Episode 03 | Dental Health, Oral Care & Tooth Discoloration | Dr. Anamika Singh — Transcript
Full transcript
- 0:00जो लाइन स्ट्रक्चर है उसे हम लोग कब
- 0:02आइडेंटिफाई कर सकते हैं?
- 0:03आपका ट्रीटमेंट पूरा होने से पहले आपको
- 0:05दिखा सकते हैं कि आपका ट्रीटमेंट कैसा
- 0:07होगा।
- 0:08आजकल इनविज़िबल अलाइनर्स
- 0:10ये टर्म बहुत यूज़ हो रही है।
- 0:12तो जब हम सिटी स्कैन करते हैं तो जो भी
- 0:14मेटल पार्ट रहता है वो जो एक्सरे रहता है
- 0:17उसको पूरा बिगाड़ देता है। कौन सी टूथपेस्ट
- 0:19यूज़ करनी चाहिए हमें?
- 0:22[संगीत]
- 0:28[संगीत]
- 0:31वेलकम टू द मोनिका सर्वे शो। आज हमारे साथ
- 0:34एक कॉस्मेटिक डेंटिस्ट है। आजकल सभी
- 0:37Instagram, YouTube और बाकी के सोशल
- 0:40मीडिया चैनल्स पर हर रोज कुछ ना कुछ
- 0:42डेंटिस्ट्री के बारे में या स्माइल
- 0:44डेवलपमेंट के बारे में देखते हैं। आज इस
- 0:47सेगमेंट में उनके साथ एग्जैक्ट नॉलेज क्या
- 0:50है? क्या एसेंशंस है नॉर्मल बेसिक
- 0:53लिविंग्स के लिए? उसके बारे में सुनते
- 0:55हैं। यस मैम वेलकम टू द शो।
- 0:58नमस्ते।
- 0:59थैंक यू सो मच।
- 1:00यस। कॉस्मेटिक डेंटिस्ट्री एक्सजेक्टली
- 1:02क्या है?
- 1:03सो कॉस्मेटिक
- 1:05वो चीज होती है वो पार्ट है जो आपके लुक्स
- 1:08को एनहांस करता है।
- 1:10ठीक है? सो कॉस्मेटिक डेंटिस्ट्री में भी
- 1:12हम वैसे ही करते हैं कि द टीथ, द गम्स,
- 1:16योर स्माइल अलाइनमेंट, योर सिमेट्री ऑफ़
- 1:20फेस। सो वी ट्राई टू एनहांस इट। अगर आपका
- 1:23ट्रीथ का शेप ठीक नहीं है, अगर दांतों का
- 1:26कलर ठीक नहीं है, गम्स आपके स्माइल में
- 1:29बहुत ज्यादा दिख रहे हैं या कम दिख रहे
- 1:32हैं, तो वी वर्क ऑन दोज़ थिंग्स। अगर
- 1:34स्माइल की अलाइनमेंट ठीक नहीं है,
- 1:36टेढ़े-मेढ़े दांत हैं, सिमेट्री प्रॉपर नहीं
- 1:39है, तो वी वर्क ऑन दोज़ थिंग्स एंड देन वी
- 1:42कॉल इट एज अ कॉस्मेटिक टेंटेस्ट्री।
- 1:44वेयर वी ट्राई टू एनहांस एंड इंप्रूव योर
- 1:47स्माइल।
- 1:47स्माइल करेक्ट।
- 1:48मतलब जैसे मैं आर्किटेक्ट हूं। सुबह उठने
- 1:50से शाम तक, सोने तक उनका जो भी स्पेस
- 1:53लिविंग चैलेंजेस है उसको सॉल्व करते हैं।
- 1:56क्या यही डेंटिस्ट्री में भी आता है?
- 1:58लाइफस्ट, लिविंग हैबिट्स और एनवायरमेंट
- 2:01ऐसे कुछ?
- 2:02ये तो हर जगह आता है।
- 2:04ठीक है? लाइफस्टाइल इज वेरीेंट नाउ अ डेज
- 2:07बिकॉज़ उसमें चेंजेस की वजह से आजकल हम देख
- 2:10रहे हैं कि दांतों में भी प्रॉब्लम्स बढ़
- 2:11गए हैं।
- 2:12सो द मेन थिंग इज डके होना। जो दांतों में
- 2:16कीड़े लगते हैं वो अलाइनमेंट ठीक नहीं
- 2:19होना बच्चों के दांतों में बहुत ज्यादा
- 2:21कीड़े लगना उसकी वजह से दांत जल्दी गिरना
- 2:24और फिर इस वजह से माल अक्लूजन माल अक्लूजन
- 2:26मतलब दांतों की अलाइनमेंट ठीक नहीं होना
- 2:28बचपन से ही क्योंकि कुछ दांत गिर गए हैं
- 2:30कुछ दांत टेढ़े-मेढ़े आ गए
- 2:32तो वो सारी चीजें नॉर्मल इसमें देखी जाती
- 2:35हैं और उसके आधार पे ही हमारी ट्रीटमेंट
- 2:38रहती है। देयर आर अदर एनवायरमेंटल
- 2:40फैक्टर्स होते हैं जो इसको कंट्रीब्यूट
- 2:42करते हैं। जैसे कि पानी जहां पे आप रह रहे
- 2:45हैं वहां का पानी कैसा है?
- 2:47सो देयर आर मेनी पार्ट्स इन इंडिया लाइक
- 2:50राजस्थान, गुजरात का बेल्ट, साउथ में
- 2:52चेन्नई साइड का बेल्ट देन बिहार का बेल्ट,
- 2:55झारखंड का बेल्ट जहां पे पानी में
- 2:57फ्लोरोसिस की मात्रा बहुत ज्यादा होती है।
- 3:00तो वहां पे जो लोग रहते हैं जो कुएं का
- 3:02पानी पीते हैं या बोरिंग का पानी पीते हैं
- 3:05जो फिल्टर्ड नहीं रहता है प्रॉपर्ली। तो
- 3:07जब दांत डेवलप होता है तब उस टाइम पे अगर
- 3:10आप उस तरह की पानी पी रहे हैं तो आपके
- 3:12दांतों में जब डेवलप होकर बाहर आता है एक
- 3:15ब्राउनिश कलर का डिस्कलरेशन हो जाता है जो
- 3:17परमानेंट होता है जो हम स्केलिंग करके
- 3:20क्लीनिंग करके नहीं निकाल सकते दैट्स अ
- 3:22परमानेंट थिंग और काफी टाइम वो इतना
- 3:25ज्यादा होता है कभी चौकी वाइट होता है कभी
- 3:28ब्राउनिश होता है और उसकी वजह से जो इनामल
- 3:30रहता है ऊपर का वो भी टूटता जाता है तो
- 3:33ऐसे लोगों में जो दांत रहते हैं वो बहुत
- 3:35ज्यादा वीक हो जाते
- 3:37एंड लुक वाइज तो कंसर्न है ही। सो अगर
- 3:40किसी के दांत वैसे हैं वो स्माइल कर रहे
- 3:42हैं तो ऑफ कोर्स कॉन्फिडेंस लेवल थोड़ा सा
- 3:44नॉर्मल कम हो जाता है। तो वी हेल्प विद
- 3:47दोज़ पीपल आल्सो। तो वैसे बहुत सारी चीजें
- 3:50हैं। अगेन क्योंकि अगर दांत का इनामल
- 3:52सॉफ्ट है तो उनको डीके का प्रॉब्लम बहुत
- 3:54फास्ट होता है। उनके दांत बहुत जल्दी खराब
- 3:57होना शुरू होते हैं। तो उनको एक रेगुलर
- 3:59डेंटल चेकअप और ट्रीटमेंट्स की जरूरत
- 4:01पड़ती है।
- 4:02सो अगर आप रेगुलर सिक्स मंथ्स पे चेकअप
- 4:04करते रहते हैं
- 4:05तो हमें पता चलता है कि क्या खराब है
- 4:09दांतों में।
- 4:10एक चीज होती है जो हम कितना भी ब्रश करते
- 4:14हैं कुछ लोगों में थोड़े दिनों बाद वो
- 4:16कैलकुलस टारटर बोलते हैं वो थिक डिपॉजिट
- 4:19होते हैं येलो कलर के
- 4:21ओके
- 4:21वो दांतों के ऊपर इकट्ठे हो जाते हैं
- 4:23उसके लिए कोई एक रीजन है पर्टिकुलर
- 4:25वो सलाइवा हमारा कैसा है हम किस तरह का
- 4:28फूड खा रहे हैं जेनेटिक भी होता है
- 4:31ओके
- 4:32हां तो किस लोग कोई कोई लोग बहुत अच्छा
- 4:34ब्रश नहीं करते हैं फिर भी उनके कभी-कभी
- 4:36नहीं होता है डेपोजिट कुछ लोग बहुत ध्यान
- 4:38देते हैं बट्री एव्री थ्री टू फोर मंथ्स
- 4:40उनके कुछ ना कुछ डिपॉजिट्स आ जाते हैं। तो
- 4:43इट डिपेंड्स ऑन योर सलाइवा का कैसा
- 4:45कंसंट्रेशन है क्या है उस पे डिपेंड करता
- 4:47है। चाय कॉफी पीते हैं कुछ लोग तो उनके
- 4:49स्ट्स जल्दी आती है। कुछ लोगों की कम आती
- 4:52है। तो दीज़ ऑल आर जेनेटिक भी होता है।
- 4:54तो दांतों की बनावट और ये सब जेनेटिक। अगर
- 4:57हम उसको निकालते नहीं है
- 4:58तो वो गम्स को इफेक्ट करते हैं। फिर गम्स
- 5:01में ब्लीडिंग, दांत लूज होना
- 5:03वो सारे चीजें स्टार्ट हो जाती है।
- 5:06डेवलप हो जाती है धीरे-धीरे।
- 5:07जी जी। क्या ऐसे कुछ बदलाव हमें करने
- 5:10चाहिए जो शुगर एस्पेक्ट को लेकर भी है या
- 5:13फिर फूड कंसमशन के आस्पेक्ट को लेकर है जो
- 5:15हम लोग केयरफुल रहे
- 5:17तो ये ओवर द पीरियड हम लोग बचा सके हमारे
- 5:19दांत
- 5:20यस यस बिल्कुल बिल्कुल तो बच्चों को दो
- 5:22टाइम ब्रश करना सबसे पहले बहुत इंपॉर्टेंट
- 5:25है रात में हां रात में जब सोने जाते हैं
