945. 1:30:35एक तरफ शौर्य को शिप्रा का उसके लिए यह
  1946. 1:30:37कंसर्न दिखाना अच्छा भी लग रहा था पर
  1947. 1:30:39[संगीत] वो शिप्रा को मना करते हुए बोला
  1948. 1:30:42इसकी कोई जरूरत नहीं है मैं खाना खाकर
  1949. 1:30:45आऊंगा
  1950. 1:30:47अब दोनों के पास आगे कुछ पूछने को रह नहीं
  1951. 1:30:50गया था शौर्य ने फोन रख रख दिया और अपनी
  1952. 1:30:53टेबल पर सामने की प्लेट से खाना शुरू कर
  1953. 1:30:55दिया। मेघना अभी भी चाहती थी शौर्य उसका
  1954. 1:30:59काम कर दे। इसीलिए वो खामोशी को तोड़ते
  1955. 1:31:02हुए बोली श्रवण आखिर तुम्हें परेशानी क्या
  1956. 1:31:05है? जब मैं तुम्हें पे करने के लिए तैयार
  1957. 1:31:08हूं तो तुम मेरा काम करने से मना क्यों कर
  1958. 1:31:10रहे हो?
  1959. 1:31:12मेरी अपनी कुछ प्रायोरिटी पहले से ही
  1960. 1:31:13फिक्स है। इसीलिए मेरे पास समय कम है।
  1961. 1:31:18शौर्य बात को फिर से टालते हुए बोला।
  1962. 1:31:21मेघना को शौर्य पर गुस्सा तो बहुत आ रहा
  1963. 1:31:23था पर वो नताशा के कारण कुछ बोल नहीं पा
  1964. 1:31:26रही थी।
  1965. 1:31:28सब ने अपना खाना समाप्त किया तो मेघना ने
  1966. 1:31:31राम सिंह को बिल लाने को कहा। राम सिंह
  1967. 1:31:33जल्दी ही बिल ले आया। मेघना ने बिल देखा
  1968. 1:31:36तो उसने हैरान स्वर में राम सिंह से पूछा।
  1969. 1:31:41इसमें शुरू में स्टार्टर और रेड वैन आई थी
  1970. 1:31:43वो मेंशन नहीं है।
  1971. 1:31:46राम सिंह शौर्य की तरफ देखते हुए बोला
  1972. 1:31:50उसका बिल तो पहले ही पेड हो चुका है।
  1973. 1:31:53किसने पे किया? मेघना नताशा की ओर देखते
  1974. 1:31:56हुए बोली। उसे लगा जरूर नताशा ने ही उसका
  1975. 1:32:00पेमेंट किया होगा क्योंकि रेड वाइन बहुत
  1976. 1:32:02कॉस्टली थी।
  1977. 1:32:04राम सिंह शौर्य की तरफ देखने लगा। जैसे वो
  1978. 1:32:07जानना चाहता हो कि वो क्या जवाब दे। जब
  1979. 1:32:10नताशा ने मेघना को अपनी तरफ देखते पाया तो
  1980. 1:32:13वो मुस्कुराती हुई बोली। मैंने नहीं पे
  1981. 1:32:16किया है। शायद श्रवण ने ही पेमेंट किया
  1982. 1:32:19होगा।
  1983. 1:32:21कंफर्मेशन के लिए मेघना ने राम सिंह की
  1984. 1:32:23तरफ देखा। राम सिंह ने भी शौर्य का इशारा
  1985. 1:32:26समझकर नताशा की बात पर सहमति जताई और
  1986. 1:32:29बोला, "जी सर ने शुरुआत में ही पेमेंट कर
  1987. 1:32:32दिया था।"
  1988. 1:32:34राम सिंह का जवाब मेघना के लिए एक झटके के
  1989. 1:32:37जैसा था। क्योंकि उसे पता था कि जितने का
  1990. 1:32:40उसका पूरा डिनर नहीं होगा उससे ज्यादा
  1991. 1:32:42प्राइस तो अकेले उस रेड वाइन की बोतल की
  1992. 1:32:45होगी। उसने सोचा क्या श्रवण की माली हालत
  1993. 1:32:49इतनी अच्छी है कि वो राजकमल होटल की रेड
  1994. 1:32:51वाइन की कीमत को अफोर्ड कर सके। क्या उसने
  1995. 1:32:55श्रवण की हैसियत को कमतर आंकने में
  1996. 1:32:57जल्दीबाजी तो नहीं दिखा दी। अभी मेघना
  1997. 1:33:01अपनी सोच में ही गुम थी कि शौर्य अपनी जगह
  1998. 1:33:03से उठता हुआ बोला। अब मैं यहां से जाने की
  1999. 1:33:06इजाजत चाहूंगा। इतना बोलकर वो नताशा से
  2000. 1:33:10मुखातिब होकर बोला, नताशा राम सिंह
  2001. 1:33:14तुम्हें तुम्हारे कमरे में पहुंचा देगा।
  2002. 1:33:16[संगीत] तुम्हें किसी भी चीज की जरूरत
  2003. 1:33:18होगी तो राम सिंह से बोल देना। वो तुम्हें
  2004. 1:33:20मुहैया करा देगा। बाकी सुबह मैं 9:00 बजे
  2005. 1:33:23तक तुम्हारे पास आ जाऊंगा। फिर साथ में
  2006. 1:33:26कृष्णापुरम चलेंगे।
  2007. 1:33:28मेघना ने जब शौर्य की बात सुनी तो उसने
  2008. 1:33:31सोचा कि क्या नताशा आज रात इस होटल में ही
  2009. 1:33:33रुकेगी और श्रवण की बात से लग रहा था कि
  2010. 1:33:36जरूर नताशा के इस होटल में रहने की
  2011. 1:33:38व्यवस्था श्रवण ने ही की है। उसे लगा जरूर
  2012. 1:33:42उसने नताशा के लिए होटल का कोई सस्ता सा
  2013. 1:33:44कमरा बुक किया होगा। यह सोचकर उसने नताशा
  2014. 1:33:47से कहा।
  2015. 1:33:49मुझे नहीं पता था कि तुम यहां इस होटल में
  2016. 1:33:52ही स्टे करने वाली हो। अगर ऐसा है तो
  2017. 1:33:55क्यों ना तुम मेरे साथ चलो। मैंने इस होटल
  2018. 1:33:57का लग्जरी स्वीट ले रखा है। वहां किसी तरह
  2019. 1:34:01की कोई तकलीफ भी नहीं होगी।
  2020. 1:34:04नताशा मेघना के मन के भाव को समझ रही थी।
  2021. 1:34:07वो समझ रही थी कि मेघना श्रवण को
  2022. 1:34:10अंडरएस्टीमेट कर रही है। वैसे नताशा के
  2023. 1:34:13लिए भी यह हैरानी की ही बात थी कि श्रवण
  2024. 1:34:15ने उसके लिए प्रेसिडेंसी रूम बुक किया है।
  2025. 1:34:18अगर यह बात मेघना को पता चलेगी तो उसका
  2026. 1:34:21क्या रिएक्शन होगा? उसने मेघना को सिंपल
  2027. 1:34:24सा जवाब दिया। एक्चुअली श्रवण ने पहले ही
  2028. 1:34:28मेरे लिए कमरा बुक कर दिया है। अरे तो
  2029. 1:34:31क्या हुआ? तुम उस कमरे को छोड़ दो। मेरे
  2030. 1:34:34साथ चलो। मैंने कहा ना कि मैंने इस होटल
  2031. 1:34:36का लग्जरी स्वीट ले रखा है। मेघना गर्व से
  2032. 1:34:40बोली तो नताशा ने हंसते हुए जवाब दिया। पर
  2033. 1:34:43श्रवण ने मेरे लिए इस होटल का प्रेसिडेंसी
  2034. 1:34:46रूम बुक कर रखा है। क्या? मेघना का मुंह
  2035. 1:34:50खुला का खुला रह गया। तभी शौर्य ने भी
  2036. 1:34:53मुस्कुराते हुए मेघना से कहा,
  2037. 1:34:56हां मिस मेघना, मैं तो तुमको भी कहता हूं
  2038. 1:34:59कि तुम अपने कमरे [संगीत] को छोड़ो और तुम
  2039. 1:35:01नताशा के साथ जाकर उस प्रेसिडेंसी रूम का
  2040. 1:35:04लुत्फ उठाओ। वैसे भी उस कमरे में रहने का
  2041. 1:35:06आनंद [संगीत] सब नहीं ले पाते हैं।
  2042. 1:35:10कहां तो मेघना शौर्य को छोटा साबित करने
  2043. 1:35:12की कोशिश कर रही थी। पर शौर्य का जवाब
  2044. 1:35:15सुनकर उसे समझ नहीं आया कि श्रवण ने इस
  2045. 1:35:17होटल के प्रेसिडेंसी रूम को नताशा के लिए
  2046. 1:35:20कैसे बुक कर दिया।
  2047. 1:35:22होटल राजकमल तो किसी को प्रेसिडेंसी रूम
  2048. 1:35:24देता ही नहीं है। तो वो नताशा के लिए कैसे
  2049. 1:35:27दे दिया? उसे अभी भी शौर्य की बात पर
  2050. 1:35:30विश्वास नहीं हो रहा था। वो शौर्य से इसके
  2051. 1:35:33बारे में आर्ग्यू करना चाहती थी कि उससे
  2052. 1:35:36पहले शौर्य राम सिंह से बोला राम सिंह तुम
  2053. 1:35:40मिस मेघना का लगेज भी प्रेसिडेंसी रूम में
  2054. 1:35:42शिफ्ट कर देना। आज ये भी हमारी गेस्ट हैं
  2055. 1:35:45और इन्होंने जो स्वीट ले रखा है उसे विकेट
  2056. 1:35:48दिखा देना।
  2057. 1:35:49मैं नहीं चाहता कि इनको उस रूम का किराया
  2058. 1:35:52पे करना पड़े। इसके बारे में मैं मिस
  2059. 1:35:54मेनका से बात कर लूंगा।
  2060. 1:35:58अब तो मेघना की बोलती ही बंद हो गई। उसे
  2061. 1:36:00विश्वास ही नहीं हो रहा था कि यह बंदा
  2062. 1:36:02इतना कुछ कर सकता है। उसे लगने लगा शायद
  2063. 1:36:06उसने श्रवण को अंडरएस्टिमेट कर लिया था।
  2064. 1:36:08इसीलिए उसने सोचा अभी उसे श्रवण से और कुछ
  2065. 1:36:11ऐसा वैसा नहीं बोलना चाहिए जिससे उन दोनों
  2066. 1:36:14के बीच गलतफहमी और बढ़ जाए। मेघना ने सोच
  2067. 1:36:17लिया कि जब श्रवण ने उसे प्रेसिडेंसी रूम
  2068. 1:36:20में रहने का ऑफर किया है तो वह उसे मना
  2069. 1:36:22नहीं करेगी। अभी वो यह सब सोच ही रही थी
  2070. 1:36:25कि तभी कैबिन का दरवाजा खुला और मेनका ने
  2071. 1:36:28वहां प्रवेश किया। शौर्य ने अचानक मेनका
  2072. 1:36:31को यहां आया देखकर कहा अरे तुम और यहां
  2073. 1:36:35बड़ी लंबी उम्र है तुम्हारी। अभी मैंने
  2074. 1:36:37तुम्हारा ही नाम लिया था और तुम यहां
  2075. 1:36:39हाजिर हो गई। इस पर मेनका शिकायती लहजे
  2076. 1:36:42में शौर्य से बोली। तुम यहां आ गए थे तो
  2077. 1:36:46बता नहीं सकते थे कि तुम होटल में ही हो
  2078. 1:36:48और साथ में नताशा कपूर को हमारे होटल में
  2079. 1:36:51लाए हो और हमसे मिलाना भी जरूरी नहीं
  2080. 1:36:53समझा। मेघना को समझ नहीं आ रहा था कि यह
  2081. 1:36:56सब क्या हो रहा है। वो मेनका की हैसियत से
  2082. 1:36:59अच्छे से वाकिफ थी और वो जितनी बेतलुफी से
  2083. 1:37:03श्रवण से बात कर रही थी इस बात से वो और
  2084. 1:37:05भी हैरान हो रही थी। मेनका की बातों से ही
  2085. 1:37:08लग रहा था कि वह श्रवण से कितनी क्लोज है।
  2086. 1:37:12अब उसे थोड़ी देर पहले शौर्य से कही गई
  2087. 1:37:14अपनी बातों के लिए अफसोस हो रहा था। दूसरी
  2088. 1:37:18तरफ शौर्य ने मेनका की बातों का जवाब देते
  2089. 1:37:21हुए कहा। अरे यहां से फ्री होकर मैं
  2090. 1:37:23तुम्हारे पास आने ही वाला था और फिर भी
  2091. 1:37:25नताशा तो आज रात को होटल में ही ठहर रही
  2092. 1:37:28है। तो तुमसे तो इनका मिलना होता ही।
  2093. 1:37:31शौर्य की बात सुनकर मेनका तंज भरे स्वर
  2094. 1:37:33में बोली।
  2095. 1:37:35हां, अब जब मैं यहां पर आ गई हूं तो तुम
  2096. 1:37:38तो ऐसा बोलोगे ही।
  2097. 1:37:40तुम भी क्या बच्चों की तरह शिकायत करने
  2098. 1:37:42लगी हो? अब तुम जरा मेरे इन मेहमानों को
  2099. 1:37:44इनके कमरे में पहुंचवा दो। मैं अभी घर को
  2100. 1:37:46निकलता [संगीत] हूं। इतना बोलकर शौर्य
  2101. 1:37:49केबिन से बाहर जाने को बढ़ा। तो मेनका उसे
  2102. 1:37:52रोकते हुए बोली। मैं इन लोगों की व्यवस्था
  2103. 1:37:54तो देख लूंगी पर जाने से पहले तुम मेरे
  2104. 1:37:57ऑफिस से होते हुए जाना। वहां पर एक
  2105. 1:37:59इनविटेशन कार्ड तुम्हारा इंतजार कर रहा
  2106. 1:38:01है। उसको अपने साथ लेते हुए जाना।
  2107. 1:38:04ठीक है। इतना कहकर शौर्य वहां से निकल
  2108. 1:38:07गया। [संगीत] मेनका के कहने पर वो उसके
  2109. 1:38:10केबिन में गया। वहां से इनविटेशन कार्ड
  2110. 1:38:12लिया और यह जानने की उत्सुकता में कि वो
  2111. 1:38:15उसे किसने भेजा है। उसने कार्ड खोल कर
  2112. 1:38:17देखा। अंदर जो कार्ड था उस पर प्रेषक के
  2113. 1:38:21रूप में देवव्रत मल्होत्रा और रुचि का नाम
  2114. 1:38:23लिखा था। दो दिन बाद रुचि का बर्थडे था।
  2115. 1:38:27उसी का इनविटेशन उसे मिला था। शौर्य ने वह
  2116. 1:38:30कार्ड कार के डैशबोर्ड पर रख दिया।
  2117. 1:38:33शौर्य अपनी कार में लगभग 11:00 बजे राय
  2118. 1:38:35हाउस पहुंचा।
  2119. 1:38:37समय [संगीत] देखकर उसे लगा कि इतनी रात को
  2120. 1:38:40किसी को जगाना ठीक नहीं है। लेकिन उसे याद
  2121. 1:38:43था कि संतो का कमरा किचन के बगल में ही
  2122. 1:38:45है। इसीलिए बेल बजाने पर वही दरवाजा
  2123. 1:38:48खोलेगी। उसने कॉल बेल बजाई लेकिन दरवाजा
  2124. 1:38:51शिप्रा ने खोला। अब तक घर के बाकी सदस्य
  2125. 1:38:55सो चुके थे। शौर्य को यह देखकर अच्छा नहीं
  2126. 1:38:58लगा कि शिप्रा उसके इंतजार में अब तक जाग
  2127. 1:39:00रही है। वो थोड़ी शर्मिंदगी के साथ बोला
  2128. 1:39:04अरे ये क्या? तुम अभी तक जाग रही हो। क्षम
  2129. 1:39:09तो नहीं है क्या?
  2130. 1:39:11शिप्रा ने तुरंत ही सपाट स्वर में जवाब
  2131. 1:39:13दिया। वो कहां जाएगी? [संगीत] पर नींद तो
  2132. 1:39:16उसे भी आती है। सो गई होगी।
  2133. 1:39:20तभी शौर्य सफाई देते हुए बोला। सॉरी मुझे
  2134. 1:39:24तुम्हें जगाने का कोई इरादा नहीं था। कुछ
  2135. 1:39:26जरूरी काम निकल आया था इसलिए लेट हो गया।
  2136. 1:39:30ऐसा कुछ नहीं है। मैं अभी तक सोई [संगीत]
  2137. 1:39:33नहीं थी और तुम्हें बुरा महसूस करने की
  2138. 1:39:35कोई जरूरत नहीं है। शिप्रा ने इतरा कर
  2139. 1:39:38कहा। ठीक है। मैं अब अपने कमरे में जाता
  2140. 1:39:41हूं। शौर्य ने बस इतना कहा और अपने कमरे
  2141. 1:39:45की तरफ बढ़ गया। शिप्रा उसे जाते हुए
  2142. 1:39:47देखती रही। लेकिन उसके मन का तूफान शांत
  2143. 1:39:50होने का नाम ही नहीं ले रहा था। वो जानना
  2144. 1:39:53चाहती थी कि शौर्य और नताशा के बीच क्या
  2145. 1:39:55रिश्ता है। राहुल से तो उसे कुछ भी पता
  2146. 1:39:58नहीं चला था और अब शौर्य भी सीधे अपने
  2147. 1:40:01कमरे में चला गया था। शिप्रा अपने कमरे
  2148. 1:40:03में गई और सोने की कोशिश करने लगी लेकिन
  2149. 1:40:06वो कामयाब नहीं हो पाई। उसे लगा कि अगर
  2150. 1:40:10ऐसे ही रहा तो वह पूरी रात नहीं सो पाएगी।
  2151. 1:40:12[संगीत]
  2152. 1:40:14बेचैनी उसको खींच कर कब शौर्य के दरवाजे
  2153. 1:40:16तक ले आई। उसको खुद ही पता नहीं चला।
  2154. 1:40:19दरवाजे पर कुछ आहट सी महसूस होने पर शौर्य
  2155. 1:40:22ने दरवाजा खोला। अचानक सामने शिप्रा को
  2156. 1:40:25देखकर वो हैरान हुआ और बोला क्या हुआ? तुम
  2157. 1:40:30यहां सब ठीक [संगीत] तो है? शौर्य अब तक
  2158. 1:40:34कपड़े बदलकर नाइट ड्रेस में आ चुका था।
  2159. 1:40:36उसका सवाल सुनकर शिप्रा को थोड़ा अजीब
  2160. 1:40:39लगा। उसने आंखें सिकोड़ते हुए पूछा।
  2161. 1:40:42गहराती अंधेरी रात भी शायद शिप्रा और
  2162. 1:40:44शौर्य को साथ देखना चाहती थी। उसने माहौल
  2163. 1:40:48को इतना खुशनुमा बना दिया था कि आज ही
  2164. 1:40:50शिप्रा की ज़िद का इम्तिहान और शौर्य के
  2165. 1:40:53सब्र की अग्नि परीक्षा का दौर एकदम से
  2166. 1:40:56फटकर खत्म हो जाए। देर रात शौर्य ने अपना
  2167. 1:40:59कमरे का दरवाजा खोल तो दिया था लेकिन
  2168. 1:41:02सामने खड़ी शिप्रा की खूबसूरती और थकी थकी
  2169. 1:41:04सी आंखें देखकर [संगीत] उसने अपने होश खो
  2170. 1:41:07दिए थे। शौर्य कुछ पल के लिए दुनिया ही
  2171. 1:41:10भूल गया था और शिप्रा को एक टक देखता रह
  2172. 1:41:13गया। [संगीत]
  2173. 1:41:14शिप्रा ने जब शौर्य की आंखों में अपने लिए
  2174. 1:41:16वो चमक देखी तो उसे अंदर ही अंदर एक अजीब
  2175. 1:41:19[संगीत] सी खुशी हुई। पर उसने तुरंत अपने
  2176. 1:41:22चेहरे पर सख्ती ओढ़ ली और खुद को संभालते
  2177. 1:41:25हुए बोली क्या हुआ? कहां खो गए? शौर्य
  2178. 1:41:30सकपका [संगीत] सा गया। लेकिन फिर तुरंत ही
  2179. 1:41:32बोला कहीं नहीं। तुम बताओ यहां कैसे आना
  2180. 1:41:36हुआ?
  2181. 1:41:38क्या मुझे अंदर नहीं आने दोगे? यहीं
  2182. 1:41:40खड़े-खड़े [संगीत] बात करनी है। शिप्रा ने
  2183. 1:41:43पूछा तो शौर्य को अपनी गलती का एहसास हुआ।
  2184. 1:41:46वो एक तरफ हट गया और बोला सॉरी अंदर आओ।
  2185. 1:41:51शिप्रा कमरे में आई कुर्सी पर बैठ गई और
  2186. 1:41:54बोली तुम भी बैठो।
  2187. 1:41:57शौर्य बेड पर बैठ गया। लेकिन उसके चेहरे
  2188. 1:42:00पर उलझन साफ थी। तभी शौर्य ने पूछा
  2189. 1:42:04क्या तुम्हें कुछ पूछना [संगीत] है? ऐसा
  2190. 1:42:07कुछ खास नहीं बस जानना चाहती हूं कि
  2191. 1:42:09तुम्हारी नताशा कपूर के साथ मीटिंग कैसी
  2192. 1:42:12रही।
  2193. 1:42:14शिप्रा ने सीधे उसकी आंखों में देखते हुए
  2194. 1:42:16कहा। शिप्रा का सवाल सुनकर शौर्य को लगा
  2195. 1:42:19कि जरूर राहुल ने शिप्रा को कृष्णापुरम
  2196. 1:42:22में घटित एक-एक घटना को [संगीत] विस्तार
  2197. 1:42:24से बता दिया होगा। शौर्य के लिए चेहरे को
  2198. 1:42:27सहज बनाए रखना मुश्किल हो रहा था। तभी
  2199. 1:42:30शिप्रा शौर्य के चेहरे के बदलते भावों को
  2200. 1:42:33देखकर बोली यह तुम बार-बार कहां खो जाते
  2201. 1:42:36हो? कहीं भी तो नहीं। शौर्य अपनी सोच से
  2202. 1:42:40बाहर आते हुए बोला तो शिप्रा दोबारा से
  2203. 1:42:43अपने प्रश्न दोहराते हुए बोली। तुमने
  2204. 1:42:46बताया नहीं [संगीत] कि तुम्हारी मीटिंग
  2205. 1:42:48कैसी रही? सब बढ़िया से हो गया। हो सकता
  2206. 1:42:51है नेक्स्ट वीक में शूटिंग भी शुरू हो
  2207. 1:42:53जाए। [संगीत]
  2208. 1:42:55शौर्य ने सीधा सा जवाब दिया पर शिप्रा चाह
  2209. 1:42:57रही थी कि शौर्य उसे विस्तार से बताए कि
  2210. 1:43:00उसकी मीटिंग में क्या-क्या हुआ। [संगीत]
  2211. 1:43:02इसीलिए शिप्रा से रहा नहीं गया और उसने
  2212. 1:43:05फिर कहा
  2213. 1:43:07क्या तुम नताशा कपूर को पहले से जानते हो?
  2214. 1:43:10इस पर शौर्य ने तुरंत जवाब दिया।
  2215. 1:43:13ऐसा तुम्हें क्यों लगा? आज मैं पहली बार
  2216. 1:43:16उससे मिला हूं। [संगीत]
  2217. 1:43:18शौर्य का यह जवाब सुनकर शिप्रा को लगा
  2218. 1:43:20जरूर शौर्य उससे झूठ बोल रहा है। ऐसा कैसे
  2219. 1:43:24हो सकता है कि [संगीत] पहली ही मुलाकात
  2220. 1:43:26में वो दोनों इतना करीब आ जाए जैसा फोटो
  2221. 1:43:28शिप्रा ने दोनों का साथ में देखा था।
  2222. 1:43:32उसे शौर्य के जवाब से शांति नहीं मिल रही
  2223. 1:43:34थी। इसीलिए उसने शौर्य से कहा तुम मुझसे
  2224. 1:43:37[संगीत] झूठ क्यों बोल रहे हो? शिप्रा का
  2225. 1:43:41सवाल सुनकर शौर्य हैरान होकर बोला।
  2226. 1:43:43[संगीत] मैं भला तुमसे झूठ क्यों बोलूंगा?
  2227. 1:43:47तभी शिप्रा ने शौर्य को उसका नताशा के साथ
  2228. 1:43:49वाला फोटो दिखाया और पूछा क्या कोई पहली
  2229. 1:43:52ही मुलाकात में इतना करीब आ सकता है?
  2230. 1:43:56शौर्य ने फोटो देखा तो वो हैरान रह गया।
  2231. 1:44:00[संगीत] उसने तो यह फोटो राहुल के फोन से
  2232. 1:44:02डिलीट कर दिया था। फिर यह फोटो शिप्रा के
  2233. 1:44:04पास कैसे आ गया? इसका मतलब राहुल ने उसके
  2234. 1:44:08फोटो डिलीट करने से पहले ही शिप्रा को यह
  2235. 1:44:10फोटो भेज दिया होगा।
  2236. 1:44:12शौर्य ने थोड़ा गंभीर होकर शिप्रा से
  2237. 1:44:14पूछा।
  2238. 1:44:16यह फोटो तुम्हारे पास कहां से आया? यह
  2239. 1:44:19मेरे सवाल का जवाब नहीं हुआ। शिप्रा सपाट
  2240. 1:44:22स्वर में बोली।
  2241. 1:44:25शौर्य को शिप्रा का रिएक्शन देखकर मजा आने
  2242. 1:44:27लगा। उसके दिमाग में [संगीत] आया क्या
  2243. 1:44:29शिप्रा नताशा को उसके करीब देखकर जेलस फील
  2244. 1:44:32कर रही है? उसने सोचा वो भी शिप्रा को
  2245. 1:44:35हकीकत बताकर इस रोमांच को कम नहीं करेगा।
  2246. 1:44:38इसीलिए उसने कहा [संगीत] यह बात तुम उसी
  2247. 1:44:42से क्यों नहीं पूछ लेती जिसने तुम्हें यह
  2248. 1:44:44फोटो भेजा है।
  2249. 1:44:46[संगीत]
  2250. 1:44:46शौर्य का जवाब सुनकर शिप्रा के चेहरे पर
  2251. 1:44:49थोड़ी निराशा सी आ गई। उसने भावहीन चेहरे
  2252. 1:44:52के साथ फिर पूछा, अब मैं तुम्हारे इस जवाब
  2253. 1:44:54का क्या मतलब निकालूं?
  2254. 1:44:57इस पर शौर्य ने एक पल के लिए उसकी तरफ
  2255. 1:44:59देखा और बोला,
  2256. 1:45:01वैसे भी इससे क्या फर्क पड़ता है कि मैं
  2257. 1:45:03नताशा को पहले से जानता हूं या नहीं या इस
  2258. 1:45:06फोटो का क्या मतलब है? और तुम जानना ही
  2259. 1:45:10क्यों चाहती हो मेरे और नताशा के बारे
  2260. 1:45:12में? कहीं तुम्हें जलन तो नहीं हो रही
  2261. 1:45:15हमें इतना करीब देखकर।
  2262. 1:45:18शौर्य का जवाब सुनकर शिप्रा के कान खड़े
  2263. 1:45:21हो गए। उसे लगा जैसे उसकी चोरी [संगीत]
  2264. 1:45:23पकड़ी गई हो। उसने तुरंत अपनी भावनाओं को
  2265. 1:45:26कंट्रोल में किया और बोली मुझे क्यों जलन
  2266. 1:45:29होगी तुम दोनों को करीब देखकर? मैंने तो
  2267. 1:45:32खुद तुमसे कहा था कि तुम किसी के करीब
  2268. 1:45:34जाओगे तो मुझे कोई आपत्ति नहीं होगी। मैं
  2269. 1:45:37तो यह इसलिए पूछ रही हूं कि तुमने कहा था
  2270. 1:45:39तुम आज पहली बार नताशा से मिले थे तो क्या
  2271. 1:45:42कोई पहली बार मिलने के बाद इतना करीब आ
  2272. 1:45:44सकता है?
  2273. 1:45:46शौर्य शिप्रा की चालाकी पर हैरान रह गया।
  2274. 1:45:50कितनी जल्दी उसने बात घुमा [संगीत] दी
  2275. 1:45:52लेकिन अगले ही पल उसके दिमाग में आया।
  2276. 1:45:55कहीं वो ही ज्यादा तो नहीं सोच रहा। शायद
  2277. 1:45:58सच में शिप्रा सिर्फ यही जानना चाहती हो।
  2278. 1:46:01शिप्रा लगातार शौर्य के चेहरे के बदलते
  2279. 1:46:04भाव देख रही [संगीत] थी। उसने सोचा अगर वह
  2280. 1:46:07और सवाल करेगी तो शौर्य को लगेगा कि वह
  2281. 1:46:09जलन के कारण पूछ रही है। इसीलिए उसने बात
  2282. 1:46:13बदलते हुए कहा मेरा यह पूछने का एक कारण
  2283. 1:46:16यह भी था कि अगर तुम किसी के करीब आते भी
  2284. 1:46:19हो तो यह बात पब्लिक नहीं होनी [संगीत]
  2285. 1:46:21चाहिए। अगर घर वालों को तुम्हारे किसी
  2286. 1:46:23रिलेशन के बारे में पता चला तो उन्हें
  2287. 1:46:26हमारे रिश्ते पर शक करने का कारण मिल
  2288. 1:46:28जाएगा।
  2289. 1:46:30शौर्य को शिप्रा की ये बात वाजिब लगी। वो
  2290. 1:46:33बोला तुम चिंता मत करो मैं आगे से इस बात
  2291. 1:46:35का ध्यान रखूंगा।
  2292. 1:46:37अच्छा क्या तुम यह बताओगे कि तुमने अपने
  2293. 1:46:40काम के लिए नताशा कपूर के साथ कितने में
  2294. 1:46:43एग्रीमेंट किया?
  2295. 1:46:45शिप्रा ने जिज्ञासा से पूछा। [संगीत]
  2296. 1:46:48शौर्य कुछ पल शिप्रा को देखता रहा और
  2297. 1:46:50सोचने लगा कि क्या वो उसे सच बताए? अगर वो
  2298. 1:46:53सच बताएगा भी तो क्या शिप्रा उस पर
  2299. 1:46:55विश्वास कर पाएगी? तभी शिप्रा अपनी आंखें
  2300. 1:46:58फैलाती हुई बोली।
  2301. 1:47:01अब क्या इस सवाल का जवाब देना भी मुश्किल
  2302. 1:47:03है?
  2303. 1:47:04[संगीत] तभी शौर्य जवाब में बोला, वो मेरे
  2304. 1:47:08लिए यह काम फ्री में कर रही है।
  2305. 1:47:11उसने मुझसे एक पैसा चार्ज नहीं किया है।
  2306. 1:47:15शिप्रा को शक हुआ तो वह हैरानी में बोली,
  2307. 1:47:17क्या कहा तुमने? वो तुम्हारे [संगीत] काम
  2308. 1:47:20के लिए कोई पैसा चार्ज नहीं कर रही। यह
  2309. 1:47:23भला कैसे हो सकता है? वो फ्री में
  2310. 1:47:25तुम्हारा काम भला क्यों करने को तैयार हो
  2311. 1:47:27गई?
  2312. 1:47:28शौर्य ने बड़ी स्पष्टता से जवाब दिया, यही
  2313. 1:47:32सच है। मुझे उसे मेरे काम के लिए कोई पैसा
  2314. 1:47:35देना ही नहीं है।
  2315. 1:47:38अब तो शिप्रा को यकीन हो गया था कि जरूर
  2316. 1:47:40इन दोनों के बीच कुछ चल रहा है। पर वो अब
  2317. 1:47:43शौर्य से ज्यादा कुछ [संगीत] पूछ नहीं
  2318. 1:47:45सकती थी। इसीलिए उसने बात खत्म की और
  2319. 1:47:48थोड़े नाराज अंदाज में कहा। चलो ठीक है।
  2320. 1:47:52शायद तुम थके हुए हो। रात भी ज्यादा हो गई
  2321. 1:47:54है। मैं चलती हूं।
  2322. 1:47:57शौर्य चाहता तो नहीं था कि शिप्रा वहां से
  2323. 1:48:00जाए लेकिन उसके पास रोकने का भी कोई कारण
  2324. 1:48:03नहीं था। इसलिए शिप्रा के जाते ही वो बेड
  2325. 1:48:06पर सो गया।
  2326. 1:48:08शौर्य सुबह उठकर जल्दी तैयार हो गया।
  2327. 1:48:10कृष्णापुरम के लिए निकलने से पहले उसने
  2328. 1:48:13[संगीत] अपना फोन निकाला और नताशा को कॉल
  2329. 1:48:15लगाया। नताशा के फोन उठाने के बाद उसने
  2330. 1:48:18कहा तुम तैयार रहना। मैं 20-25 मिनट में
  2331. 1:48:21तुम्हारे पास पहुंचता हूं। फिर साथ में
  2332. 1:48:23कृष्णापुरम चलते हैं। [संगीत] नताशा ने
  2333. 1:48:26उसकी बात सुनकर कहा,
  2334. 1:48:28नहीं इसकी कोई जरूरत नहीं है। ऐसा करो तुम
  2335. 1:48:31सीधे लोकेशन पर पहुंचो। मैं मेघना के साथ
  2336. 1:48:33वहां पर आती हूं। आज मेघना भी शूटिंग
  2337. 1:48:36देखना चाह रही है।
  2338. 1:48:38नताशा की बात सुनकर शौर्य ने सोचा चलो यह
  2339. 1:48:41अच्छा है। अब वो आराम से कृष्णापुरम
  2340. 1:48:43[संगीत] जा सकता है। अब जब उसके पास थोड़ा
  2341. 1:48:46टाइम था तो उसने अपना फोन निकाला और मोहित
  2342. 1:48:48रैना को फोन लगा दिया। एक दो रिंग के बाद
  2343. 1:48:52ही मोहित रैना ने शौर्य का फोन उठाया और
  2344. 1:48:54अभिवादन करते हुए बोला
  2345. 1:48:56गुड मॉर्निंग सर क्या कोई खास बात है इतनी
  2346. 1:48:59सुबह-सुबह आपका फोन आया है
  2347. 1:49:02मोहित रैना ने जिज्ञासा वश पूछा तो शौर्य
  2348. 1:49:05बोला नहीं ऐसा कुछ खास तो नहीं है पर मैं
  2349. 1:49:08चाहता हूं कि तुम कल शिप्रा के साथ एक
  2350. 1:49:10मीटिंग फिक्स कर लो जिसमें जिंक कलेक्शन
  2351. 1:49:13के ऐड पब्लिसिटी को [संगीत] लेकर जो प्लान
  2352. 1:49:15है उसके बारे में उसे चर्चा कर सको और जो
  2353. 1:49:18अपना नया ऑफिस है वो भी देख लेगी।
  2354. 1:49:22ठीक है सर मैं आज ही शिप्रा मैम से बात कर
  2355. 1:49:24लेता हूं। [संगीत]
  2356. 1:49:25मोहित रैना ने जवाब दिया तो शौर्य ने आगे
  2357. 1:49:28अपनी बात कही। ठीक है मैं इस बारे में
  2358. 1:49:31विक्रम से भी बात कर लूंगा। बाकी [संगीत]
  2359. 1:49:34तुम्हें विक्रम समझा देगा कि तुम्हें उससे
  2360. 1:49:36कैसे डील करनी है।
  2361. 1:49:38मोहित रैना से बात होने के बाद उसने
  2362. 1:49:40विक्रम को भी फोन लगाया और उसे भी इस बारे
  2363. 1:49:43में बताया कि शिप्रा के सामने उसे अपने आप
  2364. 1:49:46[संगीत] को कैसे प्रस्तुत करना है। इन सब
  2365. 1:49:48बातों के समाप्त होने के बाद वो अपने कमरे
  2366. 1:49:51से निकला और डाइनिंग हॉल में आ गया। वहां
  2367. 1:49:54पर शिप्रा पहले से ही डाइनिंग टेबल पर
  2368. 1:49:56बैठी हुई [संगीत] थी। राजदीप राय भी
  2369. 1:49:58शिप्रा के साथ ही बैठे हुए थे। शौर्य को
  2370. 1:50:01वहां आता देखकर उन्होंने शौर्य को अपने
  2371. 1:50:04सामने बैठने का इशारा किया। शौर्य के
  2372. 1:50:06बैठने के बाद उन्होंने कहा, "मैंने सुना
  2373. 1:50:10है तुमने किसी कंपनी को ज्वॉइ किया है?"
  2374. 1:50:13"जी आपने सही सुना है।" शौर्य ने जवाब
  2375. 1:50:17दिया, [संगीत]
  2376. 1:50:19क्या सच में तुमने नताशा कपूर के साथ
  2377. 1:50:22ब्रांड एंडोर्समेंट के लिए एग्रीमेंट किया
  2378. 1:50:24है?
  2379. 1:50:26राजदीप राय आश्चर्य के साथ बोले क्योंकि
  2380. 1:50:29उन्हें भी यकीन नहीं हो रहा था कि जिस
  2381. 1:50:31श्रवण की कुछ दिनों पहले कोई हस्ती
  2382. 1:50:33[संगीत] नहीं थी वो अचानक ही इतना बड़ा
  2383. 1:50:35काम कैसे करने लगा है? हां ऐसा ही है।
  2384. 1:50:39शौर्य ने जवाब दिया तो राजदीप राय
  2385. 1:50:42जिज्ञासावश पूछ बैठे आखिर तुम किसके साथ
  2386. 1:50:45काम कर रहे हो?
