ऐसे eliminate होते हैं Options🔥| 12 hour Compilation of Cloze Tests | Based on new Pattern| QEng — Transcript
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- 0:00हेलो एवरीवन, वेलकम टू अनदर वीडियो। इस
- 0:03कंपाइलेशन में आपको मिलेगा हर वो क्लोज
- 0:05टेस्ट जो मैंने अभी तक YouTube पर अपलोड
- 0:07किया है। इसमें बहुत सारे प्रीवियस ईयर
- 0:09क्वेश्चंस मिलेंगे आपको। बहुत सारे वोकैब
- 0:11बेस्ड क्वेश्चंस मिलेंगे। बहुत सारे ऐसे
- 0:13क्वेश्चंस मिलेंगे जो ग्रामर के ट्रिक से
- 0:14बनेंगे। साथ ही साथ में इसमें बहुत अच्छे
- 0:18तरीके से एक्सप्लेन किया गया है कि कैसे
- 0:19थोड़ी सी अवेयरनेस और थोड़े से स्ट्रीट
- 0:21स्मार्टनेस के साथ आप ऑप्शंस को ईजीली
- 0:23एलिमिनेट कर सकते हो। होपफुली ये सेशन
- 0:26आपको अच्छा लगेगा, पसंद आएगा। बहुत कुछ
- 0:28सिखा कर जाएगा। अगर वीडियो पसंद आए तो
- 0:30चैनल को सब्सक्राइब जरूर कर लेना। इस
- 0:32वीडियो को लाइक जरूर कर देना और एक प्यारा
- 0:34सा कमेंट जरूर ड्रॉप कर देना। मुझे इंतजार
- 0:36रहता है आपके कमेंट्स का। आगे के वीडियोस
- 0:39काफी इनफेटिव है। एंजॉय करिए। बार की तरह
- 0:43हम इस पैसेज को दो बार पढ़ेंगे। पहली बार
- 0:45पढ़ेंगे तो मीनिंग समझने के लिए पढ़ेंगे,
- 0:46टोन समझने के लिए पढ़ेंगे, कॉन्टक्स्ट
- 0:48समझने के लिए पढ़ेंगे। उसके बाद हम इसके
- 0:50ब्लैंक्स को फिल अप करेंगे। लिखा है कि
- 0:53मॉडर्न एथिकल डिबेट्स टेंड टू कंसर्न द
- 0:56कॉन्फ्लिक्ट बिटवीन डोंटोलॉजिकल एंड
- 0:59क्सक्वेंशियलिस्ट अप्रोचेस ईच प्रोवाइडिंग
- 1:02अ डैश मेथोडोलॉजी लिखा है कि मॉडर्न जो
- 1:05एथिकल डिबेट है ना जो अभी एथिक्स को लेकर
- 1:09जो डिबेट चल रही है वो किस चीज से रिलेटेड
- 1:12है वो रिलेटेड है दो कांसेप्ट से एक
- 1:14कांसेप्ट है जिसका नाम है डोंटोलॉजिकल
- 1:16कांसेप्ट दूसरा है क्सिक्वेंशियलिस्ट
- 1:19कांसेप्ट या अप्रोच क्या होता है दोनों
- 1:21पहले ये समझ लेते हैं। डंटोलॉजिकल का मतलब
- 1:23होता है कि एक ऐसे किस्म के एथिक्स के
- 1:27सेक्शन को हम डटोलॉजिकल कहते हैं जिस
- 1:29जिनका यह मानना है कि परिणाम कुछ भी हो जो
- 1:33प्रोसेस है वो मोरल होना चाहिए। ठीक है?
- 1:35क्या बोला मैंने? परिणाम कुछ भी हो जाए।
- 1:38ठीक है? हो सकता है कि आपका एग्जाम निकले
- 1:40ना निकले। पर जिस तरीके से आप तैयारी कर
- 1:43रहे हैं उसमें ईमानदारी होनी चाहिए। उसमें
- 1:45मोरालिटी होनी चाहिए। उसमें कोई
- 1:46सेटिंगबाजी नहीं होनी चाहिए। ठीक है? यह
- 1:48कहते हैं डेंटोलॉजिकल जो पॉइंट ऑफ व्यू
- 1:51वाले लोग होते हैं वो एक होता है
- 1:53क्सिक्वेंशियलिस्ट। आपको दिख रहा होगा कि
- 1:56यह वर्ड क्सकुएंस से बनकर आया है।
- 1:57क्सिक्वेंस का मतलब होता है परिणाम। तो ये
- 2:00परिणाम से रिलेटेड है। व्हिच मींस
- 2:02क्सक्वेंशियलिस्ट हम लोग ऐसे लोगों को
- 2:04कहते हैं जिनका यह मानना है कि प्रोसेस
- 2:06कुछ भी हो रिजल्ट अच्छा होना चाहिए। मतलब
- 2:09मैं सेटिंग करूं, मैं चोरी करूं, मैं पेपर
- 2:11लीक करवा दूं। मेरा एग्जाम क्रैक होना
- 2:13चाहिए। ऐसे लोगों के लिए हम
- 2:15क्सिक्वेंशियलिस्ट टर्म इस्तेमाल करते
- 2:17हैं। ठीक है? तो जो अभी एथिकल डिबेट चल
- 2:20रहा है वो इन दोनों चीजों को लेकर चल रहा
- 2:22है कि कुछ लोग हैं जो ये मानते हैं कि
- 2:24डंटोलॉजिकल वाले सही हैं। कुछ लोग ये
- 2:27मानते हैं कि क्सक्वेंशलिस्ट वाले सही
- 2:29हैं। आई होप आपको दोनों का मतलब समझ में आ
- 2:31गया। कह रहा है कि उन दोनों का अपना-अपना
- 2:34डैश होता है मेथोडोलॉजी का।
- 2:37डंटोलॉजी रिक्वायर्स अ रिस्पेक्ट फॉर मोरल
- 2:40डैश इरिस्पेक्टिव ऑफ द रिजल्ट। अभी जो
- 2:42मैंने बोला कि डंटोलॉजी जो है इसमें ये
- 2:44रिक्वायरमेंट होती है कि आपका तरीका मोरल
- 2:47होना चाहिए। परिणाम कुछ भी हो। व्हाइल
- 2:50क्सक्वेंशियलिज्म जजेस ऑन द बेसिस ऑफ द
- 2:52नेट डैश। लेकिन जो क्सकुएंशियलिज्म है वो
- 2:55किस बेसिस पे जज करता है कि आपका नेट डैश
- 2:58क्या है? उसके ऊपर ये जज करता है। आपने
- 2:59क्या तरीका अपनाया वो इंपॉर्टेंट नहीं है।
- 3:02ऑब्जेक्शंस अगेंस्ट प्योर क्सक्वशियलिज्म
- 3:05सजेस्ट इट विल अलाउ डैश एकशंस इफ दीज़
- 3:07ब्रिंग अबाउट मैक्सिमम ओवरऑल वेलफेयर। अब
- 3:11जो ऑब्जेक्शंस उठाए गए हैं, जो उंगलियां
- 3:13उठाई गई हैं क्सिक्वेंशियलिज्म के अगेंस्ट
- 3:16में वो ये कह रहे हैं कि ये डैश अलव करता
- 3:19है, डैश एकशंस को अलऊ करता है। अगर उनसे
- 3:22मैक्सिमम रिजल्ट आता है या मैक्सिमम ओवरऑल
- 3:24वेलफेयर होता है तो कहने का मतलब है कि
- 3:27कुछ गलत हो रहा है तो होने दो। जब तक
- 3:29परिणाम सही है। ये वही वाला सोच है कि
- 3:32करप्शन हो रहा है तो ठीक है। काम समय पे
- 3:34होना चाहिए। है ना? तो वो
- 3:36क्सक्वेंशियलिज्म मेंटालिटी का के लोग
- 3:38होते हैं जो ऐसा कहते हैं।
- 3:41इन रिप्लाई सम रिकमेंड डैश हाइब्रिड
- 3:44थ्यरीज एंड दैट कंबाइन ऑब्लिगेशंस विद
- 3:47आउटकम सेंसिटिविटी। लिखा है कि इसके
- 3:50रिप्लाई में इसके रिप्लाई में कुछ रिकमेंड
- 3:53करते हैं हाइब्रिड थ्यरीज़ को जो कंबाइन
- 3:56करता है ऑब्लिगेशंस को और आउटकम
- 3:58सेंसिटिविटी को। ठीक है? ये जो रिप्लाई
- 4:02में कुछ ये रिकमेंड करते हैं कि हाइब्रिड
- 4:04थ्यरीज़ हो। ठीक है? जो कि कंबाइन करे
- 4:07ऑब्लिगेशंस को और आउटकम की सेंसिटिविटी
- 4:10को। आइए मोटा-मोटा हमें क्या समझ में आया
- 4:14भाई? मोटा-मोटा हमें ये समझ में आया है कि
- 4:15दो थ्यरीज़ हैं। एक है डंटोलॉजिकल थ्योरी
- 4:19और एक है क्सिक्वंशियलिस्ट थ्योरी। इन
- 4:21दोनों थ्यरीज़ के बीच में क्या डिफरेंस है?
- 4:23क्या इनकी सोच है? उसके बारे में पूरा का
- 4:26पूरा पैसेज है। ठीक है? इसमें मोस्टली
- 4:28बताया गया है कि जो कंसक्वेंशियलिस्ट
- 4:30थ्यरी है, इसके क्या नेगेटिव एस्पेक्ट्स
- 4:32हैं? और किस तरीके से इनमें एक बैलेंस
- 4:34लाने की ज़रूरत है। ठीक है? आइए अब एक-एक
- 4:37करके हम फिल अप करते हैं। पहले लाइन को
- 4:39पढ़ेंगे। मॉडर्न एथिकल डिबेट्स टेंड टू
- 4:42कंसर्न द कॉन्फ्लिक्ट बिटवीन डंटोलॉजिकल
- 4:44एंड क्सक्वेंशलिस्ट अप्रोचेस ईच
- 4:46प्रोवाइडिंग अ डैश मेथोडोलॉजी। ठीक है? ईच
- 4:49प्रोवाइडिंग अ क्वेरल्स मेथोडोलॉजी।
- 4:51क्वेरसम का मतलब होता है झगड़ालू।
- 4:54क्या हम ये कहना चाहते हैं कि झगड़ालू
- 4:56मेंटालिटी है? नहीं नहीं। झगड़ालू
- 4:57मेथोडोलॉजी नहीं है। रिगरस मेथोडोलॉजी।
- 5:00ठीक है? रिगरस का मतलब होता है जटिल।
- 5:02दोनों की जो मेथोडोलॉजी है वो बहुत ज्यादा
- 5:04जटिल है। कर्सरी कर्सरी का मतलब होता है
- 5:07सुपरफिशियल।
- 5:09सुपरफिशियल जिसका मतलब होता है सतही तौर
- 5:11पर ऊपर ऊपर से। क्या सुपरफिशियल
- 5:13मेथोडोलॉजी है दोनों? नहीं। क्या बोला गया
- 5:16था? डंटोलॉजिकल और क्सकुएंशियलिस्ट अप्रोच
- 5:19जो है दोनों प्रोवाइड करते हैं डैश
- 5:21मेथोडोलॉजी। कैसी मेथोडोलॉजी? ऊपर ऊपर से
- 5:23मेथडोलॉजी प्रोवाइड करते हैं। नहीं
- 5:24वैक्यूस। वैक्यूस वर्ड वैक्यूम वर्ड से
- 5:26बनकर आया है। ऐसे याद रखना। वैक्यूस का
- 5:29मतलब होता है अर्थहीन जिसका कोई मतलब ही
- 5:31ना निकले। अर्थहीन बेकार का तो क्या दोनों
- 5:34के दोनों बेकार की मेथोडोलॉजी कर को
- 5:36प्रोवाइड कर रहे हैं? नहीं दोनों के दोनों
- 5:38रिगरस मेथोडोलॉजी प्रोवाइड कर रहे हैं।
- 5:40जटिल कॉम्प्लेक्स मेथोडोलॉजी दोनों
- 5:42प्रोवाइड करते हैं। कैसे? आगे बताया गया
- 5:44है। डंटोलॉजी में रिक्वायरमेंट होती है
- 5:46रिस्पेक्ट फॉर मोरल डैश इरिस्पेक्टिव ऑफ़ द
- 5:49रिजल्ट। डंटोलॉजी कहता है कि आपको सम्मान
- 5:52करना चाहिए मोरल डैश का। कुछ भी परिणामों
- 5:54से फर्क नहीं पड़ता। किसका? मोरल मूड का।
- 5:57का मोरल मूड क्या होगा भाई? मोरल एक्शंस
- 5:59का रिस्पेक्ट करना चाहिए मोरल एक्शंस का।
- 6:02हो सकता है मोरल कंजेक्चर्स का। कंजेक्श
- 6:04का मतलब होता है अनुमान।
- 6:07अनुमान। तो हम क्या ये कहना चाहते हैं कि
- 6:09डंटोलॉजी चाहता है कि मोरल अनुमान का
- 6:13रिस्पेक्ट किया जाए। मोरल अनुमान क्या
- 6:15होता है भाई? नैतिक अनुमान क्या होगा?
- 6:17मोरल रूल्स का रिस्पेक्ट किया जाए। रिजल्ट
- 6:19कुछ भी हो उससे फर्क नहीं पड़ता। भैया
- 6:21रिजल्ट तो तब आएगा जब आप एक्शन लोगे।
- 6:24रूल्स से थोड़ी ना रिजल्ट आता है। एक्शन
- 6:27से रिजल्ट आता है। तो आंसर क्या है?
- 6:28डोंटोलॉजी रिक्वायर्स रिस्पेक्ट फॉर मोरल
- 6:30एकशंस इरिस्पेक्टिव ऑफ द रिजल्ट। कि जो
- 6:33मोरल जो नैतिक काम है वो करने चाहिए। उसका
- 6:36सम्मान करिए। रिजल्ट कुछ भी हो। जबकि
- 6:39क्सक्वेंशियलिज्म जो है वो जज करता है
- 6:42बेसिस पे नेट डैश क्या हुआ? किसके ऊपर?
- 6:45अभी हमने इतने देर से हमने डिस्कस कर रहे
- 6:46हैं हम कि डनटोलॉजिकल कहता है कि रास्ता
- 6:49सही होना चाहिए, परिणाम कुछ भी हो।
- 6:50क्सक्वेंशियलिस्ट कहता है कि रास्ता कुछ
- 6:52भी हो परिणाम सही होना चाहिए। तो ये किसके
- 6:54ऊपर जज करेगा? नेट डैश नेट गुड्स। गुड्स
- 6:57मतलब होता है सामान। कोई सेंस नहीं है।
- 6:59नेट आउटकम्स। आउटकम्स का मतलब होता है
- 7:01रिजल्ट।
- 7:04नेट रिजल्ट के ऊपर ये जज करता है। ये बात
- 7:05तो बिल्कुल ठीक है। नेट बेनिफिट्स के ऊपर,
- 7:07नेट प्रॉफिट के ऊपर। बेनिफिट्स और प्रॉफिट
- 7:10नहीं मार्क कर सकते। हमें पहले ही बता
- 7:12दिया गया था कि रिजल्ट के ऊपर इसका
- 7:14डिस्कशन होता है। ठीक है? तो आंसर क्या
- 7:16होगा? नेट रिजल्ट। नेट आउटकम। ऑब्जेक्शन
- 7:20अगेंस्ट प्योर क्सक्वेंशलिज्म सजेस्ट इट
- 7:22विल अलाउ डैश एकशंस इफ दीज़ ब्रिंग अबाउट
- 7:25मैक्सिमम ओवरऑल वेलफेयर। ऑब्जेक्शन क्या
- 7:28है? इसके खिलाफ उंगलियां क्यों उठाई गई
- 7:30है? उंगलियां इसलिए उठाई गई है क्योंकि
- 7:32कंसक्वेंशलिज्म ये सजेस्ट करता है कि वो
- 7:34डैश को भी अलऊ करेगा। अगर उनसे सही परिणाम
- 7:37निकलता है तो। शुरुआत से मैं बोलता आ रहा
- 7:40हूं कि इसके साथ प्रॉब्लम ही यही है कि ये
- 7:42कुछ भी अनएथिकल होने को भी ये अलऊ कर
- 7:45देगा। अगर रिजल्ट सही आ रहा है तो। तो
- 7:47यहां पर लिखा हुआ था ऑब्जेक्शंस अगेंस्ट
- 7:49प्योर क्सक्वशियलिज्म सजेस्ट इट विल अलाउ
- 7:52लॉडेबल एक्शंस। लोडेबल मतलब होता है
- 7:54प्रशंसनीय जिसकी प्रशंसा की जाए। ये तो
- 7:57पॉजिटिव हो जाएगा। यहां पे तो हमें कोई
- 7:59नेगेटिव वर्ड चाहिए ना कि ये कोई नेगेटिव
- 8:01एक्शन को भी अलाउ कर देगा अगर उसका रिजल्ट
- 8:03आ रहा है तो। इमोरल अनैतिक हो सकता है।
- 8:06बेनिफिशियल पॉजिटिव है। डिलाइटफुल पॉजिटिव
- 8:08है। आंसर कौन सा है? इमोरल है। कि इसके
- 8:11अगेंस्ट में ये ऑब्जेक्शन है कि ये इमोरल
- 8:13चीजों को भी अलऊ कर देगा। अगर क्या किया
- 8:15जाए? अगर इसका रिजल्ट अच्छा हो तो इन
- 8:18रिप्लाई इसके रिप्लाई में सम रिकमेंड कुछ
- 8:21रिकमेंड कर रहे हैं डैश हाइब्रिड थ्यरीज़।
- 8:24इसके रिप्लाई में कुछ रिकमेंड कर रहे हैं
- 8:26डैश हाइब्रिड थ्यरीज़।
- 8:29ठीक है? और वो क्या कह रहे हैं कि जो
- 8:31कंबाइन करे ऑब्लिगेशंस को आउटकम
- 8:33सेंसिटिविटी से। मतलब यह है कि इन लोग ये
- 8:37कह रहे हैं कि एक ऐसी थ्योरी होनी चाहिए
- 8:39या एक एक ऐसा तरीका होना चाहिए जिसमें आप
- 8:43कैसे काम करें उसका भी ऑब्लिगेशन हो और
- 8:45अच्छा रिजल्ट आए वो भी जरूरी है। मतलब ये
- 8:48दोनों थ्यरीज़ को मिला दिया जाए। तो क्या
- 8:50लिखा है कि इन रिप्लाई सम रिकमेंड वेल
- 8:53बैलेंस्ड हाइब्रिड थ्यरीज़ कुछ रिकमेंड कर
- 8:55रहे हैं कि वेल बैलेंस्ड एक हाइब्रिड
- 8:57थ्योरी होना चाहिए। यह तो ठीक लग रहा है।
- 8:58सम रिकमेंड ओवर सिंपल हाइब्रिड थ्यरीज़।
- 9:02ओवर सिंपल हाइब्रिड थ्यरीज़ कैसे बैलेंस
- 9:04करेगा चीज़ को? यहां तो बात हो रही है
- 9:05बैलेंस करने की, कंबाइन करने की।
- 9:07इररिलवेंट थ्यरीज़ यह तो नेगेटिव वर्ड है
- 9:10कि ए कुछ रिकमेंड कर रहे हैं कि एकदम
- 9:11बेकार थ्योरी बना दो जिसका इससे कुछ लेना
- 9:13देना ही नहीं है। नहीं कॉम्प्लेक्स थ्यरीज़
- 9:16कुछ कह रहे हैं कुछ डिफिकल्ट हाइब्रिड
- 9:18थ्यरीज़ बना दो जो दोनों चीजों को मिक्स
- 9:20करे। डिफिकल्ट हाइब्रिड थ्योरी क्या होगा
- 9:22भाई? वेल बैलेंस हाइब्रिड थ्योरी होगा ना
- 9:24जो कंबाइन करे ऑब्लिगेशंस को भी और आउटकम
- 9:26के सेंसिटिविटी को भी। आंसर क्या है?
- 9:29ऑप्शन नंबर ए। आगे बढ़े। यहां पे कुछ जितने
- 9:33भी डिफिकल्ट वर्ड्स आए थे उनके सिनोनिम
- 9:35एंटोनिम वगैरह मार्क्ड है। आप इसको पीडीएफ
- 9:37को आराम से पढ़ लेंगे। ठीक है? हालांकि
- 9:39मैंने सबका मतलब वहां पे बता दिया है पहले
- 9:41जब मैं एक्सप्लेन कर रहा था चीजों को। आइए
- 9:45ब्लैंक नंबर टू पर क्लोज टेस्ट नंबर टू पर
- 9:47आते हैं। आपको क्या करना है? वीडियो यहीं
- 9:49पॉज करके ट्राई कर लेना है। ठीक है? चलिए
- 9:52आंसर बता रहा हूं मैं। लिखा है कि मीनिंग
- 9:55बता रहा हूं। आंसर नहीं। रिस्चर्स इन
- 9:57क्वांटम कंप्यूटिंग फेस द ट्विन
- 9:59डिफिकल्टीज ऑफ क्विबिट कोहेरेंस एंड डैश
- 10:03एरर रेट्स लिखा है कि जो रिसर्चर्स हैं ना
- 10:07कहां के रिस्चरर्स जो क्वांटम कंप्यूटिंग
- 10:09के रिसर्चरर्स हैं मतलब जो क्वांटम
- 10:11कंप्यूटर वगैरह रेडी कर रहे हैं उनके पास
- 10:14दो परेशानियां है। ट्विन डिफिकल्टीज हैं।
- 10:16क्या-क्या है? पहला तो डैश कविट कोरेंस।
- 10:19ये नया वर्ड होगा आपके लिए। क्विबिट
- 10:21क्वांटम के सबसे स्मालेस्ट यूनिट को कहा
- 10:23जाता है। जैसे हमारी बॉडी में सबसे
- 10:24स्मालेस्ट यूनिट एटम होता है ना उस तरीके
- 10:26से क्विबिट जो है वो क्वांटम का सबसे
- 10:28स्मालेस्ट यूनिट है। तो लिखा है कि एक तो
- 10:30क्विबिट कोहेरेंस का इशू है और दूसरा एरर
- 10:34रेट्स का इशू है। ठीक है? मतलब एक तो ये
- 10:36है कि क्विबिट के कोहेरेंस मतलब कोेरेंस
- 10:39का अगर आप एग्जैक्ट मतलब समझना चाहते हो
- 10:41स्टेबिलिटी को कोहेरेंस कहते हैं। तो बोला
- 10:43जा रहा है एक तो प्रॉब्लम ये है कि ये जो
- 10:44क्विबिट है ये स्टेबल नहीं रहता और दूसरा
- 10:46इसमें गलतियां बहुत होती हैं। व्हाइल सुपर
- 10:49कंडक्टिंग क्यूबिट्स हैव सून प्रॉमिस
- 10:52मेंटेनिंग कोहेरेंस बिय्ड माइक्रो सेकंड्स
- 10:55रिमेंस डैश ड्यू टू एनवायरमेंटल
- 10:57डीकोहेरेंस। लिखा है कि जबकि जो सुपर कम
- 11:00सुपर कंडक्टिंग कविट का सुपर कंडक्टिंग जो
- 11:03है उसने प्रॉमिस दिखाया है। मतलब सुपर
- 11:06कंडक्ट करने से ऐसा फील हो रहा है कि ये
- 11:08क्विबिट जो है स्टेबल हो जाएगा। लेकिन कुछ
- 11:11समय के बाद इनफैक्ट माइक्रो सेकंड्स के
- 11:13बाद इनका कोहेरेंस गड़बड़ा जाता है। क्यों
- 11:15गड़बड़ा जाता है? क्योंकि वो एनवायरमेंट
- 11:18के साथ डीकोहेरेंस में आ जाता है। मतलब
- 11:20आसपास के एनवायरमेंट की वजह से उसका जो
- 11:24कोहेरेंस है वो गड़बड़ हो जाता है। आपको
- 11:26मैं आसान भाषा में समझाता हूं। बहुत
- 11:27कॉम्प्लिकेटेड हो जाएगा वरना कुछ बच्चों
- 11:29के लिए। आसान भाषा में मैं समझाता हूं।
- 11:30क्विट कोहेरेंस को आप ऐसे समझो कि एक छोटा
- 11:33बच्चा है जो स्टेबल नहीं बैठता। ठीक है?
- 11:35तो प्रॉब्लम क्या है कि कुछ सेकंड्स के
- 11:38बाद ये बच्चा स्टेबल बैठेगा ही नहीं। अब
- 11:40आपको उसको लेट्स से फीड कराने के लिए खाना
- 11:43खिलाने के लिए उसको शांति से बिठाना जरूरी
- 11:45है। पर वो बच्चा बैठेगा ही नहीं। दो
- 11:48प्रॉब्लम है। पहला वो बच्चा बैठता नहीं है
- 11:50और दूसरा उसमें वो गलतियां बहुत करता है।
- 11:52तो यहां पे वही बात हो रही है कि जो ये जो
- 11:54सुपर क्वांटम कंप्यूटिंग है ना इसके साथ
- 11:56दो इशूज़ हैं। एक तो ये इसके क्विट
- 11:58कोहेरेंट नहीं है मतलब स्टेबल नहीं है और
- 12:00दूसरा इसमें गलतियां बहुत होती है। जब भी
- 12:02कोशिश की जाती है तो कुछ सेकंड्स तक तो ये
- 12:04स्टेबल रहता है। उसके बाद ये एनवायरमेंट
- 12:07के साथ रिएक्ट करके फिर से अनस्टेबल हो
- 12:09जाता है। ठीक है? आगे फदर मोर स्केलिंग अप
- 12:13द नंबर ऑफ क्विबिट्स रिक्वायर्स डैश
- 12:15कंट्रोल ओवर इलेक्ट्रॉनिक्स दैट
- 12:17देमसेल्व्स इंट्रोड्यूस नॉइज़ लिखा हुआ है
- 12:20कि इसके अलावा अब देखो एक दो यूनिट से तो
- 12:22कुछ होने नहीं वाला मतलब एक दो क्विबिट से
- 12:24तो कुछ होने नहीं वाला तो जब भी क्विबिट
- 12:27की संख्या बढ़ाई जाती है तो इससे एक और
- 12:29प्रॉब्लम आ जाता है वो प्रॉब्लम क्या है
- 12:32कि ये जो है ये बहुत ज्यादा आवाज क्रिएट
- 12:35करने लगते हैं जो अलग प्रॉब्लम है। तो
- 12:38मतलब यहां पे रिस्चर्स के सामने अब तीन
- 12:39प्रॉब्लम है कि जब उसकी संख्या बढ़ाई जाती
- 12:42है तो वो बहुत ज्यादा नॉइज़ क्रिएट करता
- 12:44है। टू ओवरकम दीज़ हर्डल्स टीम्स आर
- 12:47एक्सप्लोरिंग डैश टेक्निक्स सच एज सरफेस
- 12:50कोड्स एंड टोपोलॉजिकल क्विबिट्स। अब इस
- 12:53परेशानी से पार पाने के लिए इससे ओवरकम
- 12:56करने के लिए टीम जो है वो एक्सप्लोर कर
- 12:58रहा है डैश टेक्निक को जैसे कि सरफेस कोड
- 13:01और टोपोलॉजिकल इक्विबिट्स। जो इससे ओवरकम
- 13:05करने के लिए जो टीम्स हैं वो एक्सप्लोर कर
- 13:07रहे हैं डिफरेंट-डिफरेंट टेक्निक्स को
- 13:09जैसे कि सरफेस कोड्स को, टोपोलॉजिकल
- 13:11क्विबिट्स को इन सबको एक्सप्लोर किया जा
- 13:14रहा है।
- 13:16आइए तो ओवरऑल टोन क्या है भाई? ओवरऑल टोन
- 13:19नेगेटिव है। किसके बारे में बात की जा रही
- 13:20है? जो क्विबिट है जो जो स्मॉल यूनिट है
- 13:23क्वांटम कंप्यूटिंग का उसके बारे में बात
- 13:25की जा रही है। और बोला जा रहा है किस
- 13:27तरीके से वो रिसर्चर उससे बहुत ज्यादा
- 13:29परेशान है। आइए अब हम लोग क्या करेंगे?
- 13:32एक-एक करके फिल अप करने की कोशिश करेंगे।
- 13:33ओवरऑल टोन नेगेटिव है। इस बात का ध्यान
- 13:35रखेंगे। लिखा है रिस्चरर्स इन क्वांटम
- 13:37कंप्यूटिंग फेस द ट्विन डिफिकल्टीज ऑफ डैश
- 13:40क्विबिट कोरेंस क्या होगा? ऑफ मेंटेनिंग
- 13:44क्विबिट कोहेरेंस। जो क्विबिट है उसको
- 13:46उसकी जो स्टेबिलिटी है उसको मेंटेन करना
- 13:48इनकी पहली प्रॉब्लम है। हो सकता है। ऑफ
- 13:51एफएमरल क्विबिट कोहेरेंस। एफएमएल का मतलब
- 13:54होता है कोई ऐसी चीज जो बहुत कम समय के
- 13:56लिए हो। कोई सेंस है कि जो रिस्चरर्स हैं
- 13:58क्वांटम कंप्यूटिंग फेस के उनके दो
- 14:00डिफिकल्टीज हैं। कौन सा डिफिकल्टीज हैं कि
- 14:03कविट का जो कोहेरेंस है वो बहुत कम समय के
- 14:05लिए ऑफ एफमेरियल क्विबिट कोहेरेंस ठीक लग
- 14:09रहा है। आगे परमानेंट क्विबिट कोहेरेंस
- 14:11अगर परमानेंट हो जाता इसका कोहेरेंस फिर
- 14:13तो प्रॉब्लम में नहीं था।
- 14:15ऑफ पेरेनियल कोबिट कोहेरेंस पेरिनियल का
- 14:17मतलब होता है जो चीज परमानेंट हो जाए तो
- 14:19फिर से वही बात है। परमानेंट तो ये है
- 14:21नहीं। अब या तो आंसर मेंटेनिंग है या तो
- 14:24आंसर एफएमएल है। ज्यादा अच्छा क्या है कि
- 14:26आप मेंटेनिंग को मार्क करो। क्यों?
- 14:28क्योंकि आगे हमें ये आगे हमें बताया गया
- 14:30था कि ये एक प्रॉब्लम है कि इसका कोहरेंस
- 14:33मेंटेन नहीं रहता। इसका कोहेरेंस स्टेबल
- 14:35नहीं रहता। इसका एविडेंस आपको सेकंड लाइन
- 14:37में मिलेगा जहां पे ये लिखा हुआ था कि
- 14:39माइक्रो सेकंड्स के लिए ये मेंटेन हो जाता
- 14:42है। माइक्रो सेकंड्स के लिए स्टेबल हो
- 14:44जाता है। पर वो उसको मेंटेन करना मुश्किल
- 14:46है। है ना? तो आंसर क्या होगा? ऑप्शन नंबर
- 14:48ए। आगे बढ़ेंगे। लिखा है कि कहां थे हम लोग
- 14:52ऑफ क्विबिट कोहेरेंस एंड डैश एरर रेट्स
- 14:55लिखा है कि और जो एरर के जो रेट्स है ना
- 14:57मतलब जिस रेट में एरर करना अलाउड है वो
- 15:00डैश है क्या है ऑफ नेगिजिबल एरर रेट्स
- 15:03अच्छा अगर गलतियां नेगलिजिबल होंगी फिर तो
- 15:05प्रॉब्लम ही नहीं है ना प्रॉब्लम है कि
- 15:06गलतियां ज्यादा है ऑफ प्रोहिबिटिव एरर
- 15:09रेट्स प्रॉब्लम ये है कि जिस हद तक जाकर
- 15:11एरर्स अलाउड हैं जैसे मान लो कि ये
- 15:13एक्सपेरिमेंट करते टाइम बोला गया कि 2%
- 15:15एरर अलाउड है तो प्रोहिबिटिव रेट क्या है
- 15:182% एरर होना चाहिए लेकिन लेकिन एरर हो रहा
- 15:20है 20%। तो यहां पे वही बोला जा रहा है कि
- 15:22प्रोहिबिटिव जो एरर रेट है उसका भी एक इशू
- 15:25है कि जितना एरर रेट प्रोहिबिटेड है उससे
- 15:27ज्यादा एरर हो रहा है। हो रहा है। ठीक है?
- 15:29आगे क्विबिट कोहेरेंस एंड चीप एरर रेट्स।
- 15:32एरर रेट सस्ते कैसे होंगे? ऑफ लो एरर
- 15:34रेट्स। अच्छा लो एरर रेट्स का मतलब हो
- 15:36जाएगा गलतियां कम हो रही है। फिर ये
- 15:37प्रॉब्लम कहां से है? यहां तो बोला गया दो
- 15:39डिफिकल्टीज की बात की गई है। तो हाई एरर
- 15:41रेट्स होता तो हम आंसर कर सकते थे। आंसर
- 15:43क्या होगा? प्रोहिबिटिव एरर रेट्स। आगे
- 15:45बढ़ेंगे। जबकि सुपर कंडक्टिंग क्विबिट्स
- 15:48जो है उन्होंने प्रॉमिस दिखाया है। लेकिन
- 15:49जो मेंटेन देखो यहां पे भी ये टर्म आपके
- 15:51लिए एक एक कह लो हिंट था कि यहां पर
- 15:54मेंटेन फिल अप होगा। जो कोहेरेंट रेट है
- 15:57उसको मेंटेन करना माइक्रो सेकंड्स के बाद
- 16:00बहुत ज्यादा डैश है क्योंकि एनवायरमेंटल
- 16:02कोहेरेंस है। क्या है? बहुत ज्यादा
- 16:04मुश्किल होगा। बहुत ज्यादा मुश्किल होगा।
- 16:06यहां कोई नेगेटिव वर्ड आना चाहिए। है ना?
- 16:09आइए वर्ड है ट्रैक्टेबल। ट्रैक्टेबल का
- 16:12मतलब क्या होता है? ऐसी कोई चीज जिसे
- 16:14मैनेज करना इजी हो। लिख दे रहा हूं यहां
- 16:16पर ईजी टू मैनेज। तो भैया यह तो पॉजिटिव
- 16:21वर्ड है। जबकि हमें यहां हमने यहां देखा
- 16:23कि माइक्रो सेकंड्स के बाद इसको मेंटेन
- 16:26करना मुश्किल है। नेगेटिव वर्ड होना
- 16:27चाहिए। इल्यूसिव। इलसिव का मतलब होता है
- 16:30ऐसी कोई चीज जिस जहां तक पहुंचना मुश्किल
- 16:33हो। हमने आपको इल्ल्यूड बहुत बार पढ़ाया
- 16:35है। ठीक है? सो इल्यूसिव का मतलब होता है
- 16:37डिफिकल्ट टू अचीव। ठीक है? ये नेगेटिव
- 16:40सेंस में है। इनेट का मतलब होता है
- 16:42जन्मजात। कोई ऐसी चीज जो कि किसी के पास
- 16:44बचपन से हो जब से वो पैदा हुआ है। तो क्या
- 16:46बोला जा रहा है कि इसकी जो माइक्रो
- 16:48सेकंड्स के बाद इसको स्टेबल करना जो है वो
- 16:51जन्मजात है। जन्मजात है मतलब रेडेंडेंट
- 16:54है। रेडेंट का मतलब होता है बेकार। ऐसी
- 16:56कोई चीज जो इस्तेमाल ना हो। कह रहा है
- 16:58माइक्रो सेकंड्स के बाद इसको मेंटेन करना
- 16:59बेकार है। गलत है ना? आंसर क्या होगा?
- 17:02इल्यूसिव है कि उसको अचीव नहीं किया जा
- 17:04सकता। फर्दर मोर स्केलिंग अप द नंबर ऑफ
- 17:07क्विबिट्स रिक्वायर्स डैश कंट्रोल ओवर
- 17:10इलेक्ट्रॉनिक्स दैट देमसेल्व्स
- 17:11इंट्रोड्यूस नॉइस। लिखा हुआ है कि जो
- 17:13स्केल अप करना है ना नंबर ऑफ क्विबिट्स को
- 17:15इसके लिए किसकी जरूरत है? डैश कंट्रोल की।
- 17:18तगड़े कंट्रोल की जरूरत है। है ना? यहीं
- 17:20पे वहां पे वही लिखा हुआ था कि कंट्रोल
- 17:22ओवर इलेक्ट्रॉनिक्स जो खुद ही आवाज कर रहे
- 17:24हैं। आइए लिखा है ऑस्टियर। आपने पढ़ा होगा
- 17:27ऑस्टियर बहुत बार। ऑस्टियर का मतलब होता
- 17:28है सिंपल। तो क्या बोला जा रहा है कि अगर
- 17:30स्केल अप करना है तो सिंपल कंट्रोल चाहिए।
- 17:32सिंपल नहीं भाई तगड़ा कंट्रोल चाहिए।
- 17:34सोफिस्टिकेटेड सोफिस्टिकेटेड का एक तो
- 17:37देखिए मतलब होता है जिसके जिसके विचार
- 17:39मतलब जिसके तौर तरीके बहुत अच्छे हो उसको
- 17:41सोफेस्टिकेटेड कहा जाता है। दूसरा जब आप
- 17:43मशीन के लिए यूज़ करते हो ना तो इसका मतलब
- 17:45होता है एडवांस्ड। आपने बहुत बार सुना
- 17:46होगा जब हमारा ऑपरेशन सिंदूर भी चल रहा
- 17:50था। तब ये बोला गया था कि इंडिया के पास
- 17:52सोफेस्टिकेटेड वेपंस हैं। पाकिस्तान को
- 17:54सोफेस्टिकेटेड वेपंस चाइना ने चाइना ने
- 17:57बेचे हैं। तो सोफेस्टिकेटेड वेपन का मतलब
- 18:00क्या होता है? एडवांस्ड वेपंस। तो यहां
- 18:01क्या लिखा हुआ था कि उसके स्केल को बड़ा
- 18:04करने के लिए उसके संख्या को ज्यादा करने
- 18:07के लिए आपको एडवांस्ड कंट्रोल चाहिए
- 18:09इलेक्ट्रॉनिक्स के ऊपर। ये तो ठीक लग रहा
- 18:11है। रुडीमेंट्री का मतलब होता है ऐसी कोई
- 18:13चीज जो कि ढकोसला हो। पुराने जमाने से
- 18:17चलती आ रही हो। है ना? जो कि बहुत प्राचीन
- 18:19हो। तो आपको क्या प्राचीन कंट्रोल चाहिए?
- 18:21नहीं। ऑब्सोल्यूट मतलब ऐसी कोई चीज जो अब
- 18:24इस्तेमाल नहीं होती। हमने बहुत बार
- 18:25ऑब्सोल्यूट वर्ड पढ़ा है। प्राचीन गलत है।
- 18:28आंसर क्या होगा? आपको एडवांस्ड कंट्रोल
- 18:30चाहिए। इलेक्ट्रॉनिक्स के ऊपर। ठीक है? टू
- 18:32ओवरम ओवरकम दीज़ हर्डल्स टीम्स आर
- 18:35एक्सप्लोरिंग
- 18:37टू ओवरकम दीज़ हर्डल्स टीम्स आर
- 18:39एक्सप्लोरिंग डैश टेक्निक सच एज सरफेस
- 18:41कोर्ट्स एंड टोपोलॉजिकल क्विबिट्स। लिखा
- 18:43हुआ है कि इन परेशानियों से पार पाने के
- 18:45लिए टीम एक्सप्लोर कर रही है डैश टेक्निक
- 18:48को। कैसे टेक्निक को? फेलिशियस टेक्निक
- 18:50को। फेलिशियस का मतलब होता है ऐसी कोई चीज
- 18:52जो इलॉजिकल है। इलॉजिकल है। तो क्या टीम्स
- 18:57ऐसे प्रॉब्लम्स को पार करने के लिए
- 18:58इलॉजिकल टेक्निक का ढूंढ रही है? कोई सेंस
- 19:01नहीं है। क्वांटम एरर करेक्टिंग टेक्निक
- 19:03ढूंढ रही है। अब क्वांटम कंप्यूटिंग की
- 19:05बात हो रही थी तो ये तो सेंस दे रहा है।
- 19:07खैर हम आगे ऑप्शन भी चेक करेंगे।
- 19:08प्रिजंप्टिव टेक्निक। प्रिजंप्टिव का मतलब
- 19:10होता है अनुमानित। ऐसी कोई चीज जो आपने
- 19:13प्रिज्यूम किया हो। ऐसी कोई चीज जिसे आप
- 19:15आप अंदाजा लगा रहे हैं। तो क्या कह रहा
- 19:17है? टीम जो है वो एक्सप्लोर कर रहा है
- 19:19प्रिजंप्टिव टेक्निक को जिसका मतलब है
- 19:21अनुमान वाले टेक्निक को। अनुमान वाले
- 19:23टेक्निक को कैसे एक्सप्लोर करेगा टीम?
- 19:26मोनोक्रोमेटिक मोनो मतलब होता है एक
- 19:28क्रोमा मतलब होता है रंग। एक कलर के
- 19:29टेक्निक को एक रंग के टेक्निक को वो टीम
- 19:32जो है वो एक्सप्लोर कर रहा है। कोई सेंस
- 19:33है? एक रंग के टेक्निक से ये प्रॉब्लम ठीक
- 19:35हो जाएगी। आंसर क्या बचता है? क्वांटम एरर
- 19:38करेक्टिंग टेक्निक को टीम एक्सप्लोर कर
- 19:40रही है। ये बहुत बढ़िया पैसेज था। समझने
- 19:43में ही आधे लोगों के पसीने छूट जाएंगे।
- 19:45ठीक है? मैंने कोशिश की है कि मैं जितनी
- 19:46आसान ना मैं आपको समझा पाऊं मैं समझाऊं।
- 19:48बाकी डिफिकल्ट था तो डिफिकल्ट लगेगा ही
- 19:50आपको। ये सारा का सारा वर्ड है जो कि वहां
- 19:53यूज़ हुआ था। टफ वाले हैं। पढ़ लेना एक बार।
- 19:55आगे बढ़ेंगे हम। पैसेज नंबर थ्री पर आएंगे।
- 19:59लिखा है फॉर मेनी यंग प्रोफेशनल्स चूजिंग
- 20:03अ करियर इज़ नो लगर जस्ट अबाउट अर्निंग अ
- 20:06सैलरी। इट्स अबाउट फाइंडिंग मीनिंग इन
- 20:09व्हाट दे डू। लिखा है बहुत सारे यंग
- 20:11प्रोफेशनल्स के लिए करियर चूज़ करना। अब
- 20:13सिर्फ एक पैसा कमाने की बात नहीं है। ये
- 20:17ये किस चीज ये किस बारे में है कि जो मैं
- 20:19कर रहा हूं उसका कोई मतलब निकले। सम आर
- 20:23ड्रॉन टू हाई पेइंग जॉब्स व्हाइल अदर्स
- 20:26फील मोर डैश वर्किंग इन फील्ड्स दैट अलाइन
- 20:29विद देयर पर्सनल वैल्यूस। लिखा हुआ है कि
- 20:32कुछ ऐसे हैं जो जो कि बहुत हाई पेइंग
- 20:34जॉब्स की तरफ मुड़े हैं। जबकि बाकी लोगों
- 20:38का यह मानना है कि वो एक ऐसे फील्ड में
- 20:41काम करें जहां से उनके पर्सनल वैल्यूस
- 20:44अलाइन करें। कहने का मतलब है कुछ लोग पैसे
- 20:46देखकर सैलरी अच्छी देखकर जॉब ज्वाइन कर
- 20:48रहे हैं। जबकि कुछ का ऐसा मानना है कि
- 20:50मुझे यहां जो काम दिया जा रहा है क्या
- 20:52मेरे पर्सनल वैल्यू्यूज उसकी तरफ हैं।
- 20:54क्या मैं सच में ऐसा इंसान हूं कि मैं यह
- 20:56काम करूं। अगर मैं करूं अगर मैं ऐसा इंसान
- 20:58हूं तो ही मैं काम करूंगा। दिस ग्रोइंग
- 21:00डिवाइड बिटवीन पैशन एंड पेचेक हैज़ लेड टू
- 21:03टफ डिसीजंस फॉर मैनी। यह जो अंतर है ना
- 21:05पैशन और पेचेक के बीच में पैशन और पैसे के
- 21:08बीच में यह बहुत सारे टफ डिसीजंस लेकर आया
- 21:10है बहुत सारे लोगों के लिए। व्हाइल
- 21:12फाइनेंशियल स्टेबिलिटी इजेंट इग्नोरिंग
- 21:15वंस वन ट्रू इंटरेस्ट कैन लीड टू अ लॉन्ग
- 21:18टर्म डैश। लिखा हुआ है जबकि फाइनेंशियल
- 21:20स्टेबिलिटी जो है वो जरूरी है। किसी भी
- 21:23व्यक्ति का जो ट्रू इंटरेस्ट है वो उसको
- 21:27लीड कर सकता है लॉन्ग टर्म डैश में अगर वो
- 21:29उसे इग्नोर करे। ठीक है? मतलब कहने का
- 21:31मतलब है पैसा तो जरूरी है लेकिन जिस फील्ड
- 21:34में आपका इंटरेस्ट है अगर आप उस फील्ड में
- 21:35काम नहीं करके उसके विपरीत फील्ड में काम
- 21:37कर रहे हो तो लंबे समय में आपको डैश हो
- 21:39जाएगा। एक्सपर्ट्स सजेस्ट दैट अ बैलेंस्ड
- 21:42अप्रोच इज पॉसिबल। वन कैन पर्स्यू अ
- 21:44स्टेबल जॉब एंड स्टिल नर्चर देयर पैशेंस
- 21:47थ्रू पार्ट टाइम वर्क, वॉलंटरिंग और
- 21:48क्रिएटिंग आउटलेट्स। एक्सपर्ट्स का यह
- 21:51मानना है कि यह बैलेंस्ड अप्रोच एक पॉसिबल
- 21:53है। कैसे? एक व्यक्ति एक स्टेबल जॉब करे।
- 21:56साथ ही साथ में जो उसका पैशन है उसको लेकर
- 21:58वो कोई पार्ट टाइम काम कर ले, वॉलंटियर कर
- 22:01ले या आउटलेट वगैरह उसका क्रिएट कर ले।
- 22:04हाउएवर सच अ पाथ रिक्वायर्स केयरफुल डैश
- 22:07मेकिंग इंपल्सिव करियर शिफ्ट्स विदाउट
- 22:08प्लानिंग कैन लीड टू रिग्रेट लिखा हुआ है
- 22:11कि लेकिन ऐसा जो रास्ता है ना वो बहुत
- 22:13केयरफुली डैश करना चाहिए क्योंकि अगर आपने
- 22:16जोश में आके इंपल्सिव होके अगर आपने कोई
- 22:19एक्शन कोई काम करियर को लेके कोई शिफ्ट ले
- 22:21लिया तो उसकी वजह से बाद में बहुत अफसोस
- 22:24हो सकता है। इट्सेंट टू इवैलुएट नॉट जस्ट
- 22:27इनकम बट आल्सो ग्रोथ पर्पस एंड जॉब डैश
- 22:30लिखा हुआ है कि ये जरूरी है कि आप जब जॉब
- 22:33को असेस कर रहे हो तो वैसे केस में आप
- 22:35सिर्फ इनकम ना देखो बल्कि उसमें ग्रोथ
- 22:37देखो पर्पस देखो और जॉब का डैश भी देखो
- 22:40आफ्टर ऑल द गोल इज नॉट जस्ट टू सर्वाइव बट
- 22:43टू बिल्ड अ लाइफ दैट इज बोथ सिक्योर एंड
- 22:45डैश आखिरकार जो गोल है वो सिर्फ सर्वाइव
- 22:48करने का नहीं है बल्कि एक ऐसे जीवन को
- 22:50बनाने का है जो कि सिक्योर भी हो और डैश
- 22:52भी हो। ठीक है? पूरा पैसेज हमने पढ़ लिया
- 22:55है। यह है ब्लैंक नंबर वन और टू जिससे आप
- 22:58फिल अप करेंगे। ब्लैंक नंबर थ्री, फोर और
- 23:01फाइव के ऑप्शंस यहां पर है। आप उसको देख
- 23:03के फिल अप कर लो। आई होप आपने ट्राई कर
- 23:05लिया है। अब मैं आंसर बता रहा हूं। आसान
- 23:08पैसेज है ये वाला। मैं सिर्फ वो लाइन
- 23:10पढूंगा जिस लाइन में ब्लैंक है। लिखा है
- 23:12कि सम आर ड्रॉन टू हाई पेइंग जॉब्स। कुछ
- 23:14जो है वो हाई पेइंग जॉब्स की तरफ जाते
- 23:15हैं। व्हाइल अदर अदर्स फील मोर डैश
- 23:18वर्किंग इन फील्ड्स दैट अलाइन विद देयर
- 23:20पर्सनल वैल्यूज़। लेकिन बाकी जो ऐसे लोग
- 23:22हैं कुछ ऐसे भी लोग हैं जो कि सिर्फ उस
- 23:24फील्ड में काम करना चाहते हैं जो फील्ड
- 23:26उनके पर्सनल वैल्यू से अलाइन करता है। तो
- 23:29सम आर ड्राइंग ड्रॉन टू हाई पेइंग जॉब्स
- 23:31व्हाइल अदर्स फील मोर चैलेंज्ड वर्किंग इन
- 23:34फील्ड्स। दूसरों को ज्यादा चैलेंज महसूस
- 23:36होता है। चैलेंज नहीं सेंस नहीं दे रहा।
- 23:40व्हाइल अदर्स फील मोर कंफर्टेबल वर्किंग
- 23:43इन फील्ड्स। बाकी लोग जो हैं वो ज्यादा
- 23:44आराम महसूस करते हैं उन फील्ड में काम
- 23:46करना जहां उनके पर्सनल वैल्यूज़ हैं। ठीक
- 23:48है? पर सटीक नहीं है क्योंकि आराम की बात
- 23:51नहीं हो रही थी यहां पे। ठीक है? बाकी कोई
- 23:53ऑप्शन आंसर नहीं लगा तो ये आंसर कर सकते
- 23:54हैं। ठीक ठीक है ये। अदर्स फील फील मोर
- 23:57प्राउड इन वर्किंग। बाकी लोगों को ज्यादा
- 23:59गर्व हो। गर्व की बात नहीं की गई यहां पे।
- 24:01आउट ऑफ कॉन्टेक्स्ट है। मन की बात की गई
- 24:03जिसमें मन लगे आपका। अदर्स फील मोर
- 24:05फुलफिल्ड। अब मिल गया आंसर। फुलफिल्ड मतलब
- 24:06क्या होता है? सेटिस्फाइड। क्या बोला जा
- 24:08रहा है कि कुछ ऐसे लोग हैं जो हाई पेइंग
- 24:10जॉब्स की तरफ जाते हैं। बल्कि कुछ लेकिन
- 24:12बाकी ऐसे लोग हैं जो कि वो फील्ड देख रहे
- 24:14हैं जहां पे उनको फुलफिल्ड महसूस हो। जहां
- 24:16पे उनको संतुष्टि हो काम करके कि मेरे जो
- 24:18पर्सनल वैल्यूज़ हैं उनके साथ ये रिलाई
- 24:20करता है। उनके साथ ये अलाइन करता है। आगे
- 24:23बढ़ेंगे। व्हाइल फाइनेंसियल पैशन एंड पेचेक
- 24:26हैज़ लेड टू टफ डिसीज़ंस फॉर मैनी। कहां गए
- 24:28हम लोग? गलत लाइन पढ़ लिया क्या? व्हाइल
- 24:30फाइनेंसियल स्टेबिलिटी इज़ेंट इग्नोरिंग
- 24:32वंस ट्रू इंटरेस्ट कैन लीड टू अ लॉन्ग
- 24:34टर्म डैश। लिखा हुआ है कि जहां पर
- 24:36फाइनेंशियल जो फाइनेंसियल स्टेबिलिटी है
- 24:38वो बहुत ज्यादा जरूरी है। लेकिन अगर पैसे
- 24:41के लिए कोई ऐसा काम करता है जिसमें उसका
- 24:43इंटरेस्ट ही नहीं है तो लंबे समय में जाकर
- 24:45उसको डैश हो जाएगा। आप समझ पा रहे हैं कोई
- 24:47नेगेटिव वर्ड आएगा कि मेरा इंटरेस्ट ही
- 24:50नहीं है। मैं उस फील्ड में काम कर रहा हूं
- 24:51तो लंबे समय में क्या होगा? कोई नेगेटिव
- 24:52वर्ड आना चाहिए। सक्सेस मिलेगा उसको। ये
- 24:54तो पॉजिटिव वर्ड है। बर्न आउट। बर्न आउट
- 24:56का मतलब होता है थकान। फिजिकली जो चीज
- 24:58आपको एकदम निचोड़ दे। फ्रीडम ये तो
- 25:00पॉजिटिव वर्ड है। बोर्डम लंबे समय पे जाकर
- 25:02वो बोर हो जाएगा या लंबे समय पे जाकर वो
- 25:04थक जाएगा? ज्यादा आपको सटीक कौन सा लग रहा
- 25:06है? आंसर है लंबे समय पे जाकर वो वो वो
- 25:09बर्न आउट हो जाएगा। मतलब उसका इंटरेस्ट
- 25:12चला जाएगा। वो थक जाएगा। उसे काम करने का
- 25:14मन नहीं करेगा। बोर्डम तो बहुत हल्का वर्ड
- 25:16है। बोडम तो इंटरेस्ट वाले काम में भी हो
- 25:18सकता है। ऐसा नहीं है ना कि अगर मुझे
- 25:20पढ़ाना पसंद है तो मैं पढ़ाने मतलब हमेशा
- 25:22जब उठता हूं पूरे एक्साइट एक्साइटमेंट के
- 25:24साथ उठता हूं कि आज मुझे पढ़ाना है। ऐसा
- 25:25नहीं होता भाई। मेरा इंटरेस्ट है फिर भी
- 25:27मैं कभी-कभी बोर हो जाता हूं। तो इसका
- 25:29मतलब ये है कि बोरडम इज नॉट द करेक्ट
- 25:31वर्ड। आंसर है बर्न आउट हो जाऊंगा मैं।
- 25:32अगर मेरा इंटरेस्ट नहीं है उस चीज में और
- 25:34फिर भी मैं वहां लगातार काम कर रहा हूं तो
- 25:37मेरा एक वक्त आएगा जब मैं और काम नहीं कर
- 25:39पाऊंगा। मैं बर्न आउट हो जाऊंगा। मैं थक
- 25:41जाऊंगा।
- 25:43आगे बढ़े। थर्ड वाले लाइन पे आते हैं। हाउ
- 25:45एवर सच अ पाथ रिक्वायर्स केयरफुल डैश लिखा
- 25:49हुआ है कि एक क्या इसके पहले वाला लाइन
- 25:51पढ़िएगा। कॉन्टेक्स्ट समझ में आएगा कि
- 25:52स्टेबल जॉब पर्स्यू करना। स्टेबल जॉब
- 25:55पर्स्यू करना। साथ ही साथ में मतलब एक
- 25:58रास्ता है कि आप स्टेबल जॉब पर्स्यू करो।
- 25:59साथ ही साथ में जो पैशन है उसको पार्ट
- 26:02टाइम रखो। ठीक है? और मतलब वॉलंटियर करो।
- 26:05क्रिएटिव आउटलेट करो। लेकिन ऐसा जो भी
- 26:09प्लानिंग आप कर रहे हो मतलब जो भी पाथ आप
- 26:11ले रहे हो उसके लिए केयरफुल डैश चाहिए।
- 26:13ठीक है? मेकिंग इंपल्सिव करियर शिफ्ट्स
- 26:16विदाउट प्लानिंग। बिना प्लानिंग के अगर
- 26:18आपने करियर शिफ्ट ले लिया भाई, तो फिर वो
- 26:21गड़बड़ हो जाएगा। है ना? आपका आंसर यहीं
- 26:24छुपा हुआ है। देखो अंडरलाइन कर देता हूं।
- 26:26राउंड कर दे। यहीं पर आंसर छुपा हुआ है।
- 26:27क्या बोला गया था? ऐसा रास्ता चुनने के
- 26:30लिए बहुत केयरफुल लक चाहिए। हेजिटेशन
- 26:32चाहिए, प्लानिंग चाहिए, रिस्क चाहिए।
- 26:34बच्चों वाला सवाल आंसर क्या होगा? ऐसी ऐसा
- 26:37कुछ करने के लिए बहुत अच्छी प्लानिंग
- 26:39चाहिए। अगर आपने बिना प्लानिंग के ये कर
- 26:42लिया तो आपको अफसोस होगा। आगे वही लिखा
- 26:43हुआ था। इट्सेंट टू इवैलुएट। ये जरूरी है
- 26:46कि आप अंदाजा लगाएं। सिर्फ इनकम का नहीं,
- 26:48ग्रोथ का भी, पर्पस का भी और जॉब के डैश
- 26:52का भी। इट्सेंट टू इवैलुएट नॉट जस्ट इनकम
- 26:54बट आल्सो ग्रोथ पर्पस एंड जॉब कंफर्ट, जॉब
- 26:57लॉयल्टी, जॉब स्टेबिलिटी, जॉब एटीट्यूड।
- 27:00ठीक है? हमने बार-बार हर बार ये सुना है
- 27:04गवर्नमेंट जॉब में स्टेबिलिटी होती है।
- 27:06गवर्नमेंट जॉब में स्टेबिलिटी होती है।
- 27:08क्या होती है? स्टेबिलिटी। तो यहां पे
- 27:10क्या बोला गया था कि एक ऐसा जॉब हमें
- 27:13चाहिए जिससे सिर्फ इनकम ना हो। सिर्फ
- 27:15ग्रोथ और पर्पस ना हो बल्कि जॉब का कंफर्ट
- 27:17भी हो। कंफर्ट तो हर जॉब में है। अगर आप
- 27:19उस तरीके का जॉब कर रहे हो। जॉब की
- 27:21ईमानदारी हो, जॉब का एटीट्यूड हो, जॉब में
- 27:23स्टेबिलिटी होनी चाहिए। आफ्टर ऑल द गोल इज
- 27:27नॉट जस्ट टू सर्वाइव। अंततः जो गोल है वो
- 27:29सर्वाइव करने का नहीं है। एक अच्छी जिंदगी
- 27:32बनाने का है। बिल्ड अ लाइफ। एक अच्छी
- 27:33जिंदगी बनाने का है। जिसके अंदर दोनों
- 27:35चीजें हो। कौन-कौन सी चीजें? जो कि
- 27:37सिक्योर भी हो और जिंदगी डैश भी हो। क्या
- 27:40हो? जिंदगी बहुत अमीर भी हो। क्या पूरे
- 27:43पैसेज में कहीं पे पैसा बहुत कमा के अमीर
- 27:45बनने की बात की गई थी? नहीं ना। सिक्योर
- 27:48के साथ-साथ क्या बोला गया था कि ऐसे कोई
- 27:50चीजों को करने में मजा आए तो वेल्थदी तो
- 27:52आउट ऑफ कॉन्टेक्स्ट है। ऐसी जिंदगी जो
- 27:54क्रिएटिव हो क्या यहां आर्टिस्ट की बात की
- 27:56जा रही है? क्या कहीं पे क्रिएटिव टर्म
- 27:57आया था? नहीं आउट ऑफ कॉन्टेक्स्ट है।
- 27:59रिवॉर्डिंग हो। रिवॉर्डिंग का मतलब होता
- 28:00है आपको समय-समय पे उससे इनाम मिलता रहे।
- 28:02है ना? ये तो ठीक लग रहा है। रूटीन हो। ना
- 28:06ही सिक्योर हो बल्कि रूटीन भी हो। आंसर
- 28:08क्या है? बहुत रिवॉर्डिंग भी हो। एक ऐसी
- 28:10जिंदगी बनानी है जो सिक्योर भी हो और
- 28:12रिवॉर्डिंग भी हो। इसको पढ़ लेना। आगे
- 28:16बढ़ेंगे।
- 28:19आइए
- 28:21लिखा है प्रोग्रेस इन डिजिटल टेक्नोलॉजी
- 28:24हैज़ डैश ट्रांसफॉर्म्ड कंटेंपररी लाइफ
- 28:27लिखा है कि प्रोग्रेस जो है ना डिजिटल
- 28:29टेक्नोलॉजी में कहां पे डिजिटल टेक्नोलॉजी
- 28:31में जो प्रोग्रेस किया गया है जो अभी हम
- 28:33लोग फोन वगैरह यूज़ करते हैं लैपटॉप
- 28:34कंप्यूटर एआई ये सब जो है इसने कंटेंपररी
- 28:37लाइफ को ट्रांसफॉर्म कर दिया है फ्रॉम
- 28:40आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टू स्मार्टफोनस
- 28:44टेक्नोलॉजीस आर डैश ट्रांसफॉर्मिंग
- 28:46इंडस्ट्रीज एंड एंड सोसाइटीज आर्टिफिशियल
- 28:48इंटेलिजेंस से लेकर स्मार्टफोनस तक यह सब
- 28:52कुछ टेक्नोलॉजी ने हमारे जीवन को बहुत
- 28:56ट्रांसफॉर्म किया है। साथ ही साथ
- 28:57इंडस्ट्रीज को सोसाइटीज को ट्रांसफॉर्म
- 28:59किया है। बट
- 29:01बट वि स्पीड कम्स डैश एज न्यूमरस वर्कर्स
- 29:05आर लेफ्ट अनसर्टेन अबाउट देयर फ्यूचर
- 29:07जॉब्स। लिखा हुआ है लेकिन स्पीड के साथ
- 29:10डैश भी आया है क्योंकि बहुत सारे ऐसे
- 29:12वर्कर्स हैं जिनके पास अब कोई काम ही नहीं
- 29:15बचा। एआई ने उनका या टेक्नोलॉजी ने उनका
- 29:18काम छीन लिया। टू अप टू डिसररप्शन पीपल
- 29:23नीड टू बी डैश कॉन्सेंटली रिन्यूइंग देयर
- 29:26डैश टू स्टे कंपिटिटिव। लिखा हुआ है कि
- 29:28इसे अडप्ट करने के लिए आपको पहले भी बताया
- 29:30है अडॉप्ट गोद लेना। अडप्ट स्किलफुल अडप्ट
- 29:37सिचुएशन के हिसाब से ढल जाना। ठीक है? ये
- 29:39वाला वर्ब है। ये वाला वर्ब है। ये वाला
- 29:42एडजेक्टिव है। ठीक है?
- 29:45आइए तो यहां पर क्या लिखा हुआ था कि इस
- 29:47डिसरप्शन से अप्ट करने के लिए कहने का
- 29:50मतलब है कि इस चीज से अडप्ट करने के लिए
- 29:53लोगों के लिए यह जरूरी है। लोगों के लिए
- 29:56जरूरी है कि वो लगातार रिन्यू करते रह
- 29:58अपने डैश को। ठीक है? ताकि वो कॉम्पिटिटिव
- 30:01रह पाए। बहुत ही छोटा सा पैसेज है। चार
- 30:03लाइन में पांच ब्लैंक है। किसके बारे में?
- 30:06कॉन्टेक्स्ट क्या है भाई? तो कॉन्टेक्स्ट
- 30:08है कि टेक्नोलॉजी जिस तरीके से बढ़ रही है
- 30:10उसमें क्या परेशानियां आ रही है? उसको
- 30:12लेकर यह पूरा का पूरा पैसेज है। लिखा है
- 30:15कि प्रोग्रेस इन डिजिटल टेक्नोलॉजी हैज़
- 30:17डैश ट्रांसफॉर्म्ड कंटेंपररी लाइफ। जो
- 30:20प्रोग्रेस है डिजिटल टेक्नोलॉजी को उसने
- 30:22मार्जिनली ट्रांसफॉर्म किया। मार्जिनली का
- 30:24मतलब होता है स्लाइटली।
- 30:26उसने थोड़ा-थोड़ा ट्रांसफॉर्म किया है।
- 30:28थोड़ा-थोड़ा ट्रांसफॉर्म किया नहीं पूरा
- 30:30का पूरा ट्रांसफॉर्म कर दिया भाई।
- 30:31स्पेरिडिकली का मतलब होता है रुक-रुक कर।
- 30:33तो प्रोग्रेस जो है डिजिटल टेक्नोलॉजी में
- 30:35उसने रुक-रुक कर ट्रांसफॉर्म किया है।
- 30:36रुक-रुक के हमारी जिंदगी बदली है। कोई
- 30:38सेंस नहीं है। ओकेजनली का मतलब है कभी
- 30:40कबभार। उसने कभी कबभार हमारी जिंदगी बदल
- 30:42दी है। नहीं है। आंसर क्या है?
- 30:44ड्रास्टिकली मेजर तरीके से, नाटकीय तरीके
- 30:47से, उम्मीद से बिलकुल विपरीत उसने हमारी
- 30:48जिंदगी को बदल दिया है। फ्रॉम आर्टिफिशियल
- 30:51इंटेलिजेंस टू स्मार्टफोनस। आर्टिफिशियल
- 30:53इंटेलिजेंस से लेके स्मार्टफोनस तक
- 30:55टेक्नोलॉजीस आर हेजिटेंटली ट्रांसफॉर्मिंग
- 30:57इंडस्ट्रीज एंड सोसाइटीज। स्ट्रेंस
- 30:59फॉर्मिंग जो है बहुत झिझक के साथ
- 31:01टेक्नोलॉजी जो है हमारी जिंदगी को
- 31:02ट्रांसफॉर्म कर रही है। कोई सेंस नहीं है।
- 31:04जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लेके
- 31:07स्मार्टफोनस तक टेक्नोलॉजी जो है बहुत
- 31:09रेयरली ट्रांसफॉर्म कर रही है। कोई सेंस
- 31:11नहीं है। बहुत एक्सीडेंटली ट्रांसफॉर्म कर
- 31:13रही है। अचानक से झटके से हमें बदल दिया।
- 31:15आंसर क्या है? इनवेरिएबली। जिसका मतलब
- 31:18क्या होता है? ऑलवेज
- 31:21हमारी जिंदगी को हमेशा बदल रही है। आगे
- 31:25बढ़े। बट विद स्पीड लेकिन स्पीड के साथ
- 31:28कम्स डैश स्पीड के साथ डैश भी आता है। ठीक
- 31:32है? एज न्यूमरस वर्कर्स आर लेफ्ट अनसर्टेन
- 31:35अबाउट देयर फ्यूचर टू अप टू डिसररप्शन।
- 31:38ध्यान दीजिएगा क्या लिखा हुआ है कि बहुत
- 31:41सारे जो वर्कर्स हैं उनसे उनका फ्यूचर का
- 31:43जॉब छूट गया। इसका मतलब और यहां पे बट भी
- 31:45लिखा हुआ है। इसका मतलब अभी तक तो हम
- 31:47पॉजिटिव चीजें देख रहे थे। आगे नेगेटिव
- 31:48आने वाला है। स्पीड के साथ क्या आता है?
- 31:50स्पीड के साथ सेलिब्रेशन आता है। यहां पे
- 31:52तो कोई नेगेटिव वर्ड होना चाहिए। मैं क्या
- 31:54बोल रहा हूं? फिर से सुनो यहां आया है बट
- 31:56इसके पहले की चीजें पॉजिटिव थी तो अब
- 31:58कंट्रास्ट आना चाहिए आगे नेगेटिव आएगा
- 32:00दूसरा अगला लाइन अगर आपने पढ़ा तो इसमें
- 32:02लिखा हुआ था बहुत सारे वर्कर्स हैं जिनकी
- 32:04नौकरी चली गई तो ये तो नेगेटिव बात है ना
- 32:06इसका मतलब ये है यहां पे कोई नेगेटिव वर्ड
- 32:07आना चाहिए था सेलिब्रेशन पॉजिटिव है
- 32:09इंसेंटिव फायदा पॉजिटिव है हार्मोनी
- 32:12भाईचारा पॉजिटिव है आंसर क्या होगा
- 32:13डिसरप्शन कि लेकिन इस डिसरप्शन के साथ
- 32:16डिसरप्शन क्या होता है जब कोई चीज बहुत
- 32:18स्टेबल चल रही है और उसको बिल्कुल एक
- 32:21तरीके से झोड़ दिया जाए उसको डिसरप्शन हम
- 32:23कहते हैं ठीक है? तो यहां पे डिसरप्शन की
- 32:25बात की गई है। अच्छा आप देखना इसके हिंट
- 32:28के लिए अगले लाइन में लिखा हुआ था टू
- 32:30अडप्ट टू डिस डिसररप्शन। तो इसका मतलब है
- 32:33यहां पे फिर से अडप्ट करने की बात हो रही
- 32:35थी किसे? डिसररप्शन को। डिसिडिप्शन मतलब
- 32:38पहले डिसरप्शन की बात हुई होगी। तो आंसर
- 32:39क्या है? ऑप्शन नंबर डी है। आगे बढ़ेंगे।
- 32:41टू अडप्ट टू दिस डिसररप्शन पीपल नीड टू बी
- 32:45डैश। इस डिसरप्शन को अडप्ट करने के लिए
- 32:48लोगों को प्रोएक्टिव होना पड़ेगा।
- 32:50प्रोएक्टिव का मतलब होता है जब आप किसी
- 32:52चीज के होने के पहले ही अंदाजा लगा के
- 32:54एक्शन ले लें उसको प्रोएक्टिव कहा जाता
- 32:56है। ठीक लग रहा है? स्टर्बन लोगों को
- 32:59जिद्दी होने की जरूरत है इस डिसरप्शन को
- 33:01अडप्ट करने के लिए। कोई सेंस नहीं है।
- 33:03लोगों को रिएक्टिव रिएक्टिव मतलब होता है
- 33:04कि जब आपके ऊपर कोई काम हो गया। अब आप
- 33:06अपना रिएक्शन दे रहे हैं। तो ये तब तक तो
- 33:09गाड़ी छूट जाएगी ना। पीपल नीड टू बी
- 33:11अडप्टेबल। बच्चों वाला सवाल यहां अप्ट
- 33:14लिखा हुआ था। तो यहां अडप्टेबल होगा कि
- 33:16अडप्ट करने के लिए इस डिसरप्शन से लोगों
- 33:18को अडप्टेबल होने की जरूरत है कि मैं समय
- 33:20के हिसाब से अपने आप को बदल लूं।
- 33:22कॉन्सेंटली रिन्यूइंग लगातार रिन्यू करना
- 33:24चाहिए लोगों को देयर डैश टू स्टे
- 33:26कॉम्पिटिटिव। रिन्यूइंग देयर स्ट्रेटजीस।
- 33:29उन्हें अपने स्ट्रेटजीस को रिन्यू करने की
- 33:32जरूरत है। उनको अपने डायवर्जेंस को रिन्यू
- 33:35करने की जरूरत है। डायवर्जन का मतलब क्या
- 33:36होता है? साइड एक्टिविटीज। गलत है। साइड
- 33:39एक्टिविटीज का सेंस ही नहीं है। उन्हें
- 33:41अपनी परेशानियों को रिन्यू करने की जरूरत
- 33:43है। नहीं ना? उन्हें अपनी काबिलियत को
- 33:46रिन्यू करने की जरूरत है। तो आंसर क्या
- 33:48होगा? उन्हें अपनी काबिलियत को रिन्यू
- 33:50करने की जरूरत है। रिन्यू देर
- 33:52कॉम्पिटेंसीज टू स्टे कॉम्पिटिटिव। ठीक
- 33:55है? हालांकि स्ट्रेटजीस भी ठीक लग रहा था।
- 33:58ठीक है? पर कॉम्पिटेंसी यहां पे ज्यादा
- 33:59फिट आएगा क्योंकि आप ओवरऑल इंसान के अडप्ट
- 34:02करने की बात कर रहे थे।
- 34:05यह है सारे के सारे वोकैब जो आए हैं। पढ़
- 34:08लेना एक बार। आगे बढ़ेंगे। आएंगे इस
- 34:11वीडियो के लास्ट पैसेज पे। लिखा है एज
- 34:15आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बिकम्स मोर
- 34:17इंटीग्रेटेड इनू डेली लाइफ डिबेट्स अराउंड
- 34:19इट्स एथिकल यूज़ आर ग्रोइंग लाउडर। लिखा
- 34:22हुआ है कि जैसे-जैसे आर्टिफिशियल
- 34:24इंटेलिजेंस जो है यह हमारी जिंदगी से और
- 34:26जुड़ता जा रहा है। जो डिबेट है इसके आसपास
- 34:29में वो और बढ़ते जा रहे हैं। मशीनंस नाउ
- 34:32मेक डिसीजंस दैट वर वंस द डैश ऑफ ह्यूमन
- 34:35जजमेंट फ्रॉम रिकमेंडिंग मेडिकल
- 34:37ट्रीटमेंट्स टू स्कैनिंग रिज्यूुेस। लिखा
- 34:39हुआ है कि मशीन जो है वो अब डिसीजन लेते
- 34:41हैं। जो एक वक्त पे ह्यूमन जजमेंट के डैश
- 34:44हुआ करते थे। कहां? जैसे कि एग्जांपल के
- 34:47लिए मेडिकल ट्रीटमेंट में क्या होना है
- 34:49क्या नहीं होना से लेके रिज्यूे स्कैन
- 34:51करने तक व्हाइल एआई ऑफर स्पीड एंड
- 34:53एफिशिएंसी इट ले इट लैक्स मोरल रेिंग
- 34:56कंसर्न्स अबाउट बायस अकाउंटेबिलिटी एंड
- 34:58ट्रांसपेरेंसी लिखा हुआ है कि एआई जो है
- 35:01वो स्पीड और एफिशिएंसी ऑफर तो करता है
- 35:04लेकिन इसमें कमी है इट लैक्स कमी है मोरल
- 35:07डैश की जिसकी वजह से चिंताएं बढ़ती है
- 35:10बायस को लेकर अकाउंटेबिलिटी को लेकर और
- 35:12ट्रांसपेरेंसी को लेकर मतलब यह किसी
- 35:14व्यक्ति विशेष की तरफ झुका रुका हुआ हो
- 35:16सकता है। कोई भी गलती का यह अकाउंटेबिलिटी
- 35:18मतलब जिम्मेदारी नहीं लेगा। और कितना
- 35:20ट्रांसपेरेंट है यह सिस्टम यह भी नहीं पता
- 35:22चलता। क्रिटिक्स आर्ग्यू दैट विदाउट
- 35:24स्ट्रिक्ट एथिकल फ्रेमवर्क एआई कुड
- 35:26रीइंफोर्स सोशल इनकलिटीज और इवन मेक
- 35:28हार्मफुल चॉइससेस विथ नो क्लियर लाइन ऑफ
- 35:31डैश। लिखा हुआ है कि क्रिटिक्स ये आर्ग्यू
- 35:34करते हैं कि बिना स्ट्रिक्ट एथिकल
- 35:35फ्रेमवर्क के एआई जो है वो सोशल इनकलिटीज
- 35:39को रीइंफोर्स करता है और हार्मफुल चॉइससेस
- 35:42जो हैं वो मतलब बना सकता है जहां पे कोई
- 35:45भी क्लियर लाइन ऑफ़ डैश नहीं होगा।
- 35:48डेवलपर्स फेस द चैलेंज ऑफ़ एंबेडिंग
- 35:50वैल्यूज़ इंटू कोड येट हुस वैल्यूज़ शुड
- 35:54अप्लाई। लिखा हुआ है कि डेवलपर के पास यह
- 35:57चैलेंज है कि वो तो कोडिंग करके एआई बना
- 35:59रहा है ना। उसके अंदर वो मोरालिटी कैसे
- 36:01डालेगा? और उसके अलावा ये भी बात है कि
- 36:03अगर मोरालिटी होगा तो किसकी मोरालिटी
- 36:05उसमें डाली जाएगी? इन मल्टीकल्चरल
- 36:07सोसाइटीज डिफाइनिंग व्हाट इज राइट इज
- 36:09रेयरली डैश लिखा हुआ है जहां पे
- 36:11मल्टीकल्चरल सोसाइटीज है जैसे कि इंडिया
- 36:13है तो किसकी मोरालिटी सही है? ये कैसे पता
- 36:15चलेगा? सम सजेस्ट कोलैबोरेटिव ओवरसाइट
- 36:18इनवॉल्विंग एथिसिस्ट टेक्नोलॉजिस्ट एंड
- 36:21पॉलिसी मेकर्स। कुछ लोगों का यह मानना है
- 36:23कि एक साथ मिलजुलकर काम करने की जरूरत है।
- 36:25जहां पर कोई एथिक्स के जानकार हो, कोई
- 36:27टेक्नोलॉजी के जानकार हो और कुछ नियम
- 36:29कानून बनाने वाले लोग हो। अदर्स वर्न दैट
- 36:31रेगुलेशन मस्ट इवॉल्व फास्टर देन इनोवेशन
- 36:34टू प्रिवेंट मिसयूज। और बाकियों का यह
- 36:36मानना है कि जो नियम कानून है, जो
- 36:38रेगुलेशन है ना उन्हें ज्यादा जल्दी
- 36:41इवॉल्व करने की जरूरत है ताकि मिसयूज ना
- 36:43हो जाए। मतलब इतना समय नहीं है कि एक
- 36:45कमेटी बना के एक साल तक कमेटी के बारे में
- 36:47सोचा जाए। इन द रेस टू बिल्ड स्मार्टर
- 36:50सिस्टम्स द रियल क्वेश्चन रिमेंस कैन वी
- 36:52क्रिएट मशीनंस दैट आर नॉट जस्ट इंटेलिजेंट
- 36:55बट आल्सो डैश लिखा हुआ है कि स्मार्टर
- 36:57सिस्टम बनाने में जो रियल क्वेश्चन है वो
- 37:01ये है कि क्या हम ऐसी मशीन बना सकते हैं
- 37:03जो सिर्फ इंटेलिजेंट ना हो बल्कि डैश भी
- 37:06हो। ऐसे ना तीन चार पैसेजेस मैंने कराए
- 37:09हैं आपको। YouTube पे ही कराया है। जहां
- 37:11पर मैंने जो मतलब रिसेंट रीसेंट जो
- 37:15न्यूज़पेपर में आर्टिकल्स आए हैं उनसे
- 37:16उठाकर बनाया और एआई के बारे में आर्टिकल्स
- 37:18आते रहते हैं। इसलिए ऐसे तरह के सवाल
- 37:20मैंने बहुत कराए हैं पहले। आइए देखिए लिखा
- 37:24है कि एज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बिकम्स
- 37:26मोर इंटीग्रेटेड इनू डेली लाइफ। जैसे-जैसे
- 37:28आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जो है वो हमारे
- 37:30जीवन में और इंक्लूड होता जा रहा है।
- 37:33डिबेट्स जो है इसके एथिकल यूज़ के बारे में
- 37:35वो लाउडर होते जा रहे हैं। मशीनंस नाउ मेक
- 37:37डिसीजंस दैट वर वंस द डैश ऑफ़ ह्यूमन
- 37:39जजमेंट। मशीनंस अब डिसीजंस लेते हैं जो एक
- 37:41वक्त पे ह्यूमन जजमेंट का डैश था। मशीनंस
- 37:44नाउ मेक डिसीजंस दैट वर वंस डोमेन ऑफ
- 37:46ह्यूमन जजमेंट। डोमेन का मतलब क्या होता
- 37:48है? अधिकार क्षेत्र। एक वक्त पे जो अधिकार
- 37:50क्षेत्र था इंसानों का अब वहां पर मशीन
- 37:53डिसीजंस ले रहे हैं। हो सकता है मशीन
- 37:55डिसीजंस ले रहे हैं जो एक वक्त पे ह्यूमन
- 37:57जजमेंट का वर्जन था। वर्जन मतलब होता है
- 38:00रूप। ह्यूमन जजमेंट का रूप था। नहीं
- 38:01ह्यूमन जजमेंट का बर्डन था। नेगेटिव वर्ड
- 38:04है। ह्यूमन जजमेंट का प्रोसेस था। आंसर
- 38:05क्या है? जजमेंट तो खुद एक प्रोसेस है।
- 38:07आंसर क्या होगा? जो एक वक्त पे डोमेन था।
- 38:10अधिकार क्षेत्र था ह्यूमन जजमेंट का वो अब
- 38:12मशीन ले रहे हैं। व्हाइल एआई ऑफर स्पीड
- 38:15एंड एफिशिएंसी। किसी एआई में आपको स्पीड
- 38:16और एफिशिएंसी जरूर मिलता है। इट लैक्स
- 38:19मोरल डैश। इसमें मोरल क्लेरिटी नहीं होती।
- 38:22इसमें मोरल डेप्थ नहीं होता। इसमें मोरल
- 38:24इंस्टिंक्ट नहीं होता। इसके अंदर मोरल
- 38:26रीजनिंग नहीं होता। देखो मोरल क्लेरिटी का
- 38:28मतलब है कि क्या सही है और क्या गलत है ये
- 38:30समझ नहीं पाता। इसके लिए इसके अंदर
- 38:32मोरालिटी होनी जरूरी है। लेकिन अभी तो
- 38:34फिलहाल ये बात है कि उसके अंदर मोरालिटी
- 38:36है ही नहीं। तो क्लेरिटी ठीक नहीं लगता।
- 38:38डेप्थ के लिए मतलब होता है कि बहुत डीप
- 38:41जाकर ये नहीं सोच पाता मोरालिटी के बारे
- 38:42में। तो क्या ऊपर ऊपर सोच पाता है? नहीं।
- 38:44मोरलिटी इसमें इंक्लूडेड ही नहीं है। इसके
- 38:47अंदर मोरल मोरल इंस्टिंक्ट्स नहीं है।
- 38:49इसके अंदर मोरल रीजनिंग नहीं है। आंसर
- 38:51क्या होगा? इसके अंदर मोरल इंस्टिंक्ट
- 38:53नहीं है। ठीक है? रीजनिंग मतलब है कि वो
- 38:55आपस में बहस करेगा कौन सा सही है? कौन सा
- 38:57गलत है। आंसर क्या है? उसके अंदर मोरल
- 39:00इंस्टिंक्ट ही नहीं है। मोरालिटी की तरह
- 39:02वो सोच ही नहीं पाता है। आगे बढ़ेंगे।
- 39:05लिखा है कि क्रिटिक का ये आर्गुमेंट है कि
- 39:07स्ट्रिक्ट एथिकल फ्रेमवर्क के बिना एआई जो
- 39:10है वो सोशल इनकलिटीज फैलाएगा और हार्मफुल
- 39:13चॉइससेस भी रखेगा जिसका कोई क्लियर लाइन
- 39:16ऑफ डैश नहीं होगा। क्लियर लाइन ऑफ़
- 39:17आर्गुमेंट नहीं होगा। मतलब एआई ने अगर कुछ
- 39:19गलत डिसीजन ले लिया तो आप आर्ग्यू नहीं कर
- 39:22पाएंगे। आप एआई से आर्ग्यू करोगे क्यों?
- 39:24इसका कोई क्लियर कमांड नहीं है। एआई को
- 39:27किसने आर्डर दिया यह नहीं है।
- 39:30अकाउंटेबिलिटी नहीं है। जिसका मतलब है कोई
- 39:32क्लियर रिस्पांसिबिलिटी नहीं है। अभी फिर
- 39:34से मैं बार-बार कहता हूं कि अगर आप पैसेज
- 39:36को दो बार पढ़ोगे ना तो आधा काम तो वहीं
- 39:38हो जाता है। अभी देखो यहां पे
- 39:40अकाउंटेबिलिटी की बात की गई थी कि नहीं की
- 39:41गई थी? हमने एक्सप्लेन किया था कि नहीं
- 39:43किया था कि इसके अंदर कोई अकाउंटेबिलिटी
- 39:45नहीं होती। फिर देखो यहां पे ऑप्शन आ गया
- 39:46अकाउंटेबिलिटी का। आंसर होगा कि नहीं
- 39:48होगा? कि कोई क्लियर लाइन ऑफ़
- 39:49अकाउंटेबिलिटी नहीं है कि अगर एआई ने गलती
- 39:51की तो जिम्मेदार कौन होगा? कोई
- 39:52अकाउंटेबिलिटी नहीं है। डेवलपर्स फेस द
- 39:55चैलेंज ऑफ एंबेडिंग वैल्यू्यूज इनू कोड
- 39:57डेवलपर्स के पास यह चैलेंज है कि वो कोड
- 39:59के अंदर वैल्यू्यूज कैसे डालें। लिखा है
- 40:01कि इन मल्टी कल्चरल सोसाइटीज डिफाइनिंग
- 40:03व्हाट इज राइट इज रेयरली डैश। लेकिन
- 40:05प्रॉब्लम ये है कि अगर चलो हमने कह दिया
- 40:07कि हम इसको एथिकल बना भी देंगे। पर एथिक्स
- 40:09किसके लगेंगे? यहां तो भाषा को लेके लोग
- 40:11लड़ रहे हैं तो एथिक्स को लेके तो लड़ेंगे
- 40:13ही। तो क्या लिखा है यहां पे कि
- 40:15मल्टीकल्चरल सोसाइटीज में ये डिफाइन करना
- 40:17है कि क्या राइट है? यह विजिबल है,
- 40:21कंसिस्टेंट है, ऑब्वियस है, यूनिवर्सल है।
- 40:24लिखा है कि यह रेयरली विज़िबल है। ना यह
- 40:27रेयरली कंसिस्टेंट है। क्या राइट है? ये
- 40:30रेयरली ऑब्वियस है। लिखा है कि व्हाट इज
- 40:33राइट? इज़ रेयरली ऑब्वियस। ऐसे तो है ना कि
- 40:36किसी इंसान का मर्डर कर देना एक ऑब्वियस
- 40:38क्राइम है। लेकिन मल्टीकल्चरल सोसाइटीज
- 40:40में कौन व्यक्ति किससे ऑफेंड होगा? कौन सा
- 40:42व्यक्ति किसको सपोर्ट कर रहा है यह पता
- 40:44करना बिल्कुल ऑब्वियस नहीं है। जिसका मतलब
- 40:47है यह बहुत ज्यादा रेयर है कि आपको वहां
- 40:49पे कुछ भी किसी भी चीज को लेके आपको कुछ
- 40:51ऑब्वियसनेस दिख जाए। आगे बढ़ेंगे। इस लाइन
- 40:55पे आते हैं। इन द रेस टू बिल्ड स्मार्टर
- 40:57सिस्टम्स? स्मार्टर सिस्टम्स बनाने की रेस
- 40:59में द रियल क्वेश्चन रिमेंस जो असल सवाल
- 41:01है वो ये है। कैन वी क्रिएट मशीनंस दैट आर
- 41:03नॉट जस्ट इंटेलिजेंट बट आल्सो डैश। क्या
- 41:05हम ऐसी मशीन बना सकते हैं जो केवल
- 41:07इंटेलिजेंट नहीं है बल्कि डैश भी है। क्या
- 41:10है? बल्कि कंट्रोलोल्ड भी है, कॉन्टेक्स्ट
- 41:11नहीं है। ओबिडिएंट भी है। आज्ञाकारी है।
- 41:13आज्ञाकारी मशीन क्यों बनाएंगे? एथिकल भी
- 41:15है। पूरा का पूरा पैसेज किसके बारे में
- 41:17था? एथिक्स के बारे में था। कि क्या हम एक
- 41:19ऐसी मशीन बना पाएंगे जो कि ना ही सिर्फ
- 41:22इंटेलिजेंट है बल्कि एथिकल भी है। तो आंसर
- 41:24क्या होगा? ऑप्शन नंबर सी होगा। लिखा है द
- 41:26स्टोरी ऑफ़ इंडियन माइग्रेंट्स इज अ
- 41:28कॉम्प्लेक्स टेपेस्टरी ऑफ एस्पिरेशन,
- 41:31स्ट्रगल एंड रेिलियंस। मीनिंग यह बन रहा
- 41:35है कि जो इंडियन इंडियन माइग्रेंट्स का
- 41:38मतलब है जो अपना देश छोड़कर किसी और देश
- 41:40में जाकर रह रहे। ठीक है? अब मैं एनआरआई
- 41:42की बात नहीं कर रहा। यहां पे एक टर्म जो
- 41:44यूज़ किया गया है वो माइग्रेंट्स यूज़ किया
- 41:45गया है। जिसका मतलब है हम लोग ब्रेन ड्रेन
- 41:48की बात नहीं कर रहे। हम बात कर रहे हैं जो
- 41:50आमतौर पर मजदूरी जैसे काम करने के लिए
- 41:52किसी और देश में चले जाते हैं। ये गल्फ
- 41:54कंट्रीज के साथ बहुत होता है। रशिया के
- 41:56साथ बहुत होता है। आपने सुना होगा। लोग
- 41:57रशिया में जाकर फौज में भर्ती हो रहे हैं।
- 41:59आपने सुना होगा गल्फ कंट्रीज में ऐसा बहुत
- 42:01चल रहा है कि यहां से जाते हैं और वहां
- 42:02जाकर प्लंबर बन जाते हैं। ठीक है? तो उनके
- 42:04बारे में बात की जा रही है कि जो इंडियन
- 42:06माइग्रेंट्स हैं जो दूसरे देश चले गए हैं
- 42:08उनकी बड़ी कॉम्प्लेक्स टेपिस्ट्री है।
- 42:10टेपिस्ट्री का मतलब क्या होता है?
- 42:12टेपिस्ट्री का मतलब होता है मिश्रण
- 42:13मिक्सचर। ठीक है? तो उनके उनका जो केस है
- 42:16ना वो बड़ा मिक्स्ड केस है। किसका?
- 42:18एस्पिरेशन का, इच्छाओं का, स्ट्रगल का और
- 42:21रेिलियंस का, दृढ़ निश्चय का। मतलब अगर
- 42:23इनकी कहानी के बारे में बात की जाए तो यह
- 42:25बहुत मिक्स्ड एक कॉम्प्लेक्स इमोशंस की
- 42:28कहानी है ये। ठीक है? ओवर द डिकेड्स
- 42:31मिलियंस हैव लेफ्ट देयर नेटिव विलेजेस इन
- 42:34सर्च ऑफ बेटर लाइवलीहुड्स ऑफेन कंपेल्ड
- 42:37बाय इकोनॉमिक डैश। लिखा हुआ है कि अगर
- 42:39दशकों की बात की जाए तो दशकों से ऐसा आया
- 42:41है कि लाखों लोग अपना जो नेटिव गांव है जो
- 42:44उनका घर है वो छोड़कर वो लोग एक अच्छे
- 42:47जिंदगी की तलाश में अक्सर जब वो मजबूर हो
- 42:50जाते हैं। कंपेल्ड का मतलब होता है मजबूर
- 42:52होना। अक्सरा जब वो इकोनॉमिक डैश से मजबूर
- 42:55हो जाते हैं तो वह अपना देश छोड़कर कोई और
- 42:57देश कमाने चले जाते हैं। व्हाइल सम फाइंड
- 43:00प्रोस्पेरिटी इन बिल्ड इन बसलिंग सिटीज और
- 43:03फॉरेन लैंड्स अदर्स क्फ्रंट एक्सप्लइटेशन
- 43:06डिस्क्रिमिनेशन एंड कल्चरल डैश लिखा हुआ
- 43:09है जहां पे कुछ लोगों को वहां बहुत
- 43:11प्रोस्पेरिटी मिलती है। बहुत डेवलपमेंट
- 43:13मिलता है। बहुत उन्नति मिलती है। कहां पे
- 43:16जो जो बहुत ही बसलिंग बसलिंग मतलब होता है
- 43:17बिजी तो बहुत ही बिजी सिटीज में या फॉरेन
- 43:20लैंड्स में उनको अच्छे पैसे मिल जाते हैं।
- 43:22अच्छा जीवन चल रहा होता है। लेकिन कुछ ऐसे
- 43:24भी लोग हैं जिनको एक्सप्लइटेशन का सामना
- 43:27करना पड़ता है। जिनको परेशानियां झेलनी
- 43:30पड़ती है। जिनको डिस्क्रिमिनेशन झेलना
- 43:32पड़ता है। ऑब्वियसली डिस्क्रिमिनेशन तो
- 43:34बहुत ज्यादा है कि आप किसी देश जाते हो
- 43:36वहां के रिसोर्सेज यूज़ करते हो। तो वहां
- 43:37के जो नेटिव लोग हैं वो आपको
- 43:39डिस्क्रिमिनेट करते हैं। रेशियल कमेंट्स
- 43:41पास करते हैं। कभी-कभी वायलेंस भी होता है
- 43:43आपके अगेंस्ट। एंड कल्चरल डैश। ठीक है?
- 43:46बहुत सारे ऐसे लोग हैं जिनको सामना करना
- 43:48पड़ता है एक्सप्लॉयटेशन का,
- 43:49डिस्क्रिमिनेशन का और कल्चरल डैश का। देयर
- 43:53रेमिटेंसेस नॉट ओनली सस्टेन फैमिलीज़ बट
- 43:57आल्सो बोलस्ट रीजनल इकोनॉमीज़ मेकिंग
- 44:00माइग्रेशन बोथ अ पर्सनल एंड अ नेशनल डैश।
- 44:04लिखा है कि उनका जो रेमिटेंस है मतलब
- 44:07रेमिटेंस का मतलब होता है वो पैसा जो वो
- 44:09कमाकर अपने घर वापस भेज रहे हैं। तो वो जो
- 44:12रेमिटेंस है उनका वो ना ही सिर्फ उनके
- 44:15परिवार को पालता है। सस्टेन मतलब होता है
- 44:17जीवन का पार्जन करना। तो ना ही वो सिर्फ
- 44:20उनके परिवार को पालता है लेकिन वो उस रीजन
- 44:24के इकोनॉमी को भी बोलस्टर करता है। वो उस
- 44:27रीजन के जिस रीजन से वो गए हैं वहां के
- 44:30इकोनॉमी को भी बेहतर करता है। ठीक है? ऐसा
- 44:32आपने देखा होगा। एक एक इंसिडेंट मेरे साथ
- 44:35भी हुआ है कि व्हेन आई वाज़ अ चाइल्ड मैं
- 44:38एक गांव था मेरे रिलेटिव का मैं वहां जाया
- 44:40करता था और बहुत हैपनिंग गांव था। ठीक है?
- 44:42मतलब पॉपुलेटेड था। लोग बहुत आराम से मिल
- 44:47जाते थे। दोस्त यार बन जाते थे। ऐसी चीजें
- 44:49होती थी। अभी रिसेंटली मैं दो चार महीने
- 44:51पहले वहां पे गया था और पूरा गांव खाली
- 44:54था। कोई नहीं था। ठीक है? क्यों? सारे के
- 44:56सारे कमाने के लिए किसी और अगर मैं इस केस
- 44:59की बात करूं तो किसी और शहर चले गए थे।
- 45:01ठीक है? कोई सूरत चला गया था, कोई मुंबई
- 45:03चला गया था। इस तरीके से। बट द थिंग वास
- 45:06कि मुझे पूरे गांव में 50% घरों में 50%
- 45:09घरों की मैं बात कर रहा हूं। बहुत बड़ा
- 45:10अमाउंट है ये। 50% घरों में मुझे गांव में
- 45:13एसी लगा हुआ दिखाओ। मैं क्या बोलना चाह
- 45:16रहा हूं समझना। गांव में एसी की जरूरत
- 45:18नॉर्मली नहीं पड़ती। पर गांव में एसी लगा
- 45:20था। शायद दिखावे के लिए लगा होगा अलग बात
- 45:22है। पर मैं कहना ये चाह रहा हूं कि इतने
- 45:24पैसे आ गए थे कि उस पूरे रीजन की इकॉनमी
- 45:27बूस्टर कर गई थी। उस पूरे रीजन की ना ही
- 45:30सिर्फ एक घर में वह पैसा भेज रहा है। जब
- 45:32एक घर में पैसा भेजता है तो एज अ
- 45:34कम्युनिटी भी हम ग्रो करते हैं। अगर सब
- 45:36लोग अमीर होने लगे तो एज अ कम्युनिटी भी
- 45:38ग्रो करते हैं। तो यहां पे वही बात बोला
- 45:39जा रहा है कि जो उनका रेमिटेंस होता है वो
- 45:41ना ही सिर्फ उनका घर चलाता है बल्कि वो
- 45:44पूरी की पूरी कम्युनिटी को की रीजनल
- 45:45इकॉनमी को बेहतर करता है। मेकिंग
- 45:48माइग्रेशन बोथ अ पर्सनल एंड अ नेशनल डैश।
- 45:51और इसी वजह से ये जो माइग्रेशन है जो एक
- 45:54जगह से लोग दूसरे जगह जाते हैं ये एक
- 45:56पर्सनल लेवल पे और एक नेशनल लेवल पे भी
- 45:59क्योंकि यहां पे हम लोग फॉरेन माइग्रेशन
- 46:01की बात कर रहे हैं तो एक नेशनल लेवल पे भी
- 46:03डैश करता है। ये फिर भी द प्रोसेस इज़
- 46:07रेयरली सीनलेस। अब देखो अब जब ये लाइन
- 46:10आपने पढ़ा अगर मैं कंटीन्यूएशन में पढूं तो
- 46:12इस लाइन के हिसाब से तो माइग्रेशन अच्छी
- 46:14चीज है। क्योंकि लोग खुद भी कमा रहे हैं
- 46:16और कम्युनिटी भी कमा रही है उनसे। है ना?
- 46:19लेकिन अगले में बोला गया येट फिर भी इतनी
- 46:22अच्छी चीज होने के बावजूद द प्रोसेस इज़
- 46:24रेयरली सीमलेस। लेकिन इतनी अच्छी चीज होने
- 46:27के बावजूद शायद ही यह प्रोसेस जो है यह
- 46:30बिना गलतियों के बिना खामियों के है।
- 46:32स्मूथ प्रोसेस है। ऐसा नहीं है।
- 46:34इनएडीिक्वेट लीगल सेफगार्ड्स,
- 46:36एक्सप्लइटेटिव इंटरमीडियरीज एंड ए्बग्यूस
- 46:40लेबर कॉन्ट्रैक्ट्स ऑफेन प्लेस
- 46:42माइग्रेंट्स इन द स्टेट ऑफ परपेचुअल डैश।
- 46:45लिखा हुआ है कि इसमें कि जो दो जो ये
- 46:48प्रोसेस है वो हार्डली सीमलेस है। क्यों?
- 46:51क्योंकि इनएडीिक्वेट लीगल सेफ गार्ड्स
- 46:53हैं। अगर किसी को बाहर के कंट्री में जाकर
- 46:55कोई हार्म पहुंचाए तो किस हिसाब से इंडिया
- 46:58उससे रिटेलिएट करेगा इसका कोई कानून ही
- 47:00नहीं है। आप ऐसा कोई कानून भारत में नहीं
- 47:02है जिससे आपको बाहर के कंट्री में सेफ
- 47:04रखने का कोई प्रोसेस हो। एक्सप्लइटेटिव
- 47:07इंटरमीडियरीज अब जो बिचौलिए हैं आपने सुना
- 47:09होगा अक्सरा कि यहां से बोल के लेके जाते
- 47:11हैं कि तुमको तुम मेरे साथ यूएई चलो।
- 47:13तुम्हें वहां पे इंजीनियर बनाएंगे। पता
- 47:15चला वहां जाकर ड्राइवर बना दिया। तुम्हारा
- 47:17उसने पासपोर्ट भी छीन लिया। जब तक वो
- 47:18चाहेगा तुम्हें एक्सप्लइट करेगा। तो जो ये
- 47:20बिचौलिए हैं वो भी बहुत एक्सप्लइटेटिव है
- 47:22और साथ ही साथ में लेबर कॉन्ट्रैक्ट जो
- 47:24होते हैं बड़े एम्बिग्यूअस होते हैं।
- 47:25क्लियरली कुछ लिखा नहीं होता है। तो कल को
- 47:27अगर आप कहीं पे कोई लीगल स्टेप भी उठाना
- 47:29चाहोगे तो वो इतना ए्बिगुअस है कि आप समझ
- 47:31ही नहीं पाए थे। आपने गलती से साइन कर
- 47:32दिया था। ठीक है? तो इन सारी चीजों की वजह
- 47:34से माइग्रेंट्स जो है ना वो एक परपेचुअल
- 47:37डैश में फंस जाते हैं। परपेचुअल का मतलब
- 47:39क्या होता है? ऐसी कोई चीज जो बहुत लंबे
- 47:41समय से चलती आ रही है तो वो एक परपेचुअल
- 47:43डैश में फंस जाते हैं। एट अ ब्रॉडर लेवल
- 47:47माइग्रेशन रीशेप्स सोशल आइडेंटिटीज
- 47:50क्रिएटिंग हाइब्रिड कल्चरर्स बट आल्सो
- 47:52फस्टरिंग अ सेंस ऑफ डैश अमंग दोज़
- 47:55एलियनेटेड फ्रॉम बोथ होमलैंड एंड
- 47:58होस्टलैंड। लिखा है कि अगर एक ब्रॉडर लेवल
- 48:00पर बात की जाए ना तो माइग्रेशन जो है वो
- 48:02सोशल आइडेंटिटी को भी रिशेप करता है। मतलब
- 48:05अगर मैं यूएस में रह रहा हूं तो डेफिनेटली
- 48:08मेरा जो एक सामाजिक तौर तरीका है वो
- 48:10बदलेगा। जो यूएस का तरीका है वो थोड़ा
- 48:13रहेगा। इंडिया का तरीका थोड़ा रहेगा और
- 48:14बीच का मिक्सचर रहेगा। इससे क्या होगा कि
- 48:16हाइब्रिड कल्चर पैदा होता है। ठीक है? जो
- 48:18कि एक अच्छी बात है। लोगों को एक्सपोज़र
- 48:20ज्यादा मिल रहा है। ज्यादा सीख पा रहे
- 48:21हैं। बट आल्सो लेकिन इसके साथ-साथ यह
- 48:24फ़स्टर करता है। फ़स्टरिंग अ सेंस ऑफ ये
- 48:26पैदा करता है। यह पालन पोषण करता है एक
- 48:28सेंस का एक डैश सेंस का जो कि ऐसे लोगों
- 48:32के बीच में जो एलियनेटेड है। एलिनेटेड का
- 48:35मतलब होता है जब आपको किसी चीज से आपका
- 48:38अलगाव हो जाता है जब आप किसी चीज से दूर
- 48:40हो जाते हैं। आप और आपके दोस्त बहुत अच्छी
- 48:43यारी थी दोनों में। दोनों में झगड़ा हो
- 48:44गया। अब दोनों के संबंध खराब हो गए। इसको
- 48:46इंग्लिश में एलियनेट होना बोलते हैं। ठीक
- 48:48है? तो एलियनेटेड फील करते हैं अपने
- 48:51होमलैंड से भी और होस्टलैंड से भी। कह रहा
- 48:53है कि ये जो कल्चर है ना ये तो हाइब्रिड
- 48:55कल्चर को पैदा करता है। ये अच्छी बात है।
- 48:57लेकिन ये साथ-साथ में एक सेंस ऑफ डैश को
- 49:00भी फस्टर करता है उन लोगों के बीच में जो
- 49:03अपने घर पे भी से भी एलिनेटेड है और होस्ट
- 49:06लैंड से भी एलिनेटेड है। नाउ अब वो
- 49:08प्रॉपर्ली इंडियन है। जो इंडिया में उनको
- 49:10सम्मान मिलता है वो बोलेंगे अच्छा अभी तो
- 49:11ये बाहर चला जाएगा। और जो बाहर की कंट्री
- 49:13है उनको अपनाने के लिए तैयार नहीं है। तो
- 49:14वो दोनों जगह से एलिनेटेड महसूस करते हैं।
- 49:17ये पूरे के पूरे पैसेज था। पूरा का पूरा
- 49:20पैसेज था। मीनिंग मैंने समझा दिया है। अब
- 49:23अगर मैं आपसे पूछूं कि ओवरऑल टोन क्या है?
- 49:25तो टोन है इसका नेगेटिव। ठीक है? यहां
- 49:27प्रॉब्लम्स की बात की जा रही है। जो
- 49:28माइग्रेंट इंडियन माइग्रेंट्स हैं उनके
- 49:30प्रॉब्लम्स की बात की जा रही है। अगर मैं
- 49:32आपसे पूछूं कि समरी क्या है इसका? तो
- 49:35बेसिकली इंडियन माइग्रेंट्स जो है वो
- 49:37कितना सफर करते हैं? उनको क्या-क्या
- 49:38परेशानियां झेलनी पड़ती है? उसके बारे में
- 49:40पूरा पैसेज है। जैसा मैंने शुरुआत में
- 49:42बोला ज्यादा करके मैंने कोशिश की है कि
- 49:45थोड़े से कंफ्यूजिंग ऑप्शंस रखे जाए और
- 49:46वोकैब बेस्ड ऑप्शंस रखे जाएं। तो शुरू
- 49:49करते हैं फिल अप करना। आइए
- 49:51लिखा है द स्टोरी ऑफ़ इंडियन माइग्रेंट्स
- 49:53इज अ कॉम्प्लेक्स टेपिस्ट्री ऑफ़
- 49:54एस्पिरेशन। पढ़ लिया हमने स्ट्रगल एंड
- 49:56रेिलियंस। जो जो लाइन पे ध्यान देने बोल
- 49:58रहा हूं आप बहुत ध्यान देना। ओवर द
- 50:00डिकेड्स। ठीक है?
- 50:02लाखों लोग जो हैं वह अपने गांव को छोड़कर
- 50:05अच्छी जिंदगी की तलाश में निकले हैं।
- 50:07अक्सरा वो मजबूर रहते हैं इकोनॉमिक डैश
- 50:11से। अब बताओ किसी को शौक तो नहीं होता कि
- 50:13वो अपने घर से छोड़कर और किसी और कंट्री
- 50:15में जाकर बस जाए। है ना? अनलेस वो कोई
- 50:17बहुत ज्यादा पिछड़ा हुआ देश हो। अगर अपने
- 50:20ही घर पे अपने परिवार के साथ अगर ठीक-ठाक
- 50:22चीजें मिल जाए तो कोई क्यों जाएगा? क्यों
- 50:24जा रहे हैं? क्योंकि उनके पास पैसे नहीं
- 50:26है या फिर वहां ज्यादा पैसे ऑफर किए जा
- 50:28रहे हैं। जिसका मतलब है उनकी कुछ इकोनॉमिक
- 50:30मजबूरियां होंगी। क्योंकि यहां पर कंपल्
- 50:32वर्ड लिखा हुआ था। फोर्स लिखा हुआ था।
- 50:34लाखों लोग अपना देश छोड़कर किसी और देश
- 50:36में चले जाते हैं। उन्हें फोर्स करता है
- 50:38उनका इकोनॉमिक डैश। इसका मतलब यहां पे कोई
- 50:40नेगेटिव वर्ड भरा आना चाहिए। क्या मेरी
- 50:42बात आप समझ पा रहे हो? अगर इस तरीके से
- 50:44एग्जाम में बनाओगे तो ऑप्शन काटने में
- 50:45बहुत मदद मिलेगी। यहां कोई नेगेटिव वर्ड
- 50:47होना चाहिए। आइए ऑप्शन पे। पहला वर्ड है
- 50:49एक्सिजेंसी। एक्सिजेंसी का मतलब होता है
- 50:51अर्जेंट नीड। किसी चीज की बहुत ज्यादा
- 50:53जरूरत। कॉम्प्लसेंसी कॉम्प्लसेंसी का मतलब
- 50:57होता है जब आप सेटिस्फाइड हो जाते हो।
- 51:00है ना? अगला वर्ड है रिडेंसी। रिडेंडेंसी
- 51:03मतलब होता है जरूरत से ज्यादा मोर देन
- 51:05रिक्वायर्ड।
- 51:09ठीक है? और सेरेनिटी का मतलब होता है
- 51:11शांति। पीस।
- 51:15राइट? अब देखो पीस तो पॉजिटिव वर्ड है। तो
- 51:18ये तो हो नहीं सकता। तीन वर्ड बच रहे हैं।
- 51:20एक्सिजेंसी, कॉम्प्लेसेंसी या और
- 51:21रिडेंडेंसी। अच्छा बताओ कि वो लोग अपने
- 51:24इकोनॉमिक डैश से मजबूर हैं इसलिए जहां
- 51:27बाहर जा रहे हैं। तो इकोनॉमिक मतलब पैसे
- 51:28की कमी होगी। रिडेंडेंसी का मतलब होता है
- 51:31जरूरत से ज्यादा होना। उनके पास जरूरत से
- 51:33ज्यादा पैसे हैं इसलिए वो अपना देश छोड़कर
- 51:34जा रहे हैं। कोई सेंस है? नहीं। वो लोग
- 51:37इकोनॉमिकली सेटिस्फाइड हैं। ठीक है?
- 51:39इकोनॉमिक तरीके से मतलब फाइनेंशियली वो
- 51:42लोग सेटिस्फाइड हैं। इसलिए वो बाहर जा रहे
- 51:43हैं। नहीं सेटिस्फाइड नहीं हो सकता तो
- 51:45कॉम्प्लसेंसी कैसे होगा?
- 51:47एक्सजेंसी हो सकता है कि उनको क्योंकि
- 51:50इकोनॉमिक एक्सजेंसी है उनको बहुत ज्यादा
- 51:52जरूरत है पैसे की इसलिए वह अपना देश
- 51:54छोड़कर बाहर जा रहे हैं। आगे बढ़ेंगे
- 51:56व्हाइल सम फाइन प्रोस्पेरिटी इन बसलिंग
- 52:00सिटीज और फॉरेन लैंड्स कुछ लोगों को जो
- 52:02सिटीज है और जो फॉरेन लैंड्स है वहां पे
- 52:04उनको अच्छे अच्छा जीवन मिल जाता है।
- 52:06डेवलपमेंट मिल जाता है। अदर्स क्फ्रंट
- 52:08एक्सप्लइटेशन। यहां से सेंटेंस नेगेटिव
- 52:10हुआ है ना कि दूसरे जो हैं वो
- 52:12एक्सप्लइटेशन फील करते हैं,
- 52:14डिस्क्रिमिनेशन फील करते हैं और कल्चरल
- 52:16डैश फील करते हैं। अब जब यहां से पूरा का
- 52:19पूरा टोन नेगेटिव है। मैं क्लीन कर रहा
- 52:20हूं। थोड़ा गंदा लग रहा है देखने में। तो
- 52:22मैं क्या कह रहा हूं कि अगर यहां से
- 52:24सेंटेंस नेगेटिव हो चुका है। यहां से
- 52:26सेंटेंस अगर नेगेटिव हो चुका है। तो यहां
- 52:29पे भी कुछ नेगेटिव फिल अप होना चाहिए।
- 52:32यहां पे हम कोई नेगेटिव वर्ड भरना चाहते
- 52:33हैं। आइए लिखा है कि एन कल्चरल एसिमिलेशन।
- 52:37एसिमिलेशन का मतलब होता है मिक्सचर। क्या
- 52:39बोला गया है कि कुछ लोगों को तो अच्छा
- 52:40जीवन मिल जाता है लेकिन जो बाकी बचे हैं
- 52:43वो कल्चरली मिक्स हो जाते हैं। कल्चरली
- 52:45मिक्स हो जाते फिर तो अच्छी बात है।
- 52:46नेगेटिव क्या है यहां पे? गलत है।
- 52:49एलियनेशन अभी मैंने समझाया कि वो लोगों का
- 52:51कल्चर अलगाव हो जाता है। है ना? कि जहां
- 52:54पे वो लोग जाकर बस रहे हैं वहां के कल्चर
- 52:56को वो एक्सेप्ट नहीं कर पाते ना ही उनके
- 52:59कल्चर को वहां के लोग एक्सेप्ट कर पाते
- 53:01हैं। तो एलिनेशन हो जाता है। ये हो सकता
- 53:03है। एक्लेममेटाइजेशन का मतलब होता है किसी
- 53:05चीज के हिसाब से ढल जाना। तो क्या कह रहा
- 53:07है कि वो लोग अपने कल्चर के हिसाब से ढल
- 53:09जाते हैं। तो ये तो अच्छी बात है। ये तो
- 53:12नहीं हो सकता। यहां तो मेरे को नेगेटिव
- 53:13वर्ड भरना है। कंफ्रंटेशन मतलब होता है
- 53:15बहस। वो लोग कल्चरल बहस में पड़ जाते हैं।
- 53:17कल्चरल बहस कैसे होगा भाई? गलत है। आंसर
- 53:21ऑप्शन नंबर बी। आगे बढ़े। क्या हो रहा था?
- 53:24एलिनेट हो जा रहे थे कि उनका जो कल्चर है
- 53:26और जिस देश में वो गए हैं वो दोनों कल्चर
- 53:28मिक्स अनमैच नहीं हो रहा।
- 53:31देयर रेमिटेंस नॉट ओनली सस्टेन फैमिली बट
- 53:34आल्सो बोस्टर बोस्टर रीजनल इकोनमीस जो
- 53:36पैसा वो लोग भेजते हैं वो ना ही सिर्फ
- 53:38परिवार के लिए बल्कि रीजनल इकोनमीज़ के लिए
- 53:41भी बहुत ज्यादा यूज़फुल है। मेकिंग
- 53:43माइग्रेशन बोथ अ पर्सनल एंड अ नेशनल डैश।
- 53:46इससे क्या होता है? माइग्रेशन जो है वो
- 53:48पर्सनल और नेशनल दोनों तरीके से डैश होता
- 53:50है। जब हम पहली बार पढ़ रहे थे। इफ यू
- 53:52रिमेंबर पहली बार हम जब पढ़ रहे थे तो
- 53:54मैंने आपको बताया था कि येट लिखा हुआ है।
- 53:56येट का मतलब क्या होता है? फिर भी ये
- 53:57अक्सरा दो नेगेटिव दो कंट्रास्टिंग चीजों
- 54:00को जोड़ने के काम आता है। फॉर एग्जांपल आई
- 54:02वर्क्ड वेरी हार्ड। मैंने बहुत अच्छी
- 54:03अच्छे से मेहनत की। येट आई फेल्ड फिर भी
- 54:06मैं फेल हो गया। येट क्या बता रहा है?
- 54:08पहला वाला सेंटेंस पॉजिटिव था। दूसरा वाला
- 54:10सेंटेंस नेगेटिव था। जोड़ने के लिए किसका
- 54:12इस्तेमाल किया? येट का। अब जब यहां पे
- 54:13आपको येट दिख रहा है तो इसका मतलब तो यही
- 54:16है कि आगे जो सेंटेंस है उसका उल्टा टोन
- 54:18यहां भरा आना चाहिए। आगे क्या लिखा होता
- 54:20कि ये प्रोसेस बहुत टफ है। ये प्रोसेस
- 54:22सीमलेस नहीं है। तो ये तो नेगेटिव बात है।
- 54:24इसका मतलब इधर वाला लाइन जरूर पॉजिटिव रहा
- 54:27होगा। तो ये जो रेमिटेंस जो है वो सस्टेन
- 54:29कर रहा है ना ही सिर्फ फैमिलीज़ को बल्कि
- 54:32बोलस्टर कर रहा है रीजनल इकॉनमीज़ को। ये
- 54:34भी तो पॉजिटिव को नोटेशन दे रहा है। इसका
- 54:36मतलब यहां पे कोई पॉजिटिव वर्ड भराना
- 54:38चाहिए कि नहीं भराना चाहिए? हम माइग्रेशन
- 54:39के बारे में कुछ अच्छी बात बोलने की कोशिश
- 54:41कर रहे हैं कि नहीं कोशिश कर रहे हैं?
- 54:42क्या ये बात समझ पा रहे हो? इसका मतलब ये
- 54:44है कि यहां पे कोई पॉजिटिव वर्ड भराना
- 54:45चाहिए। माइग्रेशन के बारे में कुछ अच्छा
- 54:47बोलना चाह रहे हैं। आइए लायबिलिटी नेगेटिव
- 54:50वर्ड है। नहीं हो सकता। कैटलिस्ट का मतलब
- 54:53होता है जो किसी चीज को बढ़ने में मदद
- 54:55करे। तो यहां क्या सेंस था कि जो पैसा वो
- 54:57घर पे भेजते हैं वो ना ही सिर्फ घर के लिए
- 54:59बेहतर है बल्कि समाज के लिए भी बेहतर है।
- 55:01इससे माइग्रेशन पर्सनल और नेशनल कैटेलिस्ट
- 55:03बन जाता है। जिसका मतलब है ये मदद कर रहा
- 55:05है नेशनल तरीके से और पर्सनल तरीके से। हो
- 55:08सकता है। इंपेडिमेंट का मतलब होता है
- 55:09बाधा, हिंडरेंस। ये तो नेगेटिव वर्ड है।
- 55:12गलत है। एनेक्रोनिज्म बहुत अच्छा वर्ड है।
- 55:14एनाक्रोनिज्म का मतलब होता है कोई ऐसी चीज
- 55:17जो अभी एकिस्ट कर रही है लेकिन वो
- 55:19एक्चुअली पुराने जमाने की है। समझ रहे हो
- 55:22मैं क्या बोल रहा हूं? फॉर एग्जांपल अभी
- 55:23होता है ना कि कोई बंदा जो कि ये कहता है
- 55:25कि अरेंज मैरिजेस आर द बेस्ट। तो बाकी लोग
- 55:27उसको जज करते हैं कि अरे कौन से दादा जी
- 55:29के जमाने में जी रहे हो? क्योंकि बाकी
- 55:31लोगों के हिसाब से ये एनाक्रोनिज्म का
- 55:32एग्जांपल है। एनाक्रोनिज्म का मतलब क्या
- 55:34होता है? ऐसी कोई चीज जो ओल्ड टाइम की हो,
- 55:37पुराने समय की हो, उसको एनाक्रोनिज्म कहा
- 55:39जाता है। ये तो कॉन्टेक्स्ट ही फिट नहीं आ
- 55:41रहा। यहां पे क्या होगा? इज़ अ नेशनल
- 55:43कैटलिस्ट है ना? कि ये जो रेमिटेंस है ये
- 55:47सॉरी माइग्रेशन है ये बोथ पर्सनल और नेशनल
- 55:49लेवल पे एक कैटलिस्ट का काम करता है। ये
- 55:51मदद कर रहा है लोगों की। अभी तो हमने पढ़ा
- 55:53कि कैसे मदद कर रहा है। आगे बढ़े। येट
- 55:57लेकिन जो प्रोसेस है वह सीमलेस नहीं है।
- 55:59इनएडीिक्वेट लीगल सेफगार्ड है। एक्सप्लइट
- 56:02एक्सप्लइटेटिव इंटरमीडियरीज है। ए्बेगिवस
- 56:04लेबर कॉन्ट्रैक्ट्स है। ठीक है? ऑफेन
- 56:06प्लेस माइग्रेंट्स इन अ स्टेट ऑफ़
- 56:08परपेचुअल। अच्छा इतनी चीजें उन्हें झेलनी
- 56:10पड़ती है कि लीगल सेफगार्ड नहीं है।
- 56:12एक्सप्लइटेटिव इंटरमीडियरीज है। ए्बेगिवस
- 56:14लेबर कॉन्ट्रैक्ट्स है। आपको क्या लगता
- 56:16है? आपको क्या लगता है इसके बाद? जो
- 56:19माइग्रेंट्स हैं वो लगातार क्या स्टेट झेल
- 56:21रहे होंगे? माइग्रेंट्स इन अ स्टेट ऑफ़
- 56:23व्हाट? यहां तो कोई नेगेटिविटी बनाना
- 56:25चाहिए ना? क्योंकि अच्छी चीजें तो है
- 56:27नहीं। इसका मतलब वो जो झेल रहे हैं या
- 56:29परपेचुअल का मतलब होता है कंसिस्टेंट
- 56:30लगातार। तो वो लोग लगातार कुछ परेशानी ही
- 56:32तो झेल रहे हैं इस कारण से। तो कोई
- 56:34नेगेटिव वर्ड होना चाहिए। वनरेबिलिटी जिसे
- 56:37आसानी से नुकसान पहुंचाया जा सके नेगेटिव
- 56:39वर्ड है। इनविंसिबिलिटी जो हमेशा जीते
- 56:42पॉजिटिव वर्ड है। नहीं हो सकता।
- 56:43कॉम्प्लेसेंसी जब आप सेटिस्फाइड हो जाते
- 56:46हो नेगेटिव वर्ड है। डिटेस्टेशन नफरत
- 56:48नेगेटिव वर्ड है। ये तीनों में से कोई एक
- 56:50आंसर है। अब सोचो यहां क्या होगा कि
- 56:52इनएडीिक्वेट लीगल सेफ गार्ड है।
- 56:54इंटरमीडियरीज बड़े एक्सप्लइटेटिव है।
- 56:56ए्बगुअस लेबर लॉज़ है। इसकी वजह से लगातार
- 56:59उन्हें डिटेस्टेशन झेलना पड़ता है। लगातार
- 57:01उन्हें नफरत झेलनी पड़ती है। कॉन्टेक्स्ट
- 57:03बैठ रहा है क्या कि उन्हें नफरत झेलनी
- 57:05पड़ती है। क्योंकि लीगल सेफगार्ड नहीं है
- 57:07उनके पास। मतलब इंडिया के का कोई व्यक्ति
- 57:10यूएस गया कमाने के लिए। वहां के लोगों ने
- 57:12बोला सुनो तुम्हारा कानून तुमको बचाता है?
- 57:13नहीं बचाता। मुझे तुमसे नफरत है। कोई सेंस
- 57:16है? कोई सेंस नहीं है। गलत है।
- 57:17कॉम्प्लसेंसी का मतलब होता है सेटिस्फाइड।
- 57:19हालांकि ये नेगेटिव कनोटेशन का वर्ड है पर
- 57:21इसका मीनिंग होता है सेटिस्फाइड। तो क्या
- 57:23बोला जा रहा है कि वो बहुत संतुष्ट है इस
- 57:24चीज से। संतुष्ट थोड़ी है। आंसर क्या
- 57:27होगा? वनरेबिलिटी। उन्हें हमेशा ये डेंजर
- 57:29है। वो लगातार ये डेंजर की सिचुएशन में
- 57:31रहते हैं। ठीक है? आगे बढ़ेंगे। एट अ
- 57:34ब्रॉडर लेवल माइग्रेशन रीशेप्स सोशल
- 57:37आइडेंटिटीज। अगर ब्रॉडर लेवल बोला जाए तो
- 57:39ये सोशल आइडेंटिटीज को रीशेप करता है।
- 57:41हाइब्रिड कल्चरर्स क्रिएट करता है। ठीक
- 57:43है? एक सेंस ऑफ डैश को फ़स्टर करता है। ऐसे
- 57:47लोगों के बीच में जो जो ना घर के रहे हैं
- 57:49और ना घाट के। ऐसे लोग जो हैं जो ना घर के
- 57:52हैं ना घाट के हैं उनके बीच में ये एक
- 57:54सेंस ऑफ डैश फास्टर करता है। बताओ मेरा
- 57:56टोन पढ़ के आपको सुन के आपको क्या लगा?
- 57:58कोई अच्छा सेंस देगा या कोई खराब सेंस
- 58:00देगा। अगर आपको ये पता चले कि आपको अपना
- 58:02देश भी एक्सेप्ट नहीं कर रहा और आप जिस
- 58:04देश में रह रहे हो वो भी एक्सेप्ट नहीं कर
- 58:05रहा। आपको मजा आएगा? नहीं ना यहां पर कोई
- 58:07क्या सेंस डेवलप होगा? कोई नेगेटिव वर्ड
- 58:09होना चाहिए। कोई गलत सेंस डेवलप हो रहा है
- 58:11ना? आ जाइए। सेंस ऑफ डिसकंफर्ट। हालांकि
- 58:14ये नेगेटिव वर्ड है। पर ये बहुत हल्का
- 58:16टर्म है ना। केवल डिसकंफर्ट बहुत छोटा
- 58:18वर्ड लगता है। जब आपको ये महसूस होता है
- 58:20कि आप यहां के भी नहीं और वहां के भी नहीं
- 58:22तो आपको डिस्कसर्ट फील होता है। नहीं ये
- 58:24गलत है। सेंस सही नहीं आ रहा। हालांकि
- 58:26नेगेटिव वर्ड है। स्ट्रेंजमेंट आपको ऐसा
- 58:28फील होता है कि ये दुनिया ये महफिल मेरे
- 58:30काम की नहीं। आप सबसे अलग फील करते हैं।
- 58:32आप सबसे अधूरा फील करते हैं। ये तो ठीक लग
- 58:35रहा है। प्रोफंडती का मतलब होता है डेप्थ।
- 58:38आपको बहुत गहरा महसूस होता है। गहरा कैसे
- 58:40महसूस होगा भाई? आपको यूनानिमिटी महसूस
- 58:43होती है। यूनाइनिटी मतलब होता है एकजुटता
- 58:44टुगेदरनेस। आपको ये महसूस होता है कि हम
- 58:46एक साथ कितने अच्छे हैं? ये तो पॉजिटिव
- 58:48वर्ड हो जाएगा। आंसर क्या होना चाहिए?
- 58:51ऑप्शन नंबर बी। आपको बहुत स्ट्रेंजमेंट
- 58:53फील होता है। ठीक है? आप मुझे कमेंट्स में
- 58:56बताएंगे कि आपने कितने करेक्ट किए हैं।
- 58:58ठीक है? तो कैसे बताएंगे कि क्लोज टेस्ट
- 59:00वन में कितने करेक्ट हुए और क्लोज टेस्ट
- 59:03टू में कितने करेक्ट हुए? अब देखो दो
- 59:05किस्म के बच्चे यहां पे कमेंट बहुत करते
- 59:07हैं। पहला पहले बच्चे मतलब दो किस्म के
- 59:09बच्चे होते हैं जो कहते हैं कि ये इजी था।
- 59:12पहला वो पहला वो बच्चे जिनसे क्वेश्चन बन
- 59:16जा रहा है। अगर आपसे क्वेश्चन बन जा रहा
- 59:18है। अगर आपके पांच में पांच सही हो रहे
- 59:20हैं, 10 में 10 सही हो रहे हैं। तो इसका
- 59:21मतलब ये नहीं बच्चे कि पैसेज आसान है।
- 59:23इसका मतलब आपकी तैयारी अच्छी है। ठीक है?
- 59:25तो अपने ऊपर भी थोड़ा कॉन्फिडेंस रखो।
- 59:27अपने ऊपर भी थोड़ा रहम खाओ। आपकी तैयारी
- 59:29अच्छी है क्योंकि यही लेवल आई थिंक ये
- 59:31लेवल या इससे नीचे लेवल ही मेंस में होगा।
- 59:33जहां तक मैं समझ पा रहा हूं इस लेवल के
- 59:36वोकैब नहीं पूछे जाते एसएससी के एग्जाम्स
- 59:38में। अगर मैं सीडीएस पढ़ा रहा होता तो मैं
- 59:40कहता इस लेवल का आएगा। अगर मैं पीओ पढ़ा
- 59:42रहा तो मैं कहता इस लेवल का आएगा। पर
- 59:44एसएससी में यार बहुत रेयरली इस लेवल का
- 59:45क्वेश्चन पूछा जाता है। मैं टफ क्योंकि
- 59:47हमेशा क्यों प्रैक्टिस कराता हूं ताकि ईजी
- 59:49वाला आपसे आसानी से बन जाए। उसका एग्जांपल
- 59:50आपने प्री में देख लिया है। ठीक है? कितना
- 59:52फायदा हुआ। तो मैं बोलना ये चाह रहा हूं
- 59:54कि अगर आपको ये आसान लग रहा है तो ऐसे केस
- 59:56में भाई आपको आपकी तैयारी अच्छी है। ठीक
- 59:59है? दूसरे जो कह रहे हैं कि आसान लग रहा
- 1:00:01है वो वो लोग हैं जिनसे बन नहीं रहा।
- 1:00:05सिर्फ वो हवा मचाने के फिराक में है
- 1:00:07क्योंकि उन्होंने किसी के मुंह से सुना है
- 1:00:08कि सीजीएल में बहुत टफ आ जाता है। तो ये
- 1:00:11मैं बार-बार कहता हूं कि 90% स्टूडेंट्स
- 1:00:13पैरानॉइड होते हैं। उनको आईडिया भी नहीं
- 1:00:15होता क्या टफ होता है, क्या इजी होता है।
- 1:00:17अभी स्टेनोग्राफर का पेपर हुआ ना
- 1:00:19स्टेनोग्राफर के पेपर में सबने क्या बोला?
- 1:00:20सर बहुत टफ इंग्लिश था। हर जगह आपने कमेंट
- 1:00:22पढ़ा होगा। बहुत टफ इंग्लिश था। अभी मैं
- 1:00:24पेड बैचेस में अभी मैंने उसके रीडिंग
- 1:00:26कॉम्प्रिहेंशन जितने भी पूछे गए थे सबको
- 1:00:27एक्सप्लेन किया। अभी एक-द दिन में उसमें
- 1:00:30आपके वो भी जाएगा। क्लोज टेस्ट भी जाएगा।
- 1:00:32मुझे तो कोई भी क्वेश्चन टफ नहीं लगा ना
- 1:00:34मेरे स्टूडेंट्स को लगा होगा। तो ये क्या
- 1:00:36होता है? हवाबाजी चलने लगती है। एक ने हाउ
- 1:00:38किया सब हाउ कर रहे हैं। तो बड़े पैरानॉइड
- 1:00:40हो जाते हैं। अभी अभी बहुत हल्ला है ना कि
- 1:00:42प्री का जो पेपर था इंग्लिश का वो बहुत टफ
- 1:00:44था। कुछ कह रहे हैं कि सर क्या था? क्या
- 1:00:47कमेंट किया था? शशि थरूर वाली इंग्लिश आई
- 1:00:48थी सर कि समझ ही नहीं आया। आ जाने दो भाई
- 1:00:51आंसर की आ जाने दो। शशि थरूर वाली इंग्लिश
- 1:00:54थी या एसएससी जिस लेवल का होना चाहिए उस
- 1:00:56लेवल की इंग्लिश थी। यह तो आंसर की से पता
- 1:00:58चल जाएगा। एंड आई कैन गारंटी यू कि 90%
- 1:01:00बच्चे पैरानॉइड हैं। 90% बच्चे हाउ हाउ कर
- 1:01:03रहे हैं। सिर्फ उन्होंने ना क्वेश्चन पढ़ा
- 1:01:04है ना उन्होंने ध्यान से कभी तैयारी की
- 1:01:06है। ऊपर ऊपर से पढ़कर चले गए थे तो आपको
- 1:01:09टफ लगेगा। जनरली ये होना भी चाहिए। ठीक
- 1:01:12है? एनीवेज तो मुझे कमेंट में आप बताओगे
- 1:01:14कि 10 में से कितने करेक्ट हुए हैं आपके?
- 1:01:16आइए अब आप क्यूइंग की वीडियो देख रहे हो
- 1:01:19तो कुछ एक्स्ट्रा तो मिलेगा। तो मैंने
- 1:01:21क्या किया है कि जितने भी टफ वोकैब आए थे
- 1:01:23क्योंकि इसमें बहुत सारे टफ वोकैब थे।
- 1:01:24मैंने उसके अलग से स्लाइड बना दिया है।
- 1:01:26ठीक है? अभी मैं इसको आपके सामने पढ़ के
- 1:01:28नहीं सुनाऊंगा क्योंकि पैसेज के दौरान
- 1:01:30मैंने सारे एक्सप्लेन कर दिए हैं। अब आपका
- 1:01:32ये काम है कि अगर आप इतने सीरियस
- 1:01:34एस्पिरेंट हो कि आपको ये सारे वर्ड्स का
- 1:01:36मीनिंग पता रखना है। क्योंकि इसमें से आधे
- 1:01:37से ज्यादा पी पीवाईक्यूस है। अगर मैं आपके
- 1:01:39सामने दिखा दूं टेपिस्ट्री पहले पूछा हुआ
- 1:01:41है एग्जाम में। रिमिटेंस पूछा हुआ है।
- 1:01:43बोस्टर पूछा हुआ है। ए्बगुस 2000 बार पूछा
- 1:01:45है। परपेचुअल पूछा है। एलनेट पूछा है।
- 1:01:47कॉम्प्लेसेंसी रेडेंसी सेरेनिटी ये सारे
- 1:01:50वर्ड्स एसएससी के प्रीवियस ईयर हैं। ठीक
- 1:01:52है? कोई भी किताब उठा के देख लेना मिल
- 1:01:53जाएगा वहां। अब करना क्या है आपको? आपको
- 1:01:56इस पैसेज को कम से कम दो बार पढ़ना है।
- 1:01:57कितनी बार पढ़ना है? दो बार पढ़ना है। जब
- 1:01:59आप पहली बार पढ़ रहे होगे तो ध्यान देना
- 1:02:01आप इससे हमेशा समरी समझने की कोशिश करोगे।
- 1:02:04आप इसका टोन समझने की कोशिश करोगे। आप ये
- 1:02:06देखोगे कि किसके बारे में बात की गई है।
- 1:02:08क्या टोन है? समरी क्या बन रहा है इसका?
- 1:02:10जब आप दूसरी बार इसे पढ़ेंगे तो दूसरी बार
- 1:02:12आप इसे फिल अप करने के लिए पढ़ेंगे। ठीक
- 1:02:14है? कोई भी बच्चा एक बार पढ़ के बनाने की
- 1:02:17कोशिश नहीं करेगा। उससे एक्यूरेसी में
- 1:02:19डेफिनेटली प्रभाव आएगा। हो सकता है मेरे
- 1:02:21तरीके से थोड़ा सा टाइम शुरू-शुर में
- 1:02:23ज्यादा लगे। बट विद प्रैक्टिस आप
- 1:02:24एक्यूरेसी भी बढ़ाएंगे और टाइम भी कम
- 1:02:26करेंगे। ठीक है? अब मैं अस्यूम करके चल
- 1:02:28रहा हूं। आपने वीडियो पॉज करके दो बार
- 1:02:30पढ़ा, फिल अप किया। अब आप मेरा आंसर
- 1:02:32देखोगे। ठीक है? क्या है? लिखा यहां पे द
- 1:02:36भोजेश्वर टेंपल इज़ एन इनकंप्लीट हिंदू
- 1:02:39टेंपल इन भोजपुर विलेज ऑफ मध्य प्रदेश।
- 1:02:43लिखा हुआ है कि भोजेश्वर टेंपल जो है वो
- 1:02:45एक इनकंप्लीट हिंदू टेंपल है। इस बात पे
- 1:02:47ध्यान देंगे। ये टेंपल इनकंप्लीट हिंदू
- 1:02:49टेंपल है। ठीक है? मतलब ये पूरा बन नहीं
- 1:02:51पाया। ठीक है? एक इनकंप्लीट हिंदू टेंपल
- 1:02:53है। कहां? भोजपुर में। मध्य प्रदेश
- 1:02:55इंडिया। द टेंपल्स कंस्ट्रक्शन इज डैश टू
- 1:02:58हैव स्टार्टेड इन द 11th सेंचुरी। जो
- 1:03:01टेंपल का जो कंस्ट्रक्शन है, टेंपल जो
- 1:03:03बनना शुरू हुआ था, ऐसा डश किया जाता है कि
- 1:03:05वह 11वीं शताब्दी में शुरू किया गया था।
- 1:03:07डश द रेन ऑफ ऑफ परमारकिंग भोज। ठीक है? कब
- 1:03:12शुरू किया गया था? ये 11थ सेंचुरी में।
- 1:03:13किन के दौर में? ये परमारकिंग जो भोज थे
- 1:03:16उनके दौर में इसे शुरू किया गया था। ठीक
- 1:03:18है? द डैश वाज़ अबंडेंट फॉर अननोन रीज़ंस
- 1:03:22विद द आर्किटेक्चरल प्लांस डैश ऑन द
- 1:03:25सराउंडिंग रक्स। लिखा हुआ है कि इसे जो
- 1:03:28डैश था उसे अबंडन कर दिया गया था। अबंडन
- 1:03:30करने का मतलब होता है त्याग करना, छोड़
- 1:03:32देना। तो, इसे छोड़ दिया गया था। ठीक है?
- 1:03:34अननोन रीज़ंस की वजह से। किसी को नहीं पता
- 1:03:36कि ये कंस्ट्रक्शन जो चल रहा था, इसे बीच
- 1:03:38में क्यों छोड़ दिया गया था। और उसके जो
- 1:03:40आर्किटेक्चरल प्लांस थे, मतलब ये मंदिर
- 1:03:42कैसा बनना था? मंदिर में क्या-क्या चीजें
- 1:03:44लगनी थी? ये उनके सराउंडिंग रक्स पे डैश
- 1:03:47है। ठीक है? टू अंडरस्टुड टू अंडरस्टैंड द
- 1:03:50कंस्ट्रक्शन डैश ऑफ 11 सेंचुरी इंडिया, द
- 1:03:53अनफिनिश्ड मटेरियल्स एंड द मेसंस मार्क्स
- 1:03:56हैव बीन स्टडीड बाय स्कॉलर्स। अब इस बात
- 1:03:59को समझने के लिए कि जो कंस्ट्रक्शन होता
- 1:04:01है जो कंस्ट्रक्शन 11वीं शताब्दी में किया
- 1:04:03गया था। अब देखो जो लोग हिस्ट्री में
- 1:04:05इंटरेस्टेड है उनके लिए ये कितनी
- 1:04:08सिंसिलेटिंग चीज है। कितनी थ्रिलिंग चीज
- 1:04:10है उनके लिए कि उनको 11वीं शताब्दी में
- 1:04:13वहां का जो आर्किटेक्चर था वो कैसे बन रहा
- 1:04:16था ये जानने का मौका मिलेगा। तो यहां पे
- 1:04:18वही लिखा हुआ है कि कंस्ट्रक्शन को समझने
- 1:04:20के लिए जो 11थ सेंचुरी इंडिया के जो डैश
- 1:04:22थे उन्होंने अनफिनिश्ड मटेरियल और जो मेसन
- 1:04:25मेसन मतलब होता है राजमस्त्री जो घर बनाता
- 1:04:27है तो जो मेसन है उनके मार्क्स जो हैं
- 1:04:30उनको स्टडी करने का मौका मिला है स्कॉलर्स
- 1:04:32को स्कॉलर्स के द्वारा उसको स्टडी किया जा
- 1:04:34रहा है जो लोग एंथूजियास्टिक है
- 1:04:35आर्किटेक्चर को लेके और एंशिएंट
- 1:04:36आर्किटेक्चर को लेके उनके द्वारा इसको
- 1:04:38स्टडी किया जा रहा है हमने जब पहली बार
- 1:04:40पढ़ा है तो हमने क्या-क्या पॉइंट आउट किया
- 1:04:42है यहां पे सबसे पहले टोन पॉजिटिव है कोई
- 1:04:44नेगेटिव बात नहीं की गई है ओवरऑल बोल रहा
- 1:04:46हूं मैं सेकंड ये किसके बारे में बात की
- 1:04:48जा रही है? ये एक हिंदू टेंपल है। ठीक है?
- 1:04:51जिसका नाम भुजेश्वर टेंपल है। उसके बारे
- 1:04:53में बात की गई है। और बात क्या की गई है?
- 1:04:55कि कैसे उसे बीच में छोड़ दिया गया था। अब
- 1:04:58ये पूरी कहानी अपने दिमाग में आप रखेंगे
- 1:05:00कि एक मंदिर है जिसे बीच में छोड़ दिया
- 1:05:02गया है। ठीक है? क्या कारण से छूटा है?
- 1:05:04क्या-क्या उसके अवशेष बचे हैं? इसी के
- 1:05:06बारे में ये पूरा पैसेज है। अब इससे फायदा
- 1:05:08यह होता है कि आपको कॉन्टेक्स्ट पकड़ने
- 1:05:10में हमेशा आसानी होती है कि हम किसके बारे
- 1:05:12में बात करने वाले हैं। वरना बहुत बार आप
- 1:05:13ऐसे वाले ऑप्शन में फसोगे कि यह वाला आंसर
- 1:05:15कि यह वाला आंसर। ठीक है?
- 1:05:17चलिए अब जब हमने एक बार पढ़ लिया है चीजों
- 1:05:19को तो हम एक-एक करके उसको फिल अप करने की
- 1:05:21कोशिश करते हैं। पहले में क्या लिखा होता
- 1:05:23है? भजेश्वर टेंपल जो है वो एक इनकंप्लीट
- 1:05:25हिंदू टेंपल है भोजपुर विलेज का मध्य
- 1:05:27प्रदेश में। ये लाइन हमने पढ़ लिया था।
- 1:05:28सेकंड द टेंपल्स कंस्ट्रक्शन इज डैश टू
- 1:05:31हैव स्टार्टेड इन द 11th सेंचुरी। अब देखो
- 1:05:35इतिहास के बारे में एक बड़ी लाइन फेमस है।
- 1:05:37मुझे बड़ी पसंद है ये लाइन के हिस्ट्री इज
- 1:05:39अ लाइन दैट टू पीपल अग्री अपॉन। मतलब
- 1:05:41इतिहास एक ऐसा झूठ है जिसके ऊपर दो लोग
- 1:05:43एग्री करते हैं। क्योंकि इतिहास किसी ने
- 1:05:44नहीं देखा। तो यहां पे क्या लिखा हुआ है
- 1:05:46कि ऐसा डैश किया जाता है कि 11वीं शताब्दी
- 1:05:49में इसे बनाना शुरू किया गया था। आप
- 1:05:52अंदाजा ही लगा सकते हैं 11वीं शताब्दी का
- 1:05:54कोई व्यक्ति अभी तो जिंदा होगा नहीं जो इस
- 1:05:55बात के लिए वाउच करेगा कि मैंने सामने
- 1:05:57देखा है। इसका मतलब ये है कि टेंपल का जो
- 1:05:59कंस्ट्रक्शन है उसे डैश किया जा रहा है।
- 1:06:00तो यहां पे विश्वास जैसा कोई वर्ड होना
- 1:06:03चाहिए कि ऐसा विश्वास किया जा रहा है। ऐसा
- 1:06:04माना जा रहा है। ऐसा कोई वर्ड होना चाहिए।
- 1:06:06आइए अब हम देखते हैं मिलताजुलता वर्ड है
- 1:06:07क्या? लिखा है कि द टेंपल्स कंस्ट्रक्शन
- 1:06:09इज़ एलेज। एलज्ड का मतलब होता है आरोप
- 1:06:12लगाना। इट्स अ नेगेटिव कनोटेशन वर्ड। इसका
- 1:06:14मतलब होता है आरोप लगाना। तो क्या बोल रहे
- 1:06:16हैं कि ऐसा आरोप लगाया जाता है कि मंदिर
- 1:06:18का कंस्ट्रक्शन 11वीं शताब्दी में शुरू
- 1:06:20हुआ था। आरोप क्यों लगाया जाएगा भाई? गलत
- 1:06:22है। ऐसा ट्रस्ट किया जाता है। ऐसा भरोसा
- 1:06:25जताया जाता है कि 11थ सेंचुरी में बनाना
- 1:06:27इसे शुरू किया गया था। भरोसा जताना सही
- 1:06:29नहीं है। ऐसा माना जाता है जैसा हम कुछ
- 1:06:31ढूंढ रहे हैं। अगला इट इज बिलीव दैट। ये
- 1:06:35आपने कई बार पढ़ा होगा इंग्लिश में इट इज
- 1:06:36बिलीव दैट। जो चीज इंसानों ने नहीं देखी
- 1:06:38है। जो चीज हमने नहीं देखी है खास करके
- 1:06:40ऐतिहासिक चीजें। हम हमेशा कहते हैं इट इज
- 1:06:42बिलीव दैट। ऐसा माना जाता है। हम लोग जब
- 1:06:44महाभारत रामायण पढ़ते हैं बोलते हैं इट इज़
- 1:06:46बिलीव्ड दैट राजा दशरथ हैड फोर सेंस। इट
- 1:06:49इज़ बिलीव्ड मतलब ऐसा माना जाता है ना हमने
- 1:06:50देखा है ना आपने देखा है। ठीक है? तो ये
- 1:06:52तो बिल्कुल सही लग रहा है कॉन्टेक्स्ट
- 1:06:54में। अगला लिखा है कि द टेंपल्स
- 1:06:55कंस्ट्रक्शन इज़ अंडरस्टुड। आप कंस्ट्रक्शन
- 1:06:57को समझोगे कैसे? ये तो कंस्ट्रक्शन के लिए
- 1:06:59आ रहा है। इसे समझा तो नहीं जा सकता। तो
- 1:07:02फिर एक ही आंसर सही बच रहा है। कौन सा?
- 1:07:03बिलीव्ड कि इट इज़ बिलीव्ड दैट। ऐसा माना
- 1:07:06जाता है कि कंस्ट्रक्शन जो है वो 11वीं
- 1:07:08शताब्दी में शुरू हुआ था। आगे बढ़ेंगे। डैश
- 1:07:11द रेन ऑफ परमार किंग भोज रेन का मतलब होता
- 1:07:15है किसी के दौरान किसी के कोई राजा है
- 1:07:18उसके शासन के दौरान जब कुछ होता है उसको
- 1:07:20रेन कहा जाता है ठीक है तो हम क्या कह रहे
- 1:07:22हैं कि उनके रेन के दौरान अब आ जाओ वर्ड
- 1:07:25पे यहां लिखा है अमंग अमंग का मतलब होता
- 1:07:27है के बीच ये तो नहीं होगा थ्रू थ्रू का
- 1:07:29मतलब होता है किसी जंगल वगैरह के थ्रू एक
- 1:07:31तरफ से दूसरी तरफ जाना तो ये भी नहीं होगा
- 1:07:33थ्रूउ मतलब पूरा का पूरा ये भी नहीं होगा
- 1:07:35ड्यूरिंग मतलब के दौरान ये आंसर हो सकता
- 1:07:37है कि परमार किंग जो घोष थे उनके रेन के
- 1:07:40दौरान उनके के शासन के दौरान ऐसा माना
- 1:07:42जाता है कि टेंपल कंस्ट्रक्शन स्टार्ट हुआ
- 1:07:43था 11वीं शताब्दी में। आगे द डैश वाज़
- 1:07:47अबंडेंट फॉर अननोन रीज़ंस विद द
- 1:07:50आर्किटेक्चरल प्ल्स डैश ऑन द सराउंडिंग
- 1:07:53रक्स लिखा हुआ है कि ये जो डैश था ऐसा
- 1:07:56माना जाता है कि उसे बीच में छोड़ दिया
- 1:07:57गया था। अब देखो यहां पे आई बात कि हमने
- 1:07:59पहली बार क्यों पढ़ा था? हमने पहली बार
- 1:08:01पढ़ा था कॉन्टेक्स्ट जानने के लिए।
- 1:08:03कॉन्टेक्स्ट ये था कि एक टेंपल है और उस
- 1:08:06टेंपल के कंस्ट्रक्शन की बात हो रही है।
- 1:08:08उस टेंपल के कंस्ट्रक्शन की बात हो रही
- 1:08:09है। तो जब टेंपल के कंस्ट्रक्शन की बात हो
- 1:08:12रही है तो किस चीज को बीच में छोड़ा
- 1:08:13जाएगा? डांस करने को छोड़ा जाएगा, म्यूजिक
- 1:08:15गाने को छोड़ा जाएगा। किसको छोड़ा जाएगा
- 1:08:17बीच में? हम बात ही कर रहे हैं टेंपल
- 1:08:18कंस्ट्रक्शन के बारे में। तो किसे बीच में
- 1:08:20छोड़ा जाएगा? कंस्ट्रक्शन को छोड़ा जाएगा।
- 1:08:21है ना? तो यहां पे क्या लिखा हुआ था?
- 1:08:23कंस्ट्रक्शन को बीच में छोड़ दिया गया।
- 1:08:24क्रिएशन हम कुछ क्रिएट नहीं कर रहे थे।
- 1:08:27प्रोडक्शन कुछ प्रोड्यूस नहीं कर रहे थे।
- 1:08:28कंपोजिशन गाने को कंपोज किया जाता है। हम
- 1:08:31मंदिर के कंस्ट्रक्शन की बात कर रहे हैं।
- 1:08:33जो एविडेंट है इस वाले लाइन से अगर आप देख
- 1:08:35पाओ जो एविडेंट है इस वाले लाइन से द
- 1:08:37टेंपल्स कंस्ट्रक्शन।
- 1:08:39यहां साफ-साफ बोला गया है। फिर से देखना
- 1:08:42टू अंडर अंडरस्टैंड द कंस्ट्रक्शन। किसकी
- 1:08:45बात हो रही है? पूरे के पूरे पैसेज में
- 1:08:46कंस्ट्रक्शन की बात हो रही है। तो जब
- 1:08:48कंस्ट्रक्शन की बात हो रही है तो
- 1:08:49कंस्ट्रक्शन को ही बीच में छोड़ा जाएगा।
- 1:08:50क्या ये बात समझ पा रहे हैं आप? थोड़ा
- 1:08:52गंदा हो गया। क्लीन कर रहा हूं। आगे
- 1:08:53बढ़ेंगे यहां से।
- 1:08:56अगला क्या लिखा हुआ है? वि द आर्किटेक्चरल
- 1:08:58वाज़ अबंडेंट फॉर द अननोन रीज़ंस। कह रहा है
- 1:09:00कि कुछ पता नहीं क्या रीज़ंस थे। पर इसे
- 1:09:02बीच में छोड़ दिया गया। वि द आर्किटेक्चरल
- 1:09:04प्लांस डैश ऑन द सराउंडिंग रक्स। जो
- 1:09:07आर्किटेक्चरल प्लान थे उन्हें सराउंडिंग
- 1:09:09रक्स में डैश किया गया। अब देखो फिर से
- 1:09:11यहां पर कॉन्टेक्स्ट कितना हेल्प करता है।
- 1:09:13अगर आप कभी
- 1:09:15पूरी गए हो तो वहां पे कोणार्क टेंपल है।
- 1:09:17अगर नहीं गए तो जाके जरूर देखना चाहिए
- 1:09:19आपको। कोणार्क टेंपल में की जो दीवारें
- 1:09:21हैं ना वहां पे बहुत सारे डिफरेंट-डिफरेंट
- 1:09:24किस्म के आर्ट आर्ट वक्स जो है वो डैश किए
- 1:09:27हुए हैं। क्या किए हुए हैं? उसे इंग्लिश
- 1:09:28में कहते हैं इनग्रेव करना।
- 1:09:31इनग्रेव्ड है। पत्थर पर किसी चीज को लिखना
- 1:09:34उसे इनग्रेव करना कहते हैं। तो जैसे वहां
- 1:09:37पर डिफरेंट स्ट्रक्चर्स इनग्रेव किए हुए
- 1:09:39हैं। इस भोजेश्वर टेंपल में क्या हुआ है
- 1:09:41कि आर्किटेक्चरल प्लांस जो थे कि मंदिर
- 1:09:44में कितने पिलर्स आएंगे? मंदिर किस शेप का
- 1:09:46होगा? भगवान की एंट्री किधर से होगी?
- 1:09:48एग्जिट लोगों का किधर से होगा? ये सब कुछ
- 1:09:50एक रॉक पे डैश किया हुआ है। तो जहां पे
- 1:09:53आपको ये कॉन्टेक्स्ट मिला कि रॉक पे कुछ
- 1:09:56लिखा गया है वहां पे एक ही वर्ड आपके
- 1:09:58दिमाग में आना चाहिए वो है इनग्रेव्ड। हर
- 1:10:01पोजीशन पे हम डिफरेंट वर्ड्स लगाते हैं।
- 1:10:03ये बार-बार एग्जांपल मैं देता हूं कि खाना
- 1:10:05बनाने को भी हिंदी में बनाना कहते हैं। घर
- 1:10:06बनाने को भी हिंदी में बनाना कहते हैं। है
- 1:10:08ना? पागल बनाने को भी हिंदी में बनाना
- 1:10:10कहते हैं। पर क्या हम घर बनाने के लिए हम
- 1:10:13ये यूज़ कर सकते हैं? हम कुकिंग बिल्डिंग
- 1:10:15या खाने बनाने को बोल सकते हैं मेकिंग
- 1:10:17फूड? नहीं। हर हर वर्ड का एक पर्टिकुलर
- 1:10:20प्लेस है कि हम खाना बनाएंगे तो हम उसे
- 1:10:22कुक बोलेंगे। हम घर बनाएंगे तो हम उसे
- 1:10:24बिल्ड बोलेंगे। है ना? हम एक्सक्यूसेस
- 1:10:26बनाएंगे तो उसे मेक बोलेंगे। तो हर जगह के
- 1:10:28लिए एक पर्टिकुलर वर्ड आता है। वैसे ही जब
- 1:10:30रक्स पे कुछ लिखा जाए तो हम उसको राइट
- 1:10:32नहीं कहते। रक्स पे लिखने को इनग्रेव कहा
- 1:10:35जाता है। अभी तक मैंने ऑप्शन नहीं देखा
- 1:10:38है। ठीक है? अब जहां रक्स आयाकि इतनी
- 1:10:40रीडिंग कर रखी है। मुझे पता है यहां
- 1:10:41इनग्रेव्ड आने वाला है। ठीक है? एंड दिस
- 1:10:43इज़ द पावर ऑफ़ रीडिंग। बार-बार हर टीचर
- 1:10:45आपको समझाते हैं कि रीडिंग करना बहुत
- 1:10:47इंपॉर्टेंट है जिस एक बात को आप इग्नोर
- 1:10:49करते हो। ठीक है? जो बहुत ज्यादा जरूरी
- 1:10:50है। रीडिंग करना बहुत जरूरी है। आ जाओ
- 1:10:52ऑब्वियसली क्या लिखा हुआ था? फॉर अननोन
- 1:10:54रीज़रींस इसे छोड़ दिया गया था।
- 1:10:55आर्किटेक्चर प्लांट्स जो थे वो प्रेस्ड थे
- 1:10:57रक्स पे। रक्स पे उन्हें दबा दिया गया था।
- 1:10:58प्लान को दबाओगे कैसे? उसे स्क्रैच किया
- 1:11:01गया था। उसे खुजलाया गया था। है ना? सही
- 1:11:05है क्या? उसे डेकोरेट किया गया था। रक्स
- 1:11:07के ऊपर डेकोरेट कैसे करेंगे? उसे इनग्रेव
- 1:11:10किया गया था। आंसर होगा। आगे बढ़ेंगे। टू
- 1:11:13अंडरस्टैंड द कंस्ट्रक्शन डैश ऑफ 11th
- 1:11:16सेंचुरी इंडिया। ये समझने के लिए कि 11वीं
- 1:11:19शताब्दी में कंस्ट्रक्शन कैसे किया जाता
- 1:11:21था? कैसे डैश किया जाता था? क्या? टू
- 1:11:23अंडरस्टैंड द कंस्ट्रक्शन मैनर्स। मैनर
- 1:11:25मतलब होता है तरीका। कंस्ट्रक्शन का मैनर
- 1:11:27क्या था? कंस्ट्रक्शन का तरीका क्या था?
- 1:11:29ये समझने के लिए कंस्ट्रक्शन का तरीका
- 1:11:32कैसे होगा? मतलब मैनर कैसे होगा? मैनर तो
- 1:11:33इंसानों का होता है। अगला टू अंडरस्टैंड द
- 1:11:37कंस्ट्रक्शन ऑर्डर्स। कंस्ट्रक्शन के
- 1:11:38ऑर्डर क्या थे? पहले क्या बनाया गया? उसके
- 1:11:40बाद क्या बनाया गया? फिट नहीं आ रहा
- 1:11:42कॉन्टेक्स्ट में। कंस्ट्रक्शन का फैशन।
- 1:11:44कंस्ट्रक्शन का फैशन क्या हुआ?
