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भिखारी हसबैंड | Episode 101–120 | Kahvanihindi — Transcript

by Kahvani Hindi · 43,779 words · 5,464 segments · language en · Watch on YouTube

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  1. 0:00तो हेलो दोस्तों, कैसे हैं आप लोग? मुझे
  2. 0:02आशा है कि आप लोग ठीक ही होंगे और मजे से
  3. 0:04इस चैनल पर जो भी सीरीज आ रही है उसको सुन
  4. 0:06रहे होंगे। तो
  5. 0:07[नाक से की जाने वाली आवाज़] माय बैगर
  6. 0:08हस्बैंड का नया वीडियो आ चुका है जिसमें
  7. 0:10एपिसोड 101 से 120 तक हैं। तो जल्दी से
  8. 0:14जल्दी इस वीडियो को देखो और कमेंट करके
  9. 0:16बताओ कि आपको कैसा लगा और कमेंट में यह भी
  10. 0:20बताएं कि आपको कंटिन्यू कौन सी सीरीज
  11. 0:22चाहिए
  12. 0:23और कमेंट में पिन एक मेरा दूसरा चैनल का
  13. 0:27लिंक है और डिस्क्रिप्शन में भी है। तो उस
  14. 0:29चैनल को भी सब्सक्राइब करना ना भूलें
  15. 0:31जिससे कि उस पर और अच्छी सीरीज आती हैं और
  16. 0:34एक सॉन्ग पर एक चैनल पर सॉन्ग आते हैं। तो
  17. 0:38जल्दी-जल्दी उस चैनल को भी सब्सक्राइब
  18. 0:40करने की कोशिश करें। तो मिलते हैं आगे
  19. 0:43स्टोरी में।
  20. 0:44पत्नी के घर में भिखारी और घर से बाहर शहर
  21. 0:47की सबसे खूबसूरत हसीनाओं के दिल का राजा।
  22. 0:50किस्मत के खेल में शौर्य डबल रोल निभा रहा
  23. 0:53है। आज शौर्य के पास अपना बंगला, अपनी
  24. 0:56हुकूमत है और शहर की सबसे ताकतवर और
  25. 0:59खूबसूरत हस्तियां उसकी मुरीद हैं।
  26. 1:03उसके बढ़ते कद को देखकर शॉक्ड हर कोई है
  27. 1:07लेकिन सबसे ज्यादा हैरान परेशान अगर कोई
  28. 1:09है तो वह है शर्तों के रिश्ते में बंधकर
  29. 1:12उसके साथ रह रही पत्नी शिप्रा। ईगो की
  30. 1:16दीवार और पछतावे का प्रेशर। शिप्रा अब इन
  31. 1:19दोनों पार्टों के बीच पिस रही है। रुचि की
  32. 1:22पार्टी से आने के बाद उसके सामने दो
  33. 1:24रास्ते हैं। या तो वह ईगो की दीवार तोड़
  34. 1:27दे या पछतावा करना छोड़ दे। अब उसे अपने
  35. 1:31इस फैसले पर गहरा अफसोस हो रहा है कि उसने
  36. 1:33पार्टी में शौर्य से अनजान बनने की कोशिश
  37. 1:36क्यों की। उसे समझ नहीं आया कि अचानक उसके
  38. 1:39मन में क्या आया कि उसने मेघना के सामने
  39. 1:42शौर्य से अपनी पहचान को छुपाया। लेकिन अब
  40. 1:45रात बीत चुकी थी और चिड़िया खेत चुग चुकी
  41. 1:48थी।
  42. 1:50घर लौटने के बाद अब मेघना को बेसब्री से
  43. 1:53सुबह का इंतजार था। वो शिप्रा के पति का
  44. 1:55दीदार करने को बेताब हो रही थी। सुबह जब
  45. 1:59नाश्ते के टेबल पर दोनों साथ बैठे हुए थे
  46. 2:02तो मेघना ने शिप्रा को छेड़ते हुए कहा।
  47. 2:05आखिर वो बेगर ऐसा क्या काम करने लगा जो कल
  48. 2:08का गया हुआ अभी तक वापस नहीं आया है?
  49. 2:11शिप्रा मेघना की बात सुनकर फीकी सी
  50. 2:13मुस्कान [संगीत] के साथ बोली तुम्हें मेरे
  51. 2:16पति से मिलने की इतनी तड़प क्यों होने
  52. 2:18लगी? तुम तो वैसे भी उसे मुझसे अलग कराना
  53. 2:21चाह रही हो। मेघना ने शिप्रा की बात सुनकर
  54. 2:25हंसते [संगीत] हुए कहा। मैं तो यह देखना
  55. 2:27चाहती हूं कि वह कौन सा भिखारी है जिसका
  56. 2:29नसीब ऐसा कि तुम उसे पत्नी के रूप में मिल
  57. 2:32गई। फिर उससे मिलकर क्या करोगी?
  58. 2:36शिप्रा जिज्ञासा से मेघना को देखते हुए
  59. 2:38पूछने लगी। उससे मिलकर पूछूंगी कि कहां से
  60. 2:42ऐसी किस्मत लिखवा कर लाए हो कि तुम्हें
  61. 2:44शिप्रा जैसी पत्नी मिल गई है। मेघना
  62. 2:47मुस्कुराती हुई बोली तो शिप्रा ने गंभीर
  63. 2:49स्वर में जवाब दिया। मुझे लगता है कि जब
  64. 2:52तुम उससे मिलोगी तो ऐसा कुछ नहीं पूछ
  65. 2:55पाओगी। [संगीत] उल्टा मुझे लगता है कि
  66. 2:57तुम्हारी खुद की बोलती बंद हो जाएगी।
  67. 3:00शिप्रा समझती थी कि मेघना शौर्य को पहले
  68. 3:02से जानती है और उसकी कदर भी है तो यह एक
  69. 3:06तरह से उसके लिए आश्चर्य की बात [संगीत]
  70. 3:08ही होगी। तभी मेघना फिर उसी मुद्दे पर आते
  71. 3:11हुए बोली अच्छा छोड़ो इन बातों को और यह
  72. 3:14बताओ कि आज भी वो घर आएगा कि नहीं?
  73. 3:18शिप्रा बात खत्म करना चाहती थी। इसीलिए
  74. 3:20उसने वास्तविकता से मेघना को अवगत कराया।
  75. 3:24मुझे तो कम ही उम्मीद है कि अभी वह कुछ
  76. 3:26दिन यहां आएगा क्योंकि जहां वो काम करता
  77. 3:29है वहीं से उसे रहने के लिए घर भी मिला
  78. 3:32है। तो वो वहीं शिफ्ट हो गया है। उसने
  79. 3:35मुझे पहले ही इस बारे में बता दिया था तो
  80. 3:37अभी तो उसके यहां आने की कोई उम्मीद नहीं
  81. 3:39है।
  82. 3:41शिप्रा की बात पर मेघना को यकीन नहीं हुआ।
  83. 3:43उसने हैरानी से पूछा। क्या कहा तुमने? वो
  84. 3:47जहां काम करता है उस कंपनी से उसको रहने
  85. 3:50के लिए घर मिला है। आखिर वो किस तरह का
  86. 3:53काम करता है? तुम तो कह रही थी कि वो एक
  87. 3:56भिखारी था। तो एक भिखारी को फिर इतना
  88. 3:58अच्छा काम कैसे मिल गया?
  89. 4:00शिप्रा को भिखारी शब्द से शायद कुछ ठेस
  90. 4:03पहुंची थी। इसीलिए उसने मेघना को समझाने
  91. 4:06की कोशिश की। मैंने यह नहीं कहा कि वो
  92. 4:09भिखारी था। उसके हालात कुछ ऐसे हो गए थे
  93. 4:12कि उसे भिखारी की जिंदगी जीनी पड़ रही थी।
  94. 4:14इस घर में आने के बाद उसने अपनी जिंदगी की
  95. 4:17एक नई शुरुआत की। अच्छा तो फिर ठीक है।
  96. 4:21चलो उसके नए घर पर चलकर उससे मिलते हैं।
  97. 4:24जरा हम भी तो देखें उसे कैसा घर मिला है
  98. 4:27रहने को।
  99. 4:28मेघना शिप्रा पर जोर देते हुए बोली तो
  100. 4:31शिप्रा ने जवाब दिया। अरे चलेंगे। इतनी
  101. 4:34जल्दी क्या है? अभी मुझे एक मीटिंग के लिए
  102. 4:37जाना है। उस मीटिंग के बाद मैं तुम्हें
  103. 4:39अपने पति के घर ले चलूंगी। तुम पति तो ऐसे
  104. 4:42बोल रही हो जैसे तुमने सचमुच उसे अपना पति
  105. 4:45मान लिया हो। मेघना चाय का घूंट पीते हुए
  106. 4:48चिढ़कर बोली क्योंकि उसे अच्छा नहीं लग
  107. 4:50रहा था कि शिपरोस भिखारी के लिए बार-बार
  108. 4:53पति शब्द का इस्तेमाल कर रही थी। वहीं
  109. 4:56दूसरी तरफ सुबह की चाय का दौर कोठी नंबर
  110. 4:59सात में भी चल रहा था।
  111. 5:01मेघा ने श्रव्या के सामने चाय की प्लेट
  112. 5:03लाकर रख दी थी और एक कप शौर्य की तरफ भी
  113. 5:06बढ़ा दिया। मेघा इस घर में अच्छे से सेट
  114. 5:09हो गई थी। उसे भी यहां अच्छा लगने लगा था।
  115. 5:12उसने गोपाल और उसकी पत्नी को यहां का काम
  116. 5:15भी समझा दिया था। एक [संगीत] तरह से उसने
  117. 5:18यहां सब कुछ अच्छे से हैंडल कर लिया था।
  118. 5:20यह सब देखकर शौर्य को भी अच्छा लगा।
  119. 5:23श्रव्या ने मेघा को देखकर जिज्ञासावश
  120. 5:26शौर्य से पूछा।
  121. 5:28यह लड़की कौन है?
  122. 5:30यह मेरी बहन मेघा है। शौर्य ने तुरंत ही
  123. 5:34जवाब दिया। लेकिन श्रव्या जवाब सुनकर
  124. 5:36संतुष्ट नहीं हुई। उसे लग रहा था कि कुछ
  125. 5:39लोचा है। इसीलिए उसने दोबारा शौर्य से
  126. 5:42सवाल किया।
  127. 5:44क्या मेघा तुम्हारी अपनी बहन है? श्रव्या
  128. 5:48का यह सवाल सुनकर शौर्य मुस्कुराया और
  129. 5:50बोला
  130. 5:52इससे कोई फर्क पड़ता है क्या कि वो मेरी
  131. 5:54अपनी बहन है या मैं उसको अपनी बहन मानता
  132. 5:56हूं। इस पर श्रव्या मुस्कुराते हुए बोली।
  133. 6:02इसका मतलब मेरा सोचना सही था। यह लड़की
  134. 6:04मेघा तुम्हारी सगी बहन नहीं है। तुम उसको
  135. 6:07अपनी बहन मानते हो। हां, तुम्हारी बात सच
  136. 6:11है। पर मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।
  137. 6:14मेरे लिए वो मेरी अपनी सगी बहन से कम नहीं
  138. 6:16है।
  139. 6:18शौर्य के स्वर में थोड़ी सख्ती थी। इसीलिए
  140. 6:20उसकी बात सुनकर श्रव्या की आंखों में
  141. 6:23शौर्य के लिए प्रशंसा के भाव आए। पर वो
  142. 6:25कुछ बोली नहीं। तभी शौर्य श्रव्या को
  143. 6:28देखते हुए कुछ सोच कर बोला। क्या तुम दो
  144. 6:31दिनों तक यहीं रहोगी या शाम को अपने घर भी
  145. 6:33जाओगी?
  146. 6:35शौर्य का सवाल सुनकर श्रव्या समझ गई कि
  147. 6:38शौर्य ने उसका बैग देखकर यह आकलन कर लिया
  148. 6:41था कि वो इन दो दिनों में उसके साथ ही
  149. 6:43रहने वाली है। वैसे यहां पर मेघा को देखने
  150. 6:46के बाद श्रव्या को यहां ठहरने में कोई
  151. 6:49दिक्कत महसूस नहीं होने वाली थी।
  152. 6:52ऑब्वियसली अगर मैं बैग लेकर आई हूं तो
  153. 6:55इसका मतलब है कि मैं यह सोच कर ही आई हूं
  154. 6:57कि यह दो दिन पूरी तरह से तुम्हारे साथ ही
  155. 7:00रहना है। तुम देख लो यहां कैसे व्यवस्था
  156. 7:03हो सकती है।
  157. 7:05श्रव्या बोली तो शौर्य ने मेघा को बुलाया
  158. 7:08और उससे बोला यह श्रव्या है। [संगीत] यह
  159. 7:11दो दिन तक यहीं रहेगी। तो तुम कोई कमरा
  160. 7:13इसे दो दिनों के लिए दे दो ताकि यह वहां
  161. 7:16अपना बैग रख सके।
  162. 7:18मेघा श्रव्या को देखकर मुस्कुराई और बोली
  163. 7:21चलिए मैं आपको आपके कमरे में ले चलती हूं।
  164. 7:25श्रव्या ने अपना बैग उठाया और मेघा के
  165. 7:27पीछे [संगीत] चल दी। मेघा उसे ग्राउंड
  166. 7:29फ्लोर के कमरे में ले गई। कमरा ऑलरेडी वेल
  167. 7:32फर्निश्ड था। श्रव्या ने उस [संगीत] कमरे
  168. 7:34को देखा तो उसे भी एक कमरा पसंद आया। उसने
  169. 7:38अपना बैग एक साइड में रखा और मेघा से
  170. 7:40बोली,
  171. 7:42ठीक है, अब तुम जा सकती हो। मैं तब तक
  172. 7:44फ्रेश हो लेती हूं।
  173. 7:46श्रव्या की बात सुनकर मेघा उस कमरे से
  174. 7:49निकल गई और फिर से शौर्य के पास पहुंची।
  175. 7:52शंका भरी नजर से शौर्य को देखते हुए उसने
  176. 7:54भी पूछा,
  177. 7:56"यह लड़की कौन है भैया? मेघा की बात सुनकर
  178. 8:00शौर्य मुस्कुराते हुए बोला, "यह दो दिनों
  179. 8:03के लिए मेरी ड्राइवर बनकर आई है।" इसीलिए
  180. 8:05यह दो दिन यहीं रहेगी।"
  181. 8:08मेघा को समझ नहीं आया कि शौर्य क्या बोल
  182. 8:10रहा है। श्रव्या उसे अच्छे भले घर की लग
  183. 8:13रही थी। तो फिर वो शौर्य की ड्राइवर क्यों
  184. 8:16बन रही है? मेघा के चेहरे के भाव को समझकर
  185. 8:19शौर्य बोला अपने दिमाग पर ज्यादा जोर मत
  186. 8:22डालो। कुछ ऐसी बात है जो अभी मैं तुम्हें
  187. 8:25नहीं बता सकता। पर तुम इसे यूं समझो कि एक
  188. 8:28कंडीशन है जिसके कारण इस लड़की को मजबूरन
  189. 8:31मेरा ड्राइवर बनना पड़ रहा है। वैसे सच
  190. 8:34कहूं तो मुझे उम्मीद नहीं थी कि यह सच में
  191. 8:36यहां आ जाएगी। पर इसने इस चैलेंज को
  192. 8:38एक्सेप्ट कर लिया है। यह बहुत बड़ी बात
  193. 8:41है। तो मैं भी इन दो दिनों में इसे परखना
  194. 8:44चाहता हूं कि क्या यह सच में दो दिन मेरे
  195. 8:46ड्राइवर के रूप में गुजार पाएगी या नहीं।
  196. 8:50मेघा को यह बात बिल्कुल समझ नहीं आई। पर
  197. 8:53शौर्य के समझाने के बाद उसने इससे ज्यादा
  198. 8:55दिमाग नहीं लगाया। तभी शौर्य के मोबाइल पर
  199. 8:59एक कॉल आया। उसने नंबर देखा तो यह नंबर
  200. 9:02मोहित रैना का था।
  201. 9:05शौर्य ने सोचा मोहित रैना सुबह-सुबह किस
  202. 9:08लिए फोन कर रहा है? उसने फोन उठाया और
  203. 9:11हेलो कहा तो दूसरी तरफ से मोहित रैना ने
  204. 9:13पूछा
  205. 9:14सर आप न्यू सिटी टावर कब तक पहुंच रहे
  206. 9:17हैं?
  207. 9:18शौर्य ने मोहित रैना का सवाल सुना तो पूछा
  208. 9:21पर मैं अभी न्यू सिटी टावर क्यों आऊंगा?
  209. 9:24शौर्य का जवाब सुनकर मोहित रैना ने कहा।
  210. 9:26अरे सर आपके कहने पर ही तो शिप्रा मैम के
  211. 9:29साथ आज की मीटिंग फिक्स की है। शायद आप
  212. 9:31भूल रहे हैं।
  213. 9:32मोहित रैना की बात सुनकर शौर्य को याद आया
  214. 9:35कि उसे आज ही तो शिप्रा से मिलकर उसके
  215. 9:37सामने जाहिर करना था कि उसकी कंपनी के
  216. 9:40ब्रांड एंडोर्समेंट के लिए बिग बुल ने मिस
  217. 9:42नताशा को हायर किया है। शौर्य तुरंत ही
  218. 9:45बोला अरे हां यार मैं तो भूल ही गया था।
  219. 9:48अच्छा हुआ तुमने समय पर याद दिला दिया।
  220. 9:50कोई बात नहीं। मैं भी 1 घंटे में पहुंच
  221. 9:52जाऊंगा वहां पर।
  222. 9:54ठीक है सर। वैसे भी मीटिंग का टाइम 11:00
  223. 9:56बजे का है।
  224. 9:57इतना कहकर मोहित रैना ने फोन रख दिया। अभी
  225. 10:019:00 भी नहीं बजे थे। इसीलिए शौर्य के पास
  226. 10:03अभी बहुत समय था। तभी मेघा वहां पर आई और
  227. 10:06वो शौर्य से बोली भैया आपके लिए नाश्ता
  228. 10:09लगा दूं?
  229. 10:11मेघा की बात सुनकर शौर्य बोला। तुम यह काम
  230. 10:14क्यों करोगी? इस काम के लिए बाबा ने रखा
  231. 10:16है ना किसी को। इस पर मेघा ने कहा, "क्या
  232. 10:20भैया, आप भी कैसी बात करते हैं? मुझे
  233. 10:23अच्छा लगता है कि मैं आपके लिए कुछ करूं
  234. 10:25तो आप मुझसे मेरा यह अधिकार मत छीनिए।
  235. 10:28काम करने वाले तो अपना काम कर ही रहे हैं।
  236. 10:30पर जो मुझे करना है वो आप मुझे करने
  237. 10:33दीजिए। आप जल्दी से बताइए क्या मैं आपका
  238. 10:36नाश्ता लगा दूं? मेघा की बात सुनकर शौर्य
  239. 10:39मुस्कुराया और बोला ठीक है लगा दो। और वो
  240. 10:42जो लड़की है श्रव्या उसका भी नाश्ता मेरे
  241. 10:44साथ ही लगा देना।
  242. 10:46शौर्य की बात सुनकर मेघा मुस्कुराई और
  243. 10:49बोली आप चिंता मत कीजिए। आपको हर चीज मुझे
  244. 10:52बतानी नहीं पड़ेगी। मैं भी स्थिति देखकर
  245. 10:54समझ सकती हूं कि मुझे क्या करना है। मेघा
  246. 10:58की बात सुनकर शौर्य के चेहरे पर फिर से एक
  247. 11:01बड़ी मुस्कान आ गई और [संगीत] वो बोला
  248. 11:04ठीक है मैं ध्यान रखूंगा कि मुझे तुमसे
  249. 11:07कितना बोलना है क्योंकि तुम तो पहले से ही
  250. 11:09बहुत समझदार हो। मेघा भी शौर्य की बात
  251. 11:12सुनकर मुस्कुराई और बोली हां यह ठीक
  252. 11:15रहेगा। उसके बाद मेघा वहां से किचन की तरफ
  253. 11:19चली गई और शौर्य अपनी जगह पर बैठा।
  254. 11:21श्रव्या के बाहर आने का इंतजार करता रहा।
  255. 11:24श्रव्या के बाहर आने से पहले मेघा अपने
  256. 11:26हाथ में दो पॉट लेकर वहां पर हाजिर हो गई।
  257. 11:29उसने एक प्लेट शौर्य के सामने लगाई और पॉट
  258. 11:32का ढक्कन खोलकर उसमें से गरमागरम गोभी के
  259. 11:34परांठे निकालकर शौर्य की प्लेट में रख
  260. 11:37दिए। और एक पॉट से उसने एक कप [संगीत] में
  261. 11:39दही और एक छोटे पॉट में से हरी चटनी
  262. 11:42निकालकर शौर्य की प्लेट में रख दी। तभी
  263. 11:45श्रव्या भी अपने कमरे से निकल कर बाहर आ
  264. 11:47गई। शौर्य के सामने नाश्ते की प्लेट लगी
  265. 11:51देखकर मेघा ने ललचाई नजर से उसकी तरफ देखा
  266. 11:54पर कुछ बोली नहीं क्योंकि वह सीधे जाकर
  267. 11:57नाश्ते की टेबल पर बैठ नहीं सकती थी। मेघा
  268. 11:59ने उसकी नजर से भांप लिया था कि उसको भूख
  269. 12:02भी लगी हुई है। तो उसने श्रव्या से कहा
  270. 12:05श्रव्या दी क्या मैं आपके लिए भी नाश्ते
  271. 12:07की प्लेट लगा दूं? श्रव्या ने मेघा के
  272. 12:10मुंह से अपने लिए दी शब्द सुनकर आश्चर्य
  273. 12:12से देखा और पूछा
  274. 12:15अभी तुमने मुझसे क्या कहा? मेघा अचरज भरे
  275. 12:19स्वर में बोली, क्या मैं आपके लिए नाश्ते
  276. 12:22की प्लेट लगा दूं?
  277. 12:24नहीं, मैं इसकी बात नहीं कर रही हूं। उससे
  278. 12:27पहले तुमने मुझे क्या कहकर बुलाया?
  279. 12:29श्रव्या ने दोबारा पूछा तो मेघा ने एक पल
  280. 12:32सोचा और कहा, "श्रव्या दी।" यही कहकर तो
  281. 12:37बुलाया।"
  282. 12:39मेघा को समझ नहीं आ रहा था कि श्रव्या
  283. 12:41उससे ऐसा क्यों पूछ रही है। श्रव्या ने
  284. 12:44उसे आश्चर्य से देखते हुए पूछा।
  285. 12:47तुमने अभी मुझे दी कहा।
  286. 12:50श्रव्या के सवाल पर मेघा बोली क्या मैं
  287. 12:53आपको दी नहीं कह सकती?
  288. 12:57श्रव्या को सिर्फ नफरत और सौदेबाजी की आदत
  289. 13:00[संगीत] थी। क्योंकि वो सोलंकी खानदान की
  290. 13:02शहजादी थी। जिस श्रव्या को पूरी दुनिया
  291. 13:05हमेशा बिगड़ी शहजादी कहकर पुकारती थी। आज
  292. 13:08पहली बार किसी ने उसे अपनेपन से दी कहा
  293. 13:11था। उसे यूं भावुक और खोया हुआ देखकर मेघा
  294. 13:13[संगीत] ने पूछा। क्या मैं आपको दी नहीं
  295. 13:17कह सकती? इस पर श्रव्या मुस्कुराते हुए
  296. 13:20बोली। बिल्कुल कह सकती हो। बल्कि मैं यह
  297. 13:23कहना चाहती हूं कि मुझे तुम्हारे मुंह से
  298. 13:26अपने लिए दी सुनकर अच्छा लगा। श्रव्या की
  299. 13:29बात सुनकर मेघा के चेहरे पर भी एक मुस्कान
  300. 13:31आ गई। उसने दोबारा श्रव्या से पूछा क्या
  301. 13:34मैं आपके लिए भी नाश्ता लगा दूं? मेघा की
  302. 13:38बात सुनकर श्रव्या अपने पेट पर हाथ फेरते
  303. 13:40हुए बोली सच कहूं तो मुझे भी यहां नाश्ता
  304. 13:43लगा देखकर तेज भूख लग गई है।
  305. 13:47तभी मेघा एक प्लेट उठाकर श्रव्या के सामने
  306. 13:50लगाते हुए बोली
  307. 13:52बस आप बैठिए और यह लीजिए गरमा गरम परांठे।
  308. 13:56इतना कहकर मेघा ने श्रव्या की प्लेट में
  309. 13:58भी परांठे, दही और चटनी लगा दिए। जल्दी ही
  310. 14:01दोनों शौर्य और श्रव्या नाश्ते की प्लेट
  311. 14:04पर टूट पड़े। इस वक्त डाइनिंग टेबल पर एक
  312. 14:06हल्काफुल्का और सुकून भरा माहौल था। लेकिन
  313. 14:10किसी को क्या पता था कि कुछ ही देर में
  314. 14:12बातें सिर्फ नाश्ते और मुस्कान तक सीमित
  315. 14:14नहीं रहने वाली हैं। अपना नाश्ता खत्म
  316. 14:17करने के बाद शौर्य श्रव्या की ओर देखकर
  317. 14:19बोला तो अब चलें काम का समय हो गया है।
  318. 14:23शौर्य की बात सुनकर श्रव्या भावहीन स्वर
  319. 14:26में बोली मैं भी तैयार हूं। चलो। कहां
  320. 14:30जाना है यह बता दो। शौर्य ने श्रव्या को
  321. 14:34देखा और अपनी जेब से गाड़ी की चाबी निकाल
  322. 14:36कर उसकी तरफ बढ़ाते हुए कहा, "यह लो गाड़ी
  323. 14:40की चाबी। तुम गाड़ी बाहर निकालो। बाकी
  324. 14:43जाना कहां है? वो मैं बताता रहूंगा।
  325. 14:46श्रव्या ने शौर्य के हाथ से गाड़ी की
  326. 14:48[संगीत] चाबी ली। उसने आते वक्त देख लिया
  327. 14:51था कि पार्किंग में गाड़ी खड़ी है। इसीलिए
  328. 14:54वो वहां पहुंची और फिर गाड़ी निकाल कर उसे
  329. 14:56हॉर्न दबाया। जैसे वो सूचना दे रही हो कि
  330. 15:00वो तैयार है। शौर्य ने हॉर्न की आवाज सुनी
  331. 15:03तो वह बाहर जाने के लिए तैयार हो गया।
  332. 15:05लेकिन जाने से पहले उसने मेघा की ओर देखकर
  333. 15:08पूछा। सुबह से बाबा दिखाई नहीं दिए। कहां
  334. 15:11है वो?
  335. 15:13अरे उनकी मत पूछिए। वो तो सुबह उठकर गोपाल
  336. 15:16चाचा के साथ पीछे लॉन में कुछ पौधे वगैरह
  337. 15:19लगाने लगे हैं। वो कल शाम को बाजार से कुछ
  338. 15:22प्लांट ले आए थे। उन्हें इस तरह का काम
  339. 15:24बहुत पसंद है। मेघा ने बताया। यह सुनकर
  340. 15:28शौर्य ने खुश होते हुए कहा, "यह तो अच्छी
  341. 15:31बात है। इस तरह उनका भी यहां मन लगा
  342. 15:33रहेगा।"
  343. 15:35उसके चेहरे पर एक सुकून भरी मुस्कान आ गई
  344. 15:38थी। शायद उसे अच्छा लग रहा था कि बाबा
  345. 15:40धीरे-धीरे इस घर के माहौल में खुद को ढाल
  346. 15:42रहे हैं। इसके बाद उसने मेघा से उसके बारे
  347. 15:46में पूछा कि वो हॉस्पिटल कब जाएगी? तो
  348. 15:48मेघा बोली, बस मैं भी अभी कुछ देर में
  349. 15:51यहां से निकल जाऊंगी। इसके बाद शौर्य बाहर
  350. 15:54आ गया। बाहर श्रव्या गाड़ी स्टार्ट कर
  351. 15:57शौर्य का इंतजार कर रही थी। शौर्य गया और
  352. 16:00जाकर पीछे वाली सीट पर बैठ गया। श्रव्या
  353. 16:04ने बैक व्यू मिरर में शौर्य को देखा और
  354. 16:06गाड़ी को गेट से बाहर कर दिया। उसने मिरर
  355. 16:09में शौर्य का चेहरा देखते हुए पूछा। अब तो
  356. 16:12बता दो। जाना कहां है? शौर्य मुस्कुराया
  357. 16:15और बोला न्यू सिटी टावर। रास्ता पता है या
  358. 16:19मुझे बताना पड़ेगा।
  359. 16:21कोई जरूरत नहीं है। इस शहर के चप्पे-चप्पे
  360. 16:24से मैं वाकिफ हूं। श्रव्या धीमे स्वर में
  361. 16:27बोली तो शौर्य भी मुस्कुराते हुए बोला,
  362. 16:30"यह तो बढ़िया बात है। तो फिर तो मुझे
  363. 16:32ज्यादा परेशानी नहीं होगी।" गाड़ी आगे बढ़
  364. 16:35रही थी और साथ ही बढ़ रहा था वो सफर जो ना
  365. 16:38जाने कितने राज खोलने वाला है। वहीं दूसरी
  366. 16:41तरफ शिप्रा नाश्ता करने के बाद घर से
  367. 16:44निकलने के लिए तैयार बैठी थी। मेघना भी
  368. 16:47उसके सामने ही बैठी थी। उसने शिप्रा को
  369. 16:49तैयार देखकर कहा, "तुम तो अपनी मीटिंग के
  370. 16:52काम से जा रही हो तो मैं यहां खाली बैठकर
  371. 16:54क्या करूंगी?"
  372. 16:56शिप्रा ने मेघना की बात सुनकर कहा,
  373. 16:59"क्यों? तुम्हारा सारा काम हो गया।" इस पर
  374. 17:02मेघना बोली, नहीं ऐसा नहीं है। मुझे भी
  375. 17:05यहां कुछ आउटलेट फाइनल करने हैं। जहां मैं
  376. 17:07अपने प्रोडक्ट डिस्प्ले कर सकूं। आखिर मैं
  377. 17:09नताशा कपूर से अपने प्रोडक्ट का ब्रांड
  378. 17:12एंडोर्समेंट करवा रही हूं। तो मुझे अपने
  379. 17:14ब्रांड के लिए नई मार्केट भी तो तलाशनी
  380. 17:16होगी। तो कुछ सोचा है उसके बारे में?
  381. 17:20शिप्रा ने पूछा, अभी तक मैं छोटे-छोटे
  382. 17:23आउटलेट लेकर ही अलग-अलग फ्रेंचाइजी को दे
  383. 17:26रही थी। पर अब मैं सोच रही हूं कि कुछ
  384. 17:28बड़े आउटलेट को भी अपने प्लान में शामिल
  385. 17:30करूं। क्योंकि इन बड़े आउटलेट में अगर
  386. 17:33हमारे प्रोडक्ट डिस्प्ले होंगे तो इसकी
  387. 17:35रीच बढ़ेगी। मेघना सोचती हुई बोली। तो
  388. 17:39शिप्रा ने भी मेघना को अपने विचार बताते
  389. 17:41हुए कहा। बिल्कुल सही। यह तुमने एकदम सही
  390. 17:44फैसला किया है। तुम कहो तो मैं इसमें
  391. 17:47तुम्हारी कुछ मदद कर सकती हूं। क्योंकि
  392. 17:49विशालगढ़ के कई सारे छोटे-बड़े आउटलेट में
  393. 17:52मेरे प्रोडक्ट डिस्प्ले होते हैं। अगर तुम
  394. 17:55चाहो तो मैं उनसे तुम्हारी मीटिंग अरेंज
  395. 17:57कर सकती हूं। इससे होगा यह कि अगर
  396. 18:00तुम्हारी बात बन जाती है तो तुम्हें इसके
  397. 18:02लिए अलग से कुछ खर्च भी नहीं करना पड़ेगा
  398. 18:05और तुम्हारे प्रोडक्ट की रीच भी बढ़
  399. 18:07जाएगी। और जब एक बार नताशा कपूर की ऐड
  400. 18:10मार्केट में आएगी तो धूम मच जाएगी।
  401. 18:14मेघना को भी शिप्रा का यह विचार अच्छा
  402. 18:16लगा। वो खुश होते हुए बोली क्या तुम सच
  403. 18:19में ऐसा कर सकती हो? मेघना की बात सुनकर
  404. 18:23शिप्रा बोली
  405. 18:25मैं सिर्फ तुम्हारी मीटिंग करवा सकती हूं।
  406. 18:27बाकी इन सारे स्टोर [संगीत] में तुम्हें
  407. 18:29खुद बात करनी होगी और जो भी प्रॉफिट
  408. 18:32शेयरिंग की बात होगी वो तुम्हें खुद ही
  409. 18:34करनी पड़ेगी। ठीक है। मेरे लिए इतना ही
  410. 18:37काफी है। मेघना मुस्कुराते हुए बोली तो
  411. 18:40शिप्रा ने कहा
  412. 18:42अगर ऐसा है तो फिर आज से ही तुम ये काम
  413. 18:44क्यों नहीं शुरू करती? क्या मतलब हुआ
  414. 18:47तुम्हारा? मेघना ने वापस पूछा। तो शिप्रा
  415. 18:51ने मुस्कुरा कर जवाब दिया। मतलब यह हुआ कि
  416. 18:54अभी मैं जिस मीटिंग के लिए जा रही हूं वो
  417. 18:56बिग बुल के ओनर के साथ है। अगर तुम चाहो
  418. 18:59तो तुम मेरे साथ चल सकती हो। वहां तुम
  419. 19:02उनसे बात करके देखना। अगर तुम्हारी बात
  420. 19:05बिग बुल में बन जाती है तो फिर तुम्हें
  421. 19:07कहीं और ज्यादा भटकने की जरूरत भी नहीं
  422. 19:09पड़ेगी। क्योंकि एक बिग बुल से ही
  423. 19:11तुम्हारे इतने ऑर्डर सप्लाई होंगे कि तुम
  424. 19:13उन्हें ही पूरा नहीं कर पाओगी।
  425. 19:16शिप्रा की बात सुनकर मेघना की आंखों में
  426. 19:18एक्साइटमेंट की चमक आ गई। अगर ऐसी बात है
  427. 19:22तो तुम यहीं ठहरो। मैं भी तैयार होकर आती
  428. 19:24हूं। इतना कहकर मेघना जल्दी से अपने कमरे
  429. 19:28में गई और झटपट तैयार होकर बाहर आ गई।
  430. 19:30शिप्रा उसे इतनी जल्दी तैयार होते देखकर
  431. 19:33बोली तुम वाकई में बहुत तेज हो यार
  432. 19:37तुम्हारा काम निकल आया तो कैसे झट से
  433. 19:39तैयार होकर आ गई अब किसी को इंतजार कराना
  434. 19:42अच्छी बात नहीं है ना इसीलिए जल्दी से आ
  435. 19:45गई तो चलें अब मेघना खड़े होते हुए बोली
  436. 19:49इसके बाद दोनों घर से बाहर आ गए शिप्रा ने
  437. 19:53अपनी कार निकाली और मेघना उसके साथ वाली
  438. 19:55सीट पर बैठ गई वैसे जाना कहां है मेघना ने
  439. 20:00कार में बैठते हुए पूछा न्यू सिटी टावर।
  440. 20:03शिप्रा ने जवाब दिया क्योंकि उसे मोहित
  441. 20:05रैना ने पहले ही वहां का एड्रेस भेज दिया
  442. 20:08था। इसीलिए शिप्रा को पता था कि उसे कहां
  443. 20:10जाना है। शिप्रा ने कार को आगे बढ़ा दिया।
  444. 20:14वहीं दूसरी तरफ शौर्य की कार न्यू सिटी
  445. 20:17टावर की पार्किंग में पहुंचकर खड़ी हो गई।
  446. 20:20कार पार्क करने के बाद श्रव्या शौर्य के
  447. 20:22साथ कार से बाहर आई, और दोनों न्यू सिटी
  448. 20:25टावर की लिफ्ट की तरफ बढ़ गए। शौर्य
  449. 20:28श्रव्या के साथ एक लिफ्ट में गया और उसने
  450. 20:30सेवंथ फ्लोर का बटन दबा दिया। श्रव्या
  451. 20:33चुपचाप शौर्य का अनुसरण करती रही थी।
  452. 20:36शौर्य सेवंथ फ्लोर पर पहुंचा और सीधा अपने
  453. 20:39ऑफिस की तरफ बढ़ गया। विक्रम ने पहले ही
  454. 20:42मेनका की मदद से यहां के लिए कई ऑफिस
  455. 20:44स्टाफ हायर कर लिए थे। इंडिया में शौर्य
  456. 20:47का जो भी बिजनेस एक्सपेंड होना था या जो
  457. 20:50पहले से था उस सब की देखरेख और ऑडिट वगैरह
  458. 20:53अब इसी ऑफिस से होना [संगीत] निश्चित हुआ
  459. 20:55था। क्योंकि शौर्य ने यह ऑफिस इसी मकसद से
  460. 20:58लिया था कि आगे भविष्य में भी अगर वह अपने
  461. 21:00बिजनेस को एक्सपेंड करता है तो उसे हर जगह
  462. 21:03खुद जाने की जरूरत ना रहे और बस इस जगह से
  463. 21:07सभी जगह पर नजर रखी जा सके।
  464. 21:10शौर्य ऑफिस के अंदर गया तो उसने देखा कि
  465. 21:12ऑफिस का स्टाफ आ चुका था। शौर्य मैनेजर के
  466. 21:16कमरे की तरफ जाने वाला था। तभी उसे ध्यान
  467. 21:19आया कि श्रव्या उसके साथ ही है। तो उसने
  468. 21:22श्रव्या से वेटिंग एरिया में इंतजार करने
  469. 21:24को कहा और वह [संगीत] खुद मैनेजर के कमरे
  470. 21:26की तरफ बढ़ गया। फिर जब वो मैनेजर के कमरे
  471. 21:30तक पहुंचा तो उसने देखा कि विक्रम वहां
  472. 21:32पहले से बैठा हुआ था। ओह तो तुम यहां पहले
  473. 21:36से ही आ गए हो। शौर्य विक्रम से बोला तो
  474. 21:40विक्रम ने मुस्कुराते हुए कहा
  475. 21:42बॉस का हुक्म हुआ था तो समय से पहले तो
  476. 21:45आना ही था।
  477. 21:47क्या शिप्रा अभी तक आई नहीं है? शौर्य ने
  478. 21:50विक्रम से पूछा। विक्रम घड़ी की ओर देखकर
  479. 21:54बोला, "अभी बहुत टाइम है। वैसे भी उसे
  480. 21:5611:00 बजे का टाइम दिया गया था। तो वह आती
  481. 21:59ही होगी। और मोहित रैना वो भी नहीं आया
  482. 22:03है। शौर्य की निगाह विक्रम पर ही थी। वो
  483. 22:06भी बस पहुंचने ही वाला है। विक्रम ने जवाब
  484. 22:09दिया। [संगीत] तभी मोहित रैना केबिन का
  485. 22:12दरवाजा खोलकर अंदर आया। उसके चेहरे पर कुछ
  486. 22:14हैरानी के भाव थे। उसे देखकर ऐसा लग रहा
  487. 22:17था जैसे उसने कोई भूत देख लिया हो। शौर्य
  488. 22:21ने उसके चेहरे के भाव को देखकर उससे पूछा,
  489. 22:24"यह अचानक तुम्हारे चेहरे पर 12 क्यों बजे
  490. 22:26हुए हैं? क्या कोई गड़बड़ हो गई है? शौर्य
  491. 22:30का सवाल सुनकर मोहित रैना खुद को नॉर्मल
  492. 22:32करते हुए बोला, "सर, अभी मैंने श्रव्या
  493. 22:35सोलंकी को वेटिंग रूम में बैठे देखा है।
  494. 22:38वो यहां क्या कर रही है?" वो मेरे साथ आई
  495. 22:41है। क्या तुम उसे पहले से जानते हो?
  496. 22:45शौर्य ने नॉर्मल भाव से पूछा क्या बात कर
  497. 22:48रहे हैं सर उसे कौन नहीं जानता इस शहर में
  498. 22:51वो बड़ी फेमस है सब उसे बिगड़ी शहजादी के
  499. 22:54नाम से जानते हैं मोहित रैना बोला बिगड़ी
  500. 22:58शहजादी तो क्या उसको यहां देखकर ही
  501. 23:01तुम्हारे चेहरे पर 12:00 बज गए हैं शौर्य
  502. 23:04ने उत्सुकता वश पूछा तो मोहित ने कहा अरे
  503. 23:08सर आप इस लड़की को कम मत समझिए मेरा
  504. 23:10पुराना एक्सपीरियंस इस लड़की को लेकर ऐसा
  505. 23:12रहा है कि घबराहट हो ही जाती है। यह जितनी
  506. 23:15खूबसूरत है, उतनी ही खतरनाक भी है। मोहित
  507. 23:19रैना ऐसे बोला जैसे कोई पुरानी बात उसे
  508. 23:22याद आ गई हो। इंटरेस्टिंग। लगता है तुम
  509. 23:25श्रव्या को काफी अच्छे से जानते हो। शौर्य
  510. 23:28की आंखों में अब श्रव्या के बारे में
  511. 23:30जानने की जिज्ञासा झलकने लगी। संयोग से
  512. 23:33[संगीत] हम दोनों एक ही कॉलेज में पढ़ते
  513. 23:35थे। वैसे मैं कभी उसकी नजर में नहीं आया।
  514. 23:38पर वो कॉलेज में सबके आकर्षण का केंद्र
  515. 23:41हुआ करती थी।
  516. 23:43कुछ तो अपनी खूबसूरती के कारण और कुछ अपनी
  517. 23:46निर्दयता के कारण। कॉलेज में वह अपने
  518. 23:50सामने किसी को कुछ समझती ही नहीं थी। इतना
  519. 23:53बोलकर मोहित एक बल के लिए चुप हुआ और फिर
  520. 23:55बोला एक बार एक नए लड़के ने अपने सीनियर
  521. 23:58के बहकावे पर उसे एक लव लेटर दिया था। तो
  522. 24:01उसने उस लड़के का हाथ ही तोड़ दिया। बाद
  523. 24:04में जब उसे पता चला कि उस लड़के को किसी
  524. 24:06और ने भड़काया था तो उसने उस सीनियर के भी
  525. 24:09दोनों हाथ तोड़ दिए। और फिर पहले वाले
  526. 24:11लड़के को खुद हॉस्पिटल लेकर भी गई थी। इस
  527. 24:15तरह की उसकी कई कहानियां कॉलेज में
  528. 24:17प्रचलित थी। कॉलेज टाइम से ही लोग उसे
  529. 24:20बिगड़ी शहजादी कह कर बुलाते हैं।
  530. 24:23शौर्य को भी आश्चर्य हुआ। उसने मोहित से
  531. 24:26आगे पूछा। क्या बात कर रहे हो? क्या उसमें
  532. 24:28इतनी ताकत है कि वो किसी का हाथ तोड़ सकती
  533. 24:31है? मोहित हल्का सा हंसा और बोला, "सर, आप
  534. 24:35उसके खूबसूरत चेहरे पर मत जाइए। वो जितनी
  535. 24:38खूबसूरत है उससे ज्यादा खतरनाक है। वो
  536. 24:41हमारे कॉलेज की मार्शल आर्ट टीम की कप्तान
  537. 24:44थी और वो स्टेट लेवल चैंपियन भी रह चुकी
  538. 24:46है। गर्ल टीम में होने के बाद भी वो
  539. 24:49मार्शल आर्ट की प्रैक्टिस लड़कों के साथ
  540. 24:51करती थी और सच तो यह है कि हमारे कॉलेज के
  541. 24:54लड़के भी उससे मुकाबला करने से डरते थे।
  542. 24:58मोहित की बातें सुनकर शौर्य के दिमाग में
  543. 25:00श्रव्या की एक अलग तस्वीर बनने लगी। बाहर
  544. 25:03वेटिंग एरिया में शांत बैठी वो लड़की क्या
  545. 25:05सच में इतनी खतरनाक हो सकती है? और सबसे
  546. 25:08बड़ा सवाल आखिर कौन है ये श्रव्या सोलंकी?
  547. 25:11जैसे-जैसे मोहित बिगड़ी शहजादी श्रव्या के
  548. 25:14अतीत के बारे में शौर्य को बताता रहा
  549. 25:16वैसे-वैसे शौर्य को बीते दिनों में
  550. 25:18श्रव्या के साथ गुजरी हुई हर घटना एक अलग
  551. 25:21पहलू से दिखने लगी। उसके दिमाग में कई
  552. 25:24पहेलियां अपने आप सुलझने लगी। मगर फिर भी
  553. 25:28एक बात उसे समझ नहीं आ रही थी। भौचक्का सा
  554. 25:31शौर्य अपने आप से बुदबुदाया।
  555. 25:34कमाल है। मेरे सामने यह लड़की इतनी शराफत
  556. 25:38से कैसे पेश आ रही है? आखिर इसका प्लान
  557. 25:41क्या है? पर सर यह लड़की आपके साथ कैसे
  558. 25:44है? मोहित भी अपनी जिज्ञासा को शांत नहीं
  559. 25:47रख पाया। तो शौर्य ने जवाब दिया।
  560. 25:50यह यहां मेरी ड्राइवर बनकर आई है और दो
  561. 25:53दिनों तक मेरे साथ ही रहेगी। क्या कहा
  562. 25:56आपने? यह आपकी ड्राइवर बनकर आई है। पर यह
  563. 25:59कैसे हुआ? वो तो खुद इतने बड़े परिवार की
  564. 26:02बेटी है। इसके पापा गजराज सोलंकी तो और भी
  565. 26:06खतरनाक हैं। फिर यह आपके ड्राइवर कैसे है?
  566. 26:09मोहित हैरानी भरे स्वर में बोला। शौर्य ने
  567. 26:12उसे गजराज सोलंकी के साथ हुई अपनी अदावत
  568. 26:15के बारे में बताया और साथ में यह भी बताया
  569. 26:18कि कैसे श्रव्या उसकी ड्राइवर बनने को
  570. 26:20तैयार हो गई। अब शौर्य को समझ में आया कि
  571. 26:23क्यों श्रव्या ने उसका ड्राइवर बनना कबूल
  572. 26:25किया। पर उससे माफी नहीं मांगी। किसी के
  573. 26:28सामने उसे झुकना कबूल नहीं था। भले ही
  574. 26:30शौर्य की ड्राइवर बनना पड़े। इसका मतलब था
  575. 26:33कि उसे अपने पापा से बहुत प्यार होगा। तभी
  576. 26:36वह शौर्य की कंडीशन के लिए तैयार हो गई
  577. 26:39थी। वैसे भी मुझे उसे देखे लगभग 4 साल हो
  578. 26:42गए हैं। हो सकता है इस दरमियान उसमें बहुत
  579. 26:44सारे बदलाव भी आए हो। समय के साथ आदमी में
  580. 26:48समझदारी भी विकसित हो ही जाती है। उम्मीद
  581. 26:50करता हूं कि समय के साथ श्रव्या भी समझदार
  582. 26:53हो गई होगी। फिर भी आपसे यह कहना चाहूंगा
  583. 26:56सर कि आप जब भी श्रव्या के साथ हो तो
  584. 26:59सतर्क जरूर रहिएगा। इस लड़की पर भरोसा
  585. 27:02करना रिस्की हो सकता है। मोहित शौर्य को
  586. 27:05सचेत करता हुआ बोला तो शौर्य [संगीत] ने
  587. 27:08भी आश्वासन भरे स्वर में जवाब दिया। ठीक
  588. 27:10है मैं ध्यान रखूंगा। इसके बाद उसने असली
  589. 27:14बात पर आते हुए कहा। शिप्रा के आने के बाद
  590. 27:18उससे कैसे बात करनी है यह पता है ना? हमें
  591. 27:22अच्छे से पता है बॉस। आप चिंता ना करें।
  592. 27:24विक्रम सीना तान के बोला। शौर्य ने विक्रम
  593. 27:27के मुंह से जैसे ही अपने लिए बॉस शब्द
  594. 27:29सुना, तो वह तुनक कर बोला, "तुमको कितनी
  595. 27:32बार बोला है यार विक्रम कि मुझे मेरे नाम
  596. 27:34से बुलाना शुरू कर दो। नहीं तो कभी ना कभी
  597. 27:37तुम गलती कर ही दोगे।" भूल जाओ वर्तमान
  598. 27:40समय को। [संगीत] बस यह समझो कि हम कॉलेज
  599. 27:42के समय में आ गए हैं। उस समय जैसे मुझसे
  600. 27:45एक दोस्त की तरह व्यवहार करते थे, वही
  601. 27:47व्यवहार करो, तो सारी मुश्किल ही खत्म हो
  602. 27:50जाएगी। एक समय था जब विक्रम के पापा शौर्य
  603. 27:53के पापा के लिए काम करते थे। उस समय
  604. 27:56विक्रम और शौर्य एक साथ पढ़ाई करते थे।
  605. 27:59शौर्य तो पढ़ाई में अच्छा था पर विक्रम का
  606. 28:01मन पढ़ाई में ज्यादा नहीं लगता [संगीत]
  607. 28:02था। यूनाइटेड किंगडम में ही एक दुर्घटना
  608. 28:05में विक्रम के मम्मी पापा का देहांत हो
  609. 28:07गया। उसके बाद विक्रम अपने पिता की जगह
  610. 28:10शौर्य के पापा का पर्सनल असिस्टेंट बन
  611. 28:12गया। जब शौर्य ने अपनी पढ़ाई खत्म करने के
  612. 28:15बाद अपना खुद का बिजनेस स्टार्ट किया
  613. 28:17[संगीत] तो फिर सूर्यभान राठौड़ ने विक्रम
  614. 28:20को शौर्य के साथ लगा दिया। अब क्योंकि
  615. 28:22विक्रम को सूर्यभान राठौड़ को बॉस कहने की
  616. 28:25आदत लग गई थी। इसीलिए जब वो शौर्य के साथ
  617. 28:28आया तो शुरुआत में तो मजे-मजे में बॉस
  618. 28:30बोलता था। पर धीरे-धीरे उसने इसे अपनी आदत
  619. 28:33में ही डाल लिया। [संगीत] बाद में थक हार
  620. 28:36कर शौर्य ने भी विक्रम को टोकना छोड़
  621. 28:38दिया। अभी वो यह बातें कर ही रहे थे कि
  622. 28:41इसी बीच ऑफिस स्टाफ केबिन के अंदर आया और
  623. 28:45विक्रम से बोला सर मिस शिप्रा आ गई हैं।
  624. 28:50विक्रम ने स्टाफ से पूछा वो अकेली है या
  625. 28:53उनके साथ कोई और भी है? नहीं सर उनके साथ
  626. 28:57एक और लड़की भी है? ऑफिस स्टाफ ने जवाब
  627. 29:00दिया। इस पर विक्रम ने स्टाफ से कहा। ठीक
  628. 29:04है। [संगीत] तुम ऐसा करो उन दोनों को लेकर
  629. 29:06मीटिंग रूम में बैठाओ। मैं वहीं आता हूं।
  630. 29:08फिर ऑफिस स्टाफ के जाते ही शौर्य दोनों से
  631. 29:11बोला, ठीक है अब तुम दोनों जाओ मीटिंग रूम
  632. 29:14में। थोड़ी देर में मुझे वहां बुला लेना
  633. 29:16ताकि आगे की बात में मैं भी शामिल [संगीत]
  634. 29:18हो सकूं। ठीक है हम जाते हैं। इतना कहकर
  635. 29:22विक्रम मोहित रैना के साथ उठकर कैबिन से
  636. 29:25बाहर चला गया। दूसरी ओर ऑफिस स्टाफ ने
  637. 29:28शिप्रा और मेघना को मीटिंग रूम में लाकर
  638. 29:30बैठा दिया और बोले साहब बस अभी आते हैं।
  639. 29:34मीटिंग रूम में एक लंबी टेबल थी जिसके
  640. 29:37दोनों तरफ 8-10 कुर्सियां लगी हुई थी।
  641. 29:39[संगीत] जब दोनों वहां बैठी तो मेघना ने
  642. 29:42शिप्रा से पूछा।
  643. 29:44मेरे कारण तुम्हें कोई प्रॉब्लम तो नहीं
  644. 29:45होगी? इस पर शिप्रा ने जवाब दिया।
  645. 29:50इसमें प्रॉब्लम होने वाली क्या बात है?
  646. 29:52अगर उन्हें कोई ऐतराज होगा तो तुम जाकर
  647. 29:54वेटिंग रूम में बैठ जाना। वैसे मुझे नहीं
  648. 29:57लगता कि तुम्हारे कारण कोई इशू होना
  649. 30:00चाहिए। [संगीत] यह कोई सीक्रेट डील तो
  650. 30:02नहीं हो रही है जो इसे तुम्हारे सामने
  651. 30:04करने में दिक्कत होगी। ठीक है जब तुम्हें
  652. 30:07कोई दिक्कत नहीं है तो मुझे भी ओके है।
  653. 30:10मेघना [संगीत] ने सहमति जताते हुए कहा।
  654. 30:12तभी मीटिंग रूम में विक्रम ने मोहित रैना
  655. 30:15के साथ प्रवेश किया। उन्हें अंदर आते
  656. 30:18देखकर शिप्रा और मेघना दोनों खड़ी हो गई।
  657. 30:22विक्रम सामने वाली कुर्सी पर बैठ गया।
  658. 30:25उसके बाद उसने मोहित, शिप्रा और मेघना को
  659. 30:28भी बैठने का इशारा किया। सबके बैठने के
  660. 30:30बाद मोहित रैना शिप्रा से बोला, "यह हमारे
  661. 30:34बॉस विक्रम चौहान हैं। और यह शिप्रा है
  662. 30:37जिनके साथ हमने उनके ब्रांड को लेकर डील
  663. 30:39की थी।" मोहित ने विक्रम और शिप्रा का
  664. 30:42परिचय कराया। लेकिन वो मेघना के बारे में
  665. 30:45कुछ नहीं जानता [संगीत] था। इसीलिए उसने
  666. 30:47मेघना की ओर देखकर पूछा। यह कौन है? इनके
  667. 30:50बारे में कुछ बताइए। इस पर शिप्रा ने जवाब
  668. 30:54दिया, यह मेरी कजिन है। यह कुछ दिनों के
  669. 30:57लिए इंडिया आई है। इनका अपना ब्रांड
  670. 30:59ग्रेशाs ब्यूटी प्रोडक्ट्स है और यह अपने
  671. 31:01प्रोडक्ट को एक्सपेंड करने के लिए यहां आई
  672. 31:04हैं। मैंने ही इन्हें सलाह दी कि एक बार
  673. 31:06आपसे मिलकर इसके बारे में बात कर लें।
  674. 31:09शायद यह आपके काम की डील हो।
  675. 31:12शिप्रा की बात सुनकर मोहित रैना बोला। ठीक
  676. 31:15है। जब ये आई हैं तो काम को भी देखेंगे।
  677. 31:19लेकिन उससे पहले हम अपनी बात कर लेते हैं।
  678. 31:21जैसा कि आपके प्रोडक्ट को लेकर हमारी डील
  679. 31:23पहले ही फाइनल हो चुकी है। तो सबसे पहले
  680. 31:26हमने आपकी कंपनी जिंक कलेक्शन के प्रमोशन
  681. 31:29पर खास ध्यान दिया है। उसी के लिए हमने
  682. 31:32इंडिया की फेमस मॉडल नताशा कपूर के साथ
  683. 31:34एग्रीमेंट किया है। कुछ दिनों में हम इसका
  684. 31:37शूट शुरू करेंगे। शूटिंग को लेकर सारा काम
  685. 31:40लगभग फाइनल हो चुका है। एक ही सांस में
  686. 31:44मोहित रैना ने सब कुछ शिप्रा के सामने रख
  687. 31:46दिया। नताशा कपूर का नाम सुनकर शिप्रा का
  688. 31:50दिल खुशी से उछलने लगा। उसे उम्मीद नहीं
  689. 31:53थी कि मोहित रैना उसकी कंपनी के प्रमोशन
  690. 31:55पर इतना ध्यान देगा।
  691. 31:57अब जाकर उसे लगने लगा कि बिग बुल के साथ
  692. 32:00उसने अपनी पार्टनरशिप डील करके [संगीत]
  693. 32:02घाटे का सौदा नहीं किया है। उसे यह उम्मीद
  694. 32:05हो गई थी कि जल्दी ही उसकी कंपनी का नाम
  695. 32:08चारों ओर फैलने वाला है। वो उत्साहित होकर
  696. 32:10बोली यह तो आपने बहुत अच्छी न्यूज़ दी है।
  697. 32:13मिस्टर मोहित मुझे उम्मीद [संगीत] नहीं थी
  698. 32:16कि आप हमारी कंपनी का प्रमोशन इस स्तर पर
  699. 32:18करेंगे। मोहित उत्साहित होकर बोला अभी तो
  700. 32:22आप आगे देखिए शिप्रा जी कि हम इस ब्रांड
  701. 32:24को कहां तक लेकर जाते हैं।
  702. 32:28मुझे आप पर पूरा भरोसा है मिस्टर मोहित आप
  703. 32:30जो भी करेंगे अच्छा ही करेंगे। शिप्रा भी
  704. 32:33उत्साहित स्वर में बोली तो फिर ठीक है। हम
  705. 32:36अभी आपको उनसे मिलाने वाले हैं जो मिस
  706. 32:38नताशा कपूर के साथ एडवर्टाइजमेंट से
  707. 32:41संबंधित वीडियो बनाएंगे।
  708. 32:43इतना कहकर मोहित ने टेबल पर रखी बेल बजाई
  709. 32:46और एक ऑफिस स्टाफ मीटिंग रूम के अंदर आया।
  710. 32:49मोहित ने ऑफिस स्टाफ से कहा, एक साहब
  711. 32:52हमारे केबिन में बैठे हैं। उनको यहां बुला
  712. 32:54लो।
  713. 32:56[संगीत] ऑफिस स्टाफ मीटिंग रूम से चला गया
  714. 32:58और कुछ ही पल में वापस आया तो शौर्य उसके
  715. 33:00साथ था। शौर्य ने जैसे ही उस मीटिंग रूम
  716. 33:03में कदम रखा तो शिप्रा उसे देखकर हैरान रह
  717. 33:06गई। हैरानी सिर्फ शिप्रा के चेहरे पर ही
  718. 33:09नहीं थी बल्कि हैरानी का भाव शौर्य के
  719. 33:12चेहरे पर भी था। पर यह पूरी तरह से
  720. 33:14एक्टिंग थी।
  721. 33:16वहीं दूसरी तरफ जब मेघना ने नताशा का नाम
  722. 33:18सुना तो उसे कहीं ना कहीं यह उम्मीद होने
  723. 33:21लगी थी कि यहां जिसकी बात हो रही है वो
  724. 33:24किसी और के बारे में नहीं बल्कि श्रवण के
  725. 33:26बारे में थी। [संगीत] अब शिप्रा को समझ आ
  726. 33:29रहा था कि शौर्य जो नताशा कपूर से मीटिंग
  727. 33:31करने गया था वो यही कंपनी थी। इसका मतलब
  728. 33:34[संगीत] शौर्य ने बिग बुल के साथ काम करना
  729. 33:37शुरू किया है। शिप्रा को आश्चर्य हो रहा
  730. 33:40था कि बिगबुल जैसी बड़ी कंपनी ने आखिर
  731. 33:42क्या देखकर श्रवण को अपने साथ काम के लिए
  732. 33:45हायर कर लिया। वैसे वह यह जानकर खुश भी थी
  733. 33:48कि उसकी कंपनी का जो ऐड कैंपेन शूट होने
  734. 33:50वाला है, वो श्रवण की देखरेख में ही होगा।
  735. 33:54शौर्य ने उस मीटिंग रूम में आते ही सबका
  736. 33:56अभिवादन किया। उसने मेघना को यहां देखकर
  737. 33:59कहा, "मुझे उम्मीद नहीं थी कि तुमसे यहां
  738. 34:01भी मुलाकात होगी।
  739. 34:04इसलिए तो कहते हैं कि दुनिया गोल है।
  740. 34:06मेघना भी मुस्कुराते हुए बोली। मेघना और
  741. 34:09शौर्य को आपस में बात करते देखकर विक्रम
  742. 34:12ने शौर्य से पूछा क्या आप दोनों एक दूसरे
  743. 34:15को जानते हैं?
