भिखारी हसबैंड | Episode 121–140 | Kahvanihindi — Transcript
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- 0:00नमस्कार दोस्तों, आपका स्वागत है आपके
- 0:04अपने चैनल ऑडियो स्टोरी वर्ल्ड में। यहां
- 0:07आपको सुनने को मिलेंगी ऐसी दमदार ऑडियो
- 0:10स्टोरीज जो आपके दिल को छू जाएंगी।
- 0:13रोमांस, सस्पेंस, फैमिली ड्रामा, एक्शन,
- 0:17इमोशन और जबरदस्त ट्विस्ट से भरी कहानियां
- 0:20जो आपको शुरू से अंत तक बांधे रखेंगी। हर
- 0:24कहानी में मिलेगा नया रोमांच, नए किरदार
- 0:27और ऐसे मोड़ जिनकी आपने कभी कल्पना भी
- 0:30नहीं की होगी। अगर आपको ऑडियो स्टोरीज
- 0:33सुनना पसंद है तो आपने बिल्कुल सही चैनल
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- 0:40चैनल को सब्सक्राइब करें। बेल आइकन दबाएं
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- 0:45भूलें। तो तैयार हो जाइए एक नई और रोमांचक
- 0:49कहानी की दुनिया में खो जाने के लिए। चलिए
- 0:52शुरू करते हैं सिर्फ ऑडियो स्टोरी वर्ल्ड
- 0:55पर शिप्रा मेघना के साथ सदर बाजार से अब
- 1:10[संगीत]
- 1:17शो
- 1:19[संगीत]
- 1:26[संगीत]
- 1:34[संगीत]
- 1:42[संगीत]
- 1:48[संगीत]
- 1:55[संगीत]
- 1:56सीरियस
- 2:02वावर [संगीत]
- 2:07[संगीत]
- 2:11[संगीत]
- 2:20[संगीत]
- 2:24[संगीत]
- 2:30[संगीत]
- 2:37[संगीत]
- 2:41[संगीत]
- 2:47[संगीत]
- 2:54[संगीत]
- 3:01[संगीत]
- 3:06[संगीत]
- 3:08मेक
- 3:13[संगीत]
- 3:19किंगम
- 3:22[संगीत]
- 3:24नेवर गनी
- 3:31[संगीत]
- 3:40[संगीत]
- 3:46प्ले [संगीत] हट दिस
- 3:54ग्लेट [संगीत]
- 3:58दिस
- 4:00[संगीत]
- 4:06कि तुमने यह कौन सी जिद पाल ली है? आखिर
- 4:09ऐसा क्या है उस भिखारी में जो तुम उसे
- 4:11तलाक देने को तैयार [संगीत] नहीं हो? बिना
- 4:14जी गुस्से में बोली मेरे श्रवण को तलाक
- 4:17देने से भी बात कहां बन [संगीत] रही थी
- 4:19मां दादा जी की तो जिद है कि वह मेरी शादी
- 4:21विहान से कराना चाहते हैं जो कि मैं किसी
- 4:24भी सूरत में नहीं कर सकती अगर सिर्फ मेरे
- 4:26तलाक लेने की बात होती तो उसके लिए तो मैं
- 4:29एक बार भी मना नहीं करता पर शादी वह अब
- 4:33मैं दोबारा कभी नहीं करूंगी शिप्रा जिद
- 4:36भरे स्वर में बोली [संगीत] बीना जी इस बात
- 4:38से अनजान थी कि शिप्रा के दादाजी ने
- 4:41शिप्रा की शादी विहान से दोबारा करवाने की
- 4:43जिद ठान ली थी। इस बात को जानने के बाद वह
- 4:47राजदीप जी की तरफ देखने लगी और उनसे
- 4:50कंफर्म करने के लिए बोली क्या शिप्रा जो
- 4:52कह रही है वह सच है? राजदीप जी अपनी सहमति
- 4:56जताते हुए बोले पिताजी चाहते हैं कि
- 4:58शिप्रा दोबारा विहान से शादी कर ले। तो
- 5:01इसमें बुराई क्या है? अगर देखा जाए तो
- 5:04विहान श्रवण से तो लाख गुना अच्छा है। उन
- 5:07दोनों की हैसियत में जमीन आसमान का अंतर
- 5:10है। और वैसे भी तो तुम पहले विहान से शादी
- 5:12करने जा ही रही थी तो अब क्या दिक्कत है?
- 5:15बीना जी अपनी बात पर जोर देते हुए बोली
- 5:18शिप्रा को अपनी मां की बात सुनकर आश्चर्य
- 5:20हुआ। वह बेबसी [संगीत] में बोली यह तुम कह
- 5:24रही हो मां जिसने खुद श्रवण से कहा था कि
- 5:27वह शादी के लिए तैयार हो जाए क्योंकि उस
- 5:30समय तुम्हारे बेटे के गले पर चाकू रखा हुआ
- 5:32था। तब तुम्हारी विनती पर ही श्रवण मुझसे
- 5:35शादी करने के लिए तैयार हुआ था। और अब उस
- 5:38भगोड़े की वकालत कर रही हो जो मुसीबत आने
- 5:41पर सबसे पहले मुझे मुसीबत में छोड़कर भाग
- 5:44गया था। यह तुम कैसे कर सकती हो मां?
- 5:48शिप्रा की बात सुनकर बिना जी ने अपना सर
- 5:50नीचे कर लिया। उनसे अब कुछ बोलते नहीं
- 5:53बना। पर तभी राजदीप [संगीत] जी बोले तुम
- 5:56अपनी जगह सही हो बेटी। पर तुम्हें समझना
- 5:58चाहिए कि हम लोगों का जो सामाजिक दायरा है
- 6:01उसमें श्रवण कहीं फिट नहीं होता। इसलिए
- 6:04हमें अपने सोशल स्टेटस को देखना पड़ता है।
- 6:06आप किस जमाने की बात कर रहे हैं पापा? अगर
- 6:09आपको अपने सोशल स्टेटस को ही देखना है या
- 6:12दादाजी को ही उनके सोशल स्टेटस की पड़ी
- 6:14होती तो वह सिर्फ इस बात से भी तैयार हो
- 6:17जाते कि मैं शौर्य से तलाक ले लेती। लेकिन
- 6:21मेरी शादी विहान से कराने की जिद का क्या
- 6:24मतलब हुआ? अगर आप भी ऐसा चाहते हैं पापा
- 6:27तो माफ कीजिएगा। मैं इस बात [संगीत] के
- 6:29लिए कभी भी तैयार नहीं हो सकती। जहां तक
- 6:31शादी की बात थी वह मेरी एक [संगीत] बार हो
- 6:34गई। अब श्रवण से तलाक के बाद भी मैं
- 6:37दोबारा कभी शादी नहीं करूंगी। यह बात आप
- 6:39गांठ बांध लीजिए और मैं चाहूंगी कि आप
- 6:42दोबारा मुझे इसके लिए कभी प्रेशराइज भी ना
- 6:44करें। शिप्रा मजबूत इरादों [संगीत] के साथ
- 6:47बोली। राजदीप जी समझ गए कि शिप्रा से अब
- 6:50कुछ भी कहने का कोई फायदा नहीं है। इसलिए
- 6:53अब वह यह भी नहीं चाहते थे कि शिप्रा
- 6:55शौर्य से तलाक ले। शिप्रा के स्पष्ट
- 6:58इरादों को जानकर बिना जी ने भी दोबारा उसे
- 7:01कुछ नहीं कहा। मौसा जी आपको भी शिप्रा से
- 7:03अब कम से कम विहान से शादी के लिए जिद
- 7:06नहीं करनी चाहिए क्योंकि सही मायने में वह
- 7:09इस लायक नहीं है कि शिप्रा विहान से शादी
- 7:12करें। जो आपके मुसीबत [संगीत] के वक्त पीठ
- 7:14दिखा दे उससे कोई भी लड़की शादी करना नहीं
- 7:17चाहेगी। मेघना ने भी अपने विचार को राजदीप
- 7:21[संगीत] जी के सामने व्यक्त किया। मैं
- 7:23समझता हूं बेटी मैं खुद भी ऐसा नहीं चाहता
- 7:26और मैं पिताजी के कारण कुछ बोल नहीं पा
- 7:28रहा। राजदीप जी ने अभी इतना कहा ही था कि
- 7:31तभी मेन गेट पर किसी की दस्तक सुनाई दिया।
- 7:34यह जानकर कि कोई दरवाजे पर खड़ा है। सभी
- 7:37एक दूसरे की तरफ देखने लगे। तभी मेघना
- 7:40अपनी जगह से उठी और जाकर मेन गेट को खोल
- 7:42दिया। उसने देखा उसके सामने बलवंत राय के
- 7:45साथ धर्मवीर रायजादा और विहान रायजादा
- 7:48दोनों खड़े थे। राजदीप जी भी मेघा के
- 7:51पीछेछे दरवाजे पर पहुंच गए थे। उन्होंने
- 7:54जब बलवंत राय को दरवाजे पर खड़े देखा तो
- 7:56वह आश्चर्य से बोले पिताजी आप फिर उनकी
- 7:59निगाह धर्मवीर रायजादा और विहान रायजादा
- 8:02पर भी पड़ी। उनके माथे में ठंड का सा हुआ
- 8:05कि उसके पिताजी [संगीत]
- 8:06को कल तक इंतजार भी नहीं किया गया और वह
- 8:09धर्मवीर रायजादा और विहान रायजादा को लेकर
- 8:12उसके घर आ गए हैं। राजदीप जी दरवाजे के
- 8:15सामने से हटते हुए उन सबको अंदर आने का
- 8:17इशारा किया। बलवंत राय, [संगीत] धर्मवीर
- 8:19रायजादा और विहान रायजादा के साथ डाइनिंग
- 8:22हॉल में आए और सोफे पर बैठे गए। उन्होंने
- 8:25जब सबको यहां मौजूद देखा तो वह अपने होठों
- 8:28पर हल्की मुस्कान लिए हुए बोले, चलो यह
- 8:31अच्छा है कि तुम सब यहीं हो। इसलिए एक साथ
- 8:34ही सबसे बात हो जाएगी। [संगीत] शिप्रा
- 8:36अपने दादाजी के साथ धर्मवीर रायजादा और
- 8:39विहान रायजादा को देखकर गुस्से से लाल ही
- 8:42गई थी। उसे उम्मीद नहीं था कि यह लोग इतने
- 8:45बेशर्म निकलेंगे कि उसके घर [संगीत] भी आ
- 8:47जाएंगे। शिप्रा ने अपनी तरफ से कुछ नहीं
- 8:49कहा। वह इंतजार करती रही कि [संगीत] सामने
- 8:52से कुछ ना कुछ जरूर उससे बोला जाएगा।
- 8:55बलवंत राय बात की शुरुआत करते हुए बोले
- 8:59देखो अभी मेरा यहां आने का कोई इरादा नहीं
- 9:01था। पर क्योंकि धर्मवीर साहब मेरे पास आए
- 9:04हुए थे और यह एक बार शिप्रा से मिलकर
- 9:06[संगीत] उसकी गलतफहमी को दूर करना चाह रहे
- 9:08थे। इसलिए हम इनको यहां ही लेकर आ गए। बात
- 9:11किसी गलतफहमी को दूर करने से बहुत आगे
- 9:13निकल गई है पापा। अब शिप्रा नहीं चाहती कि
- 9:16वह दोबारा इस बंधन में बंधे। इसलिए अब इन
- 9:19लोगों को भी समझ जाना चाहिए कि अब कुछ
- 9:22नहीं हो सकता। अगर इन लोगों को शिप्रा से
- 9:25इतना ही ज्यादा प्यार था तो इन्हें उस समय
- 9:28सामने आना चाहिए था और शिप्रा के साथ खड़ा
- 9:31होना चाहिए था। पर उस समय तो उनका कोई पता
- 9:33नहीं था। और आज यह लोग शिप्रा के लिए
- 9:36प्यार दिखा रहे हैं तो आप समझ लीजिए कि अब
- 9:39यह सब शिप्रा को कबूल नहीं है। राजदीप जी
- 9:42ने बहुत हिम्मत करके बलवंत राय को जवाब
- 9:45दिया। राजदीप जी को इस तरह बोलते देखकर
- 9:48बलवंत राय भी आश्चर्य से राजदीप को देखने
- 9:51लगे। उन्हें राजदीप से ऐसी उम्मीद नहीं
- 9:53थी। वह तो सोच रहे थे कि राजदीप शिप्रा को
- 9:56मनाने में अपनी भूमिका निभाएगा। पर वह तो
- 9:59खुद शिप्रा की बात को ही समर्थन दे रहा
- 10:02है। उन्हें राजदीप जी पर भी गुस्सा आया और
- 10:04वह बोले राजदीप मुझे तुमसे यह उम्मीद नहीं
- 10:08थी कि तुम अपनी बेटी की जिद के सामने झुक
- 10:10जाओगे। मुझे लगा तुम अपनी बेटी को
- 10:13समझाओगे। उसको अपने अच्छे बुरे का ज्ञान
- 10:16कराओगे। पर तुम तो खुद ही उनके रंग में
- 10:18रंगे हुए हो। अरे नहीं बलवंत जी आप राजदीप
- 10:22को इस तरह से मत बोलिए। राजदीप अपनी जगह
- 10:25सही हैं। पर इन्हें नहीं पता कि इस बात का
- 10:28हमें कितना अफसोस है। विहान तो कई रातों
- 10:31सो नहीं पाया था। बड़ी मुश्किल से यह उस
- 10:34दौड़ से बाहर आया है। इसलिए हम यह नहीं
- 10:36चाह रहे कि हमारे कारण शिप्रा बिटिया की
- 10:39जिंदगी बर्बाद हो। इसलिए हम शिप्रा बिटिया
- 10:42को अपने घर की बहू बनाना चाहते हैं। अगर
- 10:45शिप्रा हमारे घर की बहू बन जाती है तो हम
- 10:48भी इस शर्मिंदगीगी के बोझ से निकल आएंगे
- 10:51कि हम मुसीबत में अपनी बहू का साथ नहीं दे
- 10:53पाए। धर्मवीर राय ज्यादा इमोशनल होकर बोले
- 10:56अगर आप ऐसा सोचते हैं तो मैं आपकी आभारी
- 10:59हूं अंकल। पर आप मेरी इस बात को समझ लीजिए
- 11:02कि मैं अब आपके घर की बहू नहीं बन पाऊंगी।
- 11:05मैं क्षमा के साथ आपसे विनती करती हूं कि
- 11:09आप अपना यह इरादा त्याग दीजिए और मुझे
- 11:11अपने घर की बहू बनाने की बात को भी
- 11:14[संगीत] भूल जाइए क्योंकि मेरी ऐसी कोई
- 11:16इच्छा नहीं है और अब मैं अपनी इस स्थिति
- 11:19से खुश हूं। शिप्रा धर्मवीर रायजादा से
- 11:22रिक्वेस्ट करते हुए बोली धर्मवीर रायजादा
- 11:25को उम्मीद नहीं था कि शिप्रा सामने से आकर
- 11:28उनसे से यह बात करेगी। वह हैरान होकर
- 11:31बलवंत राय का चेहरा देखने लगे। उन्होंने
- 11:33तो सोचा था कि शिप्रा के घर आकर वह कुछ
- 11:36इमोशनल ड्रामा करेंगे तो शायद राजदीप राय
- 11:39और बिना जी के प्रेशर से शिप्रा झुक
- 11:42जाएगी। पर यहां तो पासा ही उल्टा पड़ रहा
- 11:44था। राजदीप जी के साथ बिना जी भी शिप्रा
- 11:47का समर्थन करते नजर आ रहे थे। पर इस बात
- 11:50से बलवंत राय गुस्सा हो गए थे। वह राजदीप
- 11:52जी से गुस्से में बोले राजदीप मैंने
- 11:56तुम्हें शिप्रा को समझाने के लिए कहा था।
- 11:58पर तुम तो खुद ही उसके रंग में रंग गए।
- 12:00तुमसे तो कुछ उम्मीद करना ही बेकार है।
- 12:03इतना कहने के बाद बलवंत राय शिप्रा की ओर
- 12:06मुड़े और उससे बोले मैंने तुम्हें आज सुबह
- 12:09में ही कहा था तुम्हारे पास दूसरा कोई
- 12:11रास्ता नहीं है। हम जो भी कर रहे हैं
- 12:14तुम्हारी भले के लिए कर रहे हैं। [संगीत]
- 12:16मैं तुम्हें स्पष्ट कर दूं कि तुम्हें हर
- 12:19हाल में विहान से शादी करनी है। और मैं अब
- 12:22इसमें कुछ भी सुनना नहीं चाहता। नहीं तो
- 12:24तुम्हें पता ही है जो मैंने कहा था। अगर
- 12:26तुम अपनी जिद पर अड़ी रहोगी तो फिर मेरे
- 12:29पास में भी दूसरा कोई रास्ता नहीं है।
- 12:32बलवंत राय अब कुछ भी सुनने के मूड में
- 12:35नहीं थे। इस बीच मेनका अपने मोबाइल में
- 12:37खेलती रही। फिर कुछ पल के बाद उसने अपना
- 12:40सर उठाया और अपने दादाजी की ओर देखकर बोली
- 12:43अगर आप अपनी जिद पर अरे हुए हैं तो फिर
- 12:46ठीक है। मैंने आपका दिया हुआ 50 करोड़
- 12:49ब्याज के साथ आपको वापस कर दी हूं। आप चेक
- 12:52कर लीजिए। मैंने अभी आपके करंट अकाउंट में
- 12:54₹ करोड़ ट्रांसफर कर दिया है। अब मैं
- 12:58उम्मीद करती हूं कि अब आप मुझे ब्लैकमेल
- 13:00करने की कोशिश नहीं करेंगे। शिप्रा की बात
- 13:03सुनकर बलवंत राय आश्चर्य से शिप्रा का
- 13:06चेहरा [संगीत] देखते रह गए। बलवंत राय को
- 13:08यह समझ नहीं आया कि यह कैसे संभव हुआ?
- 13:11आखिर शिप्रा के पास इतने पैसे कहां से आए
- 13:14कि उसने एक बार में ही 60 करोड़ उनको
- 13:17ट्रांसफर कर दिया।
- 13:18[संगीत]
- 13:18फिर उनके मन में एक ख्याल यह भी यह आया कि
- 13:21कहीं राजदीप ने तो उसको यह पैसे नहीं दिए
- 13:23हैं। हां, यही बात होगी। उन्होंने मन ही
- 13:27मन सोचा, जरूर राजदीप ने ही शिप्रा को
- 13:29पैसे दिए होंगे। नहीं तो वह एक साथ 60
- 13:32करोड़ उनको कहां से वापस कर पाती। यह
- 13:35सोचकर उन्होंने राजदीप जी की ओर मुड़कर
- 13:38कहा, राजदीप, मुझे तुमसे ऐसी उम्मीद नहीं
- 13:41थी कि तुम यूं [संगीत] शिप्रा की मदद
- 13:42करोगे। तुम्हें शिप्रा को पैसे देने की
- 13:45क्या जरूरत थी? यह तुमने सही नहीं किया।
- 13:48राजदीप जी बलवंत राय की बात सुनकर परेशान
- 13:51होते हुए बोले मैंने शिप्रा की पैसे से
- 13:54कोई मदद नहीं की है पापा उसने खुद ही इन
- 13:57पैसों का इंतजाम किया है तुम क्या मुझे
- 14:00बेवकूफ समझते हो मुझे पता नहीं है क्या कि
- 14:03शिप्रा अपनी कमाई का ज्यादातर पैसा अपनी
- 14:05[संगीत] कंपनी में ही इन्वेस्ट कर देती है
- 14:08तो फिर उसके पास इतने पैसे कैसे हो सकते
- 14:10हैं? बलवंत राय अविश्वास भरे स्वर में
- 14:13बोले, मैंने पापा से कोई पैसे नहीं लिया
- 14:16है दादा जी बल्कि मैंने अपनी कंपनी ही बेच
- 14:18दी। आप इसी से परेशान थे ना? अब आपकी यह
- 14:21परेशानी भी दूर हो गई। शिप्रा बलवंत राय
- 14:24को अपने पापा के ऊपर इल्जाम लगाते देखकर
- 14:26बोली। बलवंत राय ने जब यह सुना तो वह
- 14:30हैरान होकर शिप्रा की
- 14:31[संगीत]
- 14:31ओर देखने लगे। उन्हें विश्वास नहीं हो रहा
- 14:34था कि शिप्रा ने उनको पैसे वापस करने के
- 14:36लिए अपनी कंपनी ही [संगीत] बेच दी। अगर
- 14:39देखा जाए तो वह ऐसा बिल्कुल नहीं चाहते
- 14:42थे। वह तो यह जो भी कर रहे थे यह सब वह
- 14:45सिर्फ शिप्रा पर एक प्रेशर बनाने के लिए
- 14:48कर रहे थे। जिससे शिप्रा विहान से शादी
- 14:50करने के लिए तैयार हो जाए। शिप्रा की
- 14:53कंपनी बेचने की बात सुनकर सिर्फ बलवंत राय
- 14:55ही नहीं बल्कि धर्मवीर रायजादा और विहान
- 14:58भी हैरान था। उन्होंने नहीं सोचा था कि
- 15:00शिप्रा इस हद तक जाएगी कि अपने दादाजी
- 15:03[संगीत] के ब्लैकमेल से बचने के लिए अपनी
- 15:06कंपनी ही बेच देंगी। क्योंकि कहीं ना कहीं
- 15:09धर्मवीर रायजादा और विहान को भी शिप्रा से
- 15:12यह लालच था कि अगर शिप्रा की शादी विहान
- 15:14से हो जाती है तो एक तरह से यह कंपनी भी
- 15:17उनकी हो जाएगी। पर शिप्रा ने अपनी कंपनी
- 15:19को बेचकर उनके सोचे हुए सारे प्लान पर
- 15:22पानी फेर दिया। धर्मवीर रायजादा और विहान
- 15:26दोनों एक दूसरे का चेहरा देखने लगे और
- 15:28अपनी बेबसी को अपने चेहरे पर आने से रोक
- 15:32नहीं पाए। अगर इस समय कोई उनके चेहरे पर
- 15:35ध्यान देता तो यह सोचता कि उन दोनों की
- 15:38लंका ही लुट गई है। पर वह इस हालात में
- 15:42ज्यादा कुछ कर नहीं सकते थे। बलवंत राय को
- 15:45समझ नहीं आ रहा था कि वह शिप्रा से क्या
- 15:47बोले। उन्होंने तो दूर-दूर तक इसकी कोई
- 15:50कल्पना ही नहीं की थी। क्योंकि वह यह भी
- 15:53अच्छी तरह समझते थे कि किसी कंपनी को
- 15:56खरीदने और बेचने की प्रक्रिया इतनी आसान
- 15:59नहीं होती। सबसे पहले तो किसी कंपनी को
- 16:01बेचने के लिए उसका खरीदार ढूंढना ही
- 16:03मुश्किल होता है। और अगर खरीदार मिल भी
- 16:06जाता है तो सारा प्रोसेस पूरा होने में
- 16:09सप्ताह 10 दिन तो लग ही जाता है। पर
- 16:12शिप्रा ने तो आज के आज में ही कंपनी को
- 16:14बेच दिया। आखिर ऐसा कौन बायर मिल गया था
- 16:17शिप्रा को? जो आज के आज में ही उसको पैसे
- 16:20भी दे दिए। उन्हें खुद पर ही गुस्सा आ रहा
- 16:23था कि उन्होंने इस बात की ओर ध्यान क्यों
- 16:26नहीं दिया। वह खुद को कंट्रोल करते हुए
- 16:29बोले तुमने अपनी कंपनी बेच दी और इस बारे
- 16:33में हम लोगों से कुछ विचार करने की जरूरत
- 16:34[संगीत] भी नहीं समझी। तुम कुछ ज्यादा ही
- 16:37मनमानी नहीं करने लग गई हो। इसके लिए भी
- 16:40तो आपने ही [संगीत] मजबूर किया है दादा
- 16:41जी। अब आप यही समझ लीजिएगा कि आपके दूसरे
- 16:45बच्चों की तरह मैं भी अपने स्टार्टअप में
- 16:48फेल हो गई। पर मैंने कुलवंत भैया, मयूर और
- 16:51राधिका की तरह आपके पैसे का नुकसान नहीं
- 16:54होने दिया। बल्कि मैंने तो आपको उस पर 10
- 16:57करोड़ का ब्याज भी कमा कर दे दिया। इसलिए
- 17:00आपको मुझसे यह शिकायत तो नहीं होगी कि
- 17:02मैंने आपके बाकी बच्चों की तरह आपका कोई
- 17:05नुकसान कर दिया। शिप्रा बलवंत राय से तंज
- 17:08भरे स्वर में बोली। बलवंत राय को तो ऐसा
- 17:11लगा जैसे किसी ने उन्हें भरे बाजार चांटा
- 17:14मार दिया हो। वह शिप्रा से ऐसे जवाब की
- 17:17उम्मीद नहीं कर रहे थे। उन्हें शिप्रा की
- 17:19कंपनी बेचने की बेवकूफी पर गुस्सा आ रहा
- 17:22था। वह गुस्से में ही बोले बेवकूफ लड़की
- 17:26तुमने यह सोचा भी है कि अपनी कंपनी को
- 17:28बेचने के बाद तुम क्या करोगी। पता नहीं
- 17:31क्या करूंगी। पर यह पक्का है कि फिर कभी
- 17:34कोई काम शुरू करने के लिए अगर पैसे की
- 17:36जरूरत होगी भी तो आपके पास पैसे के लिए तो
- 17:39नहीं आऊंगी। शिप्रा के दिल का सारा दर्द
- 17:42बलवंत राय के सामने उसकी बातों से जाहिर
- 17:45हो रहा था। बलवंत राय का दिमाग कुछ सोचने
- 17:48की स्थिति में नहीं था। वह यह कभी नहीं
- 17:51चाहते थे कि शिप्रा अपनी कंपनी को बेच दे।
- 17:54क्योंकि यह उनके लिए एक प्राउड की बात थी
- 17:56कि उनके सभी [संगीत] बच्चों में शिप्रा ने
- 17:58ही उनके दिए हुए पैसों का सही उपयोग किया
- 18:01था और एक वही थी जिसने अपने स्टार्टअप को
- 18:05कामयाब किया था। बाकी सब ने तो उनके दिए
- 18:08पैसे को डूबा ही दिया था और आज वह सब
- 18:11बलवंत राय के द्वारा खड़े किए गए दूसरी
- 18:14कंपनियों में ही अलग-अलग पोस्ट का काम देख
- 18:17रहे थे। अब उन्हें अपनी उस बात के लिए
- 18:19अफसोस हो रहा था जब उन्होंने शिप्रा से
- 18:22उनके द्वारा दिए हुए पैसों को इंटरेस्ट के
- 18:24साथ वापस करने के लिए कहा था। उस समय
- 18:27उन्होंने यह बात सिर्फ शिप्रा पर प्रेशर
- 18:31बनाने के लिए कहा था। पर इसके परिणाम में
- 18:33उन्होंने यह नहीं सोचा था कि शिप्रा इस हद
- 18:36तक चली जाएगी कि वह अपनी कंपनी को ही बेच
- 18:39देगी। उन्हें इस बात से भी गुस्सा आ रहा
- 18:41था कि इस बेवकूफ लड़की को अपनी कंपनी को
- 18:44बेचना तो कबूल हुआ पर वह विहान से शादी के
- 18:47लिए राजी नहीं हुई। वह शिप्रा के जज्बात
- 18:50को समझ ही नहीं सके। अगर शिप्रा के कंपनी
- 18:53बेचने के फैसले के बारे में उन्हें पहले
- 18:55पता चल जाता तो वह किसी भी सूरत में
- 18:57शिप्रा को ऐसा करने नहीं देते। यह बात
- 19:00उन्हें और गुस्सा दिला रहा था कि इस
- 19:03बेवकूफ लड़की ने एक बार यह बात उनके नॉलेज
- 19:06में लाने की कोशिश भी नहीं की कि वह उनका
- 19:09पैसा वापस करने के लिए अपनी कंपनी को ही
- 19:12बेचने जा रही है। यह बात उनके गुस्से को
- 19:15और बढ़ाता जा रहा था। वह गुस्से में बोले
- 19:19अगर तुम्हें श्रवण की पत्नी बनकर [संगीत]
- 19:21ही रहना है तो फिर तुम यहां क्या कर रही
- 19:23हो? तुम्हें तो फिर श्रवण के पास होना
- 19:25चाहिए [संगीत] था ना क्योंकि एक शादीशुदा
- 19:28लड़की का घर तो उसका पति का ही घर होता है
- 19:30ना। यह बात समझती हो कि नहीं? शादीशुदा
- 19:33लड़की अपने मायके तो किसी पर्व त्यौहार या
- 19:36किसी फंक्शन में ही आती है। अच्छा हुआ कि
- 19:39आपने मुझे यह एहसास भी करा दिया कि यह घर
- 19:42अब मेरे लिए पराया हो गया है। चिंता मत
- 19:44कीजिए। मैं जल्दी ही आपकी यह इच्छा भी
- 19:47पूरी कर दूंगी। शिप्रा अपने प्रवाह में
- 19:50बोलती चली गई। उसने यह भी नहीं सोचा कि इस
- 19:53बात के क्या मायने हैं। जबकि राजदीप जी और
- 19:56बीना जी बलवंत राय और शिप्रा दोनों की बात
- 19:58को सुनकर परेशान नजर आने लगे। उन्हें यह
- 20:01उम्मीद नहीं थी कि बात इस हद तक चली जाएगी
- 20:05कि फिर उसे कंट्रोल करना मुश्किल हो
- 20:07जाएगा। पर वह बलवंत राय के सामने कुछ बोल
- 20:10भी नहीं सकते थे। वह यही उम्मीद कर रहे थे
- 20:12कि यह बातें जितनी जल्दी बंद हो जाए
- 20:15[संगीत] उतना अच्छा। जबकि धर्मवीर रायजादा
- 20:18और विहान शिप्रा के पहले के व्यवहार से
- 20:20आहत तो थे ही। इसलिए वह बलवंत राय की बात
- 20:23सुनकर खुश हो रहे थे कि शायद इस लड़की का
- 20:26दिमाग घर से निकाले जाने के बाद ही सही
- 20:29होगा। इस बीच धर्मवीर रायजादा ने अपने आप
- 20:32को शिप्रा का हितषी दिखाते हुए कहा। यह
- 20:35तुम कैसी बात कर रही हो शिप्रा बेटी? तुम
- 20:38क्यों इस घर को छोड़कर जाओगी? तुम यही
- 20:40चाहती हो ना कि तुम्हें विहान से शादी
- 20:43नहीं करनी है। अगर ऐसी बात थी तो तुम
- 20:45मुझसे बात कर सकती थी। मेरे सामने अपनी
- 20:48बात रखती तो मैं क्या तुम्हारे साथ
- 20:50जबरदस्ती करता? मैं तो बस तुम्हारी जिंदगी
- 20:53खराब होते नहीं दिखा सकता था। इसलिए मैंने
- 20:55बलवंत राय जी के सामने विहान से तुम्हारी
- 20:57शादी की बात रखी थी। क्योंकि तुम्हारी इस
- 21:00हालत का जिम्मेदार कहीं ना कहीं [संगीत]
- 21:03मैं और विहान भी तो थे। तुम्हें विहान से
- 21:06शादी नहीं करनी है। कोई बात नहीं। अब
- 21:08तुम्हें कोई भी इसके लिए प्रेशराइज नहीं
- 21:10करेगा। पर तुम इस घर को छोड़ने की बात भूल
- 21:13जाओ। हमारे कारण तुम्हें अपना घर छोड़ना
- 21:15पड़े यह ठीक नहीं है। राय साहब आप भी इस
- 21:19बात को छोड़िए। जब शिप्रा बेटी श्रवण के
- 21:22साथ खुश है तो फिर इसे खुश रहने दीजिए।
- 21:25हमारे लिए तो सबसे बढ़कर शिप्रा बेटी की
- 21:27खुशी ही है। सुन रही हो कुछ? देख रही हो
- 21:30तुम्हारे लिए कितने चिंतित हैं धर्मवीर जी
- 21:33और एक तुम हो जिसे अपनी अच्छे [संगीत]
- 21:35बुरे का ही ज्ञान नहीं है। बलवंत राय
- 21:39धर्मवीर जी की बात सुनकर शिप्रा को ताना
- 21:41मारते हुए बोले फिर वह धर्मवीर रायजादा से
- 21:44बोले माफ कीजिएगा धर्मवीर जी हम अपनी इस
- 21:47नादान बेटी को समझाने में नाकाम रहे पर
- 21:50मैं चाहता हूं कि हमारे परिवार में जो एक
- 21:52संबंध बनने जा रहा था वह ऐसे ही ना रहे।
- 21:55अगर आप चाहेंगे तो भी हमारे परिवार में
- 21:57संबंध बन सकता है। मैं कुछ समझा नहीं। आप
- 22:00कहना क्या चाहते हैं राय साहब? धर्मवीर
- 22:03रायजादा को बलवंत राय की बात सुनकर कुछ
- 22:06उम्मीद जगी कि क्या अभी भी कुछ हो सकता
- 22:08है? जब धर्मवीर रायजादा ने बलवंत राय से
- 22:11जानना चाहा कि वह क्या कहना चाहते हैं? तो
- 22:14बलवंत राय ने कहा अगर आप चाहेंगे तो हमारी
- 22:18दूसरी पोती युविका के साथ हम विहान की
- 22:22शादी कर सकते हैं। मुझे उम्मीद है कि
- 22:24बृजभूषण भी इस बात से खुश ही होगा। आप
- 22:28क्या कहते हैं? वैसे तो इसकी कोई जरूरत
- 22:30नहीं है राय साहब। लेकिन अगर आप चाहते हैं
- 22:33कि हमारे परिवार में कोई संबंध बन ही जाए
- 22:36तो मैं आपको मना कैसे कर सकता हूं? आप
- 22:39जैसा चाहेंगे मैं उसके लिए हमेशा तैयार
- 22:41हूं। शायद ऊपर वाला भी यही चाहता है कि हम
- 22:44सिर्फ बिजनेस पार्टनर ही ना बने बल्कि हम
- 22:47संबंधी भी बन जाए। धर्मवीर रायजादा मन ही
- 22:50मन खुश होता हुआ बोला। अभी तक जो उसे लग
- 22:53रहा था कि उसकी योजना खटाई में पड़ गई।
- 22:56उसके पास जो मौका था उसे उसने खो [संगीत]
- 22:58दिया। अचानक ही उसे लगने लगा कि फिर से वह
- 23:01अपने मकसद को पूरा कर सकता है। धर्मवीर
- 23:04रायजादा की सहमति पाकर बलवंत राय ने कहा
- 23:07तो फिर ठीक है मैं बृजभूषण से [संगीत] बात
- 23:10करके कोई अच्छा सा दिन निश्चित करके दोनों
- 23:13की सगाई कर देते हैं। यह सब आप देख लीजिए
- 23:15राय साहब आप जैसा कहेंगे मैं उसके लिए
- 23:18तैयार हूं। आखिर आप हमारे भी तो बड़े हैं।
- 23:20धर्मवीर रायजादा चापलूसी भरे स्वर में
- 23:23बोला राजदीप जी और बीना जी बातचीत का
- 23:26स्वरूप चेंज होते देखकर हैरान थे। बीना जी
- 23:28को जलन भी हुआ कि जो विहान उनका दामाद बन
- 23:31सकता था अब वह बृजभूषण का दामाद बन जाएगा।
- 23:35बीना जी समझ नहीं पा रही थी कि वह खुश हुए
- 23:37कि रोए। कमोबेश यही हाल राजदीप जी का भी
- 23:41था। उनकी भी चाहत नहीं थी कि शिप्रा की
- 23:44शादी विहान [संगीत]
- 23:45से हो। पर जब उन्होंने यह जाना कि अब
- 23:47विहान की शादी युविका से होने जा रही है
- 23:50तो उनके मन में भी जलन का भाव पैदा हो
- 23:53गया। पर उन्हें तसल्ली थी कि चलो कम से कम
- 23:56बातचीत का स्वरूप तो चेंज हुआ। अब बलवंत
- 23:58राय का फोकस शिप्रा से हट गया था। शिप्रा
- 24:02इस बात से हैरान थी कि कैसे धर्मवीर
- 24:04रायजादा तुरंत ही युविका को अपनी बहू
- 24:07बनाने के लिए तैयार हो गया। अब भी कहां
- 24:09गया विहान का प्यार जो दावा करता था कि वह
- 24:12शिप्रा से बहुत प्यार करता है। जैसे ही
- 24:15युविका के साथ शादी करने की बात आई
- 24:16[संगीत] एक बार गलती से भी विहान ने
- 24:18प्रतिरोध करने की कोशिश नहीं की बल्कि
- 24:20उसके चेहरे को देखकर लग रहा था वह भी इस
- 24:24फैसले से संतुष्ट था। ठीक है राय साहब आप
- 24:28देख लीजिए कि आगे क्या करना है। [संगीत]
- 24:30बाकी अभी मैं चलता हूं। जैसा भी होगा उस
- 24:33हिसाब से आगे की प्लानिंग कर लेंगे।
- 24:35धर्मवीर रायजादा सोफे से उठता हुआ बोला।
- 24:38विहान भी धर्मवीर रायजादा के साथ हो लिया।
- 24:40[संगीत] फिर दोनों उस घर से निकल गए।
- 24:42धर्मवीर रायजादा और विहान के जाने के बाद
- 24:46बलवंत राय ने राजदीप और बिना जी की ओर
- 24:48देखकर कहा, ठीक है, मैं भी चलता हूं। अब
- 24:52आगे की प्लानिंग भी करनी है। [संगीत] इतना
- 24:53बोलकर उन्होंने एक नजर शिप्रा की ओर देखा।
- 24:57फिर वह भी वहां से निकल गए। बलवंत राय के
- 25:00वहां से जाने के बाद राजदीप जी और बीना जी
- 25:03ने चैन की सांस ली। पर शिप्रा का मूड
- 25:06थोड़ा उखड़ा हुआ था। उसको बलवंत राय की इस
- 25:09बात ने
- 25:09[संगीत]
- 25:09थोड़ा इमोशनल कर दिया था। जब उन्होंने कहा
- 25:12था कि जब तुमने शादी कर ही ली है तो फिर
- 25:15यहां क्या कर रही हो? तुम्हें तो अपने पति
- 25:17के पास होना चाहिए। शिप्रा समझ रही थी कि
- 25:20यह बलवंत राय का फ्रस्ट्रेशन था। पर यह
- 25:23बात कहीं ना कहीं उसको चुभ गई थी। उसने
- 25:26खुद भी सोच लिया था कि अब उसके लिए भी यही
- 25:28सही है कि [संगीत] वह कुछ समय के लिए अपना
- 25:31घर छोड़ ही दे ताकि बाद में उसके घर वाले
- 25:34भी दोबारा कभी उससे उसकी शादी को लेकर कुछ
- 25:37बात ना कर सके। वैसे भी शिप्रा प्लान कर
- 25:39रखी थी कि वह शौर्य के घर जाकर कुछ
- 25:41[संगीत] दिन रहेगी। अब उसको इसका सही
- 25:43बहाना भी मिल गया था। उसने शौर्य की कोठी
- 25:47में अपने लिए एक रूम को अपने हिसाब से
- 25:50डेकोरेट करने के लिए खरीदारी भी कर ली थी।
- 25:52दूसरी तरफ वीणा जी को यह बात खाए जा रही
- 25:55थी कि शिप्रा के मना करने के बाद बलवंत
- 25:57राय ने विहान की शादी युविका के साथ फिक्स
- 26:01कर दी थी। जब तक वीणा [संगीत] जी को यह
- 26:03नहीं लगा था कि बलवंत राय ऐसा कुछ करने
- 26:06वाले हैं। तब तक वह भी शिप्रा की शादी
- 26:09विहान से करने के पक्ष में नहीं थी। लेकिन
- 26:11जैसे ही उन्हें पता चला कि अब बलवंत राय
- 26:14ने युविका के साथ विहान की शादी करने की
- 26:16सोच ली है तो उनके मन में जलन की भावना आ
- 26:20गई थी। जिसे उन्होंने छुपाया भी नहीं और
- 26:24इस बात को उन्होंने शिप्रा के सामने ही
- 26:26जाहिर कर दिया। देखा तुमने तुम्हारी जिद
- 26:30के कारण आज पापा जी विहान की शादी युविका
- 26:33से करने जा रहे हैं। मुझे तो समझ नहीं आ
- 26:36रहा है कि तुमने यह कैसी [संगीत] जिद ठान
- 26:38ली है कि विहान से शादी नहीं करनी है।
- 26:41राजदीप जी ने जब बीना जी को यह कहते सुना
- 26:44तो उन्हें शिप्रा के लिए थोड़ा बुरा भी
- 26:46लगा क्योंकि वह पहले ही एक मेंटल [संगीत]
- 26:49ट्रॉमा से गुजर रही थी। क्योंकि जितना कुछ
- 26:52अभी बलवंत राय उससे बोल कर गए थे। यहां तक
- 26:55कि उसे घर छोड़ने के लिए भी बोल दिया था।
- 26:58यह एक तरह से शिप्रा के लिए मेंटल ट्रॉमा
- 27:01ही था। पर बीना जी यह कहां समझने वाली थी।
- 27:03इसलिए बीना जी की बात शिप्रा को और
- 27:06प्रभावित ना करे। यह सोचकर उन्होंने बीना
- 27:09जी को झिरकते हुए कहा। तुम भी बिना कुछ
- 27:11सोचे समझे कुछ भी बोलने लगती हो। अभी
- 27:14पिताजी जो इसको इतना बोल कर गए। वह क्या
- 27:16[संगीत] काम था जो अब तुम भी शुरू हो गई।
- 27:19अब जब यह फैसला हो गया कि शिप्रा को विहान
- 27:22से शादी नहीं करनी है। तो अब तुम उस बात
- 27:25को लेकर कोई भी बात नहीं करोगी। अगर
- 27:28पिताजी चाहते हैं कि विहान की शादी युविका
- 27:30से हो जाए तो फिर ठीक है ऐसा ही हो। पर अब
- 27:33इस बात के लिए शिप्रा को कोषना बंद करो।
- 27:36राजदीप जी की बात से बीना जी चुप हो गई।
- 27:39वह भी शिप्रा के चेहरे का बदलते भाव को
- 27:42देख रही थी। फिर वह बात को संभालने के लिए
- 27:45प्यार से बोली। मैं शिप्रा को कोश थोड़ी
- 27:48रही हूं। मैं तो बस इसलिए ऐसा बोल दी कि
- 27:50[संगीत] अब पापा जी विहान की शादी यूईिका
- 27:53से करने जा रहे हैं। हां तो क्या हुआ?
- 27:55विहान की शादी किसी ने किसी के साथ तो
- 27:57होनी थी। ऐसा तो है नहीं कि शिप्रा ने
- 27:59विहान से शादी नहीं की तो उसकी शादी ही
- 28:02नहीं होगी। जब किसी और से भी होनी थी तो
- 28:05युविका के साथ हो जाएगी। तुम इस बात को
- 28:07[संगीत] अन्यथा क्यों ले रही हो? राजदीप
- 28:09जी बीना जी को समझाते हुए बोले राजदीप जी
- 28:13और बीना जी की बात चालू थी। इसी बीच में
- 28:15शिपरा बोली मां पापा मैं कुछ समय के लिए
- 28:19श्रवण के साथ रहने के लिए जा रही हूं।
- 28:21शायद इस घर से अलग रहकर मैं यह भी निश्चय
- 28:23कर पाऊंगी कि मेरे लिए क्या सही है और
- 28:25क्या गलत। जब राजदीप जी ने यह सुना कि
- 28:28शिप्रा श्रवण के साथ शिफ्ट होने की सोच
- 28:31रही है तो उन्हें झटका सा लगा। उन्होंने
- 28:34यही [संगीत] सोचा कि अभी पिताजी ने जो
- 28:36शिप्रा से कहा था कि तुम अपने पति के साथ
- 28:39क्यों नहीं रह रही हो। शायद इसी कारण शुरा
- 28:41ऐसा बोल रही है। यह सोचकर ही राजदीप जी
- 28:44सफाई देते हुए बोले, "यह तुम कैसी बात कर
- 28:48रही हो?" अरे पिताजी ने तो गुस्से में पता
- 28:50नहीं क्या कुछ बोल दिया। इसका मतलब यह
- 28:52[संगीत] थोड़े ही है कि तुम्हें यह घर
- 28:54छोड़कर जाना है। तुम ज्यादा कुछ सोचो मत।
- 28:57आज तुम आराम करो। सब कुछ कल से नॉर्मल हो
- 29:00जाएगा। अब वैसे भी पिताजी ने विहान की
- 29:03[संगीत] शादी युविका के साथ करने की सोच
- 29:05ली है। तो तुम्हारी तरफ वह ज्यादा ध्यान
- 29:08अब नहीं देंगे। नहीं पापा मैं ऐसा इसलिए
- 29:11नहीं बोल रही हूं कि दादा जी ने ऐसा कहा
- 29:14इसलिए मैं श्रवण के साथ शिफ्ट होने की सोच
- 29:16रही हूं। मैंने यह पहले ही सोच रखा था कि
- 29:20मुझे श्रवण के साथ शिफ्ट होना है। शिप्रा
- 29:23ने राजदीप जी के सामने सफाई दी पर बेटी
- 29:27उसका तो अपना खुद ही ठिकाना नहीं है। तो
- 29:29तुम उसके साथ कहां शिफ्ट होगी? राजदीप जी
- 29:32ने अपनी चिंता जाहिर की। ऐसा नहीं है
- 29:35पापा। श्रवण जहां काम करता है उस कंपनी से
- 29:38उसको रहने के लिए घर मिला है। वह अब वहीं
- 29:41रहने लगा है। मैं जाकर उस घर को देख भी ली
- 29:44हूं। वह अच्छा घर है। इसलिए मैं अभी वहीं
- 29:48रहने की सोच रही हूं। शिप्रा ने अपने दिल
- 29:50की बात अपनी मां और पापा के सामने जहीर कर
- 29:53दी। क्या कहा तुमने? श्रवण को उसकी कंपनी
- 29:56की तरफ से रहने के लिए घर भी मिला है।
- 29:59तुमने यह बात मुझे पहले क्यों नहीं बताई?