- 1:11:46कंस्ट्रक्शन की टेक्निक होती है। अगेन वही
- 1:11:48वाली बात है कि सर पढ़ने में तो मैनर्स भी
- 1:11:51अच्छा लग रहा था। पढ़ने में तो ऑर्डर्स भी
- 1:11:52अच्छा लग रहा था। बिल्कुल पढ़ने में अच्छा
- 1:11:54लग रहा था। पर आपको ये समझना पड़ेगा कि
- 1:11:55कॉन्टेक्स्ट पे क्या फिटर है। यहां पे
- 1:11:57क्या समझा जाएगा कि कंस्ट्रक्शन की
- 1:11:59टेक्निक क्या यूज़ की जा रही थी। ये जब
- 1:12:00मैं हिंदी समझा रहा था तब भी मैंने आपको
- 1:12:02सिखाया था ये कि कंस्ट्रक्शन की टेक्निक
- 1:12:04क्या यूज़ की गई है? ये समझने के लिए जो
- 1:12:06स्कॉलर्स हैं वो उस वक्त के अनफिनिश्ड
- 1:12:08मटेरियल को स्टडी कर रहे हैं। ठीक है? तो
- 1:12:10आंसर क्या होगा? ऑप्शन नंबर डी टेक्निक्स
- 1:12:12क्या ये चीज क्लियर है? आई होप आपको पांच
- 1:12:15ये जो ब्लैंक्स हैं ये समझ में आ गए हैं।
- 1:12:17मैं बढूंगा अगले वाले पैसेज पे। आप फिर से
- 1:12:19वीडियो को यहां पे पॉज करेंगे। पॉज करके
- 1:12:21अपना आंसर ट्राई करेंगे। फिर मेरा स्यूशन
- 1:12:24देखेंगे। इन द मीन टाइम एक बहुत जरूरी बात
- 1:12:26है। तो रिसेंटली मुझे मुझे एक बच्चे का
- 1:12:29मैसेज आया कि मैंने एक्स व जेड टीचर के
- 1:12:32पास पढ़ाई करी है। पर मैंने रीडिंग नहीं
- 1:12:34की है। ठीक है? औरकि मैंने रीडिंग नहीं की
- 1:12:37है। मुझे इंग्लिश बहुत समझ नहीं आती। तो
- 1:12:39मैंने उनसे पूछा कि कितने टाइम तक आपने ये
- 1:12:42ये मतलब आप कब से ग्रामर पढ़ रहे हो? तो
- 1:12:44उन्होंने बताया कि लगभग मैं तीन साल से
- 1:12:46ग्रामर पढ़ रहा हूं। तीन डिफरेंट टीचर से
- 1:12:47पढ़ चुका हूं। पर मुझे अभी भी इंग्लिश समझ
- 1:12:49नहीं आ रही। तो मैंने उनको बोला कि आपके
- 1:12:51सवाल में ही आपका जवाब है कि आपको रीडिंग
- 1:12:53करनी चाहिए। तो उन्होंने बोला कि नहीं सर
- 1:12:55जो भी टीचर थे उन्होंने कहा कि रीडिंग
- 1:12:57करने की जरूरत नहीं है। उसके बिना भी हो
- 1:12:59जाएगा। मैंने उनको बोला कि ऐसा नहीं हो
- 1:13:02सकता। आप जो भी बोल रहे हो ये गलत है। कोई
- 1:13:04भी टीचर ऐसा नहीं बोल सकते कि रीडिंग मत
- 1:13:06करो। फिर उन्होंने बोला कि नहीं सर
- 1:13:08उन्होंने बोला कि करना है तो कर लो उसके
- 1:13:10बिना भी चल जाएगा। मैं फिर से मैंने उनको
- 1:13:12कहा कि ऐसा नहीं हो सकता। उसके बिना
- 1:13:14पॉसिबल नहीं है। नाउ एज अ टीचर हम लोग
- 1:13:17क्यों कहते हैं बार-बार रीडिंग करने को?
- 1:13:19क्योंकि देखो बहुत बड़ा जो सेक्शन है ना
- 1:13:21आपके इंग्लिश का वो है कॉम्प्रिहेंशन का
- 1:13:23सेक्शन।
- 1:13:25अब यह फॉर्चूनेटली अनफॉर्चूनेटली हुआ क्या
- 1:13:27है कि एसएससी के क्वेश्चंस जो हैं वो
- 1:13:28दिन-बदिन उनका स्टैंडर्ड इंग्लिश के मामले
- 1:13:30में गिरता जा रहा है। एज अ रिजल्ट ऑफ वि
- 1:13:33जो बच्चा ऊपर ऊपर से बहुत सुपरफिशियल लेवल
- 1:13:35पे इंग्लिश पढ़ता है उसके भी 40 प्लस
- 1:13:37स्कोर आ जाते हैं और उसे लगता है कि मैं
- 1:13:39तो बाबा बन गया। मतलब 40 से ऊपर आ रहा है
- 1:13:41तो मुझे तो जरूरत ही नहीं किसी चीज का।
- 1:13:44सही भी है वो। प्रैक्टिकल भी है ये।
- 1:13:46क्योंकि 40 प्लस नंबर आ रहा है तो किसी को
- 1:13:47विलियम शेक्सपियर तो बनना नहीं है। तो फिर
- 1:13:49क्यों पड़ेगा भाई वो इतने डिटेल में जाके?
- 1:13:51बात बिल्कुल सही है। लेकिन इसका बहुत
- 1:13:53अच्छा एग्जांपल था पिछले साल के सीजीएल
- 1:13:55में। पिछले साल के सीजीएल का जो क्लोज
- 1:13:57टेस्ट आया था। मैंने एनालाइज भी किया था।
- 1:13:59वीडियोस मिल जाएंगे आपको। काफी स्टैंडर्ड
- 1:14:01था। एज अ रिजल्ट ऑफ व्हिच वहां से वापस
- 1:14:03आने के बाद सब ने बोला पेपर बहुत टफ है।
- 1:14:05पेपर बहुत टफ है। पेपर बहुत टफ है।
- 1:14:06इंग्लिश का। एक्चुअली में पेपर का लेबल एट
- 1:14:09पार था। टफ नहीं था वो। जितना होना चाहिए
- 1:14:11उतना ही था। क्यों? क्योंकि थोड़ा सा
- 1:14:13कॉम्प्रिहेंशन टफ किया ना। तो लोगों को
- 1:14:16दिन में तारे दिखने लगी। प्रॉब्लम ये है
- 1:14:18कि यू आर टेकिंग द ईजी रूट। ये बात मैंने
- 1:14:20पहले भी बोली है। बहुत सारे लोग अग्री
- 1:14:21नहीं करेंगे। मुझे पता है लेकिन जो सच है
- 1:14:24मुझे बोलना पड़ेगा। इंग्लिश एक ऐसी चीज है
- 1:14:27जो कि आपको जो LIC का टैग है ना जीवन के
- 1:14:29साथ भी जीवन के बाद भी। तो इंग्लिश नौकरी
- 1:14:31के साथ भी नौकरी के बाद भी है। आप जब
- 1:14:34ऑफिसिसेस में काम करते हो दोस्त तो पूरा
- 1:14:35का पूरा काम इंग्लिश में होता है। तो जो
- 1:14:37इस भ्रम में जी रहे हैं ना जो इस फूल
- 1:14:39पैराडाइज में जी रहे हैं कि मेरा 40 नंबर
- 1:14:41आ गया रट्टा मार के कि अरे वही तो पूछने
- 1:14:43वाला है कि ही के साथ वी5 होगा और दे के
- 1:14:46साथ वी1 होगा। बिल्कुल आप हो सकता है कि
- 1:14:48फिर फिर से पेपर ईजी पूछे और आप क्वालीफाई
- 1:14:51कर जाओ। पर आप यकीन नहीं जानोगे कितने ऐसे
- 1:14:53लोग हैं जो दिन भर में मेरे पास आते हैं
- 1:14:55ये चेक कराने के लिए कि सर देखिए ये वाला
- 1:14:56लिखे ये सही है क्या? एक लेटर नहीं लिख
- 1:14:59पाते लोग। ऐसे कितने सारे लोग मेरे पास
- 1:15:01आते हैं दिन भर। तो थोड़ा सा थोड़ा सा दूर
- 1:15:04का सोचना। जो बच्चे इस बात से सेटिस्फाइड
- 1:15:07हैं कि 40 नंबर रट्टा मार के आ जा रहा है
- 1:15:09तो इंग्लिश आसान है। अपने भ्रम से निकलना।
- 1:15:11क्योंकि यहां से जब तुम जॉब में जाओगे ना
- 1:15:13तो तुमको बड़े-बड़े सुप्रीम कोर्ट के
- 1:15:14ऑर्डर्स पढ़ने पड़ते हैं। ठीक है? अगर
- 1:15:16आपको मेरी बात अगर ऐसी लग रही है कि मैं
- 1:15:19डराने के लिए बोल रहा हूं तो जो आपके
- 1:15:20सीनियर भैया दीदी होंगे जिनका जॉब हो गया
- 1:15:22उनसे जरा पूछना कि दिन भर में कितनी बार
- 1:15:24उनको चैट जीपीटी खोलना पड़ता है चार लाइन
- 1:15:26लिखने के लिए एक बार पूछना मैं बस ये
- 1:15:28समझाने की कोशिश कर रहा हूं कि जो लोग
- 1:15:30रीडिंग को अंडरमाइन कर रहे हैं या जो लोग
- 1:15:32रीडिंग की वैल्यू नहीं समझ रहे बहुत बड़ी
- 1:15:34गलती कर रहे हो आपको अभी ये इस बात की
- 1:15:36ग्रेविटी नहीं समझ में आएगी आपको इसकी
- 1:15:38ग्रेविटी समझ में आएगी जब आप जॉब में चले
- 1:15:40जाओ कि आपने कितना ब्लेंडर किया था कि जब
- 1:15:42आपके पास इंप्रूव करने का वक्त आप इंप्रूव
- 1:15:44नहीं कर रहे थे और जो बच्चे जेन्युइनली
- 1:15:45इंप्रूव करना चाहते हैं। जितना ज्यादा हो
- 1:15:48सके रीडिंग करिए। आप ग्रामर को इग्नोर कर
- 1:15:50लीजिए। कोई बड़ी बात नहीं है। वोकैब को और
- 1:15:53कॉम्प्रिहेंशन को गलती से भी इग्नोर करने
- 1:15:55की कोशिश मत करिएगा। वोकैब गेम चेंजर होगा
- 1:15:57एग्जाम में। टफ पूछा तो हालत खराब हो
- 1:15:59जाएगी आपके सिनोनिम एंटोनिम वन वर्ड में
- 1:16:01और कॉम्प्रिहेंशन तो किंग है पूरे के पूरे
- 1:16:04लाइफ सिर्फ इंग्लिश में नहीं पूरे के पूरे
- 1:16:06लाइफ में। इसलिए उसको इग्नोर मत कीजिएगा।
- 1:16:07चलिए बहुत ज्ञान हो गया। आते हैं सेकंड
- 1:16:09वाले पैसेज पे। लिखा है कि वेदर यू आर
- 1:16:11रिटर्निंग फ्रॉम एन ओवर एंबिशियस ट्रिप टू
- 1:16:13द सुपर मार्केट और डैश परचेजेस फ्रॉम योर
- 1:16:16लोकल फार्मर्स मार्केट। लिखा है कि अगर आप
- 1:16:19रिटर्न हो रहे हैं एक बहुत ही ओवर
- 1:16:21एंबिशियस ट्रिप से। ओवर एंबिशियस का मतलब
- 1:16:23क्या होता है? जिस चीज को आपने बहुत ओवर
- 1:16:25रेट किया। ठीक है? कुछ ज्यादा ही उम्मीदें
- 1:16:27बना ली। तो क्या लिखा है कि वेदर यू आर
- 1:16:30रिटर्निंग फ्रॉम एन ओवर एंबिशियस ट्रिप टू
- 1:16:32द सुपर मार्केट और डैश परचेस फ्रॉम द लोकल
- 1:16:35फार्मर्स मार्केट। लिखा है कि अगर आप एक
- 1:16:37ऐसे ट्रिप से आ रहे हैं सुपर मार्केट में
- 1:16:39जिस जिसमें जितना आपने एक्सपेक्ट किया था
- 1:16:41आपने उससे ज्यादा चीजें खरीद ली। ओवर
- 1:16:43एंबिशियस मतलब होता है आपने उससे ज्यादा
- 1:16:45चीजें खरीद ली या फिर आप जितना सोच कर गए
- 1:16:47थे उससे कहीं ज्यादा खरीदारी आपने कर ली।
- 1:16:50ठीक है? तो उसी के लिए यहां पे ओवर
- 1:16:51एंबिशियस ट्रिप बोला जा रहा है कि जब आप
- 1:16:53पैसे ओवर ए्बिशियस ट्रिप से रिटर्न आते
- 1:16:55हैं सुपर मार्केट में या फिर आप परचेस
- 1:16:57करते हैं लोकल फार्मर मार्केट से स्टोरिंग
- 1:17:00सीजनल वेजिटेबल्स कैन बी क्वाइट डैश
- 1:17:02चैलेंज। जो सीजनल वेजिटेबल्स हैं उनको डश
- 1:17:06करना उनको रखना स्टोर करना एक डश चैलेंज
- 1:17:10हो सकता है। तो क्या बोला जा रहा है कि जब
- 1:17:12आपने जरूरत से ज्यादा सामान खरीद लिया है
- 1:17:14या फिर लोकल मार्केट्स में जब आपने ज्यादा
- 1:17:16से ज्यादा खरीदारी कर ली है तो सीजनल
- 1:17:18वेजिटेबल जो आप लेकर आए हैं जो सब्जियां
- 1:17:20आप लेकर आए हैं उनको रखना एक चैलेंज हो
- 1:17:22सकता है। इस यहां तक का ये मतलब है।
- 1:17:25फाइंडिंग स्पेस इन द रेफ्रिजरेटर फॉर योर
- 1:17:27ग्रीन वेजिटेबल्स कैन बी डैश वरीसम। लिखा
- 1:17:30है कि रेफ्रिजरेटर में जगह ढूंढना जहां पर
- 1:17:32आप हरी सब्जियां रख पाओ। यह एक चिंता का
- 1:17:34विषय है। एट द सेम टाइम यू सफर फ्रॉम
- 1:17:37गिल्ट पैंक्स फॉर डैश ओवरबोट इन द
- 1:17:39मार्केट। लिखा हुआ है उसी वक्त पे आपको एक
- 1:17:42गिल्ट पैंक्स भी होंगे। पैंक्स का मतलब
- 1:17:44क्या होता है? एक फीलिंग। अ सडन शार्प
- 1:17:46फीलिंग। नहीं पता तो लिख लेना। अ सडन
- 1:17:50शार्प
- 1:17:52फीलिंग। अचानक से आया हुआ कोई बहुत ही जोर
- 1:17:55की फीलिंग। उसको सडन शार्प फीलिंग कहा
- 1:17:57जाता है। उसको पैंक्स कहते हैं। जैसे बहुत
- 1:17:59सारे लोगों को हंगर पैंक्स होते हैं।
- 1:18:01व्हिच मींस बहुत जल्द बहुत अचानक से तेजी
- 1:18:03से भूख लग जाती है। उसको हंगर पैंक्स कहा
- 1:18:06जाता है। तो क्या लिखा हुआ है? उसी वक्त
- 1:18:07पे आपको गिल्ट पैंक्स भी होते हैं जब आप
- 1:18:10ओवरबोर्ड कर लेते हो मार्केट में। ठीक है?
- 1:18:13ओवरबोर्ड करने का मतलब ये होता है कि फिर
- 1:18:15से वही बात है कि जितनी आपने उम्मीद करी
- 1:18:17थी आप उससे ज्यादा खरीदारी कर कर आ गए।
- 1:18:18ओवरबोर्ड चले गए आप। वेल यू कैन स्टोर देम
- 1:18:22डैश बाय सिंपली चिलिंग देम रॉ और कुक एंड
- 1:18:25फ्रीजिंग देम। लिखा हुआ है कि आप उस चीज
- 1:18:28को रख सकते हैं। कैसे रख सकते हैं? आप
- 1:18:30उनको आराम तरीके से पहले ठंडा कर लें। या
- 1:18:33तो आप बनाकर ठंडा कर लें या तो फिर आप
- 1:18:35सूखे में ठंडा कर लें और उसके बाद उसको
- 1:18:37फ्रिज में रख दें। तो बेसिकली ये कहीं से
- 1:18:40भी उठाया गया है। एक डोमेस्टिक किस्म का
- 1:18:42ये एक पैसेज है। जहां पे ये बात की जा रही
- 1:18:45है कि अगर आपने ज्यादा सामान खरीद लिया तो
- 1:18:47आप उसको कैसे स्टोर करेंगे? अगर आप मुझसे
- 1:18:48पूछोगे इसका टोन क्या है? तो टोन नेगेटिव
- 1:18:50है। आपको दिख रहा होगा यहां पे बार-बार ये
- 1:18:52वरी वाला
- 1:18:54सेंस बन रहा है कि चिंता की जा रही है और
- 1:18:56लास्ट में फिर एक सशन भी बताया जा रहा है।
- 1:18:58ठीक है? आइए कांटेक्ट समझ में आ गया हो तो
- 1:19:01एक-एक करके हम फिल अप करना स्टार्ट करते
- 1:19:02हैं। लिखा है कि वेदर यू आर रिटर्निंग
- 1:19:04फ्रॉम एन ओवर एंबिशियस ट्रिप टू द टू द
- 1:19:06मार्केट। अगर आप ओवर एंबिशियस ट्रिप से
- 1:19:08रिटर्न आ रहे हैं मार्केट में टू द सुपर
- 1:19:11मार्केट और डैश परचेजेस फ्रॉम द लोकल
- 1:19:14फार्मर्स मार्केट। लिखा है कि अगर आप
- 1:19:16रिटर्न आ रहे हैं किसी ओवर एंबिशियस ट्रिप
- 1:19:18से सुपर मार्केट में या फिर आप डैश परचेस
- 1:19:21करके आ रहे हैं लोकल फार्मर्स मार्केट में
- 1:19:24क्या परचेस कर कर आ रहे हैं कंटेक्स्ट
- 1:19:25क्या है पहले समझना कॉन्टेक्स्ट ये है कि
- 1:19:27या तो आप मॉल गए आपने ज्यादा सामान खरीद
- 1:19:29लिया जरूरत से ज्यादा या फिर आप लोकल
- 1:19:31मार्केट में गए और आपने डैश परचेस किए
- 1:19:33वहां पे क्या परचेस किए लिखा है कि और
- 1:19:36ऑर्गेनाइजिंग परचेस फ्रॉम द लोकल मार्केट
- 1:19:38लिखा हुआ है कि आपने जो है वो लोकल
- 1:19:40मार्केट में परचेस ऑर्गेनाइज किया परचेस
- 1:19:42ऑर्गेनाइज करने का मतलब है सामान खरीद के
- 1:19:44लेके आए
- 1:19:45लिखा है कि या तो आप ज्यादा सामान खरीद के
- 1:19:47लेके आओ या फिर आप परचेजेस मिस कर जाओ
- 1:19:49लोकल फार्मर मार्केट में। अच्छा मिस वर्ड
- 1:19:51यहां पर फिट आएगा क्या? क्योंकि आगे लिखा
- 1:19:53हुआ था कि स्टोरिंग सीजनल वेजिटेबल्स। तो
- 1:19:55मीनिंग तो यही समझ में आ रहा है कि या तो
- 1:19:56आपने सुपर मार्केट से ज्यादा सामान खरीद
- 1:19:58लिया या तो आपने लोकल फार्मर के पास से
- 1:20:00ज्यादा ज्यादा सामान खरीद लिया। तो यहां
- 1:20:03जब सामान खरीदा है तो फिर मिसिंग कैसे
- 1:20:04होगा? परचेस तो कर ली गई है ना। तो ये तो
- 1:20:07नहीं हो सकता। अगला लिखा हुआ है
- 1:20:08अट्रैक्टिंग परचेस फ्रॉम द लोकल मार्केट।
- 1:20:11लोकल मार्केट के परचेज को आप अट्रैक्ट
- 1:20:13कैसे करोगे? यहां पे जो भी वर्ड फिल अप
- 1:20:15होने वाला है वो परचेजेस के लिए आने वाला
- 1:20:16है। तो आप ये समझो कि परचेजेस को अट्रैक्ट
- 1:20:19किया जा सकता है क्या? नहीं। परचेजेस को
- 1:20:21क्रिएट किया जा सकता है। क्या नहीं? एक ही
- 1:20:24वर्ड फिट वर्ड रहा है। कौन सा?
- 1:20:25ऑर्गेनाइजिंग परचेजेस। हालांकि ये भी बहुत
- 1:20:27ज्यादा कॉन्टेक्स्ट में सही नहीं है। पर
- 1:20:29चार में से एक हमें फिल अप करना था तो पर
- 1:20:31ऑर्गेनाइजिंग सबसे नजदीक लग रहा है। ठीक
- 1:20:33है? आगे क्या लिखा हुआ है? स्टोरिंग सीजनल
- 1:20:35वेजिटेबल्स कैन बी क्वाइट डैश चैलेंज। सो
- 1:20:37जो सीजनल वेजिटेबल्स हैं उनको स्टोर करना
- 1:20:41एक चैलेंज हो सकता है। तो एक चैलेंज हो
- 1:20:44सकता है। इसे हम क्या बोलेंगे? क्वाइट अ
- 1:20:45चैलेंज। क्वाइट टू चैलेंज। ये तो नहीं हो
- 1:20:47सकता क्योंकि क्वाइट एक एडवर्ब है। ठीक
- 1:20:49है? जो यहां पे एक फ्रेज़ बना रहा है। ठीक
- 1:20:51है? एडजेक्टिव भी होता है, एडवर्ब भी होता
- 1:20:53है जो कि चैलेंज के लिए आया है। इसका मतलब
- 1:20:56बीच में हम प्रपजीिशन तो नहीं डाल सकते।
- 1:20:58फिर हमें बताना पड़ेगा क्वाइट किसके लिए आ
- 1:20:59रहा है। तो प्रेपजीशन तो नहीं होगा।
- 1:21:01प्रपजीिशन नहीं होगा तो सी भी नहीं होगा।
- 1:21:02ये भी ऑफ लिखा हुआ था। हम क्वाइट ऑफ
- 1:21:04चैलेंज तो नहीं बोल सकते। क्वाइट टू
- 1:21:06चैलेंज तो नहीं बोल सकते है ना? अब यहां
- 1:21:08पे बचा या तो द या तो अ तो आपको पता होगा
- 1:21:10ये एक फ्रेज़ होता है क्वाइट अ चैलेंज
- 1:21:15जिसका मतलब होता है कोई चीज जो कि अच्छी
- 1:21:17खासी चैलेंजिंग है उसे क्वाइट अ चैलेंज
- 1:21:20कहते हैं। ठीक है? फॉर एग्जांपल इट्स इट्स
- 1:21:22क्वाइट अ चैलेंज टू विन वर्ल्ड कप। ये
- 1:21:23क्वाइट एक चैलेंज है कि आप एक वर्ल्ड कप
- 1:21:25जीतो। तो ये एक फ्रेज़ होता है क्वाइट अ
- 1:21:27चैलेंज। तो आंसर कौन सा होगा? आंसर होगा
- 1:21:28ऑप्शन नंबर ए क्वाइट अ चैलेंज। क्लियर है?
- 1:21:31फाइंडिंग स्पेस इन द रेफ्रिजरेटर फॉर योर
- 1:21:33ग्रीन वेजिटेबल्स कैन बी डैश वरिसम। लिखा
- 1:21:35है कि रेफ्रिजरेटर जो है वहां पे स्पेस
- 1:21:38ढूंढना जो है आपके ग्रीन वेजिटेबल्स रखने
- 1:21:40के लिए ये डैश वरिसम हो सकता है। वरिसम का
- 1:21:43मतलब होता है परेशान करने वाला। ये एक
- 1:21:45एडजेक्टिव है। ठीक है? तो इसको जो
- 1:21:46क्वालीफाई करने के लिए आएगा वो एक एडवर्ब
- 1:21:48होना चाहिए। क्या हुआ है समझना। हुआ ये है
- 1:21:50कि कैन एक मॉडल है। बी उसके लिए बेस फॉर्म
- 1:21:53का इस्तेमाल हो रहा है। ठीक है? बी आ रहा
- 1:21:54है। मतलब अवस्था बताया जा रहा है। लिंक
- 1:21:55किया जा रहा है। तो कहा जा रहा है कि
- 1:21:57ग्रीन वेजिटेबल्स जो है वो परेशान करने
- 1:21:58वाले हो सकते हैं। तो वरिसम के पहले येकि
- 1:22:01एडजेक्टिव था। इसके पहले हमें कोई एडवर्ब
- 1:22:02चाहिए था। आइए हाउ मच? ये तो सवाल पूछने
- 1:22:05के लिए इस्तेमाल किया जाता है। टू मच टू
- 1:22:08मच वरीसम नहीं होता। क्यों नहीं होता? लिख
- 1:22:11दे रहा हूं नीचे। नहीं पता है तो नोट कर
- 1:22:13लेना। बाकी जो पेड बैच के स्टूडेंट्स हैं
- 1:22:14आपको कम से कम मैं पांच बार पढ़ा चुका
- 1:22:16हूं। ये टू मच
- 1:22:19नाउन के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
- 1:22:22एडजेक्टिव के लिए मच टू इस्तेमाल किया
- 1:22:24जाता है। यह बात अगर नहीं पता है तो नोट
- 1:22:26कर लेना। लिखने की जगह कम है इसलिए नीचे
- 1:22:28छोटा-छोटा लिखा है। टू मच का इस्तेमाल
- 1:22:30नाउन के लिए करते हैं। फॉर एग्जांपल टू मच
- 1:22:32पेन। मच टू का इस्तेमाल एडजेक्टिव के लिए
- 1:22:34करते हैं। फॉर एग्जांपल मच टू पेनफुल। हम
- 1:22:37यहां पे टू मच लगाएंगे तो इसका नाउन होना
- 1:22:39जरूरी है। आप सबको पता है वरिसम एडजेक्टिव
- 1:22:40होता है। बार-बार मैं बोल रहा हूं। तो
- 1:22:42इसका मतलब यहां पे टू मच तो नहीं हो सकता।
- 1:22:44राइट? हमें यहां पे एक एडवर्ब चाहिए। मेनी
- 1:22:47एडजेक्टिव होता है। ऊपर से काउंटेबल चीजों
- 1:22:49के लिए आ रहा है। यहां कौन सा नाउन है
- 1:22:51जिसको हम काउंटेबल अनकाउंटेबल बोलेंगे। तो
- 1:22:52यह भी नहीं हो सकता। फिर एक ही बच रहा है
- 1:22:54कौन सा? क्वाइट। अब अगर आप स्ट्रीट
- 1:22:56स्मार्ट हो और एग्जाम में अगर आप इतना
- 1:22:58दिमाग लगा पाए जो आपको लगाना चाहिए विद
- 1:23:00प्रैक्टिस हो जाएगी चीज़। तो आपने देखा
- 1:23:02होगा यहां पे भी एक चैलेंज की बात की गई
- 1:23:04थी। क्वाइट अ चैलेंज। यहां पे भी चैलेंज
- 1:23:05है वरिसम। तो क्वाइट लगा दो। आंसर क्या हो
- 1:23:07जाएगा? क्वाइट वरिसम के उनके लिए उन हरी
- 1:23:10सब्जियों के लिए रेफ्रिजरेटर में जगह
- 1:23:12ढूंढना एक चैलेंजिंग काम। एट द सेम टाइम
- 1:23:15यू सफर फ्रॉम गिल्ट पैंक्स फॉर डैश
- 1:23:16ओवरबोर्ड इन द मार्केट। लिखा हुआ है कि
- 1:23:18उसी वक्त पे आप आप जो है गिल्ट पैंक्स
- 1:23:21होते हैं आपको फॉर
- 1:23:23फॉर डैश ओवरबोर्ड अच्छा फॉर एक प्रपजीिशन
- 1:23:26है इसके बाद हमें इस प्रेपजीिशन का
- 1:23:29ऑब्जेक्ट चाहिए या तो यहां पे कोई नाउन
- 1:23:31होगा या तो अगर कोई वर्ब आया तो जेरेंट
- 1:23:34होना चाहिए। मैं क्या बोल रहा हूं समझना।
- 1:23:35मैं कह रहा हूं कि किसी भी सेंटेंस में हम
- 1:23:37जब प्रेपजीिशन का इस्तेमाल करते हैं, यह
- 1:23:39मैंने कितनी बार आपको समझाया है कि किसी
- 1:23:41भी सेंटेंस में हम जब किसी प्रपजीिशन का
- 1:23:43इस्तेमाल करते हैं, तो उस प्रपजीिशन को एक
- 1:23:44ऑब्जेक्ट लगता है। ये ऑब्जेक्ट या तो कोई
- 1:23:47नाउन होता है या तो कोई प्रोनाउन होता है।
- 1:23:49लेकिन अगर इसके बाद कोई वर्ब आ गया तो हम
- 1:23:51उसे आई एनजी में रखते हैं और जेरंड होता
- 1:23:52है। तो फॉर के बाद हमें कोई यहां पे आई एन
- 1:23:55जी वाला वर्ड चाहिए था या फिर नाउन या फिर
- 1:23:57प्रोनाउन। आइए फॉर हैविंग गॉन। ये तो ठीक
- 1:24:00लग रहा है। हैविंग इसके लिए जेरंड का काम
- 1:24:02करेगा। फॉर टू फॉर के साथ टू लगेगा और टू
- 1:24:05के बाद वी1 कहां से आता है यहां पे टू के
- 1:24:07बाद गोइंग कैसे आ रहा है गलत है फॉर इज
- 1:24:09प्रपजीिशन के बाद इज कैसे यूज़ करोगे फॉर
- 1:24:11हैड फॉर के बाद वर्ब कैसे यूज़ करोगे आंसर
- 1:24:13एक ही बच रहा है कौन सा फॉर हैविंग गॉन
- 1:24:16बोलो समझ पाए कि नहीं समझ पाए आगे वेल यू
- 1:24:18कैन स्टोर देम डैश बाय सिंपली चिलिंग देम
- 1:24:22देखो इस सवाल का जवाब ना इस वर्ड में छिपा
- 1:24:24हुआ है
- 1:24:26इस वर्ड में छिपा हुआ है किसमें सिंपली
- 1:24:28में हम जब यहां पे सिंपली लिख रहे हैं तो
- 1:24:31इसका मतलब हम किसी ऐसे प्रोसेस के बारे
- 1:24:32में बात कर रहे हैं जो बहुत आसान है। तभी
- 1:24:34हम उसमें सिंपली लिख रहे हैं। लिखा है कि
- 1:24:36वेल यू कैन स्टोर देम डैश यू कैन स्टोर
- 1:24:39देम इवनली। आप उसको बराबर तरीके से स्टोर
- 1:24:42कर सकते हो। बराबर तरीके से मतलब सेंस
- 1:24:44नहीं है। यू कैन स्टोर देम ईजीली। अगर
- 1:24:47यहां पर ईजीली लिखा आएगा तभी तो आगे
- 1:24:49सिंपली लिखा हुआ है ना कि हम उसे बहुत कभी
- 1:24:51ऐसा बोला है आपने कि आप उस वो काम को बहुत
- 1:24:53मुश्किल से करोगे बहुत आसानी से। ये क्या
- 1:24:56होता है? बहुत मुश्किल से करोगे बहुत
- 1:24:57आसानी से। ऐसा तो नहीं हो सकता। अगर आप
- 1:24:59यहां पे कोई ऐसा वर्ड लिख रहे हैं जो
- 1:25:01आसानी शो कर रहा है तो यहां पे भी कोई ऐसा
- 1:25:02वर्ड होना चाहिए जो आसानी शो करे। समझ रहे
- 1:25:04हो मैं क्या बोल रहा हूं? तो क्या लिखा
- 1:25:05हुआ है कि वेल यू कैन स्टोर देम ईजीली बाय
- 1:25:08सिंपली चिलिंग चिलिंग देम। आप उसे बहुत
- 1:25:09आसानी से स्टोर कर सकते हो। आप सिर्फ क्या
- 1:25:12करो? सिंपली उसको चिल करो। हो सकता है। यू
- 1:25:14कैन स्टोर देम रियली। आप सचमुच में ऐसा कर
- 1:25:16सकते हो। सचमुच में मतलब कल्पना है क्या
- 1:25:18कोई? स्टोर करने की तो बात हो रही है।
- 1:25:20रियली तो कॉन्टेक्स्ट में नहीं आएगा। यू
- 1:25:21कैन स्टोर देम हर्टली। आप पूरे दिल से
- 1:25:23उसको स्टोर कर सकते हो। सिंपली चिल करके।
- 1:25:25कोई सेंस नहीं है। आंसर क्या होगा? ऑप्शन
- 1:25:26नंबर बी। यू कैन ईजीली स्टोर देम। आप उसे
- 1:25:30बहुत आसानी से स्टोर कर सकते हो। सिंपली
- 1:25:31चिल करके भी। क्लियर है? आगे बढ़ेंगे। अगला
- 1:25:34पैसेज देखो। मैं अस्यूम करके चलता हूं कि
- 1:25:37आपने पढ़ लिया है, सॉल्व कर लिया। मैं
- 1:25:39एक्सप्लेनेशन बता रहा हूं। लिखा है कि
- 1:25:411938 1938 में द फेमस एक्टर ऑर्सोन वेलेस
- 1:25:44टेरिफाइड न्यूयॉर्क। 1938 में एक फेमस
- 1:25:47एक्टर थे ऑर्सोन वेलेस जिन्होंने
- 1:25:48न्यूयॉर्क को डरा दिया था।
- 1:25:51डैश रेडियो प्ले अबाउट एन इन्वज़न ऑफ द
- 1:25:54सिटी बाय मार्शंस साउंडेड टोटली रियल।
- 1:25:56लिखा हुआ है कि कि उन्होंने एक रेडियो
- 1:25:58प्ले किया था जो कि ये था कि जो मार्शियंस
- 1:26:02है ना मार्शियंस मतलब जो मार्स प्लनेट के
- 1:26:04निवासी हैं जिनको हम एलियंस कहते हैं
- 1:26:06उन्होंने हमारे शहरों को इनवेड कर दिया
- 1:26:08है। इनवेड का मतलब होता है किसी के ऊपर
- 1:26:09अटैक करना। तो उन्होंने हमारे शहर को अटैक
- 1:26:12कर दिया है। ठीक है? जैसे अवेंजर्स वगैरह
- 1:26:14में जो दिखाते हैं। इट साउंडेड सो रियल
- 1:26:17दैट मेनी पीपल डैश दैट इट वाज़ एन एक्चुअल
- 1:26:20न्यूज़ रिपोर्ट। यह इतना रियल साउंड कर
- 1:26:22रहा था कि बहुत सारे लोगों को डैश हुआ कि
- 1:26:25यह एक एक्चुअल न्यूज़ रिपोर्ट है।
- 1:26:27थाउजेंड्स ऑफ पीपल डैश एंड देयर वाज़ केओस
- 1:26:30एंड डिसऑर्डर इन द स्ट्रीट्स ऑफ द सिटी
- 1:26:33फॉर सेवरल आवर्स। लिखा हुआ है कि बहुत
- 1:26:35हजारों लोग ऐसे थे जो डैश हो गए और
- 1:26:37बिल्कुल केओस था। केओस का मतलब होता है
- 1:26:39बर्बादी होना। बिल्कुल हलचल होना। ठीक है?
- 1:26:42तो बहुत अस्त-व्यस्तता थी। बहुत डिसऑर्डर
- 1:26:45था। है ना? बहुत पेंडेमोनियम था स्ट्रीट्स
- 1:26:47में रास्ते में। कुछ घंटों तक टुडे हाउएवर
- 1:26:51वी नो दैट देयर आरंट एनी लिटिल ग्रीन मैन
- 1:26:54ऑन द डैश नियरेस्ट अर्थ लिखा हुआ है।
- 1:26:57लेकिन आज भी हमें ये पता है कि कोई ग्रीन
- 1:27:00लिटिल मैन मतलब एलियन को बोला जा रहा है
- 1:27:02कि छोटे-छोटे एलियन हरे कलर के थे। तो वो
- 1:27:04हमारे नियरेस्ट अर्थ के नियरेस्ट डैश में
- 1:27:06भी नहीं है। देयर वाज़ गोइंग टू बी अ
- 1:27:10मार्शियन इन्वज़न
- 1:27:12ओनली दिस टाइम। इट वाज़ गोइंग टू बी इन द
- 1:27:14डैश डायरेक्शन। लिखा हुआ है कि लेकिन यह
- 1:27:16बात बिल्कुल ठीक है कि मार्स के ऊपर अटैक
- 1:27:19होने वाला है। लेकिन अब यह बिल्कुल डैश
- 1:27:22डायरेक्शन में है। आइए तो हमने पूरे पैसेज
- 1:27:26को पढ़ के क्या समझा कि यहां बात हो रही
- 1:27:28है एक बार की घटना की जिसमें ऑर्सनोन
- 1:27:30वेलेस नाम के एक व्यक्ति थे। वो व्यक्ति
- 1:27:33उन्होंने एक प्ले किया था रेडियो में
- 1:27:34जिसकी वजह से सब डर गए। उन्होंने शायद ये
- 1:27:36कहा होगा कि मार्स का इन्वेजन होने वाला
- 1:27:38है और हजारों लोग जो है रास्ते पर उतर गए
- 1:27:40थे डर के साथ। ठीक है? आगे कहा जा रहा है
- 1:27:42कि लेकिन अब ऐसा नहीं है। हां ऐसा है कि
- 1:27:45मार्शियन इन्वज़न होगा लेकिन वो डैश
- 1:27:47डायरेक्शन में होगा। तो ओवरऑल टोन अगर
- 1:27:49देखोगे तो नेगेटिव टोन है पूरे के पूरे
- 1:27:51पैसेज का। एक और बात ध्यान रखना कि
- 1:27:53सेंटेंस का जो टोन सेंटेंस का जो टेंस है
- 1:27:55पूरे का पूरा वो टाइमलाइन पास्ट की है। इस
- 1:27:57बात का भी आप ध्यान रखेंगे। देखना हर जगह
- 1:27:59पे वाज़ का इस्तेमाल किया गया था। ठीक है?
- 1:28:01आइए इतनी बातें अगर हमने फिगर आउट कर ली
- 1:28:04है तो एक-एक करके हम फिल अप करेंगे। लिखा
- 1:28:06है इन 1938 द फेमस एक्टर ऑर्सोन वेलेस।
- 1:28:081938 में फेमस एक्टर जो थे नाम था ओसोन
- 1:28:10वेलेस टेरिफाइड न्यूयॉर्क उन्होंने
- 1:28:12न्यूयॉर्क को डरा दिया डैश रेडियो प्ले
- 1:28:14अबाउट एन इन्वज़न ऑफ़ द सिटी बाय मार्शियल्स
- 1:28:17टोटली साउंडेड रियल आवर रेडियो मैं
- 1:28:19इनवॉल्व था क्या उसमें ये 1938 की बात है
- 1:28:22मेरी पैदाइश भी नहीं थी तब की मेरे फादर
- 1:28:24साहब भी शायद तब तक पैदा नहीं हुए थे तो
- 1:28:26यहां आवर हो सकता है क्या आवर रेडियो प्ले
- 1:28:28नहीं मैं इनवॉल्व नहीं हूं देयर रेडियो
- 1:28:30प्ले किसके रेडियो प्ले की बात हो रही है
- 1:28:32किस व्यक्ति की बात की गई थी ऑर्सोनवेलस
- 1:28:34की बात की गई थी ऑर्सनवेलस तो एक ही आदमी
- 1:28:36होगा ना तो फिर देयर कैसे यूज़ करेंगे
- 1:28:38अच्छा फेमस एक्टर लिखा हुआ था। एक्ट्रेस
- 1:28:40नहीं महिला जो एक्टर होती हैं उनको
- 1:28:43एक्ट्रेस कहा जाता है। यहां एक्टर कहा जा
- 1:28:45रहा है। जो पुरुष है। पुरुष है तो हर भी
- 1:28:46नहीं होगा। आंसर क्या होगा? फिर इज क्लियर
- 1:28:48है? तो लिखा है कि उनका जो रेडियो प्ले था
- 1:28:51उसने लोगों को डरा दिया। इट साउंडेड सो
- 1:28:53रियल दैट मेनी पीपल डैश दैट इट वाज़ एन
- 1:28:56एक्चुअल न्यूज़ रिपोर्ट। कॉन्टेक्स्ट के
- 1:28:57लिए इस लाइन को याद रखना कि बहुत सारे
- 1:29:00लोगों को ऐसा लगा कि वो एक्चुअल न्यूज़
- 1:29:01रिपोर्ट है। ये इतना रियल साउंड कर रहा
- 1:29:03था। ठीक है? तो क्या लिखा है? इट साउंड इड
- 1:29:05सो रियल दैट मेनी पीपल रिफ्यूटेड। रिफ्यूट
- 1:29:07मतलब होता है किसी भी चीज को गलत प्रूफ
- 1:29:10करना। तो यहां पे क्या ये कॉन्टेक्स्ट सही
- 1:29:12आएगा कि ये इतना सच था कि लोगों ने उसको
- 1:29:15गलत प्रूफ कर दिया कि ये सही न्यूज़ है।
- 1:29:16नहीं कॉन्टेक्स्ट तो नहीं आ रहा। लोगों ने
- 1:29:18बिलीव कर लिया। क्योंकि अगले लाइन में
- 1:29:19हमने देखा था कि केओस मच गया था। बिल्कुल
- 1:29:21डिसऑर्डर मच गया था। मतलब लोगों ने भरोसा
- 1:29:23किया होगा। तो लिखा हुआ है कि इट साउंडेड
- 1:29:24सो रियल दैट मेनी पीपल बिलीव्ड दैट इट वाज़
- 1:29:27एन एक्चुअल न्यूज़। हो सकता है डिसबिलीव्ड
- 1:29:29नहीं मानना। ये तो सेंस नहीं बनेगा।
- 1:29:31एडमिटेड गलती मानना सेंस नहीं बनेगा। आंसर
- 1:29:33क्या होगा? ऑप्शन नंबर बी कि ये इतना रियल
- 1:29:35था कि बहुत सारे लोगों ने ये बिलीव कर
- 1:29:37लिया कि ये एक्चुअल न्यूज़ रिपोर्ट है। और
- 1:29:39उसके बाद क्या हुआ कि थाउजेंड्स ऑफ पीपल
- 1:29:42डैश बहुत सारे लोग डैश हुए और उसकी वजह से
- 1:29:45केओस और डिसऑर्डर मच गया। सोचो एक बार के
- 1:29:48ब्लैंक भरने से पहले सोचना केओस और
- 1:29:50डिसऑर्डर कब कब होगा? इसके पहले वाले लाइन
- 1:29:52में हमने पढ़ा है कि लोगों ने बिलीव कर
- 1:29:54लिया इसको एक्चुअल न्यूज़ रिपोर्ट में।
- 1:29:55ठीक है? तो अब क्या होगा? अब लोग परेशान
- 1:29:57हो जाएंगे। तो यहां परेशान होने जैसा कोई
- 1:29:59वर्ड होना चाहिए था कि हजारों लोग परेशान
- 1:30:00हो गए और केओस और डिसऑर्डर मच गया। तो
- 1:30:02लिखा है कि थाउजेंड्स ऑफ पीपल शाउटेड।
- 1:30:04हजारों लोगों ने चिल्लाया। चिल्लाने से
- 1:30:06केओस मचेगा यार। केओस और डिसऑर्डर क्या
- 1:30:08होता है? अस्तव्यवस्था कब होगा? जब लोग
- 1:30:09बिल्कुल इधर-उधर भागने लगेंगे। तो शाउटेड
- 1:30:11तो सही वर्ड नहीं है। थाउजेंड्स ऑफ पीपल
- 1:30:14स्टॉप्ड। हजारों लोग रुक गए। कहां रुक गए?
- 1:30:16कॉन्टेक्स्ट तो सही नहीं लग रहा इसका कि
- 1:30:18रुक गए।
- 1:30:20थाउजेंड्स पीपल पैनिकिक। लिखा हुआ है
- 1:30:22हजारों लोग पैनिकिक कर गए। ये सही लग रहा
- 1:30:24है। क्योंकि लोग जब पैनिकिक करते हैं तो
- 1:30:26केओस मचता है। भगदड़ मच जाती है। ये ठीक
- 1:30:28लग रहा है। थाउजेंड्स ऑफ पीपल जंप। वो
- 1:30:30जहां भी था वहां कूद पड़े। क्वेश्चंस है
- 1:30:32आंसर क्या होगा? ऑप्शन नंबर सी कि
- 1:30:34थाउजेंड्स ऑफ़ पीपल पैनिक्ड। हजारों लोग जो
- 1:30:36थे वो पैनिकिक कर गए। ठीक है? और वहां
- 1:30:38केओस और डिसऑर्डर मच गया। टुडे हाउएवर वी
- 1:30:41नो दैट देयर आरंट एनी लिटिल ग्रीन मैन ऑन
- 1:30:44द डैश नियरेस्ट अर्थ। लेकिन आज हमें पता
- 1:30:47है कि कोई लिटिल ग्रीन मैन नहीं है जो कि
- 1:30:49अर्थ के नियरेस्ट डैश में है। लिखा है कि
- 1:30:52टुडे हाउएवर वी नो दैट देयर आरंट एनी
- 1:30:54लिटिल ग्रीन मैन ऑन द डैश नियरेस्ट अर्थ।
- 1:30:56ध्यान देना इस बात को। नियरेस्ट अर्थ कहा
- 1:30:59जा रहा है कि वो लोग पृथ्वी के नियरेस्ट
- 1:31:01डैश पे अब हमें पता है कि कोई एलियन नहीं
- 1:31:03बचा। ठीक है? नियरेस्ट गैलेक्सी अर्थ तो
- 1:31:06गैलेक्सी का पार्ट है। तो नियरेस्ट
- 1:31:08गैलेक्सी क्या होगा? नियरेस्ट सिस्टम,
- 1:31:11नियरेस्ट प्लनेट, नियरेस्ट स्पेस। फिर से
- 1:31:14वही बात है। पहले पढ़ लेते हो तो देखो
- 1:31:16कितना फायदा होता है। आपने जब पहले पढ़ाया
- 1:31:18था आपको कॉन्टेक्स्ट पता है कि हम मार्स
- 1:31:19के इन्वज़न की बात कर रहे थे। यहां पे भी
- 1:31:21एक जगह पे लिखा होता है मार्शियन इन्वज़न।
- 1:31:24तो आपको एक कांटेक्ट मिल रहा है कि हम
- 1:31:25मार्स के इन्वज़्म की बात कर रहे हैं।
- 1:31:27क्योंकि हम मार्स के इन्वज़्म की बात कर
- 1:31:28रहे हैं। इसका सीधा-सीधा मतलब यह है कि हम
- 1:31:30किसी प्लनेट की बात कर रहे हैं। तो क्या
- 1:31:32कहा जा रहा है कि आज कोई लिटिल ग्रीन मैन
- 1:31:34नहीं आने वाला कोई बगल वाले प्लनेट से।
- 1:31:36इसका मतलब यहां प्लनेट की बात हो रही थी।
- 1:31:38आंसर कौन सा होगा? ऑप्शन नंबर सी। समझ पा
- 1:31:40रहे हो? कॉन्टेक्स्ट कितना इंपॉर्टेंट है।
- 1:31:42क्यों मैं कह रहा हूं कि इस तरीके से
- 1:31:43बनाओगे तो गलत नहीं होगा कभी। आगे देयर
- 1:31:46वाज़ गोइंग टू बी अ मार्शियन इन्वेज़। एक
- 1:31:48मार्शियन इन्वज़न होने वाला था। ओनली दिस
- 1:31:50टाइम। इट वाज़ गोइंग टू बी इन द डैश
- 1:31:52डायरेक्शन। एक मार्श इन्वज़न होने वाला था।
- 1:31:54लेकिन इस बार जो मार्शल इन्वेज़न होने वाला
- 1:31:56था वो डैश डायरेक्शन में था। वो डिफरेंट
- 1:31:59डायरेक्शन में था। कहने का मतलब है कि
- 1:32:00मार्स जो है वो अब कहीं और अटैक करने वाला
- 1:32:03है। डिफिकल्ट डायरेक्शन में था। डायरेक्शन
- 1:32:05डिफिकल्ट नहीं हो सकता। जर्नी डिफिकल्ट हो
- 1:32:07सकती है। ये वर्ड का सेम सेंस नहीं बन
- 1:32:09रहा। लिखा है कि देयर वाज़ गोइंग टू
- 1:32:10मार्शियन इन्वज़ ओनली दिस टाइम। इस बार
- 1:32:12लेकिन इसका मतलब पुरानी जैसी नहीं होगी।
- 1:32:14तो फिर सेम हम यूज़ कर सकते हैं क्या कि इस
- 1:32:17बार मार्शियल इन्वेज़ होगा। लेकिन वो सेम
- 1:32:19डायरेक्शन में होगा। फिर हम लेकिन क्यों
- 1:32:21बोल रहे हैं? लेकिन का मतलब तो यह हुआ कि
- 1:32:22किसी और डायरेक्शन में होगा। तो यह भी सेट
- 1:32:24सेट नहीं आ रहा, फिट नहीं आ रहा। इन द
- 1:32:25अपोजिट डायरेक्शन। अब देखो क्या
- 1:32:27कॉन्टेक्स्ट है। हमारे ऊपर जो मार्स
- 1:32:30प्लनेट के लोग हैं उन्होंने तो अटैक नहीं
- 1:32:32किया। लेकिन हम जो पृथ्वी के निवासी थे।
- 1:32:34हम जरूर मार्स पे जाने की प्लानिंग करने
- 1:32:35लगे। इसका मतलब कह रहा है कि मार्शियल
- 1:32:37इन्वेज़ तो होगा। लेकिन इस बार वो अपोजिट
- 1:32:39डायरेक्शन में होगा। वो हमारे पास नहीं
- 1:32:41आएंगे। हम उनके पास जाएंगे। बशर्ते अटैक
- 1:32:42करने को नहीं जाएंगे पर हम उनके पास
- 1:32:44जाएंगे। इसका मतलब आंसर कौन सा होना
- 1:32:46चाहिए? ऑप्शन नंबर डी होना चाहिए।
- 1:32:47कांटेक्ट समझ में आया? बढ़िया पैसेज था।
- 1:32:50आंसर कौन सा होगा? ऑप्शन नंबर डी। आई होप
- 1:32:52आप मेरे साथ-साथ बनाते चल रहे हो। सिर्फ
- 1:32:54इसको कोई कथा की तरह सुन नहीं रहा। ठीक
- 1:32:57है? ये उपदेश नहीं है। आपको इन्वॉल्व रहना
- 1:32:59पड़ेगा। ऐसे सोफा पे लेट के मत देखना। चलो
- 1:33:02अगला सवाल करो फिर से।
- 1:33:05आई होप आपने कर लिया है। मैं एक्सप्लेन कर
- 1:33:08रहा हूं। क्या लिखा हुआ है? द शॉर्ट
- 1:33:11स्टोरी इन लिटरेचर इज यूजुअली कंसर्न विद
- 1:33:13अ सिंगल इफेक्ट कन्वेड इन ओनली वन और डैश
- 1:33:17फ्यू सिग्निफिकेंट एपिसोड्स और सीन्स।
- 1:33:20लिखा हुआ है शॉर्ट स्टोरी जो है लिटरेचर
- 1:33:22में ना शॉर्ट स्टोरी जो होता है लिटरेचर
- 1:33:24में वो कंसर्न होता है सिंगल इफेक्ट जो है
- 1:33:27उसे कन्व करने में। ठीक है? कहने का मतलब
- 1:33:29ये है कि शॉर्ट स्टोरी ना ऐसे
- 1:33:31डिफरेंट-डिफरेंट एपिसोड्स का नहीं होता।
- 1:33:32वो एक ही एपिसोड का होता है और सिंगल
- 1:33:34आईडिया को लेके वो बनाया जाता है। इन ओनली
- 1:33:36वन और फ्यू और डैश फ्यू सिग्निफिकेंट
- 1:33:40एपिसोड्स और सीन्स। शॉर्ट स्टोरी क्या
- 1:33:42होता है कि इसमें एक ही एपिसोड होता है,
- 1:33:44एक ही सीन होता है या बहुत कम एपिसोड बहुत
- 1:33:47कम सीनंस होते हैं। द डैश इनकरेजेस इकोनमी
- 1:33:51ऑफ़ सेटिंग डैश नैरेटिव एंड द ओमिशन ऑफ डैश
- 1:33:54प्लॉट।
- 1:33:56लिखा है कि ये जो डैश है ना ये इनकरेज
- 1:33:59करता है सेटिंग की इकोनमी को। कहने का
- 1:34:01मतलब ये है कि जिस तरीके से एक फिल्म
- 1:34:03बनाने में बहुत सारे सेटिंग्स की जरूरत
- 1:34:05होती है ना। जैसे मान लो कि कोई फिल्म बन
- 1:34:06रही है। एक बार आपको इस रूम का दिखाया गया
- 1:34:08जहां पे रूम में ये सारी चीजें हैं। फिर
- 1:34:10अगली अगला जो कट कट के बाद नेक्स्ट सीन
- 1:34:12स्टार्ट हुआ वो किचन में स्टार्ट हुआ। फिर
- 1:34:14नेक्स्ट सीन स्टार्ट हुआ तो वो लोग
- 1:34:15स्विट्जरलैंड गाना गाने चले गए। फिर
- 1:34:16नेक्स्ट नेक्स्ट सीन स्टार्ट हुआ तो वो
- 1:34:18लोग जंगल में चले गए। तो बहुत सारे
- 1:34:20सेटिंग्स होते हैं। लेकिन एक शॉर्ट स्टोरी
- 1:34:22जो होती है उसमें एक ही सेटिंग में एक ही
- 1:34:24बार में सारी चीजें हो जाती है। तो
- 1:34:26सेटिंग्स की इकॉनमी होती है। नैरेटिव का
- 1:34:28डैश होता है। ठीक है? और साथ ही साथ में
- 1:34:31डैश प्लॉट का ओमिशन होता है। ओमिशन का
- 1:34:33मतलब होता है किसी चीज का गायब हो जाना।
- 1:34:35ठीक है? किसी चीज को हटा देना, किसी चीज
- 1:34:37को डिलीट कर देना ओमिशन कहलाता है। तो कह
- 1:34:39रहा है कि वहां पे प्लॉट के डैश का भी
- 1:34:41ओमिशन होता है। ठीक है? अगला कैरेक्टर इज
- 1:34:45डिस्क्लोज्ड इन एक्शन एंड अ डैश एनकाउंटर
- 1:34:48बट इट्स सेल्डम फुल्ली डेवलप्ड। लिखा हुआ
- 1:34:50है कि कैरेक्टर जो है वो उसे डिस्क्लोज़
- 1:34:52किया जाता है एक एक्शन में और एक एनकाउंटर
- 1:34:54में। लेकिन शायद ही इसे फुल्ली डेवलप किया
- 1:34:57जाता है। डिस्पाइट्स इट्स रिलेटिवली
- 1:35:00लिमिटेड स्कोप दो अ शॉर्ट स्टोरी इज ऑफेन
- 1:35:04जज्ड बाय इट्स एबिलिटी टू प्रोवाइड अ
- 1:35:06कंप्लीट और सेटिस्फाइंग ट्रीटमेंट ऑफ इट्स
- 1:35:08कैरेक्टर्स एंड सब्जेक्ट। लिखा हुआ है कि
- 1:35:10इसका रिलेटिव रिलेटिवली लिमिटेड स्कोप
- 1:35:13रहता है इसका। ठीक है? लेकिन शॉर्ट स्टोरी
- 1:35:15जो है उसे जज किया जाता है इसकी एबिलिटी
- 1:35:17से कि वो क्या कंप्लीट और सेटिस्फाइंग
- 1:35:19ट्रीटमेंट प्रोवाइड कर सकता है अपने
- 1:35:21कैरेक्टर्स और सब्जेक्ट को लेकर। नाउ आई
- 1:35:23एम अस्यूमिंग बहुत सारे आप में से लोग
- 1:35:24होंगे जिन्होंने पहले कभी शॉर्ट स्टोरी
- 1:35:26पढ़ी नहीं होगी या या कभी देखा नहीं होगा।
- 1:35:28देखो शॉर्ट स्टोरी क्या होता है? बहुत
- 1:35:30सारे फॉर्म्स होते हैं ना इंग्लिश लिटरेचर
- 1:35:31के या किसी भी फॉर्म के लिटरेचर के। जैसे
- 1:35:33कोई ड्रामा होता है। है ना? कोई पोएट्री
- 1:35:35होती है। वैसे ही शॉर्ट स्टोरी भी होती
- 1:35:37है। शॉर्ट स्टोरी एक बहुत छोटी सी कहानी
- 1:35:39होती है जिसमें एक एक बैकग्राउंड में एक
- 1:35:43बैक ड्रॉप में दो कैरेक्टर या तीन
- 1:35:44कररेक्टर पकड़ के पूरी कहानी कह दी जाती
- 1:35:46है। ये कोई एक डेढ़ घंटे की मूवी नहीं
- 1:35:48होगी। ये 5 मिनट 7 मिनट मैक्सिमम 10 मिनट
- 1:35:50की मूवी होगी जिसमें 20 25 30 डायलॉग
- 1:35:53होंगे और कहानी खत्म। ये एक बहुत छोटे
- 1:35:55सेटिंग में बहुत छोटे आईडिया को लेके
- 1:35:57चीजों को बताया जाता है। इसको शॉर्ट
- 1:35:59स्टोरी कहते हैं। ठीक है? जैसे अगर आपने
- 1:36:00पंचतंत्र पढ़ी हो तो पंचतंत्र एक कलेक्शन
- 1:36:03है बहुत सारे शॉर्ट स्टोरीज का जिसमें एक
- 1:36:05खरगोश है। एक चूहा है। है ना? एक हाथी है,
- 1:36:07एक बंदर है और उसको लेके कहानियां गढ़ी जा
- 1:36:10रही हैं। आपने देखा होगा एक-एक पेज के
- 1:36:11डेढ़-डेढ़ पेज की कहानी होती है। इसको
- 1:36:13शॉर्ट स्टोरी कहा जाता है। मैं बस आपको
- 1:36:14कॉन्टेक्स्ट समझा रहा हूं। अब अगर मैं
- 1:36:16देखूं कि इसका ओवरऑल कॉन्टेक्स्ट क्या था?
- 1:36:18तो इसका टोन भैया नेगेटिव था जिसमें बताया
- 1:36:20जा रहा था कैसे शॉर्ट स्टोरी और लॉन्ग
- 1:36:22फॉर्म में क्या डिफरेंसेस होते हैं और
- 1:36:24कैसे शॉर्ट स्टोरी में कैरेक्टर को छोटा
- 1:36:26किया जाता है। कहानियों को छोटा किया जाता
- 1:36:28है। स्टोरी को सिंपल रखा जाता है। ये सब
- 1:36:30बताया जा रहा है। ये पैसेज टफ क्यों है
- 1:36:32पता है? क्योंकि अगर आप लाइन काउंट करो
- 1:36:33अगर मैं फुल स्टॉप छोड़ केवल लाइन काउंट
- 1:36:35कर रहा हूं तो एक दो तीन चार चार लाइन में
- 1:36:36पांच लाइन है। इसलिए टफ है। ये आपको
- 1:36:39कॉन्टेक्स्ट ही नहीं समझ में आएगा। ठीक
- 1:36:40है? तो इस वजह से जो मैं इतना हिंदी समझा
- 1:36:43रहा हूं आपको। वो मैं इसलिए समझा रहा हूं
- 1:36:45ताकि वो कॉन्टेक्स्ट पकड़ में आए। ठीक है?
- 1:36:46बाकी तो आपने ट्राई कर लिया। अभी मैं आंसर
- 1:36:48बताऊंगा ही। एनीवेज तो इसका जो टोन है वो
- 1:36:50क्या है? नेगेटिव है। हम लोग किसकी बात कर
- 1:36:51रहे हैं? हम लोग बात कर रहे हैं शॉर्ट
- 1:36:52फॉर्म की। पहले हम शॉर्ट फॉर्म के फीचर्स
- 1:36:54बता रहे हैं। फिर हम ये बता रहे हैं कि
- 1:36:55शॉर्ट फॉर्म से हम क्या अचीव करना चाहते
- 1:36:57हैं। ठीक है? आइए अब हम एक-एक करके इसको
- 1:36:59फिल अप करेंगे।
- 1:37:01लिखा है कि द शॉर्ट स्टोरी इन लिटरेचर इज
- 1:37:04यूजुअली कंसर्न विथ अ सिंगल इफेक्ट कन्वेड
- 1:37:06इन ओनली वन और डैश फ्यू सिग्निफिकेंट
- 1:37:09एपिसोड्स फॉर सीन्स। जो शॉर्ट स्टोरी
- 1:37:11लिटरेचर में ये आमतौर पर कंसर्न होते हैं
- 1:37:14सिंगल इफेक्ट से जो कन्व किया जाता है एक
- 1:37:17या डैश सिग्निफिकेंट एपिसोड्स में। हमने
- 1:37:19क्या जाना अभी पढ़कर जो बात हमें समझ में
- 1:37:21आई है कि शॉर्ट स्टोरी में या तो केवल एक
- 1:37:24एपिसोड होगा
- 1:37:27या तो बहुत कम एपिसोड होंगे। अगर बहुत कम
- 1:37:30की बात करें तो वहां पे फ्यू के आगे कोई
- 1:37:32ना कोई आर्टिकल लगा सकते हैं क्या? आओ जरा
- 1:37:34देखते हैं। लिखा है कि द फ्यू एपिसोड्स।
- 1:37:37आपने पढ़ा होगा फ्यू, अ फ्यू और द फ्यू के
- 1:37:39बीच का डिफरेंस। फ्यू अ फ्यू और द फ्यू के
- 1:37:42बीच का डिफरेंस। एक बार मैं जल्दी से समझा
- 1:37:43दूं। फ्यू का मतलब होता है बहुत कम नाम
- 1:37:46मात्र का। अ फ्यू मतलब होता है अभी भी कम
- 1:37:48होगा लेकिन ठीक-ठाक होगा। द फ्यू का मतलब
- 1:37:50होता है जितना है सबका सब। क्या यहां पे
- 1:37:53वो वाला सेंस था कि जितना है सबका सब नहीं
- 1:37:55तो द नहीं लगेगा। एग्जांपल के लिए मैं कह
- 1:37:57रहा हूं कि मेरे क्लास में 1000
- 1:37:58स्टूडेंट्स आने वाले थे उसमें से चार आए।
- 1:38:01तो ये फ्यू है। उसमें से 650 आए। अभी भी
- 1:38:04पूरे नहीं आए। सेटिस्फेक्टरी है तो वो अ
- 1:38:06फ्यू है। मैं कह रहा हूं जो चार स्टूडेंट
- 1:38:08आए चारों के चारों ब्रिलियंट स्टूडेंट्स
- 1:38:10हैं। तो द फ्यू स्टूडेंट्स दैट हैव कम।
- 1:38:12मैं कह रहा हूं कि 650 स्टूडेंट्स आए
- 1:38:14लेकिन जितने भी जितने भी आए सारे के सारे
- 1:38:16बड़े रेगुलर हैं। तो मैं वहां पे बोलूंगा
- 1:38:18द फ्यू। तो कम लेकिन सारा का सारा वो सेंस
- 1:38:20होता है द फ्यू का। यहां क्या लिखा हुआ
- 1:38:21था? शॉर्ट स्टोरी एक लिटरेचर का फॉर्म है।
- 1:38:24ठीक है? जिसमें सिंगल इफेक्ट कन्व किया
- 1:38:26जाता है एक या एक से ज्यादा एपिसोड्स के
- 1:38:29थ्रू। तो इसका मतलब हम एक से ज्यादा बोल
- 1:38:30रहे हैं। तो सारा का सारा का तो सेंस नहीं
- 1:38:32है। तो द तो नहीं होना चाहिए। लिटिल फ्यू
- 1:38:35ये हम अपनी नई अंग्रेजी लिख रहे हैं
- 1:38:37क्योंकि फ्यू काउंटेबल चीजों के लिए आता
- 1:38:38है। लिटिल अनकाउंटेबल चीजों के लिए आता
- 1:38:39है। तो दोनों एडजेक्टिव है। साथ में क्यों
- 1:38:40लिख रहे हैं इसको? गलत है। दोनों मॉडिफायर
- 1:38:43है। अगला अ फ्यू अभी मैंने समझाया था अ
- 1:38:45फ्यू। बिल्कुल अ फ्यू हो सकता है। विद
- 1:38:46लिमिटेड फ्यू इन लिमिटेड मतलब भी होता है।
- 1:38:49कम फ्यू मतलब होता है कम। सुपरफ्लोस हो
- 1:38:50जाएगा। तो आंसर क्या होगा? अ फ्यू। शॉर्ट
- 1:38:53स्टोरी एक लिटरेचर जो कि कंसर्न है। सिंगल
- 1:38:56इफेक्ट कन जो कन्व होता है या तो एक या तो
- 1:38:58कुछ एपिसोड्स के साथ। ठीक है? द डैश
- 1:39:01इनकरेजेस इकोनमी ऑफ़ सेटिंग। ये इनकरेज
- 1:39:03करता है कि आपको सेटिंग में ज्यादा खर्च
- 1:39:05नहीं करना। मतलब ज्यादा ग्रैंड आपकी
- 1:39:07सेटिंग नहीं होनी चाहिए। उसमें इकॉनमी
- 1:39:09होनी चाहिए। कमी होनी चाहिए। लिखा है कि द
- 1:39:11डैश इनकरेजेस द प्रोसीजर इनकरेजेस। हम
- 1:39:14किसके बारे में बात कर रहे हैं? शॉर्ट
- 1:39:15स्टोरी एज अ फॉर्म ऑफ लिटरेचर के बारे
- 1:39:17में। अब हम क्या इस शॉर्ट स्टोरी को
- 1:39:19प्रोसीजर कह सकते हैं? प्रोसीजर मतलब होता
- 1:39:20है किसी काम को करने का तरीका। तो हम ये
- 1:39:23कह रहे हैं कि शॉर्ट स्टोरी एक प्रोसीजर
- 1:39:24है। नहीं शॉर्ट स्टोरी एक प्रोसीजर नहीं।
- 1:39:26शॉर्ट स्टोरी एक प्रैक्टिस है। नहीं।
- 1:39:28शॉर्ट स्टोरी एक शेप है। नहीं। शॉर्ट
- 1:39:30स्टोरी एक फॉर्म है। बिल्कुल है। है ना?
- 1:39:32जिसे हम इंग्लिश में जोनर भी कहते हैं। यह
- 1:39:35एक जोनर है लिटरेचर का। यह एक फॉर्म है
- 1:39:38लिटरेचर का। मैं कम से कम तब से तीन चार
- 1:39:40बार कह चुका हूं कि फॉर्म है लिटरेचर का,
- 1:39:41फॉर्म है लिटरेचर का। तो यहां पे क्या
- 1:39:43आएगा? द फॉर्म इनकरेजेस। ये जो फॉर्म है
- 1:39:45शॉर्ट स्टोरी का। ये इनकरेज करता है
- 1:39:47इकोनमी ऑफ़ सेटिंग को। ये इनकरेज करता है
- 1:39:49कि सेटिंग जो होती है उसमें पैसे बचाए
- 1:39:51जाए। उसको कम रखा जाए। डैश नैरेटिव। तो
- 1:39:54समझना यहां जब कॉमा से चीजें जुड़ी हुई
- 1:39:56है। बहुत ध्यान से सुनना मेरी बात को। जब
- 1:39:58यहां पे कॉमा से चीजें जुड़ी हुई है तो
- 1:40:00मैं इसकी बात करता हूं। मैं इसकी बात करता
- 1:40:02हूं। राइट? कह रहा है कि ये इकोनमी ऑफ़
- 1:40:06सेटिंग दिखाता है। उसके बाद ये डैश
- 1:40:10नैरेटिव भी दिखाता है। ये डैश नैरेटिव भी
- 1:40:13दिखाता है। ठीक है? उसके बाद ये ओमिशन ऑफ
- 1:40:16डैश प्लॉट भी दिखाता है। ये ओमिशन ऑफ डैश
- 1:40:19प्लॉट भी दिखाता है। इसका क्या मतलब है?
- 1:40:22यहां पे बात की जा रही है सेटिंग के
- 1:40:24इकॉनमी की। यहां पे बात की जा रही है
- 1:40:26ओमिशन ऑफ़ डैश प्लॉट की। तो कहना तो यहां
- 1:40:28पे यही चाह रहा है ना कि शॉर्ट स्टोरी
- 1:40:29लॉन्ग स्टोरी में क्या डिफरेंस है? तो तीन
- 1:40:31डिफरेंस यहां पे बताए गए हैं। पहला
- 1:40:33डिफरेंस ये बोला गया है कि सेटिंग में कमी
- 1:40:35होगी। अगर वहां पे आपको चार पांच रूम में
- 1:40:38अगर फिल्म की शूटिंग होने वाली है कहानी
- 1:40:39कहने वाले हो आप यहां पे एक ही जगह पे
- 1:40:41होगा। तो सेटिंग होगी इकोनमी की। उसके बाद
- 1:40:44इकोनमी
- 1:40:46माफ़ कीजिएगा। सेटिंग इकॉनमी होगी। अगला
- 1:40:48डैश नैरेटिव होगा। तो लॉन्ग फॉर्म शॉर्ट
- 1:40:50फॉर्म में क्या डिफरेंस होगा? कि इसका जो
- 1:40:51नैरेटिव होगा वो बहुत डैश होगा। क्या
- 1:40:53होगा? आइए ऑप्शन देखते हैं। कट। कट का
- 1:40:55मतलब होता है रूड। सी यू आर टी कट का मतलब
- 1:40:58होता है रूड। कैसे यूज़ करते हैं इसको?
- 1:41:00जैसे आपने मेरे से कुछ बड़ा सा पूछा। मैंने
- 1:41:03आपको एक वर्ड में जवाब दिया। तो कभी-कभी
- 1:41:05ना वो बड़ा रूढ़ साउंड करता है। फॉर
- 1:41:06एग्जांपल आपने मेरे से पूछा कि सर अगर
- 1:41:08आपके पास वक्त हो क्या आप संडे में मेरे
- 1:41:10घर में खाना खाने आओगे? मैंने बोला नहीं।
- 1:41:13कितना रूट लगाना? इसको कर कहा जाता है।
- 1:41:16ठीक है? तो क्या यहां पे हम रूट बोल रहे
- 1:41:17थे? रूट नैरेटिव है। नहीं। कंसाइज। कंसाइज
- 1:41:20का मतलब होता है ब्रीफ।
- 1:41:24क्या डिफरेंस है? एक तो सेटिंग इकोनमी
- 1:41:26होती है। दूसरा नैरेटिव ब्रीफ होता है।
- 1:41:28देखो यहां पे भी सेटिंग को छोटा करने की
- 1:41:30बात की गई है। यहां पे भी किसी चीज को
- 1:41:32गायब करने की बात की गई। तो डेफिनेटली जो
- 1:41:34कहानी होगी उसको भी ब्रीफ रखने की कोशिश
- 1:41:36की जाएगी। उसको भी छोटा रखने की कोशिश की
- 1:41:38जाएगी। सेंस तो बन रहा है। अगला है लॉन्ग
- 1:41:40नैरेटिव। अच्छा इकोनमी की सेटिंग करेंगे।
- 1:41:42कहानी लंबी कर देंगे। फिर उसको शॉर्ट
- 1:41:43स्टोरी क्यों बोल रहे? फिर तो उसको लॉन्ग
- 1:41:44स्टोरी बोलेंगे। गलत है। लें्थी लंबा। गलत
- 1:41:47है। आंसर फिर एक ही बचता है। कौन सा?
- 1:41:48कंसाइज नैरेटिव। इसमें क्या होता है?
- 1:41:52सेटिंग की को इकोनॉमिकल रखा जाता है।
- 1:41:54नैरेटिव को कंसाइज रखा जाता है और प्लॉट
- 1:41:57के डैश को ओमिट किया जाता है। प्लॉट के
- 1:42:00डैश को ओिट किया जाता है। मतलब प्लॉट को
- 1:42:02भी सिंपल रखा जाता है। आइए लिखा है कि
- 1:42:04प्लॉट के स्लाइड को ओमिट किया जाता है।
- 1:42:06स्लाइट प्लॉट मतलब फ्यूज्ड प्लॉट मतलब
- 1:42:09फ्यूज मतलब होता है मिलना। मिलने के प्लॉट
- 1:42:11को गायब किया जाता है। नहीं ये तो नहीं हो
- 1:42:13सकता। कॉम्प्लेक्स। कॉम्प्लेक्स का मतलब
- 1:42:15होता है हिंदी में जटिल। कि जो जटिलता है
- 1:42:18ना कि इसमें आप क्रिस्टोफर नोलेन की मूवीस
- 1:42:21नहीं बना सकते शॉर्ट स्टोरी में। आपको
- 1:42:23कॉम्प्लेक्स मूवीस नहीं होती शॉर्ट स्टोरी
- 1:42:25में। शॉर्ट स्टोरी बहुत सिंपल मूवी होती
- 1:42:26है। 20 मिनट में आप क्या ही कहानी कह दो।
- 1:42:28इसका मतलब ये है कि जो कॉम्प्लेक्सिटी है
- 1:42:30प्लॉट की उसको ओमिट किया जाता है। बहुत
- 1:42:32सिंपल रखा जाता है थीम को। तो ये तो आंसर
- 1:42:35ठीक लग रहा है। कंपाउंड मतलब होता है एक
- 1:42:36से ज्यादा। ये तो नहीं होगा सेंस। आंसर
- 1:42:38क्या होगा? कॉम्प्लेक्स। तो क्या होता है
- 1:42:40शॉर्ट स्टोरी में? कि सेटिंग्स की इकॉनमी
- 1:42:42होती है। नैरेटिव को शॉर्ट रखा जाता है और
- 1:42:44कॉम्प्लेक्स नहीं रखा जाता प्लॉट को। बहुत
- 1:42:47गंदा हो गया। क्लीन कर रहा हूं मैं इसको।
- 1:42:49आगे की चीज देखना।
- 1:42:51आगे क्या लिखा हुआ है? कैरेक्टर इज
- 1:42:54डिस्क्लोज्ड इन एक्शन एंड अ डैश एनकाउंटर
- 1:42:56बट इट्सम फुल्ली डेवलप्ड। लिखा है कि
- 1:42:59कैरेक्टर को जो दुनिया के सामने लेके आया
- 1:43:01जाता है ना वो ऐसे नहीं कि सलमान खान आ
- 1:43:02रहा है और अजय देवगन जो है वो कि दो घोड़े
- 1:43:05पे बैठ के आ रहा है। ये चीज़ नहीं होती।
- 1:43:06कैरेक्टर जो है वो डिस्क्लज़ किया जाता है
- 1:43:08एक्शन के थ्रू ही। मतलब कहीं आ गया वो
- 1:43:10अपना काम शुरू कर दिया। ठीक है? एंड अ डैश
- 1:43:12एनकाउंटर क्या एनकाउंटर? लिखा है कि एन अ
- 1:43:15बैलेंस्ड एनकाउंटर जो कैरेक्टर को जो
- 1:43:19डिस्क्लोज़ किया जाता है वो एक बैलेंस्ड
- 1:43:21मीट से किया जाता है। बैलेंस मिलना मिलना
- 1:43:23बैलेंस्ड कैसे होगा? एक मेलोडियस बहुत ही
- 1:43:26सुर से भरे एनकाउंटर में गाना गा रहा है
- 1:43:28क्या? एक बहुत ही हारमोनियस बहुत मेलजोल
- 1:43:31वाले एनकाउंटर में। एक बहुत ही ड्रामेटिक
- 1:43:34एनकाउंटर में। मतलब ये है कि कहानी यहीं
- 1:43:36से शुरू होती है। इमेजिन करो शॉर्ट स्टोरी
- 1:43:37कैसे शुरू होती है। कहानी यहीं से शुरू
- 1:43:39हुई कि मेन करैक्टर का एक्सीडेंट हो गया।
- 1:43:41इसका मतलब बहुत ही ज्यादा ड्रामेटिक तरीके
- 1:43:43से इसको एनकाउंटर को इंट्रोड्यूस किया
- 1:43:46जाता है। तो आंसर क्या होगा? आंसर होगा
- 1:43:47ऑप्शन नंबर डी। अब फिर से वही बात है। आप
- 1:43:50बोलोगे कि सर आपने तो एक इमेजिन करके
- 1:43:52प्रोसेस बचा बता दिया कि हां ड्रामेटिक
- 1:43:54होना चाहिए। इसका सेंस नहीं बन रहा। हम
- 1:43:55कैसे सोचेंगे? तो भैया मैं कोई ऐसा थोड़ी
- 1:43:58हूं कि देवता पैदा हुआ हूं। प्रैक्टिस के
- 1:43:59साथ ही यहां तक पहुंचाओ ना। आप भी
- 1:44:02प्रैक्टिस के साथ पहुंचोगे। जो बच्चे कर
- 1:44:03पा रहे हैं, जिनका यह सब कुछ करेक्ट हो
- 1:44:05रहा है, जो आपके ही अह को स्टूडेंट्स हैं,
- 1:44:07वह कैसे सही कर रहे हैं? उन्होंने
- 1:44:08प्रैक्टिस बहुत की है। तो, यह डिफरेंस बस
- 1:44:10इतना है कि आप रीडिंग कितना करते हो? आप
- 1:44:12प्रैक्टिस कितना करते हो? क्यों? मैं कह
- 1:44:14रहा था कि मैं इमेजिन करो इस चीज को।
- 1:44:16इमेजिन करने का मतलब क्या है? आपने कहीं
- 1:44:18पढ़ा होगा तभी तो इमेजिन करोगे। अब आप
- 1:44:19बोलोगे इमेजिन करो कि मार्स पे कैसा है?
- 1:44:21भैया मैंने देखा ही नहीं है मार्स कभी तो
- 1:44:23मैं कैसे जानूंगा वहां कैसा है। मैं क्या
- 1:44:24इमेजिन कर लूं? इसके लिए इमेजिन करने के
- 1:44:26लिए चीजों को देखना जरूरी है ना? और देखने
- 1:44:28के लिए चीजों को पढ़ना जरूरी है। तो पहले
- 1:44:31पढ़ना सीखो। रीडिंग से जान बचाओगे ना तो
- 1:44:33जिंदगी भर रोओगे। लिख के रख लेना आज का
- 1:44:35डेट, आज का टाइम डायरी में नोट कर लेना कि
- 1:44:37मैंने कहा है क्यूरिंग वाले सर ने कहा है
- 1:44:39कि जिंदगी भर रोओगे अगर रीडिंग नहीं करोगे
- 1:44:41तो यकीन जानो। आगे ये वाला पैसेज फिर से
- 1:44:46एक बार आप रीडिंग मार लो। बना के देख लो।
- 1:44:50चलो आई एम अस्यूमिंग आपने कर लिया है। मैं
- 1:44:52स्टार्ट कर लिखा है कि व्हाट आर द फ्यूचर
- 1:44:54पॉसिबिलिटीज़ फॉर स्पेस ट्रेवल इन द लॉन्ग
- 1:44:57टर्म? लंबे समय में स्पेस ट्रैवल के क्या
- 1:45:00अपोरर्चुनिटी क्या पॉसिबिलिटीज हैं? डश
- 1:45:03विल ह्यूमंस गो आफ्टर दे हैव एक्सप्लोरर्ड
- 1:45:06आवर सोलर सिस्टम। लिखा है कि ह्यूमंस डैश
- 1:45:10जाएंगे जब वो उन्होंने हमारा पूरा सोलर
- 1:45:12सिस्टम जो है वो एक्सप्लोर कर लिया है।
- 1:45:14ठीक है? इट इज़ सेड दैट स्टार ट्रैक कुड
- 1:45:17होल्ड द डैश टू दीज़ क्वेश्चंस। ऐसा कहा
- 1:45:20जाता है कि स्टार ट्रैक आपने स्टार ट्रैक
- 1:45:22सीरीज देखी होगी। सो स्टार ट्रैक जो है वो
- 1:45:24होल्ड करता है क्वेश्चंस। यह जो क्वेश्चंस
- 1:45:27हैं इनके डैश हो। ठीक है? कहना यह चाह रहा
- 1:45:29है कि अभी इंसान कह रहा है कि हम मार्स पे
- 1:45:31जाएंगे। हम चंद्रमा पे जाएंगे। हम इधर-उधर
- 1:45:33जाएंगे। चलो 1 मिनट के लिए मान लिया कि
- 1:45:35पूरा का पूरा जो सोलर सिस्टम है इंसान ने
- 1:45:37एक्सप्लोर कर लिया। उसके बाद क्या? कहां
- 1:45:39जाएंगे? इसका जो जवाब है वो कौन देगा
- 1:45:42आपको? स्टार ट्रैक जो है वो देगा। इट इज़
- 1:45:44प्रेडिक्टेड दैट ट्रेवल टू अदर गैलेक्सीस
- 1:45:47विल ओनली बी डैश इन ह्यूज स्टारशिप्स। ऐसा
- 1:45:50प्रेडिक्ट किया जाता है। प्रेडिक्ट का
- 1:45:51मतलब होता है अंदाजा लगाना। ऐसा अंदाजा
- 1:45:53लगाया गया है कि जो अ जो आपका ट्रैवल है
- 1:45:57गैलेक्सीस में वो डैश होगा ह्यूज स्टार
- 1:46:00स्टारशिप्स में। दीज़ विल वंडर। वंडर का
- 1:46:03मतलब होता है भटकना।
- 1:46:06वंडर का मतलब होता है भटकना।
- 1:46:10एक होता है वंडर। डब्ल्यू ओ एन डी ई आर।
- 1:46:13इसका मतलब होता है सोचना।
- 1:46:16ठीक है? दोनों डिफरेंस है। एक में ए है,
- 1:46:18एक में ओ है। कमिंग बैक टू द क्वेश्चन। तो
- 1:46:20लिखा है कि दीज़ विल वंडर थ्रू स्पेस फॉर
- 1:46:23100्स और थाउजेंड्स ऑफ इयर्स। ये लोग
- 1:46:25स्पेस में वंडर करेंगे 100्स और थाउजेंड्स
- 1:46:28ऑफ ईयर तक। ईच ऑफ देम विल कैरी अ लार्ज
- 1:46:32ह्यूमन डैश। लिखा है कि हर कोई जो है वो
- 1:46:34कैरी करता है। कैरी करेगा एक लार्ज ह्यूमन
- 1:46:37डैश को। सम ऑफ़ दोज़ पीपल विल टेक ओवर अ
- 1:46:41सूटेबल न्यू प्लेनेट एंड सेटल डाउन देयर।
- 1:46:43उनमें से कुछ जो है वो एक सूटेबल न्यू
- 1:46:45प्लेनेट में जाएंगे और वहां पे जाके सेटल
- 1:46:48हो जाएंगे। दिस सर्च फॉर न्यू प्लनेट्स टू
- 1:46:51सेटल इन विल कंटिन्यू अंटिल लाइफ ऑन
- 1:46:53प्लनेट अर्थ कुड बी जस्ट अ डैश मेमोरी।
- 1:46:55लिखा हुआ है ये जो नए जगह पे सेटल होने नए
- 1:46:58प्लनेट्स में सेटल होने की जो बात है ये
- 1:47:00तब तक चलेगी जब तक पृथ्वी पे जीवन एक डैश
- 1:47:03मेमोरी नहीं हो जाती। आइए
- 1:47:08एक-एक करके फिल अप करते हैं।
- 1:47:11मैं मान के चल रहा हूं। आपने पढ़ लिया है।
- 1:47:13क्या लिखा हुआ है कि व्हाट आर द फ्यूचर
- 1:47:15पॉसिबिलिटीज़? फ्यूचर पॉसिबिलिटी की बात की
- 1:47:18जा रही है कि व्हाट आर द फ्यूचर
- 1:47:19पॉसिबिलिटीज फॉर स्पेस ट्रेवल इन द लॉन्ग
- 1:47:21टर्म? क्या फ्यूचर पॉसिबिलिटीज हैं स्पेस
- 1:47:23ट्रेवल के आने वाले कई सालों में? डैश विल
- 1:47:26ह्यूमंस गो आफ्टर दे हैव एक्सप्लोर आवर
- 1:47:29सोलर सिस्टम? जब जब इंसानों ने हमारा सोलर
- 1:47:32सिस्टम एक्सप्लोर कर लिया है तब वो डैश
- 1:47:34करेंगे। तब वो कहां जाएंगे? वेयर विल
- 1:47:36ह्यूमंस गो? कहां जाएंगे? तब वो क्यों
- 1:47:38जाएंगे? तब वो कैसे जाएंगे? तब वो कब
- 1:47:40जाएंगे? बहुत आसान सवाल है। तब वो कहां
- 1:47:42जाएंगे? पूरा का पूरा सवाल तो यही है कि
- 1:47:44जब इंसानों ने पूरा का पूरा सोलर सिस्टम
- 1:47:46एक्सप्लोर कर लिया है फिर क्या फिर कहां
- 1:47:48जाएंगे? इट इज़ सेड दैट स्टार ट्रिक कुड
- 1:47:52होल्ड द डैश टू दीज़ क्वेश्चंस। ऐसा माना
- 1:47:55जाता है कि स्टार ट्रैक जो है वो इन
- 1:47:57क्वेश्चंस का डैश होल्ड करता है।
- 1:47:58क्वेश्चंस का क्या होल्ड करेगा? क्वेश्चंस
- 1:48:00का आंसर ही तो होल्ड करेगा कि कुछ सवाल
- 1:48:02पूछे गए। ये वाला सवाल रहा। बोला है स्टार
- 1:48:04ट्रैक में इसका जवाब छिपा है। आइए लिखा है
- 1:48:06कि इट इज़ सेड दैट स्टार ट्रैक कुड होल्ड द
- 1:48:09क्वेरी टू दिस क्वेश्चंस। स्टार ट्रैक जो
- 1:48:11है इन सवालों का सवाल है। कोई सेंस है? इन
- 1:48:14सवालों का जवाब उसमें छुपा है। हो सकता है
- 1:48:16इन सवालों का दरवाजा उसमें छुपा है। इन
- 1:48:18सवालों का स्यूशन उसमें छुपा है। देखो
- 1:48:20स्यूशन ना आमतौर पर प्रॉब्लम वर्ड के साथ
- 1:48:23लगाया जाता है।
- 1:48:25यहां पे क्वेश्चन था तो क्वेश्चन के साथ
- 1:48:26आंसर वर्ड ज्यादा सूट करेगा। अब फिर से
- 1:48:28वही वाली बात है कि सर ये दोनों ऑप्शन तो
- 1:48:31ठीक लग रहे हैं। तो ठीक तब लग रहे हैं जब
- 1:48:32आपने सुपरफिशियल लेवल पर पढ़ाई करी है।
- 1:48:34अगर आपने थोड़ा डेप्थ में जाकर पढ़ा है तो
- 1:48:37आपको पता होगा कि सशन प्रॉब्लम का होता
- 1:48:38है। आंसर क्वेश्चन का होता है। ठीक है?
- 1:48:41आगे इट इज़ प्रेडिक्टेड दैट ट्रेवल टू अदर
- 1:48:45गैलेक्सीस विल ओनली बी डैश इन ह्यूज
- 1:48:47स्टारशिप्स। लिखा है कि इट इज़
- 1:48:49प्रेडिक्टेड। ऐसा माना जाता है कि जो
- 1:48:51गैलेक्सीस जो ट्रेवल है गैलेक्सीस में यह
- 1:48:54सिर्फ स्टार शिफ्ट्स में डैश होगा। क्या
- 1:48:56कहा जा रहा है कि फिर से यहां पे देखना
- 1:48:57प्रेडिक्ट वर्ड का ये सारी बातें बातों का
- 1:49:00अंदाजा लगाया जा रहा है। तो क्या कह रहा
- 1:49:01है? ऐसा अंदाजा लगाया गया है कि जो ट्रेवल
- 1:49:03है गैलेक्सीस में वो सिर्फ डैश में पॉसिबल
- 1:49:06होगा स्टार शीट्स में। इट इज़ प्रेडिक्टेड
- 1:49:08दैट ट्रेवल टू अदर गैलेक्सीस विल ओनली बी
- 1:49:10इमेजिंड। जब यहां प्रेडिक्टेड वर्ड यूज़
- 1:49:13किया गया है तो फिर यहां इमेजिन वर्ड
- 1:49:14क्यों यूज़ करेंगे? एक बार मानो फिर मानो।
- 1:49:17ऐसा कहा जा रहा है। ऐसा अंदाजा लगाया जा
- 1:49:19रहा है कि जो ट्रेवल है गैलेक्सीस में वो
- 1:49:21स्टार शिफ्ट्स में इमेजिन किया जाएगा।
- 1:49:23नहीं।
- 1:49:24स्टारशिप्स में पॉसिबल हो पाएगा। ऐसा कहा
- 1:49:27जा रहा है कि जो स्टारशिप्स जो ऐसा
- 1:49:29प्रेडिक्ट किया जा रहा है कि जो गैलेक्सीस
- 1:49:31में जाना है वो केवल और केवल स्टारशिप्स
- 1:49:33में पॉसिबल हो पाएगा। ये तो ठीक लग रहा
- 1:49:35है। केवल और केवल स्टारशिप्स में
- 1:49:37इंप्लीमेंट हो पाएगा। देखो इंप्लीमेंट ना
- 1:49:39स्कीम को नॉर्मली किया जाता है। ठीक है?
- 1:49:42किसी प्रोग्राम को, किसी स्कीम को, किसी
- 1:49:44प्लान को इंप्लीमेंट किया जाता है। आप
- 1:49:46ट्रैवल की बात कर रहे हो। ट्रेवल को
- 1:49:48इंप्लीमेंट नहीं किया जाता। ट्रेवल को
- 1:49:50अचीव भी नहीं किया जाता। तो ये वर्ड भी
- 1:49:52फिट नहीं आ रहा। आंसर फिर एक ही होगा कि
- 1:49:54ऐसा प्रेडिक्ट किया जा रहा है कि जो
- 1:49:56ट्रेवल है गैलेक्सीस में वो केवल
- 1:49:57स्टारशिप्स में पॉसिबल है। अब देखो जब मैं
- 1:50:00यह कह रहा हूं बार-बार ना के जिनके 40
- 1:50:02नंबर आ रहे हैं या जो रट के पढ़ते हैं मैं
- 1:50:04शुरुआत से कहता हूं कि जो रट के पढ़ रहे
- 1:50:05हैं उनके लिए प्रॉब्लम होगी। मैं आपके
- 1:50:08खिलाफ नहीं हूं और मैं एज अ टीचर आपको
- 1:50:10बुरा भी नहीं कह रहा हूं। आप वही कर रहे
- 1:50:12हो जो कि प्रगमेटिक है जो कि प्रैक्टिकल
- 1:50:14है के नंबर अगर ऊपर ऊपर से पढ़कर आ जा रहा
- 1:50:16है तो मैं इतनी मेहनत क्यों करूं? मैं
- 1:50:18क्यों डेप्थ में जाऊं? ये सवाल जेन्युइन
- 1:50:19है बिल्कुल और दिमाग में आता है कि सर आप
- 1:50:21तो कह रहे हो कि डेप्थ में जाना पर जरूरत
- 1:50:23क्या है? मेरे तो बिना डेप्थ में जाए 40
- 1:50:24नंबर आ रहा है। आप अपनी जगह बिल्कुल सही
- 1:50:26हो। मेरी प्रॉब्लम ये है बस के समझना
- 1:50:28प्लीज मेरी बात को। मेरा कंटेंक्स्ट समझना
- 1:50:29बोलने का। मेरी प्रॉब्लम ये है कि आप बहुत
- 1:50:32शॉर्ट टर्म देख रहे हो। मैं कह रहा हूं
- 1:50:34मैं लॉन्ग टर्म देख रहा हूं। अगर मैं कह
- 1:50:37रहा हूं कि मैं इतने सालों के एक्सपीरियंस
- 1:50:39से आ रहा हूं। पढ़ाने का और ऑफिसिसेस के
- 1:50:41एक्सपीरियंस से आ रहा हूं। तो मैं कुछ सोच
- 1:50:43के ही बोल रहाऊंगा ना। मैं आपको डराने की
- 1:50:45कोशिश नहीं कर रहा। मैं आपको वो मिरर दिखा
- 1:50:47रहा हूं जो लॉन्ग टर्म प्रॉब्लम का स्यूशन
- 1:50:49देगा आपको। आप शॉर्ट टर्म सोच के एग्जाम
- 1:50:52में क्वालीफाई कर जाओगे। मैं बार-बार कह
- 1:50:54रहा हूं क्योंकि एसएससी सुधरेगी नहीं।
- 1:50:55लेवल उठाएगी नहीं। अभी भी पेपर एकदम डेड
- 1:50:57ईजी आएगा और आप आराम से बना लोगे। एग्जाम
- 1:50:59क्वालीफाई भी कर जाओगे। प्रॉब्लम वहां
- 1:51:01होगी जब आप आने वाले अभी देखो आपका जो
- 1:51:03प्रिपरेशन का टेन्योर होता है वो 3 महीने
- 1:51:056 महीने एक साल का होता है। जब आप जॉब
- 1:51:07करोगे आई एम अस्यूमिंग कि आप सब 30 के
- 1:51:09नीचे हो तो मिनिमम 35 साल तो जॉब करोगे।
- 1:51:1232 साल तो जॉब करोगे। यह छ आठ महीने अगर
- 1:51:15आपने अच्छे से मेहनत नहीं करी ना तो आने
- 1:51:16वाले 32 34 महीने आपको बहुत बेइज्जत होना
- 1:51:18पड़ेगा क्योंकि ऑफिसिसेस में काम करने के
- 1:51:21लिए ऐसा मत समझना कि कोई लाइब्रेरी वाला
- 1:51:23दोस्त है जिससे आपने प्रॉब्लम पूछा और
- 1:51:24उसने आपको बता दिया वो पहले आपका मजाक
- 1:51:26उड़ाएगा वो पहले जाके ऑथॉरिटी को बोलेगा
- 1:51:28कि सर उसको कोई काम मत देना उसको तो
- 1:51:29इंग्लिश लिखना भी नहीं आता समझना मैं क्या
- 1:51:32बोल रहा हूं। लॉन्ग टर्म प्रॉब्लम क्रिएट
- 1:51:34होगा। तो जो बच्चे भी नॉन इंग्लिश
- 1:51:36बैकग्राउंड से हैं, जो बच्चे वैसे मीडियम
- 1:51:38से पढ़कर आए हैं, जहां इंग्लिश आपका
- 1:51:40फर्स्ट लैंग्वेज नहीं था पढ़ाने का या
- 1:51:41पढ़ने का, रीडिंग पे ध्यान दो। आप उस वाले
- 1:51:45रेस में जरूर आगे बढ़ जाओगे जहां एग्जाम
- 1:51:47क्वालीफाई करना होता है। पर उस वाले रेस
- 1:51:48में बहुत पीछे रह जाओगे जहां पे इंग्लिश
- 1:51:50लिखना और समझना होता है। एंड ट्रस्ट मी
- 1:51:52व्हेन आई से दिस ऑफिसिसेस में 99% जरूरत
- 1:51:56इंग्लिश की पड़ती है। फिर से बोल रहा हूं।
- 1:51:58मेरी बात पे यकीन मत करना क्योंकि बहुत
- 1:52:00सारे लोग नेगेटिव रहते हैं। वो यही
- 1:52:01सोचेंगे कि अरे ये तो टीचर है। ये तो
- 1:52:02कोर्स बेचेगा अभी। आपको जो बोलना है बोल
- 1:52:05लो भाई। वो बच्चे जिनका सिलेक्शन हो चुका
- 1:52:08जो आपसे सीनियर हैं जाके पूछना और उनसे
- 1:52:10जेनुइनली हाथ पे हाथ रख के उनसे पूछना कि
- 1:52:12भैया दीदी दिक्कत होता है क्या ऑफिस में?
- 1:52:14जो रट के जिन्होंने क्वालीफाई किया होगा
- 1:52:16एग्जाम वो आपको बता देंगे भाई कि दिक्कत
- 1:52:18होती है या नहीं होती है। और मेरा
- 1:52:19प्रॉब्लम कहां है? चलो आगे बढ़ते हैं।
- 1:52:21लिखा है कि दीज़ विल वंडर थ्रू स्पेस फॉर
- 1:52:23100्स और इवन थाउजेंड्स ऑफ इयर्स। वो लोग
- 1:52:25यहां वहां भटकते रहेंगे हजारों सालों तक।
- 1:52:28ईच ऑफ़ देम विल कैरी अ लार्ज ह्यूमन डैश।
- 1:52:31उनमें से हर कोई जो है वो लार्ज ह्यूमन
- 1:52:33डैश को कैरी करेगा। क्या करेगा? लार्ज
- 1:52:35ह्यूमन इंस्टिंक्ट को। इंस्टिंक्ट मतलब
- 1:52:37होता है महसूस होना, अंदाजा होना। तो वो
- 1:52:40जो स्टारशिप्स है ना वो बड़े-बड़े इंसानों
- 1:52:42के अंदाजों को कैरी करेगा। हैं? कोई सेंस
- 1:52:45नहीं है। बड़े-बड़े ह्यूमन कॉलोनी को। अच्छा
- 1:52:48आप जब ईच ऑफ़ देम विल कैरी अ लार्ज ह्यूमन
- 1:52:51तो फिर यहां पे आपको तो कॉलोनीज़ बोलना
- 1:52:53पड़ेगा। आप तो यहां पर अ लार्ज यूज कर रहे
- 1:52:56हो, प्लुरल यूज कर रहे हो। फिर तो कॉलोनीज
- 1:52:57होना चाहिए था। यह तो नहीं हो सकता। अ
- 1:52:59लार्ज ह्यूमन प्रोपोर्शन क्या वो रेशियो
- 1:53:01कैरी करेंगे? नहीं। अ लार्ज ह्यूमन
- 1:53:03पपुलेशन। ये हो सकता है कि वो लोग क्या
- 1:53:05करेंगे? वो लोग एक बहुत बड़ी पपुलेशन को
- 1:53:07कैरी करेंगे। ठीक है? आगे सम ऑफ़ दोज़ पीपल
- 1:53:10विल टेक ओवर अ सूटेबल प्लनेट एंड सेटल
- 1:53:13डाउन देयर। कुछ उनमें से कुछ लोग होंगे जो
- 1:53:15उनके हिसाब से कोई प्लनेट जो उनको पसंद आ
- 1:53:16जाएगा वहां सेटल हो जाएंगे। दिस सर्च फॉर
- 1:53:19न्यू प्लनेट्स टू सेटल इन विल कंटिन्यू
- 1:53:21अंटिल लाइफ ऑन प्लनेट अर्थ कुड बी जस्ट अ
- 1:53:24डैश मेमोरी। लिखा है ये जो सर्च है नए
- 1:53:26प्लनेट का ये सेटल इन हो जाएगा जब तक
- 1:53:29प्लनेट अर्थ पे जो उनका लाइफ था वो एक डैश
- 1:53:31मेमोरी नहीं बन जाता। क्या मेमोरी नहीं बन
- 1:53:33जाता? वो एक डिस्टिंक्ट मेमोरी नहीं बन
- 1:53:35जाता। डिस्टेंट मेमोरी का मतलब होता है
- 1:53:37कोई ऐसी चीज जो आपको दूर की याद हो उसे
- 1:53:40डिस्टेंट मेमोरी कहते हैं। फॉर एग्जांपल
- 1:53:42मान लो कि मेरा जो बचपन का स्कूल था जहां
- 1:53:45पर मैं टू थ्री क्लास में पढ़ता था। मैं
- 1:53:46कभी उधर से गुजरा। अब मुझे चीजें याद तो
- 1:53:49है पर धुंधलीधुंधली याद है। तो मैं क्या
- 1:53:51कहता हूं? बड़ी डिस्टेंट मेमोरी में ये
- 1:53:52स्कूल है मेरी। उसे डिस्टिंट मेमोरी कहा
- 1:53:54जाता है। याद है पर धुंधली याद है। तो
- 1:53:56क्या कहा जा रहा है कि लोग नए-नए प्लनेट
- 1:53:58पे जाके सेटल हो जाएंगे। और तब तक ये
- 1:54:00चीजें चलेंगी जब तक जो अर्थ पे रहना जीवन
- 1:54:03बसर करना जो पृथ्वी पे है वो एक डिस्टेंट
- 1:54:05मेमोरी ना बन जाए। ये तो ठीक लग रहा है।
- 1:54:07एक इमेजिनरी मेमोरी ना बन जाए। देखो अगर
- 1:54:09आप यहां इमेजिनरी आंसर करोगे फिर यहां ए
- 1:54:11कैसे होगा? फिर तो एन इमेजिनरी होना चाहिए
- 1:54:13था। तो ये तो आंसर नहीं हो सकता। अ
- 1:54:16नियरेस्ट नियरेस्ट एक सुपरलेटिव डिग्री
- 1:54:18है। इसके पहले द लगना चाहिए था। द
- 1:54:19नियरेस्ट होना चाहिए था। फिर ये भी नहीं
- 1:54:20होगा। जस्ट अ फ़क्चुअल मेमोरी। फ़क्चुअल
- 1:54:23मेमोरी क्या होता है? फ़क्चुअल का मतलब ये
- 1:54:24होता है जो चीज फैक्ट है। फिर वो मेमोरी
- 1:54:26कैसे हुई? आंसर एक ही लग रहा है। कौन सा?
- 1:54:28डिस्टेंट मेमोरी। लिखा है। पहली बार जब
- 1:54:30पढ़ेंगे तो समझने के लिए पढ़ेंगे। ठीक है
- 1:54:32ना? लिखा है कि वन ऑफ़ द डैश एफिशिएंट
- 1:54:34सिस्टम्स ऑफ़ द ह्यूमन बॉडी इज द
- 1:54:36सर्कुलेटरी सिस्टम। लिखा हुआ है कि जो डैश
- 1:54:40एफिशिएंट सिस्टम है हमारी ह्यूमन बॉडी का
- 1:54:42वो है सर्कुलेटरी सिस्टम। जिस तरीके से
- 1:54:44ब्लड हमारी बॉडी में फ्लो होता है जो
- 1:54:46सर्कुलेट होता है ब्लड अह वो कैसे होता है
- 1:54:48वो एफिशिएंट सिस्टम है उसी के बारे में
- 1:54:50शायद यह पैसेज है पूरा का पूरा इट इज
- 1:54:52कंसीडर्ड टू बी मेड अप ऑफ कॉम्प्लेक्स एंड
- 1:54:55डेलिकेट ब्लड वेसल्स व्हिच डैश ब्लड टू
- 1:54:57एंड फ्रॉम द हार्ट लिखा हुआ है ऐसा माना
- 1:55:00जाता है कि ये जो सर्कुलेटरी सिस्टम है यह
- 1:55:02कॉम्प्लेक्स और डेलिकेट ब्लड वेसल्स से
- 1:55:04बना है जो कि हमारे बॉडी से और हमारी बॉडी
- 1:55:07का जो ब्लड है उसको डैश करते हैं। दिस
- 1:55:11सिस्टम कंप्रेसेस आर्टिलरीज़, वेंस एंड
- 1:55:15कैपिलरीज़। अगर बात की जाए सर्कुलेटरी
- 1:55:17सिस्टम के इंपॉर्टेंट पार्ट्स क्या है? तो
- 1:55:18यहां पे लिखा है कि आर्टिलरीज़ हैं, वेंस
- 1:55:21है जिनको हम नस कहते हैं। कैपिलरीज़ हैं।
- 1:55:22ठीक है? अच्छा यहां पे ना थोड़ा सा मैं
- 1:55:25इरिलवेंट एक कांसेप्ट सिखा रहा हूं।
- 1:55:28क्योंकि इससे एसएससी बहुत बार सवाल पूछती
- 1:55:30है। तो जब दिख जाता है तो रह नहीं पाता
- 1:55:32बिना बताए। कंपनीज़ एसएससी बहुत सवाल पूछती
- 1:55:35है। हमेशा कंपनीज़ के बाद क्या करके देते
- 1:55:36हैं? वो ऑफ करके देते हैं। सिमिलरली जैसे
- 1:55:39कि डिस्पाइट के बाद वो ऑफ करके देते हैं।
- 1:55:41तो आपको यह ध्यान रखना है कि ये जो दोनों
- 1:55:43वर्ड्स है ना कंप्रेस हो जाए या डिस्पाइट
- 1:55:45हो जाए। इनके बाद ऑफ नहीं आता। इसको कहीं
- 1:55:47पे नोट कर लेना। ठीक है? कंप्रेसेस ऑफ और
- 1:55:52कंसिस्ट ऑफ में कंफ्यूजन पूछा जाता है।
- 1:55:54ठीक है? एक्चुअली कांसेप्ट क्या है? कि
- 1:55:56कंसिस्ट ऑफ को ही कंप्रेस कहा जाता है।
- 1:55:58इसलिए कंप्रेस के साथ कभी ऑफ नहीं आता।
- 1:56:00सिमिलरली इंस्पाइट ऑफ को ही डिस्पाइट कहा
- 1:56:04जाता है।
- 1:56:05इसलिए डिस्पाइट के बाद कभी ऑफ नहीं आता।
- 1:56:07तो आप नोट करके लिख लेना कि कंप्रेस और
- 1:56:10डिस्पाइट के बाद ऑफ नहीं आता। ठीक है?
- 1:56:12इससे बहुत सवाल बनेगा एग्जाम में। चलो बीच
- 1:56:15में आया तो मैंने सोचा बता दूं। पैसेज पढ़
- 1:56:19रहे थे हम। तो मैंने क्या बोला?
- 1:56:20सर्कुलेटरी सिस्टम में तीन बहुत
- 1:56:22इंपॉर्टेंट इसके फंडामेंटल्स होते हैं।
- 1:56:24आर्टिलरीज, वेंस एंड कैपिलरीज। द ब्लड इज
- 1:56:27पुश् आउट ऑफ द हार्ट टू आर्टरीज डैश हाई
- 1:56:31प्रेशर। लिखा हुआ है कि जो ब्लड है ना वो
- 1:56:33आर्टरीज से पुश किया जाता है डैश हाई
- 1:56:36प्रेशर के साथ। डैश द आर्टरीज हैव थिक एंड
- 1:56:39मस्कुलर वंस। जो आर्टरीज होते हैं उसके
- 1:56:42बहुत मोटे और बहुत मस्कुलर वेंस होते हैं।
- 1:56:44नस होते हैं। वेंस ब्रिंग ब्लड फ्रॉम ऑल
- 1:56:47पार्ट्स ऑफ द बॉडी एंड वर्क एज द
- 1:56:49प्यूरिफाइंग डैश इन द सिस्टम। जो वेंस है
- 1:56:52वो ब्लड लेके आता है डिफरेंट-डिफरेंट बॉडी
- 1:56:54के पार्ट से और वो एक प्यूरीिफाइंग डैश की
- 1:56:56तरह काम करता है सिस्टम। कैपिलरीज
- 1:56:59ट्रांसफर ब्लड फ्रॉम आर्टरीज टू वेंस। और
- 1:57:01आर्टरीज से वेंस तक पहुंचाने का जो काम है
- 1:57:03ब्लड का वो कौन करता है? वो कैपिलरीज करता
- 1:57:05है। तो बेसिकली ये लग रहा है कि किसी
- 1:57:07बच्चे की बच्चे की एक बुक से ये बायोलॉजी
- 1:57:10का एक चैप्टर उठा लिया गया है। ठीक है?
- 1:57:12सर्कुलेटरी सिस्टम और उसी को डिफाइन किया
- 1:57:14गया है। ठीक है? तो वैसे समझना तो उतना
- 1:57:17मुश्किल नहीं है। हालांकि अगर आप इंग्लिश
- 1:57:18मीडियम स्कूल से आपने बायोलॉजी नहीं पढ़ी
- 1:57:20तो आपको आर्टिलरीज, वेंस, कैपिलरीज समझने
- 1:57:22में दिक्कत हो सकती है। ठीक है? आ जाओ
- 1:57:26देखने में तो आसान ही लग रहा है। सॉल्व
- 1:57:27करते हैं। लिखा है वन ऑफ़ द डैश एफिशिएंट
- 1:57:30सिस्टम्स ऑफ द ह्यूमन बॉडी इज द
- 1:57:32सर्कुलेटरी सिस्टम। अब हम क्या करेंगे? अब
- 1:57:34हम इंडिविजुअली इस लाइन को पढ़ेंगे और ये
- 1:57:37कोशिश करेंगे कि क्या फिल अप हो। हम उसका
- 1:57:39अंदाजा लगा पाए। तो मोटा-मोटा आप ये देखना
- 1:57:41कि इस ब्लैंक में क्या हो सकता है। फिर हम
- 1:57:43देखेंगे कौन सा ऑप्शन उससे सबसे ज्यादा
- 1:57:45नजदीक है। तो क्या लिखा हुआ है कि वन ऑफ द
- 1:57:47डैश एफिशिएंट सिस्टम्स। एफिशिएंट मतलब
- 1:57:49होता है कारगार। ऐसी कोई चीज जो बहुत
- 1:57:51अच्छी हो उसको एफिशिएंट कहा जाता है। तो
- 1:57:53लिखा है कि वन ऑफ़ द डैश एफिशिएंट सिस्टम्स
- 1:57:55ऑफ़ द ह्यूमन बॉडी इज़ द सर्कुलेटरी सिस्टम।
- 1:57:56तो क्या हो जाएगा? वन ऑफ़ द मेनी एफिशिएंट
- 1:57:59सिस्टम्स। अगर आप बोलोगे कि बहुत सारे
- 1:58:02एफिशिएंट सिस्टम उनमें से एक है। हो सकता
- 1:58:04है। वन ऑफ द मोर एफिशिएंट सिस्टम्स मोर
- 1:58:07नहीं हो सकता क्योंकि मोर का इस्तेमाल
- 1:58:09कंपैरिजन कंपैरिजन के लिए किया जाता है।
- 1:58:11यहां पे हम किसी से कंपेयर नहीं कर रहे
- 1:58:13थे। हम ये नहीं कह रहे थे कि कि हमारी
- 1:58:15बॉडी में बहुत सारे एफिशिएंट सिस्टम्स
- 1:58:16हैं। सर्कुलेटरी सिस्टम उनसे ज्यादा
- 1:58:19एफिशिएंट है। ऐसी कहीं बात नहीं की गई थी।
- 1:58:20तो मोर नहीं हो सकता। एक है मोस्ट वन ऑफ द
- 1:58:24मोस्ट एफिशिएंट सिस्टम्स ये हो सकता है।
- 1:58:26वन ऑफ द सेवरल एफिशिएंट सिस्टम्स ऑफ द
- 1:58:28ह्यूमन बॉडी कि कुछ एफिशिएंट सिस्टम्स हैं
- 1:58:29ह्यूमन बॉडी में उसमें सर्कुलेटरी सिस्टम
- 1:58:31है। ठीक है? ये भी ठीक लग रहा है। पर अब
- 1:58:33सवाल ये है कि तीनों तो ठीक लग रहा है।
- 1:58:36आंसर कौन सा होगा? तो यहां पे देखोेंस आती
- 1:58:39है कि आपने कितना लाइफ टाइम में रीडिंग
- 1:58:42किया हुआ है। क्लोज टेस्ट में पूरी दुनिया
- 1:58:44की परेशानी क्या है पता है के अगर जब आप
- 1:58:47सॉल्व करते हो आपको ए भी आंसर लगता है।
- 1:58:49आपको सी भी आंसर लगता है। आपको डी भी आंसर
- 1:58:51लगता है। अब एज अ टीचर हमारी ये हमारा ये
- 1:58:53रोल होता है कि जहां पे लॉजिक है जहां पे
- 1:58:55ग्रामर है हम आपके लिए वो पार्ट को फाइंड
- 1:58:57आउट करके दे दें कि यहां पे ये ग्रामर का
- 1:58:59एरर था। इस वजह से ये ऑप्शन नहीं हुआ। पर
- 1:59:01बहुत जगह पे क्या होता है ना कि ये ग्रामर
- 1:59:03नहीं लगता। बहुत जगह पर कॉमन सेंस लगता है
- 1:59:06और बहुत जगह पर इनफैक्ट सबसे ज्यादा जगह
- 1:59:07पर आपकी रीडिंग स्किल आपके आपकी हेल्प में
- 1:59:10आती है। आपके रेस्क्यू में आती है। आपने
- 1:59:11अभी तक कितना पढ़ा है। आपका इंग्लिश का
- 1:59:14कंजमशन पर डे बेसिस पे कितना है। इसके ऊपर
- 1:59:16डिपेंड करता है कि आप कौन से ऑप्शन को चूज़
- 1:59:18करोगे। मैं हमेशा ये एनालॉजी अपने पेड
- 1:59:20बैचेस में देता हूं। यहां भी मैं दे रहा
- 1:59:22हूं कि बनाना इंग्लिश में बिल्ड को भी
- 1:59:25बोलते हैं। मेक को भी बोलते हैं। कुक को
- 1:59:27भी बोलते हैं। पर हम घर को कुक नहीं करते।
- 1:59:29हम घर को बिल्ड करते हैं। हम खाने को मेक
- 1:59:32नहीं करते। हम खाने को कुक करते हैं। ये
- 1:59:34कैसे पता चलता है? यह पता चलता है जब आप
- 1:59:36बहुत बार रीडिंग कर लेते हो ना कि शी वास
- 1:59:37कुकिंग फूड इन द किचन। आई एम अबाउट टू कुक
- 1:59:40माय फूड। तो आपको ध्यान आता है कि फूड के
- 1:59:42साथ कुकवर्ड ही एसोसिएट होता है। यही
- 1:59:44समझाने की मैं कोशिश कर रहा हूं कि अगर आप
- 1:59:45रीडिंग अच्छे तरीके से करोगे ना तो ये
- 1:59:47सारी चीजें ऑब्जरवेशन में आ जाती हैं। और
- 1:59:50ये अनकॉन्शियस तरीके से होता है। ऐसा नहीं
- 1:59:52कि आप जानबूझ के ये सब सीखते हो। ये
- 1:59:53अनकॉन्शियस तरीके से आपने पढ़ा होगा कि वन
- 1:59:56ऑफ के बाद आमतौर पर सुपरलेटिव डिग्री और
- 1:59:59नाउन लगता है। अब ये कोई ग्रामर का हार्ड
- 2:00:01एंड फास्ट रूल नहीं है। इसको रट्टा मत मार
- 2:00:03लेना। पर आप देखो प्रैक्टिस में हम कितनी
- 2:00:04बार बोलते हैं कि ही इज़ वन ऑफ़ द बेस्ट
- 2:00:06स्टूडेंट्स। क्या बोला? वन ऑफ द बेस्ट
- 2:00:09स्टूडेंट्स। आई एम वन ऑफ़ द आई एम द आई एम
- 2:00:12वन ऑफ़ द रिचेस्ट पर्संस। आई एम वन ऑफ द
- 2:00:15रिचेस्ट पर्संस। नॉट रिचर पर्सन। इसका
- 2:00:18मतलब यह है कि वन ऑफ में आप जब ये आप जब
- 2:00:20यूज करते हो तो आमतौर पर इसका सेंस ये
- 2:00:23बनता है कि अगर मैं बेस्ट एफिशिएंट
- 2:00:25सिस्टम्स की बात करूं हमारी बॉडी में तो
- 2:00:27उनमें से एक है सर्कुलेटरी सिस्टम व्हिच
- 2:00:30मींस वन ऑफ के बाद यहां पे कोई सुपरलेटिव
- 2:00:32डिग्री होना चाहिए। ऑप्शन देखिए मेनी
- 2:00:34सुपरलेटिव डिग्री में नहीं है। सेवरल
- 2:00:36सुपरलेटिव डिग्री में नहीं है। पर मोस्ट
- 2:00:38सुपरलेटिव डिग्री में है। तो आंसर क्या
- 2:00:40होगा यहां पर? मोस्ट। अब जो बच्चे लगातार
- 2:00:43रीडिंग करते हैं उनको ये बहुत बच्चों वाला
- 2:00:45सवाल लगा होगा। उनको लग रहा होगा मैं इतना
- 2:00:46टाइम क्यों दे रहा इतना सिंपल ऑप्शन तो है
- 2:00:48पर मैं उनको एड्रेस कर रहा हूं जो रीडिंग
- 2:00:50नहीं करते जो बचते हैं रीडिंग करने से। अब
- 2:00:52ये मत बोलना कि सर रीडिंग करते हैं पर समझ
- 2:00:54नहीं आता। मैं ऑलरेडी वीडियो बना चुका हूं
- 2:00:56इसके ऊपर कि रीडिंग नहीं समझ आती तो क्या
- 2:00:58करना चाहिए आपको? मैक्सिमम लोग और मैं
- 2:01:01इसमें 90% इंक्लूड करूंगा जो सिर्फ और
- 2:01:04सिर्फ बातें सुनते हैं। एक्शन नहीं लेते।
- 2:01:07तो फिर जो अभी इतने सालों में हुआ वो आगे
- 2:01:09भी आपके साथ होगा। अनफॉर्चुनेटली यू विल
- 2:01:11जस्ट बी एन एक स्पेक्टेटर। क्योंकि आप खुद
- 2:01:13की जिंदगी में कुछ नहीं बदलना चाहते तो
- 2:01:14दूसरा क्या ही कर लेगा। इट इज कंसीडर्ड टू
- 2:01:17बी मेड अप ऑफ कॉम्प्लेक्स एंड डेलिकेट
- 2:01:19ब्लड वेसल्स व्हिच डैश ब्लड। क्या लिखा
- 2:01:22हुआ है कि ऐसा माना जाता है कि ये जो
- 2:01:23सर्कुलेटरी सिस्टम है ये कॉम्प्लेक्स और
- 2:01:25डेलिकेट ब्लड वेसल से बना है। व्हिच डैश
- 2:01:28ब्लड यहां पे कोई वर्ब आने वाला है। जिस
- 2:01:31वर्ब का एंटीिसिडेंट को जिस वर्ब का
- 2:01:33सब्जेक्ट कौन होगा? व्हिच व्हिच का
- 2:01:34एंटीसिडेंट कौन होगा? वेसल्स। मतलब यहां
- 2:01:36पे कोई प्लूरल वर्ड है, प्लूरल नाउन है।
- 2:01:38इसके लिए यहां पे कोई वर्ब आ रहा है, तो
- 2:01:39यह वर्ब प्लुरल में होना चाहिए। कैरी,
- 2:01:42क्लीन, कैच, गिव। आपको दिख रहा है? चारों
- 2:01:44वी1 में है। चारों प्लूरल में है। अब देखो
- 2:01:47प्री और मेंस के क्वेश्चन में क्या
- 2:01:48डिफरेंस हो जाता है भाई? डिफरेंस ये हो
- 2:01:50जाता है कि अगर ये प्री का पेपर होता ना
- 2:01:52तो तीन जगह पे वी5 दिया होता। जहां पे आप
- 2:01:54फटाक-फटाक काटते कि ये तो सिंगुलर है। ये
- 2:01:56आंसर नहीं हो सकता है। यहां देखो चारों
- 2:01:58प्लूरल में दिया हुआ है। ठीक है? तो ये
- 2:01:59डिफरेंस हो जाता है। अब देख लो यहां पे
- 2:02:01क्या हो सकता है आंसर? क्या लिखा हुआ है
- 2:02:03कि ऐसा माना जाता है कि ये बहुत ही
- 2:02:04कॉम्प्लेक्स और डेलिकेट ब्लड वेसल है जो
- 2:02:07कि ब्लड पहुंचाता है और ब्लड ले जाता है
- 2:02:11हार्ट से जो ब्लड पहुंचाता भी है हार्ट को
- 2:02:14जो ब्लड ले भी जाता है हार्ट से ठीक है तो
- 2:02:16क्या हो जाएगा व्हिच कैरी हो सकता है
- 2:02:19व्हिच क्लीन ब्लड टू देखो अगर आप ये लॉजिक
- 2:02:22लगाओगे कि सर ये ब्लड क्लीन करता तो चलो
- 2:02:24ठीक है मान लिया ब्लड क्लीन करता है फिर
- 2:02:25यहां पे टू क्या कर रहा है टू तो नहीं हो
- 2:02:27सकता हम सिंपली बोलेंगे व्हिच क्लीन ब्लड
- 2:02:29फिर यहां पे टू एंड फ्रॉम क्यों लिखा हुआ
- 2:02:31है इसका इसका मतलब क्लीन तो नहीं हो सकता।
- 2:02:33व्हिच कैच ब्लड टू एंड फ्रॉम जो कैच
- 2:02:36पकड़ता है मतलब जो पकड़ता है खून को हृदय
- 2:02:41से पहुंचाता है खून को हृदय से। क्या सेंस
- 2:02:44है भाई? व्हिच गिव ब्लड टू एंड फ्रॉम।
- 2:02:47देखो अगर हम गिव लगाएं तो इसके लिए टू तो
- 2:02:50सही है। पर क्या कभी आपने गिव के साथ
- 2:02:52फ्रॉम सुना है? ही गिव द मनी फ्रॉम यू।
- 2:02:56नहीं नहीं गिव के साथ टू लग सकता है पर
- 2:02:57फ्रॉम नहीं लग सकता। कि हमें एक ऐसा वर्ब
- 2:02:59चाहिए जिसके साथ ये प्रपजीिशन भी करेक्ट
- 2:03:01है और ये प्रपोजीशन भी करेक्ट है। तो ये
- 2:03:02तो आंसर नहीं हो सकता। फिर एक ही ऑप्शन
- 2:03:04बचता है व्हिच कैरी ब्लड टू जो पहुंचाता
- 2:03:07है एंड फ्रॉम द हार्ट वहां से लेके भी आता
- 2:03:09है। दिस सिस्टम कंप्रेसेस आर्टिलरीज, वेंस
- 2:03:12एंड कैपिलरीज। द ब्लड इज पुश्ड आउट ऑफ द
- 2:03:15हार्ट टू आर्टरीज डैश हाई प्रेशर। ठीक है?
- 2:03:19लिखा हुआ है ब्लड जो है वो पुश होता है
- 2:03:21आर्टरीज में डैश हाई प्रेशर। फ्रॉम हाई
- 2:03:24प्रेशर। देखो आप पुश करने की बात कर रहे
- 2:03:26हो। पुल करना कहते हो तो हम यहां फ्रॉम
- 2:03:28यूज़ करते हैं। फ्रॉम मतलब होता है किसी
- 2:03:29चीज से अलग करना। आप जब किसी चीज के अंदर
- 2:03:32पुश कर रहे हो तो वहां पर फ्रॉम कैसे यूज़
- 2:03:34करोगे?
- 2:03:35द ब्लड इज पुश् आउट ऑफ द हार्ट टू आर्टरी
- 2:03:37इज़ इन हाई प्रेशर। नहीं देखो इन हाई
- 2:03:39प्रेशर तो नहीं हो सकता। हाई प्रेशर के
- 2:03:41साथ बोलना चाहते हो तो विथ हाई प्रेशर
- 2:03:43बोलो। राइट? यहां पे इन लिखा हुआ था। विथ
- 2:03:48भी नहीं है। ऑप्शन में कहीं विथ नहीं है।
- 2:03:50अच्छा ऑफ हाई प्रेशर हो सकता है क्या? द
- 2:03:51ब्लड द ब्लड इज़ पुश् ऑफ द हार्ट टू
- 2:03:54आर्टरीज़ ऑफ हाई प्रेशर। हाई प्रेशर का
- 2:03:56ब्लड नहीं हाई प्रेशर सेम ब्लड तो यहां पे
- 2:03:59अंडर बोल सकते हैं क्या? हां जी अंडर बोल
- 2:04:01सकते हैं कि अंडर हाई प्रेशर ये पुश किया
- 2:04:04जाता है। एक ही ऑप्शन ठीक लग रहा था। आगे
- 2:04:06बढ़ेंगे। डैश द आर्टरीज हैव थिक एंड
- 2:04:09मस्कुलर वेंस। अब देखो यहां पे क्या लिखा
- 2:04:11हुआ है? बट द आर्टरीज हैव थिक एंड मस्कुलर
- 2:04:15वेंस। बहुत इंपॉर्टेंट है जो बात बता रहा
- 2:04:17हूं। सुनना आगे। अगला लाइन पढ़ना। वेंस
- 2:04:20ब्रिंग ब्लड फ्रॉम ऑल पार्ट्स ऑफ द बॉडी।
- 2:04:23क्या आपको ऐसा फील हो रहा है कि इस लाइन
- 2:04:26का इस लाइन के साथ कोई कनेक्शन है? मुझे
- 2:04:29तो दोनों इंडिपेंडेंट दिख रहे हैं। दोनों
- 2:04:31का आपस में कोई कनेक्शन नहीं है। यहां
- 2:04:33बोला जा रहा है कि आर्टरीज के थिक और
- 2:04:35मस्कुलर वेंस होते हैं। यहां बोला जा रहा
- 2:04:36है वंस जो है ब्लड लेकर आता है। आर्टरीज
- 2:04:39कहां चला गया? इसके साथ तो कोई कनेक्शन
- 2:04:42नहीं है। अच्छा यहां पे अगर कोई मैं क्यों
- 2:04:44बोल रहा हूं ये? क्योंकि देखो पहला ऑप्शन
- 2:04:46क्या दिया हुआ था? बट। बट का मतलब क्या
- 2:04:48होता है? लेकिन हम लोग कहां यूज़ करते हैं?
- 2:04:50जहां पर हम कंट्रास्ट दिखाना चाहते हैं।
- 2:04:52मतलब हम दो सेंटेंस को बट से जोड़ रहे
- 2:04:54हैं। जिसमें से एक पॉजिटिव है और दूसरा
- 2:04:56नेगेटिव है। मैं ये बोलना चाहता हूं कि ही
- 2:05:00इज माय फ्रेंड। वो मेरा दोस्त है। पॉजिटिव
- 2:05:01बट बट आई डोंट ट्रस्ट यू। लेकिन मुझे उस
- 2:05:04पे भरोसा नहीं है। नेगेटिव बात। अच्छा
- 2:05:07इसका मतलब ये है कि अगर हम यहां पे बट
- 2:05:09प्लेस करते हैं। ध्यान से सुनना। तो ये भी
- 2:05:12जो सेंटेंस है इसका आगे पीछे किसी सेंटेंस
- 2:05:15के साथ कोई रिलेशन होना चाहिए जिसमें ये
- 2:05:16पॉजिटिव बता रहा हो तो दूसरा नेगेटिव बता
- 2:05:18रहा हो। पर इसके पहले वाले सेंटेंस में भी
- 2:05:20कहीं हमें ऐसा नहीं मिला ना। इसके बाद
- 2:05:22वाले सेंटेंस में कहीं हमें ऐसा मिल रहा
- 2:05:23है। इनफैक्ट मैं तो यहां तक बोलूंगा कि
- 2:05:25इनका कनेक्शन बाद वाले सेंटेंस के साथ कुछ
- 2:05:27है ही नहीं। तो बट तो नहीं लग सकता
- 2:05:29क्योंकि कंट्रास्टिंग सेंटेंस मिल नहीं
- 2:05:31रहा। अच्छा सेम रीज़न से ऑलदो भी नहीं लग
- 2:05:33सकता क्योंकि ऑलदो भी कंट्रास्टिंग चीजों
- 2:05:34को जोड़ता है। है ना? एक बच रहा है बिकॉज़
- 2:05:38एक बच रहा है देयर फॉर। ठीक है? बिकॉज़ का
- 2:05:40मतलब होता है कारण बताना। तो यहां क्या
- 2:05:42लिखा हुआ था कि ब्लड जो है वो पुश होता है
- 2:05:45आर्टरीज से हाई प्रेशर में। क्योंकि
- 2:05:48आर्टरीज के बहुत थिक और मस्कुलर वेंस होते
- 2:05:51हैं। क्या यह रीजन है ब्लड के हाई प्रेशर
- 2:05:53में पहुंचने का? नहीं। तो बिकॉज़ तो सेंस
- 2:05:57नहीं बना रहा। फिर एक बच रहा है देयर फॉर।
- 2:06:00देयर फॉर का मतलब होता है कंक्लूजन है।
- 2:06:02थोड़ा गंदा हो गया मैं क्लीन कर रहा हूं।
- 2:06:04देयर फॉर का मतलब है कंक्लूजन है भैया।
- 2:06:06कंक्लूजन ये है कि इसलिए आर्टरीज़ के बहुत
- 2:06:10हाई, बहुत मोटे और बहुत मस्कुलर वेंस होते
- 2:06:13हैं। क्या बोल रहा हूं? ध्यान से सुनना।
- 2:06:14बहुत मस्कुलर वेंस होते हैं। क्या बोला
- 2:06:16गया है? इसके पहले वाले लाइन से कनेक्ट
- 2:06:17करो आप। कह रहा था कि ब्लड जो है ना वो
- 2:06:20बहुत हाई प्रेशर से आर्टरीज में पंप होते
- 2:06:24हैं। इसलिए दैट्स व्हाई जिसको हम देयर फॉर
- 2:06:28कहते हैं। इसलिए आर्टरीज के बहुत थिक और
- 2:06:32बहुत मस्कुलर वेंस होते हैं। ये तो ठीक लग
- 2:06:36रहा है कि ये हुआ एज अ रिजल्ट ऑफ व्हिच ये
- 2:06:39हुआ। तो देयर फॉर तो बिल्कुल सटीक बैठ रहा
- 2:06:41है यहां पे। तो आंसर कौन सा होगा? ऑप्शन
- 2:06:43नंबर फोर। आई होप समझ पा रहे हो आप। अगला
- 2:06:46वंस ब्रिंग ब्लड फ्रॉम ऑल पार्ट्स ऑफ द
- 2:06:48बॉडी एंड वर्क एज द प्यूरिफाइंग डैश इन द
- 2:06:51सिस्टम। वेंस जो है वो बॉडी के हर पार्ट
- 2:06:53से ब्लड लेकर आता है और वो एक
- 2:06:55प्यूरीिफाइंग डैश की तरह काम करता है। वो
- 2:06:57एक प्यूरीिफाइंग स्टेज की तरह काम करता
- 2:06:59है। वो एक प्यूरिफाइंग कैंप की तरह काम
- 2:07:01करता है। देखो बॉडी के अंदर कैंप वर्ड तो
- 2:07:03फिट नहीं आएगा। वो एक प्यूरीिफाइंग स्टैंड
- 2:07:05की तरह काम करता है। फिट नहीं आएगा। एक
- 2:07:07स्टेशन की तरह काम करता है। देखो
- 2:07:09प्यूरीिफाइंग स्टेज या प्यूरीिफाइंग
- 2:07:11स्टेशन ऑब्वियसली प्यूरीिफाइंग स्टेशन की
- 2:07:13तरह काम करता है। ठीक है? अब आप बोलेंगे
- 2:07:15सर यहां पे तो ट्रेन स्टेशन, बस स्टेशन
- 2:07:17वाला स्टेशन स्टेशन का बेसिकली मतलब यहां
- 2:07:19पे रेलेवेंस ये है स्टेशन का कि एक ऐसी
- 2:07:21जगह है जहां पे ये काम किया जाता है।
- 2:07:23ठहराव कह लो इसको। उस सेंस में स्टेशन को
- 2:07:25यूज़ किया गया। ठीक है? तो पैसेज बढ़िया था।
- 2:07:28थोड़ा सा कंफ्यूज हो सकते हैं अगर आप
- 2:07:30क्योंकि इसमें एक साइंस का एक पैसेज है
- 2:07:32ये। तो थोड़ा सा कंफ्यूजन हो सकता है अगर
- 2:07:34आपने फिर से बोल रहा हूं। इंग्लिश मीडियम
- 2:07:35में आर्टिलरीज, वेंस, कैपिलरीज अगर नहीं
- 2:07:37पढ़ा है तो थोड़ा मुसीबत हो सकता है।
- 2:07:39अदरवाइज़ ऑप्शंस तो काफी ईजी थे।
- 2:07:42आएंगे पैसेज नंबर टू पे। अब ये काफी लंबा
- 2:07:44पैसेज है। ठीक है? देख लो एक पूरा पैसेज
- 2:07:47ये है। उसके बाद आधा पैसेज ये है। तो ये
- 2:07:50काफी लंबा पैसेज है। एक बार पढ़ते हैं।
- 2:07:52रीडिंग डालते हैं। देखते हैं किसके बारे
- 2:07:54में। फिर फिल अप करेंगे। क्या लिखा हुआ
- 2:07:56है? आसाम्स काजीरंगा नेशनल पार्क वाज़ डैश
- 2:07:59बाय सीवियर फ्लूइड इन 2016 दैट डिस्ट्रॉय
- 2:08:02डिस्ट्रॉयड 80% ऑफ़ द पार्क्स लैंड एंड
- 2:08:05किल्ड इट्स वाइल्ड लाइफफ़। लिखा हुआ है
- 2:08:07आसाम का जो काजीरंगा नेशनल पार्क है ना वो
- 2:08:09वो डैश हुआ था बहुत ही सीवियर बहुत ही
- 2:08:12डेंजरस फ्लड से 2016 में। सीवियर का मतलब
- 2:08:15होता है दयनीय। ठीक है? बहुत मिज़रेबल।
- 2:08:18उसकी वजह से क्या हुआ? 80% जो लैंड था उस
- 2:08:22पार्क का और उसके जो 80% वाइल्ड लाइफफ़ था,
- 2:08:24जो जानवर उसके अंदर थे वो सब के सब मर गए।
- 2:08:27वर्ल्ड्स हेरिटेज लिस्टेड काजीरंगा नेशनल
- 2:08:29पार्क इज इन इंडिया। वर्ल्ड हेरिटेज जो
- 2:08:32लिस्ट मतलब वर्ल्ड हेरिटेज ने लिस्ट किया
- 2:08:34है काजीरंगा नेशनल पार्क वो भारत में है।
- 2:08:36इट इज़ अ डैश एरिया वि द हाईएस्ट टाइगर
- 2:08:39पपुलेशन इन द वर्ल्ड। यह एक डैश एरिया है
- 2:08:42जिसमें दुनिया का सबसे ज्यादा टाइगर का
- 2:08:45पपुलेशन है एंड इज होम टू टू थर्ड्स ऑफ द
- 2:08:47वर्ल्ड्स ग्रेट वन हॉर्न राइनोसोरस और
- 2:08:50दुनिया के दो तिहाई राइनोसोरस यहीं पाए
- 2:08:52जाते हैं। ठीक है? मान लो अगर दुनिया में
- 2:08:53300 राइनोसोरस है तो उनमें से 200 यहीं
- 2:08:55पाए जाते हैं। इन एडिशन इसके साथ-साथ देयर
- 2:08:58आर अ लॉट ऑफ़ एलीिफेंट्स स्वम डेयर एंड
- 2:09:01वाइल्ड वाटर बफेलो इन दिस एरिया। इसके साथ
- 2:09:03कुछ और जानवर पाए जाते हैं। जैसे कि
- 2:09:05एलीिफेंट्स है, स्वम डेयर है, वाइल्ड वाटर
- 2:09:07बफेलो है। वह यहां पाए जाते हैं। नियरली
- 2:09:10250 एनिमल्स इंक्लूडिंग एटलीस्ट 21 हॉर्न
- 2:09:12राइनोस वर किल्ड इन द डिवास्टेटिंग 2016
- 2:09:15फ्लड्स। लिखा हुआ है कि लगभग 250 जानवर
- 2:09:18जिसमें 20 वन हैंड वन हॉर्न राइनोस भी थे।
- 2:09:21ऐसे रनोस जिनका एक सिंह होता है। वन ह
- 2:09:23राइनोस जो है वो मारे गए थे डिवास्टेटिंग
- 2:09:262016 के फ्लड्स में। डिवास्टेटिंग का मतलब
- 2:09:28होता है जो बिल्कुल तोड़ कर रख दे। बर्बाद
- 2:09:30कर देने वाला।
- 2:09:32ओवर 200 एनिमल्स वर सेव्ड बाय द
- 2:09:34फॉरेस्टर्स इंक्लूडिंग नाइन राइनो
- 2:09:36कार्ब्स। लगभग 200 जानवरों को जो
- 2:09:39फॉरेस्टर्स थे जो वहां पे जंगल की देखरेख
- 2:09:41करते हैं जो लोग उन्होंने बचाया था उसमें
- 2:09:43लगभग नौ राइनो के छोटे बच्चे थे। सैडली वी
- 2:09:47हैव वेरी लिटिल कंट्रोल ओवर द एनुअल फ्लड
- 2:09:50फेनोमिना।
- 2:09:51लेकिन अफसोस की बात यह है कि यह जो लगातार
- 2:09:53बाढ़ आते हैं ना साल साल साल दर साल वहां
- 2:09:55पर बाढ़ आते हैं इसके ऊपर हमारा बहुत कम
- 2:09:57कंट्रोल है। ड्यू टू सिग्निफिकेंट
- 2:09:59क्लाइमेटिक चेंजेस द पॉसिबिलिटी दैट दैट
- 2:10:01इट विल गेट ओनली गेट वर्स इन द कमिंग
- 2:10:04इयर्स इज डैश क्योंकि हमारे जो हमारा जो
- 2:10:07क्लाइमेट है उसमें बहुत ही ज्यादा मतलब
- 2:10:10भयंकर तरीके से सिग्निफिकेंट चेंजेस आ रहे
- 2:10:13हैं। उसकी वजह से ये जो पॉसिबिलिटी है कि
- 2:10:15चीजें और खराब होंगी आने वाले सालों में
- 2:10:18वो डैश है। एडिशनली द डेंजर्स पोज्ड बाय
- 2:10:21रोड एंड हाईवे इंक्रोचमेंट एज वेल एज द
- 2:10:23इंक्रीजिंग नंबर ऑफ ह्यूमन सेटलमेंट्स
- 2:10:25सराउंडिंग द पार्क्स कोर एरियाज आर अ कॉज
- 2:10:28वाल कंसर्न और बात यहां पे सिर्फ क्लाइमेट
- 2:10:30की नहीं है। बात ये भी है कि और भी खतरा
- 2:10:32है कि जैसे जब रोड बनाए जा रहे हैं, हाईवे
- 2:10:34बनाए जा रहे हैं, इससे धीरे-धीरे करके
- 2:10:36पार्क का जो एरिया है ना उसको गवर्नमेंट
- 2:10:38कवर करती जा रही है। मतलब इंक्रोचमेंट हो
- 2:10:40रहा है उधर। ठीक है? मतलब इललीगल तरीके से
- 2:10:42पार्क की जमीन भी हड़पी जा रही है। साथ ही
- 2:10:44साथ में जो घर बनाए जा रहे हैं जो हम जैसे
- 2:10:46आम लोग उधर जाके बसने लगे हैं उसके वजह से
- 2:10:49जो पार्क का कोर एरिया है वो भी खराब हो
- 2:10:51रहा है। ठीक है? इन ऑर्डर टू गारंटी द
- 2:10:54कंप्लीट सेफ्टी ऑफ द वाइल्ड लाइफफ़ एंड अदर
- 2:10:56इनहबिटेंट्स ऑफ द एरिया इट इज टाइम वी टेक
- 2:10:59दैट वी प्लान सम रिस्क रिडक्शन मेजर्स।
- 2:11:01लिखा हुआ है कि कम ये गारंटी करने के लिए
- 2:11:04कि ये जो वाइल्ड लाइफफ़ है ये कंप्लीटली
- 2:11:06सेफ रहे और उसके अंदर के जितने भी जानवर
- 2:11:08है वो कंप्लीटली सेफ रहे। अब वक्त आ गया
- 2:11:11है कि हम लोग कुछ स्टेप उठाएं जिससे इस
- 2:11:13रिस्क को कम किया जा सके। बिकॉज़ दे आर
- 2:11:16फमिलियर विद द रिवर इट्स कोर्स एंड अदर
- 2:11:18रीोकेशन सेंटर्स वेयर लाइफ वाइल्ड लाइफफ़
- 2:11:20कैन बी शेल्टर्ड द लोकल कम्युनिटीज़ कैन
- 2:11:23सपोर्ट अस। लिखा हुआ हैकि आसपास का जो
- 2:11:25एरिया है ना उससे जो लोकल कम्युनिटीज है
- 2:11:27वो बहुत अच्छे तरीके से वाकिफ हैं।
- 2:11:29क्योंकि बहुत अच्छे तरीके से वाकिफ हैं।
- 2:11:31उनकी मदद से ये चीजें ठीक की जा सकती हैं।
- 2:11:34एडिशनली वी मस्ट इंश्योर दैट द एनिमल्स आर
- 2:11:37चेंड्ड अप ड्यूरिंग द चेंड्ड अप ड्यूरिंग
- 2:11:40द डिजास्टर। लिखा हुआ है कि इसके साथ-साथ
- 2:11:42हमें यह भी मेक श्योर करना चाहिए कि जब
- 2:11:44डिजास्टर हो तो कोई भी जानवर बंधा ना हो।
- 2:11:47बंधे होने से तो फिर उसके पास भागने की
- 2:11:49जगह भी नहीं है ना। देयर लाइकलीहुड ऑफ
- 2:11:51सर्वाइविंग फ्लड्स इज इंक्रीज बाय 50% एज
- 2:11:53अ रिजल्ट। अगर ऐसा होता है कि उन्हें
- 2:11:55बांधा नहीं रखा जा जाए ना तो उनके बचने के
- 2:11:5850% चांस हो जाते हैं। वरना आधे ज्यादा
- 2:12:00जानवर शायद भाग ही नहीं पाए होंगे। इसलिए
- 2:12:01ये लाइन लिखा गया है। व्हेन कंबाइंड विद द
- 2:12:04डैश प्रोवाइडेड बाय द पब्लिक अथॉरिटी
- 2:12:06कन्वेंशनल इनेशन बाय द लोकल पीपल कैन
- 2:12:08अनडाउटेबली प्रिवेंट एनिमल्स फ्रॉम
- 2:12:10सकंबिंग टू द डेवस्टेटिंग इवेंट्स। लिखा
- 2:12:12हुआ है कि अगर उसे डैश के साथ कंबाइन कर
- 2:12:15दिया जाए जो कि गवर्नमेंट या पब्लिक
- 2:12:16अथॉरिटी जो है वो प्रोवाइड करती है।
- 2:12:18कन्वेंशनल इंफॉर्मेशन जो है लोकल पीपल का
- 2:12:21वो डेफिनेटली हेल्प कर सकता है एनिमल्स को
- 2:12:24ताकि वो सकम ना हो जाए। सकम का मतलब होता
- 2:12:26है देखो सकम का बेसिकली मतलब होता है
- 2:12:28घुटने टेक देना। ठीक है? बट उसके साथ और
- 2:12:30भी आप वर्ड्स लगा सकते हो। जैसे मृत्यु हो
- 2:12:33जाना को भी सकम कहते हैं। सकम टू डेथ।
- 2:12:34आपने बहुत बार सुना होगा। ठीक है? तो यहां
- 2:12:36पे लिखा हुआ है कि जब ऐसी घटनाएं होती हैं
- 2:12:38तो इनकी मौत ना हो जाए। इसे बचाया जा सकता
- 2:12:40है। द लाइफ साइकिल इज एक्सट्रीमली डेलिकेट
- 2:12:44और इसके लिए जो लाइफ साइकिल है वह बहुत ही
- 2:12:47ज्यादा नाजुक है। व्हाइल प्रिवेंटिंग
- 2:12:49फ्लडिंग वुड बी बेनिफिशियल फॉर द एनिमल्स
- 2:12:51वी मस्ट आल्सो रिकॉग्नाइज दैट दीज़ वाटर
- 2:12:53लेबल सप्लाई द सोइल विथ एसेंशियल
- 2:12:55न्यूट्रिएंट्स। लिखा हुआ है कि हमें यह
- 2:12:57बात भी समझना चाहिए कि हमें सिर्फ बाढ़ से
- 2:13:00नहीं बचाना है। यह जो पानी है ना यह जमीन
- 2:13:03के लिए जरूरी है। ठीक है? दिस इन टर्न
- 2:13:05एड्स इन द डेवलपमेंट ऑफ ग्रासेस। अगर यह
- 2:13:08पानी नहीं होगा तो वहां पर घास नहीं
- 2:13:10उगेगा। द बेस ऑफ द फूड चेन इज देन फॉर्म्ड
- 2:13:13बाय दिस। लिखा हुआ है कि अगर वहां घास
- 2:13:15नहीं होगा तो फूड चेन का जो सबसे लोअर
- 2:13:17लेवल है वो नहीं होगा। एनिमल्स वुड बिगेन
- 2:13:20टू डाई फ्रॉम अ लैक ऑफ एसेंशियल
- 2:13:22न्यूट्रिएंट्स इफ द फ्लड्स स्टॉप्ड। हम
- 2:13:24ऐसा नहीं कर सकते कि कुछ ऐसा रीज़न उठा लें
- 2:13:27कि भैया यहां पे बाढ़ ही नहीं है। ऐसा
- 2:13:29नहीं कर सकते। बाढ़ आना भी जरूरी है। अगर
- 2:13:31बाढ़ नहीं आएगा तो वहां पे जो जो मिट्टी
- 2:13:34है उसको जरूरत का पानी नहीं मिलेगा। वहां
- 2:13:36घास नहीं उगेगा क्योंकि घास नहीं उगेगा
- 2:13:39जानवर खाएंगे क्या और पूरा का पूरा फूड
- 2:13:42चेंज जो है वो डिसरप्ट हो जाएगा। ठीक है?
- 2:13:44व्हाइल इट इज आवर रिस्पांसिबिलिटी टू डैश
- 2:13:46वाइल्ड लाइफ वी मस्ट नेवर नेगेटिवली
- 2:13:47अफेक्ट द लाइफ साइकिल। हमारी ये
- 2:13:49रिस्पांसिबिलिटी है कि हम वाइल्ड लाइफ को
- 2:13:51डैश करें। लेकिन उसका ये कतई मतलब नहीं है
- 2:13:53कि हम एक पूरा का पूरा जो लाइफ साइकिल है
- 2:13:55उसको डिस्टर्ब कर दे। ठीक है? ये हमारा
- 2:13:58पूरा पैसेज था। अभी देखो पूरे के पूरे
- 2:14:01पैसेज का टोन अगर मैं बोलूं आपको तो टोन
- 2:14:03तो भैया नेगेटिव था पूरा पैसेज का। हम लोग
- 2:14:05बात कर रहे हैं जो काजीरंगा नेशनल पार्क
- 2:14:08में जो बाढ़ आया था उससे क्या नुकसान हुआ
- 2:14:10साथ ही साथ में कैसे इस बाढ़ को बाढ़ को
- 2:14:12रोका जा सकता है क्यों जरूरी है उस बाढ़
- 2:14:14को रोकना और किस हद तक हम बचाने के बचाने
- 2:14:17के स्टेप्स ले सकते हैं ठीक है एक-एक करके
- 2:14:20फिल अप करते हैं अब देखो जो हमारा ब्लैंक
- 2:14:22है वो दूसरे नंबर वाले पेज पे है तो मैं
- 2:14:24एक बार ब्लैंक पढूंगा एक बार फिर मैं
- 2:14:25ऑप्शंस पे जाऊंगा तो क्या लिखा हुआ है
- 2:14:27आसाम्स काजीरंगा नेशनल पार्क वाज़ डैश बाय
- 2:14:30सीवियर फ्लड्स इन 2016
- 2:14:33आसाम का जो काजीरंगा नेशनल पार्क है ना वो
- 2:14:36डैश हुआ था सीवियर फ्लड से 2016 में। अब
- 2:14:38देख लो ऑप्शन क्या है? ट्रोमेटाइज हुआ था,
- 2:14:41डिवास्टेटेड हुआ था, शेल्टर्ड हुआ था,
- 2:14:43शॉक्ड हुआ था। इससे पहले कि मैं आपको आंसर
- 2:14:47बताऊं। मैं एक वर्ड एक वर्ड हमेशा बोलता
- 2:14:50हूं जब भी मैं आपको कॉम्प्रिहेंशन पढ़ाता
- 2:14:53हूं वो आरसी हो जाए पी क्यू आर एस हो जाए
- 2:14:55या क्लोज टेस्ट हो जाए कि स्ट्रीट
- 2:14:57स्मार्टनेस एग्जाम में बहुत ज्यादा जरूरी
- 2:14:58है। अगर आप इतने अवेयर हैं अगर आप उस
- 2:15:01मोमेंट में प्रेजेंट हैं एग्जाम में कि आप
- 2:15:03कहीं खोए नहीं है तो ऐसे क्वेश्चंस आपको
- 2:15:06आंसर पैसेज में ही छुपाए आपको दिखने शुरू
- 2:15:09हो जाते हैं। देखो क्या बोला गया था। फिर
- 2:15:10से पढ़ रहा हूं। आसाम के काजीरंगा नेशनल
- 2:15:13पार्क में डैश हुआ था सीवियर फ्लड्स की
- 2:15:15वजह से। अब देखना जहांजहां पर फ्लड्स की
- 2:15:18बात की गई थी वहां पर एक टर्म बार-बार आ
- 2:15:21रहा था इफ यू रिमेंबर डिवास्टेटिंग
- 2:15:26दिख रहा है डिवास्टेटिंग
- 2:15:29ऑप्शन पे आ जाओ डिवास्टेटेड
- 2:15:32फ्लड की बात हो रही है ना आंसर कौन सा
- 2:15:35होगा ऑप्शन नंबर टू बोलो होएगा कि नहीं
- 2:15:38अच्छा अब चलो यह नहीं पकड़ पाए तो आंसर
- 2:15:41क्या हो सकता है हम लोग किसके बारे में
- 2:15:42बात कर रहे हैं बहुत सीवियर बाढ़ आया था
- 2:15:45ठीक है पहला वर्ड है ट्रोमेटाइज्ड।
- 2:15:47ट्रोमेटाइज्ड का मतलब होता है किसी को
- 2:15:49दिमागी रूप से परेशान कर देना। ठीक है?
- 2:15:52मतलब जैसे आपने मैंने मान लो कि आपने किसी
- 2:15:55नियर एंड डियर का एक्सीडेंट अपने सामने
- 2:15:57देख लिया तो मैं उससे ट्रोमेटाइज्ड हो
- 2:15:59जाऊंगा। फिर मुझे गाड़ियां देखने से ही
- 2:16:02मुझे एक अजीब सा सेंसेशन फील होगा। मुझे
- 2:16:04ऐसा फील होगा कि अब मैं बेहोश हो जाऊंगा।
- 2:16:06यह ट्रोमेटाइज्ड वाली फीलिंग होती है। तो
- 2:16:09क्या हम लोग जो यहां पर कॉन्टेक्स्ट यूज़
- 2:16:11करना चाहते हैं कि काजीरंगा नेशनल पार्क
- 2:16:13क्या कोई इंसान है कि वो ट्रोमेटाइज हो
- 2:16:14गया था फ्लड से? नहीं ट्रोमेटाइज नहीं हुआ
- 2:16:16था। शेल्टर का मतलब होता है घर। काजीरंगा
- 2:16:20नेशनल पार्क को फ्लड में घर मिल गया। कोई
- 2:16:22सेंस नहीं है। काजीरंगा नेशनल पार्क जो
- 2:16:25फ्लड आया था उससे शॉक्ड हो गया। देखो शॉक
- 2:16:28होना किसी निर्जीव चीज की का की हरकत नहीं
- 2:16:31हो सकती। हम यह एक लिविंग थिंग के लिए
- 2:16:33एसोसिएट करते हैं। शॉक्ड बट यहां पर तो हम
- 2:16:35नेशनल पार्क की बात कर रहे तो शॉक्ड कैसे
- 2:16:37बोलेंगे? यह तो गलत हो जाएगा। फिर एक ही
- 2:16:39ऑप्शन बचता है डिवास्टेटेड। हालांकि मैंने
- 2:16:41बता दिया कि अगर आप इतने अवेयर हो एग्जाम
- 2:16:43में तो हमें ऑलरेडी आंसर मिल चुका था। आगे
- 2:16:46बढ़ेंगे। वर्ल्ड हेरिटेज लिस्टेड काजीरंगा
- 2:16:48नेशनल पार्क इज़ इन इंडिया। ये इंडिया में
- 2:16:50है। इट इज़ अ डैश एरिया वि द हाईएस्ट टाइगर
- 2:16:53पापुलेशन इन द वर्ल्ड। इट इज़ अ डैश एरिया।
- 2:16:55अब ये एट किसके लिए आ रहा है? काजीरंगा
- 2:16:57नेशनल पार्क के लिए आ रहा है। तो हम क्या
- 2:16:59बोलना चाह रहे है काजीरंगा नेशनल पार्क एक
- 2:17:01डैश एरिया है। कौन सा एरिया है? देखिएगा।
- 2:17:04एक अबाइडेड एरिया है। अबाइडेड वर्ड अबाइड
- 2:17:07वर्ड से बनकर आया है। राइट? अबाइड का मतलब
- 2:17:10होता है किसी किसी का पालन करना। किसी को
- 2:17:13कंप्लाई करना। तो क्या ये एक ऐसा एरिया है
- 2:17:15जहां पे कंप्ल्लाई किया जाता है। किसे
- 2:17:17कंप्लाई किया जाता है? अबाइडेड एरिया क्या
- 2:17:19होगा? नहीं हो सकता।
- 2:17:22इट इज़ अ प्रोटेक्टेड एरिया। ये एक
- 2:17:24प्रोटेक्टेड एरिया है। जिसका मतलब है कि
- 2:17:26यहां पे कोई भी बिना परमिशन एंटर नहीं कर
- 2:17:28सकता। ये एक हाईली सेंसिटिव ज़ोन है। ये तो
- 2:17:31ठीक लग रहा है। और हम सब जानते हैं अगर
- 2:17:32कॉमन सेंस भी लगाओ कि एक पार्क जो होता है
- 2:17:34नेशनल पार्क खास करके ये बड़ा प्रोटेक्टेड
- 2:17:36एरिया होता है। आप ऐसे वॉक करके कहीं रेडी
- 2:17:39मारने नहीं जा सकते उधर। है ना? तो
- 2:17:40प्रोटेक्टेड एरिया तो ये है। आंसर हो सकता
- 2:17:42है। बाकी और ऑप्शन देख लेते हैं। ये एक
- 2:17:44अबोर्ड एरिया है। अबोर का मतलब होता है
- 2:17:46किसी से घृणा करना। तो ये एक घिनौनी जगह
- 2:17:49है। क्या सेंस है भाई? अर्थ का अर्थ हो
- 2:17:52जाएगा। वरीड। वरिड का मतलब होता है
- 2:17:54चिंतित। ये एरिया एक चिंतित एरिया है।
- 2:17:55किसी की चिंता है। इसको ना अपने बच्चों का
- 2:17:58करियर बनाने की चिंता है। आईआईटी निकालना
- 2:17:59इसके बच्चों को सेंस नहीं है। आंसर क्या
- 2:18:02है? ये एक प्रोटेक्टेड एरिया है। ठीक है?
