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भिखारी हसबैंड | Episode 141–160 | Kahvanihindi — Transcript

by Kahvani Hindi · 41,956 words · 5,008 segments · language en · Watch on YouTube

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  1. 0:00तो हेलो दोस्तों, कैसे हैं आप लोग? मुझे
  2. 0:02आशा है कि आप लोग ठीक ही होंगे और इस चैनल
  3. 0:06पर जो भी सीरीज आ रही है उसको मजे से सुन
  4. 0:08रहे होंगे। तो माय फेगर हस्बैंड का नया
  5. 0:12वीडियो आ चुका है जिसमें एपिसोड 141 से
  6. 0:16160 तक है। तो जल्दी से जल्दी इस वीडियो
  7. 0:18को देखो और बताओ कि आपको कौन सा पार्ट
  8. 0:22सबसे अच्छा लगा।
  9. 0:24और आप आगे कौन-कौन सी सीरीज को देखना
  10. 0:28चाहते हो। यह भी कमेंट में बताएं और जैसे
  11. 0:30ही आप इस सीरीज को देख लेते हो, इस एपिसोड
  12. 0:33को देख लेते हो, तो मुझे नेक्स्ट पार्ट
  13. 0:36कमेंट कर देना जिससे कि मैं नेक्स्ट पार्ट
  14. 0:38को अपलोड कर सकूं। तो करते हैं लेट
  15. 0:40स्टार्ट दिस वीडियो माय बेकर हस्बैंड।
  16. 0:43बलवंत राय शिप्रा को इस पार्टी में देखकर
  17. 0:45हैरान थे। वह शिप्रा को मोहित रैना के साथ
  18. 0:48देखकर इतना तो समझ गए थे कि शिप्रा को
  19. 0:51मोहित रैना ने इनवाइट किया होगा। वैसे
  20. 0:54बलवंत राय मोहित रैना को पहले से नहीं
  21. 0:56जानते थे। हर्षल मेहता से उन्हें यह पता
  22. 0:59चला था कि मोहित रैना कौन है और यहां वह
  23. 1:02क्या हैसियत रखता है। क्योंकि बलवंत राय
  24. 1:04को पहले से पता था कि शिप्रा ने पहले ही
  25. 1:06अपनी कंपनी के लिए बिग बुल से पार्टनरशिप
  26. 1:09की थी। इसलिए यह स्वाभाविक था कि उसके
  27. 1:12संबंध मोहित रैना से अच्छे होंगे। पर फिर
  28. 1:16भी वह इस बात से हैरान [संगीत] थे कि
  29. 1:18मोहित रैना ने शिप्रा को यहां क्यों
  30. 1:20इनवाइट किया है। वैसे बलवंत राय आजकल
  31. 1:23शिप्रा से थोड़े से नाराज थे क्योंकि अभी
  32. 1:26जब से शिप्रा ने विहान से शादी करने से
  33. 1:28मना किया था तो इस बात ने उनके ईगो को
  34. 1:31हर्ट किया था और उसके बाद भी शिप्रा ने
  35. 1:34अपनी कंपनी को [संगीत] बेचकर उनके दिए
  36. 1:36पैसे को उन्हें वापस करके उन्हें और भी
  37. 1:39गुस्सा दिलाने वाला काम किया था। बलवंत
  38. 1:41राय कभी नहीं चाहते थे कि शिप्रा अपनी
  39. 1:43कंपनी को बेचे। वह तो बस शिप्रा पर प्रेशर
  40. 1:47बनाना चाहते थे। पर शिप्रा ने जल्दबाजी
  41. 1:50में फैसला लेकर अपनी कंपनी को ही बेच
  42. 1:52दिया। वैसे विहान की शादी युविका से फिक्स
  43. 1:57करने के बाद उनकी नाराजगी थोड़ी कम हुई
  44. 2:00थी। पर उसके बाद कभी भी शिप्रा ने फिर
  45. 2:04उनसे मिलने की कोशिश नहीं की। वैसे उन्हें
  46. 2:07यह भी पता चल गया था कि उस दिन के बाद से
  47. 2:10शिप्रा ने उस घर को भी तात्कालिक रूप से
  48. 2:13छोड़ दिया था। बलवंत राय इसका कारण खुद को
  49. 2:16ही समझ रहे थे क्योंकि उन्होंने ही शिप्रा
  50. 2:19को कहा था कि जब उसे श्रवण से तलाक नहीं
  51. 2:21लेना है तो वह अपने पति के साथ ही क्यों
  52. 2:24नहीं रहती है। अब जब उन्होंने शिप्रा को
  53. 2:26यहां देखा तो स्वाभाविक रूप से उनके मन
  54. 2:29में शिप्रा से बात करने की इच्छा जागृत
  55. 2:32हुई। शिप्रा की भी निगाह बलवंत राय से मिल
  56. 2:35गई थी। जब उसने बलवंत राय को अपनी तरफ आते
  57. 2:39देखा तो वह अपनी जगह पर खड़ी हो गई और
  58. 2:41बलवंत राय के पास आने पर उसने झुककर उनको
  59. 2:44प्रणाम किया। शिप्रा के खड़ी होने पर
  60. 2:46बलवंत राय ने कहा मुझे नहीं पता था कि तुम
  61. 2:50भी आने वाली हो। पर जो भी हो तुम्हें यहां
  62. 2:53देखकर अच्छा लगा।
  63. 2:55हां, मुझे मिस्टर मोहित रैना ने यहां
  64. 2:57इनवाइट किया था। शिप्रा मोहित रैना की तरफ
  65. 3:00इशारा करती हुई बोली। बलवंत राय ने मोहित
  66. 3:03रैना की तरफ देखा तो मोहित रैना ने भी
  67. 3:06बलवंत राय के अभिवादन में सर झुकाकर
  68. 3:08नमस्ते किया। जवाब में बलवंत राय ने कहा
  69. 3:13मैंने आपके बारे में बहुत सुना है। मैंने
  70. 3:15सुना है आपने ड्रीम्स इंडिया के भी 90
  71. 3:18फर्द शेयर खरीद लिया है। बलवंत राय की बात
  72. 3:20सुनकर शिप्रा आश्चर्य से मोहित रैना की ओर
  73. 3:23देखने लगी। शिप्रा अभी तक इस बात से अनजान
  74. 3:26थी कि डीएम्स इंडिया के 90 एच शेयर बिगबुल
  75. 3:30के पास चले गए हैं। अब उसे समझ में आ रहा
  76. 3:32था कि मोहित रैना ने उसे क्यों इनवाइट
  77. 3:35किया। अभी शिप्रा इसी उलझन में थी कि तभी
  78. 3:38मोहित रैना ने कहा आप गलत समझ रहे हैं।
  79. 3:41मैं तो बस एक काम करने वाला एम्प्लई हूं।
  80. 3:44हां, यह सच है कि मेरे बॉस ने ही डीएम्स
  81. 3:47इंडिया के 90 शेयर को खरीदा है। इसके
  82. 3:50अलावा मैंने सुना है कि आपके बॉस ने बिग
  83. 3:52कलेक्शन को भी खरीद लिया है। बलवंत राय
  84. 3:55अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए बोले। इस बात
  85. 3:58ने शिप्रा को और भी हैरान कर दिया। वह इस
  86. 4:00बात से हैरान थी कि उसे यह बात क्यों नहीं
  87. 4:03पता था कि विगर कलेक्शन को भी बिगबूल ने
  88. 4:06खरीद लिया है। खैर इस समय उसका मोहित रैना
  89. 4:09से कुछ भी पूछना ठीक नहीं था। इसलिए वह
  90. 4:12चुपचाप उन दोनों की बात को सुनती रही। फिर
  91. 4:15कुछ सोचकर शिप्रा बलवंत राय से बोयली दादा
  92. 4:18जी मेरी कंपनी को भी इन्होंने ही खरीदा
  93. 4:21है। वह तो मैं तुम्हें इनके साथ देखते ही
  94. 4:23समझ गया था। बलवंत जी बोले इसी समय हर्षल
  95. 4:26मेहता बलवंत राय के पास आए और उनसे कहा
  96. 4:30आइए बलवंत जी मैं आपको नताशा कपूर से
  97. 4:33मिलवा देता हूं वह आ गई है थोड़ी देर बाद
  98. 4:37शायद वह बिजी हो जाए तो यह अच्छा रहेगा कि
  99. 4:41आप अब भी चलकर उनसे मिलने हर्षल मेहता की
  100. 4:43बात सुनकर बलवंत राय शिप्रा और मोहित से
  101. 4:46विदा लेकर वहां से चले गए। शिप्रा ने देखा
  102. 4:49था कि गेट के पास लोगों की भीड़ लग गई थी।
  103. 4:52उस भीड़ के बीच में ही उसे नताशा कपूर की
  104. 4:55एक झलक देखने को मिली। शिप्रा को उसकी तरफ
  105. 4:57देखते पाकर मेघना बोली, देख लो यही है
  106. 5:01नताशा कपूर। नताशा कपूर भीड़ के बीच से
  107. 5:04होकर हॉल के अंदर की तरफ बढ़ रही थी। उसके
  108. 5:06आगे-आगे रत्नाकर शेट्टी भी चल रहा था।
  109. 5:09रत्नाकर शेट्टी भीड़ को साइड करते हुए
  110. 5:12नताशा कपूर को हॉल के मेन स्टेज की तरफ ले
  111. 5:14जा रहा था। यह होता है एक स्टार का चार।
  112. 5:17तुम देख रही हो यहां पर जो भी है सभी
  113. 5:20अच्छे खासे परिवार से हैं। [संगीत] फिर भी
  114. 5:22लोग नताशा कपूर की झलक को पाने के लिए
  115. 5:24उसके पीछे लगे हुए हैं। मेघना नताशा कपूर
  116. 5:27की ओर देखती हुई बोली शिप्रा गौर कर रही
  117. 5:30थी कि मोहित रैना भी नताशा कपूर को ही गौर
  118. 5:34से देख रहा था। शिप्रा ने मोहित रैना से
  119. 5:36पूछा भी मिस्टर मोहित क्या आप भी नताशा
  120. 5:40कपूर के फैन हैं? मोहित रैना ने जब शिप्रा
  121. 5:42के सवाल को सुना तो वह हरबराकर शिप्रा की
  122. 5:45ओर देखने लगा और अपनी जेब मिटाते हुए बोला
  123. 5:47सच कहूं तो यही सच है कि सच में मैं भी
  124. 5:50नताशा कपूर का फैन हूं पर मैं पहले कभी
  125. 5:53उनसे मिला नहीं हूं। मैंने भी आज पहली बार
  126. 5:56ही उन्हें देखा है। इसलिए स्वाभाविक तौर
  127. 5:59पर मेरी आंखें भी नताशा कपूर पर ही अटक
  128. 6:02गई। तो आप यहां खड़े क्यों हैं? जाइए और
  129. 6:06आप भी जाकर उनसे मिल लीजिए। शिप्रा मोहित
  130. 6:09रैना का उत्साह बढ़ाती हुई बोली लगता है
  131. 6:11आप गौर नहीं कर रही हैं कि पहले ही उनसे
  132. 6:14मिलने वालों कि वहां पर भीड़ लगी हुई है
  133. 6:16तो मैं कहां अपना नंबर लगा पाऊंगा। मोहित
  134. 6:19रैना मुस्कुराते हुए बोला अभी मोहित रैना
  135. 6:22ने इतना कहा ही था कि उसने देखा नताशा
  136. 6:25कपूर अचानक भीड़ [संगीत] को चीरते हुए
  137. 6:27उसकी तरफ ही आ रही थी। मोहित रैना को समझ
  138. 6:30नहीं आ रहा था कि यह कैसे हो रहा है।
  139. 6:32शिप्रा ने भी इस बात को नोटिस किया तो वह
  140. 6:35बोली लगता है आपकी बात नताशा कपूर तक
  141. 6:38पहुंच गई है। तभी वह आपके ही तरफ आ रही
  142. 6:41है। मोहित रैना को भी शक होने लगा कि क्या
  143. 6:43सच में नताशा कपूर उसी से मिलने के लिए आ
  144. 6:46रही है। जैसे [संगीत] जैसे नताशा कपूर पास
  145. 6:49आ रही थी। मोहित रैना की धड़कन बढ़ती जा
  146. 6:52रही थी। जैसे ही नताशा कपूर मोहित रैना के
  147. 6:54पास आई। मोहित रैना अभी कुछ बोलने ही वाला
  148. 6:57था कि उसने देखा। नताशा कपूर उसके पास से
  149. 7:00गुजर कर सीधा मेघना से जाकर गली मिल गई।
  150. 7:04अब मोहित रैना को समझ आया कि नताशा कपूर
  151. 7:07उससे नहीं बल्कि मेघना से मिलने के लिए आई
  152. 7:10थी। वो मेघना से अलग होते हुए बोली मुझे
  153. 7:13नहीं पता था कि तुम भी यहां आने वाली हो।
  154. 7:16अगर पता होता तो मैं तुमसे पहले ही बात
  155. 7:18करती और बताओ कैसी हो तुम? मैं बढ़िया
  156. 7:21हूं। तुम बताओ। मैंने तुम्हें देखा था आते
  157. 7:24हुए। यहां पर लोग तुम्हारे दीवाने हैं।
  158. 7:27इसलिए मैंने बीच में आकर तुम्हें डिस्टर्ब
  159. 7:29करना ठीक नहीं समझा। मेघना बोली यह तो ऐसे
  160. 7:33ही चलते रहता है। तुम इसकी चिंता मत करो।
  161. 7:36अभी तो तुम यहीं हो ना? मैं फ्री होकर
  162. 7:39तुमसे मिलती हूं। नताशा कपूर बोली अब जब
  163. 7:42तुम यहां आ ही गई हो तो मेरे [संगीत] इन
  164. 7:44दोस्तों से भी मिल लो। यह है मिस्टर मोहित
  165. 7:47रैना। यह तुम्हारे बहुत बड़े फैन हैं।
  166. 7:49मेघना की बात सुनकर नताशा कपूर ने मोहित
  167. 7:52रैना से हाथ मिलाया। मोहित रैना [संगीत]
  168. 7:55भी नताशा के इस गेस्चर से खुश हो गया।
  169. 7:58उसके बाद मेघना ने नताशा को शिप्रा से
  170. 8:01मिलवाया। यह मेरी कजिन है शिप्रा राय।
  171. 8:04नताशा ने शिप्रा से भी हाथ मिलाया। और फिर
  172. 8:07उसको एक टक देखते हुए बोली, तुम बहुत
  173. 8:10खूबसूरत हो। सच कहूं तो मुझे तुम्हारी
  174. 8:12खूबसूरती देखकर तुमसे जलन हो रही है। फिर
  175. 8:15तो मैं इसे मैं अपनी खुशनशी भी कहूंगी जो
  176. 8:18तुम जैसी स्टार मेरे लिए ऐसी बात कह रही
  177. 8:20है। शिप्रा मुस्कुराती हुई बोली अभी नताशा
  178. 8:24कपूर शिप्रा से कुछ और भी बात करती कि तभी
  179. 8:27पीछे से रत्नाकर शेट्टी ने कहा मिस नताशा
  180. 8:31हर्षल मेहता आपको बुला रही हैं। उन्हें
  181. 8:33शायद आपको किसी से मिलवाना है। नताशा
  182. 8:36रत्नाकर शेट्टी [संगीत] की बात सुनकर
  183. 8:37मेघना से बोली अभी मैं चलती हूं। फ्री
  184. 8:40होकर मैं तुमसे मिलूंगी। इतना कहकर नताशा
  185. 8:43रत्नाकर शेट्टी के साथ में स्टेज की तरफ
  186. 8:45बढ़ गई। मोहित रैना और शिप्रा नताशा को
  187. 8:48वापस जाते हुए देखते रहे। इसी समय शिप्रा
  188. 8:52ने गौर किया कि वहां उपस्थित भीड़ का
  189. 8:54ध्यान उन तीनों पर भी केंद्रित हो गया था।
  190. 8:57भीड़ यह जानकर उनकी तरफ आकर्षित थी कि
  191. 8:59तीनों नताशा कपूर के करीबी हैं। क्योंकि
  192. 9:02वहां उपस्थित इतने सारे गेस्ट के बीच में
  193. 9:04नताशा कपूर सिर्फ उन तीनों से मिलने के
  194. 9:06लिए आई थी। मुझे नहीं पता था मिस मेघना कि
  195. 9:10आप नताशा कपूर से पहले से परिचित थी। मैं
  196. 9:13तो एक पल को इस भ्रम में आ गया कि क्या वो
  197. 9:16मुझसे मिलने के लिए ही यहां आ रही हैं।
  198. 9:18मोहित रैना ने ईमानदारी से इस बात को कबूल
  199. 9:21किया। इसी समय शिप्रा ने महसूस किया कि
  200. 9:23कोई है जो उसी को घूर रही है। उसने देखा
  201. 9:26तो उसे खुद से कुछ दूरी पर मानसी मेहता
  202. 9:29नजर आई थी जो कि उसी की तरफ देख रही थी।
  203. 9:32मानसी मेहता ने मेघा शिप्रा और मोहित
  204. 9:36तीनों को नताशा कपूर से मिलते देखा था।
  205. 9:38उसने नताशा कपूर की वह बात भी सुनी जो
  206. 9:42उसने शिप्रा से कहा था। इस बात को सुनकर
  207. 9:44मानसी मेहता का चेहरा और भी बिगड़ गया था।
  208. 9:47भले इतना समय बीत गया था। पर अभी भी मानसी
  209. 9:50मेहता का जलन [संगीत] उसके लिए कम नहीं
  210. 9:52हुआ था। इसी समय शिप्रा ने नोटिस किया कि
  211. 9:55कोई शख्स था जो मानसी मेहता के साथ ही
  212. 9:57खड़ा था और वह भी शिप्रा को ही घूर रहा
  213. 10:00था। शिप्रा को यह शख्स जाना पहचाना सा लगा
  214. 10:03पर उसे ध्यान नहीं आ रहा था कि वह अभी हाल
  215. 10:06फिलहाल में ही इस शख्स से कहां मिली थी।
  216. 10:09अभी वह उसे पहचानने की कोशिश कर रही थी कि
  217. 10:12उसने देखा वह शख्स मुस्कुराते हुए शिप्रा
  218. 10:15की ओर बढ़ा। शिप्रा के साथ खड़ी मेघना ने
  219. 10:18भी उस शख्स को देख लिया था और वह धीमे से
  220. 10:20बुदबुदाई। यह कमीना भी यहां है। अब फिर से
  221. 10:23यह तुम्हारे पीछे पड़ेगा। मेघना की बात
  222. 10:26सुनकर शिप्रा ने मेघना से पूछा, "कौन है
  223. 10:29यह शख्स? मुझे यह कुछ जाना पहचाना सा
  224. 10:32क्यों लग रहा है? मेघना ने आश्चर्य से
  225. 10:35शिप्रा की ओर देखा। तुम इतनी जल्दी इस
  226. 10:38आदमी को कैसे भूल सकती हो? अभी कुछ दिन
  227. 10:40पहले ही तो यह तुमसे मिला था और तुम्हारे
  228. 10:42पीछे पड़ गया था। मेघना की बात सुनने के
  229. 10:46बाद भी शिप्रा याद करने की कोशिश करने
  230. 10:48लगी। पर अभी भी उसे कुछ सही से याद नहीं
  231. 10:51आया था। तब मेघना ने फिर से कहा। अरे अभी
  232. 10:55जब हम जूही के बर्थडे में गए थे तब यह
  233. 10:58वहां मिला था ना [संगीत] विजय दीवान इतनी
  234. 11:00जल्दी भूल गई शिप्रा का इतना सुनना था कि
  235. 11:03उसे सब याद आ गया जूही के बर्थडे में जो
  236. 11:06भी हुआ था अब उसे अच्छे से विजय दीवान याद
  237. 11:10आ गया था अब तक विजय दीवान शिप्रा के पास
  238. 11:13आ गया था वो खुश होते हुए शिप्रा की तरफ
  239. 11:16हाथ बढ़ाते [संगीत] हुए बोला हेलो मिस
  240. 11:19शिप्रा आप कैसी हैं मैं बता नहीं सकता कि
  241. 11:22आपको यहां देखकर मुझे कितनी खुशी हो रही
  242. 11:25काश मैं भी ऐसा कह सकती। शिप्रा धीरे
  243. 11:28[संगीत] से बुदबुदाई जो कि विजय दीवान को
  244. 11:30सही से सुनाई नहीं दिया। तो वह उत्सुकता
  245. 11:33से पूछने लगा। आपने कुछ कहा क्या? विजय
  246. 11:37दीवान की बात सुनकर शिप्रा खिसियानी
  247. 11:39हंसी-हंसते हुए बोली, नहीं [संगीत] ऐसा
  248. 11:42कुछ नहीं कहा जो आपके लिए हो। मैं एक बात
  249. 11:45कहूं आपको विश्वास नहीं होगा। विजय दीवान
  250. 11:49अपनी आंखें बड़ी करते हुए बोला।
  251. 11:51अच्छा ऐसी क्या बात है जो मुझे विश्वास
  252. 11:54नहीं होगा? शिप्रा हैरान स्वर में बोली।
  253. 11:57उसे समझ नहीं आया कि विजय दीवान उससे ऐसा
  254. 12:00क्या बोलने वाला है। आप दिन पर दिन और भी
  255. 12:03खूबसूरत होती जा रही हैं। विजय दीवान
  256. 12:06हंसते हुए बोला। विजय दीवान की बात सुनकर
  257. 12:09शिप्रा का मन किया कि वह अपना माथा पीट
  258. 12:12ले। फिर भी वह अपने चेहरे पर मुस्कान लाते
  259. 12:14[संगीत] हुए बोली। मैं भला आपकी इस बात पर
  260. 12:17कैसे विश्वास नहीं करूंगी? वैसे आप इसके
  261. 12:20अलावा और क्या करते हैं? विजय दीवान को
  262. 12:23समझ नहीं आया कि शिप्रा किस बारे में पूछ
  263. 12:25रही है। इसलिए वह असमंजस भरे स्वर में
  264. 12:28बोला। मैं समझा नहीं कि आप किस बारे में
  265. 12:31बोल रही हैं। मैंने पूछा कि आप लड़कियों
  266. 12:34की तारीफ करने के अलावा और क्या करते हैं।
  267. 12:37शिप्रा अपनी बात स्पष्ट करती हुई बोली।
  268. 12:41आप अच्छा मजाक करती हैं। जूही के बर्थडे
  269. 12:44में मैंने बताया तो था आपको कि मेरा अपना
  270. 12:46[संगीत] दीवान टेक्सटाइल के नाम से फर्म
  271. 12:48है। आप इतनी जल्दी इस बात को भूल कैसे
  272. 12:51सकती हैं? विजय हंसने की कोशिश करते हुए
  273. 12:54बोला। अरे हां, मैं तो सचमुच भूल गई थी।
  274. 12:58पर अब आपके बताने के बाद मुझे याद आ गया
  275. 13:00कि आप दीवान टेक्सटाइल के सीईओ हैं।
  276. 13:03शिप्रा खेद भरे स्वर में बोली। मानसी
  277. 13:07मेहता जो कि विजय दीवान के साथ खड़ी थी।
  278. 13:09वह इस बात को नोटिस कर रही थी कि विजय
  279. 13:12दीवान शिप्रा में कुछ ज्यादा ही इंटरेस्ट
  280. 13:14ले रहा है। यह बात उसे और भी परेशान कर
  281. 13:17रही थी क्योंकि उसकी निगाह में विजय दीवान
  282. 13:20इस शहर के अच्छे खासे प्रभावशाली लोगों
  283. 13:22में से एक था और वह मानसी को भी इंप्रेस
  284. 13:25करने की कोशिश करता रहता था। पर मानसी
  285. 13:28उसके स्वभाव से भली-भांति [संगीत] परिचित
  286. 13:30थी। इसलिए वह उसकी बातों में नहीं आती थी।
  287. 13:33पर जब उसने देखा कि उसके सामने ही विजय
  288. 13:36दीवान शिप्रा कोेंस दे रहा है तो यह बात
  289. 13:39उसे [संगीत] पसंद नहीं आ रही थी। मानसी
  290. 13:42विजय और शिप्रा के बीच में पड़ती हुई बोली
  291. 13:45विजय तुम्हें पापा से भी मिलना था ना?
  292. 13:47क्या हम चलें? मानसी [संगीत] की बात सुनकर
  293. 13:50विजय समझ गया कि उसका शिप्रा से चेप होना
  294. 13:53मानसी को पसंद नहीं आ रहा। इसलिए उसने बीच
  295. 13:56में अपने पापा से मिलने की बात छेड़ दी।
  296. 13:59ना चाहते हुए भी विजय को मानसी [संगीत] की
  297. 14:01बात माननी पड़ी। उससे सहमत होते हुए उसे
  298. 14:04वहां से जाना पड़ा। पर जाते-जाते भी वह
  299. 14:07शिप्रा से बोलता हुआ गया कि वह जल्दी ही
  300. 14:10फ्री होकर उससे दोबारा मिलेगा। यही वह समय
  301. 14:13था जब शौर्य विक्रम और मेनका के साथ उस
  302. 14:16हॉल में प्रवेश किया। शिप्रा के साथ खड़ा
  303. 14:19मोहित रैना शौर्य के इंतजार में ही था।
  304. 14:23उसने जब [संगीत] इन तीनों को यहां हॉल में
  305. 14:25प्रवेश करते देखा तो वो उन तीनों की तरफ
  306. 14:28चल दिया। मोहित रैना को हॉल के दरवाजे की
  307. 14:31तरफ जाते देखकर [संगीत] शिप्रा ने उधर
  308. 14:33देखा तो उसकी भी निगाह शौर्य पर पड़ी। उसे
  309. 14:37उम्मीद नहीं था कि शौर्य भी यहां आने वाला
  310. 14:39है। [संगीत] पर जब उसने शौर्य को देखा तो
  311. 14:42वह मेघना से बोली अगर इसको भी इस पार्टी
  312. 14:45में आना था तो यह बता नहीं सकता था। अगर
  313. 14:48हमें पता होता तो हम भी उसके साथ ही आते
  314. 14:50ना। उसे सपना आने से तो रहा कि हम दोनों
  315. 14:53भी इस पार्टी में आने वाले हैं। तुम भी तो
  316. 14:56उससे पूछ सकती थी या बता सकती थी कि तुम
  317. 14:58आज इस पार्टी में आ रही हो तो शायद वह बता
  318. 15:01देता तुम्हें। मेघना उल्टा शिप्रा [संगीत]
  319. 15:04पर ही सवाल करती हुई बोली। शिप्रा को भी
  320. 15:06मेघना की बात सही प्रतीत हुई। इसलिए उसने
  321. 15:09आगे इस बारे में कुछ भी नहीं [संगीत] कहा।
  322. 15:12मोहित रैना तेजी से उन तीनों के पास
  323. 15:14पहुंचा। वो शौर्य के स्वागत के लिए शौर्य
  324. 15:17के पास जाने ही वाला था कि [संगीत] शौर्य
  325. 15:19धीरे से उसे चेतावनी देते हुए बोला, "यह
  326. 15:22तुम क्या कर रहे हो?" तुम्हें पता है ना
  327. 15:24कि हम अभी [संगीत] कहां हैं? तुरंत ही
  328. 15:27मोहित रैना को अपनी गलती का आभास हुआ। वो
  329. 15:30विक्रम की तरफ बढ़ा और उसका स्वागत करते
  330. 15:32हुए बोला, "आइए सर, [संगीत] मैं आपका ही
  331. 15:35इंतजार कर रहा था। और सब कैसा है यहां? सब
  332. 15:39ठीक तो चल रहा है। विक्रम [संगीत] बोला,
  333. 15:42हां सर, सब सही है। बस आपका ही इंतजार था।
  334. 15:46मोहित रैना ने जवाब दिया। इसी समय हर्षल
  335. 15:49मेहता भी अपनी बेटी [संगीत] मानसी मेहता
  336. 15:51के साथ विक्रम के पास पहुंचा। हर्षल मेहता
  337. 15:54भी मोहित रैना वाली ही गलती करने [संगीत]
  338. 15:56वाला था कि तभी आंखों के इशारे से ही
  339. 15:59शौर्य ने हर्षल मेहता को समझा दिया कि उसे
  340. 16:01[संगीत] यहां क्या शो करना है। शौर्य से
  341. 16:04नजर मिलते ही हर्षल मेहता को शौर्य की कही
  342. 16:07बात [संगीत] याद आ गई थी। इसलिए वह तुरंत
  343. 16:09ही विक्रम के सामने जाकर उसका स्वागत किया
  344. 16:12और उसे अपने साथ मंच [संगीत] की ओर आने का
  345. 16:14इशारा किया। विक्रम को भी ऐसा करते हुए
  346. 16:17बुरा लग रहा था। पर उसे पता था कि उसे
  347. 16:19क्या करना है। इसलिए वह [संगीत] चाहकर भी
  348. 16:22कुछ और नहीं कर सकता था। वह हर्षल मेहता
  349. 16:24के साथ मंच पर पहुंचा। [संगीत] मेनका भी
  350. 16:27विक्रम के साथ ही मंच पर पहुंची। उसे पता
  351. 16:30था कि उसे क्या दिखाना है। पर शौर्य पीछे
  352. 16:33ही ठहर गया। उसने शिप्रा और मेघना को देख
  353. 16:36लिया था। शौर्य ने ऐसा जताया जैसे अचानक
  354. 16:39से उसकी निगाह शिप्रा पर पड़ गई। इसलिए वो
  355. 16:41पीछे ही रुक गया। शिप्रा जो कि पहले से ही
  356. 16:45शौर्य को देख रही थी। उसकी भी निगाह शौर्य
  357. 16:47से मिली। शिप्रा को यहां देखकर शौर्य को
  358. 16:50आश्चर्य हुआ। शौर्य ने ऐसा ही जताया।
  359. 16:53[संगीत] वह शिप्रा की ओर बढ़ गया। मेघना
  360. 16:56और शिप्रा के पास पहुंचकर शौर्य बोला,
  361. 16:59"मुझे नहीं पता [संगीत] था कि तुम दोनों
  362. 17:01भी यहां आने वाली हो। अगर मुझे पता होता
  363. 17:03तो मैं भी तुम दोनों के साथ ही ना आता।"
  364. 17:06वही सवाल जो अभी कुछ देर पहले शिप्रा ने
  365. 17:08मेघना से किया था। शौर्य ने उसी सवाल को
  366. 17:11शिप्रा और मेघना से किया। शौर्य का सवाल
  367. 17:14सुनकर शिप्रा को एहसास हुआ कि उसे शौर्य
  368. 17:17से इस बारे में बात करनी चाहिए थी। उसने
  369. 17:20सोचा अगर आगे से अब कभी इस तरह की किसी
  370. 17:22पार्टी में जाना होगा तो वह शौर्य से इस
  371. 17:25बारे में जरूर बात करेगी। पर तुम यहां
  372. 17:28कैसे हो? शिप्रा ने शौर्य से सवाल किया।
  373. 17:31यह क्या बात हुई कि मैं यहां कैसे? मेघना
  374. 17:34को तो पता होना चाहिए या समझ जाना चाहिए
  375. 17:36कि मैं यहां क्यों हूं? शौर्य ने शिप्रा
  376. 17:39के सवाल का जवाब दिया। शौर्य का जवाब
  377. 17:42सुनकर शिप्रा मेघना की ओर देखने लगी।
  378. 17:45शिप्रा को अपनी ओर देखते पाकर मेघना बोली,
  379. 17:48तुम्हें भी तो समझना चाहिए [संगीत] कि आज
  380. 17:50यहां क्या होने वाला है। अब तो तुम जानती
  381. 17:52हो कि आज यहां स्ट्रांग एनर्जी ड्रिंक की
  382. 17:55लॉन्चिंग इवेंट है और स्ट्रांग एनर्जी
  383. 17:57ड्रिंक की [संगीत] ऐड में किसने काम किया
  384. 17:59है। शौर्य और नताशा ने। तो जब यह इस ऐड
  385. 18:02कैंपेन का मेन लीड एक्टर है तो इसका यहां
  386. 18:05होना तो स्वाभाविक है। मेघना की बात सुनकर
  387. 18:08शिप्रा को भी अपनी गलती का एहसास हुआ।
  388. 18:11उसने भी तो शौर्य के पोस्टर को देखा था
  389. 18:14जिसमें वो नताशा कपूर के साथ था। अभी
  390. 18:17शौर्य, मेघना और शिप्रा आपस में बातें कर
  391. 18:20ही रहे थे कि तभी कहीं से फिर से विजय
  392. 18:22दीवान वहां पर आ गया। वो शौर्य को देखकर
  393. 18:25बोला ओ तो मिस्टर श्रवण आप भी यहां आए हुए
  394. 18:29हैं मानना [संगीत] पड़ेगा। इन कुछ दिनों
  395. 18:32में मैंने आपको दोबारा किसी बड़ी पार्टी
  396. 18:34में देखा है। पर मैंने आपके बारे में पता
  397. 18:37किया है। आप तो अभी अपने करियर को लेकर
  398. 18:39स्ट्रगल कर रहे हैं। फिर आप ऐसा कैसे दिखा
  399. 18:42रहे हैं? जैसे आप किसी बड़ी फैमिली से
  400. 18:44बिलोंग करते हैं। क्या करें मिस्टर दीवान?
  401. 18:48आप जैसे बड़े लोगों के सामने खड़ा होना है
  402. 18:51तो दिखावा तो करना पड़ेगा ना। शौर्य
  403. 18:54मुस्कुराते हुए बोला, शौर्य की बात विजय
  404. 18:57दीवान को अच्छा नहीं लगा। उसे लग रहा था
  405. 19:00कि शौर्य शिप्रा को रिझाना चाहता है। इससे
  406. 19:04उसे अपना पलड़ा हल्का जान पड़ रहा था। उसे
  407. 19:07लगा अगर उसे शिप्रा की नजर में आना है तो
  408. 19:10उसे श्रवण को शिप्रा से दूर करना पड़ेगा।
  409. 19:13और उसका सबसे अच्छा तरीका यही है कि वह
  410. 19:15शिप्रा के सामने श्रवण को छोटा साबित
  411. 19:18करें। इसलिए वह श्रवण के बारे में ऐसी बात
  412. 19:20बोल रहा था। पर जब उसने देखा कि श्रवण
  413. 19:23उसके मुंह लगकर उसे जवाब दे रहा है तो वो
  414. 19:26शिप्रा से बोला मिस शिप्रा मुझे ऐसा क्यों
  415. 19:30लग रहा है यह श्रवण आप में कुछ ज्यादा ही
  416. 19:32इंटरेस्ट दिखा रहा है शिप्रा को विजय की
  417. 19:35[संगीत] बात सुनकर अच्छा ही लगा वो समझ
  418. 19:38रही थी कि विजय ऐसा क्यों बोल रहा है पर
  419. 19:40उसे यह अच्छा नहीं लगा कि विजय शौर्य को
  420. 19:42छोटा दिखाने की कोशिश कर रहा है। विजय का
  421. 19:45शौर्य का तिरस्कार करना शिप्रा को गुस्सा
  422. 19:48दिला रहा था। इसलिए वो विजय को जवाब देते
  423. 19:51हुए बोली माफ करना मिस्टर विजय पर मुझे तो
  424. 19:54आप भी यही करते हुए प्रतीत हो रहे हैं।
  425. 19:58[हंसी]
  426. 19:58आपने सही कहा मुझे आप बहुत अच्छी लगती
  427. 20:01हैं। मैं पहले भी आपसे यह [संगीत] कहना
  428. 20:03चाहता था पर मुझे मौका ही नहीं मिला। पर
  429. 20:06आपको यह भी तो समझना चाहिए कि मुझ में और
  430. 20:08श्रवण में बहुत अंतर है। मेरे और इसके बीच
  431. 20:12क्या तुलना हो सकती है। अभी विजय इतना
  432. 20:15बोला ही था कि शिप्रा [संगीत] ने देखा
  433. 20:17मानसी मेहता भी विजय के पीछे वहां पहुंच
  434. 20:19गई थी। शिप्रा को यह अच्छा मौका जान पड़ा।
  435. 20:23वो मानसी से बोली मानसी तुम्हारा यह दोस्त
  436. 20:26तो सरेआम मेरे साथ फ्लर्ट कर रहा है। विजय
  437. 20:30ने जैसे ही शिप्रा के मुंह से मानसी का
  438. 20:32नाम सुना उसने पलट कर अपने पीछे देखा।
  439. 20:35मानसी को अपने पीछे खड़ा देखकर उसके चेहरे
  440. 20:37पर हवाइयां उड़ने लगी। शिप्रा की बात
  441. 20:40सुनने के बाद मानसी विजय को घूरने लगी।
  442. 20:43शिप्रा ने जब विजय के चेहरे के बदलते रंग
  443. 20:46को देखा तो उसने विजय से कहा, "क्या हुआ
  444. 20:49[संगीत] मिस्टर विजय? अब आप नहीं कहेंगे
  445. 20:51कि मैं आपको अच्छी लगती हूं? क्या अभी जो
  446. 20:54आपने मुझसे कहा, वह सब बातें हवाहवाई ही
  447. 20:57थी। आप तो कमाल की हैं। मिस्ट शिप्रा। मैं
  448. 21:00तो बस आपको इस श्रवण से बचाना चाहता था।
  449. 21:03मैं नहीं चाहता था कि आप उसके झांसे में
  450. 21:05फंसे इसलिए मैं आपसे ऐसा बोल रहा था। आप
  451. 21:09इससे संभल कर रहें। यह जैसा दिखता है वैसा
  452. 21:11है नहीं। विजय दीवान शौर्य को कोसता
  453. 21:14[संगीत] हुआ बोला। विजय दीवान की बात
  454. 21:17सुनकर मानसी ने शौर्य की तरफ देखा। वो
  455. 21:20शौर्य से पहली बार ही मिल रही थी। पर उसे
  456. 21:23शौर्य का चेहरा कुछ जाना पहचाना सा लग रहा
  457. 21:25था। उसने शौर्य की ओर देखकर कहा। तुम कौन
  458. 21:29हो? मुझे ऐसा क्यों लग रहा है कि मैंने
  459. 21:31पहले भी तुम्हें कहीं देखा है। वैसे जानता
  460. 21:34तुम्हें मैं भी नहीं हूं। तुम कौन हो? मैं
  461. 21:37पक्का यकीन के साथ कह सकता [संगीत] हूं कि
  462. 21:39मैंने तुम्हें पहले कभी नहीं देखा है।
  463. 21:42शौर्य भी मानसी के अंदाज में ही बोला।
  464. 21:45शिप्रा को शौर्य का [संगीत] इस तरह से
  465. 21:47मानसी को बोलना अच्छा लगा। वो इसी तरह का
  466. 21:50जवाब मानसी के लिए चाहती थी। शौर्य का इस
  467. 21:53तरह से मानसी को बोलना मानसी [संगीत] को
  468. 21:55अच्छा नहीं लगा। वो कुछ बोलती उससे पहले
  469. 21:58ही विजय दीवान बोला तुम मानसी मेहता को
  470. 22:01नहीं जानते तुम जिसकी पार्टी में आए हो
  471. 22:04उसी को नहीं जानते आखिर तुम्हें यहां
  472. 22:06बुलाया किसने है मेघना [संगीत] जो यहां
  473. 22:09खड़ी उन सबकी बातों को सुन रही थी उसे लगा
  474. 22:12कि यह बातें कोई अलग दिशा ना ले लें इसलिए
  475. 22:15वह बीच में आती हुई बोली मिस मानसी शायद
  476. 22:18आप जानती नहीं कि आपकी स्ट्रांग एनर्जी
  477. 22:21ड्रिंक की जो ऐड [संगीत] बनी है उसमें
  478. 22:24नताशा कपूर के साथ जो मेन लीड कैरेक्टर है
  479. 22:27वो श्रवण ही है।
  480. 22:30मेघना की बात सुनकर मानसी को एहसास हुआ कि
  481. 22:33क्यों उसे शौर्य का चेहरा जाना [संगीत]
  482. 22:35पहचाना सा लगा। वो समझ गई थी कि उसके ऐड
  483. 22:38में काम करने वाला लड़का श्रवण ही था। पर
  484. 22:41श्रवण ने जिस तरह से उसको जवाब [संगीत]
  485. 22:43दिया था, यह उसे पसंद नहीं आ रहा था।
  486. 22:46मेघना की बात सुनकर मानसी कुछ पल शौर्य का
  487. 22:50चेहरा देखती रही। उसके चेहरे पर शौर्य के
  488. 22:53लिए नागवारी के भाव थे। वह संयमित स्वर
  489. 22:56में बोली, "यह अच्छी बात [संगीत] है कि
  490. 22:59तुमने हमारे ऐड में काम किया है। पर इसका
  491. 23:01यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि [संगीत]
  492. 23:03तुम्हें यहां अपनी मनमानी करने की इजाजत
  493. 23:05मिल गई है।" अच्छा, ऐसा मैंने क्या कर
  494. 23:09दिया जो तुम्हें मैं मनमानी करता प्रतीत
  495. 23:11हुआ। अगर किसी पर लगाम ही लगानी है तो
  496. 23:14अपने इस दोस्त पर लगाओ जो पता नहीं खुद को
  497. 23:17क्या समझता है। शौर्य विजय दीवान की तरफ
  498. 23:20इशारा करता हुआ बोला मुझे किस पर लगाम
  499. 23:22लगाना है यह मुझे अच्छे से पता है। तुमने
  500. 23:25नताशा कपूर के साथ एक ऐड में काम क्या
  501. 23:27[संगीत] कर लिया है कि खुद को ज्यादा ही
  502. 23:29बड़ा स्टार समझने लगे हो। मानसी को शौर्य
  503. 23:32का इस तरह [संगीत] से उससे बात करना पसंद
  504. 23:34नहीं आ रहा था। कोई और समय होता तो शायद
  505. 23:38वह इस तरह से शौर्य से बात नहीं करती। पर
  506. 23:40क्योंकि यह [संगीत] सब शिप्रा के सामने हो
  507. 23:42रहा था और शौर्य एक तरह से शिप्रा के साइड
  508. 23:45में ही खड़ा था। इसीलिए शौर्य की बातें
  509. 23:48उसे पसंद नहीं [संगीत] आ रही थी। शौर्य का
  510. 23:50भाव ऐसा था जैसे वह किसी बच्चे को समझा
  511. 23:53रहा हो। शौर्य यह समझ रहा था [संगीत] कि
  512. 23:56मानसी जो जरूरत से ज्यादा घमंड भरी बातें
  513. 23:58कर रही है, उसका कारण कुछ और है। [संगीत]
  514. 24:01इसीलिए वह अपेक्षाकृत संयमित स्वर में
  515. 24:03बोला। ऐसा लग रहा है जैसे तुमने अभी अपनी
  516. 24:06सोचने समझने की शक्ति खो [संगीत] दी है।
  517. 24:09इसीलिए ऐसी बातें कर रही हो। नहीं तो जो
  518. 24:11लोग होस्ट होते हैं [संगीत] वे इस बात का
  519. 24:13खास ध्यान रखते हैं कि उनकी पार्टी में आए
  520. 24:16हुए गेस्ट को कोई असुविधा ना हो। पर तुम
  521. 24:18तो खुद ही किसी के बहकावे में आकर कुछ भी
  522. 24:21बोले जा रही हो। वह भी बिना कुछ जाने
  523. 24:23[संगीत] समझे। एक ऐसे आदमी की बात पर
  524. 24:25भरोसा करके जिसे किसी और की पार्टी में
  525. 24:28कैसे [संगीत] बिहेव किया जाए यह पता ही
  526. 24:30नहीं है। शौर्य की बातें सुनकर मानसी को
  527. 24:33भी अपनी गलती का एहसास हुआ। वो समझ गई कि
  528. 24:37यहां अगर कुछ भी ऊंचानीचा [संगीत]
  529. 24:39होता है तो इससे उसकी पार्टी ही खराब
  530. 24:41होगी। और अब तो इस पार्टी की मेन
  531. 24:43शेयरहोल्डर भी वह नहीं है। दूसरी बात
  532. 24:46विक्रम भी मिस मेनका के साथ यहां आ गया
  533. 24:48था। इसीलिए वह यह नहीं चाहती [संगीत] थी
  534. 24:51कि उन लोगों के सामने कुछ नया बखेड़ा हो।
  535. 24:54इसीलिए वह बिना कुछ और शौर्य को बोले विजय
  536. 24:57को अपने साथ लेकर वहां से चली गई। विजय
  537. 25:00इतनी आसानी से वहां से जाना चाहता नहीं
  538. 25:02था। पर मजबूरन उसे वहां से जाना पड़ा।
  539. 25:05[संगीत]
  540. 25:05वो शौर्य को सबक सिखाना चाहता था। पर उसकी
  541. 25:08इच्छा अधूरी रह गई। विजय को भी यह बात
  542. 25:11बर्दाश्त नहीं हो रही थी कि शौर्य जैसा
  543. 25:14फटीचर उस पर हावी हो रहा है। वाह श्रमण
  544. 25:18तुम तो इस पार्टी के होस्ट से ही भिड़ गए।
  545. 25:20मानना पड़ेगा कुछ तो बात है तुम में।
  546. 25:23मेघना शौर्य की तारीफ करते हुए बोली मुझे
  547. 25:26पहले कहां पता था कि वो हर्षल मेहता की
  548. 25:28बेटी है। वो तो बाद में मुझे समझ में आया
  549. 25:31कि वो यहां की होस्ट की बेटी है। [संगीत]
  550. 25:33पर उससे क्या होता है? मुझे तो उस विजय को
  551. 25:36सबक सिखाना था। शौर्य बोला दूसरी तरफ जब
  552. 25:40मानसी विजय दीवान को शिप्रा और मेघना के
  553. 25:42पास से ले गई तो [संगीत] विजय दीवान मानसी
  554. 25:45से बोला तुम्हें उस लड़के को इतनी आसानी
  555. 25:47से नहीं छोड़ना चाहिए था [संगीत] तुमने
  556. 25:49देखा नहीं वो तुमसे कितनी बदतमीजी से बात
  557. 25:52कर रहा था वो सब तुम्हारे कारण ही हुआ है
  558. 25:55तुम्हें क्या जरूरत थी उससे बदतमीजी से
  559. 25:57बात करने की तुम भी तो उसे वहां नीचा
  560. 26:00दिखाने की कोशिश में उससे बदतमीजी किए जा
  561. 26:02रहे थे और फिर तुम यह मत भूलो कि मुझे
  562. 26:05यहां इस पार्टी को अच्छे से संच संचालित
  563. 26:07करना है ना कि यहां कोई बखेड़ा खड़ा करना
  564. 26:10है। मानसी नाराजगी भरे स्वर में विजय
  565. 26:13दीवान से बोली तुम कुछ भी कहो पर तुमने उस
  566. 26:17लड़के को कुछ ज्यादा ही ढील दे दी। तुम इस
  567. 26:19पार्टी की होस्ट [संगीत] हो। उसे इस बात
  568. 26:22का ध्यान रखना चाहिए था। उसकी हिम्मत देखी
  569. 26:24तुमने? तुमसे भी वह किस तरह से बात कर रहा
  570. 26:27था। विजय दीवान की चिढ़न अभी भी शौर्य के
  571. 26:31लिए कम नहीं हुई थी। मानसी समझ रही थी कि
  572. 26:34विजय श्रवण [संगीत] से इतना क्यों चिढ़ा
  573. 26:36हुआ है? क्योंकि शिप्रा ने विजय को भाव ना
  574. 26:39देकर उस श्रवण को ज्यादा तरजीह दी थी जो
  575. 26:42विजय दीवान से बर्दाश्त नहीं हो रहा था।
  576. 26:45मानसी ने विजय से कहा अब मुझे ज्यादा
  577. 26:48भड़काने की कोशिश मत करो। मैं अच्छे से
  578. 26:50समझ रही हूं कि तुम उस शिप्रा के पीछे
  579. 26:52पड़े हुए थे। वहां तुम्हारी दाल नहीं गली
  580. 26:55तो तुम उस श्रवण से उलझ गए। आखिर ऐसा क्या
  581. 26:58है उस शिप्रा में जो तुम उसके पीछे ही पड़
  582. 27:01गए?
  583. 27:02इस पार्टी में और भी कई खूबसूरत लड़कियां
  584. 27:05हैं। वहां जाकर ट्राई करो। उसके पीछे जाने
  585. 27:08की कोई जरूरत नहीं है। मानसी की यह स्पष्ट
  586. 27:11बातें सुनकर विजय समझ गया कि उसकी चोरी
  587. 27:14पकड़ी गई थी। वो खिसियानी हंसी-हंसते हुए
  588. 27:17बोला तुम गलत समझ रही हो। ऐसा कुछ भी नहीं
  589. 27:20है। [संगीत] मैं भला क्यों उस लड़की के
  590. 27:22पीछे पड़ूंगा? मानता हूं वो खूबसूरत है।
  591. 27:26पर तुमसे ज्यादा नहीं। जब तुम्हारी दाल
  592. 27:28वहां नहीं गली तो तुम ऐसी बातें तो करोगे
  593. 27:31ही पर मेरे सामने तुम्हारी यह चालाकी नहीं
  594. 27:33चलने वाली। मैं क्या तुम्हें जानती नहीं
  595. 27:35हूं? मानसी विजय को घूरते हुए बोली। तभी
  596. 27:39मानसी के साथ चलते हुए विजय की निगाह मंच
  597. 27:42पर मौजूद नताशा कपूर पर पड़ी। विजय नताशा
  598. 27:45कपूर की खूबसूरती का कायल था। वो मानसी से
  599. 27:48बोला देखो मंच पर नताशा कपूर मौजूद है।
  600. 27:52क्यों ना तुम मुझे नताशा कपूर से मिलवा
  601. 27:54दो। मुझे भी नताशा से थोड़ी जान पहचान
  602. 27:57करने का मौका मिल जाएगा। मेरी खुद उससे
  603. 28:00कोई ज्यादा जान पहचान नहीं है। तो मैं
  604. 28:02तुम्हारी मुलाकात उससे कैसे कराऊं? और
  605. 28:04वैसे भी अभी मंच पर मिस्टर विक्रम और
  606. 28:06मेनका मौजूद है। [संगीत] उनके सामने तो
  607. 28:08मैं वैसे भी तुम्हें उनसे नहीं मिलवा
  608. 28:10सकती। हां, अगर बाद में मौका मिला तो मैं
  609. 28:14जरूर तुम्हें नताशा कपूर से मिलवाने की
  610. 28:16कोशिश करूंगी। मानसी ने विजय से अपनी
  611. 28:18मजबूरी बताई। इसी समय विजय ने देखा नताशा
  612. 28:22कपूर मंच से नीचे की तरफ आ रही थी और एक
  613. 28:25दिशा में बढ़ गई। जब विजय ने नताशा को मंच
  614. 28:28से नीचे एक तरफ जाते देखा तो वह मानसी से
  615. 28:31बोला यह नताशा कपूर अकेले कहां जा रही है?
  616. 28:34विजय की बात सुनकर जब मानसी ने नताशा कपूर
  617. 28:37की तरफ देखा तो उसने भी पाया कि वह श्रवण
  618. 28:40को देखती हुई [संगीत] उसी की तरफ बढ़ रही
  619. 28:42है। उसने जब यह महसूस किया तो वह विजय से
  620. 28:45बोली कहीं नताशा कपूर श्रवण के पास तो
  621. 28:48नहीं जा रही है। आखिर वह उसकी कोएक्टर
  622. 28:50[संगीत]
  623. 28:51है। विजय ने जब मानसी की बात को सुना, तो
  624. 28:54उसने भी नताशा कपूर की नजर का पीछा किया।
  625. 28:57उसने पाया कि नताशा कपूर की निगाह श्रवण
  626. 29:00पर ही जमी हुई है। जबकि श्रवण मेघना और
  627. 29:02शिप्रा से बातें करने में मशगुल था। नताशा
  628. 29:05कपूर को श्रवण की तरफ जाते देखकर विजय के
  629. 29:08दिल में श्रवण के लिए और आग लग गई। पर वह
  630. 29:11अभी मूकदर्शक बनकर सिर्फ उन दोनों को देख
  631. 29:14सकता था। कुछ कर नहीं सकता था। जबकि दूसरी
  632. 29:18तरफ शौर्य मेघना से बातें किए जा रहा था।
  633. 29:20इसी समय नताशा कपूर शौर्य के पास पहुंची
  634. 29:23और उसका हाथ पकड़ कर बोली तो तुम यहां हो।
  635. 29:27मैं कब [संगीत] से तुम्हारा इंतजार कर रही
  636. 29:29थी और तुमसे यह नहीं हुआ कि तुम आकर मुझसे
  637. 29:31एक बार मिल लो। नताशा कपूर शिकायती लहजे
  638. 29:35में बोली। शिप्रा नताशा कपूर की हरकत
  639. 29:38देखती रह गई। जिस तरह से आकर नताशा कपूर
  640. 29:41ने शौर्य की बाह को इतने हक से पकड़ लिया
  641. 29:43था। इससे शौर्य भी हैरान रह गया। शिप्रा
  642. 29:47को भी उम्मीद नहीं था कि [संगीत] नताशा
  643. 29:48कपूर इस तरह से शौर्य के करीब चली जाएगी।
  644. 29:51कहां तो वह शौर्य को कभी अपने करीब भी
  645. 29:54भटकने नहीं दी थी। और कहां नताशा कपूर
  646. 29:56जैसी खूबसूरत लड़की खुद ही शौर्य के इतने
  647. 29:59करीब चली गई थी। उन दोनों की नजदीकी देखकर
  648. 30:02शिप्रा के मन में भी नताशा [संगीत]
  649. 30:04कपूर के लिए जलन की भावना पैदा हो गई थी।
  650. 30:07अचानक से शिप्रा के मन में यह भाव आ गया
  651. 30:09कि कोई उसकी कीमती [संगीत] चीज को उससे
  652. 30:11दूर लेकर जा रहा है। वो तो यह भी नहीं कर
  653. 30:14सकती थी कि उसके पास जाकर शौर्य को नताशा
  654. 30:17से अलग कर दे। जबकि वहीं खड़ी मेघना
  655. 30:21शिप्रा के चेहरे के बदलते रंग को देख रही
  656. 30:23थी। उसे साफ महसूस हो रहा था कि शिप्रा के
  657. 30:26मन में [संगीत] अभी क्या चल रहा है। पर इन
  658. 30:29सब बातों से बेपरवाह नताशा कपूर [संगीत]
  659. 30:31मेघना से बोली। सॉरी मेघना। मैं थोड़ी देर
  660. 30:35के लिए श्रवण को तुम्हारे पास से ले जा
  661. 30:37रही हूं। दरअसल मुझे श्रवण से थोड़ी बातें
  662. 30:40करनी है। उम्मीद करती हूं कि तुम इससे बैड
  663. 30:42फील नहीं करोगी। मेघना ने मन ही मन सोचा।
  664. 30:46मैं क्यों बुरा फील करूंगी? जो बुरा फील
  665. 30:49कर भी रही होगी वो तो कुछ बोल भी नहीं
  666. 30:51सकती। पर प्रत्यक्ष में वो नताशा से बोली।
  667. 30:55थोड़ी देर के लिए क्या? तुम्हारा जब तक मन
  668. 30:57करे तब तक तुम श्रवण को अपने पास रखो। और
  669. 31:00मैं क्यों बुरा फील करूंगी?
