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भिखारी हसबैंड | Episode 121–140 | Kahvanihindi — Transcript

by Kahvani Hindi · 38,318 words · 4,563 segments · language en · Watch on YouTube

Full transcript

  1. 0:00नमस्कार दोस्तों, आपका स्वागत है आपके
  2. 0:04अपने चैनल ऑडियो स्टोरी वर्ल्ड में। यहां
  3. 0:07आपको सुनने को मिलेंगी ऐसी दमदार ऑडियो
  4. 0:10स्टोरीज जो आपके दिल को छू जाएंगी।
  5. 0:13रोमांस, सस्पेंस, फैमिली ड्रामा, एक्शन,
  6. 0:17इमोशन और जबरदस्त ट्विस्ट से भरी कहानियां
  7. 0:20जो आपको शुरू से अंत तक बांधे रखेंगी। हर
  8. 0:24कहानी में मिलेगा नया रोमांच, नए किरदार
  9. 0:27और ऐसे मोड़ जिनकी आपने कभी कल्पना भी
  10. 0:30नहीं की होगी। अगर आपको ऑडियो स्टोरीज
  11. 0:33सुनना पसंद है तो आपने बिल्कुल सही चैनल
  12. 0:36चुना है। वीडियो शुरू करने से पहले हमारे
  13. 0:40चैनल को सब्सक्राइब करें। बेल आइकन दबाएं
  14. 0:43और वीडियो को लाइक व शेयर करना बिल्कुल ना
  15. 0:45भूलें। तो तैयार हो जाइए एक नई और रोमांचक
  16. 0:49कहानी की दुनिया में खो जाने के लिए। चलिए
  17. 0:52शुरू करते हैं सिर्फ ऑडियो स्टोरी वर्ल्ड
  18. 0:55पर शिप्रा मेघना के साथ सदर बाजार से अब
  19. 1:10[संगीत]
  20. 1:17शो
  21. 1:19[संगीत]
  22. 1:26[संगीत]
  23. 1:34[संगीत]
  24. 1:42[संगीत]
  25. 1:48[संगीत]
  26. 1:55[संगीत]
  27. 1:56सीरियस
  28. 2:02वावर [संगीत]
  29. 2:07[संगीत]
  30. 2:11[संगीत]
  31. 2:20[संगीत]
  32. 2:24[संगीत]
  33. 2:30[संगीत]
  34. 2:37[संगीत]
  35. 2:41[संगीत]
  36. 2:47[संगीत]
  37. 2:54[संगीत]
  38. 3:01[संगीत]
  39. 3:06[संगीत]
  40. 3:08मेक
  41. 3:13[संगीत]
  42. 3:19किंगम
  43. 3:22[संगीत]
  44. 3:24नेवर गनी
  45. 3:31[संगीत]
  46. 3:40[संगीत]
  47. 3:46प्ले [संगीत] हट दिस
  48. 3:54ग्लेट [संगीत]
  49. 3:58दिस
  50. 4:00[संगीत]
  51. 4:06कि तुमने यह कौन सी जिद पाल ली है? आखिर
  52. 4:09ऐसा क्या है उस भिखारी में जो तुम उसे
  53. 4:11तलाक देने को तैयार [संगीत] नहीं हो? बिना
  54. 4:14जी गुस्से में बोली मेरे श्रवण को तलाक
  55. 4:17देने से भी बात कहां बन [संगीत] रही थी
  56. 4:19मां दादा जी की तो जिद है कि वह मेरी शादी
  57. 4:21विहान से कराना चाहते हैं जो कि मैं किसी
  58. 4:24भी सूरत में नहीं कर सकती अगर सिर्फ मेरे
  59. 4:26तलाक लेने की बात होती तो उसके लिए तो मैं
  60. 4:29एक बार भी मना नहीं करता पर शादी वह अब
  61. 4:33मैं दोबारा कभी नहीं करूंगी शिप्रा जिद
  62. 4:36भरे स्वर में बोली [संगीत] बीना जी इस बात
  63. 4:38से अनजान थी कि शिप्रा के दादाजी ने
  64. 4:41शिप्रा की शादी विहान से दोबारा करवाने की
  65. 4:43जिद ठान ली थी। इस बात को जानने के बाद वह
  66. 4:47राजदीप जी की तरफ देखने लगी और उनसे
  67. 4:50कंफर्म करने के लिए बोली क्या शिप्रा जो
  68. 4:52कह रही है वह सच है? राजदीप जी अपनी सहमति
  69. 4:56जताते हुए बोले पिताजी चाहते हैं कि
  70. 4:58शिप्रा दोबारा विहान से शादी कर ले। तो
  71. 5:01इसमें बुराई क्या है? अगर देखा जाए तो
  72. 5:04विहान श्रवण से तो लाख गुना अच्छा है। उन
  73. 5:07दोनों की हैसियत में जमीन आसमान का अंतर
  74. 5:10है। और वैसे भी तो तुम पहले विहान से शादी
  75. 5:12करने जा ही रही थी तो अब क्या दिक्कत है?
  76. 5:15बीना जी अपनी बात पर जोर देते हुए बोली
  77. 5:18शिप्रा को अपनी मां की बात सुनकर आश्चर्य
  78. 5:20हुआ। वह बेबसी [संगीत] में बोली यह तुम कह
  79. 5:24रही हो मां जिसने खुद श्रवण से कहा था कि
  80. 5:27वह शादी के लिए तैयार हो जाए क्योंकि उस
  81. 5:30समय तुम्हारे बेटे के गले पर चाकू रखा हुआ
  82. 5:32था। तब तुम्हारी विनती पर ही श्रवण मुझसे
  83. 5:35शादी करने के लिए तैयार हुआ था। और अब उस
  84. 5:38भगोड़े की वकालत कर रही हो जो मुसीबत आने
  85. 5:41पर सबसे पहले मुझे मुसीबत में छोड़कर भाग
  86. 5:44गया था। यह तुम कैसे कर सकती हो मां?
  87. 5:48शिप्रा की बात सुनकर बिना जी ने अपना सर
  88. 5:50नीचे कर लिया। उनसे अब कुछ बोलते नहीं
  89. 5:53बना। पर तभी राजदीप [संगीत] जी बोले तुम
  90. 5:56अपनी जगह सही हो बेटी। पर तुम्हें समझना
  91. 5:58चाहिए कि हम लोगों का जो सामाजिक दायरा है
  92. 6:01उसमें श्रवण कहीं फिट नहीं होता। इसलिए
  93. 6:04हमें अपने सोशल स्टेटस को देखना पड़ता है।
  94. 6:06आप किस जमाने की बात कर रहे हैं पापा? अगर
  95. 6:09आपको अपने सोशल स्टेटस को ही देखना है या
  96. 6:12दादाजी को ही उनके सोशल स्टेटस की पड़ी
  97. 6:14होती तो वह सिर्फ इस बात से भी तैयार हो
  98. 6:17जाते कि मैं शौर्य से तलाक ले लेती। लेकिन
  99. 6:21मेरी शादी विहान से कराने की जिद का क्या
  100. 6:24मतलब हुआ? अगर आप भी ऐसा चाहते हैं पापा
  101. 6:27तो माफ कीजिएगा। मैं इस बात [संगीत] के
  102. 6:29लिए कभी भी तैयार नहीं हो सकती। जहां तक
  103. 6:31शादी की बात थी वह मेरी एक [संगीत] बार हो
  104. 6:34गई। अब श्रवण से तलाक के बाद भी मैं
  105. 6:37दोबारा कभी शादी नहीं करूंगी। यह बात आप
  106. 6:39गांठ बांध लीजिए और मैं चाहूंगी कि आप
  107. 6:42दोबारा मुझे इसके लिए कभी प्रेशराइज भी ना
  108. 6:44करें। शिप्रा मजबूत इरादों [संगीत] के साथ
  109. 6:47बोली। राजदीप जी समझ गए कि शिप्रा से अब
  110. 6:50कुछ भी कहने का कोई फायदा नहीं है। इसलिए
  111. 6:53अब वह यह भी नहीं चाहते थे कि शिप्रा
  112. 6:55शौर्य से तलाक ले। शिप्रा के स्पष्ट
  113. 6:58इरादों को जानकर बिना जी ने भी दोबारा उसे
  114. 7:01कुछ नहीं कहा। मौसा जी आपको भी शिप्रा से
  115. 7:03अब कम से कम विहान से शादी के लिए जिद
  116. 7:06नहीं करनी चाहिए क्योंकि सही मायने में वह
  117. 7:09इस लायक नहीं है कि शिप्रा विहान से शादी
  118. 7:12करें। जो आपके मुसीबत [संगीत] के वक्त पीठ
  119. 7:14दिखा दे उससे कोई भी लड़की शादी करना नहीं
  120. 7:17चाहेगी। मेघना ने भी अपने विचार को राजदीप
  121. 7:21[संगीत] जी के सामने व्यक्त किया। मैं
  122. 7:23समझता हूं बेटी मैं खुद भी ऐसा नहीं चाहता
  123. 7:26और मैं पिताजी के कारण कुछ बोल नहीं पा
  124. 7:28रहा। राजदीप जी ने अभी इतना कहा ही था कि
  125. 7:31तभी मेन गेट पर किसी की दस्तक सुनाई दिया।
  126. 7:34यह जानकर कि कोई दरवाजे पर खड़ा है। सभी
  127. 7:37एक दूसरे की तरफ देखने लगे। तभी मेघना
  128. 7:40अपनी जगह से उठी और जाकर मेन गेट को खोल
  129. 7:42दिया। उसने देखा उसके सामने बलवंत राय के
  130. 7:45साथ धर्मवीर रायजादा और विहान रायजादा
  131. 7:48दोनों खड़े थे। राजदीप जी भी मेघा के
  132. 7:51पीछेछे दरवाजे पर पहुंच गए थे। उन्होंने
  133. 7:54जब बलवंत राय को दरवाजे पर खड़े देखा तो
  134. 7:56वह आश्चर्य से बोले पिताजी आप फिर उनकी
  135. 7:59निगाह धर्मवीर रायजादा और विहान रायजादा
  136. 8:02पर भी पड़ी। उनके माथे में ठंड का सा हुआ
  137. 8:05कि उसके पिताजी [संगीत]
  138. 8:06को कल तक इंतजार भी नहीं किया गया और वह
  139. 8:09धर्मवीर रायजादा और विहान रायजादा को लेकर
  140. 8:12उसके घर आ गए हैं। राजदीप जी दरवाजे के
  141. 8:15सामने से हटते हुए उन सबको अंदर आने का
  142. 8:17इशारा किया। बलवंत राय, [संगीत] धर्मवीर
  143. 8:19रायजादा और विहान रायजादा के साथ डाइनिंग
  144. 8:22हॉल में आए और सोफे पर बैठे गए। उन्होंने
  145. 8:25जब सबको यहां मौजूद देखा तो वह अपने होठों
  146. 8:28पर हल्की मुस्कान लिए हुए बोले, चलो यह
  147. 8:31अच्छा है कि तुम सब यहीं हो। इसलिए एक साथ
  148. 8:34ही सबसे बात हो जाएगी। [संगीत] शिप्रा
  149. 8:36अपने दादाजी के साथ धर्मवीर रायजादा और
  150. 8:39विहान रायजादा को देखकर गुस्से से लाल ही
  151. 8:42गई थी। उसे उम्मीद नहीं था कि यह लोग इतने
  152. 8:45बेशर्म निकलेंगे कि उसके घर [संगीत] भी आ
  153. 8:47जाएंगे। शिप्रा ने अपनी तरफ से कुछ नहीं
  154. 8:49कहा। वह इंतजार करती रही कि [संगीत] सामने
  155. 8:52से कुछ ना कुछ जरूर उससे बोला जाएगा।
  156. 8:55बलवंत राय बात की शुरुआत करते हुए बोले
  157. 8:59देखो अभी मेरा यहां आने का कोई इरादा नहीं
  158. 9:01था। पर क्योंकि धर्मवीर साहब मेरे पास आए
  159. 9:04हुए थे और यह एक बार शिप्रा से मिलकर
  160. 9:06[संगीत] उसकी गलतफहमी को दूर करना चाह रहे
  161. 9:08थे। इसलिए हम इनको यहां ही लेकर आ गए। बात
  162. 9:11किसी गलतफहमी को दूर करने से बहुत आगे
  163. 9:13निकल गई है पापा। अब शिप्रा नहीं चाहती कि
  164. 9:16वह दोबारा इस बंधन में बंधे। इसलिए अब इन
  165. 9:19लोगों को भी समझ जाना चाहिए कि अब कुछ
  166. 9:22नहीं हो सकता। अगर इन लोगों को शिप्रा से
  167. 9:25इतना ही ज्यादा प्यार था तो इन्हें उस समय
  168. 9:28सामने आना चाहिए था और शिप्रा के साथ खड़ा
  169. 9:31होना चाहिए था। पर उस समय तो उनका कोई पता
  170. 9:33नहीं था। और आज यह लोग शिप्रा के लिए
  171. 9:36प्यार दिखा रहे हैं तो आप समझ लीजिए कि अब
  172. 9:39यह सब शिप्रा को कबूल नहीं है। राजदीप जी
  173. 9:42ने बहुत हिम्मत करके बलवंत राय को जवाब
  174. 9:45दिया। राजदीप जी को इस तरह बोलते देखकर
  175. 9:48बलवंत राय भी आश्चर्य से राजदीप को देखने
  176. 9:51लगे। उन्हें राजदीप से ऐसी उम्मीद नहीं
  177. 9:53थी। वह तो सोच रहे थे कि राजदीप शिप्रा को
  178. 9:56मनाने में अपनी भूमिका निभाएगा। पर वह तो
  179. 9:59खुद शिप्रा की बात को ही समर्थन दे रहा
  180. 10:02है। उन्हें राजदीप जी पर भी गुस्सा आया और
  181. 10:04वह बोले राजदीप मुझे तुमसे यह उम्मीद नहीं
  182. 10:08थी कि तुम अपनी बेटी की जिद के सामने झुक
  183. 10:10जाओगे। मुझे लगा तुम अपनी बेटी को
  184. 10:13समझाओगे। उसको अपने अच्छे बुरे का ज्ञान
  185. 10:16कराओगे। पर तुम तो खुद ही उनके रंग में
  186. 10:18रंगे हुए हो। अरे नहीं बलवंत जी आप राजदीप
  187. 10:22को इस तरह से मत बोलिए। राजदीप अपनी जगह
  188. 10:25सही हैं। पर इन्हें नहीं पता कि इस बात का
  189. 10:28हमें कितना अफसोस है। विहान तो कई रातों
  190. 10:31सो नहीं पाया था। बड़ी मुश्किल से यह उस
  191. 10:34दौड़ से बाहर आया है। इसलिए हम यह नहीं
  192. 10:36चाह रहे कि हमारे कारण शिप्रा बिटिया की
  193. 10:39जिंदगी बर्बाद हो। इसलिए हम शिप्रा बिटिया
  194. 10:42को अपने घर की बहू बनाना चाहते हैं। अगर
  195. 10:45शिप्रा हमारे घर की बहू बन जाती है तो हम
  196. 10:48भी इस शर्मिंदगीगी के बोझ से निकल आएंगे
  197. 10:51कि हम मुसीबत में अपनी बहू का साथ नहीं दे
  198. 10:53पाए। धर्मवीर राय ज्यादा इमोशनल होकर बोले
  199. 10:56अगर आप ऐसा सोचते हैं तो मैं आपकी आभारी
  200. 10:59हूं अंकल। पर आप मेरी इस बात को समझ लीजिए
  201. 11:02कि मैं अब आपके घर की बहू नहीं बन पाऊंगी।
  202. 11:05मैं क्षमा के साथ आपसे विनती करती हूं कि
  203. 11:09आप अपना यह इरादा त्याग दीजिए और मुझे
  204. 11:11अपने घर की बहू बनाने की बात को भी
  205. 11:14[संगीत] भूल जाइए क्योंकि मेरी ऐसी कोई
  206. 11:16इच्छा नहीं है और अब मैं अपनी इस स्थिति
  207. 11:19से खुश हूं। शिप्रा धर्मवीर रायजादा से
  208. 11:22रिक्वेस्ट करते हुए बोली धर्मवीर रायजादा
  209. 11:25को उम्मीद नहीं था कि शिप्रा सामने से आकर
  210. 11:28उनसे से यह बात करेगी। वह हैरान होकर
  211. 11:31बलवंत राय का चेहरा देखने लगे। उन्होंने
  212. 11:33तो सोचा था कि शिप्रा के घर आकर वह कुछ
  213. 11:36इमोशनल ड्रामा करेंगे तो शायद राजदीप राय
  214. 11:39और बिना जी के प्रेशर से शिप्रा झुक
  215. 11:42जाएगी। पर यहां तो पासा ही उल्टा पड़ रहा
  216. 11:44था। राजदीप जी के साथ बिना जी भी शिप्रा
  217. 11:47का समर्थन करते नजर आ रहे थे। पर इस बात
  218. 11:50से बलवंत राय गुस्सा हो गए थे। वह राजदीप
  219. 11:52जी से गुस्से में बोले राजदीप मैंने
  220. 11:56तुम्हें शिप्रा को समझाने के लिए कहा था।
  221. 11:58पर तुम तो खुद ही उसके रंग में रंग गए।
  222. 12:00तुमसे तो कुछ उम्मीद करना ही बेकार है।
  223. 12:03इतना कहने के बाद बलवंत राय शिप्रा की ओर
  224. 12:06मुड़े और उससे बोले मैंने तुम्हें आज सुबह
  225. 12:09में ही कहा था तुम्हारे पास दूसरा कोई
  226. 12:11रास्ता नहीं है। हम जो भी कर रहे हैं
  227. 12:14तुम्हारी भले के लिए कर रहे हैं। [संगीत]
  228. 12:16मैं तुम्हें स्पष्ट कर दूं कि तुम्हें हर
  229. 12:19हाल में विहान से शादी करनी है। और मैं अब
  230. 12:22इसमें कुछ भी सुनना नहीं चाहता। नहीं तो
  231. 12:24तुम्हें पता ही है जो मैंने कहा था। अगर
  232. 12:26तुम अपनी जिद पर अड़ी रहोगी तो फिर मेरे
  233. 12:29पास में भी दूसरा कोई रास्ता नहीं है।
  234. 12:32बलवंत राय अब कुछ भी सुनने के मूड में
  235. 12:35नहीं थे। इस बीच मेनका अपने मोबाइल में
  236. 12:37खेलती रही। फिर कुछ पल के बाद उसने अपना
  237. 12:40सर उठाया और अपने दादाजी की ओर देखकर बोली
  238. 12:43अगर आप अपनी जिद पर अरे हुए हैं तो फिर
  239. 12:46ठीक है। मैंने आपका दिया हुआ 50 करोड़
  240. 12:49ब्याज के साथ आपको वापस कर दी हूं। आप चेक
  241. 12:52कर लीजिए। मैंने अभी आपके करंट अकाउंट में
  242. 12:54₹ करोड़ ट्रांसफर कर दिया है। अब मैं
  243. 12:58उम्मीद करती हूं कि अब आप मुझे ब्लैकमेल
  244. 13:00करने की कोशिश नहीं करेंगे। शिप्रा की बात
  245. 13:03सुनकर बलवंत राय आश्चर्य से शिप्रा का
  246. 13:06चेहरा [संगीत] देखते रह गए। बलवंत राय को
  247. 13:08यह समझ नहीं आया कि यह कैसे संभव हुआ?
  248. 13:11आखिर शिप्रा के पास इतने पैसे कहां से आए
  249. 13:14कि उसने एक बार में ही 60 करोड़ उनको
  250. 13:17ट्रांसफर कर दिया।
  251. 13:18[संगीत]
  252. 13:18फिर उनके मन में एक ख्याल यह भी यह आया कि
  253. 13:21कहीं राजदीप ने तो उसको यह पैसे नहीं दिए
  254. 13:23हैं। हां, यही बात होगी। उन्होंने मन ही
  255. 13:27मन सोचा, जरूर राजदीप ने ही शिप्रा को
  256. 13:29पैसे दिए होंगे। नहीं तो वह एक साथ 60
  257. 13:32करोड़ उनको कहां से वापस कर पाती। यह
  258. 13:35सोचकर उन्होंने राजदीप जी की ओर मुड़कर
  259. 13:38कहा, राजदीप, मुझे तुमसे ऐसी उम्मीद नहीं
  260. 13:41थी कि तुम यूं [संगीत] शिप्रा की मदद
  261. 13:42करोगे। तुम्हें शिप्रा को पैसे देने की
  262. 13:45क्या जरूरत थी? यह तुमने सही नहीं किया।
  263. 13:48राजदीप जी बलवंत राय की बात सुनकर परेशान
  264. 13:51होते हुए बोले मैंने शिप्रा की पैसे से
  265. 13:54कोई मदद नहीं की है पापा उसने खुद ही इन
  266. 13:57पैसों का इंतजाम किया है तुम क्या मुझे
  267. 14:00बेवकूफ समझते हो मुझे पता नहीं है क्या कि
  268. 14:03शिप्रा अपनी कमाई का ज्यादातर पैसा अपनी
  269. 14:05[संगीत] कंपनी में ही इन्वेस्ट कर देती है
  270. 14:08तो फिर उसके पास इतने पैसे कैसे हो सकते
  271. 14:10हैं? बलवंत राय अविश्वास भरे स्वर में
  272. 14:13बोले, मैंने पापा से कोई पैसे नहीं लिया
  273. 14:16है दादा जी बल्कि मैंने अपनी कंपनी ही बेच
  274. 14:18दी। आप इसी से परेशान थे ना? अब आपकी यह
  275. 14:21परेशानी भी दूर हो गई। शिप्रा बलवंत राय
  276. 14:24को अपने पापा के ऊपर इल्जाम लगाते देखकर
  277. 14:26बोली। बलवंत राय ने जब यह सुना तो वह
  278. 14:30हैरान होकर शिप्रा की
  279. 14:31[संगीत]
  280. 14:31ओर देखने लगे। उन्हें विश्वास नहीं हो रहा
  281. 14:34था कि शिप्रा ने उनको पैसे वापस करने के
  282. 14:36लिए अपनी कंपनी ही [संगीत] बेच दी। अगर
  283. 14:39देखा जाए तो वह ऐसा बिल्कुल नहीं चाहते
  284. 14:42थे। वह तो यह जो भी कर रहे थे यह सब वह
  285. 14:45सिर्फ शिप्रा पर एक प्रेशर बनाने के लिए
  286. 14:48कर रहे थे। जिससे शिप्रा विहान से शादी
  287. 14:50करने के लिए तैयार हो जाए। शिप्रा की
  288. 14:53कंपनी बेचने की बात सुनकर सिर्फ बलवंत राय
  289. 14:55ही नहीं बल्कि धर्मवीर रायजादा और विहान
  290. 14:58भी हैरान था। उन्होंने नहीं सोचा था कि
  291. 15:00शिप्रा इस हद तक जाएगी कि अपने दादाजी
  292. 15:03[संगीत] के ब्लैकमेल से बचने के लिए अपनी
  293. 15:06कंपनी ही बेच देंगी। क्योंकि कहीं ना कहीं
  294. 15:09धर्मवीर रायजादा और विहान को भी शिप्रा से
  295. 15:12यह लालच था कि अगर शिप्रा की शादी विहान
  296. 15:14से हो जाती है तो एक तरह से यह कंपनी भी
  297. 15:17उनकी हो जाएगी। पर शिप्रा ने अपनी कंपनी
  298. 15:19को बेचकर उनके सोचे हुए सारे प्लान पर
  299. 15:22पानी फेर दिया। धर्मवीर रायजादा और विहान
  300. 15:26दोनों एक दूसरे का चेहरा देखने लगे और
  301. 15:28अपनी बेबसी को अपने चेहरे पर आने से रोक
  302. 15:32नहीं पाए। अगर इस समय कोई उनके चेहरे पर
  303. 15:35ध्यान देता तो यह सोचता कि उन दोनों की
  304. 15:38लंका ही लुट गई है। पर वह इस हालात में
  305. 15:42ज्यादा कुछ कर नहीं सकते थे। बलवंत राय को
  306. 15:45समझ नहीं आ रहा था कि वह शिप्रा से क्या
  307. 15:47बोले। उन्होंने तो दूर-दूर तक इसकी कोई
  308. 15:50कल्पना ही नहीं की थी। क्योंकि वह यह भी
  309. 15:53अच्छी तरह समझते थे कि किसी कंपनी को
  310. 15:56खरीदने और बेचने की प्रक्रिया इतनी आसान
  311. 15:59नहीं होती। सबसे पहले तो किसी कंपनी को
  312. 16:01बेचने के लिए उसका खरीदार ढूंढना ही
  313. 16:03मुश्किल होता है। और अगर खरीदार मिल भी
  314. 16:06जाता है तो सारा प्रोसेस पूरा होने में
  315. 16:09सप्ताह 10 दिन तो लग ही जाता है। पर
  316. 16:12शिप्रा ने तो आज के आज में ही कंपनी को
  317. 16:14बेच दिया। आखिर ऐसा कौन बायर मिल गया था
  318. 16:17शिप्रा को? जो आज के आज में ही उसको पैसे
  319. 16:20भी दे दिए। उन्हें खुद पर ही गुस्सा आ रहा
  320. 16:23था कि उन्होंने इस बात की ओर ध्यान क्यों
  321. 16:26नहीं दिया। वह खुद को कंट्रोल करते हुए
  322. 16:29बोले तुमने अपनी कंपनी बेच दी और इस बारे
  323. 16:33में हम लोगों से कुछ विचार करने की जरूरत
  324. 16:34[संगीत] भी नहीं समझी। तुम कुछ ज्यादा ही
  325. 16:37मनमानी नहीं करने लग गई हो। इसके लिए भी
  326. 16:40तो आपने ही [संगीत] मजबूर किया है दादा
  327. 16:41जी। अब आप यही समझ लीजिएगा कि आपके दूसरे
  328. 16:45बच्चों की तरह मैं भी अपने स्टार्टअप में
  329. 16:48फेल हो गई। पर मैंने कुलवंत भैया, मयूर और
  330. 16:51राधिका की तरह आपके पैसे का नुकसान नहीं
  331. 16:54होने दिया। बल्कि मैंने तो आपको उस पर 10
  332. 16:57करोड़ का ब्याज भी कमा कर दे दिया। इसलिए
  333. 17:00आपको मुझसे यह शिकायत तो नहीं होगी कि
  334. 17:02मैंने आपके बाकी बच्चों की तरह आपका कोई
  335. 17:05नुकसान कर दिया। शिप्रा बलवंत राय से तंज
  336. 17:08भरे स्वर में बोली। बलवंत राय को तो ऐसा
  337. 17:11लगा जैसे किसी ने उन्हें भरे बाजार चांटा
  338. 17:14मार दिया हो। वह शिप्रा से ऐसे जवाब की
  339. 17:17उम्मीद नहीं कर रहे थे। उन्हें शिप्रा की
  340. 17:19कंपनी बेचने की बेवकूफी पर गुस्सा आ रहा
  341. 17:22था। वह गुस्से में ही बोले बेवकूफ लड़की
  342. 17:26तुमने यह सोचा भी है कि अपनी कंपनी को
  343. 17:28बेचने के बाद तुम क्या करोगी। पता नहीं
  344. 17:31क्या करूंगी। पर यह पक्का है कि फिर कभी
  345. 17:34कोई काम शुरू करने के लिए अगर पैसे की
  346. 17:36जरूरत होगी भी तो आपके पास पैसे के लिए तो
  347. 17:39नहीं आऊंगी। शिप्रा के दिल का सारा दर्द
  348. 17:42बलवंत राय के सामने उसकी बातों से जाहिर
  349. 17:45हो रहा था। बलवंत राय का दिमाग कुछ सोचने
  350. 17:48की स्थिति में नहीं था। वह यह कभी नहीं
  351. 17:51चाहते थे कि शिप्रा अपनी कंपनी को बेच दे।
  352. 17:54क्योंकि यह उनके लिए एक प्राउड की बात थी
  353. 17:56कि उनके सभी [संगीत] बच्चों में शिप्रा ने
  354. 17:58ही उनके दिए हुए पैसों का सही उपयोग किया
  355. 18:01था और एक वही थी जिसने अपने स्टार्टअप को
  356. 18:05कामयाब किया था। बाकी सब ने तो उनके दिए
  357. 18:08पैसे को डूबा ही दिया था और आज वह सब
  358. 18:11बलवंत राय के द्वारा खड़े किए गए दूसरी
  359. 18:14कंपनियों में ही अलग-अलग पोस्ट का काम देख
  360. 18:17रहे थे। अब उन्हें अपनी उस बात के लिए
  361. 18:19अफसोस हो रहा था जब उन्होंने शिप्रा से
  362. 18:22उनके द्वारा दिए हुए पैसों को इंटरेस्ट के
  363. 18:24साथ वापस करने के लिए कहा था। उस समय
  364. 18:27उन्होंने यह बात सिर्फ शिप्रा पर प्रेशर
  365. 18:31बनाने के लिए कहा था। पर इसके परिणाम में
  366. 18:33उन्होंने यह नहीं सोचा था कि शिप्रा इस हद
  367. 18:36तक चली जाएगी कि वह अपनी कंपनी को ही बेच
  368. 18:39देगी। उन्हें इस बात से भी गुस्सा आ रहा
  369. 18:41था कि इस बेवकूफ लड़की को अपनी कंपनी को
  370. 18:44बेचना तो कबूल हुआ पर वह विहान से शादी के
  371. 18:47लिए राजी नहीं हुई। वह शिप्रा के जज्बात
  372. 18:50को समझ ही नहीं सके। अगर शिप्रा के कंपनी
  373. 18:53बेचने के फैसले के बारे में उन्हें पहले
  374. 18:55पता चल जाता तो वह किसी भी सूरत में
  375. 18:57शिप्रा को ऐसा करने नहीं देते। यह बात
  376. 19:00उन्हें और गुस्सा दिला रहा था कि इस
  377. 19:03बेवकूफ लड़की ने एक बार यह बात उनके नॉलेज
  378. 19:06में लाने की कोशिश भी नहीं की कि वह उनका
  379. 19:09पैसा वापस करने के लिए अपनी कंपनी को ही
  380. 19:12बेचने जा रही है। यह बात उनके गुस्से को
  381. 19:15और बढ़ाता जा रहा था। वह गुस्से में बोले
  382. 19:19अगर तुम्हें श्रवण की पत्नी बनकर [संगीत]
  383. 19:21ही रहना है तो फिर तुम यहां क्या कर रही
  384. 19:23हो? तुम्हें तो फिर श्रवण के पास होना
  385. 19:25चाहिए [संगीत] था ना क्योंकि एक शादीशुदा
  386. 19:28लड़की का घर तो उसका पति का ही घर होता है
  387. 19:30ना। यह बात समझती हो कि नहीं? शादीशुदा
  388. 19:33लड़की अपने मायके तो किसी पर्व त्यौहार या
  389. 19:36किसी फंक्शन में ही आती है। अच्छा हुआ कि
  390. 19:39आपने मुझे यह एहसास भी करा दिया कि यह घर
  391. 19:42अब मेरे लिए पराया हो गया है। चिंता मत
  392. 19:44कीजिए। मैं जल्दी ही आपकी यह इच्छा भी
  393. 19:47पूरी कर दूंगी। शिप्रा अपने प्रवाह में
  394. 19:50बोलती चली गई। उसने यह भी नहीं सोचा कि इस
  395. 19:53बात के क्या मायने हैं। जबकि राजदीप जी और
  396. 19:56बीना जी बलवंत राय और शिप्रा दोनों की बात
  397. 19:58को सुनकर परेशान नजर आने लगे। उन्हें यह
  398. 20:01उम्मीद नहीं थी कि बात इस हद तक चली जाएगी
  399. 20:05कि फिर उसे कंट्रोल करना मुश्किल हो
  400. 20:07जाएगा। पर वह बलवंत राय के सामने कुछ बोल
  401. 20:10भी नहीं सकते थे। वह यही उम्मीद कर रहे थे
  402. 20:12कि यह बातें जितनी जल्दी बंद हो जाए
  403. 20:15[संगीत] उतना अच्छा। जबकि धर्मवीर रायजादा
  404. 20:18और विहान शिप्रा के पहले के व्यवहार से
  405. 20:20आहत तो थे ही। इसलिए वह बलवंत राय की बात
  406. 20:23सुनकर खुश हो रहे थे कि शायद इस लड़की का
  407. 20:26दिमाग घर से निकाले जाने के बाद ही सही
  408. 20:29होगा। इस बीच धर्मवीर रायजादा ने अपने आप
  409. 20:32को शिप्रा का हितषी दिखाते हुए कहा। यह
  410. 20:35तुम कैसी बात कर रही हो शिप्रा बेटी? तुम
  411. 20:38क्यों इस घर को छोड़कर जाओगी? तुम यही
  412. 20:40चाहती हो ना कि तुम्हें विहान से शादी
  413. 20:43नहीं करनी है। अगर ऐसी बात थी तो तुम
  414. 20:45मुझसे बात कर सकती थी। मेरे सामने अपनी
  415. 20:48बात रखती तो मैं क्या तुम्हारे साथ
  416. 20:50जबरदस्ती करता? मैं तो बस तुम्हारी जिंदगी
  417. 20:53खराब होते नहीं दिखा सकता था। इसलिए मैंने
  418. 20:55बलवंत राय जी के सामने विहान से तुम्हारी
  419. 20:57शादी की बात रखी थी। क्योंकि तुम्हारी इस
  420. 21:00हालत का जिम्मेदार कहीं ना कहीं [संगीत]
  421. 21:03मैं और विहान भी तो थे। तुम्हें विहान से
  422. 21:06शादी नहीं करनी है। कोई बात नहीं। अब
  423. 21:08तुम्हें कोई भी इसके लिए प्रेशराइज नहीं
  424. 21:10करेगा। पर तुम इस घर को छोड़ने की बात भूल
  425. 21:13जाओ। हमारे कारण तुम्हें अपना घर छोड़ना
  426. 21:15पड़े यह ठीक नहीं है। राय साहब आप भी इस
  427. 21:19बात को छोड़िए। जब शिप्रा बेटी श्रवण के
  428. 21:22साथ खुश है तो फिर इसे खुश रहने दीजिए।
  429. 21:25हमारे लिए तो सबसे बढ़कर शिप्रा बेटी की
  430. 21:27खुशी ही है। सुन रही हो कुछ? देख रही हो
  431. 21:30तुम्हारे लिए कितने चिंतित हैं धर्मवीर जी
  432. 21:33और एक तुम हो जिसे अपनी अच्छे [संगीत]
  433. 21:35बुरे का ही ज्ञान नहीं है। बलवंत राय
  434. 21:39धर्मवीर जी की बात सुनकर शिप्रा को ताना
  435. 21:41मारते हुए बोले फिर वह धर्मवीर रायजादा से
  436. 21:44बोले माफ कीजिएगा धर्मवीर जी हम अपनी इस
  437. 21:47नादान बेटी को समझाने में नाकाम रहे पर
  438. 21:50मैं चाहता हूं कि हमारे परिवार में जो एक
  439. 21:52संबंध बनने जा रहा था वह ऐसे ही ना रहे।
  440. 21:55अगर आप चाहेंगे तो भी हमारे परिवार में
  441. 21:57संबंध बन सकता है। मैं कुछ समझा नहीं। आप
  442. 22:00कहना क्या चाहते हैं राय साहब? धर्मवीर
  443. 22:03रायजादा को बलवंत राय की बात सुनकर कुछ
  444. 22:06उम्मीद जगी कि क्या अभी भी कुछ हो सकता
  445. 22:08है? जब धर्मवीर रायजादा ने बलवंत राय से
  446. 22:11जानना चाहा कि वह क्या कहना चाहते हैं? तो
  447. 22:14बलवंत राय ने कहा अगर आप चाहेंगे तो हमारी
  448. 22:18दूसरी पोती युविका के साथ हम विहान की
  449. 22:22शादी कर सकते हैं। मुझे उम्मीद है कि
  450. 22:24बृजभूषण भी इस बात से खुश ही होगा। आप
  451. 22:28क्या कहते हैं? वैसे तो इसकी कोई जरूरत
  452. 22:30नहीं है राय साहब। लेकिन अगर आप चाहते हैं
  453. 22:33कि हमारे परिवार में कोई संबंध बन ही जाए
  454. 22:36तो मैं आपको मना कैसे कर सकता हूं? आप
  455. 22:39जैसा चाहेंगे मैं उसके लिए हमेशा तैयार
  456. 22:41हूं। शायद ऊपर वाला भी यही चाहता है कि हम
  457. 22:44सिर्फ बिजनेस पार्टनर ही ना बने बल्कि हम
  458. 22:47संबंधी भी बन जाए। धर्मवीर रायजादा मन ही
  459. 22:50मन खुश होता हुआ बोला। अभी तक जो उसे लग
  460. 22:53रहा था कि उसकी योजना खटाई में पड़ गई।
  461. 22:56उसके पास जो मौका था उसे उसने खो [संगीत]
  462. 22:58दिया। अचानक ही उसे लगने लगा कि फिर से वह
  463. 23:01अपने मकसद को पूरा कर सकता है। धर्मवीर
  464. 23:04रायजादा की सहमति पाकर बलवंत राय ने कहा
  465. 23:07तो फिर ठीक है मैं बृजभूषण से [संगीत] बात
  466. 23:10करके कोई अच्छा सा दिन निश्चित करके दोनों
  467. 23:13की सगाई कर देते हैं। यह सब आप देख लीजिए
  468. 23:15राय साहब आप जैसा कहेंगे मैं उसके लिए
  469. 23:18तैयार हूं। आखिर आप हमारे भी तो बड़े हैं।
  470. 23:20धर्मवीर रायजादा चापलूसी भरे स्वर में
  471. 23:23बोला राजदीप जी और बीना जी बातचीत का
  472. 23:26स्वरूप चेंज होते देखकर हैरान थे। बीना जी
  473. 23:28को जलन भी हुआ कि जो विहान उनका दामाद बन
  474. 23:31सकता था अब वह बृजभूषण का दामाद बन जाएगा।
  475. 23:35बीना जी समझ नहीं पा रही थी कि वह खुश हुए
  476. 23:37कि रोए। कमोबेश यही हाल राजदीप जी का भी
  477. 23:41था। उनकी भी चाहत नहीं थी कि शिप्रा की
  478. 23:44शादी विहान [संगीत]
  479. 23:45से हो। पर जब उन्होंने यह जाना कि अब
  480. 23:47विहान की शादी युविका से होने जा रही है
  481. 23:50तो उनके मन में भी जलन का भाव पैदा हो
  482. 23:53गया। पर उन्हें तसल्ली थी कि चलो कम से कम
  483. 23:56बातचीत का स्वरूप तो चेंज हुआ। अब बलवंत
  484. 23:58राय का फोकस शिप्रा से हट गया था। शिप्रा
  485. 24:02इस बात से हैरान थी कि कैसे धर्मवीर
  486. 24:04रायजादा तुरंत ही युविका को अपनी बहू
  487. 24:07बनाने के लिए तैयार हो गया। अब भी कहां
  488. 24:09गया विहान का प्यार जो दावा करता था कि वह
  489. 24:12शिप्रा से बहुत प्यार करता है। जैसे ही
  490. 24:15युविका के साथ शादी करने की बात आई
  491. 24:16[संगीत] एक बार गलती से भी विहान ने
  492. 24:18प्रतिरोध करने की कोशिश नहीं की बल्कि
  493. 24:20उसके चेहरे को देखकर लग रहा था वह भी इस
  494. 24:24फैसले से संतुष्ट था। ठीक है राय साहब आप
  495. 24:28देख लीजिए कि आगे क्या करना है। [संगीत]
  496. 24:30बाकी अभी मैं चलता हूं। जैसा भी होगा उस
  497. 24:33हिसाब से आगे की प्लानिंग कर लेंगे।
  498. 24:35धर्मवीर रायजादा सोफे से उठता हुआ बोला।
  499. 24:38विहान भी धर्मवीर रायजादा के साथ हो लिया।
  500. 24:40[संगीत] फिर दोनों उस घर से निकल गए।
  501. 24:42धर्मवीर रायजादा और विहान के जाने के बाद
  502. 24:46बलवंत राय ने राजदीप और बिना जी की ओर
  503. 24:48देखकर कहा, ठीक है, मैं भी चलता हूं। अब
  504. 24:52आगे की प्लानिंग भी करनी है। [संगीत] इतना
  505. 24:53बोलकर उन्होंने एक नजर शिप्रा की ओर देखा।
  506. 24:57फिर वह भी वहां से निकल गए। बलवंत राय के
  507. 25:00वहां से जाने के बाद राजदीप जी और बीना जी
  508. 25:03ने चैन की सांस ली। पर शिप्रा का मूड
  509. 25:06थोड़ा उखड़ा हुआ था। उसको बलवंत राय की इस
  510. 25:09बात ने
  511. 25:09[संगीत]
  512. 25:09थोड़ा इमोशनल कर दिया था। जब उन्होंने कहा
  513. 25:12था कि जब तुमने शादी कर ही ली है तो फिर
  514. 25:15यहां क्या कर रही हो? तुम्हें तो अपने पति
  515. 25:17के पास होना चाहिए। शिप्रा समझ रही थी कि
  516. 25:20यह बलवंत राय का फ्रस्ट्रेशन था। पर यह
  517. 25:23बात कहीं ना कहीं उसको चुभ गई थी। उसने
  518. 25:26खुद भी सोच लिया था कि अब उसके लिए भी यही
  519. 25:28सही है कि [संगीत] वह कुछ समय के लिए अपना
  520. 25:31घर छोड़ ही दे ताकि बाद में उसके घर वाले
  521. 25:34भी दोबारा कभी उससे उसकी शादी को लेकर कुछ
  522. 25:37बात ना कर सके। वैसे भी शिप्रा प्लान कर
  523. 25:39रखी थी कि वह शौर्य के घर जाकर कुछ
  524. 25:41[संगीत] दिन रहेगी। अब उसको इसका सही
  525. 25:43बहाना भी मिल गया था। उसने शौर्य की कोठी
  526. 25:47में अपने लिए एक रूम को अपने हिसाब से
  527. 25:50डेकोरेट करने के लिए खरीदारी भी कर ली थी।
  528. 25:52दूसरी तरफ वीणा जी को यह बात खाए जा रही
  529. 25:55थी कि शिप्रा के मना करने के बाद बलवंत
  530. 25:57राय ने विहान की शादी युविका के साथ फिक्स
  531. 26:01कर दी थी। जब तक वीणा [संगीत] जी को यह
  532. 26:03नहीं लगा था कि बलवंत राय ऐसा कुछ करने
  533. 26:06वाले हैं। तब तक वह भी शिप्रा की शादी
  534. 26:09विहान से करने के पक्ष में नहीं थी। लेकिन
  535. 26:11जैसे ही उन्हें पता चला कि अब बलवंत राय
  536. 26:14ने युविका के साथ विहान की शादी करने की
  537. 26:16सोच ली है तो उनके मन में जलन की भावना आ
  538. 26:20गई थी। जिसे उन्होंने छुपाया भी नहीं और
  539. 26:24इस बात को उन्होंने शिप्रा के सामने ही
  540. 26:26जाहिर कर दिया। देखा तुमने तुम्हारी जिद
  541. 26:30के कारण आज पापा जी विहान की शादी युविका
  542. 26:33से करने जा रहे हैं। मुझे तो समझ नहीं आ
  543. 26:36रहा है कि तुमने यह कैसी [संगीत] जिद ठान
  544. 26:38ली है कि विहान से शादी नहीं करनी है।
  545. 26:41राजदीप जी ने जब बीना जी को यह कहते सुना
  546. 26:44तो उन्हें शिप्रा के लिए थोड़ा बुरा भी
  547. 26:46लगा क्योंकि वह पहले ही एक मेंटल [संगीत]
  548. 26:49ट्रॉमा से गुजर रही थी। क्योंकि जितना कुछ
  549. 26:52अभी बलवंत राय उससे बोल कर गए थे। यहां तक
  550. 26:55कि उसे घर छोड़ने के लिए भी बोल दिया था।
  551. 26:58यह एक तरह से शिप्रा के लिए मेंटल ट्रॉमा
  552. 27:01ही था। पर बीना जी यह कहां समझने वाली थी।
  553. 27:03इसलिए बीना जी की बात शिप्रा को और
  554. 27:06प्रभावित ना करे। यह सोचकर उन्होंने बीना
  555. 27:09जी को झिरकते हुए कहा। तुम भी बिना कुछ
  556. 27:11सोचे समझे कुछ भी बोलने लगती हो। अभी
  557. 27:14पिताजी जो इसको इतना बोल कर गए। वह क्या
  558. 27:16[संगीत] काम था जो अब तुम भी शुरू हो गई।
  559. 27:19अब जब यह फैसला हो गया कि शिप्रा को विहान
  560. 27:22से शादी नहीं करनी है। तो अब तुम उस बात
  561. 27:25को लेकर कोई भी बात नहीं करोगी। अगर
  562. 27:28पिताजी चाहते हैं कि विहान की शादी युविका
  563. 27:30से हो जाए तो फिर ठीक है ऐसा ही हो। पर अब
  564. 27:33इस बात के लिए शिप्रा को कोषना बंद करो।
  565. 27:36राजदीप जी की बात से बीना जी चुप हो गई।
  566. 27:39वह भी शिप्रा के चेहरे का बदलते भाव को
  567. 27:42देख रही थी। फिर वह बात को संभालने के लिए
  568. 27:45प्यार से बोली। मैं शिप्रा को कोश थोड़ी
  569. 27:48रही हूं। मैं तो बस इसलिए ऐसा बोल दी कि
  570. 27:50[संगीत] अब पापा जी विहान की शादी यूईिका
  571. 27:53से करने जा रहे हैं। हां तो क्या हुआ?
  572. 27:55विहान की शादी किसी ने किसी के साथ तो
  573. 27:57होनी थी। ऐसा तो है नहीं कि शिप्रा ने
  574. 27:59विहान से शादी नहीं की तो उसकी शादी ही
  575. 28:02नहीं होगी। जब किसी और से भी होनी थी तो
  576. 28:05युविका के साथ हो जाएगी। तुम इस बात को
  577. 28:07[संगीत] अन्यथा क्यों ले रही हो? राजदीप
  578. 28:09जी बीना जी को समझाते हुए बोले राजदीप जी
  579. 28:13और बीना जी की बात चालू थी। इसी बीच में
  580. 28:15शिपरा बोली मां पापा मैं कुछ समय के लिए
  581. 28:19श्रवण के साथ रहने के लिए जा रही हूं।
  582. 28:21शायद इस घर से अलग रहकर मैं यह भी निश्चय
  583. 28:23कर पाऊंगी कि मेरे लिए क्या सही है और
  584. 28:25क्या गलत। जब राजदीप जी ने यह सुना कि
  585. 28:28शिप्रा श्रवण के साथ शिफ्ट होने की सोच
  586. 28:31रही है तो उन्हें झटका सा लगा। उन्होंने
  587. 28:34यही [संगीत] सोचा कि अभी पिताजी ने जो
  588. 28:36शिप्रा से कहा था कि तुम अपने पति के साथ
  589. 28:39क्यों नहीं रह रही हो। शायद इसी कारण शुरा
  590. 28:41ऐसा बोल रही है। यह सोचकर ही राजदीप जी
  591. 28:44सफाई देते हुए बोले, "यह तुम कैसी बात कर
  592. 28:48रही हो?" अरे पिताजी ने तो गुस्से में पता
  593. 28:50नहीं क्या कुछ बोल दिया। इसका मतलब यह
  594. 28:52[संगीत] थोड़े ही है कि तुम्हें यह घर
  595. 28:54छोड़कर जाना है। तुम ज्यादा कुछ सोचो मत।
  596. 28:57आज तुम आराम करो। सब कुछ कल से नॉर्मल हो
  597. 29:00जाएगा। अब वैसे भी पिताजी ने विहान की
  598. 29:03[संगीत] शादी युविका के साथ करने की सोच
  599. 29:05ली है। तो तुम्हारी तरफ वह ज्यादा ध्यान
  600. 29:08अब नहीं देंगे। नहीं पापा मैं ऐसा इसलिए
  601. 29:11नहीं बोल रही हूं कि दादा जी ने ऐसा कहा
  602. 29:14इसलिए मैं श्रवण के साथ शिफ्ट होने की सोच
  603. 29:16रही हूं। मैंने यह पहले ही सोच रखा था कि
  604. 29:20मुझे श्रवण के साथ शिफ्ट होना है। शिप्रा
  605. 29:23ने राजदीप जी के सामने सफाई दी पर बेटी
  606. 29:27उसका तो अपना खुद ही ठिकाना नहीं है। तो
  607. 29:29तुम उसके साथ कहां शिफ्ट होगी? राजदीप जी
  608. 29:32ने अपनी चिंता जाहिर की। ऐसा नहीं है
  609. 29:35पापा। श्रवण जहां काम करता है उस कंपनी से
  610. 29:38उसको रहने के लिए घर मिला है। वह अब वहीं
  611. 29:41रहने लगा है। मैं जाकर उस घर को देख भी ली
  612. 29:44हूं। वह अच्छा घर है। इसलिए मैं अभी वहीं
  613. 29:48रहने की सोच रही हूं। शिप्रा ने अपने दिल
  614. 29:50की बात अपनी मां और पापा के सामने जहीर कर
  615. 29:53दी। क्या कहा तुमने? श्रवण को उसकी कंपनी
  616. 29:56की तरफ से रहने के लिए घर भी मिला है।
  617. 29:59तुमने यह बात मुझे पहले क्यों नहीं बताई?