- 2:18:04आगे बढ़ेंगे। मैं सिर्फ वो वाला पोर्शन पढ़
- 2:18:07रहा हूं जहां पे हमारा ब्लेंक है। क्योंकि
- 2:18:09ऑलरेडी हम मीनिंग पढ़ चुके हैं इसका। ड्यू
- 2:18:11टू सिग्निफिकेंट क्लाइमेटिक चेंजेस, द
- 2:18:13पॉसिबिलिटी दैट इट विल ओनली गेट वर्स इन द
- 2:18:15कमिंग इयर्स इज़ डैश। यहां से यहां तक।
- 2:18:18क्या लिखा हुआ है कि सिग्निफिकेंट
- 2:18:20क्लाइमेटिक चेंजेस हो रहे हैं। जो
- 2:18:22पॉसिबिलिटी है वो यह है कि आने वाले सालों
- 2:18:25में यह और खराब होगा और ये पॉसिबिलिटी एक
- 2:18:28डैश है। अच्छा मैं हम लोग क्या डिस्कस कर
- 2:18:30रहे हैं? मैं क्या बोल रहा हूं सुनना। हम
- 2:18:32बात कर रहे हैं कि जो स्थिति है काजीरंगा
- 2:18:34नेशनल पार्क की वो दिन-बदिन और खराब होगी।
- 2:18:37तो ये एक अच्छी बात है कि बुरी बात है?
- 2:18:39ऑब्वियसली बुरी बात है। इसका मतलब यहां पे
- 2:18:41कोई नेगेटिव वर्ड आना चाहिए कि नहीं आना
- 2:18:42चाहिए? कि थिंग्स विल गेट वर्स इज अ डैश
- 2:18:46क्या है भाई? इज अपीलिंग। अपीलिंग का मतलब
- 2:18:49होता है यह चीज आपको अट्रैक्टिव लग रहा
- 2:18:51है। वहां तो कोई नेगेटिव वर्ड की जगह है।
- 2:18:53तो यह तो नहीं हो सकता।
- 2:18:55इज टेंपटिंग। टेंपटिंग का मतलब होता है
- 2:18:57ऐसी कोई चीज जो आपको अपनी तरफ अट्रैक्ट कर
- 2:18:59रही हो। आपको लालच आ रहा हो उसको देख के।
- 2:19:01ठीक है? कि आपको मैंने बोला कि पढ़ाई कर
- 2:19:03लो एक ₹1 लाख दूंगा। तो ये तो टेंपटिंग
- 2:19:05ऑफर है ना। सो टेंपटिंग का मतलब होता है
- 2:19:07ऐसी कोई चीज जो आपको मजबूर कर दे अपनी ओर
- 2:19:09खींचने लायक। उसको टटिंग बोलते हैं।
- 2:19:11पॉजिटिव वर्ड है। नहीं लग सकता। वंडरिंग
- 2:19:15सोचने लायक बात है। मतलब मजा आ रहा है सोच
- 2:19:17के। कल्पना कर रहे हो आप। हैं? यह एक खतरा
- 2:19:20है। यह कल्पना है। नहीं थ्रेटनिंग ये हो
- 2:19:23सकता है। हमें केवल एक नेगेटिव वर्ड चाहिए
- 2:19:26था यहां पे। और हमारे चार ऑप्शन में से
- 2:19:28केवल एक नेगेटिव था। कौन सा? थ्रेटनिंग।
- 2:19:31कि ऐसा समय के साथ-साथ और खराब होता
- 2:19:34जाएगा। ये एक परेशान करने वाली बात है। ये
- 2:19:37एक धम धमकाने वाली बात है। एक थ्रेटनिंग
- 2:19:39वाली बात है। तो आंसर कौन सा होगा? ऑप्शन
- 2:19:40नंबर फोर। क्या अब आपको समझ में आ रहा है?
- 2:19:43ये पॉजिटिव नेगेटिव कितना इफेक्ट करता है?
- 2:19:45कितना आसान हो जाता है क्वेश्चन अगर आप
- 2:19:46टोन पकड़ पाए तो और ये सब चीजें आप तब
- 2:19:49लेके आओगे जब आप लगातार रीडिंग करते हो।
- 2:19:52अदरवाइज इसका कोई ऑप्शन नहीं है। ठीक है?
- 2:19:54आगे बढ़ते हैं। लिखा है कि व्हेन कंबाइंड
- 2:19:56विद द डैश प्रोवाइडेड बाय द पब्लिक
- 2:19:58अथॉरिटी व्हेन कंबाइंड वि द डैश क्या होगा
- 2:20:01यहां पे? व्हेन कंबाइंड विद द वेंचरिंग।
- 2:20:04देखो वेंचर का मतलब होता है रिस्क उठाना।
- 2:20:06ठीक है? यहां पे आप नोट करना। द लिखा हुआ
- 2:20:10है। ध्यान से सुनना मैं क्या बोल रहा हूं।
- 2:20:11यहां पे द लिखा हुआ है। ए एंड द किसके लिए
- 2:20:14आता है? किसी ना किसी नाउन के लिए। इसी के
- 2:20:18लिए आता है ना? क्या मैं कभी बोल सकता
- 2:20:19हूं? ए टीच?
- 2:20:22नहीं क्योंकि टीच वर्ब है। हां, मैं टीचर
- 2:20:24बोल सकता हूं क्योंकि वो नाउन हो जाएगा।
- 2:20:26मैं अ टीच नहीं बोल सकता। इसका मतलब ये है
- 2:20:28अगर कहीं पे एन और द लिखा हुआ है तो इसके
- 2:20:30बाद कोई ना कोई नाउन ही तो आएगा। आओ जरा
- 2:20:32ऑप्शन पे। वेंचर का मतलब होता है कोई भी
- 2:20:35रिस्क उठाना। ठीक है? ये वर्ब भी है, नाउन
- 2:20:38भी है। पर वेंचरिंग हम जब बोलेंगे तब तो
- 2:20:40ये डेफिनेटली वर्ब हो जाएगा भाई। ये तो
- 2:20:42वी4 में है। ये तो वर्ब है। हमें तो वर्ब
- 2:20:43चाहिए ही नहीं।
- 2:20:46ट्राइंग ट्राई मतलब होता है कोशिश करना।
- 2:20:48है ना? ट्राइंग वर्ब है। हमें तो नाउन
- 2:20:51चाहिए। स्ट्राइविंग स्ट्राइव का मतलब होता
- 2:20:55है प्रयास करना। कोशिश करना। स्ट्राइविंग
- 2:20:57अगेन वर्ब है। फिर तो एक ही ऑप्शन बचता है
- 2:21:00भैया। अंडरटेिंग। मीनिंग क्या है?
- 2:21:02कॉन्टेक्स्ट क्या है? वो समझा देता हूं।
- 2:21:04लिखा है व्हेन कंबाइंड विद द अंडरटेिंग
- 2:21:06प्रोवाइडेड बाय द पब्लिक अथॉरिटी। हमारी
- 2:21:08जो गवर्नमेंट है अगर वो इसमें इंटरेस्टेड
- 2:21:11हो गई और उसने अगर काम करना स्टार्ट कर
- 2:21:13दिया अगर उसने एक मोशन ऑफ कॉन्फिडेंस दिखा
- 2:21:16दिया इस तरफ और उसके साथ-साथ कन्वेंशनल
- 2:21:19इनेशन मिलने लगे लोकल लोगों के द्वारा तो
- 2:21:21अनडाउटेबली चीजें बेहतर हो सकती है। मतलब
- 2:21:23गवर्नमेंट अगर काम करना स्टार्ट कर दे। तो
- 2:21:25यहां पे वही लिखा हुआ है व्हेन कंबाइंड
- 2:21:27विद द अंडरटेिंग प्रोवाइडेड बाय द पब्लिक
- 2:21:29अथॉरिटी। जो सर्टिफिकेट होता है ना उसको
- 2:21:31अंडरटेिंग भी कहते हैं। ठीक है? सेंस तो
- 2:21:33एक का ही था। आंसर कौन सा होगा? ऑप्शन
- 2:21:35नंबर फोर। कैसे मैंने ऑप्शन काटा? आई होप
- 2:21:36आप सीख रहे हो मेरे साथ-साथ। आंसर पे मत
- 2:21:39जाना। ये मत देखना कि सर सिक्स का तो सी
- 2:21:41होगा सर। सिक्स का बी होगा। मैं वो सिखा
- 2:21:43ही नहीं रहा। ये तो प्रीवियस ईयर क्वेश्चन
- 2:21:45है भाई। कोई भी किताब उठा लो। वहां पे
- 2:21:47आपको ये पैसेज मिल जाएगा। देख लेना क्या
- 2:21:49आंसर है। आपको ये सीखना होता है जब आप
- 2:21:51वीडियो देखते हो साथ-साथ में टीचर को
- 2:21:52सॉल्व करते हो कि मैं सोच कैसे रहा हूं।
- 2:21:54आपको ये सीखना है कि मैं ऑप्शन कैसे
- 2:21:56एलिमिनेट कर रहा हूं। आपके आपका पूरा
- 2:21:59क्योंकि नॉर्मली और ये तो कॉमन सेंस की
- 2:22:01बात है कि यही वाला पैसेज थोड़ी ना उठा के
- 2:22:03एग्जाम में आने वाला है। तो इसको रट्टा
- 2:22:06मार के क्या करोगे? आपको तो ये समझना है
- 2:22:08कि आपका अक्यूमन कैसे काम कर रहा है? आप
- 2:22:10क्या सोच रहे थे? मैं क्या बता रहा हूं?
- 2:22:12क्या दोनों चीजों में कोई सिमिलरिटी है?
- 2:22:14क्या आप उन्हीं लाइंस में सोच रहे थे?
- 2:22:15क्या आप भी सीख रहे हो ऑप्शन एलिमिनेट
- 2:22:17करना। तो वो स्किल आपको सीखना है जहां
- 2:22:18ऑप्शन एलिमिनेट होता है। वो स्किल आपको
- 2:22:20सीखना है। जैसे अभी मैंने बोला ना कि द है
- 2:22:22तो उसके बाद नाउन होगा। ये वर्ब है, ये
- 2:22:23वर्ब है, ये वर्ब है, ये वाला नाउन है।
- 2:22:25तो, ये चीज आपको सीखना है कि ये कहां से
- 2:22:27आता है। ठीक है? इसके ऊपर काम करिएगा।
- 2:22:29आंसर पे मत जाइएगा। व्हाइल इट इज़ अ
- 2:22:32रिस्पोंसिबिलिटी टू मैं लास्ट टाइम पढ़ रहा
- 2:22:33हूं जहां पे पैसेज है। ब्लैंक है। माफ़
- 2:22:35कीजिएगा। व्हाइल इट इज़ अ रिस्पसिबिलिटी टू
- 2:22:38डैश वाइल्ड लाइफफ़ वी मस्ट नेवर नेगेटिवली
- 2:22:40अफेक्ट द लाइफ लाइफ स। लिखा हुआ है कि
- 2:22:44व्हाइल जबकि ये हमारी रिस्पांसिबिलिटी है
- 2:22:46कि हम वाइल्ड लाइफफ़ को डैश करें। हमें इसे
- 2:22:48कभी भी नेगेटिवली अफेक्ट नहीं करना चाहिए।
- 2:22:51लिखा हुआ है व्हाइल इट इज आवर
- 2:22:52रिसोंसिबिलिटी टू डैश ऑप्शन देखना
- 2:22:55सेफगार्ड सेफ गार्डेड सेफ गार्ड सेफनेस
- 2:22:57सबसे पहले सेफनेस बोल के तो कोई वर्ड नहीं
- 2:22:59होता आप अगर नाउन बोलना चाहते हो तो
- 2:23:01सेफ्टी बोलो ठीक है सेफगार्ड सेफ गार्ड
- 2:23:04गार्डेड और सेफ गार्ड्स टू के बाद हमेशा
- 2:23:06वी1 होता है जिसे हम इंफिनिटिव कहते हैं
- 2:23:08वी1 होता है यहां सेफ गार्ड है यहां सेफ
- 2:23:11गार्डेड है नहीं हो सकता वी2 हो जाएगा सेफ
- 2:23:13गार्ड्स है नहीं हो सकता आंसर कौन सा होगा
- 2:23:15ऑप्शन नंबर वन आई होप यह क्वेश्चन बनाने
- 2:23:19में आपको मजा आया और एंड आई होप आपने
- 2:23:22इसमें करेक्ट भी किया है। ठीक है? अब आपको
- 2:23:24करना यह है कि आपको कमेंट बॉक्स में जाकर
- 2:23:26बताना है कि आपने कितने क्वेश्चंस करेक्ट
- 2:23:29किए हैं। ठीक है? जब आप कमेंट में ये
- 2:23:31लिखते हो कि मेरे इतने नंबर ऑफ क्वेश्चंस
- 2:23:32करेक्ट हुए हैं। उससे मुझे बहुत अच्छा
- 2:23:34आईडिया मिलता है कि लेबल क्या रखना है।
- 2:23:36ठीक है? फॉर एग्जांपल पहले भी मैंने जैसे
- 2:23:39वॉइस का वीडियो बनाया तो बच्चों ने बोला
- 2:23:41बच्चों ने कमेंट किया कि 50 क्वेश्चन
- 2:23:42मैंने कराए थे। उसने बोला 50 से 50 बहुत
- 2:23:44सारे लोगों को 50 से 50 करेक्ट हुए। तो
- 2:23:46मुझे अंदाजा लग गया कि ये लेवल बहुत आसान
- 2:23:48है बच्चों के लिए। मैं उसका लेवल उठाऊंगा।
- 2:23:50तो आप जब कमेंट बॉक्स में बताते हो कि
- 2:23:52इतने करेक्ट हुए ना तो मुझे आईडिया लगता
- 2:23:53है कि इससे कितना लेवल और उठाना है। बिकॉज़
- 2:23:56आई एम आई एम एड्रेसिंग और आई एम एंड आई एम
- 2:23:58टॉकिंग टू स्टूडेंट्स हु आर गोइंग टू टेक
- 2:24:00एनी एग्जामिनेशन ऑफ एसएससी इन अपकमिंग
- 2:24:02इयर्स और मंथ्स। मुझे मेरे लिए जानना बहुत
- 2:24:04जरूरी है कि क्या लेवल आपके लिए ठीक हो।
- 2:24:06ठीक है? तो जरूर कमेंट बॉक्स में बताना।
- 2:24:08इसके अलावा अगर आपको पढ़ने में मजा आ रहा
- 2:24:09है, मैं कुछ वैल्यू ऐड कर पा रहा हूं आपके
- 2:24:11जिंदगी में तो चैनल को सब्सक्राइब करना।
- 2:24:13चैनल को सपोर्ट करना। सपोर्ट कैसे करोगे
- 2:24:14ज्यादा से ज्यादा शेयर करके। ठीक है? तो
- 2:24:16जहां भी लाइब्रेरी में पढ़ रहे हो वहां
- 2:24:18शेयर करो। Telegram ग्रुप में, WhatsApp
- 2:24:20ग्रुप में, फैमिली ग्रुप में जहां पे भी
- 2:24:21शेयर कर सकते हो शेयर करो। लाइक कर देना
- 2:24:24ताकि YouTube को पता चले कि ये वीडियो
- 2:24:26अच्छा है। स्टूडेंट्स को इसकी जरूरत है और
- 2:24:28वीडियो का रीच बढ़े। ठीक है? बढ़ेंगे अपने
- 2:24:30पैसेज नंबर थर्ड पे। आप एक बार ट्राई कर
- 2:24:32लो। मैं जरा पानी पी लूं। गला सूख रहा है।
- 2:24:34ट्राई करो आप।
- 2:24:50चलो
- 2:24:51समझते हैं। लिखा है कि द एजुकेशन सिस्टम
- 2:24:54इज डैश मोर एंड मोर फ्रस्ट्रेशन अमंग बोथ
- 2:24:57स्टूडेंट्स एंड टीचर्स। जो एजुकेशन सिस्टम
- 2:25:00है ना हमारा वो डैश है। वो डैश कर रहा है।
- 2:25:04ज्यादा से ज्यादा फ्रस्ट्रेशन मतलब और
- 2:25:05फ्रस्ट्रेशन बढ़ा रहा है। ये टीचर्स के
- 2:25:08बीच में भी और स्टूडेंट्स के बीच में भी।
- 2:25:10एंड येट नो वन सीम्स टू क्लियर अबाउट
- 2:25:13व्हाट कैन बी डन टू मेक इट मोर मीनिंगफुल।
- 2:25:16लेकिन इनमें से कोई भी बहुत ज्यादा क्लियर
- 2:25:18नहीं है इस इस चीज को लेके कि एजुकेशन
- 2:25:21सिस्टम को और मीनिंगफुल कैसे बनाया जा
- 2:25:23सकता है? मतलब बेसिकली ये है कि प्रॉब्लम
- 2:25:25हमें पता है। पर उसको ठीक कैसे करेंगे?
- 2:25:27सशन क्या होगा? इसके बारे में जानकारी
- 2:25:30नहीं है ज्यादा।
- 2:25:32डैश रिफॉर्म्स हैव बीन डिस्कस्ड एट लेंथ
- 2:25:35बट हैव कम टू नथिंग फॉर वन रीज़ और अनदर।
- 2:25:39डैश रिफॉर्म्स जो है उन्हें डिस्कस किया
- 2:25:41गया है एट लेंथ। कॉपी पे लिखना एन ओटी नोट
- 2:25:43और नोट डाल के लिखना एट लेंथ एक इड है।
- 2:25:46ठीक है? जिसका मतलब होता है इन डिटेल्स।
- 2:25:51अगर आप किसी चीज को एट लेंथ डिस्कस करते
- 2:25:53हो इसका मतलब होता है आप उस चीज को डिटेल
- 2:25:55में डिस्कस कर रहे हो। फॉर एग्जांपल इफ वी
- 2:25:57आर सॉल्विंग दिस दीज़ क्लोज टेस्ट एट लेंथ।
- 2:26:01इसका मतलब वी आर सॉल्विंग दिस दीज़ क्लोज
- 2:26:03टेस्ट इन डिटेल। ठीक है? सो किसी भी चीज़
- 2:26:05को डिटेल में डिस्कस करना इज़ कॉल्ड एट
- 2:26:07लेंथ। बहुत बार पूछा इसने तो मैंने बता
- 2:26:08दिया। तो क्या लिखा हुआ है कि डैश
- 2:26:10रिफॉर्म्स जो है वो डिस्कस किए गए हैं।
- 2:26:12डिटेल में डिस्कस किए गए हैं। लेकिन एक
- 2:26:14कारण की वजह से या किसी और कारण की वजह से
- 2:26:16वो कभी अप्लाई नहीं हो पाते। द ऑथॉरिटीज
- 2:26:19आर नाउ पेडलिंग द आईडिया ऑफ डैश कॉलेजेस
- 2:26:22एज अ मीन्स ऑफ टोनिंग अप टीचिंग
- 2:26:24स्टैंडर्ड्स। देखो पेडलिंग का मतलब ऐसे तो
- 2:26:27ये ये एक नेगेटिव टर्म भी है, पॉजिटिव
- 2:26:29टर्म भी है। पेडल का मतलब अगर एक वर्ड में
- 2:26:32आप जानना चाहते हो तो इसका मतलब फैलाना
- 2:26:34होता है, बेचना होता है। आमतौर पर आपने
- 2:26:36ड्रग पेडलिंग सुना होगा। जब कोई नशीली
- 2:26:38दवाइयां बेचते हैं तो उनको ड्रग पेडलिंग
- 2:26:41कहा जाता है और ऐसा करने वाले लोगों को
- 2:26:42पेडलर्स कहा जाता है। ठीक है? तो पेडलिंग
- 2:26:44का मतलब इस कॉन्टेक्स्ट में जो है वो है
- 2:26:46एंटरटेन करना। उस आईडिया को सोचना उस
- 2:26:48आईडिया के बारे में। तो क्या कह रहा है कि
- 2:26:50ऑथॉरिटीज जो है वो इस आईडिया के बारे में
- 2:26:52पेडल कर रहे हैं। व्हिच मींस इस आईडिया के
- 2:26:53बारे में वो सोच रहे हैं कि कि आईडिया ऑफ
- 2:26:56डैश कॉलेजेस ऐसे कॉलेजेस का जो डैश हो
- 2:26:59ताकि जो टीचिंग स्टैंडर्ड है ना उनको टोन
- 2:27:02अप किया जा सके। मतलब टीचिंग स्टैंडर्ड को
- 2:27:04बेहतर किया जा सके। ठीक है? ध्यान से
- 2:27:06सुनना। यहां पे हम बात कर रहे थे एजुकेशन
- 2:27:08सिस्टम को कैसे ठीक किया जा सकता है। एक
- 2:27:10तरीका जिसे यहां पे बताया जा रहा है वो ये
- 2:27:12बताया जा रहा है कि डैश कॉलेजेस खोले जाए
- 2:27:14ताकि जो टीचर्स का स्टैंडर्ड है उसको
- 2:27:16उठाया जा सके। बच्चों की बात नहीं हो रही।
- 2:27:18टीचर्स की बात हो रही है। दे आर्ग्यू दैट
- 2:27:21दैट बाय अलाउंग सर्टेन कॉलेजेस टू
- 2:27:23इंट्रोड्यूस देयर डैश कोर्सेस टू होल्ड
- 2:27:25सेमिनार्स एंड अबव ऑल टू इवक देयर ओन मेथड
- 2:27:27ऑफ़ असेसिंग स्टूडेंट्स द स्टूडेंट्स विल
- 2:27:29गेट अ फार बेटर आइडियल। लिखा हुआ है कि
- 2:27:34हां जी। लिखा हुआ था कि उनका ये आर्गुमेंट
- 2:27:37है कि अगर वो अलऊ करेंगे कुछ कॉलेजेस को
- 2:27:39कि वो अपना वो इंट्रोड्यूस करें अपने डैश
- 2:27:42कोर्सेज को सेमिनार्स होल्ड करें और इससे
- 2:27:45ऊपर कि वो अपने मेथड्स निकाले स्टूडेंट को
- 2:27:47असेस करने का तो स्टूडेंट्स को एक बहुत
- 2:27:49अच्छा डील मिलेगा। तो बेसिकली वो कहना ये
- 2:27:51चाह रहे हैं कि जो कन्वेंशनल तरीका है
- 2:27:54टीचिंग को पढ़ाने का जो करिकुलम डिसाइड
- 2:27:56करती है एनसीईआरटी या सीबीएसई या या कोई
- 2:27:59भी स्टेट बोर्ड या कॉलेज का जो भी बोर्ड
- 2:28:01होता होगा मुझे नहीं पता। तो वो जो भी
- 2:28:03डिसाइड करती है उसको ही क्यों पढ़ाना?
- 2:28:06टीचर्स को ये लिबर्टी दी जाए, ये फ्रीडम
- 2:28:08दी जाए कि वो अपने तरीके से असेस करें
- 2:28:10स्टूडेंट्स को। अपने सेमिनार्स होल्ड
- 2:28:12करें। अपने कोर्सर्सेस डैश करें। ठीक है?
- 2:28:16इनीडेड दे मेड आउट दैट सच कॉलेजेस विल हैव
- 2:28:19अ फ्री डैश इन नियरली एवरीथिंग एक्सेप्ट
- 2:28:22ग्रांटिंग डिग्रीज। लिखा हुआ है कि और
- 2:28:24उन्होंने ये भी फिगर आउट किया कि उन्होंने
- 2:28:26ये मेक आउट किया है कि ऐसे कॉलेजेस जो हैं
- 2:28:29वो फ्री रहेंगे डैश से हर चीज में सिर्फ
- 2:28:32वो डिग्री नहीं देंगे अपने एंड से डिग्री
- 2:28:34उन्हें जो भी सर्टिफाइड होगा वहां से
- 2:28:36मिलेगा अदरवाइज वो अपने हर डैश में फ्री
- 2:28:38रहेंगे
- 2:28:40आ जाइए तो ये पैसेज किसके बारे में था
- 2:28:43देखो ये पैसेज मिक्स्ड है शुरुआत के एक दो
- 2:28:45लाइन नेगेटिव टोन पकड़ रहा है और फिर जहां
- 2:28:47सॉल्यूशन की बात हो रही है वो पॉजिटिव टोन
- 2:28:48पकड़ रहा है ठीक है तो ओवरऑल जो टोन है वो
- 2:28:50न्यूट्रल है कहीं पॉजिटिव है कहीं नेगेटिव
- 2:28:52नेगेटिव है। हमें लाइन लाइन पकड़ना पड़ेगा
- 2:28:54ये समझने के लिए कि उस पर्टिकुलर लाइन का
- 2:28:56टोन पॉजिटिव है कि नेगेटिव है। क्या लिखा
- 2:28:58हुआ है? द एजुकेशन सिस्टम इज डैश मोर एंड
- 2:29:00मोर फ्रस्ट्रेशंस अमंग बोथ स्टूडेंट्स एंड
- 2:29:02टीचर्स। एजुकेशन सिस्टम डैश कर रहा है
- 2:29:05ज्यादा से ज्यादा फ्रस्ट्रेशन। यहां पे
- 2:29:07कोई वर्ब भरा आएगा।
- 2:29:09राइट? आ जाइए। लिखा है कि द एजुकेशन
- 2:29:12सिस्टम इज ब्रीडिंग। ब्रीड का मतलब होता
- 2:29:14है पैदा करना।
- 2:29:18तो क्या कह रहे हैं कि एजुकेशन सिस्टम जो
- 2:29:20है ना वह ज्यादा से ज्यादा फ्रस्ट्रेशन
- 2:29:21पैदा कर रहा है स्टूडेंट्स और टीचर्स के
- 2:29:23बीच में। ठीक लग रहा है ये? तो आगे द
- 2:29:26एजुकेशन सिस्टम इज रनोवेटिंग मोर एंड मोर
- 2:29:29फ्रस्ट्रेशन। आपको ये समझना पड़ेगा कि
- 2:29:31किसी के अंदर फ्रस्ट्रेशन के साथ हम क्या
- 2:29:33वर्ड एसोसिएट कर सकते हैं? फ्रस्ट्रेशन
- 2:29:35पैदा करता है। ये तो हम बहुत बार हिंदी
- 2:29:37में बोलते हैं कि उसका ये एटीट्यूड
- 2:29:39फ्रस्ट्रेशन पैदा कर रहा है। ये तो ठीक लग
- 2:29:41रहा है भाई। रनोवेट कर रहा है। रनोवेट का
- 2:29:44मतलब होता है जो चीज टूट गई है उसको ठीक
- 2:29:46करना। जैसे हम घर को घर का रनोवेशन करते
- 2:29:48हैं तो क्या फ्रस्ट्रेशन को रनोवेट किया
- 2:29:50जाएगा? नहीं भाई साहब रनोवेट तो नहीं किया
- 2:29:52जाएगा। ग्रेस ग्रेसिंग का मतलब होता है
- 2:29:54शोभा। आपने सुना ना ये शोभा नहीं देता। है
- 2:29:57ना? ये बहुत ग्रेसफुल है। बहुत देखने में
- 2:30:00बहुत खूबसूरत है। तो फ्रस्ट्रेशन को क्या
- 2:30:01वो खूबसूरत बनाएगा? नहीं। क्या वो
- 2:30:04फ्रस्ट्रेशन को ट्रेन करेगा? कि एजुकेशन
- 2:30:06सिस्टम ज्यादा से ज्यादा फ्रस्ट्रेशन को
- 2:30:07ट्रेन कर रहा है। फ्रस्ट्रेशन कोई बच्चा
- 2:30:09तो है नहीं कि उसको ट्रेन किया जाएगा।
- 2:30:11सबसे सटीक सेंस क्या बन रहा है? कि ज्यादा
- 2:30:13से ज्यादा फ्रस्ट्रेशन ब्रीड हो रहा है।
- 2:30:15फ्रस्ट्रेशन पैदा हो रहा है। एंड येट नो
- 2:30:17वन सीम्स टू टू क्लियर अबाउट व्हाट कैन बी
- 2:30:20डन टू मेक इट मोर मीनिंगफुल। लेकिन और कोई
- 2:30:22भी जो है वो इतना क्लियर नहीं है कि क्या
- 2:30:25किया जा सकता है इसको मीनिंगफुल बनाने के
- 2:30:26लिए। डैश रिफॉर्म्स हैव बीन डिस्कस्ड एट
- 2:30:29लेंथ। लिखा हुआ है कि मोर रिफॉर्म्स हैव
- 2:30:32बीन डिस्कस्ड एट लेंथ। और ज्यादा
- 2:30:35रिफॉर्म्स। देखो मोर हम कहां लगाते हैं?
- 2:30:38फॉर एग्जांपल मैं कह रहा हूं कि देयर आर
- 2:30:39एट बॉयज एंड मोर बॉयज आर कमिंग। मतलब और
- 2:30:44और लड़के आ रहे हैं। तो मैं क्या बोलना
- 2:30:46चाह रहा हूं? पहले लाइन में मैंने बताया
- 2:30:47ना कि वहां पे लड़के हैं। फिर मैं बोल रहा
- 2:30:49हूं और लड़के आ रहे हैं। क्या कहीं पहले
- 2:30:51रिफॉर्म्स की बात की गई थी? नहीं। तो मोर
- 2:30:54रिफॉर्म्स मतलब क्या होगा? ये लाइन कब फिट
- 2:30:56होता है? जब हम बोलते हैं कि देयर हैव बीन
- 2:30:58सर्टेन रिफॉर्म्स इंट्रोड्यूस्ड बाय द
- 2:31:00गवर्नमेंट। मोर रिफॉर्म्स हैव बीन
- 2:31:02डिस्कस्ड। ऐसा पहला वाला लाइन तो कहीं था
- 2:31:04नहीं। तो मोर तो नहीं बोल सकते हम। किससे
- 2:31:06ज्यादा भाई? सेंस नहीं बन रहा। आगे बढ़ते
- 2:31:08हैं। लॉट रिफॉर्म्स हैव बीन डिस्कस्ड।
- 2:31:11देखो इससे एरर भी पूछा जाता है। तो एक और
- 2:31:13नोट डालो। लिखवा दे रहा हूं यहीं पे। या
- 2:31:16तो अ लॉट ऑफ होता है
- 2:31:19या तो लॉट्स ऑफ होता है।
- 2:31:22इसके अलावा लॉट का और कोई फ्रेज़ नहीं
- 2:31:24होता। या तो मैं बोलूं अ लॉट ऑफ़ बॉयज या
- 2:31:26तो मैं बोलूं लॉट्स ऑफ बॉयज। लॉट
- 2:31:28रिफॉर्म्स कुछ नहीं होगा। अ लॉट रिफॉर्म्स
- 2:31:31कुछ नहीं होगा। या तो अ लॉट ऑफ पूरा पूरा
- 2:31:33बोलो या तो फिर लॉट्स ऑफ बोलो। तो लॉट ऑफ
- 2:31:35तो नहीं होगा।
- 2:31:38टू रिफॉर्म्स दो रीजन है। पहला टू का मतलब
- 2:31:41होता है जरूरत से ज्यादा। जैसे यहां पर
- 2:31:43देखना टू क्लियर
- 2:31:46टू क्लियर मतलब जितनी जरूरत है उससे
- 2:31:49ज्यादा। नेगेटिव सेंस में इसको यूज़ किया
- 2:31:51जाता है। दूसरा टू भैया एक एडवर्ब है।
- 2:31:53इसके बाद ना एडजेक्टिव लगता है। फॉर
- 2:31:54एग्जांपल टू गुड। तो गुड क्या है?
- 2:31:56एडजेक्टिव है। है ना? टू लॉन्ग। लॉन्ग
- 2:31:59क्या है? एडजेक्टिव है। यहां देखना क्या
- 2:32:00लिखा हुआ था? यहां पर लिखा हुआ था टू
- 2:32:04रिफॉर्म्स। रिफॉर्म्स तो नाउन होता है।
- 2:32:06फिर इसके आगे हम टू कैसे लगाएं? सेंस नहीं
- 2:32:09बन रहा।
- 2:32:11इसका मतलब टू तो नहीं हो सकता। एक ही
- 2:32:13ऑप्शन बच रहा है। मेनी रिफॉर्म्स।
- 2:32:15ऑब्वियसली रिफॉर्म्स काउंटेबल है। उसके
- 2:32:17साथ मैनी तो लगा ही सकते हैं कि बहुत सारे
- 2:32:19रिफॉर्म्स जो है वो उन्हें डिस्कस किया
- 2:32:20गया है। तो आंसर क्या होगा? मेनी
- 2:32:21रिफॉर्म्स हैव बीन डिस्कस्ड। आगे बढ़ेंगे
- 2:32:24यहां से। अगला लिखा हुआ था द ऑथॉरिटीज आर
- 2:32:27नाउ पेडलिंग द आईडिया ऑफ डैश कॉलेजेस एज अ
- 2:32:29मीन्स ऑफ टोनिंग अप टीचिंग स्टैंडर्ड्स।
- 2:32:31अब देखो यहां पे क्या भरा आएगा ना ये इस
- 2:32:33बात पे डिपेंड करता है कि क्या आपने आगे
- 2:32:35के लाइंस सुने थे? क्या आपने आगे के लाइंस
- 2:32:38समझे थे? आगे क्या लिखा हुआ था कि एक ऐसे
- 2:32:41कॉलेजेस को खोलने की बात की जा रही है
- 2:32:43जिनका अपना खुद का करिकुलम होगा। जो अपने
- 2:32:46सेमिनार्स अटेंड करेंगे जो अपना तरीका
- 2:32:49असेस करेंगे। स्टूडेंट्स को असेस करने का
- 2:32:51अपना तरीका निकालेंगे। है ना? ऐसे कॉलेजेस
- 2:32:53को क्या कहा जाता है? ऐसे कॉलेजेस को
- 2:32:56ऑटोनॉमस कॉलेज कहा जाता है। आपने बहुत बार
- 2:32:58सुना होगा कि यह ऑटोनॉमस कॉलेज है। जिसका
- 2:33:00मतलब होता है ये किसी किसी पर्टिकुलर
- 2:33:02करिकुलम को फॉलो नहीं करता जो भारत सरकार
- 2:33:04ने बना रखा है। इसके अपने तौर तरीके हैं।
- 2:33:06उसको ऑटोनॉमस कहा जाता है। ठीक है? आ जाओ
- 2:33:09और क्या वर्ड्स थे? द ऑथॉरिटीज़ आर नॉट
- 2:33:11पिडलिंग द आईडिया ऑफ गवर्न कॉलेजेस। देखो
- 2:33:13हमें तो यहां पे कोई एडजेक्टिव चाहिए।
- 2:33:16कॉलेजेस कैसे होंगे? ऑटोनॉमस होंगे। गवर्न
- 2:33:18एक वर्ब होता है जिसका मतलब होता है किसी
- 2:33:20के ऊपर शासन करना। तो यह तो नहीं हो सकता।
- 2:33:23द ऑथॉरिटीज आर नाउ पेडलिंग द आईडिया ऑफ
- 2:33:26ऑटोमेटिक कॉलेजेस। कॉलेजेस ऑटोमेटिक कैसे
- 2:33:28होंगे भाई? ऑटोमेटिक तो नहीं। ऑटोमेटिक
- 2:33:30मतलब होता है खुद ब खुद चलने वाले। खुद ब
- 2:33:32खुद कॉलेजेस कैसे चलेंगे? लोग चलाएंगे ना
- 2:33:33उनको। तो ये तो नहीं हो सकता। प्राइवेटली
- 2:33:36कॉलेजेस। ये तो एडवर्ब है भाई।
- 2:33:38प्राइवेट कॉलेजेस सेंस बनाता। प्राइवेटली
- 2:33:41एलवाई लगाने के बाद तो वो एडवर्ब बन गया।
- 2:33:43हमें तो एडजेक्टिव चाहिए था। तो ये भी
- 2:33:45नहीं होगा। आंसर क्या हो सकता है? फिर
- 2:33:47आंसर होगा ऑटोनॉमस कॉलेजेस। अब बहुत सारे
- 2:33:49लोग बहुत सारे ऐसे बच्चे हैं जिनके
- 2:33:51कांसेप्ट में थोड़ा झोल होता है। वो समझ
- 2:33:53नहीं पाते कि एडजेक्टिव ही क्यों लग रहा
- 2:33:55है। है ना? तो मैं कोशिश करता हूं कम
- 2:33:57शब्दों में ये समझा देने का। देखो हमें जो
- 2:34:00वर्ड चाहिए वो क्यों चाहिए? हम कॉलेजेस के
- 2:34:02बारे में बताना चाह रहे हैं। तो जब
- 2:34:04कॉलेजेस की बात करते हो तो ये तो नाउन
- 2:34:06होता है। कैसे पता चला? देखो जिस चीज को
- 2:34:07छू सकते हो, देख सकते हो, महसूस कर सकते
- 2:34:09हो। एस या ई एस लगा के आप प्लूरल कर सकते
- 2:34:11हो। ये सारे फीचर्स नाउन के होते हैं। ठीक
- 2:34:13है? कॉलेज को देख सकते हो? देख सकते हैं।
- 2:34:15छू सकते हो? कुछ हो सकता है। एस लगा के
- 2:34:17प्लूरल हो सकता है। हो सकता है। नाउन का
- 2:34:19फीचर। इसका मतलब कॉलेज नाउन है। मैं क्या
- 2:34:21कह रहा हूं? अपना कॉलेज, तुम्हारा कॉलेज,
- 2:34:23इसका कॉलेज, लंबा कॉलेज, बड़ा कॉलेज। ये
- 2:34:25सारे वर्ड्स क्या है? ये विशेषण है। कॉलेज
- 2:34:27के बारे में एक्स्ट्रा इनफेशन दे रहे हैं।
- 2:34:29इन्हीं को एडजेक्टिव कहा जाता है। तो यहां
- 2:34:30पे किसकी रिक्वायरमेंट थी? एडजेक्टिव की।
- 2:34:32मैं बोल रहा हूं कॉलेजेस। कौन से कॉलेजेस
- 2:34:34भाई? ऐसे कॉलेजेस जो खुद ब खुद चल रहे हो
- 2:34:36जिसका जो किसी के नियम ना मान रहे हो तो
- 2:34:38उसको ऑटोनॉमस कहा जाता है। इसलिए मैंने
- 2:34:40बोला यहां पे एडजेक्टिव की जरूरत है। ठीक
- 2:34:41है? बाकी है तो ये बहुत लंबा चौड़ा
- 2:34:43कांसेप्ट। एक लाइन में समझाना मुश्किल है।
- 2:34:44मैंने कोशिश की है बस। आगे बढ़ते हैं। दे
- 2:34:47आर्ग्यू दैट बाय अलाउंग सर्टेन कॉलेजेस टू
- 2:34:49इंट्रोड्यूस देयर डैश कोर्सेस टू होल्ड
- 2:34:51सेमिनार्स एंड अबव ऑल टू इवोक देयर ओन
- 2:34:54मेथड ऑफ़ असेसिंग स्टूडेंट्स। फिल अप कर
- 2:34:56लेते हैं। लिखा है उनका ये आर्गुमेंट है
- 2:34:58कि सर्टेन कॉलेजेस को अगर अलऊ किया जाए कि
- 2:35:00वो इंट्रोड्यूस करें अपने डैश कोर्सर्सेस
- 2:35:02को। अपने डैश कोर्सर्सेस को। फिर से देखना
- 2:35:05कोर्सेज के लिए आ रहा है। तो कोई
- 2:35:07एडजेक्टिव आना चाहिए। ऑप्शन पे आते हैं।
- 2:35:10वेरी वेरीरी का मतलब होता है अलग होना।
- 2:35:13ठीक है? जैसे आपने सुना होगा कि यह उससे
- 2:35:15वैरी कर रहा है। ठीक है? तो यहां पर क्या
- 2:35:18लिखा हुआ था कि उनका ये आर्गुमेंट है कि
- 2:35:20कुछ कॉलेजेस जो है वो उनका वैरी
- 2:35:21कोर्सर्सेस है। वैरी कोर्सेस नहीं वेरिंग
- 2:35:23कोर्सर्सेस हो सकता था। आपको एडजेक्टिव
- 2:35:25चाहिए था। नहीं हो सकता। डिफरेंटली
- 2:35:28कोर्सर्सेस देखो डिफरेंट होता तो आंसर हो
- 2:35:30सकता था। डिफरेंटली एडवर्ब हो जाएगा। हमें
- 2:35:32एडजेक्टिव चाहिए। कोर्सर्सेस के लिए हमें
- 2:35:34लगाना है। हमें एडजेक्टिव चाहिए।
- 2:35:36डिफरेंटली तो नहीं हो सकता। क्या लिखा हुआ
- 2:35:39है? कॉलेजेस टू इंट्रोड्यूस देयर ओन
- 2:35:40कोर्सेज। उनका यह आर्गुममेंट है कि अगर हम
- 2:35:43कॉलेज को उनके अपने कोर्सर्सेस
- 2:35:45इंट्रोड्यूस करने दें यह तो ठीक लग रहा
- 2:35:47है। मच कोर्सेज देखो मच का इस्तेमाल ना
- 2:35:50अनकाउंटेबल नाउन के साथ किया जाता है।
- 2:35:52अनकाउंटेबल नाउन के साथ जगह मैं छोटा-छोटा
- 2:35:54लिख रहा हूं। लिखने की जगह कम है।
- 2:35:55अनकाउंटेबल नाउन के साथ किया जाता है।
- 2:35:57क्या कोर्सर्सेस अनकाउंटेबल नाउन है? नहीं
- 2:35:59भैया ये काउंटेबल नाउन है। तभी तो एस लगा
- 2:36:01के प्लूरल किया। कोर्सेस कह रहे हैं हम
- 2:36:02यहां पे। इसका मतलब यहां पे कोई काउंटेबल
- 2:36:04चीज़ आनी चाहिए। तो मच तो नहीं हो सकता। एक
- 2:36:07ही ऑप्शन बच रहा है। ओन होगा। आगे बढ़ेंगे।
- 2:36:10टू होल्ड सेमिनार्स एंड अबव ऑल टू इवॉल्व
- 2:36:13देयर ओन मेथड ऑफ असेसिंग स्टूडेंट्स। द
- 2:36:15स्टूडेंट्स विल गेट अ फार बेटर डील।
- 2:36:18इनीडीड दे मेड आउट दैट सच कॉलेजेस विल हैव
- 2:36:21अ फ्री डैश इन नियरली एवरीथिंग। अ फ्री
- 2:36:24डैश क्या होगा? अ फ्री ईयर, अ फ्री हैंड,
- 2:36:27अ फ्री आई, अ फ्री लेग। अगर आपने थोड़ा भी
- 2:36:30पढ़ा है तो आपको पता होगा। एक इडियम होता
- 2:36:32है फ्री हैंड। ठीक है? फ्री हैंड। लिख दे
- 2:36:35रहा हूं यहां पे। नहीं पता तो नोट कर
- 2:36:37लेना। फ्री हैंड का मतलब होता है टू गिव
- 2:36:39एब्सोल्यूट फ्रीडम टू समवन। किसी को इतनी
- 2:36:42स्वतंत्रता दे देना कि आपको जो ठीक लगता
- 2:36:45है आप करो। उसको बोलते हैं फ्री हैंड। फॉर
- 2:36:47एग्जांपल मान लो मैं कोई कंपनी चला रहा
- 2:36:49हूं। मेरे अंदर 10 एंप्लई काम कर रहे हैं।
- 2:36:50मैं उनको कह रहा हूं कि हर एक बार जब तुम
- 2:36:52कुछ नया करोगे ना मुझसे पहले पूछ लेना। ये
- 2:36:55फ्री हैंड है क्या? नहीं फ्री हैंड नहीं।
- 2:36:56मैंने उनको बोला कि मुझे ये काम एक्स व
- 2:36:59जेड डेट तक चाहिए। जैसे करना है करो। डजंट
- 2:37:02मैटर मुझे रिजल्ट चाहिए। तुमको मैं फ्री
- 2:37:04हैंड दे रहा हूं। जिसका मतलब है मुझसे
- 2:37:06पूछने की ज़रूरत नहीं है। जो ठीक लगे करो।
- 2:37:08इसको बोलते हैं फ्री हैंड। ठीक है? तो
- 2:37:10यहां पे तो और कोई इड आएगा नहीं। फ्री ईयर
- 2:37:12कुछ नहीं होता। फ्री आई फ्री ले कुछ नहीं
- 2:37:13होता। फ्री हैंड होता है। आंसर कौन सा
- 2:37:15होगा? ऑप्शन नंबर टू। आई होप ये क्वेश्चन
- 2:37:17भी आपको क्लियर है। हालांकि बढ़िया सवाल
- 2:37:19था। ठीक है? पर फिर भी मैं इसको थोड़ा सा
- 2:37:21इजी कैटेगरी में रखूंगा।
- 2:37:25आते हैं चौथे और आखिरी पैसेज की तरफ। आई
- 2:37:28होप आपको मजा आ रहा है बनाने में। ठीक है?
- 2:37:30डिफिकल्टी लेवल क्या है? यह आप मुझे कमेंट
- 2:37:32में बता देंगे। कैसा लग रहा है वो भी मुझे
- 2:37:34बता देंगे। ठीक है? चलो फिल अप करते हैं।
- 2:37:38लिखा है प्रेजेंटली अ सुपरानो वॉइस ऑफ
- 2:37:41रिचनेस एंड डेप्थ फ्लोटेड फ्रॉम द ओपन
- 2:37:44विंडोज़ ऑफ द पार्लर रेजोनेटिंग डैश द
- 2:37:48डार्कनिंग ग्रीनरी। लिखा हुआ है कि
- 2:37:50प्रेजेंटली मतलब अभी-अभी अ सुपरानो वॉइस।
- 2:37:53देखो सुपरानो क्या होता है? बेसिकली जो
- 2:37:54आवाज बहुत हाई पिच की होती है ना बहुत
- 2:37:57तेजी से बहुत जोर से चिल्लाना मतलब ऐसी
- 2:37:59कोई आवाज जो बहुत भारी हो मरीज पूरी टाइप
- 2:38:02की आवाज उसको सुपरानो वॉइस बोला जाता है।
- 2:38:04ठीक है? तो क्या लिखा हुआ है कि एक
- 2:38:05सुपरानो वॉइस जो है जो बहुत रिच है बहुत
- 2:38:08डेप्थ है। मतलब जिसकी आवाज में बहुत जोर
- 2:38:11है। ठीक है? वैसी आवाज एक खुली खिड़की से
- 2:38:14आई एक पार्लर के जो रेजोनेट कर रही थी।
- 2:38:17रेजोनेट का मतलब होता है जो गूंज रही थी।
- 2:38:20जो गूंज रही थी डैश डार्कनिंग ग्रीनरी
- 2:38:22में। मतलब आसपास जो हरियाली थी बहुत
- 2:38:25उदासीन कर देने वाली जो हरियाली थी वहां
- 2:38:28पे वो आवाज गूंज रही थी। टफ लग रहा है ये
- 2:38:31पैसेज मुझको। चलो एक बार पहले मैं पहले
- 2:38:33लाइन फिर से समझा रहा हूं। ठीक है?
- 2:38:35क्योंकि लेवल अच्छा है इसका। मैंने क्या
- 2:38:37बोला कि एक सुकरानो वॉइस है। मतलब एक बहुत
- 2:38:39ही ज्यादा
- 2:38:41मतलब भारी आवाज। ठीक है? द वर्ड आई वाज़
- 2:38:43लुकिंग फॉर वाज़ भारी। सो बहुत ज्यादा भारी
- 2:38:45आवाज जो है जो बहुत डेप्थ बहुत रिचनेस के
- 2:38:47साथ है वो एक पार्लर की खिड़की से आ रही
- 2:38:50थी जो गूंज रही थी आसपास के पूरे के पूरे
- 2:38:53ग्रीनरी में। ठीक है? ऑल एट वंस इज व्हाट
- 2:38:56इट वाज़ एज इफ द एंटायर सीन बिफोर देम वाज़
- 2:39:00डैश बाय दैट वॉइस इनफ्यूज्ड विथ
- 2:39:02अनएक्सेक्टेड लाइफ। कुछ वक्त के लिए तो
- 2:39:05ऐसा लगा कि वो जो पूरा का पूरा सीन था ना
- 2:39:08वो डैश हो गया उस आवाज से। उसके अंदर जैसे
- 2:39:11कोई जीवन भर गया हो। ठीक है? इनफ्यूज्ड का
- 2:39:14मतलब होता है इनकल्केट जिसके अंदर होता है
- 2:39:16किसी के अंदर जिंदगी भर जाना उसको
- 2:39:17इनफ्यूज्ड कहते हैं। तो जैसे कि इनफ्यूज्ड
- 2:39:20है वो एक अनएक्सेक्टेड लाइफ से अचानक से
- 2:39:22उसके अंदर जिंदगी आ गई हो। द वेस्टर्न
- 2:39:24स्काई जैसे कि आकाश स्टिक विद बैंड्स ऑफ
- 2:39:27पेल गोल्ड एंड पर्पल। लिखा है जैसे कि
- 2:39:30आकाश जो कि बिल्कुल भरा पड़ा है बैंड से
- 2:39:33पेल गोल्ड और पर्पल की। द टू हाउसेस
- 2:39:36स्टैंडिंग ग्रे एंड डिसंसोलेट अगेंस्ट दैट
- 2:39:38स्काई। वो आवाज जो थी क्या है लाइन समझा
- 2:39:42रहा हूं। वह आवाज जो थी ऐसा महसूस हुआ कि
- 2:39:44उसने पूरी सराउंडिंग को के अंदर जान ला
- 2:39:47दी। उस आकाश के अंदर भी जान आ गई जो कि
- 2:39:50परेशान थी। स्ट्रीक का मतलब एक्चुअली
- 2:39:52लिटरली होता है परेशान। सो स्ट्रीट थी वो
- 2:39:55परेशान थी अपने कलर्स के साथ। वो जो दो घर
- 2:39:59थे जो वहां खड़े थे जो बहुत उदास थे। डिस
- 2:40:02डिसकंसोलेट का मतलब होता है उदास निराश।
- 2:40:04तो जो बहुत निराश थे। ऐसा लगा जैसे उनमें
- 2:40:07भी जान आ गई हो। द डैश ऑफ ट्रीज कास्टिंग
- 2:40:10डीप ब्लैक शैडोस हियर एंड देयर अक्रॉस द
- 2:40:13ग्राउंड। वो जो पेड़ थे जो अपनी छांव यहां
- 2:40:16वहां फैलाए हुए थे जमीन पर उन सबके अंदर
- 2:40:19ऐसा लगा जैसे उस आवाज से एक जान आ गई। द
- 2:40:23सेम वॉइस दैट डैश एवरीथिंग सडनली टू लाइफ
- 2:40:26आल्सो ड्रू देम इनू अनदर मच डिपर वर्ल्ड।
- 2:40:29ऐसी आवाज जिसे जिसके बारे में डैश किया जा
- 2:40:32रहा था कि अचानक से उसने सबके अंदर जान भर
- 2:40:34दी। वो उस वो इन सबको वो दूसरी दुनिया में
- 2:40:38भी लेकर गई। वो दुनिया जो कि बहुत अंदर
- 2:40:40थी। अब आप समझ पा रहे होंगे कि लिटरल सेंस
- 2:40:42में नहीं बोला जा रहा है। किसी की आवाज
- 2:40:44इतनी मंत्रमुग्ध कर देने वाली है कि उसके
- 2:40:47उसकी तारीफ की जा रही है। ठीक है? तो बड़े
- 2:40:48पोएटिक तरीके से इसकी तारीफ की जा रही है।
- 2:40:50जहां पे डिफरेंट-डिफरेंट इमेजरीज का
- 2:40:52इस्तेमाल किया जा रहा है। ये उसी का
- 2:40:54एग्जांपल है। तो क्या लिखा हुआ है कि उनको
- 2:40:56एक बहुत डीपर वर्ल्ड में लेके गई। अ
- 2:40:57वर्ल्ड दैट वाज़ नॉर्मली हिडन। एक ऐसी
- 2:40:59दुनिया जो आमतौर पर छुपी हुई थी। अ वर्ल्ड
- 2:41:02डैश वर्ल्ड दैट डैश इनू एटरर्निटी। एक ऐसी
- 2:41:05दुनिया जो आपको अनंत काल की ओर लेके जाती
- 2:41:07है। स्वर्ग की ओर लेके जाती है। ऐसा लग
- 2:41:10रहा है गुलजार साहब ने कुछ इंग्लिश में
- 2:41:12लिख दिया हो। है ना? काफी टफ पैसेज है
- 2:41:15भाई। मतलब एक बच्चा जो बिगिनर है उसके
- 2:41:18पल्ले ही नहीं पड़ना कि यहां क्या लिखा
- 2:41:20है। ठीक है? हालांकि देखो जब मैं द हिंदू
- 2:41:22वाले कराता हूं ना जैसे मैंने जो आपका
- 2:41:25मार्क्स बूस्टर सीरीज कराया था तो उसमें
- 2:41:27मैं द हिंदू वाले खुद से क्यूरेट करके
- 2:41:28लेके आता था तो वो टफ होता तो समझ में
- 2:41:30आता। आश्चर्य की बात ये है कि ये एसएससी
- 2:41:32का प्रीवियस ईयर क्वेश्चन है। इसका मतलब
- 2:41:35ऐसा नहीं है भाई साहब कि जब मैं द हिंदू
- 2:41:38से क्वेश्चन लेके आ रहा हूं तो वो
- 2:41:39इरिलवेंट है। हालांकि क्रेडिट टू यू पीपल।
- 2:41:43आप में से किसी ने भी कभी भी मार्क्स
- 2:41:44बूस्टर सीरीज इतना प्यार दिया पर कभी किसी
- 2:41:46ने नहीं बोला कि सर ज्यादा टफ हो रहा है
- 2:41:48क्योंकि सबको मजा आ रहा था। अपना-अपना
- 2:41:49लेवल चेक हो रहा था। ठीक है? पर उसका लेवल
- 2:41:52टफ था। मैं वो करा रहा था जो सबसे टफेस्ट
- 2:41:55एसएससी पूछ सकता है। ये भी टफ है भाई
- 2:41:57साहब। और प्रीवियस ईयर क्वेश्चन है। मतलब
- 2:41:58मजा ही आ गया बिल्कुल। चलो सम्मान बढ़ गया
- 2:42:01एसएससी के लिए। आओ फिल अप करके देखते हैं।
- 2:42:03इस वाले पैसेज में तो मुझे बहुत दिलचस्पी
- 2:42:05है कि कितना करेक्ट करेंगे बच्चे। क्या
- 2:42:07लिखा हुआ है कि प्रेजेंटली अ सुपरानो वॉइस
- 2:42:09ऑफ़ रिचनेस एंड डेप्थ फ्लोटेड फ्रॉम द ओपन
- 2:42:11विंडोज़ ऑफ़ द पार्लर। जैसा मैंने बताया एक
- 2:42:13बहुत भारी भरकम आवाज जो है वो गूंज रही थी
- 2:42:15पार्लर से। रेजोनेटिंग डैश द डार्क
- 2:42:19ग्रीनरी रेजोनेटिंग ओवर मतलब वो गूंज रही
- 2:42:22थी पूरे के पूरे ग्रीनरी में रेजोनेटिंग
- 2:42:25ओवर होगा रेजोनेटिंग बट देखो बट तो एक
- 2:42:28कंजक्शन है अगर हम यहां पे बट फिल अप करें
- 2:42:32इसके पहले तो एक क्लॉज़ है तो इधर भी तो एक
- 2:42:34क्लॉज़ होना चाहिए लेकिन यहां तो हमें समझ
- 2:42:36में आ रहा है कि कोई प्रेपजीिशन होगा
- 2:42:37क्योंकि ग्रीनरी यहां का नाउन है जो इस
- 2:42:39प्रपज़िशन का ऑब्जेक्ट बनेगा डार्कनिंग
- 2:42:41उसका एडजेक्टिव है इस ग्रीनरी का
- 2:42:44एडजेक्टिव है और ये आर्टिकल है इसका मतलब
- 2:42:46मतलब यहां तो कोई प्रेपजीशन भराना चाहिए
- 2:42:48बट तो कंजक्शन हो जाएगा तो बट तो आंसर
- 2:42:50नहीं हो सकता ग्रामेटिकली इनकरेक्ट हो
- 2:42:51जाएगा सेंटेंस आगे बढ़ेंगे
- 2:42:55मतलब गुस्ताखी माफ करना पर मुझे नहीं लगता
- 2:42:58के इस एंगल से बच्चे अभी सोच पा रहे हैं
- 2:43:00जिस एंगल से मैं बता रहा हूं कि इसमें
- 2:43:02कहां ग्रामर है ठीक है आमतौर पर बच्चे
- 2:43:04जिसे करना करना प प्र प्रेफर करते हैं जो
- 2:43:06उनको ऐसा लगता है कि सिर्फ एक यही तरीका
- 2:43:08है वो ये है कि वोकैब का मतलब पता होना
- 2:43:10चाहिए ऐसा नहीं है थोड़े से तरीके से
- 2:43:12पढ़ेंगे तो बहुत सारे ऑप्शन ग्रामर से
- 2:43:14एलिमिनेट होते हैं। मैं वही बता रहा हूं
- 2:43:15और इस वाले वीडियो में तो कितने क्वेश्चंस
- 2:43:17हमने कर लिए। आगे बढ़ेंगे। रेजोनेटिंग
- 2:43:19असाइड। देखो रेजोनेट का मतलब होता है
- 2:43:21गूंजना। असाइड का मतलब होता है किसी को
- 2:43:23हटाना। तो ये तो सेंस नहीं बन रहा। गूंजना
- 2:43:26हटाना क्या सेंस है? बसाइड्स का मतलब होता
- 2:43:28है के अलावा। बसाइड का मतलब होता है के
- 2:43:30बगल में। क्या लिख रहा हूं मैं? भाई साहब
- 2:43:34अलावा लिखना भूल गया क्या?
- 2:43:37अलावा। ठीक है? तो क्या लिखा हुआ है कि
- 2:43:40रेजोनेटिंग बसाइड्स मतलब वो गूंज रहा था
- 2:43:42डार्कनिंग ग्रीनरी के बगल में। बगल में
- 2:43:45नहीं डार्गेनिंग ग्रीनरी में ही गूंज रहा
- 2:43:47था वो तो यह तो नहीं हो सकता एक ही सेंस
- 2:43:49बन रहा है ओवर का रेजोनेटिंग ओवर ठीक है
- 2:43:52ऑल एट वंस इट वाज़ एज इफ द एंटायर सीन
- 2:43:55बिफोर देम वाज़ डैश बाय दैट वॉइस ऐसा लगा
- 2:43:58कि वो जो पूरा का पूरा जो माहौल है ना वो
- 2:44:01इस आवाज से डैश हो गया और अगला लाइन प्लीज
- 2:44:04पढ़ना लिखा है इनफ्यूज्ड विद अनएक्सेक्टेड
- 2:44:06लाइफ उम्मीद नहीं थी ऐसा ऐसा जीवन उनके
- 2:44:09अंदर आ गया इसका मतलब यह है कि उस आवाज से
- 2:44:12ऐसा कुछ हुआ कि ऐसा फील फील हुआ कि पूरा
- 2:44:15का पूरा जो ब्रह्मांड है उसके आसपास में
- 2:44:17वो जाग गया। तो यहां तो कोई पॉजिटिव वर्ड
- 2:44:18होना चाहिए था। क्या ये लाइन आप समझ पाए?
- 2:44:22ये लाइन अगर समझ गए तो फिल अप कर लोगे
- 2:44:23तुरंत। यहां कोई पॉजिटिव वर्ड होना चाहिए।
- 2:44:25आइए ऑप्शन पे। बिलेटेड मतलब होता है बीता
- 2:44:28हुआ। सुना होगा आपने बिलेटेड हैप्पी
- 2:44:29बर्थडे। ठीक है? कि बीता हुआ। नेगेटिव
- 2:44:32वर्ड है ना? लैप्स्ड बर्बाद हो जाना।
- 2:44:34नेगेटिव वर्ड है ना? अनट्राइड जिसे ट्राई
- 2:44:37ही नहीं किया गया। नेगेटिव वर्ड है ना?
- 2:44:39अवेकन जगा दिया। और यह हमारे कंटेस्ट में
- 2:44:42बिल्कुल ठीक था कि एक ऐसी आवाज आई कि ऐसा
- 2:44:44लगा कि आसपास का पूरा माहौल जाग गया और
- 2:44:47सबके अंदर जीवन आ गया। बिल्कुल ठीक लग रहा
- 2:44:49है। आगे बढ़ेंगे। द वेस्टर्न स्काई
- 2:44:52स्ट्रिक विद बैंड्स ऑफ पेल गोल्डन पर्पल द
- 2:44:54टू हाउसेस स्टैंडिंग ग्रेन डिसंसोलेट
- 2:44:56अगेंस्ट द स्काई। द डैश ऑफ ट्रीज कास्टिंग
- 2:45:00डीप ब्लैक शैडोस। ट्रीज का डैश जो के
- 2:45:04जिसकी परछाई जमीन पर पड़ रही थी। तो ट्रीज
- 2:45:07के किस पोर्शन की परछाई जमीन पर पड़ेगी?
- 2:45:09ट्रांजिशन। ट्रीज़ का ट्रांजिशन। ट्रांजिशन
- 2:45:12का मतलब होता है बदलाव। पेड़ों के बदलने की
- 2:45:14परछाई पड़ रही थी। नहीं सेंस नहीं है।
- 2:45:17पेड़ों के जो तने होते हैं, जो ब्रांचेस
- 2:45:19होते हैं, उसकी परछाई पड़ रही थी। ये तो
- 2:45:21ठीक लग रहा है। ब्रांचेस तो ट्रीज़ के ही
- 2:45:24होते हैं। ट्रीज़ का जो पैक होता है, पैक
- 2:45:26का मतलब होता है झुंड। आपने सुना होगा पैक
- 2:45:28ऑफ वुफ्स। भेड़ियों का झुंड। तो पेड़ों का
- 2:45:31झुंड जिसकी परछाई पड़ रही थी। झुंड पैक
- 2:45:34ट्रीज़ के लिए नहीं लगता। मटेरियल ऑफ़
- 2:45:36ट्रीज़। ट्रीज का मटेरियल जिसका जिसकी
- 2:45:38परछाई पड़ती है तो ये तो एब्सोलुटली
- 2:45:40नॉनसेंस है। आंसर क्या होगा? ब्रांचेस
- 2:45:43क्योंकि हम बात कर रहे थे पेड़ के डैश की
- 2:45:46जिसकी परछाई जमीन पे पड़ रही है। तो
- 2:45:48ब्रांचेस ही है। उनके जो तने हैं उनकी
- 2:45:49परछाई आगे बढ़ेंगे। थोड़ा क्लीन कर दे रहा
- 2:45:51हूं। बहुत गंदा लग रहा है देखने में।
- 2:45:56द सेम वॉइस दैट डैश एवरीथिंग सडनली टू
- 2:45:59लाइफ आल्सो ड्र देम इन देम इंटू अनदर।
- 2:46:02लिखा हुआ है वही वॉइस जिन्होंने उन्हें
- 2:46:04डैश किया था। द सेम वॉइस दैट चिजल्ड
- 2:46:07लाइटेंड ब्रॉट ट्रांजेक्टेड। ठीक है? एक
- 2:46:12चीज बोल रहा हूं। आंसर तुरंत हो जाएगा।
- 2:46:14बाकी मैं ऑप्शन एलिमिनेट करके तो दिखाऊंगा
- 2:46:16ही। नोट करना।
- 2:46:18इड है लिखने की जगह कम है। लिखो तो ब्रिंग
- 2:46:23टू लाइट।
- 2:46:26लाइट सॉरी लाइफ। ब्रिंग टू लाइफ जिसका
- 2:46:29मतलब होता है किसी को जीवन प्रदान करना।
- 2:46:32ठीक है? फॉर एग्जांपल आप बहुत प्यासे हो।
- 2:46:35मतलब इतने प्यासे हो कि आप ऑलमोस्ट यू आर
- 2:46:37ऑन द वर्ज ऑफ़ डाइंग। आप मरने वाले हो। मैं
- 2:46:39आपको पानी दे दूं। इट ब्रिंग्स यू टू लाइफ
- 2:46:42ना। आपको जीवन देता है ना वो वापस। सो
- 2:46:45ब्रिंग टू लाइफ का मतलब होता है जीवन किसी
- 2:46:47को सौंपना फिर से। यहां क्या लिखा हुआ था?
- 2:46:49वही वॉइस जो कि सबको अचानक से जिसने जीवन
- 2:46:54सौंप दिया था। ऊपर हमने पढ़ा था यहां पे
- 2:46:56कि उसने सबके अंदर जीवन भर दिया। यहां पे
- 2:46:58भी वही लाइन है। इसका मतलब ब्रिंग टू लाइफ
- 2:47:00हो सकता है। बिल्कुल हो सकता है। चिज्डर्ड
- 2:47:02लाइटन ब्रॉट टू लाइफ ब्रिंग का पाथ ब्रॉट
- 2:47:03होता है। आंसर कौन सा होगा? ब्रॉट होगा।
- 2:47:05यह तो तब हुआ जब आपने बहुत रीडिंग करी है।
- 2:47:08आपको ये एक अक्यूमन में डेवलप्ड है कि
- 2:47:10कहां पे क्या होना चाहिए? चलो आपने नहीं
- 2:47:12करी रीडिंग। तब कैसे बनाएंगे? आ जाओ ऑप्शन
- 2:47:14लिमिट करते हैं। पहला वर्ड है चिजल्ड।
- 2:47:16चिज़्ड का मतलब होता है शार्प। यह आमतौर पर
- 2:47:20किसी की बॉडी का फीचर होता है कि बॉडी
- 2:47:22बहुत चिज़्ड है। फॉर एग्जांपल ऋतिक रोशन है
- 2:47:24ना शर्टलेस हो जाए तो एकदम बिल्कुल इंसान
- 2:47:26को कॉम्प्लेक्स दे दे। बहुत चिज़ल्ड बॉडी
- 2:47:29है। ठीक है? बहुत ही शार्प बॉडी है। बहुत
- 2:47:30शार्प फीचर्स हैं। उसको चिज़ल्ड कहा जाता
- 2:47:33है। तो क्या आवाज सबको चिज़ल किया था? आवाज
- 2:47:36ने। आवाज़ ने सबको शार्प बनाया था? नहीं।
- 2:47:39आवाज ने क्या रोशनी फैलाई थी? नहीं। आवाज
- 2:47:41ने क्या लेनदेन किया था? ट्रांजैक्टेड का
- 2:47:43मतलब होता है लेनदेन। हम लोग यूपीआई
- 2:47:45ट्रांजैक्शन करते हैं ना तो पैसा
- 2:47:46ट्रांजैक्ट हो रहा है, लेनदेन हो रहा है।
- 2:47:48यह तो प्रॉफ़िट और लॉस वाली बात हो जाएगी।
- 2:47:50वह तो था नहीं। तो, एक ही ऑप्शन बचता है।
- 2:47:52ब्रॉट एवरीथिंग टू लाइफ। सबको जीवन दिया
- 2:47:54जिसने वो वो क्या कर रहा है? वो अब लोगों
- 2:47:57को दूसरे तरफ दूसरी दुनिया में लेके जा
- 2:47:59रहा है। मतलब वो आवाज इतनी ज्यादा अच्छी
- 2:48:01है ना। मतलब इट्स लाइक के विराट कोहली का
- 2:48:04कवर्ड है। रोहित शर्मा का पुल शॉट है ना?
- 2:48:06या फिर सोनू निगम की आवाज कि आप बस सुन
- 2:48:09रहे हो और आप आप मंत्रमुग्ध होते जा रहे
- 2:48:11हो। वही वाली बात है। गुलजार साहब की
- 2:48:12शायरी। ठीक है? तो क्या लिखा है कि अ
- 2:48:14वर्ल्ड दैट वास नॉर्मली हिडन। वो एक ऐसी
- 2:48:16दुनिया में आपको ले जा रहा जा रहा था ये
- 2:48:19आवाज जैसे कि कि वो दुनिया जो आमतौर पर
- 2:48:21छिपी हुई थी अ वर्ल्ड दैट डैश इनू
- 2:48:24एटरर्निटी एक दुनिया जो आपको किधर लेके जा
- 2:48:27रही है? एटरर्निटी अनंत की तरफ लेके जा
- 2:48:29रही है आपको। सो अ वर्ल्ड दैट प्लीडेड फॉर
- 2:48:33देखो प्लीड का मतलब होता है गिड़गिड़ाना। जो
- 2:48:35आपको अनंत काल की तरफ गिड़गिड़ा रही है। कोई
- 2:48:38सेंस नहीं है। अ वर्ल्ड दैट आस्क्ड फॉर
- 2:48:41इनू इटरर्निटी आस्क्ड फॉर के साथ इनटू
- 2:48:43नहीं आ सकता। दोनों लगातार प्रपजीिशन हो
- 2:48:46जाएंगे। नहीं हो सकता। अ वर्ल्ड दैट
- 2:48:49हैंडेड ओवर इंटू इटरनिटी। एक दुनिया एक
- 2:48:51ऐसा ऐसी दुनिया जिसने अनंत काल को सौंप
- 2:48:54दिया है। क्या सौंपा भाई अनंत काल को?
- 2:48:56सेंस नहीं है। अ वर्ल्ड दैट स्ट्रेचड आउट
- 2:48:58इनू अटरनिटी। एक ऐसी दुनिया जो कहां तक
- 2:49:01जाती है? स्ट्रेच आउट का मतलब होता है
- 2:49:03वृद्धि करना किसी चीज की बढ़ाना किसी चीज
- 2:49:05को एक ऐसी दुनिया जो कहां तक जाती है अनंत
- 2:49:08काल तक मतलब वो जो आवाज है वो आपको उस
- 2:49:11दुनिया में लेके जा रही है जिस दुनिया का
- 2:49:13अंत एटर्निटी एटरर्निटी में होता है वो
- 2:49:15दुनिया खींच कर आपको अंतकाल तक लेके जाती
- 2:49:18है अनंत काल तक लेके जाती है बहुत बढ़िया
- 2:49:21पैसेज था है ना मजा आ गया बिल्कुल पैसेज
- 2:49:23जो है वो छोटे होंगे लेकिन जो ब्लैंक्स
- 2:49:26होंगे वो कंफ्यूजिंग हो गए पहले ही मैं
- 2:49:28बता देता हूं तो कोई अगर ये एक्सपेक्ट कर
- 2:49:30रहा है कि हम यहां बच्चों वाले करने वाले
- 2:49:32हैं तो वह नहीं होगा। ठीक है? आप वीडियो य
- 2:49:33बंद कर सकते हो। यह ठीक-ठाक लेवल वाला है।
- 2:49:35राइट? शुरू करते हैं। यह है हमारा क्लोज
- 2:49:38टेस्ट। देख लो। यह पैसे ये इसका पेज नंबर
- 2:49:40वन है। ये इसका पेज नंबर टू है। ये पांच
- 2:49:42डिफरेंट-डिफरेंट इसमें ऑप्शंस दिए गए हैं
- 2:49:45जिससे आपको ब्लैंक्स को फिल अप करना है।
- 2:49:47ठीक है? अब हमेशा जिस तरीके से मैं सॉल्व
- 2:49:49करवाता हूं, मैं उसी तरीके से जाऊंगा। हम
- 2:49:51पैसेज को दो बार पढ़ेंगे। पहली बार हम जब
- 2:49:53पढ़ेंगे, तो हम ये समझेंगे कि पैसेज की
- 2:49:55समरी क्या है? किस टॉपिक के बारे में है
- 2:49:58ये? फिर हम यह समझेंगे कि उसका टोन क्या
- 2:50:00है? पॉजिटिव टोन जा रहा है पैसेज का,
- 2:50:02नेगेटिव टोन जा रहा है पैसेज का या क्या
- 2:50:04इंटेंडेड मीनिंग है पैसेज का? क्या मीनिंग
- 2:50:06कन्व करना चाह रहा था पैसेज? ये सारी
- 2:50:08बातें हम दूसरी बार पढ़ेंगे तब हम
- 2:50:10समझेंगे। पहले एक बार हम लोग इसको तेजी से
- 2:50:13रीड आउट करते हैं कि पैसेज है क्या? लिखा
- 2:50:16है द मॉडर्न वर्ल्ड इज विटनेसिंग एन
- 2:50:17अनप्रेसिडेंटेड डिपेंडेंस ऑन डिजिटल
- 2:50:20गैजेट्स। अब देखो जहां पर भी मैं कहता हूं
- 2:50:23कि द हिंदू से मैंने पैसेजेस उठाए हैं
- 2:50:25वहां पर हमेशा मैं मार्क करता हूं कि बहुत
- 2:50:27सारे ऐसे वर्ड्स होंगे जो वन वर्ड या
- 2:50:28सिनोनिम एंटोनिम आपसे पूछ लिए जाते हैं।
- 2:50:30जैसे अनप्रेसिडेंटेड 2025 के सीजीएल में
- 2:50:33ही आया था इफ आई एम नॉट मिस्टर इट। तो ऐसे
- 2:50:35वर्ड्स आपको बीच में बहुत मिलेंगे। क्या
- 2:50:37लिखा हुआ है कि जो वर्ल्ड है वो विटनेस कर
- 2:50:39रहा है एक एक्स्ट्रा डिपेंडेंस डिजिटल
- 2:50:41गैजेट्स के ऊपर। अनपेसिडेंटेड कहने का
- 2:50:44मतलब क्या है? कि ऐसा इतिहास में पहली बार
- 2:50:46हो रहा है। इसका कोई प्रेसिडेंस नहीं है।
- 2:50:48मतलब पहले कभी ऐसा हुआ नहीं है। फ्रॉम
- 2:50:50स्मार्टफोनस
- 2:50:52टू स्मार्ट वॉचेस टेक्नोलॉजी हैज़
- 2:50:54ग्रेजुअली बिकम एन इनसेपरेबल पार्ट ऑफ
- 2:50:57डेली एकिस्टेंस। स्मार्टफोन से लेके
- 2:50:59स्मार्ट वॉचेस तक टेक्नोलॉजी जो है वो
- 2:51:01धीरे-धीरे कर कर हमारे डेली लाइफ का एक
- 2:51:03पार्ट बन चुका है और वो इनसेपरेबल हो चुका
- 2:51:04है। हम अब बिना टेक्नोलॉजी के जी ही नहीं
- 2:51:06पाएंगे। व्हाइल दी डिवाइसेस अनटबली एनहांस
- 2:51:10कन्वीनियंस एक्सेसिव रिलायंस ऑन देम हैड
- 2:51:12स्टार्टेड टू ऑल्टर ह्यूमन बिहेवियर इन
- 2:51:14सर्ट येट सिग्निफिकेंट वेज़ लिखा है कि
- 2:51:16जबकि ये जो डिवाइसेस है ये हमारे
- 2:51:18कन्वीनियंस को तो बेहतर करते ही है
- 2:51:20अनडाउटेबली अब हम हमारी लाइफ बहुत
- 2:51:22कन्वीनिएंट हो चुकी है। इनके ऊपर हम जब
- 2:51:24एक्सेसिवली रिलाई करते हैं तो ये हमारे
- 2:51:27बिहेवियर को भी बदलता है। हालांकि वो
- 2:51:29बदलने का तरीका बहुत सल है। इसका
- 2:51:31प्रोनंसिएशन सल होता है। सल का मतलब होता
- 2:51:34है जो आपने नोटिस नहीं किया। मतलब एकदम
- 2:51:36बड़ा कुछ चेंज नहीं आया। धीरे-धीरे
- 2:51:38सूक्ष्म तरीके से चेंजेस आ रहे हैं। मेनी
- 2:51:40इंडिविजुअल्स नाउ फाइंड इट डिफिकल्ट टू
- 2:51:43रिमेन डिस्कनेक्टेड इवन फॉर अ ब्रीफ
- 2:51:45पीरियड अ टेंडेंसी दैट हैज़ बीन फर्दर डैश
- 2:51:47बाय रिमोट वर्क कल्चर एंड ऑनलाइन सोशल
- 2:51:50इंटरेक्शन। लिखा हुआ है बहुत सारे ऐसे
- 2:51:51इंडिविजुअल्स हैं जो जिनके लिए अब ये बहुत
- 2:51:53ज्यादा मुश्किल है कि वो डिस्कनेक्टेड रहे
- 2:51:55थोड़े वक्त के लिए भी। एक ऐसी टेंडेंसी जो
- 2:51:59रिमोट वर्क कल्चर और ऑनलाइन सोशल
- 2:52:01ट्रांजैक्शन की वजह से और ज्यादा डैश हुई
- 2:52:04है। पहला ब्लैंक है यहां पर। ठीक है? मतलब
- 2:52:06हमें बार-बार अपना फोन चेक करने की आदत
- 2:52:08है। हमें बार-बार ऐसा है कि बहुत बेचैनी
- 2:52:10सी मच जाती है। अगर एक मिनट तक अपना फोन
- 2:52:12ना देखें। अगर मैं पर्सनली अपने बारे में
- 2:52:14बताऊं तो मेरे साथ ये प्रॉब्लम है कि अगर
- 2:52:17नोटिफिकेशन क्योंकि मेरे सारे नोटिफिकेशंस
- 2:52:19ऑफ रहते हैं तो नोटिफिकेशन वाला
- 2:52:21डिस्ट्रैक्शन नहीं है। पर मुझे पता नहीं
- 2:52:23ये बहुत बुरी आदत है कि मैं हर एक दो मिनट
- 2:52:24में निकाल कर अपना फोन चेक करता हूं कि
- 2:52:26कुछ नया आया क्या और इसी बीमारी से निजात
- 2:52:29पाने के लिए मैंने नोटिफिकेशंस को ऑफ रख
- 2:52:31रखा है। पर अभी भी वो बुरी आदत है कि मैं
- 2:52:34बार-बार चेक करता हूं। पता नहीं मैं क्या
- 2:52:36चेक करता हूं। बहुत ही ज्यादा मतलब
- 2:52:38सबकॉन्शियस दिमाग में ये बैठा हुआ है। और
- 2:52:39मैं जानबूझकर नहीं कर रहा। मेरा हाथ चला
- 2:52:41जाता है फोन की तरफ अनलॉक करके देख लेता
- 2:52:44हूं। कुछ नया नहीं होता फोन में। पर
- 2:52:45बार-बार ये आदत हो चुकी है। और अगर आपके
- 2:52:47साथ भी है तो कमेंट्स में बताना ताकि मुझे
- 2:52:49लेफ्ट आउट फील ना हो कि मैं अकेला ऐसा कर
- 2:52:50रहा हूं। ऐसे बहुत सारे लोगों के साथ ये
- 2:52:52दिक्कतें होंगी। लिखा है साइकोलॉजिस्ट
- 2:52:54आर्ग्यू दैट कॉन्सेंट एक्सपोज़र टू
- 2:52:56नोटिफिकेशंस एंड डिजिटल स्टिमुलाई मे डैश
- 2:52:59द ह्यूमन अटेंशन स्पैन मेकिंग डीप
- 2:53:02कंसंट्रेशन इंक्रीजिंगली रेयर। जो
- 2:53:04साइकोलॉजिस्ट है वो ये आर्गुमेंट देते हैं
- 2:53:06कि जब नोटिफिकेशंस की तरफ बहुत ज्यादा
- 2:53:08एक्सपोज़र होता है किसी व्यक्ति का या जब
- 2:53:10डिजिटल स्टिमुलाई बहुत है स्टिमुलाई का
- 2:53:12मतलब होता है कि उसे देख के ना उस आपको
- 2:53:14मजा आने लगा है। आप स्टिमुलेट हो रहे हो
- 2:53:16उस चीज को देख के। ठीक है? आपको एक तरीके
- 2:53:19से दिमाग मतलब आपका दिमाग प्रसन्न हो जाता
- 2:53:21है जब आप कोई नोटिफिकेशन देख ले तो इस
- 2:53:24तरीके का स्टिमुलाई जब करने लगे आपको ये
- 2:53:26नोटिफिकेशंस और डिजिटल चीजें तो ये हमारे
- 2:53:29अटेंशन स्पैन को डैश कर देता है जिसकी वजह
- 2:53:31से हमारा जो कंसंट्रेशन है वो बहुत रेयर
- 2:53:34हो जाता है। हम बहुत कम कंसंट्रेट कर पा
- 2:53:36रहे हैं। मोर ओवर इंटरपर्सनल कम्युनिकेशन
- 2:53:39हैज़ आल्सो अंडरगॉन अ नोटिसिएबल
- 2:53:41ट्रांसफॉर्मेशन। कन्वर्सेशंस दैट वंस
- 2:53:43डिमांडेड इमोशनल इंगेजमेंट आर नाउ
- 2:53:46फ्रीक्वेंटली डश टू शॉर्ट टेक्स्ट मैसेजेस
- 2:53:48एंड इमोजीस। इससे आगे मतलब अगर एक स्टेप
- 2:53:51और आगे बढ़ा जाए तो इसका एक और डैमेज है
- 2:53:53कि हमारा जो इंटरपर्सनल कम्युनिकेशन है हम
- 2:53:55जो बात कर रहे हैं एक दूसरे से उसमें बहुत
- 2:53:57बड़ा बदलाव आ गया। ऐसे कन्वर्सेशंस जिसमें
- 2:54:00पहले इमोशनल इंगेजमेंट होता था। अब वो
- 2:54:03बहुत फ्रीक्वेंटली डैश हो गए हैं शॉर्ट
- 2:54:05मैसेजेस में और इमोजीस में। अब मैं अपनी
- 2:54:08और दो प्रॉब्लम्स आपको बताता हूं। एक तो
- 2:54:10बीच में ऐसा हो गया था कि मेरा
- 2:54:11कम्युनिकेशन खराब हो गया था। क्या
- 2:54:12प्रॉब्लम हो रही थी जो मैंने नोटिस किया
- 2:54:14और मैंने बाद में उसको उस पर काम करके उसे
- 2:54:15ठीक भी किया। आप मुझसे बात कर रहे हो ना
- 2:54:18मैं उस कन्वर्सेशन में हूं पर
- 2:54:20अनकॉन्शियसली मैं अपना फोन निकाल लूंगा और
- 2:54:23फोन में कुछ-कुछ चेक करता रहूंगा और ये
- 2:54:24बहुत रड लगता है। ये मुझे तब पता चला जब
- 2:54:27मैं किसी के साथ बहुत डीप कन्वर्सेशन कर
- 2:54:29रहा था और सामने वाले ने फोन निकाल लिया।
- 2:54:30तब मुझे ना एक मिनट के लिए बड़ा बुरा लगा
- 2:54:32कि यार ही इज़ नॉट सीरियस। वो मेरे से बात
- 2:54:34तो कर रहा है पर शायद मुझे वो उतना
- 2:54:36सीरियसली ले नहीं रहा। फिर मैंने नोटिस
- 2:54:38किया मैं भी तो यह करता हूं। तो मैंने
- 2:54:40कॉन्शियसली उसके ऊपर काम किया और अब मतलब
- 2:54:42ऐसा हो गया कि मैं फोन नहीं उठाता। जब अगर
- 2:54:44आप मुझसे बात कर रहे हो तो मैं बीच में
- 2:54:46फोन नहीं निकालूंगा। बहुत मुश्किल से आदत
- 2:54:48बनी है। दूसरा क्या है कि यहां पे बोला जा
- 2:54:50रहा है कि जो डीप कन्वर्सेशंस होने चाहिए,
- 2:54:52जो इमोशनल इंगेजमेंट होना चाहिए उसके बीच
- 2:54:55में अब क्या हो गया है? बहुत शॉक जो
- 2:54:57टेक्स्ट मैसेजेस हैं और इमोजीस हैं उनके
- 2:55:00थ्रू हम कम्युनिकेट करने लगे हैं। तो वो
- 2:55:01सीरियसनेस मैटर की कभी कबभार चली जाती है।
- 2:55:04जैसे किसी के घर में डेथ हो गई। एक बार
- 2:55:06मैंने एक एक मेरा स्टूडेंट था ऑफलाइन
- 2:55:08क्लास का। मैंने उसको टेक्स्ट किया। ठीक
- 2:55:10है? मुझे कुछ काम था उनसे। मैंने उनको
- 2:55:11टेक्स्ट किया। उन्होंने सामने से मैसेज
- 2:55:13किया कि सर आज मेरे दादाजी गुजर गए। ही
- 2:55:16वास् वैरी क्लोज टू मी एंड आज ऐसा हो गया।
- 2:55:18अब मैं प्रोसेस नहीं कर पा रहा कि मैं
- 2:55:20उनको नेक्स्ट टेक्स्ट मैसेज क्या करूं।
- 2:55:22अगर मैं उनके सामने होता तो डेफिनेटली मैं
- 2:55:25उनके साथ सिंपैथी दिखाता या उनको कंसोल
- 2:55:27करता। बहुत सारे तरीके होते बात करने के।
- 2:55:30मैं फोन में क्या बोलूं उनको? ऐसा क्या
- 2:55:32कहूं कि मैं रूट भी ना लगूं। मैं डल्यूजनल
- 2:55:35भी ना लगूं। मैं मजाक उड़ाता भी ना लगूं
- 2:55:37किसी के दुख का। तो यह बहुत मुश्किल हो
- 2:55:39गया कि शॉर्ट टेक्स्ट मैसेजेस की आदत हो
- 2:55:41चुकी है। इमोजीस की आदत हो चुकी है। हम
- 2:55:44ओके, सॉरी इस पे बात कर रहे हैं। तो
- 2:55:46कन्वर्सेशन ऑल्टर हो रहे हैं उससे। दिस
- 2:55:49ग्रोइंग डिपेंडेंस ऑन गैजेट्स हैज़ नॉट
- 2:55:52ओनली इन्फ्लुएंस सोशल हैबिट्स बट आल्सो
- 2:55:54हैज़ अफेक्टेड फिजिकल हेल्थ व्हाइल राइजिंग
- 2:55:56कंप्लेंट्स रिलेटेड टू स्लीप डिसऑर्डर्स
- 2:55:58एंड एंजाइटी। लिखा है कि ये जो ग्रोइंग
- 2:56:00डिपेंडेंस है गैजेट्स के ऊपर। और इसने ना
- 2:56:02ही सिर्फ हमारे सामाजिक आदतों को बदला है
- 2:56:04बल्कि हमारे हेल्थ इशज़ भी इनकी वजह से आ
- 2:56:07रहे हैं। क्या हो रहा है? इनकी वजह से
- 2:56:09स्लीप डिसऑर्डर्स बहुत हो रहे हैं। लोगों
- 2:56:10को नींद ना आने की समस्या हो रही है। बहुत
- 2:56:12ज्यादा एंजायटी हो रही है लोगों को। बहुत
- 2:56:14ज्यादा बेचैनी हो रही है। अब इतना अगर कोई
- 2:56:16डेप्थ में चला जाए, इतना डिपेंडेंट अगर
- 2:56:18फोन के हो जाए कि नोटिफिकेशन ना देखे तो
- 2:56:20बेचैन हो जाए। तब तो भाई यह बहुत सीरियस
- 2:56:22बीमारी है। एक्सपर्ट्स देयर फॉर एडवोकेट अ
- 2:56:25मोर बैलेंस्ड अप्रोच अर्जिंग पीपल टू यूज़
- 2:56:28टेक्नोलॉजी एज अ टूल रेदर देन बिकमिंग
- 2:56:30कंप्लीटली डेस्टेड। लिखा है कि एक्सपर्ट
- 2:56:32ने एडवोकेट किया इस बात की तरफ जोर डाला
- 2:56:35है। इस बात की एडवोकेसी करी है कि एक
- 2:56:37बैलेंस्ड अप्रोच होना चाहिए कि आप
- 2:56:39टेक्नोलॉजी को एक टूल की तरह यूज़ करो।
- 2:56:41उसको कंप्लीटली डैश मत बना दो। अनलेस
- 2:56:45इंडिविजुअल्स कॉन्शियसली रेगुलेट देयर
- 2:56:47डिजिटल कंसमशन। सोसाइटी मे ग्रेजुअली
- 2:56:49ड्रिफ्ट टुवर्ड्स इमोशनल आइसोलेशन
- 2:56:51डिस्पाइट बीइंग कॉन्सेंटली डैश ऑनलाइन। यह
- 2:56:54बहुत अच्छा लाइन है। क्या लिखा हुआ है? जब
- 2:56:56तक समाज जो है वो कॉन्शियसली रेगुलेट नहीं
- 2:56:59करेगा। अभी मैंने बोला ना कि मैं बात
- 2:57:01करते-करते फोन निकाल लेता था। फिर क्या
- 2:57:03हुआ? मुझे इस आदत का पता चला कि मैंने खुद
- 2:57:05से ही रेगुलेट किया कि ये मेरी बुरी आदत
- 2:57:07है। तो मैंने कॉन्शियस डिसीजन लिया कि मैं
- 2:57:09बात करूंगा तो मैं फोन नहीं निकालूंगा। तो
- 2:57:11जब तक आप कॉन्शियसली रेगुलेट नहीं करोगे
- 2:57:14डिजिटल कंजमशन को तब तक सोसाइटी धीरे-धीरे
- 2:57:17करके इमोशनल आइसोलेशन की तरफ जाएगी। अभी
- 2:57:20तो मैं कहीं तो पढ़ रहा था या सुन रहा था
- 2:57:23के जापान में लोग हायर कर रहे हैं लोगों
- 2:57:26को। मतलब लोग भाड़े पर निकाल रहे हैं किसी
- 2:57:28को जो दोस्त का काम करेगा। मेरा कोई दोस्त
- 2:57:31नहीं है लाइफ में। मैं भाड़े पर दोस्त
- 2:57:32लूंगा एक दिन के लिए, दो दिन के लिए उसको
- 2:57:34चार्जेस दूंगा और फिर मैं उसको बैठ के
- 2:57:36अपने दुख सुख बताऊंगा। समझ जाओ हम हम किस
- 2:57:39लेवल पर पहुंच चुके हैं। इसका मतलब क्या
- 2:57:41है कि इमोशनल आइसोलेशन एकदम पीक पर है।
- 2:57:43अभी है ना डिस्पाइट बीइंग कास्टेंटली डैश
- 2:57:46ऑनलाइन जबकि हम लोग ऑनलाइन सारे लोग डैश
- 2:57:48हैं। उसके बावजूद इमोशनल आइसोलेशन बहुत
- 2:57:51ज्यादा है। मैं एक छोटी सी स्टोरी अपने
- 2:57:52लाइफ से शेयर करता हूं। पता नहीं मैं बहुत
- 2:57:54ज्यादा रिलेट कर गया हूं इस पैसेज से। तो
- 2:57:56क्या हुआ कि एक मेरे ना स्कूल सीनियर थे
- 2:57:58और हम लोग दोनों Facebook पे दोस्त थे। ये
- 2:58:00Facebook के जमाने की बात है। बैक इन
- 2:58:012016-17 में भी। तो वो मेरे Facebook पे
- 2:58:05दोस्त थे और हम दोनों आपस में Facebook पे
- 2:58:07चैट्स करते थे। ठीक है? अ एक टाइम पे हम
- 2:58:10लोग क्रिकेट भी खेलते थे साथ में। मतलब
- 2:58:12ठीक-ठाक पहचान थी। और ऑलमोस्ट हर तीसरे
- 2:58:14चौथे दिन वो कोई वीडियो डालता था बनाकर और
- 2:58:16मैं कमेंट करता था। फिर हमारी छोटी-मोटी
- 2:58:19स्मॉल टॉक्स होती थी। एंड थिंग्स वेंट
- 2:58:21लाइक दैट। करीबन दे एक डेढ़ महीने दो
- 2:58:24महीने के बाद एक दफा हम लोग दोनों एक बार
- 2:58:26स्टेशन पे मिल गए। मैं भी ट्रेन पकड़ रहा
- 2:58:29था कहीं जाने के लिए। वो भी ट्रेन पकड़
- 2:58:30रहे थे कहीं जाने के लिए। हम दोनों आसपास
- 2:58:32में लगभग 10 से 15 मिनट बैठे होंगे। ना
- 2:58:35उन्होंने कुछ बात की ना मैंने कुछ बात की।
- 2:58:38अब यह भी हो सकता है कि हम दोनों ऑकवर्ड
- 2:58:40थे बात करने में या यह भी हो सकता है कि
- 2:58:42बात करते तो पुरानी बातें होती उतना समय
- 2:58:44नहीं था। कुछ भी हो सकता है। पता नहीं
- 2:58:46मुझे क्यों ये बात बड़ी बुरी लगी कि मैं
- 2:58:49उनसे रोज चैट करता हूं और सामने जब हम
- 2:58:52बैठे तो हम बात नहीं कर रहे। इमोशनल
- 2:58:55एसोलेशन है। ना कि उनको कुछ शेयर करना
- 2:58:57होगा। और मुझको कुछ ये तो बहुत छोटा
- 2:58:59एग्जांपल मैंने दिया है। बट समझो कि जो
- 2:59:01ऐसे लोग होते हैं जिनके फॉलोवर्स दुनिया
- 2:59:03भर के होते हैं सोशल मीडिया पर पर उनका एक
- 2:59:05दोस्त नहीं होता। कितना इमोशनल आइसोलेशन
- 2:59:08है जो व्यक्ति दोस्तों के लिए डिजिटली ही
- 2:59:11डिपेंडेंट है। वो व्यक्ति कितना आइसोलेटेड
- 2:59:14महसूस करेगा अगर उससे उसका टेक्नोलॉजी
- 2:59:16उससे उसकी छीन ली जाए तो। तो यहां पे उसी
- 2:59:18खतरे के बारे में बात की जा रही है। है
- 2:59:20ना? आइए
- 2:59:23अब हम लोग एक-एक करके पैसेजेस को फिल अप
- 2:59:26करेंगे। एक बार हमने पढ़ लिया। हमने पूरा
- 2:59:28पैसेज समझ लिया। अगर मैं आपसे टोन की बात
- 2:59:30करूं तो इसका पैसेज का ओवरऑल टोन नेगेटिव
- 2:59:33है। ठीक है? कॉशियस टोन है। जिसका मतलब है
- 2:59:36ये ध्यान रखने के लिए बोला जा रहा है। एक
- 2:59:38प्रॉब्लम को पॉइंट आउट किया जा रहा है और
- 2:59:40बोला जा रहा है उसके ऊपर काम करने के लिए।
- 2:59:42ठीक है? अब हम एक-एक करके ब्लैंक्स पे
- 2:59:43जाएंगे और ये देखेंगे कौन से ब्लैंक पे
- 2:59:45क्या फिट आ रहा है। मैं सिर्फ वो लाइन
- 2:59:47पढूंगा जहां पे कोई ब्लैंक है क्योंकि
- 2:59:48हमने ऑलरेडी कॉन्टेक्स्ट समझ रखा है
- 2:59:50सेंटेंस का। लिखा है मेनी इंडिविजुअल्स
- 2:59:52नाउ फाइंड इट डिफिकल्ट टू रिमेन
- 2:59:54डिस्कनेक्टेड इवन फॉर अ ब्रीफ पीरियड।
- 2:59:55बहुत सारे इंडिविजुअल्स हैं जो बहुत
- 2:59:57मुश्किल होता है अगर उनको छोटे से वक्त के
- 2:59:59लिए भी अगर टेक्नोलॉजी से डिस्कनेक्ट हो
- 3:00:00जाए वो अ टेंडेंसी दैट हैज़ बीन फर्दर डैश
- 3:00:03बाय रिमोट वर्क कल्चर एंड ऑनलाइन सोशल
- 3:00:06इंटरेक्शन लिखा हुआ है एक ऐसी टेंडेंसी है
- 3:00:09जहां पर दैट हैज़ बीन फर्दर डैश ये जो
- 3:00:12टेंडेंसी है कि लोग परेशान हो जाते हैं
- 3:00:14डिस्कनेक्टेड रहने पर ये टेंडेंसी और
- 3:00:16ज्यादा डैश होती है जब वर्क वर्क कल्चर
- 3:00:19रिमोट हो या सोशल इंटरेक्शन हो ऑनलाइन अभी
- 3:00:22जो मैं बोल रहा था कि लाखों में फॉलोवर्स
- 3:00:24हैं पर दोस्त कोई एक नहीं है तो आपका सारा
- 3:00:26का सारा जो इंटरेक्शन है वो तो सोशल
- 3:00:28इंटरेक्शन ऑनलाइन है। जिस दिन टेक्नोलॉजी
- 3:00:30हट गई उस दिन तो आप अकेले हो जाओगे। तो
- 3:00:33यहां पे वही बोला गया है ये टेंडेंसी और
- 3:00:34ज्यादा डैश हुई है। अब समझो टेंडेंसी क्या
- 3:00:37होगी? क्या बोला गया था कि जब भी
- 3:00:40डिस्कनेक्ट हो जाते हैं छोटे पीरियड के
- 3:00:42लिए तो परेशान हो जाते हैं। और ये
- 3:00:43टेंडेंसी और ज्यादा डैश हो जाती है उनके
- 3:00:45लिए जिनका वर्क कल्चर रिमोट है या ऑनलाइन
- 3:00:48सोशल इंटरेक्शन है तो उनके लिए क्या होगी?
- 3:00:50और खराब होगी। इसका मतलब यहां पर कोई
- 3:00:51नेगेटिव वर्ड होना चाहिए था कि वो और
- 3:00:53ज्यादा खराब हो जाती है। खास करके उनके
- 3:00:55लिए जिनका ऑनलाइन सोशल इंटरेक्शन है। आइए
- 3:00:58एग्रवेटेड। एग्रवेट का मतलब होता है किसी
- 3:01:01भी किसी भी सिचुएशन को बहुत ज्यादा इंसाइट
- 3:01:05कर देना। एग्रेसिव कर देना। क्या यहां पे
- 3:01:07एग्रेसिव होने की बात हो रही थी कि एक ऐसी
- 3:01:10टेंडेंसी है जो और ज्यादा एग्रेसिव हो
- 3:01:12जाती है रिमोट वर्क कल्चर के लिए। नहीं
- 3:01:14एग्रेसिव नहीं है। गलत है। जो और ज्यादा
- 3:01:17एक्सीलरेट हो जाती है। एक्सलरेट का मतलब
- 3:01:19क्या होता है? कोई चीज एक पर्टिकुलर स्पीड
- 3:01:21पे चल रही है। उसकी स्पीड अगर और बढ़ा दी
- 3:01:23जाए तो उसको हम लोग एक्सलरेट करना कहते
- 3:01:25हैं। है ना? तो यहां पे क्या बोला जा रहा
- 3:01:27है कि ये सोशल इंटरेक्शंस जो है ये ऑलरेडी
- 3:01:30लोगों को परेशान कर रहे हैं कि उनके अगर
- 3:01:32वो डिस्कनेक्ट हो जाते हैं। ये और ज्यादा
- 3:01:34एक्सीलरेट हो जाता है। और ज्यादा बढ़ जाता
- 3:01:36है अगर वर्क कल्चर और सोशल इंटरेक्शन वाले
- 3:01:39लोग इसमें इन्वॉल्वड तो ठीक लग रहा है ये
- 3:01:41वाला। इनविगरेटेड इसका मतलब होता है किसी
- 3:01:44के अंदर एनर्जी डाल देनी। यह तो पॉजिटिव
- 3:01:46वर्ड है। हमें तो नेगेटिव वर्ड चाहिए। गलत
- 3:01:49है। कंसोलिडेटेड ढाडस बंधाना। किसी को
- 3:01:52किसी व्यक्ति को कंसोलिडेट करना मतलब किसी
- 3:01:54व्यक्ति को उसके सिचुएशन में वापस लेकर
- 3:01:56आना। ये भी ताकत देना वापस लेके आना। इस
- 3:02:00वाले सेंस में पॉजिटिव है। नहीं हो सकता।
- 3:02:02एक ही वर्ड बच रहा है। कौन सा?
- 3:02:03एक्सलरेटेड। आगे बढ़े क्या? पैसेज नंबर दो
- 3:02:06पर आते हैं। मैं सारे ऑप्शंस में बताऊंगा
- 3:02:08क्यों हुआ? क्यों नहीं हुआ। ठीक है? ध्यान
- 3:02:10से सुनते जाना। लिखा है साइकोलॉजिस्ट
- 3:02:12आर्ग्यू दैट कास्टेंट एक्सपोज़र टू
- 3:02:14नोटिफिकेशंस एंड डिजिटल स्टिमुलाई मे डैश
- 3:02:17द ह्यूमन अटेंशन स्पैन मेकिंग डीप
- 3:02:19कंसंट्रेशन इंक्रीजिंगली रेयर।
- 3:02:22साइकोलॉजिस्ट ये आर्ग्यू करते हैं कि जो
- 3:02:24कॉन्स्टेंट एक्सपोज़र है नोटिफिकेशन का और
- 3:02:26जो डिजिटली स्टिमुलाई हो रहे हैं लोग ये
- 3:02:28ह्यूमन अटेंशन स्पैन को डैश कर देता है और
- 3:02:31बहुत इंपॉर्टेंट है जिसकी वजह से डीप
- 3:02:34कंसंट्रेशन बहुत रेयर होता जा रहा है। आप
- 3:02:36कंसंट्रेट नहीं कर पा रहे तो अटेंशन स्पैन
- 3:02:40क्या हुआ है आपका? कम हुआ है तो यहां पे
- 3:02:42कोई नेगेटिव वर्ड होना चाहिए था। अटेंशन
- 3:02:44स्पैन कम हुआ है। कोई नेगेटिव वर्ड होना
- 3:02:46चाहिए था। आइए देखते हैं
- 3:02:50क्या लिखा हुआ है आपका? अटेंशन स्पैन
- 3:02:53डिटेररेट होता है। डिटेरेट का मतलब होता
- 3:02:55है बद से बदतर होना। आप अगर डेफिनेशन में
- 3:02:57देखोगे तो लिखा होता है फ्रॉम बैड टू
- 3:03:00वर्स। यहां पे सिचुएशन पहले से खराब है और
- 3:03:03खराब होने की बात हो रही है क्या? नहीं।
- 3:03:05ऐसी तो कोई बात नहीं की गई। यहां बोला जा
- 3:03:07रहा है कि साइकोलॉजिस्ट का ये आर्गुमेंट
- 3:03:09है कि अगर बार-बार नोटिफिकेशन को ये
- 3:03:11देखेगा तो उसका अटेंशन स्पैन हार्म होगा।
- 3:03:13उसमें कमी आएगी। यहां पे बद से बदतर होने
- 3:03:16की बात तो नहीं है। अटेंशन स्पैन पहले से
- 3:03:17खराब है और खराब हो जाएगा। हम अटेंशन खराब
- 3:03:20स्पैन अटेंशन स्पैन के साथ तो पैदा नहीं
- 3:03:22होते। तो पहले से तो नहीं खराब होता वो।
- 3:03:23अबेच का मतलब होता है किसी चीज के लेंथ को
- 3:03:26काट कर छोटा कर देना। तो क्या अटेंशन
- 3:03:28स्पैन के लेंथ को काट कर छोटा किया गया
- 3:03:30है? बिल्कुल नहीं। इंपेयर। ये हमने पहले
- 3:03:33भी पढ़ा है। बहुत बार ये वर्ड आया है।
- 3:03:34इंपेयर का मतलब होता है किसी चीज में
- 3:03:37रास्ते का पत्थर बनना। है ना? किसी चीज को
- 3:03:40हैंपर करना। तो क्या लिखा हुआ है यहां पर
- 3:03:42कि ये जो ह्यूमन अटेंशन स्पैन है उसको ये
- 3:03:45हैंपर करता है। जिसकी वजह से कंसंट्रेशन
- 3:03:48बहुत ज्यादा रेयर हो जाता है। ये बात तो
- 3:03:50बिल्कुल ठीक लग रहा है। हैंपर करता है।
- 3:03:51खैर आगे देख लेंगे। डिमिनिश का मतलब होता
- 3:03:53है किसी चीज के साइज को छोटा करना। अटेंशन
- 3:03:56स्पैन कोई फिजिकल ऑब्जेक्ट है क्या जिसके
- 3:03:58साइज को छोटा किया जाएगा? नहीं। तो ये भी
- 3:04:00फिट नहीं आ रहा। आंसर क्या होगा कि इंपेयर
- 3:04:02होगा। राइट? अभी अटेंशन स्पैन वाली बात
- 3:04:04है। तो देखो जब जब मैं ये वीडियो बना रहा
- 3:04:06हूं मुझे पहले से ही पता है कि ये वीडियो
- 3:04:08नहीं चलेगी। ठीक है? मैं बना रहा हूं
- 3:04:11क्योंकि स्टूडेंट्स को जरूरत है। पर ये
- 3:04:12बात मैं समझ रहा हूं कि स्टूडेंट्स को
- 3:04:14जरूरत है। स्टूडेंट्स को नहीं पता होता कि
- 3:04:15कॉम्प्रिहेंशन के लिए उनको कितनी मेहनत
- 3:04:18करनी है। कॉम्प्रिहेंशन वो चीज है ना जो
- 3:04:20धीरे-धीरे आपको रिवॉर्ड करती है। इस वजह
- 3:04:23से स्टूडेंट्स को इसमें किक नहीं मिलता।
- 3:04:24बात समझना। अगर मैं अभी एरर पढ़ा रहा होता
- 3:04:27तो आपको बहुत मजा आता पढ़ने में। क्यों
- 3:04:29मजा आता है आपको पढ़ने में? क्योंकि एरर
- 3:04:31ऐसी चीज है ना जिसमें आपको इमीडिएटली किक
- 3:04:33मिलता है। एक क्वेश्चन है आपने आंसर किया।
- 3:04:35आपने पहले रूल्स पढ़े थे। आपको उसका
- 3:04:37रिवॉर्ड मिल गया। तो चकि आपको
- 3:04:39ग्रेटिफिकेशन बहुत फास्ट मिल रहा है। आपने
- 3:04:41कोई रूल पढ़ा आपने रूल अप्लाई किया। आंसर
- 3:04:43आ गया। जैसे मैथ्स में होता है। मैथ्स
- 3:04:44बनाने में इतना मजा क्यों आता है? आपने
- 3:04:45कोई फार्मूला पढ़ा, अप्लाई किया आंसर आ
- 3:04:47गया। किक मिला आपको। ये किक ना जीएस में
- 3:04:50नहीं मिलता। ये किक कॉम्प्रिहेंशन में
- 3:04:53नहीं मिलता। इस वजह से बच्चे इन दोनों
- 3:04:54चीजों से भागते हैं क्योंकि रिवॉर्ड
- 3:04:56क्योंकि आप अक्सर आप स्टूडेंट हो आप मुझे
- 3:04:58कमेंट बता देना मैं सही बोल रहा हूं या
- 3:05:00नहीं बोल रहा। अक्सर आप बच्चे जीएस इसलिए
- 3:05:01नहीं पढ़ते क्योंकि इतना पढ़ना पड़ेगा
- 3:05:03उससे इतना कम इतने कम टॉपिक्स क्वेश्चंस
- 3:05:06आएंगे। इतना बड़ा टॉपिक है एक क्वेश्चन
- 3:05:09पूछ रहा है उससे जिसका मतलब है आप जब
- 3:05:11रिवॉर्ड और एफर्ट के रेश्यो को देखते हो
- 3:05:14आपको रेशियो नेगेटिव में मिलता है। तो
- 3:05:16आपको लगता है कि इट्स नॉट वर्थ इट। बट जो
- 3:05:18बच्चे समझदार हैं, जो इंग्लिश में ज्यादा
- 3:05:20स्कोर करते हैं, वो यह बात अच्छे से समझते
- 3:05:22हैं कि कॉम्प्रिहेंशन इज द गेम चेंजर।
- 3:05:24क्योंकि वोकैब ऐसी चीज है अगर प्रीवियस
- 3:05:26ईयर पूछा तो सबको आता है। अगर प्रीवियस
- 3:05:28नहीं पूछा तो 90% को नहीं आता। आप भी उसी
- 3:05:30में आओगे शायद। ग्रामर ऐसी चीज है। इतने
- 3:05:33अच्छे-अच्छे टीचर्स ग्रामर के हैं कि
- 3:05:35रूल्स सारे आप समझ के बैठे हो। अगर नहीं
- 3:05:37समझ के बैठे हो तो इस तरीके से पढ़ाया गया
- 3:05:39कि आप रट के बैठे हो। तो आंसर्स तो कर
- 3:05:41दोगे। कोई बहुत डिफिकल्ट क्वेश्चन तो
- 3:05:42एसएससी में आता नहीं है। कहां डिफरेंस आता
- 3:05:45है। डिफरेंस आता है कॉम्प्रिहेंशन में।
- 3:05:46कॉम्प्रिहेंशन ऐसी चीज है कि महीनों लगते
- 3:05:48हैं रीडिंग करने में, सालों लगते हैं
- 3:05:50रीडिंग करने में। उसके बाद कॉम्प्रिहेंशन
- 3:05:52इंप्रूव होता है। इतनी मेहनत कौन करे भाई?
- 3:05:55सब खेला तो अटेंशन स्पैन का है। यहां तो
- 3:05:57अटेंशन स्पैन। क्या ही होगा आपका? मैं
- 3:06:00इतना जो एक्सप्लेन करता हूं, मैं इतनी जो
- 3:06:02कहानी सुनाता हूं, ये आपका अटेंशन गैदर
- 3:06:03करने के लिए करता हूं। वरना मैं भी तो उस
- 3:06:06तरीके से पढ़ा सकता हूं कि ये रहा ब्लैंक,
- 3:06:07ये रहा ऑप्शन। ये रहा आंसर। मैं नहीं
- 3:06:09पढ़ाता वैसे। क्यों नहीं पढ़ाता? क्योंकि
- 3:06:11आप जब तक कॉम्प्रिहेंशन को लाइन बाय लाइन
- 3:06:13नहीं समझोगे, इंटरेस्ट नहीं आएगा आपका। और
- 3:06:14इंटरेस्ट नहीं आएगा तो आप पढ़ोगे नहीं इस
- 3:06:16चीज ये बहुत जरूरी चीज है। तो ये अटेंशन
- 3:06:18स्पैन वाला खेला तो यहां भी चल रहा है जो
- 3:06:20आप समझ रहे होंगे। अभी आगे आइए। लिखा है
- 3:06:23मोर ओवर इंटरपर्सनल कम्युनिकेशन हैज़ आल्सो
- 3:06:25अंडरगोन। ये हमने लाइन पढ़ लिया था।
- 3:06:27कन्वर्सेशन दैट वंस डिमांडेड इमोशनल
- 3:06:29इंगेजमेंट आर नाउ फ्रीक्वेंटली डैश टू
- 3:06:31शॉर्ट टेक्स्ट मैसेजेस एंड इमोजीस। ऐसे
- 3:06:33कन्वर्सेशन जिनमें एक वक्त पे डिमांड थी
- 3:06:35कि इमोशनल एंगेजमेंट होगा। लोग एकदम डूब
- 3:06:38कर बात करेंगे इसके बारे में। अब वो डैश
- 3:06:40हो चुके हैं शॉर्ट टेक्स्ट मैसेज और
- 3:06:42इमोजीस में। अब वो क्या हो चुके हैं? अब
- 3:06:45वो छोटे हो चुके हैं। पहले लोग बहुत
- 3:06:47बड़ी-बड़ी बातें बैठ के डिस्कशन करते थे।
- 3:06:49अब क्या है? शॉर्ट टेक्स्ट मैसेज में ओके
- 3:06:50बोल दिया। मैंने आपको एक लंबी सी कहानी
- 3:06:52लिख के दी। आपने लिख दिया ओके। तो क्या
- 3:06:54हुआ? ये जो हमारा कम्युनिकेशन था ये कम हो
- 3:06:56गया। तो यहां पे कम होने जैसा कोई वर्ड
- 3:06:58होना चाहिए। कोई नेगेटिव वर्ड होना चाहिए।
- 3:07:00आइए कनंफाइंड। कंफ मतलब होता है बंद जाना।
- 3:07:03जैसे कि ये एक बॉक्स है। इसके अंदर आपको
- 3:07:06मैंने कंफ कर रखा है। ठीक है? तो क्या
- 3:07:08हमारा कन्वर्सेशन कंफाइन होगा? कन्वर्सेशन
- 3:07:10कब को आप कंफ कर सकते हो क्या? नहीं ना?
- 3:07:12गलत है। रिड्यूस्ड कम हो गया। पहले बहुत
- 3:07:15सारी बातें करनी होती थी। अब वो शॉर्ट
- 3:07:17टेक्स्ट मैसेज में रिड्यूस हो गया। उनमें
- 3:07:19वो छोटा हो गया। ठीक लग रहा है ये वाला।
- 3:07:21रेस्ट्रिक्टेड फिर से एक कंफ वाली बात है
- 3:07:23कि वो रेस्ट्रिक्ट हो गया। लिमिटेड नंबर
- 3:07:24ऑफ टॉपिक्स है जिनके बारे में बात हो रही
- 3:07:26है। ऐसा भी नहीं है। कर्टल मतलब होता है
- 3:07:29किसी चीज को काट के छोटा करना। ये ना ऐसे
- 3:07:31देखो ये कोई रूल नहीं है। पर आमतौर पर
- 3:07:34जहां यूज़ किया जाता है ये कर्टेल
- 3:07:35एक्सटर्नल फैक्टर्स के लिए यूज़ किया जाता
- 3:07:37है। बहुत बच्चों को इसमें कंफ्यूजन होगा
- 3:07:39कि हमने तो कर्टेल का सिनोनिम रिड्यूस पढ़ा
- 3:07:41है। तो ये दोनों तो हो सकते हैं। नहीं हो
- 3:07:43सकते। आप थोड़ा डेप्थ में जाके पढ़ोगे आपको
- 3:07:45समझ में आएगा। या अगर आप रीडिंग अच्छी
- 3:07:47करते हो तो आपको समझ में आएगा ये कि
- 3:07:48कर्टल्ड कहां यूज़ किया जाता है? कर्टल
- 3:07:50प्लान होता है। क्योंकि एक्सटर्नल
- 3:07:52फैक्टर्स इन्वॉल्व होते हैं उसमें। यहां
- 3:07:54कम्युनिकेशन को कम करने की बात हो रही थी।
- 3:07:56काट छांट के छोटा करने की नहीं। तो कर्टल
- 3:07:58नहीं हो सकता। आंसर क्या होगा? रिड्यूस्ड
- 3:08:00होगा। क्या मेरी बात समझ में आ गई है
- 3:08:02आपको? आगे बढ़े हम लोग यहां से। एक्सपर्ट्स
- 3:08:04देयर फॉर एडवोकेट अ मोर बैलेंस्ड अप्रोच
- 3:08:07यूजिंग पीपल टू यूज़ टेक्नोलॉजी सॉरी
- 3:08:10अर्जिंग पीपल टू यूज़ टेक्नोलॉजी एज अ टूल
- 3:08:12रेदर देन बिकमिंग कंप्लीटली डैश टू इट।
- 3:08:14क्या लिखा है? एक्सपर्ट्स कह रहे हैं इसे
- 3:08:16बैलेंस करिए। और लोगों से ये अर्ज कर रहे
- 3:08:18हैं। अर्ज मतलब होता है रिक्वेस्ट। ये
- 3:08:20रिक्वेस्ट भी कर रहे हैं कि टेक्नोलॉजी को
- 3:08:21एक टूल की तरह इस्तेमाल करें। कंप्लीटली
- 3:08:24इसके डैश ना हो जाए। क्या ना हो जाए?
- 3:08:26कंप्लीटली इसके सबोर्डिनेट ना हो जाए।
- 3:08:28सबोर्डिनेट मतलब होता है जो पोस्ट में ओदे
- 3:08:30में छोटा हो आपसे। यहां कहीं पोस्ट का
- 3:08:32जिक्र है क्या? नहीं तो रिलेवेंट वर्ड
- 3:08:33नहीं है ये। ससेप्टिबल ससेप्टिबल का मतलब
- 3:08:36होता है ऐसा व्यक्ति जो ईजीली इन्फ्लुएंस
- 3:08:38हो जाए। अगेन बहुत बार ये द हिंदू में आ
- 3:08:40चुका है। मतलब एग्जाम में आ चुका है। द
- 3:08:42हिंदू का वर्ड है ईली इनफ्लुएंस्ड। के आप
- 3:08:46टेक्नोलॉजी से ईली इन्फ्लुएंस ना हो जाए।
- 3:08:48टेक्नोलॉजी शाहरुख खान इन्फ्लुएंस करेगा
- 3:08:50आपको। नहीं ना?
- 3:08:52सबसविएंट ना हो जाए। बहुत अच्छा वर्ड है।
- 3:08:55सब सबसविएंट का मतलब होता है गुलाम हो
- 3:08:58जाना। क्या बोला जा रहा है? टेक्नोलॉजी को
- 3:09:01एक टूल की तरह इस्तेमाल करें। आप इसके
- 3:09:03गुलाम ना बन जाए। अच्छा वर्ड है। आगे
- 3:09:06बढ़ेंगे। कंप्लायंट मतलब होता है रूल्स
- 3:09:08फॉलो करना। टेक्नोलॉजी को आप टूल की तरह
- 3:09:10यूज़ करें। इसके रूल्स फॉलो ना करें।
- 3:09:11टेक्नोलॉजी ने कोई रूल तो बनाया ही नहीं
- 3:09:12है। तो आंसर क्या है? सब्सवियंट। आगे बढ़े
- 3:09:16यहां से हम लोग। अगला वर्ड है अनलेस
- 3:09:19इंडिविजुअल्स कॉन्शियसली रेगुलेट देयर
- 3:09:21डिजिटल कंसमशन। सोसाइटी मे ग्रेजुअली
- 3:09:22ड्रिफ्ट टुवर्ड्स इमोशनल आइसोलेशन
- 3:09:24डिस्पाइट बीइंग कॉन्सेंटली डैश ऑनलाइन।
- 3:09:26लिखा है जब तक इंडिविजुअल्स कॉन्शियसली
- 3:09:29रेगुलेट नहीं करेंगे अपने डिजिटल कंसमशन
- 3:09:31को सोसाइटी धीरे-धीरे इमोशनल आइसोलेशन की
- 3:09:34तरफ जा रही है। जबकि कास्टेंटली वो लोग
- 3:09:37डैश हैं। अब समझना बहुत ही ज्यादा अच्छा
- 3:09:40वर्ड है और एक बार में आंसर निकल जाएगा।
- 3:09:41क्या बोला जा रहा है? धीरे-धीरे हम किधर
- 3:09:43जा रहे हैं? हम आइसोलेशन की तरफ जा रहे
- 3:09:45हैं। आइसोलेशन का मतलब क्या है? हम
- 3:09:46धीरे-धीरे अकेले हो रहे हैं। जबकि ऑनलाइन
- 3:09:49क्या हम अकेले हैं? नहीं। ऑनलाइन तो हम
- 3:09:51भाई बहुत सोशल आदमी हैं। आ जाओ इसका
- 3:09:53आइसोलेशन का उल्टा वर्ड यहां होना चाहिए
- 3:09:55था। क्या लिखा हुआ है कि अनलेस
- 3:09:56इंडिविजुअल्स कॉन्शियसली रेगुलेट देयर
- 3:09:58डिजिटल कंसमशनंस सोसाइटी मे ग्रेजुअली
- 3:10:01ड्रिफ्ट टुवर्ड्स इमोशनल आइसोलेशन
- 3:10:03डिस्पाइट बीइंग कॉन्सेंटली एक्सेसबल
- 3:10:05ऑनलाइन। एक्सेसबल मतलब होता है जिस तक
- 3:10:07पहुंचा जा सकता है। कॉन्टेक्स्ट नहीं है।
- 3:10:09वो कोई राजा राजकुमार तो है नहीं जहां तक
- 3:10:11पहुंचा जा सकता है। डिस्पाइट बीइंग
- 3:10:12कनेक्टेड ऑनलाइन। क्या बोला जा रहा है कि
- 3:10:14धीरे-धीरे हम इमोशनल आइसोलेशन की तरफ
- 3:10:16जाएंगे। जबकि हम हमेशा ऑनलाइन कनेक्टेड
- 3:10:20हैं। जो कहानी मैंने आपको सुनाई हां
- 3:10:21बिल्कुल फिट आ रहा है ना ऑनलाइन तो वो जो
- 3:10:23मेरे सीनियर थे और मैं हम दोनों तो ऑनलाइन
- 3:10:25दोस्त थे। क्या हम सामने दोस्त थे? नहीं
- 3:10:28हम सामने दोस्त नहीं थे। इसका मतलब यहां
- 3:10:29पे जो कनेक्टेड वर्ड लिखा हुआ है ये फिट आ
- 3:10:31रहा है। अगला वर्ड है एक्टेड मतलब होता है
- 3:10:34किसी चीज से बिल्कुल परिचित होना। तो क्या
- 3:10:37बोला जा रहा है? जबकि हम ऑनलाइन परिचित
- 3:10:39हैं। ऑनलाइन परिचित नहीं है। ये सेंस नहीं
- 3:10:41है। इंटीग्रेटेड मतलब होता है जुड़ा हुआ
- 3:10:42होना। ये मशीन वगैरह के लिए यूज़ करते हैं
- 3:10:44कि हम ऑनलाइन इंटीग्रेटेड है। ऑनलाइन आपस
- 3:10:46में जुड़े हुए हैं तार वगैरह से। ये तो
- 3:10:47सेंस नहीं है। तो कनेक्टेड हमारा सबसे
- 3:10:49सटीक ऑप्शन होगा। आई होप मैं ये क्लियर कर
- 3:10:53पाया आपको कि ये वाला ऑप्शन क्यों होगा और
- 3:10:55ये वाला ऑप्शन क्यों नहीं होगा। ठीक है?
- 3:10:57देखो मैं बाकियों से बिल्कुल भी कंपैरिजन
- 3:11:00नहीं करूंगा क्योंकि उसका कोई लॉजिक नहीं
- 3:11:02है दूसरे से कंपेयर करने का। पर मैं एक
- 3:11:03बात जरूर जानता हूं कि अगर आप मुझसे
- 3:11:05ग्रामर पढ़ोगे, अगर आप मुझसे वोकैब पढ़ोगे
- 3:11:08और अगर आप मुझसे कॉम्प्रिहेंशन पढ़ोगे तो
- 3:11:10मैं अपने बारे में बता दूं कि मुझे ऐसा
- 3:11:12लगता है मैं सबसे अच्छा कॉम्प्रिहेंशन
- 3:11:13पढ़ाता हूं। अगर आप कॉम्प्रिहेंशंस अच्छे
- 3:11:15से समझ पाओगे जो जो एक एक-एक चीज मैं
- 3:11:17बोलूंगा तो मैं पूरी कोशिश करता हूं कि
- 3:11:20आपके लिए क्लियर कर दूं इसको। ठीक है? तो
- 3:11:23थोड़ा एब्सेंट माइंडेड होके मत देखिएगा
- 3:11:24वीडियोस। जब कॉम्प्रिहेंशन मैं करा रहा
- 3:11:26होगा थोड़ा सा एबल माइंडेड हो के देखिएगा।
- 3:11:28थोड़ा अटेंशन रखिएगा। तो मैं रीज़ बता देता
- 3:11:31हूं कि कौन सा हो रहा है, कौन सा नहीं हो
- 3:11:32रहा है। ठीक है? अब चकि ये मैंने बोला
- 3:11:35आपको कि ये द हिंदू का पैसेज मैंने उठाया
- 3:11:37था। तो इसमें जो इंपॉर्टेंट वर्ड्स हैं वो
- 3:11:38भी आपके लिए एग्जाम पॉइंट ऑफ व्यू से बहुत
- 3:11:40ज्यादा जरूरी हो जाते हैं। ये जितने भी
- 3:11:42वर्ड्स हैं मैं ऑलरेडी सबका हिंदी आपको
- 3:11:44बता चुका हूं। अब यहां पे मैंने एक स्लाइड
- 3:11:46लगा दिया है। जैसे कि मैं बता दूं
- 3:11:47अनप्रिसिडेंटेड ऑलरेडी एग्जाम में पूछा
- 3:11:48है। स्टिमुलाई, इनविगरेटेड, अब्रिज,
- 3:11:51इंपेयर, ससेप्टेबल, सब्सबिएंट, एक्वेंटेड
- 3:11:54ये सारे प्रीवियस ईयर क्वेश्चंस हैं। सारे
- 3:11:56के सारे आपको मिल जाएंगे। या जो भी है
- 3:11:58प्रीवियस ईयर का मटेरियल आपके पास होगा।
- 3:11:59तो इन सारे वर्ड्स को अच्छे से पढ़ लेना।
- 3:12:01मैंने सबका हिंदी आपको ऑलरेडी बता रखा है।
- 3:12:03ठीक है? ये आपके आंसर्स हैं। बता दिए
- 3:12:06मैंने पहले। एक इंपॉर्टेंट अनाउंसमेंट आगे
- 3:12:09बढ़ने से पहले। अगर आप एक ऐसे एस्पिरेंट
- 3:12:12हो जो एसएससी या डिफेंस के किसी एग्जाम के
- 3:12:14लिए प्रिपेयर कर रहे हो और 2026 में अगर
- 3:12:16आप पेपर देने वाले हो और आपको एक
- 3:12:18प्रैक्टिस बैच चाहिए तो आप मेरा ये बैच
- 3:12:20कंसीडर कर सकते हो। टारगेट 26 के नाम से
- 3:12:23आपको मेरे ऐप पे ये बैच मिल जाएगा। इसमें
- 3:12:2519,000 प्रीवियस ईयर क्वेश्चंस हम करने
- 3:12:27वाले हैं। लगभग 15 से 16,000 ऑलमोस्ट हम
- 3:12:29कर चुके हैं। ठीक है? जो कुछ क्वेश्चंस और
- 3:12:31बचे हैं ये अप टू प्री और उसके बाद मेंस
- 3:12:33में ये अपलोड होंगे। ये प्री प्लस मेंस का
- 3:12:36बैच है। कंप्लीट जो मटेरियल मैं पढ़ाऊंगा
- 3:12:38वो बहुत रेलेवेंट मटेरियल है क्योंकि सारे
- 3:12:39के सारे प्रीवियस ईयर क्वेश्चन। ठीक है?
- 3:12:42ग्रामर के वोकैब कॉम्प्रिहेंशन मॉक्स ये
- 3:12:44सारे के सारे क्वेश्चंस इसमें अवेलेबल
- 3:12:46हैं। राइट? ग्रामर के भी प्रीवियस ईयर
- 3:12:48होंगे। वोकैब भी हो का भी प्रीवियस ईयर
- 3:12:50होगा। कॉम्प्रिहेंशन का भी प्रीवियस ईयर
- 3:12:51होगा। अलग से मॉक्स भी होंगे। ठीक है?
- 3:12:54इसके बारे में डिटेल मैंने एक वीडियो बनाई
- 3:12:56है 30 मिनट की जिसमें मैंने बताया है कि
- 3:12:58क्या मिलेगा क्या नहीं मिलेगा कितना
- 3:13:00डिस्काउंट है कौन से एग्जाम के लिए है वो
- 3:13:02सारी बातें मैंने बताई है डिस्क्रिप्शन
- 3:13:04में आपको इस वीडियो का लिंक मिल जाएगा
- 3:13:05आपसे रिक्वेस्ट है कि एनरोल करने से पहले
- 3:13:07आप प्लीज वो वीडियो जाकर एक बार देख लेना
- 3:13:09ताकि आपको भी कंफ्यूजन ना हो क्लेरिटी के
- 3:13:11साथ आप एनरोल कर लो ठीक है मेरे ऐप का
- 3:13:14जहां पे ये कोर्स अवेलेबल है उसका लिंक भी
- 3:13:15आपको डिस्क्रिप्शन में मिल जाएगा tlegram
- 3:13:17चैनल का भी लिंक डिस्क्रिप्शन में मिल
- 3:13:18जाएगा जाके ज्वाइन कर लीजिए ऐप इंस्टॉल कर
- 3:13:20लीजिए जो भी मटेरियल है वो आपको वहां पर
- 3:13:22मिल जाएगा ठीक है?
- 3:13:25सेकंड नंबर पैसेज पर आए। ये पैसेज है। पॉज
- 3:13:29करके पढ़ लो। ये पैसेज है। पॉज करके पढ़ लो।
- 3:13:34ऑप्शंस डाले हुए हैं। एक बार फिर से देख
- 3:13:37लो ऑप्शंस के हिसाब से। चलो मैं अस्यूम
- 3:13:41करके चलता हूं। आपने पढ़ा है। लिखा है द
- 3:13:43पॉलिटिकल लैंडस्केप ऑफ़ वेस्ट बंगाल हैज़
- 3:13:45बीन हैज़ ऑलवेज बीन मार्क्ड बाय इंटेंस
- 3:13:48इलेक्टोरल कंपटीशन एंड इमोशनली चार्ज
- 3:13:50कैंपेन। जो पॉलिटिकल लैंडस्केप है वेस्ट
- 3:13:52बंगाल का उसमें हमेशा इंटेंस इलेक्टोरल
- 3:13:55कंपटीशन होता है और बहुत ही इमोशनली चार्ज
- 3:13:58कर देने वाले कैंपेन होते हैं। मतलब बहुत
- 3:14:00ज्यादा कंपटीशन होता है पार्टीज के बीच
- 3:14:02में इलेक्शन जीतने के लिए और कैंपेन जो है
- 3:14:05वो बहुत ही ज्यादा मतलब शोरशराबे वाले
- 3:14:07कैंपेन होते हैं। एज द स्टेट अप्रोचेस
- 3:14:09अनदर क्रूशियल इलेक्शन पॉलिटिकल पार्टीज
- 3:14:12हैव बिगन टू अग्रेसिवली डैश वोटर्स थ्रू
- 3:14:14रैलीज़, पब्लिक मीटिंग्स एंड सोशल मीडिया
- 3:14:16आउटच। लिखा हुआ है कि जिस तरीके से स्टेट
- 3:14:20जो अप्रोच कर रहा है जैसेजैसे करके यह
- 3:14:23स्टेट में इलेक्शन नजदीक आ रहा है। अब तो
- 3:14:25इलेक्शन हो भी गया रिजल्ट आ भी गया। पर यह
- 3:14:27पैसेज जो मैंने उठाया पहले का है। लिखा है
- 3:14:29कि जिस तरीके से इलेक्शंस नजदीक आ रहे
- 3:14:31हैं। पॉलिटिकल पार्टीज जो है वो बहुत
- 3:14:33एग्रेसिवली अपने वोटर्स को डैश करना
- 3:14:35उन्होंने शुरू कर दिया है। कैसे रैलीज के
- 3:14:37थ्रू मीटिंग्स के थ्रू सोशल मीडिया से से
- 3:14:40उन तक पहुंच के। इशूज़ सच एज
- 3:14:42अनइंप्लॉयमेंट, रूरल डेवलपमेंट, करप्शन
- 3:14:45एंड वेलफेयर स्कीम्स आर लाइकली टू डैश द
- 3:14:48पॉलिटिकल डिस्कोर्स इन कमिंग मंथ्स। लिखा
- 3:14:50हुआ है इशूज़ जैसे कि अनइंप्लॉयमेंट हो
- 3:14:52गया, रूरल डेवलपमेंट हो गया, करप्शन हो
- 3:14:54गया, वेलफेयर स्कीम्स हो गए। ये सारे के
- 3:14:56सारे डैश कर रहे हैं पॉलिटिकल डिस्कोर्स
- 3:14:58को अगले आने वाले महीने में। एनालिस्ट
- 3:15:02बिलीव दैट रीजनल आइडेंटिटी एंड कल्चरल
- 3:15:04सेंटीमेंट्स मे आल्सो प्ले अ सिग्निफिकेंट
- 3:15:06रोल इन शेपिंग वोटर बिहेवियर। एनालिस्ट का
- 3:15:09ये मानना है कि जो रीजनल आइडेंटिटी है
- 3:15:11मतलब यहां पे जो लोग हैं वेस्ट बंगाल में
- 3:15:14जो लोग हैं उनकी जो अपनी आइडेंटिटी है
- 3:15:16उसके साथ जो उनका कल्चरल सेंटीमेंट है वो
- 3:15:18बहुत बड़ा रोल प्ले करने वाला है। एट द
- 3:15:20सेम टाइम कंसर्न्स रिगार्डिंग पॉलिटिकल
- 3:15:22वायलेंस एंड इनफ्लेमेटरी स्पीचेस कंटिन्यू
- 3:15:25टू डैश पब्लिक डिबेट लिखा हुआ है उसी वक्त
- 3:15:27पे क जो जो कंसर्न्स है जो चिंताएं हैं कि
- 3:15:30इलेक्शन में वायलेंस होगा। इनफ्लेमेटरी
- 3:15:32स्पीचेस होंगे। इनफ्लेमेटरी भी प्रीवियस
- 3:15:34ईयर वर्ड है। मतलब होता है ऐसा स्पीच जो
- 3:15:37लोगों को उकसा दे। तो ऐसे उकसाने वाले जो
- 3:15:39स्पीचेस होंगे ये कंटिन्यू कर रहे हैं
- 3:15:41पब्लिक डिबेट में डश करना। सिविल सोसाइटी
- 3:15:43ग्रुप्स हैव रिपीटेडली अर्ज पॉलिटिकल
- 3:15:45लीडर्स टू मेंटेन डेकोरम एंड इंश्योर
- 3:15:47पीसफुल कैंपेनिंग। जो सिविल सोसाइटीज हैं
- 3:15:50उन्होंने लगातार पॉलिटिकल लीडर्स से
- 3:15:51रिक्वेस्ट किया है कि आप अपनी भाषा में
- 3:15:54थोड़ा डेकोरम रखिए। थोड़ा डिसिप्लिन वे
- 3:15:56में बात कीजिए और कैंपेन को पीसफुल रखिए।
- 3:15:59मीन वाइल द इलेक्शन कमीशन हैज़ असर्ड
- 3:16:02सिटीजंस दैट स्ट्रिक्ट मेजर्स विल बी
- 3:16:04इंप्लीमेंटेड टू गारंटी फ्री एंड फेयर
- 3:16:07पोलिंग। इलेक्शन कमीशन ने यह अश्योर किया
- 3:16:09है सिटीजंस को कि बहुत कड़े मेजर्स उठाए
- 3:16:12जाएंगे फ्री और फेयर पोलिंग कराने के लिए।
- 3:16:15पॉलिटिकल ऑब्जर्वर्स आर्ग्यू दैट दैट द
- 3:16:18आउटकम ऑफ़ इलेक्शन मे सिग्निफिकेंटली डैश द
- 3:16:21फ्यूचर ट्रेजरी ऑफ गवर्नेंस इन द स्टेट।
- 3:16:24और बोला जा रहा है यहां पर कि जो पॉलिटिकल
- 3:16:26ऑब्जर्वर है उन्होंने ये आर्गुममेंट दिया
- 3:16:28है कि इस इलेक्शन का जो आउटकम होगा यह
- 3:16:30भविष्य बहुत बड़ा डिसाइड करेगा स्टेट के
- 3:16:33गवर्नेंस का। अल्टीमेटली द इलेक्टोरेट इज
- 3:16:36एक्सपेक्टेड टू डैश इट्स वर्डिक्ट बेस्ड
- 3:16:37ऑन बोथ डेवलपमेंट इश्यूज एंड पॉलिटिकल
- 3:16:39क्रेडिबिलिटी। अंततः जो इलेक्टोरेट है
- 3:16:42उससे ये उम्मीद की जाती है कि ये जो
- 3:16:43वर्डिक्ट वो देगा वो डेवलपमेंटल इश्यूज और
- 3:16:46पॉलिटिकल क्रेडिबिलिटी को लेकर देगा।
- 3:16:48राइट? किसके बारे में है पैसेज? पैसेज
- 3:16:51वेस्ट बंगाल में जो इलेक्शंस होने वाले
- 3:16:53हैं पैसेज के हिसाब से अब तो हो चुके हैं।
- 3:16:55पर जो इलेक्शंस होने वाले हैं उनको लेकर
- 3:16:57है। किस तरीके से उसके लिए तैयारी की जा
- 3:16:59रही है। किन-किन बातों का ध्यान रखा जा
- 3:17:00रहा है उसके लिए है। ओवरऑल जो पैसेज का
- 3:17:03टोन है वो न्यूट्रल है। ठीक है? आइए अब हम
- 3:17:05लोग एक-एक करके ब्लैंक्स फिल अप करते हैं।
- 3:17:07मैं वो लाइन पढूंगा जिस लाइन में ब्लैंक
- 3:17:08है। लिखा है एज द स्टेट स्टेट अप्रोचेस
- 3:17:11अनदर क्रूशियल इलेक्शन पॉलिटिकल पार्टीज
- 3:17:13हैव बिगन टू अग्रेसिवली डैश वोटर्स थ्रू
- 3:17:16रैलीज़ पब्लिक मीटिंग्स एंड सोशल मीडिया
- 3:17:17आउट रीच। जिस तरीके से जो स्टेट है, स्टेट
- 3:17:20में इलेक्शंस आ रहे हैं। पॉलिटिकल पार्टीज
- 3:17:23ने शुरू कर दिया है एग्रेसिवली डैश करना
- 3:17:26वोटर्स को। क्या करना? रैलीज के थ्रू,
- 3:17:29पब्लिक मीटिंग्स के थ्रू और सोशल मीडिया
- 3:17:31आउटरीच आउटरीच के थ्रू। क्या करेंगे? आप
- 3:17:33सोचो जरा दिमाग पे जो डालो। अगर स्टेट में
- 3:17:36इलेक्शंस आने वाले हैं तो पॉलिटिकल
- 3:17:38पार्टीज क्या कोशिश करते हैं कि वो लोगों
- 3:17:40को इकट्ठा करें, लोगों को जमा करें, अपने
- 3:17:43फॉलोअर्स बढ़ाएं, अपने वोटर्स बढ़ाएं। यही
- 3:17:45कोशिश करते हैं तो तो यहां लिखा है
- 3:17:46पॉलिटिकल पार्टीज हैव बिगन टू अग्रेसिवली
- 3:17:48डश वोटर्स क्या होगा पर्सुएड वोटर्स
- 3:17:51पर्सुएड का मतलब होता है किसी को अपनी बात
- 3:17:54मनवाना ठीक है ये सेंस तो नहीं लग रहा
- 3:17:57पॉलिटिकल पार्टीज अपनी बात मनवाने की
- 3:17:59कोशिश करेंगे नहीं सॉलिसिट सोलिसिट का
- 3:18:02मतलब होता है किसी भी व्यक्ति से
- 3:18:04रिक्वेस्ट करना अनुरोध करना तो क्या
- 3:18:06पॉलिटिकल पार्टीज रिक्वेस्ट करेंगे रैलीज
- 3:18:08के थ्रू रैलीज के थ्रू रिक्वेस्ट कैसे
- 3:18:09होगा नहीं हो सकता मोबिलाइज करने की कोशिश
- 3:18:12की जाएगी उनको उनको इकट्ठा करने की कोशिश
- 3:18:14कोशिश की जाएगी। उनको किसी मुद्दे को लेकर
- 3:18:16संगठित करने की कोशिश की जाएगी। यह तो ठीक
- 3:18:19लग रहा है। मेक सेंस अल्योर करने की
- 3:18:21कोशिश। अलर का मतलब होता है अट्रैक्शन।
- 3:18:24अट्रैक्शन की कोशिश की जाएगी। हां,
- 3:18:27अट्रैक्शन की कोशिश तो ठीक लग रहा है। पर
- 3:18:29यहां पर बोला जा रहा था पब्लिक मीटिंग्स
- 3:18:31के थ्रू और सोशल मीडिया आउटरीच के थ्रू।
- 3:18:33अगर यहां पर केवल रैलीज होती तो हम यह सोच
- 3:18:36सकते थे कि एल्योर करने की कोशिश की
- 3:18:37जाएगी। यह बोला जाएगा हम ये स्कीम देंगे,
- 3:18:40हम वो स्कीम देंगे। लेकिन पब्लिक मीटिंग्स
- 3:18:42में और सोशल मीडिया आउटरेच में हमेशा यह
- 3:18:44बात तो नहीं होती। क्या कोशिश की जाती है
- 3:18:46किसी मुद्दे के ऊपर लोगों को इकट्ठा किया
- 3:18:49जाए? है ना? जैसे कि एक हमारे जो एकदम
- 3:18:52सबसे
- 3:18:54कमाऊ मुद्दा है हमारे नेताओं का वो है
- 3:18:56हिंदू मुस्लिम का मुद्दा कि मुस्लिम के
- 3:18:58खिलाफ बोलो तो हिंदू इकट्ठे होंगे। हिंदू
- 3:19:00के खिलाफ बोलो तो मुस्लिम इकट्ठे होंगे।
- 3:19:01एंड सो फोर्थ एंड सो ऑन। इसका मतलब यह है
- 3:19:04कि वो लोग क्या करते हैं? वो लोग जनता
- 3:19:05जनता को आम जनता को मोबिलाइज करने की
- 3:19:08कोशिश करते हैं। किसी मुद्दे में उलझाकर
- 3:19:10इकट्ठा करने की कोशिश करते हैं। तो
- 3:19:12मोबिलाइज वर्ड तो बिल्कुल फिट आ रहा है।
- 3:19:16आगे बढ़े। इशूज़ सच एज अनइंप्लॉयमेंट, रूरल
- 3:19:20डेवलपमेंट, करप्शन एंड वेलफेयर स्कीम्स आर
- 3:19:22लाइकली टू डैश द पॉलिटिकल डिस्कोर्स इन द
- 3:19:25कमिंग मंथ्स। ऐसे इश्यूज जैसे कि
- 3:19:26अनइंप्लॉयमेंट हो गया, रूरल डेवलपमेंट हो
- 3:19:28गया, करप्शन हो गया, वेलफेयर स्कीम्स हो
- 3:19:30गए। ये पॉलिटिकल डिस्कोर्स को डैश करेंगे
- 3:19:33आने वाले मंथ में। मतलब जो पॉलिटिकल
- 3:19:36डिस्कोर्स का मतलब है जो डिस्कशन होगा
- 3:19:38पॉलिटिक्स को लेके आसपास में जो डिस्कशन
- 3:19:40होगा उसमें अनइंप्लॉयमेंट भी होगा, रूलर
- 3:19:42डेवलपमेंट भी होगा, करप्शन होगा, वेलफेयर
- 3:19:44स्कीम्स होगा और ये लोग डैश करेंगे। क्या
- 3:19:46करेंगे? यही मुद्दे डोमिनेट करेंगे बातचीत
- 3:19:49को। जो डिस्कशन हो रहा है ना आम जनता
- 3:19:50बैठकर चाय के दुकानों पर बात कर रही है।
- 3:19:53तो यही मुद्दे उसको डोमिनेट करेंगे। ये तो
- 3:19:55ठीक लग रहा है। यही मुद्दे उसके उसको
- 3:19:57सुपरवाइज सुपरवाइज करेंगे। यही मुद्दे इस
- 3:20:00डिस्कशन को की निगरानी करेंगे। कोई मुद्दा
- 3:20:03कभी किसी डिस्कशन की निगरानी कर सकता है
- 3:20:05क्या? नहीं। ये उनको रेगुलेट करेंगे। नियम
- 3:20:07कानून बनाएंगे। यही मुद्दे डिस्कशन का
- 3:20:10नियम कानून बनाएंगे। डिस्कशन का क्या नियम
- 3:20:11कानून होता है? ये मुद्दे मैनपुलेट
- 3:20:13करेंगे। भाई ये टॉपिक्स ऑफ डिस्कशन कभी
- 3:20:16किसी को मैनपुलेट कर सकता है। मैनपुलेट
- 3:20:17करना इंसान का काम है। कॉन्टेक्स्ट क्या
- 3:20:19था यहां पर? कि ये जो ये जो इशूज़ हैं ये
- 3:20:22इशूज़ पॉलिटिकल डिस्कोर्स को डैश करेंगे।
- 3:20:25तो इशूज़ कभी मैनपुलेट थोड़ी कर सकता है।
- 3:20:26इंसान मैनपुलेट करते हैं। आंसर क्या होगा?
- 3:20:29ये डोमिनेट करेंगे। इन्हीं के बारे में
- 3:20:31बात होगी। एट द सेम टाइम कंसर्न्स
- 3:20:33रिगार्डिंग पॉलिटिकल वायलेंस एंड
- 3:20:35इनफ्लेमेटरी स्पीचेस कंटिन्यू टू डैश
- 3:20:37पब्लिक डिबेट। उसी वक्त पे जो कंसर्न्स
- 3:20:40हैं पॉलिटिकल वायलेंस को लेके इनफ्लेमेटरी
- 3:20:42स्पीचेस को लेके वो पब्लिक डिबेट को डैश
- 3:20:45करना कंटिन्यू कर रहे हैं। किन के बारे
- 3:20:46में बात हो रही है? चिंताओं के बारे में।
- 3:20:48कि जो कंसर्न्स हैं किसको लेके कंसर्न्स
- 3:20:50हैं कि वायलेंस होगा पॉलिटिक्स में
- 3:20:52पॉलिटिकल जो रैलीज है उनमें या बहुत भड़काऊ
- 3:20:55भाषण दिए जाएंगे। ये पब्लिक डिबेट को डैश
- 3:20:57कर रही है। क्या कर रही है? कोई नेगेटिव
- 3:20:59वर्ड होना चाहिए। ये पब्लिक डिबेट को किडल
- 3:21:01कर रही है। उकसा रही है। चिंताएं उकसा रही
- 3:21:04हैं। कंसर्न्स डिबेट को उकसाएगा। नहीं
- 3:21:07नहीं सेंस नहीं दे रहा। परमिएट परमिएट का
- 3:21:10मतलब होता है फैलाना। स्प्रेड करना। क्या
- 3:21:11बोला जा रहा है कि जो चिंताएं हैं
- 3:21:13पॉलिटिकल वायलेंस को लेकर वो पॉलिटिकल
- 3:21:16डिबेट वो पब्लिक डिबेट को और ज्यादा फैल
- 3:21:18रहा है। पब्लिक डिबेट में और ज्यादा फैल
- 3:21:20रहा है। कंटिन्यू टू परमिएट पब्लिक डिबेट।
- 3:21:22लोगों लोग आपस में बहस कर रहे हैं इस चीज
- 3:21:24को ले। ठीक लग रहा है यह वाला तो प्रोवोक
- 3:21:26करना उकसाना फिर से वही बात है चिंताएं
- 3:21:29डिबेट को बहस को उकसाएंगी चिंताएं उकसाती
- 3:21:31थोड़ी है इग्नाइट आग लगाना चिंताएं आग
- 3:21:34लगाएंगी कोई सेंस नहीं है एक ही वर्ड बन
- 3:21:35रहा है परमिएट करें कहने का मतलब ये है कि
- 3:21:38उसी वक्त पे ये जो चिंताएं हैं लोगों की
- 3:21:40कि पॉलिटिकल वायलेंस होगा इनफ्लेमेटरी
- 3:21:42स्पीचेस होंगे ये पब्लिक डिबेट को और
- 3:21:44ज्यादा पब्लिक डिबेट में और ज्यादा फैला
- 3:21:46रही है
- 3:21:48पॉलिटिकल ऑब्जर्व्स आर्ग्यू दैट द आउटकम
- 3:21:50ऑफ द इलेक्शन मे सिग्निफिकेंटली डैश द
- 3:21:52फ्यूचर ट्रेजरी ऑफ़ गवर्नेंस इन द स्टेट
- 3:21:54पॉलिटिकल ऑब्जर्वर्स ये भी आर्गुममेंट दे
- 3:21:56रहे हैं कि इस इलेक्शन का जो आउटकम होगा,
- 3:21:59इस इलेक्शन का जो परिणाम होगा, वो फ्यूचर
- 3:22:01ट्रेजरी को बहुत ज्यादा डैश करेगा। भविष्य
- 3:22:04कैसा रहने वाला है इस राज्य का इस स्टेट
- 3:22:06का इसे बहुत ज्यादा डैश करेगा। क्या बोला
- 3:22:08जा रहा है? कि पॉलिटिकल ऑब्जर्व्स ये
- 3:22:10आर्ग्यू कर रहे हैं कि जो आउटकम होगा
- 3:22:12इलेक्शन का वो सिग्निफिकेंटली डैश करेगा।
- 3:22:14सिग्निफिकेंटली डिटरमाइन करेगा किस चीज
- 3:22:17को? गवर्नेंस को। गवर्नेंस का मतलब क्या
- 3:22:19है? कि किस तरफ यह राज्य जाएगा। उस
- 3:22:22ट्रेजजेक्टरी को डिटरमाइन करेगा। उस
- 3:22:23ट्रेजरी को यह एक मोड़ देगा। ठीक लग रहा है
- 3:22:27ये वाला? ये उस ट्रेजरी को स्पेकुलेट
- 3:22:29करेगा। स्पेकुलेट मतलब होता है अंदाजा
- 3:22:30लगाना। तो क्या बोला जा रहा है कि जो
- 3:22:32परिणाम होगा ना रिजल्ट का जो जीतेगा जो
- 3:22:34पार्टी जीतेगी ये जो वेस्ट बंगाल का
- 3:22:36भविष्य है उस भविष्य का अंदाजा लगाएगा।
- 3:22:39अंदाजा लगाएगा। नहीं उस भविष्य के लिए
- 3:22:42नियम कानून बनाएगा। एडमिनिस्टर करेगा।
- 3:22:43नहीं उस भविष्य को नेगोशिएट करेगा। इनोएट
- 3:22:46मतलब होता है हम लोग ना बिज़नेस में
- 3:22:47नेगोशिएट करते हैं कि मैं आपको ₹10 ज्यादा
- 3:22:49दूंगा आप मुझको ₹10 कम दो मोल भाव करना तो
- 3:22:52क्या इलेक्शन का परिणाम भविष्य का मोल भाव
- 3:22:55करेगा नहीं ये तो बिजनेस ट्रांजैक्शन में
- 3:22:58यूज़ किए जाते हैं डिटरमाइन करेगा निश्चित
- 3:23:00करेगा ये इलेक्शन का जो रिजल्ट है वो
- 3:23:02गवर्नेंस को निश्चित करेगा आगे आने वाली
- 3:23:04सरकार आगे आने वाला जो भविष्य है वो कैसा
- 3:23:07चलेगा इस बात को निश्चित करेगा अल्टीमेटली
- 3:23:10द इलेक्टोरेट इज एक्सपेक्टेड टू डैश इट्स
- 3:23:12वर्डिक्ट बेस्ड ऑन बोथ डेवलपमेंटल इश्यूज
- 3:23:14एंड पॉलिटिकल क्रेडिबिलिटी अंतत जो
- 3:23:16इलेक्टोरेट है उससे यह उम्मीद की जाती है
- 3:23:19कि वो डैश करेगा इस वर्डिक्ट को इज़
- 3:23:21एक्सपेक्टेड टू रिजर्व इट्स वर्डिक्ट
- 3:23:23प्रोनाउंस इट्स वर्डिक्ट डिलीवर इट्स
- 3:23:25वर्डिक्ट आर्टिकुलेट इट्स वर्डिक्ट सबसे
- 3:23:27पहले तो अगर आप रीडिंग करते हो तो आपको
- 3:23:28पता होगा वर्डिक्ट को हमेशा डिलीवर किया
- 3:23:31जाता है। फैसला सुनाने के लिए डिलीवर वर्ड
- 3:23:35यूज़ किया जाता है। आप देखो जुडिशरी में भी
- 3:23:37जब कोई जज अपना फैसला सुनाते हैं उसको
- 3:23:40डिलीवर बोला जाता है। तो वर्डिक्ट को
- 3:23:42डिलीवर करते हैं। ये तो अगर जिन्हें आपने
- 3:23:43पढ़ा है तो अब आ जाओ अगर नहीं पढ़ा तो
- 3:23:45ऑप्शन भी एलिमिनेट कर लेंगे। कोई बात
- 3:23:47नहीं। क्या लिखा हुआ है इसमें? कंटेस्ट
- 3:23:50क्या है? कि ये जो इलेक्टोरेट है या जो
- 3:23:52रिजल्ट है ऐसी उम्मीद की जा रही है कि ये
- 3:23:54इस वर्डिक्ट को डैश करेगा। इस वर्डिक्ट को
- 3:23:56रिजर्व करेगा। रिजर्व का मतलब क्या होता
- 3:23:58है? कि जो परिणाम आएगा रिजल्ट का वो उस
- 3:24:01वर्डिक्ट को अभी नहीं बताएगा। बाद में
- 3:24:03बताएगा। जैसे अदालत में फैसले रिजर्व रखे
- 3:24:06जाते हैं ना कि आज नहीं बताएंगे। एक महीने
- 3:24:08बाद बताएंगे। यहां पर वही बोला जा रहा है।
- 3:24:10तो भैया इलेक्टोरेट जो वोटिंग पड़ेगी वो इस
- 3:24:12वर्डिक्ट को रिजर्व थोड़ी करेगा। प्रोनाउंस
- 3:24:15करेगा। प्रोनाउंस मतलब होता है उद्घोषणा
- 3:24:16करना कि ये जो जो वोटिंग पड़ेगी ये जाके
- 3:24:20उद्घोषणा करेगा। अनाउंस करेगा सबके सामने
- 3:24:22वर्डिक्ट को। नहीं डिलीवर करेगा। मैंने
- 3:24:24बता दिया आंसर ये है। आर्टिकुलेट का मतलब
- 3:24:26होता है बहुत अच्छे शब्दों में किसी चीज
- 3:24:28को समझाना। जैसे अगर मैं आपको ये पैसेज
- 3:24:30समझा पा रहा हूं तो आप बोलोगे कि मैं
- 3:24:32आर्टिकुलेट कर पा रहा हूं इसको। ठीक है?