  670. 31:03ठीक है फिर मिलती हूं तुमसे बाद में। इतना
  671. 31:06कहकर नताशा कपूर शौर्य की बाह पकड़े हुए
  672. 31:09उसको खींचते हुए मंच की तरफ बढ़ गई।
  673. 31:12शिप्रा उन दोनों को जाते भावहीन आंखों से
  674. 31:15बस देखती रही। उस हॉल में मौजूद बहुत से
  675. 31:18जवान लड़कों की निगाह शौर्य पर ही जम
  676. 31:21[संगीत] गई थी। सब उसे जलन भरी आंखों से
  677. 31:24देख रहे थे। कितने तो ऐसे लड़के थे जो सोच
  678. 31:27रहे थे काश शौर्य की जगह वह होता तो कितना
  679. 31:30अच्छा होता। पर शौर्य इन सब बातों से
  680. 31:33बेपरवाह नताशा कपूर के साथ खिंचा हुआ चला
  681. 31:36जा रहा था। वो थोड़ा ऑकवर्ड भी फील कर रहा
  682. 31:40था। वो समझ रहा था कि उस हॉल में मौजूद
  683. 31:43बहुत सारे लोगों की निगाह उसी पर जमी हुई
  684. 31:45है। पर वो नताशा कपूर को रोक नहीं सकता
  685. 31:48था। नताशा कपूर के साथ जाते हुए शौर्य ने
  686. 31:51चुपके से शिप्रा की ओर एक नजर देखा तो उसे
  687. 31:54शिप्रा का भावहीन चेहरा दिखाई दिया जिसकी
  688. 31:57निगाह उसी पर जमी हुई थी। मेघना की निगाह
  689. 32:00भी शिप्रा पर ही जमी हुई थी। वो शिप्रा के
  690. 32:03भावहीन चेहरे को देखकर बोली, अब इस तरह
  691. 32:06उसको देखने का क्या फायदा? इस सब का कारण
  692. 32:09तुम [संगीत] ही हो। तुम ही श्रवण को अपने
  693. 32:11लायक नहीं समझती। मुझे तो डर है कि अभी
  694. 32:14तुम श्रवण के पास होते हुए भी दूर हो। पर
  695. 32:17शायद एक समय आएगा कि तुम उसके पास भी नहीं
  696. 32:19रह पाओगी। और उस समय तुम्हारे पास अफसोस
  697. 32:22करने के अलावा कोई चारा नहीं बचेगा। मेघना
  698. 32:25की बात सुनकर शिप्रा ने महसूस किया कि
  699. 32:27शायद उसके चेहरे पर मेघना को कुछ अलग भाव
  700. 32:29दिख गया है। [संगीत] इसलिए वह ऐसी बात कर
  701. 32:32रही है। अगले ही पल शिप्रा खुद को नॉर्मल
  702. 32:34दिखाने की कोशिश करती हुई बोली तुम कुछ भी
  703. 32:37बोले जा रही हो। ऐसा कुछ नहीं है जैसा तुम
  704. 32:40समझ रही हो। श्रवण क्या चाहता है या क्या
  705. 32:43करता है? उसके लिए वह स्वतंत्र है। अपनी
  706. 32:46रिलेशन में ना मुझ पर कोई बंधन है और ना
  707. 32:48ही मैंने श्रवण को किसी बंधन में बांध रखा
  708. 32:51है। काश जैसा तुम बोल रही हो वैसा ही भाव
  709. 32:54तुम्हारे चेहरे पर भी नजर आता। मेघना
  710. 32:57अफसोस भरे स्वर में बोली। [संगीत] वो समझ
  711. 33:00रही थी कि शिप्रा बोल कुछ और रही थी। पर
  712. 33:02उसके चेहरे का भाव कुछ और कह रहा था।
  713. 33:06दूसरी तरफ विजय दीवान नताशा कपूर और श्रवण
  714. 33:09की नजदीकी [संगीत] देखकर जलकर खाक हुआ जा
  715. 33:11रहा था। जबकि मानसी भी हैरानी से नताशा
  716. 33:14कपूर को देख रही थी। जिस बेबाकी से उसने
  717. 33:17श्रवण की बाह को पकड़ रखा था, उससे कोई भी
  718. 33:19यह अंदाजा लगा सकता था कि उन दोनों के बीच
  719. 33:22बहुत ही ज्यादा नजदीकी है। वहां मौजूद लोग
  720. 33:25उन दोनों को देखकर क्या सोच रहे होंगे। इस
  721. 33:28बात से उन दोनों को देखकर लग नहीं रहा था
  722. 33:30कि नताशा को कोई फर्क पड़ रहा है। शौर्य
  723. 33:33ने भी जब यह महसूस किया कि सब उसी को घूर
  724. 33:36रहे हैं तो वह धीरे से नताशा से बोला, "यह
  725. 33:39तुम क्या कर रही हो? मेरी बाह तो छोड़ो।
  726. 33:42यहां मौजूद सभी लोग हमें [संगीत] ही देख
  727. 33:44रहे हैं। मुझे इन सब से कोई फर्क नहीं
  728. 33:47पड़ता। तुम भी इन सब की चिंता करना छोड़
  729. 33:50दो। नताशा खूबसूरत थी। उस पर उसके शरीर
  730. 33:53[संगीत] की खुशबू शौर्य को मददोश कर रही
  731. 33:56थी। जबकि दूसरी तरफ शिप्रा की निगाह उन
  732. 33:59दोनों पर ही जमी हुई थी। उन दोनों की
  733. 34:02नजदीकियों को देखकर शिप्रा के दिल में
  734. 34:04बेचैनी बढ़ती जा रही थी। वैसे शौर्य खुद
  735. 34:07भी अनकंफर्टेबल फील कर रहा था। वहां
  736. 34:10उपस्थित [संगीत] लोगों की घूरती नजरों का
  737. 34:11सामना करना शौर्य को मुश्किल लगने लगा तो
  738. 34:14वह नताशा कपूर से बोला अगर तुमने मेरा हाथ
  739. 34:18नहीं छोड़ा तो यहां [संगीत] उपस्थित लोग
  740. 34:20फालतू में मेरा दुश्मन बन जाएंगे इसीलिए
  741. 34:22मुझ पर रहम करो शौर्य की बात सुनकर नताशा
  742. 34:25मुस्कुराई और बोली जानती हूं इसीलिए तो
  743. 34:29लोगों को जलाने के लिए ही तब से तुम्हारी
  744. 34:31बाह को पकड़ी हुई हूं तुम्हें तो खुश होना
  745. 34:34चाहिए यहां सभी तुम्हारे भाग्य पर जल रहे
  746. 34:36होंगे क्या कहा तुमने तुम ऐसा जानबूझकर कर
  747. 34:40रही हो। यंग लड़के मेरी भाग्य पर जल नहीं
  748. 34:43रहे हैं। वह मेरी जान के दुश्मन बन रहे
  749. 34:45[संगीत] होंगे। शौर्य नताशा की बात सुनकर
  750. 34:48बोला, तो क्या तुम मेरे लिए यह छोटी-मोटी
  751. 34:50दुश्मनी भी मोल [संगीत] नहीं ले सकते? तुम
  752. 34:53देख रहे हो जब से मैं यहां आई हूं, लोग
  753. 34:55मुझे ऐसे घुर रहे थे जैसे नजरों से ही
  754. 34:58मुझे खा जाएंगे। इसीलिए ऐसे [संगीत] लोगों
  755. 35:00को जलाने के लिए मुझे यह करना पड़ा। जब तक
  756. 35:03मैं अकेली थी, यहां के ज्यादातर लोग किसी
  757. 35:05ना किसी [संगीत] बहाने मेरे पास आकर बात
  758. 35:07करने की कोशिश कर रहे थे। अब जब से मुझे
  759. 35:10लोगों ने तुम्हारे करीब देखा है, अब देखो
  760. 35:13कोई ऐसी कोशिश नहीं कर रहा है। नताशा वहां
  761. 35:16उपस्थित भीड़ पर नजर घुमाती हुई बोली,
  762. 35:19बहुत खूब। इस तरह तुमने अपना काम तो कर
  763. 35:22लिया पर यहां उपस्थित लोगों को मेरा
  764. 35:24दुश्मन बना दिया। शौर्य मुस्कुराता हुआ
  765. 35:27बोला, "अब तक नताशा ने शौर्य की बाह को
  766. 35:30छोड़ दिया था। अब दोनों साथ में खड़े थे।
  767. 35:33नताशा शौर्य की बात सुनकर बोली, मेरे साथ
  768. 35:36होने के कारण इतनी तो मुश्किल तुम्हें
  769. 35:37[संगीत] झेलनी पड़ेगी। वहीं इन दोनों से
  770. 35:41थोड़ी दूर खड़े रत्नाकर शेट्टी भी नताशा
  771. 35:44को शौर्य के इतने करीब देखकर [संगीत]
  772. 35:45हैरान था। उसे नहीं समझ आया कि यह दोनों
  773. 35:48कब इतने करीब आ गए कि एक दूसरे की बाहों
  774. 35:51को थामे थे। जब दोनों अलग होकर बातें करने
  775. 35:54लगे तो रत्नाकर शेट्टी उन दोनों के करीब
  776. 35:56आया और शौर्य से बोला और मिस्टर श्रवण आप
  777. 36:00कैसे हैं? इस आधे दिन [संगीत] में क्या ही
  778. 36:02बदल जाएगा शेट्टी साहब आप बताइए आप तो ठीक
  779. 36:05हैं शौर्य मुस्कुराता हुआ बोला आपकी दया
  780. 36:09है। आप दोनों को साथ में देखकर अच्छा लगा।
  781. 36:12[संगीत]
  782. 36:12रत्नाकर शेट्टी शौर्य के साथ नताशा को
  783. 36:15देखता हुआ बोला। शौर्य ने जब रत्नाकर
  784. 36:18शेट्टी की [संगीत] बात को सुना तो तो वह
  785. 36:19समझ गया कि रत्नाकर शेट्टी के कहने का
  786. 36:22क्या मतलब है। वो रत्नाकर शेट्टी से बोला
  787. 36:25आपके ऐसा कहने का क्या मतलब हुआ शेट्टी
  788. 36:27साहब? शौर्य की बात सुनकर रत्नाकर शेट्टी
  789. 36:30हड़बड़ा कर दोनों की तरफ देखने लगा। उसे
  790. 36:33लगा वो कुछ गलत तो नहीं बोल गया। वो संदेह
  791. 36:36भरे स्वर [संगीत] में बोला। मुझे लगा आप
  792. 36:39दोनों एक दूसरे के करीब आ गए हैं। मैंने
  793. 36:41कुछ गलत सोच [संगीत] लिया क्या? रत्नाकर
  794. 36:44शेट्टी की बात सुनकर नताशा शौर्य की तरफ
  795. 36:46देखकर मुस्कुराने लगी। शौर्य समझ गया कि
  796. 36:49वह अपनी कामयाबी [संगीत] पर मुस्कुरा रही
  797. 36:51है। नताशा यही तो लोगों में भ्रम फैलाना
  798. 36:54चाहती थी जिसमें कि वह कामयाब थी। रत्नाकर
  799. 36:58शेट्टी जैसा आदमी [संगीत] जो मीडिया लाइन
  800. 37:00में डेली उड़ती इस तरह की अफवाहों से
  801. 37:02दोचार होता रहता है। वह भी नताशा के झांसे
  802. 37:05में आ गया। पर शौर्य जल्दी से रत्नाकर
  803. 37:08शेट्टी कुछ ज्यादा गलत सोच ले। उससे पहले
  804. 37:10रत्नाकर शेट्टी से अपनी बात स्पष्ट करते
  805. 37:12हुए बोला, "क्या शेट्टी साहब, आप तो इस
  806. 37:16लाइन में इतने समय से हैं। उसके बाद भी आप
  807. 37:18नताशा के झांसे में आ गए।" रत्नाकर शेट्टी
  808. 37:21शौर्य की बात सुनकर आश्चर्य से नताशा की
  809. 37:24[संगीत]
  810. 37:24ओर देखने लगा। नताशा के चेहरे पर तैर रही
  811. 37:27शैतानी मुस्कुराहट को देखकर रत्नाकर
  812. 37:29शेट्टी बोला, "क्या मिस नताशा? [संगीत]
  813. 37:32क्या सच में आप दोनों के बीच में कुछ नहीं
  814. 37:34है? यह आप कैसी बात कर रहे हैं? शेट्टी
  815. 37:37साहब?
  816. 37:37[संगीत]
  817. 37:38क्या आपको हम दोनों को साथ में देखकर भी
  818. 37:40समझ नहीं आ रहा है कि हम दोनों कितने करीब
  819. 37:42आ गए हैं? इतना बोलते हुए नताशा फिर से
  820. 37:45शौर्य के करीब आकर उसके हाथ को पकड़ ली।
  821. 37:48रत्नाकर शेट्टी कंफ्यूज आंखों से दोनों के
  822. 37:50चेहरे को देखने लगा।
  823. 37:52[संगीत]
  824. 37:52पर वो नताशा के चेहरे पर खेलती मुस्कान को
  825. 37:55देखकर समझ गया कि नताशा जानबूझकर ऐसा
  826. 37:58दिखाने की कोशिश कर रही है। पता नहीं इसके
  827. 38:00[संगीत] पीछे उसकी क्या मंशा है।
  828. 38:03दूसरी तरफ शौर्य जब फिर से नताशा को पहले
  829. 38:06जैसी हरकत करते देखा तो वो नताशा [संगीत]
  830. 38:09से दूर जाते हुए बोला। तुम क्यों जानबूझकर
  831. 38:12मुझे फंसाने की कोशिश [संगीत] कर रही हो।
  832. 38:13जब रत्नाकर शेट्टी जैसा आदमी धोखा खा सकता
  833. 38:16है तो बाकी लोग तो पता नहीं क्या-क्या
  834. 38:18सोचने लगेंगे। क्यों तुम्हें अच्छा नहीं
  835. 38:21लग रहा कि इतनी खूबसूरत लड़की जिसके पास
  836. 38:24जाने [संगीत] के लिए लोग तरसते हैं वो खुद
  837. 38:26तुम्हारे पास आ रही है। नताशा शौर्य की
  838. 38:29आंखों में झांकती हुई बोली कौन बेवकूफ
  839. 38:32होगा जो ऐसा नहीं चाहेगा कि तुम्हारी जैसी
  840. 38:34खूबसूरत लड़की उसके करीब रहे। पर तुम जिस
  841. 38:37तरह से मेरे करीब आ रही हो उसका मकसद कुछ
  842. 38:40और है। इस तरह तो यही बात हो जाएगी कि
  843. 38:42खाया पिया [संगीत] कुछ नहीं गिलास तोरा 12
  844. 38:45आने। शौर्य ने जवाब दिया। अब रत्नाकर
  845. 38:48शेट्टी को सब समझ आ गया था कि यहां क्या
  846. 38:50चल [संगीत] रहा है। वो नताशा कपूर से बोला
  847. 38:53मिस नताशा आप तो सचमुच यहां सबको मिस्टर
  848. 38:56श्रवण का दुश्मन बना देगी। मेरे लिए तो
  849. 38:58इतना रिस्क लिया जा सकता है मिस्टर शेट्टी
  850. 39:01आप क्या कहते हैं? नताशा अभी भी
  851. 39:03मुस्कुराती हुई बोली। मैं आप दोनों के बीच
  852. 39:06में कुछ नहीं बोलूंगा। रत्नाकर शेट्टी
  853. 39:08अपने हाथ खड़े करता हुआ बोला। पर एक खबर
  854. 39:11है मिस्टर श्रवण के बारे में जो शायद आप
  855. 39:13जानना चाहेंगी। रत्नाकर शेट्टी की बात
  856. 39:16सुनकर नताशा ने एक बार श्रवण की ओर देखा।
  857. 39:18फिर रत्नाकर शेट्टी की ओर देखकर बोली, ऐसी
  858. 39:22क्या खबर है श्रवण के बारे में जो मुझे
  859. 39:24जानना चाहिए? आपको नहीं पता मिस्टर श्रवण
  860. 39:27को आज एक फिल्म में मेन लीड ऑफर हुआ है
  861. 39:29जिसमें मिस्टर श्रवण काम करने को भी तैयार
  862. 39:32हो गए हैं। मैं ही इस फिल्म को डायरेक्ट
  863. 39:34करने वाला हूं। बताइए यह जानकर आपको खुशी
  864. 39:37हुई कि नहीं? पर इस बात से नताशा के चेहरे
  865. 39:40पर कोई खुशी नजर नहीं आई। वो शौर्य की तरफ
  866. 39:43देखती हुई नाराजगी से बोली यह तो ठीक नहीं
  867. 39:46है श्रवण तुम पहली बार मेरे साथ काम करके
  868. 39:48इस इंडस्ट्रीज में आए और फिल्म की शुरुआत
  869. 39:51किसी और के साथ कर रहे हो शिप्रा की बात
  870. 39:54सुनकर रत्नाकर शेट्टी के चेहरे पर हवाइयां
  871. 39:56उड़ने लगी कहां तो वो सोच रहा था कि उसकी
  872. 39:58बात सुनकर नताशा खुश हो गई पर हो उसका
  873. 40:01उल्टा रहा था नताशा रत्नाकर शेट्टी की ओर
  874. 40:04देखकर बोली मिस्टर शेट्टी आप मेरे लिए एक
  875. 40:07अच्छी कहानी ढूंढिए और आप जो फिल्म
  876. 40:09[संगीत] शौर्य के साथ करने वाले हैं उससे
  877. 40:11पहले मेरी फिल्म को कंप्लीट कीजिए। जो भी
  878. 40:14बजट लगेगा मैं अरेंज करूंगी। पर शर्त यही
  879. 40:17है कि मेरी फिल्म पहले बनकर तैयार होनी
  880. 40:19चाहिए। नताशा ने रत्नाकर शेट्टी के लिए
  881. 40:22फरमान जारी कर दिया। रत्नाकर शेट्टी
  882. 40:24आश्चर्य से शौर्य की तरफ देखने लगा और
  883. 40:27सोचने लगा क्या किस्मत पाई है इस लड़के
  884. 40:29ने। अभी कुछ नहीं किया है तो यह हाल है कि
  885. 40:32लड़कियां उसके साथ काम करने को ललायित है।
  886. 40:34इसकी अगर कुछ फिल्में मार्केट में आ गई तो
  887. 40:37यह तो इंडस्ट्रीज में तूफान ला देगा।
  888. 40:40लेकिन साथ में रत्नाकर शेट्टी को एक डर भी
  889. 40:42सताने लगा कि इन दोनों लड़कियों के कारण
  890. 40:44कहीं वह मुसीबत में ना पड़ जाए। कमुंबेस
  891. 40:48शौर्य का भी यही हाल था। कहां तो वह इस एक
  892. 40:50फिल्म में ही काम करने को बड़ी मुश्किल से
  893. 40:52तैयार हुआ। अब नताशा उसके साथ एक और फिल्म
  894. 40:55करने की ठान ली है और कमाल तो यह है कि
  895. 40:58उसने तो उसकी मर्जी भी जानने की कोशिश
  896. 41:00नहीं की। शौर्य की निगाह रत्नाकर शेट्टी
  897. 41:03से मिली तो उसने अपने कंधे उचकाकर अपनी
  898. 41:05बेबसी जाहिर की। दूसरी तरफ विजय दीवान जो
  899. 41:09मानसी के साथ ही शौर्य और शिप्रा से कुछ
  900. 41:11दूरी पर खड़ा था। विजय दीवान उस मौके की
  901. 41:14तलाश में था, जब वह मौका पाकर नताशा कपूर
  902. 41:16के पास जा सके, और नताशा पर अपना प्रभाव
  903. 41:19जमा सके। उसे यह बर्दाश्त नहीं हो रहा था
  904. 41:22कि नताशा कपूर श्रवण जैसे [संगीत] कचरे के
  905. 41:24इतने करीब जाए। उसे लग रहा था कि जरूर
  906. 41:27नताशा कपूर शौर्य को कोई रईस व्यक्ति
  907. 41:29[संगीत] समझ रही होगी। इसीलिए वह उसके
  908. 41:31इतने करीब है। विजय दीवान ने सोचा वो जाकर
  909. 41:35जैसे ही नताशा कपूर के सामने श्रवण की
  910. 41:37असलियत जाहिर करेगा नताशा कपूर के सर से
  911. 41:40उसका भूत उतर जाएगा। उसने देख लिया कि
  912. 41:43नताशा कपूर रत्नाकर शेट्टी और शौर्य के
  913. 41:45साथ बातें कर रही है। तो वह तेजी से नताशा
  914. 41:48कपूर के सामने पहुंच गया और उसका ध्यान
  915. 41:50अपनी तरफ आकर्षित करता हुआ बोला। हेलो मिस
  916. 41:53नताशा। मैं विजय दीवान आपका बहुत बड़ा
  917. 41:56[संगीत] फैन हूं। आप मुझे नहीं जानती
  918. 41:58होंगी। पर विश्वास के साथ कह सकता हूं कि
  919. 42:01आपने मेरी कंपनी के नाम को जरूर सुना
  920. 42:03होगा। दीवान टेक्सटाइल। यह मेरी कंपनी का
  921. 42:07नाम है और मैं ही दीवान टेक्सटाइल का सीईओ
  922. 42:10हूं। नताशा ने अप्रत्याशित रूप से अपने
  923. 42:13बीच में आ गए विजय दीवान को गौर से देखा
  924. 42:16और बोली, वैसे आप कौन हैं और मुझे क्यों
  925. 42:19आपके बारे में जानना चाहिए? और आपको हम
  926. 42:22तीनों के बीच में आने की जरूरत क्यों आ
  927. 42:24पड़ी? विजय दीवान को नताशा से ऐसी उम्मीद
  928. 42:27नहीं थी कि वह उससे [संगीत] इस तरह बातें
  929. 42:29करेगी। पर उसने सोचा शायद श्रवण ने नताशा
  930. 42:32पर अपना अच्छा प्रभाव जमा रखा है। इसलिए
  931. 42:35नताशा उसकी बात सुनने को तैयार नहीं है।
  932. 42:37इसीलिए उसने सोचा वो जल्दी से श्रवण
  933. 42:39[संगीत] की पोल नताशा के सामने खोल देता
  934. 42:42है तो शायद उसकी बात बन जाए। यही सोचकर वो
  935. 42:45जल्दी से बोला। मिस नताशा शायद आप श्रवण
  936. 42:48को ठीक से जानती नहीं। पता नहीं इसने अपने
  937. 42:51आप को आपके सामने [संगीत] क्या जाहिर कर
  938. 42:53रखा है। पर मेरी बात मानिए यह एकदम फटीचर
  939. 42:56है। यह खुद ही अभी स्ट्रगल कर रहा है। तो
  940. 42:58आपका साथ क्या निभा पाएगा? मेरा कहा मानिए
  941. 43:02तो इस फटीचर से जितनी जल्दी दूर होना है
  942. 43:04हो जाइए। आप इससे अच्छा आदमी [संगीत]
  943. 43:06डिर्व करती हैं। नताशा का मन किया कि वह
  944. 43:09एक जोर का तमाचा विजय दीवान को लगा दे। पर
  945. 43:12उसने अपनी भावनाओं पर कंट्रोल किया और
  946. 43:14कहा, "मुझे लगता है आपको दूसरों की फटी
  947. 43:18में टांग अड़ाने में बड़ा मजा आता है। पर
  948. 43:20मेरे आमने आकर ऐसी कोशिश करना बेवकूफी ही
  949. 43:22कही जाएगी। मैं क्या करती हूं और क्या
  950. 43:25नहीं। इट्स नन ऑफ फॉर बिजीनेस। इसीलिए आप
  951. 43:28अपने काम से मतलब रखें, तो यह आपके लिए
  952. 43:31ज्यादा फायदेमंद होगा। अब आप मेरे सामने
  953. 43:34से जा सकते हैं। अब आगे क्या होगा? विजय
  954. 43:37दीवान को विश्वास नहीं हो रहा था कि नताशा
  955. 43:40ने उसे वहां से जाने को कहा। नताशा की बात
  956. 43:43सुनकर विजय का ईगो हर्ट हो गया। वो थोड़ा
  957. 43:47तैश में बोला। मिस नताशा [संगीत]
  958. 43:50आप शायद मुझे जानती नहीं। मैं दीवान
  959. 43:53टेक्सटाइल का सीईओ विजय दीवान [संगीत]
  960. 43:55हूं। आपको कुछ भी मुझसे बोलने से पहले
  961. 43:58समझना चाहिए कि आप किससे बात कर रही हैं।
  962. 44:01मुझे फर्क नहीं पड़ता कि तुम कौन हो और
  963. 44:04क्या हो। मैंने तुम्हें यहां नहीं बुलाया
  964. 44:06है। इसीलिए जिसने तुम्हें यहां बुलाया है
  965. 44:09उस पर जाकर अपना रब दिखाओ। मेरे पास शो ऑफ
  966. 44:12करने की कोई जरूरत नहीं है। नताशा ने विजय
  967. 44:16के स्टेटस [संगीत] का थोड़ा भी लिहाज नहीं
  968. 44:18किया। इस बार यह बात उसने थोड़ा जोर से
  969. 44:21कहा जिससे वहां उपस्थित लोगों का ध्यान
  970. 44:24उनकी तरफ चला गया था। मानसी ने जब हालात
  971. 44:27को बिगड़ते देखा तो वह जल्दी से उनके पास
  972. 44:30पहुंची और हालात को संभालने [संगीत] की
  973. 44:32कोशिश करती हुई बोली मिस नताशा शायद कुछ
  974. 44:36गलतफहमी हो गई है। विजय का इरादा आपको
  975. 44:38हर्ट करने का नहीं था। [संगीत] शायद आपको
  976. 44:41समझने में फेर हो गया है। नताशा को भी लगा
  977. 44:44कि वो कहीं ओवर रिएक्ट तो नहीं कर रही है।
  978. 44:47वो मानसी की बात सुनकर थोड़ा शांत स्वर
  979. 44:49में बोली। अगर तुमको लगता है कि ऐसी बात
  980. 44:53है [संगीत] तो तुम अपने दोस्त को मेरे
  981. 44:55सामने से दूर ले जाओ। मैं उसकी बात सुनना
  982. 44:58भी नहीं चाहती। नताशा की यह बात विजय को
  983. 45:01और भी चुभ। वो एक बार फिर नताशा को समझाने
  984. 45:04की कोशिश करते हुए बोला, "मिस नताशा, मैं
  985. 45:08आपका बुरा नहीं चाहता। मैं तो सिर्फ
  986. 45:11[संगीत] आपके सामने इस शख्स की असलियत
  987. 45:13लाना चाहता था। पता नहीं आप इसको क्या
  988. 45:15समझती हैं। [संगीत] पर मैं आपको पक्का
  989. 45:17यकीन से कह सकता हूं कि जो इसने आपको अपने
  990. 45:20बारे में जो भी बताया होगा वह सब झूठ ही
  991. 45:23होगा। इसलिए आप एक बार इसकी हकीकत जानने
  992. 45:26की कोशिश कीजिए। नताशा विजय की बेशर्मी से
  993. 45:29और भी हैरान थी। उसे समझ नहीं आ रहा था कि
  994. 45:32विजय दीवान शौर्य के पीछे क्यों पड़ा हुआ
  995. 45:34है। विजय दीवान की बातें सुनने के बाद
  996. 45:37नताशा [संगीत] उसके सामने जाकर खड़ी हो गई
  997. 45:39और उसकी आंखों में देखती हुई बोली अच्छा
  998. 45:42तो फिर ठीक है। तुम ही बताओ [संगीत] क्या
  999. 45:45असलियत है इसकी? और यह कैसे मुझसे झूठ बोल
  1000. 45:48रहा है? विजय दीवान को मौका मिल गया।
  1001. 45:51[संगीत] वो हिम्मत करके बोला जरूर इसने
  1002. 45:54आपसे कहा होगा कि यह बहुत पैसे वाला है या
  1003. 45:57कोई बहुत बड़ा बिजनेस है इसका। पर हकीकत
  1004. 45:59में तो यह खुद अपनी करियर बनाने के लिए
  1005. 46:02अभी स्ट्रगल कर रहा है। बड़ी मुश्किल
  1006. 46:04[संगीत] से तो इसने बिगbul में ब्रांड
  1007. 46:06प्रमोशन के लिए काम करना शुरू किया है।
  1008. 46:08जिसके कारण इसका बड़े लोगों के बीच में
  1009. 46:11आना जाना मुमकिन हो पाया है। इसके बाद
  1010. 46:13[संगीत] भी यह आपके इतने करीब है तो इसका
  1011. 46:16मतलब है इसने आपसे कोई बड़ा ही झूठ बोल
  1012. 46:19रखा है। नताशा कपूर ने इत्मीनान से विजय
  1013. 46:23दीवान की बात को सुनने के बाद उससे कहा,
  1014. 46:26तुम्हें कैसे पता कि इसने मुझसे क्या
  1015. 46:27[संगीत] कहा है?
  1016. 46:28क्या मैंने तुम्हें कहा है कि मैं इसे
  1017. 46:31कैसे जानती हूं या इसने मुझे क्या कहा है
  1018. 46:33अपने बारे में? फिर तुम यह कैसे कह सकते
  1019. 46:36हो कि इसने [संगीत] मुझसे झूठ बोला है या
  1020. 46:38यह बड़ा होने का दिखावा करके मेरे करीब
  1021. 46:41आया है। नताशा कपूर की बात सुनने के
  1022. 46:43[संगीत] बाद विजय को समझ नहीं आया कि वो
  1023. 46:45अब क्या कहे? उसने सोचा यह कैसे हो सकता
  1024. 46:49है कि नताशा कपूर श्रवण की हकीकत जानने के
  1025. 46:52बाद भी उसके इतने [संगीत] करीब आ जाए।
  1026. 46:55क्या सच में वह श्रवण की हकीकत से वाकिफ
  1027. 46:57है? उसने शंका भरे स्वर में नताशा कपूर से
  1028. 47:00पूछा, क्या आप श्रवण की हकीकत [संगीत] से
  1029. 47:03वाकिफ हैं? अब तुम्हारा यह पूछने का क्या
  1030. 47:06मतलब हुआ? जब तुम्हें यह पता ही नहीं कि
  1031. 47:08मैं श्रवण को कैसे जानती हूं, तो फिर तुम
  1032. 47:11कैसे हमारे बीच में आकर कुछ भी बोल सकते
  1033. 47:13हो? या तुम्हें यह [संगीत] अथॉरिटी मिल गई
  1034. 47:15है कि तुम किसी को कहीं भी छोटा साबित
  1035. 47:18करने की कोशिश कर सकते हो। अब अगर
  1036. 47:20तुम्हारा ड्रामा पूरा हो गया हो, तो तुम
  1037. 47:23मेरे सामने से जा [संगीत] सकते हो। नताशा
  1038. 47:25घृणा से विजय की ओर देखती हुई बोली। नताशा
  1039. 47:29की बात सुनकर मानसी भी हैरानी [संगीत] से
  1040. 47:31शौर्य की ओर देखने लगी और सोचने लगी कि
  1041. 47:34आखिर ऐसा क्या है इस शख्स में जो नताशा
  1042. 47:37कपूर जैसी टॉप की मॉडल इस शख्स की हकीकत
  1043. 47:40जानने के बाद भी इसके [संगीत] इतने करीब
  1044. 47:42है। क्या सिर्फ इसलिए कि उसने उसके ऐड में
  1045. 47:45उसके साथ काम किया है। उसे यह बात समझ
  1046. 47:48नहीं आ रहा था।
  1047. 47:49[संगीत]
  1048. 47:49पर उसे विजय के लिए बुरा लग रहा था जो
  1049. 47:51श्रवण से नफरत के कारण उसको नीचा दिखाने
  1050. 47:54के लिए नताशा कपूर के पास पहुंच गया। अब
  1051. 47:57तक हंगामा होते देखकर हर्षल मेहता भी
  1052. 48:01नताशा कपूर के पास आ गए थे। उन्होंने
  1053. 48:04स्थिति को समझने के लिए नताशा से पूछा।
  1054. 48:07क्या हुआ मिस नताशा? आप इतनी गुस्से में
  1055. 48:10क्यों हैं? नताशा ने हर्षल मेहता को अपने
  1056. 48:13सामने देखकर कहा। मिस्टर मेहता आप कैसे
  1057. 48:17कैसे लोगों को अपनी पार्टी में इनवाइट कर
  1058. 48:19लेते हैं जो पता नहीं खुद को क्या समझते
  1059. 48:22हैं। यह जो सामने शख्स है इसने जानबूझकर
  1060. 48:25मेरे दोस्त की इंसल्ट करने की कोशिश की
  1061. 48:28है। नताशा का इशारा शौर्य की तरफ देखकर
  1062. 48:32हर्षल मेहता का शरीर कांप गया। उसे समझते
  1063. 48:35देर नहीं लगी कि विजय ने शायद शौर्य
  1064. 48:38[संगीत] की बेइज्जती करने की कोशिश की।
  1065. 48:40हर्षल मेहता चाहकर भी शौर्य की हकीकत यहां
  1066. 48:44सबके सामने नहीं बता सकते थे। उन्होंने
  1067. 48:46आंखों ही आंखों में शौर्य से खेद प्रकट
  1068. 48:49किया। शौर्य हर्षल मेहता की मजबूरी को
  1069. 48:52समझता था। इसलिए उसने उन्हें इशारों में
  1070. 48:55ही तसल्ली दी। शौर्य को इस बात से कोई
  1071. 48:58फर्क नहीं पड़ रहा था कि विजय दीवान क्या
  1072. 49:00साबित करने की कोशिश कर रहा है। वो तो
  1073. 49:03सिर्फ उस पल को एंजॉय कर रहा था। वो
  1074. 49:06स्थिति का जायजा ले रहा था। वो देख रहा था
  1075. 49:09कि नताशा कपूर ने अच्छे से विजय दीवान की
  1076. 49:11अकल को ठिकाने [संगीत] लगा दिया था। विजय
  1077. 49:14दीवान के चेहरे पर अब हवाइयां उड़ रही थी।
  1078. 49:17उसके साथ खड़ी मानसी भी समझ नहीं [संगीत]
  1079. 49:19पा रही थी कि वो अपने पापा के सामने कैसे
  1080. 49:21विजय का बचाव करें। जबकि हर्षल मेहता ने
  1081. 49:24थोड़े करे स्वर में विजय से कहा। मिस्टर
  1082. 49:28विजय मुझे आपसे ऐसी उम्मीद नहीं थी कि आप
  1083. 49:31हमारी पार्टी में आकर इस तरह का बखेड़ा
  1084. 49:33[संगीत] करेंगे। मुझे इसके लिए आपके पिता
  1085. 49:35रायचंद जी से बात करनी पड़ेगी। विजय ने जब
  1086. 49:38हर्षल मेहता के इस करे तेवर को देखा तो वह
  1087. 49:41अफसोस भरे स्वर में बोला, "मुझे माफ कर
  1088. 49:44दीजिए अंकल। शायद मुझे समझने में कोई गलती
  1089. 49:47हो गई। इसलिए मैं ऐसा कर गया। आप यकीन
  1090. 49:51मानिए मेरा आपकी पार्टी खराब करने का या
  1091. 49:54यहां किसी भी तरह का बखेड़ा करने का कोई
  1092. 49:56इरादा नहीं था। हर्षल मेहता ने जब विजय के
  1093. 49:59तेवर को ढीला पड़ते [संगीत] देखा तो उससे
  1094. 50:01कहा, विजय अगर सच में तुम्हें अपने किए पर
  1095. 50:05अफसोस है तो तुम अभी सबके सामने [संगीत]
  1096. 50:07मिस्टर श्रवण से माफी मांगोगे क्योंकि
  1097. 50:10मिस्टर श्रवण भी यहां मेरे सम्मानित गेस्ट
  1098. 50:12है और तुमने उनके साथ बदतमीजी करने की
  1099. 50:15कोशिश की। विजय के पास अब कोई चारा नहीं
  1100. 50:18था। वो श्रवण के पास गया और खेद भरे स्वर
  1101. 50:21में बोला सॉरी श्रवण मुझे तुम्हारे बारे
  1102. 50:25में मिस नताशा से इस तरह नहीं बोलना चाहिए
  1103. 50:27था। उम्मीद करता हूं कि तुम मेरी इस
  1104. 50:29नादानी को भूल जाओगे। शौर्य विजय की बात
  1105. 50:32सुनकर मुस्कुराता रहा। वो मुस्कुराते हुए
  1106. 50:35ही विजय से बोला, कोई बात नहीं, मैं तो इस
  1107. 50:38बात को भूल भी गया। तुम्हें शायद कहीं भी
  1108. 50:41कुछ बोलने से पहले उसके परिणाम के बारे
  1109. 50:44में अच्छे से सोच लेना चाहिए। नहीं तो यह
  1110. 50:46अच्छा थोड़ी लगता है कि इस तरह से भरी
  1111. 50:49महफिल में माफी मांगनी पड़े। पर कोई बात
  1112. 50:52नहीं। जाओ मैंने तुम्हें माफ किया। शौर्य
  1113. 50:55ऐसे बोला जैसे उसने विजय पर कितना बड़ा
  1114. 50:58एहसान किया है। उसने इतने हल्के में विजय
  1115. 51:01को ट्रीट किया जैसे लग ही नहीं रहा था कि
  1116. 51:03विजय कोई हैसियत भी रखता है। शौर्य की
  1117. 51:06[संगीत] इस बात ने भी विजय को भारी
  1118. 51:08बेइज्जती का एहसास कराया। वो वहां से हटा
  1119. 51:11और तेज कदमों से वहां से निकल गया और
  1120. 51:13[संगीत] अपने पीछे अपने बारे में हो रही
  1121. 51:15बातों को सुनता रहा। अब तक की लाइफ में
  1122. 51:19शायद ही कभी उसकी ऐसी [संगीत] बेइज्जती
  1123. 51:21हुई होगी। जबकि इसी पार्टी में मौजूद
  1124. 51:23मेघना और शिप्रा भी इस सारे प्रपंच को देख
  1125. 51:26रही थी। शुरुआत में वह दोनों भी शौर्य के
  1126. 51:29लिए बुरा फील कर रही थी। क्योंकि जिस तरह
  1127. 51:32विजय दीवान शौर्य की बेइज्जती करने पर
  1128. 51:35तुला हुआ था उससे साफ स्पष्ट हो रहा था कि
  1129. 51:38वह जानबूझकर [संगीत] विजय को नीचा दिखाना
  1130. 51:40चाहता है। पर अंत में जब सारा पासा ही पलट
  1131. 51:44गया तो मेघना शिप्रा से बोली मानना
  1132. 51:47पड़ेगा। तुम्हारे पति में कुछ तो ऐसी बात
  1133. 51:50है [संगीत] जो उसे स्थिति को अपने अनुरूप
  1134. 51:52कर लेने की क्षमता प्रदान करता है। अभी जब
  1135. 51:55लग रहा था कि सब कुछ उसके अगेंस्ट है। फिर
  1136. 51:58अचानक ही कैसे सब कुछ बदल गया और विजय
  1137. 52:01दीवान जैसे आदमी को इस भरी महफिल में उससे
  1138. 52:03माफी मांगनी पड़ी। कुछ तो है श्रवण में जो
  1139. 52:07उसे खास बनाती है। मैं तो तुम्हें बेवकूफ
  1140. 52:10ही कहूंगी जो तुम उसकी इस खूबी को पहचान
  1141. 52:13नहीं पा रही हो। हकीकत में श्रवण की
  1142. 52:15बेइज्जती होते देखकर तुम्हें उसका ढाल
  1143. 52:18बनना चाहिए था। पर देखो नताशा कपूर कितनी
  1144. 52:21स्ट्रांगली श्रवण का पक्ष ले रही थी। उसके
  1145. 52:23साथ खड़ी थी। शिप्रा को मेघना की बात
  1146. 52:26सुनकर बुरा भी लगा। [संगीत] वो प्रतिरोध
  1147. 52:28करते हुए बोली क्या तुम कुछ भी बोले जा
  1148. 52:32रही हो? [संगीत] मैं उस समय कैसे श्रवण के
  1149. 52:34लिए खड़ी हो सकती थी। उस समय वो नताशा
  1150. 52:37कपूर के साथ था और विजय नताशा कपूर से ही
  1151. 52:39तो उसके लिए बोल रहा था। तो फिर भला मैं
  1152. 52:42बीच में कैसे टपक जाती? तुम्हें क्या लगता
  1153. 52:44है? मुझे अच्छा लग रहा था जब विजय श्रवण
  1154. 52:47को नीचा दिखाने की कोशिश कर रहा था।
  1155. 52:49शिप्रा की बात सुनकर मेघना को भी अपनी
  1156. 52:52गलती का एहसास हुआ। वो समझ गई कि शिप्रा
  1157. 52:54चाहकर भी उनके विवाद के बीच में नहीं जा
  1158. 52:57सकती थी। इसलिए वो अपनी इस गलती को कबूल
  1159. 52:59करते हुए बोली मैं समझ गई तुम सही कह रही
  1160. 53:03हो। मैं भी भावावेश में कुछ ज्यादा ही बोल
  1161. 53:05गई। [संगीत] मैं समझ सकती हूं यह स्थिति
  1162. 53:07तुम्हारे लिए अनुकूल नहीं थी। पर कहीं ना
  1163. 53:09कहीं इसके लिए तुम ही जिम्मेदार हो। मेघना
  1164. 53:12की बात सुनकर शिप्रा निराशा भरे स्वर में
  1165. 53:15बोली, अच्छा मैं कैसे इस सबके लिए
  1166. 53:18जिम्मेदार हो गई। तुम कुछ ज्यादा ही श्रवण
  1167. 53:20का पक्ष नहीं लेने लगी हो और मुझ पर कुछ
  1168. 53:22भी इल्जाम लगाए जा रही हो। इतना बोलने के
  1169. 53:25बाद शिप्रा मेघना को घूरने लगी। तुम इसलिए
  1170. 53:28जिम्मेदार हो कि तुम अभी भी इस बात को
  1171. 53:30स्वीकार नहीं कर रही हो कि तुम दोनों
  1172. 53:32पति-पत्नी हो। अगर यह जानकारी आम हो जाए
  1173. 53:34तो फिर किसी को कोई कंफ्यूजन ही ना रहे।
  1174. 53:36तुम दोनों को भी यूं एक दूसरे से अनजान
  1175. 53:39होने का ड्रामा नहीं करना पड़ेगा। तुम इस
  1176. 53:41बात को जितना आसान सोच रही हो, यह उतना
  1177. 53:44आसान नहीं है। ज्यादातर लोग जो मुझे जानते
  1178. 53:46हैं, [संगीत] किसको नहीं पता है कि मेरी
  1179. 53:48शादी जबरदस्ती कर दी गई है। किसके साथ कर
  1180. 53:51दी गई है, यह [संगीत] भी सबको पता है। अगर
  1181. 53:53किसी को कुछ नहीं पता है, तो सिर्फ यह
  1182. 53:55नहीं पता है कि वह भिखारी जिससे मेरी शादी
  1183. 53:57की गई है, वह [संगीत] श्रवण ही है। अगर
  1184. 54:00यहां सबको पता चल जाए कि श्रवण ही मेरा वह
  1185. 54:02भिखारी पति है, तो फिर लोग उसकी दूसरी तरह
  1186. 54:05से मजाक बनाएंगे। सब यही समझेंगे कि श्रवण
  1187. 54:08तो हकीकत में एक भिखारी था [संगीत] या है।
  1188. 54:10बस उसकी किस्मत इसलिए बदल गई है क्योंकि
  1189. 54:12उसकी शादी मेरे साथ हो गई। अब तुम बताओ कि
  1190. 54:15यह बात आम ना होना श्रवण के हक में है या
  1191. 54:18उसके खिलाफ। शिप्रा की बात सुनने के बाद
  1192. 54:21मेघना का तो माथा घूम गया। वो अपनी आंखें
  1193. 54:24बड़ी करते हुए बोली यार कितना पेंच है
  1194. 54:27तुम्हारे इस रिश्ते में। यह बात आम हो जाए
  1195. 54:30तो भी मुश्किल और छुपी रहे तो भी मुश्किल।
  1196. 54:33पर कब तक यह बात छुपी रह पाएगी? आखिर एक
  1197. 54:35ना एक दिन तो यह सबको पता चलना ही है। तुम
  1198. 54:38यह गलत सोच रही हो मेरे बारे में कि मैं
  1199. 54:40नहीं चाहती कि यह रिश्ता आम हो। बल्कि मैं
  1200. 54:43तो चाहती हूं कि जितनी जल्दी लोगों को पता
  1201. 54:45चल जाए हमारे रिश्ते के बारे में तो कम से
  1202. 54:48कम लोग तब मेरे बारे में और बातें बनाना
  1203. 54:50बंद कर देंगे [संगीत] और हमारा रिश्ता
  1204. 54:52सार्वजनिक हो जाने के बाद फिर मेरे मम्मी
  1205. 54:54पापा और मेरे दूसरे रिश्तेदार भी फिर मेरी
  1206. 54:57शादी की बात दोबारा नहीं करेंगे। बाकी मैं
  1207. 55:00अपने रिश्ते में [संगीत] कैसे रहती हूं यह
  1208. 55:01हमारा पर्सनल मैटर है और इसके बारे में
  1209. 55:04लोगों को जानने की कोई जरूरत भी नहीं है।
  1210. 55:07शिप्रा मेघना के सामने अपनी सोच स्पष्ट
  1211. 55:09करती हुई बोली शिप्रा ने अभी इतना बोला ही
  1212. 55:12था कि उसकी निगाह इसी समय अपने दादाजी के
  1213. 55:15ऊपर गई जो कि शौर्य को ही घूर रहे थे।
  1214. 55:18उनकी भी मजबूरी थी कि वह इस बात को यहां
  1215. 55:20सार्वजनिक नहीं कर सकते थे कि शौर्य उनका
  1216. 55:23दामाद है। पर वो नताशा कपूर को शौर्य का
  1217. 55:26पक्ष लेते देखकर हैरान [संगीत] थे। उन्हें
  1218. 55:28नहीं पता था कि नताशा कपूर और शौर्य इतना
  1219. 55:31करीब हैं। इस पार्टी में बलवंत राय के आने
  1220. 55:34का बड़ा कारण यह भी था कि वह खुद नताशा
  1221. 55:36कपूर से मिलकर अपनी कंपनी के लिए भी कुछ
  1222. 55:39प्रमोशनल ऐड बनवाना चाहते थे। अगर उन्हें
  1223. 55:42पहले से यह जानकारी होती कि शौर्य नताशा
  1224. 55:44कपूर के इतना करीब है तो वह इसके लिए
  1225. 55:47शौर्य की ही मदद लेते। पर इस समय इस
  1226. 55:49पार्टी में शौर्य को लेकर इतनी बातें हो
  1227. 55:52गई थी कि वह यहां पर शौर्य को पहचानने की
  1228. 55:54जोखिम नहीं ले सकते थे। अगर वह ऐसा करते
  1229. 55:57तो उन्हें यह भी जाहिर करना पड़ता कि उनका
  1230. 56:00वह भी भिखारी दामाद शौर्य ही है जो शायद
  1231. 56:03उनके लिए और भी बेइज्जती बड़ी बात होती।
  1232. 56:06इसलिए वह चुपचाप यहां हो रहे तमाशा को
  1233. 56:08देखते रहे। विजय दीवान के साथ मानसी भी
  1234. 56:11हर्षल मेहता के सामने शर्मिंदा थी। मानसी
  1235. 56:15को विजय के लिए बुरा भी लग रहा था।
  1236. 56:17[संगीत] वैसे वह यह भी समझती थी कि विजय
  1237. 56:20को भी यूं नताशा के सामने शौर्य को छोटा
  1238. 56:23साबित करने की कोई जरूरत नहीं थी।
  1239. 56:25लेकिन उसका यह परिणाम होगा उसने [संगीत]
  1240. 56:28यह सोचा नहीं था। इतना सब होने के बाद उसे
  1241. 56:31एक बात अजीब लगी कि इस सबके बीच में उसके
  1242. 56:35पापा शौर्य का पक्ष ले रहे थे। जबकि वह
  1243. 56:38अच्छी तरह से विजय [संगीत] के फैमिली
  1244. 56:40स्टेटस के बारे में जानते थे। वो एक पल को
  1245. 56:43सोचने को मजबूर हो गई कि क्या यह सब इसलिए
  1246. 56:46है कि शौर्य ने उनके एड में एज अ मॉडल काम
  1247. 56:49किया है। मानसी यह महसूस कर रही थी कि
  1248. 56:52[संगीत] उसके पापा विजय को लेकर कुछ
  1249. 56:54ज्यादा ही हार्ड हो गए थे। यहां मंच पर
  1250. 56:57इतना सब हो गया था। [संगीत] पर विक्रम और
  1251. 57:00मेनका ने सामने आने की कोई कोशिश नहीं की।
  1252. 57:03वे दोनों समझ रहे थे कि शौर्य [संगीत] खुद
  1253. 57:05ही इस स्थिति को हैंडल कर सकता है। उन्हें
  1254. 57:08यह भी डर था कि उन दोनों का शौर्य के लिए
  1255. 57:10बोलना भी [संगीत] शौर्य को पसंद नहीं आता
  1256. 57:13क्योंकि वह नहीं चाहता था कि किसी को उस
  1257. 57:15पर शक करने का मौका मिले। वो अपने आप को
  1258. 57:18अभी छुपा कर ही रखना चाहता था। जब हर्षल
  1259. 57:21मेहता ने देखा कि [संगीत] स्थिति थोड़ा
  1260. 57:23सामान्य हो गया तो वह मंच पर सामने आकर
  1261. 57:26बोला लेडीज एंड जेंटलमैन मैं आज आप सबके
  1262. 57:30सामने यह बताना चाहूंगा कि अब से हमारी
  1263. 57:32कंपनी डीम्स इंडिया का 90% शेयर होल्डर
  1264. 57:35[संगीत] मिस्टर विक्रम है। अब डीम्स
  1265. 57:37इंडिया के सिर्फ 10% शेयर ही हमारे पास
  1266. 57:40है। मैं आप सब से रिक्वेस्ट करूंगा
  1267. 57:42[संगीत] कि आप लोग तालियों के साथ डीम्स
  1268. 57:44इंडिया के नए मालिक मिस्टर विक्रम का
  1269. 57:46स्वागत करें। हर्षल मेहता का इतना बोलना
  1270. 57:49[संगीत] था कि वो हॉल तालियों की आवाज से
  1271. 57:52गूंजने लगा। इस दरमियान विक्रम ने मंच पर
  1272. 57:55सामने आकर सबका अभिवादन किया। मानसी यह
  1273. 57:58[संगीत] पता चलने पर कि यह विक्रम है
  1274. 58:01जिसने उसकी कंपनी के 90% शेयर को खरीदा
  1275. 58:04है। वो आगे बढ़कर उसका स्वागत की। हर्षल
  1276. 58:07मेहता ने मानसी का परिचय विक्रम से कराया।
  1277. 58:09[संगीत] विक्रम मुस्कुराते हुए मानसी से
  1278. 58:12मिला। मंच के सामने खड़ी शिप्रा और मेघना
  1279. 58:15भी मंच पर हो रही इन घोषणाओं को सुन रही
  1280. 58:17थी। उसे यह जानकर आश्चर्य हुआ कि विक्रम
  1281. 58:21ने डीम्स इंडिया के 90% शेयर को खरीद लिया
  1282. 58:24है क्योंकि डीम्स इंडिया खुद में ही एक
  1283. 58:26बड़ी कंपनी थी और उसका 90% शेयर को खरीद
  1284. 58:30लेना यह शो करने के लिए काफी था कि विक्रम
  1285. 58:33कितना पैसे वाला था। यही वह समय था जब उस
  1286. 58:37हाल में राजा साहब चंद्रभान राठौर का आगमन
  1287. 58:39हुआ। कांता प्रसाद जी उनके आगे-आगे रास्ता
  1288. 58:42क्लियर करते हुए चल रहे थे। जैसे ही मेनका
  1289. 58:45की निगाह राजा साहब के ऊपर पड़ी [संगीत]
  1290. 58:47वो तेजी से उनके पास पहुंची और झुक कर
  1291. 58:50उनको प्रणाम किया। राजा साहब ने जब मेनका
  1292. 58:52को वहां देखा तो वो बोले अच्छा तो [संगीत]
  1293. 58:55तुम भी यहां हो। क्यों अंकल? क्या मुझे
  1294. 58:59यहां नहीं होना चाहिए था? मेनका अपनी
  1295. 59:01आंखें बड़ी करती हुई बोली। मैंने ऐसा तो
  1296. 59:04नहीं कहा कि तुम्हें यहां नहीं होना
  1297. 59:06चाहिए। मुझे पता नहीं था इसलिए मैंने तो
  1298. 59:08बस पूछा। राजा साहब ने जवाब दिया। इस बीच
  1299. 59:12राजा साहब की नजर पूरे हॉल में इधर-उधर
  1300. 59:15घूमती रही। उनकी नजर [संगीत] शौर्य की
  1301. 59:17तलाश में इधर-उधर घूम रही थी। अचानक उनकी
  1302. 59:21निगाह शौर्य के ऊपर पड़ी। उन्होंने शौर्य
  1303. 59:23को मंच के ऊपर ही देखा और उसके पास ही
  1304. 59:26खड़ी नताशा कपूर को भी उन्होंने देखा।
  1305. 59:29नताशा कपूर की खूबसूरती देखकर [संगीत] एक
  1306. 59:31बार को उन्होंने यही सोचा कि शायद वही
  1307. 59:34शौर्य की पत्नी है। उनको नताशा अच्छी भी
  1308. 59:36लगी। पर वह अभी यहां सबके सामने ऐसा जाहिर
  1309. 59:39नहीं कर सकते थे कि [संगीत] वह यहां पर
  1310. 59:41खास करके अपनी बहू से मिलने आए हैं। वह तो
  1311. 59:45बस ऐसा मौका क्रिएट करना चाहते थे जिससे
  1312. 59:47उन्हें अपनी [संगीत] बहू से मिलने का मौका
  1313. 59:49मिले। हर्षल मेहता ने जब चंद्रभान राठौर
  1314. 59:52को पार्टी में आए हुए देखा तो वह भागकर
  1315. 59:54उनके पास [संगीत] पहुंचा और उनको रिसीव
  1316. 59:56करते हुए मंच पर लाया। उसने मंच पर जो खास
  1317. 59:59[संगीत] गेस्ट थे उन सब से राजा साहब का
  1318. 1:00:02परिचय करवाया। फिर हर्षल मेहता ने मंच पर
  1319. 1:00:05उपस्थित नताशा कपूर और शौर्य से भी राजा
  1320. 1:00:08साहब का परिचय करवाया। जैसे राजा साहब को
  1321. 1:00:11यह पता चला [संगीत] कि जिसे वह अपनी बहू
  1322. 1:00:13समझ रहे थे। दरअसल में वो एक टॉप की मॉडल
  1323. 1:00:16है। यह जानकर कि नताशा कपूर एक मॉडल
  1324. 1:00:19[संगीत] है। उन्होंने सख्त निगाहों से
  1325. 1:00:21शौर्य की तरफ देखा। जैसे वो उससे पूछ रहे
  1326. 1:00:24हो कि मेरी बहू कहां है? शौर्य उनका सख्त
  1327. 1:00:28चेहरा देखकर उनके भाव को समझ गया। और
  1328. 1:00:31शौर्य ने आंखों [संगीत] के इशारे से नीचे
  1329. 1:00:33शिप्रा की तरफ इशारा किया। शौर्य की निगाह
  1330. 1:00:36शिप्रा [संगीत] की तरफ देखकर राजा साहब ने
  1331. 1:00:38शिप्रा की ओर देखा और उसके खूबसूरत चेहरे
  1332. 1:00:41को देखकर उनकी निगाह भी एक पल को शिप्रा
  1333. 1:00:44के ऊपर ही ठहर गई। इसी समय मेनका के साथ
  1334. 1:00:47विक्रम राजा साहब के पास पहुंचा और उनको
  1335. 1:00:49नमस्कार किया। मेनका ने इशारे से शौर्य को
  1336. 1:00:53भी वहीं पर बुला लिया। शौर्य जब राजा साहब
  1337. 1:00:56के पास [संगीत] पहुंचा तो राजा साहब ने
  1338. 1:00:58धीमे स्वर में शौर्य से पूछा तुम सभी यहां
  1339. 1:01:02मंच पर हो तो फिर हमारी बहू वहां सामने
  1340. 1:01:06क्या कर रही है? [संगीत] वो भी यहां तुम
  1341. 1:01:09सबके साथ क्यों नहीं है? शिप्रा यहां राजा
  1342. 1:01:12साहब को देखकर रोमांचित थी। इस शहर में
  1343. 1:01:15ऐसा कौन होगा जो राजा साहब को नहीं जानता
  1344. 1:01:17होगा। शिप्रा की बड़ी इच्छा थी कि वो भी
  1345. 1:01:20कभी राजा साहब से मिले। उसने जब शौर्य को
  1346. 1:01:24भी विक्रम और मेनका के साथ राजा साहब के
  1347. 1:01:26पास देखा तो उसके मन में यह इच्छा जागृत
  1348. 1:01:29[संगीत] हुई कि अगर वह शौर्य के साथ होती
  1349. 1:01:31तो वह भी राजा साहब से मिल पाती। जबकि
  1350. 1:01:34दूसरी तरफ शौर्य राजा साहब की बात सुनकर
  1351. 1:01:37[संगीत] धीरे से बोला। क्या दादा जी अब
  1352. 1:01:40आपकी डिमांड ज्यादा बढ़ती नहीं जा रही है।
  1353. 1:01:42[संगीत] आपने सिर्फ अपनी बहू को देखने की
  1354. 1:01:44बात की थी। वो आप यहां से भी देख सकते
  1355. 1:01:46हैं। इस समय राजा साहब के पास कांता
  1356. 1:01:49[संगीत] प्रसाद, विक्रम, मेनका और शौर्य
  1357. 1:01:52ही थे। इसलिए कोई और उनकी बात को सुन नहीं
  1358. 1:01:55सकता [संगीत] था। पर इसी समय हर्षल मेहता
  1359. 1:01:58वहां चलकर आया और राजा साहब से रिक्वेस्ट
  1360. 1:02:01करता हुआ बोला, "जा साहब, मुझे आपके हाथों
  1361. 1:02:04से स्ट्रांग एनर्जी ड्रिंक की कैंपेन की
  1362. 1:02:06ओपनिंग करवानी है। [संगीत] प्लीज आप इस
  1363. 1:02:08रिमोट का बटन दबाकर इसको लॉन्च कर दीजिए।"
  1364. 1:02:11बोलते हुए हर्षल मेहता ने रिमोट राजा साहब
  1365. 1:02:14की तरफ बढ़ा दिया और फिर वहां उपस्थित
  1366. 1:02:17लोगों की तरफ देखकर [संगीत] बोला अब सबके
  1367. 1:02:19इंतजार की घड़ियां समाप्त हुई और वो घड़ी
  1368. 1:02:22आ गई जब हम ऑफिशियल ल्च करने वाले हैं
  1369. 1:02:24स्ट्रांग एनर्जी ड्रिंक का। मैं राजा साहब
  1370. 1:02:27[संगीत] से रिक्वेस्ट करूंगा कि वो रिमोट
  1371. 1:02:29दबाकर हमारे एनर्जी ड्रिंक की ऑफिशियल
  1372. 1:02:31लॉन्च को सुनिश्चित करें। इसके बाद राजा
  1373. 1:02:34साहब ने रिमोट दबाया। [संगीत] अगले ही पल
  1374. 1:02:37मंच पर जो एक बड़ी टीवी लगी थी, उस पर
  1375. 1:02:39नताशा कपूर और शौर्य का ऐड प्ले होने लगा।
  1376. 1:02:43वहां उपस्थित लोगों ने उस ऐड को देखा और
  1377. 1:02:46सब [संगीत] ने उसकी बहुत तारीफ की। वहां
  1378. 1:02:48उपस्थित लोगों ने दिल खोलकर उस ऐड की
  1379. 1:02:50तारीफ की। राजा साहब के लिए यह नया था कि
  1380. 1:02:53उन्होंने शौर्य को उस ऐड में काम करते
  1381. 1:02:55देखा। तो क्या तुम एक्टिंग [संगीत] भी
  1382. 1:02:58करने लगे हो? पर जो हो तुम इस ऐड में
  1383. 1:03:01बढ़िया लग रहे थे। राजा साहब ने शौर्य की
  1384. 1:03:04तारीफ की। जब स्ट्रांग एनर्जी ड्रिंक की
  1385. 1:03:07ऑफिशियल लॉन्चिंग हो गई [संगीत] उसके बाद
  1386. 1:03:09राजा साहब ने शौर्य से कहा अब यह तुम्हें
  1387. 1:03:12सोचना है कि तुम मुझे मेरी बहू से कैसे
  1388. 1:03:14मिलवाते हो। राजा साहब की [संगीत] बात
  1389. 1:03:17सुनकर शौर्य अपने चेहरे पर नाराजगी के भाव
  1390. 1:03:20लाकर राजा साहब की ओर देखने लगा। जब
  1391. 1:03:23विक्रम [संगीत] ने राजा साहब की बात सुनी
  1392. 1:03:25तो उसने कहा ठीक है मैं कोई जुगाड़ करता
  1393. 1:03:28हूं जिससे हो सकता है [संगीत] कि आपको
  1394. 1:03:30अपनी बहू से मिलने का मौका मिल जाए।
  1395. 1:03:33विक्रम की बात सुनकर राजा साहब ने कहा,
  1396. 1:03:36"यह तुमने समझदारी की बात की। अब [संगीत]
  1397. 1:03:38जल्दी से कुछ ऐसा करो कि मुझे अपनी बहू से
  1398. 1:03:41मिलने का मौका मिले।" इसी समय विक्रम ने
  1399. 1:03:44अपना मोबाइल निकाला और [संगीत] मोहित रैना
  1400. 1:03:46को कॉल लगाया। मोहित रैना ने कॉल उठाया तो
  1401. 1:03:49विक्रम ने कहा, "तुम शिप्रा मेम को ऊपर हम
  1402. 1:03:52लोगों के पास ले आओ।" मोहित रैना ने
  1403. 1:03:54विक्रम के आर्डर को सुना तो वह शिप्रा के
  1404. 1:03:57पास गया और बोला, [संगीत]
  1405. 1:03:58"चलिए मैं आपको मिस्टर विक्रम से मिलवा
  1406. 1:04:01देता हूं।" शायद आपके काम को लेकर भी अभी
  1407. 1:04:03[संगीत] बात हो जाए। शिप्रा ने मोहित रैना
  1408. 1:04:06की बात को सुना तो वह खुश हो गई। वो मोहित
  1409. 1:04:09रैना के साथ स्टेज [संगीत] की तरफ बढ़ गई।
  1410. 1:04:11जब शिप्रा विक्रम के पास पहुंची तो विक्रम
  1411. 1:04:14अभिवादन करते हुए बोला आप कैसी हैं
  1412. 1:04:17शिप्रा? मैं एकदम ठीक [संगीत] हूं सर। आप
  1413. 1:04:20बताइए आपने मुझे यहां क्यों बुलाया है?