  618. 30:01यह तो अच्छी बात है कि श्रवण इतनी जल्दी
  619. 30:03तरक्की कर रहा है। पर फिर भी अभी तुम्हें
  620. 30:07वहां जाकर रहने की क्या जरूरत है? राजदीप
  621. 30:10जी यह जानकर कि श्रवण को उसकी कंपनी से
  622. 30:12रहने के लिए घर मिला है। उस बात से खुश
  623. 30:15होते हुए बोले बात जरूरत की नहीं है पापा।
  624. 30:18बात अब अपने स्वाभिमान की भी है। आप मुझे
  625. 30:22रोकिए मत। मैं ऐसा दादा जी की बात सुनकर
  626. 30:24नहीं कर रही हूं। अभी मुझे यही ठीक भी लग
  627. 30:27[संगीत] रहा है। यह मेरा अपना फैसला है कि
  628. 30:29मुझे श्रवण के साथ अपनी शादी को कंटिन्यू
  629. 30:32करना है। इसलिए भी मेरा यह फैसला सही है।
  630. 30:36शिप्रा अपनी बात को स्पष्ट करते [संगीत]
  631. 30:38हुए बोली मैं तुम्हारी बात से इंकार नहीं
  632. 30:41कर रहा। पर इस समय मुझे तुम्हारा वहां
  633. 30:44शिफ्ट होना सही नहीं लग रहा है। इसलिए मैं
  634. 30:46ऐसा बोल रहा हूं। अगर तुमको श्रवण के साथ
  635. 30:49शिफ्ट ही होना है तो कुछ दिनों के बाद हो
  636. 30:52जाना। पर अभी नहीं। नहीं तो सबको यही
  637. 30:55लगेगा कि तुमने ऐसा पिताजी की बात को
  638. 30:57सुनकर ही किया। राजदीप जी ने अपनी [संगीत]
  639. 31:00चिंता जाहिर की। अगर ऐसी बात है तो फिर
  640. 31:03यही सही है पापा कि मैं अभी ही श्रवण के
  641. 31:05साथ शिफ्ट हो जाऊं। इससे दादा जी की बात
  642. 31:07का मान भी रह जाएगा। पर हां मैं आपसे यह
  643. 31:10अश्योर करती हूं कि अगर कभी भी आप मुझे
  644. 31:12याद करेंगे या बुलाएंगे तो मैं आपके पास
  645. 31:15हाजिर हो जाऊंगी। पर प्लीज आप मुझे अभी
  646. 31:18वहां जाने से मत रोकिए। शिप्रा राजदीप जी
  647. 31:20से रिक्वेस्ट करती हुई बोली। दूसरी तरफ
  648. 31:23मेनका और श्रवण की मीटिंग हंसल मेहता के
  649. 31:26साथ समाप्त हो गई थी। हंसल मेहता अपने घर
  650. 31:29को चले गए थे। उनके जाने के बाद मेनका ने
  651. 31:32बताया कि होटल पैराडाइज के बिडिंग के लिए
  652. 31:34उसने फॉर्म वगैरह फील कर दिया था। उसने
  653. 31:37वहां पर विक्रम के नाम से बड करने के लिए
  654. 31:40नॉमिनेशन किया था। क्योंकि वह नहीं चाहती
  655. 31:43थी कि राघव चढा को यह पता चले कि उस
  656. 31:47बिल्डिंग में मेनका भी भाग ले रही है। अगर
  657. 31:50राघव चड्ढा को यह पता चल जाता कि मेनका भी
  658. 31:53होटल पैराडाइज की नीलामी के में हिस्सा ले
  659. 31:55रही है तो वह सचेत हो जाता। यही सोचकर
  660. 31:59मेनका ने उसमें अपना नाम नहीं दिया। उसने
  661. 32:02बडिंग के लिए जो होटल के प्राइस का 10 से
  662. 32:0515 फर अमाउंट डिपॉजिट करनी होती है, वह भी
  663. 32:07करवा दिया था और वह उस तरफ से अब निश्चित
  664. 32:10हो गई थी। श्रवण ने मेनका को अशोर किया कि
  665. 32:13वह भी उस बिल्डिंग में विक्रम के साथ
  666. 32:15हिस्सा लेगा और कोशिश करेगा कि वह मेनका
  667. 32:18के सपनों को साकार कर दे। शौर्य की बात
  668. 32:21सुनकर मेनका खुश हो गई थी। अगर राघव चड्ढा
  669. 32:24को यह बात पता चल जाता कि मेनका ने होटल
  670. 32:26पैराडाइज के [संगीत] लिए क्या प्लान कर
  671. 32:28रखा है तो शायद वह इस नीलामी प्रक्रिया को
  672. 32:31रोकने की कोशिश करता। क्योंकि राघव चढा ने
  673. 32:34अपने सोर्स से इस नीलामी की ज्यादा
  674. 32:37पब्लिसिटी नहीं होने दिया था। [संगीत]
  675. 32:39इसका कारण यह था कि वह नहीं चाहता था कि
  676. 32:42ज्यादा लोग इस बिल्डिंग में हिस्सा ले। पर
  677. 32:44मेनका की नजर पहले से ही इस पर थी और उसने
  678. 32:47अपना एक बंदा भी राघव चड्ढा की टीम में
  679. 32:50शामिल कर रखा था। जिससे उसे वहां की वस्तु
  680. 32:53स्थिति का पता चलता रहता था। मेनका ने
  681. 32:56श्रवण को बताया कि नीलामी का टाइम कल 11 0
  682. 33:00बजे का है। इसलिए वह समय से [संगीत] आ
  683. 33:03जाए। शौर्य ने मेनका को आश्वस्त किया कि
  684. 33:05वह समय से आ जाएगा। इसके बाद शौर्य होटल
  685. 33:09राजकमल से अपने घर के लिए निकल गया। होटल
  686. 33:12से निकलकर [संगीत] शौर्य सीधा मॉडल टाउन
  687. 33:14वाली अपनी कोठी पर पहुंचा। जिस समय वह
  688. 33:17अपने घर पहुंचा। उसने देखा उसके घर के
  689. 33:19बाहर एक ट्रक खड़ा था जिसमें से लोग सामान
  690. 33:22उतार रहे थे। शौर्य को यह समझ नहीं आया कि
  691. 33:25यह सामान किसने मंगवाया है। उसने देखा
  692. 33:28वहीं पर मेघा खड़ी है तो उसने मेघा से
  693. 33:30पूछा यह किसका सामान है और किसने इसे
  694. 33:33मंगवाया है? मेघा ने शौर्य से बताया कि
  695. 33:36इसे शिप्रा भाभी ने अपने कमरे के लिए
  696. 33:38मंगवाया है। शौर्य को यह जानकर सुखद
  697. 33:41आश्चर्य हुआ कि शिप्रा ने सच में उस कमरे
  698. 33:44के लिए फर्नीचर के साथ और भी जरूरी सामान
  699. 33:46मंगवाया था। पहले उसे लगा नहीं था कि
  700. 33:48शिप्रा ऐसा कुछ करेगी। वैसे जब शिप्रा
  701. 33:51यहां आई थी तो उसने मेघा को बताया था कि
  702. 33:54वह [संगीत] उस कमरे को किसी को ना दे। वह
  703. 33:56उसे अपने हिसाब से डेकोरेट करेगी। पर उस
  704. 33:58समय शौर्य को उसकी बात पर विश्वास नहीं
  705. 34:01हुआ था। पर अब जब उसने सामान को उतरते
  706. 34:04देखा तो उसे एक आश्चर्य के साथ सुखद
  707. 34:06अनुभूति भी हुआ। उसके मन के किसी कोने में
  708. 34:09एक गुदगुदी से भी हुई कि शिप्रा उसके साथ
  709. 34:13रहने यहां आएगी। वह घर के अंदर गया और उस
  710. 34:16कमरे [संगीत] में जाकर उसने वहां की
  711. 34:18स्थिति को देखा। सामान के साथ आए लोगों ने
  712. 34:21खुद ही हर एक सामान को उसकी सही जगह पर
  713. 34:24सेट किया। शौर्य ने देखा [संगीत] उस कमरे
  714. 34:26की स्थिति अब बहुत अच्छी हो गई थी। वह
  715. 34:29खाली कमरा अब सामान भर जाने के बाद पूरी
  716. 34:32तरह से एक कमरा लग रहा था। उसने ध्यान
  717. 34:34दिया उस कमरे का हर एक आइटम प्रिशियस था
  718. 34:37और आंखों को सुकून देने वाला था। यहां तक
  719. 34:40कि जो विंडो के ऊपर पर्दा भी लगा हुआ था,
  720. 34:42वह भी अपनी खूबसूरती को [संगीत] बयां कर
  721. 34:45रहा था। इसी समय कमरे में मेघा भी आई और
  722. 34:48कमरे को निहारती हुई बोली देखा आपने कितना
  723. 34:52सुंदर लग रहा है यह कमरा अब तो मजा आएगा
  724. 34:54जब भाभी यहां रहने आ जाएंगी मेघा की बात
  725. 34:57सुनकर शौर्य मुस्कुराया और बोला तुम्हें
  726. 35:00लगता है कि शिप्रा यहां रहने के लिए आएगी
  727. 35:03तो और क्या आपको क्या लगता है उन्होंने जो
  728. 35:06यह कमरा अपने हिसाब से सजाया है वह क्या
  729. 35:08सिर्फ [संगीत] दिखावे के लिए किया है आप
  730. 35:11देख नहीं रहे हैं कि यहां जो भी सामान
  731. 35:13लगाया गया है वह कितना अच्छा और खूबसूरत
  732. 35:15है। मेघा पूरे कमरे में अपनी नजर दौड़ाती
  733. 35:19हुई बोली। शौर्य ने मेघा की नजरों का
  734. 35:22अनुसरण किया। उसे मेघा सही बोलती प्रतीत
  735. 35:25हुई क्योंकि शिप्रा ने उस कमरे की हर एक
  736. 35:28छोटी से बड़ी चीजों के ऊपर खास ध्यान दिया
  737. 35:31था। वह समझ सकता था कि शिप्रा ने इस पर
  738. 35:34अच्छा खासा पैसा खर्च किया है। शौर्य को
  739. 35:37घर आए हुए लगभग 1 डेढ़ घंटा हो गया था। वह
  740. 35:40मेघा के साथ डाइनिंग हॉल में बैठा हुआ था।
  741. 35:43इसी समय गोपाल की वाइफ गीता दो कप चाय
  742. 35:46लेकर उसके सामने आ गई थी और उसने दोनों के
  743. 35:49सामने उसका कप पड़ा दिया। गिरजा लगभग 35
  744. 35:5236 साल की युवती थी। जब उन्होंने शौर्य और
  745. 35:55मेघा के सामने चाय रखी तो शौर्य ने पूछा
  746. 35:58भाभी आपकी चाय कहां है? आपने अपना चाय
  747. 36:01क्यों नहीं लिया? शौर्य की बात सुनकर
  748. 36:04गिरजा हैरानी से शौर्य की ओर देखने लगी।
  749. 36:06जैसे वह उससे कह रही हो कि उसके सामने वह
  750. 36:09कैसे चाय पी सकती है? शौर्य ने गिरजा के
  751. 36:12भाव को महसूस कर लिया और मुस्कुराते हुए
  752. 36:14बोला दीदी आप यहां काम करती हैं तो इसका
  753. 36:18मतलब यह नहीं हुआ कि आप अपने मन का नहीं
  754. 36:20कर सकती। आप भी यहां एक तरह से हमारे
  755. 36:22परिवार का ही हिस्सा हैं और अभी तो यहां
  756. 36:25कोई ज्यादा लोग भी नहीं है। इसलिए जब आप
  757. 36:27हमारे लिए कुछ भी बनाती हैं तो आप अपने
  758. 36:29लिए भी बना लिया कीजिए। आप यह कभी मत
  759. 36:32सोचिए कि आप यहां एक नौकर के रूप में हैं।
  760. 36:36शौर्य की बात सुनकर मेघा भी गिरजा की ओर
  761. 36:39देखकर मुस्कुराते हुए बोली जाइए दीदी आप
  762. 36:43भी अपने लिए चाय बनाकर ले आइए। नहीं तो
  763. 36:45कहीं ऐसा ना हो कि श्रवण भैया ही आपके लिए
  764. 36:47चाय बनाने चले जाएं। [संगीत] नहीं नहीं
  765. 36:49उसकी कोई जरूरत नहीं है। मैं जाती हूं।
  766. 36:52मैं अपने लिए चाय बनाकर पी लूंगी। तब तक
  767. 36:54आप दोनों पीजिए। गिरजा सकुचाते हुए बोली।
  768. 36:58शिप्रा ने इतना बोला ही था कि तभी उसने
  769. 37:01बाहर किसी गाड़ी के खड़े होने की आवाज
  770. 37:03सुनी तो उसने गिरजा को रोकते हुए कहा, रुक
  771. 37:06जाइए दीदी। लगता है कोई बाहर आया है। पहले
  772. 37:09देख लीजिए। हो सकता है कि आपको कुछ और कप
  773. 37:12चाय बनानी पड़ जाए। आप रहने दीजिए। मैं
  774. 37:14जाकर देखती हूं कि बाहर कौन आया है। इतना
  775. 37:17बोलकर गिरजा बाहर गेट की तरफ बढ़ गई। इधर
  776. 37:20शौर्य भी सोच रहा था कि पता नहीं इस समय
  777. 37:22कौन आया है। शौर्य और मेघा दोनों की निगाह
  778. 37:26गेट की तरफ ही लगी हुई थी। तभी उसने देखा
  779. 37:29गिरजा के पीछे शिप्रा और मेघना दोनों आ
  780. 37:32रही थी। शिप्रा को देखकर मेघा अपनी जगह से
  781. 37:35खड़ी हो गई और वह भागकर शिप्रा के पास
  782. 37:38पहुंची। शिप्रा ने मेघा को अपनी तरफ आते
  783. 37:40देखा तो उसको खींच कर अपने गले से लगा
  784. 37:42लिया। मेघा शिप्रा से अलग होते हुए बोली
  785. 37:46भाभी आप आ गई। सच कहो तो मैं आपका दिन से
  786. 37:49ही इंतजार कर रही थी। इसके बाद मेघा ने
  787. 37:51मेघना को भी नमस्ते किया। शौर्य अपनी जगह
  788. 37:54पर खड़ा होकर दोनों को अपनी तरफ आते हुए
  789. 37:57देखता रहा। शौर्य की नजर मेघना से मिली तो
  790. 38:01मेघना ने मुस्कुराते हुए कहा, "तुमने तो
  791. 38:05मुझे अपने घर बुलाया नहीं।" पर देखो मैं
  792. 38:07[संगीत] कितनी बेशर्म निकली कि बिन बुलाए
  793. 38:10ही तुम्हारे घर आ गई। शौर्य ने मेघना की
  794. 38:13बात को सुना। तो उसने भी मेघना को ऐसा ही
  795. 38:15जवाब दिया। क्यों झूठ [संगीत] बोल रही हो?
  796. 38:18तुम मेरे पास नहीं आई हो बल्कि तुम तो
  797. 38:20अपनी बहन के घर आई हो। शौर्य का यह जवाब
  798. 38:22सुनकर मेघना की आंखें बड़ी हो गई। उसने मन
  799. 38:26ही मन सोचा कितना तेज है यह लड़का। ऐसा
  800. 38:29जवाब दिया कि उसने एक लाइन में ही इस घर
  801. 38:32से शिप्रा का अपनापन जोर दिया। एक पल में
  802. 38:35ही शिप्रा को उसने यह एहसास करा दिया कि
  803. 38:37वह किसी और के पास नहीं बल्कि अपने घर में
  804. 38:40आई है। अब मेघना चाहकर भी कुछ नहीं बोल
  805. 38:43[संगीत] सकती थी। जबकि इस समय शिप्रा को
  806. 38:45यह सुनकर अच्छा लगा जो शौर्य ने मेघना से
  807. 38:48कहा कि वह अपने बहन के घर आई है। इस एक
  808. 38:51शब्द में है। शौर्य ने शिप्रा को कितना
  809. 38:54बड़ा अधिकार दे दिया था। शौर्य के यह कुछ
  810. 38:56शब्द ने ही शिप्रा के मन का झिंझक समाप्त
  811. 38:59कर दिया। यहां आने से पहले शिप्रा के मन
  812. 39:02में कई सवाल चल रहे थे कि श्रवण क्या
  813. 39:04सोचेगा कि वह बिना कुछ बोले [संगीत] ही
  814. 39:06उसके घर में आ गई है। ना इस बारे में
  815. 39:09दोनों ने कोई बात किया।
  816. 39:10[संगीत]
  817. 39:11आने से पहले वह इस बारे में भी कई बार
  818. 39:13सोची कि वह श्रवण को कैसे अपने इस उलझे मन
  819. 39:16स्थिति के बारे में समझा पाएगी। पर अब वह
  820. 39:19सारी भाव शिप्रा के मन से समाप्त हो गई
  821. 39:22थी। उसने यह महसूस कर लिया कि अब उसे इस
  822. 39:25बारे में शौर्य से कोई बात करने की जरूरत
  823. 39:28ही नहीं है। शौर्य की इन कुछ बातों को
  824. 39:30सुनने के बाद ही उसके मन में यह अनुभूति आ
  825. 39:33गई कि यह उसका अपना ही घर है। यहां आने से
  826. 39:36पहले जो उसके मन में एक परायापन का बोध
  827. 39:39था, वह अब समाप्त हो गया था। मेघा के कहने
  828. 39:42पर शिप्रा और मेघना भी उस डाइनिंग हॉल
  829. 39:44[संगीत] में ही शौर्य के सामने बैठ गए। उन
  830. 39:47दोनों के बैठने के बाद गिरजा ने शिप्रा और
  831. 39:49मेघना की ओर देखकर पूछा दीदी आप लोग क्या
  832. 39:53लेंगी चाय या कॉफी? गिरजा की बात सुनकर
  833. 39:55शिप्रा ने मेघा की ओर देखा तो मेघा बोली
  834. 39:58भाभी मैं और श्रवण भैया तो चाय पी रहे
  835. 40:01हैं। आप बोल दीजिए आपको क्या चाहिए? अभी
  836. 40:04दीदी बना लाएंगी। मेघा की बात सुनकर
  837. 40:07शिप्रा गिरजा से बोली तो फिर ठीक है। आप
  838. 40:10मेरे लिए भी चाय ही बना लाइए। शिप्रा की
  839. 40:13बात सुनकर गिरजा किचन में चली गई और कुछ
  840. 40:16ही देर में उन दोनों के लिए चाय बनाकर ले
  841. 40:18आई। गिरजा ने शिप्रा और मेघना के सामने
  842. 40:21चाय की कप रख दी और वह वहां से चली गई।
  843. 40:24गिरजा के वहां से जाने के बाद मेघा ने
  844. 40:26शिप्रा से पूछा, "भाभी, आपके सामान कहां
  845. 40:29है?" शिप्रा ने आश्चर्य से मेघा की ओर
  846. 40:32देखा। जैसे वह जानना चाहती हो कि मेघा ने
  847. 40:35यह कैसे समझा कि शिप्रा अपने सामान को भी
  848. 40:38लेकर आई हुई होगी। उसके भाव को समझकर
  849. 40:41शिप्रा फिर से बोली भाभी मैं अब इतनी भी
  850. 40:44नादान नहीं हूं। मुझे पता है जब आप आई हैं
  851. 40:46तो आपका सामान भी आपके साथ होना चाहिए।
  852. 40:49मेघा का जवाब सुनकर शिप्रा बोली मेरे
  853. 40:51सामान का बैग कार में ही है। शिप्रा का
  854. 40:54जवाब सुनकर मेघा ने गिरजा को बुलाया और
  855. 40:57उससे कहा दीदी आप गोपाल भैया को बोलकर
  856. 41:00भाभी की कार से उनका बैग निकालकर उनके
  857. 41:02कमरे में पहुंचा देने को बोल दीजिए ना।
  858. 41:05मेघा की बात सुनकर गिरजा वहां से चली गई।
  859. 41:08शौर्य देख रहा था कि मेघा कितनी होशियारी
  860. 41:11से हर एक चीज को संभाल रही थी। जबकि शौर्य
  861. 41:14को समझ [संगीत] नहीं आ रहा था कि वह
  862. 41:15शिप्रा के सामने कैसे व्यवहार करें। इस
  863. 41:18बीच मेघना ने बात की शुरुआत करते हुए कहा
  864. 41:22तुमने यह घर तो बड़ा अच्छा लिया है श्रवण
  865. 41:24मुझे नहीं पता था कि तुम्हारा घर इतना
  866. 41:26खूबसूरत होगा। वाकई यह जगह भी बहुत शानदार
  867. 41:30है और तुम्हारी कोठी भी मेघना [संगीत] की
  868. 41:33बात सुनकर शौर्य बोला शायद मेरी किस्मत
  869. 41:35ज्यादा अच्छी थी जो मुझे यह घर मिल गया।
  870. 41:38बाकी तुम बताओ तुम्हारा क्या चल रहा है?
  871. 41:41शौर्य का सवाल सुनकर मेघना बोली मैं तो
  872. 41:45तुम्हारे भरोसे हूं। जितनी जल्दी तुम मेरा
  873. 41:47काम पूरा करवा दोगे, उतनी जल्दी मैं फ्री
  874. 41:49हो जाऊंगी। आखिर नताशा कपूर कब वापस आ रही
  875. 41:53है? मेघना के सवाल के जवाब में शौर्य ने
  876. 41:56कहा, नताशा कपूर परसों आ जाएंगी। एक्चुअली
  877. 42:00परसों ही हंसल मेहता ने अपने स्ट्रांग
  878. 42:02एनर्जी ड्रिंक की लॉन्च पार्टी रखी है।
  879. 42:05उसी में नताशा कपूर आएंगी। उसके बाद हमारा
  880. 42:08काम समाप्त होने के बाद ही उसका यहां से
  881. 42:10जाना होगा। चलो यह बढ़िया [संगीत] है। वो
  882. 42:13आ जाएगी तो कम से कम शूटिंग तो कंप्लीट हो
  883. 42:15जाएगी। उसके बाद मैं अपनी आगे की प्लानिंग
  884. 42:17कुछ कर पाऊंगी। मेघना चैन की सांस लेते
  885. 42:20हुए बोली क्योंकि अभी तक वह भी इसी
  886. 42:22उधेड़बन में थी कि उसकी शूटिंग कब पूरी
  887. 42:25होगी। शौर्य के जवाब से अब उसे तसल्ली
  888. 42:29हुई। क्या भैया आप घर पर भी बिजनेस संबंधी
  889. 42:32बातें करने लगे? मेघा शौर्य और मेघना को
  890. 42:35काम की बात करते देखकर बोली ऐसा कुछ नहीं
  891. 42:37है। यह कोई बिजनेस संबंधी बात नहीं है। बस
  892. 42:40थोड़ी सी जानकारी है जिसका आदानप्रदान हुआ
  893. 42:43है। शौर्य मुस्कुराते हुए बोला, वो मेघा
  894. 42:45की होशियारी पर मुस्कुरा [संगीत] रहा था।
  895. 42:47मेघा ने देखा कि अब जब शौर्य और मेघना
  896. 42:50दोनों का ध्यान उसकी तरफ है तो उसने
  897. 42:52शिप्रा से कहा भाभी क्या आप अपना कमरा
  898. 42:55देखना नहीं चाहेंगी? एक बार चलकर देखिए तो
  899. 42:58सही कि वह अब आपके हिसाब से डेकोरेट है या
  900. 43:01नहीं। सही कहा। चलो चल कर देखते हैं। मैं
  901. 43:05भी कब से यही सोच रही थी। पता नहीं उन
  902. 43:08लोगों ने किस तरह से सारे सामान को कमरे
  903. 43:11में एडजस्ट किया है। इतना बोलकर शिप्रा
  904. 43:14अपनी जगह पर खड़ी हो गई। उसके साथ ही मेघा
  905. 43:17और मेघना भी उठकर खड़ी हो गई। मेघा सबसे
  906. 43:21आगे-आगे चल दी। शिप्रा और मेघना उसके पीछे
  907. 43:24बढ़ गए। मेघना ने जब शौर्य को वहीं बैठे
  908. 43:26देखा तो उसने शौर्य से कहा, "क्या तुम
  909. 43:29हमारे साथ नहीं चलोगे?" मेघना का सवाल
  910. 43:31सुनकर शौर्य बोला, "मैंने पहले ही उस कमरे
  911. 43:34को देख लिया है। कमरा अच्छे से डेकोरेट हो
  912. 43:36रखा है। तुम सब जाकर देख लो। मैं यहीं
  913. 43:39बैठा हूं।" शौर्य का जवाब सुनकर मेघना ने
  914. 43:42कहा, ठीक है, फिर मैं अभी एक बार ऊपर देख
  915. 43:45कर आती हूं। अभी मुझे तुम्हारी इस कोठी
  916. 43:48[संगीत] को भी पूरा देखना है। जल्दी क्या
  917. 43:50है? तुम आराम से इस घर को देखो। मैं अभी
  918. 43:52यहीं हूं और तुम भी यहीं हो। शौर्य ने
  919. 43:55जवाब दिया। फिर अपने मोबाइल [संगीत] में
  920. 43:57कुछ करने लगा। उसके बाद मेघा, शिप्रा और
  921. 44:01मेघना तीनों ऊपर वाले फ्लोर पर चले गए और
  922. 44:04शिप्रा के लिए तैयार कमरे में गए। शुप्रा
  923. 44:07ने देखा कि उसका कमरा बहुत ही सुंदर ढंग
  924. 44:09से सजा हुआ था। अपने कमरे को देखकर वह
  925. 44:12संतुष्ट नजर आई। मेघना भी इस कमरे को
  926. 44:15देखकर खुश थी। अब उसे समझ में आया कि
  927. 44:17शिप्रा ने वहां इतना सामान क्यों लिया था।
  928. 44:20अपने कमरे से संतुष्ट होने के बाद शिप्रा
  929. 44:23मेघा के साथ मेघना को पूरी कोठी का भ्रमण
  930. 44:26कराने लगी। हर एक हिस्से को उसने मेघना को
  931. 44:29दिखाया। अब शिप्रा मेघना को आगेआगे चलकर
  932. 44:33खुद ही कोठी के बारे में बता रही थी। इस
  933. 44:35बात को मेघा ने नोटिस किया पर उसने कुछ
  934. 44:38कहा नहीं पर उसके होठों पर एक मुस्कान
  935. 44:40बिखर गई थी जो अपने आप में ही बहुत कुछ कह
  936. 44:43रही थी। पूरी कोठी का भ्रमण करने के बाद
  937. 44:46मेघा शिप्रा के साथ फिर से आकर डाइनिंग
  938. 44:49रूम में बैठ गई थी। शौर्य अभी तक वहीं
  939. 44:52बैठा उन सबका इंतजार कर रहा था। कोई और
  940. 44:54वक्त होता तो शौर्य अपने कमरे में आराम कर
  941. 44:57रहा होता। पर क्योंकि आज शिप्रा और मेघना
  942. 45:00यहां आई हुई थी। इसलिए वह अपने कमरे में
  943. 45:03नहीं गया था। डाइनिंग हॉल में बैठे-बैठे
  944. 45:06समय कब [संगीत] बीत गया पता ही नहीं चला।
  945. 45:08गिरजा ने सबके लिए रात का खाना बनाया और
  946. 45:10सबने एक साथ खाना खाया। रात के समय शौर्य
  947. 45:15मेघा को लेकर उसके हॉस्पिटल छोड़ने चला
  948. 45:17गया क्योंकि अभी मेघा का नाइट शिफ्ट चल
  949. 45:19रहा था। शौर्य के मेघा के साथ जाने के बाद
  950. 45:22शिप्रा और मेघना शिप्रा के कमरे में चली
  951. 45:25गई थी। और दोनों जाकर अपने बिस्तर पर ढेर
  952. 45:28हो गई थी। दोनों अपने कमरे में अकेले हो
  953. 45:31गए तो मेघना ने शिप्रा से पूछा तो कैसा
  954. 45:34फील हो रहा है अपने घर में आकर? मेघना का
  955. 45:37सवाल सुनकर [संगीत] शिप्रा मेघना की ओर
  956. 45:39पलटी और फिर कुछ सोच कर बोली सच कहूं तो
  957. 45:43मैं यह एहसास बयां नहीं कर सकती। मैंने
  958. 45:45पहले कभी ऐसा महसूस नहीं किया था। यहां तक
  959. 45:47कि मुझे यहां आने से पहले भी यह एहसास
  960. 45:51नहीं था कि इस घर में आने के बाद मुझे यह
  961. 45:54एक अलग ही अनुभूति होगी। मुझे यह फीलिंग
  962. 45:57आज तक अपने घर में नहीं हुई थी जो मुझे
  963. 45:59यहां हो रहा है। श्रवण की उस एक बात ने ही
  964. 46:03[संगीत] मुझे यह फील करा दिया कि यह घर
  965. 46:05मेरा अपना है। मेघना ने शिप्रा की बात को
  966. 46:08ध्यान से सुना और कहा तुम्हें पता है जब
  967. 46:11मेघा यह घर मुझे दिखा रही थी तो तुम मेघा
  968. 46:14से पहले [संगीत] खुद ही आगे चलकर मुझे इस
  969. 46:16घर के बारे में बता रही थी। मेघा की बात
  970. 46:18सुनकर शिप्रा ने जब उस पल के बारे में
  971. 46:21सोचा तो उसे एहसास [संगीत] हुआ कि मेघा सच
  972. 46:24कह रही थी। पता नहीं कब पर उसके मन में इस
  973. 46:27घर के लिए यह अपनात्व की भावना जागृत हो
  974. 46:30गई थी। शौर्य दरवाजे पर नोक की आवाज से
  975. 46:33उठा। उसने जाकर दरवाजा खोला तो सामने
  976. 46:35गिरजा चाय का कप थामे खड़ी थी। शौर्य ने
  977. 46:38दरवाजा खोल दिया। गिरजा अंदर आकर टेबल पर
  978. 46:41चाय का कप रख दी और वहां से चली गई। शौर्य
  979. 46:45चाय का प्याला लेकर बालकनी में आ गया तो
  980. 46:47उसने देखा [संगीत] बालकनी में पहले से ही
  981. 46:49मेघना बैठी हुई थी। एक्चुअली शौर्य का
  982. 46:52कमरा और शिप्रा के कमरे दोनों की बालकनी
  983. 46:54एक ही थी। दोनों के कमरे का बैक डोर इस
  984. 46:58बालकनी में आकर खुलती थी। शौर्य ने मेघना
  985. 47:01को पहले से बैठे देखा तो उसने उसे गुड
  986. 47:03मॉर्निंग कहा। जवाब में मेघना ने भी गुड
  987. 47:06मॉर्निंग कहा। शौर्य भी वहां पहले से
  988. 47:09मौजूद दूसरे चेयर पर बैठ गया और रात कैसी
  989. 47:12बीती? शौर्य चाय का शिप लेते हुए बोला।
  990. 47:15बढ़िया बीता अच्छी नींद आई। [संगीत] कुछ
  991. 47:17भी कहो। यह जगह बहुत अच्छी है। ना कोई
  992. 47:19शोरसरावा, ना कोई भीड़ भरा का। सब तरफ
  993. 47:22शांत थी। मेघना लंबी सांस लेती हुई बोली।
  994. 47:25हां, यह तो है। शौर्य मेघना से सहमति
  995. 47:28जताते हुए बोला। फिर उसने मेघना के कमरे
  996. 47:30की तरफ ध्यान दिया पर दरवाजा बंद था।
  997. 47:32इसलिए अंदर शिप्रा सो रही थी या जाग रही
  998. 47:35है? यह पता नहीं चल रहा था। यह देखकर
  999. 47:38शौर्य मेघना से पूछा, क्या तुम्हारी बहन
  1000. 47:41अभी तक सो ही रही है? यह तुमने कैसे समझा
  1001. 47:43कि वह अभी तक सो रही है? मेघना शौर्य को
  1002. 47:46घूरते हुए बोली, "अरे नहीं, मैं तो यह बात
  1003. 47:49यूं ही पूछ लिया। एक्चुअली तुम यहां अकेली
  1004. 47:51बैठी थी ना इसलिए।" शौर्य ने जवाब दिया,
  1005. 47:54नहीं ऐसा नहीं है। वह अभी फ्रेश हो रही
  1006. 47:56थी। मेघना बोली, "तुमने चाय पी लिया?"
  1007. 47:59"सॉरी।" चाय का सीख लेते हुए बोला। जवाब
  1008. 48:02में मेघा बोली, हां, मैंने और शिप्रा
  1009. 48:04नेपाली चाय पी लिया था। ओ एसएस। मेघना का
  1010. 48:08जवाब सुनकर शौर्य के मुंह से निकला। फिर
  1011. 48:10कुछ देर दोनों में शांति छाई रही। उसके
  1012. 48:13बाद मेघना ने कुछ सोचकर शौर्य से पूछा।
  1013. 48:16मैं एक बात तुमसे पूछूं? क्या तुम इसका
  1014. 48:18सही सही जवाब दोगे? मेघना का सवाल सुनकर
  1015. 48:22शौर्य मेघना की ओर देखते हुए बोला, पूछो
  1016. 48:25क्या पूछना चाहती हो? पहले तुम यह तो कहो
  1017. 48:27कि तुम उसका जवाब सही दोगे या नहीं? मेघना
  1018. 48:30शौर्य के ऊपर अपनी नजर गराए हुए बोली, अब
  1019. 48:33मैं तुम्हारा सवाल सुने बिना यह कैसे कह
  1020. 48:35सकता हूं कि मैं तुमको इसका जवाब सही
  1021. 48:38दूंगा या गलत? यह तो तुम्हारे सवाल पर
  1022. 48:40निर्भर करता है। शौर्य यह समझने की कोशिश
  1023. 48:43करता हुआ बोल कि मेघना क्या पूछ सकती है?
  1024. 48:47ठीक है। मैं यह जानना चाहती हूं कि तुम
  1025. 48:49अपना और शिप्रा का भविष्य क्या देखते हो।
  1026. 48:53मेघना शौर्य की आंखों में देखती हुई बोली
  1027. 48:56जैसे वह यह जानने का प्रयास कर रही थी कि
  1028. 48:59शौर्य सच बोलने वाला है या गलत। शौर्य ने
  1029. 49:04मेघना की बात को सुना और कुछ सोचते हुए
  1030. 49:06बोला क्या तुमने यह सवाल शिप्रा से किया
  1031. 49:09है और अगर किया है तो उसका क्या जवाब
  1032. 49:12[संगीत] है पहले मैं यह जानना चाहता हूं
  1033. 49:15शौर्य ने बहुत ही खूबसूरती से अपना जवाब
  1034. 49:17डाल दिया पर मेघना [संगीत] पीछे हटने वाली
  1035. 49:20नहीं थी उसने कहा सच कहूं तो मुझे उसका
  1036. 49:23जवाब समझ में ही नहीं आया इसलिए तो मैंने
  1037. 49:25तुमसे पूछा कि तुम अपने इस रिश्ते के
  1038. 49:28भविष्य को कैसे देखते हो अच्छा ऐसा क्या
  1039. 49:31जवाब दिया उसने जो [संगीत] तुम्हें समझ
  1040. 49:33में नहीं आया आया। क्या तुम वो जवाब मुझे
  1041. 49:35भी बता सकती हो? शौर्य आश्चर्य भरे स्वर
  1042. 49:38में बोला। उसने कहा वह तुम्हारे साथ
  1043. 49:42रिश्ते में तो रहना चाहती है पर तुम दोनों
  1044. 49:45के बीच में कोई पति-पत्नी का संबंध नहीं
  1045. 49:47चाहती। अब यह बात कैसे समझ में आ सकती है?
  1046. 49:50मेघना शौर्य के चेहरे का रिएक्शन को देखना
  1047. 49:53चाहती थी कि उसके जवाब से शौर्य के चेहरे
  1048. 49:56पर क्या भाव आता है। पर शौर्य के चेहरे पर
  1049. 49:59मेघना का जवाब सुनकर एक मुस्कान आ गई। उसे
  1050. 50:02ऐसे ही जवाब की उम्मीद थी क्योंकि शिप्रा
  1051. 50:05ने उससे यही कंडीशन तो रखा था। वह उसी
  1052. 50:08मुस्कान के साथ बोला शिप्रा ने पहले ही
  1053. 50:11मेरे सामने यह कंडीशन रख दी थी और इस बात
  1054. 50:14में ऐसा क्या रहस्य छुपा था जो तुम्हें
  1055. 50:16समझ में नहीं आया। शौर्य का जवाब सुनकर
  1056. 50:19मेघना आश्चर्य से शौर्य को देखती हुई बोली
  1057. 50:23क्यों? तुम्हें क्या इसमें ना समझ में आने
  1058. 50:25वाली कोई बात नजर नहीं आ रही है? आखिर यह
  1059. 50:28किसको समझ में आएगा कि पतिप्नी के बीच में
  1060. 50:30जो पतिप का एक वास्तविक संबंध होता है वही
  1061. 50:34ना हो। सभी पुरुष हो या स्त्री सबके शरीर
  1062. 50:37की अपनी एक नीड होती है। अगर उसकी पूर्ति
  1063. 50:40ही ना हो तो फिर इस रिश्ते का मतलब क्या
  1064. 50:42रह गया? तुम्हारी बात अपनी जगह सही है। पर
  1065. 50:45यहां एक बात और भी है ना कि उसने अपनी यह
  1066. 50:48कंडीशन मेरे सामने पहले ही जाहिर कर दी
  1067. 50:50है। और यह मेरे ऊपर था कि मैं इसे मानता
  1068. 50:53हूं या नहीं मानता हूं। अगर नहीं मानता
  1069. 50:56हूं तो वह मुझे तलाक देने के लिए तैयार
  1070. 50:59थी। पर मैं उसकी इस कंडीशन को मान गया
  1071. 51:01हूं। मैंने उसे बोल दिया है कि मुझे इस
  1072. 51:04रिश्ते में रहने से कोई ऐतराज नहीं है और
  1073. 51:07मैं उसकी कंडीशन को मानने को तैयार हूं।
  1074. 51:09शौर्य ने शांत स्वर में जवाब दिया। शौर्य
  1075. 51:13का जवाब सुनकर मेघा उसको हैरानी से देखने
  1076. 51:16लगी। वह इस बात को मानने को तैयार ही नजर
  1077. 51:19नहीं आ रही थी कि कोई लड़का एक लड़की से
  1078. 51:22अपनी शारीरिक जरूरत की पूर्ति के बिना
  1079. 51:25अपनी शादी को कंटिन्यू रखने के लिए तैयार
  1080. 51:27हो सकता है। वह अविश्वास भरे स्वर में
  1081. 51:30बोली पता नहीं क्यों पर मुझे तुम्हारी इस
  1082. 51:34बात पर विश्वास नहीं हो रहा है। आखिर तुम
  1083. 51:36क्यों इस रिश्ते में बंधे रहना चाह रहे
  1084. 51:38हो? जहां तुम्हें पत्नी का सुख ही ना
  1085. 51:40मिले। क्या तुम कोई महात्मा हो? या
  1086. 51:44तुम्हारे शरीर की अपनी कोई नीड नहीं है।
  1087. 51:47ना ऐसा कुछ नहीं है। ना ही मैं कोई
  1088. 51:49महात्मा हूं और ना ही बनने का कोई इरादा
  1089. 51:52है। और जैसा तुम समझ रही हो। मेरी अपनी
  1090. 51:55कोई नीड नहीं है। तो मैं कहूंगा मैं पूरी
  1091. 51:58तरह से तंदुरुस्त हूं तो इसलिए मेरे शरीर
  1092. 52:01की भी अपनी नीड तो है। पर उसने इस पर कोई
  1093. 52:03प्रतिबंध तो लगाया नहीं है। मैं उसके साथ
  1094. 52:06संबंध नहीं रख सकता। पर ऐसा भी नहीं है कि
  1095. 52:09अगर बाहर कहीं [संगीत] मैं किसी के संबंध
  1096. 52:11में आता हूं तो उसे उससे कोई ऐतराज होगा।
  1097. 52:15तो इसीलिए तुम भी अपने दिमाग से इस बात को
  1098. 52:18[संगीत] निकाल दो कि मैं कोई महात्मा बनने
  1099. 52:20वाला हूं क्योंकि उसने मुझ पर इस तरह का
  1100. 52:22कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है। इसलिए मुझे
  1101. 52:25इस रिश्ते में रहने से कोई ऐतराज [संगीत]
  1102. 52:27नहीं है। शौर्य ने जवाब दिया। पर शौर्य के
  1103. 52:30इस जवाब ने मेघना को और भी कंफ्यूज कर
  1104. 52:34दिया। उसने पूछा जब तुम किसी और के साथ
  1105. 52:37संबंध में जा सकते हो तो फिर शादी को
  1106. 52:39कंटिन्यू करने का क्या मतलब है? इससे
  1107. 52:42तुम्हें क्या मिलने वाला है? यह शिप्रा ही
  1108. 52:45इस रिश्ते [संगीत] से क्या प्राप्त कर
  1109. 52:46लेंगी? मेघना का सवाल सुनकर शौर्य सोच में
  1110. 52:49पड़ गया कि उसे मेघना को क्या जवाब देना
  1111. 52:51चाहिए। इसी समय उसने महसूस [संगीत] किया
  1112. 52:53कि शिप्रा के कमरे का दरवाजा थोड़ा सा
  1113. 52:56हिला था। पर फिर वह खुला नहीं। उसे लगा
  1114. 53:00शायद कोई दरवाजे के पीछे खड़ा है। फिर
  1115. 53:02अगले ही पल शौर्य के दिमाग में यह बात भी
  1116. 53:05आई कि कहीं शिप्रा अपने कमरे के दरवाजे के
  1117. 53:07पीछे से उन दोनों की बात को सुन तो नहीं
  1118. 53:10रही है। यह सोच दिमाग में आते ही उसने कुछ
  1119. 53:14निश्चय किया और मेघना से बोलना शुरू किया।
  1120. 53:17क्या शिप्रा ने तुम्हें हम दोनों के बीच
  1121. 53:20इस शादी को लेकर क्या कंडीशन रखी गई है?
  1122. 53:22उसके बारे में नहीं बताया। अगर बताया होगा
  1123. 53:25तो तुम्हें समझ में आ जाना चाहिए था। देखो
  1124. 53:28जहां तक मेरी बात है तो अगर शिप्रा मुझसे
  1125. 53:30तलाक ले भी लेती [संगीत] तो यह जरूरी नहीं
  1126. 53:33था कि मुझसे उसके जैसे कोई लड़की शादी
  1127. 53:35करती। दूसरी बात मैं दोबारा कहीं शादी
  1128. 53:39करने को इंटरेस्टेड भी नहीं होता। सच कहूं
  1129. 53:42तो मैं खुद भी इस बर्डन में रहना नहीं
  1130. 53:43चाहता। पर शिप्रा के साथ शादी में होने से
  1131. 53:46ऐसे बर्डन से फ्री हूं। जिस तरह के रिश्ते
  1132. 53:50में अभी हम हैं, उसमें ना उसे मुझसे कोई
  1133. 53:52अपेक्षा है, ना ही मुझे उससे कोई अपेक्षा
  1134. 53:55है। इसलिए हमारे बीच कोई क्लेश होने की
  1135. 53:58संभावना भी नहीं है। और जहां तक यह बात है
  1136. 54:01कि इस रिश्ते में क्यों [संगीत] रहना है
  1137. 54:03तो मैं तुम्हें बताऊं कि मैं पैरेंटिंग का
  1138. 54:07सुख चाहता हूं। मैं चाहता हूं कि मेरे कोई
  1139. 54:09बच्चा हो और इस बात के लिए शिप्रा भी
  1140. 54:12तैयार है। वह इसके लिए तैयार है। हम
  1141. 54:15भविष्य में आईवीएफ के थ्रू बच्चे कर सकते
  1142. 54:17हैं। तो इस तरह से हमारी यह जरूरत भी पूरी
  1143. 54:20हो जाएगी और जहां तक रही शारीरिक जरूरत की
  1144. 54:23बात तो उसके लिए और भी कई रास्ते हैं।
  1145. 54:26इसलिए मुझे इस रिश्ते [संगीत] में रहने से
  1146. 54:28कोई आपत्ति नहीं है। तो तुम कह सकती हो कि
  1147. 54:31हम दोनों की शादीशुदा जिंदगी का भविष्य
  1148. 54:35मेरी तरफ से तो लंबा ही रहेगा। बाकी अगर
  1149. 54:37शिप्रा का कभी इरादा चेंज होता है तो कह
  1150. 54:40नहीं सकता। शौर्य की पूरी बात को सुनकर
  1151. 54:42मेघना समझ गई कि इन दोनों को समझाने का
  1152. 54:45कोई फायदा [संगीत] नहीं है क्योंकि उसने
  1153. 54:47यह महसूस कर लिया कि दोनों की अपनी-अपनी
  1154. 54:50अलग ही जरूरत है और दोनों उसको एक तरह से
  1155. 54:54फुलफिल भी कर रहे हैं। इसलिए वह यह तो समझ
  1156. 54:57गई कि शौर्य अपनी तरफ से तो इस रिश्ते से
  1157. 54:59बाहर निकलने [संगीत] की कोशिश नहीं करेगा।
  1158. 55:01हां, अगर भविष्य में शिप्रा का ही विचार
  1159. 55:04चेंज हो गया तो शायद बात दूसरी हो। पर
  1160. 55:07मेघा को इसकी भी संभावना कम ही दिख रही
  1161. 55:10थी। पर उसे एक बात जरूर सता रही थी कि जब
  1162. 55:13सच में ही शौर्य का कहीं किसी दूसरी लड़की
  1163. 55:17के साथ रिलेशन होगा तो क्या शिप्रा उस बात
  1164. 55:21को एक्सेप्ट कर पाएगी? यह बात तो भविष्य
  1165. 55:23में ही छुपा हुआ था। जब कुछ ऐसा होगा तभी
  1166. 55:26इस बात का पता चलेगा। यह सब सोचकर मेघना
  1167. 55:29शौर्य से बोली, सही है। दोनों एक जैसे हो
  1168. 55:33पर देखते हैं कि कब तक तुम दोनों का यह
  1169. 55:35रिश्ता कायम रह पाता है। शौर्य ने मेघना
  1170. 55:38की बात को सुना और मुस्कुरा कर रह गया।
  1171. 55:41इसी समय शिप्रा के कमरे का दरवाजा खुला और
  1172. 55:43शिप्रा अपने हाथ में चाय का कप लिए हुए
  1173. 55:46बालकनी में प्रवेश की। शिप्रा को देखकर लग
  1174. 55:48रहा था कि वह पूरी तरह से तैयार होकर आई
  1175. 55:51थी। इस समय उसने एक
  1176. 55:54[संगीत]
  1177. 56:10[संगीत]
  1178. 56:19[संगीत]
  1179. 56:27[संगीत]
  1180. 56:43[संगीत]
  1181. 56:49[संगीत]
  1182. 57:00[संगीत]
  1183. 57:07[संगीत]
  1184. 57:12[संगीत]
  1185. 57:20[संगीत]
  1186. 57:32[संगीत]
  1187. 57:37[संगीत]
  1188. 57:43[संगीत]
  1189. 58:16[संगीत]
  1190. 58:43[संगीत]
  1191. 58:49[संगीत]
  1192. 58:56[संगीत]
  1193. 59:02[संगीत]
  1194. 59:13[संगीत]
  1195. 59:21[संगीत]
  1196. 59:38[संगीत]
  1197. 59:59[संगीत]
  1198. 1:00:10[संगीत]
  1199. 1:00:19बात थी जो शिप्रा को शौर्य का वहां से
  1200. 1:00:21उठकर जाना अच्छा नहीं लग रहा था। वह चाह
  1201. 1:00:24रही थी कि शौर्य भी उसके साथ ही वहां पर
  1202. 1:00:27बैठा रहे। उसे वहां पर अचानक फिर से मेघना
  1203. 1:00:30का आ जाना भी पसंद नहीं आया था। पर वह यह
  1204. 1:00:32बात जाहिर नहीं कर सकती थी। यह क्या बात
  1205. 1:00:35हुई? मैं आई और तुम चल दिए। चले जाना।
  1206. 1:00:38जल्दी क्या है? सुबह की गुनगुनी धूप अच्छी
  1207. 1:00:41लग रही है। मेघना शौर्य को रोकने की कोशिश
  1208. 1:00:44करती हुई बोली। वह चाहती थी कि शिप्रा और
  1209. 1:00:47शौर्य में थोड़ी [संगीत] बातें हो। जिससे
  1210. 1:00:49शायद उन दोनों की दूरियों को कम किया जा
  1211. 1:00:52सके। मेघना शौर्य के खाली किए कुर्सी पर
  1212. 1:00:56बैठी नहीं बल्कि वह बालकनी की रेलिंग से
  1213. 1:00:58टेक लगाकर खड़ी हो गई। शौर्य ने भी खड़ा
  1214. 1:01:01होने के बाद बैठने का उपक्रम [संगीत] नहीं
  1215. 1:01:03किया बल्कि वह भी बालकनी की रेलिंग को
  1216. 1:01:06पकड़ कर सामने उगते सूरज की ओर मुंह करके
  1217. 1:01:09खड़ा हो गया था। शौर्य और शिप्रा को चुप
  1218. 1:01:12हो जाते देखकर मेघना को लगा। शायद उसे
  1219. 1:01:15इतनी जल्दी वापस नहीं आना चाहिए था। अकेले
  1220. 1:01:18में शायद यह दोनों कुछ ज्यादा बातें करते।
  1221. 1:01:21पर शायद उसके [संगीत] सामने यह दोनों बात
  1222. 1:01:22करने में कंफर्टेबल नहीं है। यह सोचकर
  1223. 1:01:26उसने माहौल को हल्का करने की नियत से कहा,
  1224. 1:01:29कहीं मैंने तुम दोनों पतिप के बीच में आकर
  1225. 1:01:32रंग में भंग तो नहीं डाल दिया। ऐसा कुछ
  1226. 1:01:36नहीं है। तुम कुछ ज्यादा ही सोच रही हो।
  1227. 1:01:39शौर्य मेघना की ओर देखकर बोला, "मेरे
  1228. 1:01:41सोचने से क्या होता है? मैं तो चाह रही थी
  1229. 1:01:44कि तुम दोनों के बीच कुछ बातें हो। कुछ
  1230. 1:01:46ऐसे मोमेंट क्रिएट हो कि तुम दोनों थोड़े
  1231. 1:01:49करीब आ जाओ। पर फिर लगता नहीं कि मेरे ऐसा
  1232. 1:01:52सोचने से तुम दोनों की सोच में कोई फर्क
  1233. 1:01:54आने वाला है। मेघना आह भरती हुई बोली सब
  1234. 1:01:58कुछ पता होने के बाद भी [संगीत] तुमको ऐसा
  1235. 1:02:01बोलना जरूरी है क्या? शिप्रा मेघना को करी
  1236. 1:02:05नजरों से देखते हुए बोली। शिप्रा को नाराज
  1237. 1:02:07होते देखकर मेघना बोली अच्छा ठीक है बाबा
  1238. 1:02:10अब मैं ऐसा कुछ नहीं बोलती। तुम दोनों की
  1239. 1:02:13जो मर्जी हो तुम वही करो। वैसे तो मुझे भी
  1240. 1:02:16मोहित रैना से मिलने जाना है। बाकी जो
  1241. 1:02:19पेपर वर्क है उसे भी पूरा करके मोहित रैना
  1242. 1:02:22को देना है और अपने जॉब को लेकर भी बात
  1243. 1:02:24करनी है। शिप्रा चेयर से उठती हुई बोली।
  1244. 1:02:28उसने अपना चाय अब तक समाप्त कर लिया था।
  1245. 1:02:30यह बढ़िया है। तुम सबको तो यहां अपना काम
  1246. 1:02:33है। पर मैं ही यहां फालतू में बैठी हुई
  1247. 1:02:35हूं। मेघना हताशा में बोली, क्यों? तुम
  1248. 1:02:39क्यों खाली हो? तुम भी शहर में अपनी कंपनी
  1249. 1:02:42का आउटलेट खोलने का क्यों नहीं सोच रहे?