  744. 34:17इस पर शौर्य ने जवाब दिया। हां, अभी दो
  745. 34:20दिन पहले मिस मेघना से मेरी मुलाकात हुई।
  746. 34:23यह भी नताशा कपूर को लेकर अपने ब्यूटी
  747. 34:25प्रोडक्ट का एडवर्टाइजमेंट बनाने जा रही
  748. 34:27हैं।
  749. 34:29यह तो बहुत बढ़िया बात है। विक्रम बोला
  750. 34:32फिर तो हम आगे चलकर जरूर एक मीटिंग करना
  751. 34:34चाहेंगे मिस मेघना। [संगीत]
  752. 34:36खैर, इस मीटिंग में डिसाइड किया गया कि
  753. 34:39किस तरह से जिंक कलेक्शन का ऐड शूट होगा
  754. 34:41और किन जरूरी बातों का ध्यान रखा जाएगा।
  755. 34:44नेक्स्ट वीक [संगीत] में ही शूटिंग का
  756. 34:46शेड्यूल भी फिक्स कर दिया गया। इसी मीटिंग
  757. 34:48के दौरान मेघना ने सबके सामने शौर्य से
  758. 34:51फिर से पूछ लिया कि क्या वो अपने शूट के
  759. 34:54साथ उसके ब्यूटी प्रोडक्ट का शूट भी कर
  760. 34:56देगा? शौर्य मना करने की सोच ही रहा था कि
  761. 34:59बीच में शिप्रा बोल पड़ी। कर दो ना। यह
  762. 35:03कहां शूटिंग का अरेंजमेंट करेगी?
  763. 35:06अब शौर्य के पास मना करने का कोई ऑप्शन
  764. 35:09नहीं था। इसीलिए उसे तैयार होना पड़ा।
  765. 35:12मेघना को आश्चर्य हुआ कि शिप्रा के एक बार
  766. 35:15बोलने पर शौर्य तैयार कैसे हो गया। वो कुछ
  767. 35:18बोलने का सोच तो रही थी पर इस समय [संगीत]
  768. 35:21सबके सामने उसने चुप रहना ही ठीक समझा।
  769. 35:24लेकिन उसने निश्चय किया कि वो बाद में
  770. 35:26शौर्य से इस बारे में बात जरूर करेगी।
  771. 35:29[संगीत] वैसे मेघना को यह उम्मीद नहीं थी
  772. 35:31कि शिप्रा उसके काम के लिए शौर्य से
  773. 35:34बोलेगी। क्योंकि उसके हिसाब से तो उसने ही
  774. 35:37शिप्रा को शौर्य से मिलवाया था। तो शौर्य
  775. 35:40को उसकी बात माननी चाहिए थी ना कि शिप्रा
  776. 35:43की।
  777. 35:44कहीं शिप्रा की खूबसूरती [संगीत] देखकर वो
  778. 35:47फिसल तो नहीं गया। शायद यही बात होगी। हम
  779. 35:51[नाक से की जाने वाली आवाज़] मेघना ने मन
  780. 35:52ही मन सोचा। फिर कुछ ही देर में जब शूटिंग
  781. 35:55को लेकर सारी बातें खत्म हो गई तो मीटिंग
  782. 35:58समाप्त करने का समय हो गया। तभी मेघना
  783. 36:01विक्रम का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित करते
  784. 36:03हुए बोली। मिस्टर विक्रम क्या अब आप थोड़ा
  785. 36:07समय मेरी बात की तरफ भी देंगे? मैं चाहती
  786. 36:10हूं कि मेरे ब्यूटी प्रोडक्ट को भी बिगबुल
  787. 36:12में अपना प्रोडक्ट डिस्प्ले करने का मौका
  788. 36:15मिले।
  789. 36:17इसको लेकर आप कभी भी मिस्टर मोहित से बिग
  790. 36:19बबुल जाकर एक मीटिंग कर लीजिएगा। यह कोई
  791. 36:22मुश्किल नहीं है। [संगीत]
  792. 36:23विक्रम ने मोहित रैना की ओर देखकर कहा।
  793. 36:26मोहित रैना ने भी सहमति [संगीत] में कहा।
  794. 36:29आप एक समय निश्चित करके मुझे फोन कर
  795. 36:32लीजिएगा। उसके बाद हम इसको लेकर एक मीटिंग
  796. 36:34कर लेंगे। जरूर मैं जल्दी ही आपसे
  797. 36:37मिलूंगी। मेघना ने उत्साह में जवाब दिया।
  798. 36:41मेरा नंबर आपको शिप्रा जी से मिल जाएगा।
  799. 36:44मोहित बोला मीटिंग समाप्त होते ही अब
  800. 36:47शौर्य का प्लान कुछ शॉपिंग करने का था
  801. 36:49क्योंकि अभी-अभी वो मॉडल टाउन वाली कोठी
  802. 36:52नंबर सात में शिफ्ट हुआ था और उसे अपने
  803. 36:55लिए कुछ सामान की जरूरत थी। यहां तक कि
  804. 36:58उसके पास ढंग के कपड़े भी नहीं थे। जो
  805. 37:00थोड़े बहुत कपड़े थे वे भी शिप्रा के घर
  806. 37:02पर पड़े हुए थे। मीटिंग रूम से विक्रम और
  807. 37:06मोहित के जाने के बाद वहां शौर्य, मेघना
  808. 37:08और शिप्रा ही रह गए। शौर्य को अकेला पाते
  809. 37:11ही मेघना ने उससे कहा
  810. 37:14मुझे ऐसा क्यों लगा कि तुम फिर से मेरे
  811. 37:17काम के लिए मना करने वाले थे? अरे किया तो
  812. 37:21नहीं ना। मान तो गया कि अपना काम खत्म
  813. 37:24करने के बाद तुम्हारा काम भी कर दूंगा।
  814. 37:27शौर्य ने लापरवाही से कहा तो मेघना चिढ़ते
  815. 37:30हुए बोली मान तो लिया पर मुझे लगा मेरे
  816. 37:33कहने पर नहीं बल्कि तुम शिप्रा के कहने पर
  817. 37:36मेरा काम करने को तैयार हुए हो। अरे जैसे
  818. 37:40भी हो तैयार तो हो गया ना। अब तुम क्यों
  819. 37:43इस बात का बतंगड़ बना रही हो? शौर्य उसे
  820. 37:46समझाने की कोशिश करते हुए बोला। [संगीत]
  821. 37:48शौर्य और मेघना को बहस करते देखकर शिप्रा
  822. 37:51के चेहरे पर एक मुस्कान आई। मगर वह जान गई
  823. 37:54कि कहीं मेघना को पता चल जाए कि शौर्य ही
  824. 37:57उसका पति है तो वह उससे भी लड़ पड़ेगी।
  825. 38:00कहीं उनके रिश्ते में कोई दरार ना आ जाए।
  826. 38:03यही सोचकर शिप्रा थोड़ी सहम गई। शौर्य और
  827. 38:06मेघना के बीच बढ़ती लड़ाई को देखकर शिप्रा
  828. 38:09के मन में डर बैठने लगा। उसे चिंता होने
  829. 38:12लगी कि कहीं इस झगड़े के दौरान मेघना को
  830. 38:14यह सच ना पता चल जाए कि शौर्य ही उसका पति
  831. 38:17है। बात बढ़ती देख वो तुरंत बीच में बोली।
  832. 38:21अब रहने भी दो मेघना। यह मान तो गया
  833. 38:23तुम्हारा काम करने को। फिर बहस क्यों कर
  834. 38:26रही हो? हम शिप्रा की बात सुनकर मेघना चुप
  835. 38:29हो गई और गुस्से से उसकी ओर देखने लगी।
  836. 38:32तुम मुझे यह बताओ कि तुम मेरी साइड हो या
  837. 38:35इसके? मेघना चिढ़कर बोली। तो शिप्रा ने
  838. 38:38झगड़ा शांत कराने की कोशिश करते हुए कहा।
  839. 38:41यहां किसी को सपोर्ट करने वाली बात कहां
  840. 38:43से आई? जरूर तुमने मेरी बहन पर कोई जादू
  841. 38:47किया है कि वो तुम्हारा साथ दे रही है।
  842. 38:50मेघना शौर्य से शिकायत भरे लहजे में बोली
  843. 38:54ये तुम कैसी बात कर रही हो? मैंने श्रवण
  844. 38:56की साइड कब ली? शिप्रा ने सफाई देते हुए
  845. 38:59पूछा। मेघना ने उसकी आंखों में देखते हुए
  846. 39:02कहा। तुमने मेरी साइड ना लेकर न्यूट्रल
  847. 39:05दिखने की जो कोशिश की है, यह शौर्य की
  848. 39:08साइड लेना ही माना जाएगा।
  849. 39:10यह सुनकर शौर्य को भी अच्छा लगा।
  850. 39:14ठीक है। फिर तुम्हें जो करना है करो। अब
  851. 39:17मैं बीच में कुछ नहीं बोलूंगी। शिप्रा ने
  852. 39:20शांत स्वर में कहा। मेघना ने शिकायत भरे
  853. 39:22अंदाज में कहा।
  854. 39:25मैंने बोलने से तो रोका ही नहीं। तुम्हें
  855. 39:27बोलना था तो मेरी साइड लेकर बोलना था।
  856. 39:31ओहो ठीक है। तुम दोनों अपनी बातें जारी
  857. 39:34रखो। मैं जा रहा हूं। मुझे कुछ और भी काम
  858. 39:36है। शौर्य बोला और मीटिंग रूम से बाहर
  859. 39:39जाने लगा। शिप्रा उससे बात करना चाहती थी।
  860. 39:42पर मेघना के सामने नहीं कर सकती थी। उसने
  861. 39:45गौर किया कि शौर्य उसकी तरफ ज्यादा ध्यान
  862. 39:48नहीं दे रहा था और यह बात उसे परेशान कर
  863. 39:51रही थी। तभी उसके दिमाग में एक आईडिया
  864. 39:54आया। उसने शौर्य को जाते देख आवाज दी।
  865. 39:57श्रवण एक मिनट रुकना। मुझे तुमसे कुछ बात
  866. 40:01करनी है। शौर्य ने यह उम्मीद नहीं की थी
  867. 40:04कि शिप्रा उसे इस तरह रोकेगी। लेकिन उसकी
  868. 40:07आवाज सुनकर वो रुक गया और पलट कर उसकी तरफ
  869. 40:10देखने लगा। मेघना यह देखकर हैरान रह गई और
  870. 40:13शिप्रा की ओर देखने लगी। तभी शिप्रा ने
  871. 40:16मेघना से कहा, तुम 5 मिनट के लिए बाहर
  872. 40:19जाओगी? मुझे श्रवण से अकेले में कुछ बात
  873. 40:22करनी है। ऐसी क्या बात है जो तुम मेरे
  874. 40:25सामने नहीं कर सकती? मेघना हैरानी से उसे
  875. 40:29देखते हुए बोली तो शिप्रा ने कहा मुझे
  876. 40:32अपनी [संगीत] कंपनी के ऐड शूट के बारे में
  877. 40:34श्रवण से बात करनी है। इसीलिए कहा कि
  878. 40:36अकेले में बात करनी है। मेघना को बात समझ
  879. 40:40में आ गई लेकिन फिर भी वह बोली [संगीत]
  880. 40:42अगर ऐड के बारे में बात करनी है तो वो
  881. 40:45मेरे सामने भी कर सकती हो।
  882. 40:48अरे मैंने इसलिए कहा कि यह तुम्हारे मतलब
  883. 40:50की बात नहीं है। तुम बोर हो जाओगी और हो
  884. 40:53सकता है कि श्रवण तुम्हारे सामने खुलकर
  885. 40:55बात ना कर पाए। शिप्रा ने बात संभालते हुए
  886. 40:58कहा, शौर्य समझ गया कि शिप्रा उससे अकेले
  887. 41:01में बात करना चाहती है। [संगीत] इसीलिए
  888. 41:04उसने शिप्रा का साथ देते हुए मेघना से
  889. 41:06कहा, "हां, शिप्रा ठीक कह रही है।" शूट से
  890. 41:10जुड़ी कोई भी बात मैं किसी और के सामने
  891. 41:12नहीं कर सकता।
  892. 41:15शौर्य को शिप्रा की बात में बात मिलाते
  893. 41:17देखकर [संगीत] मेघना शक भरी नजर से दोनों
  894. 41:20को देखने लगी।
  895. 41:21तभी शौर्य बोला
  896. 41:24मुझे देखने का तुम्हें अभी बहुत मौका
  897. 41:26मिलेगा। इसीलिए कम से कम कुछ समय के लिए
  898. 41:29तुम हम दोनों को अकेला छोड़ दो। शौर्य की
  899. 41:32बात सुनकर मेघना चिढ़कर बोली
  900. 41:36मुझे भी तुम दोनों की बात सुनने का कोई
  901. 41:38शौक नहीं है। इसीलिए आराम से यहां बैठकर
  902. 41:40तुम दोनों बातें करो। हम मैं भी तब तक
  903. 41:43जाकर मोहित रैना से मिलने की कोशिश करती
  904. 41:45हूं। इतना कहकर मेघना शौर्य को घूरती हुई
  905. 41:49उस रूम से बाहर चली गई। मेघना को देखकर
  906. 41:52ऐसा लग रहा था जैसे वो आंखों से ही शौर्य
  907. 41:54को वार्निंग दे रही हो। मेघना को अपनी तरफ
  908. 41:57यूं घूरते देखकर शौर्य के चेहरे पर
  909. 42:00मुस्कान आ गई। जब मेघना उस कमरे से बाहर
  910. 42:02चली गई तो शौर्य ने शिप्रा के करीब जाकर
  911. 42:05पूछा
  912. 42:07क्या हुआ तुम्हें? क्या बात करना चाहती
  913. 42:09हो? तुम कल रात घर क्यों नहीं आए? [संगीत]
  914. 42:13शिप्रा सीधे मुद्दे पर आते हुए बोली तो
  915. 42:16शौर्य ने बताया मैंने मैसेज किया तो था
  916. 42:19तुम्हें कि मैं अपने नए घर जा रहा हूं।
  917. 42:22ऐसे अचानक मैसेज करके चले जाओगे तो मन में
  918. 42:25सवाल तो आएंगे ही। शिप्रा भावहीन स्वर में
  919. 42:28बोली। इस पर शौर्य ने सफाई दी। यह अचानक
  920. 42:32कहां था? मैंने तुम्हें पहले भी तो बताया
  921. 42:34था कि मुझे रहने के लिए घर मिला है। मैं
  922. 42:37[संगीत] वहां शिफ्ट होने की सोच रहा हूं।
  923. 42:39हम शिप्रा ने उस बात को वहीं छोड़ दिया।
  924. 42:42उसके मन में जो बात चुभ रही थी उसने उसी
  925. 42:45पर बात करना ठीक समझा। इसीलिए उसने हिम्मत
  926. 42:48करके पूछा तुमने कल वो वाला गिफ्ट रुचि को
  927. 42:52क्यों दे दिया जिसे तुमने मेरे लिए लिया
  928. 42:54था?
  929. 42:56शिप्रा की बातें सुनकर शौर्य आश्चर्य से
  930. 42:58उसे देखने लगा। वो हैरान होकर बोला।
  931. 43:02यह तुम कैसी बात कर रही हो? तुमने ही तो
  932. 43:05वो गिफ्ट वापस कर दिया था। जब तुम्हें
  933. 43:07लेना ही नहीं था तो इससे क्या फर्क पड़ता
  934. 43:09है कि मैं वो गिफ्ट किसे देता हूं? और जब
  935. 43:12मेरे पास पहले से ही एक गिफ्ट पड़ा हुआ था
  936. 43:15तो नया गिफ्ट लेने में पैसे खर्च करना
  937. 43:17बेवकूफी ही तो होता।
  938. 43:20शिप्रा देख रही थी कि शौर्य के पास सभी
  939. 43:23सवालों के जवाब पहले से तैयार थे। उसे लगा
  940. 43:26कि कहीं शौर्य उससे अलग होने की जल्दी में
  941. 43:28तो नहीं है। यही सोचकर वो बोली। कहीं तुम
  942. 43:32मुझसे तलाक लेने का मूड तो नहीं बना रहे
  943. 43:34हो।
  944. 43:36शौर्य महसूस कर गया कि शिप्रा अंदर से
  945. 43:38परेशान है। इसीलिए वह उसे तसल्ली देते हुए
  946. 43:41बोला, नहीं ऐसा मेरा कोई प्लान नहीं है।
  947. 43:45जब तक तुम खुद नहीं चाहोगी, [संगीत] मैं
  948. 43:47अपनी तरफ से तुम्हें तलाक देने की कोशिश
  949. 43:49नहीं करूंगा। इसीलिए तुम्हें इस तरह की
  950. 43:51बात अपने दिल में पालने की जरूरत नहीं है।
  951. 43:55शौर्य की इस बात से शिप्रा को बहुत राहत
  952. 43:57महसूस हुई। शिप्रा ने उत्सुकता से पूछा।
  953. 44:00तुम कहां शिफ्ट हुए हो? मॉडल टाउन में।
  954. 44:04शौर्य ने जवाब दिया तो शिप्रा ने आश्चर्य
  955. 44:07से पूछा वो तो बहुत पौश इलाका है। वहां घर
  956. 44:11कैसे मिल गया? [संगीत] विक्रम सर ने अरेंज
  957. 44:14कराया है। शौर्य ने कहानी बनाते हुए कहा
  958. 44:17शिप्रा ने उम्मीद भरी नजरों से शौर्य की
  959. 44:20ओर देखा और पूछा आज तो घर आओगे।
  960. 44:25अभी तो मुश्किल है। [संगीत] वैसे भी
  961. 44:27तुम्हारे साथ तुम्हारी बहन रह रही है जिसे
  962. 44:29मेरे बारे में अभी कुछ नहीं पता है। तो एक
  963. 44:32तरह से यह तुम्हारे लिए भी ठीक ही है।
  964. 44:35शौर्य की बात सुनकर शिप्रा के चेहरे पर
  965. 44:37हल्की सी उदासी आ गई। उसे उम्मीद थी कि वो
  966. 44:40घर आने की बात करेगा। लेकिन शौर्य की
  967. 44:43बातें उसके दिल को चुभ रही थी। मेघना के
  968. 44:46होने से तुम्हारे आने में क्या फर्क पड़ता
  969. 44:48है? शिप्रा ने पूछा तो शौर्य मुस्कुराते
  970. 44:52हुए बोला तुम खुद ही तो अपने रिश्ते की
  971. 44:55बात छुपा रही हो। इस पर शिप्रा बोली मैं
  972. 44:58छुपा नहीं रही बस मैंने उसे अभी बताया
  973. 45:01नहीं है कि वो तुम ही हो। [संगीत] हालात
  974. 45:04ऐसे बनते चले गए कि मैं बता ही नहीं पाई।
  975. 45:06वैसे इस बात को मुझे उससे छुपाने की कोई
  976. 45:09जरूरत नहीं है। तो क्या तुम अभी उसे
  977. 45:12बताओगी कि मेरा तुम्हारा क्या रिश्ता है?
  978. 45:15शौर्य ने शंका भरे स्वर में पूछा। तो
  979. 45:18शिप्रा बोली मुझे बताने की क्या जरूरत है
  980. 45:21जब तुम आओगे तो उसे खुद ही पता चल जाएगा।
  981. 45:25शौर्य शिप्रा को घूरते हुए बोला यानी अभी
  982. 45:28उसे नहीं बताओगी।
  983. 45:30अगर मैंने अभी उसे यह बताया तो वो मुझे
  984. 45:33मार खाएगी कि मैंने उसे पहले क्यों नहीं
  985. 45:35बताया। और मैं अभी यह रिस्क लेने के मूड
  986. 45:38में नहीं हूं। शिप्रा मना करती हुई बोली।
  987. 45:41[गला साफ़ करने की आवाज़]
  988. 45:42अभी शिप्रा की बात खत्म ही हुई थी कि तभी
  989. 45:44उस रूम का दरवाजा खुला और मेघना उससे
  990. 45:47झांकते हुए बोली तुम लोगों की सीक्रेट
  991. 45:49बातें कब खत्म होंगी? हम
  992. 45:53शिप्रा ने जब देखा कि मेघना दरवाजे से
  993. 45:55झांक रही है तो उसने कहा मेरी कोई सीक्रेट
  994. 45:58बात नहीं हो रही है। बस शूट के बारे में
  995. 46:01कुछ बातें थी जिन्हें मैं क्लियर कर रही
  996. 46:03थी। तो तुम्हारी बात क्लियर हो गई या अभी
  997. 46:06और कुछ बाकी है। मेघना अभी भी उसी स्थिति
  998. 46:10में खड़ी थी।
  999. 46:11हां हां हो गई। शिप्रा मजबूरी में बोली।
  1000. 46:15आज अचानक उसे अकेले में शौर्य से बात करना
  1001. 46:18अच्छा लग रहा था। मेघना के इतनी जल्दी आ
  1002. 46:21जाने से उसके चेहरे का रंग बदल गया।
  1003. 46:25तो क्या अब मैं अंदर आ सकती हूं? मेघना
  1004. 46:29इजाजत लेती हुई बोली। वो शिप्रा से उसे
  1005. 46:32बाहर भेजने से नाराज थी। शिप्रा ने हल्की
  1006. 46:35मुस्कान के साथ पूछा। अरे तुझे क्या मैंने
  1007. 46:37रोक रखा है अंदर आने से?
  1008. 46:40बहुत अच्छे। अभी तुमने ही मुझे बाहर किया
  1009. 46:42था। अब कह रही हो कि मैंने रोक रखा है।
  1010. 46:46मेघना चिढ़े स्वर में कह उठी। तुम भी
  1011. 46:49[संगीत] कमाल करती हो। हम मैंने तो इसीलिए
  1012. 46:52कहा था कि तुम्हारे मतलब की बात नहीं थी।
  1013. 46:54तुम बोर हो जाती। इसीलिए तुम्हें बाहर
  1014. 46:57जाने को कहा था। शिप्रा सफाई देते हुए
  1015. 46:59समझाने लगी। मेघना मुंह बनाकर बोली।
  1016. 47:04तुम्हारा जवाब नहीं है। हम अब तुम मुझसे
  1017. 47:06झूठ भी बोलने लगी हो। मेघना अब तक कमरे के
  1018. 47:10अंदर आ गई थी। तभी उसने देखा कि दरवाजा
  1019. 47:13फिर से खुला और श्रव्या अंदर आई। वो शौर्य
  1020. 47:17को देखते हुए बोली, अभी तुम्हें यहां
  1021. 47:19रुकना है या कहीं और भी चलना है। मैं यहां
  1022. 47:21बैठी-बैठी बोर हो रही हूं।
  1023. 47:24[संगीत] शौर्य को उम्मीद नहीं थी कि
  1024. 47:26श्रव्या यूं अचानक उसे ढूंढती हुई यहां आ
  1025. 47:28जाएगी। उसके चेहरे पर घबराहट छा गई थी।
  1026. 47:32जबकि शिप्रा श्रव्या को शौर्य से इस तरह
  1027. 47:34बात करते देखकर हैरान थी। वो सोचने को
  1028. 47:37मजबूर थी कि आखिर यह लड़की कौन है? उसकी
  1029. 47:40सुंदरता देखकर शिप्रा को थोड़ी जलन महसूस
  1030. 47:43हुई। वो शौर्य की ओर देखने लगी कि वो क्या
  1031. 47:46जवाब देगा। वहीं शौर्य उलझन में पड़ गया।
  1032. 47:49उसने खुद को संभाला और बोला
  1033. 47:53तुम चलकर 5 मिनट इंतजार करो। मैं आता हूं।
  1034. 47:56शौर्य की बात सुनकर श्रव्या ने शिप्रा और
  1035. 47:58मेघना को एक नजर देखा और वहां से चली गई।
  1036. 48:02श्रव्या के जाने के बाद शिप्रा खुद को रोक
  1037. 48:05नहीं पाई और बोली कौन है ये लड़की और
  1038. 48:08तुमसे इसका क्या मतलब है? शिप्रा को इस
  1039. 48:11तरह सवाल करते देखकर देखना हैरान रह गई।
  1040. 48:15तभी शौर्य बोला वो मेरी दोस्त है। अभी
  1041. 48:18मुझे उसके साथ कहीं जाना है इसीलिए मैं
  1042. 48:21चलता हूं। शिप्रा खुद को रोक नहीं पाई।
  1043. 48:24उसने पूछा अरे तुम्हारी दोस्त है तो उसका
  1044. 48:27कोई नाम भी होगा।
  1045. 48:30तुम क्यों उसका नाम जानना चाहती हो?
  1046. 48:33तुम्हें नहीं लगता कि तुम अपने द्वारा तय
  1047. 48:36की गई लाइन को खुद ही तोड़ रही हो? शौर्य
  1048. 48:40भावहीन स्वर में बोला। शिप्रा को उम्मीद
  1049. 48:42नहीं थी कि शौर्य [संगीत] उससे ऐसे बात
  1050. 48:44करेगा। शौर्य आगे बोला। जैसे ही शूटिंग
  1051. 48:48शेड्यूल कंफर्म होगा, मैं तुम्हें बता
  1052. 48:50दूंगा। अभी मैं चलता हूं।
  1053. 48:54इतना कहकर शौर्य कमरे से निकल गया। अब
  1054. 48:57शिप्रा और मेघना ही कमरे में रह गई। शौर्य
  1055. 49:00के जाने के बाद मेघना ने शिप्रा से कहा,
  1056. 49:04"यह तुम्हें क्या हो गया? तुम श्रवण से
  1057. 49:06ऐसे कैसे बात कर सकती हो? तुम उस लड़की को
  1058. 49:09जानती हो या पहले कभी देखा है? मुझे समझ
  1059. 49:12नहीं आ रहा तुम उस लड़की को लेकर क्यों
  1060. 49:14परेशान हो? और तुम्हें उसे जानने की क्या
  1061. 49:16पड़ी है?
  1062. 49:18इस पर शिप्रा ने कहा, तुम्हें नहीं लगता
  1063. 49:22कि तुम्हें भी यह जानने की कोशिश करनी
  1064. 49:23चाहिए कि श्रवण के आसपास ये खूबसूरत
  1065. 49:26लड़कियां कहां से आ गई?
  1066. 49:28मेघना ने हैरानी से उसकी तरफ देखते हुए
  1067. 49:30पूछा।
  1068. 49:32देखो मेरा तो समझ आता है क्योंकि मैं उसे
  1069. 49:35पहले से जानती हूं। पर तुम क्यों जानना
  1070. 49:37चाहती हो?
  1071. 49:40तुम्हें देखकर ही मेरे मन में भी जिज्ञासा
  1072. 49:42हो गई। इसीलिए पूछ लिया।
  1073. 49:44शिप्रा ने बात संभालते हुए कहा
  1074. 49:48मेघना शक भरी नजर से शिप्रा को घूरते हुए
  1075. 49:51बोली
  1076. 49:52पता नहीं क्यों पर मुझे तुम्हारा यह जवाब
  1077. 49:55हजम नहीं हो रहा हम तुम मुझसे कुछ छुपा
  1078. 49:58रही हो
  1079. 50:00अरे पता नहीं तुम कुछ भी बोले जा रही हो
  1080. 50:03छोड़ो इन बातों को और चलो यहां से
  1081. 50:06शिप्रा बात को टालकर दरवाजे की तरफ बढ़ती
  1082. 50:09हुई बोली मेघना ने महसूस किया कि शिप्रा
  1083. 50:12उसे नजर नहीं मिला पा आ रही थी तो उसने
  1084. 50:15अपने शक को शिप्रा से ही पूछ लिया।
  1085. 50:18कहीं तुम्हें श्रवण पसंद तो नहीं आने लगा।
  1086. 50:21कुछ भी तुम दो और दो पांच करने में आ गए
  1087. 50:24हो इसलिए कुछ भी अस्यूम करने लगी हो।
  1088. 50:27शिप्रा ने नाराजगी से कहा। मेघना शिप्रा
  1089. 50:30को घूरती हुई बोली। मैं ऐसे ही कुछ भी
  1090. 50:33अस्यूम नहीं करती।
  1091. 50:35पता नहीं क्यों पर मुझे अब तुम पर शक सा
  1092. 50:37होने लगा है। तुमको जो सोचना है सोचते
  1093. 50:40रहो। पर अब मैं यहां से जा रही हूं। इतना
  1094. 50:45कहकर शिप्रा उस रूम से निकल गई। मेघना भी
  1095. 50:48उसके पीछे-पीछे उस कमरे से निकल गई।
  1096. 50:51शिप्रा अभी भी श्रव्या के बारे में जानना
  1097. 50:53चाहती थी। आखिर कौन थी यह लड़की? पर उसे
  1098. 50:57कुछ पता नहीं चला।
  1099. 51:00दूसरी तरफ शौर्य श्रव्या के साथ शॉपिंग के
  1100. 51:03लिए निकला। तभी शौर्य का फोन रिंग करने
  1101. 51:05लगा।
  1102. 51:07शौर्यन ने अपने मोबाइल की तरफ देखा तो उसे
  1103. 51:09एक जाना पहचाना नंबर दिखाई दिया। उसने
  1104. 51:12सोचा इसे अभी फोन करने की क्या जरूरत पड़
  1105. 51:15गई? शिप्रा का श्रव्या के बारे में पूछना
  1106. 51:17और शौर्य का रूखा जवाब शिप्रा को खटका। वो
  1107. 51:21कभी सोच भी नहीं सकती थी कि शौर्य उससे इस
  1108. 51:24तरह बात करेगा। एक स्वाभाविक जलन का भाव
  1109. 51:27उसके मन में उफान लेने लगा था। वहीं मेघना
  1110. 51:30को शिप्रा का शौर्य से ऐसे पूछताछ करना
  1111. 51:33बड़ा ही अटपटा लगा। उसे शक होने लगा कि
  1112. 51:36दाल में जरूर कुछ काला है। कहीं शिप्रा
  1113. 51:39शौर्य के प्यार में तो नहीं पड़ती जा रही।
  1114. 51:42दूसरी तरफ शौर्य जैसे ही मीटिंग रूम से
  1115. 51:44निकलता है तो एक लड़की का फोन कॉल उसे सोच
  1116. 51:47में डाल देता है कि इस समय इसे फोन करने
  1117. 51:50की क्या जरूरत पड़ गई? शौर्य फोन उठाता
  1118. 51:53है। वो रागिनी का फोन था। दूसरी तरफ से
  1119. 51:56रागिनी की आवाज आई।
  1120. 51:58हेलो जीजू, आप कहां हो?
  1121. 52:01शौर्य भी सवाल करता है। क्यों? क्या बात
  1122. 52:04है?
  1123. 52:05अरे जीजू मैंने बोला था ना कि टेनिस का
  1124. 52:07स्टेट सिलेक्शन ट्रायल होना है। अगर आप आ
  1125. 52:10जाएंगे तो मुझे अच्छा लगेगा।
  1126. 52:12रागिनी रिक्वेस्ट करते हुए बोली इस पर
  1127. 52:15शौर्य हैरान होकर रागिनी से पूछता है पर
  1128. 52:18तुम्हारा ट्रायल तो बहुत पहले होने वाला
  1129. 52:20था ना तो फिर आज कैसे हो सकता है?
  1130. 52:23क्योंकि शौर्य को ध्यान था कि पिछली बार
  1131. 52:25जब उसने रागिनी के साथ मैच खेला था तब
  1132. 52:28उसने कहा था कि दो दिन बाद ही उसका स्टेट
  1133. 52:31ट्रायल होने वाला है। फिर इतने समय बाद यह
  1134. 52:34कैसे हो सकता है? इस पर रागिनी आग्रह भरे
  1135. 52:37स्वर में बोली
  1136. 52:38अरे नहीं जीजू पहले होने वाला तो था पर
  1137. 52:41हुआ नहीं। उस समय सिर्फ लड़कों का ही
  1138. 52:44ट्रायल हुआ था। लड़कियों का ट्रायल
  1139. 52:46पोस्टपोन हो गया था। वो आज है। राहुल तो
  1140. 52:49आया है। अगर आप आकर कुछ टिप्स दे देंगे तो
  1141. 52:52हो सकता है कि मेरा सिलेक्शन हो जाए।
  1142. 52:55इस पर शौर्य ने एक पल सोचा फिर [संगीत]
  1143. 52:57निश्चय किया और पूछा वैसे तुम्हारा यह
  1144. 53:00ट्रायल कहां हो रहा है?
  1145. 53:02स्पोर्ट्स अथॉरिटी कॉम्प्लेक्स वीरपुर
  1146. 53:04में।
  1147. 53:05रागिनी ने जवाब दिया। तभी शौर्य ने
  1148. 53:08श्रव्या से पूछा।
  1149. 53:10क्या तुम्हें पता है कि स्पोर्ट्स अथॉरिटी
  1150. 53:13कॉम्प्लेक्स कहां है?
  1151. 53:15श्रव्या ने सोचा कि अचानक शौर्य स्पोर्ट्स
  1152. 53:17अथॉरिटी के बारे में क्यों पूछ रहा है?
  1153. 53:20फिर बोली, हां, पता है? बढ़िया। क्या तुम
  1154. 53:25मुझे वहां ले चलोगी? शौर्य ने पूछा, तो
  1155. 53:29श्रव्या नाखशी से बोली, अब वहां क्या काम
  1156. 53:32पड़ गया? आज स्टेट लेवल टेनिस का ट्रायल
  1157. 53:36चल रहा है। मेरी एक जानने वाली उसमें भाग
  1158. 53:39ले रही है। इसीलिए मुझे वहां ले चलो।
  1159. 53:41शौर्य ने कहा, "खै श्रव्या ने ना चाहते
  1160. 53:46हुए भी शौर्य को वहां पहुंचाया और खुद भी
  1161. 53:48उसके साथ अंदर चली गई। शौर्य ने देखा कि
  1162. 53:51स्पोर्ट्स [संगीत] कॉम्प्लेक्स में
  1163. 53:52लड़कियों की अच्छी खासी संख्या थी। कुछ
  1164. 53:55लड़कियां कोर्ट में प्रैक्टिस कर रही थी।
  1165. 53:58राहुल ने शौर्य को देखा तो वो उसके पास आ
  1166. 54:00गया और उसे रागिनी [संगीत] के पास ले गया।
  1167. 54:03रागिनी के हाथ में रैकेट था। वो शौर्य का
  1168. 54:06इंतजार कर रही थी। रास्ते में शौर्य ने
  1169. 54:08राहुल से पूछा तुम्हारा भी तो ट्रायल हुआ
  1170. 54:11होगा। क्या परिणाम रहा?
  1171. 54:14मेरा नहीं हो पाया जीजू। अभी मुझे अपने
  1172. 54:17खेल को सुधारने की और जरूरत है। राहुल
  1173. 54:20नजरें चुराते हुए बोला। इसके बाद शौर्य ने
  1174. 54:23आगे कुछ पूछना जरूरी नहीं समझा। रागिनी के
  1175. 54:26पास पहुंचकर उसने एक और लड़की को देखा।
  1176. 54:29तभी रागिनी ने परिचय कराया। जीजू यह
  1177. 54:32स्वीटी है। यह भी यहां ट्रायल देने आई है।
  1178. 54:35अभी ट्रायल शुरू होने में लगभग एक घंटा
  1179. 54:38है। तब तक आप मुझे कुछ टिप्स दे दीजिए जो
  1180. 54:41मेरे काम आ जाए।
  1181. 54:44ये तुम क्या कर रही हो? बलवीर सर देखेंगे
  1182. 54:47तो नाराज होंगे। स्वीटी बोली। तभी शौर्य
  1183. 54:50ने पूछा यह बलवीर सर कौन है? और वो नाराज
  1184. 54:54क्यों होंगे? इस पर स्वीटी ने बताया बलवीर
  1185. 54:57सर ने पिछली बार हमें ट्रेनिंग दी थी। वो
  1186. 55:00यहां कोचिंग भी करते हैं। उन्हें पसंद
  1187. 55:02नहीं है कि उनके सामने कोई ज्यादा शो ऑफ
  1188. 55:05करे। अगर उन्हें लगा कि रागिनी किसी और से
  1189. 55:08टिप्स ले रही है तो उन्हें अच्छा नहीं
  1190. 55:10लगेगा।
  1191. 55:11यह क्या बेवकूफी है? कौन किससे टिप्स ले
  1192. 55:14रहा है? इससे उन्हें फर्क नहीं पड़ना
  1193. 55:16चाहिए। शौर्य ने कंधे उचका कर कहा। यह
  1194. 55:20सुनकर रागिनी बोली। वैसे भी यह मेरे जीजू
  1195. 55:23हैं। अगर मैं इनसे टिप्स लेती हूं तो
  1196. 55:25उन्हें बुरा नहीं लगना चाहिए।
  1197. 55:27स्वीटी ने उन्हें सचेत करते हुए कहा, अब
  1198. 55:30तुम देख लो। मैंने तो तुम्हें सतर्क कर
  1199. 55:33दिया। आप इसकी बात छोड़ो जीजू, आप मुझे
  1200. 55:36कुछ ऐसा टिप दो कि मैं अपने खेल में थोड़ा
  1201. 55:38सुधार ला सकूं। रागिनी उम्मीद से बोली तो
  1202. 55:42शौर्य ने रागिनी को समझाते हुए कहा। देखो
  1203. 55:46इतनी जल्दी कोई जादू नहीं होता है। लेकिन
  1204. 55:49मैंने तुम्हें खेलते देखा है। तुम अच्छा
  1205. 55:52खेलती [संगीत] हो। कोई वजह नहीं है कि
  1206. 55:54तुम्हारा सिलेक्शन ना हो। चलो पहले वार्म
  1207. 55:57अप करो। फिर तुम और स्वीटी एक वार्म अप
  1208. 56:00मैच खेलो। कुछ देर के वार्म अप के बाद
  1209. 56:03दोनों लड़कियां कोर्ट पर पहुंची। शौर्य ने
  1210. 56:06देखा कि श्रव्या कॉम्प्लेक्स में ही ऊपर
  1211. 56:08बैठकर उसे देख रही थी। उसने नोट किया कि
  1212. 56:11श्रव्या ने मास्क लगा रखा है। स्वीटी और
  1213. 56:14रागिनी का मैच शुरू हुआ। शौर्य उनका खेल
  1214. 56:17ध्यान से देख रहा था। फिर थोड़ी ही देर
  1215. 56:20में मैच खत्म हुआ। रागिनी ने बहुत कम अंतर
  1216. 56:23से स्वीटी को हरा दिया। शौर्य ने उसके खेल
  1217. 56:26के आधार पर उसे कुछ सलाह दी। तभी उसने
  1218. 56:30देखा [संगीत] कि श्रव्या अपनी जगह पर नहीं
  1219. 56:32है। वो नजर दौड़ाता है और देखता है कि
  1220. 56:34श्रव्या [संगीत] कोर्ट में आ चुकी है। इस
  1221. 56:38समय तक कई लोगों का ध्यान उनकी तरफ जा
  1222. 56:40चुका था। शौर्य ने [संगीत] रागिनी को
  1223. 56:43अलग-अलग एंगल से बॉल हिट करने को कहा और
  1224. 56:45खुद भी कई बॉल्स हिट करके उसे रिटर्न शॉट
  1225. 56:48प्रैक्टिस करवाई। तभी श्रव्या आगे बढ़ी।
  1226. 56:52उसने स्वीटी के हाथ से रैकेट लिया और बोली
  1227. 56:56आओ मेरे साथ एक मैच खेलो। रागिनी उसे
  1228. 57:00देखकर हैरान रह गई। तुम हो कौन? और मैं
  1229. 57:04तुम्हारे साथ मैच क्यों खेलूं?
  1230. 57:06राहुल ने देखा था कि यह लड़की उसके जीजू
  1231. 57:09के साथ आई थी। इसीलिए उसने रागिनी से कहा।
  1232. 57:12अरे जीजू के साथ यहां आई है। राहुल के
  1233. 57:15मुंह से शौर्य के लिए जीजू शब्द सुनकर
  1234. 57:18श्रव्या ने उसे आश्चर्य से देखा। उसे पता
  1235. 57:21नहीं था कि शौर्य शादीशुदा है। इसीलिए वह
  1236. 57:23यह सुनकर हैरान रह गई। दूसरी तरफ राहुल के
  1237. 57:28मुंह से यह सुनकर कि यह मास्क वाली लड़की
  1238. 57:30शौर्य के साथ आई है। रागिनी ने पलट कर
  1239. 57:33शौर्य की तरफ देखा। तभी शौर्य ने रागिनी
  1240. 57:36को इशारा करते हुए कहा, "तुम्हारे लिए तो
  1241. 57:39अच्छा ही है। तुम एक बेहतर कंपिटिट से
  1242. 57:41खेलोगी, तो तुम्हारा खेल और भी इंप्रूव
  1243. 57:44होगा।"
  1244. 57:45शौर्य ने नोटिस किया था कि जब रागिनी और
  1245. 57:48स्वीटी मैच खेल रही थी तो हर शॉट के साथ
  1246. 57:51श्रव्या के शरीर में हरकत [संगीत] हो रही
  1247. 57:53थी। इसी से उसने अंदाजा लगा लिया था कि
  1248. 57:56श्रव्या टेनिस की अच्छी खिलाड़ी है। जैसे
  1249. 57:59ही श्रव्या ने रागिनी को चैलेंज किया,
  1250. 58:01शौर्य ने उसे उसके साथ मैच खेलने के लिए
  1251. 58:04उत्साहित किया। शौर्य का इशारा मिलते ही
  1252. 58:07रागिनी अपना रैकेट लेकर मैदान में आ गई
  1253. 58:09[संगीत] और मैच शुरू हुआ। कुछ ही शॉट्स के
  1254. 58:13बाद शौर्य समझ गया कि श्रव्या एक प्रो
  1255. 58:15खिलाड़ी है। मैच अच्छा रहा लेकिन अंत में
  1256. 58:19रागिनी श्रव्या से हार गई। हालांकि उसने
  1257. 58:22श्रव्या को अच्छी टक्कर दी थी। अब क्योंकि
  1258. 58:25श्रव्या मास्क पहने हुई थी इसीलिए कोई उसे
  1259. 58:27पहचान नहीं पा रहा था। रागिनी के हारने के
  1260. 58:30बाद श्रव्या ने शौर्य [संगीत] से कहा
  1261. 58:33क्यों ना तुम एक मैच मेरे साथ खेलो।
  1262. 58:37शौर्य ने जवाब दिया, "मैं जानता हूं कि
  1263. 58:40तुम अच्छी खिलाड़ी हो, लेकिन मुझसे
  1264. 58:42कंपटीशन करके तुम्हें कुछ हासिल [संगीत]
  1265. 58:44नहीं होगा।"
  1266. 58:45इस पर श्रव्या ने तंज कसते हुए कहा,
  1267. 58:49"क्या तुम डर रहे हो कि एक लड़की से हार
  1268. 58:51जाओगे? इसीलिए मैच नहीं खेल रहे। श्रव्या
  1269. 58:55की [संगीत] बात सुनकर रागिनी भी जिद करने
  1270. 58:57लगी। हां जीजू, आपको इस लड़की से मैच
  1271. 59:00खेलना ही होगा।
  1272. 59:02शौर्य को भी लगा कि श्रव्या को अपने खेल
  1273. 59:04पर बहुत गर्व है। इसीलिए उसे उसके साथ एक
  1274. 59:07मैच खेलना चाहिए। शौर्य ने रागिनी के हाथ
  1275. 59:11से रैकेट लिया और कोर्ट पर आ गया। उसे
  1276. 59:14श्रव्या की आंखों में एक अलग लेवल का
  1277. 59:16कॉन्फिडेंस दिखाई दे रहा था। रागिनी की
  1278. 59:19आंखों में भी उस मास्क वाली लड़की [संगीत]
  1279. 59:21के लिए सम्मान था। लेकिन वो श्रव्या को
  1280. 59:23शौर्य से हारते हुए देखना चाहती थी। अब तक
  1281. 59:27वहां मौजूद कई लड़के भी इस मुकाबले को
  1282. 59:29देखने के लिए इकट्ठा हो गए थे। बहरहाल
  1283. 59:33दोनों का मैच शुरू हुआ। शौर्य देखकर हैरान
  1284. 59:36था कि श्रव्या अच्छा परफॉर्म कर रही थी
  1285. 59:39लेकिन फिर भी वो उसे हरा नहीं पा रही थी।
  1286. 59:42आखिर में शौर्य जीत [संगीत] गया। श्रव्या
  1287. 59:45आश्चर्य से शौर्य को देखने लगी। उसे अपने
  1288. 59:48खेल पर बहुत घमंड था। लेकिन आज शौर्य ने
  1289. 59:51उसे हरा दिया था। अपनी हार स्वीकार करना
  1290. 59:54उसके लिए आसान नहीं था। उसने फिर से जिद
  1291. 59:58करते हुए कहा,
  1292. 1:00:00एक और मैच खेलो मेरे साथ।
  1293. 1:00:03लेकिन इस बार भी नतीजा वही रहा। श्रव्या
  1294. 1:00:06को फिर हार का सामना करना पड़ा। रागिनी भी
  1295. 1:00:09उसकी हार से खुश हो गई। तभी वहां बलवीर
  1296. 1:00:12कामत आ गया और आते ही उसने पूछा यहां यह
  1297. 1:00:16भीड़ क्यों लगी है? इस पर एक हेल्पर बॉय
  1298. 1:00:18बोला। सर देखिए यह बाहर का बंदा आकर यहां
  1299. 1:00:21लड़कियों से मुकाबला कर रहा है और उन्हें
  1300. 1:00:23हराकर हीरो बन रहा है। यह सुनकर बलबीर
  1301. 1:00:26कामत ने गुस्से में शौर्य को घूरते हुए
  1302. 1:00:28पूछा कौन हो तुम? और यहां क्या कर रहे हो?
  1303. 1:00:32बलबीर कामत खुद एक सीनियर स्टेट लेवल
  1304. 1:00:35खिलाड़ी था। आज जो ट्रायल हो रहा था, उसको
  1305. 1:00:38मैनेज करने वाले ग्रुप का वो भी हिस्सा
  1306. 1:00:40था। स्टेट का सीनियर खिलाड़ी होने के कारण
  1307. 1:00:43वहां उसकी तूती बोलती थी। बाकी खिलाड़ियों
  1308. 1:00:46पर भी उसका अच्छा प्रभाव था। जब उसने
  1309. 1:00:49शौर्य को श्रव्या के साथ मैच खेलते देखा
  1310. 1:00:52तो उसने यही समझा कि शौर्य यहां लड़कियों
  1311. 1:00:54पर अपना इंप्रेशन जमाने की कोशिश कर रहा
  1312. 1:00:56है। अब भला यह बात बलबीर कामत से कैसे
  1313. 1:00:59बर्दाश्त हो सकती थी? वो शौर्य से रौबदार
  1314. 1:01:03आवाज में बोला। तुम यहां लड़कियों के साथ
  1315. 1:01:07मैच खेलकर उन पर अपना इंप्रेशन जमाना
  1316. 1:01:10चाहते हो। ऐसा कुछ नहीं है। मैं तो इन्हें
  1317. 1:01:13प्रैक्टिस करा रहा था। शौर्य ने शराफत से
  1318. 1:01:16जवाब दिया।
  1319. 1:01:18लेकिन बलबीर अकड़ कर बोला मैं तुम जैसे
  1320. 1:01:21लड़कों की नियत को अच्छे से समझता हूं।
  1321. 1:01:24अच्छा ऐसा क्या अनुचित लगा तुम्हें मेरी
  1322. 1:01:27नियत में? शौर्य ने मुस्कुराते हुए पूछा
  1323. 1:01:31जिस पर बलबीर गुस्से में बोला। मुझसे बहस
  1324. 1:01:34कर रहे हो। जानते भी हो मुझे।
  1325. 1:01:38शौर्य को बलबीर का व्यवहार घमंड से भरा
  1326. 1:01:41लगा। उसने भी पलट कर गुस्से में जवाब
  1327. 1:01:43दिया।
  1328. 1:01:45वैसे तुम हो कौन? क्या मुझे तुम्हें जानना
  1329. 1:01:48चाहिए?
  1330. 1:01:49शौर्य की बात सुनकर बलबीर को बुरा लगा।
  1331. 1:01:52उसे अपने ऊपर यह अभिमान था कि यहां सभी
  1332. 1:01:55उसे जानते होंगे क्योंकि वो स्टेट चैंपियन
  1333. 1:01:57था। और वहां कोई ऐसा भी है जो उसे नहीं
  1334. 1:02:01जानता था। यह उसकी बेइज्जती से कम नहीं
  1335. 1:02:04था।
  1336. 1:02:05तुम यहां आए कैसे?
  1337. 1:02:08कब से टेनिस खेल रहे हो? हां। लगता है
  1338. 1:02:10अभी-अभी टेनिस खेलना शुरू किया है। इसलिए
  1339. 1:02:13मुझे नहीं जानते। बलबीर वहां उपस्थित सभी
  1340. 1:02:16लोगों की तरफ देखते हुए बोला,
  1341. 1:02:19"क्या कोई है यहां जो मुझे नहीं जानता?
  1342. 1:02:22हां। इस पर वहां उपस्थित लड़कों में से एक
  1343. 1:02:25ने कहा, अरे बलबीर भाई, आपको यहां कौन
  1344. 1:02:28नहीं जानता? लगता है यह यहां पहली बार आया
  1345. 1:02:32है।
  1346. 1:02:34वहां शौर्य से बलबीर को गुस्सा होते देखकर
  1347. 1:02:37रागिनी को घबराहट होने लगी। वो बात
  1348. 1:02:39संभालने की कोशिश करती हुई बोली बलबीर सर
  1349. 1:02:43यह मेरे जीजू हैं। यह आज यहां पहली बार आए
  1350. 1:02:46हैं। इन्हें आपके बारे में पता नहीं है।
  1351. 1:02:49इसीलिए आप इन्हें माफ कर दीजिए।
  1352. 1:02:52बलबीर ने रागिनी की तरफ देखा और उसकी
  1353. 1:02:55आंखों में चमक आ गई। वो रागिनी को ऊपर से
  1354. 1:02:58नीचे तक देखते हुए बोला हम अगर तुम्हें
  1355. 1:03:01प्रैक्टिस ही करनी थी तो मुझे बोलती।
  1356. 1:03:04कैसे-कैसे लोगों को ले आती हो जिन्हें
  1357. 1:03:07रैकेट पकड़ना भी अच्छे से नहीं आता होगा।
  1358. 1:03:10कभी इसे मेरा खेल दिखाने लाना। तब इसे समझ
  1359. 1:03:13में आएगा कि टेनिस खेलना क्या होता है।
  1360. 1:03:18तो देर किस बात की? अभी देख लेते हैं कि
  1361. 1:03:21तुम कितना अच्छा खेलते हो। शौर्य बलबीर की
  1362. 1:03:25आंखों में देखते हुए मुस्कुरा कर बोला। तो
  1363. 1:03:28बलबीर ने सबकी तरफ देखते [संगीत] हुए घमंड
  1364. 1:03:30से कहा, "अच्छा मेरा खेल देखोगे? पर यहां
  1365. 1:03:34ऐसा कौन है जो मेरे साथ खेलने की हिम्मत
  1366. 1:03:38करेगा? हां। शौर्य बलबीर को उकसाते हुए
  1367. 1:03:41बोला हम
  1368. 1:03:44यहां का सबसे कमजोर खिलाड़ी तो मैं ही
  1369. 1:03:46हूं। तुम मुझे ही क्यों नहीं हरा देते?
  1370. 1:03:49मैं मान जाऊंगा कि तुमसे बढ़िया खिलाड़ी
  1371. 1:03:51यहां कोई नहीं है।
  1372. 1:03:54इस पर बलबीर ने सरकास्टिक लहजे में कहा,
  1373. 1:03:57तुम मेरे साथ खेलोगे।
  1374. 1:03:59पहले ढंग से रैकेट पकड़ना तो सीख लो। फिर
  1375. 1:04:02मुझसे मुकाबला करने की सोचना।
  1376. 1:04:05तभी शौर्य बलबीर का मजाक उड़ाते हुए बोल
  1377. 1:04:08पड़ा, "क्या हुआ? कहीं तुम डर तो नहीं गए?
  1378. 1:04:12हां, क्या रागिनी यह शेख चिल्ली यहां का
  1379. 1:04:15सबसे बड़ा खिलाड़ी है? यह सिर्फ भौंकना ही
  1380. 1:04:19जानता है या सच में खेल भी लेता है। अभी
  1381. 1:04:22तो बड़ी-बड़ी बातें कर रहा था।
  1382. 1:04:25मुझसे टकराने की हिम्मत तो है नहीं और खुद
  1383. 1:04:28को बड़ा खिलाड़ी कहता है। शौर्य की बात
  1384. 1:04:31सुनकर बलबीर का गुस्सा और बढ़ गया। वो
  1385. 1:04:34बोला तुम मेरे साथ खेलोगे? हां सोच लो अगर
  1386. 1:04:38तुम हार गए तो तुम्हें मेरे कदमों में गिर
  1387. 1:04:41कर माफी मांगनी पड़ेगी। बोलो हां है
  1388. 1:04:45मंजूर।
  1389. 1:04:47शौर्य ने अपनी मुस्कान बनाए हुए पूछा। और
  1390. 1:04:50अगर तुम हार गए तो फिर तुम क्या करोगे?
  1391. 1:04:54अफसोस मुझे हराने का तुम्हारा सपना सपना
  1392. 1:04:58ही रह जाएगा। बलबीर ने गर्व से ऐलान किया
  1393. 1:05:02फिर भी मान लो कि अगर यह मुमकिन हो गया तो
  1394. 1:05:05फिर तुम क्या करोगे? शौर्य ने अपनी बात पर
  1395. 1:05:09जोर देते हुए कहा तो बलबीर ने मजबूरी में
  1396. 1:05:12बोला वैसे तो ऐसा होगा नहीं लेकिन अगर हो
  1397. 1:05:16गया तो मैं तुम्हारे सामने झुक कर माफी
  1398. 1:05:19मांगूंगा।
  1399. 1:05:21रागिनी शौर्य को समझाना चाहती थी कि वो
  1400. 1:05:24ऐसा ना करें। लेकिन शौर्य उसकी तरफ ध्यान
  1401. 1:05:26ही नहीं दे रहा था। अब रागिनी को शौर्य को
  1402. 1:05:30यहां बुलाने पर अफसोस होने लगा था। रागिनी
  1403. 1:05:33ने शौर्य को स्टेट सिलेक्शन ट्रायल में
  1404. 1:05:35अपनी मदद के लिए बुलाया था। लेकिन उसे जरा
  1405. 1:05:38सा भी एहसास नहीं था कि उसके ट्रेनर बलबीर
  1406. 1:05:41की शौर्य से कहासनी हो जाएगी और बात इतनी
  1407. 1:05:44ज्यादा बढ़ जाएगी कि वे अब आपस में ही
  1408. 1:05:46मुकाबले पर उतर आएंगे। अब मुकाबला सिर्फ
  1409. 1:05:50स्टेट सिलेक्शन का नहीं रहा था। बात अब
  1410. 1:05:52शौर्य और बलबीर की इज्जत पर आ चुकी थी।
  1411. 1:05:56बलबीर ने एक लड़के को बोलकर अपना रैकेट
  1412. 1:05:58मंगवाया। इस वक्त स्पोर्ट अथॉरिटी
  1413. 1:06:01कॉम्प्लेक्स में जितनी भी प्रैक्टिस चल
  1414. 1:06:03रही थी, सब रुक गई। सबका ध्यान अब बलबीर
  1415. 1:06:07और शौर्य के होने वाले मैच पर था। बलबीर
  1416. 1:06:10यहां का स्टार खिलाड़ी था। कोई भी उसके
  1417. 1:06:13मैच को मिस नहीं करना चाहता था। पूरे
  1418. 1:06:15ऑडिटोरियम की भीड़ का केंद्र अब बलबीर और
  1419. 1:06:18शौर्य का मैच बन चुका था। एक रेफरी को
  1420. 1:06:21बुलाया गया और दोनों का मैच शुरू हुआ।
  1421. 1:06:26राहुल और रागिनी का चेहरा लटका हुआ था।
  1422. 1:06:29क्योंकि वे दोनों बलबीर के बारे में जानते
  1423. 1:06:32थे। उन्हें यह उम्मीद थी कि शौर्य भले ही
  1424. 1:06:35एक अच्छा खिलाड़ी हो, लेकिन वह बलबीर के
  1425. 1:06:37आगे टिक नहीं पाएगा। अब वे ऊपर वाले से
  1426. 1:06:41सिर्फ यही प्रार्थना कर सकते थे कि शौर्य
  1427. 1:06:43बहुत बुरी तरह से ना हार जाए। नहीं तो उन
  1428. 1:06:45दोनों के लिए यहां किसी को मुंह दिखाना
  1429. 1:06:48मुश्किल हो जाएगा। क्योंकि अब लगभग सबको
  1430. 1:06:50पता चल गया था कि शौर्य राहुल और रागिनी
  1431. 1:06:53का रिश्तेदार है। मैच शुरू हो गया। शुरुआत
  1432. 1:06:57में कुछ देर तक बलबीर मैच को डोमिनेट करता
  1433. 1:06:59रहा। वहीं शौर्य संघर्ष करता हुआ नजर आ
  1434. 1:07:03रहा था। श्रव्य ने अभी तक अपना मास्क नहीं
  1435. 1:07:06हटाया था। उसकी निगाह भी इस मैच पर जमी
  1436. 1:07:09हुई थी। थोड़ी देर बाद अचानक ही शौर्य का
  1437. 1:07:12गेम अगले लेवल पर चला गया। अब धीरे-धीरे
  1438. 1:07:16बलबीर [संगीत] पिछड़ने लगा था। ऐसा लग रहा
  1439. 1:07:19था जैसे शुरुआत में शौर्य सिर्फ बलबीर का
  1440. 1:07:21आंकलन कर रहा था कि वो किस तरह का खिलाड़ी
  1441. 1:07:24है। फिर जैसे ही उसने बलबीर को पूरी तरह
  1442. 1:07:27समझ लिया, उसकी चुस्ती और फुर्ती अचानक कई
  1443. 1:07:30गुना बढ़ गई। उसके बाद बलबीर आखिर तक
  1444. 1:07:33संघर्ष करता रहा। लेकिन अपना मैच नहीं बचा
  1445. 1:07:36पाया और हार गया। बलबीर को विश्वास ही
  1446. 1:07:39नहीं हो रहा था कि वो एक नए खिलाड़ी से
  1447. 1:07:41हार गया। यह बलबीर के लिए डूब मरने जैसी
  1448. 1:07:45बात थी। वो गुस्से से शौर्य को घूर रहा
  1449. 1:07:47था। राहुल और रागिनी के आश्चर्य का ठिकाना
  1450. 1:07:50नहीं था। शौर्य ने बलबीर को हरा दिया था।
  1451. 1:07:53अब तो उनकी नजरों में शौर्य का कद और भी
  1452. 1:07:56बढ़ गया था। श्रव्या की आंखों के भाव भी
  1453. 1:07:59बदल चुके थे। अब उनमें शौर्य के लिए
  1454. 1:08:02सम्मान दिखाई दे रहा था। अंत में शौर्य ने
  1455. 1:08:05बलबीर [संगीत] से कहा
  1456. 1:08:08अब इंतजार किस बात का कर रहे हो पैरों में
  1457. 1:08:11गिरकर माफी नहीं मांगोगे हम
  1458. 1:08:15यह सुनकर बलबीर शौर्य पर और भी गुस्सा हो
  1459. 1:08:17गया था वो गुस्से में भड़कते हुए शौर्य से
  1460. 1:08:20बोला अगर सलामत रहना चाहते हो तो यहां से
  1461. 1:08:24चले जाओ चला जाऊंगा पर पहले माफी तो मांग
  1462. 1:08:30लो
  1463. 1:08:32शौर्य ने मुस्कुराते हुए जवाब जवाब दिया।
  1464. 1:08:35लगता है तुम्हें मेरी बात समझ नहीं आ रही।
  1465. 1:08:37अगर यहां से सही सलामत जाना चाहते हो तो
  1466. 1:08:40अभी यहां से निकल जाओ। नहीं तो तुम्हें
  1467. 1:08:43अपने होने पर अफसोस होगा।
  1468. 1:08:46बलबीर अपने शब्दों को चबाते हुए बोला तो
  1469. 1:08:50शौर्य ने सरकास्टिक अंदाज में कहा। अच्छा
  1470. 1:08:54ऐसा क्या करोगे मेरे साथ?