- 5:28उससे पहले दांत में कुछ भी चिपका हुआ है
- 5:30क्योंकि बच्चे खाते रहते हैं कुछ ना कुछ
- 5:32कुछ ना कुछ तो क्या होता है ये जो
- 5:34कार्बोहाइड्रेट रहता है बिस्किट्स हो गए
- 5:36चॉकलेट्स हो गए ये चिपक जाते हैं दांत और
- 5:38वह निकलते नहीं है। जब तक हम करके
- 5:40निकालेंगे नहीं वह निकलते नहीं है। से
- 5:42नहीं जाते हैं। तो वह अगर पड़े रह गए 12
- 5:45घंटे 24 घंटे वहां पर तो वो क्या करते
- 5:48हैं? इनामल को धीरे-धीरे डीमिनरलाइज कर
- 5:50देते हैं। तो इनामल वहां से टूटने लगता है
- 5:52और वहां पे बैक्टीरिया आके अपना कॉलोनी
- 5:56बना लेते हैं और फिर वो इनवेड करना शुरू
- 5:58करते हैं। अंदर अंदर अंदर जाता रहता है।
- 6:00तो सबसे मेन चीज है कि ब्रशिंग।
- 6:03हैबिट्स में कभी भी कुछ भी स्टिकी खा रहे
- 6:06हैं उसके बाद ध्यान रखिए कि तो करना ही है
- 6:09और ट्राई कीजिए ज्यादा से ज्यादा सैलेड
- 6:11बच्चों को देने खाने के बाद
- 6:14फाइबस
- 6:14फाइब्रस फूड बिकॉज़ फाइबस फूड का कैसा होता
- 6:17है कि वो दांतों के बीच आपको घिसाव करता
- 6:20है।
- 6:20जब हमारे दांत हम चबाते हैं और साथ में वो
- 6:22फाइब्रस फूड तो उसमें कुछ भी ऐसे चिपकने
- 6:25वाली चीज नहीं रहती है। वो उसका एक सेल्फ
- 6:26क्लीज़िंग मैकेनिज्म रहता है।
- 6:29तो व्हेनेवर यू हैव सैलेड्स आफ्टर हैविंग
- 6:32योर फूड। सो इट क्लीसेस योर टीथ। बिना
- 6:34ब्रश का ब्रश होता है।
- 6:35दैट इज वेरीेंट।
- 6:37तो यह ध्यान रखिए कि अगर बच्चे ने कुछ खा
- 6:39लिया वैसा और नहीं अभी उसका ब्रश करने का
- 6:41मन है। एक गाजर उठा के उसको दे दीजिए कि
- 6:44ये भी खा लो साथ में।
- 6:46सो इसमें हेल्थ बेनिफिट तो है ही और टीथ
- 6:48भी क्लीन हो गया।
- 6:49क्लीनिंग। सो यू रेकमेंड कि अगर छोटे
- 6:51बच्चे भी हैं तो यू गो एंड विजिट अ
- 6:53डेंटली।
- 6:54डेफिनेटली प्रॉपर्ली। अब उनके पूरे दांत आ
- 6:56गए हैं।
- 6:57दांत आ गए हैं। ठीक हैं। किसी दांत में
- 6:58कीड़ा तो नहीं लग रहा? सा बराबर दांत आ
- 7:00रहा है। सब कुछ कंडीशन ठीक है कि नहीं? एक
- 7:02बार आप छछ महीने पे आप खुद जाते हैं जब
- 7:06विजिट करने साथ में बच्चे को लेकर जाइए और
- 7:08एक बार दिखा दीजिए कि इनका तो सब ठीक चल
- 7:10रहा है।
- 7:11तो हमेशा प्रिवेंशन इज बेटर देन क्योर।
- 7:14तो आपने अगर प्रिवेंट किया तो आगे
- 7:15प्रॉब्लम ही नहीं आएगी।
- 7:16नहीं आएगी वो वाली चीज। यस यस। बच्चों के
- 7:19बीच में तो मतलब ऐसे ही है। पेरेंट्स भी
- 7:22हालांकि इतना ध्यान नहीं दे पाते कि कहां
- 7:25डके हो रहा है, क्या हो रहा है। एक
- 7:26डेंटिस्ट मतलब आप ही बता पाएंगे कि
- 7:29एक्सैक्टली कैसे जैसे गम्स की बात हो रही
- 7:31थी
- 7:32तो गम्स में आपने जैसे कहा कि प्रेशर
- 7:34इनवॉल्वमेंट बहुत ज्यादा है कि व्हाटएवर
- 7:37यू ईट उसके हिसाब से प्रेशर डेवलप होता है
- 7:39और गम्स की ऐज और उसकी जो मतलब प्रेशर की
- 7:43वजह से जो प्रॉब्लम्स है वो रिड्यूस हो
- 7:45जाती है। तो एडल्ट्स में भी ऐसी कुछ है
- 7:47चीजें जो अब मैं कुछ प्रिकॉशंस ले सकती
- 7:50हूं कि उससे मेरा गम हेल्थ ठीक रहे।
- 7:53हां हां गम्स की मसाजिंग जब भी आप ब्रश
- 7:55करते हैं यू हैव टू मसाज योर गम्स।
- 7:57तो उसमें ब्लड सप्लाई गम्स का अच्छा रहता
- 8:00है और ब्लड सप्लाई अच्छा होने की वजह से
- 8:02तो जो बाकी उसके हेल्थ है वो अच्छे रहते
- 8:05हैं।
- 8:05जब हम क्या करते हैं? सिर्फ दांतों को
- 8:07ब्रश कर रहे हैं। हमने गम्स के ऊपर ध्यान
- 8:09नहीं दिया और डिपॉजिट्स हो रहे हैं। तो जो
- 8:11डिपॉजिट्स होते हैं वो हमारे दांत और गम्स
- 8:13के जंक्शन पे होते हैं।
- 8:15तो हां दांत में तो इनामल है। इनामल में
- 8:18वो ज्यादा हार्म नहीं करता है। बस उसके
- 8:20ऊपर डिपॉजिट हो जाता है। बट गम्स जो है वो
- 8:23एक फ्लैप जैसा होता है आपके दांत के ऊपर।
- 8:26एक 3 एमएम का पतला फ्लैप होता है वहां पे
- 8:28जहां पे सल्कस होता है उसके अंदर जाके जो
- 8:32आपका टार्टर रहता है और वहां पे
- 8:34माइक्रोबियल बैक्टीरियल ग्रोथ ये सब होने
- 8:36लगते हैं।
- 8:37तो जब आप कभी हाथ लगाएंगे तो वो या ब्रश
- 8:40आपका जाके लगेगा तो वो ब्लीड होता है। तो
- 8:43देन यू विल कम टू नो कि हां गम का हेल्थ
- 8:45ठीक नहीं है। सो गो विजिट डॉक्टर गेट इट
- 8:48क्लीन एंड उसके बाद आप जभी भी ब्रश करें
- 8:50तो ब्रश के बाद आपके गम्स को अच्छे से
- 8:52मसाज करें। मसाज करने से क्या होता है? एक
- 8:54तो आपकी फिंगर से आपको पता चलता है कि
- 8:56आपके टीथ पे कुछ डिपॉजिट नहीं है।
- 9:00हम
- 9:00गम्स मसाज होने से वो एरिया हमेशा हेल्दी
- 9:04रहता है।
- 9:05तो जो डिपॉजिट्स भी हो रहे हैं अगर कुछ
- 9:07थोड़े बहुत तो आपको समझ में आता है कि हां
- 9:08यहां पे डिपॉजिट हो रहा है। ऐसा करने से
- 9:11ब्लीडिंग हो रही है तो हमें इसको करेक्ट
- 9:13करना चाहिए।
- 9:14करेक्ट करेक्ट। मतलब ये बेसिक इंडिकेशंस
- 9:16है जो हमें मसाज करते वक्त ही समझ में
- 9:19आएगा।
- 9:19समझ में आएगा। जब आप अपना हाथ लगाओगे तो
- 9:22समझ में आएगा आपका कि कुछ तो गलत है।
- 9:24करेक्ट करेक्ट। मतलब यह डे टू डे में मैं
- 9:26कर सकती हूं।
- 9:26डेली डेली यस डेली करना है। डेली करना है।
- 9:29यस दोपहर करना है।
- 9:30जब भी आप ब्रश करते हैं आफ्टर ब्रशिंग टेक
- 9:33योर फिंगर नॉर्मल कुछ भी नहीं लिया तो भी
- 9:36चलेगा। सिर्फ मसाज डेली केयर इंपॉर्टेंट
- 9:39है। उसके बाद तो फिर देन यू कैन गो फॉर
- 9:42स्माइल इंप्रूव के लिए कि अब मेरे दांत
- 9:45टेढ़े-मेढ़े हैं। क्योंकि अगर आपका दांत
- 9:47खराब है तो टेढ़ामेढ़ा भी पहले ट्रीट करने
- 9:50से पहले हम बोलेंगे जो डीके है उसको पहले
- 9:52आप ठीक कीजिए। आपके गम्स ही लूज हैं। बोनस
- 9:55आपके रिजॉर्ब हो चुके हैं। तो उस केस में
- 9:58अगर हम ऑर्थोरॉटिक ट्रीटमेंट भी करें तो
- 10:00बहुत सक्सेसफुल नहीं होता। बिकॉज़ आपके गम
- 10:02ऑलरेडी आपका जो बोन है वो वीक हो चुका है।
- 10:04हां। तो अगर आपने बेसिक चीजें अच्छी रखी
- 10:07हैं तो फिर उसके ऊपर आगे की ट्रीटमेंट
- 10:10आपकी बहुत अच्छी होगी। एंड रिजल्ट्स
- 10:11प्रोग्नोसिस जो हम बोलते हैं कि रिजल्ट
- 10:13उसका कैसा आएगा वो बहुत अच्छा होगा।
- 10:14जी
- 10:15जैसे आपने कहा ऑर्थोडॉनोंटिक ट्रीटमेंट्स
- 10:18तो हम लोग मतलब ऐसे ऑडियंस को हम लोग
- 10:22बताना चाहते हैं कि एग्जजेक्टली क्या एज
- 10:24डिफाइन हो सकती है कि जो स्ट्रक्चर है
- 10:26स्माइल का
- 10:27या जो लाइन स्ट्रक्चर है
- 10:29उसे हम लोग कब आइडेंटिफाई कर सकते हैं?