  1414. 1:04:23शिप्रा वहां उपस्थित लोगों की [संगीत] तरफ
  1415. 1:04:25देखती हुई बोली। कुछ खास नहीं मिस शिप्रा।
  1416. 1:04:28मैं आपको कुछ लोगों से मिलाना चाहता था।
  1417. 1:04:30इसलिए यहां बुलाया है। इसके बाद विक्रम ने
  1418. 1:04:33मेनका से शिप्रा [संगीत] का परिचय कराते
  1419. 1:04:36हुए कहा, "आप शायद मिस मेनका को जानती
  1420. 1:04:39होंगी। यह होटल राजकमल [संगीत] की मैनेजर
  1421. 1:04:41है।" विक्रम की बात सुनकर शिप्रा बोली,
  1422. 1:04:44"मैं इन्हें जानती तो हूं, पर पहले कभी
  1423. 1:04:47इनसे मिलना नहीं हुआ।" इसके [संगीत] बाद
  1424. 1:04:49विक्रम ने शौर्य की तरफ इशारा करते हुए
  1425. 1:04:52कहा, श्रवण से तो आप पहले मिल ही चुकी
  1426. 1:04:54होंगी। [संगीत] इधर आइए। मैं आपको आज एक
  1427. 1:04:57खास शख्स से मिलवाता हूं। यह चंद्रभान
  1428. 1:05:00राठौर यानी राजा साहब इन्हें तो आप जानती
  1429. 1:05:03ही होंगी। विक्रम का इतना बोलना था कि
  1430. 1:05:06शिप्रा विक्रम की बात काटते हुए बोल पड़ी।
  1431. 1:05:08इनको भला कौन नहीं जानता? यह हमारे शहर की
  1432. 1:05:12शान है। हर किसी की इच्छा होती है इनसे एक
  1433. 1:05:14बार मिलने की। शिप्रा की बात सुनकर राजा
  1434. 1:05:17साहब मुस्कुराए और शिप्रा से बोले,
  1435. 1:05:20[संगीत] तुम्हें दूसरों को खुश करना आता
  1436. 1:05:22है। अपने बारे में भी बताओ कुछ। मेरे पास
  1437. 1:05:25ऐसा कुछ नहीं है बताने लायक अंकल [संगीत]
  1438. 1:05:27जो मैं आपको अपने बारे में कुछ बताऊं।
  1439. 1:05:30वैसे मेरा नाम शिप्रा राय है। मैं राय
  1440. 1:05:33फैमिली से संबंध रखती हूं। इससे ज्यादा
  1441. 1:05:35मैं आपको क्या ही बताऊं। शिप्रा बोली अंकल
  1442. 1:05:38नहीं तुम मुझे दादाजी बोलो। मैं तुम्हारे
  1443. 1:05:42दादाजी की उम्र कहूंगा। चंद्रभान राठौर
  1444. 1:05:45शिप्रा के मुंह से अंकल सुनकर बोले। वैसे
  1445. 1:05:48शिप्रा उनको बोलना तो दादाजी ही चाहती थी।
  1446. 1:05:51पर उसे लगा कहीं उनको बुरा ना लग जाए।
  1447. 1:05:53इसलिए उसने अंकल कहा। पर जब चंद्रभान
  1448. 1:05:56राठौर ने खुद ही उसे दादाजी [संगीत] कहने
  1449. 1:05:58के लिए कहा तो शिप्रा खुश होती हुई बोली
  1450. 1:06:01आपने सही कहा दादा जी यह हुई ना बात
  1451. 1:06:05तुम्हारे मुंह से दादरी सुनकर [संगीत]
  1452. 1:06:06अच्छा लग रहा है। चंद्रभान जी खुश होते
  1453. 1:06:09हुए बोले वैसे मैं आपको इनके बारे में
  1454. 1:06:12बताऊं दादा जी कि इतनी छोटी उम्र में ही
  1455. 1:06:15इन्होंने जिंक कलेक्शन के नाम से अपनी एक
  1456. 1:06:17कंपनी खड़ी कर ली थी और उसको अच्छा खासा
  1457. 1:06:20एक्सपोज़र भी मिल गया था। पर किसी मजबूरी
  1458. 1:06:22में इन्हें अपनी कंपनी को बेचना पड़ा और
  1459. 1:06:25अभी यह जॉब सर्च कर रही थी तो मैंने अपनी
  1460. 1:06:27कंपनी में ही काम करने के लिए इनको अपॉइंट
  1461. 1:06:30कर लिया है। विक्रम बीच में अपनी बात रखते
  1462. 1:06:32हुए बोला क्या कहा तुमने? इसने अपनी कंपनी
  1463. 1:06:36बेच दी और अभी जॉब ढूंढ रही है। बताओ बेटी
  1464. 1:06:40तुम्हें किस तरह का जॉब चाहिए? मैं देता
  1465. 1:06:43हूं तुम्हें अपनी कंपनी में जॉब। चंद्रभान
  1466. 1:06:46जी को लगा उन्हें शिप्रा को अपने पास रखने
  1467. 1:06:48का बहाना मिल गया है। इसलिए वह शिप्रा को
  1468. 1:06:50जॉब का ऑफर देते हुए बोले अरे दादा जी
  1469. 1:06:54आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। मैंने
  1470. 1:06:56ऑलरेडी उनके लिए अच्छा सा जॉब देख लिया
  1471. 1:06:58है। विक्रम फिर से बोला पता नहीं तुमने
  1472. 1:07:01कैसा जॉब देखा होगा इस बच्ची के लिए। मेरे
  1473. 1:07:04पास भी इसके लिए जॉब ऑफर है। बताओ बेटी
  1474. 1:07:07तुम किसके पास काम करना चाहोगी? [संगीत]
  1475. 1:07:09चंद्रभान जी ने सीधा शिप्रा से ही पूछ
  1476. 1:07:12लिया। मेरे लिए तो सारे ऑफर एक जैसे ही
  1477. 1:07:14है। दादा जी। मुझे तो बस जॉब करनी है।
  1478. 1:07:17[संगीत] मुझे नहीं पता था कि मैं इतनी
  1479. 1:07:19भाग्यशाली निकलूूंगी कि मुझे दो-दो जॉब के
  1480. 1:07:21ऑफर एक साथ मिल जाएंगे। शिप्रा जल्दी से
  1481. 1:07:24बोली। शिप्रा राय धर्म संकट में फंस गई
  1482. 1:07:27थी। उसे समझ नहीं आ रहा था कि वो राजा
  1483. 1:07:30साहब को क्या जवाब दें। ना तो उससे हां
  1484. 1:07:33बोला जा रहा था और ना [संगीत] ही ना। तुम
  1485. 1:07:35ज्यादा सोचो मत। जो मन में है वो साफ-साफ
  1486. 1:07:38बताओ। यह मत सोचो कि तुम्हारे फैसले से
  1487. 1:07:41किसी को बुरा लगेगा। [संगीत] राजा साहब
  1488. 1:07:43शिप्रा को समझाते हुए बोले, राजा साहब की
  1489. 1:07:46बात सुनकर शिप्रा पशोपेश में नजर आई। वो
  1490. 1:07:50निश्चय नहीं कर पा रही कि उसे [संगीत] किस
  1491. 1:07:51कंपनी के साथ जाना चाहिए। शिप्रा इस उलझन
  1492. 1:07:54से निकल नहीं पा रही थी। उसने विक्रम की
  1493. 1:07:57तरफ देखा जैसे वह उससे कह रही हो कि
  1494. 1:07:59[संगीत] इस बारे में आप ही कोई फैसला
  1495. 1:08:01कीजिए। चंद्रभान राठौर के प्रपोजल के कारण
  1496. 1:08:05शिप्रा उलझन में थी कि वह इस [संगीत]
  1497. 1:08:07प्रपोजल को कैसे ठुकराए। वह समझ रही थी कि
  1498. 1:08:10मोहित रैना ने उसे जॉब का प्रपोजल पहले ही
  1499. 1:08:13दे दिया था। इसीलिए [संगीत] कायदे से उसे
  1500. 1:08:16विक्रम की कंपनी में ही जॉब के ऑफर को
  1501. 1:08:18स्वीकार करना चाहिए। पर वो सीधे-सीधे राजा
  1502. 1:08:21साहब को मना कैसे करें? वो यह बात समझ
  1503. 1:08:24नहीं पा रही थी। राजा साहब भी शिप्रा की
  1504. 1:08:27स्थिति को भली-भांति समझ रहे थे। जबकि
  1505. 1:08:29शौर्य अपने दादाजी के इरादों को अच्छे से
  1506. 1:08:32समझ रहा था। [संगीत] वह जानबूझकर शिप्रा
  1507. 1:08:35को अपने पास काम करवाना चाहते थे। जिससे
  1508. 1:08:37शौर्य को किसी ना किसी कारण उनके पास आते
  1509. 1:08:40रहना पड़ेगा। राजा साहब को अभी शौर्य के
  1510. 1:08:43बारे में यह भी नहीं पता था कि बिगबुल
  1511. 1:08:45जैसी बड़ी कंपनी शौर्य की है। इसीलिए
  1512. 1:08:48उन्हें यह भी लग रहा था कि [संगीत] विक्रम
  1513. 1:08:50जो जॉब का ऑफर शिप्रा को दे रहा है, वह
  1514. 1:08:53क्या ही अच्छा होगा। जबकि वह शिप्रा को
  1515. 1:08:55अपनी किसी कंपनी [संगीत] का सीईओ बनाने की
  1516. 1:08:58सोच रहे थे। उनके दिमाग में यह भी चल रहा
  1517. 1:09:01था कि इस तरह से [संगीत] वह अपनी संपत्ति
  1518. 1:09:03का एक हिस्सा शौर्य को दे देंगे। क्योंकि
  1519. 1:09:06जब सूर्यभान राठौर से उन्होंने संपत्ति
  1520. 1:09:08में अपना हिस्सा लेने के लिए कहा था तो
  1521. 1:09:11उन्होंने मना कर दिया था और उनसे साफ कहा
  1522. 1:09:13था कि वह उनके हिस्से की संपत्ति भी
  1523. 1:09:16[संगीत] उसके भाई और बहन को ही दे दे।
  1524. 1:09:18उन्हें इसकी कोई जरूरत नहीं है। पर
  1525. 1:09:20चंद्रभान जी को यह कबूल नहीं था। वह इस
  1526. 1:09:23तरह शौर्य के साथ नाइंसाफी नहीं कर सकते
  1527. 1:09:25थे। दूसरी तरफ यह भी था कि उनका दूसरा
  1528. 1:09:28बेटा पहले से ही यह चाहता था कि चंद्रभान
  1529. 1:09:31राठौर जितनी जल्दी हो संपत्ति उनके नाम कर
  1530. 1:09:34दें। यह कारण भी था कि वह चाहते थे कि
  1531. 1:09:37किसी तरह वह शौर्य को उनके कामों में उलझा
  1532. 1:09:40लें तो मजबूरन उसे उनकी बात माननी पड़ेगी।
  1533. 1:09:43[संगीत] अब शिप्रा एक माध्यम बनकर उनके
  1534. 1:09:45सामने आ गई थी। शिप्रा के द्वारा यह कंपनी
  1535. 1:09:48शौर्य के पास चली जाएगी। राजा साहब ने जब
  1536. 1:09:51देखा कि शिप्रा कुछ बोल नहीं रही है तो वह
  1537. 1:09:54कांता प्रसाद जी से बोले कांता प्रसाद तुम
  1538. 1:09:57शिप्रा [संगीत] के नाम से जॉब प्रपोजल
  1539. 1:09:59तैयार करवाकर कल इसको दे देना इतना बोलकर
  1540. 1:10:02राजा साहब ने शिप्रा की ओर देखकर उससे कहा
  1541. 1:10:05और तुम कल से ही आकर अपनी पोजीशन संभाल
  1542. 1:10:07लेना मैं तुम्हें अपनी टेक्सटाइल कंपनी का
  1543. 1:10:09सीईओ नियुक्त कर रहा हूं राजा साहब की बात
  1544. 1:10:13सुनकर शिप्रा का मुंह खुला का खुला रह गया
  1545. 1:10:15उसे अपने कानों पर विश्वास नहीं हो रहा था
  1546. 1:10:18कि बिना किसी जॉब जॉब इंटरव्यू या किसी भी
  1547. 1:10:20तरह की प्रोसेस के राजा साहब उसे अपनी
  1548. 1:10:23कंपनी का सीईओ कैसे नियुक्त कर सकते हैं?
  1549. 1:10:26क्या उसकी किस्मत इतनी अच्छी है कि उसके
  1550. 1:10:28साथ सब कुछ अच्छा-अच्छा ही [संगीत] हो रहा
  1551. 1:10:30है? सबसे पहले मोहित रैना ने उसे अपनी
  1552. 1:10:33कंपनी में जॉब का ऑफर दिया।
  1553. 1:10:35[संगीत]
  1554. 1:10:35इस ऑफर को पाकर ही उसे लग रहा था कि उसे
  1555. 1:10:38उसकी हैसियत से ज्यादा मिल रहा है। पर
  1556. 1:10:40राजा साहब तो उससे भी दो कदम आगे बढ़कर
  1557. 1:10:42उसे अपनी कंपनी का सीईओ [संगीत] ही
  1558. 1:10:44नियुक्त करने की बात कर रहे हैं। उसे अपनी
  1559. 1:10:47किस्मत पर भरोसा नहीं हो रहा था। वहां
  1560. 1:10:49उपस्थित बाकी [संगीत] लोगों का भी आश्चर्य
  1561. 1:10:51का ठिकाना नहीं था। जिन लोगों की नजर में
  1562. 1:10:54शिप्रा की कोई हैसियत नहीं थी। अब उन
  1563. 1:10:57लोगों की नजर [संगीत] में अचानक ही शिप्रा
  1564. 1:10:59का कद काफी बड़ा हो गया। वहां उपस्थित
  1565. 1:11:01बहुत से लोगों की निगाह में शिप्रा के लिए
  1566. 1:11:03जलन साफ नजर आ रही थी। वहां उपस्थित लोगों
  1567. 1:11:06में मानसी भी थी जो शिप्रा को जलन भरी
  1568. 1:11:09नजरों से देखे जा रही थी। वो समझ नहीं
  1569. 1:11:11[संगीत] पा रही थी कि चंद्रभान राठौर ने
  1570. 1:11:14ऐसा क्या शिप्रा में देख लिया कि उसे अपनी
  1571. 1:11:16कंपनी का सीईओ [संगीत] बना दिया। उसे खुद
  1572. 1:11:19पर तरस आ रहा था कि वह हर लिहाज से शिप्रा
  1573. 1:11:22से बेहतर है। [संगीत] इस तरह का ऑफर उसको
  1574. 1:11:24मिलना चाहिए था। पर यहां भी शिप्रा ने
  1575. 1:11:26उससे बाजी मार ली। वो भी उसी की पार्टी
  1576. 1:11:29में आकर दूसरी तरफ शौर्य भी चंद्रभान
  1577. 1:11:32राठौर की इस चालाकी पर हैरान था। वो समझ
  1578. 1:11:35गया उसके दादाजी ने अच्छा [संगीत] दांव
  1579. 1:11:37खेला था। मोहित रैना जो वहीं खड़ा यह सब
  1580. 1:11:40देख रहा था उसे भी शिप्रा की किस्मत पर
  1581. 1:11:43जलन हो रही थी। उसे राजा साहब और शौर्य के
  1582. 1:11:46रिश्ते की हकीकत पता नहीं थी। उसके लिए भी
  1583. 1:11:48यह हैरानी की बात थी कि राजा साहब ने
  1584. 1:11:51शिप्रा में ऐसा क्या देखा कि उसको अपनी
  1585. 1:11:53कंपनी में सीईओ बना दिया। इन कुछ ही पलों
  1586. 1:11:56में शिप्रा की हैसियत मोहित रैना से बड़ा
  1587. 1:11:59हो गया था। पर शिप्रा को अभी भी राजा साहब
  1588. 1:12:02के ऑफर को स्वीकार करना सही नहीं लग रहा
  1589. 1:12:04था। उसे लग रहा था कि अगर वह राजा साहब के
  1590. 1:12:07ऑफर को स्वीकार करेगी तो यह बात उसे मौका
  1591. 1:12:10परस्त साबित कर देगी क्योंकि उसने पहले ही
  1592. 1:12:12मोहित रैना के ऑफर को स्वीकार कर लिया था।
  1593. 1:12:15अब जब उसे [संगीत] एक उससे भी अच्छा ऑफर
  1594. 1:12:17मिल रहा है तो उसको ठुकरा कर बढ़िया ऑफर
  1595. 1:12:20को स्वीकार कर लेना यही साबित करता कि वह
  1596. 1:12:23मौका परस्त है जो सिर्फ अपने बारे में
  1597. 1:12:25सोचती है। [संगीत] इस बात के दिमाग में
  1598. 1:12:28आते ही शिप्रा ने राजा साहब से बड़े अदब
  1599. 1:12:31से कहा दादा जी मैं समझती हूं कि [संगीत]
  1600. 1:12:34कोई बेवकूफ ही होगा जो आपके दिए हुए इतने
  1601. 1:12:38अच्छे ऑफर को ठुकरा दे। पर मैं बड़े ही
  1602. 1:12:41सम्मान के साथ आपको कहना चाहूंगी कि मैं
  1603. 1:12:44आपके इस ऑफर को स्वीकार नहीं कर सकती।
  1604. 1:12:47राजा साहब के साथ कांता प्रसाद ने भी
  1605. 1:12:50शिप्रा की तरफ आश्चर्य से देखा। राजा साहब
  1606. 1:12:53को शिप्रा के उनके प्रपोजल को ठुकराने का
  1607. 1:12:56कारण समझ नहीं आया। वो यह सोचने को मजबूर
  1608. 1:12:59हो गए कि आखिर शिप्रा इतने अच्छे ऑफर को
  1609. 1:13:02कैसे ठुकरा सकती है? इसीलिए उन्होंने
  1610. 1:13:04शिप्रा से पूछा क्या मैं [संगीत] तुम्हारा
  1611. 1:13:08मेरे प्रपोजल को ठुकराने का कारण जान सकता
  1612. 1:13:10हूं? जबकि इसी समय बलवंत राय जी वहीं
  1613. 1:13:14मौजूद सब कुछ देख सुन रहे थे। जब उन्होंने
  1614. 1:13:17शिप्रा को राजा साहब के प्रपोजल को
  1615. 1:13:19ठुकराते देखा तो वह भी हैरान होकर शिप्रा
  1616. 1:13:22को [संगीत] देखने लगे। उन्हें शिप्रा की
  1617. 1:13:24बेवकूफी पर तरस भी आ रहा था कि वह इतनी
  1618. 1:13:27बड़ी बेवकूफी कैसे कर सकती है। उनका तो मन
  1619. 1:13:30किया कि वह अभी शिप्रा के पास जाएं और उसे
  1620. 1:13:33राजा साहब के ऑफर को स्वीकार करने के लिए
  1621. 1:13:35मजबूर करें। पर अगले ही पल उन्होंने अपना
  1622. 1:13:38इरादा टाल दिया। इतने लोगों के बीच में
  1623. 1:13:41जाकर शिप्रा को राजा साहब के ऑफर को
  1624. 1:13:43स्वीकार करने के लिए कहना उनकी प्रतिष्ठा
  1625. 1:13:46के लिए सही नहीं था। इसीलिए वह इस जवाब की
  1626. 1:13:49प्रतीक्षा करने लगे कि देखें शिप्रा राजा
  1627. 1:13:52साहब के सवाल के जवाब में क्या कहती है।
  1628. 1:13:54शिप्रा राजा साहब के सवाल को सुनकर
  1629. 1:13:57विनम्रता से बोली दादा जी दरअसल दो दिन
  1630. 1:14:00पहले ही मोहित रैना के द्वारा मुझे मिस्टर
  1631. 1:14:03विक्रम की तरफ से जॉब का प्रपोजल मिला था
  1632. 1:14:06और मैंने उसे स्वीकार भी [संगीत] कर लिया
  1633. 1:14:08था। पर अब अचानक ही मुझे उससे अच्छा
  1634. 1:14:10प्रपोजल मिल रहा है। तो पहले स्वीकार किए
  1635. 1:14:13प्रपोजल को सिर्फ इसलिए ठुकरा देना कि
  1636. 1:14:16मुझे उससे बेहतर ऑफर मिल रहा है। यह मुझे
  1637. 1:14:18स्वार्थी साबित कर देगा। मैं खुद की ही
  1638. 1:14:21नजरों में गिर जाऊंगी कि मैं कितनी बड़ी
  1639. 1:14:23मौका परस्त निकली कि जिसने मुसीबत में
  1640. 1:14:26मेरा हाथ थामा मैंने मौका मिलते ही उसे
  1641. 1:14:29पीठ दिखा दिया। बस इसी कारण मैं आपके इस
  1642. 1:14:32ऑफर को स्वीकार नहीं कर सकूंगी। शिप्रा के
  1643. 1:14:35जवाब को सुनकर राजा साहब मन ही मन बहुत
  1644. 1:14:38खुश हुए। उन्होंने कांता प्रसाद की तरफ
  1645. 1:14:40देखा। कांता प्रसाद के मन में भी राजा
  1646. 1:14:43साहब वाला ही ख्याल था। इधर राजा साहब को
  1647. 1:14:46अब शौर्य की पसंद पर और भी गर्व हो रहा
  1648. 1:14:48था। उन्होंने तारीफ भरे भाव से शौर्य की
  1649. 1:14:51तरफ देखा। जैसे उन्हें कह रहे हो कि मुझे
  1650. 1:14:54तुम्हारी पसंद पर गर्व है। इतनी देर में
  1651. 1:14:57कांता प्रसाद जी शिप्रा के सामने आए और
  1652. 1:14:59उससे बोले शिप्रा बेटी मुझे अच्छा लगा कि
  1653. 1:15:02तुमने ऐसा सोचकर कि तुम्हें कोई मौका
  1654. 1:15:04परस्त ना समझे इसीलिए राजा साहब के ऑफर को
  1655. 1:15:07ठुकरा रही हो। पर अगर तुम जिसके कारण राजा
  1656. 1:15:10साहब के ऑफर को ठुकरा रही हो। [संगीत] वही
  1657. 1:15:12तुम्हें तुम्हारे अपनी कंपनी में काम करने
  1658. 1:15:14के ऑफर से आजाद कर दे तो तुम्हें राजा
  1659. 1:15:17साहब के ऑफर को स्वीकार करने में कोई
  1660. 1:15:18दिक्कत नहीं होगी ना। कांता प्रसाद की बात
  1661. 1:15:22को सुनकर शिप्रा कंफ्यूज हो गई कि वे भला
  1662. 1:15:24उसे क्यों अपनी बातों से आजाद करेंगे। वह
  1663. 1:15:27शंका भरी नजरों से विक्रम की ओर देखने
  1664. 1:15:30लगी। विक्रम जो कि सब कुछ देख सुन रहा था
  1665. 1:15:33उसे भी समझ नहीं आया कि वह इस बदली
  1666. 1:15:35परिस्थिति में शिप्रा को क्या जवाब दे। जब
  1667. 1:15:38विक्रम को कुछ समझ नहीं आया तो वह शौर्य
  1668. 1:15:41की तरफ देखने लगा। शौर्य विक्रम की स्थिति
  1669. 1:15:43को समझ रहा था। उसने भी बदली परिस्थिति पर
  1670. 1:15:46गौर किया। उसे भी लगा कि शायद शिप्रा के
  1671. 1:15:49लिए यह ज्यादा अच्छा रहेगा कि वह राजा
  1672. 1:15:51साहब के ऑफर को स्वीकार कर ले। राजा साहब
  1673. 1:15:54के ऑफर को स्वीकार करने के बाद शिप्रा का
  1674. 1:15:56कद इतना ऊंचा हो जाएगा कि फिर कोई भी उसको
  1675. 1:15:59हल्के में लेने की कोशिश नहीं करेगा।
  1676. 1:16:02इसीलिए उसने विक्रम को इशारों में ही समझा
  1677. 1:16:04दिया कि उसे क्या करना है। दूसरी तरफ जब
  1678. 1:16:08कांता प्रसाद ने शिप्रा को विक्रम की तरफ
  1679. 1:16:10देखते पाया तो उन्होंने विक्रम से कहा
  1680. 1:16:12क्यों मिस्टर विक्रम? क्या आप शिप्रा को
  1681. 1:16:15उसे मिल रहे बेहतर प्रपोजल [संगीत] को
  1682. 1:16:16ठुकराने की नसीहत देंगे? विक्रम समझ गया
  1683. 1:16:20कि कांता प्रसाद उससे क्या कहलवाना चाहते
  1684. 1:16:22हैं। इसीलिए वो शिप्रा के करीब गया और
  1685. 1:16:25बोला शिप्रा जी मैं आपकी इन भावनाओं का
  1686. 1:16:29कद्र करता हूं कि आपने सिर्फ यह सोचकर
  1687. 1:16:32राजा साहब के ऑफर को ठुकरा दिया कि आपने
  1688. 1:16:34पहले ही हमारे प्रपोजल को स्वीकार कर लिया
  1689. 1:16:36था। पर यकीन [संगीत] मानिए हम आपके दुश्मन
  1690. 1:16:39नहीं हैं। मैं नहीं चाहूंगा कि आप हमारे
  1691. 1:16:42कारण राजा साहब से मिल रहे इतने अच्छे
  1692. 1:16:44प्रपोजल को ठुकरा दें। इसीलिए आप हमारी
  1693. 1:16:47तरफ से आजाद हैं। इसीलिए बेहतर यह होगा कि
  1694. 1:16:51आप राजा साहब के प्रपोजल को स्वीकार
  1695. 1:16:53[संगीत] कर लीजिए। शिप्रा को यकीन नहीं
  1696. 1:16:56हुआ कि विक्रम ने उसे इतनी आसानी से उसके
  1697. 1:16:58ऑफर से आजाद कर दिया। [संगीत] उसे एक बार
  1698. 1:17:01को यह भी लगा कि कहीं विक्रम ने राजा साहब
  1699. 1:17:04के डर से तो उसको आजाद नहीं कर दिया।
  1700. 1:17:06इसीलिए उसने कंफर्म करने के इरादे से
  1701. 1:17:08विक्रम से पूछा, "यह आप क्या कह रहे हैं?
  1702. 1:17:12मुझे ऐसी कोई चाह नहीं है कि मैं राजा
  1703. 1:17:14साहब के ऑफर को आपको ना कहकर स्वीकार
  1704. 1:17:17करूं।" विक्रम शिप्रा की ईमानदारी पर
  1705. 1:17:20मुस्कुराने लगा। वो समझ गया कि शिप्रा
  1706. 1:17:22क्या महसूस कर उससे ऐसा बोली। इसीलिए उसने
  1707. 1:17:25शिप्रा से कहा। आप कुछ ज्यादा ही सोच
  1708. 1:17:28[संगीत] रही हैं। मेरे आपको अपने ऑफर से
  1709. 1:17:31आजाद करने का कारण वह नहीं है जो आपके
  1710. 1:17:33दिमाग में चल रहा है। मैं दिल से चाहता
  1711. 1:17:36हूं कि आप ऊंचाइयों को छुएं। इसीलिए आपके
  1712. 1:17:38लिए राजा साहब के ऑफर को स्वीकार करना
  1713. 1:17:40ज्यादा बेहतर होगा। कांता प्रसाद विक्रम
  1714. 1:17:44की बात सुनने के बाद शिप्रा से बोले अब तो
  1715. 1:17:47कोई भी तुम्हें मौका परस्त नहीं समझेगा।
  1716. 1:17:48शिप्रा बेटी इसीलिए अब तुमको राजा साहब के
  1717. 1:17:51ऑफर को स्वीकार करने में कोई झिझक नहीं
  1718. 1:17:53होनी चाहिए। तुमने यह भी [संगीत] साबित कर
  1719. 1:17:56दिया कि राजा साहब ने तुम्हें सीईओ के पद
  1720. 1:17:58का ऑफर देकर कितना सही फैसला किया।
  1721. 1:18:01तुम्हारी जगह कोई और होता तो वो राजा साहब
  1722. 1:18:04से इतना अच्छा प्रपोजल मिलने के बाद एक पल
  1723. 1:18:06को कुछ बिना सोचे इनके ऑफर को स्वीकार कर
  1724. 1:18:09लेता। पर तुमने ऐसा नहीं किया। इतने बड़े
  1725. 1:18:12ऑफर को ठुकराने में तुमने एक पल नहीं
  1726. 1:18:14लगाया। वह भी सिर्फ इसलिए कि तुमने किसी
  1727. 1:18:17का ऑफर पहले ही स्वीकार कर लिया था। उसके
  1728. 1:18:20बाद तुमने एक बार भी नहीं सोचा कि तुमने
  1729. 1:18:22कितने बड़े ऑफर को ठुकराया है। यही बात
  1730. 1:18:25साबित करती है कि तुम जिसके भी साथ काम
  1731. 1:18:27करोगी उसके प्रति तुम कितनी लॉयल रहोगी।
  1732. 1:18:31आपने सही कहा कांता प्रसाद जी। मैं आशा
  1733. 1:18:33करता हूं कि यह आपकी उम्मीदों पर एकदम
  1734. 1:18:36खड़ा उतरे। विक्रम कांता प्रसाद जी की तरफ
  1735. 1:18:39देखता हुआ बोला। कांता प्रसाद जी ने अपनी
  1736. 1:18:42जेब से एक कार्ड निकालकर शिप्रा की तरफ
  1737. 1:18:44बढ़ाते हुए कहा। इसमें हमारे ऑफिस का
  1738. 1:18:47एड्रेस है। तुम कल समय से आकर अपने ऑफिस
  1739. 1:18:50को ज्वाइन कर लेना। [संगीत] मैं सुबह
  1740. 1:18:51तुम्हारे लिए ऑफर लेटर तैयार करवा दूंगा।
  1741. 1:18:54शिप्रा ने कांता प्रसाद जी के हाथ से वो
  1742. 1:18:56कार्ड लिया और अपने पर्श में रख लिया और
  1743. 1:18:59कांता प्रसाद जी से बोली ठीक है सर मैं
  1744. 1:19:02समय से पहुंच जाऊंगी। शिप्रा के कांता
  1745. 1:19:05प्रसाद के ऑफर स्वीकार करते ही कई लोगों
  1746. 1:19:07के सीने पर सांप लौटने लगे। जिनमें मानसी
  1747. 1:19:10[संगीत] और विजय दीवान मेन थे। विजय दीवान
  1748. 1:19:13के दिमाग में तो यह बात चल रहा था कि वह
  1749. 1:19:15कैसे शिप्रा के करीब जाए। जबकि मानसी तो
  1750. 1:19:18सिर्फ शिप्रा को देखकर जल सकती थी। शिप्रा
  1751. 1:19:22ने जैसे ही राजा साहब की ऑफर को स्वीकार
  1752. 1:19:24किया। वहां उपस्थित कई लोगों ने आकर उसे
  1753. 1:19:27बधाई देना शुरू कर दिया। ताता सा लग गया
  1754. 1:19:30शिप्रा को बधाई देने वालों की। शिप्रा को
  1755. 1:19:33समझ नहीं आया कि अचानक ही यह सारे लोग
  1756. 1:19:36बिना किसी जान पहचान के उसको बधाई देने
  1757. 1:19:38आगे कैसे आ गए। अभी तो उसने सिर्फ राजा
  1758. 1:19:42साहब के ऑफर को स्वीकार किया था। ऑफिशियली
  1759. 1:19:44[संगीत] जॉइ तो किया नहीं था। फिर भी लोग
  1760. 1:19:47आगे से आकर उसे बधाई दे रहे थे। शायद इसका
  1761. 1:19:51सबसे [संगीत] बड़ा कारण यह था कि आज के
  1762. 1:19:53बाद शिप्रा का सोशल स्टेटस चेंज होने वाला
  1763. 1:19:56था। क्योंकि राजा साहब की कंपनी का सीईओ
  1764. 1:19:59होना कोई छोटी बात नहीं थी। अभी से ही लोग
  1765. 1:20:02उससे संपर्क बनाना चाह रहे थे। शिप्रा की
  1766. 1:20:05नजरों में आना चाह रहे थे ताकि बाद में जब
  1767. 1:20:08कभी मौका मिले तो शिप्रा आसानी से उन
  1768. 1:20:11लोगों को पहचान सके। शिप्रा की मजबूरी थी
  1769. 1:20:14कि वह बहुत से लोगों को ना पहचानते हुए भी
  1770. 1:20:17उनकी बधाई को स्वीकार कर रही थी। वो
  1771. 1:20:19मुस्कुराते हुए विनम्रता [संगीत] से सबका
  1772. 1:20:22अभिवादन करती जा रही थी। जबकि उससे थोड़ी
  1773. 1:20:25दूर पर खड़ी मानसी जलन भरी निगाहों से उसे
  1774. 1:20:28[संगीत] घरे जा रही थी। मानसी को देखकर
  1775. 1:20:31साफ पता चल रहा था कि शिप्रा को इतने
  1776. 1:20:33अच्छे ऑफर मिलने के कारण वो कितनी [संगीत]
  1777. 1:20:35दुखी थी और यह सब उसी की पार्टी में हो
  1778. 1:20:38रहा था। दूसरी तरफ बलवंत राय का चेहरा
  1779. 1:20:41खिला हुआ नजर आ रहा था। [संगीत] उन्हें
  1780. 1:20:43उम्मीद नहीं था कि आज इस पार्टी में
  1781. 1:20:46शिप्रा को इतना अच्छा ऑफर मिलने वाला है।
  1782. 1:20:49वो बड़ी मुश्किल से खुद को रोके हुए थे।
  1783. 1:20:51[संगीत]
  1784. 1:20:51नहीं तो उनका मन कर रहा था कि वह यहां पर
  1785. 1:20:54चिल्लाकर कहे कि शिप्रा उनकी पोती है जिसे
  1786. 1:20:57आज खुद राजा साहब ने अपनी कंपनी का सीईओ
  1787. 1:21:00नियुक्त कर दिया। यह राय फैमिली के लिए
  1788. 1:21:03बहुत बड़ी बात थी। उन्हें अभी कुछ दिन
  1789. 1:21:05पहले शिप्रा से किए गए व्यवहार के लिए
  1790. 1:21:07पछतावा हो रहा था। पर यह समय इन बातों को
  1791. 1:21:10याद करने का नहीं था। उन्होंने निश्चय
  1792. 1:21:13किया कि घर जाकर वह सबसे पहले शिप्रा से
  1793. 1:21:15मिलेंगे और उससे बात करेंगे। इधर शौर्य भी
  1794. 1:21:19शिप्रा के अंदर की खुशी को महसूस कर पा
  1795. 1:21:21रहा था। वो यह भी देख रहा था कि जब लोग
  1796. 1:21:24शिप्रा के पास जाकर उसे बधाई दे रहे थे तो
  1797. 1:21:27वह कितना अनकंफर्टेबल फील कर रही थी।
  1798. 1:21:29शौर्य के पास खड़ी नताशा कपूर ने जब देखा
  1799. 1:21:32कि लोग शिप्रा को उसको मिले प्रपोजल
  1800. 1:21:34[संगीत] के लिए बधाई दे रहे हैं तो उसने
  1801. 1:21:36शौर्य से कहा तुम्हें नहीं लगता कि हमें
  1802. 1:21:38भी आगे बढ़कर शिप्रा को बधाई देनी चाहिए।
  1803. 1:21:41शौर्य को [संगीत] समझ नहीं आया कि वह
  1804. 1:21:43नताशा की बात का क्या जवाब दे। अभी शौर्य
  1805. 1:21:46नताशा को कोई जवाब देता [संगीत] उससे पहले
  1806. 1:21:48ही नताशा बोली चलो हम भी चलकर उसको बधाई
  1807. 1:21:51देते हैं। इतना [संगीत] कहकर वो शौर्य का
  1808. 1:21:54हाथ पकड़ कर उसको खींचती हुई शिप्रा की
  1809. 1:21:56तरफ बढ़ गई। शौर्य बड़ी मुश्किल से उसको
  1810. 1:21:59रोकते हुए बोला। अरे चल [संगीत] रहा हूं।
  1811. 1:22:02तुम मेरा हाथ तो छोड़ो। तुम देख भी रही हो
  1812. 1:22:04यहां लोग कैसे हम दोनों को घूर रहे हैं।
  1813. 1:22:07शौर्य की बात सुनकर नताशा ठिटकी और शौर्य
  1814. 1:22:10की तरफ देखती हुई बोली। ओह हेलो। [संगीत]
  1815. 1:22:12इस बात से मुझे परेशान होना चाहिए ना कि
  1816. 1:22:14तुम्हें। अगर कोई बात बनेगी तो उससे तुमसे
  1817. 1:22:17ज्यादा नुकसान मेरा है। अरे मैं भी तो यही
  1818. 1:22:20कह रहा हूं मेरा [संगीत] क्या है? मुझे
  1819. 1:22:22यहां जानता ही कौन है? पर तुम्हें तो यहां
  1820. 1:22:25सभी लोग जानते हैं। मेरे जैसे छोटे लोग के
  1821. 1:22:28साथ देखकर तुम्हें लेकर लोगों ने अगर कोई
  1822. 1:22:30कहानी बनानी शुरू कर दी तो फिर तुम्हें
  1823. 1:22:32जवाब देते नहीं बनेगा। [संगीत] इसलिए मैं
  1824. 1:22:34ऐसा कह रहा हूं। शौर्य ने तुरंत नताशा की
  1825. 1:22:37बात को ही आधार बनाकर उसको जवाब दिया। जो
  1826. 1:22:41नताशा अभी यह सोच रही थी कि [संगीत] शौर्य
  1827. 1:22:43शायद खुद का नाम उससे जुड़ने के कारण
  1828. 1:22:45परेशान हो रहा है। एक ही पल में उसका
  1829. 1:22:47विचार बदल दिया और उसके दिमाग में यह बात
  1830. 1:22:50आ गया कि शौर्य उसको लेकर परेशान [संगीत]
  1831. 1:22:52है कि उसको लेकर कहीं कोई कहानी बननी शुरू
  1832. 1:22:55ना हो जाए। यह बात दिमाग में [संगीत] आते
  1833. 1:22:57ही कि शौर्य को उसकी कितनी परवाह है।
  1834. 1:23:00नताशा के दिल में शौर्य का कद और भी बढ़
  1835. 1:23:03गया। उसका मन तो नहीं हो रहा था कि वह
  1836. 1:23:05[संगीत] शौर्य का हाथ छोड़े। पर स्थिति
  1837. 1:23:08एबनॉर्मल ना हो जाए। यह सोचकर उसने शौर्य
  1838. 1:23:11का [संगीत] हाथ छोड़ दिया और उससे बोली,
  1839. 1:23:13"अब अगर ठीक है तो चलें।" शौर्य ने
  1840. 1:23:16मुस्कुरा कर उसकी ओर देखा और शिप्रा की ओर
  1841. 1:23:18बढ़ [संगीत] गया। शिप्रा जो कई लोगों से
  1842. 1:23:21घिरी थी, उसका ध्यान भी शौर्य की तरफ ही
  1843. 1:23:23था। वो देख रही [संगीत] थी कि कैसे नताशा
  1844. 1:23:26शौर्य का हाथ पकड़ कर उसकी तरफ बढ़ी आ रही
  1845. 1:23:29थी कि तभी शौर्य ने उसे कुछ कहा था।
  1846. 1:23:32[संगीत] जिसके बाद नताशा ने शौर्य का हाथ
  1847. 1:23:34छोड़ दिया और अब दोनों साथ में उसकी ओर आ
  1848. 1:23:36रहे थे। दोनों को अपनी तरफ आते देखकर
  1849. 1:23:39नताशा ने उनसे अपनी नजर फेरा तो उसे अपने
  1850. 1:23:42सामने विजय दीवान खड़ा नजर आया। विजय
  1851. 1:23:45दीवान भरषक अपनी आवाज को मीठा बनाते हुए
  1852. 1:23:48कहा, बहुत-बहुत बधाई शिप्रा। मैं बता नहीं
  1853. 1:23:51सकता कि मुझे यह जानकर कितनी खुशी हुई
  1854. 1:23:54[संगीत] कि तुम राजा साहब की टेक्सटाइल
  1855. 1:23:56कंपनी की सीईओ बनने वाली हो। मैं ऊपर वाले
  1856. 1:23:59से प्रार्थना करूंगा कि तुम [संगीत] यूं
  1857. 1:24:01ही दिन दुगनी रात चौगुनी तरक्की करती जाओ।
  1858. 1:24:04तुम्हें अपने सफर में अगर कभी भी मेरी मदद
  1859. 1:24:06की कोई जरूरत महसूस हो तो तुम निसंकोच
  1860. 1:24:09मुझसे मदद ले सकती हो। शिप्रा ने विजय की
  1861. 1:24:12बात को सुना [संगीत] और मुस्कुराते हुए
  1862. 1:24:14उसको जवाब दिया। जरूर अगर मुझे कभी भी ऐसा
  1863. 1:24:17लगा तो मैं जरूर तुमसे संपर्क करूंगी।
  1864. 1:24:20मुझे इससे खुशी होगी। विजय ने भी तुरंत
  1865. 1:24:22रिप्लाई किया। यही वो क्षण था जब नताशा
  1866. 1:24:25शौर्य के साथ शिप्रा [संगीत] के सामने
  1867. 1:24:26पहुंची और उससे बोली, "मुबारक हो शिप्रा,
  1868. 1:24:29तुम्हें इतना बड़ा अवसर मिलने के लिए। मैं
  1869. 1:24:32समझती हूं तुम इस अवसर को अच्छे से
  1870. 1:24:33भुनाओगी [संगीत]
  1871. 1:24:34और अपनी जिंदगी में और भी ऊंचाइयों को
  1872. 1:24:36छुओगी। इसलिए मेरे और श्रवण दोनों की तरफ
  1873. 1:24:39से तुम्हें इस पद के लिए बहुत-बहुत बधाई।
  1874. 1:24:41[संगीत] अगर यह बधाई नताशा अकेले जाकर
  1875. 1:24:43शिप्रा को दे रही होती तो शिप्रा को बहुत
  1876. 1:24:46खुशी होती। पर जब उसने नताशा के मुंह से
  1877. 1:24:48यह सुना कि उसकी और श्रवण दोनों की ओर से
  1878. 1:24:51उसको बहुत-बहुत बधाई। तो [संगीत] उसे यह
  1879. 1:24:53बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा। वो बोली तो
  1880. 1:24:55कुछ नहीं पर कंखियों से वो शौर्य की ओर
  1881. 1:24:57देखने लगी। शौर्य इस समय ऐसी [संगीत]
  1882. 1:25:00स्थिति में था कि उससे कुछ बोलते नहीं बन
  1883. 1:25:02रहा था। उसे ऐसा लग रहा था जैसे वह
  1884. 1:25:04सिलबट्टे [संगीत] की दो पाटों के बीच में
  1885. 1:25:06फंस गया है। जिससे वह चाहकर भी निकल नहीं
  1886. 1:25:09पा रहा हो। वो शिप्रा से नजर मिलाने का
  1887. 1:25:11ताव [संगीत] नहीं ला पा रहा था। इसलिए वह
  1888. 1:25:13उससे अपनी नजर को चुरा रहा था। जबकि
  1889. 1:25:16शिप्रा का मन कर रहा था कि वह नताशा से
  1890. 1:25:18कहे कि जिसकी तरफ से वह उसको बधाई [संगीत]
  1891. 1:25:20दे रही है, वह उसका पति है। पर हकीकत में
  1892. 1:25:22वह ऐसा कुछ नहीं कह पाई। मजबूरन शिप्रा को
  1893. 1:25:25मुस्कुराकर नताशा को जवाब देना पड़ा। आपकी
  1894. 1:25:28बधाई के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। नताशा ने
  1895. 1:25:31नोट किया कि शौर्य ने अपनी तरफ से शिप्रा
  1896. 1:25:34को कुछ नहीं कहा। तो उसने शौर्य से कहा,
  1897. 1:25:37क्या तुम अपनी तरफ से शिप्रा को कुछ नहीं
  1898. 1:25:38कहोगे? शौर्य ने जब नताशा का यह सवाल सुना
  1899. 1:25:42तो उसकी स्थिति और भी विचित्र हो गई। जिस
  1900. 1:25:45चीज से वो बचना चाह रहा था, नताशा उसको
  1901. 1:25:47उसी के सामने धकेल दे रही थी। मजबूरन
  1902. 1:25:50शौर्य को नताशा से बोलना पड़ा। तुमने मेरे
  1903. 1:25:52पास कुछ कहने के लिए छोड़ा कहां? तुमने तो
  1904. 1:25:55मेरी तरफ से भी इसको बधाई [संगीत] दे दी।
  1905. 1:25:57तो फिर मुझे अलग से बोलने की जरूरत क्या
  1906. 1:25:59रह गई? नताशा ने शौर्य की इस बात पर ध्यान
  1907. 1:26:02दिया तो वो मुस्कुराती हुई बोली, अरे हां,
  1908. 1:26:05मैंने तो इस बात की और ध्यान ही नहीं
  1909. 1:26:07दिया। पर शौर्य ने अब तक खुद को तैयार कर
  1910. 1:26:09लिया था शिप्रा को फेस करने के लिए। इसलिए
  1911. 1:26:12उसने मुस्कुराते हुए शिप्रा की ओर देखते
  1912. 1:26:14हुए कहा, "मैं समझता हूं कि तुम्हें आज के
  1913. 1:26:17दिन बहुत बड़ी जिम्मेदारी मिली है और मुझे
  1914. 1:26:20पूरा विश्वास [संगीत] है कि तुम इसको बहुत
  1915. 1:26:22ही अच्छी तरह से निभाओगी। इस बार सीधा
  1916. 1:26:25शौर्य से यह बात सुनकर शिप्रा को अच्छा
  1917. 1:26:27लगा। वो शौर्य से बोली, तुम्हारा
  1918. 1:26:30बहुत-बहुत धन्यवाद जो तुम ऐसा सोचते हो।
  1919. 1:26:33अभी शिप्रा ने अपनी बात को समाप्त ही किया
  1920. 1:26:36था कि तभी बीच में आते हुए विजय ने कहा,
  1921. 1:26:39अब यह करेगा भी तो क्या करेगा? बेचारे की
  1922. 1:26:41मजबूरी है जो इसे तुम्हें बधाई देना पड़
  1923. 1:26:44रहा है। नहीं तो मुझे तो ऐसा लग तो नहीं
  1924. 1:26:46रहा है कि इसे तुम्हें इतना बड़ा पद मिलने
  1925. 1:26:48से कोई खुशी [संगीत] हो रही है। इसके सीने
  1926. 1:26:50पर तो सांप लौट रहे होंगे। तुम्हें इतना
  1927. 1:26:53बड़ा पद मिलते देखकर नताशा ने जैसे ही
  1928. 1:26:56विजय को बीच में अपनी बात करते देखा तो वह
  1929. 1:26:58फिर से विजय पर भड़कती हुई बोली तुम पूरे
  1930. 1:27:01कुत्ते की दुम ही हो [संगीत] जो सुधरने का
  1931. 1:27:03नाम ही नहीं ले रहा है। जरूरी है कि तुम
  1932. 1:27:06किसी दूसरे के बीच में आकर उनके फटे में
  1933. 1:27:08अपनी [संगीत] टांग राऊ ही। मैं कुछ देर
  1934. 1:27:11पहले कि अपने व्यवहार के लिए क्षमा चाहता
  1935. 1:27:12हूं। मिस नताशा। पर मैं इस शख्स की रगरग
  1936. 1:27:15से वाकिफ हूं। पता नहीं कुछ तो जादू किया
  1937. 1:27:18है इसने आप पर जो आप इसकी असलियत को देखना
  1938. 1:27:20नहीं चाह रही। आपको नहीं [संगीत] पता आपके
  1939. 1:27:23आने से पहले यह मिस शिप्रा पर भी अपना
  1940. 1:27:26प्रभाव जमाने की कोशिश कर रहा था। पर वहां
  1941. 1:27:28तो उसकी दाल [संगीत] गली नहीं। पर आपको
  1942. 1:27:30देखकर लगता है इसने आप पर कोई तो जादू कर
  1943. 1:27:33दिया है। मिस्टर विजय शायद अभी थोड़ी देर
  1944. 1:27:37पहले आपको मिस्टर हर्षल मेहता की कही गई
  1945. 1:27:39बात ठीक से समझ में नहीं आई। आप क्यों
  1946. 1:27:42मुझे मजबूर कर रहे हैं कि मैं कोई सख्त
  1947. 1:27:45कदम आपके खिलाफ उठाऊं। नताशा कपूर की यह
  1948. 1:27:48हार्ड लाइन सुनकर विजय [संगीत] एकदम खामोश
  1949. 1:27:51हो गया। अब आगे क्या होगा? क्या नताशा को
  1950. 1:27:54पता चलेगा कि शौर्य शिप्रा का पति है।
  1951. 1:27:57शिप्रा महसूस कर रही थी कि अचानक ही इस
  1952. 1:28:00[संगीत] पार्टी में उसकीेंस बढ़ गई है।
  1953. 1:28:03मेघना भी शिप्रा के पास आ गई थी। वो भी इस
  1954. 1:28:07बात को फील कर रही थी [संगीत] कि आजकल
  1955. 1:28:09किस्मत शिप्रा पर कुछ ज्यादा ही मेहरबान
  1956. 1:28:11हो गई थी। मेघना के लिए भी यह बात हैरान
  1957. 1:28:14कर देने वाली थी कि अचानक ही राजा साहब ने
  1958. 1:28:17बिना कोई [संगीत] पहले के पहचान के शिप्रा
  1959. 1:28:19को अपनी कंपनी में इतनी अहम जिम्मेदारी
  1960. 1:28:21कैसे दे दी। कारण उसे समझ नहीं आया पर वो
  1961. 1:28:25इसे शिप्रा की किस्मत ही कह सकती थी। यही
  1962. 1:28:27वो समय था जब हर्षल मेहता ने भी आकर
  1963. 1:28:30शिप्रा को बधाई दिया। दरअसल हर्षल मेहता
  1964. 1:28:32शौर्य का अनुसरण कर रहा था। वो यहां इस
  1965. 1:28:35पार्टी में शौर्य की पहचान तो उजागर कर
  1966. 1:28:37नहीं सकता था। पर उसकी एक-एक [संगीत]
  1967. 1:28:39एक्टिविटी पर वह ध्यान गराए हुए था। हर्षल
  1968. 1:28:42मेहता को पता नहीं था कि शौर्य की शादी हो
  1969. 1:28:44चुकी थी। कहीं ना कहीं उसके दिल में यह
  1970. 1:28:46बात घर कर गई थी कि शौर्य जवान और हैंडसम
  1971. 1:28:49है। अगर वह उनकी बेटी को पसंद कर ले तो
  1972. 1:28:51मानसी की जिंदगी [संगीत] सवर जाएगी।
  1973. 1:28:54क्योंकि हर्षल मेहता को अपनी बेटी की
  1974. 1:28:55खूबसूरती पर बड़ा गर्व था। [संगीत] इसीलिए
  1975. 1:28:58उनके दिल में कहीं ना कहीं यह उम्मीद बंध
  1976. 1:29:00गई थी कि अगर शौर्य उनकी बेटी से मिल लेता
  1977. 1:29:03है तो हो सकता है कि वह खुद ही उसे पसंद
  1978. 1:29:05करने लगे। पर वह देख रहे थे कि पार्टी में
  1979. 1:29:08आते ही नताशा कपूर शौर्य के कुछ ज्यादा ही
  1980. 1:29:10करीब आ गई थी। हर्षल मेहता जानते थे कि
  1981. 1:29:13जिस तरह शौर्य ने नताशा कपूर की जान बचाई
  1982. 1:29:15थी, उससे नताशा कपूर के दिल में कहीं ना
  1983. 1:29:18कहीं शौर्य के लिए एक लगाव उत्पन्न हो गया
  1984. 1:29:20था। पर उस समय तक हर्षल मेहता को यह नहीं
  1985. 1:29:22पता था कि शौर्य कितना पैसे वाला है। पर
  1986. 1:29:25अब जबकि वह शौर्य की हकीकत से वाकिफ थे,
  1987. 1:29:28तो अब उनको नताशा कपूर का शौर्य के इतना
  1988. 1:29:30करीब होना पसंद नहीं आ रहा था।
  1989. 1:29:33[संगीत]
  1990. 1:29:33उनकी मजबूरी यह थी कि ना ही वह नताशा कपूर
  1991. 1:29:36से इस बारे में बोल सकते थे और ना ही अपनी
  1992. 1:29:38बेटी से यह कह सकते थे कि वह शौर्य पर
  1993. 1:29:40ध्यान दें। क्योंकि शौर्य ने उन्हें खास
  1994. 1:29:43करके यह हिदायत दी थी कि वह उनकी हकीकत
  1995. 1:29:45किसी को भी ना बताएं। चाहे वह उनकी बेटी
  1996. 1:29:48ही क्यों ना हो। हर्षल मेहता को जो एक
  1997. 1:29:50उम्मीद थी कि [संगीत] शौर्य शायद उनकी
  1998. 1:29:52बेटी की खूबसूरती देखकर खुद ही उसे पसंद
  1999. 1:29:55करने लगे। अब इसकी पॉसिबिलिटी भी कम ही
  2000. 1:29:57दिख रही थी क्योंकि नताशा कपूर पहले से ही
  2001. 1:29:59उसके करीब थी और वह भी बहुत खूबसूरत थी।
  2002. 1:30:02इसीलिए इसकी संभावना कम ही थी कि नताशा
  2003. 1:30:05कपूर के होते हुए शौर्य का ध्यान मानसी की
  2004. 1:30:08तरफ जाए। हर्षल मेहता को अभी तक शौर्य और
  2005. 1:30:11राजा साहब के बीच के संबंध के बारे में भी
  2006. 1:30:13पता नहीं था। पर [संगीत] वह इतना तो समझ
  2007. 1:30:15गया था कि किसी ना किसी तरह शौर्य राजा
  2008. 1:30:17साहब के भी करीब है। [संगीत] तभी तो शौर्य
  2009. 1:30:19को पहले से ही पता था कि आज की पार्टी में
  2010. 1:30:22राजा साहब भी आएंगे। क्योंकि जब हर्षल
  2011. 1:30:24मेहता ने राजा साहब को इस पार्टी में
  2012. 1:30:25इनवाइट किया था तो उन्हें राजा साहब के इस
  2013. 1:30:28पार्टी [संगीत] में आने की संभावना कम ही
  2014. 1:30:29थी। पर राजा साहब आए। इसका मतलब राजा साहब
  2015. 1:30:32उनके कारण नहीं [संगीत] शौर्य के कारण इस
  2016. 1:30:35पार्टी में आए थे। पार्टी अब अपने पूरे
  2017. 1:30:37शबाव पर था। शिप्रा मेघना के साथ ही
  2018. 1:30:40पार्टी को एंजॉय कर रही थी। उसे [संगीत]
  2019. 1:30:42राहुल का ध्यान आया। अगर वह आता तो वह
  2020. 1:30:44नताशा कपूर से मिल सकता था। पर अब सही
  2021. 1:30:47मायने में शिप्रा के दिल में नताशा कपूर
  2022. 1:30:49को लेकर कोई उल्लास नहीं था और इसका कारण
  2023. 1:30:51यह था कि वह जब से आई थी तब से शौर्य के
  2024. 1:30:54आसपास ही मर्डरा रही थी। यह बात शिप्रा के
  2025. 1:30:57दिल में कहीं ना कहीं नताशा कपूर के लिए
  2026. 1:30:58नापसंद भरती जा रही थी। मेघना ने इस बात
  2027. 1:31:02को नोटिस किया तो वो शिप्रा से बोली क्या
  2028. 1:31:04हुआ? कहीं [संगीत] तुम्हें नताशा कपूर से
  2029. 1:31:06जलन तो नहीं हो रही? तुम्हें तो बड़ा मजा
  2030. 1:31:08आ रहा है ना यह सब देखकर। शिप्रा मेघना
  2031. 1:31:11[संगीत] की बात से चिढ़कर बोली तुम भी हद
  2032. 1:31:13करती हो। मुझे भला मजा क्यों आएगा? मैं तो
  2033. 1:31:16तुम्हारे चेहरे पर स्पष्ट [संगीत] जलन के
  2034. 1:31:18भाव को देख सकती हूं। पर मुझे यह भी पता
  2035. 1:31:20है कि तुम इस बात को मानोगी नहीं। [संगीत]
  2036. 1:31:23मेघना गौर से शिप्रा के चेहरे को देखती
  2037. 1:31:25हुई बोली। तुम खुद को कुछ ज्यादा ही
  2038. 1:31:27होशियार नहीं समझ रही। [संगीत] तुम यह
  2039. 1:31:29कैसे कह सकती हो कि मुझे जलन हो रही है?