  1471. 1:08:57लगता है तुम्हें मेरी बात मजाक लग रही है।
  1472. 1:08:59इसीलिए तुम अभी तक अपनी जगह से हिले भी
  1473. 1:09:02नहीं।
  1474. 1:09:03बलबीर उसे घूरते हुए बोला। इस पर शौर्य ने
  1475. 1:09:07दृढ़ता से कहा,
  1476. 1:09:09जब तक तुम मुझसे माफी नहीं मांगोगे, मैं
  1477. 1:09:13कहीं नहीं जाने वाला।
  1478. 1:09:15जब तुम्हें खुद अपनी चिंता नहीं है, तो
  1479. 1:09:18मैं क्या ही कर सकता हूं।
  1480. 1:09:21यह कहते हुए बलबीर शौर्य को घूरने लगा। जब
  1481. 1:09:24बलबीर ने देखा कि शौर्य अब भी अपनी जगह पर
  1482. 1:09:27खड़ा मुस्कुरा रहा है तो वह उसकी तरफ
  1483. 1:09:29बढ़ा। बलबीर अभी शौर्य के पास पहुंचा भी
  1484. 1:09:32नहीं था कि तभी श्रव्या शौर्य के सामने आ
  1485. 1:09:35गई और उसने अपने चेहरे से मास्क हटा लिया।
  1486. 1:09:38जैसे ही बलबीर की नजर श्रव्या पर पड़ी वो
  1487. 1:09:42वहीं का वहीं ठिठक गया और हकलाते हुए बोला
  1488. 1:09:46श्रव्या तुम
  1489. 1:09:49यहां क्या कर रही हो?
  1490. 1:09:51तुम्हारे जैसे बेशर्म इंसान को देख रही
  1491. 1:09:53हूं। जिसके पास थोड़ी भी शर्म नहीं बची
  1492. 1:09:56है। खुद अपनी ही बात से पलट गए और खुद को
  1493. 1:09:59स्पोर्ट्समैन कहते हो। शर्म आनी चाहिए
  1494. 1:10:02तुम्हें।
  1495. 1:10:04श्रव्या बलबीर को घूरते हुए बोली
  1496. 1:10:07तो तुम तुम इसके साथ हो। बलबीर ने हकलाते
  1497. 1:10:12हुए पूछा। श्रव्या ने ठंडे स्वर में कहा।
  1498. 1:10:16तुम्हें कोई शक है?
  1499. 1:10:18दूसरी तरफ रागिनी भी श्रव्या का चेहरा
  1500. 1:10:20देखकर हैरान रह गई।
  1501. 1:10:23आप श्रव्या हैं। आप तो वुमन स्टेट चैंपियन
  1502. 1:10:26है। रागिनी की बात सुनकर श्रव्या बस हल्का
  1503. 1:10:29सा मुस्कुरा दी।
  1504. 1:10:32लेकिन बलबीर श्रव्या को अपने बीच देखकर
  1505. 1:10:34पूरी तरह स्तब्ध रह गया था। अगले ही पल वो
  1506. 1:10:38शौर्य के पास गया और बोला
  1507. 1:10:41मुझे माफ कर दो। मैं अपने इमोशंस पर
  1508. 1:10:45कंट्रोल नहीं कर पाया। इतना कहकर बलबीर
  1509. 1:10:49पलटा और वहां से चला गया।
  1510. 1:10:52कॉम्प्लेक्स में किसी को समझ नहीं आ रहा
  1511. 1:10:54था कि आखिर ऐसा क्या था कि स्टेट चैंपियन
  1512. 1:10:57बलबीर कामद जो कुछ देर पहले तक शौर्य के
  1513. 1:11:00साथ गरमा गर्मी कर रहा था अचानक ठंडा कैसे
  1514. 1:11:03पड़ गया। शौर्य को श्रव्या के बारे में एक
  1515. 1:11:06नई चीज पता चली कि वो वीमेन टेनिस की
  1516. 1:11:08स्टेट चैंपियन है। उसने यह भी महसूस किया
  1517. 1:11:11था कि यहां के खिलाड़ियों में श्रव्या का
  1518. 1:11:14कुछ ज्यादा ही खौफ था। जो बलबीर शौर्य पर
  1519. 1:11:17पहले चढ़ने को दौड़ रहा था। जैसे ही उसने
  1520. 1:11:19श्रव्या को देखा उसके होश फाख्ता हो गए जो
  1521. 1:11:23एक पल पहले तक बब्बर शेर बना हुआ था।
  1522. 1:11:26श्रव्या के सामने आते ही भीगी बिल्ली बन
  1523. 1:11:29गया। रागिनी तो श्रव्या की मुरीद ही जान
  1524. 1:11:31पड़ रही थी। लेकिन रागिनी यह जानकर हैरान
  1525. 1:11:34थी कि श्रव्या शौर्य की दोस्त कैसे है?
  1526. 1:11:38शौर्य का स्टेटस उसे पता था। मगर श्रव्या
  1527. 1:11:40जैसी स्टार उसके संपर्क में कैसे हो सकती
  1528. 1:11:43है? तभी रागिनी श्रव्या से बोल पड़ी, "मैं
  1529. 1:11:47आपकी बहुत बड़ी फैन हूं। मुझे यकीन नहीं
  1530. 1:11:49हो रहा है कि मैंने आपके साथ एक मैच खेला
  1531. 1:11:51है। मेरा तो सपना पूरा हो गया। ओ आप जैसे
  1532. 1:11:56खिलाड़ी का मुझे गाइडेंस मिले तो मैं बहुत
  1533. 1:11:58कुछ सीख सकती हूं।
  1534. 1:12:01तुम्हें मुझसे कहीं ज्यादा प्रतिभाशाली
  1535. 1:12:03शख्स की गाइडेंस मिल रही है।
  1536. 1:12:06श्रव्या शौर्य की तरफ देखती हुई बोली।
  1537. 1:12:10रागिनी को समझ में आ गया कि श्रव्या उससे
  1538. 1:12:12क्या कहना चाहती थी। अभी-अभी शौर्य ने
  1539. 1:12:15श्रव्या और बलबीर दोनों को एक के बाद एक
  1540. 1:12:18हराया था। अब जाकर रागिनी को महसूस हुआ कि
  1541. 1:12:21शौर्य कितना बड़ा खिलाड़ी है। वो श्रव्या
  1542. 1:12:24[संगीत] की फैन थी और श्रव्या शौर्य के
  1543. 1:12:27बलबीर को हराने के बाद उसकी मुरीद हो गई
  1544. 1:12:30थी। तभी रागिनी शौर्य की तारीफ करती हुई
  1545. 1:12:33[संगीत] बोली।
  1546. 1:12:34सॉरी जीजू मैंने आपको अंडरएस्टिमेट किया।
  1547. 1:12:38मैं तो कभी आपकी प्रतिभा का आकलन कर ही
  1548. 1:12:40नहीं सकती थी।
  1549. 1:12:42[नाक से की जाने वाली आवाज़] इस पर शौर्य
  1550. 1:12:43ने रागिनी को रोकते हुए कहा, बस बस बहुत
  1551. 1:12:45हुआ। ज्यादा झाड़ पर चढ़ाने की जरूरत नहीं
  1552. 1:12:48है। राहुल भी अपने जीजू के प्रदर्शन से
  1553. 1:12:51बहुत खुश था। वो शौर्य के साथ श्रव्या को
  1554. 1:12:54देखकर हैरान जरूर था। साथ ही उसे समझ नहीं
  1555. 1:12:57आ रहा था कि इतनी खूबसूरत लड़कियां उसके
  1556. 1:12:59जीजू के करीब कैसे आ जाती [संगीत] हैं।
  1557. 1:13:02पहले नताशा कपूर और अब यह श्रव्या सोलंकी।
  1558. 1:13:05पता नहीं कब उसकी दीदी शौर्य काेंस
  1559. 1:13:08समझेंगी।
  1560. 1:13:09राहुल को लग रहा था कि अभी श्रव्या की जगह
  1561. 1:13:12शौर्य के साथ शिप्रा को होना चाहिए था। पर
  1562. 1:13:15उसकी बहन पता नहीं कहां होगी। फिर कुछ
  1563. 1:13:17सोचकर राहुल शौर्य के पास से हट गया और
  1564. 1:13:20अकेले में जाकर उसने शिप्रा को फोन किया।
  1565. 1:13:23एक दो रिंग के बाद ही शिप्रा ने फोन उठा
  1566. 1:13:26लिया। फोन उठाने के बाद राहुल ने पूछा।
  1567. 1:13:29दीदी तुम कहां हो?
  1568. 1:13:32क्या बात है? आज तुम्हें मेरी खबर लेने का
  1569. 1:13:34समय कैसे मिल गया?
  1570. 1:13:36शिप्रा तंज भरे स्वर में बोली। राहुल ने
  1571. 1:13:39सरकास्टिक अंदाज में पूछा। तुम्हें पता है
  1572. 1:13:42अभी जीजू कहां है? शिप्रा के कान शौर्य का
  1573. 1:13:46नाम सुनकर खड़े हो गए। [संगीत]
  1574. 1:13:47कहना क्या चाहते हो? जो भी कहना है
  1575. 1:13:50साफ-साफ कहो।
  1576. 1:13:51जीजू अभी स्पोर्ट्स अथॉरिटी कॉम्प्लेक्स
  1577. 1:13:53वीरपुर में है। राहुल बोला तो शिप्रा ने
  1578. 1:13:56लापरवाही से कहा,
  1579. 1:13:58तुमने मुझे यह बताने के लिए फोन किया था।
  1580. 1:14:01राहुल को शिप्रा की बात सुनकर गुस्सा आया।
  1581. 1:14:04उसने चिढ़कर कहा, ठीक है, जब तुम्हें कुछ
  1582. 1:14:07जानना ही नहीं है तो मैं फोन रख रहा हूं।
  1583. 1:14:10राहुल फोन रखने जा ही रहा था। तभी शिप्रा
  1584. 1:14:12ने उसे रोकते हुए कहा,
  1585. 1:14:14रुको। अब जब फोन किया है तो बता तो दो कि
  1586. 1:14:17किस लिए फोन किया है।
  1587. 1:14:19इस पर राहुल ने भाव खाते हुए कहा, नहीं अब
  1588. 1:14:23रहने दो। जब तुम्हें जानने का कोई
  1589. 1:14:25इंटरेस्ट ही नहीं है तो मुझे भी बताने का
  1590. 1:14:27कोई शौक नहीं है।
  1591. 1:14:28चलो ज्यादा ड्रामा मत करो और साफ-साफ बताओ
  1592. 1:14:31कि क्या कहना चाहते थे।
  1593. 1:14:33शिप्रा राहुल को डांटते हुए बोली वो पहले
  1594. 1:14:36से ही शौर्य के साथ किसी खूबसूरत लड़की को
  1595. 1:14:39देखकर भुनी पड़ी थी। अब पता नहीं राहुल
  1596. 1:14:42कौन सी शॉकिंग खबर देने वाला था। राहुल ने
  1597. 1:14:46शिप्रा को बताया। पता है जीजू के साथ एक
  1598. 1:14:49खूबसूरत लड़की भी है। राहुल की यह बात
  1599. 1:14:53सुनकर शिप्रा के कान खड़े हो गए। वो अपनी
  1600. 1:14:55जिज्ञासा को शांत करने की कोशिश करते हुए
  1601. 1:14:58बोल पड़ी।
  1602. 1:14:59तुम जानते हो उस लड़की को या उसके बारे
  1603. 1:15:01में कुछ?
  1604. 1:15:03राहुल अर्थपूर्ण स्वर में [संगीत] बोला।
  1605. 1:15:05उसका नाम श्रव्या सोलंकी है। वो स्टेट
  1606. 1:15:08लेवल की वुमेन टेनिस चैंपियन है। शिप्रा
  1607. 1:15:11श्रव्या के बारे में जानकर हैरान हो गई।
  1608. 1:15:14उसे यकीन नहीं हो रहा था कि इस शहर की
  1609. 1:15:16खूबसूरत लड़कियां कैसे शौर्य के आसपास नजर
  1610. 1:15:19आने लगती हैं। शिप्रा का तो मन किया कि वो
  1611. 1:15:22अभी वीरपुर स्पोर्ट्स अथॉरिटी चली जाए।
  1612. 1:15:25पर फिर उसने अपने [संगीत] सुचार का दमन
  1613. 1:15:28किया। वो राहुल से बोली
  1614. 1:15:31वो दोनों वहां क्या करने गए हैं?
  1615. 1:15:34अरे आज रागिनी का टेनिस ट्रायल था ना तो
  1616. 1:15:36उसी ने फोन करके जीजू को बुलाया था। राहुल
  1617. 1:15:39ने कारण बताया तो शिप्रा ने पूछा और वो
  1618. 1:15:43लड़की श्रव्या वहां कैसे पहुंच गई? वो तो
  1619. 1:15:45जीजू के साथ ही आई थी। राहुल ने जवाब
  1620. 1:15:48दिया। शिप्रा को श्रव्या के बारे में
  1621. 1:15:50जानकर अच्छा नहीं लग रहा था। उसे लगा उसका
  1622. 1:15:54कुछ अपना उससे दूर होता जा रहा है और उसे
  1623. 1:15:56यह भी डर सता रहा था कि शौर्य ने वैसे ही
  1624. 1:15:59अलग घर ले लिया है। अगर उसका घर आना जाना
  1625. 1:16:01कम हो गया तो कहीं वह उससे दूर ना हो जाए।
  1626. 1:16:05उसने सोचा उसे कुछ करना पड़ेगा। मेघना जो
  1627. 1:16:09शिप्रा के साथ ही थी वो शिप्रा के चेहरे
  1628. 1:16:11के बदलते भाव देख रही थी। जब शिप्रा ने
  1629. 1:16:14इसको महसूस किया तो उसने राहुल से कहा
  1630. 1:16:18ठीक है अब मैं फोन रखती हूं।
  1631. 1:16:21राहुल फोन रखने के बाद शौर्य के पास गया।
  1632. 1:16:24उसकी आंखों में भी शौर्य और श्रव्या की
  1633. 1:16:26नजदीकी चुभ रही थी। शिप्रा शौर्य को लेकर
  1634. 1:16:30जो भी सोचे पर राहुल को शौर्य के साथ एक
  1635. 1:16:32आत्मिक लगाव हो गया था। वो शौर्य के
  1636. 1:16:35[संगीत] साथ अपनी बहन के अलावा किसी और का
  1637. 1:16:37होना बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था। इसीलिए
  1638. 1:16:40वो शिप्रा के सामने जानबूझकर शौर्य को
  1639. 1:16:43बार-बार जीजू कहकर संबोधित कर रहा था। तभी
  1640. 1:16:46राहुल ने शौर्य से पूछा जीजू आप श्रव्या
  1641. 1:16:50मैम को कैसे जानते हैं? अब शौर्य राहुल से
  1642. 1:16:53यह तो कह नहीं सकता था कि श्रव्या उसकी
  1643. 1:16:55ड्राइवर है। अगर वो यहां ऐसा बोलता तो यह
  1644. 1:16:58एक तरह से श्रव्या की बेइज्जती करना होता।
  1645. 1:17:01वैसे भी श्रव्या वहां एक स्टार के रूप में
  1646. 1:17:03जानी जाती थी। [संगीत] इसीलिए शौर्य ने
  1647. 1:17:06राहुल से कहा, "यह मेरी दोस्त है। पर अभी
  1648. 1:17:09तक मुझे भी नहीं पता था कि यह यहां की
  1649. 1:17:11इतनी बड़ी स्टार है। इससे पहले श्रव्या के
  1650. 1:17:14दिमाग में चल रहा था कि पता नहीं शौर्य
  1651. 1:17:17राहुल की बात के जवाब में उसके बारे में
  1652. 1:17:19क्या बोलेगा। पर जब उसने सुना कि शौर्य ने
  1653. 1:17:22उसे अपनी दोस्त के तौर पर इंट्रोड्यूस
  1654. 1:17:24किया तो उसे भी अच्छा लगा।
  1655. 1:17:27राहुल को यह तो समझ नहीं आया कि शौर्य की
  1656. 1:17:29दोस्ती श्रव्या से कब हो गई। पर वो यहां
  1657. 1:17:32इससे ज्यादा श्रव्या के बारे में शौर्य से
  1658. 1:17:35और कुछ नहीं पूछ सकता था। राहुल को पता था
  1659. 1:17:38कि यहां पर श्रव्या का कितना दबदबा है।
  1660. 1:17:40बलबीर जो खुद इतना पावरफुल है, श्रव्या के
  1661. 1:17:44सामने उसकी भी बोलती बंद थी। दूसरी तरफ
  1662. 1:17:47शौर्य को अब यहां रुकना ठीक नहीं लग रहा
  1663. 1:17:49था। यहां इतना हंगामा हो गया था कि
  1664. 1:17:52श्रव्या के साथ-साथ शौर्य भी सबकी नजरों
  1665. 1:17:54का केंद्र बन गया था। इसीलिए शौर्य ने
  1666. 1:17:57रागिनी से कहा, रागिनी तुम अपना ट्रायल
  1667. 1:18:00दो, मैं अब निकलता हूं। अब हमारा यहां
  1668. 1:18:02रुकना ज्यादा सही नहीं है। तभी सब ने देखा
  1669. 1:18:06कि सिलेक्शन कमेटी के लोग वहां आ गए थे।
  1670. 1:18:09सिलेक्शन कमेटी के डायरेक्टर रमणदीप बोहरा
  1671. 1:18:11ने जब वहां श्रव्या को देखा तो उसके पास
  1672. 1:18:14आकर बोले, अरे श्रव्या तुम भी यहां आई हो।
  1673. 1:18:19नमस्ते बोहरा सर मैं तो बस अपने एक दोस्त
  1674. 1:18:22के साथ ऐसे ही आ गई थी। आप अच्छे तो हैं?
  1675. 1:18:26श्रव्य ने शिष्टाचार निभाया। रागिनी और
  1676. 1:18:29राहुल की दृष्टि रमणदीप बोरा पर ही जम गई
  1677. 1:18:32थी। उन दोनों ने सोचा अगर उनकी नजर उन पर
  1678. 1:18:35पड़ गई तो उन्हें स्टेट टीम का हिस्सा
  1679. 1:18:38बनने से कोई नहीं रोक सकता।
  1680. 1:18:40श्रव्या भी रागिनी के चेहरे के भाव देखकर
  1681. 1:18:43उसके मन की इच्छा को समझ गई। वो रमणदीप
  1682. 1:18:46बोहरा से बोली बोहरा सर यह रागिनी है।
  1683. 1:18:50बढ़िया टेनिस [संगीत] खेलती है। आप देख
  1684. 1:18:52लीजिएगा।
  1685. 1:18:54श्रव्या की बात सुनकर रागिनी खुश हो गई।
  1686. 1:18:56वो जल्दी से रमणदीप बोहरा को नमस्ते करने
  1687. 1:18:59लगी। रमणदीप बोहरा ने ध्यान से रागिनी की
  1688. 1:19:01तरफ देखा और कहा अगर तुम इसको रेकमेंड कर
  1689. 1:19:05रही हो तो जरूर इस लड़की में कुछ बात
  1690. 1:19:07होगी। मैं ध्यान रखूंगा।
  1691. 1:19:10तभी राहुल सामने आकर बोला सर मैंने भी
  1692. 1:19:14मेंस के लिए ट्रायल दिया था पर थोड़े से
  1693. 1:19:16रह गया था।
  1694. 1:19:18श्रव्या ने राहुल की जल्दीबाजी को देखा तो
  1695. 1:19:20मुस्कुराते हुए बोली बोहरा सर अगर गुंजाइश
  1696. 1:19:24हो तो इस लड़के को एक चांस देकर देखिएगा।
  1697. 1:19:28आप तो जानकार हैं। अगर इसमें आपको कोई
  1698. 1:19:30संभावना दिखे तो इसकी लाइफ संवर जाएगी।
  1699. 1:19:34रमणदीप बोहरा ने एक बार राहुल को ऊपर से
  1700. 1:19:36नीचे [संगीत] तक देखा और कहा
  1701. 1:19:39वुमस टीम का ट्रायल समाप्त होने के बाद
  1702. 1:19:42तुम मुझसे मिलना। मैं देखूंगा कि मैं
  1703. 1:19:44तुम्हारे लिए क्या कर सकता हूं।
  1704. 1:19:47राहुल की तो जैसे मन मांगी मुराद पूरी हो
  1705. 1:19:50गई। रागिनी की भी खुशी का ठिकाना नहीं था।
  1706. 1:19:53उसे तो अभी से यकीन हो गया था कि स्टेट
  1707. 1:19:56टीम में उसका सिलेक्शन पक्का है। कभी-कभी
  1708. 1:19:58हालात अचानक ऐसे बदल जाते हैं कि पल भर
  1709. 1:20:00में सब कुछ अलग सा लगने लगता है। आज भी
  1710. 1:20:03किसी को अंदाजा नहीं था कि थोड़ी ही देर
  1711. 1:20:06में वहां बड़ा हंगामा होने वाला है। शौर्य
  1712. 1:20:09स्पोर्ट्स अथॉरिटी कॉम्प्लेक्स वीरपुर से
  1713. 1:20:11श्रव्या के साथ अपनी कार में बैठकर वहां
  1714. 1:20:13से निकल गया। शौर्य को खरीदारी करनी थी।
  1715. 1:20:17इसीलिए उसने श्रव्या से कहा कि वो कार को
  1716. 1:20:20बिग कलेक्शन के स्टोर की तरफ ले चले। बिगर
  1717. 1:20:23कलेक्शन बड़ा स्टोर नहीं था। लेकिन
  1718. 1:20:25विशालगढ़ में उसका अच्छा नाम था। शौर्य
  1719. 1:20:28पहले ही बजाज भाइयों से 60% शेयर ले चुका
  1720. 1:20:31था और बाकी शेयर भी रौनित जनेजा को बेचने
  1721. 1:20:34पड़े थे। अब पूरा बिग कलेक्शन शौर्य का हो
  1722. 1:20:38गया था। शौर्य ने प्रिया को बिग कलेक्शन
  1723. 1:20:40की जिम्मेदारी देकर उसके काम में दखल नहीं
  1724. 1:20:43दिया। विशालगढ़ में इसके चार आउटलेट थे।
  1725. 1:20:46एक प्रिया के पास जिसे शौर्य ने नियुक्त
  1726. 1:20:49किया था और बाकी तीन मोहित रैना के चुने
  1727. 1:20:52हुए इंचार्ज संभाल रहे थे। बगैर कलेक्शन
  1728. 1:20:55पहुंचकर शौर्य ने जरूरी सामान लिया और
  1729. 1:20:57बिलिंग काउंटर की तरफ जाने लगा। तभी पीछे
  1730. 1:21:00से तेज आवाज आई। वो मुड़ा लेकिन ज्यादा
  1731. 1:21:03भीड़ होने की वजह से कुछ साफ नहीं दिखा।
  1732. 1:21:06शौर्य ने बिग कलेक्शन आने के बाद किसी को
  1733. 1:21:09नहीं बताया था कि वह यहां का ओनर है। यहां
  1734. 1:21:12तक कि उसने प्रिया से भी मिलने की कोशिश
  1735. 1:21:14नहीं की। श्रव्या इस दौरान शौर्य के साथ
  1736. 1:21:17ही थी। शौर्य बिलिंग काउंटर छोड़कर उस
  1737. 1:21:20दिशा में बढ़ा जहां से आवाज आ रही थी। जब
  1738. 1:21:23वो भीड़ के पास पहुंचा तो उसने [संगीत]
  1739. 1:21:25देखा कि भीड़ के बीच बलराज खन्ना चार बॉडी
  1740. 1:21:28बिल्डरों के साथ प्रिया के सामने खड़ा था।
  1741. 1:21:31प्रिया के पीछे भी एक गार्ड खड़ा था। पर
  1742. 1:21:34बलराज खन्ना के पीछे चार बॉडी बिल्डरों को
  1743. 1:21:36देखकर उस अकेले गार्ड के चेहरे पर घबराहट
  1744. 1:21:39नजर आ रही थी। खन्ना साहब आप इस तरह से
  1745. 1:21:43आकर हमारे स्टोर में हंगामा नहीं कर सकते।
  1746. 1:21:46प्रिया जोर देकर बोली मैंने कई बार आपको
  1747. 1:21:49समझाने की कोशिश की। लेकिन आपने हमारी बात
  1748. 1:21:52नहीं समझी। मुझे लगता है कि आपने हमारे
  1749. 1:21:56खिलाफ साजिश की है। तभी बाकी स्टोर्स ने
  1750. 1:21:58भी हमारी क्लोथिंग रखने से मना कर दिया कि
  1751. 1:22:02अब भी आपको लगता है कि मैं चुप रहूंगा।
  1752. 1:22:04बलराज खन्ना गुस्से में बोला तो प्रिया ने
  1753. 1:22:07सफाई दी। आप यह कैसी बात कर रहे हैं? मैं
  1754. 1:22:11भला ऐसा कैसे कर सकती हूं? मैं सिर्फ इस
  1755. 1:22:14एक स्टोर की इंचार्ज हूं। [संगीत] मैं
  1756. 1:22:17इतनी भी प्रभावशाली नहीं हूं कि कोई मेरे
  1757. 1:22:19कहने से आपके ब्रांड को अपने यहां
  1758. 1:22:21डिस्प्ले करना छोड़ देगा।
  1759. 1:22:24तो फिर आपने अपने स्टोर में क्यों
  1760. 1:22:26डिस्प्ले करना बंद कर दिया? बलराज खन्ना
  1761. 1:22:29रूखे स्वर में बोला। इस पर प्रिया ने बिना
  1762. 1:22:32डरे जवाब दिया,
  1763. 1:22:35"मैं सिर्फ यहां की एक स्टोर इंचार्ज हूं।
  1764. 1:22:37यह डिसीजन मेरे द्वारा नहीं लिया गया है।
  1765. 1:22:40कुछ कारण होंगे जिनकी वजह से अथॉरिटी ने
  1766. 1:22:43आपके प्रोडक्ट को अपने स्टोर में डिस्प्ले
  1767. 1:22:45करना बंद कर दिया है। तुम्हें पता भी है
  1768. 1:22:48कितने समय से मेरा प्रोडक्ट यहां डिस्प्ले
  1769. 1:22:50होता रहा। और आज अचानक बिगर कलेक्शन का
  1770. 1:22:53ओनर बदलते ही हमारे पुराने एग्रीमेंट को
  1771. 1:22:55तोड़ दिया गया। यह हमारे साथ धोखा हुआ ना?
  1772. 1:23:00बलराज खन्ना ने अब आपकी जगह तुम कहना शुरू
  1773. 1:23:03कर दिया था।
  1774. 1:23:05तभी प्रिया ने चेतावनी दी। देखिए मिस्टर
  1775. 1:23:08बलराज आपके यहां हंगामा करने से कोई हल
  1776. 1:23:11नहीं निकलेगा। इसीलिए अच्छा यही होगा कि
  1777. 1:23:14आप शांति से यहां से जाइए और कोशिश कीजिए
  1778. 1:23:17कि अथॉरिटी से बात करके इस मामले को हल कर
  1779. 1:23:19लें। इस पर बलराज गुस्से में प्रिया की
  1780. 1:23:22तरफ देखते हुए बोला, तुम्हारी हिम्मत की
  1781. 1:23:25दाद देनी पड़ेगी मिस प्रिया कि अभी भी तुम
  1782. 1:23:28मुझे वार्निंग दे रही हो। अगर मेरा
  1783. 1:23:30प्रोडक्ट इस स्टोर में डिस्प्ले नहीं होगा
  1784. 1:23:32तो स्टोर का चलना मुश्किल हो जाएगा और
  1785. 1:23:35इसके जिम्मेदार तुम और तुम्हारी अथॉरिटी
  1786. 1:23:37होंगे। प्रिया घबराई हुई थी लेकिन डरी
  1787. 1:23:40नहीं। वो बोली
  1788. 1:23:44अगर तुमने स्टोर को नुकसान पहुंचाने की
  1789. 1:23:46कोशिश की तो इसकी भारी कीमत चुकानी
  1790. 1:23:48पड़ेगी। अभी भी कह रही हूं यहां से चले
  1791. 1:23:52जाओ। रौनित जनेजा ने भी यही गलती की थी और
  1792. 1:23:55अपना स्टोर खो दिया। क्या तुम उससे ज्यादा
  1793. 1:23:58ताकतवर हो?
  1794. 1:24:00प्रिया की बात सुनकर एक पल के लिए बलराज
  1795. 1:24:02खन्ना के चेहरे पर भी डर झलकने लगा। पर
  1796. 1:24:05अगले ही पल उसने अपने डर पर काबू पा लिया
  1797. 1:24:08और प्रिया को धमकाते हुए बोला तुम सिर्फ
  1798. 1:24:11मुझे डराने की कोशिश कर रही हो। बलराज
  1799. 1:24:14खन्ना को लगता है अपने मालिक को लेकर
  1800. 1:24:17तुमने कुछ ज्यादा ही गलतफहमी पाल रखी है।
  1801. 1:24:20पर चिंता मत करो। मैं तुम्हारी गलतफहमी आज
  1802. 1:24:23दूर कर दूंगा। कहते हुए बलराज खन्ना के
  1803. 1:24:27चेहरे पर एक कुटिल मुस्कान थी। इसके बाद
  1804. 1:24:30उसने अपने पीछे खड़े पहलवानों को आदेश
  1805. 1:24:32दिया। तुम लोग क्या देख रहे हो? तोड़ डालो
  1806. 1:24:36स्टोर को और जो बीच में आए उसे भी फोड़
  1807. 1:24:38देना।
  1808. 1:24:40इसके बाद वो प्रिया से बोला दम है तो रोक
  1809. 1:24:43के दिखाओ। मैं भी देखता हूं कि आज इस
  1810. 1:24:46स्टोर को कौन बचाएगा।
  1811. 1:24:49अब प्रिया के चेहरे पर परेशानी के भाव नजर
  1812. 1:24:52आने लगे। वो घबरा कर इधर-उधर देखने लगी।
  1813. 1:24:55वो फोन निकाल कर किसी को कॉल करने ही वाली
  1814. 1:24:58थी कि तभी बलराज खन्ना ने उसके हाथ से
  1815. 1:25:01मोबाइल छीन लिया। इस पर प्रिया चेतावनी
  1816. 1:25:04देते हुए बोली। बलराज खन्ना तुम गलत कर
  1817. 1:25:08रहे हो। अपने आदमियों को रोक लो वरना बाद
  1818. 1:25:11में पछताओगे। यहां सब कुछ रिकॉर्ड हो रहा
  1819. 1:25:14है। तुम अपने गुनाहों से बच नहीं पाओगे।
  1820. 1:25:17यह सुनकर बलराज हंसने लगा और बोला तुम
  1821. 1:25:20क्या मुझे इतना बेवकूफ समझती हो कि मैं
  1822. 1:25:23अपने खिलाफ सबूत छोड़ दूंगा। हां? ना यहां
  1823. 1:25:26कोई कैमरा बचेगा ना उसकी रिकॉर्डिंग।
  1824. 1:25:29मालिक का आदेश पाते ही सारे पहलवान स्टोर
  1825. 1:25:32में चारों तरफ देखने लगे। और जहां-जहां
  1826. 1:25:34उन्हें कैमरे नजर आए वो उन्हें तोड़ने के
  1827. 1:25:37लिए आगे बढ़ने लगे। लेकिन इससे पहले कि वे
  1828. 1:25:40सीसीटीवी कैमरा को हाथ भी लगा पाते।
  1829. 1:25:42उन्हें कुछ आवाज सुनाई दी। वहां मौजूद
  1830. 1:25:45भीड़ में खड़ा शौर्य जो अब तक ये सब तमाशा
  1831. 1:25:47देख रहा था। ताली बजाते हुए भीड़ से निकल
  1832. 1:25:50कर बलराज खन्ना के सामने आ खड़ा हुआ।
  1833. 1:25:54शौर्य को अपने सामने देखकर बलराज खन्ना की
  1834. 1:25:57आंखें फटी की फटी रह गई। उसके साथ आए
  1835. 1:26:00पहलवान भी अपनी जगह पर ठिठक गए। बलराज
  1836. 1:26:04खन्ना है से बोला तुम और यहां इस पर शौर्य
  1837. 1:26:10ने मुस्कुरा कर कहा
  1838. 1:26:13चलो। शुक्र है तुमने मुझे पहचान तो लिया।
  1839. 1:26:17शौर्य को अपने सामने देखकर प्रिया को
  1840. 1:26:19थोड़ी तसल्ली हुई। उसे पता था कि वह कोई
  1841. 1:26:22ना कोई रास्ता जरूर निकाल लेगा।
  1842. 1:26:25बलराज ने शौर्य को सतर्क किया। देखो
  1843. 1:26:29तुम्हारा इस मामले से कोई लेना देना नहीं
  1844. 1:26:32है। इसीलिए मैं तुम्हें कहूंगा कि तुम
  1845. 1:26:35यहां से चले जाओ।
  1846. 1:26:37शौर्य उसकी आंखों में देखते हुए
  1847. 1:26:39मुस्कुराया और बोला अच्छा और अगर मैं यहां
  1848. 1:26:43से नहीं गया तो फिर तुम क्या करोगे?
  1849. 1:26:47बलराज ने वार्निंग दी। कुछ खास नहीं
  1850. 1:26:50करूंगा। बस तुम्हारा यही होगा कि तुम
  1851. 1:26:53गेहूं में घुन की तरह पिस जाओगे। इसीलिए
  1852. 1:26:57अगर अपनी सलामती चाहते हो तो अभी के अभी
  1853. 1:27:00यहां से चले जाओ।
  1854. 1:27:03एक समय तुमने शिप्रा के जिंक कलेक्शन को
  1855. 1:27:06इस स्टोर से बाहर करवाया था और अब
  1856. 1:27:08तुम्हारा खुद का ब्रांड भी बाहर हो गया
  1857. 1:27:10है। इसीलिए तुम इसे बर्बाद करना चाहते हो।
  1858. 1:27:14लेकिन मैं ऐसा होने नहीं दूंगा। अपनी भलाई
  1859. 1:27:17चाहते हो तो तुम यहां से चले जाओ। शौर्य
  1860. 1:27:20ने उल्टा बलराज को ही चेतावनी दे डाली।
  1861. 1:27:25तो फिर ठीक है। जब तुम यही चाहते हो तो
  1862. 1:27:28यही सही। सबसे पहले मुझे तुम्हारा इलाज
  1863. 1:27:31करना पड़ेगा। इतना बोलकर बलराज पहलवानों
  1864. 1:27:34से बोला तुम सब पहले इस शख्स की हड्डी
  1865. 1:27:37पसली एक करो। उसके बाद ही स्टोर को बर्बाद
  1866. 1:27:40करना क्योंकि मेरा एक हिसाब इस लड़के से
  1867. 1:27:43भी बाकी है।
  1868. 1:27:45श्रव्या जो वहां मौजूद भीड़ में खड़ी यह
  1869. 1:27:47सब देख रही थी उसे समझ नहीं आ रहा था कि
  1870. 1:27:50शौर्य आखिर जानबूझकर खुद को इस मुसीबत में
  1871. 1:27:53क्यों डाल रहा है। उसने सोचा कि क्या उसे
  1872. 1:27:56सामने आना चाहिए। लेकिन अगले ही पल खुद को
  1873. 1:27:59रोक लिया और मन ही मन सोचा कि उसे सिर्फ
  1874. 1:28:02दो दिन शौर्य का ड्राइवर बनकर रहना है।
  1875. 1:28:04अगर शौर्य की किसी से दुश्मनी है तो उसके
  1876. 1:28:07बीच में पड़ना उसके काम का हिस्सा नहीं
  1877. 1:28:09है। लेकिन साथ ही उसने यह भी तय कर लिया
  1878. 1:28:13था कि अगर शौर्य किसी बड़ी मुसीबत में
  1879. 1:28:15फंसा तो वह उसकी मदद जरूर करेगी।
  1880. 1:28:19दूसरी तरफ पहलवान शौर्य की तरफ बढ़े।
  1881. 1:28:22शौर्य ने उन चारों पहलवानों को ध्यान से
  1882. 1:28:25देखा और सोचा कि इन बदमाशों को कैसे
  1883. 1:28:27कंट्रोल किया जाए। शौर्य ने पहलवानों को
  1884. 1:28:30समझाने की कोशिश की।
  1885. 1:28:34देखो मेरी तुम्हारी कोई दुश्मनी नहीं है।
  1886. 1:28:36लेकिन अगर एक बार तुम मुझसे टकराने की
  1887. 1:28:38कोशिश करोगे तो फिर पता नहीं मैं तुम सबका
  1888. 1:28:41क्या हाल करूंगा।
  1889. 1:28:43शौर्य की इस चेतावनी का पहलवानों पर कोई
  1890. 1:28:46असर नहीं हुआ। शौर्य समझ गया कि अब टकराव
  1891. 1:28:49होकर ही रहेगा। इसीलिए वो उनके पास आने का
  1892. 1:28:52इंतजार करने लगा।
  1893. 1:28:56पहलवानों में जो सबसे आगे था वो लंबा
  1894. 1:28:58चौड़ा और दानव जैसा दिखाई दे रहा था। उसे
  1895. 1:29:02लगा कि अकेले वही शौर्य के लिए काफी है।
  1896. 1:29:04यही सोचकर वो बाकी तीनों का इंतजार किए
  1897. 1:29:07बिना शौर्य की तरफ बढ़ गया। यह देखकर वहां
  1898. 1:29:10मौजूद भीड़ की सांसे थम चुकी थी। सबकी
  1899. 1:29:13नजरें अब सिर्फ शौर्य और पहलवानों पर टिकी
  1900. 1:29:16हुई थी।
  1901. 1:29:18शौर्य नहीं चाहता था कि वह यूं पब्लिक के
  1902. 1:29:20सामने अपने स्टोर में बलराज खन्ना के
  1903. 1:29:22पहलवानों के साथ मुकाबला करें। पर अब उसके
  1904. 1:29:25पास कोई और चारा नहीं बचा था। इसीलिए
  1905. 1:29:28पहलवानों से भिड़ना उसकी मजबूरी बन गई थी।
  1906. 1:29:31शुरुआत में बलराज खन्ना शौर्य से विवाद
  1907. 1:29:34बढ़ाने से बचना चाह रहा था। लेकिन जब उसने
  1908. 1:29:37देखा कि शौर्य उसकी बात मानने वाला नहीं
  1909. 1:29:40है। तब उसने पहलवानों को शौर्य को सबक
  1910. 1:29:42सिखाने का आदेश दे दिया।
  1911. 1:29:45शौर्य अपनी जगह खड़ा रहा और उस पहलवान का
  1912. 1:29:48अपने पास आने का इंतजार करता रहा। बलराज
  1913. 1:29:51का पहलवान लापरवाही से उसके पास आया और
  1914. 1:29:53उसके चेहरे पर एक तेज घूंसा मारने की
  1915. 1:29:55कोशिश की। लेकिन शौर्य बिना अपनी जगह से
  1916. 1:29:59हटे सिर्फ अपना सर एक तरफ कर गया। बदमाश
  1917. 1:30:02का घूंसा खाली चला गया। उसने हैरानी से
  1918. 1:30:05शौर्य की तरफ देखा और फिर अपने दूसरे हाथ
  1919. 1:30:08से उसके चेहरे पर वार किया। शौर्य घुटनों
  1920. 1:30:11पर झुका और उसने एक जोरदार वार पहलवान के
  1921. 1:30:14पेट पर किया जिससे पहलवान कई मीटर दूर
  1922. 1:30:18गिरकर दर्द से पेट पकड़ कर जमीन पर तड़पने
  1923. 1:30:21लगा और कुछ देर तक उठ नहीं पाया। शौर्य के
  1924. 1:30:25घूसे का इतना गहरा प्रभाव देखकर बलराज
  1925. 1:30:27खन्ना की आंखें फैल गई। उसे शौर्य से ऐसे
  1926. 1:30:31रिएक्शन की उम्मीद नहीं थी। उसने बाकी तीन
  1927. 1:30:34पहलवानों की तरफ देखकर कहा तुम लोग देख
  1928. 1:30:37क्या रहे हो? एक साथ उस पर हमला करो।
  1929. 1:30:40बाकी तीनों पहलवान भी शौर्य के घूसे का
  1930. 1:30:43प्रभाव देखकर हैरान थे। अब उन्हें समझ आ
  1931. 1:30:46गया था कि जितना आसान टारगेट वे शौर्य को
  1932. 1:30:49समझ रहे थे, वो उतना आसान बिल्कुल नहीं
  1933. 1:30:51था। अब तीनों ने एक साथ शौर्य को तीन तरफ
  1934. 1:30:54से घेर लिया और संभलकर उसकी तरफ बढ़ने
  1935. 1:30:57लगे। लेकिन इस पर भी शौर्य के चेहरे पर
  1936. 1:31:00कोई घबराहट नजर नहीं आई। और यही बात से
  1937. 1:31:03बलराज परेशान था। उसे लग रहा था कि वो
  1938. 1:31:06शायद यहां कम लोगों को लेकर आया है और
  1939. 1:31:09ज्यादा लोगों को साथ लाना चाहिए था। सबसे
  1940. 1:31:12पहले तो उसे यह उम्मीद ही नहीं थी कि यहां
  1941. 1:31:15उसका सामना शौर्य से हो जाएगा। पहले भी
  1942. 1:31:18उसका सामना शौर्य से हुआ था। लेकिन उस समय
  1943. 1:31:21कोई सीधी टक्कर नहीं हुई थी। क्योंकि जब
  1944. 1:31:23वह पहली बार छगन मगन को लेकर शौर्य के
  1945. 1:31:26सामने आया था तब छगन मगन ने सिर्फ शौर्य
  1946. 1:31:28का नाम सुनते ही हथियार डाल दिए थे। उस
  1947. 1:31:32समय बलराज यह समझ नहीं पाया था कि छगन मगन
  1948. 1:31:35ने बिना लड़े ही क्यों हार मान ली थी।
  1949. 1:31:38लेकिन अब शौर्य का यह रूप देखकर उसे समझ आ
  1950. 1:31:41गया कि वे लोग पहले से ही शौर्य के इस रूप
  1951. 1:31:44को जानते थे। इस समय बलराज खन्ना इतना आगे
  1952. 1:31:48बढ़ चुका था कि अब वह चाहकर भी पीछे नहीं
  1953. 1:31:50हट सकता था। क्योंकि यहां आने से पहले
  1954. 1:31:54उसने थाने को भी सेट कर लिया था ताकि कुछ
  1955. 1:31:57देर तक पुलिस इस तरफ ना आए और उसे बगैर
  1956. 1:31:59कलेक्शन में तोड़फोड़ करने का समय मिल
  1957. 1:32:02जाए।
  1958. 1:32:04लेकिन अब शौर्य रूपी रुकावट के कारण उसे
  1959. 1:32:06अपना मकसद पूरा होता नजर नहीं आ रहा था और
  1960. 1:32:09अब वो हर हाल में शौर्य का काम तमाम करना
  1961. 1:32:12चाहता था।
  1962. 1:32:14दूसरी तरफ श्रव्या ने जब देखा कि शौर्य ने
  1963. 1:32:17एक ही घूंसे में पहलवान को घुटनों पर ला
  1964. 1:32:19दिया तो उसकी आंखों में भी शौर्य के लिए
  1965. 1:32:22तारीफ के भाव आ गए। शौर्य की ताकत के
  1966. 1:32:25चर्चे पहले भी उसके कानों तक पहुंचे थे।
  1967. 1:32:27पर उन बातों पर भरोसा नहीं हुआ था। वो यही
  1968. 1:32:30मानती थी कि पुलिस के समय पर पहुंच जाने
  1969. 1:32:33के कारण ही उसका पिता पुलिस के ह्थे चढ़
  1970. 1:32:35गया था। लेकिन अभी जो उसने अपनी आंखों से
  1971. 1:32:38देखा उसने श्रव्या को सच में हैरान कर
  1972. 1:32:40दिया। अब वो यह देखना चाहती थी कि शौर्य
  1973. 1:32:44बाकी बचे तीन पहलवानों का मुकाबला कैसे
  1974. 1:32:46करता है।
  1975. 1:32:48वहीं अब तक तीनों पहलवानों ने शौर्य की
  1976. 1:32:51घेराबंदी कर ली थी। लेकिन शौर्य अभी भी
  1977. 1:32:54अपने स्थान पर ही खड़ा था। जैसे ही घेरा
  1978. 1:32:57थोड़ा छोटा हुआ, शौर्य ने एक पहलवान को
  1979. 1:33:00टारगेट किया और बिजली की तेजी से उसकी तरफ
  1980. 1:33:03झपटा।
  1981. 1:33:05उस बदमाश के करीब पहुंचकर शौर्य हवा में
  1982. 1:33:08उछला। उसका घुटना सीधे जाकर उस पहलवान की
  1983. 1:33:12छाती से टकराया और उसी समय उसकी दोनों
  1984. 1:33:15हथेलियां पहलवान के दोनों कानों से जा
  1985. 1:33:17भिड़ी। वो बदमाश पीछे की तरफ चित होकर गिर
  1986. 1:33:21पड़ा। उसके कानों में सीटियां बजने लगी।
  1987. 1:33:25शौर्य उस पहलवान के ऊपर से निकल कर दूसरी
  1988. 1:33:27तरफ पहुंच गया। अब बाकी के दोनों पहलवान
  1989. 1:33:30शौर्य के पीछे रह गए थे। शौर्य फिर से पलट
  1990. 1:33:34कर उन दोनों बदमाशों की तरफ देखने लगा।
  1991. 1:33:37शौर्य नहीं चाहता था कि वह सरेआम पब्लिक
  1992. 1:33:39के सामने बिग कलेक्शन के आउटलेट में बलराज
  1993. 1:33:42खन्ना के पहलवानों के साथ मुकाबला करे।
  1994. 1:33:45लेकिन बलराज खन्ना ने उसके सामने और कोई
  1995. 1:33:47चारा नहीं छोड़ा था। ना चाहते हुए भी उसे
  1996. 1:33:51लड़ना पड़ा। और जब एक-एक करके उसने
  1997. 1:33:53पहलवानों को धूल चटाना शुरू किया तो बलराज
  1998. 1:33:56खन्ना भौचक्का रह गया। उसे यकीन नहीं हो
  1999. 1:33:59रहा था कि एक अकेला आदमी उसके पहलवानों पर
  2000. 1:34:02कैसे भारी पड़ रहा है। वहीं दूर खड़ी
  2001. 1:34:05श्रव्या शौर्य का यह अंदाज देखकर बेहद
  2002. 1:34:07इंप्रेस नजर आ रही थी। उसने शौर्य के इस
  2003. 1:34:10रूप के बारे में सिर्फ सुना था। अब देख भी
  2004. 1:34:13लिया। लेकिन लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई थी।
  2005. 1:34:17शौर्य के पीछे जो दो पहलवान खड़े थे।
  2006. 1:34:20दोनों ने एक दूसरे [संगीत] की तरफ देखा और
  2007. 1:34:22आंखों ही आंखों में कुछ इशारा किया। फिर
  2008. 1:34:25दोनों एक साथ तेजी से शौर्य की तरफ भागे।
  2009. 1:34:29शौर्य ने जब उन्हें अपनी तरफ तेजी से आते
  2010. 1:34:31देखा तो वह भी उसी रफ्तार से उनकी तरफ
  2011. 1:34:34दौड़ पड़ा। जब उन दोनों पहलवानों ने देखा
  2012. 1:34:37कि शौर्य भी सीधे उनकी तरफ भागता चला आ
  2013. 1:34:39रहा है तो एक पल के लिए वे खुद भी चौंक
  2014. 1:34:42गए। उन्हें उम्मीद नहीं थी कि शौर्य सामने
  2015. 1:34:45से हमला करेगा। लेकिन अगले ही पल वे दोनों
  2016. 1:34:48फिर से उसकी तरफ झपट पड़े। जैसे ही दोनों
  2017. 1:34:51शौर्य के करीब पहुंचे, शौर्य अचानक जमीन
  2018. 1:34:53पर लेट गया और पेट के बल स्किड करता हुआ
  2019. 1:34:56दोनों बदमाशों के नीचे से निकल गया। जिस
  2020. 1:34:59समय वो उनके नीचे से गुजर रहा था, उसी समय
  2021. 1:35:02उसने अपने दोनों हाथों से दोनों बदमाशों
  2022. 1:35:04के पैर पकड़ लिए। दोनों पहलवान जिस तेजी
  2023. 1:35:08से भाग रहे थे, अचानक पैरों में अवरोध आने
  2024. 1:35:11से उनका संतुलन बिगड़ा और वो धड़ाम से
  2025. 1:35:13छाती के बल जमीन पर गिर पड़े।
  2026. 1:35:17तेज रफ्तार के कारण उनके सिर भी फर्श से
  2027. 1:35:19जा टकराए। चोट इतनी तेज थी कि अब उनका उठ
  2028. 1:35:23पाना मुश्किल लग रहा था। वहीं स्किड करता
  2029. 1:35:26हुआ शौर्य घूमकर आराम से बैठ गया और अपने
  2030. 1:35:29घुटनों पर दोनों हाथ रखकर उन दोनों
  2031. 1:35:31बदमाशों को देखने लगा। दोनों बदमाश अभी भी
  2032. 1:35:34फर्श पर गिरे हुए थे और खुद को संभालने की
  2033. 1:35:37कोशिश कर रहे थे। शौर्य आराम से अपनी जगह
  2034. 1:35:40से उठा और दोनों हाथ झाड़ते हुए बलराज
  2035. 1:35:43खन्ना की तरफ बढ़ने लगा। बलराज खन्ना के
  2036. 1:35:47चेहरे पर जैसे हवाइयां उड़ने लगी थी। पहला
  2037. 1:35:51पहलवान जिसे शौर्य ने घूंसा मारा था उसने
  2038. 1:35:54खुद को संभाल लिया था और वो बलराज खन्ना
  2039. 1:35:57के पास आकर खड़ा हो गया। शौर्य बलराज
  2040. 1:35:59खन्ना के पास जाते हुए उस पहलवान से बोला।
  2041. 1:36:03क्या तुम्हें लगता है कि तुम मुझे रोक
  2042. 1:36:05पाओगे?