- 10:31अगर कुछ प्रॉब्लम है या फिर आप जैसे बसेस
- 10:35कब लगाने चाहिए? इनिशियल डज़ कौन से रहते
- 10:37हैं?
- 10:38मिल्क टीथ से हम लोग शुरू करेंगे या फिर
- 10:41उसके बाद
- 10:41हां मिक्स्ड डेंटिशन हम बोलते हैं। मिल्क
- 10:44टीथ हमारा छ साल की उम्र में गिरना शुरू
- 10:46होता है और छ से 12 से 13 साल की उम्र तक
- 10:49ये गिर के पूरा परमानेंट आ जाता है।
- 10:52ठीक है? तो जो
- 10:54छ साल से 12 13 साल का बीच का टाइम रहता
- 10:57है। इसमें हम बोलते हैं मिक्स्ड
- 10:58रिडेंटेशन। मतलब जहां जहां आपके
- 10:59डेसीड्यूअस टूथ भी हैं, दूध के दांत भी
- 11:01हैं एंड आपके परमानेंट टूथ भी हैं।
- 11:03अच्छा।
- 11:03तो इस टाइम पे आपका जॉब अ डेवलप हो रहा
- 11:07है।
- 11:07अच्छा।
- 11:08ठीक है? तो इस टाइम पे अगर कुछ डिफेक्ट है
- 11:10तो हम इस टाइम पे करेक्शन करेंगे तो वो
- 11:13बहुत अच्छा रिजल्ट आता है। जैसे किसी का
- 11:16ये छोटा है, ये बड़ा है, किसी का ये बड़ा
- 11:18है, ये छोटा है। तो देयर आर मायो फंक्शनल
- 11:21अप्लायंसेस
- 11:22जो हम बाहर से भी फेस के अप्लाई करते हैं।
- 11:25कुछ हम दांतों के अंदर पहनने के लिए देते
- 11:27हैं।
- 11:28जहां अगर आपके दांत आगे पीछे हैं। काफी
- 11:30बोन का प्रॉब्लम होता है। काफी लोगों का
- 11:32दांत का प्रॉब्लम होता है कि बोन तो
- 11:34प्रॉपर है पर दांत आगे पीछे हैं। कुछ
- 11:36लोगों का होता है कि नहीं बोन ही आगे पीछे
- 11:39तो बोन जब फॉर्म हो रहा है तो ये जो मिक्स
- 11:41का पीरियड रहता है आफ्टर सिक्सयर्स से आगे
- 11:44वाला इयर्स से पहले वाला इस टाइम पे हम ये
- 11:48अप्लायंसेस का यूज करते हैं बच्चों को हम
- 11:50पहनने के लिए देते हैं घर में 4 घंटे 6
- 11:53घंटे 8 घंटे जैसे भी उनके टाइम और उनके
- 11:56ट्रीटमेंट के हिसाब से हम मुंह के अंदर या
- 11:59फिर मुंह के बाहर पहनने के लिए भी दिया
- 12:00जाता है। इसमें आपके बोन ग्रोथ डेंटल
- 12:04ग्रोथ इस सबको कंट्रोल किया जाता है।
- 12:06ओके तो बच्चों के लिए हम लोग ये कर सकते
- 12:08हैं।
- 12:09अब बात कर रही है एडल्ट्स की।
- 12:11एडल्ट्स की हां
- 12:12हम लोग तो अभी बड़े हो गए पर अभी ऐसे हो
- 12:14जाता है कि पहले ये चीजें इंपॉर्टेंट नहीं
- 12:17थी।
- 12:17थी।
- 12:18पर आजकल कॉन्फिडेंस डेवलपमेंट या फिर
- 12:20स्माइल करेक्शंस हमें खुद ही पसंद नहीं
- 12:23आता है।
- 12:23कंसर्न अबाउट देयर लुक।
- 12:24यस यस। तो लुक को एनहांस करने के लिए हमें
- 12:28कौन सी प्रॉपर है या फिर कोई हम लोग
- 12:31क्या-क्या अप्लायंस यूज़ कर सकते हैं?