  2040. 1:31:31शिप्रा शौर्य और नताशा की तरफ देखती हुई
  2041. 1:31:34[संगीत] बोली। इस समय नताशा शौर्य के साथ
  2042. 1:31:36खाने के स्टॉल के पास थी और इसी समय नताशा
  2043. 1:31:39ने [संगीत] अपने हाथ से एक प्लेट उठाकर
  2044. 1:31:41शौर्य की तरफ बढ़ाया था। मैं ऐसा इसलिए कह
  2045. 1:31:44सकती हूं क्योंकि इस समय भी तुम बात मुझसे
  2046. 1:31:46कर रही हो और तुम्हारा ध्यान अभी भी नताशा
  2047. 1:31:48और शौर्य की तरफ ही है।
  2048. 1:31:50[संगीत]
  2049. 1:31:50यहां पार्टी में इतने लोग हैं फिर भी
  2050. 1:31:52तुम्हारा ध्यान उन दोनों की तरफ ही क्यों
  2051. 1:31:54है? मेघना भी उन दोनों की तरफ [संगीत]
  2052. 1:31:57देखती हुई बोली। मेघना की बात सुनकर
  2053. 1:32:00शिप्रा मेघना की ओर देखने लगी। बहुत सही
  2054. 1:32:03कहा था [संगीत] मेघना ने। शिप्रा को अपनी
  2055. 1:32:05गलती का एहसास हुआ। वो जितना ध्यान शौर्य
  2056. 1:32:09और नताशा से हटाना चाह रही थी, उतना ही
  2057. 1:32:12उसकी तरफ और आकर्षित हो रही थी। उसके मन
  2058. 1:32:15में बार-बार वो दृश्य कौद रही थी जब नताशा
  2059. 1:32:18ने शौर्य का हाथ पकड़ कर उसको खींचती हुई
  2060. 1:32:21अपने साथ ले गई थी। [संगीत] मेघना ने जब
  2061. 1:32:24देखा कि शिप्रा उसी की घुर रही है तो वह
  2062. 1:32:27मुस्कुराती हुई फिर से बोली अब तुम ऐसे
  2063. 1:32:30देखकर मुझे डरा क्यों रही हो? अगर ऐसे लुक
  2064. 1:32:33से कभी श्रवण की ओर देख लोगी तो शायद वह
  2065. 1:32:36किसी दूसरी लड़की के पास जाने की हिम्मत
  2066. 1:32:38भी नहीं करेगा। तुम्हें क्या लगता है कि
  2067. 1:32:41उन दोनों के बीच में कुछ चल रहा है? इस
  2068. 1:32:44बार शिप्रा की आवाज में एक डर झलक रहा था।
  2069. 1:32:47[संगीत] जैसे उसका कोई कीमती चीज उससे दूर
  2070. 1:32:50जा रहा है। मेघना ने शिप्रा की चिंता को
  2071. 1:32:53साफ [संगीत] महसूस किया। वो शिप्रा से
  2072. 1:32:55ईमानदारी से बोली। देखो मैं श्रवण के बारे
  2073. 1:32:58में पक्का यकीन से तो नहीं कह सकती कि
  2074. 1:33:01उसके दिल में नताशा के लिए कुछ है या
  2075. 1:33:03नहीं। पर यह पक्का यकीन से कह सकती हूं कि
  2076. 1:33:05नताशा के दिल में श्रवण के लिए जरूर कुछ
  2077. 1:33:08फीलिंग है। और सबसे बड़ी बात यह है कि
  2078. 1:33:11मुझे नहीं लगता कि वह इस बात को छुपाने की
  2079. 1:33:13कोई कोशिश भी करती है। सच कहूं तो मुझे भी
  2080. 1:33:16ऐसा ही लग रहा है। पर तुम्हें नहीं लगता
  2081. 1:33:19कि श्रवण ज्यादा समय उससे दूर नहीं रह
  2082. 1:33:21पाएगा। शिप्रा किसी आशंका के अधीन होकर
  2083. 1:33:24बोली। मेघना ने शिप्रा के चिंतित [संगीत]
  2084. 1:33:26चेहरे की तरफ देखा और बोली, तुम्हें ऐसा
  2085. 1:33:29क्यों लगा कि वो ज्यादा समय उससे दूर नहीं
  2086. 1:33:32रह सकेगा। आखिर वो है तो एक मर्द ही और
  2087. 1:33:35नताशा है भी तो खूबसूरत। तो फिर कितना समय
  2088. 1:33:38वो उससे दूर रह पाएगा? शिप्रा की बेबसी
  2089. 1:33:41उसकी आवाज में साफ झलक रही थी। क्या पता
  2090. 1:33:45शायद तुम [संगीत] अगर चाहो तो ऐसा ना भी
  2091. 1:33:47हो। मेघना रहस्यमई स्वर में बोली। शिप्रा
  2092. 1:33:51ने मेघना की बात को सुना तो वह उसकी आंखों
  2093. 1:33:53में देखती हुई बोली क्या मतलब हुआ
  2094. 1:33:56तुम्हारी इस बात का मेरे चाहने से ऐसा
  2095. 1:33:58कैसे हो जाएगा अगर तुम श्रवण के साथ अपनी
  2096. 1:34:02दूरियों को खत्म कर दो तो मुझे नहीं लगता
  2097. 1:34:04कि फिर श्रवण को नताशा के करीब जाने की
  2098. 1:34:06कोई जरूरत होगी बोलते वक्त मेघना के चेहरे
  2099. 1:34:10पर एक मिस्टीरियस स्माइल आ गई थी कुछ भी
  2100. 1:34:13तुम्हें पता है यह इतना आसान नहीं है फिर
  2101. 1:34:16तुम ऐसा सोच भी कैसे सकती हो हम दोनों के
  2102. 1:34:19बीच बीच की कंडीशन पहले ही डिसाइड हो गई
  2103. 1:34:21है। शिप्रा इनकार में सर हिलाती हुई बोली।
  2104. 1:34:25शिप्रा को इनकार में सर हिलाते देखकर
  2105. 1:34:27मेघना बोली जब तुम्हें उसके करीब जाना ही
  2106. 1:34:30नहीं है तो फिर तुम्हें नताशा के श्रवण के
  2107. 1:34:33करीब जाने से जलन क्यों हो रही है? मैंने
  2108. 1:34:36कब कहा कि मुझे नताशा से जलन हो रही है।
  2109. 1:34:39यह तुम ही हो जो यह साबित करने पर तुली हो
  2110. 1:34:42कि मुझे नताशा को श्रवण के पास देखकर जलन
  2111. 1:34:44हो रही है। शिप्रा उल्टा मेघना पर ही
  2112. 1:34:47दोषारोपण करती हुई बोली तुम्हें समझना
  2113. 1:34:50इंपॉसिबल है। तुम्हारा घर उजाड़ने के लिए
  2114. 1:34:53तुम्हें किसी दुश्मन की जरूरत नहीं है।
  2115. 1:34:56उसके लिए तुम खुद ही काफी हो। मेघना तंज
  2116. 1:34:59भरे स्वर में बोली। क्या तुम मुझे श्राप
  2117. 1:35:02दे रही हो? मेघना के चेहरे पर नाराजगी
  2118. 1:35:04देखकर शिप्रा मासूमियत से बोली। मेघना ने
  2119. 1:35:08जब इस तरह से शिप्रा को खुद से सवाल करते
  2120. 1:35:10देखा तो वो तुरंत मुस्कुराती हुई बोली।
  2121. 1:35:13क्या करूं मैं तुम्हारा? काश इसी मासूमियत
  2122. 1:35:16से कभी श्रवण से बात करोगी तो वह तुम पर
  2123. 1:35:19लट्टू हो जाएगा। फिर तुम्हारा यह डर भी
  2124. 1:35:21खत्म हो जाएगा कि वह किसी और लड़की के
  2125. 1:35:24करीब जा पाएगा। उसी समय दोनों को एक आवाज
  2126. 1:35:27सुनाई दिया। क्या तुम दोनों को खाना नहीं
  2127. 1:35:30खाना है? मेघना ने पलट कर आवाज की दिशा
  2128. 1:35:33में देखा तो उसने सामने श्रवण को देखा
  2129. 1:35:35जिसके हाथ में खाने की प्लेट थी जिसमें से
  2130. 1:35:38वो खा रहा था। श्रवण को अपने सामने देखकर
  2131. 1:35:41मेघना [संगीत] बोली क्यों नहीं खाना है?
  2132. 1:35:44पर हमें कोई हाथ में सजाकर प्लेट नहीं
  2133. 1:35:46देने वाला है ना। शौर्य मेघना की कटाक्ष
  2134. 1:35:49को समझ गया। फिर भी वह उसी के अंदाज में
  2135. 1:35:52बोला, तो क्या तुम चाहती हो कि तुम्हें भी
  2136. 1:35:55कोई प्लेट सजा कर दे? नहीं, ऐसा भी नहीं
  2137. 1:35:58है। मेरा काम तो इस प्लेट से भी चल सकता
  2138. 1:36:01है। यह कहते हुए मेघना ने देखा कि शौर्य
  2139. 1:36:04के प्लेट में एक बाउल में दो गुलाब जामुन
  2140. 1:36:07थे। उसने बिना किसी अनुमति के उसके प्लेट
  2141. 1:36:10से वह बाउल उठा लिया। गुलाब जामुन की उस
  2142. 1:36:12बाउल के अंदर ही चम्मच भी रखा हुआ था।
  2143. 1:36:15मेघना ने उस बाउल से एक गुलाब जामुन का एक
  2144. 1:36:18टुकड़ा शिप्रा हैरानी से मेघना की इस हरकत
  2145. 1:36:22को देखती रह गई। शौर्य भी आश्चर्य से
  2146. 1:36:25मेघना को देखता हुआ बोला। मुझे नहीं पता
  2147. 1:36:28था कि तुम्हें गुलाब जामुन इतना पसंद है।
  2148. 1:36:32सिर्फ मुझे ही नहीं शिप्रा को भी गुलाब
  2149. 1:36:34जामुन बहुत पसंद है। मेघना शिप्रा की ओर
  2150. 1:36:38देखती हुई बोली। जबकि अब [संगीत] मेघना की
  2151. 1:36:41इस हरकत को देखकर शिप्रा को मेघना से भी
  2152. 1:36:43जलन होने लगी। उसे ऐसा लगा जैसे मेघना ने
  2153. 1:36:47खुलेआम उसकी प्रॉपर्टी पर अपना हक जमा
  2154. 1:36:49लिया। जब तुम दोनों को यह इतना ही पसंद है
  2155. 1:36:53तो फिर यहां एक साइड में क्या कर रही हो?
  2156. 1:36:55जाओ और जाकर खाना खा लो। शौर्य मुस्कुराते
  2157. 1:36:59हुए बोला, शौर्य की बात सुनकर शिप्रा और
  2158. 1:37:02मेघना भी खाने की टेबल की तरफ बढ़ गई। अभी
  2159. 1:37:05गुलाब जामुन की बाउल मेघना के हाथ में ही
  2160. 1:37:07था। जैसे ही दोनों दो-चार कदम आगे बढ़ी,
  2161. 1:37:10शिप्रा ने आगे बढ़कर मेघना के हाथ के बाउल
  2162. 1:37:12से दूसरा गुलाब जामुन का पीस निकालकर अपने
  2163. 1:37:15मुंह में रख लिया। मेघना ने अपना हाथ
  2164. 1:37:18झटकने की [संगीत] कोशिश की थी। पर शिप्रा
  2165. 1:37:20उससे तेज निकली और मेघना के कोई हरकत करने
  2166. 1:37:23से पहले ही [संगीत] गुलाब जामुन को खा
  2167. 1:37:25चुकी थी। तुमसे थोड़ा और सब्र नहीं हुआ।
  2168. 1:37:29खाने की मेज [संगीत] की ओर तो जा ही रही
  2169. 1:37:31थी तो यह झपटाझपटी करने की क्या जरूरत थी?
  2170. 1:37:34मेघना शिप्रा [संगीत] से बोली, "यह तो
  2171. 1:37:36तुम्हें सोचना चाहिए था। तुम्हें क्या
  2172. 1:37:39जरूरत थी श्रवण की प्लेट से उसकी [संगीत]
  2173. 1:37:41मिठाई की बाउल लेने की?" शिप्रा शिकायती
  2174. 1:37:44लहजे में बोली, ओह हेलो, मैंने उसकी प्लेट
  2175. 1:37:47से मिठाई की बाउल लिया तो फिर इससे
  2176. 1:37:49तुम्हें क्या फर्क पड़ता [संगीत] है?
  2177. 1:37:51मेघना बोली, तुम्हें शर्म नहीं आती? वो
  2178. 1:37:54तुम्हारा जीजा है। शिप्रा शिकायत करती हुई
  2179. 1:37:57बोली, अरे जीजा है [संगीत] इसीलिए तो उनके
  2180. 1:38:00प्लेट से वो बाउल लिया और फिर मेरा तो
  2181. 1:38:02रिश्ता श्रवण के साथ ऐसा है कि मेरा उसके
  2182. 1:38:05साथ ठिठोली करना तो बनता है। पर तुम्हें
  2183. 1:38:08क्या फर्क पड़ता है? नताशा जब उसके करीब
  2184. 1:38:10जाती है तब तो तुम्हें कोई फर्क नहीं
  2185. 1:38:12पड़ता। कोई और लड़की [संगीत] भी उसके पास
  2186. 1:38:15जाए तुम्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। तो फिर
  2187. 1:38:17मेरा उसके साथ थोड़ी ठिठोली करने से
  2188. 1:38:19तुम्हें क्यों तकलीफ हो रही है? अभी तो
  2189. 1:38:22तुमने कहा था कि श्रवण [संगीत] पूरी तरह
  2190. 1:38:24स्वतंत्र है। वो किसके साथ होता है या
  2191. 1:38:27क्या करता है इससे तुम्हें कोई फर्क नहीं
  2192. 1:38:29पड़ता। मेघना शिप्रा को ताना मारती हुई
  2193. 1:38:32बोली मुझे बाहर वालों से फर्क नहीं पड़ता।
  2194. 1:38:35पर जब मेरी अपनी [संगीत] बहन मेरे पति के
  2195. 1:38:38साथ ठिठोली करेगी तो मुझे फर्क पड़ता है।
  2196. 1:38:41शिप्रा मेघना पर तंज [संगीत] कसती हुई
  2197. 1:38:43बोली। यह क्या बात हुई? तुम्हें तो उससे
  2198. 1:38:46कोई मतलब है नहीं। अगर तुम्हारी बहन
  2199. 1:38:48[संगीत] अपने जीजा से थोड़ी ठिठोली करती
  2200. 1:38:50है तो तुम्हें वो भी पसंद नहीं है। मेघना
  2201. 1:38:54चिढ़ती हुई बोली शिप्रा मेघना की बात से
  2202. 1:38:57थोड़ी असहज हुई। बात तो मेघना ने सही कहा
  2203. 1:39:00था। जब उसे दूसरी किसी लड़की के शौर्य के
  2204. 1:39:04साथ होने से फर्क नहीं पड़ रहा था। तो
  2205. 1:39:07नताशा के शौर्य से थोड़ी ठिठोली करने से
  2206. 1:39:10क्यों फर्क पड़ रहा था? शिप्रा ने इस बारे
  2207. 1:39:13में सोचा तो [संगीत] उसने महसूस किया कि
  2208. 1:39:15उसे फर्क तो किसी भी लड़की के शौर्य के
  2209. 1:39:18पास होने से पड़ रहा था। पर वो दूसरी किसी
  2210. 1:39:21लड़की से अपनी नाराजगी जता नहीं सकती थी।
  2211. 1:39:24पर मेघना से तो वह अपनी बात कह सकती थी।
  2212. 1:39:26बस यही कारण था। शिप्रा ने भी मेघना के
  2213. 1:39:29साथ खाना खा लिया। अब जब वहां से [संगीत]
  2214. 1:39:32जाने की बात हुई तो उसने मेघना से कहा
  2215. 1:39:35श्रवण से भी बात कर लो। अगर उसे घर वापस
  2216. 1:39:37ही जाना है तो साथ में चल लेते हैं। उसने
  2217. 1:39:40देखा इस समय श्रवण मेनका और विक्रम के साथ
  2218. 1:39:43राजा साहब के पास एक साइड में बातें कर
  2219. 1:39:46रहा था। मेघना ने शौर्य की तरफ देखते हुए
  2220. 1:39:49कहा तुम्हें कहीं से श्रवण की बॉडी
  2221. 1:39:52लैंग्वेज देखकर यह लगता है [संगीत] कि वो
  2222. 1:39:54विक्रम के लिए काम करता होगा। उल्टा मुझे
  2223. 1:39:57तो कभी-कभी यह लगता है कि शायद विक्रम ही
  2224. 1:40:00उसके लिए काम करता हो। कुछ भी कहां मिस्टर
  2225. 1:40:04विक्रम और कहां श्रवण तुम ऐसा सोच भी कैसे
  2226. 1:40:07सकती हो शिप्रा प्रतिरोध में बोली मैं ऐसा
  2227. 1:40:11सोचना भी नहीं चाहती पर तुमने यह महसूस
  2228. 1:40:13किया कि मिस्टर विक्रम ने डायरेक्ट श्रवण
  2229. 1:40:16से कोई भी काम करने के लिए कहा हो या
  2230. 1:40:19तुमने ऐसा कोई अंतर देखा है श्रवण के
  2231. 1:40:21एटीट्यूड में कि वह विक्रम के सामने कभी
  2232. 1:40:24सावधान की मुद्रा में खड़ा भी हुआ हो
  2233. 1:40:26[संगीत] जबकि यह स्वाभाविक होता है कि कोई
  2234. 1:40:29भी एंप्लॉय अपने बॉस के सामने ने
  2235. 1:40:31स्वाभाविक रूप से एक अदब की मुद्रा में
  2236. 1:40:34खड़ा हो [संगीत] ही जाता है। पर मैंने यह
  2237. 1:40:36अंतर कभी भी श्रवण के अंदर नहीं देखा है।
  2238. 1:40:39अभी भी देखो राजा साहब का जितना ध्यान
  2239. 1:40:42श्रवण की तरफ है, उतना किसी और की तरफ
  2240. 1:40:44नहीं है। कहीं ऐसा तो नहीं है कि राजा
  2241. 1:40:47साहब ने जो तुम्हें जॉब का ऑफर दिया है,
  2242. 1:40:50वो श्रवण के कारण ही दिया है। मेघना की
  2243. 1:40:53बात सुनकर शिप्रा भी गौर से उन सब की तरफ
  2244. 1:40:55देखने लगी। उसे भी यह बात अजीब [संगीत] लग
  2245. 1:40:58रहा था। उसने भी नोटिस किया कि राजा साहब
  2246. 1:41:01का श्रवण को देखने का अंदाज बाकी सबको
  2247. 1:41:04देखने के अंदाज से अलग था। वो जहां खड़ी
  2248. 1:41:07थी वहां से राजा साहब की बातें सुन तो
  2249. 1:41:09नहीं सकती थी कि उनके और श्रवण के बीच में
  2250. 1:41:12क्या बातें हो रही है। पर यहां से देखकर
  2251. 1:41:14[संगीत] वो इतना तो अनुमान लगा सकती थी कि
  2252. 1:41:17राजा साहब और शौर्य के बीच की बातचीत में
  2253. 1:41:19वहां मौजूद बाकी लोग मात्र दर्शक ही नजर आ
  2254. 1:41:23रहे थे। वो मेघना की ओर देखकर बोली। वैसे
  2255. 1:41:26क्या बातें हो रही होगी उन सबके बीच?
  2256. 1:41:29मेघना ने शिप्रा की बात सुनकर कहा, अब यह
  2257. 1:41:32मुझे कैसे पता होगा कि उनके बीच क्या बात
  2258. 1:41:35हो रही होंगी? चलो उनके पास चलते हैं।
  2259. 1:41:38इतना कहकर शिप्रा उनकी ओर बढ़ गई। अब
  2260. 1:41:41शिप्रा के मन में यह जानने की प्रबल इच्छा
  2261. 1:41:43हो रही थी कि राजा [संगीत] साहब और श्रवण
  2262. 1:41:45के बीच में क्या संबंध था? क्या ऐसे ही
  2263. 1:41:48उनके बीच में जाना ठीक होगा? मेघना ने
  2264. 1:41:51शिप्रा से पूछा। हम बोल देंगे कि अब हम
  2265. 1:41:54यहां से जा रहे थे इसीलिए जाने से पहले एक
  2266. 1:41:57बार उनसे मिलने आ गए। शिप्रा ने जवाब दिया
  2267. 1:42:00जबकि शौर्य [संगीत] राजा साहब को उनके
  2268. 1:42:02शिप्रा को जॉब की ऑफर देने के लिए सुना
  2269. 1:42:04रहा था कि वह जानबूझकर शिप्रा और उनके बीच
  2270. 1:42:07में आ रहे थे। जबकि वह अभी नहीं चाहता था
  2271. 1:42:10कि शिप्रा उसकी हकीकत से वाकिफ हो। पर
  2272. 1:42:13राजा साहब की जल्दबाजी से [संगीत] इस राज
  2273. 1:42:15से पर्दा उठ सकता था। इस बात पर राजा साहब
  2274. 1:42:18ने भी शौर्य [संगीत] को आश्वस्त किया कि
  2275. 1:42:20उनके कारण शिप्रा को शौर्य की हकीकत पता
  2276. 1:42:23नहीं चलेगी। इसी समय मेनका की निगाह वहां
  2277. 1:42:26आती हुई शिप्रा पर गई। उसने शौर्य को
  2278. 1:42:29अलर्ट किया कि शिप्रा इसी ओर आ रही है।
  2279. 1:42:32राजा साहब भी शिप्रा की ओर देखने लगे।
  2280. 1:42:35शिप्रा उनके पास पहुंची। शिप्रा ने नोट
  2281. 1:42:38किया कि उसके [संगीत] वहां पहुंचते ही
  2282. 1:42:40उनके बीच हो रही बातें बंद हो गई। शिप्रा
  2283. 1:42:43को थोड़ा अजीब भी लगा। पर जब वह वहां
  2284. 1:42:45[संगीत] पहुंच गई थी तो उसको वहां आने का
  2285. 1:42:47कुछ तो रीजन देना था। इसीलिए उसने राजा
  2286. 1:42:50साहब से कहा दरअसल मैं यहां से जा रही थी
  2287. 1:42:53तो सोचा आपसे एक बार [संगीत] मिलते हुए
  2288. 1:42:55जाऊं। तो राजा साहब ने उसकी ओर देखते हुए
  2289. 1:42:58कहा अच्छा किया। मैं भी अब निकल ही रहा
  2290. 1:43:01हूं। पर ध्यान रखना तुम कल समय से हमारे
  2291. 1:43:04ऑफिस आ जाना। वहां कांता प्रसाद तुम्हें
  2292. 1:43:08सब कुछ अच्छे से समझा देगा। जी मैं पहुंच
  2293. 1:43:11जाऊंगी। शिप्रा ने जवाब दिया। जब शिप्रा
  2294. 1:43:14की बात पूरी हो गई तो उसे लगा अब तो उसे
  2295. 1:43:17यहां से जाना होगा। पर वो यहां शौर्य को
  2296. 1:43:20अकेले छोड़कर जाना नहीं चाहती थी। उसने
  2297. 1:43:22मेघना की ओर देखा कि वो शौर्य से साथ चलने
  2298. 1:43:25के लिए पूछे। पर मेघना ने शौर्य से इस
  2299. 1:43:28बारे में कुछ नहीं पूछा। तो मजबूरन शिप्रा
  2300. 1:43:31को ही पूछना पड़ा।
  2301. 1:43:33शौर्य को उम्मीद नहीं था कि शिप्रा उससे
  2302. 1:43:36अपने साथ चलने के लिए पूछेंगी। इसलिए उसे
  2303. 1:43:40हैरानी भी हुई। वैसे तो शौर्य को भी वापस
  2304. 1:43:43घर ही जाना था। पर उसे मेनका के साथ पहले
  2305. 1:43:46राजकमल होटल जाना था। फिर वहां से वो अपनी
  2306. 1:43:50कार लेकर अपने घर पहुंचता। लेकिन जब उसने
  2307. 1:43:53शिप्रा को उससे यह [संगीत] पूछते देखा कि
  2308. 1:43:55क्या वो उसके साथ चल रहा है? तो उसे थोड़ी
  2309. 1:43:58खुशी भी हुई। वो भी तुरंत तैयार हो गया और
  2310. 1:44:02बोला ठीक है। जब तुम चल ही रही हो तो मैं
  2311. 1:44:05भी साथ हो लेता हूं। वैसे भी मेरी कार
  2312. 1:44:08होटल राजकमल में खड़ी है। जब राजा जी ने
  2313. 1:44:11शिप्रा को शौर्य से यह पूछते देखा [संगीत]
  2314. 1:44:14कि क्या वो उसके साथ चल रहा है तो वो अपने
  2315. 1:44:17चेहरे पर थोड़ा आश्चर्य [संगीत] लाते हुए
  2316. 1:44:20बोले शौर्य तुम्हारे साथ कहां जाएगा? राजा
  2317. 1:44:25साहब यह जताना चाहते थे कि उन्हें शिप्रा
  2318. 1:44:28और शौर्य के रिश्ते के बारे में कुछ नहीं
  2319. 1:44:30पता। इसलिए उन्होंने यह सवाल किया। पर
  2320. 1:44:33शिप्रा राजा साहब की दूसरी बात से हैरान
  2321. 1:44:35थी। राजा साहब ने श्रवण को शौर्य कहकर
  2322. 1:44:38पुकारा था। जबकि शिप्रा शौर्य को श्रवण के
  2323. 1:44:41नाम से जानती थी। एक पल को शिप्रा को यह
  2324. 1:44:44भ्रम भी हुआ कि [संगीत] राजा साहब किसी और
  2325. 1:44:46के बारे में तो नहीं पूछ रहे हैं। पर जिस
  2326. 1:44:49तरह से उन्होंने शौर्य की ओर देखकर ही
  2327. 1:44:51पूछा था। इससे यह बात तो पक्की हो गई थी
  2328. 1:44:53कि राजा साहब ने श्रवण को ही शौर्य कहकर
  2329. 1:44:56पुकारा था। शिप्रा ने राजा साहब की ओर
  2330. 1:44:59देखते हुए कहा, "आप शौर्य किसको कह रहे
  2331. 1:45:02हैं? इसका तो नाम श्रवण है। राजा साहब इस
  2332. 1:45:05बात से अनजान [संगीत] थे कि यहां पर सभी
  2333. 1:45:08शौर्य को श्रवण के नाम से जानते हैं। पर
  2334. 1:45:10अब जबकि उन्होंने यह बात बोल दिया था तो
  2335. 1:45:13इसको पलटा तो जा नहीं सकता था। इसलिए
  2336. 1:45:16उन्हें समझ नहीं आया कि वो इस बात का क्या
  2337. 1:45:18जवाब दें? तो शौर्य ही बीच में आते हुए
  2338. 1:45:21बोला। दरअसल मेरा सर्टिफिकेट का नाम शौर्य
  2339. 1:45:24ही है। इसीलिए ऑफिस में सभी मुझे शौर्य के
  2340. 1:45:27नाम से ही बुलाते हैं। इसलिए राजा साहब को
  2341. 1:45:29मेरा यही नाम पता है। लेकिन जो लोग मेरे
  2342. 1:45:32आसपास या [संगीत] करीब हैं वो सब मुझे
  2343. 1:45:34सरवन के नाम से ही जानते हैं। अच्छा मुझे
  2344. 1:45:38नहीं पता था कि तुम्हारा एक दूसरा नाम
  2345. 1:45:40श्रवण भी है। पर बात तो वही है कि शिप्रा
  2346. 1:45:43तुम्हें अपने साथ चलने के लिए क्यों कह
  2347. 1:45:45रही है। दरअसल राजा साहब शिप्रा और शौर्य
  2348. 1:45:48के मुंह से उनके सामने यह हकीकत कबूल
  2349. 1:45:51करवाना चाहते थे कि वह दोनों पति-पत्नी
  2350. 1:45:53हैं। राजा साहब के सवाल पर शौर्य चुप ही
  2351. 1:45:56रहा। वो देखना चाहता था कि शिप्रा इस बात
  2352. 1:45:59का क्या जवाब देती है। शिप्रा को भी यह
  2353. 1:46:02मौका सही जान पड़ा कि वह कम से कम इन
  2354. 1:46:04लोगों के सामने तो अपनी हकीकत बता ही दे
  2355. 1:46:07ताकि बाद में कोई [संगीत] कंफ्यूजन ना
  2356. 1:46:08रहे। क्योंकि वह अगले दिन से ही राजा साहब
  2357. 1:46:11के यहां काम करने वाली थी। [संगीत] तो वह
  2358. 1:46:13चाहती थी कि राजा साहब को भी पता चल जाए
  2359. 1:46:16कि वह पहले से शादीशुदा है और शौर्य ही
  2360. 1:46:18उसका पति है। यही सोचकर उसने राजा [संगीत]
  2361. 1:46:21साहब से कहा दरअसल हम दोनों पतिपत्नी हैं।
  2362. 1:46:24इसलिए श्रवण को भी तो घर ही जाना है।
  2363. 1:46:27इसलिए मैंने इससे घर [संगीत] जाने के बारे
  2364. 1:46:28में पूछा। राजा साहब यह जानकर कि वह दोनों
  2365. 1:46:32पति-पत्नी हैं। अपने चेहरे पर [संगीत]
  2366. 1:46:34आश्चर्य का भाव लाकर शौर्य से बोले,
  2367. 1:46:37शौर्य, तुमने अभी तक बताया क्यों नहीं था
  2368. 1:46:39कि शिप्रा तुम्हारी पत्नी है। चलो, यह भी
  2369. 1:46:42[संगीत] अच्छी बात है कि तुम्हारी पत्नी
  2370. 1:46:44अब से मेरे यहां काम करेंगी। शिप्रा को भी
  2371. 1:46:47लगा कि उसके सर से एक बहुत बड़ा बोझ हट
  2372. 1:46:50गया। वो पहले से चाहती थी कि जितने ज्यादा
  2373. 1:46:53लोगों को पता चल जाए कि [संगीत] शौर्य
  2374. 1:46:55उसका पति है, यह उसके लिए अच्छा ही होगा।
  2375. 1:46:58क्योंकि फिर लड़कियां उसके करीब जाने की
  2376. 1:47:00कोशिश नहीं करेगी। एक्चुअली वह यह बात
  2377. 1:47:02इसलिए भी अभी यहां बताना चाह रही थी
  2378. 1:47:05क्योंकि उसे लग रहा था कि कहीं [संगीत]
  2379. 1:47:06मेनका भी शौर्य के करीब ना हो। इसलिए वह
  2380. 1:47:09मेनका के दिमाग में भी यह बात डाल देना
  2381. 1:47:12[संगीत] चाहती थी कि वह जान ले कि शौर्य
  2382. 1:47:14और शिप्रा दोनों पति-पत्नी हैं। शौर्य को
  2383. 1:47:18[संगीत] खुशी हो रही थी कि शिप्रा ने
  2384. 1:47:19खुलेआम सबके सामने उसको अपने पति के रूप
  2385. 1:47:22में स्वीकार किया था। वो यही तो [संगीत]
  2386. 1:47:24चाहता था कि शिप्रा खुद सबके सामने इस बात
  2387. 1:47:27को स्वीकार करे। पर अभी भी उसे इस बात
  2388. 1:47:29[संगीत] का इंतजार था कि कब शिप्रा उससे
  2389. 1:47:32अपने प्यार का इजहार करती है। सच कहूं तो
  2390. 1:47:35तुम दोनों साथ में बहुत अच्छे [संगीत]
  2391. 1:47:37लगोगे। कांता प्रसाद ने भी शौर्य और
  2392. 1:47:40शिप्रा की तारीफ करते हुए कहा पर एक बात
  2393. 1:47:43है जो मुझे समझ नहीं आ रहा है कि जब तुम
  2394. 1:47:46दोनों पतिपत्नी हो तो फिर एक साथ क्यों
  2395. 1:47:48नहीं थे? मैं क्या कोई भी यहां तुम दोनों
  2396. 1:47:51को देखकर यह नहीं समझ सकता था कि तुम
  2397. 1:47:53दोनों पतिपत्नी हो सकते हो। शौर्य समझ गया
  2398. 1:47:56कि कांता प्रसाद जानबूझकर इस बात को
  2399. 1:47:59ज्यादा तुल दे रहे हैं ताकि वे दोनों इस
  2400. 1:48:01बारे में ज्यादा बात करें और जो उन दोनों
  2401. 1:48:04के रिश्ते के बीच [संगीत] में थोड़ी सी
  2402. 1:48:06दूरी है वह खत्म हो सके। कांता प्रसाद जी
  2403. 1:48:09हम दोनों की शादी जो है वह कोई आम शादी
  2404. 1:48:12नहीं है। इसमें बहुत सारे पेंच हैं। अभी
  2405. 1:48:15मैं अगर आपको समझाना भी चाहूं तो यह इतनी
  2406. 1:48:18आसानी से समझ में आने वाला नहीं है। इसलिए
  2407. 1:48:20अभी इस बात को छोड़ते हैं। आप भी शायद लेट
  2408. 1:48:23हो रहे हैं इसलिए अभी हम यहां से निकलते
  2409. 1:48:25हैं। शौर्य एक तरह से कांता प्रसाद को
  2410. 1:48:29वार्निंग देते हुए बोला कि अब आप इस बात
  2411. 1:48:32को यहीं विराम दे दीजिए। शौर्य की बात
  2412. 1:48:35सुनकर कांता प्रसाद जी मुस्कुराते हुए
  2413. 1:48:37बोले कोई बात नहीं मैं इस बारे में तसल्ली
  2414. 1:48:41से शिप्रा से बाद में बात कर लूंगा। इसके
  2415. 1:48:44बाद कांता प्रसाद जी राजा साहब के साथ
  2416. 1:48:46पार्टी से चले गए। शौर्य भी शिप्रा के पास
  2417. 1:48:49आया और बोला तो अब चलें। शौर्य अब इसलिए
  2418. 1:48:53भी जल्दी करना चाहता था क्योंकि [संगीत]
  2419. 1:48:55वह समझ रहा था कि अगर एक बार फिर से नताशा
  2420. 1:48:58ने उसे पकड़ लिया तो फिर वह इतनी जल्दी जा
  2421. 1:49:00[संगीत] नहीं पाएगा। या हो सकता है कि
  2422. 1:49:03नताशा के साथ उसे उसके होटल जाना पड़े।
  2423. 1:49:06उसने देखा था [संगीत] कि नताशा अभी
  2424. 1:49:08रत्नाकर शेट्टी, हर्षल मेहता और बलवंत राय
  2425. 1:49:11के साथ मीटिंग कर रही थी। इसलिए यह समय
  2426. 1:49:13उसे [संगीत] यहां से जाने के लिए उचित जान
  2427. 1:49:16पड़ा। यहां से जाने के बाद वो नताशा से
  2428. 1:49:18बात कर लेगा। ऐसा उसने [संगीत] सोचा।
  2429. 1:49:21शौर्य विक्रम की और मुरा और विक्रम से
  2430. 1:49:23बोला। ठीक है सर मैं [संगीत] अभी निकलता
  2431. 1:49:25हूं। कल आपसे मिलूंगा। शौर्य की बात सुनकर
  2432. 1:49:29विक्रम के चेहरे पर हल्का सा आश्चर्य का
  2433. 1:49:31भाव भी प्रकट हुआ। पर जल्दी ही उसने खुद
  2434. 1:49:34को नॉर्मल कर लिया और बोला, ठीक है कल
  2435. 1:49:36[संगीत] मिलते हैं। विक्रम से बात होने के
  2436. 1:49:39बाद शौर्य ने मेनका से कहा, "मेरी कार
  2437. 1:49:42तुम्हारे होटल में ही खड़ी है। कल आकर
  2438. 1:49:44वहां से ले लूंगा।" मेनका ने मुस्कुरा कर
  2439. 1:49:47कहा, "तुम कार की चिंता मत करो। वह कहीं
  2440. 1:49:50जाने वाला नहीं है। तुम आराम से कल आ
  2441. 1:49:52जाना।"
  2442. 1:49:53शिप्रा शौर्य को विक्रम और मेनका से विदा
  2443. 1:49:56लेते हुए देख रही थी। उसे उनके बीच हो रही
  2444. 1:49:58बातों में कुछ अजीब सा लग रहा था। पर वह
  2445. 1:50:01समझ नहीं पा रही थी कि उनके बीच में ऐसा
  2446. 1:50:03क्या है जो उसे अजीब तो लग रहा है पर समझ
  2447. 1:50:06नहीं आ रहा है। जब शौर्य उसके साथ होटल से
  2448. 1:50:09बाहर की तरफ बढ़ गया तो उसने भी अपने
  2449. 1:50:11दिमाग से इस बात को झटक दिया। होटल से
  2450. 1:50:14बाहर आने के बाद शौर्य ने शिप्रा से कहा
  2451. 1:50:17तुम अपने कार की चाबी मुझे दे दो। मैं उसे
  2452. 1:50:20पार्किंग से बाहर निकाल लाता हूं। शिप्रा
  2453. 1:50:22ने अपनी कार की चाबी शौर्य की तरफ बढ़ा
  2454. 1:50:25दिया। शौर्य गया और जल्दी से शिप्रा की
  2455. 1:50:27कार लेकर वापस आ गया। शिप्रा और मेघना
  2456. 1:50:30दोनों कार के पीछे वाली सीट पर आकर बैठ
  2457. 1:50:33गए। शौर्य ने कार आगे बढ़ा दिया। पर कोई
  2458. 1:50:36था जो बाहर नजरें गए शौर्य की एक-एक
  2459. 1:50:40एक्टिविटी को देख रहा था। मोबाइल उसके कान
  2460. 1:50:42पर लगा हुआ था। उसने किसी से कहा वो होटल
  2461. 1:50:46से निकल गया है। मैं उसकी कार का नंबर
  2462. 1:50:48तुम्हें मैसेज कर देता हूं। देख लेना
  2463. 1:50:50[संगीत] आज वह बचना नहीं चाहिए। इतना कहकर
  2464. 1:50:54उस शख्स ने किसी को मैसेज किया और अपनी
  2465. 1:50:56कार को आगे बढ़ा दिया। शौर्य ने कार आगे
  2466. 1:50:59बढ़ा दिया। [संगीत] अभी वह कुछ ही आगे गया
  2467. 1:51:01था कि उसका फोन बजने लगा। उसने नंबर की
  2468. 1:51:04तरफ ध्यान दिया तो यह नताशा कपूर का नंबर
  2469. 1:51:07था। शौर्य को जिस बात का डर था वही हुआ।
  2470. 1:51:10वो नताशा से बिना कहे ही होटल से निकल गया
  2471. 1:51:13था। इसीलिए उसे यह उम्मीद तो थी कि जल्दी
  2472. 1:51:16ही नताशा उसको नहीं देखेगी तो जरूर फोन
  2473. 1:51:18करेगी। पर इतनी जल्दी उसका फोन आ जाएगा
  2474. 1:51:21इसकी [संगीत] उम्मीद शौर्य को नहीं था।
  2475. 1:51:23शौर्य हिचकिचाते हुए फोन उठाया और अपने
  2476. 1:51:26कान से लगाया तो दूसरी तरफ से नताशा की
  2477. 1:51:29आवाज आई। कहां हो तुम? मामू मुझे कुछ काम
  2478. 1:51:34आ गया था। इसीलिए अचानक निकलना पड़ा। क्या
  2479. 1:51:37हुआ? कुछ काम था [संगीत] क्या? शौर्य
  2480. 1:51:40अटकते हुए बोला। कमाल है। कुछ काम होगा
  2481. 1:51:43तभी फोन करूंगी। तुमको जाना ही था तो कम
  2482. 1:51:46से कम बोल कर तो जाते। नताशा शिकायती लहजे
  2483. 1:51:49[संगीत] में बोली, अचानक ही निकलना पड़ा।
  2484. 1:51:52कल मिलता हूं तुमसे। इतना बोलकर शौर्य ने
  2485. 1:51:55फोन रख दिया। शौर्य ने बैक मिरर में
  2486. 1:51:57शिप्रा की तरफ देखा तो उसे अपनी तरफ ही
  2487. 1:52:00देखते पाया। शिप्रा का ध्यान भी शौर्य की
  2488. 1:52:02तरफ था। [संगीत] शौर्य के बात करने के
  2489. 1:52:04अंदाज से शिप्रा समझ गई थी कि जरूर यह फोन
  2490. 1:52:08नताशा का ही होगा। अभी शिप्रा यह सोच ही
  2491. 1:52:11रही थी [संगीत] कि मेघना ने शौर्य से पूछ
  2492. 1:52:13लिया। किसका फोन था? कहीं नताशा का तो
  2493. 1:52:15नहीं था। शौर्य को मेघना पर गुस्सा भी आया
  2494. 1:52:19कि वह सब कुछ समझते-बूझते भी जानबूझकर
  2495. 1:52:22उससे यह सवाल कर रही है। मजबूरन उसे बोलना
  2496. 1:52:24पड़ा। हां, उसी का फोन था। अच्छा क्या कह
  2497. 1:52:29रही थी? मेघना को शिप्रा के सामने शौर्य
  2498. 1:52:32से यह सवाल करने में मजा आ रहा था। जबकि
  2499. 1:52:35शौर्य मेघना से चिढ़कर बोला, तुम्हें यह
  2500. 1:52:38जानने में इतना इंटरेस्ट क्यों आ रहा है
  2501. 1:52:39कि वो मुझसे क्या कह रही थी? मैंने तो बस
  2502. 1:52:42उत्सुकता बस पूछ लिया। तुम्हें नहीं बताना
  2503. 1:52:44है तो मत बताओ। मेघना मुस्कुराती हुई
  2504. 1:52:47बोली। उसे उम्मीद था कि शौर्य का कुछ ऐसा
  2505. 1:52:50ही रिएक्शन होगा। [संगीत] जबकि शिप्रा का
  2506. 1:52:52चेहरा यह जानकर मुरझा गया कि जैसा वह सोच
  2507. 1:52:55रही थी वही बात थी। फोन नताशा का ही था।
  2508. 1:52:59शिप्रा सोचने लगी [संगीत] कितना अच्छा
  2509. 1:53:01होता अगर नताशा भी उस वक्त वहीं होती जब
  2510. 1:53:03उसने राजा साहब के सामने शौर्य के साथ
  2511. 1:53:06शादीशुदा होने के बारे में बताया था। उसने
  2512. 1:53:09सोच लिया अगली बार वह जब भी नताशा से
  2513. 1:53:11मिलेगी तो वह जरूर उसके सामने यह बात
  2514. 1:53:14जाहिर कर देगी कि वह शौर्य की पत्नी
  2515. 1:53:16[संगीत] है। शिप्रा इस बात से भी हैरान थी
  2516. 1:53:19कि राजा साहब शौर्य को कैसे जानते [संगीत]
  2517. 1:53:21थे और उसे यह बात पहले से क्यों पता नहीं
  2518. 1:53:23था। शौर्य जैसे मामूली इंसान का राजा साहब
  2519. 1:53:27से जान पहचान होना कोई छोटी बात तो नहीं
  2520. 1:53:29थी। उसने शौर्य से पूछ लिया। तुम राजा
  2521. 1:53:32साहब को कैसे जानते हो? शौर्य समझ रहा था
  2522. 1:53:36कि इस तरह की बात शिप्रा के मन में जरूर
  2523. 1:53:38चल रही होगी। इसीलिए देर सवेर वो उससे इस
  2524. 1:53:41बारे में जरूर पूछेगी। इसीलिए शौर्य
  2525. 1:53:43[संगीत] ने पहले ही सोच लिया था कि वो
  2526. 1:53:45शिप्रा को इस बात का क्या जवाब देगा। मैं
  2527. 1:53:48मेघा के कारण राजा साहब से मिल पाया था
  2528. 1:53:51जिसके कारण वो [संगीत] मुझे पहले से जानते
  2529. 1:53:53थे और फिर मेनका के कारण भी उनसे एकद बार
  2530. 1:53:56मिलना हो गया था। मेघा के कारण पर मेघा
  2531. 1:54:00राजा साहब को कैसे जान सकती है? शिप्रा को
  2532. 1:54:03विश्वास नहीं हो रहा था कि मेघा के कारण
  2533. 1:54:06शौर्य राजा साहब से मिला होगा। दरअसल कुछ
  2534. 1:54:09समय पहले राजा साहब को हार्ट अटैक आया था।
  2535. 1:54:12तब वो सिटी हॉस्पिटल में ही भर्ती थे।
  2536. 1:54:14जहां [संगीत] मेघा ने उनकी खूब सेवा की
  2537. 1:54:17थी। इसीलिए वह मेघा को बहुत स्नेह करने
  2538. 1:54:19लगे। यहां तक कि एक बार राजा साहब का ही
  2539. 1:54:22एक रिश्तेदार ने मेघा के साथ बदतमीजी करने
  2540. 1:54:25की कोशिश की तो राजा साहब ने उसे पनिशमेंट
  2541. 1:54:27के तौर पर मेडिकल कॉलेज से ही निकाल दिया।
  2542. 1:54:31शौर्य ने अपनी कहानी को थोड़ा चाशनी में
  2543. 1:54:33लपेट कर शिप्रा को सुना दिया। यह कहानी
  2544. 1:54:36ऐसी थी कि [संगीत] इस पर शिप्रा के
  2545. 1:54:37अविश्वास करने का कोई कारण नहीं था। मानना
  2546. 1:54:41पड़ेगा तुम हो बहुत नसीब वाले। नहीं तो
  2547. 1:54:44कहां कोई आम आदमी राजा साहब से अपनी पहचान
  2548. 1:54:46बना पाता है और तुम तो उन्हें दादाजी
  2549. 1:54:49बोलकर बुला रहे थे। मेघना गहरी आंखों से
  2550. 1:54:52शौर्य को घूरती हुई बोली। मेनका के कारण
  2551. 1:54:55वो भी राजा साहब को दादाजी बोलती है।
  2552. 1:54:58इसीलिए मैंने भी उन्हें दादाजी बोलना शुरू
  2553. 1:55:00कर दिया और उन्हें यह बात पसंद भी आती है।
  2554. 1:55:03जो भी कोई उन्हें पसंद आता है वो उनसे कोई
  2555. 1:55:06रिश्ता बना लेते हैं। शौर्य सफाई देते हुए
  2556. 1:55:09बोला शिप्रा का मन भी शौर्य से [संगीत]
  2557. 1:55:11बातें करने का कर रहा था। पर वो समझ नहीं
  2558. 1:55:14पा रही थी कि वो उससे क्या बात करें। उसे
  2559. 1:55:16लग रहा था कि शौर्य के साथ अपने रिश्ते को
  2560. 1:55:19नॉर्मल करना है तो उसे कम से [संगीत] कम
  2561. 1:55:22आपस में बातें तो करनी पड़ेगी। नहीं तो
  2562. 1:55:25दोनों के बीच गैप बढ़ता चला जाएगा।
  2563. 1:55:27तुम्हारे और नताशा कपूर के बीच में कुछ
  2564. 1:55:29[संगीत] चल रहा है क्या? अचानक ही मेघना
  2565. 1:55:32ने शौर्य से नताशा के बारे में पूछ लिया।
  2566. 1:55:35मेघना की बात सुनकर शिप्रा मेघना की ओर
  2567. 1:55:38देखने लगी थी। उसे मेघना का सवाल सुनकर
  2568. 1:55:40थोड़ा अजीब लगा। पर इस बात पर वह भी शौर्य
  2569. 1:55:43की तरफ देखने लगी। जबकि शौर्य यह [संगीत]
  2570. 1:55:46उम्मीद नहीं कर रहा था कि मेघना उससे ऐसे
  2571. 1:55:49सवाल भी कर सकती है। वह भी शिप्रा के
  2572. 1:55:51सामने। शौर्य को मेघना पर गुस्सा भी आया।
  2573. 1:55:54पर वो इस समय ज्यादा कुछ शिप्रा के सामने
  2574. 1:55:57बोल नहीं सकता था। फिर भी शौर्य को मेघना
  2575. 1:55:59के सवाल का जवाब तो देना ही था। सो उसने
  2576. 1:56:02बेरुखी [संगीत] से मेघना से कहा। तुम कुछ
  2577. 1:56:05ज्यादा ही बेसिर पैर का सवाल नहीं कर रही
  2578. 1:56:07हो। इसमें बेसिर पैर [संगीत] का क्या सवाल
  2579. 1:56:10है? तुम सिंपली जवाब भी दे सकते हो। मेघना
  2580. 1:56:13लापरवाही से शिप्रा [संगीत] की ओर देखती
  2581. 1:56:15हुई बोली तुम्हें दूसरों के फटे में उंगली
  2582. 1:56:18डालने में ज्यादा ही मजा आता है। यह
  2583. 1:56:20ज्यादा अच्छा होगा कि तुम यह सवाल नताशा
  2584. 1:56:22से पूछ लेती। शौर्य चिढ़कर बोला, तुम अगर
  2585. 1:56:26जवाब नहीं देते हो तो उससे भी पूछ सकती
  2586. 1:56:28हूं। मेघना समझ रही थी कि यह सवाल शौर्य
  2587. 1:56:32को अनकंफर्टेबल फील करा रहा था। पर वो
  2588. 1:56:35जानबूझकर इस सवाल पर जोर दे रही थी। आगे
  2589. 1:56:38शौर्य कुछ बोला नहीं। वो सामने देखने लगा।
  2590. 1:56:41तभी उसने अचानक तेज ब्रेक लिया। पहिए की
  2591. 1:56:44घिसटने की आवाज आई। पीछे बैठी शिप्रा और
  2592. 1:56:47मेघना आगे की सीट से टकराते टकराते बची।
  2593. 1:56:51क्या हुआ? ऐसे ब्रेक क्यों लगाए? शिप्रा
  2594. 1:56:53ने शौर्य से पूछा। तभी मेघना ने अपनी कार
  2595. 1:56:56के आगे खड़ी कार को देखा तो बोली, "यह
  2596. 1:56:59हमारी गाड़ी के सामने किसने अपनी गाड़ी
  2597. 1:57:01खड़ी कर दी?" शिप्रा ने जब मेघना की बात
  2598. 1:57:04को सुना, तो उसने भी अपनी कार के आगे
  2599. 1:57:06[संगीत] खड़ी कार की तरफ देखा। उसकी गाड़ी
  2600. 1:57:08के आगे एक थार खड़ी थी। शौर्य चुपचाप
  2601. 1:57:12सामने खड़ी गाड़ी वाले की प्रतिक्रिया
  2602. 1:57:13देखना चाह रहा था। तुम चुप क्यों हो? कुछ
  2603. 1:57:16तो बोलो। मेघना अधीर होकर बोली। उसे कुछ
  2604. 1:57:20बुरा होने की आशंका हो रही थी। तुम चुपचाप
  2605. 1:57:23बैठी रहो। जो भी होगा अभी सामने आ जाएगा।
  2606. 1:57:27शौर्य शांति से आगे वाली गाड़ी की ओर
  2607. 1:57:29देखता हुआ बोला। तुम गाड़ी को पीछे लेकर
  2608. 1:57:32आगे क्यों नहीं निकाल लेते? मेघना ने अभी