  1250. 1:02:44तुम्हें भी अपने स्टोर को विस्तार देना
  1251. 1:02:47चाहिए। शौर्य मेघना का उत्साहवर्धन करते
  1252. 1:02:50हुए बोला हां मैंने ऐसी प्लानिंग कर तो
  1253. 1:02:53रखी है पर उससे पहले मेरा भी यह प्लान है
  1254. 1:02:56कि मैं भी मोहित रैना से मीटिंग करके बिग
  1255. 1:02:59बॉल में अपनी कंपनी का एक सेक्शन तो खुलवा
  1256. 1:03:02ही लूं। मेघना अपना इरादा स्पष्ट करती हुई
  1257. 1:03:04बोली फिर तो यह बढ़िया रहेगा कि तुम भी
  1258. 1:03:07शिप्रा [संगीत] के साथ ही मोहित रैना से
  1259. 1:03:09मिलने चली जाओ। शौर्य मेघना की बात से
  1260. 1:03:12अपनी बात को जोड़ते हुए बोला तो मेघना भी
  1261. 1:03:15शौर्य की बात से सहमति जताते हुए बोली हां
  1262. 1:03:19तुम यह ठीक कह रहे हो शिप्रा तो पहले से
  1263. 1:03:22तैयार है तो फिर मैं भी जाती हूं जल्दी से
  1264. 1:03:25तैयार हो जाती हूं इतना बोलकर मेघना फिर
  1265. 1:03:29से अपने कमरे के अंदर चली गई। एक बार फिर
  1266. 1:03:31से शौर्य और शिप्रा बालकनी में अकेले रह
  1267. 1:03:34गए थे। मेघना के जाने के बाद शौर्य को कुछ
  1268. 1:03:37[संगीत] याद आया तो वह बोला अरे हां, मैं
  1269. 1:03:41तो भूल ही गया। तुम वह ज्वेलरी सेट तो लाई
  1270. 1:03:43ही होगी जो मैंने तुम्हें गिफ्ट में दिया
  1271. 1:03:45था। शिप्रा को समझ नहीं आया कि शौर्य ऐसा
  1272. 1:03:49क्यों पूछ रहा है? वह शौर्य की और अन्य
  1273. 1:03:51भिज्जता से देखते हुए बोली, "क्यों? क्या
  1274. 1:03:55बात है? तुम यह क्यों पूछ रहे हो? अरे,
  1275. 1:03:58मैं तो यह इसलिए पूछ रहा हूं [संगीत] कि
  1276. 1:04:00तुम्हें वह गिफ्ट वापस भी तो करनी होगी।
  1277. 1:04:02तुम तो उसे वैसे भी नहीं लेने वाली हो।
  1278. 1:04:05इसलिए वह गिफ्ट मेरे काम तो आ ही जाएगा।
  1279. 1:04:07इसलिए मैंने यह पूछ लिया। शौर्य सफाई देते
  1280. 1:04:10हुए बोला। शौर्य की बात सुनकर शिप्रा
  1281. 1:04:13सोचने को मजबूर हो गई कि क्या श्रवण उससे
  1282. 1:04:16उसका दिया हुआ गिफ्ट वापस मांग रहा है। पर
  1283. 1:04:19इस बार शिप्रा ने शौर्य को उसका गिफ्ट
  1284. 1:04:22[संगीत] वापस देने के बारे में सोचा ही
  1285. 1:04:24नहीं था। पर शौर्य की बात सुनकर उसे याद
  1286. 1:04:27आया कि उसने शौर्य से क्या कह रखा था कि
  1287. 1:04:30वह उससे कोई महंगा गिफ्ट नहीं ले सकती।
  1288. 1:04:33शायद इसीलिए शौर्य उससे उस गिफ्ट के बारे
  1289. 1:04:36में पूछ रहा है। वह शौर्य की ओर देखते
  1290. 1:04:38[संगीत] हुए बोली, क्या तुम उस गिफ्ट को
  1291. 1:04:40वापस चाहते हो? वापस चाहते हो का क्या
  1292. 1:04:43मतलब हुआ? तुमने खुद ही तो कहा था कि तुम
  1293. 1:04:45ऐसे गिफ्ट मुझसे ले नहीं सकते। तो मुझे
  1294. 1:04:48लगा शायद तुम्हें वह वापस करना हो। इसलिए
  1295. 1:04:51मैंने यह पूछ लिया। शौर्य ने जवाब दिया।
  1296. 1:04:55शौर्य का जवाब सुनकर शिप्रा को ध्यान आया
  1297. 1:04:57कि किस तरह शौर्य ने उसको दिए हुए पहले
  1298. 1:05:00गिफ्ट को [संगीत] जिसे उसने वापस कर दिया
  1299. 1:05:02था उसको शौर्य ने रुचि मल्होत्रा को गिफ्ट
  1300. 1:05:05कर दिया था जिसे देखकर शिप्रा को बहुत
  1301. 1:05:08बुरा भी [संगीत] लगा था। वैसे इस बात को
  1302. 1:05:10शिप्रा ने कहीं जाहिर नहीं किया था कि
  1303. 1:05:13शौर्य ने शिप्रा के लिए गिफ्ट को किसी और
  1304. 1:05:16को दे दिया। अब एक बार फिर से शिप्रा
  1305. 1:05:18सोचने को मजबूर [संगीत] थी कि कहीं ऐसा ना
  1306. 1:05:21हो कि शिप्रा शौर्य को वह नेकलेस का सेट
  1307. 1:05:24वापस करें और शौर्य फिर से वह किसी और को
  1308. 1:05:27दे दे जो कि शिप्रा किसी भी हाल में ऐसा
  1309. 1:05:29नहीं चाहती थी। इसलिए उसने शौर्य से पूछ
  1310. 1:05:32लिया। क्या तुम फिर से इस ज्वेलरी आइटम को
  1311. 1:05:35किसी को देने की सोच रहे? शिप्रा का सवाल
  1312. 1:05:38सुनकर शौर्य बोला। अभी तक ऐसा कुछ नहीं
  1313. 1:05:41है। लेकिन हो सकता है कि भविष्य में अगर
  1314. 1:05:44मुझे ऐसी किसी और की पार्टी में जाना पड़ा
  1315. 1:05:47तो हो सकता है शायद मैं उसे इस ज्वेलरी को
  1316. 1:05:49गिफ्ट कर दूं। तुम ऐसा कैसे कर सकते हो?
  1317. 1:05:53किसी और को दिया हुआ गिफ्ट किसी और को
  1318. 1:05:55कैसे दे सकते हो? शिप्रा तीखे स्वर में
  1319. 1:05:57बोली, "यह क्या बात हुई? अगर मेरे पास कोई
  1320. 1:06:00सामान है और मैं उसे किसी को देता हूं तो
  1321. 1:06:03उससे तुम्हें क्या फर्क पड़ने वाला है? और
  1322. 1:06:05ऐसा कहने का क्या मतलब हुआ? शौर्य नासमझ
  1323. 1:06:08बनते हुए बोला,
  1324. 1:06:10क्या तुम सच में इतने नासमझ हो? तुमने जब
  1325. 1:06:13उस गिफ्ट को जिसे मैंने तुमको वापस किया
  1326. 1:06:16था उसको रुचि मल्होत्रा को देते देखा तो
  1327. 1:06:19मुझे अच्छा नहीं लगा। तुम वह गिफ्ट पहले
  1328. 1:06:22मुझे दे चुके थे। फिर तुमने उस गिफ्ट को
  1329. 1:06:24रुचि मल्होत्रा को कैसे दे दिया? शिप्रा
  1330. 1:06:27अपनी बड़ी-बड़ी आंखों से शौर्य को देखते
  1331. 1:06:30हुए बोली। शौर्य हैरानी से शिप्रा की ओर
  1332. 1:06:33देखते हुए बोला, "अरे तो मैं उस गिफ्ट का
  1333. 1:06:36क्या करता? तुमको वह चाहिए नहीं था या यह
  1334. 1:06:40कहूं कि तुम मुझसे वह गिफ्ट ले नहीं सकती
  1335. 1:06:42थी और मुझे रुचि को उसके बर्थडे पर गिफ्ट
  1336. 1:06:45देना था। जब मेरे पास पहले से ही एक
  1337. 1:06:47ज्वेलरी आइटम थी तो फिर मैं क्यों दूसरे
  1338. 1:06:50किसी गिफ्ट आइटम को खरीदने में अपने पैसे
  1339. 1:06:53को खर्च करता? इसलिए जो मेरे पास था उसे
  1340. 1:06:56मैं उसको दे दिया। इसमें तुमको बुरा लगने
  1341. 1:06:59वाली क्या बात है? बुरा लगने वाली ही बात
  1342. 1:07:02है। तुम लड़कियों की साइकोलॉजी नहीं
  1343. 1:07:04समझोगे। यह किसी को अच्छा नहीं लगता कि
  1344. 1:07:07उसको दी हुई चीज कोई किसी और को दे दे।
  1345. 1:07:10शिप्रा समझाती हुई बोली, देखो बात ऐसी
  1346. 1:07:13नहीं है। मुझे नहीं पता था कि तुम भी उस
  1347. 1:07:15पार्टी में आने वाली हो। [संगीत] नहीं तो
  1348. 1:07:17तुम्हें तो पता भी नहीं चलता कि मैं वह
  1349. 1:07:20गिफ्ट किसको दिया है। और शायद आगे भी
  1350. 1:07:23[संगीत] जब तुम मुझे यह गिफ्ट वापस करने
  1351. 1:07:25वाली हो तो तुम्हें कहां पता चलेगा कि
  1352. 1:07:28मैंने इसको किसी को दिया नहीं दिया। मेरे
  1353. 1:07:30पास है या मैंने इसे वापस कर दिया। शौर्य
  1354. 1:07:33सफाई देते [संगीत] हुए बोला, हर बार तो
  1355. 1:07:35पिछली बार की तरह नहीं होगा कि तुम्हें
  1356. 1:07:37पता चल जाएगा कि मैं इस गिफ्ट को किसी को
  1357. 1:07:41दिया या नहीं दिया। वह तो उस दिन भी
  1358. 1:07:44तुम्हें पता नहीं चलता अगर वह विजय दीवान
  1359. 1:07:46बीच में आकर फालतू में अपने आप को ज्यादा
  1360. 1:07:49दिखाता नहीं तो। वैसे एक बात कहूं वह बंदा
  1361. 1:07:52तुम पर भी फिदा हो रखा था। शौर्य शिप्रा
  1362. 1:07:55की तारीफ में बोला। शिप्रा महसूस कर रही
  1363. 1:07:58थी कि शौर्य अब उससे थोड़ा खुलकर बात करने
  1364. 1:08:01लगा था। नहीं तो पहले वह उससे [संगीत]
  1365. 1:08:03जितनी जरूरत होती थी उतना ही बात करता था।
  1366. 1:08:06शौर्य का यह बोलना कि विजय दीवान शिप्रा
  1367. 1:08:10पर फिदा था। यह दिखा रहा था कि वह अब
  1368. 1:08:12शिप्रा से थोड़ा खुलता जा रहा था। शिप्रा
  1369. 1:08:15को अपने विचारों में गुम देखकर शौर्य ने
  1370. 1:08:18फिर से पूछा, "क्या हुआ? तुमने बताया नहीं
  1371. 1:08:21कि वह नेकलेस तुम्हारे पास ही है या नहीं।
  1372. 1:08:24है तो मेरे पास ही। पर अगर तुम इसे भी
  1373. 1:08:27किसी और को गिफ्ट करने वाले हो [संगीत] तो
  1374. 1:08:29फिर मैं तुम्हें इसे वापस नहीं देने वाली।
  1375. 1:08:32अब शिप्रा की झिझक भी शौर्य से बात करते
  1376. 1:08:35हुए खत्म होती जा रही थी। यार तुम्हें
  1377. 1:08:38[संगीत] क्या फर्क पड़ता है कि मैं उसे
  1378. 1:08:40किसी को देता हूं या नहीं देता हूं। वैसे
  1379. 1:08:43मैंने कहा ना [संगीत] कि तुम्हें तो पता
  1380. 1:08:44भी नहीं चलेगा कि मैंने उसे किसी को दिया
  1381. 1:08:47या नहीं दिया। शौर्य समझाने वाले भाव में
  1382. 1:08:50बोला पर शिप्रा उसे वह गिफ्ट वापस देने से
  1383. 1:08:53मूड में नहीं दिख रही थी। उसने शौर्य से
  1384. 1:08:55पूछा भी कि तुम उस नेकलेस को वापस लेकर
  1385. 1:08:59क्या करोगे? तो शौर्य ने जवाब दिया, यह तो
  1386. 1:09:02अभी मुझे भी नहीं पता कि मैं उसका आगे
  1387. 1:09:04क्या करूंगा। लेकिन जब वह मुझे वापस मिल
  1388. 1:09:06जाएगा तो कुछ ना कुछ तो करूंगा ही। पर तुम
  1389. 1:09:10यह सब क्यों पूछ रही हो? तुमने तो पहले
  1390. 1:09:12कहा था। तुम्हें मेरी एक बात से कोई मतलब
  1391. 1:09:15नहीं होगा। मैं क्या करता हूं? क्या नहीं
  1392. 1:09:18करता? तो फिर अब इन बातों का क्या मतलब
  1393. 1:09:20हुआ? शौर्य शिप्रा को उसकी पुरानी बातें
  1394. 1:09:23याद दिलाते हुए बोला, "अच्छा, मैं एक काम
  1395. 1:09:26करती हूं। वह नेकलेस जितने का था, मैं
  1396. 1:09:29तुम्हें वह पैसे वापस कर देती हूं। उसके
  1397. 1:09:32बाद तो उससे तुम्हें जो भी लेना हो, तुम
  1398. 1:09:34वह ले सकती हो। यह तो [संगीत] ठीक रहेगा।"
  1399. 1:09:37शिप्रा शौर्य से बोली, "मुझे समझ नहीं आ
  1400. 1:09:39रहा है कि तुम ऐसा क्यों कर रही हो।" क्या
  1401. 1:09:42तुम्हें [संगीत] वह नेकलेस का सेट पसंद
  1402. 1:09:44है? कहीं इसलिए तो तुम मुझे उस नेकलेस के
  1403. 1:09:47सेट के बदले में [संगीत] पैसे वापस नहीं
  1404. 1:09:49कर रही। शौर्य शक भरी नजरों से शिप्रा को
  1405. 1:09:52देखते हुए बोला तुम ऐसा कह सकते हो कि वह
  1406. 1:09:55नेकलेस का सेट मुझे बहुत पसंद है। इसलिए
  1407. 1:09:58मैं उसे वापस नहीं कर रही। हां, मैं
  1408. 1:10:00तुम्हें उसके पैसे अभी वापस करने को तैयार
  1409. 1:10:02हूं। शिप्रा बोली, शौर्य समझ गया कि अब
  1410. 1:10:05उसे वह नेकलेस नहीं मिलने वाला। पर शौर्य
  1411. 1:10:08यही तो चाहता था। वह इस बात से खुश ही था।
  1412. 1:10:12इसलिए शिप्रा की बात के जवाब में वह बोला
  1413. 1:10:14अगर तुम्हें वह इतना पसंद है तो फिर मुझे
  1414. 1:10:17वह वापस नहीं चाहिए और ना ही मुझे पैसे
  1415. 1:10:20चाहिए। वो तो सही मायने में मेरी तरफ से
  1416. 1:10:23तुम्हारे लिए गिफ्ट ही था। तुम ही उसे
  1417. 1:10:26स्वीकार नहीं कर रही थी इसलिए तो मैं उसे
  1418. 1:10:29वापस लेने की बात कर रहा था। जब तुम्हें
  1419. 1:10:31वह पसंद है तो फिर तो कोई बात ही नहीं है।
  1420. 1:10:35शौर्य मुस्कुराता हुआ बोला। इतना बोलने के
  1421. 1:10:38बाद शौर्य शिप्रा से इजाजत लेते हुए बोला
  1422. 1:10:41ठीक है फिर अभी मैं निकलता हूं क्योंकि
  1423. 1:10:44मुझे तैयार भी होना है। उसके बाद एक जरूरी
  1424. 1:10:47काम के लिए मुझे कहीं जाना है। इतना बोलकर
  1425. 1:10:51शौर्य बालकनी से अपने कमरे में आ गया और
  1426. 1:10:54जाकर बाथरूम में घुस गया और जल्दी से नहा
  1427. 1:10:58धोकर बाहर आया और अपने कपड़े पहनकर तैयार
  1428. 1:11:01हो गया। शौर्य ने घड़ी पर नजर दौड़ाया तो
  1429. 1:11:03अभी लगभग 9:30 [संगीत]
  1430. 1:11:05बजने वाले थे। घड़ी देखने के बाद वह जल्दी
  1431. 1:11:07से घर से निकल गया। शौर्य का गंतव्य होटल
  1432. 1:11:10राजकमल ही था। शौर्य होटल राजकमल पहुंचा
  1433. 1:11:13तो उसने मेनका और विक्रम को अपना इंतजार
  1434. 1:11:15करते पाया। शौर्य मेनका के सामने चेयर पर
  1435. 1:11:18बैठते हुए बोला मैं लेट तो नहीं हुआ?
  1436. 1:11:21मेनका ने मुस्कुरा कर जवाब दिया। नहीं तुम
  1437. 1:11:24टाइम पर ही हो। मेनका का जवाब सुनकर शौर्य
  1438. 1:11:27बोला। तो फिर अब आगे का क्या प्लान है?
  1439. 1:11:30मेनका ने जवाब दिया। हम तैयार हैं। चलो
  1440. 1:11:33चलते हैं। इसके बाद शौर्य, विक्रम और
  1441. 1:11:35मेनका तीनों होटल से बाहर आए और मेनका की
  1442. 1:11:38कार से ही निकल गए। आधे घंटे में मेनका की
  1443. 1:11:41कार बिल्डिंग लोकेशन पर पहुंची। मेनका ने
  1444. 1:11:44पहले से ही सारी तैयारी कर रखी थी। इसलिए
  1445. 1:11:47ज्यादा कोई फॉर्मेलिटी नहीं करनी थी।
  1446. 1:11:50मेनका अपनी कार को ले जाकर सीधा पार्किंग
  1447. 1:11:52में खड़ा किया और तीनों कार से बाहर आए।
  1448. 1:11:55मेनका ने विक्रम की ओर देखकर कहा, "पता तो
  1449. 1:11:58करो यह मोहित रैना कितनी देर में पहुंच
  1450. 1:12:00रहा है। मेनका की बात सुनकर शौर्य आश्चर्य
  1451. 1:12:04से मेनका की ओर देखते हुए पूछा। क्या
  1452. 1:12:06मोहित रैना भी यहां आ रहा है? मेनका ने
  1453. 1:12:09[संगीत] जवाब दिया, हां, वह भी आ रहा है।
  1454. 1:12:12हमने उसे पहले ही यहां पहुंचने के लिए बोल
  1455. 1:12:14दिया है। पर इसकी क्या [संगीत] जरूरत थी?
  1456. 1:12:17यहां पर शौर्य को समझ नहीं आया था कि
  1457. 1:12:19मेनका ने मोहित रैना को भी यहां क्यों
  1458. 1:12:22बुलाया है। शौर्य की इस बात पर मेनका ने
  1459. 1:12:24जवाब दिया, एक्चुअली हमने बिड़ंग के लिए
  1460. 1:12:27दो अलग-अलग नाम से अप्लाई किया है। इसलिए
  1461. 1:12:30मैंने मोहित रैना को भी विक्रम के कहने पर
  1462. 1:12:32बुला लिया। विक्रम और मोहित एक साथ
  1463. 1:12:35[संगीत] जाएंगे और मैं और तुम एक साथ
  1464. 1:12:37रहेंगे। शौर्य मेनका की बात सुनकर बोला,
  1465. 1:12:41पर इसकी क्या जरूरत थी? अगर हम एक ही नाम
  1466. 1:12:44से विड करते तो क्या मुश्किल होने वाली
  1467. 1:12:46थी?
  1468. 1:12:47यह तुम्हें अभी समझ नहीं आएगा। एक बार
  1469. 1:12:49बडिंग कंप्लीट हो जाने दो। फिर तुम्हें
  1470. 1:12:52समझ आ जाएगा कि मैं ऐसा क्यों कर रही हूं।
  1471. 1:12:54मेनका मुस्कुराती हुई बोली। ठीक है। जब
  1472. 1:12:58तुम कह रही हो तो कुछ सोच कर ही तुमने ऐसा
  1473. 1:13:00प्लान किया होगा। अब तो मैं भी देखना
  1474. 1:13:02चाहता हूं कि यहां क्या होने वाला है।
  1475. 1:13:05इतना कहकर तीनों पार्किंग से बाहर आ गए।
  1476. 1:13:08इतनी देर में विक्रम ने अपने फोन से मोहित
  1477. 1:13:10रैना को फोन करके पूछ लिया कि वह कहां है?
  1478. 1:13:13मोहित रैना ने भी उसे जवाब दिया कि मैं
  1479. 1:13:16लोकेशन पर पहुंच चुका हूं। मैं बिल्डिंग
  1480. 1:13:18हॉल के बाहर ही खड़ा हूं। मोहित रैना की
  1481. 1:13:20बात पर विक्रम ने कहा, ठीक है, मैं पहुंच
  1482. 1:13:24रहा हूं। इतना कहकर विक्रम ने अपना फोन रख
  1483. 1:13:27दिया और उसने शौर्य और मेनका की तरफ देखकर
  1484. 1:13:30कहा, मोहित रैना पहले ही आ रखा है। वह हाल
  1485. 1:13:34के बाहर ही हमारा इंतजार कर रहा है तो फिर
  1486. 1:13:36ठीक है। चलो फिर चलते हैं। इसके बाद तीनों
  1487. 1:13:40पार्किंग से बाहर आ गए। पार्किंग से बाहर
  1488. 1:13:43आते हुए मेनका ने विक्रम से कहा, अब ऐसा
  1489. 1:13:46करो तुम हम दोनों से अलग हो जाओ क्योंकि
  1490. 1:13:49मैं नहीं चाहती कि तुम्हें कोई भी हमारे
  1491. 1:13:51साथ देखे जिससे किसी को शक हो कि हम दोनों
  1492. 1:13:54एक ही टीम से हैं। [संगीत] मेनका कि इस
  1493. 1:13:57बात को सुनकर शौर्य को मामला कुछ कुछ समझ
  1494. 1:14:00में आने लगा था। इसके बाद विक्रम मेनका और
  1495. 1:14:03शौर्य के पास से आगे निकल गया और मेनका
  1496. 1:14:06शौर्य के साथ थोड़ी सी धीमी हो गई ताकि
  1497. 1:14:08विक्रम उसे थोड़ा सा डिस्टेंस बना ले। अभी
  1498. 1:14:11शौर्य और मेनका बिल्डिंग हॉल से थोड़ी दूर
  1499. 1:14:14ही थी कि तभी मेनका के मुंह से निकला।
  1500. 1:14:17मैंने इसकी उम्मीद नहीं की थी यह यहां
  1501. 1:14:19क्या कर रहा है? मेनका की बात सुनकर शौर्य
  1502. 1:14:22मेनका की ओर देखने लगा और धीरे से [संगीत]
  1503. 1:14:25बोला, "तुम किसकी बात कर रही हो? ऐसा किसे
  1504. 1:14:28देख लिया तुमने? जो तुम यह कह रही हो कि
  1505. 1:14:30तुम उसकी उम्मीद नहीं कर रही थी। शौर्य की
  1506. 1:14:33बात सुनने से पहले ही मेनका [संगीत] के
  1507. 1:14:35कदम रुक गए थे। जिसके कारण मजबूरन शौर्य
  1508. 1:14:39को भी उसके साथ रुकना पड़ा। फिर शौर्य ने
  1509. 1:14:42मेनका की नजरों का पीछा किया तो उसने देखा
  1510. 1:14:44उससे [संगीत] कुछ दूर आगे एक लड़का किसी
  1511. 1:14:47लड़की के साथ खड़ा था। जिसके ऊपर ही मेनका
  1512. 1:14:52की निगाह टिकी हुई थी। शौर्य ने मेनका को
  1513. 1:14:54उस लड़के [संगीत] को देखते पाया तो उसने
  1514. 1:14:56पूछा कौन है यह? जिसकी तुम उम्मीद नहीं कर
  1515. 1:14:59रही थी। शौर्य की बात सुनकर मेनका ने
  1516. 1:15:03[संगीत] जवाब दिया, यह प्रतीक है। प्रतीक
  1517. 1:15:05राठौर तुम्हारा कजिन। मेनका की बात सुनकर
  1518. 1:15:08शौर्य को झटका सा लगा। इसके बाद शौर्य ने
  1519. 1:15:11भी गौर से उसे लड़के की तरफ देखा और होठों
  1520. 1:15:14में बुदबुदाया। अच्छा तो यही है प्रतीक।
  1521. 1:15:17पर यह यहां क्या कर रहा है? कहीं यह भी तो
  1522. 1:15:20यहां होटल की बिल्डिंग के लिए ही तो नहीं
  1523. 1:15:21आया है। शौर्य की बात सुनकर मेनका ने
  1524. 1:15:24शौर्य की तरफ देखा। फिर कुछ सोचने लगी।
  1525. 1:15:27उसे भी यकीन हो गया कि प्रतीक भी शायद
  1526. 1:15:30पैराडाइज होटल के बिल्डिंग के लिए ही यहां
  1527. 1:15:31आया है। क्योंकि उसके साथ जो लड़की खड़ी
  1528. 1:15:34थी वह कोई और नहीं। सुधाकर खुराना की बेटी
  1529. 1:15:38मालिनी खुराना थी। सुधाकर खुराना भी होटल
  1530. 1:15:41व्यवसाय से संबंध रखता था। इसलिए मेनका
  1531. 1:15:43समझ सकती थी। जरूर मालिनी के कारण ही
  1532. 1:15:46प्रतीक भी इस बिडिंग के लिए यहां आया हुआ
  1533. 1:15:49है। मेनका को इस बात से थोड़ा आश्चर्य भी
  1534. 1:15:52हुआ था कि प्रतीक ने उसे बताया नहीं था कि
  1535. 1:15:55वह होटल पैराडाइज के बिल्डिंग में हिस्सा
  1536. 1:15:57लेने जा रहा है क्योंकि मेनका [संगीत]
  1537. 1:15:59होटल लाइन में ही काम कर रही थी। इसलिए यह
  1538. 1:16:02स्वाभाविक था कि [संगीत] प्रतीक उससे
  1539. 1:16:05पूछता या उससे चर्चा करता। पर होटल
  1540. 1:16:09पैराडाइज के बिल्डिंग में हिस्सा लेने से
  1541. 1:16:11पहले उसने ऐसा कुछ भी नहीं किया। जबकि
  1542. 1:16:15प्रतीक का मेनका से अच्छा संबंध था। वैसे
  1543. 1:16:18मेनका को यह पता नहीं था कि प्रतीक और
  1544. 1:16:21मालिनी दोनों इतने करीब हैं कि साथ में ही
  1545. 1:16:24दोनों इस बडिंग के लिए आए हैं। क्या हुआ?
  1546. 1:16:27तुम किस सोच में खो गई? शौर्य मेनका को
  1547. 1:16:31किसी सोच में गुम देखकर बोला। मेनका यह
  1548. 1:16:33नहीं समझ पा रही थी कि क्या उसे प्रतीक का
  1549. 1:16:35सामना करना चाहिए कि नहीं। पर उसने सोचा
  1550. 1:16:39वह क्यों पीछे हटे। कायदे से तो इस बारे
  1551. 1:16:42में प्रतीक को उससे बात करनी चाहिए थी। पर
  1552. 1:16:45प्रतीक ने ऐसा कुछ भी नहीं किया। मेनका
  1553. 1:16:47अपनी [संगीत] सोच से बाहर आते हुए बोली,
  1554. 1:16:50कुछ नहीं। मुझे उम्मीद नहीं था कि मैं इसे
  1555. 1:16:52यहां देखूंगी। इसलिए सोच में खो गई थी कि
  1556. 1:16:55अगर प्रतीक इस बिल्डिंग में हिस्सा लेने
  1557. 1:16:57जा रहा था। उसके बाद भी उसने मेरे से एक
  1558. 1:17:00बार भी इसकी चर्चा [संगीत] नहीं की। क्या
  1559. 1:17:02यह इतनी बड़ी बात है कि तुम इसके कारण
  1560. 1:17:05उसके बारे में सोचने को [संगीत] मजबूर हो
  1561. 1:17:07गई? शौर्य गंभीरता से बोला, नहीं ऐसा नहीं
  1562. 1:17:12है। [संगीत] मेरा उसके यहां होने पर सोचने
  1563. 1:17:13का कारण यह है कि प्रतीक मुझे अपना अच्छा
  1564. 1:17:17दोस्त कहता था। उसके बाद भी यह होटल के
  1565. 1:17:20बिल्डिंग में हिस्सा लेने जा रहा है। और
  1566. 1:17:22वह जानता है कि मैं होटल राजकमल को इतने
  1567. 1:17:25समय से संभाल रही हूं। तो मैं यह उम्मीद
  1568. 1:17:27तो कर ही सकती थी कि वह कम से कम इस बारे
  1569. 1:17:30में मुझसे एक बार चर्चा तो जरूर करता। पर
  1570. 1:17:34उसने तो मुझे इसकी भनक भी नहीं लगने दी।
  1571. 1:17:37तो यह है तुम्हारी परेशानी का मेन कारण कि
  1572. 1:17:40उसने तुमसे पूछा नहीं। पर तुम उससे ऐसा
  1573. 1:17:42उम्मीद क्यों कर रही हो? शौर्य दूर खड़े
  1574. 1:17:46प्रतीक की ओर देखता हुआ बोला। खैर छोड़ो
  1575. 1:17:48इन बातों को। अगर उसने नहीं पूछा तो मुझे
  1576. 1:17:51भी [संगीत] उससे बात करने की कोई जरूरत
  1577. 1:17:52नहीं है। चलो हम लोग अंदर चलते हैं। यह
  1578. 1:17:56बोलकर मेनका शौर्य के साथ प्रतीक को
  1579. 1:17:59इग्नोर कर आगे बढ़ने लगी। पर इसी समय
  1580. 1:18:01प्रतीक ने शायद नोटिस कर लिया था कि
  1581. 1:18:03[संगीत] मेनका भी यहां आई हुई है। इसलिए
  1582. 1:18:06वह मेनका की ओर बढ़ते हुए दूर से ही उसको
  1583. 1:18:08आवाज दिया। अरे मेनका तुम यहां मुझे
  1584. 1:18:12उम्मीद नहीं था कि मैं तुम्हें यहां
  1585. 1:18:14देखूंगा। प्रतीक की बात सुनकर मजबूरन
  1586. 1:18:17मेनका को उसके लिए रुकना पड़ा। अगर वह
  1587. 1:18:19प्रतीक की बात को इग्नोर कर आगे बढ़ती तो
  1588. 1:18:22यह अच्छा मैनर नहीं कहा जाता। इसलिए उसने
  1589. 1:18:25ऐसा जाहिर किया [संगीत] जैसे उसने अभी ही
  1590. 1:18:27यह नोटिस किया कि प्रतीक भी यहां है।
  1591. 1:18:30मेनका भी आश्चर्य प्रकट करते हुए बोली
  1592. 1:18:33प्रतीक तुम यहां मैंने भी नहीं सोचा था कि
  1593. 1:18:37मैं तुम्हें यहां देखूंगी। कहो कैसे आना
  1594. 1:18:40हुआ? मैं तो होटल पैराडाइज के बिडिंग के
  1595. 1:18:43लिए आया हूं। पर तुम यहां क्या कर रही हो?
  1596. 1:18:45क्या तुम भी यहां बिल्डिंग में हिस्सा
  1597. 1:18:47लेने के लिए आई हो? प्रतीक मुस्कुराता हुआ
  1598. 1:18:50बोला। जैसे वह मेनका का उपहास कर रहा हो
  1599. 1:18:54कि उसकी इतनी हैसियत ही नहीं है कि वह
  1600. 1:18:57होटल पैराडाइज के बिल्डिंग में हिस्सा ले
  1601. 1:19:00सके। नाशी मुझे नहीं पता था कि तुम भी इस
  1602. 1:19:03बिल्डिंग में हिस्सा ले रहे हो। तुमने
  1603. 1:19:05इसके बारे में बताया भी नहीं। पर मैं भी
  1604. 1:19:08यहां इस बिल्डिंग के लिए ही आई हूं। मैं
  1605. 1:19:10भी देखना चाहती हूं कि आखिर किसके नसीब
  1606. 1:19:12में यह होटल पैराडाइज जाता है। मेनका
  1607. 1:19:16[संगीत] भी उसी मुस्कान के साथ बोली जैसा
  1608. 1:19:18प्रतीक के चेहरे पर था। तो क्या तुम्हारी
  1609. 1:19:21हैसियत इतनी हो गई है कि अब तुम भी इतने
  1610. 1:19:23बड़े होटल की मालिक बनना चाहती हो? प्रतीक
  1611. 1:19:26का इरादा अभी भी मेनका का उपहास उड़ाने का
  1612. 1:19:29ही था। बनना या ना बनना तो बाद की बात है।
  1613. 1:19:32पर कोशिश करने में क्या जाता है? कोशिश तो
  1614. 1:19:35कर ही सकती है। प्रतीक और मेनका की बात के
  1615. 1:19:37बीच में आते हुए शौर्य ने यह बात कही।
  1616. 1:19:41शौर्य की [संगीत] बात को सुनकर प्रतीक ने
  1617. 1:19:43शौर्य की तरफ देखा। फिर मेनका की तरफ
  1618. 1:19:46देखकर पूछा इन महाशय का परिचय यह कौन है
  1619. 1:19:49जो बीच में तुम्हारी वकालत करने आ गए हैं?
  1620. 1:19:52मेनका को प्रतीक की बात सुनकर गुस्सा तो
  1621. 1:19:54बहुत आ रहा था पर वह मन मसूस कर चुप रह गई
  1622. 1:19:57थी। वह समझ रही थी कि प्रतीक जानबूझकर
  1623. 1:20:00मालिनी के ऊपर अपना इंप्रेशन जमाने के लिए
  1624. 1:20:03उसके साथ इस तरह से व्यवहार कर रहा है। पर
  1625. 1:20:06इस बीच [संगीत] में शौर्य को उसका पक्ष
  1626. 1:20:08लेते देखकर उसे खुशी हुई। वह कुछ कहते
  1627. 1:20:12हैं। शौर्य के बारे में उससे पहले श्रवण
  1628. 1:20:14बोल पड़ा। मैं श्रवण हूं इसका दोस्त।
  1629. 1:20:18तुम्हें शायद किसी लड़की से बात करने का
  1630. 1:20:21तरीका नहीं आता। इसलिए मुझे तुम्हारे बीच
  1631. 1:20:24में आना पड़ा। तुम्हें शायद अपने पैसे
  1632. 1:20:26वाले होने का कुछ ज्यादा ही घमंड है। जिसे
  1633. 1:20:30शायद तुम संभाल नहीं पा रहे हो। तुम हो
  1634. 1:20:33कौन जो मुझसे ऐसी बात करने की हिम्मत कर
  1635. 1:20:35रहे हो? तुम मुझे जानते भी हो। किसी को
  1636. 1:20:38कुछ भी बोलने से पहले तुम्हें उसके बारे
  1637. 1:20:41में पता कर लेना चाहिए। नहीं तो किसी राह
  1638. 1:20:44पर हाथ पैर तुड़वाए पड़े हुए होंगे।
  1639. 1:20:46प्रतीक शौर्य को खुद को ऐसे बोलते देखकर
  1640. 1:20:49बर्दाश्त नहीं कर पाया और वह गुस्से में
  1641. 1:20:52शौर्य की तरफ बढ़ते हुए बोला। मेनका को
  1642. 1:20:55लगा कि बात ज्यादा ना बढ़ जाए। इसलिए वह
  1643. 1:20:58उन दोनों के बीच में आ गई और प्रतीक को
  1644. 1:21:00समझाती हुई बोली। इसे तुम्हारे बारे में
  1645. 1:21:02पता नहीं है। इसलिए यह इतना बोल गया। तुम
  1646. 1:21:06रहने दो। मैं इसे बता दूंगी कि तुम कौन
  1647. 1:21:08हो। अभी जिस काम के लिए आए हो पहले उसे
  1648. 1:21:10[संगीत] देखते हैं। मेनका की बात सुनकर
  1649. 1:21:12प्रतीक अपनी जगह पर खड़ा हो गया। पर वह
  1650. 1:21:15अभी भी शौर्य को गुस्से से देखता रहा। पर
  1651. 1:21:19शौर्य अपनी जगह पर खड़ा स्माइल करता रहा।
  1652. 1:21:22शौर्य की स्माइल प्रतीक का खून को और जला
  1653. 1:21:25रही थी। प्रतीक फिर से कुछ [संगीत] बोलते
  1654. 1:21:27ही वाला था कि तभी मालिनी सामने आती हुई
  1655. 1:21:30बोली मुझे लगता है मैंने इसे पहले भी कहीं
  1656. 1:21:33देखा है पर याद नहीं आ रहा है कहां मालिनी
  1657. 1:21:37की बात सुनकर प्रतीक शौर्य का उपहास
  1658. 1:21:40उड़ाते हुए बोला अरे देखा होगा किसी सड़क
  1659. 1:21:44किनारे भीख मांगते हुए जैसे ही मालिनी ने
  1660. 1:21:47प्रतीक के मुंह से सड़क किनारे शब्द सुना
  1661. 1:21:50उसे ध्यान आ गया और उसने कहा अरे हां मुझे
  1662. 1:21:54याद आ गया आज ही तो देखा था। जब हम यहां आ
  1663. 1:21:57रहे थे तो रास्ते में सड़क किनारे बड़े से
  1664. 1:21:59बैनर में यह नताशा कपूर के साथ था। जैसे
  1665. 1:22:03ही प्रतीक ने मालिनी के मुंह से यह सुना
  1666. 1:22:04कि वह नताशा कपूर के साथ किसी बैनर में
  1667. 1:22:07था। इसका मतलब वह कोई मॉडल होगा। तो उसने
  1668. 1:22:11और भड़कते हुए कहा, "तुम भी क्या बकवास कर
  1669. 1:22:14रही हो। कहां इस कहां इस सड़क छाप को, को
  1670. 1:22:17नताशा कपूर के साथ इमेजिन [संगीत] कर रही
  1671. 1:22:19हो। तुम तो इसका कद बढ़ा रही हो। प्रतीक
  1672. 1:22:22का शौर्य के लिए ऐसा बोलने का कारण यह था
  1673. 1:22:24कि प्रतीक शौर्य को पहचान गया था कि उसने
  1674. 1:22:27कभी उस पर अपना कजिन समझकर हमला करवाया
  1675. 1:22:30था। पर बाद में उसे मेनका से ही पता चला
  1676. 1:22:32था कि यह लड़का उसका कजिन नहीं है। बल्कि
  1677. 1:22:35[संगीत] वह उसके लिए काम करने वाला उसका
  1678. 1:22:37मुलाजिम है। यह सोचकर उसे विश्वास था यह
  1679. 1:22:41कोई मॉडल नहीं हो सकता जो नताशा कपूर के
  1680. 1:22:43साथ काम कर रहा होगा। पर मालिनी को पूरा
  1681. 1:22:46यकीन था कि नहीं। उसने इसी चेहरे को उस
  1682. 1:22:49बैनर में देखा था। इसलिए उसने कंफर्म करने
  1683. 1:22:52के लिए शौर्य से ही पूछा क्या तुम मॉडलिंग
  1684. 1:22:55करते हो? शौर्य मालिनी की बात सुनकर
  1685. 1:22:58मुस्कुराया और बोला तुम्हारी नजर के दांत
  1686. 1:23:02देनी पड़ेगी। मैं मॉडलिंग नहीं करता पर
  1687. 1:23:05हां उस पोस्टर में तुमने जिसे देखा था वह
  1688. 1:23:09मैं ही हूं। शौर्य की बात सुनकर मालिनी
  1689. 1:23:11खुश होती हुई बोली। देखा मैंने कहा था ना
  1690. 1:23:15मेरी नजरें धोखा नहीं खा सकती। मैंने
  1691. 1:23:17सचमुच इसे ही देखा था। मालिनी को शौर्य के
  1692. 1:23:21लिए खुश होते देखकर प्रतीक [संगीत] के
  1693. 1:23:23चेहरे पर नागवारी के भाव आ गए। वह
  1694. 1:23:25खिसियानी बिल्ली की तरह छिड़कर बोला, तो
  1695. 1:23:28कौन सी बड़ी बात हो गई? ऐसे सड़क छाप मॉडल
  1696. 1:23:31मेरे आगे पीछे सैकड़ों में घूमते रहते
  1697. 1:23:32हैं। बात को अलग दिशा में जाते देखकर
  1698. 1:23:35मेनका फिर से बीच में आती हुई बोली, अब
  1699. 1:23:38रहने भी दो। तुम किस चक्कर में पड़ गए?