- 30:01यह तो अच्छी बात है कि श्रवण इतनी जल्दी
- 30:03तरक्की कर रहा है। पर फिर भी अभी तुम्हें
- 30:07वहां जाकर रहने की क्या जरूरत है? राजदीप
- 30:10जी यह जानकर कि श्रवण को उसकी कंपनी से
- 30:12रहने के लिए घर मिला है। उस बात से खुश
- 30:15होते हुए बोले बात जरूरत की नहीं है पापा।
- 30:18बात अब अपने स्वाभिमान की भी है। आप मुझे
- 30:22रोकिए मत। मैं ऐसा दादा जी की बात सुनकर
- 30:24नहीं कर रही हूं। अभी मुझे यही ठीक भी लग
- 30:27[संगीत] रहा है। यह मेरा अपना फैसला है कि
- 30:29मुझे श्रवण के साथ अपनी शादी को कंटिन्यू
- 30:32करना है। इसलिए भी मेरा यह फैसला सही है।
- 30:36शिप्रा अपनी बात को स्पष्ट करते [संगीत]
- 30:38हुए बोली मैं तुम्हारी बात से इंकार नहीं
- 30:41कर रहा। पर इस समय मुझे तुम्हारा वहां
- 30:44शिफ्ट होना सही नहीं लग रहा है। इसलिए मैं
- 30:46ऐसा बोल रहा हूं। अगर तुमको श्रवण के साथ
- 30:49शिफ्ट ही होना है तो कुछ दिनों के बाद हो
- 30:52जाना। पर अभी नहीं। नहीं तो सबको यही
- 30:55लगेगा कि तुमने ऐसा पिताजी की बात को
- 30:57सुनकर ही किया। राजदीप जी ने अपनी [संगीत]
- 31:00चिंता जाहिर की। अगर ऐसी बात है तो फिर
- 31:03यही सही है पापा कि मैं अभी ही श्रवण के
- 31:05साथ शिफ्ट हो जाऊं। इससे दादा जी की बात
- 31:07का मान भी रह जाएगा। पर हां मैं आपसे यह
- 31:10अश्योर करती हूं कि अगर कभी भी आप मुझे
- 31:12याद करेंगे या बुलाएंगे तो मैं आपके पास
- 31:15हाजिर हो जाऊंगी। पर प्लीज आप मुझे अभी
- 31:18वहां जाने से मत रोकिए। शिप्रा राजदीप जी
- 31:20से रिक्वेस्ट करती हुई बोली। दूसरी तरफ
- 31:23मेनका और श्रवण की मीटिंग हंसल मेहता के
- 31:26साथ समाप्त हो गई थी। हंसल मेहता अपने घर
- 31:29को चले गए थे। उनके जाने के बाद मेनका ने
- 31:32बताया कि होटल पैराडाइज के बिडिंग के लिए
- 31:34उसने फॉर्म वगैरह फील कर दिया था। उसने
- 31:37वहां पर विक्रम के नाम से बड करने के लिए
- 31:40नॉमिनेशन किया था। क्योंकि वह नहीं चाहती
- 31:43थी कि राघव चढा को यह पता चले कि उस
- 31:47बिल्डिंग में मेनका भी भाग ले रही है। अगर
- 31:50राघव चड्ढा को यह पता चल जाता कि मेनका भी
- 31:53होटल पैराडाइज की नीलामी के में हिस्सा ले
- 31:55रही है तो वह सचेत हो जाता। यही सोचकर
- 31:59मेनका ने उसमें अपना नाम नहीं दिया। उसने
- 32:02बडिंग के लिए जो होटल के प्राइस का 10 से
- 32:0515 फर अमाउंट डिपॉजिट करनी होती है, वह भी
- 32:07करवा दिया था और वह उस तरफ से अब निश्चित
- 32:10हो गई थी। श्रवण ने मेनका को अशोर किया कि
- 32:13वह भी उस बिल्डिंग में विक्रम के साथ
- 32:15हिस्सा लेगा और कोशिश करेगा कि वह मेनका
- 32:18के सपनों को साकार कर दे। शौर्य की बात
- 32:21सुनकर मेनका खुश हो गई थी। अगर राघव चड्ढा
- 32:24को यह बात पता चल जाता कि मेनका ने होटल
- 32:26पैराडाइज के [संगीत] लिए क्या प्लान कर
- 32:28रखा है तो शायद वह इस नीलामी प्रक्रिया को
- 32:31रोकने की कोशिश करता। क्योंकि राघव चढा ने
- 32:34अपने सोर्स से इस नीलामी की ज्यादा
- 32:37पब्लिसिटी नहीं होने दिया था। [संगीत]
- 32:39इसका कारण यह था कि वह नहीं चाहता था कि
- 32:42ज्यादा लोग इस बिल्डिंग में हिस्सा ले। पर
- 32:44मेनका की नजर पहले से ही इस पर थी और उसने
- 32:47अपना एक बंदा भी राघव चड्ढा की टीम में
- 32:50शामिल कर रखा था। जिससे उसे वहां की वस्तु
- 32:53स्थिति का पता चलता रहता था। मेनका ने
- 32:56श्रवण को बताया कि नीलामी का टाइम कल 11 0
- 33:00बजे का है। इसलिए वह समय से [संगीत] आ
- 33:03जाए। शौर्य ने मेनका को आश्वस्त किया कि
- 33:05वह समय से आ जाएगा। इसके बाद शौर्य होटल
- 33:09राजकमल से अपने घर के लिए निकल गया। होटल
- 33:12से निकलकर [संगीत] शौर्य सीधा मॉडल टाउन
- 33:14वाली अपनी कोठी पर पहुंचा। जिस समय वह
- 33:17अपने घर पहुंचा। उसने देखा उसके घर के
- 33:19बाहर एक ट्रक खड़ा था जिसमें से लोग सामान
- 33:22उतार रहे थे। शौर्य को यह समझ नहीं आया कि
- 33:25यह सामान किसने मंगवाया है। उसने देखा
- 33:28वहीं पर मेघा खड़ी है तो उसने मेघा से
- 33:30पूछा यह किसका सामान है और किसने इसे
- 33:33मंगवाया है? मेघा ने शौर्य से बताया कि
- 33:36इसे शिप्रा भाभी ने अपने कमरे के लिए
- 33:38मंगवाया है। शौर्य को यह जानकर सुखद
- 33:41आश्चर्य हुआ कि शिप्रा ने सच में उस कमरे
- 33:44के लिए फर्नीचर के साथ और भी जरूरी सामान
- 33:46मंगवाया था। पहले उसे लगा नहीं था कि
- 33:48शिप्रा ऐसा कुछ करेगी। वैसे जब शिप्रा
- 33:51यहां आई थी तो उसने मेघा को बताया था कि
- 33:54वह [संगीत] उस कमरे को किसी को ना दे। वह
- 33:56उसे अपने हिसाब से डेकोरेट करेगी। पर उस
- 33:58समय शौर्य को उसकी बात पर विश्वास नहीं
- 34:01हुआ था। पर अब जब उसने सामान को उतरते
- 34:04देखा तो उसे एक आश्चर्य के साथ सुखद
- 34:06अनुभूति भी हुआ। उसके मन के किसी कोने में
- 34:09एक गुदगुदी से भी हुई कि शिप्रा उसके साथ
- 34:13रहने यहां आएगी। वह घर के अंदर गया और उस
- 34:16कमरे [संगीत] में जाकर उसने वहां की
- 34:18स्थिति को देखा। सामान के साथ आए लोगों ने
- 34:21खुद ही हर एक सामान को उसकी सही जगह पर
- 34:24सेट किया। शौर्य ने देखा [संगीत] उस कमरे
- 34:26की स्थिति अब बहुत अच्छी हो गई थी। वह
- 34:29खाली कमरा अब सामान भर जाने के बाद पूरी
- 34:32तरह से एक कमरा लग रहा था। उसने ध्यान
- 34:34दिया उस कमरे का हर एक आइटम प्रिशियस था
- 34:37और आंखों को सुकून देने वाला था। यहां तक
- 34:40कि जो विंडो के ऊपर पर्दा भी लगा हुआ था,
- 34:42वह भी अपनी खूबसूरती को [संगीत] बयां कर
- 34:45रहा था। इसी समय कमरे में मेघा भी आई और
- 34:48कमरे को निहारती हुई बोली देखा आपने कितना
- 34:52सुंदर लग रहा है यह कमरा अब तो मजा आएगा
- 34:54जब भाभी यहां रहने आ जाएंगी मेघा की बात
- 34:57सुनकर शौर्य मुस्कुराया और बोला तुम्हें
- 35:00लगता है कि शिप्रा यहां रहने के लिए आएगी
- 35:03तो और क्या आपको क्या लगता है उन्होंने जो
- 35:06यह कमरा अपने हिसाब से सजाया है वह क्या
- 35:08सिर्फ [संगीत] दिखावे के लिए किया है आप
- 35:11देख नहीं रहे हैं कि यहां जो भी सामान
- 35:13लगाया गया है वह कितना अच्छा और खूबसूरत
- 35:15है। मेघा पूरे कमरे में अपनी नजर दौड़ाती
- 35:19हुई बोली। शौर्य ने मेघा की नजरों का
- 35:22अनुसरण किया। उसे मेघा सही बोलती प्रतीत
- 35:25हुई क्योंकि शिप्रा ने उस कमरे की हर एक
- 35:28छोटी से बड़ी चीजों के ऊपर खास ध्यान दिया
- 35:31था। वह समझ सकता था कि शिप्रा ने इस पर
- 35:34अच्छा खासा पैसा खर्च किया है। शौर्य को
- 35:37घर आए हुए लगभग 1 डेढ़ घंटा हो गया था। वह
- 35:40मेघा के साथ डाइनिंग हॉल में बैठा हुआ था।
- 35:43इसी समय गोपाल की वाइफ गीता दो कप चाय
- 35:46लेकर उसके सामने आ गई थी और उसने दोनों के
- 35:49सामने उसका कप पड़ा दिया। गिरजा लगभग 35
- 35:5236 साल की युवती थी। जब उन्होंने शौर्य और
- 35:55मेघा के सामने चाय रखी तो शौर्य ने पूछा
- 35:58भाभी आपकी चाय कहां है? आपने अपना चाय
- 36:01क्यों नहीं लिया? शौर्य की बात सुनकर
- 36:04गिरजा हैरानी से शौर्य की ओर देखने लगी।
- 36:06जैसे वह उससे कह रही हो कि उसके सामने वह
- 36:09कैसे चाय पी सकती है? शौर्य ने गिरजा के
- 36:12भाव को महसूस कर लिया और मुस्कुराते हुए
- 36:14बोला दीदी आप यहां काम करती हैं तो इसका
- 36:18मतलब यह नहीं हुआ कि आप अपने मन का नहीं
- 36:20कर सकती। आप भी यहां एक तरह से हमारे
- 36:22परिवार का ही हिस्सा हैं और अभी तो यहां
- 36:25कोई ज्यादा लोग भी नहीं है। इसलिए जब आप
- 36:27हमारे लिए कुछ भी बनाती हैं तो आप अपने
- 36:29लिए भी बना लिया कीजिए। आप यह कभी मत
- 36:32सोचिए कि आप यहां एक नौकर के रूप में हैं।
- 36:36शौर्य की बात सुनकर मेघा भी गिरजा की ओर
- 36:39देखकर मुस्कुराते हुए बोली जाइए दीदी आप
- 36:43भी अपने लिए चाय बनाकर ले आइए। नहीं तो
- 36:45कहीं ऐसा ना हो कि श्रवण भैया ही आपके लिए
- 36:47चाय बनाने चले जाएं। [संगीत] नहीं नहीं
- 36:49उसकी कोई जरूरत नहीं है। मैं जाती हूं।
- 36:52मैं अपने लिए चाय बनाकर पी लूंगी। तब तक
- 36:54आप दोनों पीजिए। गिरजा सकुचाते हुए बोली।
- 36:58शिप्रा ने इतना बोला ही था कि तभी उसने
- 37:01बाहर किसी गाड़ी के खड़े होने की आवाज
- 37:03सुनी तो उसने गिरजा को रोकते हुए कहा, रुक
- 37:06जाइए दीदी। लगता है कोई बाहर आया है। पहले
- 37:09देख लीजिए। हो सकता है कि आपको कुछ और कप
- 37:12चाय बनानी पड़ जाए। आप रहने दीजिए। मैं
- 37:14जाकर देखती हूं कि बाहर कौन आया है। इतना
- 37:17बोलकर गिरजा बाहर गेट की तरफ बढ़ गई। इधर
- 37:20शौर्य भी सोच रहा था कि पता नहीं इस समय
- 37:22कौन आया है। शौर्य और मेघा दोनों की निगाह
- 37:26गेट की तरफ ही लगी हुई थी। तभी उसने देखा
- 37:29गिरजा के पीछे शिप्रा और मेघना दोनों आ
- 37:32रही थी। शिप्रा को देखकर मेघा अपनी जगह से
- 37:35खड़ी हो गई और वह भागकर शिप्रा के पास
- 37:38पहुंची। शिप्रा ने मेघा को अपनी तरफ आते
- 37:40देखा तो उसको खींच कर अपने गले से लगा
- 37:42लिया। मेघा शिप्रा से अलग होते हुए बोली
- 37:46भाभी आप आ गई। सच कहो तो मैं आपका दिन से
- 37:49ही इंतजार कर रही थी। इसके बाद मेघा ने
- 37:51मेघना को भी नमस्ते किया। शौर्य अपनी जगह
- 37:54पर खड़ा होकर दोनों को अपनी तरफ आते हुए
- 37:57देखता रहा। शौर्य की नजर मेघना से मिली तो
- 38:01मेघना ने मुस्कुराते हुए कहा, "तुमने तो
- 38:05मुझे अपने घर बुलाया नहीं।" पर देखो मैं
- 38:07[संगीत] कितनी बेशर्म निकली कि बिन बुलाए
- 38:10ही तुम्हारे घर आ गई। शौर्य ने मेघना की
- 38:13बात को सुना। तो उसने भी मेघना को ऐसा ही
- 38:15जवाब दिया। क्यों झूठ [संगीत] बोल रही हो?
- 38:18तुम मेरे पास नहीं आई हो बल्कि तुम तो
- 38:20अपनी बहन के घर आई हो। शौर्य का यह जवाब
- 38:22सुनकर मेघना की आंखें बड़ी हो गई। उसने मन
- 38:26ही मन सोचा कितना तेज है यह लड़का। ऐसा
- 38:29जवाब दिया कि उसने एक लाइन में ही इस घर
- 38:32से शिप्रा का अपनापन जोर दिया। एक पल में
- 38:35ही शिप्रा को उसने यह एहसास करा दिया कि
- 38:37वह किसी और के पास नहीं बल्कि अपने घर में
- 38:40आई है। अब मेघना चाहकर भी कुछ नहीं बोल
- 38:43[संगीत] सकती थी। जबकि इस समय शिप्रा को
- 38:45यह सुनकर अच्छा लगा जो शौर्य ने मेघना से
- 38:48कहा कि वह अपने बहन के घर आई है। इस एक
- 38:51शब्द में है। शौर्य ने शिप्रा को कितना
- 38:54बड़ा अधिकार दे दिया था। शौर्य के यह कुछ
- 38:56शब्द ने ही शिप्रा के मन का झिंझक समाप्त
- 38:59कर दिया। यहां आने से पहले शिप्रा के मन
- 39:02में कई सवाल चल रहे थे कि श्रवण क्या
- 39:04सोचेगा कि वह बिना कुछ बोले [संगीत] ही
- 39:06उसके घर में आ गई है। ना इस बारे में
- 39:09दोनों ने कोई बात किया।
- 39:10[संगीत]
- 39:11आने से पहले वह इस बारे में भी कई बार
- 39:13सोची कि वह श्रवण को कैसे अपने इस उलझे मन
- 39:16स्थिति के बारे में समझा पाएगी। पर अब वह
- 39:19सारी भाव शिप्रा के मन से समाप्त हो गई
- 39:22थी। उसने यह महसूस कर लिया कि अब उसे इस
- 39:25बारे में शौर्य से कोई बात करने की जरूरत
- 39:28ही नहीं है। शौर्य की इन कुछ बातों को
- 39:30सुनने के बाद ही उसके मन में यह अनुभूति आ
- 39:33गई कि यह उसका अपना ही घर है। यहां आने से
- 39:36पहले जो उसके मन में एक परायापन का बोध
- 39:39था, वह अब समाप्त हो गया था। मेघा के कहने
- 39:42पर शिप्रा और मेघना भी उस डाइनिंग हॉल
- 39:44[संगीत] में ही शौर्य के सामने बैठ गए। उन
- 39:47दोनों के बैठने के बाद गिरजा ने शिप्रा और
- 39:49मेघना की ओर देखकर पूछा दीदी आप लोग क्या
- 39:53लेंगी चाय या कॉफी? गिरजा की बात सुनकर
- 39:55शिप्रा ने मेघा की ओर देखा तो मेघा बोली
- 39:58भाभी मैं और श्रवण भैया तो चाय पी रहे
- 40:01हैं। आप बोल दीजिए आपको क्या चाहिए? अभी
- 40:04दीदी बना लाएंगी। मेघा की बात सुनकर
- 40:07शिप्रा गिरजा से बोली तो फिर ठीक है। आप
- 40:10मेरे लिए भी चाय ही बना लाइए। शिप्रा की
- 40:13बात सुनकर गिरजा किचन में चली गई और कुछ
- 40:16ही देर में उन दोनों के लिए चाय बनाकर ले
- 40:18आई। गिरजा ने शिप्रा और मेघना के सामने
- 40:21चाय की कप रख दी और वह वहां से चली गई।
- 40:24गिरजा के वहां से जाने के बाद मेघा ने
- 40:26शिप्रा से पूछा, "भाभी, आपके सामान कहां
- 40:29है?" शिप्रा ने आश्चर्य से मेघा की ओर
- 40:32देखा। जैसे वह जानना चाहती हो कि मेघा ने
- 40:35यह कैसे समझा कि शिप्रा अपने सामान को भी
- 40:38लेकर आई हुई होगी। उसके भाव को समझकर
- 40:41शिप्रा फिर से बोली भाभी मैं अब इतनी भी
- 40:44नादान नहीं हूं। मुझे पता है जब आप आई हैं
- 40:46तो आपका सामान भी आपके साथ होना चाहिए।
- 40:49मेघा का जवाब सुनकर शिप्रा बोली मेरे
- 40:51सामान का बैग कार में ही है। शिप्रा का
- 40:54जवाब सुनकर मेघा ने गिरजा को बुलाया और
- 40:57उससे कहा दीदी आप गोपाल भैया को बोलकर
- 41:00भाभी की कार से उनका बैग निकालकर उनके
- 41:02कमरे में पहुंचा देने को बोल दीजिए ना।
- 41:05मेघा की बात सुनकर गिरजा वहां से चली गई।
- 41:08शौर्य देख रहा था कि मेघा कितनी होशियारी
- 41:11से हर एक चीज को संभाल रही थी। जबकि शौर्य
- 41:14को समझ [संगीत] नहीं आ रहा था कि वह
- 41:15शिप्रा के सामने कैसे व्यवहार करें। इस
- 41:18बीच मेघना ने बात की शुरुआत करते हुए कहा
- 41:22तुमने यह घर तो बड़ा अच्छा लिया है श्रवण
- 41:24मुझे नहीं पता था कि तुम्हारा घर इतना
- 41:26खूबसूरत होगा। वाकई यह जगह भी बहुत शानदार
- 41:30है और तुम्हारी कोठी भी मेघना [संगीत] की
- 41:33बात सुनकर शौर्य बोला शायद मेरी किस्मत
- 41:35ज्यादा अच्छी थी जो मुझे यह घर मिल गया।
- 41:38बाकी तुम बताओ तुम्हारा क्या चल रहा है?
- 41:41शौर्य का सवाल सुनकर मेघना बोली मैं तो
- 41:45तुम्हारे भरोसे हूं। जितनी जल्दी तुम मेरा
- 41:47काम पूरा करवा दोगे, उतनी जल्दी मैं फ्री
- 41:49हो जाऊंगी। आखिर नताशा कपूर कब वापस आ रही
- 41:53है? मेघना के सवाल के जवाब में शौर्य ने
- 41:56कहा, नताशा कपूर परसों आ जाएंगी। एक्चुअली
- 42:00परसों ही हंसल मेहता ने अपने स्ट्रांग
- 42:02एनर्जी ड्रिंक की लॉन्च पार्टी रखी है।
- 42:05उसी में नताशा कपूर आएंगी। उसके बाद हमारा
- 42:08काम समाप्त होने के बाद ही उसका यहां से
- 42:10जाना होगा। चलो यह बढ़िया [संगीत] है। वो
- 42:13आ जाएगी तो कम से कम शूटिंग तो कंप्लीट हो
- 42:15जाएगी। उसके बाद मैं अपनी आगे की प्लानिंग
- 42:17कुछ कर पाऊंगी। मेघना चैन की सांस लेते
- 42:20हुए बोली क्योंकि अभी तक वह भी इसी
- 42:22उधेड़बन में थी कि उसकी शूटिंग कब पूरी
- 42:25होगी। शौर्य के जवाब से अब उसे तसल्ली
- 42:29हुई। क्या भैया आप घर पर भी बिजनेस संबंधी
- 42:32बातें करने लगे? मेघा शौर्य और मेघना को
- 42:35काम की बात करते देखकर बोली ऐसा कुछ नहीं
- 42:37है। यह कोई बिजनेस संबंधी बात नहीं है। बस
- 42:40थोड़ी सी जानकारी है जिसका आदानप्रदान हुआ
- 42:43है। शौर्य मुस्कुराते हुए बोला, वो मेघा
- 42:45की होशियारी पर मुस्कुरा [संगीत] रहा था।
- 42:47मेघा ने देखा कि अब जब शौर्य और मेघना
- 42:50दोनों का ध्यान उसकी तरफ है तो उसने
- 42:52शिप्रा से कहा भाभी क्या आप अपना कमरा
- 42:55देखना नहीं चाहेंगी? एक बार चलकर देखिए तो
- 42:58सही कि वह अब आपके हिसाब से डेकोरेट है या
- 43:01नहीं। सही कहा। चलो चल कर देखते हैं। मैं
- 43:05भी कब से यही सोच रही थी। पता नहीं उन
- 43:08लोगों ने किस तरह से सारे सामान को कमरे
- 43:11में एडजस्ट किया है। इतना बोलकर शिप्रा
- 43:14अपनी जगह पर खड़ी हो गई। उसके साथ ही मेघा
- 43:17और मेघना भी उठकर खड़ी हो गई। मेघा सबसे
- 43:21आगे-आगे चल दी। शिप्रा और मेघना उसके पीछे
- 43:24बढ़ गए। मेघना ने जब शौर्य को वहीं बैठे
- 43:26देखा तो उसने शौर्य से कहा, "क्या तुम
- 43:29हमारे साथ नहीं चलोगे?" मेघना का सवाल
- 43:31सुनकर शौर्य बोला, "मैंने पहले ही उस कमरे
- 43:34को देख लिया है। कमरा अच्छे से डेकोरेट हो
- 43:36रखा है। तुम सब जाकर देख लो। मैं यहीं
- 43:39बैठा हूं।" शौर्य का जवाब सुनकर मेघना ने
- 43:42कहा, ठीक है, फिर मैं अभी एक बार ऊपर देख
- 43:45कर आती हूं। अभी मुझे तुम्हारी इस कोठी
- 43:48[संगीत] को भी पूरा देखना है। जल्दी क्या
- 43:50है? तुम आराम से इस घर को देखो। मैं अभी
- 43:52यहीं हूं और तुम भी यहीं हो। शौर्य ने
- 43:55जवाब दिया। फिर अपने मोबाइल [संगीत] में
- 43:57कुछ करने लगा। उसके बाद मेघा, शिप्रा और
- 44:01मेघना तीनों ऊपर वाले फ्लोर पर चले गए और
- 44:04शिप्रा के लिए तैयार कमरे में गए। शुप्रा
- 44:07ने देखा कि उसका कमरा बहुत ही सुंदर ढंग
- 44:09से सजा हुआ था। अपने कमरे को देखकर वह
- 44:12संतुष्ट नजर आई। मेघना भी इस कमरे को
- 44:15देखकर खुश थी। अब उसे समझ में आया कि
- 44:17शिप्रा ने वहां इतना सामान क्यों लिया था।
- 44:20अपने कमरे से संतुष्ट होने के बाद शिप्रा
- 44:23मेघा के साथ मेघना को पूरी कोठी का भ्रमण
- 44:26कराने लगी। हर एक हिस्से को उसने मेघना को
- 44:29दिखाया। अब शिप्रा मेघना को आगेआगे चलकर
- 44:33खुद ही कोठी के बारे में बता रही थी। इस
- 44:35बात को मेघा ने नोटिस किया पर उसने कुछ
- 44:38कहा नहीं पर उसके होठों पर एक मुस्कान
- 44:40बिखर गई थी जो अपने आप में ही बहुत कुछ कह
- 44:43रही थी। पूरी कोठी का भ्रमण करने के बाद
- 44:46मेघा शिप्रा के साथ फिर से आकर डाइनिंग
- 44:49रूम में बैठ गई थी। शौर्य अभी तक वहीं
- 44:52बैठा उन सबका इंतजार कर रहा था। कोई और
- 44:54वक्त होता तो शौर्य अपने कमरे में आराम कर
- 44:57रहा होता। पर क्योंकि आज शिप्रा और मेघना
- 45:00यहां आई हुई थी। इसलिए वह अपने कमरे में
- 45:03नहीं गया था। डाइनिंग हॉल में बैठे-बैठे
- 45:06समय कब [संगीत] बीत गया पता ही नहीं चला।
- 45:08गिरजा ने सबके लिए रात का खाना बनाया और
- 45:10सबने एक साथ खाना खाया। रात के समय शौर्य
- 45:15मेघा को लेकर उसके हॉस्पिटल छोड़ने चला
- 45:17गया क्योंकि अभी मेघा का नाइट शिफ्ट चल
- 45:19रहा था। शौर्य के मेघा के साथ जाने के बाद
- 45:22शिप्रा और मेघना शिप्रा के कमरे में चली
- 45:25गई थी। और दोनों जाकर अपने बिस्तर पर ढेर
- 45:28हो गई थी। दोनों अपने कमरे में अकेले हो
- 45:31गए तो मेघना ने शिप्रा से पूछा तो कैसा
- 45:34फील हो रहा है अपने घर में आकर? मेघना का
- 45:37सवाल सुनकर [संगीत] शिप्रा मेघना की ओर
- 45:39पलटी और फिर कुछ सोच कर बोली सच कहूं तो
- 45:43मैं यह एहसास बयां नहीं कर सकती। मैंने
- 45:45पहले कभी ऐसा महसूस नहीं किया था। यहां तक
- 45:47कि मुझे यहां आने से पहले भी यह एहसास
- 45:51नहीं था कि इस घर में आने के बाद मुझे यह
- 45:54एक अलग ही अनुभूति होगी। मुझे यह फीलिंग
- 45:57आज तक अपने घर में नहीं हुई थी जो मुझे
- 45:59यहां हो रहा है। श्रवण की उस एक बात ने ही
- 46:03[संगीत] मुझे यह फील करा दिया कि यह घर
- 46:05मेरा अपना है। मेघना ने शिप्रा की बात को
- 46:08ध्यान से सुना और कहा तुम्हें पता है जब
- 46:11मेघा यह घर मुझे दिखा रही थी तो तुम मेघा
- 46:14से पहले [संगीत] खुद ही आगे चलकर मुझे इस
- 46:16घर के बारे में बता रही थी। मेघा की बात
- 46:18सुनकर शिप्रा ने जब उस पल के बारे में
- 46:21सोचा तो उसे एहसास [संगीत] हुआ कि मेघा सच
- 46:24कह रही थी। पता नहीं कब पर उसके मन में इस
- 46:27घर के लिए यह अपनात्व की भावना जागृत हो
- 46:30गई थी। शौर्य दरवाजे पर नोक की आवाज से
- 46:33उठा। उसने जाकर दरवाजा खोला तो सामने
- 46:35गिरजा चाय का कप थामे खड़ी थी। शौर्य ने
- 46:38दरवाजा खोल दिया। गिरजा अंदर आकर टेबल पर
- 46:41चाय का कप रख दी और वहां से चली गई। शौर्य
- 46:45चाय का प्याला लेकर बालकनी में आ गया तो
- 46:47उसने देखा [संगीत] बालकनी में पहले से ही
- 46:49मेघना बैठी हुई थी। एक्चुअली शौर्य का
- 46:52कमरा और शिप्रा के कमरे दोनों की बालकनी
- 46:54एक ही थी। दोनों के कमरे का बैक डोर इस
- 46:58बालकनी में आकर खुलती थी। शौर्य ने मेघना
- 47:01को पहले से बैठे देखा तो उसने उसे गुड
- 47:03मॉर्निंग कहा। जवाब में मेघना ने भी गुड
- 47:06मॉर्निंग कहा। शौर्य भी वहां पहले से
- 47:09मौजूद दूसरे चेयर पर बैठ गया और रात कैसी
- 47:12बीती? शौर्य चाय का शिप लेते हुए बोला।
- 47:15बढ़िया बीता अच्छी नींद आई। [संगीत] कुछ
- 47:17भी कहो। यह जगह बहुत अच्छी है। ना कोई
- 47:19शोरसरावा, ना कोई भीड़ भरा का। सब तरफ
- 47:22शांत थी। मेघना लंबी सांस लेती हुई बोली।
- 47:25हां, यह तो है। शौर्य मेघना से सहमति
- 47:28जताते हुए बोला। फिर उसने मेघना के कमरे
- 47:30की तरफ ध्यान दिया पर दरवाजा बंद था।
- 47:32इसलिए अंदर शिप्रा सो रही थी या जाग रही
- 47:35है? यह पता नहीं चल रहा था। यह देखकर
- 47:38शौर्य मेघना से पूछा, क्या तुम्हारी बहन
- 47:41अभी तक सो ही रही है? यह तुमने कैसे समझा
- 47:43कि वह अभी तक सो रही है? मेघना शौर्य को
- 47:46घूरते हुए बोली, "अरे नहीं, मैं तो यह बात
- 47:49यूं ही पूछ लिया। एक्चुअली तुम यहां अकेली
- 47:51बैठी थी ना इसलिए।" शौर्य ने जवाब दिया,
- 47:54नहीं ऐसा नहीं है। वह अभी फ्रेश हो रही
- 47:56थी। मेघना बोली, "तुमने चाय पी लिया?"
- 47:59"सॉरी।" चाय का सीख लेते हुए बोला। जवाब
- 48:02में मेघा बोली, हां, मैंने और शिप्रा
- 48:04नेपाली चाय पी लिया था। ओ एसएस। मेघना का
- 48:08जवाब सुनकर शौर्य के मुंह से निकला। फिर
- 48:10कुछ देर दोनों में शांति छाई रही। उसके
- 48:13बाद मेघना ने कुछ सोचकर शौर्य से पूछा।
- 48:16मैं एक बात तुमसे पूछूं? क्या तुम इसका
- 48:18सही सही जवाब दोगे? मेघना का सवाल सुनकर
- 48:22शौर्य मेघना की ओर देखते हुए बोला, पूछो
- 48:25क्या पूछना चाहती हो? पहले तुम यह तो कहो
- 48:27कि तुम उसका जवाब सही दोगे या नहीं? मेघना
- 48:30शौर्य के ऊपर अपनी नजर गराए हुए बोली, अब
- 48:33मैं तुम्हारा सवाल सुने बिना यह कैसे कह
- 48:35सकता हूं कि मैं तुमको इसका जवाब सही
- 48:38दूंगा या गलत? यह तो तुम्हारे सवाल पर
- 48:40निर्भर करता है। शौर्य यह समझने की कोशिश
- 48:43करता हुआ बोल कि मेघना क्या पूछ सकती है?
- 48:47ठीक है। मैं यह जानना चाहती हूं कि तुम
- 48:49अपना और शिप्रा का भविष्य क्या देखते हो।
- 48:53मेघना शौर्य की आंखों में देखती हुई बोली
- 48:56जैसे वह यह जानने का प्रयास कर रही थी कि
- 48:59शौर्य सच बोलने वाला है या गलत। शौर्य ने
- 49:04मेघना की बात को सुना और कुछ सोचते हुए
- 49:06बोला क्या तुमने यह सवाल शिप्रा से किया
- 49:09है और अगर किया है तो उसका क्या जवाब
- 49:12[संगीत] है पहले मैं यह जानना चाहता हूं
- 49:15शौर्य ने बहुत ही खूबसूरती से अपना जवाब
- 49:17डाल दिया पर मेघना [संगीत] पीछे हटने वाली
- 49:20नहीं थी उसने कहा सच कहूं तो मुझे उसका
- 49:23जवाब समझ में ही नहीं आया इसलिए तो मैंने
- 49:25तुमसे पूछा कि तुम अपने इस रिश्ते के
- 49:28भविष्य को कैसे देखते हो अच्छा ऐसा क्या
- 49:31जवाब दिया उसने जो [संगीत] तुम्हें समझ
- 49:33में नहीं आया आया। क्या तुम वो जवाब मुझे
- 49:35भी बता सकती हो? शौर्य आश्चर्य भरे स्वर
- 49:38में बोला। उसने कहा वह तुम्हारे साथ
- 49:42रिश्ते में तो रहना चाहती है पर तुम दोनों
- 49:45के बीच में कोई पति-पत्नी का संबंध नहीं
- 49:47चाहती। अब यह बात कैसे समझ में आ सकती है?
- 49:50मेघना शौर्य के चेहरे का रिएक्शन को देखना
- 49:53चाहती थी कि उसके जवाब से शौर्य के चेहरे
- 49:56पर क्या भाव आता है। पर शौर्य के चेहरे पर
- 49:59मेघना का जवाब सुनकर एक मुस्कान आ गई। उसे
- 50:02ऐसे ही जवाब की उम्मीद थी क्योंकि शिप्रा
- 50:05ने उससे यही कंडीशन तो रखा था। वह उसी
- 50:08मुस्कान के साथ बोला शिप्रा ने पहले ही
- 50:11मेरे सामने यह कंडीशन रख दी थी और इस बात
- 50:14में ऐसा क्या रहस्य छुपा था जो तुम्हें
- 50:16समझ में नहीं आया। शौर्य का जवाब सुनकर
- 50:19मेघना आश्चर्य से शौर्य को देखती हुई बोली
- 50:23क्यों? तुम्हें क्या इसमें ना समझ में आने
- 50:25वाली कोई बात नजर नहीं आ रही है? आखिर यह
- 50:28किसको समझ में आएगा कि पतिप्नी के बीच में
- 50:30जो पतिप का एक वास्तविक संबंध होता है वही
- 50:34ना हो। सभी पुरुष हो या स्त्री सबके शरीर
- 50:37की अपनी एक नीड होती है। अगर उसकी पूर्ति
- 50:40ही ना हो तो फिर इस रिश्ते का मतलब क्या
- 50:42रह गया? तुम्हारी बात अपनी जगह सही है। पर
- 50:45यहां एक बात और भी है ना कि उसने अपनी यह
- 50:48कंडीशन मेरे सामने पहले ही जाहिर कर दी
- 50:50है। और यह मेरे ऊपर था कि मैं इसे मानता
- 50:53हूं या नहीं मानता हूं। अगर नहीं मानता
- 50:56हूं तो वह मुझे तलाक देने के लिए तैयार
- 50:59थी। पर मैं उसकी इस कंडीशन को मान गया
- 51:01हूं। मैंने उसे बोल दिया है कि मुझे इस
- 51:04रिश्ते में रहने से कोई ऐतराज नहीं है और
- 51:07मैं उसकी कंडीशन को मानने को तैयार हूं।
- 51:09शौर्य ने शांत स्वर में जवाब दिया। शौर्य
- 51:13का जवाब सुनकर मेघा उसको हैरानी से देखने
- 51:16लगी। वह इस बात को मानने को तैयार ही नजर
- 51:19नहीं आ रही थी कि कोई लड़का एक लड़की से
- 51:22अपनी शारीरिक जरूरत की पूर्ति के बिना
- 51:25अपनी शादी को कंटिन्यू रखने के लिए तैयार
- 51:27हो सकता है। वह अविश्वास भरे स्वर में
- 51:30बोली पता नहीं क्यों पर मुझे तुम्हारी इस
- 51:34बात पर विश्वास नहीं हो रहा है। आखिर तुम
- 51:36क्यों इस रिश्ते में बंधे रहना चाह रहे
- 51:38हो? जहां तुम्हें पत्नी का सुख ही ना
- 51:40मिले। क्या तुम कोई महात्मा हो? या
- 51:44तुम्हारे शरीर की अपनी कोई नीड नहीं है।
- 51:47ना ऐसा कुछ नहीं है। ना ही मैं कोई
- 51:49महात्मा हूं और ना ही बनने का कोई इरादा
- 51:52है। और जैसा तुम समझ रही हो। मेरी अपनी
- 51:55कोई नीड नहीं है। तो मैं कहूंगा मैं पूरी
- 51:58तरह से तंदुरुस्त हूं तो इसलिए मेरे शरीर
- 52:01की भी अपनी नीड तो है। पर उसने इस पर कोई
- 52:03प्रतिबंध तो लगाया नहीं है। मैं उसके साथ
- 52:06संबंध नहीं रख सकता। पर ऐसा भी नहीं है कि
- 52:09अगर बाहर कहीं [संगीत] मैं किसी के संबंध
- 52:11में आता हूं तो उसे उससे कोई ऐतराज होगा।
- 52:15तो इसीलिए तुम भी अपने दिमाग से इस बात को
- 52:18[संगीत] निकाल दो कि मैं कोई महात्मा बनने
- 52:20वाला हूं क्योंकि उसने मुझ पर इस तरह का
- 52:22कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है। इसलिए मुझे
- 52:25इस रिश्ते में रहने से कोई ऐतराज [संगीत]
- 52:27नहीं है। शौर्य ने जवाब दिया। पर शौर्य के
- 52:30इस जवाब ने मेघना को और भी कंफ्यूज कर
- 52:34दिया। उसने पूछा जब तुम किसी और के साथ
- 52:37संबंध में जा सकते हो तो फिर शादी को
- 52:39कंटिन्यू करने का क्या मतलब है? इससे
- 52:42तुम्हें क्या मिलने वाला है? यह शिप्रा ही
- 52:45इस रिश्ते [संगीत] से क्या प्राप्त कर
- 52:46लेंगी? मेघना का सवाल सुनकर शौर्य सोच में
- 52:49पड़ गया कि उसे मेघना को क्या जवाब देना
- 52:51चाहिए। इसी समय उसने महसूस [संगीत] किया
- 52:53कि शिप्रा के कमरे का दरवाजा थोड़ा सा
- 52:56हिला था। पर फिर वह खुला नहीं। उसे लगा
- 53:00शायद कोई दरवाजे के पीछे खड़ा है। फिर
- 53:02अगले ही पल शौर्य के दिमाग में यह बात भी
- 53:05आई कि कहीं शिप्रा अपने कमरे के दरवाजे के
- 53:07पीछे से उन दोनों की बात को सुन तो नहीं
- 53:10रही है। यह सोच दिमाग में आते ही उसने कुछ
- 53:14निश्चय किया और मेघना से बोलना शुरू किया।
- 53:17क्या शिप्रा ने तुम्हें हम दोनों के बीच
- 53:20इस शादी को लेकर क्या कंडीशन रखी गई है?
- 53:22उसके बारे में नहीं बताया। अगर बताया होगा
- 53:25तो तुम्हें समझ में आ जाना चाहिए था। देखो
- 53:28जहां तक मेरी बात है तो अगर शिप्रा मुझसे
- 53:30तलाक ले भी लेती [संगीत] तो यह जरूरी नहीं
- 53:33था कि मुझसे उसके जैसे कोई लड़की शादी
- 53:35करती। दूसरी बात मैं दोबारा कहीं शादी
- 53:39करने को इंटरेस्टेड भी नहीं होता। सच कहूं
- 53:42तो मैं खुद भी इस बर्डन में रहना नहीं
- 53:43चाहता। पर शिप्रा के साथ शादी में होने से
- 53:46ऐसे बर्डन से फ्री हूं। जिस तरह के रिश्ते
- 53:50में अभी हम हैं, उसमें ना उसे मुझसे कोई
- 53:52अपेक्षा है, ना ही मुझे उससे कोई अपेक्षा
- 53:55है। इसलिए हमारे बीच कोई क्लेश होने की
- 53:58संभावना भी नहीं है। और जहां तक यह बात है
- 54:01कि इस रिश्ते में क्यों [संगीत] रहना है
- 54:03तो मैं तुम्हें बताऊं कि मैं पैरेंटिंग का
- 54:07सुख चाहता हूं। मैं चाहता हूं कि मेरे कोई
- 54:09बच्चा हो और इस बात के लिए शिप्रा भी
- 54:12तैयार है। वह इसके लिए तैयार है। हम
- 54:15भविष्य में आईवीएफ के थ्रू बच्चे कर सकते
- 54:17हैं। तो इस तरह से हमारी यह जरूरत भी पूरी
- 54:20हो जाएगी और जहां तक रही शारीरिक जरूरत की
- 54:23बात तो उसके लिए और भी कई रास्ते हैं।
- 54:26इसलिए मुझे इस रिश्ते [संगीत] में रहने से
- 54:28कोई आपत्ति नहीं है। तो तुम कह सकती हो कि
- 54:31हम दोनों की शादीशुदा जिंदगी का भविष्य
- 54:35मेरी तरफ से तो लंबा ही रहेगा। बाकी अगर
- 54:37शिप्रा का कभी इरादा चेंज होता है तो कह
- 54:40नहीं सकता। शौर्य की पूरी बात को सुनकर
- 54:42मेघना समझ गई कि इन दोनों को समझाने का
- 54:45कोई फायदा [संगीत] नहीं है क्योंकि उसने
- 54:47यह महसूस कर लिया कि दोनों की अपनी-अपनी
- 54:50अलग ही जरूरत है और दोनों उसको एक तरह से
- 54:54फुलफिल भी कर रहे हैं। इसलिए वह यह तो समझ
- 54:57गई कि शौर्य अपनी तरफ से तो इस रिश्ते से
- 54:59बाहर निकलने [संगीत] की कोशिश नहीं करेगा।
- 55:01हां, अगर भविष्य में शिप्रा का ही विचार
- 55:04चेंज हो गया तो शायद बात दूसरी हो। पर
- 55:07मेघा को इसकी भी संभावना कम ही दिख रही
- 55:10थी। पर उसे एक बात जरूर सता रही थी कि जब
- 55:13सच में ही शौर्य का कहीं किसी दूसरी लड़की
- 55:17के साथ रिलेशन होगा तो क्या शिप्रा उस बात
- 55:21को एक्सेप्ट कर पाएगी? यह बात तो भविष्य
- 55:23में ही छुपा हुआ था। जब कुछ ऐसा होगा तभी
- 55:26इस बात का पता चलेगा। यह सब सोचकर मेघना
- 55:29शौर्य से बोली, सही है। दोनों एक जैसे हो
- 55:33पर देखते हैं कि कब तक तुम दोनों का यह
- 55:35रिश्ता कायम रह पाता है। शौर्य ने मेघना
- 55:38की बात को सुना और मुस्कुरा कर रह गया।
- 55:41इसी समय शिप्रा के कमरे का दरवाजा खुला और
- 55:43शिप्रा अपने हाथ में चाय का कप लिए हुए
- 55:46बालकनी में प्रवेश की। शिप्रा को देखकर लग
- 55:48रहा था कि वह पूरी तरह से तैयार होकर आई
- 55:51थी। इस समय उसने एक
- 55:54[संगीत]
- 56:10[संगीत]
- 56:19[संगीत]
- 56:27[संगीत]
- 56:43[संगीत]
- 56:49[संगीत]
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- 58:16[संगीत]
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- 59:21[संगीत]
- 59:38[संगीत]
- 59:59[संगीत]
- 1:00:10[संगीत]
- 1:00:19बात थी जो शिप्रा को शौर्य का वहां से
- 1:00:21उठकर जाना अच्छा नहीं लग रहा था। वह चाह
- 1:00:24रही थी कि शौर्य भी उसके साथ ही वहां पर
- 1:00:27बैठा रहे। उसे वहां पर अचानक फिर से मेघना
- 1:00:30का आ जाना भी पसंद नहीं आया था। पर वह यह
- 1:00:32बात जाहिर नहीं कर सकती थी। यह क्या बात
- 1:00:35हुई? मैं आई और तुम चल दिए। चले जाना।
- 1:00:38जल्दी क्या है? सुबह की गुनगुनी धूप अच्छी
- 1:00:41लग रही है। मेघना शौर्य को रोकने की कोशिश
- 1:00:44करती हुई बोली। वह चाहती थी कि शिप्रा और
- 1:00:47शौर्य में थोड़ी [संगीत] बातें हो। जिससे
- 1:00:49शायद उन दोनों की दूरियों को कम किया जा
- 1:00:52सके। मेघना शौर्य के खाली किए कुर्सी पर
- 1:00:56बैठी नहीं बल्कि वह बालकनी की रेलिंग से
- 1:00:58टेक लगाकर खड़ी हो गई। शौर्य ने भी खड़ा
- 1:01:01होने के बाद बैठने का उपक्रम [संगीत] नहीं
- 1:01:03किया बल्कि वह भी बालकनी की रेलिंग को
- 1:01:06पकड़ कर सामने उगते सूरज की ओर मुंह करके
- 1:01:09खड़ा हो गया था। शौर्य और शिप्रा को चुप
- 1:01:12हो जाते देखकर मेघना को लगा। शायद उसे
- 1:01:15इतनी जल्दी वापस नहीं आना चाहिए था। अकेले
- 1:01:18में शायद यह दोनों कुछ ज्यादा बातें करते।
- 1:01:21पर शायद उसके [संगीत] सामने यह दोनों बात
- 1:01:22करने में कंफर्टेबल नहीं है। यह सोचकर
- 1:01:26उसने माहौल को हल्का करने की नियत से कहा,
- 1:01:29कहीं मैंने तुम दोनों पतिप के बीच में आकर
- 1:01:32रंग में भंग तो नहीं डाल दिया। ऐसा कुछ
- 1:01:36नहीं है। तुम कुछ ज्यादा ही सोच रही हो।
- 1:01:39शौर्य मेघना की ओर देखकर बोला, "मेरे
- 1:01:41सोचने से क्या होता है? मैं तो चाह रही थी
- 1:01:44कि तुम दोनों के बीच कुछ बातें हो। कुछ
- 1:01:46ऐसे मोमेंट क्रिएट हो कि तुम दोनों थोड़े
- 1:01:49करीब आ जाओ। पर फिर लगता नहीं कि मेरे ऐसा
- 1:01:52सोचने से तुम दोनों की सोच में कोई फर्क
- 1:01:54आने वाला है। मेघना आह भरती हुई बोली सब
- 1:01:58कुछ पता होने के बाद भी [संगीत] तुमको ऐसा
- 1:02:01बोलना जरूरी है क्या? शिप्रा मेघना को करी
- 1:02:05नजरों से देखते हुए बोली। शिप्रा को नाराज
- 1:02:07होते देखकर मेघना बोली अच्छा ठीक है बाबा
- 1:02:10अब मैं ऐसा कुछ नहीं बोलती। तुम दोनों की
- 1:02:13जो मर्जी हो तुम वही करो। वैसे तो मुझे भी
- 1:02:16मोहित रैना से मिलने जाना है। बाकी जो
- 1:02:19पेपर वर्क है उसे भी पूरा करके मोहित रैना
- 1:02:22को देना है और अपने जॉब को लेकर भी बात
- 1:02:24करनी है। शिप्रा चेयर से उठती हुई बोली।
- 1:02:28उसने अपना चाय अब तक समाप्त कर लिया था।
- 1:02:30यह बढ़िया है। तुम सबको तो यहां अपना काम
- 1:02:33है। पर मैं ही यहां फालतू में बैठी हुई
- 1:02:35हूं। मेघना हताशा में बोली, क्यों? तुम
- 1:02:39क्यों खाली हो? तुम भी शहर में अपनी कंपनी
- 1:02:42का आउटलेट खोलने का क्यों नहीं सोच रहे?