- 12:33देखिए अप्लायंसेस एक बार अगर हड्डी का
- 12:35ग्रोथ हो गया
- 12:36तो जनरली अप्लायंसेस अब काम नहीं आता है।
- 12:39बिकॉज़ अब हम इसको आगे पीछे नहीं। देन इट
- 12:42कम्स टू सर्जरी।
- 12:43अच्छा।
- 12:43तो हम उसको बोलते हैं ऑर्थोगनेथिक सर्जरी।
- 12:45जहां अगर सपोज हमारा ये बड़ा है तो हम यहां
- 12:48पे सर्जरी करके बोन को कट करते हैं। छोटा
- 12:51करके इसको पीछे ले लेते हैं।
- 12:52एंड ऑर्थोगनेथिक प्लस ऑर्थोडॉन्टिक फिर
- 12:55क्योंकि हमने ये स्पेस बनाया है तो हमारे
- 12:57दांत भी उस हिसाब से अंदर अलाइन होने
- 12:59चाहिए।
- 13:00करेक्ट मतलब ये पूरी इन्वेसिव थेरेपी है।
- 13:02हां ऑर्थोग्नेथिक व्हेन यू गो टू सर्जरी
- 13:04सर्जरी इज़ अ इन्वेसिव यस।
- 13:06उसमें आफ्टर केयर कुछ है जिसके बाद
- 13:09आफ्टर केयर
- 13:09हर एक का अलग-अलग
- 13:10हां हां हां आफ्टर केयर कैसा है? आपका
- 13:13क्या डेंटिशियन में चेंजेस आए? उसके बाद
- 13:15कुछ दिन के लिए तो नॉर्मल रहता है। एंड
- 13:17देन यू आर ओके आपका सबजन प्रॉपर कर दिया
- 13:21गया।
- 13:23आजकल इनविज़िबल अलाइनर्स
- 13:26ये टर्म बहुत यूज़ हो रही है।
- 13:27हां। तो कैसा होता है कि जो हम बसेस लगाते
- 13:31थे जो हमेशा पुराने जमाने में भी होता था।
- 13:33तो
- 13:34धीरे-धीरे एडवांसमेंट होती है।
- 13:36तो एडवांसमेंट के हिसाब से बसेस हमारे
- 13:38तरह-तरह के आ गए। जी
- 13:40के पहले मेटल होते थे बड़े होते थे फिर
- 13:43छोटे हो गए फिर उसमेंस्ट वाले हो गए देन
- 13:45सिरामिक हो गए
- 13:47सिरामिक के बसेस आ गए जहां पे आपके
- 13:49ब्रैकेट सिरामिक के रहते हैं वायर एक पतला
- 13:51सा रहता है
- 13:52वो वायर भी वाइट कलर का भी हो सकता है या
- 13:54फिर नॉर्मल मेटल कलर का
- 13:56तो वो लुक मतलब दिखने में हमें अच्छा
- 13:59दिखना चाहिए बहुत बसेस लगे हुए दांत भी
- 14:01दिखने चाहिए बेसिक वो कांसेप्ट है उसके
- 14:04पीछे देन जो सेलिब्रिटीज रहते हैं तो पहले
- 14:07जमाने में जब अलाइनस नहीं थे तो लिंगुअल
- 14:09बसेस मतलब उनके हिसाब से लैब से हम
- 14:12कस्टमाइज बसेस बनवाए जाते थे। अंदर के
- 14:15अंदर उनकी ट्रीटमेंट चलती थी। लिंगल अंदर
- 14:17की तरफ से ताकि बाहर कुछ नहीं दिख रहा है।
- 14:19बिकॉज़ दे आर वैरी कंसर्न अबाउट देयर
- 14:21लुक्स।
- 14:22हमें दिखना नहीं चाहिए बसेस।
- 14:24वो दिखना नहीं चाहिए का। कांसेप्ट इतना
- 14:26स्ट्रांग था कि
- 14:27इनविज़िबल अलाइनर्स का होना।
- 14:30डिस्कवरी हो गया।
- 14:32तो उसमें वैसा होता है कि एक थिन पतला सा
- 14:36लेयर होता है।
- 14:38इट्स अ लाइक अ सिलिकॉन काइंड ऑफ थोड़ा
- 14:40हार्ड होता है सिलिकॉन से जो पहना जाता है
- 14:43कस्टमाइज बनता है आपके दांतों के हिसाब से
- 14:46हां
- 14:47तो हम थोड़े-छोटे कॉम्पोजिट बोलते हैं हम
- 14:50वाइट कलर का दांत के कलर के ही सीमेंट
- 14:53होते हैं वो छोटे-छोटे हम दांतों के ऊपर
- 14:54प्लेस करते हैं जो दिखने में नहीं दिखेंगे
- 14:56अगर हम ऐसे दिखेंगे तो हमें नहीं दिखेगा
- 14:58कि आपके दांतों पे कुछ लगा हुआ है।
- 15:00वो हमारा एक्सजेक्टली बसेस का काम करता
- 15:02है। जी
- 15:03और जो हमारे
- 15:05उसके [गला साफ़ करने की आवाज़] अंदर वो
- 15:06प्रेशर पॉइंट्स हैं। अच्छा
- 15:08तो जब आप अलाइनर पहनिएगा तो उसके ऊपर
- 15:10प्रेशर आता है और कौन सा दांत कितना मूव
- 15:12होना है
- 15:13वो उससे पूरा
- 15:15मॉनिटर
- 15:16मॉनिटर होता है कि हां ये ऐसा करना है ये
- 15:18वाला दांत अब मूव होगा
- 15:19इनविज़िबल अलाइनर्स फिक्स्ड भी होते हैं
- 15:22नहीं
- 15:22इट्स ऑलवेज रिमूवेबल
- 15:24रिमूवेबल आप निकाल सकते हैं आप पहन सकते
- 15:25हैं खाना खाने के टाइम पे आपको वो निकालना
- 15:27होता है
- 15:28हां खाना खा के ब्रश करके वापस आपको वो
- 15:31पहनना होता है
- 15:32और एव्री से डेज 15 डेज वैसा उनका जैसा
- 15:36ट्रीटमेंट प्लान
- 15:38आपको चेंज करना पड़ता है। तो दिस अब यह जो
- 15:41नया टेक्नोलॉजी आ गया है। सो दिस
- 15:44कंप्लीटली
- 15:46डिजिटली डिज़ प्रीवियसली ओनली। हम आपका
- 15:49ट्रीटमेंट पूरा होने से पहले आपको दिखा
- 15:51सकते हैं कि आपका ट्रीटमेंट कैसा होगा।
- 15:53वाओ और उसके साथ आजकल फिलिंग्स गैप
- 15:56फिलिंग्स पर बहुत ज्यादा चर्चा होती है
- 15:58क्योंकि दांत छोटे हैं
- 16:00तो वो मतलब दिखाई देते वक्त थोड़े अलग
- 16:03दिखाई देते हैं
- 16:04तो उसके वजह से फिलिंग आप रेकमेंड करते
- 16:06हैं कभी एनामल विनियस जो यूज़ करते हैं हम
- 16:08सो उसको विनियस बोला जाता है विनियस दो
- 16:10तरह के होते हैं सिरामिक विनियस एंड
- 16:12कॉम्पोजिट विनियस
- 16:14अच्छा
- 16:14तो जो सेरामिक विनियस होता है इट इज मेड
- 16:17अप ऑफ सिरामिक पोरसलीन का बना होता है वै
- 16:20थिन लेयर ऑफ सिरामिक लाइक 1 एम एमएम के
- 16:23अराउंड रहता है जो एक शेल जैसा रहता है जो
- 16:26हम आपके दांतों के ऊपर चिपका देते हैं।
- 16:28हां तो वो दांतों को ऐसे कवर कर लेता है
- 16:30बक्कली सिर्फ।
- 16:31अच्छा
- 16:31हमें आपके दांत को अगर कुछ थोड़ा बहुत
- 16:34घिसने की जरूरत रहती है तो घिसते हैं।
- 16:36नहीं जरूरत जहां रहती है वहां नहीं घिसते
- 16:38हैं।
- 16:39तो अगेन दिस आल्सो वी कैन डिजिटली डिजाइन।
- 16:42सो डिजिटली वी हैव अ डिजिटल लाइब्रेरी।
- 16:44वाओ।
- 16:44वेयर इन वी हैव अ लॉट ऑफ स्माइल्स। मतलब
- 16:48टूथ केस साइज, शेप और इस तरह की स्माइल
- 16:51होनी चाहिए।
- 16:51बढ़िया। एंड हम ये पूरा का पूरा जो स्माइल
- 16:54डिजाइनिंग प्रोसेस है ये आपको पहले दिखा
- 16:57सकते हैं। फाइनल लगाने से पहले पूरा आपको
- 17:00सब कुछ दिखा सकते हैं। प्रोडक्ट पूरा
- 17:02एंड प्रोडक्ट पूरा दिखा सकते हैं।
- 17:03एआई यूज़ करते हैं हम इसके इसमें पूरा।
- 17:06एआई यूज़ होता है ना? एआई यूज़ होता है।
- 17:09थोड़ा बहुत जब हम डिजाइनिंग करते हैं, जब
- 17:12हम आपका फेस का उस पे फोटो लेकर और उसके
- 17:16साथ मैच करते हैं द टीथ का लाइब्रेरी जो
- 17:19है उसके साथ तो उन सब चीजों में इट्स अ
- 17:22सॉफ्टवेयर हम स्माइल क्लाउड बोलते हैं।
- 17:25हां जहां पे ये सारी चीजें हम मैच करके
- 17:28एंड देयर आर मेनी स्माइल का वो शेप्स रहते
- 17:32हैं।
- 17:32हम
- 17:33ओके। इसका मिनिमम ड्यूरेशन कुछ सेट है कि
- 17:35बाबा इतने दिन लगते हैं विनियर्स के लिए?