  1700. 1:23:42अभी जिस काम के लिए आए हो पहले उस काम को
  1701. 1:23:44करते हैं। टाइम भी हो रहा है। तुम्हें भी
  1702. 1:23:47हॉल के अंदर जाना चाहिए और मुझे भी
  1703. 1:23:49[संगीत] समय से हॉल में जाना है। इसलिए इस
  1704. 1:23:52फालतू की बात को यही विराम देते हैं। इतना
  1705. 1:23:56कहकर मेनका शौर्य का हाथ पकड़ कर उसको
  1706. 1:23:58खींचती [संगीत] हुई उस हॉल की तरफ बढ़ गई
  1707. 1:24:01जहां बीडिंग होने वाली थी। जबकि प्रतीक
  1708. 1:24:03मेनका को उसे [संगीत] इग्नोर करके शौर्य
  1709. 1:24:05का हाथ पकड़ कर खींचते हुए देखकर जल रहा
  1710. 1:24:08था। क्योंकि कोई समय था जब प्रतीक मेनका
  1711. 1:24:11[संगीत] के पीछे पड़ा हुआ था। उसने कई बार
  1712. 1:24:14कोशिश किया था कि मेनका को वह अपने
  1713. 1:24:16कंट्रोल में कर ले। पर मेनका कभी भी उसके
  1714. 1:24:19काबू में नहीं आ पाई क्योंकि मेनका
  1715. 1:24:22चंद्रभान राठौर के मित्र की बेटी थी।
  1716. 1:24:24इसलिए भी [संगीत] प्रतीक मेनका के साथ
  1717. 1:24:27जबरदस्ती नहीं कर सकता था। अब आगे क्या
  1718. 1:24:30होगा? शौर्य और प्रतीक के टकराव का क्या
  1719. 1:24:33परिणाम होगा? आखिर होटल पैराडाइज का
  1720. 1:24:37नीलामी कौन जीतेगा? मेनका शौर्य का हाथ
  1721. 1:24:41पकड़ कर खींचते हुए बिल्डिंग हॉल की तरफ
  1722. 1:24:43बढ़ गई। उसे यहां पर कई जाने पहचाने चेहरे
  1723. 1:24:46नजर आ गए थे। वह यह जानकर हैरान थी कि
  1724. 1:24:48होटल पैराडाइज की नीलामी की बात हर तरफ
  1725. 1:24:51फैल गई थी। तभी उसे यहां इतने सारे जाने
  1726. 1:24:54पहचाने चेहरे नजर आ रहे थे। यानी इस बार
  1727. 1:24:58राघव चढा की होटल की नीलामी आम ना होने
  1728. 1:25:01देने की कोशिश फेल हो गई थी। मेनका को इसी
  1729. 1:25:03समय हॉल से बाहर आता हुआ राघव चड्ढा भी
  1730. 1:25:06दिखाई दिया। जिसके चेहरे की नाराजगी साफ
  1731. 1:25:09देखी जा सकती थी। इतने सारे जाने पहचाने
  1732. 1:25:11[संगीत] चेहरों को देखकर राघव चढा भी
  1733. 1:25:13परेशान था। उसका जो प्लान फेल हो रहा था,
  1734. 1:25:16उसकी झलक उसके चेहरे पर देखी जा सकती थी।
  1735. 1:25:19अब राघव चढा चाहकर भी अपने मकसद में
  1736. 1:25:21कामयाब नहीं हो सकता था। क्योंकि अगर वह
  1737. 1:25:24होटल को नीलामी से बचना चाहता तो अब तक
  1738. 1:25:27उसका लिया हुआ पैसा ब्याज के [संगीत] साथ
  1739. 1:25:30इतना ज्यादा हो गया होगा कि उस होटल की
  1740. 1:25:32कीमत से ज्यादा कीमत उसकी नीलामी को रोकने
  1741. 1:25:35के लिए पे करना पड़ता। इसलिए राघव चढ़ा यह
  1742. 1:25:39जोखिम तो ले नहीं सकता था। अब वह यही
  1743. 1:25:41कोशिश कर सकता था कि नीलामी में ही सही।
  1744. 1:25:44पर वह अपनी होटल को बचाने में कामयाब हो
  1745. 1:25:46जाए। मेनका राघव चड्ढा के चेहरे के भाव से
  1746. 1:25:50स्पष्ट समझ पा रही थी कि वह कितना परेशान
  1747. 1:25:53है। मेनका यहां पर इतने सारे जाने पहचाने
  1748. 1:25:56चेहरे को देखकर शौर्य से बोली लगता है इस
  1749. 1:25:58बार राघव चड्ढा का प्लान फेल [संगीत] हो
  1750. 1:26:00गया है क्योंकि इस बार वह होटल की नीलामी
  1751. 1:26:03की बात को राज नहीं रख सका। तभी यहां इतने
  1752. 1:26:07सारे चेहरे नजर आ रहे हैं। तुम किन की बात
  1753. 1:26:10कर रही हो? शौर्य मेनका की बात सुनकर
  1754. 1:26:13बोला, "तुम जो यहां पर इतने सारे लोगों को
  1755. 1:26:15देख रहे हो, इनमें से बहुत सारे लोग इस
  1756. 1:26:18शहर के बहुत ही प्रतिष्ठित लोगों में से
  1757. 1:26:20एक हैं और उनका यहां होना यही जताता है कि
  1758. 1:26:23वह सब भी यहां इस होटल की बिल्डिंग के लिए
  1759. 1:26:26ही आए हैं। मेनका ने शौर्य को जवाब दिया।
  1760. 1:26:29मेनका की बात सुनकर शौर्य वहां उपस्थित
  1761. 1:26:32लोगों के चेहरे को [संगीत] देखने लगा। इसी
  1762. 1:26:34समय उसकी निगाह राघव चड़ा के ऊपर भी गई।
  1763. 1:26:38उसने उसके चेहरे पर झलक रही परेशानी
  1764. 1:26:40[संगीत] को देखकर मेनका से पूछा वह जो
  1765. 1:26:43सामने शख्स खड़ा है वह कौन है और वह इतना
  1766. 1:26:46परेशान क्यों नजर आ रहा है? शौर्य के
  1767. 1:26:49इशारे करने वाली दिशा में देखती हुई मेनका
  1768. 1:26:51बोली यही है राघव चढा जिसका यह होटल हुआ
  1769. 1:26:54करता था जो कि अब नीलाम होने वाला है।
  1770. 1:26:58यहां उपस्थित लोगों को देखकर वह समझ गया
  1771. 1:27:00है कि आज उसके लिए बहुत ही परेशानी भरा
  1772. 1:27:03दिन होने वाला है। मेनका की बात सुनकर
  1773. 1:27:06शौर्य ने गौर से राघव चड्ढा की तरफ देखा।
  1774. 1:27:10वह शक्ल से एक कनिया नजर आ रहा था। मेनका
  1775. 1:27:13शौर्य के साथ राघव चढा के पास से गुजरते
  1776. 1:27:16हुए हॉल में प्रवेश [संगीत] कर गई। जब वह
  1777. 1:27:18राघव चढा के पास से गुजर रही थी, उस समय
  1778. 1:27:21दोनों की नजरें भी मिली थी। मेनका को यहां
  1779. 1:27:24देखकर एक पल को तो राघव चढा के चेहरे पर
  1780. 1:27:26हैरानी भी नजर आई। वह मेनका से कुछ बोलना
  1781. 1:27:29भी चाहता था। पर मेनका राघव चढा को इग्नोर
  1782. 1:27:33कर आगे बढ़ गई। मेनका शौर्य के साथ उस हॉल
  1783. 1:27:36में पहुंच गई और एक सही जगह देखकर वह
  1784. 1:27:38शौर्य के साथ जाकर वहां पर बैठ गई। उसने
  1785. 1:27:41देखा विक्रम और मोहित रैना पहले ही उस हॉल
  1786. 1:27:44में पहुंच चुके थे और वे भी अपने लिए एक
  1787. 1:27:46जगह देखकर वहां पर बैठ गए थे। धीरे धीरे
  1788. 1:27:50बाहर के लोग भी अब हॉल के अंदर आने लगे थे
  1789. 1:27:53और अपनी-अपनी जगह पर आकर बैठने लगे थे। इस
  1790. 1:27:56दरमियान वहां पर कई ऐसे लोग भी आए थे जो
  1791. 1:27:58मेनका को पहले से जानते थे और उन लोगों ने
  1792. 1:28:01मेनका [संगीत] से हाई हेलो भी किया था।
  1793. 1:28:04प्रतीक भी मालिनी खुराना के साथ उस हाल
  1794. 1:28:06में आ गया था। वह मेनका से कुछ दूरी पर
  1795. 1:28:08आकर मालिनी के साथ बैठ गया था और वह
  1796. 1:28:11बार-बार घुरकर शौर्य की तरफ देख रहा था।
  1797. 1:28:14पर शौर्य उसको इग्नोर [संगीत] किए हुए था।
  1798. 1:28:16शौर्य ने गौर किया कि मालिनी बार-बार पलट
  1799. 1:28:19कर उसकी तरफ देख रही थी। शौर्य को समझ
  1800. 1:28:22नहीं आया कि मालिनी ऐसा क्यों [संगीत] कर
  1801. 1:28:25रही है। पर वह यह बात नोटिस कर रहा था कि
  1802. 1:28:28मालिनी की आंखों में शौर्य को लेकर कोई
  1803. 1:28:31नाराजगी का भाव नहीं था। बल्कि उसके चेहरे
  1804. 1:28:34को देखकर ऐसा [संगीत] लग रहा था। जैसे वह
  1805. 1:28:37शौर्य को और जानना चाहती हो। जब सभी अपनी
  1806. 1:28:39जगह पर बैठ रहे थे, इस समय मालिनी अपनी
  1807. 1:28:42जगह से उठी और शौर्य के करीब आकर बोली,
  1808. 1:28:45मिस्टर श्रवण, मैं आपसे एक बार मिलकर बात
  1809. 1:28:48करना चाहती हूं। क्या आप मुझे अपना नंबर
  1810. 1:28:50देंगे? शौर्य को उम्मीद नहीं था कि मालिनी
  1811. 1:28:54इस तरह से उसके पास आकर उसका नंबर
  1812. 1:28:56मांगेंगी। पर उसने जितने सभ्य तरीके से
  1813. 1:28:59शौर्य से बात की उसके कारण शौर्य मालिनी
  1814. 1:29:02से इंकार नहीं कर सका और शौर्य ने मालिनी
  1815. 1:29:04को अपना नंबर नोट कर दिया। शौर्य से नंबर
  1816. 1:29:07मिलने के बाद मालिनी ने अपने मोबाइल में
  1817. 1:29:10उसका नंबर डायल किया। एक रिंग जाने के बाद
  1818. 1:29:13मालिनी ने फोन कट किया और शौर्य से बोली
  1819. 1:29:16यह मेरा नंबर है जिससे अभी मैंने आपको कॉल
  1820. 1:29:18किया है। आप मेरे नंबर को सेव कर लीजिएगा।
  1821. 1:29:21मैं जल्दी ही आपसे बात करूंगी। इतना कहकर
  1822. 1:29:24मालिनी फिर से वापस अपनी जगह पर चली गई।
  1823. 1:29:27इस बीच प्रतीक घूर कर मालिनी को देखता
  1824. 1:29:30रहा। जैसे वह जानना चाहता हो कि आखिर
  1825. 1:29:33मालिनी शौर्य से क्या बात करेगी या
  1826. 1:29:35[संगीत] क्या बात करना चाहती है जिसके लिए
  1827. 1:29:38वह उससे उसका नंबर लेकर आई है। प्रतीक के
  1828. 1:29:41चेहरे पर मालिनी के लिए भी नाराजगी के भाव
  1829. 1:29:43आ गए थे। पर वह कुछ बोला नहीं। मालिनी फिर
  1830. 1:29:46से जाकर अपनी सीट पर बैठ गई। तो प्रतीक
  1831. 1:29:49नाराजगी भरे स्वर में बोला। तुम क्या करने
  1832. 1:29:52गई थी उस लड़के के पास? मालिनी ने प्रतीक
  1833. 1:29:54की बात को सुना तो वह उसे धीरे से बोली,
  1834. 1:29:57अरे तुम इस छोटी सी बात पर नाराज क्यों हो
  1835. 1:30:00रहे हो? कुछ ऐसी बात है जो मुझे उससे करनी
  1836. 1:30:03है। पर अभी जिस काम के लिए यहां आए हो उस
  1837. 1:30:05पर ध्यान दो। उसके बारे में हम बाद में
  1838. 1:30:07बात करेंगे। तुम यूं छोटी-छोटी बातों पर
  1839. 1:30:11नाराज मत हो जाया करो। मालिनी के इस बात
  1840. 1:30:14को सुनकर प्रतीक ना चाहते हुए भी चुप हो
  1841. 1:30:16गया और वह हमें स्टेज की तरफ देखने लगा।
  1842. 1:30:18दूसरी तरफ स्टेज पर मौजूद एक व्यक्ति होटल
  1843. 1:30:21पैराडाइज [संगीत] की नीलामी से संबंधित
  1844. 1:30:23जानकारी वहां उपस्थित सभी लोगों को दे रहा
  1845. 1:30:26था। इस बीच दो [संगीत] लोगों ने वहां
  1846. 1:30:29उपस्थित सभी लोगों के बीच सबके हाथों में
  1847. 1:30:31एक नंबर लिखा हुआ छोटा सा कार्डबोर्ड दे
  1848. 1:30:34दिया था। शौर्य ने नोट किया था कि राघव
  1849. 1:30:37चड्ढा सबसे आगे जाकर बैठा हुआ था और
  1850. 1:30:39बार-बार घुरकर वहां मौजूद भीड़ को देखे जा
  1851. 1:30:42रहा था। आखिरकार वह समय आ गया जब नीलामी
  1852. 1:30:45स्टार्ट हो गई। होटल की शुरुआती बोली
  1853. 1:30:4810,500 करोड़ से स्टार्ट हुई थी और जो
  1854. 1:30:50सबसे पहले [संगीत] बोली लगाने वाला शख्स
  1855. 1:30:52था, वह शख्स राघव चढा के साथ वाली टेबल पर
  1856. 1:30:56ही बैठा हुआ था। यानी वह जो कोई भी था,
  1857. 1:30:59राघव चढा के द्वारा ही तैयार किया गया
  1858. 1:31:01बीडर था। मेनका और शौर्य बस उस शुरुआती
  1859. 1:31:06बोली [संगीत] को देखते और सुनते रहे। अभी
  1860. 1:31:08उन्होंने अपनी ओर से कोई बोली नहीं लगाई
  1861. 1:31:11थी। वह इंतजार कर रही थी कि जब कुछ लोग इस
  1862. 1:31:14नीलामी से बाहर हो जाएंगे तभी वह इसमें
  1863. 1:31:17एंट्री करेंगे। धीरे धीरे [संगीत] बोली
  1864. 1:31:2010,650 करोड़ तक पहुंच गए। पर अभी भी वहां
  1865. 1:31:24पर कई लोग थे जिन्होंने कोई शुरुआती बोली
  1866. 1:31:26भी नहीं लगाई थी। 10,700 करोड़ जाते। जाते
  1867. 1:31:30अब ज्यादा लोग उसमें पार्टिसिपेट नहीं कर
  1868. 1:31:32रहे थे। जब मेनका और शौर्य ने देखा कि अब
  1869. 1:31:35ज्यादा लोग बीच में नहीं आ रहे हैं तो
  1870. 1:31:37शौर्य ने एक ही बार में 10,750 करोड़ की
  1871. 1:31:41बोली लगा दी। जैसे ही शौर्य ने बोली लगाई
  1872. 1:31:44ज्यादा इंतजार भी नहीं करना पड़ा कि अगली
  1873. 1:31:46बोली सामने आ गई जो ₹1775
  1874. 1:31:49करोड़ की थी। यह बोली लगाने वाला शख्स कोई
  1875. 1:31:52और नहीं प्रतीक ही था। ऐसा लगा जैसे
  1876. 1:31:56प्रतीक शौर्य के बोली लगाने का ही इंतजार
  1877. 1:31:58कर रहा था। जैसे ही शौर्य ने अपनी तरफ से
  1878. 1:32:01बोली लगाई, तुरंत प्रतीक ने उससे आगे की
  1879. 1:32:03बोली लगा दी। शौर्य ने यह देखा तो उसके
  1880. 1:32:06चेहरे पर एक मुस्कान खिल गई। वह समझ गया
  1881. 1:32:09[संगीत] कि प्रतीक उसको टारगेट कर रहा है।
  1882. 1:32:12शौर्य ने भी अगली बोली तुरंत 10,800 करोड़
  1883. 1:32:15की लगा दी। पर प्रतीक कहां पीछे रहने वाला
  1884. 1:32:18था। उसने भी तुरंत 10,825 करोड़ की बोली
  1885. 1:32:21लगा दी। धीरे धीरे करके यह बोली 2000
  1886. 1:32:24करोड़ तक पहुंच गई। मेनका ने जब देखा कि
  1887. 1:32:27[संगीत] प्रतीक शौर्य के बोली लगाने के
  1888. 1:32:30बाद तुरंत ही अपनी बोली को बढ़ा दे रहा है
  1889. 1:32:32तो उसने शौर्य को हाथ दबाकर बोली लगाने से
  1890. 1:32:36मना कर दिया। वैसे शौर्य मूड में था कि वह
  1891. 1:32:38प्रतीक से कंपटीशन करता रहे। पर जब मेनका
  1892. 1:32:41ने उसको रोकने का इशारा किया तो वह रुक
  1893. 1:32:43गया। थोड़ी देर 2000 करोड़ पर ही बोली
  1894. 1:32:47अटकी रहे जब सॉरी की तरफ से बोली को
  1895. 1:32:49[संगीत] आगे नहीं बढ़ाया गया तो प्रतीक ने
  1896. 1:32:51कर गर्व से शौर्य की तरफ देखा। प्रतीक की
  1897. 1:32:55इस हरकत पर शौर्य के चेहरे पर एक मुस्कान
  1898. 1:32:57खिल गई। जब किसी ओर से कोई और बोली को
  1899. 1:33:00बढ़ाने सामने नहीं आ रहा था तो एक बार फिर
  1900. 1:33:03से राघव चढा ने 2025 करोड़ की बोली लगाई।
  1901. 1:33:06राघव चढा ने बोली बढ़ा तो दिया पर वह खुश
  1902. 1:33:10नहीं था। क्योंकि उसने सोचा नहीं था कि वह
  1903. 1:33:12अपने ही इस होटल की बोली को इतना ऊपर तक
  1904. 1:33:15[संगीत] ले जाएगा। पर अब मरता क्या ना
  1905. 1:33:17करता वाली हालत थी। एक बार फिर से बोली
  1906. 1:33:212025 करोड़ पर रुक गई थी। इसी समय प्रतीक
  1907. 1:33:24ने एक बार शौर्य की तरफ देखा। पर शौर्य की
  1908. 1:33:27तरफ से कोई हरकत ना देखकर उसने मालिनी से
  1909. 1:33:29बात किया। पर उसने बोली को बढ़ाया नहीं।
  1910. 1:33:32जब शौर्य ने देखा कि प्रतीक [संगीत] बोली
  1911. 1:33:35नहीं लग रहा है तो वह सिर्फ यह जांचने के
  1912. 1:33:38लिए कि अगर वह बोली लगाता है तो क्या
  1913. 1:33:40प्रतीक फिर से बोली लगाएगा? यह सोचकर उसने
  1914. 1:33:442050 करोड़ की बोली लगा दी।
  1915. 1:33:47शौर्य की आवाज सुनकर प्रतीक ने आश्चर्य से
  1916. 1:33:50मुड़कर [संगीत]
  1917. 1:33:51शौर्य की तरफ देखा और उसने फिर तुरंत थे
  1918. 1:33:552075 करोड़ की बोली लगा दी। उसकी इस हरकत
  1919. 1:33:58पर शौर्य ने कोई रिएक्शन तो नहीं दिया पर
  1920. 1:34:01उसके होठों पर एक मुस्कान खेल गई। शौर्य
  1921. 1:34:04फिर से शांत हो गया। प्रतीक ने बोली लगा
  1922. 1:34:07तो दी। पर वह देख रहा था कि उसके साथ बैठी
  1923. 1:34:10मालिनी के चेहरे पर नाराजगी के भाव था।
  1924. 1:34:13दूसरी तरफ राघव चढा भी अपनी जगह पर बैठा
  1925. 1:34:16हुआ प्रतीक की ओर देख रहा था। जैसे वह भी
  1926. 1:34:19समझ रहा था कि यहां पर उसके दो कंपिटिट
  1927. 1:34:21हैं। एक शौर्य और दूसरा प्रतीक। जब थोड़ी
  1928. 1:34:25देर बोली हुई रुकी रहे तो एक बार फिर से
  1929. 1:34:27राघव चढा ने 2100 करोड़ की बोली लगा दी।
  1930. 1:34:30इसके बाद फिर से थोड़ी देर हाल में शांति
  1931. 1:34:33छाई रही। कोई भी दूसरी बोली इसके ऊपर नहीं
  1932. 1:34:36आई। जब लगा कि यही अंतिम बोली होगी। इस
  1933. 1:34:39समय विक्रम और मेनका की नजर मिली। मेनका
  1934. 1:34:42ने इशारे में ही विक्रम को समझा दिया।
  1935. 1:34:44जैसे काउंटिंग एक दो हुई। तभी विक्रम ने
  1936. 1:34:48अपना बैनर उठाकर बोली को आगे बढ़ा दिया।
  1937. 1:34:512125 करोड़। इस नए शख्स को बोली लगाते देख
  1938. 1:34:55सबकी निगाह विक्रम की ओर मुड़ गई। कोई भी
  1939. 1:34:58इस शख्स को नहीं जानता था। सभी सोचने लगे
  1940. 1:35:01कि यह बंदा कौन आ गया जिसने इतनी बड़ी
  1941. 1:35:03बोली लगा दी? आखिर विशालगढ़ में ऐसे कितने
  1942. 1:35:06रईस हैं जो इतनी बड़ी बोली लगा सकते हैं?
  1943. 1:35:09हॉल में कान्हा फुशी भी शुरू हो गई कि
  1944. 1:35:11क्या कोई शख्स को जानता है। पर सभी विक्रम
  1945. 1:35:15से अनजान थे। प्रत्येक भी आश्चर्यचकित
  1946. 1:35:18होकर विक्रम की ओर देख रहा था। प्रत्येक
  1947. 1:35:22के लिए विक्रम अनजान ही था। पर विक्रम ने
  1948. 1:35:25इससे आगे बोली को नहीं बढ़ाया। दूसरी तरफ
  1949. 1:35:28राघव चढा को चैन नहीं आ रहा था। वह गुस्से
  1950. 1:35:31भरी आंखों से विक्रम को घूर रहा था। पर
  1951. 1:35:34विक्रम उसकी ओर देख ही नहीं रहा था। जब
  1952. 1:35:36राघव चड्ढा को कोई और चारा नजर नहीं आया
  1953. 1:35:39तो उसने एक बार फिर से अपनी बोली को बढ़ा
  1954. 1:35:41दिया। पर उसके साथ ही विक्रम ने भी अपनी
  1955. 1:35:44बोली को बढ़ाकर 2200 करोड़ पर पहुंचा
  1956. 1:35:47दिया। अगर इससे ऊपर राघव चढ़ा जाता तो
  1957. 1:35:50उसको यह नीलामी बहुत भारी पड़ने वाला था।
  1958. 1:35:53उसने तो सपने में भी ऐसी उम्मीद नहीं की
  1959. 1:35:56थी कि नीलामी 2,200 करोड़ तक पहुंच जाएगी।
  1960. 1:35:59काफी देर तक स्टेज पर खड़ा शख्स इस इंतजार
  1961. 1:36:02में रहा था कि कोई इस बोली को आगे
  1962. 1:36:04बढ़ाएगा। पर अब कोई भी सामने नहीं आ रहा
  1963. 1:36:06था। एक बार फिर से बहुत हिम्मत करके राघव
  1964. 1:36:10चढा ने 2225 करोड़ की बोली लगाई। पर थोड़े
  1965. 1:36:15इंतजार के बाद ही विक्रम ने 2250 करोड़ तक
  1966. 1:36:18बोली को पहुंचा दिया। इसके बाद कोई भी
  1967. 1:36:21शख्स इससे ऊपर बोली लगाने की हिम्मत नहीं
  1968. 1:36:23कर पाया। फाइनली नीलामी ₹250 करोड़ पर
  1969. 1:36:27जाकर खत्म हुई। राघव चड्ढा का चेहरा लटक
  1970. 1:36:30गया था। बाकी वहां मौजूद दूसरे शख्स को
  1971. 1:36:33इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ रहा था।
  1972. 1:36:35फाइनली होटल पैराडाइज का नीलामी समाप्त
  1973. 1:36:38हुआ और यह नीलामी विक्रम ने अपने नाम
  1974. 1:36:40किया। वहां उपस्थित सभी लोगों की निगाह
  1975. 1:36:43विक्रम पर ही जमी हुई थी। यह कौन शख्स है
  1976. 1:36:47जिसने होटल पैराडाइज को नीलामी में खरीद
  1977. 1:36:50लिया है क्योंकि विक्रम इस शहर के लिए एक
  1978. 1:36:52अननोन फेस था। वहां पर कोई भी ऐसा नहीं था
  1979. 1:36:56जो उसको [संगीत] पहले से जानता हो।
  1980. 1:36:58हालांकि लोगों के मन में विक्रम को जानने
  1981. 1:37:00की इच्छा हो रही थी। पर अभी लोग समझ नहीं
  1982. 1:37:02पा रहे थे कि वह कैसे विक्रम से अपनी जान
  1983. 1:37:06पहचान को आगे बढ़ाएं। पर यहां पर कुछ लोग
  1984. 1:37:09ऐसे भी थे जो इस बात से खुश थे कि उनके
  1985. 1:37:12[संगीत] किसी कंपिटिट ने इस होटल को अपने
  1986. 1:37:14नाम नहीं किया। प्रतीक को इस बात की खुशी
  1987. 1:37:17थी कि उसने इस नीलामी को मेनका के हाथों
  1988. 1:37:20में नहीं जाने दिया। वह जानबूझकर उस समय
  1989. 1:37:22ही अपने बेड के रेंज को बढ़ा रहा था। जब
  1990. 1:37:24शौर्य कोई बोली लग रहा था। यही देखकर
  1991. 1:37:27मेनका ने विक्रम को कहा, क्या तुम
  1992. 1:37:30जानबूझकर हमारी लगाई बोली को बढ़ा दे रहे
  1993. 1:37:32थे? मेनका की बात सुनकर प्रतीक बोला, तो
  1994. 1:37:36तुमको क्या लगता है? एक तुम ही तो यहां
  1995. 1:37:38नीलामी के लिए नहीं आई थी। हम भी तो यहां
  1996. 1:37:41मौजूद थे। तो मैं अपने सामने यह होटल तुम
  1997. 1:37:45दोनों के नाम कैसे होने दे सकता था? पर
  1998. 1:37:47तुम ऐसा क्यों कर रहे थे? इससे तुम्हें
  1999. 1:37:49क्या मिलने वाला था? मेनका थोड़ा आश्चर्य
  2000. 1:37:51[संगीत] से बोली क्योंकि वह यह नहीं समझ
  2001. 1:37:54पा रही थी कि प्रतीक का अंदाज उसको लेकर
  2002. 1:37:57यूं बदला [संगीत] हुआ क्यों है। यह तो
  2003. 1:37:59अच्छा हुआ था कि वह पहले ही प्रतीक का
  2004. 1:38:02इरादा समझ गई थी। इसलिए उसने विक्रम को
  2005. 1:38:05आगे बोली लगाने का इशारा कर दिया था। इसके
  2006. 1:38:07बाद विक्रम आगे बोली लगाने लगा था।
  2007. 1:38:09[संगीत] प्रतीक को तो सिर्फ शिप्रा और
  2008. 1:38:11शौर्य से कंपटीशन था। इसलिए उसने किसी
  2009. 1:38:14तीसरे शख्स को बोली लगाते देखकर उसने खुद
  2010. 1:38:17बोली लगाना बंद कर दिया। इसी कारण प्रतीक
  2011. 1:38:20ने आगे बोली लगाने की कोशिश नहीं की। जबकि
  2012. 1:38:23दूसरी तरफ राघव चड्ढा ने भी नहीं सोचा था
  2013. 1:38:25कि पैराडाइज होटल की बोली इतनी ऊपर तक चली
  2014. 1:38:28जाएगी। अगर उसे यह पहले एहसास होता तो वह
  2015. 1:38:31कभी भी अपने इस होटल को नीलामी में जाने
  2016. 1:38:34नहीं देता। पर उससे कहीं ना कहीं चूक हो
  2017. 1:38:36गई थी। जिसके कारण इस नीलामी की खबर आम हो
  2018. 1:38:39गई थी। क्योंकि शहर के ज्यादातर बड़े लोग
  2019. 1:38:42इस नीलामी में भाग लेने के लिए आ गए थे।
  2020. 1:38:44यह सब देखकर ही राघव चढा समझ गया कि उसने
  2021. 1:38:48गलती कर दिया है। बैंक वाले विक्रम को
  2022. 1:38:50अपनी कुछ कागजी कार्यवाही के लिए अपने साथ
  2023. 1:38:53ले गए थे। उस दरमियान शौर्य और मेनका बाहर
  2024. 1:38:58उसका इंतजार करने लगे। इसी समय प्रतीक
  2025. 1:39:00मालिनी के साथ चलते हुए मेनका के पास
  2026. 1:39:02पहुंचा और मेनका से बोला मानना पड़ेगा।
  2027. 1:39:06तुमने कोशिश बहुत की इस नीलामी को अपने
  2028. 1:39:08नाम करने की पर कामयाब नहीं हो सकी। मेनका
  2029. 1:39:11ने प्रतीक की बात को सुना तो वह बोली पर
  2030. 1:39:14तुम ऐसा क्यों रहे थे मैं नोट कर रही थी
  2031. 1:39:17जब हमारी तरफ से बोली लग रहे थे तब तुम
  2032. 1:39:19जानबूझकर उस बोली को बढ़ाते रहे थे मेनका
  2033. 1:39:23की बात सुनकर प्रतीक मुस्कुराया वह मेनका
  2034. 1:39:26को गौर से देखते हुए बोला मैं क्या
  2035. 1:39:29तुम्हें समझ नहीं रहा हूं कि आजकल तुम
  2036. 1:39:31किसी और के हाथ की कठपुतली बनी हुई हो फिर
  2037. 1:39:34तुम यह कैसे उम्मीद कर सकती हो कि मैं
  2038. 1:39:36तुम्हें [संगीत] थोड़ी सी भी ढील दे सकता
  2039. 1:39:38था मेरा कोई मकसद नहीं था इस होटल को इतनी
  2040. 1:39:41ऊंची बोली लगाने का। पर अगर तुम या
  2041. 1:39:44तुम्हारा पार्टनर [संगीत]
  2042. 1:39:45इस बीड को बढ़ाते रहते तो मैं कभी भी
  2043. 1:39:48तुम्हें इस बीड को जीतने नहीं देता। भले
  2044. 1:39:50ही कितनी भी ऊंची बोली लगानी पड़ती पर मैं
  2045. 1:39:53तुम्हें या [संगीत] तुम्हारे दोस्त को
  2046. 1:39:55कामयाब नहीं होने देता। प्रतीक की यह बात
  2047. 1:39:58सुनकर अब मेनका को अंदाजा हो गया कि उसको
  2048. 1:40:01लेकर जरूर प्रतीक के मन में कुछ गलत धारणा
  2049. 1:40:04बन गई है। जिसके कारण ही उसने उसे इस
  2050. 1:40:07नीलामी में शामिल होने वाली बात नहीं
  2051. 1:40:10बताई। और सिर्फ इतना [संगीत] ही नहीं उसकी
  2052. 1:40:13नफरत उसको लेकर इतनी बड़ी हुई है कि वह
  2053. 1:40:17किसी भी हाल में उसे जीतने भी देना नहीं
  2054. 1:40:20चाहता था। उसने [संगीत] कभी सोचा नहीं था
  2055. 1:40:22कि प्रतीक इस तरह से उसको लेकर अपनी धारणा
  2056. 1:40:25बना लेगा। पर वह खुश थी कि वह समय रहते
  2057. 1:40:29सचेत हो गई। अब वह यह सोच कर खुश थी कि
  2058. 1:40:32अगर अब प्रतीक को पता चल जाए कि असलियत
  2059. 1:40:35में इस होटल की नीलामी [संगीत] को उसने या
  2060. 1:40:37उसके साथी ने ही अपने नाम किया है तो ऐसी
  2061. 1:40:40स्थिति में प्रतीक का क्या हाल होगा। अभी
  2062. 1:40:42यह ख्याल मेनका के दिमाग में आ ही रहा था
  2063. 1:40:45कि इसी समय विक्रम मोहित रैना के साथ उसके
  2064. 1:40:48[संगीत] पास आ गया और उससे बोला बधाई हो
  2065. 1:40:51मेनका। तुम्हारा प्लान कामयाब हो गया।
  2066. 1:40:54विक्रम ने जब यह कहा था, उस समय तक उसने
  2067. 1:40:57प्रतीक को देखा नहीं था क्योंकि प्रतीक की
  2068. 1:40:59पीठ उसकी तरफ था। इसलिए उसने सोचा [संगीत]
  2069. 1:41:02नहीं था कि मेनका के सामने जो शख्स खड़ा
  2070. 1:41:04है, वह प्रतीक ही होगा। पर अब तक तो उसने
  2071. 1:41:07यह बात बोल दी थी। इसलिए अब कुछ हो नहीं
  2072. 1:41:11सकता था। पर मेनका इस बात से खुश थी कि
  2073. 1:41:13[संगीत] जो बात उसे प्रतीक को बतानी
  2074. 1:41:15पड़ती, वह उसे अपने आप ही पता चल गया।
  2075. 1:41:17प्रतीक ने जो विक्रम की बात को सुना तो वह
  2076. 1:41:20विक्रम की तरफ पलटा और यह देखकर कि विक्रम
  2077. 1:41:23वही शख्स है जिसने इस नीलामी को अपने नाम
  2078. 1:41:26किया। वह मेनका से यह बोलते हुए मिल रहा
  2079. 1:41:29है कि उसका प्लान कामयाब हो गया। प्रतीक
  2080. 1:41:32का [संगीत] चेहरे का रंग उड़ गया। यह
  2081. 1:41:35एहसास उसके लिए भारी पड़ गया कि असल में
  2082. 1:41:38यह नीलामी मेनका के ही नाम रहा है। जबकि
  2083. 1:41:42वह अब भी इसी बात को लेकर मेनका का माखौल
  2084. 1:41:46उड़ाने की कोशिश कर रहा था। मेनका ने जब
  2085. 1:41:48[संगीत] प्रतीक के चेहरे के उड़े हुए रंग
  2086. 1:41:50को देखा तो वह मुस्कुराते हुए बोली क्या
  2087. 1:41:53हुआ? अब तुम्हारी बोलती क्यों बंद हो गई?
  2088. 1:41:56अब और मेरा माखौल नहीं उड़ाओगे। बोलो और
  2089. 1:41:59कितना जहर तुम्हारे मन में भरा हुआ है।
  2090. 1:42:01मैंने कभी तुम्हारे लिए यह नहीं सोचा था
  2091. 1:42:04कि तुम मेरे लिए ऐसा सोचोगे। पर अच्छा हुआ
  2092. 1:42:06आज मेरी यह गलतफहमी भी दूर हो गई। प्रतीक
  2093. 1:42:10के साथ खड़ी मालिनी ने जब यह जाना कि
  2094. 1:42:12[संगीत] मेनका की टीम ने ही इस नीलामी को
  2095. 1:42:14अपने नाम किया है तो वह मेनका को बधाई
  2096. 1:42:16देते हुए बोली मुबारक हो मेनका जो तुमने
  2097. 1:42:20यह नीलामी अपने नाम की। मैंने पहले भी
  2098. 1:42:23तुम्हारे बारे में सुना हुआ है। लेकिन आज
  2099. 1:42:25का तुम्हारा यह मास्टर प्लान देखने के बाद
  2100. 1:42:28मैं खुद को तुम्हारी तारीफ करने से रोक
  2101. 1:42:30नहीं सकती। मैं तो सोच भी नहीं सकती थी कि
  2102. 1:42:33तुम अपने साथ एक डमी बीडर भी लाए थे।
  2103. 1:42:36जिसने तुम्हारा काम आसान कर दिया। मेनका
  2104. 1:42:39ने महसूस किया कि मालिनी [संगीत] ने जो
  2105. 1:42:41उसको बधाई दी थी, उसमें कहीं कोई फरेब
  2106. 1:42:44नहीं था। इसलिए उसने मालिनी को धन्यवाद
  2107. 1:42:46किया। पर अभी भी मालिनी के साथ खड़े
  2108. 1:42:49प्रतीक के चेहरे [संगीत] का रंग उड़ा हुआ
  2109. 1:42:51ही था। उसका चेहरा ऐसा सफेद पड़ गया था
  2110. 1:42:53जैसे लग रहा था कि वह कहीं मुंह दिखाने
  2111. 1:42:56लायक नहीं है। मेनका प्रतीक के चेहरे के
  2112. 1:42:58ओरे हुए रंग को देखकर बोली तुम्हारा चेहरा
  2113. 1:43:01ही बता रहा है कि तुम पर क्या गुजर रही
  2114. 1:43:04है। तुम जिसकी उम्मीद नहीं कर रहे थे वही
  2115. 1:43:07हो गया। अब क्या करोगे? अब तो मैं यही
  2116. 1:43:10उम्मीद कर सकती हूं कि अब तुम कभी मेरे
  2117. 1:43:13सामने नहीं आओगे। मेनका निश्चित इरादे के
  2118. 1:43:16साथ बोली। उसने आज निश्चय कर लिया था कि
  2119. 1:43:18वह आगे से कभी भी [संगीत] प्रतीक के साथ
  2120. 1:43:21कोई संबंध नहीं रखेगी। प्रतीक को अभी भी
  2121. 1:43:24वहीं खड़ा देखकर मेनका बोली, अब क्या यह
  2122. 1:43:27खड़े-खड़े मेरा चेहरा देखते रहोगे? अब
  2123. 1:43:29तुम्हारे लिए यही अच्छा है कि तुम मेरे
  2124. 1:43:31सामने से चले जाओ। मेनका की बात सुनकर
  2125. 1:43:34प्रतीक का चेहरा गुस्से से लाल हो गया।
  2126. 1:43:36अगर उसका बस चलता तो वह मेनका के साथ बहुत
  2127. 1:43:39बुरा करने वाला था। पर वह ऐसा सिर्फ सोच
  2128. 1:43:42ही सकता था करना उसके बस का नहीं था।
  2129. 1:43:45क्योंकि वह जानता था कि मेनका उसके दादाजी
  2130. 1:43:48की लाडली है। अगर वह उसके साथ कुछ गलत
  2131. 1:43:50करने की कोशिश करेगा तो यह बात उसके
  2132. 1:43:52दादाजी को पता चल जाएगी। फिर प्रतीक के
  2133. 1:43:55दादाजी उसको छोड़ने वाले नहीं थे। इसी
  2134. 1:43:57कारण प्रतीक मेनका के साथ कुछ ज्यादती
  2135. 1:44:00नहीं कर सकता था। प्रतीक वहां से
  2136. 1:44:03जाते-जाते मेनका से बोल गया। याद रखना मैं
  2137. 1:44:07इस बात [संगीत] को इतनी आसानी से भूलने
  2138. 1:44:09वाला नहीं हूं। मैं चाहती भी नहीं तुम इस
  2139. 1:44:11बात को भूलो। कम से कम मेरी यह बात
  2140. 1:44:14तुम्हें यही याद दिलाती रहेगी कि तुम एक
  2141. 1:44:16लड़की से हार गए। इतना बोलकर मेनका प्रतीक
  2142. 1:44:20को जाते हुए देखती रही। तभी उसे पीछे से
  2143. 1:44:23एक [संगीत] आवाज सुनाई दी। मुझे उम्मीद
  2144. 1:44:25नहीं था कि इतने समय के बाद मैं फिर से
  2145. 1:44:27तुम्हें यहां देखूंगा। पर तुम्हें देखकर
  2146. 1:44:30लग रहा है कि तुम अपने मकसद में कामयाब हो
  2147. 1:44:32गई। यह आवाज किसी और की नहीं बल्कि राघव
  2148. 1:44:35चढा की थी। चलिए अब मैं यह उम्मीद कर सकती
  2149. 1:44:39हूं कि ऊपर वाला आपको सद्बुद्धि दे और आप
  2150. 1:44:42आगे से अपने काम में थोड़ी समझदारी
  2151. 1:44:44[संगीत] दिखाएंगे और किसी को इतना छोटा
  2152. 1:44:46समझने की गलती नहीं ना करें कि एक दिन
  2153. 1:44:49वहीं आपके सर का ताज तक बन जाए। मेनका
  2154. 1:44:52राघव चढ़ा के ऊपर कटाक्ष करती हुई बोली।
  2155. 1:44:55मेनका की बात सुनकर राघव चढा बोला। आज
  2156. 1:44:58तुम्हारा दिन है। इसलिए आज तुम कुछ भी बोल
  2157. 1:45:01सकती हो। वैसे एक बात [संगीत] के लिए
  2158. 1:45:03तुम्हारी तारीफ करनी पड़ेगी कि आज तुमने
  2159. 1:45:06इस नीलामी में अपना एक अच्छा मूव दिखाया।
  2160. 1:45:09नहीं तो अगर मुझे पता होता कि यह लड़का भी
  2161. 1:45:11तुम्हारी टीम का हिस्सा है। तो मैं इतनी
  2162. 1:45:14आसानी से नीलामी से पीछे नहीं हटता। पर
  2163. 1:45:17क्या फायदा अब इस अफसोस मनाने का जबकि अब
  2164. 1:45:20आप चाहकर भी कुछ नहीं कर सकते। इसलिए यही
  2165. 1:45:23बेहतर होगा कि आप अपने घर जाकर मातम
  2166. 1:45:25मनाएं। मेनका अपने चेहरे पर पूर्ववत
  2167. 1:45:29मुस्कान बनाए हुए बोली। जबकि इस दरमियान
  2168. 1:45:31शौर्य मेनका के साथ खड़ा रहा पर उसने उनके
  2169. 1:45:34बीच में कुछ [संगीत] भी बोलने की कोशिश
  2170. 1:45:36नहीं किया। शौर्य मेनका के साथ खड़ा रहकर
  2171. 1:45:39सिर्फ स्थिति का जायजा लेना चाहता था।
  2172. 1:45:41मेनका की फटकार सुनकर राघव चंडा भी वहां
  2173. 1:45:44से चला गया। अब वहां पर सिर्फ शौर्य
  2174. 1:45:46मेनका, विक्रम और मोहित रैना यही बाकी रह
  2175. 1:45:50गए। अभी शौर्य और विक्रम आपस में बात करने
  2176. 1:45:53वाले थे कि तभी मोहित रैना के फोन पर कॉल
  2177. 1:45:55आने लगा। शौर्य की निगाह [संगीत] मोहित
  2178. 1:45:58रैना की ओर घूम गई क्योंकि मोहित रैना
  2179. 1:46:01उसके पास ही खड़ा था। इसलिए शौर्य ने देखा
  2180. 1:46:03उसके मोबाइल पर शिप्रा का कॉल आ रहा है।
  2181. 1:46:06अपने मोबाइल पर शिप्रा का कॉल आते देखकर
  2182. 1:46:09मोहित [संगीत] रैना ने शौर्य की ओर देखा।
  2183. 1:46:11शौर्य ने उसे कॉल उठाने को कहा तो मोहित
  2184. 1:46:14रैना ने कॉल उठाया और बोला हेलो शिप्रा जी
  2185. 1:46:17[संगीत] कहिए कैसे कॉल किया? शिप्रा ने
  2186. 1:46:20जवाब में कहा मैं अभी घर से निकल रही हूं।
  2187. 1:46:23आपसे कहां पर मिलना होगा? शिप्रा का सवाल
  2188. 1:46:26सुनकर मोहित रैना ने शौर्य की ओर देखा तो
  2189. 1:46:28शौर्य ने उसे इशारों में कहा उससे कहो वह
  2190. 1:46:32न्यू सिटी टावर वाले ऑफिस में ही आकर
  2191. 1:46:34तुमसे मिले। शौर्य से यह बात सुनने के बाद
  2192. 1:46:37मोहित रैना ने शिप्रा से कहा आप न्यू सिटी
  2193. 1:46:40टावर के ऑफिस में आ जाइए। मैं अभी बाहर
  2194. 1:46:42हूं। जब तक आप पहुंचेंगी, मैं भी तब तक
  2195. 1:46:44ऑफिस पहुंच जाऊंगा। इतना कहकर मोहित रैना
  2196. 1:46:47ने फोन काट दिया और फिर शौर्य की ओर देखने
  2197. 1:46:49लगा। जैसे वह उससे अगला आदेश पाने की
  2198. 1:46:52अपेक्षा कर रहा था। शौर्य ने जब यह महसूस
  2199. 1:46:56किया तो उसने [संगीत] मोहित रैना से कहा
  2200. 1:46:58वैसे भी अब यहां का काम समाप्त हो गया तो
  2201. 1:47:01फिर तुम जाओ और शिप्रा से मिल लो। बाकी
  2202. 1:47:03तुम्हें पता ही है कि उससे तुम्हें क्या
  2203. 1:47:05बात करनी है और कैसे अपना ऑफर देना है।
  2204. 1:47:09शौर्य की बात सुनकर मोहित रैना मुस्कुराते
  2205. 1:47:12हुए बोला। जी सर आपको याद दिलाने की जरूरत
  2206. 1:47:16नहीं पड़ेगी। मुझे अपना काम अच्छे से पता
  2207. 1:47:18है। इसमें आपको कोई शिकायत नहीं मिलेगी।
  2208. 1:47:20इतना कहकर मोहित रैना [संगीत] अपनी कार से
  2209. 1:47:22वहां से निकल गया। मोहित रैना के वहां
  2210. 1:47:25जाने के बाद शौर्य भी विक्रम और मेनका के
  2211. 1:47:28साथ पार्किंग की तरफ बढ़ गया। अब आगे क्या
  2212. 1:47:31होगा? आखिर शौर्य ने मोहित रैना को शिप्रा
  2213. 1:47:34से बात करने के लिए क्या समझा दिया था?
  2214. 1:47:36मोहित रैना को शिप्रा के साथ किस तरह के
  2215. 1:47:40डील करने थे। शिप्रा मेघना के साथ न्यू
  2216. 1:47:43सिटी टावर के लिए निकली। वह देखना चाहती
  2217. 1:47:45थी कि मोहित रैना के पास उसके लिए किस तरह
  2218. 1:47:49का जॉब प्रपोजल था। बाकी दूसरा काम यह भी
  2219. 1:47:52था कि जिंक कलेक्शन का पेपर वर्क भी पूरा
  2220. 1:47:54करना था। मेघना को भी अपनी ब्रांड के लिए
  2221. 1:47:57बिग बुल में [संगीत] स्पेस चाहिए था।
  2222. 1:47:59इसीलिए वह उसके साथ थी। शिप्रा न्यू सिटी
  2223. 1:48:02टावर के ऑफिस में पहुंची तो उस समय तक
  2224. 1:48:05मोहित रैना भी ऑफिस पहुंच चुका था। शिप्रा
  2225. 1:48:08मेघना के साथ मोहित रैना के ऑफिस में
  2226. 1:48:11पहुंची। मोहित रैना ने शिप्रा और मेघना के
  2227. 1:48:13लिए कॉफी मंगवाया। इसी बीच मोहित ने अपने
  2228. 1:48:16लीगल वाले को भी वहां बुलवाया। [संगीत]
  2229. 1:48:18जिसने पूरा पेपर वर्क तैयार कर रखा था।
  2230. 1:48:20उसने शिप्रा से साइन लिया। बहुत सारे पेपर
  2231. 1:48:23होने के कारण शिप्रा को कई जगह साइन करने
  2232. 1:48:26पड़े। पेपर वर्क पूरा होने के बाद सबसे
  2233. 1:48:29पहले मेघना ने बिग बुल में अपनी ब्रांड के
  2234. 1:48:32स्पेस के लिए बात किया। प्रॉफिट शेयरिंग
  2235. 1:48:34कंफर्म करने के बाद मोहित रैना ने मेघना
  2236. 1:48:37[संगीत] के लिए भी पेपर तैयार करवाया और
  2237. 1:48:39और सेटिस्फाई होने के बाद दोनों ने पेपर
  2238. 1:48:42पर साइन किया और उसकी एक कॉपी मेघना को भी
  2239. 1:48:45दिया। जब [संगीत] यह सारे काम पूरे हो गए
  2240. 1:48:48तो उसके बाद मेघना ने मोहित रैना से कहा
  2241. 1:48:50कल आपने शिप्रा के जॉब के लिए कहा था क्या
  2242. 1:48:53आप बताएंगे कि आप जिस जॉब की बात कर रहे
  2243. 1:48:55हैं वह किस तरह का जॉब है? मेघना का सवाल
  2244. 1:48:58सुनकर मोहित रैना मुस्कुराते हुए बोला,
  2245. 1:49:01"उसकी तो आप चिंता ही ना करें।" एक्चुअली
  2246. 1:49:04हमारे बॉस के पास इस समय आपके लिए जॉब के
  2247. 1:49:06कई ऑफर हैं। [संगीत] यह आप पर डिपेंड करता
  2248. 1:49:08है कि आप उसमें से अपने लिए कौन सा जॉब
  2249. 1:49:11प्रेफर करती हैं। शिप्रा को यह जानकर
  2250. 1:49:14आश्चर्य हुआ कि उसके लिए जिस जॉब की बात
  2251. 1:49:16हो रही है, वह मोहित रैना के बॉस के लिए
  2252. 1:49:19हो रही है। फिर भी आपको तो पता ही होगा कि
  2253. 1:49:22आप जिस जॉब की बात कर रहे हैं, वह किस तरह
  2254. 1:49:24की जॉब है। मेघना ने मोहित रैना से उसकी
  2255. 1:49:28बात सुनने के बाद यह सवाल किया। हम जॉब की
  2256. 1:49:31भी बात करेंगे। लेकिन उससे पहले हम यह बात
  2257. 1:49:33कर लें कि आप क्या सैलरी अपने लिए
  2258. 1:49:35एक्सपेक्ट कर रही हैं। मोहित रैना शिप्रा
  2259. 1:49:39की ओर देखते हुए बोला। यह सवाल शिप्रा के
  2260. 1:49:42लिए आश्चर्य भरा था क्योंकि उसको अभी तक
  2261. 1:49:45जॉब के बारे में तो बताया नहीं गया। पर वह
  2262. 1:49:47क्या सैलरी एक्सपेक्ट कर रही है। यह उससे
  2263. 1:49:50पूछ लिया गया। उसे समझ नहीं आया कि वह
  2264. 1:49:53बिना जॉब का प्रोफाइल जाने क्या सैलरी
  2265. 1:49:55बताएं। क्योंकि अभी उसे यह भी नहीं पता था
  2266. 1:49:58कि मोहित रैना उसके लिए किस तरह की जॉब की
  2267. 1:50:01बात कर रहा है। पर मेघना चुप नहीं रह सकी।
  2268. 1:50:05उसने मोहित रैना से सवाल किया। आप भी कमाल
  2269. 1:50:08करते हैं मिस्टर मोहित। बिना जॉब का
  2270. 1:50:11प्रोफाइल जाने कोई [संगीत] कैसे अपनी
  2271. 1:50:12सैलरी निर्धारित कर सकता है? चलिए अगर ऐसी
  2272. 1:50:15बात है तो मैं आपकी मुश्किल को थोड़ा आसान
  2273. 1:50:18कर देता हूं। क्या आप बताएंगी कि आप अपनी
  2274. 1:50:20इस कंपनी [संगीत] से इयरली क्या प्रॉफिट
  2275. 1:50:22कमा रही थी? मोहित रैना हल्की मुस्कान के
  2276. 1:50:25साथ बोला। जब शिप्रा ने मोहित देना की बात
  2277. 1:50:28को सुना तो उसने मन ही मन कुछ कैलकुलेशन
  2278. 1:50:31किया और बोली यही कोई लगभग 1 करोड़ के
  2279. 1:50:35आसपास। शिप्रा का जवाब सुनकर मोहित रैना
  2280. 1:50:38मुस्कुराया और बोला तो फिर ठीक है। आपके
  2281. 1:50:41लिए इयरली 1 करोड़ का पैकेज कैसा रहेगा?
  2282. 1:50:43क्या आप इस पैकेज से सेटिस्फाइड हैं?
  2283. 1:50:45मोहित रैना की बात सुनकर शिप्रा का तो
  2284. 1:50:48माथा ही भरना गया। उसने तो सपने में भी
  2285. 1:50:50कल्पना नहीं की थी कि उसको शुरुआत में ही
  2286. 1:50:531 करोड़ का पैकेज [संगीत] मिल जाएगा। 1
  2287. 1:50:55करोड़ की तो बात ही दूर। उसने तो 50 लाख
  2288. 1:50:58भी इयरली अपने लिए एक्सपेक्ट नहीं किया
  2289. 1:51:00था। वह हैरान होकर मोहित रैना की ओर देखने
  2290. 1:51:03लगी कि क्या जो उसने [संगीत] सुना वह सही
  2291. 1:51:06है या मोहित? रैना उसके साथ कोई मजाक तो
  2292. 1:51:10नहीं कर रहा। उसे जब भरोसा नहीं हुआ तो
  2293. 1:51:13उसने मोहित रैना से सवाल भी कर दिया। क्या
  2294. 1:51:16आप मुझसे मजाक कर रहे हैं मिस्टर मोहित?
  2295. 1:51:18आपको ऐसा क्यों लग रहा है कि मैं आपसे
  2296. 1:51:20मजाक कर सकता हूं? क्या आपको अपने ऊपर
  2297. 1:51:23विश्वास नहीं है? क्या आप अपने आप को इस
  2298. 1:51:26लायक नहीं समझती कि आप इससे ज्यादा भी
  2299. 1:51:29सैलरी प्राप्त कर सकती हैं? मोहित रैना
  2300. 1:51:33सवालिया नजरों से शिप्रा की ओर देखते हुए
  2301. 1:51:35बोला, नहीं ऐसी बात नहीं है। बात दरअसल यह
  2302. 1:51:39है कि मैं अभी किसी भी और कंपनी में जॉब
  2303. 1:51:43के लिए अपनी शुरुआत करने जा रही हूं। बिना
  2304. 1:51:45किसी एक्सपीरियंस के मैं कैसे इतनी बड़ी
  2305. 1:51:48सैलरी एक्सपेक्ट कर सकती हूं। अभी मैंने
  2306. 1:51:50किसी भी दूसरी कंपनी के लिए कोई काम नहीं
  2307. 1:51:52किया है। इसलिए विश्वास करना थोड़ा
  2308. 1:51:55मुश्किल है। हां, अगर मैं जॉब कर रही
  2309. 1:51:57होती, उसके बाद अगर मुझे यह सैलरी हक
  2310. 1:51:59मिलता तो बात दूसरी होती। शिप्रा ने
  2311. 1:52:02ईमानदारी से मोहित रैना को अपना जवाब
  2312. 1:52:05दिया। मोहित रैना भी शिप्रा की ईमानदारी
  2313. 1:52:08से दिए गए जवाब से प्रभावित हुए बिना खुद
  2314. 1:52:11को रोक नहीं सका। अभी तक वह यही समझ रहा
  2315. 1:52:14था कि शिप्रा को जो जॉब मिल रहा है वह एक
  2316. 1:52:17तरह से शौर्य का शिप्रा के लिए एक उपहार
  2317. 1:52:19है। नहीं तो वह इस काबिल क्या ही होगी जो
  2318. 1:52:22उसको इतनी सैलरी मिले। पर शिप्रा से मिले
  2319. 1:52:26जवाब ने उसको प्रभावित किया। इसलिए उसने
  2320. 1:52:29शिप्रा को जवाब देते हुए कहा मिस शिप्रा
  2321. 1:52:32यहां जॉब सिर्फ एक्सपीरियंस से नहीं बल्कि
  2322. 1:52:35[संगीत] काबिलियत से भी मिलती है और मुझे
  2323. 1:52:37पता है कि आप क्या काबिलियत रखती हैं
  2324. 1:52:40क्योंकि [संगीत] आज जो कंपनी आपने हमारे
  2325. 1:52:42नाम की है उसको आप अपनी काबिलियत के कारण
  2326. 1:52:45ही तो इस मुकाम तक ला पाई तभी तो आज आप
  2327. 1:52:48उसके लिए अपने मन मुताबिक कीमत पा सकी और
  2328. 1:52:50इसको इस स्थिति में लाने के लिए जो आपने
  2329. 1:52:52काम किया वह एक्सपीरियंस क्या कम है जो
  2330. 1:52:55मैं यह देखूं कि आपने किसी और कंपनी कंपनी
  2331. 1:52:58के लिए कितना काम किया है। इसलिए अपनी
  2332. 1:53:00कंपनी को खड़ा करने में जो काबिलियत अपने
  2333. 1:53:02दिखाई है, वह आपकी योग्यता साबित करने के
  2334. 1:53:05लिए काफी है। इसलिए मैंने आपकी योग्यता के
  2335. 1:53:08हिसाब से आपको यह इयरली पैकेज ऑफर किया है
  2336. 1:53:11ताकि बाद में आप कम से कम पैसे के कारण तो
  2337. 1:53:14आप हमारे यहां से जॉब छोड़ने की नहीं
  2338. 1:53:16सोचेंगी। शिप्रा के साथ मेघना भी मोहित
  2339. 1:53:20रैना की बात सुनकर इंप्रेस हुए बिना नहीं
  2340. 1:53:22रह सकी। कितनी खूबसूरती से मोहित रैना ने
  2341. 1:53:25यह जता दिया कि शिप्रा कितनी काबिल है।
  2342. 1:53:28शिप्रा ने हिचकते हुए मोहित [संगीत] रैना
  2343. 1:53:30से कहा, तो क्या आप सच में मुझे यह पैकेज
  2344. 1:53:34ऑफर कर रहे हैं? अगर सच में आप यह पैकेज
  2345. 1:53:36मुझे ऑफर कर रही हैं, तो मैं आपको यकीन
  2346. 1:53:38दिलाती हूं कि मैं अपनी इस सैलरी को
  2347. 1:53:41जस्टिफाई [संगीत] करने की पूरी कोशिश
  2348. 1:53:42करूंगी। मुझे पता है आप जरूर ऐसा कर
  2349. 1:53:46लेंगी। मोहित रहना शिप्रा की तारीफ करते
  2350. 1:53:49हुए बोला अगर हमने आपके ऊपर यह भरोसा किया
  2351. 1:53:52है तो कुछ सोच कर ही किया होगा। हमें आपकी
  2352. 1:53:56योग्यता पर पूरा भरोसा है। पर आपने हमें
  2353. 1:53:59अभी तक हमारे काम के बारे में नहीं बताया
  2354. 1:54:01है। जबकि सबसे पहले तो आपको हमें [संगीत]
  2355. 1:54:03हमारे काम के बारे में ही बताना चाहिए था।
  2356. 1:54:06शिप्रा बड़ी ही बेसब्री से यह जानने को
  2357. 1:54:08उत्सुक थी कि मोहित रैना ने उसके लिए क्या
  2358. 1:54:10काम सोचा हुआ है। शिप्रा का सवाल सुनकर
  2359. 1:54:13मोहित रैना मुस्कुराते हुए बोला, एक काम
  2360. 1:54:16तो यही है जो आप अभी तक करती रही हैं।
  2361. 1:54:19यानी कि आपने जो हमें अपनी कंपनी बेची है
  2362. 1:54:22उसका काम आगे भी आपको ही देखना होगा। इसके
  2363. 1:54:25अलावा भी एक और जिम्मेदारी है जो आपको कल
  2364. 1:54:27दिया जा सकता है। शिप्रा यह जानकर हैरान
  2365. 1:54:30रह गई कि जिम कलेक्शन का काम आगे भी उसी
  2366. 1:54:33को देखना है। यानी उसको अपनी शुरू की गई
  2367. 1:54:36कंपनी को ऊंचाइयों तक पहुंचाने का मौका
  2368. 1:54:39अभी भी उसके पास है। और उसकी उत्सुकता
  2369. 1:54:41[संगीत] इस बात से भी बढ़ गई थी कि आखिर
  2370. 1:54:44कल उसे और किस कंपनी की जिम्मेदारी दी जा
  2371. 1:54:47सकती है। यह सोच दिमाग में आते ही शिप्रा
  2372. 1:54:50ने मोहित रैना से पूछ लिया। आखिर आप और
  2373. 1:54:53किस कंपनी की बात कर रहे हैं और कौन सी
  2374. 1:54:55दूसरी कंपनी है जिसकी जिम्मेदारी मुझे दी
  2375. 1:54:57जा सकती है। इसके लिए आपको कल तक इंतजार
  2376. 1:55:00करना पड़ेगा। मैं आपको बता दूं कि कल एक
  2377. 1:55:04पार्टी में आपको आना है। हो सकता है वहीं
  2378. 1:55:06आपको आपकी दूसरी जिम्मेदारी दी जा सकती
  2379. 1:55:08है। मोहित रैना सस्पेंस बनाते हुए बोला आप
  2380. 1:55:12किस पार्टी में आने की बात कर रहे हैं?