- 1:02:44तुम्हें भी अपने स्टोर को विस्तार देना
- 1:02:47चाहिए। शौर्य मेघना का उत्साहवर्धन करते
- 1:02:50हुए बोला हां मैंने ऐसी प्लानिंग कर तो
- 1:02:53रखी है पर उससे पहले मेरा भी यह प्लान है
- 1:02:56कि मैं भी मोहित रैना से मीटिंग करके बिग
- 1:02:59बॉल में अपनी कंपनी का एक सेक्शन तो खुलवा
- 1:03:02ही लूं। मेघना अपना इरादा स्पष्ट करती हुई
- 1:03:04बोली फिर तो यह बढ़िया रहेगा कि तुम भी
- 1:03:07शिप्रा [संगीत] के साथ ही मोहित रैना से
- 1:03:09मिलने चली जाओ। शौर्य मेघना की बात से
- 1:03:12अपनी बात को जोड़ते हुए बोला तो मेघना भी
- 1:03:15शौर्य की बात से सहमति जताते हुए बोली हां
- 1:03:19तुम यह ठीक कह रहे हो शिप्रा तो पहले से
- 1:03:22तैयार है तो फिर मैं भी जाती हूं जल्दी से
- 1:03:25तैयार हो जाती हूं इतना बोलकर मेघना फिर
- 1:03:29से अपने कमरे के अंदर चली गई। एक बार फिर
- 1:03:31से शौर्य और शिप्रा बालकनी में अकेले रह
- 1:03:34गए थे। मेघना के जाने के बाद शौर्य को कुछ
- 1:03:37[संगीत] याद आया तो वह बोला अरे हां, मैं
- 1:03:41तो भूल ही गया। तुम वह ज्वेलरी सेट तो लाई
- 1:03:43ही होगी जो मैंने तुम्हें गिफ्ट में दिया
- 1:03:45था। शिप्रा को समझ नहीं आया कि शौर्य ऐसा
- 1:03:49क्यों पूछ रहा है? वह शौर्य की और अन्य
- 1:03:51भिज्जता से देखते हुए बोली, "क्यों? क्या
- 1:03:55बात है? तुम यह क्यों पूछ रहे हो? अरे,
- 1:03:58मैं तो यह इसलिए पूछ रहा हूं [संगीत] कि
- 1:04:00तुम्हें वह गिफ्ट वापस भी तो करनी होगी।
- 1:04:02तुम तो उसे वैसे भी नहीं लेने वाली हो।
- 1:04:05इसलिए वह गिफ्ट मेरे काम तो आ ही जाएगा।
- 1:04:07इसलिए मैंने यह पूछ लिया। शौर्य सफाई देते
- 1:04:10हुए बोला। शौर्य की बात सुनकर शिप्रा
- 1:04:13सोचने को मजबूर हो गई कि क्या श्रवण उससे
- 1:04:16उसका दिया हुआ गिफ्ट वापस मांग रहा है। पर
- 1:04:19इस बार शिप्रा ने शौर्य को उसका गिफ्ट
- 1:04:22[संगीत] वापस देने के बारे में सोचा ही
- 1:04:24नहीं था। पर शौर्य की बात सुनकर उसे याद
- 1:04:27आया कि उसने शौर्य से क्या कह रखा था कि
- 1:04:30वह उससे कोई महंगा गिफ्ट नहीं ले सकती।
- 1:04:33शायद इसीलिए शौर्य उससे उस गिफ्ट के बारे
- 1:04:36में पूछ रहा है। वह शौर्य की ओर देखते
- 1:04:38[संगीत] हुए बोली, क्या तुम उस गिफ्ट को
- 1:04:40वापस चाहते हो? वापस चाहते हो का क्या
- 1:04:43मतलब हुआ? तुमने खुद ही तो कहा था कि तुम
- 1:04:45ऐसे गिफ्ट मुझसे ले नहीं सकते। तो मुझे
- 1:04:48लगा शायद तुम्हें वह वापस करना हो। इसलिए
- 1:04:51मैंने यह पूछ लिया। शौर्य ने जवाब दिया।
- 1:04:55शौर्य का जवाब सुनकर शिप्रा को ध्यान आया
- 1:04:57कि किस तरह शौर्य ने उसको दिए हुए पहले
- 1:05:00गिफ्ट को [संगीत] जिसे उसने वापस कर दिया
- 1:05:02था उसको शौर्य ने रुचि मल्होत्रा को गिफ्ट
- 1:05:05कर दिया था जिसे देखकर शिप्रा को बहुत
- 1:05:08बुरा भी [संगीत] लगा था। वैसे इस बात को
- 1:05:10शिप्रा ने कहीं जाहिर नहीं किया था कि
- 1:05:13शौर्य ने शिप्रा के लिए गिफ्ट को किसी और
- 1:05:16को दे दिया। अब एक बार फिर से शिप्रा
- 1:05:18सोचने को मजबूर [संगीत] थी कि कहीं ऐसा ना
- 1:05:21हो कि शिप्रा शौर्य को वह नेकलेस का सेट
- 1:05:24वापस करें और शौर्य फिर से वह किसी और को
- 1:05:27दे दे जो कि शिप्रा किसी भी हाल में ऐसा
- 1:05:29नहीं चाहती थी। इसलिए उसने शौर्य से पूछ
- 1:05:32लिया। क्या तुम फिर से इस ज्वेलरी आइटम को
- 1:05:35किसी को देने की सोच रहे? शिप्रा का सवाल
- 1:05:38सुनकर शौर्य बोला। अभी तक ऐसा कुछ नहीं
- 1:05:41है। लेकिन हो सकता है कि भविष्य में अगर
- 1:05:44मुझे ऐसी किसी और की पार्टी में जाना पड़ा
- 1:05:47तो हो सकता है शायद मैं उसे इस ज्वेलरी को
- 1:05:49गिफ्ट कर दूं। तुम ऐसा कैसे कर सकते हो?
- 1:05:53किसी और को दिया हुआ गिफ्ट किसी और को
- 1:05:55कैसे दे सकते हो? शिप्रा तीखे स्वर में
- 1:05:57बोली, "यह क्या बात हुई? अगर मेरे पास कोई
- 1:06:00सामान है और मैं उसे किसी को देता हूं तो
- 1:06:03उससे तुम्हें क्या फर्क पड़ने वाला है? और
- 1:06:05ऐसा कहने का क्या मतलब हुआ? शौर्य नासमझ
- 1:06:08बनते हुए बोला,
- 1:06:10क्या तुम सच में इतने नासमझ हो? तुमने जब
- 1:06:13उस गिफ्ट को जिसे मैंने तुमको वापस किया
- 1:06:16था उसको रुचि मल्होत्रा को देते देखा तो
- 1:06:19मुझे अच्छा नहीं लगा। तुम वह गिफ्ट पहले
- 1:06:22मुझे दे चुके थे। फिर तुमने उस गिफ्ट को
- 1:06:24रुचि मल्होत्रा को कैसे दे दिया? शिप्रा
- 1:06:27अपनी बड़ी-बड़ी आंखों से शौर्य को देखते
- 1:06:30हुए बोली। शौर्य हैरानी से शिप्रा की ओर
- 1:06:33देखते हुए बोला, "अरे तो मैं उस गिफ्ट का
- 1:06:36क्या करता? तुमको वह चाहिए नहीं था या यह
- 1:06:40कहूं कि तुम मुझसे वह गिफ्ट ले नहीं सकती
- 1:06:42थी और मुझे रुचि को उसके बर्थडे पर गिफ्ट
- 1:06:45देना था। जब मेरे पास पहले से ही एक
- 1:06:47ज्वेलरी आइटम थी तो फिर मैं क्यों दूसरे
- 1:06:50किसी गिफ्ट आइटम को खरीदने में अपने पैसे
- 1:06:53को खर्च करता? इसलिए जो मेरे पास था उसे
- 1:06:56मैं उसको दे दिया। इसमें तुमको बुरा लगने
- 1:06:59वाली क्या बात है? बुरा लगने वाली ही बात
- 1:07:02है। तुम लड़कियों की साइकोलॉजी नहीं
- 1:07:04समझोगे। यह किसी को अच्छा नहीं लगता कि
- 1:07:07उसको दी हुई चीज कोई किसी और को दे दे।
- 1:07:10शिप्रा समझाती हुई बोली, देखो बात ऐसी
- 1:07:13नहीं है। मुझे नहीं पता था कि तुम भी उस
- 1:07:15पार्टी में आने वाली हो। [संगीत] नहीं तो
- 1:07:17तुम्हें तो पता भी नहीं चलता कि मैं वह
- 1:07:20गिफ्ट किसको दिया है। और शायद आगे भी
- 1:07:23[संगीत] जब तुम मुझे यह गिफ्ट वापस करने
- 1:07:25वाली हो तो तुम्हें कहां पता चलेगा कि
- 1:07:28मैंने इसको किसी को दिया नहीं दिया। मेरे
- 1:07:30पास है या मैंने इसे वापस कर दिया। शौर्य
- 1:07:33सफाई देते [संगीत] हुए बोला, हर बार तो
- 1:07:35पिछली बार की तरह नहीं होगा कि तुम्हें
- 1:07:37पता चल जाएगा कि मैं इस गिफ्ट को किसी को
- 1:07:41दिया या नहीं दिया। वह तो उस दिन भी
- 1:07:44तुम्हें पता नहीं चलता अगर वह विजय दीवान
- 1:07:46बीच में आकर फालतू में अपने आप को ज्यादा
- 1:07:49दिखाता नहीं तो। वैसे एक बात कहूं वह बंदा
- 1:07:52तुम पर भी फिदा हो रखा था। शौर्य शिप्रा
- 1:07:55की तारीफ में बोला। शिप्रा महसूस कर रही
- 1:07:58थी कि शौर्य अब उससे थोड़ा खुलकर बात करने
- 1:08:01लगा था। नहीं तो पहले वह उससे [संगीत]
- 1:08:03जितनी जरूरत होती थी उतना ही बात करता था।
- 1:08:06शौर्य का यह बोलना कि विजय दीवान शिप्रा
- 1:08:10पर फिदा था। यह दिखा रहा था कि वह अब
- 1:08:12शिप्रा से थोड़ा खुलता जा रहा था। शिप्रा
- 1:08:15को अपने विचारों में गुम देखकर शौर्य ने
- 1:08:18फिर से पूछा, "क्या हुआ? तुमने बताया नहीं
- 1:08:21कि वह नेकलेस तुम्हारे पास ही है या नहीं।
- 1:08:24है तो मेरे पास ही। पर अगर तुम इसे भी
- 1:08:27किसी और को गिफ्ट करने वाले हो [संगीत] तो
- 1:08:29फिर मैं तुम्हें इसे वापस नहीं देने वाली।
- 1:08:32अब शिप्रा की झिझक भी शौर्य से बात करते
- 1:08:35हुए खत्म होती जा रही थी। यार तुम्हें
- 1:08:38[संगीत] क्या फर्क पड़ता है कि मैं उसे
- 1:08:40किसी को देता हूं या नहीं देता हूं। वैसे
- 1:08:43मैंने कहा ना [संगीत] कि तुम्हें तो पता
- 1:08:44भी नहीं चलेगा कि मैंने उसे किसी को दिया
- 1:08:47या नहीं दिया। शौर्य समझाने वाले भाव में
- 1:08:50बोला पर शिप्रा उसे वह गिफ्ट वापस देने से
- 1:08:53मूड में नहीं दिख रही थी। उसने शौर्य से
- 1:08:55पूछा भी कि तुम उस नेकलेस को वापस लेकर
- 1:08:59क्या करोगे? तो शौर्य ने जवाब दिया, यह तो
- 1:09:02अभी मुझे भी नहीं पता कि मैं उसका आगे
- 1:09:04क्या करूंगा। लेकिन जब वह मुझे वापस मिल
- 1:09:06जाएगा तो कुछ ना कुछ तो करूंगा ही। पर तुम
- 1:09:10यह सब क्यों पूछ रही हो? तुमने तो पहले
- 1:09:12कहा था। तुम्हें मेरी एक बात से कोई मतलब
- 1:09:15नहीं होगा। मैं क्या करता हूं? क्या नहीं
- 1:09:18करता? तो फिर अब इन बातों का क्या मतलब
- 1:09:20हुआ? शौर्य शिप्रा को उसकी पुरानी बातें
- 1:09:23याद दिलाते हुए बोला, "अच्छा, मैं एक काम
- 1:09:26करती हूं। वह नेकलेस जितने का था, मैं
- 1:09:29तुम्हें वह पैसे वापस कर देती हूं। उसके
- 1:09:32बाद तो उससे तुम्हें जो भी लेना हो, तुम
- 1:09:34वह ले सकती हो। यह तो [संगीत] ठीक रहेगा।"
- 1:09:37शिप्रा शौर्य से बोली, "मुझे समझ नहीं आ
- 1:09:39रहा है कि तुम ऐसा क्यों कर रही हो।" क्या
- 1:09:42तुम्हें [संगीत] वह नेकलेस का सेट पसंद
- 1:09:44है? कहीं इसलिए तो तुम मुझे उस नेकलेस के
- 1:09:47सेट के बदले में [संगीत] पैसे वापस नहीं
- 1:09:49कर रही। शौर्य शक भरी नजरों से शिप्रा को
- 1:09:52देखते हुए बोला तुम ऐसा कह सकते हो कि वह
- 1:09:55नेकलेस का सेट मुझे बहुत पसंद है। इसलिए
- 1:09:58मैं उसे वापस नहीं कर रही। हां, मैं
- 1:10:00तुम्हें उसके पैसे अभी वापस करने को तैयार
- 1:10:02हूं। शिप्रा बोली, शौर्य समझ गया कि अब
- 1:10:05उसे वह नेकलेस नहीं मिलने वाला। पर शौर्य
- 1:10:08यही तो चाहता था। वह इस बात से खुश ही था।
- 1:10:12इसलिए शिप्रा की बात के जवाब में वह बोला
- 1:10:14अगर तुम्हें वह इतना पसंद है तो फिर मुझे
- 1:10:17वह वापस नहीं चाहिए और ना ही मुझे पैसे
- 1:10:20चाहिए। वो तो सही मायने में मेरी तरफ से
- 1:10:23तुम्हारे लिए गिफ्ट ही था। तुम ही उसे
- 1:10:26स्वीकार नहीं कर रही थी इसलिए तो मैं उसे
- 1:10:29वापस लेने की बात कर रहा था। जब तुम्हें
- 1:10:31वह पसंद है तो फिर तो कोई बात ही नहीं है।
- 1:10:35शौर्य मुस्कुराता हुआ बोला। इतना बोलने के
- 1:10:38बाद शौर्य शिप्रा से इजाजत लेते हुए बोला
- 1:10:41ठीक है फिर अभी मैं निकलता हूं क्योंकि
- 1:10:44मुझे तैयार भी होना है। उसके बाद एक जरूरी
- 1:10:47काम के लिए मुझे कहीं जाना है। इतना बोलकर
- 1:10:51शौर्य बालकनी से अपने कमरे में आ गया और
- 1:10:54जाकर बाथरूम में घुस गया और जल्दी से नहा
- 1:10:58धोकर बाहर आया और अपने कपड़े पहनकर तैयार
- 1:11:01हो गया। शौर्य ने घड़ी पर नजर दौड़ाया तो
- 1:11:03अभी लगभग 9:30 [संगीत]
- 1:11:05बजने वाले थे। घड़ी देखने के बाद वह जल्दी
- 1:11:07से घर से निकल गया। शौर्य का गंतव्य होटल
- 1:11:10राजकमल ही था। शौर्य होटल राजकमल पहुंचा
- 1:11:13तो उसने मेनका और विक्रम को अपना इंतजार
- 1:11:15करते पाया। शौर्य मेनका के सामने चेयर पर
- 1:11:18बैठते हुए बोला मैं लेट तो नहीं हुआ?
- 1:11:21मेनका ने मुस्कुरा कर जवाब दिया। नहीं तुम
- 1:11:24टाइम पर ही हो। मेनका का जवाब सुनकर शौर्य
- 1:11:27बोला। तो फिर अब आगे का क्या प्लान है?
- 1:11:30मेनका ने जवाब दिया। हम तैयार हैं। चलो
- 1:11:33चलते हैं। इसके बाद शौर्य, विक्रम और
- 1:11:35मेनका तीनों होटल से बाहर आए और मेनका की
- 1:11:38कार से ही निकल गए। आधे घंटे में मेनका की
- 1:11:41कार बिल्डिंग लोकेशन पर पहुंची। मेनका ने
- 1:11:44पहले से ही सारी तैयारी कर रखी थी। इसलिए
- 1:11:47ज्यादा कोई फॉर्मेलिटी नहीं करनी थी।
- 1:11:50मेनका अपनी कार को ले जाकर सीधा पार्किंग
- 1:11:52में खड़ा किया और तीनों कार से बाहर आए।
- 1:11:55मेनका ने विक्रम की ओर देखकर कहा, "पता तो
- 1:11:58करो यह मोहित रैना कितनी देर में पहुंच
- 1:12:00रहा है। मेनका की बात सुनकर शौर्य आश्चर्य
- 1:12:04से मेनका की ओर देखते हुए पूछा। क्या
- 1:12:06मोहित रैना भी यहां आ रहा है? मेनका ने
- 1:12:09[संगीत] जवाब दिया, हां, वह भी आ रहा है।
- 1:12:12हमने उसे पहले ही यहां पहुंचने के लिए बोल
- 1:12:14दिया है। पर इसकी क्या [संगीत] जरूरत थी?
- 1:12:17यहां पर शौर्य को समझ नहीं आया था कि
- 1:12:19मेनका ने मोहित रैना को भी यहां क्यों
- 1:12:22बुलाया है। शौर्य की इस बात पर मेनका ने
- 1:12:24जवाब दिया, एक्चुअली हमने बिड़ंग के लिए
- 1:12:27दो अलग-अलग नाम से अप्लाई किया है। इसलिए
- 1:12:30मैंने मोहित रैना को भी विक्रम के कहने पर
- 1:12:32बुला लिया। विक्रम और मोहित एक साथ
- 1:12:35[संगीत] जाएंगे और मैं और तुम एक साथ
- 1:12:37रहेंगे। शौर्य मेनका की बात सुनकर बोला,
- 1:12:41पर इसकी क्या जरूरत थी? अगर हम एक ही नाम
- 1:12:44से विड करते तो क्या मुश्किल होने वाली
- 1:12:46थी?
- 1:12:47यह तुम्हें अभी समझ नहीं आएगा। एक बार
- 1:12:49बडिंग कंप्लीट हो जाने दो। फिर तुम्हें
- 1:12:52समझ आ जाएगा कि मैं ऐसा क्यों कर रही हूं।
- 1:12:54मेनका मुस्कुराती हुई बोली। ठीक है। जब
- 1:12:58तुम कह रही हो तो कुछ सोच कर ही तुमने ऐसा
- 1:13:00प्लान किया होगा। अब तो मैं भी देखना
- 1:13:02चाहता हूं कि यहां क्या होने वाला है।
- 1:13:05इतना कहकर तीनों पार्किंग से बाहर आ गए।
- 1:13:08इतनी देर में विक्रम ने अपने फोन से मोहित
- 1:13:10रैना को फोन करके पूछ लिया कि वह कहां है?
- 1:13:13मोहित रैना ने भी उसे जवाब दिया कि मैं
- 1:13:16लोकेशन पर पहुंच चुका हूं। मैं बिल्डिंग
- 1:13:18हॉल के बाहर ही खड़ा हूं। मोहित रैना की
- 1:13:20बात पर विक्रम ने कहा, ठीक है, मैं पहुंच
- 1:13:24रहा हूं। इतना कहकर विक्रम ने अपना फोन रख
- 1:13:27दिया और उसने शौर्य और मेनका की तरफ देखकर
- 1:13:30कहा, मोहित रैना पहले ही आ रखा है। वह हाल
- 1:13:34के बाहर ही हमारा इंतजार कर रहा है तो फिर
- 1:13:36ठीक है। चलो फिर चलते हैं। इसके बाद तीनों
- 1:13:40पार्किंग से बाहर आ गए। पार्किंग से बाहर
- 1:13:43आते हुए मेनका ने विक्रम से कहा, अब ऐसा
- 1:13:46करो तुम हम दोनों से अलग हो जाओ क्योंकि
- 1:13:49मैं नहीं चाहती कि तुम्हें कोई भी हमारे
- 1:13:51साथ देखे जिससे किसी को शक हो कि हम दोनों
- 1:13:54एक ही टीम से हैं। [संगीत] मेनका कि इस
- 1:13:57बात को सुनकर शौर्य को मामला कुछ कुछ समझ
- 1:14:00में आने लगा था। इसके बाद विक्रम मेनका और
- 1:14:03शौर्य के पास से आगे निकल गया और मेनका
- 1:14:06शौर्य के साथ थोड़ी सी धीमी हो गई ताकि
- 1:14:08विक्रम उसे थोड़ा सा डिस्टेंस बना ले। अभी
- 1:14:11शौर्य और मेनका बिल्डिंग हॉल से थोड़ी दूर
- 1:14:14ही थी कि तभी मेनका के मुंह से निकला।
- 1:14:17मैंने इसकी उम्मीद नहीं की थी यह यहां
- 1:14:19क्या कर रहा है? मेनका की बात सुनकर शौर्य
- 1:14:22मेनका की ओर देखने लगा और धीरे से [संगीत]
- 1:14:25बोला, "तुम किसकी बात कर रही हो? ऐसा किसे
- 1:14:28देख लिया तुमने? जो तुम यह कह रही हो कि
- 1:14:30तुम उसकी उम्मीद नहीं कर रही थी। शौर्य की
- 1:14:33बात सुनने से पहले ही मेनका [संगीत] के
- 1:14:35कदम रुक गए थे। जिसके कारण मजबूरन शौर्य
- 1:14:39को भी उसके साथ रुकना पड़ा। फिर शौर्य ने
- 1:14:42मेनका की नजरों का पीछा किया तो उसने देखा
- 1:14:44उससे [संगीत] कुछ दूर आगे एक लड़का किसी
- 1:14:47लड़की के साथ खड़ा था। जिसके ऊपर ही मेनका
- 1:14:52की निगाह टिकी हुई थी। शौर्य ने मेनका को
- 1:14:54उस लड़के [संगीत] को देखते पाया तो उसने
- 1:14:56पूछा कौन है यह? जिसकी तुम उम्मीद नहीं कर
- 1:14:59रही थी। शौर्य की बात सुनकर मेनका ने
- 1:15:03[संगीत] जवाब दिया, यह प्रतीक है। प्रतीक
- 1:15:05राठौर तुम्हारा कजिन। मेनका की बात सुनकर
- 1:15:08शौर्य को झटका सा लगा। इसके बाद शौर्य ने
- 1:15:11भी गौर से उसे लड़के की तरफ देखा और होठों
- 1:15:14में बुदबुदाया। अच्छा तो यही है प्रतीक।
- 1:15:17पर यह यहां क्या कर रहा है? कहीं यह भी तो
- 1:15:20यहां होटल की बिल्डिंग के लिए ही तो नहीं
- 1:15:21आया है। शौर्य की बात सुनकर मेनका ने
- 1:15:24शौर्य की तरफ देखा। फिर कुछ सोचने लगी।
- 1:15:27उसे भी यकीन हो गया कि प्रतीक भी शायद
- 1:15:30पैराडाइज होटल के बिल्डिंग के लिए ही यहां
- 1:15:31आया है। क्योंकि उसके साथ जो लड़की खड़ी
- 1:15:34थी वह कोई और नहीं। सुधाकर खुराना की बेटी
- 1:15:38मालिनी खुराना थी। सुधाकर खुराना भी होटल
- 1:15:41व्यवसाय से संबंध रखता था। इसलिए मेनका
- 1:15:43समझ सकती थी। जरूर मालिनी के कारण ही
- 1:15:46प्रतीक भी इस बिडिंग के लिए यहां आया हुआ
- 1:15:49है। मेनका को इस बात से थोड़ा आश्चर्य भी
- 1:15:52हुआ था कि प्रतीक ने उसे बताया नहीं था कि
- 1:15:55वह होटल पैराडाइज के बिल्डिंग में हिस्सा
- 1:15:57लेने जा रहा है क्योंकि मेनका [संगीत]
- 1:15:59होटल लाइन में ही काम कर रही थी। इसलिए यह
- 1:16:02स्वाभाविक था कि [संगीत] प्रतीक उससे
- 1:16:05पूछता या उससे चर्चा करता। पर होटल
- 1:16:09पैराडाइज के बिल्डिंग में हिस्सा लेने से
- 1:16:11पहले उसने ऐसा कुछ भी नहीं किया। जबकि
- 1:16:15प्रतीक का मेनका से अच्छा संबंध था। वैसे
- 1:16:18मेनका को यह पता नहीं था कि प्रतीक और
- 1:16:21मालिनी दोनों इतने करीब हैं कि साथ में ही
- 1:16:24दोनों इस बडिंग के लिए आए हैं। क्या हुआ?
- 1:16:27तुम किस सोच में खो गई? शौर्य मेनका को
- 1:16:31किसी सोच में गुम देखकर बोला। मेनका यह
- 1:16:33नहीं समझ पा रही थी कि क्या उसे प्रतीक का
- 1:16:35सामना करना चाहिए कि नहीं। पर उसने सोचा
- 1:16:39वह क्यों पीछे हटे। कायदे से तो इस बारे
- 1:16:42में प्रतीक को उससे बात करनी चाहिए थी। पर
- 1:16:45प्रतीक ने ऐसा कुछ भी नहीं किया। मेनका
- 1:16:47अपनी [संगीत] सोच से बाहर आते हुए बोली,
- 1:16:50कुछ नहीं। मुझे उम्मीद नहीं था कि मैं इसे
- 1:16:52यहां देखूंगी। इसलिए सोच में खो गई थी कि
- 1:16:55अगर प्रतीक इस बिल्डिंग में हिस्सा लेने
- 1:16:57जा रहा था। उसके बाद भी उसने मेरे से एक
- 1:17:00बार भी इसकी चर्चा [संगीत] नहीं की। क्या
- 1:17:02यह इतनी बड़ी बात है कि तुम इसके कारण
- 1:17:05उसके बारे में सोचने को [संगीत] मजबूर हो
- 1:17:07गई? शौर्य गंभीरता से बोला, नहीं ऐसा नहीं
- 1:17:12है। [संगीत] मेरा उसके यहां होने पर सोचने
- 1:17:13का कारण यह है कि प्रतीक मुझे अपना अच्छा
- 1:17:17दोस्त कहता था। उसके बाद भी यह होटल के
- 1:17:20बिल्डिंग में हिस्सा लेने जा रहा है। और
- 1:17:22वह जानता है कि मैं होटल राजकमल को इतने
- 1:17:25समय से संभाल रही हूं। तो मैं यह उम्मीद
- 1:17:27तो कर ही सकती थी कि वह कम से कम इस बारे
- 1:17:30में मुझसे एक बार चर्चा तो जरूर करता। पर
- 1:17:34उसने तो मुझे इसकी भनक भी नहीं लगने दी।
- 1:17:37तो यह है तुम्हारी परेशानी का मेन कारण कि
- 1:17:40उसने तुमसे पूछा नहीं। पर तुम उससे ऐसा
- 1:17:42उम्मीद क्यों कर रही हो? शौर्य दूर खड़े
- 1:17:46प्रतीक की ओर देखता हुआ बोला। खैर छोड़ो
- 1:17:48इन बातों को। अगर उसने नहीं पूछा तो मुझे
- 1:17:51भी [संगीत] उससे बात करने की कोई जरूरत
- 1:17:52नहीं है। चलो हम लोग अंदर चलते हैं। यह
- 1:17:56बोलकर मेनका शौर्य के साथ प्रतीक को
- 1:17:59इग्नोर कर आगे बढ़ने लगी। पर इसी समय
- 1:18:01प्रतीक ने शायद नोटिस कर लिया था कि
- 1:18:03[संगीत] मेनका भी यहां आई हुई है। इसलिए
- 1:18:06वह मेनका की ओर बढ़ते हुए दूर से ही उसको
- 1:18:08आवाज दिया। अरे मेनका तुम यहां मुझे
- 1:18:12उम्मीद नहीं था कि मैं तुम्हें यहां
- 1:18:14देखूंगा। प्रतीक की बात सुनकर मजबूरन
- 1:18:17मेनका को उसके लिए रुकना पड़ा। अगर वह
- 1:18:19प्रतीक की बात को इग्नोर कर आगे बढ़ती तो
- 1:18:22यह अच्छा मैनर नहीं कहा जाता। इसलिए उसने
- 1:18:25ऐसा जाहिर किया [संगीत] जैसे उसने अभी ही
- 1:18:27यह नोटिस किया कि प्रतीक भी यहां है।
- 1:18:30मेनका भी आश्चर्य प्रकट करते हुए बोली
- 1:18:33प्रतीक तुम यहां मैंने भी नहीं सोचा था कि
- 1:18:37मैं तुम्हें यहां देखूंगी। कहो कैसे आना
- 1:18:40हुआ? मैं तो होटल पैराडाइज के बिडिंग के
- 1:18:43लिए आया हूं। पर तुम यहां क्या कर रही हो?
- 1:18:45क्या तुम भी यहां बिल्डिंग में हिस्सा
- 1:18:47लेने के लिए आई हो? प्रतीक मुस्कुराता हुआ
- 1:18:50बोला। जैसे वह मेनका का उपहास कर रहा हो
- 1:18:54कि उसकी इतनी हैसियत ही नहीं है कि वह
- 1:18:57होटल पैराडाइज के बिल्डिंग में हिस्सा ले
- 1:19:00सके। नाशी मुझे नहीं पता था कि तुम भी इस
- 1:19:03बिल्डिंग में हिस्सा ले रहे हो। तुमने
- 1:19:05इसके बारे में बताया भी नहीं। पर मैं भी
- 1:19:08यहां इस बिल्डिंग के लिए ही आई हूं। मैं
- 1:19:10भी देखना चाहती हूं कि आखिर किसके नसीब
- 1:19:12में यह होटल पैराडाइज जाता है। मेनका
- 1:19:16[संगीत] भी उसी मुस्कान के साथ बोली जैसा
- 1:19:18प्रतीक के चेहरे पर था। तो क्या तुम्हारी
- 1:19:21हैसियत इतनी हो गई है कि अब तुम भी इतने
- 1:19:23बड़े होटल की मालिक बनना चाहती हो? प्रतीक
- 1:19:26का इरादा अभी भी मेनका का उपहास उड़ाने का
- 1:19:29ही था। बनना या ना बनना तो बाद की बात है।
- 1:19:32पर कोशिश करने में क्या जाता है? कोशिश तो
- 1:19:35कर ही सकती है। प्रतीक और मेनका की बात के
- 1:19:37बीच में आते हुए शौर्य ने यह बात कही।
- 1:19:41शौर्य की [संगीत] बात को सुनकर प्रतीक ने
- 1:19:43शौर्य की तरफ देखा। फिर मेनका की तरफ
- 1:19:46देखकर पूछा इन महाशय का परिचय यह कौन है
- 1:19:49जो बीच में तुम्हारी वकालत करने आ गए हैं?
- 1:19:52मेनका को प्रतीक की बात सुनकर गुस्सा तो
- 1:19:54बहुत आ रहा था पर वह मन मसूस कर चुप रह गई
- 1:19:57थी। वह समझ रही थी कि प्रतीक जानबूझकर
- 1:20:00मालिनी के ऊपर अपना इंप्रेशन जमाने के लिए
- 1:20:03उसके साथ इस तरह से व्यवहार कर रहा है। पर
- 1:20:06इस बीच [संगीत] में शौर्य को उसका पक्ष
- 1:20:08लेते देखकर उसे खुशी हुई। वह कुछ कहते
- 1:20:12हैं। शौर्य के बारे में उससे पहले श्रवण
- 1:20:14बोल पड़ा। मैं श्रवण हूं इसका दोस्त।
- 1:20:18तुम्हें शायद किसी लड़की से बात करने का
- 1:20:21तरीका नहीं आता। इसलिए मुझे तुम्हारे बीच
- 1:20:24में आना पड़ा। तुम्हें शायद अपने पैसे
- 1:20:26वाले होने का कुछ ज्यादा ही घमंड है। जिसे
- 1:20:30शायद तुम संभाल नहीं पा रहे हो। तुम हो
- 1:20:33कौन जो मुझसे ऐसी बात करने की हिम्मत कर
- 1:20:35रहे हो? तुम मुझे जानते भी हो। किसी को
- 1:20:38कुछ भी बोलने से पहले तुम्हें उसके बारे
- 1:20:41में पता कर लेना चाहिए। नहीं तो किसी राह
- 1:20:44पर हाथ पैर तुड़वाए पड़े हुए होंगे।
- 1:20:46प्रतीक शौर्य को खुद को ऐसे बोलते देखकर
- 1:20:49बर्दाश्त नहीं कर पाया और वह गुस्से में
- 1:20:52शौर्य की तरफ बढ़ते हुए बोला। मेनका को
- 1:20:55लगा कि बात ज्यादा ना बढ़ जाए। इसलिए वह
- 1:20:58उन दोनों के बीच में आ गई और प्रतीक को
- 1:21:00समझाती हुई बोली। इसे तुम्हारे बारे में
- 1:21:02पता नहीं है। इसलिए यह इतना बोल गया। तुम
- 1:21:06रहने दो। मैं इसे बता दूंगी कि तुम कौन
- 1:21:08हो। अभी जिस काम के लिए आए हो पहले उसे
- 1:21:10[संगीत] देखते हैं। मेनका की बात सुनकर
- 1:21:12प्रतीक अपनी जगह पर खड़ा हो गया। पर वह
- 1:21:15अभी भी शौर्य को गुस्से से देखता रहा। पर
- 1:21:19शौर्य अपनी जगह पर खड़ा स्माइल करता रहा।
- 1:21:22शौर्य की स्माइल प्रतीक का खून को और जला
- 1:21:25रही थी। प्रतीक फिर से कुछ [संगीत] बोलते
- 1:21:27ही वाला था कि तभी मालिनी सामने आती हुई
- 1:21:30बोली मुझे लगता है मैंने इसे पहले भी कहीं
- 1:21:33देखा है पर याद नहीं आ रहा है कहां मालिनी
- 1:21:37की बात सुनकर प्रतीक शौर्य का उपहास
- 1:21:40उड़ाते हुए बोला अरे देखा होगा किसी सड़क
- 1:21:44किनारे भीख मांगते हुए जैसे ही मालिनी ने
- 1:21:47प्रतीक के मुंह से सड़क किनारे शब्द सुना
- 1:21:50उसे ध्यान आ गया और उसने कहा अरे हां मुझे
- 1:21:54याद आ गया आज ही तो देखा था। जब हम यहां आ
- 1:21:57रहे थे तो रास्ते में सड़क किनारे बड़े से
- 1:21:59बैनर में यह नताशा कपूर के साथ था। जैसे
- 1:22:03ही प्रतीक ने मालिनी के मुंह से यह सुना
- 1:22:04कि वह नताशा कपूर के साथ किसी बैनर में
- 1:22:07था। इसका मतलब वह कोई मॉडल होगा। तो उसने
- 1:22:11और भड़कते हुए कहा, "तुम भी क्या बकवास कर
- 1:22:14रही हो। कहां इस कहां इस सड़क छाप को, को
- 1:22:17नताशा कपूर के साथ इमेजिन [संगीत] कर रही
- 1:22:19हो। तुम तो इसका कद बढ़ा रही हो। प्रतीक
- 1:22:22का शौर्य के लिए ऐसा बोलने का कारण यह था
- 1:22:24कि प्रतीक शौर्य को पहचान गया था कि उसने
- 1:22:27कभी उस पर अपना कजिन समझकर हमला करवाया
- 1:22:30था। पर बाद में उसे मेनका से ही पता चला
- 1:22:32था कि यह लड़का उसका कजिन नहीं है। बल्कि
- 1:22:35[संगीत] वह उसके लिए काम करने वाला उसका
- 1:22:37मुलाजिम है। यह सोचकर उसे विश्वास था यह
- 1:22:41कोई मॉडल नहीं हो सकता जो नताशा कपूर के
- 1:22:43साथ काम कर रहा होगा। पर मालिनी को पूरा
- 1:22:46यकीन था कि नहीं। उसने इसी चेहरे को उस
- 1:22:49बैनर में देखा था। इसलिए उसने कंफर्म करने
- 1:22:52के लिए शौर्य से ही पूछा क्या तुम मॉडलिंग
- 1:22:55करते हो? शौर्य मालिनी की बात सुनकर
- 1:22:58मुस्कुराया और बोला तुम्हारी नजर के दांत
- 1:23:02देनी पड़ेगी। मैं मॉडलिंग नहीं करता पर
- 1:23:05हां उस पोस्टर में तुमने जिसे देखा था वह
- 1:23:09मैं ही हूं। शौर्य की बात सुनकर मालिनी
- 1:23:11खुश होती हुई बोली। देखा मैंने कहा था ना
- 1:23:15मेरी नजरें धोखा नहीं खा सकती। मैंने
- 1:23:17सचमुच इसे ही देखा था। मालिनी को शौर्य के
- 1:23:21लिए खुश होते देखकर प्रतीक [संगीत] के
- 1:23:23चेहरे पर नागवारी के भाव आ गए। वह
- 1:23:25खिसियानी बिल्ली की तरह छिड़कर बोला, तो
- 1:23:28कौन सी बड़ी बात हो गई? ऐसे सड़क छाप मॉडल
- 1:23:31मेरे आगे पीछे सैकड़ों में घूमते रहते
- 1:23:32हैं। बात को अलग दिशा में जाते देखकर
- 1:23:35मेनका फिर से बीच में आती हुई बोली, अब
- 1:23:38रहने भी दो। तुम किस चक्कर में पड़ गए?