  2043. 1:36:07शौर्य की बात सुनकर एक पल को तो वो पहलवान
  2044. 1:36:09झिझका। फिर हिम्मत करके शौर्य की तरफ
  2045. 1:36:12बढ़ा। जैसे ही वो शौर्य के करीब आया,
  2046. 1:36:16शौर्य ने एक पैर पर घूम कर दूसरे पैर की
  2047. 1:36:19किक सीधा उस पहलवान के चेहरे पर मारी और
  2048. 1:36:22वो पहलवान फिर से जमीन पर धराशाई हो गया।
  2049. 1:36:25शौर्य का यह मूव देखकर बलराज खन्ना पीछे
  2050. 1:36:28हटने लगा। पर अगले ही पल शौर्य उसके सामने
  2051. 1:36:31था। और बिना किसी चेतावनी के उसने बलराज
  2052. 1:36:34खन्ना के गाल पर एक जोरदार थप्पड़ रसीद कर
  2053. 1:36:38दिया।
  2054. 1:36:39बलराज खन्ना को अपने मुंह में कुछ घुलता
  2055. 1:36:42हुआ सा प्रतीत हुआ। जब उसने इस पर ध्यान
  2056. 1:36:44दिया तो उसे लगा कि उसके मुंह के अंदर गाल
  2057. 1:36:47का कोई हिस्सा कट गया है जिससे खून निकलने
  2058. 1:36:50लगा था। बलराज खन्ना के मुंह से खून का
  2059. 1:36:53घूंट बाहर निकला और लड़खड़ाती आवाज में
  2060. 1:36:56शौर्य से चेताया ये तुम ठीक नहीं कर रहे।
  2061. 1:37:01तुम्हें इसके गंभीर परिणाम भुगतने
  2062. 1:37:03पड़ेंगे। इस पर शौर्य लापरवाही से बोला,
  2063. 1:37:07तुम्हें लगता है कि तुम अब मुझे धमकी देने
  2064. 1:37:09की हालत में हो।
  2065. 1:37:12मैं अभी जो चाहूं वो तुम्हारे साथ कर सकता
  2066. 1:37:15हूं और तुम मेरा कुछ भी नहीं बिगाड़ सकते।
  2067. 1:37:19देखो तुम्हारा बगैर कनेक्शन से कोई लेना
  2068. 1:37:22देना नहीं है। मैं तुमसे उलझना नहीं
  2069. 1:37:25चाहता। पहले जो कुछ भी मैंने तुम्हारे साथ
  2070. 1:37:28किया है, उसके लिए अगर तुम कहो, तो मैं
  2071. 1:37:30तुमसे माफी मांगने को तैयार हूं।
  2072. 1:37:33ठीक है। रिलैक्स करो अब। बलराज खन्ना को
  2073. 1:37:37डर था कि अगर उसने कुछ नहीं किया तो कहीं
  2074. 1:37:40दोबारा शौर्य उस पर हाथ ना उठा दे। शौर्य
  2075. 1:37:43बलराज खन्ना का मजाक उड़ाते हुए बोला
  2076. 1:37:45क्यों? क्या हो गया? इतनी जल्दी हार मान
  2077. 1:37:49गए। अभी तो तुम मेरा नामोनिशान मिटाने
  2078. 1:37:53वाले थे। चलो एक बार फिर से कोशिश करो।
  2079. 1:37:58बलराज खन्ना शौर्य की इस बात पर कुछ नहीं
  2080. 1:38:00बोला। वो बस कातर भाव से उसे देखता रहा।
  2081. 1:38:04श्रव्या भी इस बदली हुई परिस्थिति से
  2082. 1:38:06हैरान थी। उसे उम्मीद नहीं [संगीत] थी कि
  2083. 1:38:09शौर्य इतनी आसानी से बलराज खन्ना के
  2084. 1:38:11पहलवानों को धूल चटा देगा। वहीं प्रिया भी
  2085. 1:38:14हैरान नजरों से यहां जो कुछ भी हो रहा था
  2086. 1:38:17उसे देख रही थी। अचानक ही उसकी नजर में
  2087. 1:38:20शौर्य की वैल्यू और बढ़ गई। प्रिया सबके
  2088. 1:38:23सामने शौर्य की हकीकत सामने नहीं ला सकती
  2089. 1:38:26थी। इसीलिए उसने शौर्य के पास जाकर उससे
  2090. 1:38:29कहा
  2091. 1:38:30धन्यवाद मिस्टर श्रवण आपने सही समय पर आकर
  2092. 1:38:34यहां होने वाले नुकसान से हमें बचा लिया
  2093. 1:38:36और बलराज खन्ना जैसे बदमाश के मंसूबों पर
  2094. 1:38:39पानी फेर दिया।
  2095. 1:38:42आपको धन्यवाद करने की कोई जरूरत नहीं है।
  2096. 1:38:44मिस प्रिया। यह लोग इसी काबिल हैं। शौर्य
  2097. 1:38:49भी प्रिया के अभिवादन का जवाब देते हुए
  2098. 1:38:51बोला। अभी शौर्य ने इतना बोला ही था कि
  2099. 1:38:54[संगीत] तभी उसके कानों में कुछ भागते
  2100. 1:38:56कदमों की आवाज आई। उसने उधर ध्यान दिया तो
  2101. 1:38:59देखा कुछ पुलिस वाले उस तरफ भागते हुए आ
  2102. 1:39:02रहे थे। जब बलराज खन्ना ने पुलिस को आते
  2103. 1:39:05देखा तो वह हैरानी से पुलिस को देखने लगा
  2104. 1:39:08क्योंकि उसे उम्मीद नहीं थी कि पुलिस इतनी
  2105. 1:39:10जल्दी यहां आ जाएगी। इसका मतलब था कि किसी
  2106. 1:39:14तगड़े रिसोर्स वाले व्यक्ति ने थाने में
  2107. 1:39:16फोन किया होगा। तभी इतनी जल्दी पुलिस यहां
  2108. 1:39:19पहुंच गई। पुलिस के वहां आते ही प्रिया ने
  2109. 1:39:22उनसे कहा पकड़ लीजिए इन लोगों को।
  2110. 1:39:25इन्होंने यहां तोड़फोड़ करने की कोशिश की।
  2111. 1:39:28बाकी सबूत के तौर पर आप यहां से सीसीटीवी
  2112. 1:39:31फुटेज ले सकते हैं।
  2113. 1:39:33जल्दी ही पुलिस वालों ने बलराज खन्ना के
  2114. 1:39:35साथ उसके चारों पहलवानों को भी अपनी
  2115. 1:39:38कस्टडी में ले लिया और कुछ जरूरी
  2116. 1:39:40खानापूर्ति करने के बाद वे लोग वहां से
  2117. 1:39:42चले गए। पुलिस के वहां से जाने के बाद
  2118. 1:39:45प्रिया ने शौर्य से कहा, मिस्टर श्रवण
  2119. 1:39:49क्या आप कुछ पल के लिए मेरे केबिन में
  2120. 1:39:50आएंगे? मुझे आपसे कुछ बात करनी है।
  2121. 1:39:54शौर्य समझ गया कि प्रिया सबके सामने उससे
  2122. 1:39:56बात नहीं कर सकती। इसीलिए वो उसे अपने
  2123. 1:39:59ऑफिस में आने की बात कर रही है। ठीक है
  2124. 1:40:02चलिए। इतना कहकर शौर्य प्रिया के पीछे हो
  2125. 1:40:06लिया। प्रिया आगे चलते हुए अपने केबिन की
  2126. 1:40:08तरफ बढ़ी।
  2127. 1:40:10शौर्य ने देखा कि श्रव्या भी उसके पीछे
  2128. 1:40:12आने लगी है। तो उसने श्रव्या से कहा
  2129. 1:40:16तुम 2 मिनट यहीं रुको। मैं अभी मिस प्रिया
  2130. 1:40:18से कुछ बात करके वापस आता हूं। श्रव्या का
  2131. 1:40:22मन वहां रुकने का तो नहीं था। वो भी जानना
  2132. 1:40:24चाहती थी कि आखिर प्रिया शौर्य से अकेले
  2133. 1:40:27में ऐसी क्या बात करेगी जो वो यहां नहीं
  2134. 1:40:30कर सकती थी।
  2135. 1:40:32पर जब शौर्य ने उसे यहीं रुकने के लिए बोल
  2136. 1:40:34दिया तो अब उसके पास कुछ कहने को रह नहीं
  2137. 1:40:37गया था।
  2138. 1:40:38इसके बाद जब शौर्य प्रिया के पीछे उसके
  2139. 1:40:40केबिन में पहुंचा तो प्रिया ने उसे अपने
  2140. 1:40:42चेयर पर बैठने का इशारा किया और वो खुद
  2141. 1:40:45विजिटर चेयर पर बैठ गई। शौर्य भी बिना
  2142. 1:40:48किसी आनाकानी के प्रिया की चेयर पर बैठ
  2143. 1:40:50गया। शौर्य के बैठते ही प्रिया बोली
  2144. 1:40:54थैंक यू सर जो आप समय पर आ गए। नहीं तो
  2145. 1:40:58पता नहीं वो आज स्टोर की क्या हालत करता।
  2146. 1:41:01प्रिया की बात सुनकर शौर्य मुस्कुराया और
  2147. 1:41:03उससे कहा शायद किस्मत हमारा नुकसान नहीं
  2148. 1:41:07करना चाहती थी इसीलिए आज मैं इधर आ गया और
  2149. 1:41:11बताओ यहां सब कैसा चल रहा है शौर्य के
  2150. 1:41:14सवाल पर प्रिया बोली सब कुछ बढ़िया है सर
  2151. 1:41:17आपने जो जिम्मेदारी मुझे दी है मैं उसे
  2152. 1:41:20अच्छे से निभाने की कोशिश कर रही हूं। तुम
  2153. 1:41:22बहुत बढ़िया कर रही हो। मैंने तुम्हें
  2154. 1:41:24देखा जिस तरह से तुमने शुरुआत में बिना
  2155. 1:41:27डरे बलराज खन्ना से डील करने की कोशिश की
  2156. 1:41:29थी। अगर आगे भी कभी ऐसी कोई घटना होती है
  2157. 1:41:32तो तुम उसको लेकर चिंता मत करना और खुद को
  2158. 1:41:35जोखिम में डालने की भी जरूरत नहीं है।
  2159. 1:41:38वर्तमान समय में जो हो रहा है उसे हालात
  2160. 1:41:41पर ही छोड़ देना। बाकी बाद में उसके जवाब
  2161. 1:41:44में हमें क्या करना है वो हम देख लेंगे।
  2162. 1:41:47बाकी हमारे किसी स्टाफ का नुकसान हो यह
  2163. 1:41:50मुझे पसंद नहीं आएगा।
  2164. 1:41:53शौर्य की यह बात सुनकर प्रिया को हिम्मत
  2165. 1:41:55आई और वो खुश होते हुए बोली [संगीत] थैंक
  2166. 1:41:58यू सर जो आपने मुझ पर इतना विश्वास किया
  2167. 1:42:01बाकी आगे से मैं आपकी कही हुई बातों का
  2168. 1:42:03ध्यान रखूंगी।
  2169. 1:42:05प्रिया से सारी बातें होने के बाद शौर्य
  2170. 1:42:08ने कहा तो ठीक है मैं अभी चलता हूं। बाहर
  2171. 1:42:11कोई है जो मेरा इंतजार कर रही है। अगर मैं
  2172. 1:42:14यहां ज्यादा देर रुका तो वह कहीं यहां
  2173. 1:42:17अंदर ही ना आ जाए।
  2174. 1:42:19प्रिया शौर्य की बात को समझते हुए बोली,
  2175. 1:42:23क्या आप उस लड़की की बात कर रहे हैं जो
  2176. 1:42:25आपके पीछे यहां आ रही थी? शौर्य ने सिर
  2177. 1:42:28हिलाकर सहमति जताई और मुस्कुराते हुए
  2178. 1:42:30बोला, हां, मैं उसी की बात कर रहा हूं।
  2179. 1:42:33अभी शौर्य ने इतना कहा ही था कि तभी
  2180. 1:42:35प्रिया के मोबाइल पर किसी का फोन आया।
  2181. 1:42:38उसने फोन उठाकर बात की। उसके चेहरे पर
  2182. 1:42:41हैरानी नजर आने लगी। वो खुद को संयत कर
  2183. 1:42:44बोली, ठीक है, मैं देखती हूं। इतना कहकर
  2184. 1:42:48उसने फोन काट दिया। शौर्य जो प्रिया को ही
  2185. 1:42:52देख रहा था उसने प्रिया के चेहरे के बदलते
  2186. 1:42:54भाव को देखा तो पूछा क्या कोई परेशानी है?
  2187. 1:42:59प्रिया शौर्य की तरफ देखते हुए बोली पता
  2188. 1:43:01नहीं सर इसे परेशानी वाली बात कहना सही है
  2189. 1:43:04कि नहीं? यह आप ज्यादा बेहतर बता सकते हैं
  2190. 1:43:06कि यह परेशानी की बात है या नॉर्मल बात।
  2191. 1:43:10वहीं दूसरी तरफ शिप्रा जो अभी थोड़ी देर
  2192. 1:43:13पहले ही मेघना के साथ घर लौटी थी। वो
  2193. 1:43:16डाइनिंग हॉल में ही अपने और मेघना के लिए
  2194. 1:43:18दो बाउल में पास्ता बनाकर ले आई थी। मेघना
  2195. 1:43:21डाइनिंग टेबल पर बैठी हुई सोशल मीडिया
  2196. 1:43:23खंगाल रही थी। तभी अचानक उसका मुंह सीटी
  2197. 1:43:26बजाने वाले अंदाज में खुल गया और बाकायदा
  2198. 1:43:29उसने सीटी भी बजा दी। उसी समय शिप्रा
  2199. 1:43:32मेघना के सामने पास्ता का बाउल रखते हुए
  2200. 1:43:34बोली। ऐसा क्या देख लिया जो सीटी बजाने
  2201. 1:43:38लगी हो? शिप्रा की बात सुनकर मोबाइल पर
  2202. 1:43:42नजरें गड़ाए हुए मेघना ने जवाब दिया।
  2203. 1:43:45कुछ तो बात है इस लड़के में। यह कुछ ऐसा
  2204. 1:43:48कर देता है जो ना चाहते हुए भी अपनी ओर
  2205. 1:43:51ध्यान खींच लेता है। शिप्रा ने मेघना की
  2206. 1:43:54बात सुनकर उससे पूछा तुम किस लड़के की बात
  2207. 1:43:58कर रही हो? मेघना शिप्रा की ओर मोबाइल
  2208. 1:44:01घुमाते हुए बोली लो तुम भी देखो
  2209. 1:44:03[गाना गाने की आवाज़] मैं किसकी बात कर
  2210. 1:44:04रही हूं।
  2211. 1:44:06शिप्रा ने मेघना के मोबाइल पर चल रही
  2212. 1:44:08वीडियो की तरफ ध्यान दिया और उसकी आंखें
  2213. 1:44:10वहीं चिपक गई। वीडियो में शौर्य कुछ
  2214. 1:44:14पहलवानों से लड़ाई करते हुए दिख रहा था।
  2215. 1:44:16फिर अचानक उसके सामने वो सीन दिखा जिसमें
  2216. 1:44:20वो बलराज खन्ना को थप्पड़ लगाता हुआ नजर
  2217. 1:44:23आया। इस क्लिप को देखकर शिप्रा ने जल्दी
  2218. 1:44:26से मेघना के हाथ से उसका मोबाइल छीना और
  2219. 1:44:29फिर से उस वीडियो को देखने लगी। वीडियो
  2220. 1:44:32देखकर [संगीत] ही वो समझ गई कि यह वीडियो
  2221. 1:44:34बिग कलेक्शन के स्टोर का था। पर उसे यह
  2222. 1:44:37समझ नहीं आया कि यह वीडियो कब अपलोड हुआ
  2223. 1:44:40है। उसने ध्यान से देखा तो पता चला किसी
  2224. 1:44:43लड़की ने अभी कुछ देर पहले ही इस वीडियो
  2225. 1:44:45को अपलोड किया है और इस थोड़े से समय में
  2226. 1:44:48ही इस वीडियो की रीच अच्छी खासी हो गई थी।
  2227. 1:44:52शौर्य के हाथों बलराज खन्ना को मार खाते
  2228. 1:44:55देखकर शिप्रा को अंदरूनी खुशी भी हुई थी।
  2229. 1:44:58वो यह जानने को उत्सुक [संगीत] थी कि आखिर
  2230. 1:45:00शौर्य बगैर कलेक्शन क्या करने गया था। उसे
  2231. 1:45:04यह तो पता चला था कि बगैर कलेक्शन को किसी
  2232. 1:45:07और ने खरीद लिया था। पर उसे उसके असली
  2233. 1:45:09मालिक के बारे में कुछ पता नहीं था। मेघना
  2234. 1:45:13ने शिप्रा को गौर से वीडियो देखते पाया तो
  2235. 1:45:15उसने पूछा क्या तुम इस मार खाने वाले
  2236. 1:45:18व्यक्ति को जानती हो? इस पर शिप्रा सहमति
  2237. 1:45:21जताते हुए बोली। हां जानती हूं। कौन है यह
  2238. 1:45:26बदनसीब? मेघना ने बलराज खन्ना के चेहरे को
  2239. 1:45:29देखते हुए पूछा। इसका नाम बलराज खन्ना है।
  2240. 1:45:33यह लेविस ब्लू का ओनर है। शिप्रा की आंखें
  2241. 1:45:36अभी भी स्क्रीन पर जमी हुई थी। इस समय
  2242. 1:45:39स्क्रीन पर वो सीन चल रहा था जहां बलराज
  2243. 1:45:42खन्ना अपने मुंह का खून फर्श पर थूकता है।
  2244. 1:45:46यहीं पर वीडियो खत्म होता है और फिर इसे
  2245. 1:45:48रिपीट होता है। शिप्रा के मुंह से लेविस
  2246. 1:45:51ब्लू का नाम सुनकर मेघना ने बोला
  2247. 1:45:54यानी यह तुम्हारी मेन कंपिटिट ब्रांड का
  2248. 1:45:57ओनर है। फिर तो तुम्हें श्रवण को थैंक्स
  2249. 1:46:00करना चाहिए। उसने सरेआम तुम्हारे दुश्मन
  2250. 1:46:02का बैंड बजा दिया।
  2251. 1:46:05मेघना की बात सुनकर शिप्रा ने कोई जवाब
  2252. 1:46:07नहीं दिया। बस एक टक उसका चेहरा देखती
  2253. 1:46:10रही। [संगीत] वो सोच रही थी कि अब वो
  2254. 1:46:12मेघना को कैसे बताएं कि यही श्रवण उसका
  2255. 1:46:15पति है। वो समझ रही थी कि जब मेघना जानेगी
  2256. 1:46:18कि श्रवण ही शिप्रा का पति है तो वह उसकी
  2257. 1:46:21अच्छे से क्लास लेगी। मेघना के फोन की
  2258. 1:46:24स्क्रीन पर अभी भी शौर्य का चेहरा दिख रहा
  2259. 1:46:26था। मेघना ने उसी फ्रेम पर वीडियो को पॉज
  2260. 1:46:29कर रखा था जहां गुंडों से लड़ाई करते हुए
  2261. 1:46:32शौर्य का चेहरा साफ नजर आ रहा था। वो कुछ
  2262. 1:46:35याद करते हुए शिप्रा से बोली [संगीत]
  2263. 1:46:38तुम्हें पता है जब मैं पहली बार श्रवण से
  2264. 1:46:40मिली थी और जब मुझे पता चला कि वो अभी
  2265. 1:46:43स्ट्रगल ही कर रहा है तो मैंने उसे कोई
  2266. 1:46:45भाव नहीं दिया था। पहले तो मैंने उसे एज अ
  2267. 1:46:49फ्रेंड एक्सेप्ट कर लिया। पर यह एहसास
  2268. 1:46:51होने के बाद कि वो हमारे स्टैंडर्ड से मैच
  2269. 1:46:54नहीं करता। उसके प्रति मेरा व्यवहार बदल
  2270. 1:46:56गया। कहते हुए वो एक पल रुकी और फिर कुछ
  2271. 1:47:00सोचते हुए बोली मुझे लगा था कि अगर मैं
  2272. 1:47:03उसे अपनी शूटिंग का काम दूंगी तो वो खुश
  2273. 1:47:05हो जाएगा। लेकिन सरप्राइजिंगली उसने मेरा
  2274. 1:47:08काम करने से मना कर दिया। उसने मेरे
  2275. 1:47:11प्रपोजल के बारे में सोचा तक नहीं। उस समय
  2276. 1:47:14मुझे लगा कि वह सिर्फ नताशा कपूर के सामने
  2277. 1:47:17अच्छा दिखने के लिए ऐसा कर रहा है। लेकिन
  2278. 1:47:20फिर धीरे-धीरे मुझे महसूस हुआ कि वह हर
  2279. 1:47:22काम अपनी मर्जी और अपनी शर्तों पर ही करता
  2280. 1:47:25है। कहते हुए मेघना ने शिप्रा की ओर देखा
  2281. 1:47:28और बोली
  2282. 1:47:31अगर कोई उस पर एहसान जताकर उससे काम
  2283. 1:47:33करवाना चाहे तो वह काम नहीं करेगा। मैंने
  2284. 1:47:36यही गलती की थी। लेकिन शायद नताशा कपूर
  2285. 1:47:39उसे पहली ही बार में समझ गई। इसीलिए उसने
  2286. 1:47:42उस पर पूरा भरोसा किया। वो उसके लिए इतनी
  2287. 1:47:46दीवानी हो गई कि ऐड शूट में पहले वाले
  2288. 1:47:48हीरो को हटाकर श्रवण को हीरो बना दिया।
  2289. 1:47:51यहां तक कि तुम्हारे ब्रांड के लिए नताशा
  2290. 1:47:53कपूर ने एक पैसा तक नहीं लिया और श्रवण के
  2291. 1:47:57लिए फ्री में काम करने को तैयार हो गई।
  2292. 1:48:00कहते हुए जब मेघना ने देखा कि शिप्रा कहीं
  2293. 1:48:03खो सी गई है तो उसने चुटकी बजाते हुए पूछा
  2294. 1:48:06हे क्या हुआ? किस सोच में डूब गई तुम?
  2295. 1:48:11शिप्रा मानो अचानक होश में आई और बोली
  2296. 1:48:15कुछ भी तो नहीं इस पर मेघना ने शिप्रा के
  2297. 1:48:18चेहरे को गौर से देखते हुए कहा पता नहीं
  2298. 1:48:21आजकल तुमको क्या हो गया है तुम हर समय
  2299. 1:48:24कहीं खो जाती हो और पूछने पर कहती हो कुछ
  2300. 1:48:27भी तो नहीं हम मुझे तो लगता है तुम्हें
  2301. 1:48:30डॉक्टर को दिखा लेना चाहिए
  2302. 1:48:33फिर मेघना कुछ गणित लगाते हुए बोली
  2303. 1:48:36एक बात और है जो मुझे परेशान कर रही है
  2304. 1:48:39मुझे यहां यहां आए दो दिन हो गए हैं। पर
  2305. 1:48:42तुम्हारा पति एक बार भी यहां नजर नहीं
  2306. 1:48:44आया।
  2307. 1:48:46कुछ प्रॉब्लम है क्या? हां या फिर तुम
  2308. 1:48:49जानबूझकर उसे मुझसे मिलवाना नहीं चाहती।
  2309. 1:48:52नहीं ऐसा कुछ नहीं है। पता नहीं लगता है
  2310. 1:48:56वो किसी काम में बिजी हो गए हैं। जब आएंगे
  2311. 1:48:59तो मिल लेना। शिप्रा बात को टालते हुए
  2312. 1:49:02बोली। तो मेघना ने तंज भरे स्वर में पूछा।
  2313. 1:49:06ऐसा क्या काम करने लगा है वो जो इतना बिजी
  2314. 1:49:09हो गया है? इसी के बीच शिप्रा के पापा
  2315. 1:49:13राजदीप राय अपने कमरे से बाहर आए और बोले
  2316. 1:49:16अरे तुम दोनों कब आए?
  2317. 1:49:20शिप्रा ने जवाब दिया। अभी ज्यादा समय नहीं
  2318. 1:49:23हुआ पापा। अच्छा सुनो। मैंने तुम्हारे
  2319. 1:49:27बर्थडे के लिए होटल मिलेनियम बुक कर दिया
  2320. 1:49:29है। तुम्हें अपने फ्रेंड्स में जिसको भी
  2321. 1:49:32इनवाइट करना है कल तक कर लेना। बाकी लोगों
  2322. 1:49:35को मैं इनवाइट कर लूंगा। राजदीप जी ने
  2323. 1:49:38शिप्रा को जानकारी देते हुए कहा तो शिप्रा
  2324. 1:49:41इरिटेट होकर बोली क्या पापा? मैंने आपको
  2325. 1:49:45मना किया था कि मुझे अपना बर्थडे नहीं
  2326. 1:49:47मनाना है। फिर आप यह सब क्यों कर रहे हैं?
  2327. 1:49:50अरे भाई क्यों नहीं मनाना है? अब तो सब
  2328. 1:49:53सही चल रहा है ना। तो क्यों ना तुम्हारा
  2329. 1:49:55बर्थडे अच्छे से सेलिब्रेट किया जाए। बेटा
  2330. 1:49:58हमें अपना हर वो पल सेलिब्रेट करना चाहिए
  2331. 1:50:01जो हमें खुशी देता है। तभी तो हमारा बुरा
  2332. 1:50:04चाहने वालों को तकलीफ होगी। अभी कुछ दिन
  2333. 1:50:07पहले हमने राधिका का बर्थडे कितने अच्छे
  2334. 1:50:10से सेलिब्रेट किया था। तो अब अगर हम
  2335. 1:50:12तुम्हारा बर्थडे सेलिब्रेट नहीं करेंगे तो
  2336. 1:50:14सबको बातें बनाने का मौका मिल जाएगा।
  2337. 1:50:17इसीलिए हम और भी अच्छे से बर्थडे मनाएंगे
  2338. 1:50:19और जलने वाले को और जलाएंगे।
  2339. 1:50:22राजदीप जी उत्साहित होकर बोले। तभी मेघना
  2340. 1:50:26ने भी सहमति जताते हुए कहा,
  2341. 1:50:29"आप बिल्कुल सही कह रहे हैं मौसा जी। जब
  2342. 1:50:32दुश्मनों को लगे कि आप कमजोर पड़ रहे हैं
  2343. 1:50:34तो हमें उन्हें दिखाना चाहिए कि हम कितने
  2344. 1:50:37स्ट्रांग हैं। इससे दुश्मन का हौसला टूट
  2345. 1:50:39जाता है। फिर वो शिप्रा से बोली, इसीलिए
  2346. 1:50:43हम तुम्हारा बर्थडे बहुत जोर शोर से
  2347. 1:50:45सेलिब्रेट करेंगे।
  2348. 1:50:48आप लोगों को कुछ भी कहने का कोई फायदा तो
  2349. 1:50:51है नहीं। आपकी जो मर्जी [संगीत]
  2350. 1:50:53आप वही करें। शिप्रा हार मानते हुए बोली।
  2351. 1:50:57राजदीप जी ने मेघना की तरफ [संगीत] देखकर
  2352. 1:51:00कहा मैं तुमको भी कह रहा हूं मेघना बेटी।
  2353. 1:51:04अगर तुम्हारे भी कोई गेस्ट हो तो तुम
  2354. 1:51:06उन्हें इनवाइट कर सकती हो। इस पर मेघना ने
  2355. 1:51:09जवाब दिया। ठीक है मौसा जी। ज्यादा तो
  2356. 1:51:12नहीं पर हो सकता है कि मेरे एक दो
  2357. 1:51:14फ्रेंड्स आ जाए। ठीक है। बाकी अगर कुछ
  2358. 1:51:17खरीदारी करनी है तो आजकल में कर लो। मैं
  2359. 1:51:20एक बार जाकर पिताजी से भी डिस्कस कर लेता
  2360. 1:51:22हूं। इतना कहकर राजदीप जी वहां से चले गए।
  2361. 1:51:27राजदीप जी के जाने के बाद शिप्रा के दिमाग
  2362. 1:51:30में कुछ आया तो वो मेघना से बोली तुम कमरे
  2363. 1:51:34में जाकर आराम करो। मुझे कुछ काम है। मैं
  2364. 1:51:37उसे निपटाकर कुछ देर में आती हूं।
  2365. 1:51:40मेघना को समझ नहीं आया कि शिप्रा को अचानक
  2366. 1:51:43क्या काम याद आ गया। अभी तक तो वह आराम से
  2367. 1:51:46खाना खा रही थी। पर मेघना को कुछ भी पूछना
  2368. 1:51:49ठीक नहीं लगा। वहीं शिप्रा तुरंत उठी और
  2369. 1:51:52बाहर चली गई।
  2370. 1:51:54दूसरी तरफ बिगर कलेक्शन में शौर्य के
  2371. 1:51:57पूछने पर प्रिया ने बताया कि किसी ने
  2372. 1:51:59शौर्य का लड़ाई वाला वीडियो सोशल मीडिया
  2373. 1:52:02पर वायरल कर दिया है। शौर्य को विश्वास
  2374. 1:52:05नहीं हुआ कि इतनी जल्दी किसी ने उसका
  2375. 1:52:07वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल भी दिया।
  2376. 1:52:10प्रिया ने थोड़ा रिसर्च किया तो उसे वह
  2377. 1:52:12वीडियो मिल गया। जब उसने देखा तो पता चला
  2378. 1:52:16कि इतनी देर में ही लाखों लोगों ने उस
  2379. 1:52:18वीडियो को देख लिया था। उसने यह भी पता
  2380. 1:52:21लगाया कि किसी दीप्ति भटनागर नाम की लड़की
  2381. 1:52:24ने उस वीडियो को अपलोड किया था। पहले से
  2382. 1:52:27ही उसके फॉलोअर्स की अच्छी खासी संख्या
  2383. 1:52:29थी। जिसके कारण वीडियो तेजी से वायरल होने
  2384. 1:52:33लगा। इस पर शौर्य ने मुस्कुराते हुए कहा।
  2385. 1:52:37इसके बारे में कुछ ज्यादा करने की जरूरत
  2386. 1:52:40नहीं है। धीरे-धीरे यह मामला खुद ही शांत
  2387. 1:52:43हो जाएगा। वैसे भी यह वीडियो हमारा कोई
  2388. 1:52:46नुकसान नहीं कर रहा। बड़ा नुकसान तो बलराज
  2389. 1:52:49खन्ना को होने वाला है। अगर यह वीडियो ऐसे
  2390. 1:52:52ही वायरल होता रहा तो बलराज खन्ना की रही
  2391. 1:52:54सही इज्जत भी मिट्टी में मिल जाएगी।
  2392. 1:52:58शौर्य की बात सुनकर प्रिया के चेहरे पर
  2393. 1:53:00संतुष्टि के भाव आ गए। अब वो थोड़ा सुकून
  2394. 1:53:03महसूस करने लगी।
  2395. 1:53:06चलो ठीक है अब मैं चलता हूं। श्रव्या बाहर
  2396. 1:53:09मेरा इंतजार कर रही होगी। इतना [संगीत]
  2397. 1:53:11कहकर शौर्य प्रिया के केबिन से बाहर निकल
  2398. 1:53:14आया। अब तक स्टोर का माहौल फिर से सामान्य
  2399. 1:53:17हो चुका था। शौर्य श्रव्या के पास गया।
  2400. 1:53:21प्रिया उसे बाहर तक छोड़ने के लिए साथ आई
  2401. 1:53:23थी। श्रव्या ने नोटिस किया कि प्रिया के
  2402. 1:53:26साथ होने की वजह से शौर्य को खरीदे हुए
  2403. 1:53:29सामान का बिल भी चुकाने की जरूरत नहीं
  2404. 1:53:30पड़ी।
  2405. 1:53:32श्रव्या शक भरी नजरों से प्रिया की तरफ
  2406. 1:53:34देख रही थी। वो समझने की कोशिश कर रही थी
  2407. 1:53:37कि क्या इन दोनों के बीच कोई और भी रिश्ता
  2408. 1:53:39है। पर वह कोई अंदाजा नहीं लगा पा रही थी।
  2409. 1:53:43श्रव्या को आश्चर्य हुआ कि प्रिया ने
  2410. 1:53:45शौर्य से उसके सामान का कोई पैसा क्यों
  2411. 1:53:48नहीं लिया। उसे असलियत पता नहीं थी कि यह
  2412. 1:53:51स्टोर शौर्य का ही है। वो इस बात से भी
  2413. 1:53:54हैरान थी कि [संगीत] आखिर प्रिया ने शौर्य
  2414. 1:53:56से अकेले में क्या बात की होगी। पर उसे
  2415. 1:53:59पता था कि जो भी बात हुई होगी शौर्य उसे
  2416. 1:54:02बताने वाला तो है नहीं। [संगीत] वैसे
  2417. 1:54:05शौर्य से उसे यह उम्मीद नहीं थी कि वह
  2418. 1:54:07अकेले ही बलराज खन्ना के सभी बदमाशों को
  2419. 1:54:10ठिकाने लगा देगा। वो शौर्य की हिम्मत और
  2420. 1:54:13ताकत देखकर हैरान थी। अब उसकी आंखों में
  2421. 1:54:16शौर्य के लिए एक अलग सा सम्मान नजर आ रहा
  2422. 1:54:19था।
  2423. 1:54:20वो जब शौर्य को कार में ले जा रही थी तो
  2424. 1:54:23उसने शौर्य से पूछा भी कि प्रिया उसे अपने
  2425. 1:54:25केबिन में क्यों बुलाकर ले गई थी? इस पर
  2426. 1:54:28शौर्य ने जवाब टालने की नियत से कहा, ऐसा
  2427. 1:54:32कुछ खास नहीं था। अब क्योंकि मेरे कारण इस
  2428. 1:54:35स्टोर में होने वाली एक बुरी घटना रुक गई
  2429. 1:54:38थी। इसीलिए वो मुझे धन्यवाद देना चाहती थी
  2430. 1:54:41और इसी वजह से तो उसने मुझसे पैसे भी नहीं
  2431. 1:54:44लिए।
  2432. 1:54:45श्रव्या को यह अच्छा नहीं लग रहा था कि सब
  2433. 1:54:48कुछ इतनी आसानी से निपट गया। वो चाहती थी
  2434. 1:54:51कि कुछ ड्रामा होता जिससे उसे शौर्य की
  2435. 1:54:53मदद करने का मौका मिलता। पर ऐसा कुछ हुआ
  2436. 1:54:56नहीं।
  2437. 1:54:58लेकिन अब वो ज्यादा कुछ कर भी तो नहीं
  2438. 1:54:59[संगीत] सकती थी। वो शौर्य को लेकर मॉडल
  2439. 1:55:02टाउन वाले शौर्य के घर पर पहुंची। इस समय
  2440. 1:55:05लगभग 4:00 बजने वाले थे। शौर्य को आज
  2441. 1:55:08ज्यादा काम नहीं था इसीलिए वो घर आ गया
  2442. 1:55:11था। उसने देखा कि मेघा भी घर आ चुकी थी।
  2443. 1:55:15मेघा ने जब शौर्य को इतनी जल्दी आए हुए
  2444. 1:55:17देखा तो उसने पूछा भैया आपके लिए कुछ खाने
  2445. 1:55:21के लिए लाऊं क्या?
  2446. 1:55:23अगर तुमको भी खाना है तो जरूर ले आओ।
  2447. 1:55:26सिर्फ मेरे लिए मत लाना। शौर्य ने
  2448. 1:55:29मुस्कुराते हुए जवाब दिया, ठीक है भैया,
  2449. 1:55:32मैं अपने लिए भी लाती हूं और आपके लिए भी
  2450. 1:55:34लाती हूं।
  2451. 1:55:36इतना बोलकर मेघा किचन की तरफ चली गई। वहीं
  2452. 1:55:39श्रव्या कार को पार्किंग में खड़ी करके
  2453. 1:55:41अपने कमरे में चली गई थी। सबको बिजी देखकर
  2454. 1:55:45शौर्य कमरे से निकला और पीछे लॉन की तरफ
  2455. 1:55:47चला गया। उसने देखा कि पुजारी बाबा गोपाल
  2456. 1:55:51[संगीत] के साथ मिलकर नए पौधे लगवा रहे थे
  2457. 1:55:54और उनमें पानी दे रहे थे। यह देखकर शौर्य
  2458. 1:55:57को अच्छा लगा कि पुजारी बाबा ने अपने आप
  2459. 1:56:00को इन चीजों में व्यस्त कर लिया था। यह
  2460. 1:56:02उनके लिए अच्छा था। इससे नई जगह पर उनका
  2461. 1:56:05मन लगा रहेगा। पुजारी बाबा ने जब शौर्य को
  2462. 1:56:09देखा तो उन्होंने पूछा
  2463. 1:56:12आज तो तुम जल्दी आ गए बेटे। क्या बात है?
  2464. 1:56:17शौर्य पुजारी बाबा की बात सुनकर बोला
  2465. 1:56:19[संगीत] कोई बात नहीं है। आज कोई खास काम
  2466. 1:56:22था नहीं बाबा इसलिए आ गया। आप बताइए आपको
  2467. 1:56:26कैसा लग रहा है? बस ठीक है। पुजारी बाबा
  2468. 1:56:30ने कहा इन कामों में अपना दिल लगा रहा
  2469. 1:56:33हूं।
  2470. 1:56:35लेकिन देखता हूं एक-द दिन में मंदिर चला
  2471. 1:56:38जाऊंगा। क्योंकि मैं ज्यादा समय इस तरह से
  2472. 1:56:41नहीं बिता पाऊंगा।
  2473. 1:56:43पुजारी बाबा की बात सुनकर शौर्य ने हल्की
  2474. 1:56:46मुस्कान के साथ कहा, "यह आपका घर है बाबा।
  2475. 1:56:50आपका जब मन करे आप आइए, जब मन करे जाइए।
  2476. 1:56:53आपको ज्यादा सोचना नहीं है कि मुझे यहां
  2477. 1:56:56कब आना है और कब जाना है। आप जब चाहे
  2478. 1:56:59[संगीत] यहां आ जा सकते हैं। जरूर। मैंने
  2479. 1:57:03पिछले जन्म में कोई अच्छा काम किया होगा
  2480. 1:57:06जिसका फल मुझे इस जन्म में मिल रहा है। जो
  2481. 1:57:09मुझे तुझ जैसा एक बेटा मिल गया।
  2482. 1:57:13पुजारी बाबा भावुक स्वर में बोले अभी
  2483. 1:57:16शौर्य आगे कुछ बोलता उससे पहले ही उसे दूर
  2484. 1:57:18से मेघा की आवाज सुनाई दी भैया आ जाइए
  2485. 1:57:22मैंने आपकी प्लेट लगा दी है [संगीत]
  2486. 1:57:25मेघा की बात सुनकर शौर्य पुजारी बाबा से
  2487. 1:57:28बोला बाबा मेघा बुला रही है अभी मैं जा
  2488. 1:57:31रहा हूं आपसे फिर बात करता हूं। इतना
  2489. 1:57:34बोलकर शौर्य मेघा की तरफ बढ़ गया। मेघा ने
  2490. 1:57:38डाइनिंग टेबल पर एक प्लेट में पास्ता
  2491. 1:57:40निकालकर शौर्य के सामने रख दिया था और एक
  2492. 1:57:43प्लेट उसने अपने पास रख ली थी। एक
  2493. 1:57:47एक्स्ट्रा प्लेट टेबल पर रखी हुई थी जो
  2494. 1:57:49शायद श्रव्या के लिए थी। अभी शौर्य खाना
  2495. 1:57:52शुरू करने ही वाला था कि उसे घर के बाहर
  2496. 1:57:55किसी गाड़ी के रुकने की आवाज सुनाई दी।
  2497. 1:57:57[संगीत]
  2498. 1:57:57उसने मेघा की ओर देखा जैसे पूछना चाह रहा
  2499. 1:58:00हो कि इस समय कौन आया होगा। मेघा शौर्य को
  2500. 1:58:04देखकर समझ गई कि वह जानना चाहते हैं कि
  2501. 1:58:07बाहर कौन आया हुआ है। [संगीत] इसीलिए वह
  2502. 1:58:10खड़े होकर बोली आप खाना शुरू कीजिए। मैं
  2503. 1:58:13देखकर आती हूं कि बाहर कौन आया है।
  2504. 1:58:16मेघा वहां से निकल कर बाहर गेट के पास आई
  2505. 1:58:19तो [संगीत] उसने देखा कि बाहर शिप्रा खड़ी
  2506. 1:58:21है। और वो इधर-उधर कुछ इस तरह नजर घुमा
  2507. 1:58:24रही थी। मानो अनुमान लगाने की कोशिश कर
  2508. 1:58:27रही हो कि वो सही घर पर आई है या कहीं वो
  2509. 1:58:29किसी और के घर तो नहीं आ गई। शौर्य का
  2510. 1:58:32वायरल वीडियो देखकर शिप्रा के मन में उठा
  2511. 1:58:34कौतूहल उसे शौर्य की मॉडल टाउन वाली कोठी
  2512. 1:58:37पर ले आया। वो बस शौर्य से मिलना चाहती
  2513. 1:58:40थी। इसीलिए वह मेघना को जरूरी काम का
  2514. 1:58:42बहाना बताकर शौर्य के घर पहुंच गई। अभी
  2515. 1:58:46शिप्रा शौर्य का घर पहचान ही रही होती है
  2516. 1:58:48कि वह मेघा को एक घर से बाहर निकलते देखती
  2517. 1:58:51है। शिप्रा उसे तुरंत पहचान जाती है। उसे
  2518. 1:58:54ध्यान आ गया कि यह वही लड़की [संगीत] है
  2519. 1:58:56जिसे शौर्य अपनी बहन कहता है। मेघा ने भी
  2520. 1:59:00शिप्रा को देखते ही पहचान लिया। वो जल्दी
  2521. 1:59:03से शिप्रा के पास गई और खुश होते हुए
  2522. 1:59:05बोली, "आप एकदम सही जगह पर आई हैं। यह
  2523. 1:59:08श्रवण भैया का ही घर है।" इतना कहकर मेघा
  2524. 1:59:12ने झुककर शिप्रा के पैर छू लिए। शिप्रा ने
  2525. 1:59:14जब यह देखा तो उसे आश्चर्य हुआ। उसने
  2526. 1:59:17सकुचाते हुए पूछा, अरे यह तुम क्या कर रही
  2527. 1:59:21हो? इसकी कोई जरूरत नहीं है। शिप्रा की
  2528. 1:59:25बात सुनकर मेघा अपना हक जताते हुए बोली,
  2529. 1:59:28"कैसे जरूरत नहीं है? आप मेरी भाभी हो तो
  2530. 1:59:31आपका पैर छूना तो बनता है।" मेघा के मुंह
  2531. 1:59:34से अपने लिए भाभी शब्द सुनकर शिप्रा को
  2532. 1:59:37गुदगुदा गया। मेघा के लिए एक अपनत्व की
  2533. 1:59:40भावना अपने आप ही उसके दिल में आ गई। फिर
  2534. 1:59:44अचानक मेघा ने संशय भरे स्वर में पूछा,
  2535. 1:59:48"मेरा आपको भाभी बोलना बुरा तो नहीं लग
  2536. 1:59:50रहा? अगर आपको पसंद नहीं है तो मैं ऐसा
  2537. 1:59:53नहीं बोलूंगी।" शिप्रा ने मेघा के संशय
  2538. 1:59:56भरे चेहरे को देखा और मुस्कुराते हुए जवाब
  2539. 1:59:59दिया। अगर मुझे भाभी नहीं बोलोगी तो फिर
  2540. 2:00:03क्या कह कर बुलाओगी?
  2541. 2:00:05मेघा ने जब शिप्रा की यह बात सुनी तो वह
  2542. 2:00:08भाव विभोर हो गई और भावावेश में शिप्रा से
  2543. 2:00:11लिपट गई। फिर उसे अपनी गलती का एहसास हुआ
  2544. 2:00:14कि वो इमोशनल होकर कुछ ज्यादा ही उत्साहित
  2545. 2:00:16हो गई और शिप्रा से लिपट गई है। शायद यह
  2546. 2:00:19शिप्रा को पसंद ना आए। मेघा शिप्रा से अलग
  2547. 2:00:23हुई और शर्मिंदा होते हुए उससे सॉरी कहा।
  2548. 2:00:26मेघा ने शिप्रा से फिर पूछा।
  2549. 2:00:29तो क्या मैं आपको भाभी कह सकती हूं?
  2550. 2:00:33शिप्रा ने जब मेघा का यह मासूम सा सवाल
  2551. 2:00:35सुना तो वो उसके पास जाकर बोली बिल्कुल कह
  2552. 2:00:39सकती हो और मुझसे गले भी मिल सकती हो।
  2553. 2:00:43मेघा ने शिप्रा के मुंह से यह बात सुनकर
  2554. 2:00:45कहा, "आप तो बहुत अच्छी हैं। मैं जानती
  2555. 2:00:48हूं जिन हालात में आपकी शादी हुई है,
  2556. 2:00:50उसमें इस तरह के रिश्ते को एक्सेप्ट कर
  2557. 2:00:53पाना आसान नहीं है। पर मैं आपको यह यकीन
  2558. 2:00:56दिलाती हूं कि मेरे श्रवण भैया बहुत अच्छे
  2559. 2:00:58हैं और आपको उनसे अच्छा जीवन साथी कोई और
  2560. 2:01:01नहीं मिल पाएगा।"
  2561. 2:01:04शिप्रा ने मेघा की बात सुनी और बोली,
  2562. 2:01:08तुम अपने श्रवण भैया को बहुत पसंद करती हो
  2563. 2:01:10ना?
  2564. 2:01:12मेघा ने शिप्रा की बात सुनकर सहमति में
  2565. 2:01:14अपना सिर हिलाया। और तुम्हारी पढ़ाई कैसी
  2566. 2:01:17चल रही है? तुम तो डॉक्टर बनने जा रही हो
  2567. 2:01:20ना? शिप्रा ने मेघा से पूछा। मेघा को यह
  2568. 2:01:25जानकर और खुशी हुई कि शिप्रा को उसके बारे
  2569. 2:01:27में पता है। उसने मुस्कुरा कर जवाब दिया।
  2570. 2:01:31मेरी पढ़ाई अच्छी चल रही है और मैं जल्दी
  2571. 2:01:33से डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करूंगी।
  2572. 2:01:36मेघा की मासूम बातें सुन शिप्रा मुस्कुरा
  2573. 2:01:39कर बोली।
  2574. 2:01:41बहुत अच्छा। क्या तुम मुझे अपना घर नहीं
  2575. 2:01:43दिखाओगी?
  2576. 2:01:46शिप्रा की बात सुन मेघा ने सकुचाकर कहा,
  2577. 2:01:49मैं कौन होती हूं आपको घर दिखाने वाली? यह
  2578. 2:01:52घर तो आपका ही है। आप श्रवण भैया की पत्नी
  2579. 2:01:55हैं। पर हां, आज आप पहली बार आई हैं, तो
  2580. 2:01:58चलिए मैं आपको यह घर दिखाती हूं। इतना
  2581. 2:02:00कहते ही मेघा शिप्रा का हाथ पकड़ कर उसे
  2582. 2:02:03कोठी के अंदर ले गई। डाइनिंग रूम में
  2583. 2:02:05शौर्य टेबल पर बैठा मेघा के आने का इंतजार
  2584. 2:02:08कर रहा था। तभी उसने देखा मेघा शिप्रा का
  2585. 2:02:11हाथ पकड़े हुए कोठी के अंदर आ रही है। एक
  2586. 2:02:14पल के [संगीत] लिए तो वो शिप्रा को वहां
  2587. 2:02:16देखकर हैरान रह गया। उसे उम्मीद नहीं थी
  2588. 2:02:19कि शिप्रा इतनी जल्दी उसके घर आ जाएगी।
  2589. 2:02:23लेकिन जैसे ही उसने शिप्रा को वहां देखा
  2590. 2:02:25उसके मन में एक अलग ही खुशी दौड़ गई। मेघा
  2591. 2:02:29शिप्रा को लेकर टेबल के पास पहुंची और
  2592. 2:02:31उससे पूछा। भाभी क्या आप पास्ता खाएंगी?
  2593. 2:02:36इस पर शिप्रा ने कहा, नहीं नहीं मैं भी
  2594. 2:02:39कुछ नहीं खाऊंगी। मैं थोड़ी देर पहले ही
  2595. 2:02:41घर से खाकर निकली हूं।
  2596. 2:02:44शौर्य को इस बात पर भी काफी हैरानी हुई कि
  2597. 2:02:47मेघा शिप्रा को भाभी कहकर बुला रही थी।
  2598. 2:02:49उससे भी बड़ी बात यह थी कि शिप्रा को
  2599. 2:02:52देखकर कहीं से भी ऐसा नहीं लग रहा था कि
  2600. 2:02:54उसे यह संबोधन बुरा लग रहा हो।
  2601. 2:02:58शौर्य इस बात से भी उलझन में था कि आखिर
  2602. 2:03:00शिप्रा अचानक उसके घर कैसे आ गई। ऐसा क्या
  2603. 2:03:03हो गया कि उसे अचानक यहां आना पड़ा। शौर्य
  2604. 2:03:07शिप्रा को देखकर खड़ा हो गया था। तभी
  2605. 2:03:09शिप्रा ने उससे कहा
  2606. 2:03:13तुम्हें खड़े होने की कोई जरूरत नहीं है।
  2607. 2:03:16तुम पहले खाना खा लो। अभी शिप्रा ने इतना
  2608. 2:03:19कहा ही था कि तभी उसने देखा सामने से
  2609. 2:03:22श्रव्या आ रही थी। श्रव्या को वहां देखकर
  2610. 2:03:25शिप्रा की आंखें हल्की सिकुड़ गई। वो इस
  2611. 2:03:28बात से हैरान थी कि क्या श्रव्या भी शौर्य
  2612. 2:03:30के साथ इसी घर में रह रही है। मेघा ने जब
  2613. 2:03:34श्रव्या को वहां आते देखा तो उसने शिप्रा
  2614. 2:03:36से उसका परिचय कराते हुए कहा [संगीत] भाभी
  2615. 2:03:40यह श्रव्या दी है। यह कुछ दिनों के लिए इस
  2616. 2:03:42घर में रहने आई हैं। [संगीत]
  2617. 2:03:45श्रव्या ने मेघा के मुंह से शिप्रा के लिए
  2618. 2:03:47भाभी शब्द सुना तो वो हैरानी से शौर्य की
  2619. 2:03:50तरफ देखने लगी। ऐसा लग रहा था जैसे वह
  2620. 2:03:53समझने की कोशिश कर रही हो कि क्या शिप्रा
  2621. 2:03:56श्रवण की पत्नी है। [संगीत]
  2622. 2:03:58उसे शिप्रा का चेहरा कुछ जाना पहचाना लगा।
  2623. 2:04:01उसने दिमाग पर जोर डाला तभी उसे याद आया
  2624. 2:04:04कि यह तो वही लड़की है जिसकी खबर सोशल
  2625. 2:04:07मीडिया पर वायरल हुई थी। श्रव्या ने
  2626. 2:04:10कंफर्म करने के लिए शिप्रा से पूछा।
  2627. 2:04:14क्या तुम वही शिप्रा राय हो जिसकी शादी
  2628. 2:04:16जबरदस्ती एक भिखारी के साथ कर दी गई थी?
  2629. 2:04:21शिप्रा ने श्रव्या की ओर देखते हुए शांत
  2630. 2:04:23स्वर में कहा हां मैं वही लड़की हूं जिसकी
  2631. 2:04:26शादी जबरदस्ती भिखारी से कर दी गई थी।
  2632. 2:04:31लेकिन क्या तुम यह जानना नहीं चाहोगी कि
  2633. 2:04:34वो भिखारी कौन है?
  2634. 2:04:37श्रव्या ने शिप्रा को इतने आराम से अपनी
  2635. 2:04:39शादी के बारे में बात करते देखकर पूछ
  2636. 2:04:42लिया। कौन है वो आदमी जिससे तुम्हारी शादी
  2637. 2:04:45हुई है?
  2638. 2:04:48श्रव्या का सवाल सुनकर शिप्रा शौर्य की ओर
  2639. 2:04:50देखने लगी। श्रव्या को समझ नहीं आया कि
  2640. 2:04:53शिप्रा शौर्य की तरफ क्यों देख रही है।
  2641. 2:04:56तभी मेघा बोल पड़ी। शिप्रा भाभी की शादी
  2642. 2:04:59हमारे श्रवण भैया से हुई है।
  2643. 2:05:03मेघा की बात सुनते ही श्रव्या खुद को
  2644. 2:05:05हैरान होने से रोक नहीं पाई। उसने
  2645. 2:05:07अविश्वास भरी आंखों से शौर्य को देखते हुए
  2646. 2:05:10पूछा।
  2647. 2:05:12तुम यह कहना चाहती हो कि श्रवण ही वह
  2648. 2:05:14भिखारी है जिससे शिप्रा की शादी हुई है।
  2649. 2:05:18वो अब भी हैरानी से शौर्य को देख रही थी।
  2650. 2:05:21उसके लिए यह समझ पाना मुश्किल था कि शौर्य
  2651. 2:05:24जैसा इंसान कभी भिखारी भी हो सकता है।
  2652. 2:05:28जब शौर्य ने श्रव्या की सवालिया नजर का
  2653. 2:05:30सामना किया तो वो शांत स्वर में बोला।
  2654. 2:05:34इसमें आश्चर्य की कोई बात नहीं है। जब
  2655. 2:05:37मेरी शादी शिप्रा से हुई थी, उस समय मैं
  2656. 2:05:40सच में भिखारी जैसी जिंदगी ही जी रहा था।
  2657. 2:05:44श्रव्या शौर्य के सामने ही डाइनिंग टेबल
  2658. 2:05:46पर बैठ गई। वो समझने की कोशिश कर रही थी
  2659. 2:05:50कि आखिर इन सबके बीच कैसी कहानी चल रही
  2660. 2:05:52है। अभी कोई कुछ और बोलता उससे पहले ही
  2661. 2:05:56मेघा ने शिप्रा से कहा।
  2662. 2:06:00आइए भाभी मैं आपको पूरा घर दिखाती हूं।
  2663. 2:06:03उसके बाद आराम से बैठकर बातें करेंगे।
  2664. 2:06:06मेघा की बात सुनकर शिप्रा ने कहा [संगीत]
  2665. 2:06:09ठीक है चलो।
  2666. 2:06:12इतना कहकर वो मेघा के पीछे चलती हुई
  2667. 2:06:14[संगीत] डाइनिंग रूम से बाहर निकल गई। कुछ
  2668. 2:06:17ही देर में शिप्रा मेघा के साथ पूरी कोठी
  2669. 2:06:20घूम चुकी थी। मेघा उसे साथ-साथ यह भी
  2670. 2:06:23बताती जा रही थी कि कौन किस कमरे में ठहरा
  2671. 2:06:26हुआ है। जब मेघा शिप्रा को लेकर शौर्य के
  2672. 2:06:29कमरे में पहुंची तो शिप्रा वहीं ठहर गई और
  2673. 2:06:33पूरे कमरे का ध्यान से जायजा लेने लगी।
  2674. 2:06:36मेघा ने जब शिप्रा को शौर्य के कमरे का
  2675. 2:06:39इतने ध्यान से मुआयना करते हुए देखा तो वो
  2676. 2:06:42मजाकी अंदाज में बोली क्या बात है आप
  2677. 2:06:45श्रवण भैया के कमरे को कुछ ज्यादा ही
  2678. 2:06:48ध्यान से देख रही हैं
  2679. 2:06:50शिप्रा ने कमरे का निरीक्षण करते हुए कहा
  2680. 2:06:54यही तो देख रही हूं कि इसके कमरे में कुछ
  2681. 2:06:56है भी या नहीं कम से कम एक टीवी तो लगा
  2682. 2:06:59लेता
  2683. 2:07:01मेघा मुस्कुराते हुए बोली ये आपने सही कहा
  2684. 2:07:05शायद आप बोलेंगे ेंग तो भैया आपकी बात मान
  2685. 2:07:07जाएंगे।
  2686. 2:07:09इसके बाद शिप्रा शौर्य के कमरे से बाहर
  2687. 2:07:12निकली और बगल वाले कमरे की तरफ बढ़ते हुए
  2688. 2:07:14मेघा से बोली इस कमरे में कौन रहता है?
  2689. 2:07:20मेघा ने शिप्रा के साथ कमरे के अंदर जाते
  2690. 2:07:22हुए बताया, अभी तो यह कमरा खाली ही है।
  2691. 2:07:26अभी इस घर में इतने लोग कहां हैं जो सारे
  2692. 2:07:28कमरे भर जाएंगे?
  2693. 2:07:30[संगीत] शिप्रा ने कमरे को गौर से देखा।
  2694. 2:07:33कमरा पूरी तरह खाली था। बेड लगा हुआ था
  2695. 2:07:37लेकिन देखकर ही लग रहा था कि कभी इस्तेमाल
  2696. 2:07:39नहीं हुआ। खिड़कियों पर भी साधारण से
  2697. 2:07:42पर्दे लगे हुए थे। जाहिर था जब कोई इस
  2698. 2:07:45कमरे में रहने आता तभी उसे अपने हिसाब से
  2699. 2:07:47सजाता। शिप्रा ने पूरे कमरे का जायजा लिया
  2700. 2:07:50और फिर मेघा से बोली
  2701. 2:07:54यह कमरा किसी को मत देना। इसे मैं अपने
  2702. 2:07:57हिसाब से डेकोरेट करूंगी।
  2703. 2:08:00मेघा ने जैसे ही यह सुना वो खुशी से उछल
  2704. 2:08:03पड़ी। हां सच में आप यहां रहेंगी।
  2705. 2:08:08शिप्रा मेघा की खुशी देखकर हल्का
  2706. 2:08:10मुस्कुराई और कहा हमेशा नहीं [संगीत]
  2707. 2:08:13लेकिन जब भी मन करेगा यहां आकर रहूंगी।
  2708. 2:08:17यह सुनकर मेघा उत्साहित होकर बोल पड़ी।
  2709. 2:08:21ठीक है। मैं कल ही भैया से कहकर इस कमरे
  2710. 2:08:23को अच्छे से डेकोरेट करवा दूंगी।
  2711. 2:08:26शिप्रा ने तुरंत उसे रोकते हुए कहा, ना
  2712. 2:08:29[संगीत] तुम्हें यह करने की कोई जरूरत
  2713. 2:08:30नहीं है। मैंने तुम्हें क्या कहा? मैं इसे
  2714. 2:08:34अपने हिसाब से डेकोरेट करूंगी। इसीलिए
  2715. 2:08:37तुम्हें श्रवण से कुछ भी कहने की जरूरत
  2716. 2:08:39नहीं है।
  2717. 2:08:41मेघा समझ गई कि शायद शिप्रा यह सोच रही है
  2718. 2:08:44कि शौर्य के पास इतना पैसा नहीं होगा।
  2719. 2:08:46इसीलिए वह उस पर बोझ नहीं डालना चाहती।
  2720. 2:08:49अगर उसे पता चल जाए कि शौर्य राजा साहब के
  2721. 2:08:52परिवार से है और पैसे के मामले में तो
  2722. 2:08:55शिप्रा के पूरे परिवार का भी शौर्य से कोई
  2723. 2:08:57मुकाबला नहीं है। पर मेघा शिप्रा से यह सब
  2724. 2:09:01कह नहीं सकती थी। मेघा ने मुस्कुराते हुए
  2725. 2:09:04बस इतना कहा। ठीक है जैसी आपकी मर्जी।
  2726. 2:09:09खैर, सारे कमरे देखने के बाद शिप्रा बाहर
  2727. 2:09:12लॉन में गई। उसने स्विमिंग पूल भी देखा।
  2728. 2:09:16उसे यह पूरी कोठी बेहद पसंद आई। यहां आकर
  2729. 2:09:19उसे एक अजीब सी शांति और अपनापन महसूस हो
  2730. 2:09:22रहा था। दूसरी तरफ जब शिप्रा और मेघा
  2731. 2:09:25डाइनिंग रूम से बाहर चली गई तो श्रव्या ने
  2732. 2:09:28शौर्य से पूछा
  2733. 2:09:30मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि जिसकी कहानी
  2734. 2:09:32सोशल मीडिया पर इतनी वायरल हुई थी वो
  2735. 2:09:35तुम्हारी कहानी थी। इसमें अविश्वास करने
  2736. 2:09:39वाली क्या बात है? शौर्य श्रव्या को देखते
  2737. 2:09:42हुए बोला तो श्रव्या ने भावहीन स्वर में
  2738. 2:09:45कहा तुम किसी भी एंगल से भिखारी नहीं
  2739. 2:09:48लगते। कोई बेवकूफ ही होगा जो तुम्हें
  2740. 2:09:51भिखारी समझेगा। श्रव्या की इस बात पर
  2741. 2:09:54शौर्य हल्का मुस्कुराया और बोला
  2742. 2:09:58मेरी अभी की स्थिति और तब की स्थिति में
  2743. 2:10:01बहुत फर्क है।
  2744. 2:10:03अब तक दोनों खाना खा चुके थे। [संगीत]
  2745. 2:10:05गोपाल की पत्नी वहां आई और प्लेट्स उठाकर
  2746. 2:10:08ले गई। शौर्य ने श्रव्या को देखते हुए
  2747. 2:10:11कहा। अगर तुम चाहो तो अपने घर भी जा सकती
  2748. 2:10:15हो। तुम्हारे साथ कोई जबरदस्ती नहीं है कि
  2749. 2:10:18तुम्हें रात यहीं गुजारनी है। वैसे भी अब
  2750. 2:10:20मुझे कहीं बाहर नहीं जाना।
  2751. 2:10:23शौर्य की बात खत्म होते ही श्रव्या स्पष्ट
  2752. 2:10:26स्वर में बोली नहीं जब तक मैं तुम्हारी
  2753. 2:10:29शर्त पूरी नहीं कर देती मैं कहीं नहीं
  2754. 2:10:32जाने वाली।
  2755. 2:10:34शौर्य ने हल्की मुस्कान के साथ कहा।
  2756. 2:10:37वैसे मुझे समझ नहीं आता [संगीत] गजराज
  2757. 2:10:39सोलंकी जैसे हैवान के परिवार में तुम जैसी
  2758. 2:10:42लड़की कहां से पैदा हो गई।
  2759. 2:10:46शौर्य ने भले ही उसकी तारीफ की थी, लेकिन
  2760. 2:10:48अपने पिता के लिए हैवान शब्द सुनना
  2761. 2:10:50श्रव्या को बिल्कुल पसंद नहीं आया। उसके
  2762. 2:10:53चेहरे पर गुस्से की हल्की लहर दौड़ गई।
  2763. 2:10:57लेकिन उसने खुद को संयत करते हुए शौर्य को
  2764. 2:10:59जवाब दिया।
  2765. 2:11:01मेरे पिता इतने भी बुरे नहीं है जैसा
  2766. 2:11:03तुमने सोच लिया है। हां, मैं मानती हूं कि
  2767. 2:11:06इस मामले में उन्होंने थोड़ी ज्यादती की।
  2768. 2:11:09लेकिन वो भी विहान रायजादा के बहकावे में
  2769. 2:11:11आकर इतना आगे बढ़ गए। पहले भी उन्होंने कई
  2770. 2:11:15लोगों से उनकी मर्जी के खिलाफ जमीनें
  2771. 2:11:17हथियाई हैं। लेकिन किसी का हक नहीं मारा।
  2772. 2:11:21जिसका जो भी वाजिब मुआवजा बनता था
  2773. 2:11:24उन्होंने दिया है। पर रुचि को अगवा करना
  2774. 2:11:28मैं खुद भी उसे सही नहीं ठहरा सकती। यह सब
  2775. 2:11:32सिर्फ विहान रायजादा के कारण हुआ।
  2776. 2:11:35इस पर शौर्य मुस्कुराते हुए बोला। अगर तुम
  2777. 2:11:39ऐसा कहती हो तो मैं तुम्हारी बात मान लेता
  2778. 2:11:41हूं।
  2779. 2:11:43इसके बाद शौर्य ने देवव्रत मल्होत्रा को
  2780. 2:11:45फोन लगाया और पूछा कि गजराज सोलंकी के
  2781. 2:11:48खिलाफ केस का क्या हुआ? देवव्रत मल्होत्रा
  2782. 2:11:52ने बताया कि केस वापस ले लिया गया है। अभी
  2783. 2:11:56कुछ देर पहले ही पूरा प्रोसेस खत्म हुआ
  2784. 2:11:58है। शायद गजराज सोलंकी जेल से छूट चुका
  2785. 2:12:02होगा या फिर छूटने ही वाला होगा। देवव्रत
  2786. 2:12:06मल्होत्रा की बात सुनकर शौर्य को तसल्ली
  2787. 2:12:09हुई। उसने श्रव्या से कहा
  2788. 2:12:12एक बार घर फोन करके देख लो। हो सकता है
  2789. 2:12:15तुम्हारे पापा घर पहुंच गए हो या फिर
  2790. 2:12:18रास्ते में हो क्योंकि केस वापस लिया जा
  2791. 2:12:20चुका है।
  2792. 2:12:23श्रव्या को अपने कानों पर यकीन नहीं हुआ।
  2793. 2:12:26उसे उम्मीद नहीं थी कि शौर्य उसकी शर्त
  2794. 2:12:28पूरी होने से पहले ही ऐसा कर देगा। शिप्रा
  2795. 2:12:32का अचानक यूं शौर्य के घर आना शौर्य को
  2796. 2:12:34हैरान तो कर गया लेकिन उसके मन में एक अलग
  2797. 2:12:37ही खुशी भी दौड़ गई थी। उसे यकीन नहीं हो
  2798. 2:12:40रहा था कि शिप्रा इतनी जल्दी उसके घर आ
  2799. 2:12:43जाएगी। वहीं मेघा के साथ पूरा घर देखने पर
  2800. 2:12:47शिप्रा को एक अजीब सी शांति और अपनापन
  2801. 2:12:50महसूस हो रहा था। वहीं जब शौर्य ने
  2802. 2:12:53श्रव्या को बताया कि उसने गजराज सोलंकी के
  2803. 2:12:56खिलाफ केस वापस ले लिया है तो श्रव्या को
  2804. 2:12:59यकीन ही नहीं हुआ। श्रव्या के मन में कई
  2805. 2:13:02सवाल उठने लगे। उसने फौरन अपना मोबाइल
  2806. 2:13:05निकाला और अपने चाचा को फोन लगाया। उनसे
  2807. 2:13:08बात करने पर उसे पता चला कि उसके पापा सच
  2808. 2:13:11में जेल से बाहर आ चुके हैं और इस वक्त घर
  2809. 2:13:14लौट रहे हैं। यह सुनकर उसके चेहरे पर राहत
  2810. 2:13:17के भाव आ गए। उसने शौर्य की तरफ देखते हुए
  2811. 2:13:20पूछा। अगर तुम्हें आज ही केस वापस लेना था
  2812. 2:13:24तो फिर दो दिन वाली शर्त का क्या मतलब था?