  2381. 1:55:14आखिर कल मुझे कहां आना है? शिप्रा मोहित
  2382. 1:55:17रैना का सवाल सुनकर बोली कल होटल सनशाइन
  2383. 1:55:21में स्ट्रांग एनर्जी ड्रिंक की ल्चिंग
  2384. 1:55:23इवेंट है। इसके उपलक्ष में एक बड़ी पार्टी
  2385. 1:55:27रखी गई है। आप उस पार्टी में आमंत्रित
  2386. 1:55:29हैं। इतना कहकर मोहित रैना ने अपने टेबल
  2387. 1:55:33के ड्रार से इनविटेशन कार्ड निकालकर
  2388. 1:55:35शिप्रा की तरफ बढ़ा दिया। फिर अपनी बात को
  2389. 1:55:38जारी रखा। मिस मेघना आप भी इस पार्टी में
  2390. 1:55:41आमंत्रित हैं। आप कहीं उस स्ट्रांग एनर्जी
  2391. 1:55:44ड्रिंक की बात तो नहीं कर रहे हैं जिसकी
  2392. 1:55:47शूटिंग अभी कुछ ही दिनों पहले नताशा कपूर
  2393. 1:55:50और श्रवण ने किया था। मेघना को मोहित
  2394. 1:55:52[संगीत] के मुंह से स्ट्रांग एनर्जी
  2395. 1:55:55ड्रिंक का नाम सुनकर यह ख्याल आया। हां,
  2396. 1:55:59मैं उसी एनर्जी ड्रिंक की बात कर रहा हूं।
  2397. 1:56:01कल उस पार्टी में नताशा कपूर भी आ रही
  2398. 1:56:03हैं। आपको फिर से उनसे मिलने का मौका मिल
  2399. 1:56:06जाएगा। मोहित रैना मेघना [संगीत] की ओर
  2400. 1:56:08देखकर बोला फिर तो मैं जरूर आऊंगी। मुझे
  2401. 1:56:11नताशा कपूर से भी मिलना है। मेघना बोली
  2402. 1:56:14क्या स्ट्रांग एनर्जी ड्रिंक आपकी कंपनी
  2403. 1:56:16की है? शिप्रा ने सवाल किया। उसे याद आया
  2404. 1:56:20कि अभी कुछ दिन पहले ही तो उसने उसका
  2405. 1:56:22पोस्टर देखा था। जिसमें श्रवण नताशा कपूर
  2406. 1:56:24के साथ था। इस पोस्टर को देखकर ही तो उसके
  2407. 1:56:27मन में श्रवण को लेकर कई ख्याल आने लगे
  2408. 1:56:30थे। उसने इतनी बार नताशा कपूर के बारे में
  2409. 1:56:33सुन लिया था कि अब उसकी भी इच्छा एक बार
  2410. 1:56:36नताशा कपूर से मिलने की हो गई थी। उसका
  2411. 1:56:40भाई राहुल भी तो नताशा कपूर का बहुत बड़ा
  2412. 1:56:42फैन था। यह सोचकर शिप्रा ने मोहित रैना से
  2413. 1:56:47पूछा, "क्या मैं इस पार्टी में अपने भाई
  2414. 1:56:49को भी ला सकती हूं?" एक्चुअली वह नताशा
  2415. 1:56:51कपूर का बहुत बड़ा फैन है। शिप्रा की बात
  2416. 1:56:54सुनकर मोहित रैना मुस्कुराते हुए बोला,
  2417. 1:56:57"आप और भी किसी को लाना चाहती हैं तो ला
  2418. 1:57:00सकती हैं। कोई दिक्कत नहीं है। आप समय देख
  2419. 1:57:02लीजिएगा और समय से होटल सनशाइन पहुंच
  2420. 1:57:05जाइएगा। मैं भी आपको वहीं मिलूंगा। ठीक
  2421. 1:57:08है। मैं समय से पहुंच जाऊंगी। क्या उस
  2422. 1:57:11पार्टी में आपके बॉस भी होंगे? शिप्रा ने
  2423. 1:57:13अगला सवाल किया। शिप्रा के मुंह से यह
  2424. 1:57:16सवाल सुनकर मोहित रैना कुछ पल के लिए सोच
  2425. 1:57:19में
  2426. 1:57:19[संगीत]
  2427. 1:57:19डूब गया और सोचने लगा कि उसे शिप्रा के
  2428. 1:57:22सामने क्या बताना चाहिए। यह सोचकर वह बोला
  2429. 1:57:25हां हमारे बॉस भी उस पार्टी में जरूर
  2430. 1:57:27होंगे। शायद आपका भी मिलना उनसे वहां पर
  2431. 1:57:29हो जाए। मोहित रैना की बात सुनकर शिप्रा
  2432. 1:57:32थोड़ी रोमांचित हो गई। उसे खुशी हुई कि कल
  2433. 1:57:35वह बिग बुल के ओनर से भी मिलने वाली है।
  2434. 1:57:38सब कुछ फाइनल होने के बाद शिप्रा [संगीत]
  2435. 1:57:40मोहित रैना से इजाजत लेते हुए बोली ठीक है
  2436. 1:57:44मिस्टर मोहित अब आप मुझे इजाजत दीजिए। कल
  2437. 1:57:47मिलते हैं आपसे। ठीक है [संगीत] अभी आप जा
  2438. 1:57:49सकते हैं। बाकी कल मिलते हैं। इतना बोलकर
  2439. 1:57:52मोहित रैना भी अपनी जगह पर खड़ा हो गया।
  2440. 1:57:55शिप्रा मेघना के साथ न्यू सिटी टावर से
  2441. 1:57:58बाहर आई। शिप्रा मोहित रैना से [संगीत] इस
  2442. 1:58:00जॉब का ऑफर पाकर बहुत खुश थी। उसे इस बात
  2443. 1:58:04की भी खुशी थी कि जिम कलेक्शन के आगे का
  2444. 1:58:06काम वही देखेगी। बाकी उसे इंतजार था कि कल
  2445. 1:58:10उसे और कौन सी दूसरी जिम्मेदारी मिलती है।
  2446. 1:58:13न्यू सिटी टावर के ऑफिस से बाहर आने के
  2447. 1:58:15बाद शिप्रा कार में बैठी और कार को अपने
  2448. 1:58:18घर की तरफ बढ़ा दिया। वहां घर जाकर अपने
  2449. 1:58:21मम्मी पापा को भी यह खुशखबरी देना चाहती
  2450. 1:58:24थी कि उसको जॉब मिल गया है और जब वह अपने
  2451. 1:58:26पापा को अपनी सैलरी पैकेज के बारे [संगीत]
  2452. 1:58:28में बताएगी तो वह और भी खुश होंगे। बाकी
  2453. 1:58:32उसे अपने भाई राहुल को कल की पार्टी के
  2454. 1:58:34लिए इनवाइट भी करना था। वह जानती थी कि
  2455. 1:58:37राहुल किसी भी सूरत में नताशा कपूर से
  2456. 1:58:40मिलने का मौका नहीं चूक सकता। अब आगे क्या
  2457. 1:58:43होगा। शिप्रा न्यू सिटी टावर के ऑफिस से
  2458. 1:58:46निकलकर सीधा अपने घर पहुंची। वह खुश थी कि
  2459. 1:58:49जितनी ज्यादा उसकी स्थिति खराब हो गई थी,
  2460. 1:58:52वह जल्दी ही पटरी पर आ गई और अब उसे कोई
  2461. 1:58:55कुछ कहने वाला नहीं था। शिप्रा को अभी
  2462. 1:58:58अपना घर छोड़े एक ही दिन हुआ था। लेकिन
  2463. 1:59:00उसे ऐसा लग रहा था मानो कितना समय बीत गया
  2464. 1:59:04है। उसे अपने घर को छोड़े हुए। वह घर
  2465. 1:59:06पहुंची तो बीना जी राजदीप जी के साथ उसे
  2466. 1:59:09डाइनिंग हॉल में ही मिल गई। शिप्रा को
  2467. 1:59:12देखकर दोनों बहुत खुश हुए। उन्हें भी
  2468. 1:59:14शिप्रा के बिना रहने की आदत नहीं थी।
  2469. 1:59:16इसलिए इस एक दिन में है। उन्हें शिप्रा की
  2470. 1:59:19कमी बहुत खली। राजदीप जी दोनों को बैठने
  2471. 1:59:22का इशारा करते हुए बोले, तुम्हें क्या
  2472. 1:59:24जरूरत पड़ गई अपना घर छोड़कर कहीं और रहने
  2473. 1:59:27की? तुम्हारे दादाजी तो तुम्हें पता है
  2474. 1:59:29किस कारण इतना कुछ बोल गए। ऐसे अगर उनकी
  2475. 1:59:33बात को ऐसे दिल से लगाओगी तो फिर आगे चलकर
  2476. 1:59:36बहुत मुश्किल होगी। कुछ बातों को इग्नोर
  2477. 1:59:38करना सीखो। शिप्रा अपने पापा की चिंता को
  2478. 1:59:41जानकर बोली, आप चिंता मत कीजिए पापा। मैं
  2479. 1:59:44ठीक हूं और मुझे ऐसी कोई तकलीफ भी नहीं
  2480. 1:59:47है। जहां तक घर से बाहर रहने की बात है तो
  2481. 1:59:50[संगीत] दादाजी ने तो ठीक ही कहा था। अगर
  2482. 1:59:52मुझे श्रवण के साथ अपनी जिंदगी बितानी है
  2483. 1:59:55तो घर तो छोड़ना पड़ेगा और अब [संगीत]
  2484. 1:59:57वैसे भी मुझे अपनी जिम्मेवारी खुद ही
  2485. 2:00:00उठानी है। मैं समझता हूं तुम खुद में ही
  2486. 2:00:03इतनी कैपेबल हो कि तुम्हें किसी की सहायता
  2487. 2:00:05की जरूरत नहीं है। पर अभी तो तुमने अपनी
  2488. 2:00:09कंपनी भी बेच दी। जब तक कोई अच्छा काम
  2489. 2:00:11शुरू नहीं कर देती तब तक तुम्हें कोई
  2490. 2:00:14जरूरत नहीं है कहीं और जाकर रहने की।
  2491. 2:00:17राजदीप जी शिप्रा से अपना [संगीत] कंसर्न
  2492. 2:00:19दिखाते हुए बोले मैंने कहा ना पापा आप
  2493. 2:00:23मेरी चिंता मत कीजिए। वैसे भी मुझे अपने
  2494. 2:00:25लिए काम मिल गया है तो अब आपको इस बारे
  2495. 2:00:27में भी सोचने की कोई जरूरत नहीं है। कुछ
  2496. 2:00:30ही दिनों में सब फिर पहले जैसा हो जाएगा।
  2497. 2:00:33शिप्रा अपने पापा को तसल्ली देती हुई
  2498. 2:00:35बोली। राजदीप जी को यह जानकर खुशी हुई कि
  2499. 2:00:38शिप्रा ने कोई जॉब ज्वाइन कर लिया है। पर
  2500. 2:00:41फिर भी उनके मन में एक कसक तो थी ही कि
  2501. 2:00:44कहां वह पहले अपनी कंपनी की मालकिन हुआ
  2502. 2:00:46करती थी और कहां अब वह किसी और के लिए जॉब
  2503. 2:00:49करेगी और फिर उन्हें यह भी नहीं पता था कि
  2504. 2:00:53शिप्रा ने जो जॉब ज्वाइन किया है वह किस
  2505. 2:00:55तरह का है। यही सोचकर उन्होंने पूछा वैसे
  2506. 2:00:59मैं जान सकता हूं कि तुमने कहां और किस
  2507. 2:01:02कंपनी को ज्वाइन किया है। मैं आपको जरूर
  2508. 2:01:04बताऊंगी कि मैंने कहा और किस कंपनी को
  2509. 2:01:06ज्वाइन किया है। पर वह आज नहीं जब सब कुछ
  2510. 2:01:09फाइनल होकर ओके हो जाएगा उसके बाद ही मैं
  2511. 2:01:12आपको यह बताऊंगी। शिप्रा नहीं चाहती थी कि
  2512. 2:01:16वह अभी ही ज्यादा खुश हो क्योंकि जब तक
  2513. 2:01:19उसके पास जॉइनिंग लेटर नहीं आ जाता तब तक
  2514. 2:01:22वह इस तरह से खुश होकर सबको यह नहीं बता
  2515. 2:01:26सकती थी कि उसने कहां जॉब जॉइ किया है।
  2516. 2:01:29यानी अभी तुम्हारी जॉइनिंग नहीं हुई है।
  2517. 2:01:32राजदीप जी शंकित स्वर में बोले [संगीत]
  2518. 2:01:34अरे पापा आप चिंता मत करो। अभी जॉइनिंग
  2519. 2:01:37नहीं हुई है। लेकिन फिर भी सब कुछ फाइनल
  2520. 2:01:40है। बस मैं यह चाहती हूं कि एक बार पूरी
  2521. 2:01:43तरह से यह ओके हो जाए। बस इतनी सी बात है।
  2522. 2:01:46वैसे भी आप मेरी चिंता तो छोड़ ही दो। अगर
  2523. 2:01:49यहां नहीं भी होता है तो भी मेरे पास जॉब
  2524. 2:01:52के कई ऑप्शन है। अरे मौसा जी आप शिप्रा की
  2525. 2:01:56कुछ ज्यादा ही चिंता कर रहे हैं। जब यह
  2526. 2:01:58अपने दम पर एक कंपनी खड़ी कर सकती है तो
  2527. 2:02:01क्या उसके लिए एक अच्छा जॉब ढूंढना इतना
  2528. 2:02:03मुश्किल होगा? आप इसकी चिंता छोड़ दीजिए
  2529. 2:02:06और अपना ध्यान रखिए। मेघना राजदीप जी को
  2530. 2:02:09व्यर्थ [संगीत] की चिंता करते देखकर बोली,
  2531. 2:02:11मैं समझता हूं मेरी बच्ची बड़ी हो गई है
  2532. 2:02:14पर हूं तो एक बाप भी ना तो चिंता तो होगी
  2533. 2:02:17ही। खैर जब तुम इतनी निश्चित हो तो अब मैं
  2534. 2:02:21भी तुम्हारे लिए कोई चिंता नहीं करूंगा।
  2535. 2:02:22राजदीप जी मुस्कुराते हुए बोले, "यह राहुल
  2536. 2:02:26कहां है? दिख नहीं रहा है।" शिप्रा राहुल
  2537. 2:02:29को यहां नहीं देखकर स्वाभाविक रूप से पूछ
  2538. 2:02:31बैठी। उसका कोई टेनिस का मैच [संगीत] था।
  2539. 2:02:34वहीं गया होगा। आजकल उसको टेनिस का भूत
  2540. 2:02:37चढ़ा हुआ है। बिना जी जवाब देते हुए बोली
  2541. 2:02:41फिर तो उसका बैड लक है। शिप्रा अफसोस करती
  2542. 2:02:44हुई बोली क्यों ऐसा क्या हुआ जो उसका बेड
  2543. 2:02:46लक है? राजदीप जी शिप्रा की बात सुनकर
  2544. 2:02:50बोली एक्चुअली कल हम एक पार्टी में जा रहे
  2545. 2:02:53हैं जहां पर नताशा कपूर भी आ रही है। और
  2546. 2:02:55नताशा कपूर राहुल की फेवरेट है। तो मैंने
  2547. 2:02:58सोचा उसे अपने साथ ले जाऊंगी। तो वह अपनी
  2548. 2:03:01फेवरेट स्टार से मिल लेगा। पर
  2549. 2:03:03[नाक से की जाने वाली आवाज़] वह तो यहां
  2550. 2:03:03है ही नहीं। शिप्रा ने जवाब दिया। अरे तो
  2551. 2:03:06ऐसा क्या है? जब वह आएगा तो हम उसे बता
  2552. 2:03:10देंगे। अगर उसको जाना होगा तो वह तुमसे
  2553. 2:03:12बात करके आ जाएगा। बीना जी मुस्कुराते हुए
  2554. 2:03:15बोली। इतनी देर में संतों ने शिप्रा और
  2555. 2:03:18मेघना के लिए चाय बना दिया था। चाय पीने
  2556. 2:03:20के बाद शिप्रा खड़ी होती हुई बोली, ठीक है
  2557. 2:03:23पापा। अब मैं चलती हूं। अरे जल्दी क्या
  2558. 2:03:26है? अभी [संगीत] तो आई हो और जाने की भी
  2559. 2:03:28बात करने लगी। कोई जरूरत नहीं है। आज यहीं
  2560. 2:03:31रहो। राहुल आ जाएगा तो उससे मिलकर भले
  2561. 2:03:33[संगीत] चली जाना। राजदीप जी शिप्रा को
  2562. 2:03:36रोकते हुए बोले, क्या पापा आप भी कैसे
  2563. 2:03:38इज्जत करने लगते हैं? राहुल का कुछ पता तो
  2564. 2:03:41है नहीं कि वह कब तक आएगा। इसलिए जब वह आए
  2565. 2:03:44तो आप उसे बता दीजिएगा। शिप्रा मुस्कुराती
  2566. 2:03:47हुई बोली। उसे अपने पापा का यूं जिद करना
  2567. 2:03:50उसे अच्छा भी लग रहा था। अचानक राजदीप जी
  2568. 2:03:53के दिमाग में कोई बात आई तो उन्होंने शक
  2569. 2:03:56भरे स्वर में कहा जहां तुम रह रही हो वह
  2570. 2:04:00जगह ठीक तो है पता नहीं तुम्हें भी क्या
  2571. 2:04:02जिद चढ़ी कहीं भी जाकर रहने लगी हो राजदीप
  2572. 2:04:05[संगीत]
  2573. 2:04:06जी की बात सुनकर मेघना मुस्कुराते हुए
  2574. 2:04:08बोली अरे मौसा जी आप कैसी बात कर रही हैं
  2575. 2:04:11आप कभी आकर श्रवण के घर को देखिए एक तो वह
  2576. 2:04:14घर विशालगढ़ के इतने प्राइम लोकेशन पर है
  2577. 2:04:17और वह भी इतनी खूबसूरत कि आपको लगेगा कि
  2578. 2:04:20आप भी यह घर छोड़कर वहीं रहने आ जाए।
  2579. 2:04:23मेघना की बात सुनकर राजदीप जी को तसल्ली
  2580. 2:04:25हुई और उन्हें आश्चर्य भी हुआ कि आखिर
  2581. 2:04:28शौर्य ने इतनी जल्दी इतनी खूबसूरत कोठी का
  2582. 2:04:31इंतजाम कैसे कर लिया। उनके मन में भी यह
  2583. 2:04:34इच्छा जागी कि उन्हें एक बार जाकर [संगीत]
  2584. 2:04:36श्रवण के घर को देखना चाहिए। इसलिए
  2585. 2:04:38उन्होंने शिप्रा से कहा, "मैं देखता हूं
  2586. 2:04:41एक। दो दिनों में आकर एक बार जहां तुम रह
  2587. 2:04:43रही हो।" आखिर ऐसा क्या उस घर में है जो
  2588. 2:04:46तुम इतनी तारीफ कर रही हो? ठीक है आपकी।
  2589. 2:04:49जब इच्छा हो आप आकर देख लीजिए पर अभी हम
  2590. 2:04:52निकलते हैं। इतना कहकर शिप्रा मेघना के
  2591. 2:04:55साथ घर से निकल गई। दूसरी तरफ शौर्य मेनका
  2592. 2:04:58के साथ होटल राजकमल वापस आ गया था। आज
  2593. 2:05:01मेनका बहुत खुश थी क्योंकि उसका जो वर्षों
  2594. 2:05:03पुराना सपना था वह एक तरह से पूरा हो गया
  2595. 2:05:06था। शौर्य मेनका को खुश देखकर बोला अब
  2596. 2:05:09बताओ तुम अब इस होटल को कैसे चलाने वाली
  2597. 2:05:12हो? शौर्य की बात सुनकर मेनका आश्चर्य से
  2598. 2:05:15बोली क्या कहा तुमने? इस होटल को मुझे ही
  2599. 2:05:18चलाना है। शौर्य मेंढका की बात सुनकर बोला
  2600. 2:05:22तो और कौन चलाएगा? तुम्हारे कहने पर ही तो
  2601. 2:05:24इसको लिया है और फिर तुम्हारा इमोशन भी तो
  2602. 2:05:27इस होटल के साथ जुड़ा हुआ है। इसलिए तुमको
  2603. 2:05:29ही इस होटल को अपने हिसाब से चलाना है।
  2604. 2:05:33वैसे तो मेनका भी यही चाहती थी। पर वह
  2605. 2:05:35शौर्य के सामने ऐसा बोल नहीं सकती थी। पर
  2606. 2:05:38जब शौर्य ने उसे यह अथॉरिटी दे दे कि उसे
  2607. 2:05:41ही इस होटल को भी अपने हिसाब से चलाना है।
  2608. 2:05:44तो उसे यह जानकर अच्छा [संगीत] लगा। अभी
  2609. 2:05:46शौर्य मेहनका के साथ बातों में लगा था कि
  2610. 2:05:49इसी समय उसका फोन बजने लगा। उसने नंबर
  2611. 2:05:51देखा तो पाया कि आज कई दिनों के बाद
  2612. 2:05:54रत्नाकर शेट्टी का फोन उसके पास आ रहा है।
  2613. 2:05:57शौर्य ने फोन उठाया और बोला हेलो सेठी
  2614. 2:06:00साहब आज बहुत दिनों के बाद आपको हमारी याद
  2615. 2:06:02आई। कहिए कैसे याद किया? रत्नाकर शेट्टी
  2616. 2:06:05ने जब देखा कि दूसरी तरफ लाइन पर शौर्य है
  2617. 2:06:08तो वह मुस्कुराते हुए बोला हेलो मिस्टर
  2618. 2:06:11सरवन। क्या आपके पास अभी थोड़ा सा टाइम हो
  2619. 2:06:14सकता है? एक्चुअली मुझे आपसे अभी मिलना
  2620. 2:06:16था। शौर्य को समझ नहीं आया कि [संगीत]
  2621. 2:06:19अचानक रत्नाकर सेठी को उससे क्या काम आ
  2622. 2:06:22पड़ा जो वह उससे मिलना चाहता है। उसने
  2623. 2:06:25पूछा क्या बात है सेठी साहब ऐसी क्या बात
  2624. 2:06:28हो गई जो आप अब भी मिलना चाह रहे हैं?
  2625. 2:06:30रत्नाकर सेठी शौर्य की बात सुनकर बोला यह
  2626. 2:06:33तो मैं आपसे मिलने के बाद ही बता सकता
  2627. 2:06:35हूं। मिस्टर सरवन यदि आप अगर फ्री हैं तो
  2628. 2:06:38आप यहां मेरे पास पास आ जाइए। नहीं तो अगर
  2629. 2:06:40आप कहिए [संगीत] तो मैं वहीं आपके पास आ
  2630. 2:06:42जाता हूं। शौर्य ने इस बारे में सोचा। अभी
  2631. 2:06:46रत्नाकर शेट्टी को शौर्य की हकीकत पता
  2632. 2:06:49नहीं थी। इसलिए शौर्य चाहता भी नहीं था कि
  2633. 2:06:51अभी रत्नाकर शेट्टी को उसके बारे में कुछ
  2634. 2:06:54ज्यादा पता चले। इसलिए शौर्य को रत्नाकर
  2635. 2:06:57शेट्टी को होटल राजकमल में बुलाना ठीक
  2636. 2:06:59नहीं लगा। इसलिए उसने खुद ही रत्नाकर
  2637. 2:07:02शेट्टी के पास जाकर उससे मिलने का निर्णय
  2638. 2:07:05लिया। यही सोचकर उसने उसने रत्नाकर शेट्टी
  2639. 2:07:08से ही पूछ लिया। बताइए आप कि मुझे कहां
  2640. 2:07:11आना है? मैं आता हूं आपके पास। शौर्य ने
  2641. 2:07:14रत्नाकर शेट्टी को सीधा जवाब दिया।
  2642. 2:07:16रत्नाकर शेट्टी शौर्य की बात सुनकर खुश
  2643. 2:07:19होते हुए बोला, "यह आपने अच्छा किया
  2644. 2:07:21मिस्टर श्रवण, मैं अभी होटल रीगल में हूं।
  2645. 2:07:24आप यहीं आ जाइए। मैं यहीं आपका इंतजार कर
  2646. 2:07:26रहा हूं।" रत्नाकर शेट्टी की बात सुनकर
  2647. 2:07:29शौर्य बोला, होटल रीगल में आप कहां पर
  2648. 2:07:32मिलेंगे? कुछ देर की शांति के बाद दूसरी
  2649. 2:07:35तरफ से रत्नाकर शेट्टी ने कहा, "आप होटल
  2650. 2:07:38रीगल के रेस्टोरेंट वाले एरिया में आ
  2651. 2:07:40जाइए। मैं यहीं पर आपका इंतजार करता हूं।
  2652. 2:07:43ठीक है। मैं आधे घंटे में आपके पास
  2653. 2:07:45पहुंचता हूं। इतना कहकर शौर्य ने फोन रख
  2654. 2:07:47दिया। मेनका शौर्य के फोन रखने का इंतजार
  2655. 2:07:50कर रही थी। वह शौर्य को बातें करते हुए
  2656. 2:07:53सुन रही थी। इसलिए वह समझ गई थी कि फोन पर
  2657. 2:07:56दूसरी तरफ रत्नाकर शेट्टी मौजूद है। शौर्य
  2658. 2:07:59के फोन रखने के बाद मेनका ने शौर्य से
  2659. 2:08:02पूछा। यह रत्नाकर शेट्टी तुम्हें अभी
  2660. 2:08:05[संगीत] किस लिए फोन कर रहा था? अभी उसको
  2661. 2:08:07तुमसे क्या काम आ गया? जो वह अभी तुम्हें
  2662. 2:08:09फोन कर रहा आया था। मेनका की बात सुनकर
  2663. 2:08:12शौर्य बोला, हो सकता है उससे कुछ शूटिंग
  2664. 2:08:15से रिलेटेड बात करनी हो क्योंकि उसे भी
  2665. 2:08:18पता होगा कि नताशा कपूर कल आ जाएगी। इसलिए
  2666. 2:08:21शायद इसी बारे में वह कुछ बात करना चाह
  2667. 2:08:23रहा हो। शौर्य की बात सुनकर मेनका बोली,
  2668. 2:08:26शायद ऐसा [संगीत] ही हो। देख लो तुम कि
  2669. 2:08:29तुम्हें क्या करना है। ठीक है। कोई बात
  2670. 2:08:31नहीं। मेरा भी थोड़ा घूमना हो जाएगा। मैं
  2671. 2:08:34अभी उससे मिलकर आता हूं। इतना कहकर शौर्य
  2672. 2:08:37मेनका के पास से निकल गया। आधे घंटे बाद
  2673. 2:08:40शौर्य की कार होटल रीगल के पार्किंग में
  2674. 2:08:43खड़ा था। उसने गाड़ी को पार्क किया और
  2675. 2:08:46होटल में प्रवेश कर गया। वह सीधा
  2676. 2:08:48रेस्टोरेंट एरिया में पहुंचा। उसे दूर से
  2677. 2:08:50ही रत्नाकर शेट्टी नजर आ गया। दोनों की
  2678. 2:08:54नजरें मिली। शौर्य ने नोटिस किया कि
  2679. 2:08:57रत्नाकर शेट्टी के साथ कोई लड़की भी
  2680. 2:08:59[संगीत] बैठी हुई थी। जिसका कि पीछे वाला
  2681. 2:09:02हिस्सा शौर्य की तरफ था। इसलिए शौर्य उसका
  2682. 2:09:06चेहरा नहीं देख पा रहा था। शौर्य रत्नाकर
  2683. 2:09:08शेट्टी के पास पहुंचा। रत्नाकर शेट्टी के
  2684. 2:09:11टेबल के पास जाने के बाद जब शौर्य ने उसके
  2685. 2:09:14साथ बैठी लड़की की तरफ देखा तो उसकी आंखें
  2686. 2:09:17फैल गई। वो तो उम्मीद भी नहीं कर सकता था
  2687. 2:09:19कि उसकी मुलाकात दोबारा इस लड़की से इस
  2688. 2:09:23तरह से होगा। वह हैरानी से रत्नाकर शेट्टी
  2689. 2:09:26के सामने बैठी लड़की को देख रहा था। जहां
  2690. 2:09:28शौर्य के चेहरे पर आश्चर्य का भाव था।
  2691. 2:09:31वहीं उस लड़की के चेहरे को देखकर लग नहीं
  2692. 2:09:33रहा था कि उसे शौर्य को यहां देखकर कोई
  2693. 2:09:36आश्चर्य हो रहा हो। यानी इसका तो एक ही
  2694. 2:09:39कारण हो सकता था कि उस लड़की को पहले से
  2695. 2:09:42ही उम्मीद थी कि शौर्य यहां आने वाला है।
  2696. 2:09:45शौर्य को देखकर उस लड़की के चेहरे पर
  2697. 2:09:47मुस्कुराहट थी। अब आगे क्या होगा? आखिर
  2698. 2:09:50कौन थी वह लड़की? जो रत्नाकर शेट्टी के
  2699. 2:09:53पास बैठी पहले से शौर्य का इंतजार कर रही
  2700. 2:09:56थी। आखिर रत्नाकर शेट्टी ने शौर्य को
  2701. 2:09:59मिलने के लिए क्यों बुलाया था? शौर्य को
  2702. 2:10:01उम्मीद नहीं था कि वह यहां इस लड़की से
  2703. 2:10:03दोबारा मिलेगा। उसने एक बार रत्नाकर
  2704. 2:10:06शेट्टी की तरफ देखा। फिर उस लड़की की तरफ
  2705. 2:10:08देखते हुए बोला, "मुझे उम्मीद नहीं था कि
  2706. 2:10:11एक ही दिन में दो बार मेरा तुमसे मिलना
  2707. 2:10:14होगा। इसे मैं इत्तेफाक समझूं या ऐसा आपके
  2708. 2:10:17कारण हुआ है। मिस मालिनी खुराना। यह वही
  2709. 2:10:21मालिनी थी जो शौर्य से होटल पैराडाइज के
  2710. 2:10:24बिल्डिंग के दौरान प्रतीक के साथ में मिली
  2711. 2:10:26थी। नहीं इसके पीछे कोई इत्तेफाक नहीं है।
  2712. 2:10:29यहां मेरे आग्रह पर ही रत्नाकर शेट्टी ने
  2713. 2:10:32तुम्हें बुलाया है। मालिनी मुस्कुराते हुए
  2714. 2:10:34बोली पर मुझे समझ [संगीत] नहीं आया कि आप
  2715. 2:10:37मुझसे क्यों मिलना चाहते हैं। शौर्य ने
  2716. 2:10:39जिज्ञासा बस पूछा। अभी आए हो पहले बैठ तो
  2717. 2:10:43जाओ। पहले दो सांस ले लो। फिर तुम्हारे हर
  2718. 2:10:45एक सवाल का जवाब भी मिल जाएगा। मालिनी
  2719. 2:10:48शौर्य को चेयर पर बैठने का इशारा करता हुआ
  2720. 2:10:50बोला। मालिनी की बात सुनकर शौर्य कुछ बोला
  2721. 2:10:54नहीं। बस एक चेयर खींच कर उस पर बैठ गया।
  2722. 2:10:56जबकि रत्नाकर शेट्टी हैरानी से कभी शौर्य
  2723. 2:10:59को तो कभी मालिनी खुराना को देख रहा था।
  2724. 2:11:02उसे नहीं पता था कि यह दोनों [संगीत] एक
  2725. 2:11:04दूसरे को पहले से जानते हैं। वह हैरान
  2726. 2:11:07स्वर में शौर्य से पूछा तो क्या आप दोनों
  2727. 2:11:10एक दूसरे को [संगीत] पहले से जानते हैं?
  2728. 2:11:12माफ कीजिएगा। मिस्टर शौर्य मुझे यह पता
  2729. 2:11:16नहीं था कि आप मालिनी खुराना को पहले से
  2730. 2:11:18जानते हैं। नहीं तो मैं बुलाने से पहले
  2731. 2:11:20अपना पर्पस [संगीत] भी आपको बता दिया
  2732. 2:11:22होता। रत्नाकर शेट्टी के चेहरे के भाव को
  2733. 2:11:24देखकर शौर्य समझ गया कि रत्नाकर शेट्टी सच
  2734. 2:11:27बोल रहा है। इसलिए उसने बिना कोई नाराजगी
  2735. 2:11:30शो किए रत्नाकर शेट्टी से बोला कोई बात
  2736. 2:11:33नहीं मिस्टर शेट्टी अब जबकि मैं यहां आ
  2737. 2:11:36गया हूं तो अब आप मुझे यहां बुलाने का
  2738. 2:11:38अपना मकसद भी बता दीजिए। शौर्य की बात
  2739. 2:11:41सुनकर रत्नाकर शेट्टी ने एक बार मालिनी की
  2740. 2:11:44तरफ देखा जैसे वह जानना चाहता हो कि क्या
  2741. 2:11:47वह अपनी तरफ से ही बात की शुरुआत करें या
  2742. 2:11:49मालिनी स्वयं कुछ बोलना चाहती है। पर
  2743. 2:11:52मालिनी को चुप देखकर उसने शौर्य से कहना
  2744. 2:11:55शुरू किया। जैसा कि मुझे पता है कि आप मिस
  2745. 2:11:58मालिनी खुराना को पहले से जानते ही हैं।
  2746. 2:12:00तो [संगीत] थोड़ा सा मैं आपको इनके बारे
  2747. 2:12:01में बता दूं। यह मालिनी खुराना मशहूर
  2748. 2:12:04बिजनेसमैन सुधाकर खुराना जी की बेटी हैं।
  2749. 2:12:08यह जो आप रीगल होटल का देख रहे हैं, वह
  2750. 2:12:10इन्हीं का है। रीगल होटल का पूरा एक चैन
  2751. 2:12:13है। आप समझ सकते होटल इंडस्ट्री में रीगल
  2752. 2:12:16होटल एक बड़ा नाम है। रत्नाकर शेट्टी
  2753. 2:12:19शौर्य को मालिनी खुराना के बारे में बता
  2754. 2:12:21रहा था। पर शौर्य को यह समझ नहीं है।
  2755. 2:12:24[संगीत] आ रहा था कि रत्नाकर शेट्टी उसके
  2756. 2:12:26सामने मालिनी खुराना का पूरा बायोग्राफी
  2757. 2:12:29क्यों बता रहा है। इसलिए उसने बीच में ही
  2758. 2:12:32बोला, मिस्टर शेट्टी यह ज्यादा बेहतर होगा
  2759. 2:12:35कि आप सीधा मुद्दे की बात पर आए। मैं
  2760. 2:12:37[संगीत] समझ सकता हूं कि मालिनी खुराना
  2761. 2:12:40विशालगढ़ की एक बड़ी हस्ती है। पर अभी भी
  2762. 2:12:43मुझे यह समझ नहीं आया कि मुझे यहां बुलाने
  2763. 2:12:46का आपका क्या मकसद है। इसलिए आप अगर
  2764. 2:12:48मुद्दे की बात करें तो ज्यादा बेहतर होगा।
  2765. 2:12:51शौर्य की अधीरता को देखकर रत्नाकर शेट्टी
  2766. 2:12:53बोला, ठीक है मिस्टर शौर्य, मैं सीधा
  2767. 2:12:57मुद्दे की बात पर आता हूं। ऐसा है कि मिस
  2768. 2:13:00खुराना को एक्टिंग का बहुत शौक है और यह
  2769. 2:13:02अपनी कंपनी के प्रोडक्शन में ही एक बड़े
  2770. 2:13:05बजट की फिल्म बनाना चाहती है। स्वाभाविक
  2771. 2:13:08है जिसकी हीरोइन यह खुद ही होंगी। बहुत
  2772. 2:13:10समय से हम इनकी मूवी के लिए किसी हीरो की
  2773. 2:13:13तलाश में थे। मालिनी जी ने कहीं आपका
  2774. 2:13:16स्ट्रांग एनर्जी ड्रिंक वाला पोस्टर देखा
  2775. 2:13:18था। तो उस पोस्टर में आपको देखकर इन्हें
  2776. 2:13:21लगा कि उनकी फिल्म के लिए आप एक परफेक्ट
  2777. 2:13:24चॉइस है। इसीलिए मैंने आपको यहां बुलाया
  2778. 2:13:26है ताकि हम इस बारे में बात कर सकें।
  2779. 2:13:29शौर्य को समझ नहीं आया कि [संगीत] वह
  2780. 2:13:31रत्नाकर शेट्टी की बात पर कैसे रिएक्ट
  2781. 2:13:34करें। पर फिर भी वह रत्नाकर शेट्टी को
  2782. 2:13:36समझाते हुए बोला, मिस्टर शेट्टी आप तो
  2783. 2:13:40जानते हैं कि उस ऐड में मैं किस स्थिति
  2784. 2:13:43में [संगीत] काम करना स्वीकार किया था।
  2785. 2:13:44आपको पता है कि मुझे इस एक्टिंग लाइन में
  2786. 2:13:46जाने का कोई भी इंटरेस्ट [संगीत] नहीं है।
  2787. 2:13:49तो आपको समझना चाहिए था कि वह मेरा फर्स्ट
  2788. 2:13:52एंड लास्ट प्रोजेक्ट था। इतना कहकर शौर्य
  2789. 2:13:55मालिनी खुराना की तरफ मुड़ा और उससे बोला
  2790. 2:13:59मिस मालिनी मुझे नहीं पता कि आपको मुझ में
  2791. 2:14:02क्या [संगीत] अच्छा लगा जो आपने मुझे इस
  2792. 2:14:04लायक समझा कि अपनी फिल्म में मुझे हीरो
  2793. 2:14:06लेना चाह रही हैं। पर मैं आपको बता दूं कि
  2794. 2:14:09मुझे एक्टिंग लाइन में जाने का कोई भी
  2795. 2:14:11इंटरेस्ट [संगीत] नहीं है। इसलिए यह अच्छा
  2796. 2:14:13होगा कि आप किसी और को अपने फिल्म में
  2797. 2:14:17हीरो के लिए चुन लीजिए। मालिनी खुराना
  2798. 2:14:19धैर्य से शौर्य की बात को सुनती रही
  2799. 2:14:21क्योंकि उसे पहले से ही पता था कि शौर्य
  2800. 2:14:24का इंटरेस्ट एक्टिंग लाइन में नहीं है। इस
  2801. 2:14:27बारे में उसे पहले ही रत्नाकर शेट्टी ने
  2802. 2:14:30बता दिया था। पर मालिनी को पता नहीं शौर्य
  2803. 2:14:33में क्या अच्छा लगा जो उसने रत्नाकर
  2804. 2:14:36शेट्टी से बोलकर शौर्य को मिलने के लिए
  2805. 2:14:38बुला लिया था। उसने शौर्य की बात को आराम
  2806. 2:14:41से सुना। फिर शौर्य के चुप होने के बाद
  2807. 2:14:44बोलना शुरू किया। मिस्टर श्रवण मुझे नहीं
  2808. 2:14:47पता कि आपको इस एक्टिंग लाइन [संगीत] में
  2809. 2:14:49क्यों इंटरेस्ट नहीं है। पर मैं आपको
  2810. 2:14:51बताऊं मुझे एक्टिंग को लेकर इतना ज्यादा
  2811. 2:14:54क्रेज है [संगीत] कि मैं इस लाइन में कुछ
  2812. 2:14:56करना चाहती हूं। मैं कोलाज करते हुए कई
  2813. 2:14:59थिएटर ग्रुप ज्वाइन कर रखे थे। अभी तक मैं
  2814. 2:15:02बहुत सारे थिएटर भी किए हैं। एक्टिंग की
  2815. 2:15:05बारीकियों को जानने के लिए मैंने बाकायदा
  2816. 2:15:08ट्रेनिंग भी लिया। जब मैंने खुद को इस
  2817. 2:15:10लायक तैयार पाया कि अब मैं किसी मूवी में
  2818. 2:15:13अपने आप को लॉन्च कर [संगीत] सकती हूं तो
  2819. 2:15:16मुझे अपने साथ किसी बड़े स्टार को लेने की
  2820. 2:15:18इच्छा नहीं हुई। अगर मैं चाहूं [संगीत] तो
  2821. 2:15:21बड़े आराम से इंडस्ट्री के बड़े से बड़े
  2822. 2:15:23हीरो को अपनी मूवी में काम करने के लिए
  2823. 2:15:25बुला सकती हूं। पर मेरा अप्रोच अलग है।
  2824. 2:15:28मैं नहीं चाहती कि अगर लोग मुझे इस लाइन
  2825. 2:15:31में जाने तो वह
  2826. 2:15:31[नाक से की जाने वाली आवाज़] किसी बड़े
  2827. 2:15:32हीरो के साथ आने के कारण जाने। मैं अपने
  2828. 2:15:35काम के कारण पहचानी जाना चाहती हूं और
  2829. 2:15:38हमारे पास जो स्टोरी है उसके लिए जो हीरो
  2830. 2:15:41का कैरेक्टर है वह फेस एक अननोन फेस होना
  2831. 2:15:44चाहिए जिसे पब्लिक [संगीत] पहले से ना
  2832. 2:15:47जानती हो। आज जब मैंने तुम्हारा पोस्टर
  2833. 2:15:49देखा तो पहली बार में ही मुझे लगा मुझे
  2834. 2:15:52अपने साथ काम करने के लिए इसी फेस की तलाश
  2835. 2:15:54थी और उसके बाद जब मैं तुमसे [संगीत] मिली
  2836. 2:15:57तो मैं और भी श्योर हो गई कि तुम मेरी
  2837. 2:15:59पसंद पर एकदम खड़े उतरते हो। उसके बाद
  2838. 2:16:03मैंने रत्नाकर शेट्टी से तुम्हारे बारे
  2839. 2:16:05में पूछा तो उन्होंने मुझे तुम्हारे
  2840. 2:16:07द्वारा किया गया ऐड भी दिखाया और जैसा कि
  2841. 2:16:09मुझे पता चला कि तुमने यह काम पहली बार
  2842. 2:16:12किया है। उसके बाद भी तुमने जो एक्टिंग की
  2843. 2:16:14है उसमें कहीं से कोई दिखावा नजर नहीं
  2844. 2:16:17आया। तुम्हारी एक्टिंग में एक नेचुरल फील
  2845. 2:16:21है जो लगता है कि वह अपने आप ही आती है।
  2846. 2:16:24तुमको उसके लिए कोई ज्यादा प्रयास नहीं
  2847. 2:16:26करना पड़ता। यह बात मुझे और भी अच्छी लगी।
  2848. 2:16:30इसलिए मैं तुमसे रिक्वेस्ट करती हूं कि
  2849. 2:16:32प्लीज तुम मेरी रिक्वेस्ट को मानकर इस
  2850. 2:16:35मूवी में काम करने के लिए तैयार हो जाओ।
  2851. 2:16:38भले तुम इसके बाद अभिनय करो या ना करो।
  2852. 2:16:42इतना बोलने के बाद मालिनी खुराना उम्मीद
  2853. 2:16:45भरी नजरों के साथ शौर्य को देखने लगी।
  2854. 2:16:48जबकि शौर्य को समझ नहीं आ रहा था कि वह
  2855. 2:16:51मिस मालिनी खुराना को कैसे मना करें।
  2856. 2:16:53क्योंकि मालिनी खुराना ने शौर्य से इतना
  2857. 2:16:56पोलाइट होकर अपनी बात को कही कि शौर्य को
  2858. 2:16:59मना करते नहीं बन पड़ा। [संगीत] मालिनी
  2859. 2:17:01खुराना का बोलने का अंदाज इतना प्यारा था।
  2860. 2:17:04इतना मनभावन था कि वह स्वतः ही शौर्य को
  2861. 2:17:07अपनी तरफ आकर्षित करने लगी। शौर्य भी एक
  2862. 2:17:10पल को हैरान था कि [संगीत] मालिनी खुराना
  2863. 2:17:12जैसी लड़की कैसे इतना सलीके से प्रभावशाली
  2864. 2:17:15तरीके से अपनी बात को कह रही है। मालिनी
  2865. 2:17:18खुराना की आवाज की मधुरता किसी को भी अपनी
  2866. 2:17:20तरफ आकर्षित करने में सक्षम थी। शौर्य समझ
  2867. 2:17:24नहीं पा रहा था कि वह कैसे मालिनी खुराना
  2868. 2:17:26से ना कहे। उसने टालने के मकसद से कहा,
  2869. 2:17:30मिस मालिनी, [संगीत]
  2870. 2:17:32मुझे अच्छा नहीं लग रहा है आपको मना करते
  2871. 2:17:33हुए। पर मैं अभी यह निर्णय लेने की स्थिति
  2872. 2:17:36में नहीं हूं। मैं समझ सकता हूं कि आप
  2873. 2:17:38अच्छी एक्टर होंगी क्योंकि आपका बात करने
  2874. 2:17:41का सलीका आपकी प्रतिभा को प्रदर्शित कर
  2875. 2:17:43रही है। मालिनी ने शौर्य की बात को सुना
  2876. 2:17:47तो उसके चेहरे पर थोड़ी परेशानी तो नजर आई
  2877. 2:17:50पर फिर अगले ही पल वह नॉर्मल हो गई और
  2878. 2:17:53उसने शौर्य से कहा सबसे पहले तो तुम मुझे
  2879. 2:17:56मिस मालिनी कहना बंद करो। तुम मुझे सीधा
  2880. 2:17:59मालिनी कह सकते हो और दूसरी बात मैं इतनी
  2881. 2:18:02जल्दी तुम्हारा पीछा नहीं छोड़ने वाली।
  2882. 2:18:04रत्नाकर शेट्टी ने इससे पहले मुझे बहुत
  2883. 2:18:07सारे नए लड़कों के पिक्चर दिखाए, मिलवाया
  2884. 2:18:09भी पर मुझे कोई भी इस हद तक पसंद नहीं आया
  2885. 2:18:12कि मैं उसके साथ काम कर सकूं और अब जाकर
  2886. 2:18:16मेरी तलाश तुम पर खत्म हुई है और तुम मेरे
  2887. 2:18:19साथ काम करने को तैयार नहीं हो। सो प्लीज
  2888. 2:18:22इट्स माय हम्ल रिक्वेस्ट। मैं पहली बार
  2889. 2:18:24अपनी पसंद के हिसाब से काम करना चाहती
  2890. 2:18:26हूं। इसलिए एक बार थोड़ी दरियादिल्ली
  2891. 2:18:29[संगीत] से मेरी रिक्वेस्ट पर विचार करना।
  2892. 2:18:31मलिनी खुराना ने अपनी बात समाप्त की ही थी
  2893. 2:18:34थी कि इसी समय वेटर ने आकर कुछ खाने की
  2894. 2:18:37चीज उसके टेबल पर सजा दी। शायद शौर्य के
  2895. 2:18:40आने से पहले ही मालिनी खुराना ने अपना
  2896. 2:18:42आर्डर दे रखा था। शौर्य मना करना चाहता
  2897. 2:18:45था। पर उससे पहले ही मालिनी बोल पड़ी
  2898. 2:18:48प्लीज खाने से मत मना करना। काम करना या
  2899. 2:18:50ना करना अपनी जगह है। लेकिन हम दोस्त तो
  2900. 2:18:53हो ही सकते हैं। तो इसलिए एक दोस्त के साथ
  2901. 2:18:56में बैठकर खाना तो खा ही सकते हैं। मालिनी
  2902. 2:18:59की बात सुनकर अब शौर्य से आगे कुछ बोलते
  2903. 2:19:02नहीं बना। वेटर ने साथ लाए हुए रेड वाइन
  2904. 2:19:05की बोतल को खोला और तीनों के सामने गिलास
  2905. 2:19:08में रेड वाइन डालने लगा। शौर्य महसूस कर
  2906. 2:19:10रहा था कि मालिनी में एक ऐसी चीज तो थी जो
  2907. 2:19:13किसी को भी अपनी तरफ आकर्षित कर सकती थी।
  2908. 2:19:16वह था उसका व्यवहार जो वह दूसरे के साथ
  2909. 2:19:19इतने पोलाइट होकर व्यवहार करती थी कि
  2910. 2:19:22सामने वाला चाहकर भी उसके विपरीत नहीं जा
  2911. 2:19:25सकता था। शौर्य को लगा अगर वह थोड़ी देर
  2912. 2:19:28मालिनी की बात को सुनता रहा तो वह यहां से
  2913. 2:19:31जाने से पहले उसकी मूवी में काम करने के
  2914. 2:19:34लिए तैयार होकर जाएगा। शौर्य बड़ी मुश्किल
  2915. 2:19:36से अपने आप को जज्ब किए हुए था। दूसरी तरफ
  2916. 2:19:40रत्नाकर शेट्टी को समझ नहीं आ रहा था कि
  2917. 2:19:42शौर्य इतने अच्छे ऑफर को मना क्यों कर रहा
  2918. 2:19:45है। जब तक शौर्य यहां नहीं आया था।
  2919. 2:19:47रत्नाकर शेट्टी यही सोच रहा था कि शौर्य
  2920. 2:19:50ने पहले भले ही उसे यह कह रखा था कि वह
  2921. 2:19:52आगे कोई एक्टिंग नहीं करने वाला। लेकिन
  2922. 2:19:55उसे लग रहा था इतने अच्छे ऑफर को पकड़
  2923. 2:19:58शौर्य मना कर ही नहीं पाएगा। पर वह शौर्य
  2924. 2:20:01के इस व्यवहार से हैरान था। वह सोच भी
  2925. 2:20:04नहीं सकता था कि शौर्य के जैसा कोई आदमी
  2926. 2:20:06इतने बड़े ऑफर को ठुकरा भी सकता है।
  2927. 2:20:08किस्मत उसके दरवाजे पर खड़ा था। पर
  2928. 2:20:10[संगीत] एक वह था जो अपना दरवाजा ही नहीं
  2929. 2:20:13खुल रहा था। इसे तो बेवकूफी कहना ही उचित
  2930. 2:20:15होगा। यह सोचकर रत्नाकर शेट्टी शौर्य से
  2931. 2:20:19बोला, मिस्टर श्रवण मुझे नहीं पता कि आपका
  2932. 2:20:22इस मूवी में काम नहीं करने के पीछे क्या
  2933. 2:20:25रीजन है। पर मैं यह समझ नहीं पा रहा कि आप
  2934. 2:20:27ऐसा क्यों कर रहे हैं। आप जानते हैं इस
  2935. 2:20:30काम को करने के बदले आपको कितने पैसे
  2936. 2:20:33[संगीत] मिल सकते हैं और आगे भी इस फिल्म
  2937. 2:20:35के बाद जो आपकी किस्मत चमकेगी तो आपको यह
  2938. 2:20:38छोटे-मोटे काम करने की जरूरत ही नहीं
  2939. 2:20:40[संगीत] पड़ेगी। जो कि अभी आप कर रहे हैं।
  2940. 2:20:42इसलिए मैं आपसे कहना चाहूंगा कि आप ऐसे
  2941. 2:20:45मौके को अपने हाथ से जाने मत दीजिए और आप
  2942. 2:20:48मिस मालिनी के ऑफर को स्वीकार कर लीजिए।
  2943. 2:20:51और मैं आपको एक बात कहूं इसमें मेरा अपना
  2944. 2:20:54भी एक बड़ा स्वार्थ है। मैं अभी तक ऐसे ऐड
  2945. 2:20:57फिल्मों को ही डायरेक्ट करता आया हूं। मैं
  2946. 2:20:59भी इस मूवी से फिल्म इंडस्ट्री में एक
  2947. 2:21:02डायरेक्टर के तौर पर कदम रखना चाहता हूं।
  2948. 2:21:05तो प्लीज आप मेरे लिए भी इस मूवी [संगीत]
  2949. 2:21:08में काम करने के लिए तैयार हो जाइए
  2950. 2:21:10क्योंकि मेरा भी करियर इस मूवी से बहुत हद
  2951. 2:21:13तक जुड़ा हुआ है। रत्नाकर शेट्टी की बात
  2952. 2:21:15को सुनकर शौर्य का मन किया कि वह अपना
  2953. 2:21:19माथा पीट ले। अब वह रत्नाकर शेट्टी को
  2954. 2:21:21कैसे बताएं कि उसके लिए पैसे कमाना हाथ के
  2955. 2:21:25मैल के जैसा है। अगर रत्नाकर शेट्टी को
  2956. 2:21:28डायरेक्टर ही बनना है तो वह उसके लिए
  2957. 2:21:30फिल्मों की लाइन लगा सकता है। पर शौर्य इस
  2958. 2:21:32समय ऐसा सिर्फ सोच ही सकता था, बोल नहीं
  2959. 2:21:35सकता था। पर इसी समय इस होटल में कोई ऐसा
  2960. 2:21:38भी था जिसकी आंखें शौर्य के ऊपर टिकी हुई
  2961. 2:21:41थी। वह उसकी हर एक हरकत को नोटिस कर रहा
  2962. 2:21:44था। अब आगे क्या होगा? शिप्रा मेघना के
  2963. 2:21:47साथ अपने घर से निकली और अपनी कार में