- 17:38लगते हैं मतलब आपका कितना टाइम है जो
- 17:40हमारा लैब से कम्युनिकेशन होता है तो वो
- 17:43सब मिलाजुला के कुछ 10-15 दिन हम लेके हाथ
- 17:45में चलते हैं। हां
- 17:47वाओ मतलब विदिन अ मंथ
- 17:49या विद इन अ मंथ या या विद इन अ मंथ वी
- 17:51कैन कन्वर्ट योर स्माइल। जैसे गैप्स ही
- 17:53हैं और दांत अंदर की तरफ ही है। दांत हमें
- 17:55बड़े चाहिए और ऊपर तो हमें जस्ट चिपकाना
- 17:57है। फ्लोरोसिस वाले पेशेंट्स हैं। तो हमें
- 18:00बस चिपकाने वाली चीज रहती है कि हमने आपको
- 18:02दिखाया चीजें आपने अप्रूव किया। टेस्ट
- 18:04ड्राइव किया एंड देन
- 18:06जी।
- 18:07फाइनली चिपका दिया।
- 18:09करेक्ट। फ्लोरोसिस की बात हो रही है।
- 18:11तो आपने कहा था कि हर एक एरिया के पानी के
- 18:15हिसाब से ग्राउंड वाटर टेबल जो है यस। तो
- 18:18उसके स्केलिंग के ऊपर इफेक्ट होते हैं या
- 18:20फिर ग्रोन टीथ्स ही वैसे आते हैं फ्रॉम द
- 18:23अर्ली।
- 18:23वो कैसा होता है कि जब हम बच्चे होते हैं
- 18:25जब हमारा टूथ बड डेवलप हो रहा है उस टाइम
- 18:28पे हम किस तरह का पानी पी रहे हैं। उस
- 18:30टाइम हमारे
- 18:32हम किस तरह के इवन मेडिसिंस के ऊपर भी
- 18:35हमने क्या मेडिसिन लिया है उसकी वजह से भी
- 18:37जो टूथ बड रहता है उसको हार्म होता है।
- 18:40ओके? तो जो इनामल मेरा फॉर्म हो रहा है उस
- 18:42टाइम अगर मेरे पानी में फ्लोरोसिस की
- 18:44मात्रा ज्यादा है तो जो इनामल मेरा फॉर्म
- 18:47हो रहा है वो डिस्कलर्ड होता है।
- 18:49ब्राउनिश कलर का रहता है। फिटेड रहता है
- 18:51कभी-कभी।
- 18:52सॉफ्ट इनामल्स रहते हैं।
- 18:54तो वो उस वजह से होता है।
- 18:56ये अवॉइड करने के लिए या फिर ये ना हो
- 18:58इसके लिए कुछ हम लोग कर सकते हैं।
- 19:00अगेन ग्राउंड वाटर डायरेक्टली नहीं यूज
- 19:02करना है।
- 19:03फिल्टर्ड हां फिल्टर्ड वाटर ट्रीटेड वाटर
- 19:05हम लोग यूज करेंगे। उसका पीए बैलेंस ये
- 19:08सारी चीज़
- 19:09याद रखनी है।
- 19:10जी जी आजकल
- 19:13मतलब एक बहुत कॉमन कांसेप्ट हो गया है
- 19:15सेलिब्रिटीज और इन्फ्लुएंसर्स में। हम
- 19:18स्टड्स ऐड करते हैं। डायमंड्स ऐड करते
- 19:20हैं।
- 19:22ये चीज मैंने बहुत इन्फ्लुएंसर्स से सुनी
- 19:25है, देखी है।
- 19:26मतलब आउट ऑफ इंडिया जाते हैं या फिर
- 19:29इंडिया में बहुत टूरिज्म करते हैं।
- 19:30मैंने अपना भी लगाया था। कुछ फंक्शनंस
- 19:32होते हैं घर में तो हम लगा लेते हैं।
- 19:34ओके।
- 19:34हां। सो वेरी मिनिममली इन्व इन्वेसिव है
- 19:37भी नहीं वो प्रोसेस हां जस्ट एक डायमंड
- 19:40होता है जो हम चिपका देते हैं या फिर आपने
- 19:43सेलिब्रिटीज में देखा होगा कि वो गोल्ड का
- 19:45बनवाते हैं नाम लिखवाते हैं देन दे वअ इट
- 19:48सो वो चीजें भी होती है ये कस्टमाइज होती
- 19:51हैं कि आपको किस तरह से पसंद है वैसे हम
- 19:53कस्टमाइज करा सकते हैं
- 19:55मतलब ये सजेस्टेड है मतलब वो स्वलो नहीं
- 19:57होता है
- 19:57नहीं स्वलो नहीं होता है एंड ये कुछ हार्म
- 20:00नहीं करता है सो इट इज मेड लाइक दैट कि
- 20:02आपके ओरल कैविटी में रहने वाला एनहांसमेंट
- 20:05के लिए बस
- 20:05एनहांसमेंट के लिए दिस ऑल कंप्लीटली
- 20:07कॉस्मेटिक लुक्स के लिए
- 20:10ऐसे कुछ और भी चीजें हैं जो कॉस्मेटिक
- 20:12एनहांसमेंट के लिए हम लोग यूज़ कर रहे हैं
- 20:13एक्सटर्नली
- 20:14जो जरकोनिया क्राउन जरकोनिया कैप रहता है
- 20:17तो एस्थेटिकली वो बहुत अच्छा दिखता है
- 20:20बिल्कुल आपके टूथ से मैचिंग कलर होती है
- 20:22हां शेड एंड देन और एक चीज रहती है जो मैं
- 20:26मेंशन करना चाहूंगी जरकोनिया का बेनिफिट
- 20:29ये है कि उसमें मेटल नहीं रहता है
- 20:31तो व्हनेवर यू आर गोइंग फॉर एमआरआई और एनी
- 20:34अदर सिटी स्कैन। तो जब हम सिटी स्कैन करते
- 20:37हैं तो जो भी मेटल पार्ट रहता है वो जो
- 20:39एक्सरे रहता है उसको पूरा बिगाड़ देता है।
- 20:41वहां बड़ा सा रेडियो ओपेक ऐसे ये आ जाता
- 20:45है।
- 20:46तो उसमें वहां पे फिर क्लेरिटी नहीं दिखती
- 20:49है।
- 20:49तो जब आपका ये जरकोनिया रहता है तो वो
- 20:52आपके बिल्कुल भी इमेज को डिस्टोर्ट नहीं
- 20:54करता है।
- 20:55तो आपको हर क्लेरिटी दिखती है। तो ये एक
- 20:57काफी बेनिफ अच्छा बेनिफिट है। प्लस मेटल
- 21:00के जो क्राउंस रहते हैं उससे हमारे गम्स
- 21:03भी थोड़े काले पड़ते हैं। तो जरकोनिया में
- 21:05वो चीज भी नहीं है।
- 21:07अवॉयड हो जाती है। ऐसा लगता नहीं कि आपने
- 21:09कुछ नकली लगाया है।
- 21:10ओके। सिमिट्री इन डिजाइनिंग अगर आप बता
- 21:13सकते हैं कि आपको भी फॉलो करनी पड़ती है।
- 21:15आर्किटेक्चरल पॉइंट ऑफ व्यू से भी हमें
- 21:17सिमेट्री में डिजाइन करना होता है। कुछ आप
- 21:19बता सकते हैं?
- 21:20यस यस। सिमेट्री तो बहुत इंपॉर्टेंट चीज
- 21:23होती है। तो हम मिड लाइन से उसको डिटेक्ट
- 21:26करते हैं। तो जब हम फोटोग्राफ लेते हैं तो
- 21:28हम फिर देखते हैं दोनों साइड का फेस कि
- 21:30सिमेट्रिकल है या नहीं। जो हमारा दांत है
- 21:33वो हमारे मिड लाइन से सिमिट्रिकल है या
- 21:35नहीं। ठीक है? फिर देन देयर आर
- 21:37रेडियोग्राफ्स होते हैं। सिफेलोमेट्रीज
- 21:39होते हैं जिनको हम ट्रेस करके हम देखते
- 21:41हैं कि कुछ आगे पीछे दांत ये दांत इधर इस
- 21:44साइड तो नहीं जा रहा है। अक्लूजन टेढ़ा तो
- 21:46नहीं जा रहा है। वो सारी चीजें देन हमारा
- 21:49इंटरपिलरी लाइन होता है। उससे हमारा
- 21:51अक्लूजन कोइंसाइड हो रहा है कि नहीं?
- 21:54हां। तो ऐसे बहुत सारे चीजें रहती हैं
- 21:56जिसके बेसिस पे वी
- 21:59रेकमेंड रेकमेंड कि हां ये आपका
- 22:01सिमिट्रिकल है नहीं है। कभी-कभी मस्कुलर
- 22:04हाइपरट्रोफी हो जाती है। किसी एक साइड का
- 22:07मसल ज्यादा ग्रो हो जाता है तो वो भी
- 22:10एसिमिट्री होती है। तो वो हमें आइडेंटिफाई
- 22:12करना रहता है कि इज इट अ डेंटल एसिमिट्री?
- 22:14इज इट अ स्केलेटल मतलब बोन की एसिमिट्री
- 22:17है या मस्कुलर एसिमिट्री है।
- 22:19तो ऑन बेसिस ऑफ़ दैट वी कैन ट्रीट इट।
- 22:21अच्छा
- 22:21कि ये सारी चीजें सभी लोगों में नहीं
- 22:23होती। सिमिट्रिकल प्रॉब्लम पर कुछ
- 22:25आइडेंटिफाई हो सकती है।
- 22:27हां आपके पास
- 22:28थोड़ी बहुत होती भी है तो दिखता नहीं है।
- 22:30कुछ लोगों में ज्यादा दिखता है।
- 22:32तो तब तब वो कंसर्न आता है जिसमें दिखता
- 22:34है तो फिर दे आर कंसर्न कि हां नहीं मुझे
- 22:36दिख रहा है। एंड देन वी कैन ट्रीट
- 22:38अकॉर्डिंगली कि अगर डेंटल एसिमेट्री है तो
- 22:41अगेन ऑर्थोरॉटिक ट्रीटमेंट्स होते हैं।
- 22:43उनसे हम ट्रीट करते हैं। जो हमारा अगर बोन
- 22:47का है तो ऑर्थोगनेथिक सर्जरीज होती हैं
- 22:50जिसे हम ट्रीट करते हैं। मस्कुलर है तो हम
- 22:53काफी टाइम बोटक्स का भी इस्तेमाल करते
- 22:56हैं। मस्कुलर ए यस यस यस
- 22:58बट इज़ अ पार्ट ऑफ़ कॉस्मेटिक डेंटस्ट्री।
- 23:00यस यस
- 23:01कॉस्मेटिक इट्स अ पार्ट ऑफ इवन
- 23:05प्रॉपर ट्रीटेबल
- 23:08डायग्नोस्टिक डेंटिस्ट्री का भी वो पार्ट
- 23:10है जहां पे हम ट्रीट करते हैं बोटक्स से।
- 23:13सो बोटॉक्स हम यूज़ करते हैं न्यूराल्जियास
- 23:17में। न्यूराल्जिया मतलब जो नस का पेन रहता
- 23:20है
- 23:20तो कुछ काफी टाइम ऐसा होता है कि नस जब
- 23:23आती है हमारे ब्रेन से तो कहीं वो दब जाती
- 23:26है। दबने की वजह से जो नस का पेन परसेप्शन
- 23:31है वो चेंज हो जाता है। जैसे अगर अभी मैं
- 23:33बैठी हूं मैं आपसे बात कर रही हूं तो मुझे
- 23:35कुछ पेन नहीं हो रहा है। बट कुछ-कुछ लोगों
- 23:37को हवा चली पानी से मुंह धोया उसमें भी
- 23:40पेन होता है क्योंकि वहां हां वहां के
- 23:41नर्व इतने सेंसिटिव हो जाते हैं।
- 23:43अच्छा
- 23:44तो उस केस में उन नर्व्स को अ थोड़ा सा कम
- 23:48सेंसिटिव लो सेंसिटिव बनाने के लिए हम
- 23:50वहां पे बोटक्स के इंजेक्शन से ट्रीट किया
- 23:52जाता है। मस्कुलर हाइपरट्रोफी है तो उसको
- 23:55भी कम करने के लिए बोटक्स का ट्रीटमेंट
- 23:57किया जाता है।
- 23:58कौन सी चीज है जो हमें लाइफस्टाइल में
- 24:00अवॉयड करनी चाहिए दांतों के लिए?