  2387. 1:50:47शौर्य ने एक पल को सोचा फिर बोला उनका नाम
  2388. 1:50:50विक्रम सिंह है। राजदीप राय ने इस नाम के
  2389. 1:50:54बारे में सोचा कि क्या वो इस नाम के किसी
  2390. 1:50:56व्यक्ति को जानते हैं? पर उन्हें यह नाम
  2391. 1:50:58अपने लिए अनजान ही लगा। कुछ सोचकर वो
  2392. 1:51:01शौर्य से बोले मुझे खुशी है कि तुमने अपने
  2393. 1:51:05लिए सही काम ढूंढा है। उम्मीद करता हूं कि
  2394. 1:51:08तुम अब यहां से आगे ही बढ़ोगे।
  2395. 1:51:11शौर्य ने मुस्कुराकर राजदीप राय की बातों
  2396. 1:51:13से सहमति जताई। [संगीत] इस बीच शिप्रा ने
  2397. 1:51:16संतोष से शौर्य के लिए भी नाश्ते की प्लेट
  2398. 1:51:18लगाने के लिए कहा। नाश्ता करने के बाद
  2399. 1:51:21शौर्य वहां से कृष्णापुरम के लिए निकल
  2400. 1:51:23गया।
  2401. 1:51:24जब वो वहां पहुंचा तो उसने पाया कि नताशा
  2402. 1:51:27पहले ही वहां पहुंच चुकी थी और वो तैयार
  2403. 1:51:29हो रही थी। शौर्य रत्नाकर शेट्टी के पास
  2404. 1:51:33गया। [संगीत] रत्नाकर शेट्टी ने उसे आज का
  2405. 1:51:35सीन समझाया।
  2406. 1:51:37देखो आज जो सीन शूट होने वाला है उसमें
  2407. 1:51:40हकिंग के दौरान नताशा पहाड़ से गिरने वाली
  2408. 1:51:43होती है और तुम्हें उसे बचाना है। इसी
  2409. 1:51:46दौरान स्ट्रांग एनर्जी ड्रिंक के लिए कुछ
  2410. 1:51:48डायलॉग भी होंगे।
  2411. 1:51:50पूरा दिन शूट चलता है। रत्नाकर शेट्टी
  2412. 1:51:53शौर्य के परफॉर्मेंस से बहुत खुश होता है।
  2413. 1:51:56सिर्फ रत्नाकर शेट्टी ही नहीं नताशा कपूर
  2414. 1:51:59भी शौर्य से खासा इंप्रेस होती है। शूटिंग
  2415. 1:52:02देखने आई मेघना को जब यहां पिछले दिनों की
  2416. 1:52:04वो घटना पता चलती है जिसमें शौर्य नताशा
  2417. 1:52:07को डूबने से बचाता है। तब उसे नताशा के
  2418. 1:52:09शौर्य के प्रति लगाव का असली कारण समझ आ
  2419. 1:52:12जाता है। शूट के पैकअप होने के बाद सभी
  2420. 1:52:15अपनी पैकिंग में लग जाते हैं। [संगीत]
  2421. 1:52:18शौर्य नताशा और मेघना के साथ उसके वैनिटी
  2422. 1:52:20वैन में बैठा था। उसने नताशा से कहा
  2423. 1:52:25यह शूट तो समाप्त हो गया लेकिन लगे हाथ तो
  2424. 1:52:27नेक्स्ट वीक में मैं अपना भी शूट शुरू
  2425. 1:52:29करना चाहता हूं। तुम इस बारे में क्या
  2426. 1:52:31कहती हो?
  2427. 1:52:33मुझे क्या कहना है? तुम अपना शेड्यूल
  2428. 1:52:35फिक्स करके मुझे इन्फॉर्म कर देना। तुम
  2429. 1:52:37जहां कहोगे मैं आ जाऊंगी। नताशा ने सिंपल
  2430. 1:52:41सा जवाब दिया। अगर तुम चाहो तो मैं तब तक
  2431. 1:52:44तुम्हारे रहने की व्यवस्था होटल राजकमल
  2432. 1:52:46में कर देता हूं। अगर तुम यहां रहोगी तो
  2433. 1:52:49हो सकता है कि मैं अपना काम और पहले शुरू
  2434. 1:52:51कर दूं।
  2435. 1:52:52शौर्य ने नताशा के सामने अपना प्रस्ताव
  2436. 1:52:54रखा तो नताशा ने जवाब दिया।
  2437. 1:52:58नहीं अभी तो नहीं रुक पाऊंगी। मुझे दो
  2438. 1:53:01दिनों के लिए एक छोटा सा काम है उसे करना
  2439. 1:53:03है। उसके बाद अगर तुम कहोगे तो मैं आ
  2440. 1:53:05जाऊंगी।
  2441. 1:53:07ठीक है। फिर तुम अपना काम समाप्त करो। तब
  2442. 1:53:10तक इन दो दिनों में मैं सब कुछ फिक्स भी
  2443. 1:53:12कर लेता हूं। जैसे ही तुम अपने काम से
  2444. 1:53:15फ्री होगी मुझे इन्फॉर्म कर देना। मैं
  2445. 1:53:17यहां तुम्हारे रहने की व्यवस्था कर दूंगा।
  2446. 1:53:20शौर्य ने अपने आगे का प्लान बताया। इस पर
  2447. 1:53:22नताशा ने शौर्य से सहमति जताई।
  2448. 1:53:26हां ये ठीक रहेगा। सारी बात होने के बाद
  2449. 1:53:29शौर्य ने कहा तो फिर ठीक है। अब मुझे
  2450. 1:53:32इजाजत दो। मैं अब निकलता हूं। नताशा के
  2451. 1:53:36पास भी शौर्य को रोकने का अब कोई और कारण
  2452. 1:53:38[संगीत] नहीं था। तो उसने कहा ठीक है। तुम
  2453. 1:53:41जा सकते हो। पर जब तुम उधर ही जा रहे हो
  2454. 1:53:44तो मेघना को भी अपने साथ क्यों नहीं ले
  2455. 1:53:46जाते? इसे भी तो होटल राजकमल जाना है।
  2456. 1:53:50तभी शौर्य मेघना की ओर देखता है। शौर्य का
  2457. 1:53:54बदला हुआ अवतार, नताशा से उसकी नजदीकियां,
  2458. 1:53:57उसका काम और सबसे बड़ी बात होटल राजकमल का
  2459. 1:54:00वो आलीशान प्रेसिडेंसी रूम। मेघना का
  2460. 1:54:03दिमाग शायद बीती रात की उन्हें हैरान कर
  2461. 1:54:06देने वाली बातों पर ही अटका हुआ था। उसका
  2462. 1:54:08गुरूर इस बात को कबूल करने को तैयार ही
  2463. 1:54:11नहीं हो रहा था कि एक मामूली सा दिखने
  2464. 1:54:13वाला लड़का नताशा कपूर के लिए इतना बड़ा
  2465. 1:54:15इंतजाम कर सकता है।
  2466. 1:54:18शौर्य की बताई हुई वर्क प्रोफाइल और ये
  2467. 1:54:20हाई प्रोफाइल बातें मेघना के दिमाग में
  2468. 1:54:23मेल नहीं खा रही थी। और इसी वजह से इतना
  2469. 1:54:26सब कुछ देखने के बाद भी शौर्य के प्रति
  2470. 1:54:29मेघना के व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया
  2471. 1:54:31था। इसके विपरीत शौर्य ने मेघना की रईसी
  2472. 1:54:35से रंगी हुई सोच को एक ही दिन में पढ़
  2473. 1:54:37लिया था। इसीलिए नताशा ने जब शौर्य से
  2474. 1:54:40मेघना को राजकमल होटल ड्रॉप करने को कहा
  2475. 1:54:43तो शौर्य मेघना की तरफ देखते हुए बोला
  2476. 1:54:46ड्रॉप तो कर दूंगा पर क्या मिस मेघना मेरे
  2477. 1:54:49साथ जाने में कंफर्टेबल फील करेंगी।
  2478. 1:54:52मेघना समझ गई कि शौर्य शायद कल वाली बात
  2479. 1:54:55को भूला नहीं है। इसीलिए वो ऐसा बोल रहा
  2480. 1:54:58है। वो चाहती तो यहां से कैब करके भी होटल
  2481. 1:55:01जा सकती थी। पर वो अभी शौर्य को और समझना
  2482. 1:55:04चाहती थी कि वो आखिर चीज क्या है। एक ही
  2483. 1:55:08मीटिंग में शौर्य ने इतना कुछ शॉकिंग कर
  2484. 1:55:10दिया था कि वो शौर्य के लिए अपनी कोई
  2485. 1:55:12निश्चित सोच नहीं बना पा रही थी। मेघना यह
  2486. 1:55:16भी सोच रही थी कि अगर वो शौर्य के साथ कुछ
  2487. 1:55:18समय बिताएगी तो शायद वह समझ पाएगी कि इन
  2488. 1:55:21बातों के पीछे का राज क्या है। इसीलिए वो
  2489. 1:55:24थोड़ी नरमी दिखाते हुए बोली श्रवण लगता है
  2490. 1:55:28तुम मेरी कल वाली बात से खफा हो इसीलिए
  2491. 1:55:30ऐसा बोल रहे हो। मेघना की बात सुनकर शौर्य
  2492. 1:55:34हल्का सा मुस्कुराया और बोला
  2493. 1:55:37मैं किसी बात को अपने दिल में नहीं रखता।
  2494. 1:55:40मैं तो सिर्फ यह जानना चाहता था क्या तुम
  2495. 1:55:42सच में मेरे साथ जाना चाहती हो? तभी मेघना
  2496. 1:55:45ने जवाब दिया, अगर तुम्हें कोई आपत्ति
  2497. 1:55:48नहीं है तो मैं चाहूंगी कि तुम मुझे होटल
  2498. 1:55:51राजकमल छोड़ दो क्योंकि मुझे वहां से अपना
  2499. 1:55:53सामान लेना है और फिर अपने रिश्तेदार के
  2500. 1:55:55यहां जाना है।
  2501. 1:55:58मुझे कोई आपत्ति नहीं है। तुम मेरे साथ चल
  2502. 1:56:00सकती हो।
  2503. 1:56:02शौर्य के बोलते ही दोनों कार में सवार
  2504. 1:56:04हुए। शौर्य ड्राइविंग सीट पर था और मेघना
  2505. 1:56:07उम्मीद के विपरीत पीछे बैठने की बजाय उसके
  2506. 1:56:10ठीक बगल वाली सीट पर बैठ गई। कार हाईवे पर
  2507. 1:56:13दौड़ रही थी। लेकिन अंदर का सन्नाटा किसी
  2508. 1:56:16तूफान के आने की आहट दे रहा था। मेघना की
  2509. 1:56:19नजरें बार-बार कार के डैशबोर्ड और शौर्य
  2510. 1:56:22के हाथों पर जा रही थी। कुछ देर तो दोनों
  2511. 1:56:25के बीच खामोशी छाई रही। फिर उस खामोशी को
  2512. 1:56:28मेघना ने ही तोड़ा। उसने शौर्य से पूछा।
  2513. 1:56:32क्या ये तुम्हारी अपनी कार है?
  2514. 1:56:36क्योंकि उसे यह बात हजम नहीं हो रही थी कि
  2515. 1:56:38अभी कल ही इस शख्स ने नई नौकरी ज्वाइन की
  2516. 1:56:40है और आज उसके हाथों में इतनी लग्जुरियस
  2517. 1:56:43कार का स्टीयरिंग है। शौर्य मेघना का सवाल
  2518. 1:56:46सुनकर बोला नहीं यह मेरी कार नहीं है। यह
  2519. 1:56:50मेरे बॉस की कार है क्योंकि मैं भी नताशा
  2520. 1:56:53कपूर के साथ एग्रीमेंट करने के लिए आया था
  2521. 1:56:55तो बॉस ने खास करके मुझे एक कार दे रखी
  2522. 1:56:58थी।
  2523. 1:56:59शौर्य ने कहानी बनाई तो मेघना ने हल्की
  2524. 1:57:02राहत की सांस लेते हुए कहा
  2525. 1:57:04ओह आई सी। उसे ऐसा लगा जैसे उसे सब कुछ
  2526. 1:57:08समझ में आ गया है। उसने यह मान लिया कि
  2527. 1:57:10शौर्य तो सिर्फ एक मोहरा है। उसने आगे
  2528. 1:57:13पूछा।
  2529. 1:57:15क्या होटल राजकमल का प्रेसिडेंसी रूम जो
  2530. 1:57:17तुमने नताशा के लिए बुक किया हुआ था वो
  2531. 1:57:20तुम्हारे बॉस ने ही बुक किया था? तुम्हें
  2532. 1:57:23क्या लगता है कि मैं इस होटल का खर्च
  2533. 1:57:25अफोर्ड कर सकता हूं। ऑब्वियसली सब कुछ
  2534. 1:57:27मेरे बॉस के द्वारा ही किया गया है।
  2535. 1:57:30शौर्य सब कबूल करता हुआ बोला। मेघना के मन
  2536. 1:57:34में एक अजीब सी तसल्ली आई। उसे लगा कि
  2537. 1:57:37उसकी पुरानी सोच सही थी। शौर्य की कोई
  2538. 1:57:39औकात नहीं है। बस उसकी किस्मत अच्छी है कि
  2539. 1:57:42उसने नताशा की जान बचाई और नताशा उसे
  2540. 1:57:45तवज्जो दे रही है। वहीं शौर्य भी अच्छी
  2541. 1:57:47तरह समझ रहा था कि मेघना उसके साथ क्या
  2542. 1:57:50खेल खेल रही है। मेघना शौर्य के वर्तमान
  2543. 1:57:53स्टेटस से वाकिफ होना चाहती थी। इसीलिए वह
  2544. 1:57:56उससे ऐसे सवाल कर रही थी। शौर्य भी उसको
  2545. 1:57:59जवाब देने में कोई कंजूसी नहीं दिखा रहा
  2546. 1:58:01था।
  2547. 1:58:04वैसे इस बात से मेघना को कुछ खास फर्क
  2548. 1:58:06नहीं पड़ने वाला था। पर कहीं ना कहीं उसके
  2549. 1:58:08दिल में यह टीस थी कि श्रवण ने उसके काम
  2550. 1:58:11के लिए मना कर दिया था। शौर्य के साथ हुई
  2551. 1:58:15इस ड्राइव टाइम की बातचीत के बाद अब मेघना
  2552. 1:58:17को लग रहा था कि शायद इस बदली स्थिति में
  2553. 1:58:21उसका काम करने को तैयार हो जाए। क्योंकि
  2554. 1:58:24उसके दिमाग में यह भी चल रहा था कि हो
  2555. 1:58:26सकता है पिछली रात को श्रवण ने उसका काम
  2556. 1:58:29करने से इसीलिए भी मना कर दिया होगा
  2557. 1:58:31क्योंकि उसने नताशा के सामने उससे अपने
  2558. 1:58:34काम के लिए पूछ लिया था। क्या पता नताशा
  2559. 1:58:37की नजर में वो अपनी हिरइक इमेज खराब होने
  2560. 1:58:40देना नहीं चाहता हो। इसीलिए उसने सिर्फ
  2561. 1:58:42नताशा की नजर में अपना इंप्रेशन जमाने के
  2562. 1:58:45लिए उसके प्रपोजल को ठुकरा दिया होगा।
  2563. 1:58:48अपने दिमागी कंप्यूटर में गहरी जांच
  2564. 1:58:50पड़ताल करने के बाद मेघना ने मन ही मन कुछ
  2565. 1:58:53निश्चय किया और शौर्य से फिर से बात करने
  2566. 1:58:56के उद्देश्य से बोली
  2567. 1:58:59क्या तुम नताशा कपूर को पसंद करने लगे हो
  2568. 1:59:04शौर्य ने मेघना की बात सुनकर उसकी तरफ
  2569. 1:59:06देखा और सोचा यह ख्याल इसके दिल में कैसे
  2570. 1:59:09आ गया उसने सीधा मेघना से पूछा तुमने ऐसा
  2571. 1:59:13कैसे सोच लिया कि मैं नताशा कपूर को पसंद
  2572. 1:59:16करता हूं तब तभी मेघना ने शौर्य की आंखों
  2573. 1:59:19में देखते हुए अपने दिमाग की पूरी
  2574. 1:59:21कैलकुलेशन शौर्य के सामने खोल के रख दी और
  2575. 1:59:24बोली क्योंकि जब मैंने कल तुम्हें अपने
  2576. 1:59:26काम के लिए प्रपोजल दिया तो तुमने उसे
  2577. 1:59:29ठुकरा दिया। मुझे लगा तुमने ऐसा इसलिए
  2578. 1:59:31किया क्योंकि तुम नताशा की नजर में अपना
  2579. 1:59:33इंप्रेशन बनाना चाहते थे। क्या मैं सही
  2580. 1:59:36सोच रही हूं? मेघना की बात सुनकर शौर्य को
  2581. 1:59:39हंसी आ गई। [हंसी]
  2582. 1:59:42जब मेघना ने शौर्य को मुस्कुराते देखा तो
  2583. 1:59:44थोड़ा चिढ़कर बोली क्या मैंने कोई जोक
  2584. 1:59:47सुनाया जो तुम यूं मुस्कुराने लगे? तभी
  2585. 1:59:50शौर्य भी पलट कर मेघना की आंखों में देखते
  2586. 1:59:52हुए बोला क्या तुम सच में जानना चाहती हो
  2587. 1:59:55कि मैंने तुम्हारा प्रपोजल क्यों ठुकराया?
  2588. 1:59:58मेघना जिज्ञासा से शौर्य की तरफ देखते हुए
  2589. 2:00:00बोल पड़ी। हां, अगर तुम्हें कोई आपत्ति
  2590. 2:00:03नहीं हो, तो मैं सचमुच जानना चाहती हूं कि
  2591. 2:00:06तुमने मेरा प्रपोजल क्यों ठुकरा दिया?
  2592. 2:00:08उल्टा तुम्हें तो मेरा काम करने से फायदा
  2593. 2:00:10ही होता।
  2594. 2:00:12ठीक है तो सुनो। मेरा तुम्हारा प्रपोजल
  2595. 2:00:15ठुकराने का मेन कारण तुम्हारा एटीट्यूड
  2596. 2:00:17था। तुमने जिस रब से मुझे अपने काम के लिए
  2597. 2:00:20कहा मुझे वो पसंद नहीं आया। बस इसीलिए
  2598. 2:00:23मैंने तुम्हारा काम करने से मना कर दिया।
  2599. 2:00:27शौर्य ने सपाट स्वर में अपना जवाब दिया।
  2600. 2:00:30मेघना सन रह गई। उसे अपने कानों पर यकीन
  2601. 2:00:33नहीं हुआ। कोई सिर्फ एटीट्यूड की वजह से
  2602. 2:00:36इतने बड़े प्रोजेक्ट को लात मार सकता है।
  2603. 2:00:38मेघना ने सोचा कि क्या श्रवण अपने इस
  2604. 2:00:41एटीट्यूड से अपना काम कर पाएगा? अगर कोई
  2605. 2:00:44उसको काम देगा तो अपना एटीट्यूड तो
  2606. 2:00:46दिखाएगा ही। और अगर यह ऐसे ही काम को
  2607. 2:00:49ठुकराते रहेगा तो इस इंडस्ट्री में कब तक
  2608. 2:00:51सर्वाइव कर पाएगा? उसने अपनी सोच को श्रवण
  2609. 2:00:55के सामने जाहिर भी कर दिया। क्या तुम अपने
  2610. 2:00:58इस एटीट्यूड के कारण इस इंडस्ट्री में
  2611. 2:01:00सर्वाइव कर पाओगे?
  2612. 2:01:03क्यों? क्या खराबी है मेरे एटीट्यूड में?
  2613. 2:01:07शौर्य ने मेघना से ही उल्टा सवाल कर दिया।
  2614. 2:01:09तो मेघना बोली
  2615. 2:01:12तुम कह रहे हो क्या खराबी है तुम्हारे
  2616. 2:01:14एटीट्यूड में? अरे यार अगर तुम्हें कोई
  2617. 2:01:17काम देगा तो अपना एटीट्यूड तो दिखाएगा ही।
  2618. 2:01:19और जब सामने वाला अपना एटीट्यूड दिखाएगा
  2619. 2:01:21तो तुम उसके काम को ठुकरा दोगे। तो फिर इस
  2620. 2:01:24तरह तुम कैसे सर्वाइव कर पाओगे?
  2621. 2:01:27इस पर शौर्य बोला तुम फिर गलत हो। तुम्हें
  2622. 2:01:31ध्यान है जब तुमने मुझे अपना प्रपोजल दिया
  2623. 2:01:33था उससे कुछ देर पहले हम तीनों ने एक
  2624. 2:01:36दूसरे को एक दोस्त की तरह स्वीकार किया था
  2625. 2:01:38और उसके कुछ ही देर बाद जब तुम्हें पता
  2626. 2:01:41चला कि मैं तुम्हारे स्टेटस को मैच नहीं
  2627. 2:01:42करता तो तुम्हारा व्यवहार मेरे प्रति बदल
  2628. 2:01:45गया। उसके बाद तो ऐसा लगा कि मैं तुम्हारे
  2629. 2:01:48लिए मैटर ही नहीं करता। बस यही बात मुझे
  2630. 2:01:51पसंद नहीं आई। जिसके कारण मैंने तुम्हारा
  2631. 2:01:54प्रपोजल ठुकरा दिया।
  2632. 2:01:57शौर्य ने मेघना को उसका प्रपोजल ठुकराने
  2633. 2:01:59का मेन कारण बता दिया। शौर्य की बातें
  2634. 2:02:02किसी तीर की तरह मेघना के अहंकार को भेद
  2635. 2:02:05रही थी। मेघना ने श्रवण की बातों को ध्यान
  2636. 2:02:07से सुना। फिर पिछली रात के बारे में सोचा
  2637. 2:02:10तो उसे एहसास हुआ कि श्रवण अपनी जगह
  2638. 2:02:12[संगीत] सही है। अभी वो श्रवण से कुछ कहने
  2639. 2:02:15का सोच ही रही थी कि तभी शौर्य ने अपनी
  2640. 2:02:18बात को जारी रखते हुए आगे बोला।
  2641. 2:02:21तुम उसके बाद का ही देख लो। जब तुमने देखा
  2642. 2:02:24कि मैंने नताशा के लिए प्रेसिडेंसी रूम
  2643. 2:02:26बुक कर रखा है तो फिर तुम्हारा व्यवहार
  2644. 2:02:29बदल गया और अभी तक तुम उस बदले व्यवहार
  2645. 2:02:31में ही मुझसे पेश आ रही थी और फिर जैसे ही
  2646. 2:02:34मैंने तुम्हारे सामने यह जाहिर किया कि जो
  2647. 2:02:37कुछ मैंने किया है वो सब अपने बॉस के कारण
  2648. 2:02:39कर पाया हूं तो फिर से तुम्हारी सोच मेरे
  2649. 2:02:42लिए बदल गई। अब तुम खुद सोचो मैं तुम्हारे
  2650. 2:02:46प्रपोजल को ठुकराता नहीं तो और क्या करता?
  2651. 2:02:50मेघना शौर्य के बारे में सोचने लगी। क्या
  2652. 2:02:53इसका ईगो इतना बड़ा है जिसके लिए अपने
  2653. 2:02:56फायदे को भी छोड़ सकता है? अगर देखा जाए
  2654. 2:02:58तो मैं इसे इसकी बेवकूफी ही कहूंगी। उसने
  2655. 2:03:02थोड़ा नॉर्मल भाव से पूछा क्या अब तुम
  2656. 2:03:04मेरा काम करोगे? क्यों? अब क्या बदल गया
  2657. 2:03:08है जो मैं अब तैयार हो जाऊंगा तुम्हारा
  2658. 2:03:10काम करने को।
  2659. 2:03:13शौर्य शांत स्वर में बोला। ऐसा लगा जैसे
  2660. 2:03:15वो इससे आगे मेघना से कुछ और सुनने की
  2661. 2:03:18अपेक्षा कर रहा था। मेघना समझ गई कि शौर्य
  2662. 2:03:21अपने ईगो को आसानी से छोड़ने वालों में से
  2663. 2:03:24नहीं है। इसीलिए इस बार उसने खुद ही अपने
  2664. 2:03:26अहंकार को किनारे रखा और अपने होठों पर एक
  2665. 2:03:29सौम्य मुस्कान लाते हुए बोली
  2666. 2:03:32कि अब भी तुम्हें कल रात वाली मेघना और
  2667. 2:03:34अभी की मेघना में कोई फर्क नजर नहीं आ
  2668. 2:03:36रहा।
  2669. 2:03:38शौर्य ने उसकी बात सुनकर गौर से उसकी तरफ
  2670. 2:03:40देखा। जैसे जानना चाहता हो कि यह उसकी कोई
  2671. 2:03:44नई चाल है या सच में वो अपने हाई स्टेटस
  2672. 2:03:46वाले नजरिए से बाहर आ चुकी है। मेघा ने जब
  2673. 2:03:49शौर्य को यूं अपनी तरफ गौर से देखते हुए
  2674. 2:03:52देखा तो उसने अपना दाया हाथ आगे बढ़ाते
  2675. 2:03:54हुए कहा
  2676. 2:03:56क्या हम अपनी दोस्ती की एक नई शुरुआत कर
  2677. 2:03:58सकते हैं? [संगीत]
  2678. 2:04:00शौर्य ने उसके बढ़े हुए हाथ को देखा एक पल
  2679. 2:04:03के लिए उसकी आंखों में शक की झलक आई।
  2680. 2:04:06लेकिन अगले ही पल उसने भी हाथ बढ़ाकर
  2681. 2:04:08मेघना से हाथ मिला लिया। क्या मैं जान
  2682. 2:04:11सकता हूं कि [संगीत] तुम्हारे इस बदलाव की
  2683. 2:04:13वजह क्या है? शौर्य ने हल्की शंका के साथ
  2684. 2:04:16पूछा तो मेघना ने हल्की मुस्कान के साथ
  2685. 2:04:19जवाब दिया।
  2686. 2:04:21इतनी भी बुरी लड़की नहीं हूं मैं। हां,
  2687. 2:04:23तुम्हें समझने में मुझसे गलती जरूर हुई
  2688. 2:04:25है, लेकिन किसी को जानने के लिए एक
  2689. 2:04:28मुलाकात काफी नहीं होती। है ना? कल रात जब
  2690. 2:04:31मैंने तुम्हें काम का ऑफर दिया था, तब
  2691. 2:04:33मुझे लगा कि मैं तुम पर एहसान कर रही हूं।
  2692. 2:04:36इसीलिए जब तुमने मना किया तो मुझे गुस्सा
  2693. 2:04:39आना स्वाभाविक था। लेकिन अब मैं चीजों को
  2694. 2:04:41[संगीत] सही तरीके से समझ चुकी हूं। मेघना
  2695. 2:04:45की बात सुनकर शौर्य के चेहरे पर हल्की
  2696. 2:04:47मुस्कान आ गई। उसे लगा इस बार वो सच बोल
  2697. 2:04:50रही है। तभी उनकी कार होटल राजकमल के
  2698. 2:04:54सामने आकर रुक गई। मेघना दरवाजा खोल कर
  2699. 2:04:56बाहर निकलने ही वाली थी कि अचानक उसे कुछ
  2700. 2:04:59याद आया। वो वापस झुक कर शौर्य से बोली
  2701. 2:05:02अपना नंबर तो दो ताकि अगर तुम्हें याद
  2702. 2:05:05करूं तो तुमसे बात करने का कोई तरीका तो
  2703. 2:05:07हो। शौर्य ने उसे अपना नंबर दे दिया।
  2704. 2:05:12मेघना कार से बाहर निकली। दरवाजा बंद किया
  2705. 2:05:15लेकिन अगले ही पल उसने फिर से शीशे पर नॉक
  2706. 2:05:17किया। शौर्य ने शीशा नीचे किया तो मेघना
  2707. 2:05:20झुक कर मुस्कुराते हुए बोली।
  2708. 2:05:23तो अब मैं क्या समझूं? तुम्हें मेरा
  2709. 2:05:25प्रपोजल मंजूर है या नहीं? शौर्य के चेहरे
  2710. 2:05:29पर हल्की मुस्कान आ गई। अब इस बदली हुई
  2711. 2:05:33परिस्थिति में मैं तुम्हारे प्रपोजल पर
  2712. 2:05:35विचार कर सकता हूं।
  2713. 2:05:38ठीक है फिर मिलते हैं। इतना कहकर मेघना
  2714. 2:05:41होटल के अंदर चली गई। शौर्य गाड़ी बैक
  2715. 2:05:44करने ही वाला था कि उसका फोन बज उठा। उसने
  2716. 2:05:48स्क्रीन पर नजर डाली। नाम था जीनत। जीनत
  2717. 2:05:51का नाम देखते [संगीत] ही शौर्य के दिल में
  2718. 2:05:53एक अजीब सी आशंका पैदा हुई। उसे याद आया
  2719. 2:05:56जीनत तो मेघा की दोस्त है। धड़कते दिल के
  2720. 2:05:59साथ उसने कॉल रिसीव किया। शौर्य ने सिर्फ
  2721. 2:06:03इतना ही जाना था कि मेघना क्या करती है।
  2722. 2:06:05[संगीत] लेकिन उसने एक बार भी यह जानने की
  2723. 2:06:07कोशिश नहीं की कि मेघना असल में है कौन?
  2724. 2:06:10दूसरी तरफ जो मेघना शौर्य का राज जानने के
  2725. 2:06:13उद्देश्य से ही कृष्णापुरम से होटल राजकमल
  2726. 2:06:16तक शौर्य की कार में बैठी थी। वो अपने
  2727. 2:06:18मकसद में इतनी तो कामयाब हो गई थी कि कार
  2728. 2:06:21से उतर कर शौर्य को बाय कहने से पहले उसने
  2729. 2:06:24शौर्य का मोबाइल नंबर हासिल कर लिया था।
  2730. 2:06:27उसी मोबाइल का नंबर जो मोबाइल शौर्य को
  2731. 2:06:30मेघना [संगीत] की बहन शिप्रा ने गिफ्ट
  2732. 2:06:32किया था। एक समय उसमें सिर्फ शिप्रा का ही
  2733. 2:06:35नंबर सेव था। लेकिन शिप्रा को क्या पता था
  2734. 2:06:39कि एक दिन उस मोबाइल का नंबर शहर की सबसे
  2735. 2:06:41खूबसूरत और चर्चित लड़कियों के मोबाइल में
  2736. 2:06:44सेव हो जाएगा। शौर्य का मोबाइल कभी अच्छी
  2737. 2:06:47खबर की घंटी तो बजाता ही नहीं है। क्योंकि
  2738. 2:06:49शायद शौर्य की जिंदगी ने उसके मोबाइल का
  2739. 2:06:52सिस्टम ही ऐसा सेट कर दिया है कि उसके
  2740. 2:06:54मोबाइल पर आने वाले हर कॉल में कॉलर का
  2741. 2:06:57कोई ना कोई नाम तो होता है। लेकिन जैसे ही
  2742. 2:07:00शौर्य फोन उठाता है, उसमें पैगाम मुसीबत
  2743. 2:07:03का होता है। ऐसा ही एक पैगाम उसे मेघना के
  2744. 2:07:06कार से उतर कर जाने के तुरंत बाद मिला।
  2745. 2:07:09अचानक डैशबोर्ड पर रखा उसका फोन वाइब्रेट
  2746. 2:07:12करने लगा। शौर्य ने फोन उठाया तो दूसरी
  2747. 2:07:15तरफ से एक घबराई हुई आवाज सुनाई दी।
  2748. 2:07:18हेलो सर मैं जीनत बोल रही हूं।
  2749. 2:07:22हेलो हां जीनत बोलो क्या बात है? शौर्य
  2750. 2:07:26आशंकित स्वर में बोला तो सामने से घबराई
  2751. 2:07:28हुई आवाज फिर से सुनाई दी।
  2752. 2:07:31सर क्या आपने मुझे पहचाना? मैं मेघा की
  2753. 2:07:34दोस्त जीनत हूं।
  2754. 2:07:36हां जीनत मैं तुम्हें पहचान रहा हूं। बताओ
  2755. 2:07:38क्या हुआ? सब ठीक तो है?
  2756. 2:07:41शौर्य का हाथ स्टीयरिंग पर कस गया। उसके
  2757. 2:07:44मन में किसी अनहोनी की आशंका अब डर में
  2758. 2:07:46बदल रही थी। तभी शौर्य की बात सुनकर जीनत
  2759. 2:07:50ने जल्दीबाजी में कहा,
  2760. 2:07:51सर क्या आप तुरंत सिटी हॉस्पिटल आ सकते
  2761. 2:07:54हैं? मेघा मुसीबत में है।
  2762. 2:07:56क्या हुआ मेघा को? वो ठीक तो है। शौर्य ने
  2763. 2:08:00घबरा कर पूछा।
  2764. 2:08:02सर मैं फोन पर ज्यादा कुछ नहीं बता
  2765. 2:08:04पाऊंगी। आप बस जितनी जल्दी हो सके
  2766. 2:08:06हॉस्पिटल आ जाइए।
  2767. 2:08:08इतना कहकर जीनत ने फोन काट दिया। शौर्य ने
  2768. 2:08:12दोबारा नंबर मिलाया। लेकिन अब जीनत का फोन
  2769. 2:08:14स्विच्ड ऑफ था। उसने गुस्से में अपना हाथ
  2770. 2:08:17स्टीयरिंग पर मारा। उसने एक पल भी बर्बाद
  2771. 2:08:20नहीं किया। गाड़ी के टायर सड़क पर चीख उठे
  2772. 2:08:23और वो अपनी पूरी रफ्तार से सिटी हॉस्पिटल
  2773. 2:08:26की ओर दौड़ पड़ा। शौर्य लगभग 15 मिनट में
  2774. 2:08:29अस्पताल पहुंच गया। उसका चेहरा पसीने से
  2775. 2:08:32तर-बतर था और आंखों में जुनून था। उसने
  2776. 2:08:35फिर जीनत को कॉल लगाया लेकिन कोई जवाब
  2777. 2:08:38नहीं मिला। उसने तुरंत कांता प्रसाद जी को
  2778. 2:08:40फोन लगाया। अंकल आप अभी कहां है? शौर्य ने
  2779. 2:08:46घबराहट भरे स्वर में पूछा। कांता प्रसाद
  2780. 2:08:48जी ने उसकी आवाज सुनकर कहा
  2781. 2:08:51क्या बात है? तुम इतने घबराए हुए क्यों
  2782. 2:08:55हो?
  2783. 2:08:56शौर्य ने जल्दी-जल्दी कहा। अंकल अभी मुझे
  2784. 2:08:59मेघा की दोस्त जीनत का फोन आया था कि मेघा
  2785. 2:09:02किसी मुसीबत में है। मैं अभी हॉस्पिटल
  2786. 2:09:04पहुंचा हूं लेकिन मुझे कुछ समझ नहीं आ
  2787. 2:09:06रहा। इसीलिए मैं जानना चाहता था कि यहां
  2788. 2:09:09का डीन कौन है? मेघा का नाम सुनते ही
  2789. 2:09:12कांता प्रसाद जी चिंतित हो गए।
  2790. 2:09:15क्या मेघा मुसीबत में है। क्या हुआ है
  2791. 2:09:18उसे?
  2792. 2:09:20शौर्य ने जवाब दिया। अंकल मुझे अभी कुछ
  2793. 2:09:22पता नहीं है। जीनत का फोन भी बंद है।
  2794. 2:09:25इसीलिए मैं डीन से मिलकर पता करने की
  2795. 2:09:26कोशिश कर रहा हूं।
  2796. 2:09:29अभी हॉस्पिटल के डीन महेंद्र शिखरवार हैं।
  2797. 2:09:32मैं उनका नंबर तुम्हें भेजता हूं और मैं
  2798. 2:09:34खुद भी हॉस्पिटल पहुंचता हूं। इतना कहकर
  2799. 2:09:37उन्होंने फोन काट दिया। शौर्य तेजी से डीन
  2800. 2:09:40के केबिन की ओर बढ़ा। उसे रास्ता पता था।
  2801. 2:09:44वहां पहुंचते ही उसने देखा कि दो भारीभरकम
  2802. 2:09:46गार्ड्स रास्ता रोके खड़े थे। ब्लैक ड्रेस
  2803. 2:09:49में दोनों हट्टे कट्टे और खतरनाक नजर आ
  2804. 2:09:51रहे थे। जैसे ही शौर्य दरवाजे के पास
  2805. 2:09:54पहुंचा उन्होंने उसे रोक लिया। कौन हो
  2806. 2:09:57तुम? अभी अंदर नहीं जा सकते। एक गार्ड ने
  2807. 2:10:00कड़े स्वर में कहा तो शौर्य ने विरोध करते
  2808. 2:10:03हुए पूछा। क्यों नहीं जा सकता? मुझे डीन
  2809. 2:10:06से मिलना है। पर दोनों गार्ड उसकी बात
  2810. 2:10:09मानने को तैयार नहीं थे। उन्होंने सख्ती
  2811. 2:10:11से कहा। तुम अभी डीन से नहीं मिल सकते।
  2812. 2:10:14अगर मिलना है तो बाद में आना। अब शौर्य का
  2813. 2:10:18गुस्सा बढ़ गया। तुम होते कौन हो मेरा
  2814. 2:10:20रास्ता रोकने वाले? हटो सामने से। मुझे
  2815. 2:10:23अभी डीन से मिलना है। गार्ड ने खतरनाक
  2816. 2:10:27स्वर में कहा, ए तुम्हें समझ में नहीं आता
  2817. 2:10:30क्या? क्यों अपनी हड्डियां तुड़वाना चाहते
  2818. 2:10:32हो?
  2819. 2:10:34शौर्य ने अब बात करना बंद कर दिया। जैसे
  2820. 2:10:37ही गार्ड ने उसे हटाने के लिए हाथ आगे
  2821. 2:10:39बढ़ाया, शौर्य का एक बिजली सा तेज घूंसा
  2822. 2:10:41उसके जबड़े पर पड़ा।
  2823. 2:10:44मैंने कहा था ना मेरा रास्ता मत रोको।
  2824. 2:10:47शौर्य गुस्से में बोला। दूसरा गार्ड तुरंत
  2825. 2:10:51उस पर झपटा। लेकिन शौर्य ने अपने घुटने का
  2826. 2:10:53जोरदार वार उसके पेट पर कर दिया। वार इतना
  2827. 2:10:57तेज था कि वो पेट पकड़ कर कराते हुए वहीं
  2828. 2:11:00जमीन पर बैठ गया। अब शौर्य को रोकने वाला
  2829. 2:11:03वहां कोई नहीं था। वो दरवाजे के पास
  2830. 2:11:06पहुंचा और उसे धक्का दिया। लेकिन दरवाजा
  2831. 2:11:09अंदर से बंद था। उसने दीवार पर लगी बेल
  2832. 2:11:12बजाई। कुछ पल इंतजार किया लेकिन दरवाजा
  2833. 2:11:15नहीं खुला। उसने फिर बेल बजाई। पर इस बार
  2834. 2:11:18भी कोई जवाब नहीं मिला। अब उसने बेल पर ही
  2835. 2:11:22उंगली टिकाए रखी। अंदर लगातार बेल की आवाज
  2836. 2:11:25गूंजने लगी। कुछ देर बाद दरवाजा खुला। एक
  2837. 2:11:29जूनियर डॉक्टर सामने खड़ा था। उसने
  2838. 2:11:32झुंझलाते हुए कहा। तुम लगातार बेल क्यों
  2839. 2:11:35बजा रहे हो? और तुम यहां तक कैसे पहुंचे?