  2609. 1:57:35इतना कहा ही था कि उसने देखा आगे खड़ी थार
  2610. 1:57:38से दो हट्टे-कट्टे जवान बाहर आए और उसकी
  2611. 1:57:41कार की तरफ बढ़े। मेघना उन दोनों
  2612. 1:57:44हट्टे-कट्टे बदमाशों को देखकर घबराती स्वर
  2613. 1:57:46में बोली तुम इंतजार किस बात का कर रहे
  2614. 1:57:49हो? गाड़ी पीछे लो। शौर्य मेघना की घबराई
  2615. 1:57:52आवाज सुनकर बोला एक बार अपने पीछे [संगीत]
  2616. 1:57:55देख लो। शौर्य की बात सुनकर मेघना ने अपने
  2617. 1:57:58पीछे देखा तो उसे अपनी कार से सट कर खड़ी
  2618. 1:58:01एक दूसरी कार नजर आई। पीछे वाली कार
  2619. 1:58:03शिप्रा की कार के इतने सटकर खड़ी थी कि
  2620. 1:58:06[संगीत] शौर्य चाहकर भी अपनी कार को पीछे
  2621. 1:58:08नहीं कर सकता था। क्या हम लोग किसी बदमाश
  2622. 1:58:11के द्वारा घेर लिए गए हैं? बोलते हुए
  2623. 1:58:14मेघना के चेहरे पर डर नजर आने [संगीत] लगा
  2624. 1:58:16था। पर पता नहीं क्यों शिप्रा शौर्य को
  2625. 1:58:19शांत देखकर खुद भी शांत थी। क्योंकि उसने
  2626. 1:58:22ऐसी विषम परिस्थिति से निपटते हुए शौर्य
  2627. 1:58:25को कई बार देख लिया था। इसीलिए उसे
  2628. 1:58:28विश्वास था कि शौर्य इस स्थिति को भी
  2629. 1:58:30संभाल लेगा। मेघना ने जब शिप्रा के चेहरे
  2630. 1:58:33पर कोई घबराहट नहीं देखा तो वह आश्चर्य से
  2631. 1:58:36बोली क्या तुम्हें इस सब से घबराहट नहीं
  2632. 1:58:39हो रही है? तुम फालतू में इतना घबरा रही
  2633. 1:58:41हो श्रवण सब संभाल लेगा। शिप्रा इत्मीनान
  2634. 1:58:45से बोली मेघना को समझ नहीं आया कि [संगीत]
  2635. 1:58:48जो शिप्रा श्रवण के इतने करीब भी नहीं है,
  2636. 1:58:51उसे श्रवण पर इतना यकीन कैसे है कि वह
  2637. 1:58:53संभाल [संगीत] लेगा। इसी समय उन दोनों
  2638. 1:58:56बदमाशों में से एक ने शौर्य [संगीत] के
  2639. 1:58:59साइड वाले दरवाजे के शीशे पर अपनी उंगली
  2640. 1:59:01से ठक किया। शौर्य ने बिना [संगीत] किसी
  2641. 1:59:04एक्सप्रेशन के अपनी तरफ का शीशा नीचे किया
  2642. 1:59:07और बोला, "कौन हो तुम? और हमारा रास्ता
  2643. 1:59:10क्यों [संगीत] रोका है? पहले तुम गाड़ी से
  2644. 1:59:12बाहर आ जाओ। फिर हम तुम्हारे सवाल का जवाब
  2645. 1:59:15देते हैं। बाहर खड़े मुस्टंडे ने जवाब
  2646. 1:59:18दिया, पर मैं बाहर क्यों आऊं? तुम अपनी
  2647. 1:59:21गाड़ी [संगीत] को मेरे सामने से हटाओ। हम
  2648. 1:59:23लेट हो रहे हैं। शौर्य तल्ख लहजे में बोला
  2649. 1:59:27तुम आराम से गाड़ी से बाहर आते हो या फिर
  2650. 1:59:29हम अपनी तरह से तुम्हें गाड़ी वो मुस्टंडा
  2651. 1:59:32रूखे स्वर में बोला शौर्य एक पल उस बदमाश
  2652. 1:59:36की आंखों में देखता रहा फिर वो कार का
  2653. 1:59:39दरवाजा खोलकर बाहर आ गया पर बाहर आने से
  2654. 1:59:43पहले उसने शिप्रा और मेघना से कहा बाहर
  2655. 1:59:46कुछ भी हो जाए पर तुम दोनों कार से बाहर
  2656. 1:59:49मत आना बाहर आकर शौर्य उस बदमाश से बोला
  2657. 1:59:53लो मैं आ गया बाहर। अब बताओ क्या चाहते
  2658. 1:59:57हो? चलो मेरे साथ। तुम्हें मेरे उस्ताद ने
  2659. 2:00:00बुलाया है। वो बदमाश शौर्य की कलाई पकड़ते
  2660. 2:00:04हुए बोला। शौर्य ने अपने हाथ को झटका देकर
  2661. 2:00:07उस बदमाश से अपनी कलाई चुराई और शांत स्वर
  2662. 2:00:10में बोला। तुम्हारे उस्ताद का मुझसे मिलना
  2663. 2:00:13है तो उनसे कहो वो यहां आकर मुझसे मिल ले।
  2664. 2:00:17उस बदमाश को विश्वास नहीं हुआ कि शौर्य ने
  2665. 2:00:20इतनी आसानी से उससे अपनी कलाई चुरा ली। वो
  2666. 2:00:22गुस्से में आकर शौर्य का कालर पकड़ लिया
  2667. 2:00:25और बोला तुम्हारी इतनी हिम्मत कि तुमने
  2668. 2:00:28मेरे हाथ को झटका दिया। पर अगले ही पल
  2669. 2:00:31उसकी कलाई पर शौर्य की हाथ का तेज पंच
  2670. 2:00:34लगा। एक पल को तो उस बदमाश को लगा कि किसी
  2671. 2:00:37ने उसकी कलाई पर लोहे का रावण मारा हो।
  2672. 2:00:40उसके हाथ के साथ पूरा शरीर झनझना गया। वह
  2673. 2:00:44अविश्वास [संगीत] भरी नजरों के साथ शौर्य
  2674. 2:00:46को देखने लगा। तुम्हारी इतनी हिम्मत कि
  2675. 2:00:49तुमने मुझ पर हाथ उठाया। अब देखो मैं
  2676. 2:00:52तुम्हारा क्या हाल करता हूं। इतना कहकर वो
  2677. 2:00:55बदमाश [संगीत] गुस्से में शौर्य पर झपटा।
  2678. 2:00:57पर शौर्य ने उसे कोई मौका नहीं दिया और
  2679. 2:01:00अपनी जगह पर खड़े-खड़े अपनी पैर का तेज
  2680. 2:01:03किक उसकी छाती पर दिया। वो बदमाश उड़ता
  2681. 2:01:06हुआ अपने पीछे खड़े अपने साथी से टकराया
  2682. 2:01:09और उसको लिए हुए जमीन पर गिर गया। लुढ़कते
  2683. 2:01:13हुए वह दोनों अपनी थार के पास जाकर रुके।
  2684. 2:01:16तभी थार के पीछे का दरवाजा खुला और उसमें
  2685. 2:01:19से एक आदमी बाहर आया और अपने सामने जमीन
  2686. 2:01:22पर पड़े अपने साथी की तरफ देखा और झुक कर
  2687. 2:01:24उसे उठाया और बोला इतने मुष्टे हो गए हो
  2688. 2:01:28फिर भी एक कमजोर आदमी से पीट गए उस्ताद वो
  2689. 2:01:32कमजोर तो बिल्कुल नहीं है। आपने उसे कमजोर
  2690. 2:01:34आंक लिया है। वो बदमाश अपने सामने खड़े
  2691. 2:01:37उस्ताद के पीछे शौर्य की तरफ देखता हुआ
  2692. 2:01:40बोला। अच्छा ऐसी बात है तो फिर मैं भी तो
  2693. 2:01:44देखूं उस पहलवान को। इतना कहकर उस्ताद
  2694. 2:01:47शौर्य की तरफ पलटा और जैसे ही उसकी निगाह
  2695. 2:01:50शौर्य के चेहरे पर पड़ी उसकी टांगे कांपने
  2696. 2:01:52लगी। यह उस्ताद कोई और नहीं छगन था। छगन
  2697. 2:01:57के पीछे खड़ा बदमाश जब अपने उस्ताद की
  2698. 2:01:59टांगे कांपती देखी तो वो हैरानी से बोला।
  2699. 2:02:03क्या हुआ उस्ताद? आपकी टांगे क्यों कांप
  2700. 2:02:05रही हैं? पर छगन के मुंह से कोई आवाज नहीं
  2701. 2:02:08निकली। इसी समय थार की दूसरी साइड का
  2702. 2:02:11दरवाजा खुला और उससे मगन बाहर निकला। उसकी
  2703. 2:02:14भी निगाह जैसे ही शौर्य पर पड़ा उसके भी
  2704. 2:02:17चेहरे का रंग उड़ गया। वो छगन के पास आकर
  2705. 2:02:20खड़ा हो गया। छगन ने खुद को संयत किया और
  2706. 2:02:23शौर्य से बोला उस्ताद आप यहां आप यहां
  2707. 2:02:27कैसे क्यों मेरे ऊपर घर से निकलने पर
  2708. 2:02:30प्रतिबंध लगा हुआ है जो मैं यहां नहीं हो
  2709. 2:02:33सकता। शौर्य शांति से बोला। उसे मन ही मन
  2710. 2:02:36छगन-मगन पर तरस आ रहा था जो बार-बार उसके
  2711. 2:02:39रास्ते में आ रहा था। उस्ताद मुझसे गलती
  2712. 2:02:42हो गई जो मैंने बिना जाने यह काम ले लिया
  2713. 2:02:45कि मुझे किसको सबक सिखाना है। छगन सफाई
  2714. 2:02:48देता हुआ बोला चलो मान ली तुम्हारी बात पर
  2715. 2:02:52तुम्हें यह तो पता है ना कि तुमको हमें
  2716. 2:02:54सबक सिखाने का काम किसने दिया? छगन के पास
  2717. 2:02:58अब यह बताने के अलावा कोई चारा रह नहीं
  2718. 2:03:00गया। शौर्य के पीछे खड़ा बदमाश अपने
  2719. 2:03:04उस्ताद को शौर्य को उस्ताद कहते सुनकर
  2720. 2:03:06हैरान था। जबकि छगन ने मन ही मन शौर्य को
  2721. 2:03:10सुपारी देने वाले का नाम बताने का इरादा
  2722. 2:03:12कर लिया था। छगन के पास दूसरा कोई रास्ता
  2723. 2:03:15नहीं था। उसकी किस्मत खराब थी कि बार-बार
  2724. 2:03:19उसका सामना शौर्य से हो जा रहा था। शौर्य
  2725. 2:03:22के पूछने पर कि उसे किसने उसकी सुपारी दी
  2726. 2:03:25है? इसके जवाब में छगन बोला। विजय दीवान
  2727. 2:03:29वो विजय दीवान है उस्ताद जिसने आपका चेहरा
  2728. 2:03:32बिगाड़ने की सुपारी दी थी। शौर्य को यही
  2729. 2:03:35उम्मीद था। जैसे ही छगन ने उसे कहा था कि
  2730. 2:03:38किसी ने उसे उसका चेहरा बिगाड़ने की
  2731. 2:03:40सुपारी दी है। शौर्य का सीधा ध्यान विजय
  2732. 2:03:43दीवान के ऊपर ही गया था कि वही इस सबके
  2733. 2:03:46पीछे हो सकता है। शौर्य ने छगन से पूछा तो
  2734. 2:03:50फिर अब क्या इरादा है तुम्हारा? आप कैसी
  2735. 2:03:53बात करते हैं उस्ताद मेरी क्या हिम्मत हो
  2736. 2:03:55सकती है कि मैं आपसे पंगे लूं। छगन
  2737. 2:03:58खुशामदी स्वर में बोला। [संगीत]
  2738. 2:04:00कितने पैसे में उसने तुम्हें मेरी सुपारी
  2739. 2:04:02दी थी? शौर्य छगन से पूछा। 5 लाख में छगन
  2740. 2:04:07सकुचाते हुए बोला ठीक है [संगीत] मैं
  2741. 2:04:10तुम्हें 6 लाख दूंगा तुम्हें यही काम विजय
  2742. 2:04:13दीवान के साथ करना है कर लोगे शौर्य छगन
  2743. 2:04:16की आंखों में देखते हुए बोला आपके लिए तो
  2744. 2:04:19मैं यह काम फ्री में ही कर दूंगा उस्ताद
  2745. 2:04:22छगन को यह जानकर तसल्ली हुई कि शौर्य उससे
  2746. 2:04:25नाराज नहीं हुआ नहीं तुम्हें फ्री में यह
  2747. 2:04:28करने की कोई जरूरत नहीं है पर हां उसका
  2748. 2:04:31चेहरा नहीं बिगाड़ना उसका कोई एक अंग
  2749. 2:04:33[संगीत] हाथ हाथ या पैर जरूर तोड़ देना।
  2750. 2:04:37शौर्य ने समझाया। शिप्रा जो गाड़ी के अंदर
  2751. 2:04:40ही बैठी बाहर क्या हो रहा है यह जानने की
  2752. 2:04:42कोशिश कर रही थी। जब उसने शौर्य के सामने
  2753. 2:04:45छगन को देखा तो वो कार से बाहर आ गई। वो
  2754. 2:04:48छगन को देखकर [संगीत] उसके पास आते हुए
  2755. 2:04:49बोली तो तुमने हमारा रास्ता रोका है। जब
  2756. 2:04:53छगन ने शिप्रा को अपने सामने देखा तो वह
  2757. 2:04:56बोला अरे भाभी जी आप हमारी हिम्मत हो सकती
  2758. 2:05:00है कि हम आपका रास्ता रोके। कुछ गलतफहमी
  2759. 2:05:02हो गई थी। अब सब ठीक है। जब शौर्य ने देखा
  2760. 2:05:06कि शिप्रा कार से बाहर आ गई है तो वह अब
  2761. 2:05:08ज्यादा कुछ उसके सामने बोल नहीं सकता था।
  2762. 2:05:11इसीलिए उसने बात को समाप्त करते हुए कहा,
  2763. 2:05:14अब जल्दी से अपनी गाड़ी को सामने से हटाओ।
  2764. 2:05:17शौर्य के कहने भर की देर थी कि तुरंत छगन
  2765. 2:05:20मगन जाकर अपनी गाड़ी में बैठ गए। शौर्य ने
  2766. 2:05:22शिप्रा की ओर पलट कर [संगीत] कहा। चलो
  2767. 2:05:25चलते हैं। दोनों कार में आकर बैठ गए।
  2768. 2:05:28[संगीत] शौर्य ने कार आगे बढ़ा दी। छगन
  2769. 2:05:31मगन ने हमारा रास्ता क्यों रोका था?
  2770. 2:05:34शिप्रा ने उत्सुकता वश पूछा। बोला तो था
  2771. 2:05:37उसने कुछ गलतफहमी हो गई थी। इसीलिए
  2772. 2:05:39[संगीत] उसने रास्ता रोक लिया था। शौर्य
  2773. 2:05:42ने जवाब दिया। तुम सही बात बताओगे? मैं
  2774. 2:05:45बच्ची [संगीत] नहीं हूं जो उसने ऐसा कह
  2775. 2:05:47दिया और मैं उसकी बात पर विश्वास कर
  2776. 2:05:49लूंगी। शिप्रा रूखे स्वर में बोली। शौर्य
  2777. 2:05:53को कुछ कहते नहीं बना। शिप्रा पहली बार
  2778. 2:05:55उससे इतने हक से बात कर रही थी। जब अभी भी
  2779. 2:05:58उसने शौर्य को चुप देखा तो वह दोबारा बोली
  2780. 2:06:01अरे तुम क्यों इस बात के पीछे पड़ी हो?
  2781. 2:06:04[संगीत] मामला निपट तो गया। शौर्य टालने
  2782. 2:06:07की नियत से बोला पर जितना शौर्य [संगीत]
  2783. 2:06:09शिप्रा को असली बात बताने से मना कर रहा
  2784. 2:06:11था, उतना ही ज्यादा शिप्रा की उत्सुकता उस
  2785. 2:06:14बात को जानने के लिए बढ़ती जा रही थी।
  2786. 2:06:17मुझे जानना है कि छगन ने हमारा रास्ता
  2787. 2:06:20क्यों रोका [संगीत] था। शिप्रा अब पहले की
  2788. 2:06:22तुलना में थोड़ा शांत स्वर में बोली।
  2789. 2:06:25मेघना उन दोनों के बीच हो रही बातों को
  2790. 2:06:27धैर्य से सुन रही थी। उसे भी समझ नहीं आ
  2791. 2:06:30रहा था कि उन बदमाशों ने शौर्य का रास्ता
  2792. 2:06:32क्यों रोका था और अगर किसी कारण से रोका
  2793. 2:06:35था तो फिर इतनी आसानी से उनका रास्ता छोड़
  2794. 2:06:38क्यों दिया। उसे नहीं [संगीत] पता था कि
  2795. 2:06:40शौर्य और छगन मगन के बीच पहले ही क्या
  2796. 2:06:43कहानी घट रखी थी। इसीलिए उसके भी मन में
  2797. 2:06:46यह जानने की जिज्ञासा थी कि उन बदमाशों ने
  2798. 2:06:49इतनी आसानी से उनका रास्ता [संगीत] कैसे
  2799. 2:06:51छोड़ दिया था। शिप्रा के सवाल के जवाब में
  2800. 2:06:55शौर्य ने कहा, विजय दीवान [संगीत] ने इसको
  2801. 2:06:58हमें सबक सिखाने के लिए भेजा था। क्या?
  2802. 2:07:01शिप्रा का मुंह आश्चर्य से खुला [संगीत]
  2803. 2:07:03रह गया। उसने यह उम्मीद नहीं की थी कि
  2804. 2:07:06विजय दीवान इस स्तर तक जा सकता था। मुझे
  2805. 2:07:10विश्वास नहीं हो रहा कि विजय दीवान ऐसी
  2806. 2:07:12हरकत कर सकता है। मेघना को भी यह जानकर
  2807. 2:07:15बहुत गुस्सा आया था कि विजय दीवान ने ऐसी
  2808. 2:07:17हरकत की थी। वो गुस्से में बोली तो फिर हम
  2809. 2:07:21उसके खिलाफ क्या करने जा रहे हैं? शौर्य
  2810. 2:07:24ने जब मेघना को गुस्से में देखा तो उसने
  2811. 2:07:26उससे कहा अब तुम्हें क्या हो गया? तुम
  2812. 2:07:29क्यों इतना गुस्सा हो रही हो?
  2813. 2:07:32यह क्या बात हुई? विजय दीवान ने हमें
  2814. 2:07:34मारने के लिए गुंडे को भेजा और हम चुपचाप
  2815. 2:07:37घर जा रहे हैं। उसके खिलाफ एक कंप्लेन तो
  2816. 2:07:40कर ही सकते हैं। मेघना अभी भी गुस्से में
  2817. 2:07:42थी। वो सिर्फ मुझे सबक सिखाना चाहता था।
  2818. 2:07:45तुम दोनों से उसको कोई मतलब नहीं था।
  2819. 2:07:47शौर्य मेघना को शांत करना चाहता था। इसका
  2820. 2:07:50क्या मतलब हुआ? यह क्या छोटी बात है कि
  2821. 2:07:52उसने तुम्हारे लिए बदमाश को भेजा। अगर
  2822. 2:07:55उसने यह बदमाश हमारे लिए भेजा हुआ होता तो
  2823. 2:07:57क्या तुम ऐसे ही इस बात को छोड़ देते?
  2824. 2:07:59[संगीत] मेघना को यह बात और गुस्सा दिला
  2825. 2:08:02रहा था कि शौर्य इस बात की अहमियत को नहीं
  2826. 2:08:05समझ रहा था। शौर्य को भी मेघना का कंसर्न
  2827. 2:08:07अपने लिए देखकर अच्छा लगा। वो मेघना को
  2828. 2:08:10तसल्ली देता हुआ बोला। तुमने यह कैसे समझ
  2829. 2:08:13लिया कि मैं इस बात को इतनी आसानी से जाने
  2830. 2:08:15दूंगा। जो हरकत उसने की है उसकी सजा तो
  2831. 2:08:18उसको मिलकर रहेगी। अच्छा ऐसा क्या करोगे
  2832. 2:08:21उसके साथ? मेघना अब तक थोड़ा शांत [संगीत]
  2833. 2:08:24हो गई थी। जल्दी ही तुम्हें पता चल जाएगा।
  2834. 2:08:27बस थोड़ा इंतजार करो। शौर्य मेघना को
  2835. 2:08:30तसल्ली देता हुआ बोला। तुम हर बात को
  2836. 2:08:32मिस्ट्री क्यों बना देते हो? सीधे से जवाब
  2837. 2:08:35नहीं दे सकते। [संगीत] इस बार शिपड़ा
  2838. 2:08:37थोड़ा चिढ़कर बोली। उसे भी शौर्य की यह
  2839. 2:08:39बात पसंद नहीं आई कि वह सीधा जवाब ना देकर
  2840. 2:08:42बस बोल दिया कि जल्दी ही पता चल जाएगा।
  2841. 2:08:44क्या तब तक वह इसी सोच में उलझी [संगीत]
  2842. 2:08:46रहेगी। शिप्रा की बेचैनी देखकर शौर्य के
  2843. 2:08:49चेहरे पर हल्की मुस्कान आ गई। वो समझ गया
  2844. 2:08:52कि जब तक उन दोनों को पता नहीं चल जाएगा
  2845. 2:08:54कि शौर्य विजय दीवान को कैसे सबक सिखाने
  2846. 2:08:57वाला है तब तक उनको चैन नहीं आएगा। यही
  2847. 2:09:00सोचकर उसने कहा बस यह समझ लो [संगीत] जिस
  2848. 2:09:03काम के लिए उसने छगन मगन को मेरे पास भेजा
  2849. 2:09:05था अब वही काम उसके साथ होगा पर वो ऐसा
  2850. 2:09:09क्यों करेगा मेघना ने सवाल किया तुम इस
  2851. 2:09:12चक्कर में मत पड़ो कि वो ऐसा क्यों करेगा
  2852. 2:09:14बस यह जान लो कि जैसा मैंने कहा है वैसा
  2853. 2:09:17ही होगा शौर्य विश्वास के साथ बोला शिप्रा
  2854. 2:09:21तो पहले से जानती [संगीत] थी कि छगन मगन
  2855. 2:09:23पर शौर्य का कैसा प्रभाव है। इसीलिए उसे
  2856. 2:09:25शौर्य की बात पर कोई शक नहीं था। शौर्य की
  2857. 2:09:28बात सुनकर मेघना ने शिप्रा की तरफ देखा।
  2858. 2:09:30पर शिप्रा के चेहरे पर संतुष्टि के भाव
  2859. 2:09:33थे। इसके बाद मेघना ने कुछ और नहीं कहा।
  2860. 2:09:36थोड़ी देर बाद शौर्य अपने मॉडल टाउन वाले
  2861. 2:09:38घर पर था। दूसरे दिन राय हाउस में बलवंत
  2862. 2:09:41राय के कमरे में बलवंत राय के सामने
  2863. 2:09:44राजदीप राय, बृजभूषण राय और कुलवंत बैठे
  2864. 2:09:47हुए थे। तभी वहां मौजूद सन्नाटे को तोड़ते
  2865. 2:09:50हुए बलवंत राय की आवाज गूंजी। तो तुम यह
  2866. 2:09:53कह रहे हो कि शिप्रा को यहां से गए हुए
  2867. 2:09:55तीन-चार दिन हो गए और तुमने हमें बताना भी
  2868. 2:09:57जरूरी नहीं समझा। बलवंत राय ने यह बात
  2869. 2:10:00राजदीप जी को कहा था। राजदीप जी को बलवंत
  2870. 2:10:03राय की बात पर गुस्सा भी आया। पर वह खुद
  2871. 2:10:06को संयत करके बोले, उसने तो आपकी बात को
  2872. 2:10:09सुनकर ही घर को छोड़ा था। पिताजी आपने ही
  2873. 2:10:11तो कहा था अगर तुम्हें श्रवण से अलग नहीं
  2874. 2:10:14होना है तो फिर उसके साथ ही क्यों नहीं
  2875. 2:10:15रहती? उसके बाद ही शिप्रा यहां से चली गई
  2876. 2:10:18थी। राजदीप जी की बात को सुनकर बलवंत राय
  2877. 2:10:21थोड़े उखड़े स्वर में बोले, "अरे यह बात
  2878. 2:10:24तो मैंने उस समय गुस्से में कह दिया था।
  2879. 2:10:26इसका यह मतलब थोड़े ही था कि मैं सचमुच
  2880. 2:10:29चाहता था कि वह घर छोड़कर चली जाए। मैं तो
  2881. 2:10:32बस उसके भले के लिए यह चाहता था कि वह
  2882. 2:10:34श्रवण से तलाक लेने को तैयार हो जाए। पर
  2883. 2:10:37आपकी उसी बात से वह श्रवण के साथ रहने चली
  2884. 2:10:40गई। राजदीप जी जवाब देते हुए बोले। पर
  2885. 2:10:43दादा जी देखा जाए तो यह एक तरह से ठीक भी
  2886. 2:10:46है। कुछ ही दिनों में शिप्रा को पता चल
  2887. 2:10:48जाएगा कि सपने और हकीकत में क्या फर्क
  2888. 2:10:50[संगीत] होता है। जब उसे एक आम जीवन जीना
  2889. 2:10:53पड़ेगा तो समझ आ जाएगा कि महल और झोपड़ी
  2890. 2:10:56में रहने में क्या फर्क होता है। कुलवंत
  2891. 2:10:58बीच में अपनी बात रखते हुए बोला तुम ऐसा
  2892. 2:11:01क्यों समझ रहे हो कि शिप्रा को आम जीवन
  2893. 2:11:04जीना पड़ेगा। भले श्रवण किसी काबिल ना हो
  2894. 2:11:07पर शिप्रा खुद में इतनी काबिलियत रखती है
  2895. 2:11:09कि [संगीत] वह अपने दम पर अपनी जिंदगी
  2896. 2:11:11अच्छे से जी सकती है। तुम्हें पता है राजा
  2897. 2:11:14साहब चंद्रभान राठौर ने शिप्रा को अपनी
  2898. 2:11:16टेक्सटाइल कंपनी का सीईओ बना दिया है।
  2899. 2:11:19क्या वहां उपस्थित सभी का मुंह यह सुनकर
  2900. 2:11:23खुला का खुला रह गया। कुलवंत को तो यकीन
  2901. 2:11:25नहीं हुआ कि जो उसने सुना है वह सही हो
  2902. 2:11:28सकता है। राजदीप जी भी अविश्वास भरे स्वर
  2903. 2:11:32में बोले यह आप क्या कह रहे हैं पिताजी?
  2904. 2:11:35आपको कैसे पता कि राजा साहब ने शिप्रा को
  2905. 2:11:38अपनी कंपनी का सीईओ बना दिया है। क्योंकि
  2906. 2:11:41जिस समय उन्होंने यह बात कही थी, उस समय
  2907. 2:11:44मैं वहीं मौजूद था। इसीलिए मुझे यह पता
  2908. 2:11:46है। बलवंत राय ने राजदीप जी को आश्वस्त
  2909. 2:11:50करते हुए कहा। बलवंत राय की बात सुनकर
  2910. 2:11:53राजदीप जी को अपनी बेटी के लिए खुशी भी
  2911. 2:11:55हुई। तुम शिप्रा को वापस घर बुला लो।
  2912. 2:11:58बलवंत राय राजदीप जी से बोले पर पिताजी वो
  2913. 2:12:02इस बात के लिए तैयार नहीं होगी। वो परसों
  2914. 2:12:05घर आई थी तो मैंने उसे वापस आने के लिए
  2915. 2:12:07कहा भी था पर वो तैयार नहीं हुई। मुझे
  2916. 2:12:10नहीं लगता कि वो अभी घर वापस आएगी। राजदीप
  2917. 2:12:14जी इंकार करते हुए बोले क्या तुम्हें अपनी
  2918. 2:12:17बेटी की चिंता बिल्कुल नहीं है? तुम्हें
  2919. 2:12:19पता है वह कितना बड़ा पोजीशन हासिल करने
  2920. 2:12:21वाली है। [संगीत] क्या तुम्हें अच्छा
  2921. 2:12:22लगेगा कि लोग यह कहें कि इतनी बड़ी सीईओ
  2922. 2:12:26का पति एक भिखारी है? हमें कुछ भी करके
  2923. 2:12:30उसको श्रवण से अलग करना पड़ेगा। बलवंत राय
  2924. 2:12:33राजदीप जी को समझाते हुए बोले आप सही कह
  2925. 2:12:37रहे हैं दादा जी। नहीं तो कहीं बाद में
  2926. 2:12:39ऐसा ना हो जाए कि श्रवण के कारण शिप्रा की
  2927. 2:12:42सीईओ की पोजीशन चली जाए। कलवंत बीच में
  2928. 2:12:45अपनी [संगीत] बात रखते हुए बोला, राजदीप
  2929. 2:12:47जी समझ नहीं पा रहे थे कि यह क्या हो रहा
  2930. 2:12:50है। उसके पापा को अभी तक शिप्रा की फिक्र
  2931. 2:12:52नहीं थी। जैसे ही उन्हें पता चला कि
  2932. 2:12:54शिप्रा को राजा साहब ने अपनी कंपनी का
  2933. 2:12:56सीईओ बना दिया है। उसके बाद ही बलवंत राय
  2934. 2:12:59को शिप्रा की चिंता सताने लगी। पर उन्हें
  2935. 2:13:02भी कहीं ना कहीं यह लगने लगा कि बलवंत राय
  2936. 2:13:04शायद सही कह रहे हैं। शायद श्रवण कहीं
  2937. 2:13:07शिप्रा की सफलता में बाधक ना बन जाए। यही
  2938. 2:13:10सोचकर उन्होंने कहा। मुझे नहीं लगता कि
  2939. 2:13:12शिप्रा इस बात के लिए तैयार होगी। उसने
  2940. 2:13:15इसी कारण तो घर छोड़ दिया। तो क्या आपको
  2941. 2:13:17लगता है कि वह श्रवण से तलाक लेने के लिए
  2942. 2:13:19तैयार होगी? अगर वह सीधी तरह तैयार नहीं
  2943. 2:13:23होती तो क्यों ना हम कोई ऐसी परिस्थिति
  2944. 2:13:25तैयार करें जिसके कारण वह श्रवण से तलाक
  2945. 2:13:27लेने को तैयार हो जाए। इस बार काफी देर से
  2946. 2:13:30चुप बैठे बृजभूषण राय ने यह बात कही।
  2947. 2:13:33तुम्हारे कहने का मतलब क्या हुआ? बलवंत
  2948. 2:13:36राय बृजभूषण राय को देखते हुए बोले।
  2949. 2:13:39पिताजी यह समझिए कि यह तुरंत होने वाला
  2950. 2:13:42काम नहीं है। इसके लिए हमें धीरे-धीरे
  2951. 2:13:44शिप्रा के मन में श्रवण के लिए ऐसी बात
  2952. 2:13:47डालनी पड़ेगी कि श्रवण ना ही उसके लिए ठीक
  2953. 2:13:50है और ना ही अपने परिवार के लिए। दूसरी
  2954. 2:13:52तरफ हम श्रवण के दिमाग में भी यह बात
  2955. 2:13:54डालने की कोशिश करेंगे कि उसके कारण
  2956. 2:13:56शिप्रा की जिंदगी बर्बाद होने वाली है।
  2957. 2:13:59गाहे बगाहे हम उसको उसकी औकात भी दिखाते
  2958. 2:14:02रहेंगे। जिसके कारण वो खुद ही शिप्रा से
  2959. 2:14:04अलग होने का डिसीजन ले ले। बृजभूषण जी ने
  2960. 2:14:07अपनी योजना समझाई। बृजभूषण जी की बात
  2961. 2:14:10सुनकर बलवंत राय भी बोले, "तुम सही कह रहे
  2962. 2:14:13हो।" श्रवण के बारे में एक बात हम भी
  2963. 2:14:16पक्के तौर पर कह सकते हैं कि भले ही वह
  2964. 2:14:18भिखारी रहा है, पर उसे अपनी गैरत बड़ी
  2965. 2:14:20प्यारी है। वह भी छोटी बातों को अपने दिल
  2966. 2:14:23पर ले लेता है। अगर वह यहां अपनी बेइज्जती
  2967. 2:14:25होते देखेगा तो हो सकता है कि गुस्से में
  2968. 2:14:28वह जल्दी ही खुद ही शिप्रा से अलग हो
  2969. 2:14:30जाएगा। पर क्या आपको लगता है कि यह सब
  2970. 2:14:32इतना आसान है? राजदीप जी [संगीत] चिंतित
  2971. 2:14:35स्वर में बोले, अभी यहां जो भी कुछ बातें
  2972. 2:14:38हो रही थी, उन्हें यह पसंद तो नहीं आ रहा
  2973. 2:14:40था, पर वह खामोशी से सुन रहे थे। उन्हें
  2974. 2:14:43भी लगने लगा कि शायद बलवंत राय शिप्रा के
  2975. 2:14:46लिए जो भी सोच रहे हैं, वही [संगीत] सही
  2976. 2:14:48है। पर यह होगा कैसे पिताजी? इस बारे में
  2977. 2:14:51भी तो प्लानिंग करनी पड़ेगी। बृजभूषण राय
  2978. 2:14:54बोले परसों विहान और युविका की इंगेजमेंट
  2979. 2:14:57पार्टी में दोनों को बुलाते हैं। फिर
  2980. 2:14:59देखते हैं कि हम इसकी शुरुआत कैसे कर सकते
  2981. 2:15:01हैं। बलवंत राय बोले दूसरे दिन शिप्रा
  2982. 2:15:04जल्दी उठ गई थी। आज उसे राजा साहब की
  2983. 2:15:07कंपनी में जाकर ज्वॉइ करना था। उसके मन
  2984. 2:15:10में बहुत सारे विचार चल रहे थे। उसने साथ
  2985. 2:15:13में लेटी मेघना से पूछा। सुन ना तुम्हें
  2986. 2:15:16कुछ समझ आया था कि राजा साहब ने अचानक
  2987. 2:15:18मुझे इतनी बड़ी जिम्मेदारी देने की कैसे
  2988. 2:15:21सोच ली? मेघना अध खुली आंखों से उसे देखते
  2989. 2:15:24हुए बोली, तुम्हारे दिमाग में सुबह-सुबह
  2990. 2:15:27यही चल रहा है। अरे कैसे भी सोचिए क्या
  2991. 2:15:29फर्क पड़ता है। तुम्हारे लिए तो अच्छा ही
  2992. 2:15:31है। फिर भी कुछ तो तुम्हें समझ आया होगा
  2993. 2:15:34कि उन्होंने कैसे यह फैसला कर लिया कि मैं
  2994. 2:15:37उनकी कंपनी में सीईओ बनने के लिए उपयुक्त
  2995. 2:15:40हूं। शिप्रा मेघना को उठाकर बैठाती हुई
  2996. 2:15:43बोली। मेघना शिप्रा के चेहरे को घूरते हुए
  2997. 2:15:46बोली सच कहूं तो मुझे लगता है कि उन्हें
  2998. 2:15:49तुम्हारी खूबसूरती पसंद आ गई होगी। उनका
  2999. 2:15:52कोई पोता कुंवारा होगा। शायद वो [संगीत]
  3000. 2:15:54तुम्हारा रिश्ता उससे करवाना चाहते होंगे।
  3001. 2:15:57मेघना की बात सुनकर शिप्रा गुस्सा जाहिर
  3002. 2:16:00करती हुई बोली। मैं तुमसे सीरियसली कुछ
  3003. 2:16:03पूछ रही हूं और तुम्हें मजाक सूझ रहा है।
  3004. 2:16:06मजाक शुरू किसने किया? क्या ऐसा हो नहीं
  3005. 2:16:08सकता कि वो तुमको अपनी बहू बनाने की सोच
  3006. 2:16:10रहे होंगे? नहीं तो कौन भला ऐसे किसी को
  3007. 2:16:13अपनी कंपनी का सीईओ बना देता है? मेघना ने
  3008. 2:16:16भी शराफत से जवाब दिया। अच्छा जब उनको
  3009. 2:16:19पहले से ही पता है कि मैं शादीशुदा
  3010. 2:16:21[संगीत] हूं तो वो भला ऐसा क्यों सोचेंगे?
  3011. 2:16:24शिप्रा चिढ़कर बोली यह बात तो उनको बाद
  3012. 2:16:27[संगीत] में पता चला ना। क्या पता पहले
  3013. 2:16:29अगर उनको पता होता तो शायद ऐसा कोई
  3014. 2:16:31प्रपोजल वो तुमको देते भी नहीं। मेघना
  3015. 2:16:34शिप्रा को और भी छेड़ते हुए बोली। अभी
  3016. 2:16:37शिप्रा कुछ और भी जवाब देती। उससे पहले ही
  3017. 2:16:40दरवाजे पर नॉक करने की आवाज आई। शिप्रा और
  3018. 2:16:43मेघना ने एक दूसरे की तरफ देखा। फिर मेघना
  3019. 2:16:45बोली, दरवाजा खुला है अंदर आ जाओ। तभी
  3020. 2:16:49दरवाजा खुला और गिरजा हाथ में चाय की ट्रे
  3021. 2:16:52लिए हुए अंदर आई। चाय देखकर शिप्रा खुश
  3022. 2:16:55होती हुई बोली। वार दीदी एकदम सही समय पर
  3023. 2:16:58चाय ले आई। मैं अभी चाय के लिए नीचे आने
  3024. 2:17:01ही वाली थी। शिप्रा की बात सुनकर गिरजा
  3025. 2:17:03मुस्कुराई और ट्रे को टेबल पर रखकर चली
  3026. 2:17:05गई। चाय देखकर मेघना भी बिस्तर से उठी और
  3027. 2:17:08[संगीत] चाय का कप उठाकर बालकनी का दरवाजा
  3028. 2:17:11खोलकर बालकनी में चली गई। शिप्रा भी बेड
  3029. 2:17:14से उतर कर चाय का [संगीत] कप लेकर एक शिप
  3030. 2:17:16लिया। अभी मेघना को गैलरी में गए हुए
  3031. 2:17:18ज्यादा समय नहीं हुआ। वो अगले ही पल जल्दी
  3032. 2:17:21से अंदर आई और शिप्रा का हाथ पकड़ कर
  3033. 2:17:23खींचती हुई बालकनी में लेकर चली गई।
  3034. 2:17:26शिप्रा पूछती रह गई कि क्या हुआ? तुम इस
  3035. 2:17:28तरह से मुझे खींच [संगीत] क्यों रही हो?
  3036. 2:17:31आओ तो सही मैं तुम्हें कुछ दिखाती हूं।
  3037. 2:17:34मेघना धीरे से बोली शिप्रा को समझ नहीं
  3038. 2:17:37आया कि मेघना उसे क्या दिखाना [संगीत]
  3039. 2:17:38चाहती है। पर गैलरी में पहुंचकर मेघना ने
  3040. 2:17:41एक तरफ इशारा किया। उधर देखो। शिप्रा ने
  3041. 2:17:45उस दिशा में देखा जिधर मेघना ने इशारा
  3042. 2:17:47किया था। उसने देखा पीछे ग्राउंड में
  3043. 2:17:50शौर्य लोअर और बनियान में एक्सरसाइज कर
  3044. 2:17:52रहा था। इस समय वो सर के बल खड़ा था और
  3045. 2:17:55उसका सर शिप्रा से विपरीत दिशा में था।
  3046. 2:17:58इसलिए वह देख नहीं सकता था कि शिप्रा और
  3047. 2:18:00मेघना बालकनी में खड़ी होकर उसे ही देख
  3048. 2:18:03रही है। शिप्रा की निगाह शौर्य की मजबूत
  3049. 2:18:06कद काठी पर चिपक कर रह गई थी। उसने घुर कर
  3050. 2:18:09मेघना की ओर देखा और कहा तुम मुझे यही
  3051. 2:18:12दिखाने के लिए खींचते हुए अंदर से बाहर
  3052. 2:18:13लाई तो और क्या तुम क्या समझी कि मैं
  3053. 2:18:17तुम्हें हवा खिलाने के लिए बालकनी में लाई
  3054. 2:18:18हूं। अगर तुम्हें नहीं देखना है तो तुम
  3055. 2:18:21अंदर जा सकती हो। वैसे कुछ भी कहो शौर्य
  3056. 2:18:24का फिजिक वाकई लाजवाब है। मेघना शौर्य पर
  3057. 2:18:27नजरें कराए हुए बोली जिस तरह से मेघना
  3058. 2:18:30शौर्य को देख रही थी शिप्रा को यह अच्छा
  3059. 2:18:33नहीं लगा। वो मेघना का हाथ पकड़ कर
  3060. 2:18:35जबरदस्ती खींचती हुई कमरे के अंदर लेकर
  3061. 2:18:38चली गई। मेघना प्रतिरोध करती रही पर
  3062. 2:18:40शिप्रा रुकी नहीं। कमरे के अंदर आने के
  3063. 2:18:43बाद उसने गैलरी वाला दरवाजा अंदर से बंद
  3064. 2:18:46कर दिया। मेघना को शिप्रा की इस हरकत पर
  3065. 2:18:48हंसी भी आई। पर वो अपनी हंसी को छुपाती
  3066. 2:18:51हुई बोली यह क्या बात हुई? तुम्हें अगर
  3067. 2:18:54गैलरी में नहीं रुकना था, तो तुम अंदर आ
  3068. 2:18:56जाती। [संगीत] मुझे क्यों जबरदस्ती अंदर
  3069. 2:18:58ले आई? चलो दरवाजा खोलो। मुझे तो अभी
  3070. 2:19:01गैलरी में ही रहना है। मेघना की बात सुनकर
  3071. 2:19:03शिप्रा उसको छेड़ते हुए बोली। खबरदार जो
  3072. 2:19:06दोबारा अभी गैलरी में गई। तुम्हें शर्म
  3073. 2:19:09नहीं आती अपनी बहन के पति को इस हाल में
  3074. 2:19:11[संगीत] देखते हुए। ओह हेलो। वो तुम्हारा
  3075. 2:19:14सिर्फ नाम का ही पति है। तुम उसे अपना पति
  3076. 2:19:16मानती कहां हो? इसलिए तुम्हें क्या फर्क
  3077. 2:19:19पड़ता है कि कोई उसको कैसे [संगीत] भी
  3078. 2:19:20देखे? मेघना शिप्रा पर तंज कसती हुई बोली
  3079. 2:19:24कितनी बेशर्म हो गई हो तुम ऐसा बोलते हुए
  3080. 2:19:27तुम्हें थोड़ी भी शर्म नहीं आती शिप्रा
  3081. 2:19:30मेघना पर आंखें तरेरती हुई बोली अच्छा
  3082. 2:19:33तुम्हें इतना बुरा लग रहा है मेघना
  3083. 2:19:36मुस्कुराती हुई बोली मेघना को यूं
  3084. 2:19:38मुस्कुराती देखकर शिप्रा समझ गई कि मेघना
  3085. 2:19:41उसे जानबूझकर छेड़ रही है। वैसे मुझे समझ
  3086. 2:19:44नहीं आ रहा कि तुम इतनी नर्वस क्यों हो
  3087. 2:19:46रही थी। वो नंगा नहीं था। अच्छा भला लोअर
  3088. 2:19:48बनियान में है तो फिर तुम इतनी शर्मिंदा
  3089. 2:19:51होकर क्यों अंदर भाग आई? मेघना ने आराम से
  3090. 2:19:54अपनी बात कही तो शिप्रा ने उस बारे में
  3091. 2:19:56सोचा तो उसे अपनी बेसब्री पर शर्मिंदा
  3092. 2:19:58होना पड़ा। उसने महसूस किया कि शौर्य को
  3093. 2:20:01लेकर वो कुछ ज्यादा ही पोजेसिव होती जा
  3094. 2:20:03रही है। उसे अपने व्यवहार पर आश्चर्य हुआ।
  3095. 2:20:06उसने दोबारा गैलरी का दरवाजा खोला और
  3096. 2:20:08दरवाजे से हल्का सा बाहर निकल कर उसने उस
  3097. 2:20:11दिशा में देखा जहां शौर्य एक्सरसाइज कर
  3098. 2:20:13रहा था। शौर्य अभी सीधा खड़ा हो गया था और
  3099. 2:20:16इस समय वह तौललिए से अपने शरीर पर आ गए
  3100. 2:20:19पसीने को पूछ रहा था। उसने महसूस किया
  3101. 2:20:22शौर्य ऐसी भी कोई ऑकवर्ड स्थिति में नहीं
  3102. 2:20:24था जो उसे देखने से किसी को रोक ना पड़े।
  3103. 2:20:27अब उसे थोड़ी देर पहले की अपनी स्थिति पर
  3104. 2:20:29हंसी आ रही थी। मेघना शिप्रा के चेहरे के
  3105. 2:20:32बदलते रंग को देख रही थी और उसके अंदर चल
  3106. 2:20:34रही विचार को समझने की कोशिश [संगीत] कर
  3107. 2:20:36रही थी। मेघना ने शिप्रा के पीछे से उसके
  3108. 2:20:38गले में हाथ डालकर उसको अपनी बाहों में
  3109. 2:20:41भरते हुए कहा। अब कहीं मेरी बहन के दिल
  3110. 2:20:43में कोई धीरे से दस्तक तो नहीं देने लगा।
  3111. 2:20:46शिप्रा ने मेघना की बात को सुना तो उसको
  3112. 2:20:48डांटते हुए बोली, तुम फिर से बाहर आ गई?
  3113. 2:20:51अच्छा तो क्या मुझे बाहर नहीं आना था?
  3114. 2:20:53तुमने कुछ बोला नहीं तो मैं बाहर आ गई।
  3115. 2:20:56मेघना मासूमियत से बोली। ज्यादा नौटंकी मत
  3116. 2:20:59करो। अब वो हमें देख ले कि हम उसी को देख
  3117. 2:21:02रहे हैं। उससे पहले कमरे के अंदर चल लो।
  3118. 2:21:04इतना कहकर शिप्रा मेघना को खींचती हुई फिर
  3119. 2:21:07से कमरे के अंदर आ गई। अगर श्रवण देख ही
  3120. 2:21:10लेगा तो क्या फर्क पड़ जाएगा? तुम कुछ गलत
  3121. 2:21:12तो कर नहीं रही हो जो तुम्हें डर लग रहा
  3122. 2:21:14है। मेघना शिप्रा को छेरती हुई बोली अपनी
  3123. 2:21:18बकवास बंद करो। आज मुझे जल्दी जाकर ज्वॉइ
  3124. 2:21:20भी करना है। इसीलिए मैं तो तैयार होने
  3125. 2:21:23जाती हूं। इतना बोलकर शिप्रा बाथरूम में
  3126. 2:21:25चली गई। लगभग 10:00 बजे शिप्रा फैब्रिक
  3127. 2:21:28ट्रेंड क्लोथिंग [संगीत] हाउस के ऑफिस में
  3128. 2:21:30पहुंची। राजा साहब की टेक्सटाइल कंपनी का
  3129. 2:21:32नाम फैब्रिक्स ट्रेंड क्लोथिंग हाउस था।
  3130. 2:21:35शिप्रा रिसेप्शन पर पहुंची। उसने वहां
  3131. 2:21:37कांता प्रसाद जी के बारे में पूछा तो
  3132. 2:21:39रिसेप्शनिस्ट ने शिप्रा को देखते ही पूछा
  3133. 2:21:42आप शिप्रा हैं। शिप्रा ने रिसेप्शनिस्ट के
  3134. 2:21:45मुंह से अपना नाम सुना तो उसे आश्चर्य
  3135. 2:21:47हुआ। उसने सर हिलाकर हां कहा। कांता
  3136. 2:21:50प्रसाद जी राजा साहब के साथ आपका ही
  3137. 2:21:52इंतजार कर रहे हैं। रिसेप्शनिस्ट ने अदब
  3138. 2:21:54से कहा। उसने एक दरवाजे की तरफ इशारा
  3139. 2:21:57किया। शिप्रा दरवाजे पर पहुंची और नॉक
  3140. 2:22:00[संगीत] किया। अंदर से आवाज आई, कम इन।
  3141. 2:22:03शिप्रा ने दरवाजे को धक्का दिया और अंदर
  3142. 2:22:06चली गई। राजा साहब ने शिप्रा को अंदर आते
  3143. 2:22:09देखा तो वह खुश होते हुए बोले आ गई तुम।
  3144. 2:22:13शिप्रा ने राजा साहब का सवाल सुना [संगीत]
  3145. 2:22:14तो बोली क्या मैंने आप लोगों को ज्यादा
  3146. 2:22:17इंतजार करवाया? अरे नहीं बिल्कुल नहीं।
  3147. 2:22:21तुम [संगीत] एकदम सही समय पर आई हो। अब जब
  3148. 2:22:23तुम आ गई हो तो फिर बोर्ड ऑफ मेंबर की
  3149. 2:22:25मीटिंग में चलते हैं। इतना कहकर राजा साहब
  3150. 2:22:29अपनी जगह पर खड़े हो गए। राजा साहब के साथ
  3151. 2:22:31कांता प्रसाद जी भी खड़े हो गए। जब शिप्रा
  3152. 2:22:34ने दोनों को खड़े होते देखा तो उसने भी
  3153. 2:22:36बैठने का कोई उपक्रम नहीं किया। कांता
  3154. 2:22:39प्रसाद जी शिप्रा [संगीत] से बोले आज तुम
  3155. 2:22:42इस कंपनी की सीईओ बनने वाली हो। इसीलिए
  3156. 2:22:44राजा साहब ने आज बोर्ड ऑफ मेंबर की मीटिंग
  3157. 2:22:46भी रखी है। जहां तुम्हारी मुलाकात बोर्ड
  3158. 2:22:48के मेंबर से होगी। चलो चलते हैं। इतना
  3159. 2:22:52कहकर राजा साहब दरवाजे की तरफ पड़ गए।
  3160. 2:22:55राजा साहब के पीछे-पीछे कांता प्रसाद जी
  3161. 2:22:57और शिप्रा भी बढ़ गई। अपने कमरे से निकलकर
  3162. 2:23:00राजा साहब एक दूसरे केबिन में पहुंचे।
  3163. 2:23:03जहां पहले से ही छह सात लोग राजा साहब के
  3164. 2:23:06इंतजार में बैठे हुए थे। राजा साहब केबिन
  3165. 2:23:09में आते ही सभी उठकर खड़े हो गए। छह सात
  3166. 2:23:12लोगों के बीच में राजा साहब की बेटी
  3167. 2:23:14स्वर्णलता के अलावे प्रतीक भी मौजूद था।
  3168. 2:23:17उसने राजा साहब को आया देखा और उनके पीछे
  3169. 2:23:20[संगीत]
  3170. 2:23:20कांता प्रसाद और शिप्रा को भी देखा।
  3171. 2:23:23शिप्रा को देखकर प्रतीक की आंखें उसी पर
  3172. 2:23:25जमकर रह गई। उसने इस समय यहां ऐसी सुंदरता
  3173. 2:23:29की कल्पना नहीं की थी। उसे समझ नहीं आया
  3174. 2:23:31कि यह लड़की उसके दादाजी के साथ यहां क्या
  3175. 2:23:33कर रही। प्रतीक से जब इंतजार नहीं हुआ तो
  3176. 2:23:36उसने राजा साहब से पूछा यूं अचानक मीटिंग
  3177. 2:23:39बुलाने का कोई खास कारण है क्या दादा जी?