- 24:02सॉफ्ट ड्रिंक्स। सॉफ्ट ड्रिंक्स बेवरेजेस
- 24:05स्टिकी फूड।
- 24:06ओके।
- 24:06स्टिकी फूड अगर कभी भी खा रहे हैं तो ब्रश
- 24:09करना बहुत जरूरी है। चॉकलेट्स, बिस्किट्स।
- 24:12और एक कौन सी चीज जो कंपलसरी इंक्लूड करनी
- 24:14चाहिए? फाइबर्स सैलेड्स
- 24:16जी कंपलसरी वेरी वेरीेंट
- 24:18मतलब वो मसाजिंग और प्रेशर क्रिएशन में्ट
- 24:22यस यस
- 24:22यस डेंटल सेंसिटिविटी रहती है जैसे गम्स
- 24:25है
- 24:26उसके लिए एक कोई आप मुझे बेसिक टूल बता
- 24:29सकते हैं कि उससे हम लोग एनहांस कर सकते
- 24:30हैं या फिर ना हो सेंसिटिविटी
- 24:33सेंसिटिविटी होने के अलग-अलग रीजन होते
- 24:35हैं।
- 24:35एक तो सेंसिटिविटी कभी-कभी होती है कि डके
- 24:37है जो सबसे कॉमन चीज होती है कि आपके एक
- 24:40दांत में डीके स्टार्ट हुआ है और वो आपके
- 24:42नर्व्स के काफी क्लोज है। ओके।
- 24:44तो उस केस में भी सेंसिविटी आपको कहीं भी
- 24:47हो सकती है। एक साइड में अगर इस दांत में
- 24:49मेरे डीके है तो मुझे यहां भी सेंसिटिविटी
- 24:51हो सकती है। मुझे नीचे के दांत में भी
- 24:52सेंसिटिविटी हो सकती है।
- 24:53तो वो आइडेंटिफाई आपके पास
- 24:55तो वो हमारे पास आके आइडेंटिफाई हो जाएगा।
- 24:56वी विल ट्रीट दैट एंड द सेंसिटिविटी विल
- 24:58गो।
- 24:59ठीक है? दूसरा ये होता है कि हमारे दांत
- 25:00बहुत ज्यादा घिस जाते हैं। कभी-कभी हमारे
- 25:02पेट में कुछ इशूज़ रहते हैं। है ना?
- 25:04एसिडिटी की वजह से
- 25:06रिफ्लेक्स होता है। तो उसकी वजह से भी
- 25:08दांतों के इरोजन होते हैं। उस केस में भी
- 25:10सेंसिटिविटी होती है।
- 25:11ओके? इसी से एक पॉइंट है कि कौन सी
- 25:13टूथपेस्ट यूज़ करनी चाहिए हमें?
- 25:15कंटेंट्स में ऐसा है कि जो बच्चे हैं छ
- 25:18साल से कम उम्र के उनके हमें लो फ्लोराइड
- 25:21लगता है।
- 25:22ठीक है? छ साल से ऊपर में वी नीड वन
- 25:24पीपीएम ऑफ़ फ्लोराइड।
- 25:25ओके।
- 25:25ठीक है? उसके बाद जो यंग है तो वी नीड अ
- 25:30लिटिल अब्रेसिव उसमें होना चाहिए। तो वी
- 25:32ट्राई विद पेस्ट।
- 25:34अच्छा।
- 25:34पेस्ट हम यूज़ करना अच्छा है। बिकॉज़ थोड़ा
- 25:37अब्रेसिव भी चाहिए। नहीं तो अच्छे से
- 25:39क्लीन नहीं होगा।
- 25:40ठीक है? जिनके दांत ऑलरेडी घिस चुके हैं।
- 25:42हमको लेस अब्रेसिव चाहिए।
- 25:47जो बेस्ड होते हैं कम्रेसिव होते हैं।
- 25:50जिनके ऑलरेडी सेंसिटिव उनको हम सेंसिटिव
- 25:53टूथपेस्ट भी देते हैं। एंड देन इफ दे वांट
- 25:55डोंट वांट टू यूज़ तो फिर जेल बेस्ड
- 25:58टूथपेस्ट रहते हैं।
- 26:00कुछ [नाक से की जाने वाली आवाज़] पेस्ट
- 26:01होते हैं जो गम्स के लिए यूज़फुल होते हैं।
- 26:03उनमें वो कंटेंट होते हैं जिनके स्वेलन
- 26:05गम्स होते हैं उनके स्वेलिंग को कम करते
- 26:07हैं।
- 26:08तो
- 26:09पर वो सारी चीजें आप रेकमेंड करें।
- 26:11हां।
- 26:11नॉट सेल्फ रेकमेंडेशन। सेल्फ रेमेंडेशंस
- 26:13[हंसी] बिकॉज़ समझ में ही नहीं आएगा आपको
- 26:16कि
- 26:16किस चीज का क्या साइड इफेक्ट है
- 26:18साइड इफेक्ट [हंसी] है हम
- 26:19करेक्ट
- 26:19तो डायग्नोस ना करें
- 26:21ना करें डेंटिस्ट डॉक्टर के पास जाए एंड
- 26:24फिर आप कुछ ज्यादा नहीं लगता है इफ जस्ट अ
- 26:28कंसल्टेशन फॉर चेकअप अगर आप रेगुलर चेकअप
- 26:31करा रहे हैं तो बहुत महंगा ट्रीटमेंट
- 26:33कराने की जरूरत
- 26:34जरूरत ही नहीं पड़ती पड़ती है
- 26:35सो अर्ली स्टेज डायग्नोसिस ये बहुत्ट चीज
- 26:38है
- 26:39करेक्ट और उसके बाद डेली रेमेंडेशन
- 26:42पेशेंट्स भी लेने जरूरी है। चेकअप जरूरी
- 26:44है।
- 26:44चेकअप जरूरी है। स्पेशली फॉर प्रेग्नेंट
- 26:46लेडीज बिफोर प्रेगनेंसी डेंटल चेकअप इज
- 26:49वेरीेंट। बिफोर गोइंग फॉर अ मेजर सर्जिकल
- 26:52प्रोसीजर
- 26:53हां हार्ट सर्जरीज होती हैं। ये सब जाने
- 26:56से पहले डेंटल चेकअप इज वेरीेंट।
- 26:58व्हाई इज दैट नेसेसरी?