  2840. 2:11:37मेरा रास्ता छोड़ो। मुझे डीन से मिलना है।
  2841. 2:11:41शौर्य सपाट स्वर में बोला।
  2842. 2:11:44उस जूनियर डॉक्टर ने शौर्य के पीछे देखा
  2843. 2:11:46कि क्या इसे किसी ने रोकने की कोशिश नहीं
  2844. 2:11:48की? पर जब उसे शौर्य के पीछे कोई दिखाई
  2845. 2:11:52नहीं दिया तो वो शौर्य पर ध्यान केंद्रित
  2846. 2:11:54करते हुए बोला।
  2847. 2:11:56तुम्हें शायद मेरी बात समझ में नहीं आई।
  2848. 2:11:59अभी डीन साहब किसी से मिलना नहीं चाहते।
  2849. 2:12:01अगर तुम्हें डीन से मिलना है तो तुम कल
  2850. 2:12:04आना। अभी तुम यहां से जा सकते हो।
  2851. 2:12:07इतना बोलकर वो जूनियर डॉक्टर दोबारा
  2852. 2:12:09दरवाजे को बंद करने की कोशिश करने लगा। पर
  2853. 2:12:12दरवाजा बंद होता उससे पहले ही शौर्य ने
  2854. 2:12:15दरवाजे के बीच में अपना पैर अड़ा दिया। जब
  2855. 2:12:18उस जूनियर डॉक्टर ने शौर्य को दरवाजे में
  2856. 2:12:20अड़चन पैदा करते देखा तो वो भड़क कर बोला
  2857. 2:12:23क्यों तुम अपने लिए मुसीबत खड़ी कर रहे
  2858. 2:12:25हो? मेरी बात मानो और यहां से भाग जाओ। पर
  2859. 2:12:30अब शौर्य ने उसकी बात की तरफ कोई ध्यान
  2860. 2:12:32नहीं दिया और दरवाजे को तेज झटका दिया। तो
  2861. 2:12:35वो जूनियर डॉक्टर लड़खड़ा कर पीछे की ओर
  2862. 2:12:37गिरा। शौर्य ने अब कोई इंतजार नहीं किया
  2863. 2:12:40और उस कमरे के अंदर पहुंच गया। कमरे के
  2864. 2:12:43अंदर का नजारा देखते ही शौर्य की रूह कांप
  2865. 2:12:46गई। डीन की कुर्सी पर एक महिला बैठी थी।
  2866. 2:12:50बगल में डीन सिर झुकाए खड़ा था और सामने
  2867. 2:12:53विक्की एक शैतानी मुस्कान के साथ खड़ा था।
  2868. 2:12:57सबसे बुरी स्थिति [संगीत] यह थी कि मेघा
  2869. 2:12:59टेबल के पीछे घुटनों के बल बैठी रो रही
  2870. 2:13:02थी। तभी पीछे से वह जूनियर डॉक्टर भागता
  2871. 2:13:05हुआ शौर्य के सामने आकर खड़ा हो गया। सबकी
  2872. 2:13:08निगाहें शौर्य की तरफ थी। शौर्य को एक पल
  2873. 2:13:11में ही समझ आ गया कि यहां क्या चल रहा है।
  2874. 2:13:15दूसरी तरफ जब विक्की ने शौर्य को अंदर देख
  2875. 2:13:17लिया तो उसने डीन की चेयर पर बैठी महिला
  2876. 2:13:20से कहा। आंटी यही है वो आदमी जो उस दिन
  2877. 2:13:24यहां हीरो बन रहा था।
  2878. 2:13:27यह सुनकर उस महिला ने शौर्य को गौर से
  2879. 2:13:29देखा। शौर्य अभी उस प्रभावशाली महिला को
  2880. 2:13:32देखकर यह समझने की कोशिश कर रहा था कि
  2881. 2:13:35आखिर यह लेडी है कौन जिसके सामने इस
  2882. 2:13:38अस्पताल का डीन भी सिर झुकाए खड़ा है।
  2883. 2:13:41दूसरी तरफ मेघा शौर्य को वहां देखकर
  2884. 2:13:44हिम्मत करके उठी और तेजी से भागकर शौर्य
  2885. 2:13:47से लिपट गई। उसकी आंखों से आंसुओं की धारा
  2886. 2:13:51फूट पड़ी। शौर्य ने प्यार से उसके सिर पर
  2887. 2:13:54हाथ फेरा और कहा, "घबराओ मत। अब तुम्हारा
  2888. 2:13:58भाई यहां आ गया है। अब कोई तुम्हारा बाल
  2889. 2:14:01भी बांका नहीं कर पाएगा।
  2890. 2:14:04शौर्य की बात सुनकर डीन की चेयर पर बैठी
  2891. 2:14:06महिला अपनी जगह से उठी और शौर्य की तरफ
  2892. 2:14:09देखते हुए बोली
  2893. 2:14:11अच्छा हुआ तुम खुद यहां आ गए। नहीं तो
  2894. 2:14:14मुझे फालतू में तुम्हें ढूंढने में अपना
  2895. 2:14:16समय बर्बाद करना पड़ता। उस महिला की बात
  2896. 2:14:19सुनकर उसके बगल में खड़े डीन महेंद्र
  2897. 2:14:22सिखरवार ने उस महिला से कहा
  2898. 2:14:25स्वर्णलता जी प्लीज आप बात को समझने की
  2899. 2:14:28कोशिश कीजिए। अगर राजा साहब को यह बात पता
  2900. 2:14:31चलेगी तो ना तो यह आपके लिए अच्छा होगा और
  2901. 2:14:34ना ही मेरे लिए। प्लीज आप इसे मेरे लिए
  2902. 2:14:37मुश्किल मत बनाइए।
  2903. 2:14:39महेंद्र शिखरवार की बात सुनकर शौर्य को
  2904. 2:14:42समझ आ गया कि यह महिला कोई और नहीं उसकी
  2905. 2:14:45बुआ स्वर्णलता है। अब उसे अपने दादाजी के
  2906. 2:14:48स्वास्थ्य खराब होने का कारण समझ में आ
  2907. 2:14:51गया। उसे उम्मीद नहीं थी कि उसकी बुआ अपने
  2908. 2:14:54भतीजे के लिए इस हद तक चली जाएगी कि
  2909. 2:14:57अस्पताल में आकर इस तरह नौटंकी करेगी। अभी
  2910. 2:15:01शौर्य हालात को समझ ही रहा था कि तभी वह
  2911. 2:15:04जूनियर डॉक्टर मेघा की बाह पकड़ कर शौर्य
  2912. 2:15:07से दूर खींचने की कोशिश करने लगा। शौर्य
  2913. 2:15:10ने यह देखा तो उसने उस जूनियर डॉक्टर के
  2914. 2:15:12गाल पर कसकर एक थप्पड़ जड़ दिया। थप्पड़
  2915. 2:15:16पड़ते ही वो जूनियर डॉक्टर दूर जा गिरा।
  2916. 2:15:19उसके मुंह से खून निकलने लगा था। जैसे ही
  2917. 2:15:22उसने अपना हाथ अपने मुंह के पास से हटाकर
  2918. 2:15:25खोला तो उसके हाथ में उसका एक दांत टूटा
  2919. 2:15:28हुआ पड़ा था। विक्की ने जब उसकी हालत को
  2920. 2:15:30देखा तो वो स्वर्णलता जी की तरफ देखकर
  2921. 2:15:33[संगीत] बोला देखा बुआ इसे आपका भी कोई डर
  2922. 2:15:36नहीं है। स्वर्णलता जी ने गंभीर नजरों से
  2923. 2:15:40शौर्य की तरफ देखा। उन्हें उम्मीद नहीं थी
  2924. 2:15:42कि उनके सामने यह आदमी इतनी हिम्मत करेगा।
  2925. 2:15:46दूसरी तरफ शौर्य ने मेघा को अपने से अलग
  2926. 2:15:49किया। उसकी आंखों के आंसू पोछते हुए बोला,
  2927. 2:15:52"अरे पगली, क्यों अपने कीमती आंसू बर्बाद
  2928. 2:15:55कर रही है? तेरा भाई आ गया है ना?"
  2929. 2:16:00तभी शौर्य की निगाह मेघा के गाल पर पड़ी।
  2930. 2:16:03उसके गाल पर उंगलियों के निशान देखकर उसका
  2931. 2:16:06चेहरा गुस्से से लाल हो गया। उसने अपने
  2932. 2:16:09हाथों से मेघा की ठुडी पकड़ कर उसका चेहरा
  2933. 2:16:12ऊपर उठाया और उसकी आंखों में देखते हुए
  2934. 2:16:14पूछा,
  2935. 2:16:16तुम्हें थप्पड़ किसने मारा है?
  2936. 2:16:20मेघा ने शौर्य की बात सुनी तो वो अपना गाल
  2937. 2:16:23छुपाने लगी। मेघा ने कुछ नहीं कहा पर उसने
  2938. 2:16:27नजर उठाकर विक्की की तरफ देखा। विक्की ने
  2939. 2:16:30देखा कि मेघा उसकी तरफ देख तो रही है पर
  2940. 2:16:33उसकी कुछ बोलने की हिम्मत नहीं हो रही है।
  2941. 2:16:36तो वो ठहाका लगाते हुए बोला अरे बेबी बोल
  2942. 2:16:39क्यों नहीं रही हो? बताओ अपने भाई को कि
  2943. 2:16:42तुम्हें किसने थप्पड़ मारा है? इसे बताओ
  2944. 2:16:45ना कि मैंने इस विक्की ने तुम्हारे इस
  2945. 2:16:48गोरे गाल को अपने हाथों से लाल किया है।
  2946. 2:16:52इतना बोलकर वो दो कदम मेघा और शौर्य की
  2947. 2:16:55तरफ बढ़ा। शौर्य ने खूनी नजरों से विक्की
  2948. 2:16:58की तरफ देखा। तभी विक्की शौर्य की तरफ
  2949. 2:17:02देखते हुए वैशी अंदाज में बोला।
  2950. 2:17:05अभी तो कुछ किया ही नहीं है। नहीं तो
  2951. 2:17:07विक्की से पंगा लेने वाले का क्या हश्र
  2952. 2:17:10होता है यह आज तुम्हें पता चल जाएगा।
  2953. 2:17:13कमजोर लड़की पर हाथ उठाकर मर्द बन रहे हो।
  2954. 2:17:18शौर्य ने गरजते हुए कहा तो विक्की शौर्य
  2955. 2:17:20की तरफ बढ़ा और बोला, चिंता मत करो। अभी
  2956. 2:17:24तुम्हारा हाल भी तुम्हारी बहन के जैसा ही
  2957. 2:17:26होने वाला है।
  2958. 2:17:29अब शौर्य से बर्दाश्त करना मुश्किल हो रहा
  2959. 2:17:31था। उसने मेघा को साइड में खड़ा किया और
  2960. 2:17:34खुद विक्की के पास जाकर बोला, तो फिर देर
  2961. 2:17:38किस लिए कर रहे हो? मैं आ गया हूं ना।
  2962. 2:17:40अकेला ही तुम्हारे सामने खड़ा हूं। आओ करो
  2963. 2:17:44मेरे गाल को लाल। स्वर्णलता अपनी जगह से
  2964. 2:17:47ही शौर्य की बात को सुन रही थी। वो हैरान
  2965. 2:17:50थी कि आखिर यह है कौन जो उसकी प्रेजेंस
  2966. 2:17:53में थोड़ा भी डर नहीं रहा है। उधर विक्की
  2967. 2:17:56मेघा के पीछे खड़े दोनों बॉडीगार्ड्स की
  2968. 2:17:58तरफ देखकर बोला। बृजू यह आदमी इस कमरे से
  2969. 2:18:03सही सलामत अपने पैरों पर चलकर नहीं जाना
  2970. 2:18:05चाहिए।
  2971. 2:18:07विक्की की बात पर शौर्य ने एक ऐसी मुस्कान
  2972. 2:18:09दिखाई जो मौत का पैगाम [संगीत] थी। शौर्य
  2973. 2:18:12अपने शब्दों को चबाते हुए बोला
  2974. 2:18:15मैं यहां से अपने पैरों पर जा पाऊंगा या
  2975. 2:18:18नहीं यह तो पता नहीं पर जिस हाथ से तुमने
  2976. 2:18:22मेघा के गाल पर थप्पड़ मारा है उस हाथ के
  2977. 2:18:25साथ सही सलामत तुम तो यहां से नहीं जा
  2978. 2:18:28पाओगे।
  2979. 2:18:31शौर्य ने जितने खूंखार स्वर में अपनी बात
  2980. 2:18:33कही उसे सुनकर एक बार विक्की का शरीर भी
  2981. 2:18:36सिहर गया। शौर्य अपनी जगह से मुड़ा और
  2982. 2:18:39दरवाजे की तरफ बढ़ गया। यह देखकर [संगीत]
  2983. 2:18:41विक्की चिल्लाया।
  2984. 2:18:43बिरजू देख क्या रहे हो? यह कमरे से भागने
  2985. 2:18:47के चक्कर में है। शौर्य दरवाजे के पास
  2986. 2:18:50पहुंचा। बिरजू अपने साथी के साथ तेजी से
  2987. 2:18:53हरकत में आया। वो अभी शौर्य पर झपटने ही
  2988. 2:18:56वाला था कि उसने देखा शौर्य बाहर जाने की
  2989. 2:18:59बजाय खुद ही दरवाजा बंद कर रहा था। उसने
  2990. 2:19:02दरवाजा बंद करके चटकनी चढ़ा दी और फिर
  2991. 2:19:05पलटते हुए बोला या तो मैं अपने पैरों पर
  2992. 2:19:09सही सलामत इस कमरे से बाहर नहीं जाऊंगा या
  2993. 2:19:12फिर यह हाल तुम लोगों का होगा।
  2994. 2:19:16शौर्य चलकर कमरे के बीच में आ गया और उस
  2995. 2:19:18बिरजू की तरफ देखकर बोला
  2996. 2:19:21अब किस बात का इंतजार कर रहे हो? आओ और
  2997. 2:19:24मेरे पैर तोड़कर अपने आका की बात को सही
  2998. 2:19:27साबित करो। सिटी अस्पताल के डीन का केबिन
  2999. 2:19:31जो कुछ देर पहले तक सत्ता और अहंकार का
  3000. 2:19:33केंद्र था। अब एक युद्ध क्षेत्र में
  3001. 2:19:36तब्दील हो चुका था। बाहर खड़े गार्ड्स धूल
  3002. 2:19:39चाट रहे थे और अंदर एक भाई की आंखों में
  3003. 2:19:42अपनी बहन के अपमान का प्रतिशोध दधक रहा
  3004. 2:19:44था। शौर्य ने कमरे का दरवाजा बंद कर दिया।
  3005. 2:19:48यह संकेत था कि अब यहां से बाहर निकलने का
  3006. 2:19:51रास्ता सिर्फ दिल के हौसले और बाजुओं के
  3007. 2:19:54दम पर ही टिका है। दरवाजा बंद करके शौर्य
  3008. 2:19:58ने एक खूंखार शेर की तरह पलटी मारी। शौर्य
  3009. 2:20:01की नजरें विक्की पर टिकी थीं। वहीं विक्की
  3010. 2:20:04[संगीत] जिसने कुछ ही पल पहले अपनी
  3011. 2:20:06बहादुरी के कसीदे पढ़े थे। इससे पहले कि
  3012. 2:20:09विक्की कुछ सोच पाता। शौर्य बिना किसी
  3013. 2:20:12चेतावनी के बिजली की फुर्ती से विक्की की
  3014. 2:20:14तरफ बढ़ा। विक्की को संभलने का एक पल भी
  3015. 2:20:17नहीं मिला और एक जोरदार तमाचे की आवाज
  3016. 2:20:20गूंजी।
  3017. 2:20:22शौर्य का हाथ विक्की के गाल पर इतनी तेजी
  3018. 2:20:24से पड़ा कि विक्की का सिर घूम गया। कमरे
  3019. 2:20:27में सन्नाटा छा गया और स्वर्णलता की आंखें
  3020. 2:20:30फटी की फटी रह गई। शौर्य अब एक साधारण
  3021. 2:20:34इंसान नहीं बल्कि अपनी बहन के अपमान का
  3022. 2:20:36बदला लेने वाला काल बन चुका था। उसने
  3023. 2:20:40विक्की को संभलने का मौका तक नहीं दिया।
  3024. 2:20:42विक्की लड़खड़ाया ही था कि तभी किनारे
  3025. 2:20:45खड़े गार्ड बृजू का दूसरा साथी हरकत में
  3026. 2:20:48आया। वो शौर्य के पीछे से झपटा और उसने
  3027. 2:20:51घातक पिक उसकी पीठ पर मारनी चाही। लेकिन
  3028. 2:20:54शौर्य वो जैसे आज किसी दैवीय शक्ति से लेस
  3029. 2:20:57था। ऐसा लग रहा था जैसे शौर्य के पीछे भी
  3030. 2:21:00आंखें हो। वो तुरंत झुककर जमीन पर बैठ
  3031. 2:21:03गया। जिससे बिरजू का साथी उसकी ऊपर से हवा
  3032. 2:21:06में उड़ता हुआ सीधा विक्की पर जाकर गिरा।
  3033. 2:21:09उधर विक्की जो अभी शौर्य का थप्पड़ खाने
  3034. 2:21:12के बाद संभल ही रहा था। उस पर जैसे ही
  3035. 2:21:15बिरजू का साथी आ गिरा तो दोनों साथ में
  3036. 2:21:17जमीन पर लौटने लगे। इतनी देर में बिरजू जो
  3037. 2:21:21खुद को बहुत बड़ा पहलवान समझता था अब अपना
  3038. 2:21:24आपा खो चुका था। वो पूरी ताकत लगाकर शौर्य
  3039. 2:21:27की तरफ दौड़ा। शौर्य ने भी अपनी रफ्तार
  3040. 2:21:30बढ़ाई। दोनों के पैर एक साथ हवा में लहराए
  3041. 2:21:33और दोनों की किक आपस में टकराई। पर अगले
  3042. 2:21:37ही पल पूरे केबिन में बिरजू की रोख कपा
  3043. 2:21:40देने वाली चीख गूंज उठी। आ मेरा पैर।
  3044. 2:21:48दरअसल जिस जगह दोनों के पैर आपस में टकराए
  3045. 2:21:50थे, वहीं से बिरजू का पैर टूट कर झूल गया
  3046. 2:21:53था। बिरजू की चीख सुनकर उसका दूसरा साथी
  3047. 2:21:57सांप की तरह फुफकारता हुआ आगे बढ़ा। लेकिन
  3048. 2:22:00शौर्य का फैसला अटल था। एक और हवाई वार और
  3049. 2:22:04उस दूसरे गार्ड का भी वही हश्र हुआ। अब
  3050. 2:22:07विक्की के दोनों पहलवान जमीन पर रेंग रहे
  3051. 2:22:10थे। विक्की का सारा नशा उतर चुका था। वो
  3052. 2:22:14कांपते हुए स्वर्णलता के पास पहुंचा।
  3053. 2:22:16स्वर्णलता जो अब तक खुद को इस खेल की
  3054. 2:22:19महारानी समझ रही थी वो खूंखार भाव से
  3055. 2:22:22शौर्य को देखते हुए बोली मानना पड़ेगा
  3056. 2:22:25तुम्हारी हिम्मत को। जो तुम मुझसे मतलब
  3057. 2:22:28स्वर्णलता राठौर से टकराने की हिम्मत कर
  3058. 2:22:31रहे हो।
  3059. 2:22:33शौर्य की आंखों में जलती नफरत ने
  3060. 2:22:35स्वर्णलता को घूर के देखा। चेतावनी देते
  3061. 2:22:39हुए शौर्य गरजा।
  3062. 2:22:41आपको बोलते हुए भी शर्म नहीं आ रही है। आप
  3063. 2:22:44औरत के नाम पर कलंक हैं। जो अपने सामने एक
  3064. 2:22:48कमजोर लड़की को अपने भतीजे से पिटवाती है।
  3065. 2:22:51वो कहीं से भी औरत कहलाने का हक नहीं
  3066. 2:22:53रखती।
  3067. 2:22:55आपको बहुत घमंड [संगीत] है ना कि आप
  3068. 2:22:57राजघराने से संबंध रखती हैं। आज अगर मैंने
  3069. 2:23:01आपका यह घमंड नहीं तोड़ा तो मुझे किसी को
  3070. 2:23:03अपनी बहन कहने का हक नहीं है।
  3071. 2:23:07विक्की जो अब अपनी बुआ की आड़ में छिपने
  3072. 2:23:09की कोशिश कर रहा था। शौर्य के शब्दों से
  3073. 2:23:11तिलमिला उठा। वो पागलपन में शौर्य की तरफ
  3074. 2:23:14झपटा। लेकिन शौर्य ने उसे कॉलर से पकड़ा
  3075. 2:23:17और एक झटके में हवा में उछाल दिया। विक्की
  3076. 2:23:20कमरे के बीचोंबीच जा गिरा। शौर्य उसके पास
  3077. 2:23:23पहुंचा और बिना किसी दया के अपने भारी
  3078. 2:23:26जूते का जबरदस्त वार विक्की के हाथों पर
  3079. 2:23:29किया। विक्की की दर्द भरी चीख निकल गई।
  3080. 2:23:32नहीं
  3081. 2:23:34विक्की के एक हाथ की हड्डी टूट चुकी थी।
  3082. 2:23:37वो दर्द से बिलबिलाता हुआ दोबारा
  3083. 2:23:39स्वर्णलता के पैरों के पास जा गिरा। शौर्य
  3084. 2:23:42का गुस्सा आज काबू के बाहर था। इसीलिए
  3085. 2:23:45इतना सब करके भी वो रुका नहीं। वो फिर से
  3086. 2:23:48विक्की के पास पहुंचना चाहता था। पर तभी
  3087. 2:23:51स्वर्णलता जी उसका रास्ता रोक कर खड़ी हो
  3088. 2:23:54गई। उसी समय कमरे के बाहर से दरवाजा पीटने
  3089. 2:23:58की आवाज आने लगी। शौर्य स्वर्णलता के
  3090. 2:24:01सामने खड़ा था। उसकी सांसे तेज थी, लेकिन
  3091. 2:24:05दिमाग बर्फ की तरह ठंडा। अपने सामने खड़ी
  3092. 2:24:08स्वर्णलता को एक पल घूरने के [संगीत] बाद
  3093. 2:24:11शौर्य ने गुस्से से फुफकारते हुए कहा, "आप
  3094. 2:24:14मेरे सामने से हट जाइए। नहीं तो ऐसा ना हो
  3095. 2:24:18कि मैं बड़े-छोटे की [संगीत] मर्यादा भूल
  3096. 2:24:20जाऊं।
  3097. 2:24:22तभी एक बार फिर बाहर से दरवाजे को पीटने
  3098. 2:24:24की तेज आवाज आई। पर शौर्य ने उस तरफ कोई
  3099. 2:24:28ध्यान नहीं दिया। स्वर्णलता के चेहरे पर
  3100. 2:24:30शिकन तक नहीं थी। वो अभी भी अपनी सत्ता के
  3101. 2:24:34नशे में थी। उसने मेघा को भैया कहते सुना
  3102. 2:24:37था। तो वो समझ गई थी कि ये दोनों भाई-बहन
  3103. 2:24:40हैं। लेकिन उसे हैरानी थी कि कोई साधारण
  3104. 2:24:43लड़का स्वर्णलता राठौड़ के सामने ऐसी
  3105. 2:24:45जुर्रत कैसे कर सकता है। उसे इस बात पर भी
  3106. 2:24:49हैरानी हो रही थी कि उसके यहां मौजूद होने
  3107. 2:24:52के बावजूद भी शौर्य ने विक्की को मारने की
  3108. 2:24:55हिम्मत की। वो तो सोच रही थी कि उसका होना
  3109. 2:24:58ही काफी है। कोई उसके खिलाफ जाने की सोच
  3110. 2:25:01भी नहीं सकता। लेकिन शौर्य ने उसकी हर
  3111. 2:25:04उम्मीद के विपरीत ना सिर्फ गार्ड्स को धूल
  3112. 2:25:06चटा दी थी बल्कि विक्की का हाथ भी तोड़
  3113. 2:25:08दिया था और अब भी उसके पीछे पड़ा हुआ था।
  3114. 2:25:12यह देख स्वर्णलता ठंडे स्वर में शौर्य को
  3115. 2:25:14घूरते हुए बोली
  3116. 2:25:17तुमने पहले ही बहुत बड़ी गलती कर दी है।
  3117. 2:25:20और अब जो करने जा रहे हो उससे तुम अपनी
  3118. 2:25:23मौत को दावत दे रहे हो।
  3119. 2:25:25तभी शौर्य ने तिरस्कार भरी नजर से उसे
  3120. 2:25:28देखा और बोला
  3121. 2:25:31यह धमकी अपने पास रखिए। आप जैसे लोग सिर्फ
  3122. 2:25:34कमजोरों पर ही जोर चला सकते हैं। मैं आपको
  3123. 2:25:38दिखाऊंगा कि मेरी बहन के साथ गुस्ताखी
  3124. 2:25:40करने की क्या सजा होती है। इतना कहकर बिना
  3125. 2:25:44किसी प्रतिक्रिया का इंतजार किए शौर्य ने
  3126. 2:25:47स्वर्णलता के सामने से हटकर पीछे खड़े
  3127. 2:25:49विक्की का कॉलर पकड़ लिया और जोर से झटका
  3128. 2:25:52दिया। विक्की स्वर्णलता के ऊपर से उछलता
  3129. 2:25:55हुआ शौर्य के पीछे जाकर गिरा। यह देख
  3130. 2:25:58स्वर्णलता के मुंह से घबराहट भरी आवाज
  3131. 2:26:01निकली। ये ये क्या कर रहे हो तुम? तुम
  3132. 2:26:04मुझे जानते नहीं। मैं तुम्हारी जिंदगी
  3133. 2:26:06जहन्नुम बना दूंगी।
  3134. 2:26:09लेकिन शौर्य ने उसकी बात को पूरी तरह
  3135. 2:26:11नजरअंदाज कर दिया और पलट कर फिर से विक्की
  3136. 2:26:14के सामने पहुंच गया। विक्की का डर से बुरा
  3137. 2:26:17हाल था। उसके मुंह से लगातार चीखें निकल
  3138. 2:26:20रही थी। वो दयनीय हालत में स्वर्णलता से
  3139. 2:26:24गिड़गिड़ा कर बोला आंटी मुझे इस जल्लाद से
  3140. 2:26:28बचा लो ये मुझे मार डालेगा
  3141. 2:26:32स्वर्णलता बेचैनी से चारों तरफ देखने लगी
  3142. 2:26:35उसके दोनों गार्ड्स पहले ही बेहोश पड़े थे
  3143. 2:26:38उसने डीन महेंद्र सेवार की तरफ देखा और
  3144. 2:26:41चीखते हुए बोली महेंद्र तुम देख क्या रहे
  3145. 2:26:45हो यह बदमाश सरेआम मेरे भतीजे को पीट रहा
  3146. 2:26:48है और तुम चुप खड़े हो
  3147. 2:26:51वैसे तो महेंद्र सिखरवार मन ही मन विक्की
  3148. 2:26:54की पिटाई देखकर खुश था लेकिन वो चेहरे पर
  3149. 2:26:57कुछ जाहिर नहीं होने दे रहा था। वो शिकायत
  3150. 2:26:59भरे लहजे में बोला
  3151. 2:27:02मेरी यहां सुनता ही कौन है? पहले आप
  3152. 2:27:05मनमानी कर रही थी। अब यह कर रहा है। मैं
  3153. 2:27:08क्या ही कर सकता हूं।
  3154. 2:27:11स्वर्णलता उसकी हैसियत जानती थी। लेकिन
  3155. 2:27:13उसे समझ नहीं आ रहा था कि मदद के लिए किसे
  3156. 2:27:16बुलाए। तभी एक बार फिर दरवाजे पर जोरदार
  3157. 2:27:20दस्तक हुई तो वो गुस्से में चिल्लाई। कुछ
  3158. 2:27:23नहीं कर सकते तो कम से कम दरवाजा तो खोल
  3159. 2:27:25सकते हो।
  3160. 2:27:27महेंद्र सकरवार दरवाजे की तरफ बढ़ गया।
  3161. 2:27:30जाते-जाते उसने एक नजर शौर्य पर डाली।
  3162. 2:27:34शौर्य विक्की का कॉलर पकड़े उसके गाल पर
  3163. 2:27:36लगातार थप्पड़ जड़ रहा था। कई थप्पड़
  3164. 2:27:39मारने के बाद शौर्य ने विक्की का दूसरा
  3165. 2:27:41हाथ पकड़ कर सीधा किया और ठंडे स्वर में
  3166. 2:27:44बोला।
  3167. 2:27:46इसी हाथ से तुमने मेघा को थप्पड़ मारा था।
  3168. 2:27:49तो यह कैसे सलामत रह सकता है?
  3169. 2:27:53शौर्य का इरादा समझते ही विक्की का चेहरा
  3170. 2:27:56सफेद पड़ गया। वो गिड़गिड़ा कर बोला नहीं
  3171. 2:28:00इस हाथ को छोड़ दो। तुम पहले ही एक हाथ
  3172. 2:28:02तोड़ चुके हो। प्लीज इसे छोड़ दो।
  3173. 2:28:07लेकिन शौर्य पर उसकी विनती का कोई असर
  3174. 2:28:09नहीं हुआ। उधर स्वर्णलता भी शौर्य का
  3175. 2:28:12इरादा समझ चुकी थी। वो तेजी से उसकी तरफ
  3176. 2:28:15बढ़ते हुए चिल्लाई। नहीं छोड़ दो उसे।
  3177. 2:28:19तुमने पहले ही बहुत ज्यादती कर दी है।
  3178. 2:28:22लेकिन उसी क्षण शौर्य का हाथ उठा और अगले
  3179. 2:28:24ही पल एक जोरदार प्रहार विक्की के हाथ पर
  3180. 2:28:27पड़ा और जोर से हड्डी टूटने की आवाज पूरे
  3181. 2:28:30डीन के केबिन में गूंज गई।
  3182. 2:28:33विक्की की चीख दम तोड़ गई और वो फर्श पर
  3183. 2:28:36ढेर हो गया। स्वर्णलता वहीं जड़ होकर खड़ी
  3184. 2:28:39रह गई।
  3185. 2:28:41विक्की जमीन पर गिरकर दर्द से तड़पते हुए
  3186. 2:28:44चीखने लगा। उसी समय महेंद्र शेखरवार ने
  3187. 2:28:47दरवाजा खोल दिया। दरवाजे से तेजी से कांता
  3188. 2:28:50प्रसाद अपने दो बॉडीगार्ड्स के साथ अंदर
  3189. 2:28:53आए। कमरे की हालत देखते ही उन्हें समझते
  3190. 2:28:55देर नहीं लगी कि यहां क्या हुआ है। अंदर
  3191. 2:28:59आते ही वो गरजते हुए बोले
  3192. 2:29:02यह क्या हो रहा है यहां?
  3193. 2:29:05उनकी आवाज सुनते ही सब वहीं ठिठक गए।
  3194. 2:29:08स्वर्णलता ने जैसे ही कांता प्रसाद को
  3195. 2:29:10देखा उसके अंदर फिर से हिम्मत आ गई। वो
  3196. 2:29:14गुस्से में शौर्य की तरफ इशारा करते हुए
  3197. 2:29:16बोली अच्छा हुआ आप आ गए। कांता प्रसाद जी
  3198. 2:29:20इस लड़के ने हमारे विक्की का हाथ तोड़
  3199. 2:29:22दिया है। अभी के अभी अपने आदमियों से कहिए
  3200. 2:29:25और अब इसका हाथ तुड़वाइए।
  3201. 2:29:29दरवाजा खुलते ही स्वर्णलता के साथ आए बाकी
  3202. 2:29:32लोग भी अंदर आ गए। उन्होंने तुरंत विक्की
  3203. 2:29:34को संभाल कर खड़ा किया। स्वर्णलता की बात
  3204. 2:29:37सुनकर कांता प्रसाद ने पूरे कमरे का एक
  3205. 2:29:40बार गहराई से मुआयना किया। उन्हें देखकर
  3206. 2:29:43ऐसा लग रहा था मानो वे जानबूझकर हालात को
  3207. 2:29:46समझने की कोशिश कर रहे हो। शायद स्वर्णलता
  3208. 2:29:49को दिखाने के लिए। फिर वो शौर्य के पास
  3209. 2:29:52पहुंचे और अनजान बनते हुए बोले यहां क्या
  3210. 2:29:56हो रहा है? क्या तुमने ही विक्की का हाथ
  3211. 2:29:59तोड़ा है?
  3212. 2:30:01शौर्य ने उन्हें सम्मान देते हुए मगर सख्त
  3213. 2:30:04स्वर में जवाब दिया।
  3214. 2:30:06अभी तो सिर्फ हाथ तोड़ा है। अगर आप समय पर
  3215. 2:30:10नहीं आते तो शायद इसकी जान भी ले लेता।
  3216. 2:30:14वो भी समझ रहा था कि कांता प्रसाद क्या
  3217. 2:30:17दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। तभी
  3218. 2:30:19स्वर्णलता फिर से गुस्से में चिल्लाई।
  3219. 2:30:21देखा आपने अभी भी इसकी बदतमीजी कम होने का
  3220. 2:30:25नाम नहीं ले रही।
  3221. 2:30:27लेकिन कांता प्रसाद ने उसकी बात को
  3222. 2:30:29नजरअंदाज करते हुए कड़े स्वर में पूछा।
  3223. 2:30:33तुमने विक्की का हाथ क्यों तोड़ा? आखिर
  3224. 2:30:36इसने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है?
  3225. 2:30:39शौर्य की आंखों में आग उतर आई। वो बोला,
  3226. 2:30:44"क्या बिगाड़ा? कुछ दिन पहले ही राजा साहब
  3227. 2:30:47के सामने फैसला हुआ था कि यह मेरी बहन के
  3228. 2:30:50साथ दोबारा बदतमीजी नहीं करेगा। इसने सबके
  3229. 2:30:53सामने माफी भी मांगी थी। और आज फिर देख
  3230. 2:30:57लीजिए इसने क्या किया है।
  3231. 2:30:59इतना कहकर शौर्य ने मेघा को आगे किया और
  3232. 2:31:02उसका गाल दिखाते हुए बोला सिर्फ यही नहीं
  3233. 2:31:06यह मैडम भी कम कसूरवार नहीं है?
  3234. 2:31:11कांता प्रसाद ने एक नजर मेघा पर डाली। फिर
  3235. 2:31:13विक्की के पास जाकर पूछा।
  3236. 2:31:17क्या तुमने फिर से मेघा के साथ बदतमीजी की
  3237. 2:31:20है?
  3238. 2:31:22यह सुनते ही विक्की घबराकर स्वर्णलता की
  3239. 2:31:24तरफ उम्मीद से देखने लगा। उसे लगा अब वही
  3240. 2:31:28उसे बचा सकती है। जब स्वर्णलता ने देखा कि
  3241. 2:31:31कांता प्रसाद शौर्य की बात को तवज्जो दे
  3242. 2:31:33रहे हैं तो वह भड़क उठी। कांता प्रसाद जी
  3243. 2:31:37आखिर आप किस बात में उलझ गए हैं? आपको
  3244. 2:31:39दिखाई नहीं दे रहा कि इस लड़के ने विक्की
  3245. 2:31:42के दोनों हाथ तोड़ दिए हैं। आप सजा देने
  3246. 2:31:44की जगह सही गलत में पड़ गए हैं।
  3247. 2:31:48कांता प्रसाद ने शांत लेकिन ठोस स्वर में
  3248. 2:31:50जवाब दिया। मुझे माफ कीजिए बिटिया रानी।
  3249. 2:31:54लेकिन राजा साहब ने खुद विक्की बाबा को
  3250. 2:31:56चेतावनी दी थी। [संगीत] अगर उसके बाद भी
  3251. 2:31:59इन्होंने इस लड़की के साथ बदतमीज़ी की है
  3252. 2:32:02और शायद मारपीट भी। तो यह मामला अब मेरे
  3253. 2:32:06हाथ से बाहर है।
  3254. 2:32:08इसके बाद उन्होंने ठहर कर कहा,
  3255. 2:32:11"मुझे लगता है यह बात अब राजा साहब तक
  3256. 2:32:15पहुंचनी चाहिए। वही तय करेंगे कि कौन सही
  3257. 2:32:19है और कौन गलत। अब क्योंकि इसमें आपकी
  3258. 2:32:23भूमिका भी सामने आ रही है। तो मैं अकेले
  3259. 2:32:26फैसला नहीं ले सकता।
  3260. 2:32:29स्वर्णलता के पैरों तले जमीन खिसक गई।
  3261. 2:32:32अपना फैसला सुनाकर कांता प्रसाद ने गेंद
  3262. 2:32:35पूरी तरह राजा साहब के पाले में डाल दी
  3263. 2:32:38थी। बदली हुई स्थिति को देखकर स्वर्णलता
  3264. 2:32:41के चेहरे के भाव गंभीर हो गए। वो बिल्कुल
  3265. 2:32:44नहीं चाहती थी कि यह मामला उसके पिताजी तक
  3266. 2:32:47पहुंचे। लेकिन अब हालात उसके हाथ से निकल
  3267. 2:32:50चुके थे। उसे अंदाजा भी नहीं था कि शौर्य
  3268. 2:32:53अकेले ही पूरी बाजी पलट देगा। तभी शौर्य
  3269. 2:32:57ने एक ठंडी मुस्कान के साथ अपनी बहन का
  3270. 2:33:00हाथ पकड़ा। उसे पता था कि उसने सिर्फ
  3271. 2:33:03हड्डियां नहीं तोड़ी थी बल्कि उस अहंकार
  3272. 2:33:05की कमर तोड़ दी थी जिसने उसकी बहन को
  3273. 2:33:08रुलाया था। अब डीन के केबिन में सन्नाटा
  3274. 2:33:11था। विक्की दर्द से करा रहा था और
  3275. 2:33:14स्वर्णलता शांत रहने का दिखावा कर रही थी।
  3276. 2:33:18लेकिन अंदर ही अंदर हार के अपमान में जल
  3277. 2:33:21रही थी। स्वर्णलता का गुरूर आज सरेआम
  3278. 2:33:25चकनाचूर हुआ था। शौर्य के विध्वंसक तूफान
  3279. 2:33:28ने स्वर्णलता के आतंकी तेवर की धज्जियां
  3280. 2:33:31उड़ा दी थी। कल तक जो स्वर्णलता लोगों के
  3281. 2:33:34लिए खौफ का कारण थी। आज वह खुद आतंकित नजर
  3282. 2:33:38आ रही थी। डीन के केबिन में हुए आज के
  3283. 2:33:41हंगामे का फैसला राजा साहब पर छोड़ने के
  3284. 2:33:43कांता प्रसाद के फैसले ने स्वर्णलता के
  3285. 2:33:46चेहरे का रंग ही बदल दिया था। उसका चेहरा
  3286. 2:33:49डर और हताशा से पीला पड़ चुका था।
  3287. 2:33:51स्वर्णलता जानती थी कि अगर राजा साहब को
  3288. 2:33:54पता चला कि उसने विक्की की बदतमीजी का साथ
  3289. 2:33:57दिया है तो परिणाम भयानक होगा। पहले उसे
  3290. 2:34:00लगा था कि वह इस पूरे मामले को अपने स्तर
  3291. 2:34:03पर संभाल लेगी। लेकिन कांता प्रसाद के आते
  3292. 2:34:06ही हालात उसके हाथ से निकल चुके थे। वो
  3293. 2:34:09नहीं चाहती थी कि यह बात उसके पिता यानी
  3294. 2:34:12राजा साहब तक पहुंचे। इसीलिए उसने
  3295. 2:34:14गिड़गिड़ाते हुए कहा।
  3296. 2:34:17कांता प्रसाद जी अभी-अभी राजा साहब की
  3297. 2:34:20तबीयत थोड़ी ठीक हुई है। आप क्यों उन्हें
  3298. 2:34:22यह सब बताकर और टेंशन देना चाहते हैं? जब
  3299. 2:34:25आप यहां हैं तो फैसला आप खुद भी कर सकते
  3300. 2:34:28हैं।
  3301. 2:34:29कांता प्रसाद ने अपना चश्मा ठीक किया और
  3302. 2:34:32गंभीर स्वर में जवाब दिया।
  3303. 2:34:35अब मैं क्या फैसला कर सकता हूं? स्थिति
  3304. 2:34:38पहले ही विकट हो चुकी है। राजा साहब का
  3305. 2:34:41साफ आदेश था कि विक्की मेघा बिटिया के साथ
  3306. 2:34:44दोबारा कोई दुर्व्यवहार नहीं करेगा। फिर
  3307. 2:34:48भी इसने वही गलती दोहराई। क्या इसके लिए
  3308. 2:34:52राजा साहब का फैसला कोई मायने नहीं रखता?