  3178. 2:23:42हां, बहुत ही खास। आज हमने अपनी कंपनी में
  3179. 2:23:45एक नए सीईओ [संगीत]
  3180. 2:23:46की नियुक्ति किया है। जैसे ही राजा साहब
  3181. 2:23:49ने यह बात कही, सबकी निगाह शिप्रा की ओर
  3182. 2:23:51मुड़ गई। उस हॉल में मौजूद सभी लोगों के
  3183. 2:23:54चेहरे पर आश्चर्य नजर आया कि राजा साहब को
  3184. 2:23:57अचानक इस नई लड़की को सीईओ बनाने की क्या
  3185. 2:24:01सूझी। प्रतीक को समझ नहीं आया कि वो कैसे
  3186. 2:24:04रिएक्ट करें। वैसे उसके सामने जो लड़की
  3187. 2:24:06मौजूद थी [संगीत] उसमें वो सारी खूबी थी
  3188. 2:24:09जो उसको पसंद थी। उसके लिए तो लड़की की
  3189. 2:24:11खूबसूरती ही मायने रखती थी। जिसमें शिप्रा
  3190. 2:24:14की खूबसूरती का तो कोई मुकाबला ही नहीं हो
  3191. 2:24:16सकता था। वह विरोध करके शिप्रा [संगीत] की
  3192. 2:24:18नजर में बुरा नहीं बनना चाहता था। पर वह
  3193. 2:24:21जानता था कि वह अकेला नहीं है जिसे राजा
  3194. 2:24:24साहब के फैसले पर ऐतराज होगा। वहां पर
  3195. 2:24:26स्वर्णलता भी थी। उसे भी राजा साहब का यह
  3196. 2:24:29फैसला उचित नहीं लगा। इसीलिए वह विरोध
  3197. 2:24:31करती हुई बोली। पर पिताजी आपको अचानक यह
  3198. 2:24:34क्या सूझी कि आपने यह फैसला किया। आपने इस
  3199. 2:24:37बारे में पहले कभी बताया भी नहीं। और फिर
  3200. 2:24:39जब हमारे पास पहले से ही इतने [संगीत]
  3201. 2:24:41सारे लोग यहां पर मौजूद हैं। सभी काबिल
  3202. 2:24:43हैं। आप इनमें से किसी को यह जिम्मेदारी
  3203. 2:24:45दे सकते [संगीत] थे। फिर आपने इस नई लड़की
  3204. 2:24:47को यह जिम्मेदारी देने की क्यों सोची?
  3205. 2:24:50प्रतीक को भी किसी नई लड़की का सीईओ बन
  3206. 2:24:52जाना उसके विचार से सही नहीं था। पर
  3207. 2:24:55खुलेआम शिप्रा का विरोध करके उसकी नजर में
  3208. 2:24:57आना वो अफोर्ड नहीं कर सकता था। वैसे
  3209. 2:25:00प्रतीक खुद स्वर्णलता को पसंद नहीं करता
  3210. 2:25:02था। पर इस मामले में वह चाहता था कि
  3211. 2:25:04स्वर्णलता जितना विरोध शिप्रा के सीईओ
  3212. 2:25:06बनने का करे उतना अच्छा होगा। अगर उसके
  3213. 2:25:09दादाजी स्वर्णलता की बात में आ जाते हैं
  3214. 2:25:11तो कोई बात ही नहीं। पर अगर वह इस लड़की
  3215. 2:25:14को सीईओ बनाने के अपने फैसले पर अडिग रहते
  3216. 2:25:17हैं तो वह इस लड़की का सपोर्ट दिखाकर उसके
  3217. 2:25:19करीब जाने की कोशिश कर सकता है। दूसरी तरफ
  3218. 2:25:22राजा साहब ने स्वर्णलता की बात को सुना और
  3219. 2:25:25उसे घूरते हुए बोले अच्छा क्या तुम मुझे
  3220. 2:25:28बताओगी कि यहां कौन इतना काबिल है कि इस
  3221. 2:25:30कंपनी के सीईओ का पद अच्छे से संभाल लेगा
  3222. 2:25:33या लेगी यहां सभी काबिल है और [संगीत] फिर
  3223. 2:25:36मैं किसी और की ही बात क्यों करूं? मैं
  3224. 2:25:38खुद इस कंपनी को अच्छे से संभाल सकती हूं।
  3225. 2:25:40स्वर्णलता खड़ी होती हुई बोली क्या कहा?
  3226. 2:25:43तुम इस कंपनी का सीईओ [संगीत] का पद संभाल
  3227. 2:25:45सकती हो? मुझे पता नहीं है या यहां मौजूद
  3228. 2:25:48किसको पता नहीं है कि तुमने अपनी टाइल्स
  3229. 2:25:50[संगीत] कंपनी का क्या हाल किया है। तुम
  3230. 2:25:52क्या चाहती हो कि मैं अपनी इस कंपनी का भी
  3231. 2:25:55वही हाल करूं। राजा साहब [संगीत] उपहास
  3232. 2:25:57भरे स्वर में बोले। राजा साहब की बात
  3233. 2:25:59सुनकर स्वर्णलता का चेहरा लाल हो गया। वो
  3234. 2:26:02खुद पर कंट्रोल करती हुई बोली। यह आप कैसी
  3235. 2:26:05बात कर रहे हैं पिताजी? एक बार ऐसा हो गया
  3236. 2:26:08तो क्या आपको लगता है कि हमेशा ऐसा ही
  3237. 2:26:10होगा? शायद ना हो पर मैं यह रिस्क नहीं ले
  3238. 2:26:13सकता। वैसे भी अब जो मेरे पास इस कंपनी के
  3239. 2:26:16साथ हॉस्पिटल बचा हुआ है, यह [संगीत]
  3240. 2:26:18दोनों एक तरह से सूर्यभान की अमानत के तौर
  3241. 2:26:21पर है। तुम दोनों भाई-बहन को ऑलरेडी मैंने
  3242. 2:26:23तुम्हारा हिस्सा दे दिया है। इसीलिए अब इस
  3243. 2:26:26कंपनी पर अपनी गिद्ध नजर मत [संगीत] डालो।
  3244. 2:26:28जितना शेयर तुम दोनों का इस कंपनी में है,
  3245. 2:26:30उससे ही संतोष करो। राजा साहब ने एक तरह
  3246. 2:26:33से अपना इरादा स्पष्ट [संगीत] कर दिया।
  3247. 2:26:35राजा साहब की बात सुनकर स्वर्णलता ने
  3248. 2:26:37प्रतीक की तरफ देखा। जैसे उसे कह रही हो
  3249. 2:26:40कि देख लो इनका [संगीत] क्या इरादा है। यह
  3250. 2:26:42अभी भी इस कंपनी को सूर्यभान के नाम करने
  3251. 2:26:44की सोच रहे हैं। प्रतीक स्वर्णलता को अपनी
  3252. 2:26:47तरफ देखने का मतलब तो समझ [संगीत] गया पर
  3253. 2:26:49इस समय उसने खुद को खामोश रखना ही बेहतर
  3254. 2:26:52समझा। उसे लगा यह समय इस बात के लिए सही
  3255. 2:26:55नहीं था। उसे भी यह बात पसंद नहीं था कि
  3256. 2:26:57यह कंपनी उसके चाचा के नाम हो। उसने सोच
  3257. 2:27:00लिया था कि घर जाकर वह इस बारे में अपने
  3258. 2:27:02पापा से बात करेगा क्योंकि इतनी आसानी से
  3259. 2:27:05वह इस कंपनी को सूर्यभान के नाम नहीं होने
  3260. 2:27:07दे सकता था। दूसरी तरफ राजा साहब ने
  3261. 2:27:10स्वर्णलता को इग्नोर करते हुए कहा किसी
  3262. 2:27:12[संगीत] और को भी कुछ कहना है वहां
  3263. 2:27:14उपस्थित लोगों ने एक दूसरे की तरफ देखा पर
  3264. 2:27:17किसी ने भी अब अपनी राय देने की कोशिश
  3265. 2:27:19नहीं की। सब अब राजा साहब की अगली घोषणा
  3266. 2:27:22की प्रतीक्षा [संगीत] करने लगे। जब राजा
  3267. 2:27:24साहब ने सभी का ध्यान अपनी तरफ देखा तो
  3268. 2:27:27उन्होंने कहना शुरू किया जैसा कि आप सभी
  3269. 2:27:30जानते हैं कि पिछले कुछ समय से अपनी
  3270. 2:27:33बीमारी के कारण मैं कंपनी की कामों पर
  3271. 2:27:36ज्यादा [संगीत] ध्यान नहीं दे पा रहा था।
  3272. 2:27:38इसीलिए मैंने कंपनी में एक नए सीईओ को
  3273. 2:27:41नियुक्त करने का निश्चय किया है। जिस
  3274. 2:27:44लड़की [संगीत] को आप मेरे पीछे देख रहे
  3275. 2:27:46हैं, इसका नाम शिप्रा है और आज से यह इस
  3276. 2:27:49कंपनी की नई सीईओ होगी। मैं उम्मीद करता
  3277. 2:27:53हूं कि जैसे आप सब मेरे साथ सहयोग कर रहे
  3278. 2:27:55थे, वैसे ही [संगीत] शिप्रा से भी सहयोग
  3279. 2:27:58करेंगे।
  3280. 2:27:59किसी ने भी राजा साहब की बात सुनने के बाद
  3281. 2:28:01भी अपना कोई रिएक्शन नहीं दिया। स्वर्णलता
  3282. 2:28:04के चेहरे पर असहमति के भाव तो आए पर वो अब
  3283. 2:28:07कुछ बोली नहीं। राजा साहब अपनी चेयर से
  3284. 2:28:10उठे और साइड होकर शिप्रा को अपने पास
  3285. 2:28:12बुलाया और अपनी चेयर की तरफ इशारा करके
  3286. 2:28:15बोले आज से यह चेयर [संगीत] तुम्हारी है।
  3287. 2:28:18मैं उम्मीद करता हूं कि तुम अपनी काबिलियत
  3288. 2:28:20से इस कंपनी को और भी ऊंचाइयों [संगीत] पर
  3289. 2:28:22पहुंचाओगी। शिप्रा सामने आई और वहां
  3290. 2:28:25उपस्थित लोगों के चेहरे पर एक निगाह डालने
  3291. 2:28:28के बाद बोली मैं समझती हूं कि मैं आप सबके
  3292. 2:28:31लिए यहां नहीं हूं और बिना किसी बैक
  3293. 2:28:33[संगीत] हिस्ट्री के आप सबके लिए मुझ पर
  3294. 2:28:35विश्वास करना मुश्किल होगा पर मैं आपको
  3295. 2:28:38विश्वास दिलाती हूं कि मैं इस कंपनी को और
  3296. 2:28:40भी ऊंचाइयों तक पहुंचाने में [संगीत] कोई
  3297. 2:28:42कोर कसर नहीं छोडूंगी।
  3298. 2:28:45यहां सामने खड़े होकर इस तरह की बातें
  3299. 2:28:47करना बहुत ही आसान है। पर वैसा कर पाना
  3300. 2:28:49बहुत मुश्किल। पता नहीं राजा साहब ने तुम
  3301. 2:28:52में क्या देख लिया जो यह तुमको इस कंपनी
  3302. 2:28:54का सीईओ बना दिए हैं। पर मैं अभी कह सकता
  3303. 2:28:57हूं कि इस कंपनी की उल्टी गिनती शुरू हो
  3304. 2:29:00गई है। जो शख्स अभी यह बात बोला था उसका
  3305. 2:29:03[संगीत] नाम वैभव सिंह था। वैभव 27-28 साल
  3306. 2:29:07का युवक था। वो राजा साहब के चचेरे भाई का
  3307. 2:29:09बेटा था। वैभव के पिता की मृत्यु हो गई
  3308. 2:29:12थी। उसे अपने पिता से विरासत में इस कंपनी
  3309. 2:29:15का 10% शेयर मिला था। इसीलिए [संगीत] इस
  3310. 2:29:18कंपनी की डिसीजन मेकिंग में वह कोई
  3311. 2:29:20हस्तक्षेप नहीं कर सकता था। वैभव की ही
  3312. 2:29:23तरह प्रतीक और स्वर्णलता के पास भी इस
  3313. 2:29:25कंपनी का 10-10% शेयर था। वहां पर इनके
  3314. 2:29:29अलावा तीन और लोग भी थे। जिनमें से एक के
  3315. 2:29:32हिस्से में 9% शेयर और दो और लोगों के पास
  3316. 2:29:355-प शेयर थे। यह तीनों भी राजा साहब के
  3317. 2:29:38नजदीकी रिश्तेदारों में से एक थे। इन सबके
  3318. 2:29:41शेयरों के अलावा बाकी के 51% शेयर राजा
  3319. 2:29:45साहब के पास था जो कि उन्होंने सूर्यभान
  3320. 2:29:47के लिए बचाया हुआ था। 51% शेयर राजा साहब
  3321. 2:29:51के पास होने के कारण ही वहां किसी का चल
  3322. 2:29:53नहीं [संगीत] पाता था। जब राजा साहब ने
  3323. 2:29:56सूर्यभान से कहा था कि वह आकर संपत्ति में
  3324. 2:29:58से अपना हिस्सा अपने नाम करवा ले तो
  3325. 2:30:00सूर्यभान ने इस संपत्ति को लेने में कोई
  3326. 2:30:02उत्साह नहीं दिखाया था। दरअसल उस समय
  3327. 2:30:05सूर्यभान राठौर यह समझ रहे थे कि शौर्य की
  3328. 2:30:08प्लेन दुर्घटना में मृत्यु हो गई। इसीलिए
  3329. 2:30:10भी उनकी कोई चाहत इस संपत्ति के लिए रह
  3330. 2:30:13नहीं गई थी। पर जब राजा साहब को यह पता चल
  3331. 2:30:16गया कि शौर्य सही सलामत है तो सूर्यभान
  3332. 2:30:18राठौर के मना करने के बाद भी उन्होंने
  3333. 2:30:21सूर्यभान के हिस्से का शेयर अपने पास ही
  3334. 2:30:23रखा। राजा साहब के बेटे और बेटी ने राजा
  3335. 2:30:26साहब के इस निर्णय का विरोध भी किया था कि
  3336. 2:30:29जब उन्होंने सूर्यभान [संगीत] को घर से ही
  3337. 2:30:31निकाल दिया था तो अब वह उसको संपत्ति का
  3338. 2:30:33हिस्सा क्यों देने वाले हैं। पर राजा साहब
  3339. 2:30:36ने उनकी एक ना सुनी और अपने फैसले पर अडिग
  3340. 2:30:38रहे। इस बात को लेकर प्रतीक और स्वर्णलता
  3341. 2:30:42राजा साहब से नाराज भी हुए पर उनके हाथ
  3342. 2:30:44में कुछ था नहीं करने को। इसीलिए वह समय
  3343. 2:30:47का इंतजार करने लगे कि किसी सही समय पर वे
  3344. 2:30:50इन कंपनियों पर कब्जा करने की कोशिश
  3345. 2:30:52करेंगे। जब राजा साहब को हार्ट अटैक आया
  3346. 2:30:55था तो उसका भी कारण उनके बेटे बेटी का
  3347. 2:30:58संपत्ति के लिए उन पर जोर देना ही था। वे
  3348. 2:31:01नहीं चाहते थे कि राजा साहब की संपत्ति
  3349. 2:31:03में सूर्यभान को किसी भी तरह का हिस्सा
  3350. 2:31:05मिले। इसी कहासनी में राजा साहब को ऐसा
  3351. 2:31:08सदमा लगा था कि उन्हें अटैक आ गया था। इधर
  3352. 2:31:12राजा साहब वैभव की बात सुनकर कुछ पल सोचते
  3353. 2:31:14रहे [संगीत] और फिर से एक बार सामने आकर
  3354. 2:31:17उन्होंने कहा ठीक है मैं तुम लोगों का
  3355. 2:31:20कंसर्न समझता हूं। इसीलिए मैं शिप्रा के
  3356. 2:31:22लिए एक कंडीशन रख देता हूं। शिप्रा अभी
  3357. 2:31:25सिर्फ 3 महीने के लिए इस कंपनी की सीईओ
  3358. 2:31:28नियुक्त की जाती है। अगर इन 3 महीनों के
  3359. 2:31:30दरमियान कंपनी में किसी प्रकार का ग्रोथ
  3360. 2:31:32नजर नहीं आता तो फिर आगे मैं शिप्रा को इस
  3361. 2:31:35कंपनी के सीईओ के रूप में कंटिन्यू करूं
  3362. 2:31:38या ना करूं इस पर विचार करूंगा। राज साहब
  3363. 2:31:42की इस बात [संगीत] को सुनकर स्वर्णलता की
  3364. 2:31:44आंखों में चमक आ गई। जैसे उसे पहले से ही
  3365. 2:31:46विश्वास था कि शिप्रा के बस का नहीं। कमुस
  3366. 2:31:50यही बात वैभव सिंह की आंखों में भी नजर आ
  3367. 2:31:52रहा था। वैभव ने जब देखा [संगीत] कि राजा
  3368. 2:31:55साहब ने उसकी आपत्ति के बाद ही शिप्रा के
  3369. 2:31:58लिए यह कंडीशन निर्धारित किया है तो वो भी
  3370. 2:32:01संतुष्टि पूर्वक बोला आपकी इस कंडीशन से
  3371. 2:32:05मैं सहमत हूं यह बढ़िया रहेगा। इस तरह
  3372. 2:32:08शिप्रा को भी अपनी काबिलियत साबित करने का
  3373. 2:32:10मौका मिलेगा। शिप्रा ने भी जब राजा साहब
  3374. 2:32:13की इस बात को सुना तो उसे भी लगा कि
  3375. 2:32:16[संगीत] यह राजा साहब का सही फैसला है।
  3376. 2:32:18क्योंकि शिप्रा को भी अपने ऊपर इतना
  3377. 2:32:20विश्वास नहीं था कि वो अपनी इस जिम्मेदारी
  3378. 2:32:22को सही से हैंडल कर पाएगी कि [संगीत]
  3379. 2:32:24नहीं। पर इस कंडीशन के बाद उसे भी यह
  3380. 2:32:27तसल्ली हो गई कि अगर उसे यह लगा कि वो इस
  3381. 2:32:30जिम्मेवारी [संगीत] को उठाने लायक नहीं है
  3382. 2:32:32तो वह खुद ही इस कंपनी से इस्तीफा दे
  3383. 2:32:34देगी। वह भी राजा साहब की बात से सहमति
  3384. 2:32:37जताते हुए बोली, मैं समझती हूं राजा साहब
  3385. 2:32:40ने मुझे ज्यादा समय दे दिया। अगर [संगीत]
  3386. 2:32:42मुझे लगा कि मैं इस कंपनी के साथ न्याय
  3387. 2:32:44नहीं कर पा रही हूं तो विश्वास कीजिए मैं
  3388. 2:32:473 महीने इंतजार नहीं करूंगी। मैं [संगीत]
  3389. 2:32:492 महीने बाद ही इस कंपनी को अपना इस्तीफा
  3390. 2:32:52भेज दूंगी। शायद अब मैं उम्मीद कर सकती
  3391. 2:32:54हूं कि मुझे आप सबका भरपूर सहयोग मिलेगा।
  3392. 2:32:58शिप्रा की बात सुनकर वैभव सिंह मुस्कुराता
  3393. 2:33:00हुआ बोला। मुझे अच्छा लगा कि तुमने खुद इस
  3394. 2:33:03चैलेंज को स्वीकार कर लिया। शिप्रा ने खुद
  3395. 2:33:06सामने से इसे एक चैलेंज के रूप में ले
  3396. 2:33:08लिया। राजा साहब शिप्रा की बात सुनकर
  3397. 2:33:11परेशान हो गए। उन्होंने सोचा कि शिप्रा
  3398. 2:33:13[संगीत] ने यह ठीक नहीं किया। वो भी इस
  3399. 2:33:16बात को अच्छे से समझते थे कि इस तरह की
  3400. 2:33:18कंपनी को चलाना छोटी बात नहीं होती। वो
  3401. 2:33:21शिप्रा को समय देना चाहते थे। पर शिप्रा
  3402. 2:33:23ने खुद अपने लिए एक समय निर्धारित कर लिया
  3403. 2:33:26था। शिप्रा के [संगीत] चैलेंज स्वीकार
  3404. 2:33:28करने के बाद अब राजा साहब के पास कुछ
  3405. 2:33:30बोलने के लिए रह नहीं गया था। वो वहां से
  3406. 2:33:33बाहर जाने के लिए मुरते हुए बोले तो फिर
  3407. 2:33:36ठीक है आज की मीटिंग यहीं [संगीत]
  3408. 2:33:38बर्खास्त की जाती है। अब तुम सब जा सकते
  3409. 2:33:40हो। इसके बाद राजा साहब ने शिप्रा को अपने
  3410. 2:33:43पीछे आने का इशारा किया और उस हॉल से निकल
  3411. 2:33:45गए। उनके पीछे कांता प्रसाद और शिप्रा भी
  3412. 2:33:48वहां से निकल गए। प्रतीक अंत तक शिप्रा को
  3413. 2:33:51घूरता रहा। जबकि राजा साहब एक बार फिर से
  3414. 2:33:54अपनी कैबिन में वापस आ गए। कांता प्रसाद
  3415. 2:33:57और शिप्रा भी आकर राजा साहब के सामने वाली
  3416. 2:33:59कुर्सी पर बैठ गई। शिप्रा के [संगीत]
  3417. 2:34:02बैठते ही राजा साहब थोड़े नाराजगी भरे
  3418. 2:34:04स्वर में बोले, तुम्हें क्या जरूरत थी इस
  3419. 2:34:07तरह के चैलेंज को लेने की? तुम्हें क्या
  3420. 2:34:09लगता है कि किसी भी कंपनी का सीईओ बनना
  3421. 2:34:11[संगीत] इतना आसान है? तुम जैसे नए खून
  3422. 2:34:14वाले पता नहीं खुद को क्या समझते हैं।
  3423. 2:34:17शिप्रा को समझ नहीं आया कि उसने ऐसा क्या
  3424. 2:34:20किया जो राजा साहब उससे नाराज हो रहे हैं।
  3425. 2:34:24वो मासूमियत से बोली मैंने कुछ गलत बोल
  3426. 2:34:28दिया क्या? अरे जब मैंने तुम्हें 3 महीने
  3427. 2:34:30का समय दिया तो तुम खुद क्यों आगे बढ़कर
  3428. 2:34:33अपने आप को [संगीत] 2 महीने में ही साबित
  3429. 2:34:35करने पर तूल गई। मैंने तुम पर कोई प्रेशर
  3430. 2:34:38बनाया कि तुम्हें खुद को इतनी जल्दी साबित
  3431. 2:34:40करना है। राजा साहब शिप्रा को डांटते हुए
  3432. 2:34:44बोले। शिप्रा को समझ नहीं आया [संगीत] कि
  3433. 2:34:46यह कैसा बॉस है जो अपने एंप्लई को इसलिए
  3434. 2:34:50डांट रहा है क्योंकि उसने खुद को [संगीत]
  3435. 2:34:52साबित करने के लिए उनके दिए हुए समय से भी
  3436. 2:34:54कम समय में अपने आप को एफिशिएंट साबित
  3437. 2:34:57करने [संगीत] के चैलेंज को स्वीकार किया।
  3438. 2:35:00शिप्रा कुछ बोली नहीं। बस राजा साहब के
  3439. 2:35:03आगे कुछ और बोलने की प्रतीक्षा करने लगी।
  3440. 2:35:06तुम कितने समय से अपनी कंपनी को संभाल रही
  3441. 2:35:08थी? तुमने कभी सोचा कि तुम्हें अपनी कंपनी
  3442. 2:35:11क्यों बेचनी [संगीत] पड़ी? देखो, यहां सभी
  3443. 2:35:13एक दूसरे के पैर खींचने में लगे हुए हैं।
  3444. 2:35:16यहां कोई नहीं चाहता कि उसके साथ काम करने
  3445. 2:35:18वाला उससे आगे बढ़े। अगर साथ वाले को मौका
  3446. 2:35:21मिले, तो वह अपने कलीग का पैर खींचने में
  3447. 2:35:24भी पीछे नहीं हटते। इसीलिए कभी किसी के
  3448. 2:35:26उकसावे में आकर इस तरह का चैलेंज स्वीकार
  3449. 2:35:29मत किया करो। तुम्हें क्या लगता है? जिसके
  3450. 2:35:32उकसावे में आकर तुमने उसके सामने 2 महीने
  3451. 2:35:34की शर्त रखी है। वो क्या खुश होगा
  3452. 2:35:37तुम्हारी कामयाबी देखकर? उल्टा अब यह होगा
  3453. 2:35:40कि वो अब हर वो कोशिश करेगा [संगीत] कि
  3454. 2:35:42तुम अपनी चैलेंज को पूरा ना कर पाओ। वो हर
  3455. 2:35:45वो कोशिश करेगा जिससे तुम्हारी राह और
  3456. 2:35:47मुश्किल [संगीत] हो जाए। राजा साहब शिप्रा
  3457. 2:35:50को समझाते हुए बोले अब उनकी आवाज
  3458. 2:35:53अपेक्षाकृत नरम हो गया था। शिप्रा को राजा
  3459. 2:35:56साहब का मकसद समझ नहीं आया कि वह उससे
  3460. 2:35:58क्या चाहते हैं। कोई भी बॉस यही चाहता है
  3461. 2:36:01कि उसका एंप्लई अपने आप को बेहतर साबित
  3462. 2:36:04करें। पर राजा साहब की बात सुनकर शिप्रा
  3463. 2:36:07को यह लगा ही नहीं कि उन्होंने शिप्रा से
  3464. 2:36:09कोई ज्यादा उम्मीद रखी हो। उसे समझ नहीं
  3465. 2:36:12आया कि अगर राजा साहब को उससे कोई [संगीत]
  3466. 2:36:14उम्मीद ही नहीं है तो उन्होंने उसे अपनी
  3467. 2:36:16कंपनी का सीईओ क्यों बनाया। उसने राजा
  3468. 2:36:19साहब से पूछ [संगीत] लिया आपने मुझे अपनी
  3469. 2:36:22कंपनी का सीईओ क्यों बनाया है? क्या मतलब
  3470. 2:36:25हुआ इस सवाल का? मुझे तुम ईमानदार लगी और
  3471. 2:36:28मुझे यह भरोसा भी है कि तुम जल्दी ही
  3472. 2:36:30हमारी कंपनी को अपनी मेहनत और ईमानदारी से
  3473. 2:36:33नई बुलंदियों तक ले जाओगी। राजा साहब
  3474. 2:36:36मुस्कुराते हुए बोले पर अभी मैंने जब खुद
  3475. 2:36:39को 2 महीने में ही साबित करने की बात की
  3476. 2:36:42तो आप इस बात से नाराज दिखे। शिप्रा अपने
  3477. 2:36:45मन में उमड़ रहे विचार को राजा साहब से
  3478. 2:36:47कहने से खुद को रोक नहीं सकी।
  3479. 2:36:50[संगीत]
  3480. 2:36:50यही तो मैं कह रहा हूं। तुम्हें किसी के
  3481. 2:36:52सामने खुद को साबित करने की कोई जरूरत
  3482. 2:36:54नहीं है। बस तुम ईमानदारी से अपना काम
  3483. 2:36:57करती रहो। तुम्हारा काम खुद ही सबको नजर
  3484. 2:37:00आने लगेगा। जिस समय तुम खुद को साबित करने
  3485. 2:37:02के लिए यह काम करोगी तो उसके लिए फिर तुम
  3486. 2:37:05एक्स्ट्रा एफर्ट करने की कोशिश करोगी।
  3487. 2:37:07इससे होगा यह कि तुम अपने ऊपर काम के
  3488. 2:37:10अलावे एक अलग प्रेशर ले लोगी जो तुम्हारी
  3489. 2:37:13डेली लाइफ को भी प्रभावित करेगी। और मैं
  3490. 2:37:15नहीं [संगीत] चाहता कि मेरे साथ काम करने
  3491. 2:37:17वाली एंप्लई खुद के साथ यह अन्याय करें।
  3492. 2:37:21राजा साहब शिप्रा को समझाते हुए बोले कि
  3493. 2:37:24वो उससे क्या चाहते हैं। शिप्रा को यकीन
  3494. 2:37:27[संगीत] नहीं हो रहा था कि उसको कोई इतना
  3495. 2:37:29अच्छा एंप्लयर भी मिल सकता है जो उससे
  3496. 2:37:31बहुत ज्यादा उम्मीद नहीं कर रहा था।
  3497. 2:37:33[संगीत] बस उससे यह चाहता है कि वो
  3498. 2:37:35ईमानदारी से अपना काम करे। पर अगले ही पल
  3499. 2:37:39उसके दिमाग में आया कि अगर उसने अपने काम
  3500. 2:37:41से सबको सेटिस्फाई नहीं किया तो फिर वही
  3501. 2:37:44लोग [संगीत] राजा साहब के फैसले पर अंगुली
  3502. 2:37:46भी तो उठाएंगे। इसीलिए उसने राजा साहब से
  3503. 2:37:49पूछा आपको नहीं लगता [संगीत] कि अगर मैं
  3504. 2:37:52बोर्ड ऑफ मेंबर के सदस्यों को सेटिस्फाई
  3505. 2:37:54नहीं कर पाई तो उन्हें आपके फैसले पर
  3506. 2:37:56उंगली उठाने का मौका मिल जाएगा। शिप्रा की
  3507. 2:37:59बात सुनकर राजा साहब जोर [संगीत] से हंसे।
  3508. 2:38:02तुम्हें लगता है तुम उन्हें कभी भी
  3509. 2:38:04सेटिस्फाई कर पाओगी। तुम कितना भी अच्छा
  3510. 2:38:07काम कर लो वे कभी भी तुम्हारी [संगीत] काम
  3511. 2:38:09सेटिस्फाई नहीं होंगे। वे कुछ ना कुछ कमी
  3512. 2:38:12जरूर निकाल देंगे। इसीलिए [संगीत] तुम यह
  3513. 2:38:15बात भूल जाओ कि तुम्हें किसी के सामने खुद
  3514. 2:38:17को साबित करना है। राजा साहब की स्पष्ट
  3515. 2:38:20[संगीत] हिदायत सुनकर शिप्रा समझ गई कि
  3516. 2:38:23उसे यहां कैसे काम करना है। अब उसके चेहरे
  3517. 2:38:26पर एक संतुष्टि [संगीत] नजर आ रही थी।
  3518. 2:38:28उसने राजा साहब से कहा ठीक है सर मैं
  3519. 2:38:32ध्यान रखूंगी कि आपकी [संगीत] उम्मीदों पर
  3520. 2:38:34खड़ा उतरूं। राजा साहब शिप्रा के मुंह से
  3521. 2:38:37सर सुनकर उसकी आंखों में देखते [संगीत]
  3522. 2:38:39हुए बोले सर नहीं तुम मुझे दादाजी ही बोला
  3523. 2:38:43करो। मुझे तुम्हारे मुंह से दादाजी सुनकर
  3524. 2:38:46ही अच्छा लगता है। शिप्रा को राजा साहब के
  3525. 2:38:49बिहेवियर से यह [संगीत] कभी भी नहीं लगा
  3526. 2:38:51कि वो उसके बॉस हैं। उसे यह थोड़ा अजीब भी
  3527. 2:38:54लगा। पर देखा जाए तो उसके लिए यह बात एक
  3528. 2:38:57तरह से अच्छा भी था। सारी बातें होने के
  3529. 2:39:00बाद राजा साहब ने कांता प्रसाद से कहा
  3530. 2:39:04कांता प्रसाद तुम जाकर शिप्रा को उसका
  3531. 2:39:07कैबिन और इस पूरे ऑफिस का एक भ्रमण करवा
  3532. 2:39:09दो जिससे यह यहां के बारे में जान ले।
  3533. 2:39:12कांता प्रसाद ने शिप्रा को पूरा ऑफिस
  3534. 2:39:15घुमाया और वहां काम करने वाले सारे स्टॉप
  3535. 2:39:17से भी उसका परिचय कराया। अंत में कांता
  3536. 2:39:20प्रसाद ने शिप्रा से कहा अब तुम कल से
  3537. 2:39:23अपने काम को शुरू कर सकती हो। आज के बाद
  3538. 2:39:26इस ऑफिस की बॉस तुम हो। शिप्रा वहां से
  3539. 2:39:29फ्री होकर निकली। वो अपनी गाड़ी के पास
  3540. 2:39:31पहुंची। अभी वह अपनी गाड़ी में बैठने ही
  3541. 2:39:34वाली थी कि तभी उसे अपनी तरफ आता एक शख्स
  3542. 2:39:37दिखाई दिया। शिप्रा ने उसे ध्यान से देखा
  3543. 2:39:40तो वह उसे पहचान गई। यह कोई और नहीं
  3544. 2:39:43प्रतीक था। प्रतीक उसके पास आता हुआ बोला।
  3545. 2:39:47तो मिस शिप्रा आपने पूरा ऑफिस देख लिया।
  3546. 2:39:50प्रतीक को खुद से बात करते देखकर शिप्रा
  3547. 2:39:52बोली हां देख ही लिया। बाकी तो अब देखते
  3548. 2:39:56ही रहना है। बहुत बढ़िया।
  3549. 2:39:58[संगीत]
  3550. 2:39:58मुझे भरोसा है आप जल्दी ही यहां के काम को
  3551. 2:40:01समझ जाओगी और आपकी दिशा निर्देश में कंपनी
  3552. 2:40:04जरूर तरक्की करेगी। प्रतीक शिप्रा की
  3553. 2:40:06तारीफ करते हुए बोला यह मेरी खुशनसीबी है
  3554. 2:40:10कि आप ऐसा समझते हैं। शिप्रा थोड़ा हमंब्ल
  3555. 2:40:13दिखने की कोशिश करती हुई बोली शायद आप
  3556. 2:40:16मुझे नहीं जानती होंगी। [संगीत] मेरा नाम
  3557. 2:40:18प्रतीक राठौर है। ऊपर हॉल में तो एक दूसरे
  3558. 2:40:20से परिचय करने का समय ही नहीं मिला।
  3559. 2:40:23शिप्रा ने प्रतीक राठौर सुना तो [संगीत]
  3560. 2:40:25वह समझ गई कि प्रतीक राजा साहब का कोई
  3561. 2:40:27नजदीकी रिश्तेदार होगा। पर अभी भी उसे यह
  3562. 2:40:30नहीं पता था कि प्रतीक का राजा साहब से
  3563. 2:40:32रिश्ता क्या है। उसकी आंखों में यह सवाल
  3564. 2:40:35पढ़ा जा सकता था। यह देखकर प्रतीक बोला
  3565. 2:40:38चंद्रभान राठौर जी मेरे दादाजी हुए।
  3566. 2:40:41प्रतीक की बात सुनकर शिप्रा को आश्चर्य
  3567. 2:40:43हुआ। [संगीत] वो बोली अच्छा तो आप उनके
  3568. 2:40:47पोते हैं। इसका मतलब ऊपर ऑफिस में जो एक
  3569. 2:40:49मैडम थी वो आपकी बुआ होंगी। शिप्रा की बात
  3570. 2:40:53सुनकर प्रतीक बोला हां वो मेरी बुआ थी।
  3571. 2:40:56उनका नाम स्वर्णलत्ता है। उनकी बात का आप
  3572. 2:40:59बुरा मत मानिएगा। [संगीत] वो ऐसी ही हैं।
  3573. 2:41:02नहीं ऐसा कुछ नहीं है। मुझे उनकी कोई बात
  3574. 2:41:05बुरी नहीं लगी। उनका सवाल अपनी जगह जायज
  3575. 2:41:08ही था। शिप्रा सफाई देती हुई बोली। यह
  3576. 2:41:12अच्छी बात [संगीत] है कि आपको उनकी बात
  3577. 2:41:13बुरी नहीं लगी। वैसे इस ऑफिस में आपको
  3578. 2:41:16किसी भी तरह की कोई हेल्प की जरूरत हो तो
  3579. 2:41:18आप कभी भी मुझसे संपर्क कर सकती हैं। आप
  3580. 2:41:21मुझे अपना नंबर दे दीजिए। बोलते हुए
  3581. 2:41:24प्रतीक ने अपना मोबाइल अपने हाथ में ले
  3582. 2:41:26लिया। शिप्रा ने प्रतीक को अपना नंबर
  3583. 2:41:28बताया। प्रतीक ने नंबर को डायल किया। एक
  3584. 2:41:31रिंग जाने के बाद उसने कॉल डिस्कनेक्ट
  3585. 2:41:33किया और शिप्रा से बोला, "यह मेरा नंबर
  3586. 2:41:36है। आप इसे सेव कर लीजिए।" शिप्रा ने
  3587. 2:41:40प्रतीक का नंबर सेव कर लिया। फिर अपनी कार
  3588. 2:41:42का दरवाजा खोलते हुए कहा,
  3589. 2:41:44आपसे बात करके अच्छा लगा मिस्टर प्रतीक।
  3590. 2:41:47आगे भविष्य में [संगीत] मैं जरूर आपकी मदद
  3591. 2:41:49लूंगी। एनी टाइम जब भी आपको जरूरत हो आप
  3592. 2:41:53निसंकोच मुझे याद कर सकती हैं। प्रतीक
  3593. 2:41:56स्माइल करता हुआ बोला। इसके बाद शिप्रा
  3594. 2:42:00अपनी कार में बैठी और वहां से निकल
  3595. 2:42:01[संगीत] गई। रास्ते में चलते हुए उसे
  3596. 2:42:04मेघना की वह बात याद आ रही थी जब उसने कहा
  3597. 2:42:07था कि शायद राजा साहब तुम्हें अपनी बहू
  3598. 2:42:09बनाना चाहते हो। उसे प्रतीक को देखने के
  3599. 2:42:12बाद यह बात [संगीत] याद आई। क्या सच में
  3600. 2:42:14ऐसी ही बात है क्या? पर उसने तो राजा साहब
  3601. 2:42:17को पहले ही बता दिया है कि वह शादीशुदा
  3602. 2:42:19है। और अब राजा साहब को तो यह भी पता
  3603. 2:42:21[संगीत] है कि शौर्य ही उसका पति है। तो
  3604. 2:42:24कम से कम यह बात तो नहीं हो सकती कि राजा
  3605. 2:42:27साहब के दिमाग में उसे अपनी बहू बनाने का
  3606. 2:42:29ख्याल हो। पर उसे यह बात भी अजीब लग रही
  3607. 2:42:32थी कि आखिर राजा साहब उस पर इतने मेहरबान
  3608. 2:42:34क्यों हैं। [संगीत] जब उसे इसका कोई जवाब
  3609. 2:42:37नहीं मिला तो उसने इस तरफ से अपना विचार
  3610. 2:42:39डायवर्ट करने के लिए मेघना को फोन करने की
  3611. 2:42:42सोची। तभी उसके फोन पर रिंग होने लगा।
  3612. 2:42:45उसने नंबर पर ध्यान दिया तो उसके पापा का
  3613. 2:42:48फोन आ रहा था। उसने कॉल उठाया तो दूसरी
  3614. 2:42:51तरफ से उसके पापा ने पूछा कहां हो तुम?
  3615. 2:42:55शिप्रा ने बताया कि वो रास्ते में है और
  3616. 2:42:57अभी वापस मॉडल टाउन जा रही है। शिप्रा की
  3617. 2:43:00बात सुनने के बाद राजदीप जी ने कहा क्या
  3618. 2:43:04तुम अभी घर आ सकती हो? मुझे तुमसे कुछ बात
  3619. 2:43:07करनी है। शिप्रा को समझ नहीं आया कि ऐसी
  3620. 2:43:11क्या बात हो गई जो उसके पापा उसे घर आने
  3621. 2:43:13को कह रहे हैं। उसने कहा भी क्या बात है
  3622. 2:43:17पापा? आप फोन पर भी तो बात कर सकते हैं।
  3623. 2:43:20नहीं तुम थोड़ी देर के लिए घर आ जाओ फिर
  3624. 2:43:23चली जाना। राजदीप जी ने फोन पर बात करना
  3625. 2:43:27ठीक नहीं समझा। शिप्रा को कुछ समझ नहीं
  3626. 2:43:30आया कि उसके पापा को उससे क्या बात करनी
  3627. 2:43:32है। पर उसे ध्यान आया कि उसने अपनी जॉब के
  3628. 2:43:35बारे में अपने पापा को भी अभी तक कुछ नहीं
  3629. 2:43:37बताया है। उसे भी यह सही लगा कि घर जाकर
  3630. 2:43:40ही वो अपने पापा को यह खुशखबरी देगी। उसने
  3631. 2:43:43अपनी कार को अपने घर की तरफ मोड़ दिया।
  3632. 2:43:46थोड़ी देर बाद वो अपने घर में अपने पापा
  3633. 2:43:48के पास बैठी हुई थी। कहिए पापा क्या बात
  3634. 2:43:52करनी है आपको? राजदीप जी समझने की कोशिश
  3635. 2:43:55कर रहे थे कि वह अपनी बात कैसे शुरू करें।
  3636. 2:43:58इसीलिए [संगीत] उन्होंने सबसे पहले शिप्रा
  3637. 2:44:01से उसके जॉब के बारे में ही पूछा।
  3638. 2:44:03तुम्हारे जॉब का क्या रहा? आज मैंने अपनी
  3639. 2:44:06जॉब [संगीत] को ज्वाइन कर लिया है पापा।
  3640. 2:44:08आप अगर कंपनी का नाम जानेंगे तो आपके
  3641. 2:44:10आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहेगा। शिप्रा खुश
  3642. 2:44:14होते हुए बोली। वो उम्मीद कर रही थी
  3643. 2:44:16[संगीत] जब उसके पापा को पता चलेगा कि
  3644. 2:44:18उसने फैब्रिक्स ट्रेंड कंपनी को सीईओ के
  3645. 2:44:21रूप में ज्वाइन किया है तो उनकी खुशी का
  3646. 2:44:23ठिकाना नहीं रहेगा। मैंने सुना है तुम्हें
  3647. 2:44:26राजा साहब ने अपनी कंपनी को ज्वाइन करने
  3648. 2:44:28का ऑफर दिया है। राजदीप जी शिप्रा के
  3649. 2:44:31चेहरे को देखते हुए बोले शिप्रा को
  3650. 2:44:34आश्चर्य हुआ कि उसके पापा को पहले से ही
  3651. 2:44:36यह कैसे पता है? उसने आश्चर्य से कहा हां
  3652. 2:44:41आपने सही कहा। मैं फैब्रिक ट्रेंड
  3653. 2:44:43क्लोथिंग हाउस की सीईओ बन गई हूं। पर आपको
  3654. 2:44:46पहले से ही यह कैसे पता है? तुम भूल रही
  3655. 2:44:49हो कि कल जिस पार्टी में तुमको राजा साहब
  3656. 2:44:51ने यह जॉब प्रपोजल दिया था, उस पार्टी में
  3657. 2:44:53[संगीत] पिताजी भी थे। राजदीप जी बोले,
  3658. 2:44:57शिप्रा को ध्यान आया कि कल दादाजी भी तो
  3659. 2:44:59उस पार्टी में थे। पर उसे यह पता नहीं था
  3660. 2:45:02कि [संगीत] राजा साहब के प्रपोजल के बारे
  3661. 2:45:04में उसके दादाजी को भी पता होगा। फिर उसे
  3662. 2:45:07ध्यान आया कि उन्हें कैसे पता नहीं होगा।
  3663. 2:45:09क्योंकि [संगीत] बहुत से लोगों ने तो उसे
  3664. 2:45:11उस पार्टी में ही बधाई देना शुरू कर दिया
  3665. 2:45:13था। उसने सोचा कहीं इसी के बारे में तो
  3666. 2:45:16उसके पापा को उससे बात नहीं करनी है। यह
  3667. 2:45:19सोचकर उसने अपने पापा से कहा आप बताइए
  3668. 2:45:22पापा आप मुझसे क्या बात कहना चाहते हैं?
  3669. 2:45:26कुछ पल राजदीप जी सोचते रहे कि क्या
  3670. 2:45:28उन्हें अपने पिताजी [संगीत] की बात में
  3671. 2:45:30आकर शिप्रा से शौर्य से अलग होने के बारे
  3672. 2:45:32में बात करनी चाहिए या नहीं। फिर उन्होंने
  3673. 2:45:35मन ही मन निश्चय किया और शिप्रा से कहा
  3674. 2:45:38देखो तुम्हारी किस्मत तुम पर मेहरबान है
  3675. 2:45:41जो तुम्हें इतनी बड़ी कंपनी का [संगीत]
  3676. 2:45:43सीईओ बना दिया है तो तुम्हें अब अपने बारे
  3677. 2:45:46में भी सोचना चाहिए शिप्रा को समझ नहीं
  3678. 2:45:49आया कि उसके पापा उससे क्या कहना चाहते
  3679. 2:45:52हैं वो ना समझते हुए [संगीत] अपने पापा से
  3680. 2:45:55बोली मैं आपके कहने का मतलब नहीं समझी
  3681. 2:45:58पापा आप क्या कहना चाहते हैं तुम समझी
  3682. 2:46:01नहीं या समझना नहीं चाहती देखो को मैं यह
  3683. 2:46:04नहीं कहता कि श्रवण अच्छा लड़का नहीं है।
  3684. 2:46:07पर हमें लगता है कि तुम्हें अब इससे आगे
  3685. 2:46:09का सोचना चाहिए। राजदीप जी थोड़ा अटकते
  3686. 2:46:13हुए बोले वो निश्चय नहीं कर पा रहे थे कि
  3687. 2:46:16जो वह शिप्रा से करने को कह रहे हैं क्या
  3688. 2:46:18वो ठीक है? आप जो भी कहना चाहते हैं
  3689. 2:46:21पिताजी वो बात आप साफ-साफ कहें। शिप्रा
  3690. 2:46:25थोड़े करे स्वर में बोली। देखो अब तुम
  3691. 2:46:28जितने अच्छे पोस्ट पर काम कर रही हो तो
  3692. 2:46:30हमें लगता है कि तुम्हें अब श्रवण से अलग
  3693. 2:46:33हो जाना चाहिए क्योंकि कुछ ही समय में
  3694. 2:46:35तुम्हारी पॉपुलैरिटी बढ़ने वाली है। तो यह
  3695. 2:46:38अच्छा नहीं लगेगा कि लोग तुम्हें एक
  3696. 2:46:40भिखारी की पत्नी कहें। इसीलिए तुम जितनी
  3697. 2:46:43जल्दी इस रिश्ते से बाहर [संगीत] निकल
  3698. 2:46:45जाओ, तुम्हारे भविष्य के लिए यह उतना ही
  3699. 2:46:48अच्छा है। राजदीप जी शिप्रा को समझाने की
  3700. 2:46:51कोशिश करने लगे। आप क्यों बार-बार एक ही
  3701. 2:46:54रट लगाए हुए हैं? मैंने पहले ही आपको कह
  3702. 2:46:56रखा है कि मैं श्रवण से तलाक नहीं लूंगी।
  3703. 2:46:59फिर भी आपकी सुई वहीं पर अटकी हुई है।
  3704. 2:47:01शिप्रा नाराजगी से बोली, देखो अगर तुम यह
  3705. 2:47:04चाहती हो कि मैं तुम्हें आगे से दूसरी
  3706. 2:47:06शादी के लिए फोर्स ना करूं तो नहीं
  3707. 2:47:09करूंगा। पर मुझे लगता है कि तुम्हारी
  3708. 2:47:11भविष्य के लिए यही अच्छा होगा कि तुम
  3709. 2:47:13श्रवण से अलग हो जाओ। राजदीप जी ने लास्ट
  3710. 2:47:16टाइम एक कोशिश करने की सोची। शिप्रा ने
  3711. 2:47:19ध्यान से अपने पिताजी की बात को सुना।
  3712. 2:47:21उसके बाद उसने कहा अगर आप यह सोच रहे हैं
  3713. 2:47:24कि राजा जी को हमारी शादी के बारे में
  3714. 2:47:26नहीं पता तो आप गलत सोच रहे हैं। उन्हें
  3715. 2:47:29हमारी शादी के बारे में पता है और उन्हें
  3716. 2:47:31यह भी पता है कि श्रवण ही मेरा पति है।
  3717. 2:47:34क्या अब भी आप कहेंगे कि मैं श्रवण से
  3718. 2:47:36तलाक ले लूं। राजदीप जी इस हकीकत से वाकिफ
  3719. 2:47:39नहीं थे कि राजा साहब को शिप्रा और श्रवण
  3720. 2:47:41की शादी के बारे में पता है। [संगीत] जब
  3721. 2:47:43शिप्रा ने उन्हें बता दिया कि राजा जी को
  3722. 2:47:46उसकी शादी की हकीकत पता है तो फिर उनके
  3723. 2:47:48पास कहने को कुछ रह नहीं गया। अब उन्हें
  3724. 2:47:51लगने लगा कि शिप्रा को तलाक के लिए कहना
  3725. 2:47:53[संगीत] निरर्थक बात थी। अभी राजदीप जी
  3726. 2:47:56शिप्रा से और कुछ कहते कि तभी [संगीत] उसे
  3727. 2:47:58एक वीडियो मैसेज आया जिसको देखकर शिप्रा
  3728. 2:48:00की भौहें चढ़ गई। उसे विश्वास नहीं हो रहा
  3729. 2:48:03था कि जो वह देख रही [संगीत] है वह सही हो
  3730. 2:48:05सकता है। पर उस वीडियो क्लिप को देखने के
  3731. 2:48:08बाद शिप्रा के चेहरे पर परेशानी नजर आने
  3732. 2:48:10लगी। वीडियो क्लिप देखने के बाद शिप्रा
  3733. 2:48:13थोड़ा परेशान नजर आने लगी। वो अब जल्दी से
  3734. 2:48:16यहां से निकलना चाहती थी। वह अपनी जगह पर
  3735. 2:48:19खड़ी हुई और अपने पापा से बोली, "मुझे कुछ
  3736. 2:48:22काम आ गया है इसीलिए मैं अभी निकलती हूं।"
  3737. 2:48:24राजदीप जी ने शिप्रा को खड़े होते देखा तो
  3738. 2:48:27वह जल्दी से बोले, कल युविका और विहान की
  3739. 2:48:30इंगेजमेंट पार्टी है तो तुम समय से उस
  3740. 2:48:32पार्टी में आ जाना और श्रवण को भी अपने
  3741. 2:48:34साथ लेते आना। शिप्रा को यह तो पता था कि
  3742. 2:48:37उसके दादाजी युविका से विहान की शादी के
  3743. 2:48:40लिए तैयार हो गए हैं। पर उसे यह नहीं पता
  3744. 2:48:42था [संगीत] कि उन दोनों की इंगेजमेंट डेट
  3745. 2:48:44भी फाइनल हो रखी है। उसे आश्चर्य हुआ। पर
  3746. 2:48:47उसने यह भी सोचा चलो अच्छा है कि कम से कम
  3747. 2:48:50इस बला से पीछा तो छूटा। उसने राजदीप जी
  3748. 2:48:52से कहा ठीक है मैं कल समय से आ जाऊंगा।
  3749. 2:48:56इतना कहकर वह वहां से निकल गई। वो जाकर
  3750. 2:48:59अपनी कार में बैठी और दोबारा मोबाइल निकाल
  3751. 2:49:01कर उसमें उस [संगीत] वीडियो क्लिप को
  3752. 2:49:03देखने लगी जिसे मेघना ने भेजा था। उस
  3753. 2:49:06वीडियो में शौर्य और नताशा दोनों एक दूसरे
  3754. 2:49:09के साथ डांस कर रहे थे। उस वीडियो को
  3755. 2:49:11देखकर लग रहा था कि नताशा थोड़ी नशे की
  3756. 2:49:14हालत में थी। पर शौर्य ठीक लग रहा था।
  3757. 2:49:17शिप्रा समझ गई कि यह किसी क्लब का वीडियो
  3758. 2:49:20है। उसने मेघना को फोन किया। दूसरी तरफ
  3759. 2:49:23शिप्रा के ऑफिस जाने के बाद शौर्य मेघना
  3760. 2:49:26के साथ नाश्ते की टेबल पर बैठा हुआ था।
  3761. 2:49:28तभी उसके पास नताशा का फोन आया और उसने
  3762. 2:49:31पूछा कहां हो तुम? शौर्य ने बताया वह अभी
  3763. 2:49:35घर पर ही है। तो नताशा ने उसे बताया कि वह
  3764. 2:49:37अभी फन फ्लॉक होटल कम रेस्टोरेंट आ जाए
  3765. 2:49:40जहां रत्नाकर शेट्टी उन दोनों का इंतजार
  3766. 2:49:42कर रहा है। [संगीत] शौर्य के पास दूसरा
  3767. 2:49:44कोई चारा नहीं था। वो उठा और तैयार होकर
  3768. 2:49:47बाहर आ गया। मेघना ने शौर्य को तैयार होकर
  3769. 2:49:50जाते देखा तो उसने पूछा [संगीत] कहां जा
  3770. 2:49:53रहे हो? तो शौर्य ने बताया तो मेघना बोली
  3771. 2:49:56मैं अकेली यहां बोर होंगी। क्या मैं भी
  3772. 2:49:59तुम्हारे साथ चल सकती हूं? शौर्य मेघना को
  3773. 2:50:01साथ ले जाने को तैयार हो गया। मेघना भी
  3774. 2:50:04जल्दी ही तैयार होकर आ गई। दोनों फन फ्लॉक
  3775. 2:50:07रेस्टोरेंट पहुंचे जहां रत्नाकर शेट्टी
  3776. 2:50:09पहले से ही बैठा उनका इंतजार कर रहा था।
  3777. 2:50:11उसके सामने टेबल पर एक फाइल पड़ी हुई थी।
  3778. 2:50:14जैसे ही उसने शौर्य को मेघना के साथ वहां
  3779. 2:50:16आते देखा। उसने खड़ा होकर उससे हाथ
  3780. 2:50:19मिलाया। शौर्य [संगीत] ने नताशा को वहां
  3781. 2:50:21नहीं देखा तो उसने रत्नाकर शेट्टी से
  3782. 2:50:23पूछा, नताशा कहां है? शौर्य की बात सुनकर
  3783. 2:50:27रत्नाकर शेट्टी बोला, वह भी अभी पहुंचने
  3784. 2:50:29वाली ही है। शौर्य मेघना के साथ उसी टेबल
  3785. 2:50:32पर बैठ गया। रत्नाकर शेट्टी अपने सामने
  3786. 2:50:35परी फाइल शौर्य की तरफ बढ़ाता हुआ बोला,
  3787. 2:50:38"मिस्टर श्रवण, यह स्क्रिप्ट है जो मैं
  3788. 2:50:40नताशा कपूर की मूवी के लिए लाया हूं। कौन
  3789. 2:50:43सी मूवी के लिए? शौर्य हैरानी से बोला,
  3790. 2:50:46"अरे, कल आपके सामने ही तो नताशा जी ने
  3791. 2:50:49कहा था कि उन्हें [संगीत] आपके साथ एक
  3792. 2:50:51फिल्म करनी है जितनी जल्दी हो सके।"
  3793. 2:50:53इसीलिए तो मैंने बड़ी मुश्किल से यह
  3794. 2:50:55स्क्रिप्ट पसंद की है। आप भी एक बार देख
  3795. 2:50:57लीजिए। अगर थोड़ी बहुत कुछ चेंजेस करवानी
  3796. 2:51:00हो तो उस बारे में बात कर सकते हैं।
  3797. 2:51:02रत्नाकर शेट्टी की बात सुनकर शौर्य का मन
  3798. 2:51:05किया कि वो अपना सर पीट ले। वो रत्नाकर
  3799. 2:51:07शेट्टी से बोला मिस्टर शेट्टी आप जानते
  3800. 2:51:10हैं अभी हमारे लिए सबसे जरूरी कौन सा काम
  3801. 2:51:13है? आप ऐड शूट की बात कर रहे हैं। आप उसकी
  3802. 2:51:16चिंता मत कीजिए। उसकी सारी तैयारी हो रखी
  3803. 2:51:19है। परसों से उस ऐड की शूट शुरू हो जाएगी।
  3804. 2:51:22मैंने नताशा जी को [संगीत] भी इसके बारे
  3805. 2:51:24में बता रखा है। रत्नाकर शेट्टी शौर्य को
  3806. 2:51:27आश्वस्त करता हुआ बोला। यह जानकर कि ऐड की
  3807. 2:51:30शूट ऑलरेडी शेड्यूल हो रखी है। शौर्य को
  3808. 2:51:32तसल्ली हुई। इसलिए वह थोड़ा टेंशन फ्री
  3809. 2:51:35होता हुआ बोला। आप मुझ पर कुछ ज्यादा ही
  3810. 2:51:37प्रेशर [संगीत] नहीं बना रहे हैं मिस्टर
  3811. 2:51:39शेट्टी। आपके कारण मैंने पहले ही एक फिल्म
  3812. 2:51:41साइन कर लिया है और अभी वह पहली [संगीत]
  3813. 2:51:44शुरू भी नहीं हुई और आपने दूसरी फिल्म भी
  3814. 2:51:46करने का सोच लिया। इसमें मैं कुछ नहीं कर
  3815. 2:51:49सकता। आपने मिस नताशा की बात को नहीं सुना
  3816. 2:51:51था। मैं खुद भी अभी कहां यह दूसरी फिल्म
  3817. 2:51:54करने की सोच रहा था। पर अगर मैं मिस नताशा
  3818. 2:51:57की बात नहीं मानता तो वह मुझे मेरी पहली
  3819. 2:51:59फिल्म भी नहीं करने देगी। रत्नाकर शेट्टी
  3820. 2:52:02बेबसी से बोला। जबकि मेघना इस बात से
  3821. 2:52:04[संगीत] हैरान थी कि अभी एक-द दिन पहले ही
  3822. 2:52:07तो मालिनी ने उसे अपनी फिल्म में काम करने
  3823. 2:52:09के लिए अप्रोच किया था और अब नताशा भी
  3824. 2:52:11उसके साथ फिल्म करने वाली है। जब शिप्रा
  3825. 2:52:14जानेगी कि शौर्य को दूसरी फिल्म भी मिल गई
  3826. 2:52:16है तो उसका क्या रिएक्शन होगा। अभी मेघना
  3827. 2:52:19इन्हीं ख्यालों में थी कि उसी [संगीत] समय
  3828. 2:52:21नताशा आ गई। पिंक शूट में वह कहर ढा रही
  3829. 2:52:24थी। वो सबसे मिली और मेघना को देखकर खुश
  3830. 2:52:28होती हुई बोली मुझे उम्मीद नहीं थी कि तुम
  3831. 2:52:32भी मुझे यहां मिलोगी। तुम्हारी ही
  3832. 2:52:34मेहरबानी है। जब तक तुम मेरा काम नहीं कर
  3833. 2:52:37दोगी तब तक मैं इसी शहर में रहूंगी।
  3834. 2:52:40[संगीत]
  3835. 2:52:41इसीलिए अगर मुझसे छुटकारा चाहती हो तो
  3836. 2:52:44जल्दी से मेरा शूट कंप्लीट [संगीत] कर दो।
  3837. 2:52:47फिर मैं यहां से 921
  3838. 2:52:50मेघना अपनी हाथ को हवा में प्लेन की तरह
  3839. 2:52:53लहराती हुई [संगीत] बोली अगर ऐसी बात है
  3840. 2:52:56तो फिर तो मैं और लेट करूंगी ताकि मुझे
  3841. 2:52:59तुम्हारे साथ रहने का और भी मौका मिले।
  3842. 2:53:02नताशा हंसती हुई बोली। इसके बाद वो
  3843. 2:53:05रत्नाकर शेट्टी की ओर देखकर [संगीत] बोली
  3844. 2:53:08हां मिस्टर शेट्टी आप बताइए यूं अचानक
  3845. 2:53:11यहां बुलाने का कारण? रत्नाकर शेट्टी ने
  3846. 2:53:14अपने सामने की फाइल नताशा की तरफ बढ़ाते
  3847. 2:53:17हुए कहा, "आपने जिस काम के लिए कहा था, वह
  3848. 2:53:20मैंने कर दिया है। यह स्क्रिप्ट है जो
  3849. 2:53:22मुझे बहुत पसंद आया है। आप एक बार देख
  3850. 2:53:25लीजिए। [संगीत]
  3851. 2:53:26अगर आप ओके करती हैं, तो हम इस कहानी पर
  3852. 2:53:28आगे बढ़ सकते हैं। रत्नाकर शेट्टी की बात
  3853. 2:53:31सुनकर नताशा की आंखों में चमक [संगीत] आ
  3854. 2:53:34गई। वेरी गुड मिस्टर शेट्टी। आप तो बहुत
  3855. 2:53:37फास्ट निकले। कल मैंने कहा [संगीत] और
  3856. 2:53:40आपने आज स्क्रिप्ट भी ढूंढ लिया।
  3857. 2:53:42आप मुझे कल तक का समय दीजिए। मैं एक बार
  3858. 2:53:45इसको रीड कर लेती हूं। फिर आपको बताती
  3859. 2:53:47हूं। इसी समय वेटर उस टेबल पर कुछ स्नेक्स
  3860. 2:53:51[संगीत] की प्लेट लगा गया। रत्नाकर शेट्टी
  3861. 2:53:54पहले ही वेटर को आर्डर कर रखा था। वहां से
  3862. 2:53:57फ्री होने के बाद नताशा ने शौर्य से कहा।
  3863. 2:54:00श्रवण अगर तुम फ्री हो तो [संगीत] क्या
  3864. 2:54:02तुम मेरे साथ एक पार्टी में चल सकते हो?