- 3:24:34तो ये क्या इलेक्टोरेट जो है क्या वो
- 3:24:37वर्डिक्ट को ऑटोगुलेट करेगा कि मैंने वोट
- 3:24:39डाला और मैंने जाके बहुत बहुत अच्छे
- 3:24:41शब्दों में बोला कि कौन जीत रहा है? ऐसा
- 3:24:42तो नहीं होगा। आंसर क्या है कि वो इस
- 3:24:45वर्डिक्ट को डिलीवर करेगा। राइट? बढ़िया
- 3:24:48पैसेज था। ये सारे वर्ड्स हैं जो आपको
- 3:24:51पढ़ने चाहिए। ये आपके सिनोनिम्स या
- 3:24:53एंटोनिम्स में या ओडब्ल्यूएस में बाद में
- 3:24:55मिल सकते हैं। ये रहा आपका आंसर।
- 3:24:58आगे बढ़े? पैसेज नंबर थ्री। यह आईपीएल के
- 3:25:03बारे में है। पढ़ लो एक बार। मैं जरा पानी
- 3:25:05पी लूं।
- 3:25:23आइए देखते हैं।
- 3:25:25लिखा है मेनी क्रिकेट प्यूरिस्ट आर्ग्यू
- 3:25:27दैट द आईपीएल डिस्पाइट इट्स इनॉरमस
- 3:25:29पॉपुलरिटी कैन नॉट बी रिगार्डेड एस सीरियस
- 3:25:32क्रिकेट इन दैट ट्रेडिशनल सेंस। बहुत सारे
- 3:25:34ऐसे प्यूरिस्ट हैं। ये वर्ड भी वन वर्ड
- 3:25:36में पूछा गया। प्यूरिस्ट का मतलब क्या
- 3:25:37होता है? एक ऐसा व्यक्ति जो बहुत अच्छा
- 3:25:39ऑब्जर्वर है किसी चीज का जिसको नियम कानून
- 3:25:42सारे पता है उनको प्यूरिस्ट कहा जाता है
- 3:25:44जो प्योर फॉर्म को की पूजा करें। तो बहुत
- 3:25:47सारे ऐसे क्रिकेट ट्यूरिस्ट हैं जो ये
- 3:25:49आर्ग्यू करते हैं कि आईपीएल जबकि बहुत
- 3:25:51ज्यादा पॉपुलैरिटी है उसे एक सीरियस
- 3:25:54क्रिकेट नहीं माना जा सकता ट्रेडिशनल सेंस
- 3:25:57में। अगर मैं आपको ट्यूरिस्ट का एग्जांपल
- 3:25:58बताऊं। और मेरे दिमाग में बड़ा अच्छा एक
- 3:25:59एग्जांपल आया कि हम बहुत सारे लोग ऐसे हैं
- 3:26:02जो इंग्लिश पढ़ा रहे हैं। बहुत सारे ऐसे
- 3:26:05लोग हैं जो इंग्लिश को डेप्थ में जाकर
- 3:26:06पढ़ाना बहुत पसंद करते हैं। ठीक है? लेकिन
- 3:26:08कुछ एक ऐसे टीचर्स हैं जो प्योरिस्ट है।
- 3:26:10जैसे एक एक सर हैं बहुत अच्छा पढ़ाते हैं
- 3:26:15और वो उतने पॉपुलर नहीं है जितना एक्चुअली
- 3:26:17उनको होना चाहिए। वो है अंकुल सर। अंकुल
- 3:26:20सर एक प्यरिस्ट है इंग्लिश के। मतलब वो वो
- 3:26:24जब पढ़ाते हैं ना तो आपको वो सेंस आएगा कि
- 3:26:27सर परेशान हो जाते हैं जब कोई कुछ उल्टा
- 3:26:30पुल्टा कोई लॉजिक बता रहे हैं ना उलूजुलू
- 3:26:31लॉजिक बता देता या रटवाने लगे तो वो वो
- 3:26:33टीचर से भी परेशान हो जाते हैं कि ऐसे
- 3:26:35क्यों पढ़ा रहे हो क्योंकि उनको वो प्योर
- 3:26:37फॉर्म में इंग्लिश बहुत पसंद है। तो वो एक
- 3:26:39प्यूरिस्ट हैं। अगर मैं हम लोग इस फील्ड
- 3:26:42की बात करें अब आप समझ गए होगे इस एनालॉजी
- 3:26:43से कि प्यूरिस्ट किसे कहा जाता है। तो जो
- 3:26:45क्रिकेट के प्यूरिस्ट है उनका ये मानना है
- 3:26:47कि आईपीएल जबकि पॉपुलर बहुत है पर ये
- 3:26:50क्रिकेट नहीं है। दे बिलीव दैट द
- 3:26:52टूर्नामेंट प्लेसेस एक्सेसिव एमफेसिस ऑन
- 3:26:55एंटरटेनमेंट एंड कमर्शियल सक्सेस ऑफन एट द
- 3:26:58डश ऑफ टेक्निकल एक्सीलेंस एंड पेशेंस।
- 3:27:00लिखा हुआ है उनका ये मानना है कि जो
- 3:27:02टूर्नामेंट है ना ये बहुत ज्यादा जोर
- 3:27:04डालता है एंटरटेनमेंट के ऊपर और कमर्शियल
- 3:27:07सक्सेस के ऊपर। इसी वजह से जो टेक्निकल
- 3:27:10एक्सीलेंस है या जो पेशेंस का जो गेम है
- 3:27:12उसको ये डैश कर जाता है। अनलाइक टेस्ट
- 3:27:15क्रिकेट वेयर स्ट्रेटजी एंड टेंपरामेंट आर
- 3:27:17रिगरसली टेस्टेड आईपीएल मैचेस
- 3:27:19फ्रीक्वेंटली रिवॉर्ड एग्रेसिव स्ट्रोक
- 3:27:21प्ले एंड रिस्क टेकिंग लिखा है कि जब
- 3:27:24टेस्ट क्रिकेट से अछूत होकर मतलब उसके
- 3:27:26जैसा नहीं स्ट्रेटजी और टेंपरामेंट जहां
- 3:27:29टेस्ट क्रिकेट में बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट
- 3:27:32है और बहुत रिगरसली टेस्ट टेस्ट होते हैं
- 3:27:34वह आईपीएल अक्सरा केवल एग्रेसिव स्ट्रोक
- 3:27:37प्ले को रिवॉर्ड करता है। क्रिटिक्स आल्सो
- 3:27:40कंटेंट दैट प्लेयर्स ओकेजनली बिकम मोर डैश
- 3:27:44विद पर्सनल ब्रांडिंग एंड फ्रेंचाइजी
- 3:27:46कॉन्ट्रैक्ट्स देन वि नेशनल कमिटमेंट।
- 3:27:49लिखा हुआ है कि और क्रिटिक्स का तो यहां
- 3:27:51तक मानना है कि जो प्लेयर्स हैं वो अक्सरा
- 3:27:53बहुत डैश हो जाते हैं पर्सनल ब्रांडिंग के
- 3:27:56साथ और फ्रेंचाइजी कॉन्ट्रैक्ट के साथ और
- 3:27:58उनको देश के लिए भी खेलना है और देश के
- 3:28:01लिए अच्छा करना है यह उनको याद ही नहीं
- 3:28:03रहता। ठीक है?
- 3:28:06सपोर्टर्स ऑफ द लीग। हाउएवर मेंटेन दैट
- 3:28:09आईपीएल हैज़ रिवोलशनाइज्ड मॉडर्न क्रिकेट
- 3:28:12बाय इंट्रोड्यूस इंट्रोड्यूसिंग इनोवेशन
- 3:28:14एंड फाइनेंसियल स्टेबिलिटी। लेकिन जो लीग
- 3:28:16के सपोर्टर्स हैं वो यह मानते हैं कि
- 3:28:18आईपीएल ने एक आईपीएल एक आंदोलन लेकर आया
- 3:28:20क्रिकेट में और इनोवेशन की जरूरत थी।
- 3:28:23इनोवेशन आया है। फाइनेंसियल स्टेबिलिटी आई
- 3:28:26है इससे। येट इवन दे एडमिट दैट द फॉर्मेट
- 3:28:29टेंड्स टू डैश डिफेंसिव बोलिंग एंड लॉन्ग
- 3:28:31टर्म टेिकल प्लानिंग। लिखा हुआ है। लेकिन
- 3:28:33वो यह बात भी मानेंगे कि इस फॉर्मेट में
- 3:28:36जो डिफेंसिव बोलिंग है और जो लॉन्ग टर्म
- 3:28:38टैक्टिकल प्लानिंग है उसको इसने डैश किया
- 3:28:41है। द इनॉमस मीडिया अटेंशन सराउंडिंग द
- 3:28:44टूर्नामेंट हैज़ फर्दर डैश द डिस्टिंशन
- 3:28:45बिटवीन स्पोर्ट एंड स्पेक्टिकल। और जितने
- 3:28:48जितना मीडिया अटेंशन इसको मिलता है।
- 3:28:50मीडिया मतलब यहां केवल प्रेस की बात नहीं
- 3:28:52की जा रही। यहां पर कोई भी डिजिटल मीडिया
- 3:28:54जो है जो आप टीवी पर देखते हो या जो आप
- 3:28:55फोन और लैपटॉप पर देखते हो जब से उसने
- 3:28:58अटेंशन ज्यादा दिया है ये टूर्नामेंट के
- 3:29:00बीच का जो लाइन था वो खत्म हो गया है कि
- 3:29:03कहां ये स्पोर्ट था और कहां ये तमाशा बन
- 3:29:06चुका है। स्पेक्टकल मतलब तमाशा होता है।
- 3:29:07तो खेल और तमाशे के बीच का जो लाइन है वो
- 3:29:09डैश हो चुका है। वेदर वन एडमायर्स और
- 3:29:12क्रिटिसाइजेस द आईपीएल इट इज़ अनडिनायबल
- 3:29:14दैट द लीग हैज़ प्रोफाउंडली डैश कंटेंपररी
- 3:29:17क्रिकेट कल्चर। अब कोई प्रशंसा करे या कोई
- 3:29:20आलोचना करे इस लीग की। इस बात से कोई नहीं
- 3:29:22नकार सकता कि इस लीग ने प्रोफाउंडली मतलब
- 3:29:25बहुत डीप डीप जाकर बहुत डेप्थ में
- 3:29:27कंटेंपररी क्रिकेट कल्चर को डैश किया है।
- 3:29:30क्लियर है भाई? बात बिल्कुल क्लियर है। अब
- 3:29:33देखो ये किसी का पर्सनल ओपिनियन है। आप
- 3:29:35किसी भी साइड ऑफ द कॉइन पे हो सकते हो। हो
- 3:29:38सकता है आप पहले वाले पे हो। हो सकता है
- 3:29:41आप दूसरे वाले पे हो। पर मैं एक ऐसी बात
- 3:29:43बोलूंगा जिससे आपको अग्री करना चाहिए के
- 3:29:46जब से ये इंपैक्ट प्लेयर का रूल आया है तब
- 3:29:49से आईपीएल सच में एक तमाशा हो चुका है। अब
- 3:29:52आप मुझे नापसंद कर सकते हो मेरे इस
- 3:29:54ओपिनियन के लिए पर ये मेरा पर्सनल ओपिनियन
- 3:29:55है और आप बिल्कुल डेमोक्रेटिकली आप मुझसे
- 3:29:58डिसए्री कर सकते हो। पर मुझे ऐसा लगता है
- 3:30:00और मैंने देखना छोड़ भी दिया जब से ये
- 3:30:01इंपैक्ट प्लेयर का रोल आया क्योंकि मुझे
- 3:30:04ऐसा लगता है कि बहुत बैट्समैन ओरिएंटेड
- 3:30:06गेम हो चुका है और सच में कहीं पे भी कोई
- 3:30:10एक एक जो होता है ना एक थोड़ा बहुत जो
- 3:30:12क्रिकेट का मजा था कि एक बैलेंस था बॉल और
- 3:30:14बैट के बीच में वो खत्म हो गया। ठीक है?
- 3:30:16तो मुझे अब जेनुइनली बिल्कुल भी मजा नहीं
- 3:30:18आता देखने में। मैं मैं यहां तक जाऊंगा कि
- 3:30:21मैं वेट कर रहा हूं कि आईपीएल खत्म हो और
- 3:30:23इंडिया अफगानिस्तान का टेस्ट मैच स्टार्ट
- 3:30:25हो। मुझे ऐसा लगता है कि इंडिया
- 3:30:26अफगानिस्तान के टेस्ट मैच में मुझे ज्यादा
- 3:30:28मजा आएगा रादर देन कि आईपीएल देखूं मैं।
- 3:30:31ठीक है? यह मेरा ओपिनियन है। आप डिसग्री
- 3:30:32कर सकते हो। आइए अब हम लोग इसमें पैसेज को
- 3:30:36फिल अप करेंगे। क्या लिखा हुआ है कि दे
- 3:30:39बिलीव उनका ये मानना है कि जो टूर्नामेंट
- 3:30:41है वो बहुत ज्यादा एम्फेसिस डालता है
- 3:30:43एंटरटेनमेंट और कमर्शियल सक्सेस पे और
- 3:30:45इसके वजह से टेक्निकल एक्सीलेंस और पेशेंस
- 3:30:47को कॉम्प्रोमाइज कर दिया जाता है। यहां पे
- 3:30:49कॉम्प्रोमाइज ऐसा कोई वर्ड होना चाहिए था।
- 3:30:50कोई नेगेटिव वर्ड होना चाहिए था। ठीक है?
- 3:30:53आइए एट द एक्सपेंस क्या लिखा हुआ है यहां
- 3:30:55पर ऑफन एट द एक्सपेंस ऑफ बिल्कुल यह
- 3:30:58एक्सप्रेशन होता है एट द एक्सपेंस ऑफ
- 3:31:00जिसका मतलब होता है किसी चीज की कीमत पर
- 3:31:04राइट जैसे होता है ना कि आप घर से बाहर
- 3:31:06कमाने गए तो आपको पैसे तो मिले बट एट द
- 3:31:08एक्सपेंस ऑफ योर फैमिली फैमिली टाइम आपने
- 3:31:10गवा दिया तो एट द एक्सपेंस ऑफ का मतलब
- 3:31:12होता है किसी चीज के कीमत पे तो यहां पे
- 3:31:14क्या बोला जा रहा है एंटरटेनमेंट तो दे
- 3:31:15रहा है पैसा भी बहुत दे रहे हैं पर
- 3:31:17टेक्निकल एक्सीलेंस और पेशेंस के कीमत पर
- 3:31:20ठीक लग रहा है यह वाला तो एट द वैल्यू ऑफ़
- 3:31:22ऑफ यहां पे ये वर्ड फिट नहीं आएगा। एट द
- 3:31:24वैल्यू ऑफ़ कोई इड नहीं होता। वैल्यू मतलब
- 3:31:26कीमत होती है। एट द एक्सपेंडिचर ऑफ़ कितना
- 3:31:28खर्च किया आपने? एट द कॉस्टिंग ऑफ।
- 3:31:30कॉस्टिंग तो वर्ब होता है। हमें अगर नाउन
- 3:31:32चाहिए तो कॉस्ट होना चाहिए था। गलत है।
- 3:31:34आंसर कौन सा होगा? एट द एक्सपेंस ऑफ।
- 3:31:36क्लियर? आगे आइए। क्रिटिक्स आल्सो कंटेंट
- 3:31:39दैट प्लेयर्स ओकेजनली बिकम मोर डैश विद
- 3:31:42पर्सनल ब्रांडिंग एंड फ्रेंचाइजी
- 3:31:44कॉन्ट्रैक्ट्स देन वि नेशनल कमिटमेंट।
- 3:31:46लिखा है कि क्रिटिक्स का यह भी मानना है
- 3:31:49कि जो जो प्लेयर्स हैं वो ओकेजनली बहुत
- 3:31:52ज्यादा डैश हो जाते हैं पर्सनल ब्रांडिंग
- 3:31:54के साथ। बहुत ज्यादा एनग्रोस्ड हो जाते
- 3:31:56हैं। प्लीज ये बात मार्क कीजिएगा और ये
- 3:31:58बहुत अच्छा पॉइंट है यहां पर जहां से आप
- 3:32:01तुरंत आंसर बना सकते थे।
- 3:32:03क्या लिखा हुआ है?
- 3:32:06डैश वि पर्सनल ब्रांडिंग। क्या लिखा हुआ
- 3:32:08है? डैश वि पर्सनल ब्रांडिंग। यहां वि का
- 3:32:10इस्तेमाल किया गया है। हमें एक ऐसा ऑप्शन
- 3:32:12चाहिए जिसके बाद विथ आना चाहिए। इनग्रस्ट
- 3:32:15विद पर्सनल ब्रांडिंग गलत है। इनग्रोस्ट
- 3:32:20इन यूज़ होता है। अब्सॉर्ब
- 3:32:24किसी चीज में बहुत ज्यादा डूब जाना इन यूज़
- 3:32:27होता है। प्रीऑक्यूपाइड
- 3:32:33वि होता है। इसका मतलब होता है
- 3:32:36डिस्ट्रैक्टेड।
- 3:32:40है ना? इंडल्ज्ड।
- 3:32:44के साथ इन यूज़ होता है। अब देखो हमारे
- 3:32:46ऑप्शन में हमारे पैसेज में पहले से विद
- 3:32:49दिया था। इसका मतलब इनग्रॉस वाला ऑप्शन
- 3:32:52नहीं हो सकता। वहां तो इन होना चाहिए।
- 3:32:53एब्सॉर्ब्ड के बाद इन आता है। इंडल्ज्ड के
- 3:32:55बाद इन आता है। तो ये तीन ऑप्शन तो यूं ही
- 3:32:57कट गए।
- 3:33:00कौन सा आंसर बचा? एक ही ऑप्शन है। कौन सा?
- 3:33:02प्रीऑक्यूपाइड। तो क्या बोला जा रहा है कि
- 3:33:04जो क्रिटिक्स है उनका ये भी मानना है कि
- 3:33:07प्लेयर्स अक्सेराला अक्सरा डिस्ट्रक्टेड
- 3:33:09हो जाते हैं। पर्सनल ब्रांडिंग की तरफ चले
- 3:33:11जाते हैं। येट इवन दे एडमिट दैट द फॉर्मेट
- 3:33:14टेंड्स टू डैश डिफेंसिव बोलिंग एंड लॉन्ग
- 3:33:16टर्म टेिकल प्लानिंग। क्या कॉन्टेक्स्ट था
- 3:33:18कि लोग सपोर्ट करते हैं आईपीएल को। पर वो
- 3:33:20भी ये मानते हैं कि इस फॉर्मेट की वजह से
- 3:33:23डिफेंसिव बोलिंग डैश हो गई है और लॉन्ग
- 3:33:26टर्म का जो टैक्टिकल प्लानिंग होता है वो
- 3:33:28डैश हो गया है। अब मैं बहुत लेमन टर्म्स
- 3:33:30में बोल रहा हूं चीजों को क्योंकि आपको भी
- 3:33:33जो बच्चे रेगुलर फॉर्क करते हैं उनको पता
- 3:33:34है कि मैं क्रिकेट के लिए पागल इंसान हूं।
- 3:33:36तो मैं यहां 2000 आपको एग्जांपल्स बता
- 3:33:38सकता हूं जहां पे लॉन्ग टर्म टैक्टिकल
- 3:33:39प्लानिंग बहुत खराब हो गई है आईपीएल के
- 3:33:41वजह से। ठीक है? अब जो बच्चे नहीं समझते
- 3:33:43नहीं देखते क्रिकेट उनके लिए मैं समझाता
- 3:33:45हूं। टैक्टिकल प्लानिंग क्या होती है?
- 3:33:46जैसे टेस्ट मैचेस में क्या होता है? कोई
- 3:33:47बॉलर ना बैट्समैन को बनाता है। हम लोग
- 3:33:50क्रिकेट में ये कहते हैं कि ये बना रहे
- 3:33:52हैं। बनाने का मतलब क्या है? कि तीन आउट
- 3:33:54स्विंगर, चौथा इन स्विंगर, पांचवा आउट
- 3:33:56स्विंग, छठा इन स्विंग, छठे बॉल पे
- 3:33:58बैट्समैन आउट हो गया। क्योंकि वो कंफ्यूज
- 3:34:00हो गया कि बॉल अंदर जाएगा कि बाहर आएगा।
- 3:34:02ठीक है? इसको बनाना बोलते हैं। अब टी20
- 3:34:04मैचेस में इसकी जगह नहीं है। अगर आपने एक
- 3:34:06बॉल अगर रडार में फेंक दिया तो वो
- 3:34:08ही जाने वाला है। ठीक है? ग्राउंड्स इतने
- 3:34:10छोटे हैं, पिचेस इतने पाटा हैं के वो
- 3:34:13ही जाए। बॉल में कोई मूवमेंट ही
- 3:34:15नहीं है। इसका मतलब यह है कि लॉन्ग टर्म
- 3:34:16जो टैक्टिकल प्लानिंग है और डिफेंसिव
- 3:34:18बोलिंग है वह डैश हो रही है। खराब हो रही
- 3:34:20है। यहां पे कोई नेगेटिव वर्ड होना चाहिए
- 3:34:21था। आइए
- 3:34:23उनको डिसरेज किया जा रहा है। अगर आप लॉन्ग
- 3:34:25टर्म की प्लानिंग लेके चल रहे हो तो उसको
- 3:34:27डिसरेज कर रहे हैं। मतलब कह रहे हैं ये
- 3:34:28ठीक नहीं है। ये फिट आ रहा है। अंडरमाइन
- 3:34:31किया जा रहा है। अंडरमाइन का मतलब होता है
- 3:34:32किसी चीज की वैल्यू कम करना। किसी की
- 3:34:34बेइज्जती करनी है। क्या हम लॉन्ग टर्म
- 3:34:35टेिकल प्लानिंग और डिफेंसिव बोलिंग को कम
- 3:34:37दिखा रहे हैं। कम नहीं दिखा रहे। ऐसा कहा
- 3:34:39जा रहा है कि ये मत करिए। ये काम नहीं
- 3:34:41आएगा। उसे सप्रेस किया जा रहा है। उसे
- 3:34:43दबाया जा रहा है, कुचला जा रहा है। उसे
- 3:34:45कमजोर किया जा रहा है। प्लानिंग को कमजोर
- 3:34:46थोड़ी किया जा रहा है। ये डिसरेज किया जा
- 3:34:48रहा है कि आप डिफेंसिव बिंग करिए। अब कोई
- 3:34:50बॉलर अगर बाय नेचर डिफेंसिव बॉलर है तो उस
- 3:34:53वो अपने बोलिंग टी20 में चेंज थोड़ी कर
- 3:34:55लेगा। पर उससे कप्तान ये कहता है कि ये मत
- 3:34:57कर। तो उस उसे क्या किया जा रहा है कि उसे
- 3:35:00डिसरेज किया जा रहा है कि ऐसा मत करो।
- 3:35:03राइट? आगे
- 3:35:08द इनमस मीडिया अटेंशन सराउंडिंग द
- 3:35:10टूर्नामेंट हैस फदर डैश द डिस्टिंशन
- 3:35:12बिटवीन स्पोर्ट एंड स्पेक्टिकल जो बहुत
- 3:35:15ज्यादा मीडिया का अटेंशन भी मिला है उसने
- 3:35:17फर्दर डैश कर दिया है जो स्पोर्ट और
- 3:35:19स्पेक्टिकल के बीच का डिस्टिंशन है उसे तो
- 3:35:21हम क्या बोलना चाहते हैं कि जो मीडिया
- 3:35:23अटेंशन है उसकी वजह से खेल और तमाशे के
- 3:35:26बीच में जो एक लाइन था वो डैश हो गया लाइन
- 3:35:28क्या होता है लाइन ब्लर होता है याद करो
- 3:35:30हम बहुत बार मुहावरा कहते हैं कि उसे ना
- 3:35:32बड़े-छोटे के बीच का अंतर नहीं पता। बड़े
- 3:35:34और छोटे के बीच का लाइन उसने ब्लर कर दिया
- 3:35:37है। तो यहां ब्लर जैसा कोई वर्ड होना
- 3:35:38चाहिए था। आइए लिखा है ऑब्सक्यर्ड। क्या
- 3:35:42लिखा है कि इनॉर्मस मीडिया अटेंशन है जो
- 3:35:44टूर्नामेंट को सराउंड कर रही है जिसकी वजह
- 3:35:47से बहुत ज्यादा ब्लर हो गया है वो लाइन।
- 3:35:49ठीक लग रहा है। बहुत ज्यादा नजर लगी उस
- 3:35:51लाइन को इक्लिप्स्ड हो गया है वो ना। बहुत
- 3:35:53ज्यादा टूट गया। डिस्टोर्टेड हो गया वो
- 3:35:55लाइन। नहीं कंसील मतलब होता है छिपाना। उस
- 3:35:57लाइन को छिपा दिया गया है। नहीं वो लाइन
- 3:35:58धुंधली हो गई है। ठीक है? आगे बढ़ेंगे।
- 3:36:01वेदर वन एडमायर्स और क्रिटिसाइजेस द
- 3:36:03आईपीएल इट इज़ अनडिनायबल दैट द लीग हैज़
- 3:36:05प्रोफाउंडली डैश कंटेंपररी क्रिकेट। अब आप
- 3:36:08उसकी तारीफ करो या आप उसे क्रिटिसाइज करो।
- 3:36:10ये बात तो आप मानोगे कि कंटेंपररी क्रिकेट
- 3:36:13को आजकल के क्रिकेट को इसने बहुत
- 3:36:14प्रोफाउनली डैश किया है। क्या किया है?
- 3:36:16आइए देख लेते हैं। इसने बहुत ट्रांसफॉर्म
- 3:36:19किया है। ट्रांसफॉर्म मतलब होता है बदल
- 3:36:20देना। इसने बदल कर रख दिया है। बिल्कुल।
- 3:36:23ठीक लग रहा है। इसने रनोवेट किया है।
- 3:36:25रनोवेट मतलब होता है किसी पुराने चीज को
- 3:36:27तोड़कर उसको नया बनाना। ये तो फिजिकल बॉडी
- 3:36:29के लिए होगा। मॉडिफाइड उसके नियम कानून
- 3:36:32बदल दिए हैं। नहीं उसने क्रिकेट को
- 3:36:34कन्वर्ट कर दिया। क्रिकेट को फुटबॉल बना
- 3:36:36दिया है। नहीं आंसर क्या होगा?
- 3:36:38ट्रांसफॉर्म। क्लियर है? आ जाइए। ये सारे
- 3:36:42वर्ड्स हैं जो कि इंपॉर्टेंट थे एग्जाम के
- 3:36:44लिए। इनका मैंने अलग से स्लाइड बना दिया
- 3:36:47है। आप आराम से इनको पढ़ लेना। अच्छा इसका
- 3:36:50पीडीएफ कहां मिलेगा? मैंने प्रीवियस
- 3:36:52वीडियो में भी बोला था कि इसका पीडीएफ
- 3:36:54tlegram चैनल पे मिलेगा और इसका पीडीएफ ऐप
- 3:36:56पे मिलेगा। पर प्रॉब्लम क्या हुआ कि ऐप का
- 3:36:59जो फ्री पीडीएफ वाला सेक्शन था मैंने उसको
- 3:37:01अपग्रेड के लिए डाला हुआ था और अभी तक वो
- 3:37:03अपग्रेड नहीं हुआ। तो अगर मैं उसमें
- 3:37:04पीडीएफ डाल भी रहा हूं तो वो शो नहीं हो
- 3:37:06रहा। ठीक है? एक-द दिन का टाइम और लगेगा।
- 3:37:08फिर मैं इकट्ठा जो ये नाइंथ क्लास है आपके
- 3:37:12द 25 सीरीज का मैं नौ का पीडीएफ डाल दूंगा
- 3:37:14क्लास वाइज। ठीक है? तो माफी चाहूंगा अगर
- 3:37:17आपने लास्ट बार ढूंढा होगा और आपको नहीं
- 3:37:18मिला होगा। यह मैं करवा दूंगा। काम चल रहा
- 3:37:21है उसप ऑलरेडी। आइए आखिरी पैसेज पर आते
- 3:37:24हैं।
- 3:37:26ये रहा पैसेज।
- 3:37:28ये रहे ब्लैंक्स। ऑप्शन देख के आपको लग
- 3:37:31गया होगा कि ये ग्रामर बेस्ड क्वेश्चन है।
- 3:37:33ठीक है? आइए लिखा है इन रीसेंट इयर्स। हाल
- 3:37:36फिलहाल के सालों में मेनी एजुकेशनल
- 3:37:38इंस्टीटशंस हैव स्टार्टेड इनकरेजिंग
- 3:37:40स्टूडेंट्स टू पार्टिसिपेट इन कम्युनिटी
- 3:37:42सर्विस एक्टिविटीज। हाल फिलहाल के सालों
- 3:37:44में बहुत सारे एजुकेशन इंस्टीटश हैं
- 3:37:46जिन्होंने इनकरेज करना स्टार्ट किया
- 3:37:48स्टूडेंट्स को कि वो पार्टिसिपेट करें
- 3:37:50कम्युनिटी सर्विस एक्टिविटीज में। मतलब
- 3:37:52होता है ना कि आप जाकर कहीं आज कचरा साफ
- 3:37:54कर रहे हो, कल जाकर वृद्धाश्रम में काम कर
- 3:37:56रहे हो। इस तरह के कम्युनिटी सर्विज में
- 3:37:58इट इज़ बिलीव्ड दैट यंग पीपल बिकम मोर
- 3:38:02रिस्पांसिबल व्हेन दे डैश एक्सपोज्ड टू
- 3:38:05रियल सोशल प्रॉब्लम्स एट एन अर्ली एज। ऐसा
- 3:38:08माना जाता है कि जो यंग यंग लोग हैं ना वो
- 3:38:10ज्यादा रिस्पांसिबल होते हैं अगर वो बहुत
- 3:38:12कम उम्र में उनको एक्सपोज़र मिल जाए सोशल
- 3:38:15प्रॉब्लम्स का। मतलब कम उम्र में जब भी वो
- 3:38:17समझ ले कि समाज में कितनी दिक्कतें हैं।
- 3:38:19अगर वो छोटी उम्र में उनको पता चल जाता है
- 3:38:21तो वो ज्यादा रिसोंसिबल होते हैं।
- 3:38:23स्टूडेंट्स हु रेगुलरली इंगेज इन वंटरी
- 3:38:25वर्क ऑफेन डेवलप लीडरशिप क्वालिटीज एंड
- 3:38:27इम्पैथी व्हिच कैन नॉट हैव ऑलवेज डैश थ्रू
- 3:38:30क्लासरूम लर्निंग अलोन। लिखा हुआ है कि जो
- 3:38:32बच्चे लगातार वंटरी वर्क में इन्वॉल्व
- 3:38:34होते हैं मतलब जो सामाजिक कामों में बहुत
- 3:38:37ज्यादा इन्वॉल्व होते हैं। अक्सर उनके
- 3:38:39अंदर लीडरशिप क्वालिटीज आती है और इंपथी
- 3:38:41आती है दूसरे लोगों के लिए जो क्लासरूम के
- 3:38:43थ्रू नहीं सिखाया जा सकता। एक्सपर्ट्स
- 3:38:46आल्सो आर्ग्यू दैट सच एक्टिविटीज हेल्प
- 3:38:48स्टूडेंट्स अंडरस्टैंड दैट सक्सेस इज़ नॉट
- 3:38:50मेयरली अबाउट पर्सनल अचीवमेंट बट आल्सो
- 3:38:51अबाउट कंट्रीब्यूटिंग टू सोसाइटी।
- 3:38:53एक्सपर्ट्स का। तो यहां तक मानना है कि जो
- 3:38:55लोग स्टूडेंट्स ऐसी चीजों में इन्वॉल्व
- 3:38:57रहते हैं वो यह बात भी समझते हैं कि आपका
- 3:38:59सक्सेस केवल आपका नहीं है। आपको सक्सेस
- 3:39:02मिलने के बाद समाज में भी कंट्रीब्यूट
- 3:39:04करना होता है। हाउ एवर सम क्रिटिक्स बिलीव
- 3:39:07दैट कम्युनिटी सर्विस शुड रिमेन वंटरी एंड
- 3:39:10मस्ट नॉट डैश कंपलसरी बाय एजुकेशनल
- 3:39:12अथॉरिटीज। लिखा हुआ है। लेकिन कुछ
- 3:39:14क्रिटिक्स का यह भी मानना है कि कम्युनिटी
- 3:39:16सर्विस जो है वो वो कंप्लीटली वंटरी होना
- 3:39:18चाहिए। और किसी भी एजुकेशनल अथॉरिटीज के
- 3:39:21द्वारा स्कूल हो, कॉलेज हो इसको कंपलसरी
- 3:39:23नहीं करना चाहिए। जैसे करने का मन है वही
- 3:39:24करें। दे कंटेंट दैट फोर्स पार्टिसिपेशन
- 3:39:28मे रिड्यूस जेन्युइन इंटरेस्ट अमंग
- 3:39:29स्टूडेंट्स। उनका यह मानना है कि अगर आप
- 3:39:31जबरदस्ती करोगे तो बच्चों का इंटरेस्ट
- 3:39:33सोशल वर्क से चला जाएगा। नेवर दस स्कूल्स
- 3:39:36एंड कॉलेजेस कंटिन्यू टू डिजाइन
- 3:39:38प्रोग्राम्स दैट इनकरेज सोशल इन्वॉल्वमेंट
- 3:39:40सो दैट स्टूडेंट्स मे बिकम सोशली अवेयर
- 3:39:43सिटीजंस। खैर ये बातें तो चलती रहेंगी
- 3:39:46लेकिन इसके बावजूद स्कूल्स और कॉलेजेस जो
- 3:39:48है वो ऐसे प्रोग्राम्स डिजाइन करते हैं
- 3:39:50जिसमें सोशल इन्वॉल्वमेंट इंक्लूडेड होते
- 3:39:52हैं। इनकरेज करते हैं वो लोग बच्चों को कि
- 3:39:54और ज्यादा आप अवेयर बनिए। इफ एजुकेशनल
- 3:39:56इंस्टीटश डैश ग्रेटर इं्फेसिस ऑन मोरल
- 3:39:59रिस्पांसिबिलिटी इन द कमिंग इयर्स सोसाइटी
- 3:40:01इस लाइकली टू विटनेस अ मोर कंपैशनेट
- 3:40:03जनरेशन। लिखा है कि अगर एजुकेशनल
- 3:40:05इंस्टीट्यूशन जो है वो और ज्यादा जोर डाले
- 3:40:07मोरल रिस्पांसिबिलिटी के ऊपर तो समाज आने
- 3:40:10वाले वक्त में एक बहुत ही दया से भरा एक
- 3:40:13समाज बनेगा। इट इज देयर फॉर एसेंशियल दैट
- 3:40:16स्टूडेंट्स डैश इनकरेज टू पार्टिसिपेट इन
- 3:40:19मीनिंगफुल सोशल इनिशिएटिव्स। तो ये बहुत
- 3:40:22ज्यादा जरूरी है कि स्टूडेंट्स को इनकरेज
- 3:40:24किया जाए कि आप मीनिंगफुल सोशल
- 3:40:25इनिशिएटिव्स में इन्वॉल्व हो।
- 3:40:28पैसेज समझ में आ गया? पैसेज का टोन क्या
- 3:40:30है? पॉजिटिव टोन है। किसके बारे में बात
- 3:40:32की जा रही है? सोशल एक्टिविटीज करना
- 3:40:34बच्चों के लिए कितना जरूरी है और स्कूल्स
- 3:40:36कितना अच्छा कर रहे हैं ऐसे एक्टिविटीज को
- 3:40:37इंक्लूड करके इसके बारे में पूरा पूरा
- 3:40:39पैसेज है। आइए अब मैं सिर्फ वो लाइन
- 3:40:41पढूंगा जिस लाइन में कोई ब्लैंक है। लिखा
- 3:40:44है इट इज़ बिलीव ऐसा माना जाता है दैट यंग
- 3:40:46पीपल बिकम मोर रिस्पांसिबल व्हेन दे डैश
- 3:40:49एक्सपोज्ड टू रियल सोशल प्रॉब्लम्स। लिखा
- 3:40:52है ऐसा माना जाता है कि जो यंग लोग हैं वो
- 3:40:54और ज्यादा जिम्मेदार बनते हैं। व्हेन दे
- 3:40:56डैश एक्सपोज्ड। समझना लिखा है व्हेन दे डश
- 3:41:02एक्सपोज्ड मैं क्या बोल रहा हूं मेरी बात
- 3:41:04बहुत ध्यान से सुनेंगे यह दे क्या है
- 3:41:06सेंटेंस का सब्जेक्ट है एक्सपोज्ड क्या है
- 3:41:10मेन वर्ब है तो बीच में डेफिनेटली क्या
- 3:41:12आएगा हेल्पिंग वर्ब आएगा कहां गया देख लो
- 3:41:17हेल्पिंग वर्ब्स आ रहे हैं हेल्पिंग
- 3:41:20वर्ब्स आ रहे हैं चारों हेल्पिंग वर्ब है
- 3:41:22अब सवाल है इसमें से क्या होगा तो देखो आप
- 3:41:25ये बात भी समझ पा रहे होंगे कि ये वाला
- 3:41:26सेंटेंस हमें पैसिव वॉइस में लिख पड़ेगा।
- 3:41:28हम इसको एक्टिव में नहीं लिख सकते। क्यों
- 3:41:30नहीं लिख सकते? क्योंकि हम ये कहना चाह
- 3:41:32रहे हैं कि लोग जो हैं मतलब बच्चे जो हैं
- 3:41:35दे उनको जब एक्सपोज किया जाएगा हमने ये
- 3:41:39बहुत बार पढ़ा है और मैंने बहुत बार
- 3:41:41एक्सप्लेन किया है कि जब आपका सब्जेक्ट
- 3:41:43सेंटेंस का किसी भी काम का डअर हो मतलब
- 3:41:48उसने काम किया है तो सेंटेंस एक्टिव
- 3:41:51कहलाता है। लेकिन अगर वो किसी सेंटेंस का
- 3:41:54किसी एक्शन का रिसीवर हो तो सेंटेंस पैसिव
- 3:41:57कहलाता है। तो एक्टिव या पैसिव पहचानना
- 3:41:59बहुत आसान है। आप सिर्फ ये देखिए कि जिसको
- 3:42:01आपने सब्जेक्ट माना है वो काम कर रहा है
- 3:42:04या उसके ऊपर काम हो रहा है। अब समझो यहां
- 3:42:06जो ये दे लिखा हुआ था बच्चों के लिए आ रहा
- 3:42:08था। ये बच्चे क्या एक्सपोज कर रहे हैं
- 3:42:11किसी को सोशल प्रॉब्लम से या बच्चों को
- 3:42:13एक्सपोज किया जा रहा है। पूरा पैसेज इसके
- 3:42:14बारे में है कि बच्चों को एक्सपोज किया जा
- 3:42:16रहा है। जिसका मतलब है यहां पे पैसिव वॉइस
- 3:42:17होना चाहिए था। आइए। अब पैसिव वॉइस होने
- 3:42:20के लिए किसी भी स्ट्रक्चर का क्या होना
- 3:42:21जरूरी है? कि उसमें बी का फॉर्म लगेगा और
- 3:42:24उसके साथ वी3 होगा। और बी के कौन-कौन से
- 3:42:27फॉर्म होते हैं? एक तो बी खुद होता है।
- 3:42:29उसके बाद इज होता है, एम होता है, आर होता
- 3:42:33है, वाज होता है, वर होता है, बन होता है,
- 3:42:38बीइंग होता है। है ना? इनमें से कोई भी
- 3:42:41फॉर्म लगा दो और उनके बाद वी3 लिख दो तो
- 3:42:43सेंटेंस पैसिव बनेगा कि नहीं बनेगा? 100%
- 3:42:45सेंटेंस पैसिव बनेगा। जिसका मतलब यह है कि
- 3:42:47हमें यहां पे ऐसा कोई स्ट्रक्चर चाहिए
- 3:42:49जिसमें बी हो क्योंकि वी3 एक्सपोज्ड
- 3:42:52ऑलरेडी है। आई लिखा है आर हो सकता है वर
- 3:42:56हो सकता है। हैव बीन हो सकता है। हैड बीन
- 3:42:58हो सकता है। देख रहे हो चारों का चारों
- 3:42:59स्ट्रक्चर पैसिव में है। चारों का चारों
- 3:43:01स्ट्रक्चर पैसिव में है। आई लिखा है कि इट
- 3:43:04इज़ बिलीव्ड। ध्यान दीजिएगा यहां पे। इट इज़
- 3:43:05बिलीव्ड है। दैट यंग पीपल बिकम बिकम है।
- 3:43:08इज भी प्रेजेंट टेंस है। बिकम भी प्रेजेंट
- 3:43:10टेंस है। व्हेन दे डैश एक्सपोज्ड। तो आगे
- 3:43:12भी प्रेजेंट टेंस ही होगा। तो यह वर वाला
- 3:43:14आंसर नहीं हो सकता। हैड वाला आंसर नहीं हो
- 3:43:16सकता। क्या मेरी बात आपको समझ में आ रही
- 3:43:17है? अब दो ऑप्शन बच रहे हैं। या तो आर
- 3:43:19होगा या तो हैव बीन होगा या तो आर होगा या
- 3:43:22तो हैव बीन होगा। आइए जरा उस चीज को भी
- 3:43:25देख लिया जाए।
- 3:43:28क्या लिखा हुआ था कि ऐसा माना जाता है। इट
- 3:43:30इज़ बिलीव्ड कि लोग ज्यादा रिस्पांसिबल
- 3:43:34होते हैं। पीपल बिकम मतलब हैबचुअल एक्शन
- 3:43:36है। हमेशा की बात है। प्रेजेंट टेंस है।
- 3:43:39सिंपल प्रेजेंट में होना चाहिए। सिंपल
- 3:43:41प्रेजेंट में होना चाहिए। क्लियर है?
- 3:43:43क्लियर हो रही है मेरी बात? जो चीज हमेशा
- 3:43:46होती है, जो चीज एक रेगुलर एक्शन है, वह
- 3:43:49तो सिंपल प्रेजेंट में ही लिखेगा। तो,
- 3:43:50यहां पर क्या लिखा है? वी1 लिखा है।
- 3:43:52बिल्कुल सही है। सिंपल प्रेजेंट में। अब
- 3:43:54जरा कॉमन सेंस लगा के बताओ। जब सेंटेंस
- 3:43:56पूरा एक फैक्ट बताया जा रहा है जो हमेशा
- 3:43:58सिंपल प्रेजेंट में होता है। क्या मैं
- 3:44:00यहां पे हैव लगा दूं? कौन सा ऐसा सिंपल
- 3:44:03प्रेजेंट का स्ट्रक्चर जिसमें हैव बीन वी3
- 3:44:05होता है। कभी होता है क्या? नहीं ना? तो
- 3:44:08हैव वाला आंसर हो सकता है क्या? नहीं ना?
- 3:44:10हमें चीजों को फैक्ट की तरह रखना है।
- 3:44:12फैक्ट सिंपल प्रेजेंट में लिखा जाता है।
- 3:44:14तो क्या लिखा है? इट इज़ बिलीव्ड दैट यंग
- 3:44:16पीपल बिकम मोर रिस्पांसिबल व्हेन दे आर
- 3:44:19एक्सपोज्ड।
- 3:44:21क्या मेरी बात समझ में आई है? आगे बढ़े।
- 3:44:24स्टूडेंट्स हु रेगुलरली इंगेज इन वेंटरी
- 3:44:26वर्क ऑफेन डेवलप लीडरशिप क्वालिटीज एंड
- 3:44:29इंपैथी व्हिच कैन नॉट ऑलवेज डैश थ्रू
- 3:44:32क्लासरूम। ध्यान दीजिएगा। लिखा हुआ है
- 3:44:34व्हिच कैन नॉट ऑलवेज। यहां पे मॉडल यूज़
- 3:44:37किया गया कैन नॉट। व्हिच कैन नॉट ऑलवेज
- 3:44:39एक्वायरिंग मॉडल के बाद तो बेस फॉर्म होता
- 3:44:42है
- 3:44:45या फिर अगर हम उसको पैसिव कर दें तो मॉडल
- 3:44:49प्लस बी प्लस v3 होता है आई एन जी कब से
- 3:44:53आने लगा नहीं हो सकता अक्वायर्ड वी3 कब से
- 3:44:56आने लगा बी अवायर्ड मॉडल के बाद हैव लगा
- 3:44:59दें हम यहां लिखा हुआ था कैन नॉट कैन नॉट
- 3:45:01हैव कैन नॉट हैव अक्वायर्ड नहीं कर सकते
- 3:45:05क्यों नहीं कर सकते ये अगेन देख लो यहां
- 3:45:07पे क्या लिखा हुआ था? ऐसे स्टूडेंट्स जो
- 3:45:09लगातार इंगेज होते हैं वंटरी वर्क में, वह
- 3:45:13ऐसे क्वालिटीज और इंपैथी सीख जाते हैं
- 3:45:16जिन्हें क्लासरूम में नहीं सिखाया जा
- 3:45:19सकता। जिसका मतलब है हम क्वालिटीज की बात
- 3:45:22कर रहे हैं। अब बताओ क्वालिटीज किसी को
- 3:45:24नहीं सिखाता या क्वालिटीज को नहीं सिखाया
- 3:45:26जा सकता। अगेन क्वालिटीज को नहीं सिखाया
- 3:45:28जा सकता। मतलब पैसिव टोन है। पैसिव टोन है
- 3:45:31तो बी का फॉर्म होना चाहिए था। है ना? तो
- 3:45:33पैसिव में क्या होगा? मॉडल प्लस बी प्लस
- 3:45:35v3 हैव कहां से आया भाई? गलत है। आंसर
- 3:45:37क्या होना चाहिए? व्हिच कैन नॉट बी
- 3:45:39एक्वायर्ड। क्या मेरी बात समझ में आ रही
- 3:45:41है? आ जाओ इस पे। हाउ एवर सम क्रिटिक्स
- 3:45:44बिलीव दैट कम्युनिटी सर्वे शुड रिमेन
- 3:45:46वंटरी एंड मस्ट नॉट डैश कंपलसरी बाय
- 3:45:49एजुकेशनल अथॉरिटीज। अगेन यहां पे मस्ट
- 3:45:51लिखा हुआ है। तो हमें आगे एक मेन वर्ब
- 3:45:54चाहिए। एंड मस्ट नॉट क्या लिखा हुआ था?
- 3:45:58मस्ट नॉट डैश कंपलसरी। मस्ट नॉट मेड। मस्ट
- 3:46:01के बाद मेड कैसे आएगा? मॉडल के बाद तो बेस
- 3:46:04फॉर्म आता है। गलत है। मस्ट नॉट मेकिंग
- 3:46:06गलत है। मस्ट नॉट बी मेड। पैसिव करेंगे तो
- 3:46:09आ जाएगा। मस्ट नॉट बीइंग। मस्ट के बाद
- 3:46:11बीइंग आ ही नहीं सकता। गलत है। आंसर कौन
- 3:46:13सा? ऑप्शन नंबर सी। आगे बढ़े। ब्लैक नंबर
- 3:46:17फोर पर आते हैं। लिखा है इफ एजुकेशनल
- 3:46:19इंस्टीटशंस डैश ग्रेटर एफेसिस ऑन मोरल
- 3:46:23रिस्पांसिबिलिटी इन द कमिंग इयर्स सोसाइटी
- 3:46:25इस लाइकली टू विटनेस अ मोर कंपैशनेट
- 3:46:27जनरेशन। लिखा है कि अगर एजुकेशनल इंस्टीटश
- 3:46:31ज्यादा इंफेसिस डालते हैं डश पे मोरल
- 3:46:33रिसोंसिबिलिटी पर ज्यादा इनफ्लुएंस डालते
- 3:46:35हैं तो आने वाले सालों में एक ज्यादा
- 3:46:37कंपैशनेट जनरेशन बनेगा इज लाइकली लिखा हुआ
- 3:46:40है तो प्रेजेंट टेंस होना चाहिए और ये
- 3:46:43आपको समझ में आ रहा है ये कंडीशनल सेंटेंस
- 3:46:45है कि अगर एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन ने
- 3:46:47ज्यादा इं्फेसिस डाला तो ये होगा नहीं
- 3:46:50डाला तो नहीं होगा समझ पा रहे हो मेरी बात
- 3:46:52इसका मतलब क्या है कि यहां पे हमें कोई एक
- 3:46:54ऐसा ऑप्शन चाहिए जो ऑप्शन कंडीशनल सेंटेंस
- 3:46:57को जस्टिफाई
- 3:46:58आइए देखते हैं। लिखा है कि इफ बहुत बढ़िया
- 3:47:01सवाल है। क्या लिखा हुआ है? इफ
- 3:47:03एजुकेशनेशनल इंस्टीटश और मैं यहां फिल अप
- 3:47:05करूं विल प्लेस। याद आ रहा है कि इफ एक
- 3:47:08ऐसा वर्ड है जिसके साथ हम कभी विल या उसका
- 3:47:10फॉर्म नहीं यूज़ कर सकते। विल वुड वगैरह
- 3:47:12नहीं यूज़ होता। याद आ रहा है क्या? नहीं
- 3:47:15हो सकता। फिर ये प्लेस लिखा है इफ
- 3:47:18एजुकेशनल इंस्टीटश प्लूरल है। प्लेस
- 3:47:20ग्रेटर एम्फेसिस प्रेजेंट टेंस है। हो
- 3:47:21सकता है। इफ एजुकेशनल इंस्टीटशंस प्लेस्ड
- 3:47:25फिर तो ये पास्ट हो गया। अगर यह पास्ट हो
- 3:47:26गया, फिर यहां पर इज़ कैसे होगा? वाज़ होना
- 3:47:29चाहिए था। गलत है। हैड प्लेस्ड पास्ट हो
- 3:47:32गया। गलत है। आंसर कौन सा? ऑप्शन नंबर बी।
- 3:47:34बोलो बात समझ में आ रही है क्या? अच्छा
- 3:47:36सवाल है। ग्रामर बेस्ड है। सारे के सारे
- 3:47:38ब्लैंक्स ग्रामर बेस्ड हैं। पर इसका मतलब
- 3:47:40ये नहीं है कि एकदम बच्चों वाला सवाल उठा
- 3:47:41लिया मैंने।
- 3:47:44चलिए आगे बढ़ते हैं।
- 3:47:47आते हैं अगले ब्लैंक पे। क्या लिखा हुआ
- 3:47:49था? इट इज देयर फॉर। ध्यान दीजिएगा। लिखा
- 3:47:51है इट इज देयर फॉर एसेंशियल। मैं लिख दे
- 3:47:55रहा हूं यहां पे इट इज़ देयर फॉर
- 3:48:00एसेंशियल
- 3:48:03दैट
- 3:48:05स्टूडेंट्स
- 3:48:08डैश इनकरेज्ड
- 3:48:11ये सवाल कर लिया तो अपनी पीठ थपथपा लेना।
- 3:48:14क्या लिखा हुआ है कि इट इज़ देयर फॉर
- 3:48:15एसेंशियल दैट स्टूडेंट्स स्टूडेंट्स डैश
- 3:48:18इनकरेज्ड। अब यहां है आर इनकरेज्ड वर
- 3:48:21इनकरेज्ड बी इनकरेज्ड बीइंग इनकरेज्ड।
- 3:48:23आपका दिमाग चीख-चीख के कहेगा कि यहां
- 3:48:25मालिक इज लिखा हुआ है तो आगे चलो आर कर
- 3:48:27देते हैं।
- 3:48:30गलत है। वर कर देंगे तो टेंस चेंज हो
- 3:48:32जाएगा। गलत है। क्या होगा? क्या आपको
- 3:48:36ध्यान आ रहा है? मैंने आपको कितनी बार
- 3:48:37प्रेजेंट सब्जेक्टिव मूड पढ़ाया है। क्या
- 3:48:40पढ़ाया था? आइए एक बार जल्दी से रिवीजन
- 3:48:41करते हैं। अगर किसी सेंटेंस के मेन वर्ब
- 3:48:44में डिमांड, इंसिस्ट, रिक्वायर,
- 3:48:45रिक्वेस्ट, आस्क, अर्ज, रिकमेंड, सजेस्ट,
- 3:48:48प्रपोज, डिग्री, स्टिपुलेट ऐसे वर्ड्स मिल
- 3:48:51जाते हैं तो हमेशा इसमें प्रेजेंट
- 3:48:53सब्जेक्टिव मूड ट्रिगर होगा। जिसका मतलब
- 3:48:56है अगर आप एक्टिव वॉइस में लिखोगे तो केवल
- 3:48:59बेस फॉर्म आएगा।
- 3:49:01और अगर आप पैसिव वॉइस में लिखोगे
- 3:49:04तो बी का फॉर्म आना चाहिए। बी का फॉर्म
- 3:49:08आना चाहिए। किसका फॉर्म आना चाहिए? बी का
- 3:49:09फॉर्म आना चाहिए। यहां पे देखिएगा
- 3:49:13मिसिंग है। बी है ऑप्शन आंसर होगा। क्या
- 3:49:16होना चाहिए था? बी इनकरेज्ड। अब यहां कैसे
- 3:49:19आया? तो उसका भी एक्सप्लेनेशन नीचे है। या
- 3:49:21तो ये सारे वर्ड्स आए डिमांड, इंसिस्ट,
- 3:49:23रिक्वायर्ड, रिक्वेस्ट, आस्क, अर्ज,
- 3:49:25रिकमेंड, सजेस्ट, प्रपोज, डिक्री,
- 3:49:26स्टिपुलेट। या फिर कुछ फ्रेजेस आए। जैसे
- 3:49:28कि इट इज़ इंपेरेटिव दैट, इट इज़ एडवाइज़बल
- 3:49:31दैट, इट इज़ एसेंशियल दैट, इट इज़ रिकमेंडेड
- 3:49:33दैट, इट इज़ नेसेसरी दैट, इट इज़ क्रूशियल
- 3:49:35दैट, इट इज़ेंट दैट, इट इज़ मेंटरी दैट।
- 3:49:38क्या आया था? इट इज़ एसेंशियल दैट तो क्या
- 3:49:40होना चाहिए था? B + V3 ऑप्शन में था B +
- 3:49:43V3 बिल्कुल था। आंसर होगा। बोलो क्या आपको
- 3:49:46बात समझ में आई है? शुरू करते हैं। पहली
- 3:49:48बार आप मेरे साथ पढ़ेंगे और जिस तरीके से
- 3:49:50मैं समझ रहा हूं या मैं जैसे समझा रहा हूं
- 3:49:52वैसे समझ वैसे कोशिश करेंगे आप अपने अंदर
- 3:49:54इस चीज को अडॉप करने की। ठीक है? लिखा है
- 3:49:57कि अर्थक्वेक्स रिप्रेजेंट अ हाईली
- 3:50:00क्सक्वेंशियल एंड पेरिलस कैटेगरी ऑफ डैश
- 3:50:04डिजास्टर्स। लिखा है कि अर्थक्वेक्स जो है
- 3:50:06ना भूकंप जो होता है यह रिप्रेजेंट करता
- 3:50:08है एक बहुत ही हाईली क्सक्वेंशियल
- 3:50:11क्सक्वेंशियल का मतलब है जिसका परिणाम
- 3:50:12निकले। ठीक है? तो इसके बहुत सारे परिणाम
- 3:50:15होते हैं। ये कहना चाह रहा है और साथ ही
- 3:50:16साथ में एक पेरिलस कैटेगरी को ये शो करता
- 3:50:18है। पेरिलस मतलब क्या होता है? पेरिलस
- 3:50:20मतलब होता है हार्मफुल। एसएससी ने बहुत
- 3:50:21बार पूछा है। पेरिलस का मतलब होता है
- 3:50:23हार्मफुल। ठीक है? तो क्या है कि वो बहुत
- 3:50:26पेरिलेस कैटेगरी में आता है। ये बहुत ही
- 3:50:28हार्मफुल डिजास्टर इसे माना जाता है। दिस
- 3:50:32फेनोमिना अराइज़ एज अ रिजल्ट ऑफ सेवरल
- 3:50:35वेरिएबल्स एंड रिजल्ट इन सब्सक्वेंट
- 3:50:37क्सक्वेंसेस। लिखा है कि ये जो अर्थक्वेक
- 3:50:40है ना ये बहुत सारे छोटे-छोटे वेरिएबल्स
- 3:50:43की वजह से का परिणाम है। मतलब ऐसा नहीं है
- 3:50:46कि अर्थक्वेक जो है वो किसी एक कारण से
- 3:50:48आता है। अर्थक्वेक के होने के बहुत सारे
- 3:50:50कारण हैं। बहुत सारे वेरिएबल्स हैं और अगर
- 3:50:52इसके परिणाम की बात की जाए तो इसके बहुत
- 3:50:54बहुत बड़े परिणाम हो सकते हैं। सब्सिकुएंट
- 3:50:57मतलब होता है बाद में। क्सिक्वेंस का मतलब
- 3:50:58होता है परिणाम। तो बाद के इसके बहुत सारे
- 3:51:00परिणाम हो सकते हैं। एन अर्थक्वेक रेफर्स
- 3:51:03टू द अब्रप्ट रिलीज ऑफ एक्यूमुलेटेड
- 3:51:06स्ट्रेन डैश विद इन द अर्थ क्रस्ट लीडिंग
- 3:51:09टू सिस्मिक शेकिंग दैट प्रोपगेट्स आउटवर्ड
- 3:51:12फ्रॉम द डैश। लिखा है कि अर्थक्वेक जो है
- 3:51:15किसे कहते हैं? अर्थक्वेक का डेफिनेशन
- 3:51:17यहां बताया गया है कि ये रेफर करता है एक
- 3:51:20अब्रप्ट रिलीज को। अब्रप्ट का मतलब होता
- 3:51:22है अचानक या अनप्लांड। ठीक है? जो चीज
- 3:51:25अचानक से शुरू हो जाए, अचानक से खत्म हो
- 3:51:27जाए, उसको अब्रप्ट कहा जाता है। जो चीज
- 3:51:29प्लान नहीं है पहले से वो अब्रप्ट रिलीज
- 3:51:32है। अर्थक्वेक एक्चुअली है क्या? भूकंप है
- 3:51:33क्या? कि वो एक अब्रप्ट रिलीज है। अचानक
- 3:51:36हुआ रिलीज है। किस चीज का? जो
- 3:51:38अक्यूमुलेटेड अक्यूमुलेटेड का मतलब होता
- 3:51:40है जमा होना। एक जगह पे एकत्रित होना।
- 3:51:42स्ट्रेन जो खिंचाव है जो खिंचाव की वजह से
- 3:51:45जो डैश जमा हुआ है ना अचानक से जब वो
- 3:51:48रिलीज होता है तो अर्थक्वेक आता है। अब
- 3:51:50यहां ब्लैंक में क्या फिल अप करना है ये
- 3:51:51हम आगे देखेंगे। ठीक है? तो कहना ये चाह
- 3:51:53रहा है कि अर्थ के जो अर्थ का जो क्रस्ट
- 3:51:55है ना उसमें कुछ उसमें डैश जो है वो बहुत
- 3:51:58ज्यादा जमा है। जब वो अचानक से खुलता है
- 3:52:01या जब वो अचानक से रिलीज होता है तो उसकी
- 3:52:03वजह से अर्थक्वेक आता है लीडिंग टू
- 3:52:06सिस्मिक शेकिंग दैट प्रोपगेट्स आउटवर्ड
- 3:52:08फ्रॉम द डैश। ये क्या है? इसकी वजह से
- 3:52:11क्या होता है? मतलब भूकंप आया। तो भूकंप
- 3:52:13आने से क्या होगा? इट लीड्स टू सिस्मिक
- 3:52:15शेकिंग। क्या होता है? पूरे के पूरा जो
- 3:52:17हमारा सरफेस है वो हिलने लगता है। ठीक है?
- 3:52:19और ये ये जो डैश है यहां जमा था वो
- 3:52:22प्रोपगेट करता है बाहर की तरफ डैश से मतलब
- 3:52:25वो डैश से बाहर की तरफ प्रोपगेट करता है।
- 3:52:27ठीक है? मोटा-मोटा समझ पा रहे हो ना?
- 3:52:29ब्लैंक फिल अप करेंगे तो और क्लेरिटी
- 3:52:31आएगी। इन एसेंस सिस्मिक एक्टिविटीज रेफर्स
- 3:52:34टू द अब्रप्ट डिस्प्लेसमेंट ऑफ द अर्थ
- 3:52:36सरफेस कॉमनली रेफर्ड टू एज एन अर्थक्वेक
- 3:52:39ट्रेमर और टेंबुलर। लिखा है कि अगर बात की
- 3:52:42जाए ये तो पहले जो हमने लाइन पढ़ा था वो
- 3:52:44तो उसका डेफिनेशन था। लेकिन अगर मतलब के
- 3:52:46बारे में बात की जाए तो ये मतलब बेसिकली
- 3:52:48ये होता है कि ये एक सिस्मिक एक्टिविटी
- 3:52:50है। सिस्मिक एक्टिविटी का मतलब समथिंग
- 3:52:52रिलेटेड टू रिलेटेड टू द ट्रेंबलिंग ऑफ़
- 3:52:55अर्थ सरफेस। जो अर्थ सरफेस हिलता है ना
- 3:52:57उससे रिलेटेड है। ये सिस्मिक एक्टिविटी है
- 3:52:59जिसमें अचानक से जो अर्थ सरफेस है वो
- 3:53:01डिस्प्लेस हो जाता है। मतलब ये है कि इधर
- 3:53:03का जो टुकड़ा है वो इधर जाने की कोशिश
- 3:53:05करता है। इधर का टुकड़ा इधर जाने की कोशिश
- 3:53:06करता है। ऐसा लगता है धरती हिल रही है।
- 3:53:08ठीक है? और आमतौर पर इसे अर्थक्वेक कहा
- 3:53:11जाता है। ट्रमर कहा जाता है या टेंबुलर
- 3:53:13कहा जाता है। यह उसके और नाम है।
- 3:53:16अर्थक्वेक्स एक्सिबिट अ रेंज ऑफ
- 3:53:18मैग्नीट्यूड्स एंड कंपासिंग बोथ
- 3:53:20इमपरसेप्टेबल ट्रिमर्स एंड कैटस्ट्रोफिक
- 3:53:23इवेंट्स कैपेबल ऑफ कॉजिंग डैश अर्बन
- 3:53:26डिवस्टेशन। लिखा है कि अर्थक्वेक जो है ना
- 3:53:28ये बहुत सारे मैग्नीट्यूड के हो सकते हैं।
- 3:53:31कहने का मतलब है अर्थक्वेक बहुत हल्का भी
- 3:53:33हो सकता है। अर्थक्वेक बहुत तेज भी हो
- 3:53:36सकता है। ठीक है? इनकंपासिंग बोथ
- 3:53:38इंपपरसेप्टेबल ट्रेमर्स। इनपरसेप्टेबल का
- 3:53:40मतलब होता है जिसे महसूस ना किया जा सके।
- 3:53:43वन वर्ड में एसएससी बहुत बार पूछती है। तो
- 3:53:45क्या लिखा है कि अर्थक्वेक जो है वो बहुत
- 3:53:47सारे मैग्नीट्यूड्स का हो सकता है। कुछ
- 3:53:49अर्थक्वेक ऐसे होते हैं जो इमपरसेसप्टेबल
- 3:53:51होते हैं। कहने का मतलब है पता ही नहीं
- 3:53:52चला कि भूकंप आया। एंड कैटस्ट्रोफिक
- 3:53:55इवेंट्स कैपेबल ऑफ कॉजिंग डैश अर्बन
- 3:53:58डिवास्टेशन। और कुछ एक ऐसे होते हैं जो कि
- 3:54:00इतने कैटस्ट्रोफिक होते हैं। कैटस्ट्रोफिक
- 3:54:02का मतलब होता है जब नेचर की वजह से कोई
- 3:54:04तबाही फैले उसको कैटस्ट्रोफिक कहा जाता
- 3:54:07है। तो कैटस्ट्रोफिक इवेंट्स होते हैं।
- 3:54:08तबाही होती है जिसकी वजह से अर्बन
- 3:54:11डिवास्टेशन होता है। है ना? शहर के शहर
- 3:54:13बर्बाद हो जाते हैं। सिस्मिसिटी
- 3:54:17रेफर्स टू द अकरेंस मैग्नीट्यूड एंड
- 3:54:19क्लासिफिकेशन ऑफ अर्थक्वेक्स। अब जब आप
- 3:54:22अर्थक्वेक के बारे में पढ़ते हो तो एक
- 3:54:23टर्म और बहुत बार आता है कि सिस्मिसिटी
- 3:54:25क्या थी इसकी? सिस्मिसिटी किसे कहा जाता
- 3:54:27है? कितनी बार हुआ, कितने उसके जो
- 3:54:29मैग्नीट्यूड है वो कितना हुआ? किस-किस में
- 3:54:31ये क्लासिफाइड है? इन सबके जो स्टडी है
- 3:54:34उसको सिस्मसिटी कहा जाता है। अर्थक्वेक्स
- 3:54:36कैन आल्सो अराइज़ एज अ डैश ऑफ़ वोल्केनिक
- 3:54:39एक्टिविटी। और अर्थक्वेक ऐसा नहीं है कि
- 3:54:41सिर्फ पृथ्वी के हिलने की वजह से
- 3:54:43अर्थक्वेक आता है। हमने पहले लाइन में
- 3:54:44पढ़ा था कि इसके बहुत सारे वेरिएबल्स हैं।
- 3:54:47उसमें से एक ये है कि ये बहुत बार
- 3:54:49वोल्केनिक एक्टिविटी की वजह से भी आता है।
- 3:54:51बहुत बार ज्वालामुखी फटने की वजह से भी
- 3:54:53अर्थक्वेक आता है। मोर ओवर दीज़ फेनोमिना
- 3:54:56हैव डवर्स इंपैक्ट्स दैट डिसररप्स बोथ
- 3:54:59इंडिविजुअल्स लाइवलीहुड्स एंड फिजिकल
- 3:55:01एसेट्स। और इनके अलग-अलग किस्म के परिणाम
- 3:55:04हो सकते हैं। कभी ये बहुत हल्का नुकसान
- 3:55:05पहुंचाता है, कभी ये बहुत भारी नुकसान
- 3:55:07पहुंचाता है। ठीक है? तो पूरा पैसेज हमने
- 3:55:10पढ़ लिया। क्या मीनिंग समझ में आया कि यह
- 3:55:12पूरा पैसेज जो है वो अर्थक्वेक के बारे
- 3:55:14में है। पूरा पैसेज यह कॉन्टेक्स्ट दे रहा
- 3:55:16है कि अर्थक्वेक किन वजहों से होता है और
- 3:55:18उसका क्या परिणाम होता है। ठीक है? मतलब
- 3:55:20ओवरऑल जो इसका टोन है वो नेगेटिव है।
- 3:55:22कॉन्टेक्स्ट ये है कि पूरा का पूरा पैसेज
- 3:55:24अर्थक्वेक से रिलेटेड है। अब हम क्या
- 3:55:25करेंगे? एक-एक लाइन को पढ़ेंगे और फिल अप
- 3:55:27करने की कोशिश करेंगे। आप भी मेरे साथ-साथ
- 3:55:29फिल अप करते जाइएगा। एट द एंड ऑफ़ द वीडियो
- 3:55:31आपको मुझको बताना है कि 25 में से कितने
- 3:55:33करेक्ट किए और पैसेज वन, पैसेज टू, पैसेज
- 3:55:36थ्री में कितने करेक्ट हुए, पैसेज फोर में
- 3:55:37कितने, पैसेज फाइव में कितने? ऐसे अलग-अलग
- 3:55:39करके आपको बताना है। हम अभी पैसेज वन कर
- 3:55:41रहे हैं। ठीक है? आइए फिल अप करते हैं।
- 3:55:44लिखा है अर्थक्वेक्स रिप्रेजेंट अ हाईली
- 3:55:46क्सक्वेंशियल एंड पेरिलस कैटेगरी ऑफ डैश
- 3:55:49डिजास्टर्स। अर्थक्वेक जो है वो बहुत ही
- 3:55:51ज्यादा जिसका घातक परिणाम हो सकता है।
- 3:55:53बहुत ही डेंजरस कैटेगरी के डैश डिजास्टर्स
- 3:55:56को रिप्रेजेंट करता है। अब सोचो डिजास्टर
- 3:55:58तो एक बर्बादी वाला शब्द है। पूरा
- 3:56:00कॉन्टेक्स्ट हमने ये देखा है कि किस तरीके
- 3:56:01से अर्थक्वेक जो है वो लोगों को बर्बाद
- 3:56:03करता है। तो क्या यहां पे हम कोई पॉजिटिव
- 3:56:06वर्ड भर सकते हैं? सोचो तो क्या कोई
- 3:56:07पॉजिटिव कनोटेशन का वर्ड भर सकते हैं?
- 3:56:09क्या हम ऐसा कह सकते हैं कि भूकंप एक बहुत
- 3:56:11ही सुंदर डिजास्टर है। भूकंप एक बहुत ही
- 3:56:13प्यारा डिजास्टर है। नहीं कह सकते ना? आप
- 3:56:15जिस मोमेंट डिजास्टर कह रहे हो इसका मतलब
- 3:56:17ये है कि यहां पे कोई ना कोई नेगेटिव वर्ड
- 3:56:18आना चाहिए। इस बात का ध्यान रखना। अब
- 3:56:20चारों ऑप्शन देख लेते हैं। अनरियलिस्टिक,
- 3:56:22आर्टिफिशियल, नेचुरल, अननेचुरल। ये तो
- 3:56:24ओवरऑल जो टोन है वो ऑलमोस्ट सबका नेगेटिव
- 3:56:27ही है। तो ये वाला लॉजिक तो नहीं काम
- 3:56:28किया। ठीक है? अब देखते हैं क्या हो सकता
- 3:56:30है। क्या ये एक अनरियलिस्टिक डिजास्टर?
- 3:56:32अनरियलिस्टिक का मतलब होता है जो कहानियों
- 3:56:34में है पर रियलिटी नहीं है। क्या ऐसा है
- 3:56:36कि आज से हजार साल पहले अर्थक्वेक थे।
- 3:56:39अर्थक्वेक मतलब आता था अब नहीं आता? नहीं
- 3:56:41भाई अभी भी आता है। तो अनरियलिस्टिक तो
- 3:56:43नहीं है ये। आर्टिफिशियल का मतलब होता है
- 3:56:45जो चीज इंसानों ने बनाई हो। क्या डिजास्टर
- 3:56:47इंसानों ने बनाया है? क्या अर्थक्वेक
- 3:56:48इंसानों ने बनाया? नहीं। ये तो नेचर का
- 3:56:50काम है। तो ये गलत है। अब नेचुरल है या
- 3:56:53अननेचुरल है? आर्टिफिशियल को ही अननेचुरल
- 3:56:55कहते हैं। जो प्रकृति ने नहीं बनाया हो।
- 3:56:57इंसानों ने बनाया हो तो ये भी आंसर नहीं
- 3:56:58हो सकता। फिर आंसर कौन सा है? नेचुरल। तो
- 3:57:00ये एक किस्म का नेचुरल डिजास्टर है। ठीक
- 3:57:02है? आगे बढ़ेंगे। जहां-जहां ब्लैंक है, मैं
- 3:57:04वही लाइन पढूंगा। एन अर्थक्वेक रेफर्स टू
- 3:57:06द अब्रप्ट रिलीज ऑफ एक्यूमुलेटेड स्ट्रेन
- 3:57:09डैश विद इन द अर्थ क्रस्ट। लिखा है कि
- 3:57:11अर्थक्वेक हम कहते किसको हैं? जब अचानक से
- 3:57:13रिलीज हो जाए जो बहुत टाइम से जमा हुआ
- 3:57:17स्ट्रेन डैश है। अब सोचो, पृथ्वी के अंदर
- 3:57:20क्या जमा होगा बहुत सालों से जो अचानक से
- 3:57:23खुल जाए, तो भूकंप आता है। क्या पृथ्वी के
- 3:57:25अंदर बहुत सालों से लाइट जमा है? नहीं
- 3:57:27कॉन्टेक्स्ट नहीं है। क्या पृथ्वी के अंदर
- 3:57:29बहुत सालों से एनर्जी जमा है? यह हो सकता
- 3:57:31है कि बहुत सालों से एनर्जी जमा है। जब
- 3:57:32अचानक से एनर्जी बाहर निकले तो अर्थक्वेक
- 3:57:34का शेप लेगा। आप समझ सकते हैं क्या फोर्स
- 3:57:36रहता होगा उसका? पृथ्वी के सरफेस के अंदर
- 3:57:39जो मिनरल जमा है वो बाहर आता है तो
- 3:57:41अर्थक्वेक होता है। क्या ऐसा हुआ कि कहीं
- 3:57:42अर्थक्वेक आया और जमीन से सोना निकलने लगा
- 3:57:44ऊपर। नहीं। पृथ्वी के अंदर जो मेटल जमा है
- 3:57:47फिर से वही लॉजिक है। ये तो नहीं हो सकता।
- 3:57:49फिर आंसर क्या होगा? एनर्जी। आगे बढ़े।
- 3:57:51अगला लिखा है लीडिंग टू द सिस्मिक शेकिंग
- 3:57:54दैट प्रोपगेट्स आउटवर्ड्स फ्रॉम द डैश।
- 3:57:56क्या होता है कि जब अर्थक्वेक आता है तो
- 3:57:58ये एनर्जी अंदर से बाहर की ओर निकलती है।
- 3:58:01ये बात तो आप समझते हो कि अंदर से ये
- 3:58:03पृथ्वी का सरफेस है। इसके सरफेस के अंदर
- 3:58:05से ये बाहर की तरफ निकल रहा है। ठीक है?
- 3:58:07तो क्या हो जाएगा? लीडिंग टू द सिस्मिक
- 3:58:09शेकिंग दैट प्रोपगेट्स आउटवर्ड। बाहर की
- 3:58:11तरफ निकल रही है। अंदर से अब अंदर वाले
- 3:58:12सेंस के लिए हम क्या लगा सकते हैं? मिडिल
- 3:58:14मैन से बाहर की तरफ जा रही है। मैन कहां
- 3:58:16से आ गया? हम तो अर्थक्वेक की बात कर रहे
- 3:58:18हैं। गलत है। पैराडॉक्सिकल से यह आउटवर्ड
- 3:58:21की तरफ जाते हैं। सबसे पहले पैराडॉक्सिकल
- 3:58:23एडजेक्टिव है। ठीक है? यहां पे हमें कोई
- 3:58:26नाउन चाहिए था। आपको दिख रहा होगा यहां पे
- 3:58:27द लिखा था आर्टिकल जिसके लिए एक नाउन
- 3:58:29चाहिए था। तो ये तो ग्रामेटिकली इनकरेक्ट
- 3:58:30है। दूसरा पैराडॉक्स का मतलब होता है
- 3:58:32विरोधाभासी। कहने का ये मतलब है कि जब आप
- 3:58:35कोई स्टेटमेंट आप दो स्टेटमेंट बोल रहे हो
- 3:58:38जिसमें आपने पहला जो बोला उसी का ठीक
- 3:58:40विपरीत आप दूसरे में बोल रहे इसको
- 3:58:41पैराडॉक्स कहा जाता है। फॉर एग्जांपल अ
- 3:58:44मान लेते हैं इंडियन डेमोक्रेसी को बहुत
- 3:58:46ही फनी है हमारा डेमोक्रेसी। एक तरफ
- 3:58:49आर्टिकल 15 में कहा जाता है कि भैया सब
- 3:58:51बराबर है। है ना? किसी भी किस्म से आप
- 3:58:53किसी के बीच में कोई डिस्क्रिमिनेशन नहीं
- 3:58:55कर सकते। और जब आप पहला जब सिटीजनशिप लेने
- 3:58:57के लिए जाओगे या पहला डॉक्यूमेंट आप जो
- 3:58:59बनाओगे आपसे पूछा जाएगा कौन जात हो। है
- 3:59:01ना? कि आप कौन से कैटेगरी से बिलोंग करते
- 3:59:03हो। तो एक तरफ आप कह रहे हो कि सब बराबर
- 3:59:05है। दूसरी तरफ आपका पूरे आपके पूरे नेशन
- 3:59:07का एसेंस ही यही है कि आप कौन से कास्ट से
- 3:59:09बिलोंग करते हो? को कौन से रिलजन से
- 3:59:10बिलोंग करते हो? तो ये पैराडॉक्सिक
- 3:59:12पैराडॉक्सिकल स्टेटमेंट है। मैंने इतना
- 3:59:14इसलिए समझाया क्योंकि बहुत बार वन वर्ड और
- 3:59:15सिनोनिम में एग्जाम में पूछा जाता है। ठीक
- 3:59:17है? तो ये आंसर तो खैर नहीं हो सकता। अब
- 3:59:19क्या है कि लिखा है दैट प्रोपगेट्स
- 3:59:21आउटवर्ड फ्रॉम द ओपन। अगेन ये एडजेक्टिव
- 3:59:23है भाई। ओपंड कैसे होगा? या वर्ब कह लो
- 3:59:26इसको। तो कह रहा है खुले से ये बाहर की
- 3:59:28तरफ जाता है। खुले से बाहर की तरफ मतलब
- 3:59:30फ्रॉम द एपिसेंट। आपको पता है ना कि
- 3:59:32पृथ्वी के अंदर का जो सेंटर होता है उसको
- 3:59:34एपिसेंटर कहते हैं। या किसी भी चीज का जो
- 3:59:37मेन पॉइंट होता है उसको एपिसेंटर कहा जाता
- 3:59:39है। इसका मतलब ये है कि यहां पे एपिसेंटर
- 3:59:41सबसे सटीक बैठेगा। आगे बढ़ रहे हैं। जहां
- 3:59:43पे ब्लैंक है मैं वही पढूंगा। अर्थक्वेक्स
- 3:59:45एक्सिबिट ऑफ रेंज ऑफ़ मैग्नीट्यूड्स एंड
- 3:59:47कंपासिंग बोथ इमपरसेप्ट ट्रिमर्स एंड
- 3:59:49कैटस्ट्रोफिक इवेंट्स कैपेबल ऑफ कॉजिंग
- 3:59:51डैश अर्बन डिवास्ट्रेशन। अर्थक्वेक जो है
- 3:59:54उसका बहुत मैग्नीट्यूड हो सकता है। बहुत
- 3:59:56ज्यादा बड़ा अर्थक्वेक भी आ सकता है। बहुत
- 3:59:57छोटा अर्थक्वेक भी आ सकता है। ठीक है?
- 3:59:59इसके वजह से बहुत बार कैटस्टोफिक इवेंट्स
- 4:00:02होते हैं, बर्बादियां होती हैं। जिसमें ये
- 4:00:04काबिलियत है। इट इज कैपेबल ऑफ क्या करने
- 4:00:07के? कॉजिंग डैश अर्बन डिवास्टेशन। ये शहर
- 4:00:10के शहर बर्बाद कर सकता है। कैपेबल ऑफ
- 4:00:12कॉजिंग डैश अर्बन डिवास्टेशन। अब सोचो
- 4:00:16यहां पे अगर हमने कोई वर्ड भरना है तो हम
- 4:00:18तो यही बोलना चाहेंगे कि बहुत बड़ा अर्बन
- 4:00:20डिवास्टेशन आ सकता है। क्योंकि एक लाइन
- 4:00:22पहले यहां पे कैटस्ट्रॉफिक इवेंट की बात
- 4:00:24की गई है कि ये बर्बादी लेकर आता है अपने
- 4:00:26साथ। तो क्या ऐसा होगा कि अर्थक्वेक जो है
- 4:00:28उससे छोटा-मोटा नुकसान होगा? हो सकता है।
- 4:00:30लेकिन उसके लिए एक लाइन ऑलरेडी बता दिया
- 4:00:31गया है कि कभी-कभी बहुत कम मैग्नीट्यूड का
- 4:00:34आएगा। आपको पता भी नहीं चलेगा। लेकिन
- 4:00:35कभी-कभी ऐसा भी होगा कि बहुत बड़े
- 4:00:37मैग्नीट्यूड का आएगा। बहुत कैटस्ट्रोफिक
- 4:00:39इवेंट का आएगा और जब कैटस्ट्रोफिक इवेंट
- 4:00:41आएगा तो डिवास्टेशन भी बड़ा होगा। तो यहां
- 4:00:43कोई बड़ा जैसा वर्ड वर्ड होना चाहिए था। आ
- 4:00:45जाइए। लिखा है इवेंट्स कैपेबल ऑफ कॉजिंग
- 4:00:47लिमिटेड अर्बन डिवास्टेशन। ये तो आंसर
- 4:00:49नहीं हो सकता। लिमिटेड मतलब होगा जो एक
- 4:00:51जगह पे सीमित हो। हम तो यहां कह रहे हैं
- 4:00:53इस लाइन का ही मतलब है कि इससे बहुत
- 4:00:54बड़ी-बड़ी बर्बादी होती है। तो लिमिटेड तो
- 4:00:56आंसर नहीं हो सकता। स्मॉल मतलब छोटा। हम
- 4:00:58यहां कह रहे हैं कि बहुत बड़ी बर्बादी
- 4:01:00होगी और यहां कह रहे हैं छोटा
- 4:01:01डिवास्ट्रेशन होगा। उल्टा है मिनिमल कम।
- 4:01:04आंसर क्या होगा? एक्सटेंसिव कि ये बहुत
- 4:01:06बार कैटस्ट्रोफिक इवेंट लेकर आता है जिसकी
- 4:01:09वजह से बहुत बड़ी संख्या में अर्बन
- 4:01:11डिवस्टेशन होता है। बहुत बड़ी संख्या में
- 4:01:13बर्बादी होती है। सिस्मिसिटी रेफर्स टू द
- 4:01:16ऑकरेंस डैश वोल्केनिक सॉरी अकरेंस
- 4:01:18मैग्नीट्यूड एंड क्लासिफिकेशन ऑफ़
- 4:01:20अर्थक्वेक्स। अर्थक्वेक्स कैन आल्सो
- 4:01:22अराइज़। अर्थक्वेक्स हो सकते हैं। एक और
- 4:01:24कारण क्या है? एज अ डैश ऑफ वोल्केनिक
- 4:01:26एक्टिविटी। अर्थक्वेक और किस कारण से हो
- 4:01:29सकता है? वोल्केनिक एक्टिविटी की वजह से
- 4:01:31भी हो सकता है। आ जाइए। ऑप्शन है
- 4:01:32क्सक्वेंस मतलब होता है परिणाम। अगर हम
- 4:01:34इसको यहां फिट करें तो मीनिंग होगा कि
- 4:01:36अर्थक्वेक जो है वो वोल्केनिक एक्टिविटी
- 4:01:38के परिणाम से भी हो सकता है। बिल्कुल ठीक
- 4:01:40लग रहा है। अर्थक्वेक कैन आल्सो अराइज़ एज
- 4:01:42अ क्लासिफिकेशन। क्लासिफिकेशन मतलब होता
- 4:01:44है किसी चीज में किसी को बांटना। किसी भी
- 4:01:46चीज को टुकड़ों में बांटना या अलग-अलग
- 4:01:49अलग-अलग श्रेणी में बांटना। उसको
- 4:01:50क्लासिफिकेशन कहते हैं। तो क्या कहा जा
- 4:01:52रहा है कि भूकंप जो है ना वो वोल्केनिक
- 4:01:55एक्टिविटी को क्लासिफाई करने से आता है कि
- 4:01:57अगर आपने ज्वालामुखी को अलग-अलग हिस्सों
- 4:01:59में बांट दिया तो देख लो भूकंप आ जाएगा।
- 4:02:01पाप लग जाएगा आपको। कोई सेंस है इस बात
- 4:02:02का? नहीं। वोल्केनिक एक्टिविटी के नाम से
- 4:02:05अर्थक्वेक आता है। कोई सेंस नहीं है।
- 4:02:06वोल्केनिक एक्टिविटी के डायरेक्शन से
- 4:02:08अर्थक्वेक आता है। कोई सेंस नहीं है। एक
- 4:02:10ही हो सकता है कि वोल्केनिक एक्टिविटी के
- 4:02:11परिणाम से बहुत बार अर्थक्वेक आता है। ये
- 4:02:13मैंने जब वैसे समझा रहा था मैं तब भी
- 4:02:15बताया था।
- 4:02:16आई होप आपको हर एक ऑप्शन समझ में आया कि
- 4:02:19ये वाला आंसर क्यों है? ये वाला आंसर
- 4:02:20क्यों नहीं है। ठीक है? बढ़ेंगे हम लोग
- 4:02:22अगले पैसेज पे। उसके पहले इस पैसेज में आए
- 4:02:25जो इंपॉर्टेंट वर्ड्स थे उनको मैंने अलग
- 4:02:26से स्लाइड के फॉर्म में डाल दिया है ताकि
- 4:02:29जो प्रीवियस ईयर क्वेश्चंस हैं एटलीस्ट वो
- 4:02:31रिवाइज हो जाए। हालांकि मैंने सबका मतलब
- 4:02:33बता दिया है। पेरिलेस का मतलब मैंने बताया
- 4:02:34था डेंजरस है। हज़ार्डस है। एक्यूमुलेटर
- 4:02:37मतलब होता है जमा होना। गैदर्ड या
- 4:02:38कलेक्टेड। ट्रिमर मतलब होता है हल्का
- 4:02:40झटका। भूकंप लगना। इनकंपासिंग का मतलब
- 4:02:42होता है शामिल करना। किसी चीज में
- 4:02:44इमपरसेप्टेबल जो चीज आप नोटिस ना कर पाओ
- 4:02:47जो चीज आपको दिखे ही ना आप महसूस ना कर
- 4:02:49पाओ इसको इनटेंजिबल भी कहा जाता है।
- 4:02:53कैटस्ट्रोफिक ऐसी कोई चीज जो विनाशकारी हो
- 4:02:56बहुत ज्यादा बड़ा डैमेज कर दे।
- 4:02:58पैराडॉक्सिकल बता दिया विरोधाभासी
- 4:03:01कंट्राडिक्टरी एपिसेंटर अर्थ का वो सरफेस
- 4:03:03जहां से अर्थक्वेक निकलता है केंद्र बिंदु
- 4:03:05उसे हम एपिसेंटर कहते हैं। ये सारे वर्ड्स
- 4:03:07मैंने डिटेल में आपको समझाया है पैसेज में
- 4:03:09पर ऑब्वियसली याद नहीं रहेगा और ये सारे
- 4:03:11के सारे प्रीवियस ईयर क्वेश्चन है तो
- 4:03:12मैंने अलग से स्लाइड डाल दिया है। आप इसका
- 4:03:14पीडीएफ डाउनलोड कर लेना अपना जो भी नोट्स
- 4:03:17बनाना है अगर आपको आप वहां से बना लेना।
- 4:03:19पीडीएफ कहां से डाउनलोड करोगे? जो मेरा ऐप
- 4:03:21है ऐप का नाम है क्यूइंग। आपको
- 4:03:23डिस्क्रिप्शन में इस वीडियो के ऐप का लिंक
- 4:03:25मिल जाएगा। वहां पे जाना। फ्री पीडीएफ का
- 4:03:28एक सेक्शन है। उसके अंदर द 25 सीरीज का एक
- 4:03:32सेक्शन है। वहां एपिसोड के नाम से आ
- 4:03:34जाएगा। ये एपिसोड नंबर 11 है। आपको एपिसोड
- 4:03:36नंबर 11 विद एनोटेशन विदाउट एनोटेशन दोनों
- 4:03:38पीडीएफ वहां पे मिल जाएगा। जाके डाउनलोड
- 4:03:40कर लेना। नोट्स बना लेना। आगे बढ़ेंगे।
- 4:03:42पैसेज नंबर टू पर आएंगे। ठीक है? आप यहीं
- 4:03:45पे वीडियो को पॉज कर लेना। ट्राई कर लेना।
- 4:03:48ठीक है? ये है सिक्स और सेवन ब्लैंक। ये
- 4:03:50है एट, नाइन और 10 ब्लैंक। ठीक है? मैं
- 4:03:52अस्यूम करके चल रहा हूं। आपने पॉज करके
- 4:03:54ट्राई कर लिया है। अब मैं आ रहा हूं इसके
- 4:03:55स्यूशन पे। क्या लिखा है कि फ्रॉग्स आर द
- 4:03:59एफीबियंस। फ्रॉग्स जो है वो एफीबियंस होते
- 4:04:01हैं। इट इंडिकेट्स दैट दे आर डैश ऑफ
- 4:04:04लिविंग बोथ इन वाटर एंड ऑन लैंड। लिखा है
- 4:04:08कि ये इंडिकेट करता है। एफीबियन का मतलब
- 4:04:10क्या है? कि ये इंडिकेट करता है कि ये
- 4:04:12पानी में भी रह सकते हैं और जमीन पर भी रह
- 4:04:15सकते हैं। फ्रॉग्स हैव लॉन्ग बैक लेग्स
- 4:04:18दैट प्रोपेल देम इंटू द एयर मेकिंग देम
- 4:04:20एक्सीलेंट जंपर्स। लिखा है कि जो मेंढक है
- 4:04:24ना उनका जो पिछला पांव होता है वो लंबा
- 4:04:26होता है। उसकी वजह से उन्हें हवा में जंप
- 4:04:29करने में सुविधा होता है। प्रोपेल का मतलब
- 4:04:31होता है पुश करना। तो वो किसी को उनको हवा
- 4:04:33में पुश मिलता है जिसकी वजह से वो बहुत
- 4:04:34अच्छे जंपर्स होते हैं। अ लार्ज पोर्शन ऑफ़
- 4:04:37देम हैव सकर्स ऑन देयर फिंगर्स व्हिच
- 4:04:40असिस्ट देम विथ लैंडिंग सिक्योरली ऑन
- 4:04:42ट्रिकी सरफेससेस। उनका जो पांव का हिस्सा
- 4:04:46होता है, जो उनके फिंगर्स के बीच का
- 4:04:47हिस्सा होता है, वो सकर्स होता है। सकर्स
- 4:04:48मतलब वो चिपक जाता है। ठीक है? जिसकी वजह
- 4:04:51से वो बहुत ही अच्छे तरीके से लैंड भी
- 4:04:53करते हैं। तो पहले दो लाइन से हमने क्या
- 4:04:54समझा कि फ्रॉग्स के फ्रॉग्स को जो है वो
- 4:04:57बहुत एक्सीलेंट जंपर होते हैं क्योंकि
- 4:04:59उनका जो पिछला पांव होता है वो लंबा होता
- 4:05:00है। दूसरा उनके फिंगर्स के बीच में सकर्स
- 4:05:03लगे होते हैं। सक मतलब होता है किसी का कि
- 4:05:05किसी के हवा खींच लेना उसको सक करना कहते
- 4:05:08हैं। सकर्स मतलब बेसिकली उसी किस्म का कोई
- 4:05:11काम करता है और वो चिपकने में मदद करता
- 4:05:12है। ठीक है? तो वो बहुत अच्छे जो लैंड
- 4:05:16करने का जो उनका कला है वो उनके सकर्स की
- 4:05:18वजह से होता है जो कि उनके फिंगर्स में
- 4:05:19पाया जाता है। दे फाइंड क्विक बग्स विथ द
- 4:05:22डैश ऑफ देयर लॉन्ग टैकी टंग्स। लिखा हुआ
- 4:05:26है कि उन्हें ना कीड़े मकोड़े बहुत आसानी
- 4:05:28से मिल जाते हैं। क्योंकि उनके बहुत लंबी
- 4:05:31जीभ होती है और बहुत टैकी मतलब चिपकने
- 4:05:33वाली जीभ होती है। ठीक है? तो तीसरे लाइन
- 4:05:35में हमने ये देखा कि उनकी जीभ भी लंबी
- 4:05:37होती है। जिसकी वजह से उनको खाना ढूंढने
- 4:05:39में या बल्ब्स ढूंढने में, कीड़े-मकोड़े
- 4:05:41ढूंढने में बड़ी आसानी होती है। फ्रॉग्स
- 4:05:44डू नॉट ऑल कंटेन पोइजन। सारे जो मेंढक है
- 4:05:47वो उसमें जहर नहीं होता। व्हेन थ्रेटेंड
- 4:05:50बाय प्रिडेटर्स सम फ्रॉक्स यूज़ अ वेनम दैट
- 4:05:53दे हैव डेवलप्ड। लिखा हुआ है कि जब उन्हें
- 4:05:56कोई प्रिडेटर थ्रेटन करता है। प्रिडेटर का
- 4:05:58मतलब होता है एक ऐसा जानवर जो दूसरे के
- 4:06:00दूसरे जानवरों को खाए उसे प्रिडेटर कहते
- 4:06:02हैं। तो लिखा है कि जब उन्हें कोई खाने
- 4:06:04आता है ना तो वो एक एक किस्म का के जहर का
- 4:06:08इस्तेमाल करते हैं। वेनम का मतलब होता है
- 4:06:09जहर। एक किस्म के जहर का इस्तेमाल करते
- 4:06:11हैं जो उन्होंने खुद ने डेवलप किया हुआ
- 4:06:13है। द गोल्डन डार्ट फ्रॉग इज द वर्ल्ड्स
- 4:06:16मोस्ट लीथल फ्रॉग। अब बात कर लेते हैं कि
- 4:06:19जहर की बात हुई है तो सबसे जहरीला कौन सा
- 4:06:21फ्रॉग होता है? तो एक गोल्डन डार्ट नाम का
- 4:06:23एक फ्रॉग है जो कि दुनिया का सबसे जहरीला
- 4:06:25फ्रॉग होता है। वन फ्रॉग्स स्किन हैज़ द
- 4:06:28पोटेंशियल टू किल अप टू 1000 पीपल। इस
- 4:06:31गोल्डन डार्ट जो फ्रॉग है ना इसकी चमड़ी
- 4:06:33इसकी केवल एक चमड़ी मतलब एक मेंढक की
- 4:06:36चमड़ी हजार लोगों तक को मार सकती है। इतना
- 4:06:39जहरीला होता है ये। द नॉर्मल फ्रॉग
- 4:06:42कंटेन्स अ टॉक्सिक सब्सटेंस व्हिच इट डैश
- 4:06:45फ्रॉम इट्स स्किन व्हेन व्हेन गॉन आफ्टर
- 4:06:48नॉर्मल फ्रॉग अभी हम गोल्डन डार्ट की बात
- 4:06:50नहीं कर रहे। जो नॉर्मल फ्रॉग है उसके
- 4:06:52अंदर भी एक टॉक्सिक सब्सटांस होता है।
- 4:06:53उसके अंदर भी एक जहर वाला सब्सटांस होता
- 4:06:55है। ठीक है? जो कि उसके स्किन में पाया
- 4:06:57जाता है। जब कोई उसके पीछे जाता है, जब
- 4:06:59कोई उसके पीछे लगता है तो वो क्या करता है
- 4:07:01कि वो इसको नॉर्मल फ्रॉग इस टॉक्सिक
- 4:07:04सब्सटेंस को छोड़ता है। दिस पोइजन
- 4:07:07अफेक्ट्स बोथ कनाइन एंड फलाइंस। ये जो
- 4:07:09टॉक्सिक जो पोइजन है ना ये कनाइन को भी
- 4:07:12कनाइन किसे कहते हैं? डॉग्स को। फलाइन
- 4:07:14किसे कहते हैं? बिल्लियों को। तो ये
- 4:07:16कुत्तों को भी जहरीला मतलब लगता है और
- 4:07:18बिल्लियों को भी जहरीला लगता है। अगर वो
- 4:07:20इस मेंढक को खा जाए तो। हाउएवर दे रेयरली
- 4:07:23एक्सपीरियंस सीरियस डैश। लेकिन ऐसा नहीं
- 4:07:26है कि खाने के बाद वो मर ही जाएंगे
- 4:07:28क्योंकि बहुत मुश्किल से ही यह जहर जो है
- 4:07:29मेंढक का इस वाले मेंढक का वो जो है वो
- 4:07:32इतना रेयर इतना सीरियस उसके डैश होते हैं।
- 4:07:36कैन टटोड्स। अब ये अगला प्रजाति आ गया।
- 4:07:38कैन टटोड्स आर एक्सट्रीमली लार्ज टोट्स
- 4:07:40दैट आर लेस विथ ड्रग्स। अब कुछ एक मेंढक
- 4:07:44है जिसका नाम है कैन टटोड्स। अब केन टोट्स
- 4:07:46जो होते हैं ना वो बहुत बड़े टोड्स होते
- 4:07:48हैं जिनके अंदर जहर फैला होता है। इफ टेकन
- 4:07:51दीज़ ड्रग्स कैन रिजल्ट इन हेलुसिनेशंस।
- 4:07:53अगर ये गलती से या किसी भी तरीके से आपके
- 4:07:56अंदर चला जाए तो आपको हेलुसिनेशंस क्रिएट
- 4:07:58कर देंगे। हेलुसिनेशन का मतलब होता है के
- 4:08:00आप अपनी ही दुनिया में खो जाओ। ठीक है?
- 4:08:03ऐसे चक्कर सा आने लगेगा। आप खो जाओगे।
- 4:08:06दिमाग काम नहीं करने लगेगा। भ्रमित हो
- 4:08:09जाओगे। सेंट्रल एंड साउथ अमेरिका आर होम
- 4:08:12टू द पोइजन डार्ट फ्रॉग्स। यहां पे हमने
- 4:08:14पोइजन डॉट फ्रॉग्स पढ़ा था। ठीक है? जिसमें
- 4:08:16के अंदर पोइजन होता है। तो लिखा हुआ है कि
- 4:08:18जो ये पाए कहां जाते हैं? तो ये सेंट्रल
- 4:08:20और साउथ अमेरिका में ये पाए जाते हैं। ठीक
- 4:08:22है? बिकॉज़ इंडजीनस पीपल यूज़ देयर टॉक्सिक
- 4:08:26एक्सक्रीशंस टू डैश द टिप्स ऑफ एरोस एंड
- 4:08:29ब्लो डार्ट्स। द फ्रॉग्स आर फ्रीक्वेंटली
- 4:08:32रेफर्ड टू एज पोइजन एरो फ्रॉग्स और पोइजन
- 4:08:34डार्ट फ्रॉग्स। क्योंकि वहां के जो
- 4:08:36इंडीजीनस लोग हैं इंडीजीनस का मतलब होता
- 4:08:38है कहीं के मूल निवासी। ये जो सेंट्रल और
- 4:08:40साउथ अमेरिका के जो मूल निवासी है ना वो
- 4:08:42इन जहरीले मेंढकों का जो मल होता है उनका
- 4:08:46जो वेस्ट मटेरियल होता है उससे ये अपने जो
- 4:08:50तीर है इनके या जो डार्ट्स है इनके उसके
- 4:08:52टिप्स को उसके जो आपने अगर तीर देखा है तो
- 4:08:55उसका जो मुंह होता है उसको उसमें जहर
- 4:08:57लगाने का काम करते हैं। आपने सुना होगा
- 4:08:58बहुत बार कि जहरीला तीर लग गया है इसको।
- 4:09:00तो उसमें जहर लगाने का ये एक्सक्रीशन से
- 4:09:02एक्सक्रीट जो होता है उसका उसके काम में
- 4:09:04आता है। इसीलिए इन फ्रॉग्स को आमतौर पर
- 4:09:07पोइजन एरो फ्रॉग्स या पोइजन डार्क फ्रॉग्स
- 4:09:09कहा जाता है।
- 4:09:11आ जाओ कॉन्टेक्स्ट क्या समझ में आया हमें
- 4:09:14पूरे पैसेज से? कॉन्टक्स्ट ये समझ में आया
- 4:09:16कि ये पूरा का पूरा जो पैसेज है ये
- 4:09:18फ्रॉग्स और उनकी प्रजातियों के बारे में
- 4:09:20खास करके जहरीले फ्रॉग्स के बारे में
- 4:09:22ज्यादा बात की गई है। तो ओवरऑल
- 4:09:23कॉन्टेक्स्ट जो है वो ओवरऑल टोन जो है वो
- 4:09:25नेगेटिव है। ठीक है? और यहां पे हम
- 4:09:27फ्रॉग्स के बारे में देख रहे हैं। जहरीले
- 4:09:29फ्रॉग्स के बारे में देख रहे हैं। और उनसे
- 4:09:31क्या-क्या परिणाम हो सकता है, कहां पाए
- 4:09:33जाते हैं? इन सारी चीजों के बारे में देख
- 4:09:34रहे हैं। अब इसी का कंटेस्ट को मद्देनजर
- 4:09:36रखते हुए हम फिल अप करने की कोशिश करेंगे
- 4:09:38एक-एक करके। लिखा है फ्रॉग्स आर द
- 4:09:40एफीबियंस। फ्रॉग एफीबियंस होते हैं। इट
- 4:09:42इंडिकेट्स दैट दे आर डैश ऑफ लिविंग बोथ इन
- 4:09:44वाटर एंड ऑन लैंड। अब यहां पे क्या फिल अप
- 4:09:46कर सकते हैं? एफीबियंस क्या इंडिकेट करता
- 4:09:49है? ये इंडिकेट करता है कि ये मतलब
- 4:09:50फ्रॉग्स जो है वो रह सकते हैं डैश लिविंग
- 4:09:53वाटर में भी और लैंड में भी। लिखा है दैट
- 4:09:55दे आर ससेप्टिबल ससेप्टेबल डिस्पोज कैपेबल
- 4:09:59इंक्लाइन एक वर्ड बोलूंगा तुरंत समझ जाओगे
- 4:10:02ऑफ समझते हो क्या आपने पहले पढ़ा है
- 4:10:05कैपेबल के बाद ऑफ लगता है आई एम कैपेबल ऑफ
- 4:10:09डूइंग समथिंग यू आर कैपेबल ऑफ डूइंग
- 4:10:10समथिंग लगता है ना इसका मतलब यहां पे
- 4:10:12कैपेबल हो सकता है क्या बिल्कुल हो सकता
- 4:10:14है अब आ जाओ ऑप्शन क्या-क्या लिखा था
- 4:10:16डिस्पोज मतलब होता है किसी को ठिकाने
- 4:10:17लगाना यहां पे लिखा हुआ था फ्रॉग्स
- 4:10:20एफीबियंस होते हैं ये इंडिकेट करते हैं कि
- 4:10:22ये बोथ पानी और लैंड दोनों में रहने के
- 4:10:25काबिल है। क्या मैं ऐसा बोलूं क्या दोनों
- 4:10:27के रहने से छुटकारा पाते हैं? क्योंकि
- 4:10:29डिस्पोज मतलब छुटकारा पाना होता है। नहीं
- 4:10:31हो सकता। ससेप्टेबल नहीं हो सकता।
- 4:10:33इंक्लाइंड मतलब होता है झुकाव होना। कि
- 4:10:35इनका झुकाव होता है। ये पानी और लैंड
- 4:10:37दोनों में रह सकते हैं। इंक्लाइंड के बाद
- 4:10:39फिर ऑफ नहीं लगेगा। अगर आप इंक्लाइंड
- 4:10:40बोलोगे इंक्लाइंड के बाद टू आवर्स लगता
- 4:10:42है। तो ये भी गलत हो जाएगा। आंसर कौन सा
- 4:10:44है? ऑप्शन नंबर सी कैपेबल। हालांकि आप
- 4:10:46डायरेक्टली बना सकते थे अगर आपको प्रपज़िशन
- 4:10:48पता था तो। आगे बढ़े। फ्रॉग्स हैव लॉन्ग
- 4:10:50बैक लेग्स दैट प्रोपेल देम इंटू वाटर। ये
- 4:10:52हमने पढ़ लिया। जहां ब्लैंक है मैं सीधा उस
- 4:10:54लाइन पे जा रहा हूं। दे फाइंड क्विक बग्स।
- 4:10:56उन्हें बहुत जल्दी जो कीड़े-मकोड़े होते
- 4:10:58हैं वो मिल जाते हैं। विथ द डैश ऑफ देयर
- 4:11:00लॉन्ग टैकी टंग्स। अपनी जीभ की मदद से
- 4:11:03उन्हें बहुत जल्दी जो कीड़े-मकोड़े मिल
- 4:11:06जाते हैं। तो यहां पे मदद जैसा कोई वर्ड
- 4:11:07होना चाहिए था। लिखा है दे फाइंड क्विक
- 4:11:09बग्स विद द इनकरेजमेंट ऑफ देयर लॉन्ग टैकी
- 4:11:12टंग। इनकरेजमेंट का मतलब होता है किसी का
- 4:11:13हौसला बढ़ाना। तो क्या लिखा है यहां पे?
- 4:11:16पे अगर हमने इनकरेजमेंट को आंसर किया तो
- 4:11:17मीनिंग ये हो जाएगा कि उन्हें बहुत जल्दी
- 4:11:19कीड़े मकोड़े मिल जाते हैं क्योंकि उनकी
- 4:11:21जीभ जो है उनका हौसला बढ़ाती है। जीभ
- 4:11:23उन्हें कहती है कि हां मालिक तुम कर सकते
- 4:11:24हो करो प्लीज करो प्लीज कुछ ढूंढ लो। बहुत
- 4:11:26भूखा हूं मैं। ऐसा होगा क्या? जीभ इनकरेज
- 4:11:29थोड़ी करेगा इसको। लिखा है दे फाइंड क्विक
- 4:11:31बग्स विथ द बैकिंग। बैकिंग का मतलब होता
- 4:11:33है बैकअप होना। विथ द बैकिंग ऑफ़ देयर
- 4:11:35लॉन्ग टंग। लॉन्ग टंग के बैकअप से। बैकअप
- 4:11:37से नहीं। उसकी मदद से विथ द एक्सक्यूज ऑफ
- 4:11:40देयर। यह क्षमा प्रार्थी होता है इनका
- 4:11:42टंग। मतलब इनका जो टंग है वह क्षमा
- 4:11:44प्रार्थी होता है। इसलिए उन्हें क्विक
- 4:11:46बग्स मिल जाते हैं। कोई सेंस है इस बात
- 4:11:48का। फिर एक ही वर्ड है असिस्टेंस। यहां पे
- 4:11:50हेल्प जैसा हम कुछ ढूंढ रहे थे। असिस्टेंस
- 4:11:52का मतलब भी हेल्प होता है। एड होता तो
- 4:11:54उसका मतलब भी हेल्प होता। तो लिखा है दे
- 4:11:56फाइंड क्विक बग्स विथ द असिस्टेंस ऑफ देयर
- 4:11:58लॉन्ग टैकी टंग्स। अपने लॉन्ग टैकी टंग की
- 4:12:01मदद से इन्हें बहुत जल्दी जो है वो मिल
- 4:12:04जाता है असिस्टेंस। इन्हें बहुत जल्दी
- 4:12:07उनका भोजन मिल जाता है। आगे बढ़ेंगे। एट
- 4:12:09नंबर ब्लैंक पे आएंगे। द नॉर्मल फ्रॉग
- 4:12:11कंटेन्स अ टॉक्सिक सब्सटेंस। जो नॉर्मल
- 4:12:13फ्रॉग है उनमें एक टॉक्सिक सब्सटेंस होता
- 4:12:15है व्हिच इट डैश फ्रॉम इट्स स्किन व्हिच
- 4:12:18इट स्पेल्स। स्पेलेल मतलब होता है मंत्र
- 4:12:20फूंकना। मंत्र मंत्र बोलना। उसको स्पेल
- 4:12:22कहते हैं। जो वो अपने स्किन से मंत्र
- 4:12:25बोलता है। हम क्या कह रहे हैं कि नॉर्मल
- 4:12:26फ्रॉग में भी जहर होता है जो वो अपने
- 4:12:28स्किन से मंत्र बोलता है। कोई सेंस है?
- 4:12:30व्हिच इट ग्लोस। ग्लो मतलब होता है चमकना।
- 4:12:32इसके अंदर जहर होता है जो उसके स्किन से
- 4:12:34चमकता है। चमकता है मतलब सेंस नहीं है।
- 4:12:37स्क्वक्स बोलना टरटराना के कह रहा है कह
- 4:12:41रहा है कि नॉर्मल फ्रॉग जो है उसके अंदर
- 4:12:42एक जहरीला पदार्थ होता है जो कि उसके
- 4:12:44स्किन से टरटराता है। कोई सेंस है? एक ही
- 4:12:47वर्ड बच रहा है। रेडिएट्स रेडिएट मतलब
- 4:12:48होता है बाहर निकलना। ये आपने बहुत बार
- 4:12:50पढ़ा होगा कि सूरज से किरणें रेडिएट होती
- 4:12:52है। बाहर निकलती हैं। तो यहां पे वही लिखा
- 4:12:54हुआ था नॉर्मल फ्रॉग में टॉक्सिक सब्सटांस
- 4:12:55होते हैं। जो बाहर निकलता है जब इसके पीछे
- 4:12:58कोई पड़ जाए। ठीक है? आगे बढ़ेंगे। दिस
- 4:13:00पोइजन अफेक्ट्स बोथ कनाइन एंड फ्लाइंस।
- 4:13:02हाउएवर दे रेयरली एक्सपीरियंस सीरियस डैश
- 4:13:07लिखा है कि हालांकि इसे ये जो है ये जो
- 4:13:10जहर है इसके अंदर जब उसे कोई कुत्ता है
- 4:13:12कोई बिल्ली खा ले तो उसे अफेक्ट करता है।
- 4:13:14लेकिन इतना भी अफेक्ट नहीं करता कि वो मर
- 4:13:16जाए। तो लिखा है दे रेयरली एक्सपीरियंस
- 4:13:19सीरियस डैश सीरियस सीक्वल्स, सीरियस
- 4:13:21क्सक्वेंसेस, सीरियस डिस्टर्ब, सीरियस
- 4:13:23ऑल्टर्स। देखो सीरियस है एक एडजेक्टिव।
- 4:13:27तो यहां पे आपको चाहिए नाउन जिसको
- 4:13:30क्वालीफ़ाई करने के लिए सीरियस आया होगा।
- 4:13:32ऑल्टर मतलब होता है किसी का साइज़ छोटा या
- 4:13:34बड़ा करना। यह वर्ब होता है। नहीं हो सकता।
- 4:13:37डिस्टर्ब मतलब होता है परेशान करना। नाउन
- 4:13:39होता है डिस्टरबेंस। तो ये वाला भी वर्ब
- 4:13:41है। नहीं हो सकता। दो तो ऑप्शन ऐसे ही कट
- 4:13:43गया। अब बताओ क्या कहा जा रहा है कि
- 4:13:45हालांकि इसमें जहर होता है। ये अफेक्ट
- 4:13:47करता है। लेकिन ये रेयरली कोई सीरियस
- 4:13:50सीक्वल करेगा या इसका रेयरली कोई सीरियस
- 4:13:52क्सक्वेंस होगा? क्सक्वेंस का मतलब होता
- 4:13:54है रिजल्ट परिणाम। कि इसका रेयरली ही कोई
- 4:13:56सीरियस परिणाम होता है। ये होगा ना आंसर।
- 4:13:58रेयरली बहुत सीरियस परिणाम होता है इसका।
- 4:14:00आगे बढ़े। बिकॉज़ इंडीजीनस पीपल यूज देयर
- 4:14:04टॉक्सिक एक्सक्रीशंस टू डश द टिप्स ऑफ
- 4:14:06एरोस एंड ब्लो डार्ट्स। क्योंकि जो
- 4:14:08इंडीजीनस लोग हैं जो लोकल लोग हैं वो उनके
- 4:14:11टॉक्सिक एक्सक्रीशन का इस्तेमाल करते हैं
- 4:14:13अपने जो एरोस है या जो डार्ट्स है उनके
- 4:14:16टिप को डैश करने के लिए। क्या करने के
- 4:14:17लिए? टू बेन। बेन का मतलब होता है
- 4:14:19हार्मफुल। हार्मफुल करने के लिए। नहीं। टू
- 4:14:23हेट नफरत करने के लिए अपने तीरधनुष से।
- 4:14:25नहीं। टू पोइजन। वो इसमें जहर लगाने का
- 4:14:28काम करते हैं। किस में जहर लगाने का काम
- 4:14:30करते हैं? जो एरो के टिप्स हैं उनमें।
- 4:14:31मलाई। मलाइस मतलब होता है बुरी भली बातें
- 4:14:33करना। किसी को बदनाम करना। अपने टिप्स को
- 4:14:35बदनाम करने के लिए। नहीं।
- 4:14:38आंसर कौन सा? ऑप्शन नंबर सी।
- 4:14:42आगे बढ़े। आ जाओ ऑप्शन पे। माफ़ कीजिएगा। आ
- 4:14:45जाओ वर्ड्स पे। क्या वर्ड था? हेलुसिनेशन।
- 4:14:47मतलब क्या होता है? कोई भी ऐसी चीज जो
- 4:14:50आपके अंदर भ्रम पैदा करे। उसको हेलुसिनेशन
- 4:14:52कहते हैं। उसी को इल्यूज़न या डल्यूज़न कहा
- 4:14:54जाता है। इंडीजीनस का मतलब होता है किसी
- 4:14:56जगह के जो मूल निवासी हैं उनको इंडीजीनस
- 4:14:59बोलेंगे। अबजिनल कह सकते हैं, नेटिव कह
- 4:15:01सकते हैं। ससेप्टेबल का मतलब होता है जो
- 4:15:03चीज किसी को आराम से या तो बहुत ज्यादा
- 4:15:06हार्म कर सके या तो किसी की प्रवृत्ति को
- 4:15:08ससेप्टेबल कहा जाता है। जिसको हम लोग
- 4:15:09वनरेबल या प्रोन भी कहते हैं। अगला वर्ड
- 4:15:12है स्क्विक मतलब होता है टरटराना, चीखना।
- 4:15:14रेडिएट्स बाहर निकलना। मलाइस मतलब होता है
- 4:15:17कि किसी के लिए बुरा भावना रखना। ठीक है?
- 4:15:19किसी के लिए बुरी भावना रखना। ठीक है? अब
- 4:15:21देखो, इन सारे वर्ड्स को मैं बहुत तेजी से
- 4:15:22पढ़ा रहा हूं। क्योंकि मैं मान के चल रहा
- 4:15:24हूं कि जब मैं पैसेज पढ़ा रहा था, तब मैंने
- 4:15:25एक्सप्लेन किया था। आपका ध्यान वहां था।
- 4:15:27आपका काम है कि अब आपको अगर ये वर्ड नहीं
- 4:15:29आता तो नोट्स बनाओ। एक-एक करके चीजों को
- 4:15:32समझो। ठीक है? आगे बढ़ेंगे अगले वाले पैसेज
- 4:15:34पे। फिर से सेम काम। आपको क्या करना है कि
- 4:15:36आपको पैसेज को दो बार पढ़ना है। ठीक है?
- 4:15:38मैं मान के चल रहा हूं आपने वीडियो पॉज
- 4:15:39करके। अपना आंसर ट्राई कर लिया। मैं सशन
- 4:15:41पे आ रहा हूं। लिखा है फॉर मोस्ट ऑफ़ अस हु
- 4:15:44आर बोर्न एंड लिव इन इंडिया सोशल इनकलिटी
- 4:15:47एंड डैश आर फैक्ट्स ऑफ लाइफ। लिखा हम में
- 4:15:50से ज्यादातर लोगों के लिए जो भारत में
- 4:15:51पैदा हुए हैं। हमारे लिए सोशल इनकलिटी एंड
- 4:15:56डैश जीवन की सच्चाई। सोशल इनकलिटी का मतलब
- 4:15:59क्या होता है कि हम सब बराबर नहीं है ना।
- 4:16:01कोई किसी कास्ट का है, कोई किसी कास्ट का
- 4:16:03है और किसी को अपर कास्ट बोला जाता है,
- 4:16:05किसी को लोअर कास्ट बोला जाता है। कोई
- 4:16:06अमीर है तो उसको स्पेशल ट्रीटमेंट मिल रहा
- 4:16:08है। कोई गरीब है तो उसको ट्रीटमेंट ही
- 4:16:10नहीं मिल रहा। ठीक है? तो ये क्या है?
- 4:16:11सोशल इनकलिटी के ये बातें हो सकती है। वी
- 4:16:15सी डैश ऑन द स्ट्रीट्स एंड ऑन रेलवे
- 4:16:17प्लेटफॉर्म्स। लिखा है कि हम लोग अक्सर
- 4:16:19डैश देखते हैं रास्तों पर रेलवे
- 4:16:21प्लेटफॉर्म्स पे वी से यंग चिल्ड्रन डैश
- 4:16:24एज डोमेस्टिक वर्कर्स कंस्ट्रक्शन
- 4:16:26हेल्पर्स एंड क्लीनर्स एंड हेल्पर्स इन
- 4:16:29स्ट्रीट साइड रेस्टोरेंट्स ढाबास एंड टी
- 4:16:31शॉप्स लिखा हुआ है कि हम लोग अक्सर ना
- 4:16:32छोटे-छोटे बच्चों को देखते हैं कि वो लोग
- 4:16:34डोमेस्टिक वर्कर्स हैं घर में काम कर रहे
- 4:16:36हैं कंस्ट्रक्शन में मदद कर रहे हैं
- 4:16:37क्लीनर्स हैं हेल्पर्स हैं रेस्टोरेंट में
- 4:16:39ढाबे में चाय की दुकान में वी आर नॉट डैश
- 4:16:42एट द साइट ऑफ स्मॉल चिल्ड्रन हु वर्क एस
- 4:16:44डोमेस्टिक वर्कर्स इन मिडिल क्लास अर्बन
- 4:16:47होम्स लिखा है कि हम लोग जो है वो
- 4:16:49छोटे-छोटे बच्चों का जो ये जो साइट होता
- 4:16:51है ना छोटे-छोटे बच्चों का ये जो नजारा
- 4:16:52होता है हम लोग इससे डैश नहीं करते। कौन
- 4:16:55से छोटे बच्चे जो डोमेस्टिक वर्कर्स की
- 4:16:56तरह काम कर रहे हैं किसी भी अर्बन होम्स
- 4:16:59में कैरिंग द स्कूल बैग्स ऑफ ओल्डर
- 4:17:01चिल्ड्रन टू स्कूल। और वह लोग आप अक्सर
- 4:17:03देखोगे किसी के घर में अगर कोई बच्चा छोटा
- 4:17:05एक नौकर की तरह काम कर रहा है तो उसके उस
- 4:17:07घर के बड़े बच्चे जो हैं उनका बैग यह छोटा
- 4:17:09बच्चा ढो है जो नौकर का काम कर रहा है इट
- 4:17:12डस नॉट इमीडिएटली डैश अस एज अनजस्ट दैट सम
- 4:17:16चिल्ड्रन आर डिनाइड स्कूलिंग औरकि हमें ये
- 4:17:19देख कर आदत हो गई है ना हम जब ऐसी चीजें
- 4:17:21देखते हैं ना तो ऐसे इमीडिएटली हमारे
- 4:17:22दिमाग में ये नहीं आता कि इस बच्चे के साथ
- 4:17:24गलत किया जा रहा है। हम जब यह देखते हैं
- 4:17:26हम हमें बिल्कुल यह बात हिट नहीं करता
- 4:17:28रियलाइज नहीं करते हैं कि यह बच्चा स्कूल
- 4:17:30जाना चाहिए जो बच्चा छोटा बच्चा नौकरी कर
- 4:17:32रहा है। ठीक है? बहुत ही छोटा पैसेज है।
- 4:17:34ठीक है? और पढ़कर लग रहा है कि बहुत ही
- 4:17:36आसान पैसेज है। नेगेटिव कॉन्टेक्स्ट है।
- 4:17:38नेगेटिव टोन है इसका। कॉन्टेक्स्ट ये है
- 4:17:40कि छोटे बच्चे किस तरीके से काम करते हैं।
- 4:17:41तो चाइल्ड लेबर के बारे में ये पूरा-पूरा
- 4:17:43पैसेज है। कॉन्टेक्स्ट को ध्यान में रखते
- 4:17:45हुए फिल अप करने की कोशिश करते हैं। लिखा
- 4:17:47है फॉर मोस्ट ऑफ़ अस हु आर बोर्न एंड लिव
- 4:17:49इन इंडिया। सोशल इनकलिटी एंड डैश आर
- 4:17:51फैक्ट्स ऑफ लाइफ। हम में से ज्यादातर
- 4:17:53लोगों के लिए जो बोर्न हुए हैं, पैदा हुए
- 4:17:55हैं या रह रहे हैं इंडिया में। सोशल
- 4:17:56इनकलिटी जो है वह एक डैश ऑफ़ लाइफ है। क्या
- 4:17:59है? सोशल इनकलिटी जो है वो एक एक्सक्लूजन
- 4:18:01ऑफ़ लाइफ है। एक्सक्लूजन मतलब होता है जो
- 4:18:04चीज
- 4:18:06सॉरी क्या बोल रहा था मैं? सोशल इनकलिटी
- 4:18:08और एक्सक्लूजन जो है वो लाइफ के फैक्ट्स
- 4:18:10है। एक्सक्लूजन का मतलब है सामाजिक तौर पर
- 4:18:12किसी को बहिष्कृत कर दिया गया। ठीक है? हो
- 4:18:14सकता है। सोशल इनकलिटी और गैदरिंग फैक्ट
- 4:18:17ऑफ लाइफ है। सोशल इनकलिटी हमने यह पहले भी
- 4:18:19पढ़ा था कि अगर हम किसी चीज को एंड के साथ
- 4:18:21जोड़ते हैं तो ये दोनों बराबर क्वालिटीज
- 4:18:24होनी चाहिए। अगर इधर नेगेटिव है तो इधर
- 4:18:26नेगेटिव होगा। इधर पॉजिटिव है तो इधर
- 4:18:27पॉजिटिव होगा। ध्यान देंगे। लिखा है हम
- 4:18:30में से ज्यादातर लोगों के लिए जो भारत में
- 4:18:31पैदा हुए हैं। सोशल इनकलिटी एंड तो यहां
- 4:18:34पे भी कोई नेगेटिव बात होनी चाहिए क्योंकि
- 4:18:36पूरा पैसेज का ही टोन नेगेटिव है। तो सोशल
- 4:18:38इनकलिटी और गैदरिंग गैदरिंग मतलब होता है
- 4:18:41जमा होना। सोशल इनकलिटी और मोबिलिटी।
- 4:18:44मोबिलिटी का मतलब होता है एक जगह से दूसरी
- 4:18:45जगह मूव करना। तो क्या सोशल इनकलिटी की
- 4:18:48तरह मोबिलिटी फैक्ट ऑफ लाइफ है? कोई
- 4:18:50कॉन्टेक्स्ट नहीं इस बात का। हार्मोनी
- 4:18:51मतलब होता है एक साथ रहना। भाईचारा। सोशल
- 4:18:53इनकलिटी कह रहे हैं और फिर एंड लगा के हम
- 4:18:55यहां कोई पॉजिटिव वर्ड लगा रहे हैं।
- 4:18:56भाईचारा ये फैक्ट ऑफ लाइफ है। भाईचारे की
- 4:18:58बात थोड़ी की गई थी। फिर तो प्रॉब्लम ही
- 4:19:00नहीं था। पूरा पैसेज ये बोला गया किस
- 4:19:01तरीके से कुछ लोगों को समाज से बहिष्कृत
- 4:19:04किया जाता है। तो हार्मोनी आंसर नहीं हो
- 4:19:06सकता। आंसर कौन सा होगा? एक्सक्लूजन। हम
- 4:19:08में से ज्यादातर लोग जो भारत में पैदा हुए
- 4:19:10हैं, हमारे लिए फैक्ट है सोशल इनकलिटी।
- 4:19:13हमारे लिए फैक्ट है सोशल एक्सक्लूजन।
- 4:19:15एक्सक्लूजन मतलब उनको बहुत सारे लोगों को
- 4:19:17समाज से बाहर कर दिया जाता है। वी सी डैश
- 4:19:20ऑन द स्ट्रीट्स। हम अक्सर रास्ते पर और
- 4:19:22प्लेटफॉर्म्स पे डैश को देखते हैं। क्या
- 4:19:24देखते हैं? व्हीकल्स देखते हैं।
- 4:19:26एयरपोर्ट्स देखते हैं। बेगर्स देखते हैं।
- 4:19:27पार्लियामेंट्स देखते हैं। सबसे पहले
- 4:19:29बेतुू का ऑप्शन है पार्लियामेंट और
- 4:19:30एयरपोर्ट। अब रास्ते और रेलवे स्टेशन में
- 4:19:32एयरपोर्ट कहां मिलेगा और पार्लियामेंट
- 4:19:33कहां मिलेगा? अब है या तो व्हीकल्स या तो
- 4:19:36बेगर्स। अब यहां पे आती है बात
- 4:19:37कॉन्टेक्स्ट की। पूरा पैसेज किस
- 4:19:39कॉन्टेक्स्ट में था कि बहुत सारे लोगों को
- 4:19:41सोशली बाहर कर दिया जाता है। तो सोशली
- 4:19:43बाहर कर दिया जाता है तो हम इंसानों की
- 4:19:44बात कर रहे हैं। फिर व्हीकल्स कहां से आ
- 4:19:45गए? व्हीकल्स मतलब तो गाड़ियां होती है।
- 4:19:47गलत है कि नहीं है? और रेलवे प्लेटफॉर्म्स
- 4:19:49पे व्हीकल्स कहां से आ जाएगा? आंसर क्या
- 4:19:51है? बेगर्स। कि हम अक्सरा क्या होता है?
- 4:19:53बेगर्स देखते हैं। भिखारियों को देखते हैं
- 4:19:54रास्ते पर रेलवे प्लेटफॉर्म्स पे। वी सी
- 4:19:57यंग चिल्ड्रन डैश एज डोमेस्टिक वर्कर्स।
- 4:19:59लिखा है कि हम अक्सरा देखते हैं छोटे
- 4:20:00बच्चों को। एक्सेलिंग एज डोमेस्टिक
- 4:20:03वर्कर्स। एक्सेलिंग मतलब होता है बेहतर
- 4:20:04करना। यह एक पॉजिटिव वर्ड है। आप अपनी
- 4:20:08पढ़ाई में एक्सेल कर रहे हो। मतलब आप
- 4:20:09पढ़ाई में बेहतर कर रहे हो। तो क्या लिखा
- 4:20:11है कि हम लोग अक्सर छोटे बच्चों को देखते
- 4:20:12हैं कि वो घर के काम में कंस्ट्रक्शन की
- 4:20:15चीजों में बेहतर कर रहे हैं जिंदगी में।
- 4:20:16क्या ये कॉन्टेक्स्ट था? पूरा का पूरा
- 4:20:18कॉन्टेक्स्ट ये था कि ये बहुत अनफॉर्चूनेट
- 4:20:20है। बहुत बदकिस्मती की बात है कि छोटे
- 4:20:22बच्चों को काम करना पड़ रहा है। ये तो
- 4:20:23पॉजिटिव टोन दे देगा सेंटेंस को। गलत है।
- 4:20:25वी से यंग चिल्ड्रन रिवोल्टिंग एज। सबसे
- 4:20:28पहले रिवोल्टिंग के बाद एज नहीं आता।
- 4:20:29दूसरा वी हम छोटे-छोटे बच्चों को देखते
- 4:20:32हैं कि वो विद्रोह कर रहे हैं डोमेस्टिक
- 4:20:33वर्कर बनके। विदड्र कैसे करेंगे डोमेस्टिक
- 4:20:35वर्कर बन के गलत है। लेबरिंग एज वो लोग
- 4:20:38काम कर रहे हैं डोमेस्टिक वर्कर्स की तरह।
- 4:20:40वो लोग कंस्ट्रक्शन हेलपर्स की तरह काम कर
- 4:20:41रहे हैं। इसका कॉन्टेक्स्ट था। वी सी यंग
- 4:20:43चिल्ड्रन चीटिंग एज ये तो सेंस ही नहीं
- 4:20:46बनेगा कि हम लोग देख रहे हैं कि वो धोखा
- 4:20:47दे रहे हैं डोमेस्टिक वर्कर्स बनके। सेंस
- 4:20:49नहीं बनेगा। वी आर नॉट डैश एट द साइट ऑफ़
- 4:20:52स्मॉल चिल्ड्रन। लिखा है कि हम लोग ना इस
- 4:20:55चीज को लेके डैश नहीं होते। क्या नहीं
- 4:20:56होते? एनवायस। एनवायस का मतलब होता है जलन
- 4:20:59होना। हमें जलन नहीं होती जब हम छोटे
- 4:21:00बच्चों को देखते हैं काम करते हुए
- 4:21:03डोमेस्टिक वर्कर्स की तरह। हमें जलन क्यों
- 4:21:05होगी? कोई कॉन्टेक्स्ट नहीं है। वी आर नॉट
- 4:21:08कंपोज्ड। हम शांत नहीं रह पाते जब हम
- 4:21:10डोमेस्टिक वर्कर्स की तरह बच्चों को काम
- 4:21:11करते देखते हैं। हमें गुस्सा आ जाता है।
- 4:21:12तो ये तो अच्छी बात है। लेकिन यहां पे
- 4:21:14क्या अच्छी बात की गई थी? पूरा का पूरा
- 4:21:16कॉन्टेक्स्ट नेगेटिव था। गलत है। वी आर
- 4:21:19नॉट सरप्राइज्ड एट द साइट ऑफ़ स्मॉल
- 4:21:21चिल्ड्रन। और जब हम ऐसा देखते हैं ना तो
- 4:21:22हमें आश्चर्य नहीं होता। बिल्कुल सही है।
- 4:21:25अक्सर हम रास्ते पर जब जाते हैं हम छोटे
- 4:21:26बच्चों को काम करते देखते हैं। हमें
- 4:21:28आश्चर्य नहीं होता। क्यों? क्योंकि हम लोग
- 4:21:29यूज़्ड टू हो चुके हैं। हम लोग इतने इतने
- 4:21:31साल से जब से पैदा हुए तब से यह देख रहे
- 4:21:33हैं। तो, हम यूज़्ड टू हो चुके हैं। हमें
- 4:21:34आश्चर्य नहीं होता। यह बिल्कुल सही
- 4:21:36कॉन्टेक्स्ट था। आगे लिखा हुआ है अफ्रेड।
- 4:21:38वी आर नॉट अफ्रेड एट द साइट ऑफ़। हमें डर
- 4:21:40नहीं लगता जब हम छोटे बच्चों को देखते
- 4:21:41हैं, काम करते हुए डर क्यों लगेगा? आंसर
- 4:21:44क्या होगा? ऑप्शन नंबर सी। आगे बढ़े। इट डज़
- 4:21:46नॉट इमीडिएटली डैश अस एज अनजस्ट दैट सम
- 4:21:49चिल्ड्रन आर डिनाइड स्कूलिंग। ये हमें
- 4:21:52इमीडिएटली डैश नहीं करता कि ये गलत है।
- 4:21:54अनजस्ट मतलब होता है गलत होना। ये हमें
- 4:21:56तुरंत गलत नहीं लगता। जब हम देखते हैं कि
- 4:21:58कुछ बच्चे जो हैं उन्हें स्कूल ही जाने का
- 4:22:00मौका नहीं मिल रहा। तो लिखा है इट डज नॉट
- 4:22:01इमीडिएटली स्ट्राइक अस। ये हमें तुरंत हिट
- 4:22:03नहीं करता। यह हो सकता है। इट डस नॉट
- 4:22:05इमीडिएटली फोर्स अस। ये तुरंत हम पे दबाव
- 4:22:07नहीं डालता। कोई सेंस नहीं है। इट डज़ नॉट
- 4:22:09इमीडिएटली टच अस। ये तुरंत हमें नहीं
- 4:22:11छूता। फिजिकल टच की बात की जा रही है। इट
- 4:22:13डज़ नॉट इमीडिएटली स्लैप अस। ये हमें तुरंत
- 4:22:15थप्पड़ नहीं मारता। ये नहीं। इट इट डज़ नॉट
- 4:22:18इमीडिएटली स्ट्राइक अस। ये तुरंत हमें हिट
- 4:22:20नहीं करता। हम तुरंत नहीं सोच पाते कि ये
- 4:22:22गलत है कि इन बच्चों को स्कूल नहीं जाने
- 4:22:24का मौका मिल रहा। ठीक है? आसान पैसेज था।
- 4:22:26ठीक है? आई होप यह पांच में पांच सही हो
- 4:22:28सबका। बाकी आप मुझे कमेंट में बताओगे
- 4:22:30पैसेज 1 2 3 4 5 में कितने करेक्ट हुए और
- 4:22:32टोटल आपका कितना करेक्ट हुआ। आगे बढ़े।
- 4:22:36अगले पैसेज पर आते हैं।
- 4:22:39लिखा है रिसर्च ऑन इनफेक्शंस ओवर द पास्ट
- 4:22:41फ्यू डेकेड्स हैज़ हैज़ फोकस्ड ऑन
- 4:22:44हॉस्पिटल्स डे केयर फैसिलिटीज एंड स्कूल्स
- 4:22:47बट डैश अटेंशन वाज़ पेड टू द होम। लिखा है
- 4:22:50कि इनफेक्शन के ऊपर जो रिसर्च हुआ है ना
- 4:22:52उसमें पिछले कुछ दशकों में ज्यादा फोकस
- 4:22:54रहा हॉस्पिटल्स के ऊपर, डे केयर फैसिलिटीज
- 4:22:57के ऊपर, स्कूल्स के ऊपर लेकिन घर के ऊपर
- 4:23:00अटेंशन जो है वो नहीं था।
- 4:23:03टुडे द इंक्रीस ऑफ फूड बोर्न इलनेस एंड अ
- 4:23:07डैश नीड फॉर होम हेल्थ केयर हैव फोकस्ड
- 4:23:10इंटरेस्ट ऑन हजीन एंड क्लीनलीनेस इन द
- 4:23:12होम। लिखा हुआ है आज के टाइम पे ना जो इन
- 4:23:15जो भोजन से पैदा हुए जो बीमारियां हैं साथ
- 4:23:19ही साथ में जो जरूरत है कि घर को साफ
- 4:23:22सुथरा रखा जाए वो चीज का की रिक्वायरमेंट
- 4:23:25बढ़ रही है। लोग उस पे ज्यादा ध्यान दे
- 4:23:27रहे हैं। हजीन रेफर्स टू कंडीशंस और
- 4:23:31प्रैक्टिससेस बाय व्हिच पीपल मेंटेन और
- 4:23:33प्रमोट गुड हेल्थ बाय कीपिंग देमसेल्व्स
- 4:23:35एंड देयर सराउंडिंग्स डैश। अब हजीन कहते
- 4:23:38किसको हैं? हजीन कहा जाता है ऐसे कंडीशंस
- 4:23:40को या ऐसे प्रैक्टिससेस को जिसमें जो लोग
- 4:23:43हैं वो अच्छे हेल्थ को प्रमोट करते हैं।
- 4:23:46अपने आसपास के सराउंडिंग को और खुद को डैश
- 4:23:48रख के। इवन इन आवर कंटेंपररी सोसाइटी गुड
- 4:23:52हाइजीन प्रैक्टिससेस कंटिन्यू टू बी द
- 4:23:54प्राइमरी डिजीज प्रिवेंशन स्ट्रेटजी। आजकल
- 4:23:56की दुनिया में कंटेंपरेरी का मतलब होता है
- 4:23:58समकालीन जो अभी जो वक्त चल रहा है उसे
- 4:24:00कंटेंपररी कहते हैं। लिखा है कि अभी की
- 4:24:02दुनिया में कंटेंपररी सोसाइटी में जो
- 4:24:04अच्छे हाइजीन प्रैक्टिससेस है ना वो
- 4:24:06प्राइमरी डिजीज प्रिवेंशन स्ट्रेटजी की
- 4:24:08तरह काम करते हैं। मतलब अगर आप देखोगे तो
- 4:24:10लोग बीमारियों से बचने के लिए सबसे पहले
- 4:24:12खुद को और घर को साफ-सुथरा रखते हैं। हजीन
- 4:24:14इज वन ऑफ द साइलेंट विक्ट्रीज ऑफ पब्लिक
- 4:24:17हेल्थ। और अगर पब्लिक हेल्थ की बात की जाए
- 4:24:19तो सबसे बड़ी एक चुपचाप जो जीत पब्लिक
- 4:24:21हेल्थ में हासिल की है वह है कि हजीन का
- 4:24:24लोग अब ध्यान रखने लगे। पर्सनल हाइजीन एंड
- 4:24:27हाउसहोल्ड क्लीनलीनेस प्रैक्टिससेस अफेक्ट
- 4:24:29द रिस्क डैश स्प्रेडिंग इनफेशियस डिजीज।
- 4:24:32लिखा है कि अपने हाइजीन को मेंटेन करना या
- 4:24:34घर साफ सुथरा रखना। इससे जो इनफेशियस
- 4:24:37डिजीज है ना इनफेशियस का मतलब होता है
- 4:24:39फैलने वाला जो डिजीज है। जो फैलने वाला
- 4:24:41डिजीज है वो कम हो जाता है। ठीक है? देयर
- 4:24:44आर मेनी डिजीज कॉजिंग माइक्रोब्स हुस
- 4:24:47ट्रांसमिशन कैन बी कंट्रोलोल्ड बाय प्रॉपर
- 4:24:49पर्सनल हाइजीन एंड हाउसहोल्ड क्लीनिंग
- 4:24:52प्रैक्टिससेस। लिखा है कि बहुत सारे ऐसे
- 4:24:54डिजीज कॉजिंग माइक्रोब्स हैं जिनका जो
- 4:24:56ट्रांजिशन है उसे कंट्रोल किया जा सकता है
- 4:24:58पर्सनल हाइजीन बेहतर करके या हाउसहोल्ड
- 4:25:01क्लीनिंग प्रैक्टिससेस को बेहतर करके। अ
- 4:25:03फ्रेमवर्क फॉर डेवलपिंग प्रैक्टिकल होम
- 4:25:06स्ट्रेटजीस टू मैनेज रिस्क फ्रॉम
- 4:25:07इन्वेंशंस इज डी इज डैश लिखा है कि एक
- 4:25:10फ्रेमवर्क डेवलप करने के लिए प्रैक्टिकल
- 4:25:12होम स्ट्रेटजीस को ताकि मैनेज किया जा सके
- 4:25:14रिस्क को इनफेक्शन से वो उसकी डैश है पूरा
- 4:25:17का पूरा पैसेज किसके बारे में है ओवरऑल
- 4:25:20टोन जो है वो पॉजिटिव है पैसेज है हजीन के
- 4:25:23बारे में और किस तरीके से पर्सनल हजीन के
- 4:25:25ऊपर लोगों का जो ध्यान है वह ज्यादा जाने
- 4:25:27लगा है इसके बारे में आइए एक-एक करके फिल
- 4:25:29अप करने की कोशिश करते हैं थोड़ा मैं पानी
- 4:25:31पी लूं गला सूख रहा है
- 4:25:42आइए फिल अप करते हैं। लिखा है रिसर्च ऑन
- 4:25:45इनफेक्शंस ओवर द पास्ट फ्यू डिकेड्स हैज़
- 4:25:47फोकस्ड ऑन हॉस्पिटल्स डे केयर फैसिलिटीज
- 4:25:49एंड स्कूल्स बट
- 4:25:51बट का मतलब क्या होता है? अभी समझाया था
- 4:25:53एंड का मतलब दोनों तरफ बराबर होगा। बट का
- 4:25:55मतलब कंट्रास्टिंग चीजें होंगी। लिखा है
- 4:25:58कि जो पिछले कुछ सालों में ना पिछले दशकों
- 4:26:00में हॉस्पिटल के हजीन के ऊपर बहुत ध्यान
- 4:26:03दिया गया। डे केयर फैसिलिटीज के हजीन के
- 4:26:05ऊपर, स्कूल्स के हजीन के ऊपर बहुत ध्यान
- 4:26:06दिया गया। लेकिन घर के हजीन के ऊपर ध्यान
- 4:26:09नहीं दिया गया। कहना ये चाह रहा था। तो
- 4:26:12यहां पे कोई एक ऐसा वर्ड होना चाहिए जो
- 4:26:13नेगेटिव को नोटेशन का हो। मैं ऐसा क्यों
- 4:26:15कह रहा हूं? क्योंकि पहला वाला बट के पहले
- 4:26:17जो क्लॉज़ था वो पॉजिटिव बात थी कि ध्यान
- 4:26:19दिया गया है। तो यहां पे बोला गया कि होम
- 4:26:21के ऊपर ध्यान नहीं दिया गया। तभी तो बीच
- 4:26:22में बट लगा रहे हैं। आई नो लिटिल ये तो
- 4:26:25सुपरफ्लुएस है। नो भी नेगेटिव कनोटेशन का
- 4:26:28है। लिटिल भी दोनों एक साथ तो नहीं होगा।
- 4:26:30अ लिटिल द लिटिल लिटिल। अब आ गया यहां पे
- 4:26:32ग्रामर। आई होप आपने पढ़ा है लिटिल अ
- 4:26:35लिटिल और द लिटिल के बीच का डिफरेंस।
- 4:26:37लिटिल का मतलब होता है नाम मात्र का। ये
- 4:26:38नेगेटिव कनोटेशन के लिए होता है। अ लिटिल
- 4:26:40सेटिस्फेक्टरी ये पॉजिटिव कनोटेशन का होता
- 4:26:42है। द लिटिल न्यूट्रल है। इसका मतलब होता
- 4:26:44है जितना है सबका सब। अभी मैंने एक्सप्लेन
- 4:26:46किया कि घर के ऊपर ध्यान नहीं दिया गया
- 4:26:48था। सो वी आर लुकिंग फॉर एन एडजेक्टिव दैट
- 4:26:50कन्वेस अ नेगेटिव मीनिंग। तो अ लिटिल नहीं
- 4:26:52हो सकता। द लिटिल नहीं हो सकता। क्या हो
- 4:26:55सकता है? लिटिल कि बहुत कम ध्यान दिया गया
- 4:26:57है घरों के सैनिटेशन के ऊपर, घरों के
- 4:27:00हाइजीन के ऊपर। टुडे आजकल की दुनिया में द
- 4:27:03इंक्रीस ऑफ़ फूड बोर्न इलनेस एंड अ डैश नीड
- 4:27:06फॉर होम हेल्थ केयर हैव फोकस्ड इंटरेस्ट
- 4:27:08ऑन हाइजीन एंड क्लीनलीनेस इन द होम। आजकल
- 4:27:11लोगों को समझ में आ गया कि हम जो घर में
- 4:27:12खाना खाते हैं उससे बहुत सारी बीमारियां
- 4:27:14फैलती हैं। इसीलिए बहुत ज्यादा जरूरत पे
- 4:27:17ध्यान दिया जा रहा है कि घर का हेल्थ ठीक
- 4:27:19होना चाहिए। ठीक है? सो क्या लिखा है कि
- 4:27:21एंड अ डैश नीड क्या होगा? एंड अ रेयर नीड
- 4:27:24एंड अ डिक्रीजिंग नीड एंड अ ग्रोइंग नीड
- 4:27:26एंड अ डिक्लाइनिंग नीड। घर का का जो हेल्थ
- 4:27:29है उसको ठीक रहने की रखने की ज्यादा जरूरत
- 4:27:32है या कम जरूरत है? आप खुद बताओ। अपनी समझ
- 4:27:34से बताओ। ऑब्वियसली ज्यादा जरूरत है घर को
- 4:27:37साफ रखने की। तो यहां तो कोई पॉजिटिव वर्ड
- 4:27:38आना चाहिए था ज्यादा वाले सेंस में। आ
- 4:27:40जाइए। रेयर मतलब होता है ना के बराबर। कि
- 4:27:42ना के बराबर घर को साफ रखने की जरूरत है।
- 4:27:44कोई सेंस है? डिक्रीजिंग मतलब होता है
- 4:27:46घटता हुआ। घटता हुआ घर को साफ रखने की
- 4:27:48जरूरत है। कोई सेंस नहीं है। डिक्लाइनिंग
- 4:27:49घटता हुआ। आंसर क्या होगा? ग्रोइंग कि
- 4:27:52ग्रोइंग नीड है। जरूरत दिन-ब दिन बढ़ती जा
- 4:27:54रही है कि घर को साफ रखा जाए। आगे बढ़े।
- 4:27:57तीसरे ब्लैंक पर आते हैं। लिखा है कि
- 4:27:59हाइजीन का मतलब होता है कि ऐसे
- 4:28:01प्रैक्टिससेस जिससे आप मेंटेन कर पाओ
- 4:28:03अच्छे हेल्थ को। क्या करके अपने आप को और
- 4:28:07अपने सराउंडिंग को डैश रख के। हजीन का
- 4:28:09मतलब होता है कि अपने सराउंडिंग को
- 4:28:10क्लटर्ड रखो। क्लटर्ड मतलब होता है
- 4:28:11बिल्कुल बिखरा हुआ रखो। बिखरा हुआ रखोगे
- 4:28:13तो उसे हजीन बोलेंगे। नहीं अपने आसपास के
- 4:28:16माहौल को बिल्कुल बंद रखो। गलत है।
- 4:28:18बिल्कुल क्लियर रखो। बिल्कुल क्लीन रखो।
- 4:28:20क्लियर मतलब होता है साफ। क्लीन मतलब होता
- 4:28:22है साफ-सुथरा इन अ फिजिकल सेंस। हम या तो
- 4:28:25फिजिकल सेंस की बात कर रहे थे कि
- 4:28:26क्लीनलीनेस की बात हो रही है। यहां देखो
- 4:28:28क्लीनलीनेस की बात हो रही है। तो हम
- 4:28:31क्लीनलीनेस की बात कर रहे हैं। आंसर क्या
- 4:28:32होगा? क्लीन रखने की कोशिश की जा रही है।
- 4:28:34आगे बढ़ेंगे। हजीन इज़ वन ऑफ़ द साइलेंट
- 4:28:37विक्ट्रीज़ ऑफ़ ह्यूमन हेल्थ। पर्सनल हजीन
- 4:28:39एंड हाउसहोल्ड क्लीनलीनेस प्रैक्टिससेस
- 4:28:41अफेक्ट द रिस्क डैश स्प्रेडिंग
- 4:28:43इनफेक्शियस। लिखा है कि पर्सनल हाइजीन अगर
- 4:28:45मेंटेन की जाए या हाउसहोल्ड क्लीनलीनेस
- 4:28:47प्रैक्टिससेस जो है वो अफेक्ट करते हैं
- 4:28:49रिस्क को। स्प्रेडिंग इनफेक्शियस डिजीज।
- 4:28:52रिस्क ऑफ़ रिस्क फॉर रिस्क अबाउट रिस्क
- 4:28:55एक्ट। कॉमन सेंस है। या आपने इतनी बार पढ़
- 4:28:57लिया होगा कि ग्रामर सेंस डेवलप हो गया
- 4:28:59होगा कि रिस्क के बाद क्या लगता है? भाई
- 4:29:00साहब। आप ही मुझे बता दो रिस्क के बाद
- 4:29:02क्या लगता है? ऑफ क्या होगा? अफेक्ट द
- 4:29:05रिस्क ऑफ स्प्रेडिंग इनफेशस डिजीज कि जो
- 4:29:07रिस्क है इसका कि उससे बहुत सारी
- 4:29:09बीमारियां फैलेंगी। उन बीमारियों को
- 4:29:11कंट्रोल किया जा सकता है। आगे बढ़े। अ
- 4:29:14फ्रेमवर्क फॉर डेवलपिंग प्रैक्टिकल होम
- 4:29:16स्ट्रेटजीस टू मैनेज रिस्क फ्रॉम
- 4:29:17इनफेक्शंस इज़ डैश। एक प्रैक्टिकल होम
- 4:29:20स्ट्रेटजी को डेवलप करने की जरूरत है।
- 4:29:22उसके लिए एक फ्रेमवर्क की जरूरत है ताकि
- 4:29:24जो जो रिस्क है उसको मैनेज किया जा सके।
- 4:29:27तो मैं कह रहा हूं उसकी जरूरत है। एक
- 4:29:28फ्रेमवर्क की जरूरत है। तो लिखा है
- 4:29:30फ्रेमवर्क फॉर डेवलपिंग प्रैक्टिकल होम
- 4:29:33स्ट्रेटजीस टू मैनेज रिस्क फ्रॉम
- 4:29:35इनफेक्शंस इज़ रिस्की। रिस्की कहां से आ
- 4:29:37गया? इज़ रिक्वायर्ड उसकी जरूरत है। इज़ इन
- 4:29:40इफेक्टिव। उससे कुछ नहीं हो सकता। इज़
- 4:29:41इंपॉसिबल पॉसिबल ही नहीं। आंसर क्या होगा?
- 4:29:44इज़ रिक्वायर्ड। एक फ्रेमवर्क की जरूरत है
- 4:29:46जो कि प्रैक्टिकल होम स्ट्रेटजीस
- 4:29:48प्रैक्टिकल होम के लिए स्ट्रेटजी बनाए
- 4:29:50ताकि मैनेज किया जा सके इनफेक्शन के रिस्क
- 4:29:52को। उसकी जरूरत है। तो आंसर क्या होगा?
- 4:29:54ऑप्शन नंबर बी। अब देखो ऐसा नहीं है कि
- 4:29:57मैं जब कहता हूं कि इसे दो बार पढ़ना है
- 4:29:59तो आप एक बार पढ़ के नहीं बना सकते। ऐसा
- 4:30:01नहीं है। मैं ये कहना चाहता हूं कि हर एक
- 4:30:04बच्चा जो एसएससी के एग्जाम में बैठता है
- 4:30:06उसके लिए एक्यूरेसी ज्यादा मायने रखती है।
- 4:30:09इंग्लिश वो पेपर है जिसमें या तो आपको आता
- 4:30:11है या तो आपको नहीं आता। कॉम्प्रिहेंशन
- 4:30:13छोड़ के और आपको बहुत ज्यादा दिमाग किसी
- 4:30:14में लगाना नहीं होता। तो टाइम का इशू नहीं
- 4:30:16होता इंग्लिश के साथ। इंग्लिश के साथ इशू
- 4:30:18है कि आपको चीजों को एक्यूरेट रखना है। और
- 4:30:21एक्यूरेसी बढ़ाने के लिए अगर आप दो बार
- 4:30:22पढ़ोगे ना तो एक्यूरेसी आपकी एक्यूरेसी आई
- 4:30:25कैन गारंटी कि 2x बढ़ जाती है। आई कैन
- 4:30:27गारंटी यू दैट। और जो बच्चे मुझे फॉलो कर
- 4:30:29रहे हैं उनको अच्छे से बात पता है कि आपकी
- 4:30:30एक्यूरेसी बढ़ी है। तो हमेशा मैं कहता हूं
- 4:30:33दो बार पढ़ो। आप भी एग्जाम में ही फॉलो
- 4:30:34करना। आप बोलोगे सर टाइम ज्यादा लगेगा तो
- 4:30:37विद प्रैक्टिस वो टाइम भी कम हो जाएगा।
- 4:30:38ठीक है? प्रैक्टिस करते जाओ। धीरे-धीरे
- 4:30:40करके ये डेवलप कर लोगे आप ये अपने अंदर कि
- 4:30:42दो बार आप बहुत तेजी से पढ़ पाओगे। ठीक
- 4:30:44है? और जो एग्जाम में मैटर करता है वो है
- 4:30:46कि एक भी नंबर बेफजूल कटना नहीं चाहिए।
- 4:30:49ठीक है? इस स्ट्रेटजी से बनाओगे तो नंबर
- 4:30:50कटने के चांसेस बहुत कम हो जाते हैं। आगे
- 4:30:53बढ़े कुछ वर्ड्स देख लेते हैं। कंटेंपरेरी
- 4:30:56एसएससी ने बहुत बार पूछा है। मैंने बता
- 4:30:57दिया एक ही वक्त पे रहने वाले लोगों को
- 4:30:58कंटेंपररी कहा जाता है। क्लटर्ड का मतलब
- 4:31:00होता है बहुत ज्यादा अनऑर्गेनाइज्ड बहुत
- 4:31:02ज्यादा बिखरा हुआ। आएंगे अगले पैसेज पे।
- 4:31:07लास्ट पैसेज आइए। कुछ गलती करी क्या
- 4:31:10मैंने? यहां 24 ये 25 नंबर है। ठीक है?
- 4:31:12मुझे लगा 24 क्वेश्चन कैसे हुआ? पांच-प के
- 4:31:14सेट पांच लिए हैं मैंने। चलो आते हैं
- 4:31:16पढ़ते हैं। लिखा है द कोडगू डिस्ट्रिक्ट
- 4:31:19एडमिनिस्ट्रेशन डैश प्लंड अ हनी फेस्टिवल
- 4:31:22इन द गार्डेंस ऑफ राजा सीट इन मडेकरी ऑन
- 4:31:2524 एंड 25 ऑफ दिसंबर। लिखा है कोडागू
- 4:31:29डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन जो है ना उसने
- 4:31:30एक हनी फेस्टिवल रखा है राजा सीट मडेकरी
- 4:31:33में 24 और 25 दिसंबर को। अब देखो जो लोग
- 4:31:36एक ही बार पढ़ के आंसर करते हैं। मतलब
- 4:31:38यहां तक पढ़ा और फिर फिल अप करने चले गए।
- 4:31:40उनके साथ देखो क्या दिक्कत होगी। यहां पर
- 4:31:42लिखा है द कोडगू डिस्ट्रिक्ट
- 4:31:44एडमिनिस्ट्रेशन सिंगुलर है तो चलो हैव को
- 4:31:46आपने काट दिया लेकिन यहां हैज़ हो सकता है।
- 4:31:48बिल्कुल हो सकता है। हैड हो सकता है।
- 4:31:50बिल्कुल हो सकता है। हैज़ बीन चलो नहीं
- 4:31:53होगा क्योंकि हैज़ बीन के बाद यहां वी4
- 4:31:54चाहिए प्लानिंग तो आपने उस लॉजिक से यहां
- 4:31:56काट दिया। पर फिर तो हैज़ भी सही और हैड भी
- 4:31:58सही है। किसको मार्क करो? ये पता चलेगा
- 4:32:01आपको पैसेज आगे पढ़ के। ठीक है? चलो आगे
- 4:32:03बढ़ते हैं। द फेस्टिवल वि हैज़ बीन प्लंड
- 4:32:06इन एसोसिएशन वि कोडागू जिला पंचायत एंड
- 4:32:10हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट डैश एम्ड एट
- 4:32:12इनकरेजिंग डैश इन कोडगू इन व्यू ऑफ द
- 4:32:15वर्ल्ड वाइड डिमांड फॉर कुर्ग हनी लिखा ये
- 4:32:18जो फेस्टिवल है जिसे प्लान किया गया है
- 4:32:19कोडगू जिला पंचायत के साथ मिलके और
- 4:32:21हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट के साथ मिलके
- 4:32:23इसका एम ये है कि यह इनकरेज करेगा डैश
- 4:32:25कोडगू में और इसका मेन मकसद यह है कि ये
- 4:32:28कुर्ग हनी का जो वर्ल्ड वाइड डिमांड है
- 4:32:30उसको लेके लोगों को और ज्यादा इनकरेज
- 4:32:33करें। ठीक है? अब फिर से वही बात है कि
- 4:32:35सेकंड वाला अगर आप फिल अप करना चाहो तो
- 4:32:37ऐसे केस में देखना लिखा था कहां गया?
- 4:32:40सेकंड वाला ऑप्शन डिपार्टमेंट डैश एम्ड
- 4:32:42एट। ठीक है? द फेस्टिवल सिंगुलर था।
- 4:32:44सब्जेक्ट था यहां का। यहां पे हम उसके लिए
- 4:32:46वाज भी भर सकते हैं। इज भी भर सकते हैं।
- 4:32:48क्या भरोगे भाई? पास्ट भी हो सकता है,
- 4:32:51प्रेजेंट भी हो सकता है। इसका मतलब है
- 4:32:52आपको पूरा पैसेज पढ़ना पड़ेगा। तभी
- 4:32:54कॉन्टेक्स्ट समझ में। इसलिए मैं बार-बार
- 4:32:55कंटेक्स्ट कॉन्टेक्स्ट बोलता हूं ना।
- 4:32:56बार-बार बोलता हूं दो बार पढ़ो, दो बार
- 4:32:58पढ़ो। द फेस्टिवल इज डैश टू ब्रिंग टुगेदर
- 4:33:01नॉट ओनली पीपल इंगेज्ड इन एपीकल्चर बट
- 4:33:03आल्सो साइंटिस्ट सोसाइटीज एंड कंपनीज़ डैश
- 4:33:06इन प्रोड्यूसिंग हनी। लिखा है फेस्टिवल जो
- 4:33:08है वो एक साथ लेकर आता है सिर्फ उन लोगों
- 4:33:10को नहीं जो एपीकल्चर में इंगेज्ड हैं
- 4:33:12बल्कि उन लोगों को भी जो साइंटिस्ट हैं,
- 4:33:14सोसाइटीज हैं, कंपनीज़ हैं और डैश है
- 4:33:16प्रोड्यूसिंग हनी को प्रोड्यूस करने।
- 4:33:19पैसेज पूरा समझ में आ गया किसके बारे में?