  3309. 2:34:57विक्की जो अपने टूटे हाथों को पकड़े हुए
  3310. 2:34:59था। कांता प्रसाद की बात सुनकर थरथर
  3311. 2:35:02कांपने लगा। अब उसे अपनी हड्डियां टूटने
  3312. 2:35:04से ज्यादा डर राजा साहब के कोप से लग रहा
  3313. 2:35:07था। कुछ पल चुप रहने के बाद उसने कहा, ठीक
  3314. 2:35:11है। आप ही बताइए कि आप क्या चाहते हैं?
  3315. 2:35:15कांता प्रसाद ने स्पष्ट शब्दों में कहा,
  3316. 2:35:19"मैं अपनी तरफ से कुछ नहीं जोडूंगा। मैं
  3317. 2:35:22सिर्फ यह चाहता हूं कि राजा साहब के फैसले
  3318. 2:35:25का सम्मान किया जाए। अब जो हो चुका उसे
  3319. 2:35:30बदला नहीं जा सकता।
  3320. 2:35:32लेकिन विक्की को मेघा से माफी मांगनी
  3321. 2:35:34होगी। अगर मेघा उसे माफ कर देती है तो यह
  3322. 2:35:38मामला यहीं खत्म हो जाएगा।
  3323. 2:35:41यह सुनकर स्वर्णलता का खून खौल उठा। एक
  3324. 2:35:44साधारण लड़की के सामने उसके घर का वारिस
  3325. 2:35:47माफी मांगे। उसने विक्की की तरफ देखा
  3326. 2:35:51जिसका सिर पहले ही झुका हुआ था। फिर उसने
  3327. 2:35:53कहा इस लड़की के भाई ने विक्की के दोनों
  3328. 2:35:57हाथ तोड़ दिए। उसका क्या? क्या उसे कोई
  3329. 2:36:00सजा नहीं मिलेगी?
  3330. 2:36:02इस पर कांता प्रसाद ने शांत लेकिन सख्त
  3331. 2:36:04स्वर में कहा,
  3332. 2:36:07"अगर विक्की ने इसकी बहन के साथ गलत
  3333. 2:36:10व्यवहार नहीं किया होता, तो आज उसका यह
  3334. 2:36:12हाल नहीं होता।"
  3335. 2:36:14इस दौरान शौर्य चुपचाप ही खड़ा रहा। उसने
  3336. 2:36:18दरवाजा खुलने से पहले ही विक्की को उसकी
  3337. 2:36:20हरकत की सजा दे दी थी। कांता प्रसाद ने भी
  3338. 2:36:24समझदारी दिखाते हुए स्वर्णलता के सामने
  3339. 2:36:26शौर्य को पहचानने की कोशिश नहीं की।
  3340. 2:36:30आखिर हार मानकर स्वर्णलता ने विक्की को
  3341. 2:36:33इशारा किया और विक्की लड़खड़ाते हुए मेघा
  3342. 2:36:36के पास पहुंचा और माफी मांगने लगा।
  3343. 2:36:40मेघा ने सिहरते हुए कांता प्रसाद का हाथ
  3344. 2:36:42पकड़ लिया और बोली।
  3345. 2:36:45अंकल अगर ये फिर मेरे साथ कुछ गलत करने
  3346. 2:36:48लगे तो? आज तो भैया आ गए। लेकिन हर बार तो
  3347. 2:36:52नहीं आ पाएंगे ना।
  3348. 2:36:55कांता प्रसाद ने कहा
  3349. 2:36:58अगर आज के बाद विक्की तुम्हारे आसपास भी
  3350. 2:37:01दिखाई दिया तो समझ लो कि राजा साहब खुद
  3351. 2:37:04उसे ऐसी सजा देंगे जिसकी वो कल्पना भी
  3352. 2:37:07नहीं कर पाएगा।
  3353. 2:37:09यह बात एक चेतावनी थी विक्की और स्वर्णलता
  3354. 2:37:12दोनों के लिए। स्वर्णलता ने शौर्य की तरफ
  3355. 2:37:15देखते हुए कहा, विक्की अब इस लड़की के साथ
  3356. 2:37:19कुछ गलत नहीं करेगा लेकिन यह लड़का इसे
  3357. 2:37:23इसकी हरकत की सजा मैं जरूर दूंगी।
  3358. 2:37:26शौर्य ने कुछ नहीं कहा। बस हल्की मुस्कान
  3359. 2:37:29के साथ उसे देखता रहा। इसके बाद स्वर्णलता
  3360. 2:37:32ने महेंद्र सिखरवार से कहकर विक्की को
  3361. 2:37:34स्पेशल वार्ड में भर्ती कराया। वहीं शौर्य
  3362. 2:37:37मेघा और जीनत को हॉस्टल छोड़ने गया और
  3363. 2:37:40जाते-जाते उसने उनसे हॉस्टल के माहौल के
  3364. 2:37:42बारे में पूछा। जब मेघा ने बताया कि
  3365. 2:37:45हॉस्टल का माहौल सही नहीं है तो शौर्य ने
  3366. 2:37:48आश्चर्य से कहा इतने बड़े हॉस्पिटल का
  3367. 2:37:51हॉस्टल और हालत ऐसी अगर ऐसा है तो मैं
  3368. 2:37:54इंतजाम करता हूं। एक-द दिन में तुम दोनों
  3369. 2:37:57मेरे घर आ जाओगी। मैं आज यह बात पुजारी
  3370. 2:38:00बाबा को भी बता देता हूं। इतना कहकर शौर्य
  3371. 2:38:03वहां से चला गया।
  3372. 2:38:06अस्पताल के उस हंगामे से दूर राय हाउस में
  3373. 2:38:08एक अलग ही कहानी जन्म ले रही थी। शौर्य आज
  3374. 2:38:11पहली बार समय पर घर लौट आया था और शिप्रा
  3375. 2:38:15और राहुल के साथ डिनर कर रहा था। वो शांत
  3376. 2:38:18था। जैसे वो शौर्य ही ना हो जिसने कुछ
  3377. 2:38:21घंटे पहले हड्डियां तोड़ी थी। उसी समय
  3378. 2:38:24मेघना होटल राजकमल से अपना सामान लेकर
  3379. 2:38:27शिप्रा के घर पहुंच चुकी थी। मीटिंग्स
  3380. 2:38:30खत्म हो चुकी थी और वह अपनी मौसी बीना जी
  3381. 2:38:33के पास कुछ दिन सुकून से बिताना चाहती थी।
  3382. 2:38:36जब मेघना अंदर आई, शौर्य खाना खाकर अपने
  3383. 2:38:39कमरे में जा चुका था। मेघना के आते ही
  3384. 2:38:42शिप्रा बहुत खुश हो गई। उसके आने से घर
  3385. 2:38:44में अचानक हलचल और चहल-पहल बढ़ गई। शौर्य
  3386. 2:38:48जो अपने कमरे में था, बाहर की आवाजें
  3387. 2:38:50सुनकर उसे भी महसूस हुआ कि इस वक्त घर में
  3388. 2:38:53कोई आया है। लेकिन उसने बाहर निकल कर
  3389. 2:38:56देखना जरूरी नहीं समझा। रात काफी हो चुकी
  3390. 2:38:59थी और वह आज सिटी हॉस्पिटल में हुए हंगामे
  3391. 2:39:02के कारण बेहद थक चुका था। इसीलिए जल्दी ही
  3392. 2:39:05सो गया। उधर मेघना भी शिप्रा के साथ उसके
  3393. 2:39:08कमरे में चली गई। अब हालात ऐसे थे कि एक
  3394. 2:39:12ही घर में आजू-बाजू के कमरों में दो लोग
  3395. 2:39:15शौर्य और मेघना मौजूद थे। उनकी कहानी एक
  3396. 2:39:19दूसरे [संगीत] से गहराई से जुड़ी थी।
  3397. 2:39:21लेकिन दोनों ही एक दूसरे की सच्चाई से
  3398. 2:39:23अनजान थे।
  3399. 2:39:25अगले दिन सुबह के 9:00 बज चुके थे।
  3400. 2:39:29डाइनिंग टेबल पर बीना जी, शिप्रा और मेघना
  3401. 2:39:32बैठी थी। मेघना और शिप्रा में बचपन वाली
  3402. 2:39:35नोकझोंक चल रही थी। बातोंबातों में होड़
  3403. 2:39:38सी लगी थी कि कौन किससे कितना भारी पड़ता
  3404. 2:39:41है। बीना जी सामने बैठी दोनों को देख रही
  3405. 2:39:44थी। दोनों की शिकायतों के बीच में वो भी
  3406. 2:39:47कूद पड़ी और मेघना से शिकायती लहजे में ही
  3407. 2:39:49बोली।
  3408. 2:39:52रात को [संगीत] ही आई थी पर एक बार अपनी
  3409. 2:39:54मौसी से मिलने भी नहीं आई। मेघना मानो
  3410. 2:39:57जवाब देने को तैयार ही थी। उसने मौसी की
  3411. 2:40:00ओर देखा और बोली इसमें मेरी कोई गलती नहीं
  3412. 2:40:03है। मैं [संगीत] तो रात में ही आपसे मिलना
  3413. 2:40:05चाहती थी लेकिन शिप्रा ने मुझे आने नहीं
  3414. 2:40:08दिया।
  3415. 2:40:09मेघना की शिकायत सुन शिप्रा भी चुप नहीं
  3416. 2:40:11बैठी। उसने भी पलट कर शिकायत कर दी।
  3417. 2:40:15अगर तुझे मिलना ही था तो समय पर आती। एक
  3418. 2:40:18तो मां के सोने के बाद आई ऊपर से मुझ पर
  3419. 2:40:21ही इल्जाम लगा रही है। हंसीज़ाक के बीच
  3420. 2:40:24अचानक मेघना ने वो सवाल दाग दिया जिसने
  3421. 2:40:27शिप्रा के चेहरे की मुस्कान उड़ा दी। चाय
  3422. 2:40:30तो बढ़िया है। पर शिप्रा सबके दर्शन हो
  3423. 2:40:32गए। लेकिन अब तक तुम्हारे पतिदेव के दर्शन
  3424. 2:40:35क्यों नहीं हुए? कहां छिपे हैं वो? सवाल
  3425. 2:40:38सुनते ही बीना जी का चेहरा उतर गया। और वो
  3426. 2:40:41बिना कुछ बोले कमरे में चली गई। मेघना
  3427. 2:40:44हैरान रह गई और बोली ये मौसी अचानक क्यों
  3428. 2:40:47चली गई? शिप्रा उदास मुस्कान के साथ बोली
  3429. 2:40:52तूने ऐसी बात छेड़ दी तो उनका जाना तो
  3430. 2:40:54बनता ही था। तभी मेघना शिप्रा पर बरस
  3431. 2:40:58पड़ी।
  3432. 2:41:00अब समझ में आया तुम [संगीत] बेवजह मौसी को
  3433. 2:41:02परेशान कर रही हो। शिप्रा तलाक ले लो और
  3434. 2:41:05खत्म करो ना यह झंझट। यह सुनकर शिप्रा
  3435. 2:41:08गंभीर हो गई और बोली। इतना आसान नहीं है।
  3436. 2:41:11मैं इसलिए तलाक नहीं लेना चाहती क्योंकि
  3437. 2:41:14मुझे पता है जैसे ही तलाक लूंगी मां फिर
  3438. 2:41:16से मेरी शादी कराने के पीछे पड़ [संगीत]
  3439. 2:41:18जाएंगी और मैं अब किसी नए रिश्ते में
  3440. 2:41:20बंधना नहीं चाहती।
  3441. 2:41:22शिप्रा की सफाई सुनकर मेघना बोली मतलब तुम
  3442. 2:41:26सिर्फ इसी वजह से तलाक नहीं लेना चाहती।
  3443. 2:41:28पर यह बताओ तुम्हारे पतिदेव हैं कहां? इस
  3444. 2:41:32पर शिप्रा ने ऊपर कमरे की तरफ देखते हुए
  3445. 2:41:34[संगीत] कहा। पता नहीं शायद अपने कमरे में
  3446. 2:41:37होंगे।
  3447. 2:41:39तभी संतो सफाई करते हुए पास से गुजरी और
  3448. 2:41:42बोली नहीं दीदी जीजाजी तो सुबह ही चले गए
  3449. 2:41:46हैं।
  3450. 2:41:48मेघा ने लंबी सांस ली। उसे नहीं पता था कि
  3451. 2:41:51जिस जीजाजी [संगीत] को वो तुच्छ समझ रही
  3452. 2:41:53है वो उसकी पूरी दुनिया बदलने वाला है।
  3453. 2:41:56दूसरी तरफ शौर्य विक्रम के साथ मॉडल टाउन
  3454. 2:41:59सोसाइटी में बत्रा डेवलपर के ऑफिस पहुंच
  3455. 2:42:02गया। कल की घटना के बाद शौर्य ने फैसला कर
  3456. 2:42:05लिया था कि मेघा और जीनत [संगीत] अब उस
  3457. 2:42:07असुरक्षित हॉस्टल में नहीं रहेंगी। मॉडल
  3458. 2:42:10टाउन सोसाइटी सिटी हॉस्पिटल के पास ही
  3459. 2:42:12पड़ती थी। शौर्य ने फैसला कर लिया था कि
  3460. 2:42:15वो आज ही अपने लिए एक कोठी खरीदेगा।
  3461. 2:42:18[संगीत] उसने जानबूझकर इस एरिया को चुना
  3462. 2:42:21था। क्योंकि वह चाहता था कि मेघा हॉस्टल
  3463. 2:42:23छोड़कर उसके साथ उसी घर में रहे।
  3464. 2:42:27मॉडल टाउन के इस इलाके में बत्रा डेवलपर
  3465. 2:42:29ने कुछ बड़ी-बड़ी कोठियां बनाई थी। इसीलिए
  3466. 2:42:32शौर्य यहां आया था। ऑफिस से एक लड़की
  3467. 2:42:35जिसका नाम रोजी था कोठी दिखाने के लिए
  3468. 2:42:38चाबी लेकर उनके साथ भेजी गई थी। शौर्य ने
  3469. 2:42:42देखा कि सड़क के दोनों तरफ सीधी लाइन में
  3470. 2:42:44कोठियां बनी थी और उनके पीछे एक बड़ा
  3471. 2:42:47हराभरा इलाका फैला था जिसे सरकार ने
  3472. 2:42:50सुरक्षित घोषित किया था। इसी इलाके के बीच
  3473. 2:42:54एक बड़ी झील भी थी जो उस जगह की खूबसूरती
  3474. 2:42:57को और बढ़ा रही थी। रोजी शौर्य को सात
  3475. 2:43:01नंबर कोठी के सामने ले जाकर बोली कि सात
  3476. 2:43:04और नौ नंबर की कोठियां ही अभी रेडी टू मूव
  3477. 2:43:06स्थिति में अवेलेबल हैं। बाकी सभी बिक
  3478. 2:43:08चुकी हैं। शौर्य वहीं खड़ा था। इसीलिए
  3479. 2:43:12उसने पहले सात नंबर कोठी देखने को कहा।
  3480. 2:43:15इसके बाद रोज़ी उसे कोठी दिखाने अंदर लेकर
  3481. 2:43:17गई। कोठी के अंदर लगभग छह कमरे और एक बड़ा
  3482. 2:43:21डाइनिंग एरिया था। तीन कमरे ग्राउंड फ्लोर
  3483. 2:43:24पर और तीन कमरे फर्स्ट फ्लोर पर बने थे।
  3484. 2:43:26पीछे की तरफ एक स्विमिंग पूल था जिसका आधा
  3485. 2:43:30हिस्सा फाइबर ग्लास से कवर्ड था। पूल के
  3486. 2:43:33साथ एक छोटा लेकिन खूबसूरत लॉन भी था।
  3487. 2:43:36पूरी कोठी लगभग 8 फुट ऊंची दीवार से घिरी
  3488. 2:43:38हुई थी और सामने [संगीत]
  3489. 2:43:40कार पार्किंग के लिए कवर्ड स्पेस था।
  3490. 2:43:43चारों तरफ अशोक के पेड़ों की कतार लगी हुई
  3491. 2:43:45थी जो अभी छोटे थे। लेकिन समय के साथ यह
  3492. 2:43:48जगह और भी सुंदर होने वाली थी। [संगीत]
  3493. 2:43:50अंदर आते ही बाई तरफ एक छोटा सर्वेंट
  3494. 2:43:53क्वार्टर भी बना हुआ था जो भविष्य में काम
  3495. 2:43:55आ सकता था। कुल मिलाकर शौर्य को यह कोठी
  3496. 2:43:58बहुत पसंद आई। उसने रोजी से पूछा।
  3497. 2:44:02बगल वाली कोठी बिक चुकी है या नहीं?
  3498. 2:44:06इस पर रोजी ने बताया। सात और नौ नंबर की
  3499. 2:44:09कोठियां ही अभी बची हैं। अगर अभी बुक नहीं
  3500. 2:44:12किया तो अगली बार तक शायद यह भी अवेलेबल
  3501. 2:44:15ना हो।
  3502. 2:44:16यह सुनकर शौर्य मुस्कुराया और बोला अगर
  3503. 2:44:19मैं आज ही इस कोठी को अपने नाम करवाना
  3504. 2:44:21चाहूं तो क्या यह पॉसिबल है?
  3505. 2:44:24शौर्य किसी तरह का इंतजार नहीं करना चाहता
  3506. 2:44:26था। उसकी बात सुनकर रोजी के चेहरे पर खुशी
  3507. 2:44:30झलकने लगी। उसने तुरंत कहा हां हां सब
  3508. 2:44:33पॉसिबल है। और अगर आप चाहे तो आज ही शिफ्ट
  3509. 2:44:36भी हो सकते हैं क्योंकि कोठी पूरी तरह
  3510. 2:44:38फर्निश्ड है। शौर्य ने हामी भरते हुए कहा
  3511. 2:44:42तो फिर जरूरी फॉर्मेलिटीज पूरी कर लेते
  3512. 2:44:44हैं। इसके बाद तीनों वापस ऑफिस पहुंचे और
  3513. 2:44:48रोजी उन्हें राजीव बत्रा के कैबिन में ले
  3514. 2:44:50गई जहां सभी फॉर्मेलिटीज शुरू हुई। राजीव
  3515. 2:44:53बत्रा ने प्रोफेशनल अंदाज में कहा, वैसे
  3516. 2:44:57कोठी की कीमत ₹1 करोड़ है तो आप इसके लिए
  3517. 2:45:00कितना लोन लेना चाहेंगे?
  3518. 2:45:03यह सुनकर विक्रम ने तुरंत कहा, नहीं। हमें
  3519. 2:45:07कोई लोन नहीं चाहिए। यह सुनते ही राजीव
  3520. 2:45:10बत्रा थोड़े चौंक गए और उन्होंने दोबारा
  3521. 2:45:12कंफर्म किया कि क्या वे पूरा पेमेंट एक
  3522. 2:45:15साथ करने वाले हैं। शौर्य ने बिना एक शब्द
  3523. 2:45:18बोले अपने वॉलेट से एक चमचमाता ब्लैक
  3524. 2:45:21कार्ड निकाला और टेबल पर रख दिया। कार्ड
  3525. 2:45:24देखते ही राजीव बत्रा के होश उड़ गए।
  3526. 2:45:28यह कार्ड कोई आम रईस नहीं बल्कि दुनिया के
  3527. 2:45:30सबसे ताकतवर लोग ही रख सकते थे। कार्ड
  3528. 2:45:33देखकर राजीव बत्रा की आंखों में हैरानी
  3529. 2:45:36साफ दिखाई दे रही थी। उन्होंने वह कार्ड
  3530. 2:45:39रोजी को दे दिया। रोजी ने मशीन में कार्ड
  3531. 2:45:42स्वाइप किया और पेमेंट कंफर्म होते ही
  3532. 2:45:44कार्ड वापस कर दिया। वो खुश थी कि [संगीत]
  3533. 2:45:47आज उसे बड़ा कमीशन मिलने वाला है। करीब 10
  3534. 2:45:50मिनट में सारी प्रोसेस पूरी हो गई और
  3535. 2:45:53कागजात शौर्य के हाथ में सौंप दिए गए।
  3536. 2:45:56इसके बाद राजीव बत्रा मुस्कुराते हुए बोले
  3537. 2:46:00ऐसा बहुत कम होता है कि कोई कस्टमर एक ही
  3538. 2:46:03विजिट में कोठी पसंद करके उसे तुरंत अपने
  3539. 2:46:06नाम करवाकर पूरी पेमेंट एक ही बार में
  3540. 2:46:09कंप्लीट कर दे।
  3541. 2:46:12वो अभी अपनी बात पूरी ही करने वाले थे कि
  3542. 2:46:14अचानक बाहर से तेज शोर सुनाई दिया। चीखने
  3543. 2:46:17चिल्लाने की आवाजें और गाड़ियों के रुकने
  3544. 2:46:19का शोर।
  3545. 2:46:21जो शख्स संपत्ति के पारिवारिक झगड़े के
  3546. 2:46:24कारण मौत के मुंह से निकलकर भिखारी बनकर
  3547. 2:46:27मंदिर की सीढ़ियों में सोता था। आज उसी
  3548. 2:46:30शौर्य की दौलत का अंदाजा लगाना मुश्किल हो
  3549. 2:46:32रहा था। जितनी आसानी से शौर्य बड़े-बड़े
  3550. 2:46:35सौदे चुटकियों में कर रहा था। उसे देखकर
  3551. 2:46:38लोगों की हैरानी अपनी हदें पार कर रही थी।
  3552. 2:46:42अभी-अभी हाथों-हाथ 11 करोड़ का पेमेंट कर
  3553. 2:46:45शौर्य ने अपने नाम कर ली थी कोठी नंबर
  3554. 2:46:47सात। कोठी का मालिक राजीव बत्रा एक क्लिक
  3555. 2:46:51में 11 करोड़ पाकर वैसे तो खुश हो गया था
  3556. 2:46:54लेकिन अंदर से वो सन्न भी रह गया था। उसके
  3557. 2:46:58केबिन में सन्नाटे को तोड़ा बाहर से आते
  3558. 2:47:00हुए धक्कामुक्की [संगीत] के शोर ने। शोर
  3559. 2:47:03थोड़ा ज्यादा बढ़ गया तो बत्रा ने घबराकर
  3560. 2:47:05बेल बजाई। तभी एक गार्ड हाफते हुए अंदर
  3561. 2:47:08[संगीत] आया। लेकिन इससे पहले कि बत्रा
  3562. 2:47:10कुछ पूछ पाते एक भारी भरकम शख्सियत कमरे
  3563. 2:47:13में दाखिल हुई। यह विजय दीवान था। शहर का
  3564. 2:47:16वो अमीर आदमी जिसे ना सुनने की आदत नहीं
  3565. 2:47:19है। उनके पीछे रोजी बदहवास सी भागती हुई
  3566. 2:47:22आई। राजीव बत्रा ने जब विजय दीवान को ऐसे
  3567. 2:47:26ऑफिस में आते देखा तो वे थोड़ा हैरान स्वर
  3568. 2:47:28में बोले अरे मिस्टर दीवान आप क्या बात
  3569. 2:47:32है? आप कुछ नाराज दिख रहे हैं।
  3570. 2:47:36नाराजगी की ही तो बात है। कल ही मैं कोठी
  3571. 2:47:40देख कर गया था। जब डिसाइड कर लिया कि वो
  3572. 2:47:43कोठी मुझे लेनी है तो आपकी सेल्स पर्सन
  3573. 2:47:45बोल रही है कि मैं वो कोठी अब नहीं ले
  3574. 2:47:47सकता। विजय दीवान नाराजगी भरे स्वर में
  3575. 2:47:51बोला तो राजीव बत्रा ने असमंजस भरे स्वर
  3576. 2:47:53में पूछा कौन से नंबर की कोठी देखी थी
  3577. 2:47:56आपने? कोठी नंबर सात। विजय दीवान ने जवाब
  3578. 2:48:01दिया। कोठी नंबर सात सुनते ही राजीव बत्रा
  3579. 2:48:05ने एक नजर शौर्य पर डाली और बेबसी भरे
  3580. 2:48:07स्वर में जवाब दिया। सॉरी मिस्टर दीवान
  3581. 2:48:10सेल्स पर्सन सही कह रही हैं। वो कोठी अब
  3582. 2:48:14सेल हो चुकी है। इसीलिए वो अब आपको नहीं
  3583. 2:48:17मिल पाएगी। अरे यह क्या बात हुई? कल ही तो
  3584. 2:48:20मैं देख कर गया था। आज में आपने कोठी बेच
  3585. 2:48:24भी दी। विजय दीवान का स्वर फिर से ऊंचा
  3586. 2:48:27होने लगा।
  3587. 2:48:29तभी राजीव बत्रा समझाने वाले भाव में
  3588. 2:48:31बोले।
  3589. 2:48:33मिस्टर दीवान अगर आपको वो कोठी पसंद थी तो
  3590. 2:48:36कल ही आपको कुछ बुकिंग अमाउंट देकर उसे
  3591. 2:48:39बुक कर लेना चाहिए था। अगर ऐसा होता तो हम
  3592. 2:48:42किसी से उस कोठी के लिए बात भी नहीं करते।
  3593. 2:48:45अभी-अभी उस कोठी की डील फाइनल हुई है।
  3594. 2:48:48किसने ली है वो कोठी? जब विजय दीवान ने
  3595. 2:48:52सवाल किया तो राजीव बत्रा बोले यह मिस्टर
  3596. 2:48:55श्रवण और विक्रम है। इन्होंने ही उस कोठी
  3597. 2:48:58को लिया है। विजय दीवान की नजरें अब शौर्य
  3598. 2:49:02और विक्रम पर टिकी। वो उन्हें अपनी हैसियत
  3599. 2:49:04से नापने की कोशिश करने लगा।
  3600. 2:49:07अगर ऐसा है तो आप इनको इनका पैसा वापस
  3601. 2:49:10कीजिए। आपने जो पेमेंट बताया था मैं उससे
  3602. 2:49:14कुछ ज्यादा भी देने को तैयार हूं।
  3603. 2:49:17विजय दीवान राजीव बत्रा पर दबाव बनाते हुए
  3604. 2:49:20बोला तो उसकी बात खत्म होने से पहले ही
  3605. 2:49:22मिस्टर बत्रा बोले मिस्टर विजय यह हैं
  3606. 2:49:26श्रवण आप इनसे बात कर लीजिए अब मैं सात
  3607. 2:49:29नंबर कोठी की डील के मामले में कुछ नहीं
  3608. 2:49:32कर सकता अगर मिस्टर श्रवण तैयार हो जाते
  3609. 2:49:35हैं तो मुझे कोई दिक्कत नहीं है। अब यही
  3610. 2:49:38सात नंबर कोठी के मालिक हैं।
  3611. 2:49:41मिस्टर बत्रा की बात पर मिस्टर विजय बोले
  3612. 2:49:44अरे मैं इनको 5 लाख और ऊपर देने को तैयार
  3613. 2:49:46हूं। अब मिनटों में 5 लाख का फायदा कौन
  3614. 2:49:49छोड़ेगा?
  3615. 2:49:51विजय दीवान घमंड भरे स्वर में बोले तो
  3616. 2:49:53शौर्य विजय दीवान की बात पर कोई ध्यान दिए
  3617. 2:49:56बिना बोला।
  3618. 2:49:58ओके मिस्टर बत्रा मैं चलता हूं। आजकल मैं
  3619. 2:50:01ही उस कोठी में शिफ्ट हो जाऊंगा। इतना
  3620. 2:50:04बोलकर शौर्य अपनी जगह से खड़ा हो गया। तभी
  3621. 2:50:06विजय दीवान जल्दी से बोला अरे कहां जा रहे
  3622. 2:50:09हो? तुम्हें समझ में आया? तुम अपना बैंक
  3623. 2:50:12अकाउंट नंबर दो। मैं अभी पैसे तुम्हारे
  3624. 2:50:14अकाउंट में डाल देता हूं।
  3625. 2:50:18सॉरी मिस्टर दीवान। कोठी नंबर सात बिकाऊ
  3626. 2:50:21नहीं है। आप कोई और कोठी देख लीजिए। इतना
  3627. 2:50:24कहकर शौर्य विक्रम के साथ बत्रा डेवलपर के
  3628. 2:50:27ऑफिस से निकल गया। वहां से निकलकर शौर्य
  3629. 2:50:30और विक्रम होटल राजकमल की ओर बढ़ रहे थे।
  3630. 2:50:33एक व्यस्त चौराहे पर शौर्य की गाड़ी रुकी।
  3631. 2:50:36उसकी नजर सामने लगे एक विशाल होर्डिंग पर
  3632. 2:50:39गई। विक्रम ने खिड़की से बाहर देखा तो
  3633. 2:50:41उसकी आंखें फटी की फटी रह गई। अरे वाह बॉस
  3634. 2:50:46आपने मॉडलिंग भी शुरू कर दी और हमें बताया
  3635. 2:50:48भी नहीं। पोस्टर में शौर्य और नताशा कपूर
  3636. 2:50:51एक बेहद करीब और जांबाज अवतार में नजर आ
  3637. 2:50:54रहे थे। शौर्य के हाथों में स्ट्रांग
  3638. 2:50:56एनर्जी ड्रिंक का कैन था। यह वही फोटो थी
  3639. 2:50:59जो उस दिन अनजाने [संगीत] में क्लिक हुई
  3640. 2:51:01थी। जब शौर्य ने नताशा को वाटर स्कूटर से
  3641. 2:51:03बचाया था। शौर्य मन ही मन बुदबुदाते हुए
  3642. 2:51:06बोला। यह लोग तो कुछ ज्यादा ही फास्ट
  3643. 2:51:09निकले। शौर्य ने विक्रम को शॉर्ट में
  3644. 2:51:12बताया कि कैसे नताशा ने बिना बताए यह
  3645. 2:51:15एडवरटाइजिंग कैंपेन ल्च कर दिया। शौर्य के
  3646. 2:51:18दिमाग में अब एक बड़ा तूफान उठ रहा था।
  3647. 2:51:21खैर, होटल राजकमल पहुंचते ही शौर्य ने
  3648. 2:51:24मेनका से सबसे पहले पूछा,
  3649. 2:51:27क्या तुम हंसल मेहता को जानती हो? मेनका
  3650. 2:51:31ने इस नाम के बारे में सोचा और बोली,
  3651. 2:51:34"क्यों क्या काम है उससे? शौर्य मेनका का
  3652. 2:51:38उल्टा सवाल सुनकर इंपेशेंट होकर बोला पहले
  3653. 2:51:41बताओ तो सही कि उसे जानती हो या नहीं? हां
  3654. 2:51:45जानती हूं। मेनका एक्साइटेड होकर बोली तो
  3655. 2:51:48शौर्य ने अपना मकसद बताते हुए कहा तो फिर
  3656. 2:51:51तुम्हें उसके साथ विक्रम की एक मीटिंग
  3657. 2:51:53फिक्स करनी है। शौर्य की बात से विक्रम ही
  3658. 2:51:57हैरान हुआ कि यह मीटिंग किस बात की होनी
  3659. 2:51:59है? मेनका ने पूछ ही लिया। वैसे यह मीटिंग
  3660. 2:52:03किस लिए होगी? हंसल मेहता की एक कंपनी
  3661. 2:52:06एनर्जी ड्रिंक स्ट्रांग को लेकर मार्केट
  3662. 2:52:08में आ रही है। मुझे इस कंपनी को खरीदना
  3663. 2:52:10है। शौर्य हल्की मुस्कान के साथ बोला
  3664. 2:52:15क्या? शौर्य की बात सुनकर मेनका का मुंह
  3665. 2:52:18खुला का खुला रह गया। उसे समझ नहीं आया कि
  3666. 2:52:21क्या शौर्य के पास इतना पैसा है कि वो
  3667. 2:52:23इतनी बड़ी कंपनी खरीद सकता है।
  3668. 2:52:27स्ट्रांग एनर्जी ड्रिंक तो हंसल मेहता की
  3669. 2:52:29कंपनी का एक छोटा सा पार्ट था। इसके अलावा
  3670. 2:52:32भी वो कई फास्ट मूविंग कंज्यूमर
  3671. 2:52:33प्रोडक्ट्स बनाती थी। जिनमें पर्सनल केयर
  3672. 2:52:36और न्यूट्रिशन हाइजीन से जुड़े कई
  3673. 2:52:38प्रोडक्ट्स शामिल थे।
  3674. 2:52:40तुम्हें पता भी है कि हंसल मेहता की कंपनी
  3675. 2:52:43का टोटल मार्केट कैप कितना है? मेनका ने
  3676. 2:52:46हैरानी से पूछा तो शौर्य मुस्कुराते हुए
  3677. 2:52:48बोला मुझे नहीं पता तुम ही बताओ।
  3678. 2:52:53मेरे ख्याल से 10,500 करोड़ से 2000 करोड़
  3679. 2:52:56के लगभग होगा। बोलने के बाद मेनका सोचने
  3680. 2:53:00लगी। क्या शौर्य के पास इतनी बड़ी रकम
  3681. 2:53:02होगी? पर फिर उसने सोचा अगर राजा साहब मदद
  3682. 2:53:07करें तो यह कोई मुश्किल काम नहीं है। उसके
  3683. 2:53:10चेहरे के एक्सप्रेशन को देखकर शौर्य
  3684. 2:53:12मुस्कुराते हुए बोला चलो ठीक है। यह काम
  3685. 2:53:16मैं तुम्हारे जिम्मे ही सौंपता हूं। तुम
  3686. 2:53:18ही हंसल मेहता के साथ मीटिंग करके इसको
  3687. 2:53:20पॉसिबल करो। मुझे यह कंपनी चाहिए किसी भी
  3688. 2:53:24हाल में। पैसे की चिंता मत करो।
  3689. 2:53:28ठीक है, मैं कोशिश करूंगी। पर अचानक
  3690. 2:53:30तुम्हारे दिमाग में इस कंपनी को खरीदने का
  3691. 2:53:32विचार कहां से आया?
  3692. 2:53:35मेनका के सवाल पर शौर्य कुछ कहता उससे
  3693. 2:53:37पहले विक्रम ने अपने मोबाइल में हंसल
  3694. 2:53:40मेहता की कंपनी की वेबसाइट ओपन की।
  3695. 2:53:43स्क्रीन पर [संगीत] स्ट्रांग के कैंपेन
  3696. 2:53:45में वही बैनर दिख रहा था जिसमें शौर्य और
  3697. 2:53:48नताशा थे। तीन दिन बाद स्ट्रांग का
  3698. 2:53:51ऑफिशियल लॉन्चिंग इवेंट होने वाला था।
  3699. 2:53:53मेनका ने जब उस बैनर में शौर्य को देखा तो
  3700. 2:53:56उसने आश्चर्य से कहा यह क्या है? तुम इस
  3701. 2:54:00एडवरटाइजिंग में क्यों नजर आ रहे हो? क्या
  3702. 2:54:02इसलिए तुम इस कंपनी को खरीदना चाहते हो?