  2813. 2:13:27इस पर शौर्य हल्का मुस्कुराया और बोला
  2814. 2:13:31तुम्हें क्या लगता है? वो शर्त सिर्फ
  2815. 2:13:33तुम्हें अपना ड्राइवर बनाने के लिए थी?
  2816. 2:13:36मेरे लिए तो वह शर्त उसी पल पूरी हो गई थी
  2817. 2:13:39जब तुमने उसे एक्सेप्ट कर लिया था। जब
  2818. 2:13:41मैंने तुमसे माफी मांगने या दो दिन
  2819. 2:13:44ड्राइवर बनने की शर्त रखी तब तुम्हें माफी
  2820. 2:13:46मांगना मंजूर नहीं हुआ। इससे मैंने यह समझ
  2821. 2:13:49लिया कि तुम्हें अपनी नाक ऊंची रखना पसंद
  2822. 2:13:52है। तुम्हें दो दिन ड्राइवर बनकर रहना
  2823. 2:13:55स्वीकार था। लेकिन एक लाइन में माफी
  2824. 2:13:57मांगकर बात खत्म करना नहीं। यही बात
  2825. 2:14:00तुम्हारे पक्के इरादों का सबूत थी। बस उसी
  2826. 2:14:04पल मैंने केस वापस लेने का फैसला कर लिया
  2827. 2:14:06था। और तुम्हें यह भी बता दूं अगर यही
  2828. 2:14:09बातें तुम्हारे चाचा के साथ हो रही होती
  2829. 2:14:11तो यह केस कभी वापस नहीं होता।
  2830. 2:14:15श्रव्या शौर्य की बातों को ध्यान से सुनती
  2831. 2:14:17रही। शौर्य की लोगों को परखने की क्षमता
  2832. 2:14:21और उसकी स्पष्टवादिता से वो काफी प्रभावित
  2833. 2:14:24हो गई थी। वो शौर्य से बोली,
  2834. 2:14:28"ऐसा बहुत कम होता है कि कोई आदमी मुझ पर
  2835. 2:14:31इतनी जल्दी अपनी छाप छोड़ पाए। मुझे कहने
  2836. 2:14:35में कोई हिचक नहीं है कि तुम वो शख्स हो
  2837. 2:14:37जिसने मुझ पर अपना असर छोड़ा है।
  2838. 2:14:41क्या हम दोस्त बन सकते हैं?
  2839. 2:14:45इतना कहने के बाद श्रव्या ने अपना हाथ
  2840. 2:14:47शौर्य की तरफ बढ़ाया। शौर्य ने एक पल के
  2841. 2:14:50लिए श्रव्या की तरफ देखा। फिर उसने भी
  2842. 2:14:53अपना हाथ उसकी तरफ बढ़ा दिया। इसी पल
  2843. 2:14:57शिप्रा मेघा के साथ उस डाइनिंग रूम में
  2844. 2:14:59वापस आई।
  2845. 2:15:01शिप्रा की नजर जैसे ही शौर्य और श्रव्या
  2846. 2:15:03के हाथों पर पड़ी, उसकी आंखें वहीं ठहर
  2847. 2:15:06गई। एक पल के लिए उसका मन किया कि वह दौड़
  2848. 2:15:10कर जाए और श्रव्या का हाथ शौर्य के हाथ से
  2849. 2:15:13अलग कर दे। लेकिन यह बात सिर्फ उसकी सोच
  2850. 2:15:16तक ही सीमित रह गई।
  2851. 2:15:18जब शौर्य [संगीत] ने देखा कि शिप्रा और
  2852. 2:15:20मेघा वापस आ चुकी हैं तो उसने तुरंत अपना
  2853. 2:15:23हाथ पीछे खींच लिया। उसके चेहरे पर हल्की
  2854. 2:15:26सी शर्मिंदगीगी झलकने लगी जैसे उसकी कोई
  2855. 2:15:29चोरी पकड़ी गई हो। श्रव्या ने भी जब
  2856. 2:15:32शिप्रा को वहां देखा तो वो बिना कुछ कहे
  2857. 2:15:34वापस अपने कमरे की तरफ चली गई। अब वहां
  2858. 2:15:37सिर्फ शौर्य, शिप्रा और मेघा रह गए थे।
  2859. 2:15:41मेघा शिप्रा की तरफ देखते हुए बोली, "भाभी
  2860. 2:15:45आप क्या लेंगी? चाय या कॉफी?
  2861. 2:15:48इस पर शिप्रा ने मुस्कुराकर जवाब दिया,
  2862. 2:15:51तुम्हें तकक्ल्लुफ करने की कोई जरूरत नहीं
  2863. 2:15:53है। मुझे कुछ नहीं चाहिए। इस पर मेघा ने
  2864. 2:15:57तुरंत कहा, "यह तो नहीं हो सकता भाभी।
  2865. 2:16:00आपको कुछ तो लेना पड़ेगा।"
  2866. 2:16:02जब शिप्रा ने महसूस किया कि मेघा मानने
  2867. 2:16:05वाली नहीं है तो उसने सहमति जताते हुए
  2868. 2:16:08कहा, ठीक है। फिर तुम्हारी जो इच्छा हो
  2869. 2:16:11वही पिला दो। तभी मेघा खुश होकर बोल पड़ी।
  2870. 2:16:15अगर ऐसी बात है तो मैं आपको अपने हाथों की
  2871. 2:16:17बनी कॉफी पिलाती हूं। इतना कहकर वो वहां
  2872. 2:16:21से चली गई। अब हॉल में सिर्फ शौर्य और
  2873. 2:16:24शिप्रा अकेले रह गए थे। शौर्य अब तक समझ
  2874. 2:16:27नहीं पा रहा था कि शिप्रा अचानक उसके घर
  2875. 2:16:29कैसे आ गई। वो उससे पूछना तो चाहता था
  2876. 2:16:32लेकिन उसे यह ठीक नहीं लगा। फिर कुछ पल की
  2877. 2:16:36खामोशी के बाद शिप्रा ने खुद ही बात की
  2878. 2:16:38शुरुआत करते हुए कहा।
  2879. 2:16:40बढ़िया घर है। शौर्य ने हल्की मुस्कान के
  2880. 2:16:44साथ कहा, "मुझे अच्छा लगा कि तुम यहां
  2881. 2:16:48आई।"
  2882. 2:16:49इस पर शिप्रा हल्के शिकायती लहजे में
  2883. 2:16:51बोली, तुमने तो बुलाया नहीं। इसीलिए मैंने
  2884. 2:16:55सोचा खुद ही आकर देख लूं कि तुम कहां रह
  2885. 2:16:57रहे हो।"
  2886. 2:16:59शिप्रा को देखकर लग रहा था कि वह शौर्य से
  2887. 2:17:02बहुत कुछ कहना चाहती थी पर कह नहीं पा रही
  2888. 2:17:04थी। बहुत कुछ पूछना चाहती थी पर पूछ नहीं
  2889. 2:17:08पा रही थी। कहीं ना कहीं यह बात उसके दिल
  2890. 2:17:11में घर कर गई थी कि शौर्य उससे दूर होता
  2891. 2:17:14जा रहा है और यह बात उसे बिल्कुल अच्छी
  2892. 2:17:16नहीं लग रही थी।
  2893. 2:17:19पहले वह महसूस करती थी कि शौर्य उसे देखने
  2894. 2:17:22का कोई मौका नहीं छोड़ता था। पर अब पिछले
  2895. 2:17:25कुछ दिनों से वह यह भी महसूस कर रही थी कि
  2896. 2:17:27शौर्य उसकी तरफ देखता ही नहीं है। शायद यह
  2897. 2:17:31सब उसी रात से शुरू हुआ था जब शौर्य उसके
  2898. 2:17:33घर रहने आया था और रात में दोनों के बीच
  2899. 2:17:36बहस हुई थी। उसी के बाद से शिप्रा को लगने
  2900. 2:17:39लगा था कि शौर्य अब उसे इग्नोर करने लगा
  2901. 2:17:42है। उसे याद नहीं आ रहा था कि उस रात के
  2902. 2:17:46बाद शौर्य ने उसे एक बार भी ध्यान से देखा
  2903. 2:17:49हो। अभी भी जब वो उससे बात कर रही थी तब
  2904. 2:17:53[संगीत] भी शौर्य ने उसकी तरफ ढंग से नजर
  2905. 2:17:55उठाकर देखा भी नहीं था।
  2906. 2:17:59और तो और शिप्रा यहां श्रव्या को देखकर भी
  2907. 2:18:01परेशान थी। उसे यह तक नहीं पता था कि
  2908. 2:18:04श्रव्या यहां क्या कर रही है। आखिरकार
  2909. 2:18:07उसने शौर्य से पूछ ही लिया।
  2910. 2:18:10यह लड़की श्रव्या यहां क्या कर रही है?
  2911. 2:18:14शौर्य शिप्रा का सवाल सुनकर हैरान रह गया।
  2912. 2:18:17उसे समझ नहीं आया कि वो उसे क्या जवाब दे।
  2913. 2:18:20लेकिन फिर उसे लगा कि कुछ ना कुछ तो बताना
  2914. 2:18:23ही पड़ेगा। यह सोचकर उसे संक्षेप में कहा।
  2915. 2:18:27दरअसल श्रव्या दो दिनों के लिए मेरे
  2916. 2:18:29ड्राइवर के तौर पर यहां रह रही है।
  2917. 2:18:32यह सुनकर शिप्रा और भी हैरान हो गई। उसे
  2918. 2:18:35समझ नहीं आया कि जो खुद इतने बड़े घर की
  2919. 2:18:38बेटी है, शौर्य का ड्राइवर बनकर यहां
  2920. 2:18:40क्यों रह रही है। जब उससे रहा नहीं गया तो
  2921. 2:18:43आखिरकार उसने शौर्य से फिर पूछ ही लिया।
  2922. 2:18:47मुझे समझ नहीं आ रहा कि उसे तुम्हारा
  2923. 2:18:50ड्राइवर बनने की क्या जरूरत है। उसे किस
  2924. 2:18:52बात की कमी है जो वो किसी के पास काम
  2925. 2:18:55करेगी।
  2926. 2:18:57शौर्य को समझ नहीं आ रहा था कि वो शिप्रा
  2927. 2:18:59को कैसे समझाए। [संगीत]
  2928. 2:19:01पर उसने एक लाइन में जवाब दिया।
  2929. 2:19:04उसकी कुछ मजबूरी है जिसकी वजह से उसे दो
  2930. 2:19:07दिन के लिए मेरा ड्राइवर बनना पड़ रहा है।
  2931. 2:19:11शिप्रा को कोई सस्पेंस बिल्कुल बर्दाश्त
  2932. 2:19:13नहीं हो रहा था। वो तुरंत बोली अरे मैं
  2933. 2:19:16वही तो जानना चाह रही हूं कि आखिर ऐसी
  2934. 2:19:18क्या मजबूरी है जो उसे तुम्हारा ड्राइवर
  2935. 2:19:20बनना पड़ रहा है। जब शौर्य ने देखा कि
  2936. 2:19:24शिप्रा इस बात को जानने के पीछे ही पड़ गई
  2937. 2:19:26है तो वो तुनक कर बोल पड़ा। क्या तुम कुछ
  2938. 2:19:30ज्यादा ही मेरे मामले में घुसने की कोशिश
  2939. 2:19:31नहीं कर रही हो? तुमने खुद ही कुछ कंडीशंस
  2940. 2:19:34डिसाइड की थी हम दोनों के लिए और अब खुद
  2941. 2:19:37ही उन्हें तोड़ रही हो। यह सुनकर शिपरा एक
  2942. 2:19:40पल के लिए चुप हो गई। उसे समझ नहीं आया कि
  2943. 2:19:43अब वो क्या कहे। तभी उसे रात की बात याद आ
  2944. 2:19:46गई। जब उसने शौर्य का दिया हुआ गिफ्ट वापस
  2945. 2:19:49किया था और दोनों के लिए कुछ नियम तय कर
  2946. 2:19:52दिए थे कि दोनों एक दूसरे के मामलों में
  2947. 2:19:55हस्तक्षेप नहीं करेंगे। ना ही यह जानने की
  2948. 2:19:58कोशिश करेंगे कि कौन क्या कर रहा है और
  2949. 2:20:01क्यों कर रहा है। अब शिप्रा समझ चुकी थी
  2950. 2:20:04कि शौर्य उसी रात की बात को लेकर उसे
  2951. 2:20:07इग्नोर कर रहा है। उसे अंदाजा नहीं था कि
  2952. 2:20:10उसके खुद बनाए हुए नियम एक दिन उसी के लिए
  2953. 2:20:13परेशानी बन जाएंगे।
  2954. 2:20:15लेकिन परेशानी की बात यह थी कि जब तक उसे
  2955. 2:20:18यह पता नहीं चल जाता कि श्रव्या क्यों
  2956. 2:20:20शौर्य की ड्राइवर बनी हुई है तब तक उसे
  2957. 2:20:22चैन नहीं मिलने वाला था। मजबूर होकर उसने
  2958. 2:20:26कहा,
  2959. 2:20:28"तुम मेरी उस रात की बात को लेकर नाराज हो
  2960. 2:20:31जिस रात मैंने तुम्हारा गिफ्ट वापस कर
  2961. 2:20:33दिया था।"
  2962. 2:20:35अगर ऐसी बात है तो आई एम सॉरी।
  2963. 2:20:39शौर्य को उम्मीद नहीं थी कि शिप्रा कभी
  2964. 2:20:41उससे सॉरी भी बोलेगी। वो इस बात को अपनी
  2965. 2:20:44पहली जीत की तरह महसूस कर रहा था। लेकिन
  2966. 2:20:47वो इतनी आसानी से शिप्रा की बातों में आने
  2967. 2:20:50वाला नहीं था। इसीलिए उसने कहा तुम गलत
  2968. 2:20:53समझ रही हो। मैं किसी भी बात को लेकर
  2969. 2:20:56नाराज नहीं हूं। मैं तो बस वही फॉलो कर
  2970. 2:20:59रहा हूं जो तुमने खुद डिसाइड किया था।
  2971. 2:21:02इसीलिए तुम्हें सॉरी बोलने की कोई जरूरत
  2972. 2:21:04नहीं है। शिप्रा समझ गई कि शौर्य उसकी
  2973. 2:21:07उन्हीं बातों का बदला ले रहा है। लेकिन इस
  2974. 2:21:10समय उसकी मजबूरी थी क्योंकि वह अपने और
  2975. 2:21:13शौर्य के बीच कुछ चीजें फिर से सामान्य
  2976. 2:21:15करना चाहती थी। इसीलिए उसने कहा हां मैंने
  2977. 2:21:20ही हम दोनों के लिए कुछ रूल्स बनाए थे।
  2978. 2:21:23लेकिन अब मुझे लगता है कि उस समय तुमने जो
  2979. 2:21:26कहा था वही सही था। हम एक दूसरे की बातों
  2980. 2:21:30को पूरी तरह इग्नोर नहीं कर सकते। हमारे
  2981. 2:21:32आसपास जो लोग हैं हमें उनके लिए भी
  2982. 2:21:35जवाबदेह होना पड़ता है। जैसे मेरे घर वाले
  2983. 2:21:38कभी भी मुझसे तुम्हारे बारे में सवाल कर
  2984. 2:21:40सकते हैं। अगर हमें ही एक दूसरे के बारे
  2985. 2:21:43में पता नहीं होगा तो हम उन्हें क्या जवाब
  2986. 2:21:46देंगे? ऐसी स्थिति में उन्हें हम पर शक
  2987. 2:21:49करने का मौका मिल जाएगा। इसीलिए हमें एक
  2988. 2:21:52दूसरे के बारे में बातें पता होनी चाहिए।
  2989. 2:21:54तभी तो हम अपने करीबियों को संतुष्ट कर
  2990. 2:21:57पाएंगे।
  2991. 2:21:59शौर्य शिप्रा की बात सुनकर सोच में पड़
  2992. 2:22:02गया। क्या सच में वह सिर्फ इसी कारण
  2993. 2:22:04श्रव्या के बारे में जानना चाह रही थी?
  2994. 2:22:07लेकिन जो भी हो। शिप्रा के मुंह से यह
  2995. 2:22:10बातें सुनकर उसे एक सुखद अनुभूति हुई। उसे
  2996. 2:22:13लगा कि धीरे-धीरे ही सही शिप्रा अब उसकी
  2997. 2:22:16तरफ लौट रही है। उसे यह भी महसूस हुआ कि
  2998. 2:22:19किसी [संगीत] दूसरी लड़की को उसके करीब
  2999. 2:22:22देखकर शिप्रा कहीं ना कहीं जलन महसूस कर
  3000. 2:22:25रही है। लेकिन शौर्य अभी भी चुप था। यह
  3001. 2:22:29देखकर शिप्रा फिर बोली। अब कुछ बोलोगे या
  3002. 2:22:32यूं ही बुद्ध बनकर खड़े रहोगे।
  3003. 2:22:35शौर्य उसकी बेचैनी देखकर इस पल को एंजॉय
  3004. 2:22:38करने लगा। उसने अनजान बनते हुए पूछा।
  3005. 2:22:42अच्छा तुम क्या जानना चाहती हो?
  3006. 2:22:46शिप्रा उसकी बात सुनकर आश्चर्य से बोली,
  3007. 2:22:49क्या तुम्हें सच में समझ नहीं आया कि मैं
  3008. 2:22:52क्या जानना चाहती हूं या तुम जानबूझकर
  3009. 2:22:54मुझसे अनजान बनने का नाटक कर रहे हो?
  3010. 2:22:58शौर्य ने पहली बार ध्यान से शिप्रा की तरफ
  3011. 2:23:00देखा। उसके चेहरे पर जो नागवारी का भाव
  3012. 2:23:04था, उसने शौर्य के दिल में हलचल मचा दी।
  3013. 2:23:07उसकी सादगी शौर्य को बरबस अपनी तरफ खींचने
  3014. 2:23:10लगी। शौर्य के मन में ख्याल आया कितना
  3015. 2:23:13अच्छा होता अगर उसे इस चेहरे को अपने पास
  3016. 2:23:16महसूस करने का मौका मिलता। अगर उसे शिप्रा
  3017. 2:23:19के गुलाब की पंखुड़ियों जैसे होठों को किस
  3018. 2:23:22करने का [संगीत] मौका मिलता। अगर उसे यह
  3019. 2:23:25एहसास होता कि यह खूबसूरत लड़की अब सिर्फ
  3020. 2:23:28उसी की है। लेकिन तभी [संगीत] उसे एहसास
  3021. 2:23:31हुआ कि शिप्रा लगातार उसी को घूर रही है।
  3022. 2:23:35अगले ही पल वो नर्वस महसूस करने लगा।
  3023. 2:23:38एक पल पहले [संगीत] जो वो शिप्रा को लेकर
  3024. 2:23:40सपने देख रहा था वे सब अचानक हवा हो गए और
  3025. 2:23:44एक बार फिर से शौर्य शिप्रा से नजरें
  3026. 2:23:46चुराने लगा। शिप्रा ने भी शौर्य के बदलते
  3027. 2:23:50भाव को साफ-साफ महसूस किया। उसके भी दिल
  3028. 2:23:53में एक गुदगुदी सी हुई [संगीत] क्योंकि
  3029. 2:23:55उसने महसूस किया था कि आज कई दिनों बाद
  3030. 2:23:58शौर्य ने उसे ध्यान से देखा था। लेकिन
  3031. 2:24:01जैसे ही उनकी नजरें मिली, शौर्य ने एक बार
  3032. 2:24:04फिर नजर फेर ली। तभी शिप्रा [संगीत] ने
  3033. 2:24:07दोबारा कहा, "मैं अभी भी तुम्हारे जवाब के
  3034. 2:24:10इंतजार में हूं।" शौर्य थोड़े नर्वस भाव
  3035. 2:24:13में बोला, बताओ तो सही कि तुम जानना क्या
  3036. 2:24:17चाहती हो?
  3037. 2:24:19शिप्रा समझ गई कि शौर्य जानबूझकर अनजान
  3038. 2:24:22बनने की कोशिश कर रहा है। इसीलिए उसने
  3039. 2:24:25दोबारा स्पष्ट करते हुए पूछा, श्रव्या की
  3040. 2:24:28ऐसी क्या मजबूरी है जो उसे तुम्हारा
  3041. 2:24:31ड्राइवर बनना पड़ रहा है?
  3042. 2:24:33शौर्य को समझ नहीं आ रहा था कि शिप्रा इस
  3043. 2:24:36सवाल के पीछे क्यों पड़ी हुई है। उसने
  3044. 2:24:38टालते हुए जवाब दिया इस बात से क्या फर्क
  3045. 2:24:42पड़ता है कि इसके पीछे की कहानी क्या है?
  3046. 2:24:47शौर्य की बात सुनकर शिप्रा को लगा कि जरूर
  3047. 2:24:50कोई ऐसी बात है जिसे वह बताना नहीं चाहता।
  3048. 2:24:54और जितना शौर्य इस बात को छिपाने की कोशिश
  3049. 2:24:57कर रहा था, उतना ही शिप्रा का मन उस
  3050. 2:24:59सच्चाई को जानने के लिए बेचैन हो रहा था।
  3051. 2:25:02आखिरकार उसने साफ शब्दों में कहा
  3052. 2:25:07जितना तुम इस बात को छिपाने की कोशिश कर
  3053. 2:25:09रहे हो उतना ही इस कहानी को जानने का मेरा
  3054. 2:25:12मन मचल रहा है।
  3055. 2:25:15शौर्य समझ गया कि बिना सच जाने शिप्रा यह
  3056. 2:25:18बात छोड़ने वाली नहीं है। लेकिन वो यह भी
  3057. 2:25:21जानता था कि एक बात बताने के बाद कई और
  3058. 2:25:24सवाल खड़े हो जाएंगे और फिर शिप्रा हर बात
  3059. 2:25:27जानने की जिद [संगीत] करेगी। यह सोचकर
  3060. 2:25:29उसने गंभीर स्वर में कहा
  3061. 2:25:32मुझे लगता है कि तुमने जो कंडीशंस पहले
  3062. 2:25:34रखी थी वही सही थी। देखो तुम गलत मत समझना
  3063. 2:25:39पर कुछ चीजें ऐसी हैं जिन्हें बताने में
  3064. 2:25:42मैं कंफर्टेबल नहीं हूं। इसीलिए तुम इस
  3065. 2:25:45बात को जानने की ज़िद छोड़ दो। शौर्य जानता
  3066. 2:25:48था कि शिप्रा को एक बार कुछ बताने पर वो
  3067. 2:25:50आगे और भी कई सवाल पूछेगी। इसीलिए उसने
  3068. 2:25:54बात को टालते हुए कह दिया कि वह उसे कुछ
  3069. 2:25:56बताने में कंफर्टेबल नहीं है। शिप्रा को
  3070. 2:26:00उम्मीद नहीं थी कि इतनी [संगीत] बात होने
  3071. 2:26:02के बाद भी शौर्य उसे श्रव्या के ड्राइवर
  3072. 2:26:04बनने की असली वजह नहीं बताएगा। उसे लगा जो
  3073. 2:26:08शौर्य कभी उसके एक बात पर कुछ भी करने को
  3074. 2:26:11तैयार रहता था। वही आज उसके इतना पूछने पर
  3075. 2:26:15भी अपने और श्रव्या के बीच की कहानी
  3076. 2:26:17[संगीत] बताने को तैयार नहीं है। क्या
  3077. 2:26:20शौर्य उससे इतना दूर चला गया है? अब
  3078. 2:26:23शिप्रा को शौर्य पर गुस्सा आने लगा था।
  3079. 2:26:26उसने मन ही मन सोचा ये क्या समझता है कि
  3080. 2:26:29मैं इसकी कहानी जानने के लिए मरी जा रही
  3081. 2:26:31हूं। अगर इसे नहीं बताना तो मुझे भी जानने
  3082. 2:26:34का कोई शौक नहीं है।
  3083. 2:26:37उसी समय मेघा कॉफी बनाकर ले आई। उसने
  3084. 2:26:40तीनों के सामने कॉफी के कप रख दिए।
  3085. 2:26:43हालांकि शिप्रा का मूड खराब हो चुका था।
  3086. 2:26:46फिर भी उसने कॉफी का घूंट लिया और मेघा की
  3087. 2:26:49तरफ देखकर कहा, "तुमने कॉफी बहुत अच्छी
  3088. 2:26:52बनाई है मेघा?" थैंक यू भाभी। मेघा के
  3089. 2:26:56चेहरे पर हल्की मुस्कान आ गई। शिप्रा ने
  3090. 2:26:59मेघा से उसका नंबर लिया और बोली
  3091. 2:27:02आज मेरे यहां आने के पीछे एक और वजह भी
  3092. 2:27:05है। शिप्रा की बात सुनकर मेघा उत्सुकता से
  3093. 2:27:08उसकी तरफ देखने लगी।
  3094. 2:27:11तभी शिप्रा ने आगे बताया परसों मेरा
  3095. 2:27:14जन्मदिन है। उस मौके पर एक छोटी सी पार्टी
  3096. 2:27:18रखी गई है जिसमें तुम्हें आना है। मैं
  3097. 2:27:20लोकेशन शेयर कर दूंगी। तो बिना किसी बहाने
  3098. 2:27:24समय पर पहुंच जाना। श्रवण के इंतजार में
  3099. 2:27:27मत रहना कि वह तुम्हें लेकर आएगा। इसीलिए
  3100. 2:27:29खुद ही आना। शिप्रा की बात सुनकर मेघा कभी
  3101. 2:27:33शिप्रा को देखती तो कभी शौर्य को। शिप्रा
  3102. 2:27:36ने दोबारा पूछा। मेरी बात समझ आ गई या फिर
  3103. 2:27:40समझाना पड़ेगा। मेघा समझ गई कि शिप्रा
  3104. 2:27:44किसी बात को लेकर शौर्य से नाराज है।
  3105. 2:27:46इसीलिए वो सीधे उसी से बात कर रही है।
  3106. 2:27:49मेघा तुरंत बोली मैं जरूर आऊंगी भाभी।
  3107. 2:27:54शौर्य भी समझ गया था कि शिप्रा अपनी
  3108. 2:27:56नाराजगी जाहिर कर रही है। लेकिन उसका
  3109. 2:27:59नाराज होने का अंदाज भी इतना प्यारा था कि
  3110. 2:28:02शौर्य को उस पर और प्यार आने लगा। फिर कुछ
  3111. 2:28:05देर बाद शिप्रा ने हल्की आवाज में कहा,
  3112. 2:28:08ठीक है, अब मैं चलती हूं।
  3113. 2:28:13शिप्रा के साथ शौर्य भी उसके साथ बाहर की
  3114. 2:28:15तरफ चल दिया। कार के पास पहुंचकर शिप्रा
  3115. 2:28:18ने फिर मेघा को याद दिलाया। परसों टाइम पर
  3116. 2:28:21पहुंच जाना और चाहो तो अपनी किसी दोस्त को
  3117. 2:28:24भी साथ ला सकती हो। इस पर मेघा ने तुरंत
  3118. 2:28:28उत्तर दिया, "जी भाभी, मैं आ जाऊंगी।"
  3119. 2:28:32फिर गाड़ी में बैठने से पहले शिप्रा ने
  3120. 2:28:34शौर्य की तरफ देखकर कहा,
  3121. 2:28:37तुम्हें भी अलग से बोलना पड़ेगा क्या कि
  3122. 2:28:39परसों मेरे बर्थडे में टाइम पर आ जाना।
  3123. 2:28:42शिप्रा ने शौर्य को जिस तरह इनवाइट किया,
  3124. 2:28:45उसमें अपनापन कम और बस दिखावा ज्यादा
  3125. 2:28:47महसूस हो रहा था। शौर्य साफ समझ पा रहा था
  3126. 2:28:51कि वह उससे नाराज है। हालांकि शिप्रा ने
  3127. 2:28:54उससे सॉरी भी कहा था। फिर भी शौर्य ने
  3128. 2:28:56अपने और श्रव्या के रिश्ते की वो सच्चाई
  3129. 2:28:58नहीं बताई [संगीत] जिसे जानने के लिए
  3130. 2:29:00शिप्रा बेचैन थी। शिप्रा ने अपनी गाड़ी
  3131. 2:29:04बैक की और जाने से पहले एक बार फिर शौर्य
  3132. 2:29:07को याद दिलाया। पार्टी में आ जाना। नहीं
  3133. 2:29:10तो मुझे पापा को जवाब देना मुश्किल हो
  3134. 2:29:12जाएगा।
  3135. 2:29:14जाते हुए शिप्रा यह बात इसीलिए कह गई
  3136. 2:29:16क्योंकि उसे डर था कि कहीं शौर्य उसके
  3137. 2:29:19बर्थडे वाले दिन किसी और काम में बिजी ना
  3138. 2:29:21हो जाए।
  3139. 2:29:23वैसे भी वह आज यहां आई ही इसीलिए थी कि
  3140. 2:29:26शौर्य को अपने बर्थडे में आने के लिए कह
  3141. 2:29:28सके। लेकिन उससे नाराजगी के कारण वो उसे
  3142. 2:29:31ढंग से इनवाइट नहीं कर पाई थी। अब लौटते
  3143. 2:29:34समय उसे महसूस हो रहा था कि कहीं उसके
  3144. 2:29:37रूखे व्यवहार की वजह से शौर्य पार्टी में
  3145. 2:29:40आई ही ना।
  3146. 2:29:41इतने दिनों में वह इतना तो समझ गई थी कि
  3147. 2:29:44शौर्य का ईगो बहुत बड़ा है। अगर उसे कहीं
  3148. 2:29:47भी लगे कि उसे नजरअंदाज किया जा रहा है तो
  3149. 2:29:50वह खुद ही वहां से दूरी बना लेता है।
  3150. 2:29:53इसीलिए नाराज होने के बाद भी उसने लौटते
  3151. 2:29:56समय शौर्य को याद दिलाया कि उसके परिवार
  3152. 2:29:58वाले भी उसके इंतजार में होंगे।
  3153. 2:30:02शिप्रा के वहां से जाने के बाद शौर्य मेघा
  3154. 2:30:05के साथ घर के अंदर जाने के लिए पलटा।
  3155. 2:30:07चलते-चलते मेघा उससे बोली
  3156. 2:30:11क्या आपने भाभी को नाराज कर दिया है जो वो
  3157. 2:30:13आपसे ऐसे बात कर रही थी?
  3158. 2:30:16शौर्य मेघा की बात सुनकर मुस्कुराया और
  3159. 2:30:19बोला तुम इसे समझने की कोशिश मत करो नहीं
  3160. 2:30:23तो तुम भी उलझ जाओगी। अभी हमारा रिश्ता
  3161. 2:30:26बहुत कॉम्प्लिकेटेड है। लेकिन हां उसके
  3162. 2:30:29बर्थडे में तुम टाइम पर पहुंच जाना। नहीं
  3163. 2:30:31तो उसकी नाराजगी झेलने के लिए तैयार रहना।
  3164. 2:30:34मेघा ने शौर्य की बात ध्यान से सुनी। फिर
  3165. 2:30:37मुस्कुराते हुए कहा।
  3166. 2:30:39वो बहुत अच्छी हैं। मैं उन्हें खुद से
  3167. 2:30:42नाराज होने का कभी मौका ही नहीं दूंगी। और
  3168. 2:30:44आपको भी कह रही हूं कि आपको भी थोड़ा
  3169. 2:30:47उन्हें मनाने की कोशिश करनी चाहिए।
  3170. 2:30:49क्योंकि लड़कियों को अच्छा लगता है कि
  3171. 2:30:51उन्हें चाहने वाला इंसान उनके आगे पीछे
  3172. 2:30:54घूमे और उन्हें रिझाने की कोशिश करें।
  3173. 2:30:57लेकिन आपको देखकर तो मुझे लगता है कि आप
  3174. 2:31:00ऐसी कोशिश करते ही नहीं होंगे।
  3175. 2:31:03यह सुनकर शौर्य हंस पड़ा और मजाक अंदाज
  3176. 2:31:06में बोला, [हंसी]
  3177. 2:31:08"तुम तो बहुत ज्ञानी हो गई हो। कहीं ऐसा
  3178. 2:31:11तो नहीं कि कोई तुम्हारे आगे पीछे भी
  3179. 2:31:13घूमने की कोशिश करता हो। अगर है तो बता
  3180. 2:31:16दो। मैं उससे मिलकर पता कर लूं कि वो
  3181. 2:31:18तुम्हारे लिए सही है या नहीं।"
  3182. 2:31:21मेघा शौर्य की बात सुनकर शर्मा गई और
  3183. 2:31:24नाराजगी जाहिर करते हुए बोली, [संगीत]
  3184. 2:31:26"ऐसा कुछ भी नहीं है।" हां, मैंने जो भी
  3185. 2:31:29कहा आपके लिए कहा। आपको भाभी को मनाने की
  3186. 2:31:32कोशिश करनी चाहिए। वैसे आपको पता है कि
  3187. 2:31:35भाभी ने आपके बगल वाला कमरा अपने लिए पसंद
  3188. 2:31:38किया है। मेघा की यह बात सुनकर शौर्य
  3189. 2:31:42हैरान रह गया। उसे बिल्कुल उम्मीद नहीं थी
  3190. 2:31:44कि शिप्रा यहां आकर रहने के बारे में भी
  3191. 2:31:47सोच सकती है? उसने तुरंत पूछा। तुमने क्या
  3192. 2:31:51कहा? शिप्रा ने मेरे पास वाला कमरा अपने
  3193. 2:31:54लिए पसंद किया है। क्या वो यहां आकर
  3194. 2:31:57रहेगी? मेघा ने हैरानी से उसकी तरफ देखकर
  3195. 2:32:01जवाब दिया। इसमें इतना हैरान होने वाली
  3196. 2:32:04क्या बात है? वो आपकी पत्नी है। तो जहां
  3197. 2:32:06आप रहेंगे वहीं तो वह भी रहेंगी। और आपको
  3198. 2:32:10बता दूं उन्होंने खुद मुझे कहा है कि मैं
  3199. 2:32:12वो कमरा किसी और को ना दूं। वो उसे अपने
  3200. 2:32:16हिसाब से डेकोरेट करवाएंगी।
  3201. 2:32:20यह सुनकर शौर्य के दिल में खुशी की लहर
  3202. 2:32:22दौड़ गई। वो तो हमेशा से यही चाहता था कि
  3203. 2:32:25शिप्रा उस पर पत्नी जैसा हक जताए। उसे लगा
  3204. 2:32:29कि शायद उसकी यह ख्वाहिश जल्द ही पूरी
  3205. 2:32:31होने वाली है।
  3206. 2:32:33फिर जब दोनों वापस डाइनिंग रूम में पहुंचे
  3207. 2:32:36तो शौर्य ने अपने मोबाइल से मेघा के
  3208. 2:32:38अकाउंट में लगभग ₹ लाख ट्रांसफर कर दिए।
  3209. 2:32:42मोबाइल में नोटिफिकेशन आते ही मेघा ने
  3210. 2:32:44मैसेज खोला। रकम देखकर वो हैरानी से शौर्य
  3211. 2:32:48की तरफ देखने लगी और बोली, "यह क्या है?
  3212. 2:32:52आपने मेरे अकाउंट में इतने पैसे क्यों
  3213. 2:32:54ट्रांसफर किए? क्या मतलब? क्यों ट्रांसफर
  3214. 2:32:57किए? खर्च करने के लिए घर के लिए जो सामान
  3215. 2:33:01चाहिए मंगवा लेना और शिप्रा के लिए भी कोई
  3216. 2:33:04अच्छा सा गिफ्ट ले लेना।
  3217. 2:33:07शौर्य ने सहज भाव से कहा तो मेघा ने तुरंत
  3218. 2:33:09पूछा। पर इतने पैसे की क्या जरूरत थी? इस
  3219. 2:33:14पर शौर्य मुस्कुराया और प्यार से समझाया।
  3220. 2:33:17यह इतने भी नहीं है और तुम यह बात भूल जाओ
  3221. 2:33:20कि तुम्हें किसी चीज की कमी है। तुम मेरी
  3222. 2:33:23बहन हो और मेरी बहन खर्च करने से पहले
  3223. 2:33:26सोचे यह मुझे बिल्कुल पसंद नहीं। शौर्य की
  3224. 2:33:30बात सुनकर मेघा का मन भर आया। वो भावुक
  3225. 2:33:32होकर बोली। पर भैया सच में मुझे इतने
  3226. 2:33:36पैसों की जरूरत नहीं है।
  3227. 2:33:39शौर्य ने उसके सिर पर हाथ फेरते हुए उसे
  3228. 2:33:42प्यार से देखा।
  3229. 2:33:44मैं जो अपने दिल से करता हूं [संगीत]
  3230. 2:33:46उसमें तुम्हें बोलने की जरूरत नहीं है। और
  3231. 2:33:49हां अब तुम कंजूसी में रहना छोड़ दो और
  3232. 2:33:53दोबारा इस बात को लेकर कुछ मत कहना नहीं
  3233. 2:33:55तो मैं यही समझूंगा कि तुम मुझे अपना भाई
  3234. 2:33:58नहीं मानती।
  3235. 2:34:00यह सुनते ही मेघा भावुक होकर शौर्य के
  3236. 2:34:02सीने से लग गई और आंखें नम करते हुए बोली
  3237. 2:34:05ऐसा मत बोलो भैया। मैंने जरूर पिछले जन्म
  3238. 2:34:09में कोई पुण्य किया होगा। तभी आप मुझे इस
  3239. 2:34:12जन्म में भाई के रूप में मिले हैं। जब
  3240. 2:34:15शौर्य ने महसूस किया कि मेघा ज्यादा भावुक
  3241. 2:34:18हो रही है तो उसने उसे हल्के से अलग करते
  3242. 2:34:20हुए कहा
  3243. 2:34:22तुम्हारा इरादा मुझे भी रुलाने का है?
  3244. 2:34:26मेघा ने तुरंत अपने आंसू पोछे और मुस्कुरा
  3245. 2:34:29कर जवाब दिया।
  3246. 2:34:32बिल्कुल नहीं। आप हमेशा हंसते मुस्कुराते
  3247. 2:34:35रहें। बस यही चाहती हूं। यह सुनकर शौर्य
  3248. 2:34:38मुस्कुराया और बोल पड़ा।
  3249. 2:34:41अगर तुम चाहती हो कि मैं हमेशा खुश रहूं
  3250. 2:34:44तो तुम्हें भी हमेशा मुस्कुराते रहना
  3251. 2:34:46पड़ेगा क्योंकि तुम्हें खुश देखकर ही तो
  3252. 2:34:48मुझे खुशी होती है। शौर्य की बात सुनकर
  3253. 2:34:52मेघा ने खुद को संभाल लिया और हल्का
  3254. 2:34:54मुस्कुराने लगी। फिर अचानक शौर्य को कुछ
  3255. 2:34:57याद आया और उसने मेघा को बताया अच्छा एक
  3256. 2:35:00बात का ध्यान रखना जब तुम शिप्रा के लिए
  3257. 2:35:03गिफ्ट खरीदो तो यह ध्यान रखना कि वो बहुत
  3258. 2:35:05महंगा ना हो क्योंकि अगर ऐसा हुआ तो वो
  3259. 2:35:08तुमसे गिफ्ट नहीं लेगी।
  3260. 2:35:11मेघा उसकी बात समझ नहीं पाई। उसने तुरंत
  3261. 2:35:14पूछा पर ऐसा क्यों? गिफ्ट तो गिफ्ट ही
  3262. 2:35:17होता है। मेघा की बात पर शौर्य मुस्कुराया
  3263. 2:35:21और बोला
  3264. 2:35:23तुम यह समझती [संगीत] हो लेकिन शिप्रा को
  3265. 2:35:25लगेगा कि इतने महंगे गिफ्ट के लिए तुमने
  3266. 2:35:28मुश्किल से पैसों का इंतजाम किया होगा।
  3267. 2:35:30इसीलिए वो गिफ्ट लेने से मना कर देगी। अब
  3268. 2:35:34मेघा को बात समझ में आई। फिर उसने कुछ सोच
  3269. 2:35:36कर कहा।
  3270. 2:35:38आप उन्हें बता क्यों नहीं देते भैया कि आप
  3271. 2:35:41किस परिवार से बिलोंग करते हैं? उसके बाद
  3272. 2:35:43आप दोनों के बीच जो थोड़ी सी दूरी है वो
  3273. 2:35:46भी खत्म हो जाएगी।
  3274. 2:35:49मेघा ने अपने जज्बात जाहिर किए लेकिन
  3275. 2:35:51शौर्य ने इंकार में सिर हिलाते हुए मना कर
  3276. 2:35:54दिया। मैं ऐसा नहीं कर सकता। मैं नहीं
  3277. 2:35:58चाहता कि वो मेरी हैसियत देखकर मुझे पसंद
  3278. 2:36:00करे। मैं चाहता हूं कि वो मुझे उसी रूप
  3279. 2:36:03में पसंद करे जिस रूप में मैं उसके करीब
  3280. 2:36:06आया हूं। फिर सच अपने आप सामने आ जाएगा।
  3281. 2:36:11पता नहीं आपको भाभी की परीक्षा लेने में
  3282. 2:36:13क्या मजा आता है। नाराज होकर मेघा बोली
  3283. 2:36:17शौर्य हल्की मुस्कान के साथ सब कुछ समय पर
  3284. 2:36:20छोड़ता हुआ बोला तुम इन बातों में मत
  3285. 2:36:22पड़ो। वैसे भी मेरी और शिप्रा की शादी
  3286. 2:36:25जबरदस्ती हुई है। इसका भविष्य अभी तय
  3287. 2:36:28[संगीत] नहीं है। समय खुद ठीक करेगा कि
  3288. 2:36:30इसकी नियति क्या होगी।
  3289. 2:36:33इसके बाद मेघा ने आगे कोई बहस नहीं की।
  3290. 2:36:36वहीं दूसरी तरफ शिप्रा अपने घर पहुंच चुकी
  3291. 2:36:39थी। उसकी आंखों के सामने बार-बार श्रव्या
  3292. 2:36:42का चेहरा घूम रहा था। वो खुद भी कंफ्यूज
  3293. 2:36:45थी। उसे समझ नहीं आ रहा था कि आखिर वो
  3294. 2:36:47चाहती क्या है। घर के अंदर जाते ही उसका
  3295. 2:36:51सामना मेघना से हुआ। मेघना को उसका चेहरा
  3296. 2:36:54कुछ बुझा-बुझा सा लगा तो वो सवाल कर बैठी।
  3297. 2:36:58तुम्हें क्या हुआ? यहां से गई थी तो खुश
  3298. 2:37:01थी। लेकिन वापस आने पर चेहरा क्यों लटका
  3299. 2:37:04हुआ है?
  3300. 2:37:06मेघना की बात सुनकर शिप्रा ने सामान्य
  3301. 2:37:08रहने की कोशिश करते हुए कहा, तुम्हें कुछ
  3302. 2:37:12ज्यादा ही दिखाई देने लगा है। ऐसा कुछ
  3303. 2:37:14नहीं है। मेघना कुर्सी खींच कर शिप्रा के
  3304. 2:37:18सामने बैठ गई और फिर [संगीत] बोली मुझे जो
  3305. 2:37:21दिखा वो मैंने बता दिया। अगर ऐसा नहीं है
  3306. 2:37:24तो अच्छी बात है। वैसे तुम इस समय कहां
  3307. 2:37:28थी? अपने पति के घर [संगीत] गई थी। शिप्रा
  3308. 2:37:32ने भावहीन स्वर में जवाब दिया। मेघना एकदम
  3309. 2:37:35चौंक गई और आश्चर्य से पूछ बैठी [संगीत]
  3310. 2:37:38क्या अगर अपने पति के घर गई थी तो फिर
  3311. 2:37:41मुझे साथ क्यों नहीं ले गई? तुम मुझे अपने
  3312. 2:37:44पति से मिलाना भी चाहती हो या नहीं?
  3313. 2:37:46बिल्कुल नहीं। तुम्हें देखने के बाद अगर
  3314. 2:37:49वो तुम्हारे पीछे पागल हो गया तो फिर मेरा
  3315. 2:37:52क्या होगा?
  3316. 2:37:54शिप्रा ने तंज भरे स्वर में कहा तो मेघना
  3317. 2:37:56तुरंत बोली अरे मैं मजाक नहीं कर रही।
  3318. 2:38:00मुझे आए हुए 2 दिन हो गए और अभी तक मैं
  3319. 2:38:02तुम्हारे पति से नहीं मिल पाई। अब तो मुझे
  3320. 2:38:05सच में लगने लगा है कि तुम नहीं चाहती कि
  3321. 2:38:07मैं उनसे मिलूं।
  3322. 2:38:09इस पर शिप्रा भी शिकायत भरे स्वर में कहने
  3323. 2:38:11लगी। वैसे मुझे यह समझ नहीं आता कि
  3324. 2:38:14तुम्हें मेरे पति से मिलना ही क्यों है?
  3325. 2:38:17तुम्हें तो वैसे भी वह पसंद नहीं है। फिर
  3326. 2:38:19यह दिखावा करने की क्या जरूरत है? मेरी
  3327. 2:38:22पसंद नापसंद से क्या फर्क पड़ता है? अब जब
  3328. 2:38:25तुम उन्हें अपना पति मान चुकी हो तो उनसे
  3329. 2:38:28मिलना तो बनता है और क्या पता उनसे मिलने
  3330. 2:38:31के बाद मेरा विचार बदल जाए। मेघना
  3331. 2:38:35मुस्कुराते हुए बोली
  3332. 2:38:36[संगीत]
  3333. 2:38:36लेकिन शिप्रा ने बात टालने के इरादे से
  3334. 2:38:39जवाब दिया।
  3335. 2:38:40ठीक है। जब तुम्हें मिलना है तो दो दिन और
  3336. 2:38:44इंतजार कर लो। मेरे [संगीत] बर्थडे में
  3337. 2:38:46उनसे मुलाकात हो ही जाएगी।
  3338. 2:38:50इस पर मेघना तुरंत बोली। यानी तुम्हारे
  3339. 2:38:53पति से मिलने के लिए तुम्हारे बर्थडे तक
  3340. 2:38:55इंतजार करना पड़ेगा। सच में तुम्हारे पति
  3341. 2:38:59दूज का चांद हो गए जो दिखाई ही नहीं दे
  3342. 2:39:02रहे।
  3343. 2:39:03अभी शिप्रा और मेघना की नोकझोंक चल ही रही
  3344. 2:39:06थी कि तभी राजदीप जी हॉल में आए। उनके हाथ
  3345. 2:39:09में कुछ पेपर्स [संगीत] थे। वो आकर शिप्रा
  3346. 2:39:13के सामने बैठे और अपने मोबाइल में एक
  3347. 2:39:15वीडियो इनविटेशन दिखाते हुए बोले, "मैं यह
  3348. 2:39:18वीडियो तुम्हें भेज देता हूं। तुम्हें
  3349. 2:39:21जिसे भी इनवाइट करना होगा, तुम इसी
  3350. 2:39:23ग्राफिक वीडियो के जरिए उन्हें इनवाइट कर
  3351. 2:39:25सकती हो। कहां आना है और कैसे आना है, यह
  3352. 2:39:29सब इस वीडियो में समझ आ जाएगा। शिप्रा का
  3353. 2:39:32शौर्य के घर आने का मकसद तो पूरा नहीं
  3354. 2:39:34हुआ, लेकिन जाते-जाते उसने बेरुखी से
  3355. 2:39:37शौर्य को अपनी बर्थडे पार्टी के लिए
  3356. 2:39:39इनवाइट किया और शौर्य से वक्त पर आने की
  3357. 2:39:42गुजारिश की। वरना शिप्रा को अपने घर वालों
  3358. 2:39:45के कई सवालों का सामना करना पड़ेगा। मेघा
  3359. 2:39:48उन दोनों के बीच के मनमुटाव को भांप लेती
  3360. 2:39:51है और शौर्य से शिप्रा का दिल जीतने के
  3361. 2:39:53लिए कहती है। शौर्य यह बोल के कि उनका
  3362. 2:39:56रिश्ता भी बहुत कॉम्प्लिकेटेड है और वह यह
  3363. 2:39:59भी नहीं चाहता कि शिप्रा उसकी हैसियत
  3364. 2:40:01देखकर उसे पसंद करे बात को टाल देता है।
  3365. 2:40:04वो चाहता है कि वह जिस रूप में शिप्रा के
  3366. 2:40:07करीब आया है, वह उसी रूप में उसे पसंद
  3367. 2:40:09करें। साथ ही शौर्य शिप्रा के बर्थडे
  3368. 2:40:12प्रेजेंट और मेघा के खर्चे के लिए उसे ₹
  3369. 2:40:15लाख भी ट्रांसफर करता है। [संगीत] जिससे
  3370. 2:40:18मेघा भावुक हो जाती है। वहीं जब शिप्रा
  3371. 2:40:21वापस अपने घर पहुंची तो मेघना उसका उतरा
  3372. 2:40:23हुआ चेहरा देखकर उसके पीछे की वजह जानने
  3373. 2:40:26की कोशिश करती है। लेकिन शिप्रा यह बात
  3374. 2:40:29मजाक में टाल देती है। इसी बीच शिप्रा के
  3375. 2:40:32पापा राजदीप जी वहां आकर शिप्रा को उसके
  3376. 2:40:35बर्थडे का वीडियो इनविटेशन दिखाते हैं।
  3377. 2:40:38कुछ ही देर में शिप्रा ने अपने बर्थडे
  3378. 2:40:40इनविटेशन को अपने सभी फ्रेंड्स के बीच
  3379. 2:40:43सर्कुलेट कर दिया। उसने यह वीडियो खासतौर
  3380. 2:40:46पर मेघा और शौर्य को भी भेजा था।
  3381. 2:40:50राजदीप राय ने शिप्रा से शौर्य के बारे
  3382. 2:40:52में पूछा भी था कि वह दो दिन से घर क्यों
  3383. 2:40:55नहीं आ रहा। इस पर शिप्रा ने उन्हें बता
  3384. 2:40:57दिया कि शौर्य जहां काम करता है, वहां
  3385. 2:41:00ऑफिस की तरफ से उसे रहने के लिए घर मिला
  3386. 2:41:03है। इसलिए अब वह वहां शिफ्ट हो गया है।
  3387. 2:41:05[संगीत] यह सुनकर राजदीप राय को खुशी हुई
  3388. 2:41:08कि शौर्य सही जगह काम कर रहा है और
  3389. 2:41:11धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है।
  3390. 2:41:14उन्हें तसल्ली थी कि अब उन्हें अपने दामाद
  3391. 2:41:16को लेकर किसी के सामने बुरा महसूस नहीं
  3392. 2:41:19करना पड़ेगा। उन्होंने शिप्रा से पूछा
  3393. 2:41:23क्या वो अब यहां आया नहीं करेगा? शिप्रा
  3394. 2:41:26ने शांत स्वर में जवाब दिया। नहीं पापा
  3395. 2:41:29ऐसा कुछ नहीं है। जब भी उसका मन करेगा वो
  3396. 2:41:33यहां आ सकता है। लेकिन जहां तक रहने की
  3397. 2:41:36बात है तो [संगीत] वह अब अपने घर में ही
  3398. 2:41:38रहेगा। वो नहीं चाहता कि कोई उसे यह कहे
  3399. 2:41:41कि वह ससुराल पर बोझ बना हुआ है। इसीलिए
  3400. 2:41:45वो अपने नए घर में शिफ्ट हो गया। राजदीप
  3401. 2:41:48राय ने हामी भरते हुए कहा। ठीक है। किसी
  3402. 2:41:52दिन मैं जाकर देखूंगा कि वो कहां रह रहा
  3403. 2:41:55है। क्या तुमने वो जगह देखी है? हां, मैं
  3404. 2:41:58जाकर उसका घर देख चुकी हूं। शिप्रा ने
  3405. 2:42:01जवाब दिया।
  3406. 2:42:04इसके बाद राजदीप राय फिर से बर्थडे की
  3407. 2:42:06तैयारियों में लग गए। हालांकि सच [संगीत]
  3408. 2:42:09तो यह था कि इस भव्य सेलिब्रेशन से शिप्रा
  3409. 2:42:11को कोई खास खुशी नहीं थी। वो नहीं चाहती
  3410. 2:42:14थी कि उसका बर्थडे इतने बड़े स्तर पर
  3411. 2:42:16मनाया जाए क्योंकि उसे पता था कि ऐसे
  3412. 2:42:19मौकों पर लोग उसकी शादीशुदा जिंदगी को
  3413. 2:42:21लेकर तरह-तरह के ताने मारेंगे। इसी वजह से
  3414. 2:42:25वो ऐसी फैमिली गैदरिंग से बचना चाहती थी।
  3415. 2:42:29लेकिन परिवार के दबाव के कारण उसे इसके
  3416. 2:42:31लिए तैयार होना पड़ा। खैर, [संगीत] समय
  3417. 2:42:34अपनी रफ्तार से आगे बढ़ता रहा। पता ही
  3418. 2:42:37नहीं चला कि यह दो दिन कैसे बीत गए। शौर्य
  3419. 2:42:40भी अपने छोटे-मोटे कामों में व्यस्त रहा।
  3420. 2:42:43दूसरी तरफ श्रव्या भी अपनी दो दिन की शर्त
  3421. 2:42:46पूरी करने के बाद वापस अपने घर चली गई थी।
  3422. 2:42:49लेकिन इन दो दिनों में शौर्य ने उसके दिल
  3423. 2:42:52पर एक गहरी छाप छोड़ दी [संगीत] थी। उसने
  3424. 2:42:55मन ही मन शौर्य को लेकर कुछ ठान भी लिया
  3425. 2:42:57था। हालांकि शौर्य को श्रव्या से कोई खास
  3426. 2:43:00मतलब नहीं था। आखिरकार आज वो दिन था जब
  3427. 2:43:04शिप्रा का बर्थडे मिलेनियम होटल में
  3428. 2:43:06सेलिब्रेट होने जा रहा था। मिलेनियम होटल
  3429. 2:43:10विशालगढ़ का एक बड़ा और मशहूर होटल था।
  3430. 2:43:13सबसे बड़ी बात यह थी कि वो शिप्रा के घर
  3431. 2:43:16के पास ही पड़ता था। इसीलिए राजदीप राय ने
  3432. 2:43:19उसी होटल को बर्थडे सेलिब्रेशन के लिए
  3433. 2:43:21चुना था। शाम के 7:00 बज चुके थे। शिप्रा
  3434. 2:43:24तैयार होकर होटल पहुंच चुकी थी।
  3435. 2:43:27उसने पिंक कलर का इवनिंग गाउन पहना था
  3436. 2:43:30जिसमें वह सिंड्रेला से कम नहीं लग रही
  3437. 2:43:32थी। सच तो यह था कि उसे इस तरह तैयार करने
  3438. 2:43:36का पूरा श्रेय मेघना को जाता था। उसी ने
  3439. 2:43:39शिप्रा के लिए यह लुक चूज़ किया था।
  3440. 2:43:43मेघना भी कहीं से कम खूबसूरत नहीं लग रही
  3441. 2:43:45थी। उसने आसमानी रंग की मैक्सी ड्रेस पहन
  3442. 2:43:48रखी थी। ऐसा लग रहा था जैसे दोनों ड्रेसेस
  3443. 2:43:51एक साथ खरीदी गई हो। बस दोनों के रंग अलग
  3444. 2:43:54थे। वरना डिजाइन लगभग एक जैसा ही था।
  3445. 2:43:58धीरे-धीरे मेहमान आने शुरू हो चुके थे।
  3446. 2:44:00राजदीप राय और राहुल दोनों हॉल के गेट पर
  3447. 2:44:03खड़े होकर मेहमानों का स्वागत कर रहे थे।
  3448. 2:44:06शिप्रा की पूरी फैमिली अब तक पहुंच चुकी
  3449. 2:44:09थी और बाकी मेहमान भी धीरे-धीरे आ रहे थे।
  3450. 2:44:12[संगीत] शिप्रा मेघना के साथ स्टेज के पास
  3451. 2:44:15खड़ी थी। उसकी निगाहें बार-बार दरवाजे की
  3452. 2:44:18तरफ उठ जाती थी। वो किसी का इंतजार कर रही
  3453. 2:44:21थी जो [संगीत] अभी तक आया नहीं था।
  3454. 2:44:25मेघना ने शिप्रा की टकटकी लगी निगाहों को
  3455. 2:44:27नोटिस किया और मुस्कुराते हुए पूछा
  3456. 2:44:31हम क्या बात है कौन है वो जिसके इंतजार
  3457. 2:44:35में तुम्हारी निगाहें बार-बार दरवाजे पर
  3458. 2:44:37जा रही हैं शिप्रा अपनी झेप छुपाते हुए
  3459. 2:44:40बोली ऐसा कुछ नहीं है। मैं तो बस देख रही
  3460. 2:44:44हूं कि मेरी बर्थडे पार्टी में कौन-कौन
  3461. 2:44:46लोग आ रहे हैं। मेघना समझ गई कि शिप्रा
  3462. 2:44:49झूठ बोल रही है। [संगीत] लेकिन उसने बात
  3463. 2:44:51को ज्यादा सीरियसली नहीं लिया। वो यही सोच
  3464. 2:44:54रही थी कि शायद शिप्रा अपने पति का इंतजार
  3465. 2:44:56कर रही है। वैसे इंतजार तो उसे भी था।
  3466. 2:45:00उसने भी अपनी तरफ से श्रवण को पार्टी में
  3467. 2:45:03आने के लिए इनवाइट किया था। हालांकि उसे
  3468. 2:45:05अभी तक यह नहीं पता था कि श्रवण ही शिप्रा
  3469. 2:45:08का पति है। मेघना भी शिप्रा के पति से
  3470. 2:45:11मिलने के लिए बेहद उत्सुक थी। वो जानना
  3471. 2:45:14चाहती थी कि आखिर उसमें ऐसा क्या है जिसके
  3472. 2:45:17कारण शिप्रा उससे तलाक नहीं लेना चाहती।
  3473. 2:45:20यही सोचकर मेघना ने पूछ लिया। तुम्हारा
  3474. 2:45:23पति अभी तक क्यों नहीं आया? उसे तो अब तक
  3475. 2:45:25आ जाना चाहिए था।
  3476. 2:45:28शिप्रा को भी अब शौर्य पर गुस्सा आने लगा
  3477. 2:45:30था। उसने उससे खास तौर पर कहा था कि वो
  3478. 2:45:33समय से आ जाए। लेकिन आज भी वो लेट था। फिर
  3479. 2:45:37भी उसने खुद को संयत रखते हुए जवाब दिया।
  3480. 2:45:40चिंता मत करो। नहीं आया है तो आ जाएगा। आज
  3481. 2:45:43जरूर तुम्हारी उससे मुलाकात हो जाएगी।
  3482. 2:45:47तभी राहुल भी उनके पास आ गया और बोला दीदी
  3483. 2:45:50अभी तक जीजू क्यों नहीं आए हैं? दादाजी भी
  3484. 2:45:53उनके बारे में पूछ रहे हैं। [संगीत]
  3485. 2:45:56जैसे ही शिप्रा ने सुना कि राहुल भी शौर्य
  3486. 2:45:58के बारे में पूछ रहा है उसका गुस्सा और
  3487. 2:46:00बढ़ गया। वो झुंझुला कर बोली अरे तुम भी
  3488. 2:46:04तो उसे फोन करके पूछ सकते हो कि वो अभी तक
  3489. 2:46:06क्यों नहीं आया? राहुल ने शिप्रा को
  3490. 2:46:09गुस्से में देखा तो उसने मेघना की तरफ
  3491. 2:46:11देखकर पूछा। मेघना दी यह शिप्रा दी को
  3492. 2:46:15क्या हो गया है? वो इतना गुस्सा क्यों कर
  3493. 2:46:17रही हैं? मेघना समझ गई कि लगातार दूसरी
  3494. 2:46:20बार शौर्य के बारे में पूछे जाने के कारण
  3495. 2:46:23ही शिप्रा [संगीत] चिढ़ गई है। उसने बात
  3496. 2:46:25संभालते हुए राहुल से कहा कुछ नहीं तुम
  3497. 2:46:28जाओ। बस वो आता ही होगा। या ऐसा करो तुम
  3498. 2:46:31उससे फोन करके पूछ लो कि वो कहां रह गया
  3499. 2:46:34है। राहुल को भी यह बात सही लगी। उसने
  3500. 2:46:38तुरंत अपना मोबाइल निकाला और शौर्य को फोन
  3501. 2:46:40लगाने लगा।
  3502. 2:46:42इधर शिप्रा की निगाह हॉल के दरवाजे पर ही
  3503. 2:46:45टिकी हुई थी। तभी उसने मेघा को एक लड़की
  3504. 2:46:47के साथ हॉल के अंदर आते देखा। मेघा को
  3505. 2:46:50वहां देखकर उसके चेहरे पर हल्की सी
  3506. 2:46:53मुस्कान आ गई। मेघा अपनी फ्रेंड जीनत के
  3507. 2:46:56साथ वहां आई थी। वो सकुचाते हुए हॉल में
  3508. 2:46:59प्रवेश कर रही थी। उसकी नजरें लगातार
  3509. 2:47:02शिप्रा को ढूंढ रही थी। लेकिन शिप्रा उसे
  3510. 2:47:05कहीं दिखाई नहीं दे रही थी। शिप्रा ने जब
  3511. 2:47:08मेघा को इधर-उधर देखते पाया तो उसने राहुल
  3512. 2:47:11को अपने पास बुलाकर कहा, "तुम उस लड़की को
  3513. 2:47:14देख रहे हो जो अभी दरवाजे से अंदर आई है।
  3514. 2:47:17जाओ जाकर उसे मेरे पास ले आओ। राहुल ने
  3515. 2:47:21दरवाजे की तरफ देखा लेकिन उसे कुछ समझ
  3516. 2:47:24नहीं आया। उसने सिर खुजलाते हुए पूछा। आप
  3517. 2:47:27किस लड़की की बात कर रही हो? शिप्रा ने
  3518. 2:47:30हाथ के इशारे से बताया। वो जो दो लड़कियां
  3519. 2:47:33साथ में खड़ी हैं, मैं उन्हीं की बात कर
  3520. 2:47:36रही हूं। उन दोनों को मेरे पास ले आओ।
  3521. 2:47:39राहुल ने उधर देखा जिधर शिप्रा इशारा कर
  3522. 2:47:42रही थी। उसने देखा कि दो लड़कियां एक
  3523. 2:47:45दूसरे का हाथ थामे घबराई सी इधर-उधर देख
  3524. 2:47:47रही थी। दोनों ही उसके लिए अनजान [संगीत]
  3525. 2:47:50थी। इसीलिए उसने पूछा कौन है दोनों
  3526. 2:47:53लड़कियां? मैंने आज से पहले तो इन्हें कभी
  3527. 2:47:55नहीं देखा।
  3528. 2:47:57राहुल की बात सुनकर शिप्रा चिढ़कर बोली,
  3529. 2:48:01तुम्हें इतना जानने की जरूरत नहीं है। जाओ
  3530. 2:48:03और उन्हें यहां मेरे पास ले आओ। दोनों में
  3531. 2:48:06जो लड़की आगे खड़ी है, उसका नाम मेघा है।
  3532. 2:48:09अब तुम जा रहे हो या यहीं खड़े-खड़े उसे
  3533. 2:48:11देखते रहोगे।
  3534. 2:48:13राहुल समझ गया कि अगर अब भी देर की तो उसे
  3535. 2:48:16और डांट सुननी पड़ेगी। इसीलिए वो तुरंत
  3536. 2:48:19मेघा की तरफ बढ़ गया।
  3537. 2:48:21मेघना जो शिप्रा के साथ ही खड़ी थी,
  3538. 2:48:24शिप्रा को उन लड़कियों के लिए इतना कंसर्न
  3539. 2:48:26देखकर सवाल पूछने से खुद को रोक नहीं पाई।
  3540. 2:48:29वैसे कौन है यह लड़की जिसे तुमने राहुल को
  3541. 2:48:32लाने के लिए भेजा है?