  2964. 2:21:50बैठकर मॉडल टाउन के लिए निकल ली। राजदीप
  2965. 2:21:53जी ने कहा भी था कि मेघना को तो यहां रहने
  2966. 2:21:56देती। उसको तुम अपने साथ क्यों ले जा रही
  2967. 2:21:58हो? तो मेघना ने जवाब दिया था। अंकल इसके
  2968. 2:22:02साथ तो मेरा थोड़ा मन बहल जाता है। नहीं
  2969. 2:22:04तो यहां तो मैं बोर ही हो जाऊंगी। इसके
  2970. 2:22:07बाद राजदीप जी भी कुछ बोल नहीं पाए।
  2971. 2:22:10[संगीत] जब शिप्रा की कार सदर बाजार से
  2972. 2:22:12गुजर रही थी। मेघना ने कहा चलो ना चलकर
  2973. 2:22:15कुछ खाते हैं। उसके बाद तो घर जाना ही है।
  2974. 2:22:18शिप्रा को भी मेघना की बात ठीक जान पड़ी।
  2975. 2:22:20इसलिए वह भी तैयार हो गई। इस समय शिप्रा
  2976. 2:22:23की कार होटल रीगल के सामने से गुजर रही
  2977. 2:22:26थी। इसलिए उसने अपनी कार को होटल रीगल की
  2978. 2:22:29ओर ही मोड़ दिया। शिप्रा ने कार को
  2979. 2:22:31पार्किंग में खड़ी किया और दोनों होटल
  2980. 2:22:34रीगल के रेस्टोरेंट एरिया की तरफ बढ़ गई।
  2981. 2:22:37दोनों जाकर एक खाली टेबल पर बैठ गई। इसी
  2982. 2:22:39समय मेघना की निगाह शौर्य पर पड़ गई जो कि
  2983. 2:22:43उसे इसी रेस्टोरेंट में एक अलग टेबल पर
  2984. 2:22:45बैठा नजर आया था। शौर्य इस समय रत्नाकर
  2985. 2:22:48शेट्टी और मालिनी के साथ बैठा अपनी बातों
  2986. 2:22:51में मशगुल था। मेघना उसी की ओर गौर से देख
  2987. 2:22:54रही थी। उसे यह उम्मीद नहीं था कि शौर्य
  2988. 2:22:57उसे यहां मिल जाएगा। पर अच्छी बात यह थी
  2989. 2:23:00कि शौर्य ने अभी तक उसको देखा नहीं
  2990. 2:23:03[संगीत] था। मेघना ने इशारे से शिप्रा को
  2991. 2:23:05उधर देखने के लिए कहा जिधर शौर्य बैठा हुआ
  2992. 2:23:08था। शिप्रा ने मेघना के इशारे की तरफ
  2993. 2:23:10देखा। शिप्रा भी शौर्य को यहां देखकर
  2994. 2:23:13हैरान रह गई। यह भी अच्छा [संगीत]
  2995. 2:23:15इत्तेफाक था कि वह दोनों इस होटल में खाने
  2996. 2:23:18के लिए आई और शौर्य यहां पहले से किसी और
  2997. 2:23:21के साथ [संगीत] टेबल पर बैठा कुछ खा रहा
  2998. 2:23:23था। शिप्रा ने जब शौर्य को किसी और लड़की
  2999. 2:23:26के साथ बैठे देखा तो उसे थोड़ा अजीब भी
  3000. 2:23:29लगा क्योंकि वह गौर कर रही थी कि वह अक्सर
  3001. 2:23:31शौर्य को किसी [संगीत] ना किसी नई लड़की
  3002. 2:23:33के साथ ही देखती है। अभी कुछ दिन पहले ही
  3003. 2:23:36वह श्रव्या के साथ घूम रहा था और आज फिर
  3004. 2:23:39एक नई लड़की के साथ शिप्रा ने उसे देखा।
  3005. 2:23:42उसने गौर [संगीत] से मालिनी की ओर देखा।
  3006. 2:23:44वह कभी पहले उससे मिली नहीं थी। इसलिए वह
  3007. 2:23:47मालिनी को जानती नहीं [संगीत] थी। पर उसकी
  3008. 2:23:49खूबसूरती कहीं ना कहीं शिप्रा को जेलस फील
  3009. 2:23:52करा रही थी। वह समझ नहीं पाई ऐसा क्यों हो
  3010. 2:23:55रहा है। वह ना चाहते हुए भी खुद की तुलना
  3011. 2:23:58मालिनी से करने लगी थी। मेघना भी गौर से
  3012. 2:24:01उन्हीं दोनों की तरफ देख रही थी। उसने
  3013. 2:24:04शौर्य से नजर हटाकर शिप्रा पर डालते हुए
  3014. 2:24:07कहा। क्या तुम शौर्य के साथ बैठी हुई उस
  3015. 2:24:09लड़की को जानती हो? शिप्रा इंकार में सर
  3016. 2:24:12हिलाते हुए कहा। नहीं मैं उसे नहीं जानती।
  3017. 2:24:16पर जो भी कहो लड़की खूबसूरत है। कहीं
  3018. 2:24:19श्रवण का उससे कोई चक्कर तो नहीं चल रहा
  3019. 2:24:21है। मेघना शरारत भरे स्वर में बोली शिप्रा
  3020. 2:24:25मेघना के इरादों को समझ रही थी। इसलिए
  3021. 2:24:27उसने उसका कोई जवाब नहीं दिया। पर उसकी
  3022. 2:24:30निगाह अभी भी मालिनी के ऊपर ही टिकी हुई
  3023. 2:24:33थी। क्या हुआ? कुछ बोलोगी नहीं। कहीं
  3024. 2:24:36तुम्हें श्रवण को किसी और लड़की के साथ
  3025. 2:24:38देखकर जलन तो नहीं हो रही है? मेघना शुरा
  3026. 2:24:42को जवाब देते ना देखकर दोबारा बोली। किसी
  3027. 2:24:45लड़की के साथ बैठे होने का यह मतलब तो
  3028. 2:24:47नहीं कि उसका उसके साथ कोई [संगीत] चक्कर
  3029. 2:24:49ही चल रहा है। वह किसी काम के कारण भी तो
  3030. 2:24:52साथ बैठे हो सकते हैं। तुम ज्यादा अपना
  3031. 2:24:54दिमाग मत चलाओ। बहन मैं तो तुम्हें आगाह
  3032. 2:24:58कर रही हूं कि अभी उसे अपने कंट्रोल में
  3033. 2:25:00कर लो। नहीं तो कहीं ऐसा [संगीत] ना हो कि
  3034. 2:25:03वह तुम्हारे हाथ से निकल जाए और तुम बस
  3035. 2:25:05यूं दूर से ही उसे देखते रह जाओ। अभी भी
  3036. 2:25:08मेघना शिप्रा को समझाने की पूरी कोशिश कर
  3037. 2:25:11रही थी। तुम्हें पता होना [संगीत] चाहिए
  3038. 2:25:13कि हमारे बीच अपनी बातें पहले ही स्पष्ट
  3039. 2:25:17हो चुकी हैं। वो किसके साथ क्या करता है
  3040. 2:25:20या नहीं करता उससे हमारा कोई मतलब नहीं।
  3041. 2:25:22बस हम एक दूसरे के फटे में टांग नहीं
  3042. 2:25:25फंसाएंगे। बस इसका ध्यान रखना है। इसके
  3043. 2:25:28बाद हमारे रिश्ते पर कोई फर्क नहीं पड़ने
  3044. 2:25:30वाला है। शिप्रा अपनी बात स्पष्ट करते हुए
  3045. 2:25:32बोली यानी उसका रिलेशन उसके सामने बैठी
  3046. 2:25:35लड़की से होगा तो भी तुम्हें चलेगा। तुम
  3047. 2:25:38यही कहना चाहती हो। मेघना शिप्रा की आंखों
  3048. 2:25:41में देखती हुई बोली तुम जबरदस्ती श्रवण का
  3049. 2:25:44रिश्ता किसी और के साथ जोड़ने की कोशिश मत
  3050. 2:25:46करो। साफ दिख रहा है उन दोनों के बीच में
  3051. 2:25:49ऐसा कुछ भी नहीं है। वह दोनों जरूर किसी
  3052. 2:25:52काम के कारण ही मिले हैं। शिप्रा मेघना को
  3053. 2:25:54भी और खुद को भी समझाते हुए बोली। शिप्रा
  3054. 2:25:58और मेघना ने शौर्य को देखने के बाद खुद को
  3055. 2:26:01इस स्थिति में कर लिया था कि शौर्य आसानी
  3056. 2:26:03से उसे देख ना पाए और वह उसे देखती रहे।
  3057. 2:26:07जब हम यहां है ही तो क्यों ना मैं उसे
  3058. 2:26:09जाकर मिलकर आऊं। इस तरह मुझे पता भी चल
  3059. 2:26:12जाएगा कि वह लड़की कौन है। मेघना शिप्रा
  3060. 2:26:15से अचानक बोल पड़ी। तुम्हें क्या जरूरत है
  3061. 2:26:17उनके बीच में जाने की? पता नहीं उनके बीच
  3062. 2:26:20कुछ जरूरी बातें हो रही होगी तो तुम क्यों
  3063. 2:26:22उसे डिस्टर्ब करना चाहती हो? शिप्रा मेघना
  3064. 2:26:25से प्रतिरोध करती हुई बोली। शिप्रा की बात
  3065. 2:26:28सुनकर मेघना बोली तुम्हें भले कोई फर्क
  3066. 2:26:30नहीं पड़ता हो पर मुझे फर्क पड़ता है। मैं
  3067. 2:26:33यह जानना चाहती हूं कि शौर्य का उस लड़की
  3068. 2:26:37से क्या संबंध [संगीत] है और यह जानने में
  3069. 2:26:40बुराई भी क्या है? कोई बुराई नहीं है। पर
  3070. 2:26:42कहीं उसे ऐसा ना लगे कि हम दोनों उसका
  3071. 2:26:45पीछा कर रहे हैं। क्योंकि हम यहां उसके
  3072. 2:26:47बाद ही आए हैं। अगर ऐसी बात उसके दिमाग
  3073. 2:26:49में आई तो वह हमारे बारे में क्या सोचेगा?
  3074. 2:26:51[संगीत]
  3075. 2:26:53शिप्रा ने अपना कंसर्न जताया। वह क्या
  3076. 2:26:56सोचता है यह मेरी हेडेक नहीं है। मुझे तो
  3077. 2:26:59बस जानना है कि वह लड़की कौन है। इसलिए
  3078. 2:27:02मैं तो जा रही हूं उसके पास। इतना बोलकर
  3079. 2:27:04मेघना अपनी जगह से खड़ी हो गई और शौर्य के
  3080. 2:27:07टेबल की तरफ पड़ गई। शिप्रा मेघना को
  3081. 2:27:10शौर्य के पास जाने से रोकना चाहती थी। पर
  3082. 2:27:12फिर अचानक ही उसने अपना इरादा बदल दिया।
  3083. 2:27:15वो बस अपनी सीट पर बैठी हुई मेघना को
  3084. 2:27:18शौर्य की तरफ बढ़ते देखती रही। मेघना
  3085. 2:27:20शौर्य के पास पहुंची और उसको आवाज देती
  3086. 2:27:23हुई बोली अरे श्रवण तुम यहां मुझे नहीं
  3087. 2:27:27पता था कि तुम मुझे यहां मिलोगे। शौर्य ने
  3088. 2:27:29जब यह आवाज सुना तो उसने मेघना की ओर
  3089. 2:27:31देखा। वह अब भी मेघना को यहां देखकर
  3090. 2:27:34आश्चर्य में था कि यह लड़की अचानक यहां
  3091. 2:27:37कैसे [संगीत] आ गई? अचानक कुछ सोचकर वह
  3092. 2:27:40अपनी नजर को पूरे हॉल में घुमाने लगा तो
  3093. 2:27:43उससे दूर एक टेबल पर शिप्रा नजर आ गई। वह
  3094. 2:27:46यह समझ रहा था कि अक्सर यह दोनों साथी
  3095. 2:27:48होती हैं। मैंने खुद नहीं सोचा था कि मेरी
  3096. 2:27:51मुलाकात तुमसे यहां होगी। कहो यहां कैसे
  3097. 2:27:54आना हुआ? शौर्य ने एक व्यवहारिक सवाल
  3098. 2:27:56किया। हम तो यहां खाना खाने आए थे। पर
  3099. 2:27:59तुमको यहां देख लिया इसलिए तुमसे मिलने आ
  3100. 2:28:01गए। तुम कहो तुम यहां क्या कर रहे हो?
  3101. 2:28:04मेघना का इरादा शौर्य से यह जानने का था
  3102. 2:28:07कि वह यहां क्यों और किस लिए बैठा है।
  3103. 2:28:10शौर्य अभी भली-भांति मेघना के मकसद को समझ
  3104. 2:28:13रहा था। पर वह अपनी तरफ से उसे कुछ बोलना
  3105. 2:28:16नहीं चाहता था। पर उसे मेघना को जवाब तो
  3106. 2:28:19देना था। इसलिए उसने कहा कुछ खास नहीं।
  3107. 2:28:22मिस्टर रत्नाकर शेट्टी [संगीत] और मिस
  3108. 2:28:24मालिनी के साथ हमारा मीटिंग था। उसी के
  3109. 2:28:27लिए आया हुआ था। फिर उसने शौर्य का परिचय
  3110. 2:28:30मालिनी से कराते हुए कहा यह मालिनी है।
  3111. 2:28:33मिस्टर सुधाकर खुराना की बेटी और यह
  3112. 2:28:36रत्नाकर शेट्टी। इनसे तो तुम शायद पहले भी
  3113. 2:28:39मिल चुकी हैं। शौर्य मेघना को याद दिलाते
  3114. 2:28:41हुए कहा, फिर मेघना की ओर देखते हुए
  3115. 2:28:44मालिनी से कहा, "तुमने शायद गार्सिया
  3116. 2:28:47ब्यूटी प्रोडक्ट के बारे में सुना होगा।"
  3117. 2:28:49वो इन्हीं का है। मालिनी को यह जानकर
  3118. 2:28:51आश्चर्य हुआ कि मेघना इतने बड़े ब्यूटी
  3119. 2:28:54प्रोडक्ट के कंपनी के सीईओ हैं। मालिनी
  3120. 2:28:58मेघना से हाथ मिलाते हुए बोली, तुमसे
  3121. 2:29:01मिलकर खुशी हुई। मुझे नहीं पता था कि
  3122. 2:29:03गशिया ब्यूटी प्रोडक्ट की सीईओ इतनी
  3123. 2:29:05खूबसूरत है और यंग भी मेघना को मालिनी का
  3124. 2:29:08बोलने का तरीका बहुत ही पसंद आया। पर वह
  3125. 2:29:11अभी भी मेघना के बारे में ज्यादा कुछ नहीं
  3126. 2:29:14जान पाई थी। पर उसे रत्नाकर शेट्टी के
  3127. 2:29:16बारे में याद आ गया था कि [संगीत] रत्नाकर
  3128. 2:29:19शेट्टी डायरेक्टर है। उन्होंने अभी कुछ
  3129. 2:29:21समय पहले ही शौर्य और नताशा कपूर को लेकर
  3130. 2:29:25एक ऐड बनाया था जो शायद कुछ दिनों में
  3131. 2:29:27लॉन्च भी होने वाली थी। मेघना ने सोचा
  3132. 2:29:30कहीं ऐसा तो नहीं कि मालिनी भी कोई मॉडल
  3133. 2:29:32हो। उसे अपना यह विचार जचा भी। दूसरी तरफ
  3134. 2:29:36शौर्य की बातें भी लगभग [संगीत] पूरी हो
  3135. 2:29:38गई थी। इसलिए वह उठते हुए बोला ऐसा है मिस
  3136. 2:29:41मालिनी। अभी तो मैं आपसे इजाजत चाहूंगा।
  3137. 2:29:44बाकी सोचता हूं आपका प्रपोजल के बारे में।
  3138. 2:29:46फिर आपको जवाब देता हूं। शौर्य के खड़े
  3139. 2:29:49होने पर मालिनी भी अपनी जगह पर खड़ी हो गई
  3140. 2:29:53और वह शौर्य से बोली। मुझे उम्मीद है कि
  3141. 2:29:56तुम मेरे प्रपोजल के बारे में गंभीरता से
  3142. 2:29:58सोचोगे। अगर तुम्हारी कोई डिमांड हो तो
  3143. 2:30:00तुम वह मुझे बता सकते हो। मैं तुम्हारी हर
  3144. 2:30:03डिमांड पूरा करने को तैयार हूं। पर प्लीज
  3145. 2:30:05[संगीत] तुम इस प्रपोजल के लिए मना मत
  3146. 2:30:08करना। शौर्य अजीब धर्म संकट में फंस गया
  3147. 2:30:11था। वह समझ नहीं पा रहा था कि वह मालिनी
  3148. 2:30:13को कैसे मना कर पाएगा। वह चलते चलते बोला।
  3149. 2:30:18ठीक है। मैं देखता हूं। जल्दी आपको जवाब
  3150. 2:30:20देता हूं। इतना कहकर वह मेघना के साथ
  3151. 2:30:23शिप्रा की ओर बढ़ गया। मेघना ने शौर्य और
  3152. 2:30:26मालिनी की जितनी बातें सुनी उसके आधार पर
  3153. 2:30:28उसने यह तो समझ लिया था कि मालिनी कोई काम
  3154. 2:30:32शौर्य से चाहती है जिसके लिए शौर्य तैयार
  3155. 2:30:35नहीं है। जबकि वह हर हाल में शौर्य के साथ
  3156. 2:30:38ही काम करना चाहती है। शौर्य के साथ
  3157. 2:30:41चलते-चलते मेघना यही सोच रही थी कि आखिर
  3158. 2:30:44इस लड़के में ऐसी क्या बात है जो सभी उसके
  3159. 2:30:47साथ काम करना चाहते हैं। पर मेघना [संगीत]
  3160. 2:30:49को अब तक यह नहीं समझ आया था कि मालिनी
  3161. 2:30:52आखिर शौर्य से किस तरह के प्रपोजल के बारे
  3162. 2:30:55में बात कर रही थी। इसलिए उसने चलते
  3163. 2:30:58[संगीत] चलते ही शौर्य से पूछा वो तुमसे
  3164. 2:31:00क्या काम कराना चाहती है जो तुमसे बहुत
  3165. 2:31:02रिक्वेस्ट कर रही थी? छोड़ो ना तुम क्या
  3166. 2:31:05करोगी यह जानकर? शौर्य मेघना की बात को
  3167. 2:31:08टालते हुए बोला। अब तक दोनों शिप्रा के
  3168. 2:31:11टेबल के पास पहुंच गए थे। शिप्रा ने जो
  3169. 2:31:13आर्डर दिए थे, वह उसके टेबल पर सर्व भी हो
  3170. 2:31:16गई थी। मेघना अपने टेबल पर बैठती हुई बोली
  3171. 2:31:19तुम भी बैठो और हमारे साथ कुछ खा भी लो।
  3172. 2:31:23मेघना की बात सुनकर शौर्य बोला अब और खाना
  3173. 2:31:26मेरे बस का नहीं है। मैं पहले ही फूल हो
  3174. 2:31:28रखा हूं। तुम खाओ। मेरा तो काम यहां हो
  3175. 2:31:31गया। इसलिए मैं अब तो यहां से चलूंगा। तुम
  3176. 2:31:33खाना खाने के बाद आ जाना। [संगीत] जाने की
  3177. 2:31:36इतनी जल्दी क्या है? थोड़ी देर हमारे साथ
  3178. 2:31:38भी बैठ जाओ। शिप्रा शौर्य की बात सुनकर
  3179. 2:31:41बोली। मुझे यहां बैठने में कोई दिक्कत
  3180. 2:31:44नहीं है। पर अभी मैं मालिनी के पास से
  3181. 2:31:46उठकर आया हूं और यहां बैठूंगा तो पता नहीं
  3182. 2:31:49वह क्या सोचेंगी। शौर्य एक नजर मालिनी और
  3183. 2:31:53रत्नाकर शेट्टी के टेबल की तरफ देखता हुआ
  3184. 2:31:55बोला। उसने गौर किया कि मालिनी अभी भी उसी
  3185. 2:31:58की तरफ देख रही हैं। उसने जल्दी से मेघना
  3186. 2:32:01और शिप्रा से कहा। वह मुझे घरे जा रही है।
  3187. 2:32:04इसलिए मैं यहां अगर थोड़ी देर और रुक गया
  3188. 2:32:07तो पता नहीं वह क्या सोचने लगे। मैं बाद
  3189. 2:32:10में मिलता हूं तुमसे। इतना कहकर शौर्य
  3190. 2:32:12बाहर की तरफ बढ़ गया। जबकि शिप्रा कभी
  3191. 2:32:15शौर्य की तरफ तो कभी मालिनी की [संगीत]
  3192. 2:32:18तरफ देख रही थी। मालिनी की निगाह अभी भी
  3193. 2:32:21शौर्य पर जमी हुई थी। जब तक कि वह होटल से
  3194. 2:32:23बाहर नहीं चला गया था। शौर्य के जाने के
  3195. 2:32:26बाद शिप्रा ने मेघना से पूछा तो कुछ पता
  3196. 2:32:29लगा पाई कि उन दोनों के बीच में [संगीत]
  3197. 2:32:31क्या संबंध है। यह तो नहीं पता। पर वह
  3198. 2:32:34लड़की मालिनी बार-बार शौर्य से अपने किसी
  3199. 2:32:37प्रपोजल के बारे में गंभीरता से सोचने को
  3200. 2:32:40कह रही थी। उसने तो उसे यहां तक कहा कि
  3201. 2:32:43उसकी जो भी डिमांड होगी वह उसको पूरी करने
  3202. 2:32:46की कोशिश करेंगी। अब आगे क्या होगा? शौर्य
  3203. 2:32:49के वहां से जाने के बाद मेघना शिप्रा के
  3204. 2:32:51साथ वाली चेयर पर बैठ गई। शिप्रा अभी भी
  3205. 2:32:54शौर्य के बारे में ही सोच रही थी कि उसके
  3206. 2:32:56शौर्य को रुकने के लिए कहने के बाद भी
  3207. 2:32:58शौर्य वहां रुका नहीं बल्कि वहां से चला
  3208. 2:33:01गया। उसको मालिनी की चिंता थी कि वह क्या
  3209. 2:33:05सोचेगी। उसके चेहरे पर थोड़े नागवारी के
  3210. 2:33:08भाव भी आया। जैसे मेघना आप दोनों की बात
  3211. 2:33:10करने से ऐसा लगा जैसे आप एक दूसरे के काफी
  3212. 2:33:13करीब हैं। इसीलिए [संगीत] मुझे आपका एक
  3213. 2:33:14फेवर चाहिए। मेघना को समझ नहीं आया कि
  3214. 2:33:18मालिनी उससे [संगीत] क्या चाहती है। उसने
  3215. 2:33:20मालिनी की बात सुनकर शिप्रा की ओर देखा।
  3216. 2:33:23शिप्रा के चेहरे [संगीत] पर भी यह जानने
  3217. 2:33:25की जिज्ञासा साफ छलक रही थी कि मालिनी
  3218. 2:33:28उससे किस तरह का फेवर चाहती है। मेघना ने
  3219. 2:33:31पूछ लिया कहिए मैं आपके लिए क्या कर सकती
  3220. 2:33:33हूं। मुझे नहीं पता कि आप मेरे लिए यह काम
  3221. 2:33:36कर पाएंगी कि नहीं। लेकिन मैं चाहती हूं
  3222. 2:33:39अगर आपसे यह पॉसिबल हो पाए तो आप जरूर
  3223. 2:33:42श्रवण को इसके लिए तैयार करने में हमारी
  3224. 2:33:44मदद करें। एक्चुअली मैं एक फिल्म बनाने जा
  3225. 2:33:48रही हूं जिसमें मुझे फिल्म के मेन लीड रोल
  3226. 2:33:51के लिए श्रवण चाहिए। पर वह तैयार नहीं हो
  3227. 2:33:54रहा है। अगर आप इस मामले में मेरी कोई
  3228. 2:33:56सहायता कर सके तो यह मेरे लिए अच्छा होगा।
  3229. 2:33:59मालिनी ने संकोच भरे स्वर में अपनी बात
  3230. 2:34:01कही। मालिनी की बात सुनकर मेघना को लगा कि
  3231. 2:34:05क्या श्रवण इतना बेवकूफ है जो वह इतने
  3232. 2:34:08अच्छे ऑफर को ठुकरा रहा है। [संगीत] उसे
  3233. 2:34:10बैठे-बठाए इतना अच्छा ऑफर मिल रहा है और
  3234. 2:34:13वह इसके लिए तैयार नहीं है? क्या वह
  3235. 2:34:15बेवकूफ है जो इतनी अच्छी ओपोरर्चुनिटी को
  3236. 2:34:18ठुकरा रहा है। अगर वह इस काम को करने को
  3237. 2:34:20तैयार हो जाता है तो फिल्म इंडस्ट्रीज में
  3238. 2:34:23उसके लिए अपार संभावनाएं खुल जाएंगी। अब
  3239. 2:34:27[संगीत] जाकर मेघना को समझ आया कि कुछ देर
  3240. 2:34:29पहले मालिनी ने अपने किस प्रपोजल के बारे
  3241. 2:34:32में श्रवण से विचार करने को कहा था।
  3242. 2:34:35मालिनी के प्रपोजल के बारे में जानकर
  3243. 2:34:37मेघना एक बार फिर से शिप्रा की ओर देखने
  3244. 2:34:39लगी। कमोबेश शिप्रा का विचार भी मेघना के
  3245. 2:34:43जैसी ही थी। उसे भी शौर्य का यह कदम
  3246. 2:34:45बेवकूफी भरा ही लगा। वह समझ रही थी कि अभी
  3247. 2:34:49जो शौर्य काम कर रहा है, उससे वह कितना ही
  3248. 2:34:51कमा लेगा। पर अगर वह एक बार किसी फिल्म
  3249. 2:34:54[संगीत] में हीरो बन जाता है तो उसके लिए
  3250. 2:34:56भविष्य में आसमान छूने के रास्ते खुल
  3251. 2:34:58जाएंगे। मालिनी ने जब मेघना और शिप्रा को
  3252. 2:35:01किसी सोच में डूबा देखा तो वह फिर से
  3253. 2:35:04मेघना से बोली क्या सोचने लगी आप? क्या आप
  3254. 2:35:08इस काम [संगीत] में मेरी कुछ मदद कर सकती
  3255. 2:35:10हैं? मालिनी की बात सुनकर मेघना होश में
  3256. 2:35:14आई और वह असमंजस भरे [संगीत] स्वर में
  3257. 2:35:17बोली। मैं यकीन से तो कुछ नहीं कह सकती पर
  3258. 2:35:21मैं आपके लिए कोशिश जरूर करूंगी। आपका
  3259. 2:35:23इतना करना ही मेरे लिए काफी है। हो सकता
  3260. 2:35:26है कि आपके प्रयास से वह मेरे प्रपोजल को
  3261. 2:35:29[संगीत] स्वीकार कर ले। मालिनी अपने चेहरे
  3262. 2:35:31पर मुस्कान लाती हुई बोली। मेघना को
  3263. 2:35:34मालिनी बहुत ही स्वीट लगी। वह मालिनी से
  3264. 2:35:37फॉर्मल होते हुए बोली हम दोनों लगभग एक ही
  3265. 2:35:40उम्र के हैं। इसलिए एक दूसरे को आप बोलने
  3266. 2:35:42से अच्छा है कि हम तुम कह कर ही संबोधन
  3267. 2:35:45करें।
  3268. 2:35:47मेरा खुद का भी यही मानना है। मालिनी खुश
  3269. 2:35:50होती हुई बोली, "मैं भी अपनी रिलेशन में
  3270. 2:35:52फ्रैंक रहना पसंद करती हूं। पर किसी से
  3271. 2:35:55पहली बार मिलने पर ज्यादा फ्रैंकनेस
  3272. 2:35:57दिखाने से भी कुछ लोगों को आपत्ति होने
  3273. 2:35:59लगती है। इसलिए जब तक सामने वाले का मिजाज
  3274. 2:36:02का पता ना चले, तब तक एक दायरा मेंटेन
  3275. 2:36:05करना जरूरी होता है। शिप्रा मालिनी की
  3276. 2:36:08समझदारी से बहुत प्रभावित हुई। वह कुछ और
  3277. 2:36:11जानने की जिज्ञासा में पूछ बैठी। यह तुम
  3278. 2:36:14किस तरह की फिल्म बनाने की बात कर रही हो
  3279. 2:36:17[संगीत] और उसमें दूसरे कौन आर्टिस्ट हैं?
  3280. 2:36:19मालिनी ने शिप्रा की ओर देखा। उसके चेहरे
  3281. 2:36:22पर शिप्रा को जानने की जिज्ञासा साफ झलक
  3282. 2:36:25रही थी। वो पहले से ही उसकी खूबसूरती से
  3283. 2:36:28प्रभावित थी। उसे शिप्रा का चेहरा कुछ
  3284. 2:36:30जाना पहचाना सा लग रहा था। उसे यकीन था कि
  3285. 2:36:34उसने पहले भी शिप्रा को कहीं देखा है। पर
  3286. 2:36:38उसे याद नहीं आ रहा था कि कहां। शिप्रा को
  3287. 2:36:41जवाब देने से पहले उसने शिप्रा से उसके
  3288. 2:36:43बारे में पूछा। क्या मैं तुम्हारा नाम जान
  3289. 2:36:46सकती हूं? पता नहीं क्यों? पर मुझे लगता
  3290. 2:36:49है कि मैंने तुम्हें पहले भी कहीं देखा
  3291. 2:36:51है। मालिनी की बात सुनकर मेघना बीच में
  3292. 2:36:54आती हुई बोली। इसका नाम शिप्रा है। शायद
  3293. 2:36:58तुमने पहले इसका कोई वीडियो देखा होगा।
  3294. 2:37:00इसलिए तुम्हें यह चेहरा जाना पहचाना लग
  3295. 2:37:02रहा है। मेघना की बात सुनते ही मालिनी को
  3296. 2:37:05याद आ गया कि उसने शिप्रा का कहां देखा
  3297. 2:37:08था। उसे शिप्रा के वायरल वीडियो का ध्यान
  3298. 2:37:10आ गया। वह आश्चर्य से बोली तो तुम वही
  3299. 2:37:14शिप्रा राय हो जिसकी शादी का वीडियो सोशल
  3300. 2:37:16मीडिया पर वायरल हुआ था। फिर अगले ही पल
  3301. 2:37:19मालिनी को एहसास हुआ कि वह क्या बोल रही
  3302. 2:37:22है। तो वह अफसोस भरे स्वर में गोली माफ
  3303. 2:37:25करना। मेरा तुम्हें हर्ट करने का कोई
  3304. 2:37:27इरादा नहीं था। शुक्ला ने जब मालिनी को
  3305. 2:37:30अफसोस करते देखा तो वह बोली ना ना इसमें
  3306. 2:37:33अफसोस करने की कोई बात [संगीत] नहीं है।
  3307. 2:37:35इसमें गलत क्या है? जो तुमने देखा वैसा सच
  3308. 2:37:38में हुआ था और मुझे उसका कोई अफसोस नहीं
  3309. 2:37:41है। तो फिर तुम क्यों अफसोस कर रही हो?
  3310. 2:37:43शिप्रा की बात सुनकर मालिनी आश्चर्य
  3311. 2:37:46[संगीत] से बोली ये तुम कैसी बात कर रही
  3312. 2:37:48हो? तुम्हारे साथ इतना बड़ा हादसा हुआ और
  3313. 2:37:52तुम कह रही हो तुम्हें उसका कोई अफसोस
  3314. 2:37:54नहीं है। मैं तुम्हारी हिम्मत की दाद देती
  3315. 2:37:56हूं। इतना सब होने के बाद भी तुम जैसी
  3316. 2:38:00हिम्मती लड़की ही मुस्कुरा सकती है। अच्छा
  3317. 2:38:03छोड़ो इन बातों को। तुम अपने बारे में
  3318. 2:38:05बताओ कि तुम किस तरह की फिल्म बनाने जा
  3319. 2:38:08रही हो। शिप्रा अपने बारे में हो रही
  3320. 2:38:11चर्चा को बदलते हुए बोली। शिप्रा की बात
  3321. 2:38:13सुनकर मालिनी बोली, एक्चुअली मुझे एक्टिंग
  3322. 2:38:16लाइन में बहुत इंटरेस्ट है। मैंने एक्टिंग
  3323. 2:38:19के फील्ड में जाने के लिए पहले [संगीत]
  3324. 2:38:21बड़े डायरेक्टर के साथ असिस्ट भी किया है।
  3325. 2:38:24एक्टिंग की बारीकियों को भी सीखा है।
  3326. 2:38:26इसीलिए मैं खुद को लेकर एक मूवी प्लान कर
  3327. 2:38:29रही हूं। बहुत समय से स्टोरी के हिसाब से
  3328. 2:38:32मूवी के लिए हीरो की तलाश में थी। बहुत
  3329. 2:38:35[संगीत] सारी एक्टर्स से मिली। बहुत सारे
  3330. 2:38:37चेहरे को देखा। पर जब मैंने श्रवण को देखा
  3331. 2:38:40तो मुझे [संगीत] लगा मेरी फिल्म की स्टोरी
  3332. 2:38:42के लिए श्रवण एकदम परफेक्ट है। इसलिए आज
  3333. 2:38:46मैंने उसे यहां बुलाया था। पर वो इसके लिए
  3334. 2:38:48तैयार नहीं हो रहा है। यही मेरी प्रॉब्लम
  3335. 2:38:50है। मालिनी ने अपनी मजबूरी बताई। शिप्रा
  3336. 2:38:54को यह जानकर आश्चर्य हुआ कि जिस फिल्म में
  3337. 2:38:57मालिनी शौर्य को हीरो के रूप में लेना
  3338. 2:38:59चाहती है, उस फिल्म की हीरोइन मालिनी ही
  3339. 2:39:02होने वाली है। मालिनी खूबसूरत थी। उसकी
  3340. 2:39:06बातें बड़ी [संगीत] प्यारी थी। शिप्रा को
  3341. 2:39:09समझ नहीं आ रहा था कि शौर्य क्यों उसकी
  3342. 2:39:12फिल्म में काम करने को तैयार नहीं था। अभी
  3343. 2:39:15[संगीत] कुछ दिन पहले तो उसने नताशा कपूर
  3344. 2:39:17के साथ एक ऐड में काम किया ही था। तो अब
  3345. 2:39:20उसे एक फिल्म में काम करने में क्या
  3346. 2:39:22दिक्कत है? बल्कि उसके लिए तो यह अच्छा ही
  3347. 2:39:24है। इससे उसे अच्छा एक्सपोज़र ही मिलेगा।
  3348. 2:39:28इधर जब शिप्रा इस विचार में खोई [संगीत]
  3349. 2:39:30हुई थी। उसी समय मेघना ने मालिनी से कहा
  3350. 2:39:34हम अपनी तरफ से पूरी कोशिश करेंगे कि
  3351. 2:39:35श्रवण तुम्हारी फिल्म में काम करने को
  3352. 2:39:37तैयार हो जाए। थैंक्स बस मैं तुमसे इतना
  3353. 2:39:41ही मदद चाहती हूं। मालिनी आभार प्रकट करते
  3354. 2:39:43हुए बोली इसी समय वेटर शिप्रा के पास
  3355. 2:39:46पहुंचा और पूछा आपको कुछ और [संगीत] भी
  3356. 2:39:48चाहिए मिस? तो शिप्रा ने जवाब दिया नहीं
  3357. 2:39:52बस हो गया। तुम जाकर बिल ले आओ। शिप्रा की
  3358. 2:39:55बात सुनकर वेटर वापस जाने लगा। तो [संगीत]
  3359. 2:39:57मालिनी ने उसको रोक कर कहा नहीं इसकी कोई
  3360. 2:40:00जरूरत नहीं है। तुम मैनेजर को बोल देना।
  3361. 2:40:02मैंने इनके बिल को वेव ऑफ करने के लिए
  3362. 2:40:04बुलाया। जी मेम इतना बोलकर वेटर वहां से
  3363. 2:40:07चला गया। शिप्रा समझ नहीं पाई कि मालिनी
  3364. 2:40:10उसके बिल को माफ कैसे करवा सकती है। इसलिए
  3365. 2:40:14वह हैरानी से मालिनी की ओर देखने लगी। जब
  3366. 2:40:16मालिनी [संगीत] ने शिप्रा को हैरान होकर
  3367. 2:40:19अपनी ओर देखते पाया तो वह बोली इसमें
  3368. 2:40:22हैरान होने वाली कोई बात नहीं है। यह होटल
  3369. 2:40:24मेरा ही है और अब तुम दोनों मेरी दोस्ती
  3370. 2:40:26हो गई है तो फिर हमारा यह होटल तुमसे पैसे
  3371. 2:40:29कैसे ले सकता है? शिप्रा यह जानकर और
  3372. 2:40:31आश्चर्यचकित रह गई कि मालिनी ही इस होटल
  3373. 2:40:34की मालिक है। उसने पूछा भी तुम ऑलरेडी
  3374. 2:40:37इतनी अच्छी बिजनेस में हो तो फिर तुम्हें
  3375. 2:40:39क्या जरूरत है हीरोइन बनने की? शिप्रा की
  3376. 2:40:43बात सुनकर मालिनी मुस्कुराई और बोली यह
  3377. 2:40:46होटल व्यवसाय मेरा पु्तैनी [संगीत] बिजनेस
  3378. 2:40:48है। पर मुझे पर्सनली एक्टिंग बहुत पसंद
  3379. 2:40:51है। मैं खुद को इस लाइन में प्रूफ करना
  3380. 2:40:54चाहती [संगीत] हूं। इसी कारण मैंने खुद का
  3381. 2:40:56प्रोडक्शन हाउस भी खोल लिया है। तुम सही
  3382. 2:40:59कह रही हो। भले ही तुम बिजनेस में सफल हो
  3383. 2:41:02पर इसका मतलब यह नहीं है कि तुम अपनी
  3384. 2:41:05इच्छा को मार दो। क्योंकि असली खुशी
  3385. 2:41:08तुम्हें अपने मन मुताबिक काम करके ही
  3386. 2:41:10मिलती है। मेघना मालिनी की तारीफ करती हुई
  3387. 2:41:13बोली जब लगभग दोनों की बातें पूरी हो गई
  3388. 2:41:16तो मेघना और शिप्रा अपने टेबल से उठती हुई
  3389. 2:41:19बोली ठीक है फिर अब हम दोनों इजाजत चाहते
  3390. 2:41:22हैं बाकी मिलते हैं फिर कभी। इतना बोलकर
  3391. 2:41:26मेघना वहां से निकलने की सोच ही रही थी कि
  3392. 2:41:28तभी कुछ याद आने पर उसने मालिनी से कहा
  3393. 2:41:32अरे यहां से जाने से पहले तुम अपना नंबर
  3394. 2:41:34तो दे दो [संगीत] ताकि आगे अगर मैं तुमसे
  3395. 2:41:36बात करना चाहूं तो तुम्हें कांटेक्ट करने
  3396. 2:41:38का कोई माध्यम तो हो। मालिनी को भी अपनी
  3397. 2:41:41गलती का एहसास हुआ। उसने तुरंत अपने पर्स
  3398. 2:41:45से एक विजिटिंग कार्ड निकालकर मेघना की ओर
  3399. 2:41:48बढ़ा दिया। इसके बाद मेघना ने भी अपना
  3400. 2:41:52कार्ड मालिनी की ओर बढ़ा दिया। अब जब
  3401. 2:41:54मेघना और शिप्रा वहां से निकलने वाले थे
  3402. 2:41:57कि तभी मालिनी ने दोबारा शिप्रा को रोकते
  3403. 2:42:00हुए कहा अगर तुम बुरा ना मानो तो क्या मैं
  3404. 2:42:03तुमसे एक पर्सनल सवाल कर सकती हूं? मालिनी
  3405. 2:42:07की बात सुनकर शिप्रा मालिनी की आंखों
  3406. 2:42:09[संगीत] में देखती हुई बोली इसमें बुरा
  3407. 2:42:11मानने की कोई बात नहीं है। तुम जो भी
  3408. 2:42:14जानना चाहती हो [संगीत] मुझसे पूछ सकती
  3409. 2:42:15हो। शिप्रा के चेहरे का कॉन्फिडेंस देखकर
  3410. 2:42:19मालिनी की हिम्मत बढ़ी और उसने शिप्रा से
  3411. 2:42:22पूछा मैं जानना चाहती हूं कि तुम्हारी उस
  3412. 2:42:25शादी का क्या हुआ जिसमें तुम्हारी शादी
  3413. 2:42:28जबरदस्ती एक भिखारी से कर दी गई थी।
  3414. 2:42:30मालिनी का सवाल सुनकर शिप्रा मुस्कुराई और
  3415. 2:42:33बोली मुझे इस सवाल से कोई परेशानी नहीं
  3416. 2:42:36होती। वैसे मैं तुम्हें बता दूं कि जिस
  3417. 2:42:38भिखारी से मेरी शादी हुई थी, वह अभी भी
  3418. 2:42:41मेरा पति है और मेरा आगे भविष्य में उससे
  3419. 2:42:44अलग होने का कोई इरादा भी नहीं है। अब
  3420. 2:42:47शिप्रा मालिनी को कैसे बताती कि वह जिस
  3421. 2:42:49भिखारी पति के बारे में बात कर रही है, वह
  3422. 2:42:52कोई और नहीं। वह श्रवण ही है जिसे वह अपनी
  3423. 2:42:55फिल्म का हीरो बनाना चाहती है। अगर मालिनी
  3424. 2:42:59को यह पता चल जाता कि श्रवण ही वह भिखारी
  3425. 2:43:01है जो शिप्रा का पति है तो पता नहीं उसके
  3426. 2:43:05बाद उसका क्या रिएक्शन होता। शिप्रा जानती
  3427. 2:43:08थी कि उसका जो वीडियो वायरल हुआ था उसमें
  3428. 2:43:10श्रवण भी था। पर उस फोटो को देखने के बाद
  3429. 2:43:14कोई भी आज के श्रवण को पहचान नहीं सकता।
  3430. 2:43:17क्योंकि उस शादी वाले वीडियो में श्रवण का
  3431. 2:43:19चेहरा घनी [संगीत] दाढ़ियों से ढका हुआ था
  3432. 2:43:22और कोई इमेजिन भी नहीं कर सकता था कि उन
  3433. 2:43:25दाढ़ियों को साफ करने के बाद उसके पीछे का
  3434. 2:43:27जो चेहरा निकल कर आया है वह ऐसा भी हो
  3435. 2:43:30सकता है। अब आगे क्या होगा? क्या मालिनी
  3436. 2:43:33को पता चलेगा? शौर्य होटल रीगल से निकलने
  3437. 2:43:36के बाद फिर होटल राजकमल के लिए ही अपनी
  3438. 2:43:39गाड़ी को बढ़ा दिया। उसके दिमाग में
  3439. 2:43:41मालिनी के प्रपोजल की ही बात चल रहा था।
  3440. 2:43:44वह निर्णय नहीं कर पा रहा था कि उसे क्या
  3441. 2:43:46करना [संगीत] चाहिए। वैसे तो उसका कोई भी
  3442. 2:43:49इरादा हीरो बनने का नहीं था। पर जितने
  3443. 2:43:51भरोसे के साथ और जितनी पोलाइटली मालिनी ने
  3444. 2:43:54उससे रिक्वेस्ट की थी, इस कारण शौर्य को
  3445. 2:43:57मना करते नहीं मना था। फिर भी कहीं ना
  3446. 2:44:00कहीं उसने अपने दिमाग में निश्चय कर लिया
  3447. 2:44:02था कि वह मालिनी से क्षमा के साथ इस
  3448. 2:44:05प्रपोजल के लिए मना कर देगा। इन्हीं
  3449. 2:44:07ख्यालों में गुम शौर्य अब [संगीत] भी कुछ
  3450. 2:44:10ही दूर गया था कि अचानक एक स्कर्पियो आकर
  3451. 2:44:12उसकी गाड़ी के आगे खड़ा हो गया। शौर्य को
  3452. 2:44:15मजबूरन अपनी गाड़ी का ब्रेक लगाना पड़ा।
  3453. 2:44:17गाड़ी रुकने के बाद शौर्य ने गौर किया कि
  3454. 2:44:20वह आबादी से दूर आ गया था। वह इलाका थोड़ा
  3455. 2:44:23सुनसान सा ही था। उसने [संगीत] देखा उसकी
  3456. 2:44:25गाड़ी के एकदम सामने ही वह स्कर्पियो
  3457. 2:44:28थोड़ा बैक होकर उसकी गाड़ी से सट कर खड़ा
  3458. 2:44:30हो गया। उसने सोचा वह अपनी गाड़ी को थोड़ा
  3459. 2:44:33पीछे करके फिर से आगे निकाल ले। अभी उसने
  3460. 2:44:36इतना सोचा ही था कि तभी उसने महसूस किया
  3461. 2:44:38कि उसके पीछे से भी आकर एक गाड़ी खड़ी हो
  3462. 2:44:40गई थी। शौर्य को एहसास हो गया कि किसी ने
  3463. 2:44:45जानबूझकर उसका रास्ता रोका है। वह अपनी
  3464. 2:44:48गाड़ी में बैठा सामने वाली गाड़ी से कोई
  3465. 2:44:51हरकत होने का इंतजार करने लगा। तभी उसने
  3466. 2:44:53देखा सामने वाली गाड़ी का दरवाजा खुला और
  3467. 2:44:56दो हट्टेकट्टे पहलवान जैसे [संगीत] आदमी
  3468. 2:44:59उस गाड़ी से बाहर आए और स्कर्पियो के पास
  3469. 2:45:02पीछे वाले हिस्से के पास आकर उससे टेक
  3470. 2:45:04लगाकर खड़े हो गए और बिना कोई हरकत किए वह
  3471. 2:45:07शौर्य की गाड़ी की तरफ देखते रहे। शौर्य
  3472. 2:45:10इंतजार करता रहा कि वे लोग उसके पास आकर
  3473. 2:45:13जरूर कोई हरकत करेंगे। पर उन दोनों बंदों
  3474. 2:45:16ने ऐसी कोई हरकत नहीं की। इसी अवस्था में
  3475. 2:45:195 मिनट गुजर गए। 10 मिनट गुजर गए। यहां तक
  3476. 2:45:21कि 15 मिनट भी गुजर गए। अब जाकर शौर्य का
  3477. 2:45:24पेशेंस जवाब देने लगा। उसे समझ नहीं आ रहा
  3478. 2:45:27था कि आखिर यह चल क्या रहा है। ना ही वह
  3479. 2:45:30दोनों बंदे उससे कुछ बोल रहे हैं ना ही
  3480. 2:45:33कोई हरकत कर रहे हैं। बस अपनी जगह पर खड़े
  3481. 2:45:36उसकी कार को देखे जा रहे हैं। आखिर थक हार
  3482. 2:45:39कर शौर्य अपनी कार से बाहर आया और सामने
  3483. 2:45:42खड़े उन दोनों आदमी के पास पहुंचा और उनसे
  3484. 2:45:45बोला क्या मैं जान सकता हूं कि तुम लोगों
  3485. 2:45:48ने मेरा रास्ता क्यों रोका हुआ है। शौर्य
  3486. 2:45:51की बात सुनकर उन दोनों में से एक आदमी ने
  3487. 2:45:53जमहाई लेते हुए कहा, चुपचाप जाकर अपनी कार
  3488. 2:45:57में बैठ जा और 5 मिनट इंतजार कर। तुम्हें
  3489. 2:46:01अपने सवाल का जवाब मिल जाएगा। शौर्य को
  3490. 2:46:03कुछ समझ तो आ नहीं रहा था। पर उसने सोचा
  3491. 2:46:06चलो जब इतनी देर इंतजार किया तो 5 मिनट और
  3492. 2:46:09सही। यह सोचकर वह वापस गया और अपनी सीट पर
  3493. 2:46:12जाकर बैठ गया। लगभग 5 मिनट बाद एक रेंज
  3494. 2:46:15रोवर आकर Scorpio के आगे खड़ा हो गया।
  3495. 2:46:18रेंज रोवर का दरवाजा खुला और उससे एक शख्स
  3496. 2:46:20बाहर आया और चलता हुआ शौर्य की कार के पास
  3497. 2:46:23पहुंचा और ड्राइविंग सीट के बगल वाला
  3498. 2:46:25दरवाजा खोलकर कार के अंदर आकर बैठ गया।
  3499. 2:46:28शौर्य बिना कोई हरकत किए उस शख्स को देखता
  3500. 2:46:31रहा। उस शख्स को देखकर शौर्य
  3501. 2:46:33[गला साफ़ करने की आवाज़] की भवन थोड़ी सी
  3502. 2:46:34तनी पर वह नॉर्मल भाव से उस शख्स के आगे
  3503. 2:46:37बोलने का इंतजार करता रहा। वह शख्स कोई और
  3504. 2:46:40नहीं प्रतीक राठौर था। शौर्य को प्रतीक के
  3505. 2:46:43यहां होने का कारण समझ में आ गया। वह समझ
  3506. 2:46:46गया कि जरूर प्रतीक मालिनी पर नजर रखता
  3507. 2:46:49होगा और शौर्य को मालिनी से मिलते देखकर
  3508. 2:46:52ही उसने उसका रास्ता रोकने की कोशिश की।
  3509. 2:46:55मुझे पहले यह समझ जाना चाहिए था कि ऐसी
  3510. 2:46:57हरकत तुम ही कर सकते हो। अब जब तुम यहां आ
  3511. 2:47:00ही गए हो तो बता भी दो कि चाहते क्या हो।
  3512. 2:47:04शौर्य प्रतीक के [संगीत] उसके बगल में बैठ
  3513. 2:47:06जाने के बाद बोला बहुत खूब। जब इतना समझ
  3514. 2:47:10गए कि ऐसी हरकत मैं ही कर सकता हूं तो फिर
  3515. 2:47:13तो तुम्हें यह भी समझ जाना चाहिए था कि
  3516. 2:47:15आखिर मैंने ऐसी हरकत क्यों की। प्रत्येक
  3517. 2:47:17[संगीत] सीक्रेट के पैकेट से एक सिगरेट
  3518. 2:47:19निकालते हुए बोला समझ तो गया [संगीत] हूं
  3519. 2:47:22पर मैं यह बात तुम्हारे मुंह से ही सुनना
  3520. 2:47:24चाहता हूं। शौर्य खिड़की का शीशा खोलते
  3521. 2:47:27हुए बोला लगता नहीं कि तुम मुझे अच्छे से
  3522. 2:47:30जानते हो। अगर नहीं जानते तो पहले मेरे
  3523. 2:47:33बारे में थोड़ी सी जानकारी इकट्ठा कर
  3524. 2:47:35लेना। उसके बाद ही मेरे रास्ते [संगीत]
  3525. 2:47:37में आने की कोशिश करना। अगर मुझे जानने के
  3526. 2:47:40बाद भी तुमने मेरे रास्ते में आने की
  3527. 2:47:42कोशिश की तो मैं समझ जाऊंगा कि तुम सही
  3528. 2:47:46मायने में मर्द हो। प्रतीक सिगरेट का कश
  3529. 2:47:49लेते हुए बोला तुम ऐसा क्यों नहीं करते कि
  3530. 2:47:53मैं जितना टाइम तुम्हें जानने के लिए बाहर
  3531. 2:47:55बर्बाद करूंगा उससे अच्छा होगा कि तुम
  3532. 2:47:57मुझे इसी पल अपने बारे में बता दो ताकि
  3533. 2:48:00मुझे तुम्हें जानने के लिए इधर-उधर धक्का
  3534. 2:48:03[संगीत] ना खाना पड़े। शौर्य प्रतीक की
  3535. 2:48:05तरफ देखते हुए बोला, आज मैंने तुम्हें
  3536. 2:48:08मेनका के साथ देखा। तुम ऐसा क्यों नहीं
  3537. 2:48:11करते कि तुम मेनका से ही मेरे बारे में
  3538. 2:48:12पूछ लेना। वह तुम्हें मेरे बारे में
  3539. 2:48:15ज्यादा बेहतर बताएंगी। प्रतीक भी उसके
  3540. 2:48:18चेहरे की तरफ देखते हुए बोला। चलो यह भी
  3541. 2:48:21ठीक है। अगर तुम ऐसा कहते हो तो मैं
  3542. 2:48:23तुम्हारे बारे में मेनका से ही पता कर
  3543. 2:48:26लूंगा। पर तुम अब भी मुझे यह तो बता दो कि
  3544. 2:48:29मैं तुम्हारे बारे में जानकर करूंगा क्या?