  3703. 2:54:05शौर्य ने एक फीकी सी मुस्कान बिखेरी और
  3704. 2:54:07बोला तुम ऐसा कह सकती हो। मेनका बुरा मुंह
  3705. 2:54:13बनाते हुए बोली हद है। एक एडवर्टाइजमेंट
  3706. 2:54:16के कारण तुम पूरी कंपनी खरीदना चाहते हो।
  3707. 2:54:19इस पर शौर्य ने मेनका की तरफ देखते हुए
  3708. 2:54:21कहा। अरे यह छोटी बात है। अगर मेरे पापा
  3709. 2:54:26ने देख लिया कि मैं किसी और की कंपनी के
  3710. 2:54:28लिए एक ऐड में मॉडल बना हुआ हूं तो वो
  3711. 2:54:30मेरी जान ले लेंगे। और वैसे भी अब मैं जब
  3712. 2:54:32इंडिया में हूं तो एक बिग बबुल के साथ
  3713. 2:54:34अपना समय नहीं बिता सकता। आज जिस कंपनी का
  3714. 2:54:37मार्केट कैप तुम 2000 करोड़ बता रही हो। 6
  3715. 2:54:40महीने के अंदर मैंने इसे 10,000 करोड़ से
  3716. 2:54:42ज्यादा की कंपनी नहीं बना दिया। तो कहना
  3717. 2:54:46मेनका शौर्य के विज़न को जानकर स्तब्ध रह
  3718. 2:54:49गई और सोचने लगी। कितना बिजनेस माइंडेड है
  3719. 2:54:53ये। अचानक ही शौर्य उसे किसी अजूबे की तरह
  3720. 2:54:56जान पड़ रहा था। मेनका शौर्य को देख ही
  3721. 2:54:58रही थी कि तभी विक्रम मेनका की हैरानी से
  3722. 2:55:01भरे चेहरे को देखकर बोला तुम अभी बॉस के
  3723. 2:55:04बारे में कुछ नहीं जानती। इनके पापा का
  3724. 2:55:07बिजनेस पहले ही यूनाइटेड किंगडम में बहुत
  3725. 2:55:09फैला हुआ है। उसके बाद भी इन्होंने अपने
  3726. 2:55:11पापा से अलग बिग बुल को बिना किसी की मदद
  3727. 2:55:14के अपने दम पर इतने कम समय में [संगीत]
  3728. 2:55:17इतनी बुलंदियों पर पहुंचा दिया है कि कोई
  3729. 2:55:19सोच भी नहीं सकता।
  3730. 2:55:21फिर विक्रम दोपल रुक कर बोला और जहां तक
  3731. 2:55:24रही राजा साहब की संपत्ति की बात तो राजा
  3732. 2:55:26साहब तो आंकलन भी नहीं कर सकते कि उनके
  3733. 2:55:29बेटे ने यूनाइटेड किंगडम में उनसे भी बड़ी
  3734. 2:55:31एंपायर खड़ी कर दी है।
  3735. 2:55:34मेनका को यह सब पचाने में बहुत मुश्किल हो
  3736. 2:55:36रही थी। उसे लगा क्यों ना वो भी शौर्य के
  3737. 2:55:39कारण इस शहर में अपने स्टेटस को और भी
  3738. 2:55:41ऊंचा करें।
  3739. 2:55:43[संगीत]
  3740. 2:55:43यही सोचकर उसने कहा शौर्य कुछ दिनों में
  3741. 2:55:46एक होटल की नीलामी होने वाली है। मैंने
  3742. 2:55:49राजा साहब से कहा था उस नीलामी में भाग
  3743. 2:55:51लेने के लिए पर उन्होंने मना कर दिया
  3744. 2:55:54[संगीत] क्या तुम उस नीलामी में भाग लेना
  3745. 2:55:55चाहोगे?
  3746. 2:55:58शौर्य ने अचानक मेनका की बात सुनकर उसके
  3747. 2:56:00चेहरे की तरफ देखा। उसे उसकी आंखों में एक
  3748. 2:56:03उम्मीद नजर [संगीत] आई जैसे वो चाहती हो
  3749. 2:56:05कि शौर्य उसकी बात मान जाए। यह देखकर
  3750. 2:56:08शौर्य ने पूछा कौन सा होटल है और उस होटल
  3751. 2:56:11की नीलामी में भाग लेने की ऐसी क्या खास
  3752. 2:56:14वजह है? होटल का नाम है पैराडाइज होटल और
  3753. 2:56:18अगर तुम वो खास वजह जानना चाहते हो तो
  3754. 2:56:20उसका कारण मेरा एक पर्सनल रीजन है। मेनका
  3755. 2:56:23कुछ याद करती हुई बोली। उसके चेहरे पर एक
  3756. 2:56:26गुस्सा सा नजर आने लगा था।
  3757. 2:56:29क्या हुआ था? शौर्य मेनका के चेहरे के
  3758. 2:56:32बदलते रंग को देखकर समझ गया था कि इसका
  3759. 2:56:35कोई ना कोई बुरा अनुभव उस होटल के साथ
  3760. 2:56:37जरूर जुड़ा हुआ होगा। दरअसल अपने शुरुआती
  3761. 2:56:41दिनों में मैंने उस होटल में इंटर्न के
  3762. 2:56:44रूप में काम किया था। पर उस होटल के मालिक
  3763. 2:56:46के बेटे ने मेरे साथ कुछ नाजायज हरकत करने
  3764. 2:56:49की कोशिश की थी। मैं उस समय इतनी स्ट्रांग
  3765. 2:56:52नहीं थी। इस कारण मैं उसके खिलाफ ज्यादा
  3766. 2:56:54कुछ कर नहीं पाई। पर उसके रिलेशन कुछ बुरे
  3767. 2:56:57लोगों के साथ भी थे। इसीलिए मैं आगे भी
  3768. 2:56:59उसके खिलाफ जाने की हिम्मत नहीं कर पाई।
  3769. 2:57:03एक पल रुक कर उसने शौर्य की तरफ देखा और
  3770. 2:57:06फिर बोली कुछ समय पहले राघव चड्ढा ने इस
  3771. 2:57:09होटल के अगेंस्ट अच्छा खासा पैसा बैंक से
  3772. 2:57:12उठा लिया और हाल फिलहाल खुद को दिवालिया
  3773. 2:57:15घोषित कर दिया है। ऐसी स्थिति में बैंक ने
  3774. 2:57:18इस होटल को सीज कर लिया है और अब उसकी
  3775. 2:57:20नीलामी होने वाली है। बताते हुए मेनका ने
  3776. 2:57:24सारी कहानी बयां की। शौर्य को समझ नहीं
  3777. 2:57:26आया कि राघव चड्ढा ने ऐसी बेवकूफी क्यों
  3778. 2:57:29की। शौर्य ने यह बात मेनका से पूछी। जरा
  3779. 2:57:33ठीक से समझाओगी?
  3780. 2:57:35इस पर मेनका बोली, ठीक है। तो तुम इस बात
  3781. 2:57:39को इस तरह समझो। होटल पैराडाइज की मार्केट
  3782. 2:57:42वैल्यू लगभग 2500 करोड़ है। और राघव चड्ढा
  3783. 2:57:46की देनदारी भी लगभग उतनी ही या उससे कुछ
  3784. 2:57:49कम ही होगी।
  3785. 2:57:50यही 2500 करोड़ का होटल जब वापस 10500
  3786. 2:57:54करोड़ के अंदर फिर से उसका हो जाए तो फिर
  3787. 2:57:57उसका फायदा है कि नहीं?
  3788. 2:58:00शौर्य को झटका सा लगा। उसने पूछा यह भला
  3789. 2:58:03कैसे होगा? यह बैंक की मिलीभगत से संभव
  3790. 2:58:06है। बैंक की शुरुआती बीड लगभग 1000 करोड़
  3791. 2:58:10से शुरू होगी। एक दो बोली के बाद कोई और
  3792. 2:58:13सामने आएगा नहीं। तो बैंक को मजबूरन जो
  3793. 2:58:16हाईएस्ट बड होगी उस पर ही होटल देना
  3794. 2:58:18पड़ेगा। मेनका ने समझाया
  3795. 2:58:22पर 2500 करोड़ के होटल का बड करोड़ ही
  3796. 2:58:26क्यों जाएगा?
  3797. 2:58:28शौर्य समझने का प्रयास करते हुए बोला वो
  3798. 2:58:32ऐसे नहीं जाएगा कि बडिंग के वक्त जो भी
  3799. 2:58:34वहां बड करने वाले लोग होंगे वो सब उसी के
  3800. 2:58:37आदमी होंगे। बाकी किसी को वे लोग वहां
  3801. 2:58:40जाने ही नहीं देंगे या उनके बीड बढ़ाने ही
  3802. 2:58:42नहीं देंगे। मेनका ने कारण बताया तो बात
  3803. 2:58:46शौर्य को समझ में आ गई। शौर्य ने जब मेनका
  3804. 2:58:49के अंदर के उबलते गुस्से को महसूस किया तो
  3805. 2:58:51बोला उस होटल की नीलामी कब है? मेनका
  3806. 2:58:56उम्मीद भरी नजरों से शौर्य को देखती हुई
  3807. 2:58:58बोली आज से तीसरे दिन
  3808. 2:59:01तो फिर ठीक है। भले ही उस होटल के 2500
  3809. 2:59:05करोड़ की जगह 3000 करोड़ खर्च करने पड़े।
  3810. 2:59:08अब तो उस होटल को किसी भी हाल में लेना ही
  3811. 2:59:10पड़ेगा।
  3812. 2:59:12शौर्य दृढ़ स्वर में बोला। यह सुनकर मेनका
  3813. 2:59:15के चेहरे पर अब एक ताजगी नजर आने लगी। ऐसा
  3814. 2:59:18लग रहा था जैसे उसे मनमांगी मुराद मिल गई
  3815. 2:59:21हो। शौर्य भी मेनका के चेहरे की खुशी
  3816. 2:59:24देखकर खुश था। उसने बात आगे बढ़ाते हुए
  3817. 2:59:27कहा। अब जरा हंसल मेहता की भी बात हो जाए।
  3818. 2:59:31शौर्य की बात सुनकर मेनका को अपनी गलती का
  3819. 2:59:34एहसास हुआ कि वह पैराडाइज होटल के चक्कर
  3820. 2:59:36में शौर्य के असली मकसद को भूल ही गई।
  3821. 2:59:39मेनका ने अपना फोन निकाला और उसमें एक
  3822. 2:59:42नंबर निकालकर उस पर कॉल लगा दिया। शौर्य
  3823. 2:59:45जिस दुनिया में वापस पहुंच गया था वो थी
  3824. 2:59:47तो बहुत शाही खूबसूरत चेहरों से भरी लेकिन
  3825. 2:59:50उन चेहरों ने ऐसी बहरूपी नकाब पहन रखे थे
  3826. 2:59:54कि उनकी असलियत सामने ही ना आ सके। लेकिन
  3827. 2:59:56इसके विपरीत [संगीत]
  3828. 2:59:57शौर्य की एक अलग दुनिया भी थी जिसे वह
  3829. 3:00:00भूला नहीं था। पुजारी बाबा मेघा यह वह
  3830. 3:00:04सच्चे लोग थे जिन्होंने शौर्य को उस समय
  3831. 3:00:06जीवित रहने में मदद की जब वह अंदर से पूरी
  3832. 3:00:09तरह से मर चुका था। आज जब शौर्य के हाथों
  3833. 3:00:13में दुनिया को पलटने की ताकत वापस लौट आई
  3834. 3:00:16थी तो उसके पास मौका था मुसीबत में काम आए
  3835. 3:00:19अपने सच्चे परिवार को कुछ लौटाने का।
  3836. 3:00:22शौर्य ने इसमें बिल्कुल [संगीत] भी कंजूसी
  3837. 3:00:25नहीं की। जैसे ही मेघा ने अपनी हॉस्टल की
  3838. 3:00:27समस्या शौर्य को बताई, उसने पल भर में
  3839. 3:00:30[संगीत] उसके हॉस्पिटल के पास ही कोठी
  3840. 3:00:32नंबर सात खरीद ली। शौर्य की सोच की जड़ों
  3841. 3:00:36में अमीरी [संगीत] की चकाचौंध का कोई असर
  3842. 3:00:38नहीं था। शौर्य के दिल में आज भी पुजारी
  3843. 3:00:42बाबा के लिए पिता का और मेघा के लिए बहन
  3844. 3:00:45का दर्जा था। एक तरफ जहां शौर्य के कहने
  3845. 3:00:49पर मेनका ने हंसल मेहता के साथ मीटिंग
  3846. 3:00:51फिक्स [संगीत] कर ली थी, वहीं अपने पुराने
  3847. 3:00:53रिश्तों को निभाने के लिए आज शौर्य मंदिर
  3848. 3:00:56आ पहुंचा। जहां पुजारी बाबा अपनी कुटिया
  3849. 3:00:59में बैठे थे। शौर्य को देखते ही पुजारी
  3850. 3:01:02बाबा के बूढ़े चेहरे पर मुस्कान खिल गई।
  3851. 3:01:05अरे वाह बेटा बहुत दिनों के बाद तुम्हें
  3852. 3:01:08अपने बाबा की याद आई। ऐसी कोई बात नहीं है
  3853. 3:01:12बाबा। मैं बस आपको लेने आया हूं। अब से आप
  3854. 3:01:15मेरे साथ ही रहेंगे। शौर्य ने अपने आने का
  3855. 3:01:18कारण बताया तो पुजारी बाबा ने अपने हालात
  3856. 3:01:21बयां किए। कैसी बात कर रहे हो बेटे? अब
  3857. 3:01:25मैं इस बुढ़ापे में इस मंदिर को छोड़कर और
  3858. 3:01:28कहीं रह पाऊंगा। ऐसा मुमकिन नहीं है।
  3859. 3:01:32शौर्य ने पुजारी बाबा को समझाया। फिर कुछ
  3860. 3:01:35सोचकर वह बोला अगर ऐसी बात है तो आप ऐसा
  3861. 3:01:38करिए कि कुछ दिन चलकर हमारे साथ रहिए।
  3862. 3:01:41इससे चीजें आसान हो जाएंगी।
  3863. 3:01:44शौर्य ने फिर जोर दिया तो पुजारी बाबा ने
  3864. 3:01:47भी शौर्य को समझाने का प्रयास किया। पर
  3865. 3:01:50बेटा तुम मुझे क्यों ले जाना चाह रहे हो?
  3866. 3:01:53मैं यहां खुश हूं। पुजारी बाबा ने फिर से
  3867. 3:01:57शौर्य को समझाने की कोशिश की। लेकिन शौर्य
  3868. 3:02:00ने अपना मकसद बताते हुए कहा, बाबा यह
  3869. 3:02:04सिर्फ आपके लिए नहीं है। अगर आप चलकर मेरे
  3870. 3:02:07पास रहेंगे तो मेघा भी आसानी से मेरे साथ
  3871. 3:02:10रहने आ जाएगी।
  3872. 3:02:12पर मेघा तो हॉस्टल में ठीक है ना? फिर तुम
  3873. 3:02:15क्यों चाहते हो कि वो हॉस्टल छोड़ दे?
  3874. 3:02:18पुजारी बाबा किसी आशंका के तहत बोले तो
  3875. 3:02:21शौर्य ने पुजारी बाबा को हालात से अवगत
  3876. 3:02:23कराया। हॉस्टल के हालात कुछ ठीक नहीं है।
  3877. 3:02:27इसीलिए मैंने हॉस्पिटल के पास ही एक कोठी
  3878. 3:02:29ली है। जहां से मेघा को हॉस्पिटल आने जाने
  3879. 3:02:32में भी आसानी होगी। अगर आप कुछ दिन भी
  3880. 3:02:35हमारे साथ रहेंगे तो मेघा [संगीत] को फिर
  3881. 3:02:37एडजस्ट होने में दिक्कत नहीं होगी। पर
  3882. 3:02:40बेटे तुम तो पहले ही हमारे लिए बहुत कुछ
  3883. 3:02:42कर चुके हो। अब और कितना एहसान करोगे?
  3884. 3:02:46पुजारी बाबा ने कांपती आवाज में कहा तो
  3885. 3:02:49शौर्य जिद भरे स्वर में बोला आप कैसी
  3886. 3:02:52बातें करने लगे। बाबा मेघा मेरी बहन के
  3887. 3:02:55जैसी है। अगर बहन को तकलीफ हो और भाई कुछ
  3888. 3:02:58ना कर पाए तो यह कितनी शर्म की बात है। अब
  3889. 3:03:01आप ज्यादा मत सोचिए। आप अपना सामान लीजिए
  3890. 3:03:04और चलिए मेरे साथ।
  3891. 3:03:06अब क्योंकि बात मेघा की सुविधा की थी।
  3892. 3:03:09इसीलिए पुजारी बाबा शौर्य की ज़िद और प्यार
  3893. 3:03:12के आगे हार गए। शौर्य उन्हें और मेघा को
  3894. 3:03:14लेकर अपनी आलीशान मॉडल टाउन वाली कोठी पर
  3895. 3:03:17पहुंचा। पुजारी बाबा ने इतनी बड़ी कोठी को
  3896. 3:03:20देखा तो आश्चर्य से बोले [संगीत]
  3897. 3:03:23इतना बड़ा बंगला
  3898. 3:03:25यहां और कौन रहता है?
  3899. 3:03:28पुजारी बाबा की बात सुनकर शौर्य
  3900. 3:03:30मुस्कुराया और बोला अभी तक तो कोई नहीं
  3901. 3:03:33रहता था। पर अब से आप मेघा और मैं हम
  3902. 3:03:36तीनों यहीं रहेंगे।
  3903. 3:03:39इतने बड़े बंगले में और कोई नहीं रहता।
  3904. 3:03:43पुजारी बाबा का आश्चर्य कम नहीं हो रहा
  3905. 3:03:45था। तो शौर्य कोठी पर एक सरसरी निगाह
  3906. 3:03:48डालते हुए बोला इसमें आश्चर्य की कोई बात
  3907. 3:03:51नहीं है बाबा। मेघा आ जाएगी तो ये कोठी
  3908. 3:03:54[संगीत] खुद ही गुलजार हो जाएगी। और हां
  3909. 3:03:56बाबा इस कोठी की साफ सफाई के लिए एक आदमी
  3910. 3:03:59चाहिए। अगर कोई आपके जानने में हो तो बात
  3911. 3:04:03कर लीजिएगा। साथ में खाना बनाने वाली भी
  3912. 3:04:05कोई हो तो और भी अच्छा होगा।
  3913. 3:04:08शौर्य की बात सुनकर पुजारी बाबा की आंखें
  3914. 3:04:11चमक [संगीत] गई। बेटा एक आदमी है तो पर
  3915. 3:04:15उसके घर से यहां आना जाना दूर पड़ जाएगा।
  3916. 3:04:19लेकिन उस बेचारे को काम की जरूरत है। अरे
  3917. 3:04:22बाबा आना जाना करने की क्या जरूरत है?
  3918. 3:04:25यहीं आकर रह जाएगा। वो जो सामने आप कमरा
  3919. 3:04:28देख रहे हैं वो सर्वेंट क्वार्टर ही तो
  3920. 3:04:30है। शौर्य ने मुस्कुराते हुए कहा। इस पर
  3921. 3:04:33पुजारी बाबा खुश होकर बोले यह तो और भी
  3922. 3:04:36अच्छी बात है। इस तरह बेचारे का कमरे का
  3923. 3:04:40किराया भी बच जाएगा। रही खाना बनाने की
  3924. 3:04:43बात तो जब वो यहां आकर रहेगा तो उसकी
  3925. 3:04:47पत्नी [संगीत] खाना भी बना लेगी। इस तरह
  3926. 3:04:50दोनों को काम मिल जाएगा।
  3927. 3:04:53तभी मेघा भी वहां आ गई। इतनी बड़ी कोठी को
  3928. 3:04:56देखकर वो हैरान थी। उसे पहले थोड़ा अजीब
  3929. 3:04:59लग रहा था क्योंकि जिंदगी में पहली बार
  3930. 3:05:01उसे इतनी आलीशान कोठी में रहने का मौका
  3931. 3:05:04मिलेगा। उसने कभी सपने में भी नहीं सोचा
  3932. 3:05:07था। जब शौर्य ने यह महसूस किया [संगीत] कि
  3933. 3:05:10मेघा कंफर्टेबल फील नहीं कर रही है तो
  3934. 3:05:12उसने मेघा को डांटते हुए कहा। ज्यादा
  3935. 3:05:14[संगीत] अजीब फील करने की जरूरत नहीं है।
  3936. 3:05:17यह तुम्हारे भाई का घर है। मतलब तुम्हारा
  3937. 3:05:19घर है। इसीलिए जैसे चाहो वैसे रहो।
  3938. 3:05:22तुम्हें कोई कुछ बोलने वाला नहीं है। और
  3939. 3:05:25हां तुम्हारी जो वो दोस्त है तुम्हारे साथ
  3940. 3:05:28रहती थी। तुम चाहो तो उसे भी यहां बुलाकर
  3941. 3:05:31अपने साथ रख सकती हो।
  3942. 3:05:33शौर्य की बात सुनकर अब मेघा के पास कहने
  3943. 3:05:36को कुछ नहीं रहा। उसी समय पुजारी बाबा
  3944. 3:05:39शौर्य के पास आए और बोले मेरी गोपाल से
  3945. 3:05:42बात हो गई। वो आने को तैयार है। तुम यह
  3946. 3:05:46बताओ उसे कब से यहां बुलाना है? कब से
  3947. 3:05:50क्या? आप तो उसे आज से और अभी से बुला
  3948. 3:05:53सकते हैं। शौर्य बोला तो पुजारी बाबा खुश
  3949. 3:05:56होते हुए बोले
  3950. 3:05:59ठीक है मैं उसे अभी बुला लेता हूं। इसके
  3951. 3:06:03बाद पुजारी बाबा ने गोपाल को फोन किया और
  3952. 3:06:06उसे यहां आने को बोल दिया। पुजारी बाबा
  3953. 3:06:09अपनी पोती को यहां देखकर बहुत खुश हुए।
  3954. 3:06:13खैर सब कुछ व्यवस्थित करने के बाद शौर्य
  3955. 3:06:15वापस होटल राजकमल पहुंचा। [संगीत] जैसे ही
  3956. 3:06:18शौर्य ने मेनका केबिन में एंट्री की,
  3957. 3:06:21मेनका ने शौर्य को याद दिलाया कि आज उसे
  3958. 3:06:24रुचि [संगीत] के बर्थडे में जाना है। तभी
  3959. 3:06:26शौर्य ने मेनका से पूछा,
  3960. 3:06:29"क्या तुम भी उसकी बर्थडे पार्टी में जा
  3961. 3:06:31रही हो?" मेनका ने लंबी सांस ली और बोली,
  3962. 3:06:35हां, जाना ही पड़ेगा। नहीं तो वो अगले
  3963. 3:06:38बर्थडे तक हर रोज शिकायत वाले मैसेज
  3964. 3:06:40भेजेगी। ठीक है। फिर जब तुम उसकी पार्टी
  3965. 3:06:43के लिए जाओगी तो मुझे भी बुला लेना। मैं
  3966. 3:06:46अभी अपने रूम में आराम करने जा रहा हूं।
  3967. 3:06:49इतना बोलकर शौर्य वहां से निकल गया। वो
  3968. 3:06:52जाकर बिस्तर के हवाले हो गया। उसकी थकान
  3969. 3:06:55ने उसे कब नींद के आगोश में पहुंचा दिया
  3970. 3:06:58उसे पता ही नहीं चला। 7:00 बजे के आसपास
  3971. 3:07:01मोबाइल की आवाज से उसकी आंख खुली। उसने
  3972. 3:07:03देखा [संगीत] मेनका का फोन है। शौर्य ने
  3973. 3:07:06तुरंत फोन उठाया तो दूसरी तरफ से मेनका की
  3974. 3:07:09आवाज आई। क्या हुआ? अभी तक सो रहे हो?
  3975. 3:07:13पार्टी में जाना नहीं है क्या?
  3976. 3:07:16मेनका की बात सुनकर शौर्य को याद आया और
  3977. 3:07:19वो तुरंत बोला हां चलते हैं मैं 10 मिनट
  3978. 3:07:21में तुम्हारे पास पहुंचता हूं। इतना बोलकर
  3979. 3:07:24वो बिस्तर से उठा और वॉशरूम में जाकर
  3980. 3:07:26फ्रेश हो गया। उसने यहां होटल में कुछ
  3981. 3:07:29कपड़े पहले ही छोड़ दिए थे। उनमें से उसने
  3982. 3:07:32एक ड्रेस निकाली और फटाफट से तैयार हो
  3983. 3:07:34गया। शौर्य ने कबर्ड से एक बॉक्स निकाला
  3984. 3:07:38और अपने हाथ में ले लिया। एक बार भावपूर्ण
  3985. 3:07:41नजरों से उसने उस बॉक्स को देखा और मन ही
  3986. 3:07:44मन बोला,
  3987. 3:07:46यह वही ज्वेलरी का बॉक्स था जो शिप्रा ने
  3988. 3:07:49मुझे वापस किया था।
  3989. 3:07:51शौर्य ने इस बॉक्स को अपनी कोर्ट की जेब
  3990. 3:07:53में रख लिया और अपने कमरे से बाहर आ गया।
  3991. 3:07:55वो कुछ ही पल में मेनका के पास पहुंच गया
  3992. 3:07:58था। मेनका पहले से ही तैयार होकर शौर्य का
  3993. 3:08:01इंतजार कर रही थी। शौर्य ने मेनका को देखा
  3994. 3:08:05तो एक टक देखता ही रह गया। क्योंकि इस समय
  3995. 3:08:08मेनका आसमानी सूट में किसी अप्सरा जैसी लग
  3996. 3:08:11रही थी। शौर्य को अपनी तरफ यूं एक टक
  3997. 3:08:14देखते हुए पाकर मेनका ने पूछा क्या हुआ?
  3998. 3:08:17क्या देख रहे हो? मेनका की बात सुनकर
  3999. 3:08:21शौर्य की आंखें एकदम से घूमी और वो अपनी
  4000. 3:08:23सोच से बाहर आते हुए बोला कुछ भी तो नहीं।
  4001. 3:08:28शौर्य की अजीब सी घबराहट देखकर मेनका के
  4002. 3:08:31चेहरे पर शर्म से भरी मुस्कान आ गई और वह
  4003. 3:08:33शौर्य की तरफ देखते हुए बोली। अब चलें।
  4004. 3:08:38मेनका की खूबसूरती देखकर [संगीत] शौर्य
  4005. 3:08:40हड़बड़ाता हुआ बोला, हां हां चलो।
  4006. 3:08:44दोनों होटल राजकमल से बाहर आ गए। मेनका ने
  4007. 3:08:47अपनी कार ली और शौर्य उसके साथ वाली सीट
  4008. 3:08:50पर बैठ गया। शौर्य के बैठते ही मेनका ने
  4009. 3:08:53कार को आगे बढ़ा दिया। लगभग 20 मिनट बाद
  4010. 3:08:56दोनों होटल सन एंड सन की पार्किंग में
  4011. 3:08:58पहुंचे। जहां लग्जरी गाड़ियों की लंबी
  4012. 3:09:01लाइन लगी हुई थी। मेनका ने अपनी गाड़ी को
  4013. 3:09:04पार्क किया और शौर्य के साथ होटल में
  4014. 3:09:06प्रवेश कर गई। मेनका ने देखा होटल के गेट
  4015. 3:09:09पर ही कई बोर्ड लगे हुए थे। जिन पर होटल
  4016. 3:09:12में हो रहे अलग-अलग सेलिब्रेशनंस के बारे
  4017. 3:09:14में लिखा हुआ था और यह भी लिखा था कि कौन
  4018. 3:09:17सा सेलिब्रेशन कहां पर हो रहा है। हर
  4019. 3:09:20बोर्ड में उस होस्ट का नाम भी लिखा हुआ था
  4020. 3:09:23जो वहां पार्टी दे रहा था। ऐसे ही एक
  4021. 3:09:26बोर्ड पर रुचि का भी नाम लिखा हुआ था।
  4022. 3:09:28जिसकी पार्टी हॉल नंबर तीन में थी। मेनका
  4023. 3:09:32को पहले से पता था कि हॉल नंबर तीन में
  4024. 3:09:34कैसे जाना है। शौर्य मेनका को फॉलो करता
  4025. 3:09:37हुआ आगे बढ़ रहा था। दोनों ने कुछ ही देर
  4026. 3:09:40बाद हॉल नंबर तीन में प्रवेश किया। यह हॉल
  4027. 3:09:43शहर के सबसे बड़े-बड़े अमीर खानदानों से
  4028. 3:09:45आए मेहमानों से खचाखच भरा हुआ था। शौर्य
  4029. 3:09:49ने चारों तरफ निगाह दौड़ाई। पर उसे कहीं
  4030. 3:09:52भी रुचि नजर नहीं आई। पर उसे देवव्रत
  4031. 3:09:55मल्होत्रा अपने से कुछ दूरी पर नजर आ गए
  4032. 3:09:57थे। देवव्रत मल्होत्रा ने भी शौर्य को देख
  4033. 3:10:00लिया था। इसीलिए वह उसकी तरफ ही आ रहे थे।
  4034. 3:10:03देवव्रत मल्होत्रा दोनों के पास आए और
  4035. 3:10:06दोनों का अभिवादन करते हुए उन्हें अपने
  4036. 3:10:08साथ आने का इशारा किया। देवव्रत मल्होत्रा
  4037. 3:10:11दोनों को लेकर मंच के पास पहुंचे।
  4038. 3:10:14उन्होंने एक वेटर को अपने पास बुलाया और
  4039. 3:10:16शौर्य और मेनका के लिए ड्रिंक ऑफर की।
  4040. 3:10:19दोनों ने एक-एक गिलास अपने हाथ में ले
  4041. 3:10:21लिया। तभी शौर्य ने देवव्रत मल्होत्रा से
  4042. 3:10:24पूछा, [संगीत] "रुचि नहीं दिख रही?
  4043. 3:10:27इस पर देवव्रत मल्होत्रा मुस्कुराते हुए
  4044. 3:10:29बोले आप तो समझते हैं मिस्टर श्रवण
  4045. 3:10:32लड़कियों को तैयार होने में कितना वक्त
  4046. 3:10:35लगता है और आज तो उसका बर्थडे है तो
  4047. 3:10:37स्वाभाविक है कि आज कुछ ज्यादा ही टाइम
  4048. 3:10:40लगेगा।
  4049. 3:10:41मल्होत्रा साहब की बात पर दोनों मुस्कुरा
  4050. 3:10:43दिए। तभी कहीं दूर से किसी ने मल्होत्रा
  4051. 3:10:46साहब को पुकारा तो उन्होंने शौर्य से कहा
  4052. 3:10:49आप पार्टी एंजॉय करो। मैं जरा और भी गेस्ट
  4053. 3:10:52को देखकर आता हूं। शौर्य मल्होत्रा साहब
  4054. 3:10:55की स्थिति को समझकर बोला अरे आप जाइए हम
  4055. 3:10:58ठीक हैं। आप [संगीत] बाकी गेस्ट्स को
  4056. 3:10:59अटेंड कीजिए। मल्होत्रा साहब ने शौर्य का
  4057. 3:11:02आभार प्रकट किया और एक तरफ बढ़ गए। तभी
  4058. 3:11:05कहीं से किसी ने मेनका को भी पुकारा।
  4059. 3:11:08शौर्य समझ सकता था कि मेनका भी शहर का एक
  4060. 3:11:11पॉपुलर नाम थी। उसके भी बहुत जानने वाले
  4061. 3:11:14थे। इसीलिए उसने मेनका से कहा देखो
  4062. 3:11:17तुम्हें भी कोई बुला रहा है।
  4063. 3:11:20मेनका को शौर्य को अकेले छोड़ना ठीक नहीं
  4064. 3:11:23लग रहा था। इसीलिए उसने उस आवाज को इग्नोर
  4065. 3:11:25किया। यह देखकर शौर्य बोला, अरे जाओ मिलो
  4066. 3:11:29तो सही अपने जानने वाले से। तुम मेरी
  4067. 3:11:31चिंता मत करो मैं ठीक हूं और फिर तुम कहीं
  4068. 3:11:34बाहर तो जा नहीं रही हो। शौर्य की बात
  4069. 3:11:37सुनकर मेनका ने कहा ठीक है। अगर ऐसी बात
  4070. 3:11:41है तो मैं कुछ देर में अपने कुछ जान पहचान
  4071. 3:11:43के लोगों से मिलकर आती हूं।
  4072. 3:11:46मल्होत्रा साहब और मेनका अपने-अपने
  4073. 3:11:48परिचितों से मिलने चले गए। शौर्य पार्टी
  4074. 3:11:51के एक कोने में अकेला खड़ा था। शौर्य के
  4075. 3:11:54हाथ का गिलास खाली हो गया था। उसने अपने
  4076. 3:11:57पास से जाते हुए वेटर की ट्रे से एक गिलास
  4077. 3:12:00उठाया और हल्के-हल्के सिप लेते हुए खामोशी
  4078. 3:12:03से पार्टी को देखने लगा। तभी अचानक किसी
  4079. 3:12:06ने पीछे से शौर्य के कंधे पर अपना हाथ
  4080. 3:12:09रखा। उसने सोचा शायद मेनका वापस आ गई है।
  4081. 3:12:12लेकिन जैसे ही वह पलटा, उसके हाथ से गिलास
  4082. 3:12:15छूटते-छूटते [संगीत] बचा। जिस चेहरे को
  4083. 3:12:18उसने अपने सामने देखा उसे देखकर वह हैरान
  4084. 3:12:21रह गया। उसने उम्मीद नहीं की थी कि वो उसे
  4085. 3:12:24यहां दिख सकती है। उसकी आंखें आश्चर्य से
  4086. 3:12:27फैल गई और वो बोला तुम
  4087. 3:12:31और यहां मुझे उम्मीद नहीं थी कि तुम मुझे
  4088. 3:12:34यहां मिलोगी। सन एंड सन का हॉल नंबर तीन
  4089. 3:12:37रोशनी से जगमगा रहा था। लेकिन इस हाई
  4090. 3:12:40प्रोफाइल चकाचौंध का असर शौर्य पर नजर
  4091. 3:12:43नहीं आ रहा था। शौर्य पार्टी में जरूर
  4092. 3:12:45मौजूद था। लेकिन सिर्फ एक अनजान मेहमान की
  4093. 3:12:48तरह पैसा, रुतबा और पहचान। यह वो हथियार
  4094. 3:12:52हैं जो इंसान को या तो राजा बना देते हैं
  4095. 3:12:55या फिर खाक में मिला देते हैं। सन एंड सन
  4096. 3:12:58के हॉल नंबर तीन में इन तीनों रंगों
  4097. 3:13:00मेंंगे मेहमान मौजूद थे। कोई दौलत के नशे
  4098. 3:13:03में चूर था तो कोई अपना रुतबा और पहचान
  4099. 3:13:06दिखाने में मशगूल था। इन सबके बीच खड़ा था
  4100. 3:13:09वो शख्स जिसके पास दुनिया को झुकाने की
  4101. 3:13:11ताकत थी। लेकिन अभी वह अपनी पहचान छिपाने
  4102. 3:13:14पर मजबूर था। इसीलिए वह शौर्य और श्रवण की
  4103. 3:13:17दोहरी जिंदगी जी रहा था। पार्टी में कुछ
  4104. 3:13:19पल पहले तक वो एक अनजान मेहमान की तरह एक
  4105. 3:13:22कोने में हाथ में ग्लास लेकर हल्की-हल्की
  4106. 3:13:24शिप ले रहा था। लेकिन जैसे ही मेघना को
  4107. 3:13:27सामने देखकर उसने गहरे आश्चर्य का
  4108. 3:13:29एक्सप्रेशन दिया मेघना उस पर बरस पड़ी।
  4109. 3:13:33ऐसे क्या देख रहे हो? यह सोच रहे हो कि
  4110. 3:13:37मैं यहां कैसे? तो यह बात मैं भी तुम्हारे
  4111. 3:13:39लिए कह सकती हूं कि मैं तो सोच भी नहीं
  4112. 3:13:42सकती थी कि तुम मुझे यहां मिलोगे।
  4113. 3:13:45यह भी सही है। शौर्य ने सहमति जताई और पास
  4114. 3:13:49से जाते वेटर को रोका और उसकी ड्रे से एक
  4115. 3:13:52ड्रिंक का गिलास लेकर मेघना के हाथ में
  4116. 3:13:54थमा दिया। थैंक यू। मेघना ने धन्यवाद
  4117. 3:13:58दिया। दरअसल रुचि मेरी पुरानी दोस्त है।
  4118. 3:14:01हम दोनों ने साथ में ही पढ़ाई की है। उसे
  4119. 3:14:04पता था कि मैं विशालगढ़ में ही हूं इसलिए
  4120. 3:14:06नहीं आने का तो सवाल ही नहीं है।
  4121. 3:14:09मेघना बात क्लियर [संगीत] करते हुए बोली
  4122. 3:14:11तो शौर्य मुस्कुराते हुए बोला
  4123. 3:14:15मेरी तो रुचि से अभी दो-चार दिनों की जान
  4124. 3:14:17पहचान है। पर उसने इनवाइट किया तो आना
  4125. 3:14:20पड़ा।
  4126. 3:14:21तभी मेघना ने जिज्ञासा वश पूछा अकेले आए
  4127. 3:14:25हो या कोई साथ में है? हां मेरी एक दोस्त
  4128. 3:14:29भी साथ में है मेनका। तुम तो उससे मिली ही
  4129. 3:14:32हो। [संगीत]
  4130. 3:14:33शौर्य हॉल में नजर दौड़ाते हुए बोला और
  4131. 3:14:36फिर उसने मेघना से पूछा। और तुम
  4132. 3:14:40मेरे साथ मेरी कजिन भी आई है। उसे यहां के
  4133. 3:14:43बारे में सब पता है। इसलिए वही मुझे यहां
  4134. 3:14:45लेकर आई है। [संगीत] मेघना ने बताया तो
  4135. 3:14:48शौर्य ने आसपास देखते हुए पूछा। तुम्हारी
  4136. 3:14:51कजिन कहीं दिख नहीं रही? आ रही होगी
  4137. 3:14:54वॉशरूम गई है। मेघना हॉल में नजर दौड़ाती
  4138. 3:14:57हुई बोली।
  4139. 3:14:59और बताओ तुम्हारी शूटिंग का शेड्यूल फिक्स
  4140. 3:15:02हुआ या नहीं? मेघना ने पूछा।
  4141. 3:15:05जैसे ही नताशा फ्री होगी शूटिंग शुरू कर
  4142. 3:15:08दूंगा। शौर्य बता ही रहा था कि तभी शौर्य
  4143. 3:15:11की पीठ के पीछे से एक जानी पहचानी रेशमी
  4144. 3:15:14आवाज गूंजी। एक [संगीत] ऐसी आवाज जो शौर्य
  4145. 3:15:17के लिए किसी बिजली के झटके के जैसी थी।
  4146. 3:15:22तुम यहां हो और मैं तुम्हें कहां-कहां
  4147. 3:15:25नहीं ढूंढ रही थी। यह आवाज किसी और की
  4148. 3:15:28नहीं शिप्रा की थी। शिप्रा शौर्य के पीछे
  4149. 3:15:32से आई थी। इसीलिए उसने स्वाभाविक रूप से
  4150. 3:15:34शौर्य का चेहरा नहीं देखा था। जैसे ही
  4151. 3:15:37शिप्रा ने शौर्य का चेहरा देखा वो जहां की
  4152. 3:15:40तहां जम गई। शौर्य का भी वही हाल था। तभी
  4153. 3:15:44मेघना शौर्य की तरफ देखती हुई बोली इनसे
  4154. 3:15:48मिलो यह श्रवण हैं। वैसे तो इन्होंने अभी
  4155. 3:15:51ब्रांड एंडोर्समेंट का काम शुरू किया है।
  4156. 3:15:53पर अगर इनका सही परिचय दूं तो कह सकती हूं
  4157. 3:15:56कि ये भविष्य के उभरते हुए मॉडल हैं।
  4158. 3:15:59शौर्य को समझ नहीं आया कि ये मेघना का
  4159. 3:16:02व्यंग था या सच में वो उसकी तारीफ कर रही
  4160. 3:16:04है। वहीं शिप्रा आवाक थी। उसकी आंखों में
  4161. 3:16:08शक, हैरानी और गुस्सा एक साथ उभर आए।
  4162. 3:16:12शौर्य ने अपनी नजरें झुका ली। उसे समझ
  4163. 3:16:14नहीं आया कि यह अचानक शिप्रा यहां कैसे आ
  4164. 3:16:17गई। शिप्रा सोचने को मजबूर हो गई कि मेघना
  4165. 3:16:21और शौर्य एक दूसरे को पहले से कैसे जान
  4166. 3:16:23सकते हैं। पर उसे कोई कारण नजर नहीं आ रहा
  4167. 3:16:26था। शौर्य इस इंतजार में था कि शिप्रा उसे
  4168. 3:16:29किस तरह मिलेगी। उसी तरह वह भी खुद को
  4169. 3:16:32इंट्रोड्यूस करेगा।
  4170. 3:16:34शिप्रा को पता नहीं क्या सूझा कि उसने
  4171. 3:16:36शौर्य को नमस्ते किया। जवाब में शौर्य ने
  4172. 3:16:39भी शिप्रा का अभिवादन किया। जब शिप्रा ने
  4173. 3:16:42अपनी पहचान उजागर नहीं की तो शौर्य ने भी
  4174. 3:16:45ऐसी कोई कोशिश नहीं की। अब इस सिचुएशन में
  4175. 3:16:48शौर्य अजीब सा महसूस करने लगा। वो अभी
  4176. 3:16:51वहां से जाने की सोच ही रहा था कि तभी
  4177. 3:16:54वहां रुचि आ गई। वो आकर मेघना से गले मिली
  4178. 3:16:57और शौर्य को उसके साथ देखकर आश्चर्य से
  4179. 3:17:00बोली
  4180. 3:17:02तुम मेघना को पहले से जानते हो। यह मेरी
  4181. 3:17:04बेस्ट फ्रेंड है। पर तुम दोनों एक दूसरे
  4182. 3:17:06को कैसे जानते हो?