- 4:33:22तो बेसिकली एक
- 4:33:24एक फेस्टिवल ऑर्गेनाइज किया जा रहा है हनी
- 4:33:26को लेके। तो पूरा का पूरा जो पैसेज है वह
- 4:33:28हमारा हनी के बारे में है। ठीक है?
- 4:33:31कॉन्टेक्स्ट है हनी के बारे में है पूरा
- 4:33:32का पूरा पैसेज और उसे प्लान किया जा रहा
- 4:33:34है। उसी के डिटेल्स यहां पे दिए हुए हैं।
- 4:33:36ओवरऑल टोन पॉजिटिव है। लिखा है द कोडगू
- 4:33:39डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन डैश प्लंड अ
- 4:33:41हनी फेस्टिवल इन द गार्डेंस ऑफ़ राजा सर
- 4:33:43राजा सीट। लिखा है कोडागू डिस्ट्रिक्ट
- 4:33:45एडमिनिस्ट्रेशन जो है उसने अब यहां पे
- 4:33:48देखो हैव तो नहीं हो सकता। अभी मैंने
- 4:33:50समझाया था हैज़ बीन भी नहीं हो सकता
- 4:33:52क्योंकि यहां पे फिर वी4 चाहिए या फिर ये
- 4:33:54पैसिव होगा। तो एडमिनिस्ट्रेशन को तो
- 4:33:56प्लान नहीं किया जाएगा। एडमिनिस्ट्रेशन
- 4:33:57कुछ प्लान करे तो एक्टिव होना चाहिए। तो
- 4:33:59यह भी आंसर नहीं है। आंसर या तो हैज़ है या
- 4:34:01तो हैड है। इसके लिए हमें टेंस देखना
- 4:34:03पड़ेगा। आ जाओ टेंस देखते हैं। कहीं ना
- 4:34:05कहीं पैसेज में तो कोई टेंस दिया होगा।
- 4:34:07देख लो। लिखा है कि इन द गार्डेंस ऑफ़ राजा
- 4:34:09द फेस्टिवल व्हिच हैज़ बीन। ये बता रहा है
- 4:34:11प्रेजेंट टेंस है। प्लान इन एसोसिएशन वि द
- 4:34:13जिला पंचायत हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट
- 4:34:15एटकरेजिंग इनकड इन व्यू ऑफ़ द फेस्टिवल इज़।
- 4:34:20है ना? यहां पे भी क्या बता रहा है कि ये
- 4:34:22हमारा प्रेजेंट टेंस में। तो सेंटेंस कौन
- 4:34:24से टेंस में? प्रेजेंट टेंस में। आंसर मिल
- 4:34:26गया आपको? आंसर मिल गया आपको? यह तो नहीं
- 4:34:29हो सकता था। हैड पास्ट हो जाएगा। आंसर कौन
- 4:34:31सा होगा? हैज़ होगा। तो क्या लिखा है?
- 4:34:32कोडगो डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन ने
- 4:34:34प्लान किया। हैज़ प्लान अ हनी फेस्टिवल इन
- 4:34:35द गार्डन्स। आगे बढ़ेंगे। जिला पंचायत एंड
- 4:34:38हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट डैश एम्ड एट
- 4:34:39इंक्रीजिंग। अब ध्यान देना यहां पे एक बात
- 4:34:41पे लिखा है द फेस्टिवल। वो यहां का
- 4:34:44सब्जेक्ट है। व्हिच हैज़ बीन प्लान इन
- 4:34:47एसोसिएशन विद कोडगू जिला पंचायत एंड
- 4:34:50हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट। यह एक रिलेटिव
- 4:34:52क्लॉज़ है। अगर आप मेरे वीडियोस फॉलो करते
- 4:34:55हो तो मैंने कई दफा आपको रिलेटिव क्लॉज़
- 4:34:56पढ़ाया है ग्रामर के वीडियोस में कि विश
- 4:34:58लगेगा, हु लगेगा, दैट लगेगा और इस नाउन या
- 4:35:00इस प्रोनाउन के बारे में कोई एक्स्ट्रा
- 4:35:02इनेशन दिया होगा। इसका सेंटेंस पर कोई काम
- 4:35:04नहीं है। ये सिर्फ फेस्टिवल के बारे में
- 4:35:05बता रहा है कि फेस्टिवल कौन सा था? बट द
- 4:35:08फैक्ट ऑफ़ द मैटर इज़ कि हमारा सब्जेक्ट
- 4:35:09फेस्टिवल ही है। तो अगर फेस्टिवल हमारा
- 4:35:11सब्जेक्ट है जो कि सिंगुलर है तो यहां जो
- 4:35:13वर्ब उसके लिए यूज़ करेंगे वो भी सिंगुलर
- 4:35:15होना चाहिए। अगर ये सिंगुलर होना चाहिए तो
- 4:35:16हैव हमारे ऑप्शन में नहीं है। अच्छा हम
- 4:35:19पहले पढ़ रहे थे कि ये प्रेजेंट टेंस में
- 4:35:20है तो हैड भी नहीं होगा। वाज़ भी नहीं
- 4:35:22होगा। आंसर कौन सा होगा? इज होगा। बोलो
- 4:35:24समझे कि नहीं समझे? लिखा है इज एम्ड। इसका
- 4:35:27मकसद यह है इज़ एम्ड एट इनकरेजिंग डैश इन
- 4:35:30कोडगू। अब क्या होगा? हॉर्टिकल्चर को ये
- 4:35:33इनकरेज करेगा। एपीकल्चर को, एग्रीकल्चर
- 4:35:35को, सेरीकल्चर को। फिर से वही बात। अगर
- 4:35:37पहले आपने पूरा पैसेज पढ़ा है तो आपकी एक
- 4:35:40आपका आपको एक आईडिया डेवलप हो चुका है।
- 4:35:42आपको पता है पैसेज किसके बारे में है?
- 4:35:44पैसेज है हनी के बारे में। और हनी के जो
- 4:35:46भी जो भी पालन होता है उसको हम क्या कहते
- 4:35:48हैं? एपीकल्चर कहते हैं। तो आंसर क्या
- 4:35:49होगा? ऑप्शन नंबर बी। दूसरा साक्षात यहां
- 4:35:51पे आंसर दे दिया गया था कि ये क्या क्या
- 4:35:54करने के लिए किया जा रहा है? एपीकल्चर को
- 4:35:55बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है। तो
- 4:35:57आंसर क्या होगा? कोडग एंड व्यू ऑफ द
- 4:35:58वर्ल्ड वाइड डिमांड फॉर कुरघन। द फेस्टिवल
- 4:36:00इज डैश टू ब्रिंग टुगेदर। द फेस्टिवल इज
- 4:36:04डैश एक्सेप्टेड भैया एक्सेप्ट ई एक्स ई पी
- 4:36:07टी एक्सेप्ट इसका मतलब होता है के बिना।
- 4:36:09ये एक प्रेपजीिशन है।
- 4:36:12प्रेपजीिशन के लिए हम ई डी कहां से लगा
- 4:36:14सकते हैं? वर्ब में इडी लगता है। गलत है।
- 4:36:15ग्रामेटिकली इनकरेक्ट है। यहां देखना लिखा
- 4:36:17है कि सोफेस्टिकेटेड। सोफेस्टिकेटेड का
- 4:36:19मतलब होता है जो बहुत अच्छा नेचर का हो
- 4:36:22जिसके जिसकी मतलब बहुत ही स्वैब किस्म का
- 4:36:25बहुत ही अरबेन किस्म का कि जिसकी हरकतें
- 4:36:28हो तो सोफेस्टिकेटेड तो कॉन्टेक्स्ट नहीं
- 4:36:30बन रहा था इस फेस्टिवल को क्या किया जा
- 4:36:32रहा है सोफेस्टिकेटेड किया जा रहा है नहीं
- 4:36:33ऊपर से ये एडजेक्टिव है यहां पे हमें कोई
- 4:36:35वर्ब चाहिए द फेस्टिवल इज एक्सेप्टेड
- 4:36:38फेस्टिवल को एक्सेप्ट किया जा रहा है
- 4:36:39एक्सेप्ट का मतलब होता है किसी चीज को
- 4:36:41अपना लेना फेस्टिवल को अपनाया जा रहा है
- 4:36:43कि यह लोगों को साथ लेकर आएगा नहीं
- 4:36:46फेस्टिवल से उम्मीद की जा रही है ये सही
- 4:36:48है ना ईएक्स पी सिटी एक्सपेक्ट का मतलब
- 4:36:50होता है किसी चीज से उम्मीद करना तो
- 4:36:52फेस्टिवल से ये उम्मीद की जा रही है कि ये
- 4:36:55जो फेस्टिवल है ये लोगों को एक साथ लेकर
- 4:36:58आएगा सिर्फ उन लोगों को नहीं जो एपीकल्चर
- 4:37:00में इनवॉल्वड हैं बल्कि उन साइंटिस्ट को
- 4:37:02भी सोसाइटीज को भी और कंपनीज़ को भी जो डैश
- 4:37:05हैं हनी को प्रोड्यूस करने में जो
- 4:37:07कैप्टिवेटेड इन कैप्टिवेटेड का मतलब होता
- 4:37:10है बिल्कुल मंत्रमुग्ध हो जाना बिल्कुल खो
- 4:37:12जाना तो जो हनी प्रोड्यूस करने में खो गए
- 4:37:15हैं कोई सेंस है नहीं दूसरा कैप्टिवेटेड
- 4:37:18के बाद बाय लगता है इन नहीं तो ये
- 4:37:19ग्रामेटिकली इनकरेक्ट है। इनग्रोस्ड का
- 4:37:21मतलब होता है बिल्कुल किसी चीज के अंदर
- 4:37:23एकदम मटिया मेल हो जाना। बिल्कुल एकदम घुस
- 4:37:26जाना। ठीक है? इनवॉल्वड हो जाना
- 4:37:28कंप्लीटली। तो एनग्रोस्ड तो नहीं हो सकता।
- 4:37:31ठीक है? ये ये फिजिकली किसी चीज के अंदर
- 4:37:33घुसने के लिए नहीं यूज़ किया जाता।
- 4:37:35एनग्रोस्ड का मतलब होता है डीप थॉट में
- 4:37:38होना किसी चीज को लेके। तो प्रोड्यूसिंग
- 4:37:40हनी के लिए डीप थॉट तो सेंस नहीं बन रहा।
- 4:37:42हु आर कंपनीज़ इंगेज्ड इन। इंगेज्ज का मतलब
- 4:37:44है जो इसका बिजनेस करते हैं या जिनका
- 4:37:46प्रोफेशन है हनी से रिलेटेड हो सकता है हु
- 4:37:49आर रिलेटेड इन रिलेटेड के बाद इन नहीं आता
- 4:37:52भाई तो रिलेटेड के साथ इन नहीं लगेगा
- 4:37:53ग्रामेटिकली इनकरेक्ट है आंसर कौन सा होगा
- 4:37:55ऑप्शन नंबर सी राइट कुछ वर्ड्स देख लेते
- 4:37:59हैं वर्ड्स के पहले एक इंपॉर्टेंट बात अगर
- 4:38:02आपको ऐसा लगा कि ये पूरा का पूरा वीडियो
- 4:38:04देखकर कि मैं आपको कुछ कंट्रीब्यूट कर
- 4:38:06पाया आपके नॉलेज में और आप मुझे फॉलो कर
- 4:38:08रहे हो मेरे वीडियोस देख रहे हो पर
- 4:38:10सब्सक्राइब नहीं कर रहे आप सपोर्ट नहीं
- 4:38:12करोगे तो चैनल में अच्छे-अच्छे वीडियोस
- 4:38:14लाने में मुझे दिक्कत होगी। ठीक है?
- 4:38:15इसीलिए आप सबसे रिक्वेस्ट है कि चैनल को
- 4:38:17सब्सक्राइब जरूर कर लो। आपका सपोर्ट हमारे
- 4:38:20लिए फ्यूल का काम करता है। हमारे लिए
- 4:38:22मोटिवेशन का काम करता है। ऐसे आगे और
- 4:38:24अच्छे-अच्छे वीडियोस लेकर आएंगे। अभी प्री
- 4:38:26के वीडियोस चल रहे हैं। आगे मेंस के भी
- 4:38:27वीडियोस आएंगे। पर उसके लिए आपका सपोर्ट
- 4:38:29चाहिए। सपोर्ट कैसे कर सकते हो? सबसे पहले
- 4:38:31इस वीडियो को लाइक कर देना अगर आपको लगा
- 4:38:32कि वीडियो अच्छा था। ठीक है? कमेंट ड्रॉप
- 4:38:34कर देना। बता देना 25 में से कितने करेक्ट
- 4:38:36किए ताकि मुझे यह समझ में आए कि लेवल क्या
- 4:38:38रखना है। ठीक है? तीसरा चैनल को जरूर से
- 4:38:40सब्सक्राइब कर लेना अगर अभी तक नहीं किया
- 4:38:42है तो। चौथा अगर ऑलरेडी सब्सक्राइब्ड हो
- 4:38:45तो इसे जितना ज्यादा हो सके शेयर करना।
- 4:38:46जस्ट लाइब्रेरी में पढ़ते हो वहां शेयर
- 4:38:48करो। फैमिली में अगर कोई एस्पिरेंट है तो
- 4:38:50वहां शेयर करो। अगर कोई अलग एग्जाम जैसे
- 4:38:52कि सीडीएस, एनडीए, सीयूईटी इनके लिए
- 4:38:54प्रिपेयर करता है तो ये उनके लिए भी
- 4:38:55रिलेवेंट है। आप उनसे भी शेयर करो। ठीक
- 4:38:57है? आप जितना ज्यादा चैनल को सपोर्ट
- 4:38:59करोगे, मैं उतने अच्छे-अच्छे वीडियोस ला
- 4:39:00पाऊंगा। मुझे उतना काम करने का मोटिवेशन
- 4:39:02मिलेगा। ठीक है? तो आपसे रिक्वेस्ट है ये
- 4:39:04इसको गिव एंड टेक रखते हैं। मैं अपना
- 4:39:06पार्ट कर रहा हूं। आप अपना पार्ट करो। आ
- 4:39:08जाओ। अब कुछ वन वर्ड्स इसमें आए थे जो कि
- 4:39:10एसएससी ने बहुत बार पूछे हैं। जैसे सबसे
- 4:39:12पहले हॉर्टिकल्चर। हॉर्टिकल्चर साइंस के
- 4:39:14उस ब्रांच को कहते हैं जो पेड़ों से
- 4:39:16रिलेटेड होता है। बागबानी से रिलेटेड होता
- 4:39:18है। एपीकल्चर जो मधुमक्खियों से रिलेटेड
- 4:39:20होता है। ठीक है? सेरीकल्चर जो कि सिल्क
- 4:39:24वर्म से रिलेटेड होता है। ठीक है? जिसमें
- 4:39:26आपने देखो रेशम कीट का वगैरह का पालन किया
- 4:39:28जाता है उसको सेरीकल्चर कहते हैं।
- 4:39:29सोफेस्टिकेटेड का मतलब होता है बहुत ही
- 4:39:32ज्यादा परिपक्व जिसका रिफाइंड टेस्ट हो।
- 4:39:34कैप्टिवेटेड मैंने बता दिया मोहित होना।
- 4:39:35एनग्रॉस मतलब होता है किसी चीज में बहुत
- 4:39:37ज्यादा इनवॉल्वड होना। राइट? मैंने
- 4:39:40प्रीवियस वीडियो में कवर किया था। मैं
- 4:39:41यहां पे फिर से कवर करूंगा। हर क्लोज
- 4:39:43टेस्ट को बनाने का एक ही तरीका है कि आपको
- 4:39:45मिनिमम दो बार क्लोज टेस्ट को रीड करना
- 4:39:48पड़ेगा। आपको दो रीडिंग तो इसको देना
- 4:39:50पड़ेगा। पहले रीडिंग में हम सिर्फ और
- 4:39:53सिर्फ यह समझेंगे कि क्लोज टेस्ट का
- 4:39:55सब्जेक्ट क्या है? हमारे पैसेज का समरी
- 4:39:58क्या है? टोन नेगेटिव है या पॉजिटिव है।
- 4:40:01दूसरे रीडिंग में हम यह देखेंगे कि
- 4:40:03ब्लैंक्स क्या है? और उसको कैसे फिल अप
- 4:40:06किया जाता है। मतलब जब आप पहली बार क्लोज
- 4:40:08टेस्ट पढ़ रहे होंगे आप कभी भी क्वेश्चन
- 4:40:10सॉल्व करने का नजरिया मत रखना या आप
- 4:40:12क्वेश्चन सॉल्व करने को मत देखना। पहली
- 4:40:14बार आप जब भी पढ़ेंगे आप सिर्फ पैसेज को
- 4:40:16समझने के प्रयास समझने का प्रयास करना और
- 4:40:18समझने के इरादे से आप पैसेज को पढ़ेंगे।
- 4:40:21ठीक है? मैं अस्यूम कर रहा हूं यहां पे
- 4:40:23आपने ये वीडियो पॉज किया है और वीडियो पॉज
- 4:40:25कर कर आपने दो बार पढ़ लिया है। अब अगर
- 4:40:28आपने दो बार पढ़ लिया है तो मैं एक-एक
- 4:40:31करके लाइन बाय लाइन पूरे पैसेज को
- 4:40:32एक्सप्लेन कर रहा हूं। कहां क्या ऑप्शन
- 4:40:34होगा यह हम दूसरी बार में पढ़ेंगे। पहले
- 4:40:35हम सिर्फ पैसेज को समझेंगे। जो ऐसे बच्चे
- 4:40:37हैं जो इंग्लिश मीडियम के बच्चे नहीं हैं,
- 4:40:39वर्नाकुलर मीडियम से पढ़कर आए हैं। हिंदी
- 4:40:41करने में तकलीफ होती है। आगे की बातें
- 4:40:43बहुत ध्यान से सुनना। क्या लिखा हुआ है? द
- 4:40:45इंटरनेट हैज़ डैश रिशेप्ड द वे इंफॉर्मेशन
- 4:40:50इज एक्सेस्ड एंड शेयरर्ड। इंटरनेट ने
- 4:40:53रिशेप किया है वो तरीका जिससे इंफॉर्मेशन
- 4:40:57सूचना किसी तक पहुंच सकती है। एक्सेस ए
- 4:41:00सीसी ईएसएस एक्सेस मतलब होता है पहुंच। तो
- 4:41:04जैसे इंफॉर्मेशन की पहुंच है लोगों तक या
- 4:41:06जैसे इंफॉर्मेशन को शेयर किया जा रहा है
- 4:41:08इंटरनेट ने उसको रिशेप किया है। पहले जिस
- 4:41:11तरीके से चल रहा था अब उस तरीके से नहीं
- 4:41:13चल रहा है। विथ अ वास्ट अरे ऑफ वेबसाइट्स
- 4:41:16एंड सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स। अब जो
- 4:41:19वेबसाइट्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स
- 4:41:21हैं उनकी वैरायटी बहुत है। अरे का मतलब
- 4:41:23होता है वैरायटी। बहुत लार्ज नंबर में अब
- 4:41:25सोशल मीडिया के वेबसाइट्स हैं। सोशल
- 4:41:27मीडिया प्लेटफॉर्म्स हैं। इंडिविजुअल्स
- 4:41:29कैन डैश कनेक्ट विद अदर्स ग्लोबली।
- 4:41:32इंडिविजुअल्स मतलब कोई भी इंसान दूसरे
- 4:41:34इंसान से जो इस देश का ना हो, किसी और देश
- 4:41:36का हो, इस जगह का ना हो, किसी और जगह का
- 4:41:38हो, उससे डैश कनेक्ट कर सकता है। हाउएवर
- 4:41:42दिस डिजिटल एज आल्सो ब्रिंग्स डैश
- 4:41:45चैलेंजेस। लेकिन यह जो डिजिटल एज आया है,
- 4:41:48इसकी कुछ खूबियां तो हमने पहले दो लाइन
- 4:41:50में पढ़ी। इसके चैलेंजेस भी हैं। द
- 4:41:53स्प्रेड ऑफ मिस इनफेशन हैज़ बिकम अ डैश इशू
- 4:41:57एज फॉल्स कंटेंट कैन क्विकली गेन
- 4:42:00ट्रैक्शन। लिखा हुआ है ये जो मिसइफेशन
- 4:42:02फैलाई जा रही है ना ये एक बहुत डैश इशू बन
- 4:42:06चुका है। क्योंकि फॉल्स कंटेंट जो है ना
- 4:42:09वो बहुत जल्दी से अपनी पकड़ बनाता है।
- 4:42:11ट्रैक्शन मतलब होता है पकड़। ठीक है? तो
- 4:42:13जो फॉल्स इनेशन है ना वो बहुत तेजी से
- 4:42:16अपनी पकड़ बनाता है। ठीक है? इट इज
- 4:42:19एसेंशियल फॉर यूज़र्स। ये बहुत जरूरी है जो
- 4:42:21इस्तेमाल कर रहे हैं उनके लिए टू डैश असेस
- 4:42:24द क्रेडिबिलिटी ऑफ़ सोर्सेस बिफोर बिलीविंग
- 4:42:26एंड शेयरिंग इनेशन। ये बहुत जरूरी है उनके
- 4:42:29लिए जो ये इन टेक्नोलॉजी को यूज़ कर रहे
- 4:42:31हैं या जो इंफॉर्मेशनेशन है उसको यूज़ कर
- 4:42:34रहे हैं कि वो इस सोर्स के क्रेडिबिलिटी
- 4:42:36को पहले जांच लें। क्रेडिबिलिटी मतलब इस
- 4:42:39पे भरोसा किया जा सकता है कि नहीं किया जा
- 4:42:40सकता। केवल WhatsApp पे एक फॉरवर्ड आ गया,
- 4:42:42इंस्टा पे एक पोस्ट आ गया। इसका मतलब वो
- 4:42:45फैक्ट नहीं होता। मिसइफेशन फैलाई जाती है।
- 4:42:48उसके ऊपर यकीन करने से पहले जरूरी है कि
- 4:42:50एक बार फैक्ट चेक कर लिया जाए। इन दिस एरा
- 4:42:53ऑफ रैपिड डिसमिनेशन। डिसमिनेशन का मतलब
- 4:42:55होता है प्रचार प्रसार। जिन्हें नहीं पता
- 4:42:57लिखते जाएंगे। डिसमिनेशन का मतलब होता है
- 4:42:59प्रचार प्रसार। लिखा हुआ है ये जो युग है
- 4:43:01ये जो एरा है जिसमें बहुत तेजी से प्रचार
- 4:43:04प्रसार होता है। कल्टीवेटिंग मीडिया
- 4:43:06लिटरेसी इज़ ऑफ़ एटमोस्टेंस।
- 4:43:09लोगों के बारे में मीडिया को लेके मीडिया
- 4:43:11मतलब वो न्यूज़ वाला मीडिया नहीं मीडिया
- 4:43:12मतलब इंफॉर्मेशन जो इंफॉर्मेशन हम लोग
- 4:43:14सोशल मीडिया से एक दूसरे को ट्रांसफर करते
- 4:43:17हैं उसको लेके लिटरेसी उसको लेके जागरूकता
- 4:43:20सबसे ज्यादा जरूरी है एटमोस्ट का मतलब
- 4:43:23होता है जरूरी तो इस पैसेज का समरी क्या
- 4:43:27है देखो ये पैसेज जो है ये एक्चुअली सोशल
- 4:43:30मीडिया अवेयरनेस के बारे में है या इनेशन
- 4:43:32अवेयरनेस के बारे में है शुरुआत के जो दो
- 4:43:34लाइंस थे वो पॉजिटिव थे और उसके बाद
- 4:43:36चैलेंज की बात की गई है क्या चैलेंज है कि
- 4:43:37मिस इनफेशन बहुत तेजी से फैलता है। ये
- 4:43:40पूरा का पूरा पैसेज था और उसका हिंदी
- 4:43:42मैंने बता दिया। अब हम लोग आएंगे क्वेश्चन
- 4:43:44पर। जैसे-जैसे मैं स्लाइड्स आगे बढ़ाता
- 4:43:47जाऊंगा। आप वीडियो को पॉज करेंगे। अपना
- 4:43:49क्वेश्चन ट्राई करेंगे। फिर आप मुझे
- 4:43:51बताएंगे कि आपका कितना करेक्ट हुआ। कुल
- 4:43:53मिला के 40 क्वेश्चंस हैं। मतलब आठ क्लोज
- 4:43:55टेस्ट हम लोग इस वीडियो में देखने वाले
- 4:43:56हैं। आप मुझे बताएंगे आपका 40 में से
- 4:43:58कितना करेक्ट हुआ है और कौन सा कौन सा ऐसा
- 4:44:01था जिसमें आपको डाउट रहेगा। ठीक है? सबसे
- 4:44:04पहले द इंटरनेट हैज़ डैश रिशेप्ड द वे
- 4:44:07इंफॉर्मेशनेशन इज एक्सेस्ड एंड शेयर्ड।
- 4:44:10देखो पूरा पढ़ने का फायदा ये होता है ना कि
- 4:44:12आपको आगे का अंदाजा होता है कि किस टोन
- 4:44:14में जा रहा है पैसेज। मतलब ये पहला लाइन
- 4:44:17आगे जो माहौल बना रहा है वो माहौल किस तरफ
- 4:44:19जा रहा है। ये समझने में बहुत मदद करता
- 4:44:21है। अगर आपने पूरा पैसेज ठीक से पहली बार
- 4:44:23में पढ़ लिया है तो। हमने तो ठीक से पहली
- 4:44:25बार में पढ़ लिया है। तो यहां क्या लिखा
- 4:44:26हुआ है कि इंटरनेट जो है वो रीशेप करता
- 4:44:29है। इंटरनेट ने रीशेप किया है
- 4:44:31इंफॉर्मेशनेशन को जिसे एक्सेस और शेयर
- 4:44:33किया जा सकता है। कैसे रीशेप किया है?
- 4:44:36ओकेजनली रिशेप किया है, डिस्क्रीटली रीशेप
- 4:44:38किया है, ग्रेजुअली रिशेप किया है या
- 4:44:40सिग्निफिकेंटली रीशेप किया है। देखो पहले
- 4:44:42के जमाने में इंटरनेट नहीं था और आज के
- 4:44:45जमाने में जो इंटरनेट है आपको नहीं लगता
- 4:44:47कि दोनों में जमीन आसमान का फर्क है फर्क
- 4:44:49है। इसका मतलब ये है कि रीशेप बहुत ही
- 4:44:52मेजर तरीके से रीशेप किया है। इंटरनेट ने
- 4:44:54ना बिल्कुल आग लगा दी है अगर इनेशन शेयर
- 4:44:57करने की बात हो तो। तो हमें ऐसा कोई शब्द
- 4:44:59चाहिए जो कि यहां पे पॉजिटिव टोन दे उसको
- 4:45:03क्योंकि रिशेप किया गया और बहुत बेहतरीन
- 4:45:05तरीके से रिशेप किया गया तो कोई पॉजिटिव
- 4:45:07वाला वर्ड चाहिए। यहां लिखा हुआ है
- 4:45:09ओकेजनली कभी कभार रीशेप किया। इंटरनेट का
- 4:45:11मन किया कि हां चलो फैला देते हैं तो फैला
- 4:45:14दिया। ऐसा तो नहीं है। इंटरनेट ने बहुत
- 4:45:15तेजी से फैलाया है। ओकेजनली नहीं हो सकता।
- 4:45:18नेगेटिव टर्म था। डिस्क्रीट सोच समझ के
- 4:45:20बुद्धिमानी से इंटरनेट ने बहुत बुद्धिमानी
- 4:45:23से इंफॉर्मेशनेशन फैलाया है। बुद्धिमानी
- 4:45:25से फैलाया तो फिर मिस इनफेशन कैसे आ रहा
- 4:45:26है? यहां आगे मिस इनफार्मेशन की बात की गई
- 4:45:28है। इसका मतलब ये वाला आंसर तो नहीं हो
- 4:45:30सकता। ग्रेजुअली मतलब है धीरे-धीरे। हर 50
- 4:45:32साल में इंटरनेट धीरे-धीरे इवॉल्व हो रहा
- 4:45:34है। हर 50 साल में नहीं हर 50 घंटे में
- 4:45:36इन्वॉल्व हो रहा है। इवॉल्व हो रहा है।
- 4:45:38ठीक है? इसका ये मतलब है बहुत तेजी से हो
- 4:45:40रहा है ये। ठीक है? सो ग्रेजुअली नहीं
- 4:45:42होगा। ग्रेजुअल मतलब होता है धीरे-धीरे।
- 4:45:45सिग्निफिकेंटली मतलब होता है
- 4:45:46इंपॉर्टेंटली। महत्वपूर्ण। तो क्या लिखा
- 4:45:50हुआ है कि इंटरनेट ने इंफॉर्मेशनेशन को
- 4:45:52बहुत महत्वपूर्ण तरीके से रिशेप किया है।
- 4:45:54ये सही है ना? मेजरली रिशेप किया है। आंसर
- 4:45:57क्या होगा? ऑप्शन नंबर डी। मैं यह भी
- 4:45:58बताता चल रहा हूं। ऑप्शन क्यों नहीं होगा
- 4:46:00ताकि आपके डाउट्स ना रहे। आगे बढ़ेंगे।
- 4:46:03सेकंड नंबर आप वीडियो यहीं पे पॉज करेंगे।
- 4:46:04अपना आंसर ट्राई करेंगे। पैसेज आप सुन
- 4:46:06चुके हैं। मैं आंसर बता रहा हूं। विथ अ
- 4:46:08वास्ट एरे ऑफ़ वेबसाइट्स एंड सोशल मीडिया
- 4:46:09प्लेटफॉर्म्स जो कि वेबसाइट्स और सोशल
- 4:46:11मीडिया प्लेटफॉर्म्स बहुत आ गए हैं।
- 4:46:13इंडिविजुअल्स कैन डैश कनेक्ट विद अदर्स
- 4:46:15ग्लोबली। इंडिविजुअल्स जो है वो दूसरे से
- 4:46:18डैश कनेक्ट कर सकते हैं। कैसे कनेक्ट कर
- 4:46:20सकते हैं? अभी मैं यहां बैठ के अगर मेरा
- 4:46:22भाई लेट्स से यूएस में होता मैं उस पर
- 4:46:24WhatsApp से कनेक्ट हो सकता था। मैं उससे
- 4:46:26ईमेल से कनेक्ट हो सकता था। मैं और किसी
- 4:46:28सोशल मीडिया प्लेटफार्म से कनेक्ट हो सकता
- 4:46:29था। इसका मतलब बहुत इजी कनेक्शन है ना। तो
- 4:46:32हमें एक ऐसा वर्ड चाहिए जो इजी से
- 4:46:34मिलताजुलता हो कि बड़े आसानी से कनेक्ट हो
- 4:46:36सकते थे। पहला वर्ड है हेजिटेंटली।
- 4:46:38नेगेटिव टर्म है। हमें यहां पॉजिटिव टर्म
- 4:46:40चाहिए। और दूसरा हेजिटेंट मतलब होता है
- 4:46:42झिझक के साथ। तो क्या हम लोग सोशल मीडिया
- 4:46:44की मदद से दूसरे से बड़े झिझक के साथ
- 4:46:46कनेक्ट हो रहे हैं? नहीं जी। झिझक के साथ
- 4:46:48ही पीरियडिकली मतलब होता है कभी कभार
- 4:46:50आफ्टर अ पीरियड समय-समय पर कभी कबार
- 4:46:52रुक-रुक कर छोड़-छोड़ कर हम छोड़ छोड़कर
- 4:46:54कनेक्ट हो रहे हैं क्या नहीं अगला लिखा है
- 4:46:56सीमलेसली सीमलेसली का मतलब होता है
- 4:46:58स्विफ्टली बहुत ही आसानी से बहुत ही स्फ्ट
- 4:47:01तरीके से हम लोग उसके साथ कनेक्ट हो पा
- 4:47:03रहे हैं ये तो हमारा आंसर होना चाहिए अगला
- 4:47:05है स्केयर्सली मतलब है कभी कबभार नेगेटिव
- 4:47:07टर्म है कभी कबभार कनेक्ट होते हैं आंसर
- 4:47:08कौन सा होगा ऑप्शन नंबर सी आगे बढ़ेंगे
- 4:47:12तीसरा और फिर से पॉज करेंगे अपना आंसर
- 4:47:14ट्राई करेंगे हाउ एवर दिस डिजिटल एज आल्सो
- 4:47:17ब्रिंग्स डैश चैलेंजेस। लेकिन यह जो
- 4:47:21डिजिटल एज है, इसने डैश चैलेंजेस लेके आए
- 4:47:24हैं। इसने क्या चैलेंजेस लेके आए? या क्या
- 4:47:26भर सकते हो? या तो हम बोले बोले कि बड़े
- 4:47:28चैलेंजेस लेके आए या तो हम बोले कि बहुत
- 4:47:30सारे चैलेंजेस लेकर आए। ऐसा कुछ होना
- 4:47:33चाहिए। ठीक है? आ जाओ। मैं ये बता रहा हूं
- 4:47:35सोचा कैसे जाता है एग्जाम में। आप आंसर पे
- 4:47:37फोकस मत करना। आप ये देखो मैं आंसर तक
- 4:47:39पहुंचा कैसे? आपको वो आर्ट सीखना है कि
- 4:47:41आंसर तक पहुंचना कैसे है। मैं ढूंढ रहा
- 4:47:43हूं बड़े या बहुत सारे जैसा कोई वर्ड। यहां
- 4:47:45लिखा हुआ है एब्स्ट्रैक्ट चैलेंजेस।
- 4:47:46एब्स्ट्रैक्ट का मतलब होता है दैट डज नॉट
- 4:47:49हैव अ शेप। दैट डज नॉट हैव अ शेप। नहीं
- 4:47:54पता तो लिख लेना। जिसका कोई आकार ना हो।
- 4:47:57निराकार जिसे कहा जाता है। तो क्या
- 4:47:58निराकार चैलेंजेस लेके आया है हमारे लिए
- 4:48:01डिजिटल एड जिसका कोई आकार नहीं है। नहीं
- 4:48:03ये तो बहुत बेहूदा टर्म हो जाएगा। अगला
- 4:48:06बहुत इंट्रिगिंग चैलेंजेस लेके आया है।
- 4:48:08इंट्रिगिंग मतलब होता है इंटरेस्टिंग
- 4:48:09फैसनेटिंग। बहुत ही मजेदार चैलेंजेस लेके
- 4:48:12आया है। मजेदार चैलेंजेस नहीं।
- 4:48:15अगला न्यूमरस चैलेंजेस लेकर आए। न्यूमरस
- 4:48:17मतलब होता है बहुत सारे। बहुत सारे
- 4:48:18चैलेंजेस हमारे लिए यह लेकर आया है। यह
- 4:48:20आंसर हो सकता है। अगला है इरिलवेंट।
- 4:48:23इरिलेवेंट मतलब होता है जिसका कोई मतलब ही
- 4:48:25ना हो। जिसका कोई रिलेशन ना हो। मतलब ऐसे
- 4:48:30चैलेंजेस लेके आया है जिसका कोई रिलेशन
- 4:48:32नहीं है हमसे। ऐसी बात है क्या? मिसइफेशन
- 4:48:35का रिलेशन नहीं है क्या हमारे साथ?
- 4:48:36बिल्कुल है। दंगे हो जाते हैं मिसइफेशन
- 4:48:38से। इसका मतलब आंसर क्या होगा? ऑप्शन नंबर
- 4:48:40सी। बहुत ज्यादा चैलेंजेस लेकर आया। अगला
- 4:48:42द स्पिरिट ऑफ मिसइफेशन हैज़ बिकम अ डैश
- 4:48:46इशू। लिखा हुआ है मिसइफेशन का जो फैलना है
- 4:48:49ये हमारे लिए एक डैश इशू बनकर आया है। एज
- 4:48:52फॉल्स कंटेंट कैन क्विकली गेन ट्रैक्शन।
- 4:48:55क्योंकि फॉल्स कंटेंट जो है ये बहुत ही
- 4:48:58ज्यादा
- 4:49:00तेजी से फैल सकता है या अपनी पकड़ मजबूत
- 4:49:02कर सकता है। ठीक है? यहां पर मैं एक बात
- 4:49:04आपको बताता हूं। बहुत सारे बड़े-बड़े
- 4:49:06यूटर्स को मैंने बोलते हुए सुना है या
- 4:49:07इनफ्लुएंसर इन्फ्लुएंसर्स को मैंने बोलते
- 4:49:09हुए सुना है कि मेरा कंटेंट अच्छा है।
- 4:49:12मेरा कंटेंट अच्छा है।
- 4:49:15एक्चुअली कंटेंट नहीं होता। कंटेंट होता
- 4:49:19है। कंटेंट अलग वर्ड है इंग्लिश में जिसका
- 4:49:22मतलब होता है सेटिस्फाइड। जैसे कि आई एम
- 4:49:25कंटेंट विद माय कंटेंट। मैं सेटिस्फाइड
- 4:49:28हूं जो चीजें जो इनेशन मैं प्रोवाइड कर
- 4:49:30रहा हूं उससे। सो जो वीडियो आप बनाते हो,
- 4:49:34जो इंफॉर्मेशन आप देते हो, जो नॉलेज आप
- 4:49:36देते हो, उसे कंटेंट कहा जाता है। कंटेंट
- 4:49:39नहीं। मैंने बहुत सारे लोगों को सुना है
- 4:49:41कि ये कंटेंट डिजाइनर है। ये कंटेंट मेकर
- 4:49:44है। कंटेंट मेकर नहीं होता। कंटेंट मेकर
- 4:49:46होता है। कंटेंट मेकर मतलब ऐसा मेकर जो
- 4:49:48संतुष्ट हो चुका है। ठीक है? तो इसका
- 4:49:50प्रोनंसिएशन सही रखना। दोनों अलग-अलग टर्म
- 4:49:52है। कंटेंट अलग है, कंटेंट अलग है। अब से
- 4:49:55अगर कोई आपके सामने बोले कि तुम कंटेंट
- 4:49:57डिजाइनर हो, कंटेंट इन्फ्लुएंसरर हो।
- 4:49:59बोलना नहीं मैं कंटेंट इनफ्लुएंसरर हूं।
- 4:50:01पैसे आ जाएंगे तो कंटेंट भी हो जाऊंगा।
- 4:50:04ठीक है? एनीवेज द स्प्रेड ऑफ़ मिस इनफेशन
- 4:50:07हैज़ अ डैश इशू। ये एक इसका ये एक बहुत ही
- 4:50:11डैश इशू है। अच्छा डैश इशू का मतलब क्या
- 4:50:14होगा? ये कैसा इशू है? क्योंकि बहुत तेजी
- 4:50:16से फैलता है। आगे लाइन में एक्सप्लेन भी
- 4:50:17किया हुआ है क्योंकि ये बहुत तेजी से
- 4:50:18फैलता है। इसलिए वो डैश इशू है। तो क्या
- 4:50:21इशू होगा? यह बहुत ही डेंजरस इशू है। ये
- 4:50:24बहुत ही मेजर इशू है। ये बहुत ही अर्जेंट
- 4:50:27इशू है। ऐसा कोई वर्ड होना चाहिए ना? मैं
- 4:50:30यहां लिख के दिखा रहा हूं। ये चीज़ आपको
- 4:50:31दिमाग में सोचनी है कि क्या हो सकता है?
- 4:50:32ऐसा ही कोई वर्ड होगा। डेंजरस इशू, मेजर
- 4:50:34इशू, अर्जेंट इशू। ऐसा ही कुछ होना चाहिए।
- 4:50:36पहला वर्ड है डोरेंट इशू। डोरमेंट का मतलब
- 4:50:39होता है निष्क्रिय। आपने सुना है कभी के
- 4:50:42अका अकाउंट बैंक का डोरमेंट हो गया।
- 4:50:44डोरमेंट अकाउंट का मतलब होता है जिसमें
- 4:50:46आपने सालों साल पैसे नहीं जमा किए। सालों
- 4:50:49साल पैसे नहीं निकाले तो वो निष्क्रिय हो
- 4:50:51गया। अब यूज़ में नहीं है। तो यहां पे क्या
- 4:50:54है? ये जो मिसइफेशन जो फैल रहा है ना वो
- 4:50:57ऐसा इशू है जो निष्क्रिय है। ये तो गलत
- 4:51:00है। निष्क्रिय इशू है तब तो अच्छी बात है
- 4:51:02ना। पर एक्चुअली वो निष्क्रिय इशू नहीं
- 4:51:04है। इसका उल्टा होना चाहिए था यहां पे।
- 4:51:06अगला वर्ड है प्रेसिंग इशू। प्रेसिंग का
- 4:51:08मतलब क्या होता है? प्रेसिंग का मतलब होता
- 4:51:10है अर्जेंट।
- 4:51:12कोई ऐसी चीज जिसको इमीडिएटली डील करना
- 4:51:15बहुत जरूरी है। उसको प्रेसिंग इशू कहा
- 4:51:18जाता है। आपने बहुत बार सुना होगा
- 4:51:19न्यूज़पेपर में पढ़ा होगा कि ये एक
- 4:51:21प्रेसिंग इशू है। जैसे बहुत तेज बारिश हो
- 4:51:25रही है। बहुत सारे इंडियन स्टेट्स में
- 4:51:26बाढ़ आने की संभावना है। तो सारे चीफ
- 4:51:29मिनिस्टर क्या कर रहे हैं कि प्राइम
- 4:51:30मिनिस्टर से रिक्वेस्ट कर रहे हैं कि
- 4:51:31प्लीज इसके ऊपर ध्यान दीजिए। ये बड़ा
- 4:51:33प्रेसिंग इशू है। प्रेसिंग का मतलब ऐसी
- 4:51:35कोई चीज जिसको अभी सॉर्ट आउट करना जरूरी
- 4:51:37है। प्रेसिंग इशू है। यहां तो ठीक लग रहा
- 4:51:39है प्रेसिंग इशू जैसा कुछ होना चाहिए।
- 4:51:41अगला वर्ड है सूदिंग। सूदिंग मैंने पहले
- 4:51:43भी अपने सिनोनिम वाले वीडियो में कवर किया
- 4:51:45था। सूदिंग का मतलब होता है शांत। तो मिस
- 4:51:47इनफेशन का फैलना एक बहुत ही शांत इशू है।
- 4:51:49शांत इशू है तो प्रॉब्लम क्या है? गलत है
- 4:51:51ये वाला। बहुत ही नेगिजिबल इशू है। बहुत
- 4:51:54ही छोटा इशू है ये। गलत है। आंसर क्या
- 4:51:56होगा? बहुत ही प्रेसिंग इशू। नेक्स्ट इट
- 4:51:59इज़ एसेंशियल फॉर यूज़र्स टू डैश असेस द
- 4:52:02क्रेडिबिलिटी ऑफ़ सोर्सेस। ये जरूरी है
- 4:52:04यूज़र्स के लिए कि कहां से इनेशन आ रहा है।
- 4:52:07वो उसको चेक करें। क्या इंफॉर्मेशन सही है
- 4:52:10या नहीं है वो उसको चेक करें। तो कैसे चेक
- 4:52:13किया जाएगा? यहां पे हमें एक एडवर्ब चाहिए
- 4:52:15जो असेस वर्ड के लिए आएगा। कैसे असेस करना
- 4:52:17जरूरी है? कैसे असेस करना जरूरी है इनफेशन
- 4:52:19को? बहुत ही ईमानदारी से असेस करना जरूरी
- 4:52:21है। ऑनेस्टली जैसा कोई वर्ड होना चाहिए।
- 4:52:23बहुत ही ध्यान से ध्यानपूक असेस करना
- 4:52:26जरूरी है। ऐसा कोई वर्ड होना चाहिए। ये सब
- 4:52:28आपको दिमाग में सोचना है कि ऐसा कोई वर्ड
- 4:52:30यहां पे होना चाहिए। आ जाओ। पहला वर्ड है
- 4:52:32मिटिकुलसली। मिटिकुलसली का मतलब होता है
- 4:52:34समथिंग दैट इज़ चेक्ड इन डिटेल्स। कोई ऐसी
- 4:52:37चीज जिसको बहुत ही ध्यान रख के छोटी-छोटी
- 4:52:40चीज को भी मायने देकर जब किसी चीज को का
- 4:52:43किया जाए उसको मिटिकुलसली कहा जाता है। तो
- 4:52:46यहां पे अगर मैं बोलूं कि जो भी
- 4:52:48इंफॉर्मेशन आप माफ़ कीजिएगा आपको मिल रहा
- 4:52:50है उसको मिटिकुलसली चेक करना जरूरी है। तो
- 4:52:52ये बात तो बिल्कुल ठीक है। डिटेल्स में
- 4:52:54चेक करना जरूरी है। अगला वर्ड है
- 4:52:55इंपल्सिवली। इंपल्सिवली का मतलब होता है
- 4:52:58जो आपको महसूस हुआ अपने आवेग में आकर आवेग
- 4:53:02पूर्ण। मतलब आपको गुस्सा आ गया तो गुस्से
- 4:53:05से आपने काम कर दिया। ठीक है? आपका मन कर
- 4:53:08गया आपने काम कर दिया। इसको इंपल्सिवली
- 4:53:10कहते हैं। इंपल्स आपके अंदर से आता है और
- 4:53:12आपको जो महसूस होता है आप वो कर देते हैं।
- 4:53:15कभी-कभी ऐसे लोगों से आप मिलो या आप भी
- 4:53:16ऐसे लोग होंगे जो जिनको गुस्सा आया
- 4:53:19उन्होंने कुछ गलत हरकत कर दी। बाद में
- 4:53:20बहुत अफसोस हो रहा है। क्योंकि आपने
- 4:53:21इंपल्सिवली एक्ट किया था। आपने सोच समझ के
- 4:53:23एक्ट नहीं किया था। तो नासमझी से एक्ट
- 4:53:25करना इस कॉल्ड इंपल्सिवली। तो क्या नासमझी
- 4:53:28से चेक करना होता है इनफेशन को? ना जी
- 4:53:30नासमझी से नहीं। हेजिटेंटली का मतलब होता
- 4:53:32है झिझक के साथ। आपका बहुत जरूरी है झिझक
- 4:53:35के साथ इनेशन को चेक करना। झिझक के साथ
- 4:53:37क्यों चेक करेंगे? रिलक्टेंटली दोनों
- 4:53:39सिनोनिम है। झिझक के साथ आंसर क्या होगा?
- 4:53:41मिटिकुलसली। बहुत ही डिटेल्ड में चेक करना
- 4:53:44कि जो इनेशन है वो सही है या नहीं है।
- 4:53:47उम्मीद करता हूं ये पूरा पैसेज आपको समझ
- 4:53:50में आया। मैं बढूंगा पैसेज नंबर टू की
- 4:53:51तरफ। फिर से वही चीज आप वीडियो को पॉज
- 4:53:54करेंगे। वीडियो को ट्राई करेंगे। मैं बता
- 4:53:56रहा हूं इसका आंसर क्या है। लिखा है
- 4:53:58विजयनगर और सिटी ऑफ विक्ट्री वास द डैश ऑफ
- 4:54:00बोथ अ सिटी एंड एन एंपायर। विजयनगर जिसको
- 4:54:03सिटी ऑफ विक्ट्री भी कहते हैं। वो डैश था
- 4:54:06एक शहर भी और एक एंपायर भी। द एंपायर वाज़
- 4:54:11डैश इन द 14थ सेंचुरी। एंपायर जो था उसे
- 4:54:13डैश किया गया था 14वीं शताब्दी में। इन
- 4:54:15इट्स हे डे। हे डे का मतलब होता है अच्छे
- 4:54:18दिन।
- 4:54:20ठीक है? अच्छे दिन।
- 4:54:22जिसका मतलब है जब कोई चीज बहुत सक्सेसफुल
- 4:54:24हो रही हो तो इन इट्स हे डे इट डैश फ्रॉम
- 4:54:27द फ्रॉम द रिवर कृष्णा इन द नॉर्थ टू द
- 4:54:29एक्सट्रीम साउथ ऑफ पेनिनसुला लिखा हुआ है
- 4:54:31कि अपने अच्छे दिनों में ये डैश था कृष्णा
- 4:54:34नदी से लेकर जो दक्षिण में जो पेनिनसुला
- 4:54:38था वहां तक इन 1565 द सिटी वाज़ सैट सैट का
- 4:54:42मतलब होता है अटैक करना या खत्म कर देना
- 4:54:441565 में सिटी को अटैक किया गया एंड डैश
- 4:54:47डेजर्टेड डेजर्ट का मतलब होता है त्याग
- 4:54:49देना 1565 में इसे अटैक किया गया और डैश
- 4:54:53त्याग दिया गया। ऑलदो इट फिल इनू रन इन द
- 4:54:5717थ 18 सेंचुरीज़। हालांकि इसके जो खंडर थे
- 4:55:00वो उन्हें गिराया गया या खंडर भी खत्म हो
- 4:55:03गया 17वीं 18वीं शताब्दी में। इट लिव्ड ऑन
- 4:55:06इन द मेमोरीज ऑफ पीपल लिविंग इन द कृष्णा
- 4:55:08तुंगभद्रा डोआब। लिखा हुआ है कि जो लोग
- 4:55:10कृष्णा तुंगभद्रा के आसपास में रहते थे।
- 4:55:12उन नदियों के आसपास में रहते थे। ये मतलब
- 4:55:15जो विजयनगर एंपायर है ये उनके याददाश्त
- 4:55:17में रह गया। ये उनके याद में हमेशा रह
- 4:55:19गया। दे रिमेंबर्ड इट एज हम्पी। यह उनको
- 4:55:23हम्पी के नाम से याद रह गया। एक नाम जो कि
- 4:55:27फ्रॉम दैट ऑफ लोकल मदर गॉडेस्ट पंपा देवी।
- 4:55:30एक नाम जो कि डैश किया गया था जो वहां की
- 4:55:33लोकल माता थी देवी थी पंपा देवी उनके नाम
- 4:55:36पर। क्या समझा हमने पैसेज पढ़ के? कि ये
- 4:55:40एक विजयनगर एंपायर के बारे में है। पैसेज
- 4:55:42का टोन क्या है? पैसेज का टोन नेगेटिव है
- 4:55:44क्योंकि एक एंपायर था जिसके गिरने की बात
- 4:55:46की गई है। कब वो खत्म हुआ ये बात की गई है
- 4:55:48और कैसे लोगों को याद है ये बात की गई है।
- 4:55:50ठीक है? तो पैसेज का अगर कोई टोन पूछे तो
- 4:55:52टोन इसका नेगेटिव है और ये पैसेज क्या है?
- 4:55:54एक्सप्लेनेटरी पैसेज है जिसमें एक्सप्लेन
- 4:55:56किया गया है किसके बारे में? एक एंपायर के
- 4:55:59बारे में जिसका नाम क्या था? विजयनगर
- 4:56:00एंपायर था। ठीक है? अब हम आ जाएंगे इसके
- 4:56:02पैसेज पे और हम ये देखेंगे इसको कैसे हम
- 4:56:05लोग फिल अप कर सकते थे। विजयनगर और सिटी
- 4:56:08ऑफ़ विक्ट्री वाज़ द डैश ऑफ बोथ अ सिटी एंड
- 4:56:11एन एंपायर। विजयनगर जो कि जिसे सिटी ऑफ
- 4:56:13विक्ट्री भी कहा जाता है वो डैश था एक शहर
- 4:56:16का भी और एक एंपायर का भी वो क्या था वो
- 4:56:19लेबल था वो साइन था वो नेम था वो मार्क था
- 4:56:22एक बच्चा भी बता देगा वो नाम था कोई चिन्ह
- 4:56:24तो था नहीं तो मार्क कोई हस्ताक्षर नहीं
- 4:56:26था तो साइन कोई लेबल लेबल मतलब होता है
- 4:56:29ब्रांड वो भी तो नहीं था ये क्या था ये
- 4:56:31नाम था विजयनगर या सिटी ऑफ़ विक्ट्री एक
- 4:56:33नाम था किसका नाम था एक शहर का भी और एक
- 4:56:36एंपायर का भी द एंपायर वाज़ डैश इन द 14थ
- 4:56:39सेंचुरी मैं उम्मीद करता हूं आप यहां पे
- 4:56:41पॉज करके ट्राई कर रहे हैं। द एंपायर वाज़
- 4:56:42डैश इन द 14थ सेंचुरी। अच्छा सोचो 14th
- 4:56:45सेंचुरी में एंपायर को क्या किया जाएगा?
- 4:56:47आगे क्यों आगे पढ़ना होता है? हमने आगे
- 4:56:49पढ़ा 17th और 18थ सेंचुरी में ये खत्म भी
- 4:56:51हो गया। 1565 में इस पे आक्रमण भी हो गया।
- 4:56:54तो 14वीं शताब्दी में क्या किया? क्या
- 4:56:55क्या हुआ होगा इसके साथ? ये एस्टैब्लिश
- 4:56:57किया गया होगा। राइट? इसका निर्माण किया
- 4:57:00गया होगा। ऑप्शन देखो। इट वाज़ फाउंडेड इन
- 4:57:03एंपायर को फाउंड किया जाता है। बिल्कुल
- 4:57:05ठीक लग रहा है। इट वाज़ डिस्कवर्ड इन।
- 4:57:06डिस्कवर का मतलब होता है जो चीज पहले इस
- 4:57:08दुनिया में थी बस उसे ढूंढ के निकाला गया।
- 4:57:11तो क्या पहले विजयनगर एंपायर था? नहीं।
- 4:57:13एंपायर को या शहर को बसाया जाता है ना तो
- 4:57:16पहले से थोड़ी था। इट वास इंप्लांटेड।
- 4:57:19कहीं से लाकर इसे डाल दिया गया। इंप्लांट
- 4:57:21का मतलब होता है बाहर की चीज को किसी चीज
- 4:57:23के अंदर डालना। जैसे बहुत सारे ऐसे ऑपरेशन
- 4:57:26होते हैं ना जिसमें इंप्लांट किया जाता है
- 4:57:27बॉडी में। डिफरेंट ऑर्गन्स इंप्लांट किए
- 4:57:29जाते हैं तो बाहर से कहीं से लाकर उसके
- 4:57:31अंदर डाल दिए जाते हैं। तो सिटी को
- 4:57:32इंप्लांट थोड़ी ना कर सकते हैं। अच्छा
- 4:57:34सिटी कभी शुरू होता है क्या? तो आंसर क्या
- 4:57:37होगा? फाउंडेड एंपायर को फाउंड किया जाता
- 4:57:39है या सिटी को फाउंड किया जाता है? ठीक
- 4:57:41है? अगला इन इट्स हेड डे इट डैश फ्रॉम द
- 4:57:45रिवर कृष्णा टू न द नॉर्थ टू द एक्सट्रीम
- 4:57:48साउथ। इस लाइन को बहुत ध्यान से पढ़ना। इन
- 4:57:49द नॉर्थ टू द साउथ। क्या बताया जा रहा है
- 4:57:52कि अपने अच्छे दिनों में अच्छा अच्छे
- 4:57:53दिनों में एक एंपायर क्या होगा? फैलेगा।
- 4:57:56नॉर्थ से ले साउथ तक हर तरफ यह एंपायर डैश
- 4:58:00था। तो एंपायर क्या होगा? एंपायर फैला हुआ
- 4:58:02होगा। अच्छे दिनों में कोई भी एंपायर बहुत
- 4:58:05फैला हुआ होता है। इसका मतलब यह है यहां
- 4:58:08पे ऐसा कोई वर्ड चाहिए जो कि फैला हुआ का
- 4:58:10सेंस दे रहा हो। तो लिखा हुआ है इन इट्स
- 4:58:12हेड इट स्टार्टेड फ्रॉम ये शुरू हुआ था
- 4:58:14कृष्णा से और एक्सट्रीम साउथ तक। शुरू हुआ
- 4:58:18था। नहीं ये फैला हुआ था। स्ट्रेच का मतलब
- 4:58:21होता है फैला हुआ होना। कि यह फैला हुआ था
- 4:58:23कृष्णा से ले कहां तक? यह पेनिनसुला साउथ
- 4:58:26तक। ये तो ठीक लग रहा है। स्ट्रेन का मतलब
- 4:58:29होता है खिंचाव। ये खींचा हुआ था नॉर्थ से
- 4:58:33लेके साउथ तक। गलत है। मैग्नीिफाइड किसी
- 4:58:36चीज को बड़ा कर देना। तो क्या कह रहे हैं
- 4:58:38कि ये बड़ा किया था रिवर कृष्णा से लेके
- 4:58:41साउथर्न पेनसुला तक। क्या बड़ा किया था?
- 4:58:43गलत है। ये फैला हुआ था। सही आंसर है।
- 4:58:46नेक्स्ट। इन 1565 द सिटी वाज़ सैड। 1565
- 4:58:50में सिटी को के ऊपर आक्रमण किया गया। एंड
- 4:58:52डैश डेजर्टेड। अच्छा आक्रमण किया गया होगा
- 4:58:54तो सिटी बर्बाद हो गया होगा। उसके बाद
- 4:58:56क्या किया गया? डेजर्ट किया गया। डेजर्ट
- 4:58:58मतलब उसे त्याग दिया गया। सब्सिक्वेंटली
- 4:59:00का मतलब होता है बाद में जिसको हम कहते
- 4:59:03हैं आगे चलकर। ठीक है? अगला वर्ड है अ
- 4:59:06एक्सीडेंटली मतलब गलती से प्रेजेंटली अभी
- 4:59:11प्रीवियसली पहले। बिठा के देखते हैं। 1565
- 4:59:13में सिटी के ऊपर अटैक किया गया और बाद में
- 4:59:15इसे खाली भी कर दिया गया। सेंस बन रहा है।
- 4:59:181565 में सिटी के ऊपर अटैक किया गया और
- 4:59:20गलती से इसे खाली कर दिया गया और आज भी आज
- 4:59:24इसे खाली कर दिया गया। आज कहां से 1565
- 4:59:26में बोला गया है कि ये अटैक हुआ था। 16
- 4:59:2917वीं शताब्दी में इसके मलबे भी ढह गए थे।
- 4:59:31तो प्रेजेंटली कैसे होगा? 1565 में अटैक
- 4:59:35किया गया और उसके पहले ही खाली कर दिया
- 4:59:36गया था। अटैक के पहले कोई शहर क्यों खाली
- 4:59:38करेगा? आंसर क्या है? ए नंबर कि पहले अटैक
- 4:59:41हुआ और बाद में इसे खाली भी कर दिया गया।
- 4:59:44अगला दे रिमेंबर इट एज हम्पी। यह लोग उसे
- 4:59:48हम्पी से याद रखते हैं। यह हम्पी एक ऐसा
- 4:59:50नाम है जो कि वहां की जो लोकल मदर थी,
- 4:59:52गॉडेस थी, देवी थी पंपा देवी उनके नाम पे
- 4:59:54पड़ा है। सो किसी के नाम पे कुछ पढ़ना उसके
- 4:59:58लिए क्या यूज़ किया जाता है? दे रिमेंबर इज़
- 4:59:59अ हम्पी अ नेम डिराइव्ड फ्रॉम डिज़ फ्रॉम
- 5:00:03नाम को कभी डिज़ाइन कर सकते हैं क्या? नाम
- 5:00:05को कलेक्ट किया जा सकता है क्या? नाम को
- 5:00:07बाहर निकाला। एक्सट्रैक्ट मतलब होता है
- 5:00:09किसी चीज से बाहर निकालना। क्या बाहर
- 5:00:10निकाला जाएगा? नहीं। डिराइव किया जाएगा।
- 5:00:13नाम को डिराइव किया जाता है। मतलब नाम की
- 5:00:15उत्पत्ति होती है। उत्पत्ति होती है। तो
- 5:00:18इसकी उत्पत्ति कहां से हुई थी? पंपा देवी
- 5:00:20के नाम से जो कि वहां की लोकल गॉडेस थी।
- 5:00:22तो आंसर क्या होगा? 10 का ए। नेक्स्ट फिर
- 5:00:26से पढ़ेंगे।
- 5:00:28मैं उम्मीद करता हूं आपने इसे दो बार पढ़
- 5:00:30लिया। मैं हिंदी बता रहा हूं। चिल्ड्रन
- 5:00:32वर्किंग इन हज़ार्डस इंडस्ट्रीज आर डैश टू
- 5:00:35डेबिलिटेटिंग। डेबिलिटेटिंग का मतलब होता
- 5:00:37है कोई ऐसी चीज जो धीरे-धीरे आपको कमजोर
- 5:00:40कर दे। कमजोर करने वाली। तो लिखा हुआ है
- 5:00:42कि ऐसे बच्चे जो कि खतरनाक हज़ार्डस मतलब
- 5:00:45खतरनाक डेंजरस ये सिनोनिम में भी पूछा था
- 5:00:47सीएचएसएल में तो ऐसे बच्चे जो कि डेंजरस
- 5:00:50इंडस्ट्रीज में काम कर रहे हैं वो डैश है
- 5:00:54बीमारियों से जो बीमारियां उनको कमजोर कर
- 5:00:56देंगे व्हिच कैन क्रिपल देम फॉर लाइफ वो
- 5:00:58उनको जिंदगी भर के लिए अपंग कर सकते हैं
- 5:01:01तो लिखा हुआ है कि बच्चे जो कि खतरनाक
- 5:01:04इंडस्ट्रीज में काम करते हैं वो बहुत डैश
- 5:01:06है ऐसी बीमारियों के लिए जो उन्हें जिंदगी
- 5:01:09भर के लिए क्रिपल कर देगा जिंदगी भर के
- 5:01:11लिए अपंग कर देगा। बाय सिंग इन क्रम्ड।
- 5:01:14क्रैंप का मतलब होता है बहुत छोटा जहां
- 5:01:16हाथ पैर फैलाने की भी जगह ना हो। तो लिखा
- 5:01:18हुआ है कि जब जब वो बहुत छोटे से गीले
- 5:01:21अनहाइजीनिक स्पसेस में बैठते हैं देयर
- 5:01:23लिम्स बिकम डिफॉर्म्ड फॉर लाइफ। उनके उनके
- 5:01:26जो लिंब्स होते हैं, उनके जो अंग होते हैं
- 5:01:28बॉडी के वो पूरे के पूरे लाइफ के लिए
- 5:01:30डिफ्ड हो जाते हैं। आपने देखा होगा बहुत
- 5:01:33सारे ऐसे बच्चे जो कि किसी बंद जगह पे
- 5:01:35बहुत सालों तक काम कर रहे हैं वो झुक जाते
- 5:01:37हैं। उनकी रीड की हड्डी टेढ़ी हो जाती है।
- 5:01:38क्योंकि वो हमेशा से ऐसे बैठे हैं।
- 5:01:40घंटोंघंटों ऐसे बैठे रहते हैं। इनसाइड द
- 5:01:43मैच स्टिक फायरवक्स एंड ग्लास इंडस्ट्रीज।
- 5:01:45माचिस बनाने की इंडस्ट्रीज में या पटाखे
- 5:01:47बनाने की इंडस्ट्रीज में या कांच से किया
- 5:01:49गया काम की इंडस्ट्रीज में दे आर डैश ऑफ़
- 5:01:51ब्रोंकियल डिजीज एंड टीबी। वो डैश है कि
- 5:01:55उन्हें सांस से रिलेटेड ब्रोंकियल मतलब
- 5:01:57होता है सांस से रिलेटेड सांस से रिलेटेड
- 5:01:58बीमारियां हो जाए या टीबी हो जाए उनको
- 5:02:01देयर मेंटल एंड फिजिकल डेवलपमेंट इज
- 5:02:03परमानेंटली डैश बाय लॉन्ग आवर्स ऑफ़ वर्क
- 5:02:06उनका मेंटल और फिजिकल जो डेवलपमेंट है ना
- 5:02:08वो परमानेंटली डैश हो जाता है क्योंकि
- 5:02:09घंटोंघंटों उन्हें काम करना पड़ता है। वंस
- 5:02:12डैश दे कांट गेट आउट ऑफ दिस विशियस स ऑफ़
- 5:02:15पॉवर्टी। एक बार डैश हो जाए फिर वो ये जो
- 5:02:17खतरनाक साइकिल है ना गरीबी का इससे वो
- 5:02:20बाहर नहीं निकल पाते। दे डैश अनएजुकेटेड
- 5:02:23एंड पावरलेस। वो डैश होते हैं। अन
- 5:02:25एजुकेटेड मतलब अनपढ़ रह जाते हैं और
- 5:02:28पावरलेस हो जाते हैं। उनके कोई शक्तियां
- 5:02:30नहीं बचती।ेंट हो जाते हैं वो। आ जाओ भाई।
- 5:02:33अब हम पैसेज में फिल अप करेंगे। लिखा है
- 5:02:36चिल्ड्रन वर्किंग इन हज़ार्डस इंडस्ट्रीज
- 5:02:38आर डैश टू डिबेिलिटेटिंग डिजीज। मतलब उन
- 5:02:41बहुत चांसेस हैं। कहना क्या चाह रहा है कि
- 5:02:43उन्हें बहुत चांसेस हैं कि वैसे बच्चे जो
- 5:02:45डेंजरस इंडस्ट्रीज में काम कर रहे हैं वो
- 5:02:48हमेशा पूरे लाइफ वो लोग अपंग रह जाएंगे।
- 5:02:51सो चिल्ड्रन वर्किंग इन हज़ार्डस
- 5:02:53इंडस्ट्रीज आर डैश टू डिबिलिटेटिंग आर
- 5:02:55डिटरमाइंड टू क्या वो दृढ़ निश्चय है कि वो
- 5:02:58हो जाएंगे? नहीं। आर क्वेश्चननेबल टू मतलब
- 5:03:01वो सवाल कर रहे हैं। यह तो कोई सेंस ही
- 5:03:04नहीं बनता। आर प्रोन टू प्रोन का मतलब
- 5:03:06होता है किसी चीज के लिए वलनेरेबल होना
- 5:03:09जिसे नुकसान पहुंचाया जा सकता है। तो क्या
- 5:03:12लिखा हुआ है कि आर प्रोन टू लाइकली टू बी
- 5:03:14अफेक्टेड जिसे कहा जाता है लाइकली टू बी
- 5:03:17अफेक्टेड। बहुत हाई चांसेस है कि ये
- 5:03:19अफेक्ट हो जाएंगे। तो सेंस तो यही बन रहा
- 5:03:21है कि वैसे बच्चे जो हज़ार्डर्स इंडस्ट्रीज
- 5:03:23में काम कर रहे थे उन्हें बहुत हाई चांसेस
- 5:03:26है कि कोई खतरनाक बीमारी पकड़ लेगी। ये तो
- 5:03:28ठीक लग रहा है। एलिवेटेड का मतलब होता है
- 5:03:30किसी चीज को ऊपर उठाना, किसी चीज को बुलंद
- 5:03:33बना देना। उसको उसको हम लोग एलिवेटेड कहते
- 5:03:35हैं। तो लिखा है जो बच्चे हज़ार्डस
- 5:03:37इंडस्ट्रीज में काम कर रहे हैं वो इतने
- 5:03:39बुलंद हो जाते हैं कि उन्हें बीमारियां हो
- 5:03:40जाती हैं। गलत है। आंसर क्या होगा? ऑप्शन
- 5:03:42नंबर सी प्रोन। आगे बढ़ेंगे। लिखा हुआ है
- 5:03:46कि जो बच्चे मैच स्टिक और फायरवर्क
- 5:03:48फैक्ट्रीज में काम कर रहे हैं दे आर डैश
- 5:03:50ऑफ ब्रोंकयल डिजीज। दे आर क्रिएटर्स ऑफ वो
- 5:03:54लोग पैदा कर रहे हैं सांस रिलेटेड
- 5:03:55बीमारियां। मतलब ये यही बच्चे ऐसे हैं जो
- 5:03:57ये बीमारियां पैदा कर रहे हैं। गलत है।
- 5:03:59अगेन प्रोड्यूसर्स बीमारियां पैदा कर रहे
- 5:04:01हैं। वो प्रशंसक हैं। वो कह रहे हैं वाह
- 5:04:03वाह क्या बीमारी है। मजा आ गया लेकिन
- 5:04:05एडममायरर्स नहीं हो सकता। एडमायर मतलब
- 5:04:07होता है प्रशंसा करना। वो प्रशंसक नहीं
- 5:04:09है। वो विक्टिम्स हैं। ठीक है? विक्टिम्स
- 5:04:11का मतलब क्या होता है? पीड़ित जिसे कहा
- 5:04:13जाता है कि वो लोग पीड़ित है सांस रिलेटेड
- 5:04:15बीमारियों से। आगे बढ़ेंगे। 13 नंबर देयर
- 5:04:19मेंटल एंड फिजिकल डेवलपमेंट इज परमानेंटली
- 5:04:21डैश बाय लॉन्ग आवर्स ऑफ वर्क। उनका जो
- 5:04:24मेंटल और फिजिकल हेल्थ फिजिकल डेवलपमेंट
- 5:04:26है वो लंबे जो बहुत लंबे समय तक बोलो जो
- 5:04:29लगातार काम कर रहे हैं ना उससे परमानेंटली
- 5:04:31डैश हो जाता है तो परमानेंटली क्या होगा
- 5:04:34अभी मैंने बताया था परमानेंटली डैमेज हो
- 5:04:36जाएगा हमें कोई ऐसा वर्ड मिले जो कि ये
- 5:04:38नेगेटिव सेंस में हो और डैमेज के सेंस में
- 5:04:40हो लिखा हुआ है आर परमानेंटली इंपेयर्ड
- 5:04:43इंपयर्ड का मतलब होता है बिगड़ जाना
- 5:04:46बिगड़ जाना तो क्या है कि लंबे जो वर्किंग
- 5:04:50आवर्स हैं उनके उसकी वजह से उनके जो
- 5:04:52फिजिकल और मेंटल डेवलपमेंट है वो बिगड़
- 5:04:54जाता है। लग तो ठीक रहा है। इंक्लूड हो
- 5:04:57जाता है। उनका जो फिजिकल और पर मेंटल जो
- 5:05:00डेवलपमेंट है वो परमानेंटली इंक्लूड हो
- 5:05:01जाता है। तो ये तो अच्छी बात है। मतलब ये
- 5:05:03कह रहा है समझदारी आ जाती है लंबे और काम
- 5:05:06करने से। समझदारी की जांच हो जाती है लंबे
- 5:05:08और काम करने से। समझदारी आ जाती है लंबे
- 5:05:10और काम करने से। आंसर क्या होगा? समझदारी
- 5:05:12बिगड़ जाती है लंबे और काम करने से।
- 5:05:14नेक्स्ट
- 5:05:18वंस डैश दे कांट गेट आउट ऑफ द विसियस
- 5:05:21सर्कल ऑफ पॉवर्टी। लिखा है वो लोग बाहर
- 5:05:24नहीं निकल पाते हैं ये जो चक्र है गरीबी
- 5:05:27का उससे एक बार अगर डैश हो जाए तो वो लोग
- 5:05:30बाहर नहीं निकल पाते हैं इस चक्र से एक
- 5:05:32बार अगर डैश हो जाए इसका मतलब क्या एक बार
- 5:05:34अगर फंस जाए एक बार अगर वो लोग इस चक्र
- 5:05:37में फंस जाए गरीबी का तो वो इससे बाहर
- 5:05:39नहीं निकल सकते हैं। इसका मतलब हमें एक
- 5:05:41ऐसा वर्ड चाहिए जहां फंस जाने का सेंस हो।
- 5:05:43ठीक है? तो लिखा है वंस कंफर्म्ड। अगर वह
- 5:05:46एक बार कंफर्म हो जाए तो वह पॉवर्टी से
- 5:05:48बाहर नहीं निकल सकते। गलत है। वंस
- 5:05:50ट्रैप्ड। ट्रैप का मतलब होता है फंस जाना।
- 5:05:53फंसना। तो एक बार अगर वो फंस जाए वो इससे
- 5:05:56बाहर नहीं निकल सकते। ये तो हमारा आंसर लग
- 5:05:58रहा है। एक बार अगर उन्हें अडॉप कर लिया
- 5:06:00जाए वो बाहर नहीं निकल सकते। गलत है। एक
- 5:06:02बार अगर उन्हें दृढ़ निश्चय कर निश्चय कर
- 5:06:04लिया जाए तो वो बाहर नहीं निकल सकते। गलत
- 5:06:06है। आंसर क्या होगा? एक बार अगर वो फंस
- 5:06:08जाए तो। नेक्स्ट दे कांट गेट आउट दस स ऑफ़
- 5:06:11पॉवर्टी। दे डैश अनएजुकेटेड एंड पावरलेस।
- 5:06:14वो लोग अनएजुकेटेड और पावरलेस डैश कर जाते
- 5:06:17हैं। क्या कर जाते हैं? अक्यूज। वो लोग
- 5:06:19दोष लगाते हैं, दोषारोपण करते हैं
- 5:06:21अनएजुकेटेड और पावरलेस को। यह गलत है। एक
- 5:06:24तो अक्यूज अपने बाद ऑफ लेता है। सो दे
- 5:06:26एक्यूज़्ड ऑफ अगर होता तो हम सोचते भी
- 5:06:28अकेले अक्यूज़ नहीं आ सकता। अगला दे रिमेन
- 5:06:31अन एजुकेटेड एंड पावरलेस। यहां पे देखो
- 5:06:33पॉवर्टी की बात की गई थी कि वो हमेशा गरीब
- 5:06:35रह जाते हैं। अगर वो हमेशा गरीब रह जाएंगे
- 5:06:37इसका मतलब वो हमेशा अनएजुकेटेड भी रह
- 5:06:38जाएंगे और वो हमेशा पावरलेस भी रह जाएंगे।
- 5:06:40तो यहां लिखा था दे रिमेन अनएजुकेटेड। वो
- 5:06:42रह जाते हैं हमेशा पावरलेस और अनएजुकेटेड।
- 5:06:45ठीक लग रहा है ये? दे चूज़ अनएजुकेटेड। वो
- 5:06:47लोग चूज़ करते हैं अनएजुकेटेड और पावरलेस
- 5:06:50लोगों को। वो चूज़ करते हैं। कोई सेंस नहीं
- 5:06:52है। वो कमपीट करते हैं। वो कंपटीशन लगाते
- 5:06:55हैं अनएजुकेटेड और पावरलेस लोगों से। कोई
- 5:06:57सेंस नहीं है। आंसर क्या है? ऑप्शन नंबर
- 5:06:58बी है। नेक्स्ट अगला पैसेज पैसेज नंबर
- 5:07:02फोर। मैं फिर से अस्यूम करूंगा कि आपने ये
- 5:07:04पैसेज पॉज किया है, पढ़ा है। फिर आप मेरा
- 5:07:06एक्सप्लेनेशन देख रहे हैं। सस्टेनेबिलिटी
- 5:07:09इज़ डैश लगर अ बज़ वर्ड। बसवर्ड का मतलब
- 5:07:13होता है कोई ऐसी चीज जो आजकल फैशन में है।
- 5:07:16जैसे कि YouTube की दुनिया में, टीचर्स की
- 5:07:18दुनिया में अभी मैराथॉन बहुत फैशन में है।
- 5:07:22ठीक है? क्योंकि आप किसी भी चीज को
- 5:07:24मैराथॉन कह दो बच्चे उसे देखने लगते हैं।
- 5:07:26पर्सनली मेरा यह मानना है कि मैराथॉन से
- 5:07:29बहुत ज्यादा फायदा नहीं होता है। अगर आप
- 5:07:31दो 2ाई घंटे 3 घंटे पढ़ाते हो तो ठीक है।
- 5:07:34पर मैंने देखा है लोगों को 16-1 16 घंटे
- 5:07:3612-1 घंटे का वीडियोस मतलब अपलोड करते हुए
- 5:07:40मुझे नहीं लगता कि 90% बच्चों का हेल्प
- 5:07:42उससे होता होगा। क्योंकि किसी बच्चे के
- 5:07:43लिए पॉसिबल नहीं है। मैं जब स्टूडेंट था
- 5:07:45मेरे लिए भी पॉसिबल नहीं था कि मैं 12
- 5:07:46घंटे पढ़ सकूं या उसको तोड़-तोड़ के 12
- 5:07:49दिन में पढूं। अगर मैं तोड़-त के 12 दिन
- 5:07:51पढ़ाऊंगा तो 12 वीडियो बना दीजिए। क्यों
- 5:07:53स्टूडेंट्स को परेशान करना कि वो ट्रैक
- 5:07:55रखें, कितना पढ़ाई हुआ, कहां तक पढ़े थे?
- 5:07:57थोड़ा सा थोड़ा सा मुझे बजवट जैसा लगता
- 5:07:59है। ठीक है? हालांकि ये सीरीज का नाम भी
- 5:08:02मैराथॉन है। इसीलिए ये थोड़ा सा
- 5:08:04पैराडॉक्सिकल है जो मैं कह रहा हूं। पर
- 5:08:06ठीक है। हमें भी बाहों में ही बहना है।
- 5:08:09लिखा है सस्टेनेबिलिटी इज़ डैश लगर अ
- 5:08:11बज़वर्ड। सस्टेनेबिलिटी जो है ये अब कोई
- 5:08:13फैशन वाला टर्म नहीं है। इट डैश अ
- 5:08:16नेसेसिटी एंड द प्राइमरी एजेंडा ऑफ द
- 5:08:18वर्ल्ड टुडे। आज के दिन में ये डैश
- 5:08:20नेसेसिटी बन चुका है और प्राइमरी एजेंडा
- 5:08:23है। प्राइमरी गोल है पूरी दुनिया का।
- 5:08:25सस्टेनेबिलिटी होता क्या है?
- 5:08:26सस्टेनेबिलिटी का मतलब होता है के जब आप
- 5:08:29पर्यावरण को बचाते हुए या रिसोर्सेज को
- 5:08:31बचाते हुए डेवलपमेंट करें। जिसका मतलब है
- 5:08:34अगर आपके पास 10 रोटी है तो आप आज के आज
- 5:08:3610 रोटी ना खा जाएं। आज आप दो खाएं आठ आप
- 5:08:38अगले दिन के लिए रखें। इसे सस्टेनेबिलिटी
- 5:08:39कहा जाता है। लाइक मेनी अदर कंट्रीज
- 5:08:42इंडिया टू इज़ विटनेसिंग अ ग्रोथ ऑफ़ डैश
- 5:08:44ग्रीन इकोनमी। बहुत सारे कंट्रीज के जैसे
- 5:08:47ही भारत भी है जो वो विटनेस कर रहा है एक
- 5:08:50ग्रोथ किस में? ग्रीन इकोनमी में। इट डैश
- 5:08:54एस्टेटेड दैट इंडियास रिन्यूएबल एनर्जी
- 5:08:56टारगेट विल क्रिएट मोर देन 3.4 मिलियन
- 5:08:59न्यू जॉब अपॉर्चुनिटीज डैश 2030। लिखा हुआ
- 5:09:02है कि ऐसा डैश एस्टीमेट किया जा रहा है कि
- 5:09:04भारत का जो रिन्यूएबल एनर्जी टारगेट है,
- 5:09:07यह लगभग 34 लाख नए जॉब अपोरर्चुनिटीज
- 5:09:09क्रिएट करेगा 2030 तक। इनफैक्ट अ रिसेंट
- 5:09:14सर्वे स्टेटेड
- 5:09:16यहां तक बात है कि अभी हाल में एक रिसेंट
- 5:09:18एक सर्वे हुआ था जिसमें ये कहा गया कि
- 5:09:21सस्टेनेबिलिटी मैनेजर जो है ये वन ऑफ द
- 5:09:24टॉप 10 जॉब्स होगा इस दशक का इस 10 सालों
- 5:09:27को अगर ले लें तो एक पोस्ट क्रिएट होगा
- 5:09:30सस्टेनेबिलिटी मैनेजर बोल के या क्रिएट हो
- 5:09:31चुका होगा वो सबसे ज्यादा मतलब अगर बोले
- 5:09:35टॉप 10 वाले जॉब्स में ये रहेगा तो इस
- 5:09:38पैसेज का टोन क्या है पॉजिटिव है किसकी
- 5:09:40बात की गई है सस्टेनेबिलिटी िटी की बात की
- 5:09:42गई। अब मैं अस्यूम करूंगा कि आप यहां पे
- 5:09:44वीडियो को पॉज करके क्वेश्चन नंबर 16
- 5:09:45ट्राई कर चुके हो। मैं इसका आंसर बता रहा
- 5:09:46हूं। सस्टेनेबिलिटी इज डैश लगर अ बज़ वर्ड।
- 5:09:50सस्टेनेबिलिटी इज नॉट लगर नेवर लगर एनी
- 5:09:54लगर। नो लगर। कोई रॉकेट साइंस नहीं है। नो
- 5:09:58लगर। आपने बहुत बार पढ़ा होगा। नो लगर का
- 5:10:00मतलब होता है अब और नहीं। उसे नो लगर कहते
- 5:10:02हैं। तो सस्टेनेबिलिटी अब एक बज़ वर्ड नहीं
- 5:10:05रहा। इट डैश अ नेसेसिटी। इट वाज़ अ
- 5:10:09नेसेसिटी। इट विल बी अ नेसेसिटी। इट इज अ
- 5:10:12नेसेसिटी। इट माइट बी अ नेसेसिटी। लिखा है
- 5:10:14डैश अ नेसेसिटी एंड प्राइमरी एजेंडा ऑफ द
- 5:10:16वर्ल्ड टुडे। क्या आप इस वर्ड पे ध्यान दे
- 5:10:19रहे हो? टुडे की बात की गई है। आज की बात
- 5:10:21की गई है तो पास्ट वाला ऑप्शन हटा देंगे
- 5:10:23तो वाज़ हटा दिया। माइट पास्ट है। हटा
- 5:10:24दिया। फ्यूचर की बात नहीं हो रही तो बी
- 5:10:26हटा दिया। आंसर क्या है? सी। इट इज़ अ
- 5:10:29नेसेसिटी। ये आज ही एक नेसेसिटी है। लाइक
- 5:10:32मेनी अदर कंट्रीज। इंडिया टू इज़ विटनेसिंग
- 5:10:34अ ग्रोथ ऑफ डैश ग्रीन इकोनमी। बहुत सारे
- 5:10:37कंट्रीज के जैसे भारत भी जो है वो उसके
- 5:10:40ग्रीन इकोनमी का ग्रोथ विटनेस कर रहा है।
- 5:10:43उसके किसके यहां पे हम जो पज़ेसिव
- 5:10:46एडजेक्टिव लगाना चाह रहे हैं ये कौन से
- 5:10:47नाउन के लिए लगाना चाह रहे हैं? भारत
- 5:10:49किसका इकोन किसका ग्रोथ जो ग्रीन इकॉनमी
- 5:10:52का है उसे विटनेस कर रहा है? अपना ही तो
- 5:10:55अपना ही तो। इसका मतलब आगे जो भी हम
- 5:10:57एडजेक्टिव लगाने वाले हैं वो इंडिया को
- 5:10:59देख के लगाएंगे। क्या हम इंडिया के लिए ही
- 5:11:01बोल सकते हैं? क्या इंडिया पुरुष है?
- 5:11:03नहीं। तो हम क्या हिज बोल सकते हैं? नहीं।
- 5:11:06क्या इंडिया प्लूरल है? नहीं। तो क्या हम
- 5:11:08देर बोलेंगे? नहीं। क्या इंडिया महिला है?
- 5:11:11नहीं। तो हम हर्स बोल सकते हैं? नहीं।
- 5:11:13क्या इंडिया एक नाउन है एक निर्जीव चीज
- 5:11:15का? बिल्कुल। इट है। तो हम जब इससे
- 5:11:17पज़ेज़ेसिव एडजेक्टिव बनाएंगे तो क्या
- 5:11:19बनाएंगे? इट्स बनाएंगे। आंसर क्या होगा?
- 5:11:20ऑप्शन नंबर ए। आगे बढ़ेंगे। इट डैश
- 5:11:24एस्टीिमेटेड दैट इंडियास रिन्यूएबल एनर्जी
- 5:11:26टारगेट विल क्रिएट। इट डैश एस्टीिमेटेड।
- 5:11:29ठीक है? अब यहां पे फिर से है कि इंडिया
- 5:11:32का जो जो टारगेट है वो 34 लाख लोगों को
- 5:11:36रोजगार देने का है इसकी मदद से। अगेन यहां
- 5:11:38पे इट हैड बीन एस्टीिमेटेड। ऐसा अंदाजा
- 5:11:42लगाया गया था। नहीं पहले नहीं लगाया गया
- 5:11:44था। इट वर अगेन पास्ट की बात है। इट विल
- 5:11:47बी एस्टेटेड। ऐसा अंदाजा लगाया जाएगा।
- 5:11:49नहीं नहीं अंदाजा लगाया जाएगा नहीं।
- 5:11:51अंदाजा लगाया जा चुका है। इट इज़
- 5:11:53एस्टिमेटेड। ऐसा अंदाजा लगाया गया है कि
- 5:11:55इतने जॉब्स क्रिएट होंगे तो इट इज़
- 5:11:57एस्टिमेटेड होगा। बहुत सिंपल सवाल है
- 5:11:58इसमें। अपॉर्चुनिटीज़ डैश 2030 बाय 2030
- 5:12:02फॉर 2030 सिंस 2030 विद 2030 अब जो बच्चों
- 5:12:06के दिमाग में यह है कि फॉर लगता है पीरियड
- 5:12:08ऑफ़ टाइम के लिए सिंस लगता है पॉइंट ऑफ़
- 5:12:11टाइम के लिए। ऐसे बच्चे फॉर को हटा के
- 5:12:13सिंस को आंसर कर देंगे। विद तो हो नहीं
- 5:12:15सकता। समय की बात की जा रही है। पर सिंस
- 5:12:17भी नहीं होगा। क्यों? क्योंकि सिंस का
- 5:12:19इस्तेमाल हम कहां करते हैं? या तो हम
- 5:12:21प्रेजेंट परफेक्ट कंटीन्यूअस टेंस में
- 5:12:22करते हैं या तो पास्ट परफेक्ट कंटीन्यूअस
- 5:12:23टेंस में करते हैं। जब आप फ्यूचर की बात
- 5:12:26करते हो तो हमेशा वहां पर बाय प्लस टाइम
- 5:12:28का इस्तेमाल किया जाता है। आपने टेंस में
- 5:12:29पढ़ा होगा, नहीं पढ़ा होगा। मैं एक
- 5:12:30एग्जांपल समझा देता हूं। जैसे मैं 9:00
- 5:12:34बजे तक अपना काम खत्म कर लूंगा। फ्यूचर की
- 5:12:37बात है तो मैं बोलूंगा कि आई विल हैव
- 5:12:40कंप्लीटेड माय वर्क बाय 9 am जब कोई चीज
- 5:12:44किसी पर्टिकुलर वक्त तक खत्म हो जाती है
- 5:12:47फ्यूचर में तो उसे बाय प्लस टाइम कहा जाता
- 5:12:50है। आंसर क्या होगा? ऑप्शन नंबर ए बाय
- 5:12:522030 होगा। बाय 2030 ये काम खत्म हो
- 5:12:55जाएगा। क्लियर है? मैं उम्मीद करता हूं कि
- 5:12:58ये चारों पैसेज आपको क्लियरली समझ में आया
- 5:13:00है और आप मेरे साथ-साथ बनाते चल रहे हैं।
- 5:13:02हम बढ़ेंगे पांचवें वाले पैसेज की तरफ।
- 5:13:05लिखा है द रोड टू सक्सेस इज नॉट डैश। देयर
- 5:13:08इज अ कर्व कॉल्ड फेलियर। जो सक्सेस का
- 5:13:11रास्ता है ना वो डैश नहीं है। उसमें एक
- 5:13:13घुमाव भी है। जिस घुमाव का नाम क्या है?
- 5:13:16फेलियर। अ लूप कॉल्ड कंफ्यूजन। एक लूप है।
- 5:13:19लूप का मतलब होता है ऐसा रास्ता जिसमें आप
- 5:13:21फंस चुके हो। ऐसे-ऐसे घूमते चल रहे हो।
- 5:13:23उसको लूप कहा जाता है। ठीक है? सो उसमें
- 5:13:24एक लूप भी है जिसका नाम है कंफ्यूजन।
- 5:13:27उसमें स्पीड बम्स भी है जिसका नाम है
- 5:13:29फ्रेंड्स। स्पीड बम्स मतलब स्पीड ब्रेकर।
- 5:13:32ठीक है? जैसे मतलब जैसे रास्ते पर चल रहे
- 5:13:34हो स्पीड बम्स आते हैं ना स्पीड ब्रेकर
- 5:13:36आते हैं तो लिखा है कि उसमें स्पीड बम्स
- 5:13:38भी हैं जिनका नाम दोस्त है कॉशन लाइट्स भी
- 5:13:40हैं कॉशन लाइट्स मतलब जो आपको रास्ता
- 5:13:42दिखाते हैं कि आगे डेंजर है ऐसे कॉशन
- 5:13:44लाइट्स भी हैं जिनका नाम क्या है परिवार
- 5:13:46एंड यू हैव एंड यू डैश हैव फ्लैट्स कॉल्ड
- 5:13:49जॉब्स और आपके पास ऐसा पंचर भी है फ्लैट्स
- 5:13:52मतलब होता है जब चक्का पंचर हो जाए तो
- 5:13:53आपके पास ऐसे पंचर्स भी हैं जिनका नाम
- 5:13:55क्या है जॉब्स बट डैश यू हैव अ स्पार्क
- 5:13:58कॉल्ड डिटरमिनेशन लेकिन एक स्पार्क अगर
- 5:14:02आपके पास है जिसका नाम क्या है?
- 5:14:03डिटरमिनेशन। दृढ़ इच्छा। एंड इंजन कॉल्ड
- 5:14:06पर्सवरेंस। आपके पास अगर एक इंजन है जिसका
- 5:14:09नाम है पर्सेंस। परसवरेंस मतलब क्या होता
- 5:14:11है? लगातार मेहनत करने को पर्सवरेंस कहते
- 5:14:13हैं। इंश्योरेंस कॉल्ड फेथ। अगर फेथ नाम
- 5:14:16का आपके पास एक इंश्योरेंस है। अगर आपके
- 5:14:19पास एक ड्राइवर है जिसका नाम है गॉड। यू
- 5:14:21विल मेक इट डैश अ प्लेस कॉल्ड सक्सेस। आप
- 5:14:24सक्सेस तक पहुंच जाएंगे। आप उस जगह पे
- 5:14:26पहुंच जाएंगे जिसका नाम सक्सेस है।
- 5:14:28इंस्पाइट ऑफ़ ऑल आवर प्लानिंग एंड
- 5:14:30प्रिपरेशन डैश चैलेंजेस आर सर्टेन टू
- 5:14:32राइज़। हम कितनी भी प्लानिंग या प्रिपरेशन
- 5:14:34कर लें डैश चैलेंजेस तो आएंगे और वो पक्की
- 5:14:37बात है। अच्छा पैसेज है। ठीक है? बढ़िया
- 5:14:41पैसेज है। ऐसे बच्चे जिनको थोड़ी सी पढ़ने
- 5:14:43में तकलीफ होती है उनके लिए थोड़ा सा
- 5:14:44मुश्किल हो सकता है। चलो मैं मान के चलता
- 5:14:47हूं। आपने ट्राई कर लिया है। 21 नंबर आपने
- 5:14:50बना लिया। मैं आंसर बता रहा हूं। लिखा है
- 5:14:52द रोड टू सक्सेस इज नॉट डैश सक्सेस का जो
- 5:14:56रास्ता है वो डैश नहीं है। वो कर्व है। वो
- 5:14:58घुमावदार है। अच्छा आप कह रहे हो कि यह
- 5:15:01नहीं है ये है। इसका मतलब जरूर यहां पे
- 5:15:03इसका इस लाइन का उल्टा आया होगा। तो मैं
- 5:15:06कह रहा हूं कि सक्सेस कर्व नहीं है तो
- 5:15:08सक्सेस क्या है? सक्सेस परपेंडिकुलर है।
- 5:15:10स्ट्रेट है, इवन है, पैरेलल है। अगर मैं
- 5:15:12कह रहा हूं कि सक्सेस डैश नहीं है बल्कि
- 5:15:14कर्व है। इसका मतलब हमने यहां पे कर्व का
- 5:15:16उल्टा बट डाला होगा। तो कर्व का उल्टा
- 5:15:18क्या होगा? स्ट्रेट। गुणाधार का उल्टा
- 5:15:20क्या होगा? सीधा। तो कह रहा है सक्सेस जो
- 5:15:22है ना सक्सेस का जो रास्ता है वो सीधा
- 5:15:24नहीं है। वो घुमावदार है। ठीक है? तो पहले
- 5:15:27में क्या भरा है? स्ट्रेट।
- 5:15:29लिखा है आपके पास कंफ्यूजन है, बम्स हैं,
- 5:15:32कॉशन है एंड यू डैश हैव फ्लैट्स कॉल्ड
- 5:15:35जॉब्स। और आपके पास ऐसे फ्लैट्स हैं जिसका
- 5:15:38नाम है जॉब्स। यू विल हैव विल हैव
- 5:15:41फ्लैट्स। मतलब आपके पास ऐसे पंक्चर्स भी
- 5:15:44होंगे जिनका नाम होगा जॉब्स। यू डेयर हैव
- 5:15:46तुम्हारी हिम्मत। हिम्मत वाला कोई सेंस
- 5:15:48नहीं है। यू ऑड टू ऑड टू का इस्तेमाल
- 5:15:50रिस्पांसिबिलिटी के लिए किया जाता है। आप
- 5:15:52एक फैक्ट बता रहे हो। नहीं लगेगा। यू शुड
- 5:15:54हैव शुड हैव मतलब आपके पास होना चाहिए।
- 5:15:56देखो होना चाहिए नहीं बोला गया था। यहां
- 5:15:58बोला गया था आपके पास होंगे। यहां देयर इज
- 5:16:01अ कर्व बोला गया है। मतलब ये एक फैक्ट
- 5:16:04बताया जा रहा है। ठीक है? एक असर्टिव
- 5:16:06सेंटेंस है कि आपके पास फेलियर्स भी
- 5:16:08होंगे। आपके पास कन्फ्यूजन भी होंगे। तो
- 5:16:10आपके पास जॉब्स भी होंगे। आपके पास
- 5:16:11फंक्शंस भी होंगे। तो यहां पर शुड हैव
- 5:16:13होना चाहिए का सेंस नहीं है। यू विल हैव
- 5:16:16है होंगे ही। फैक्ट है यह। बट डैश यू हैव
- 5:16:19अ स्पार्क। लेकिन अगर आपके पास एक स्पार्क
- 5:16:22है तो अगर के लिए क्या कम यूज़ करेंगे? बट
- 5:16:24सो यू हैव अ स्पार्क। सो नहीं होगा। सो
- 5:16:26मतलब इसलिए होता है बट और एंड कभी साथ
- 5:16:29नहीं आता। अपोजिट कंजशंस है। बट वेदर यू
- 5:16:32हैव क्या आपके पास है एक स्पार्क? नहीं ये
- 5:16:34सेंस नहीं था। पर अगर आपके पास एक स्पार्क
- 5:16:37होगा। बट इफ यू हैव अ स्पार्क। आंसर क्या
- 5:16:39है? इफ यू हैव अ स्पार्क कॉल्ड
- 5:16:41डिटरमिनेशन। अगर आपके पास एक स्पार्क है
- 5:16:43डिटरमिनेशन नाम का, एक इंजन है लगातार
- 5:16:44मेहनत नाम का, एक इंश्योरेंस है फेथ नाम
- 5:16:46का, एक ड्राइवर है गॉड नाम का। यू विल मेक
- 5:16:49इट। आप पहुंच जाएंगे कहां तक? जिसे सक्सेस
- 5:16:52कहते हैं। तो क्या यहां पे डेस्टिनेशन तक
- 5:16:54पहुंचने की बात हो रही थी? आई एम गोइंग टू
- 5:16:57स्कूल। वहां टू क्यों लगाते हैं हम?
- 5:16:59क्योंकि हम डेस्टिनेशन की बात करते हैं।
- 5:17:01आप अपना रास्ता बना लेंगे। कहां तक बना
- 5:17:03लेंगे? एक जगह तक जहां का नाम सक्सेस है।
- 5:17:05आप डेस्टिनेशन की बात कर रहे हो। थ्रू
- 5:17:08लिखा है। ऑलदो। अच्छा ऑलदो तो कंजक्शन है
- 5:17:10ये तो हो ही नहीं सकता अंटिल कंजक्शन है
- 5:17:12ये तो हो ही नहीं सकता आपको यहां प्रपज़िशन
- 5:17:14चाहिए क्योंकि आगे यहां पे एक नाउन आया है
- 5:17:16तो थ्रू लगेगा कि टू लगेगा अभी मैंने बोला
- 5:17:19डेस्टिनेशन के लिए क्या लगेगा यू विल मेक
- 5:17:21इट टू अ प्लेस यू विल मेक इट थ्रू अ प्लेस
- 5:17:23तुम उस चीज के इस तरफ से उस तरफ नहीं
- 5:17:25जाओगे तो थ्रू क्यों लगाएंगे थ्रू का मतलब
- 5:17:28होता है किसी 3D चीज के इस तरफ से उस तरफ
- 5:17:30जाना जैसे थ्रू द फॉरेस्ट राइट आप उस जगह
- 5:17:33पहुंच जाओगे तो आंसर क्या लगेगा टू
- 5:17:36इंस्पाइट ऑफ़ ऑल आवर प्लानिंग एंड
- 5:17:38प्रिपरेशन डैश चैलेंजेस आर सर्टेन टू
- 5:17:40अराइज़। हम जितना भी प्लानिंग या प्रिपरेशन
- 5:17:43कर लें डैश चैलेंजज़ आएंगे। अनइजी चैलेंजज़
- 5:17:46आएंगे। अनएक्सेक्टेड चैलेंज चैलेंजज़
- 5:17:48आएंगे, अनसटिस्फेक्टरी आएंगे, अनग्रेसियस
- 5:17:50आएंगे। अनग्रेसियस का मतलब होता है नमक
- 5:17:52हराम। जिन्हें नहीं पता है नोट कर
- 5:17:54लीजिएगा। नमक हराम इसका मतलब होता है जिसे
- 5:17:56हम अनथफुल भी कहते हैं।
- 5:17:59अनथफुल भी कहते हैं। ठीक है? तो लिखा हुआ
- 5:18:02है कि यहां पे अनग्रेसियस चैलेंजेस आएंगे।
- 5:18:05नमक हराम चैलेंजेस आएंगे। नहीं ऐसे
- 5:18:07चैलेंजज़ आएंगे जो हमें सेटिस्फाई नहीं कर
- 5:18:09पाएंगे। कोई सेंस नहीं है। अनएक्सेक्टेड
- 5:18:11चैलेंजज़ आएंगे। यह बात तो बिलकुल ठीक है।
- 5:18:13चैलेंजज़ तो अनएक्सेक्टेड ही होते हैं।
- 5:18:15अनइजी बेचैन करने वाले चैलेंजज़ आएंगे।
- 5:18:17सबसे सटीक है अनएक्सेक्टेड चैलेंजेस
- 5:18:19आएंगे। बढ़िया सवाल था। आगे बढ़ेंगे।
- 5:18:24लिखा हुआ है कि एलएन थापर किनहीं का नाम
- 5:18:26है? ये एलएन थापर मेड इंपॉर्टेंट
- 5:18:28कंट्रीबशंस टू एसओएम व्हिच डैश द
- 5:18:32इंटरेस्ट्स एंड ट्रेड ऑफ कॉमर्स इन
- 5:18:34इंडिया। एलन थपर किनहीं का नाम है।
- 5:18:36इन्होंने बहुत इंपॉर्टेंट कंट्रीब्यूशनंस
- 5:18:38दिए हैं। किसमें? एसओचएम में। एसएचएम क्या
- 5:18:40है? एक ऐसा ऑर्गेनाइजेशन है जो कि डैश
- 5:18:43करता है ट्रेड और कॉमर्स के इंटरेस्ट को।
- 5:18:46इंटरेस्ट मतलब उनके बेनिफिट के लिए काम
- 5:18:48करता है। ही वाज़ डैश अ गुड लाइफ एंड वाज़
- 5:18:51नोन फॉर बीइंग चार्मिंग एंड पॉलिश्ड। वो
- 5:18:54डैश लाइफ ही वाज़ वो बहुत डैश लाइफ के मतलब
- 5:18:57वो बहुत गुड लाइफ के डैश थे। और उन्हें
- 5:19:00जाना जाता था कि वो बहुत चार्मिंग और
- 5:19:02पॉलिश थे। कॉलेज का मतलब है जिनके
- 5:19:03बिहेवियर बहुत अच्छे हो जो बहुत स्टाइलिश
- 5:19:05किस्म का इंसान है। ही वाज़ एन एविड आर्ट
- 5:19:08कलेक्टर। वो बहुत ही प्यार करते थे। बहुत
- 5:19:10ही एंथूजियास्टिक थे आर्ट से रिलेटेड आर्ट
- 5:19:13को लेके और बहुत एविड आर्ट कलेक्टर थे।
- 5:19:15बहुत एंथूजियास्टिक आर्ट कलेक्टर थे। विथ
- 5:19:18एन डैश पर्सनल गैलरी ऑफ़ सम ऑफ़ द फाइनेस्ट
- 5:19:20वर्क्स ऑफ़ आर्ट। और उनकी पर्सनल गैलरी में
- 5:19:23दुनिया के कुछ बेहतरीन वर्क ऑफ़ आर्ट थे।
- 5:19:26दिस स्वैब जेंटलमैन स्वैब का मतलब भी
- 5:19:28पॉलिश होता है। सो ये जो स्वैब जेंटलमैन
- 5:19:30थे स्टाइलिश जेंटलमैन थे उनकी इंग्लिश
- 5:19:32इनकेबल थी। इंपकेबल का मतलब होता है
- 5:19:34जिसमें कोई गलती ही ना हो। बेदाग बहुत ही
- 5:19:37अच्छा इंग्लिश एक्सेंट था। अंग्रेजों की
- 5:19:39तरह बात करते थे और बहुत ही अंग्रेजी
- 5:19:40पर्सनालिटी थी उनकी। पर वो इंडियन
- 5:19:42क्लासिकल वोकल म्यूजिक के बहुत से बहुत ही
- 5:19:45प्यार करते थे। बहुत एंजॉय करते थे। एंड
- 5:19:47लव्ड गेटिंग अ क्राउड टुगेदर फॉर अ
- 5:19:49परफॉर्मेंस। और उन्हें बहुत मजा आता था
- 5:19:51लोगों को इकट्ठा करके परफॉर्म करने में या
- 5:19:52परफेंस देखने में। हिज डैश पर्सनालिटी
- 5:19:55हररोसिटी एंड ह इनकरेजमेंट ऑफ यंग टैलेंट
- 5:19:58इज रिमेंबर्ड डैश बाय ह फ्रेंड्स फैमिली
- 5:20:00एंड एडमाइर्स लिखा हुआ है उनकी डैश
- 5:20:02पर्सनालिटी उनका उनका जो उदार हृदय था जो
- 5:20:04उनकी जेरोसिटी थी और यंग टैलेंट को लेके
- 5:20:07जो उनका इनकरेजमेंट था जो वो टैलेंटेड
- 5:20:08लोगों को जो आगे बढ़ाते थे उसे रिमेंबर
- 5:20:10उसे याद किया जाता है उनके दोस्त फैमिली
- 5:20:12और एडममेरस के द्वारा डैश तरीके से इसका
- 5:20:15मतलब हम यहां पे इस पैसेज में एक व्यक्ति
- 5:20:17की बात कर रहे हैं जिनका नाम एललेन थापर
- 5:20:19है और हम उनसे रिलेटेड जो भी इंफॉर्मेशन
- 5:20:23है उसको को पढ़ रहे हैं पैसेज। अब मैं
- 5:20:25आऊंगा इसको फिल अप करूंगा। लिखा है एलएम
- 5:20:28थापर मेड इंट्रो इन इंपॉर्टेंट
- 5:20:30कंट्रीब्यूशंस टू एसओएम व्हिच इज़ व्हिच इज़
- 5:20:33डैश द इंटरेस्ट ऑफ ट्रेड व्हिच इज़ डेवलप्ड
- 5:20:37व्हिच इज़ डेवलप्ड सॉरी व्हिच डेवलप्ड द
- 5:20:40इंटरेस्ट ऑफ़ ट्रेड व्हिच डिमोटेड। डिमोटेड
- 5:20:42मतलब होता है नीचा दिखाना। किसी को नीचा
- 5:20:45करने को डिमोट कहते हैं। तो एसओचएम एक ऐसा
- 5:20:47संस्थान है जो कि ट्रेड और कॉमर्स को नीचा
- 5:20:49कर रहा है। गलत है जो ट्रेड और कॉमर्स को
- 5:20:53डिजाइन कर रहा है। डिजाइन नहीं कर रहा है।
- 5:20:54उसे सपोर्ट कर रहा है। उसे बढ़ावा दे रहा
- 5:20:56है। ठीक है? तो व्हिच डेवलप्ड द ट्रेड एंड
- 5:20:59कॉमर्स या व्हिच प्रमोटेड द ट्रेड एंड
- 5:21:01कॉमर्स। अगर आपको एसओचएम के बारे में पता
- 5:21:03है। एसओचएम कोई ट्रेड एंड कॉमर्स को बनाता
- 5:21:06नहीं है। वो बस उसको प्रमोट करता है। मतलब
- 5:21:08उसके इंटरेस्ट को ध्यान में रखता है। ठीक
- 5:21:10है? तो आंसर क्या होना चाहिए? आंसर होना
- 5:21:12चाहिए प्रमोटेड।
- 5:21:14आगे बढ़ेंगे।
- 5:21:16ही वाज़ डैश अ गुड लाइफ एंड वाज़ नोन फॉर
- 5:21:19बीइंग चार्मिंग। ही वास डैश ऑफ ही वास
- 5:21:21वांट ऑफ गुड लाइफ। वो चाहते थे कि अच्छी
- 5:21:24जिंदगी मिले। गलत है। क्योंकि आगे हमने
- 5:21:26पढ़ा है उनकी जिंदगी बहुत अच्छी थी। ही वाज़
- 5:21:29फोंड ऑफ़ उन्हें बड़ा लगाव था अच्छी जिंदगी
- 5:21:31से। ये तो ठीक लग रहा है। ही वाज़ केयरिंग
- 5:21:33फॉर अ गुड लाइफ। वो बहुत ध्यान रखते थे
- 5:21:35अच्छी जिंदगी का। गलत है। ही वाज़ वर्ल्ड
- 5:21:38ऑफ़ गुड लाइफ। यह तो कोई सेंस ही नहीं बन
- 5:21:39रहा। आंसर क्या होगा? ही वाज़ फोंड ऑफ़ गुड
- 5:21:41लाइफ। वो उन्हें बहुत लगाव था एक अच्छी
- 5:21:42जिंदगी से। वो बहुत चार्मिंग थे, बहुत
- 5:21:44पॉलिश थे। वो बहुत ही एविड आर्ट कलेक्टर
- 5:21:47थे वि एन डैश। अच्छा यहां पे आपको एन दिख
- 5:21:50रहा है क्या? एन का मतलब क्या है? कि अगला
- 5:21:53जो भी वर्ड आने वाला है वो जरूर वोवेल के
- 5:21:55साउंड से स्टार्ट होगा। क्या रेगुलर का आर
- 5:21:57वोवेल का साउंड है? नहीं। क्या रूटीन का
- 5:22:00आर वोवेल का साउंड है? नहीं। तो या तो
- 5:22:02आंसर बी है या तो आंसर सी है। देखो एग्जाम
- 5:22:04में इतनी इतना स्मार्टनेस आपको दिखाना
- 5:22:05पड़ेगा। अब क्या लिखा हुआ था? वि एंड डैश
- 5:22:08पर्सनल गैलरी ऑफ़ द फाइनेस्ट वर्क। उनकी
- 5:22:10गैलरी में सबसे बेहतरीन आर्ट का काम रखा
- 5:22:13था। तो क्या हम यहां पे विथ एन ऑर्डिनरी
- 5:22:16लगा सकते हैं? ऑर्डिनरी का मतलब होता है
- 5:22:18साधारण।
- 5:22:20मतलब हम ये कह रहे हैं कि उनके उनका जो
- 5:22:22आर्ट वो आर्ट के लवर थे और उनके पर्सनल
- 5:22:25गैलरी बहुत ही साधारण था जिसमें दुनिया के
- 5:22:28बेहतरीन पेंटिंग्स थे। तो दुनिया के
- 5:22:30बेहतरीन पेंटिंग्स तो फिर साधारण कैसे था?
- 5:22:32इंप्रेसिव होना चाहिए ना। आंसर क्या
- 5:22:34बचेगा? सी। आगे बढ़ेंगे। अगला लिखा हुआ है
- 5:22:37हिज डैश पर्सनालिटी उनकी डैश पर्सनालिटी
- 5:22:40उनकी जनरसिटी मतलब वो जो वो जो बहुत उदार
- 5:22:44हृदय थे और जो इनकरेज करते थे वो नए
- 5:22:47टैलेंट को ये सारी बात बातें पॉजिटिव है
- 5:22:49ना इनकरेजमेंट पॉजिटिव है जनरसिटी पॉजिटिव
- 5:22:53है इसका मतलब उनकी पर्सनालिटी के लिए भी
- 5:22:54हम कोई पॉजिटिव वर्ड लगाना चाहते हैं वर्ड
- 5:22:56क्या लिखा हुआ है वकेहलिक वकेहलिक मतलब जो
- 5:22:59काम में ही पागल हो तो ये कोई अच्छी बात
- 5:23:01थोड़ी है गलत है विवशियस विवेशियस का मतलब
- 5:23:04होता है कोई भी ऐसी चीज जो बहुत एनर्जेटिक
- 5:23:07और एंथूजियास्टिक हो। याद करो सी सीपीओ और
- 5:23:10सीएचएसएल दोनों के सिनोनिम में मैंने ये
- 5:23:12वर्ड आपको पढ़ाया है। एनर्जेटिक एंड
- 5:23:14एंथूजियास्टिक। देख रहे हो वोकैब याद करना
- 5:23:17कितना इंपॉर्टेंट है। डायरेक्ट सिनोनिम
- 5:23:19में आता है। इनडायरेक्टली ये आपके क्लोज
- 5:23:21टेस्ट में आता है। तो विवाशियस हमारा आंसर
- 5:23:23हो सकता है क्योंकि ये पॉजिटिव वर्ड है।
- 5:23:24हेज़िटेंट। हेज़िटेंट पर्सनालिटी मतलब वो
- 5:23:27झिझक वाली पर्सनालिटी है उनकी। सूट नहीं
- 5:23:29कर रहा। डल पर्सनालिटी बेकार पर्सनालिटी
- 5:23:31है। आंसर क्या होगा? ऑप्शन नंबर बी। हमें
- 5:23:33पॉजिटिव वर्ड चाहिए था। था। केवल एक ऑप्शन
- 5:23:34ऐसा था जो पॉजिटिव था। अगला
- 5:23:38अ लिखा था हिज़ जनरसिटी एंड इनकरेजमेंट ऑफ़
- 5:23:41यंग टैलेंट इज़ रिमेंबर्ड डैश बाय हिज
- 5:23:43फ्रेंड्स। अच्छा उनकी अच्छी पर्सनालिटी
- 5:23:46उनका उदार हृदयपन उनका जो टैलेंट उनका जो
- 5:23:49यंग लोगों को इनकरेज करने का जो उनका
- 5:23:51टैलेंट था या जो यंग टैलेंट को इनकरेज
- 5:23:53करने की उनकी आदत थी उसे उनके दोस्त
- 5:23:56फैमिली और प्रशंसक कैसे याद करेंगे?
- 5:23:58कभी-कभी याद करेंगे? इज़ रिमेंबर्ड
- 5:24:00समटाइ्स? कभी याद आ गया तो याद आ गया। ऐसा
- 5:24:03नहीं है। बहुत फ़ोंडली याद करेंगे। बहुत
- 5:24:05लगाव के साथ याद करेंगे। फोंड मतलब होता
- 5:24:07है लगाव। फोंडली मतलब लगाव के साथ। बहुत
- 5:24:09ही लगाव के साथ याद करेंगे। इवेंचुअली
- 5:24:12अंततः याद करेंगे। जब मरने वाले होंगे तो
- 5:24:14बोलेंगे अच्छा सुनो एलएम था पर बहुत अच्छा
- 5:24:15आदमी था। सेंस नहीं है। कभी याद नहीं
- 5:24:18करते। इतना अच्छा आदमी है तो हमेशा याद
- 5:24:20करेंगे ना उनको। हम लोग सर एपीजे अब्दुल
- 5:24:21कलाम को हमेशा याद करते हैं ना? तो आंसर
- 5:24:23क्या होगा? 30 का डी। क्लियर है? आगे
- 5:24:27बढ़ेंगे। अगला पैसेज मैं जरा पानी पी लूं।
- 5:24:30तुम एक बार पढ़ लो इसे।
- 5:24:39देखो
- 5:24:40क्या है टीम राइट नोस ऑल अबाउट मेकिंग
- 5:24:44कंपनीज़ मोर एफिशिएंट कोई व्यक्ति है टीम
- 5:24:47राइट नाम के कह रहा है कि इन्हें सब पता
- 5:24:49है कि एक कंपनी को कैसे और ज्यादा
- 5:24:51एफिशिएंट बना सकते हैं। कैसे और ज्यादा
- 5:24:53बेहतरीन बना सकते हैं। ह फर्म उनका जो
- 5:24:55फर्म है चेकअप नाम है उस फर्म का सेंड्स
- 5:24:58सीक्रेट शॉपर्स इनू रिटेल एंड लीजर कंपनीज़
- 5:25:01इन ऑर्डर टू मेक श्योर दैट कस्टमर्स आर
- 5:25:03रिसीविंग गुड सर्विस। ये क्या करते हैं?
- 5:25:06इनका एक फर्म है। इनकी एक कंपनी है जिसका
- 5:25:07नाम है चेकअप। ये उसमें से कुछ सीक्रेट
- 5:25:11लोगों को एज अ शॉपर मतलब एज अ कस्टमर बना
- 5:25:13के डिफरेंट कंपनीज में भेजते हैं। ये चेक
- 5:25:16करने के लिए कि कस्टमर्स को सही तरीके से
- 5:25:18सर्विस उनके दुकानों में या कंपनीज़ में
- 5:25:20दिया जा रहा है या नहीं दिया जा रहा है।
- 5:25:22आफ्टर डैश विजिट द सीक्रेट शॉपर्स
- 5:25:25प्रिपेयर अ रिपोर्ट फॉर द कंपनी टू लेट
- 5:25:27देम नो हाउ द सर्विस वाज़। लिखा हुआ है कि
- 5:25:30उनके विजिट के बाद जो सीक्रेट शॉपर्स होते
- 5:25:33हैं ना वो एक रिपोर्ट प्रिपेयर करते हैं
- 5:25:35कंपनी के लिए कि उनकी सर्विस कैसी थी।
- 5:25:38कंपनीज लाइक टू नो सेस मिस्टर राइट।
- 5:25:40मिस्टर राइट कहते हैं कंपनीज को जानना
- 5:25:42होता है। देखो ये कितना अच्छा ये एक मतलब
- 5:25:46कंपनी इन्होंने खोली है कि ये क्या करते
- 5:25:48हैं कि अपने इन्होंने कंपनी खोली चेकअप
- 5:25:50नाम का। उसका काम ये है कि वो जो
- 5:25:52बड़ी-बड़ी कंपनीज़ है ना उनमें ये जाएंगे
- 5:25:55अपने सीक्रेट शॉपर्स को भेजेंगे और एक
- 5:25:57रिपोर्ट तैयार करेंगे कि आपकी कंपनी
- 5:25:59कस्टमर के साथ कैसे डील करती है। तो जो
- 5:26:01कंपनी का मालिक होगा लेट्स से पेंटालूंस।
- 5:26:03सो पेंटास ऑल ओवर इंडिया में है। अब किसी
- 5:26:06मालिक के लिए ये पॉसिबल तो नहीं है कि वो
- 5:26:08हर एक स्टोर पे जाके देखेगा कि मेरे जो
- 5:26:10स्टाफ है कैसे बिहेव कर रहे हैं या मेरी
- 5:26:11मेरा वो आउटलेट कैसा काम कर रहा है। तो ये
- 5:26:13एक कंपनी को हायर कर लेते हैं जिस कंपनी
- 5:26:15का नाम है चेकअप। चेकअप क्या करती है कि
- 5:26:17अपने लोगों को डिफरेंट दुकानों में भेजती
- 5:26:19है जाके वहां पे एक रिपोर्ट रेडी करते हैं
- 5:26:21कि हमारे साथ कैसा ट्रीटमेंट किया गया।
- 5:26:23ठीक है? क्योंकि ये कह रहे हैं कंपनीज़ को
- 5:26:25जानना होता है ये कि उनके उनके स्टाफ कैसे
- 5:26:28ट्रीट कर रहे हैं कस्टमर्स को। सेस मिस्टर
- 5:26:30राइट दैट डैश कस्टमर्स गो इनू अ स्टोर
- 5:26:33जस्ट अ फ्यू मिनट्स बिफोर क्लोजिंग टाइम
- 5:26:36दे विल स्टिल गेट गुड सर्विस। लिखा है कि
- 5:26:39कंपनीज़ को जानना होता है। मिस्टर राइट
- 5:26:41कहते हैं कि जब उनके कस्टमर स्टोर्स पे
- 5:26:44जाएंगे या अगर उनके कस्टमर स्टोर पे जाएं
- 5:26:46जब खत्म होने का वक्त आ गया हो फिर भी
- 5:26:49उनको अच्छी सर्विस मिले। मतलब दुकान बंद
- 5:26:51करने का समय आ गया हो फिर भी उनको अच्छी
- 5:26:52सर्विस मिले। चेकअप डैश सेट अप इन द वेस्ट
- 5:26:56ऑफ इंग्लैंड एंड आफ्टर टू इयर्स मूव्ड टू
- 5:26:59लंदन। सो इट कुड ऑफर अ नेशन वाइट सर्विस।
- 5:27:01लिखा हुआ है चेक चेकअप जो है वो सेटअप हुआ
- 5:27:03था इंग्लैंड वेस्ट ऑफ इंग्लैंड में और दो
- 5:27:06साल के बाद ये लंदन में शिफ्ट कर गया और
- 5:27:08ताकि ये पूरे के पूरे देश को ये सर्विस दे
- 5:27:11दी जा सके या दे सके। डैश द लास्ट थ्री
- 5:27:14इयर्स चेकअप्स प्रॉफिट्स हैव इंक्रीज्ड
- 5:27:16ड्रामेटिकली एज कंपनीज़ हैव कम टू रियलाइज
- 5:27:18द ग्रेट ग्रेटेंस ऑफ कस्टमर गुड सर्विस
- 5:27:22गुड कस्टमर सर्विस लिखा हुआ है कि पिछले
- 5:27:25तीन सालों में चेकअप के जो प्रॉफिट है ना
- 5:27:27वो ड्रामेटिकली बढ़ा है क्योंकि कंपनीज़ ने
- 5:27:30रियलाइज किया है कि यह बहुत जरूरी है कि
- 5:27:32उन्हें यह पता चले कि कस्टमर सर्विस कैसे
- 5:27:34बेहतर हो सकता है या क्या कितना जरूरी है
- 5:27:36कस्टमर अच्छा कस्टमर सर्विस लास्ट वीक
- 5:27:39एनेंट न्यू कॉन्ट्रैक्ट वाज़ डैश विथ द
- 5:27:42मेजर सुपर मार्केट चेन पिछले ही हफ्ते एक
- 5:27:45बहुत ही बहुत ही महत्वपूर्ण एक
- 5:27:47कॉन्ट्रैक्ट साइन हुआ है सुपर मार्केट चेन
- 5:27:50के साथ। आ जाओ अब हम लोग यहां पे फिल अप
- 5:27:54करेंगे। ये पूरा पैसेज था। यहां पे लिखा
- 5:27:57है आफ्टर डैश विजिट। डैश विजिट के बाद द
- 5:28:01सीक्रेट शॉपर्स प्रिपेयर अ रिपोर्ट। अच्छा
- 5:28:04सीक्रेट शॉपर्स जो है वो एक रिपोर्ट
- 5:28:06प्रिपेयर करते हैं। डैश विजिट के बाद किन
- 5:28:09के विजिट के बाद? उन्हीं के तो विजिट के
- 5:28:11बाद यहां हमने पहले लाइन में क्या पढ़ा
- 5:28:12था? सीक्रेट सीक्रेट शॉपर्स हैं जो कि
- 5:28:14रिटेल दुकानों में जाते हैं। तो उनके
- 5:28:17विजिट के बाद उनके किन के? सीक्रेट शॉपर्स
- 5:28:21के विजिट के बाद। सीक्रेट शॉपर्स के विजिट
- 5:28:24के बाद क्या आपको इसमें शॉपर्स दिखाई दे
- 5:28:27रहा है? शॉपर्स का मतलब क्या है? ये
- 5:28:29प्लूरल नाउन है या नहीं है? प्लूरल नाउन
- 5:28:32है या नहीं है? तो इनके साथ हम जब कोई
- 5:28:34प्रोनाउन लगाएंगे तो वो प्लूरल होगा या
- 5:28:36नहीं होगा? डेफिनेटली होगा। आ जाओ। लिखा
- 5:28:39था यहां पे देयर विजिट। देखो ये मैंने
- 5:28:42पहले भी दो-तीन बार अपने वीडियोस में कवर
- 5:28:44किया है। टी एच ई आर ई देयर एक एडवर्ब
- 5:28:46होता है जिसका मतलब होता है वहां। ये तो
- 5:28:49गलत है। हम उनके विजिट कहना चाह रहे थे।
- 5:28:51हिज ही से बनकर आया है। जब आप शॉपर्स कह
- 5:28:53रहे हो तो वी कैसे कहोगे? आवर क्या मैं भी
- 5:28:56जाता हूं क्या वहां पे? हम लोगों के विजिट
- 5:28:58के बाद नहीं। हम लोग नहीं विजिट कर रहे
- 5:29:00हैं। सीक्रेट शॉपर्स विजिट कर रहे हैं। तो
- 5:29:01आंसर क्या होगा? देयर। एक ही ऑप्शन बचता
- 5:29:03है। इसके लिए हमने प्लुरल में दे माना
- 5:29:05जिसका पज़ेसिव एडजेक्टिव हमने देयर बनाया।
- 5:29:08आगे बढ़ेंगे। अगला क्वेश्चन 32
- 5:29:11कंपनीज़ लाइक टू नो सेज़ मिस्टर राइट दैट
- 5:29:14डैश कस्टमर्स गो इनू अ स्टोर जस्ट अ फ्यू
- 5:29:17दैट डैश कस्टमर्स क्या मीनिंग था इस लाइन
- 5:29:19का? फिर से पढ़ रहा हूं मैं। जब कस्टमर्स
- 5:29:22किसी स्टोर में जाएं कुछ ही मिनट्स बचे हो
- 5:29:25उसके बंद होने में उनको फिर भी अच्छी
- 5:29:28सर्विस मिले। तो क्या लिखा है कि दैट देन
- 5:29:32कस्टमर्स गो।
- 5:29:34मिस्टर राइट कहते हैं कि उसके बाद
- 5:29:36कस्टमर्स जाते हैं। उसके बाद में व्हाइल
- 5:29:39कस्टमर्स गो कि जब कि कस्टमर्स जाते हैं।
- 5:29:41कब जाते हैं? जब कुछ ही मिनट बचे हुए हो।
- 5:29:44एज कस्टमर्स गो अगर कस्टमर्स जाते हैं जब
- 5:29:46कुछ मिनट्स बचे हो। व्हेन कस्टमर्स गो जब
- 5:29:49कस्टमर्स जाते हैं जब कुछ मिनट बचे हो।
- 5:29:51देखो हिंदी में तो सब सुनने में ठीक लग
- 5:29:52रहा है। इंग्लिश में क्या फिल अप कर सकते
- 5:29:54हैं? देखो लिखा था यहां से मैं पढ़ रहा
- 5:29:56हूं। सेज मिस्टर राइट दैट व्हाइल कस्टमर्स
- 5:29:59गो इन टू अ स्टोर जस्ट फ्यू मिनट्स बिफोर
- 5:30:01क्लोजिंग टाइम दे विल गेट कि जब कि
- 5:30:03कस्टमर्स तभी जा रहे हैं जब बंद होने में
- 5:30:05स्टोर बंद होने में कुछ ही मिनट्स बचेगा
- 5:30:07ये तो ठीक लग रहा है दैट एज कस्टमर्स दैट
- 5:30:09और एज कभी साथ में नहीं आता दैट व्हेन
- 5:30:12कस्टमर्स गो इनू अ स्टोर देखो व्हेन भी हो
- 5:30:15सकता है वाइल भी हो सकता है कि व्हेन
- 5:30:16कस्टमर्स गो इंटू अ स्टोर ज्यादा सटीक
- 5:30:19वाइल है इसका बहुत डिस्टिंक्ट कोई रीज़न
- 5:30:23नहीं है कि व्हेन क्यों नहीं होगा अगर
- 5:30:25व्हेन और वाइल वाइल दोनों ऑप्शन में है।
- 5:30:27वाइल को प्रेफरेंस दिया जा सकता है कि
- 5:30:29ज्यादा सटीक लग रहा है पढ़ने में कि जब कि
- 5:30:31कस्टमर्स जाते हैं कि कुछ ही समय बचा हुआ
- 5:30:33है। ठीक है? सो वाइल कस्टमर्स वो ज्यादा
- 5:30:35सटीक लग रहा है। हालांकि व्हेन भी आंसर हो
- 5:30:37सकता था। मैं ये बोलता चलूं। 33 चेकअप डैश
- 5:30:41सेटअप इन वेस्ट ऑफ इंग्लैंड। ये लाइन को
- 5:30:44पढ़ना। चेकअप डैश सेटअप इन वेस्ट ऑफ
- 5:30:47इंग्लैंड। चेकअप क्या था? यहां चेकअप हमने
- 5:30:49पहले पढ़ा था। क्या पढ़ा था? चेकअप एक
- 5:30:50कंपनी का नाम है। सो चेकअप सिंगुलर है।
- 5:30:53डैश सेटअप आर प्लुरल है। इज़ हो सकता है।
- 5:30:57वाज़ हो सकता है। हैज़ हो सकता है। अच्छा
- 5:30:59हैज़ के बाद सेटअप चेकअप हैज़ सेटअप। चेकअप
- 5:31:02ने सेट की सेटअप किया इंग्लैंड में। नहीं
- 5:31:04नहीं चेक चेकअप को सेटअप किया गया
- 5:31:06इंग्लैंड में। पैसिव वॉइस में होना चाहिए
- 5:31:07था। तो हैज़ के बाद अगर बीन लगा होता तो हम
- 5:31:10सोचते भी। ये तो नहीं हो सकता। अब या तो
- 5:31:12इज़ होगा या तो वाज़ होगा। डिपेंड करता है
- 5:31:15प्रेजेंट में रखना है सेंटेंस को कि पास्ट
- 5:31:16में रखना है सेंटेंस को। अच्छा यहां क्या
- 5:31:18लिखा हुआ है? चेकअप इज मान लो मैंने यहां
- 5:31:20पर इज बैठा दिया कि चेकअप सेट हुआ है।
- 5:31:21चेकअप इज सेट अप इन द वेस्ट ऑफ इंग्लैंड
- 5:31:23एंड आफ्टर 2 इयर्स दो साल के बाद मूव्ड टू
- 5:31:26लंदन। मूव्ड का मतलब है वर्ब का दूसरा
- 5:31:29फॉर्म जिसका मतलब है पास्ट की बात हो रही
- 5:31:32है। दैट इट कुड
- 5:31:35पास्ट की बात हो रही है। इसका मतलब ये
- 5:31:37वाला सेंटेंस जो है ये पास्ट में लिखा हुआ
- 5:31:39है ना कि चेकअप जो है वो वो वेस्ट ऑफ
- 5:31:41इंग्लैंड में सेटअप हुआ था और दो साल के
- 5:31:43बाद ये मूव कर गया। तो इज़ कैसे होगा? आंसर
- 5:31:47क्या होना चाहिए? वाज होना चाहिए कि नहीं
- 5:31:48होना चाहिए? बोलो समझ पा रहे हो कि नहीं
- 5:31:50समझ पा रहे हो? आगे बढ़ेंगे। 34 पे आएंगे।
- 5:31:54क्या लिखा हुआ है? डश लास्ट थ्री इयर्स
- 5:31:56तीन सालों से चेकअप्स प्रॉफिट हैव
- 5:31:58इंक्रीज्ड ड्रामेटिकली। तीन सालों में
- 5:32:00चेकअप का जो प्रॉफिट है वो बहुत तेजी से
- 5:32:03बढ़ा है। अब मैं गारंटी देता हूं जो लोग
- 5:32:05भी पॉज करके मेरे साथ-साथ बना रहे हो आपने
- 5:32:07फॉर को आंसर कर दिया। कर दिया होगा
- 5:32:09क्योंकि आपने 2000 बार पढ़ रखा है। फॉर द
- 5:32:11लास्ट थ्री इयर्स, फॉर द लास्ट फोर इयर्स
- 5:32:15आपने इसको आंसर कर दिया होगा। आपका आंसर
- 5:32:17गलत है। सॉरी टू इनफॉर्म। यह नहीं होगा।
- 5:32:20क्यों नहीं होगा? मैं बताता हूं आगे। देखो
- 5:32:23फ्रॉम द लास्ट 3 इयर्स 3 सालों से उसका
- 5:32:25प्रॉफिट बहुत ऊपर गया। ये तो नहीं हो
- 5:32:27सकता। अंटिल अगर नहीं उसका प्रॉफिट ऊपर
- 5:32:29गया कोई सिंस नहीं है। ड्यूरिंग का मतलब
- 5:32:31है के दौरान तीन सालों के दौरान उसका
- 5:32:33प्रॉफिट ऊपर गया है। ये आंसर होगा। अब आप
- 5:32:35बोलोगे सर ड्यूरिंग क्यों होगा? फॉर क्यों
- 5:32:37नहीं होगा? क्या आपको यह याद है कि अगर हम
- 5:32:39कहीं फॉर या सिंस का इस्तेमाल करते हैं तो
- 5:32:41उसमें हैव बीन या हैज़ बीन या हैड बीन
- 5:32:45बीन प्लस वी4 का इस्तेमाल होता है। मतलब
- 5:32:48प्रेजेंट परफेक्ट कंटीन्यूअस का इस्तेमाल
- 5:32:50होता है। और अगर मैं टेंस के अकॉर्डिंग
- 5:32:52बताऊं तो कोई काम जो कि पास्ट में स्टार्ट
- 5:32:54हुआ हो और चलता हुआ प्रेजेंट तक आ गया हो।
- 5:32:57क्या ऐसा कहा गया है कि तीन सालों से
- 5:33:00प्रॉफिट होता आ रहा है? नहीं। क्या यहां
- 5:33:03पे हैव बीन इनक्रीजिंग लिखा हुआ है कि
- 5:33:06बढ़ता चला आ रहा है? नहीं तो आप यहां पे
- 5:33:08क्यों फिर फॉर का इस्तेमाल करोगे? ये कहना
- 5:33:10चाह रहा था तीन सालों के दौरान उसके
- 5:33:12प्रॉफिट्स बहुत ऊपर गए तो आंसर क्या होगा?
- 5:33:14ड्यूरिंग होगा कि नहीं होगा? बोलो समझ पा
- 5:33:16रहे हो कि नहीं समझ पा रहे हो? आगे 35
- 5:33:19लास्ट वीक एन इंपॉर्टेंट कॉन्ट्रैक्ट वाज़
- 5:33:22डैश। एन इंपॉर्टेंट कॉन्ट्रैक्ट वाज़ डैश।
- 5:33:24ये मैं कितनी बार अपनी वीडियो में कवर कर
- 5:33:26चुका हूं। इज़ एम आर वाज़ वर। इनके साथ या
- 5:33:29तो वी3 हो सकता है या तो इनके साथ वी4 हो
- 5:33:31सकता है। अगर वी3 होगा तो यह पैसिव वॉइस
- 5:33:34में होगा। अगर वी4 होगा तो यह एक्टिव वॉइस
- 5:33:37में होगा और कंटीन्यूअस टेंस में होगा।
- 5:33:40तो हमारा आंसर क्या हो सकता है? वाज साइन
- 5:33:43वी3 है। वाज़ साइनिंग वी4 है। वाज़ साइन V1
- 5:33:49है। नहीं हो सकता। वाज़ हैव वाज़ हैव क्यों
- 5:33:51लगाएंगे? वाज़ आर के साथ हैव नहीं लगता।
- 5:33:53गलत है। या तो साइन होगा या तो साइनिंग
- 5:33:55होगा। अच्छा साइनिंग होगा इसका मतलब होगा
- 5:33:57ये एक्टिव वॉइस में है। कंटीन्यूअस
- 5:33:58प्रोसेस है। तो हमारा सब्जेक्ट क्या था?
- 5:34:00लास्ट वीक एंड इंपॉर्टेंट न्यू
- 5:34:01कॉन्ट्रैक्ट। कॉन्ट्रैक्ट हमारा सब्जेक्ट
- 5:34:02है। अगर हम यहां साइनिंग लिख देते हैं तो
- 5:34:04क्या होगा कि कॉन्ट्रैक्ट साइन कर रहा था।
- 5:34:08कॉन्ट्रैक्ट कोई आदमी है क्या साइन कर रहा
- 5:34:10था? नहीं ना? कॉन्ट्रैक्ट साइन किया गया
- 5:34:13था। इसका मतलब ये डअर नहीं है। ये रिसीवर
- 5:34:15है। इसी को साइन किया गया था। किसको?
- 5:34:16कॉन्ट्रैक्ट को। इसका मतलब पैसिव वॉइस में
- 5:34:18होना चाहिए। आंसर क्या होगा? ऑप्शन नंबर ए
- 5:34:20होगा। बोलो क्लियर है कि नहीं है? आगे
- 5:34:24बढ़ेंगे। अगला पैसेज लास्ट पैसेज। उम्मीद
- 5:34:27करता हूं आप यहां तक मेरे साथ बने हुए हो
- 5:34:29वीडियो में और आपको मजा आ रहा है पढ़ने
- 5:34:31में। आप कुछ नया सीख रहे हो। वीडियो को
- 5:34:33यहीं पॉज करना, ट्राई करना। उम्मीद करता
- 5:34:36हूं आपने ट्राई कर लिया है। मैं आ रहा हूं
- 5:34:38एक्सप्लेनेशन पे। क्या लिखा हुआ है कि अ
- 5:34:40न्यू क्लोथिंग कंपनी इज होपिंग टू क्रिएट
- 5:34:43एज डैश एज 500 जॉब्स इन इट्स फैक्ट्री एंड
- 5:34:47नेशन वाइड चेन ऑफ़ स्टोर्स। एक न्यू
- 5:34:49क्लोथिंग कंपनी है। कपड़े बनाने की एक नई
- 5:34:51कंपनी आई है जो जो ऐसी उम्मीद कर रही है।
- 5:34:53हालांकि होप का होपिंग होता नहीं है। पर
- 5:34:55चलो ठीक है। लिखा हुआ था कि ऐसी उम्मीद कर
- 5:34:57रही है कि वो क्रिएट कर पाएगी कितने
- 5:34:59जॉब्स? 500 जॉब्स अपनी फैक्ट्री में और
- 5:35:02नेशन वाइड जो उसके स्टोर्स हैं वहां पे। द
- 5:35:04कंपनी न्यू ट्रेंड। कंपनी का नाम बता दिया
- 5:35:06गया है। नाम है न्यू ट्रेंड। ये सेटअप हुआ
- 5:35:09था पीटर डाल्टन के द्वारा जो कि एक 36 ईयर
- 5:35:12ओल्ड बिज़नेसमैन है। कहां से? लेबर पूल से।
- 5:35:15लेबर पूल एक जगह है इंग्लैंड का। वहां के
- 5:35:17रहने वाले हैं ये। द कंपनी व्हिच इज ड्यू
- 5:35:19टू स्टार्ट प्रोडक्शन अर्ली नेक्स्ट ईयर
- 5:35:21कंपनी जो कि अगले साल के शुरुआत से अपना
- 5:35:23प्रोडक्शन शुरू करेगी विल प्रोवाइड
- 5:35:25एंप्लॉयमेंट फॉर 300 पीपल इन ह फैक्ट्री
- 5:35:27वो 300 लोगों को लगभग अपने फैक्ट्री में
- 5:35:29काम देगी ऑन द एज ऑफ लिवर पूल इन 12 मंथ्स
- 5:35:32टाइम। 12 महीनों में वो लगभग लिवर पूल के
- 5:35:35आसपास में 300 लोगों को रोजगार देगी। डैश
- 5:35:38विल बी अ फर्दर 200 जॉब्स एज द कंपनी
- 5:35:42बिगिंस ओपनिंग शॉप्स इन टाउनंस इन ऑल
- 5:35:44पार्ट्स ऑफ़ ब्रिटेन। डैश जो और 200 जॉब्स
- 5:35:47हैं वह आगे मिलेंगे। उनके जब कंपनी उनके
- 5:35:50डिफरेंट ब्रिटेन के पार्ट्स में अपने अपने
- 5:35:53जो शॉप्स है वो खोलने लगेगा। ठीक है? मतलब
- 5:35:55अभी तो एक ही जगह पे जब फैलेगा इसका शॉप
- 5:35:57तो और 200 लोगों को ये नौकरी देगा। पीटर
- 5:36:00डाल्टन इज आल्सो डैश टू ओपन अ शॉप इन
- 5:36:02न्यूयॉर्क। पीटर डाल्टन जो है वो डैश है
- 5:36:04कि वो न्यूयॉर्क में अपना एक शॉप खोल सके।
- 5:36:07दिस प्रोजेक्ट हैज़ डैश मी फॉर ओवर फाइव
- 5:36:10इयर्स और फोर इयर्स टू फाइनलाइज़। इस
- 5:36:12प्रोजेक्ट पे को डैश लगे हैं 4 साल
- 5:36:14फाइनलाइज होने में। सेस पीटर डाल्ट एंड
- 5:36:16पीटर डाल्टन का कहना है। बहुत ही सिंपल
- 5:36:19पैसेज है। एक एक क्लोथिंग चेन की बात हो
- 5:36:22रही है। पीटर डाल्टा नाम का बंदा है जो
- 5:36:23उसको चला रहा है जिसने खोला है और कितना
- 5:36:25रोजगार देगा उसका जिक्र यहां पे किया गया
- 5:36:27है। पॉजिटिव टोन है पैसेज का। मैं ऑप्शंस
- 5:36:29पे आऊंगा। आंसर्स पे आऊंगा। ब्लैंक फिल अप
- 5:36:32करते हैं। लिखा है अ न्यू क्लोथिंग कंपनी
- 5:36:34इज होपिंग टू क्रिएट एज डैश एज जॉब्स। ये
- 5:36:37तो मैंने कई बार बताया।
- 5:36:39एज और एज के साथ हमेशा बीच में एडजेक्टिव
- 5:36:42लगता है और यह एडजेक्टिव हमेशा पॉजिटिव
- 5:36:45डिग्री में लिखा जाता है। पॉजिटिव डिग्री
- 5:36:47में लिखा जाता है। जिसका मतलब है हम हमेशा
- 5:36:50बोलते हैं एज मेनी एज हम हमेशा बोलते हैं
- 5:36:54एज लॉन्ग एज सो ऑन एंड सो फॉर। ठीक है?
- 5:36:57इसका मतलब ये है कि एज और एज के साथ हमेशा
- 5:37:01कोई एडजेक्टिव होगा और पॉजिटिव डिग्री का
- 5:37:03एडजेक्टिव होगा। एज मच एज हो सकता है एज
- 5:37:06मोर एज मोर कंपेरेटिव डिग्री है नहीं हो
- 5:37:08सकता एज लॉट एज कुछ नहीं होता अ लॉट ऑफ
- 5:37:10होता है लॉट्स ऑफ होता है अ एज लॉट एज कुछ
- 5:37:12नहीं होता एज मेनी एज अब हमारे पास दो
- 5:37:14ऑप्शन है या तो हम भरे एज मच एज
- 5:37:18या तो हम भरे एज मैनी एज
- 5:37:22राइट अब एक बात बताओ यहां पे हम मच भरे या
- 5:37:25मैनी ये किस पे डिपेंड करता है ये डिपेंड
- 5:37:27करता है कि ये एज एज एक्सप्रेशन आ किसके
- 5:37:29लिए आ रहा है तो ये आ रहा है 500 जॉब्स के
- 5:37:32लिए जॉब्स के
- 5:37:34मच और मैनी में डिफरेंस क्या होता है? मच
- 5:37:36एक अनकाउंटेबल नाउन है
- 5:37:39और मैनी एक काउंटेबल नाउन है। यही तो
- 5:37:42डिफरेंस है दोनों में। एक अनकाउंटेबल नाउन
- 5:37:44है, एक काउंटेबल नाउन है। यही तो डिफरेंस
- 5:37:45है दोनों में। इसका ये मतलब है कि हम जब
- 5:37:47जॉब्स की बात कर रहे हैं, प्लुरल कर रहे
- 5:37:49हैं एमएस लगा के तो ये किसका क्या
- 5:37:51सिग्निफाई कर रहा है? ये सिग्निफाई कर रहा
- 5:37:52है कि यहां पे कोई काउंटेबल चीज होनी
- 5:37:54चाहिए। तो आंसर क्या होगा? मैनी होगा कि
- 5:37:56नहीं होगा? जॉब्स को तो गिन सकते हैं। आगे
- 5:37:58बढ़ेंगे। द न्यू कंपनी न्यू ट्रेड वाज़ सेट
- 5:38:00अप बाय पीटर डाल्टन। पीटरल डाल्टन के
- 5:38:02द्वारा यह सेटअप किया गया था। 36 ईयर ओल्ड
- 5:38:04बिज़नेसमैन है जो कहां से आते हैं? लिवर
- 5:38:06पूल से आते हैं। तो मैं क्या कहता हूं कि
- 5:38:08आई एम अ पर्सन फ्रॉम अ प्लेस। राइट? मैं
- 5:38:11कहां से आ रहा हूं? उसके लिए फ्रॉम यूज़
- 5:38:13करेंगे ना। अ 36 ईयर ओल्ड ओल्ड बिज़नेसमैन
- 5:38:15टू लिवर पूल इन लिवर पूल, फ्रॉम लिवर पूल,
- 5:38:18अप लिवर पूल। आंसर क्या होगा? फ्रॉम लिवर
- 5:38:20पूल। लिवर पूल से आते हैं क्या? सिंपल है।
- 5:38:23आगे लिखा हुआ था
- 5:38:26द कंपनी व्हिच इज ड्यू टू स्टार्ट
- 5:38:27प्रोडक्शन अर्ली नेक्स्ट ईयर विल प्रोवाइड
- 5:38:28एंप्लॉयमेंट टू फॉर 300 पीपल इन इट्स
- 5:38:31फैक्ट्री ऑन द एज ऑफ़ द लिवर पूल इन 12
- 5:38:32मंथ्स टाइम। 12 महीनों में ये 300 लोगों
- 5:38:35को रोजगार देगा। डैश विल बी फर्दर 200
- 5:38:38जॉब्स। उसके बाद आगे 200 और जॉब्स होंगे।
- 5:38:42तो लिखा है कि हियर विल बी अ 200 जॉब्स।
- 5:38:45यहां 200 जॉब होंगे। जहां मैं पढ़ा रहा हूं
- 5:38:46ना यहां पे 200 जॉब मैं क्रिएट करूंगा।
- 5:38:49यहां पे नहीं। कहां पे क्रिएट होगा? जहां
- 5:38:51पे नई दुकानें खुलेंगी तो हियर नहीं यूज़
- 5:38:53करेंगे हम। इट विल बी अ फर्दर 200 जॉब्स।
- 5:38:56वहां और दो जॉब्स 200 जॉब्स होंगे। ये
- 5:38:58ज्यादा अच्छा सेंस है। मतलब क्या होगा?
- 5:39:00देयर विल बी सॉरी दे नहीं वे लोग देयर विल
- 5:39:03बी अ फर्दर 200 जॉब्स। मतलब और 200 जॉब्स
- 5:39:06क्रिएट होंगे। ठीक है? तो क्या कहते हैं?
- 5:39:08मैं एक पार्टी में जा रहा हूं। देयर विल
- 5:39:10बी अल्कोहल। तो मैं नहीं जाना चाहता। मैं
- 5:39:14शराब नहीं पीता। मैं टी टॉटलर हूं। तो मैं
- 5:39:16कह रहा हूं कि मैं वहां नहीं जाऊंगा
- 5:39:17क्योंकि वहां शराब होगा। देयर विल बी
- 5:39:19अल्कोहल। किस क्या यूज कर रहे हैं हम?
- 5:39:20देयर। सो देयर विल बी अ फदर 200 जॉब्स।
- 5:39:23वहां पर और दो 200 जॉब्स क्रिएट होंगे।
- 5:39:25राइट? क्वेश्चन नंबर 39 लिखा है पीटर
- 5:39:29डाल्टन इज़ आल्सो डैश टू ओपन अ शॉप इन
- 5:39:32न्यूयॉर्क। अच्छा फिर से यहां पे इज़ लिखा
- 5:39:35हुआ है।
- 5:39:37ठीक? अभी मैंने वाज़ वाला एग्जांपल बताया
- 5:39:38था। इसके साथ क्या हो सकता है? या तो V3
- 5:39:40हो सकता है या तो V4 हो सकता है। अगर V3
- 5:39:43हुआ तो यह पैसिव वॉइस में होगा। अगर V4
- 5:39:45हुआ तो यह एक्टिव वॉइस में होगा और
- 5:39:47कंटीन्यूअस टेंस में होगा।
- 5:39:50राइट आ जाओ। इट इज आल्सो प्ल्स। इज के साथ
- 5:39:53वी5 नहीं लगता। प्लंड वी3 है। इट इज आल्सो
- 5:39:57बीन प्लानिंग। बीन प्लानिंग हम क्यों
- 5:39:59करेंगे? बीन कहां लगता है? जहां हैज़ और
- 5:40:01हैव हो। इट इज़ प्लानिंग। दोनों में से कुछ
- 5:40:03एक हो सकता है। अब हमें बस ये देखना है कि
- 5:40:05सेंटेंस एक्टिव वॉइस है कि पैसिव वॉइस है।
- 5:40:07अगर हम यहां वी3 लगा देते हैं और अगर हम
- 5:40:09यहां लिख देते हैं प्लंड। तो सेंटेंस
- 5:40:10बनेगा पैसिव। पैसिव का मतलब यह होता है जो
- 5:40:13सब्जेक्ट है इस केस में पीटर डाल्टन इसके
- 5:40:15ऊपर काम हो रहा है। तो कह रहे हैं कि पीटर
- 5:40:19डाल्टन को प्लान किया जाएगा नई दुकानें
- 5:40:21खोलने में। पीटर डाल्टन कोप्लान किया
- 5:40:24जाएगा या पीटर डाल्टन प्लान कर रहे हैं।
- 5:40:26इसका ये मतलब है जिसे हम सब्जेक्ट मान रहे
- 5:40:28हैं वो हमारे एक्शन का डअर है। रिसीवर
- 5:40:30नहीं है। तो आंसर क्या होगा? इज प्लानिंग
- 5:40:33होगा कि नहीं होगा? तो आंसर है ऑप्शन नंबर
- 5:40:35फोर। क्लियर है? बढ़ेंगे अपने आज के लास्ट
- 5:40:40सवाल पर। लास्ट सवाल का सशन बताने से पहले
- 5:40:43नेसेसरी चीज अगर आप इस चैनल पर नए हो तो
- 5:40:46चैनल को सब्सक्राइब करते जाना। कंटेंट
- 5:40:48अच्छा लगा है तो इस वीडियो को लाइक करना।
- 5:40:50एक प्यारा सा कमेंट छोड़ देना। कुछ
- 5:40:52एक्स्ट्रा बताना चाहते हो। कुछ आप ये
- 5:40:55बताना चाहते हो कि मैं कहां इंप्रूव कर
- 5:40:56सकता हूं। मैं क्रिटिसिज्म के लिए
- 5:40:58कंस्ट्रक्टिव क्रिटिसिज्म के लिए हमेशा
- 5:41:00रेडी हूं। तो अगर आपको ये लगता है कि
- 5:41:02वीडियोस मेरे और इंप्रूव हो सकते हैं किसी
- 5:41:04तरीके से तो आप प्लीज बताना। ठीक है? उसके
- 5:41:06साथ-साथ अगर यूजफुल लग रहा है कंटेंट तो
- 5:41:09इसे शेयर करना अपने सारे दोस्तों के साथ
- 5:41:11जिस लाइब्रेरी में तुम पढ़ते हो वहां पे
- 5:41:13जो WhatsApp ग्रुप है टेलीग्राम ग्रुप है
- 5:41:15वहां पे ताकि चैनल को ग्रोथ मिले मुझे
- 5:41:17मोटिवेशन मिले और कुछ लोगों को फायदा भी
- 5:41:19मिले। ठीक है? अब क्या है? लिखा था दिस
- 5:41:21प्रोजेक्ट हैज़ डैश मी फॉर ओवर फोर इयर्स
- 5:41:25टू फाइनलाइज। हैज़ लिखा हुआ है। अच्छा बहुत
- 5:41:28सिंपल है। कहीं पर हैज़ हैव या हैड होता है
- 5:41:30तो उसके बाद हमेशा वी3 होता है। तो दिस
- 5:41:32प्रोजेक्ट हैज़ टेकन मी। हैज़ बीन टेकिंग
- 5:41:35नहीं हो सकता। टेकिंग नहीं हो सकता। टूक
- 5:41:38नहीं हो सकता। आंसर क्या होगा? टेकन ऑप्शन
- 5:41:40नंबर वन। तो मैं किसी भी क्लोज टेस्ट को
- 5:41:42हमेशा दो बार पढ़ता हूं। बहुत ध्यान से
- 5:41:44सुनना। हमेशा दो बार पढ़ता हूं। पहला जब
- 5:41:48मैं सिर्फ ये समझने की कोशिश करता हूं कि
- 5:41:50क्लोज टेस्ट की समरी क्या है? मतलब क्लोज
- 5:41:52टेस्ट किसके बारे में बात करना चाहता है।
- 5:41:54मैं यह पकड़ता हूं कि उसका टोन नेगेटिव है
- 5:41:57या उसका टोन पॉजिटिव है। पैसेज किसके बारे
- 5:41:59में है? क्या सब्जेक्ट अंडर डिस्कशन है?