  3545. 2:48:31शौर्य इस तरह से अनजान बनते हुए पूछा जैसे
  3546. 2:48:35उसे समझ ना रहा हो कि उसे प्रतीक के बारे
  3547. 2:48:37में क्यों जानना चाहिए। क्या तुम सच में
  3548. 2:48:40इतने नादान हो जो तुम्हें समझ नहीं आया कि
  3549. 2:48:43मैंने तुम्हें क्यों [संगीत] रोका है?
  3550. 2:48:45शौर्य की बात को सुनकर प्रतीक शौर्य को
  3551. 2:48:48घूरते हुए बोला। फिर वह थोड़ा पोलाइट होकर
  3552. 2:48:51बोला, "तुम मालिनी के पास क्यों गए थे?
  3553. 2:48:54क्या मतलब हुआ? क्यों गया था? उसने मुझे
  3554. 2:48:56बुलाया [संगीत] था। इसलिए मैं गया था।
  3555. 2:48:58शौर्य लापरवाही से बोला क्यों बुलाया था?
  3556. 2:49:01प्रतीक ने अगला सवाल किया। वह चाहती है कि
  3557. 2:49:04मैं उसकी फिल्म में उसका हीरो बनूं। शौर्य
  3558. 2:49:07बोला। शौर्य की बात सुनकर प्रतीक ने पूछा
  3559. 2:49:11तो तुमने उसे क्या जवाब दिया? पथिक के
  3560. 2:49:13सवाल पर शौर्य को थोड़ी शरारत सूझी और
  3561. 2:49:16उसने कहा, "मैं क्या जवाब [संगीत] देता?"
  3562. 2:49:18कोई इतने अच्छे मौके को अपने हाथ से जाने
  3563. 2:49:21देता है तो मैं भी उसके लिए तैयार हो गया।
  3564. 2:49:24तैयार हो गए। प्रतीक शौर्य की बात को
  3565. 2:49:26रिपीट करता हुआ बोला। फिर उसने अपनी बात
  3566. 2:49:29को कंटिन्यू करते हुए कहा, कोई बात नहीं,
  3567. 2:49:32अगर तुम तैयार हो भी गए हो, तो अब तुम
  3568. 2:49:34उससे मना कर देना। उससे कह देना कि तुम
  3569. 2:49:37उसकी मूवी में काम नहीं कर सकते। पर मैं
  3570. 2:49:39ऐसा भला क्यों करूंगा? मैं इतने अच्छे ऑफर
  3571. 2:49:42को अपने हाथ से कैसे [संगीत] जाने दूंगा?
  3572. 2:49:44शौर्य बोला तुम इसलिए मना करोगे क्योंकि
  3573. 2:49:47मैंने तुम्हें ऐसा करने को कहा है।
  3574. 2:49:50तुम्हें मुझसे ज्यादा सवाल करने की जरूरत
  3575. 2:49:52नहीं है। अगर तुम अपनी भलाई चाहते हो तो
  3576. 2:49:55तुम वही करना जो मैं तुम्हें कह रहा हूं।
  3577. 2:49:58इस बार प्रतीक थोड़ा रोज भरे स्वर में
  3578. 2:50:01शौर्य से बोला। पर मेरे ऐसा करने से
  3579. 2:50:04तुम्हें क्या फायदा होगा? तुम क्यों मेरे
  3580. 2:50:06पेट पर लात मारने की कोशिश कर रहे हो? अगर
  3581. 2:50:08मैं उस फिल्म में काम नहीं करूंगा तो
  3582. 2:50:10मालिनी फिर किसी और को उसमें काम करने के
  3583. 2:50:13लिए साइन कर लेगी। शौर्य अपनी मजबूरी
  3584. 2:50:16जताते हुए बोला तुम्हें ज्यादा बकवास करने
  3585. 2:50:19की जरूरत नहीं है। जैसा मैंने कहा है वैसा
  3586. 2:50:21ही करना। इसी में तुम्हारी भुलाई है।
  3587. 2:50:24ज्यादा चालाक बनने की कोशिश करोगे तो ना
  3588. 2:50:26इधर के रहोगे ना उधर के रहोगे। मैं समझता
  3589. 2:50:30हूं तुम्हें अपने अच्छे बुरे की समझ तो
  3590. 2:50:32होगी ही। बाकी मेरे बारे में तुम मेनका से
  3591. 2:50:35जान लेना। इतना कहकर प्रतीक शौर्य की कार
  3592. 2:50:38से बाहर आया और अपनी कार में जाकर बैठ
  3593. 2:50:40गया। इसके बाद सारी गाड़ियां वहां से चली
  3594. 2:50:43गई। प्रतीक के वहां से जाने के बाद शौर्य
  3595. 2:50:47के चेहरे पर एक मुस्कुराहट खिल गई। अब
  3596. 2:50:49उसने मन ही मन निश्चय कर लिया कि अभी तक
  3597. 2:50:52वह जिस काम को करने की नहीं सोच रहा था,
  3598. 2:50:56अब वह उस काम को जरूर करेगा। यह सोचकर
  3599. 2:50:59उसने सीटी बजाते हुए अपने कार को स्टार्ट
  3600. 2:51:02किया और आगे बढ़ गया। थोड़ी देर बाद ही वह
  3601. 2:51:05होटल राजकमल में मेनका के पास बैठा हुआ
  3602. 2:51:08था। उसने मेनका को सारी बात बताई। उसकी
  3603. 2:51:11बात सुनकर मेनका ने कहा, चलो अच्छा ही है
  3604. 2:51:14जो तुमने पहले ही मालिनी को उसकी मूवी में
  3605. 2:51:17काम करने के लिए मना कर दिया। पर मेनका की
  3606. 2:51:19बात सुनकर शौर्य ने उससे कहा तुम गलत समझ
  3607. 2:51:22रही हो। मैंने पहले उसे मना तो कर दिया
  3608. 2:51:25था। पर अब मैंने सोच लिया है कि मैं उसकी
  3609. 2:51:27फिल्म में जरूर काम करूंगा। शौर्य की बात
  3610. 2:51:30सुनकर मेनका हैरानी से उसका चेहरा देखने
  3611. 2:51:33लगी और शौर्य को समझाते हुए बोली क्यों
  3612. 2:51:37उससे दुश्मनी लेने की कोशिश कर रहे हो? वह
  3613. 2:51:40सही आदमी [संगीत] नहीं है। उसे अगर पता
  3614. 2:51:42चलेगा कि तुम जानबूझकर उससे पंगे लेने की
  3615. 2:51:44कोशिश कर रहे हो तो फिर वह किसी भी हद
  3616. 2:51:47[संगीत] तक चला जाएगा। इसलिए तुम मेरी बात
  3617. 2:51:49मानो और इस पचरे में मत पड़ो। तुम फिर गलत
  3618. 2:51:52समझ [संगीत] रही हो। मैं उसके पचरे में
  3619. 2:51:55नहीं पड़ रहा बल्कि वह मेरे पचरे में पड़
  3620. 2:51:57रहा है। मैं तो जाने कब से इस पल का
  3621. 2:51:59इंतजार [संगीत] कर रहा था कि उसका और मेरा
  3622. 2:52:01सीधा सामना हो। अब मुझे मौका मिल गया है।
  3623. 2:52:04तो मैं पीछे हटने से तो रहा। मेनका समझ गई
  3624. 2:52:08कि शौर्य को अब समझाने का कोई फायदा नहीं
  3625. 2:52:11है क्योंकि जब उसने मन में ठान लिया है तो
  3626. 2:52:13वह कुछ भी कर ले। शौर्य पीछे नहीं हटेगा।
  3627. 2:52:16मेनका से बात होने के बाद शौर्य होटल
  3628. 2:52:19राजकमल से सीधा अपने घर पहुंचा। अभी उसे
  3629. 2:52:22घर आए ज्यादा समय नहीं हुआ था। वह आराम से
  3630. 2:52:25जाकर सोफे पर बैठ गया। शौर्य डाइनिंग
  3631. 2:52:28एरिया में ही बैठा हुआ था। गिरजा ने उसके
  3632. 2:52:31लिए चाय बनाकर अभी उसको दिया ही था कि तभी
  3633. 2:52:34वहां पर मेघना और शिप्रा भी आ गई थी। उन
  3634. 2:52:37दोनों को आया देखकर गिरजा ने उन दोनों से
  3635. 2:52:39भी पूछा। क्या आपके लिए भी चाय बना दूं?
  3636. 2:52:42तो शिप्रा ने शौर्य के सामने चाय की कप
  3637. 2:52:45देखकर कहा। जरूर दीदी मेरे लिए भी बना
  3638. 2:52:48दूं? शिप्रा की बात सुनकर गिरजा वहां से
  3639. 2:52:50चली गई तो मेघना और शिप्रा भी शौर्य के
  3640. 2:52:53पास ही बैठ गई। शौर्य के सामने बैठी मेघना
  3641. 2:52:56बात की शुरुआत करते हुए बोली मैंने सुना
  3642. 2:52:59कि मालिनी खुराना तुम्हें अपनी फिल्म में
  3643. 2:53:02लेना चाहती है। शौर्य को समझ नहीं आया कि
  3644. 2:53:05मेघना को यह बात कैसे पता है कि मालिनी
  3645. 2:53:08[संगीत] ने उसे क्या ऑफर किया था क्योंकि
  3646. 2:53:11उसके सामने यह स्पष्ट नहीं था कि मालिनी
  3647. 2:53:13उसे अपनी फिल्म में लेना चाहती है। तो फिर
  3648. 2:53:16यह बात मेघना को कैसे पता चली? इसका मतलब
  3649. 2:53:20जरूर उसके होटल रीगल से निकलने के बाद
  3650. 2:53:23मालिनी और मेघना की आपस में बातें हुई
  3651. 2:53:26होंगी। तभी उसे इस बारे में पता है। यह
  3652. 2:53:29सोचकर शौर्य ने मेघना से पूछा पर तुम्हें
  3653. 2:53:32कैसे पता है कि वह मुझे अपनी फिल्म में
  3654. 2:53:35लेना चाहती है। शौर्य की बात सुनकर मेघना
  3655. 2:53:38मुस्कुराने लगी। वह समझ गई कि शौर्य यह
  3656. 2:53:41समझ गया है कि उसके आने के बाद उसकी
  3657. 2:53:43मालिनी से बातें हुई होंगी। यह सोचकर
  3658. 2:53:45[संगीत] उसने कहा, "तुम समझ तो गए ही हो
  3659. 2:53:48कि मुझे कैसे पता।" पर मुझे यह नहीं समझ आ
  3660. 2:53:51रहा कि तुमने उसकी ऑफर को ठुकरा क्यों
  3661. 2:53:53दिया? तो तुम्हें यह भी पता है कि मैंने
  3662. 2:53:56उसकी ऑफर को [संगीत] ठुकड़ा दिया है। और
  3663. 2:53:58क्या क्या बताया उसने तुम्हें या और क्या
  3664. 2:54:01बातें हुई तुम्हारी उससे? शौर्य ने उससे
  3665. 2:54:04पूछा। मेघना ने शौर्य को उसके और मालिनी
  3666. 2:54:07के बीच में [संगीत] हुई बातों के बारे में
  3667. 2:54:09बताया। उसकी बात सुनने के बाद शौर्य सोच
  3668. 2:54:12में गुम हो गया कि उसे क्या करना [संगीत]
  3669. 2:54:14चाहिए। वैसे तो उसने निश्चय कर ही लिया था
  3670. 2:54:17कि उसको मालिनी की फिल्म में काम करना है।
  3671. 2:54:19पर उसे यह जानकर भी सुखद अनुभूति हुई कि
  3672. 2:54:23मालिनी कितनी डिटरमाइन थी कि शौर्य को उसे
  3673. 2:54:26अपनी फिल्म में लेना ही है। शौर्य अपनी
  3674. 2:54:28सोच से बाहर आया और मेघना की ओर देखकर
  3675. 2:54:31उससे पूछा तुम ही बताओ मुझे क्या करना
  3676. 2:54:34चाहिए? [संगीत]
  3677. 2:54:35क्या मुझे उसकी फिल्म में काम करनी चाहिए?
  3678. 2:54:37शौर्य का सवाल सुनकर मेघना बोली इसमें
  3679. 2:54:41इतना सोचने की क्या बात है? तुम्हें
  3680. 2:54:43[संगीत] इतना अच्छा मौका मिल रहा है और
  3681. 2:54:45तुम उसको ठुकरा रहे हो। तुम समझ भी पा रहे
  3682. 2:54:48हो अगर तुम इस काम को करते हो और थोड़ा भी
  3683. 2:54:51तुम्हारी किस्मत ने साथ दिया तो इस एक
  3684. 2:54:54मूवी के बाद ही तुम कितने बड़े स्टार बन
  3685. 2:54:57सकते हो। तो तुम्हारे विचार से मुझे
  3686. 2:54:59मालिनी खुराना के ऑफर को स्वीकार कर लेना
  3687. 2:55:02चाहिए। शौर्य मेघना की ओर देखते हुए बोला।
  3688. 2:55:05इधर शौर्य और मेघना के बीच मालिनी के ऑफर
  3689. 2:55:08को लेकर बातें हो रही थी। दूसरी तरफ
  3690. 2:55:10शिप्रा जो वहां बैठी उन दोनों की बातों को
  3691. 2:55:13सुन रही थी। उसके मन में भारी उथल-पुथल
  3692. 2:55:17मची हुई थी। उसे अच्छा नहीं लग रहा था कि
  3693. 2:55:19उसके वहां होने के बावजूद शौर्य उसको
  3694. 2:55:22इग्नोर कर मेघना से इस बारे में बात किए
  3695. 2:55:24जा रहा था और [संगीत] अपनी बातचीत के बीच
  3696. 2:55:26में उसकी राय लेना भी जरूरी नहीं समझ रहा
  3697. 2:55:29था। जबकि उसके लिए मेघना की बात ज्यादा
  3698. 2:55:32मायने रख रही थी। अब आगे क्या होगा? शौर्य
  3699. 2:55:36मेघना से मालिनी के प्रपोजल के बारे में
  3700. 2:55:39बात किया जा रहा था। पर वह इस बारे में
  3701. 2:55:41शिप्रा का क्या विचार है? यह जानने की कोई
  3702. 2:55:44कोशिश नहीं की। यह बात शिप्रा को बुरी लग
  3703. 2:55:47रही थी। उसे ऐसा लग रहा था जैसे शौर्य
  3704. 2:55:50जानबूझकर उसको इग्नोर कर रहा है। इसी बीच
  3705. 2:55:53शौर्य ने मेघना से पूछा था कि उसके ख्याल
  3706. 2:55:56से उसे क्या करना चाहिए? क्या उसको मालिनी
  3707. 2:55:59का प्रपोजल स्वीकार करना चाहिए या नहीं?
  3708. 2:56:02शौर्य के सवाल के जवाब में मेघना ने कहा,
  3709. 2:56:06"मेरे ख्याल से तो इसमें सोचने की [संगीत]
  3710. 2:56:08भी कोई जरूरत नहीं है। तुम्हें तो तुरंत
  3711. 2:56:10ही उसका प्रपोजल स्वीकार करना चाहिए था।"
  3712. 2:56:13[संगीत] मेघना का जवाब सुनकर जब शिप्रा से
  3713. 2:56:15रहा नहीं गया तो उसने कहा, तुम्हें क्यों
  3714. 2:56:18लगता है कि श्रवण को मालिनी के ऑफर को
  3715. 2:56:21स्वीकार करना चाहिए। अभी श्रवण अच्छा खासा
  3716. 2:56:24अपना जॉब कर रहा है। इस फिल्म को करने के
  3717. 2:56:27चक्कर में इसका यह जॉब भी चला जाएगा और
  3718. 2:56:29फिल्म लाइन का क्या भरोसा [संगीत]
  3719. 2:56:31यह जरूरी तो नहीं कि यह वहां सफल हो ही
  3720. 2:56:34जाएगा। अगर ऐसा नहीं होता है तो फिर यह
  3721. 2:56:38उधर से भी जाएगा और [संगीत] अपने काम से
  3722. 2:56:40भी। इसलिए मेरे ख्याल से तो इसे अपने काम
  3723. 2:56:43पर ही फोकस करना चाहिए ना कि मूवी में काम
  3724. 2:56:46करने के चक्कर में यह अपने जॉब से भी हाथ
  3725. 2:56:48धो ले। शिप्रा की बात सुनकर मेघना हैरान
  3726. 2:56:51होकर शिप्रा की ओर देखने लगी। अभी तक
  3727. 2:56:54शिप्रा की राय भी शौर्य के लिए यही था
  3728. 2:56:56[संगीत] कि उसे मालिनी के ऑफर को स्वीकार
  3729. 2:56:58कर लेना चाहिए। पर होटल से यहां आने के
  3730. 2:57:01बीच में ही उसका विचार बदल कैसे गया। यह
  3731. 2:57:04देखकर मेघना बोली यह तुम कैसी बात कर रही
  3732. 2:57:07हो? जब हम होटल [संगीत] में थे और हमारी
  3733. 2:57:10बात मालिनी से हो रही थी तब तो तुम्हें भी
  3734. 2:57:13ऐसा ही लग रहा था कि श्रवण को मालिनी के
  3735. 2:57:16ऑफर को स्वीकार कर लेना चाहिए। पर अब इतनी
  3736. 2:57:19देर में ही तुम्हारे विचार कैसे बदल गए?
  3737. 2:57:22मेरा कोई विचार नहीं बदला [संगीत] है। उस
  3738. 2:57:24समय मैं प्रैक्टिकल होकर नहीं सोच पाई थी।
  3739. 2:57:26इसीलिए उस समय मुझे भी यही लगा था कि यह
  3740. 2:57:29श्रवण के लिए एक अच्छा ऑफर है। पर अब मैं
  3741. 2:57:33जब थोड़ा प्रैक्टिकल होकर सोच रही हूं तो
  3742. 2:57:35मुझे लग रहा है कि ज्यादा पानी की चाहत
  3743. 2:57:37[संगीत] में कहीं ऐसा ना हो कि जो हमारे
  3744. 2:57:40पास है वो अभी खो जाए। बस इतनी सी बात है।
  3745. 2:57:43शिप्रा ने अपने विचार बदलने का रीज़न दिया।
  3746. 2:57:45अब तक गिरजा ने चाय लाकर शिप्रा और मेघना
  3747. 2:57:48दोनों के सामने रख दिया। दोनों ने अपनी
  3748. 2:57:51चाय को उठाया और एक-एक शिप लिया। मेघना ने
  3749. 2:57:54शिप्रा की बात को सुना पर वह उसकी बात से
  3750. 2:57:57कन्विंस नहीं हुई। उसे शिप्रा को देखकर
  3751. 2:57:59लगा कि जरूर इसके दिमाग में कुछ और ही चल
  3752. 2:58:02रहा है। कहीं यह मालिनी से जेलस तो नहीं
  3753. 2:58:04फील करने लगी और क्या बात हो सकती है।
  3754. 2:58:07शिप्रा के विचार को यूं बदलने का मेघना मन
  3755. 2:58:10ही मन सोच रही थी। मालिनी एक [संगीत]
  3756. 2:58:13खूबसूरत लड़की थी और जिस तरह से वह शौर्य
  3757. 2:58:16के बारे में बात कर रही थी या जितनी
  3758. 2:58:19शिद्दत से वह चाहती थी कि शौर्य उसकी मूवी
  3759. 2:58:22में काम करने को तैयार हो जाए यह बात
  3760. 2:58:26शिप्रा को कहीं ना [संगीत] कहीं परेशान कर
  3761. 2:58:28रही थी। उसे ऐसा फील हो रहा था कि जैसे
  3762. 2:58:31मालिनी जानबूझकर श्रवण के करीब जाने की
  3763. 2:58:34कोशिश कर रही है। अब शिप्रा के मन में यह
  3764. 2:58:36बात स्ट्रांगली घर करने लगी थी। श्रवण का
  3765. 2:58:39मालिनी की फिल्म में काम करना तो एक बहाना
  3766. 2:58:41था। वह बस जानबूझकर श्रवण के करीब जाना
  3767. 2:58:45चाहती है। आजकल शिप्रा किसी भी लड़की
  3768. 2:58:47[संगीत] को शौर्य के पास देखती थी तो उसके
  3769. 2:58:49मन में एक असुरक्षा की भावना आ जाती थी।
  3770. 2:58:53शिप्रा भी यह नहीं समझ पा रही थी कि ऐसा
  3771. 2:58:56क्यों हो [संगीत] रहा है। पर मेघना के
  3772. 2:58:58दिमाग में कुछ और ही चल रहा था। उसने
  3773. 2:59:01श्रवण को नताशा कपूर के साथ स्ट्रांग
  3774. 2:59:04एनर्जी ड्रिंक की ऐड में एक्टिंग करते
  3775. 2:59:06देखा था। उसे भी श्रवण में एक्टिंग करने
  3776. 2:59:08की गुंजाइश साफ दिख रही थी। बल्कि यह कहना
  3777. 2:59:12ज्यादा सही होगा कि वह खुद शौर्य की
  3778. 2:59:15एक्टिंग देखने [संगीत] के बाद उससे अच्छा
  3779. 2:59:17खासा प्रभावित हो गई थी। नताशा के साथ काम
  3780. 2:59:21करते देखकर ही शौर्य को लेकर उसके विचार
  3781. 2:59:23बदल गए थे। उसके बाद तो ऐसी [संगीत]
  3782. 2:59:25स्थिति थी कि अगर उसे यह नहीं पता होता कि
  3783. 2:59:28शौर्य शिप्रा का पति है तो वह खुद शौर्य
  3784. 2:59:31के लिए अपने दिल में एक खास जगह महसूस
  3785. 2:59:34[संगीत] करने लगती। यह सोच कर ही उसने
  3786. 2:59:36शिप्रा से कहा, "मुझे लगता है तुम कुछ
  3787. 2:59:38ज्यादा ही सोच [संगीत] रही हो।" तुमने
  3788. 2:59:40श्रवण की एक्टिंग नहीं देखी है। मैंने उसे
  3789. 2:59:42नताशा के साथ काम करते देखा है और मैं यह
  3790. 2:59:45पूरे यकीन के साथ कह सकती हूं कि श्रवण
  3791. 2:59:47में यह पोटेंशियल है कि वह एक सफल अभिनेता
  3792. 2:59:50बन सकता है। मेघना की बात सुनकर शिप्रा के
  3793. 2:59:54चेहरे पर नागवारी के भाव आए। वह श्रवण की
  3794. 2:59:57ओर देखने लगी। जैसे वह जानना चाहती हो कि
  3795. 2:59:59श्रवण क्या फैसला करता है। पर श्रवण
  3796. 3:00:02शिप्रा को पूरी तरह इग्नोर करते हुए मेघना
  3797. 3:00:05से बोला शायद तुम ठीक कह रही हो। मुझे
  3798. 3:00:08मालिनी के ऑफर को स्वीकार कर लेना चाहिए।
  3799. 3:00:10शायद ऐसे ही मेरी किस्मत बदल जाए। शिप्रा
  3800. 3:00:13को यह बात और बुरी लगी कि श्रवण ने अपना
  3801. 3:00:16फैसला करते हुए एक बार भी शिप्रा की तरफ
  3802. 3:00:19देखा तक नहीं। वह तो ऐसे शिप्रा को इग्नोर
  3803. 3:00:21किए हुए था जैसे वह वहां उसके लिए एकिस्ट
  3804. 3:00:24ही नहीं कर रही हो। जबकि शौर्य ऐसा
  3805. 3:00:27जानबूझकर कर रहा था। उसे लग रहा था कि अगर
  3806. 3:00:30वह ऐसे ही शिप्रा को इस तरह के मौके पर
  3807. 3:00:32इग्नोर करता रहेगा तो शायद वह उसकी अहमियत
  3808. 3:00:35को समझे। अभी भी वह शिप्रा के गुस्से को
  3809. 3:00:38साफ महसूस कर रहा था। वह यही तो चाहता था
  3810. 3:00:41कि प्यार से ना सही और गुस्से से ही सही
  3811. 3:00:44शिप्रा उस पर अपना हक जताए। एक पत्नी होने
  3812. 3:00:47का जो हक है इसका एहसास कराए। शायद इस तरह
  3813. 3:00:50से दोनों के बीच की दूरियां कुछ कम हो। पर
  3814. 3:00:53शौर्य महसूस कर रहा था कि जिस तरह से
  3815. 3:00:56शिप्रा के चेहरे का रंग बदल रहा था, कहीं
  3816. 3:00:59ऐसा ना हो कि वह उठकर ही वहां से चली जाए।
  3817. 3:01:03यह सोचकर कि शिप्रा वहां से चली ना जाए।
  3818. 3:01:06शौर्य शिप्रा की ओर देखते हुए बोला, वैसे
  3819. 3:01:09तुम ऐसा क्यों सोचती हो कि मैं फिल्म लाइन
  3820. 3:01:11में सफल नहीं हो पाऊंगा? सोचो अगर ऐसा हो
  3821. 3:01:14पाया तो मेघना सही कह रही है। मेरी तो
  3822. 3:01:17जिंदगी ही चेंज हो जाएगी। शौर्य ने बड़े
  3823. 3:01:20मौके पर शिप्रा से यह सवाल कर [संगीत]
  3824. 3:01:22दिया। नहीं तो शिप्रा वहां से उठकर जाने
  3825. 3:01:24ही वाली थी। पर जब उसने शौर्य को खुद से
  3826. 3:01:27बात करते देखा तो उसे थोड़ा सुकून आया। वह
  3827. 3:01:30शौर्य की आंखों में देखते हुए बोली ऐसा
  3828. 3:01:33नहीं है कि मैं ऐसा सोच रही हूं कि तुम
  3829. 3:01:35उसमें सफल नहीं हो पाओगे। पर एक पर्सन के
  3830. 3:01:38लिए मान लो कि अगर ऐसा कुछ हुआ तो फिर जो
  3831. 3:01:41तुम बड़ी मुश्किल से अपनी जिंदगी को पटरी
  3832. 3:01:43पर लाए हो फिर आगे चलकर मुश्किल में ना आ
  3833. 3:01:46जाए। बस मेरा यही कंसर्न था। शौर्य को
  3834. 3:01:50अच्छा लगा कि शिप्रा उसको लेकर अपना
  3835. 3:01:52कंसर्न दिखा रही है। वह यही तो चाहता है।
  3836. 3:01:56पर शौर्य ने तो पहले ही फैसला कर लिया था
  3837. 3:01:58कि वह मालिनी के ऑफर को स्वीकार करेगा
  3838. 3:02:01क्योंकि उसे इससे मतलब नहीं था कि वह
  3839. 3:02:03इसमें सफल होता है या नहीं होता है। उसे
  3840. 3:02:06तो बस प्रतीक से पंगा लेने का एक मौका मिल
  3841. 3:02:09रहा था और वह इस मौके को अपने हाथ से जाने
  3842. 3:02:13नहीं देना चाहता था। प्रतीक ने जिस तरह से
  3843. 3:02:15उसको रोक कर [संगीत] मालिनी से अलग रहने
  3844. 3:02:18के लिए कहा था उससे एक बात तो साबित हो
  3845. 3:02:20रही थी कि मालिनी प्रतीक के टारगेट में
  3846. 3:02:23थी। प्रतीक किसी ना किसी तरह से मालिनी से
  3847. 3:02:26कुछ [संगीत] चाहता था और जब उसे लगा कि
  3848. 3:02:28शौर्य उसके बीच में आ रहा है तो उसने
  3849. 3:02:31शौर्य को धमका कर उससे अलग करने की कोशिश
  3850. 3:02:34किया। जबकि प्रतीक [संगीत] की इसी बात ने
  3851. 3:02:37शौर्य को मालिनी के ऑफर को स्वीकार करने
  3852. 3:02:39के लिए प्रेरित किया। अपने मन में यह
  3853. 3:02:42फैसला करने के बाद शौर्य मेघना [संगीत]
  3854. 3:02:44और शिप्रा की ओर देखते हुए बोला, वैसे
  3855. 3:02:47मैंने फैसला कर लिया है कि मैं मालिनी की
  3856. 3:02:49मूवी में काम करूंगा। देखता हूं आगे
  3857. 3:02:51किस्मत मुझे किस ओर ले जाती है। शिप्रा को
  3858. 3:02:54अच्छा नहीं लगा कि आखिर शौर्य ने मेघना की
  3859. 3:02:57बात को ही माना। पर अब उसे कम से कम इतनी
  3860. 3:03:00तसल्ली थी कि शौर्य अब उसको इग्नोर नहीं
  3861. 3:03:03कर रहा। शौर्य ने शिप्रा को थोड़ा और
  3862. 3:03:06अच्छा फील कराने के लिए उससे कहा, "मैं
  3863. 3:03:09तुम्हारी कंसर्न को भी अच्छे से समझ रहा
  3864. 3:03:11हूं। शिप्रा। पर एक बात तो सही है कि अगर
  3865. 3:03:13कुछ अच्छा पाना है तो [संगीत] थोड़ा रिस्क
  3866. 3:03:15तो लेना पड़ेगा। शौर्य ने जो यह सीधी बात
  3867. 3:03:19शिप्रा से की इस बात से शिप्रा ने थोड़ा
  3868. 3:03:22और अच्छा फील किया। चलो अच्छी बात है। अगर
  3869. 3:03:26तुमने यह फैसला किया है तो मैं यही
  3870. 3:03:27चाहूंगी कि तुम अच्छे से यह काम करना।
  3871. 3:03:30शिप्रा शौर्य का हौसला बढ़ाते हुए बोली।
  3872. 3:03:33अब तक तीनों ने अपनी चाय को समाप्त कर
  3873. 3:03:35लिया था। इसी समय शौर्य का फोन बजने लगा।
  3874. 3:03:38उसने जब नंबर की तरफ ध्यान दिया तो उसने
  3875. 3:03:41देखा कि यह उसके दादाजी का कॉल था। अपने
  3876. 3:03:44दादाजी के कॉल को देखते ही शौर्य वहां से
  3877. 3:03:46उठ खड़ा हुआ और अपने कमरे की तरफ बढ़ गया।
  3878. 3:03:50शिप्रा के दिमाग में यह बात आया कि यह
  3879. 3:03:52किसका कॉल था? जो नंबर देखते ही शौर्य
  3880. 3:03:56वहां से उठकर अपने कमरे में चला गया।
  3881. 3:03:58दूसरी तरफ शौर्य ने अपने कमरे में पहुंचकर
  3882. 3:04:01अपने दादाजी के फोन को उठाया। वह जानता था
  3883. 3:04:04कि उसने कई दिनों [संगीत] से अपने दादाजी
  3884. 3:04:06को अपनी कोई खबर नहीं दी थी। इसलिए वह
  3885. 3:04:08उसको लेकर चिंतित जरूर होंगे। इसलिए शौर्य
  3886. 3:04:12फोन उठाते ही जल्दी से बोला प्रणाम दादा
  3887. 3:04:15जी आप कैसे हैं? कमबख्त मेरे फोन करने के
  3888. 3:04:18बाद तुमको यह पूछना ध्यान आया कि मैं कैसा
  3889. 3:04:21हूं? चंद्रभान जी नाराजगी भरे स्वर में
  3890. 3:04:23बोले नहीं दादा जी ऐसी कोई बात नहीं थी।
  3891. 3:04:26एक्चुअली इन दिनों मैं कुछ और दूसरे कामों
  3892. 3:04:28में उलझ गया था इसलिए आपको कॉल नहीं कर
  3893. 3:04:31पाया। शौर्य खेद प्रकट करते हुए बोला
  3894. 3:04:35अच्छा छोड़ इन बातों को पहले यह बता।
  3895. 3:04:38मैंने जो तुमको कहा था कि मुझे अपनी बहू
  3896. 3:04:40से मिलना है [संगीत] तो तुमने उसके लिए
  3897. 3:04:42क्या किया है? अगर तुमने जल्दी कुछ नहीं
  3898. 3:04:45किया तो मैं खुद जाकर उससे मिलूंगा और
  3899. 3:04:49तुम्हारी कोई बात नहीं सुनूंगा। चंद्रभान
  3900. 3:04:52जी शौर्य को वार्निंग देते हुए बोले शौर्य
  3901. 3:04:54सोच में पड़ गया। कि वह अपने दादाजी को
  3902. 3:04:57कैसे समझाएं कि अभी वह उनकी बहू को उनसे
  3903. 3:05:00मिलाने की स्थिति में नहीं है। पर फिर कुछ
  3904. 3:05:03सोचकर वह बोला दादा जी आपको सिर्फ अपनी
  3905. 3:05:06बहू को देखना है ना तो मैं इसकी व्यवस्था
  3906. 3:05:09कर सकता हूं। पर आपको यह वादा करना होगा
  3907. 3:05:11कि आप उसके सामने यह नहीं बताएंगे कि मेरा
  3908. 3:05:14आपका कोई रिश्ता है या आप मेरे दादाजी
  3909. 3:05:17हैं। कहिए आपको अगर यह कबूल है तो फिर मैं
  3910. 3:05:21आपको आपकी बहू से मिलाने की व्यवस्था कर
  3911. 3:05:23सकता हूं। बदमाश तुम मुझे ब्लैकमेल करने
  3912. 3:05:26की कोशिश कर रहे हो। यह कैसे संभव है कि
  3913. 3:05:29मैं अपनी बहू से मिलूंगा और उसे अपना
  3914. 3:05:31आशीर्वाद भी नहीं दे पाऊंगा। चंद्रभान जी
  3915. 3:05:34शौर्य को डांटते हुए बोले अगर आपको अपनी
  3916. 3:05:36बहू से मिलना है तो यही कंडीशन है। अगर
  3917. 3:05:39आपको मंजूर है तो बोलिए नहीं तो फिर
  3918. 3:05:42इंतजार करिए। शौर्य अभी हथियार डालने को
  3919. 3:05:45तैयार नहीं था। जब चंद्रभान जी ने महसूस
  3920. 3:05:48किया कि शौर्य इस कंडीशन के बिना उसे अपनी
  3921. 3:05:51बहू से मिलाने को तैयार नहीं होगा। तो
  3922. 3:05:53उन्होंने कहा ठीक है मैं तैयार हूं। बताओ
  3923. 3:05:56तुम उसे मुझसे कब मिलवा रहे हो? शौर्य ने
  3924. 3:05:59कहा अगर ऐसी बात है तो मैं आपको कल ही
  3925. 3:06:02उससे मिलवा दूंगा। पर आप याद रखिएगा आपने
  3926. 3:06:05जो बात अभी मुझसे प्रॉमिस किया है उस बात
  3927. 3:06:07का। हां हां समझ गया। अब बार-बार यह बोलकर
  3928. 3:06:11मुझे पकाओ मत। बस मुझे यह बताओ कि मैं
  3929. 3:06:14अपनी बहू [संगीत] से कहां मिलूंगा।
  3930. 3:06:15चंद्रभान जी जल्दबाजी दिखाते हुए बोले तो
  3931. 3:06:18फिर ठीक है कल डम्स इंडिया के स्ट्रांग
  3932. 3:06:21एनर्जी ड्रिंक की लॉन्चिंग पार्टी है।
  3933. 3:06:24आपको उस पार्टी में आना है। वहां आपकी बहू
  3934. 3:06:26भी आएगी। वहीं आप उससे मिल लीजिएगा। शौर्य
  3935. 3:06:30बोला डिम्स इंडिया का नाम सुनकर चंद्रभान
  3936. 3:06:33जी कुछ पल सोचते रहे। फिर उन्होंने कहा
  3937. 3:06:36क्या कहा तुमने? डिमim्स इंडिया। [संगीत]
  3938. 3:06:39इसमें शामिल होने के लिए तो मेरे पास पहले
  3939. 3:06:41से इनविटेशन आया हुआ है। चलो यह भी बढ़िया
  3940. 3:06:44है। पहले तो मैं इसमें आने की नहीं सोच
  3941. 3:06:46रहा था। पर अब जब मेरी बहू उस पार्टी में
  3942. 3:06:48आ रही है तो अब तो मैं जरूर आऊंगा। शौर्य
  3943. 3:06:51अपने दादाजी से बात करने के बाद फिर से
  3944. 3:06:54ड्राइंग रूम में वापस आ गया। शिप्रा और
  3945. 3:06:56मेघना अभी भी वहीं बैठी हुई थी। शायद वह
  3946. 3:06:59अभी भी शौर्य के वापस आने का इंतजार कर
  3947. 3:07:01रही थी। [संगीत] क्योंकि शौर्य बीच में
  3948. 3:07:04फोन आने के कारण वहां से उठकर चला गया था।
  3949. 3:07:07इसलिए वह दोनों उम्मीद कर रही थी कि बात
  3950. 3:07:10होने के बाद शौर्य वापस आएगा। शौर्य को
  3951. 3:07:13वापस आते देखकर मेघना शरारत भरे स्वर में
  3952. 3:07:16बोली ऐसा किसका फोन आ गया था जो उठकर यहां
  3953. 3:07:19से अपने कमरे में चले गए थे। कोई
  3954. 3:07:21गर्लफ्रेंड तो नहीं थी। शौर्य ऐसा उम्मीद
  3955. 3:07:23नहीं कर रहा था कि मेघना शिप्रा के सामने
  3956. 3:07:26उससे ऐसा सवाल करेंगी। इसका तो यह मतलब हो
  3957. 3:07:29सकता है कि शिप्रा ने उसे अपने और उसके
  3958. 3:07:32बीच के रिलेशन के बारे में सब कुछ बता
  3959. 3:07:34दिया होगा कि उन दोनों के बीच में क्या
  3960. 3:07:37कंडीशन निर्धारित हुई है। ऐसे हमारे नसीब
  3961. 3:07:40कहां कि कोई हमारी गर्लफ्रेंड बनेगी।
  3962. 3:07:43शौर्य भी मजाकिया लहजे में ही बोला। क्यों
  3963. 3:07:47झूठ बोल [संगीत] रहे हो? अगर तुम्हारी
  3964. 3:07:48गर्लफ्रेंड का फोन नहीं था तो फिर तुम
  3965. 3:07:50उठकर यहां से अपने कमरे में क्यों चले गए
  3966. 3:07:52थे? मेघना शौर्य की आंखों में देखती हुई
  3967. 3:07:56बोली। उठकर जाने का कारण यह था कि मैं
  3968. 3:07:59तुम्हारे सामने बात नहीं कर सकता था। पर
  3969. 3:08:01इसका यह मतलब तो नहीं हुआ कि मैं यहां से
  3970. 3:08:04उठकर गया था। तो अपनी गर्लफ्रेंड से फोन
  3971. 3:08:06पर बात करने गया था। एक्चुअली अभी जो फोन
  3972. 3:08:10मेरे पास आया था वह मेरे दादाजी का था। और
  3973. 3:08:13अभी हमारे [संगीत] बीच सब कुछ ठीक नहीं
  3974. 3:08:15है। इसलिए मैं पब्लिकली उनसे बात करने को
  3975. 3:08:17अवॉइड करता हूं। शौर्य बातें बनाते हुए
  3976. 3:08:20बोला। तुम्हारे दादाजी भी हैं। तो फिर वह
  3977. 3:08:23तुम्हारे साथ क्यों नहीं रहते? या तुम
  3978. 3:08:25उनके साथ क्यों नहीं रहते? मेघना यह जानकर
  3979. 3:08:28आश्चर्य से बोली कि शौर्य के दादाजी भी
  3980. 3:08:31हैं जिससे उसकी बातें [संगीत] भी होती
  3981. 3:08:33हैं। मेघना के मन में यह सवाल भी था कि
  3982. 3:08:36अगर शौर्य के दादाजी हैं तो वह उसके साथ
  3983. 3:08:39क्यों नहीं रहता या शौर्य उनके साथ क्यों
  3984. 3:08:42नहीं रहता? बताया तो कि हमारे बीच सब कुछ
  3985. 3:08:45सही नहीं है। इसलिए हम साथ नहीं रहते।
  3986. 3:08:48शौर्य टालने वाले भाव से बोला। इतना बोलकर
  3987. 3:08:51शौर्य [संगीत] ने अपने मोबाइल का डायल
  3988. 3:08:52नंबर स्क्रीन पर लाकर मेघना को दिखाया।
  3989. 3:08:55मेघना ने दिखा कि लास्ट रिसीव नंबर दादाजी
  3990. 3:08:59नाम से सेव था। शौर्य के मोबाइल का लास्ट
  3991. 3:09:01रिसीव नंबर देखकर मेघना को यकीन हुआ कि
  3992. 3:09:04शौर्य सही कह रहा था। दूसरी तरफ शिप्रा यह
  3993. 3:09:08जानना चाह रही थी कि क्या शौर्य सच में
  3994. 3:09:10मालिनी की मूवी में काम करने को तैयार हो
  3995. 3:09:13गया है? [संगीत] यह सोचकर उसने सस से पूछा
  3996. 3:09:16क्या तुमने फैसला कर लिया है कि तुम्हें
  3997. 3:09:18मालिनी की मूवी में काम [संगीत] करना है
  3998. 3:09:20या नहीं? नहीं। अब उस मामले में सोचने
  3999. 3:09:24समझने की जरूरत नहीं है। मैंने फाइनल कर
  4000. 3:09:26लिया है कि मुझे उसके साथ काम करना है।
  4001. 3:09:29शौर्य दृढ़ स्वर में बोला। शिप्रा यह
  4002. 3:09:32चाहती तो नहीं थी कि शौर्य मालिनी की मूवी
  4003. 3:09:34में काम करें। पर वह इसको लेकर शौर्य को
  4004. 3:09:37कुछ बोल नहीं सकती थी। पता नहीं क्यों। पर
  4005. 3:09:40मालिनी की खूबसूरती कहीं ना कहीं शिप्रा
  4006. 3:09:43के मन में थोड़ी असुरक्षा की भावना पैदा
  4007. 3:09:46कर रही थी। उसे लग रहा था कि मालिनी शौर्य
  4008. 3:09:48को उससे दूर [संगीत] ना कर दे। शिप्रा के
  4009. 3:09:50मन जब यह सब चल रहा था तो वह खुद अपनी सोच
  4010. 3:09:54पर हैरान थी कि वह इस बात को लेकर इतना
  4011. 3:09:57परेशान क्यों है। उसने तो खुद शौर्य से
  4012. 3:09:59कहा था कि उसका किसी लड़की के साथ रिलेशन
  4013. 3:10:01भी होता है तो उसे इस बात से कोई फर्क
  4014. 3:10:04नहीं पड़ेगा। पर अब उसके मन में मालिनी को
  4015. 3:10:07लेकर असुरक्षा की भावना क्यों आ रही है?