  4183. 3:17:09नहीं कोई पुरानी पहचान नहीं है। अभी
  4184. 3:17:12दो-तीन दिन पहले ही हम पहली बार मिले हैं।
  4185. 3:17:14शौर्य ने स्पष्ट किया।
  4186. 3:17:17वही तो मैं कहूं मेघना तो यहां रहती भी
  4187. 3:17:20नहीं है। फिर तुम दोनों एक दूसरे को कैसे
  4188. 3:17:22जान सकते हो?
  4189. 3:17:24रुचि ने राहत की सांस लेते हुए कहा। तभी
  4190. 3:17:26मेघना ने परिचय कराया। इससे मिलो। यह है
  4191. 3:17:30मेरी कजिन शिप्रा।
  4192. 3:17:32रुचि ने शिप्रा को आश्चर्य से देखते हुए
  4193. 3:17:34कहा। कैसी हो तुम? मैंने तुम्हारे बारे
  4194. 3:17:38में सोशल मीडिया पर कुछ खबर देखी थी। मुझे
  4195. 3:17:41बड़ा बुरा लगा था। अरे इसमें बुरा फील
  4196. 3:17:44करने जैसा कुछ नहीं है। और वो कोई भ्रामक
  4197. 3:17:47खबर नहीं थी। वो हकीकत थी। शिप्रा हल्की
  4198. 3:17:51मुस्कान के साथ बोली। रुचि को उम्मीद नहीं
  4199. 3:17:54थी कि शिप्रा इस तरह जवाब देगी। उसे
  4200. 3:17:56विश्वास नहीं हुआ कि सच में शिप्रा की
  4201. 3:17:59शादी किसी भिखारी से हो गई थी। रुचि के
  4202. 3:18:02चेहरे का [संगीत] एक्सप्रेशन देखकर शिप्रा
  4203. 3:18:04मुस्कुराते हुए बोली। लगता है अभी भी
  4204. 3:18:07तुम्हें मेरी बात का विश्वास नहीं हो रहा।
  4205. 3:18:10पर सच वही है जो तुमने सुना है। तुम्हारे
  4206. 3:18:13साथ जितना बुरा हुआ उसके बाद भी तुम इतनी
  4207. 3:18:16संयमित कैसे हो? रुचि ने खेद जताते हुए
  4208. 3:18:19पूछा तो शिप्रा बोली तो मुझे क्या करना
  4209. 3:18:22चाहिए? दुनिया के सामने अपना दुखड़ा रोना
  4210. 3:18:25चाहिए कि देखो मेरे साथ इतना बुरा हो गया।
  4211. 3:18:29उससे क्या होगा? जो मेरे साथ हो गया है वो
  4212. 3:18:32वापस हो जाएगा। अब मेरे साथ जो हो गया वो
  4213. 3:18:36पलट नहीं सकता तो फिर मैं क्यों मातम
  4214. 3:18:38मनाऊं?
  4215. 3:18:40शिप्रा के शांत भाव को देखकर रुचि ने उसकी
  4216. 3:18:43तारीफ करते हुए कहा यार सलाम है तुमको। सच
  4217. 3:18:47कहूं अगर मेरे साथ ऐसा कुछ हुआ होता तो
  4218. 3:18:50मैं पूरी तरह टूट जाती।
  4219. 3:18:53शौर्य मुट्ठियां भी कर खड़ा रहा। अपमान के
  4220. 3:18:57कड़वे घूंट पीते हुए। तभी शिप्रा सहज भाव
  4221. 3:19:00में बोली। इतना भी कोई ज्यादा बुरा नहीं
  4222. 3:19:03हुआ है मेरे साथ जो मैं टूट जाती।
  4223. 3:19:06शिप्रा की बात सुनकर रुचि को लगा कि शायद
  4224. 3:19:09उसने कोई गलत खबर देख ली थी क्योंकि उसने
  4225. 3:19:11तो सुना था कि शिप्रा की शादी जबरदस्ती
  4226. 3:19:14किसी भिखारी से कर दी गई थी। [संगीत] उसने
  4227. 3:19:16अपनी शंका दूर करने के लिए पूछ ही लिया।
  4228. 3:19:20मैंने सुना था कि तुम्हारी शादी जबरदस्ती
  4229. 3:19:22एक भिखारी से कर दी गई थी। फिर तुम यह
  4230. 3:19:25कैसे कह सकती हो कि तुम्हारे साथ कुछ बुरा
  4231. 3:19:27नहीं हुआ। क्योंकि जिससे मेरी शादी हुई है
  4232. 3:19:30वो इतना भी बुरा नहीं है बल्कि मेरे लिए
  4233. 3:19:33तो वह बहुत अच्छा है। जहां मेरे आसपास के
  4234. 3:19:36तथाकथित बड़े लोग यहां तक कि मेरे अपने भी
  4235. 3:19:39मेरे लिए लड़ने की हिम्मत नहीं कर पाए।
  4236. 3:19:42वहां उस भिखारी में इतनी हिम्मत [संगीत]
  4237. 3:19:44थी कि वो मेरे लिए किसी से भी टकराने को
  4238. 3:19:47तैयार था। जब सारी दुनिया उस बदमाश के डर
  4239. 3:19:50से मेरे लिए खड़ी नहीं हुई। [संगीत] उस
  4240. 3:19:52समय भी वो मेरे लिए उस बदमाश के सामने
  4241. 3:19:54खड़ा था। तो फिर तुम ही सोचो मेरे साथ गलत
  4242. 3:19:58हुआ या सही।
  4243. 3:20:01यह कहते हुए शिप्रा ने एक नजर शौर्य की
  4244. 3:20:03तरफ भी देखा और अपनी बात पूरी की। वहीं
  4245. 3:20:06शौर्य समझ नहीं पाया कि इस समय वो कैसे
  4246. 3:20:09रिएक्ट करें। वो शांति से दोनों की बातें
  4247. 3:20:11सुनता रहा। तुम्हारी बात अपनी जगह सही हो
  4248. 3:20:15सकती है। पर एक भिखारी के पास और ऑप्शन भी
  4249. 3:20:17क्या हो सकता है? तुम्हारी मुसीबत में
  4250. 3:20:20तुम्हारे सामने बहादुर बनकर तुम्हारी
  4251. 3:20:22नजरों में हीरो बनना चाहता होगा। जिसमें
  4252. 3:20:25कि मुझे लगता है कि वह कामयाब भी रहा।
  4253. 3:20:28मेघना ने कहा तो शिप्रा ने दृढ़ता से जवाब
  4254. 3:20:31दिया।
  4255. 3:20:32अब इतनी तो समझ मुझ में विकसित हो गई है
  4256. 3:20:35कि मैं यह समझ सकती हूं कि क्या हकीकत है
  4257. 3:20:37और क्या फसाना है। तो क्या तुमने उससे
  4258. 3:20:40तलाक लेने का नहीं सोचा है? रुचि ने पूछा
  4259. 3:20:43तो शिप्रा ने कंधे उचका कर कहा नहीं। मैं
  4260. 3:20:47क्यों तलाक लूंगी?
  4261. 3:20:49अरे एक बार को मान भी लें कि वह बहुत
  4262. 3:20:51अच्छा होगा। पर स्टेटस भी तो कोई चीज है।
  4263. 3:20:54अपना भविष्य भी तो देखना होगा। रुचि
  4264. 3:20:57जिज्ञासावश पूछने से खुद को रोक नहीं सकी।
  4265. 3:21:00एक बड़े स्टेटस वाले से शादी करने वाली
  4266. 3:21:03थी। वो तो एक बदमाश के जरा से धमकाने पर
  4267. 3:21:05मंडप छोड़कर भाग गया। तो फिर किस काम का
  4268. 3:21:08ये बड़ा स्टेटस कि मुसीबत में काम ही ना आ
  4269. 3:21:11सके? शिप्रा ने तंज भरे स्वर में कहा। तभी
  4270. 3:21:14मेघना चिढ़कर बोली अरे यार एक आदमी से
  4271. 3:21:18तुम्हें धोखा क्या मिला? तुम सबके लिए ऐसा
  4272. 3:21:20नहीं सोच सकती। मेरी प्यारी बहना तुम
  4273. 3:21:23क्यों मेरा बसा बसाया घर उजाड़ना चाहती
  4274. 3:21:25हो? तुम्हें तो पता है ना कि मैं क्या
  4275. 3:21:28चाहती हूं? तो फिर तुम क्यों ऐसी बातें कर
  4276. 3:21:30रही हो? शिप्रा मेघना को चुप कराने की
  4277. 3:21:33कोशिश करते हुए बोली। जबकि मेघना को लग
  4278. 3:21:36रहा था कि दो-चार लोगों के सामने वो इस
  4279. 3:21:39तरह से बातें करेगी तो हो सकता है कि
  4280. 3:21:41शिप्रा उस भिखारी से तलाक के लिए तैयार हो
  4281. 3:21:44जाए। यह सोचकर उसने एक बार फिर से बात को
  4282. 3:21:47छेड़ते हुए कहा।
  4283. 3:21:49अच्छा तुम ही बताओ श्रवण क्या यह बेवकूफी
  4284. 3:21:52नहीं है कि किसी भिखारी को जबरदस्ती इसके
  4285. 3:21:54गले बांध दिया गया है और अब यह उसके साथ
  4286. 3:21:57अपनी जिंदगी बिताने को तैयार है?
  4287. 3:22:01शौर्य ने जब मेघना का यह सवाल सुना तो उसे
  4288. 3:22:03अचानक खांसी सी उठ गई। वो ये उम्मीद नहीं
  4289. 3:22:06कर रहा था कि मेघना उससे ही यह बात पूछ
  4290. 3:22:09लेगी। उसने इस चर्चा को टालने के मकसद से
  4291. 3:22:12कहा। तुम सब ये क्या बात को लेकर बहस करने
  4292. 3:22:15लगी हो? कुछ और नहीं है तुम लोगों के पास
  4293. 3:22:18बात करने को। यह तुम क्या बात कर रहे हो?
  4294. 3:22:21यह कोई छोटी बात है क्या? किसी की जिंदगी
  4295. 3:22:23का सवाल है और मैं तो इसकी बहन हूं। तो
  4296. 3:22:26मैं यह मूकदर्शक बनकर कैसे देखती रह सकती
  4297. 3:22:29हूं? मेघना बोली। तो रुचि मेघना की बात का
  4298. 3:22:32समर्थन करते हुए बोली। तुम सही कह रही हो।
  4299. 3:22:36मेरा भी यही मानना है शिप्रा। तुम्हें एक
  4300. 3:22:39बार अपने फैसले पर विचार करना चाहिए।
  4301. 3:22:42रुचि और मेघना की बात को सुनकर शौर्य को
  4302. 3:22:44लग रहा था कि दोनों अभी उसका तलाक करवा कर
  4303. 3:22:47ही रहेंगी। शिप्रा रहकर शौर्य के चेहरे के
  4304. 3:22:50बदलते एक्सप्रेशनंस [संगीत] को देखती रही।
  4305. 3:22:52शौर्य शिप्रा से नजर मिलाने का साहस नहीं
  4306. 3:22:55कर पा रहा था। तभी रुचि ने एक वेटर से
  4307. 3:22:58बोलकर सबके लिए कुछ स्नैक्स मंगवाए। और
  4308. 3:23:01तभी वहां विजय दीवान का आगमन हुआ।
  4309. 3:23:05उसके हाथ में एक गिफ्ट पैक था। उसने रूचि
  4310. 3:23:07को गले लगाते हुए कहा। हैप्पी बर्थडे
  4311. 3:23:10स्वीट हार्ट। थैंक यू। रुचि चेहरे पर
  4312. 3:23:14जबरदस्ती की मुस्कान लाती हुई बोली। देखो
  4313. 3:23:18मैं तुम्हारे लिए क्या लाया हूं। इतना
  4314. 3:23:20कहकर विजय दीवान ने अपने हाथ के बॉक्स को
  4315. 3:23:23खोला और उसमें से एक ब्रेसलेट निकाल कर
  4316. 3:23:25लहराया और बोला अगर तुम्हारी इजाजत हो तो
  4317. 3:23:29मैं इसे तुम्हें अपने हाथों से पहना भी
  4318. 3:23:31दूं।
  4319. 3:23:32नहीं, इसकी कोई जरूरत नहीं है। मैं इसे
  4320. 3:23:35किसी खास मौके पर पहनूंगी।
  4321. 3:23:38रुचि की बात सुनकर विजय दीवान का चेहरा
  4322. 3:23:40थोड़ा उतर गया पर उसने मुस्कुराने का
  4323. 3:23:42प्रयास किया। वो यहां मौजूद लड़कियों पर
  4324. 3:23:45अपना एक इंप्रेशन [संगीत] जमाना चाहता था।
  4325. 3:23:48तभी उसकी निगाह शौर्य पर पड़ी। उसे सुबह
  4326. 3:23:51वाली घटना याद आ गई और उसके चेहरे पर
  4327. 3:23:54नाखुशी के भाव दिखाई दिए। पर वो कुछ बोला
  4328. 3:23:57नहीं। अगर वह बत्रा डेवलपर के ऑफिस वाली
  4329. 3:24:00बात करता तो इससे उसकी अपनी ही बेइज्जती
  4330. 3:24:02होती। इसीलिए उसने इस चर्चा को छेड़ना सही
  4331. 3:24:06नहीं समझा। पर शौर्य और रुचि के साथ दो
  4332. 3:24:09खूबसूरत लड़कियों को खड़ा देखकर उसने यहां
  4333. 3:24:12से हटने का विचार त्याग दिया। उसने रुचि
  4334. 3:24:15से कहा,
  4335. 3:24:16"मुझे तुम अपने दोस्तों से नहीं
  4336. 3:24:18मिलवाओगी।"
  4337. 3:24:19ना चाहते हुए भी रुचि को विजय से मेघना,
  4338. 3:24:22शिप्रा और शौर्य का परिचय कराना पड़ा।
  4339. 3:24:25विजय को लग रहा था कि उसने रुचि को बढ़िया
  4340. 3:24:27गिफ्ट दिया है तो उसे यह भी देखना चाहिए
  4341. 3:24:30कि श्रवण ने क्या दिया है। इसीलिए उसने एक
  4342. 3:24:33भूमिका बनाते हुए कहा अच्छा चलो बताओ
  4343. 3:24:36तुम्हारे दोस्तों ने तुम्हें क्या गिफ्ट
  4344. 3:24:38दिया है? जरा हमें भी तो दिखाओ।
  4345. 3:24:41विजय दीवान की बात सुनकर मेघना ने भी एक
  4346. 3:24:44गिफ्ट का पैकेट निकाल कर रुचि की तरफ
  4347. 3:24:46बढ़ाते हुए कहा, "है हैप्पी बर्थडे
  4348. 3:24:49डार्लिंग। यह मेरी तरफ से एक छोटा सा
  4349. 3:24:51गिफ्ट है। तुम्हें पसंद आएगा।
  4350. 3:24:54इस पर रुचि मेघना से बोली
  4351. 3:24:57अरे इसकी क्या जरूरत थी? विजय दीवान ने जब
  4352. 3:25:01देखा कि शौर्य ने गिफ्ट में कुछ नहीं दिया
  4353. 3:25:03है तो वो उपहास भरे स्वर में बोला
  4354. 3:25:06तुम्हारे इस दोस्त ने कोई गिफ्ट नहीं दिया
  4355. 3:25:08है? क्या इसकी औकात इतनी भी नहीं है कि यह
  4356. 3:25:11तुम्हें एक छोटा सा गिफ्ट भी दे सके। विजय
  4357. 3:25:14के चेहरे पर एक हल्की मुस्कान आ गई। तभी
  4358. 3:25:17मेघना भी उत्सुकता वश पूछ बैठी।
  4359. 3:25:20श्रवण तुम्हारा गिफ्ट कहां है?
  4360. 3:25:23शौर्य ने एक निगाह विजय दीवान पर डाली और
  4361. 3:25:26एक कुटिल मुस्कान के साथ अपने आसपास का
  4362. 3:25:29निरीक्षण किया। गिफ्ट उसकी जेब में ही था।
  4363. 3:25:32पर वो इसे शिप्रा के सामने नहीं निकालना
  4364. 3:25:34चाहता था। पर उसे कोई बहाना भी नहीं सूझ
  4365. 3:25:37रहा था और शिप्रा भी उसके सामने खड़ी थी।
  4366. 3:25:40शौर्य बड़ी उलझन में पड़ गया। गिफ्ट जेब
  4367. 3:25:43से बाहर निकालूं या नहीं। होटल के पार्टी
  4368. 3:25:46हॉल नंबर तीन में वक्त जैसे ठहर सा गया
  4369. 3:25:49था। विजय दीवान की कुटिल मुस्कान, मेघना
  4370. 3:25:52की जिज्ञासु नजरें और रुचि की उम्मीद। इन
  4371. 3:25:55सबके बीच सबसे तेज जो धड़क रहा था वो था
  4372. 3:25:58शिप्रा का दिल। जो यह देखने को बेताब था
  4373. 3:26:02कि शौर्य रुचि के लिए आखिर क्या गिफ्ट
  4374. 3:26:04लाया है। आज एक बार फिर शौर्य अमीरों के
  4375. 3:26:08उस दिखावटी दरबार में खड़ा था, जहां इंसान
  4376. 3:26:10की हैसियत गिफ्ट की कीमत से मापी जा रही
  4377. 3:26:13थी। विजय दीवान सोच रहा था कि वो अपनी
  4378. 3:26:16दौलत से शौर्य को भरी महफिल में नंगा कर
  4379. 3:26:19देगा। उसे नीचा दिखाएगा। लेकिन उसे क्या
  4380. 3:26:22पता था कि जिस बॉक्स को वो मामूली समझ रहा
  4381. 3:26:25है, उसके अंदर की चमक [संगीत] उसकी
  4382. 3:26:27जायदादी अकड़ को फीका कर देगी। रहस्य पर
  4383. 3:26:30से पर्दा उठने लगा। शौर्य ने धीरे से अपनी
  4384. 3:26:33जेब से वो मखमली बॉक्स निकाला। जैसे ही
  4385. 3:26:37बॉक्स की चमक शिप्रा की आंखों से टकराई,
  4386. 3:26:40उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।
  4387. 3:26:43कभी-कभी हम जिस चीज को कचरा समझ कर फेंक
  4388. 3:26:45देते हैं, वही चीज किसी और के गले का हार
  4389. 3:26:48बन जाती है। शिप्रा ने जिस डायमंड सेट को
  4390. 3:26:51शौर्य को वापस लौटा दिया था, आज वही सेट
  4391. 3:26:54एक महंगे गिफ्ट बॉक्स से बाहर निकलकर किसी
  4392. 3:26:57और की जिंदगी रोशन करने जा रहा था। जब
  4393. 3:27:00शौर्य ने वो बॉक्स खोला तो हॉल में रोशनी
  4394. 3:27:03नहीं बल्कि शिप्रा के कलेजे में आग लग गई।
  4395. 3:27:07शौर्य को वो बॉक्स रुचि को देते देखकर
  4396. 3:27:10शिप्रा को ऐसा लगा जैसे कोई उसका दिल
  4397. 3:27:13काटकर किसी और को दे रहा हो। पछतावे का
  4398. 3:27:16जहर [संगीत] उसकी रगों में दौड़ने लगा।
  4399. 3:27:19उसे अब शौर्य पर गुस्सा भी आ रहा था कि
  4400. 3:27:22क्या वो इतना बड़ा धनन्ना सेट हो गया है
  4401. 3:27:24कि सबको लाखों के गिफ्ट बांटेगा। दूसरी
  4402. 3:27:27तरफ बाकी लोगों की निगाह भी उस बॉक्स पर
  4403. 3:27:30जम गई थी। [संगीत] विजय दीवान भी उस बॉक्स
  4404. 3:27:33को देखकर समझ गया था कि हो ना हो यह गिफ्ट
  4405. 3:27:36उसके गिफ्ट से महंगा लग रहा है। लेकिन एक
  4406. 3:27:40बार को उसने सोचा कि यह भी तो हो सकता है
  4407. 3:27:42कि सिर्फ बॉक्स ही कीमती नजर आ रहा हो।
  4408. 3:27:45उसके अंदर जो भी आइटम होगा वो साधारण
  4409. 3:27:47होगा। यही बात सोचकर विजय दीवान ने एक
  4410. 3:27:51फीकी हंसी के साथ शौर्य को उकसाया और बोला
  4411. 3:27:54बॉक्स तो खूबसूरत है। उम्मीद करता हूं कि
  4412. 3:27:57अंदर की चीज भी इतनी ही खूबसूरत हो। चलो
  4413. 3:28:01अब बॉक्स खोलकर अंदर की चीज भी दिखा दो।
  4414. 3:28:04हम भी तो दीदार करें कि तुम रुचि के लिए
  4415. 3:28:06क्या लाए हो। शौर्य ने बिना किसी भाव के
  4416. 3:28:09बॉक्स रुचि की तरफ बढ़ा दिया और बोला
  4417. 3:28:13तुम खुद क्यों नहीं इस बॉक्स को खोलकर
  4418. 3:28:15सबको दिखा देती हो? आखिर यह तुम्हारे लिए
  4419. 3:28:18ही तो है।
  4420. 3:28:21रुचि ने शौर्य के हाथ से बॉक्स लिया और
  4421. 3:28:23कांपते हाथों से बॉक्स का ढक्कन हटाया।
  4422. 3:28:26जैसे ही बॉक्स खुला हीरो की जगमगाहट ने
  4423. 3:28:29पूरे हॉल की लाइटों को फीका कर दिया।
  4424. 3:28:32मेघना के मुंह से सिसकारी निकल गई और विजय
  4425. 3:28:35दीवान का चेहरा ऐसा सफेद पड़ा जैसे किसी
  4426. 3:28:38ने उसे थप्पड़ मार दिया हो। शिप्रा को तो
  4427. 3:28:42पहले से ही पता था कि उस बॉक्स में क्या
  4428. 3:28:44है। वो दूर खड़ी यह सब देख रही थी। उसे लग
  4429. 3:28:48रहा था जैसे उसकी कोई सबसे कीमती चीज
  4430. 3:28:51सरेआम नीलाम हो रही हो। अगर उसे पहले पता
  4431. 3:28:54होता कि श्रवण उसके वापस करने के बाद इस
  4432. 3:28:57सेट को किसी और को गिफ्ट कर देगा तो शायद
  4433. 3:29:00वह कभी उसे वापस नहीं करती। पर कहते हैं
  4434. 3:29:03ना अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई
  4435. 3:29:07खेत।
  4436. 3:29:08उस खुले बॉक्स को देखने के बाद उसने एक
  4437. 3:29:11नजर शौर्य की तरफ देखा। पर शौर्य तो रुचि
  4438. 3:29:14की तरफ देख रहा था। शिप्रा ने महसूस किया
  4439. 3:29:17कि शुरुआत में शौर्य ने उसकी तरफ एक बार
  4440. 3:29:20देखा था। उसके बाद वो पूरी तरह से उसे
  4441. 3:29:22इग्नोर कर रहा था। रुचि की तरफ जमी शौर्य
  4442. 3:29:25[संगीत] की नजर को देखकर एक बार उसके मन
  4443. 3:29:28में जलन भी हुई। उसने मन ही मन कहा क्या
  4444. 3:29:31रुचि मुझसे ज्यादा खूबसूरत है जो ये उसे
  4445. 3:29:34ही घूरे जा रहा है। शिप्रा अब शौर्य को ही
  4446. 3:29:37घूरे जा रही थी। वो देखना चाहती थी कि वो
  4447. 3:29:40अब कब तक उसे इग्नोर करता है। दूसरी तरफ
  4448. 3:29:44मेघना के मुंह से उस डायमंड सेट के लिए
  4449. 3:29:46तारीफ भरे स्वर निकले। विजय दीवान के
  4450. 3:29:49चेहरे पर तो जैसे मातम ही छा गया था।
  4451. 3:29:51स्वयं रुचि को उम्मीद नहीं थी कि शौर्य
  4452. 3:29:54उसके लिए इतना महंगा गिफ्ट लाएगा। वो खुश
  4453. 3:29:57होकर बोली
  4454. 3:29:59यह तो बहुत खूबसूरत है और यह महंगा भी
  4455. 3:30:02बहुत लग रहा है। मेघना रुचिक के
  4456. 3:30:05एक्सप्रेशन को देखकर बोली [संगीत]
  4457. 3:30:08गिफ्ट की कीमत नहीं देखी जाती। देने वाले
  4458. 3:30:10की नियत देखी जाती है। वाकई यह खूबसूरत
  4459. 3:30:14गिफ्ट है। एक पल के लिए मेघना को भी रुचि
  4460. 3:30:18से जलन महसूस हुई। वो भी सोचने को मजबूर
  4461. 3:30:20थी कि [संगीत] अभी-अभी करियर शुरू करने
  4462. 3:30:22वाला शौर्य जैसा शख्स किसी को इतना महंगा
  4463. 3:30:25गिफ्ट कैसे दे सकता है? क्या ये शख्स खुद
  4464. 3:30:28को औकात से ज्यादा दिखाने की कोशिश नहीं
  4465. 3:30:30कर रहा? वो कहीं रुचि पर अपना प्रभाव
  4466. 3:30:33जमाने की कोशिश तो नहीं कर रहा। मेघना को
  4467. 3:30:36अपनी ये सोच सही जान पड़ी। दूसरी तरफ रुचि
  4468. 3:30:40ने उस सेट को अपने हाथों में लहराया और
  4469. 3:30:42विजय दीवान की तरफ पलट कर तंज भरे स्वर
  4470. 3:30:44में बोली क्यों विजय क्या ये गिफ्ट
  4471. 3:30:48तुम्हारी उम्मीद के मुताबिक है या कोई
  4472. 3:30:50कचरा है विजय दीवान खिसियानी हंसी-हंसते
  4473. 3:30:54हुए बोला मानना पड़ेगा यह वाकई खूबसूरत
  4474. 3:30:58गिफ्ट है। मैं मानता हूं कि मैं गलत था।
  4475. 3:31:02विजय दीवान की बात सुनकर रुचि को खुशी
  4476. 3:31:04महसूस हुई। उसने इससे [संगीत] एक कदम और
  4477. 3:31:07आगे जाने का सोचा। वो अपने लिए विजय दीवान
  4478. 3:31:10की नियत को समझती थी। इसीलिए उसे जलाने की
  4479. 3:31:13नियत से वो शौर्य से बोली।
  4480. 3:31:16श्रवण जब तुम मेरे लिए इतना खूबसूरत गिफ्ट
  4481. 3:31:18लाए हो तो क्यों ना अपने हाथों से मुझे
  4482. 3:31:20पहना भी दो।
  4483. 3:31:22शौर्य को यकीन नहीं हुआ कि जो उसने
  4484. 3:31:25अभी-अभी सुना वो सही है। उसे महसूस हुआ कि
  4485. 3:31:28कई जोड़ी आंखें उस पर जम गई हैं। [संगीत]
  4486. 3:31:31खासकर शिप्रा की निगाहें उसे ऐसे देख रही
  4487. 3:31:34थी मानो अभी भस्म कर देंगी। शौर्य शिप्रा
  4488. 3:31:37की तरफ देखने [संगीत] का साहस नहीं कर
  4489. 3:31:39पाया। दूसरी तरफ शिप्रा को भी यकीन नहीं
  4490. 3:31:43हुआ कि रुचि शौर्य से ऐसी डिमांड कर सकती
  4491. 3:31:46है। शिप्रा की आंखों के सामने वो दृश्य
  4492. 3:31:49तैरने लगा। जब राधिका की बर्थडे पार्टी
  4493. 3:31:52में उसके दादाजी और बुआ ने यह जिद की थी
  4494. 3:31:54कि [संगीत] श्रवण अपने हाथों से उसे यह
  4495. 3:31:57डायमंड सेट पहनाए और उसने बहाना करके इस
  4496. 3:32:00सेट को शौर्य के हाथों से पहनने से मना कर
  4497. 3:32:02दिया था। और आज किस्मत का फेर देखो। शौर्य
  4498. 3:32:06भी वही है, सेट भी वही है। पर पहनने वाला
  4499. 3:32:09गला किसी और का होगा।
  4500. 3:32:12उसके दिमाग में यही सवाल गूंज रहा था।
  4501. 3:32:16क्या सचमुच श्रवण रुचि को यह सेट अपने
  4502. 3:32:18हाथों से पहनाएगा?
  4503. 3:32:21शिप्रा को अपना दिल बैठता हुआ सा प्रतीत
  4504. 3:32:23हो रहा था। तभी मेघना की आवाज उसके कानों
  4505. 3:32:26में पड़ी। देख क्या रहे हो श्रवण? रुचि को
  4506. 3:32:30पहना दो यह सेट।
  4507. 3:32:32शौर्य एक पल के लिए हिचकिचाया। फिर उसने
  4508. 3:32:35शिप्रा की चुभती हुई नजरों को महसूस किया।
  4509. 3:32:38लेकिन उसने खुद को सख्त किया और रुचि के
  4510. 3:32:40करीब गया। शौर्य ने वो हार रुचि के गले
  4511. 3:32:43में डाला।
  4512. 3:32:45उसके हाथ रुचि की त्वचा को छू रहे थे।
  4513. 3:32:48पीछे हुक लगाते वक्त शौर्य ने रुचि के
  4514. 3:32:51परफ्यूम की खुशबू महसूस की। [संगीत]
  4515. 3:32:54एक पल के लिए वो मदहोश हुआ पर तुरंत पीछे
  4516. 3:32:57हट गया। वहीं रुचि खुशी से फूली नहीं समा
  4517. 3:33:00रही थी। [संगीत] जबकि विजय का चेहरा जलकर
  4518. 3:33:03कोयले जैसा हो गया था। विजय ने अब अपनी
  4519. 3:33:07जेब मिटाने के लिए रुचि से कहा। मैं समझता
  4520. 3:33:10हूं तुमने यह सिर्फ मुझे जलाने के लिए
  4521. 3:33:12किया है। तो रुचि ने चिढ़े स्वर में जवाब
  4522. 3:33:14दिया। तुम खुद को इतना भी इंपॉर्टेंट मत
  4523. 3:33:17समझो कि मैं तुम्हें जलाने की कोशिश
  4524. 3:33:19करूंगी। उधर शिप्रा के मन में सवालों की
  4525. 3:33:22झड़ी लगी हुई थी। क्या सच में श्रवण और
  4526. 3:33:25रुचि एक दूसरे को पसंद करते हैं? पर अगर
  4527. 3:33:28ऐसा है तो मुझे यह सब इतना अजीब क्यों लग
  4528. 3:33:30रहा है? अगर श्रवण रुचि को पसंद भी करता
  4529. 3:33:33होगा तो मुझे इससे क्या फर्क पड़ता है?
  4530. 3:33:36फिर उसने खुद को समझाने की कोशिश की। अरे
  4531. 3:33:39मैंने ही तो उससे कहा था कि अगर वह किसी
  4532. 3:33:42के साथ रिलेशन में भी होगा तो मुझे कोई
  4533. 3:33:44फर्क नहीं पड़ेगा। फिर यह दिल मान क्यों
  4534. 3:33:46नहीं रहा है? क्यों हर बार उसी का ख्याल आ
  4535. 3:33:49रहा है? क्यों ऐसा लग रहा है जैसे कुछ
  4536. 3:33:52मुझसे छीन रहा है। जितना वो खुद से सवाल
  4537. 3:33:56कर रही थी, उतना ही उसका दिल और ज्यादा
  4538. 3:33:58उलझता जा रहा था और उसकी बेचैनी बढ़ती ही
  4539. 3:34:01जा रही थी। उसकी नजर बार-बार रुचि के गले
  4540. 3:34:04के डायमंड सेट पर अटक रही थी। उस सेट को
  4541. 3:34:08देखकर उसके दिल को झटके लग रहे थे। उधर
  4542. 3:34:11विजय अपनी शर्म छुपाने की कोशिश कर रहा
  4543. 3:34:13था। उसने यहां किसी के सामने यह जाहिर
  4544. 3:34:16नहीं किया कि वो पहले भी शौर्य यानी श्रवण
  4545. 3:34:19से मिल चुका है। जब बत्रा डेवलपर के यहां
  4546. 3:34:22से शौर्य निकल गया और वहां उसकी दाल नहीं
  4547. 3:34:24गली तो मजबूरन उसे मॉडल टाउन की कोठी नंबर
  4548. 3:34:27नौ लेनी पड़ी। और तभी उसने ठान लिया था कि
  4549. 3:34:31भविष्य में वह शौर्य को सबक जरूर सिखाएगा।
  4550. 3:34:34आज इस पार्टी में भी उसने शौर्य को
  4551. 3:34:37शर्मिंदा करने के लिए ही यह सब किया था।
  4552. 3:34:40लेकिन यहां भी [संगीत] उसका दांव उल्टा
  4553. 3:34:42पड़ गया था। विजय स्वभाव से लड़कियों के
  4554. 3:34:45पीछे भागने वाला इंसान था और रुचि उसकी इस
  4555. 3:34:47आदत से परिचित थी। इसलिए वह उसे ज्यादा
  4556. 3:34:50भाव नहीं दे रही थी। विजय ने रुचि के साथ
  4557. 3:34:53खड़ी दोनों लड़कियों मेघना और शिप्रा को
  4558. 3:34:56देखा तो वो उनकी खूबसूरती से स्वाभाविक
  4559. 3:34:58तौर पर प्रभावित हो गया। खासकर शिप्रा की
  4560. 3:35:01खूबसूरती उसे ज्यादा ही आकर्षित कर रही
  4561. 3:35:04थी। वो किसी तरह दोनों से संपर्क बनाना
  4562. 3:35:07चाहता था। इसीलिए विजय ने विषय बदलते हुए
  4563. 3:35:10रुचि से कहा। रुचि तुम मुझे अपने दोस्तों
  4564. 3:35:13से इंट्रोड्यूस नहीं करवाओगी।
  4565. 3:35:15रुचि को मजबूरन मेघना और शिप्रा का परिचय
  4566. 3:35:17विजय दीवान से कराना पड़ा। हां मिलिए
  4567. 3:35:21इनसे। यह मेघना है मेरे कॉलेज के समय की
  4568. 3:35:23दोस्त और यह शिप्रा है मेघना की कजिन।
  4569. 3:35:28इतना कहकर रुचि फिर बोली और यह है
  4570. 3:35:31महानुभाव विजय दीवान रायचंद दीवान के
  4571. 3:35:33साहबजादे।
  4572. 3:35:36आपने दीवान इंडस्ट्रीज के बारे में तो
  4573. 3:35:38सुना ही होगा। वो मेरी ही है। विजय ने खुद
  4574. 3:35:42ही अपनी हैसियत बताने के लिए बात जोड़ी।
  4575. 3:35:45तभी मेघना विजय के भाव समझ गई। इसीलिए
  4576. 3:35:47मुस्कुराते हुए बोली आपके परिवार का तो
  4577. 3:35:50बड़ा नाम होगा इस शहर में मिस्टर विजय।
  4578. 3:35:53विजय [संगीत] यह सुनकर घमंड से भर गया और
  4579. 3:35:55बोला, क्यों आपको नहीं पता इस शहर में भला
  4580. 3:35:58ऐसा कौन होगा जो दीवान फैमिली के बारे में
  4581. 3:36:01नहीं जानता।
  4582. 3:36:03यह कहते हुए उसने एक नजर शौर्य की तरफ भी
  4583. 3:36:05डाली जैसे उसे नीचा दिखाना चाहता हो।
  4584. 3:36:08शौर्य बस मुस्कुरा कर रह गया। जबकि मेघना
  4585. 3:36:11मासूमियत से बोली। मुझे कैसे पता होगा
  4586. 3:36:15मिस्टर विजय? मैं इस शहर की तो हूं नहीं।
  4587. 3:36:17पर जब आप कह रहे हैं तो सच ही होगा। तभी
  4588. 3:36:21विजय ने शिप्रा की तरफ देखते हुए मेघना से
  4589. 3:36:23पूछा। अच्छा आप इस शहर से नहीं है तो आप
  4590. 3:36:27कहां से हैं? और आपकी कजिन क्या वो भी
  4591. 3:36:30यहां की नहीं है?