  3865. 2:54:05नताशा की बात सुनकर शौर्य मेघना की ओर
  3866. 2:54:08देखा। नताशा ने जब शौर्य को मेघना की ओर
  3867. 2:54:11देखते हुए देखा तो उसने शौर्य से कहा
  3868. 2:54:14मेघना भी हमारे साथ चल सकती है। नताशा की
  3869. 2:54:17बात सुनकर अब शौर्य के पास नताशा को मना
  3870. 2:54:20करने का कोई कारण नहीं था। वे तीनों फन
  3871. 2:54:24फ्लॉक से निकले और होटल पैराडाइज पहुंचे।
  3872. 2:54:27अब होटल पैराडाइज को मेनका ही कंट्रोल कर
  3873. 2:54:29रही थी। शौर्य तो अभी तक होटल पैराडाइज को
  3874. 2:54:32ऑक्शन में खरीदने के बाद एक बार देखने भी
  3875. 2:54:35नहीं आया था। उसने तो इस होटल को मेनका की
  3876. 2:54:38जिद के कारण ही खरीदा था। होटल पैराडाइज
  3877. 2:54:41का मेन हॉल आज रणधीर शेखावत ने बुक कर
  3878. 2:54:44[संगीत] रखा था। आज उन्होंने यहां अपनी
  3879. 2:54:46फिल्म का मुहूर्त रखा हुआ था। जो कि वह
  3880. 2:54:49अपने बेटे [संगीत] कबीर शेखावत को लेकर
  3881. 2:54:51बनाने वाले थे। आज इस पार्टी में उन्होंने
  3882. 2:54:54बड़ी-बड़ी फिल्मी हस्तियों को बुलाया हुआ
  3883. 2:54:56था। नताशा कपूर भी इस पार्टी में इनवाइटेड
  3884. 2:54:59थी। नताशा कपूर की अभी तक एक ही फिल्म
  3885. 2:55:02रिलीज हुई थी। जानम [संगीत]
  3886. 2:55:03जो ब्लॉकबस्टर रही थी। उसके बाद उसको कोई
  3887. 2:55:07स्क्रिप्ट ही पसंद नहीं आई थी। इसीलिए
  3888. 2:55:10उसने कोई दूसरी फिल्म साइन [संगीत] नहीं
  3889. 2:55:11की थी। रणधीर शेखावत भी अपनी फिल्म में
  3890. 2:55:15अपने बेटे के साथ नताशा को ही लेना चाहते
  3891. 2:55:18थे। पर नताशा जानती थी [संगीत] कि रणधीर
  3892. 2:55:20शेखावत जो फिल्म बनाने जा रहे हैं वो अपने
  3893. 2:55:23बेटे को प्रमोट करने के लिए। इसीलिए उनकी
  3894. 2:55:26फिल्म में हीरोइन के लिए कोई खास [संगीत]
  3895. 2:55:28स्कोप नहीं होगा। इसीलिए भी नताशा उनकी
  3896. 2:55:31फिल्म में काम करने को तैयार नहीं हुई थी।
  3897. 2:55:34नताशा के उस पार्टी में पहुंचने पर रणधीर
  3898. 2:55:37शेखावत ने जबरदस्त [संगीत] स्वागत किया।
  3899. 2:55:39उसे किसी स्टार की तरह ट्रीट किया। मिस
  3900. 2:55:43नताशा तुमने मेरी पार्टी में आकर यहां की
  3901. 2:55:45शोभा बढ़ा दी क्यों मुझे झार पर चढ़ा रहे
  3902. 2:55:48हैं शेखावत सर? यह मेरी खुशनसीबी है कि
  3903. 2:55:51[संगीत] आपने मुझे अपनी पार्टी में इनवाइट
  3904. 2:55:53किया है। नताशा मुस्कुराती हुई बोली। अगर
  3905. 2:55:57तुम मेरी फिल्म में काम करने को तैयार हो
  3906. 2:55:59जाओ तो हमारा दिन और [संगीत] भी अच्छा बन
  3907. 2:56:01जाए। रणधीर शेखावत एक तरह से दोबारा नताशा
  3908. 2:56:05को अपनी फिल्म का प्रपोजल देते हुए बोले
  3909. 2:56:08शेखावत साहब इस बार तो रहने दीजिए। हां
  3910. 2:56:12आपकी अगली फिल्म में अगर मेरे लिए कोई रोल
  3911. 2:56:15होगा तो मैं जरूर करूंगी। अभी वैसे भी मैं
  3912. 2:56:18कुछ दूसरे प्रोजेक्ट में बिजी हूं। नताशा
  3913. 2:56:21ने अपनी मजबूरी जताई। रणधीर शेखावत
  3914. 2:56:24[संगीत] ने नताशा के साथ खड़े शौर्य और
  3915. 2:56:27मेघना की ओर देखा तो मेघना ने बताया यह
  3916. 2:56:31दोनों मेरे दोस्त हैं। हम साथ में थे तो
  3917. 2:56:33मैं इन्हें साथ ले आई। आपको कोई ऐतराज तो
  3918. 2:56:36नहीं? कैसी बात [संगीत] करती हो? यह भी
  3919. 2:56:39कोई कहने की बात है? रणधीर शेखावत हंसते
  3920. 2:56:43हुए बोला। तभी कुछ और गेस्ट अंदर आए। तो
  3921. 2:56:46रणधीर शेखावत [संगीत] ने नताशा से कहा।
  3922. 2:56:49तुम अंदर चलकर पार्टी एंजॉय करो। तब तक
  3923. 2:56:52मैं कुछ और गेस्टों को देख [संगीत] लेता
  3924. 2:56:54हूं। नताशा शौर्य और मेघना के साथ अंदर
  3925. 2:56:57आकर एक खाली टेबल देखकर उस पर बैठ गई।
  3926. 2:57:01मेघना इस पार्टी में कई जाने पहचाने चेहरे
  3927. 2:57:04को देख रही थी। जिसे अभी तक वो फिल्मों
  3928. 2:57:06में ही देखती थी। शौर्य को पता नहीं था कि
  3929. 2:57:10यह [संगीत] पार्टी किस लिए है? तो उसने
  3930. 2:57:12नताशा से पूछा, "यह पार्टी किस खुशी में
  3931. 2:57:15है।" नताशा शौर्य की तरफ देखकर एक तरफ
  3932. 2:57:18इशारा करती हुई बोली, उस पोस्टर की तरफ
  3933. 2:57:21देखो, समझ आ जाएगा। जिधर नताशा इशारा कर
  3934. 2:57:25रही थी, शौर्य ने उस तरफ देखा तो वहां पर
  3935. 2:57:28एक बड़ा सा पोस्टर लगा हुआ था [संगीत] जो
  3936. 2:57:30कि किसी फिल्म की पोस्टर की तरह लग रहा था
  3937. 2:57:33जिस पर बलवान लिखा हुआ था। उस पोस्टर में
  3938. 2:57:36जो हीरो [संगीत] था वह भी किसी पहलवान की
  3939. 2:57:38तरह ही लग रहा था। तो आज इस फिल्म की
  3940. 2:57:41मुहूर्त है। हां, रणधीर शेखावत इस फिल्म
  3941. 2:57:45से [संगीत] अपने बेटे को इस इंडस्ट्रीज
  3942. 2:57:47में लॉन्च कर रहा है। नताशा शौर्य से
  3943. 2:57:49बोली, "तुमने इस फिल्म में काम करने से
  3944. 2:57:52मना क्यों कर दिया?" शौर्य ने सवाल किया,
  3945. 2:57:55"तुम इस फिल्म का नाम नहीं देख रहे?"
  3946. 2:57:58बलवान, तुम्हें लगता है [संगीत] कि इस
  3947. 2:58:00फिल्म में हीरोइन के लिए कोई स्कोप होगा?
  3948. 2:58:02नताशा बुरा सा मुंह बनाती हुई बोली, तो
  3949. 2:58:05इसी कारण तुमने इस फिल्म में काम करने से
  3950. 2:58:07मना कर दिया। वैसे यह रणधीर शेखावत का मेन
  3951. 2:58:11काम क्या है? शौर्य दूर खड़े रणधीर शेखावत
  3952. 2:58:14की ओर देखता हुआ बोला यह इंडस्ट्रीज का एक
  3953. 2:58:17बड़ा डिस्ट्रीब्यूटर है। इनऑर्बिट सिनेमा
  3954. 2:58:20का जो चैन है वो रणधीर शेखावत का ही है।
  3955. 2:58:23इसीलिए इंडस्ट्रीज के लोग इससे पंगे लेने
  3956. 2:58:25की कोशिश नहीं करते। नताशा ने बताया पर
  3957. 2:58:29तुमने तो उसके बेटे के साथ फिल्म करने से
  3958. 2:58:31मना कर दिया है। तो एक तरह से तो तुम भी
  3959. 2:58:33उससे पंगा ही ले रही हो। अब तक उन दोनों
  3960. 2:58:36की बात को सुन रही मेघना बीच में बोली
  3961. 2:58:40मैंने डायरेक्ट मना नहीं किया है। साथ में
  3962. 2:58:43मैंने उन्हें आश्वासन दिया है कि उनकी
  3963. 2:58:45अगली फिल्म में मैं जरूर काम करूंगी। और
  3964. 2:58:48फिर रणधीर सर के दिमाग में यह बात भी
  3965. 2:58:50[संगीत] है कि वह इस फिल्म में इंडस्ट्रीज
  3966. 2:58:52की टॉप की हीरोइन को लें। जिसका फायदा
  3967. 2:58:54उसके बेटे को मिले। नताशा डांस फ्लोर की
  3968. 2:58:58तरफ देखती हुई बोली जहां कबीर शेखावत किसी
  3969. 2:59:01लड़की के साथ डांस कर रहा था। अगर ऐसी बात
  3970. 2:59:04है तो फिर रणधीर शेखावत तुम्हें यह
  3971. 2:59:06प्रपोजल क्यों दे रहा है? शौर्य नताशा की
  3972. 2:59:09बात को समझने की कोशिश करता हुआ बोला।
  3973. 2:59:12दरअसल मैं उनके बेटे की पसंद हूं। कबीर
  3974. 2:59:15शेखावत इस फिल्म में मेरे साथ काम करना
  3975. 2:59:17चाहता है। जबकि रणधीर शेखावत की पसंद अभी
  3976. 2:59:20की टॉप हीरोइन प्रिया शर्मा [संगीत] है।
  3977. 2:59:23अपने बेटे की इच्छा का सम्मान करते हुए
  3978. 2:59:25उन्होंने पहले मुझे अप्रोच किया। जब मैंने
  3979. 2:59:28अपनी मजबूरी बताई तो उन्हें अपनी पसंद को
  3980. 2:59:31सामने लाने का कारण मिल गया। इसीलिए
  3981. 2:59:33उन्होंने मेरी बात का बुरा नहीं माना और
  3982. 2:59:36साथ में मैंने उनसे यह भी तो कह दिया कि
  3983. 2:59:38मैं उनकी अगली फिल्म में जरूर काम करूंगी।
  3984. 2:59:41नताशा ने शौर्य को समझाया। तो क्या तुम
  3985. 2:59:45उनकी अगली फिल्म में काम करोगी? शौर्य
  3986. 2:59:47नताशा की आंखों में देखता हुआ बोला।
  3987. 2:59:51पहले कबीर की पहली फिल्म [संगीत] तो अच्छा
  3988. 2:59:53बिजनेस करें। उसके बाद ही तो वो अगली
  3989. 2:59:55फिल्म के लिए सोचेगा। नताशा हंसते हुए
  3990. 2:59:58[संगीत] बोली। इसी समय एक वेटर उनके पास
  3991. 3:00:01आया और उन तीनों के सामने ड्रिंक की ग्लास
  3992. 3:00:03सर्व कर दिया। तीनों हल्का-हल्का शीप लेने
  3993. 3:00:07लगे। इसी समय कबीर शेखावत नताशा के सामने
  3994. 3:00:10आकर खड़ा हो गया और उससे बोला नताशा कपूर
  3995. 3:00:14तुम आ गई मैं कब से तुम्हारा इंतजार कर
  3996. 3:00:17रहा था मुबारक हो कबीर आखिर आज तुम्हारी
  3997. 3:00:21फिल्म का मुहूर्त हो ही गया नताशा ने कबीर
  3998. 3:00:24को बधाई दी बस एक अफसोस रहेगा कि तुम मेरी
  3999. 3:00:28इस फिल्म [संगीत] में काम नहीं कर रही हो
  4000. 3:00:30कबीर अफसोस भरे स्वर में बोला कोई अफसोस
  4001. 3:00:34की जरूरत नहीं है तुम्हारी अगली फिल्म में
  4002. 3:00:36मैं जरूर जरूर काम करूंगी। नताशा ने कबीर
  4003. 3:00:40को आश्वासन दिया। चलो कोई बात नहीं, भले
  4004. 3:00:43ही तुम मेरी अगली फिल्म में काम करना, तुम
  4005. 3:00:45अभी चलकर मेरे साथ एक डांस तो कर ही सकती
  4006. 3:00:48हो। कबीर अपने हाथ का ग्लास टेबल पर रखता
  4007. 3:00:51हुआ बोला। सॉरी कबीर। दरअसल, अभी थोड़ी
  4008. 3:00:55देर पहले श्रवण ने भी मुझे डांस करने को
  4009. 3:00:57इनवाइट किया था और [संगीत] मैंने उसका
  4010. 3:00:59प्रपोजल एक्सेप्ट कर लिया था। नताशा शौर्य
  4011. 3:01:02की ओर देखती हुई बोली। नताशा का इंकार
  4012. 3:01:05सुनकर कबीर भाव शून्य नजरों से शौर्य की
  4013. 3:01:08तरफ देखने लगा। इसी समय एक लड़की कबीर के
  4014. 3:01:12पास आई और बोली, "यह क्या बात हुई कबीर?
  4015. 3:01:15तुम मुझे डांस फ्लोर पर बुलाकर खुद गायब
  4016. 3:01:17हो गए? इधर शौर्य नाराजगी से नताशा की तरफ
  4017. 3:01:21देखने लगा। पर नताशा आंखों में ही शौर्य
  4018. 3:01:24से रिक्वेस्ट करने लगी कि वो इस स्थिति को
  4019. 3:01:26संभाल [संगीत] ले। मजबूरन शौर्य अपनी जगह
  4020. 3:01:29से उठा और डांस फ्लोर की तरफ बढ़ गया।
  4021. 3:01:32मेघना अपनी जगह पर बैठी उन दोनों को देखती
  4022. 3:01:35रही। डांस फ्लोर पर जाकर नताशा और शौर्य
  4023. 3:01:38कबीर को दिखाने के लिए साथ में डांस करने
  4024. 3:01:41लगी। शौर्य और नताशा को साथ में डांस करते
  4025. 3:01:44देखकर मेघना को शरारत सूझी और उसने अपनी
  4026. 3:01:47जगह से ही अपने मोबाइल में दोनों का
  4027. 3:01:50वीडियो बनाने लगी। और अगले ही पल उसने वह
  4028. 3:01:53वीडियो क्लिप शिप्रा को भेज भी दिया। जबकि
  4029. 3:01:57डांस फ्लोर पर शौर्य नताशा को अपने करीब
  4030. 3:02:00पाकर थोड़ा रोमांचित भी था। नताशा की
  4031. 3:02:02[संगीत] शरीर की खुशबू कहीं ना कहीं शौर्य
  4032. 3:02:05को अपनी तरफ एक खुला आमंत्रण भी दे रहा
  4033. 3:02:08था। पहले तो शौर्य उसके पास होने पर
  4034. 3:02:10अनकंफर्टेबल फील कर रहा था। पर धीरे-धीरे
  4035. 3:02:14वो अपने अंदर थोड़ा रोमांच महसूस करने
  4036. 3:02:16लगा। शायद यह एकद पैग वाइन पीने का असर
  4037. 3:02:19था। काम बेस [संगीत] यही हाल नताशा का भी
  4038. 3:02:22था। उसने वाइन की दो-तीन गिलास पी ली थी
  4039. 3:02:25जिसका असर उस पर कुछ ज्यादा ही होने
  4040. 3:02:27[संगीत] लगा था। इसीलिए उसको अपना कुछ
  4041. 3:02:30ज्यादा होश नहीं था। जबकि उससे कुछ दूरी
  4042. 3:02:32पर खड़ा कबीर अब डांस नहीं कर रहा था।
  4043. 3:02:35बल्कि वो जलती आंखों से नताशा [संगीत] और
  4044. 3:02:37शौर्य को देख रहा था। अगर उसका बस चलता तो
  4045. 3:02:40वह अपनी आंखों से ही उन दोनों को भस्म कर
  4046. 3:02:42देता। मेघना अपनी जगह पर बैठी शौर्य और
  4047. 3:02:46नताशा की ओर ही देख रही थी। तभी उसका फोन
  4048. 3:02:50रिंग करने लगा। उसने देखा यह शिप्रा का ही
  4049. 3:02:53कॉल था। उसने कॉल उठाया तो दूसरी तरफ से
  4050. 3:02:57शिप्रा की आवाज आई। कहां हो तुम? शिप्रा
  4051. 3:03:01को लग ही रहा था कि [संगीत] जो वीडियो
  4052. 3:03:03क्लिप उसने शिप्रा को भेजा है उसको देखते
  4053. 3:03:06ही उसके पास उसका कॉल आएगा। इतना तो वह
  4054. 3:03:09समझ गई थी कि भले ही शिप्रा बोलती कुछ भी
  4055. 3:03:12हो। पर जब वह शौर्य को किसी लड़की के करीब
  4056. 3:03:14देखती है तो [संगीत] उसे यह बात बर्दाश्त
  4057. 3:03:16नहीं होता। शिप्रा ने हल्की मुस्कान के
  4058. 3:03:19साथ जवाब दिया, "मैं श्रवण के साथ एक
  4059. 3:03:22पार्टी में आई हुई हूं। तुम दोनों किसकी
  4060. 3:03:25पार्टी में चली गई? और जब तुम दोनों गई
  4061. 3:03:27थी, तो यह नताशा वहां कैसे पहुंच गई?
  4062. 3:03:30शिप्रा की आवाज में उसकी चिंता [संगीत]
  4063. 3:03:32साफ झलक रही थी। दरअसल, श्रवण और मैं
  4064. 3:03:36नताशा के ही किसी जानने वाले की पार्टी
  4065. 3:03:38में आए [संगीत] हुए हैं। मेघना ने जवाब
  4066. 3:03:41दिया, हद है तुम लोग ऐसे ही किसी की भी
  4067. 3:03:44पार्टी में चली जाती हो। शिप्रा चिर कर
  4068. 3:03:47बोली नताशा अकेली थी तो उसने रिक्वेस्ट
  4069. 3:03:50[संगीत] किया कि हम उसके साथ चल लें इसलिए
  4070. 3:03:53हम दोनों उसके साथ आ गए मेघना शिप्रा की
  4071. 3:03:56चिंता को समझती हुई बोली पर तुम दोनों
  4072. 3:03:59नताशा के पास कैसे पहुंचे तुम दोनों तो घर
  4073. 3:04:02पर ही थे शिप्रा को गुस्सा आ रहा था
  4074. 3:04:05[संगीत] कि मेघना एक बार में सारी कहानी
  4075. 3:04:07नहीं बता सकती जो वो उसके पूछने पर
  4076. 3:04:10टुकड़ों में उसे बता रही है। उसके पूछने
  4077. 3:04:13पर मेघना ने फिर से कहा एक्चुअली एक फिल्म
  4078. 3:04:16को लेकर श्रवण की मीटिंग नताशा [संगीत] से
  4079. 3:04:18थी। उस मीटिंग के समाप्त होने पर वहीं से
  4080. 3:04:20इस पार्टी में आ गए। मूवी को लेकर मीटिंग
  4081. 3:04:24कौन सी मूवी? शिप्रा को समझ नहीं आया कि
  4082. 3:04:27किस मूवी की मीटिंग थी। शौर्य और नताशा
  4083. 3:04:30साथ में एक फिल्म करने जा रहे हैं। उसी को
  4084. 3:04:33लेकर यह मीटिंग थी। श्रवण ने तो ऑलरेडी
  4085. 3:04:35इसके अलावे भी एक और मूवी साइन [संगीत] कर
  4086. 3:04:37रखी है मालिनी के साथ। उसके बारे में तो
  4087. 3:04:40तुम्हें पता ही है। उसकी भी शूटिंग जल्दी
  4088. 3:04:42ही शुरू होने [संगीत] वाली है। मेघना की
  4089. 3:04:45यह बात शिप्रा के लिए और सरप्राइजिंग थी
  4090. 3:04:48कि शौर्य को इतनी जल्दी [संगीत] दूसरी
  4091. 3:04:50मूवी भी मिल गई। वो सोचने लगी क्या सच में
  4092. 3:04:53शौर्य मूवी करने वाला है। उसके मन में यह
  4093. 3:04:56चिंता होने लगी कि अगर शौर्य मूवी में
  4094. 3:04:58कामयाब हो गया तो वह कहीं उससे दूर ना हो
  4095. 3:05:01जाए।
  4096. 3:05:01[संगीत]
  4097. 3:05:02इसे कहते हैं कि किसी का वक्त कब बदल जाए
  4098. 3:05:05कुछ कहा नहीं जा सकता है। एक समय था कि यह
  4099. 3:05:08बात उसके लिए परेशानी वाली थी कि शौर्य एक
  4100. 3:05:11भिखारी है। पर बाद में शिप्रा को शौर्य की
  4101. 3:05:14यह हालात अपने लिए मुफिद लगा। [संगीत] उसे
  4102. 3:05:16लगा उसको जो एक डमी हस्बैंड चाहिए, उसके
  4103. 3:05:19लिए शौर्य से बेहतर तो कोई हो ही नहीं
  4104. 3:05:21सकता। [संगीत]
  4105. 3:05:22पर धीरे-धीरे शौर्य तरक्की करने लगा।
  4106. 3:05:25जैसे-जैसे वह आगे बढ़ता जा रहा था, उसको
  4107. 3:05:28लेकर शिप्रा की चिंता भी बढ़ती जा रही थी।
  4108. 3:05:32और अब जब उसने यह सुना कि [संगीत] शौर्य
  4109. 3:05:34को दो-दो फिल्में में हीरो बनने का मौका
  4110. 3:05:36मिल रहा है। अगर ऐसे ही चलता रहा और उसे
  4111. 3:05:39कामयाबी मिलने लगी तो [संगीत] उसके चारों
  4112. 3:05:41तरफ वैसे ही खूबसूरत लड़कियों की भीड़ लग
  4113. 3:05:44जाएगी। क्या तब वो उसके साथ अपनी शादीशुदा
  4114. 3:05:47जिंदगी को आगे बढ़ा पाएगा? [संगीत] यह
  4115. 3:05:50सोचकर ही उसके शरीर ने झुरझुरी ली। वो
  4116. 3:05:52अपने ख्यालों से वापस आई। उसने पूछा इस
  4117. 3:05:56समय तुम लोग कहां हो? होटल पैराडाइज जहां
  4118. 3:06:00[संगीत] रणधीर शेखावत के बेटे की फिल्म की
  4119. 3:06:02मुहूर्त की पार्टी चल रही है। कहीं तुम
  4120. 3:06:05यहां आने की तो नहीं सोच रही। अचानक ही
  4121. 3:06:08मेघना के दिमाग में यह ख्याल आया। इसीलिए
  4122. 3:06:10उसने पूछा। पता नहीं मुझे नहीं समझ आ रहा
  4123. 3:06:14कि मैं क्या करूं। शिप्रा असमंजस की
  4124. 3:06:17स्थिति में बोली। इसके बाद उसने फोन रख
  4125. 3:06:20दिया। मेघना को समझ नहीं आया कि वह शिप्रा
  4126. 3:06:23की इस बात का क्या मतलब निकाले। क्या वह
  4127. 3:06:26होटल आएगी या सीधा घर जाएगी। दूसरी तरफ
  4128. 3:06:30शौर्य इन सब बातों से बेपरवाह नताशा
  4129. 3:06:33[संगीत] के साथ डांस फ्लोर पर था। वो देख
  4130. 3:06:36रहा था कि नताशा पर वाइन का शरूर चढ़ता
  4131. 3:06:38[संगीत] जा रहा था। उससे कुछ दूरी पर खड़े
  4132. 3:06:40कबीर शेखावत की आंखों में कुछ जलता हुआ सा
  4133. 3:06:43महसूस हुआ। [संगीत]
  4134. 3:06:45उसने अपने साथ वाली लड़की को कुछ इशारा
  4135. 3:06:47किया। जिस लड़की को कबीर ने कुछ इशारा
  4136. 3:06:50किया था, वो लड़की [संगीत] अपने एक हाथ
  4137. 3:06:52में वाइन की ग्लास लिए हल्का-हल्का डांस
  4138. 3:06:55करती हुई डांस फ्लोर पर [संगीत] पहुंच गई।
  4139. 3:06:58वो जैसे किसी मौके की तलाश में थी। वो
  4140. 3:07:00शौर्य के पीछे उसके [संगीत] एकदम करीब
  4141. 3:07:03पहुंच गई। अचानक ही वह पीछे से शौर्य से
  4142. 3:07:06टकराई और वो लड़खराई [संगीत] और उसका वाइन
  4143. 3:07:08का ग्लास उसके पीछे उछल गया और गिर गया।
  4144. 3:07:12ग्लास तो नीचे गिर गया पर ग्लास का वाइन
  4145. 3:07:15कुछ उसके ऊपर और कुछ हिस्सा छलक कर नताशा
  4146. 3:07:19के ऊपर भी जाकर [संगीत] गिरा। वो लड़की भी
  4147. 3:07:22जानबूझकर वहां गिरी थी। पर वो जल्दी से
  4148. 3:07:24अपनी जगह से उठी और शौर्य पर चढ़ दो। एक
  4149. 3:07:28पल को तो शौर्य को समझ नहीं आया कि वहां
  4150. 3:07:30पर क्या हुआ है। तभी ग्लास टूटने [संगीत]
  4151. 3:07:32की आवाज सुनकर कबीर वहां आ गया। वो लड़की
  4152. 3:07:35जिसे कबीर ने अभी थोड़ी देर पहले कुछ कहा
  4153. 3:07:38था। वो शौर्य पर इल्जाम लगाती हुई बोली
  4154. 3:07:40[संगीत] कि उसने उसे छेड़ने की कोशिश की।
  4155. 3:07:42उसने जानबूझकर उसके पैर में अपना पैर अड़ा
  4156. 3:07:45दिया जिसके कारण वो गिर गई और उसका वाइन
  4157. 3:07:47का [संगीत] ग्लास टूट गया और उसका कपड़ा
  4158. 3:07:49भी गंदा हो गया। जबकि शौर्य अभी समझने की
  4159. 3:07:52कोशिश कर रहा था कि आखिर वहां हो क्या रहा
  4160. 3:07:54है। जब उसने उस लड़की को [संगीत] अपने ऊपर
  4161. 3:07:57इल्जाम लगाते देखा तो वह भी गुस्से में
  4162. 3:07:59बोला। क्या बकवास कर रही हो तुम? मुझे तो
  4163. 3:08:03पता भी नहीं था कि तुम मेरे पीछे थी और
  4164. 3:08:05भला डांस फ्लोर पर वाइन [संगीत] का ग्लास
  4165. 3:08:07लेकर कौन आता है। नताशा भी समझने की कोशिश
  4166. 3:08:10कर रही थी कि यह अचानक क्या हो गया। वो
  4167. 3:08:12खुद भी अनकंफर्टेबल फील करने लगी क्योंकि
  4168. 3:08:14वाइन की कुछ बूंदे उसके ऊपर भी गिरी थी।
  4169. 3:08:17जबकि उसी समय वहां पर आया हुआ कबीर उस
  4170. 3:08:19लड़की [संगीत] से बोला क्या हुआ सरोज? तुम
  4171. 3:08:22यह हंगामा क्यों कर रही हो? वो लड़की
  4172. 3:08:24जिसका नाम सरोज [संगीत] था वो कबीर पर
  4173. 3:08:27भड़कती हुई बोली। कैसे-कैसे गवार को अपनी
  4174. 3:08:30पार्टी बुला लिया है? देखो इसने मेरा क्या
  4175. 3:08:32हाल किया है। आखिर हुआ क्या? कुछ बताओगी
  4176. 3:08:35भी? जब तक कुछ बताओगी नहीं तब तक हमें समझ
  4177. 3:08:38में कैसे [संगीत] आएगा कि क्या बात हुई
  4178. 3:08:39है। कबीर सरोज को झरकता हुआ बोला। इस
  4179. 3:08:43लड़के ने मुझे पीछे से टक्कर मारी और
  4180. 3:08:45जिसके कारण वाइन का गिलास मेरे ऊपर ही गिर
  4181. 3:08:47गया। सरोज उंगली उठाकर शौर्य की तरफ इशारा
  4182. 3:08:51करती हुई बोली। नताशा ने जब देखा कि वो
  4183. 3:08:54लड़की सरेआम शौर्य पर इल्जाम लगा रही है
  4184. 3:08:57तो वो बीच में आती हुई बोली। तुम ऐसी गलत
  4185. 3:09:00बात कैसे कर सकती हो? श्रवण और मैं तो
  4186. 3:09:02यहां डांस कर रहे थे तो फिर यह तुम्हें
  4187. 3:09:04टक्कर कैसे मार सकता था? तुम बहुत भोली हो
  4188. 3:09:07मिस नताशा। तुम ऐसे छोटे लोगों की मंशा को
  4189. 3:09:10नहीं समझ सकती। यह दिखाई कुछ और देते हैं
  4190. 3:09:13और होते कुछ और हैं। कबीर भी सरोज की बात
  4191. 3:09:16से सहमति जताते हुए बोला। कबीर किसी पर
  4192. 3:09:20इल्जाम लगाने से पहले यह देख लो कि तुम यह
  4193. 3:09:22इल्जाम किस पर लगा रहे हो। श्रवण मेरे साथ
  4194. 3:09:25यहां आया है और यह ऐसा बिल्कुल नहीं
  4195. 3:09:27[संगीत] है जैसा यह लड़की इसे बोल रही है
  4196. 3:09:29और तुम भी इस लड़की की बात में उसका साथ
  4197. 3:09:31दे रहे हो। यह ठीक नहीं है। नताशा भड़कती
  4198. 3:09:35हुई बोली मिस नताशा मैं समझती हूं कि आप
  4199. 3:09:38एक बड़ी मॉडल हैं। इसका मतलब यह नहीं है
  4200. 3:09:41कि आप मुझ पर [संगीत] यह इल्जाम लगाएंगी
  4201. 3:09:43कि मैं गलत बोल रही हूं। मैं वही बोल रही
  4202. 3:09:45हूं जो इसने अभी मेरे साथ किया है। आपको
  4203. 3:09:48शायद एहसास नहीं हुआ होगा। पर सच यही है
  4204. 3:09:50जो मैंने कहा है। सरोज नताशा के सामने
  4205. 3:09:53सफाई देते हुए बोली, नताशा, मैं समझता हूं
  4206. 3:09:57कि इसे तुम अपने साथ लाई हो। पर इसका मतलब
  4207. 3:09:59यह नहीं है कि सिर्फ तुम्हारे साथ आने से
  4208. 3:10:01यह सही हो जाएगा। इसने जो हरकत सरोज के
  4209. 3:10:04साथ की है, वह बिल्कुल भी माफी के लायक
  4210. 3:10:06नहीं है। इसलिए इसे अभी सबके सामने सरोज
  4211. 3:10:09से माफी मांगनी पड़ेगी। कबीर शौर्य को
  4212. 3:10:12घूरता हुआ बोला, "क्या तुम मुझे बताओगे कि
  4213. 3:10:15यह सरोज अचानक [संगीत] डांस फ्लोर पर कहां
  4214. 3:10:17से आ गई? और अगर यह डांस फ्लोर पर आई भी
  4215. 3:10:19तो इसे वाइन की गिलास अपने हाथ में लेकर
  4216. 3:10:22आने की क्या जरूरत [संगीत] थी? नताशा सरोज
  4217. 3:10:25की गलती की तरफ इशारा करती हुई बोली यह
  4218. 3:10:27[संगीत] कोई बड़ी बात नहीं है। तुम समझती
  4219. 3:10:29हो अक्सर लड़कियां वाइन पीती हुई एंजॉय
  4220. 3:10:31करती हैं और इसके जैसे छोटे लोग [संगीत]
  4221. 3:10:33ऐसे ही मौके का फायदा उठाते हैं। इसलिए
  4222. 3:10:36तुम इसे समझा दो कि यह अभी सबके सामने
  4223. 3:10:39इससे [संगीत] माफी मांग ले। नहीं तो यह
  4224. 3:10:40काम मुझे भी करवाना आता है। कबीर शौर्य को
  4225. 3:10:44घूरता हुआ बोला। शौर्य को समझ नहीं आ रहा
  4226. 3:10:47था कि यह हो क्या रहा है। अब तो शौर्य को
  4227. 3:10:50भी कबीर शेखावत [संगीत] पर गुस्सा आने लगा
  4228. 3:10:52था। क्योंकि जिस प्रकार कबीर शेखावत शौर्य
  4229. 3:10:54का पक्ष जाने बिना उस पर इल्जाम लगा रहा
  4230. 3:10:56था वो [संगीत] सही नहीं था। वो सपाट स्वर
  4231. 3:11:00में बोला मिस्टर कबीर आप [संगीत] जो मुझ
  4232. 3:11:03पर इल्जाम लगा रहे हैं उसका आधार क्या है?