- 26:59इट इज़ नेसेसरी। मैं आपको बताती हूं
- 27:01क्योंकि जब आपका सपोज कोई कार्डियक ओपन
- 27:03हार्ट सर्जरी हो रहा है तो उस टाइम पे
- 27:06सिक्स मंथ्स तक यू कैन नॉट गो फॉर एनी
- 27:09सर्जिकल प्रोसीजर्स। ओके।
- 27:11जनरली जिनकी हार्ट सर्जरी होती है दे आर
- 27:14अंडर ब्लड थिनर्स।
- 27:16जी करेक्ट।
- 27:17तो ब्लड थिनर है और कोई दांत आपका ऐसा है
- 27:19जो हम बचा ही नहीं सकते।
- 27:21तो हमें वो निकालना पड़ेगा। और निकालने के
- 27:24लिए आपका ब्लड थिनर हमें आइदर वी हैव टू
- 27:26लोअर द डोज़ और वी नीड टू स्टॉप द मेडिसिन।
- 27:30देन वी नीड टू कंसल्ट योर
- 27:32कार्डियोलॉजिस्ट। सो कार्डियोलॉजिस्ट
- 27:33बोलेंगे नहीं नहीं हमारे हार्ट के लिए ये
- 27:35बहुत इंपॉर्टेंट है। हम नहीं बंद नहीं बंद
- 27:37कर पाए। पेशेंट बोल रहे हैं कि अब दांत के
- 27:39टुकड़े-टुकड़े हो चुके हैं। टुकड़े आज तो
- 27:41नहीं हुए होंगे। धीरे-धीरे हुए होंगे। अगर
- 27:43वो पहले चेकअप के लिए आते हैं तो वी कैन
- 27:45ट्रीट इट बिफोर गोइंग फॉर ऑल दी सर्जरीज।
- 27:48यस यस। प्रेग्नेंट वुमेन
- 27:49अगेन प्रेग्नेंट वुमेन में कैसा रहता है
- 27:52कि फर्स्ट सेमेस्टर एंड थर्ड सेमेस्टर जो
- 27:55रहता है इस टाइम पर हम एंटीबायोटिक्स
- 27:58अवॉइड करते हैं। हम पेन किलर्स अवॉइड करते
- 28:00हैं।
- 28:01ठीक है? बिकॉज़ फिर वो फीटस के ऊपर उसका
- 28:03इफेक्ट होता है। तो अगर सपोज आपका दांत
- 28:05डिकेड है और इतना
- 28:06[गला साफ़ करने की आवाज़] ज्यादा कुछ पस
- 28:07बन गया और आपको पता नहीं और उस टाइम आप
- 28:10डेंटिस्ट के पास जा रहे हैं तो क्या
- 28:12एक्सरे नहीं ले सकते?
- 28:14ठीक है? बहुत सीवियर केसेस में कि लेना ही
- 28:16है तो वी पुट लेडपन एंड देन वी टेक
- 28:18एक्सरे।
- 28:19तो फिर वैसे केसेस में इट्स अ बिग ये उस
- 28:24टाइम पर बहुत ज्यादा पेशेंट भी घबरा जाते
- 28:26हैं कि अब क्या करें? कैसे करें? एंड देन
- 28:29वी आल्सो वी डोंटव
- 28:32एंटीबायोटिक वीन
- 28:34द पर्स वैसे बहुत सारी चीज़ रहती है। तो
- 28:37अगर आप पहले कि हां इफ वी आर प्लानिंग फॉर
- 28:40अ प्रेगनेंसी सो बेटर यू गो मेट अ
- 28:43डेंटिस्ट गेट योर ऑल डेंटल चेकअप डन कुछ
- 28:46फिलिंग्स है करवा लीजिए। कुछ रूट कैनाल्स
- 28:48है वो करवा लीजिए। सो दैट ये जो नाइन
- 28:50मंथ्स का आपका पीरियड है ये काफी सेफ हो।
- 28:52इस टाइम पे आपको कुछ प्रॉब्लम ना आए।
- 28:54सो उस टाइम
- 28:55घूम फिर कर तो हम लोग यहीं पर आ रहे हैं
- 28:57कि प्री डायग्नोस हो सकता है सारी चीजें
- 29:00यू हैव टू बी वै केयरफुल बिकॉज़ ये दांत है
- 29:03एक बार गए बाद में विनरी आएगा [हंसी]
- 29:05फिर बाद में नकली आएगा इमली आएगा सो नथिंग
- 29:08कैन बी रिप्लेस्ड बाय द गॉड यस सो सेव इट
- 29:12फॉर योर लक तो ऐसे मैं कहूंगी
- 29:14या यू नीड टू सेव इट
- 29:16करेक्ट आप एक टेक अवे बता दीजिए कि ऑडियंस
- 29:19के लिए कि डेंटल कॉस्मेटिक डेंटिस्ट्री और
- 29:23जो इन्वेसिव थेरेपीस है वो अवॉइड करने के
- 29:25लिए आप बेसिक क्या बता सकते हैं
- 29:27जस्ट टू टू अवॉयड ऑल दीज़ थिंग्स यू नीड टू
- 29:30अगेन गेट योर रेगुलर चेकअप डन गेट द रूटीन
- 29:34डेंटल प्रोसीजर्स जो भी आपके रहते हैं जो
- 29:36ब्रश है जो आप घर में कर सकते हैं जहां
- 29:38आपको जाने की भी जरूरत नहीं छ महीने हम घर
- 29:41में बाकी चीजें कर सकते हैं दोनों टाइम
- 29:43ब्रश कर सकते हैं खाने में बिस्किट्स
- 29:46चॉकलेट्स
- 29:48कोल्ड ड्रिंक्स ये सब जितना अवॉयड कर सकते
- 29:50हैं
- 29:51टेक अ गुड केयर ऑफ योर टीथ एट योर होम
- 29:54[हंसी]
- 29:54यस
- 29:54इफ एनीथिंग इज नीडेड कुछ भी लगता है तो टू
- 29:57गो टू द डेंटिस्ट। हां, डोंट बी स्केर्ड
- 30:00ऑफ डेंटिस्ट बिकॉज़ अगर आप इनिशियल स्टेज
- 30:03में है तो ऐसा कुछ भी प्रोसीजर नहीं रहता
- 30:05है जो आपको बहुत पेनफुल होता है। इनफैक्ट
- 30:07अब लेटर स्टेज में भी इतने पेनफुल
- 30:08प्रोसीजर्स नहीं होते।
- 30:11रूट कैनल के बारे में बहुत ज्यादा मिथ्स
- 30:13है कि वो कैसे होते हैं और उसका रूट कॉज
- 30:16क्या आइडेंटिफाई करना चाहिए?
- 30:18तो एग्जैक्टली उसकी प्रोसीजर क्यों होती
- 30:20है? रूट कैनल क्यों रेकमेंडेड है?
- 30:22क्यों रेकमेंडेड है? सो जैसे मैं आपको
- 30:24यहां पे दिखाती हूं। ये टीथ है। ये टीथ को
- 30:26हमने अगर वर्टिकली स्लाइस किया तो ये अंदर
- 30:28का स्ट्रक्चर है जो दिखाई पड़ रहा है।
- 30:30इसमें जो सबसे ऊपर वाला लेयर है वो हमें
- 30:32नॉर्मली मुंह के अंदर दिखाई पड़ता है। वी
- 30:34कॉल्ड इट एज इनामल। उसके बाद वाली डेंटिन
- 30:36रहती है और अंदर वाली जो लेयर रहती है ये
- 30:39यहां पे नस रहते हैं।
- 30:41ठीक है? दिस इज नॉट द हार्ड लेयर। दिस इज
- 30:42द हार्डेस्ट।
- 30:43दिस इज इन बिटवीन? हां। इन बिटवीन एंड दिस
- 30:47इज़ नॉट हार्ड। दिस इज़ अ सॉफ्ट टिश्यू।
- 30:50हां। दिस इज़ सॉफ्ट टिश्यू। इसमें ब्लड
- 30:52वेसल्स होते हैं, नर्व्स होते हैं एंड
- 30:54सॉफ्ट टिश्यूज़ होते हैं। ठीक है? तो अभी
- 30:56क्या होता है कि जब हम हमारे दांत को
- 30:58कीड़ा लगता है तो अगर आप देखेंगे यहां पे
- 30:59ग्रूव्स हैं। ये ग्रूव्स में खाने फंसते
- 31:02हैं और फिर ये कीड़ा लगता है और ये कीड़ा
- 31:04लग के यहां तक जाता है। जब डेंटिन तक आता
- 31:06है तो वी फील सेंसिटिविटी जैसा हमने
- 31:08डिस्कस किया कि सेंसिटिविटी के क्या रीज़ंस
- 31:10हो सकते हैं। तो ये यहां पे डेंटिनल
- 31:13टुब्यूल्स रहते हैं जिसमें नस के कभी-कभी
- 31:16इनरवेशंस रहते हैं। तो उसकी वजह से यहां
- 31:19पे आने पे सेंसिटिविटी होता है। बट जब तक
- 31:21यहां और इस लेयर में है तो हम इस डीके को
- 31:24निकालकर और वहां पे फिलिंग कर सकते हैं।
- 31:27बट अगर यह टच होता है आपके नस को
- 31:30तो फिर हम उसे निकाल नहीं सकते क्योंकि
- 31:32अगर नस तक इंफेक्शन गया है तो इंफेक्शन
- 31:35पूरा नीचे जाता है जड़ तक
- 31:37और यहां पे कभी-कभी पस बनता है, बोन लॉस
- 31:39भी होता है।
- 31:40तो उस केस में रूट कैनाल ट्रीटमेंट किया
- 31:43जाता है। मतलब ये रूट्स के अंदर जो
- 31:44कैनाल्स हैं, इसको हम सफाई किया जाते हैं।
- 31:47है ना? इनकी पूरी सफाई की जाती है। जो भी
- 31:50खराब पल्प टिश्यू है इसको हम निकालते हैं।
- 31:53शेपिंग की जाती है। उस शेप के हिसाब से
- 31:56उसको वापस फिल किया जाता है। वी हैव अ
- 31:58फिलिंग मटेरियल हम गटा परछा बोलते हैं
- 32:00उसको।
- 32:01तो उसके साइजेस होते हैं। हम उसी साइज से