  4592. 3:36:33अरे नहीं ऐसा नहीं है। मेरी कजिन तो इसी
  4593. 3:36:35शहर से है। आपने जिंक कलेक्शन का नाम सुना
  4594. 3:36:38होगा। वो इसी की कंपनी है। मेघना ने
  4595. 3:36:42शिप्रा की तारीफ करते हुए कहा तो विजय ने
  4596. 3:36:45फिर घमंड से कहा अच्छा इस नाम की भी कोई
  4597. 3:36:48कंपनी है। मुझे नहीं पता। पर जब आप कह रही
  4598. 3:36:52हैं तो सच ही होगा।
  4599. 3:36:54विजय की बात सुनकर मेघना को गुस्सा तो
  4600. 3:36:56बहुत आया। पर उसने खुद को संभालते हुए
  4601. 3:36:58कहा।
  4602. 3:37:00शायद आपकी कंपनी बहुत बड़ी है। इसीलिए आप
  4603. 3:37:03छोटी कंपनियों को नहीं जानते।
  4604. 3:37:06उसके स्वर में हल्का व्यंग था।
  4605. 3:37:08[संगीत]
  4606. 3:37:08पर विजय को लगा कि वह उसकी तारीफ कर रही
  4607. 3:37:10है। इसीलिए विजय ने शिप्रा से बात करने का
  4608. 3:37:13बहाना ढूंढते हुए कहा, शिप्रा जी आपने तो
  4609. 3:37:17जरूर मेरी कंपनी के बारे में सुना होगा।
  4610. 3:37:20शिप्रा दीवान इंडस्ट्रीज के बारे में
  4611. 3:37:21जानती थी। पर वो विजय के बढ़-चढ़कर बोलने
  4612. 3:37:24के अंदाज से परेशान थी। इसीलिए उसने शांत
  4613. 3:37:27स्वर में कहा। शायद आपने अपनी कंपनी को
  4614. 3:37:31अपने मन में कुछ ज्यादा ही हाइप दे रखा
  4615. 3:37:33है। इसीलिए आप इस तरह से बोल रहे हैं।
  4616. 3:37:36मैंने भी आपकी कंपनी के बारे में आज तक
  4617. 3:37:39कुछ सुना नहीं है। [संगीत]
  4618. 3:37:41क्या कहा आप दीवान इंडस्ट्रीज के बारे में
  4619. 3:37:43नहीं जानती? क्या सच में आप इसी शहर की
  4620. 3:37:46हैं? इस शहर में दीवान टेक्सटाइल्स के
  4621. 3:37:49बारे में कौन नहीं जानता?
  4622. 3:37:52विजय ने जानबूझकर टेक्सटाइल्स पर जोर दिया
  4623. 3:37:55क्योंकि मार्केट में उसकी कंपनी का बड़ा
  4624. 3:37:57नाम था। लेकिन शिप्रा ने भावहीन चेहरे के
  4625. 3:38:01साथ कहा
  4626. 3:38:03मैं तो इस शहर के टेक्सटाइल मार्केट की
  4627. 3:38:05बात करूं तो एक ही कंपनी को जानती हूं
  4628. 3:38:08जिसका नाम है रॉयल टेक्सटाइल।
  4629. 3:38:11शिप्रा की इस बात को सुनकर विजय का सब्र
  4630. 3:38:14जवाब दे गया। वो अधीर होकर बोला, "मैंता
  4631. 3:38:17हूं कि रॉयल टेक्सटाइल बड़ा नाम है। पर आप
  4632. 3:38:20दीवान टेक्सटाइल को इग्नोर कैसे कर सकती
  4633. 3:38:22हैं। अगर रॉयल टेक्सटाइल नंबर वन है तो
  4634. 3:38:26दूसरे नंबर पर दीवान टेक्सटाइल ही है।
  4635. 3:38:28होगी। पर मैं नहीं जानती तो उसमें मैं
  4636. 3:38:31क्या कर सकती हूं। शिप्रा ने भी ठान लिया
  4637. 3:38:34था कि इस आदमी की अकड़ तोड़कर ही रहेगी।
  4638. 3:38:37वहीं शौर्य एक तरफ खड़ा शिप्रा के तेवर को
  4639. 3:38:40देख रहा था। उसे अपनी पत्नी पर गर्व भी हो
  4640. 3:38:43रहा था और दुख भी कि वह एक दूसरे के कितने
  4641. 3:38:46करीब होकर भी कितने दूर थे। शिप्रा ने
  4642. 3:38:49विजय दीवान के घमंड को अपने तीखे शब्दों
  4643. 3:38:51के वार से चूर-चूर कर दिया था। वो छुपा
  4644. 3:38:54रही थी लेकिन उसके तेवर यह दिखा रहे थे कि
  4645. 3:38:57अभी-अभी जो उसके सामने गिफ्ट सेरेमनी हुई
  4646. 3:39:00उससे उसका गुस्सा अब फट रहा है। विजय
  4647. 3:39:03दीवान की हर बात के जवाब में एकदम सटीक
  4648. 3:39:06तर्क देकर शिप्रा ने उसे आईना दिखा दिया
  4649. 3:39:08कि असली क्लास और शो ऑफ में क्या फर्क
  4650. 3:39:12होता है। सरेआम अपनी बेइज्जती होते देख
  4651. 3:39:15विजय अपने चेहरे पर जबरदस्ती की हंसी लाता
  4652. 3:39:18हुआ शिप्रा से बोला तुम मजाक कर रही हो।
  4653. 3:39:21सचमुच मजाक कर रही हो ना? नहीं तो तुम ऐसी
  4654. 3:39:24बात नहीं कहती। लेकिन शिप्रा गंभीर थी।
  4655. 3:39:28उसने भावहीन चेहरे के साथ जवाब दिया। ना
  4656. 3:39:31मैं तुम्हें पहले से जानती हूं ना तुम
  4657. 3:39:34मेरे दोस्त हो। तो मैं तुमसे मजाक क्यों
  4658. 3:39:36करूंगी?
  4659. 3:39:38तभी रुचि भी विजय से मजे लेते हुए बोली।
  4660. 3:39:42अब और भी कुछ बाकी रह गया है अपनी भद
  4661. 3:39:44पिटवाने को। विजय के पास कहने को कुछ बचा
  4662. 3:39:47नहीं था। तो वो चेहरे पर हार मानने वाले
  4663. 3:39:50भाव लाते हुए बोला
  4664. 3:39:52लगता है तुम सब मिलकर मेरा मजाक बना रही
  4665. 3:39:54हो। तभी रुचि ने समझाने वाले भाव से कहा
  4666. 3:39:58अरे तो तुम ऐसी बातें ही क्यों करते हो?
  4667. 3:40:00इतना शो ऑफ करने की क्या जरूरत है
  4668. 3:40:02तुम्हें? जरूरी तो नहीं कि सब कुछ
  4669. 3:40:05तुम्हारे हिसाब से ही कंट्रोल हो।
  4670. 3:40:08विजय को जब कोई रास्ता नहीं दिखा तो उसने
  4671. 3:40:11गंदी सी स्माइल के साथ कहा। यार मैं तो
  4672. 3:40:14चाहता था कि तुम्हारे दोस्त मुझे जाने। बस
  4673. 3:40:16उसके लिए ही अपने बारे में बता रहा था।
  4674. 3:40:20बता लिया कोई फायदा हुआ? यहां सब मेरी
  4675. 3:40:23बर्थडे पार्टी को एंजॉय करने आए हैं। और
  4676. 3:40:25तुम सबको अपनी हैसियत दिखाने लगे।
  4677. 3:40:28तुम्हारी बटरिंग वो लोग करेंगे जिन्हें
  4678. 3:40:30तुमसे काम लेना होगा। वो नहीं जिन्हें पता
  4679. 3:40:33है कि वे तुमसे आज के बाद दोबारा मिलेंगे
  4680. 3:40:36भी या नहीं।
  4681. 3:40:38रुचि का लहजा अभी भी शिकायती था।
  4682. 3:40:42यहां सभी लोग वेल टू डू फैमिली से हैं।
  4683. 3:40:44इन्हें तुम्हारी फैमिली स्टेटस से कोई
  4684. 3:40:46फर्क नहीं पड़ने वाला।
  4685. 3:40:49रुचि की बात सुनकर मेघना और शिप्रा के
  4686. 3:40:51चेहरे पर हल्की मुस्कान आ गई। मेघना विजय
  4687. 3:40:54को देखती हुई बोली
  4688. 3:40:56लगता है मिस्टर दीवान को तुम्हारी बात समझ
  4689. 3:40:59में आ गई। दूसरी तरफ मेनका दूर से ही इन
  4690. 3:41:03सबको देख रही थी। उसने शिप्रा को शौर्य के
  4691. 3:41:06पास देख लिया था। इसीलिए वह शौर्य के पास
  4692. 3:41:08नहीं आई।
  4693. 3:41:11वहीं विजय का चेहरा सफेद पड़ चुका था।
  4694. 3:41:14मेघना और शिप्रा की मुस्कुराहट उसे काट
  4695. 3:41:16रही थी। तभी देवव्रत मल्होत्रा वहां आए।
  4696. 3:41:19उनके चेहरे पर एक अजीब सी गंभीरता थी।
  4697. 3:41:22रुचि ने मेघना और शिप्रा से अपने पापा को
  4698. 3:41:25मिलवाया। अभिवादन के बाद देवव्रत
  4699. 3:41:27मल्होत्रा ने शौर्य से कहा। मिस्टर श्रवण
  4700. 3:41:31क्या आप थोड़ी देर के लिए हमारे साथ
  4701. 3:41:32आएंगे? देवव्रत मल्होत्रा ने इतने
  4702. 3:41:34रिस्पेक्ट के साथ शौर्य से पूछा कि शौर्य
  4703. 3:41:37को थोड़ी शर्मिंदगीगी महसूस हुई और उसने
  4704. 3:41:39खुद को संभालते हुए कहा यह आप कैसी बात कर
  4705. 3:41:42रहे हैं अंकल यह भी कोई पूछने की बात है
  4706. 3:41:45चलिए
  4707. 3:41:47शौर्य का जवाब सुनकर देवव्रत मल्होत्रा उस
  4708. 3:41:49ग्रुप से बोले तुम लोग एंजॉय करो मैं
  4709. 3:41:52थोड़ी देर के लिए श्रवण को अपने साथ ले जा
  4710. 3:41:55रहा हूं। इसके बाद दोनों एक तरफ को बढ़
  4711. 3:41:58गए। शिप्रा इस बात से हैरान थी कि रुचि के
  4712. 3:42:01पापा श्रवण से इतने रिस्पेक्ट से क्यों
  4713. 3:42:03बात कर रहे थे। इन कुछ ही दिनों में श्रवण
  4714. 3:42:06का व्यक्तित्व कितना चेंज हो गया है। आखिर
  4715. 3:42:09ऐसा क्या काम करने लगा है यह? मेघना को भी
  4716. 3:42:13शौर्य का व्यक्तित्व कुछ रहस्यमई जान पड़
  4717. 3:42:15रहा था। विजय दीवान भी इस बात से हैरान था
  4718. 3:42:19कि आखिर देवव्रत अंकल शौर्य को अपने साथ
  4719. 3:42:21अलग लेकर क्यों गए? खैर देवव्रत मल्होत्रा
  4720. 3:42:25शौर्य को अपने साथ लेकर उस पार्टी हॉल से
  4721. 3:42:27बाहर निकल गए। मल्होत्रा साहब शौर्य को
  4722. 3:42:31लेकर होटल के एक गुप्त कमरे में पहुंचे।
  4723. 3:42:33वहां का माहौल तनाव से भरा था। सामने तीन
  4724. 3:42:37लोग बैठे थे। रॉबीली मूछों वाला गिरिराज
  4725. 3:42:40सोलंकी। उसकी खूबसूरत लेकिन खतरनाक बेटी
  4726. 3:42:43श्रव्या सोलंकी और कोने में बैठा छगन।
  4727. 3:42:47शौर्य की नजर छगन से टकराई। पर दोनों ने
  4728. 3:42:50अजनबियों वाला नाटक जारी रखा। गिरिराज
  4729. 3:42:54सोलंकी ने शौर्य को सिर से पैर तक देखा।
  4730. 3:42:57छगन को यहां देखकर शौर्य को आश्चर्य हुआ
  4731. 3:43:00कि यह यहां क्या कर रहा है? पर जब छगन ने
  4732. 3:43:03उसे पहचानने की कोशिश नहीं की तो शौर्य ने
  4733. 3:43:05भी इस बात को इग्नोर किया। शौर्य ने छगन
  4734. 3:43:09के अलावा दोनों लोगों को गौर से देखा।
  4735. 3:43:12गिरिराज सोलंकी की रॉबीली मूछें उसके
  4736. 3:43:14प्रभावशाली व्यक्तित्व की गवाही दे रही
  4737. 3:43:17थी। उसके साथ जो लड़की थी श्रव्या सोलंकी
  4738. 3:43:20वो टाइट फिट जींस और लेदर की जैकेट में
  4739. 3:43:23अपनी खूबसूरती से अलग ही छटा बिखेर रही
  4740. 3:43:25थी। गिरिराज सोलंकी ने देवव्रत मल्होत्रा
  4741. 3:43:29को बैठने का इशारा किया तो देवव्रत
  4742. 3:43:31मल्होत्रा शौर्य के साथ एक सोफे पर बैठ
  4743. 3:43:34गए। शौर्य को अभी तक समझ नहीं आया कि यह
  4744. 3:43:37मामला क्या है। पर वो छगन को देखकर समझ
  4745. 3:43:40गया कि मामला इतना सीधा तो नहीं होगा। पर
  4746. 3:43:43शौर्य खामोश रहा। पहले वह जानना चाहता था
  4747. 3:43:46कि मामला क्या है। उसे पता था जब उसे यहां
  4748. 3:43:50लाया गया है तो यह लोग खुद ही बता देंगे
  4749. 3:43:53कि क्या बात है। तो यही है वो लड़का जिसके
  4750. 3:43:57कारण मेरे भैया आज जेल में हैं।
  4751. 3:44:01रॉबेली मूछों वाला गिरिराज देवव्रत
  4752. 3:44:04मल्होत्रा से बोला तो उसने उसकी बात पर
  4753. 3:44:06ध्यान दिए बिना शौर्य से कहा।
  4754. 3:44:09यह गिरिराज सोलंकी हैं और यह लड़की
  4755. 3:44:12गिरिराज सोलंकी की बेटी श्रव्या सोलंकी और
  4756. 3:44:15इससे तो तुम पहले भी मिल चुके हो। छगन
  4757. 3:44:19तो क्या आपने मुझे यहां इन तीनों से परिचय
  4758. 3:44:21कराने के लिए बुलाया है? शौर्य ने देवव्रत
  4759. 3:44:24मल्होत्रा से पूछा तो जवाब में छगन बोल
  4760. 3:44:27पड़ा।
  4761. 3:44:28श्रवण जी ऐसा है कि गिरिराज सर आपसे
  4762. 3:44:32समझौता करना चाहते हैं। इनका कहना है कि
  4763. 3:44:35जो हो गया उसको यहीं छोड़कर बात को आगे
  4764. 3:44:38बढ़ने से पहले यहीं खत्म कर दिया जाए। अगर
  4765. 3:44:42मामला आगे गया तो यह किसी के भी हक में
  4766. 3:44:44नहीं होगा।
  4767. 3:44:46शौर्य ने यह बात सुनी लेकिन वो अनजान बनने
  4768. 3:44:49की कोशिश करता हुआ बोला।
  4769. 3:44:52ठीक है। अगर ऐसी बात है भी तो इसमें मेरा
  4770. 3:44:55क्या काम? मुझे यहां क्यों बुलाया है? इस
  4771. 3:44:59पर श्रव्या सोलंकी तीखे स्वर में बोली,
  4772. 3:45:03तुम्हें हमने नहीं बुलाया। तुम्हें तो यह
  4773. 3:45:06देवव्रत जी यहां ले आए हैं।
  4774. 3:45:10शौर्य ने श्रव्या सोलंकी की बात सुनकर
  4775. 3:45:12उसकी तरफ गौर से देखा। गुस्से से उसका
  4776. 3:45:15चेहरा तमतमा रहा था। उसके गुस्से से लाल
  4777. 3:45:18चेहरे को देखकर शौर्य के चेहरे पर स्माइल
  4778. 3:45:20आ गई।
  4779. 3:45:23श्रवण बेटे यह लोग कई दिनों से हम पर केस
  4780. 3:45:26वापस लेने के लिए दबाव बना रहे थे और आज
  4781. 3:45:29अचानक यहां आ गए। तुम यहां थे इसीलिए मैं
  4782. 3:45:33तुम्हें यहां अपने साथ ले आया। देवव्रत
  4783. 3:45:36मल्होत्रा ने शौर्य को असलियत बताई। तभी
  4784. 3:45:38शौर्य ने मल्होत्रा साहब से पूछा। ठीक है।
  4785. 3:45:41तो बताइए आपने क्या सोचा है? सच कहूं तो
  4786. 3:45:45मुझे समझ नहीं आ रहा कि मैं क्या करूं।
  4787. 3:45:48मल्होत्रा साहब ने अपनी बेबसी बयां की। तो
  4788. 3:45:51शौर्य ने गिरिराज सोलंकी की तरफ इशारा
  4789. 3:45:54करते हुए कहा तो ठीक है ना इन्हीं से पूछ
  4790. 3:45:57लीजिए कि यह क्या चाहते हैं? देवव्रत
  4791. 3:46:01मल्होत्रा की हिम्मत नहीं हुई कि वह अपनी
  4792. 3:46:03तरफ से कुछ पूछे। पर जब गिरिराज सोलंकी
  4793. 3:46:06शौर्य के भाव को समझ गए तो उन्होंने अपने
  4794. 3:46:09गले को खंखार कर कहा
  4795. 3:46:12यह इतना मुश्किल नहीं है। इन्हें बस थाने
  4796. 3:46:16जाकर सिंपल तरीके से अपनी कंप्लेंट वापस
  4797. 3:46:19लेनी है।
  4798. 3:46:21पर यह ऐसा किस खुशी में करेंगे? शौर्य ने
  4799. 3:46:24बेपरवाही से पूछा
  4800. 3:46:27क्योंकि यह हमारी दुश्मनी झेल नहीं
  4801. 3:46:29पाएंगे। इसीलिए इनके लिए यही अच्छा है कि
  4802. 3:46:33यह अपनी कंप्लेन वापस ले लें तो मामला
  4803. 3:46:36यहीं खत्म हो जाएगा।
  4804. 3:46:39गिरिराज सोलंकी एक-एक शब्द पर जोर देता
  4805. 3:46:42हुआ बोला। शौर्य ने मल्होत्रा साहब की तरफ
  4806. 3:46:45देखा और फिर पलट कर सोलंकी की आंखों में
  4807. 3:46:47आंखें डाल दी। आपने तो कहा था अंकल कि यह
  4808. 3:46:50समझौता करने आए हैं। पर मुझे तो कहीं नहीं
  4809. 3:46:53लग रहा कि यह भाषा समझौते वाली है। यह तो
  4810. 3:46:56साफ-साफ मुझे धमकी जैसा लग रहा है।
  4811. 3:47:00मल्होत्रा साहब की भय से भरी निगाहें
  4812. 3:47:02गिरिराज सोलंकी की तरफ घूम गई। गिरिराज
  4813. 3:47:05सोलंकी हुर्राता हुआ बोला। तो तुम क्या
  4814. 3:47:09चाहते हो कि मैं इस मल्होत्रा के पैरों
  4815. 3:47:12में गिरकर केस वापस लेने के लिए
  4816. 3:47:14गिड़गिड़ाऊं?
  4817. 3:47:16हां, मैं यही चाहता हूं कि आप अपने भाई के
  4818. 3:47:19किए गुनाह की माफी मांगे। तब हो सकता है
  4819. 3:47:22कि अंकल आपकी बात पर विचार कर लें।
  4820. 3:47:26शौर्य ने कहा तो जवाब में गिरिराज सोलंकी
  4821. 3:47:28भड़कता हुआ बोला, "लड़के तुम्हारी जुबान
  4822. 3:47:32कुछ ज्यादा ही चल रही है। तुम्हें नहीं
  4823. 3:47:35पता कि तुम सांप के बिल में हाथ डाल रहे
  4824. 3:47:38हो।
  4825. 3:47:40छगन बेबसी से गिरिराज सोलंकी को देख रहा
  4826. 3:47:42था। वो चाहता था कि वो उनको सचेत करे। पर
  4827. 3:47:46उससे पहले ही शौर्य लापरवाही से बोला,
  4828. 3:47:49"मैं अगर सांप के बिल में हाथ डालता हूं
  4829. 3:47:52तो उसके फन को कुचलना भी जानता हूं। और
  4830. 3:47:55हां, आपकी यह धमकी देवव्रत अंकल के लिए तो
  4831. 3:47:58ठीक है। पर मुझ पर आजमाने की कोशिश भी मत
  4832. 3:48:01करना। नहीं तो मुझे सांप के दांत भी
  4833. 3:48:03तोड़ने आते हैं।
  4834. 3:48:05शौर्य की बात सुनकर गिरिराज सोलंकी आवेश
  4835. 3:48:08में आ गया। शुक्र मनाओ कि मेरे भाई साहब
  4836. 3:48:12अभी जेल में है। नहीं तो तुम कहां गायब हो
  4837. 3:48:15जाते पता भी नहीं चलता।
  4838. 3:48:18शौर्य भी अब अपने पूरे जोश में आ गया था।
  4839. 3:48:21उसने भी धमकी भरे अंदाज में बोला पता तो
  4840. 3:48:24है ना कि जिसके कारण आपके भाई साहब जेल
  4841. 3:48:27में हैं वो मैं ही हूं। आपकी या आपके भाई
  4842. 3:48:30साहब की हैसियत नहीं है कि मुझे एक उंगली
  4843. 3:48:33भी लगा सकें।
  4844. 3:48:35इतने में बहुत देर से खामोश बैठी श्रव्या
  4845. 3:48:38सोलंकी अचानक भावहीन स्वर में बोली क्या
  4846. 3:48:41चाहते हो तुम ऐसा क्या करें कि तुम यह केस
  4847. 3:48:45वापस ले लो
  4848. 3:48:47इसके जवाब में शौर्य भी अपेक्षाकृत शांत
  4849. 3:48:50स्वर में बोला सिंपल है तुम्हें अपने पापा
  4850. 3:48:54के किए पापों के लिए मल्होत्रा अंकल से
  4851. 3:48:56माफी मांगनी चाहिए शायद तब वो विचार करें
  4852. 3:48:59कि उन्हें केस वापस लेना चाहिए या नहीं इस
  4853. 3:49:03पर श्रव्य ने दोबारा सवाल किया और अगर
  4854. 3:49:06माफी नहीं मांगनी हो तो
  4855. 3:49:10अब शौर्य श्रव्या की बात सुनकर थोड़ा सचेत
  4856. 3:49:12हो गया कि यह लड़की चाहती क्या है?
  4857. 3:49:16तुम्हारा इरादा क्या है? तुम कहना क्या
  4858. 3:49:18चाहती हो? शौर्य के सवाल पर श्रव्या ने
  4859. 3:49:21अपना भावहीन रवैया बरकरार रखा और बोली
  4860. 3:49:25मैंने ऐसी भाषा नहीं बोली है जो तुम्हें
  4861. 3:49:28समझ नहीं आए ठीक से। शौर्य को समझ नहीं
  4862. 3:49:31आया कि अब वो क्या बोले। उसे लगा वो उस
  4863. 3:49:35लड़की की बातों में फंस गया पर उसे उसके
  4864. 3:49:37सामने ऑप्शन तो देना था। जब उसे कुछ समझ
  4865. 3:49:40नहीं आया तो वह बोला
  4866. 3:49:43जैसे तुम्हारे पापा ने रुचि को बंधक बना
  4867. 3:49:45लिया था वैसे ही तुम्हें भी दो दिन के लिए
  4868. 3:49:48बंधक बनकर रहना पड़ेगा। लेकिन उस तरह नहीं
  4869. 3:49:51जैसे तुम्हारे पापा ने रुचि को बनाकर रखा
  4870. 3:49:54था। क्योंकि हम लोग तुम्हारे पापा की तरह
  4871. 3:49:56तो हैं नहीं कि किसी को बंधक बनाएं।
  4872. 3:49:59इसीलिए तुम्हें बस दो दिनों तक मेरा
  4873. 3:50:01ड्राइवर बनकर रहना पड़ेगा।
  4874. 3:50:03बोलो तुम्हें ये शर्त मंजूर है?
  4875. 3:50:07शौर्य ने जानबूझकर ऐसी कंडीशन रखी कि वो
  4876. 3:50:10किसी भी सूरत में इसे मंजूर नहीं करेगी।
  4877. 3:50:13उसकी बात सुनकर गिरिराज सोलंकी आग की तरह
  4878. 3:50:16भड़कते हुए बोला तुम्हारी इतनी हिम्मत कि
  4879. 3:50:20तुम हमारी बेटी को ड्राइवर बनाओगे। लगता
  4880. 3:50:23है कि तुम्हें अपनी जिंदगी से प्यार नहीं
  4881. 3:50:26रहा है। आप गुस्सा क्यों हो रहे हो अंकल?
  4882. 3:50:29मैं कोई जबरदस्ती तो कर नहीं रहा जो आप
  4883. 3:50:31यूं आग बबूला हो रहे हो। मैंने तो अपनी
  4884. 3:50:34कंडीशन बता दी। मानना या ना मानना आपकी
  4885. 3:50:37मर्जी है।
  4886. 3:50:39शौर्य ने लापरवाही से कहा। फिर कुछ ध्यान
  4887. 3:50:42में आने पर वो देवव्रत मल्होत्रा की तरफ
  4888. 3:50:44देखकर बोला मल्होत्रा अंकल [संगीत] मैंने
  4889. 3:50:47आपसे बिना पूछे ये दो कंडीशन रख दी है।
  4890. 3:50:50अगर आपके दिमाग में कुछ और है तो बता
  4891. 3:50:52दीजिए। मैं अभी भी अपनी कंडीशन बदल सकता
  4892. 3:50:54हूं।
  4893. 3:50:56देवव्रत मल्होत्रा को समझ नहीं आया कि अब
  4894. 3:50:58वो क्या बोले। अगर शौर्य यहां नहीं होता
  4895. 3:51:02तो वह बहुत पहले ही गिरिराज सोलंकी की हर
  4896. 3:51:04बात मान गए होते। पर शौर्य ने उन्हें अपनी
  4897. 3:51:07शर्तों पर झुकने को मजबूर कर दिया था। तो
  4898. 3:51:10वो क्या ही बोल सकते थे। वैसे उन्हें पता
  4899. 3:51:13था कि शौर्य ने ऐसी कंडीशन रख दी है कि वह
  4900. 3:51:16मानने लायक ही नहीं थे। अभी देवव्रत
  4901. 3:51:18मल्होत्रा यह सब सोच ही रहे थे कि तभी
  4902. 3:51:21श्रव्या बोल पड़ी।
  4903. 3:51:24मुझे तुम्हारी शर्त मंजूर है। क्या? शौर्य
  4904. 3:51:29का मुंह खुला का खुला रह गया। उसे उम्मीद
  4905. 3:51:32नहीं थी कि उसे श्रव्या का इस तरह का जवाब
  4906. 3:51:34सुनने को मिलेगा। कुछ सोचने पर उसे समझ
  4907. 3:51:38नहीं आया कि श्रव्या किस कंडीशन के लिए
  4908. 3:51:40तैयार है। उसे यही लगा कि शायद वह देवव्रत
  4909. 3:51:43मल्होत्रा से [संगीत] माफी मांगने को
  4910. 3:51:45तैयार हो गई है। इसीलिए उसने श्रव्या से
  4911. 3:51:48स्पष्ट शब्दों में कहा तो ठीक है। टेको
  4912. 3:51:51घुटने और माफी मांग लो।
  4913. 3:51:54मैंने यह कब कहा कि मैं माफी मांगने के
  4914. 3:51:57लिए तैयार हूं। मैं तुम्हारी दूसरी कंडीशन
  4915. 3:52:00के लिए तैयार हूं।
  4916. 3:52:03श्रव्या ने फिर उसी भावहीन स्वर में कहा
  4917. 3:52:05तो शौर्य को झटका सा लगा और वो आश्चर्य से
  4918. 3:52:08बोला
  4919. 3:52:10क्या मतलब? मैंने कहा मैं तुम्हारी शर्त
  4920. 3:52:13मानने को तैयार हूं। मैं दो दिनों तक
  4921. 3:52:16ड्राइवर बनकर रहने को तैयार हूं। पर
  4922. 3:52:18तुम्हें भी अब बिना किसी इफ एंड बट के
  4923. 3:52:21अपना केस वापस लेना पड़ेगा।
  4924. 3:52:24श्रव्या अपने इरादे को पक्का करते हुए
  4925. 3:52:26बोली। शौर्य ने सोचा अजीब है। कैसी लड़की
  4926. 3:52:31है? इसे ड्राइवर बनकर रहना मंजूर है पर
  4927. 3:52:34माफी नहीं मांगेगी। सच कहते हैं रईसों की
  4928. 3:52:38पार्टी, पार्टी कम और प्रतियोगिता ज्यादा
  4929. 3:52:40लगती है। मेहमान हो या मेजबान हर कोई खुद
  4930. 3:52:44को बड़ा और दूसरे को छोटा साबित करने में
  4931. 3:52:47कोई कसर नहीं छोड़ता है। रुचि की पार्टी
  4932. 3:52:49में यही होड़ चल रही थी। लेकिन होटल के
  4933. 3:52:52कमरे में सोलंकी खानदान और शौर्य के बीच
  4934. 3:52:55एक अलग ही डील चल रही थी। एक ऐसी डील जिसे
  4935. 3:52:59फाइनल करने के बाद डील में शामिल दोनों
  4936. 3:53:01पार्टियां हैरान रह गई क्योंकि शौर्य की
  4937. 3:53:04शर्त ने श्रव्या को चौंका दिया था। लेकिन
  4938. 3:53:07जैसे ही श्रव्या ने उसे मंजूर किया शौर्य
  4939. 3:53:10खुद चौंक गया। शौर्य ने सोलंकी खानदान की
  4940. 3:53:13शहजादी को ड्राइवर बनने पर मजबूर कर दिया।
  4941. 3:53:16यह सोलंकी खानदान के लिए बहुत बड़ी चोट
  4942. 3:53:19थी। देवव्रत मल्होत्रा भी श्रव्या के मुंह
  4943. 3:53:22से शर्त मंजूर है। सुनकर हैरान रह गए।
  4944. 3:53:26उन्होंने आगे बढ़कर कहा,
  4945. 3:53:30ठीक है, मैं केस वापस ले लूंगा। लेकिन
  4946. 3:53:33आपको यह कमिट करना पड़ेगा कि आगे चलकर
  4947. 3:53:36आपके परिवार से कोई भी हमारे खिलाफ किसी
  4948. 3:53:39तरह का एक्शन नहीं लेगा। [संगीत]
  4949. 3:53:41श्रव्या ने सब सुना। फिर शांत स्वर में
  4950. 3:53:43जवाब दिया।
  4951. 3:53:45ठीक है। ऐसा ही होगा। तभी शौर्य हल्की
  4952. 3:53:49मुस्कान के साथ [संगीत] बोला, लीजिए
  4953. 3:53:51मल्होत्रा साहब, अब दो दिन के लिए आप अपने
  4954. 3:53:55ड्राइवर को छुट्टी दे दीजिए। अब से दो
  4955. 3:53:57दिनों तक यह मैडम आपकी सेवा में रहेंगी।
  4956. 3:54:01देवव्रत मल्होत्रा थोड़ा मुस्कुराए और
  4957. 3:54:03तुरंत बोले, अरे बेटा, मुझे कहां कहीं आना
  4958. 3:54:06जाना होता है। अब तुम यह कंडीशन मिस
  4959. 3:54:09श्रव्य से पूरी करवाना।
  4960. 3:54:12शौर्य के लिए अब यह दांव उल्टा पड़ गया
  4961. 3:54:14था। उसने यह शर्त सिर्फ इसीलिए रखी थी कि
  4962. 3:54:18श्रव्या मानेगी नहीं। लेकिन वो तो बिना
  4963. 3:54:20झिझक मान गई। अब वो पीछे भी नहीं हट सकता
  4964. 3:54:23था। उसने खुद को संभालते हुए कहा।
  4965. 3:54:27ठीक है तुम इस शर्त को पूरा करो और
  4966. 3:54:30मल्होत्रा अंकल केस वापस ले लेंगे। इतना
  4967. 3:54:33कहकर वो खड़ा हो गया। श्रव्या भी उठते हुए
  4968. 3:54:36बोली तो मुझे कहां आना होगा? इस पर
  4969. 3:54:40गिरिराज सोलंकी तुरंत बीच में बोले। अरे
  4970. 3:54:43बेटी तुम इसकी बातों में मत आओ। मैं देख
  4971. 3:54:46लूंगा कैसे भैया को बाहर निकालना है।
  4972. 3:54:49श्रव्या ने अंकल को ठंडे स्वर में जवाब
  4973. 3:54:52दिया। अब आपको कुछ करने की जरूरत नहीं है
  4974. 3:54:55अंकल। मैं इसकी शर्त पूरी करूंगी और अगर
  4975. 3:54:58इसके बाद भी इन्होंने केस वापस नहीं लिया
  4976. 3:55:00तो आप जो चाहे कर सकते हैं। तभी शौर्य ने
  4977. 3:55:04लापरवाही से कहा तो फिर मॉडल टाउन कोठी
  4978. 3:55:08नंबर सात। यही तुम्हारा नया वर्क एड्रेस
  4979. 3:55:11है। अब आप लोग जा सकते हैं। श्रव्या बिना
  4980. 3:55:15कुछ बोले अपने अंकल और छगन के साथ वहां से
  4981. 3:55:18निकल गई। सबके जाने के बाद देवव्रत
  4982. 3:55:20मल्होत्रा ने शौर्य का हाथ थाम लिया। उनकी
  4983. 3:55:24आंखों में आभार था। धन्यवाद बेटे। तुमने
  4984. 3:55:28हालात संभाल लिए। नहीं तो यह लोग मेरे बस
  4985. 3:55:30के बाहर थे। इस पर शौर्य ने शांत स्वर में
  4986. 3:55:34कहा। आप दो दिन बाद केस वापस ले लीजिएगा।
  4987. 3:55:37उसके बाद शायद यह लोग आपको परेशान नहीं
  4988. 3:55:40करेंगे।
  4989. 3:55:42यह सुनकर मल्होत्रा जी ने राहत की सांस ली
  4990. 3:55:44और बोले चलो बाहर चलते हैं। शायद रुचि
  4991. 3:55:48[संगीत] ने केक काट दिया होगा। शौर्य जब
  4992. 3:55:51वापस पार्टी हॉल में पहुंचा तो उसने देखा
  4993. 3:55:53कि शिप्रा और मेघना के पास [संगीत] विजय
  4994. 3:55:55दीवान अब भी अपनी शेखी बगार रहा है। शौर्य
  4995. 3:55:58सीधा मेनका के पास पहुंचा। रुचि मेहमानों
  4996. 3:56:01से मिल रही थी। जबकि मेनका किसी अधेड़
  4997. 3:56:04व्यक्ति से बात कर रही थी। शौर्य को देखते
  4998. 3:56:07ही मेनका ने पूछा अरे कहां चले गए थे तुम?
  4999. 3:56:11इस पर शौर्य ने पूरी बात बता दी। तो मेनका
  5000. 3:56:14हैरानी से बोली
  5001. 3:56:17तुम्हें लगता है वो शहजादी अपनी बात पर
  5002. 3:56:19कायम रहेगी?
  5003. 3:56:21जवाब में शौर्य थोड़ा गंभीर होकर बोला।
  5004. 3:56:24पहले तो मुझे लगा था कि वो कभी नहीं
  5005. 3:56:26मानेगी। लेकिन अब सच कहूं तो उससे थोड़ा
  5006. 3:56:28डर लग रहा है। उसकी आंखों में कुछ ऐसा था
  5007. 3:56:31जैसे वो अपनी बात के लिए कुछ भी [संगीत]
  5008. 3:56:33कर सकती है। मैं तो बस यही चाहता हूं कि
  5009. 3:56:36मेरी सोच गलत निकले। इस पर मेनका [संगीत]
  5010. 3:56:39ने हल्के स्वर में कहा। चलो यह तो कल पता
  5011. 3:56:42चल ही जाएगा। फिर तुरंत उसने विषय बदलते
  5012. 3:56:45हुए पूछा और तुम्हारी वाइफ का क्या रहा?
  5013. 3:56:49और वो लड़की मेघना वो उसके साथ कैसे?
  5014. 3:56:53इस पर शौर्य हलका मुस्कुराया। यह तो मेरे
  5015. 3:56:57लिए भी सरप्राइज था। दरअसल वो दोनों बहनें
  5016. 3:56:59हैं। [संगीत] मेघना शिप्रा की मौसी की
  5017. 3:57:01बेटी है। मुझे भी आज ही पता चला। मेनका
  5018. 3:57:05चौंक कर बोली तो फिर उसे तुम्हारे बारे
  5019. 3:57:08में जानकर शौक लगा होगा।
  5020. 3:57:11किस बात का शौक? अभी उसे पता ही नहीं कि
  5021. 3:57:14मैं और शिप्रा पतिपत्नी है। शौर्य ने
  5022. 3:57:18सहजता से कहा। अब हैरान होने की बारी
  5023. 3:57:21मेनका की थी। क्या उसे यह तक नहीं पता?
  5024. 3:57:26जब शिप्रा ने ही नहीं बताया तो मुझे क्या
  5025. 3:57:28जरूरत थी बताने की। शौर्य ने हल्की
  5026. 3:57:31मुस्कान के साथ कहा तो मेन का सिर हिलाते
  5027. 3:57:34हुए बोली तुम दोनों का रिश्ता भी अजीब है।
  5028. 3:57:37कब तक ऐसे चलेगा?
  5029. 3:57:40दूर खड़ी शिप्रा उसी समय उनकी तरफ देख रही
  5030. 3:57:43थी। एक पल के लिए दोनों की नजरें मिली।
  5031. 3:57:46फिर मेनका ने नजर हटा ली। बातोंबातों में
  5032. 3:57:49[संगीत] ही शौर्य ने धीमे स्वर में कहा।
  5033. 3:57:52शायद उसे थोड़ा वक्त चाहिए।
  5034. 3:57:54जब उस पर दूसरी शादी का दबाव हटेगा तभी वह
  5035. 3:57:58फैसला ले पाएगी।
  5036. 3:58:00इस पर मेनका ने सीधे उसकी आंखों में देखते
  5037. 3:58:02हुए पूछा।
  5038. 3:58:04और तब तक तुम ऐसे ही बीच में अटके रहोगे।
  5039. 3:58:08जवाब में शौर्य ने कंधे उचकाए और बोला
  5040. 3:58:11मुझे फर्क नहीं पड़ता।
  5041. 3:58:13वो बोलते हुए एक पल रुका और फिर बोला वैसे
  5042. 3:58:18आज मुझसे गलती हो गई। क्या हो गया? मेनका
  5043. 3:58:22ने सवालिया नजरों से देखते हुए पूछा तो
  5044. 3:58:25शौर्य थोड़ा गंभीर होकर बोला तुमने जो
  5045. 3:58:28डायमंड सेट मुझे शिप्रा के लिए दिया था
  5046. 3:58:30शिप्रा ने वो मुझे वापस कर दिया था। मुझे
  5047. 3:58:33पता नहीं था कि वो भी इस पार्टी में आ
  5048. 3:58:35सकती है। इसीलिए मैं वही सेट रुचि के
  5049. 3:58:38बर्थडे गिफ्ट के रूप में ले आया। लेकिन
  5050. 3:58:40उसने मुझे [संगीत] वो सेट रुचि को देते
  5051. 3:58:42हुए देख लिया है। पता नहीं वो क्या
  5052. 3:58:45सोचेगी।
  5053. 3:58:46मेनका कुछ पल के लिए चुप हो गई। उसके
  5054. 3:58:49चेहरे पर हल्की चिंता झलकने लगी।
  5055. 3:58:52हम यह तो गड़बड़ हो गई।
  5056. 3:58:56वहीं दूसरी तरफ शिप्रा मन ही मन श्रवण को
  5057. 3:58:59लेकर ही उलझी थी। वो सोच रही थी [संगीत]
  5058. 3:59:02ये श्रवण यहां क्यों है? और देवव्रत अंकल
  5059. 3:59:05इसे अपनी इज्जत के साथ अपने साथ क्यों ले
  5060. 3:59:08गए? आखिर यह है कौन?