- 1:23:42अभी जिस काम के लिए आए हो पहले उस काम को
- 1:23:44करते हैं। टाइम भी हो रहा है। तुम्हें भी
- 1:23:47हॉल के अंदर जाना चाहिए और मुझे भी
- 1:23:49[संगीत] समय से हॉल में जाना है। इसलिए इस
- 1:23:52फालतू की बात को यही विराम देते हैं। इतना
- 1:23:56कहकर मेनका शौर्य का हाथ पकड़ कर उसको
- 1:23:58खींचती [संगीत] हुई उस हॉल की तरफ बढ़ गई
- 1:24:01जहां बीडिंग होने वाली थी। जबकि प्रतीक
- 1:24:03मेनका को उसे [संगीत] इग्नोर करके शौर्य
- 1:24:05का हाथ पकड़ कर खींचते हुए देखकर जल रहा
- 1:24:08था। क्योंकि कोई समय था जब प्रतीक मेनका
- 1:24:11[संगीत] के पीछे पड़ा हुआ था। उसने कई बार
- 1:24:14कोशिश किया था कि मेनका को वह अपने
- 1:24:16कंट्रोल में कर ले। पर मेनका कभी भी उसके
- 1:24:19काबू में नहीं आ पाई क्योंकि मेनका
- 1:24:22चंद्रभान राठौर के मित्र की बेटी थी।
- 1:24:24इसलिए भी [संगीत] प्रतीक मेनका के साथ
- 1:24:27जबरदस्ती नहीं कर सकता था। अब आगे क्या
- 1:24:30होगा? शौर्य और प्रतीक के टकराव का क्या
- 1:24:33परिणाम होगा? आखिर होटल पैराडाइज का
- 1:24:37नीलामी कौन जीतेगा? मेनका शौर्य का हाथ
- 1:24:41पकड़ कर खींचते हुए बिल्डिंग हॉल की तरफ
- 1:24:43बढ़ गई। उसे यहां पर कई जाने पहचाने चेहरे
- 1:24:46नजर आ गए थे। वह यह जानकर हैरान थी कि
- 1:24:48होटल पैराडाइज की नीलामी की बात हर तरफ
- 1:24:51फैल गई थी। तभी उसे यहां इतने सारे जाने
- 1:24:54पहचाने चेहरे नजर आ रहे थे। यानी इस बार
- 1:24:58राघव चढा की होटल की नीलामी आम ना होने
- 1:25:01देने की कोशिश फेल हो गई थी। मेनका को इसी
- 1:25:03समय हॉल से बाहर आता हुआ राघव चड्ढा भी
- 1:25:06दिखाई दिया। जिसके चेहरे की नाराजगी साफ
- 1:25:09देखी जा सकती थी। इतने सारे जाने पहचाने
- 1:25:11[संगीत] चेहरों को देखकर राघव चढा भी
- 1:25:13परेशान था। उसका जो प्लान फेल हो रहा था,
- 1:25:16उसकी झलक उसके चेहरे पर देखी जा सकती थी।
- 1:25:19अब राघव चढा चाहकर भी अपने मकसद में
- 1:25:21कामयाब नहीं हो सकता था। क्योंकि अगर वह
- 1:25:24होटल को नीलामी से बचना चाहता तो अब तक
- 1:25:27उसका लिया हुआ पैसा ब्याज के [संगीत] साथ
- 1:25:30इतना ज्यादा हो गया होगा कि उस होटल की
- 1:25:32कीमत से ज्यादा कीमत उसकी नीलामी को रोकने
- 1:25:35के लिए पे करना पड़ता। इसलिए राघव चढ़ा यह
- 1:25:39जोखिम तो ले नहीं सकता था। अब वह यही
- 1:25:41कोशिश कर सकता था कि नीलामी में ही सही।
- 1:25:44पर वह अपनी होटल को बचाने में कामयाब हो
- 1:25:46जाए। मेनका राघव चड्ढा के चेहरे के भाव से
- 1:25:50स्पष्ट समझ पा रही थी कि वह कितना परेशान
- 1:25:53है। मेनका यहां पर इतने सारे जाने पहचाने
- 1:25:56चेहरे को देखकर शौर्य से बोली लगता है इस
- 1:25:58बार राघव चड्ढा का प्लान फेल [संगीत] हो
- 1:26:00गया है क्योंकि इस बार वह होटल की नीलामी
- 1:26:03की बात को राज नहीं रख सका। तभी यहां इतने
- 1:26:07सारे चेहरे नजर आ रहे हैं। तुम किन की बात
- 1:26:10कर रही हो? शौर्य मेनका की बात सुनकर
- 1:26:13बोला, "तुम जो यहां पर इतने सारे लोगों को
- 1:26:15देख रहे हो, इनमें से बहुत सारे लोग इस
- 1:26:18शहर के बहुत ही प्रतिष्ठित लोगों में से
- 1:26:20एक हैं और उनका यहां होना यही जताता है कि
- 1:26:23वह सब भी यहां इस होटल की बिल्डिंग के लिए
- 1:26:26ही आए हैं। मेनका ने शौर्य को जवाब दिया।
- 1:26:29मेनका की बात सुनकर शौर्य वहां उपस्थित
- 1:26:32लोगों के चेहरे को [संगीत] देखने लगा। इसी
- 1:26:34समय उसकी निगाह राघव चड़ा के ऊपर भी गई।
- 1:26:38उसने उसके चेहरे पर झलक रही परेशानी
- 1:26:40[संगीत] को देखकर मेनका से पूछा वह जो
- 1:26:43सामने शख्स खड़ा है वह कौन है और वह इतना
- 1:26:46परेशान क्यों नजर आ रहा है? शौर्य के
- 1:26:49इशारे करने वाली दिशा में देखती हुई मेनका
- 1:26:51बोली यही है राघव चढा जिसका यह होटल हुआ
- 1:26:54करता था जो कि अब नीलाम होने वाला है।
- 1:26:58यहां उपस्थित लोगों को देखकर वह समझ गया
- 1:27:00है कि आज उसके लिए बहुत ही परेशानी भरा
- 1:27:03दिन होने वाला है। मेनका की बात सुनकर
- 1:27:06शौर्य ने गौर से राघव चड्ढा की तरफ देखा।
- 1:27:10वह शक्ल से एक कनिया नजर आ रहा था। मेनका
- 1:27:13शौर्य के साथ राघव चढा के पास से गुजरते
- 1:27:16हुए हॉल में प्रवेश [संगीत] कर गई। जब वह
- 1:27:18राघव चढा के पास से गुजर रही थी, उस समय
- 1:27:21दोनों की नजरें भी मिली थी। मेनका को यहां
- 1:27:24देखकर एक पल को तो राघव चढा के चेहरे पर
- 1:27:26हैरानी भी नजर आई। वह मेनका से कुछ बोलना
- 1:27:29भी चाहता था। पर मेनका राघव चढा को इग्नोर
- 1:27:33कर आगे बढ़ गई। मेनका शौर्य के साथ उस हॉल
- 1:27:36में पहुंच गई और एक सही जगह देखकर वह
- 1:27:38शौर्य के साथ जाकर वहां पर बैठ गई। उसने
- 1:27:41देखा विक्रम और मोहित रैना पहले ही उस हॉल
- 1:27:44में पहुंच चुके थे और वे भी अपने लिए एक
- 1:27:46जगह देखकर वहां पर बैठ गए थे। धीरे धीरे
- 1:27:50बाहर के लोग भी अब हॉल के अंदर आने लगे थे
- 1:27:53और अपनी-अपनी जगह पर आकर बैठने लगे थे। इस
- 1:27:56दरमियान वहां पर कई ऐसे लोग भी आए थे जो
- 1:27:58मेनका को पहले से जानते थे और उन लोगों ने
- 1:28:01मेनका [संगीत] से हाई हेलो भी किया था।
- 1:28:04प्रतीक भी मालिनी खुराना के साथ उस हाल
- 1:28:06में आ गया था। वह मेनका से कुछ दूरी पर
- 1:28:08आकर मालिनी के साथ बैठ गया था और वह
- 1:28:11बार-बार घुरकर शौर्य की तरफ देख रहा था।
- 1:28:14पर शौर्य उसको इग्नोर [संगीत] किए हुए था।
- 1:28:16शौर्य ने गौर किया कि मालिनी बार-बार पलट
- 1:28:19कर उसकी तरफ देख रही थी। शौर्य को समझ
- 1:28:22नहीं आया कि मालिनी ऐसा क्यों [संगीत] कर
- 1:28:25रही है। पर वह यह बात नोटिस कर रहा था कि
- 1:28:28मालिनी की आंखों में शौर्य को लेकर कोई
- 1:28:31नाराजगी का भाव नहीं था। बल्कि उसके चेहरे
- 1:28:34को देखकर ऐसा [संगीत] लग रहा था। जैसे वह
- 1:28:37शौर्य को और जानना चाहती हो। जब सभी अपनी
- 1:28:39जगह पर बैठ रहे थे, इस समय मालिनी अपनी
- 1:28:42जगह से उठी और शौर्य के करीब आकर बोली,
- 1:28:45मिस्टर श्रवण, मैं आपसे एक बार मिलकर बात
- 1:28:48करना चाहती हूं। क्या आप मुझे अपना नंबर
- 1:28:50देंगे? शौर्य को उम्मीद नहीं था कि मालिनी
- 1:28:54इस तरह से उसके पास आकर उसका नंबर
- 1:28:56मांगेंगी। पर उसने जितने सभ्य तरीके से
- 1:28:59शौर्य से बात की उसके कारण शौर्य मालिनी
- 1:29:02से इंकार नहीं कर सका और शौर्य ने मालिनी
- 1:29:04को अपना नंबर नोट कर दिया। शौर्य से नंबर
- 1:29:07मिलने के बाद मालिनी ने अपने मोबाइल में
- 1:29:10उसका नंबर डायल किया। एक रिंग जाने के बाद
- 1:29:13मालिनी ने फोन कट किया और शौर्य से बोली
- 1:29:16यह मेरा नंबर है जिससे अभी मैंने आपको कॉल
- 1:29:18किया है। आप मेरे नंबर को सेव कर लीजिएगा।
- 1:29:21मैं जल्दी ही आपसे बात करूंगी। इतना कहकर
- 1:29:24मालिनी फिर से वापस अपनी जगह पर चली गई।
- 1:29:27इस बीच प्रतीक घूर कर मालिनी को देखता
- 1:29:30रहा। जैसे वह जानना चाहता हो कि आखिर
- 1:29:33मालिनी शौर्य से क्या बात करेगी या
- 1:29:35[संगीत] क्या बात करना चाहती है जिसके लिए
- 1:29:38वह उससे उसका नंबर लेकर आई है। प्रतीक के
- 1:29:41चेहरे पर मालिनी के लिए भी नाराजगी के भाव
- 1:29:43आ गए थे। पर वह कुछ बोला नहीं। मालिनी फिर
- 1:29:46से जाकर अपनी सीट पर बैठ गई। तो प्रतीक
- 1:29:49नाराजगी भरे स्वर में बोला। तुम क्या करने
- 1:29:52गई थी उस लड़के के पास? मालिनी ने प्रतीक
- 1:29:54की बात को सुना तो वह उसे धीरे से बोली,
- 1:29:57अरे तुम इस छोटी सी बात पर नाराज क्यों हो
- 1:30:00रहे हो? कुछ ऐसी बात है जो मुझे उससे करनी
- 1:30:03है। पर अभी जिस काम के लिए यहां आए हो उस
- 1:30:05पर ध्यान दो। उसके बारे में हम बाद में
- 1:30:07बात करेंगे। तुम यूं छोटी-छोटी बातों पर
- 1:30:11नाराज मत हो जाया करो। मालिनी के इस बात
- 1:30:14को सुनकर प्रतीक ना चाहते हुए भी चुप हो
- 1:30:16गया और वह हमें स्टेज की तरफ देखने लगा।
- 1:30:18दूसरी तरफ स्टेज पर मौजूद एक व्यक्ति होटल
- 1:30:21पैराडाइज [संगीत] की नीलामी से संबंधित
- 1:30:23जानकारी वहां उपस्थित सभी लोगों को दे रहा
- 1:30:26था। इस बीच दो [संगीत] लोगों ने वहां
- 1:30:29उपस्थित सभी लोगों के बीच सबके हाथों में
- 1:30:31एक नंबर लिखा हुआ छोटा सा कार्डबोर्ड दे
- 1:30:34दिया था। शौर्य ने नोट किया था कि राघव
- 1:30:37चड्ढा सबसे आगे जाकर बैठा हुआ था और
- 1:30:39बार-बार घुरकर वहां मौजूद भीड़ को देखे जा
- 1:30:42रहा था। आखिरकार वह समय आ गया जब नीलामी
- 1:30:45स्टार्ट हो गई। होटल की शुरुआती बोली
- 1:30:4810,500 करोड़ से स्टार्ट हुई थी और जो
- 1:30:50सबसे पहले [संगीत] बोली लगाने वाला शख्स
- 1:30:52था, वह शख्स राघव चढा के साथ वाली टेबल पर
- 1:30:56ही बैठा हुआ था। यानी वह जो कोई भी था,
- 1:30:59राघव चढा के द्वारा ही तैयार किया गया
- 1:31:01बीडर था। मेनका और शौर्य बस उस शुरुआती
- 1:31:06बोली [संगीत] को देखते और सुनते रहे। अभी
- 1:31:08उन्होंने अपनी ओर से कोई बोली नहीं लगाई
- 1:31:11थी। वह इंतजार कर रही थी कि जब कुछ लोग इस
- 1:31:14नीलामी से बाहर हो जाएंगे तभी वह इसमें
- 1:31:17एंट्री करेंगे। धीरे धीरे [संगीत] बोली
- 1:31:2010,650 करोड़ तक पहुंच गए। पर अभी भी वहां
- 1:31:24पर कई लोग थे जिन्होंने कोई शुरुआती बोली
- 1:31:26भी नहीं लगाई थी। 10,700 करोड़ जाते। जाते
- 1:31:30अब ज्यादा लोग उसमें पार्टिसिपेट नहीं कर
- 1:31:32रहे थे। जब मेनका और शौर्य ने देखा कि अब
- 1:31:35ज्यादा लोग बीच में नहीं आ रहे हैं तो
- 1:31:37शौर्य ने एक ही बार में 10,750 करोड़ की
- 1:31:41बोली लगा दी। जैसे ही शौर्य ने बोली लगाई
- 1:31:44ज्यादा इंतजार भी नहीं करना पड़ा कि अगली
- 1:31:46बोली सामने आ गई जो ₹1775
- 1:31:49करोड़ की थी। यह बोली लगाने वाला शख्स कोई
- 1:31:52और नहीं प्रतीक ही था। ऐसा लगा जैसे
- 1:31:56प्रतीक शौर्य के बोली लगाने का ही इंतजार
- 1:31:58कर रहा था। जैसे ही शौर्य ने अपनी तरफ से
- 1:32:01बोली लगाई, तुरंत प्रतीक ने उससे आगे की
- 1:32:03बोली लगा दी। शौर्य ने यह देखा तो उसके
- 1:32:06चेहरे पर एक मुस्कान खिल गई। वह समझ गया
- 1:32:09[संगीत] कि प्रतीक उसको टारगेट कर रहा है।
- 1:32:12शौर्य ने भी अगली बोली तुरंत 10,800 करोड़
- 1:32:15की लगा दी। पर प्रतीक कहां पीछे रहने वाला
- 1:32:18था। उसने भी तुरंत 10,825 करोड़ की बोली
- 1:32:21लगा दी। धीरे धीरे करके यह बोली 2000
- 1:32:24करोड़ तक पहुंच गई। मेनका ने जब देखा कि
- 1:32:27[संगीत] प्रतीक शौर्य के बोली लगाने के
- 1:32:30बाद तुरंत ही अपनी बोली को बढ़ा दे रहा है
- 1:32:32तो उसने शौर्य को हाथ दबाकर बोली लगाने से
- 1:32:36मना कर दिया। वैसे शौर्य मूड में था कि वह
- 1:32:38प्रतीक से कंपटीशन करता रहे। पर जब मेनका
- 1:32:41ने उसको रोकने का इशारा किया तो वह रुक
- 1:32:43गया। थोड़ी देर 2000 करोड़ पर ही बोली
- 1:32:47अटकी रहे जब सॉरी की तरफ से बोली को
- 1:32:49[संगीत] आगे नहीं बढ़ाया गया तो प्रतीक ने
- 1:32:51कर गर्व से शौर्य की तरफ देखा। प्रतीक की
- 1:32:55इस हरकत पर शौर्य के चेहरे पर एक मुस्कान
- 1:32:57खिल गई। जब किसी ओर से कोई और बोली को
- 1:33:00बढ़ाने सामने नहीं आ रहा था तो एक बार फिर
- 1:33:03से राघव चढा ने 2025 करोड़ की बोली लगाई।
- 1:33:06राघव चढा ने बोली बढ़ा तो दिया पर वह खुश
- 1:33:10नहीं था। क्योंकि उसने सोचा नहीं था कि वह
- 1:33:12अपने ही इस होटल की बोली को इतना ऊपर तक
- 1:33:15[संगीत] ले जाएगा। पर अब मरता क्या ना
- 1:33:17करता वाली हालत थी। एक बार फिर से बोली
- 1:33:212025 करोड़ पर रुक गई थी। इसी समय प्रतीक
- 1:33:24ने एक बार शौर्य की तरफ देखा। पर शौर्य की
- 1:33:27तरफ से कोई हरकत ना देखकर उसने मालिनी से
- 1:33:29बात किया। पर उसने बोली को बढ़ाया नहीं।
- 1:33:32जब शौर्य ने देखा कि प्रतीक [संगीत] बोली
- 1:33:35नहीं लग रहा है तो वह सिर्फ यह जांचने के
- 1:33:38लिए कि अगर वह बोली लगाता है तो क्या
- 1:33:40प्रतीक फिर से बोली लगाएगा? यह सोचकर उसने
- 1:33:442050 करोड़ की बोली लगा दी।
- 1:33:47शौर्य की आवाज सुनकर प्रतीक ने आश्चर्य से
- 1:33:50मुड़कर [संगीत]
- 1:33:51शौर्य की तरफ देखा और उसने फिर तुरंत थे
- 1:33:552075 करोड़ की बोली लगा दी। उसकी इस हरकत
- 1:33:58पर शौर्य ने कोई रिएक्शन तो नहीं दिया पर
- 1:34:01उसके होठों पर एक मुस्कान खेल गई। शौर्य
- 1:34:04फिर से शांत हो गया। प्रतीक ने बोली लगा
- 1:34:07तो दी। पर वह देख रहा था कि उसके साथ बैठी
- 1:34:10मालिनी के चेहरे पर नाराजगी के भाव था।
- 1:34:13दूसरी तरफ राघव चढा भी अपनी जगह पर बैठा
- 1:34:16हुआ प्रतीक की ओर देख रहा था। जैसे वह भी
- 1:34:19समझ रहा था कि यहां पर उसके दो कंपिटिट
- 1:34:21हैं। एक शौर्य और दूसरा प्रतीक। जब थोड़ी
- 1:34:25देर बोली हुई रुकी रहे तो एक बार फिर से
- 1:34:27राघव चढा ने 2100 करोड़ की बोली लगा दी।
- 1:34:30इसके बाद फिर से थोड़ी देर हाल में शांति
- 1:34:33छाई रही। कोई भी दूसरी बोली इसके ऊपर नहीं
- 1:34:36आई। जब लगा कि यही अंतिम बोली होगी। इस
- 1:34:39समय विक्रम और मेनका की नजर मिली। मेनका
- 1:34:42ने इशारे में ही विक्रम को समझा दिया।
- 1:34:44जैसे काउंटिंग एक दो हुई। तभी विक्रम ने
- 1:34:48अपना बैनर उठाकर बोली को आगे बढ़ा दिया।
- 1:34:512125 करोड़। इस नए शख्स को बोली लगाते देख
- 1:34:55सबकी निगाह विक्रम की ओर मुड़ गई। कोई भी
- 1:34:58इस शख्स को नहीं जानता था। सभी सोचने लगे
- 1:35:01कि यह बंदा कौन आ गया जिसने इतनी बड़ी
- 1:35:03बोली लगा दी? आखिर विशालगढ़ में ऐसे कितने
- 1:35:06रईस हैं जो इतनी बड़ी बोली लगा सकते हैं?
- 1:35:09हॉल में कान्हा फुशी भी शुरू हो गई कि
- 1:35:11क्या कोई शख्स को जानता है। पर सभी विक्रम
- 1:35:15से अनजान थे। प्रत्येक भी आश्चर्यचकित
- 1:35:18होकर विक्रम की ओर देख रहा था। प्रत्येक
- 1:35:22के लिए विक्रम अनजान ही था। पर विक्रम ने
- 1:35:25इससे आगे बोली को नहीं बढ़ाया। दूसरी तरफ
- 1:35:28राघव चढा को चैन नहीं आ रहा था। वह गुस्से
- 1:35:31भरी आंखों से विक्रम को घूर रहा था। पर
- 1:35:34विक्रम उसकी ओर देख ही नहीं रहा था। जब
- 1:35:36राघव चड्ढा को कोई और चारा नजर नहीं आया
- 1:35:39तो उसने एक बार फिर से अपनी बोली को बढ़ा
- 1:35:41दिया। पर उसके साथ ही विक्रम ने भी अपनी
- 1:35:44बोली को बढ़ाकर 2200 करोड़ पर पहुंचा
- 1:35:47दिया। अगर इससे ऊपर राघव चढ़ा जाता तो
- 1:35:50उसको यह नीलामी बहुत भारी पड़ने वाला था।
- 1:35:53उसने तो सपने में भी ऐसी उम्मीद नहीं की
- 1:35:56थी कि नीलामी 2,200 करोड़ तक पहुंच जाएगी।
- 1:35:59काफी देर तक स्टेज पर खड़ा शख्स इस इंतजार
- 1:36:02में रहा था कि कोई इस बोली को आगे
- 1:36:04बढ़ाएगा। पर अब कोई भी सामने नहीं आ रहा
- 1:36:06था। एक बार फिर से बहुत हिम्मत करके राघव
- 1:36:10चढा ने 2225 करोड़ की बोली लगाई। पर थोड़े
- 1:36:15इंतजार के बाद ही विक्रम ने 2250 करोड़ तक
- 1:36:18बोली को पहुंचा दिया। इसके बाद कोई भी
- 1:36:21शख्स इससे ऊपर बोली लगाने की हिम्मत नहीं
- 1:36:23कर पाया। फाइनली नीलामी ₹250 करोड़ पर
- 1:36:27जाकर खत्म हुई। राघव चड्ढा का चेहरा लटक
- 1:36:30गया था। बाकी वहां मौजूद दूसरे शख्स को
- 1:36:33इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ रहा था।
- 1:36:35फाइनली होटल पैराडाइज का नीलामी समाप्त
- 1:36:38हुआ और यह नीलामी विक्रम ने अपने नाम
- 1:36:40किया। वहां उपस्थित सभी लोगों की निगाह
- 1:36:43विक्रम पर ही जमी हुई थी। यह कौन शख्स है
- 1:36:47जिसने होटल पैराडाइज को नीलामी में खरीद
- 1:36:50लिया है क्योंकि विक्रम इस शहर के लिए एक
- 1:36:52अननोन फेस था। वहां पर कोई भी ऐसा नहीं था
- 1:36:56जो उसको [संगीत] पहले से जानता हो।
- 1:36:58हालांकि लोगों के मन में विक्रम को जानने
- 1:37:00की इच्छा हो रही थी। पर अभी लोग समझ नहीं
- 1:37:02पा रहे थे कि वह कैसे विक्रम से अपनी जान
- 1:37:06पहचान को आगे बढ़ाएं। पर यहां पर कुछ लोग
- 1:37:09ऐसे भी थे जो इस बात से खुश थे कि उनके
- 1:37:12[संगीत] किसी कंपिटिट ने इस होटल को अपने
- 1:37:14नाम नहीं किया। प्रतीक को इस बात की खुशी
- 1:37:17थी कि उसने इस नीलामी को मेनका के हाथों
- 1:37:20में नहीं जाने दिया। वह जानबूझकर उस समय
- 1:37:22ही अपने बेड के रेंज को बढ़ा रहा था। जब
- 1:37:24शौर्य कोई बोली लग रहा था। यही देखकर
- 1:37:27मेनका ने विक्रम को कहा, क्या तुम
- 1:37:30जानबूझकर हमारी लगाई बोली को बढ़ा दे रहे
- 1:37:32थे? मेनका की बात सुनकर प्रतीक बोला, तो
- 1:37:36तुमको क्या लगता है? एक तुम ही तो यहां
- 1:37:38नीलामी के लिए नहीं आई थी। हम भी तो यहां
- 1:37:41मौजूद थे। तो मैं अपने सामने यह होटल तुम
- 1:37:45दोनों के नाम कैसे होने दे सकता था? पर
- 1:37:47तुम ऐसा क्यों कर रहे थे? इससे तुम्हें
- 1:37:49क्या मिलने वाला था? मेनका थोड़ा आश्चर्य
- 1:37:51[संगीत] से बोली क्योंकि वह यह नहीं समझ
- 1:37:54पा रही थी कि प्रतीक का अंदाज उसको लेकर
- 1:37:57यूं बदला [संगीत] हुआ क्यों है। यह तो
- 1:37:59अच्छा हुआ था कि वह पहले ही प्रतीक का
- 1:38:02इरादा समझ गई थी। इसलिए उसने विक्रम को
- 1:38:05आगे बोली लगाने का इशारा कर दिया था। इसके
- 1:38:07बाद विक्रम आगे बोली लगाने लगा था।
- 1:38:09[संगीत] प्रतीक को तो सिर्फ शिप्रा और
- 1:38:11शौर्य से कंपटीशन था। इसलिए उसने किसी
- 1:38:14तीसरे शख्स को बोली लगाते देखकर उसने खुद
- 1:38:17बोली लगाना बंद कर दिया। इसी कारण प्रतीक
- 1:38:20ने आगे बोली लगाने की कोशिश नहीं की। जबकि
- 1:38:23दूसरी तरफ राघव चड्ढा ने भी नहीं सोचा था
- 1:38:25कि पैराडाइज होटल की बोली इतनी ऊपर तक चली
- 1:38:28जाएगी। अगर उसे यह पहले एहसास होता तो वह
- 1:38:31कभी भी अपने इस होटल को नीलामी में जाने
- 1:38:34नहीं देता। पर उससे कहीं ना कहीं चूक हो
- 1:38:36गई थी। जिसके कारण इस नीलामी की खबर आम हो
- 1:38:39गई थी। क्योंकि शहर के ज्यादातर बड़े लोग
- 1:38:42इस नीलामी में भाग लेने के लिए आ गए थे।
- 1:38:44यह सब देखकर ही राघव चढा समझ गया कि उसने
- 1:38:48गलती कर दिया है। बैंक वाले विक्रम को
- 1:38:50अपनी कुछ कागजी कार्यवाही के लिए अपने साथ
- 1:38:53ले गए थे। उस दरमियान शौर्य और मेनका बाहर
- 1:38:58उसका इंतजार करने लगे। इसी समय प्रतीक
- 1:39:00मालिनी के साथ चलते हुए मेनका के पास
- 1:39:02पहुंचा और मेनका से बोला मानना पड़ेगा।
- 1:39:06तुमने कोशिश बहुत की इस नीलामी को अपने
- 1:39:08नाम करने की पर कामयाब नहीं हो सकी। मेनका
- 1:39:11ने प्रतीक की बात को सुना तो वह बोली पर
- 1:39:14तुम ऐसा क्यों रहे थे मैं नोट कर रही थी
- 1:39:17जब हमारी तरफ से बोली लग रहे थे तब तुम
- 1:39:19जानबूझकर उस बोली को बढ़ाते रहे थे मेनका
- 1:39:23की बात सुनकर प्रतीक मुस्कुराया वह मेनका
- 1:39:26को गौर से देखते हुए बोला मैं क्या
- 1:39:29तुम्हें समझ नहीं रहा हूं कि आजकल तुम
- 1:39:31किसी और के हाथ की कठपुतली बनी हुई हो फिर
- 1:39:34तुम यह कैसे उम्मीद कर सकती हो कि मैं
- 1:39:36तुम्हें [संगीत] थोड़ी सी भी ढील दे सकता
- 1:39:38था मेरा कोई मकसद नहीं था इस होटल को इतनी
- 1:39:41ऊंची बोली लगाने का। पर अगर तुम या
- 1:39:44तुम्हारा पार्टनर [संगीत]
- 1:39:45इस बीड को बढ़ाते रहते तो मैं कभी भी
- 1:39:48तुम्हें इस बीड को जीतने नहीं देता। भले
- 1:39:50ही कितनी भी ऊंची बोली लगानी पड़ती पर मैं
- 1:39:53तुम्हें या [संगीत] तुम्हारे दोस्त को
- 1:39:55कामयाब नहीं होने देता। प्रतीक की यह बात
- 1:39:58सुनकर अब मेनका को अंदाजा हो गया कि उसको
- 1:40:01लेकर जरूर प्रतीक के मन में कुछ गलत धारणा
- 1:40:04बन गई है। जिसके कारण ही उसने उसे इस
- 1:40:07नीलामी में शामिल होने वाली बात नहीं
- 1:40:10बताई। और सिर्फ इतना [संगीत] ही नहीं उसकी
- 1:40:13नफरत उसको लेकर इतनी बड़ी हुई है कि वह
- 1:40:17किसी भी हाल में उसे जीतने भी देना नहीं
- 1:40:20चाहता था। उसने [संगीत] कभी सोचा नहीं था
- 1:40:22कि प्रतीक इस तरह से उसको लेकर अपनी धारणा
- 1:40:25बना लेगा। पर वह खुश थी कि वह समय रहते
- 1:40:29सचेत हो गई। अब वह यह सोच कर खुश थी कि
- 1:40:32अगर अब प्रतीक को पता चल जाए कि असलियत
- 1:40:35में इस होटल की नीलामी [संगीत] को उसने या
- 1:40:37उसके साथी ने ही अपने नाम किया है तो ऐसी
- 1:40:40स्थिति में प्रतीक का क्या हाल होगा। अभी
- 1:40:42यह ख्याल मेनका के दिमाग में आ ही रहा था
- 1:40:45कि इसी समय विक्रम मोहित रैना के साथ उसके
- 1:40:48[संगीत] पास आ गया और उससे बोला बधाई हो
- 1:40:51मेनका। तुम्हारा प्लान कामयाब हो गया।
- 1:40:54विक्रम ने जब यह कहा था, उस समय तक उसने
- 1:40:57प्रतीक को देखा नहीं था क्योंकि प्रतीक की
- 1:40:59पीठ उसकी तरफ था। इसलिए उसने सोचा [संगीत]
- 1:41:02नहीं था कि मेनका के सामने जो शख्स खड़ा
- 1:41:04है, वह प्रतीक ही होगा। पर अब तक तो उसने
- 1:41:07यह बात बोल दी थी। इसलिए अब कुछ हो नहीं
- 1:41:11सकता था। पर मेनका इस बात से खुश थी कि
- 1:41:13[संगीत] जो बात उसे प्रतीक को बतानी
- 1:41:15पड़ती, वह उसे अपने आप ही पता चल गया।
- 1:41:17प्रतीक ने जो विक्रम की बात को सुना तो वह
- 1:41:20विक्रम की तरफ पलटा और यह देखकर कि विक्रम
- 1:41:23वही शख्स है जिसने इस नीलामी को अपने नाम
- 1:41:26किया। वह मेनका से यह बोलते हुए मिल रहा
- 1:41:29है कि उसका प्लान कामयाब हो गया। प्रतीक
- 1:41:32का [संगीत] चेहरे का रंग उड़ गया। यह
- 1:41:35एहसास उसके लिए भारी पड़ गया कि असल में
- 1:41:38यह नीलामी मेनका के ही नाम रहा है। जबकि
- 1:41:42वह अब भी इसी बात को लेकर मेनका का माखौल
- 1:41:46उड़ाने की कोशिश कर रहा था। मेनका ने जब
- 1:41:48[संगीत] प्रतीक के चेहरे के उड़े हुए रंग
- 1:41:50को देखा तो वह मुस्कुराते हुए बोली क्या
- 1:41:53हुआ? अब तुम्हारी बोलती क्यों बंद हो गई?
- 1:41:56अब और मेरा माखौल नहीं उड़ाओगे। बोलो और
- 1:41:59कितना जहर तुम्हारे मन में भरा हुआ है।
- 1:42:01मैंने कभी तुम्हारे लिए यह नहीं सोचा था
- 1:42:04कि तुम मेरे लिए ऐसा सोचोगे। पर अच्छा हुआ
- 1:42:06आज मेरी यह गलतफहमी भी दूर हो गई। प्रतीक
- 1:42:10के साथ खड़ी मालिनी ने जब यह जाना कि
- 1:42:12[संगीत] मेनका की टीम ने ही इस नीलामी को
- 1:42:14अपने नाम किया है तो वह मेनका को बधाई
- 1:42:16देते हुए बोली मुबारक हो मेनका जो तुमने
- 1:42:20यह नीलामी अपने नाम की। मैंने पहले भी
- 1:42:23तुम्हारे बारे में सुना हुआ है। लेकिन आज
- 1:42:25का तुम्हारा यह मास्टर प्लान देखने के बाद
- 1:42:28मैं खुद को तुम्हारी तारीफ करने से रोक
- 1:42:30नहीं सकती। मैं तो सोच भी नहीं सकती थी कि
- 1:42:33तुम अपने साथ एक डमी बीडर भी लाए थे।
- 1:42:36जिसने तुम्हारा काम आसान कर दिया। मेनका
- 1:42:39ने महसूस किया कि मालिनी [संगीत] ने जो
- 1:42:41उसको बधाई दी थी, उसमें कहीं कोई फरेब
- 1:42:44नहीं था। इसलिए उसने मालिनी को धन्यवाद
- 1:42:46किया। पर अभी भी मालिनी के साथ खड़े
- 1:42:49प्रतीक के चेहरे [संगीत] का रंग उड़ा हुआ
- 1:42:51ही था। उसका चेहरा ऐसा सफेद पड़ गया था
- 1:42:53जैसे लग रहा था कि वह कहीं मुंह दिखाने
- 1:42:56लायक नहीं है। मेनका प्रतीक के चेहरे के
- 1:42:58ओरे हुए रंग को देखकर बोली तुम्हारा चेहरा
- 1:43:01ही बता रहा है कि तुम पर क्या गुजर रही
- 1:43:04है। तुम जिसकी उम्मीद नहीं कर रहे थे वही
- 1:43:07हो गया। अब क्या करोगे? अब तो मैं यही
- 1:43:10उम्मीद कर सकती हूं कि अब तुम कभी मेरे
- 1:43:13सामने नहीं आओगे। मेनका निश्चित इरादे के
- 1:43:16साथ बोली। उसने आज निश्चय कर लिया था कि
- 1:43:18वह आगे से कभी भी [संगीत] प्रतीक के साथ
- 1:43:21कोई संबंध नहीं रखेगी। प्रतीक को अभी भी
- 1:43:24वहीं खड़ा देखकर मेनका बोली, अब क्या यह
- 1:43:27खड़े-खड़े मेरा चेहरा देखते रहोगे? अब
- 1:43:29तुम्हारे लिए यही अच्छा है कि तुम मेरे
- 1:43:31सामने से चले जाओ। मेनका की बात सुनकर
- 1:43:34प्रतीक का चेहरा गुस्से से लाल हो गया।
- 1:43:36अगर उसका बस चलता तो वह मेनका के साथ बहुत
- 1:43:39बुरा करने वाला था। पर वह ऐसा सिर्फ सोच
- 1:43:42ही सकता था करना उसके बस का नहीं था।
- 1:43:45क्योंकि वह जानता था कि मेनका उसके दादाजी
- 1:43:48की लाडली है। अगर वह उसके साथ कुछ गलत
- 1:43:50करने की कोशिश करेगा तो यह बात उसके
- 1:43:52दादाजी को पता चल जाएगी। फिर प्रतीक के
- 1:43:55दादाजी उसको छोड़ने वाले नहीं थे। इसी
- 1:43:57कारण प्रतीक मेनका के साथ कुछ ज्यादती
- 1:44:00नहीं कर सकता था। प्रतीक वहां से
- 1:44:03जाते-जाते मेनका से बोल गया। याद रखना मैं
- 1:44:07इस बात [संगीत] को इतनी आसानी से भूलने
- 1:44:09वाला नहीं हूं। मैं चाहती भी नहीं तुम इस
- 1:44:11बात को भूलो। कम से कम मेरी यह बात
- 1:44:14तुम्हें यही याद दिलाती रहेगी कि तुम एक
- 1:44:16लड़की से हार गए। इतना बोलकर मेनका प्रतीक
- 1:44:20को जाते हुए देखती रही। तभी उसे पीछे से
- 1:44:23एक [संगीत] आवाज सुनाई दी। मुझे उम्मीद
- 1:44:25नहीं था कि इतने समय के बाद मैं फिर से
- 1:44:27तुम्हें यहां देखूंगा। पर तुम्हें देखकर
- 1:44:30लग रहा है कि तुम अपने मकसद में कामयाब हो
- 1:44:32गई। यह आवाज किसी और की नहीं बल्कि राघव
- 1:44:35चढा की थी। चलिए अब मैं यह उम्मीद कर सकती
- 1:44:39हूं कि ऊपर वाला आपको सद्बुद्धि दे और आप
- 1:44:42आगे से अपने काम में थोड़ी समझदारी
- 1:44:44[संगीत] दिखाएंगे और किसी को इतना छोटा
- 1:44:46समझने की गलती नहीं ना करें कि एक दिन
- 1:44:49वहीं आपके सर का ताज तक बन जाए। मेनका
- 1:44:52राघव चढ़ा के ऊपर कटाक्ष करती हुई बोली।
- 1:44:55मेनका की बात सुनकर राघव चढा बोला। आज
- 1:44:58तुम्हारा दिन है। इसलिए आज तुम कुछ भी बोल
- 1:45:01सकती हो। वैसे एक बात [संगीत] के लिए
- 1:45:03तुम्हारी तारीफ करनी पड़ेगी कि आज तुमने
- 1:45:06इस नीलामी में अपना एक अच्छा मूव दिखाया।
- 1:45:09नहीं तो अगर मुझे पता होता कि यह लड़का भी
- 1:45:11तुम्हारी टीम का हिस्सा है। तो मैं इतनी
- 1:45:14आसानी से नीलामी से पीछे नहीं हटता। पर
- 1:45:17क्या फायदा अब इस अफसोस मनाने का जबकि अब
- 1:45:20आप चाहकर भी कुछ नहीं कर सकते। इसलिए यही
- 1:45:23बेहतर होगा कि आप अपने घर जाकर मातम
- 1:45:25मनाएं। मेनका अपने चेहरे पर पूर्ववत
- 1:45:29मुस्कान बनाए हुए बोली। जबकि इस दरमियान
- 1:45:31शौर्य मेनका के साथ खड़ा रहा पर उसने उनके
- 1:45:34बीच में कुछ [संगीत] भी बोलने की कोशिश
- 1:45:36नहीं किया। शौर्य मेनका के साथ खड़ा रहकर
- 1:45:39सिर्फ स्थिति का जायजा लेना चाहता था।
- 1:45:41मेनका की फटकार सुनकर राघव चंडा भी वहां
- 1:45:44से चला गया। अब वहां पर सिर्फ शौर्य
- 1:45:46मेनका, विक्रम और मोहित रैना यही बाकी रह
- 1:45:50गए। अभी शौर्य और विक्रम आपस में बात करने
- 1:45:53वाले थे कि तभी मोहित रैना के फोन पर कॉल
- 1:45:55आने लगा। शौर्य की निगाह [संगीत] मोहित
- 1:45:58रैना की ओर घूम गई क्योंकि मोहित रैना
- 1:46:01उसके पास ही खड़ा था। इसलिए शौर्य ने देखा
- 1:46:03उसके मोबाइल पर शिप्रा का कॉल आ रहा है।
- 1:46:06अपने मोबाइल पर शिप्रा का कॉल आते देखकर
- 1:46:09मोहित [संगीत] रैना ने शौर्य की ओर देखा।
- 1:46:11शौर्य ने उसे कॉल उठाने को कहा तो मोहित
- 1:46:14रैना ने कॉल उठाया और बोला हेलो शिप्रा जी
- 1:46:17[संगीत] कहिए कैसे कॉल किया? शिप्रा ने
- 1:46:20जवाब में कहा मैं अभी घर से निकल रही हूं।
- 1:46:23आपसे कहां पर मिलना होगा? शिप्रा का सवाल
- 1:46:26सुनकर मोहित रैना ने शौर्य की ओर देखा तो
- 1:46:28शौर्य ने उसे इशारों में कहा उससे कहो वह
- 1:46:32न्यू सिटी टावर वाले ऑफिस में ही आकर
- 1:46:34तुमसे मिले। शौर्य से यह बात सुनने के बाद
- 1:46:37मोहित रैना ने शिप्रा से कहा आप न्यू सिटी
- 1:46:40टावर के ऑफिस में आ जाइए। मैं अभी बाहर
- 1:46:42हूं। जब तक आप पहुंचेंगी, मैं भी तब तक
- 1:46:44ऑफिस पहुंच जाऊंगा। इतना कहकर मोहित रैना
- 1:46:47ने फोन काट दिया और फिर शौर्य की ओर देखने
- 1:46:49लगा। जैसे वह उससे अगला आदेश पाने की
- 1:46:52अपेक्षा कर रहा था। शौर्य ने जब यह महसूस
- 1:46:56किया तो उसने [संगीत] मोहित रैना से कहा
- 1:46:58वैसे भी अब यहां का काम समाप्त हो गया तो
- 1:47:01फिर तुम जाओ और शिप्रा से मिल लो। बाकी
- 1:47:03तुम्हें पता ही है कि उससे तुम्हें क्या
- 1:47:05बात करनी है और कैसे अपना ऑफर देना है।
- 1:47:09शौर्य की बात सुनकर मोहित रैना मुस्कुराते
- 1:47:12हुए बोला। जी सर आपको याद दिलाने की जरूरत
- 1:47:16नहीं पड़ेगी। मुझे अपना काम अच्छे से पता
- 1:47:18है। इसमें आपको कोई शिकायत नहीं मिलेगी।
- 1:47:20इतना कहकर मोहित रैना [संगीत] अपनी कार से
- 1:47:22वहां से निकल गया। मोहित रैना के वहां
- 1:47:25जाने के बाद शौर्य भी विक्रम और मेनका के
- 1:47:28साथ पार्किंग की तरफ बढ़ गया। अब आगे क्या
- 1:47:31होगा? आखिर शौर्य ने मोहित रैना को शिप्रा
- 1:47:34से बात करने के लिए क्या समझा दिया था?
- 1:47:36मोहित रैना को शिप्रा के साथ किस तरह के
- 1:47:40डील करने थे। शिप्रा मेघना के साथ न्यू
- 1:47:43सिटी टावर के लिए निकली। वह देखना चाहती
- 1:47:45थी कि मोहित रैना के पास उसके लिए किस तरह
- 1:47:49का जॉब प्रपोजल था। बाकी दूसरा काम यह भी
- 1:47:52था कि जिंक कलेक्शन का पेपर वर्क भी पूरा
- 1:47:54करना था। मेघना को भी अपनी ब्रांड के लिए
- 1:47:57बिग बुल में [संगीत] स्पेस चाहिए था।
- 1:47:59इसीलिए वह उसके साथ थी। शिप्रा न्यू सिटी
- 1:48:02टावर के ऑफिस में पहुंची तो उस समय तक
- 1:48:05मोहित रैना भी ऑफिस पहुंच चुका था। शिप्रा
- 1:48:08मेघना के साथ मोहित रैना के ऑफिस में
- 1:48:11पहुंची। मोहित रैना ने शिप्रा और मेघना के
- 1:48:13लिए कॉफी मंगवाया। इसी बीच मोहित ने अपने
- 1:48:16लीगल वाले को भी वहां बुलवाया। [संगीत]
- 1:48:18जिसने पूरा पेपर वर्क तैयार कर रखा था।
- 1:48:20उसने शिप्रा से साइन लिया। बहुत सारे पेपर
- 1:48:23होने के कारण शिप्रा को कई जगह साइन करने
- 1:48:26पड़े। पेपर वर्क पूरा होने के बाद सबसे
- 1:48:29पहले मेघना ने बिग बुल में अपनी ब्रांड के
- 1:48:32स्पेस के लिए बात किया। प्रॉफिट शेयरिंग
- 1:48:34कंफर्म करने के बाद मोहित रैना ने मेघना
- 1:48:37[संगीत] के लिए भी पेपर तैयार करवाया और
- 1:48:39और सेटिस्फाई होने के बाद दोनों ने पेपर
- 1:48:42पर साइन किया और उसकी एक कॉपी मेघना को भी
- 1:48:45दिया। जब [संगीत] यह सारे काम पूरे हो गए
- 1:48:48तो उसके बाद मेघना ने मोहित रैना से कहा
- 1:48:50कल आपने शिप्रा के जॉब के लिए कहा था क्या
- 1:48:53आप बताएंगे कि आप जिस जॉब की बात कर रहे
- 1:48:55हैं वह किस तरह का जॉब है? मेघना का सवाल
- 1:48:58सुनकर मोहित रैना मुस्कुराते हुए बोला,
- 1:49:01"उसकी तो आप चिंता ही ना करें।" एक्चुअली
- 1:49:04हमारे बॉस के पास इस समय आपके लिए जॉब के
- 1:49:06कई ऑफर हैं। [संगीत] यह आप पर डिपेंड करता
- 1:49:08है कि आप उसमें से अपने लिए कौन सा जॉब
- 1:49:11प्रेफर करती हैं। शिप्रा को यह जानकर
- 1:49:14आश्चर्य हुआ कि उसके लिए जिस जॉब की बात
- 1:49:16हो रही है, वह मोहित रैना के बॉस के लिए
- 1:49:19हो रही है। फिर भी आपको तो पता ही होगा कि
- 1:49:22आप जिस जॉब की बात कर रहे हैं, वह किस तरह
- 1:49:24की जॉब है। मेघना ने मोहित रैना से उसकी
- 1:49:28बात सुनने के बाद यह सवाल किया। हम जॉब की
- 1:49:31भी बात करेंगे। लेकिन उससे पहले हम यह बात
- 1:49:33कर लें कि आप क्या सैलरी अपने लिए
- 1:49:35एक्सपेक्ट कर रही हैं। मोहित रैना शिप्रा
- 1:49:39की ओर देखते हुए बोला। यह सवाल शिप्रा के
- 1:49:42लिए आश्चर्य भरा था क्योंकि उसको अभी तक
- 1:49:45जॉब के बारे में तो बताया नहीं गया। पर वह
- 1:49:47क्या सैलरी एक्सपेक्ट कर रही है। यह उससे
- 1:49:50पूछ लिया गया। उसे समझ नहीं आया कि वह
- 1:49:53बिना जॉब का प्रोफाइल जाने क्या सैलरी
- 1:49:55बताएं। क्योंकि अभी उसे यह भी नहीं पता था
- 1:49:58कि मोहित रैना उसके लिए किस तरह की जॉब की
- 1:50:01बात कर रहा है। पर मेघना चुप नहीं रह सकी।
- 1:50:05उसने मोहित रैना से सवाल किया। आप भी कमाल
- 1:50:08करते हैं मिस्टर मोहित। बिना जॉब का
- 1:50:11प्रोफाइल जाने कोई [संगीत] कैसे अपनी
- 1:50:12सैलरी निर्धारित कर सकता है? चलिए अगर ऐसी
- 1:50:15बात है तो मैं आपकी मुश्किल को थोड़ा आसान
- 1:50:18कर देता हूं। क्या आप बताएंगी कि आप अपनी
- 1:50:20इस कंपनी [संगीत] से इयरली क्या प्रॉफिट
- 1:50:22कमा रही थी? मोहित रैना हल्की मुस्कान के
- 1:50:25साथ बोला। जब शिप्रा ने मोहित देना की बात
- 1:50:28को सुना तो उसने मन ही मन कुछ कैलकुलेशन
- 1:50:31किया और बोली यही कोई लगभग 1 करोड़ के
- 1:50:35आसपास। शिप्रा का जवाब सुनकर मोहित रैना
- 1:50:38मुस्कुराया और बोला तो फिर ठीक है। आपके
- 1:50:41लिए इयरली 1 करोड़ का पैकेज कैसा रहेगा?
- 1:50:43क्या आप इस पैकेज से सेटिस्फाइड हैं?
- 1:50:45मोहित रैना की बात सुनकर शिप्रा का तो
- 1:50:48माथा ही भरना गया। उसने तो सपने में भी
- 1:50:50कल्पना नहीं की थी कि उसको शुरुआत में ही
- 1:50:531 करोड़ का पैकेज [संगीत] मिल जाएगा। 1
- 1:50:55करोड़ की तो बात ही दूर। उसने तो 50 लाख
- 1:50:58भी इयरली अपने लिए एक्सपेक्ट नहीं किया
- 1:51:00था। वह हैरान होकर मोहित रैना की ओर देखने
- 1:51:03लगी कि क्या जो उसने [संगीत] सुना वह सही
- 1:51:06है या मोहित? रैना उसके साथ कोई मजाक तो
- 1:51:10नहीं कर रहा। उसे जब भरोसा नहीं हुआ तो
- 1:51:13उसने मोहित रैना से सवाल भी कर दिया। क्या
- 1:51:16आप मुझसे मजाक कर रहे हैं मिस्टर मोहित?
- 1:51:18आपको ऐसा क्यों लग रहा है कि मैं आपसे
- 1:51:20मजाक कर सकता हूं? क्या आपको अपने ऊपर
- 1:51:23विश्वास नहीं है? क्या आप अपने आप को इस
- 1:51:26लायक नहीं समझती कि आप इससे ज्यादा भी
- 1:51:29सैलरी प्राप्त कर सकती हैं? मोहित रैना
- 1:51:33सवालिया नजरों से शिप्रा की ओर देखते हुए
- 1:51:35बोला, नहीं ऐसी बात नहीं है। बात दरअसल यह
- 1:51:39है कि मैं अभी किसी भी और कंपनी में जॉब
- 1:51:43के लिए अपनी शुरुआत करने जा रही हूं। बिना
- 1:51:45किसी एक्सपीरियंस के मैं कैसे इतनी बड़ी
- 1:51:48सैलरी एक्सपेक्ट कर सकती हूं। अभी मैंने
- 1:51:50किसी भी दूसरी कंपनी के लिए कोई काम नहीं
- 1:51:52किया है। इसलिए विश्वास करना थोड़ा
- 1:51:55मुश्किल है। हां, अगर मैं जॉब कर रही
- 1:51:57होती, उसके बाद अगर मुझे यह सैलरी हक
- 1:51:59मिलता तो बात दूसरी होती। शिप्रा ने
- 1:52:02ईमानदारी से मोहित रैना को अपना जवाब
- 1:52:05दिया। मोहित रैना भी शिप्रा की ईमानदारी
- 1:52:08से दिए गए जवाब से प्रभावित हुए बिना खुद
- 1:52:11को रोक नहीं सका। अभी तक वह यही समझ रहा
- 1:52:14था कि शिप्रा को जो जॉब मिल रहा है वह एक
- 1:52:17तरह से शौर्य का शिप्रा के लिए एक उपहार
- 1:52:19है। नहीं तो वह इस काबिल क्या ही होगी जो
- 1:52:22उसको इतनी सैलरी मिले। पर शिप्रा से मिले
- 1:52:26जवाब ने उसको प्रभावित किया। इसलिए उसने
- 1:52:29शिप्रा को जवाब देते हुए कहा मिस शिप्रा
- 1:52:32यहां जॉब सिर्फ एक्सपीरियंस से नहीं बल्कि
- 1:52:35[संगीत] काबिलियत से भी मिलती है और मुझे
- 1:52:37पता है कि आप क्या काबिलियत रखती हैं
- 1:52:40क्योंकि [संगीत] आज जो कंपनी आपने हमारे
- 1:52:42नाम की है उसको आप अपनी काबिलियत के कारण
- 1:52:45ही तो इस मुकाम तक ला पाई तभी तो आज आप
- 1:52:48उसके लिए अपने मन मुताबिक कीमत पा सकी और
- 1:52:50इसको इस स्थिति में लाने के लिए जो आपने
- 1:52:52काम किया वह एक्सपीरियंस क्या कम है जो
- 1:52:55मैं यह देखूं कि आपने किसी और कंपनी कंपनी
- 1:52:58के लिए कितना काम किया है। इसलिए अपनी
- 1:53:00कंपनी को खड़ा करने में जो काबिलियत अपने
- 1:53:02दिखाई है, वह आपकी योग्यता साबित करने के
- 1:53:05लिए काफी है। इसलिए मैंने आपकी योग्यता के
- 1:53:08हिसाब से आपको यह इयरली पैकेज ऑफर किया है
- 1:53:11ताकि बाद में आप कम से कम पैसे के कारण तो
- 1:53:14आप हमारे यहां से जॉब छोड़ने की नहीं
- 1:53:16सोचेंगी। शिप्रा के साथ मेघना भी मोहित
- 1:53:20रैना की बात सुनकर इंप्रेस हुए बिना नहीं
- 1:53:22रह सकी। कितनी खूबसूरती से मोहित रैना ने
- 1:53:25यह जता दिया कि शिप्रा कितनी काबिल है।
- 1:53:28शिप्रा ने हिचकते हुए मोहित [संगीत] रैना
- 1:53:30से कहा, तो क्या आप सच में मुझे यह पैकेज
- 1:53:34ऑफर कर रहे हैं? अगर सच में आप यह पैकेज
- 1:53:36मुझे ऑफर कर रही हैं, तो मैं आपको यकीन
- 1:53:38दिलाती हूं कि मैं अपनी इस सैलरी को
- 1:53:41जस्टिफाई [संगीत] करने की पूरी कोशिश
- 1:53:42करूंगी। मुझे पता है आप जरूर ऐसा कर
- 1:53:46लेंगी। मोहित रहना शिप्रा की तारीफ करते
- 1:53:49हुए बोला अगर हमने आपके ऊपर यह भरोसा किया
- 1:53:52है तो कुछ सोच कर ही किया होगा। हमें आपकी
- 1:53:56योग्यता पर पूरा भरोसा है। पर आपने हमें
- 1:53:59अभी तक हमारे काम के बारे में नहीं बताया
- 1:54:01है। जबकि सबसे पहले तो आपको हमें [संगीत]
- 1:54:03हमारे काम के बारे में ही बताना चाहिए था।
- 1:54:06शिप्रा बड़ी ही बेसब्री से यह जानने को
- 1:54:08उत्सुक थी कि मोहित रैना ने उसके लिए क्या
- 1:54:10काम सोचा हुआ है। शिप्रा का सवाल सुनकर
- 1:54:13मोहित रैना मुस्कुराते हुए बोला, एक काम
- 1:54:16तो यही है जो आप अभी तक करती रही हैं।
- 1:54:19यानी कि आपने जो हमें अपनी कंपनी बेची है
- 1:54:22उसका काम आगे भी आपको ही देखना होगा। इसके
- 1:54:25अलावा भी एक और जिम्मेदारी है जो आपको कल
- 1:54:27दिया जा सकता है। शिप्रा यह जानकर हैरान
- 1:54:30रह गई कि जिम कलेक्शन का काम आगे भी उसी
- 1:54:33को देखना है। यानी उसको अपनी शुरू की गई
- 1:54:36कंपनी को ऊंचाइयों तक पहुंचाने का मौका
- 1:54:39अभी भी उसके पास है। और उसकी उत्सुकता
- 1:54:41[संगीत] इस बात से भी बढ़ गई थी कि आखिर
- 1:54:44कल उसे और किस कंपनी की जिम्मेदारी दी जा
- 1:54:47सकती है। यह सोच दिमाग में आते ही शिप्रा
- 1:54:50ने मोहित रैना से पूछ लिया। आखिर आप और
- 1:54:53किस कंपनी की बात कर रहे हैं और कौन सी
- 1:54:55दूसरी कंपनी है जिसकी जिम्मेदारी मुझे दी
- 1:54:57जा सकती है। इसके लिए आपको कल तक इंतजार
- 1:55:00करना पड़ेगा। मैं आपको बता दूं कि कल एक
- 1:55:04पार्टी में आपको आना है। हो सकता है वहीं
- 1:55:06आपको आपकी दूसरी जिम्मेदारी दी जा सकती
- 1:55:08है। मोहित रैना सस्पेंस बनाते हुए बोला आप
- 1:55:12किस पार्टी में आने की बात कर रहे हैं?