- 5:42:00ये सब कुछ। दूसरी बार जब मैं पढ़ता हूं तो
- 5:42:03मैं ब्लैंक्स फिल अप करने की कोशिश करता
- 5:42:05हूं। ये तरीका मुझे हमेशा फायदा पहुंचाता
- 5:42:08है। और अभी तक मैं इसी तरीके से बनाता आया
- 5:42:10हूं। तो मैं यही तरीका आपको भी सिखा रहा
- 5:42:11हूं। हर पैसेज को आप दो बार पढ़ेंगे। एक
- 5:42:14बार वीडियो को पॉज करेंगे। आप पढ़ेंगे। इस
- 5:42:16तरीके से ये समझने के लिए रादर के समरी
- 5:42:19क्या है? किसके बारे में? पॉजिटिव है,
- 5:42:21नेगेटिव है, क्या बातें बताई गई है। सेकंड
- 5:42:23बार जब हम पढ़ेंगे तो हम पढ़ेंगे इसे मीनिंग
- 5:42:25के। तो एक दो में मैं करके दिखाऊंगा।
- 5:42:29आ जाओ। क्या लिखा है कि रोमांटिक पोएट्री
- 5:42:32इज अ लिटरेरी मूवमेंट दैट इमर्ज इन द लेट
- 5:42:3618 सेंचुरी एंड कंटिन्यूड थ्रू द मिड 19
- 5:42:38सेंचुरी। रोमांटिक पोएट्री एक ऐसा लिटरेरी
- 5:42:41मूवमेंट था। लिटरेचर से रिलेटेड मूवमेंट
- 5:42:43था जो कि 18वीं शताब्दी में लगभग शुरू हुआ
- 5:42:46था और 19वीं शताब्दी तक जारी जारी रहा। इट
- 5:42:49इज डैश बाय एन एमफेसिस ऑन इमोशन,
- 5:42:52इमेजिनेशन एंड इंडिविजुअलिज्म। अभी मैं
- 5:42:55ब्लैंक में क्या फिल अप होगा? मैं बिल्कुल
- 5:42:56नहीं पढ़ रहा। मैं बिल्कुल ऑप्शन नहीं दे
- 5:42:58रहा। आप भी यही तरीका फॉलो करेंगे। ठीक
- 5:42:59है? अगर आपको मेरे हिसाब से काम करना है
- 5:43:01तो आप ये तरीका फॉलो करिए। अदरवाइज आपका
- 5:43:03कोई तरीका है कोई स्टैंडर्ड मेथड आप फॉलो
- 5:43:05कर रहे हो तो ठीक है। मतलब मार्क्स लाने
- 5:43:07से। ठीक है? अगर बिल्कुल नए हो, कभी नहीं
- 5:43:09बनाया या नहीं सही होते तो मेरा तरीका
- 5:43:12अपना। तो, क्या लिखा है कि इट इज़ डैश बाय
- 5:43:14एन एम्फेसिस ऑन इमोशन। इंफेसिस मतलब होता
- 5:43:16है जोर देना। यह डैश होता है इमोशंस पर
- 5:43:19जोर देने से, इमेजिनेशन पर जोर देने से और
- 5:43:22इंडिविजुअलिज्म पर जोर देने से। रोमांटिक
- 5:43:25पोएट्स सॉर्ट टू एक्सप्रेस देयर इनर मोस्ट
- 5:43:28थॉट्स एंड फीलिंग्स थ्रू देर पोएट्री।
- 5:43:30रोमांटिक पोएट्स जो थे वो हमेशा यह प्रयास
- 5:43:33करते थे कि उनकी जो सोच है या उनकी जो
- 5:43:36फीलिंग्स है वो अपने पोएट्री के थ्रू उसको
- 5:43:38जाहिर करें। ऑफेन एक्सप्लोरिंग डैश सच एज
- 5:43:42लव, ब्यूटी एंड मोटलिटी। और इसी कारणवश या
- 5:43:45इसके लिए वो एक्सप्लोर करते थे, वो लिखते
- 5:43:48थे, ट्राई करते थे डैश को जो कि लव,
- 5:43:51ब्यूटी और मोटलिटी के बारे में था। वन ऑफ़
- 5:43:54द डिफाइनिंग फीचर्स ऑफ़ रोमांटिक पोएट्री
- 5:43:56इज़ इट्स यूज़ ऑफ़ लैंग्वेज एंड इमेजरी टू
- 5:43:58इवोक पावरफुल इमोशंस इन द रीडर। लिखा हुआ
- 5:44:01है कि वन ऑफ़ द डिफाइनिंग फीचर्स जो
- 5:44:03रोमांटिक पोएट्री का है, वो ये है। एक तो
- 5:44:05इसका लैंग्वेज है। और दूसरा इसकी इमेजरी
- 5:44:07है। इमेजरी क्या होता है? इमेजरी का मतलब
- 5:44:10होता है जब आपको कोई कुछ देख के कुछ एक
- 5:44:13पिक्चर देख के आपको आपके अंदर कुछ इमोशन आ
- 5:44:16जाए तो उसको इमेजरी कहते हैं। जैसे आपको
- 5:44:18पुराने फिल्मों में याद होगा कि जब भी कोई
- 5:44:20रोमांटिक एक सीन दिखाना होता था तो हमेशा
- 5:44:24गुलाब से वो सीन शुरू होता था। ये इमेजरी
- 5:44:26कहलाता है। जब आपको कोई इमेज देख के कोई
- 5:44:29बहुत पावरफुल फीलिंग आपके अंदर आए। ठीक
- 5:44:31है? सो इमेजरी टू इवोक पावरफुल इमोशंस इन
- 5:44:34द रीडर। वो हमेशा ये कोशिश करते थे जो
- 5:44:36रोमांटिक पोएट्स थे कि वो अपने लैंग्वेज
- 5:44:39और इमेजरी के थ्रू लोगों के अंदर बहुत
- 5:44:41स्ट्रांग इमोशंस लेकर आए। मेनी रोमांटिक
- 5:44:44पोएट्स सच ऐ विलियम व्सवर्थ एंड सैमुअल
- 5:44:46टेलर कोलरज एसटी कोरिज जिन्हें कहते हैं
- 5:44:49डैश दैट पोएट्री शुड बी रिटन इन द
- 5:44:51लैंग्वेज ऑफ़ कॉमन पीपल रेदर देन इन द
- 5:44:53लॉफ्टी फॉर्मल लैंग्वेज ऑफ़ द पास्ट। लिखा
- 5:44:55हुआ है बहुत सारे ऐसे पोएट थे जैसे कि बड़े
- 5:44:57फेमस है विलियम ब्सव और उन्हीं के साथ-साथ
- 5:44:59एसटी कोलरिज। ये सारे के सारे ऐसे पोएट्स
- 5:45:02थे जो हमेशा इस बात पर बहुत जोर डालते थे
- 5:45:04कि जो भाषा होनी चाहिए एक कविता की वो एक
- 5:45:08आम इंसान की भाषा होनी चाहिए ना ही कोई
- 5:45:10लंबी चौड़ी ऐसी भाषा जो किसी के समझ ही ना
- 5:45:13आए दे आल्सो इनकरपोरेटेड विविड
- 5:45:16डिस्क्रिप्शन ऑफ नेचर विविड मतलब होता है
- 5:45:18क्लियर इनकर्पोरेट का मतलब होता है
- 5:45:19इंक्लूड तो क्या लिखा हुआ है कि उन्होंने
- 5:45:21इंक्लूड किया बहुत सारे क्लियर
- 5:45:23डिस्क्रिप्शन को नेचर के बारे में एंड द
- 5:45:25नेचुरल वर्ल्ड इंटू देयर पोएट्री तो इनके
- 5:45:28लिखने का तरीका यह था कि यह प्रकृति की
- 5:45:30मदद लेते थे चीजों को बताने के लिए। जैसा
- 5:45:32अभी मैंने एग्जांपल दिया था गुलाब वाला।
- 5:45:34यूजिंग इट एज अ सोर्स ऑफ़ इंस्पिरेशन एंड
- 5:45:35स्पिरिचुअल रिन्यूल।
- 5:45:37आगे डैशेंट एस्पेक्ट ऑफ़ रोमांटिक पोएट्री
- 5:45:41इज़ इट्स फोकस ऑन द इंडिविजुअल एंड द
- 5:45:43सब्जेक्टिव एक्सपीरियंस। लिखा हुआ है कि
- 5:45:45डैश इंपॉर्टेंट एस्पेक्ट जो था रोमांटिक
- 5:45:48पोएट्री का वो ये था कि वो लोग हमेशा फोकस
- 5:45:51करते थे इंडिविजुअल और सब्जेक्टिव
- 5:45:53एक्सपीरियंस पे। कहने का मतलब यह है अगर
- 5:45:55मैं आपको बोलूं कि गुलाब खूबसूरत है तो
- 5:45:58मेरे बोलने पे अगर आप मान ले रहे हो तो यह
- 5:46:00सब्जेक्टिव नहीं होता। सब्जेक्टिव का मतलब
- 5:46:01होता है कि हर इंसान का अपना अनुभव है। वो
- 5:46:04अपने अनुभव के हिसाब से चीजों को जज
- 5:46:06करेगा। जैसे मैं मिला हूं लाइफ में ऐसे
- 5:46:08लोगों से आपने भी मिला हो जिनको गुलाब
- 5:46:10नहीं पसंद। जिनको पुराने गाने नहीं पसंद।
- 5:46:12तो ये तो सब्जेक्टिव चीज है ना। आपको वो
- 5:46:15चीज रोमांटिक लग रही है या आपको वो चीज
- 5:46:17अच्छी लग रही है। जरूरी नहीं है सबको लगे।
- 5:46:19सबका अपना अनुभव होता है। इस अपने अनुभव
- 5:46:21को सब्जेक्टिव या इंडिविजुअलिज्म कहा जाता
- 5:46:23है। ठीक है? रोमांटिक पोएट्स बिलीव दैट ईच
- 5:46:26पर्सनंस एक्सपीरियंस ऑफ द वर्ल्ड वाज़
- 5:46:28यूनिक एंड वैलुएबल। अभी जो मैं कह रहा था
- 5:46:30कि रोमांटिक पोएट्स ये मानते थे कि हर
- 5:46:32व्यक्ति का अपना अनुभव है दुनिया का और वो
- 5:46:34यूनिक है अपने आप में। एंड सॉर्ट टू
- 5:46:36कैप्चर दिस इंडिविजुअलिटी इन देयर
- 5:46:38राइटिंग। और वो यह प्रयास करते थे कि इस
- 5:46:40चीज को अपनी लिखावट के द्वारा दर्शाया जा
- 5:46:43सके। दिस लेड टू अ ग्रेटर एम्फेसिस ऑन
- 5:46:45पर्सनल एक्सप्रेशन एंड इंट्रोस्पेक्शन इन
- 5:46:47पोएट्री। और इसके वजह से क्या हो रहा था?
- 5:46:50इसके मतलब परिणाम स्वरूप क्या हो रहा था
- 5:46:53कि ज्यादा जोर डालते थे वो पर्सनल
- 5:46:55एक्सप्रेशन के बारे में और इंट्रोस्पेक्शन
- 5:46:57के बारे में। इंट्रोस्पेक्शन का मतलब होता
- 5:46:59है आत्मचिंतन। जब आप अपने अंदर के थॉट्स
- 5:47:02को कह लो कि एक तरीके से सोचते हो, देखते
- 5:47:04हो क्या चल रहा है मेरे अंदर? उसको
- 5:47:06इंट्रोस्पेक्शन कहते हैं। डैश अ रिजेक्शन
- 5:47:08ऑफ द ट्रेडिशनल पोएटिक फॉर्म्स एंड
- 5:47:10स्ट्रक्चर्स ऑफ़ द पास्ट। और इसी के
- 5:47:12साथ-साथ एक तो ये हो गया कि वो ए्फेसिस
- 5:47:15डाल रहे थे पर्सनल एक्सप्रेशन पे। और इसी
- 5:47:17के साथ-साथ वो और भी एक चीज पे बहुत जोर
- 5:47:19डाल रहे थे कि जो ट्रेडिशनल मेथड्स हैं
- 5:47:21पोएम के पोएम लिखने के जो ट्रेडिशनल
- 5:47:23मेथड्स हैं या पोएम सुनाने के जो
- 5:47:25ट्रेडिशनल मेथड्स हैं उनको वो लोग रिजेक्ट
- 5:47:27कर रहे थे कि पोएम कहता है कि भैया झरना
- 5:47:30बहुत खूबसूरत है। मैं नहीं मानूंगा मुझे
- 5:47:32नहीं लगता। ठीक है? तो वो इस थॉट को भी
- 5:47:34रिजेक्ट कर रहे थे कि पोएट्री पूरी दुनिया
- 5:47:37के लिए जनरलाइज्ड है और एक ही तरीके से
- 5:47:40लिखी जा सकती है। वो इसको भी रिजेक्ट कर
- 5:47:41रहे थे। उम्मीद करता हूं कि आपको यह पैसेज
- 5:47:44समझ में आया। तो अभी हमने क्या किया? अभी
- 5:47:46हमने ब्लैंक्स के साथ सबसे पहले पैसेज
- 5:47:49पढ़ा। इससे हमें यह आईडिया हो गया कि
- 5:47:51पैसेज किस बारे में है। तो हमने क्या सीखा
- 5:47:53कि पैसेज है पोएट्री और पोएट्री के लिखने
- 5:47:56के तरीके के बारे में। ठीक है? इसमें
- 5:47:58मोटा-मोटा ये बात की गई कि पोएट्री जो है
- 5:48:00वो बहुत सब्जेक्टिव चीज भी हो सकती है और
- 5:48:03पोएट्री जो है इंडिविजुअलिज्म को के लिए
- 5:48:05भी हो सकती है। जिस तरीके से बोला जाता है
- 5:48:07कि पोएट्री सबके लिए समान है। ऐसा नहीं हो
- 5:48:09सकता। मोटा-मोटा ये समरी थी। ठीक है? और
- 5:48:11अगर मैं टोन की बात करूं तोकि अच्छी-अच्छी
- 5:48:14बातें की गई है पोएट्री के बारे में तो
- 5:48:16मोटा-मोटा पॉजिटिव ये टोन था। एक दो लाइंस
- 5:48:18नेगेटिव था। जैसे लास्ट में ये वाला लाइन
- 5:48:20लाइन नेगेटिव था। रिजेक्शन वर्ड यहां यूज़
- 5:48:22किया गया है। अदरवाइज हर जगह पे पॉजिटिव
- 5:48:26था। तो मैंने इतनी बातें समझ ली। इतनी
- 5:48:28बातें सोच ली। जब मैं पहली बार पढूंगा
- 5:48:30एग्जाम में तो मैं इतनी बातें एग्जाम में
- 5:48:32कैलकुलेट कर लूंगा। ठीक है? अब आप बोलोगे
- 5:48:34सर यही तो नहीं समझ में आता तो बेटा इतने
- 5:48:36दिन से चाइनीज़ में थोड़ी बोल रहा कि रीडिंग
- 5:48:38करो, रीडिंग करो, रीडिंग करो। इतने सारे
- 5:48:40टीचर्स, इतने बड़े-बड़े टीचर्स हैं
- 5:48:43YouTube पे। सब बोलते हैं रीडिंग करो,
- 5:48:44रीडिंग करो। सारे बेवकूफ थोड़ी हैं।
- 5:48:46रीडिंग करने से ही चीजें आसान होती है। है
- 5:48:47ना? चलो अब आते हैं इस पे। कैसे फिल अप
- 5:48:50करेंगे इसको? अब फिल अप वाले पार्ट पे आते
- 5:48:52हैं। लिखा था रोमांटिक पोएट्री इज़ अ
- 5:48:54लिटरेरी मूवमेंट जो 18वीं शताब्दी में
- 5:48:56शुरू हुआ। 19वीं शताब्दी तक चला। ठीक। इट
- 5:48:58इज़ डैश बाय एन एफेसिस ऑन इमोशंस। ये डैश
- 5:49:03है जोर देने पे इमोशंस से। अच्छा क्या हो
- 5:49:06सकता है? इट इज कैरेक्टराइजिंग।
- 5:49:08मैं चेंज कर रहा हूं। इंक इट इज
- 5:49:10कररेक्टराइजिंग। इट इज कररेक्टराइज्ड। इट
- 5:49:13इज कररेक्टरिस्टिक। इट इज कररेक्टराइजेस।
- 5:49:15ठीक है? अब देखो हमने पढ़ा था कि अगर किसी
- 5:49:18सेंटेंस में और ये ग्रामर के वीडियोस में
- 5:49:20हमने कितनी बार पढ़ा है कि अगर किसी
- 5:49:23सेंटेंस में आप इज़ एम आर वाज़ वर यूज़ करो
- 5:49:25तो उसके बाद या तोकि जगह की कमी है तो मैं
- 5:49:27थोड़ा छोटा-छोटा लिखा हूं। ठीक है? थोड़ा सा
- 5:49:28मैनेज कर लेना। तो उसके साथ क्या यूज़ होता
- 5:49:31है? या तो इज़ यूज़ होता है। मतलब या तो वी3
- 5:49:34यूज़ होता है या तो वी4 यूज़ होता है। इज़ एम
- 5:49:36आर वाज़ वर मतलब डी हेल्पिंग वर्ब का जहां
- 5:49:38पे भी रहेगा या तो वी3 यूज़ करेंगे या तो
- 5:49:39वी4 यूज़ करेंगे। ये नाउन है
- 5:49:42कैरेक्टरिस्टिक। वर्ब तो है नहीं। आंसर
- 5:49:44नहीं हो सकता। कैरेक्टराइजेस वर्ब का
- 5:49:46पांचवा फॉर्म है साहब। नहीं हो सकता। अब
- 5:49:49दो ऑप्शन बचे हैं। या तो हम बोले बोले इट
- 5:49:51इज़ कैरेक्टराइजिंग। या तो हम बोले इट इज़
- 5:49:53कैरेक्टराइज्ड। अच्छा यहां क्या लिखा हुआ
- 5:49:54था कि इट इज़ इट इज़ कैरेक्टराइजिंग या
- 5:49:56कैरेक्टराइज्ड बाय एन एम्फेसिस ऑन इमोशंस।
- 5:49:59मतलब इसकी यह चारित्रिक विशेषता है कि यह
- 5:50:02जोर डालता है इमोशंस पे। अब एक बात बताओ
- 5:50:06ये किसी का कैरेक्टरिस्टिक
- 5:50:09दिखा रहा है या इसी का कैरेक्टरिस्टिक
- 5:50:12दिखाया जा रहा है? ऑब्वियसली इसी का इसी
- 5:50:14का मतलब किसका? रोमांटिक पोएट्री का।
- 5:50:16रोमांटिक पोएट्री किसी का चरित्र बता नहीं
- 5:50:18रहा। रोमांटिक पोएट्री का चरित्र बताया जा
- 5:50:21रहा है। इसका मतलब यह जो इट सब्जेक्ट है
- 5:50:23यह काम कर नहीं रहा। इसके ऊपर काम हो रहा
- 5:50:26है। कुछ चीजें याद आ रही हैं? इसको हमने
- 5:50:28बड़े एक्सटेंसिवली बहुत सारे क्वेश्चन में
- 5:50:30फॉलो किया है। सब्जेक्ट काम करे तो एक्टिव
- 5:50:32वॉइस, सब्जेक्ट पर काम हो तो पैसिव वॉइस।
- 5:50:34इसका मतलब ये सेंटेंस पैसिव वॉइस में है।
- 5:50:36अब अगर पैसिव वॉइस में है तो वी3 लग सकता
- 5:50:38है क्या? क्योंकि V3 में तो बीइंग लगता
- 5:50:40है। आंसर क्या होना चाहिए था? V3 सॉरी
- 5:50:43उल्टा बोल रहा हूं मैं। वी4 मैं लिख V4
- 5:50:45रहा हूं, बोल V3 रहा हूं। सो V4 नहीं हो
- 5:50:47सकता। उसमें बीइंग लगेगा। आंसर क्या होगा?
- 5:50:49V3 आंसर है कैरेक्टराइज़्ड। ठीक है? क्या
- 5:50:52होता है ना कि बहुत बार पढ़ातेपढ़ाते हम
- 5:50:54अभी जब मैं फर्स्ट पढ़ा रहा था मेरा ध्यान
- 5:50:56सेकंड ऑप्शन पर जा रहा था कि सेकंड में
- 5:50:58क्या होगा? तो क्या होता है? पढ़ातेपढ़ते
- 5:50:59बहुत बार ध्यान इधर-उधर भटक जाता है। तो
- 5:51:01अगर मैं ऐसे कुछ गलत बोल जाऊं ना तो माफ
- 5:51:04करना। ठीक है? उसके समझ जाना। मैं एब्सेंट
- 5:51:05माइंडेड चल रहा हूं। एनीवेज आगे बढ़ते
- 5:51:08हैं। रोमांटिक पोएट्स सॉर्ट टू एक्सप्रेस
- 5:51:10देयर इनर मोस्ट थॉट्स एंड फीलिंग्स थ्रू
- 5:51:12देर पोएट्री ऑफेन एक्सप्लोरिंग डैश सच एज
- 5:51:15लव, ब्यूटी एंड मोटलिटी। देखो क्या लिखा
- 5:51:17है इसमें कि रोमांटिक पोएट्स जो है ना वो
- 5:51:20डिफरेंट इनर मोस्ट एक्सप्रेस करते हैं। वो
- 5:51:24लोग क्या एक्सप्रेस करते हैं? इनर मोस्ट
- 5:51:25थॉट्स को एक्सप्रेस करते हैं। फीलिंग्स को
- 5:51:27एक्सप्रेस करते हैं। कैसे करते हैं?
- 5:51:29पोएट्री से। अच्छा पोएट्री से कैसे
- 5:51:31करेंगे? जब वो डिफरेंट-डिफरेंट सब्जेक्ट्स
- 5:51:33के ऊपर लिखेंगे। डिफरेंट सब्जेक्ट्स
- 5:51:35कौन-कौन से हैं? बता भी दिया गया है कि लव
- 5:51:37है, ब्यूटी है, मोटलिटी है। इसका मतलब ये
- 5:51:40वो जो भी पोएट्री लिख रहे हैं, उसका
- 5:51:42सब्जेक्ट है। उसका सब्जेक्ट है। आ जाओ
- 5:51:44सब्जेक्ट से मिलताजुलता कोई वर्ड यहां पे
- 5:51:46है क्या? पोएट्री की थीम्स होगी। पोएट्री
- 5:51:49के प्रॉब्लम्स होंगे। देखो मैं क्यों कह
- 5:51:51रहा था कि सेंटेंस का टोन पहचानना पॉजिटिव
- 5:51:53है कि नेगेटिव है। और मैंने अभी बोला भी
- 5:51:56कि सेंटेंस का टोन पॉजिटिव है। अब जब
- 5:51:58पॉजिटिव है तो ये जितने भी नेगेटिव वाले
- 5:52:00वर्ड्स हैं वो तो आंसर नहीं हो सकते।
- 5:52:02क्योंकि यहां तो बात की गई है लव, ब्यूटी
- 5:52:04और मोटलिटी के किस चीज की? सब्जेक्ट्स की।
- 5:52:07प्रॉब्लम्स नहीं हो सकते। आर्गुममेंट्स
- 5:52:09नहीं हो सकते। कंसर्न्स। कंसर्न मतलब होता
- 5:52:11है चिंता। ये तीनों नेगेटिव टर्म्स हैं।
- 5:52:13आंसर नहीं हो सकते। आंसर कौन सा होगा?
- 5:52:14थीम्स। समझ पा रहे हो? आगे बढ़ेंगे। अगला
- 5:52:19देखो। वन ऑफ़ द डिफाइनिंग फीचर्स ऑफ़
- 5:52:21रोमांटिक पोएट्री। जो डिफाइनिंग फीचर्स है
- 5:52:23वो है इसके यूज़ में लैंग्वेज और इमेजरी
- 5:52:24का। मैंकि एक बार हिंदी बता चुका हूं तो
- 5:52:26मैं थोड़ा-थोड़ा टपू, जंप करूंगा। मेनी
- 5:52:30रोमांटिक पोएट्स सच एस विलियम व्सवर्थ एंड
- 5:52:32सैमुअल टेलर कोलरिच डैश दैट। ठीक है? दो
- 5:52:36लोगों का नाम बताया गया है विलियम व्सवर्थ
- 5:52:37और एसटी कोलरच का और बीच में है एंड। ठीक?
- 5:52:40अब यहां पे हम क्या भर सकते हैं? पहला
- 5:52:43ऑप्शन है बिलीव्स। मैंने यहां एंड को
- 5:52:45क्यों मार्क किया? क्योंकि आपको पता है
- 5:52:47अगर हम दो सब्जेक्ट को एंड से जोड़ें तो वो
- 5:52:49प्लुरल हो जाता है। यहां दो लोगों का नाम
- 5:52:50है विलियम व्सवर्थ और एस्टे कोरिज ये
- 5:52:52दोनों पॉजिटिव। ये दोनों मिला के जब हम
- 5:52:55एंड से जोड़ेंगे तो प्लूरल हो जाएंगे। अगर
- 5:52:57प्लुरल हो जाएंगे तो वर्ब का पांचवा फॉर्म
- 5:52:58लगेगा क्या? गलत है। बिलीव
- 5:53:02पास्ट है। विल बिलीव, कुड बिलीव। ठीक है?
- 5:53:06तीन चीजें हैं। अच्छा अब देखो लिखा है कि
- 5:53:09बहुत सारे ऐसे रोमांटिक पोएट थे जैसे
- 5:53:11विलियम व्सवर्थ और सिमुल कोलरीज। ये सारे
- 5:53:13के सारे तो पुराने लोग हैं। इसका मतलब ये
- 5:53:16है कि ये तो पास्ट वाली बात है। दूसरा
- 5:53:19क्या आपको अगली लाइन में दिख रहा है? दे
- 5:53:20आल्सो इनकरपोरेटेड।
- 5:53:22जिसका मतलब है पूरा का पूरा टोन कहां जा
- 5:53:24रहा है भाई? पूरा का पूरा टोन तो पास्ट
- 5:53:26टेंस में जा रहा है क्योंकि उन घटनाओं की
- 5:53:28बात की जा रही है जो घटनाएं हो चुकी। इसका
- 5:53:30मतलब यह है सेंटेंस तो पास्ट में बनना
- 5:53:32चाहिए। पास्ट में होगा तब तो यहां पे वुड
- 5:53:34होना चाहिए था। नहीं हो सकता। अच्छा कुड
- 5:53:37बिलीव लिखा है कि विलियम व्सवर्थ और एसटी
- 5:53:40कोलरीज ना शायद बिलीव कर सकते थे कि
- 5:53:43पोएट्री जो है वो कॉमन लोगों के लिए लिखनी
- 5:53:45चाहिए। बिलीव कर सकते थे। मतलब वो मानते
- 5:53:48थे ये। इसलिए तो उनको नेचर पोएट्स कहा
- 5:53:50जाता है कि वो मानते थे यह बात कि जो
- 5:53:53पोएट्री है वो आसान भाषा में लिखी जानी
- 5:53:54चाहिए। ये ये एक पॉसिबिलिटी बता रहा था।
- 5:53:57आंसर नहीं हो सकता। आंसर कौन सा होगा?
- 5:53:58ऑप्शन नंबर टू। उम्मीद करता हूं आपको समझ
- 5:54:00में आ रहा है। आगे बढ़ेंगे। ये बीच के
- 5:54:03लाइंस हमारे काम के नहीं है। मैं डायरेक्ट
- 5:54:04यहां बढ़ रहा हूं। डैश इंपॉर्टेंट
- 5:54:05एस्पेक्ट ऑफ रोमांटिक पोएट्री। ठीक है?
- 5:54:08यहां तक हमने बात करी थी। यहां तक हमने
- 5:54:10बात करी थी कि कितना अच्छा है रोमांटिक
- 5:54:12पोएट्री और क्या-क्या बातें उसके बारे में
- 5:54:14बोली गई है। अब मैं आगे बोल रहा हूं कि
- 5:54:16रोमांटिक पोएट्री का एक और डैश है कि एक
- 5:54:19इस इंपॉर्टेंट एस्पेक्ट है कि वो फोकस
- 5:54:22करता है इंडिविजुअल तो ये तो अच्छी बात है
- 5:54:23ना ये अच्छी बात है ना पॉजिटिव बात है ना
- 5:54:26आ जाओ तो जरा ऑप्शन लिखा है कि फदरेंट
- 5:54:29देखो फर्दर बोलता तो हम एक बार सोचते भी
- 5:54:31फर्दर का मतलब होता है अगला या आगे फदर
- 5:54:34मतलब होता है दूर ये डिस्टेंस बताने के
- 5:54:36काम आता है हो सकता है क्या नहीं हो सकता
- 5:54:39एडिशनल इंपॉर्टेंट एस्पेक्ट अगर हम ये
- 5:54:42लिखेंगे कि एडिशनल इंपॉर्टेंट एस्पेक्ट तो
- 5:54:44फिर हमको इसके आगे एन लगाना पड़ेगा। एन
- 5:54:47एडिशनल इंपॉर्टेंट एस्पेक्ट क्योंकि ये
- 5:54:49वोवेल से स्टार्ट हो रहा है। गलत है। अनदर
- 5:54:52इंपॉर्टेंट एस्पेक्ट ये अपने आप में
- 5:54:55डिटरमिनर है। ये तो लग सकता है अनदर
- 5:54:57इंपॉर्टेंट की एक और इसमें बात है।
- 5:54:59मोस्टली इंपॉर्टेंट मतलब मोटा-मोटी
- 5:55:01इंपॉर्टेंट थोड़ा बहुत इंपॉर्टेंट है। ये
- 5:55:03तो हो ही नहीं सकता। आंसर क्या होगा? अनदर
- 5:55:06आगे बढ़ेंगे। दिस लेड टू अ ग्रेटर
- 5:55:09एम्फेसिस ऑन पर्सनल एक्सप्रेशन एंड
- 5:55:12इंट्रोस्पेक्शन इन पोएट्री डैश अ
- 5:55:14रिजेक्शन। हालांकि इसका आंसर मैंने पहली
- 5:55:16बार जब मैं समझा रहा था तब मैं बोल गया था
- 5:55:17गलती से। क्या लिखा हुआ है? दिस लेड टू अ
- 5:55:20ग्रेटर एम्फेसिस। इससे और जोर पड़ा किस
- 5:55:22चीज के ऊपर? पर्सनल एक्सप्रेशन एंड
- 5:55:25इंट्रोस्पेक्शन पोएट्री। ठीक है? पोएट्री
- 5:55:28में जो पर्सनल एक्सप्रेशन और
- 5:55:29इंट्रोस्पेक्शन है उसके ऊपर जोर पड़ा। और
- 5:55:32साथ ही साथ में एक और चीज पर इसने जोर
- 5:55:34दिया कि रिजेक्ट किया ट्रेडिशनल पोएटिक
- 5:55:37फॉर्म्स को। तो हमें यहां पे और माने एंड
- 5:55:40से मिलताजुलता कुछ चाहिए। क्योंकि इन
- 5:55:43दोनों चीजों पे जोर पड़ा है तो हम एंड से
- 5:55:44ही जोड़ सकते हैं। एंड ही कंजक्शन है।
- 5:55:46यहां लिखा हुआ है वेयर एज जबकि नहीं हो
- 5:55:48सकता। देयर फॉर इसलिए नहीं हो सकता। बट
- 5:55:51लेकिन ये तो उल्टा हो जाएगा। एज वेल एज
- 5:55:53कहीं ना कहीं एंड वाला सेंस देता है। तो
- 5:55:55आंसर क्या होगा? ऑप्शन नंबर फोर। उम्मीद
- 5:55:58करता हूं क्लियर है आपने ट्राई किया और
- 5:56:01आपका सही भी आगे बढ़ेंगे पैसेज नंबर टू आप
- 5:56:05फिर से इसको पॉज करेंगे दो बार पढ़ेंगे
- 5:56:07पहली बार जब पढ़ेंगे तो इसका मीनिंग समझने
- 5:56:10के लिए पढ़ेंगे दूसरी बार जब पढ़ेंगे तो
- 5:56:12आंसर करने के लिए पढ़ेंगे मैं उम्मीद करता
- 5:56:14हूं आपने पढ़ लिया है मैं सशन बता रहा हूं
- 5:56:16लिखा है कि फॉर डिकेड्स ह्यूमंस हैव
- 5:56:19ट्राइड टू थराइज़ द ओरिजिन एंड इवोल्यूशन
- 5:56:21ऑफ द यूनिवर्स डेकेड्स मतलब होता है दशक
- 5:56:23मतलब दशकों ने दशकों से इंसानों ने ट्राई
- 5:56:26किया है कि वो ये जो पृथ्वी है जो
- 5:56:28ब्रह्मांड है यूनिवर्स जो है ये कैसे बनकर
- 5:56:31आई कैसे इसका उद्गम हुआ इस चीज को
- 5:56:34थ्योराइज किया जा सके इसकी थ्योरी जानी जा
- 5:56:36जानी जा सके मेनी थ्यरीज़ हैव बीन प्रपोज्ड
- 5:56:39एंड रिजेक्टेड बहुत सारे थ्यरीज़ आए और वो
- 5:56:41प्रपोज किए गए और रिजेक्ट हो गए हाउएवर द
- 5:56:44बिग बैंग थ्यरी हैज़ बीन द मोस्ट डैश
- 5:56:47एक्सेप्टेड
- 5:56:48लेकिन जो बिग बैंग थ्यरी है वो बहुत ही
- 5:56:52ज्यादा डैश एक्सेप्टेड है। अब मैं मान के
- 5:56:54चल रहा हूं कि आपने पहली बार पढ़ा है और
- 5:56:56आपको मीनिंग इसका पता है। ठीक है?
- 5:56:58डायरेक्ट मेरे जैसा बनाने मत लगना। मैं तो
- 5:57:00मान के चल रहा हूं कि आपने पढ़ा है। मैं
- 5:57:02डायरेक्ट बना रहा हूं। आपको डायरेक्ट नहीं
- 5:57:03बनाना। तो क्या लिखा हुआ है कि हाउएवर द
- 5:57:05बिग बैंग थ्योरी हैज़ बीन द मोस्ट डैश
- 5:57:07एक्सेप्टेड। हालांकि बिग बैंग थ्योरी जो
- 5:57:10है ये एक थ्योरी है। पृथ्वी कैसे आई उसके
- 5:57:13बारे में आपने पढ़ा होगा, सुना होगा। बहुत
- 5:57:15कॉमन चीज है। उसको सबसे ज्यादा डैश
- 5:57:17एक्सेप्ट किया गया है। अब हमारे पास
- 5:57:19ऑप्शंस हैं। सबसे पहले है वास्टली।
- 5:57:22वास्टली एक्सेप्टेड, लार्जली एक्सेप्टेड,
- 5:57:26लूजली एक्सेप्टेड, वाइडली एक्सेप्टेड। हम
- 5:57:30लोग जब भी किसी थ्योरी के बारे में पढ़ते
- 5:57:32हैं तो हमेशा कहते हैं कि ये वाइडली
- 5:57:34एक्सेप्टेड
- 5:57:36फैक्ट है। वाइडली एक्सेप्टेड मतलब ये
- 5:57:39आमतौर पर जाना माना और लोगों का एक्सेप्ट
- 5:57:42किया हुआ है। बहुत सारे लोग इसको एक्सेप्ट
- 5:57:44करते हैं। तो जब कोई चीज किसी फैक्ट को
- 5:57:46बहुत सारे लोग एक्सेप्ट करते हैं तो उसको
- 5:57:47वाइडली एक्सेप्टेड फैक्ट कहा जाता है। ठीक
- 5:57:49है? लूजली मतलब होता है ढीला ढाला। ये तो
- 5:57:51हो ही नहीं सकता क्योंकि एक्सेप्टेड
- 5:57:53पॉजिटिव वर्ड है तो उसका एडजेक्टिव
- 5:57:54इनफैक्ट ये एडजेक्टिव ये इसका जो एडवर्ब
- 5:57:57होगा वो नेगेटिव नहीं हो सकता। ठीक है? तो
- 5:58:00वास्टली भी नेगेटिव था। ये भी नहीं हो
- 5:58:02सकता। तो लार्जली एक्सेप्टेड या वाइडली
- 5:58:04एक्सेप्टेड।
- 5:58:06एक सेकंड मैं गलत बोल गया क्या? अ मेनी
- 5:58:09थ्योरीज हैव बीन प्रपोज्ड। हाइपर द वेबिंग
- 5:58:11थ्योरी हैज़ बीन द मोस्ट वाइडली
- 5:58:14एक्सेप्टेड। ठीक है। ठीक है। ठीक है।
- 5:58:15वाइडली एक्सेप्टेड ही होगा। राइट?
- 5:58:19आगे बढ़ेंगे। एज आई सेड वाइडली एक्सेप्टेड
- 5:58:22यह एक फ्रेज़ है जो आपने बहुत बार पढ़ा
- 5:58:23होगा। आगे बढ़ेंगे अकॉर्डिंग टू दिस थ्योरी
- 5:58:27इस थ्योरी के अनुसार। अब देखते हैं इसमें
- 5:58:28है क्या इस थ्यरी में? द यूनिवर्स बिगेन
- 5:58:30एज अ सिंगल पॉइंट और सिंगुलरिटी अराउंड
- 5:58:3313.8 बिलियन इयर्स एगो। लिखा है इस थ्यरी
- 5:58:36के अनुसार यूनिवर्स जो है वो एक सिंगल
- 5:58:38पॉइंट की तरह शुरू हुआ था। अह लगभग 13.8
- 5:58:41बिलियन इयर्स पहले। दिस सिंगुलरिटी कंटेन
- 5:58:45ऑल द मैटर एंड एनर्जी दैट वुड इवेंचुअली
- 5:58:48डैश द स्टार्स, गैलेक्सीस एंड अदर
- 5:58:50स्ट्रक्चर्स दैट मेक अप आवर यूनिवर्स
- 5:58:53टुडे। लिखा है कि ये जो सिंगुलरिटी थी ना
- 5:58:55ये जो पॉइंट था ये जो बिंदु था इसके अंदर
- 5:58:58सारे मैटर थे और सारी एनर्जी थी जिससे
- 5:59:02अंततः डैश हुआ है स्टार्स का, गैलेक्सीस
- 5:59:07का और जितने भी स्ट्रक्चर्स हम देखते हैं
- 5:59:09उनका। तो ये कहना क्या चाह रहा है कि एक
- 5:59:12पॉइंट बिग बैंग थ्योरी यह कहता है कि यह
- 5:59:14जो दुनिया है यह एक बिंदु से स्टार्ट हुई।
- 5:59:17उस बिंदु में सारे के सारे इस चीज पे बहुत
- 5:59:19ध्यान रखना। सारे के सारे मैटर उसी बिंदु
- 5:59:21में थे। सारी की सारी एनर्जी उसी बिंदु
- 5:59:24में थी। जिसकी वजह से क्या हुआ कि डैश
- 5:59:27स्टार्स गैलेक्सीस अदर स्ट्रक्चर्स जो आज
- 5:59:29यूनिवर्स बनाते हैं। तो क्या भर सकते हैं
- 5:59:31यहां पे? दैट वुड इवेंचुअली व्हाट? दैट
- 5:59:33वुड इवेंचुअली डिस्ट्रॉय उस केंद्र ने
- 5:59:36जितने भी स्टार्स गैलेक्सीस हैं सबको
- 5:59:38बर्बाद कर दिया। तो हम जिंदा कैसे हैं?
- 5:59:41गलत है। दैट वुड इवेंचुअली फॉर्म जिससे
- 5:59:44अंततः बना क्या बना? स्टार्स बने,
- 5:59:47गैलेक्सीस बनी और जितनी भी चीजें आज
- 5:59:49यूनिवर्स में है वो सारी चीज बनी। तो ठीक
- 5:59:51लग रहा है। उस केंद्र की वजह से इवेंचुअली
- 5:59:54क्या हुआ कि ये सब कुछ डिज़ाइन हुआ। ये सब
- 5:59:58कुछ डिज़ाइन हुआ। डिजाइन हुआ तो फिर दुनिया
- 6:00:00कैसे बनी? क्योंकि पहले लिखा हुआ था
- 6:00:02ओरिजिन एंड इवोल्यूशन ऑफ यूनिवर्स। मतलब
- 6:00:05बात डिज़ करने की नहीं है। बात स्पष्ट रूप
- 6:00:08से फिजिकल फॉर्म में आने की है। तो उसको
- 6:00:10डिज़ाइन तो नहीं कह सकते। दैट वुड प्रिपेयर
- 6:00:12तैयार थोड़ी करेगा। फॉर्म सही है कि वो
- 6:00:15उससे बना है। आगे बढ़ेंगे।
- 6:00:18द बिग बैंग थ्योरी इज सपोर्टेड बाय अ डैश
- 6:00:21ऑफ ऑब्जरवेशनल एविडेंस इंक्लूडिंग द
- 6:00:23कॉस्मिक माइक्रोवेव बैकग्राउंड रेडिएशन।
- 6:00:26लिखा है और ये जो बिग बैंग थ्योरी है ना
- 6:00:28इसके सपोर्ट में एक डैश भी है ऑब्जरवेशनल
- 6:00:31एविडेंस का। क्या है?
- 6:00:34ऑप्शन देखते हैं। लिखा है कि द बिग बैंग
- 6:00:36थ्योरी इज़ सपोर्टेड बाय अ रिच ऑफ
- 6:00:38ऑब्जरवेशनल एविडेंस। रिच ऑफ़ नहीं हो सकता।
- 6:00:41रिच मतलब अमीर होता है। इसके बाद आपको कोई
- 6:00:43नाउन लगाना पड़ेगा। रिच मैन है ना? रिच
- 6:00:46पर्सन। यह तो नहीं हो सकता। द बिग बैंग
- 6:00:49थ्यरी सपोर्टेड बाय अ स्टोर ऑफ ऑब्जरवेशनल
- 6:00:51एविडेंस। ठीक नहीं लग रहा। द बिग बैंग
- 6:00:54थ्यरी सपोर्टेड बाय अ वेल्थ ऑफ़ वेल्थ मतलब
- 6:00:56होता है धन। किसी चीज का राशि बहुत बड़ी
- 6:00:59संख्या में होना। ये ठीक है कि एविडेंस का
- 6:01:02वेल्थ है। एक जगह पे बहुत ज्यादा एविडेंस
- 6:01:05जमा है। एविडेंस का कर्ज। डेड मतलब कर्ज
- 6:01:08होता है। ये तो हो ही नहीं सकता। तो आंसर
- 6:01:10क्या होगा? वेल्थ होगा। इंक्लूडिंग द
- 6:01:12कॉस्मिक माइक्रोवेव बैकग्राउंड रेडिएशन द
- 6:01:16डैश ऑफ एलिमेंट्स इन द यूनिवर्स एंड द
- 6:01:18लार्ज स्केल स्ट्रक्चर ऑफ द कॉस्मोस। ठीक
- 6:01:20है? लिखा हुआ है द डैश ऑफ़ एलिमेंट्स।
- 6:01:23अच्छा द के साथ क्या भर सकते हैं? द
- 6:01:24प्लेंटी ऑफ़ अ प्लटी ऑफ़ होता है। द
- 6:01:27फॉर्च्यून ऑफ़ किस्मत है लाइट एलिमेंट्स
- 6:01:30की। देखो क्या कह रहा था कि बिग बैंग
- 6:01:32थ्योरी में बहुत सारे ऐसे ऑब्जरवेशनल
- 6:01:34एविडेंस मिले हैं इसके सपोर्ट में जिसमें
- 6:01:37कॉस्मिक माइक्रोवेव बैकग्राउंड रेडिएशन भी
- 6:01:39है और डैश है लाइट एलिमेंट्स का यूनिवर्स
- 6:01:43में डैश है लाइट एलिमेंट्स का यूनिवर्स
- 6:01:45में क्या है द प्लेंटी जैसे मैंने बोला
- 6:01:47होता नहीं है द फ़्च्यून ऑफ़ किस्मत है लाइट
- 6:01:50एलिमेंट्स का नहीं हो सकता द अबंडेंस ऑफ़
- 6:01:52एविडेंस मतलब होता है प्रचुर मात्रा में
- 6:01:54किसी चीज का होना अब यहां पे बात की गई थी
- 6:01:57कि उसके थ्यरी में बहुत सारे ऑब्जरवेशनल
- 6:02:00एविडेंस मिले हैं। जैसे कि माइक्रोवेव
- 6:02:03बैकग्राउंड रेडिएशन और प्रचुर मात्रा में
- 6:02:06लाइट एलिमेंट्स का होना। ये तो ठीक लग रहा
- 6:02:08है। अगला ऑप्शन द सक्सेस था। ये तो हो ही
- 6:02:10नहीं सकता। आंसर एक ही बचा। आगे बढ़ेंगे।
- 6:02:14डिस्पाइट्स इट सक्सेस द बिग बैंग थ्योरी
- 6:02:16स्टिल एन एक्टिव एरिया ऑफ़ रिसर्च। इस इसके
- 6:02:18सक्सेस के बावजूद इस थ्यरी के सक्सेस के
- 6:02:20बावजूद बिग बैंग थ्योरी जो है वो आज भी एक
- 6:02:23बहुत ही एक्टिव एरिया है रिसर्चर्स के
- 6:02:25लिए। विद साइंटिस्ट सीकिंग टू बेटर
- 6:02:27अंडरस्टैंड द अरर्लियस्ट मोमेंट ऑफ द
- 6:02:29यूनिवर्स। जिसमें साइंटिस्ट यह प्रयास कर
- 6:02:31रहे हैं कि वो जो जब ब्रह्मांड बना था
- 6:02:34शुरू में क्या हुआ था उसके बारे में समझने
- 6:02:36के लिए। एंड द डैश ऑफ डार्क मैटर एंड
- 6:02:40एनर्जी एंड द डैश ऑफ डार्क मैटर एंड
- 6:02:43एनर्जी। और वो समझने की कोशिश कर रहे हैं
- 6:02:45डार्क मैटर और एनर्जी के डैश को। क्या वो
- 6:02:49डार्क मैटर और एनर्जी के ब्रांड को समझने
- 6:02:52की कोशिश कर रहे हैं कि वो एडडास का है कि
- 6:02:54नहीं का है। नहीं ना? गलत है ना? डार्क
- 6:02:56मैटर और एनर्जी के एनवायरमेंट को समझने की
- 6:02:59कोशिश कर रहे हैं। भाई यह एनवायरमेंट कहां
- 6:03:01का होता है? किसी प्लनेट का एनवायरमेंट हो
- 6:03:03सकता है ना? जैसे पृथ्वी का एनवायरमेंट
- 6:03:05है। आप तो किसी एनर्जी को स्टडी करने के
- 6:03:07बारे में बोल रहे हो। इसका एनवायरमेंट
- 6:03:08कैसे होगा? द नेचर ऑफ़ डार्क मैटर एंड
- 6:03:11एनर्जी। ये हो सकता है कि वो प्रकृति
- 6:03:13जानना चाहता है। वो नेचर जानना चाहता है
- 6:03:15मैटर और एनर्जी का। द कैप्चर ऑफ़ डार्क
- 6:03:18पकड़ना। ये तो हो ही नहीं सकता। आंसर क्या
- 6:03:20होगा? ऑप्शन नंबर थ्री। बढ़िया था सवाल।
- 6:03:23होपफुली आपको क्लियर हुआ हो। आगे बढ़ेंगे।
- 6:03:26आते हैं अगले वाले क्लोज टेस्ट पे। फिर से
- 6:03:28मैं अस्यूम करूंगा। आपने पॉज किया है, पढ़
- 6:03:30लिया है, सॉल्व कर लिया है। दो बार पढ़ा
- 6:03:32है आपने। शुरू कर रहा हूं मैं इसका
- 6:03:34एक्सप्लेनेशन। द सन इज़ अबाउट 1.4 मिलियन
- 6:03:37कि.मी. डैश डायमीटर व्हाइल द अर्थ इज़
- 6:03:40अबाउट 13,000 कि.मी. वाइड। लिखा है जो
- 6:03:43सूरज है लगभग 1.4 कि.मी. उसका डायमीटर है।
- 6:03:48जबकि जो पृथ्वी है उसका लगभग 13,000
- 6:03:51कि.मी. चौड़ा है। पृथ्वी जो है वो लगभग
- 6:03:5313,000 कि.मी. चौड़ा है। तो द सन इज़ अबाउट
- 6:03:561.4 कि.मी. डैश डायमीटर, ऑन डायमीटर, ऑफ
- 6:04:00डायमीटर, इन डायमीटर, एट डायमीटर। क्लास
- 6:04:03थ्री का सवाल है इन डायमीटर। आपने मैथ्स
- 6:04:05में पढ़ा होगा कि एक स्फीयर है जिसका
- 6:04:08डायमीटर है। इट इज 5 सें.मी. स्क्वायर इन
- 6:04:11डायमीटर। ठीक है? दिस इंडिकेट्स दैट सेंस
- 6:04:15विड्थ वुड नीड टू बी फिल्ड बाय मोर देन
- 6:04:18100 अर्थ्स। इसका ये मतलब हैकि सूरज इतना
- 6:04:21बड़ा है तो लगभग 100 पृथ्वी लगेंगे उसको
- 6:04:24ढकने के लिए। सन पॉट्स सॉरी सन स्पॉट्स आर
- 6:04:28डयरी। ड्रेरी का मतलब क्या होता है? ऐसे
- 6:04:31उदा मतलब एग्जैक्ट मैं हिंदी बताऊं तो डरी
- 6:04:34का मतलब सुनसान या उदास होता है। ठीक है?
- 6:04:36तो लिखा है कि सनस्पॉट्स आर डरी डैश ऑन द
- 6:04:39सन सरफेस दैट आर 2000 डिग्री सेल्सियस
- 6:04:43कूलर देन द रेस्ट ऑफ द सरफेस। लिखा है कि
- 6:04:46सनस्पॉट्स। ये सनस्पॉट्स क्या है? वो
- 6:04:48धाब्बे जो कि सूरज में पाए जाते हैं। कह
- 6:04:51रहा है कि ये जो सन स्पॉट्स हैं वो ऐसे
- 6:04:54डैश हैं जो कि सन के सरफेस में पाए जाते
- 6:04:57हैं और लगभग 2000 डिग्री सेल्सियस ठंडे
- 6:05:00हैं ये सूरज के बाकी सरफेस। मतलब क्या
- 6:05:04कहना चाह रहा है कि सूरज के सरफेस में कुछ
- 6:05:05धब्बे हैं और वो जो धब्बे हैं ना वो बहुत
- 6:05:08ज्यादा ठंडे हैं। बाकी सरफेस अगर कंपेयर
- 6:05:11किया जाए तो लगभग 2000 डिग्री सेल्सियस
- 6:05:13ठंडे हैं वो वहां से। तो यहां क्या भर
- 6:05:15सकते हैं? सनस्पॉट्स आर डरी व्हाट? सन
- 6:05:18स्पॉट्स आर डरी प्रोविंस। प्रोविंस कहते
- 6:05:21हैं मतलब होता है प्रांत। यह क्या कोई देश
- 6:05:23है जिसका प्रोविंस होगा? रीजंस रीजंस ठीक
- 6:05:27लग रहा है कि वो हिस्सा है। बेल्ट बेल्ट
- 6:05:30हम लोग किसको कहते हैं? जो कहीं का भी
- 6:05:34जैसे कैसे एक्सप्लेन करूं? तो जमीन का
- 6:05:35टुकड़ा होता है। उसको बेल्ट कहा जाता है।
- 6:05:37गलत है। सेक्शन। सेक्शन मतलब हिस्सा। सूरज
- 6:05:41का वो हिस्सा। हिस्सा नहीं। सूरज का वो
- 6:05:43जगह है जो कि बड़ा सुनसान पड़ा हुआ है
- 6:05:45जिसको हम सनस्पॉट कहते हैं। आंसर क्या
- 6:05:47होगा? ऑप्शन नंबर टू। द कूलस्ट पीस ऑफ द
- 6:05:50सनस्पॉट इज द डिम फोकस कॉल्ड द अमरा। और
- 6:05:53ये जो सनस्पॉट की बात हो रही है जिसका
- 6:05:55मैंने बोला कि टेंपरेचर बहुत ही ज्यादा कम
- 6:05:57होता है। इसका जो सबसे कूलेस्ट पार्ट है।
- 6:05:59ठीक है? हालांकि सबसे कूलस्ट गलत है पर
- 6:06:01सबसे जो ठंडा उसका हिस्सा है उसको अंब्रा
- 6:06:04कहा जाता है। नाम है ये। द पेनंबरा
- 6:06:06सराउंड्स इट। और उसके बाहर वाले हिस्से को
- 6:06:08पेडंबरा कहते हैं। ऑन द सन सरफेस सम सन
- 6:06:11स्पॉट्स आर जस्ट स्पेक्स। लिखा हुआ है कि
- 6:06:14इस सन के सरफेस में ना कुछ ऐसे हिस्से हैं
- 6:06:17जो कि केवल धब्बे हैं। ठीक है? उनका कुछ
- 6:06:20लेना देना नहीं है सरफेस से। वो केवल
- 6:06:22धब्बे हैं। एडिशनली दे अपीयर इन ग्रुप्स
- 6:06:25अप टू 10 टाइम्स लार्जर देन द अर्थ। और ये
- 6:06:27ऐसा नहीं होता कि छोटे-छोटे ढब्बे हैं। ये
- 6:06:29बहुत बड़े-बड़े धब्बे हैं जो कि आमतौर पर
- 6:06:32ग्रुप्स में बने होते हैं और लगभग लगभग
- 6:06:35पृथ्वी का 10 गुना होते हैं। ये दे कैन
- 6:06:37समट्स रीच 2 लाख माइल्स इन लेंथ। लिखा है
- 6:06:41कि अगर लेंथ की बात की जाए तो ये लगभग 2
- 6:06:44लाख मील तक हो सकते हैं। एज द सन रोटेट्स
- 6:06:47जैसे-जैसे सूरज घूमता है। दीज़ ग्रुप्स डैश
- 6:06:51टू ट्रेवल अक्रॉस द सन ओवर टू वीक्स। लिखा
- 6:06:54हुआ है कि जैसे-जैसे सन घूमता है ये जो
- 6:06:57धब्बे हैं ये जो जिनको हम सन स्पॉट्स कह
- 6:06:59रहे हैं ये डैश करते हैं सूरज के सूरज को
- 6:07:03ट्रेवल करने में लगभग दो हफ्ते अब क्या है
- 6:07:05यहां पे दीज़ ग्रुप्स डू व्हाट ऑप्शन देखते
- 6:07:08हैं दीज़ ग्रुप्स एक्ट टू ट्रेवल शेप टू
- 6:07:12ट्रेवल शो टू ट्रेवल अपीयर टू ट्रेवल अब
- 6:07:16सोचो ये जो धब्बे हैं सूरज के अंदर क्या
- 6:07:18ये रियली में ट्रेवल करते हैं क्योंकि ये
- 6:07:21तो उसी के स्पॉट का हिस्सा है मतलब उसके
- 6:07:23सरफेस का हिस्सा है। तो क्या यहां पे एक्ट
- 6:07:25भर सकते हैं? क्योंकि वो जेनुइनली फिजिकली
- 6:07:27तो वो मूव नहीं कर रहा। तो लिखा है कि एज
- 6:07:29द सन रोटेट्स दीज़ ग्रुप्स एक्ट टू ट्रेवल।
- 6:07:33और दूसरा एक्ट टू ट्रेवल क्या होता है?
- 6:07:35मैं डायरेक्टली एट लिख दूंगा अगर मुझे यही
- 6:07:37लिखना होगा तो। दूसरा दीज़ ग्रुप्स शेप टू
- 6:07:41ट्रेवल। ये तो हो ही नहीं सकता। मीनिंग
- 6:07:42नहीं बन रहा। दीज़ ग्रुप्स शो टू ट्रेवल।
- 6:07:45वो वो दिखावा करते हैं। गलत है। दीज़
- 6:07:48ग्रुप्स अपीयर टू ट्रेवल। ऐसा प्रतीत होता
- 6:07:51है कि यह जो ग्रुप्स हैं, यह ट्रैवल कर
- 6:07:53रहे हैं। ठीक है? अपीयर मतलब होता है
- 6:07:55महसूस होना।
- 6:07:57एव्री 11 इयर्स द नंबर ऑफ़ सन सनस्पॉट्स
- 6:08:02रीचेस इट्स मैक्सिमम। हर 11 साल में जो
- 6:08:04सनस्पॉट्स की संख्या है वो सबसे ज्यादा हो
- 6:08:06जाती है। द सोलर और सनस्पॉट साइकिल डैश टू
- 6:08:11दिस। द सोलर और सनस्पॉट साइकिल। ध्यान
- 6:08:14दीजिएगा यहां पे द सोलर सब्जेक्ट और
- 6:08:17सनस्पॉट साइकिल सब्जेक्ट किससे जुड़ा हुआ
- 6:08:20है? और से और मतलब क्या होता है? या तो ये
- 6:08:22या तो ये इसका मतलब हमारा सब्जेक्ट
- 6:08:24सिंगुलर है। आ जाओ ऑप्शन पे। इंटरेस्ट
- 6:08:28प्लुरल है, वी1 है। पास प्लुरल है, वी1
- 6:08:32है। साइट प्लुरल है, वी1 है। रेफर्स आंसर
- 6:08:35होगा। बिठाने की जरूरत नहीं। हिंदी जानने
- 6:08:38की जरूरत नहीं। आगे बढ़ेंगे। द अर्थ्स
- 6:08:40वेदर मे बिकम मोर एक्सट्रीम एंड वार्म
- 6:08:43ड्यूरिंग द पीक ऑफ सनस्पॉट एक्टिविटी।
- 6:08:45लिखा हुआ है पृथ्वी का जो की जो सतह है वो
- 6:08:47ज्यादा एक्सट्रीम और ज्यादा वार्म हो सकती
- 6:08:49है। इस सनस्पॉट के एक्टिविटी के दौरान
- 6:08:52अकॉर्डिंग टू द डैश मेड बाय सेटेलाइट्स
- 6:08:55लाइक nब से लिखा हुआ है कि अकॉर्डिंग टू
- 6:08:58डैश मेड बाय सेटेलाइट्स लाइक nब से जो
- 6:09:00नंबर से जैसे सेटेलाइट्स हैं उनके डैश के
- 6:09:03अनुसार सेटेलाइट क्या करता है? क्या वो
- 6:09:06ऑब्जरवेशन करेगा? अकॉर्डिंग टू द
- 6:09:09ऑब्जरवेशंस या वो इंस्पेक्शन करेगा, जांच
- 6:09:12पड़ताल करेगा या सेटेलाइट कोई इंसान तो है
- 6:09:14नहीं कि वो इंस्पेक्शन करेगा। यह तो गलत
- 6:09:15है। इनवैलिडेशन इनवैलिडेशन का हिंदी मतलब
- 6:09:19होता है रद्द करना। तो भैया सेटेलाइट जो
- 6:09:21है वो रद्द कर देता है फैक्ट्स को। गलत
- 6:09:24है। परसेप्शन मतलब होता है धारणा।
- 6:09:26अकॉर्डिंग टू द परसेप्शन मेड बाय
- 6:09:28सेटेलाइट। सैटेलाइट एक इंसान है जो किसी
- 6:09:30चीज़ के बारे में धारणा बना लेता है कि वो
- 6:09:31चोर है। गलत है ना? आंसर क्या होगा?
- 6:09:33ऑब्जरवेशन। ऑब्वियसली सेटेलाइट क्यों है
- 6:09:36स्पेस में? ऑब्जर्व करने के लिए चीजों को।
- 6:09:38ठीक है? तो आंसर क्या होगा? ऑब्जरवेशन।
- 6:09:40बढ़िया क्लोज टेस्ट था। टफ क्लोज टेस्ट
- 6:09:42था। आगे बढ़ेंगे। आएंगे अपने चौथे क्लोज
- 6:09:45टेस्ट पे। उम्मीद करता हूं आपको सीखने को
- 6:09:47मिल रहा है, मजा आ रहा है। अगर नए हो चैनल
- 6:09:49पे तो सब्सक्राइब करते जाना। पुराने हो तो
- 6:09:52शेयर करो। आगे बढ़ेंगे। ड्यूरिंग दैट डेज
- 6:09:55ऑफ़ स्लेवरी देयर लिफ्ट डैश वेरी हार्ड
- 6:09:58वर्किंग स्लेव। मैं फिर से उम्मीद कर रहा
- 6:10:00हूं आपने पढ़ लिया है, पॉज कर लिया है,
- 6:10:02ट्राई कर लिया है। अब आप मेरा सशन देख रहे
- 6:10:04हो।
- 6:10:05लिखा हुआ है ड्यूरिंग द डेज ऑफ स्लेवरी
- 6:10:08मतलब स्लेवरी जब चलती थी जब गुलामी चलती
- 6:10:11थी उन दिनों की बात है ये दे लिव्ड डैश
- 6:10:13वेरी हार्ड वर्किंग स्लेव एक बहुत ही
- 6:10:16हार्ड वर्किंग स्लेव था एक बहुत ही हार्ड
- 6:10:18वर्किंग गुलाब था ऑप्शन पे आएंगे देयर
- 6:10:20लिव्ड टू पहला ऑप्शन है टू अच्छा अगर दो
- 6:10:23स्लेव्स थे तो यहां पे स्लेव्स लिखना
- 6:10:25चाहिए था गलत है दे लिव्ड अ हो सकता है
- 6:10:29देयर लिव्ड एन यहां एन भरेंगे क्या हमारा
- 6:10:31नाउन क्या है किसके लिए लेके आ रहा हूं
- 6:10:33पार्टिकल स्लेव के लिए स्लेव किससे
- 6:10:34स्टार्ट है कंसोनेंट के साउंड से देयर
- 6:10:37लिव्ड द वेरी हार्ड वर्किंग स्लेव एक
- 6:10:39हार्ड वर्किंग स्लेव था जिसे मैं पहले से
- 6:10:41जानता था द आर्टिकल कहां यूज़ होता है जहां
- 6:10:44पे आप डेफिनेट कर रहे हो डेफिनेट क्यों
- 6:10:45करेंगे आंसर क्या होगा ऑप्शन नंबर वन सॉरी
- 6:10:48ऑप्शन नंबर टू ए सो देयर लिव्ड ए वेरी
- 6:10:51हार्ड वर्किंग स्लेव वन डे डैश फ्रीडम ही
- 6:10:55रन अवे फ्रॉम ह मास्टर्स हाउस एक दिन
- 6:10:59आजादी पाने के मकसद से वो अपने मालिक के
- 6:11:02घर से भाग गया वन वन डे डैश फ्रीडम क्या
- 6:11:06होगा? वन डे गेन फ्रीडम, वन डे गेस
- 6:11:08फ्रीडम, वन डे गेन फ्रीडम, वन डे टू गेन
- 6:11:12फ्रीडम। अब मैं इसको दो-तीन तरीके से
- 6:11:14सॉल्व कर सकता हूं। ठीक है? पहले मैं आसान
- 6:11:16वाला तरीका बता रहा हूं जो आपको पहले से
- 6:11:18शायद पता हो। पर्पस बताने के लिए हमेशा
- 6:11:22इंफिनिटिव का यूज़ किया जाता है।
- 6:11:25टू प्लस V1 का।
- 6:11:28ठीक है? फॉर एग्जांपल, आई एम टीचिंग टू
- 6:11:30हेल्प स्टूडेंट्स। आई एम टीचिंग टू हेल्प
- 6:11:33स्टूडेंट्स। तो ये मेरा पर्पस है। ठीक है?
- 6:11:36सो पर्पस बताने के लिए हमेशा इनफिनिटिव
- 6:11:38लगते हैं। क्या लिखा हुआ था कि ही रन अवे
- 6:11:40फ्रॉम ह मास्टर्स हाउस। वो अपने मालिक के
- 6:11:42घर से भाग गया। क्यों भागा? आजादी के लिए।
- 6:11:44पर्पस था उसका। इसका मतलब यहां पे
- 6:11:46इंफिनिटिव होगा। आंसर क्या होगा? टू गेन
- 6:11:48फ्रीडम। ये तो एक तरीका हो गया। ठीक है?
- 6:11:52दूसरा तरीका एज ही पास्ड अ फॉरेस्ट सॉरी
- 6:11:55वन डे डैश फ्रीडम। अच्छा हमें क्या इस
- 6:11:58सेंटेंस में यहां पे कोई मेन वर्ब चाहिए
- 6:12:01क्या? क्योंकि जहां तक मैं समझ पा रहा हूं
- 6:12:02यह सब्जेक्ट है और यह मेन वर्ब है। राइट?
- 6:12:05ये क्या है? ये एक नॉनफाइनाइट वर्ब का
- 6:12:08फ्रेज है जो कि केवल पर्पस बताने के लिए
- 6:12:11आया है। इसका मतलब या तो हमें यहां
- 6:12:12इनफिनिटिव चाहिए या तो जेरेंट चाहिए या तो
- 6:12:15पार्टिसिपल चाहिए। इसका मतलब यह गेंस वी5
- 6:12:19और यह गेन वी1 हट गया। अब अगर हम गेन
- 6:12:22लगाएं वन डे गेन फ्रीडम। इसका मतलब होगा
- 6:12:25एक दिन आजादी मिल गई। जबकि यहां लिखा हुआ
- 6:12:28है कि ही रन अवे। वो भागा। क्यों भागा?
- 6:12:30पर्पस क्या था? अगेन वो पर्पस वाली बात
- 6:12:32है। आंसर क्या हुआ? टू गेन फ्रीडम। क्लियर
- 6:12:35है? आगे बढ़ेंगे। एज ही पास्ड अ फॉरेस्ट ही
- 6:12:38सॉ अ डैश विथ पेन फॉर अ ह्यूज थर्न हैड
- 6:12:42पीियर्स इट्स पॉप। लिखा हुआ है कि जैसे ही
- 6:12:45वो जंगल से पार कर रहा था, उसने एक लायन
- 6:12:47को देखा। ठीक है? और वो लायन अब पेन से
- 6:12:51डैश कर रहा था।
- 6:12:53क्योंकि एक बहुत बड़ा कांटा थोन का मतलब
- 6:12:56कांटा होता है। हैड पियर्स इट्स पॉ उसके
- 6:12:58जो पंजे थे प मतलब पंजा। सो उसके जो पंजे
- 6:13:02थे उससे एकदम पियर्स कर गया था। उसको भेद
- 6:13:05दिया था एक कांटे ने और वो बिल्कुल बेचारा
- 6:13:08दर्द से चीख रहा था। तो अब ऑप्शंस हैं
- 6:13:11हमारे पास। वन डे ही सॉ अ लायन डैश विथ
- 6:13:14पेन। यहां कोई ना कोई एडजेक्टिव होना
- 6:13:16चाहिए जो कि किसको क्वालीफाई करेगा? लायन
- 6:13:18को क्वालीफाई करेगा। लायन कैसा था? लायन
- 6:13:20रो रहा था दर्द से। तो हमारे पास दो ऑप्शन
- 6:13:22है। ही सॉ अ लायन रोड्स तो नहीं होता। ही
- 6:13:26सॉ अ लायन रोड विद पेन। ही सॉ अ लायन रोड
- 6:13:30विद पेन। ही सॉ अ लायन रोिंग वि पेन। वर्ब
- 6:13:34क्या था? सॉ। एक ग्रामर का रूल है। आपने
- 6:13:37पढ़ा होगा कि अगर हम किसी सेंटेंस में सी
- 6:13:39लिखते हैं तो इसके बाद दोनों चीजें लग
- 6:13:41सकती हैं। या तो मैं बोलूं आई सॉ हिम
- 6:13:44रिपेयरिंग ह कार।
- 6:13:47या तो मैं बोलूं कि आई सॉ हिम रिपेयर हिज
- 6:13:50कार। यह वाला रूल पढ़ा है कभी? नहीं पढ़ा
- 6:13:52तो सुन लो। अभी कुछ एक ऐसे वर्ब्स हैं
- 6:13:54जिनके बाद जेरेंट भी लगता है और बेयर
- 6:13:56इनफिनिटिव भी लगता है। व्हिच मींस हम यह
- 6:13:58भी कह सकते हैं कि ही सॉ अ पर्सन क्रॉसिंग
- 6:14:01द रोड। ही सॉ अ पर्सन क्रॉस द रोड। क्या
- 6:14:04अंतर है? अंतर समझना। अंतर ये है कि जब आप
- 6:14:08यह कहते हो कि आई सॉ अ पर्सन क्रॉसिंग द
- 6:14:11रोड। आई सॉ अ पर्सन क्रॉसिंग द रोड। इसका
- 6:14:14मतलब होता है कि मैंने जस्ट उसे देखा रोड
- 6:14:17क्रॉस करते हुए। फिर मैं मुड़ गया। अपना
- 6:14:19काम करने लगा। फिर मैंने उसे नहीं देखा।
- 6:14:21आई सॉ हिम क्रॉस द रोड। इसका मतलब मैंने
- 6:14:25उसे पूरा रोड क्रॉस करते देखा। अंतर समझो।
- 6:14:29मैं तुमसे मिला। हमने हाथ मिलाया। दो मिनट
- 6:14:32बातें की। फिर तुम अपने रास्ते मैं अपने
- 6:14:34रास्ते। अपोजिट पोजीशन। तुम अपने पीछे मुड़
- 6:14:37के देखा। देखा मैं क्रॉस कर रहा हूं। सो
- 6:14:39यू सॉ मी क्रॉसिंग द रोड। तुम अपने बच्चे
- 6:14:42छोटे भाई बहन किसी भी छोटे बच्चे के साथ
- 6:14:44कहीं जा रहे थे। तुम रोड के इस तरफ थे।
- 6:14:46तुमने बच्चे का हाथ छोड़ दिया। ने बोला
- 6:14:47तुम क्रॉस कर लो। मुझे इधर काम है। पर चकि
- 6:14:50तुम बहुत परेशान हो कि बच्चा कर पाएगा कि
- 6:14:52नहीं कर पाएगा। तुमने उसे पूरा रोड क्रॉस
- 6:14:54करते देखा। इस तरफ से उस तरफ तो पता है
- 6:14:56क्या लगेगा? आई सॉ हिम क्रॉस द रोड। वही
- 6:15:00चीजें यहां लिखी हुई है। वी कैन यूज़ आइदर
- 6:15:02द इनफिनिटिव विदाउट टू और आई एनजी आफ्टर द
- 6:15:04ऑब्जेक्ट वर्ब सच एज हियर शी नोटिस वॉच। द
- 6:15:08इनफिनिटिव विदाउट टू ऑफ़ एन एमसाइज़ेस द होल
- 6:15:10एक्शन। जो मैंने बोला अभी कि जहां पे आप
- 6:15:13इंफिनिटिव विदाउट टू मतलब जहां पे आप वी1
- 6:15:15यूज़ कर रहे हो। इसका मतलब ये हो रहा है कि
- 6:15:16आपने पूरी घटना देखी। जबकि जहां पे आपने
- 6:15:19आई एन जी यूज़ किया है। ये सेकंड पॉइंट में
- 6:15:20जो लिखा हुआ है इसका मतलब है कि अभी तक
- 6:15:22एक्शन प्रोग्रेस में है। कंप्लीट नहीं
- 6:15:24हुआ। एग्जांपल के लिए ही सॉ हर ड्राइव ऑफ
- 6:15:27विथ अ यंग मैन इन द पैसेंजर सीट। ही सॉ हर
- 6:15:31ड्राइव ऑफ ड्राइव वर्ब का पहला फॉर्म है।
- 6:15:33ऐसे बोले बेयर इनफिनिटिव। इसका मतलब उसने
- 6:15:36पूरी घटना देखी कि वो महिला एक यंग मैन के
- 6:15:40साथ पैसेंजर सीट पे चल के निकली वहां से।
- 6:15:42ड्राइव करके निकली वहां से। उसने पूरी
- 6:15:44घटना देखी है। मारिया हर्ड हिम कमिंग अप द
- 6:15:48स्टेयर्स।
- 6:15:49यह आई एन जी लगा है। इसका मतलब उसने किसी
- 6:15:52को सीढ़ियों से आते नहीं देखा। उसने सिर्फ
- 6:15:55देखा कि कोई सीढ़ी से आ रहा था। पूरी घटना
- 6:15:57नहीं देखी कि पहला कदम रखा और आखिरी कदम
- 6:15:59रखा। ये नहीं देखा। उम्मीद करता हूं ये
- 6:16:01कांसेप्ट आपको क्लियर है। ग्रामर का
- 6:16:02इंपॉर्टेंट्स था इसलिए मैंने अलग से
- 6:16:04स्लाइड बना दिया उसका। अब जरा वापस आते
- 6:16:06हैं अपने पैसेज पे। क्या लिखा हुआ था? ही
- 6:16:08सॉ अ लायन डैश विद पेन। अब आप बताओ ये तो
- 6:16:10दो ऑप्शन हमने काट दिया था। अब यहां पर रो
- 6:16:13होगा या यहां पर रोिंग होगा। ही सॉ द
- 6:16:17लायन। ही सॉ अ लायन रो विद पेन या ही सॉ
- 6:16:19लायन रोिंग वि पेन। मतलब वो क्या किया?
- 6:16:21उसने देखा के लायन के पैर में कांटा चुब
- 6:16:24गया है तो वो झाड़ियों में घुस गया और उसे
- 6:16:26मजा आने लगा और उसने बोला कि और रो और रो
- 6:16:28मजा आ रहा है। क्या उसने पूरी घटना देखी?
- 6:16:31नहीं ना? इसका मतलब रो सकता है क्या?
- 6:16:33नहीं। उसने बस एक बार देखा कि एक शेर है,
- 6:16:36एक लायन है जो कि डर से करा रहा है। सो
- 6:16:39यहां पर क्या होना चाहिए था? रोलिंग होना
- 6:16:41चाहिए था। उम्मीद करता हूं आपको यह
- 6:16:42का्सप्ट समझ में आया है। वापस आऊंगा मैं
- 6:16:45पैसेज पे। आगे बढ़ते हैं। तो उसने देखा
- 6:16:49भैया कि एक लायन था जो कि बिल्कुल दर्द से
- 6:16:52रो रहा था क्योंकि उसके पांव में एक बहुत
- 6:16:54ही बड़ा कांटा घुस गया। द स्लेव फ्ट सॉरी
- 6:16:58फॉर द लायन। उस गुलाम को बड़ा बुरा लगा
- 6:17:01उसे देख के। एंड टूक आउट द थोन जेंटली। और
- 6:17:03उसने क्या किया कि उसने वो कांटा बहुत
- 6:17:05आराम से निकाल दिया। द ग्रेटफुल लायन ले द
- 6:17:09स्लेव्स हैंड और वो जो लायन था वो बहुत ही
- 6:17:12कृतज्ञ था कि मालिक आपने आज मेरी जान बचा
- 6:17:14ली और वो उसने क्या किया कि वो स्लेव को
- 6:17:17चाटने लगा प्यार से बट जस्ट देन बोथ ऑफ
- 6:17:21डैश वर कैप्चरर्ड और उसी वक्त उन दोनों को
- 6:17:24कैप्चर कर लिया गया। सो बोथ ऑफ़ अस मतलब हम
- 6:17:27दोनों को कैप्चर कर लिया गया। मुझे क्यों
- 6:17:28कैप्चर करेगा भाई? मैं थोड़ी बुला हूं। बोथ
- 6:17:31ऑफ़ हिम। जब बोथ यूज़ कर रहे हो तो फिर हिम
- 6:17:33कैसे यूज़ करोगे? हिम तो ही का फॉर्म है।
- 6:17:34एक आदमी की बात की जा रही है। बोथ ऑफ़ देम
- 6:17:37हो सकता है बोथ ऑफ़ हर कोई महिला थी नहीं
- 6:17:38तो हर नहीं यूज़ करेंगे और सिंगुलर में हर
- 6:17:40नहीं यूज़ होता। सो बोथ ऑफ़ देम वर
- 6:17:42कैप्चरर्ड। और तभी उन दोनों को कैप्चर कर
- 6:17:44लिया गया। किसके द्वारा? राजा के द्वारा।
- 6:17:47द किंग ऑर्डर्ड। किंग ने ऑर्डर किया लेट द
- 6:17:49रन अवे स्लेव डैश थ्रोन इन द फ्रंट ऑफ अ
- 6:17:53हंग्री लायन। फिर से एक ग्रामर का बहुत
- 6:17:56अच्छा कांसेप्ट। हालांकि मैंने अपने
- 6:17:58प्रीवियस वीडियो में इसको कवर किया हुआ
- 6:18:00है। जहां मैंने आपको यह बताया था कि किसी
- 6:18:02भी सेंटेंस में अगर आप लेट और मेक को यूज
- 6:18:05करते हो तो इसके बाद हमेशा बेयर इनफिनिटिव
- 6:18:08आता है। अगर नहीं पता है तो नोट्स बनाते
- 6:18:10चलना साथ-साथ। एग्जांपल के तौर पर मैं कह
- 6:18:13रहा हूं
- 6:18:15लेट हिम लेट हिम फिनिश
- 6:18:19हिज जॉब। उसे अपना काम खत्म करने दो। आपके
- 6:18:24लिए जरूरी बात यह है कि आपने जब सेंटेंस
- 6:18:25को लेट से स्टार्ट किया तो यहां पर फिनिश
- 6:18:27लगेगा जो कि वी1 होगा। अब मैंने आपको बोला
- 6:18:31कि इस सेंटेंस को पैसिव वॉइस में चेंज कर
- 6:18:33दो। इस सेंटेंस को पैसिव वॉइस में चेंज कर
- 6:18:36दो। तो कैसे बनता है पैसिव? लेट लेट लेट
- 6:18:40रहता है। ऑब्जेक्ट उठ के आगे आ गया। लेट
- 6:18:43हिज जॉब। फिर क्या लगता है? बी और फिर
- 6:18:46लगेगा वी3 फिनिश्ड। फिर होगा बाय और
- 6:18:51एजेंट। मतलब क्या हो गया? लेट हिज जॉब बी
- 6:18:54फिनिश्ड बाय हिम। जरूरी बात यह है कि बी
- 6:18:57लगेगा, बी के बाद वी3 लगेगा। आ जाओ पैसेज
- 6:19:00पे वापस। क्या लिखा हुआ था कि
- 6:19:04लेट द रन अवे स्लेव डैश थ्रोन इन फ्रंट ऑफ
- 6:19:07अ हंग्री लायन। लिखा हुआ है कि राजा ने
- 6:19:10ऑर्डर दिया कि ये जो भगौड़ा गुलाम है जो
- 6:19:13भाग गया था उसे फेंक दिया जाए। उस भूखे
- 6:19:16शेर के आगे। उसे फेंक दिया जाए। भूखे शेर
- 6:19:21के आगे। अब बताओ यह जो स्लेव था यह किसी
- 6:19:24को फेंकेगा या इसे फेंका जाएगा? ऑब्वियसली
- 6:19:26राजा ने यह बोला होगा कि इसे फेंक दिया
- 6:19:28जाए। व्हिच मींस ये जो फेंकने का काम है
- 6:19:30ये जो थ्रो का एक्शन का जो डअर है वो
- 6:19:33स्लेव नहीं है। वो रिसीवर है। इसका मतलब
- 6:19:37सेंटेंस पैसिव वॉइस में है। अब अगर
- 6:19:38सेंटेंस पैसिव वॉइस में है तो अभी हमने
- 6:19:40क्या स्ट्रक्चर बनाया था कि लेट से
- 6:19:42स्टार्ट होता हुआ सेंटेंस जो स्ट्रक्चर
- 6:19:45लेता है पैसिव में वो है बी प्लस वी3। बी
- 6:19:48प्लस वी3 तो लिखा है लेट द रन अवे स्लेव
- 6:19:51डैश थ्रोन ऑप्शन पे आओ बीइंग नहीं चाहिए
- 6:19:54इज नहीं चाहिए बन नहीं चाहिए बी आंसर होगा
- 6:19:59बोलो समझे कि नहीं समझे आई होप मजा आ रहा
- 6:20:02है आपको बनाने में आगे बढ़ेंगे नेक्स्ट
- 6:20:06आप ये ट्राई करेंगे अब
- 6:20:09क्वेश्चन नंबर 21
- 6:20:13चार पैसेज कर चुके हम पांचवें पे है हां
- 6:20:15जी पॉज कर लिया पॉज करके बना लिया
- 6:20:18तो मैं आंसर बता रहा हूं। लिखा है डैश
- 6:20:21हेल्थ बेनिफिट्स इंक्लूडिंग प्रोटेक्शन
- 6:20:23फ्रॉम कार्डियोवस्कुलर डिजीज एंड कैंसर
- 6:20:26हैव बीन डैश टू एंटीऑक्सीडेंट्स। ठीक है?
- 6:20:29लिखा हुआ है कि डैश हेल्थ बेनिफिट्स जिसके
- 6:20:32अंदर प्रोटेक्शन फ्रॉम कार्डियोवस्कुलर
- 6:20:34डिजीज और कैंसर भी है उसे डैश किया गया है
- 6:20:36एंटीऑक्सीडेंट्स। हाउएवर अकॉर्डिंग टू
- 6:20:39डाइटिशियन विंसन दीज़ बेनिफिट्स डिपेंड ऑन
- 6:20:43हाउ वेल एंटीऑक्सीडेंट्स आर अब्सॉर्ब्ड
- 6:20:45एंड डैश। लेकिन डाइटिशियन विंसन करके कोई
- 6:20:48व्यक्ति है जिनके हिसाब से यह जो
- 6:20:50बेनिफिट्स हैं ये इसके ऊपर डिपेंड करते
- 6:20:53हैं कि कितने अच्छे से एंटीऑक्सीडेंट्स को
- 6:20:56अब्सॉर्ब किया गया है और डैश किया गया है
- 6:20:58बॉडी के द्वारा। अकॉर्डिंग टू द स्टडी
- 6:21:01कॉफी हैज़ मोर एंटीऑक्सीडेंट पाउडर देन अदर
- 6:21:04वेल नोन फूड्स एंड ड्रिंक्स लाइक टी,
- 6:21:06मिल्क, चॉकलेट एंड क्रनबेरीज़। लिखा हुआ है
- 6:21:08कि स्टडी के अनुसार कॉफी में ज्यादा
- 6:21:10एंटीऑक्सीडेंट्स हैं। बाकियों के मुकाबले
- 6:21:12में जैसे कि जो फेमस चीजें हैं चाय हो
- 6:21:15गया, दूध हो गया, चॉकलेट हो गया,
- 6:21:17क्रनबेरीज हो गए। डेट्स हैड द हाईएस्ट
- 6:21:20एंटीऑक्सीडेंट्स पर सर्विंग आउट ऑफ ऑल द
- 6:21:23फूड्स एंड ड्रिंक्स डैश लिखा हुआ है डेट्स
- 6:21:25जो है ना खजूर जिसे कहते हैं। सो डेट्स जो
- 6:21:28है उनका सबसे हाईएस्ट एंटीऑक्सीडेंट्स
- 6:21:30कैपेसिटी है उनकी जितने भी फूड्स और
- 6:21:33ड्रिंक्स को डैश किया गया उनमें। बट बिकॉज़
- 6:21:35डेट्स आर नॉट कंज्यूम्ड टू द सेम एक्सटेंट
- 6:21:38एज कॉफी। लेकिन चकि डेट्स को उस हद तक
- 6:21:40नहीं कंज्यूम किया जाता जिस हद तक कॉफी को
- 6:21:43कंज्यूम किया जाता है। द लैटर लैटर मतलब
- 6:21:46यहां कॉफी की बात हो रही है। कॉफी कम्स
- 6:21:48आउट ऑन डैश अकॉर्डिंग टू विंसन। विंसन के
- 6:21:51हिसाब से कॉफी जो है वो डैश में आती है।
- 6:21:54ये सेंटेंस मैंने आपको सिखा दिया हिंदी
- 6:21:56में। अब हम आएंगे इसके ऑप्शंस पे। लिखा है
- 6:21:59डैश हेल्थ बेनिफिट्स इंक्लूडिंग प्रोटीन।
- 6:22:02क्या हो सकता है? हमने पूरा पैसेज पढ़ा ना।
- 6:22:04क्या बात की गई है यहां पे? यहां पे
- 6:22:05एंटीऑक्सीडेंट्स की बात की गई है। क्या
- 6:22:08बात की गई है कि एंटीऑक्सीडेंट्स के रिच
- 6:22:10सोर्सेस क्या हैं? सारी चीजें पॉजिटिव
- 6:22:12पॉजिटिव चल रही है। ये बताया गया कि उसके
- 6:22:14बहुत सारे बेनिफिट्स हैं। किसके बेनिफिट्स
- 6:22:16हैं? एंटीऑक्सीडेंट्स के। तो आ जाओ क्या
- 6:22:18भरेंगे? फ्यू हेल्थ बेनिफिट्स। फ्यू
- 6:22:20नेगेटिव टर्म है जिसका मतलब होता है बहुत
- 6:22:22कम हेल्थ बेनिफिट्स। गलत है। काउंटेबल
- 6:22:25मतलब आप जिन चीज को उंगलियों पे गिन सकते
- 6:22:26हो। आम आतम तौर पर ये नेगेटिव चीजों के
- 6:22:28लिए यूज़ किया जाता है कि तुम्हारे पास
- 6:22:30कितने अच्छे दोस्त हैं। मैंने मतलब काउंट
- 6:22:32काउंटेबल लोग हैं यार। मतलब बहुत गिने
- 6:22:34चुने लोग हैं। नेगेटिव है। गलत है।
- 6:22:35लिमिटेड गलत है। न्यूमरस। न्यूमरस मतलब
- 6:22:38होता है काफी। काफी हेल्थ बेनिफिट्स हैं।
- 6:22:40जिसके अंदर कार्डियोवस्कुलर डिजीज और
- 6:22:42कैंसर ये सारे हैं। हैव बीन डैश टू
- 6:22:44एंटीऑक्सीडेंट्स। आ जाओ फिर से ग्रामर पे।
- 6:22:48हैव प्लस बीन प्लस वी3
- 6:22:51जब भी यूज़ करोगे तो क्या यूज़ करोगे? हैव
- 6:22:53बीन V3 है ना? सो ऑप्शन पे आते हैं। हैव
- 6:22:56बीन V3 नेगेटिव V3 नहीं है। पैरेलल V3
- 6:23:00नहीं है। सिमिलर V3 नहीं है। एट्रिब्यूटेड
- 6:23:02V3 है। सिंपलेस्ट ऑफ़ द क्वेश्चंस। हाउ एवर
- 6:23:06अकॉर्डिंग टू डाइटिशियन वेंशन बेनिफिट्स
- 6:23:09डिपेंड ऑन हाउ वेल एंटीऑक्सीडेंट्स आर
- 6:23:11एब्जॉर्ब्ड एंड डैश। देखो कह रहा है कि
- 6:23:15इसके ऊपर बहुत डिपेंड करता है कि जो
- 6:23:17एंटीऑक्सीडेंट्स हैं वो कितने अच्छे से
- 6:23:18अब्सॉर्ब होते हैं और डैश दो बातें सबसे
- 6:23:22पहले आर के बाद इधर वी3 है मतलब पैसिव
- 6:23:25वॉइस में जा रहा है तो यहां पे भी एक ऐसा
- 6:23:26वर्ड होना चाहिए जो कि वी3 में हो
- 6:23:29यूटिलाइज्ड रिजेक्टेड हाइडर नहीं चाहिए
- 6:23:31हाइंडर्ड चाहिए इंपीड नहीं चाहिए इंपीडेड
- 6:23:33चाहिए दो ऑप्शन तो ऐसे ही कट गए अब आते
- 6:23:36हैं यहां एंड से जुड़ी हुई चीजें जब भी
- 6:23:39होती है कितनी बार मैं बोलूं कि ये दोनों
- 6:23:41चीजें सेम नेचर की होंगी अगर ये पॉजिटिव
- 6:23:43िव है तो ये भी पॉजिटिव होगा। बॉडी के
- 6:23:45द्वारा एंटीऑक्सीडेंट्स को कितने अच्छे से
- 6:23:48अब्सॉर्ब किया जा रहा है और कितने अच्छे
- 6:23:50से रिजेक्ट किया जा रहा है। फिर तो यहां
- 6:23:52पे बट होना चाहिए था क्योंकि ये नेगेटिव
- 6:23:54टर्म है। अगर इधर पॉजिटिव है तो इधर भी तो
- 6:23:57पॉजिटिव होगा। तो ये गलत है या नहीं है?
- 6:23:58आंसर क्या होगा? यूटिलाइज्ड बाय द बॉडी।
- 6:24:01अकॉर्डिंग टू द स्टडी कॉफी हैज़ मोर एंटी
- 6:24:03एंटीऑक्सीडेंट्स। और ये सारी बातें यहां
- 6:24:06की गई थी। आगे बढ़ेंगे। डेट्स का सबसे
- 6:24:08हाईएस्ट एंटीऑक्सीडेंट्स पर सर्विंग होता
- 6:24:10है। जितने भी फूड्स और ड्रिंक्स को डैश
- 6:24:13किया गया है। जितने भी फूड्स और ड्रिंक्स
- 6:24:15को सिंथेसाइज किया गया है। सिंथेसाइज का
- 6:24:18मतलब होता है किसी चीज को बनाना।
- 6:24:21क्या हम फूड्स और ड्रिंक्स को बनाएंगे?
- 6:24:23इतनी काबिलियत है हम में कि हम पानी बना
- 6:24:25दें। गलत है ना? जितने भी फूड्स और
- 6:24:28ड्रिंक्स को कंज्यूम किया गया। देखो यहां
- 6:24:30लिखा था कि डेट का सबसे हाईएस्ट
- 6:24:32एंटीऑक्सीडेंट होता है। जितने भी फूड्स और
- 6:24:35ड्रिंक्स को कंज्यूम किया गया। किसने
- 6:24:36कंज्यूम किया? किसकी बात हो रही है यहां
- 6:24:38पे? कह सकते हैं क्या? नहीं कह सकते।
- 6:24:42असिमिलेट का मतलब होता है अब्सॉर्ब करना।
- 6:24:45जितने भी फूड्स और ड्रिंक्स को अब्सॉर्ब
- 6:24:47किया गया। किसने अब्सॉर्ब किया? गलत है।
- 6:24:50जितने भी फूड्स और ड्रिंक्स को एनालाइज
- 6:24:52किया गया। ये तो ठीक बात है। क्योंकि यहां
- 6:24:54पे बात की गई थी कि एक बड़े फेमस से एक
- 6:24:57इंसान है विंसन नाम के वो अपनी स्टडी बता
- 6:25:00रहे हैं। इसका मतलब ये है फूड्स और
- 6:25:02ड्रिंक्स को एनालाइज किया है उन्होंने।
- 6:25:04उसके बाद बोला है कि खजूर में सबसे ज्यादा
- 6:25:06एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। आगे बढ़ेंगे।
- 6:25:09लेकिन डेट्स जो है वो रेगुलर एक्सटेंट पे
- 6:25:12कंज्यूम नहीं किए जाते या उतने कंज्यूम
- 6:25:13नहीं किए जाते जितने कि कॉफी। इसके वजह से
- 6:25:16कॉफी डैश है। कॉफी कम्स ऑन डैश। कॉफी कम्स
- 6:25:19ऑन बिलो। बिलो। जबकि यहां पे बात किया गया
- 6:25:23था कि कॉफी जो है वो यहां पे इस लाइन को
- 6:25:25देखना। कॉफी हैज़ मोर एंटीऑक्सीडेंट। कॉफी
- 6:25:28को तो सबसे टॉप पे रखना चाहिए क्योंकि
- 6:25:30उसमें सबसे ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट्स हैं
- 6:25:32डेट्स के बाद। लेकिन क्योंकि डेट्स खाए
- 6:25:34नहीं जाते तो कॉफी उसके जगह पर डश हो जाता
- 6:25:36है। कॉफी बिलो आ जाता है। कॉफी बॉटम आ
- 6:25:38जाता है। कॉफी लोएस्ट आ जाता है। कॉफी टॉप
- 6:25:40पे आता है। इसकी वजह से कॉफी को टॉप माना
- 6:25:42जाता है। क्लियर है? आसान चीज है यार।
- 6:25:46इतना मुश्किल है नहीं। आगे बढ़ेंगे।
- 6:25:51क्या है? इफ वी लुक एट द ग्लोबल पपुलेशन।
- 6:25:53अगर हम ग्लोबल पापुलेशन को देखें। आउट ऑफ
- 6:25:56एव्री सिक्स पर्संस लिविंग इन दिस वर्ल्ड,
- 6:25:58वन इज़ एन इंडियन एंड डैश अ चाइनीज़। लिखा
- 6:26:02हुआ है कि अगर हम ग्लोबल पापुलेशन को
- 6:26:04देखें तो लगभग हर छठा व्यक्ति जो कि इस
- 6:26:07दुनिया में रह रहा है उसमें से एक भारतीय
- 6:26:10है और डैश चाइनीस है। द पपुलेशन ऑफ़
- 6:26:14पाकिस्तान इज वेरी डैश। पाकिस्तान का जो
- 6:26:16पपुलेशन है वो बहुत डैश है। एंड अकाउंट्स
- 6:26:19फॉर रफली अबाउट 1थ ऑफ चाइना और इंडिया। और
- 6:26:22लगभग ये 1/10 होता है चाइना या इंडिया का।
- 6:26:26अब एक बात बताऊं अगर यहां पे ये लिखा हुआ
- 6:26:28है कि बहुत कम है पपुलेशन इसका मतलब यहां
- 6:26:32पे देखना द पपुलेशन ऑफ़ पाकिस्तान इज़ वेरी
- 6:26:34डैश और अकाउंट्स फॉर रफली 110 लगभग 1/10
- 6:26:38होता है चाइना या इंडिया का तो यहां पे
- 6:26:39कोई नेगेटिव टर्म होना चाहिए ना मैं यही
- 6:26:42बोलना चाह रहा हूं कि पाकिस्तान का जो की
- 6:26:44जो आबादी है वो बहुत ही ज्यादा डैश है और
- 6:26:48लगभग 1/10 है चाइना और इंडिया का इसका
- 6:26:50मतलब यहां कोई नेगेटिव टर्म जाएगा मैं
- 6:26:52कैसे सोच रहा हूं वो सीखना है आगे बढ़ेंगे
- 6:26:54दो चाइना इज द लार्जेस्ट नेशन एंड
- 6:26:56ज्योग्राफिकली डैश द लार्जेस्ट एरिया
- 6:26:59अमोंग द थ्री नेशंस इट्स डेंसिटी इज द
- 6:27:01लोएस्ट। लिखा हुआ है कि जबकि चाइना जो है
- 6:27:04वो सबसे बड़ा देश है और ज्योग्राफिकली डैश
- 6:27:08है सबसे बड़ा एरिया लेकिन उसकी जो डेंसिटी
- 6:27:11है उसका जो घनत्व है वो सबसे कम है।
- 6:27:14स्कॉलर्स पॉइंट आउट द वन चाइल्ड डैश इन
- 6:27:18चाइना इन द लेट 1970 एस द मेजर रीज़ फॉर लो
- 6:27:21पपुलेशन ग्रोथ। लिखा हुआ है कि स्कॉलर्स
- 6:27:24जो है जो वन चाइल्ड डैश था चाइना का 1970
- 6:27:27के आसपास में जब उसे इंट्रोड्यूस किया गया
- 6:27:29था उसे वो मेजर रीजन मानते हैं वहां के कम
- 6:27:32आबादी का। अब कम आबादी मतलब पूरी दुनिया
- 6:27:35के कंपैरिजन में नहीं जितना बड़ा एरिया वो
- 6:27:37कवर करता है उसके हिसाब से उसकी आबादी कम
- 6:27:39है। दे आल्सो स्टेट दैट दिस मेजर लेड टू अ
- 6:27:42डैश इन द सेक्स रेश्यो। लिखा हुआ है कि वह
- 6:27:46यह भी कहते हैं कि इस मेजर से वहां का
- 6:27:49सेक्स रेशियो जो है वह डश हुआ है। द
- 6:27:51प्रोपोशन ऑफ फीमेल्स पर 100 मेल्स। और
- 6:27:54सेक्स रेशियो किसे कहा जाता है? हर000
- 6:27:57पुरुषों पे कितनी महिलाएं हैं? उसे सेक्स
- 6:28:00रेश्यो कहते हैं। ठीक है? आ जाओ भाई। फिल
- 6:28:03अप करेंगे। यहां तक हमने बात सीख ली।
- 6:28:05अच्छा अब मैं आपको पूछूं अगर कि टोन क्या
- 6:28:07है? तो इसका टोन नेगेटिव है। पहचान पाए
- 6:28:09ना? यहां पे प्रॉब्लम डिस्कस की जा रही
- 6:28:12है। तो टोन तो नेगेटिव होगा। देखते हैं
- 6:28:14इसका कोई हेल्प होता है या नहीं। लिखा है
- 6:28:16कि इफ यू लुक एट द ग्लोबल पापुलेशन आउट ऑफ
- 6:28:17एव्री सिक्स पर्सन लिविंग इन दिस वर्ल्ड
- 6:28:19वन इज एन इंडियन एंड डश अ चाइनीस। एक
- 6:28:22भारतीय है और दूसरा चाइनीज़ है। यही तो हो
- 6:28:24सकता है और दूसरा चाइनीज़ है। तो लिखा है
- 6:28:27कि वन इज़ एन इंडियन एंड आइदर अ चाइनीज़
- 6:28:30नहीं हो सकता। एंड अनदर अ चाइनीज़
- 6:28:34हो सकता है। हो सकता है। ठीक है? एंड
- 6:28:37सेकंड अ चाइनीज़ ये नहीं हो सकता। अब आप
- 6:28:39बोलोगे सर अभी तो आपने हिंदी में बोला।
- 6:28:41हिंदी में ठीक लग रहा है। इंग्लिश में
- 6:28:43नहीं हो सकता। क्यों? क्योंकि यहां पे वन
- 6:28:44इज़ एन इंडियन लिखा हुआ था। फर्स्ट इज़ एन
- 6:28:46इंडियन नहीं लिखा हुआ था। अगर यहां पे यह
- 6:28:48लिखा होता फर्स्ट इज़ एन इंडियन तो हम
- 6:28:50लिखते सेकंड अ चाइनीज़। दूसरा अगर हम
- 6:28:52फर्स्ट या सेकंड लिखेंगे उसके पहले
- 6:28:54आर्टिकल लगाना पड़ेगा। मैंने पढ़ा रखा है
- 6:28:55आपको। ये ऑर्डिनल एडजेक्टिव है। तो द भी
- 6:28:57होना चाहिए। द नहीं है पैसेज में। गलत है।
- 6:29:00लिखा है वन इज़ एन इंडियन एंड मैनी अ
- 6:29:02चाइनीज़। जब मैनी बोल रहे हो तो फिर यहां अ
- 6:29:03क्यों लगा रहे हो? ये तो ग्रामेटिकली
- 6:29:05इनकरेक्ट है। तो एक ही ऑप्शन बचता है।
- 6:29:06अनदर अ चाइनीज़। एक भारतीय होगा और दूसरा
- 6:29:09चाइनीज़ होगा। द पॉपुलेशन ऑफ़ पाकिस्तान इज
- 6:29:11वेरी डैश। मैंने बोला था कोई नेगेटिव वर्ड
- 6:29:13आना चाहिए। ऑब्सक्योर एक टर्म यहां पे आया
- 6:29:16है। ऑब्सक्योर का मतलब क्या होता है?
- 6:29:17ऑब्सक्योर का मतलब होता है धुंधला। वेग।
- 6:29:20नोट कर लो। तो बहुत बार एसएससी ने सिनोनिम
- 6:29:22में पूछा है। ऑब्सक्योर का मतलब होता है
- 6:29:24धुंधला। लिखा है पपुलेशन जो है पाकिस्तान
- 6:29:27का वो बहुत धुंधला है। पपुलेशन धुंधला
- 6:29:29कैसे हो सकता है? पॉपुलेशन बहुत स्मॉल है।
- 6:29:32ये ठीक है। अ लिटिल एक पॉजिटिव या
- 6:29:35सेटिस्फेक्टरी एडजेक्टिव है। आपने पढ़ा है
- 6:29:37लिटिल, अ लिटिल, द लिटिल। अगर हम यहां पे
- 6:29:39लिटिल यूज़ करते तो हम एक बार सोच सकते थे।
- 6:29:41हालांकि वो भी गलत होता। इसलिए गलत होता
- 6:29:43क्योंकि लिटिल का इस्तेमाल अनकाउंटेबल
- 6:29:45चीजों के लिए किया जाता है। हम पपुलेशन की
- 6:29:47बात कर रहे हैं जो काउंटेबल है। तो ये भी
- 6:29:48नहीं हो सकता। मच बी अनकाउंटेबल के लिए
- 6:29:50आते हैं। पॉपुलेशन की बात कर रहे हैं जो
- 6:29:52काउंटेबल है। आंसर क्या होगा? स्मॉल। देख
- 6:29:54रहे हो? थोड़ा-थोड़ा ग्रामर लग रहा है।
- 6:29:56आगे बढ़ेंगे। एंड अकाउंट्स फॉर लगभग ये
- 6:29:581/10 है। भारत और चाइना का। चाइना सबसे
- 6:30:01लार्जेस्ट नेशन है और ज्योग्राफिकली उसने
- 6:30:04सबसे बड़ा एरिया डैश किया है। तो एरिया के
- 6:30:07साथ क्या टर्म लगेगा? एरिया को क्या किया
- 6:30:09है? एरिया को ग्रास्प किया है। ग्रास्प का
- 6:30:12मतलब होता है किसी चीज के ऊपर पकड़ बनाना।
- 6:30:14तो मैं कह रहा हूं कि एरिया के ऊपर उसने
- 6:30:16पकड़ बनाई है। गलत है। ऑक्यूुपाई एरिया
- 6:30:19ऑक्यूुपाई किया है। यह तो ठीक है। हमने
- 6:30:22बहुत बार पढ़ा है कि जब आप कहीं पे कुछ
- 6:30:24बनाते हो तो वो कितने बड़े एरिया
- 6:30:26ऑक्यूुपाई करता है। उसने एरिया रेंट किया
- 6:30:28है। ये तो गलत है। भाड़े पे लिया है क्या?
- 6:30:30चाइना ने अपना देश। लॉजस मतलब होता है
- 6:30:32रहने की जगह। गलत है। एक ही ऑप्शन बचता है
- 6:30:35ऑक्यूुपाई। आगे बढ़ेंगे। स्कॉलर्स ने
- 6:30:37पॉइंट आउट किया है कि जो चाइना का वन
- 6:30:40चाइल्ड डश था वन चाइल्ड पॉलिसी के बारे
- 6:30:43में आपने सुना होगा चाइना में चलाता है कि
- 6:30:45एक ही बच्चा रखना है वन चाइल्ड पॉलिसी तो
- 6:30:48वन चाइल्ड पॉलिसी ने उसके जो पपुलेशन
- 6:30:51ग्रोथ है उसको बहुत अफेक्ट किया ठीक है सो
- 6:30:54हमें एक ऐसा वर्ड ढूंढना है जो कि या तो
- 6:30:56पॉलिसी हो या तो पॉलिसी से मिलताजुलता कुछ
- 6:30:58हो तो लिखा है कि वन चाइल्ड स्टैंडर्ड
- 6:31:01स्टैंडर्ड नहीं हो सकता हम पॉलिसी वाला
- 6:31:02वर्ड ढूंढ रहे हैं वन चाइल्ड एवरेज नहीं
- 6:31:04हो सकता वन चाइल्ड स्टच्यूट स्टट्यूट हम
- 6:31:07लोग पॉलिसी को कहते हैं। ठीक है? स्टट्यूट
- 6:31:10का अगर मैं आपको एग्जैक्ट हिंदी बताऊं तो
- 6:31:12कानून या विधान को स्टट्यूट कहा जाता है।
- 6:31:14तो ये तो ठीक है। अगला वर्ड था ऑडियल।
- 6:31:16ऑडियल का मतलब होता है अग्नि परीक्षा। ये
- 6:31:18तो हो ही नहीं सकता। आंसर क्या होगा?
- 6:31:20स्टट्यूट। टफ वर्ड था। इसलिए मैंने बोला
- 6:31:22था कि थोड़े बहुत वोकैब आपको पता होने
- 6:31:24चाहिए। आगे बढ़ेंगे। अ दे कैन दे आल्सो
- 6:31:28स्टेट दैट दिस मेज़र लेड टू अ डैश इन द
- 6:31:31सेक्स रेश्यो। देखो क्या हुआ कि वन चाइल्ड
- 6:31:33पॉलिसी की वजह से यहां का पपुलेशन जो है
- 6:31:35बहुत इफ़ेक्ट हुआ। पॉपुलेशन बहुत कम हो
- 6:31:36गया। तो ऑटोमेटिकली जो सेक्स रेश्यो होगा
- 6:31:40मतलब 1000 पुरुषों पे कितनी महिलाएं
- 6:31:42होंगी? इसका भी तो इस पे भी तो इफेक्ट
- 6:31:44पड़ेगा। जब पॉपुलेशन ही कम होगा तो 1000
- 6:31:46पुरुषों पे महिलाओं का ऑटोमेटिकली कम होगा
- 6:31:49नंबर। इसका मतलब उनका सेक्स रेश्यो भी घटा
- 6:31:51तो घटने के लिए क्या यूज़ करेंगे? उनका
- 6:31:53सेक्स रेश्यो सस्पेंशन हो। गलत है। उनका
- 6:31:56सेक्स रेशियो डिक्लाइन हुआ। डिक्लाइन मतलब
- 6:31:58होता है कम होना। ये तो ठीक है। उनका
- 6:32:00सेक्स रेशियो फेलियर हो गया। फेलियर तो
- 6:32:02नहीं हो सकता। डिमिनिश हो गया। बिल्कुल
- 6:32:05छोटा हो गया 6 एक आंकड़ा है। एक डेटा है।
- 6:32:07डेटा छोटा कैसे होगा? डेटा फेल कैसे होगा?
- 6:32:10ये तो हो ही नहीं सकता। डिक्लाइन हुआ है।
- 6:32:11नंबर्स में डिक्लाइन हुआ है। ठीक है? ये
- 6:32:13हो सकता है। तो आंसर होगा ऑप्शन नंबर टू।
- 6:32:16आगे बढ़ेंगे।
- 6:32:19अगला क्लोज टेस्ट उम्मीद करता हूं आपने
- 6:32:21पॉज किया है। बना लिया है। देखते हैं।
- 6:32:24लिखा है सिटीज आर ग्रेट हेवंस फॉर नॉलेज,
- 6:32:28कल्चर एंड सोशल लाइफ। लिखा है कि सिटीज जो
- 6:32:30है ना वो बहुत ही अच्छे हेवन से हेवन का
- 6:32:34मतलब होता है एच एवी एंड हेवन का मतलब
- 6:32:36होता है वो जगह जहां जो बड़ी पीसफुल सी
- 6:32:38जगह बहुत शांत सी जगह हो हिंदी में इसको
- 6:32:42शरण भी कहते हैं। मैं जगह पकड़ के चलता
- 6:32:45हूं। तो क्या लिखा है कि सिटीज जो है वो
- 6:32:47जगह है जहां पे बहुत ही अच्छा नॉलेज मिल
- 6:32:49सकता है। कल्चर मिल सकता है और सोशल लाइफ
- 6:32:52मिल सकता है। वाइब्रेंट कल्चरर्स आर फाउंड
- 6:32:55इन सिटीज। लिखा है कि सिटीज में बहुत ही
- 6:32:57एनर्जेटिक। िक वाइब्रेंट मतलब होता है
- 6:32:59एनर्जेटिक। जो जो वर्ड्स मैं बोल रहा हूं
- 6:33:01उसको लिखते जाओ अगर नहीं पता है तो। तो
- 6:33:03बहुत एनर्जेटिक कल्चर है वहां का। बिकॉज़
- 6:33:06इट टेक्स अ डैश पपुलेशन टू सपोर्ट
- 6:33:08म्यूजियम्स, कॉन्सर्ट हॉल, स्पोर्ट्स
- 6:33:10स्ट्रीम्स एंड नाइट लाइफ डिस्ट्रिक्ट्स।
- 6:33:12लिखा हुआ है कि वहां का कल्चर जो है शहरों
- 6:33:14का वो बहुत अच्छा होता है क्योंकि एक एक
- 6:33:18डैश पपुलेशन लगती है इनको सपोर्ट करने में
- 6:33:20ताकि म्यूजियम खुल सके कॉन्सर्ट हॉल खुल
- 6:33:23सके स्पोर्ट्स टीम खुल सके नाइट लाइफ
- 6:33:25डिस्ट्रिक्ट हो सिटीज आल्सो ऑफर रिच सोशल
- 6:33:28अपोरर्चुनिटीज लिखा हुआ है कि सिटीज में
- 6:33:31जो सोशल ओपोरर्चुनिटीज है जो सामाजिक जो
- 6:33:34प्रावधान है वो भी बहुत अच्छा है पीपल इन
- 6:33:36रूरल एरियाज एंजॉय ओनली लिमिटेड सोशल
- 6:33:39ओपोरर्चुनिटीज बिकॉज़ डैश द स्माल लोकल
- 6:33:42पापुलेशन लिखा है जो ग्रामीण क्षेत्र के
- 6:33:44लोग हैं जो गांव के जो लोग हैं वो बहुत ही
- 6:33:46लिमिटेड सोशल ओपोरर्चुनिटीज एंजॉय कर सकते
- 6:33:49हैं क्योंकि डैश है सोशल लोकल स्माल वहां
- 6:33:52का जो पपुलेशन है वो बहुत स्माल है सिटी
- 6:33:55डलर्स डलर्स मतलब होता है निवासी शहरों
- 6:33:57में रहने वाले जो लोग हैं कैन चूज़ देयर
- 6:33:59फ्रेंड्स एंड मेट्स फ्रॉम अमंग अ लार्ज
- 6:34:01नंबर ऑफ़ पीपल लिखा है जो शहरों में रहने
- 6:34:03वाले लोग हैं वो अपने दोस्त चुन सकते हैं
- 6:34:05अपने साथी चुन सकते हैं बहुत बड़ी संख्या
- 6:34:08में लोगों के बीच में क्योंकि आबादी
- 6:34:10ज्यादा है ज्यादा लोगों से मिलते हैं तो
- 6:34:12वो ज्यादा लोगों ज्यादा लोगों को दोस्त
- 6:34:13बना सकते हैं या चुन सकते हैं ऑफ डैश
- 6:34:16इंटरेस्ट एंड इंक्लिनेशन वैसे लोगों को
- 6:34:19जिनका डैश इंटरेस्ट और झुकाव हो। वी आर
- 6:34:22नॉट लाइकली टू अबंडन। अबंडन मतलब होता है
- 6:34:24त्याग देना। किसी चीज को छोड़ देना। वी आर
- 6:34:26नॉट लाइकली टू अबंडन द सिटी एज अ डैश
- 6:34:29इंस्टीट्यूशन। ऐसा नहीं होगा कि हम लोग
- 6:34:32सिटी को हम लोग शहरों को त्याग देंगे। एक
- 6:34:34डैश इंस्टीट्यूशन मान के। बट वी नीड टू
- 6:34:36मेक श्योर दैट आवर ट्रांसपोर्ट
- 6:34:38अरेंजमेंट्स डू नॉट डैश द सिटीज अदर
- 6:34:41फंक्शनंस। लेकिन हमें ये चीज निश्चित करनी
- 6:34:43होगी कि हमारे जो ट्रांसपोर्ट अरेंजमेंट्स
- 6:34:46हैं वो सिटी के और कामों को डैश ना करें।
- 6:34:50चलो टोन क्या है? पॉजिटिव है। किसके बारे
- 6:34:53में बात की जा रही है? शहरों के बारे में,
- 6:34:55शहरों के कल्चरर्स के बारे में और उनको
- 6:34:57गांव के या गांव की जिंदगी के साथ कंपेयर
- 6:34:59किया गया है। ये पूरा पैसेज है। अब देख लो
- 6:35:02क्या है? लिखा है कि सिटीज आर ग्रेट हेव्स
- 6:35:04फॉर नॉलेज कल्चर एंड सोशल लाइफ। वाइब्रेंट
- 6:35:07कल्चर आर फाउंड इन सिटीज बिकॉज़ इट टेक्स अ
- 6:35:10डश पपुलेशन टू सपोर्ट म्यूजियम्स,
- 6:35:12कॉन्सर्ट हॉल्स, स्पोर्ट्स स्ट्रीम्स एंड
- 6:35:14नाइट लाइफ। इसका आंसर ना आगे था। अगली
- 6:35:16लाइन में कि गांवों के जो पपुलेशन है वो
- 6:35:19बहुत स्मॉल होते हैं। तो शहरों के
- 6:35:21पापुलेशन को अगर कंपेयर कर रहे हैं तो
- 6:35:23इसका मतलब डेफिनेटली हम ये बोलना चाहते
- 6:35:24हैं कि यहां का पापुलेशन बहुत ज्यादा है।
- 6:35:26ऑब्वियसली अगर पापुलेशन ज्यादा है तभी
- 6:35:29यहां पे सपोर्ट मिल पाएगा म्यूजियम को,
- 6:35:31कॉन्सर्ट हॉल्स को। एक गांव में क्या होता
- 6:35:33है? लेट्स से कोई छोटा सा गांव है, 5000
- 6:35:35लोग हैं। आप वहां पर अगर कोई बड़ा सा
- 6:35:37लाइब्रेरी खोल देंगे तो उसमें से 10% ही
- 6:35:40लोग होंगे जो शायद पढ़ाई लिखाई कर रहे
- 6:35:42होंगे। और उसमें भी वही 10% लोग होंगे जो
- 6:35:44लाइब्रेरीज में आएंगे क्योंकि पपुलेशन ही
- 6:35:46बहुत छोटा है। तो लाइब्रेरी चलेगा नहीं
- 6:35:48चलेगा। बंद करना पड़ेगा क्योंकि आमदनी ही
- 6:35:51नहीं होगी। आमदनी कहां होती है? जहां
- 6:35:53पपुलेशन ज्यादा होता है। और वहीं पे चीजें
- 6:35:55खुलती है। तो पैसेज इसी के बारे में था।
- 6:35:57तो यहां पे हम एक ऐसा शब्द जोड़ना चाहते
- 6:36:00हैं। एक ऐसा वर्ड यूज़ करना चाहते हैं
- 6:36:01जिससे हम ये बता पाए कि शहरों का पपुलेशन
- 6:36:03बहुत ज्यादा है। आ जाओ। डम एक नेगेटिव
- 6:36:06वर्ड है। लेज़ एक नेगेटिव वर्ड है। स्मॉल
- 6:36:09एक नेगेटिव वर्ड है। तो आंसर क्या होगा?
- 6:36:11लार्ज पपुलेशन। समझ पा रहे हो? आगे
- 6:36:14बढ़ेंगे।
- 6:36:16सिटीज आल्सो ऑफर अच्छा पीपल इन रूरल
- 6:36:19एरियाज एंजॉय ओनली लिमिटेड सोशल
- 6:36:20ओपोरर्चुनिटीज़ बिकॉज़ डैश द स्मॉल अह
- 6:36:24पपुलेशन। लिखा हुआ है कि जो लोग हैं गांव
- 6:36:27के वो बहुत ही कम सोशल अपोरर्चुनिटीज को
- 6:36:30एंजॉय कर पाते हैं क्योंकि वहां की आबादी
- 6:36:33कम है। तो यहां बिकॉज़ के बाद क्या भरेगा?
- 6:36:35बिकॉज़ फॉर, बिकॉज़ ऑफ, बिकॉज़ विद, बिकॉज़
- 6:36:37ऑफ। जिनको नहीं पता मैं बता दूं। बिकॉज़ एक
- 6:36:39कंजक्शन है और बिकॉज़ ऑफ एक प्रेपज़िशन है।
- 6:36:44पर ये ऑफ की स्पेलिंग क्या होती है? ओ एफ
- 6:36:46ऑफ़। ये भी नहीं, ये भी नहीं, ये भी नहीं,
- 6:36:49ओएफ ऑफ। बिकॉज़ के बाद ऑफ लगा दो। कंजक्शन
- 6:36:51बन जाएगा। आगे यह कंजमशन का ऑब्जेक्ट है।
- 6:36:54दिख रहा होगा आपको पपुलेशन नाउन है। सिटी
- 6:36:57डेलर्स सिटी में रहने वाले लोग चूज़ कर
- 6:36:59सकते हैं। अपने दोस्तों को, अपने साथियों
- 6:37:01को एक बहुत बड़ी संख्या में लोगों से मैं
- 6:37:0410,000 लोगों से मिलता हूं। उसमें से 10
- 6:37:06मेरे दोस्त बनते हैं। पर जो दोस्त बनते
- 6:37:08हैं उनका मेरे से डैश इंटरेस्ट और
- 6:37:11इंक्लिनेशंस होता है। अब सोचो आप दोस्ती
- 6:37:13कैसे लोगों से करोगे? वैसे ही लोगों से
- 6:37:15दोस्ती करोगे ना जो के जिनके इंटरेस्ट
- 6:37:18आपके इंटरेस्ट से मैच करते हैं। अगर मेरा
- 6:37:21दोस्त एक फुटबॉल फ्रीक है और मैं एक
- 6:37:24क्रिकेट फ्रीक हूं। तो हमारे पास बात करने
- 6:37:27को बहुत कम टॉपिक है क्योंकि मैं चाहता
- 6:37:29हूं मैं किसी से क्रिकेट के बारे में बात
- 6:37:30करूं। वो चाहेगा मेरे से फुटबॉल के बारे
- 6:37:32में बात करें पर हम दोनों देखते ही नहीं
- 6:37:34है दूसरा स्पोर्ट। मैं हमेशा चाहूंगा ऐसा
- 6:37:36आदमी दोस्त बने जो मेरे नेचर का हो। मेरे
- 6:37:39इंक्लिनेशंस का हो। जो प्रिंसिपल्स मेरे
- 6:37:41हैं वही प्रिंसिपल्स उसके भी हो। इसका
- 6:37:43मतलब हम ढूंढ रहे हैं एक ऐसा शब्द जिसमें
- 6:37:45लाइक जैसा कुछ हो। सिमिलर जैसा कुछ हो।
- 6:37:48पहला ऑप्शन था फेनिंग। जिनको नहीं पता है
- 6:37:50ये बहुत बार एसएससी ने पूछा है अपने
- 6:37:53सिनोनिम वाले पोर्शन में। ठीक है? फेन का
- 6:37:56मतलब क्या होता है? फेन का मतलब होता है
- 6:37:58बहाना मारना। राइट? फेन का मतलब क्या होता
- 6:38:00है? टू प्रिटेंड। जिनको नहीं पता है। फेन
- 6:38:03का मतलब होता है टू प्रिटेंड। बहाना
- 6:38:05मारना। तो हमें ऐसे दोस्त चाहिए जो कि
- 6:38:08बहाना मारे। नहीं। सिमिलर नेचर वाले दोस्त
- 6:38:11चाहिए। हो सकता है। अगला वर्ड है वेस्टफुल
- 6:38:13हानिकारक। हार्मफुल। हमें भाई हार्मफुल
- 6:38:16दोस्त चाहिए। हम गलत है। डिक्लाइनिंग मतलब
- 6:38:19होता है कम होते हुए दोस्त चाहिए। आंसर
- 6:38:21क्या होगा? सिमिलर दोस्त चाहिए। ऐसे लोग
- 6:38:23जो हमारे जैसे सोच रहे हैं। आगे बढ़ेंगे।
- 6:38:26वी आर नॉट लाइकली टू अबंडें द सिटी एज अ
- 6:38:29डैश इंस्टीट्यूशन। हम जो सिटी है उसको हम
- 6:38:31नहीं त्याग त्यागेंगे कभी भी। एक डैश
- 6:38:34इंस्टीट्यूशन के तौर पर। क्या
- 6:38:35इंस्टीट्यूशन के तौर पर? एजुकेशनल
- 6:38:37इंस्टीट्यूशन के तौर पर। साइकोलॉजिकल
- 6:38:39कल्चरल रिलीजियस। सबसे पहले शहर और धर्म
- 6:38:42कोई इसमें सिमिलरिटी नहीं है। हमने पहली
- 6:38:46लाइन में पढ़ा था। इसका आंसर पहले ही लाइन
- 6:38:48में है कि यह बहुत अच्छी जगह है नॉलेज के
- 6:38:50लिए, कल्चर के लिए और सोशल लाइफ के लिए।
- 6:38:53इसमें से कोई मिलताजुलता ऑप्शन है क्या?
- 6:38:54नॉलेज और एजुकेशन दो अलग-अलग चीज है। ठीक
- 6:38:57है? ज्ञान और पढ़ाई दो अलग-अलग चीज है।
- 6:38:59एजुकेशनल नहीं, साइकोलॉजिकल नहीं,
- 6:39:01मनोविज्ञान की बात नहीं हो रही थी। कल्चरल
- 6:39:03क्योंकि ऑलरेडी पहले बता दिया गया था कि
- 6:39:05सिटी कल्चर से रिलेटेड है। तो यहां बोला
- 6:39:08गया था कि हम शहरों को नहीं छोड़ेंगे। एक
- 6:39:10कल्चरल इंस्टीट्यूशन के तौर पर। पर हमें
- 6:39:13ये भी ध्यान रखना चाहिए कि हमारे
- 6:39:15ट्रांसपोर्ट अरेंजमेंट्स की वजह से यहां
- 6:39:17देखो बट लिखा हुआ है। इसका मतलब आगे कोई
- 6:39:19नेगेटिव टर्म आना चाहिए। तो क्या लिखा हुआ
- 6:39:22है कि हमारे अरेंजमेंट्स के वजह से सिटी
- 6:39:25के अदर फंक्शनंस डैश ना हो जाए। ऐसा ना हो
- 6:39:28कि हम गलती से सिटी का भला कर दें। हम गलत
- 6:39:30है ना? सपोर्ट थोड़ी होगा। नेगेटिव वर्ड
- 6:39:32चाहिए। बूस्ट मतलब होता है बढ़ावा देना।
- 6:39:34ऐसा ना हो कि हमारे वजह से टूरिज्म बढ़
- 6:39:36जाए। शहरों का शहर की हानि हो जाएगी। ऐसा
- 6:39:38ना हो कि हमारे ट्रांसपोर्ट अरेंजमेंट्स
- 6:39:40की वजह से सिटी का डैमेज हो जाए। यह तो
- 6:39:44ठीक लग रहा है। सिटी की हेल्प हो जाए। यह
- 6:39:45भी नहीं। आंसर क्या होगा? ऑप्शन नंबर
- 6:39:47थ्री। समझ पा रहे हो? ये पॉजिटिव टोन
- 6:39:49पकड़ना सेंटेंस का, नेगेटिव टोन पकड़ना
- 6:39:51सेंटेंस का कितना इंपॉर्टेंट है और कितना
- 6:39:53हेल्पफुल है एट द सेम टाइम। आगे बढ़ेंगे।
- 6:39:57आप पैसेज ट्राई करो। मैं पानी पी लूं।
- 6:40:09चलो उम्मीद करता हूं आपने पढ़ लिया है
- 6:40:11पैसेज मैं एक्सप्लेन कर रहा हूं। क्या
- 6:40:14लिखा है कि इट इज़ जनरली डैश दैट द
- 6:40:16मेथोडोलॉजी ऑफ़ टीचिंग लर्निंग इज द कंसर्न
- 6:40:19ऑफ़ टीचर्स ओनली। लिखा है कि यह एक जनरली
- 6:40:22डश किया जाता है कि जो पढ़ाने और पढ़ने का
- 6:40:26जो सीखने सिखाने की जो मेथोडोलॉजी है ना
- 6:40:28यह सिर्फ टीचर्स की चिंता है। सिर्फ
- 6:40:30टीचर्स का कंसर्न है। लर्नर्स हैव डैश और
- 6:40:34नथिंग टू डू विद इट। लर्नर्स का इसके साथ
- 6:40:37कुछ लेना देना नहीं है। बट दिस इज नॉट
- 6:40:41ट्रू। पर ये सही नहीं है। द टीचिंग
- 6:40:43लर्निंग डैश आर कंसर्न्स ऑफ लर्नर्स एज
- 6:40:46वेल। ये जो सीखने सिखाने का डैश है ये
- 6:40:49लर्नर्स का भी कंसर्न है। ये सीखने वालों
- 6:40:51की भी चिंता है। नोइंग एंड अंडरस्टैंडिंग
- 6:40:54दैट हाउ डिफरेंट सब्जेक्ट्स आर टॉट आरेंट
- 6:40:57फॉर द लर्नर्स ऑफ़ ऑल सब्जेक्ट्स। लिखा हुआ
- 6:40:59है ये ये जानना और ये समझना कि सारे के
- 6:41:03सब्जेक्ट्स कितने डिफरेंट हो सकते हैं और
- 6:41:05उनको कितने डिफरेंट तरीके से पढ़ाया जा
- 6:41:07सकता है। ये बहुत ही जरूरी है एक लर्नर के
- 6:41:10लिए भी सारे सब्जेक्ट्स के। बट इट हैज़ मोर
- 6:41:14डैश फॉर द लर्नर्स ऑफ फिजिकल एजुकेशन।
- 6:41:17लेकिन फिजिकल एजुकेशन के जो लर्नर्स हैं
- 6:41:19उनके लिए तो यह और भी ज्यादा डैश है।
- 6:41:22व्हेन वी टॉक अबाउट अबाउट यू एज लर्नर ऑफ़
- 6:41:25फिजिकल एजुकेशन जब हम आपकी बात करते हैं
- 6:41:27एज अ लर्नर ऑफ़ फिजिकल एजुकेशन एक ऐसा
- 6:41:31स्टूडेंट जो कि फिजिकल एजुकेशन पढ़ रहा हो।
- 6:41:33वी मीन दैट यू हैव एक्चुअली पार्टिसिपेटेड
- 6:41:36इन द सब्जेक्ट एरिया। हमारा यह मतलब होता
- 6:41:38है कि फिजिकल एजुकेशन पढ़ते हुए आपने
- 6:41:41एक्चुअली पार्टिसिपेट किया है इस इस फील्ड
- 6:41:43में इस एरिया में रेदर देन अ डैश स्टडीड
- 6:41:46इट ना कि सिर्फ उसे स्टडी किया है। आ जाओ
- 6:41:53छोटा सा पैसेज है। फिल अप करते हैं। लिखा
- 6:41:56है इट इज़ जनरली डैश दैट द मेथोडोलॉजी ऑफ़
- 6:41:59टीचिंग लर्निंग इज द कंसर्न ऑफ़ टीचर्स।
- 6:42:01ओनली ऐसा हमेशा डैश किया जाता है कि जो
- 6:42:05पढ़ने पढ़ाने का सीखने सिखाने का जो एरिया
- 6:42:08है वो सिर्फ टीचर्स का कंसर्न है। सो इट
- 6:42:11इज़ जनरली व्हाट? इट इज़ जनरली विश। ऐसा
- 6:42:13मनाया जाता है। नहीं मनाया नहीं जाता। इट
- 6:42:15इज़ जनरली होप्ड। ऐसी उम्मीद की जाती है।
- 6:42:17इट इज़ जनरली प्लंड। ऐसा प्लान किया जाता
- 6:42:19है। इट इज़ जनरली बिलीव्ड। ये आंसर होगा
- 6:42:21ना? ऐसा माना जाता है। ठीक है? सो माना
- 6:42:24जाने के लिए क्या बोलते हैं? बिलीव्ड। इट
- 6:42:25इज़ जनरली बिलीव्ड। ऐसा माना जाता है कि
- 6:42:28सीखना सिखाना सिर्फ टीचर का काम है।
- 6:42:30लर्नर्स हैव डैश और नथिंग। देखो फिर से
- 6:42:32यहां से और जुड़ा हुआ है। जब भी हम किसी
- 6:42:35चीज को एंड और से जोड़ते हैं इसका मतलब
- 6:42:38दोनों तरफ हम बराबर की चीजें रख रहे हैं।
- 6:42:39पैरेलल चीजें रख रहे हैं। तो लिखा हुआ है
- 6:42:41लर्नर्स हैव डैश और नथिंग। यहां नथिंग
- 6:42:44लिखा हुआ था। नेगेटिव टर्म है। तो इसका
- 6:42:45मतलब यहां पे भी क्या होगा? नेगेटिव टर्म।
- 6:42:47दूसरा हिंदी सोचो कि लर्नर्स का इससे कुछ
- 6:42:50लेना देना नहीं है। आ जाओ ऑप्शन पे।
- 6:42:53लर्नर्स हैव मिनट और नथिंग। मिनट मतलब गलत
- 6:42:58है। लर्नर्स हैव स्पार्स। स्पार्स मतलब
- 6:43:01होता है पतला जो कम घना हो। तो लर्नर्स का
- 6:43:05पतला और कुछ इससे मतलब नहीं है। गलत है।
- 6:43:09लिटिल नेगेटिव है। इसके पहले वाले पैसेज
- 6:43:11में भी मैंने बताया था अ लिटिल पॉजिटिव
- 6:43:13है। लिटिल नेगेटिव है। लाइट लाइट और नथिंग
- 6:43:16रोशनी और कुछ नहीं। आंसर क्या होगा? लिटिल
- 6:43:18कि उनका कुछ लेना देना नहीं है इससे। बट
- 6:43:21दिस इज़ नॉट ट्रू। ऐसा सही नहीं है। द
- 6:43:23टीचिंग लर्निंग डैश आर कंसर्न्स ऑफ
- 6:43:26लर्नर्स एज वेल। जो पढ़ने-पढ़ाने का डैश
- 6:43:29है वो के क्या है? उनका भी उनकी भी
- 6:43:33जिम्मेदारी है। इसका आंसर ऑलरेडी पहले
- 6:43:35लाइन में था। अगर आप थोड़ा कॉमन सेंस लगा
- 6:43:37रहे हो तो बना लोगे। क्या लिखा हुआ था? द
- 6:43:39मेथोडोलॉजी ऑफ़ टीचिंग लर्निंग।
- 6:43:41पढ़ने-पढ़ाने के जो मेथड्स हैं आ जाओ
- 6:43:43ऑप्शन पे। लिखा हुआ है टी ये जो ऐसा माना
- 6:43:46जाता है कि ये जो कंसर्न है ये सिर्फ
- 6:43:49लर्नर्स का है। कहां थे हम लोग भूल गया
- 6:43:52मैं। द टीचिंग लर्निंग डैश आर कंसर्न्स ऑफ
- 6:43:55लर्नर्स एज वेल। द टीचिंग लर्निंग
- 6:43:57फॉर्म्स, द टीचिंग लर्निंग ब्रेक्स, द
- 6:43:59टीचिंग लर्निंग कस्टम्स, द टीचिंग लर्निंग
- 6:44:02मेथड्स। आ गया डायरेक्टली आंसर। पहले लाइन
- 6:44:04में आंसर था। आगे बढ़ेंगे। नोइंग एंड
- 6:44:07अंडरस्टैंडिंग दैट हाउ डिफरेंट सब्जेक्ट्स
- 6:44:09आर टॉट आरेंट फॉर द लर्नर्स ऑफ़ ऑल
- 6:44:11सब्जेक्ट्स। जानना और समझना कि डिफरेंट
- 6:44:14सब्जेक्ट्स कैसे पढ़ाए जाते हैं। यह सारे
- 6:44:16लर्नर्स के लिए और सारे सब्जेक्ट्स के लिए
- 6:44:18बहुत जरूरी है। बट इट हैज़ मोर डैश फॉर
- 6:44:22लर्नर्स ऑफ़ फिजिकल एजुकेशन। लेकिन इसका
- 6:44:25डैश ज्यादा है फिजिकल एजुकेशन के लर्नर्स
- 6:44:28के लिए। आ जाओ ऑप्शन पे। इट हैज़ मोर
- 6:44:31रेलेवेंस। रेलेवेंस का मतलब होता है किसी
- 6:44:33चीज से जुड़ाव होना, किसी चीज से रिलेट
- 6:44:36करना। तो ये ज्यादा रिलेटेड है फिजिकल
- 6:44:38एजुकेशन के लर्नर्स के लिए। तो ठीक लग रहा
- 6:44:40है। अगला है इट हैज़ मोर कंसिस्टेंसी।
- 6:44:43किसी चीज का लगातार होना। लेकिन ये फिजिकल
- 6:44:45एजुकेशन के लर्नर्स के लिए लगातार है।
- 6:44:47ज्यादा ज्यादा लगातार है। कोई सेंस नहीं
- 6:44:49है। रेफरेंस मतलब होता है पूर्णावृति।
- 6:44:52किसी चीज का बार-बार होना। तो कह रहे हैं
- 6:44:54कि ये फिजिकल एजुकेशन के जो लर्नर्स हैं
- 6:44:56उनके लिए ज्यादा पुनरावृति है। बार-बार
- 6:44:58रिपीट हो रही है। गलत है। इनके ज्यादा
- 6:45:01रेफरेंस है। इनका ज्यादा संदर्भ है उनके
- 6:45:03लिए। रेफरेंस का मतलब होता है जब आपने
- 6:45:05पहले कोई चीज कही हो और आप आप उसको एल्यूड
- 6:45:10करके कुछ बात कर रहे हो। आप उसका रेफरेंस
- 6:45:12ले कोई बात कर रहे हो। उसके बारे में कोई
- 6:45:14बात कर रहे हो। ऐसा कुछ नहीं था यहां पे।
- 6:45:16आंसर क्या है? रेलेवेंस। वो ज्यादा
- 6:45:18रिलेटेड है ये ये जो बातें की गई है ये
- 6:45:20ज्यादा रिलेटेड है ऐसे लर्नर्स के लिए जो
- 6:45:22फिजिकल एजुकेशन के लर्नर्स हैं। व्हेन वी
- 6:45:25टॉक अबाउट यू एज लर्नर्स ऑफ़ फिजिकल
- 6:45:27एजुकेशन वी मीन दैट यू हैव एक्चुअली
- 6:45:29पार्टिसिपेटेड इन द सब्जेक्ट एरिया। जब ये
- 6:45:31कहा जाता है कि एज लर्न ऑफ फिजिकल एजुकेशन
- 6:45:34तो ये ये माना जाता है या ये मतलब होता है
- 6:45:37कि तुमने एक्चुअली एक्चुअली उसमें
- 6:45:40पार्टिसिपेट किया है ना कि रेदर देन मतलब
- 6:45:44ना कि डैश स्टडीड इट ना कि सिर्फ उसे पढ़ा
- 6:45:47है क्योंकि फिजिकल एजुकेशन की बात हो रही
- 6:45:49है। तो आपने आप एक्चुअली फील्ड में उतरो
- 6:45:51हो फुटबॉल खेलने के लिए। आप अगर कोच हो तो
- 6:45:53आप एक्चुअली एथलीट हो अगर आप कोच हो तो।
- 6:45:57ना ही सिर्फ किताबों में उसे पढ़ा है। आ
- 6:45:59जाओ। सिर्फ वाला ऑप्शन ढूंढ रहे हैं।
- 6:46:01प्योरली स्टडीड इट, एंटायरली स्टडीड इट।
- 6:46:04मेयरली मेयरली का मतलब होता है केवल।
- 6:46:09केवल पढ़ा है तो नहीं चलेगा। अगर आप एक
- 6:46:11फिजिकल एजुकेशन के टीचर हो या लर्नर हो तो
- 6:46:15आपने एक्चुअली पार्टिसिपेट किया है। ये
- 6:46:16जरूरी है। आंसर होगा ऑप्शन नंबर थ्री। आगे
- 6:46:20बढ़ेंगे। अगला पैसेज क्लास लंबा है। ब्रेक
- 6:46:24लेना है ले लो। वीडियो पॉज कर लो। एक बार
- 6:46:26ट्राई कर लो। मैं आंसर बता रहा हूं। लिखा
- 6:46:29है ऑन द आफ्टरनून ऑफ 30th मार्च 1981 30
- 6:46:33मार्च 1981 के दोपहर को मेनी अमेरिकनंस
- 6:46:37एक्सपीरियंस्ड अ डैश ऑफ डेजाबू। बहुत सारे
- 6:46:41अमेरिकनंस ने डेजाबू का डैश एक्सपीरियंस
- 6:46:45किया। डेजाबू अगर आपने फुकरे मूवी देखी है
- 6:46:48तो आपको डेजाबू पता होगा। डेजाब वो होता
- 6:46:50है जब कोई घटना जो बीत रही हो आपको ऐसा
- 6:46:53लगे कि यह पहले हो चुका है। अगले लाइन में
- 6:46:55एक्सप्लेन किया गया कि डेजाब इज द नेम
- 6:46:57गिवन टू अ फीलिंग दैट अ पर्सन हैज़ सीन और
- 6:46:59एक्सपीरियंस्ड एन इवेंट बिफोर। अगर आपको
- 6:47:01ऐसा महसूस हो कि यह जो कल आप जी रहे हो
- 6:47:04ऐसा पहले भी हो चुका है तो उसे देजाबू
- 6:47:07कहते हैं। मेनी अमेरिकनंस कुड नॉट हेल्प
- 6:47:09हैविंग दैट फीलिंग ऑन दिस डे। और यह जो
- 6:47:12दिन था 30 मार्च 1981 का इस दिन बहुत सारे
- 6:47:16अमेरिकनंस को बेजाबू की फीलिंग आई और वह
- 6:47:18खुद को रोक नहीं पाए इस फीलिंग से। क्या
- 6:47:20हुआ था इस दिन? अगले पैसेज में बताया गया
- 6:47:22है। द डैश हिट टीवीज एंड रेडियो
- 6:47:24इमीडिएटली। तुरंत ही टीवी और रेडियो में
- 6:47:27दिखाया गया। क्या दिखाया गया पता नहीं।
- 6:47:30प्रेसिडेंट रोनाल्ड रेगन हैड बीन शॉट।
- 6:47:34प्रेसिडेंट रोनाल्ड रेगन को गोली मार दी
- 6:47:36गई। ही वास लिविंग अ होटल इन वाशिंगटन
- 6:47:39डीसी टर्न टू वेव एट सम ऑफ द पीपल गैदर टू
- 6:47:42सी हिम एंड फेल टुवर्ड्स द ग्राउंड। लिखा
- 6:47:44हुआ है कि वो वाशिंगटन डीसी से अपने होटल
- 6:47:47से निकल रहे थे। वो मुड़े कुछ लोगों को हाथ
- 6:47:50दिखाने के लिए खुशी मतलब वो जो वेव करते
- 6:47:52हैं ना हेलो बोलने के लिए वैसे वेव करने
- 6:47:54के लिए कुछ लोगों की तरफ मुड़े और गिर गए
- 6:47:56आगे। बिफोर ही कुड हिट द ग्राउंड ह
- 6:47:59सीक्रेट सर्विस एजेंट्स डैश हिम इंटू द
- 6:48:02कार। और इससे पहले वह जमीन पे गिरते। उनके
- 6:48:04सीक्रेट सर्विस एजेंट्स ने उन्हें डैश
- 6:48:06किया कार के अंदर इंटू द कार लिखा हुआ है
- 6:48:08कार के अंदर एंड रेस्ट टू द नियरेस्ट
- 6:48:11हॉस्पिटल और वो भाग के अगले हॉस्पिटल में
- 6:48:13नजदीक के हॉस्पिटल में पहुंचे। दिस सेम
- 6:48:16स्टोरी हैड बीन हर्ड बिफोर। अब बेजा की
- 6:48:18फीलिंग क्यों कही जा रही है इसे? क्योंकि
- 6:48:20यही कहानी लोगों ने पहले भी सुनी है। इसका
- 6:48:22मतलब ऐसी ये घटना पहले भी हुई है। ऑन 2
- 6:48:25नवंबर 1963 22 नवंबर 1963 को जो
- 6:48:28प्रेसिडेंट थे अमेरिका के जॉन एफ केनेडी
- 6:48:31वाज़ राइडिंग इन अ मोटर केड थ्रू डेलस। वो
- 6:48:34डेलस के से एक मोटर केड में राइड कर रहे
- 6:48:36थे। डेलस के एक जगह का नाम है टेक्सस के
- 6:48:38पास वहां पे। ही स्माइल्ड एंड वेव्ड टू द
- 6:48:41क्राउड दैट हैड गैदर्ड टू सी हिम। वो
- 6:48:43उन्होंने वो मुस्कुराए और वो भी वेव कर
- 6:48:45रहे थे उस भीड़ की तरफ जो भीड़ उन्हें देखने
- 6:48:47आई थी।
- 6:48:48डैश रैंक आउट फ्रॉम अ नियर बाय बिल्डिंग।
- 6:48:51पास के ही बिल्डिंग से डैश की आवाज आई। द
- 6:48:54प्रेसिडेंट कोलैप्स इनू द बैक सीट ऑफ द
- 6:48:56कार एंड वाज़ इमीडिएटली टेकन टू द नियरेस्ट
- 6:48:58हॉस्पिटल। प्रेसिडेंट वहीं कोलैप्स कर गए।
- 6:49:01वहीं गिर गए बैक सीट जो था कार का उसके
- 6:49:03ऊपर और उनको भी पास के हॉस्पिटल में ले
- 6:49:05जाया गया। ही वाज़ डैश डेड एट द हॉस्पिटल।
- 6:49:09उन्हें हॉस्पिटल में डैश डेड करार दे दिया
- 6:49:13गया। नाउ जस्ट 17 इयर्स लेटर दिस द न्यूज़
- 6:49:17साउंडेड इयरली द सेम लिखा हुआ है कि और
- 6:49:20सिर्फ 17 साल के बाद यह कहानी लगभग लगभग
- 6:49:23वैसी ही साउंड कर रही है। होपफुली आपको
- 6:49:26पैसेज पूरा समझ में आ गया है तो मैं
- 6:49:28बढूंगा इसके आंसर्स की तरफ। लिखा है ऑन द
- 6:49:31आफ्टरनून ऑफ़ 3th मार्च 1981 मेनी अमेरिकंस
- 6:49:33एक्सपीरियंस्ड अ डैश ऑफ़ देजाबू। देजाबू
- 6:49:37ये लाइन पढ़ना। क्यों? पहले पैसेज पढ़ना
- 6:49:40बहुत जरूरी है क्योंकि कई बार पैसेज में
- 6:49:42ही आंसर होता है। हम दो-तीन बार ऑलरेडी
- 6:49:44देख चुके हैं इस वीडियो में। अब देखो फिर
- 6:49:45से ये आंसर हमें पैसेज में ही आंसर मिल
- 6:49:47गया। मेनी अमेरिकनंस कुड नॉट हेल्प हैविंग
- 6:49:50दैट फीलिंग। दैट फीलिंग मतलब कौन सी
- 6:49:53फीलिंग? देजा वो की फीलिंग। तो यहां पे
- 6:49:55एक्सपीरियंस्ड अ व्हाट होगा?
- 6:49:57एक्सपीरियंस्ड ऑफ़ फीलिंग जैसा कुछ होना
- 6:49:58चाहिए। ऑप्शन पे आइए। एक्सपीरियंस्ड ऑफ़
- 6:50:00फीलिंग। ब्लिंक मतलब होता है आंखें
- 6:50:02मटकाना। रिकॉलिंग, डीलिंग। आंसर क्या
- 6:50:04होगा? फीलिंग। कितना आसान है। कॉमन सेंस
- 6:50:07की जरूरत है। अवेयरनेस की जरूरत है। द डैश
- 6:50:10हिट द टीवीज एंड रेडियो इमीडिएटली। सोचो
- 6:50:13अगर कहीं के प्रेसिडेंट को गोली लग जाए तो
- 6:50:17टीवी और न्यूज़ पे टीवी और रेडियो पे क्या
- 6:50:19होगा? न्यूज़ ही तो आएगा। ऑप्शन देखो
- 6:50:21न्यूज़ आंसर है। एरो मतलब होता है तीर।
- 6:50:26तीर तो नहीं हो सकता। स्कप्टर का मतलब
- 6:50:28होता है एक मतलब एक अंदाजा लगना कि फ्यूचर
- 6:50:32में कुछ खराब होने वाला है। आशंका होना,
- 6:50:34कुछ खराब होने की आशंका होना। तो टीवी पे
- 6:50:36आशंका होगी क्या? बोल तो हो ही नहीं सकता।
- 6:50:39आंसर क्या होगा? न्यूज़ कि द न्यूज़ हिट
- 6:50:41हिट टीवी। मतलब टीवी पे तुरंत न्यूज़ आ
- 6:50:43गया इसका। क्या हुआ कि प्रेसिडेंट रोनाल्ड
- 6:50:46रेगन जो है उनको गोली लग गई। बिफोर ही कुड
- 6:50:49हिट द ग्राउंड। उनके ग्राउंड के पे गिरने
- 6:50:51से पहले हिज सीक्रेट सर्विस एजेंट्स डैश
- 6:50:54हिम इंटू द कार। उनके सीक्रेट सर्विस
- 6:50:56एजेंट्स ने उन्हें कार में डैश किया।
- 6:50:58ऑप्शंस पे आते हैं। पहला है डब्ल्यू एच आई
- 6:51:01एस के डी विस्ड। विस्क का मतलब होता है
- 6:51:04किसी जगह से हटाने के लिए किसी को धक्का
- 6:51:07देना। दूसरा है पुल्ड। पुल मतलब होता है
- 6:51:10बाहर निकालना। अब सोचो एक तो वो बाहर खड़े
- 6:51:12थे। तो उनको कार के अंदर बाहर निकाला
- 6:51:15जाएगा कि अंदर धकेला जाएगा? और यहां इंटू
- 6:51:17का इस्तेमाल किया गया प्रपज़िशन का। इंटू
- 6:51:19कहीं पे धकेलने के लिए होता है। तो ये तो
- 6:51:20आंसर नहीं हो सकता। पुश् यह हो सकता है।
- 6:51:23कॉल्ड इनू द कार। उन्होंने बोला अच्छा
- 6:51:25गोली लग गई। आओ आओ अंदर आओ। कोई सेंस है?
- 6:51:28नहीं ना? नहीं हो सकता। अब दो ऑप्शंस हैं।
- 6:51:30एक तो है विज़्ड और दूसरा है पुश्। देखो
- 6:51:33अगर ऑप्शन में विज़्ड नहीं होता तो हम पुश्
- 6:51:35को आंसर कर सकते थे। पर यहां पे विज़्ड
- 6:51:37दिया हुआ है जो कि ज्यादा एप्रोप्रियट है
- 6:51:39इस रेस्पेक्ट में कि विज़्ड का मतलब होता
- 6:51:41है किसी को किसी खतरनाक जगह से हटाने के
- 6:51:43लिए। तो यहां तो खतरा था। एक गोली लग चुकी
- 6:51:46थी तो दूसरी गोली के लिए क्या करेगा? उसको
- 6:51:48हटाएगा। इसका मतलब विस्ड हो। क्लियर? आगे
- 6:51:51बढ़ेंगे। 22 नवंबर को यह चीज हो चुका था
- 6:51:53के जो एफ केनेडी थे उनको गोली लग चुकी थी।
- 6:51:57वो स्माइल कर रहे थे, वेव कर रहे थे। और
- 6:51:59तभी क्या हुआ? डैश रन आउट फ्रॉम अ नियर
- 6:52:01बाय बिल्डिंग। एक पास के बिल्डिंग से डैश
- 6:52:04हुआ। क्या हुआ? अलार्म बजा वहां से।
- 6:52:06अलार्म बजा और केनेडी जी मर गए। गलत है।
- 6:52:10म्यूजिक बजा वहां से और वो मर गए।
- 6:52:12प्रार्थना हुई और वो मर गए। शॉट्स की आवाज
- 6:52:14आई। शॉट्स रैंक आउट मतलब गोली चलने की
- 6:52:17आवा। एसएचओ टी शॉर्ट मतलब गोली मारना होता
- 6:52:18है। सो गोलियों की आवाज आई जिसका मतलब है
- 6:52:21उनको गोली लगी। आंसर क्या होगा? ऑप्शन
- 6:52:23नंबर फोर ही वाज़ डैश डेड एट द हॉस्पिटल।
- 6:52:26उन्हें हॉस्पिटल में ले जाया गया और फिर
- 6:52:28उन्हें वहां जाके गोली मारी गई। ही वाज़
- 6:52:30शॉट डेड एट द हॉस्पिटल। हॉस्पिटल में जाके
- 6:52:32गोली मारी गई। प्रोनाउंस प्रोनाउंस का
- 6:52:34मतलब होता है ऑफिशियली किसी का किसी के
- 6:52:37लिए स्टेटमेंट देना। ऑफिशियली कोई चीज को
- 6:52:39बताना। तो प्रोनाउंस किया गया मतलब
- 6:52:41ऑफिशियली बताया गया कि हां भाई इनकी डेथ
- 6:52:43हो चुकी है। अब ये नहीं रहे दुनिया में।
- 6:52:45ही वाज़ एक्टिंग। वो नाटक कर रहे थे मरने
- 6:52:48की। ही वाज़ ऑलमोस्ट डेड ऑफ द हॉस्पिटल। कि
- 6:52:50बाद में घर जाकर मरे। वहां लगभग लगभग मर
- 6:52:53चुके थे। गलत है। आंसर क्या होगा?
- 6:52:54प्रोनाउंस्ड। क्लियर?
- 6:52:57बढ़ते हैं अपने 10वें क्लोज टेस्ट के ऊपर।
- 6:53:00उम्मीद करता हूं आपको मजा आ रहा है। आप नए
- 6:53:02हो तो आपने सब्सक्राइब कर लिया है और अगर
- 6:53:04अच्छी लग रही है आपको यह वीडियो तो एक
- 6:53:06लाइक छोड़ते जाओ।
- 6:53:08देयर इज नथिंग मोर डश देन व्हेन यू स डाउन
- 6:53:11एट योर टेबल टू स्टडी विद द मोस्ट सिंसियर
- 6:53:14ऑफ इंटेंशन एंड इंस्टेड ऑफ बीइंग एबल टू
- 6:53:17फिनिश द टास्क एट योर हैंड यू फाइंड योर
- 6:53:20थॉट्स डैश लिखा हुआ है कि इससे ज्यादा डैश
- 6:53:24कुछ नहीं होता जब आप बिल्कुल मन बना के
- 6:53:27पढ़ने बैठो एकदम सिंसियर इंटेंशंस के साथ
- 6:53:30और इंस्टेड ऑफ इंस्टेड ऑफ़ मतलब होता है कि
- 6:53:32इसके बदले या इसके बावजूद नेगेटिव टर्म है
- 6:53:35और इसके बदले कि तुम अपना काम खत्म कर
- 6:53:38सको। तुम्हारे जो थॉट्स हैं वह डश करने
- 6:53:40लगते हैं। हाउ एवर। हालांकि देयर आर
- 6:53:44सर्टेन टेक्निक्स दैट यू कैन यूज़ टू डैश
- 6:53:46योर कंसंट्रेशन। लिखा हुआ है कुछ ऐसे
- 6:53:48टेक्निक्स हैं जिनसे आप अपने कंसंट्रेशन
- 6:53:50को डैश कर सकते हो। टू बिगिन विद अगर उनकी
- 6:53:53शुरुआत करें। वन शुड डैश टू क्रिएट द
- 6:53:56फिजिकल एनवायरमेंट दैट इज़ कंड्यूसिव।
- 6:53:58कंड्यूसिव मतलब होता है किसी के लिए
- 6:54:00अच्छा। कोई माहौल जो किसी के लिए अच्छा हो
- 6:54:02उसको कंड्यूसिव कहा जाता है। कंड्यूसिव टू
- 6:54:04डैश थॉट। जैसे कि मैं कह रहा हूं कि
- 6:54:07YouTube कंड्यूसिव है एजुकेशन के लिए।
- 6:54:09Instagram कंड्यूसिव नहीं है। इसका मतलब
- 6:54:12वो सपोर्ट नहीं करता। वो उसका माहौल ठीक
- 6:54:14नहीं है। पढ़ाई के लिए। ठीक है? YouTube
- 6:54:16का माहौल ठीक है पढ़ाई के लिए। सो उसको
- 6:54:18कंड्यूसिव कहा जाता है। लिखा है कि अगर
- 6:54:20शुरू की जाए इस बात को तो एक किसी भी
- 6:54:23व्यक्ति को डैश करना चाहिए एक ऐसा माहौल
- 6:54:27फिजिकल एनवायरमेंट बनाने की जो कि पढ़ाई
- 6:54:29के लिए या थॉट्स के लिए कंड्यूसिव हो।
- 6:54:33बहुत ही छोटा पैसेज है। चार लाइन का पैसेज
- 6:54:35है। आ जाओ ऑप्शन भरेंगे। देयर इज नथिंग
- 6:54:39मोर डैश देन व्हेन यू स एट योर टेबल। अभी
- 6:54:42हमने पूरा पढ़ा। क्या मीनिंग समझा हमने
- 6:54:45इसका? टोन क्या है? टोन है नेगेटिव।
- 6:54:48कहां तक? यहां तक। इसके बाद तरीके बताए गए
- 6:54:51हैं जो कि पॉजिटिव है। तो, कहा क्या जा
- 6:54:53रहा है? कि ऐसा यह बहुत ही ज़्यादा डैश है
- 6:54:57कि जब तुम पढ़ने बैठो और तुम्हारा मन ना
- 6:54:59लगे। तो, यह क्या होगा? यह बहुत ही ज्यादा
- 6:55:01सरप्राइजिंग है। यह बहुत ही ज्यादा
- 6:55:03इंटरेस्टिंग है। मजेदार बात है कि
- 6:55:04तुम्हारा मन नहीं लग रहा। बहुत ही
- 6:55:06एक्साइटिंग है कि अरे वाह आज मेरा मन नहीं
- 6:55:08लग रहा। बहुत ही ज्यादा फ्रस्ट्रेटिंग है।
- 6:55:10ये होगा ना कि तुम बिल्कुल चिढ़ जाओगे।
- 6:55:13अरे यार इतना मूड बना के पढ़ने बैठे थे।
- 6:55:14पढ़ भी नहीं पा रहे। आगे बढ़ेंगे। देयर इज़
- 6:55:17नथिंग मोर डैश देन व्हेन यू स डाउन एट योर
- 6:55:21टेबल टू स्टडी वि द मोस्ट सिंसियर ऑफ़
- 6:55:22इंटेंशंस। इंस्टेड ऑफ़ बीइंग एबल टू फिनिश
- 6:55:25द टास्क एट हैंड। और इससे इसके जगह पे कि
- 6:55:28तुम अपना काम खत्म कर सको। तुम्हारे जो
- 6:55:30थॉट्स है, तुम्हारी जो सोच है, वो डैश कर
- 6:55:32जाती है। तुम्हारी सोच थक जाती है। हो
- 6:55:35सकता है यहां पे हम तो कोई नेगेटिव टर्म
- 6:55:37ही चाहिए। तुम्हारी सोच यहां वहां भटकने
- 6:55:39लगती है। डब्ल्यू ओ एन डी इ आर वंडर का
- 6:55:42मतलब होता है सोचना।
- 6:55:45जबकि डब्ल्यू ए एन डी इ आर वंडर का मतलब
- 6:55:48होता है भटकना।
- 6:55:50दोनों में ओ और ए का डिफरेंस है। माइंड
- 6:55:53कीजिएगा इसको। तो लिखा हुआ है कि जो
- 6:55:55तुम्हारे थॉट्स हैं तुम पढ़ने बैठते हो वो
- 6:55:57डैश करने लगते हैं। वो यहां वहां भटकने
- 6:55:59लगते हैं। हो सकता है योर कैन फाइंड योर
- 6:56:02थॉट्स इंटरेस्टिंग। कि तुम पढ़ने बैठते हो
- 6:56:05और तुम्हें बड़े इंटरेस्टिंग थॉट्स आते
- 6:56:06हैं। ये तो फिर परेशानी वाली बात ही नहीं
- 6:56:08है। तुम्हारे बहुत चिंताजनक थॉट्स आते
- 6:56:11हैं। आंसर क्या होगा? वंडरिंग। कि तुम
- 6:56:12पढ़ने बैठो और तुम्हारी जो सोच है वो यहां
- 6:56:15वहां भटकने लगे। ये बड़ा फ्रस्ट्रेटिंग
- 6:56:17है। हालांकि ऐसे टेक्निक्स है जो कि आप
- 6:56:20यूज़ कर सकते हो कंसंट्रेशन को डैश करने
- 6:56:22के लिए। कंसंट्रेशन को क्या करने के लिए?
- 6:56:24कंसंट्रेशन को डिस्कवर करने के लिए खोज के
- 6:56:26निकालने। कंसंट्रेशन की खोज करने के लिए।
- 6:56:28कंसंट्रेशन एक खोज जैसे भारत एक खोज एक
- 6:56:31किताब थी ना कंसंट्रेशन एक खोज गलत है।
- 6:56:34तुम तरीके अपना सकते हो कंसंट्रेशन को
- 6:56:36कमिट करने के लिए। कमिट काम को किया जाता
- 6:56:38है। कंसंट्रेशन को नहीं। कंसंट्रेशन को
- 6:56:40एनहांस करने के लिए, बेहतर करने के लिए।
- 6:56:42यह आंसर हो सकता है। कंसंट्रेशन को
- 6:56:44कन्विंस करने के लिए। कहा कंसंट्रेशन
- 6:56:46मुझसे शादी कर लो। मैं तुम्हें कन्विंस कर
- 6:56:47रहा हूं। गलत है। आंसर क्या होगा? एनहांस
- 6:56:50करने के लिए। तो बिगिन विद अगर इस ये तो
- 6:56:53टेक्निक की बात हो रही थी। तो अगर शुरू
- 6:56:55करें तो सबसे पहले पहली टेक्निक ये है कि
- 6:56:57वन शुड डैश टू क्रिएट वन शुड अनाउंस टू
- 6:57:00क्रिएट द फिजिकल एनवायरमेंट दैट इज़
- 6:57:02कंट्यूसिव। मतलब पढ़ाई लिखाई का माहौल
- 6:57:04बनाने के लिए किसी को आपको अनाउंस करना
- 6:57:06चाहिए कि हां भाई माइक लेके हजरात हजरात
- 6:57:09हजरात आज हम लोग पढ़ाई का माहौल बनाएंगे।
- 6:57:11गलत है। वन शुड इमेजिन कि हम सोचेंगे इसके
- 6:57:14बारे में। हम सोच बनाएंगे कंसंट्रेशन के
- 6:57:17लिए।
- 6:57:19वन शुड अटेंड टू क्रिएट प्रयास करनी
- 6:57:21चाहिए। वन शुड वन शुड लीड टू क्रिएट।
- 6:57:24नेतृत्व करना चाहिए इसका। कोई सेंस नहीं
- 6:57:27है। प्रयास करना चाहिए इसका कि कंड्यूसिव
- 6:57:29माहौल बने। ऐसा माहौल बने जब पढ़ाई हो
- 6:57:31सके। कंड्यूसिव टू दैट थॉट। ऐसे सोच के
- 6:57:36लिए आपका माहौल सही होना चाहिए। ठीक है?