  5061. 3:59:11उसकी नजर अनजाने में फिर शौर्य पर टिक गई।
  5062. 3:59:14उसने मन ही मन सोचा। कहीं यह सब मेनका की
  5063. 3:59:18वजह से तो नहीं? क्या मेनका की वजह से ही
  5064. 3:59:20इसके व्यक्तित्व में इतना बदलाव आया है?
  5065. 3:59:24यह सब सोचकर उसके दिल में हल्की जलन सी
  5066. 3:59:26उठी। तभी मेघना ने मुस्कुराते हुए शिप्रा
  5067. 3:59:29से कहा। क्या बात है मैडम? सब ठीक तो है।
  5068. 3:59:33मैंने नोटिस किया है। तुम श्रवण को कुछ
  5069. 3:59:36ज्यादा ही ध्यान से देख रही हो। शिप्रा
  5070. 3:59:39चौंक गई। क्या नहीं तो? तभी मेघना शरारती
  5071. 3:59:44अंदाज में बोली अगर पसंद आ रहा है तो बताओ
  5072. 3:59:47मैं अभी जाकर बात कर लूं तुम्हारे लिए।
  5073. 3:59:51शिप्रा ने तुरंत बात घुमाई। छोड़ो ये सब।
  5074. 3:59:54तुम उस लड़की को जानती हो जो उसके [संगीत]
  5075. 3:59:56साथ खड़ी है। मेघना ने तुरंत नजर घुमा कर
  5076. 4:00:00देखा। ओह वो वो मेनका है। होटल राजकमल की
  5077. 4:00:04मैनेजर। जैसा नाम वैसी ही खूबसूरती।
  5078. 4:00:08इस पर शिप्रा थोड़ी हैरानी से बोली।
  5079. 4:00:12तुम्हें आज ज्यादा समय नहीं हुआ। फिर भी
  5080. 4:00:14तुम यहां इतने लोगों को जानने लगी हो।
  5081. 4:00:17मेघना मुस्कुराई। अरे नहीं मैं तो होटल
  5082. 4:00:20राजकमल में ही ठहरी हुई थी। वहीं मिस
  5083. 4:00:22मेनका से मुलाकात हो गई थी। शिप्रा एक बार
  5084. 4:00:26फिर मेनका की तरफ देखने लगी। इस बार उसकी
  5085. 4:00:29नजरों में सिर्फ जिज्ञासा [संगीत] नहीं
  5086. 4:00:30थी। कुछ और भी था। शायद तुलना या हल्की
  5087. 4:00:34जलन। उसने मन ही मन सोचा। आखिर इस लड़की
  5088. 4:00:39में ऐसा क्या है?
  5089. 4:00:41वहीं मेघना को लगा [संगीत] कि उसे मेनका
  5090. 4:00:44से मिलकर कम से कम एक बार हाय हेलो तो
  5091. 4:00:46करना ही चाहिए। यह सोचकर उसने शिप्रा से
  5092. 4:00:49कहा,
  5093. 4:00:51चलो एक बार उससे मिलकर आते हैं।
  5094. 4:00:54शिप्रा मना करना चाहती थी। पर तब तक मेघना
  5095. 4:00:57ने अपने कदम आगे बढ़ा दिए थे। इसीलिए
  5096. 4:01:00शिप्रा भी उसके पीछे होली।
  5097. 4:01:03मेघना मेनका के पास पहुंचकर बोली।
  5098. 4:01:07हेलो मिस मेनका। आपको यहां देखकर खुशी हुई
  5099. 4:01:10और कैसी हैं आप? मेनका मुस्कुरा कर बोली
  5100. 4:01:14मेघना जी आप मैं अच्छी हूं। आप बताइए आप
  5101. 4:01:16कैसी हैं? [संगीत] और कैसा लग रहा है यह
  5102. 4:01:19शहर? मुझे लगता है आप बहुत समय के बाद इस
  5103. 4:01:22शहर में आई हैं। हां, ऐसा ही है। पर अब
  5104. 4:01:25कुछ समय यहां रहने का इरादा है। मेघना
  5105. 4:01:28बोली और इसके बाद मेघना ने शिप्रा का
  5106. 4:01:31परिचय मेनका से कराया। इससे मिलिए। यह है
  5107. 4:01:34मेरी कजिन शिप्रा।
  5108. 4:01:36हेलो मेनका अभिवादन करती हुई बोली
  5109. 4:01:41मुझे नहीं पता था कि आपसे यूं अचानक
  5110. 4:01:43मुलाकात हो जाएगी। मेघना ने खुश होकर कहा
  5111. 4:01:47तभी वहां पर रुचि आ गई। उसने मेनका और
  5112. 4:01:50मेघना को बात करते देखा तो मेघना से बोली
  5113. 4:01:54मुझे नहीं पता था कि तुम मेनका को पहले से
  5114. 4:01:57जानती हो।
  5115. 4:01:58रुचि की बात सुनकर मेघना ने कहा ऐसा नहीं
  5116. 4:02:02है। अभी दो दिनों पहले इनके होटल में ठहरी
  5117. 4:02:05थी तो वहीं इनसे मुलाकात हुई थी और जान
  5118. 4:02:07पहचान हो गई थी। यह बढ़िया है कि सब एक
  5119. 4:02:11दूसरे को जानते हैं। फिर वो शौर्य की तरफ
  5120. 4:02:14मुड़कर बोली श्रवण तुम्हें पापा क्यों
  5121. 4:02:17बुलाकर ले गए थे? श्रवण ने रुचि की बात
  5122. 4:02:20सुनी तो उसे समझ नहीं आया कि वह इस बात का
  5123. 4:02:23क्या जवाब दे क्योंकि वह सबके सामने
  5124. 4:02:25गिरिराज सोलंकी और श्रव्या सोलंकी के बारे
  5125. 4:02:28में बता नहीं सकता था। इसीलिए उसने कहा
  5126. 4:02:32ऐसी कोई खास बात नहीं थी। बस वो मुझे अपने
  5127. 4:02:34दोस्त से मिलवाना चाहते थे। इसीलिए वो
  5128. 4:02:36मुझे बुलाकर ले गए थे। रुचि को भी समझ
  5129. 4:02:40नहीं आया कि उसके पापा का ऐसा कौन सा
  5130. 4:02:42दोस्त है जिससे मिलाने उसके पापा शौर्य को
  5131. 4:02:45लेकर गए थे। पर फिर उसने सोचा वो यह बात
  5132. 4:02:48अपने पापा से ही पूछ लेगी। जबकि शिप्रा
  5133. 4:02:51जिसके कान शौर्य की बातों की तरफ ही थे
  5134. 4:02:54उसे भी समझ नहीं आया कि आखिर रुचि के पापा
  5135. 4:02:57श्रवण को अपने दोस्त से क्यों मिलाना
  5136. 4:02:59चाहते थे। जितना वो इस बारे में सोच रही
  5137. 4:03:02थी उतना वो उलझती जा रही थी। अचानक ही
  5138. 4:03:06श्रवण उसे मिस्टीरियस लगने लगा था। रुचि
  5139. 4:03:09ने देखा था कि सबने डिनर कर लिया था। एक
  5140. 4:03:12शौर्य ही था जिसने अभी डिनर नहीं किया था।
  5141. 4:03:16इसीलिए उसने शौर्य से कहा चलो चलकर डिनर
  5142. 4:03:19कर लेते हैं। शौर्य ने रुचि की बात सुनी
  5143. 4:03:22तो उसने पूछा
  5144. 4:03:24क्या तुमने भी अभी तक डिनर नहीं किया?
  5145. 4:03:28इस पर रुचि ने मुस्कुराते हुए कहा, नहीं
  5146. 4:03:30अभी नहीं किया। चलो मैं भी तुम्हारे साथ
  5147. 4:03:33डिनर करूंगी।
  5148. 4:03:35शौर्य रुचि के साथ उस तरफ बढ़ गया जहां पर
  5149. 4:03:37खाने की मेज लगी हुई थी। शिप्रा सोचने को
  5150. 4:03:40मजबूर हो गई कि क्या शौर्य जानबूझकर उसे
  5151. 4:03:43इग्नोर कर रहा है। पर यह समय यह सब सोचने
  5152. 4:03:46का नहीं था। वहीं मेघना इस बात से हैरान
  5153. 4:03:50थी कि रुचि श्रवण [संगीत] को इतनी तरजीह
  5154. 4:03:52क्यों दे रही है। उसके लिए यह बात भी
  5155. 4:03:55हैरान करने वाली थी कि शौर्य का मेनका से
  5156. 4:03:58भी बहुत अच्छा रिलेशन है। जबकि मेनका का
  5157. 4:04:02स्टेटस बहुत बड़ा था और शौर्य का वर्क
  5158. 4:04:04प्रोफाइल उसके स्टेटस के आसपास भी नहीं
  5159. 4:04:07ठहरता। फिर इन दोनों के बीच इतनी घनिष्ठता
  5160. 4:04:10कैसे है? जब उससे रहा नहीं गया तो उसने
  5161. 4:04:13अपने मन में आ रही बात को मेनका से पूछ ही
  5162. 4:04:16लिया। तुम दोनों का वर्क कल्चर अलग है।
  5163. 4:04:19फिर तुम दोनों इतने करीब कैसे हो? क्या
  5164. 4:04:21तुम पहले से श्रवण को जानती हो? मेनका ने
  5165. 4:04:25मेघना के सवाल को सुना तो उसे समझ नहीं
  5166. 4:04:27आया कि वो उसे क्या [संगीत] जवाब दे। अगर
  5167. 4:04:30शिप्रा उसके साथ नहीं होती तो वह खुलकर
  5168. 4:04:32मेघना के साथ बात कर सकती थी। पर वह समझती
  5169. 4:04:36[संगीत] थी कि शिप्रा भी उसकी बात को
  5170. 4:04:37ध्यान से सुनेगी। इसीलिए उसने बहुत सोच
  5171. 4:04:40समझ कर अपनी बात कही।
  5172. 4:04:44यहां वर्क कल्चर की बात नहीं है। ऐसा होता
  5173. 4:04:46है ना कि किसी किसी की वाइब्स इतनी मैच
  5174. 4:04:49करती हैं कि अचानक ही उनके बीच क्लोजनेस आ
  5175. 4:04:51जाती है। हम दोनों एक काम के सिलसिले में
  5176. 4:04:54मिले थे। पर धीरे-धीरे हमारी वाइब्स मैच
  5177. 4:04:57करने लगी। जिससे हम दोनों का भरोसा एक
  5178. 4:04:59दूसरे पर बढ़ गया। फिर क्या था? हो गई
  5179. 4:05:02दोस्ती। क्या यह सिर्फ दोस्ती ही है या
  5180. 4:05:05उससे ज्यादा भी कुछ है? मेघना ने मेनका के
  5181. 4:05:08दिल को टटोलने के लिए यह [संगीत] बात कही
  5182. 4:05:10थी। पर मेनका ने जैसे एक बड़ा रहस्य
  5183. 4:05:12उद्घाटन कर दिया।
  5184. 4:05:15तुम कुछ ज्यादा ही सोच रही हो। ऐसा कुछ
  5185. 4:05:18नहीं है। हम बस अच्छे दोस्त हैं। वैसे भी
  5186. 4:05:21श्रवण पहले से ही शादीशुदा है। क्या कहा
  5187. 4:05:24तुमने? श्रवण शादीशुदा है। पर उसने ऐसा तो
  5188. 4:05:27जाहिर नहीं किया। मेघना हैरान होकर बोली
  5189. 4:05:31तो मेनका ने अपनी बात स्पष्ट की।
  5190. 4:05:34क्या मतलब हुआ तुम्हारा? उसने जाहिर नहीं
  5191. 4:05:37किया। क्या वो गले में तख्ती टांग कर घूमे
  5192. 4:05:39कि मैं शादीशुदा हूं? अब वो सबसे यह तो
  5193. 4:05:42कहता नहीं फिरेगा ना। अगर तुम उससे पूछती
  5194. 4:05:45और फिर वो नहीं बताता तो समझ में आता।
  5195. 4:05:48मेघना को भी उसकी बात समझ में आई। उसने
  5196. 4:05:51सोचा बात तो सही है। श्रवण का यह बताने का
  5197. 4:05:54कोई तुक तो था नहीं कि वो शादीशुदा है। यह
  5198. 4:05:57सब तो उसने खुद ही सोच लिया था। मेघना ने
  5199. 4:06:00आगे पूछा। तुम जानती हो उसकी पत्नी को?
  5200. 4:06:05नहीं, मुझे इसके बारे में कुछ नहीं पता और
  5201. 4:06:07मुझे जानने का कोई शौक भी नहीं था। यह
  5202. 4:06:09उसकी पर्सनल लाइफ है। हां, अगर मुझे पता
  5203. 4:06:12होता कि उसकी लाइफ में कोई नहीं है, तो
  5204. 4:06:14शायद हम और भी करीब हो सकते थे।
  5205. 4:06:17मेनका ने अपने विचार मेघना से छुपाए नहीं
  5206. 4:06:20या शायद उसने जानबूझकर शिप्रा को सुनाने
  5207. 4:06:23के लिए यह बात कही थी। पर मेघना को यह बात
  5208. 4:06:26काफी दिलचस्प [संगीत] लगी और वो शौर्य को
  5209. 4:06:29देखते हुए मन ही मन बोली हम कुछ तो
  5210. 4:06:33इंटरेस्टिंग है इसमें।
  5211. 4:06:36शिप्रा सब सुन भी रही थी और लगातार शौर्य
  5212. 4:06:39को देख भी रही थी। बेबस और बेचैन। जिस तरह
  5213. 4:06:43शहर की सबसे खूबसूरत लड़कियां शौर्य के
  5214. 4:06:45चारों ओर मंडरा रही थी, उससे दो चीज बढ़
  5215. 4:06:48रही थी। एक शौर्य का कद और दूसरी शिप्रा
  5216. 4:06:51की धड़कन। शिप्रा की आंखों में हैरानी थी।
  5217. 4:06:54दिमाग में परेशानी और दिल के कोने में जलन
  5218. 4:06:57भी शुरू हो गई थी। शौर्य के मिस्टीरियस
  5219. 4:07:00अवतार की पहेली ने उसके दिमाग को झकझोर के
  5220. 4:07:03रख दिया था। उसके लिए शौर्य को समझना
  5221. 4:07:06नामुमकिन सा हो गया था। उधर उसकी बहन
  5222. 4:07:09मेघना भी शौर्य की जिंदगी को खोद-खोद कर
  5223. 4:07:12हार भी गई थी [संगीत] और उसने ईमानदारी से
  5224. 4:07:14मेनका के सामने इस बात को कबूल भी कर लिया
  5225. 4:07:17था।
  5226. 4:07:19जब मैं पहली बार श्रवण से मिली और उसके
  5227. 4:07:21काम के बारे में जाना तो मैंने उसे कोई
  5228. 4:07:24भाव नहीं दिया या यूं समझो कि मेरी नजर
  5229. 4:07:27में इसकी कोई अहमियत नहीं थी। पर कुछ ही
  5230. 4:07:29समय में मुझे अपने विचार बदलने पड़े या
  5231. 4:07:32यूं कहो मुझे अपने विचार बदलने के लिए
  5232. 4:07:35इसने मजबूर कर दिया।
  5233. 4:07:37मेघना की ईमानदारी पर मेनका हल्के से
  5234. 4:07:40मुस्कुराई और बोली, चलो यह बढ़िया बात है
  5235. 4:07:43कि तुम्हें सच्चाई को कबूल करने में कोई
  5236. 4:07:45दिक्कत नहीं है। मैं जानती हूं कि श्रवण
  5237. 4:07:48में कुछ तो खास है जो वो किसी को भी अपना
  5238. 4:07:51बना लेता है। मेनका दूर से ही शौर्य को
  5239. 4:07:55डिनर करते देख रही थी। वो बीच-बीच में
  5240. 4:07:58शिप्रा के चेहरे के बदलते भाव को भी पढ़
  5241. 4:08:00रही थी। तभी मेघना जो कि शौर्य के पास ही
  5242. 4:08:03डिनर कर रही थी। रुचि की ओर देखते हुए एक
  5243. 4:08:06बार फिर बोली
  5244. 4:08:08चलो तुम्हारा तो ठीक है पर मुझे इसका नहीं
  5245. 4:08:12पता चल रहा है कि रुचि इसके इतने करीब
  5246. 4:08:14कैसे आ गई और मुझे तो ऐसा लगा जैसे रुचि
  5247. 4:08:17के पापा भी श्रवण को बहुत पसंद करते हैं।
  5248. 4:08:21इस पर मेनका फिर थोड़ी मुस्कुराई और शांत
  5249. 4:08:24भाव से बोली।
  5250. 4:08:26इसके पीछे भी एक कहानी है जिसके कारण रुचि
  5251. 4:08:29और उसके पिता दोनों श्रवण के इतने करीब आ
  5252. 4:08:32गए या यह कहो उसके अच्छे दोस्त बन गए।
  5253. 4:08:36मेघना जानना तो चाहती थी कि इसके पीछे की
  5254. 4:08:39कहानी क्या है? पर उसने इसके आगे की कहानी
  5255. 4:08:42नहीं पूछी। उसे लगा कि अगर वह मेनका से
  5256. 4:08:45इसके बारे में ज्यादा बात करेगी तो कहीं
  5257. 4:08:47वह उस पर शक ना करने लगे कि वह शौर्य के
  5258. 4:08:50बारे में इतनी ज्यादा खोजबीन क्यों कर रही
  5259. 4:08:52है। लेकिन फिर भी वो यह जानना चाहती थी कि
  5260. 4:08:55आखिर शौर्य की पत्नी है कौन? उसने सोचा
  5261. 4:08:59देर सवेर यह बात उसे पता चल ही जाएगी।
  5262. 4:09:02आखिर अपनी बात पूरी करने के बाद मेघना को
  5263. 4:09:05लगा अब उसे यहां से निकलना चाहिए। डिनर
  5264. 4:09:08उसने पहले कर ही लिया था। इसीलिए उसने
  5265. 4:09:10शिप्रा से कहा अब चले यहां से। शिप्रा अभी
  5266. 4:09:15तुरंत यहां से जाना तो नहीं चाहती थी
  5267. 4:09:17[संगीत] पर वो यह भी नहीं कह सकती थी कि
  5268. 4:09:19कुछ देर बाद जाएंगे।
  5269. 4:09:21क्योंकि वो मेघना के साथ इस पार्टी में आई
  5270. 4:09:23थी ना कि मेघना उसके साथ यहां आई थी।
  5271. 4:09:26आखिरकार शिप्रा को मेघना के साथ जाने के
  5272. 4:09:29लिए तैयार होना पड़ा। [संगीत] मेघना चलकर
  5273. 4:09:32रुचि के पास पहुंची और उसे बताया कि वह जा
  5274. 4:09:35रही है। रुचि भी उसे विदा करने के लिए
  5275. 4:09:37मेघना के साथ बढ़ी। तभी शिप्रा को एक बार
  5276. 4:09:40ख्याल आया कि क्यों ना वो श्रवण से पूछ ले
  5277. 4:09:43कि क्या वो साथ चलेगा? पर वो हालात की
  5278. 4:09:46जंजीरों में जकड़ी हुई थी। वो सबके सामने
  5279. 4:09:49शौर्य से पूछ नहीं सकती थी। जैसे ही मेघना
  5280. 4:09:52और शिप्रा बाहर की तरफ बढ़े तभी कहीं से
  5281. 4:09:55विजय टपक गया और उसने खासकर शिप्रा की ओर
  5282. 4:09:58देखते हुए पूछा।
  5283. 4:10:01क्या तुम दोनों जा रही हो?
  5284. 4:10:03नहीं। अभी तो मैं आ रही हूं।
  5285. 4:10:07शिप्रा लंबी सांस छोड़ती हुई बोली गुड
  5286. 4:10:09सेंस ऑफ ह्यूमर तुम अच्छा मजाक करती हो
  5287. 4:10:13विजय ने खींच भरी हंसी हंसते हुए अपनी बात
  5288. 4:10:15आगे बढ़ाई और कहा मुझे तुम दोनों से मिलकर
  5289. 4:10:18अच्छा लगा मैं चाहता हूं कि आगे भी हम
  5290. 4:10:20मिलते रहें क्या हम दोस्त बन सकते हैं
  5291. 4:10:25वो जवाब शिप्रा से चाहता था लेकिन बीच में
  5292. 4:10:27मेघना बोल पड़ी
  5293. 4:10:29तुम रुचि के दोस्त हो तो हमारे भी दोस्त
  5294. 4:10:32ही हुए इसलिए पूछने की कोई जरूरत नहीं है
  5295. 4:10:36इस पर विजय थोड़ा मुस्कुराया लेकिन चुप
  5296. 4:10:38नहीं बैठा। आखिर उसने अपने जज्बात बयां कर
  5297. 4:10:41ही दिए।
  5298. 4:10:43सच कहूं तो मुझे शिप्रा अच्छी लगी और मैं
  5299. 4:10:45शायद इन्हें पसंद भी करने लगा हूं। इसीलिए
  5300. 4:10:48मैं शिप्रा से आगे भी मिलना चाहूंगा।
  5301. 4:10:51माहौल में सन्नाटा सा छा गया। शौर्य जब तक
  5302. 4:10:55खामोश था उसकी नजरें शिप्रा पर जम गई।
  5303. 4:10:59शिप्रा ने शौर्य की तरफ देखा और फिर हैरान
  5304. 4:11:02होकर मेघना की ओर देखने लगी। हालांकि
  5305. 4:11:05मेघना खुद भी हैरान थी कि एक ही मुलाकात
  5306. 4:11:07में विजय ऐसा कैसे बोल गया। पर उसने इसे
  5307. 4:11:11एक मौके के रूप में लिया और सोचा कि क्या
  5308. 4:11:14विजय शिप्रा के लिए अच्छा रहेगा। उसने
  5309. 4:11:16सोचा यह अच्छा मौका है शिप्रा को उस
  5310. 4:11:19भिखारी से अलग करने का क्योंकि उसकी नजर
  5311. 4:11:22में विजय एक बड़े घराने का लड़का था और इस
  5312. 4:11:24स्थिति में शिप्रा के लिए एकदम परफेक्ट
  5313. 4:11:27भी।
  5314. 4:11:29शौर्य जो अब तक शिप्रा को इग्नोर करता रहा
  5315. 4:11:31था। जैसे ही उसने विजय की बात सुनी, उसने
  5316. 4:11:34पलट कर शिप्रा की ओर देखा। वो देखना चाहता
  5317. 4:11:37था कि विजय की बात पर शिप्रा कैसे रिएक्ट
  5318. 4:11:40करती है। शिप्रा मेघना के चेहरे का
  5319. 4:11:43रिएक्शन देखकर समझ गई कि उसके दिमाग में
  5320. 4:11:45क्या चल रहा है। तभी उसके दिमाग में कुछ
  5321. 4:11:48खुराफाती विचार आया। उसने एक शरारती
  5322. 4:11:51मुस्कान के साथ विजय की ओर देखा और पूछा।
  5323. 4:11:55तुम मुख्तार भाई को जानते हो?
  5324. 4:12:00विजय को समझ नहीं आया कि शिप्रा उससे यह
  5325. 4:12:02सवाल क्यों कर रही है। पर उसने जवाब दिया,
  5326. 4:12:05हां, जानता हूं उसे और ऐसा कौन होगा जो इस
  5327. 4:12:08शहर में उसे नहीं जानता होगा।
  5328. 4:12:12फिर तो तुम उसके भाई को भी जानते होगे।
  5329. 4:12:15शिप्रा ने फिर सवाल किया। तो विजय ने जवाब
  5330. 4:12:18दिया। हां, उसके भाई रजत के बारे में भी
  5331. 4:12:21सुना है। पर तुम मुझसे यह क्यों पूछ रही
  5332. 4:12:24हो?
  5333. 4:12:25अभी पता चल जाएगा। चलो यह अच्छी बात है कि
  5334. 4:12:28तुम दोनों भाइयों को जानते हो। क्या तुम
  5335. 4:12:31यह जानते हो कि अभी कुछ दिनों पहले उसने
  5336. 4:12:33मेरे साथ क्या किया है?
  5337. 4:12:36शिप्रा के सवाल से तुरंत ही विजय का दिमाग
  5338. 4:12:38घूमा। उसके चेहरे पर हैरानी नजर आने लगी
  5339. 4:12:42और वो आश्चर्य से भरे चेहरे के साथ बोला।
  5340. 4:12:46क्या तुम वही लड़की हो जिसकी शादी मुख्तार
  5341. 4:12:49भाई ने जबरदस्ती एक भिखारी से करवा दी थी?
  5342. 4:12:53शिप्रा एक बड़ी सी मुस्कान के साथ बोली।
  5343. 4:12:56बड़ी जल्दी पहचान गए। मुझे लगता है तुम भी
  5344. 4:12:59उस न्यूज़ के बारे में खूब सुन चुके हो।
  5345. 4:13:02अब मैं जानना चाहती हूं कि क्या अब भी तुम
  5346. 4:13:05यही कहोगे कि तुम मुझे पसंद करते हो।
  5347. 4:13:09शिप्रा की बात सुनकर विजय के चेहरे का रंग
  5348. 4:13:12उड़ गया। उसने खुद को नॉर्मल दिखाने की
  5349. 4:13:15कोशिश की और बोला माफ करना मैं तुम्हारे
  5350. 4:13:18बारे में जानता नहीं था। इसीलिए ऐसा बोल
  5351. 4:13:21गया।
  5352. 4:13:22अरे तुम तो बहुत जल्दी अपनी बात से पलट
  5353. 4:13:25गए। अभी तो तुम कह रहे थे कि तुम मुझे
  5354. 4:13:27पसंद करने लगे हो और अब इतनी जल्दी माफी
  5355. 4:13:30मांगने लगे।
  5356. 4:13:32क्या तुम में हिम्मत नहीं है मुख्तार और
  5357. 4:13:34उसके भाई का सामना करने की?
  5358. 4:13:38विजय दीवान जो खुद को बहुत बड़ा सुरमा समझ
  5359. 4:13:40रहा था उसका चेहरा सफेद पड़ गया। उसकी
  5360. 4:13:43रईसी की हेकड़ी एक पल में हवा हो गई।
  5361. 4:13:47वो शिप्रा की बात का जवाब भी नहीं दे पाया
  5362. 4:13:50और उसने खामोशी से अपना सिर झुका लिया।
  5363. 4:13:54विजय को ऐसा करते देखकर शिप्रा मेघना की
  5364. 4:13:57ओर देखने लगी। जैसे उसे कह रही हो कि इतनी
  5365. 4:14:00जल्दी किसी फैसले पर मत पहुंच जाया करो।
  5366. 4:14:03एक तरह से उसने मेघना की सोच को तुरंत गलत
  5367. 4:14:06साबित कर दिया। मेघना ने भी जब विजय का
  5368. 4:14:09रिएक्शन देखा तो उसे भी उससे नफरत हो गई।
  5369. 4:14:12उसने विजय को इग्नोर किया और शिप्रा से
  5370. 4:14:14बोली चलो घर चलते हैं। फिर दोनों बाहर की
  5371. 4:14:19ओर चल दिए। शौर्य भी रुचि के साथ दोनों को
  5372. 4:14:22वहां से विदा करने बाहर तक गया। शिप और
  5373. 4:14:25मेघना के वहां से जाने के कुछ देर बाद ही
  5374. 4:14:28शौर्य भी मेनका के साथ होटल आ गया। उसने
  5375. 4:14:30होटल से अपनी कार ली और मॉडल टाउन की अपनी
  5376. 4:14:33कोठी की तरफ बढ़ गया। रास्ते में उसने
  5377. 4:14:36शिप्रा को मैसेज कर दिया कि आज वो अपने नए
  5378. 4:14:39वाले घर जा रहा है। इसीलिए वो नहीं आ
  5379. 4:14:41पाएगा। शिप्रा को मैसेज करने के बाद वो
  5380. 4:14:44अपनी कोठी पर पहुंचा।
  5381. 4:14:46मेघा ने अपने बाबा और गोपाल के साथ उस
  5382. 4:14:49कोठी को अपने हिसाब से अरेंज कर दिया था।
  5383. 4:14:52शौर्य यह देखकर बहुत खुश हुआ। शौर्य ने जो
  5384. 4:14:56अपने लिए कमरा निश्चित किया था वो उस कमरे
  5385. 4:14:58में चला गया। उसे लगा था कि रात के हंगामे
  5386. 4:15:01के बाद सुबह सुकून भरी होगी। पर नियति ने
  5387. 4:15:04कुछ और ही तय कर रखा था। सुबह किसी के
  5388. 4:15:08दरवाजे पीटने की आवाज से उसकी नींद खुली।
  5389. 4:15:11उठने के बाद सबसे पहले उसने घड़ी पर नजर
  5390. 4:15:14डाली तो उसने देखा 8:00 बजने वाले हैं।
  5391. 4:15:16उसे हैरानी हुई कि वो इतनी देर तक सोता
  5392. 4:15:19रहा। पर वो यह जानने को भी उत्सुक था कि
  5393. 4:15:22उसे उठाने वाला कौन था। उसने दरवाजा खोला
  5394. 4:15:25तो सामने मेघा खड़ी थी। उसने पूछा क्या
  5395. 4:15:29हुआ? भैया कोई लड़की आई है जो आपके बारे
  5396. 4:15:33में पूछ रही है।
  5397. 4:15:35यह [संगीत] सुनकर शौर्य भी सोचने को मजबूर
  5398. 4:15:37हो गया कि इतनी सुबह आखिर कौन लड़की उससे
  5399. 4:15:40मिलने आ गई है। उसने मेघना से कहा ठीक है
  5400. 4:15:44तुम उसे नीचे बिठाओ मैं भी आता हूं। कुछ
  5401. 4:15:48देर बाद शौर्य फ्रेश होने के बाद अपने
  5402. 4:15:50कमरे से निकला और डाइनिंग एरिया में
  5403. 4:15:52पहुंचा। जहां जाकर उसे पता चला कि श्रव्या
  5404. 4:15:55उसका इंतजार कर रही थी। उसे आश्चर्य हुआ
  5405. 4:15:58कि श्रव्या इतनी सुबह उसके पास कैसे पहुंच
  5406. 4:16:01गई? वो उम्मीद नहीं कर रहा था कि श्रव्या
  5407. 4:16:04अपनी बात को इतना सीरियसली लेगी कि सुबह
  5408. 4:16:07उठकर वो सबसे पहले उसके पास ही आ जाएगी।
  5409. 4:16:11वो हैरान स्वर में श्रव्या से बोला
  5410. 4:16:14तुम इतनी जल्दी कैसे आ गई? कहीं सारी रात
  5411. 4:16:18इसी बात का इंतजार तो नहीं करती रही तुम?
  5412. 4:16:22ज्यादा बकवास करने की जरूरत नहीं है। मुझे
  5413. 4:16:25बस दो दिन ड्राइवर बनकर तुम्हारे साथ रहना
  5414. 4:16:28है। उसके बाद मैं कभी तुम्हारा चेहरा भी
  5415. 4:16:30नहीं देखना चाहूंगी।
  5416. 4:16:33श्रव्या गुस्से में बोली। इस पर शौर्य
  5417. 4:16:36श्रव्या को ऊपर से नीचे तक देखता हुआ
  5418. 4:16:38बोला।
  5419. 4:16:39क्या इस तरह बात करके तुम अपनी ड्यूटी
  5420. 4:16:41पूरी करोगी? क्या एक ड्राइवर अपने ओनर से
  5421. 4:16:44ऐसे ही बात करता है? अगर तुम्हें ऐसे ही
  5422. 4:16:47अपनी ड्यूटी पूरी करनी है तो फिर मुझे
  5423. 4:16:49तुम्हारे जैसे ड्राइवर की कोई जरूरत नहीं
  5424. 4:16:52है।
  5425. 4:16:55श्रव्या को एहसास हुआ कि शायद उसने कुछ
  5426. 4:16:57ज्यादा ही गुस्से में शौर्य से बात की है।
  5427. 4:17:00इसीलिए उसने तुरंत अपनी गलती मानते हुए
  5428. 4:17:02सॉरी कहा और साथ में यह भी निश्चित किया
  5429. 4:17:05कि वह अगले दो दिन इस बात का खास ध्यान
  5430. 4:17:08रखेगी।
  5431. 4:17:10शौर्य को उस लड़की के तुरंत अपने व्यवहार
  5432. 4:17:12को बदलते देखकर आश्चर्य भी हुआ क्योंकि
  5433. 4:17:15उसके पहनावे और व्यक्तित्व को देखकर वो यह
  5434. 4:17:18समझ सकता था कि यह लड़की किसी के सामने
  5435. 4:17:20इतनी आसानी से झुकने वाली नहीं थी। शौर्य
  5436. 4:17:24समझ गया कि वो यह सब सिर्फ इसीलिए कबूल कर
  5437. 4:17:27रही है क्योंकि वह किसी भी तरह अपने पिता
  5438. 4:17:29को जेल से निकलवाना चाहती है। शौर्य ने एक
  5439. 4:17:33बार फिर उसे गौर से देखा और उसकी सॉरी का
  5440. 4:17:36जवाब देते हुए बोला ठीक है। अभी के लिए
  5441. 4:17:39मैं तुम्हारी बात मान लेता हूं। लेकिन
  5442. 4:17:42ध्यान रखना अगर तुमने मेरी शर्त कबूल की
  5443. 4:17:45है तो फिर तुम्हें उसी रोल में दो दिन
  5444. 4:17:47मेरे साथ रहना पड़ेगा।
  5445. 4:17:50तभी श्रव्या बोली
  5446. 4:17:52ठीक है। मैं इस बात का ध्यान रखूंगी और
  5447. 4:17:56हां मैं यह भी चाहूंगी कि तुम मेरी शराफत
  5448. 4:17:59का गलत फायदा उठाने की कोशिश नहीं करोगे।
  5449. 4:18:04शौर्य श्रव्या के कहने का भाव समझकर बोला
  5450. 4:18:08मैं तुम्हारे पिता के जैसा नहीं हूं जो
  5451. 4:18:10किसी लड़की के ऊपर अपना जोर चलाऊंगा
  5452. 4:18:13इसीलिए तुम निश्चिंत रह सकती हो।
  5453. 4:18:16एक बार को तो श्रव्या को अपने पिता के लिए
  5454. 4:18:18ऐसी बात सुनकर बहुत तेज गुस्सा आया। पर वो
  5455. 4:18:22अगले पल अपने पिता के बारे में सोच कर
  5456. 4:18:24अपने गुस्से को पी गई। क्योंकि कहीं ना
  5457. 4:18:27कहीं उसे भी एहसास था कि उसके पिता ने
  5458. 4:18:30रुचि के साथ गलत किया था।
  5459. 4:18:33लेकिन वो यह भी समझती थी कि भले ही उसके
  5460. 4:18:35पिता ने रुचि को अगवा कर लिया था पर वो
  5461. 4:18:38उसकी इज्जत के साथ कोई खिलवाड़ नहीं करने
  5462. 4:18:40वाले थे। हां, वो रुचि का सहारा लेकर उसकी
  5463. 4:18:44संपत्ति पर जरूर कब्जा करना चाह रहे थे।
  5464. 4:18:47साथ ही उसे इस बात का भी गुस्सा था कि
  5465. 4:18:50इसका असली कारण विहान रायजादा है। उसी ने
  5466. 4:18:53उसके पिता को बड़ी रकम का लालच देकर रुचि
  5467. 4:18:56के ऑफिस में कब्जा करने के लिए उकसाया था।
  5468. 4:18:59लेकिन यह मामला उल्टा पड़ गया।
  5469. 4:19:02वहीं दूसरी तरफ राय मेंशन में शिप्रा अपने
  5470. 4:19:05आलीशान बिस्तर पर करवटें बदल रही थी। उसे
  5471. 4:19:08रह-रह कर शौर्य का वो चेहरा याद आ रहा था
  5472. 4:19:11जिसने पूरी पार्टी में सबका ध्यान खींच
  5473. 4:19:14लिया था। उसे जलन हो रही थी मेनका से,
  5474. 4:19:18रुचि से और हर उस लड़की से जो उसके पति की
  5475. 4:19:21तरफ देख रही थी। वो अपने दिल की जलन को
  5476. 4:19:24साफ महसूस कर रही थी। असमंजस में डूबा
  5477. 4:19:27उसका मन उससे पूछ रहा था।
  5478. 4:19:30यह जलन कैसी है? मुझे तो उससे नफरत थी।
  5479. 4:19:34फिर आज उसे किसी और के साथ देखकर मेरा दिल
  5480. 4:19:37क्यों डूब रहा है?
  5481. 4:19:40बेचारी शिप्रा यह कहां जानती है कि उसकी
  5482. 4:19:43जलन अब और बढ़ने वाली है। क्योंकि [संगीत]
  5483. 4:19:45एक और खूबसूरत शहजादी श्रव्या सोलंकी अब
  5484. 4:19:48शौर्य की परछाई बनकर रहने वाली है। तो
  5485. 4:19:51क्या होगा आगे? क्या शौर्य को लेकर शिप्रा
  5486. 4:19:55के दिल में जो फीलिंग्स पनप रही हैं, वो
  5487. 4:19:57उन्हें एक्सेप्ट करेगी? क्या शौर्य की
  5488. 4:19:59सच्चाई शिप्रा के सामने आएगी और क्या होगा
  5489. 4:20:03जब शिप्रा को ड्राइवर शहजादी के बारे में
  5490. 4:20:05पता चलेगा जानने के लिए सुनते रहिए बेगर
  5491. 4:20:08हस्बैंड एंड

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