- 1:55:14आखिर कल मुझे कहां आना है? शिप्रा मोहित
- 1:55:17रैना का सवाल सुनकर बोली कल होटल सनशाइन
- 1:55:21में स्ट्रांग एनर्जी ड्रिंक की ल्चिंग
- 1:55:23इवेंट है। इसके उपलक्ष में एक बड़ी पार्टी
- 1:55:27रखी गई है। आप उस पार्टी में आमंत्रित
- 1:55:29हैं। इतना कहकर मोहित रैना ने अपने टेबल
- 1:55:33के ड्रार से इनविटेशन कार्ड निकालकर
- 1:55:35शिप्रा की तरफ बढ़ा दिया। फिर अपनी बात को
- 1:55:38जारी रखा। मिस मेघना आप भी इस पार्टी में
- 1:55:41आमंत्रित हैं। आप कहीं उस स्ट्रांग एनर्जी
- 1:55:44ड्रिंक की बात तो नहीं कर रहे हैं जिसकी
- 1:55:47शूटिंग अभी कुछ ही दिनों पहले नताशा कपूर
- 1:55:50और श्रवण ने किया था। मेघना को मोहित
- 1:55:52[संगीत] के मुंह से स्ट्रांग एनर्जी
- 1:55:55ड्रिंक का नाम सुनकर यह ख्याल आया। हां,
- 1:55:59मैं उसी एनर्जी ड्रिंक की बात कर रहा हूं।
- 1:56:01कल उस पार्टी में नताशा कपूर भी आ रही
- 1:56:03हैं। आपको फिर से उनसे मिलने का मौका मिल
- 1:56:06जाएगा। मोहित रैना मेघना [संगीत] की ओर
- 1:56:08देखकर बोला फिर तो मैं जरूर आऊंगी। मुझे
- 1:56:11नताशा कपूर से भी मिलना है। मेघना बोली
- 1:56:14क्या स्ट्रांग एनर्जी ड्रिंक आपकी कंपनी
- 1:56:16की है? शिप्रा ने सवाल किया। उसे याद आया
- 1:56:20कि अभी कुछ दिन पहले ही तो उसने उसका
- 1:56:22पोस्टर देखा था। जिसमें श्रवण नताशा कपूर
- 1:56:24के साथ था। इस पोस्टर को देखकर ही तो उसके
- 1:56:27मन में श्रवण को लेकर कई ख्याल आने लगे
- 1:56:30थे। उसने इतनी बार नताशा कपूर के बारे में
- 1:56:33सुन लिया था कि अब उसकी भी इच्छा एक बार
- 1:56:36नताशा कपूर से मिलने की हो गई थी। उसका
- 1:56:40भाई राहुल भी तो नताशा कपूर का बहुत बड़ा
- 1:56:42फैन था। यह सोचकर शिप्रा ने मोहित रैना से
- 1:56:47पूछा, "क्या मैं इस पार्टी में अपने भाई
- 1:56:49को भी ला सकती हूं?" एक्चुअली वह नताशा
- 1:56:51कपूर का बहुत बड़ा फैन है। शिप्रा की बात
- 1:56:54सुनकर मोहित रैना मुस्कुराते हुए बोला,
- 1:56:57"आप और भी किसी को लाना चाहती हैं तो ला
- 1:57:00सकती हैं। कोई दिक्कत नहीं है। आप समय देख
- 1:57:02लीजिएगा और समय से होटल सनशाइन पहुंच
- 1:57:05जाइएगा। मैं भी आपको वहीं मिलूंगा। ठीक
- 1:57:08है। मैं समय से पहुंच जाऊंगी। क्या उस
- 1:57:11पार्टी में आपके बॉस भी होंगे? शिप्रा ने
- 1:57:13अगला सवाल किया। शिप्रा के मुंह से यह
- 1:57:16सवाल सुनकर मोहित रैना कुछ पल के लिए सोच
- 1:57:19में
- 1:57:19[संगीत]
- 1:57:19डूब गया और सोचने लगा कि उसे शिप्रा के
- 1:57:22सामने क्या बताना चाहिए। यह सोचकर वह बोला
- 1:57:25हां हमारे बॉस भी उस पार्टी में जरूर
- 1:57:27होंगे। शायद आपका भी मिलना उनसे वहां पर
- 1:57:29हो जाए। मोहित रैना की बात सुनकर शिप्रा
- 1:57:32थोड़ी रोमांचित हो गई। उसे खुशी हुई कि कल
- 1:57:35वह बिग बुल के ओनर से भी मिलने वाली है।
- 1:57:38सब कुछ फाइनल होने के बाद शिप्रा [संगीत]
- 1:57:40मोहित रैना से इजाजत लेते हुए बोली ठीक है
- 1:57:44मिस्टर मोहित अब आप मुझे इजाजत दीजिए। कल
- 1:57:47मिलते हैं आपसे। ठीक है [संगीत] अभी आप जा
- 1:57:49सकते हैं। बाकी कल मिलते हैं। इतना बोलकर
- 1:57:52मोहित रैना भी अपनी जगह पर खड़ा हो गया।
- 1:57:55शिप्रा मेघना के साथ न्यू सिटी टावर से
- 1:57:58बाहर आई। शिप्रा मोहित रैना से [संगीत] इस
- 1:58:00जॉब का ऑफर पाकर बहुत खुश थी। उसे इस बात
- 1:58:04की भी खुशी थी कि जिम कलेक्शन के आगे का
- 1:58:06काम वही देखेगी। बाकी उसे इंतजार था कि कल
- 1:58:10उसे और कौन सी दूसरी जिम्मेदारी मिलती है।
- 1:58:13न्यू सिटी टावर के ऑफिस से बाहर आने के
- 1:58:15बाद शिप्रा कार में बैठी और कार को अपने
- 1:58:18घर की तरफ बढ़ा दिया। वहां घर जाकर अपने
- 1:58:21मम्मी पापा को भी यह खुशखबरी देना चाहती
- 1:58:24थी कि उसको जॉब मिल गया है और जब वह अपने
- 1:58:26पापा को अपनी सैलरी पैकेज के बारे [संगीत]
- 1:58:28में बताएगी तो वह और भी खुश होंगे। बाकी
- 1:58:32उसे अपने भाई राहुल को कल की पार्टी के
- 1:58:34लिए इनवाइट भी करना था। वह जानती थी कि
- 1:58:37राहुल किसी भी सूरत में नताशा कपूर से
- 1:58:40मिलने का मौका नहीं चूक सकता। अब आगे क्या
- 1:58:43होगा। शिप्रा न्यू सिटी टावर के ऑफिस से
- 1:58:46निकलकर सीधा अपने घर पहुंची। वह खुश थी कि
- 1:58:49जितनी ज्यादा उसकी स्थिति खराब हो गई थी,
- 1:58:52वह जल्दी ही पटरी पर आ गई और अब उसे कोई
- 1:58:55कुछ कहने वाला नहीं था। शिप्रा को अभी
- 1:58:58अपना घर छोड़े एक ही दिन हुआ था। लेकिन
- 1:59:00उसे ऐसा लग रहा था मानो कितना समय बीत गया
- 1:59:04है। उसे अपने घर को छोड़े हुए। वह घर
- 1:59:06पहुंची तो बीना जी राजदीप जी के साथ उसे
- 1:59:09डाइनिंग हॉल में ही मिल गई। शिप्रा को
- 1:59:12देखकर दोनों बहुत खुश हुए। उन्हें भी
- 1:59:14शिप्रा के बिना रहने की आदत नहीं थी।
- 1:59:16इसलिए इस एक दिन में है। उन्हें शिप्रा की
- 1:59:19कमी बहुत खली। राजदीप जी दोनों को बैठने
- 1:59:22का इशारा करते हुए बोले, तुम्हें क्या
- 1:59:24जरूरत पड़ गई अपना घर छोड़कर कहीं और रहने
- 1:59:27की? तुम्हारे दादाजी तो तुम्हें पता है
- 1:59:29किस कारण इतना कुछ बोल गए। ऐसे अगर उनकी
- 1:59:33बात को ऐसे दिल से लगाओगी तो फिर आगे चलकर
- 1:59:36बहुत मुश्किल होगी। कुछ बातों को इग्नोर
- 1:59:38करना सीखो। शिप्रा अपने पापा की चिंता को
- 1:59:41जानकर बोली, आप चिंता मत कीजिए पापा। मैं
- 1:59:44ठीक हूं और मुझे ऐसी कोई तकलीफ भी नहीं
- 1:59:47है। जहां तक घर से बाहर रहने की बात है तो
- 1:59:50[संगीत] दादाजी ने तो ठीक ही कहा था। अगर
- 1:59:52मुझे श्रवण के साथ अपनी जिंदगी बितानी है
- 1:59:55तो घर तो छोड़ना पड़ेगा और अब [संगीत]
- 1:59:57वैसे भी मुझे अपनी जिम्मेवारी खुद ही
- 2:00:00उठानी है। मैं समझता हूं तुम खुद में ही
- 2:00:03इतनी कैपेबल हो कि तुम्हें किसी की सहायता
- 2:00:05की जरूरत नहीं है। पर अभी तो तुमने अपनी
- 2:00:09कंपनी भी बेच दी। जब तक कोई अच्छा काम
- 2:00:11शुरू नहीं कर देती तब तक तुम्हें कोई
- 2:00:14जरूरत नहीं है कहीं और जाकर रहने की।
- 2:00:17राजदीप जी शिप्रा से अपना [संगीत] कंसर्न
- 2:00:19दिखाते हुए बोले मैंने कहा ना पापा आप
- 2:00:23मेरी चिंता मत कीजिए। वैसे भी मुझे अपने
- 2:00:25लिए काम मिल गया है तो अब आपको इस बारे
- 2:00:27में भी सोचने की कोई जरूरत नहीं है। कुछ
- 2:00:30ही दिनों में सब फिर पहले जैसा हो जाएगा।
- 2:00:33शिप्रा अपने पापा को तसल्ली देती हुई
- 2:00:35बोली। राजदीप जी को यह जानकर खुशी हुई कि
- 2:00:38शिप्रा ने कोई जॉब ज्वाइन कर लिया है। पर
- 2:00:41फिर भी उनके मन में एक कसक तो थी ही कि
- 2:00:44कहां वह पहले अपनी कंपनी की मालकिन हुआ
- 2:00:46करती थी और कहां अब वह किसी और के लिए जॉब
- 2:00:49करेगी और फिर उन्हें यह भी नहीं पता था कि
- 2:00:53शिप्रा ने जो जॉब ज्वाइन किया है वह किस
- 2:00:55तरह का है। यही सोचकर उन्होंने पूछा वैसे
- 2:00:59मैं जान सकता हूं कि तुमने कहां और किस
- 2:01:02कंपनी को ज्वाइन किया है। मैं आपको जरूर
- 2:01:04बताऊंगी कि मैंने कहा और किस कंपनी को
- 2:01:06ज्वाइन किया है। पर वह आज नहीं जब सब कुछ
- 2:01:09फाइनल होकर ओके हो जाएगा उसके बाद ही मैं
- 2:01:12आपको यह बताऊंगी। शिप्रा नहीं चाहती थी कि
- 2:01:16वह अभी ही ज्यादा खुश हो क्योंकि जब तक
- 2:01:19उसके पास जॉइनिंग लेटर नहीं आ जाता तब तक
- 2:01:22वह इस तरह से खुश होकर सबको यह नहीं बता
- 2:01:26सकती थी कि उसने कहां जॉब जॉइ किया है।
- 2:01:29यानी अभी तुम्हारी जॉइनिंग नहीं हुई है।
- 2:01:32राजदीप जी शंकित स्वर में बोले [संगीत]
- 2:01:34अरे पापा आप चिंता मत करो। अभी जॉइनिंग
- 2:01:37नहीं हुई है। लेकिन फिर भी सब कुछ फाइनल
- 2:01:40है। बस मैं यह चाहती हूं कि एक बार पूरी
- 2:01:43तरह से यह ओके हो जाए। बस इतनी सी बात है।
- 2:01:46वैसे भी आप मेरी चिंता तो छोड़ ही दो। अगर
- 2:01:49यहां नहीं भी होता है तो भी मेरे पास जॉब
- 2:01:52के कई ऑप्शन है। अरे मौसा जी आप शिप्रा की
- 2:01:56कुछ ज्यादा ही चिंता कर रहे हैं। जब यह
- 2:01:58अपने दम पर एक कंपनी खड़ी कर सकती है तो
- 2:02:01क्या उसके लिए एक अच्छा जॉब ढूंढना इतना
- 2:02:03मुश्किल होगा? आप इसकी चिंता छोड़ दीजिए
- 2:02:06और अपना ध्यान रखिए। मेघना राजदीप जी को
- 2:02:09व्यर्थ [संगीत] की चिंता करते देखकर बोली,
- 2:02:11मैं समझता हूं मेरी बच्ची बड़ी हो गई है
- 2:02:14पर हूं तो एक बाप भी ना तो चिंता तो होगी
- 2:02:17ही। खैर जब तुम इतनी निश्चित हो तो अब मैं
- 2:02:21भी तुम्हारे लिए कोई चिंता नहीं करूंगा।
- 2:02:22राजदीप जी मुस्कुराते हुए बोले, "यह राहुल
- 2:02:26कहां है? दिख नहीं रहा है।" शिप्रा राहुल
- 2:02:29को यहां नहीं देखकर स्वाभाविक रूप से पूछ
- 2:02:31बैठी। उसका कोई टेनिस का मैच [संगीत] था।
- 2:02:34वहीं गया होगा। आजकल उसको टेनिस का भूत
- 2:02:37चढ़ा हुआ है। बिना जी जवाब देते हुए बोली
- 2:02:41फिर तो उसका बैड लक है। शिप्रा अफसोस करती
- 2:02:44हुई बोली क्यों ऐसा क्या हुआ जो उसका बेड
- 2:02:46लक है? राजदीप जी शिप्रा की बात सुनकर
- 2:02:50बोली एक्चुअली कल हम एक पार्टी में जा रहे
- 2:02:53हैं जहां पर नताशा कपूर भी आ रही है। और
- 2:02:55नताशा कपूर राहुल की फेवरेट है। तो मैंने
- 2:02:58सोचा उसे अपने साथ ले जाऊंगी। तो वह अपनी
- 2:03:01फेवरेट स्टार से मिल लेगा। पर
- 2:03:03[नाक से की जाने वाली आवाज़] वह तो यहां
- 2:03:03है ही नहीं। शिप्रा ने जवाब दिया। अरे तो
- 2:03:06ऐसा क्या है? जब वह आएगा तो हम उसे बता
- 2:03:10देंगे। अगर उसको जाना होगा तो वह तुमसे
- 2:03:12बात करके आ जाएगा। बीना जी मुस्कुराते हुए
- 2:03:15बोली। इतनी देर में संतों ने शिप्रा और
- 2:03:18मेघना के लिए चाय बना दिया था। चाय पीने
- 2:03:20के बाद शिप्रा खड़ी होती हुई बोली, ठीक है
- 2:03:23पापा। अब मैं चलती हूं। अरे जल्दी क्या
- 2:03:26है? अभी [संगीत] तो आई हो और जाने की भी
- 2:03:28बात करने लगी। कोई जरूरत नहीं है। आज यहीं
- 2:03:31रहो। राहुल आ जाएगा तो उससे मिलकर भले
- 2:03:33[संगीत] चली जाना। राजदीप जी शिप्रा को
- 2:03:36रोकते हुए बोले, क्या पापा आप भी कैसे
- 2:03:38इज्जत करने लगते हैं? राहुल का कुछ पता तो
- 2:03:41है नहीं कि वह कब तक आएगा। इसलिए जब वह आए
- 2:03:44तो आप उसे बता दीजिएगा। शिप्रा मुस्कुराती
- 2:03:47हुई बोली। उसे अपने पापा का यूं जिद करना
- 2:03:50उसे अच्छा भी लग रहा था। अचानक राजदीप जी
- 2:03:53के दिमाग में कोई बात आई तो उन्होंने शक
- 2:03:56भरे स्वर में कहा जहां तुम रह रही हो वह
- 2:04:00जगह ठीक तो है पता नहीं तुम्हें भी क्या
- 2:04:02जिद चढ़ी कहीं भी जाकर रहने लगी हो राजदीप
- 2:04:05[संगीत]
- 2:04:06जी की बात सुनकर मेघना मुस्कुराते हुए
- 2:04:08बोली अरे मौसा जी आप कैसी बात कर रही हैं
- 2:04:11आप कभी आकर श्रवण के घर को देखिए एक तो वह
- 2:04:14घर विशालगढ़ के इतने प्राइम लोकेशन पर है
- 2:04:17और वह भी इतनी खूबसूरत कि आपको लगेगा कि
- 2:04:20आप भी यह घर छोड़कर वहीं रहने आ जाए।
- 2:04:23मेघना की बात सुनकर राजदीप जी को तसल्ली
- 2:04:25हुई और उन्हें आश्चर्य भी हुआ कि आखिर
- 2:04:28शौर्य ने इतनी जल्दी इतनी खूबसूरत कोठी का
- 2:04:31इंतजाम कैसे कर लिया। उनके मन में भी यह
- 2:04:34इच्छा जागी कि उन्हें एक बार जाकर [संगीत]
- 2:04:36श्रवण के घर को देखना चाहिए। इसलिए
- 2:04:38उन्होंने शिप्रा से कहा, "मैं देखता हूं
- 2:04:41एक। दो दिनों में आकर एक बार जहां तुम रह
- 2:04:43रही हो।" आखिर ऐसा क्या उस घर में है जो
- 2:04:46तुम इतनी तारीफ कर रही हो? ठीक है आपकी।
- 2:04:49जब इच्छा हो आप आकर देख लीजिए पर अभी हम
- 2:04:52निकलते हैं। इतना कहकर शिप्रा मेघना के
- 2:04:55साथ घर से निकल गई। दूसरी तरफ शौर्य मेनका
- 2:04:58के साथ होटल राजकमल वापस आ गया था। आज
- 2:05:01मेनका बहुत खुश थी क्योंकि उसका जो वर्षों
- 2:05:03पुराना सपना था वह एक तरह से पूरा हो गया
- 2:05:06था। शौर्य मेनका को खुश देखकर बोला अब
- 2:05:09बताओ तुम अब इस होटल को कैसे चलाने वाली
- 2:05:12हो? शौर्य की बात सुनकर मेनका आश्चर्य से
- 2:05:15बोली क्या कहा तुमने? इस होटल को मुझे ही
- 2:05:18चलाना है। शौर्य मेंढका की बात सुनकर बोला
- 2:05:22तो और कौन चलाएगा? तुम्हारे कहने पर ही तो
- 2:05:24इसको लिया है और फिर तुम्हारा इमोशन भी तो
- 2:05:27इस होटल के साथ जुड़ा हुआ है। इसलिए तुमको
- 2:05:29ही इस होटल को अपने हिसाब से चलाना है।
- 2:05:33वैसे तो मेनका भी यही चाहती थी। पर वह
- 2:05:35शौर्य के सामने ऐसा बोल नहीं सकती थी। पर
- 2:05:38जब शौर्य ने उसे यह अथॉरिटी दे दे कि उसे
- 2:05:41ही इस होटल को भी अपने हिसाब से चलाना है।
- 2:05:44तो उसे यह जानकर अच्छा [संगीत] लगा। अभी
- 2:05:46शौर्य मेहनका के साथ बातों में लगा था कि
- 2:05:49इसी समय उसका फोन बजने लगा। उसने नंबर
- 2:05:51देखा तो पाया कि आज कई दिनों के बाद
- 2:05:54रत्नाकर शेट्टी का फोन उसके पास आ रहा है।
- 2:05:57शौर्य ने फोन उठाया और बोला हेलो सेठी
- 2:06:00साहब आज बहुत दिनों के बाद आपको हमारी याद
- 2:06:02आई। कहिए कैसे याद किया? रत्नाकर शेट्टी
- 2:06:05ने जब देखा कि दूसरी तरफ लाइन पर शौर्य है
- 2:06:08तो वह मुस्कुराते हुए बोला हेलो मिस्टर
- 2:06:11सरवन। क्या आपके पास अभी थोड़ा सा टाइम हो
- 2:06:14सकता है? एक्चुअली मुझे आपसे अभी मिलना
- 2:06:16था। शौर्य को समझ नहीं आया कि [संगीत]
- 2:06:19अचानक रत्नाकर सेठी को उससे क्या काम आ
- 2:06:22पड़ा जो वह उससे मिलना चाहता है। उसने
- 2:06:25पूछा क्या बात है सेठी साहब ऐसी क्या बात
- 2:06:28हो गई जो आप अब भी मिलना चाह रहे हैं?
- 2:06:30रत्नाकर सेठी शौर्य की बात सुनकर बोला यह
- 2:06:33तो मैं आपसे मिलने के बाद ही बता सकता
- 2:06:35हूं। मिस्टर सरवन यदि आप अगर फ्री हैं तो
- 2:06:38आप यहां मेरे पास पास आ जाइए। नहीं तो अगर
- 2:06:40आप कहिए [संगीत] तो मैं वहीं आपके पास आ
- 2:06:42जाता हूं। शौर्य ने इस बारे में सोचा। अभी
- 2:06:46रत्नाकर शेट्टी को शौर्य की हकीकत पता
- 2:06:49नहीं थी। इसलिए शौर्य चाहता भी नहीं था कि
- 2:06:51अभी रत्नाकर शेट्टी को उसके बारे में कुछ
- 2:06:54ज्यादा पता चले। इसलिए शौर्य को रत्नाकर
- 2:06:57शेट्टी को होटल राजकमल में बुलाना ठीक
- 2:06:59नहीं लगा। इसलिए उसने खुद ही रत्नाकर
- 2:07:02शेट्टी के पास जाकर उससे मिलने का निर्णय
- 2:07:05लिया। यही सोचकर उसने उसने रत्नाकर शेट्टी
- 2:07:08से ही पूछ लिया। बताइए आप कि मुझे कहां
- 2:07:11आना है? मैं आता हूं आपके पास। शौर्य ने
- 2:07:14रत्नाकर शेट्टी को सीधा जवाब दिया।
- 2:07:16रत्नाकर शेट्टी शौर्य की बात सुनकर खुश
- 2:07:19होते हुए बोला, "यह आपने अच्छा किया
- 2:07:21मिस्टर श्रवण, मैं अभी होटल रीगल में हूं।
- 2:07:24आप यहीं आ जाइए। मैं यहीं आपका इंतजार कर
- 2:07:26रहा हूं।" रत्नाकर शेट्टी की बात सुनकर
- 2:07:29शौर्य बोला, होटल रीगल में आप कहां पर
- 2:07:32मिलेंगे? कुछ देर की शांति के बाद दूसरी
- 2:07:35तरफ से रत्नाकर शेट्टी ने कहा, "आप होटल
- 2:07:38रीगल के रेस्टोरेंट वाले एरिया में आ
- 2:07:40जाइए। मैं यहीं पर आपका इंतजार करता हूं।
- 2:07:43ठीक है। मैं आधे घंटे में आपके पास
- 2:07:45पहुंचता हूं। इतना कहकर शौर्य ने फोन रख
- 2:07:47दिया। मेनका शौर्य के फोन रखने का इंतजार
- 2:07:50कर रही थी। वह शौर्य को बातें करते हुए
- 2:07:53सुन रही थी। इसलिए वह समझ गई थी कि फोन पर
- 2:07:56दूसरी तरफ रत्नाकर शेट्टी मौजूद है। शौर्य
- 2:07:59के फोन रखने के बाद मेनका ने शौर्य से
- 2:08:02पूछा। यह रत्नाकर शेट्टी तुम्हें अभी
- 2:08:05[संगीत] किस लिए फोन कर रहा था? अभी उसको
- 2:08:07तुमसे क्या काम आ गया? जो वह अभी तुम्हें
- 2:08:09फोन कर रहा आया था। मेनका की बात सुनकर
- 2:08:12शौर्य बोला, हो सकता है उससे कुछ शूटिंग
- 2:08:15से रिलेटेड बात करनी हो क्योंकि उसे भी
- 2:08:18पता होगा कि नताशा कपूर कल आ जाएगी। इसलिए
- 2:08:21शायद इसी बारे में वह कुछ बात करना चाह
- 2:08:23रहा हो। शौर्य की बात सुनकर मेनका बोली,
- 2:08:26शायद ऐसा [संगीत] ही हो। देख लो तुम कि
- 2:08:29तुम्हें क्या करना है। ठीक है। कोई बात
- 2:08:31नहीं। मेरा भी थोड़ा घूमना हो जाएगा। मैं
- 2:08:34अभी उससे मिलकर आता हूं। इतना कहकर शौर्य
- 2:08:37मेनका के पास से निकल गया। आधे घंटे बाद
- 2:08:40शौर्य की कार होटल रीगल के पार्किंग में
- 2:08:43खड़ा था। उसने गाड़ी को पार्क किया और
- 2:08:46होटल में प्रवेश कर गया। वह सीधा
- 2:08:48रेस्टोरेंट एरिया में पहुंचा। उसे दूर से
- 2:08:50ही रत्नाकर शेट्टी नजर आ गया। दोनों की
- 2:08:54नजरें मिली। शौर्य ने नोटिस किया कि
- 2:08:57रत्नाकर शेट्टी के साथ कोई लड़की भी
- 2:08:59[संगीत] बैठी हुई थी। जिसका कि पीछे वाला
- 2:09:02हिस्सा शौर्य की तरफ था। इसलिए शौर्य उसका
- 2:09:06चेहरा नहीं देख पा रहा था। शौर्य रत्नाकर
- 2:09:08शेट्टी के पास पहुंचा। रत्नाकर शेट्टी के
- 2:09:11टेबल के पास जाने के बाद जब शौर्य ने उसके
- 2:09:14साथ बैठी लड़की की तरफ देखा तो उसकी आंखें
- 2:09:17फैल गई। वो तो उम्मीद भी नहीं कर सकता था
- 2:09:19कि उसकी मुलाकात दोबारा इस लड़की से इस
- 2:09:23तरह से होगा। वह हैरानी से रत्नाकर शेट्टी
- 2:09:26के सामने बैठी लड़की को देख रहा था। जहां
- 2:09:28शौर्य के चेहरे पर आश्चर्य का भाव था।
- 2:09:31वहीं उस लड़की के चेहरे को देखकर लग नहीं
- 2:09:33रहा था कि उसे शौर्य को यहां देखकर कोई
- 2:09:36आश्चर्य हो रहा हो। यानी इसका तो एक ही
- 2:09:39कारण हो सकता था कि उस लड़की को पहले से
- 2:09:42ही उम्मीद थी कि शौर्य यहां आने वाला है।
- 2:09:45शौर्य को देखकर उस लड़की के चेहरे पर
- 2:09:47मुस्कुराहट थी। अब आगे क्या होगा? आखिर
- 2:09:50कौन थी वह लड़की? जो रत्नाकर शेट्टी के
- 2:09:53पास बैठी पहले से शौर्य का इंतजार कर रही
- 2:09:56थी। आखिर रत्नाकर शेट्टी ने शौर्य को
- 2:09:59मिलने के लिए क्यों बुलाया था? शौर्य को
- 2:10:01उम्मीद नहीं था कि वह यहां इस लड़की से
- 2:10:03दोबारा मिलेगा। उसने एक बार रत्नाकर
- 2:10:06शेट्टी की तरफ देखा। फिर उस लड़की की तरफ
- 2:10:08देखते हुए बोला, "मुझे उम्मीद नहीं था कि
- 2:10:11एक ही दिन में दो बार मेरा तुमसे मिलना
- 2:10:14होगा। इसे मैं इत्तेफाक समझूं या ऐसा आपके
- 2:10:17कारण हुआ है। मिस मालिनी खुराना। यह वही
- 2:10:21मालिनी थी जो शौर्य से होटल पैराडाइज के
- 2:10:24बिल्डिंग के दौरान प्रतीक के साथ में मिली
- 2:10:26थी। नहीं इसके पीछे कोई इत्तेफाक नहीं है।
- 2:10:29यहां मेरे आग्रह पर ही रत्नाकर शेट्टी ने
- 2:10:32तुम्हें बुलाया है। मालिनी मुस्कुराते हुए
- 2:10:34बोली पर मुझे समझ [संगीत] नहीं आया कि आप
- 2:10:37मुझसे क्यों मिलना चाहते हैं। शौर्य ने
- 2:10:39जिज्ञासा बस पूछा। अभी आए हो पहले बैठ तो
- 2:10:43जाओ। पहले दो सांस ले लो। फिर तुम्हारे हर
- 2:10:45एक सवाल का जवाब भी मिल जाएगा। मालिनी
- 2:10:48शौर्य को चेयर पर बैठने का इशारा करता हुआ
- 2:10:50बोला। मालिनी की बात सुनकर शौर्य कुछ बोला
- 2:10:54नहीं। बस एक चेयर खींच कर उस पर बैठ गया।
- 2:10:56जबकि रत्नाकर शेट्टी हैरानी से कभी शौर्य
- 2:10:59को तो कभी मालिनी खुराना को देख रहा था।
- 2:11:02उसे नहीं पता था कि यह दोनों [संगीत] एक
- 2:11:04दूसरे को पहले से जानते हैं। वह हैरान
- 2:11:07स्वर में शौर्य से पूछा तो क्या आप दोनों
- 2:11:10एक दूसरे को [संगीत] पहले से जानते हैं?