- 6:57:39क्या होगा? जॉयफुल थॉट के लिए मजेदार सोच
- 6:57:42आए इसका माहौल बनाना चाहिए। डजलिंग मतलब
- 6:57:45होता है चकाचौंध कर देने वाला कि चकाचौंध
- 6:57:47कर देने वाला बिल्कुल मजा ही आ जाए एकदम
- 6:57:49शीला की जवानी चलने लगे मेरे दिमाग में
- 6:57:51ऐसे थॉट्स आने चाहिए गलत है फोकस थॉट की
- 6:57:54कोशिश करनी चाहिए ये तो ठीक है के कॉशियस
- 6:57:57मतलब होता है केयरफुल केयरफुल थॉट्स की
- 6:57:59कोशिश करनी चाहिए ज्यादा सटीक कौन सा है
- 6:58:01फोकस थॉट की कोशिश करनी चाहिए आगे बढ़ेंगे
- 6:58:06अब हम करेंगे क्लोज टेस्ट नंबर 11
- 6:58:10द टुआटारा
- 6:58:11व्हिच लिव्स ऑन मैं मान मान के चल रहा
- 6:58:13हूं। आपने पॉज करके ट्राई कर लिया। ठीक
- 6:58:15है? द टटरा व्हिच लिव्स ऑन द न्यूजीलैंड्स
- 6:58:18आइलैंड्स टटरा एक किसी का नाम लग रहा है
- 6:58:20जो कि न्यूजीलैंड के आइलैंड में रहता है।
- 6:58:22इज अफेक्शननेटली नोन एज लिविंग फॉसिल।
- 6:58:26जिसे प्यार से जीता जागता खनिज कहा जाता
- 6:58:29है। जीता जागता फॉसिल कहा जाता है। इट इज़
- 6:58:32कॉल्ड दैट बिकॉज़ इट इज़ द ओनली डैश
- 6:58:35रेप्टाइल इन अ ग्रुप ऑफ़ रेप्टाइल्स दैट
- 6:58:37डेट्स बैक आर अबाउट 220 मिलियन इयर्स टू द
- 6:58:40टाइम ऑफ द डायनासोर। ऐसा इसलिए कहा जाता
- 6:58:43है। इसको लिविंग फसल इसलिए कहा जाता है
- 6:58:45क्योंकि ये इकलौता ऐसा रेप्टाइल है बहुत
- 6:58:48सारे रेप्टाइल्स के बीच में जो 220 मिलियन
- 6:58:51इयर्स पुराना है। डायनासोर्स के टाइम का
- 6:58:53है ये। द कलर ऑफ द टुआ तारा इज ग्रे और
- 6:58:57ऑलिव ग्रीन। अब जिस अब तो समझ में आ गया
- 6:59:00कि यह एक रेप्टाइल है, एक जानवर है। इसका
- 6:59:02जो कलर है वह ग्रे या ऑलिव ग्रीन जैसा है।
- 6:59:06इट डैश टू अ लेंथ ऑफ अराउंड 60 सें.मी. यह
- 6:59:09लगभग 60 सें.मी. लेंथ के आसपास का हो सकता
- 6:59:13है। द फैक्ट दैट दिस लज़र्ड ये एक किस्म की
- 6:59:16छिपकली है। द डैश दैट दिस लज़र्ड हैज़ थ्री
- 6:59:19आइज इज़ इट्स मोस्ट डैश फीचर। और यह फैक्ट
- 6:59:23कि इस छिपकली की तीन आंखें हैं। यह इसका
- 6:59:26सबसे डश फीचर है। यहां पर जरूर कुछ
- 6:59:30इंटरेस्टिंग टाइप का वर्ड होना चाहिए। तीन
- 6:59:32आंखों वाला जानवर है तो इंटरेस्टिंग फीचर
- 6:59:34ही है। ये द पीनियल आई इज द नेम गिवन टू द
- 6:59:37कोन शेप थर्ड आई। इसकी तीसरी आंख को
- 6:59:39पीनियल आई कहा जाता है। जो कि कोन शेप का
- 6:59:42आई है। दिस आई इज इन अ स्पेस बिटवीन द
- 6:59:46ब्रेन एंड द हेड। इसके दिमाग और इसके सर
- 6:59:49के बीच में यह आंख होती है। मतलब इसके सर
- 6:59:51के आसपास में कहीं पर ये तीसरी आंख इसकी
- 6:59:53होती है। इट हैज़ एन आईलिड ओवर द थर्ड आई।
- 6:59:57इसके तीसरे आंख में आईलिड भी है। ठीक है?
- 7:00:01कितना डरावना दिखता है भाई मैं ये सोच रहा
- 7:00:04हूं। व्हिच क्लोजेस ऑन अ हॉरिजॉन्टल लेवल।
- 7:00:06और ये हॉरिजॉन्टल तरीके से बंद होता है। द
- 7:00:09टोटारा हैज़ टीथ दैट आर डैश फ्रॉम दोज़ ऑफ़
- 7:00:12अदर रेप्टाइल्स। लिखा हुआ है कि दूसरे
- 7:00:14रेप्टाइल्स के जैसे दांत होते हैं टुआपत
- 7:00:17पैरा के दांत उनसे डैश हैं। उनसे डैश हैं।
- 7:00:19क्या है पता नहीं। द लोअर जौ हैज़ ओनली वन
- 7:00:22रो ऑफ़ टीथ व्हाइल द अपर जॉ हैज़ टू रोज़। जो
- 7:00:25लोअर जौ है इसके मुंह में उसमें केवल एक
- 7:00:28रो है। जबकि ऊपर वाले जौ में दो रो है।
- 7:00:31मतलब अब दांत भी इसके तीन-तीन है। नीचे एक
- 7:00:34तरीके के और ऊपर दो तरीके के। डरावना है
- 7:00:36भाई ये। द टुआरा इज़ मोस्ट एक्टिव एट नाइट।
- 7:00:40इट ईट्स द एग्स ऑफ बर्ड्स, फ्रॉग्स, रैट्स
- 7:00:43एंड इंसेक्ट्स। लिखा है कि टोटारा सबसे
- 7:00:45एक्टिव रहता है रातों में। और यह क्या
- 7:00:47खाता है भाई? यह अंडे खाता है बर्ड्स के,
- 7:00:50फ्रॉग्स के, रैट्स के, इंसेक्ट्स के। अ
- 7:00:52टटारास एवरेज लाइफ स्पैन इज़ लेस देन 77
- 7:00:56इयर्स। टतारा का जो एवरेज लाइफ स्पैन है,
- 7:00:58वो 77 साल से कम का है। बट सम स्पीशीज़ कैन
- 7:01:01लिव अप टू 100 इयर्स। लेकिन इसकी कुछ
- 7:01:04प्रजातियां हैं जो कि 100 सालों तक भी जी
- 7:01:06सकती हैं। इन द स्प्रिंग दैट द फीमेल
- 7:01:08टुआटारा लेज़ 8 टू 15 एग्स। स्प्रिंग के
- 7:01:12महीने में जो फीमेल टुआटारा है वो लगभग आठ
- 7:01:14से 15 अंडे देती हैं। दीज़ एग्स आर डैश
- 7:01:17ड्यूरिंग समर। ये जो एग्स हैं ये डैश होते
- 7:01:20हैं समर्स के दौरान। स्प्रिंग्स में ये
- 7:01:22अंडे देती है और गर्मियों के मौसम में वो
- 7:01:24डैश होते हैं। आ जाओ भाई। हमने पैसेज समझ
- 7:01:27लिया। ये टू टेटरा के बारे में है।
- 7:01:29पॉजिटिव बातें की गई है। पॉजिटिव पैसेज
- 7:01:30है। फिल अप करेंगे। द टैरा व्हिच लिव्स ऑफ़
- 7:01:33न्यूजीलैंड्स आइलैंड्स इज़ अफेक्सनेटली नोन
- 7:01:36एज लिविंग फॉसिल। इट इज़ कॉल्ड दैट बिकॉज़
- 7:01:38इट इज़ द ओनली डैश रेप्टाइल इन अ ग्रुप ऑफ़
- 7:01:40रेप्टाइल्स। ओनली व्हाट? ओनली डैश
- 7:01:43रेप्टाइल ओनली लिविंग रेप्टाइल। ओनली लाइफ
- 7:01:46रेप्टाइल। देखो लाइफ तो नाउन है।
- 7:01:50रेप्टाइल भी नाउन है। हमें कोई एडजेक्टिव
- 7:01:52चाहिए था। एंटिटी। एंटिटी का मतलब होता है
- 7:01:56इकाई। यह एक इकाई रेप्टाइल है। गलत है। यह
- 7:02:00भी वैसे नाउन है। बीइंग इंसानों को कहा
- 7:02:02जाता है। इंसानी रेप्टाइल है। गलत है।
- 7:02:04लिविंग। लिविंग मतलब जीता जागता। आज भी जो
- 7:02:07है। ठीक है? द कलर ऑफ़ टटारा इज़ ग्रे और
- 7:02:10ऑलिव ग्रीन। इसका कलर ग्रे या ऑलिव ग्रीन
- 7:02:12है। इट डैश टू अ लेंथ ऑफ़ 60 सें.मी. अब
- 7:02:14यहां पे क्या भरेगा? इट डेवलप्स टू अ लेंथ
- 7:02:17ऑफ 60 सें.मी. मतलब ये लगभग 52 सें.मी. तक
- 7:02:21यह जा सकता है। दूसरा इट नरिशेस टू अ लेंथ
- 7:02:26ऑफ़ 50 सें.मी. ये पोषण कर सकता है। नरिश
- 7:02:29का मतलब होता है पोषण करना। ये पोषण कर
- 7:02:32सकता है लगभग 60 सें.मी. तक। कोई मतलब
- 7:02:34नहीं है इसका। इट लिंक्स टू अ लेंथ ऑफ़ ये
- 7:02:37लगभग 60 सें.मी. का लिंक कर सकता है। क्या
- 7:02:40कर सकता है लिंक? इट क्रिएट्स टू अ इट
- 7:02:42क्रिएट्स टू अ क्रिएट्स एक मतलब ग्रामर के
- 7:02:45तरीके से अगर मैं बोलूं तो क्रिएट्स एक
- 7:02:47ट्रांजिटिव वर्ब है जिसके बाद कोई
- 7:02:48ऑब्जेक्ट चाहिए। यहां पे आपको दिख रहा
- 7:02:50होगा क्रिएट्स के तुरंत बाद प्रपजीिशन
- 7:02:51लिखा हुआ है। तो ये तो ग्रामेटिकली
- 7:02:52इनकरेक्ट है। हालांकि ये यहां पे इसके
- 7:02:55लेंथ की बात हो रही थी कि टू बट अरे कितना
- 7:02:57लंबा हो सकता है। तो यहां क्रिएट मतलब
- 7:02:58बनाना कोई सेंस नहीं है। आंसर क्या होगा?
- 7:03:01डेवलप्स कि वो डेवलप कर सकता है एक 60
- 7:03:03सें.मी. के लेंथ तक। द फैक्ट दैट दिस
- 7:03:06लेज़र्ड हैज़ थ्री आइज़ इज़ इट्स मोस्ट डैश
- 7:03:08फीचर। मैंने बोला था कि यहां पे
- 7:03:10इंटरेस्टिंग जैसा कुछ होना चाहिए कि तीन
- 7:03:12आंखें हैं इसकी। मोस्ट अब्सॉर्बिंग फीचर
- 7:03:14सबसे ज्यादा अब्सॉर्ब करने वाला फीचर है।
- 7:03:17मोस्ट एस्केलेटिंग फीचर। एस्केलेटिंग का
- 7:03:19मतलब होता है तीव्र। बहुत तीव्र फीचर है
- 7:03:22इसका। बहुत इंटेंस फीचर है इसका।
- 7:03:24इंट्रीगिंग। इंट्रगिंग का मतलब होता है
- 7:03:26दिलचस्प। इंटरेस्टिंग जिसे कहते हैं। मिल
- 7:03:29गया। यही तो मैं बोल रहा था। क्या है कि
- 7:03:31आप जब बहुत रीडिंग करोगे ना तो चीजों का
- 7:03:33फील आने लगता है आपको। ठीक है? अगला वर्ड
- 7:03:36है डायवर्टिंग। डायवर्टिंग का मतलब होता
- 7:03:38है मजेदार। जिनको नहीं पता है लिख लेना।
- 7:03:41डायवर्टिंग का मतलब होता है एंटरटेनिंग
- 7:03:43एंड एंजॉयबल। तो इसका जो तीन आंखें हैं ना
- 7:03:45ये इसका सबसे एंटरटेनिंग फीचर है।
- 7:03:47एंटरटेनिंग नहीं बहुत इंटरेस्टिंग फीचर
- 7:03:49है। ठीक है? आगे बढ़ेंगे। द टोटारा हैज़ अ
- 7:03:53टीथ दैट आर डैश फ्रॉम दोज़ ऑफ़ अदर
- 7:03:55रेप्टाइल्स। यह बात आप समझ पा रहे हैं कि
- 7:03:57इस लाइन में बाकी सारे रेप्टाइल्स के जो
- 7:04:00दांत हैं उनके साथ कंपेयर किया जा रहा है
- 7:04:02और यह कहा जा रहा है कि तआरा के जो दांत
- 7:04:04है वो बाकियों से अलग होते हैं। तो हम एक
- 7:04:07ऐसा टर्म ढूंढ रहे हैं जो अलग के लिए यूज़
- 7:04:09हो। डिस्टिंक्ट का मतलब होता है डिफरेंट।
- 7:04:11बाकी सबसे अलग है। ठीक लग रहा है। इसके जो
- 7:04:14दांत है वो बाकी सबसे शार्प है। अगर आप ये
- 7:04:17यूज़ करोगे फिर तो शार्पर बोलना चाहिए था
- 7:04:18कि दैट टू अटारा हैज़ टीथ दैट आर शार्पर
- 7:04:20फ्रॉम दोज़। और यहां पे फ्रॉम में नहीं
- 7:04:22होता फिर देन होता क्योंकि आप कंपेयर कर
- 7:04:24रहे नहीं हो सकता। दैट आर डिस्क्रीट।
- 7:04:26डिस्क्रीट मतलब होता है अलग। हालांकि इसका
- 7:04:29मतलब भी अलग होता है या समझ भी होता है।
- 7:04:32दैट आर सेपरेट फ्रॉम। सेपरेट नहीं
- 7:04:34एडजेक्टिव चाहिए तो सेपरेटेड लिखो। ठीक
- 7:04:36है? तो यहां पे आंसर क्या होगा?
- 7:04:38डिस्टिंक्ट सबसे एप्रोप्रियट ऑप्शन कौन सा
- 7:04:40है? दैट आर डिस्टिंक्ट फ्रॉम। और वैसे भी
- 7:04:42ये फिक्स्ड प्रपज़िशन का पार्ट आप इस तरीके
- 7:04:45से बना सकते थे कि यहां फ्रॉम प्रपजीिशन
- 7:04:47है। तो इसके बाद इसके पहले डिस्टिंक्ट
- 7:04:50आएगा। फिक्स्ड प्रपोजीशन डिस्टिंक्ट
- 7:04:51फ्रॉम। आगे बढ़ेंगे। लास्ट वाले आ जाओ। दीज़
- 7:04:54एग्स आर डैश ड्यूरिंग समर। अच्छा स्प्रिंग
- 7:04:57में ना फीमेल टू अटारा आठ से 15 अंडे देती
- 7:05:00है और वो अंडे समर में डैश हो जाते हैं।
- 7:05:03तो वो अंडे जर्मिनेट हो जाते हैं।
- 7:05:05जर्मिनेट का मतलब होता है अंकुरित होना।
- 7:05:06चना देखा है ना? चना अंकुरित होता है ना
- 7:05:08उसको जर्मिनेट कहते हैं। जर्मिनेट आमतौर
- 7:05:10पर बीज होता है। अंडों के साथ जर्मिनेट
- 7:05:13टर्म नहीं यूज़ करते। पॉलिनेट आमतौर पर
- 7:05:15फ्लावर्स के लिए यूज़ करते हैं। आपने पढ़ा
- 7:05:17होगा पॉलिनेशन कांसेप्ट क्लास थ्री या फोर
- 7:05:19में। ठीक है? क्रॉस पोलिनेशन पढ़ा था ना
- 7:05:22साइंस में था। गलत है। एग्स आमतौर पर
- 7:05:25फर्टिलाइज्ड होता है। ये सही है कि एग्स
- 7:05:27का फर्टिलाइजेशन होता है। ये तो बचपन से
- 7:05:29पढ़ते हैं हम लोग बायोलॉजी में।
- 7:05:31फ्रुक्टिफाइड एक टर्म था जिसका मतलब होता
- 7:05:32है उपजाऊ बनाना। जिनको नहीं पता है लिख
- 7:05:34लीजिएगा। इसका मतलब होता है उपजाऊ बनाना।
- 7:05:37ठीक है? टू मेक समथिंग फर्टाइल। इसको
- 7:05:40फ्रुक्टिफाइड कहते हैं। आंसर क्या होगा?
- 7:05:42फर्टिलाइज्ड। बढ़िया पैसेज था। बढ़ेंगे अपने
- 7:05:45बारगे क्लोज टेस्ट की तरफ। उम्मीद करता
- 7:05:47हूं आप थके नहीं है। लिखा है ट्रीज आर डश
- 7:05:51बेस्ट गिफ्ट्स फॉर नेचर ऑफ नेचर फॉर अस।
- 7:05:55दे मेक द एनवायरमेंट ब्यूटीफुल एंड क्लीन।
- 7:05:57लिखा हुआ है कि ट्रीज जो है वो बेस्ट
- 7:05:59गिफ्ट है नेचर का हमें। वो हमारे
- 7:06:01एनवायरमेंट को ब्यूटीफुल और क्लीन बनाते
- 7:06:03हैं। वाटर एंड सनलाइट आर वेरीेंट टू
- 7:06:07हेल्पिंग ट्रीज ग्रो। लिखा है कि वाटर और
- 7:06:10सनलाइट जो है बहुत जरूरी है पेड़ों को
- 7:06:13हेल्प करने में ताकि वो बढ़े। ह्यूमन
- 7:06:16बीइंग्स गेट फूड फ्रॉम ट्रीज। जो इंसान
- 7:06:19है, वह अपना खाना कहां से लाते हैं? वो
- 7:06:22खाना लाते हैं पेड़ों से। ट्रीज आल्सो गिव
- 7:06:25अस वुड एंड शेड। पेड़ों से हमें लकड़ियां
- 7:06:28भी मिलती है, छांव भी मिलता है। हाउसेस,
- 7:06:31चेयर्स एंड टॉयज डैश फ्रॉम वुड वी रिसीव
- 7:06:34फ्रॉम ट्रीज। पेड़ों से हमें जो लकड़ियां
- 7:06:36मिलती हैं, उनसे घर, टॉयज और चेयर्स डैश
- 7:06:38किए जाते हैं। ट्रीज कैन बी कॉल्ड द बेस्ट
- 7:06:41फ्रेंड्स ऑफ मैनकाइन ट्रीज को इंसान का
- 7:06:43सबसे अच्छा दोस्त बोला जा सकता है। मेनी
- 7:06:45एनिमल्स गेट देयर फूड फ्रॉम लीव्स,
- 7:06:47वेजिटेबल्स एंड फ्रूट्स ग्रोन डैश ट्रीज।
- 7:06:50बहुत सारे ऐसे एनिमल्स हैं जिनको उनका
- 7:06:52खाना मिलता है पत्तों से, वेजिटेबल से,
- 7:06:54फ्रूट्स से जो कि ट्रीज में, डैश ट्रीज
- 7:06:57में ग्रो होते हैं। दे आल्सो लिव इन द
- 7:07:00शैडोस ऑफ ट्री। यहां दे एनिमल्स के लिए
- 7:07:01यूज़ किया जा रहा है कि जानवर जो है वो के
- 7:07:04वो छांव में भी रहते हैं पेड़ों के। वी
- 7:07:06डैश कटिंग ट्रीज टू सेव नेचर। प्रकृति को
- 7:07:09बचाने के लिए हमें पेड़ काटने को डैश करना
- 7:07:12चाहिए। चिल्ड्रन एंड एडल्ट्स नीड टू
- 7:07:15प्लांट मोर ट्रीज एंड टीच ईच अदर टू स्टॉप
- 7:07:17कॉजिंग हार्म टू डैश। बच्चों को और जवान
- 7:07:21लोगों को ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने
- 7:07:23चाहिए और एक दूसरे को यह समझाना चाहिए,
- 7:07:25सिखाना चाहिए कि वो हार्म ना करे डैश को।
- 7:07:28वन ट्री कैन सेव मेनी लाइफ्स। एक पेड़ कई
- 7:07:31जान बचा सकते हैं। बहुत ही ज्यादा आसान
- 7:07:35पैसेज है। टोन क्या है? पॉजिटिव है। आ
- 7:07:37जाओ। ट्रीज़ आर डैश बेस्ट गिफ्ट। बेस्ट एक
- 7:07:41सुपरलेटिव डिग्री है। इसके साथ हमेशा
- 7:07:44आर्टिकल द आता है। ग्रामर में कितनी बार
- 7:07:46हमने कवर किया है। नो आर्टिकल एन द अ आंसर
- 7:07:49क्या होगा? द मेक अस एनवायरमेंट। ये हमारे
- 7:07:52एनवायरमेंट को क्लीन करते हैं। हाउसेस,
- 7:07:54चेयर्स और टॉयज़ वुड से डैश होते हैं।
- 7:07:58अच्छा हाउसेस, चेयर्स एंड एंड टॉयज़,
- 7:08:00चेयर्स एंड टॉयज़ वाज़ मेक। देखो अगर तुम
- 7:08:03पैसिव रखना चाहते हो तो यहां पर इज एम आर
- 7:08:06वाज वर के बाद तो वी3 यूज़ होता है। यहां
- 7:08:07मेक लिखा हुआ है। ग्रामेटिकली इनकरेक्ट
- 7:08:09है। आंसर नहीं हो सकता। यह वी1 है। हैड के
- 7:08:11बाद वी3 लगता है। यहां वी1 लिखा है।
- 7:08:13ग्रामेटिकली इनकरेक्ट है। विल के बाद बेस
- 7:08:15फॉर्म लगता है। यहां वी3 लिखा हुआ है।
- 7:08:17ग्रामेटिकली इनकरेक्ट है। केवल एक आंसर हो
- 7:08:19सकता है। आगे बढ़ेंगे। लिखा हुआ है कि बहुत
- 7:08:22सारे ऐसे जानवर हैं जो कि अपना फूड पत्तों
- 7:08:25से, वेजिटेबल्स और फ्रूट्स से लेते हैं जो
- 7:08:28कि ट्रीज पर उगते हैं। दैट आर ग्रोन ऑन
- 7:08:31ट्रीज दैट आर ग्रोन ऑफ ट्रीज। पेड़ का
- 7:08:34उगते हैं। पेड़ के बाहर उगते हैं। पेड़ के
- 7:08:36लिए उगते हैं। पेड़ पर उगते हैं। आंसर
- 7:08:38क्या होगा? ऑन। इससे सिंपल क्या होगा? दे
- 7:08:41आल्सो लिव इन द शैडोस ऑफ़ ट्रीज वी डैश
- 7:08:43कटिंग ट्रीज टू सेव नेचर। आ जाओ ऑप्शन पे।
- 7:08:46मे स्टॉप्ड मे के बाद बेस फॉर्म होता है।
- 7:08:48मे एक मॉडल है। ग्रामर लगा है। शुड स्टॉप।
- 7:08:51हैव के बाद वी3 लगेगा। स्टॉप्ड होना
- 7:08:53चाहिए। कैन बेस फॉर्म यार ये कितना सिंपल
- 7:08:56सवाल है। मतलब जिसके उधर आया हुआ लॉटरी लग
- 7:08:58गई उसकी। 10 नंबर तो ऐसे ही मिल गए। लिखा
- 7:09:01है चिल्ड्रन एंड एडल्ट्स नीड टू प्लांट
- 7:09:03मोर ट्रीज एंड टीच ईच अदर टू स्टॉप कॉजिंग
- 7:09:06हार्म टू डैश। ज्यादा से ज्यादा पेड़
- 7:09:08लगाने चाहिए। और जो हम लोग हार्म कॉज कर
- 7:09:11रहे हैं उसको रोकना चाहिए। हम किसके ऊपर
- 7:09:13हार्म कॉज कर रहे हैं? ये पूरा का पूरा
- 7:09:14पैसेज किसके बारे में है? नेचुरल के बारे
- 7:09:17में है। नर्चर के बारे में है। नर्चर मतलब
- 7:09:18होता है बढ़ावा देना। नेचर के बारे में
- 7:09:20है। नर्चरिंग के बारे में है। आंसर क्या
- 7:09:22है? नेचर के बारे में। ठीक है? हार्म टू
- 7:09:25टू प्रपजीिशन था। इसके बाद एक नाउन आना
- 7:09:27चाहिए था। नर्चर वर्ब है। नर्चरिंग वर्ब
- 7:09:29है। ये तो ऐसे ही नहीं हो सकता। टू नेचुरल
- 7:09:32या टू नेचर? आंसर होगा टू नेचर। क्लियर?
- 7:09:36बढ़ेंगे अपने 13वें क्लोज टेस्ट की तरफ। आ
- 7:09:39जाओ समझते हैं। लिखा है कि ऑल इज ऑलमोस्ट
- 7:09:43सर्टेनली वन ऑफ द ओश ग्रेटेस्ट रिसोर्सेज।
- 7:09:46लिखा है कि जो तेल है यह डेफिनेटली
- 7:09:50ओशियन का सबसे बड़ा गिफ्ट है हमें। सबसे
- 7:09:54बड़ा रिसोर्स है जो ओशियन ने हमें दिया
- 7:09:56है। समंदर के अंदर से तेल निकाला जाता है।
- 7:09:58पता होगा आपको। 33% ऑफ़ द वर्ल्ड्स ऑयल कम
- 7:10:02कम्स फ्रॉम सी वॉट फील्ड्स इन सीज़। लिखा
- 7:10:04है कि दुनिया का 33% जो तेल है वो समुद्र
- 7:10:08से निकाला जाता है। लगभग। ऑयल्स आर
- 7:10:11लिक्विड्स दैट ईली बर्न एंड डू नॉट डैश इन
- 7:10:14वाटर। लिखा है कि ऑइल्स ऐसे लिक्विड्स को
- 7:10:17कहते हैं जो कि बड़ी आसानी से जल जाए और
- 7:10:20पानी के साथ डैश नहीं होता है। मोस्ट ऑफ द
- 7:10:24टाइम ज्यादा करके दे आर मेड ऑफ चेस ऑफ
- 7:10:26कार्बन एंड हाइड्रोजन एटम्स। ज्यादा करके
- 7:10:29यह कार्बन और हाइड्रोजन एटम्स के चेन से
- 7:10:32बनते हैं। देयर आर थ्री डैश टाइप्स ऑफ
- 7:10:36ऑइल्स। तीन डैश किस्म के ऑइल्स होते हैं।
- 7:10:40मिनरल ऑयल, एसेंशियल ऑयल, फिक्स्ड ऑयल।
- 7:10:43फ्रॉम प्लांट्स एसेंशियल ऑइल्स आर थिन
- 7:10:46सेंटेड ऑइल्स। लिखा है कि पौधों से निकलते
- 7:10:49हैं एसेंशियल ऑइल्स जो कि पतले सेंटेड
- 7:10:51ऑइल्स होते हैं। बिकॉज़ दे आर फ्रीक्वेंटली
- 7:10:54दे फ्रीक्वेंटली हैव एन ऑर्डर। ऑर्डर का
- 7:10:56मतलब होता है सुगंध या गंधकि इनमें सुगंध
- 7:10:59होता है। एसेंशियल ऑयल्स आर डैश इन
- 7:11:02परफ्यूमरी एंड फूड फ्लेवरिंग। एसेंशियल
- 7:11:04ऑइल्स का डैश परफ्यूमरी और फूड फ्लेवरिंग
- 7:11:07में किया जाता है। पढ़ते-पढ़ते समझ में आ
- 7:11:08गया यहां यूज़्ड जैसा कोई वर्ड होना चाहिए
- 7:11:10कि इनका इस्तेमाल किया जाता है। एरोमेटिक
- 7:11:13एक्सट्रेक्शन प्रोसेससेस लाइक कोल
- 7:11:14प्रेसिंग डिस्टिलेशन एंड एक्सट्रेक्शन आर
- 7:11:16वेरी टिपिकली यूज्ड टू प्रिपेयर एसेंशियल
- 7:11:18ऑइल्स। लिखा है कि और ये जो एसेंशियल
- 7:11:20ऑइल्स हैं जिनमें अरोमा होता है जिनमें
- 7:11:22सुगंध होता है इनके लिए इनका अरोमा
- 7:11:25एक्सट्रक्शन के लिए इनसे सुगंध बाहर करने
- 7:11:28के लिए कोल्ड प्रेसिंग डिस्टिलेशन और
- 7:11:30एक्सट्रैक्शन जैसी चीजें यूज की जाती हैं।
- 7:11:33फैटी एसिड्स आर यूज्ड बाय एनिमल्स एंड
- 7:11:35प्लांट्स टू मेक फिक्स्ड ऑयल्स। एक के
- 7:11:37बारे में हमने बात कर ली एसेंशियल ऑयल्स
- 7:11:39के बारे में। अब फिक्स्ड ऑयल्स के बारे
- 7:11:40में बात कर लेते हैं। फिक्स्ड ऑयल्स क्या
- 7:11:42होते हैं? ये फैटी एसिड से बनते हैं। और
- 7:11:44फैटी एसिड कहां होता है? फैट से बनता है
- 7:11:46जो कि एनिमल्स और प्लांट से निकाले जाते
- 7:11:48हैं। दे आर स्पेशली नॉन वोलेटाइल ऑयल्स
- 7:11:51दैट आर फाउंड इन द सीड्स ऑफ कॉटन,
- 7:11:54कॉर्नफ्लेक्स, सनफ्लावर्स, पीनट्स,
- 7:11:56कोकोनट्स एंड ऑलिव्स। लिखा है कि ये नॉन
- 7:11:58वोलेटाइल ऑयल्स हैं जो कि कहां से मिलते
- 7:12:01हैं? आमतौर पर ये बीज से निकाले जाते हैं।
- 7:12:03किसके बीज से? कॉटन, कॉर्न, फ्लेक्स,
- 7:12:05सनफ्लावर्स, पीनट्स, कोकोनट्स इनके बीज
- 7:12:08से। और साथ ही साथ में ये एनिमल टिश्यूज़
- 7:12:10से निकाले जाते हैं। उनकी चर्बी से निकाले
- 7:12:12जाते हैं। दूसरे के बारे में बात कर लिया।
- 7:12:14अब तीसरे पे आ जाओ। मिनरल्स था। सो मिनरल
- 7:12:16ऑयल्स आर डैश फ्रॉम पेट्रोलियम व्हिच हैज़
- 7:12:19बीन अंडरग्राउंड फॉर मिलियंस ऑफ इयर्स
- 7:12:21फ्रॉम सी ऑर्गेनिज्म स्केलेटन्स। मिनरल
- 7:12:24ऑयल्स डैश किए जाते हैं पेट्रोलियम से जो
- 7:12:27कि बहुत सालों से मिलियन ऑफ इयर्स से अंडर
- 7:12:29ग्राउंड पड़े हुए हैं। अच्छा मिनरल ऑयल को
- 7:12:32क्या किया जाएगा? यहां निकालना जैसा कोई
- 7:12:34शब्द होना चाहिए। डिराइव्ड जैसा कोई शब्द
- 7:12:36होना चाहिए। मिनरल ऑयल्स आर वन ऑफ द
- 7:12:39पेट्रोलियम बाय प्रोडक्ट्स वि द लोएस्ट
- 7:12:42प्राइसेस। मिनरल ऑयल जो है यह पेट्रोलियम
- 7:12:44बायप्रोडक्ट्स हैं जिनके दाम आमतौर पर
- 7:12:46बड़े कम होते हैं। मिनरल ऑयल्स आर कलरलेस
- 7:12:49एंड ट्रांसपेरेंट। मिनरल ऑयल्स का कोई कलर
- 7:12:51नहीं होता और ये ट्रांसपेरेंट होते हैं।
- 7:12:53दे आर मेड अप ऑफ अ डैश ऑफ़ हाइड्रोकार्बंस।
- 7:12:55ये हाइड्रोकार्बंस के डैश से बनाए जाते
- 7:12:58हैं। तो ये पैसेज टोन क्या है? पॉजिटिव
- 7:13:01है। और किसके बारे में बात की गई है?
- 7:13:03बेसिकली ऑइल्स के बारे में बात की गई है।
- 7:13:05उनके तीन रूप बताए गए हैं और फिर उन तीनों
- 7:13:07रूपों को एक्सप्लेन किया गया है। आओ फिल
- 7:13:10अप करते हैं। लिखा है कि ऑयल इज ऑलमोस्ट
- 7:13:13सर्टेनली वन ऑफ़ द ओशियंस ग्रेटेस्ट
- 7:13:14रिसोर्सेज 33% ऑफ़ व्स ऑयल कम्स फ्रॉम सी
- 7:13:17वॉट फिल्स इन सीज़। ऑयल्स एंड लिक्विड्स
- 7:13:20दैट इज़ली बर्न एंड डू नॉट डैश इन वाटर।
- 7:13:23अच्छा लिखा है कि ऑइल्स ऐसे लिक्विड्स हैं
- 7:13:25जो कि आसानी से जल जाते हैं और वो वाटर के
- 7:13:28साथ डैश नहीं होते। वाटर के साथ क्या नहीं
- 7:13:31होंगे? दे डू नॉट ईजीली डिॉल्व इन वाटर।
- 7:13:34ये भी ध्यान देंगे कि एक प्रपजीिशन यहां
- 7:13:36इन यूज़ किया गया है। इवापोरेट इन वाटर।
- 7:13:40पानी में कैसे इवापोरेट होंगे? पानी के
- 7:13:43अंदर तो मिक्स ही हो सकते हैं। ये
- 7:13:44इवापोरेट मतलब होता है किसी चीज का भाप
- 7:13:46बनके उड़ जाना। पानी के साथ ये कैसे? पानी
- 7:13:49के अंदर ये कैसे इवापोरेट होंगे? मेल्ट
- 7:13:51पिघल जाना। तेल कभी पिघलेंगे क्या?
- 7:13:54डिफ्यूज का मतलब होता है मिल जाना।
- 7:13:56डिफ्यूज एयर के लिए इस्तेमाल किया जाता
- 7:13:58है। जब एयर मिक्स होता है उसको डिफ्यूजन
- 7:14:00कहते हैं। यहां पर हम ऑयल और पानी की बात
- 7:14:02करें जो लिक्विड है। एयर नहीं है तो आंसर
- 7:14:04क्या होगा? ऑप्शन नंबर वन के ऑयल एक ऐसे
- 7:14:07किस्म के लिक्विड होते हैं जो कि जो नहीं
- 7:14:12मिक्स होते या नहीं डिॉल्व होते वाटर के
- 7:14:14साथ। ठीक है? आगे बढ़ेंगे। आगे लिखा है
- 7:14:18मोस्ट ऑफ द टाइम ये जो किससे बने होते
- 7:14:20हैं? ये चेन ऑफ कार्बन और हाइड्रोजन से
- 7:14:22बने होते हैं। देयर आर थ्री डैश टाइप्स ऑफ
- 7:14:26ऑयल्स। अच्छा तीन डैश तरीके के ऑयल्स होते
- 7:14:28हैं। तो हम लोग क्या कहते हैं कि मुख्य
- 7:14:31किस्म से भारत में इतनी भाषाएं बोली जाती
- 7:14:33है। मुख्य किस्म से पाकिस्तान में इतने
- 7:14:35राज्य हैं। मुख्य किस्म से मतलब प्राइमरी
- 7:14:38तरीके से इनको तीन पार्ट्स में डिवाइड
- 7:14:39किया जाता है। ऑप्शन पे आ जाओ। अर्ली
- 7:14:41टाइप्स ऑफ ऑयल्स। पुराने तरीके ऑइल्स के
- 7:14:44इनिशियल शुरुआत तरीके के ऑयल्स से
- 7:14:47प्राइमरी तरीके के ऑयल। ये तो ठीक है ना?
- 7:14:49के मुख्य रूप पर ऑइल्स को तीन पार्ट में
- 7:14:52डिवाइड किया गया है। शुरुआती रूप में,
- 7:14:53जल्दी रूप में, ओरिजिनल रूप में गलत है।
- 7:14:56मुख्य रूप से ऑइल्स को तीन पार्ट में
- 7:14:58डिवाइड किया गया है। ठीक है? अब सेंटेड
- 7:15:01ऑयल की बात हो रही है। बिकॉज़ दे
- 7:15:02फ्रीक्वेंटली हैव एन ऑर्डर। एसेंशियल
- 7:15:04ऑयल्स आर डैश फ्रॉम। मैंने क्या बोला था?
- 7:15:06यहां पे इस्तेमाल जैसा कुछ होना चाहिए।
- 7:15:09एसेंशियल ऑयल्स आर ऑपरेटेड इन ऑपरेटेड इन
- 7:15:13परफ्यूमरी। उनको ऑपरेट किया जाता है
- 7:15:15परफ्यूमरी में। गलत है। उनको एंप्लॉय किया
- 7:15:18जाता है परफ्यूरी में। मतलब तेल को नौकरी
- 7:15:21दी जाती है परफ्यूमरी में। गलत है। ऑयल्स
- 7:15:23आर अपाइड। उन तेलों को इस्तेमाल उन तेलों
- 7:15:25को अप्लाई किया जाता है। उन तेलों को
- 7:15:27लगाया जाता है परफ्यूमर में और फूड
- 7:15:28डिलीवरी में। लगाया थोड़ी जाता है।
- 7:15:30यूटिलाइज्ड इन तेलों का इस्तेमाल किया
- 7:15:34जाता है परफ्यूमर में और फूड फ्लेवरिंग
- 7:15:36में। ठीक है? वैसे भी अप्लाइड के बाद टू
- 7:15:38लगता है। यूटिलाइज्ड के बाद इन लगता है।
- 7:15:41आप इसको ऐसे भी बना सकते थे। आपने ऐसे
- 7:15:43बनाया भी होगा शायद। आगे बढ़ेंगे। दे आर
- 7:15:46स्पेसिफिकली नॉन वोलेटाइल। किसकी बात की
- 7:15:48जा रही थी? हम लोग बात कर रहे थे फैटी
- 7:15:50एसिड्स के बारे में, फिक्स्ड ऑयल्स के
- 7:15:52बारे में।
- 7:15:54मिनरल्स मिनरल ऑयल्स आर डैश फ्रॉम
- 7:15:56पेट्रोलियम। मैंने यहां बोला था यहां
- 7:15:58बनाने निकालने जैसा कुछ होगा कि मिनरल ऑयल
- 7:16:00को पेट्रोलियम से डैश किया जाता है।
- 7:16:03क्योंकि शुरुआत से देखना हम लोग यहां बात
- 7:16:05कर रहे थे किससे बनाया जाता है? सेंटेड
- 7:16:06ऑइल्स किससे बनते हैं? है ना? फैटी ऑयल्स
- 7:16:09किससे बनते हैं? तो यहां पे वही बात की गई
- 7:16:11है कि मिनरल ऑयल्स किससे बनते हैं? मिनरल
- 7:16:13ऑयल्स आर फैब्रिकेटेड। देखो फैब्रिकेट का
- 7:16:16मतलब होता है कोई चीज जो मशीन से बनाई
- 7:16:18जाए। क्या हां यहां पे ऑइल्स को मशीन से
- 7:16:20बनाने की बात हो रही नहीं समंदर के अंदर
- 7:16:22की ऑइल की बात हो रही है। उनको रिन्यू
- 7:16:24किया जाता है। मतलब ये पहले से हैं दुनिया
- 7:16:26में है। पेट्रोलियम उनको रिन्यू करता है।
- 7:16:28गलत है। अगला ऑप्शन है प्रोड्यूस्ड कि
- 7:16:32इनको प्रोड्यूस किया जाता है। ये तो ठीक
- 7:16:34लग रहा है। इन्वेंटेड
- 7:16:37ये इनको इन्वेंट किया जाता है। गलत है।
- 7:16:39खोज के निकाला जाता है। इनकी खोज की जाती
- 7:16:41है पेट्रोलियम के द्वारा। आंसर होगा
- 7:16:43प्रोड्यूस्ड। आगे बढ़ेंगे। दे आर मेड अप ऑफ
- 7:16:46अ डैश ऑफ़ हाइड्रोकार्बंस। यह
- 7:16:48हाइड्रोकार्बंस के डैश से बनते हैं।
- 7:16:50हाइड्रोकार्बन के एसोसिएशन से बनते हैं,
- 7:16:52कोलबोरेशन के से बनते हैं, कोऑपरेशन से
- 7:16:54बनते हैं, कॉम्बिनेशन से बनते हैं। आंसर
- 7:16:56क्या होगा? कॉम्बिनेशन से। इसका आंसर इसी
- 7:16:58लाइन में था। देख लेना। चेन से बनाए जाते
- 7:17:00हैं। एसोसिएशन लोगों का होता है।
- 7:17:02कोलैबोरेशन क्रिएटर्स का होता है।
- 7:17:04कोऑपरेशन लोग करेंगे आपस में। कॉम्बिनेशन
- 7:17:07हो सकता है हाइड्रोकार्बन का। हाइड्रोजन
- 7:17:08और कार्बन मिलाकर ही बनता है। उनके
- 7:17:10कॉम्बिनेशन से ही बनता है। क्लियर?
- 7:17:13बढ़ते हैं अपने 14th क्लोज टेस्ट की तरफ।
- 7:17:16वंस अपॉन अ टाइम देयर वाज अ मैन मैं
- 7:17:19अस्यूम करके चल रहा हूं। आपने पॉज करके
- 7:17:20बना लिया है। लिखा हुआ है वंस अपॉन अ टाइम
- 7:17:23देयर वाज अ मैन डश यूज्ड टू टेल द
- 7:17:25फॉर्च्यूंस ऑफ़ पीपल। एक बार की बात है।
- 7:17:27यार ये जो एक बार की बात है वाला क्लोज
- 7:17:29टेस्ट है ना ये बनाने में बड़ा मजा आता है
- 7:17:31क्योंकि ये कोई स्टोरी है और सिंपल है।
- 7:17:33तुरंत बनने वाला है। तो क्या लिखा हुआ है
- 7:17:35कि एक बार की बात है। एक आदमी था जो के
- 7:17:38लोगों के का भविष्य बताया करता था।
- 7:17:40फॉर्च्यून मतलब होता है भविष्य या किस्मत।
- 7:17:42लोगों का किस्मत बताया करता था ये। वन डे
- 7:17:45ही वास टेलिंग द फॉर्च्यून एज यूजुअल
- 7:17:46व्हेन अ वन मैन केम टू हिम एंड सेड एक बार
- 7:17:49यह किसी व्यक्ति का की किस्मत बता रहा था।
- 7:17:51तभी एक व्यक्ति उसके पास आता है दूसरा
- 7:17:53व्यक्ति और आके कहता है कि समबडी डैश
- 7:17:55ब्रोकन द डोर ऑफ योर हाउस एंड हैड स्टोलन
- 7:17:59मैनी अवेलेबल्स। लिखा हुआ है कि तभी एक
- 7:18:01आदमी आता है और वो आकर कहता है कि
- 7:18:03तुम्हारा घर किसी ने तोड़ दिया। तुम्हारे
- 7:18:05मतलब तुम्हारे घर में कोई घुस गया और उसने
- 7:18:07बहुत सारी चीजें जो है वो चुरा ली। अब
- 7:18:10थोड़ा कॉमन सेंस लगाओ और देखो कितना अच्छा
- 7:18:12हिंट आपके सेंटेंस में दिया हुआ है।
- 7:18:14सबसे पहले तो यहां पर ब्रोकन लिखा हुआ था।
- 7:18:18ब्रोकन लिखे होने का क्या मतलब है? वर्ब
- 7:18:19पढ़ो तो ब्रेक V1 होता है। ब्रोक V2 होता
- 7:18:23है। ब्रोकन V3 होता है। इसका मतलब इसके
- 7:18:26पहले कोई ना कोई हैज़ हैव हैड होना चाहिए।
- 7:18:29ये बात तो क्लियर हो गया क्योंकि ये V3
- 7:18:31था। आगे आएंगे।
- 7:18:34लिखा था ब्रोकन द डोर ऑफ योर हाउस एंड हैज़
- 7:18:37स्टोलन। इनवर्टेड कॉमा के अंदर है।
- 7:18:41डायरेक्ट स्पीच में लिखा है। अगर यहां हैज़
- 7:18:43है म प्रेजेंट टेंस है तो यहां पर भी तो
- 7:18:45प्रेजेंट टेंस होना चाहिए। अगर प्रेजेंट
- 7:18:47टेंस होना चाहिए तो शैल हैव नहीं हो सकता।
- 7:18:48हैड नहीं हो सकता। अच्छा समबडी नोबडी
- 7:18:51एवरीबडी समवन नो वन एवरीवन सारे के सारे
- 7:18:53सिंगुलर सब्जेक्ट होते हैं। इसका मतलब हैव
- 7:18:56हो सकता है कि हैव भी नहीं हो सकता। आंसर
- 7:18:57क्या होगा? हैज़। सिंपल था तो मैंने यही
- 7:19:00बना दिया। गो होम एट वंस। एट वंस एक फ्रेज़
- 7:19:03है जिसका मतलब होता है तुरंत। तुरंत घर
- 7:19:04जाओ। कोई तुम्हारे घर में घुस गया है और
- 7:19:06तुम्हारी बड़ी वैलएबल चीजें चोरी कर ली
- 7:19:08है। द फ़्च्यून टेलर वाज़ डैश शॉक्ड टू हियर
- 7:19:12द न्यूज़। फ़्च्यून टेलर जो है यह न्यूज़ सुन
- 7:19:13के बिल्कुल डैश शॉक्ड हो गया। ही कुड नॉट
- 7:19:16अटर अ वर्ड आउट ऑफ शॉक। वो उसके वो एक
- 7:19:18शब्द भी नहीं बोल पा रहा था शॉक की वजह
- 7:19:20से। ही जस्ट रन टू हिज हाउस एज़ फास्ट एस
- 7:19:23ही कुड। वो अपने घर की तरफ भागा जितना तेज
- 7:19:25वो भाग सकता था। ही वाज़ इन सच अ हरी दैट
- 7:19:28ही लेफ्ट ऑल द थिंग्स बिहाइंड। वो इतना
- 7:19:31इतनी जल्दबाजी में था कि उसने सारी चीजें
- 7:19:33पीछे छोड़ दी। नाउ वन ऑफ ह कस्टमर सॉ हिम
- 7:19:36रशिंग। उसके कस्टमर ने देखा कि वो भाग के
- 7:19:39कहीं जा रहा है। एंड डैश और उसने डैश
- 7:19:41किया। एवरीडे ही डैश द फॉर्च्यून ऑफ़ सो
- 7:19:44मेनी पीपल। हर दिन वो बहुत सारे लोगों की
- 7:19:46किस्मत डैश करता है। बट टुडे ही कुड नॉट
- 7:19:49सी हिज ओन फ्यूचर। लेकिन आज वो अपनी
- 7:19:51किस्मत नहीं देख पाया। द फॉर्च्यून टेलर
- 7:19:53फ्ट वेरी एंबरेस्ड। ये सुन के जो
- 7:19:55फॉर्च्यून टेलर था जो किस्मत बताने वाला
- 7:19:57जो व्यक्ति था वो बहुत डैश हुआ। आ जाओ
- 7:20:01आसान सा पैसेज है। भरते हैं। लिखा है वंस
- 7:20:04अपॉन अ टाइम देयर वाज़ अ मैन डैश यूज्ड टू
- 7:20:06टेल। अच्छा मैन की बात हो रही है तो क्या
- 7:20:08लगा सकते हैं? हुम हुज बाय हुम हु आंसर
- 7:20:11क्या होगा? हु यूज्ड टू टेल। एक आदमी था
- 7:20:14जो कि बताया करता था। क्या बताया करता था?
- 7:20:16फ़्च्यून बताया करता था। वन डे ही वास
- 7:20:19टेलिंग द फॉर्च्यून एज यूजुअल व्हेन अ मैन
- 7:20:21केम टू हिम एंड सेड समबडी बता दिया मैंने
- 7:20:24हैज़ लगेगा गो होम एट वंस द फ़्च्यून टेलर
- 7:20:27वाज़ डैश शॉक्ड क्या होगा द फॉर्च्यून टेलर
- 7:20:30वाज़ मैनी शॉक्ड वो बहुत शॉक्ड हो गया मेनी
- 7:20:33काउंटेबल चीजों के लिए लगता है वाज़ क्वाइट
- 7:20:34शॉक्ड क्वाइट का मतलब होता है काफी वो
- 7:20:37काफी शॉक हुआ ये तो ठीक लग रहा है सो लेस
- 7:20:40शॉक्ड अगर आप सो लेस बोलोगे तो फिर आगे
- 7:20:42दैट लगाना पड़ेगा वो बहुत कम काफी कम शॉक
- 7:20:46हुआ गलत है सो मोर मोर मोर कंपेरेटिव
- 7:20:48डिग्री है। आपको लगाना पड़ेगा यहां पे मोर
- 7:20:50कंपेरेटिव मोर शॉक्ड तो फिर बोलना पड़ेगा
- 7:20:52द एक तो यहां लगाना पड़ेगा देन और दूसरा
- 7:20:54सो मोर कुछ नहीं होता। आंसर क्या होगा?
- 7:20:57क्वाइट काफी शॉक हुआ सुन के वो काफी शॉक्ड
- 7:21:00था। आगे लिखा हुआ है ही वाज़ इन सच अ हरी
- 7:21:02दैट ही लेफ्ट ऑल ह थिंग्स बैंड। वन ऑफ़ द
- 7:21:04कस्टमर सॉ हिम रशिंग एंड डैश उसके एक
- 7:21:06कस्टमर ने। ध्यान देना। वन ऑफ़ ह कस्टमर्स
- 7:21:09सॉ पास्ट है हिम एंड डैश। तो यहां पे भी
- 7:21:12अगर कोई वर्ब आएगा तो वो कौन से टेंस में
- 7:21:14होगा? पास्ट में होगा। क्योंकि दोनों घटा
- 7:21:16है तो कस्टमर ही कर रहा है और साथ में कर
- 7:21:18रहा है। उसने देखा और उसने बोला तो आंसर
- 7:21:20है कमेंट्स प्रेजेंट टेंस। कमेंटेड पास्ट
- 7:21:23टेंस कमेंट प्रेजेंट टेंस। कमेंटिंग कोई
- 7:21:25हेल्पिंग वर्ब चाहिए। ठीक है? क्योंकि आई
- 7:21:27एन जी है। आंसर क्या होगा? कमेंटेड।
- 7:21:29क्लियर? एवरीडे ही डैश द फॉर्च्यून ऑफ सो
- 7:21:33मेनी पीपल। हर दिन यह बहुत सारे लोगों का
- 7:21:36फॉर्च्यून डैश करता है। फिर से ग्रामर है।
- 7:21:39याद करो कि मैंने अपने पिछले वीडियो में
- 7:21:42कवर किया था और तब आपको ये बताया था कि
- 7:21:44हैबचुअल एक्शन शो करने के लिए जब भी आप
- 7:21:46कोई हैबचुअल एक्शन शो करोगे तो हमेशा
- 7:21:49उसमें क्या लगता है भाई साहब? उसमें हमेशा
- 7:21:51लगता है वी1 या फिर वी5। अगर प्लूरल हुआ
- 7:21:56तो वी1 लगाएंगे, सिंगुलर हुआ तो वी5
- 7:21:59लगाएंगे। यह पढ़ाया था नहीं पढ़ाया था। अब
- 7:22:00देख लो एवरीडे ही सिंगुलर है। आगे आ जाओ।
- 7:22:04टेल प्लुरल है। टेलिंग इसके पहले कोई
- 7:22:06हेल्पिंग वर्ब चाहिए। टोल्ड पास्ट हो
- 7:22:08जाएगा। टेल्स आंसर होगा एवरीडे ही टेल्स।
- 7:22:12अब आप यहां कुड देख के कंफ्यूज हो सकते
- 7:22:14हो। पर कंफ्यूज होने का जगह मैंने खत्म कर
- 7:22:17दिया क्योंकि यहां पे एवरीडे टर्म यूज़ था।
- 7:22:19इस वजह से हम लोग यहां पे टेल्स यूज़
- 7:22:22करेंगे कि वो हमेशा ऐसा करता है। आगे बढ़े।
- 7:22:27आते हैं 15 पे।
- 7:22:29लिखा है फेमिनस वर फेमिन हिंदी में अकाल
- 7:22:33को फेमिन कहते हैं। भुखमरी को फेमिन कहते
- 7:22:35हैं। लिखा है फेमिनस वर डैश ड्यूरिंग द
- 7:22:38पीरियड ऑफ़ ब्रिटिश रूल ड्यू टू मेनी रीज़ंस
- 7:22:40डैश अनइंप्लॉयमेंट फॉलोविंग इंपोर्ट ऑफ़
- 7:22:43मशीन मेड गुड्स फ्रॉम ब्रिटेन। लिखा है
- 7:22:45भुखमरी जो थे वो ब्रिटिश एरा के दौरान
- 7:22:48ब्रिटिशर्स के टाइम के दौरान बहुत डैश थे
- 7:22:52और उसके कई सारे कारण थे। अनइंप्लॉयमेंट
- 7:22:55उसके बाद जो अनइंप्लॉयमेंट कैसे आया था जो
- 7:22:58मशीन में गुड्स आने लगे थे उसकी वजह से
- 7:23:00ओवर एक्सप्लइटेशन ऑफ फार्मर्स फार्मर्स को
- 7:23:02बहुत ही ज्यादा परेशान करना उनको ओवर
- 7:23:04एक्सप्लइट करना ज्यादा काम देना कम उसके
- 7:23:07एवज में कुछ रिमुनरेशन पैसे देना एंड डैश
- 7:23:11एक्सेस टू फूड और जो खाने लोगों के जो
- 7:23:14खाने की अवेलेबिलिटी थी उस वक्त पे वो
- 7:23:16बहुत डैश थी अब सोचो अगर खाने की
- 7:23:19अवेलेबिलिटी ज्यादा होगी तो कभी भुखमरी
- 7:23:21आएगी क्या किसके बारे में पैसेजैसे जाए
- 7:23:23भुखुमरी के बारे में है ना अगर भुखमरी के
- 7:23:25बारे में इसका मतलब कमी होनी चाहिए तो
- 7:23:27यहां पे हम कौन सा टर्म भरेंगे कमी जैसा
- 7:23:28कुछ भरेंगे इंडिया सफर्ड टू वेरी सीवियर
- 7:23:32ड्रॉट्स इन 1965 एंड 1966 भारत ने 1965 और
- 7:23:371966 में जो दो बड़ी ही भयंकर भुखमरी झेली
- 7:23:40इंडिया अचीव्ड अचीव एक पॉजिटिव वर्ड है।
- 7:23:43इंडिया अचीव्ड डैश इन फ़ूड ग्रेंस ब द ईयर
- 7:23:461976 थ्रू द इंप्लीमेंटेशन ऑफ़ द सीड वाटर
- 7:23:49फर्टिलाइज़र लेड डैश भारत ने भारत ने डैश
- 7:23:53अचीव कर लिया फूड ग्रेंस में 1976 ईस्वी
- 7:23:56में कैसे अचीव किया जब उसने लागू किया सीड
- 7:23:59वाटर फर्टिलाइजर से लेड डैश को क्या है वो
- 7:24:03हम लोग आगे भरेंगे द कंट्रीज नो लगर
- 7:24:06एक्सपोज्ड टू रियल फेमिनंस अब भारत में
- 7:24:09भुखमरी नहीं आती इस लाइन कीेंस क्या है कि
- 7:24:12कि ये 1975 कहां गया? 1976 में कुछ बदला
- 7:24:16कुछ पॉजिटिव हुआ। इसका मतलब इस लाइन में
- 7:24:18कुछ पॉजिटिव भरा आना चाहिए। उसके पहले
- 7:24:20वाले में हम नेगेटिव नेगेटिव चीजें भर रहे
- 7:24:22थे। उससे क्या हुआ कि अब भारत में रियल
- 7:24:25फेमिनंस नहीं है। हाउ एवर लैक ऑफ परचेसिंग
- 7:24:28पावर कंटिन्यूस टू ह्ट पीपल इन सम ऑफ द
- 7:24:30पार्ट्स इन द कंट्री। हालांकि अभी भी
- 7:24:33लोगों में चीजों को खरीदने की क्षमता कम
- 7:24:35है। जिसका मतलब गरीबी है जिसके वजह से कुछ
- 7:24:38जगह पर यह परेशानी भुखमरी की आज भी है। ये
- 7:24:42पूरा पैसेज था। मोटा-मोटा पैसेज नेगेटिव
- 7:24:44टोन में है। जहां पॉजिटिव था वहां मैंने
- 7:24:47आपको बता दिया है। आ जाओ ट्राई करते हैं।
- 7:24:50क्या लिखा है कि फेमिनंस वर डैश डूइंग द
- 7:24:53पीरियड ऑफ ब्रिटिश रूल ड्यू टू मेनी
- 7:24:55रीज़ंस। फेमिन अभी हमने पूरे में क्या पढ़ा
- 7:24:57कि ब्रिटिश रूल के दौरान फेमिनंस बहुत आते
- 7:25:00थे। तो यहां पर हमें एक ऐसा वर्ड भरना है
- 7:25:02जिसका यह मतलब हो कि बहुत ज्यादा किसी चीज
- 7:25:04का आना। फेमिस व पॉज्ड। पॉज मतलब होता है
- 7:25:07रुकना। भुखमरी रुक गई थी अंग्रेजों के
- 7:25:10दौरान। नहीं भुखमरी आई थी अंग्रेजों के
- 7:25:12दौरान। एक्सक्रोशिएटेड। देखो
- 7:25:14एक्सक्रोशिएटिंग का मतलब होता है
- 7:25:15एक्सट्रीमली पेनफुल। फेम फेमिनंस बहुत
- 7:25:18दर्दनाक थे अंग्रेजों के दौरान। तो बाद
- 7:25:20में जब हुआ तो क्या दर्द नहीं हुआ? यह
- 7:25:22नहीं होगा। फेमिनंस को डिसरेज किया गया
- 7:25:25था। फेमिनस को बोला गया था कि फेमिनस मत
- 7:25:27आ। ओ स्त्री कल आना। ऐसे ओ फेमिनस कलाम
- 7:25:30नहीं हो सकता। फेमिनस वर कॉज्ड। कॉज मतलब
- 7:25:33होता है किसी चीज का होना। तो फेमिनंस
- 7:25:35बहुत होते थे ब्रिटिशर्स रूल के दौरान।
- 7:25:38क्यों? ड्यू टू मेनी रीज़ंस डैश
- 7:25:40अनइंप्लॉयमेंट।
- 7:25:42अच्छा अनइंप्लॉयमेंट उस वक्त बहुत ज्यादा
- 7:25:44था। क्यों ज्यादा था कि लिख भी दिया गया
- 7:25:46है कि मशीन से चीजें बनकर आ रही थी
- 7:25:48ब्रिटेन से। तो जितने हाथ से काम करने
- 7:25:50वाले आर्टिजंस थे उनको तो काम ही नहीं मिल
- 7:25:52रहा होगा। आ जाओ ऑप्शन पे। लिखा हुआ है कि
- 7:25:56अ ड्यू टू मेनी रीज़ंस डैश अनइंप्लॉयमेंट
- 7:25:59इंक्लूडिंग स्मॉल स्केल अनइंप्लॉयमेंट।
- 7:26:01स्माल स्केल अनइंप्लॉयमेंट कम संख्या में
- 7:26:03अनइंप्लॉयमेंट थी। नहीं
- 7:26:05एक्सक्लूडिंग एक्सक्लूडिंग तो हो ही नहीं
- 7:26:07सकता। यहां तो हम उन फैक्टर्स के बारे में
- 7:26:09बात कर रहे हैं जिन फैक्टर्स के वजह से
- 7:26:11फेमिन हुआ था। तो इसका मतलब हम तो इंक्लूड
- 7:26:14कर रहे हैं सारे फैक्टर्स को। तो
- 7:26:15एक्सक्लूडिंग वाला तो ऑप्शन हो ही नहीं
- 7:26:17सकता। फिर आंसर ये बचता है कि इंक्लूडिंग
- 7:26:19लार्ज स्केल अनइंप्लॉयमेंट जिसके रीज़ंस
- 7:26:21क्या थे? लार्जर स्केल अनइंप्लॉयमेंट थे।
- 7:26:24ओवर एक्सप्लॉयटेशन ऑफ़ फार्मर्स था। एंड
- 7:26:26डैश एक्सेस टू फूड। मैंने बोला यहां कोई
- 7:26:28नेगेटिव टर्म होना चाहिए। एंड इनफ्लेटेड
- 7:26:30इनफ्लेटेड का मतलब होता है महंगाई। सो
- 7:26:32महंगा फूड का एक्सेस था। नहीं हम कह रहे
- 7:26:35हैं लिमिटेड एक्सेस था। सो अनलिमिटेड
- 7:26:37एक्सेस तो हो ही नहीं सकता। हम लिमिटेड
- 7:26:39एक्सेस के बारे में बोल रहे हैं। बेसिक
- 7:26:41एक्सेस था। आंसर क्या होगा?
- 7:26:43रेस्ट्रिक्टेड। लिमिटेड एक्सेस था फूड के
- 7:26:45लिए। सबके पास खाना था ही नहीं। इंडिया
- 7:26:48सफर्ड टू वेरी सीवियर ड्राउट्स इन द 1965
- 7:26:50एंड 1966। इंडिया अचीव्ड डैश इन फूड
- 7:26:54ग्रेंस। भारत ने अचीव किया। मैं कह रहा
- 7:26:56हूं अचीव पॉजिटिव वर्ड है। तो यहां कोई
- 7:26:57पॉजिटिव वर्ड होना चाहिए। इंडिया अचीव्ड
- 7:26:59गोल इन फूड ग्रेंस। इंडिया अचीव्ड सेल्फ
- 7:27:02सफिशिएंसी। सेल्फ सफिशिएंसी का मतलब है कि
- 7:27:04हम खुद उगाएंगे, खुद खाएंगे। बाहर से
- 7:27:07इंपोर्ट करने की जरूरत नहीं है। इंडिया
- 7:27:09अचीव्ड इनकंपटेंसी। यह तो नेगेटिव वर्ड
- 7:27:12है। नाकाबिलियत। भारत ने नाकाबिलियत अचीव
- 7:27:14कर लिया 1976 में। फिर अचीव वर्ड क्यों
- 7:27:16यूज़ कर रहे हो? कभी ऐसा बोला है कि भारत
- 7:27:18ने गुलामी अचीव की थी? बोलते हैं भारत ने
- 7:27:21आजादी अचीव की थी। एंड इंडिया अचीव्ड
- 7:27:22फ्रीडम। सो अचीव्ड टर्म के साथ पॉजिटिव
- 7:27:25वर्ड आएगा ना। सो इंडिया अचीव्ड सक्सेस इन
- 7:27:27फूड ग्रेंस। फूड ग्रेंस कोई एग्जाम थोड़ी
- 7:27:29है कि उसमें सक्सेस होगा। सेल्फ सफिशिएंसी
- 7:27:32सबसे सटीक है कि भारत ने सेल्फ सफिशिएंसी
- 7:27:35अचीव कर ली कि हम खुद उगाएंगे, खुद
- 7:27:37खाएंगे। ठीक है? 1976 में जब उन्होंने
- 7:27:40इंप्लीमेंट किया कौन सा रिवॉल्यूशन? ग्रीन
- 7:27:43रिवॉल्यूशन, वाइट रिवॉल्यूशन, ब्लू
- 7:27:45रिवॉल्यूशन, पिंक रिवॉल्यूशन, आंसर है
- 7:27:47कॉमन सेंस वाला और बहुत ही ज्यादा जीएस
- 7:27:50केेंट क्वेश्चन आंसर है ग्रीन रिवॉल्यूशन।
- 7:27:53क्लियर?
- 7:27:55बढ़ेंगे आज के लास्ट क्लोज टेस्ट की तरफ।
- 7:27:58आज हमने 16 क्लोज टेस्ट निपटाए हैं इस
- 7:28:01पूरे वीडियो में। उम्मीद करता हूं आपको ये
- 7:28:03मेहनत अच्छी लग रही है। अगर ये चैनल के
- 7:28:06कंटेंट अच्छे लग रहे हैं तो थोड़ा शेयर
- 7:28:08करो। बहुत सारे बच्चे बहुत अच्छा अच्छा
- 7:28:10बहुत प्यारा प्यारा कमेंट करते हैं कि सर
- 7:28:12आपके 1 मिलियन सब्सक्राइबर्स होने चाहिए।
- 7:28:14आप इतना अच्छा पढ़ाते हो। आप बहुत अंडर
- 7:28:16रेटेड हो। कुछ बच्चों ने तो ये भी कहा कि
- 7:28:18आप जीएस के जैसे परमार सर है वैसे आप
- 7:28:21इंग्लिश के हो। ये सारे कमेंट्स बहुत
- 7:28:22ओवरवेल्मिंग है। थैंक यू एवरीवन दिल से।
- 7:28:24पर ये तभी अचीव हो पाएगा जब आप थोड़ा शेयर
- 7:28:27करोगे। ठीक है? तो अपने ग्रुप में शेयर
- 7:28:29करो और लोगों को एजुकेट करो। अगर मेरा
- 7:28:32कंटेंट अच्छा लग रहा है, यूज़फुल लग रहा
- 7:28:33है तो ये सब तक पहुंचाओ। ठीक है? बस आप
- 7:28:37मेरे लिए इतना कर सकते हो अपने एंड से। आप
- 7:28:39बस इतना करो। मैं हमेशा ग्रेटट्यूड रखूंगा
- 7:28:42आपके लिए और और अच्छे-अच्छे कंटेंट लाने
- 7:28:44के लिए मोटिवेशन भी मिलेगा मुझे। चलो आते
- 7:28:47हैं इस पे। लास्ट पैसेज है ये। फिर से
- 7:28:49आपने पॉज किया। आपने ट्राई किया। क्या
- 7:28:51लिखा है कि न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स हैव
- 7:28:53रिसर्च द बैड इफेक्ट्स ऑफ जंक फूड एंड हैव
- 7:28:56कम टू द डैश। न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स। आगे
- 7:28:59बढ़ने से पहले एक बात और अह इस में मैंने
- 7:29:0216 क्लोज टेस्ट कवर किए हैं। इसके पहले
- 7:29:05मैंने तीन शिफ्ट वाइज़ एनालिसिस किया था।
- 7:29:07उसमें भी तीन क्लोज टेस्ट मैंने कवर किए
- 7:29:10थे। उसको मैंने इस मैराथन में इंक्लूड
- 7:29:12नहीं किया है। तो कुल मिला के 19 क्लोज
- 7:29:14टेस्ट सीएचएसएल के मैं बता चुका हूं। ठीक
- 7:29:16है? 36 शिफ्ट में एग्जाम हुआ था। मतलब 36
- 7:29:19क्लोज टेस्ट थे। 19 हमने कवर कर लिया।
- 7:29:22नेक्स्ट जो मैराथन होगा जब भी होगा अभी
- 7:29:24मैं डेट नहीं बता सकता। पर जब भी होगा
- 7:29:26उसमें जो बचे हुए क्लोज टेस्ट है उसको कवर
- 7:29:28करेंगे। तो मेरा पर्पस यह है कि आपके जो
- 7:29:31मेंस एग्जाम है सीजीएल का उसके पहले मैं
- 7:29:33कम से कम 100 क्लोज टेस्ट आपको करा दूं
- 7:29:36डिफरेंट एग्जाम्स का ताकि कहीं से भी कोई
- 7:29:38चूक ना छूटे। ठीक है? और आप कमेंट में जब
- 7:29:41बताते हो कि सर ये नेक्स्ट ये पढ़ाइए ये
- 7:29:44पढ़ाइए। तो उससे मुझे एक आईडिया भी मिलता
- 7:29:46है मैं नेविगेट कर पाता हूं कि अभी आपके
- 7:29:48रिक्वायरमेंट क्या है। तो प्लीज कमेंट में
- 7:29:50बताना कि कौन सा सेक्शन ऐसा है जिसका आप
- 7:29:52नेक्स्ट वीडियो चाहते हो या आप चाहते हो
- 7:29:53कि उसके ऊपर और वीडियोस बने। ठीक है? वो
- 7:29:55बताना। उससे मुझे गाइडेंस मिलती है। और
- 7:29:58अगर आप चैनल पे नए हो तो मैं ऑलरेडी बोल
- 7:30:00चुका हूं कि डेडिकेटेड प्लेलिस्ट है।
- 7:30:02सीएचएसएल का भी है, सीपीओ का भी है। जाओ
- 7:30:04देखो, एंजॉय करो। बहुत यूज़फुल कंटेंट है।
- 7:30:06वापस आता हूं मैं समझाता हूं। बहुत बातें
- 7:30:07हो गई। सो लिखा है कि न्यूट्रिशन
- 7:30:09एक्सपर्ट्स हैव रिसर्च द बैड इफेक्ट्स ऑफ़
- 7:30:11जंक फूड एंड हैव कम टू द डैश दैट जंक फूड
- 7:30:14मैन्युफैक्चरिंग कंपनीज़ आर फुलिंग द पीपल
- 7:30:17बाय डैश डिसेप्टिव एडवर्टाइजमेंट्स दैट शो
- 7:30:19जंक फूड एस हेल्दी। न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स
- 7:30:22ने रिसर्च किया है कि जो जंक फूड है जो हम
- 7:30:24लोग चाउमीन बर्गर वगैरह खाते हैं इनके जो
- 7:30:27बैड इफेक्ट्स हैं और वो लोग डैश पे पहुंचे
- 7:30:32हैं कि जंक फूड मैन्युफैक्चरिंग कंपनीज़ जो
- 7:30:34है वो हमें बेवकूफ बना रही हैं बाय डैश
- 7:30:37डिसेप्टिव एडवर्टाइजमेंट्स। वो लोग
- 7:30:39डिसेप्टिव मतलब छल कपट से भरा हुआ
- 7:30:42एडवरटाइजमेंट दिखा रहे हैं। दैट शो जंक
- 7:30:44फूड एस हेल्दी। जो जंक फूड को हेल्दी
- 7:30:46बताता है। वी मस्ट सब्स्टट्यूट जंक फूड
- 7:30:48विथ डैश फूड लाइक फ्रूट्स एंड वेजिटेबल्स।
- 7:30:51हमें जरूरत है और हमें करना चाहिए कि हम
- 7:30:53जंक फूड को डैश फूड के साथ रिप्लेस करें।
- 7:30:56जैसे कि फ्रूट्स और वेजिटेबल्स। सो द
- 7:30:59नेक्स्ट टाइम यू थिंक ऑफ डैश दैट बर्गर,
- 7:31:01हॉट डॉग, पिज़्ज़ा, अ समोसा, कचौरी और इवन
- 7:31:04आइसक्रीम इन अ रेस्टोरेंट। ईटिंग जंक,
- 7:31:07जॉइंट और अ पार्टी। स्टॉप योर इंस्टिंक्ट
- 7:31:09एंड लुक फॉर सम हेल्लयर फूड डैश ऑफ
- 7:31:11इंस्टीड। लिखा है कि इसलिए अगली बार जब भी
- 7:31:13आपको मन करे कि आप डैश करो एक बर्गर को,
- 7:31:16हॉट डॉग को, पिज़्ज़ा, समोसा, कचोरी या
- 7:31:18आइसक्रीम किसी रेस्टोर में या कहीं बाहर
- 7:31:20खा रहे हो तो अपने इंस्टिंक्ट्स को रोको
- 7:31:22और कोई हेल्थियर ऑप्शन को ढूंढो उसकी जगह
- 7:31:26पे। बहुत ही छोटा पैसेज। आओ भरे जरा इसके
- 7:31:31पैसेज को। सेटिस्फाई करें इस इस क्लोज
- 7:31:34टेस्ट को। लिखा है न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स
- 7:31:36हैव रिसर्च द बैड इफेक्ट्स ऑफ जंक फूड एंड
- 7:31:39हैव कम टू दैट डैश दैट अच्छा जब कोई
- 7:31:42रिसर्च करेगा और उस रिसर्च के थ्रू वो
- 7:31:45किसी पॉइंट तक पहुंचेगा तो उसे क्या कहा
- 7:31:47जाता है हैव कम टू द कंक्लूजन हैव कम टू द
- 7:31:51एजमशन हैव कम टू द डेरिवेशन हैव कम टू द
- 7:31:54स्यूशन देखो स्यूशन तो नहीं होगा क्योंकि
- 7:31:57यहां पे प्रॉब्लम बताई जा रही है हैव कम
- 7:32:00टू द डेरिवेशन डेराइव किसी फार्मूला को
- 7:32:02किया जाता है सो डेरिवेशन का जगह यहां पे
- 7:32:04है नहीं उत्पत्ति कहते हैं लोग डेरिवेशन
- 7:32:07को वो लोग इस उत्पत्ति तक पहुंचे हैं कोई
- 7:32:09मीनिंग नहीं है वो लोग इस मान्यता तक
- 7:32:11पहुंचे हैं कोई मीनिंग नहीं है वो लोग इस
- 7:32:13निष्कर्ष पे पहुंचे वो लोग इस कंक्लूजन पे
- 7:32:17पहुंचे हैं ये तो ठीक है कि जंक फूड
- 7:32:19मैन्युफैक्चरिंग कंपनीज़ जो है वो हमें फूल
- 7:32:21कर रही है वो हमें बेवकूफ बना रही है क्या
- 7:32:24करके डिसेप्टिव एडवर्टाइजमेंट्स डैश करके
- 7:32:27तो एडवर्टाइजमेंट्स हमें क्या करेंगे वह
- 7:32:29एडवर्टाइजमेंट्स हमें वो ऑब्ज़र्व करवाते
- 7:32:31हैं एडवर्टाइजमेंट्स हमें वह दिखाते
- 7:32:34एडवर्टाइजमेंट हमें अस्यूम करवाते हैं।
- 7:32:36एडवर्टाइजमेंट हमें ब्लो करवाते हैं।
- 7:32:38ऑब्वियसली बाय शोइंग वो हमें
- 7:32:40एडवर्टाइजमेंट दिखा रहे हैं। शो कर रहे
- 7:32:41हैं एडवर्टाइजमेंट्स जो कि जंक फूड को
- 7:32:44हेल्दी बताता है। हेल्दी दिखाता है। वी
- 7:32:46मस्ट सब्स्टट्यूट जंक फूड विथ डैश फूड।
- 7:32:49हमें जंक फूड को सब्स्टट्यूट करना चाहिए
- 7:32:52डैश फूड के साथ। डैश फूड मतलब एक्सपेंसिव
- 7:32:55फ़ूड। भैया जंक फ़ूड हटाओ। महंगा खाना खाओ।
- 7:32:57हैं गलत है। क्लीनर फ़ूड हो सकता है।
- 7:33:00पावरफुल फ़ूड। फ़ूड पावरफुल कैसे होगा?
- 7:33:02हेल्थियर फूड। देखो होने को तो क्लीनर भी
- 7:33:05हो सकता था। पर जहां पर आप जंक की बात कर
- 7:33:08रहे हो वहां पर आप डेफिनेटली हेल्थीयर फूड
- 7:33:10लिखोगे। और देखना यहां पे हमें आंसर भी दे
- 7:33:14दिया गया था। कितने ऐसे क्लोजेस्ट हमने
- 7:33:16किए जहां पे पैसेज में ही आंसर था। सिर्फ
- 7:33:18आपको अवेयर रहने की जरूरत है। तो हेल्थियर
- 7:33:20ऑप्शन की बात की जा रही है। आंसर क्या
- 7:33:22होगा? हेल्थियर। आगे बढ़ेंगे। सो नेक्स्ट
- 7:33:25टाइम यू थिंक ऑफ डैश बर्गर, हॉट डॉग। अगली
- 7:33:28बार आप जब बर्गर हॉट डॉग, पिज़्ज़ा, समोसा
- 7:33:30वगैरह डैश करने की कोशिश करो, स्किप करने
- 7:33:32की कोशिश करो, उन्हें छोड़ने की कोशिश
- 7:33:34करो। गलत है। क्योंकि आगे क्या लिखा हुआ
- 7:33:35था कि उसकी जगह पे हेल्दी फूड खाओ। इसका
- 7:33:38मतलब यहां पे खाने या पकड़ने ऐसे कोई सेंस
- 7:33:41बनेगा। यू थिंक ऑफ गैबिंग दैट बर्गर। आप
- 7:33:45उस बर्गर को पकड़ना चाहो, झपटना चाहो उसकी
- 7:33:47तरफ ये तो ठीक लग रहा है। ऑफ बिल्डिंग दैट
- 7:33:49बर्गर। आप अगर बर्गर बनाने की कोशिश करो।
- 7:33:52टर्निंग दैट बर्गर। उस बर्गर को बदलने की
- 7:33:54कोशिश करो। आंसर क्या होगा? गैबिंग। अगली
- 7:33:56बार जब आप उस बर्गर हॉट डॉग को पकड़ने की
- 7:33:58पिज़्ज़ा को समोसा को पकड़ने की कोशिश करो।
- 7:34:01उसके जगह पर यह याद रखना कि अपने इंस्टेंट
- 7:34:03को कंट्रोल करें। हेल्थियर फूड डैश करें।
- 7:34:06हेल्थियर फूड ऑप्शंस हेल्थियर फूड चांसेस।
- 7:34:11हेल्थियर फूड चांसेस कैसे होगा? कोई सेंस
- 7:34:14है इसका? हेल्थियर फूड कंपैरिजंस की तरफ
- 7:34:16जाओ। हेल्ियर फूड एडिशंस की तरफ जाओ।
- 7:34:18हेल्थियर फूड ऑप्शंस की तरफ जाओ। आंसर
- 7:34:20क्या होगा? ऑप्शन नंबर लिखा है इन द
- 7:34:22कंटेंपरेरी एपोक ऑफ एल्गोरिथ्मिक
- 7:34:25गवर्नेंस एंड हाइपर नेटवर्क इकोनमीस द
- 7:34:29डिस्कोर्स ऑफ एजेंसी हैज़ अंडरगॉन अ
- 7:34:31पैराडायमेटिक म्यूटेशन
- 7:34:34टफ लैंग्वेज है मैं आपके लिए आसान किए
- 7:34:36देता हूं एक-एक चीज को इत्मीनान से
- 7:34:37समझेंगे। ठीक है? कोई हड़बड़ी नहीं है
- 7:34:39हमें। लिखा है इन द कंटेंपरेरी एपॉक ऑफ
- 7:34:41एल्गोरिथ्मिक गवर्नेंस। मतलब क्या है कि
- 7:34:43आजकल का जो एप्रोक मतलब पीरियड होता है
- 7:34:46आजकल का जो समकालीन पीरियड है जो कि
- 7:34:48डिक्टेट हो रहा है मतलब जिसमें हर चीज
- 7:34:51डिसाइड किया जा रहा है एल्गोरिदम देख के
- 7:34:53एंड हाइपर नेटवर्क इकोनॉमीस द डिस्कोर्स
- 7:34:56ऑफ एजेंसी हैज़ अंडरगॉन अ पैराडेमिक
- 7:34:59म्यूटेशन आज की ऐसी दुनिया में जहां पे हर
- 7:35:02एक चीज डिसाइड हो रहा है एल्गोरिदम देखकर
- 7:35:04या हर एक चीज डिसाइड हो रहा है एक हाइपर
- 7:35:07नेटवर्क इकोनमीज़ को देखकर
- 7:35:10हमारी जो संप्रभुता है हिंदी हिंदी में
- 7:35:12अगर मैं बोलूं अगर हमारी जो ऑटोनोमी है कि
- 7:35:14अपने डिसीजंस हम खुद लेंगे। ये जो हमारी
- 7:35:16एजेंसी है ये एजेंसी की अपने डिसीजन हम
- 7:35:20खुद लेंगे। इसमें एक बहुत बड़ा बदलाव आया
- 7:35:22है। पैराडाइमेटिक का मतलब होता है
- 7:35:24पैराडाइम का मतलब होता है किसी चीज का 180
- 7:35:26डिग्री बदल जाना। ठीक है? तो पैराडाइम का
- 7:35:28मतलब होता है किसी एकदम से विपरीत दिशा
- 7:35:31में निकल जाना। म्यूटेशन किसी भी चीज को
- 7:35:33काट कर छोटा करने को कहते हैं। तो मीनिंग
- 7:35:35ये बन रहा है कि आजकल के वक्त पे जो ये
- 7:35:37एल्गोरिथमिक गवर्नेंस है और हाइपर नेटवर्क
- 7:35:39इकोनॉमीस जो है इनके वजह से एजेंसी मतलब
- 7:35:43हम जो एक्शन लेंगे हम क्या सोच रहे हैं
- 7:35:45हमारे दिमाग में क्या चल रहा है यह चीजें
- 7:35:47बहुत बदल गई नो लगर एंकरर्ड इन ट्रेडिशनल
- 7:35:51नोशंस ऑफ वशन और डेलीिबेरेशन
- 7:35:54सब्जेक्टिविटी इज इंक्रीजिंगली डैश बाय
- 7:35:56एंबिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर दैट एंटीिसिपेट
- 7:35:58नच एंड प्री डिसीजन मेकिंग बिफोर कॉग्निशन
- 7:36:02कंसोलिडेट्स इंटेंशन बहुत बढ़िया लाइन
- 7:36:05डिफिकल्ट है काफी ज्यादा ये लैंग्वेज मैं
- 7:36:07आपके लिए एक-एक करके आसान करूंगा लिखा है
- 7:36:09नो लगर एंकरर्ड एंकर मतलब होता है किसी
- 7:36:12चीज से बंधा होना इन ट्रेडिशनल नोशंस ऑफ
- 7:36:14वन। वो बड़ा अच्छा वर्ड है। वॉल्यूशन का
- 7:36:16मतलब होता है कभी भी कॉन्शियस चॉइस लेना।
- 7:36:19किसी चीज को लेकर अगर आप अपनी इच्छा से
- 7:36:21डिसीजन ले रहे हो ना उसे वो कहा जाता है।
- 7:36:24डेलीबेशन पहले भी मैंने पढ़ाया। बहुत सोच
- 7:36:26समझ के कुछ डिसाइड करना। सब्जेक्टिविटी का
- 7:36:28मतलब होता है कि इंडिविजुअल टू इंडिविजुअल
- 7:36:30अपना ओपिनियन वैरी करना। ये सारे वर्ड्स
- 7:36:32पहले पढ़ा चुका हूं मैं आपको। ए्बिएंट मतलब
- 7:36:34होता है बहुत ज्यादा वाइब्रेंट। सराउंडिंग
- 7:36:36आसपास वाला। ठीक है? एंटीिसिपेट अंदाजा
- 7:36:38लगाना, नज किसी को पोक करना। ठीक है?
- 7:36:41प्रीएम सोच समझकर कॉग्निशन मतलब होता है
- 7:36:44समझ। आपकी जितने डिफिकल्ट वर्ड थे सबकी
- 7:36:46हिंदी मैंने बता दी। अब जरा लाइन की हिंदी
- 7:36:47बता देता हूं। लिखा है कि नो लगर एंकर इन
- 7:36:50ट्रेडिशनल नोशंस ऑफ़ वनशन और डेलिबरेशन। अब
- 7:36:53जो हमारी सोच है ना वो ऐसा नहीं है कि हम
- 7:36:56कॉन्शियस चॉइस ले रहे हैं या हम बहुत सोच
- 7:36:59समझ के चॉइस ले रहे हैं। सब्जेक्टिविटी इज
- 7:37:01इंक्रीजिंगली डैश। सब्जेक्टिविटी लगातार
- 7:37:04डैश हो रही है बाय एंबिएंट
- 7:37:06इंफ्रास्ट्रक्चर। हमारे आसपास के माहौल से
- 7:37:08दैट एंटीिसिपेट नज एंड प्रीए डिसीजन
- 7:37:11मेकिंग बिफोर कॉग्निशन कंसोलिडेट्स
- 7:37:13इंटेंशन। कितना बढ़िया लाइन है कि इसके
- 7:37:15पहले हम अपना कोई डिसीजन बना पाए। हम क्या
- 7:37:18इंटेंड कर रहे हैं? हम क्या सोच रहे हैं?
- 7:37:20हम जब तक यह समझ पाए कि हमें क्या डिसीजन
- 7:37:23लेना है, हमारे आसपास वाले हमारा डिसीजन
- 7:37:26ले लेते हैं। कहने का मतलब है कि हमारा
- 7:37:28हमारा जिस जिन टेक्नोलॉजी के ऊपर जिन
- 7:37:30एल्गोरििदम्स के ऊपर हमने अपनी जिंदगी के
- 7:37:32डिसीजंस छोड़ रखे हैं, वो हमसे पहले
- 7:37:35डिसीजन ले लेते हैं। एक बहुत छोटा
- 7:37:36एग्जांपल इसका बताता हूं। मेरा टाइम आज
- 7:37:38कैसे वेस्ट होगा? यह मेरा Instagram का
- 7:37:40फीड या यह मेरा YouTube का फीड डिसाइड
- 7:37:42करता है। आज मैं कौन से मूड में रहूंगा?
- 7:37:45यह मेरा Instagram का फीड या ये मेरे
- 7:37:46YouTube का फीड डिसाइड करता है। मैंने
- 7:37:48YouTube खोला पहले वीडियो मुझे मिल गया कि
- 7:37:51कोई सोल्जर मटार हो गया है। किसी सोल्जर
- 7:37:53कोई हमारे यहां जो शहीद हो गए हैं। अब
- 7:37:55उनके परिवार पे क्या बीत रहा है? अब आपकी
- 7:37:58सुबह या जिस वक्त आपने फोन खोला, YouTube
- 7:38:00खोला आपकी सुबह वहीं से भारी हो गई। आप
- 7:38:02इमोशनल फील करने लगते हो। किसने डिसाइड
- 7:38:04किया? क्या हम सुबह उठ के हमने डिसाइड
- 7:38:06किया था कि आज हम रोएंगे? नहीं हमारी फीड
- 7:38:08ने डिसाइड किया। तो यहां पे वही कह रहा है
- 7:38:10कि हम अपना डिसीजन अब लेने में सक्षम नहीं
- 7:38:12रहे हैं। हमारे हाथ से कंट्रोल जा चुका
- 7:38:15है। और अब ये हमारे जो आसपास में जो
- 7:38:17एल्गोरिदम है जो माहौल है वो डिसाइड करती
- 7:38:20है और इससे पहले ही डिसाइड हो जाता है जब
- 7:38:23कि इससे पहले कि हमारा हम कुछ डिसाइड कर
- 7:38:25पाएं। हमारा जो इंटेंशन हो उससे हमारा
- 7:38:27कॉग्निशन मैच कर पाए। ये सारे डिसीजंस हो
- 7:38:29जाते हैं। मतलब इतना भी नहीं है कि मैं
- 7:38:31फोन करके मैं फोन ऑन करके कुछ सर्च बटन
- 7:38:34में जाकर सर्च करूं। ऑटोमेटिकली मुझे दिखा
- 7:38:36दिया जा रहा है। इसका मतलब मुझे प्रोसेस
- 7:38:38करने का भी वक्त नहीं दिया जा रहा है कि
- 7:38:39आज मैं क्या देखना चाहता हूं। इन सच अ
- 7:38:42रिजीम ऑटोनोमी बिकम्स अ रेट्रोएक्टिव अ
- 7:38:45पोस्ट फैक्टो नैरेटिव स्टिच टुगेदर बाय
- 7:38:48फीडबैक लूप्स ऑफ़ पर्सनल पर्सनलाइजेशन
- 7:38:51प्रेडिक्टिव मॉडलिंग एंड बायोमेट्रिक
- 7:38:53कैलिबेशन। ये तो होता ही है भाई। ये इसके
- 7:38:55शिकार तो हम सब हैं। क्या लिखा है कि ऐसी
- 7:38:57दुनिया में मतलब ऐसे रिजीम में जब ये
- 7:38:59चीजें चल रही हैं जो ऑटोनोमी ऑटोनोमी मतलब
- 7:39:01क्या होता है? मैं अपने डिसीजन खुद लूंगा।
- 7:39:03स्वतंत्रता कह लो उसको। तो हमारी जो
- 7:39:05स्वतंत्रता है कि हम अपने ऊपर ही
- 7:39:07डिपेंडेंट होंगे। हमारा जो मन करेगा वो
- 7:39:09करेंगे। ये एक रेट्रोएक्टिव पोस्ट फैक्टो
- 7:39:11नैरेटिव बन चुका है। रेट्रोएक्टिव पोस्ट
- 7:39:13फैक्टो ने नरेटिव का क्या मतलब है कि ये
- 7:39:14ऐसी ऐसी चीजें ये बन चुकी हैं जो थिंग ऑफ
- 7:39:17पास्ट है। अब वो जमाना चला गया जब हम
- 7:39:20डिसाइड करेंगे हम कौन सी किताब पढ़ेंगे।
- 7:39:21हम डिसाइड करेंगे हम कौन सी फिल्म
- 7:39:22देखेंगे। अब क्या हो रहा है कि फीडबैक लूप
- 7:39:25के नाम पे पर्सनलाइजेशन के नाम पे हमारे
- 7:39:28बिहेवियर को प्रेडिक्ट किया जाता है और
- 7:39:30बायोमेट्रिक कैलिबेशन डिसाइड करता है कि
- 7:39:32हम क्या करेंगे एक बटन कहीं दब गया वो
- 7:39:34डिसाइड कर लेगा क्या करेंगे मतलब समझ रहे
- 7:39:36हो ना कि हम जिस तरीके के वीडियोस देखते
- 7:39:38हैं उसी तरीके के वीडियोस आते हैं हमारी
- 7:39:40फील्ड में। तो हमारा जो बिहेवियर है जो
- 7:39:42हमारा बिहेवियरल पैटर्न है उस चीज को मशीन
- 7:39:45ने समझा है और अब हमें वो वही चीजें पुश
- 7:39:48कर रही हैं जो जो हमारा बिहेवियर उसने
- 7:39:51समझा है। इसका मतलब ये है कि हमारा जो
- 7:39:53ऑटोनोमी है अब वो तो बचा ही नहीं। अब
- 7:39:56कंप्यूटर को या सिस्टम को ये बात समझ आ गई
- 7:39:58कि मैं किस तरीके के वीडियोस किस मोमेंट
- 7:40:00पे देखना पसंद करता हूं। वो मुझे उस
- 7:40:02मोमेंट पे वही वीडियोस दिखाएंगी। तो ये
- 7:40:05क्या हो गया? पर्सनलाइजेशन के नाम पे मुझे
- 7:40:06कंट्रोल कर लिया गया। अब मुझे दिखाई वही
- 7:40:09रहा है जो मतलब मैं उस वक्त पर शायद उस
- 7:40:11मूड में रहूं। तो मैं अगर चाह के भी कुछ
- 7:40:13और देखना चाहूं तो मेरा दिमाग वहां तक काम
- 7:40:15ही नहीं कर पाएगा।
- 7:40:17द लिबरल आइडियल ऑफ द रैशन एक्टर सो
- 7:40:20सेंट्रल टू मॉडर्न जुरिस प्रूडेंस एंड
- 7:40:21इकोनमिक थ्योरी फाइंड्स इटसेल्फ डैश अंडर
- 7:40:24द वेट ऑफ डिस्ट्रीब्यूटेड कॉग्निशन
- 7:40:27मैकेनिक इंटरपिलेशन एंड एनवायरमेंटल
- 7:40:29स्क्रिप्टिंग। ये जो एक लिबरल आइडियल था
- 7:40:32ना इरैशनल एक्टर का मतलब ये पुराने बुक्स
- 7:40:35का रेफरेंस दिया जा रहा है कि पुराने
- 7:40:37ड्रामाज़ में जो एक एक्टर हुआ करता था कि
- 7:40:39मेरा जो मन करेगा मैं वो करूंगा। इस तरीके
- 7:40:41के जो आइडियल हुआ करते थे जो पुराने वक्त
- 7:40:44पे जो बहुत सेंट्रल हुआ करते थे। अब वो
- 7:40:49थ्योरी ऑफ़ लॉ में जुरिस्प्रुडेंस का मतलब
- 7:40:50थ्योरी ऑफ़ लॉ होता है। ये सारे वर्ड्स
- 7:40:52मैंने पहले आपको पढ़ा रखे हैं। ठीक है? तो
- 7:40:54जो बच्चे ये कह रहे हैं डिफिकल्ट लैंग्वेज
- 7:40:56है। आपने पुराने रेफरेंसेस देखे भी नहीं
- 7:40:59है। आपको ये वर्ड्स याद भी नहीं है। मुझे
- 7:41:01याद है कम से कम पांच से छह दफा मैंने
- 7:41:03जुरिस्पडेंस पढ़ाया है आपको। अगर आप
- 7:41:06पुरानी चीजें भूलते चलोगे तो आपको नई
- 7:41:08चीजें तो हमेशा डिफिकल्ट लगेंगी। क्योंकि
- 7:41:10वोकैब ऐसी चीज है कि जिस मोमेंट आपने
- 7:41:12रिवीजन बंद किया उस मोमेंट आपका वोकैब बैक
- 7:41:15टू जीरो हो गया। इसीलिए बार-बार स्ट्रेस
- 7:41:18डालना होता है इस चीज के ऊपर कि चीजों को
- 7:41:20रिवाइज करिए। बार-बार रिवाइज करेंगे तो
- 7:41:22वोकैब आपका बेहतर होगा और यह पैसेज
- 7:41:25डिफिकल्ट इसलिए है क्योंकि उसका वोकैब
- 7:41:26बहुत डिफिकल्ट है। अगर आपको वोकैब पता है
- 7:41:29तो फिर आपको मुश्किल नहीं होनी चाहिए।
- 7:41:31लिखा यहां पे कि जो लिबरल आइडियल है रैशन
- 7:41:33एक्टर का जो जो मॉडर्न जुरिस प्रिडेंस में
- 7:41:35बहुत सेंट्रल रोल प्ले करता है और
- 7:41:38इकोनॉमिक थ्योरी में वो अपने आप को डैश
- 7:41:40पाता है कि अब वो वजन तले दब गया है।
- 7:41:43किसके? डिस्ट्रीब्यूटेड डिस्ट्रीब्यूटेड
- 7:41:45कॉग्निशन के। अब क्या हो रहा है कि एक
- 7:41:48समझो एक ऐसी इस तरीके से इसको समझो कि मैं
- 7:41:50एक बहुत फोकस्ड इंसान हूं और मैं जितनी
- 7:41:52बार फोन खोलता हूं मैं कुछ काम से खोलता
- 7:41:54हूं लेकिन अब मुझे लत लग गई YouTube
- 7:41:56Instagram और Snapchaat की अब क्या हुआ?
- 7:41:58मेरा जो कॉग्निशन था मैं मैं मेरी जो
- 7:42:00डिसीजन मेकिंग थी वो डिस्ट्रीब्यूट हो
- 7:42:02चुकी है। अब क्या हो रहा है? मैकेनिक
- 7:42:05इंटरपिलेशन हो रहा है। इंटरपिलेशन का मतलब
- 7:42:07क्या होता है? एक ऐसा प्रोसेस जिसमें आप
- 7:42:09सवाल पूछते हो। द प्रोसेस ऑफ़ आस्किंग
- 7:42:11क्वेश्चंस इज़ कॉल्ड इंटरपिलेशन। तो अब वो
- 7:42:14बहुत मैकेनिक इंटरपिलेशन हो गया। हम
- 7:42:15लिमिटेड अमाउंट ऑफ क्योंकि हम सोच ही नहीं
- 7:42:17पा रहे ना। हम प्रोसेस ही नहीं कर पा रहे
- 7:42:19तो हम सवाल कैसे पूछेंगे? एन एनवायरमेंटल
- 7:42:21स्क्रिप्टिंग ये बात मैं शुरुआत शुरुआत से
- 7:42:23ये बात रिपीट कर रहा हूं कि आपका
- 7:42:24एनवायरमेंट आपके आसपास में ऐसा बना दिया
- 7:42:26गया कि ऐसे एक कहानी गढ़ दी गई और हम
- 7:42:28उसमें फंसते जा रहे हैं। एजेंसी इन दिस
- 7:42:32स्कीमा इज नॉट एक्सरसाइज। यहां एजेंसी
- 7:42:34आजादी को बोला जा रहा है। बट प्रोग्राम इट
- 7:42:36इज़ नीदर गिवन नॉर सीज्ड बट ऑस्ट
- 7:42:39ऑर्केस्ट्रार थ्रू माइक्रो एनवायरमेंटल
- 7:42:41क्यूज़ एंड एल्गोरिदमिक अफोर्डसेस। क्या
- 7:42:44बोला जा रहा है कि हमारी जो आजादी है हम
- 7:42:46क्या देखेंगे हम क्या करेंगे यह ना अब हम
- 7:42:49एक्सरसाइज नहीं कर पा रहे अब ये प्रोग्राम
- 7:42:52किया जा रहा है कितना अच्छा लाइन है कि
- 7:42:53पहले जहां पे हम अपनी मर्जी एक्सरसाइज
- 7:42:56करते थे हम अपना हक समझ के अपनी मर्जी
- 7:42:58चलाते थे अब वो प्रोग्राम्ड है ना आपसे
- 7:43:01कुछ छीना गया है ना आपको कुछ दिया गया है
- 7:43:04सिर्फ एक ऑर्केस्ट्रा बिठा दिया गया है
- 7:43:07आपके आसपास में जहां छोटे-छोटे क्यूज आते
- 7:43:10हैं छोटे-छोटे एल्गोरिथमिक अफोर्डेंसेस
- 7:43:13आते हैं और आप उसमें बह बहते चले जाते हो।
- 7:43:16जैसे कि छोटा नोटिफिकेशन आ जाना। कोई ऐसा
- 7:43:19क्रिएटर है जिसके वीडियो आप बार-बार देखते
- 7:43:20हो। अब आप पूरे पढ़ने के मूड में हो।
- 7:43:22सडनली एक एक ब्लिंक की आवाज आई और आपने
- 7:43:25देखा नोटिफिकेशन में उसका वीडियो आ गया।
- 7:43:27अब आप मचल रहे हो कि उसका वीडियो पहले देख
- 7:43:29लेते हैं। फिर हम आगे की पढ़ाई करेंगे। तो
- 7:43:31क्या हुआ? आप ये जो ऑर्केस्ट्रा आपके
- 7:43:33आसपास में हमारे आसपास में बिछाई गई है।
- 7:43:35उसने ये डिसाइड कर लिया कि आप आप आगे क्या
- 7:43:37करोगे? मैं आगे क्या करूंगा?
- 7:43:39द इंडिविजुअल बिकम्स लेस अ सोवन सेल्फ देन
- 7:43:42अ डश नोट इन प्रॉब्लमेिस्टिक मैट्रिक्स ऑफ
- 7:43:45बिहेवियरल स्पेककुलेशन। ये जो इंडिविजुअल
- 7:43:48है ना वो अब धीरे-धीरे करके सोवन सोवनिटी
- 7:43:51चलती चली जा रही है। खत्म होती जा रही है।
- 7:43:53और अब वो बहुत कम सोवन है। ठीक है? अब वो
- 7:43:56एक डैश नोट बन गया है जो कि मैट्रिक्स ऑफ
- 7:43:58बिहेवियरल स्पेककुलेशन में फंसा हुआ है।
- 7:44:01है ना? कि हम हमारा बिहेवियर कैसे चलता
- 7:44:03है? वो जो एक एक भूल भुलैया बनी है। हम
- 7:44:06अपने आप को खो के अब उसी भूल भुलैया का
- 7:44:08हिस्सा बन गए या वही भूल भुलैया बन गए कह
- 7:44:10लो राधा विद इन दिस ऑंटोलॉजिकल री
- 7:44:13कॉन्फ़िगरेशन रेजिस्टेंट रेजिस्टेंस टू
- 7:44:16अंडरगज़ अ सिमियोटिक शिफ्ट लिखा है कि और
- 7:44:19ये जो ऑनटोलॉजिकल रिकॉन्फ़िगरेशन है आपको
- 7:44:21मैंने पहले ऑनटोलॉजिकल भी पढ़ाया। याद करना
- 7:44:23ऑंटोलॉजिकल था रिलेटेड टू एग्जिस्टेंस
- 7:44:26होने को ऑनटोलॉजी कहा जाता है।
- 7:44:28एग्जिस्टेंस की पढ़ाई को ऑनटोलॉजी कहा
- 7:44:30जाता है। तो कह रहा है कि ये जो हमारा
- 7:44:32एग्जिस्टेंस रिकॉन्फिगर हुआ है ना हम आज
- 7:44:34से 40 साल 50 साल पहले जिस तरीके से इंसान
- 7:44:37जी रहा था 50 साल बाद ये जो हमारी
- 7:44:39रिकॉन्फ़िगरेशन हुई हम जो अलग तरीके से जी
- 7:44:41रहे हैं। इसमें रेजिस्टेंस में भी बहुत
- 7:44:43बदलाव आया है। पहले हमें कुछ नहीं पसंद
- 7:44:46होता था तो हम मारधाड़ करते थे। हम
- 7:44:47प्रोटेस्ट करते थे। झंडा लेकर रोड पे उतर
- 7:44:49जाते थे। इसमें भी बहुत बड़ा बदलाव आया
- 7:44:52है। एक्ट्स ऑफ़ रिफ्यूज़ल नो लगर मैनिफ़ेस्ट
- 7:44:55थ्रू ओवर्ट डिफाइंस बट थ्रू ऑफकेशन
- 7:44:57मिसअलाइनमेंट एंड विथड्रॉल फ्रॉम
- 7:44:59लेजिबिलिटी। अब यह भी बड़ा खूबसूरत लाइन
- 7:45:01है। क्या लिखा हुआ है? पहले जिस तरीके से
- 7:45:03हम लोग प्रोटेस्ट करते थे अब वैसे नहीं
- 7:45:05करते। अब देखो अब मुझे एक मोर मोमेंट पे
- 7:45:08ऐसा आपके साथ भी होता है। मेरे साथ भी
- 7:45:09होता है कि इरिटेट हो जाता है यार कि
- 7:45:11YouTube पे हमेशा ऐसे फीड क्यों आ रहा है?
- 7:45:13Instagram पे हमेशा ऐसे फीड जो फीड है वो
- 7:45:16क्यों आ रहा है कि मैं डिस्ट्रैक्ट हो रहा
- 7:45:17हूं। मेरा टाइम वेस्ट हो रहा है। मैं मुझे
- 7:45:19पढ़ाई की वीडियोस चाहिए अपनी फीड में। तो
- 7:45:21हम लोग क्या करते हैं? हम लोग उसमें अपना
- 7:45:24एल्गोरििदम बदलने की कोशिश करते हैं। तो
- 7:45:26यहां पे वही लिखा है कि एक्ट्स ऑफ
- 7:45:27रिफ्यूजल जो है वो अब मैनिफेस्ट डिफाइन के
- 7:45:30थ्रू नहीं हो रहा। अब ऐसा नहीं है कि हम
- 7:45:31झंडा लेके उतर जा रहे हैं कि YouTube
- 7:45:33हमारी जिंदगी बर्बाद कर रहा है। हम उसको
- 7:45:35कैसे चेंज करने की कोशिश कर रहे हैं? हम
- 7:45:36उसको ऑफस्टकेशन से चेंज करने की कोशिश कर
- 7:45:39रहे हैं। कितनी दफा मैंने पढ़ाया आपको
- 7:45:40ऑफकेशन टू मेक समथिंग ऑस्क्योर अनक्लियर।
- 7:45:43याद आ रहा है? किसी चीज को धुंधला कर
- 7:45:45देना। क्लियरली समझ ना पाए। तो हम
- 7:45:47एल्गोरिदम को कंफ्यूज करने की कोशिश करते
- 7:45:49हैं। हम ऑफस्टकेट करने की कोशिश करते हैं
- 7:45:51अपने एल्गोरििदम को। मिसअलाइन करने की
- 7:45:53कोशिश करते हैं। और हम लेजिबिलिटी से उसे
- 7:45:57हम ऐसा कर देते हैं कि हमारा कोई पैटर्न
- 7:45:59YouTube या Instagram या कोई भी सोशल
- 7:46:01मीडिया ऐप समझ ही ना पाए। हम अपने फीड को
- 7:46:04कंफ्यूज करने की कोशिश करते हैं। है ना?
- 7:46:06या आपने सुना होगा बहुत बार लोग अपना फीड
- 7:46:08सुधारते हैं। सारी हिस्ट्री डिलीट कर दी
- 7:46:10और तीनचार पढ़ाई वाले वीडियोस या जो भी
- 7:46:12उनके फील्ड के वीडियोस हैं उनको सर्च कर
- 7:46:14लिया ताकि उनका फीड सुधर जाए। तो यह हम
- 7:46:16क्या कर रहे हैं? यह हम टेक्नोलॉजी के
- 7:46:18अगेंस्ट प्रोटेस्ट कर रहे हैं। तो पहले जो
- 7:46:20प्रोटेस्ट करने का तरीका था, उस तरीके में
- 7:46:22भी बहुत ज्यादा बदलाव आया है। येट इवन दी
- 7:46:26जेस्चर्स रिस्क बीइंग डैश बाय द वेरी
- 7:46:28सिस्टम्स दे अटेमप्ट टू सबवर्ट
- 7:46:30रिकक्यूपरेटेड एज मार्केटेबल डिवाइंस। अब
- 7:46:33ये इतना इतना प्रैक्टिकल लाइन है ये वाला।
- 7:46:36और कितना खूबसूरत ये मीनिंग दे रहा है
- 7:46:39समझना। लिखा है कि लेकिन येट ये जो
- 7:46:42जेस्चर्स है ना जो हम करने की कोशिश कर
- 7:46:44रहे हैं हम क्या अभी मैंने क्या बोला हम
- 7:46:45एल्गोरििदम को कंफ्यूज करने की कोशिश कर
- 7:46:47रहे हैं। ये जो जेस्चर्स हम कर रहे हैं
- 7:46:49इसमें ये रिस्क है कि ये उसी सिस्टम का
- 7:46:53डैश बन जाएगा जिस सिस्टम को ये सबवर्ट
- 7:46:55करके सबवर्ट करने की कोशिश कर रहा है और
- 7:46:58यह रिकक्यूपरेट हो जाएगा मार्केट
- 7:47:00मार्केटेबल डिवाइंस के थ्रू। मतलब यह है
- 7:47:03कि ऐसा हो सकता है कि जब हम इस चीज को
- 7:47:07करने की कोशिश कर रहे हो
- 7:47:09तो यह जो सोशल मीडिया है या यह जो
- 7:47:12एल्गोरिदम का खेल है यह उसी को मतलब जो जो
- 7:47:16जिसके खिलाफ हम प्रोटेस्ट कर रहे हैं जो
- 7:47:18तरीका हम प्रोटेस्ट करने का अपना रहे हैं
- 7:47:20ये उसी के हिसाब से पैसा कमाना शुरू कर
- 7:47:23दे। बड़ा खूबसूरत लाइन है। मैं एक्सप्लेन
- 7:47:25करता हूं बहुत आसान भाषा है। मान लेते हैं
- 7:47:27आज मैंने एक मूवमेंट स्टार्ट किया।
- 7:47:30नो YouTube फॉर स्टूडेंट्स।
- 7:47:35ठीक है? अब ये किसके खिलाफ है? यह YouTube
- 7:47:38के खिलाफ है। है ना? यह YouTube के खिलाफ
- 7:47:41है। आपको पता है फिर क्या होगा? इसी को
- 7:47:43लेके 1000 वीडियोस YouTube पे आ जाएंगे।
- 7:47:47नो YouTube फॉर स्टूडेंट्स।
- 7:47:49और इन्हीं वीडियोस को स्टूडेंट्स देखने
- 7:47:52लगेंगे। तो हुआ क्या? जो हम YouTube के
- 7:47:55खिलाफ करने की कोशिश कर रहे थे। जो हम
- 7:47:58लेट्स से Telegram या एक्स के खिलाफ करने
- 7:48:00की कोशिश कर रहे थे। उसी चीज को यूज़ करके
- 7:48:04ये इसने अपना एल्गोरिदम फिर फिट कर लिया।
- 7:48:06और वहां से भी पैसे बना लिए। तो ये बहुत
- 7:48:10ही ज्यादा डेंजरस चीज है। जिस जिस रास्ते
- 7:48:14पे हम लोग निकल चुके हैं। है ना? मान लेते
- 7:48:16हैं कि हमने नो Twitter कर दिया कि
- 7:48:18Twitter बहुत टॉक्सिक हो चुका है और नो
- 7:48:20Twitter कैंपेन चला दिया तो वो Twitter पे
- 7:48:22ही एक नंबर पे एक नंबर पे ट्रेंड करने
- 7:48:24लगेगा। मतलब समझ रहे हो कि हम जो तरीका
- 7:48:26अपना रहे हैं इसका एक बहुत बड़ा रिस्क है
- 7:48:30कि वो तरीका फिर से रिक्यूपरेट हो जाए और
- 7:48:34वो एक मार्केटेबल डिवाइस में बदल जाए। है
- 7:48:37ना? ब्रांडेड सबकल्चरर्स
- 7:48:39एंड मैनेज डिसेंट हो सकता है कि यही कल्चर
- 7:48:42बना दिया जाए और इसी कल्चर को हाईलाइट
- 7:48:45करके लोग और ज्यादा YouTube यूज़ करने लगे।
- 7:48:48ठीक है? तो इसका खतरा यहां पे बहुत है।
- 7:48:51लिखा है इफ एवरी
- 7:48:53डेविएशन इज इवेंचुअली रिसर्कुलेटेड एज
- 7:48:56नोवेलिटी देन द टेरेन ऑफ पॉलिटिकल इटसेल्फ
- 7:48:59बिकम्स डैश इवाकुएटेड ऑफ़ एगनिज्म एंड
- 7:49:01स्टीव इनस्टिमुलेशन लिखा है कि अगर हर
- 7:49:05डेविएशन को जो भी अनयूबल बात है
- 7:49:07अनएक्सेप्टेबल बात है। अगर हर डेविएशन को
- 7:49:09रिसर्कुलेट कर दिया जाए नोवेलिटी बोल के
- 7:49:12नोवेल्टी मतलब क्या होता है? न्यू या
- 7:49:14ओरिजिनल जो अभी मैं समझा रहा था आपको कि
- 7:49:17हर बार जब आप YouTube या किसी भी
- 7:49:20प्लेटफार्म के अगेंस्ट में बोलते हो अगर
- 7:49:22वही प्लेटफार्म इस में ये ट्रेंड करने लगे
- 7:49:25या ये वही प्लेटफार्म इसको यूज़ करने लगे
- 7:49:27मार्केट करने के लिए तो तो ये जो बेस है
- 7:49:31ना हमारे डिबेट करने का या जो बेस है किसी
- 7:49:34के खिलाफ प्रोटेस्ट करने का यही डैश हो
- 7:49:36जाएगा और इसमें कोई एंटागोनिज्म बचेगा
- 7:49:39नहीं आप सोचो आप एक्स के खिलाफ Twitter के
- 7:49:42खिलाफ आप कैंपेन कर रहे थे। Twitter पे एक
- 7:49:44नंबर पे वो ट्रेंड कर रहा है। तो आपकी
- 7:49:46Twitter की दुश्मनी कहां सार्थक हुई? नहीं
- 7:49:48हुई ना? तो यहां पे वही बोला जा रहा है कि
- 7:49:49इवाकुएटेड ऑफ़ एगनिज्म एंड स्टीव्ड इन
- 7:49:51सिमुलेशन। और लोग उससे सिमुलेट होने
- 7:49:53लगेंगे। है ना? लोग उससे सिमुलेट होने
- 7:49:55लगेंगे।
- 7:49:57चलिए पैसेज हमने समझ लिया। काफी डिफिकल्ट
- 7:50:00पैसेज है। अनडाउटेबली ये जिसके भी शिफ्ट
- 7:50:02में आया होगा उनको बहुत बहुत मुसीबत हुई
- 7:50:05होगी।
- 7:50:09डिफिकल्ट पैसेज है। पर कहानी बहुत अच्छी
- 7:50:11थी। आइए अब हमें यह समझ में आ गया कि इसका
- 7:50:16टोन क्या है? इसका टोन नेगेटिव है।
- 7:50:19कॉन्टेक्स्ट क्या है? कॉन्टेक्स्ट है कि
- 7:50:21हम लोग एल्गोरिदम
- 7:50:25एल्गोरिदम के डेंजर के बारे में बात कर
- 7:50:27रहे हैं।
- 7:50:28ठीक है? अब पूरे टाइम हमारा एंगल ब्लैंक
- 7:50:32का जो होगा वो इसी तरफ इंक्लाइंड होगा। अब
- 7:50:34मैं केवल वो लाइन पढूंगा जिस लाइन में
- 7:50:36ब्लैंक है और उस लाइन का कंटेक्स्ट समझ के
- 7:50:38ब्लैंक फिल अप करने की हम कोशिश करेंगे।
- 7:50:41क्या लिखा है कि नो लगर एंकर इन ट्रेडिशनल
- 7:50:43नोशंस ऑफ वशन और डेलीबरेशन के अब वो जुड़ा
- 7:50:47हुआ नहीं है वो से कॉन्शियस चॉइस से या
- 7:50:51सोच समझ के डिसीजन लेने से सब्जेक्टिविटी
- 7:50:53इज इंक्रीजिंगली डैश बाय एंबिएंट
- 7:50:55इंफ्रास्ट्रक्चर दैट एंटीिसिपेट नज एंड
- 7:50:58प्रीएम डिसीजन मेकिंग बिफोर कॉग्निशन
- 7:51:00कंसोलिडेट्स इंटेंशन जो सब्जेक्टिविटी है
- 7:51:02वो दिन-बदिन डैश होती जा रही है। क्या
- 7:51:05होती जा रही है? सोचो सब्जेक्टिविटी क्या
- 7:51:07होता है कि हम हमें जो अच्छा लगेगा हमारा
- 7:51:09जो ओपिनियन है हम वही करेंगे पर आजकल का
- 7:51:12तो ओपिनियन भी Instagram डिसाइड करता है।
- 7:51:14है ना? आप एक बार सर्च कर लो एंटी बीजेपी
- 7:51:16तो आपके फील्ड में इतने बीजेपी के अगेंस्ट
- 7:51:18वीडियो आ जाएंगे कि आपको लगेगा बहुत करप्ट
- 7:51:20गवर्नमेंट है। आप एक बार सर्च कर लो प्रो
- 7:51:22बीजेपी। फिर इतने ज्यादा आपके फील्ड में आ
- 7:51:25जाएंगे रील्स और शॉट्स कि आपको लगेगा
- 7:51:27बीजेपी बहुत अच्छी पार्टी है। तो आपका
- 7:51:29ओपिनियन भी आपका कहां है? आपका ओपिनियन भी
- 7:51:32तो एल्गोरिदम डिसाइड कर रहा है और मेरा
- 7:51:33ओपिनियन भी तो एल्गोरिदम डिसाइड कर रहा है
- 7:51:35जिसे इकोच चेंबर कहा जाता है। है ना? तो
- 7:51:37यहां क्या लिखा है कि अब जो है यह
- 7:51:38ट्रेडिशनल नोशंस जो है ये वोलेशन और
- 7:51:40डेलीबेशन तक नहीं है। सब्जेक्टिविटी जो है
- 7:51:42वो लगातार डैश हो रही है। क्या हो रही है?
- 7:51:44यहां कोई नेगेटिव वर्ड होना चाहिए।
- 7:51:46सब्जेक्टिविटी बढ़ तो नहीं रही है। इससे
- 7:51:47सब्जेक्टिविटी तो घट ही रही है। आइए
- 7:51:50सब्जेक्टिविटी फोर क्लोज हो रही है। फोर
- 7:51:52कक्लोज का मतलब होता है किसी लोन वगैरह के
- 7:51:54इंस्टॉलमेंट को पहले क्लोज कर देना। उसे
- 7:51:56भी फोर क्लॉज़ कहा जाता है। तो इसका तो
- 7:51:58कॉन्टेक्स्ट नहीं है। सब्जेक्टिविटी
- 7:51:59ऑटोमेट होती जा रही है। यह तो पॉजिटिव
- 7:52:01वर्ड है।
- 7:52:03सब्जेक्टिविटी कॉलोनाइज्ड होती जा रही है।
- 7:52:05सब्जेक्टिविटी जो है गुलाम बनती जा रही
- 7:52:07है। ये तो ठीक लग रहा है। सब्जेक्टिविटी
- 7:52:09मीडिएट होती जा रही है। मीडिएट का मतलब
- 7:52:11होता है मध्यस्था करना। इसका तो कोई सेंस
- 7:52:13ही नहीं है। आंसर कौन सा होगा? ऑप्शन नंबर
- 7:52:15सी। सब्जेक्टिविटी कॉलोनाइज्ड होती जा रही
- 7:52:17है। है ना? आगे बढ़ेंगे। द लिबरल आइडियल ऑफ
- 7:52:21रैशन एक्टर सो सेंट्रल टू मॉडर्न जुरिस
- 7:52:24प्रूडेंस एंड इकोनॉमिक थ्योरी फाइंड्स
- 7:52:26इटसेल्फ डैश अंडर द वेट ऑफ
- 7:52:28डिस्ट्रीब्यूटेड कॉग्निशन मैकेनिक
- 7:52:30इंटरपिलेशन एंड एनवायरमेंटल स्क्रिप्टिंग
- 7:52:33लिखा है कि ये जो लिबरल आइडियल है रैशन
- 7:52:36एक्टर का ये इतना सेंट्रल है मॉडर्न जुरिस
- 7:52:39प्रूडेंस में और इकोनॉमिक थ्योरी में ये
- 7:52:41अपने आप को डैश पा रहा है और ये समझ लो कि
- 7:52:45बोझ तले दब गया है ये डिस्ट्रीब्यूटेड
- 7:52:47कॉग्निशन मैकेनिक इंटरपलेशन और
- 7:52:49एनवायरमेंटल स्क्रिप्टिंग का। तो यहां कहा
- 7:52:52जा रहा है कि जो हम सेंट्रल कररेक्टर हुआ
- 7:52:54करते थे अपनी कहानी के हम अपनी कहानी में
- 7:52:57जब हीरो हुआ करते थे वो अब कहीं दब चुका
- 7:52:59है तो नेगेटिव वर्ड होना चाहिए। हम किसकी
- 7:53:02बात कर रहे हैं यहां पर? हम वो रैशनलिटी
- 7:53:04की बात कर रहे हैं। रैशनलिटी का क्या हुआ?
- 7:53:06वो दब गया है डिस्ट्रीब्यूटिव कॉग्निशन
- 7:53:08में। तो यहां कोई नेगेटिव वर्ड होना
- 7:53:09चाहिए। रैशनलिटी अंडरमाइंड हो गई है।
- 7:53:12अंडरमाइन का मतलब होता है किसी चीज की
- 7:53:13वैल्यू बिल्कुल कम हो जाना। ठीक लग रहा है
- 7:53:16ये वाला? वेलराइज का मतलब होता है किसी
- 7:53:18व्यक्ति के साहस का या किसी व्यक्ति के
- 7:53:20एफर्ट्स को रिकॉग्नाइज करना। यह तो
- 7:53:22पॉजिटिव सेंस का वर्ड है। हमें तो नेगेटिव
- 7:53:24चाहिए। उसकी जो रैशनलिटी है वो सस्पेंड हो
- 7:53:28गई है। सस्पेंड हो गई है। जॉब में था
- 7:53:30सस्पेंड हो गया। सेंस नहीं है। सुपरसीड हो
- 7:53:32गया। सुपरसीड का मतलब होता है किसी नए
- 7:53:34कानून या किसी नई व्यवस्था के आ जाने के
- 7:53:36बाद पुरानी व्यवस्था का खत्म हो जाना। ऐसा
- 7:53:39तो कोई सेंस ही नहीं था। यहां पे नई क्या
- 7:53:41चीज आई है? कुछ नहीं। तो हम ये कह सकते
- 7:53:43हैं कि उसकी जो रैशनलिटी है वो अंडरमाइंड
- 7:53:46हो गई। अंडरमाइंड कहने का मतलब क्या है?
- 7:53:47कि रशनलिटी जो है वो उसकी वैल्यू कम हो
- 7:53:49गई। वो अब दब चुका है। है ना? आइए आगे
- 7:53:53बढ़े। तीन नंबर पे आते हैं। लिखा है द
- 7:53:57इंडिविजुअल बिकम्स लेस अ सोववरन सेल्फ देन
- 7:54:00अ डैश नोड इन अ प्रॉब्लमेटिक
- 7:54:03प्रॉब्लमेिस्टिक मैट्रिक्स ऑफ बिहेवियर
- 7:54:05स्पेकुलेशन। क्या लिखा हुआ है कि जो
- 7:54:07इंडिविजुअल है वो अब लेस सोवरन है। अपने
- 7:54:10डिसीजंस वो अब खुद नहीं ले रहा बल्कि उसके
- 7:54:12बदले वो एक डैश नोट बन गया है। वो एक डैश
- 7:54:16तरीका बन गया है एक प्रॉब्लमेिस्टिक
- 7:54:19मैट्रिक्स का का बिहेवियर स्पेकुलेशन है
- 7:54:22ना वो एक प्रॉब्लमिस्टिक मैट्रिक्स का कि
- 7:54:24किस तरीके से एक भूल भुलैया बन चुका है।
- 7:54:26वो किसका भूल भुलैया बन चुका है? आइए
- 7:54:28देखते हैं। वो एक रिकर्सिव भूल भुलैया बन
- 7:54:32चुका है। रिकर्सिव मतलब होता है रेपीटीशन।
- 7:54:34किसी भी चीज को रिपीट करना तो क्या हम
- 7:54:37रिपीटेशन का भूल के भूल भुलैया बन चुके
- 7:54:39हैं? ना यह तो सेंस नहीं देगा। रिलेशनल
- 7:54:42भूल भुलैया बन चुके हैं। डेटा फाइड भूल
- 7:54:44भुलैया बन चुके हैं। डेटा फाइट मतलब फुल
- 7:54:46ऑफ डेटा। हम एक डेटा की भूल भुलैया बन
- 7:54:49चुके हैं। क्या लिखा है यहां पे? देख लो।
- 7:54:51यहां पे लिखा है इंडिविजुअल जो है वो अपने
- 7:54:52आप की डिसीजन नहीं ले सकता। है ना? वो
- 7:54:55क्या बन चुका है? वो धीरे-धीरे डैश नोड बन
- 7:54:57चुका है। कौन सा? डेटा फाइट नोड बन चुका
- 7:54:59है। जिसका मतलब डेटा का कलेक्शन बन चुका
- 7:55:01है वो। डोरमेंट मतलब होता है आउट ऑफ यूज़
- 7:55:03जो अब इस्तेमाल नहीं होता। तो अब वो एक
- 7:55:05ऐसा एक ऐसी चीज बन चुकी है जो आउट ऑफ यूज़
- 7:55:08है। नहीं सेंस नहीं आंसर क्या है? वो एक
- 7:55:10डेटा फाइट नोट बन चुका है। है ना? आगे
- 7:55:13बढ़े। लिखा है येट इवन दीज़ जेस्चर्स रिस्क
- 7:55:17बीइंग डैश बाय द वेरी सिस्टम्स दे
- 7:55:19अटेम्प्ट टू सबवर्ड रिकक्यूपरेटेड एज
- 7:55:21मार्केटेबल डिवाइंस ब्रांडेड
- 7:55:24सबस्कल्प्चर्स और मैनेज्ड रीसेंट। अभी
- 7:55:26हमने क्या पढ़ा था इसके कॉन्टेक्स्ट में?
- 7:55:28कि हम जब किसी चीज के अगेंस्ट में
- 7:55:30प्रोटेस्ट करते हैं, हम जब इनके अगेंस्ट
- 7:55:32में प्रोटेस्ट करते हैं तो उसके बारे में
- 7:55:33क्या लिखा हुआ है कि ये जो जेस्चर्स है ना
- 7:55:36ये खतरा है कि ये जेस्चर्स डैश बन जाएंगे
- 7:55:39उसी सिस्टम के जिस सिस्टम के अगेंस्ट में
- 7:55:41ये खड़ा होना चाह रहा है। ये उसी सिस्टम
- 7:55:44के डैश बन जाएंगे। क्या बन जाएंगे? क्या
- 7:55:46लग रहा है? क्या होना चाहिए? कि ये उसी
- 7:55:47सिस्टम का हिस्सा बन जाएंगे। ये सिस्टम
- 7:55:49उनको ही बेच देगा। ऐसा ही सेंस तो बन रहा
- 7:55:51था। भाई अब हमने पूरा एक्सप्लेन किया है
- 7:55:53मैंने आपको। चलिए हिस्सा जैसा कुछ होना
- 7:55:55चाहिए। उसी सिस्टम में ये क्या लिखा था?
- 7:55:58लाइन पढ़ रहा हूं मैं। येट इवन दी
- 7:56:00जेस्चर्स रिस्क बीइंग डैश रिस्क बीइंग्स
- 7:56:03कोऑप्टेड। कोऑपरेट का मतलब होगा उसी के
- 7:56:05पार्टनर बन जाएंगे। उसी का हिस्सा बन
- 7:56:07जाएंगे जिसके खिलाफ ये लड़ रहे हैं। ठीक
- 7:56:08लग रहा है ये वाला। तो ये डर है कि वो
- 7:56:10इनवैलिडेट हो जाएंगे। फिर तो अच्छी बात
- 7:56:12होनी चाहिए थी कि ये जेस्चर्स जो है ये
- 7:56:14इनवैलिडेट हो जाएंगे बाय द वेरी सिस्टम।
- 7:56:16उन्हीं सिस्टम के द्वारा सेंस नहीं दे
- 7:56:19रहा। उन्हीं सिस्टम के द्वारा इनवैलिडेट
- 7:56:21कैसे होगा? उन्हीं सिस्टम के द्वारा ये
- 7:56:23मिसरीड हो जाएगा। यहां देखना बीइंग लिखा
- 7:56:25हुआ है। बीइंग का मतलब होता है होना।
- 7:56:27मिसरीड करना एक वर्ब एक एक्शन है। तो
- 7:56:30बीइंग मिसरेड नहीं होना चाहिए था कि वो
- 7:56:32मिसरेड हो जाएंगे। होना ही चाहिए था कि
- 7:56:33उसी का हिस्सा बन जाएंगे। रिपेल्ड मतलब
- 7:56:35होता है दूरी बनाना। तो तीनों में से कोई
- 7:56:37भी सटीक नहीं बैठ रहा। इनवैलिडेट
- 7:56:40उसके वैलिडेट उसको वैलिडेट नहीं करेगा। उस
- 7:56:43जेस्चर को वैलिडेट ना होने का खतरा होगा।
- 7:56:45नहीं खतरा ये है कि उस जेस्चर को ही वो
- 7:56:48बेच देगा। उस जेस्चर से ही वो नाम कमा
- 7:56:50लेगा। इसी का खतरा है ना? तो उसका हिस्सा
- 7:56:52बनने का खतरा है। तो आंसर कौन सा है?
- 7:56:53कोऑप्टेड है। आगे बढ़ेंगे। आ जाइए लास्ट
- 7:56:56ब्लैंक पे। क्या लिखा हुआ है कि इफ एव्री
- 7:56:59डेविएशन इज़ इवेंचुअली रिसर्कुलेटेड एज
- 7:57:01नोबेल्टी देन द टेरेन ऑफ द पॉलिटिकल
- 7:57:03इटसेल्फ बिकम्स डैश इवाकुएटेड ऑफ़
- 7:57:05एागोनिज्म एंड स्ट इन स्टिमुलेशन। लिखा है
- 7:57:08कि अगर हर डेविएशन जो है वो इवेंचुअली
- 7:57:12रिसर्कुलेट होगा नोबेलिटी के तरह पे। हर
- 7:57:13बार जब कुछ अलग होगा तो वो उसको नया बना
- 7:57:16के बेच देंगे। तो ये जो टेरेन है पॉलिटिकल
- 7:57:18का ये अपने आप में डैश हो जाएगा।
- 7:57:21इवाकुएटेड ऑफ एगोनिज्म उसकी दुश्मनी खत्म
- 7:57:24हो जाएगी। वो अपने आप में डैश बन जाएगा।
- 7:57:26मतलब यह जो हम किसी के खिलाफ लड़ने की
- 7:57:29कोशिश कर रहे हैं अगर वो उसी मूवमेंट को
- 7:57:32बेच देगा तो हमारा ये पूरा काम क्या बन
- 7:57:35जाएगा? वही लिखना है यहां पर कि हमारा ये
- 7:57:37पूरा जो एक्शन है किसी के खिलाफ प्रोटेस्ट
- 7:57:39करने का ये क्या बन जाएगा? और उसका फीचर
- 7:57:41बताया जा रहा है कि उसमें दुश्मनी खत्म हो
- 7:57:43जाएगी और स्टिमुलेशन बढ़ जाएगा। तो यहां
- 7:57:45पे क्या बन जाएगा ये? क्या ये
- 7:57:47एंटागोनिस्टिक बन जाएगा? के हमारा जो
- 7:57:50समझना क्या लिखा हुआ है यहां पर कि हम जो
- 7:57:52किसी के खिलाफ प्रोटेस्ट कर रहे हैं अगर
- 7:57:54सामने वाला उसी प्रोटेस्ट को बेच देगा तो
- 7:57:56क्या ये एागोनिस्टिक बन जाएगा दुश्मनी
- 7:57:58वाला बन जाएगा नहीं हमारा काम दुश्मनी
- 7:58:00वाला नहीं बनेगा परफॉर्मेटिव बन जाएगा
- 7:58:02परफॉर्मेटिव का मतलब क्या होता है समथिंग
- 7:58:04दैट इज नॉट सिंसियर ये एक मजाक बन के रह
- 7:58:07जाएगा हम Twitter हम मतलब Twitter के
- 7:58:10अगेंस्ट जाके कोई मूवमेंट चला रहे हो
- 7:58:12Twitter पे ही ट्रेंड करने लगे तो यह मजाक
- 7:58:14ही तो हो गया ना तो ये केवल परफॉर्मेटिव
- 7:58:15बन जाएगा हमारा काम इसका कोई ठोस रिजल्ट
- 7:58:18नहीं आएगा ये तो ठीक लग रहा है। यह हमारा
- 7:58:20काम एग्जहोस्टेड बन जाएगा। थक जाएगा हमारा
- 7:58:22काम। यह हमारा काम इलजिबल बन जाएगा। हमारे
- 7:58:25काम को पढ़ा नहीं जा पाएगा। सेंस नहीं है।
- 7:58:27आंसर क्या है? परफॉर्मेटिव बन जाएगा। ये
- 7:58:29जो पूरा एक्शन है ये परफॉर्मेटिव बन
- 7:58:31जाएगा। राइट? चलिए
- 7:58:34पैसेज एज आई सेड काफी डिफिकल्ट था। एक दो
- 7:58:37ब्लैंक्स ईजी थे जो फिल अप किए जा सकते
- 7:58:39थे। बाकी मोटा-मोटा मैं तो यही बोलूंगा कि
- 7:58:41जिनके शिफ्ट में आया उनके लिए तकलीफ है।
- 7:58:43डिफिकल्ट सवाल था। काफी डिफिकल्ट सवाल था।
- 7:58:45अब देखो जितने वर्ड्स का हिंदी मैंने आपको
- 7:58:47बताया है अगर आपको वो हिंदी नोट करना है
- 7:58:51तो इसी पैसेज के पीछे में अच्छा खासा वोक
- 7:58:54वोकैबलरी मैंने डलवा दिया है जो भी इसमें
- 7:58:57डिफिकल्ट वर्ड है सबका हिंदी यहां लिखा है
- 7:58:59हिंदी नहीं मतलब डेफिनेशन लिखा है आप
- 7:59:02वीडियो को पॉज सॉरी वीडियो को पॉज या
- 7:59:04पीडीएफ को डाउनलोड करके इसका नोट्स बना
- 7:59:06सकते हो मैं बढ़ रहा हूं पैसेज नंबर टू पर
- 7:59:11ठीक है
- 7:59:13आइए पहले पढ़ते हैं एक बार लिखा है अक्रॉस
- 7:59:16सेंचुरीज द मूवमेंट ऑफ पीपल्स वेदर वंटरी
- 7:59:19और फोर्स हैज़ कंटिन्यूली रीशेप कल्चर
- 7:59:23इकोनमीस एंड आइडेंटिटीज लिखा है कि स मतलब
- 7:59:27सदियों से जो मूवमेंट है लोगों का
- 7:59:29जानबूझकर या फोर्सफुली एक जगह से दूसरी
- 7:59:32जगह इसने कल्चर इकोनमी और आइडेंटिटी को
- 7:59:34रीशेप किया है। द कॉन्सप्ट ऑफ़ डायस्पोरा
- 7:59:37नॉट मेयरली द स्कैटरिंग ऑफ इंडिविजुअल्स
- 7:59:40अक्रॉस लैंड्स बट द वीविंग ऑफ कॉम्प्लेक्स
- 7:59:42नैरेटिव्स दैट ट्रांजेंट बॉर्डर्स। लिखा
- 7:59:44है कि ये जो डायस्पोरा का जो कांसेप्ट है
- 7:59:46ना डायस्पोरा हम किसको कहते हैं? ऐसे लोग
- 7:59:48जो एक जगह से दूसरे जगह पे जाकर बस जाते
- 7:59:50हैं। तो ये जो कांसेप्ट है डायस्पोरा का
- 7:59:52ये डैश है। सिर्फ और सिर्फ स्कैटरिंग ऑफ
- 7:59:55इंडिविजुअल अक्रॉस लैंड्स नहीं है। मतलब
- 7:59:56ये केवल लोगों का एक जगह से दूसरे जगह का
- 7:59:58मूवमेंट नहीं है बल्कि ये ऐसी कहानियां है
- 8:00:02जो बॉर्डर के एक तरफ से बॉर्डर के दूसरे
- 8:00:04तरफ पहुंचती है। कम्युनिटीज़ लिविंग अब्रॉड
- 8:00:06ऑफन डैश बिटवीन प्रिजर्विंग एनसेेस्ट्रल
- 8:00:09ट्रेडिशंस एंड एंब्रेसिंग द कस्टम्स ऑफ
- 8:00:12देयर अडॉप्टेड होमलैंड्स। ऐसी कम्युनिटीज
- 8:00:14जो अपना देश छोड़कर किसी और देश में जाकर
- 8:00:16रहती हैं वो अक्सरा इस बात में डैश करती
- 8:00:20हैं कि उनको अपने जो पूर्वजों के जो
- 8:00:22ट्रेडिशंस हैं उनको बचाना है या जिस जगह
- 8:00:25पे वो गए हैं उस जगह के ट्रेडिशन को
- 8:00:28अपनाना है। अब मान लो यहां की फैमिलीज
- 8:00:30इंडियन फैमिलीज अगर यूएस जाके रहती हैं तो
- 8:00:32ये कंफ्यूजन तो हमेशा रहेगा कि यूएस का
- 8:00:34कल्चर अपनाएं। अपना कल्चर छोड़ दें या
- 8:00:37अपना कल्चर यहां पकड़ के रखें। लैंग्वेज
- 8:00:39फूड एंड फेस्टिवल्स बिकम लिंच पिनस ऑफ
- 8:00:41कल्चरल मेमोरी येट ओवर जनरेशंस इनएविटेबल
- 8:00:44ट्रांसफॉर्मेशंस डैश ब्लेंडिंग ओल्ड एंड
- 8:00:46न्यू इन अनएक्सेक्टेड वेज़ लैंग्वेज फूड
- 8:00:50फेस्टिवल्स ये लिंचपिन है। लिंचपिन का
- 8:00:52मतलब होता है मोस्टेंट। तो ये सबसे जरूरी
- 8:00:55चीजें हैं कल्चर की मेमोरी के लिए। फिर भी
- 8:00:57जनरेशंस दर जनरेशंस हम ट्रांसफॉर्म होते
- 8:01:00आए हैं। ऐसा नहीं है कि आज से 100 साल
- 8:01:02पहले जो यूएस जाकर गुजराती व्यक्ति बसा
- 8:01:04होगा वो आज भी उतना ही अह गुजरात का होगा।
- 8:01:07ऐसा तो नहीं है। वहां के ट्रेडिशंस को भी
- 8:01:10उन्होंने अपनाया होगा। थोड़ा यूएस का
- 8:01:11ट्रेडिशन भी आया होगा। तो ओल्ड और न्यू
- 8:01:14चीजें आपस में ब्लेंड होती रहती है। मिक्स
- 8:01:16होती रहती है। द इमोशनल लैंडस्केप ऑफ द
- 8:01:19डायस्पोरा इज ऑफेन मार्क्ड बाय
- 8:01:20नस्टेल्जिया। अ बिटर स्वीट यर्निंग फॉर अ
- 8:01:23होम ललैंड दैट एकिस्ट बोथ इन मेमोरी एंड
- 8:01:25मिथ। लिखा है कि जो इमोशनल लैंडस्केप है
- 8:01:28किसी भी डायस्पोरा का वो अक्सर
- 8:01:30नस्टेल्जिया से देखा जाता है जिसमें खट्टी
- 8:01:32मीठी यादें होती हैं अपने घर की पुराने
- 8:01:35यादों की और कुछ भ्रमों की भी। यहां पे
- 8:01:37देखना कोई ब्लैंक नहीं है। ठीक है? अगर आप
- 8:01:40नोट करोगे तो यहां पे कोई ब्लैंक नहीं है।
- 8:01:41ये नस्टेल्जिया वर्ड को ही हाईलाइट किया
- 8:01:44हुआ है। क्यों? क्योंकि आगे आप क्वेश्चन
- 8:01:46में देखोगे नस्टजिया का मीनिंग पूछा गया
- 8:01:48था। यहां कोई ब्लैंक नहीं दिया गया था।
- 8:01:50ठीक है? आगे बढ़ेंगे। मीनवाइल सम वइससेस
- 8:01:53विद इन डायस्पोरिक कम्युनिटीज़ वर्न
- 8:01:55अगेंस्ट अगेंस्ट एसिमिलेशन फियरिंग दैट
- 8:01:58फुल इंटीग्रेशन कुड इरोड एसेंशियल
- 8:02:00एस्पेक्ट्स ऑफ आइडेंटिटी। लिखा हुआ है
- 8:02:02लेकिन कुछ ऐसे लोग हैं इनके बीच में भी
- 8:02:05ऐसे कम्युनिटीज हैं जो कि ये वार्निंग
- 8:02:07देते हैं कि असिमिलेशन नहीं होना चाहिए।
- 8:02:09असिमिलेशन का मतलब होता है किसी चीज का
- 8:02:11मिक्स होना। तो वो कह रहा है कि मिक्सचर
- 8:02:13नहीं होना चाहिए। एक एक
- 8:02:17ट्रेडिशन का दूसरे ट्रेडिशन के अंदर
- 8:02:20अब्सॉर्प्शन नहीं होना चाहिए। है ना? कि
- 8:02:22ऐसा ना हो कि हम यूएस गए तो अपना कल्चर
- 8:02:23भूल के हम पूरे के पूरे अमेरिकन बन गए।
- 8:02:25ऐसा नहीं होना चाहिए। क्योंकि उनको ये डर
- 8:02:27है कि अगर फुल इंटीग्रेशन हो गया तो ये जो
- 8:02:30हमारी पहचान है हम वो अपनी पहचान खो
- 8:02:32देंगे। ठीक है? ये आपका पैसेज है। छोटा सा
- 8:02:37पैसेज है। ये ज्यादा डिफिकल्ट है नहीं।
- 8:02:39इसमें दो सवाल पूछे गए थे। एक नस्टेल्जिया
- 8:02:41का आपसे मीनिंग पूछा गया और एक असिमिलेशन
- 8:02:43का आपसे मीनिंग पूछा गया है। इसलिए आपको
- 8:02:45यहां पे कहीं पे ब्लैंक नहीं दिखेगा। ठीक
- 8:02:47है? आइए
- 8:02:49हमने एक बार पढ़ लिया। अभी हमें
- 8:02:51कॉन्टेक्स्ट अगर पूछे तो कॉन्टेक्स्ट क्या
- 8:02:52है कि जो अगर मैं इंडिया के कॉन्टेक्स्ट
- 8:02:54बताऊं तो जो एनआरआई हैं जो अपना देश
- 8:02:56छोड़कर किसी विदेश में जाकर बस गए हैं।
- 8:02:58किस तरीके से वो हमेशा कंफ्यूज रहते हैं
- 8:03:00कि उनको अपने कल्चर को बचाना है या नए
- 8:03:02कल्चर को अपनाना है या किस हद तक हम नए
- 8:03:04कल्चर के साथ अपने आप को मिक्स करें। इसको
- 8:03:06लेके जो कंफ्यूजन है उसके बारे में ये
- 8:03:08पैसेज है। आइए ब्लैंक फिल अप करते हैं।
- 8:03:11क्या लिखा हुआ है? द कांसेप्ट ऑफ
- 8:03:13डायस्पोरा डैश नॉट मेयरली द स्कैटरिंग ऑफ
- 8:03:16इंडिविजुअल्स अक्रॉस लैंड्स बट द वीविंग
- 8:03:18ऑफ कॉम्प्लेक्स नैरेटिव्स दैट ट्रांजेंट
- 8:03:20बॉर्डर्स। लिखा हुआ है ये जो कांसेप्ट है
- 8:03:22डायस्पोरा का ये ये सिर्फ स्कैटरिंग ऑफ
- 8:03:24इंडिविजुअल नहीं है बल्कि एक कहानियां है
- 8:03:26जो एक बॉर्डर से दूसरे बॉर्डर में पहुंचती
- 8:03:27हैं। देखते हैं ब्लैंक में क्या है? द
- 8:03:29कांसेप्ट ऑफ़ डायस्पोरा डैश नॉट मेयरली
- 8:03:32डिनोट डिनोट्स डिनोटेड डिनोट। अच्छा
- 8:03:34ग्रामर बेस्ड पैसेज है तब तो बहुत आसान हो
- 8:03:36गया। देख लीजिए ग्रामर बेस्ड है। सब्जेक्ट
- 8:03:39क्या है?
- 8:03:41द कासेप्ट ऑफ मतलब सब्जेक्ट यहां का क्या
- 8:03:43है? कासेप्ट ऑफ प्रपजीिशन डायस्पोरा उसका
- 8:03:46ऑब्जेक्ट यहां पर वर्ब आएगा सब्जेक्ट के
- 8:03:49हिसाब से ये तो प्रपजीिशन उसका ऑब्जेक्ट
- 8:03:51है। सब्जेक्ट कौन है? कॉनसेप्ट सिंगुलर
- 8:03:52है। डिनोट प्लुरल है नहीं हो सकता।
- 8:03:57डिनोट्स सिंगुलर है। हो सकता है। डिनोटेड
- 8:04:00पास्ट हो जाएगा। अब आपने नोट अगर किया है
- 8:04:02तो पूरा पैसेज प्रेजेंट टेंस में है। यहां
- 8:04:04देखो हैज़ लिखा हुआ था। बिकम लिखा हुआ था।
- 8:04:07है ना? तो पूरा सेंटेंस जो है ये
- 8:04:09यूनिवर्सल एक प्रॉब्लम को बता रहा है। तो
- 8:04:11प्रेजेंट टेंस में लिखा गया है। जनरल बात
- 8:04:12है ये। है ना? तो लिखा था यहां पे डिनोटेड
- 8:04:15पास्ट हो जाएगा। नहीं हो सकता। डिनोटेड
- 8:04:16बिना हेल्पिंग वर्ब के कभी वी4 नहीं आ
- 8:04:18सकता। आंसर कौन सा है? डिनोट्स। तो क्या
- 8:04:20होगा यहां पे? डिनोट्स द कांसेप्ट ऑफ़
- 8:04:22डायस्पोरा डिनोट्स नॉट नियरली। आगे
- 8:04:24बढ़ेंगे। कम्युनिटीज़ लिविंग अब्रॉड ऑफेन
- 8:04:27डैश बिटवीन प्रिजर्विंग एनसेेस्टल
- 8:04:29ट्रेडिशंस एंड इम्ब्रेसिंग द कस्टम्स ऑफ़
- 8:04:31देयर अडॉप्टेड होमलैंड्स। लिखा है
- 8:04:33कम्युनिटीज़ लिविंग अब्रॉड ऑफेन डैश बिटवीन
- 8:04:35ऑफेन नेविगेट्स बिटवीन। अच्छा देख लो यहां
- 8:04:38पे फिर से कम्युनिटीज़ यहां का सब्जेक्ट
- 8:04:40है। लिविंग अब्रॉड पार्टिसिपल है।
- 8:04:45है ना? एडजेक्टिव का काम कर रहा है। कौन
- 8:04:47से कम्युनिटीज़ जो बाहर रहते हैं। ऑफेन। अब
- 8:04:49यहां पे वर्ब आएगा। सब्जेक्ट कौन सा था?
- 8:04:51कम्युनिटीज़ यहां का सब्जेक्ट था।
- 8:04:53कम्युनिटीज़ बोल रहे हैं। सिंगुलर नहीं है।
- 8:04:54प्लुरल है। ध्यान रखिएगा। आगे बढ़ते हैं।
- 8:04:56नेविगेट सिंगुलर हो जाएगा। नहीं हो सकता।
- 8:04:58नेविगेटिंग वी4 है। कोई हेल्पिंग वर्ब
- 8:05:00चाहिए। नहीं हो सकता। यह हो सकता है।
- 8:05:02नेविगेट वी1 नेविगेटेड पास्ट हो जाएगा।
- 8:05:04सेंटेंस पूरा टोन प्रेजेंट टेंस का है।
- 8:05:05आंसर कौन सा होगा? नेविगेट आगे बढ़िए। तीन
- 8:05:07नंबर पे आइए। लिखा है लैंग्वेज फूड एंड
- 8:05:09फेस्टिवल्स ऑफ एन लिंचपिंस ऑफ कल्चरल
- 8:05:11मेमोरी येट ओवर जनरेशंस इनविटेबल
- 8:05:14ट्रांसफॉर्मेशंस डैश ब्लेंडिंग ओल्ड एंड
- 8:05:16न्यू। क्या होगा? विल अकर ब्लेंडिंग ओल्ड
- 8:05:19एंड न्यू। जैसे मैंने बताया कि फ्यूचर
- 8:05:21टेंस में तो चल नहीं रहा। ये तो फैक्ट
- 8:05:23बताया जा रहा है। फैक्ट तो प्रेजेंट टेंस
- 8:05:25में चलता है कि लैंग्वेज, फूड और फेस्टिवल
- 8:05:26जो है सबसे जरूरी है कोर मेमोरीज में और
- 8:05:28जनरेशन दर जनरेशन जो है ये ट्रांसफॉर्मेशन
- 8:05:31हुआ है। तो ये तो प्रेजेंट टेंस में चल
- 8:05:32रहा है। ऑकर्स लिखा हुआ है। ध्यान दीजिएगा
- 8:05:34सब्जेक्ट क्या था?
- 8:05:36ओवर जनरेशंस इनएविटेबल ट्रांसफॉर्मेशंस यह
- 8:05:39यहां का सब्जेक्ट था।
- 8:05:42यहां का यह सब्जेक्ट था। तो इसके लिए हम
- 8:05:44जो वर्ब यूज़ करेंगे वो प्लुरल होना चाहिए
- 8:05:46क्योंकि ट्रांसफॉर्मेशन प्लुरल है। ऑकर्स
- 8:05:49लिखा हुआ है। सिंगुलर नहीं हो सकता।
- 8:05:50ऑकरिंग लिखा हुआ है। बिना हेल्पिंग वर्ब
- 8:05:52के नहीं आ सकता। ऑकर लिखा है। होगा।
- 8:05:55क्वेश्चन नंबर नाइन पे आते हैं। व्हाट डस
- 8:05:57नस्टेल्जिया मोस्ट नियरली मीन इन द
- 8:05:59कॉन्टेक्स्ट? इस कॉन्टेक्स्ट में
- 8:06:00नस्टेल्जिया का क्या मतलब है? नस्टेल्जिया
- 8:06:03का क्या मतलब है? नस्टेल्जिया क्या होता
- 8:06:04है? जब हम पुरानी चीजों को याद करते हैं
- 8:06:06उसे नस्टजिया कहा जाता है। रिजेंटमेंट
- 8:06:08नफरत हेट्रेट को रिजेंटमेंट कहा जाता है।
- 8:06:12नहीं हो सकता लोंगिंग पुरानी चीजों को याद
- 8:06:15करना एंगर गुस्सा नहीं हो सकता। इनडफरेंस
- 8:06:17आपको फर्क ही ना पड़े। आंसर कौन सा?
- 8:06:20लोंगिंग। आगे आ जाइए। एसिमिलेशन का मतलब
- 8:06:23क्या होता है? दो चीजों का आपस में
- 8:06:24एब्सॉर्ब हो जाना, मिल जाना, मिक्स हो
- 8:06:25जाना इसे एसिमिलेशन कहा जाता है। लिखा है
- 8:06:28प्रिजर्वेशन बचाना नहीं हो सकता।
- 8:06:30सेग्रगेशन अलग-अलग करना नहीं हो सकता।
- 8:06:32अब्सॉर्प्शन मिल जाना हो सकता है।
- 8:06:34रिजेक्शन खारिज करना नहीं हो सकता। आंसर
- 8:06:36कौन सा है? ऑप्शन नंबर सी। आसान पैसेज था।
- 8:06:40ये सारा वोकैब है। आगे बढ़ते हैं। अगले
- 8:06:43पैसेज पे आते हैं। ये है पैसेज नंबर वन।
- 8:06:45मतलब स्लाइड नंबर वन। पैसेज नंबर थ्री का।
- 8:06:47ये स्लाइड नंबर टू। ये है वोकैब।
- 8:06:52चलिए पढ़ लीजिए। मैं जरा पानी पी लूं। एक
- 8:06:54मिनट का ब्रेक।
- 8:07:14आइए देखते हैं।
- 8:07:16लिखा है इक्विटी इन एजुकेशन इज़ नॉट अ मैटर
- 8:07:19ऑफ़ डिस्ट्रीब्यूटिंग आइडेंटिकल टूल्स टू
- 8:07:22अनक्वल लाइफ्स। इट इज इंस्टीड द डैश ऑफ
- 8:07:24डिजाइन वन दैट बिगिंस बाय लिसनिंग एंड नॉट
- 8:07:28प्रिस्राइबिंग। लिखा है कि इक्विटी जो है
- 8:07:31ना एजुकेशन में इक्वलिटी नहीं इक्विटी की
- 8:07:33बात हो रही है। इक्विटी जो है एजुकेशन में
- 8:07:35ये एक आइडेंटिकल टूल सबको पकड़ाने का एक
- 8:07:38तरीका नहीं है। ये वो मैटर नहीं है कि
- 8:07:40आपने अनकल लाइफ्स को आइडेंटिकल टूल पकड़ा
- 8:07:43दिया। ठीक है? यह वो तरीका है जिसमें यह
- 8:07:47वो डैश है जिसमें आप वहां से शुरू करते हो
- 8:07:50के आप किसी का सबकी सुनोगे। किसी को कुछ
- 8:07:53प्रिस्राइब नहीं करोगे। सबसे पहले इस
- 8:07:55पैसेज के कांटेक्ट में मैं समझा दूं।
- 8:07:56इक्विटी लिखा हुआ है यहां पे। इक्विटी और
- 8:07:59इक्विटी में डिफरेंस क्या होता है? मान
- 8:08:01लेते हैं कि मुझे गड्ढा खोदना है। ठीक है?
- 8:08:04और मेरे पास दो लोग हैं गड्ढा खोदने के
- 8:08:06लिए। एक व्यक्ति है जिस जो एक नॉर्मल बॉडी
- 8:08:09पोज़ेस करता है। दूसरा व्यक्ति वो है जो एक
- 8:08:12हाथ से स्पेशली एबल्ड है। एक हाथ उनका ठीक
- 8:08:15से काम नहीं करता। ठीक है? मैंने दोनों को
- 8:08:18सेम हिसाब का कुदाल दिया और मैंने बोला कि
- 8:08:22गड्ढा खोदना है। क्या वो दोनों की स्पीड
- 8:08:24या उनकी एफिशिएंसी बराबर होगी? नहीं।
- 8:08:27क्योंकि वो अलग-अलग बैकग्राउंड से आ रहे
- 8:08:30हैं क्योंकि उनके जो फीचर्स हैं वो
- 8:08:32डिफरेंट है। अगर हम दोनों को एक कुदाल
- 8:08:35देते हैं तो इसे इक्वलिटी कहा जाता है कि
- 8:08:37मैंने एक को भी कुदाल दिया तो दूसरे को भी
- 8:08:39कुदाल दिया। एक को फावड़ा दिया दूसरे को
- 8:08:41भी फावड़ा दिया। ठीक है? इक्विटी क्या
- 8:08:44होता है? मैं यह समझूं इंपैथी के साथ कि
- 8:08:47सामने वाले का एक हाथ ठीक से काम नहीं
- 8:08:49करता। वो उतना काम नहीं कर पाएगा जितना कि
- 8:08:51दूसरा कर पाएगा। तो अगर मैंने एक व्यक्ति
- 8:08:54को कहा कि तुम्हें 30 दिन में यह कुआं
- 8:08:56खोदना है तो मैंने इनको कहा कि आप 50 दिन
- 8:08:58लेना कुआं खोदने के लिए। दिस इज इक्विटी।
- 8:09:01मीनिंग समझ में आ रहा है आपको इक्विटी का?