  3542. 2:48:35शिप्रा मुस्कुराई और बोली, "यह मेरी ननद
  3543. 2:48:38है।"
  3544. 2:48:39शिप्रा की बात सुनकर मेघना का मुंह खुला
  3545. 2:48:42का खुला रह गया। उसने तो बस इतना सुना था
  3546. 2:48:45कि शिप्रा का पतीक भिखारी है। [संगीत]
  3547. 2:48:47लेकिन अब उसके रिश्तेदार भी सामने आ गए
  3548. 2:48:50थे। उसने मेघा को ध्यान से देखा। मेघा
  3549. 2:48:53बेहद खूबसूरत थी। लेकिन उसे देखकर साफ लग
  3550. 2:48:57रहा था कि इतनी बड़ी पार्टी में आने का
  3551. 2:48:59उसे कोई खास अनुभव नहीं है। जिस तरह वो
  3552. 2:49:02हॉल के कोने में सकुचाई सी खड़ी होकर
  3553. 2:49:05इधर-उधर देख रही थी, उससे साफ पता चल रहा
  3554. 2:49:08था कि उसने आज से पहले कभी ऐसी हाई क्लास
  3555. 2:49:11पार्टी अटेंड नहीं की होगी। [संगीत]
  3556. 2:49:14यही देखकर मेघना को यकीन हो गया कि मेघा
  3557. 2:49:16जरूर शिप्रा के भिखारी पति के परिवार से
  3558. 2:49:19ही होगी।
  3559. 2:49:21दूसरी तरफ राहुल मेघा के पास पहुंचा और
  3560. 2:49:24बोला हेलो क्या आप ही मेघा हैं? मेघा ने
  3561. 2:49:28पहले एक नजर जीनत की तरफ देखा। फिर राहुल
  3562. 2:49:31की तरफ देखकर जवाब दिया।
  3563. 2:49:34हां मैं ही मेघा हूं। इस पर राहुल ने सिर
  3564. 2:49:37हिलाकर कहा तो फिर ठीक है आप मेरे साथ
  3565. 2:49:40चलिए। तभी मेघा ने थोड़ा घबरा कर पूछा पर
  3566. 2:49:44कहां? इस पर राहुल तुरंत मुस्कुरा कर
  3567. 2:49:47बोला। अरे आप घबराइए मत। मेरी दीदी ने
  3568. 2:49:50मुझे आपको लाने के लिए भेजा है। आप मेरे
  3569. 2:49:53साथ आइए। मैं आपको उनके पास लेकर चलता
  3570. 2:49:55हूं।
  3571. 2:49:57मेघा को एहसास हुआ कि वो कुछ ज्यादा ही
  3572. 2:49:59नर्वस हो रही है। उसने एक लंबी सांस लेकर
  3573. 2:50:03खुद को संभाला और राहुल के पीछे चल दी।
  3574. 2:50:06राहुल उन दोनों को लेकर शिप्रा के पास
  3575. 2:50:08पहुंचा।
  3576. 2:50:09[संगीत]
  3577. 2:50:09दूर से ही मेघा ने शिप्रा को देख लिया था।
  3578. 2:50:13शिप्रा को देखते ही उसके चेहरे पर चमक आ
  3579. 2:50:15गई और उसके कदम भी तेज हो गए। वो सीधे
  3580. 2:50:19शिप्रा के पास पहुंची और उसके गले लग गई।
  3581. 2:50:22शिप्रा ने भी उसे प्यार से अपनी बाहों में
  3582. 2:50:25भर लिया। जीनत ने अलग से हाथ जोड़कर
  3583. 2:50:28नमस्ते किया। राहुल बगल में खड़ा यह सब
  3584. 2:50:31देख रहा था। आखिरकार उससे रहा नहीं गया और
  3585. 2:50:34उसने पूछ ही लिया। क्या आप मुझे बताएंगी
  3586. 2:50:37कि यह कौन है? इन्हें देखकर आपके चेहरे पर
  3587. 2:50:40इतनी बड़ी स्माइल आ गई और मैं तो इन्हें
  3588. 2:50:42जानता भी नहीं। शिप्रा ने राहुल की तरफ
  3589. 2:50:46नाराजगी से देखा और बोली, "क्यों जानकर
  3590. 2:50:49क्या करोगे? और आखिर तुम्हें इन दोनों को
  3591. 2:50:52जानने की जरूरत ही क्या है?"
  3592. 2:50:55राहुल को अपनी बहन से ऐसे जवाब की उम्मीद
  3593. 2:50:57नहीं थी। इसीलिए उसने भी नाराजगी जताते
  3594. 2:51:00हुए कहा, "यह तो गलत बात है दीदी।" अभी
  3595. 2:51:04इन्हें यहां लाना था तो आपने मुझे भेज
  3596. 2:51:06दिया। और जब मैं इनके बारे में जानना
  3597. 2:51:08चाहता हूं तो आप बता नहीं रही हैं। राहुल
  3598. 2:51:11को भड़कता देखकर शिप्रा के चेहरे पर
  3599. 2:51:14मुस्कान आ गई। दरअसल वो जानबूझकर उसे छेड़
  3600. 2:51:17रही थी। उधर मेघना को यकीन ही नहीं हो रहा
  3601. 2:51:20था कि राहुल भी अब तक शिप्रा के पति के
  3602. 2:51:22परिवार से नहीं मिला था। तभी तो वह मेघा
  3603. 2:51:26को नहीं पहचानता था। तभी मेघना ने राहुल
  3604. 2:51:29से पूछा।
  3605. 2:51:31क्या तुम सच में इन्हें नहीं जानते?
  3606. 2:51:34इस पर राहुल तुरंत बोला क्या मेघना दी मैं
  3607. 2:51:37आपसे मजाक करूंगा जब मैं आज से पहले इन
  3608. 2:51:40मोहतरमा से कभी मिला ही नहीं तो मैं
  3609. 2:51:42इन्हें कैसे जानूंगा?
  3610. 2:51:45अगले ही पल मेघना ने बताया
  3611. 2:51:48यह तुम्हारी जीजू की बहन है। मेघना की बात
  3612. 2:51:51सुनते ही राहुल का मुंह हैरानी से खुला रह
  3613. 2:51:54गया।
  3614. 2:51:56उसके होठों से अनायास निकला। क्या? राहुल
  3615. 2:52:01का मुंह अब भी खुला हुआ था। वो हैरानी से
  3616. 2:52:03मेघा को देख रहा था और सोच रहा था कि उसके
  3617. 2:52:06जीजू की एक बहन भी है और उन्होंने इसके
  3618. 2:52:09बारे में उसे कभी कुछ बताया तक नहीं। फिर
  3619. 2:52:12कुछ पल बाद उसने खुद को संभाला और
  3620. 2:52:15मुस्कुराते हुए मेघा की तरफ हाथ बढ़ाकर
  3621. 2:52:17बोला हेलो मेरा नाम तो सुना ही होगा। मुझे
  3622. 2:52:22लोग राहुल कहते हैं। राहुल का अंदाज
  3623. 2:52:25बिल्कुल हीरो जैसा था। मेघा ने जब राहुल
  3624. 2:52:28को हाथ बढ़ाते देखा तो उसने हाथ मिलाने की
  3625. 2:52:31बजाय मुस्कुराकर दोनों हाथ जोड़ लिए और
  3626. 2:52:33नमस्ते कर दिया। मेघा का यह अंदाज देखकर
  3627. 2:52:37राहुल थोड़ा हड़बड़ा गया। फिर अपनी झिझक
  3628. 2:52:40छुपाने के लिए उसने हाथ जोड़कर हल्की
  3629. 2:52:42शर्मिंदगीगी भरी हंसी के साथ कहा। नमस्ते।
  3630. 2:52:47इसके बाद उसने जीनत की तरफ देखकर पूछा।
  3631. 2:52:50क्या यह भी आपकी बहन है? इस पर मेघा
  3632. 2:52:53मुस्कुराई और बोली
  3633. 2:52:56नहीं यह मेरी दोस्त है। मेघा के जवाब पर
  3634. 2:52:59तुरंत राहुल कह उठा बहुत बढ़िया आपसे
  3635. 2:53:02मिलकर सच में बहुत खुशी हुई। अगर मुझे
  3636. 2:53:04पहले पता होता कि जीजू की कोई बहन भी है
  3637. 2:53:07तो मैं कब का आपसे मिल चुका होता।
  3638. 2:53:10मेघा महसूस कर रही थी कि राहुल उस पर अपना
  3639. 2:53:13इंप्रेशन जमाने की पूरी कोशिश कर रहा है।
  3640. 2:53:16लेकिन जो [संगीत] भी हो राहुल उसे एक
  3641. 2:53:18प्यारा और साफ दिल का लड़का लगा। उसके
  3642. 2:53:21व्यवहार में कहीं भी ओछापन नहीं था। जब
  3643. 2:53:24शिप्रा ने देखा कि राहुल लगातार मेघा पर
  3644. 2:53:27इंप्रेशन जमाने की कोशिश कर रहा है तो
  3645. 2:53:29उसने मुस्कुरा कर सुझाव दिया तुम ऐसा
  3646. 2:53:33क्यों नहीं करते कि इन दोनों को ले जाकर
  3647. 2:53:35कुछ नाश्ता पानी करा दो। ये दोनों यहां
  3648. 2:53:38किसी को जानती भी नहीं है। तो इन्हें
  3649. 2:53:40थोड़ा फमिलियर फील करा दो।
  3650. 2:53:42राहुल को भी लगा कि यह अच्छा मौका है मेघा
  3651. 2:53:45पर अपनी अच्छी छाप छोड़ने का। वो तुरंत
  3652. 2:53:48उत्साह से बोला, "अरे दीदी, यह भी कोई
  3653. 2:53:51कहने की बात है। आप निश्चिंत होकर अपने
  3654. 2:53:53बाकी मेहमानों का ध्यान रखो। मैं इन दोनों
  3655. 2:53:56का अच्छी तरह ख्याल रखूंगा।" फिर वो मेघा
  3656. 2:53:59को देखकर हल्के से मुस्कुराया और बोला,
  3657. 2:54:02"चलिए आप मेरे साथ आइए।"
  3658. 2:54:06शिप्रा ने भी मेघा से मुस्कुरा कर बात आगे
  3659. 2:54:08बढ़ाई।
  3660. 2:54:10तुम दोनों पार्टी एंजॉय करो। हां, बाकी जब
  3661. 2:54:13तुम्हारे भैया आएंगे तो उनसे मिल लेना।
  3662. 2:54:17मेघा ने भी मुस्कुराकर शिप्रा को नरम स्वर
  3663. 2:54:20में जवाब दिया। ठीक है भाभी आप मेरी चिंता
  3664. 2:54:23मत कीजिए। इतना बोलकर मेघा, राहुल और जीनत
  3665. 2:54:27वहां से चले गए। उनके जाते ही मेघना ने
  3666. 2:54:30शिप्रा से हल्के स्वर में कहा। हम
  3667. 2:54:33तुम्हारी ननद तो बहुत प्यारी है। मुझे
  3668. 2:54:36उम्मीद नहीं थी कि तुम्हारे पति की ऐसी
  3669. 2:54:39कोई बहन भी होगी।
  3670. 2:54:42इस पर शिप्रा हल्का सा मुस्कुराई और बोली,
  3671. 2:54:45एक्चुअली यह मेरे पति की अपनी सगी बहन
  3672. 2:54:48नहीं उसकी मुंह बोली बहन है। इसकी पढ़ाई
  3673. 2:54:50लिखाई का पूरा खर्च वही उठा रहे हैं
  3674. 2:54:53क्योंकि इसके दादाजी ने उसके बुरे वक्त
  3675. 2:54:56में उसकी बहुत मदद की थी। शिप्रा की बात
  3676. 2:54:59सुनकर मेघना का मुंह आश्चर्य से खुल गया
  3677. 2:55:02और वो बोल उठी। तुमने क्या कहा? यह
  3678. 2:55:06तुम्हारी असली ननद नहीं है और इसकी पढ़ाई
  3679. 2:55:09का सारा खर्च तुम्हारा पति उठा रहा है।
  3680. 2:55:12उसने हैरानी से सवाल किया। मुझे समझ नहीं
  3681. 2:55:16आ रहा। एक तरफ लोग तुम्हारे पति को भिखारी
  3682. 2:55:18कहते हैं और दूसरी तरफ वो अपनी मुंह बोली
  3683. 2:55:21बहन की पूरी जिम्मेदारी उठा रहा है। हम सच
  3684. 2:55:26कहूं तो अब मेरी उससे मिलने की इच्छा और
  3685. 2:55:28बढ़ गई है। लेकिन कब आएगा वो?
  3686. 2:55:32मेघना की बात सुनकर शिप्रा का चेहरा उतर
  3687. 2:55:34गया। उसे खुद भी शौर्य के अब तक ना आने पर
  3688. 2:55:38गुस्सा आ रहा था। लेकिन उसने जवाब में कुछ
  3689. 2:55:40नहीं कहा। इसी बीच राधिका वहां आई और
  3690. 2:55:44शिप्रा को बर्थडे विश करते हुए बोली क्या
  3691. 2:55:46बात है शिप्रा? हमारे प्यारे जीजू अभी तक
  3692. 2:55:49दिखाई नहीं दे रहे। कहां रह गए?
  3693. 2:55:52तभी दूसरी तरफ से युविका भी वहां आ गई और
  3694. 2:55:55राधिका की बात में बात मिलाते हुए हंसते
  3695. 2:55:58हुए बोली। लगता है हमारी प्यारी बहन के
  3696. 2:56:01लिए गिफ्ट खरीदने में बिजी हो गए होंगे।
  3697. 2:56:04इसीलिए लेट हो रहे हैं। इतना कहते ही
  3698. 2:56:07युविका और राधिका दोनों हंस पड़ी। शिप्रा
  3699. 2:56:10ने जब देखा [संगीत] कि दोनों श्रवण के नाम
  3700. 2:56:12पर मजाक उड़ा रही हैं तो उसने भी हल्के
  3701. 2:56:15तंज के साथ जवाब दिया। चलो मुझे खुशी है
  3702. 2:56:18कि तुम्हें कम से कम मेरी इतनी चिंता तो
  3703. 2:56:21है। बाकी जब मेरे पति आएंगे तो मैं उन्हें
  3704. 2:56:24बता दूंगी कि तुम दोनों बहुत बेसब्री से
  3705. 2:56:26उनका इंतजार कर रही थी।
  3706. 2:56:29शिप्रा की बात सुनकर दोनों ने मुंह बना
  3707. 2:56:32लिया। तभी युविका की नजर दरवाजे पर पड़ी
  3708. 2:56:36और वह हैरानी से बोल उठी।
  3709. 2:56:39ओह माय गॉड मुझे नहीं पता था कि आज की
  3710. 2:56:42पार्टी में यह महाशय भी इनवाइटेड हैं।
  3711. 2:56:45लगता है आज कुछ नया तमाशा देखने को
  3712. 2:56:48मिलेगा।
  3713. 2:56:50युविका की बात सुनकर शिप्रा ने भी उस दिशा
  3714. 2:56:52में नजर घुमाई। तभी उसने देखा कि हॉल के
  3715. 2:56:56भीतर धर्मवीर रायजादा और विहान रायजादा
  3716. 2:56:59प्रवेश कर रहे थे। उन्हें वहां देखकर
  3717. 2:57:02शिप्रा खुद भी हैरान रह गई। उसे बिल्कुल
  3718. 2:57:04उम्मीद [संगीत] नहीं थी कि उसके पापा ने
  3719. 2:57:06इन दोनों को भी पार्टी में बुलाया होगा।
  3720. 2:57:09उन दोनों को देखते ही उसके चेहरे का रंग
  3721. 2:57:12उड़ गया। साथ ही उसे अपने पापा पर भी
  3722. 2:57:15गुस्सा आया कि आखिर उन्होंने इन लोगों को
  3723. 2:57:17बुलाया ही क्यों? मेघना ने शिप्रा के
  3724. 2:57:20चेहरे के बदलते भाव देखे और तुरंत पूछ
  3725. 2:57:23लिया। क्या हुआ तुम्हें? तुम्हारे चेहरे
  3726. 2:57:26का रंग क्यों उड़ गया?
  3727. 2:57:29कहते हुए उसने भी शिप्रा की नजर का पीछा
  3728. 2:57:31किया और धर्मवीर रायजादा तथा विहान
  3729. 2:57:34रायजादा को देखा। उन दोनों पर शिप्रा की
  3730. 2:57:37टिकी हुई नजर देखकर मेघना ने सवाल किया
  3731. 2:57:40आखिर कौन है ये दोनों जिन्हें देखकर
  3732. 2:57:43तुम्हारे चेहरे का रंग उड़ गया।
  3733. 2:57:46शिप्रा ने उन पर अपनी नजरें गड़ाए हुए कहा
  3734. 2:57:49यह हैं धर्मवीर रायजादा और विहान रायजादा।
  3735. 2:57:53यह वही विहान है जिससे मेरी शादी होने
  3736. 2:57:56वाली थी और शादी वाले दिन ही यह मुझे मंडप
  3737. 2:57:59में छोड़कर भाग गया था। मेघना ने जैसे ही
  3738. 2:58:03शिप्रा की बात सुनी और समझा कि यह वही
  3739. 2:58:05शख्स है जिसके कारण शिप्रा की शादी एक
  3740. 2:58:08भिखारी से हो गई तो उसके चेहरे पर भी
  3741. 2:58:10दोनों के प्रति घृणा झलकने लगी। वो धीमे
  3742. 2:58:14स्वर में बोल उठी।
  3743. 2:58:16आखिर मौसा जी को क्या जरूरत थी ऐसे घटिया
  3744. 2:58:19लोगों को इस पार्टी में इनवाइट करने की?
  3745. 2:58:22यह सचमुच अच्छा नहीं है।
  3746. 2:58:26जरूर दादाजी विहान के पापा के साथ कोई काम
  3747. 2:58:29शुरू करने जा रहे होंगे। इसी कारण वो
  3748. 2:58:31व्यक्ति इनवाइटेड है। नहीं तो ऐसा कोई
  3749. 2:58:34कारण नहीं है कि उस व्यक्ति को इस पार्टी
  3750. 2:58:36में बुलाया गया होता। कहते हुए शिप्रा के
  3751. 2:58:39चेहरे पर अपने पापा के लिए साफ-साफ
  3752. 2:58:42नाराजगी देखी जा सकती थी। तभी शिप्रा ने
  3753. 2:58:45देखा [संगीत] कि उसके पापा आगे बढ़कर
  3754. 2:58:47धर्मवीर रायजादा और विहान रायजादा का
  3755. 2:58:50स्वागत कर रहे थे। उसके बाद उसके पापा
  3756. 2:58:53धर्मवीर रायजादा को लेकर उसके दादाजी की
  3757. 2:58:56तरफ चले गए। जबकि विहान रायजादा अपनी जगह
  3758. 2:58:59पर खड़ा होकर शिप्रा की तरफ देखने लगा और
  3759. 2:59:02फिर उसकी ओर बढ़ गया। उसके हाथ में एक
  3760. 2:59:06गिफ्ट का पैकेट भी था। विहान को अपनी तरफ
  3761. 2:59:09आते देखकर शिप्रा के चेहरे पर नाराजगी के
  3762. 2:59:12भाव थे। पर वो विहान को अपने पास आने से
  3763. 2:59:15रोक नहीं सकती थी। जैसे ही राधिका और
  3764. 2:59:18युविका की नजर विहान पर पड़ी जो शिप्रा की
  3765. 2:59:21ओर बढ़ रहा था। युविका ने राधिका को इशारा
  3766. 2:59:24किया और बोली
  3767. 2:59:26हमें शायद यहां से दूर चले जाना चाहिए
  3768. 2:59:29क्योंकि लगता है पुराने लव बर्ड्स अभी
  3769. 2:59:31मिलने वाले हैं। हां
  3770. 2:59:34तो इन्हें थोड़ा सा प्राइवेसी देना तो
  3771. 2:59:36बनता है।
  3772. 2:59:38इतना बोलकर वे दोनों मुस्कुराती हुई वहां
  3773. 2:59:41से चली गई। शिप्रा ने युविका की बात सुनी
  3774. 2:59:44तो उसे अपने शरीर पर चींटियां रेंगती हुई
  3775. 2:59:47सी महसूस हुई। विहान को अपनी तरफ आते
  3776. 2:59:50देखकर उसका मन किया कि वो सब कुछ छोड़कर
  3777. 2:59:53वहां से दूर भाग जाए। पर इस समय वो ऐसा कर
  3778. 2:59:56नहीं सकती थी। उसने खुद को विहान का सामना
  3779. 2:59:59करने के लिए तैयार किया और उसके पास आने
  3780. 3:00:02का इंतजार करने लगी। आखिर वो पल आ ही गया
  3781. 3:00:06जब विहान उसके पास पहुंचा। वो अपने चेहरे
  3782. 3:00:09पर एक प्यारी मुस्कान लाते हुए बोला
  3783. 3:00:13वेरी वेरी हैप्पी रिटर्न्स ऑफ द डे।
  3784. 3:00:15हैप्पी बर्थडे डिअर। यह छोटा सा गिफ्ट
  3785. 3:00:17तुम्हारे लिए। इतना कहकर विहान ने अपने
  3786. 3:00:21हाथ का गिफ्ट शिप्रा की तरफ बढ़ाया।
  3787. 3:00:24शिप्रा ने विहान के हाथ से गिफ्ट लेने का
  3788. 3:00:26कोई भी प्रयास नहीं किया। जब विहान ने
  3789. 3:00:29देखा कि शिप्रा ने गिफ्ट लेने के लिए अपना
  3790. 3:00:32हाथ नहीं बढ़ाया तो वह बेबसी भरे स्वर में
  3791. 3:00:35बोल उठा। मैं समझता हूं कि तुम मुझसे
  3792. 3:00:38नाराज हो। पर मुझे लगता है जब तुम्हें
  3793. 3:00:41मेरा पक्ष पता चलेगा तो शायद तुम्हारी
  3794. 3:00:44नाराजगी दूर हो जाएगी। इतने में मेघना
  3795. 3:00:47विहान से गुस्से भरे स्वर में बोल पड़ी।
  3796. 3:00:50हम मानना पड़ेगा। तुम बहुत बड़े बेशर्म
  3797. 3:00:54हो। तभी तुमने यहां आने की हिम्मत की।
  3798. 3:00:57किसी की जिंदगी बर्बाद करने के बाद उसके
  3799. 3:01:00सामने आकर यह बोलने की कि उसकी नाराजगी
  3800. 3:01:02जायज है। तुम्हें क्या लगता है? बस इतना
  3801. 3:01:06बोल दिया और सारी गलती माफ।
  3802. 3:01:09मेघना की बात सुनकर विहान उसकी तरफ देखने
  3803. 3:01:12लगा। वो मेघना को नहीं जानता था। इसीलिए
  3804. 3:01:15उसके चेहरे पर उसे जानने का प्रयास झलकने
  3805. 3:01:18लगा। उसने मेघना से कहा सॉरी मुझे पता
  3806. 3:01:21नहीं है कि आप कौन है। अगर आप मुझे बता
  3807. 3:01:24देंगी तो शायद मैं आपके सामने खुद को
  3808. 3:01:27बेहतर तरीके से पेश कर सकूं।
  3809. 3:01:30मेघना का मन किया कि वह विहान का मुंह नोच
  3810. 3:01:33ले। पर उसने जितने सभ्य तरीके से उससे बात
  3811. 3:01:35की उससे उसे अपने बारे में बताना पड़ा। वो
  3812. 3:01:38बोली
  3813. 3:01:40मैं मेघना हूं शिप्रा की मौसेरी बहन।
  3814. 3:01:44अच्छा तो आप मेघना हैं। मैंने आपके बारे
  3815. 3:01:47में शिप्रा से बहुत कुछ सुना है। आपसे
  3816. 3:01:50मिलकर बहुत खुशी हुई। [संगीत]
  3817. 3:01:54विहान खुश होकर बोला। फिर उसने अपनी बात
  3818. 3:01:57जारी रखते हुए कहा। मैं आपकी नाराजगी को
  3819. 3:02:00समझ सकता हूं। मैंने काम ही ऐसा किया है।
  3820. 3:02:03मेरे कारण ऐसा हो गया जिसे मैं चाहकर भी
  3821. 3:02:06बदल नहीं सकता। पर मैंने यह अपनी खुशी से
  3822. 3:02:09नहीं किया। मैं किन हालात में ऐसा करने को
  3823. 3:02:11मजबूर हुआ वो मैं आपको अभी बता नहीं सकता।
  3824. 3:02:15पर आप समझ नहीं सकती कि उसके बाद मेरी
  3825. 3:02:17क्या हालत हुई है। जिससे मैं इतना प्यार
  3826. 3:02:20करता था या यह कहिए कि करता हूं। जब उसको
  3827. 3:02:24मेरी सबसे ज्यादा जरूरत थी, मैं उसकी मदद
  3828. 3:02:27ना कर सका।
  3829. 3:02:29इतना बोलकर वो दो पल रुका। फिर कहने लगा,
  3830. 3:02:34"यह मेरे लिए शर्म से डूब मरने वाली बात
  3831. 3:02:36थी। आपको नहीं पता। मैं ऐसे डिप्रेशन में
  3832. 3:02:39चला गया था कि मैंने सुसाइड तक करने की
  3833. 3:02:41कोशिश की थी। पर जब मेरे पापा ने मुझे यह
  3834. 3:02:44विश्वास दिलाया कि अभी भी ज्यादा देर नहीं
  3835. 3:02:47हुई है। तुम्हारी जिंदगी तुम्हें वापस मिल
  3836. 3:02:50सकती है। तब जाकर मेरी स्थिति कुछ ठीक
  3837. 3:02:52हुई।
  3838. 3:02:54विहान ने यह बातें इतनी शराफत और भावुकता
  3839. 3:02:57से कही कि मेघना को विश्वास नहीं हुआ कि
  3840. 3:03:00यह लड़का शिप्रा को धोखा दे सकता है। उसे
  3841. 3:03:03लगा जरूर कोई बहुत मुश्किल स्थिति रही
  3842. 3:03:05होगी जिसके कारण इसे शादी का मंडप छोड़कर
  3843. 3:03:08जाना पड़ा होगा। इसीलिए जो मेघना थोड़ी
  3844. 3:03:11देर पहले विहान से नफरत कर रही थी। अब
  3845. 3:03:14उसके दिल में विहान के लिए थोड़ी
  3846. 3:03:16सहानुभूति पैदा होने लगी। वहीं शिप्रा
  3847. 3:03:19विहान की बातें सुन रही थी और उसे गुस्सा
  3848. 3:03:22भी आ रहा था। पर सबसे बड़ी बेवकूफ तो
  3849. 3:03:24मेघना थी जिसे उसकी बातों पर विश्वास होता
  3850. 3:03:27हुआ लग रहा था। वहीं जब शिप्रा ने विहान
  3851. 3:03:31की बातें सुनी तो वो चिढ़ गई और बोल उठी
  3852. 3:03:35वैसे अब यह सब बातें करने का क्या मतलब
  3853. 3:03:37हुआ? यह बातें अभी बोलकर तुम जताना क्या
  3854. 3:03:41चाहते हो?
  3855. 3:03:43शिप्रा की बात सुनकर विहान को सफाई देने
  3856. 3:03:45का मौका मिल गया। वो शिप्रा के पास आया और
  3857. 3:03:48उससे कहने लगा मैं बहुत समय से तुम्हें
  3858. 3:03:51अपनी स्थिति समझाना चाहता था लेकिन हिम्मत
  3859. 3:03:54नहीं हो रही थी। अब जाकर मैं तुम्हारे
  3860. 3:03:57सामने आकर सफाई दे पा रहा हूं। शादी वाली
  3861. 3:04:00रात मुख्तार भाई ने मेरे परिवार को अगवा
  3862. 3:04:03कर लिया था। इसीलिए मैं मंडप तक नहीं
  3863. 3:04:06पहुंच सका। उसके बाद मैं डिप्रेशन में चला
  3864. 3:04:09गया और बड़ी मुश्किल से उससे बाहर आया।
  3865. 3:04:14अब मैंने तय किया है कि मैं तुम्हारी
  3866. 3:04:16जिंदगी यूं बर्बाद नहीं होने दूंगा।
  3867. 3:04:20इस पर शिप्रा गुस्से में विहान से बोली
  3868. 3:04:23अच्छा तो बताओ कैसे बचाओगे मेरी जिंदगी
  3869. 3:04:26तुम? मैं भी तो सुनूं कि तुम्हारा अब मेरी
  3870. 3:04:29जिंदगी बचाने का क्या प्लान है?
  3871. 3:04:32विहान ने शिप्रा के कंधों को दोनों हाथों
  3872. 3:04:35से पकड़ते हुए समझाया। शिप्रा अभी भी कुछ
  3873. 3:04:38नहीं बिगड़ा है। मैं तुमसे बहुत प्यार
  3874. 3:04:41करता हूं। हम अभी भी शादी कर सकते हैं।
  3875. 3:04:45इस पर शिप्रा ने तंज भरे स्वर में पूछा
  3876. 3:04:47बहुत बढ़िया और जो मेरी शादी हो चुकी है
  3877. 3:04:50उसका क्या?
  3878. 3:04:53विहान अपनी बातों पर जोर देता हुआ बोला
  3879. 3:04:57उसको तुम शादी कहती हो। वो कोई शादी नहीं
  3880. 3:05:00थी। वो एक जबरदस्ती थी और ना मैं उसे
  3881. 3:05:03मानता हूं और ना ही तुम्हें उसे मानने की
  3882. 3:05:05जरूरत है।
  3883. 3:05:07मेघना उन दोनों के पास ही खड़ी थी। उसे
  3884. 3:05:10समझ नहीं आ रहा था लेकिन भीतर से उसे
  3885. 3:05:13विहान की बातों में सच्चाई महसूस हो रही
  3886. 3:05:15थी। उसे लग रहा था कि विहान सच में शिप्रा
  3887. 3:05:18से बहुत प्यार करता है। लेकिन शिप्रा को
  3888. 3:05:21उसकी एक भी बात पर भरोसा नहीं था। उसे साफ
  3889. 3:05:25पता था कि विहान जो कह रहा था वो पूरी तरह
  3890. 3:05:28झूठ है। शादी वाली रात मुख्तार भाई ने
  3891. 3:05:31उसके परिवार को सिर्फ धमकाया था। किसी को
  3892. 3:05:34अगवा नहीं किया गया था। शिप्रा के पापा
  3893. 3:05:36राजदीप राय ने उसके बर्थडे का भव्य
  3894. 3:05:39सेलिब्रेशन मिलेनियम होटल में ऑर्गेनाइज
  3895. 3:05:41तो कर दिया था लेकिन शिप्रा को इस सब से
  3896. 3:05:44कोई खास खुशी नहीं थी फिर भी वह अपने पापा
  3897. 3:05:47का दिल रखने के लिए बेहद खूबसूरत ड्रेस
  3898. 3:05:49पहनकर पार्टी में सबका अभिवादन कर रही थी
  3899. 3:05:52साथ ही उसकी नजर शौर्य को ही ढूंढ रही थी।
  3900. 3:05:56शौर्य के इस कदर देर करने से शिप्रा को अब
  3901. 3:05:59गुस्सा आने लगा था।
  3902. 3:06:01खैर शौर्य तो आया नहीं लेकिन इसी बीच
  3903. 3:06:04पार्टी में विहान रायजादा को देखकर शिप्रा
  3904. 3:06:07का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
  3905. 3:06:10विहान की चिकनी चुपड़ी बातें शिप्रा से
  3906. 3:06:12सहन नहीं हो रही थी और वो तुरंत बोल पड़ी
  3907. 3:06:16तुम यहां क्या करने आए हो विहान?
  3908. 3:06:19शिप्रा का रूखा व्यवहार देखकर विहान अपने
  3909. 3:06:22चेहरे पर उदासी के भाव लाकर बोला यह तुम
  3910. 3:06:25कैसी बातें कर रही हो शिप्रा? ऑफकोर्स मैं
  3911. 3:06:27तुम्हारे बर्थडे पर तुम्हें विश करने आया
  3912. 3:06:29हूं। और दरअसल मैं वो कुछ बातें भी करना
  3913. 3:06:32चाहता हूं जो बिगड़े हालातों के कारण मैं
  3914. 3:06:35अब तक तुमसे नहीं कह पाया। मैं अपनी गलती
  3915. 3:06:38की वजह [संगीत] से तुम्हारी जिंदगी को
  3916. 3:06:40बर्बाद नहीं होने दे सकता। मुझे तुम्हारी
  3917. 3:06:43फिक्र है शिप्रा।
  3918. 3:06:45इस पर शिप्रा ने कड़े शब्दों में विहान को
  3919. 3:06:48जवाब दिया। बहुत खूब। बहुत जल्दी तुम्हें
  3920. 3:06:51ध्यान आ गया कि मेरी जिंदगी बर्बाद हो गई
  3921. 3:06:53है और अब तुम्हें मेरी फिक्र भी होने लगी।
  3922. 3:06:57पर मिस्टर विहान रायजादा मैं तुम्हें साफ
  3923. 3:06:59कह दूं कि सही मायनों में मेरी जिंदगी तो
  3924. 3:07:02अब जाकर पटरी पर आई है और मैं अपनी इस
  3925. 3:07:04जिंदगी में बहुत खुश हूं। इसीलिए मेरी
  3926. 3:07:07लाइफ में वापस आने की बात तो तुम भूल ही
  3927. 3:07:10जाओ। इतना कहकर वो थोड़ा रुकी और फिर बोली
  3928. 3:07:15मेरी जिंदगी में तुम्हारी वापसी के सारे
  3929. 3:07:17रास्ते बंद हो चुके हैं। इसीलिए भूल कर भी
  3930. 3:07:20ऐसी कोई कोशिश मत करना। मेरे बर्थडे पर आए
  3931. 3:07:24हो तो कोई बात नहीं। अब आ ही गए हो तो
  3932. 3:07:27खाना खाकर जाना और प्लीज यह फालतू का
  3933. 3:07:30इमोशनल ड्रामा मेरे पास करने की कोई जरूरत
  3934. 3:07:33नहीं है।
  3935. 3:07:35शिप्रा की बातें सुनकर विहान को झटका सा
  3936. 3:07:38लगा। उसे उम्मीद नहीं थी कि उसे शिप्रा से
  3937. 3:07:41इस तरह का जवाब सुनने को मिलेगा।
  3938. 3:07:44उसने एक और कोशिश करते हुए कहा शिप्रा यह
  3939. 3:07:48तुम कैसी बातें कर रही हो? जो भी कुछ गलत
  3940. 3:07:51हुआ है वो सब सही हो जाएगा। तुम्हारे
  3941. 3:07:54दादाजी से हमारी बात हो चुकी है। उनका भी
  3942. 3:07:57मानना है कि सब ठीक हो जाएगा।
  3943. 3:08:00ओ तो इसका मतलब है कि तुम दादाजी की शय पर
  3944. 3:08:04मुझसे ऐसी बातें करने की हिम्मत कर रहे
  3945. 3:08:06हो। पर एक बात कान खोल कर सुन लो। मेरी
  3946. 3:08:10शादी पहले ही हो चुकी है और मैं अपनी शादी
  3947. 3:08:13से बहुत खुश हूं। इसीलिए तुम जिस उम्मीद
  3948. 3:08:16के साथ यहां आए हो उसे भूल जाओ। तुम जो
  3949. 3:08:19कुछ भी चाह रहे हो हमारे बीच वैसा कुछ
  3950. 3:08:22नहीं हो सकता है। जैसे ही शिप्रा ने अपनी
  3951. 3:08:24बात खत्म की उसकी नजर विहान से कुछ दूर
  3952. 3:08:28पीछे खड़े शौर्य पर पड़ी। शिप्रा को पता
  3953. 3:08:31ही नहीं चला कि इस बीच कब शौर्य वहां आकर
  3954. 3:08:33खड़ा हो गया था और वो उन दोनों की सारी
  3955. 3:08:36बातें सुन रहा था। सिर्फ शौर्य ही नहीं
  3956. 3:08:39बल्कि शिप्रा के आसपास खड़े उसके कई खास
  3957. 3:08:42रिश्तेदार भी उनकी बातचीत सुन चुके थे।
  3958. 3:08:46राधिका और युविका तो उन दोनों की बातें
  3959. 3:08:48सुनकर बहुत खुश हो रही थी। वो इस बर्थडे
  3960. 3:08:52पार्टी में ऐसा ही कोई मसाला चाहती थी।
  3961. 3:08:55शिप्रा की इस तरह की बात सुनकर विहान को
  3962. 3:08:58महसूस हुआ कि शायद उसने शिप्रा के सामने
  3963. 3:09:00यह बातें कहने में जल्दीबाजी कर दी। उसे
  3964. 3:09:04पहले अकेले में मिलकर शिप्रा को कन्विंस
  3965. 3:09:06करना चाहिए था। उसने स्थिति को संभालने की
  3966. 3:09:09कोशिश करते हुए कहा, "मैं तुम्हारे मन की
  3967. 3:09:12स्थिति समझ सकता हूं। शायद मैंने गलत जगह
  3968. 3:09:15और गलत वक्त पर तुमसे यह बातें कह दी। चलो
  3969. 3:09:18कोई बात नहीं, हम इस बारे में बाद में बात
  3970. 3:09:21करेंगे। अभी यह वक्त तुम्हारे लिए बहुत
  3971. 3:09:23प्रेशियस है। तो पहले हम इसे एंजॉय करते
  3972. 3:09:26हैं। शिप्रा विहान से अपनी बात को स्पष्ट
  3973. 3:09:30करते हुए बोली, "तुम बहुत ही बड़ी गलतफहमी
  3974. 3:09:33में जी रहे हो। मिस्टर विहान रायजादा।
  3975. 3:09:36मुझे तुमसे अब कोई बात करने में जरा सा भी
  3976. 3:09:40इंटरेस्ट नहीं है। ना अभी और ना ही आगे भी
  3977. 3:09:43कभी होगा। इसीलिए तुम्हारे लिए बस यही
  3978. 3:09:46अच्छा होगा कि तुम ऐसी कोई कोशिश ही मत
  3979. 3:09:48करो।
  3980. 3:09:50शिप्रा की बात सुनकर विहान को समझ आ गया
  3981. 3:09:53कि अभी उसका चुप हो जाना ही बेहतर है।
  3982. 3:09:56क्योंकि शिप्रा इस समय उसकी बात सुनने के
  3983. 3:09:58मूड में बिल्कुल भी नहीं थी। वहीं मेघना
  3984. 3:10:01को भी उम्मीद नहीं थी कि इन दोनों की बात
  3985. 3:10:04इतनी ज्यादा बढ़ जाएगी। उसने कभी सोचा भी
  3986. 3:10:07नहीं था कि शिप्रा के मन में विहान के लिए
  3987. 3:10:09इतना ज्यादा गुस्सा होगा। मेघना ने दोनों
  3988. 3:10:12के बीच में आने की कोशिश भी करनी चाही। पर
  3989. 3:10:15शिप्रा का गुस्सा देखकर उसने अपना इरादा
  3990. 3:10:17बदल दिया। उसी समय मेघना ने भी शौर्य को
  3991. 3:10:21देख लिया था। इसीलिए वह जल्दी से भागकर
  3992. 3:10:24शौर्य के पास पहुंची और उसका स्वागत किया।
  3993. 3:10:28शौर्य मेघना को अपने पास आते देखकर
  3994. 3:10:30[संगीत] थोड़ा नर्वस हो गया क्योंकि वह
  3995. 3:10:32समझ रहा था कि थोड़ी देर में मेघना के
  3996. 3:10:35सामने भी यह स्पष्ट हो जाएगा कि वही
  3997. 3:10:37शिप्रा का पति है और फिर मेघना का रिएक्शन
  3998. 3:10:40देखने लायक होगा।
  3999. 3:10:44शौर्य के हाथ में फूलों का एक गुलदस्ता
  4000. 3:10:46था। वो मेघना के साथ चलकर शिप्रा के पास
  4001. 3:10:49पहुंचा और फूलों का गुलदस्ता देते हुए
  4002. 3:10:52उसने शिप्रा को विश किया।
  4003. 3:10:55विश यू अ वेरी हैप्पी बर्थडे शिप्रा। मेनी
  4004. 3:10:58मेनी हैप्पी रिटर्न्स ऑफ द डे।
  4005. 3:11:00इतना बोलकर शौर्य ने विहान की तरफ देखा।
  4006. 3:11:04उसी समय विहान की नजर भी शौर्य पर गई। वो
  4007. 3:11:07शौर्य को देखते ही पहचान गया। उसके दिल
  4008. 3:11:10में तेज गुस्से की लहर दौड़ उठी। पर इस
  4009. 3:11:13वक्त उसने अपने गुस्से को पी लिया। वो
  4010. 3:11:17कंफ्यूज था। उसे समझ नहीं आया कि शौर्य
  4011. 3:11:20यहां क्या कर रहा है और वह शिप्रा को कैसे
  4012. 3:11:22जानता है।
  4013. 3:11:24वैसे वो शौर्य को यहां देखकर थोड़ा नर्वस
  4014. 3:11:27भी हो रहा था क्योंकि रुचि के मामले में
  4015. 3:11:30उसके जेल जाने की बात अभी आम नहीं हुई थी।
  4016. 3:11:33शौर्य के कारण यह बात सबके सामने आ सकती
  4017. 3:11:36थी। शौर्य को वहां देखकर उसके दिल में
  4018. 3:11:39उससे बदला लेने का ख्याल भी आया। यही
  4019. 3:11:42सोचकर वो शौर्य के पास पहुंचा और बोला
  4020. 3:11:46मुझे उम्मीद नहीं थी कि तुम मुझे यहां
  4021. 3:11:48देखोगे। मानना पड़ेगा। तुम बड़े बेशर्म हो
  4022. 3:11:52जो इस तरह की बड़ी पार्टी में मुंह उठाकर
  4023. 3:11:55चले आए हो और आए तो आए शिप्रा के लिए लाए
  4024. 3:11:58भी हो गुलदस्ता
  4025. 3:12:00क्यों क्या इससे बढ़िया कोई गिफ्ट तुम्हें
  4026. 3:12:03मिला नहीं लेकिन हां एक फटीचर से इससे
  4027. 3:12:07ज्यादा उम्मीद भी क्या की जा सकती है
  4028. 3:12:10मेघना ने जब विहान को शौर्य से इस तरह बात
  4029. 3:12:12करते देखा तो उसे बहुत गुस्सा आया वो
  4030. 3:12:15विहान पर भड़कते हुए बोली मिस्टर विहान
  4031. 3:12:19आपको यूं किसी की बेइज्जती करने का हक
  4032. 3:12:21किसने दे दिया? इसलिए आप श्रवण से तमीज से
  4033. 3:12:24बात करें। यही आपके लिए अच्छा होगा।
  4034. 3:12:28मेघना को शौर्य का पक्ष लेते देखकर विहान
  4035. 3:12:31समझ गया कि शौर्य शायद मेघना का गेस्ट है
  4036. 3:12:34और शायद उसी ने शौर्य को इस पार्टी में
  4037. 3:12:36बुलाया है। इसीलिए शौर्य को लेकर कही गई
  4038. 3:12:40बातें मेघना को बुरी लग रही थी। विहान
  4039. 3:12:43मेघना की नजर में शौर्य को गिराने की
  4040. 3:12:45कोशिश करते हुए फिर बोला। मिस मेघना, मुझे
  4041. 3:12:49नहीं पता आप इस आदमी को कैसे जानती हैं।
  4042. 3:12:52पर यह बहुत ही घटिया आदमी है। आप तो इसे
  4043. 3:12:55फटीचर समझिए। आप देख रही हैं कि यह शिप्रा
  4044. 3:12:58के लिए गिफ्ट में सिर्फ एक गुलदस्ता लेकर
  4045. 3:13:01आया है। मेघना का गुस्सा विहान की बातों
  4046. 3:13:04से बढ़ता जा रहा था। उसने खुद को संयमित
  4047. 3:13:07करते हुए कहा,
  4048. 3:13:10"मिस्टर विहान, श्रवण शिप्रा को क्या
  4049. 3:13:12गिफ्ट देता है, इससे आपको क्या फर्क पड़ता
  4050. 3:13:15है? आप क्यों श्रवण के पीछे पड़े हुए हैं?
  4051. 3:13:18शिप्रा भी विहान की शौर्य के लिए कही गई
  4052. 3:13:21बातें सुन रही थी। उसकी बातों से उसका
  4053. 3:13:24गुस्सा भी बढ़ता जा रहा था। उसे देखकर लग
  4054. 3:13:27रहा था कि वह कभी भी विहान पर फट पड़ेगी।
  4055. 3:13:30पर उससे भी ज्यादा गुस्सा मेघना को आ रहा
  4056. 3:13:32था। क्योंकि उसे लग रहा था कि उसके ही
  4057. 3:13:35कहने पर शौर्य इस पार्टी में आया है और
  4058. 3:13:38विहान उसकी लगातार बेइज्जती कर रहा है। वो
  4059. 3:13:42एक बार फिर विहान पर भड़क कर बोली
  4060. 3:13:46मिस्टर विहान अगर आपने अब एक भी शब्द
  4061. 3:13:49श्रवण के खिलाफ बोला तो यह आपके लिए अच्छा
  4062. 3:13:52नहीं होगा।
  4063. 3:13:55शौर्य जो उन दोनों की बहस सुन रहा था
  4064. 3:13:57विहान की हालत देखकर उसके चेहरे पर
  4065. 3:14:00मुस्कान खिल रही थी। पर वो कुछ बोल नहीं
  4066. 3:14:02रहा था। जबकि शौर्य के चेहरे की शांति को
  4067. 3:14:05देखकर विहान का गुस्सा और भड़क रहा था। वो
  4068. 3:14:08किसी भी तरह शौर्य की बेइज्जती करना चाहता
  4069. 3:14:11था। इसी सोच के साथ उसने एक बार फिर मेघना
  4070. 3:14:15से कहा मिस मेघना आप शायद इस आदमी को नहीं
  4071. 3:14:18जानती। यह बहुत बड़ा धोखेबाज है। विहान की
  4072. 3:14:22यह बात सुनकर शिप्रा का गुस्सा सारी हदें
  4073. 3:14:25पार कर गया। वो शौर्य का हाथ पकड़ कर
  4074. 3:14:28विहान के सामने आकर बोली
  4075. 3:14:31विहान तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई? [संगीत]
  4076. 3:14:33मेरे पति की बेइज्जती करने की?
  4077. 3:14:36शिप्रा के मुंह से शौर्य के लिए पति शब्द
  4078. 3:14:39सुनकर विहान को जोर का झटका लगा। वो मुंह
  4079. 3:14:43दबाए शौर्य को देखता रह गया और वैसा ही
  4080. 3:14:47हाल मेघना का भी था। उसे भी यकीन नहीं हो
  4081. 3:14:50रहा था कि शिप्रा शौर्य के लिए मेरे पति
  4082. 3:14:53जैसा संबोधन क्यों कर रही है। उसे तो कुछ
  4083. 3:14:57समझ में ही नहीं आ रहा था कि आखिर श्रवण
  4084. 3:15:00शिप्रा का पति कब से हो गया। उसे लगा कि
  4085. 3:15:03कहीं शिप्रा विहान को जलाने के लिए ही तो
  4086. 3:15:06श्रवण को अपना पति नहीं कह रही। उसने अपने
  4087. 3:15:09मन को तसल्ली दी। हां, जरूर यही बात होगी।
  4088. 3:15:13शिप्रा सिर्फ विहान को जलाने के लिए ही
  4089. 3:15:16श्रवण को अपना पति कह रही है।
  4090. 3:15:19विहान को विश्वास नहीं हो रहा था कि यह
  4091. 3:15:21आदमी शिप्रा का पति कैसे हो सकता है। उसे
  4092. 3:15:25अच्छे से पता था कि शिप्रा की शादी किसी
  4093. 3:15:28भिखारी के साथ हुई थी और शौर्य को वह पहले
  4094. 3:15:31से जानता था। श्रवण तो विक्रम के लिए काम
  4095. 3:15:34करता था। इसका मतलब वह कहीं से भी भिखारी
  4096. 3:15:37तो नहीं हो सकता है। बल्कि उसकी नजर में
  4097. 3:15:40तो श्रवण एक अच्छा खासा पावरफुल आदमी था।
  4098. 3:15:43श्रवण की वजह से ही उसे गजराज सोलंकी के
  4099. 3:15:46साथ जेल भी जाना पड़ा था। यह काम किसी
  4100. 3:15:50भिखारी का तो हो नहीं सकता। फिर वो कैसे
  4101. 3:15:53मान सकता था कि श्रवण शिप्रा का पति है?
  4102. 3:15:56उसे लगा कि शिप्रा जरूर उसे टालने के लिए
  4103. 3:15:59ऐसा बोल रही है। इसीलिए उसने ठहाका लगाते
  4104. 3:16:02हुए कहा [हंसी]
  4105. 3:16:04तुम क्या मुझे बेवकूफ समझती हो? क्या मुझे
  4106. 3:16:07नहीं पता है कि मुख्तार भाई ने तुम्हारी
  4107. 3:16:09शादी जबरदस्ती भिखारी के साथ करवा दी थी।
  4108. 3:16:12और यह श्रवण किस एंगल से भिखारी लग रहा
  4109. 3:16:14है? इसे तो मैं अच्छे से जानता हूं। इसे
  4110. 3:16:17मैं भूलना भी चाहूं तो भूल नहीं सकता।
  4111. 3:16:20तुम्हें अगर किसी को पति बताना ही था तो
  4112. 3:16:22कम से कम ऐसे शख्स को मेरे सामने लाती
  4113. 3:16:25जिसे मैं नहीं जानता। विहान की बात सुनकर
  4114. 3:16:28शिप्रा हैरान हो गई। वो सोचने लगी कि
  4115. 3:16:31विहान शौर्य को कैसे जानता है और इस बात
  4116. 3:16:34का क्या मतलब हुआ कि वो उसे भूलना भी चाहे
  4117. 3:16:36तो भूल नहीं सकता। यानी दोनों के बीच में
  4118. 3:16:39पहले से ही कोई कड़वाहट है।
  4119. 3:16:42इस बात ने उसका शौर्य के लिए सोचने का
  4120. 3:16:45नजरिया भी बदल दिया। आखिर यह आदमी इतना
  4121. 3:16:48मिस्टीरियस क्यों है? ऐसा क्या है इसमें
  4122. 3:16:51जो मुझे नहीं पता है?