- 2:11:12माफ कीजिएगा। मिस्टर शौर्य मुझे यह पता
- 2:11:16नहीं था कि आप मालिनी खुराना को पहले से
- 2:11:18जानते हैं। नहीं तो मैं बुलाने से पहले
- 2:11:20अपना पर्पस [संगीत] भी आपको बता दिया
- 2:11:22होता। रत्नाकर शेट्टी के चेहरे के भाव को
- 2:11:24देखकर शौर्य समझ गया कि रत्नाकर शेट्टी सच
- 2:11:27बोल रहा है। इसलिए उसने बिना कोई नाराजगी
- 2:11:30शो किए रत्नाकर शेट्टी से बोला कोई बात
- 2:11:33नहीं मिस्टर शेट्टी अब जबकि मैं यहां आ
- 2:11:36गया हूं तो अब आप मुझे यहां बुलाने का
- 2:11:38अपना मकसद भी बता दीजिए। शौर्य की बात
- 2:11:41सुनकर रत्नाकर शेट्टी ने एक बार मालिनी की
- 2:11:44तरफ देखा जैसे वह जानना चाहता हो कि क्या
- 2:11:47वह अपनी तरफ से ही बात की शुरुआत करें या
- 2:11:49मालिनी स्वयं कुछ बोलना चाहती है। पर
- 2:11:52मालिनी को चुप देखकर उसने शौर्य से कहना
- 2:11:55शुरू किया। जैसा कि मुझे पता है कि आप मिस
- 2:11:58मालिनी खुराना को पहले से जानते ही हैं।
- 2:12:00तो [संगीत] थोड़ा सा मैं आपको इनके बारे
- 2:12:01में बता दूं। यह मालिनी खुराना मशहूर
- 2:12:04बिजनेसमैन सुधाकर खुराना जी की बेटी हैं।
- 2:12:08यह जो आप रीगल होटल का देख रहे हैं, वह
- 2:12:10इन्हीं का है। रीगल होटल का पूरा एक चैन
- 2:12:13है। आप समझ सकते होटल इंडस्ट्री में रीगल
- 2:12:16होटल एक बड़ा नाम है। रत्नाकर शेट्टी
- 2:12:19शौर्य को मालिनी खुराना के बारे में बता
- 2:12:21रहा था। पर शौर्य को यह समझ नहीं है।
- 2:12:24[संगीत] आ रहा था कि रत्नाकर शेट्टी उसके
- 2:12:26सामने मालिनी खुराना का पूरा बायोग्राफी
- 2:12:29क्यों बता रहा है। इसलिए उसने बीच में ही
- 2:12:32बोला, मिस्टर शेट्टी यह ज्यादा बेहतर होगा
- 2:12:35कि आप सीधा मुद्दे की बात पर आए। मैं
- 2:12:37[संगीत] समझ सकता हूं कि मालिनी खुराना
- 2:12:40विशालगढ़ की एक बड़ी हस्ती है। पर अभी भी
- 2:12:43मुझे यह समझ नहीं आया कि मुझे यहां बुलाने
- 2:12:46का आपका क्या मकसद है। इसलिए आप अगर
- 2:12:48मुद्दे की बात करें तो ज्यादा बेहतर होगा।
- 2:12:51शौर्य की अधीरता को देखकर रत्नाकर शेट्टी
- 2:12:53बोला, ठीक है मिस्टर शौर्य, मैं सीधा
- 2:12:57मुद्दे की बात पर आता हूं। ऐसा है कि मिस
- 2:13:00खुराना को एक्टिंग का बहुत शौक है और यह
- 2:13:02अपनी कंपनी के प्रोडक्शन में ही एक बड़े
- 2:13:05बजट की फिल्म बनाना चाहती है। स्वाभाविक
- 2:13:08है जिसकी हीरोइन यह खुद ही होंगी। बहुत
- 2:13:10समय से हम इनकी मूवी के लिए किसी हीरो की
- 2:13:13तलाश में थे। मालिनी जी ने कहीं आपका
- 2:13:16स्ट्रांग एनर्जी ड्रिंक वाला पोस्टर देखा
- 2:13:18था। तो उस पोस्टर में आपको देखकर इन्हें
- 2:13:21लगा कि उनकी फिल्म के लिए आप एक परफेक्ट
- 2:13:24चॉइस है। इसीलिए मैंने आपको यहां बुलाया
- 2:13:26है ताकि हम इस बारे में बात कर सकें।
- 2:13:29शौर्य को समझ नहीं आया कि [संगीत] वह
- 2:13:31रत्नाकर शेट्टी की बात पर कैसे रिएक्ट
- 2:13:34करें। पर फिर भी वह रत्नाकर शेट्टी को
- 2:13:36समझाते हुए बोला, मिस्टर शेट्टी आप तो
- 2:13:40जानते हैं कि उस ऐड में मैं किस स्थिति
- 2:13:43में [संगीत] काम करना स्वीकार किया था।
- 2:13:44आपको पता है कि मुझे इस एक्टिंग लाइन में
- 2:13:46जाने का कोई भी इंटरेस्ट [संगीत] नहीं है।
- 2:13:49तो आपको समझना चाहिए था कि वह मेरा फर्स्ट
- 2:13:52एंड लास्ट प्रोजेक्ट था। इतना कहकर शौर्य
- 2:13:55मालिनी खुराना की तरफ मुड़ा और उससे बोला
- 2:13:59मिस मालिनी मुझे नहीं पता कि आपको मुझ में
- 2:14:02क्या [संगीत] अच्छा लगा जो आपने मुझे इस
- 2:14:04लायक समझा कि अपनी फिल्म में मुझे हीरो
- 2:14:06लेना चाह रही हैं। पर मैं आपको बता दूं कि
- 2:14:09मुझे एक्टिंग लाइन में जाने का कोई भी
- 2:14:11इंटरेस्ट [संगीत] नहीं है। इसलिए यह अच्छा
- 2:14:13होगा कि आप किसी और को अपने फिल्म में
- 2:14:17हीरो के लिए चुन लीजिए। मालिनी खुराना
- 2:14:19धैर्य से शौर्य की बात को सुनती रही
- 2:14:21क्योंकि उसे पहले से ही पता था कि शौर्य
- 2:14:24का इंटरेस्ट एक्टिंग लाइन में नहीं है। इस
- 2:14:27बारे में उसे पहले ही रत्नाकर शेट्टी ने
- 2:14:30बता दिया था। पर मालिनी को पता नहीं शौर्य
- 2:14:33में क्या अच्छा लगा जो उसने रत्नाकर
- 2:14:36शेट्टी से बोलकर शौर्य को मिलने के लिए
- 2:14:38बुला लिया था। उसने शौर्य की बात को आराम
- 2:14:41से सुना। फिर शौर्य के चुप होने के बाद
- 2:14:44बोलना शुरू किया। मिस्टर श्रवण मुझे नहीं
- 2:14:47पता कि आपको इस एक्टिंग लाइन [संगीत] में
- 2:14:49क्यों इंटरेस्ट नहीं है। पर मैं आपको
- 2:14:51बताऊं मुझे एक्टिंग को लेकर इतना ज्यादा
- 2:14:54क्रेज है [संगीत] कि मैं इस लाइन में कुछ
- 2:14:56करना चाहती हूं। मैं कोलाज करते हुए कई
- 2:14:59थिएटर ग्रुप ज्वाइन कर रखे थे। अभी तक मैं
- 2:15:02बहुत सारे थिएटर भी किए हैं। एक्टिंग की
- 2:15:05बारीकियों को जानने के लिए मैंने बाकायदा
- 2:15:08ट्रेनिंग भी लिया। जब मैंने खुद को इस
- 2:15:10लायक तैयार पाया कि अब मैं किसी मूवी में
- 2:15:13अपने आप को लॉन्च कर [संगीत] सकती हूं तो
- 2:15:16मुझे अपने साथ किसी बड़े स्टार को लेने की
- 2:15:18इच्छा नहीं हुई। अगर मैं चाहूं [संगीत] तो
- 2:15:21बड़े आराम से इंडस्ट्री के बड़े से बड़े
- 2:15:23हीरो को अपनी मूवी में काम करने के लिए
- 2:15:25बुला सकती हूं। पर मेरा अप्रोच अलग है।
- 2:15:28मैं नहीं चाहती कि अगर लोग मुझे इस लाइन
- 2:15:31में जाने तो वह
- 2:15:31[नाक से की जाने वाली आवाज़] किसी बड़े
- 2:15:32हीरो के साथ आने के कारण जाने। मैं अपने
- 2:15:35काम के कारण पहचानी जाना चाहती हूं और
- 2:15:38हमारे पास जो स्टोरी है उसके लिए जो हीरो
- 2:15:41का कैरेक्टर है वह फेस एक अननोन फेस होना
- 2:15:44चाहिए जिसे पब्लिक [संगीत] पहले से ना
- 2:15:47जानती हो। आज जब मैंने तुम्हारा पोस्टर
- 2:15:49देखा तो पहली बार में ही मुझे लगा मुझे
- 2:15:52अपने साथ काम करने के लिए इसी फेस की तलाश
- 2:15:54थी और उसके बाद जब मैं तुमसे [संगीत] मिली
- 2:15:57तो मैं और भी श्योर हो गई कि तुम मेरी
- 2:15:59पसंद पर एकदम खड़े उतरते हो। उसके बाद
- 2:16:03मैंने रत्नाकर शेट्टी से तुम्हारे बारे
- 2:16:05में पूछा तो उन्होंने मुझे तुम्हारे
- 2:16:07द्वारा किया गया ऐड भी दिखाया और जैसा कि
- 2:16:09मुझे पता चला कि तुमने यह काम पहली बार
- 2:16:12किया है। उसके बाद भी तुमने जो एक्टिंग की
- 2:16:14है उसमें कहीं से कोई दिखावा नजर नहीं
- 2:16:17आया। तुम्हारी एक्टिंग में एक नेचुरल फील
- 2:16:21है जो लगता है कि वह अपने आप ही आती है।
- 2:16:24तुमको उसके लिए कोई ज्यादा प्रयास नहीं
- 2:16:26करना पड़ता। यह बात मुझे और भी अच्छी लगी।
- 2:16:30इसलिए मैं तुमसे रिक्वेस्ट करती हूं कि
- 2:16:32प्लीज तुम मेरी रिक्वेस्ट को मानकर इस
- 2:16:35मूवी में काम करने के लिए तैयार हो जाओ।
- 2:16:38भले तुम इसके बाद अभिनय करो या ना करो।
- 2:16:42इतना बोलने के बाद मालिनी खुराना उम्मीद
- 2:16:45भरी नजरों के साथ शौर्य को देखने लगी।
- 2:16:48जबकि शौर्य को समझ नहीं आ रहा था कि वह
- 2:16:51मिस मालिनी खुराना को कैसे मना करें।
- 2:16:53क्योंकि मालिनी खुराना ने शौर्य से इतना
- 2:16:56पोलाइट होकर अपनी बात को कही कि शौर्य को
- 2:16:59मना करते नहीं बन पड़ा। [संगीत] मालिनी
- 2:17:01खुराना का बोलने का अंदाज इतना प्यारा था।
- 2:17:04इतना मनभावन था कि वह स्वतः ही शौर्य को
- 2:17:07अपनी तरफ आकर्षित करने लगी। शौर्य भी एक
- 2:17:10पल को हैरान था कि [संगीत] मालिनी खुराना
- 2:17:12जैसी लड़की कैसे इतना सलीके से प्रभावशाली
- 2:17:15तरीके से अपनी बात को कह रही है। मालिनी
- 2:17:18खुराना की आवाज की मधुरता किसी को भी अपनी
- 2:17:20तरफ आकर्षित करने में सक्षम थी। शौर्य समझ
- 2:17:24नहीं पा रहा था कि वह कैसे मालिनी खुराना
- 2:17:26से ना कहे। उसने टालने के मकसद से कहा,
- 2:17:30मिस मालिनी, [संगीत]
- 2:17:32मुझे अच्छा नहीं लग रहा है आपको मना करते
- 2:17:33हुए। पर मैं अभी यह निर्णय लेने की स्थिति
- 2:17:36में नहीं हूं। मैं समझ सकता हूं कि आप
- 2:17:38अच्छी एक्टर होंगी क्योंकि आपका बात करने
- 2:17:41का सलीका आपकी प्रतिभा को प्रदर्शित कर
- 2:17:43रही है। मालिनी ने शौर्य की बात को सुना
- 2:17:47तो उसके चेहरे पर थोड़ी परेशानी तो नजर आई
- 2:17:50पर फिर अगले ही पल वह नॉर्मल हो गई और
- 2:17:53उसने शौर्य से कहा सबसे पहले तो तुम मुझे
- 2:17:56मिस मालिनी कहना बंद करो। तुम मुझे सीधा
- 2:17:59मालिनी कह सकते हो और दूसरी बात मैं इतनी
- 2:18:02जल्दी तुम्हारा पीछा नहीं छोड़ने वाली।
- 2:18:04रत्नाकर शेट्टी ने इससे पहले मुझे बहुत
- 2:18:07सारे नए लड़कों के पिक्चर दिखाए, मिलवाया
- 2:18:09भी पर मुझे कोई भी इस हद तक पसंद नहीं आया
- 2:18:12कि मैं उसके साथ काम कर सकूं और अब जाकर
- 2:18:16मेरी तलाश तुम पर खत्म हुई है और तुम मेरे
- 2:18:19साथ काम करने को तैयार नहीं हो। सो प्लीज
- 2:18:22इट्स माय हम्ल रिक्वेस्ट। मैं पहली बार
- 2:18:24अपनी पसंद के हिसाब से काम करना चाहती
- 2:18:26हूं। इसलिए एक बार थोड़ी दरियादिल्ली
- 2:18:29[संगीत] से मेरी रिक्वेस्ट पर विचार करना।
- 2:18:31मलिनी खुराना ने अपनी बात समाप्त की ही थी
- 2:18:34थी कि इसी समय वेटर ने आकर कुछ खाने की
- 2:18:37चीज उसके टेबल पर सजा दी। शायद शौर्य के
- 2:18:40आने से पहले ही मालिनी खुराना ने अपना
- 2:18:42आर्डर दे रखा था। शौर्य मना करना चाहता
- 2:18:45था। पर उससे पहले ही मालिनी बोल पड़ी
- 2:18:48प्लीज खाने से मत मना करना। काम करना या
- 2:18:50ना करना अपनी जगह है। लेकिन हम दोस्त तो
- 2:18:53हो ही सकते हैं। तो इसलिए एक दोस्त के साथ
- 2:18:56में बैठकर खाना तो खा ही सकते हैं। मालिनी
- 2:18:59की बात सुनकर अब शौर्य से आगे कुछ बोलते
- 2:19:02नहीं बना। वेटर ने साथ लाए हुए रेड वाइन
- 2:19:05की बोतल को खोला और तीनों के सामने गिलास
- 2:19:08में रेड वाइन डालने लगा। शौर्य महसूस कर
- 2:19:10रहा था कि मालिनी में एक ऐसी चीज तो थी जो
- 2:19:13किसी को भी अपनी तरफ आकर्षित कर सकती थी।
- 2:19:16वह था उसका व्यवहार जो वह दूसरे के साथ
- 2:19:19इतने पोलाइट होकर व्यवहार करती थी कि
- 2:19:22सामने वाला चाहकर भी उसके विपरीत नहीं जा
- 2:19:25सकता था। शौर्य को लगा अगर वह थोड़ी देर
- 2:19:28मालिनी की बात को सुनता रहा तो वह यहां से
- 2:19:31जाने से पहले उसकी मूवी में काम करने के
- 2:19:34लिए तैयार होकर जाएगा। शौर्य बड़ी मुश्किल
- 2:19:36से अपने आप को जज्ब किए हुए था। दूसरी तरफ
- 2:19:40रत्नाकर शेट्टी को समझ नहीं आ रहा था कि
- 2:19:42शौर्य इतने अच्छे ऑफर को मना क्यों कर रहा
- 2:19:45है। जब तक शौर्य यहां नहीं आया था।
- 2:19:47रत्नाकर शेट्टी यही सोच रहा था कि शौर्य
- 2:19:50ने पहले भले ही उसे यह कह रखा था कि वह
- 2:19:52आगे कोई एक्टिंग नहीं करने वाला। लेकिन
- 2:19:55उसे लग रहा था इतने अच्छे ऑफर को पकड़
- 2:19:58शौर्य मना कर ही नहीं पाएगा। पर वह शौर्य
- 2:20:01के इस व्यवहार से हैरान था। वह सोच भी
- 2:20:04नहीं सकता था कि शौर्य के जैसा कोई आदमी
- 2:20:06इतने बड़े ऑफर को ठुकरा भी सकता है।
- 2:20:08किस्मत उसके दरवाजे पर खड़ा था। पर
- 2:20:10[संगीत] एक वह था जो अपना दरवाजा ही नहीं
- 2:20:13खुल रहा था। इसे तो बेवकूफी कहना ही उचित
- 2:20:15होगा। यह सोचकर रत्नाकर शेट्टी शौर्य से
- 2:20:19बोला, मिस्टर श्रवण मुझे नहीं पता कि आपका
- 2:20:22इस मूवी में काम नहीं करने के पीछे क्या
- 2:20:25रीजन है। पर मैं यह समझ नहीं पा रहा कि आप
- 2:20:27ऐसा क्यों कर रहे हैं। आप जानते हैं इस
- 2:20:30काम को करने के बदले आपको कितने पैसे
- 2:20:33[संगीत] मिल सकते हैं और आगे भी इस फिल्म
- 2:20:35के बाद जो आपकी किस्मत चमकेगी तो आपको यह
- 2:20:38छोटे-मोटे काम करने की जरूरत ही नहीं
- 2:20:40[संगीत] पड़ेगी। जो कि अभी आप कर रहे हैं।
- 2:20:42इसलिए मैं आपसे कहना चाहूंगा कि आप ऐसे
- 2:20:45मौके को अपने हाथ से जाने मत दीजिए और आप
- 2:20:48मिस मालिनी के ऑफर को स्वीकार कर लीजिए।
- 2:20:51और मैं आपको एक बात कहूं इसमें मेरा अपना
- 2:20:54भी एक बड़ा स्वार्थ है। मैं अभी तक ऐसे ऐड
- 2:20:57फिल्मों को ही डायरेक्ट करता आया हूं। मैं
- 2:20:59भी इस मूवी से फिल्म इंडस्ट्री में एक
- 2:21:02डायरेक्टर के तौर पर कदम रखना चाहता हूं।
- 2:21:05तो प्लीज आप मेरे लिए भी इस मूवी [संगीत]
- 2:21:08में काम करने के लिए तैयार हो जाइए
- 2:21:10क्योंकि मेरा भी करियर इस मूवी से बहुत हद
- 2:21:13तक जुड़ा हुआ है। रत्नाकर शेट्टी की बात
- 2:21:15को सुनकर शौर्य का मन किया कि वह अपना
- 2:21:19माथा पीट ले। अब वह रत्नाकर शेट्टी को
- 2:21:21कैसे बताएं कि उसके लिए पैसे कमाना हाथ के
- 2:21:25मैल के जैसा है। अगर रत्नाकर शेट्टी को
- 2:21:28डायरेक्टर ही बनना है तो वह उसके लिए
- 2:21:30फिल्मों की लाइन लगा सकता है। पर शौर्य इस
- 2:21:32समय ऐसा सिर्फ सोच ही सकता था, बोल नहीं
- 2:21:35सकता था। पर इसी समय इस होटल में कोई ऐसा
- 2:21:38भी था जिसकी आंखें शौर्य के ऊपर टिकी हुई
- 2:21:41थी। वह उसकी हर एक हरकत को नोटिस कर रहा
- 2:21:44था। अब आगे क्या होगा? शिप्रा मेघना के
- 2:21:47साथ अपने घर से निकली और अपनी कार में
- 2:21:50बैठकर मॉडल टाउन के लिए निकल ली। राजदीप
- 2:21:53जी ने कहा भी था कि मेघना को तो यहां रहने
- 2:21:56देती। उसको तुम अपने साथ क्यों ले जा रही
- 2:21:58हो? तो मेघना ने जवाब दिया था। अंकल इसके
- 2:22:02साथ तो मेरा थोड़ा मन बहल जाता है। नहीं
- 2:22:04तो यहां तो मैं बोर ही हो जाऊंगी। इसके
- 2:22:07बाद राजदीप जी भी कुछ बोल नहीं पाए।
- 2:22:10[संगीत] जब शिप्रा की कार सदर बाजार से
- 2:22:12गुजर रही थी। मेघना ने कहा चलो ना चलकर
- 2:22:15कुछ खाते हैं। उसके बाद तो घर जाना ही है।
- 2:22:18शिप्रा को भी मेघना की बात ठीक जान पड़ी।
- 2:22:20इसलिए वह भी तैयार हो गई। इस समय शिप्रा
- 2:22:23की कार होटल रीगल के सामने से गुजर रही
- 2:22:26थी। इसलिए उसने अपनी कार को होटल रीगल की
- 2:22:29ओर ही मोड़ दिया। शिप्रा ने कार को
- 2:22:31पार्किंग में खड़ी किया और दोनों होटल
- 2:22:34रीगल के रेस्टोरेंट एरिया की तरफ बढ़ गई।
- 2:22:37दोनों जाकर एक खाली टेबल पर बैठ गई। इसी
- 2:22:39समय मेघना की निगाह शौर्य पर पड़ गई जो कि
- 2:22:43उसे इसी रेस्टोरेंट में एक अलग टेबल पर
- 2:22:45बैठा नजर आया था। शौर्य इस समय रत्नाकर
- 2:22:48शेट्टी और मालिनी के साथ बैठा अपनी बातों
- 2:22:51में मशगुल था। मेघना उसी की ओर गौर से देख
- 2:22:54रही थी। उसे यह उम्मीद नहीं था कि शौर्य
- 2:22:57उसे यहां मिल जाएगा। पर अच्छी बात यह थी
- 2:23:00कि शौर्य ने अभी तक उसको देखा नहीं
- 2:23:03[संगीत] था। मेघना ने इशारे से शिप्रा को
- 2:23:05उधर देखने के लिए कहा जिधर शौर्य बैठा हुआ
- 2:23:08था। शिप्रा ने मेघना के इशारे की तरफ
- 2:23:10देखा। शिप्रा भी शौर्य को यहां देखकर
- 2:23:13हैरान रह गई। यह भी अच्छा [संगीत]
- 2:23:15इत्तेफाक था कि वह दोनों इस होटल में खाने
- 2:23:18के लिए आई और शौर्य यहां पहले से किसी और
- 2:23:21के साथ [संगीत] टेबल पर बैठा कुछ खा रहा
- 2:23:23था। शिप्रा ने जब शौर्य को किसी और लड़की
- 2:23:26के साथ बैठे देखा तो उसे थोड़ा अजीब भी
- 2:23:29लगा क्योंकि वह गौर कर रही थी कि वह अक्सर
- 2:23:31शौर्य को किसी [संगीत] ना किसी नई लड़की
- 2:23:33के साथ ही देखती है। अभी कुछ दिन पहले ही
- 2:23:36वह श्रव्या के साथ घूम रहा था और आज फिर
- 2:23:39एक नई लड़की के साथ शिप्रा ने उसे देखा।
- 2:23:42उसने गौर [संगीत] से मालिनी की ओर देखा।
- 2:23:44वह कभी पहले उससे मिली नहीं थी। इसलिए वह
- 2:23:47मालिनी को जानती नहीं [संगीत] थी। पर उसकी
- 2:23:49खूबसूरती कहीं ना कहीं शिप्रा को जेलस फील
- 2:23:52करा रही थी। वह समझ नहीं पाई ऐसा क्यों हो
- 2:23:55रहा है। वह ना चाहते हुए भी खुद की तुलना
- 2:23:58मालिनी से करने लगी थी। मेघना भी गौर से
- 2:24:01उन्हीं दोनों की तरफ देख रही थी। उसने
- 2:24:04शौर्य से नजर हटाकर शिप्रा पर डालते हुए
- 2:24:07कहा। क्या तुम शौर्य के साथ बैठी हुई उस
- 2:24:09लड़की को जानती हो? शिप्रा इंकार में सर
- 2:24:12हिलाते हुए कहा। नहीं मैं उसे नहीं जानती।
- 2:24:16पर जो भी कहो लड़की खूबसूरत है। कहीं
- 2:24:19श्रवण का उससे कोई चक्कर तो नहीं चल रहा
- 2:24:21है। मेघना शरारत भरे स्वर में बोली शिप्रा
- 2:24:25मेघना के इरादों को समझ रही थी। इसलिए
- 2:24:27उसने उसका कोई जवाब नहीं दिया। पर उसकी
- 2:24:30निगाह अभी भी मालिनी के ऊपर ही टिकी हुई
- 2:24:33थी। क्या हुआ? कुछ बोलोगी नहीं। कहीं
- 2:24:36तुम्हें श्रवण को किसी और लड़की के साथ
- 2:24:38देखकर जलन तो नहीं हो रही है? मेघना शुरा
- 2:24:42को जवाब देते ना देखकर दोबारा बोली। किसी
- 2:24:45लड़की के साथ बैठे होने का यह मतलब तो
- 2:24:47नहीं कि उसका उसके साथ कोई [संगीत] चक्कर
- 2:24:49ही चल रहा है। वह किसी काम के कारण भी तो
- 2:24:52साथ बैठे हो सकते हैं। तुम ज्यादा अपना
- 2:24:54दिमाग मत चलाओ। बहन मैं तो तुम्हें आगाह
- 2:24:58कर रही हूं कि अभी उसे अपने कंट्रोल में
- 2:25:00कर लो। नहीं तो कहीं ऐसा [संगीत] ना हो कि
- 2:25:03वह तुम्हारे हाथ से निकल जाए और तुम बस
- 2:25:05यूं दूर से ही उसे देखते रह जाओ। अभी भी
- 2:25:08मेघना शिप्रा को समझाने की पूरी कोशिश कर
- 2:25:11रही थी। तुम्हें पता होना [संगीत] चाहिए
- 2:25:13कि हमारे बीच अपनी बातें पहले ही स्पष्ट
- 2:25:17हो चुकी हैं। वो किसके साथ क्या करता है
- 2:25:20या नहीं करता उससे हमारा कोई मतलब नहीं।
- 2:25:22बस हम एक दूसरे के फटे में टांग नहीं
- 2:25:25फंसाएंगे। बस इसका ध्यान रखना है। इसके
- 2:25:28बाद हमारे रिश्ते पर कोई फर्क नहीं पड़ने
- 2:25:30वाला है। शिप्रा अपनी बात स्पष्ट करते हुए
- 2:25:32बोली यानी उसका रिलेशन उसके सामने बैठी
- 2:25:35लड़की से होगा तो भी तुम्हें चलेगा। तुम
- 2:25:38यही कहना चाहती हो। मेघना शिप्रा की आंखों
- 2:25:41में देखती हुई बोली तुम जबरदस्ती श्रवण का
- 2:25:44रिश्ता किसी और के साथ जोड़ने की कोशिश मत
- 2:25:46करो। साफ दिख रहा है उन दोनों के बीच में
- 2:25:49ऐसा कुछ भी नहीं है। वह दोनों जरूर किसी
- 2:25:52काम के कारण ही मिले हैं। शिप्रा मेघना को
- 2:25:54भी और खुद को भी समझाते हुए बोली। शिप्रा
- 2:25:58और मेघना ने शौर्य को देखने के बाद खुद को
- 2:26:01इस स्थिति में कर लिया था कि शौर्य आसानी
- 2:26:03से उसे देख ना पाए और वह उसे देखती रहे।
- 2:26:07जब हम यहां है ही तो क्यों ना मैं उसे
- 2:26:09जाकर मिलकर आऊं। इस तरह मुझे पता भी चल
- 2:26:12जाएगा कि वह लड़की कौन है। मेघना शिप्रा
- 2:26:15से अचानक बोल पड़ी। तुम्हें क्या जरूरत है
- 2:26:17उनके बीच में जाने की? पता नहीं उनके बीच
- 2:26:20कुछ जरूरी बातें हो रही होगी तो तुम क्यों
- 2:26:22उसे डिस्टर्ब करना चाहती हो? शिप्रा मेघना
- 2:26:25से प्रतिरोध करती हुई बोली। शिप्रा की बात
- 2:26:28सुनकर मेघना बोली तुम्हें भले कोई फर्क
- 2:26:30नहीं पड़ता हो पर मुझे फर्क पड़ता है। मैं
- 2:26:33यह जानना चाहती हूं कि शौर्य का उस लड़की
- 2:26:37से क्या संबंध [संगीत] है और यह जानने में
- 2:26:40बुराई भी क्या है? कोई बुराई नहीं है। पर
- 2:26:42कहीं उसे ऐसा ना लगे कि हम दोनों उसका
- 2:26:45पीछा कर रहे हैं। क्योंकि हम यहां उसके
- 2:26:47बाद ही आए हैं। अगर ऐसी बात उसके दिमाग
- 2:26:49में आई तो वह हमारे बारे में क्या सोचेगा?
- 2:26:51[संगीत]
- 2:26:53शिप्रा ने अपना कंसर्न जताया। वह क्या
- 2:26:56सोचता है यह मेरी हेडेक नहीं है। मुझे तो
- 2:26:59बस जानना है कि वह लड़की कौन है। इसलिए
- 2:27:02मैं तो जा रही हूं उसके पास। इतना बोलकर
- 2:27:04मेघना अपनी जगह से खड़ी हो गई और शौर्य के
- 2:27:07टेबल की तरफ पड़ गई। शिप्रा मेघना को
- 2:27:10शौर्य के पास जाने से रोकना चाहती थी। पर
- 2:27:12फिर अचानक ही उसने अपना इरादा बदल दिया।
- 2:27:15वो बस अपनी सीट पर बैठी हुई मेघना को
- 2:27:18शौर्य की तरफ बढ़ते देखती रही। मेघना
- 2:27:20शौर्य के पास पहुंची और उसको आवाज देती
- 2:27:23हुई बोली अरे श्रवण तुम यहां मुझे नहीं
- 2:27:27पता था कि तुम मुझे यहां मिलोगे। शौर्य ने
- 2:27:29जब यह आवाज सुना तो उसने मेघना की ओर
- 2:27:31देखा। वह अब भी मेघना को यहां देखकर
- 2:27:34आश्चर्य में था कि यह लड़की अचानक यहां
- 2:27:37कैसे [संगीत] आ गई? अचानक कुछ सोचकर वह
- 2:27:40अपनी नजर को पूरे हॉल में घुमाने लगा तो
- 2:27:43उससे दूर एक टेबल पर शिप्रा नजर आ गई। वह
- 2:27:46यह समझ रहा था कि अक्सर यह दोनों साथी
- 2:27:48होती हैं। मैंने खुद नहीं सोचा था कि मेरी
- 2:27:51मुलाकात तुमसे यहां होगी। कहो यहां कैसे
- 2:27:54आना हुआ? शौर्य ने एक व्यवहारिक सवाल
- 2:27:56किया। हम तो यहां खाना खाने आए थे। पर
- 2:27:59तुमको यहां देख लिया इसलिए तुमसे मिलने आ
- 2:28:01गए। तुम कहो तुम यहां क्या कर रहे हो?
- 2:28:04मेघना का इरादा शौर्य से यह जानने का था
- 2:28:07कि वह यहां क्यों और किस लिए बैठा है।
- 2:28:10शौर्य अभी भली-भांति मेघना के मकसद को समझ
- 2:28:13रहा था। पर वह अपनी तरफ से उसे कुछ बोलना
- 2:28:16नहीं चाहता था। पर उसे मेघना को जवाब तो
- 2:28:19देना था। इसलिए उसने कहा कुछ खास नहीं।
- 2:28:22मिस्टर रत्नाकर शेट्टी [संगीत] और मिस
- 2:28:24मालिनी के साथ हमारा मीटिंग था। उसी के
- 2:28:27लिए आया हुआ था। फिर उसने शौर्य का परिचय
- 2:28:30मालिनी से कराते हुए कहा यह मालिनी है।
- 2:28:33मिस्टर सुधाकर खुराना की बेटी और यह
- 2:28:36रत्नाकर शेट्टी। इनसे तो तुम शायद पहले भी
- 2:28:39मिल चुकी हैं। शौर्य मेघना को याद दिलाते
- 2:28:41हुए कहा, फिर मेघना की ओर देखते हुए
- 2:28:44मालिनी से कहा, "तुमने शायद गार्सिया
- 2:28:47ब्यूटी प्रोडक्ट के बारे में सुना होगा।"
- 2:28:49वो इन्हीं का है। मालिनी को यह जानकर
- 2:28:51आश्चर्य हुआ कि मेघना इतने बड़े ब्यूटी
- 2:28:54प्रोडक्ट के कंपनी के सीईओ हैं। मालिनी
- 2:28:58मेघना से हाथ मिलाते हुए बोली, तुमसे
- 2:29:01मिलकर खुशी हुई। मुझे नहीं पता था कि
- 2:29:03गशिया ब्यूटी प्रोडक्ट की सीईओ इतनी
- 2:29:05खूबसूरत है और यंग भी मेघना को मालिनी का
- 2:29:08बोलने का तरीका बहुत ही पसंद आया। पर वह
- 2:29:11अभी भी मेघना के बारे में ज्यादा कुछ नहीं
- 2:29:14जान पाई थी। पर उसे रत्नाकर शेट्टी के
- 2:29:16बारे में याद आ गया था कि [संगीत] रत्नाकर
- 2:29:19शेट्टी डायरेक्टर है। उन्होंने अभी कुछ
- 2:29:21समय पहले ही शौर्य और नताशा कपूर को लेकर
- 2:29:25एक ऐड बनाया था जो शायद कुछ दिनों में
- 2:29:27लॉन्च भी होने वाली थी। मेघना ने सोचा
- 2:29:30कहीं ऐसा तो नहीं कि मालिनी भी कोई मॉडल
- 2:29:32हो। उसे अपना यह विचार जचा भी। दूसरी तरफ
- 2:29:36शौर्य की बातें भी लगभग [संगीत] पूरी हो
- 2:29:38गई थी। इसलिए वह उठते हुए बोला ऐसा है मिस
- 2:29:41मालिनी। अभी तो मैं आपसे इजाजत चाहूंगा।
- 2:29:44बाकी सोचता हूं आपका प्रपोजल के बारे में।
- 2:29:46फिर आपको जवाब देता हूं। शौर्य के खड़े
- 2:29:49होने पर मालिनी भी अपनी जगह पर खड़ी हो गई
- 2:29:53और वह शौर्य से बोली। मुझे उम्मीद है कि
- 2:29:56तुम मेरे प्रपोजल के बारे में गंभीरता से
- 2:29:58सोचोगे। अगर तुम्हारी कोई डिमांड हो तो
- 2:30:00तुम वह मुझे बता सकते हो। मैं तुम्हारी हर
- 2:30:03डिमांड पूरा करने को तैयार हूं। पर प्लीज
- 2:30:05[संगीत] तुम इस प्रपोजल के लिए मना मत
- 2:30:08करना। शौर्य अजीब धर्म संकट में फंस गया
- 2:30:11था। वह समझ नहीं पा रहा था कि वह मालिनी
- 2:30:13को कैसे मना कर पाएगा। वह चलते चलते बोला।
- 2:30:18ठीक है। मैं देखता हूं। जल्दी आपको जवाब
- 2:30:20देता हूं। इतना कहकर वह मेघना के साथ
- 2:30:23शिप्रा की ओर बढ़ गया। मेघना ने शौर्य और
- 2:30:26मालिनी की जितनी बातें सुनी उसके आधार पर
- 2:30:28उसने यह तो समझ लिया था कि मालिनी कोई काम
- 2:30:32शौर्य से चाहती है जिसके लिए शौर्य तैयार
- 2:30:35नहीं है। जबकि वह हर हाल में शौर्य के साथ
- 2:30:38ही काम करना चाहती है। शौर्य के साथ
- 2:30:41चलते-चलते मेघना यही सोच रही थी कि आखिर
- 2:30:44इस लड़के में ऐसी क्या बात है जो सभी उसके
- 2:30:47साथ काम करना चाहते हैं। पर मेघना [संगीत]
- 2:30:49को अब तक यह नहीं समझ आया था कि मालिनी
- 2:30:52आखिर शौर्य से किस तरह के प्रपोजल के बारे
- 2:30:55में बात कर रही थी। इसलिए उसने चलते
- 2:30:58[संगीत] चलते ही शौर्य से पूछा वो तुमसे
- 2:31:00क्या काम कराना चाहती है जो तुमसे बहुत
- 2:31:02रिक्वेस्ट कर रही थी? छोड़ो ना तुम क्या
- 2:31:05करोगी यह जानकर? शौर्य मेघना की बात को
- 2:31:08टालते हुए बोला। अब तक दोनों शिप्रा के
- 2:31:11टेबल के पास पहुंच गए थे। शिप्रा ने जो
- 2:31:13आर्डर दिए थे, वह उसके टेबल पर सर्व भी हो
- 2:31:16गई थी। मेघना अपने टेबल पर बैठती हुई बोली
- 2:31:19तुम भी बैठो और हमारे साथ कुछ खा भी लो।
- 2:31:23मेघना की बात सुनकर शौर्य बोला अब और खाना
- 2:31:26मेरे बस का नहीं है। मैं पहले ही फूल हो
- 2:31:28रखा हूं। तुम खाओ। मेरा तो काम यहां हो
- 2:31:31गया। इसलिए मैं अब तो यहां से चलूंगा। तुम
- 2:31:33खाना खाने के बाद आ जाना। [संगीत] जाने की
- 2:31:36इतनी जल्दी क्या है? थोड़ी देर हमारे साथ
- 2:31:38भी बैठ जाओ। शिप्रा शौर्य की बात सुनकर
- 2:31:41बोली। मुझे यहां बैठने में कोई दिक्कत
- 2:31:44नहीं है। पर अभी मैं मालिनी के पास से
- 2:31:46उठकर आया हूं और यहां बैठूंगा तो पता नहीं
- 2:31:49वह क्या सोचेंगी। शौर्य एक नजर मालिनी और
- 2:31:53रत्नाकर शेट्टी के टेबल की तरफ देखता हुआ
- 2:31:55बोला। उसने गौर किया कि मालिनी अभी भी उसी
- 2:31:58की तरफ देख रही हैं। उसने जल्दी से मेघना
- 2:32:01और शिप्रा से कहा। वह मुझे घरे जा रही है।
- 2:32:04इसलिए मैं यहां अगर थोड़ी देर और रुक गया
- 2:32:07तो पता नहीं वह क्या सोचने लगे। मैं बाद
- 2:32:10में मिलता हूं तुमसे। इतना कहकर शौर्य
- 2:32:12बाहर की तरफ बढ़ गया। जबकि शिप्रा कभी
- 2:32:15शौर्य की तरफ तो कभी मालिनी की [संगीत]
- 2:32:18तरफ देख रही थी। मालिनी की निगाह अभी भी
- 2:32:21शौर्य पर जमी हुई थी। जब तक कि वह होटल से
- 2:32:23बाहर नहीं चला गया था। शौर्य के जाने के
- 2:32:26बाद शिप्रा ने मेघना से पूछा तो कुछ पता
- 2:32:29लगा पाई कि उन दोनों के बीच में [संगीत]
- 2:32:31क्या संबंध है। यह तो नहीं पता। पर वह
- 2:32:34लड़की मालिनी बार-बार शौर्य से अपने किसी
- 2:32:37प्रपोजल के बारे में गंभीरता से सोचने को
- 2:32:40कह रही थी। उसने तो उसे यहां तक कहा कि
- 2:32:43उसकी जो भी डिमांड होगी वह उसको पूरी करने
- 2:32:46की कोशिश करेंगी। अब आगे क्या होगा? शौर्य
- 2:32:49के वहां से जाने के बाद मेघना शिप्रा के
- 2:32:51साथ वाली चेयर पर बैठ गई। शिप्रा अभी भी
- 2:32:54शौर्य के बारे में ही सोच रही थी कि उसके
- 2:32:56शौर्य को रुकने के लिए कहने के बाद भी
- 2:32:58शौर्य वहां रुका नहीं बल्कि वहां से चला
- 2:33:01गया। उसको मालिनी की चिंता थी कि वह क्या
- 2:33:05सोचेगी। उसके चेहरे पर थोड़े नागवारी के
- 2:33:08भाव भी आया। जैसे मेघना आप दोनों की बात
- 2:33:10करने से ऐसा लगा जैसे आप एक दूसरे के काफी
- 2:33:13करीब हैं। इसीलिए [संगीत] मुझे आपका एक
- 2:33:14फेवर चाहिए। मेघना को समझ नहीं आया कि
- 2:33:18मालिनी उससे [संगीत] क्या चाहती है। उसने
- 2:33:20मालिनी की बात सुनकर शिप्रा की ओर देखा।
- 2:33:23शिप्रा के चेहरे [संगीत] पर भी यह जानने
- 2:33:25की जिज्ञासा साफ छलक रही थी कि मालिनी
- 2:33:28उससे किस तरह का फेवर चाहती है। मेघना ने
- 2:33:31पूछ लिया कहिए मैं आपके लिए क्या कर सकती
- 2:33:33हूं। मुझे नहीं पता कि आप मेरे लिए यह काम
- 2:33:36कर पाएंगी कि नहीं। लेकिन मैं चाहती हूं
- 2:33:39अगर आपसे यह पॉसिबल हो पाए तो आप जरूर
- 2:33:42श्रवण को इसके लिए तैयार करने में हमारी
- 2:33:44मदद करें। एक्चुअली मैं एक फिल्म बनाने जा
- 2:33:48रही हूं जिसमें मुझे फिल्म के मेन लीड रोल
- 2:33:51के लिए श्रवण चाहिए। पर वह तैयार नहीं हो
- 2:33:54रहा है। अगर आप इस मामले में मेरी कोई
- 2:33:56सहायता कर सके तो यह मेरे लिए अच्छा होगा।
- 2:33:59मालिनी ने संकोच भरे स्वर में अपनी बात
- 2:34:01कही। मालिनी की बात सुनकर मेघना को लगा कि
- 2:34:05क्या श्रवण इतना बेवकूफ है जो वह इतने
- 2:34:08अच्छे ऑफर को ठुकरा रहा है। [संगीत] उसे
- 2:34:10बैठे-बठाए इतना अच्छा ऑफर मिल रहा है और
- 2:34:13वह इसके लिए तैयार नहीं है? क्या वह
- 2:34:15बेवकूफ है जो इतनी अच्छी ओपोरर्चुनिटी को
- 2:34:18ठुकरा रहा है। अगर वह इस काम को करने को
- 2:34:20तैयार हो जाता है तो फिल्म इंडस्ट्रीज में
- 2:34:23उसके लिए अपार संभावनाएं खुल जाएंगी। अब
- 2:34:27[संगीत] जाकर मेघना को समझ आया कि कुछ देर
- 2:34:29पहले मालिनी ने अपने किस प्रपोजल के बारे
- 2:34:32में श्रवण से विचार करने को कहा था।
- 2:34:35मालिनी के प्रपोजल के बारे में जानकर
- 2:34:37मेघना एक बार फिर से शिप्रा की ओर देखने
- 2:34:39लगी। कमोबेश शिप्रा का विचार भी मेघना के
- 2:34:43जैसी ही थी। उसे भी शौर्य का यह कदम
- 2:34:45बेवकूफी भरा ही लगा। वह समझ रही थी कि अभी
- 2:34:49जो शौर्य काम कर रहा है, उससे वह कितना ही
- 2:34:51कमा लेगा। पर अगर वह एक बार किसी फिल्म
- 2:34:54[संगीत] में हीरो बन जाता है तो उसके लिए
- 2:34:56भविष्य में आसमान छूने के रास्ते खुल
- 2:34:58जाएंगे। मालिनी ने जब मेघना और शिप्रा को
- 2:35:01किसी सोच में डूबा देखा तो वह फिर से
- 2:35:04मेघना से बोली क्या सोचने लगी आप? क्या आप
- 2:35:08इस काम [संगीत] में मेरी कुछ मदद कर सकती
- 2:35:10हैं? मालिनी की बात सुनकर मेघना होश में
- 2:35:14आई और वह असमंजस भरे [संगीत] स्वर में
- 2:35:17बोली। मैं यकीन से तो कुछ नहीं कह सकती पर
- 2:35:21मैं आपके लिए कोशिश जरूर करूंगी। आपका
- 2:35:23इतना करना ही मेरे लिए काफी है। हो सकता
- 2:35:26है कि आपके प्रयास से वह मेरे प्रपोजल को
- 2:35:29[संगीत] स्वीकार कर ले। मालिनी अपने चेहरे
- 2:35:31पर मुस्कान लाती हुई बोली। मेघना को
- 2:35:34मालिनी बहुत ही स्वीट लगी। वह मालिनी से
- 2:35:37फॉर्मल होते हुए बोली हम दोनों लगभग एक ही
- 2:35:40उम्र के हैं। इसलिए एक दूसरे को आप बोलने
- 2:35:42से अच्छा है कि हम तुम कह कर ही संबोधन
- 2:35:45करें।
- 2:35:47मेरा खुद का भी यही मानना है। मालिनी खुश
- 2:35:50होती हुई बोली, "मैं भी अपनी रिलेशन में
- 2:35:52फ्रैंक रहना पसंद करती हूं। पर किसी से
- 2:35:55पहली बार मिलने पर ज्यादा फ्रैंकनेस
- 2:35:57दिखाने से भी कुछ लोगों को आपत्ति होने
- 2:35:59लगती है। इसलिए जब तक सामने वाले का मिजाज
- 2:36:02का पता ना चले, तब तक एक दायरा मेंटेन
- 2:36:05करना जरूरी होता है। शिप्रा मालिनी की
- 2:36:08समझदारी से बहुत प्रभावित हुई। वह कुछ और
- 2:36:11जानने की जिज्ञासा में पूछ बैठी। यह तुम
- 2:36:14किस तरह की फिल्म बनाने की बात कर रही हो
- 2:36:17[संगीत] और उसमें दूसरे कौन आर्टिस्ट हैं?
- 2:36:19मालिनी ने शिप्रा की ओर देखा। उसके चेहरे
- 2:36:22पर शिप्रा को जानने की जिज्ञासा साफ झलक
- 2:36:25रही थी। वो पहले से ही उसकी खूबसूरती से
- 2:36:28प्रभावित थी। उसे शिप्रा का चेहरा कुछ
- 2:36:30जाना पहचाना सा लग रहा था। उसे यकीन था कि
- 2:36:34उसने पहले भी शिप्रा को कहीं देखा है। पर
- 2:36:38उसे याद नहीं आ रहा था कि कहां। शिप्रा को
- 2:36:41जवाब देने से पहले उसने शिप्रा से उसके
- 2:36:43बारे में पूछा। क्या मैं तुम्हारा नाम जान
- 2:36:46सकती हूं? पता नहीं क्यों? पर मुझे लगता
- 2:36:49है कि मैंने तुम्हें पहले भी कहीं देखा
- 2:36:51है। मालिनी की बात सुनकर मेघना बीच में
- 2:36:54आती हुई बोली। इसका नाम शिप्रा है। शायद
- 2:36:58तुमने पहले इसका कोई वीडियो देखा होगा।
- 2:37:00इसलिए तुम्हें यह चेहरा जाना पहचाना लग
- 2:37:02रहा है। मेघना की बात सुनते ही मालिनी को
- 2:37:05याद आ गया कि उसने शिप्रा का कहां देखा
- 2:37:08था। उसे शिप्रा के वायरल वीडियो का ध्यान
- 2:37:10आ गया। वह आश्चर्य से बोली तो तुम वही
- 2:37:14शिप्रा राय हो जिसकी शादी का वीडियो सोशल
- 2:37:16मीडिया पर वायरल हुआ था। फिर अगले ही पल
- 2:37:19मालिनी को एहसास हुआ कि वह क्या बोल रही
- 2:37:22है। तो वह अफसोस भरे स्वर में गोली माफ
- 2:37:25करना। मेरा तुम्हें हर्ट करने का कोई
- 2:37:27इरादा नहीं था। शुक्ला ने जब मालिनी को
- 2:37:30अफसोस करते देखा तो वह बोली ना ना इसमें
- 2:37:33अफसोस करने की कोई बात [संगीत] नहीं है।
- 2:37:35इसमें गलत क्या है? जो तुमने देखा वैसा सच
- 2:37:38में हुआ था और मुझे उसका कोई अफसोस नहीं
- 2:37:41है। तो फिर तुम क्यों अफसोस कर रही हो?
- 2:37:43शिप्रा की बात सुनकर मालिनी आश्चर्य
- 2:37:46[संगीत] से बोली ये तुम कैसी बात कर रही
- 2:37:48हो? तुम्हारे साथ इतना बड़ा हादसा हुआ और
- 2:37:52तुम कह रही हो तुम्हें उसका कोई अफसोस
- 2:37:54नहीं है। मैं तुम्हारी हिम्मत की दाद देती
- 2:37:56हूं। इतना सब होने के बाद भी तुम जैसी
- 2:38:00हिम्मती लड़की ही मुस्कुरा सकती है। अच्छा
- 2:38:03छोड़ो इन बातों को। तुम अपने बारे में
- 2:38:05बताओ कि तुम किस तरह की फिल्म बनाने जा
- 2:38:08रही हो। शिप्रा अपने बारे में हो रही
- 2:38:11चर्चा को बदलते हुए बोली। शिप्रा की बात
- 2:38:13सुनकर मालिनी बोली, एक्चुअली मुझे एक्टिंग
- 2:38:16लाइन में बहुत इंटरेस्ट है। मैंने एक्टिंग
- 2:38:19के फील्ड में जाने के लिए पहले [संगीत]
- 2:38:21बड़े डायरेक्टर के साथ असिस्ट भी किया है।
- 2:38:24एक्टिंग की बारीकियों को भी सीखा है।
- 2:38:26इसीलिए मैं खुद को लेकर एक मूवी प्लान कर
- 2:38:29रही हूं। बहुत समय से स्टोरी के हिसाब से
- 2:38:32मूवी के लिए हीरो की तलाश में थी। बहुत
- 2:38:35[संगीत] सारी एक्टर्स से मिली। बहुत सारे
- 2:38:37चेहरे को देखा। पर जब मैंने श्रवण को देखा
- 2:38:40तो मुझे [संगीत] लगा मेरी फिल्म की स्टोरी
- 2:38:42के लिए श्रवण एकदम परफेक्ट है। इसलिए आज
- 2:38:46मैंने उसे यहां बुलाया था। पर वो इसके लिए
- 2:38:48तैयार नहीं हो रहा है। यही मेरी प्रॉब्लम
- 2:38:50है। मालिनी ने अपनी मजबूरी बताई। शिप्रा
- 2:38:54को यह जानकर आश्चर्य हुआ कि जिस फिल्म में
- 2:38:57मालिनी शौर्य को हीरो के रूप में लेना
- 2:38:59चाहती है, उस फिल्म की हीरोइन मालिनी ही
- 2:39:02होने वाली है। मालिनी खूबसूरत थी। उसकी
- 2:39:06बातें बड़ी [संगीत] प्यारी थी। शिप्रा को
- 2:39:09समझ नहीं आ रहा था कि शौर्य क्यों उसकी
- 2:39:12फिल्म में काम करने को तैयार नहीं था। अभी
- 2:39:15[संगीत] कुछ दिन पहले तो उसने नताशा कपूर
- 2:39:17के साथ एक ऐड में काम किया ही था। तो अब
- 2:39:20उसे एक फिल्म में काम करने में क्या
- 2:39:22दिक्कत है? बल्कि उसके लिए तो यह अच्छा ही
- 2:39:24है। इससे उसे अच्छा एक्सपोज़र ही मिलेगा।
- 2:39:28इधर जब शिप्रा इस विचार में खोई [संगीत]
- 2:39:30हुई थी। उसी समय मेघना ने मालिनी से कहा
- 2:39:34हम अपनी तरफ से पूरी कोशिश करेंगे कि
- 2:39:35श्रवण तुम्हारी फिल्म में काम करने को
- 2:39:37तैयार हो जाए। थैंक्स बस मैं तुमसे इतना
- 2:39:41ही मदद चाहती हूं। मालिनी आभार प्रकट करते
- 2:39:43हुए बोली इसी समय वेटर शिप्रा के पास
- 2:39:46पहुंचा और पूछा आपको कुछ और [संगीत] भी
- 2:39:48चाहिए मिस? तो शिप्रा ने जवाब दिया नहीं
- 2:39:52बस हो गया। तुम जाकर बिल ले आओ। शिप्रा की
- 2:39:55बात सुनकर वेटर वापस जाने लगा। तो [संगीत]
- 2:39:57मालिनी ने उसको रोक कर कहा नहीं इसकी कोई
- 2:40:00जरूरत नहीं है। तुम मैनेजर को बोल देना।
- 2:40:02मैंने इनके बिल को वेव ऑफ करने के लिए
- 2:40:04बुलाया। जी मेम इतना बोलकर वेटर वहां से
- 2:40:07चला गया। शिप्रा समझ नहीं पाई कि मालिनी
- 2:40:10उसके बिल को माफ कैसे करवा सकती है। इसलिए
- 2:40:14वह हैरानी से मालिनी की ओर देखने लगी। जब
- 2:40:16मालिनी [संगीत] ने शिप्रा को हैरान होकर
- 2:40:19अपनी ओर देखते पाया तो वह बोली इसमें
- 2:40:22हैरान होने वाली कोई बात नहीं है। यह होटल
- 2:40:24मेरा ही है और अब तुम दोनों मेरी दोस्ती
- 2:40:26हो गई है तो फिर हमारा यह होटल तुमसे पैसे
- 2:40:29कैसे ले सकता है? शिप्रा यह जानकर और
- 2:40:31आश्चर्यचकित रह गई कि मालिनी ही इस होटल
- 2:40:34की मालिक है। उसने पूछा भी तुम ऑलरेडी
- 2:40:37इतनी अच्छी बिजनेस में हो तो फिर तुम्हें
- 2:40:39क्या जरूरत है हीरोइन बनने की? शिप्रा की
- 2:40:43बात सुनकर मालिनी मुस्कुराई और बोली यह
- 2:40:46होटल व्यवसाय मेरा पु्तैनी [संगीत] बिजनेस
- 2:40:48है। पर मुझे पर्सनली एक्टिंग बहुत पसंद
- 2:40:51है। मैं खुद को इस लाइन में प्रूफ करना
- 2:40:54चाहती [संगीत] हूं। इसी कारण मैंने खुद का
- 2:40:56प्रोडक्शन हाउस भी खोल लिया है। तुम सही
- 2:40:59कह रही हो। भले ही तुम बिजनेस में सफल हो
- 2:41:02पर इसका मतलब यह नहीं है कि तुम अपनी
- 2:41:05इच्छा को मार दो। क्योंकि असली खुशी
- 2:41:08तुम्हें अपने मन मुताबिक काम करके ही
- 2:41:10मिलती है। मेघना मालिनी की तारीफ करती हुई
- 2:41:13बोली जब लगभग दोनों की बातें पूरी हो गई
- 2:41:16तो मेघना और शिप्रा अपने टेबल से उठती हुई
- 2:41:19बोली ठीक है फिर अब हम दोनों इजाजत चाहते
- 2:41:22हैं बाकी मिलते हैं फिर कभी। इतना बोलकर
- 2:41:26मेघना वहां से निकलने की सोच ही रही थी कि
- 2:41:28तभी कुछ याद आने पर उसने मालिनी से कहा
- 2:41:32अरे यहां से जाने से पहले तुम अपना नंबर
- 2:41:34तो दे दो [संगीत] ताकि आगे अगर मैं तुमसे
- 2:41:36बात करना चाहूं तो तुम्हें कांटेक्ट करने
- 2:41:38का कोई माध्यम तो हो। मालिनी को भी अपनी
- 2:41:41गलती का एहसास हुआ। उसने तुरंत अपने पर्स
- 2:41:45से एक विजिटिंग कार्ड निकालकर मेघना की ओर
- 2:41:48बढ़ा दिया। इसके बाद मेघना ने भी अपना
- 2:41:52कार्ड मालिनी की ओर बढ़ा दिया। अब जब
- 2:41:54मेघना और शिप्रा वहां से निकलने वाले थे
- 2:41:57कि तभी मालिनी ने दोबारा शिप्रा को रोकते
- 2:42:00हुए कहा अगर तुम बुरा ना मानो तो क्या मैं
- 2:42:03तुमसे एक पर्सनल सवाल कर सकती हूं? मालिनी
- 2:42:07की बात सुनकर शिप्रा मालिनी की आंखों
- 2:42:09[संगीत] में देखती हुई बोली इसमें बुरा
- 2:42:11मानने की कोई बात नहीं है। तुम जो भी
- 2:42:14जानना चाहती हो [संगीत] मुझसे पूछ सकती
- 2:42:15हो। शिप्रा के चेहरे का कॉन्फिडेंस देखकर
- 2:42:19मालिनी की हिम्मत बढ़ी और उसने शिप्रा से
- 2:42:22पूछा मैं जानना चाहती हूं कि तुम्हारी उस
- 2:42:25शादी का क्या हुआ जिसमें तुम्हारी शादी
- 2:42:28जबरदस्ती एक भिखारी से कर दी गई थी।
- 2:42:30मालिनी का सवाल सुनकर शिप्रा मुस्कुराई और
- 2:42:33बोली मुझे इस सवाल से कोई परेशानी नहीं
- 2:42:36होती। वैसे मैं तुम्हें बता दूं कि जिस
- 2:42:38भिखारी से मेरी शादी हुई थी, वह अभी भी
- 2:42:41मेरा पति है और मेरा आगे भविष्य में उससे
- 2:42:44अलग होने का कोई इरादा भी नहीं है। अब
- 2:42:47शिप्रा मालिनी को कैसे बताती कि वह जिस
- 2:42:49भिखारी पति के बारे में बात कर रही है, वह
- 2:42:52कोई और नहीं। वह श्रवण ही है जिसे वह अपनी
- 2:42:55फिल्म का हीरो बनाना चाहती है। अगर मालिनी
- 2:42:59को यह पता चल जाता कि श्रवण ही वह भिखारी
- 2:43:01है जो शिप्रा का पति है तो पता नहीं उसके
- 2:43:05बाद उसका क्या रिएक्शन होता। शिप्रा जानती
- 2:43:08थी कि उसका जो वीडियो वायरल हुआ था उसमें
- 2:43:10श्रवण भी था। पर उस फोटो को देखने के बाद
- 2:43:14कोई भी आज के श्रवण को पहचान नहीं सकता।
- 2:43:17क्योंकि उस शादी वाले वीडियो में श्रवण का
- 2:43:19चेहरा घनी [संगीत] दाढ़ियों से ढका हुआ था
- 2:43:22और कोई इमेजिन भी नहीं कर सकता था कि उन
- 2:43:25दाढ़ियों को साफ करने के बाद उसके पीछे का
- 2:43:27जो चेहरा निकल कर आया है वह ऐसा भी हो
- 2:43:30सकता है। अब आगे क्या होगा? क्या मालिनी
- 2:43:33को पता चलेगा? शौर्य होटल रीगल से निकलने
- 2:43:36के बाद फिर होटल राजकमल के लिए ही अपनी
- 2:43:39गाड़ी को बढ़ा दिया। उसके दिमाग में
- 2:43:41मालिनी के प्रपोजल की ही बात चल रहा था।
- 2:43:44वह निर्णय नहीं कर पा रहा था कि उसे क्या
- 2:43:46करना [संगीत] चाहिए। वैसे तो उसका कोई भी
- 2:43:49इरादा हीरो बनने का नहीं था। पर जितने
- 2:43:51भरोसे के साथ और जितनी पोलाइटली मालिनी ने
- 2:43:54उससे रिक्वेस्ट की थी, इस कारण शौर्य को
- 2:43:57मना करते नहीं मना था। फिर भी कहीं ना
- 2:44:00कहीं उसने अपने दिमाग में निश्चय कर लिया
- 2:44:02था कि वह मालिनी से क्षमा के साथ इस
- 2:44:05प्रपोजल के लिए मना कर देगा। इन्हीं
- 2:44:07ख्यालों में गुम शौर्य अब [संगीत] भी कुछ
- 2:44:10ही दूर गया था कि अचानक एक स्कर्पियो आकर
- 2:44:12उसकी गाड़ी के आगे खड़ा हो गया। शौर्य को
- 2:44:15मजबूरन अपनी गाड़ी का ब्रेक लगाना पड़ा।
- 2:44:17गाड़ी रुकने के बाद शौर्य ने गौर किया कि
- 2:44:20वह आबादी से दूर आ गया था। वह इलाका थोड़ा
- 2:44:23सुनसान सा ही था। उसने [संगीत] देखा उसकी
- 2:44:25गाड़ी के एकदम सामने ही वह स्कर्पियो
- 2:44:28थोड़ा बैक होकर उसकी गाड़ी से सट कर खड़ा
- 2:44:30हो गया। उसने सोचा वह अपनी गाड़ी को थोड़ा
- 2:44:33पीछे करके फिर से आगे निकाल ले। अभी उसने
- 2:44:36इतना सोचा ही था कि तभी उसने महसूस किया
- 2:44:38कि उसके पीछे से भी आकर एक गाड़ी खड़ी हो
- 2:44:40गई थी। शौर्य को एहसास हो गया कि किसी ने
- 2:44:45जानबूझकर उसका रास्ता रोका है। वह अपनी
- 2:44:48गाड़ी में बैठा सामने वाली गाड़ी से कोई
- 2:44:51हरकत होने का इंतजार करने लगा। तभी उसने
- 2:44:53देखा सामने वाली गाड़ी का दरवाजा खुला और
- 2:44:56दो हट्टेकट्टे पहलवान जैसे [संगीत] आदमी
- 2:44:59उस गाड़ी से बाहर आए और स्कर्पियो के पास
- 2:45:02पीछे वाले हिस्से के पास आकर उससे टेक
- 2:45:04लगाकर खड़े हो गए और बिना कोई हरकत किए वह
- 2:45:07शौर्य की गाड़ी की तरफ देखते रहे। शौर्य
- 2:45:10इंतजार करता रहा कि वे लोग उसके पास आकर
- 2:45:13जरूर कोई हरकत करेंगे। पर उन दोनों बंदों
- 2:45:16ने ऐसी कोई हरकत नहीं की। इसी अवस्था में
- 2:45:195 मिनट गुजर गए। 10 मिनट गुजर गए। यहां तक
- 2:45:21कि 15 मिनट भी गुजर गए। अब जाकर शौर्य का
- 2:45:24पेशेंस जवाब देने लगा। उसे समझ नहीं आ रहा
- 2:45:27था कि आखिर यह चल क्या रहा है। ना ही वह
- 2:45:30दोनों बंदे उससे कुछ बोल रहे हैं ना ही
- 2:45:33कोई हरकत कर रहे हैं। बस अपनी जगह पर खड़े
- 2:45:36उसकी कार को देखे जा रहे हैं। आखिर थक हार
- 2:45:39कर शौर्य अपनी कार से बाहर आया और सामने
- 2:45:42खड़े उन दोनों आदमी के पास पहुंचा और उनसे
- 2:45:45बोला क्या मैं जान सकता हूं कि तुम लोगों
- 2:45:48ने मेरा रास्ता क्यों रोका हुआ है। शौर्य
- 2:45:51की बात सुनकर उन दोनों में से एक आदमी ने
- 2:45:53जमहाई लेते हुए कहा, चुपचाप जाकर अपनी कार
- 2:45:57में बैठ जा और 5 मिनट इंतजार कर। तुम्हें
- 2:46:01अपने सवाल का जवाब मिल जाएगा। शौर्य को
- 2:46:03कुछ समझ तो आ नहीं रहा था। पर उसने सोचा
- 2:46:06चलो जब इतनी देर इंतजार किया तो 5 मिनट और
- 2:46:09सही। यह सोचकर वह वापस गया और अपनी सीट पर
- 2:46:12जाकर बैठ गया। लगभग 5 मिनट बाद एक रेंज
- 2:46:15रोवर आकर Scorpio के आगे खड़ा हो गया।
- 2:46:18रेंज रोवर का दरवाजा खुला और उससे एक शख्स
- 2:46:20बाहर आया और चलता हुआ शौर्य की कार के पास
- 2:46:23पहुंचा और ड्राइविंग सीट के बगल वाला
- 2:46:25दरवाजा खोलकर कार के अंदर आकर बैठ गया।
- 2:46:28शौर्य बिना कोई हरकत किए उस शख्स को देखता
- 2:46:31रहा। उस शख्स को देखकर शौर्य
- 2:46:33[गला साफ़ करने की आवाज़] की भवन थोड़ी सी
- 2:46:34तनी पर वह नॉर्मल भाव से उस शख्स के आगे
- 2:46:37बोलने का इंतजार करता रहा। वह शख्स कोई और
- 2:46:40नहीं प्रतीक राठौर था। शौर्य को प्रतीक के
- 2:46:43यहां होने का कारण समझ में आ गया। वह समझ
- 2:46:46गया कि जरूर प्रतीक मालिनी पर नजर रखता
- 2:46:49होगा और शौर्य को मालिनी से मिलते देखकर
- 2:46:52ही उसने उसका रास्ता रोकने की कोशिश की।
- 2:46:55मुझे पहले यह समझ जाना चाहिए था कि ऐसी
- 2:46:57हरकत तुम ही कर सकते हो। अब जब तुम यहां आ
- 2:47:00ही गए हो तो बता भी दो कि चाहते क्या हो।
- 2:47:04शौर्य प्रतीक के [संगीत] उसके बगल में बैठ
- 2:47:06जाने के बाद बोला बहुत खूब। जब इतना समझ
- 2:47:10गए कि ऐसी हरकत मैं ही कर सकता हूं तो फिर
- 2:47:13तो तुम्हें यह भी समझ जाना चाहिए था कि
- 2:47:15आखिर मैंने ऐसी हरकत क्यों की। प्रत्येक
- 2:47:17[संगीत] सीक्रेट के पैकेट से एक सिगरेट
- 2:47:19निकालते हुए बोला समझ तो गया [संगीत] हूं
- 2:47:22पर मैं यह बात तुम्हारे मुंह से ही सुनना
- 2:47:24चाहता हूं। शौर्य खिड़की का शीशा खोलते
- 2:47:27हुए बोला लगता नहीं कि तुम मुझे अच्छे से
- 2:47:30जानते हो। अगर नहीं जानते तो पहले मेरे
- 2:47:33बारे में थोड़ी सी जानकारी इकट्ठा कर
- 2:47:35लेना। उसके बाद ही मेरे रास्ते [संगीत]
- 2:47:37में आने की कोशिश करना। अगर मुझे जानने के
- 2:47:40बाद भी तुमने मेरे रास्ते में आने की
- 2:47:42कोशिश की तो मैं समझ जाऊंगा कि तुम सही
- 2:47:46मायने में मर्द हो। प्रतीक सिगरेट का कश
- 2:47:49लेते हुए बोला तुम ऐसा क्यों नहीं करते कि
- 2:47:53मैं जितना टाइम तुम्हें जानने के लिए बाहर
- 2:47:55बर्बाद करूंगा उससे अच्छा होगा कि तुम
- 2:47:57मुझे इसी पल अपने बारे में बता दो ताकि
- 2:48:00मुझे तुम्हें जानने के लिए इधर-उधर धक्का
- 2:48:03[संगीत] ना खाना पड़े। शौर्य प्रतीक की
- 2:48:05तरफ देखते हुए बोला, आज मैंने तुम्हें
- 2:48:08मेनका के साथ देखा। तुम ऐसा क्यों नहीं
- 2:48:11करते कि तुम मेनका से ही मेरे बारे में
- 2:48:12पूछ लेना। वह तुम्हें मेरे बारे में
- 2:48:15ज्यादा बेहतर बताएंगी। प्रतीक भी उसके
- 2:48:18चेहरे की तरफ देखते हुए बोला। चलो यह भी
- 2:48:21ठीक है। अगर तुम ऐसा कहते हो तो मैं
- 2:48:23तुम्हारे बारे में मेनका से ही पता कर
- 2:48:26लूंगा। पर तुम अब भी मुझे यह तो बता दो कि
- 2:48:29मैं तुम्हारे बारे में जानकर करूंगा क्या?