- 32:03प्रिपेयर करते हैं और फिर उसी साइज का वो
- 32:05हम पुट करते हैं ताकि ये अच्छे से सील हो
- 32:07जाए।
- 32:08सील अप हो जाए।
- 32:08हां। तो दिस इज द होल ट्रीटमेंट ऑफ रूट
- 32:11कैनाल। रूट कैनाल ना किया जाए और वैसे ही
- 32:14वो वैसे डेवलप हो रहा है ब्लड वेसल्स। यस
- 32:17छोड़ा जाए तो उससे कैंसर की कुछ संभावना है
- 32:21पॉसिबिलिटी
- 32:22कैंसर ऐसी चीज होती है कि कोई भी लीजन कोई
- 32:26भी अल्सर अगर मेरा बहुत दिनों तक नहीं भर
- 32:28रहा है या मेरा ये जख्म बहुत दिनों तक है
- 32:31और ये जख्म भर नहीं रहा मेरा बॉडी भी नहीं
- 32:33इसको भर रहा है इसे ठीक नहीं कर रहा है तो
- 32:36वो कैंसर में डेवलप हो जाता है। रूट कैनाल
- 32:39नहीं किया तो कैंसर नहीं होता है।
- 32:41जनरली फर्स्ट स्टेजेस में यही होता है कि
- 32:44पस बहुत ज्यादा बन जाता है।
- 32:46और एक पाथ अपना लेता है और वहां से साइनस
- 32:49के रूप में ड्रेन होता है। कभी-कभी मुंह
- 32:52के अंदर से ड्रेन होता है। कभी-कभी मुंह
- 32:53के बाहर से भी ड्रेन होता है। हां
- 32:55डिपेंडेंट कितना पस है और आप कितनी जल्दी
- 32:58उसका ट्रीटमेंट कर रहे हैं। तो वो पस
- 33:00निकलता रहता है। हां अगर पस निकल भी रहा
- 33:03है फिर भी आप उसका ट्रीटमेंट नहीं कर रहे
- 33:05हैं। एंड वो टिश्यू रेगुलरली खराब होती जा
- 33:08रही है तो दैट टिश्यू मे चेंज। चेंज इन
- 33:10कैंसर।
- 33:11किसी को कहा जाए कि टोबैको मत खाओ। माउथ
- 33:13कैंसर होता है
- 33:14हम
- 33:15तो वो कह लेते हैं नहीं नहीं उससे तो गम्स
- 33:17है ना अच्छे होते हैं टाइट हो जाते हैं
- 33:19टाइट हो जाते हैं
- 33:20ऐसे ये मिथ है या फिर ये
- 33:22देयर इज़ नो रियलिटी इन दिस
- 33:24दिस इज मिथ जो टोबैको है टोबैको
- 33:28इन अ केमिकल फॉर्म अगर हम उसको बोलते हैं
- 33:31जैसे गुटखा आपका रहता है तो उसमें काफी
- 33:33सारी चीजें मिक्स होती हैं निकोटीन होता
- 33:36है बाकी सारी चीजें केमिकल्स रहते हैं तो
- 33:40ये क्या करते हैं कि हमारा जो अंदर का
- 33:44लेयर है स्किन का म्यूकोसा हम बोलते हैं।
- 33:46उसकी थिनिंग भी करते हैं।
- 33:48हां और इन उसको इनवेड करते हैं।
- 33:52तो ये केमिकल्स जब वहां पे जाके इनवेड
- 33:53करते हैं तो सेलर लेवल पे चेंजेस होते
- 33:55हैं।
- 33:56व्हिच कॉज कैंसर।
- 33:58जी।
- 33:58तो आप अगर टोबैको खा रहे हैं या आप अगर
- 34:01स्मोक कर रहे हैं टोबैको इन द फॉर्म ऑफ़
- 34:03स्मोक।
- 34:03स्मोक
- 34:04तो ये क्या होता है कि आप ये पूरे मुंह
- 34:06में ले रहे हैं।
- 34:07यस। तो आप भले यहां से आज खा रहे हैं, कल
- 34:10इधर से खा रहे हैं पर हम इसको एक फील्ड
- 34:11कैंसराइजेशन बोलते हैं। जहां पे अगर आप
- 34:13यहां से भी खा रहे हैं तो भी आपको यहां भी
- 34:15कैंसर हो सकता है। जब आप स्मोक करते हैं
- 34:17तो अगेन द होल म्यूकोजा इज एक्सपोज्ड।
- 34:20तो आप स्मोक कर रहे हैं और यहां का भी
- 34:22कैंसर भी है और ये टिश्यू को भी चांसेस है
- 34:24कैंसर होने के।
- 34:26सो टोबैको इन एनी फॉर्म इज अवॉयड शुड बी
- 34:28अवॉयडेड 100%।
- 34:30एक एग्जांपल था एक्चुअली। रियल लाइफ
- 34:33एग्जांपल ही है कि मेरे एक फ्रेंड है
- 34:36अराउंड 40 एज हम
- 34:38तो उन्होंने बीच में जाकर क्लीनिंग और
- 34:41स्केलिंग का ट्रीटमेंट किया था एक
- 34:43डेंटिस्ट के पास
- 34:44और उसके बाद उनकी सेंसिटिविटी बहुत ज्यादा
- 34:46बढ़ गई हम
- 34:47मतलब चूइंग में प्रॉब्लम हो रही थी ठंडा
- 34:50कुछ नहीं खा पा रहे थे
- 34:52और उनका ऐसे हो गया कि नहीं अभी डेंटिस्ट
- 34:54के पास नहीं जाना है मैं चुप गया हूं और
- 34:58क्यों गया हूं ऐसे उनका एस्पेक्ट हो गया
- 35:00था
- 35:00तो इसमें रीज़ंस हो हो सकते हैं। एक रीज़न
- 35:03यह हो सकता है उनका कि हो सकता है कि उनका
- 35:06जो गम्स है काफी ज्यादा वहां पे स्वलन
- 35:10होगा और इंफेक्शन जो डेपॉजिट्स है वो
- 35:13ज्यादा होने की वजह से इनफेक्शन के गम्स
- 35:15रिसीड हो जाते हैं।
- 35:17और गम्स जब रिसीड होते हैं तो हमारा टूथ
- 35:19का जो रूट रहता है जो ये पार्ट रहता है ये
- 35:22एक्सपोज हो जाता है।
- 35:23और ये अगर एक्सपोज हो गया तो यहां पे
- 35:25इनामिल नहीं है। ये चीज सेंसिटिव हो जाती
- 35:27है।
- 35:28तो अभी तो ये कैसा है? है। इसके ऊपर
- 35:30डिपॉजिट है। तो जब डिपॉजिट है तो आपको कुछ
- 35:33फील नहीं हो रहा है। बट देन वो डिपॉजिट
- 35:35धीरे धीरे धीरे-धीरे आपके बोन को और गम्स
- 35:37को खराब करते जा रहा है। तो जब हमने
- 35:39क्लीनिंग किया स्केलिंग किया ये पार्ट
- 35:42निकाल दिया तो जस्ट बिकॉज़ इट इज एक्सपोज्ड
- 35:44यू मे बी फील सम हां सेंसिटिविटी वो
- 35:48धीरे-धीरे चला जाता है।
- 35:49100% वो
- 35:50ड्यू पीरियड में वो
- 35:51यस यस यस वो स्लोली चला जाता है। हां सम
- 35:54पीपल हैव दैट थिंग कि वो बहुत ज्यादा
- 35:56सेंसिटिव रहता है। थोड़ा सा वाइब्रेशन से
- 35:58भी उनको सेंसिटिविटी होती है। प्लस ये जो
- 36:00डिपॉजिट निकला इसकी वजह से कभी-कभी वो
- 36:02सेंसिटिव होता है।
- 36:04बट देन वो चला जाता है।
- 36:05बहुत जानकारी मिली एक्चुअली और ये बहुत
- 36:07इंटरगोइंग सेशन था हमारा।
- 36:09यस। आपको ये एपिसोड और ये सेगमेंट बहुत
- 36:12अच्छा लगा तो हमें कमेंट में जरूर बताइए।
- 36:15लाइक कीजिए, सब्सक्राइब कीजिए और शेयर
- 36:17करना ना भूलिए और बेल आइकॉन को क्लिक
- 36:19कीजिए। थैंक यू। [संगीत]
- 36:28[संगीत]
About this transcript
This page contains the full transcript of Episode 03 | Dental Health, Oral Care & Tooth Discoloration | Dr. Anamika Singh by The Monika Surve Show, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 6,860 words across 1,000 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.
What you can do with it
Use the transcript to take notes, quote the speaker, build a study guide, generate a summary with ChatGPT or Claude via the YouTube Summary tool, or export it as a timed subtitle file with YouTube to SRT. You can also re-open it in the transcriber to translate the transcript into 100+ languages.
Free YouTube transcript tool
YouTube2Text is a free YouTube transcript generator — no signup, no daily limit. Paste any YouTube link and get the full transcript instantly, with timestamps, click-to-jump, translation to 100+ languages, AI prompts for ChatGPT, Claude, and Gemini, and exports to TXT, SRT, VTT, or Markdown.