  4233. 3:11:05या ऐसा सिर्फ इसलिए है कि मैं आपका दोस्त
  4234. 3:11:08नहीं हूं [संगीत] तो आप मुझ पर कुछ भी
  4235. 3:11:09इल्जाम लगा सकते हैं। ऐसी झूठी सफाई देने
  4236. 3:11:12से कुछ नहीं होने वाला मिस्टर। इसलिए मेरा
  4237. 3:11:15कहा मानो और अभी के अभी सरोज से माफी
  4238. 3:11:18मांगो। नहीं तो तुम उम्मीद भी नहीं कर
  4239. 3:11:20सकते कि मैं तुम्हारे साथ क्या करवा सकता
  4240. 3:11:23हूं। कबीर घमंड भरे स्वर में बोला कबीर
  4241. 3:11:27तुम मेरे दोस्त की बेइज्जती कर रहे हो।
  4242. 3:11:29ऐसे अपनी पार्टी में बुलाकर किसी पर यूं
  4243. 3:11:32झूठा इल्जाम लगाना सही है क्या? नताशा को
  4244. 3:11:35यह बर्दाश्त नहीं हो रहा था कि कबीर इस
  4245. 3:11:37तरह से सरवन पर इल्जाम लगा रहा था। वहां
  4246. 3:11:40हो रहे शोर को सुनकर रणधीर शेखावत भी वहां
  4247. 3:11:43पर आ गया था। वहां पर हो रहे शोर को सुनकर
  4248. 3:11:46वह बोले क्या हो रहा है यहां पर? इतना शोर
  4249. 3:11:49क्यों हो रहा है? नताशा ने जब रणधीर
  4250. 3:11:52शेखावत को वहां पर आया हुआ देखा तो वह
  4251. 3:11:54रणधीर शेखावत के पास जाकर बोली यह देखिए
  4252. 3:11:58मिस्टर शेखावत आपका बेटा कबीर एक लड़की की
  4253. 3:12:01बात में आकर मेरे दोस्त पर झूठा इल्जाम
  4254. 3:12:03लगा रहा है यह सही नहीं है नताशा की बात
  4255. 3:12:06सुनकर रणधीर शेखावत ने कबीर की ओर देखा तो
  4256. 3:12:09कबीर सामने आकर बोला मैं ऐसा कुछ नहीं कर
  4257. 3:12:13रहा पिताजी एक्चुअली सरोज का कहना है कि
  4258. 3:12:16इस लड़के [संगीत] ने जानबूझकर उसको धक्का
  4259. 3:12:18दिया जिसके कारण वह गिर पड़ी और उसके हाथ
  4260. 3:12:21में जो वाइन की गिलास थी [संगीत] वह भी
  4261. 3:12:23टूट कर गिर गया और वाइन से उसका पूरा
  4262. 3:12:25कपड़ा खराब हो गया। मैंने तो सिर्फ इस
  4263. 3:12:28लड़के को उससे माफी मांगने के लिए कहा है।
  4264. 3:12:31क्या नताशा जी? क्यों आप इस छोटी सी बात
  4265. 3:12:34को बड़ी कर रही हैं? बोल लीजिए अपने दोस्त
  4266. 3:12:37को कि [संगीत] सरोज से माफी मांगकर इस बात
  4267. 3:12:39को खत्म करें। हो जाती है छोटी-मोटी गलती।
  4268. 3:12:42इसके लिए इस तरह की जिद करने की क्या
  4269. 3:12:44जरूरत है? रणधीर शेखावत लापरवाही से यह
  4270. 3:12:47बात नताशा [संगीत] से बोला। रणधीर शेखावत
  4271. 3:12:50की बात सुनकर नताशा तो हतप्रब रह गई कि वह
  4272. 3:12:53कितनी बेशर्मी [संगीत] से अपने बेटे को
  4273. 3:12:55सपोर्ट कर रहा है। शौर्य वहां पर घट रही
  4274. 3:12:58घटनाओं को सिर्फ सुन रहा था। वो देख रहा
  4275. 3:13:01था [संगीत] कि रणधीर शेखावत किस स्तर तक
  4276. 3:13:03जाता है। जबकि नताशा को बुरा लग रहा था कि
  4277. 3:13:06उसके कारण शौर्य को यह सब सुनना पड़ रहा
  4278. 3:13:09है। वो अगर शौर्य को यहां नहीं लाती
  4279. 3:13:11[संगीत] तो उसे यह सब देखना सुनना नहीं
  4280. 3:13:13पड़ता। वो अपने गुस्से को दबाती हुई फिर
  4281. 3:13:16से रणधीर शेखावत से बोली। मिस्टर शेखावत
  4282. 3:13:20आपका यूं अपने बेटे को सपोर्ट करना सही
  4283. 3:13:22नहीं [संगीत] है। आप अपनी पार्टी में
  4284. 3:13:24बुलाकर यूं किसी को बेइज्जत नहीं कर सकते।
  4285. 3:13:27मिस [संगीत] नताशा मैंने कहा ना क्यों आप
  4286. 3:13:30दिल का तार बना रही हैं? छोटी सी बात है।
  4287. 3:13:33आप अपने इस दोस्त को बोलिए एक सॉरी बोलकर
  4288. 3:13:36बात को खत्म करें। क्या आप भी जिद पकड़ कर
  4289. 3:13:39बैठी हैं? और फिर मैंने आपको इस पार्टी
  4290. 3:13:41में बुलाया था। आपके इस दोस्त को थोड़े ही
  4291. 3:13:44बुलाया था? रणधीर शेखावत बेशर्मी से बोला।
  4292. 3:13:48रणधीर शेखावत की बात सुनकर नताशा बेबसी से
  4293. 3:13:51शौर्य की ओर देखने लगी। उसकी आंखों में
  4294. 3:13:54शौर्य से माफी मांगने वाला भाव था। शौर्य
  4295. 3:13:57ने जब नताशा की बेबसी को महसूस किया तो वह
  4296. 3:14:00समझ गया कि अब उसे इस मामले को खुद ही
  4297. 3:14:03हैंडल करना पड़ेगा। इसलिए वह रणधीर
  4298. 3:14:05[संगीत]
  4299. 3:14:05शेखावत के सामने आया और उनसे शांत स्वर
  4300. 3:14:08में बोला। मिस्टर शेखावत जब [संगीत] मैं
  4301. 3:14:11इस पार्टी में आया तो नताशा ने आपको
  4302. 3:14:13ऑलरेडी बता दिया कि वह अपने दोस्तों
  4303. 3:14:15[संगीत] के साथ आई है। आपको कोई ऐतराज तो
  4304. 3:14:18नहीं है तो आपने उस समय कोई ऐतराज नहीं
  4305. 3:14:20जताया। [संगीत]
  4306. 3:14:21फिर आप यह नहीं कह सकते कि आपने उनको
  4307. 3:14:24बुलाया और मुझे नहीं क्योंकि आपकी सहमति
  4308. 3:14:26[संगीत] के बाद ही मैं इस पार्टी में ठहरा
  4309. 3:14:28था। भाई तुम्हारी बात ठीक है। पर तुम कहना
  4310. 3:14:31क्या चाहते [संगीत] हो? मुद्दे पर आओ।
  4311. 3:14:33रणधीर शेखावत शौर्य की बात को बीच में ही
  4312. 3:14:36काटता हुआ बोला। मिस्टर शेखावत मैं कहना
  4313. 3:14:40यह चाहता [संगीत] हूं कि आप अपने बेटे से
  4314. 3:14:42कहिए कि उसने जो मुझ पर घटिया इल्जाम
  4315. 3:14:44लगाया है उसके लिए अभी मुझसे माफी मांगे।
  4316. 3:14:48शौर्य ने यह बात इतने शांत लहजे में बोला
  4317. 3:14:51कि [संगीत] रणधीर शेखावत शौर्य का चेहरा
  4318. 3:14:53देखता ही रह गया। शौर्य की बात सुनकर
  4319. 3:14:55रणधीर शेखावत जोर से ठहाका लगाया। उसे
  4320. 3:14:58शौर्य से ऐसी उम्मीद नहीं था कि वह उसके
  4321. 3:15:01सामने उसके बेटे से उसे माफी मांगने के
  4322. 3:15:04लिए कहेगा। वो अपनी हंसी को कंट्रोल करता
  4323. 3:15:07हुआ बोला [हंसी]
  4324. 3:15:09मानना पड़ेगा तुम में हिम्मत तो है तभी
  4325. 3:15:13तुम मेरी ही पार्टी में मेरे सामने मुझे
  4326. 3:15:16बोल रहे हो कि मैं अपने बेटे से बोलूं कि
  4327. 3:15:18वो तुमसे माफी मांगे हां आप सही समझे मैं
  4328. 3:15:22आपसे ही बोल रहा हूं क्योंकि एक अच्छे
  4329. 3:15:24होस्ट यही निशानी है कि वह अपनी पार्टी
  4330. 3:15:26में आए हुए गेस्ट की बेइज्जती ना होने दे
  4331. 3:15:29इसीलिए आपको भी यह ध्यान रखना चाहिए शौर्य
  4332. 3:15:32बिना किसी उत्तेजना के बोला
  4333. 3:15:34तुम बिल्कुल सही कह रहे हो और मैं मानता
  4334. 3:15:37हूं कि मैं एक अच्छा होस्ट हूं। पर किसी
  4335. 3:15:40लड़की के साथ छेड़खानी करने वाले शख्स के
  4336. 3:15:42साथ मैं कोई रियायत नहीं करता। तुम्हारे
  4337. 3:15:45साथ कुछ ज्यादती ना हो। इसीलिए मैंने
  4338. 3:15:48तुम्हें कहा कि इस लड़की से माफी मांगकर
  4339. 3:15:50बात को यहीं खत्म करो। रणधीर शेखावत शौर्य
  4340. 3:15:54के करीब जाकर उसके कंधे को सहलाते हुए
  4341. 3:15:56बोला। पर आपने यह फैसला कैसे कर लिया कि
  4342. 3:15:59मैंने ऐसा कुछ किया भी है या नहीं? पहले
  4343. 3:16:02आपको कायदे से इसकी जांच तो करनी चाहिए कि
  4344. 3:16:05जो यह लड़की बोल रही है वह सच है भी या
  4345. 3:16:08नहीं या यह लड़की जानबूझकर [संगीत] मुझे
  4346. 3:16:11टारगेट कर रही है। शौर्य रणधीर शेखावत की
  4347. 3:16:14आंखों में देखते हुए बोला यह फैसला करने
  4348. 3:16:16के लिए मुझे ज्यादा कुछ सोचना नहीं है।
  4349. 3:16:19मेरे बेटे ने कह दिया कि तुमने ऐसा किया
  4350. 3:16:21है तो किया है। इसलिए अब तुम्हारे लिए यही
  4351. 3:16:24सही है कि तुम इस लड़की से माफी मांगो और
  4352. 3:16:26मामले को खत्म करो। यह बोलते हुए रणधीर
  4353. 3:16:30शेखावत अब इरिटेट होने लगा था। यानी आपके
  4354. 3:16:33लिए यह बात मायने नहीं रखता कि मैं सही
  4355. 3:16:36बोल रहा हूं या नहीं। पुत्र मुंह में आप
  4356. 3:16:38इतने अंधे भी मत हो जाइए कि बाद में आपको
  4357. 3:16:41अफसोस करने का भी मौका ना मिले। इसलिए मैं
  4358. 3:16:44अब आपसे कह रहा हूं कि आप अपने बेटे और इस
  4359. 3:16:46लड़की दोनों को बोलिए कि उसने जो मुझ पर
  4360. 3:16:49गलत इल्जाम लगाया है, उसके लिए यह दोनों
  4361. 3:16:52अभी मुझसे माफी मांगे। शौर्य की बातों में
  4362. 3:16:55अब तल्खी नजर आने लगी थी। कमाल है। कहां
  4363. 3:16:59से इतनी हिम्मत लाते हो? मैंने अभी शायद
  4364. 3:17:01कल ही तुम्हारी एक ऐड देखी थी जिसमें तुम
  4365. 3:17:04नताशा के साथ थे। मुझे लगता है यह
  4366. 3:17:06तुम्हारा पहला ही काम होगा। क्यों तुम इस
  4367. 3:17:09इंडस्ट्री में आने [संगीत] से पहले ही
  4368. 3:17:10अपनी भविष्य पर फुल स्टॉप लगाना चाहते हो।
  4369. 3:17:13इतना बोलकर रणधीर शेखावत नताशा की ओर
  4370. 3:17:16मुड़ा और उससे बोला नताशा समझाओ इसे। जो
  4371. 3:17:20[संगीत] मैं कह रहा हूं उसे यह बिना किसी
  4372. 3:17:22होल हुज्जत के मान ले। नहीं तो दोबारा आगे
  4373. 3:17:26कभी यह इस इंडस्ट्री [संगीत] में नजर भी
  4374. 3:17:28नहीं आएगा। नताशा नहीं सोच रही थी कि बात
  4375. 3:17:31इतनी आगे बढ़ जाएगी। पर वो शौर्य [संगीत]
  4376. 3:17:33को इस बात के लिए भी नहीं बोल सकती थी कि
  4377. 3:17:35वह सरोज से माफी मांगे। पर वो यह भी नहीं
  4378. 3:17:38चाहती थी कि रणधीर शेखावत शौर्य से गुस्सा
  4379. 3:17:41हो। [संगीत] क्योंकि वह जानती थी कि रणधीर
  4380. 3:17:44शेखावत फिल्म इंडस्ट्री का एक बहुत बड़ा
  4381. 3:17:46डिस्ट्रीब्यूटर था। उसके इशारे पर बहुत
  4382. 3:17:49सारी फिल्मों का भविष्य तय होता था। उससे
  4383. 3:17:52पंगा लेकर वह [संगीत] अपने लिए भी कोई
  4384. 3:17:54रिस्क लेना नहीं चाहती थी क्योंकि भले ही
  4385. 3:17:56उसको आगे ऐड फिल्में मिलती रहेगी पर अगर
  4386. 3:17:59वह चाह लेगा तो उसको आगे फिल्म इंडस्ट्री
  4387. 3:18:01[संगीत] में काम मिलना मुश्किल हो जाएगा
  4388. 3:18:03वो कोई बीच का रास्ता निकालना चाह रही थी
  4389. 3:18:06इसीलिए वो रणधीर शेखावत से रिक्वेस्ट करती
  4390. 3:18:09हुई [संगीत] बोली मिस्टर शेखावत हम बात को
  4391. 3:18:12यहीं खत्म करते हैं ना किसी को किसी से
  4392. 3:18:14माफी मांगने की कोई जरूरत नहीं है बाकी
  4393. 3:18:17मैं श्रवण को लेकर यहां से चली जाती हूं
  4394. 3:18:20[हंसी]
  4395. 3:18:21तुम बहुत भूली हो मिस नताशा। इतना भी नहीं
  4396. 3:18:24समझ रही कि यहां क्या चल रहा है। आज इसी
  4397. 3:18:27पार्टी [संगीत] में अभी मेरी प्रदुमन सेठ
  4398. 3:18:30से बात हो रही थी। वो शायद तुम्हें लेकर
  4399. 3:18:32कोई फिल्म बनाने वाले हैं। क्या तुम चाहती
  4400. 3:18:35हो कि [संगीत] वो फिल्म बनने से पहले ही
  4401. 3:18:36बंद हो जाए? कहीं उस फिल्म में यही लड़का
  4402. 3:18:39हीरो तो नहीं है? अगर ऐसा है तो समझो
  4403. 3:18:42तुम्हारी वो फिल्म बंद हो गई। इतना बोलकर
  4404. 3:18:45रणधीर शेखावत उस हॉल में ही एक तरफ देखता
  4405. 3:18:48हुआ जोर से बोला। क्यों प्रदुमन सेठ क्या
  4406. 3:18:52मैं सही बोल रहा हूं? रणधीर शेखावत की बात
  4407. 3:18:55सुनकर एक 50 55 के बीच का आदमी सामने आकर
  4408. 3:18:58बोला आपका इतना कहना ही काफी है शेखावत जी
  4409. 3:19:02अगर आप कह रहे हैं तो समझिए मैं वो फिल्म
  4410. 3:19:05अब नहीं बनाने जा रहा देखा तुमने एक पल
  4411. 3:19:08में ही तुम्हारी फिल्म बंद हो गई पर मैं
  4412. 3:19:10अभी भी तुम्हें एक मौका दे रहा हूं अगर
  4413. 3:19:13अभी सबके सामने यह लड़का माफी मांग लेता
  4414. 3:19:16है [संगीत] तो शायद तुम्हारी यह फिल्म बन
  4415. 3:19:18भी जाए इसलिए अगर तुम चाहती हो कि
  4416. 3:19:20तुम्हारी फिल्म बन जाए तो इसे बोलो लो। यह
  4417. 3:19:23अपने घुटनों पर बैठकर यहां मेरे बेटे और
  4418. 3:19:26इस लड़की से माफी मांगे। नताशा अब बहुत
  4419. 3:19:30मजबूर नजर आने लगी थी। उसे समझ नहीं आ रहा
  4420. 3:19:33था कि वो क्या करें। वो शौर्य से बोलना तो
  4421. 3:19:35चाह रही थी पर उसका दिल खुद इस बात को
  4422. 3:19:38गवारा नहीं कर रहा था कि जो गलती शौर्य ने
  4423. 3:19:41किया भी नहीं उसके लिए वह उसे माफी मांगने
  4424. 3:19:43को बोले। पर वह खुद रणधीर शेखावत के सामने
  4425. 3:19:46गई और बोली अगर आप माफी ही मंगवाना चाहते
  4426. 3:19:50हैं तो मैं आपसे आपके बेटे से और इस लड़की
  4427. 3:19:53से माफी मांगने को तैयार हूं। बस चाहती
  4428. 3:19:56हूं कि आप इस बात को यही भूल जाइए। लगता
  4429. 3:19:59है तुमने मेरी बात को ठीक से सुना नहीं।
  4430. 3:20:01माफी तुमको नहीं इस लड़के को मांगनी है और
  4431. 3:20:04वह भी अब घुटने के बल बैठकर। मेरे पास
  4432. 3:20:07ज्यादा समय नहीं है इसलिए जितनी जल्दी यह
  4433. 3:20:10माफी मांग लेगा यह इसके लिए और तुम्हारे
  4434. 3:20:13लिए दोनों के लिए अच्छा होगा। रणधीर
  4435. 3:20:16शेखावत जहरीली मुस्कान के साथ बोला मेघना
  4436. 3:20:19जो इतनी देर से वहां हो रही बकवास को सुन
  4437. 3:20:21रही थी उसे भी रणधीर शेखावत पर गुस्सा आ
  4438. 3:20:24रहा था। उसे लगा जब तक वह सब वहां पर
  4439. 3:20:26रहेंगे यह ड्रामा ऐसे ही चलता रौरे के
  4440. 3:20:29सामने गई और उससे बोली चलो हम यहां से
  4441. 3:20:32चलते हैं। हमें नहीं रहना इस बकवास पार्टी
  4442. 3:20:34में जहां सही को सही और गलत को गलत बोलने
  4443. 3:20:37की कोई हिम्मत ही नहीं कर सकता। मेघना का
  4444. 3:20:40उन सबके बीच में आना अनपेक्षित था। वह
  4445. 3:20:42शौर्य का हाथ पकड़ कर उसे खींचती हुई वहां
  4446. 3:20:45से जाना चाहती थी कि तभी कबीर शेखावत उसके
  4447. 3:20:48सामने आकर खड़ा हो गया और बोला ओ मिस यह
  4448. 3:20:52तेरे घर का गार्डन नहीं है जो आए और घूम
  4449. 3:20:54कर चल दिए तुमने सुना नहीं अगर इसको जाना
  4450. 3:20:57है तो पहले अपने घुटने पर बैठकर माफी
  4451. 3:20:59मांगेगा तभी यह यहां से जा पाएगा किस बात
  4452. 3:21:03की माफी मैंने क्या देखा नहीं [संगीत] कि
  4453. 3:21:05यह तुम दोनों की साजिश थी श्रवण को फंसाने
  4454. 3:21:08की ऐसी गिरी हुई हरकत करने के लिए तुम्हें
  4455. 3:21:11माफी मांगनी चाहिए मेघना तैश में बोली,
  4456. 3:21:14क्या सबूत है तुम्हारे पास? तुम अपने साथी
  4457. 3:21:17को बचाने के लिए कुछ भी बोलोगी [संगीत] और
  4458. 3:21:19मैं मान लूंगा। कबीर उसके एकदम सामने आकर
  4459. 3:21:22खड़ा हो गया। सबूत देखना है तुमको? तो मैं
  4460. 3:21:25अभी दिखाती हूं। इतना कहकर मेघना ने अपना
  4461. 3:21:28मोबाइल निकाला और उसमें एक वीडियो प्ले कर
  4462. 3:21:31दिया जिसमें दिख रहा था कि शौर्य और नताशा
  4463. 3:21:33डांस [संगीत] कर रही थी। तभी पीछे से सरोज
  4464. 3:21:36एक हाथ में वाइन की ग्लास लिए हुए डांस
  4465. 3:21:38करती हुई शौर्य के पीछे पहुंची और वीडियो
  4466. 3:21:41में साफ दिख रहा था कि वह जानबूझकर शौर्य
  4467. 3:21:44से जाकर टकराई थी। मेघना ने मोबाइल कबीर
  4468. 3:21:47के सामने कर रखा था। इसीलिए ज्यादा लोगों
  4469. 3:21:49को मोबाइल पर क्या चल रहा है यह दिखाई
  4470. 3:21:51नहीं दिया। जब कबीर ने देखा कि इस वीडियो
  4471. 3:21:54से तो सरोज की पोल खुल जाएगी तो उसने एक
  4472. 3:21:57झटके से मेघना के हाथ से उसका मोबाइल खींच
  4473. 3:21:59लिया। कबीर ने इतनी तेजी से उसके हाथ से
  4474. 3:22:02मोबाइल खींचा था कि मेघना को झटका सा लगा।
  4475. 3:22:05वह आगे गिरने वाली थी कि शौर्य ने तेजी से
  4476. 3:22:08उसकी कलाई पकड़ कर उसे गिरने से बचा लिया।
  4477. 3:22:11कबीर की इस हरकत ने शौर्य का गुस्सा आसमान
  4478. 3:22:14पर पहुंचा दिया। उसने मेघना को अपने पीछे
  4479. 3:22:16किया और कबीर के सामने खड़ा हो गया। पर
  4480. 3:22:19कबीर मेघना की ओर देखता हुआ बोला। तुम कुछ
  4481. 3:22:22भी दिखाओगी और मैं तुम्हारी बात मान
  4482. 3:22:24लूंगा। पर उसके सामने खड़ा शौर्य उसकी बात
  4483. 3:22:27को अनसुनाकर कबीर की तरफ अपना हाथ बढ़ाकर
  4484. 3:22:30बोला मेघना का मोबाइल दो। कबीर से इतना
  4485. 3:22:34बोलकर अपना सिर रणधीर शेखावत की ओर घुमाकर
  4486. 3:22:37बोला तो मिस्टर शेखावत यही संस्कार दिया
  4487. 3:22:40है अपने बेटे को कि किसी लड़की से कैसे
  4488. 3:22:43बिहेव किया जाता है? अब बताइए माफी किसे
  4489. 3:22:46मांगनी चाहिए? रणधीर शेखावत से इतना बोलकर
  4490. 3:22:49शौर्य फिर से कबीर की ओर देखने लगा। उसका
  4491. 3:22:52हाथ अभी भी कबीर के सामने फैला हुआ था।
  4492. 3:22:55कबीर ने उसके फैले हाथ की ओर देखा और
  4493. 3:22:58मुस्कुराते हुए बोला, "तुम्हें इसका
  4494. 3:23:00मोबाइल चाहिए? [संगीत] ये लो, ये लो, ये
  4495. 3:23:04लो।" बोलते हुए कबीर मेघना का मोबाइल
  4496. 3:23:07शौर्य की तरफ बढ़ाता। जैसे ही शौर्य
  4497. 3:23:10मोबाइल पकड़ने के लिए हाथ बढ़ाता, कबीर
  4498. 3:23:13हाथ पीछे खींच लेता। उसने बार-बार ऐसा
  4499. 3:23:17किया और अंत में उसने मोबाइल को जोर से
  4500. 3:23:20फर्श पर पटक दिया। यही वो पल था जब शौर्य
  4501. 3:23:24का पेशेंस जवाब दे दिया। उसका तेज थप्पड़
  4502. 3:23:27कबीर के गाल पर पड़ा और कबीर सीधा जमीन पर
  4503. 3:23:31गिरा। कबीर के कान में तो सिटी सा बजने
  4504. 3:23:34लगा। वहां उपस्थित किसी को भी समझ नहीं
  4505. 3:23:36आया कि यह एक ही पल में क्या हो गया। कोई
  4506. 3:23:40चाहकर भी इस बात पर विश्वास नहीं कर पा
  4507. 3:23:42रहा था कि एक अधने से लड़के ने कबीर
  4508. 3:23:44शेखावत को एक थप्पड़ में जमीन पर ला दिया।
  4509. 3:23:48खुद रणधीर शेखावत को विश्वास करना मुश्किल
  4510. 3:23:50हो रहा था कि शौर्य ने कबीर शेखावत पर हाथ
  4511. 3:23:53उठा [संगीत] दिया। वो तो अब तक यही समझ
  4512. 3:23:55रहा था कि फिल्म इंडस्ट्री में जिस तरह का
  4513. 3:23:58उसका रुतबा है, उसको देखकर शौर्य तुरंत ही
  4514. 3:24:01घुटने पर आ जाएगा। पर घुटने पर आने की बात
  4515. 3:24:03तो दूर उसने उल्टा कबीर शेखावत को ही जमीन
  4516. 3:24:06पर ला दिया था। दूसरी तरफ मेघना भी फटी
  4517. 3:24:09फटी आंखों से शौर्य को देख रही थी। उसे भी
  4518. 3:24:12यकीन नहीं हो रहा था कि शौर्य इस स्तर तक
  4519. 3:24:15जा [संगीत] सकता है क्योंकि आज से पहले
  4520. 3:24:17उसने कभी शौर्य का ऐसा रूप नहीं देखा था।
  4521. 3:24:19वो तो उसको हमेशा शिप्रा के सामने दबा
  4522. 3:24:22सहमा सा ही देखती थी। नताशा का भी कमोबेश
  4523. 3:24:25यही हाल था। वो भी आश्चर्य से शौर्य की
  4524. 3:24:28तरफ देख रही थी। उसे भी अब समझ नहीं आ रहा
  4525. 3:24:31था कि अब वह स्थिति को कैसे संभाले। कुछ
  4526. 3:24:34पल बाद जब रणधीर शेखावत को होश आया कि
  4527. 3:24:37वहां पर क्या हो गया है तो वह तेजी से
  4528. 3:24:39कबीर के पास पहुंचा और उसको सहारा देकर
  4529. 3:24:42खड़ा किया। अभी भी कबीर का सिर चकरा रहा
  4530. 3:24:45था। इस भरी पार्टी में अपने बेटे का ऐसा
  4531. 3:24:47अपमान देखकर रणधीर शेखावत का चेहरा गुस्से
  4532. 3:24:50से लाल हो गया। वो शौर्य के पास पहुंचा और
  4533. 3:24:53बोला तुम्हारी इतनी हिम्मत कि तुमने मेरे
  4534. 3:24:56बेटे के ऊपर हाथ उठाया। अब देख मैं
  4535. 3:24:59तुम्हारा क्या हाल करता हूं। मेरा हाल तो
  4536. 3:25:02क्या ही आप कुछ बिगाड़ पाओगे। पहले अपने
  4537. 3:25:04बेटे का हाल तो देख लो। शौर्य उपहास
  4538. 3:25:07उड़ाने वाले भाव में बोला सिक्योरिटी
  4539. 3:25:10रणधीर शेखावत जोर से चिल्लाया। तभी होटल
  4540. 3:25:13की सिक्योरिटी का चार स्टाफ दौड़ता हुआ
  4541. 3:25:15वहां पर आया और उसने चारों तरफ से शौर्य
  4542. 3:25:18को घेर लिया। जैसे उसे पहले से ही पता था
  4543. 3:25:21कि उसे क्या करना है। सिक्योरिटी के स्टाफ
  4544. 3:25:24को अपने चारों ओर देखकर मेघना घबरा गई थी।
  4545. 3:25:26पर शौर्य ने उनकी तरफ देखकर बोला, "तुम
  4546. 3:25:29लोग होटल के स्टाफ हो या इसके गुंडे जो
  4547. 3:25:31मुझे ऐसे घेर लिया है।" शौर्य की बात
  4548. 3:25:34[संगीत] सुनकर सिक्योरिटी स्टाफ को समझ
  4549. 3:25:36नहीं आया कि उसे क्या करना चाहिए। वे
  4550. 3:25:38चारों एक दूसरे की तरफ देखने लगे। जब
  4551. 3:25:41रणधीर शेखावत ने उन सबको ऐसे खड़ा एक
  4552. 3:25:43दूसरे का मुंह देखते देखा तो गुस्से में
  4553. 3:25:46बोला, "तुम सब एक [संगीत] दूसरे का मुंह
  4554. 3:25:48क्या देख रहे हो? इस बदमाश ने मेरे बेटे
  4555. 3:25:50पर हाथ उठाया है। और तुम सब खड़े-खड़े
  4556. 3:25:53तमाशा देख रहे हो? तुम सबका इस मामले से
  4557. 3:25:56कोई लेना [संगीत] देना नहीं है। अगर
  4558. 3:25:58तुम्हें कुछ करना ही है तो अपने मैनेजर को
  4559. 3:26:00यहां बुला लो। शौर्य उन सिक्योरिटी के
  4560. 3:26:03लोगों को वर्न करता हुआ बोला। अब तक कबीर
  4561. 3:26:05भी खुद को संभाल चुका था। यह याद करके कि
  4562. 3:26:08शौर्य ने उसे एक थप्पड़ में ही जमीन पर ला
  4563. 3:26:10दिया। उसका चेहरा भी गुस्से से लाल हो
  4564. 3:26:13गया। वो गुस्से में शौर्य के पास गया और
  4565. 3:26:15गुर्राते हुए बोला। तुम्हारी इतनी हिम्मत
  4566. 3:26:18[संगीत]
  4567. 3:26:19तुमने मुझ पर हाथ उठाया। अब देख मैं तेरा
  4568. 3:26:21क्या हाल करता हूं। इतना बोलकर कबीर तेजी
  4569. 3:26:24से शौर्य पर झपटा। पर शौर्य पहले से ही
  4570. 3:26:27तैयार था। जैसे ही कबीर उसके करीब पहुंचा,
  4571. 3:26:30शौर्य ने फिर से एक थप्पड़ उसके गाल पर
  4572. 3:26:32जमा दिया। कबीर दोबारा जमीन पर पड़ा था।
  4573. 3:26:35यह देखकर तो रणधीर शेखावत पागल सा हो गया।
  4574. 3:26:39कमीने तुमने मेरे बेटे का क्या हाल कर
  4575. 3:26:41दिया। तुम्हें नहीं पता तुमने किससे पंगा
  4576. 3:26:43लिया है। तेरी लाइफ को जहन्नुम नहीं बना
  4577. 3:26:46दिया तो मेरा नाम रणधीर शेखावत नहीं। अभी
  4578. 3:26:49रणधीर शेखावत की बात समाप्त ही हुई थी कि
  4579. 3:26:52तभी वहां पर एक रबदार आवाज गूंजी। उस
  4580. 3:26:55रबदार आवाज को सुनकर सभी का ध्यान उसकी
  4581. 3:26:58तरफ चला गया।
  4582. 3:27:01जब रणधीर शेखावत ने उस शख्स को देखा तो वो
  4583. 3:27:04उसके पास जाते हुए बोला अच्छा हुआ वालिया
  4584. 3:27:07साहब आप यहां आ गए। यह बदमाश यहां अपनी
  4585. 3:27:09मनमानी कर रहा है। आप जल्दी से यहां पुलिस
  4586. 3:27:11को बुलाएं या [संगीत] अपने सिक्योरिटी के
  4587. 3:27:14लोगों से इसको सबक सिखाइए। अभी जो शख्स
  4588. 3:27:17यहां आया था उसका पूरा नाम अशोक वालिया था
  4589. 3:27:20जो कि पैराडाइज होटल का मैनेजर था। अशोक
  4590. 3:27:24वालिया शौर्य के सामने जाकर खड़ा हो गया
  4591. 3:27:26और उससे [संगीत] बोला यह तुम क्या मारपीट
  4592. 3:27:29कर रहे हो यहां? तुम्हें पता भी है इसका
  4593. 3:27:31क्या अंजाम तुम्हें भुगतना पड़ सकता है।
  4594. 3:27:33शौर्य अशोक वालिया को नहीं जानता था।
  4595. 3:27:36[संगीत]
  4596. 3:27:36उसे नहीं पता था कि इस होटल की देखरेख कौन
  4597. 3:27:38कर रहा है। पर वह इतना समझ गया था [संगीत]
  4598. 3:27:41कि यह शख्स जो भी हो इस होटल में कोई खास
  4599. 3:27:44पद ही रखता होगा। इसलिए वो थोड़ा सभ्य
  4600. 3:27:47होकर बोला आपको पहले यह देखना चाहिए कि
  4601. 3:27:50इसे शुरू किसने किया। अगर यह मेरी दोस्त
  4602. 3:27:53के साथ बदतमीजी नहीं करता। उसका मोबाइल
  4603. 3:27:55नहीं तोड़ता तो शायद मैं इसके साथ सब भी
  4604. 3:27:58बनकर रहता। पर [संगीत] इसने अपनी लिमिट
  4605. 3:28:00पार कर ली तो उसकी सजा तो इसको मिलनी ही
  4606. 3:28:02थी। आप देख रहे हैं वालिया साहब एक तो यह
  4607. 3:28:06हमारी पार्टी में घुस आया है। दूसरा यह
  4608. 3:28:08लड़कियों को छेड़ रहा था। और जब मेरे बेटे
  4609. 3:28:11ने इसे माफी मांगने के लिए कहा तो यह उसी
  4610. 3:28:13को मारने लगा। मैं कहता हूं अभी आप पुलिस
  4611. 3:28:16को बुलाकर इसे उसके हवाले कीजिए। रणधीर
  4612. 3:28:20शेखावत गुस्से में बोला। उसको देखकर ऐसा
  4613. 3:28:22लग रहा था कि अगर उसका बस चले तो वह उसे
  4614. 3:28:25आंखों से ही भस्म कर देगा। पर उसने देख
  4615. 3:28:28लिया था कि शौर्य बहुत ताकतवर था। उसके एक
  4616. 3:28:31थप्पड़ ने ही कबीर को फर्श पर गिरा दिया
  4617. 3:28:33था। रणधीर शेखावत की बात सुनकर अशोक
  4618. 3:28:37[संगीत]
  4619. 3:28:37वालिया शौर्य के चारों तरफ खड़े चारों
  4620. 3:28:39सिक्योरिटी गार्ड से बोला, "तुम लोग
  4621. 3:28:42खड़े-खड़े तमाशा क्या देख रहे हो? इसको
  4622. 3:28:44चारों मिलकर पकड़ो और इसके हाथ पैर बांध
  4623. 3:28:46दो। मैं अभी पुलिस को बुलाकर इसको पुलिस
  4624. 3:28:48के हवाले करूंगा। अशोक वालिया का आदेश
  4625. 3:28:52पाकर चारों सिक्योरिटी गार्ड शौर्य की तरफ
  4626. 3:28:54बढ़े। तभी शौर्य उन चारों को देखते हुए
  4627. 3:28:57गुर्रा कर बोला। खबरदार जो मेरे पास भी आए
  4628. 3:29:00इसका अंजाम बहुत बुरा होगा। और मिस्टर
  4629. 3:29:04वालिया अगर आपको पुलिस ही बुलाना है तो आप
  4630. 3:29:06बुला लीजिए। मैं कहीं भाग नहीं रहा हूं।
  4631. 3:29:09पर आप मुझे पुलिस के हवाले किस बेस पर
  4632. 3:29:11करेंगे? आपके पास मेरे खिलाफ है क्या जो
  4633. 3:29:14आप मुझे पुलिस के हवाले करेंगे? सबसे पहले
  4634. 3:29:17तो शौर्य की धमकी सुनकर चारों सिक्योरिटी
  4635. 3:29:20गार्ड अपनी जगह पर ही खड़े रह गए। और
  4636. 3:29:22मिस्टर अशोक वालिया शौर्य की बात सुनकर
  4637. 3:29:25रणधीर शेखावत की ओर देखने लगा। क्योंकि
  4638. 3:29:28उसे भी समझ नहीं [संगीत] आया कि जो बात
  4639. 3:29:30रणधीर शेखावत ने कही है उस बात में कोई दम
  4640. 3:29:33भी है या नहीं। जब रणधीर शेखावत ने अशोक
  4641. 3:29:36वालिया को अपनी तरफ देखते [संगीत] पाया तो
  4642. 3:29:38वह बोला यहां सबको पता है कि इसने मिस
  4643. 3:29:41सरोज को छेड़ा था। उनके ऊपर वाइन भी गिरा
  4644. 3:29:44दिया। और दूसरी बात इसने [संगीत] सबके
  4645. 3:29:46सामने मेरे बेटे पर हाथ उठाया है। इस बात
  4646. 3:29:49की गवाही यहां मौजूद सभी लोग देंगे।
  4647. 3:29:52सबसे पहली बात मैंने इस लड़की को छेड़ा या
  4648. 3:29:55नहीं छेड़ा या इसके ऊपर वाइन गिराया। उसका
  4649. 3:29:58पूरा वीडियो मेघना के मोबाइल में कैप्चर
  4650. 3:30:00था। जिसको देखने के बाद [संगीत] ही आपके
  4651. 3:30:02इस लाडले ने मेघना का मोबाइल तोड़ दिया और
  4652. 3:30:05उसके साथ बदतमीजी [संगीत] की। उसके बाद
  4653. 3:30:07मैंने इस पर हाथ उठाया है। और सच कहूं तो
  4654. 3:30:10यह है ही इसी लायक। सिर्फ आपके कह देने से
  4655. 3:30:13मैं गुनहगार [संगीत] नहीं हो जाऊंगा।
  4656. 3:30:15बल्कि सबके सामने इसने मेघना का मोबाइल
  4657. 3:30:17छीना और उसके साथ बदतमीजी की तो जेल मैं
  4658. 3:30:20नहीं आपका [संगीत] यह बेटा जाएगा। शौर्य
  4659. 3:30:24अपनी बात स्पष्ट करते हुए बोला ऐसा कोई
  4660. 3:30:27वीडियो तुम्हारी दोस्त के मोबाइल में नहीं
  4661. 3:30:29था जैसा तुम बोल रहे हो। तुम सब मिले
  4662. 3:30:31[संगीत] हुए हो। इसने कुछ गलत वीडियो सरोज
  4663. 3:30:34का कैप्चर कर रखा था जिसके कारण मैंने
  4664. 3:30:36उसका मोबाइल तोड़ दिया। तुम्हारे कह देने
  4665. 3:30:39[संगीत] से तुम शरीफ नहीं बन जाओगे। यहां
  4666. 3:30:41मौजूद बाकी लोग भी यह गवाही देंगे कि
  4667. 3:30:43तुमने सरोज के साथ जानबूझकर बदतमीजी की।
  4668. 3:30:46इसलिए तुम्हारे यह बहाना बनाने से कुछ
  4669. 3:30:48नहीं होगा कि तुम्हारी दोस्त के पास ऐसा
  4670. 3:30:51कोई वीडियो था। कबीर सामने आकर हिम्मत
  4671. 3:30:54करते हुए बोला, कितने बेवकूफ हो तुम।
  4672. 3:30:57तुम्हारे मोबाइल तोड़ देने से तात्कालिक
  4673. 3:31:00रूप से तुम अपनी बात से बच सकते हो। पर जब
  4674. 3:31:03यह मोबाइल रिपेयर करके इसका डाटा रिकवर
  4675. 3:31:05किया जाएगा, तो फिर तुम्हारी यह सारी दलील
  4676. 3:31:08धरी की धरी रह जाएगी। फिर देखूंगा तुम्हें
  4677. 3:31:11कौन बचाता है। शौर्य कबीर का उपहास उड़ाते
  4678. 3:31:14हुए बोला। शौर्य की इस बात को सुनकर कबीर
  4679. 3:31:17के चेहरे पर परेशानी नजर आने लगी। जिसको
  4680. 3:31:20देखकर अशोक वालिया भी समझ गया कि शौर्य जो
  4681. 3:31:22कह रहा है वह सही है। पर वह रणधीर शेखावत
  4682. 3:31:26के सामने शौर्य का पक्ष नहीं ले सकता था।
  4683. 3:31:28इसलिए वह रणधीर शेखावत की ओर देखने लगा कि
  4684. 3:31:31वह क्या जवाब देता है। रणधीर शेखावत भी
  4685. 3:31:34समझ गया था कि शौर्य सही बोल रहा है। पर
  4686. 3:31:37उसे इस बात की कोई परवाह नहीं थी। वो तो
  4687. 3:31:39किसी भी हाल में शौर्य को सबक सिखाना
  4688. 3:31:42चाहता था। इसलिए वह अशोक वालिया से बोला,
  4689. 3:31:45वालिया साहब, आप इसकी बात पर ध्यान मत
  4690. 3:31:47दीजिए। बस [संगीत] आप इसको सबक सिखाइए।
  4691. 3:31:50बाकी जो भी होगा मैं देख लूंगा। यह लड़का
  4692. 3:31:53इतनी आसानी से यहां से बचकर नहीं जाना
  4693. 3:31:55चाहिए। एक तो [संगीत] यह मेरी पार्टी में
  4694. 3:31:57घुस आया है और यहां आकर इसने मेरी पार्टी
  4695. 3:31:59को भी खराब कर दिया। तो इसे इसकी सजा तो
  4696. 3:32:02मिलनी ही चाहिए। रणधीर शेखावत की बात
  4697. 3:32:05सुनकर अशोक वालिया बेबस नजर आने लगा। वो
  4698. 3:32:08एक कोशिश करते हुए बोला, सुनो लड़के तुम
  4699. 3:32:12क्यों जानबूझकर आफत मोल लेना चाह रहे हो?
  4700. 3:32:14तुम उनसे माफी मांगकर क्यों नहीं मामले को
  4701. 3:32:17यहीं समाप्त कर रहे हो? अगर मैं तुम्हारी
  4702. 3:32:19बात को मान भी लूं कि तुमने किसी लड़की से
  4703. 3:32:21कोई बदतमीजी नहीं की। पर तुम उनकी पार्टी
  4704. 3:32:24में घुस आए हो और उनकी पार्टी को खराब
  4705. 3:32:26करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। यह गुनाह भी
  4706. 3:32:29कोई कम नहीं है। इसलिए मेरी बात मानो और
  4707. 3:32:32उनसे माफी मांगकर मामले को रफादफा करो।
  4708. 3:32:35मिस्टर वालिया यह तो आपके यहां का
  4709. 3:32:37सीसीटीवी देखकर पता चल जाएगा कि मैं यहां
  4710. 3:32:40जबरदस्ती घुसा हूं या मेरे आने पर
  4711. 3:32:42इन्होंने हमारा वेलकम भी किया था और अभी
  4712. 3:32:44यह भले ही मेघना का मोबाइल तोड़कर सोच रहा
  4713. 3:32:47होगा कि इसने वह सबूत मिटा दिया जिसमें यह
  4714. 3:32:50नजर आ रहा था कि मैंने मेघना के साथ
  4715. 3:32:52बदतमीजी की या सरोज ने जानबूझकर मुझे
  4716. 3:32:54फंसाने की कोशिश की। इतना बोलकर शौर्य
  4717. 3:32:58रुका और उस हॉल में मौजूद सीसीटीवी की ओर
  4718. 3:33:00देखने लगा। उसने देखा कि डांस फ्लोर के
  4719. 3:33:03पास भी एक [संगीत] सीसीटीवी नजर आ रहा था।
  4720. 3:33:05जिसको देखकर उसके चेहरे पर एक स्माइल आ गई
  4721. 3:33:08और वह अशोक वालिया से फिर से बोला आप ऐसा
  4722. 3:33:11क्यों नहीं करते मिस्टर वालिया कि आप ही
  4723. 3:33:13चलकर एक बार यहां का सीसीटीवी देख लीजिए।
  4724. 3:33:16अभी पता चल जाएगा कि मैंने इस लड़की के
  4725. 3:33:18साथ बदतमीजी की। इस पर वाइन गिराया या
  4726. 3:33:21इसने मुझे जानबूझकर फंसाने की कोशिश की
  4727. 3:33:23है। शौर्य की इस बात को सुनकर वहां मौजूद
  4728. 3:33:27सभी लोगों की नजर उस सीसीटीवी की तरफ चली
  4729. 3:33:29गई जो डांस फ्लोर के ऊपर नजर आ रहा था। उस
  4730. 3:33:32सीसीटीवी को देखकर कबीर [संगीत] का चेहरा
  4731. 3:33:34और भी सफेद पड़ गया। सिर्फ कबीर का ही
  4732. 3:33:37क्या? सरोज के चेहरे का भी रंग बदल गया।
  4733. 3:33:39उसके चेहरे के उड़े हुए रंग को देखकर
  4734. 3:33:42शौर्य सरोज [संगीत] से बोला, "क्यों मिस
  4735. 3:33:44सरोज? क्या अभी भी आप इस बात पर कायम हैं
  4736. 3:33:47कि मैंने आपके साथ कोई बदतमीजी करने की
  4737. 3:33:49कोशिश की या आपके ऊपर कोई वाइन गिराया है?
  4738. 3:33:53तुमने ऐसा किया ही होगा। नहीं तो क्या मैं
  4739. 3:33:56अपने [संगीत] आप ही वहां गिर गई और क्या
  4740. 3:33:58खुद ही मैं अपने ऊपर वाइन गिरा लेती? कुछ
  4741. 3:34:00ना कुछ तो तुमने किया ही होगा। सरोज अटकते
  4742. 3:34:03हुए बोली क्या हुआ? तुम्हारा वो
  4743. 3:34:06कॉन्फिडेंस कहां चला गया? जो अभी तुम
  4744. 3:34:08थोड़ी देर पहले चीख-चीख कर कह रही थी कि
  4745. 3:34:11मैंने तुम्हारे साथ बदतमीजी की। अभी भी तो
  4746. 3:34:13वही कॉन्फिडेंस दिखाओ। शौर्य सरोज पर
  4747. 3:34:16चढ़ता [संगीत] हुआ बोला। सरोज की स्थिति
  4748. 3:34:19तो काटो तो खून नहीं जैसी हो गई। वो कभी
  4749. 3:34:21कबीर की तरफ तो कभी रणधीर शेखावत की ओर
  4750. 3:34:24देखने लगी। अब उसे उन्हीं से उम्मीद थी कि
  4751. 3:34:27वह बीच में आकर शौर्य की बातों का जवाब
  4752. 3:34:29दें। अशोक वालिया ने जब स्थिति को बदलते
  4753. 3:34:32देखा तो उन्होंने रणधीर शेखावत से पूछा।
  4754. 3:34:36आप क्या कहते हैं शेखावत साहब? क्या मैं
  4755. 3:34:38पुलिस को बुलाऊं? अगर आप कहेंगे तो मैं
  4756. 3:34:40अभी यहां पुलिस को बुला दूंगा। उसके बाद
  4757. 3:34:43जो भी होगा उस सबके लिए आप स्वयं ही
  4758. 3:34:45जिम्मेदार होंगे। फिर मैं उसके बीच में
  4759. 3:34:47कुछ भी नहीं कर पाऊंगा। रणधीर शेखावत भी
  4760. 3:34:51समझ गया कि पुलिस के आने से उनका मामला ही
  4761. 3:34:55कमजोर पड़ेगा क्योंकि अभी तक उन्हें भी यह
  4762. 3:34:58ध्यान नहीं था कि यहां जो कुछ भी हुआ होगा
  4763. 3:35:01वो सब कुछ सीसीटीवी में कैद होगा। और
  4764. 3:35:04सीसीटीवी को देखते ही सरोज की पोल खुल
  4765. 3:35:07जाएगी। तो यह बात उनके लिए और भी
  4766. 3:35:11शर्मिंदगीगी वाली होगी। अब तक जो रणधीर
  4767. 3:35:14शेखावत की बातों में शौर्य को सबक सिखाने
  4768. 3:35:16का घमंड नजर आ रहा था अचानक ही वह खत्म हो
  4769. 3:35:19गया। वो थोड़े संयत स्वर में अशोक वालिया
  4770. 3:35:23से बोले मिस्टर वालिया जो हुआ वो वापस तो
  4771. 3:35:27नहीं आ सकता। पहले ही मेरी पार्टी बहुत
  4772. 3:35:29खराब हो चुकी है। इसलिए मैं और नहीं चाहता
  4773. 3:35:32कि मेरी पार्टी और खराब हो। इसलिए आप अभी
  4774. 3:35:35के अभी इस लड़के को इस होटल से बाहर
  4775. 3:35:38निकालिए। अशोक वालिया ने जब रणधीर शेखावत
  4776. 3:35:41की बात सुनी तो उन्होंने थोड़ी राहत महसूस
  4777. 3:35:43की और वो शौर्य के पास आकर बोले सुन लिया
  4778. 3:35:47तुमने अब जितनी जल्दी हो सके तुम यहां से
  4779. 3:35:509 2 11 हो जाओ। इसी में तुम्हारी भलाई है।
  4780. 3:35:54[हंसी] मेरी भलाई। आप जरा स्पष्ट करेंगे
  4781. 3:35:57मिस्टर वालिया कि इसमें मेरी क्या भलाई
  4782. 3:35:59है। अगर आप चाहते हैं कि मैं यहां से जाऊं
  4783. 3:36:02तो सबसे पहले इस कबीर और इस सरोज को मुझसे
  4784. 3:36:04माफी मांगनी पड़ेगी जो इन्होंने मुझ
  4785. 3:36:07[संगीत] पर झूठा इल्जाम लगाया और साथ में
  4786. 3:36:10इन्हें मेघना के मोबाइल की कीमत भी देनी
  4787. 3:36:12पड़ेगी जो इस कबीर के बच्चे ने पटक कर
  4788. 3:36:15तोड़ दिया है। शौर्य उपहास भरे स्वर में
  4789. 3:36:17बोला नताशा जो वहां खड़ी इतनी देर से हो
  4790. 3:36:20रहे तमाशे को देख रही थी। जब उसने देखा कि
  4791. 3:36:23बात अब लगभग समाप्त हो गई है तभी शौर्य ने
  4792. 3:36:26एक अलग जिद ठान ली कि कबीर और सरोज को
  4793. 3:36:29उससे माफी मांगनी पड़ेगी। इस बात को लेकर
  4794. 3:36:32उसे फिर से चिंता होने लगी कि [संगीत]
  4795. 3:36:34शौर्य फिर से बात को बढ़ा रहा है। वो
  4796. 3:36:36शौर्य के पास गई और बोली रहने देते हैं ना
  4797. 3:36:39श्रवण हम चलते हैं यहां से। बाकी मेघना की
  4798. 3:36:43मोबाइल की कीमत मैं दे दूंगी। क्यों तुम
  4799. 3:36:46क्यों दोगी? जब इसने तोड़ा है तो यही देगा
  4800. 3:36:49और इसको मुझसे माफी तो मांगनी पड़ेगी।
  4801. 3:36:52क्योंकि मैं अपनी इस बेइज्जती को इतनी
  4802. 3:36:53आसानी से नहीं भूल सकता। शौर्य कबीर को
  4803. 3:36:56घूरता हुआ बोला। अशोक वालिया को भी शौर्य
  4804. 3:37:00थोड़ा अजीब जान पड़ा। उसे लग रहा था कि जब
  4805. 3:37:02इतनी आसानी से वो यहां से जा सकता था तो
  4806. 3:37:05फिर क्यों वो जानबूझकर रणधीर शेखावत से
  4807. 3:37:08पंगे ले रहा है। अशोक वालिया रणधीर शेखावत
  4808. 3:37:11[संगीत] की हैसियत से अच्छी तरह वाकिफ था।
  4809. 3:37:13वो यह समझ रहा था कि इस समय रणधीर शेखावत
  4810. 3:37:16की स्थिति भले ही कमजोर है पर वो शौर्य को
  4811. 3:37:19इतनी आसानी से छोड़ने वाला नहीं है। वो
  4812. 3:37:22बाद में उससे इस बेइज्जती का बदला तो जरूर
  4813. 3:37:24लेगा। [संगीत] पर इस समय अशोक वालिया का
  4814. 3:37:26मकसद सिर्फ इतना था कि उसके होटल में कोई
  4815. 3:37:29हंगामा ना हो। इसलिए वह चाहता था कि शौर्य
  4816. 3:37:32वहां से चला जाए। यही सोचकर वो बोला
  4817. 3:37:35मिस्टर सरवन जो बात खत्म हो रही है, आप
  4818. 3:37:38क्यों [संगीत] उसको हवा दे रहे हैं? एक
  4819. 3:37:41बार को मैं आपकी बात समझ भी लेता हूं।
  4820. 3:37:43लेकिन आप स्थिति को समझिए और मेरा कहा
  4821. 3:37:45मानिए। यहां से चले जाइए। शौर्य अशोक
  4822. 3:37:49वालिया की मजबूरी को समझ रहा था। पर वो
  4823. 3:37:52ठान चुका था कि रणधीर शेखावत को उसकी औकात
  4824. 3:37:55तो दिखाकर रहेगा और उसकी शुरुआत तो सबसे
  4825. 3:37:58पहले यहीं से होनी थी कि उसके बेटे को
  4826. 3:38:01सबके सामने उससे माफी मांगनी पड़ेगी।
  4827. 3:38:04इसलिए वो पूरी विनम्रता से अशोक वालिया से
  4828. 3:38:06बोला। मिस्टर वालिया मैं आपकी मजबूरी
  4829. 3:38:09समझता हूं। पर मैं यहां से ऐसे ही नहीं
  4830. 3:38:12जाऊंगा। अगर आप चाहते हैं कि मैं यहां से
  4831. 3:38:15ऐसे चला जाऊं तो समझाइए मिस्टर शेखावत को
  4832. 3:38:17कि अपने बेटे से कहें कि वो अभी सबके
  4833. 3:38:20सामने मुझसे माफी मांगे और मेघना के
  4834. 3:38:22मोबाइल के पैसे भरे। नहीं तो आप भले पुलिस
  4835. 3:38:25को नहीं बुलाएंगे। लेकिन मैं तो जरूर
  4836. 3:38:28बुलाऊंगा और आपके सीसीटीवी को भी पब्लिक
  4837. 3:38:30करना पड़ेगा ताकि सारी सच्चाई यहां बाहर
  4838. 3:38:33आए। अशोक बालिया समझ गया कि यह लड़का भी
  4839. 3:38:36जिद्दी है। वो कितना भी समझाए पर वह उसकी
  4840. 3:38:39बात को नहीं मानेगा। इसलिए वह अब रणधीर
  4841. 3:38:42शेखावत की ओर [संगीत] देखने लगे कि वह अब
  4842. 3:38:45क्या कहते हैं। रणधीर शेखावत का खून तो
  4843. 3:38:48वैसे ही खौल रहा था शौर्य की बात सुनकर।
  4844. 3:38:51यह तो कौड़ी का लड़का आज इस भारी पार्टी
  4845. 3:38:53में [संगीत] उनकी ऐसी तैसी किए हुए था।
  4846. 3:38:56रणधीर शेखावत की सारी अकड़ ढीली हो गई थी।
  4847. 3:38:59उसे अब अपने बेटे पर गुस्सा आ रहा था कि
  4848. 3:39:02उसे ऐसी बेवकूफी करने की क्या जरूरत थी।
  4849. 3:39:05पर वह चाहकर भी अपने बेटे से माफी मांगने
  4850. 3:39:07[संगीत] के लिए नहीं बोल पा रहे थे। ऐसी
  4851. 3:39:10बेइज्जती रणधीर शेखावत ने आज तक नहीं झेली
  4852. 3:39:13थी। तो क्या रणधीर शेखावत अपने बेटे से
  4853. 3:39:15माफी मांगने को कहेंगे या उठाएंगे कुछ ऐसा
  4854. 3:39:18कदम जिसकी किसी को उम्मीद भी नहीं होगी।
  4855. 3:39:21शौर्य की यह जिद देखकर मेघना भी हैरान थी
  4856. 3:39:26कि जो बात खत्म ही हो रही है, उसको शौर्य
  4857. 3:39:29क्यों तूल दे रहा है। अभी मौका है तो उसे
  4858. 3:39:33यहां से चले जाना चाहिए। पर वह कबीर और
  4859. 3:39:36सरोज से माफी मंगवाने पर तुला हुआ है।
  4860. 3:39:39लड़के तुमने हमसे उलझकर पहले ही अपना आगे
  4861. 3:39:43बढ़ने का रास्ता बंद कर लिया है। अभी भी
  4862. 3:39:45तुम्हारे पास मौका है। तुम अपनी फालतू की
  4863. 3:39:48जिद छोड़ो और यहां से चले जाओ। तो हो सकता
  4864. 3:39:52है कि तुम अपने भविष्य में आगे कुछ कर
  4865. 3:39:54पाओगे। नहीं तो मैं यह खुद पक्का करूंगा
  4866. 3:39:58कि तुम्हें आगे से कभी फिल्म इंडस्ट्री
  4867. 3:40:00में कोई काम नहीं देगा।
  4868. 3:40:02अभी भी रणधीर शेखावत शौर्य को धमकाने से
  4869. 3:40:06बाज नहीं आ रहा था। मुझे धमकाने से अच्छा
  4870. 3:40:09है कि आप उस बात पर ध्यान दें जो मैंने
  4871. 3:40:12अभी कहा। नहीं तो मुझे दूसरा रास्ता भी
  4872. 3:40:16पता है कि मुझे क्या करना है। शौर्य पर
  4873. 3:40:19रणधीर शेखावत की [संगीत] धमकी का कोई असर
  4874. 3:40:22नहीं हुआ। जब शौर्य पर रणधीर शेखावत का
  4875. 3:40:25कोई जोर नहीं चला तो वह नताशा कपूर की तरफ
  4876. 3:40:28मुड़ा और उससे बोला मिस नताशा आप अपने
  4877. 3:40:32दोस्त को समझाइए और यहां से ले जाइए नहीं
  4878. 3:40:35तो आपकी स्थिति भी गेहूं [संगीत] की घुम
  4879. 3:40:37की तरह हो जाएगी। यह तो पिसेगा ही। इसके
  4880. 3:40:41साथ आपको भी पिसना पड़ेगा। रणधीर शेखावत
  4881. 3:40:44की बात नताशा कपूर को डराने के लिए काफी
  4882. 3:40:47थी। वो शौर्य के [संगीत] पास गई और धीरे
  4883. 3:40:50से बोली श्रवण चलते हैं ना यहां से। मुझे
  4884. 3:40:54भी यहां रुकने का कोई शौक नहीं है। पर अभी
  4885. 3:40:57तक इस कबीर शेखावत ने मुझसे माफी नहीं
  4886. 3:40:59मांगी। [संगीत]
  4887. 3:41:00शौर्य अभी भी इस जिद को पकड़े हुए था।
  4888. 3:41:04रणधीर शेखावत को शौर्य पर बहुत गुस्सा आ
  4889. 3:41:06रहा था। पर वह बहुत मुश्किल से खुद को
  4890. 3:41:09कंट्रोल किए हुए था। उसे शौर्य की धमकी
  4891. 3:41:12गैर वाजिब लगी। उन्हें समझ नहीं आया कि
  4892. 3:41:15अगर पुलिस यहां आएगी तो वह उनके बेटे को
  4893. 3:41:18किस आधार पर गिरफ्तार करेगी। अगर कबीर ने
  4894. 3:41:21सरोज के साथ मिलकर शौर्य को फंसाने की
  4895. 3:41:24कोशिश की भी तो यह कोई ऐसा गुनाह नहीं है
  4896. 3:41:27जिसके लिए पुलिस कबीर को गिरफ्तार [संगीत]
  4897. 3:41:29करेगी। यही सोचकर रणधीर शेखावत अशोक
  4898. 3:41:33वालिया से बोला। मिस्टर वालिया आपके इतने
  4899. 3:41:37बड़े होटल में कोई व्यक्ति मेरी पार्टी को
  4900. 3:41:39खराब कर रहा है और आप उसको मेरी पार्टी से
  4901. 3:41:41निकाल भी नहीं पा रहे हैं। क्या यही है
  4902. 3:41:44आपके होटल की सुरक्षा? रणधीर शेखावत की
  4903. 3:41:48बात सुनकर अशोक वालिया थोड़ा गंभीर हो
  4904. 3:41:50गया। वो शौर्य से बोला मिस्टर श्रवण आपके
  4905. 3:41:55कारण मेरे होटल के गेस्ट को परेशानी हो
  4906. 3:41:57रही है। इसलिए मैं चाहूंगा कि आप यहां से
  4907. 3:41:59चले जाएं। [संगीत] सबसे पहली बात मैं यहां
  4908. 3:42:02इस होटल में जबरदस्ती नहीं घुसा। आप अपने
  4909. 3:42:05सीसीटीवी पर [संगीत] देख सकते हैं कि जब
  4910. 3:42:08मैं यहां आया था तो खुद रणधीर शेखावत ने
  4911. 3:42:11हम लोगों का स्वागत किया था। इसीलिए इसकी
  4912. 3:42:13जिम्मेदारी आपकी नहीं होती कि मैं [संगीत]
  4913. 3:42:16यहां क्यों हूं। मेरे यहां होने के लिए
  4914. 3:42:18पूरी तरह से रणधीर शेखावत खुद ही
  4915. 3:42:21जिम्मेदार हैं। इसीलिए आप इस जिम्मेदारी
  4916. 3:42:24से मुक्त हैं। अगर आपको मेरी बात का
  4917. 3:42:27विश्वास नहीं है तो आप यहां का सीसीटीवी
  4918. 3:42:30फुटेज चेक कर सकते हैं। जहां तक रही बात
  4919. 3:42:32कि मैं यहां से जा क्यों [संगीत] नहीं रहा
  4920. 3:42:35तो उसके लिए मुझे पहले पुलिस को यहां
  4921. 3:42:37बुलाना पड़ेगा और इस कबीर के बच्चे को
  4922. 3:42:40उनके हवाले करवाना पड़ेगा। इसने मेरी
  4923. 3:42:43दोस्त की बेइज्जती [संगीत] की है। उसका
  4924. 3:42:45मोबाइल भी तोड़ दिया है। हां, पुलिस के
  4925. 3:42:48आने पर आपको होटल का सीसीटीवी फुटेज पुलिस
  4926. 3:42:51के हवाले करना पड़ेगा। शौर्य की बात सुनकर
  4927. 3:42:54रणधीर शेखावत को समझ आ गया कि क्यों शौर्य
  4928. 3:42:58इतने कॉन्फिडेंस में है कि वह उनके बेटे
  4929. 3:43:01को जेल भिजवा देगा। रणधीर शेखावत का ध्यान
  4930. 3:43:04सीसीटीवी की तरफ था ही नहीं। वह समझ गए
  4931. 3:43:07[संगीत] कि शौर्य उस फुटेज की बात कर रहा
  4932. 3:43:10है जब कबीर ने मेघना के हाथ से मोबाइल
  4933. 3:43:13छीनते हुए बदतमीजी की थी। मिस्टर वालिया
  4934. 3:43:17मैं पुलिस को कॉल कर रहा हूं। आपके इस
  4935. 3:43:20होटल में पुलिस के आने का सबसे बड़ा कारण
  4936. 3:43:22यह बाप बेटे ही हैं। इतना कहते हुए शौर्य
  4937. 3:43:26ने अपना मोबाइल निकाल लिया। शौर्य को ऐसा
  4938. 3:43:29करते देखकर अशोक वालिया घबरा गया। वो
  4939. 3:43:32जल्दी से [संगीत] बोला रुकिए मिस्टर श्रवण
  4940. 3:43:36आप यूं जल्दबाजी ना करें। शौर्य को रोक कर
  4941. 3:43:39अशोक वालिया रणधीर शेखावत के पास गया और
  4942. 3:43:42बोला मिस्टर शेखावत जैसा कि आप देख रहे
  4943. 3:43:46हैं मिस्टर श्रवण के यहां होने पर आप
  4944. 3:43:49दोनों खुश थे। आपने तो आगे बढ़कर खुद
  4945. 3:43:52मिस्टर श्रवण का स्वागत किया था। इसीलिए
  4946. 3:43:55उनके यहां होने के लिए मैं रिस्पांसिबल
  4947. 3:43:57नहीं हूं। आज पहली बार रणधीर शेखावत खुद
  4948. 3:44:01को बड़ा मजबूर फील कर रहा था। जिस लड़के
  4949. 3:44:04को वह सिर्फ एक चूजा समझ रहे थे, उसने
  4950. 3:44:07उनकी नाक में दम कर दिया था। रणधीर शेखावत
  4951. 3:44:10[संगीत] अपने बेटे की तरफ पलटे और उसे
  4952. 3:44:13गुस्से से घूरते हुए बोले, तुम दोनों अभी
  4953. 3:44:16के अभी मिस्टर श्रवण [संगीत] से माफी
  4954. 3:44:19मांगो और बात खत्म करो। कुछ भी बिना सोचे
  4955. 3:44:22समझे करने का यही दुष्परिणाम होता है।
  4956. 3:44:25रणधीर शेखावत कबीर और सरोज पर गुस्सा करते
  4957. 3:44:28हुए बोले कबीर को समझ नहीं आ रहा था कि वो
  4958. 3:44:31कैसे इस मुसीबत से बच सकता है पर उसे कोई
  4959. 3:44:34चारा नजर नहीं आ रहा था। थक हार कर वो
  4960. 3:44:37शौर्य के सामने गया और धीरे से बोला सॉरी।
  4961. 3:44:41कबीर की धीमी आवाज सुनकर शौर्य फिर से
  4962. 3:44:44बोला क्या कहा तुमने? कुछ सुनाई नहीं
  4963. 3:44:46दिया। जरा जोर से बोलोगे? शौर्य की बात
  4964. 3:44:50सुनकर कबीर अपने पापा की ओर देखने लगा। पर
  4965. 3:44:53इस समय उसके पापा कुछ भी देखने के मूड में
  4966. 3:44:55नहीं थे। [संगीत] वह तो चाहते थे कि किसी
  4967. 3:44:57तरह शौर्य यहां से चला जाता तो उनकी
  4968. 3:45:00परेशानी थोड़ी कम होती। पहले ही इस पार्टी
  4969. 3:45:03में आए हुए मेहमानों के सामने उनकी काफी
  4970. 3:45:05बेइज्जती हो गई थी। दूसरी तरफ कबीर ने खुद
  4971. 3:45:08को शांत करके दोबारा शौर्य से माफी मांगी।
  4972. 3:45:11कबीर को देखकर लग रहा था जैसे उसको किसी
  4973. 3:45:13ने चारप थप्पड़ जमा दिए होंगे। [संगीत]
  4974. 3:45:16इसीलिए उसका चेहरा शर्म से लाल हो गया था।
  4975. 3:45:19ठीक है तुम्हारी माफी कबूल हुई। अब इसके
  4976. 3:45:22मोबाइल का पैसा कौन देगा? शौर्य मेघना की
  4977. 3:45:25ओर देखकर बोला। [संगीत] मेघना और नताशा इस
  4978. 3:45:28बात से हैरान थे कि शौर्य ने आखिर अपनी
  4979. 3:45:31जिद पूरी कर ही ली। दूसरी तरफ रणधीर
  4980. 3:45:34शेखावत ने जब शौर्य को पैसे की बात करते
  4981. 3:45:37देखा तो वह उसके पास गया और अपनी जेब से
  4982. 3:45:40₹500 का एक बंडल निकालकर शौर्य की तरफ
  4983. 3:45:43बढ़ा दिया। रणधीर शेखावत से पैसे निकलवा
  4984. 3:45:46देना कोई छोटी बात नहीं था। [संगीत] शौर्य
  4985. 3:45:48ने मेघना और नताशा को वहां से चलने का
  4986. 3:45:50इशारा किया। वो दोनों भी मौके की नजाकत को
  4987. 3:45:54समझकर जल्दी से शौर्य के पीछे हो ली। तुम
  4988. 3:45:57दोनों ध्यान रखना तुम दोनों को मैंने इस
  4989. 3:46:00इंडस्ट्री से बाहर का रास्ता ना दिखा दिया
  4990. 3:46:02तो मेरा नाम रणधीर शेखावत नहीं। रणधीर
  4991. 3:46:05शेखावत तीनों को बाहर जाते देखकर भकते
  4992. 3:46:08स्वर में [संगीत] बोला।
  4993. 3:46:09तीनों होटल से बाहर निकलने ही वाले थे कि
  4994. 3:46:12शौर्य अपनी जगह पर रुका और बोला आप देख
  4995. 3:46:16लेना आप मेरा कितना नुकसान कर पाते हो। पर
  4996. 3:46:19अगर मैं अपनी पर आ गया तो [संगीत] आप सोच
  4997. 3:46:21भी नहीं सकते कि मैं आपके साथ क्या
  4998. 3:46:23करूंगा। इतना बोलकर वो पार्किंग की तरफ
  4999. 3:46:26[संगीत] बढ़ गया। अब जब तीनों उस भीड़भाड़
  5000. 3:46:29वाली जगह से बाहर आ गए तो रणधीर शेखावत
  5001. 3:46:31सरोज के पास पहुंचा [संगीत] और बोला जो
  5002. 3:46:34काम तुम्हारी बस की नहीं था उसे तुमने
  5003. 3:46:36करने की कोशिश क्यों की? तुम्हारे कारण
  5004. 3:46:39इतने लोगों के सामने हमारी इतनी बेइज्जती
  5005. 3:46:42हो गई। क्या रणधीर शेखावत शौर्य से अपनी
  5006. 3:46:45बेइज्जती का बदला ले पाएगा या उल्टा शौर्य
  5007. 3:46:48ही उसको हकीकत से वाबस्ता करवा देगा?
  5008. 3:46:51जानने के लिए सुनिए कहानी का अगला एपिसोड।

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This page contains the full transcript of भिखारी हसबैंड | Episode 141–160 | Kahvanihindi by Kahvani Hindi, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 41,956 words across 5,008 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.

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