- 2:48:31शौर्य इस तरह से अनजान बनते हुए पूछा जैसे
- 2:48:35उसे समझ ना रहा हो कि उसे प्रतीक के बारे
- 2:48:37में क्यों जानना चाहिए। क्या तुम सच में
- 2:48:40इतने नादान हो जो तुम्हें समझ नहीं आया कि
- 2:48:43मैंने तुम्हें क्यों [संगीत] रोका है?
- 2:48:45शौर्य की बात को सुनकर प्रतीक शौर्य को
- 2:48:48घूरते हुए बोला। फिर वह थोड़ा पोलाइट होकर
- 2:48:51बोला, "तुम मालिनी के पास क्यों गए थे?
- 2:48:54क्या मतलब हुआ? क्यों गया था? उसने मुझे
- 2:48:56बुलाया [संगीत] था। इसलिए मैं गया था।
- 2:48:58शौर्य लापरवाही से बोला क्यों बुलाया था?
- 2:49:01प्रतीक ने अगला सवाल किया। वह चाहती है कि
- 2:49:04मैं उसकी फिल्म में उसका हीरो बनूं। शौर्य
- 2:49:07बोला। शौर्य की बात सुनकर प्रतीक ने पूछा
- 2:49:11तो तुमने उसे क्या जवाब दिया? पथिक के
- 2:49:13सवाल पर शौर्य को थोड़ी शरारत सूझी और
- 2:49:16उसने कहा, "मैं क्या जवाब [संगीत] देता?"
- 2:49:18कोई इतने अच्छे मौके को अपने हाथ से जाने
- 2:49:21देता है तो मैं भी उसके लिए तैयार हो गया।
- 2:49:24तैयार हो गए। प्रतीक शौर्य की बात को
- 2:49:26रिपीट करता हुआ बोला। फिर उसने अपनी बात
- 2:49:29को कंटिन्यू करते हुए कहा, कोई बात नहीं,
- 2:49:32अगर तुम तैयार हो भी गए हो, तो अब तुम
- 2:49:34उससे मना कर देना। उससे कह देना कि तुम
- 2:49:37उसकी मूवी में काम नहीं कर सकते। पर मैं
- 2:49:39ऐसा भला क्यों करूंगा? मैं इतने अच्छे ऑफर
- 2:49:42को अपने हाथ से कैसे [संगीत] जाने दूंगा?
- 2:49:44शौर्य बोला तुम इसलिए मना करोगे क्योंकि
- 2:49:47मैंने तुम्हें ऐसा करने को कहा है।
- 2:49:50तुम्हें मुझसे ज्यादा सवाल करने की जरूरत
- 2:49:52नहीं है। अगर तुम अपनी भलाई चाहते हो तो
- 2:49:55तुम वही करना जो मैं तुम्हें कह रहा हूं।
- 2:49:58इस बार प्रतीक थोड़ा रोज भरे स्वर में
- 2:50:01शौर्य से बोला। पर मेरे ऐसा करने से
- 2:50:04तुम्हें क्या फायदा होगा? तुम क्यों मेरे
- 2:50:06पेट पर लात मारने की कोशिश कर रहे हो? अगर
- 2:50:08मैं उस फिल्म में काम नहीं करूंगा तो
- 2:50:10मालिनी फिर किसी और को उसमें काम करने के
- 2:50:13लिए साइन कर लेगी। शौर्य अपनी मजबूरी
- 2:50:16जताते हुए बोला तुम्हें ज्यादा बकवास करने
- 2:50:19की जरूरत नहीं है। जैसा मैंने कहा है वैसा
- 2:50:21ही करना। इसी में तुम्हारी भुलाई है।
- 2:50:24ज्यादा चालाक बनने की कोशिश करोगे तो ना
- 2:50:26इधर के रहोगे ना उधर के रहोगे। मैं समझता
- 2:50:30हूं तुम्हें अपने अच्छे बुरे की समझ तो
- 2:50:32होगी ही। बाकी मेरे बारे में तुम मेनका से
- 2:50:35जान लेना। इतना कहकर प्रतीक शौर्य की कार
- 2:50:38से बाहर आया और अपनी कार में जाकर बैठ
- 2:50:40गया। इसके बाद सारी गाड़ियां वहां से चली
- 2:50:43गई। प्रतीक के वहां से जाने के बाद शौर्य
- 2:50:47के चेहरे पर एक मुस्कुराहट खिल गई। अब
- 2:50:49उसने मन ही मन निश्चय कर लिया कि अभी तक
- 2:50:52वह जिस काम को करने की नहीं सोच रहा था,
- 2:50:56अब वह उस काम को जरूर करेगा। यह सोचकर
- 2:50:59उसने सीटी बजाते हुए अपने कार को स्टार्ट
- 2:51:02किया और आगे बढ़ गया। थोड़ी देर बाद ही वह
- 2:51:05होटल राजकमल में मेनका के पास बैठा हुआ
- 2:51:08था। उसने मेनका को सारी बात बताई। उसकी
- 2:51:11बात सुनकर मेनका ने कहा, चलो अच्छा ही है
- 2:51:14जो तुमने पहले ही मालिनी को उसकी मूवी में
- 2:51:17काम करने के लिए मना कर दिया। पर मेनका की
- 2:51:19बात सुनकर शौर्य ने उससे कहा तुम गलत समझ
- 2:51:22रही हो। मैंने पहले उसे मना तो कर दिया
- 2:51:25था। पर अब मैंने सोच लिया है कि मैं उसकी
- 2:51:27फिल्म में जरूर काम करूंगा। शौर्य की बात
- 2:51:30सुनकर मेनका हैरानी से उसका चेहरा देखने
- 2:51:33लगी और शौर्य को समझाते हुए बोली क्यों
- 2:51:37उससे दुश्मनी लेने की कोशिश कर रहे हो? वह
- 2:51:40सही आदमी [संगीत] नहीं है। उसे अगर पता
- 2:51:42चलेगा कि तुम जानबूझकर उससे पंगे लेने की
- 2:51:44कोशिश कर रहे हो तो फिर वह किसी भी हद
- 2:51:47[संगीत] तक चला जाएगा। इसलिए तुम मेरी बात
- 2:51:49मानो और इस पचरे में मत पड़ो। तुम फिर गलत
- 2:51:52समझ [संगीत] रही हो। मैं उसके पचरे में
- 2:51:55नहीं पड़ रहा बल्कि वह मेरे पचरे में पड़
- 2:51:57रहा है। मैं तो जाने कब से इस पल का
- 2:51:59इंतजार [संगीत] कर रहा था कि उसका और मेरा
- 2:52:01सीधा सामना हो। अब मुझे मौका मिल गया है।
- 2:52:04तो मैं पीछे हटने से तो रहा। मेनका समझ गई
- 2:52:08कि शौर्य को अब समझाने का कोई फायदा नहीं
- 2:52:11है क्योंकि जब उसने मन में ठान लिया है तो
- 2:52:13वह कुछ भी कर ले। शौर्य पीछे नहीं हटेगा।
- 2:52:16मेनका से बात होने के बाद शौर्य होटल
- 2:52:19राजकमल से सीधा अपने घर पहुंचा। अभी उसे
- 2:52:22घर आए ज्यादा समय नहीं हुआ था। वह आराम से
- 2:52:25जाकर सोफे पर बैठ गया। शौर्य डाइनिंग
- 2:52:28एरिया में ही बैठा हुआ था। गिरजा ने उसके
- 2:52:31लिए चाय बनाकर अभी उसको दिया ही था कि तभी
- 2:52:34वहां पर मेघना और शिप्रा भी आ गई थी। उन
- 2:52:37दोनों को आया देखकर गिरजा ने उन दोनों से
- 2:52:39भी पूछा। क्या आपके लिए भी चाय बना दूं?
- 2:52:42तो शिप्रा ने शौर्य के सामने चाय की कप
- 2:52:45देखकर कहा। जरूर दीदी मेरे लिए भी बना
- 2:52:48दूं? शिप्रा की बात सुनकर गिरजा वहां से
- 2:52:50चली गई तो मेघना और शिप्रा भी शौर्य के
- 2:52:53पास ही बैठ गई। शौर्य के सामने बैठी मेघना
- 2:52:56बात की शुरुआत करते हुए बोली मैंने सुना
- 2:52:59कि मालिनी खुराना तुम्हें अपनी फिल्म में
- 2:53:02लेना चाहती है। शौर्य को समझ नहीं आया कि
- 2:53:05मेघना को यह बात कैसे पता है कि मालिनी
- 2:53:08[संगीत] ने उसे क्या ऑफर किया था क्योंकि
- 2:53:11उसके सामने यह स्पष्ट नहीं था कि मालिनी
- 2:53:13उसे अपनी फिल्म में लेना चाहती है। तो फिर
- 2:53:16यह बात मेघना को कैसे पता चली? इसका मतलब
- 2:53:20जरूर उसके होटल रीगल से निकलने के बाद
- 2:53:23मालिनी और मेघना की आपस में बातें हुई
- 2:53:26होंगी। तभी उसे इस बारे में पता है। यह
- 2:53:29सोचकर शौर्य ने मेघना से पूछा पर तुम्हें
- 2:53:32कैसे पता है कि वह मुझे अपनी फिल्म में
- 2:53:35लेना चाहती है। शौर्य की बात सुनकर मेघना
- 2:53:38मुस्कुराने लगी। वह समझ गई कि शौर्य यह
- 2:53:41समझ गया है कि उसके आने के बाद उसकी
- 2:53:43मालिनी से बातें हुई होंगी। यह सोचकर
- 2:53:45[संगीत] उसने कहा, "तुम समझ तो गए ही हो
- 2:53:48कि मुझे कैसे पता।" पर मुझे यह नहीं समझ आ
- 2:53:51रहा कि तुमने उसकी ऑफर को ठुकरा क्यों
- 2:53:53दिया? तो तुम्हें यह भी पता है कि मैंने
- 2:53:56उसकी ऑफर को [संगीत] ठुकड़ा दिया है। और
- 2:53:58क्या क्या बताया उसने तुम्हें या और क्या
- 2:54:01बातें हुई तुम्हारी उससे? शौर्य ने उससे
- 2:54:04पूछा। मेघना ने शौर्य को उसके और मालिनी
- 2:54:07के बीच में [संगीत] हुई बातों के बारे में
- 2:54:09बताया। उसकी बात सुनने के बाद शौर्य सोच
- 2:54:12में गुम हो गया कि उसे क्या करना [संगीत]
- 2:54:14चाहिए। वैसे तो उसने निश्चय कर ही लिया था
- 2:54:17कि उसको मालिनी की फिल्म में काम करना है।
- 2:54:19पर उसे यह जानकर भी सुखद अनुभूति हुई कि
- 2:54:23मालिनी कितनी डिटरमाइन थी कि शौर्य को उसे
- 2:54:26अपनी फिल्म में लेना ही है। शौर्य अपनी
- 2:54:28सोच से बाहर आया और मेघना की ओर देखकर
- 2:54:31उससे पूछा तुम ही बताओ मुझे क्या करना
- 2:54:34चाहिए? [संगीत]
- 2:54:35क्या मुझे उसकी फिल्म में काम करनी चाहिए?
- 2:54:37शौर्य का सवाल सुनकर मेघना बोली इसमें
- 2:54:41इतना सोचने की क्या बात है? तुम्हें
- 2:54:43[संगीत] इतना अच्छा मौका मिल रहा है और
- 2:54:45तुम उसको ठुकरा रहे हो। तुम समझ भी पा रहे
- 2:54:48हो अगर तुम इस काम को करते हो और थोड़ा भी
- 2:54:51तुम्हारी किस्मत ने साथ दिया तो इस एक
- 2:54:54मूवी के बाद ही तुम कितने बड़े स्टार बन
- 2:54:57सकते हो। तो तुम्हारे विचार से मुझे
- 2:54:59मालिनी खुराना के ऑफर को स्वीकार कर लेना
- 2:55:02चाहिए। शौर्य मेघना की ओर देखते हुए बोला।
- 2:55:05इधर शौर्य और मेघना के बीच मालिनी के ऑफर
- 2:55:08को लेकर बातें हो रही थी। दूसरी तरफ
- 2:55:10शिप्रा जो वहां बैठी उन दोनों की बातों को
- 2:55:13सुन रही थी। उसके मन में भारी उथल-पुथल
- 2:55:17मची हुई थी। उसे अच्छा नहीं लग रहा था कि
- 2:55:19उसके वहां होने के बावजूद शौर्य उसको
- 2:55:22इग्नोर कर मेघना से इस बारे में बात किए
- 2:55:24जा रहा था और [संगीत] अपनी बातचीत के बीच
- 2:55:26में उसकी राय लेना भी जरूरी नहीं समझ रहा
- 2:55:29था। जबकि उसके लिए मेघना की बात ज्यादा
- 2:55:32मायने रख रही थी। अब आगे क्या होगा? शौर्य
- 2:55:36मेघना से मालिनी के प्रपोजल के बारे में
- 2:55:39बात किया जा रहा था। पर वह इस बारे में
- 2:55:41शिप्रा का क्या विचार है? यह जानने की कोई
- 2:55:44कोशिश नहीं की। यह बात शिप्रा को बुरी लग
- 2:55:47रही थी। उसे ऐसा लग रहा था जैसे शौर्य
- 2:55:50जानबूझकर उसको इग्नोर कर रहा है। इसी बीच
- 2:55:53शौर्य ने मेघना से पूछा था कि उसके ख्याल
- 2:55:56से उसे क्या करना चाहिए? क्या उसको मालिनी
- 2:55:59का प्रपोजल स्वीकार करना चाहिए या नहीं?
- 2:56:02शौर्य के सवाल के जवाब में मेघना ने कहा,
- 2:56:06"मेरे ख्याल से तो इसमें सोचने की [संगीत]
- 2:56:08भी कोई जरूरत नहीं है। तुम्हें तो तुरंत
- 2:56:10ही उसका प्रपोजल स्वीकार करना चाहिए था।"
- 2:56:13[संगीत] मेघना का जवाब सुनकर जब शिप्रा से
- 2:56:15रहा नहीं गया तो उसने कहा, तुम्हें क्यों
- 2:56:18लगता है कि श्रवण को मालिनी के ऑफर को
- 2:56:21स्वीकार करना चाहिए। अभी श्रवण अच्छा खासा
- 2:56:24अपना जॉब कर रहा है। इस फिल्म को करने के
- 2:56:27चक्कर में इसका यह जॉब भी चला जाएगा और
- 2:56:29फिल्म लाइन का क्या भरोसा [संगीत]
- 2:56:31यह जरूरी तो नहीं कि यह वहां सफल हो ही
- 2:56:34जाएगा। अगर ऐसा नहीं होता है तो फिर यह
- 2:56:38उधर से भी जाएगा और [संगीत] अपने काम से
- 2:56:40भी। इसलिए मेरे ख्याल से तो इसे अपने काम
- 2:56:43पर ही फोकस करना चाहिए ना कि मूवी में काम
- 2:56:46करने के चक्कर में यह अपने जॉब से भी हाथ
- 2:56:48धो ले। शिप्रा की बात सुनकर मेघना हैरान
- 2:56:51होकर शिप्रा की ओर देखने लगी। अभी तक
- 2:56:54शिप्रा की राय भी शौर्य के लिए यही था
- 2:56:56[संगीत] कि उसे मालिनी के ऑफर को स्वीकार
- 2:56:58कर लेना चाहिए। पर होटल से यहां आने के
- 2:57:01बीच में ही उसका विचार बदल कैसे गया। यह
- 2:57:04देखकर मेघना बोली यह तुम कैसी बात कर रही
- 2:57:07हो? जब हम होटल [संगीत] में थे और हमारी
- 2:57:10बात मालिनी से हो रही थी तब तो तुम्हें भी
- 2:57:13ऐसा ही लग रहा था कि श्रवण को मालिनी के
- 2:57:16ऑफर को स्वीकार कर लेना चाहिए। पर अब इतनी
- 2:57:19देर में ही तुम्हारे विचार कैसे बदल गए?
- 2:57:22मेरा कोई विचार नहीं बदला [संगीत] है। उस
- 2:57:24समय मैं प्रैक्टिकल होकर नहीं सोच पाई थी।
- 2:57:26इसीलिए उस समय मुझे भी यही लगा था कि यह
- 2:57:29श्रवण के लिए एक अच्छा ऑफर है। पर अब मैं
- 2:57:33जब थोड़ा प्रैक्टिकल होकर सोच रही हूं तो
- 2:57:35मुझे लग रहा है कि ज्यादा पानी की चाहत
- 2:57:37[संगीत] में कहीं ऐसा ना हो कि जो हमारे
- 2:57:40पास है वो अभी खो जाए। बस इतनी सी बात है।
- 2:57:43शिप्रा ने अपने विचार बदलने का रीज़न दिया।
- 2:57:45अब तक गिरजा ने चाय लाकर शिप्रा और मेघना
- 2:57:48दोनों के सामने रख दिया। दोनों ने अपनी
- 2:57:51चाय को उठाया और एक-एक शिप लिया। मेघना ने
- 2:57:54शिप्रा की बात को सुना पर वह उसकी बात से
- 2:57:57कन्विंस नहीं हुई। उसे शिप्रा को देखकर
- 2:57:59लगा कि जरूर इसके दिमाग में कुछ और ही चल
- 2:58:02रहा है। कहीं यह मालिनी से जेलस तो नहीं
- 2:58:04फील करने लगी और क्या बात हो सकती है।
- 2:58:07शिप्रा के विचार को यूं बदलने का मेघना मन
- 2:58:10ही मन सोच रही थी। मालिनी एक [संगीत]
- 2:58:13खूबसूरत लड़की थी और जिस तरह से वह शौर्य
- 2:58:16के बारे में बात कर रही थी या जितनी
- 2:58:19शिद्दत से वह चाहती थी कि शौर्य उसकी मूवी
- 2:58:22में काम करने को तैयार हो जाए यह बात
- 2:58:26शिप्रा को कहीं ना [संगीत] कहीं परेशान कर
- 2:58:28रही थी। उसे ऐसा फील हो रहा था कि जैसे
- 2:58:31मालिनी जानबूझकर श्रवण के करीब जाने की
- 2:58:34कोशिश कर रही है। अब शिप्रा के मन में यह
- 2:58:36बात स्ट्रांगली घर करने लगी थी। श्रवण का
- 2:58:39मालिनी की फिल्म में काम करना तो एक बहाना
- 2:58:41था। वह बस जानबूझकर श्रवण के करीब जाना
- 2:58:45चाहती है। आजकल शिप्रा किसी भी लड़की
- 2:58:47[संगीत] को शौर्य के पास देखती थी तो उसके
- 2:58:49मन में एक असुरक्षा की भावना आ जाती थी।
- 2:58:53शिप्रा भी यह नहीं समझ पा रही थी कि ऐसा
- 2:58:56क्यों हो [संगीत] रहा है। पर मेघना के
- 2:58:58दिमाग में कुछ और ही चल रहा था। उसने
- 2:59:01श्रवण को नताशा कपूर के साथ स्ट्रांग
- 2:59:04एनर्जी ड्रिंक की ऐड में एक्टिंग करते
- 2:59:06देखा था। उसे भी श्रवण में एक्टिंग करने
- 2:59:08की गुंजाइश साफ दिख रही थी। बल्कि यह कहना
- 2:59:12ज्यादा सही होगा कि वह खुद शौर्य की
- 2:59:15एक्टिंग देखने [संगीत] के बाद उससे अच्छा
- 2:59:17खासा प्रभावित हो गई थी। नताशा के साथ काम
- 2:59:21करते देखकर ही शौर्य को लेकर उसके विचार
- 2:59:23बदल गए थे। उसके बाद तो ऐसी [संगीत]
- 2:59:25स्थिति थी कि अगर उसे यह नहीं पता होता कि
- 2:59:28शौर्य शिप्रा का पति है तो वह खुद शौर्य
- 2:59:31के लिए अपने दिल में एक खास जगह महसूस
- 2:59:34[संगीत] करने लगती। यह सोच कर ही उसने
- 2:59:36शिप्रा से कहा, "मुझे लगता है तुम कुछ
- 2:59:38ज्यादा ही सोच [संगीत] रही हो।" तुमने
- 2:59:40श्रवण की एक्टिंग नहीं देखी है। मैंने उसे
- 2:59:42नताशा के साथ काम करते देखा है और मैं यह
- 2:59:45पूरे यकीन के साथ कह सकती हूं कि श्रवण
- 2:59:47में यह पोटेंशियल है कि वह एक सफल अभिनेता
- 2:59:50बन सकता है। मेघना की बात सुनकर शिप्रा के
- 2:59:54चेहरे पर नागवारी के भाव आए। वह श्रवण की
- 2:59:57ओर देखने लगी। जैसे वह जानना चाहती हो कि
- 2:59:59श्रवण क्या फैसला करता है। पर श्रवण
- 3:00:02शिप्रा को पूरी तरह इग्नोर करते हुए मेघना
- 3:00:05से बोला शायद तुम ठीक कह रही हो। मुझे
- 3:00:08मालिनी के ऑफर को स्वीकार कर लेना चाहिए।
- 3:00:10शायद ऐसे ही मेरी किस्मत बदल जाए। शिप्रा
- 3:00:13को यह बात और बुरी लगी कि श्रवण ने अपना
- 3:00:16फैसला करते हुए एक बार भी शिप्रा की तरफ
- 3:00:19देखा तक नहीं। वह तो ऐसे शिप्रा को इग्नोर
- 3:00:21किए हुए था जैसे वह वहां उसके लिए एकिस्ट
- 3:00:24ही नहीं कर रही हो। जबकि शौर्य ऐसा
- 3:00:27जानबूझकर कर रहा था। उसे लग रहा था कि अगर
- 3:00:30वह ऐसे ही शिप्रा को इस तरह के मौके पर
- 3:00:32इग्नोर करता रहेगा तो शायद वह उसकी अहमियत
- 3:00:35को समझे। अभी भी वह शिप्रा के गुस्से को
- 3:00:38साफ महसूस कर रहा था। वह यही तो चाहता था
- 3:00:41कि प्यार से ना सही और गुस्से से ही सही
- 3:00:44शिप्रा उस पर अपना हक जताए। एक पत्नी होने
- 3:00:47का जो हक है इसका एहसास कराए। शायद इस तरह
- 3:00:50से दोनों के बीच की दूरियां कुछ कम हो। पर
- 3:00:53शौर्य महसूस कर रहा था कि जिस तरह से
- 3:00:56शिप्रा के चेहरे का रंग बदल रहा था, कहीं
- 3:00:59ऐसा ना हो कि वह उठकर ही वहां से चली जाए।
- 3:01:03यह सोचकर कि शिप्रा वहां से चली ना जाए।
- 3:01:06शौर्य शिप्रा की ओर देखते हुए बोला, वैसे
- 3:01:09तुम ऐसा क्यों सोचती हो कि मैं फिल्म लाइन
- 3:01:11में सफल नहीं हो पाऊंगा? सोचो अगर ऐसा हो
- 3:01:14पाया तो मेघना सही कह रही है। मेरी तो
- 3:01:17जिंदगी ही चेंज हो जाएगी। शौर्य ने बड़े
- 3:01:20मौके पर शिप्रा से यह सवाल कर [संगीत]
- 3:01:22दिया। नहीं तो शिप्रा वहां से उठकर जाने
- 3:01:24ही वाली थी। पर जब उसने शौर्य को खुद से
- 3:01:27बात करते देखा तो उसे थोड़ा सुकून आया। वह
- 3:01:30शौर्य की आंखों में देखते हुए बोली ऐसा
- 3:01:33नहीं है कि मैं ऐसा सोच रही हूं कि तुम
- 3:01:35उसमें सफल नहीं हो पाओगे। पर एक पर्सन के
- 3:01:38लिए मान लो कि अगर ऐसा कुछ हुआ तो फिर जो
- 3:01:41तुम बड़ी मुश्किल से अपनी जिंदगी को पटरी
- 3:01:43पर लाए हो फिर आगे चलकर मुश्किल में ना आ
- 3:01:46जाए। बस मेरा यही कंसर्न था। शौर्य को
- 3:01:50अच्छा लगा कि शिप्रा उसको लेकर अपना
- 3:01:52कंसर्न दिखा रही है। वह यही तो चाहता है।
- 3:01:56पर शौर्य ने तो पहले ही फैसला कर लिया था
- 3:01:58कि वह मालिनी के ऑफर को स्वीकार करेगा
- 3:02:01क्योंकि उसे इससे मतलब नहीं था कि वह
- 3:02:03इसमें सफल होता है या नहीं होता है। उसे
- 3:02:06तो बस प्रतीक से पंगा लेने का एक मौका मिल
- 3:02:09रहा था और वह इस मौके को अपने हाथ से जाने
- 3:02:13नहीं देना चाहता था। प्रतीक ने जिस तरह से
- 3:02:15उसको रोक कर [संगीत] मालिनी से अलग रहने
- 3:02:18के लिए कहा था उससे एक बात तो साबित हो
- 3:02:20रही थी कि मालिनी प्रतीक के टारगेट में
- 3:02:23थी। प्रतीक किसी ना किसी तरह से मालिनी से
- 3:02:26कुछ [संगीत] चाहता था और जब उसे लगा कि
- 3:02:28शौर्य उसके बीच में आ रहा है तो उसने
- 3:02:31शौर्य को धमका कर उससे अलग करने की कोशिश
- 3:02:34किया। जबकि प्रतीक [संगीत] की इसी बात ने
- 3:02:37शौर्य को मालिनी के ऑफर को स्वीकार करने
- 3:02:39के लिए प्रेरित किया। अपने मन में यह
- 3:02:42फैसला करने के बाद शौर्य मेघना [संगीत]
- 3:02:44और शिप्रा की ओर देखते हुए बोला, वैसे
- 3:02:47मैंने फैसला कर लिया है कि मैं मालिनी की
- 3:02:49मूवी में काम करूंगा। देखता हूं आगे
- 3:02:51किस्मत मुझे किस ओर ले जाती है। शिप्रा को
- 3:02:54अच्छा नहीं लगा कि आखिर शौर्य ने मेघना की
- 3:02:57बात को ही माना। पर अब उसे कम से कम इतनी
- 3:03:00तसल्ली थी कि शौर्य अब उसको इग्नोर नहीं
- 3:03:03कर रहा। शौर्य ने शिप्रा को थोड़ा और
- 3:03:06अच्छा फील कराने के लिए उससे कहा, "मैं
- 3:03:09तुम्हारी कंसर्न को भी अच्छे से समझ रहा
- 3:03:11हूं। शिप्रा। पर एक बात तो सही है कि अगर
- 3:03:13कुछ अच्छा पाना है तो [संगीत] थोड़ा रिस्क
- 3:03:15तो लेना पड़ेगा। शौर्य ने जो यह सीधी बात
- 3:03:19शिप्रा से की इस बात से शिप्रा ने थोड़ा
- 3:03:22और अच्छा फील किया। चलो अच्छी बात है। अगर
- 3:03:26तुमने यह फैसला किया है तो मैं यही
- 3:03:27चाहूंगी कि तुम अच्छे से यह काम करना।
- 3:03:30शिप्रा शौर्य का हौसला बढ़ाते हुए बोली।
- 3:03:33अब तक तीनों ने अपनी चाय को समाप्त कर
- 3:03:35लिया था। इसी समय शौर्य का फोन बजने लगा।
- 3:03:38उसने जब नंबर की तरफ ध्यान दिया तो उसने
- 3:03:41देखा कि यह उसके दादाजी का कॉल था। अपने
- 3:03:44दादाजी के कॉल को देखते ही शौर्य वहां से
- 3:03:46उठ खड़ा हुआ और अपने कमरे की तरफ बढ़ गया।
- 3:03:50शिप्रा के दिमाग में यह बात आया कि यह
- 3:03:52किसका कॉल था? जो नंबर देखते ही शौर्य
- 3:03:56वहां से उठकर अपने कमरे में चला गया।
- 3:03:58दूसरी तरफ शौर्य ने अपने कमरे में पहुंचकर
- 3:04:01अपने दादाजी के फोन को उठाया। वह जानता था
- 3:04:04कि उसने कई दिनों [संगीत] से अपने दादाजी
- 3:04:06को अपनी कोई खबर नहीं दी थी। इसलिए वह
- 3:04:08उसको लेकर चिंतित जरूर होंगे। इसलिए शौर्य
- 3:04:12फोन उठाते ही जल्दी से बोला प्रणाम दादा
- 3:04:15जी आप कैसे हैं? कमबख्त मेरे फोन करने के
- 3:04:18बाद तुमको यह पूछना ध्यान आया कि मैं कैसा
- 3:04:21हूं? चंद्रभान जी नाराजगी भरे स्वर में
- 3:04:23बोले नहीं दादा जी ऐसी कोई बात नहीं थी।
- 3:04:26एक्चुअली इन दिनों मैं कुछ और दूसरे कामों
- 3:04:28में उलझ गया था इसलिए आपको कॉल नहीं कर
- 3:04:31पाया। शौर्य खेद प्रकट करते हुए बोला
- 3:04:35अच्छा छोड़ इन बातों को पहले यह बता।
- 3:04:38मैंने जो तुमको कहा था कि मुझे अपनी बहू
- 3:04:40से मिलना है [संगीत] तो तुमने उसके लिए
- 3:04:42क्या किया है? अगर तुमने जल्दी कुछ नहीं
- 3:04:45किया तो मैं खुद जाकर उससे मिलूंगा और
- 3:04:49तुम्हारी कोई बात नहीं सुनूंगा। चंद्रभान
- 3:04:52जी शौर्य को वार्निंग देते हुए बोले शौर्य
- 3:04:54सोच में पड़ गया। कि वह अपने दादाजी को
- 3:04:57कैसे समझाएं कि अभी वह उनकी बहू को उनसे
- 3:05:00मिलाने की स्थिति में नहीं है। पर फिर कुछ
- 3:05:03सोचकर वह बोला दादा जी आपको सिर्फ अपनी
- 3:05:06बहू को देखना है ना तो मैं इसकी व्यवस्था
- 3:05:09कर सकता हूं। पर आपको यह वादा करना होगा
- 3:05:11कि आप उसके सामने यह नहीं बताएंगे कि मेरा
- 3:05:14आपका कोई रिश्ता है या आप मेरे दादाजी
- 3:05:17हैं। कहिए आपको अगर यह कबूल है तो फिर मैं
- 3:05:21आपको आपकी बहू से मिलाने की व्यवस्था कर
- 3:05:23सकता हूं। बदमाश तुम मुझे ब्लैकमेल करने
- 3:05:26की कोशिश कर रहे हो। यह कैसे संभव है कि
- 3:05:29मैं अपनी बहू से मिलूंगा और उसे अपना
- 3:05:31आशीर्वाद भी नहीं दे पाऊंगा। चंद्रभान जी
- 3:05:34शौर्य को डांटते हुए बोले अगर आपको अपनी
- 3:05:36बहू से मिलना है तो यही कंडीशन है। अगर
- 3:05:39आपको मंजूर है तो बोलिए नहीं तो फिर
- 3:05:42इंतजार करिए। शौर्य अभी हथियार डालने को
- 3:05:45तैयार नहीं था। जब चंद्रभान जी ने महसूस
- 3:05:48किया कि शौर्य इस कंडीशन के बिना उसे अपनी
- 3:05:51बहू से मिलाने को तैयार नहीं होगा। तो
- 3:05:53उन्होंने कहा ठीक है मैं तैयार हूं। बताओ
- 3:05:56तुम उसे मुझसे कब मिलवा रहे हो? शौर्य ने
- 3:05:59कहा अगर ऐसी बात है तो मैं आपको कल ही
- 3:06:02उससे मिलवा दूंगा। पर आप याद रखिएगा आपने
- 3:06:05जो बात अभी मुझसे प्रॉमिस किया है उस बात
- 3:06:07का। हां हां समझ गया। अब बार-बार यह बोलकर
- 3:06:11मुझे पकाओ मत। बस मुझे यह बताओ कि मैं
- 3:06:14अपनी बहू [संगीत] से कहां मिलूंगा।
- 3:06:15चंद्रभान जी जल्दबाजी दिखाते हुए बोले तो
- 3:06:18फिर ठीक है कल डम्स इंडिया के स्ट्रांग
- 3:06:21एनर्जी ड्रिंक की लॉन्चिंग पार्टी है।
- 3:06:24आपको उस पार्टी में आना है। वहां आपकी बहू
- 3:06:26भी आएगी। वहीं आप उससे मिल लीजिएगा। शौर्य
- 3:06:30बोला डिम्स इंडिया का नाम सुनकर चंद्रभान
- 3:06:33जी कुछ पल सोचते रहे। फिर उन्होंने कहा
- 3:06:36क्या कहा तुमने? डिमim्स इंडिया। [संगीत]
- 3:06:39इसमें शामिल होने के लिए तो मेरे पास पहले
- 3:06:41से इनविटेशन आया हुआ है। चलो यह भी बढ़िया
- 3:06:44है। पहले तो मैं इसमें आने की नहीं सोच
- 3:06:46रहा था। पर अब जब मेरी बहू उस पार्टी में
- 3:06:48आ रही है तो अब तो मैं जरूर आऊंगा। शौर्य
- 3:06:51अपने दादाजी से बात करने के बाद फिर से
- 3:06:54ड्राइंग रूम में वापस आ गया। शिप्रा और
- 3:06:56मेघना अभी भी वहीं बैठी हुई थी। शायद वह
- 3:06:59अभी भी शौर्य के वापस आने का इंतजार कर
- 3:07:01रही थी। [संगीत] क्योंकि शौर्य बीच में
- 3:07:04फोन आने के कारण वहां से उठकर चला गया था।
- 3:07:07इसलिए वह दोनों उम्मीद कर रही थी कि बात
- 3:07:10होने के बाद शौर्य वापस आएगा। शौर्य को
- 3:07:13वापस आते देखकर मेघना शरारत भरे स्वर में
- 3:07:16बोली ऐसा किसका फोन आ गया था जो उठकर यहां
- 3:07:19से अपने कमरे में चले गए थे। कोई
- 3:07:21गर्लफ्रेंड तो नहीं थी। शौर्य ऐसा उम्मीद
- 3:07:23नहीं कर रहा था कि मेघना शिप्रा के सामने
- 3:07:26उससे ऐसा सवाल करेंगी। इसका तो यह मतलब हो
- 3:07:29सकता है कि शिप्रा ने उसे अपने और उसके
- 3:07:32बीच के रिलेशन के बारे में सब कुछ बता
- 3:07:34दिया होगा कि उन दोनों के बीच में क्या
- 3:07:37कंडीशन निर्धारित हुई है। ऐसे हमारे नसीब
- 3:07:40कहां कि कोई हमारी गर्लफ्रेंड बनेगी।
- 3:07:43शौर्य भी मजाकिया लहजे में ही बोला। क्यों
- 3:07:47झूठ बोल [संगीत] रहे हो? अगर तुम्हारी
- 3:07:48गर्लफ्रेंड का फोन नहीं था तो फिर तुम
- 3:07:50उठकर यहां से अपने कमरे में क्यों चले गए
- 3:07:52थे? मेघना शौर्य की आंखों में देखती हुई
- 3:07:56बोली। उठकर जाने का कारण यह था कि मैं
- 3:07:59तुम्हारे सामने बात नहीं कर सकता था। पर
- 3:08:01इसका यह मतलब तो नहीं हुआ कि मैं यहां से
- 3:08:04उठकर गया था। तो अपनी गर्लफ्रेंड से फोन
- 3:08:06पर बात करने गया था। एक्चुअली अभी जो फोन
- 3:08:10मेरे पास आया था वह मेरे दादाजी का था। और
- 3:08:13अभी हमारे [संगीत] बीच सब कुछ ठीक नहीं
- 3:08:15है। इसलिए मैं पब्लिकली उनसे बात करने को
- 3:08:17अवॉइड करता हूं। शौर्य बातें बनाते हुए
- 3:08:20बोला। तुम्हारे दादाजी भी हैं। तो फिर वह
- 3:08:23तुम्हारे साथ क्यों नहीं रहते? या तुम
- 3:08:25उनके साथ क्यों नहीं रहते? मेघना यह जानकर
- 3:08:28आश्चर्य से बोली कि शौर्य के दादाजी भी
- 3:08:31हैं जिससे उसकी बातें [संगीत] भी होती
- 3:08:33हैं। मेघना के मन में यह सवाल भी था कि
- 3:08:36अगर शौर्य के दादाजी हैं तो वह उसके साथ
- 3:08:39क्यों नहीं रहता या शौर्य उनके साथ क्यों
- 3:08:42नहीं रहता? बताया तो कि हमारे बीच सब कुछ
- 3:08:45सही नहीं है। इसलिए हम साथ नहीं रहते।
- 3:08:48शौर्य टालने वाले भाव से बोला। इतना बोलकर
- 3:08:51शौर्य [संगीत] ने अपने मोबाइल का डायल
- 3:08:52नंबर स्क्रीन पर लाकर मेघना को दिखाया।
- 3:08:55मेघना ने दिखा कि लास्ट रिसीव नंबर दादाजी
- 3:08:59नाम से सेव था। शौर्य के मोबाइल का लास्ट
- 3:09:01रिसीव नंबर देखकर मेघना को यकीन हुआ कि
- 3:09:04शौर्य सही कह रहा था। दूसरी तरफ शिप्रा यह
- 3:09:08जानना चाह रही थी कि क्या शौर्य सच में
- 3:09:10मालिनी की मूवी में काम करने को तैयार हो
- 3:09:13गया है? [संगीत] यह सोचकर उसने सस से पूछा
- 3:09:16क्या तुमने फैसला कर लिया है कि तुम्हें
- 3:09:18मालिनी की मूवी में काम [संगीत] करना है
- 3:09:20या नहीं? नहीं। अब उस मामले में सोचने
- 3:09:24समझने की जरूरत नहीं है। मैंने फाइनल कर
- 3:09:26लिया है कि मुझे उसके साथ काम करना है।
- 3:09:29शौर्य दृढ़ स्वर में बोला। शिप्रा यह
- 3:09:32चाहती तो नहीं थी कि शौर्य मालिनी की मूवी
- 3:09:34में काम करें। पर वह इसको लेकर शौर्य को
- 3:09:37कुछ बोल नहीं सकती थी। पता नहीं क्यों। पर
- 3:09:40मालिनी की खूबसूरती कहीं ना कहीं शिप्रा
- 3:09:43के मन में थोड़ी असुरक्षा की भावना पैदा
- 3:09:46कर रही थी। उसे लग रहा था कि मालिनी शौर्य
- 3:09:48को उससे दूर [संगीत] ना कर दे। शिप्रा के
- 3:09:50मन जब यह सब चल रहा था तो वह खुद अपनी सोच
- 3:09:54पर हैरान थी कि वह इस बात को लेकर इतना
- 3:09:57परेशान क्यों है। उसने तो खुद शौर्य से
- 3:09:59कहा था कि उसका किसी लड़की के साथ रिलेशन
- 3:10:01भी होता है तो उसे इस बात से कोई फर्क
- 3:10:04नहीं पड़ेगा। पर अब उसके मन में मालिनी को
- 3:10:07लेकर असुरक्षा की भावना क्यों आ रही है?