  4123. 3:16:54शिप्रा को अपने ख्यालों में गुम देखकर
  4124. 3:16:56विहान फिर से बोला क्या हुआ? अब तुम्हें
  4125. 3:17:00समझ नहीं आ रहा है कि अब क्या नया झूठ
  4126. 3:17:02बोलूं। देखो मैं सच कह रहा हूं। मैं सच
  4127. 3:17:05में तुम्हें बहुत पसंद करता हूं। प्यार
  4128. 3:17:08करता हूं। इसीलिए तुम अपनी जिद छोड़कर एक
  4129. 3:17:11बार अपने और अपने परिवार के बारे में
  4130. 3:17:13सोचो।
  4131. 3:17:14शिप्रा का तो मन किया कि वो अपना सिर पीट
  4132. 3:17:17ले। उसे समझ नहीं आया कि वो कैसे इस
  4133. 3:17:20बेवकूफ को समझाए कि शौर्य ही उसका पति है।
  4134. 3:17:24दूसरी तरफ मेघना जो शिप्रा के पास ही खड़ी
  4135. 3:17:27थी। जब उसने देखा कि विहान ने शिप्रा का
  4136. 3:17:29झूठ पकड़ लिया है तो उसने शिप्रा के कान
  4137. 3:17:32में फुसफुसाया।
  4138. 3:17:34तुम्हें क्या जरूरत थी इस तरह झूठ बोलने
  4139. 3:17:36की? जो कोई भी बड़े आराम से पकड़ ले।
  4140. 3:17:41मेघना की बात ने तो शिप्रा को और भी
  4141. 3:17:44परेशान कर दिया। अब उसे समझ नहीं आ रहा था
  4142. 3:17:47कि वह मेघना को कैसे बताए कि शौर्य ही
  4143. 3:17:50उसका पति है। शिप्रा की बर्थडे पार्टी में
  4144. 3:17:53विहान, शौर्य, शिप्रा और मेघना सभी
  4145. 3:17:57आमने-सामने थे। प्यार का ढोंग करते विहान
  4146. 3:18:00को देखकर शिप्रा का गुस्सा सातवें आसमान
  4147. 3:18:03पर पहुंच गया था। तैश में आकर जब विहान
  4148. 3:18:06शौर्य की बेइज्जती करने की कोशिश करता है
  4149. 3:18:09तो उसके बचाव में शिप्रा सबके सामने शौर्य
  4150. 3:18:12को अपना पति कहकर संबोधित करती है। एक पल
  4151. 3:18:15के लिए सबको एक झटका सा लगता है। लेकिन
  4152. 3:18:17फिर विहान समझता है कि शिप्रा उसे पार्टी
  4153. 3:18:20से भगाने के लिए झूठ बोल रही है। मेघना का
  4154. 3:18:23भी यही सोचना था। इसीलिए वो शिप्रा से
  4155. 3:18:26बोली। तुम्हें क्या जरूरत थी इस तरह झूठ
  4156. 3:18:29बोलने की? जिसे कोई भी बड़े आराम से पकड़
  4157. 3:18:32ले।
  4158. 3:18:34वहीं शौर्य अपनी जगह पर खड़ा इन सब बातों
  4159. 3:18:36को सुन रहा था और स्थिति को भली-भांति समझ
  4160. 3:18:39रहा था। उसे इस बात से कोई फर्क नहीं
  4161. 3:18:42पड़ता कि विहान उसके बारे में क्या बोल
  4162. 3:18:44रहा है या मेघना उसके बारे में क्या सोच
  4163. 3:18:46रही है। तभी शिप्रा ने सोचा उसे क्या
  4164. 3:18:50जरूरत है कुछ भी साबित करने की? अब विहान
  4165. 3:18:54उसके लिए मैटर ही नहीं करता। इसीलिए वो
  4166. 3:18:56विहान से रूखे स्वर में बोली। तुम क्या
  4167. 3:18:59मानते हो या क्या नहीं मानते हो यह मेरी
  4168. 3:19:02हेडेक नहीं है। तुम्हें जो सोचना है सोचते
  4169. 3:19:04रहो। मुझे तुम्हारे सामने कुछ भी साबित
  4170. 3:19:07करने की जरूरत नहीं है। और अब पार्टी में
  4171. 3:19:10आ ही गए हो तो अपना खाओ पियो और अपने घर
  4172. 3:19:13जाओ। शिप्रा का रिएक्शन देखकर विहान समझ
  4173. 3:19:17गया कि अभी शिप्रा को कुछ भी कहने का कोई
  4174. 3:19:19फायदा नहीं है। इसीलिए वो इस बारे में बाद
  4175. 3:19:22में शिप्रा से बात करेगा। यह सोचकर उसने
  4176. 3:19:25शौर्य को इग्नोर किया और शिप्रा से कहा
  4177. 3:19:29मैं समझता हूं तुम्हारा मूड अभी ठीक नहीं
  4178. 3:19:32है। और शायद यह सही समय भी नहीं है इस तरह
  4179. 3:19:36की बात करने का। इसीलिए हम इस बारे में
  4180. 3:19:38बाद में बात करेंगे। अभी हम तुम्हारे
  4181. 3:19:41बर्थडे पर फोकस करते हैं। तुम मेरा गिफ्ट
  4182. 3:19:44खोलकर तो देखो मैं तुम्हारे लिए क्या लाया
  4183. 3:19:47हूं। इतना बोलकर वो खुद ही अपना गिफ्ट
  4184. 3:19:50खोलने लगा। युविका और राधिका जो वहीं पर
  4185. 3:19:53खड़ी इन सब बातों को सुन रही थी वो समझ गई
  4186. 3:19:56थी कि विहान शौर्य की सच्चाई नहीं जानता
  4187. 3:19:59है। इसीलिए वो ऐसी बातें कर रहा है। तभी
  4188. 3:20:02युविका के मन में कुछ शरारत सूझी और वो
  4189. 3:20:05विहान के पास आकर बोली
  4190. 3:20:08और विहान आप कैसे हो?
  4191. 3:20:11आप ऐसा क्या गिफ्ट लाए हो शिप्रा के लिए
  4192. 3:20:13जो आप उसको दिखाने के लिए इतनी जल्दीबाजी
  4193. 3:20:16कर रहे हो?
  4194. 3:20:19राधिका और युविका ने जानबूझकर शौर्य की
  4195. 3:20:22सच्चाई विहान के सामने जाहिर नहीं की। वे
  4196. 3:20:25समझ रही थी कि अगर उन्होंने शौर्य का राज
  4197. 3:20:27विहान के सामने खोल दिया तो फिर विहान का
  4198. 3:20:30बर्ताव बदल जाएगा। विहान युविका की बात
  4199. 3:20:33सुनकर खुश होता हुआ बोला ये लो आप भी देखो
  4200. 3:20:37और बताओ कि शिप्रा का गिफ्ट कैसा है? इतना
  4201. 3:20:40बोलकर उसने बॉक्स को खोला और उसके हाथ में
  4202. 3:20:43एक खूबसूरत पेंडेंट चमकने लगा। युविका ने
  4203. 3:20:46देखा सचमुच ये पेंडेंट खूबसूरत था और उसने
  4204. 3:20:50अंदाजा लगाया तो उसे इस पेंडेंट की कीमत
  4205. 3:20:52लाखों में लगी। उसने तारीफ भरे स्वर में
  4206. 3:20:56विहान से कहा अरे वाह यह तो बहुत ही
  4207. 3:21:00खूबसूरत है और महंगा भी लगता है। आपने तो
  4208. 3:21:03सचमुच शिप्रा को बहुत ही खूबसूरत गिफ्ट
  4209. 3:21:06दिया है। जबकि जिस श्रवण को शिप्रा अपना
  4210. 3:21:09पति कह रही है वो देखो एक गुलदस्ता लेकर
  4211. 3:21:12आया है उसके लिए।
  4212. 3:21:14फिर युविका कुटिल मुस्कान के साथ शौर्य से
  4213. 3:21:17बोली
  4214. 3:21:18क्या श्रवण इतनी कंजूसी करना ठीक नहीं है
  4215. 3:21:22क्या एक गुलदस्ते से अपना काम चलाना चाहते
  4216. 3:21:25हो कुछ तो इस दिन का ख्याल करते आज शिप्रा
  4217. 3:21:28का बर्थडे है और इसके बर्थडे में तुम
  4218. 3:21:31सिर्फ एक गुलदस्ता लेकर आए हो हम मुझे तो
  4219. 3:21:34शिप्रा के ऊपर तरस आ रहा है पर इसमें तुम
  4220. 3:21:38भी क्या कर सकते हो हां तुम भी तो अपनी
  4221. 3:21:41औकात के हिसाब से ही कुछ लाओगे
  4222. 3:21:44युविका की बात सुनकर मेघना परेशान होने
  4223. 3:21:46लगी। उसे समझ नहीं आ रहा था कि यह युविका
  4224. 3:21:50श्रवण के पीछे क्यों पड़ी हुई है? क्या इन
  4225. 3:21:52दोनों की श्रवण से कोई पुरानी दुश्मनी है?
  4226. 3:21:55जो इस पल उससे बदला ले रही है। अभी वो
  4227. 3:21:59उनके बीच में कुछ बोलने की सोच ही रही थी
  4228. 3:22:02कि तभी वहां पर राहुल आ गया। वो शायद यहां
  4229. 3:22:05पर शौर्य को देखकर ही आया था। लेकिन उसे
  4230. 3:22:07नहीं पता था कि यहां क्या चल रहा है।
  4231. 3:22:11राहुल शौर्य के पास पहुंचते ही शिकायती
  4232. 3:22:13लहजे में बोला क्या जीजू आपने तो आज यहां
  4233. 3:22:17आने में देर कर दी। दादाजी भी आपके बारे
  4234. 3:22:20में पूछ रहे थे। अब जाकर आपको फुर्सत मिली
  4235. 3:22:23है। राहुल की बात सुनते ही विहान और मेघना
  4236. 3:22:27दोनों के एक्सप्रेशन बदल गए। उन्हें राहुल
  4237. 3:22:30से शौर्य के लिए ऐसी बात सुनने की उम्मीद
  4238. 3:22:33नहीं थी।
  4239. 3:22:34मेघना तो हैरानी से कभी शौर्य को तो कभी
  4240. 3:22:37राहुल को देख रही थी। वो सोचने को मजबूर
  4241. 3:22:40थी कि क्या वो कोई सपना देख रही है। वहीं
  4242. 3:22:43दूसरी तरफ विहान जिसे शिप्रा की बात पर
  4243. 3:22:45यकीन नहीं हुआ था। लेकिन अब राहुल की बात
  4244. 3:22:48सुनने के बाद वो भी कभी राहुल को तो कभी
  4245. 3:22:51शौर्य को देख रहा था। एक बार को तो विहान
  4246. 3:22:54के दिमाग में यह बात भी आई कि कहीं ऐसा तो
  4247. 3:22:57नहीं है कि शिप्रा ने उस भिखारी से तलाक
  4248. 3:23:00लेने के बाद शौर्य से शादी कर ली हो। पर
  4249. 3:23:03फिर उसने खुद ही अपने विचार को झटक दिया।
  4250. 3:23:06नहीं ऐसा कैसे हो सकता है? अगर ऐसा कुछ
  4251. 3:23:09होता तो क्या मुझे पता नहीं चलता?
  4252. 3:23:12अपनी हैरानी को दबाते हुए आखिरकार उसने
  4253. 3:23:15राहुल से पूछ ही लिया।
  4254. 3:23:17अभी तुमने श्रवण को क्या कहा? जीजू अरे
  4255. 3:23:22भाई आखिर ये श्रवण कब से तुम्हारा जीजू हो
  4256. 3:23:24गया।
  4257. 3:23:26विहान की बात सुनते ही राहुल को पता चला
  4258. 3:23:28कि विहान भी वहां मौजूद है। उसे उम्मीद
  4259. 3:23:32नहीं थी कि उसे विहान को यहां मिलने का
  4260. 3:23:34मौका मिलेगा। विहान को देखकर राहुल को
  4261. 3:23:37गुस्सा भी आया। पर इस भरी महफिल में वो
  4262. 3:23:40कुछ बोल नहीं सकता था। लेकिन जब उसे ध्यान
  4263. 3:23:43आया कि विहान ने उससे शौर्य के बारे में
  4264. 3:23:45कुछ पूछा है तो वह तीखे स्वर में बोला।
  4265. 3:23:49श्रवण जीजू तभी से हमारे जीजू हैं जब से
  4266. 3:23:52आप उस बदमाश के डर से अपनी शादी के मंडप
  4267. 3:23:55को छोड़कर भाग गए थे। राहुल की यह बात
  4268. 3:23:59विहान की बेइज्जती करने के लिए काफी थी।
  4269. 3:24:02पर अभी विहान का ध्यान इस तरफ नहीं था।
  4270. 3:24:05अभी तो उसका दिमाग इस झटके से उभर ही नहीं
  4271. 3:24:07पाया था कि शौर्य शिप्रा का पति है। अब
  4272. 3:24:11उसे यह भी लगने लगा कि कहीं ऐसा तो नहीं
  4273. 3:24:14कि शौर्य ने इसी बात का बदला लेने के लिए
  4274. 3:24:16उसको जेल भिजवाया था। और उसके साथ इतनी
  4275. 3:24:19मारपीट की थी। इतना कुछ होने के बाद भी
  4276. 3:24:23उसने इस बात को कंफर्म करने के लिए युविका
  4277. 3:24:26की तरफ देखकर उससे पूछा। क्या सच में
  4278. 3:24:30श्रवण शिप्रा का पति है?
  4279. 3:24:33इस बार युविका ने विहान की ओर देखकर सहमति
  4280. 3:24:36में अपना सर हिला दिया। अब जाकर विहान को
  4281. 3:24:39यकीन हो गया कि शौर्य ही शिप्रा का पति
  4282. 3:24:42है। पर युविका इतने पर ही नहीं रुकी। उसने
  4283. 3:24:45विहान की बात को पुश करते हुए कहा,
  4284. 3:24:49क्या आपको यह देखकर भी अंदाजा नहीं लग रहा
  4285. 3:24:51है कि शिप्रा के पति ने उसको गिफ्ट में
  4286. 3:24:54दिया भी तो क्या दिया? एक फूलों का
  4287. 3:24:57गुलदस्ता।
  4288. 3:24:59आपको तो इसी बात से समझ जाना चाहिए था कि
  4289. 3:25:02इसकी हैसियत क्या है। युविका को शौर्य की
  4290. 3:25:05स्थिति स्पष्ट करते देखकर विहान [संगीत]
  4291. 3:25:07को भी मौका मिल गया शौर्य का मजाक बनाने
  4292. 3:25:10का। उसने युविका की बात से सहमति जताते
  4293. 3:25:13हुए कहा,
  4294. 3:25:15हां, तुमने सही कहा। मुझे भी इसको पहचानने
  4295. 3:25:18में देर हो गई। यह सचमुच किसी काम का नहीं
  4296. 3:25:20है। इतना कुछ सुनने के बाद अब मेघना को भी
  4297. 3:25:24यकीन हो गया कि श्रवण सच में ही शिप्रा का
  4298. 3:25:27पति है। यह कंफर्म होने के बाद अब उसे
  4299. 3:25:30शिप्रा पर गुस्सा आने लगा कि उसने उससे ही
  4300. 3:25:33सच छुपाया। वो ठीक से शौर्य से नजर भी
  4301. 3:25:36नहीं मिला पा रही थी।
  4302. 3:25:38अब विहान ने भी यह बात आत्मसात कर ली थी
  4303. 3:25:41कि शौर्य ही राहुल का जीजू है। साथ ही उसे
  4304. 3:25:44यह भी मौका मिल गया था कि वो अभी शौर्य की
  4305. 3:25:46बेइज्जती कर सकता है। उसे शौर्य से अपनी
  4306. 3:25:49बेइज्जती का बदला भी तो लेना था। इसीलिए
  4307. 3:25:52वो शौर्य से बोला सच कहूं तो अब मुझे भी
  4308. 3:25:55यकीन होने लगा है कि तुम ही शिप्रा के वो
  4309. 3:25:58भिखारी पति हो। नहीं तो भला कौन ही होगा
  4310. 3:26:01जो अपनी पत्नी के बर्थडे पर उसको सिर्फ
  4311. 3:26:03गुलदस्ता गिफ्ट करता है।
  4312. 3:26:06शिप्रा को इस बात से कोई खास फर्क नहीं
  4313. 3:26:08पड़ता था। पर वो उम्मीद कर रही थी कि
  4314. 3:26:10शौर्य उसके लिए कोई छोटा-मोटा गिफ्ट तो
  4315. 3:26:13जरूर लाएगा। पर जब शौर्य ने उसे गुलदस्ते
  4316. 3:26:16के अलावा कुछ भी गिफ्ट नहीं दिया तो वह
  4317. 3:26:18सोचने को मजबूर हो गई कि जरूर शौर्य ने उस
  4318. 3:26:21रात की वजह से उसको कोई गिफ्ट नहीं दिया।
  4319. 3:26:25क्योंकि अभी कुछ दिन पहले ही शिप्रा ने
  4320. 3:26:28शौर्य को उसका दिया हुआ गिफ्ट वापस कर
  4321. 3:26:30दिया था। इसी कारण शिप्रा ने शौर्य का
  4322. 3:26:33पक्ष लेते हुए विहान से कहा, तुम्हें खुद
  4323. 3:26:36से ज्यादा दूसरों से तकलीफ हो रही है कि
  4324. 3:26:39वो किसको क्या दे रहे हैं। वैसे मैं
  4325. 3:26:42तुम्हें बता दूं कि मेरे लिए तुम्हारे
  4326. 3:26:44गिफ्ट से ज्यादा कीमती है श्रवण का दिया
  4327. 3:26:47हुआ गुलदस्ता।
  4328. 3:26:49तभी युविका शिप्रा पर तंज कसते हुए बोली।
  4329. 3:26:52इसी को कहते हैं खिसियानी बिल्ली खंबा
  4330. 3:26:55नोचे। जब सामने से कुछ मिला ही नहीं तो जो
  4331. 3:26:58मिला है उसी को बेहतर बताकर अपनी खीज मिटा
  4332. 3:27:01रही हो। मैं क्या यह समझती नहीं हूं।
  4333. 3:27:05राधिका जो युविका के साथ ही खड़ी थी वो
  4334. 3:27:08शौर्य के लिए ज्यादा कुछ बोल नहीं रही थी।
  4335. 3:27:11क्योंकि अभी कुछ दिन पहले ही शौर्य ने
  4336. 3:27:13उसके बर्थडे पर उसको अच्छा सा गिफ्ट दिया
  4337. 3:27:16था। पर उसे एक बात परेशान कर रही थी कि
  4338. 3:27:20उसके बर्थडे के दिन शौर्य ने शिप्रा को भी
  4339. 3:27:22एक खूबसूरत ज्वेलरी दी थी जिसे शिप्रा ने
  4340. 3:27:25[संगीत] आज अपने बर्थडे पर पहना नहीं था।
  4341. 3:27:28यह देखकर उसने शिप्रा से पूछ लिया।
  4342. 3:27:31अभी कुछ दिन पहले ही तो श्रवण ने तुम्हें
  4343. 3:27:34एक गिफ्ट दिया था। पर मैं उसे तुम्हें
  4344. 3:27:37पहने हुए नहीं देख रही हूं। मुझे लगा था
  4345. 3:27:40तुम वो ज्वेलरी आज तो जरूर पहनोगी।
  4346. 3:27:44राधिका की बात सुनकर शिप्रा के चेहरे का
  4347. 3:27:46रंग उड़ गया। अब वो क्या ही जवाब देती इस
  4348. 3:27:49बात का। उसने तो खुद ही वो ज्वेलरी शौर्य
  4349. 3:27:52को वापस कर दी थी और उसे यह भी पता लगा था
  4350. 3:27:55कि शौर्य ने वो गिफ्ट रुचि को दे दिया था।
  4351. 3:27:59राधिका की इस बात ने शौर्य को भी शर्मिंदा
  4352. 3:28:01कर दिया। अब उसे अफसोस भी हो रहा था कि
  4353. 3:28:05उसे वह गिफ्ट रुचि को नहीं देना चाहिए था।
  4354. 3:28:08अब वो अतीत को बदल तो नहीं सकता था लेकिन
  4355. 3:28:10स्थिति [संगीत] को संभालने के लिए उसे कुछ
  4356. 3:28:13तो करना था। इसीलिए वह कुछ बोला नहीं। बस
  4357. 3:28:16अपने चेहरे पर एक मुस्कान लिए वो शिप्रा
  4358. 3:28:18के सामने आ गया। मानो शिप्रा की तरफ आने
  4359. 3:28:22वाले सवालों के तीर अब वो खुद पर लेने
  4360. 3:28:24वाला है। वहीं मेघना को लग रहा था कि वह
  4361. 3:28:28तो बेवकूफ बन गई है। श्रवण ही शिप्रा का
  4362. 3:28:31पति है। इस बात को शिप्रा को उससे छुपाने
  4363. 3:28:34की क्या जरूरत थी? उसने मन ही मन सोचा। वो
  4364. 3:28:37इस बात का हिसाब बाद में उससे करके रहेगी।
  4365. 3:28:41पर अभी वह स्थिति का आंकलन कर रही थी। जब
  4366. 3:28:45वह समझ गई कि शौर्य सच में ही शिप्रा का
  4367. 3:28:47पति है तो वह भी युविका की बातों से सहमति
  4368. 3:28:50जताते हुए बोली हां श्रवण बात तो सही है।
  4369. 3:28:55तुम यूं सिर्फ एक गुलदस्ते से अपना पीछा
  4370. 3:28:57नहीं छुड़ा सकते। आज के दिन तो तुम्हें कम
  4371. 3:29:00से कम कुछ बेहतर तोहफा शिप्रा को देना
  4372. 3:29:02चाहिए था।
  4373. 3:29:04मेघना की बात सुनकर शौर्य मुस्कुराया और
  4374. 3:29:07बोला
  4375. 3:29:09तुम सबसे यह किसने कह दिया कि मैं शिप्रा
  4376. 3:29:12के लिए कोई गिफ्ट नहीं लाया हूं।
  4377. 3:29:15तुम लोग खुद ही कुछ भी अस्यूम कर रहे हो।
  4378. 3:29:18और दूसरी बात यह है कि क्या तुम्हें खुद
  4379. 3:29:20से मतलब होना चाहिए या दूसरे किसको क्या
  4380. 3:29:23दे रहे हैं उससे मतलब होना चाहिए। यहां
  4381. 3:29:26कोई कंपटीशन चल रहा है क्या कि कौन शिप्रा
  4382. 3:29:29को कितना महंगा गिफ्ट देता है? यह अपनी
  4383. 3:29:32श्रद्धा है, अपना विश्वास है कि कौन किसको
  4384. 3:29:35क्या देता है। मायने यह रखता है कि वो
  4385. 3:29:38कितने दिल से दिया गया है।
  4386. 3:29:41शौर्य की बात पर मेघना उसे शंका भरी नजरों
  4387. 3:29:44से घूरते हुए बोली तो इसका मतलब तुम
  4388. 3:29:47शिप्रा के लिए इस गुलदस्ते के अलावा भी
  4389. 3:29:50कुछ लाए हो।
  4390. 3:29:52शिप्रा भी इस उम्मीद में शौर्य की ओर
  4391. 3:29:54देखने लगी कि क्या सच में शौर्य उसके लिए
  4392. 3:29:57कुछ लाया है और अगर उसने पहले से ही कोई
  4393. 3:30:00गिफ्ट लाया हुआ था तो उसको अभी तक दिया
  4394. 3:30:02क्यों नहीं।
  4395. 3:30:05दूसरी तरफ राधिका और युविका का मन भी मचल
  4396. 3:30:08उठा यह देखने के लिए कि आज श्रवण शिप्रा
  4397. 3:30:11के लिए क्या गिफ्ट लाया है। शिप्रा भी इस
  4398. 3:30:14उम्मीद से शौर्य की तरफ देखने [संगीत] लगी
  4399. 3:30:16कि शायद वो उसके लिए कुछ लेकर आया हो। और
  4400. 3:30:18अगर सच में उसने पहले से कोई गिफ्ट तैयार
  4401. 3:30:21किया था तो अब तक उसे दे क्यों नहीं दिया?
  4402. 3:30:23उधर राधिका और युविका के मन में उत्सुकता
  4403. 3:30:26और बढ़ गई। वे यह जानने के लिए बेचैन हो
  4404. 3:30:29उठी कि आज श्रवण शिप्रा के लिए आखिर क्या
  4405. 3:30:32तोहफा लेकर आया है।
  4406. 3:30:34युविका ने हैरानी से अपनी आंखें बड़ी करते
  4407. 3:30:37हुए उत्साहित होकर कहा अरे वाह जीजू। आप
  4408. 3:30:41तो बड़े छुपे रुस्तम निकले। जब आप पहले ही
  4409. 3:30:44शिप्रा के लिए गिफ्ट लाए हुए हैं तो फिर
  4410. 3:30:47अभी तक यह सस्पेंस बनाकर क्यों रखा हुआ
  4411. 3:30:49है? अब जो गिफ्ट आप शिप्रा के लिए लाए हैं
  4412. 3:30:52उसे दे भी दीजिए। हां आखिर हम भी तो देखें
  4413. 3:30:55कि इस बार आपने शिप्रा को क्या दिया है?
  4414. 3:30:59तभी विहान ने शौर्य का मजाक उड़ाते हुए
  4415. 3:31:01कहा क्या युविका तुम भी इस भिखारी से क्या
  4416. 3:31:04उम्मीद कर रही हो? अगर श्रवण कोई गिफ्ट
  4417. 3:31:07लाया भी होगा तो वो कैसा होगा? शिप्रा तो
  4418. 3:31:10उसे पहनकर किसी को दिखा भी नहीं पाएगी।
  4419. 3:31:12तुम्हें देखना है तो मेरा दिया गिफ्ट
  4420. 3:31:15देखो। फिर उसकी श्रवण के दिए गए गिफ्ट से
  4421. 3:31:18तुलना करना। तुम्हें खुद आसमान और जमीन का
  4422. 3:31:21फर्क नजर आ जाएगा।
  4423. 3:31:24राधिका और युविका पहले ही विहान के दिए
  4424. 3:31:26गिफ्ट को देख चुकी थी। वो गिफ्ट बढ़िया
  4425. 3:31:28था। उसकी कीमत लगभग 2 लाख के करीब होगी।
  4426. 3:31:32पर अब वे शौर्य का गिफ्ट देखकर उसकी तुलना
  4427. 3:31:35विहान के दिए गिफ्ट से करना चाहती [संगीत]
  4428. 3:31:37थी। राधिका को अभी भी लग रहा था कि जरूर
  4429. 3:31:41शौर्य का गिफ्ट विहान के गिफ्ट से बढ़िया
  4430. 3:31:43ही होगा क्योंकि वह अपने बर्थडे में भी
  4431. 3:31:46शौर्य के दिए गिफ्ट से झटका खा चुकी थी।
  4432. 3:31:50शौर्य ने इत्मीनान से सबकी बातें सुनी और
  4433. 3:31:52फिर अपनी जेब से एक बॉक्स निकालकर शिप्रा
  4434. 3:31:55की ओर बढ़ा दिया। अगर आपको सच में जानना
  4435. 3:31:59है कि मैं शिप्रा के लिए क्या लाया हूं तो
  4436. 3:32:01देख लीजिए। मैं किसी कंपटीशन का हिस्सा
  4437. 3:32:04नहीं हूं। इसीलिए मुझे यह पसंद नहीं कि
  4438. 3:32:08मेरे दिए हुए गिफ्ट की तुलना किसी और के
  4439. 3:32:10गिफ्ट से की जाए। इस पर विहान ने ताना
  4440. 3:32:13कसते हुए कहा, देखो यह तो पहले ही अपनी
  4441. 3:32:16हार मान बैठा है। वैसे भी एक भिखारी से
  4442. 3:32:19उम्मीद ही क्या की जा सकती है। विहान को
  4443. 3:32:23शौर्य की बात सुनकर लगा था कि शौर्य को
  4444. 3:32:25पता है कि उसका गिफ्ट साधारण है। इसीलिए
  4445. 3:32:28वह ऐसा बोल रहा है कि उसे किसी तरह के
  4446. 3:32:30कंपटीशन में शामिल नहीं होना है। उसी तरह
  4447. 3:32:34की उम्मीद मेघना को भी थी क्योंकि उसकी
  4448. 3:32:37नजर में शौर्य सिर्फ एक ब्रांड प्रमोटर
  4449. 3:32:40था। इसीलिए उसे लगता था कि उसकी इनकम भी
  4450. 3:32:43ज्यादा नहीं होगी।
  4451. 3:32:46इसी दौरान राधिका आगे बढ़ी और शिप्रा के
  4452. 3:32:49हाथ से गिफ्ट का बॉक्स लेते हुए टिप्पणी
  4453. 3:32:51की। यह तो अभी पता चल जाएगा कि श्रवण ने
  4454. 3:32:55जो गिफ्ट शिप्रा को दिया है वो विहान के
  4455. 3:32:58गिफ्ट से बढ़िया है या साधारण।
  4456. 3:33:01शिप्रा को यह सब बिल्कुल पसंद नहीं आ रहा
  4457. 3:33:03था। पर जिस तरह राधिका उसके हाथ से बॉक्स
  4458. 3:33:06लेकर खोलने लगी, शिप्रा कुछ कर नहीं पाई।
  4459. 3:33:10वो बस मन ही मन प्रे करने लगी कि आज फिर
  4460. 3:33:12कुछ ऐसा हो जाए कि शौर्य का दिया गिफ्ट
  4461. 3:33:15विहान के दिए गिफ्ट से बेहतर निकल आए। पर
  4462. 3:33:18उसके मन में ऐसा कोई विश्वास नहीं था
  4463. 3:33:21क्योंकि वह समझती थी कि हर बार ऊपर वाला
  4464. 3:33:24इतना मेहरबान नहीं हो सकता। खैर किसी की
  4465. 3:33:28परवाह किए बिना राधिका ने बॉक्स को खोल
  4466. 3:33:30दिया। और जैसे ही उसकी नजर बॉक्स पर पड़ी
  4467. 3:33:33आश्चर्य से उसका मुंह खुला का खुला रह
  4468. 3:33:36गया।
  4469. 3:33:37उसके सामने एक प्रीमियम गोल्ड नेकलेस था
  4470. 3:33:40जिसकी कीमत का अंदाजा अगर लगाना हो तो वह
  4471. 3:33:43कम से कम 7 से 8 लाख तक का होगा। राधिका
  4472. 3:33:47ही क्या जिसने भी उस नेकलेस को देखा सबकी
  4473. 3:33:50आंखें फटी की फटी रह गई। शिप्रा भी उस
  4474. 3:33:53नेकलेस को देखने के बाद हैरानी से शौर्य
  4475. 3:33:55की ओर देखने लगी। उसे विश्वास नहीं हो रहा
  4476. 3:33:58था कि शौर्य ने एक बार फिर से उसे हैरान
  4477. 3:34:01कर दिया था। आखिर इतना महंगा नेकलेस
  4478. 3:34:04खरीदने के लिए उसके पास पैसे कहां से आए?
  4479. 3:34:07ऐसा क्या है जो वो उसके बारे में नहीं
  4480. 3:34:09जानती?
  4481. 3:34:11पर शिप्रा इस वक्त खुश थी क्योंकि वो
  4482. 3:34:13चाहती थी कि विहान का मकसद पूरा ना हो।
  4483. 3:34:17दूसरी तरफ विहान भी आंखें फाड़े उस नेकलेस
  4484. 3:34:20को ही देख रहा था और हैरान होकर कभी उस
  4485. 3:34:22नेकलेस को तो कभी शिप्रा की ओर देख रहा
  4486. 3:34:25था। वो सोचने को मजबूर था कि क्या लोग
  4487. 3:34:28फालतू में ही झूठी अफवाह फैला रहे हैं कि
  4488. 3:34:31शिप्रा की शादी एक भिखारी से कर दी गई है।
  4489. 3:34:34कौन सा भिखारी इतनी महंगी ज्वेलरी खरीद कर
  4490. 3:34:38गिफ्ट कर सकता है। सबसे पहले तो उसे यही
  4491. 3:34:42यकीन नहीं था कि शौर्य ही वो भिखारी है
  4492. 3:34:44जिससे शिप्रा की शादी हुई है। पर इतना कुछ
  4493. 3:34:47अभी उसकी आंखों के सामने हो गया था कि अब
  4494. 3:34:50ना मानने का कोई कारण भी नहीं था।
  4495. 3:34:53विहान अब तक इन्हीं ख्यालों में उलझा हुआ
  4496. 3:34:55था कि तभी मेघा की आवाज उसके कानों में
  4497. 3:34:58पड़ी।
  4498. 3:35:00अब आपका क्या कहना है मिस्टर विहान? क्या
  4499. 3:35:02अब भी आप देखना चाहते हैं या जानना चाहते
  4500. 3:35:05हैं कि किसका गिफ्ट ज्यादा बढ़िया है या
  4501. 3:35:08कॉस्टली है। अंतर तो देखने वाला एक नजर
  4502. 3:35:12में समझ सकता है। जब विहान को लगा कि सबके
  4503. 3:35:16सामने उसकी बात का असर कम हो रहा है तो
  4504. 3:35:19उसने झझकते हुए [संगीत] ब्लफ मारकर बोला
  4505. 3:35:22तुम सब क्या सोचते हो कि यह ज्वेलरी असली
  4506. 3:35:25है? मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि
  4507. 3:35:27[संगीत] यह नकली है। इस पर सिर्फ गोल्ड की
  4508. 3:35:30प्लेट चढ़ी हुई है। इसकी इतनी औकात ही
  4509. 3:35:33नहीं है कि यह इतना महंगा ज्वेलरी आइटम
  4510. 3:35:35खरीद सके। जब युविका ने विहान की बात सुनी
  4511. 3:35:39तो उसे भी लगा कि जरूर ऐसी ही बात होगी।
  4512. 3:35:42नहीं तो यह भिखारी कहां से इतना महंगा
  4513. 3:35:44गिफ्ट खरीद सकता है? यह माना जा सकता है
  4514. 3:35:48कि एक बार को तो वो कहीं से कुछ पैसों का
  4515. 3:35:50इंतजाम कर सकता है। पर बार-बार इतनी
  4516. 3:35:53कॉस्टली ज्वेलरी खरीदना क्या इतना आसान
  4517. 3:35:55है? यह विचार आते ही उसने तुरंत सबके
  4518. 3:35:59सामने अपनी बात रखते हुए कहा,
  4519. 3:36:02"यह इतना भी मुश्किल नहीं है। इस पार्टी
  4520. 3:36:04में रघुवर दास जी भी आए हुए हैं। उनको
  4521. 3:36:07गोल्ड की अच्छी समझ है। वो हाथों हाथ ही
  4522. 3:36:09बता देंगे कि ज्वेलरी असली है या नकली।
  4523. 3:36:14राधिका ने तुरंत अपनी राय रखते हुए सुझाव
  4524. 3:36:16दिया। तो फिर इंतजार किस बात का है? जाकर
  4525. 3:36:20उन्हें थोड़ी देर के लिए यहां बुला लो।
  4526. 3:36:24राधिका की बात सुनकर युविका एक टेढ़ी
  4527. 3:36:26मुस्कान के साथ बोली, ठीक है, तुम थोड़ी
  4528. 3:36:29देर इंतजार करो। मैं अभी उनको बुलाकर यहां
  4529. 3:36:32लाती हूं। इतना कहकर युविका वहां से चली
  4530. 3:36:35गई और बाकी सब उसके वापस आने का इंतजार
  4531. 3:36:39करने लगे। युविका के वहां से जाते ही
  4532. 3:36:42विहान को घबराहट होने लगी। क्योंकि उसे
  4533. 3:36:45पक्का विश्वास नहीं था कि शौर्य की दी हुई
  4534. 3:36:47ज्वेलरी सचमुच असली है या नहीं। उसने तो
  4535. 3:36:51बस अपने मन से अंदाजा लगाया था। दूसरी बात
  4536. 3:36:54यह थी कि उसे अपनी नाक ऊंची करनी थी।
  4537. 3:36:57सिर्फ विहान ही नहीं शिप्रा के मन में भी
  4538. 3:37:00घबराहट थी। विहान की बात सुनने के बाद एक
  4539. 3:37:03पल को उसे भी लगा कि हो सकता है शौर्य
  4540. 3:37:06दिखावे के लिए यह गिफ्ट ले आया हो। ऐसी
  4541. 3:37:10स्थिति में नॉर्मल था कि वो असली तो नहीं
  4542. 3:37:13ही होगी। पर अगले ही पल शौर्य के चेहरे का
  4543. 3:37:16कॉन्फिडेंस देखकर उसे समझ में आ गया कि
  4544. 3:37:20नहीं यह ज्वेलरी नकली नहीं हो सकती।
  4545. 3:37:23अब तो वह भी युविका के वापस आने का इंतजार
  4546. 3:37:26करने लगी। खैर उन सबको ज्यादा इंतजार नहीं
  4547. 3:37:30करना पड़ा। कुछ ही पल में युविका एक
  4548. 3:37:32व्यक्ति के साथ वहां वापस आई। उस व्यक्ति
  4549. 3:37:35की उम्र लगभग 60 65 वर्ष की होगी। शिप्रा
  4550. 3:37:38भी उन्हें पहले से जानती थी। इसीलिए उनके
  4551. 3:37:41वहां आते ही उसने उन्हें नमस्ते किया।
  4552. 3:37:44रघुवर दास ने आते ही पूछा। क्या बात है
  4553. 3:37:48बच्चों? क्या चीज दिखानी है तुम्हें?
  4554. 3:37:52इस पर राधिका ने उनकी तरफ देखकर शौर्य का
  4555. 3:37:55दिया हुआ नेकलेस बढ़ाते हुए कहा।
  4556. 3:37:58अंकल, आप इस ज्वेलरी को देखकर बताइएगा कि
  4557. 3:38:02यह असली है या नकली।
  4558. 3:38:06रघुवर दास जी ने उस नेकलेस को अपने हाथ
  4559. 3:38:08में लिया और उसे उलटपलट कर अच्छी तरह से
  4560. 3:38:11देखा। उनकी आंखों को देखकर लग नहीं रहा था
  4561. 3:38:15कि उन्हें कहीं से भी उस ज्वेलरी के नकली
  4562. 3:38:18होने पर कोई संदेह हो। पर फिर भी उन्होंने
  4563. 3:38:21अपनी जेब से एक कांच का टुकड़ा निकाला और
  4564. 3:38:24उससे ज्वेलरी के हिस्से को चेक किया। अपनी
  4565. 3:38:27तसल्ली करने के बाद उन्होंने ज्वेलरी
  4566. 3:38:30राधिका को वापस करते हुए स्पष्ट किया।
  4567. 3:38:33यह बिल्कुल असली 22 कैरेट का गोल्ड है।
  4568. 3:38:37अगर इसकी कीमत का अंदाजा लगाना हो तो मैं
  4569. 3:38:41यकीन के साथ कह सकता हूं कि यह 8 से 9 लाख
  4570. 3:38:44के बीच की होगी।
  4571. 3:38:47रघुवर दास की बात सुनकर सभी की आंखें बड़ी
  4572. 3:38:50हो गई और वे चुपचाप एक दूसरे का चेहरा
  4573. 3:38:53देखने लगे। जब रघुवर दास जी को लगा कि
  4574. 3:38:56उनका काम हो गया है तो उन्होंने यह कहते
  4575. 3:38:59हुए इजाजत ली। मुझे लगता है मेरा काम पूरा
  4576. 3:39:02हो गया तो मैं यहां से चलता हूं। तुम सब
  4577. 3:39:06एंजॉय करो बच्चों।
  4578. 3:39:09इसके बाद रघुवर दास जी वहां से बलवंत राय
  4579. 3:39:12जी की तरफ बढ़ गए। उनके जाते ही मेघना
  4580. 3:39:14विहान से बोली
  4581. 3:39:17क्यों विहान अभी कोई टेस्ट बाकी रह गया
  4582. 3:39:20है? यह कुछ ऐसा है जो तुम्हारी तसल्ली करे
  4583. 3:39:23कि यह बिल्कुल असली है और यह तुम्हारे दिए
  4584. 3:39:26गिफ्ट से तो लाख गुना बेहतर है। विहान के
  4585. 3:39:30तो जैसे होठ सिल गए। वो कुछ कहने की हालत
  4586. 3:39:33में ही नहीं था। वो सबसे नजरें चुराने लगा
  4587. 3:39:36था। उसका पासा उल्टा पड़ गया था। विहान को
  4588. 3:39:39आंखें चुराते देखकर शिप्रा ने सवाल किया।
  4589. 3:39:43क्या हुआ? अब भी तुम कहोगे कि तुम श्रवण
  4590. 3:39:46से बेहतर हो?
  4591. 3:39:49शिप्रा की बात सुनकर विहान के अंदर जलन और
  4592. 3:39:52गुस्सा दोनों ही बढ़ गए और वो तमतमाते हुए
  4593. 3:39:55बोल पड़ा एक गिफ्ट दे देने से यह साबित
  4594. 3:39:59नहीं हो जाता कि वो मुझसे बेहतर है। मुझे
  4595. 3:40:02नहीं पता कि उसने नेकलेस सेट कैसे लिया
  4596. 3:40:05है। पर मैं इतना यकीन के साथ कह सकता हूं
  4597. 3:40:08कि उसने इस नेकलेस को सही तरीके से तो
  4598. 3:40:10नहीं खरीदा होगा। कहीं ना कहीं कुछ गलत
  4599. 3:40:13करके ही उसने इतना महंगा नेकलेस लिया
  4600. 3:40:15होगा।
  4601. 3:40:18अपनी सफाई देते हुए विहान ने आगे कहा और
  4602. 3:40:21जहां तक मेरी बात है मैं मानता हूं कि अभी
  4603. 3:40:24जो पेंडेंट मैंने दिया है वो श्रवण के
  4604. 3:40:26नेकलेस जितना कीमती नहीं है लेकिन मैं कभी
  4605. 3:40:29भी उससे ज्यादा महंगा नेकलेस खरीद सकता
  4606. 3:40:32हूं बिना किसी परेशानी के। जबकि [संगीत]
  4607. 3:40:35अगर इसने सच में नेकलेस सही तरीके से लिया
  4608. 3:40:37है तो उसे काफी कुछ गिरवी रखना पड़ा होगा
  4609. 3:40:40और यही अपने आप में साबित करता है कि कौन
  4610. 3:40:43बेहतर है। विहान की इस लंबी तकरीर को
  4611. 3:40:46सुनने के बाद साफ पता चल रहा था कि वो
  4612. 3:40:49अपनी कड़वाहट को इसी तरह जाहिर कर रहा था।
  4613. 3:40:52इस समय वो अपनी ही बातों में उलझ चुका था।
  4614. 3:40:55उसे शौर्य को चैलेंज करने की कोई जरूरत
  4615. 3:40:58नहीं थी। लेकिन वो खुद ही अपनी बातों के
  4616. 3:41:01जाल में फंस गया था। विहान के लिए अब वहां
  4617. 3:41:04खड़े रहना मुश्किल हो रहा था। वो उन सबके
  4618. 3:41:07बीच से निकल जाना चाहता था। इसीलिए उसने
  4619. 3:41:10शिप्रा से बात करते हुए कहा,
  4620. 3:41:13अभी मैं यहां से जाता हूं। मुझे बलवंत
  4621. 3:41:15अंकल से भी मिलना है। मैं बाद में तुमसे
  4622. 3:41:18फिर मिलूंगा। शायद तब हम बेहतर तरीके से
  4623. 3:41:21बात कर [संगीत] सकें।
  4624. 3:41:23इतना कहकर विहान वहां से निकल गया। उसके
  4625. 3:41:26जाने [संगीत] के बाद माहौल थोड़ा शांत हो
  4626. 3:41:28गया। शिप्रा भी रिलैक्स हो गई और युविका व
  4627. 3:41:32राधिका वहां से हट गई क्योंकि अब उन्हें
  4628. 3:41:35कोई दिलचस्पी नहीं बची थी। वहां शिप्रा,
  4629. 3:41:38मेघना और शौर्य रह गए। राहुल मेघा को साथ
  4630. 3:41:42लेकर डांस फ्लोर की ओर चला गया। जहां
  4631. 3:41:44रागिनी, मयूर और उनके दोस्त पहले से डांस
  4632. 3:41:47कर रहे थे। जब ये तीनों अकेले रह गए तो
  4633. 3:41:50मेघना ने शिप्रा और शौर्य की ओर देखकर
  4634. 3:41:52गुस्से में पूछा।
  4635. 3:41:56यह तुम लोगों का क्या ड्रामा था? जब तुम
  4636. 3:41:58दोनों पतिपत्नी थे तो फिर मुझे यह क्यों
  4637. 3:42:01नहीं पता था? क्या खेल खेल रहे थे तुम
  4638. 3:42:03दोनों?
  4639. 3:42:05शिप्रा को पता था कि यह पल आने वाला है।
  4640. 3:42:08इसीलिए वो मेघना से नजरें चुराने लगी। पर
  4641. 3:42:11शौर्य ने अपना पल्ला झाड़ते हुए जवाब
  4642. 3:42:13दिया। इसमें मेरा कोई दोष नहीं है। मुझे
  4643. 3:42:17ऐसा कोई मौका नहीं मिला जब मैं तुम्हें
  4644. 3:42:19बताता और यह तो तुम्हारी बहन को बताना
  4645. 3:42:21चाहिए था।
  4646. 3:42:23जब तुम दोनों मुझे रुचि की पार्टी में
  4647. 3:42:25मिले थे तो उस समय शिप्रा ने ऐसा जाहिर
  4648. 3:42:27किया था कि वो मुझे नहीं जानती तो फिर मैं
  4649. 3:42:30तुम्हें कैसे बता सकता था?
  4650. 3:42:33मेघा को लगा कि शौर्य की बात तो फिर भी
  4651. 3:42:35तार्किक है पर शिप्रा के पास इसका क्या
  4652. 3:42:38जवाब है? इसीलिए वो शिप्रा की ओर मुड़कर
  4653. 3:42:41गुस्से में बोली। शिप्रा की बच्ची तुमने
  4654. 3:42:44अगर मुझे सही से जवाब नहीं दिया तो सोच
  4655. 3:42:47लेना पार्टी के बाद मैं तुम्हारी हड्डी
  4656. 3:42:49पसली एक कर दूंगी।
  4657. 3:42:51इस पर शिप्रा ने अपने चेहरे पर दयनीय भाव
  4658. 3:42:53लाते हुए धीमे स्वर में कहा मैं तुम्हें
  4659. 3:42:57बताना चाहती थी लेकिन जब मैंने देखा कि
  4660. 3:43:00तुम श्रवण को पहले से जानती हो तो मैं खुद
  4661. 3:43:02ही चौंक गई। मुझे बिल्कुल अंदाजा नहीं था
  4662. 3:43:05कि तुम दोनों पहले मिल चुके हो। उस वक्त
  4663. 3:43:08मैं कुछ कह ही नहीं पाई। फिर मैंने सोचा
  4664. 3:43:11था कि जब श्रवण घर आएगा तो तुमसे खुद ही
  4665. 3:43:14बात हो जाएगी और सब साफ हो जाएगा। लेकिन
  4666. 3:43:17उसके बाद वो भी अलग रहने लगा और फिर मुझे
  4667. 3:43:20बात करने का मौका ही नहीं मिला। फिर मुझे
  4668. 3:43:22पता था कि आज तुम दोनों की मुलाकात होने
  4669. 3:43:25वाली है। इसीलिए सब कुछ अपने आप साफ हो
  4670. 3:43:28जाएगा। इसी वजह से मैंने भी उस समय कुछ
  4671. 3:43:31नहीं कहा। शिप्रा के बर्थडे पर उसके लिए
  4672. 3:43:33महज एक गुलदस्ता लेकर आने पर विहान ने
  4673. 3:43:36शौर्य का खूब मजाक उड़ाया। लेकिन जब शौर्य
  4674. 3:43:39ने अपना असली गिफ्ट खोला तो सबकी बोलती
  4675. 3:43:41बंद हो गई। जब विहान को समझ में आया कि अब
  4676. 3:43:45उसकी दाल यहां नहीं गलने वाली है तो वह
  4677. 3:43:47बहाना बनाकर वहां से निकल गया। वहीं मौका
  4678. 3:43:50पाते ही मेघना शिप्रा और शौर्य से उनके
  4679. 3:43:53रिश्ते की सच्चाई उससे छुपाने की वजह
  4680. 3:43:56पूछती है। जिस पर शौर्य अपना पल्ला झाड़ते
  4681. 3:43:59हुए मेघना से कहता है। मुझे ऐसा कोई मौका
  4682. 3:44:02ही नहीं मिला कि मैं तुम्हें यह सच्चाई
  4683. 3:44:04बता पाऊं और यह बात तो तुम्हारी बहन को
  4684. 3:44:07बतानी चाहिए थी।
  4685. 3:44:09शिप्रा अपनी सफाई में बस इतना कहते हुए
  4686. 3:44:11रुक जाती है कि जब उसे पता चला कि मेघना
  4687. 3:44:14शौर्य को पहले से जानती है तो उस वक्त वो
  4688. 3:44:17कुछ बोल नहीं पाई। उसे उम्मीद थी कि
  4689. 3:44:19[संगीत] जब वो घर आएगा तो शौर्य से मिलकर
  4690. 3:44:22सब जान ही जाएगी। लेकिन उस दिन के बाद से
  4691. 3:44:25शौर्य अलग रहने लगा तो सिचुएशन
  4692. 3:44:27कॉम्प्लिकेटेड हो गई। शिप्रा की सफाई
  4693. 3:44:30सुनकर मेघना बोल पड़ी। शिप्रा की बच्ची
  4694. 3:44:34तुम्हें पता है तुम्हारी वजह से मेरे लिए
  4695. 3:44:36कितनी ऑकवर्ड सिचुएशन हो गई थी। जब विहान
  4696. 3:44:39ने श्रवण के लिए यह कहा कि यह तुम्हारा
  4697. 3:44:41पति हो ही नहीं सकता उस समय भी मैं यही
  4698. 3:44:44सोच रही थी कि तुम सिर्फ विहान को टालने
  4699. 3:44:46के लिए शौर्य को पति बनाने का नाटक कर रही
  4700. 3:44:49हो। अच्छा
  4701. 3:44:52अब तो पता चल गया। तो अब रहने भी दो इस
  4702. 3:44:55बात को।
  4703. 3:44:56शिप्रा ने फिर से बात को टालने की कोशिश
  4704. 3:44:58करते हुए कहा तो मेघना अपनी नाक भौ
  4705. 3:45:01सिकोड़ते हुए बोली
  4706. 3:45:03हम अभी तो कर लो जो तुम्हें करना है पर
  4707. 3:45:06मैं इस बात को इतनी आसानी से जाने देने
  4708. 3:45:09वाली नहीं हूं। इस बीच गेस्ट का वहां आना
  4709. 3:45:12जाना लगा हुआ था। वहां पर जो भी गेस्ट आ
  4710. 3:45:15रहे थे शिप्रा को बर्थडे विश करते हुए
  4711. 3:45:18अपने साथ लाए हुए गिफ्ट वहीं टेबल पर रख
  4712. 3:45:21रहे थे और फिर अपने-अपने ग्रुप में शामिल
  4713. 3:45:23हो रहे थे। शौर्य के दिए गिफ्ट [संगीत] को
  4714. 3:45:26शिप्रा ने अपने पास ही रखा हुआ था। मेघना
  4715. 3:45:29ने भी शौर्य और शिप्रा की बात को ज्यादा
  4716. 3:45:31तूल नहीं दिया। इसी बीच रागिनी वहां पर
  4717. 3:45:35भागती हुई आई और शौर्य का हाथ पकड़ते हुए
  4718. 3:45:37बोली अरे जीजू आप आ गए। मैं कब से आपका
  4719. 3:45:42इंतजार कर रही थी। मैं आपसे मिलकर आपको
  4720. 3:45:45धन्यवाद करना चाह रही थी।
  4721. 3:45:48शिप्रा ने रागिनी की बात को सुना तो उसने
  4722. 3:45:50पूछा तुम्हें किस बात का धन्यवाद करना है?
  4723. 3:45:55तो रागिनी ने शिप्रा की ओर मुड़कर जवाब
  4724. 3:45:57दिया। अरे दी आपको पता नहीं है जीजू की
  4725. 3:46:01वजह से मेरा सिलेक्शन स्टेट टीम के लिए हो
  4726. 3:46:03गया।
  4727. 3:46:05शिप्रा को समझ नहीं आया कि शौर्य के कारण
  4728. 3:46:08ऐसा [संगीत] कैसे हो सकता है? इसीलिए उसने
  4729. 3:46:10रागिनी से पूछ लिया। यह कैसे पॉसिबल है?
  4730. 3:46:14श्रवण का तुम्हारे सिलेक्शन में कैसे हाथ
  4731. 3:46:16हो सकता है? तो रागिनी ने बताया आपको पता
  4732. 3:46:20नहीं है ट्रायल से पहले मैंने जीजू को
  4733. 3:46:23बुलाया था। इनके [संगीत] साथ इनकी एक
  4734. 3:46:25दोस्त श्रव्या सोलंकी भी आई हुई थी जो खुद
  4735. 3:46:28एक स्टेट चैंपियन है। उन्होंने मेरा नाम
  4736. 3:46:30बोहरा सर के सामने रेकमेंड कर दिया। इसके
  4737. 3:46:33बाद आसानी से मेरा सिलेक्शन स्टेट टीम में
  4738. 3:46:36हो गया।
  4739. 3:46:38रागिनी की बात सुनकर शिप्रा को राहुल का
  4740. 3:46:40वो कॉल याद आया। जब राहुल ने शिप्रा को
  4741. 3:46:43बताया था कि जीजू रागिनी के ट्रायल में आए
  4742. 3:46:46हुए हैं। अब सारी बात शिप्रा को समझ आ गई
  4743. 3:46:49थी। रागिनी ने शौर्य के लिए प्रशंसा भरे
  4744. 3:46:52स्वर में कहा आपको पता नहीं है दी जीजू ने
  4745. 3:46:56उस दिन टेनिस में हमारे दोनों स्टेट
  4746. 3:46:58चैंपियन श्रव्या सोलंकी और बलवीर कामत
  4747. 3:47:01दोनों को बड़ी आसानी से हरा दिया था।
  4748. 3:47:05क्या? शिप्रा आश्चर्य से शौर्य की ओर
  4749. 3:47:08देखते हुए बोली। शिप्रा को अपनी तरफ देखते
  4750. 3:47:11हुए शौर्य शर्मिंदा महसूस करने लगा।
  4751. 3:47:14इसीलिए वो अपनी झेप मिटाते हुए बोल पड़ा।
  4752. 3:47:18ऐसा कुछ नहीं है। रागिनी मेरी कुछ ज्यादा
  4753. 3:47:20ही तारीफ कर रही है। तभी मेघना बोली
  4754. 3:47:25तुम तो बड़े छुपे रुस्तम निकले श्रवण। मैं
  4755. 3:47:28नहीं समझती थी कि तुम इतना अच्छा टेनिस
  4756. 3:47:30खेलते हो।
  4757. 3:47:31मैंने कहा ना ऐसा कुछ नहीं है। रागिनी कुछ
  4758. 3:47:34ज्यादा ही मुझे झाड़ पर चढ़ा रही है।
  4759. 3:47:37शौर्य ने झिझक के साथ जवाब दिया।
  4760. 3:47:40आप तो ऐसे ही बोलते रहते हो जीजू पर मुझे
  4761. 3:47:43पता है आप बेस्ट हो। चलो आप मेरे साथ चलो।
  4762. 3:47:46अब मुझे आपको डांस करते हुए देखना है।
  4763. 3:47:50[संगीत] शिप्रा शौर्य को रागिनी के साथ
  4764. 3:47:52जाते हुए देखती रही। शिप्रा को एक टक
  4765. 3:47:55शौर्य की तरफ देखते हुए देखकर मेघना ने
  4766. 3:47:58अपनी कोहनी से उसकी कमर में हल्का सा झटका
  4767. 3:48:01देते हुए कहा हम वो चला गया अब क्या घर तक
  4768. 3:48:06छोड़ कर आओगी उसे ऐसा कुछ भी नहीं है
  4769. 3:48:09तुम्हें तो बस मौका चाहिए मुझे छेड़ने का
  4770. 3:48:11मैं तो बस यह सोच रही थी कि हर बार श्रवण
  4771. 3:48:14का कुछ ऐसा काम मेरे सामने आता है जो मुझे
  4772. 3:48:17हैरान कर देता है मैं खुद ही नहीं समझ
  4773. 3:48:20पाती कि आखिर यह है क्या? आज से कुछ दिन
  4774. 3:48:23पहले अगर तुम इसे देखती तो तुम इसके साथ
  4775. 3:48:25खड़े होने में भी कतराती। पर इन कुछ दिनों
  4776. 3:48:28में इसके अंदर इतना चेंज आया है कि तुम
  4777. 3:48:30कल्पना भी नहीं कर सकती।
  4778. 3:48:33शिप्रा ने मेघना की ओर मुड़कर अपना
  4779. 3:48:35आश्चर्य प्रकट करते हुए कहा।
  4780. 3:48:38यह तो अच्छी बात है ना। तुम भी तो ऐसा ही
  4781. 3:48:41चाहती हो। मेघना बोली इस पर शिप्रा ने भी
  4782. 3:48:45मेघना के सामने शौर्य को लेकर अपने विचार
  4783. 3:48:48व्यक्त किए। सच कहूं तो मैं नहीं चाहती कि
  4784. 3:48:52वो हर चीज में इतना अच्छा दिखे। मुझे उसके
  4785. 3:48:55बढ़ते कद से जलन होने लगी है। मैं जब भी
  4786. 3:48:58देखती हूं तब मैं किसी ना किसी नई [संगीत]
  4787. 3:49:00लड़की को इसके साथ देखती हूं। तो मुझे
  4788. 3:49:03अच्छा नहीं लगता और सबसे बड़ी बात यह है
  4789. 3:49:06कि मैं खुद ही इसके साथ अपने और उसके बीच
  4790. 3:49:08में कुछ टर्म एंड कंडीशन फिक्स कर चुकी
  4791. 3:49:10हूं। इसी वजह से मैं उसे कुछ बोल भी नहीं
  4792. 3:49:14सकती।
  4793. 3:49:15मेघना ध्यान से शिप्रा की बात सुनती रही
  4794. 3:49:18और अंत में उसके चेहरे को गौर से देखते
  4795. 3:49:21हुए बोली
  4796. 3:49:23[संगीत]
  4797. 3:49:24क्या तुम्हें श्रवण से प्यार हो गया है
  4798. 3:49:27मेघना की बात सुनकर शिप्रा कुछ पल मेघना
  4799. 3:49:30को देखती रही फिर कुछ सोचती हुई बोली शायद
  4800. 3:49:34यह कहना जल्दबाजी होगी कि मुझे उससे प्यार
  4801. 3:49:37हो गया पर कुछ चीजें ऐसी हैं जो मैं देखती
  4802. 3:49:40हूं तो मुझे अच्छा नहीं लगता जैसे मैं
  4803. 3:49:43किसी लड़की को श्रवण के करीब देखती हूं तो
  4804. 3:49:46[संगीत] मुझे यह बिल्कुल अच्छा नहीं लगता।
  4805. 3:49:49मेघना शिप्रा को देखकर यह समझने की कोशिश
  4806. 3:49:52कर रही थी कि आखिर उसके दिल में क्या चल
  4807. 3:49:54रहा है। उसने एक तरह से शिप्रा पर तंज
  4808. 3:49:58कसते हुए कहा।
  4809. 3:50:00इसे प्यार नहीं कहेंगे तो और क्या कहेंगे?