  4016. 3:10:10वह खुद ही अपनी बेचैनी को नहीं समझ पा रही
  4017. 3:10:12थी। शौर्य की जब बातें समाप्त हो गई तो वह
  4018. 3:10:15मेघना और शिप्रा को यह बोलकर कि वह अपने
  4019. 3:10:17कमरे में जा रहा है। वहां से चला गया। अब
  4020. 3:10:20शिप्रा और मेघना वहां अकेले रह गई। मेघना
  4021. 3:10:24बहुत कुछ शिप्रा के मन के भाव को समझ रही
  4022. 3:10:26थी। इसलिए उसने शौर्य के वहां से जाने के
  4023. 3:10:29बाद शिप्रा से पूछा। मुझे ऐसा क्यों लग
  4024. 3:10:32रहा था कि तुम नहीं चाहती थी कि श्रवण
  4025. 3:10:34मालिनी की मूवी में काम करें। मेघना की
  4026. 3:10:37बात सुनकर शिपरा मेघना का चेहरा देखने लगी
  4027. 3:10:40और उससे नजर चुराते हुए बोली मैं भला ऐसा
  4028. 3:10:44क्यों चाहूंगी मैं कोई श्रवण की दुश्मन
  4029. 3:10:46थोड़ी हूं तुम बोल कुछ रही हो और तुम्हारा
  4030. 3:10:49चेहरा कुछ और कह रहा है मेघना शिप्रा की
  4031. 3:10:52आंखों में देखते हुए बोली पता नहीं तुम
  4032. 3:10:55क्या बोले जा रही हो ऐसा कुछ भी नहीं है
  4033. 3:10:58समझे शिप्रा ऐसा बोल तो रही थी पर उसकी
  4034. 3:11:01आवाज में कॉन्फिडेंस नहीं था तुम कितनी भी
  4035. 3:11:04इस तरह की बातें कर लो पर तुम्हारा चेहरा
  4036. 3:11:06चेहरा कुछ और ही कह रहा है। तुम मान क्यों
  4037. 3:11:09नहीं लेती? मेघना गंभीरता से बोली। मेघना
  4038. 3:11:12की इस तरह की बातें सुन शिपरा बगले झांकने
  4039. 3:11:15लगी। वह हार कर बोली। तुम जो कह रही हो वह
  4040. 3:11:19सच है। पता नहीं क्यों पर मुझे श्रवण का
  4041. 3:11:22मलिनी के साथ काम करना ठीक नहीं लग रहा
  4042. 3:11:24है। कहीं तुम्हें श्रवण से प्यार तो नहीं
  4043. 3:11:26हो गया। मेघना मुस्कुराती हुई बोली। मेघना
  4044. 3:11:31की बात सुनकर शिप्रा फिर से भड़कते हुए
  4045. 3:11:33बोली तुम्हें तो पता नहीं हमेशा यही क्यों
  4046. 3:11:37लगता है कि मुझे श्रवण से प्यार हो गया।
  4047. 3:11:40ऐसा तुम्हारी हरकत के कारण ही लगता है।
  4048. 3:11:42मेघना तंज भरेश्वर में बोली अब जाकर शिपला
  4049. 3:11:46ने मेघना की बात के जवाब में कुछ नहीं
  4050. 3:11:48कहा। [संगीत] वह भावहीन चेहरे के साथ बस
  4051. 3:11:51मेघना को देखती रही। दूसरी तरफ शौर्य अपने
  4052. 3:11:54कमरे में पहुंचा। वह मालिनी को अपने फैसले
  4053. 3:11:57से अवगत करा देना चाहता था। इसीलिए उसने
  4054. 3:12:00अपने कमरे में पहुंचकर दरवाजा बंद कर
  4055. 3:12:02लिया। वह सोचने लगा कि क्या अभी मालिनी से
  4056. 3:12:05बात करना सही होगा। फिर खुद ही उसका सर
  4057. 3:12:08इंकार में हिलने लगा। तभी उसे ध्यान आया
  4058. 3:12:10कि वह क्यों ना रत्नाकर शेट्टी से इस बारे
  4059. 3:12:14में बात कर ले। यह सोचकर उसने अपना मोबाइल
  4060. 3:12:17निकाला और रत्नाकर शेट्टी का नंबर डायल
  4061. 3:12:20करने लगा। थोड़ी देर बाद ही दूसरी तरफ से
  4062. 3:12:22फोन उठाया गया और उसके कानों में रत्नाकर
  4063. 3:12:25शेट्टी की आवाज पड़ी और मिस्टर सर्ववन
  4064. 3:12:28कहिए कैसे [संगीत] याद किया? शौर्य
  4065. 3:12:30रत्नाकर शेट्टी की बात सुनकर बोला मिस्टर
  4066. 3:12:33शेट्टी मैं कल सुबह आपसे मिलना चाहता हूं।
  4067. 3:12:37शौर्य की इस बात को सुनकर रत्नाकर शेट्टी
  4068. 3:12:39खुश होता हुआ बोला जरूर। [संगीत] मिस्टर
  4069. 3:12:42श्रवण कहिए मैं आपसे मिलने कहां आ जाऊं?
  4070. 3:12:45नहीं आपको आने की कोई जरूरत नहीं है
  4071. 3:12:46मिस्टर शेट्टी। मैं ही सुबह 9:00 बजे आपके
  4072. 3:12:49पास होटल रेगल में आता हूं। बाकी बातें
  4073. 3:12:52वहीं पर होंगी। पर हां, आप सुबह मिस
  4074. 3:12:55मालिनी को भी बुला लीजिएगा। मैं चाहता हूं
  4075. 3:12:58उनके सामने ही सारी बात हो जाए। शौर्य
  4076. 3:13:00बोला, शौर्य की बात सुनकर रत्नाकर शेट्टी
  4077. 3:13:03को उम्मीद बंधी कि शौर्य उसकी मूवी
  4078. 3:13:05[संगीत] में काम करने को तैयार हो गया
  4079. 3:13:07होगा। अब आगे क्या होगा? हंसल मेहता की
  4080. 3:13:10पार्टी में क्या गुल खेलेगा। दूसरे दिन
  4081. 3:13:12शौर्य समय से होटल रिगल पहुंच गया। जहां
  4082. 3:13:15रत्नाकर शेट्टी पहले से ही उसका इंतजार कर
  4083. 3:13:18रहा था। मालिनी अभी आई नहीं थी इसलिए
  4084. 3:13:21रत्नाकर शेट्टी अकेला ही बैठा शौर्य का
  4085. 3:13:24इंतजार कर रहा था। जब शौर्य पहुंचा तो
  4086. 3:13:28उसने रत्नाकर शेट्टी को अकेले देखकर कहा,
  4087. 3:13:31"क्या बात है शेट्टी साहब, आप तो अकेले
  4088. 3:13:34हैं। मिस मालिनी कहीं दिख नहीं रही है।"
  4089. 3:13:36वह भी बस पहुंचने ही वाली होंगी। [संगीत]
  4090. 3:13:39अभी थोड़ी देर पहले मेरी उनसे बात हुई थी
  4091. 3:13:42जब वह रास्ते में थी। रत्नाकर शेट्टी
  4092. 3:13:44शौर्य की बात सुनकर बोला और बताइए आपका
  4093. 3:13:48बाकी सब कैसा चल रहा है? शौर्य ने रत्नाकर
  4094. 3:13:52शेट्टी का हालचाल लेते हुए पूछा। आप जैसे
  4095. 3:13:55लोगों की कृपा से सब बढ़िया है? [संगीत]
  4096. 3:13:57आप बताइए आप अपने ऐड के शूट कब शुरू करने
  4097. 3:14:00की सोच रहे हैं? रत्नाकर शेट्टी काम की
  4098. 3:14:03बात पर आते हुए बोला। देखिए आज ही पता चल
  4099. 3:14:07जाएगा। आज जब नताशा कपूर शाम की पार्टी
  4100. 3:14:10में आएंगी तो उनसे बात करके आ गए। मालिनी
  4101. 3:14:14शौर्य का धन्यवाद करते हुए बोली। इसके बाद
  4102. 3:14:17अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए बोली आपने
  4103. 3:14:20मेरे प्रपोजल के बारे में क्या सोचा
  4104. 3:14:22मिस्टर सरवन? शौर्य कुछ पल मालिनी की बात
  4105. 3:14:25सुनकर सोचता रहा। फिर वह अपनी सोच से बाहर
  4106. 3:14:29आते हुए बोला। मैं आपको अपना जवाब दूं।
  4107. 3:14:32उससे पहले मैं आपसे कुछ पूछना चाहता हूं।
  4108. 3:14:35मालिनी ने जब शौर्य को ऐसे बात करते देखा
  4109. 3:14:37तो उसे समझ नहीं आया कि श्रवण आखिर उससे
  4110. 3:14:41और क्या जानना चाहता है। यह देखकर मालिनी
  4111. 3:14:44शौर्य से बोली ठीक है पूछो तुम क्या पूछना
  4112. 3:14:48चाहते हो? यह प्रतीक [संगीत] कौन है और
  4113. 3:14:51आपका उससे क्या रिश्ता है? शौर्य मालिनी
  4114. 3:14:54की आंखों में देखते हुए बोला। मालिनी को
  4115. 3:14:56समझ नहीं आया कि शौर्य प्रतीक के बारे में
  4116. 3:14:59क्यों पूछ रहा है। उसको क्या जरूरत है
  4117. 3:15:02उसके पर्सनल में आने की। यह सोचकर उसने
  4118. 3:15:05शौर्य से सवाल किया। क्या मैं जान सकती
  4119. 3:15:08हूं कि तुम [संगीत] प्रतीक के बारे में
  4120. 3:15:11क्यों पूछ रहे हो? जरूर जान सकती हो।
  4121. 3:15:14दरअसल जब मैं कल यहां से निकला था, उसके
  4122. 3:15:17बाद रास्ते में मुझे प्रतीक ने अपने
  4123. 3:15:19[संगीत] कुछ कुन्नों के साथ घेर लिया था
  4124. 3:15:21और मुझे वार्निंग देकर छोड़ा कि मैं आगे
  4125. 3:15:24से तुमसे ना मिलूं। काम करने की तो बात ही
  4126. 3:15:27दूर है। शौर्य ने वह खुश होकर बोले, थैंक
  4127. 3:15:31यू। थैंक यू सो मच।
  4128. 3:15:34थैंक यू। मुझे बोलने की जरूरत नहीं है।
  4129. 3:15:37अगर तुमको किसी को थैंक यू बोलना ही है तो
  4130. 3:15:39तुम मेघना को बोल देना। क्योंकि मैं तो
  4131. 3:15:42[संगीत] पहले मना ही कर रहा था पर सोच ही
  4132. 3:15:45रहा था कि तभी उसकी निगाह बगल वाली चेयर
  4133. 3:15:48पर पहले से बैठे इस शख्स पर पड़ा जो कोई
  4134. 3:15:51और नहीं हर्षल मेहता था। शौर्य ने हर्षल
  4135. 3:15:55मेहता को यहां देखा तो उसने उनसे पूछा
  4136. 3:15:58अरे मेहता साहब आप यहां आज तो स्ट्रांग
  4137. 3:16:02एनर्जी ड्रिंक की इनोग्रल पार्टी है। आपको
  4138. 3:16:05तो अभी सनशाइन होटल में पार्टी की
  4139. 3:16:07तैयारियों में लगे होना चाहिए था। आप उसकी
  4140. 3:16:10चिंता ना करें। मिस्टर श्रवण सारी
  4141. 3:16:12तैयारियां अच्छे से हो गई हैं। बाकी मेरी
  4142. 3:16:14बेटी [संगीत] देख रही हैं। हर्षल मेहता
  4143. 3:16:17आश्वासन भरे स्वर में बोला। अगर ऐसा है तो
  4144. 3:16:20बढ़िया है। शौर्य आश्वस्त होते हुए बोला,
  4145. 3:16:25मिस्टर श्रवण मैंने वहां मीडिया को भी
  4146. 3:16:27आमंत्रित किया हुआ [संगीत] है। अगर आप
  4147. 3:16:29कहेंगे तो आपके बारे में भी यह प्रेस
  4148. 3:16:31रिलीज कर दिया जाएगा कि अब इस [संगीत]
  4149. 3:16:34कंपनी के 90 हार्ड शेयर के मालिक आप हैं।
  4150. 3:16:37अगर ऐसा है तो आप विक्रम को ही फ्रंट पर
  4151. 3:16:40रखिएगा। अभी मेरा नाम सामने नहीं आना
  4152. 3:16:44चाहिए। शौर्य की बात सुनकर हंसल मेहता
  4153. 3:16:47आश्वस्त हुआ। उन्होंने शौर्य से कहा, मैं
  4154. 3:16:50भी अब निकलने वाला ही हूं। पार्टी शुरू
  4155. 3:16:52होने से पहले तो मैं पहुंच ही जाऊंगा। फिर
  4156. 3:16:55भी आपके यहां होने का कोई खास मकसद है
  4157. 3:16:58क्या? शौर्य हंसल मेहता के यहां होने का
  4158. 3:17:01कारण जानना चाहता था। हां, वह जो हम नया
  4159. 3:17:04फर्म को रजिस्टर करने जा रहे हैं। उसी से
  4160. 3:17:07संबंधित कुछ फॉर्मेलिटी थी जिसके लिए मेरा
  4161. 3:17:09यहां आना हुआ। हर्षल मेहता ने कहा बाद
  4162. 3:17:12शौर्य को समझ में आया। [संगीत] उसने देखा
  4163. 3:17:14हर्षल मेहता के हाथों में एक फाइल था।
  4164. 3:17:17शौर्य एक चेयर खींचकर [संगीत] उसमें बैठते
  4165. 3:17:20हुए बोला, आपने फर्म को रजिस्टर करवा
  4166. 3:17:22लिया। हां, अब तो सब कुछ फाइनल हो गया है।
  4167. 3:17:25आप भी एक बार इस फाइल को देख लीजिए। इतना
  4168. 3:17:27कहकर हर्षल मेहता ने अपने हाथ का फाइल
  4169. 3:17:30शौर्य की तरफ बढ़ा दिया। शौर्य ने अच्छे
  4170. 3:17:33से एक बार उस पूरे फाइल का मुआयना किया।
  4171. 3:17:36उसने देखा कि हर्षल मेहता ने जो नया फॉर्म
  4172. 3:17:38[संगीत] रजिस्टर करवाया था, वह भी डीम्स
  4173. 3:17:40इंडिया के नाम से ही करवाया था। डिम्स
  4174. 3:17:42इंडिया डेवलपर के नाम से रजिस्टर्ड
  4175. 3:17:44[संगीत] इस कंपनी में शौर्य 80% का
  4176. 3:17:46हिस्सेदार था और हंसल मेहता 20% का। शौर्य
  4177. 3:17:51फाइल को अच्छी तरह देखने के बाद हंसल
  4178. 3:17:53मेहता को वापस करते हुए बोला बहुत बढ़िया
  4179. 3:17:56मेहता साहब। अब आप जितनी जल्दी हो सके
  4180. 3:17:59उतनी जल्दी जमीन अधिग्रह के काम में लग
  4181. 3:18:01जाइए। जितना ज्यादा से ज्यादा जमीन हो सके
  4182. 3:18:04आप अपने नाम करवाइए। एक बार जमीन अधिग्रह
  4183. 3:18:07होने के बाद फिर हम पूरे लेआउट को लेकर
  4184. 3:18:10बात करेंगे। फिर देखेंगे कि [संगीत] हमें
  4185. 3:18:12क्या-क्या प्रोजेक्ट को लेकर आगे बढ़ना
  4186. 3:18:15है। जमीन अधिग्रह को लेकर भी हमारी बात चल
  4187. 3:18:17रही है। बहुत सारी बातें [संगीत] फाइनल हो
  4188. 3:18:19चुकी हैं। बस हमें जाकर रजिस्ट्री करवानी
  4189. 3:18:22है। अब क्योंकि हमारी कंपनी [संगीत]
  4190. 3:18:24रजिस्टर हो गई है। इसलिए कल से हम इसी काम
  4191. 3:18:28में लग जाएंगे। हंसल मेहता ने शौर्य को
  4192. 3:18:31जवाब दिया। बढ़िया है। अगर आपको मेरी किसी
  4193. 3:18:33तरह की जरूरत कभी महसूस हो तो आप हमें कह
  4194. 3:18:36सकते हैं। बाकी आपकी मदद के लिए विक्रम और
  4195. 3:18:39मेनका तो है ही। शौर्य संतुष्ट भाव से
  4196. 3:18:42बोला अभी तो सब ठीक चल रहा है। पर शायद
  4197. 3:18:46जल्दी ही आपकी [संगीत] मदद की भी जरूरत
  4198. 3:18:48पड़े क्योंकि अब बहुत से लोग वहां पर जमीन
  4199. 3:18:50लेने में अपना इंटरेस्ट दिखाने लगे हैं।
  4200. 3:18:52इसलिए मुझे लगता है कुछ समय में जमीन
  4201. 3:18:55खरीदने के लिए भी वहां पर कंपटीशन होने
  4202. 3:18:57वाली है। हंसल मेहता ने अपनी शंका जाहिर
  4203. 3:19:00की। दूसरी तरफ शिप्रा और मेघना मॉडल टाउन
  4204. 3:19:04वाली कोठी में ही मौजूद थे। वह दोनों आज
  4205. 3:19:07कहीं निकले नहीं थे। आज शिप्रा ने आधा दिन
  4206. 3:19:10लगभग अपने कमरे को सजाने में ही लगा दिया
  4207. 3:19:12था क्योंकि शिप्रा को अब यह जगह राश आने
  4208. 3:19:15लगी थी। शिप्रा को इस जगह का एनवायरमेंट
  4209. 3:19:18बहुत पसंद [संगीत] आ रहा था। सबसे बड़ी
  4210. 3:19:20बात थी कि कोठी को लेकर उसके मन में एक
  4211. 3:19:22अपनत्व की भावना जागृत हो गई थी। वह यह
  4212. 3:19:26फील करने लगी थी कि यह उसकी अपनी कोठी है।
  4213. 3:19:30जबकि अपने पापा के घर में वह कभी इस तरह
  4214. 3:19:33की फीलिंग को महसूस नहीं कर पाई थी और
  4215. 3:19:36इसका सबसे बड़ा कारण यह था कि वह यह मानकर
  4216. 3:19:38चल रही थी कि उसे पूरी जिंदगी शौर्य की
  4217. 3:19:41पत्नी के रूप में ही रहना है। जहां तक
  4218. 3:19:44बच्चे की बात है, [संगीत] उसके लिए उसने
  4219. 3:19:46यह प्लान कर लिया था कि वह आईवीएफ के थ्रू
  4220. 3:19:49बच्चे भी कर ही लेंगी। शिप्रा के मन में
  4221. 3:19:52अभी-अभी यह भी चलने लगा था [संगीत] कि वह
  4222. 3:19:54शौर्य से बात करके जल्दी ही बच्चे की
  4223. 3:19:57प्लानिंग करेगी क्योंकि वह नहीं चाहती थी
  4224. 3:20:00कि बाद में कभी श्रवण का माइंड चेंज हो।
  4225. 3:20:02इसलिए वह श्रवण का मन चेंज हो। उससे पहले
  4226. 3:20:05इस [संगीत] चीज को अमल में लाना चाहती थी।
  4227. 3:20:07इसके बारे में वह आज पूरे दिन सोचती रही।
  4228. 3:20:11इस समय मेघना उसके बगल में लेटी [संगीत]
  4229. 3:20:12हुई थी। जब शिप्रा का मन ज्यादा सोचने की
  4230. 3:20:16स्थिति में नहीं रहा तो उसने मेघना से
  4231. 3:20:18पूछा मेघना मेरे दिमाग में कुछ विचार चल
  4232. 3:20:21रहे हैं। मुझे समझ नहीं आ रहा है कि मैं
  4233. 3:20:23यह सही सोच रही हूं कि नहीं। मेघना ने पलट
  4234. 3:20:26कर शिप्रा की ओर देखा। वह पहले से ही यह
  4235. 3:20:29महसूस कर रही थी कि वह किसी विचार में खोई
  4236. 3:20:31हुई है। पर उसने उसे डिस्टर्ब करना
  4237. 3:20:33[संगीत] ठीक नहीं समझा। इसलिए वह चुपचाप
  4238. 3:20:36बेड पर पड़ी अपने मोबाइल में उलझी रही। जब
  4239. 3:20:40उसने शिप्रा की बात को सुना तो उसने पूछा
  4240. 3:20:44ऐसा क्या विचार चल रहा है तुम्हारे दिमाग
  4241. 3:20:46में जो तुम कुछ सोच नहीं पा रही या निश्चय
  4242. 3:20:50नहीं कर पा रही हो मैं बच्चे करने की सोच
  4243. 3:20:52रही हूं तुम क्या सोचती हो क्या मेरा यह
  4244. 3:20:55निर्णय ठीक है शिप्रा मेघना की ओर देखती
  4245. 3:20:58हुई बोली बच्चे करने की सोच रही हो
  4246. 3:21:01तुम्हारा दिमाग तो ठीक है क्या चल रहा है
  4247. 3:21:03तुम्हारे दिमाग में मेघना हैरान होकर बोली
  4248. 3:21:07सीरियसली मैं सोच रही हूं कि मुझे मुझे
  4249. 3:21:10बच्चे कर लेना चाहिए। इसके बाद फिर कोई भी
  4250. 3:21:12मुझे श्रवण से तलाक लेने के लिए नहीं
  4251. 3:21:14कहेगा। शिप्रा मेघना को समझाने वाले भाव
  4252. 3:21:17में बोली, उससे क्या होगा? और फिर बच्चे
  4253. 3:21:20कर लेना इतना आसान है क्या? मेघना बोली,
  4254. 3:21:24अरे अभी से प्लानिंग करूंगी तब तो साल
  4255. 3:21:26जाते-जाते मैं मां बन सकती हूं। शिप्रा
  4256. 3:21:29नॉर्मल भाव में बोली। मुझे तुम एक बात
  4257. 3:21:32बताओ। तुम्हें यह अचानक बच्चे करने की
  4258. 3:21:34क्या सूझी? मेघना असमंजस के भाव में बोली।
  4259. 3:21:38और मान लो अगर तुम बच्चे करना भी चाहती हो
  4260. 3:21:40तो वह करोगी कैसे? यह कोई बड़ी बात
  4261. 3:21:43[संगीत] नहीं है। मैं आईवीएफ के द्वारा
  4262. 3:21:44बच्चा करूंगी। इसको लेकर मेरे और श्रवण के
  4263. 3:21:47बीच पहले ही बात हो चुकी है। उसे भी इस
  4264. 3:21:49बात से कोई ऐतराज नहीं है। शिप्रा बड़ी
  4265. 3:21:52मासूमियत से बोली। यानी यह बच्चा तुम्हारा
  4266. 3:21:55और श्रवण का होगा। मेघना ने पूछा तो और
  4267. 3:21:58किसका होगा? हम दोनों के साथ रहने की
  4268. 3:22:01कंडीशन ही यही थी। शिप्रा ने बताया। तुम
  4269. 3:22:04मुझे एक बात बताओ जब बच्चा तुम दोनों का
  4270. 3:22:07ही होगा तो फिर आईवीएफ से करने की क्या
  4271. 3:22:10जरूरत है? मेघना शिप्रा से प्रश्न करती
  4272. 3:22:13हुई बोली क्या मतलब हुआ इस बात का? अगर
  4273. 3:22:16मुझे बच्चे करने हैं तो अपने आप तो होगा
  4274. 3:22:18नहीं ना। उसके लिए तो आईवीएफ के द्वारा ही
  4275. 3:22:21बच्चे कर सकती हूं। शिप्रा बोली क्यों
  4276. 3:22:24आईवीएफ? क्यों? दो रात दोनों साथ में
  4277. 3:22:26बिताओ। देखो कुछ ही दिनों में तुम्हें
  4278. 3:22:29किसी आईवीएफ की जरूरत नहीं होगी। मेघना
  4279. 3:22:32हल्की मुस्कान [संगीत] के साथ बोली। अब
  4280. 3:22:35जाकर शिप्रा को मेघना की बात समझ में आई
  4281. 3:22:37कि वह क्या कहना चाहती है। वह थोड़ी
  4282. 3:22:40नाराजगी से बोली तुम्हें हम दोनों [संगीत]
  4283. 3:22:42की कंडीशन पता है। उसके बाद भी तुम ऐसी
  4284. 3:22:45बात बोल रही हो। जो नहीं हो सकता उसकी बात
  4285. 3:22:48क्यों करना? क्यों? क्यों ऐसा नहीं हो
  4286. 3:22:51सकता? तुम्हारी यह जिद किस लिए? देखो
  4287. 3:22:54श्रवण बहुत अच्छा लड़का है। वो तुमसे दूर
  4288. 3:22:56हो जाए। उससे [संगीत] पहले उसे अपने करीब
  4289. 3:22:58ले आओ। नहीं तो बाद में कहीं ऐसा ना हो कि
  4290. 3:23:00तुम उसे इतना दूर कर दो कि फिर चाहकर भी
  4291. 3:23:03उसके करीब ना जा सको। मेघना शिप्रा को
  4292. 3:23:06समझाती हुई बोली तुम क्यों इस कोशिश में
  4293. 3:23:09लगी हो जो नहीं हो सकता। मैंने तुम्हें
  4294. 3:23:12पहले ही हम दोनों के बीच की कंडीशन को बता
  4295. 3:23:15दिया है क्योंकि मुझे दोबारा किसी से शादी
  4296. 3:23:17नहीं करनी है। इसीलिए श्रवण मुझे पति के
  4297. 3:23:20रूप में चाहिए और उसे भी इससे कोई आपत्ति
  4298. 3:23:23नहीं है। इस रिश्ते को बांधने के लिए जो
  4299. 3:23:25करी चाहिए वह है एक बच्चा जो कि हम दोनों
  4300. 3:23:29का होगा। क्योंकि मुझे भी बच्चे पसंद है।
  4301. 3:23:32इसीलिए मैं किसी सरोगेसी में ना जाकर खुद
  4302. 3:23:35मां बनना चाहती हूं। जब मेरे बच्चे हो
  4303. 3:23:37जाएंगे तो वह करीबी बन जाएगी जो हमारे
  4304. 3:23:39रिश्ते को मजबूती प्रदान करेगा। शिप्रा ने
  4305. 3:23:42अपनी बात को स्पष्ट किया। एक बात तो माननी
  4306. 3:23:45पड़ेगी कि तुम [संगीत] दोनों ही नमूने हो।
  4307. 3:23:47किसी को सीधी बात समझ ही नहीं आती। दोनों
  4308. 3:23:50एक दूसरे के साथ पति-पत्नी बनकर रहना पसंद
  4309. 3:23:52करते हैं। पर पति-पत्नी का जो रिश्ता है
  4310. 3:23:55वो नहीं बनाना। बच्चे दोनों को चाहिए पर
  4311. 3:23:58तरीका ईवीएफ का। एक घर में [संगीत] रहना
  4312. 3:24:01है पर कमरा एक नहीं करना। तुम दोनों को
  4313. 3:24:04कोई नहीं समझा सकता। जब सब अपनी मन का ही
  4314. 3:24:07कर रही हो तो यह पूछकर हम पर इतना एहसान
  4315. 3:24:10क्यों कर रही हो? मेघना चिढ़ती हुई बोली।
  4316. 3:24:13शिप्रा ने जब देखा कि मेघना नाराज ही रही
  4317. 3:24:15है तो वह बात को टालते हुए बोली अच्छा ठीक
  4318. 3:24:18है। तुम रहने दो। मैं तुमसे नहीं [संगीत]
  4319. 3:24:21पूछती। मैं खुद ही देख लूंगी कि मुझे क्या
  4320. 3:24:23करना है। तुम नाराज मत हो। मैं क्यों
  4321. 3:24:26नाराज होऊंगी तुम पर? और मैं तुम पर नाराज
  4322. 3:24:28होकर भी क्या कर लूंगी। मेघना इरिटेट होकर
  4323. 3:24:31बोली। अच्छा छोड़ो इन बातों को। पता है ना
  4324. 3:24:34आज होटल सन साइन भी जाना है। शिप्रा मेघना
  4325. 3:24:38को याद दिलाती हुई बोली। शिप्रा की बात
  4326. 3:24:40सुनकर मेघना ने [संगीत] घड़ी की ओर देखा।
  4327. 3:24:43इस समय 4:00 बजने वाले थे। वह जल्दी से
  4328. 3:24:46बिस्तर से उठकर बैठ गई और शिप्रा से बोली,
  4329. 3:24:49अभी तुम्हें पार्टी के लिए तैयार होना
  4330. 3:24:51चाहिए। तो तुम इन फालतू की बातों को लेकर
  4331. 3:24:54बैठी हुई हो। अच्छा तुम्हें मेरी यह बातें
  4332. 3:24:57फालतू की लग [संगीत] रही हैं। ठीक है। फिर
  4333. 3:25:00मैं आगे से तुमसे कभी इस बारे में बात ही
  4334. 3:25:02नहीं करूंगी। शिप्रा भीर उठती हुई बोली बस
  4335. 3:25:06बस हो गया। अब ज्यादा ड्रामा करने की
  4336. 3:25:08जरूरत नहीं है। जल्दी से तैयार हो जाओ और
  4337. 3:25:11मुझे भी तैयार होने दो। इस पार्टी में
  4338. 3:25:14ज्यादा लेट होने की जरूरत नहीं है। पता
  4339. 3:25:16नहीं आज तुम्हारे लिए वहां पर कौन सा
  4340. 3:25:19सरप्राइज इंतजार कर रहा है। मेघना शिप्रा
  4341. 3:25:21को झिरकती हुई बोली। शिप्रा जल्दी से उठी
  4342. 3:25:24और बाथरूम में चली गई। मेघना प्यार से
  4343. 3:25:27मुस्कुराती हुई शिप्रा को देखती रही।
  4344. 3:25:30दूसरी तरफ होटल राजकमल में शौर्य को यह
  4345. 3:25:33ध्यान आने पर कि उसके दादाजी ने कहा था कि
  4346. 3:25:36हर्षल मेहता कि पार्टी में वह पहले से
  4347. 3:25:39इनवाइटेड [संगीत] है। यह याद करके उसने
  4348. 3:25:41हर्षल मेहता से पूछा मेहता साहब क्या आपने
  4349. 3:25:46[संगीत] आज कि पार्टी में राजा साहब को भी
  4350. 3:25:50आमंत्रित किया है? शौर्य की बात सुनकर
  4351. 3:25:52हर्षल मेहता आश्चर्य से शौर्य को देखने
  4352. 3:25:54लगा और सोचने लगे कि यह बात शौर्य को कैसे
  4353. 3:25:58पता? उन्होंने शौर्य से पूछा भी आपको यह
  4354. 3:26:01कैसे पता है? हां, मैंने उन्हें भी इनवाइट
  4355. 3:26:04किया है पर वह शायद ही आए। हर्षल मेहता की
  4356. 3:26:07बात सुनकर शौर्य मुस्कुराया और बोला मेरी
  4357. 3:26:11उनसे बात हुई थी तो उन्होंने बताया था।
  4358. 3:26:13वैसे मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि
  4359. 3:26:16आज की पार्टी में वह भी आएंगे। शिप्रा
  4360. 3:26:18मेघना के साथ होटल क्षणशाइन पहुंची। उसने
  4361. 3:26:21घड़ी पर निगाह डाली तो उसने देखा 7:30
  4362. 3:26:24बजने वाले थे। वह मेघना की ओर देखकर बोली
  4363. 3:26:28कहीं हम लोग ज्यादा जल्दी तो नहीं आ गए।
  4364. 3:26:30अब यहां आ जाने के बाद यह सोचने का क्या
  4365. 3:26:33मतलब? वैसे भी [संगीत] 8:00 बजे स्ट्रांग
  4366. 3:26:36एनर्जी ड्रिंक की लॉन्चिंग होने वाली है।
  4367. 3:26:38इसलिए मुझे नहीं लगता कि हम लोग जल्दी आए
  4368. 3:26:40हैं। मेघना मुंह बनाती हुई बोली। पता नहीं
  4369. 3:26:44क्यों पर मुझे थोड़ी घबराहट हो रही है।
  4370. 3:26:47शिप्रा होटल की तरफ बढ़ती हुई बोली
  4371. 3:26:50तुम्हें किस बात के लिए घबराहट हो रही है?
  4372. 3:26:54तुम पहली बार तो इस तरह की पार्टी में
  4373. 3:26:56नहीं जा रही हो। मेघना आश्चर्य से बोली
  4374. 3:26:59अरे यह बात नहीं है। तुम्हें याद नहीं है।
  4375. 3:27:03मोहित रैना ने कहा था कि मुझे इस पार्टी
  4376. 3:27:05में कोई जिम्मेदारी मिल सकती है। बस इसी
  4377. 3:27:08बात को लेकर। वैसे मेरी समझ में यह भी
  4378. 3:27:10नहीं आया कि यह पार्टी हर्षल मेहता दे रहा
  4379. 3:27:13है। फिर मोहित रैना ने हमें इस पार्टी में
  4380. 3:27:15क्यों [संगीत] इनवाइट किया है? शिप्रा सोच
  4381. 3:27:18भरे स्वर में बोली कमाल है। तुम्हें यह सब
  4382. 3:27:21बातें अब ध्यान आ रही हैं। तुम्हें पहले
  4383. 3:27:24इस बारे में नहीं सोचना चाहिए था। मेघना
  4384. 3:27:27नाराजगी से बोली। अरे उस समय यह सोचने का
  4385. 3:27:31मौका ही नहीं मिला। वह तो यहां आने के बाद
  4386. 3:27:34जब इस बैनर को देखा तो ध्यान आया कि यह
  4387. 3:27:38पार्टी तो हर्षल मेहता के द्वारा दिया जा
  4388. 3:27:40रहा है। फिर मोहित रैना ने हमें यहां आने
  4389. 3:27:44का इनविटेशन क्यों दिया है? शिप्रा होटल
  4390. 3:27:46के सामने एक बैनर की तरफ इशारा करती हुई
  4391. 3:27:49बोली जिस पर वह सारी इंफॉर्मेशन दिया हुआ
  4392. 3:27:52था कि यह पार्टी किसके द्वारा दिया जा रहा
  4393. 3:27:55है और किस हॉल में होने जा रहा है। अरे तो
  4394. 3:27:58तुम इस बात से क्यों घबरा रही हो? हमारे
  4395. 3:28:00पास इनविटेशन कार्ड तो है। फिर क्या फर्क
  4396. 3:28:03पड़ता है कि हमें किसने इनवाइट किया और
  4397. 3:28:05कौन यहां पार्टी दे रहा है? मेघना चिढ़ती
  4398. 3:28:08हुई बोली मेरी चिंता करने कि बात दूसरी
  4399. 3:28:11है। शिप्रा बेचारगी से मेघना की ओर देखती
  4400. 3:28:14[संगीत] हुई बोली अब वो दूसरी कौन सी बात
  4401. 3:28:16है वो भी बता दो। मेघना चलते-चलते खड़ी हो
  4402. 3:28:20गई और शिप्रा की ओर एक टक देखती हुई बोली
  4403. 3:28:23मानसी मेहता। हर्षल मेहता की बेटी शिबला
  4404. 3:28:26बोली मानसी मेहता पर वह तुम्हारे लिए
  4405. 3:28:29चिंता का कारण कैसे हो गई? मेघना हैरान
  4406. 3:28:32स्वर में बोली देखो मोहित रैना ने मुझे इस
  4407. 3:28:34पार्टी में बुलाया है। कहीं ऐसा तो नहीं
  4408. 3:28:36कि मुझे जो दूसरी जिम्मेदारी देने की बात
  4409. 3:28:38हो रही है। कहीं वह हर्षल मेहता की ही
  4410. 3:28:40कंपनी में तो नहीं। शिपरा मेघना को समझाने
  4411. 3:28:43की कोशिश करती हुई बोली। अगर एक मिनट के
  4412. 3:28:46लिए इस बात को मान भी लिया जाए कि मोहित
  4413. 3:28:49रैना [संगीत] तुम्हें हर्षल मेहता की
  4414. 3:28:51कंपनी में ही कोई जिम्मेदारी देने की बात
  4415. 3:28:53कर रहा हो तो इस बात से क्या फर्क पड़ता
  4416. 3:28:56है? मेघना को समझ नहीं आ रहा था कि शिप्रा
  4417. 3:28:58के लिए इसमें परेशानी की क्या बात है। अरे
  4418. 3:29:01मैंने कहा ना मानसी मेहता मैं और मानसी एक
  4419. 3:29:04[संगीत] ही कोलाज में पड़ती थी। और हम
  4420. 3:29:07दोनों दोस्त तो बिल्कुल ही नहीं थे। बल्कि
  4421. 3:29:09एक दूसरे के प्रतिद्वंद थे। मानसी मेहता
  4422. 3:29:12मुझे [संगीत] बिल्कुल ही पसंद नहीं करती
  4423. 3:29:14थी और सच तो यह है कि मैं भी उसे पसंद
  4424. 3:29:17नहीं करती थी। शिप्रा अपनी बात को स्पष्ट
  4425. 3:29:20करती हुई बोली। अब मेघना को शिप्रा की बात
  4426. 3:29:23कुछ-कुछ समझ में आने लगी। उसने अपनी बड़ी
  4427. 3:29:26आंखों से शिप्रा को घूरते हुए पूछा। पर
  4428. 3:29:29तुम दोनों एक दूसरे को पसंद क्यों नहीं
  4429. 3:29:30करती थी? मानसी मेहता बहुत खूबसूरत है और
  4430. 3:29:34कोलाज में एक मैं ही ऐसी थी जो उसकी
  4431. 3:29:36खूबसूरती को कहीं ना कहीं चैलेंज करती थी।
  4432. 3:29:39जो खास अटेंशन वह पाना चाहती थी। मेरे
  4433. 3:29:42कारण कहीं ना कहीं वह इसमें पीछे रह जाती
  4434. 3:29:45थी। पढ़ने में भी वह अच्छी थी। पर कल आज
  4435. 3:29:48की फाइनल एग्जाम में भी वह मुझसे पिछड़
  4436. 3:29:51गई। मैं फर्स्ट रैंक होल्डर [संगीत] थी और
  4437. 3:29:54वह सेकंड रैंक होल्डर। तो समझ ही सकती हो
  4438. 3:29:56कि मैं हर जगह उसका रास्ता काटती रही तो
  4439. 3:29:59उसको मुझसे कितना प्यार होगा और आज उसकी
  4440. 3:30:02पार्टी में जा रहे हैं। पता नहीं मुझे
  4441. 3:30:04अपनी पार्टी में देखकर वह कैसे बिहेव
  4442. 3:30:07करेगी। शिप्रा ने अपनी चिंता जाहिर की। तो
  4443. 3:30:10यह बात है कहीं ऐसा ना हो कि आज फिर से
  4444. 3:30:12तुम उसका रास्ता काटने आ गई हो। मेघना
  4445. 3:30:15हंसते हुए मजाक भरे स्वर में बोली। वैसे
  4446. 3:30:18तो मेरी उससे बहुत समय से कोई मुलाकात
  4447. 3:30:20नहीं हुई है। पर पता नहीं आज मुझे यहां
  4448. 3:30:23देखकर वह कैसे रिएक्ट करेगी? शिप्रा
  4449. 3:30:26चिंतित स्वर [संगीत] में बोली। तुम क्यों
  4450. 3:30:29चिंता करती हो? तुम यहां उसके बुलाने से
  4451. 3:30:31थोड़े ही आई हो। तुम्हें यहां मोहित रैना
  4452. 3:30:33ने बुलाया है। इसलिए वह कैसे रिएक्ट करती
  4453. 3:30:36है या नहीं करती है। उससे क्या फर्क पड़ता
  4454. 3:30:38है? पहले अंदर तो चलो फिर देखते हैं।
  4455. 3:30:42मेघना शिप्रा की चिंता कम करती हुई बोली।
  4456. 3:30:45शिप्रा मेघना के साथ उस हॉल में पहुंची
  4457. 3:30:47जहां पार्टी हो रही थी। उसने जब उस हॉल
  4458. 3:30:50में कदम रखा तो वह सबसे पहले किसी ऐसे
  4459. 3:30:53चेहरे को ढूंढ रही थी जिसे वह जानती
  4460. 3:30:55पहचानती हो। पर ऐसा तो कोई उसे अभी नजर
  4461. 3:30:57नहीं आया। हां, एक खूबसूरत लड़की उसे हाल
  4462. 3:31:01के गेट के पास ही नजर आ गई जो वहां आने
  4463. 3:31:03वाले गेस्ट का स्वागत कर रही थी। एक्चुअली
  4464. 3:31:05वह लड़की कोई और नहीं [संगीत] मानसी मेहता
  4465. 3:31:08ही थी। दूर से ही मानसी मेहता की नजर
  4466. 3:31:10शिप्रा पर पड़ गई थी। शिप्रा को यहां
  4467. 3:31:13देखकर उसकी आंखों में आश्चर्य नजर आने
  4468. 3:31:16लगा। उसे [संगीत] नहीं पता था कि शिप्रा
  4469. 3:31:18को यहां किसने इनवाइट किया था। शिप्रा की
  4470. 3:31:20भी नजर मानसी मेहता से मिली। शिप्रा ने
  4471. 3:31:23मानसी मेहता को अपनी तरफ देखते पाया तो वह
  4472. 3:31:26उस हल्के स्वर में बुदबुदाई जिसका डर था
  4473. 3:31:29वही हो गया। मैं नहीं चाहती थी कि मेरी
  4474. 3:31:31मुलाकात सबसे पहले इसी से हो पर देखो अंदर
  4475. 3:31:34आई तो सबसे पहले इसी लड़की से सामना हो
  4476. 3:31:37गया। शिप्रा की बात सुनकर मेघना ने सामने
  4477. 3:31:41से आ रही उस लड़की की तरफ देखा जो कि
  4478. 3:31:43शिप्रा की ओर ही बड़ी हुई आ रही थी। वह भी
  4479. 3:31:46मानसी मेहता की खूबसूरती देखकर उसकी तारीफ
  4480. 3:31:48किए बिना नहीं रह सकी। उसने भी हल्के स्वर
  4481. 3:31:51में शिप्रा से कहा मानना पड़ेगा यह अभी
  4482. 3:31:54खूबसूरती में किसी से कम नहीं है। मैंने
  4483. 3:31:56तो पहले ही कहा था पर वह हमारी तरफ क्यों
  4484. 3:31:58आ रही है? शिप्रा फुसफुसाती हुई बोली
  4485. 3:32:01चिंता मत करो अभी पता चल जाएगा। वह खुद ही
  4486. 3:32:04बोल देगी। मेघना मानसी को पास आते देखकर
  4487. 3:32:07बोली अब तक मानसी मेहता भी शिप्रा और
  4488. 3:32:10मेघना के पास आ गई थी। उसके चेहरे पर एक
  4489. 3:32:13मुस्कान खेल रही थी। वह उसी मुस्कान के
  4490. 3:32:16साथ बोली शिप्रा राय आज बहुत समय के बाद
  4491. 3:32:20तुम्हें देखना होगा। मुझे नहीं पता था कि
  4492. 3:32:22तुम भी आज की पार्टी में इनवाइटेड हो।
  4493. 3:32:24बुरा मत मानना। पर क्या मैं जान सकती हूं
  4494. 3:32:27कि तुम्हें यहां किसने बुलाया है। अब जब
  4495. 3:32:29मैं यहां आई हूं तो पक्का है। किसी ने तो
  4496. 3:32:32मुझे यहां बुलाया ही होगा। तभी मैं यहां
  4497. 3:32:34हूं। नहीं तो मेरी ऐसी कोई बुरी [संगीत]
  4498. 3:32:36आदत नहीं है कि मैं किसी की पार्टी में
  4499. 3:32:39बिन बुलाए ही पहुंच जाऊं। शिप्रा भी व्यंग
  4500. 3:32:43भरे स्वर में बोली। मैंने तो पहले ही कहा
  4501. 3:32:46था कि बुरा मत मानना। पर तुम तो बुरा मान
  4502. 3:32:48रही हो। यह तो मैं भी समझ रही हूं कि जब
  4503. 3:32:51तुम यहां आई हो तो इसका मतलब है कि तुम
  4504. 3:32:54यहां बिन बुलाए तो आई नहीं होगी। मैं तो
  4505. 3:32:57बस यह जानना चाह रही हूं कि तुम्हें यहां
  4506. 3:32:59इनवाइट किसने किया है। मानसी मेहता बोली
  4507. 3:33:03मानसी मेहता तो बस यह जानना चाहती थी कि
  4508. 3:33:06किसी ने अगर शिप्रा को यहां इनवाइट किया
  4509. 3:33:08तो उसे इसके बारे में पता क्यों नहीं था।
  4510. 3:33:11वह जानती थी कि लास्ट समय में मेनका की
  4511. 3:33:14तरफ से भी इस पार्टी में कुछ लोगों को
  4512. 3:33:16इनवाइट किया गया है। [संगीत] पर ऐसे कितने
  4513. 3:33:18लोग मेनका की तरफ से इनवाइटेड हैं इसके
  4514. 3:33:21बारे में मानसी को पता नहीं था। शिप्रा भी
  4515. 3:33:24मानसी को कोई जवाब देती उससे पहले ही वहां
  4516. 3:33:26एक आवाज सुनाई दी। मिस [संगीत] मानसी
  4517. 3:33:29इन्हें मैंने इनवाइट किया है। शिप्रा जी
  4518. 3:33:31यहां मेरी गेस्ट है। आप कुछ और भी जानना
  4519. 3:33:33चाहती हैं। तभी मानसी के पीछे से वहां
  4520. 3:33:36मोहित रैना प्रकट हुआ और वह सामने आते हुए
  4521. 3:33:38बोला। मानसी ने जब मोहित रैना को सामने
  4522. 3:33:41आकर यह बताते देखा कि उसने ही यहां शिप्रा
  4523. 3:33:44को इनवाइट किया है तो वह खुद को संयमित
  4524. 3:33:47करती हुई बोली। अरे मिस्टर मोहित आप मुझे
  4525. 3:33:51नहीं पता था कि शिप्रा को आपने यहां
  4526. 3:33:53बुलाया है। मैं तो बस यही जानने के लिए
  4527. 3:33:56शिप्रा से पूछ रही थी। अच्छा हुआ आपने बता
  4528. 3:33:58दिया। वैसे मैं आपको बता दूं कि हम दोनों
  4529. 3:34:01पहले से ही एक दूसरे से परिचित हैं। हम
  4530. 3:34:04दोनों कॉलेज के समय के फ्रेंड हैं। मानसी
  4531. 3:34:07की बात सुनकर मोहित ने शिप्रा की ओर देखा।
  4532. 3:34:10जैसे वह पूछ रहा हो कि क्या मानसी जो कह
  4533. 3:34:13रही है वह सच है। शिप्रा ने जब मोहित के
  4534. 3:34:16चेहरे के भाव को देखा तो [संगीत] वह भी
  4535. 3:34:18व्यवहार सुलभ मुस्कान के साथ बोली। हां,
  4536. 3:34:21बिल्कुल सच है। हम दोनों एक ही कॉलेज में
  4537. 3:34:24पढ़ते थे। फिर तो आप दोनों को हमें थैंक
  4538. 3:34:26यू बोलना चाहिए क्योंकि मेरे कारण ही आप
  4539. 3:34:29दोनों दोस्त का आज मिलना हो रहा है। मोहित
  4540. 3:34:31रैना मुस्कुराता हुआ बोला हां जरूर क्यों
  4541. 3:34:35नहीं मानसी मेहता खिड़ड़ भरे स्वर में
  4542. 3:34:37बोली मोहित रैना शिप्रा और मेघना की ओर
  4543. 3:34:40आकर्षित होकर बोला पहले हम सब अंदर चलते
  4544. 3:34:43हैं और पार्टी को एंजॉय करते हैं। शिप्रा
  4545. 3:34:46जैसे ही हाल के अंदर पहुंची उसने बहुत से
  4546. 3:34:49ऐसे लोगों को देखा जिसे वह अच्छे से
  4547. 3:34:52पहचानती थी। अचानक ही उसकी निगाह अपने
  4548. 3:34:55दादाजी बलवंत राय के ऊपर पड़ी। उसे नहीं
  4549. 3:34:58पता था कि बलवंत राय भी यहां इनवाइटेड है।
  4550. 3:35:01इस समय बलवंत राय के साथ ही हर्षल मेहता
  4551. 3:35:03भी खड़े थे। शिप्रा अपने दादाजी की नजरों
  4552. 3:35:06से बचना चाहती थी। पर उसके कहीं छुपने से
  4553. 3:35:09पहले ही उसके दादाजी ने उसे यहां देख लिया
  4554. 3:35:11था। शिप्रा को यहां देखकर बलवंत राय के
  4555. 3:35:14चेहरे पर भी आश्चर्य के भाव आ गया था। वह
  4556. 3:35:17समझने की कोशिश कर रहे थे कि शिप्रा यहां
  4557. 3:35:20कैसे इनवाइटेड है। [संगीत] पर जब उन्होंने
  4558. 3:35:23मोहित रैना को शिप्रा के साथ देखा तो समझ
  4559. 3:35:26गए कि शिप्रा यहां मोहित रैना के बुलावे
  4560. 3:35:29पर ही आई होगी। अब आगे क्या होगा? क्या
  4561. 3:35:32होगा जब शौर्य [संगीत] इस पार्टी में
  4562. 3:35:35आएगा। राजा साहब, चंद्रभान राठौर और
  4563. 3:35:39शिप्रा की मुलाकात कैसी रहेगी?

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