- 3:10:10वह खुद ही अपनी बेचैनी को नहीं समझ पा रही
- 3:10:12थी। शौर्य की जब बातें समाप्त हो गई तो वह
- 3:10:15मेघना और शिप्रा को यह बोलकर कि वह अपने
- 3:10:17कमरे में जा रहा है। वहां से चला गया। अब
- 3:10:20शिप्रा और मेघना वहां अकेले रह गई। मेघना
- 3:10:24बहुत कुछ शिप्रा के मन के भाव को समझ रही
- 3:10:26थी। इसलिए उसने शौर्य के वहां से जाने के
- 3:10:29बाद शिप्रा से पूछा। मुझे ऐसा क्यों लग
- 3:10:32रहा था कि तुम नहीं चाहती थी कि श्रवण
- 3:10:34मालिनी की मूवी में काम करें। मेघना की
- 3:10:37बात सुनकर शिपरा मेघना का चेहरा देखने लगी
- 3:10:40और उससे नजर चुराते हुए बोली मैं भला ऐसा
- 3:10:44क्यों चाहूंगी मैं कोई श्रवण की दुश्मन
- 3:10:46थोड़ी हूं तुम बोल कुछ रही हो और तुम्हारा
- 3:10:49चेहरा कुछ और कह रहा है मेघना शिप्रा की
- 3:10:52आंखों में देखते हुए बोली पता नहीं तुम
- 3:10:55क्या बोले जा रही हो ऐसा कुछ भी नहीं है
- 3:10:58समझे शिप्रा ऐसा बोल तो रही थी पर उसकी
- 3:11:01आवाज में कॉन्फिडेंस नहीं था तुम कितनी भी
- 3:11:04इस तरह की बातें कर लो पर तुम्हारा चेहरा
- 3:11:06चेहरा कुछ और ही कह रहा है। तुम मान क्यों
- 3:11:09नहीं लेती? मेघना गंभीरता से बोली। मेघना
- 3:11:12की इस तरह की बातें सुन शिपरा बगले झांकने
- 3:11:15लगी। वह हार कर बोली। तुम जो कह रही हो वह
- 3:11:19सच है। पता नहीं क्यों पर मुझे श्रवण का
- 3:11:22मलिनी के साथ काम करना ठीक नहीं लग रहा
- 3:11:24है। कहीं तुम्हें श्रवण से प्यार तो नहीं
- 3:11:26हो गया। मेघना मुस्कुराती हुई बोली। मेघना
- 3:11:31की बात सुनकर शिप्रा फिर से भड़कते हुए
- 3:11:33बोली तुम्हें तो पता नहीं हमेशा यही क्यों
- 3:11:37लगता है कि मुझे श्रवण से प्यार हो गया।
- 3:11:40ऐसा तुम्हारी हरकत के कारण ही लगता है।
- 3:11:42मेघना तंज भरेश्वर में बोली अब जाकर शिपला
- 3:11:46ने मेघना की बात के जवाब में कुछ नहीं
- 3:11:48कहा। [संगीत] वह भावहीन चेहरे के साथ बस
- 3:11:51मेघना को देखती रही। दूसरी तरफ शौर्य अपने
- 3:11:54कमरे में पहुंचा। वह मालिनी को अपने फैसले
- 3:11:57से अवगत करा देना चाहता था। इसीलिए उसने
- 3:12:00अपने कमरे में पहुंचकर दरवाजा बंद कर
- 3:12:02लिया। वह सोचने लगा कि क्या अभी मालिनी से
- 3:12:05बात करना सही होगा। फिर खुद ही उसका सर
- 3:12:08इंकार में हिलने लगा। तभी उसे ध्यान आया
- 3:12:10कि वह क्यों ना रत्नाकर शेट्टी से इस बारे
- 3:12:14में बात कर ले। यह सोचकर उसने अपना मोबाइल
- 3:12:17निकाला और रत्नाकर शेट्टी का नंबर डायल
- 3:12:20करने लगा। थोड़ी देर बाद ही दूसरी तरफ से
- 3:12:22फोन उठाया गया और उसके कानों में रत्नाकर
- 3:12:25शेट्टी की आवाज पड़ी और मिस्टर सर्ववन
- 3:12:28कहिए कैसे [संगीत] याद किया? शौर्य
- 3:12:30रत्नाकर शेट्टी की बात सुनकर बोला मिस्टर
- 3:12:33शेट्टी मैं कल सुबह आपसे मिलना चाहता हूं।
- 3:12:37शौर्य की इस बात को सुनकर रत्नाकर शेट्टी
- 3:12:39खुश होता हुआ बोला जरूर। [संगीत] मिस्टर
- 3:12:42श्रवण कहिए मैं आपसे मिलने कहां आ जाऊं?
- 3:12:45नहीं आपको आने की कोई जरूरत नहीं है
- 3:12:46मिस्टर शेट्टी। मैं ही सुबह 9:00 बजे आपके
- 3:12:49पास होटल रेगल में आता हूं। बाकी बातें
- 3:12:52वहीं पर होंगी। पर हां, आप सुबह मिस
- 3:12:55मालिनी को भी बुला लीजिएगा। मैं चाहता हूं
- 3:12:58उनके सामने ही सारी बात हो जाए। शौर्य
- 3:13:00बोला, शौर्य की बात सुनकर रत्नाकर शेट्टी
- 3:13:03को उम्मीद बंधी कि शौर्य उसकी मूवी
- 3:13:05[संगीत] में काम करने को तैयार हो गया
- 3:13:07होगा। अब आगे क्या होगा? हंसल मेहता की
- 3:13:10पार्टी में क्या गुल खेलेगा। दूसरे दिन
- 3:13:12शौर्य समय से होटल रिगल पहुंच गया। जहां
- 3:13:15रत्नाकर शेट्टी पहले से ही उसका इंतजार कर
- 3:13:18रहा था। मालिनी अभी आई नहीं थी इसलिए
- 3:13:21रत्नाकर शेट्टी अकेला ही बैठा शौर्य का
- 3:13:24इंतजार कर रहा था। जब शौर्य पहुंचा तो
- 3:13:28उसने रत्नाकर शेट्टी को अकेले देखकर कहा,
- 3:13:31"क्या बात है शेट्टी साहब, आप तो अकेले
- 3:13:34हैं। मिस मालिनी कहीं दिख नहीं रही है।"
- 3:13:36वह भी बस पहुंचने ही वाली होंगी। [संगीत]
- 3:13:39अभी थोड़ी देर पहले मेरी उनसे बात हुई थी
- 3:13:42जब वह रास्ते में थी। रत्नाकर शेट्टी
- 3:13:44शौर्य की बात सुनकर बोला और बताइए आपका
- 3:13:48बाकी सब कैसा चल रहा है? शौर्य ने रत्नाकर
- 3:13:52शेट्टी का हालचाल लेते हुए पूछा। आप जैसे
- 3:13:55लोगों की कृपा से सब बढ़िया है? [संगीत]
- 3:13:57आप बताइए आप अपने ऐड के शूट कब शुरू करने
- 3:14:00की सोच रहे हैं? रत्नाकर शेट्टी काम की
- 3:14:03बात पर आते हुए बोला। देखिए आज ही पता चल
- 3:14:07जाएगा। आज जब नताशा कपूर शाम की पार्टी
- 3:14:10में आएंगी तो उनसे बात करके आ गए। मालिनी
- 3:14:14शौर्य का धन्यवाद करते हुए बोली। इसके बाद
- 3:14:17अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए बोली आपने
- 3:14:20मेरे प्रपोजल के बारे में क्या सोचा
- 3:14:22मिस्टर सरवन? शौर्य कुछ पल मालिनी की बात
- 3:14:25सुनकर सोचता रहा। फिर वह अपनी सोच से बाहर
- 3:14:29आते हुए बोला। मैं आपको अपना जवाब दूं।
- 3:14:32उससे पहले मैं आपसे कुछ पूछना चाहता हूं।
- 3:14:35मालिनी ने जब शौर्य को ऐसे बात करते देखा
- 3:14:37तो उसे समझ नहीं आया कि श्रवण आखिर उससे
- 3:14:41और क्या जानना चाहता है। यह देखकर मालिनी
- 3:14:44शौर्य से बोली ठीक है पूछो तुम क्या पूछना
- 3:14:48चाहते हो? यह प्रतीक [संगीत] कौन है और
- 3:14:51आपका उससे क्या रिश्ता है? शौर्य मालिनी
- 3:14:54की आंखों में देखते हुए बोला। मालिनी को
- 3:14:56समझ नहीं आया कि शौर्य प्रतीक के बारे में
- 3:14:59क्यों पूछ रहा है। उसको क्या जरूरत है
- 3:15:02उसके पर्सनल में आने की। यह सोचकर उसने
- 3:15:05शौर्य से सवाल किया। क्या मैं जान सकती
- 3:15:08हूं कि तुम [संगीत] प्रतीक के बारे में
- 3:15:11क्यों पूछ रहे हो? जरूर जान सकती हो।
- 3:15:14दरअसल जब मैं कल यहां से निकला था, उसके
- 3:15:17बाद रास्ते में मुझे प्रतीक ने अपने
- 3:15:19[संगीत] कुछ कुन्नों के साथ घेर लिया था
- 3:15:21और मुझे वार्निंग देकर छोड़ा कि मैं आगे
- 3:15:24से तुमसे ना मिलूं। काम करने की तो बात ही
- 3:15:27दूर है। शौर्य ने वह खुश होकर बोले, थैंक
- 3:15:31यू। थैंक यू सो मच।
- 3:15:34थैंक यू। मुझे बोलने की जरूरत नहीं है।
- 3:15:37अगर तुमको किसी को थैंक यू बोलना ही है तो
- 3:15:39तुम मेघना को बोल देना। क्योंकि मैं तो
- 3:15:42[संगीत] पहले मना ही कर रहा था पर सोच ही
- 3:15:45रहा था कि तभी उसकी निगाह बगल वाली चेयर
- 3:15:48पर पहले से बैठे इस शख्स पर पड़ा जो कोई
- 3:15:51और नहीं हर्षल मेहता था। शौर्य ने हर्षल
- 3:15:55मेहता को यहां देखा तो उसने उनसे पूछा
- 3:15:58अरे मेहता साहब आप यहां आज तो स्ट्रांग
- 3:16:02एनर्जी ड्रिंक की इनोग्रल पार्टी है। आपको
- 3:16:05तो अभी सनशाइन होटल में पार्टी की
- 3:16:07तैयारियों में लगे होना चाहिए था। आप उसकी
- 3:16:10चिंता ना करें। मिस्टर श्रवण सारी
- 3:16:12तैयारियां अच्छे से हो गई हैं। बाकी मेरी
- 3:16:14बेटी [संगीत] देख रही हैं। हर्षल मेहता
- 3:16:17आश्वासन भरे स्वर में बोला। अगर ऐसा है तो
- 3:16:20बढ़िया है। शौर्य आश्वस्त होते हुए बोला,
- 3:16:25मिस्टर श्रवण मैंने वहां मीडिया को भी
- 3:16:27आमंत्रित किया हुआ [संगीत] है। अगर आप
- 3:16:29कहेंगे तो आपके बारे में भी यह प्रेस
- 3:16:31रिलीज कर दिया जाएगा कि अब इस [संगीत]
- 3:16:34कंपनी के 90 हार्ड शेयर के मालिक आप हैं।
- 3:16:37अगर ऐसा है तो आप विक्रम को ही फ्रंट पर
- 3:16:40रखिएगा। अभी मेरा नाम सामने नहीं आना
- 3:16:44चाहिए। शौर्य की बात सुनकर हंसल मेहता
- 3:16:47आश्वस्त हुआ। उन्होंने शौर्य से कहा, मैं
- 3:16:50भी अब निकलने वाला ही हूं। पार्टी शुरू
- 3:16:52होने से पहले तो मैं पहुंच ही जाऊंगा। फिर
- 3:16:55भी आपके यहां होने का कोई खास मकसद है
- 3:16:58क्या? शौर्य हंसल मेहता के यहां होने का
- 3:17:01कारण जानना चाहता था। हां, वह जो हम नया
- 3:17:04फर्म को रजिस्टर करने जा रहे हैं। उसी से
- 3:17:07संबंधित कुछ फॉर्मेलिटी थी जिसके लिए मेरा
- 3:17:09यहां आना हुआ। हर्षल मेहता ने कहा बाद
- 3:17:12शौर्य को समझ में आया। [संगीत] उसने देखा
- 3:17:14हर्षल मेहता के हाथों में एक फाइल था।
- 3:17:17शौर्य एक चेयर खींचकर [संगीत] उसमें बैठते
- 3:17:20हुए बोला, आपने फर्म को रजिस्टर करवा
- 3:17:22लिया। हां, अब तो सब कुछ फाइनल हो गया है।
- 3:17:25आप भी एक बार इस फाइल को देख लीजिए। इतना
- 3:17:27कहकर हर्षल मेहता ने अपने हाथ का फाइल
- 3:17:30शौर्य की तरफ बढ़ा दिया। शौर्य ने अच्छे
- 3:17:33से एक बार उस पूरे फाइल का मुआयना किया।
- 3:17:36उसने देखा कि हर्षल मेहता ने जो नया फॉर्म
- 3:17:38[संगीत] रजिस्टर करवाया था, वह भी डीम्स
- 3:17:40इंडिया के नाम से ही करवाया था। डिम्स
- 3:17:42इंडिया डेवलपर के नाम से रजिस्टर्ड
- 3:17:44[संगीत] इस कंपनी में शौर्य 80% का
- 3:17:46हिस्सेदार था और हंसल मेहता 20% का। शौर्य
- 3:17:51फाइल को अच्छी तरह देखने के बाद हंसल
- 3:17:53मेहता को वापस करते हुए बोला बहुत बढ़िया
- 3:17:56मेहता साहब। अब आप जितनी जल्दी हो सके
- 3:17:59उतनी जल्दी जमीन अधिग्रह के काम में लग
- 3:18:01जाइए। जितना ज्यादा से ज्यादा जमीन हो सके
- 3:18:04आप अपने नाम करवाइए। एक बार जमीन अधिग्रह
- 3:18:07होने के बाद फिर हम पूरे लेआउट को लेकर
- 3:18:10बात करेंगे। फिर देखेंगे कि [संगीत] हमें
- 3:18:12क्या-क्या प्रोजेक्ट को लेकर आगे बढ़ना
- 3:18:15है। जमीन अधिग्रह को लेकर भी हमारी बात चल
- 3:18:17रही है। बहुत सारी बातें [संगीत] फाइनल हो
- 3:18:19चुकी हैं। बस हमें जाकर रजिस्ट्री करवानी
- 3:18:22है। अब क्योंकि हमारी कंपनी [संगीत]
- 3:18:24रजिस्टर हो गई है। इसलिए कल से हम इसी काम
- 3:18:28में लग जाएंगे। हंसल मेहता ने शौर्य को
- 3:18:31जवाब दिया। बढ़िया है। अगर आपको मेरी किसी
- 3:18:33तरह की जरूरत कभी महसूस हो तो आप हमें कह
- 3:18:36सकते हैं। बाकी आपकी मदद के लिए विक्रम और
- 3:18:39मेनका तो है ही। शौर्य संतुष्ट भाव से
- 3:18:42बोला अभी तो सब ठीक चल रहा है। पर शायद
- 3:18:46जल्दी ही आपकी [संगीत] मदद की भी जरूरत
- 3:18:48पड़े क्योंकि अब बहुत से लोग वहां पर जमीन
- 3:18:50लेने में अपना इंटरेस्ट दिखाने लगे हैं।
- 3:18:52इसलिए मुझे लगता है कुछ समय में जमीन
- 3:18:55खरीदने के लिए भी वहां पर कंपटीशन होने
- 3:18:57वाली है। हंसल मेहता ने अपनी शंका जाहिर
- 3:19:00की। दूसरी तरफ शिप्रा और मेघना मॉडल टाउन
- 3:19:04वाली कोठी में ही मौजूद थे। वह दोनों आज
- 3:19:07कहीं निकले नहीं थे। आज शिप्रा ने आधा दिन
- 3:19:10लगभग अपने कमरे को सजाने में ही लगा दिया
- 3:19:12था क्योंकि शिप्रा को अब यह जगह राश आने
- 3:19:15लगी थी। शिप्रा को इस जगह का एनवायरमेंट
- 3:19:18बहुत पसंद [संगीत] आ रहा था। सबसे बड़ी
- 3:19:20बात थी कि कोठी को लेकर उसके मन में एक
- 3:19:22अपनत्व की भावना जागृत हो गई थी। वह यह
- 3:19:26फील करने लगी थी कि यह उसकी अपनी कोठी है।
- 3:19:30जबकि अपने पापा के घर में वह कभी इस तरह
- 3:19:33की फीलिंग को महसूस नहीं कर पाई थी और
- 3:19:36इसका सबसे बड़ा कारण यह था कि वह यह मानकर
- 3:19:38चल रही थी कि उसे पूरी जिंदगी शौर्य की
- 3:19:41पत्नी के रूप में ही रहना है। जहां तक
- 3:19:44बच्चे की बात है, [संगीत] उसके लिए उसने
- 3:19:46यह प्लान कर लिया था कि वह आईवीएफ के थ्रू
- 3:19:49बच्चे भी कर ही लेंगी। शिप्रा के मन में
- 3:19:52अभी-अभी यह भी चलने लगा था [संगीत] कि वह
- 3:19:54शौर्य से बात करके जल्दी ही बच्चे की
- 3:19:57प्लानिंग करेगी क्योंकि वह नहीं चाहती थी
- 3:20:00कि बाद में कभी श्रवण का माइंड चेंज हो।
- 3:20:02इसलिए वह श्रवण का मन चेंज हो। उससे पहले
- 3:20:05इस [संगीत] चीज को अमल में लाना चाहती थी।
- 3:20:07इसके बारे में वह आज पूरे दिन सोचती रही।
- 3:20:11इस समय मेघना उसके बगल में लेटी [संगीत]
- 3:20:12हुई थी। जब शिप्रा का मन ज्यादा सोचने की
- 3:20:16स्थिति में नहीं रहा तो उसने मेघना से
- 3:20:18पूछा मेघना मेरे दिमाग में कुछ विचार चल
- 3:20:21रहे हैं। मुझे समझ नहीं आ रहा है कि मैं
- 3:20:23यह सही सोच रही हूं कि नहीं। मेघना ने पलट
- 3:20:26कर शिप्रा की ओर देखा। वह पहले से ही यह
- 3:20:29महसूस कर रही थी कि वह किसी विचार में खोई
- 3:20:31हुई है। पर उसने उसे डिस्टर्ब करना
- 3:20:33[संगीत] ठीक नहीं समझा। इसलिए वह चुपचाप
- 3:20:36बेड पर पड़ी अपने मोबाइल में उलझी रही। जब
- 3:20:40उसने शिप्रा की बात को सुना तो उसने पूछा
- 3:20:44ऐसा क्या विचार चल रहा है तुम्हारे दिमाग
- 3:20:46में जो तुम कुछ सोच नहीं पा रही या निश्चय
- 3:20:50नहीं कर पा रही हो मैं बच्चे करने की सोच
- 3:20:52रही हूं तुम क्या सोचती हो क्या मेरा यह
- 3:20:55निर्णय ठीक है शिप्रा मेघना की ओर देखती
- 3:20:58हुई बोली बच्चे करने की सोच रही हो
- 3:21:01तुम्हारा दिमाग तो ठीक है क्या चल रहा है
- 3:21:03तुम्हारे दिमाग में मेघना हैरान होकर बोली
- 3:21:07सीरियसली मैं सोच रही हूं कि मुझे मुझे
- 3:21:10बच्चे कर लेना चाहिए। इसके बाद फिर कोई भी
- 3:21:12मुझे श्रवण से तलाक लेने के लिए नहीं
- 3:21:14कहेगा। शिप्रा मेघना को समझाने वाले भाव
- 3:21:17में बोली, उससे क्या होगा? और फिर बच्चे
- 3:21:20कर लेना इतना आसान है क्या? मेघना बोली,
- 3:21:24अरे अभी से प्लानिंग करूंगी तब तो साल
- 3:21:26जाते-जाते मैं मां बन सकती हूं। शिप्रा
- 3:21:29नॉर्मल भाव में बोली। मुझे तुम एक बात
- 3:21:32बताओ। तुम्हें यह अचानक बच्चे करने की
- 3:21:34क्या सूझी? मेघना असमंजस के भाव में बोली।
- 3:21:38और मान लो अगर तुम बच्चे करना भी चाहती हो
- 3:21:40तो वह करोगी कैसे? यह कोई बड़ी बात
- 3:21:43[संगीत] नहीं है। मैं आईवीएफ के द्वारा
- 3:21:44बच्चा करूंगी। इसको लेकर मेरे और श्रवण के
- 3:21:47बीच पहले ही बात हो चुकी है। उसे भी इस
- 3:21:49बात से कोई ऐतराज नहीं है। शिप्रा बड़ी
- 3:21:52मासूमियत से बोली। यानी यह बच्चा तुम्हारा
- 3:21:55और श्रवण का होगा। मेघना ने पूछा तो और
- 3:21:58किसका होगा? हम दोनों के साथ रहने की
- 3:22:01कंडीशन ही यही थी। शिप्रा ने बताया। तुम
- 3:22:04मुझे एक बात बताओ जब बच्चा तुम दोनों का
- 3:22:07ही होगा तो फिर आईवीएफ से करने की क्या
- 3:22:10जरूरत है? मेघना शिप्रा से प्रश्न करती
- 3:22:13हुई बोली क्या मतलब हुआ इस बात का? अगर
- 3:22:16मुझे बच्चे करने हैं तो अपने आप तो होगा
- 3:22:18नहीं ना। उसके लिए तो आईवीएफ के द्वारा ही
- 3:22:21बच्चे कर सकती हूं। शिप्रा बोली क्यों
- 3:22:24आईवीएफ? क्यों? दो रात दोनों साथ में
- 3:22:26बिताओ। देखो कुछ ही दिनों में तुम्हें
- 3:22:29किसी आईवीएफ की जरूरत नहीं होगी। मेघना
- 3:22:32हल्की मुस्कान [संगीत] के साथ बोली। अब
- 3:22:35जाकर शिप्रा को मेघना की बात समझ में आई
- 3:22:37कि वह क्या कहना चाहती है। वह थोड़ी
- 3:22:40नाराजगी से बोली तुम्हें हम दोनों [संगीत]
- 3:22:42की कंडीशन पता है। उसके बाद भी तुम ऐसी
- 3:22:45बात बोल रही हो। जो नहीं हो सकता उसकी बात
- 3:22:48क्यों करना? क्यों? क्यों ऐसा नहीं हो
- 3:22:51सकता? तुम्हारी यह जिद किस लिए? देखो
- 3:22:54श्रवण बहुत अच्छा लड़का है। वो तुमसे दूर
- 3:22:56हो जाए। उससे [संगीत] पहले उसे अपने करीब
- 3:22:58ले आओ। नहीं तो बाद में कहीं ऐसा ना हो कि
- 3:23:00तुम उसे इतना दूर कर दो कि फिर चाहकर भी
- 3:23:03उसके करीब ना जा सको। मेघना शिप्रा को
- 3:23:06समझाती हुई बोली तुम क्यों इस कोशिश में
- 3:23:09लगी हो जो नहीं हो सकता। मैंने तुम्हें
- 3:23:12पहले ही हम दोनों के बीच की कंडीशन को बता
- 3:23:15दिया है क्योंकि मुझे दोबारा किसी से शादी
- 3:23:17नहीं करनी है। इसीलिए श्रवण मुझे पति के
- 3:23:20रूप में चाहिए और उसे भी इससे कोई आपत्ति
- 3:23:23नहीं है। इस रिश्ते को बांधने के लिए जो
- 3:23:25करी चाहिए वह है एक बच्चा जो कि हम दोनों
- 3:23:29का होगा। क्योंकि मुझे भी बच्चे पसंद है।
- 3:23:32इसीलिए मैं किसी सरोगेसी में ना जाकर खुद
- 3:23:35मां बनना चाहती हूं। जब मेरे बच्चे हो
- 3:23:37जाएंगे तो वह करीबी बन जाएगी जो हमारे
- 3:23:39रिश्ते को मजबूती प्रदान करेगा। शिप्रा ने
- 3:23:42अपनी बात को स्पष्ट किया। एक बात तो माननी
- 3:23:45पड़ेगी कि तुम [संगीत] दोनों ही नमूने हो।
- 3:23:47किसी को सीधी बात समझ ही नहीं आती। दोनों
- 3:23:50एक दूसरे के साथ पति-पत्नी बनकर रहना पसंद
- 3:23:52करते हैं। पर पति-पत्नी का जो रिश्ता है
- 3:23:55वो नहीं बनाना। बच्चे दोनों को चाहिए पर
- 3:23:58तरीका ईवीएफ का। एक घर में [संगीत] रहना
- 3:24:01है पर कमरा एक नहीं करना। तुम दोनों को
- 3:24:04कोई नहीं समझा सकता। जब सब अपनी मन का ही
- 3:24:07कर रही हो तो यह पूछकर हम पर इतना एहसान
- 3:24:10क्यों कर रही हो? मेघना चिढ़ती हुई बोली।
- 3:24:13शिप्रा ने जब देखा कि मेघना नाराज ही रही
- 3:24:15है तो वह बात को टालते हुए बोली अच्छा ठीक
- 3:24:18है। तुम रहने दो। मैं तुमसे नहीं [संगीत]
- 3:24:21पूछती। मैं खुद ही देख लूंगी कि मुझे क्या
- 3:24:23करना है। तुम नाराज मत हो। मैं क्यों
- 3:24:26नाराज होऊंगी तुम पर? और मैं तुम पर नाराज
- 3:24:28होकर भी क्या कर लूंगी। मेघना इरिटेट होकर
- 3:24:31बोली। अच्छा छोड़ो इन बातों को। पता है ना
- 3:24:34आज होटल सन साइन भी जाना है। शिप्रा मेघना
- 3:24:38को याद दिलाती हुई बोली। शिप्रा की बात
- 3:24:40सुनकर मेघना ने [संगीत] घड़ी की ओर देखा।
- 3:24:43इस समय 4:00 बजने वाले थे। वह जल्दी से
- 3:24:46बिस्तर से उठकर बैठ गई और शिप्रा से बोली,
- 3:24:49अभी तुम्हें पार्टी के लिए तैयार होना
- 3:24:51चाहिए। तो तुम इन फालतू की बातों को लेकर
- 3:24:54बैठी हुई हो। अच्छा तुम्हें मेरी यह बातें
- 3:24:57फालतू की लग [संगीत] रही हैं। ठीक है। फिर
- 3:25:00मैं आगे से तुमसे कभी इस बारे में बात ही
- 3:25:02नहीं करूंगी। शिप्रा भीर उठती हुई बोली बस
- 3:25:06बस हो गया। अब ज्यादा ड्रामा करने की
- 3:25:08जरूरत नहीं है। जल्दी से तैयार हो जाओ और
- 3:25:11मुझे भी तैयार होने दो। इस पार्टी में
- 3:25:14ज्यादा लेट होने की जरूरत नहीं है। पता
- 3:25:16नहीं आज तुम्हारे लिए वहां पर कौन सा
- 3:25:19सरप्राइज इंतजार कर रहा है। मेघना शिप्रा
- 3:25:21को झिरकती हुई बोली। शिप्रा जल्दी से उठी
- 3:25:24और बाथरूम में चली गई। मेघना प्यार से
- 3:25:27मुस्कुराती हुई शिप्रा को देखती रही।
- 3:25:30दूसरी तरफ होटल राजकमल में शौर्य को यह
- 3:25:33ध्यान आने पर कि उसके दादाजी ने कहा था कि
- 3:25:36हर्षल मेहता कि पार्टी में वह पहले से
- 3:25:39इनवाइटेड [संगीत] है। यह याद करके उसने
- 3:25:41हर्षल मेहता से पूछा मेहता साहब क्या आपने
- 3:25:46[संगीत] आज कि पार्टी में राजा साहब को भी
- 3:25:50आमंत्रित किया है? शौर्य की बात सुनकर
- 3:25:52हर्षल मेहता आश्चर्य से शौर्य को देखने
- 3:25:54लगा और सोचने लगे कि यह बात शौर्य को कैसे
- 3:25:58पता? उन्होंने शौर्य से पूछा भी आपको यह
- 3:26:01कैसे पता है? हां, मैंने उन्हें भी इनवाइट
- 3:26:04किया है पर वह शायद ही आए। हर्षल मेहता की
- 3:26:07बात सुनकर शौर्य मुस्कुराया और बोला मेरी
- 3:26:11उनसे बात हुई थी तो उन्होंने बताया था।
- 3:26:13वैसे मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि
- 3:26:16आज की पार्टी में वह भी आएंगे। शिप्रा
- 3:26:18मेघना के साथ होटल क्षणशाइन पहुंची। उसने
- 3:26:21घड़ी पर निगाह डाली तो उसने देखा 7:30
- 3:26:24बजने वाले थे। वह मेघना की ओर देखकर बोली
- 3:26:28कहीं हम लोग ज्यादा जल्दी तो नहीं आ गए।
- 3:26:30अब यहां आ जाने के बाद यह सोचने का क्या
- 3:26:33मतलब? वैसे भी [संगीत] 8:00 बजे स्ट्रांग
- 3:26:36एनर्जी ड्रिंक की लॉन्चिंग होने वाली है।
- 3:26:38इसलिए मुझे नहीं लगता कि हम लोग जल्दी आए
- 3:26:40हैं। मेघना मुंह बनाती हुई बोली। पता नहीं
- 3:26:44क्यों पर मुझे थोड़ी घबराहट हो रही है।
- 3:26:47शिप्रा होटल की तरफ बढ़ती हुई बोली
- 3:26:50तुम्हें किस बात के लिए घबराहट हो रही है?
- 3:26:54तुम पहली बार तो इस तरह की पार्टी में
- 3:26:56नहीं जा रही हो। मेघना आश्चर्य से बोली
- 3:26:59अरे यह बात नहीं है। तुम्हें याद नहीं है।
- 3:27:03मोहित रैना ने कहा था कि मुझे इस पार्टी
- 3:27:05में कोई जिम्मेदारी मिल सकती है। बस इसी
- 3:27:08बात को लेकर। वैसे मेरी समझ में यह भी
- 3:27:10नहीं आया कि यह पार्टी हर्षल मेहता दे रहा
- 3:27:13है। फिर मोहित रैना ने हमें इस पार्टी में
- 3:27:15क्यों [संगीत] इनवाइट किया है? शिप्रा सोच
- 3:27:18भरे स्वर में बोली कमाल है। तुम्हें यह सब
- 3:27:21बातें अब ध्यान आ रही हैं। तुम्हें पहले
- 3:27:24इस बारे में नहीं सोचना चाहिए था। मेघना
- 3:27:27नाराजगी से बोली। अरे उस समय यह सोचने का
- 3:27:31मौका ही नहीं मिला। वह तो यहां आने के बाद
- 3:27:34जब इस बैनर को देखा तो ध्यान आया कि यह
- 3:27:38पार्टी तो हर्षल मेहता के द्वारा दिया जा
- 3:27:40रहा है। फिर मोहित रैना ने हमें यहां आने
- 3:27:44का इनविटेशन क्यों दिया है? शिप्रा होटल
- 3:27:46के सामने एक बैनर की तरफ इशारा करती हुई
- 3:27:49बोली जिस पर वह सारी इंफॉर्मेशन दिया हुआ
- 3:27:52था कि यह पार्टी किसके द्वारा दिया जा रहा
- 3:27:55है और किस हॉल में होने जा रहा है। अरे तो
- 3:27:58तुम इस बात से क्यों घबरा रही हो? हमारे
- 3:28:00पास इनविटेशन कार्ड तो है। फिर क्या फर्क
- 3:28:03पड़ता है कि हमें किसने इनवाइट किया और
- 3:28:05कौन यहां पार्टी दे रहा है? मेघना चिढ़ती
- 3:28:08हुई बोली मेरी चिंता करने कि बात दूसरी
- 3:28:11है। शिप्रा बेचारगी से मेघना की ओर देखती
- 3:28:14[संगीत] हुई बोली अब वो दूसरी कौन सी बात
- 3:28:16है वो भी बता दो। मेघना चलते-चलते खड़ी हो
- 3:28:20गई और शिप्रा की ओर एक टक देखती हुई बोली
- 3:28:23मानसी मेहता। हर्षल मेहता की बेटी शिबला
- 3:28:26बोली मानसी मेहता पर वह तुम्हारे लिए
- 3:28:29चिंता का कारण कैसे हो गई? मेघना हैरान
- 3:28:32स्वर में बोली देखो मोहित रैना ने मुझे इस
- 3:28:34पार्टी में बुलाया है। कहीं ऐसा तो नहीं
- 3:28:36कि मुझे जो दूसरी जिम्मेदारी देने की बात
- 3:28:38हो रही है। कहीं वह हर्षल मेहता की ही
- 3:28:40कंपनी में तो नहीं। शिपरा मेघना को समझाने
- 3:28:43की कोशिश करती हुई बोली। अगर एक मिनट के
- 3:28:46लिए इस बात को मान भी लिया जाए कि मोहित
- 3:28:49रैना [संगीत] तुम्हें हर्षल मेहता की
- 3:28:51कंपनी में ही कोई जिम्मेदारी देने की बात
- 3:28:53कर रहा हो तो इस बात से क्या फर्क पड़ता
- 3:28:56है? मेघना को समझ नहीं आ रहा था कि शिप्रा
- 3:28:58के लिए इसमें परेशानी की क्या बात है। अरे
- 3:29:01मैंने कहा ना मानसी मेहता मैं और मानसी एक
- 3:29:04[संगीत] ही कोलाज में पड़ती थी। और हम
- 3:29:07दोनों दोस्त तो बिल्कुल ही नहीं थे। बल्कि
- 3:29:09एक दूसरे के प्रतिद्वंद थे। मानसी मेहता
- 3:29:12मुझे [संगीत] बिल्कुल ही पसंद नहीं करती
- 3:29:14थी और सच तो यह है कि मैं भी उसे पसंद
- 3:29:17नहीं करती थी। शिप्रा अपनी बात को स्पष्ट
- 3:29:20करती हुई बोली। अब मेघना को शिप्रा की बात
- 3:29:23कुछ-कुछ समझ में आने लगी। उसने अपनी बड़ी
- 3:29:26आंखों से शिप्रा को घूरते हुए पूछा। पर
- 3:29:29तुम दोनों एक दूसरे को पसंद क्यों नहीं
- 3:29:30करती थी? मानसी मेहता बहुत खूबसूरत है और
- 3:29:34कोलाज में एक मैं ही ऐसी थी जो उसकी
- 3:29:36खूबसूरती को कहीं ना कहीं चैलेंज करती थी।
- 3:29:39जो खास अटेंशन वह पाना चाहती थी। मेरे
- 3:29:42कारण कहीं ना कहीं वह इसमें पीछे रह जाती
- 3:29:45थी। पढ़ने में भी वह अच्छी थी। पर कल आज
- 3:29:48की फाइनल एग्जाम में भी वह मुझसे पिछड़
- 3:29:51गई। मैं फर्स्ट रैंक होल्डर [संगीत] थी और
- 3:29:54वह सेकंड रैंक होल्डर। तो समझ ही सकती हो
- 3:29:56कि मैं हर जगह उसका रास्ता काटती रही तो
- 3:29:59उसको मुझसे कितना प्यार होगा और आज उसकी
- 3:30:02पार्टी में जा रहे हैं। पता नहीं मुझे
- 3:30:04अपनी पार्टी में देखकर वह कैसे बिहेव
- 3:30:07करेगी। शिप्रा ने अपनी चिंता जाहिर की। तो
- 3:30:10यह बात है कहीं ऐसा ना हो कि आज फिर से
- 3:30:12तुम उसका रास्ता काटने आ गई हो। मेघना
- 3:30:15हंसते हुए मजाक भरे स्वर में बोली। वैसे
- 3:30:18तो मेरी उससे बहुत समय से कोई मुलाकात
- 3:30:20नहीं हुई है। पर पता नहीं आज मुझे यहां
- 3:30:23देखकर वह कैसे रिएक्ट करेगी? शिप्रा
- 3:30:26चिंतित स्वर [संगीत] में बोली। तुम क्यों
- 3:30:29चिंता करती हो? तुम यहां उसके बुलाने से
- 3:30:31थोड़े ही आई हो। तुम्हें यहां मोहित रैना
- 3:30:33ने बुलाया है। इसलिए वह कैसे रिएक्ट करती
- 3:30:36है या नहीं करती है। उससे क्या फर्क पड़ता
- 3:30:38है? पहले अंदर तो चलो फिर देखते हैं।
- 3:30:42मेघना शिप्रा की चिंता कम करती हुई बोली।
- 3:30:45शिप्रा मेघना के साथ उस हॉल में पहुंची
- 3:30:47जहां पार्टी हो रही थी। उसने जब उस हॉल
- 3:30:50में कदम रखा तो वह सबसे पहले किसी ऐसे
- 3:30:53चेहरे को ढूंढ रही थी जिसे वह जानती
- 3:30:55पहचानती हो। पर ऐसा तो कोई उसे अभी नजर
- 3:30:57नहीं आया। हां, एक खूबसूरत लड़की उसे हाल
- 3:31:01के गेट के पास ही नजर आ गई जो वहां आने
- 3:31:03वाले गेस्ट का स्वागत कर रही थी। एक्चुअली
- 3:31:05वह लड़की कोई और नहीं [संगीत] मानसी मेहता
- 3:31:08ही थी। दूर से ही मानसी मेहता की नजर
- 3:31:10शिप्रा पर पड़ गई थी। शिप्रा को यहां
- 3:31:13देखकर उसकी आंखों में आश्चर्य नजर आने
- 3:31:16लगा। उसे [संगीत] नहीं पता था कि शिप्रा
- 3:31:18को यहां किसने इनवाइट किया था। शिप्रा की
- 3:31:20भी नजर मानसी मेहता से मिली। शिप्रा ने
- 3:31:23मानसी मेहता को अपनी तरफ देखते पाया तो वह
- 3:31:26उस हल्के स्वर में बुदबुदाई जिसका डर था
- 3:31:29वही हो गया। मैं नहीं चाहती थी कि मेरी
- 3:31:31मुलाकात सबसे पहले इसी से हो पर देखो अंदर
- 3:31:34आई तो सबसे पहले इसी लड़की से सामना हो
- 3:31:37गया। शिप्रा की बात सुनकर मेघना ने सामने
- 3:31:41से आ रही उस लड़की की तरफ देखा जो कि
- 3:31:43शिप्रा की ओर ही बड़ी हुई आ रही थी। वह भी
- 3:31:46मानसी मेहता की खूबसूरती देखकर उसकी तारीफ
- 3:31:48किए बिना नहीं रह सकी। उसने भी हल्के स्वर
- 3:31:51में शिप्रा से कहा मानना पड़ेगा यह अभी
- 3:31:54खूबसूरती में किसी से कम नहीं है। मैंने
- 3:31:56तो पहले ही कहा था पर वह हमारी तरफ क्यों
- 3:31:58आ रही है? शिप्रा फुसफुसाती हुई बोली
- 3:32:01चिंता मत करो अभी पता चल जाएगा। वह खुद ही
- 3:32:04बोल देगी। मेघना मानसी को पास आते देखकर
- 3:32:07बोली अब तक मानसी मेहता भी शिप्रा और
- 3:32:10मेघना के पास आ गई थी। उसके चेहरे पर एक
- 3:32:13मुस्कान खेल रही थी। वह उसी मुस्कान के
- 3:32:16साथ बोली शिप्रा राय आज बहुत समय के बाद
- 3:32:20तुम्हें देखना होगा। मुझे नहीं पता था कि
- 3:32:22तुम भी आज की पार्टी में इनवाइटेड हो।
- 3:32:24बुरा मत मानना। पर क्या मैं जान सकती हूं
- 3:32:27कि तुम्हें यहां किसने बुलाया है। अब जब
- 3:32:29मैं यहां आई हूं तो पक्का है। किसी ने तो
- 3:32:32मुझे यहां बुलाया ही होगा। तभी मैं यहां
- 3:32:34हूं। नहीं तो मेरी ऐसी कोई बुरी [संगीत]
- 3:32:36आदत नहीं है कि मैं किसी की पार्टी में
- 3:32:39बिन बुलाए ही पहुंच जाऊं। शिप्रा भी व्यंग
- 3:32:43भरे स्वर में बोली। मैंने तो पहले ही कहा
- 3:32:46था कि बुरा मत मानना। पर तुम तो बुरा मान
- 3:32:48रही हो। यह तो मैं भी समझ रही हूं कि जब
- 3:32:51तुम यहां आई हो तो इसका मतलब है कि तुम
- 3:32:54यहां बिन बुलाए तो आई नहीं होगी। मैं तो
- 3:32:57बस यह जानना चाह रही हूं कि तुम्हें यहां
- 3:32:59इनवाइट किसने किया है। मानसी मेहता बोली
- 3:33:03मानसी मेहता तो बस यह जानना चाहती थी कि
- 3:33:06किसी ने अगर शिप्रा को यहां इनवाइट किया
- 3:33:08तो उसे इसके बारे में पता क्यों नहीं था।
- 3:33:11वह जानती थी कि लास्ट समय में मेनका की
- 3:33:14तरफ से भी इस पार्टी में कुछ लोगों को
- 3:33:16इनवाइट किया गया है। [संगीत] पर ऐसे कितने
- 3:33:18लोग मेनका की तरफ से इनवाइटेड हैं इसके
- 3:33:21बारे में मानसी को पता नहीं था। शिप्रा भी
- 3:33:24मानसी को कोई जवाब देती उससे पहले ही वहां
- 3:33:26एक आवाज सुनाई दी। मिस [संगीत] मानसी
- 3:33:29इन्हें मैंने इनवाइट किया है। शिप्रा जी
- 3:33:31यहां मेरी गेस्ट है। आप कुछ और भी जानना
- 3:33:33चाहती हैं। तभी मानसी के पीछे से वहां
- 3:33:36मोहित रैना प्रकट हुआ और वह सामने आते हुए
- 3:33:38बोला। मानसी ने जब मोहित रैना को सामने
- 3:33:41आकर यह बताते देखा कि उसने ही यहां शिप्रा
- 3:33:44को इनवाइट किया है तो वह खुद को संयमित
- 3:33:47करती हुई बोली। अरे मिस्टर मोहित आप मुझे
- 3:33:51नहीं पता था कि शिप्रा को आपने यहां
- 3:33:53बुलाया है। मैं तो बस यही जानने के लिए
- 3:33:56शिप्रा से पूछ रही थी। अच्छा हुआ आपने बता
- 3:33:58दिया। वैसे मैं आपको बता दूं कि हम दोनों
- 3:34:01पहले से ही एक दूसरे से परिचित हैं। हम
- 3:34:04दोनों कॉलेज के समय के फ्रेंड हैं। मानसी
- 3:34:07की बात सुनकर मोहित ने शिप्रा की ओर देखा।
- 3:34:10जैसे वह पूछ रहा हो कि क्या मानसी जो कह
- 3:34:13रही है वह सच है। शिप्रा ने जब मोहित के
- 3:34:16चेहरे के भाव को देखा तो [संगीत] वह भी
- 3:34:18व्यवहार सुलभ मुस्कान के साथ बोली। हां,
- 3:34:21बिल्कुल सच है। हम दोनों एक ही कॉलेज में
- 3:34:24पढ़ते थे। फिर तो आप दोनों को हमें थैंक
- 3:34:26यू बोलना चाहिए क्योंकि मेरे कारण ही आप
- 3:34:29दोनों दोस्त का आज मिलना हो रहा है। मोहित
- 3:34:31रैना मुस्कुराता हुआ बोला हां जरूर क्यों
- 3:34:35नहीं मानसी मेहता खिड़ड़ भरे स्वर में
- 3:34:37बोली मोहित रैना शिप्रा और मेघना की ओर
- 3:34:40आकर्षित होकर बोला पहले हम सब अंदर चलते
- 3:34:43हैं और पार्टी को एंजॉय करते हैं। शिप्रा
- 3:34:46जैसे ही हाल के अंदर पहुंची उसने बहुत से
- 3:34:49ऐसे लोगों को देखा जिसे वह अच्छे से
- 3:34:52पहचानती थी। अचानक ही उसकी निगाह अपने
- 3:34:55दादाजी बलवंत राय के ऊपर पड़ी। उसे नहीं
- 3:34:58पता था कि बलवंत राय भी यहां इनवाइटेड है।
- 3:35:01इस समय बलवंत राय के साथ ही हर्षल मेहता
- 3:35:03भी खड़े थे। शिप्रा अपने दादाजी की नजरों
- 3:35:06से बचना चाहती थी। पर उसके कहीं छुपने से
- 3:35:09पहले ही उसके दादाजी ने उसे यहां देख लिया
- 3:35:11था। शिप्रा को यहां देखकर बलवंत राय के
- 3:35:14चेहरे पर भी आश्चर्य के भाव आ गया था। वह
- 3:35:17समझने की कोशिश कर रहे थे कि शिप्रा यहां
- 3:35:20कैसे इनवाइटेड है। [संगीत] पर जब उन्होंने
- 3:35:23मोहित रैना को शिप्रा के साथ देखा तो समझ
- 3:35:26गए कि शिप्रा यहां मोहित रैना के बुलावे
- 3:35:29पर ही आई होगी। अब आगे क्या होगा? क्या
- 3:35:32होगा जब शौर्य [संगीत] इस पार्टी में
- 3:35:35आएगा। राजा साहब, चंद्रभान राठौर और
- 3:35:39शिप्रा की मुलाकात कैसी रहेगी?
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This page contains the full transcript of भिखारी हसबैंड | Episode 121–140 | Kahvanihindi by Kahvani Hindi, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 38,318 words across 4,563 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.
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