  4810. 3:50:04अगर तुम उसके पास किसी लड़की को देखना
  4811. 3:50:06गवारा नहीं कर पा रही हो तो यह और कुछ
  4812. 3:50:09कैसे हो सकता है? मैंने कहा ना अभी इसे
  4813. 3:50:13प्यार कहना जल्दबाजी होगी। दरअसल मेरा
  4814. 3:50:16मकसद यह था कि शौर्य की जिंदगी में कोई
  4815. 3:50:19लड़की नहीं होगी तो उसका मेरे पास से जाना
  4816. 3:50:22मुश्किल होगा जिससे हमारे बीच तलाक की कोई
  4817. 3:50:24नौबत नहीं आएगी। और मैं श्रवण से ऐसे ही
  4818. 3:50:28रिश्ते की उम्मीद कर रही थी। पर जिस तरह
  4819. 3:50:30से वह लड़कियों के बीच पॉपुलर हो रहा है,
  4820. 3:50:33कहीं अगर उसे किसी लड़की से लगाव हो जाता
  4821. 3:50:35है या प्यार हो जाता है तो स्वाभाविक है
  4822. 3:50:38वो उससे शादी करना चाहेगा। इतना कहकर
  4823. 3:50:42शिप्रा एक पल रुकी फिर बोली और उस स्थिति
  4824. 3:50:45[संगीत] में वो मुझसे तलाक लेना चाहेगा जो
  4825. 3:50:48कि मैं नहीं चाहती मैं जिस स्थिति में
  4826. 3:50:51रहना चाहती हूं उसके लिए श्रवण एकदम
  4827. 3:50:53परफेक्ट है क्योंकि मैं दोबारा इस तरह के
  4828. 3:50:56किसी रिश्ते में बनना नहीं चाहती। अब तो
  4829. 3:50:59वैसे भी विहान फिर से मेरे घर वालों के
  4830. 3:51:02सामने दोबारा इस कोशिश में लग गया है कि
  4831. 3:51:04वो मुझसे शादी कर ले और अगर ऐसी स्थिति
  4832. 3:51:07में श्रवण मुझसे अलग होता है तो मेरे
  4833. 3:51:09घरवाले तो मेरी शादी के पीछे ही पड़
  4834. 3:51:11जाएंगे।
  4835. 3:51:13शिप्रा ने अपनी बात मेघना को समझाने की
  4836. 3:51:15कोशिश की। पर देखा जाए तो सही मायने में
  4837. 3:51:19मेघना को समझ नहीं आया कि शिप्रा आखिर
  4838. 3:51:22चाहती क्या है? ना वह श्रवण को अपनाना
  4839. 3:51:24चाहती है और ना ही वह उसे छोड़ना चाहती
  4840. 3:51:27है। तो फिर बेचारा श्रवण तो घड़ी के
  4841. 3:51:30पेंडुलम की तरह इधर-उधर डोलता ही रह
  4842. 3:51:32जाएगा। मेघना अफसोस भरे स्वर में शिप्रा
  4843. 3:51:36से बोली मुझे तो बेचारे श्रवण पर तरस आ
  4844. 3:51:39रहा है। मेघना की बात सुनकर शिप्रा अपनी
  4845. 3:51:42आंखें सिकोड़ कर बोली।
  4846. 3:51:45तुम्हारी बात का मतलब क्या है? तुम क्या
  4847. 3:51:47कहना चाहती हो? क्या मैं श्रवण पर कोई
  4848. 3:51:50जुल्म कर रही हूं?
  4849. 3:51:52यह जुल्म नहीं तो और क्या है? ना तुम उसको
  4850. 3:51:55अपनाना चाहती हो और ना ही छोड़ना चाहती
  4851. 3:51:57हो। इससे बड़ा जुर्म एक लड़के के लिए और
  4852. 3:52:00क्या हो सकता है? मेघना ने जवाब दिया। तो
  4853. 3:52:04शिप्रा मेघना की आंखों में देखते हुए
  4854. 3:52:06[संगीत] बोली। मैंने उससे कोई जबरदस्ती
  4855. 3:52:09नहीं की है। मैंने अपनी कंडीशन उसके सामने
  4856. 3:52:12पहले ही रख दी थी और वो भी इसके लिए तैयार
  4857. 3:52:15हो गया था। तो फिर तुम यह कैसे कह सकती हो
  4858. 3:52:18कि मैं उस पर जुल्म कर रही हूं? इस पर
  4859. 3:52:21मेघना ने असमंजस भरे स्वर में कहा,
  4860. 3:52:24"सच कहूं तो मुझे तुम खुद कंफ्यूज लगती
  4861. 3:52:26हो। तुम्हें खुद ही नहीं पता कि तुम चाहती
  4862. 3:52:29क्या हो।"
  4863. 3:52:31उसने अपनी बात जारी रखते हुए कहा, वैसे
  4864. 3:52:34मैं तुम्हें यह कहना चाहूंगी कि श्रवण के
  4865. 3:52:36मामले में तुम जो भी कदम उठाना, सोच समझ
  4866. 3:52:39कर उठाना। यह शर्तों वाली शादी ज्यादा समय
  4867. 3:52:42तक नहीं चल सकती। अगर उसके साथ रहना चाहती
  4868. 3:52:46हो तो उसे पूरी तरह से अपना लो या उससे
  4869. 3:52:48अलग हो जाओ।
  4870. 3:52:51इसके जवाब में शिप्रा ने मेघना के सामने
  4871. 3:52:53अपने इरादे स्पष्ट करते हुए कहा,
  4872. 3:52:56"मैंने श्रवण के सामने अपनी कंडीशन पहले
  4873. 3:52:59ही साफ कर दी है। अगर वह इसके साथ चलता
  4874. 3:53:02है, तो मुझे क्या जरूरत है उससे तलाक लेने
  4875. 3:53:04की? मैं तो पूरी जिंदगी इस रिश्ते में ही
  4876. 3:53:07बंधे रहना चाहूंगी। मैं अपने डिसीजन के
  4877. 3:53:10साथ एकदम पक्की हूं। बस मुझे यह डर है कि
  4878. 3:53:13कहीं श्रवण इस मामले में कमजोर ना पड़
  4879. 3:53:16जाए।
  4880. 3:53:17उसी समय बीना जी शिप्रा के पास आई और बोली
  4881. 3:53:21चलो अब जाकर केक तो काट लो। अब तो सारे
  4882. 3:53:25मेहमान भी आ गए हैं। टाइम भी हो गया है।
  4883. 3:53:29उसके बाद शिप्रा मेघना के साथ उस टेबल के
  4884. 3:53:32पास चली गई जिस पर एक बड़ा सा केक सजा हुआ
  4885. 3:53:34था। घर के ज्यादातर मेंबर्स उस समय उस
  4886. 3:53:38टेबल के पास इकट्ठे हो गए। शिप्रा के एक
  4887. 3:53:41तरफ उसके पापा राजदीप राय और राहुल और
  4888. 3:53:44दूसरी तरफ बीना जी खड़ी हो गई थी। मेघना
  4889. 3:53:48ने केक पर लगी कैंडल्स को जलाया। जब सब
  4890. 3:53:51कुछ रेडी हो गया तो बीना जी ने शिप्रा को
  4891. 3:53:53केक काटने के लिए कहा। शिप्रा ने फूंक
  4892. 3:53:56मारकर पहले कैंडल्स बुझाई। फिर केक कट
  4893. 3:53:59किया। पूरे हॉल में हैप्पी बर्थडे शिप्रा
  4894. 3:54:02के बोल गूंजने लगे।
  4895. 3:54:05शिप्रा ने केक में से एक टुकड़ा उठाकर
  4896. 3:54:07पहले बीना जी को खिलाया। फिर अपने पापा
  4897. 3:54:10राजदीप जी को जब यह सब हो रहा था उसी समय
  4898. 3:54:14मेघना शौर्य की तलाश में अपनी नजरें चारों
  4899. 3:54:17तरफ घुमा रही थी तो शौर्य उसे सामने ही
  4900. 3:54:20मेघा के साथ खड़ा नजर आया। मेघना को अब तक
  4901. 3:54:23शिप्रा और शौर्य की स्थिति बहुत हद तक समझ
  4902. 3:54:26में आ गई थी। वो समझ गई थी कि शिप्रा को
  4903. 3:54:29शौर्य पति के रूप में तो चाहिए था पर वो
  4904. 3:54:32उसे पति का अधिकार नहीं देना चाहती थी। वो
  4905. 3:54:36समझती थी कि यह बहुत कंफ्यूजिंग है। पर वो
  4906. 3:54:39उन दोनों के बीच में कोई हस्तक्षेप नहीं
  4907. 3:54:41कर सकती थी।
  4908. 3:54:43मेघना को यह बात भी अच्छे से समझ में आ
  4909. 3:54:45रही थी कि अगर शिप्रा का यही रवैया शौर्य
  4910. 3:54:48के प्रति रहा तो वह बहुत ज्यादा समय तक
  4911. 3:54:51शौर्य को अपने साथ नहीं रख पाएगी। शौर्य
  4912. 3:54:54जितनी तेजी से लड़कियों का ध्यान अपनी ओर
  4913. 3:54:57खींच रहा था, जल्दी ही वह भी किसी के
  4914. 3:54:59आकर्षण में कैद हो सकता है। ऐसी सिचुएशन
  4915. 3:55:03में अगर उसे अपना रिलेशन आगे बढ़ाना होगा,
  4916. 3:55:06तो उसे मजबूरन शिप्रा से अलग होना पड़ेगा।
  4917. 3:55:09तब शिप्रा ज्यादा वक्त तक शौर्य को अपना
  4918. 3:55:12डमी हस्बैंड बनाकर अपने पास नहीं रख
  4919. 3:55:14पाएगी।
  4920. 3:55:16मेघना ने खुद भी महसूस किया था कि वह अपने
  4921. 3:55:19दिल में शौर्य के प्रति आकर्षण महसूस कर
  4922. 3:55:21रही थी। शौर्य का जो बेपरवाह अंदाज था वो
  4923. 3:55:25किसी का भी ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लेता
  4924. 3:55:28था। उसे ज्यादा कोशिश नहीं करनी पड़ती थी।
  4925. 3:55:32मेघना जो शुरुआत में शौर्य को कोई तरजीह
  4926. 3:55:34नहीं दे रही थी। अचानक ही वह भी खुद को
  4927. 3:55:37उसके आकर्षण में आने से रोक नहीं पाई। अगर
  4928. 3:55:40शौर्य उसकी बहन का पति नहीं होता तो शायद
  4929. 3:55:43वह आगे शौर्य के लिए सीरियस होती। पर जब
  4930. 3:55:47से उसे पता चला कि शौर्य उसकी बहन का पति
  4931. 3:55:50है, वो अब उन दोनों के रिश्ते के बारे में
  4932. 3:55:52सोचने लगी। जब शिप्रा ने अपने हाथों से
  4933. 3:55:56राजदीप जी और बीरा जी को केक खिलाया तो
  4934. 3:55:58पास खड़ा राहुल शौर्य की ओर देखता रहा।
  4935. 3:56:01उसे उम्मीद थी कि उसकी दीदी अपने जीजू को
  4936. 3:56:04भी केक खिलाएंगी। लेकिन शिप्रा ने उसकी
  4937. 3:56:07तरफ ध्यान ही नहीं दिया। राहुल को यह बात
  4938. 3:56:10अच्छी नहीं लग रही थी कि शौर्य को इग्नोर
  4939. 3:56:12किया जा रहा है। लेकिन वो यह भी समझ रहा
  4940. 3:56:15था कि यूं अचानक रातोंरात उसकी दीदी के
  4941. 3:56:18दिल में शौर्य के लिए लगाव पैदा नहीं हो
  4942. 3:56:20सकता था। लेकिन वो खुद शौर्य से काफी
  4943. 3:56:23प्रभावित हो चुका था। उसे लगने लगा था कि
  4944. 3:56:27उसकी जीजू जैसा समझदार और अच्छा इंसान
  4945. 3:56:30शायद ही उसकी दीदी को कभी [संगीत] मिले।
  4946. 3:56:32वो बस चाहता था कि उसकी दीदी के दिल में
  4947. 3:56:35भी शौर्य के लिए प्यार की भावना आ जाए। पर
  4948. 3:56:38कोई था जो इस मौके को [संगीत] यूं ही हाथ
  4949. 3:56:41से निकलने नहीं देना चाहता था और वो कोई
  4950. 3:56:44और नहीं युविका थी। उसने देखा कि शिप्रा
  4951. 3:56:47ने अंकल आंटी को तो अपने हाथों से केक
  4952. 3:56:49खिलाया लेकिन शौर्य की तरफ एक बार भी
  4953. 3:56:52ध्यान नहीं दिया। इस बात [संगीत] को उसने
  4954. 3:56:55तुरंत एक मौके की तरह इस्तेमाल किया और
  4955. 3:56:57मुस्कुराते हुए शिप्रा से कहा
  4956. 3:57:02अरे शिप्रा तुमने अपने पति की तरफ एक नजर
  4957. 3:57:05भी नहीं डाली? यह कैसा भेदभाव है भला? वो
  4958. 3:57:09भी तो इतना हकदार है कि तुम्हारे बर्थडे
  4959. 3:57:11का केक तुम्हारे हाथों से ही खाए।
  4960. 3:57:15युविका तो यह बात कहकर एक नया मुद्दा छोड़
  4961. 3:57:17गई। लेकिन उसकी यह बात वहां मौजूद कई
  4962. 3:57:21लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई।
  4963. 3:57:24क्योंकि अब बहुत सारे लोगों को पता चल गया
  4964. 3:57:26था कि शौर्य यानी श्रवण जो उसका पति है वो
  4965. 3:57:30शिप्रा के आसपास भी नहीं खड़ा था। बल्कि
  4966. 3:57:33वो उसके सामने बाकी दूसरे गेस्ट्स की तरह
  4967. 3:57:36ही उसके लिए ताली बजा रहा था। वैसे शौर्य
  4968. 3:57:39को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता था
  4969. 3:57:42क्योंकि वो यह उम्मीद भी नहीं कर रहा था
  4970. 3:57:44कि शिप्रा उसे अपने हाथों से केक खिलाएगी।
  4971. 3:57:47उसे अपने और शिप्रा के रिश्ते की हकीकत
  4972. 3:57:50अच्छी तरह पता थी। लेकिन वो लोगों को कुछ
  4973. 3:57:53भी बोलने से रोक नहीं सकता था।
  4974. 3:57:56शिप्रा को भी यह उम्मीद नहीं थी कि युविका
  4975. 3:57:58इस तरह सबके सामने ऐसी बात कहकर उसके लिए
  4976. 3:58:01एक ऑकवर्ड स्थिति पैदा कर देगी। उसे अपनी
  4977. 3:58:05गलती का एहसास भी हुआ कि उसने इस बात पर
  4978. 3:58:07ध्यान ही नहीं दिया था। केक काटते समय
  4979. 3:58:11उसकी पूरी फैमिली उसके साथ खड़ी थी। जबकि
  4980. 3:58:14शौर्य दूसरी तरफ बाकी मेहमानों के बीच
  4981. 3:58:17खड़ा था। पर अब देर हो चुकी थी। उसने
  4982. 3:58:21शौर्य की तरफ देखा तो वो अपने बाकी
  4983. 3:58:23मेहमानों के साथ मेघा के पास खड़ा नजर
  4984. 3:58:26आया। उसे इस बात पर पहले ध्यान देना चाहिए
  4985. 3:58:29था पर वो इसमें [संगीत] चूक गई। भले ही वो
  4986. 3:58:33अपने हाथों से शौर्य को केक नहीं खिलाती
  4987. 3:58:36पर कम से कम उसे केक काटते वक्त अपने
  4988. 3:58:38परिवार के साथ खड़ा तो रख ही सकती थी।
  4989. 3:58:42क्या शिबरा यह भी नहीं कर पाई?
  4990. 3:58:45जब उसे यह एहसास हुआ, तो वह एक गिल्ट में
  4991. 3:58:47चली गई। उसे अफसोस होने लगा कि उसने ऐसी
  4992. 3:58:51गलती कैसे कर दी। वो अच्छी तरह जानती थी
  4993. 3:58:54कि वहां कई ऐसे लोग मौजूद हैं जो उसके और
  4994. 3:58:57शौर्य के बीच की छोटी सी भी गलती को पकड़
  4995. 3:59:00कर उसे नीचा दिखाने का कोई मौका नहीं
  4996. 3:59:02छोड़ते और इस बार उसने अनजाने में खुद ही
  4997. 3:59:06उन्हें वह मौका दे दिया था। शिप्रा ने
  4998. 3:59:09शौर्य की ओर देखा तो वह इन सब बातों से
  4999. 3:59:12पूरी तरह बेपरवाह नजर आया।
  5000. 3:59:15तभी इन सब बातों के बीच बलवंत राय सामने
  5001. 3:59:18आए और उन्होंने दूसरे गेस्ट के बीच हो रही
  5002. 3:59:21चर्चाओं को रोकते हुए अपनी बात रखी।
  5003. 3:59:25मैं समझ रहा हूं कि आप सब क्या सोच रहे
  5004. 3:59:27होंगे। लेकिन शिप्रा और श्रवण का रिश्ता
  5005. 3:59:30इतना आसान नहीं है। जिन हालात में यह
  5006. 3:59:34दोनों इसमें आए हैं, वो किसी के लिए भी
  5007. 3:59:36सहज नहीं होगा। ऐसे रिश्तों को समय लगता
  5008. 3:59:40है और सच यह भी है कि यह रिश्ता आगे टिक
  5009. 3:59:44पाएगा या नहीं यह अभी कहना मुश्किल है।
  5010. 3:59:48उन्होंने अपनी बात आगे रखते हुए यह भी कहा
  5011. 3:59:52आप सभी जानते हैं कि शिप्रा की शादी विहान
  5012. 3:59:55से होने वाली थी और किन हालातों में विहान
  5013. 3:59:58को मजबूरी में शादी के मंडप से जाना पड़ा
  5014. 4:00:01था यह भी किसी से छिपा नहीं है। लेकिन
  5015. 4:00:05सच्चाई यह है कि आज भी विहान शिप्रा को
  5016. 4:00:08पसंद करता है और उससे शादी करना चाहता है।
  5017. 4:00:12बलवंत राय के ये कहते ही सभी उनकी ओर
  5018. 4:00:15आंखें फाड़ कर देखने लगे। फिर उन्होंने
  5019. 4:00:18आगे अपनी बात रखते हुए यह भी साफ किया आज
  5020. 4:00:22हमारे साथ धर्मवीर रायजादा भी मौजूद हैं
  5021. 4:00:25और वह भी यही चाहते हैं। शिप्रा पहले भी
  5022. 4:00:28उनके घर की बहू बनने वाली थी और अभी भी वो
  5023. 4:00:32शिप्रा को अपने घर की बहू बनाने को तैयार
  5024. 4:00:35हैं। और दूसरी बात जिस स्थिति में शिप्रा
  5025. 4:00:39और श्रवण की शादी हुई है उसे शादी कहना भी
  5026. 4:00:42सही होगा या नहीं।
  5027. 4:00:45इतना कहकर बलवंत राय चुप हो गए। उनकी बात
  5028. 4:00:48सुनने के बाद शौर्य कुछ पल तक चुपचाप
  5029. 4:00:51उन्हें देखता रहा। उसके चेहरे पर कोई खास
  5030. 4:00:55भाव नहीं था। पर उसकी आंखों में धीरे-धीरे
  5031. 4:00:58एक ठंडा गुस्सा उतरता जा रहा था। जिस तरह
  5032. 4:01:02से पूरे हॉल के सामने उसकी औकात की बात की
  5033. 4:01:05गई थी, इस बात ने उसके अंदर की आग को
  5034. 4:01:08भड़का दिया था। उसे गरीब कहलाने से कभी
  5035. 4:01:11फर्क नहीं पड़ा था। क्योंकि उसने जिंदगी
  5036. 4:01:13में इससे भी बुरे शब्द सुने थे। पर किसी
  5037. 4:01:17के सामने उसकी इज्जत को इस तरह कुचल दिया
  5038. 4:01:19जाए यह बात उसे अंदर तक चुभ गई थी। खासकर
  5039. 4:01:23तब जब उसने कभी खुद आगे बढ़कर इस रिश्ते
  5040. 4:01:26की मांग नहीं [संगीत] की थी। पूरा हॉल इस
  5041. 4:01:29समय शांत था। सभी गेस्ट की नजरें शौर्य पर
  5042. 4:01:33ही टिकी हुई थी। कुछ लोग उसके लिए
  5043. 4:01:35सहानुभूति महसूस कर रहे थे तो कुछ लोग मजे
  5044. 4:01:39ले रहे थे। वहीं दूर खड़ा विहान अंदर ही
  5045. 4:01:42अंदर खुश हो रहा था। उसे लग रहा था कि
  5046. 4:01:45आखिरकार आज शौर्य को उसकी असली जगह दिखा
  5047. 4:01:48दी गई है। वहीं शिप्रा का दिल तेजी से
  5048. 4:01:51धड़क रहा था। वो समझ नहीं पा रही थी कि
  5049. 4:01:54आखिर उसके दादाजी यह सब क्यों कर रहे हैं।
  5050. 4:01:58अगर उन्हें कुछ कहना ही था तो वह अकेले
  5051. 4:02:00में भी बात कर सकते थे। पर उन्होंने भरी
  5052. 4:02:03महफिल में शौर्य को नीचा दिखाना जरूरी
  5053. 4:02:06समझा। यह [संगीत] बात शिप्रा को अंदर ही
  5054. 4:02:08अंदर खाए जा रही थी। वो आगे बढ़कर कुछ
  5055. 4:02:12कहना चाहती थी। लेकिन राजदीप राय ने अब भी
  5056. 4:02:15उसका हाथ पकड़े रखा था। उनके चेहरे पर भी
  5057. 4:02:18बेचैनी साफ दिख रही थी। शायद उन्हें भी
  5058. 4:02:22अंदाजा नहीं था कि बात इतनी आगे बढ़
  5059. 4:02:24जाएगी। इसी बीच बलवंत राय ने फिर से अपनी
  5060. 4:02:28बात रखते हुए कहा।
  5061. 4:02:30श्रवण मैं तुम्हें बस समझाने की कोशिश कर
  5062. 4:02:33रहा हूं। तुम्हें समझना चाहिए कि शिप्रा
  5063. 4:02:36और तुम्हारे बीच काफी फर्क है। यह रिश्ता
  5064. 4:02:40लंबे समय तक चल पाएगा। इसकी संभावना बहुत
  5065. 4:02:43कम है। इसीलिए जितनी जल्दी तुम सच को मान
  5066. 4:02:47लो उतना अच्छा होगा।
  5067. 4:02:50शौर्य अब भी शांत खड़ा था।
  5068. 4:02:53उसने धीरे से अपनी नजर उठाई और बलवंत राय
  5069. 4:02:56की आंखों में देखते हुए पूछा। क्या आपकी
  5070. 4:02:59बात खत्म हो गई?
  5071. 4:03:02उसकी आवाज बहुत शांत थी। पर उसमें ऐसा
  5072. 4:03:05दबाव था कि आसपास खड़े लोग खुद चुप हो गए।
  5073. 4:03:10बलवंत राय कुछ पल के लिए रुक गए। शायद
  5074. 4:03:13उन्हें उम्मीद नहीं थी कि शौर्य इस तरह
  5075. 4:03:16जवाब देगा।
  5076. 4:03:18शौर्य आगे आकर स्पष्ट आवाज में बोला। पहली
  5077. 4:03:22बात मैंने कभी किसी से यह नहीं कहा कि
  5078. 4:03:25मुझे अपना दामाद मानिए। और दूसरी बात मुझे
  5079. 4:03:29मेरी औकात समझाने से पहले लोग खुद की औकात
  5080. 4:03:32देख लें तो बेहतर होगा।
  5081. 4:03:36उसकी बात सुनकर वहां मौजूद लोगों के चेहरे
  5082. 4:03:39बदल गए। धर्मवीर रायजादा की आंखें सिकुड़
  5083. 4:03:42गई। वहीं विहान का चेहरा भी तमतमा उठा।
  5084. 4:03:46शौर्य ने बिना रुके आगे स्पष्ट कहा। आप
  5085. 4:03:50लोग बार-बार मुझे भिखारी कह रहे हैं। मुझे
  5086. 4:03:52इससे फर्क नहीं पड़ता क्योंकि आदमी की
  5087. 4:03:55कीमत उसके पैसे से नहीं उसके चरित्र से
  5088. 4:03:58होती है।
  5089. 4:03:59विहान अब खुद को रोक नहीं पाया और गुस्से
  5090. 4:04:02में चिल्ला पड़ा।
  5091. 4:04:04मतलब तुम कहना क्या चाहते हो? यह सुनते ही
  5092. 4:04:08शौर्य ने बस उसकी ओर देखा। उसकी आंखों में
  5093. 4:04:11ऐसी ठंडक थी कि एक पल के लिए विहान भी
  5094. 4:04:14बेचैन सा हो गया। फिर शौर्य ने आगे कहा
  5095. 4:04:19मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि जो आदमी
  5096. 4:04:22अपनी होने वाली पत्नी को शादी के मंडप में
  5097. 4:04:25अकेला छोड़कर भाग गया हो उसे किसी दूसरे
  5098. 4:04:29को पति कहलाने लायक है या नहीं इस पर सवाल
  5099. 4:04:32उठाने का कोई हक नहीं है। शौर्य की बात
  5100. 4:04:36सुनते ही पूरे हॉल में फिर से कान्हा
  5101. 4:04:39फूंसी शुरू हो गई। विहान का चेहरा अपमान
  5102. 4:04:42से लाल हो गया। उसे लगा जैसे किसी ने सबके
  5103. 4:04:46सामने उसके मुंह पर तमाचा मार दिया हो। वो
  5104. 4:04:49कुछ बोलना चाहता था पर उसके पास शब्द ही
  5105. 4:04:52नहीं थे। इसी बीच शिप्रा ने अचानक अपना
  5106. 4:04:56हाथ झटक कर राजदीप राय की पकड़ से छुड़ा
  5107. 4:04:58लिया। उसकी आंखों में गुस्सा साफ नजर आ
  5108. 4:05:02रहा था। वो सीधे शौर्य के पास जाकर खड़ी
  5109. 4:05:05हो गई। यह देखकर वहां मौजूद लगभग सभी लोग
  5110. 4:05:09हैरान रह गए। मेघना के चेहरे पर हल्की
  5111. 4:05:13मुस्कान आ गई। जबकि राहुल राहत की सांस
  5112. 4:05:16लेने लगा। शिप्रा ने अपने दादाजी की तरफ
  5113. 4:05:19देखते हुए कहा, "दादाजी बस बहुत हो गया।"
  5114. 4:05:25आज जो कुछ यहां हो रहा है, उसके लिए मैं
  5115. 4:05:27बिल्कुल तैयार नहीं थी [संगीत] और ना ही
  5116. 4:05:29मैं किसी से दोबारा शादी करने वाली हूं।
  5117. 4:05:32शिप्रा
  5118. 4:05:34राजदीप राय गुस्से में चिल्लाए। पर इस बार
  5119. 4:05:38शिप्रा नहीं रुकी और उसने सबके सामने साफ
  5120. 4:05:41शब्दों में अपना फैसला सुनाया। हां, मेरी
  5121. 4:05:45और श्रवण की शादी जैसी भी हुई हो, लेकिन
  5122. 4:05:48यह मेरी शादी है और जब तक मैं खुद ना
  5123. 4:05:51चाहूं, कोई भी मेरे रिश्ते का फैसला नहीं
  5124. 4:05:54करेगा।
  5125. 4:05:56उसकी बात सुनकर हॉल में सन्नाटा छा गया।
  5126. 4:05:59धर्मवीर रायजादा का चेहरा कठोर हो गया। वो
  5127. 4:06:03गरजते हुए बोले तो इसका मतलब तुम हमारे
  5128. 4:06:06रिश्ते को ठुकरा रही हो। शिप्रा ने बिना
  5129. 4:06:10डरे जवाब दिया। अगर उस रिश्ते की शुरुआत
  5130. 4:06:14किसी दूसरे की बेइज्जती से होती है तो
  5131. 4:06:16हां। विहान का धैर्य अब जवाब दे चुका था।
  5132. 4:06:20वो गुस्से से भरकर चीख पड़ा। तुम इस आदमी
  5133. 4:06:24के लिए मुझे रिजेक्ट कर रही हो।
  5134. 4:06:28शिप्रा ने उसकी तरफ देखकर कहा नहीं विहान
  5135. 4:06:32मैं तुम्हारी सोच की वजह से रिजेक्ट कर
  5136. 4:06:34रही हूं। क्योंकि जो इंसान हर बार किसी
  5137. 4:06:37दूसरे को नीचा दिखाकर खुद को ऊपर साबित
  5138. 4:06:40करना चाहता है वो कभी बड़ा नहीं हो सकता।
  5139. 4:06:44यह सुनकर विहान की मुट्ठियां बिच गई। उसकी
  5140. 4:06:47आंखों में गुस्सा और बदले की आग भड़क उठी।
  5141. 4:06:50दूसरी तरफ शौर्य जो अब तक खामोश था। पहली
  5142. 4:06:54बार शिप्रा को एक अलग नजर से देख रहा था।
  5143. 4:06:57ठंडी भीड़ के बीच वो उसके साहस को महसूस
  5144. 4:07:00कर रहा था। क्योंकि आज पहली बार शिप्रा ने
  5145. 4:07:03उसके लिए अपने ही परिवार के खिलाफ खड़े
  5146. 4:07:06होने की हिम्मत दिखाई थी।
  5147. 4:07:09तभी शौर्य ताली बजाते हुए आगे आ गया। ताली
  5148. 4:07:13की आवाज सुनते ही सबकी नजरें उस पर टिक
  5149. 4:07:15गई। शिप्रा भी हैरानी से उसे देखने लगी कि
  5150. 4:07:19अचानक उसे क्या हो गया। बलवंत राय भी चौंक
  5151. 4:07:23कर उसकी तरफ देखने लगे कि वह अचानक ताली
  5152. 4:07:26क्यों बजा रहा है। जबकि मेघना समझ गई थी
  5153. 4:07:30कि बलवंत राय की बातें शौर्य के ईगो को
  5154. 4:07:32बुरी तरह चुब चुकी हैं। यह देखकर वो अंदर
  5155. 4:07:36ही अंदर खुश हो गई। वो समझ गई थी कि अब
  5156. 4:07:40शौर्य कुछ ऐसा करने वाला है जो बलवंत राय
  5157. 4:07:42पर भारी पड़ेगा।
  5158. 4:07:45बलवंत राय ने शौर्य से पूछा,
  5159. 4:07:48तुम्हारे इस ताली बजाने का क्या मतलब
  5160. 4:07:50समझूं मैं?
  5161. 4:07:52शौर्य ने हल्की सी मुस्कान के साथ ठंडे
  5162. 4:07:55लहजे में अपनी बात रखी।
  5163. 4:07:58इसका मतलब यह है कि मैं आपका पपेट नहीं
  5164. 4:08:01हूं जो आपके कहने पर उठेगा या बैठेगा।
  5165. 4:08:05मैंने अपनी बेइज्जती करने का हक किसी को
  5166. 4:08:07नहीं दिया है। और आपको तो हरगिज़ नहीं।
  5167. 4:08:11मुझे मेरी औकात दिखाने से पहले अपनी औकात
  5168. 4:08:14तो देख लेते। वो कुछ पल रुका। फिर तीखे
  5169. 4:08:17स्वर में गरजते हुए बोला, "क्या औकात है
  5170. 4:08:20आपकी? एक गली का गुंडा सरेआम आपकी पोती की
  5171. 4:08:24शादी एक भिखारी से कर देता है और आप जैसे
  5172. 4:08:27औकात वाले लोग देखते रह जाते हैं।" क्या
  5173. 4:08:30यही है आपकी हैसियत?
  5174. 4:08:33शौर्य के यह कहते ही हॉल में सन्नाटा छा
  5175. 4:08:35गया और उसने अपनी बात रखते हुए आगे कहा,
  5176. 4:08:39"मेरी औकात इतनी थी कि जब मेरी शादी आपकी
  5177. 4:08:42पोती से जबरदस्ती करवाई जा रही थी, तब भी
  5178. 4:08:45मैं नहीं झुका। मैंने यह शादी आपके परिवार
  5179. 4:08:48के एक बच्चे की जान बचाने के लिए आपकी ही
  5180. 4:08:51विनती पर की थी। याद है? जब उस गुंडे ने
  5181. 4:08:55आपके पोते पर अपनी तलवार रखी थी तब आपकी
  5182. 4:08:58बहू ने ही मुझसे कहा था कि जैसा वो कहे
  5183. 4:09:01वैसा करूं।
  5184. 4:09:04उसकी आवाज और भारी हो गई और वो आगे गरजते
  5185. 4:09:07हुए बोला अब बताइए उस वक्त आपकी क्या औकात
  5186. 4:09:11थी? मैं खुद आपके पास दामाद बनने नहीं आया
  5187. 4:09:14था। आप लोग ही मुझे लेकर आए थे। आपको अपनी
  5188. 4:09:18इज्जत बचानी थी। मुझे नहीं। मैं अपनी हालत
  5189. 4:09:22पर नहीं। आप अपनी नाकामी पर शर्मिंदा थे।
  5190. 4:09:26इतना कहकर शौर्य कुछ पल के लिए रुक गया।
  5191. 4:09:29वो देखना चाहता था कि उसकी बात के जवाब
  5192. 4:09:32में कोई कुछ बोलता है या नहीं। बलवंत राय
  5193. 4:09:35का चेहरा गुस्से से लाल हो गया। उन्होंने
  5194. 4:09:38कभी नहीं सोचा था कि शौर्य भरी महफिल में
  5195. 4:09:41उनकी इतनी बेइज्जती कर देगा। और शायद यही
  5196. 4:09:45वह पल था जहां से शौर्य और शिप्रा के
  5197. 4:09:48रिश्ते की दिशा बदलने वाली थी। जब बलवंत
  5198. 4:09:51राय ने शौर्य को नीचा दिखाते हुए जतलाया
  5199. 4:09:54कि उनके बीच एक बहुत बड़ी सामाजिक खाई है
  5200. 4:09:57जिसे शौर्य चाहकर भी कभी पार नहीं कर सकता
  5201. 4:10:00तो उसे अब शिप्रा के साथ अपने रिश्ते को
  5202. 4:10:02भूल जाना चाहिए। इस तरह सबके सामने
  5203. 4:10:05[संगीत] अपनी इज्जत को कुचला जाना शौर्य
  5204. 4:10:08को बर्दाश्त नहीं हुआ और उसने सबके सामने
  5205. 4:10:11बलवंत राय को दो टूक जवाब देते हुए वो
  5206. 4:10:14वक्त याद दिला दिया। जब शौर्य ने शिप्रा
  5207. 4:10:17से शादी करके राय परिवार पर बहुत बड़ा
  5208. 4:10:19एहसान किया था। जिसकी कीमत अब राय परिवार
  5209. 4:10:23भूल गया था। यह सब सुनकर बलवंत राय का
  5210. 4:10:27गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया था।
  5211. 4:10:30लेकिन शौर्य को अब किसी बात से फर्क नहीं
  5212. 4:10:33पड़ रहा था। वो यहीं नहीं रुका। वो सीधे
  5213. 4:10:36धर्मवीर रायजादा के सामने जाकर खड़ा हो
  5214. 4:10:39गया और उनकी तरफ इशारा करते हुए बोला इन
  5215. 4:10:42महाशय को देखिए। इतने समय तक ये जनाब कहां
  5216. 4:10:46थे? अभी तक इन्हें अपनी होने वाली बहू का
  5217. 4:10:49ध्यान नहीं आया और आज अचानक इनका प्यार
  5218. 4:10:51उमड़ आया। अचानक इन्हें याद आ गया कि इनका
  5219. 4:10:55बेटा अपनी होने वाली बहू से बहुत प्यार
  5220. 4:10:57करता है। एक व्यंग भरी हंसी-हंसकर शौर्य
  5221. 4:11:01ने फिर कहा, क्या इसकी वजह कोई बिजनेस
  5222. 4:11:04प्रपोजल तो नहीं? हां, कोई स्वार्थ तो
  5223. 4:11:07नहीं जो अचानक इन्हें अपने बेटे और बहू को
  5224. 4:11:10मिलाने की मजबूरी के रूप में दिखाई दे रहा
  5225. 4:11:13है।
  5226. 4:11:14फिर उसने कंधे उचकाए। अगर ऐसा है भी तो
  5227. 4:11:18मुझे इससे धेले भर का फर्क नहीं पड़ता।
  5228. 4:11:21आपको अपने परिवार में जो करना है कीजिए।
  5229. 4:11:24लेकिन मुझे बलि का बकरा बनना कुबूल नहीं
  5230. 4:11:27है। मैंने किसी को यह हक नहीं दिया कि कोई
  5231. 4:11:30मेरी बेइज्जती करे।
  5232. 4:11:32कहते हुए शौर्य की आवाज अब और सख्त हो गई
  5233. 4:11:36और वो आगे बोला अगर कुछ करना ही है तो
  5234. 4:11:39अपने परिवार के भीतर कीजिए।
  5235. 4:11:41[संगीत]
  5236. 4:11:42लेकिन मुझे उसमें शामिल मत कीजिए। मुझसे
  5237. 4:11:45अपनी शादी को कंटिन्यू करने का प्लान आपकी
  5238. 4:11:48पोती का है। इसीलिए अगर आपको किसी पर दबाव
  5239. 4:11:51बनाना है तो अपनी पोती पर बनाइए। जहां तक
  5240. 4:11:55मेरी बात है आप जब चाहें तलाक के कागजात
  5241. 4:11:59पर मेरा साइन ले सकते हैं। इसके बाद उसने
  5242. 4:12:03सीधे बलवंत राय की आंखों में देखा और बोला
  5243. 4:12:06उम्मीद करता हूं कि आपको मेरी बात समझ में
  5244. 4:12:09आ गई होगी। इसीलिए दोबारा मुझे मेरी औकात
  5245. 4:12:13दिखाने की कोशिश मत कीजिएगा। कुछ नहीं है
  5246. 4:12:16मेरे पास लेकिन उसके बाद भी किसी के सामने
  5247. 4:12:19हाथ नहीं फैलाता।
  5248. 4:12:22इतना बोलकर शौर्य चुप हो गया और गुस्से से
  5249. 4:12:25लाल पड़े बलवंत राय के चेहरे को देखता
  5250. 4:12:27रहा। आखिरकार बलवंत राय भड़क उठे। धेले भर
  5251. 4:12:32की हैसियत नहीं है और मुझे औकात दिखाने
  5252. 4:12:34चले हो। निकल जाओ यहां से। कभी सोचा भी था
  5253. 4:12:38कि इस तरह के आलीशान होटल में घुस भी
  5254. 4:12:40पाओगे? अरे एहसान मानो हमारे परिवार का जो
  5255. 4:12:44आज इन बड़े लोगों के बीच खड़े होने का
  5256. 4:12:47मौका मिला है तुम्हें।
  5257. 4:12:49इस बात पर शौर्य जोर से हंस पड़ा। [हंसी]
  5258. 4:12:53दिखा दी ना अपनी ढेले भर की औकात। इतनी भी
  5259. 4:12:57समझ नहीं है कि मैं यहां अपनी भूख मिटाने
  5260. 4:12:59नहीं आया हूं। मैं यहां आया था आपका
  5261. 4:13:02सम्मान बचाने के लिए क्योंकि आपकी पोती
  5262. 4:13:06मुझे अपना पति मानती है और उसके बुलाने पर
  5263. 4:13:09ही यहां आया हूं। उसकी आंखों में तिरस्कार
  5264. 4:13:12साफ दिखाई दे रहा था। लेकिन आपको तो इतनी
  5265. 4:13:16भी तहजीब नहीं है कि घर आए मेहमान को
  5266. 4:13:19सम्मान कैसे दिया जाता है। मुझे इज्जत
  5267. 4:13:22प्यारी है। इसीलिए मुझे यहां रुकने का कोई
  5268. 4:13:25शौक नहीं है। इतना कहकर शौर्य मेघा के साथ
  5269. 4:13:29उस हॉल से बाहर चला गया।
  5270. 4:13:32शिप्रा तो समझ ही नहीं पाई कि इतनी देर
  5271. 4:13:35में आखिर यह सब क्या हो गया। वो शौर्य को
  5272. 4:13:38रोकना चाहती थी। लेकिन राजदीप जी ने उसे
  5273. 4:13:41कुछ भी करने से रोक लिया। दूसरी तरफ मेघना
  5274. 4:13:45एक बार फिर से शौर्य की फैन हो गई थी। जिस
  5275. 4:13:48तरह उसने सबके सामने [संगीत] बलवंत राय को
  5276. 4:13:51जवाब दिया था, वो उस बात को इमेजिन भी
  5277. 4:13:54नहीं कर पा रही थी। हालांकि उसे यह डर भी
  5278. 4:13:57सताने लगा था कि कहीं बलवंत राय अपनी
  5279. 4:14:00पहुंच का इस्तेमाल करके शौर्य के काम में
  5280. 4:14:02अड़चन पैदा करने की कोशिश ना [संगीत]
  5281. 4:14:04करें। अगर ऐसा हुआ तो शायद यह शौर्य के
  5282. 4:14:08लिए सही नहीं होगा।
  5283. 4:14:10शौर्य के वहां से जाने के बाद पूरे हॉल
  5284. 4:14:13में सन्नाटा छा गया। ऐसा लग रहा था कि अगर
  5285. 4:14:16एक सुई भी गिरे तो उसकी आवाज साफ सुनाई दे
  5286. 4:14:19जाएगी।
  5287. 4:14:21आखिरकार इस खामोशी को शिप्रा ने तोड़ा। वो
  5288. 4:14:25अपने पापा से हाथ छुड़ाकर अपने दादाजी के
  5289. 4:14:27पास पहुंची और गुस्से में बोली।
  5290. 4:14:30यह क्या था दादाजी? आखिर इस सबका क्या
  5291. 4:14:34मतलब था? श्रवण ने ऐसा क्या किया जो आप
  5292. 4:14:37उसे उसकी हैसियत दिखाने लगे? तभी पीछे से
  5293. 4:14:41राजदीप जी उसके पास पहुंचे और उसका हाथ
  5294. 4:14:44पकड़ते हुए दबी आवाज में बोले अभी चुप करो
  5295. 4:14:48शिप्रा। हम इस बारे में घर जाकर बात
  5296. 4:14:50करेंगे। यहां सबके बीच यह सब बात करने का
  5297. 4:14:54कोई फायदा नहीं है। शिप्रा भी इस बात को
  5298. 4:14:57महसूस कर चुप रह गई। पर उसका शरीर गुस्से
  5299. 4:15:00से जल रहा था। वह समझ रही थी कि इस सबके
  5300. 4:15:04पीछे उसके दादाजी और धर्मवीर रायजादा के
  5301. 4:15:07बीच कोई डील हुई है। उसने मन ही मन ठान
  5302. 4:15:10लिया था कि वह इस बात को इतनी आसानी से
  5303. 4:15:13नहीं छोड़ेगी। वहीं दूसरी तरफ बलवंत राय
  5304. 4:15:16भी गुस्से में थे। वो इतनी आसानी से इस
  5305. 4:15:19बात को भूलने वाले नहीं थे। उन्हें लग रहा
  5306. 4:15:23था कि श्रवण जैसा आदमी जिसका ना खाने का
  5307. 4:15:26ठिकाना था और ना रहने का। उसकी इतनी
  5308. 4:15:29हिम्मत हो गई कि वो उनके मुंह पर जवाब दे
  5309. 4:15:31रहा था। वो उनकी औकात पर सवाल उठा रहा था।
  5310. 4:15:35उन्होंने धर्मवीर रायजादा से गुस्से में
  5311. 4:15:37कहा।
  5312. 4:15:39इन छोटे लोगों की यही दिक्कत होती है।
  5313. 4:15:41इनको हाथ पकड़ाओ तो ये पोछा पकड़ने लगते
  5314. 4:15:44हैं। थोड़ा सा इनसे हंसकर दो बोल क्या बोल
  5315. 4:15:47दिए? यह खुद को फन्ने खां समझने लगते हैं।
  5316. 4:15:50धर्मवीर रायजादा भी आग में घी डालते हुए
  5317. 4:15:52बोला। वैसे देखा जाए तो गलती आपकी भी है
  5318. 4:15:56राय साहब। आपने उसको इतना सिर पर चढ़ा
  5319. 4:15:59लिया था कि वो खुद को इस घर का दामाद ही
  5320. 4:16:02समझने लगा था। वो खुद को आपका वारिस समझने
  5321. 4:16:05लगा था। इसीलिए जब आपने उसे उसकी औकात
  5322. 4:16:08दिखाई तो बेचारा बर्दाश्त नहीं कर सका। एक
  5323. 4:16:12कहावत है कुत्तों को घी हजम नहीं होता और
  5324. 4:16:15उसे तो यहां मलाई मिलने लगी थी। तो बोराना
  5325. 4:16:18तो स्वाभाविक था। शिप्रा बड़ी मुश्किल से
  5326. 4:16:22खुद को संभाल पा रही थी। वो शौर्य के लिए
  5327. 4:16:25बुरा महसूस कर रही थी। जब उसे लगा कि अगर
  5328. 4:16:28वह और ज्यादा देर तक वहां रही तो पता नहीं
  5329. 4:16:31खुद पर कंट्रोल रख पाएगी या नहीं। इसीलिए
  5330. 4:16:33वह मेघना के साथ होटल से निकल गई। दूसरी
  5331. 4:16:37तरफ शौर्य मेघा के साथ अपने घर जा रहा था।
  5332. 4:16:41कार में खामोशी छाई हुई थी। मेघा शौर्य के
  5333. 4:16:44लिए बुरा महसूस कर रही थी। उसे नहीं पता
  5334. 4:16:47था कि मामला यूं हाथ से निकल जाएगा। जब
  5335. 4:16:51पार्टी के दौरान बलवंत राय और शौर्य के
  5336. 4:16:53बीच कहासनी हो रही थी तो मेघा का मन कर
  5337. 4:16:56रहा था कि वह सबके सामने चीख कर कह दे कि
  5338. 4:16:59जिसकी औकात की बात करके लोग शौर्य को नीचा
  5339. 4:17:02दिखा रहे हैं उसके सामने उनकी औकात धेले
  5340. 4:17:06भर की भी नहीं है। पर वो ऐसा सिर्फ सोच ही
  5341. 4:17:10सकती थी। बोल नहीं सकती थी। वो एक सहमी
  5342. 4:17:13हुई बच्ची की तरह धीरे से शौर्य से बोली।
  5343. 4:17:17अब क्या होगा भैया? क्या आप सचमुच भाभी से
  5344. 4:17:20अलग हो जाएंगे?
  5345. 4:17:22शौर्य ने मेघा की बात सुनी। फिर मुस्कुरा
  5346. 4:17:25कर उसकी तरफ देखा। वो समझ गया था कि मेघा
  5347. 4:17:28पार्टी में हुई बातों को लेकर परेशान है।
  5348. 4:17:31वहीं जब मेघा ने शौर्य को मुस्कुराते हुए
  5349. 4:17:33देखा तो उसने अपनी फटी फटी आंखों से उसे
  5350. 4:17:37देखते हुए आश्चर्य से कहा।
  5351. 4:17:39आप मुस्कुरा रहे हैं भैया। मेरी जान सूखी
  5352. 4:17:42जा रही है। लेकिन आपको देखकर लग रहा है कि
  5353. 4:17:46आपको कोई फर्क ही नहीं पड़ रहा।
  5354. 4:17:49मेघा की बात सुनकर शौर्य मुस्कुराते हुए
  5355. 4:17:51बोला तुम्हारी जान क्यों सूख रही है हम
  5356. 4:17:55ऐसा क्या हो गया जो तुम इतनी सहमी हुई हो
  5357. 4:17:59मेघा को विश्वास नहीं हो रहा था कि इतना
  5358. 4:18:02कुछ होने के बाद भी शौर्य इतना रिलैक्स
  5359. 4:18:04कैसे है शौर्य ने आगे कहा
  5360. 4:18:09देखो अगर शिप्रा को मुझसे अलग होना भी
  5361. 4:18:11होगा तो वो इस बात को लेकर मुझसे अलग नहीं
  5362. 4:18:14होगी उसकी मुझसे अलग होने की कोई और वजह
  5363. 4:18:17हो सकती है। पर आज जो हुआ उसकी वजह से तो
  5364. 4:18:20वह मुझसे अलग नहीं होगी। इसीलिए तुम फालतू
  5365. 4:18:23की चिंता करना छोड़ दो। मेघा शिप्रा के
  5366. 4:18:26लिए चिंता जताते हुए बोली पिचारी भाभी आप
  5367. 4:18:30दोनों की बहस में कुछ बोल भी नहीं पा रही
  5368. 4:18:33थी। मेघा को शिप्रा के लिए चिंता करते
  5369. 4:18:36देखकर शौर्य [संगीत] को अच्छा लगा। वो
  5370. 4:18:39बलवंत राय से भले ही बहुत कुछ बोल गया था
  5371. 4:18:41पर वो शिप्रा को यूं अपने हाथ से नहीं
  5372. 4:18:44जाने दे सकता था। वो यह समझ गया था कि आज
  5373. 4:18:47जो कुछ भी हुआ उसके पीछे बलवंत राय और
  5374. 4:18:50धर्मवीर रायजादा की मिलीभगत थी। वे फिर से
  5375. 4:18:54शिप्रा और विहान की शादी करवाना चाहते थे।
  5376. 4:18:57शौर्य के लिए सबसे अच्छी बात यह थी कि
  5377. 4:19:00शिप्रा खुद अब किसी और से शादी करने के
  5378. 4:19:02पक्ष में नहीं थी। उसे बस यही डर था कि
  5379. 4:19:05कहीं शिप्रा अपने घर वालों के दबाव में
  5380. 4:19:07आकर विहान से शादी के लिए तैयार ना हो
  5381. 4:19:10जाए। दूसरी तरफ शिप्रा भी होटल से निकल कर
  5382. 4:19:14सीधे अपने घर आ गई थी। मेघना भी उसके साथ
  5383. 4:19:17थी। शिप्रा को बहुत कुछ समझ में आ रहा था
  5384. 4:19:20कि आज अचानक उसके दादाजी और धर्मवीर
  5385. 4:19:23रायजादा के सुर एक जैसे कैसे हो गए थे।
  5386. 4:19:26उसे उसी समय आभास हो गया था जब उसने
  5387. 4:19:29धर्मवीर रायजादा और विहान को पार्टी में
  5388. 4:19:32देखा था। उसे यह भी समझ में आ रहा था कि
  5389. 4:19:35उसके पापा को भी इस बारे में पहले से पता
  5390. 4:19:38था। पर उन्होंने भी शिप्रा को इस बारे में
  5391. 4:19:41कुछ नहीं बताया।
  5392. 4:19:43शिप्रा को उदास देखकर मेघना ने उससे कहा,
  5393. 4:19:47अब यूं उदास होने से कुछ नहीं होगा। जो
  5394. 4:19:50होना था हो गया। अब आगे सोचो कि तुम्हें
  5395. 4:19:53क्या करना है। आज की घटना को देखकर तो यही
  5396. 4:19:56समझ में आ गया कि तुम्हारे दादाजी फिर से
  5397. 4:19:59तुम्हारी शादी विहान से कराना चाहते हैं।
  5398. 4:20:02[संगीत] शिप्रा उलझन भरे स्वर में बोली।
  5399. 4:20:06मैं तो खुद हैरान हूं कि दादा जी ने अचानक
  5400. 4:20:08क्यों पलटी कैसे मार दी। पहले जब भी उनसे
  5401. 4:20:11बात हुई उन्होंने श्रवण को लेकर कोई
  5402. 4:20:13शिकायत नहीं जताई थी बल्कि [संगीत]
  5403. 4:20:16उन्होंने तो श्रवण से बात भी की थी और वह
  5404. 4:20:18उससे खुश भी थे। मेघना ने स्थिति पर विचार
  5405. 4:20:22करते हुए कहा वो सब उनका दिखावा था। उस
  5406. 4:20:25समय उनके पास और कोई चारा नहीं था। आज
  5407. 4:20:28उनको दूसरा ऑप्शन मिल गया तो उन्होंने
  5408. 4:20:30अपना असली रंग दिखा दिया। बात बस इतनी सी
  5409. 4:20:33है।
  5410. 4:20:35शिप्रा को भी मेघना की बात सही लगी। मेघना
  5411. 4:20:38ने बात को जारी रखते हुए कहा, जो भी हो
  5412. 4:20:41मुझे श्रवण से ऐसी उम्मीद नहीं थी कि वो
  5413. 4:20:44तुम्हारे दादाजी को इस तरह जवाब देगा।
  5414. 4:20:47लेकिन सच कहूं तो मुझे बहुत अच्छा लगा जब
  5415. 4:20:50उसने तुम्हारे दादाजी को उसी अंदाज में
  5416. 4:20:52जवाब दिया।
  5417. 4:20:54इस पर शिप्रा हल्की मुस्कान के साथ बोली।
  5418. 4:20:57ऐसा ही है वो। उसके साथ कुछ भी गलत हो तो
  5419. 4:21:01वो बर्दाश्त नहीं करता।
  5420. 4:21:04अगले दिन बलवंत राय के ऑफिस में उनके
  5421. 4:21:06सामने कुलवंत बैठा हुआ था। दोनों किसी
  5422. 4:21:09गंभीर मसले पर चर्चा कर रहे थे। बलवंत राय
  5423. 4:21:12के चेहरे पर नाराजगी साफ झलक रही थी। तभी
  5424. 4:21:15कुलवंत बोला
  5425. 4:21:18यह सोचने वाली बात है दादा जी। माना कि
  5426. 4:21:20शिप्रा ने अपनी मेहनत से जिंक कलेक्शन को
  5427. 4:21:22खड़ा किया। लेकिन उसे खड़ा करने के लिए
  5428. 4:21:25पैसे तो आपने ही दिए थे। आज जब कंपनी
  5429. 4:21:28अच्छी खासी बड़ी हो गई है तो वह उसकी
  5430. 4:21:30पार्टनरशिप किसी और के साथ करने जा रही
  5431. 4:21:32है। एक बार उसने आपसे पूछना भी जरूरी नहीं
  5432. 4:21:35समझा। यह सही बात नहीं है ना दादा जी?
  5433. 4:21:39बलवंत राय ने कुलवंत को घूर कर देखा और
  5434. 4:21:42पूछा तुम कहना क्या चाहते हो? कुलवंत तो
  5435. 4:21:46जैसे इसी मौके के इंतजार में था। वो तुरंत
  5436. 4:21:49बोल पड़ा। यह कोई छोटी बात नहीं है दादा
  5437. 4:21:53जी। वो अपनी कंपनी की पार्टनरशिप बिग बुल
  5438. 4:21:56के साथ करने जा रही है और उसने इतनी बड़ी
  5439. 4:21:59बात में आपकी राय लेना भी जरूरी नहीं
  5440. 4:22:01समझा। क्या आपको लगता है कि यह ठीक है?
  5441. 4:22:05आखिर आपने इतना सारा पैसा इस स्टार्टअप
  5442. 4:22:08में लगाया है? अगर आपने अपना फंड कंपनी से
  5443. 4:22:11वापस ले लिया तो उसकी कंपनी की क्या हालत
  5444. 4:22:13रह [संगीत] जाएगी?
  5445. 4:22:15कुलवंत की बात सुनकर बलवंत राय सोच में
  5446. 4:22:18डूब गए। कुछ पल रुक कर उन्होंने कुलवंत की
  5447. 4:22:21ओर देखा और कहा तुम सही कह रहे हो। हमें
  5448. 4:22:26एक बार इस बारे में राजदीप से भी बात करनी
  5449. 4:22:28चाहिए। हम इस तरह शिप्रा की मनमानी नहीं
  5450. 4:22:31झेल सकते।
  5451. 4:22:33तुम एक काम करो अभी राजदीप को यहां बुला
  5452. 4:22:36लो। पहले उससे बात कर लेते हैं। फिर
  5453. 4:22:39शिप्रा से बात करेंगे। बलवंत राय की बात
  5454. 4:22:42सुनकर कुलवंत ने एक गार्ड को बुलाया और
  5455. 4:22:44उससे कहा कि वह जाकर राजदीप राय को यहां
  5456. 4:22:47बुला लाए। इसके बाद गार्ड [संगीत] वहां से
  5457. 4:22:50चला गया और कुलवंत फिर जाकर बलवंत राय के
  5458. 4:22:52सामने बैठ गया।
  5459. 4:22:55तो क्या होगा आगे? क्या शिप्रा अपने
  5460. 4:22:57परिवार के दबाव को झेल पाएगी? क्या बलवंत
  5461. 4:23:00राय शिप्रा और शौर्य को अलग कर पाएंगे?
  5462. 4:23:03क्या मोड़ लेगी शिप्रा और शौर्य की
  5463. 4:23:06कंडीशनल मैरिज? जानने के लिए सुनते रहिए
  5464. 4:23:10बगैर हसन

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