- 8:09:03तो इक्विटी जो है एजुकेशन में वो ये नहीं
- 8:09:06है कि आप सबको सेम चीजें सेम
- 8:09:07अपोरर्चुनिटीज प्रोवाइड कर दो। ये इक्विटी
- 8:09:09नहीं है। बल्कि इक्विटी की शुरुआत वहां से
- 8:09:12होती है जहां पे एक डैश बनाया जाता है
- 8:09:14जिसमें आप सुनते हो। सबसे पहले आप एकदम से
- 8:09:17किसी को ज्ञान नहीं देने लगते हो।
- 8:09:20टू मिस्टेक यूनिफिटी फॉर फेयरनेस इज टू
- 8:09:22इग्नोर द हिस्ट्रीज ई इन द मार्जिनस ऑफ
- 8:09:24क्लासरूम्स द क्वाइट एब्सेंस ऑफ
- 8:09:26कॉन्फिडेंस द इनहेरिटेड साइलेंस ऑफ कास्ट
- 8:09:29क्लास और जेंडर द इनविज़िबल वेट ऑफ अंडरफेड
- 8:09:33अटेंशन। ठीक है? क्या लिखा हुआ है कि अब
- 8:09:35इस बात का बहुत मिस्टेकन लोग हैं कि
- 8:09:38यूनिफिटी हो गई ना तो फेयरनेस तो हो गया।
- 8:09:41यूनिफॉर्मिटी हो गई तो फेयरनेस तो हो गया।
- 8:09:42मतलब यह है कि हम ऐसा तो नहीं है कि किसी
- 8:09:44के लिए एग्जाम में अलग पेपर सेट कर रहे
- 8:09:46हैं। सबके लिए तो पेपर बराबर है। तो
- 8:09:48यूनिफिटी है। लेकिन ये फेयर नहीं है।
- 8:09:50क्यों फेयर नहीं है? आपको इसके लिए थोड़ा
- 8:09:52इतिहास में जाना पड़ेगा जो इन क्लास रूम्स
- 8:09:54का इतिहास है। जो आपने देखा होगा कि जो
- 8:09:58बच्चे थोड़े से मॉडरेट या थोड़े से बिलो
- 8:10:02बिलो एक सोशल स्टैंडर्ड वाले फैमिली से
- 8:10:05आते हैं उनके कॉन्फिडेंस में बहुत डिफरेंस
- 8:10:07होता है। एक लड़का जो कि किसी बड़े
- 8:10:10ऑर्गेनाइजेशन से लेट्स से आईआईटी से पढ़कर
- 8:10:12आया है और दूसरा लड़का जो कभी गांव के
- 8:10:14बहुत ज्यादा छोटे स्कूल या बहुत ज्यादा
- 8:10:16छोटे कॉलेज से पढ़कर आया है। क्या दोनों
- 8:10:18के कॉन्फिडेंस में डिफरेंट डिफरेंस नहीं
- 8:10:20होगा? क्या उनको क्या ये बात हम झुठला
- 8:10:22सकते हैं कि कास्ट के नाम पे, क्लास के
- 8:10:24नाम पे, जेंडर के नाम पे एक तरीके से उनको
- 8:10:27हमेशा पीछे रखा गया है। उनको कम अटेंशन
- 8:10:29दिया गया। क्या हम इस बात को झुठला सकते
- 8:10:31हैं? इन दिस कॉन्टेक्स्ट मेरिट इज़ ऑफन
- 8:10:34ब्रांडेड एज अ डैश ऑस्क्योरिंग द
- 8:10:36स्कैफोल्डेड एडवांटेज दैट शेप हु अराइव्स
- 8:10:39प्रिपयर्ड एंड हु अराइ्स लेट। कितना अच्छा
- 8:10:41लाइन है। लिखा है इस कॉन्टेक्स्ट में
- 8:10:43मेरिट को हमेशा ब्रांडिश किया जाता है। अब
- 8:10:45याद करना मैंने आपको द हिंदू वाले वोकैब
- 8:10:47में ब्रांडिश पढ़ाया था। किसी चीज को
- 8:10:49लहराना है ना उसे ब्रांडिश कहते हैं।
- 8:10:51इसलिए बार-बार बोलता हूं कि बहुत ज्यादा
- 8:10:53जरूरी है कि आप एडिटोरियल्स पढ़िए। बहुत
- 8:10:56ज्यादा जरूरी है कि आप इंपॉर्टेंट वोकैब्स
- 8:10:59नोट करिए और उनको बार-बार रिवाइज करिए। आई
- 8:11:01नो आपको बिल्कुल मजा नहीं आता जब कोई टीचर
- 8:11:04आपको वोकैब पढ़ाने की कोशिश करता है। खास
- 8:11:06करके ऐसे वर्ड्स जिनके साथ आप कंफर्टेबल
- 8:11:08ना हो। कोई नया वर्ड सिखाने की कोशिश करता
- 8:11:09है। पर वो नेसेसिटी ऑफ़ द आवर है। अब मैंने
- 8:11:12आपको कितनी बार ये ऑब्सोरिंग पढ़ाया है।
- 8:11:14धुंधला करना। कितनी बार पढ़ाया? यही पैसेज
- 8:11:16में आ जाएगा। तो आप बोलोगे सर बहुत
- 8:11:18डिफ़िकल्ट है। बच्चे यह समझने के लिए रेडी
- 8:11:20नहीं है कि कॉम्प्रिहेंशन एक बहुत बहुत
- 8:11:23ग्रेजुअल प्रोसेस है। रातोंरात
- 8:11:25कॉम्प्रिहेंशन ठीक नहीं होता या 50 दिन का
- 8:11:28क्रैश कोर्स नहीं हो सकता इसका। इसके बड़े
- 8:11:30सारे लेयर्स हैं। वोकैब इंप्रूव करना।
- 8:11:33इसका सबसे जरूरी काम है। सेकंड इंपॉर्टेंट
- 8:11:36है। पहला तो होता है रीडिंग करना। दूसरा
- 8:11:37होता है वोकैब इंप्रूव करना। तो जब कोई
- 8:11:40टीचर वोकैब पढ़ाता है, मैं पढ़ाऊं कोई और
- 8:11:42पढ़ा तो ध्यान दो उस क्लास में भाई।
- 8:11:44इंग्लिश है वो ऐसे मतलब फार्मूला बेस्ड
- 8:11:47नहीं है चीजें तो यहां पर क्या लिखा था इस
- 8:11:49कॉन्टेक्स्ट में मेरिट्स जो है उसे हमेशा
- 8:11:51ब्रांडिश किया जाता है एक डैश की तरह जहां
- 8:11:54पे इस बात को धुंधला रखा जाता है या इस
- 8:11:56बात को कंसीडर नहीं किया जाता कि एक
- 8:11:59स्कैफोल्डेड स्कैफोल्डर का मतलब होता है
- 8:12:01मचान आपने ऊंची ऊंची बिल्डिंग बनती देखी
- 8:12:02है ना उसमें बमू लगा के मचान बनाते हैं ना
- 8:12:04तो वो जो मचान बना हुआ एडवांटेज का कि कौन
- 8:12:07प्रिपयर्ड आया और कौन देर आया इस बात को
- 8:12:10इग्नोर कर दिया जाता है कितना अच्छा लाइन
- 8:12:12है क्या बोला जा रहा है एग्जाम भैया भैया
- 8:12:13हम सेम लेंगे। जिसमें मेरिट होगा वो निकल
- 8:12:17जाएगा। अरे मेरिट आ कहां से रहा है पहले
- 8:12:19ये तो समझो। एक मैं कहीं तो एक पढ़ रहा
- 8:12:22था। मुझे ध्यान नहीं है अभी पर बहुत अच्छा
- 8:12:24लाइन था वो रिजर्वेशन के सपोर्ट में। ठीक
- 8:12:27है? उसमें क्या बोला गया था कि रिजर्वेशन
- 8:12:30क्यों जरूरी है? क्योंकि मतलब सवाल ये
- 8:12:32पूछने वाले का सवाल ये था कि आज से 50 साल
- 8:12:35100 साल पहले हमारे पूर्वजों ने ये गलती
- 8:12:38करी थी। अब हम क्यों भुगत रहे हैं? तो
- 8:12:40उसका एक लड़के ने बड़ा अच्छा जवाब दिया था
- 8:12:42कि वो जो 50 100 साल के पहले हुआ था ना
- 8:12:45उसके वजह से हुआ यह है कि हमारे पूर्वज
- 8:12:48हमारे में मैं इसको इसलिए इंक्लूड कर रहा
- 8:12:49हूं क्योंकि मैं अनरिज्म कैटेगरी से हूं।
- 8:12:51तो हमारे जो पूर्वज थे उनको एक्सेस था
- 8:12:54पढ़ाई का क्योंकि वो सो कॉल्ड अपर कास्ट
- 8:12:57से वो बिलोंग करते थे। लेकिन उस वक्त पे
- 8:13:00जो वैसे लोग थे जो उस कैटेगरी से नहीं
- 8:13:01बिलोंग करते थे उनको तो वहीं पे पढ़ाई
- 8:13:04नहीं मिली। तो क्या आप इतने बड़े
- 8:13:06डिसएडवांटेज को आप इग्नोर करके चलोगे कि
- 8:13:09आपके पूर्वज पिछले 100 सालों से पढ़ रहे
- 8:13:11हैं। पढ़ाई की वजह से उनकी समझ ज्यादा है।
- 8:13:13डिसीजन मेकिंग बेहतर है। वो ज्यादा अवेयर
- 8:13:15हैं। आपके फ्यूचर के लिए वो बढ़िया डिसीजन
- 8:13:17ले सकते हैं। जिसके रिजल्ट में आप एक
- 8:13:19फिनिश प्रोडक्ट हो। वहीं आपका आपकी रेस उस
- 8:13:23व्यक्ति के साथ कराई जा रही है जिन्होंने
- 8:13:24अभी नया-नया शुरू किया है। तो क्या आप
- 8:13:26दोनों बराबर हो? नहीं हो सकता। उसी बराबरी
- 8:13:29को खत्म करने के लिए रिजर्वेशन आता है। तो
- 8:13:31यह जो ब्लैक एंड वाइट में रिजर्वेशन को
- 8:13:33लोग आधा अधूरा पढ़ के कहते हैं ना गलत है,
- 8:13:36गलत है, गलत है। आप कभी डेप्थ में अपने आप
- 8:13:38गए ही नहीं हो। आपने बोदर ही नहीं किया कि
- 8:13:40आप थोड़ा लिटरेचर उठा के पढ़ लें या थोड़ा
- 8:13:42कॉन्टेक्स्ट समझ लें इन चीजों का। है ना?
- 8:13:44तो कोई भी कंक्लूजन पे पहुंचने से पहले
- 8:13:46थोड़ा पढ़ना चाहिए। बिना पढ़े बोलना मतलब
- 8:13:49बहुत आसान होता है। और वहां पे आप हमेशा
- 8:13:51वो इंप्रेशन दोगे कि आप वैसे इंसान हो
- 8:13:54जिसने किसी भी किताब का केवल टाइटल पढ़ा
- 8:13:56है। एक बड़ा अच्छा कोट है। मुझे बड़ा पसंद
- 8:13:59है कि यू आर्ग्यू लाइक अ मैन हु हैज़ रेड
- 8:14:01ओनली द टाइटल ऑफ अ बुक। कि आप एक ऐसे
- 8:14:03व्यक्ति की तरह बात करते हो जिसने बुक
- 8:14:05खोला भी नहीं है। केवल टाइटल पढ़ के अपने
- 8:14:07आप को 30 मार खान समझ रहे हैं। तो वैसे
- 8:14:09बातें नहीं करनी होती। थोड़ा पढ़ के समझ
- 8:14:11के बातें करनी होती है। और यहां पे वो जो
- 8:14:13मैं कह रहा था उस पॉइंट को बहुत
- 8:14:14स्ट्रांगली यहां पे लिखा गया है कि वो
- 8:14:16व्यक्ति जो देर से आया है और वो व्यक्ति
- 8:14:18जो प्रिपयर्ड आया है। दोनों बराबर थोड़ी
- 8:14:20हो सकते हैं। अ जस्ट सिस्टम डस नॉट
- 8:14:23प्रिटेंड एवरीवन स्टार्ट्स एट द सेम लाइन।
- 8:14:25इट रीडस द लाइन दैट द रेस इटसेल्फ डस नॉट
- 8:14:28एंट्रेंच इनकलिटी। एक जो जस्ट सिस्टम है
- 8:14:31मतलब एक जो बढ़िया सिस्टम होता है ना वो
- 8:14:33वो होता है जो सबके लिए सेम लाइन नहीं
- 8:14:35बनाता बल्कि वो समझ के लाइन को रीड करता
- 8:14:37है। जो भी मैं कह रहा था कि किसी को अगर
- 8:14:39मैं 30 दिन में कुआं खोदने को कह रहा हूं
- 8:14:41तो जो जिसका एक हद काम नहीं करता। मैं
- 8:14:43उसको 50 दिन दूंगा ना मैं उसके लिए लाइन
- 8:14:44फिर से ड्रॉ करूंगा। दैट रीड रिक्वायर्स
- 8:14:47मोर देन इंफ्रास्ट्रक्चर इट डिमांड्स अ
- 8:14:49डैश ऑफ़ इमेजिनेशन। और ये केवल
- 8:14:51इंफ्रास्ट्रक्चर से नहीं हो पाएगा। इसके
- 8:14:53लिए एक इमेजिनेशन के डैश की जरूरत है।
- 8:14:55व्हाट इफ असेसमेंट्स अकाउंटेड फॉर लिफ्ट
- 8:14:57कॉम्प्लेक्सिटी व्हाट इफ पेडागोजी पोस्ट
- 8:14:59फॉर ब्रेथ वेयर सोसाइटी गैस फॉर एक्सेस?
- 8:15:02कैसा होता? कितना अच्छा होता? अगर ये जो
- 8:15:04असेस जो भी लोग करते हैं वो थोड़ा एक बार
- 8:15:07देख लेते कि जिन व्यक्तियों के लिए वो
- 8:15:08डिसीजंस बना रहे हैं वो कहां से आ रहे
- 8:15:11हैं। क्या बैकग्राउंड है उनका कितना अच्छा
- 8:15:13होता। अगर वो देख लेते कि जो पेडागोजी है
- 8:15:15जो पढ़ाया जा रहा है वो उन तक पहुंच पाता।
- 8:15:18उस तक सोच पाता जहां तक सोचने की जरूरत
- 8:15:21है। एजुकेशन इज़ अ नॉट अ लैडर आउट ऑफ़
- 8:15:23पॉवर्टी इफ द रंग्स आर ग्रीस्ड फॉर सम एंड
- 8:15:26स्प्लिंटेड फॉर अदर्स। कितना बढ़िया लाइन
- 8:15:27है। लिखा है एजुकेशन सीढ़ी नहीं है गरीबी
- 8:15:30से निकलने का। अगर एक के लिए आपने उस सीढ़ी
- 8:15:34के का जो रंग है ना जिसको पकड़ के लोग ऊपर
- 8:15:36चढ़ते हैं, सहारा लेते हैं। उसको ग्रीस
- 8:15:38करके रखा है और दूसरे को के लिए स्प्लेंडर
- 8:15:40कर दिया। स्प्लेंडर का मतलब होता है
- 8:15:41बिल्कुल टुकड़े-टुकड़े में बांट दिया है कि
- 8:15:43एक के लिए तो आप मखमल की चादर बिछा रहे हो
- 8:15:45और दूसरे को आप धक्का दे रहे हो। ये ये
- 8:15:47थोड़ी ना इक्वलिटी है। नर इज इंक्लूजन रियल
- 8:15:51इफ इट मेयरली अ स्पेशियल स्पेशियल अ डेस्क
- 8:15:55अ रोल अ रोल कॉल अ टोकन स्माइल टू इक्विटी
- 8:15:59इमस नॉट फ्रॉम प्रोग्राम्स अलोन बट फ्रॉम
- 8:16:01द डैश टू क्नफ्रंट हुस स्टोरीज आर सेंटर्ड
- 8:16:04हुस क्वेश्चंस आर वैलिडेटेड एंड हुस
- 8:16:06साइलेंस आर अलाउड टू रिमेन अनब्रोकन। लिखा
- 8:16:09हुआ है कि और इंक्लूजन इसको थोड़ी ना कहते
- 8:16:11हैं कि आप सबको केवल स्पेशियल मतलब स्पेशल
- 8:16:14मतलब होता है पोजीशन। सबको बराबर पोजीशन
- 8:16:15दे दो कि इकट्ठा बैठ गए डेस्क में सबका
- 8:16:18रोल कॉल हो रहा है। ऐसे फॉर्मेलिटी के लिए
- 8:16:20स्माइल कर दिया। ये बराबरी थोड़ी है। ट्रू
- 8:16:22इक्विटी तब आती है वहां से नहीं आती जहां
- 8:16:25पे प्रोग्राम में है केवल बल्कि वहां पे
- 8:16:27आती है जहां पे आप उन स्टोरीज को उन
- 8:16:30कहानियों को कंफ्रंट करने के लिए तैयार हो
- 8:16:32जो गलत हुई है। क्या आज भी आज भी ऐसे लोग
- 8:16:36हैं जो माफी मांग सकते हैं अपने पूर्वजों
- 8:16:39के किए गए काम के लिए? नहीं मांग सकते।
- 8:16:42बहुत हिम्मत लगेगी उसके लिए। है ना? जिनके
- 8:16:45क्वेश्चंस वैलिड हैं। क्या उनको क्वेश्चन
- 8:16:47पूछने का अधिकार हम दे पाएंगे? क्या जिनके
- 8:16:50साइलेंसेस जो अब तक साइलेंस बना के बैठे
- 8:16:52हैं, क्या हम उनको उनके साइलेंस तोड़ने का
- 8:16:56मतलब मौका देंगे? द फ्यूचर ऑफ़ लर्निंग लाइ
- 8:17:00नॉट एन एक्सलरेशन बट इन द विलिंगनेस टू
- 8:17:02डैश वेयर वी हैव फेल्ड टू आस्क व्हाई द
- 8:17:05आंसर्स ऑलवेज साउंड द सेम। लिखा है कि जो
- 8:17:08फ्यूचर है लर्निंग का ये ये एक्सलरेशन में
- 8:17:11नहीं है बल्कि ये विलिंगनेस में है के
- 8:17:14मतलब जो फ्यूचर है लर्निंग का वो इसमें
- 8:17:16नहीं है कि हम तेजी से कुछ पढ़ा के निकाल
- 8:17:18दें बल्कि वो इस इच्छा में है कि डैश रहे
- 8:17:21कि हम कहां फेल हुए और कौन से ऐसे आंसर्स
- 8:17:24हैं जो हमेशा सेम ही आ रहे हैं और हमेशा
- 8:17:26सेम क्यों आ रहे हैं? जब भी इनसे सवाल
- 8:17:28पूछा जाता है ये सेम ही जवाब क्यों देते
- 8:17:30हैं? ये सवाल अगर हम पूछ पा रहे हैं तो ये
- 8:17:33है फ्यूचर की लर्निंग। चलो पैसेज का टोन
- 8:17:36क्या है? नेगेटिव टोन है। किसके बारे में
- 8:17:38पैसेज है? यह जो इक्विटी है एजुकेशन में
- 8:17:41वो कैसे अचीव की जाएगी और क्या गड़बड़ियां
- 8:17:42है? उसके बारे में ये पूरा पैसेज है। अब
- 8:17:44मैं आ रहा हूं एक-एक करके हम लोग ब्लैंक
- 8:17:46फिल अप करेंगे। लिखा है इट इज इंस्टीड द
- 8:17:49डैश ऑफ डिज़ वन दैट बिगिंस बाय लिसनिंग एंड
- 8:17:52नॉट प्रिस्क्राइबिंग। ये एक डैश है डिज़ाइन
- 8:17:55का जो कि शुरू होता है सुनने से ना कि
- 8:17:58प्रिस्क्राइब करने से। क्या है? ये एक
- 8:17:59वोकैबलरी है डिज़। वोकैबलरी वोकैबलरी तो
- 8:18:02शब्द को कहते हैं। ये एक आर्किटेक्चर है
- 8:18:04डिज़ का। ये तो ठीक लग रहा है कि एक ऐसे
- 8:18:07डिज़ को बनाना है जिसमें सुनना भी है केवल
- 8:18:10किसी को ज्ञान देना नहीं है। ये एक भ्रम
- 8:18:12है। ये तो नेगेटिव वर्ड हो जाएगा। हम बात
- 8:18:15कर रहे हैं इक्विटी लाने की। ये एक बर्डन
- 8:18:17है। आंसर क्या होगा? ये एक आर्किटेक्चर
- 8:18:19है। कि ये एक आर्किटेक्चर है। एक डिज़ है
- 8:18:23जिसमें हम केवल सुनेंगे नहीं बल्कि सर
- 8:18:25सॉरी केवल बोलेंगे नहीं बल्कि सुनेंगे भी।
- 8:18:27इन दिस कॉन्टेक्स्ट मेरिट इज ऑफेन
- 8:18:29ब्रांडिस्ड एज अ डैश ऑफ स्करिंग द
- 8:18:31स्कैफोल्डेड एडवांटेजेस दैट शेप हु
- 8:18:34अराइव्स प्रिपयर्ड एंड हु अराइव्स लेट। इस
- 8:18:36कॉन्टेक्स्ट में मेरिट को हमेशा डैश किया
- 8:18:38जाता है। मेरिट को हमेशा मतलब मेरिट का
- 8:18:41दिखावा हमेशा किया जाता है एक डैश की तरह।
- 8:18:43किसकी तरह? एक शील्ड की तरह कि हमेशा
- 8:18:46मेरिट को सामने लेके आया जाता है कि भैया
- 8:18:48उसको आगे क्यों रखा गया? क्योंकि वो
- 8:18:50मेरिटोरियस है। ठीक लग रहा है। एक डिसगाइस
- 8:18:52की तरह मेरिट को रखा जाता है। एक भेष
- 8:18:54बदलने की तरह मेरिट को रखा जाता है। नहीं
- 8:18:56एक मैंडेट की तरह एक आदेश की तरह इसके
- 8:19:00आपके इसको रखा जाता है मेरिट को। नहीं एक
- 8:19:02वर्चू की तरह एक गुण की तरह नहीं। आंसर
- 8:19:04क्या है? एक शील्ड। मैंने कंडेक्स्ट
- 8:19:06समझाया आपको कि इस कंडेक्स्ट में क्या
- 8:19:07बोला जाता है कि मेरिट एक शील्ड की तरह
- 8:19:09दिखाया जाता है कि देखो ये हमें बचाएगा।
- 8:19:11शील्ड किसको कहते हैं? ढाल को जो बचाता है
- 8:19:12आपको अटैक से। तो कोई भी सवाल पूछे बोल दो
- 8:19:15वो उस पे ज्यादा मेरिट था। हम वहां पर ये
- 8:19:17चीजें इग्नोर कर रहे हैं कि कोई प्रिपयर्ड
- 8:19:20आया है और कोई किसी ने अभी-अभी शुरू किया
- 8:19:22है। दोनों में अंतर है।
- 8:19:25लिखा है द रीड रिक्वायर्स मोर देन
- 8:19:28इंफ्रास्ट्रक्चर इट डिमांड्स अ डैश ऑफ
- 8:19:30इमेजिनेशन। और ये जो रीड है इसमें केवल
- 8:19:32इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत नहीं है। इसमें
- 8:19:34इमेजिनेशन के डैश की भी जरूरत है। किसकी
- 8:19:36जरूरत है? इसमें इमेजिनेशन को कम करने की
- 8:19:39जरूरत है। है कोई पॉजिटिव वर्ड होना चाहिए
- 8:19:41ना? इसमें इमेजिनेशन की गरीबी की जरूरत
- 8:19:43है। इसमें इमेजिनेशन की जेरोसिटी की जरूरत
- 8:19:46है। ठीक है? मतलब अच्छे खासे मात्रा में
- 8:19:48इमेजिन करने की जरूरत है। ये इमेजिनेशन के
- 8:19:51रप्चर की जरूरत है। रप्चर मतलब होता है फट
- 8:19:53जाना। एक ही ऑप्शन बच रहा है। कौन सा?
- 8:19:55इसमें इमेजिनेशन की जेरोसिटी की जरूरत है
- 8:19:57कि हम अच्छा खासा इमेजिन करें। ट्रू
- 8:20:00इक्विटी इमर्स नॉट फ्रॉम प्रोग्राम्स अलोन
- 8:20:03बट फ्रॉम द डश टू कॉन्फ्रंट हुस स्टोरीज
- 8:20:05आर सेंटर्ड हुस क्वेश्चंस आर वैलिडेटेड
- 8:20:08एंड हुस साइलेंसेस आर अलाउड टू रिमेन
- 8:20:10अनब्रोकन क्या लिखा हुआ है ये जो ट्रू
- 8:20:12इक्विटी है ना ये प्रोग्राम से नहीं आता
- 8:20:14केवल ये आता है डैश को कंफ्रंट करने से
- 8:20:18किससे आता है भाई ये आता है रिफ्यूजल को
- 8:20:22कंफ्रंट करने से रिफ्यूजल के खिलाफ लड़ने
- 8:20:24से रिफ्यूजल के खिलाफ कैसे लड़िएगा यह आता
- 8:20:27है करिकुलम के खिलाफ लड़ने से जो भी पढ़ाई
- 8:20:29करने को कहा जा रहा है उसके खिलाफ लड़
- 8:20:31लेंगे। नहीं हेजिटेशन के खिलाफ लड़ने से
- 8:20:33मैंडेट। मैंडेट का मतलब होता है ऑर्डर। जो
- 8:20:36ऑर्डर है उसके खिलाफ लड़ने से ये आता है।
- 8:20:39ट्रू इक्विटी जो है वो प्रोग्राम से नहीं
- 8:20:40आता बल्कि जो मैंडेट मैंडेट है कंफ्रंट
- 8:20:43करने का कि उसके उसके हिसाब से ये आता है।
- 8:20:46द फ्यूचर ऑफ़ लर्निंग लाइ नॉट इन
- 8:20:48एक्सीलरेशन बट इन द विलिंगनेस टू डैश वेयर
- 8:20:51वी हैव फेल्ड टू आस्क व्हाई द आंसर्स
- 8:20:53ऑलवेज साउंड द सेम। लिखा है कि फ्यूचर जो
- 8:20:55है लर्निंग का वो इसमें नहीं है कि हम
- 8:20:57बहुत तेजी से आगे बढ़े बल्कि इस इच्छा में
- 8:21:00है डैश की इच्छा में कि जहां भी हम फेल
- 8:21:03हुए हैं पूछने के लिए आज तक कि आंसर सेम
- 8:21:06क्यों आ रहा है हम वहां सवाल पूछे तो लिखा
- 8:21:09है द फ्यूचर ऑफ़ लर्निंग लाइ नॉट इन
- 8:21:10एक्सीलरेशन बट इन द विलिंगनेस टू डैश टू
- 8:21:13इनोवेट टू कंफर्म टू रिटर्न टू अनरेल देखो
- 8:21:17लिखा है कि उस जगह फिर से
- 8:21:20सॉरी मैं मिस कर गया क्या लिखा हुआ था द
- 8:21:22फ्यूचर ऑफ़ लर्निंग लाइ नॉट इन एक्सीलरेशन
- 8:21:24एक्सरेशन के ऊपर नहीं है। बट इन द
- 8:21:26विलिंगनेस टू डैश इस विलिंग इस डैश के
- 8:21:28विलिंगनेस में इनोवेट के विलिंगनेस में
- 8:21:31नहीं कंफर्म के विलिंगनेस में। कंफर्म
- 8:21:34मतलब होता है नियम मानना। कोई कॉन्टेक्स्ट
- 8:21:35नहीं है। अनरेबल मतलब होता है किसी भी
- 8:21:38किसी भी चीज को दुनिया के सामने लेकर आना।
- 8:21:40एक ही आंसर बच रहा है। कौन सा? टू रिटर्न।
- 8:21:42फ्यूचर जो है लर्निंग ऑफ़ एक्सीलरेशन में
- 8:21:44नहीं है। बल्कि इस इच्छा में है कि हम
- 8:21:45रिटर्न करें। वहां जहां पे हम सवाल पूछने
- 8:21:48में फेल हो गए थे कि हमेशा इन प्रॉब्लम्स
- 8:21:51का एक ही आंसर क्यों दिया जाता है।
- 8:21:54राइट? बढ़िया पैसेज था यह वाला भी।
- 8:21:58तीन क्वेश्चन आराम से बनते। थोड़ा डिफिकल्ट
- 8:22:01था। बहुत डिफिकल्ट नहीं था। ये सारे वोकैब
- 8:22:06आ जाइए। अगले पैसेज पे आते हैं।
- 8:22:10ये है आपका पैसेज।
- 8:22:12ये है आपके ब्लैंक्स। पढ़ लो एक बार।
- 8:22:16चलिए लिखा है कल्चरल हेरिटेज रिफ्लेक्ट्स
- 8:22:19द वैल्यूस, ट्रेडिशंस एंड अचीवमेंट्स ऑफ अ
- 8:22:22कम्युनिटी पास डाउन थ्रू जनरेशंस। लिखा
- 8:22:25हुआ है कल्चरल हेरिटेज जो है ना ये
- 8:22:27वैल्यूस, ट्रेडिशंस और अचीवमेंट्स को
- 8:22:29दिखाता है जो एक जनरेशन से दूसरे जनरेशन
- 8:22:32में जाता है। इट इंक्लूड्स मोन्यूमेंट्स,
- 8:22:34फेस्टिवल्स, लैंग्वेज, आर्ट एंड इवन
- 8:22:36ट्रेडिशनल नॉलेज। इसके अंदर मोन्यूमेंट्स
- 8:22:38हैं जो बनाए गए हैं। हमारे फेस्टिवल्स
- 8:22:40हैं, लैंग्वेज है, आर्ट है, ट्रेडिशनल
- 8:22:42नॉलेज भी है। प्रिजर्विंग हेरिटेज इज
- 8:22:44एसेंशियल एट एज इट हेल्प्स पीपल स्टे डैश
- 8:22:47टू देयर रूट्स एंड आइडेंटिटी। हेरिटेज को
- 8:22:50प्रिजर्व करना बहुत जरूरी है क्योंकि इससे
- 8:22:52लोग जो है वो अपने जड़ों से अपने रूट और
- 8:22:54आइडेंटिटी से डैश रहते हैं। हाउएवर
- 8:22:56मॉडर्नाइजेशन एंड अर्बन डेवलपमेंट ऑफेन
- 8:22:59लीड टू द नेगलेक्ट ऑफ डिस्ट्रक्शन ऑफ
- 8:23:01हिस्टोरिक साइट्स। हालांकि जो
- 8:23:02मॉडर्नाइजेशन है और जो अर्बन डेवलपमेंट है
- 8:23:05इससे अक्सर नेगलेक्ट होता है हिस्ट और
- 8:23:08डिस्ट्रक्शन होता है हिस्टोरिकल साइट्स
- 8:23:10का। मेनी एंशिएंट स्ट्रक्चर्स आर लेफ्ट
- 8:23:12अनअटेंडेड व्हाइल सम कल्चरल प्रैक्टिससेस
- 8:23:14आर फॉरगॉटन। बहुत सारे ऐसे एंशिएंट
- 8:23:17स्ट्रक्चर्स हैं जिन्हों जो आज टूटे फूटे
- 8:23:19हैं पर उनको कोई नहीं देख रहा। है ना?
- 8:23:21उसके साथ-साथ में बहुत सारे ऐसे कल्चरल
- 8:23:23प्रैक्टिससेस हैं जो कि अब भूले जा चुके
- 8:23:25हैं। गवर्नमेंट्स एंड सिटीजंस मस्ट टेक
- 8:23:27जॉइंट डैश टू प्रोटेक्ट सच लेगसीज़।
- 8:23:30गवर्नमेंट को और सिटीजन को मिलकर काम करना
- 8:23:32चाहिए ऐसे लेगसीज को बचाने के लिए।
- 8:23:34प्रमोटिंग लोकल आर्ट, रिस्टोरिंग
- 8:23:36मोन्यूमेंट्स एंड टीचिंग इंडजीनस हिस्ट्री
- 8:23:38इन स्कूल्स आर इफेक्टिव वेज़ टू कीप
- 8:23:40हेरिटेज अलाइव। लोकल आर्ट को प्रमोट करना,
- 8:23:43मोन्यूमेंट्स को रिस्टोर करना या जो हमारी
- 8:23:46जो अपनी अपना जो हमारा इतिहास है उसको
- 8:23:49पढ़ाना इसका बहुत अच्छा तरीका है हेरिटेज
- 8:23:51को अलाइव रखने का। टूरिस्ट शुड आल्सो
- 8:23:54बिहेव डैश व्हेन विजिटिंग कल्चरली
- 8:23:56सेंसिटिव लोकेशनेशंस। टूरिस्ट को भी बिहेव
- 8:23:58करना चाहिए जब भी वह सेंसिटिव लोकेशन को
- 8:24:00विजिट कर रहे हैं। हेरिटेज प्रिजर्वेशन इज़
- 8:24:02नॉट ओनली अबाउट रिमेंबरिंग द पास्ट बट
- 8:24:04आल्सो अबाउट इंस्पायरिंग फ्यूचर जनरेशंस
- 8:24:07विथ अ सेंस ऑफ़ डैश एंड कंटिन्यूटी।
- 8:24:09हेरिटेज प्रिजर्वेशन जो है ये केवल इस पे
- 8:24:11नहीं है कि हम अपने इतिहास को ना भूलें।
- 8:24:13इतिहास को याद रखें बल्कि इस पे भी है कि
- 8:24:15हम अपने फ्यूचर जनरेशंस को कैसे इंस्पायर
- 8:24:17कर रहे हैं। एक सेंस ऑफ़ डैश और कंटिन्यूटी
- 8:24:19से। लूजिंग हेरिटेज मीन्स लूजिंग द स्टोरी
- 8:24:22ऑफ़ अ पीपल एंड दैट इज अ लॉस दैट कैन नॉट
- 8:24:24बी इज़ली डैश। अगर हमने अपना हेरिटेज खो
- 8:24:26दिया तो ऐसा होगा कि हमने अपने पूर्वजों
- 8:24:29की कहानियां खो दी और इस इन इस इस लॉस को
- 8:24:32डश करना आसान नहीं होगा। आसान पैसेज है
- 8:24:35किसके बारे में? कॉन्टेक्स्ट क्या है? कि
- 8:24:37कैसे कल्चरल हेरिटेज जो है हमारा वो दिन-ब
- 8:24:39दिन अंडरमाइन होता जा रहा है। खत्म होता
- 8:24:41जा रहा है। हमें उसको कैसे बचाना चाहिए?
- 8:24:44ठीक है? ब्लैंक्स फिल अप करेंगे।
- 8:24:46आइए मैं सिर्फ वो लाइन पढ़ रहा हूं जिस
- 8:24:49लाइन में ब्लैंक है। लिखा है प्रिजर्विंग
- 8:24:51हेरिटेज इज एसेंशियल एज इट हेल्प्स पीपल
- 8:24:54स्टे डैश टू देयर रूट्स। वो अपने लोगों
- 8:24:56अपने जो प्रिजर्विंग जो हेरिटेज है उसको
- 8:24:59प्रिजर्व करना बहुत जरूरी है क्योंकि यह
- 8:25:01मदद करता है रूट्स और एडिटरी से पीपल को
- 8:25:03जोड़ने में। तो यहां पे कनेक्टेड जैसा कुछ
- 8:25:05वर्ड होना चाहिए। हेल्प पीपल स्टे
- 8:25:07कनेक्टेड टू देयर रूट्स। आइए देखते हैं।
- 8:25:10रेस्ट्रिक्टेड टू देयर रूट्स। रेस्ट्रिक्ट
- 8:25:11मतलब होता है बाधित करना। कनेक्टेड
- 8:25:13एक्सक्टली वही वर्ड है। अपोज्ड विपरीत
- 8:25:16अपने रूट को देर करने में हेल्प करता है।
- 8:25:18नहीं नहीं भैया कनेक्ट करने में हेल्प
- 8:25:19करता है। आगे बढ़ेंगे। गवर्नमेंट्स एंड
- 8:25:22सिटीजंस मस्ट टेक जॉइंट डैश टू प्रोटेक्ट
- 8:25:24सच लिगसी। गवर्नमेंट और सिटीजंस को जॉइंट
- 8:25:28डैश लेना चाहिए इस लिगसीज को बचाने के
- 8:25:29लिए। यहां पे एक्शन जैसा कोई वर्ड होना
- 8:25:31चाहिए कि गवर्नमेंट और सिटीजन को हमारी
- 8:25:33लिगसी को बचाने के लिए जॉइंट एक्शन लेना
- 8:25:35चाहिए। आइए जॉइंट मेजर्स लेने चाहिए। कदम
- 8:25:38उठाने चाहिए। ठीक लग रहा है। जॉइंट
- 8:25:39स्टेटमेंट्स लेने चाहिए। एक तो स्टेटमेंट
- 8:25:41दिया जाता है, लिया नहीं जाता। दूसरा
- 8:25:43स्टेटमेंट देके क्या फायदा होगा?
- 8:25:45कंप्लेंट्स लेना चाहिए। यहां पे देखना एक
- 8:25:46वर्ड यूज़ था टेक। कंप्लेंट किया जाता है,
- 8:25:49लिया नहीं जाता। ग्रीटिंग देना चाहिए। आप
- 8:25:51मेरा हेरिटेज खराब करो। मैं आपको बोलूंगा
- 8:25:53गुड मॉर्निंग। आंसर कौन सा होगा? मेजर्स
- 8:25:55लेने चाहिए, स्टेप्स लेने चाहिए। आगे
- 8:25:57बढ़ेंगे। टूरिस्ट्स शुड आल्सो बिहेव डैश
- 8:26:01व्हेन विजिटिंग कल्चरली सेंसिटिव
- 8:26:03लोकेशनेशंस। टूरिस्ट को भी बिहेव करना
- 8:26:05चाहिए। डैश। कैसे बिहेव करना चाहिए?
- 8:26:07टूरिस्ट को कैसे बिहेव करना चाहिए? ढंग से
- 8:26:09बिहेव करना चाहिए या कोई पॉजिटिव वर्ड
- 8:26:11होना चाहिए। जब वो कल्चरली सेंसिटिव
- 8:26:12लोकेशन पर जाते हैं। उनको बड़ा कैजुअली
- 8:26:15बिहेव करना चाहिए। यह तो नेगेटिव हो
- 8:26:16जाएगा। कैजुअली तो बिहेव कर ही रहे हैं।
- 8:26:18उनको काइंडली बिहेव करना चाहिए। दया
- 8:26:20दिखानी चाहिए। यार देखो यहां पे हम बात कर
- 8:26:23रहे हैं लोकेशन की। जब वो किसी जगह पे जगह
- 8:26:26को विजिट करें तो उन्हें डैश बिहेव करना
- 8:26:29चाहिए। दया के साथ बिहेव करना चाहिए कि
- 8:26:31हमारे ताजमहल को खराब मत करो। दया करो
- 8:26:33ताजमहल पे। नहीं दया बट सही नहीं उनको
- 8:26:36रिसोंसिबली बिहेव करना चाहिए उनको
- 8:26:38जिम्मेदारी से बिहेव करना चाहिए ठीक है
- 8:26:40उनको फॉर्मली बिहेव करना चाहिए बहुत
- 8:26:42फॉर्मल हो जाना चाहिए आंसर क्या है
- 8:26:44रिसोंसिबली बिहेव करना चाहिए आगे बढ़ेंगे
- 8:26:48नेक्स्ट लिखा है हेरिटेज प्रिजर्वेशन इज़
- 8:26:51नॉट ओनली अबाउट रिमेंबरिंग द पास्ट बट
- 8:26:54आल्सो अबाउट इंस्पायरिंग फ्यूचर जनरेशंस
- 8:26:56विथ अ सेंस ऑफ़ डैश एंड कंटिन्यूटी। लिखा
- 8:26:58है कि हेरिटेज जो प्रिजर्वेशन है ये केवल
- 8:27:01यह नहीं है कि हम अपने पास्ट को याद रखें
- 8:27:03बल्कि ये भी है कि हम अपने फ्यूचर जनरेशंस
- 8:27:05को एक सेंस ऑफ डैश दें। क्या दें? हम जब
- 8:27:08अपने पूर्वजों के बारे में पढ़ते हैं
- 8:27:10महाराणा प्रताप, भगत सिंह है ना चंद्रशेखर
- 8:27:12आजाद, वीर शिवाजी तो हम क्या पढ़ते हैं
- 8:27:15उनके बारे में? हमारे हमें क्या सेंस आता
- 8:27:16है? हमें एक गर्व का सेंस आता है। तो यहां
- 8:27:19कोई पॉजिटिव वर्ड आना चाहिए। है ना? आइए।
- 8:27:23हमें अफसोस होना चाहिए। हैं? हमारे
- 8:27:25पूर्वजों के ऊपर प्राइड होना चाहिए। हमें
- 8:27:27गर्व होना चाहिए। हमें ऑथॉरिटी होनी
- 8:27:29चाहिए। हमें पैनिकिक कर जाना चाहिए। आंसर
- 8:27:31क्या है? प्राइड होना चाहिए। कि हम सिर्फ
- 8:27:33इसलिए ना बचाएं क्योंकि इसमें पास्ट की
- 8:27:34बातें हैं। बल्कि फ्यूचर जनरेशन के लिए भी
- 8:27:36हमें एक सेंस ऑफ़ प्राइड है। इसमें उसे
- 8:27:38बचाना पड़ेगा। लूजिंग हेरिटेज मींस लूजिंग
- 8:27:41द स्टोरी ऑफ़ अ पीपल। हेरिटेज को खो देना।
- 8:27:43ऐसा है जैसे कि लोगों को खो देना। लोगों
- 8:27:45की कहानियां खो देना। एंड दैट इज अ लॉस
- 8:27:47दैट कैन नॉट बी। और वो अगर हमने अपने
- 8:27:49पूर्वजों की कहानियां खो दी तो वो एक ऐसा
- 8:27:51लॉस होगा जिसे हम आसानी से क्रिएट नहीं कर
- 8:27:54पाएंगे। लॉस को क्रिएट नहीं किया जाता। हम
- 8:27:56उसे आसानी से रिवर्स नहीं कर पाएंगे। ये
- 8:27:59तो ठीक लग रहा है। रिवर्स मतलब होता है
- 8:28:00वापस ले आना। तो अगर हमारा ऐसा लॉस हो
- 8:28:03जाएगा जो रिवर्सिबल लॉस नहीं होगा। हम
- 8:28:04वापस से उसको रिकवर नहीं कर पाएंगे। हम उस
- 8:28:07रिवर्स को लो रिप्लेस नहीं कर पाएंगे।
- 8:28:09रिप्लेस किसी फिजिकल चीज को की किया जाता
- 8:28:12है। तो सही नहीं है। हम उस लॉस को ब्लेम
- 8:28:15नहीं कर पाएंगे। आंसर क्या है? हम उसे
- 8:28:17रिवर्स नहीं कर पाएंगे। ठीक है? आसान
- 8:28:20पैसेज था यह वाला भी।
- 8:28:22आगे बढ़े।
- 8:28:25चलिए आ जाते हैं नेक्स्ट पे। ये है आपका
- 8:28:28पैसेज। लास्ट पैसेज है आज।
- 8:28:32देख लो। ये है ब्लैंक्स।
- 8:28:37ठीक है? पॉज किया है। बना लो। मैं जरा
- 8:28:40पानी पी लो।
- 8:28:58आइए देखते हैं। लिखा है द रैपिड अडॉप
- 8:29:01अप्शन ऑफ डिजिटल टूल्स हैज़ रिवोल्यूशन द
- 8:29:04फील्ड ऑफ एजुकेशन। ये जो डिजिटल टूल्स
- 8:29:07बहुत तेजी से बढ़े हैं ना इसे ये
- 8:29:09रिवोल्यूशन लेके आ गया है एजुकेशन के
- 8:29:11फील्ड में। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स
- 8:29:13इंटरेक्टिव मॉड्यूल्स एंड वर्चुअल
- 8:29:15क्लासरूम्स हैव मेड लर्निंग मोर एक्सेसबल
- 8:29:18एंड डैश फॉर स्टूडेंट्स अराउंड द वर्ल्ड
- 8:29:21लिखा है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स
- 8:29:23इंटरेक्टिव मॉड्यूल्स और वर्चुअल
- 8:29:25क्लासरूम्स जो है इसने लर्निंग को और
- 8:29:27ज्यादा एक्सेसबल बना दिया है। मतलब अब
- 8:29:28दूरदराज बैठे हैं, गांव में बैठे लोग भी
- 8:29:30आराम से पढ़ पा रहे हैं। अब सबके पास इसका
- 8:29:32एक्सेस है। सबके पास इसकी पहुंच है और
- 8:29:34उसने डैश बना दिया है पूरे दुनिया के
- 8:29:36स्टूडेंट्स को। दी टेक्नोलॉजीस अलव
- 8:29:39लर्नर्स टू प्रोग्रेस एट देयर ओन पेस
- 8:29:41रिविजिट डिफिकल्ट कासेप्ट्स एंड एक्सप्लोर
- 8:29:43सब्जेक्ट बियड ट्रेडिशनल सेबली लिखा है ये
- 8:29:46जो टेक्नोलॉजीस है इसने अलव किया है
- 8:29:47लर्नर्स को कि वो अपने पेस पर पढ़े है ना
- 8:29:50जो डिफिकल्ट कांसेप्ट्स हैं उनको रिवजिट
- 8:29:52करें और ट्रेडिशनल जो तरीका है उससे ये
- 8:29:54आगे बढ़े कितना कितनी जबरदस्त चीज है कभी
- 8:29:56एक बार एक मिनट रुक के जरा सोचो जब स्कूल
- 8:29:59में हमें पढ़ाया जाता था अगर किसी सर ने
- 8:30:02कोई कांसेप्ट समझा और मुझे नहीं समझ में
- 8:30:04आया तो सर तो पढ़ा के निकल गए हो सकता है
- 8:30:07सर बहुत अच्छे होंगे तो दो बार मुझे बता
- 8:30:09बता भी दिया गया होगा मैंने डाउट पूछा
- 8:30:11होगा पर 6 महीने बाद शायद वो मुझे याद
- 8:30:13नहीं रहेगा मैं कितना भी नोट्स बना लूं वो
- 8:30:15चीजें रिविजिट करनी पड़ती है कभी-कभी पहले
- 8:30:17कैसे होता होगा मुझे तो ध्यान भी नहीं है
- 8:30:20बहुत साल गुजर गए अब तो टेक्नोलॉजी आ चुकी
- 8:30:22है और एक-एक चीज लोग YouTube पे देख ले
- 8:30:24रहे हैं हाउएवर डिजिटल लर्निंग आल्सो
- 8:30:26ब्रिंग ब्रिंग्स सर्टेन चैलेंजेस नॉट ऑल
- 8:30:29स्टूडेंट्स हैव इक्वल एक्सेस टू रिलायबल
- 8:30:31इंटरनेट और डिजिटल डैश व्हिच क्रिएट्स अ
- 8:30:33सिग्निफिकेंट लर्निंग एप लिखा है लेकिन
- 8:30:35डिजिटल लर्निंग िंग जो है इसके अपने
- 8:30:36चैलेंजेस भी हैं। हर स्टूडेंट के पास
- 8:30:38रिलायबल इंटरनेट कनेक्शन नहीं है या
- 8:30:40डिजिटल डैश नहीं है जिसकी वजह से बहुत
- 8:30:42ज्यादा गैप भी क्रिएट होता है। मोर ओवर
- 8:30:44प्रोलोंग्ड स्क्रीन टाइम एंड लैक ऑफ रियल
- 8:30:46वर्ल्ड इंटरेक्शंस इंटरेक्शन कैन अफेक्ट
- 8:30:49बोथ फिजिकल हेल्थ एंड सोशल डेवलपमेंट लिखा
- 8:30:52है। इसके अलावा जो प्रोलोंग स्क्रीन टाइम
- 8:30:54है मतलब स्क्रीन टाइम जो बहुत ज्यादा बढ़
- 8:30:56गया है बच्चों का और रियल वर्ल्ड
- 8:30:58इंटरेक्शन जो कम होता जा रहा है इससे
- 8:30:59फिजिकल हेल्थ और सोशल डेवलपमेंट पे भी
- 8:31:01बहुत असर पड़ रहा है। टू एड्रेस दी इशूज़
- 8:31:04इंस्टीटश मस्ट अडॉप्ट अ ब्लेंडेड अप्रोच
- 8:31:06वन दैट कंबाइन द फ्लेक्सिबिलिटी ऑफ डिजिटल
- 8:31:08कंटेंट विद द स्ट्रक्चर ऑफ फेस टू फेस
- 8:31:11लर्निंग। लिखा है कि इन इशूज़ को एड्रेस
- 8:31:14करने के लिए जो इंस्टीटशंस हैं उनको एक एक
- 8:31:16ब्लेंडेड अप्रोच लेना चाहिए। एक मिक्सचर
- 8:31:18ऑफ़ अप्रोच लेना चाहिए। जहां पर वो डिजिटल
- 8:31:21कांटेक्ट तो रखें पर साथ ही साथ में फेस
- 8:31:23टू फेस लर्निंग पे भी जोर देना है या उसको
- 8:31:26भी इंक्लूड करके चलना है।
- 8:31:29टीचर्स मस्ट आल्सो बी ट्रेंड टू
- 8:31:31इफेक्टिवली इंटीग्रेट टेक्नोलॉजी इनू द
- 8:31:33क्लासरूम इंश्योरिंग दैट इट एनहांसेस रेदर
- 8:31:36देन डैश द लर्निंग प्रोसेस। लिखा है
- 8:31:39टीचर्स जो हैं उन्हें भी इस तरीके से
- 8:31:41ट्रेन करना चाहिए कि वो टेक्नोलॉजी को
- 8:31:43इंटीग्रेट कर पाए क्लासरूम में और वो
- 8:31:45इंश्योर कर पाए कि जो लर्निंग प्रोसेस है
- 8:31:48वो डैश हो। ठीक है? वो उसे एनहांस करें
- 8:31:52रेदर देन कि डैश करें लर्निंग प्रोसेस को।
- 8:31:54व्हेन यूज्ड रिस्पांसिब रिस्पांसिबली
- 8:31:57डिजिटल टेक्न एजुकेशन हैज़ द पोटेंशियल टू
- 8:32:00डैश बैरियर्स एंड ब्रिंग क्वालिटी
- 8:32:01इंस्ट्रक्शन टू इवन द मोस्ट रिमोट
- 8:32:04कॉर्नर्स ऑफ़ द वर्ल्ड। अगर ढंग से यूज
- 8:32:06किया जाए तो डिजिटल एजुकेशन में यह
- 8:32:07पोटेंशियल है कि वो बैरियर्स को डैश कर
- 8:32:10सकता है और क्वालिटी इंस्ट्रक्शन को जो है
- 8:32:12वो लेके आ सकता है। इवन जो एकदम सुदूर
- 8:32:15इलाके हैं दुनिया के जो एकदम पिछड़े इलाके
- 8:32:17हैं वहां तक। बट फॉर इट टू बी ट्रूली
- 8:32:19इफेक्टिव। स्टूडेंट्स मस्ट स्टे
- 8:32:21डिसिप्लिन, मोटिवेटेड एंड डैश इन देयर
- 8:32:23लर्निंग जर्नी। लेकिन अगर इसको इफेक्टिव
- 8:32:25बनाना है तो स्टूडेंट्स को बहुत डिसिप्लिन
- 8:32:27रहना डिसिप्लिन रहना पड़ेगा, मोटिवेटेड
- 8:32:29रहना पड़ेगा और डैश रहना पड़ेगा इस सीखने
- 8:32:31की जर्नी में।
- 8:32:34लैंग्वेज तो काफी आसान है। आइए देखते हैं।
- 8:32:39पहला ब्लैंक पढ़ रहा हूं। लिखा है ऑनलाइन
- 8:32:40प्लेटफॉर्म्स इंटरेक्टिव मॉड्यूल्स एंड
- 8:32:42वर्चुअल क्लासरूम्स हैव मेड लर्निंग मोर
- 8:32:44एक्सेसिबल एंड डैश फॉर स्टूडेंट्स। उसने
- 8:32:47लर्निंग को ज्यादा एक्सेसिबल बना दिया है
- 8:32:49और डैश बना दिया है। देखो एंड से जुड़े
- 8:32:51हुए हैं दो एडजेक्टिव। एक है एक्सेसिबल।
- 8:32:53यहां दूसरा हम फिल अप करेंगे। तो ये तो
- 8:32:54डेफिनेटली पॉजिटिव वर्ड होना चाहिए।
- 8:32:56क्योंकि एंड से जुड़ा हुआ है तो ये
- 8:32:57पॉजिटिव है तो ये भी पॉजिटिव होगा। ये तो
- 8:32:59आपको मैंने कई दफा पढ़ाया है। तो कोई
- 8:33:01पॉजिटिव वर्ड ढूंढ रहे हैं हम। इसने और
- 8:33:03डिमांडिंग बना दिया। डिमांडिंग का मतलब
- 8:33:05होता है इसमें और ज्यादा एनर्जी लग रही
- 8:33:06है। ये तो नेगेटिव हो जाएगा और
- 8:33:08पर्सनलाइज्ड बना दिया। पर्सनलाइज्ड का
- 8:33:10मतलब क्या होता है? कि मुझे जो पढ़ना है
- 8:33:11मैं वही पढूंगा। है ना? मैं मैंने पूरा
- 8:33:13कोर्स खरीद रखा है। पर मुझे केवल ग्रामर
- 8:33:15पढ़ना है। मैं केवल ग्रामर पढूंगा। मुझे
- 8:33:17केवल वोकैब देखना है। मैं केवल वोकैब
- 8:33:18देखूंगा तो पर्सनलाइज्ड बना दिया। पॉजिटिव
- 8:33:20वर्ड है। एक्सपेंसिव बना दिया। या तो
- 8:33:23नेगेटिव हो जाएगा। स्ट्रक्चरर्ड बना दिया
- 8:33:25है। अब देखो है तो ये पॉजिटिव वर्ड। लेकिन
- 8:33:26जरा सोचो क्या बोला जा रहा है कि ऑनलाइन
- 8:33:28प्लेटफार्म आने के बाद जो लर्निंग थी वो
- 8:33:31और ज्यादा ऑर्गेनाइज्ड हो गई है। वो और
- 8:33:33ज्यादा स्ट्रक्चरर्ड हो गई है। तो क्या
- 8:33:35पहले लोग अब्रप्टली पढ़ते थे? पहले कोई
- 8:33:37ऑर्डर नहीं था। इतने 100 सालों से जो
- 8:33:39एजुकेशन चल रहा है क्या वो स्ट्रक्चर्ड
- 8:33:41नहीं है? स्ट्रक्चरर्ड हमेशा से है।
- 8:33:43पर्सनलाइज्ड बना दिया है। ऑनलाइन एजुकेशन
- 8:33:45ने एक्सेसिबल बनाया है। है ना? सबसे पहले
- 8:33:48एक्सेसिबल बनाया है। सबसे बड़ा फायदा
- 8:33:50एक्सेसिबिलिटी का है। स्ट्रक्चरर्ड तो
- 8:33:52पहले से है कोर्सर्सेस सारे।
- 8:33:55नॉट ऑल स्टूडेंट्स हैव इक्वल एक्सेस टू
- 8:33:57रिलायबल इंटरनेट और डिजिटल डैश। सारे के
- 8:34:00सारे जितने भी स्टूडेंट्स हैं सबको
- 8:34:02रिलायबल इंटरनेट का एक्सेस नहीं है या
- 8:34:04डिजिटल डैश का एक्सेस नहीं है। रिलायबल
- 8:34:08डिजिटल करिकुलम का करिकुलम मतलब होता है
- 8:34:10पढ़ाई लिखाई की मतलब सिलेबस को करिकुलम
- 8:34:12कहा जाता है। डिजिटल सिलेबस क्या होगा?
- 8:34:14सबके पास सबके फोन में स्टोरेज नहीं है।
- 8:34:17ऐसा हो सकता है क्या? सबके पास डिवाइसेस
- 8:34:20नहीं है। ये ठीक लग रहा है। है ना? कि
- 8:34:22सबके पास या तो रिलायबल इंटरनेट नहीं है
- 8:34:24या तो सबके पास फोन या डिजिटल डिवाइस भी
- 8:34:26नहीं है। ये ठीक लग रहा है। सबके पास
- 8:34:28डिजिटल किताबें नहीं है। आंसर क्या होना
- 8:34:30चाहिए? डिवाइसेस। राइट? आगे बढ़े। टीचर्स
- 8:34:34मस्ट आल्सो बी ट्रेंड टू इफेक्टिवली
- 8:34:36इंटीग्रेट टेक्नोलॉजी इनू द क्लासरूम।
- 8:34:39इंश्योरिंग दैट इन इट एनहांसेस रेदर देन
- 8:34:41डैश द लर्निंग प्रोसेस। लिखा हुआ है
- 8:34:43टीचर्स जो है उनको भी ट्रेन करना चाहिए कि
- 8:34:45वो टेक्नोलॉजी को इंटीग्रेट करे क्लासरूम
- 8:34:47में। यह निश्चित करते हुए कि इससे चीजें
- 8:34:51इनस हो, इससे चीजें बेहतर हो। रेदर देन
- 8:34:54डैश। अच्छा देखो रेदर देन जो है जैसे एंड
- 8:34:57दो बराबर की चीजों को जोड़ता है। रेदर देन
- 8:34:59तो दो कंट्रास्टिंग चीजों को जोड़ता है।
- 8:35:01तो यहां क्या लिखा पता है? इससे चीजें
- 8:35:02बेहतर हो ना कि डैश हो। तो यहां पे तो
- 8:35:06नेगेटिव वर्ड होना चाहिए। और एनहांस का
- 8:35:07उल्टा होना चाहिए। समझ पा रहे हो ना मेरी
- 8:35:09बात? आइए। इससे प्रोसेस एनहांस हो ना कि
- 8:35:13डिसररप्ट हो जाए। मतलब इससे पढ़ाई बेहतर
- 8:35:15हो ना कि पढ़ाई खराब हो जाए। इससे इन ये
- 8:35:19एनहांस करें ना कि इग्नोर करे। पढ़ाई को
- 8:35:21इग्नोर कैसे करेंगे? देखो कॉन्टेक्स्ट
- 8:35:22समझना। यहां पे क्या बोला जा रहा है?
- 8:35:24टीचर्स को ट्रेन किया जाए कि वो
- 8:35:26टेक्नोलॉजी को इफेक्टिवली इंटीग्रेट करे
- 8:35:28क्लास रूम में जिससे ये इंश्योर हो कि जो
- 8:35:31टेक्नोलॉजी है वो एनहांस करे ना कि इग्नोर
- 8:35:35करे। टेक्नोलॉजी इग्नोर कैसे करेगी पढ़ाई
- 8:35:37को? ना कि रेप्लिककेट करें। रेप्लिकेट का
- 8:35:39मतलब होता है जो आपने कहा है उसको डबल
- 8:35:41डाउन करें। उसको रिपीट करें। ना कि उसको
- 8:35:44डिले करें। टेक्नोलॉजी डिले करेगी नहीं।
- 8:35:47डिसररप्ट इज द करेक्ट वर्ड। एनहांस का
- 8:35:49उल्टा यहां लिखना था जो कि डिसररप्ट है कि
- 8:35:51ये निश्चित करना है कि टेक्नोलॉजी जो है
- 8:35:53वो पढ़ाई को एनहांस करे ना कि लर्निंग
- 8:35:56प्रोसेस को वो डिग्रेड कर दे। लर्निंग
- 8:35:58प्रोसेस को डिसररप्ट कर दे। व्हेन यूज़्ड
- 8:36:00रिस्पांसिबिली जब रिसोंसिबली यूज़ किया
- 8:36:02जाता है डिजिटल एजुकेशन हैज़ द पोटेंशियल
- 8:36:05टू डैश बैरियर्स एंड ब्रिंग इक्विलिटी
- 8:36:07इंस्ट्रक्शन टू इवन द मोस्ट रिमोट
- 8:36:09कॉर्नर्स ऑफ़ द वर्ल्ड। जब ढंग से यूज किया
- 8:36:11जाता है ना तो डिजिटल टेक्नोलॉजी की ये
- 8:36:13ताकत है कि वो सारे बैरियर्स को डैश
- 8:36:15करेगा। क्या करेगा? बैरियर्स को? बैरियर्स
- 8:36:18को तोड़ेगा। है ना? सारे परेशानियों को
- 8:36:20तोड़ेगा। तो तोड़ने जैसा कुछ होना चाहिए।
- 8:36:22स्ट्रेंथन करेगा। डिजिटल टेक्नोलॉजी में
- 8:36:25ये ताकत है कि वो सारे परेशानियों को
- 8:36:28मजबूत बनाएगा। हैं? रीइंफोर्स मजबूत बनाना
- 8:36:31नहीं हो सकता। ब्रेक करेगा चैलेंज करेगा।
- 8:36:33चैलेंज नहीं ब्रेक इज द करेक्ट वर्ड। कि
- 8:36:35वो सारे बैरियर बैरियर्स को ब्रेक करेगा
- 8:36:38और वो क्वालिटी इंस्ट्रक्शन जो है वो लेके
- 8:36:40जाएगा रिमोट ए कॉर्नर्स ऑफ द वर्ल्ड में
- 8:36:42भी। बट फॉर इट टू बी ट्रूली इफेक्टिव
- 8:36:46स्टूडेंट्स मस्ट स्टे डिसिप्लिंड,
- 8:36:48मोटिवेटेड एंड डैश इन देयर लर्निंग जर्नी।
- 8:36:50लेकिन इस चीज के बेहतरी के लिए स्टूडेंट्स
- 8:36:53का डिसिप्लिन रहना जरूरी है। पॉजिटिव बात
- 8:36:55है। मोटिवेटेड रहना जरूरी है। पॉजिटिव बात
- 8:36:58है और डैश रहना जरूरी है। तो डिसिप्लिन
- 8:37:00पॉजिटिव है, मोटिवेटेड पॉजिटिव है। तो
- 8:37:02यहां पे भी तो कोई पॉजिटिव वर्ड आना
- 8:37:03चाहिए। उसके लिए क्या जरूरी है? पॉजिटिव
- 8:37:05वर्ड आना चाहिए। पैसिव रहना जरूरी है कि
- 8:37:08वह ऐसे मतलब ले बैक रहे कि हां ठीक है
- 8:37:10पढ़ाई होगा। मैं थोड़ा सो लेता हूं। ऐसे
- 8:37:12रहना जरूरी नहीं है। डिसइंगेज्ड मतलब उनको
- 8:37:15बिल्कुल भी कनेक्टेड फील ना हो पढ़ाई से।
- 8:37:16पॉजिटिव वर्ड चाहिए हमें। फोकस्ड रहना
- 8:37:18जरूरी है। डिलेड देर से आना जरूरी है।
- 8:37:20आंसर क्या होगा? फोकस्ड रहना जरूरी है।
- 8:37:22राइट? यह भी पैसेज काफी आसान था।
- 8:37:27तो, हमने इस वीडियो में पांच पैसेज किए
- 8:37:30हैं सीपीओ के पूछे हुए। जिसमें से तकरीबन
- 8:37:34तकरीबन दो पैसेज दो नहीं एक पैसेज
- 8:37:37डिफिकल्ट था। बहुत डिफिकल्ट था। एक पैसेज
- 8:37:41अच्छा लेवल का था और तीन पैसेज ईजी लगे
- 8:37:44मुझे। है ना? चलो ये सारा वोकैब है।
- 8:37:48होपफुली आपको सारे पैसेजेस समझ आ गए हैं।
- 8:37:51इसके आगे के जो क्लोज टेस्ट हैं कुल मिला
- 8:37:54के आई थिंक 11 या 12 क्लोज टेस्ट पूछे गए
- 8:37:57थे। पांच हमने इसमें कवर किए हैं। रेस्ट
- 8:37:59जो क्लोज टेस्ट है वो आगे की वीडियोस में
- 8:38:00आएंगे। तब तक के लिए हमेशा की तरह जो
- 8:38:02बोलता हूं वो फिर से बोलूंगा। जितना हो
- 8:38:05सके उतना रीडिंग करिए। वोकैब पे बहुत खास
- 8:38:08ध्यान रखिए। जब भी कोई टीचर मैं पढ़ाऊं या
- 8:38:10कोई पढ़ाए एडिटोरियल के वोकैब्स पढ़ाते
- 8:38:12हैं तो उनको जरूर पढ़िएगा। क्योंकि अगर
- 8:38:14एग्जाम में पेपर डिफिकल्ट हुआ तो उसमें
- 8:38:17एडिटोरियल वाले वोकैब डालने का डर रहता है
- 8:38:19और वही प्रीवियस एग्जाम में हुआ था या
- 8:38:21किसी भी ऐसे पेपर में जिसमें डिफिकल्ट
- 8:38:23पेपर आया हो यही होता है ग्रामर को
- 8:38:25डिफिकल्ट शायद ही किया जा सकता है
- 8:38:27डिफिकल्ट करने का मतलब होता है वोकैब और
- 8:38:28कंप्रहशन को डिफिकल्ट करना जिसका बहुत
- 8:38:30बड़ा हिस्सा होता है एडिटोरियल का वोकैब
- 8:38:32तो उनको ढंग से पढ़िए मिलेंगे अगले वीडियो
- 8:38:34में अपना बहुत ध्यान रखिए पढ़ाई करते रहिए
- 8:38:36हैव ए नाइस एवरीवन थैंक यू फॉर बीइंग वि
- 8:38:38मी
- 8:38:40क्लोज टेस्ट के अगले वीडियो में आपका
- 8:38:41स्वागत है इस सीरीज में हम कवर कवर कर रहे
- 8:38:44हैं सीजीएल 2024 में पूछे गए जो मॉडरेट टू
- 8:38:47टफ लेवल क्लोज टेस्ट थे उनका एनालिसिस।
- 8:38:50इसके पहले ऑलरेडी हम लोग एक पार्ट कवर कर
- 8:38:53चुके हैं। ये उसका पार्ट टू है। पिछले
- 8:38:55पार्ट में हम लोगों ने छह क्लोज टेस्ट कवर
- 8:38:57किए थे जो ऑलमोस्ट टफ लेवल के थे। इस
- 8:39:00वीडियो में भी हम कोशिश करेंगे जो मॉडरेट
- 8:39:01टू टफ लेवल वाले क्लोज टेस्ट है उनको कवर
- 8:39:03किया जाए। विदाउट एनी डिले शुरू करते हैं।
- 8:39:07अब जो बच्चा ऑलरेडी मुझसे पढ़ रहा है
- 8:39:08उन्हें यह बात पता है कि मैं क्लोज टेस्ट
- 8:39:10कैसे बनाता हूं। जो बच्चे नए आए हैं, पहली
- 8:39:12बार यह वीडियो देख रहे हैं, जल्दी से मैं
- 8:39:14बता दूं। क्लोज टेस्ट को हमेशा मेरे हिसाब
- 8:39:17से दो बार पढ़ना चाहिए। फर्स्ट टाइम हम जब
- 8:39:19पढ़ते हैं, तो हमेशा हम ये देखते हैं कि
- 8:39:21सेंटेंस का टोन क्या है? जो पैसेज है,
- 8:39:23उसकी समरी क्या है? किस तरीके से उसका
- 8:39:26प्रोग्रेशन है? ये सारी चीजें हम पकड़ते
- 8:39:28हैं। दूसरी बार हम जब पढ़ते हैं तो हम
- 8:39:30आंसर चेक करते हैं। मतलब जब मैं फर्स्ट
- 8:39:32टाइम रीडिंग करूंगा तो मैं उसको एज अ
- 8:39:33ब्लैंक पढूंगा। मैं वहां आंसर ढूंढने की
- 8:39:35कोशिश नहीं करूंगा। जब हम दूसरी बार क्लोज
- 8:39:37टेस्ट बनाएंगे तब हम आंसर फिल अप करने के
- 8:39:39लिए क्वेश्चंस को पढ़ेंगे। ठीक है? अब
- 8:39:42जैसा हर वीडियो में मैं बोलता हूं यहां पे
- 8:39:44आपको वीडियो को पॉज करना है। पॉज करके
- 8:39:46पहले ट्राई कर लेना है। फिर मेरा स्यूशन
- 8:39:49देखना है। ठीक है? मैं अस्यूम करके चल रहा
- 8:39:51हूं। आपने ट्राई कर लिया है। अब मैं जल्दी
- 8:39:53से एक बार इसको पढ़ लेता हूं समरी समझने
- 8:39:55के लिए। तो क्या लिखा है कि आजादी का अमृत
- 8:39:58महोत्सव इज एन डैश बाय द गवर्नमेंट ऑफ
- 8:40:01इंडिया टू सेलिब्रेट एंड रिमेंबर 75 इयर्स
- 8:40:05ऑफ इंडिपेंडेंस एंड द ब्यूटीफुल हिस्ट्री
- 8:40:07ऑफ इट्स पीपल कल्चर एंड अचीवमेंट्स। लिखा
- 8:40:10है कि आजादी का अमृत महोत्सव जो है वो
- 8:40:14गवर्नमेंट ऑफ इंडिया के द्वारा डैश किया
- 8:40:17गया है सेलिब्रेट करने के लिए और 75 साल
- 8:40:21जो हमारे आजादी के हुए हैं उसको याद करने
- 8:40:23के लिए और साथ ही साथ में जो हमारा
- 8:40:26खूबसूरत इतिहास है लोगों का कल्चर का
- 8:40:28अचीवमेंट्स का उसको याद करने के लिए। ठीक
- 8:40:31है? दिस महोत्सव इज डैश टू द पीपल ऑफ
- 8:40:35इंडिया हु हैव नॉट ओनली बीन इंस्ट्रूमेंटल
- 8:40:38इन ब्रिंगिंग इंडिया दिस फार इन इट्स
- 8:40:40इवोल्यूशनरी जर्नी लिखा है कि ये जो
- 8:40:42महोत्सव है ये डैश किया जा रहा है भारत के
- 8:40:45लोगों के द्वारा उनको डैश करने के लिए
- 8:40:47यहां पे जो भी ब्लैंक होता जिन लोगों ने
- 8:40:50हमारे भारत को यहां तक पहुंचाने में बहुत
- 8:40:52अहम किरदार निभाया है। इंस्ट्रूमेंटल का
- 8:40:55मतलब होता है इंपॉर्टेंट। तो जो जिन लोगों
- 8:40:58ने बहुत इंस्ट्रूमेंटल रोल प्ले किया है।
- 8:41:00व्हिच मींस जो लोग बहुत महत्वपूर्ण रहे
- 8:41:02हैं। भारत उन 1947 से लेकर 2023 तक जब
- 8:41:06आजादी का अमृत महोत्सव मनाया गया था तब से
- 8:41:09जो जर्नी थी भारत की उसके लिए जो बहुत
- 8:41:12महत्वपूर्ण लोग हैं उनको डैश किया। बट
- 8:41:15आल्सो बट आल्सो डैश द पावर एंड पोटेंशियल
- 8:41:19टू रियलाइज प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र
- 8:41:21मोदीस। उन्होंने ना ही सिर्फ डैश किया
- 8:41:23बल्कि एक और ब्लैंक है पावर और पोटेंशियल
- 8:41:27जो नरेंद्र मोदी जी अब यूज कर रहे हैं या
- 8:41:30रियलाइज कर रहे हैं या जो उन्हें चाहिए था
- 8:41:33डैश ऑफ एक्टिवेटिंग इंडिया 2.0 फ्यूल्ड
- 8:41:36बाय द स्पिरिट ऑफ आत्मनिर्भर भारत। ठीक
- 8:41:38है? भारत इंडिया 2.0 को एक्टिवेट करने के
- 8:41:42लिए या आत्मनिर्भर भारत की सोच लाने के
- 8:41:44लिए जो नरेंद्र मोदी जी को जो डैश चाहिए
- 8:41:47था वो लोगों ने किया। अब यहां ब्लैंक में
- 8:41:49क्या जा रहा है? अभी आपको आधा अधूरा लग
- 8:41:51रहा होगा पढ़ने में। ब्लैंक हम फिल अप
- 8:41:52करेंगे तब क्लियर मीनिंग निकल निकलेगा।
- 8:41:54ठीक है? आगे बढ़ेंगे। द फॉर्मल जर्नी ऑफ़
- 8:41:57आजादी का अमृत महोत्सव बिगेन ऑन 12th
- 8:41:59मार्च 202 जो फॉर्मल जर्नी थी आजादी का
- 8:42:01अमृत महोत्सव की वो 12 मार्च 2021 से शुरू
- 8:42:04हुई थी। बिगिनिंग एट डैश टू आवर 75 75th
- 8:42:07एनिवर्सरी ऑफ़ इंडिपेंडेंस एंड विल फिनिश अ
- 8:42:10ईयर लेटर ऑन 15th अगस्त 2023। लिखा है 12
- 8:42:13मार्च 2021 को यह शुरू हुआ था। उसमें उस
- 8:42:17दिन 75वें जो हमारी सालगिरह थी आजादी की
- 8:42:21उससे शुरू हुआ था और यह फिनिश होगा एक साल
- 8:42:23बाद 15 अगस्त 2023 को। राइट? अब हम यहां
- 8:42:27से क्या-क्या चीजें समझ सकते हैं। सबसे
- 8:42:29पहला इसका टोन पॉजिटिव है। राइट? यहां पे
- 8:42:33कहीं पे भी कोई नेगेटिव टर्म यूज़ नहीं
- 8:42:35किया गया। ना ही यहां पे ऐसा कुछ बोला गया
- 8:42:37है कि आजादी के अमृत महोत्सव के वजह से
- 8:42:39कुछ नेगेटिव इंपैक्ट आया या कुछ नकारात्मक
- 8:42:41हो गया। ऐसा कुछ नहीं है। मतलब सेंटेंस का
- 8:42:43टोन पॉजिटिव है। ठीक है? सबसे पहले तो
- 8:42:45हमें ये समझ में आए। दूसरा आप ये भी समझ
- 8:42:47गए हो कि ये किसी न्यूज़पेपर के आर्टिकल
- 8:42:49से उठाया गया है। एंड अगेन आई विल कम टू
- 8:42:51माय पॉइंट। आपको अगर रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन
- 8:42:54वाला पार्ट करना है तो आपके आपकी जो
- 8:42:55रीडिंग स्किल है वो स्ट्रांग होनी चाहिए।
- 8:42:57प्रेफरेबली आपको न्यूज़पेपर पढ़ना चाहिए।
- 8:42:59ठीक है? तो ये एक न्यूज़पेपर की कटिंग है।
- 8:43:01राइट? तो आप देख रहे होंगे लैंग्वेज भी
- 8:43:03इसका जो है वो ऐसा लग रहा है कि कोई फैक्ट
- 8:43:04बताया जा रहा है। जैसा नॉर्मली
- 8:43:06न्यूज़पेपर्स में होता है। ठीक है? चलो अब
- 8:43:08हम फिल अप करेंगे। एक-एक करके हम सारे
- 8:43:10ब्लैंक्स पे आएंगे। क्या ऑप्शन हुआ, क्या
- 8:43:12नहीं हुआ? मैं वो सब कुछ बताऊंगा। ठीक है?
- 8:43:14आराम से इत्मीनान से अपने-अपने आंसर मैच
- 8:43:16करते जाइएगा। जो नहीं समझ में आएगा आप
- 8:43:18कमेंट बॉक्स में डालेंगे। आपका जो भी
- 8:43:20कन्फ्यूजन होगा मैं कोशिश करूंगा वहां पे
- 8:43:21क्लियर कर देने का। अब क्या लिखा हुआ है
- 8:43:23कि आजादी का अमृत महोत्सव इज एन डैश।
- 8:43:26अच्छा ये एन देख के क्या पता चल रहा है
- 8:43:28हमें? हमें ये एन देख के तो यही अंदाजा लग
- 8:43:30रहा है कि आगे जो भी ब्लैंक में हम जो भी
- 8:43:33फिल अप करने वाले हैं वो किसी ना किसी
- 8:43:34वोवेल के साउंड से शुरू होना चाहिए। राइट?
- 8:43:37एन देख के तो यही पता लग रहा है। अब ऑप्शन
- 8:43:40चेक कर लो। एसोसिएट ए से स्टार्ट है।
- 8:43:42इनिशिएटिव आई से स्टार्ट है। ऑकल्ट ओ से
- 8:43:45स्टार्ट है। ऑब्लिगेशन ओ से स्टार्ट है।
- 8:43:47अच्छा ये चारों के चारों ऑप्शन वोवेल
- 8:43:48साउंड से स्टार्ट है। अब देखो इसलिए मैं
- 8:43:50बोल रहा हूं मॉडरेट टू टफ लेवल है। क्यों?
- 8:43:51क्योंकि अगर ये आसान क्वेश्चन करना होता
- 8:43:53एसएससी जैसे नॉर्मली प्री में पहले
- 8:43:55क्वेश्चन पूछा करती थी या जैसे और भी
- 8:43:56एग्जाम्स में आया है तो कोई एक ऑप्शन या
- 8:43:59मैक्स टू मैक्स दो ऑप्शन देता है जिसमें
- 8:44:01वर्बल से स्टार्ट है। इसमें चारों के
- 8:44:03चारों वर्बल से स्टार्ट है। इसका मतलब आप
- 8:44:04उस तरीके से तो ऑप्शन एलिमिनेट नहीं कर
- 8:44:05पाओगे। आपको मीनिंग समझना पड़ेगा। तो क्या
- 8:44:07लिखा हुआ है कि आजादी का अमृत महोत्सव इज
- 8:44:09एन डैश बाय द गवर्नमेंट ऑफ इंडिया। आजादी
- 8:44:12का एक अमृत महोत्सव जो गवर्नमेंट ऑफ
- 8:44:14इंडिया का डैश था सेलिब्रेट करने के लिए
- 8:44:1675 75वीं सालगिरह आजादी की। अब ये क्या था
- 8:44:19गवर्नमेंट ऑफ इंडिया का? ये गवर्नमेंट ऑफ
- 8:44:21इंडिया का एसोसिएट था। एसोसिएट का मतलब
- 8:44:23होता है जो आपके किसी काम में मदद करे।
- 8:44:25जैसे मैं कह रहा हूं कि ये मेरा एसोसिएट
- 8:44:27है। इसका मतलब वो मेरी वो मुझे हेल्प करने
- 8:44:29के लिए। तो गवर्नमेंट ऑफ इंडिया का ये
- 8:44:31एसोसिएट था। आजादी का अमृत महोत्सव उनकी
- 8:44:33मदद के लिए था। नहीं एक इनिशिएटिव था। यह
- 8:44:36हो सकता है कि आजादी का अमृत महोत्सव जो
- 8:44:38है यह भारत सरकार के द्वारा शुरू की गई एक
- 8:44:41मुहिम थी। एक इनिशिएटिव था ताकि 75वीं
- 8:44:44सालगिरह मनाए मनाई जा सके हमारी आजादी की।
- 8:44:47ये तो ठीक लग रहा है। अगला वर्ड है ऑकल्ट।
- 8:44:49ऑकल्ट का हिंदी मतलब क्या होता है? जादू
- 8:44:51टोना। जिन्हें नहीं पता लिख लीजिएगा।
- 8:44:52ऑकल्ट का मतलब होता है नकारात्मक शक्तियां
- 8:44:55या जादू टोना। तो मैं कह रहा हूं आजादी का
- 8:44:57अमृत महोत्सव एक जादू टोना है। भारत सरकार
- 8:45:00का कोई सेंस नहीं है और बहुत ही अब्रप्ट
- 8:45:03मीनिंग जा रहा है इसका। आगे बढ़ेंगे। एक
- 8:45:05ऑब्लिगेशन है भारत सरकार का। ऑब्लिगेशन का
- 8:45:08हिंदी मतलब क्या होता है? बाध्यता। हिंदी
- 8:45:10मतलब क्या होता है? बाध्यता। जब कोई चीज
- 8:45:13आपके ऊपर ऑब्लिगेशन लगाती है इसका मतलब वो
- 8:45:15आपको कंपेल करती है। वो आपको बाध्य करती
- 8:45:18है कोई काम करने के लिए। अब सोचो आजादी का
- 8:45:20अमृत महोत्सव मनाने के लिए क्या हमें
- 8:45:23बाध्य किया गया था? क्या ऐसा बोला गया था
- 8:45:25कि आजादी का अमृत महोत्सव मनाओ वरना फांसी
- 8:45:27दे देंगे तुम्हें? नहीं। ऐसा नहीं था।
- 8:45:29इसका मतलब ऑब्लिगेशन तो नहीं हो सकता। एक
- 8:45:31ही वर्ड सबसे सटीक लग रहा है इनिशिएटिव।
- 8:45:34दूसरा अभी मैंने बोला था कि अगर आप टोन
- 8:45:35पकड़ोगे तो बहुत हेल्प होगी। और ये मैं
- 8:45:37हमेशा बोलता हूं अगर आप टोन पकड़ोगे तो
- 8:45:39हमेशा हेल्प होगी। अब देखो यहां चकि
- 8:45:41पॉजिटिव बात की गई थी तो ऑकल्ट तो नेगेटिव
- 8:45:43मीनिंग है। तो ये तो हो नहीं सकता था।
- 8:45:45ऑब्लिगेशन नेगेटिव मीनिंग है। ये तो हो
- 8:45:46नहीं सकता था। तो दो ऑप्शन तो आप ऐसे ही
- 8:45:48काट लेते। अब होता क्या एसोसिएट है या
- 8:45:50इनिशिएटिव है? तो भाई ये कोई इंसान तो है
- 8:45:52नहीं जो एसोसिएट होगा। तो ये भी नहीं एक
- 8:45:54ही ऑप्शन बचता है इनिशिएटिव। आप इस तरीके
- 8:45:56से भी सोच सकते थे। ठीक है? आगे बढ़ेंगे।
- 8:45:59अब क्या लिखा हुआ था? द 75 इयर्स ऑफ़
- 8:46:00इंडिपेंडेंस एंड द ब्यूटीफुल हिस्ट्री ऑफ़
- 8:46:02इट्स पीपल कल्चर और अचीवमेंट। इनको मनाने
- 8:46:05के लिए लोगों को कल्चर को अचीवमेंट्स को
- 8:46:07मनाने के लिए हमने आजादी का अमृत महोत्सव
- 8:46:09सेलिब्रेट किया। दिस महोत्सव इज डैश टू बी
- 8:46:13द टू द पीपल ऑफ इंडिया हु हैव ध्यान
- 8:46:16दीजिएगा। नॉट ओनली बीन इंस्ट्रूमेंटल इन
- 8:46:18ब्रिंगिंग इंडिया दिस वार। यहीं तक पढ़ते
- 8:46:20हैं। मीनिंग समझते हैं। यह महोत्सव डैश
- 8:46:23किया गया था उन भारत के लोगों के लिए
- 8:46:27जिन्होंने बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
- 8:46:30भारत को इतनी दूर लाने में। सो भारत को
- 8:46:33इतनी दूर लाने में जिन लोगों ने
- 8:46:34महत्वपूर्ण भूमिका निभाई वो हमारे
- 8:46:36स्वतंत्रता सेनानी हो सकते हैं। वो आजादी
- 8:46:38के बाद हमारे बड़े लीडर्स हो सकते हैं।
- 8:46:40कोई सोशल वर्कर हो सकते हैं, कोई टीचर हो
- 8:46:42सकते हैं। है ना? कोई आर्टिस्ट हो सकते
- 8:46:44हैं। सब लोगों को सम्मानित किया गया आजादी
- 8:46:46का अमृत महोत्सव में। इसका मतलब यह है यह
- 8:46:48महोत्सव उन लोगों के लिए डैश था जिन लोगों
- 8:46:52ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तो क्या था ये
- 8:46:55दिस महोत्सव इज विथोल्ड विथोल्ड का मतलब
- 8:46:58होता है जो चीज आपको आगे बढ़ने से रोके जो
- 8:47:01चीज आपको बाध्य करे अगेन ये नेगेटिव
- 8:47:04मीनिंग है जबकि हमें लाइन पढ़ के अच्छे से
- 8:47:07समझ में आ रहा है कि कोई पॉजिटिव वर्ड
- 8:47:08होना चाहिए था अगर आप आजादी का अमृत
- 8:47:10महोत्सव किसी के लिए मना रहे हो तो आप तो
- 8:47:12उन्हें सम्मानित ही करोगे ना आप उन्हें
- 8:47:14बाध्य थोड़ी करोगे इसका मतलब विदुल तो
- 8:47:16नहीं होगा रिफ्यूज्ड अगेन नेगेटिव वर्ड
- 8:47:18है। नेगेटिव मीनिंग है कि आजादी का अमृत
- 8:47:20महोत्सव ने बोला कि नहीं भैया हम भगत सिंह
- 8:47:22को क्रेडिट नहीं देंगे या हम महात्मा
- 8:47:23गांधी को क्रेडिट नहीं देंगे या हम सुभाष
- 8:47:25चंद्र बोस नेताजी को क्रेडिट नहीं देंगे।
- 8:47:26ऐसी तो कोई बात नहीं थी। ये तो बकायदा
- 8:47:28उनके सम्मान के लिए था। तो रिफ्यूज तो
- 8:47:30नहीं हो सकता। अगला वर्ड है डेडिकेटेड।
- 8:47:33ठीक है? दिस महोत्सव इज डेडिकेटेड टू द
- 8:47:35पीपल ऑफ इंडिया। बिल्कुल सटीक बैठ रहा है।
- 8:47:37और अगर आप थोड़ा बहुत भी रीडिंग करते हो,
- 8:47:38थोड़ी बहुत भी इंग्लिश सुनते हो, सीखते हो
- 8:47:40तो आपको ये बात पता होगा कि जब भी हम कुछ
- 8:47:42बड़ा करते हैं, कोई प्रोग्राम करते हैं और
- 8:47:44किसी के याद में करते हैं तो वहां पे
- 8:47:46आमतौर पर डेडिकेटेड वर्ड लगता है। जैसे जब
- 8:47:48कोई मेडल जीतता है, कोई कोई प्राइज जीतता
- 8:47:50है, रिवॉर्ड जीतता है, अवार्ड जीतता है तो
- 8:47:52वो कहता है दिस इज़ डेडिकेटेड टू एक्स वाई
- 8:47:54जेड। डेडिकेटेड मतलब मैं उनके लिए उनको ये
- 8:47:56उनके सम्मान में ये रखता हूं। सो यहां पे
- 8:47:59डेडिकेटेड वर्ड सबसे सही लग रहा है।
- 8:48:00अच्छा, अगला वर्ड है एलियनेटेड। एलियनेट
- 8:48:02का मतलब होता है अपने आप से दूर कर लेना।
- 8:48:05प्रीवियस ईयर क्वेश्चन है। वन वर्ड में
- 8:48:06एसएससी ने बहुत बार पूछा है। मार्क कर
- 8:48:07लेना कॉपी पे नोट बना लेना। एलिनेटेड क्या
- 8:48:10होता है? एलिनेट का मतलब होता है टू टर्न
- 8:48:12फ्रेंड्स इनू एनिमीज़। किसी दोस्त को
- 8:48:15दुश्मन में बदल देना या आसान भाषा में
- 8:48:17बोलूं। किसी को अपने आप से दूर कर देना।
- 8:48:19किसी से रिश्ते खराब कर लेना। उसको
- 8:48:20एलियनेट कहा जाता है। ठीक है? इस वर्ड को
- 8:48:23याद करना बहुत आसान है। आपको आप कहीं से
- 8:48:25जा रहे थे। कोई मिल गया कि जादू की तरह
- 8:48:27आपको एक एलियन दिख गया। अब जैसे आपने उस
- 8:48:29एलियन को देखा आपकी हालत खराब हो गई।
- 8:48:31पसीने छूट गए क्योंकि वो देखने में बड़ा
- 8:48:33अजीब सा था। तो आपने क्या किया? आपने उसको
- 8:48:35खुद से दूर कर लिया कि मेरे नजदीक मत आना।
- 8:48:37सो एलियन से एलिनेटेड वर्ड याद रखना।
- 8:48:39एलियनेटेड का मतलब होता है किसी को अपने
- 8:48:41से दूर कर देना। अब ये टर्म क्या हम लोग
- 8:48:43यहां पे फिट बैठाएंगे? एक तो ये नेगेटिव
- 8:48:45वर्ड है। दूसरा हम महोत्सव में क्या कह
- 8:48:47रहे थे कि हमारा कोई लेना देना नहीं हमारे
- 8:48:48स्वतंत्रता सेनानियों से। नहीं नहीं नहीं।
- 8:48:50ये नहीं है। फिर तो एक ही बचता है।
- 8:48:52डेडिकेटेड। क्लियर है क्या? आगे बढ़ेंगे
- 8:48:54यहां से। लिखा है कि उन स्वतंत्रता
- 8:48:56सेनानियों के लिए हु हैव बीन
- 8:48:58इंस्ट्रूमेंटल इन ब्रिंगिंग इंडिया दिस
- 8:49:00फार इन इट्स इवोल्यूशनरी जर्नी बट आल्सो
- 8:49:03डैश द पावर एंड पोटेंशियल टू रियलाइज कह
- 8:49:06रहा है कि आजादी का अमृत महोत्सव अब तो
- 8:49:07मैं यहां बिठा सकता हूं ना तो मैं यहां
- 8:49:08डेडिकेटेड लिख देता हूं ताकि आप पूरा
- 8:49:10पैसेज कंप्लीट हो आपको मीनिंग मैं समझा
- 8:49:12पाऊं। तो क्या लिखा हुआ है कि ये जो
- 8:49:13महोत्सव है ये डेडिकेटेड था या डेडिकेट
- 8:49:16किया गया उन लोगों के लिए भारत के जो बहुत
- 8:49:19जिन्होंने बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
- 8:49:21भारत को यहां तक लाने में ना ही सिर्फ
- 8:49:24महत्वपूर्ण भूमिका निभाई बल्कि उन्होंने
- 8:49:27वो पावर और पोटेंशियल भी डैश किया प्राइम
- 8:49:30मिनिस्टर नरेंद्र मोदी को उन्होंने मतलब
- 8:49:32किन्होंने किन्होंने पावर और पोटेंशियल
- 8:49:34डेड यहां पे रियलाइज करवाया प्राइम
- 8:49:36मिनिस्टर को या उनको वो प्रदान किया
- 8:49:37किन्होंने किया यहां पे किसका जिक्र किया
- 8:49:39जा रहा है देखो यहां पे ध्यान से मेरी बात
- 8:49:40सुनना थोड़ा सा ग्रामर है बहुत बारीक है।
- 8:49:43बहुत आराम से मेरी बात को समझना। क्या
- 8:49:44लिखा हुआ था कि हु हैव नॉट ओनली। अब मैं
- 8:49:46क्या ये बोलूं अगर आपने रिलेटिव प्रोनाउन
- 8:49:48का कांसेप्ट पढ़ा है प्रोनाउन में। अगर
- 8:49:50मैं ये बोलूं कि आगे जो भी है आगे जो भी
- 8:49:53है वो इस हु के लिए आ रहा है। उसका
- 8:49:55एंटीिसिडेंट ये सॉरी उसका सब्जेक्ट ये हु
- 8:49:57है। मतलब मैं ये कह रहा हूं कि जो लोग
- 8:49:59लेकर आए थे भारत को इतनी दूर तक जो मतलब
- 8:50:04कौन लोग? ये हु का एंटीिसिडेंट कौन है? ये
- 8:50:06हु का एंटीिसिडेंट है पीपल ऑफ इंडिया। यह
- 8:50:09पूरा का पूरा एडजेक्टिवल क्लॉज़ है। जहां
- 8:50:11पर आप किसी की किसी के बारे में बता रहे
- 8:50:13हो या किसी की तारीफ कर रहे हो। ठीक है?
- 8:50:15तो क्या लिखा हुआ था कि यह महोत्सव उन
- 8:50:18लोगों को डेडिकेटेड था जो लोग फिर से बोल
- 8:50:21रहा हूं ध्यान से सुनना। उन लोगों को
- 8:50:23डेडिकेटेड था जो लोग बहुत इंस्ट्रूमेंटल
- 8:50:27थे भारत को यहां तक लाने में। अभी हम
- 8:50:29किसकी बात कर रहे हैं? उन लोगों की। मतलब
- 8:50:32हमारा सब्जेक्ट अभी भी क्या चल रहा है?
- 8:50:33पीपल चल रहे हैं। आगे ना ही सिर्फ वो भारत
- 8:50:36को यहां तक लेकर आए थे बल्कि उन्होंने
- 8:50:39नरेंद्र मोदी जी हमारे जो प्राइम मिनिस्टर
- 8:50:41है उनको यह पावर भी डैश किया था
- 8:50:44किन्होंने? पीपल ने। इसका मतलब ये बट
- 8:50:47आल्सो के बाद जो भी वर्ब हम यहां पे डालने
- 8:50:49वाले हैं। मैं क्यों बोल रहा हूं वर्ब
- 8:50:51डालने वाले हैं? क्योंकि नॉट ओनली के बाद
- 8:50:52भी वर्ब था। ठीक है? हालांकि ये नॉट ओनली
- 8:50:55का पोजीशन गलत है। इसको हैव के पहले होना
- 8:50:56चाहिए था। ग्रामेटिकल एरर है। पर मैं कहना
- 8:50:58ये चाह रहा हूं कि नॉट ओनली के साथ भी
- 8:51:00वर्ब है तो बट आल्सो के साथ भी वर्ब आएगा।
- 8:51:01अगर आप ऑप्शन देखोगे तो ऑब्टेंस, पोज़ेस,
- 8:51:05कंक्लूड्स, क्लेरिफाई चारों वर्ब है। इसका
- 8:51:07मतलब यहां पे तो डेफिनेटली वर्ब आने वाला
- 8:51:09है। अच्छा ये जो वर्ब है इसका सब्जेक्ट
- 8:51:11कौन है? हु। हु का एंटीजेंट कौन है? पीपल।
- 8:51:13मतलब अभी भी हम किसकी बात कर रहे हैं?
- 8:51:14लोगों की बात कर रहे हैं। अब जो मैं बोल
- 8:51:16रहा हूं सुनना बहुत ध्यान से। अभी समझ में
- 8:51:17आएगा। मैं क्यों तब से 2 मिनट से बोल रहा
- 8:51:19हूं? ध्यान से सुनो। ध्यान से सुनो। पीपल
- 8:51:22सब्जेक्ट सिंगुलर या प्लूरल। 110% प्लूरल।
- 8:51:27जो वर्ब आएगा इसके लिए सिंगुलर होगा या
- 8:51:29प्लूरल होगा? होगा 110% प्लुरल होगा।
- 8:51:31व्हिच मींस यहां पे हम जो भी वर्ब फिल अप
- 8:51:34करने वाले हैं वो प्लूरल होना चाहिए अपने
- 8:51:35नेचर से। वो प्लूरल होना चाहिए अपने नेचर
- 8:51:38से। ध्यान से सुनना। ऑब्टेंस वर्ब का
- 8:51:40पांचवा फॉर्म है। सिंगुलर होता है। पोज़ेस
- 8:51:43वर्ब का पहला फॉर्म है। प्लुरल होता है।
- 8:51:45कंक्लूड्स वर्ब का पांचवा फॉर्म है।
- 8:51:47सिंगुलर होता है। क्लेरिफाई वर्ब का
- 8:51:49पांचवा फॉर्म है। सिंगुलर होता है। कट
- 8:51:51गया। कट गया। कट गया। आंसर कौन सा है?
- 8:51:54ऑप्शन नंबर टू। बोलो समझे कि नहीं समझे?
- 8:51:57मजा आया कि नहीं आया? अगर ध्यान से सुन
- 8:51:59रहे थे तो कनेक्ट कर पाए होंगे। नहीं
- 8:52:01कनेक्ट कर पाए तो कमेंट में बोलना। मैं
- 8:52:02फिर से बता दूंगा कमेंट में। ठीक है? कि
- 8:52:04मैं क्या बोलना चाह रहा था। होपफुली समझ
- 8:52:06में आ गया है। आगे बढूंगा मैं यहां से।
- 8:52:08थोड़ा सा स्ट्रीट स्मार्ट मैं बार-बार
- 8:52:09कहता हूं थोड़ा सा स्ट्रीट स्मार्ट पेपर
- 8:52:10में होना पड़ेगा। ठीक है? बिल्कुल ऐसे
- 8:52:13मतलब रटंतु विद्या वाला चीज एग्जाम में तो
- 8:52:16काम नहीं आता। थोड़ा सा स्ट्रीट
- 8:52:18स्मार्टनेस चाहिए। ठीक है? आगे बढ़ेंगे।
- 8:52:20लिखा है द पावर एंड पोटेंशियल ऑफ रियलाइज़
- 8:52:22प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदीस डैश। अच्छा
- 8:52:24यहां नरेंद्र मोदीस लिखा हुआ है। राइट?
- 8:52:26एपॉस्टोफी एस है। तो मान लो मैं कहता हूं
- 8:52:29राम का घर जगह की कमी है तो छोटा-छोटा लिख
- 8:52:32रहा हूं। पढ़ लेना। मैं कह रहा हूं राम का
- 8:52:34घर तो राम्स हाउस बोलते हैं। एपॉस्टोफी एस
- 8:52:37जैसा लगा। एक बात तो समझ आ गई कि इसके बाद
- 8:52:38जो भी वर्ड आएगा वो एक नाउन होगा जिसके
- 8:52:41ऊपर हम अधिकार दिखाना चाह रहे हैं। अगर हम
- 8:52:43यहां नरेंद्र मोदीज़ बोल रहे हैं तो यहां
- 8:52:44पे डेफिनेटली कोई ना कोई नाउन आना चाहिए।
- 8:52:47राइट? ऑप्शन पे आओ। नरेंद्र मोदीज़ विज़न।
- 8:52:50विज़न मतलब होता है सपना जो आप एक सपना भी
- 8:52:53नहीं बोलेंगे। एग्ज़ैक्टली ड्रीम से थोड़ा
- 8:52:54ज्यादा। आपको पता है जो हो जाएगा वह आपका
- 8:52:56विज़न है। किसी चीज़ को लेके आपकी सोच है।
- 8:52:58ठीक है? नरेंद्र मोदीज़ कंट्रोल नाउन है।
- 8:53:01नरेंद्र मोदीज़ डिज़ाइन नाउन है। नरेंद्र
- 8:53:03मोदी ग्राफिक्स नाउन है। देखो चार ऑप्शन
- 8:53:05नाउन है। फिर से वही बात है। अगर ये सिंपल
- 8:53:07क्वेश्चन करना होता तो तीन वर्ब देता, एक
- 8:53:09नाउन देता, हम तुरंत आंसर कर लेते। पर
- 8:53:10बढ़िया सवाल है। ठीक है? मैं बस ये आपको
- 8:53:12रूल बता रहा हूं। मैं ये बता रहा हूं कि
- 8:53:14कहां-कहां पे स्ट्रीट, स्मार्टनेस लग सकता
- 8:53:16है। राइट? जैसे यहां पे लग सकता था। अगर
- 8:53:18ऑप्शन में कहीं पे प्रोनाउन, वर्ब,
- 8:53:20एडजेक्टिव यह दिया तो हम फटाक से काटते
- 8:53:22उसको। समझ रहे हो ना बात को? अब देखो अब
- 8:53:24नाउन है तो इसका मतलब मीनिंग से बनाना
- 8:53:26पड़ेगा। चारों के चारों नाउन है। कोई बात
- 8:53:27नहीं मीनिंग से बना लेंगे। तो नरेंद्र
- 8:53:29मोदी जी का जो भारत 2.0 इंडिया 2.0 और
- 8:53:32आत्मनिर्भर भारत का जो सपना था वो डैश
- 8:53:35हुआ। वो क्या था? नरेंद्र मोदी विज़न उनका
- 8:53:38सोच उनकी सोच उनका सपना। नरेंद्र मोदीस
- 8:53:41कंट्रोल मोदी जी का जो कंट्रोल था
- 8:53:43आत्मनिर्भर भारत का या इंडिया 2.0 का?
- 8:53:46नरेंद्र मोदी का कंट्रोल था। कोई सेंस
- 8:53:47नहीं है। नरेंद्र मोदी जी का जो डिज़ाइन था
- 8:53:49इंडिया 2.0 ये डिज़ नहीं था। नरेंद्र मोदी
- 8:53:52जी का ग्राफिक्स था। ये तो इरिलवेंट बात
- 8:53:54है। ग्राफिक्स तो हो ही नहीं सकता। एक ही
- 8:53:55चीज यहां फिट बैठ रहा है कि उनका जो विज़न
- 8:53:57था इंडिया 2.0 को लेके या जो आत्मनिर्भर
- 8:54:00भारत को लेके उसको फ्यूल किया गया। ठीक
- 8:54:02है? आगे बढ़ेंगे। द फॉर्मल जर्नी ऑफ़ आजादी
- 8:54:04का अमृत महोत्सव बिगेन ऑन 12th मार्च
- 8:54:072021। जो फॉर्मल जर्नी थी वो कब से शुरू
- 8:54:09हुई? वो 12 मार्च 2021 से शुरू हुई।
- 8:54:11बिगिनिंग अ डैश और वहां से शुरुआत हुई एक
- 8:54:14डैश की बिगिनिंग अ डैश टॉ 75th एनिवर्सरी
- 8:54:18ऑफ़ इंडिपेंडेंस। वहां से शुरुआत हुई 75वीं
- 8:54:21सालगिरह मनाने की। वहां से शुरुआत हुई
- 8:54:24बिगिनिंग अ डैश बिगिनिंग अ कस्टम। वहां से
- 8:54:26रिवाज की शुरुआत हुई 75वीं एनिवर्सरी।
- 8:54:29कस्टम का मतलब क्या होता है? जो किसी
- 8:54:30सोसाइटी के नियम कानून होते हैं उनको
- 8:54:32कस्टम कहा जाता है। जो हर बार फॉलो होंगे।
- 8:54:34क्या हर बार हम 75वीं सालगिरह मनाएंगे?
- 8:54:36नहीं ना? कस्टम तो नहीं हो सकता। एलोकेशन
- 8:54:39का मतलब होता है किसी व्यक्ति को कुछ
- 8:54:41आवंटन करना, कुछ प्रदान करना। तो कह रहे
- 8:54:44हैं 12 मार्च 2021 से आजादी के 75वीं
- 8:54:47सालगिरह का आवंटन किया गया। उसको एलोकेट
- 8:54:50किया गया। एलोकेट मतलब किसी को उधार दे
- 8:54:52रहे हो क्या? नहीं ना?
- 8:54:55उसका ब्रेकडाउन शुरू हुआ। ब्रेकडाउन मतलब
- 8:54:57होता है टूटना। तो आजादी टूटना शुरू हुआ।
- 8:54:59कोई सेंस नहीं है। उसका काउंट डाउन शुरू
- 8:55:01हुआ। ये हो सकता है। काउंट डाउन कहां
- 8:55:03बोलते हैं? जहां पे समय किसी चीज का शुरू
- 8:55:05हो। जैसे कहते हैं ना काउंट डाउन स्टार्ट
- 8:55:07हो गया है वर्ल्ड कप का। काउंट डाउन
- 8:55:09स्टार्ट हो गया है न्यू ईयर का। काउंट
- 8:55:11डाउन मतलब अभी से समय काउंट होना स्टार्ट
- 8:55:12हो गया है। तो ये तो बिल्कुल ठीक है। यहां
- 8:55:14समय की बात भी की गई थी। 12 मार्च 2021 15
- 8:55:16अगस्त 2023 तो काउंट डाउन शुरू हो गया।
- 8:55:18ठीक है? उम्मीद करता हूं आपको समझ में
- 8:55:20आया। बढ़िया था। मैं टफ तो नहीं बोलूंगा
- 8:55:23पर मॉडरेट से थोड़ा ऊपर था। ठीक है? कितने
- 8:55:26करेक्ट हुए ये आपको बताना भी है। राइट?
- 8:55:29कहां बताओगे? कमेंट सेक्शन में। चलो आएंगे
- 8:55:31अगले पैसेज पे। फिर से आप यहां पे पॉज
- 8:55:33करेंगे। अपना आंसर ट्राई करेंगे। फिर मेरा
- 8:55:36आंसर देखेंगे। चलो मैं उम्मीद करता हूं
- 8:55:39आपने ट्राई कर लिया। लिखा है कि
- 8:55:41अपीयरेंसेस मे नॉट रिवील द मैन। लिखा है
- 8:55:44अपीयरेंसेस। अपीयरेंस क्या होता है? आप
- 8:55:46जैसे दिखते हो जैसे आपका आउटलुक है वो
- 8:55:50अपीयरेंस कहलाता है। तो क्या लिखा है कि
- 8:55:52अपीयरेंसेस ना एक व्यक्ति को रिवील नहीं
- 8:55:55करते। रिवील का मतलब होता है दुनिया के
- 8:55:57सामने लेके आना। कोई राज खुलने को रिवील
- 8:55:59कहते हैं। तो लिखा है जो चेहरा है ना किसी
- 8:56:01इंसान का जिस किस्म से वो दिख रहा है वो
- 8:56:03कभी एक इंसान को रिवील नहीं करता। मतलब ये
- 8:56:06कह रहा है जो एक कहावत है इंग्लिश में
- 8:56:07लुक्स अ डिसेप्टिव। व्हिच मींस आप चेहरा
- 8:56:09देख के किसी व्यक्ति का अंदाजा नहीं लगा
- 8:56:11सकते। तो लिखा हुआ है कि अपीयरेंसेस मे
- 8:56:13नॉट रिवील द मैन। सो यू शुडंट मेक डैश
- 8:56:18अबाउट अ मैनस कैरेक्टर बेस्ड ऑन हाउ ही
- 8:56:21डैश। लिखा है इसलिए आपको कभी भी किसी
- 8:56:24व्यक्ति के चरित्र के बारे में डैश नहीं
- 8:56:27करना चाहिए। इस बेसिस पे कि वो कैसा डैश
- 8:56:31कर रहा है। पीपल स्माइल एंड स्माइल लोग
- 8:56:34मुस्कुराते रहते हैं और मुस्कुराते रहते
- 8:56:36हैं। येट प्रूव्ड टू बी डैश। लोग
- 8:56:38मुस्कुराते रहते हैं, मुस्कुराते रहते
- 8:56:40हैं। फिर भी पता चलता है कि वो डैश हैं।
- 8:56:43ऑन द अदर हैंड जबकि दूसरी तरफ पीपल विद रफ
- 8:56:46एक्सटीरियर्स ऐसे लोग जो बहुत रफ एंड टफ
- 8:56:48दिखते हैं या ऐसे लोग जो बहुत गुड लुकिंग
- 8:56:51नहीं है जिनके फिजिकल फीचर्स उतने अच्छे
- 8:56:53नहीं है। प्रूव्ड टू बी डैश प्रूव्ड टू बी
- 8:56:55द डैश। वो लोग ऐसा साबित हो सकते हैं कि
- 8:56:58वो डैश हो। एंड मोस्ट कंसीडरेट पीपल
- 8:57:01कंसीडरेट का मतलब होता है काइंड। लिख लेना
- 8:57:03कंसीडरेट वन वर्ड में पूछा हुआ है एसएससी
- 8:57:05ने। ठीक है? प्रीवियस ईयर क्वेश्चन है।
- 8:57:07कंसीडरेट का मतलब होता है काइंड। दयालु
- 8:57:10मतलब होता है कि जिसमें आप एक ऐसे व्यक्ति
- 8:57:12हैं जो चीजों को कंसीडर करते हैं। उसको
- 8:57:15कंसीडरेट कहा जाता है। एग्जांपल के तौर पर
- 8:57:17अगर मान लो कि आपने बोला कि सर मैंने आपको
- 8:57:20कुछ होमवर्क दिया। आपने बोला सर मैं कल
- 8:57:22होमवर्क नहीं कर पाया। मेरी माताजी की
- 8:57:24तबीयत खराब थी। ठीक है? मैंने बोला नहीं
- 8:57:26क्लास के बाहर चले जाओ। एकदम बेवकूफ इंसान
- 8:57:28हो तुम। तुम बहाने मार रहे हो। क्या होता
- 8:57:30अगर मां की सेवा के लिए कोई और चला जाता
- 8:57:32तो मैं इनकंसीडरेट हूं। राइट? अगर मैं कह
- 8:57:35रहा हूं कोई बात नहीं हो जाता है। अगर
- 8:57:37प्रॉब्लम है घर में तो एक-द दिन की छुट्टी
- 8:57:39ले लो आराम से। पहले मां की देखभाल कर लो
- 8:57:41फिर आना क्लास। मैं कंसीडरेट हूं। अंतर
- 8:57:43समझ में आ गया दोनों में। सो कंसीडरेट का
- 8:57:45मतलब होता है काइंड हर्टेड। राइट? सो लिखा
- 8:57:47हुआ है कि आर एंड मोस्ट कंसीडरेट पीपल ऑन
- 8:57:50अर्थ। वो सबसे दयालु हो सकते हैं। दे आर द
- 8:57:53पीपल हु आर ब्यूटीफुल फ्रॉम डैश। वो वही
- 8:57:55ऐसे लोग होते हैं जो डैश से ब्यूटीफुल
- 8:57:59होते हैं। राइट? छोटा पैसेज है। अब देखो
- 8:58:03ये ना मॉडरेट के लेवल में है। क्यों?
- 8:58:05क्योंकि जितना छोटा पैसेज होगा मैं
- 8:58:07बार-बार कहता हूं। उतना मुश्किल है उसमें
- 8:58:08फिल अप करना। लंबी कहानी दे दो फिल अप
- 8:58:11करना आसान है। क्यों? क्योंकि आपको अंदाजा
- 8:58:12लग जाएगा कि ये पैसेज क्या बोल रहा है,
- 8:58:14किधर जा रहा है। अगर चार ही लाइन में पांच
- 8:58:16ब्लैंक दे दिया। इसका मतलब यह है कि आपको
- 8:58:18पूरा पूरा सेंटेंस समझ नहीं आएगा। हो सकता
- 8:58:20है एक ही लाइन में दो-दो ब्लैंक हो। तो
- 8:58:22वहां पर थोड़ा सा समझ के भरना पड़ता है।
- 8:58:24ठीक है? कुछ एक कंजशंस मदद करेंगे। कुछ एक
- 8:58:26एडवर्ब मदद करेगा बीच का। कैसे होगा वो भी
- 8:58:28वो भी मैं सिखाऊंगा इस पैसेज में। ध्यान
- 8:58:30से मेरी बात को सुनते जाना। क्या लिखा हुआ
- 8:58:32था कि अपीयरेंसेस मे नॉट रिवील द रिवील द
- 8:58:35मैन। अच्छा मैं टोन की भी अगर बात करूं तो
- 8:58:37ये टोन मिक्स टोन है। कहीं पॉजिटिव है,
- 8:58:39कहीं नेगेटिव है। थोड़ा सा नेगेटिव की तरफ
- 8:58:41इंक्लाइंड है ज्यादा। तो क्या लिखा हुआ है
- 8:58:43कि अपीयरेंसेस मे नॉट रिवील द मैन। लुक्स
- 8:58:45देख के आप किसी इंसान का अंदाजा नहीं लगा
- 8:58:48सकते। सो यू शुडंट मेक डैश अच्छा पहले
- 8:58:52लाइन से दूसरे लाइन को अगर हम कनेक्ट करें
- 8:58:54तो यहां पे क्या लिखा हुआ था कि चेहरा देख
- 8:58:56के आप किसी व्यक्ति का अंदाजा नहीं लगा
- 8:58:57सकते। तो आपको उस किसी व्यक्ति के बारे
- 8:59:01में डैश नहीं करना बहुत कीजिएगा। डैश नहीं
- 8:59:04करना चाहिए। शो यू शुड मेक डैश। शो यू
- 8:59:07शुडंट मेक असेंड अबाउट अ मैनस कररेक्टर।
- 8:59:10आपको किसी व्यक्ति के चरित्र के बारे में
- 8:59:13चढ़ाई नहीं करनी चाहिए। एसेंट का मतलब
- 8:59:16होता है चढ़ाई।
- 8:59:18कोई सेंस है? आपको किसी व्यक्ति के बारे
- 8:59:21में डेफिशिएंट नहीं होना चाहिए। मतलब
- 8:59:24डेफिशिएंट नहीं बनाना चाहिए। सबसे पहले तो
- 8:59:26डेफिशिएंट एडजेक्टिव है। ये तो ऐसे ही कट
- 8:59:29गया। अगर यहां पे डेफिशिएंसी होता तो हम 1
- 8:59:32मिनट के लिए आंसर सोच भी लेते क्योंकि मेक
- 8:59:34यहां का वर्ब है। इसके बाद हमेशा क्या
- 8:59:36आएगा? ऑब्जेक्ट आएगा जो कि नाउन होता है।
- 8:59:38ठीक है? सो यहां पे डेफिशिएंट तो ऐसा ही
- 8:59:40नहीं होगा। राइट? बट फिर भी डेफिशिएंट का
- 8:59:42मतलब होता है किसी चीज एक व्यक्ति जो किसी
- 8:59:44चीज की कमी से ग्रसित है उसको डेफिशिएंट
- 8:59:46कहते हैं। तो आपको किसी व्यक्ति के चरित्र
- 8:59:49के कमी के बारे में नहीं डैश करना चाहिए।
- 8:59:52कोई सेंस नहीं है इसका। मैं भी क्या बोल
- 8:59:53रहा हूं। एजम्पशनंस आपको किसी व्यक्ति के
- 8:59:56चरित्र के बारे में अंदाजा नहीं लगाना
- 8:59:58चाहिए। जरा पहले वाले लाइन से कनेक्ट करो
- 9:00:00तो क्या लिखा हुआ था? चेहरा देख के किसी
- 9:00:02इंसान के बारे में पता नहीं लगता। दूसरे
- 9:00:04में मैं फिट कर रहा हूं कि इसीलिए आपको
- 9:00:06किसी व्यक्ति के चरित्र के बारे में
- 9:00:07अंदाजा नहीं लगाना चाहिए। बिल्कुल ठीक बैठ
- 9:00:09रहा है यार। एजम्पशनंस तो हो सकता है। आगे
- 9:00:11बढ़ेंगे। डेरिवेशंस मतलब होता है उत्पत्ति।
- 9:00:14डेरिवेशंस मतलब ओरिजिन ऑफ समथिंग। राइट?
- 9:00:16हम लोग जैसे याद है 11 12th में मैथ्स में
- 9:00:18डिराइव करते थे फार्मूलाज़ या फिजिक्स में
- 9:00:20डिराइव करते थे फार्मूलाज़ थ्योरम्स। तो
- 9:00:23डिराइव का मतलब होता है उत्पत्ति निकालना।
- 9:00:25तो यहां पे क्या लिखा हुआ है कि इसीलिए
- 9:00:27आपको किसी व्यक्ति के चरित्र के बारे में
- 9:00:29उत्पत्ति नहीं निकालना चाहिए। कोई सेंस
- 9:00:31नहीं। सबसे सटीक तो यही बैठा कि अंदाजा
- 9:00:33नहीं लगाना चाहिए उसके चरित्र के बारे
- 9:00:35में। किसके ऊपर बेस्ड? बेस्ड ऑन हाउ ही
- 9:00:38डैश बेस्ड ऑन हाउ ही एडमिट्स। एडमिट्स का
- 9:00:41मतलब होता है गलती मानना। इस बेसिस पे कि
- 9:00:43वो गलती कितना मानता है। कोई सेंस नहीं
- 9:00:45है। क्या बोला गया? पहले लाइन से फिर से
- 9:00:47पढ़ रहा हूं कि चेहरा देख के इंसान का
- 9:00:48अंदाजा मत लगाओ। आपको उसके चरित्र के बारे
- 9:00:51में अंदाजा नहीं लगाना चाहिए। ठीक है? इस
- 9:00:54बेसिस पे कि वो कैसा एडमिट करता है। नहीं।
- 9:00:58इस बेसिस पे कि वो कैसा ग्लिटर करता है।
- 9:01:00ग्लिटर मतलब होता है चमकना। अब आप व्यक्ति
- 9:01:02के बारे में बात कर रहे हो तो चमकेगा
- 9:01:04कैसे? रंग थोड़ी है वो। ऑन द बेसिस ऑफ हाउ
- 9:01:06ही लुक्स। कह रहा है कि पहले मैं बोला कि
- 9:01:09अपीयरेंसेस जो है वो एक इंसान के बारे में
- 9:01:11ज्यादा कुछ रिवील नहीं करते। ज्यादा कुछ
- 9:01:13नहीं बताते। इसीलिए आपको एजमशन नहीं बनाना
- 9:01:15चाहिए एक व्यक्ति के चरित्र पे इस बेसिस
- 9:01:18पे कि वो कैसा दिखता है। हां ये तो ठीक
- 9:01:20है। अच्छा अगला है शोज़। शोज़ मतलब होता है
- 9:01:22दिखाना कि वो कैसा दिखाता है। इस बेसिस पे
- 9:01:24एजम्पशन नहीं बनाना चाहिए। सटीक है। कैसा
- 9:01:27दिखता है इस बेसिस पे एजम्पशनंस नहीं
- 9:01:29बनाना चाहिए। पीपल स्माइल एंड स्माइल। लोग
- 9:01:33मुस्कुराते रहते हैं और मुस्कुराते रहते
- 9:01:35हैं। येट प्रूव्ड टू बी डैश। ठीक है? चलो
- 9:01:38येट यहां पे यूज़ किया गया है। जब भी क्लोज
- 9:01:41टेस्ट मैं करता हूं लास्ट वाले पार्ट में
- 9:01:43आपको याद होगा कि मैंने दो चार एडवर्ब
- 9:01:45प्रपोजिशन का आपको मीनिंग बताया था जो
- 9:01:47हमेशा आपको परेशान करते हैं। उसी में मैं
- 9:01:49ऐड कर रहा हूं। येट बहुत बार क्लोज टेस्ट
- 9:01:51में यूज़ होगा और ये जब यूज़ होगा समझना
- 9:01:53लॉटरी निकल गई क्योंकि आंसर मिल जाएगा
- 9:01:54आपको। क्यों? येट का मतलब होता है फिर भी।
- 9:01:58ये यूज़ कहां पे किया जाता है? जगह की कमी
- 9:02:00है तो मैं थोड़ा क्लीन कर रहा हूं। ये यूज़
- 9:02:02कहां पे किया जाता है? ये यूज़ किया जाता
- 9:02:04है व्हेन यू आर ट्राइंग टू
- 9:02:07कनेक्ट टू कंट्रास्टिंग सेंटेंसेस। व्हिच
- 9:02:11मींस बहुत बारिश हो रही थी। इट वाज़ रेनिंग
- 9:02:13हैवली। येट एवरीवन केम। फिर भी सब लोग आए।
- 9:02:17आई डिडंट प्रिपेयर वेल फॉर माय एग्जाम्स।
- 9:02:19मैंने अच्छी तैयारी नहीं की एग्जाम के
- 9:02:20लिए। येट आई पास विद दिस विद विद
- 9:02:23डिस्टिंशन। मैं बहुत अच्छे नंबर से पास हो
- 9:02:24गया। तो बहुत बारिश हो रही थी। नेगेटिव
- 9:02:27बात है। फिर भी सब लोग आए पॉजिटिव बात है।
- 9:02:29राइट? मैंने अच्छी तैयारी नहीं की ये
- 9:02:31नेगेटिव बात है। मैं फिर भी पास हो गया।
- 9:02:33पॉजिटिव बात है। किससे जोड़ रहे हैं हम?
- 9:02:35येट से जोड़ रहे हैं। तो येट का मतलब होता
- 9:02:37है दो कंट्रास्टिंग चीजों को जो कनेक्ट
- 9:02:38करता है बट वाले लाइन में। ठीक है? अब
- 9:02:40यहां देखो क्या लिखा हुआ था कि लोग
- 9:02:42मुस्कुराते रहते हैं और मुस्कुराते रहते
- 9:02:44हैं। पॉजिटिव बात है। येट फिर भी बाद में
- 9:02:49ये पता चलता है या ये साबित होता है कि वो
- 9:02:51डैश है। इसका मतलब यहां पे कोई नेगेटिव
- 9:02:52वर्ड होना चाहिए। तभी तो यहां पे येट का
- 9:02:54यूज़ किया गया है। आ जाओ। लिखा है येट
- 9:02:56प्रूव्ड टू बी एक्सैटिक। एक्सैटिक का मतलब
- 9:02:58होता है फुल ऑफ एनर्जी। फुल ऑफ
- 9:03:00एंथूजियाज्म। जिस-जिस वर्ड का मतलब नहीं
- 9:03:02पता लिखते जाना कॉपी पे। ठीक है? बैठ के
- 9:03:05ऐसे सत्यनारायण भगवान की कथा की तरह ना
- 9:03:07हाथ जोड़ के मत बैठे रहना स्क्रीन के
- 9:03:08सामने। कॉपी और पेन लेके बैठो। बकायदा
- 9:03:10चीजों को नोट करो, पढ़ते रहो, नोट्स बनाओ।
- 9:03:13ठीक है? उसी तरीके से इंप्रूवमेंट आएगा।
- 9:03:15तो क्या लिखा हुआ है कि पीपल स्माइल एंड
- 9:03:16स्माइल। लोग मुस्कुराते रहते हैं और
- 9:03:18मुस्कुराते रहते हैं। फिर भी यह प्रूव
- 9:03:20होता है कि वो बहुत फुल ऑफ एनर्जी है।
- 9:03:22नहीं। फिर भी यह प्रूव होता है कि वो
- 9:03:24स्पार्कल कर रहे हैं। वो चमक रहे हैं।
- 9:03:25नहीं, यह भी तो पॉजिटिव हो जाएगा। मेरे को
- 9:03:27नेगेटिव वर्ड चाहिए। फिर भी ये प्रूव होता
- 9:03:29है कि वो बहुत खुश हैं। बहुत जॉयफुल है।
- 9:03:31जॉयफुल मतलब होता है फुल ऑफ जॉय। वि मींस
- 9:03:32खुशी से भरा हुआ। फिर भी पता चलता है कि
- 9:03:34वो बहुत ग्रंप है। ग्रंप का मतलब होता है
- 9:03:37एजिटेटेड इरिटेटेड। एक ऐसा व्यक्ति जो
- 9:03:40बहुत चिड़चिड़ा है। उसको बोलते हैं
- 9:03:41ग्र्पी। तो क्या लिखा हुआ है? लोग
- 9:03:43मुस्कुराते रहते हैं, मुस्कुराते रहते
- 9:03:45हैं। फिर भी बाद में पता चलता है या बाद
- 9:03:47में साबित होता है कि एक्चुअली बहुत
- 9:03:48इरिटेटेड थे उस वक्त पे। ऐसा होता है। हम
- 9:03:51सबके साथ होता है कि आपको फॉर्मेलिटी के
- 9:03:53लिए कहीं मुस्कुराना पड़ रहा है। पर अंदर
- 9:03:55से आप बड़े चिड़चिड़े हैं। अंदर बिल्कुल
- 9:03:56तूफान आया है। बाहर आप अपने आप को शांत
- 9:03:58दिखा रहे हैं। ठीक है? तो यहां पे वही
- 9:04:00बोला गया है कि आप चेहरा देख के अंदाजा मत
- 9:04:02लगाओ। लोग मुस्कुराते रहते हैं। जबकि अंदर
- 9:04:04से वो बड़े नाराज रहते हैं। बहुत ग्रम्पी
- 9:04:05रहते हैं। ठीक है? देखो पॉजिटिव नेगेटिव
- 9:04:07का कितना फायदा हुआ? तीन ऑप्शन पॉजिटिव
- 9:04:09थे। एक ऑप्शन नेगेटिव था। तुरंत आंसर आ
- 9:04:10गया। आगे बढ़ेंगे। ऑन द अदर हैंड। जबकि
- 9:04:13अच्छा ऑन द अदर हैंड हम कहां यूज़ करते
- 9:04:15हैं? जहां पर हम पहले जो भी हमने बात कही
- 9:04:18उसका कुछ उल्टा बोलने वाले हैं। जैसे कि
- 9:04:21मैं बहुत गरीब हूं। ऑन द अदर हैंड मेरा
- 9:04:23भाई बहुत अमीर है। सो ऑन द अदर हैंड कहां
- 9:04:26यूज़ कर रहे हैं? पहले वाले सेंटेंस को का
- 9:04:28एंटीथेसिस बता रहे हैं। व्हिच मींस पहले
- 9:04:30वाले सेंटेंस का नेगेटिव बता रहे हैं।
- 9:04:31उल्टा बता नेगेटिव नहीं बोलेंगे। उल्टा
- 9:04:33बता रहे हैं। कंट्रास्टिंग बता रहे हैं।
- 9:04:34सो अब कुछ कंट्रास्टिंग होने वाला है। तो
- 9:04:36पहले वाले में हमने क्या पढ़ा था कि लोग
- 9:04:38मुस्कुराते रहते हैं, मुस्कुराते रहते हैं
- 9:04:40लेकिन अंदर से बड़े नाराज रहते हैं। वहीं
- 9:04:42दूसरी तरफ पीपल विद रफ एक्सटीरियर्स ऐसे
- 9:04:46लोग जो बाहर से आपको दिख रहे हो बिल्कुल
- 9:04:47हट्टे-कट्टे खड़ूस टाइप के एकदम अजीब से
- 9:04:50शकल बनाए हुए हमेशा गुस्से में दिख रहे
- 9:04:52हो। प्रूव्ड टू बी द डैश। अब जब यहां पे
- 9:04:55हमने ऑन द अदर हैंड का यूज़ किया है। इसका
- 9:04:57मतलब जरूर इस सेंटेंस का उल्टा होगा। तो
- 9:04:59इस सेंटेंस में हमने क्या पढ़ा था? लोग
- 9:05:01बाहर से खुश दिखते हैं, अंदर से नाराज
- 9:05:02हैं। अब यहां कह रहा है जो लोग बाहर से
- 9:05:04नाराज दिख रहे हैं, अंदर से क्या होंगे?
- 9:05:06खुश होंगे। राइट? इसका मतलब यहां पे कोई
- 9:05:08पॉजिटिव वर्ड जिसका मीनिंग खुश जैसा होना
- 9:05:10चाहिए। तो लिखा है प्रूव्ड टू बी द
- 9:05:12स्ट्रेंजेस्ट। वो सबसे अजीब होते हैं। ये
- 9:05:14तो मीनिंग नहीं आएगा। हमें पॉजिटिव वर्ड
- 9:05:16चाहिए। बिटरेस्ट वो सबसे कड़वे होते हैं।
- 9:05:18हमें हमें पॉजिटिव वर्ड चाहिए। प्रूव्ड टू
- 9:05:20बी द काइंडेस्ट। वो सबसे दयालु होते हैं
- 9:05:22अंदर से। ये हो सकता है। पॉजिटिव वर्ड है।
- 9:05:24ग्लूमिएस्ट भाई वो सबसे ज्यादा नाराज
- 9:05:27दिखते हैं। सबसे ज्यादा उदासीन दिखते हैं।
- 9:05:28ग्लूमिएस्ट मतलब होता है एकदम मनहूस जैसा
- 9:05:31चेहरा बना के हमेशा नाराज दिखने वाला है।
- 9:05:33ठीक है? तो ये भी नेगेटिव है। आंसर कौन सा
- 9:05:35होगा? काइंडेस्ट। आगे बढ़ेंगे। एंड मोस्ट
- 9:05:38कंसीडरेट पीपल ऑन अर्थ। अच्छा यहां से भी
- 9:05:40आप कनेक्ट कर सकते थे कि एंड का इस्तेमाल
- 9:05:42आमतौर पर दो बराबर की चीजों को इक्वल सेंस
- 9:05:45के इक्वल टोन के चीजों को जोड़ने के लिए
- 9:05:46होता है। तो यहां पे लिखा था वो लोग सबसे
- 9:05:49ज्यादा काइंड लोग होते हैं दुनिया के। वो
- 9:05:52लोग सबसे ज्यादा कंसीडरेट लोग होते हैं
- 9:05:53दुनिया के। तो एंड के पहले भी तो कुछ
- 9:05:55पॉजिटिव ही होगा। तभी तो हम एंड से जोड़
- 9:05:57रहे हैं। तो यहां पे क्या हो जाएगा? वो
- 9:05:58सबसे काइंडेस्ट और सबसे कंसिडरेट लोग होते
- 9:06:01हैं दुनिया के। ठीक है? दे आर द पीपल हु
- 9:06:04आर ब्यूटीफुल फ्रॉम डैश। वो ऐसे लोग होते
- 9:06:06हैं जो कि डैश से बड़े ब्यूटीफुल होते
- 9:06:09हैं। डैश मतलब कहां से ब्यूटीफुल होते
- 9:06:10हैं? वो लोग अंदर से बड़े ब्यूटीफुल होते
- 9:06:12हैं। कौन लोग? किसकी बात हो रही है? ऐसे
- 9:06:15लोग जो बाहर से बहुत सख्त दिख रहे हैं।
- 9:06:17पीपल विद रफ एक्सटीरियर्स की बात हो रही
- 9:06:19है। ये दे जो है प्रोनाउन। इसका नाउन कौन
- 9:06:21है? ये नाउन इन्हीं पीपल के लिए यूज़ किया
- 9:06:23जा रहा है। जो पीपल बाहर से रफ दिखते हैं
- 9:06:25वो एक्चुअली डैश करते हैं। वो बहुत
- 9:06:28ब्यूटीफुल होते हैं डैश से। वो बहुत
- 9:06:30ब्यूटीफुल होते हैं अंदर से। ठीक लग रहा
- 9:06:32है। वो बहुत ब्यूटीफुल होते हैं
- 9:06:33पर्सनालिटी से। ये भी हो सकता था। पर इस
- 9:06:35प्रीपजीिशन ने खेला खराब कर दिया। अगर मैं
- 9:06:38ये कहता ना कि दे आर द पीपल हु आर
- 9:06:40ब्यूटीफुल इन पर्सनालिटी। तो मेरा आंसर यह
- 9:06:43भी हो सकता था कि वो लोग पर्सनालिटी में
- 9:06:45बड़े अच्छे होते। पर यहां पे इन नहीं फ्रॉम
- 9:06:47था। फ्रॉम नहीं लेता पर्सनालिटी। अगेन वही
- 9:06:50बात है फ्रॉम स्टाइल नहीं इन स्टाइल होना
- 9:06:51चाहिए था एक्सटीरियर अच्छा वो लोग बाहर से
- 9:06:54बहुत मतलब कड़वे दिखते हैं बाहर से बहुत
- 9:06:57खड़ूस दिखते हैं और बाहर से बहुत सुंदर है
- 9:06:59कोई सेंस है कोई सेंस नहीं है कहना ये चाह
- 9:07:02रहा था कि वो लोग बाहर से बहुत खड़ूस
- 9:07:04दिखते हैं पर अंदर से बहुत खूबसूरत है तो
- 9:07:05आंसर कौन सा होगा आंसर होगा ऑप्शन नंबर वन
- 9:07:11राइट उम्मीद करता हूं ये पैसेज भी आपको
- 9:07:13समझ में आया बट अगेन इसको टफ तो नहीं
- 9:07:15बोलूंगा मॉडरेट है ठीक है आगे बढ़ते हैं
- 9:07:17क्वेश्चन नंबर पैसेज नंबर थ्री आप ट्राई
- 9:07:20कर लो मैं जरा पानी पी लूं तब तक।
- 9:07:29हां जी। चलो उम्मीद करता हूं आपने ट्राई
- 9:07:33कर लिया। क्या लिखा हुआ है कि नाउ वी हैव
- 9:07:36मिस्टर एक्स एस द प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया।
- 9:07:39ठीक है? अब हमारे पास मिस्टर एक्स हैं
- 9:07:42भारत के राष्ट्रपति के तौर पर।
- 9:07:45इट हैज़ कम एज अ सरप्राइज टू डैश टू सॉरी
- 9:07:49इट हैज़ कम एज अ सरप्राइज डैश शेड्यूल
- 9:07:52ट्राइब्स। मैंने आंसर बता दिया आपको। ठीक
- 9:07:55है? मैं मैं बताऊंगा मैंने आंसर क्यों
- 9:07:57मेरे मुंह से निकल गया। सो क्या लिखा है
- 9:07:59कि इट हैज़ कम एज अ सरप्राइज डैश शेड्यूल्ड
- 9:08:01ट्राइब्स हु आर डैश द मोस्ट मार्जिनलाइज्ड
- 9:08:05ग्रुप्स ऑफ द कंट्री। लिखा है कि ये एक
- 9:08:07सरप्राइज के तौर पर आया है। ये एक आश्चर्य
- 9:08:10के तौर पर आया है शेड्यूल ट्राइब्स के लिए
- 9:08:12जिनको हम लोग कॉमन एक्रोनिम में एसटी कहते
- 9:08:15हैं। ठीक है? सो ये शेड्यूल ट्राइब्स जो
- 9:08:17हमारे जनजातियां हैं उनके लिए ये एक
- 9:08:20सरप्राइज की तरह आया है क्योंकि इन्हें
- 9:08:22कंसीडर किया जाता है द मोस्ट
- 9:08:24मार्जिनलाइज्ड
- 9:08:27ग्रुप ऑफ द कंट्री। नाउ व्हाट इज द मीनिंग
- 9:08:29ऑफ़ मार्जिनलाइज़्ड? यह मैंने पिछले वाले
- 9:08:31वीडियो में भी बताया था। मार्जिनलाइज्ड का
- 9:08:33मतलब होता है वैसे लोग या वैसे ग्रुप्स
- 9:08:38जिनको आप बराबर का दर्जा नहीं देते। जिनको
- 9:08:41लोग बराबर का दर्जा नहीं देते। जिनको
- 9:08:43हमेशा से ऐतिहासिक तौर पर नीचे देखा गया
- 9:08:46है। जिनको हमेशा से ऐतिहासिक तौर पर मैं
- 9:08:50कह सकता हूं एक तरीके से के
- 9:08:53कैसे बोलूं इसको के फॉर अ फॉर फॉर अ द लैक
- 9:08:56ऑफ अ बेटर टर्म जिनको हमेशा से परेशान
- 9:08:59किया गया है। ठीक है? उनको ना सम्मान दिया
- 9:09:02गया है ना रिसोर्सेज दिए गए हैं। ठीक है?
- 9:09:04इस तरीके के टर्म के लिए मार्जिनलाइज यूज़
- 9:09:06होता है। मैं मार्जिनलाइज समझा रहा हूं।
- 9:09:08मैं ये नहीं कह रहा कि किसी पर्टिकुलर
- 9:09:09कम्युनिटी या किसी पर्टिकुलर रिलीजन के
- 9:09:11बारे में मैं ये टर्म समझा रहा हूं आपको।
- 9:09:13ठीक है? सो मार्जिनलाइज क्या होता है कि
- 9:09:15आप जब भी कभी स्पीच वगैरह सुनोगे ना तो आप
- 9:09:17बहुत बार देखोगे बोलते हुए खास करके जो
- 9:09:19माइनॉरिटी ग्रुप के लीडर्स होते हैं वो
- 9:09:21माइनॉरिटी रिलीजन के हो सकते हैं।
- 9:09:22माइनॉरिटी माइनॉरिटी ग्रुप के हो सकते हैं
- 9:09:24या इथनिसिटी के हो सकते हैं। वो हमेशा
- 9:09:27बोलेंगे वी आर मार्जिनलाइज्ड।
- 9:09:28मार्जिनलाइज्ड का मतलब ये है कि हमें कभी
- 9:09:31बराबर का दर्जा नहीं दिया जाता। हमें
- 9:09:33हमेशा नीचा दिखाया जाता है। ठीक है? सो ये
- 9:09:36ये टर्म पॉलिटिक्स में बहुत आते हैं। ठीक
- 9:09:38है? अब ये टर्मकि दो-तीन बार मैं देख रहा
- 9:09:41हूं पैसेज में आ रहा है तो मार्क करके
- 9:09:42रखना। हो सकता है ये वन वर्ड में पूछ
- 9:09:43लेगा। पता नहीं मुझे क्यों इन्फ्लेशन आ
- 9:09:45रहा है अंदर से कि हो सकता है अगले एग्जाम
- 9:09:46में ये वन वर्ड में पूछ ले। ठीक है? अभी
- 9:09:48अगर पूछ ले तो मत समझ जाना। मेरा एसएससी
- 9:09:50के साथ कोई लेना देना है। मेरी कोई सेटिंग
- 9:09:52नहीं है दोस्त। मुझे बस लग रहा है बार-बार
- 9:09:55एसएससी जितने साल से मैं ऑब्जर्व कर रहा
- 9:09:56हूं कि यह क्वेश्चन आ सकता है। लिख के रख
- 9:09:58लो। एनीवेज तो लिखा है कि यह मार्जिनलाइज
- 9:10:01ग्रुप है कंट्री के। द आदिवासीज ऑफ इंडिया
- 9:10:03हैव बीन डैश सोशली, इकोनॉमिकली एंड
- 9:10:06कल्चरली। जो भारत के आदिवासीज हैं उन्हें
- 9:10:10हमेशा डैश किया गया है सामाजिक तौर पर,
- 9:10:13पैसे के मामले में और कल्चर के तौर,
- 9:10:16कल्चरली भी, कल्चर के बेसिस पे भी।
- 9:10:18डिस्पाइट वेरियस एफर्ट्स टेकन बाय द
- 9:10:20गवर्नमेंट ऑफ इंडिया। इसके बावजूद कि भारत
- 9:10:23सरकार ने कई कदम उठाए हैं। दे आर स्टिल
- 9:10:25अंडर डैश एंड सफरिंग लिखा हुआ है कि वो
- 9:10:28लोग अभी भी डैश के अंडर हैं और वो लोग सफर
- 9:10:31कर रहे हैं। देयर फॉर द डैश अ लीडर फ्रॉम
- 9:10:35द मार्जिनलाइज्ड कम्युनिटी और आई और ग्रुप
- 9:10:38डस नॉट इंडिकेट दैट नाउ द एंटायर
- 9:10:40कम्युनिटी विल बी अपलिफ्टेड। लिखा हुआ है
- 9:10:42कि इसीलिए
- 9:10:44अगर कोई लीडर डैश हुआ है किसी
- 9:10:46मार्जिनलाइज्ड कम्युनिटी से या ग्रुप से
- 9:10:49इसका यह मतलब नहीं है कि पूरा का पूरा
- 9:10:51कम्युनिटी अब का भला हो गया या वो अपलिफ्ट
- 9:10:53हो चुके हैं। ठीक है? अपलिफ्ट का मतलब
- 9:10:54उनका उत्थान हो चुका है। ऐसा जरूरी नहीं
- 9:10:56है। हाउ एवर लेकिन दिस काइंड ऑफ मूव मे
- 9:11:00ब्रिंग सर्टेन चेंजेस इन द स्टेट स्टेटस
- 9:11:02ऑफ़ आदिवासीज। लेकिन इस तरीके का जो मूव है
- 9:11:04ना ये आदिवासीज के स्टेटस में कुछ बदलाव
- 9:11:07कर सकता है। ठीक है जी। तो यहां का टोन
- 9:11:11हमने क्या पकड़ा? नेगेटिव टोन है पैसेज
- 9:11:13का। ठीक है? यह क्रिटिकल टोन है पैसेज का।
- 9:11:16यहां पर क्रिटिसाइज किया जा रहा है। जो
- 9:11:19ट्रीटमेंट सामाजिक तौर पर शेड्यूल्ड
- 9:11:21ट्राइब्स को मिला है उसको क्रिटिसाइज किया
- 9:11:24जा रहा है। और पूरे के पूरे पैसेज का जो
- 9:11:26टोन है वो नेगेटिव है। ठीक है? तो ज्यादा
- 9:11:28करके जो हम ब्लैंक्स भरेंगे मेरा अंदाजा
- 9:11:31है वो नेगेटिव ब्लैंक्स ही भराएगा। ठीक
- 9:11:32है? अभी मैंने देखा नहीं है पर मुझे
- 9:11:33अंदाजा है। अब देख लो क्या लिखा हुआ था।
- 9:11:35नाउ वी हैव मिस्टर एक्स एस द प्रेसिडेंट
- 9:11:38ऑफ इंडिया। इट हैज़ कम अ सरप्राइज। यहां
- 9:11:40मैंने आंसर बता दिया था टू। मेरे मुंह से
- 9:11:43निकल गया। क्यों निकल गया? क्योंकि ये
- 9:11:45फिक्स्ड प्रपज़िशन जो होता है उसका ये
- 9:11:48टॉपिक है या उसका एक क्वेश्चन है। हमेशा
- 9:11:50सरप्राइज टू समवन होता है।
- 9:11:55नोट कर लेना। जैसे कोई न्यूज़ आया हो तो
- 9:11:59मैं कह रहा हूं कि इट केम एज अ सरप्राइज
- 9:12:01टू मी। मतलब मुझे बड़ा आश्चर्य हुआ ये देख
- 9:12:04के। जैसे अभी-अभी इंडिया तीन जीरो से हार
- 9:12:07गया न्यूजीलैंड से। ठीक है? और बड़ी बुरी
- 9:12:10तरीके से हारा। तो जब तीसरे टेस्ट का
- 9:12:12लास्ट डे था और समथिंग 140 150 समथिंग
- 9:12:15जीतने के लिए चाहिए था। तो मुझे लगा
- 9:12:17इंडिया जीत ही जाएगा यार। 150 रन कौन सी
- 9:12:19बड़ी बात है? दो प्लेयर भी अगर 30-40
- 9:12:2130-40 मार दें तो हो जाता है। रन तो बन ही
- 9:12:24जाएंगे। बट फिर न्यूज़ आई मेरे पास एंड इट
- 9:12:27केम एज अ सरप्राइज़ टू मी के भाई इंडिया
- 9:12:29की तो हालत खराब हो गई और बड़ी-बड़ी तरीके
- 9:12:32से 03 से हारे हैं हम। इसका मतलब यह मैं
- 9:12:34वहां पर यह सोचा था कि दिस न्यूज़ केम एज अ
- 9:12:36सरप्राइज टू मी। सरप्राइज टू मी। तो जब भी
- 9:12:40कोई न्यूज़ की बात होती है या जब भी किसी
- 9:12:42इवेंट की बात होती है और आप सरप्राइज के
- 9:12:45साथ कोई इंसान को या किसी चीज को डिनोट कर
- 9:12:48रहे हो कि उसे सरप्राइज मिला। सो वहां पे
- 9:12:50सरप्राइज टू समवन का इस्तेमाल किया जाता
- 9:12:52है।कि फिक्स्ड प्रेपजीशन था तो पढ़ते-पढ़ते
- 9:12:54मेरे मुंह में ये बैठा है और आ गया है और
- 9:12:56मैंने आंसर बता दिया। ठीक है? तो क्या
- 9:12:58लिखा हुआ है? इट हैज़ कम टू अ सरप्राइज टू
- 9:13:00शेड्यूल्ड ट्राइब्स हु आर डैश द मोस्ट
- 9:13:03मार्जिनलाइज्ड ग्रुप्स ऑफ द कंट्री। कह
- 9:13:05रहा है कि ये शेड्यूल ट्राइब्स के लिए एक
- 9:13:08सरप्राइज के तौर पर आया जो ये हु किसके
- 9:13:10लिए आ रहा है? शेड्यूल ट्राइब्स के लिए आ
- 9:13:12रहा है जो के सबसे मार्जिनलाइज्ड ग्रुप्स
- 9:13:16माने जाते हैं कंट्री के। अब यहां पे क्या
- 9:13:18टर्म आएगा? हु आर देयर फॉर द मार्जिनलाइज़
- 9:13:21ग्रुप। देयर फॉर का मतलब होता है इसलिए
- 9:13:25ये उनके लिए एक सरप्राइज था। इसलिए वो
- 9:13:27सबसे मार्जिनलाइज्ड है। मतलब उनको
- 9:13:28सरप्राइज मिला इसलिए वो मार्जिनलाइज्ड है।
- 9:13:31कोई सेंस है इस बात का? हम देयर फॉर कहां
- 9:13:33यूज करते हैं? जहां पहले वाले सेंटेंस के
- 9:13:35एक्शन के क्सक्वेंस के तौर पर दूसरा वाला
- 9:13:36सेंटेंस हुआ हो। जैसे कि ही वास पनिश्ड
- 9:13:39देयर फॉर ही लेफ्ट द स्कूल। उसे पनिश किया
- 9:13:42गया इसीलिए उसने स्कूल छोड़ दिया। सो देयर
- 9:13:44फॉर के बाद जो सेंटेंस है उसने स्कूल छोड़
- 9:13:46दिया। उसका रीज़न कौन था? देयर फॉर के पहले
- 9:13:48वाला सेंटेंस। तो यहां क्या लिखा हुआ था?
- 9:13:50कि सबसे मार्जिनलाइज्ड ग्रुप है कंट्री
- 9:13:52के। अगर हम यहां देयर फॉर बिठा देते हैं
- 9:13:54तो इसका मतलब होगा उसका रीजन यह है। तो
- 9:13:57उनके बीच में से एक प्रेसिडेंट निकला
- 9:13:59इसलिए वो सबसे मार्जिनलाइज्ड है। कोई सेंस
- 9:14:01है इस बात का नहीं ना देयर फॉर तो नहीं हो
- 9:14:03सकता। अगला लिखा हुआ है हु आर थ्रू द थ्रू
- 9:14:07मतलब होता है के द्वारा। वो लोग सबसे
- 9:14:09मार्जिनलाइज्ड ग्रुप कंट्री के द्वारा
- 9:14:12हैं। कंट्री के द्वारा हैं। कोई सेंस नहीं
- 9:14:14है। हु आर अमंग द मोस्ट मार्जिनलाइज्ड।
- 9:14:17अगर सारे मोस्ट मार्जिनलाइज जितने भी लोग
- 9:14:20हैं जितने भी कम्युनिटीज हैं उनको निकाला
- 9:14:21जाए उनमें से वो एक हैं। ये तो ठीक लग रहा
- 9:14:24है कि अमंग द मोस्ट उनके बीच में सबसे
- 9:14:26मार्जिनलाइज ग्रुप्स के बीच में है। लग
- 9:14:28रहा है ठीक है। ऑन टू तो हो नहीं सकता। ये
- 9:14:30प्रपजीिशन पोजीशन के लिए यूज़ किया जाता
- 9:14:31है। इसका मतलब एक ही बच रहा है अमंग। आगे
- 9:14:34बढ़ेंगे। द आदिवासीज ऑफ़ इंडिया हैव बीन डैश
- 9:14:38सोशली, इकोनॉमिकली एंड कल्चरली। लिखा हुआ
- 9:14:41है कि भारत के जो आदिवासीज हैं ना उन्हें
- 9:14:43सोशली, इकोनॉमिकली और कल्चरली डैश किया
- 9:14:46गया है।
- 9:14:47क्या किया गया है? ऊपर वाले सेंटेंस हमें
- 9:14:49क्या समझ में आ रहा था कि यह मोस्ट
- 9:14:51मार्जिनलाइज्ड ग्रुप है। इसका मतलब यहां
- 9:14:54पर डेफिनेटली कोई ना कोई नेगेटिव वर्ड आना
- 9:14:56चाहिए कि नहीं? आदिवासीज को अगर अच्छा
- 9:14:58उनके साथ किया जाता फिर हम उन्हें
- 9:14:59मार्जिनलाइज्ड क्यों कह रहे हैं? हम अगर
- 9:15:01उन्हें मार्जिनलाइज्ड कह रहे हैं इसका
- 9:15:02मतलब अभी तक ठीक नहीं हुआ उनके साथ। तो
- 9:15:03क्या लिखा हुआ था? द आदिवासीज ऑफ इंडिया
- 9:15:05हैव बीन अपलिफ्टेड सोशली इकोनमिकली एंड
- 9:15:08कल्चरली। इसने तो वक्त बदल दिया, जज्बात
- 9:15:10बदल दिए पूरे पैसेज का ही कि हमने उत्थान
- 9:15:12कर दिया भाई साहब आदिवासीज का। ये तो
- 9:15:14पैसेज है ही नहीं। पैसे में तो क्रिटिकल
- 9:15:15सेंस है। इसलिए तो हम मैं बार-बार कह रहा
- 9:15:17हूं कि टोन पकड़ो, टोन पकड़ो, टोन पकड़ो।
- 9:15:19हमने टोन पकड़ा इसका मतलब क्या? यह नहीं
- 9:15:21हो सकता। आदिवासी का उत्थान थोड़ी ना हुआ
- 9:15:23है। हम तो क्रिटिसाइज कर रहे हैं कि नहीं
- 9:15:24हुआ है। ये तो उल्टा हो गया। अगला है
- 9:15:26सेंसर्ड। आपने सुना होगा फिल्मों को सेंसर
- 9:15:29किया जाता है। सीएनए एस ओ आर सेंसर का
- 9:15:32मतलब क्या होता है? टू ट्रिम। जो चीज नहीं
- 9:15:34चाहिए उस चीज को उस भाग को काट के हटा
- 9:15:38देना। उसको सेंसर करना कहते हैं। ठीक है?
- 9:15:40फिल्मों में कोई खराब सीन आ गया, गाली
- 9:15:42गलौज आ गई, एंटी नेशनल कोई चीज आ गया,
- 9:15:44एंटी रिलीजन कोई चीज आ गया तो कहते हैं
- 9:15:46इसे सेंसर कर दो। सेंसर का मतलब क्या? उसे
- 9:15:48ट्रिम करके हटा दो। तो क्या आदिवासीज को
- 9:15:50ट्रिम करके हटाया जा रहा है? व्हिच मींस
- 9:15:52क्या उनकी संख्या कम की कर दी जा रही है?
- 9:15:54नहीं ऐसा नहीं है कि संख्या कम की जा रही
- 9:15:55है। ये तो बहुत फास्ट टर्म हो जाएगा। द
- 9:15:58आदिवासीज ऑफ़ इंडिया हैव बीन मार्जिनलाइज्ड
- 9:16:01सोशली इकोनमिकली एंड कल्चरली। ये हो सकता
- 9:16:03है। ठीक है? आगे बढ़ेंगे। हैव बीन
- 9:16:06एलिवेटेड। यार एलिवेटेड यही अपलिफ्टेड
- 9:16:08वाली बात है। एलिवेटर यूज़ किया है कभी?
- 9:16:10एलिवेटर क्या होता है? वो जो सीढ़ी जो आपको
- 9:16:11ऊपर लेके जाए उसी को तो एलिवेटर कहते हैं।
- 9:16:14है ना? लिफ्ट को एलिवेटर कहा जाता है।
- 9:16:16क्यों? क्योंकि वो आपको ऊपर लेके जा रही
- 9:16:18है। तो जो भी चीज़ आपको ऊपर लेके जाए वो
- 9:16:20एलिवेट कर रही है। क्या इनको ऊपर लेके
- 9:16:22जाया गया है। नहीं बस अब ये तो फिर सेंस
- 9:16:24चेंज हो जाएगा। अपलिफ्ट वाली बात हो
- 9:16:26जाएगी। एक ही ऑप्शन बचता है। उन्हें
- 9:16:28मार्जिनलाइज किया गया अब तक। डिस्पाइट
- 9:16:30वेरियस एफर्ट्स टेकन बाय द गवर्नमेंट ऑफ
- 9:16:32इंडिया। दे आर स्टिल अंडर डैश एंड सफरिंग।
- 9:16:35भारत सरकार ने बहुत सारे कदम उठाए। यहां
- 9:16:37लिखा हुआ है डिस्पाइट। इसको भी पहचानो।
- 9:16:40डिस्पाइट का मतलब क्या होता है? के
- 9:16:41बावजूद। तो मैं कह रहा हूं बहुत बारिश
- 9:16:44होने के बावजूद भी बहुत बारिश होने के
- 9:16:47बावजूद भी मैं खेलने गया। इसका मतलब ये है
- 9:16:51पहले जो मैंने सेंटेंस बोला उसका
- 9:16:53कंट्रास्ट या उसका उल्टा मैं आगे बोलूंगा।
- 9:16:56तो यहां बोला था कि बहुत सारे एफर्ट्स
- 9:16:58गवर्नमेंट ने उठाए। पॉजिटिव बात है। लेकिन
- 9:17:00वो लोग आज भी डैश हैं। यहां कोई नेगेटिव
- 9:17:03होना चाहिए। प्लस यहां एंड से जोड़ा गया
- 9:17:05है सफरिंग वर्ड को। सफरिंग का मतलब होता
- 9:17:08है वह आज भी बहुत झेल रहे हैं। तो यह
- 9:17:10नेगेटिव है। तो यहां भी अब तो पुख्ता है।
- 9:17:12दो तरफ से मैंने प्रूफ कर दिया नेगेटिव
- 9:17:13वर्ड होना चाहिए। तो क्या लिखा हुआ है कि
- 9:17:15डिस्पाइट वेरियस एफर्ट्स टेकन बाय द
- 9:17:17गवर्नमेंट ऑफ इंडिया देयर आर स्टिल अंडर
- 9:17:19अबंडेंस एंड सफरिंग। अबंडेंस मतलब होता है
- 9:17:21प्रचुर मात्रा में किसी के पास कुछ होना।
- 9:17:24उनके पास बहुत रिसोर्सेज हैं और वो सफर कर
- 9:17:26रहे हैं। भाई बहुत रिसोर्सेज है तो सफर
- 9:17:28कैसे कर रहे? दूसरा फिर हम डिस्पाइट क्यों
- 9:17:30यूज़ कर रहे हैं? हम तो कह रहे हैं
- 9:17:31गवर्नमेंट ऑफ इंडिया के बहुत मेहनत के
- 9:17:33बावजूद उनके पास बहुत रिसोर्सेज हैं। नहीं
- 9:17:36उनके पास रिसोर्सेज नहीं है। यह सेंस होना
- 9:17:37चाहिए। आगे लिखा हुआ है डिस्पाइट वेरियस
- 9:17:40एफर्ट्स टेकन बाय द गवर्नमेंट ऑफ इंडिया
- 9:17:41दे आर स्टिल अंडर रिवर। वो लोग अभी भी नदी
- 9:17:44में हैं और सफर कर रहे हैं। कोई सेंस नहीं
- 9:17:46है। दे आर स्टिल अंडर पॉवर्टी। वो लोग आज
- 9:17:48भी गरीब हैं और सफर कर रहे हैं। हो सकता
- 9:17:50है। दे आर स्टिल अंडर फॉरेस्ट। वो लोग
- 9:17:52जंगल के नीचे हैं। कोई सेंस नहीं है। अब
- 9:17:54आप एक सुपरफिशियल लेवल पर ये बोलोगे कि सर
- 9:17:57यहां पे ट्राइब्स का जिक्र किया गया है।
- 9:17:59ट्राइब्स को तो आमतौर पर फॉरेस्ट के साथ
- 9:18:01हम लोग रेजोनेट करते हैं। देखो कांसेप्ट
- 9:18:03कहां गलत जा रहा हूं। पहला ट्राइब्स बोला
- 9:18:06गया है। किसी पर्टिकुलर ट्राइब का नाम
- 9:18:08नहीं लिया गया है जो कि फॉरेस्ट में रहता
- 9:18:09है। दूसरा भाई इस भ्रम में रहना मत। ठीक
- 9:18:12है? और ये सारी बातें सोचना मत। कोई सोचने
- 9:18:14पे मजबूर करे फिर भी। ऐसा नहीं है कि
- 9:18:16ट्राइबल है तो आप वो जंगल में रह। ठीक है?
- 9:18:20बहुत सारे लोग जो है ना वो अपनी बबल में
- 9:18:21जी रहे होते हैं। जो ये सो कॉल्ड फैंसी
- 9:18:23साउथ दिल्ली वाले लोग होते हैं, साउथ
- 9:18:25मुंबई वाले लोग होते हैं ना उनको पता भी
- 9:18:26नहीं होता कि एक्चुअल दुनिया में क्या चल
- 9:18:28रहा है। उनके लिए अभी तक आदिवासी का मतलब
- 9:18:30है कि जो लोग पत्ता पहन के घूम रहे हैं।
- 9:18:31भाई जाओ छत्तीसगढ़ जाओ झारखंड, जाओ बिहार,
- 9:18:34जाओ यूपी, हमारी जो देश की राष्ट्रपति हैं
- 9:18:37वो खुद भी एक शेड्यूल टाइप से बिलोंग करती
- 9:18:38हैं। ठीक है? तो बात बहुत आगे बढ़ चुकी
- 9:18:41है। ठीक है? वहां तक तो सोचना भी मत। तो
- 9:18:43ये सोच के सबसे पहले फॉरेस्ट मत मार देना।
- 9:18:45ठीक है? ये कॉमन सेंस की बात है। ये नहीं
- 9:18:47करना है आपको। ठीक है? और ये रिक्वेस्ट भी
- 9:18:50साथ-साथ में मैं करूंगा। अब ये अपील है।
- 9:18:52एक क्योंकि एक टीचर हूं मैं तो अंदर से ये
- 9:18:56बातें आती है इसलिए मैं आपको बोल रहा हूं।
- 9:18:58किसी भी व्यक्ति को किसी भी कास्ट के
- 9:19:00बेसिस पे, रिलीजन के बेसिस पे, उसके
- 9:19:02ओरिजिन के बेसिस पे मार्जिनलाइज मत करिए।
- 9:19:05पढ़ा लिखा होने का सिर्फ यह मतलब नहीं
- 9:19:07होता कि आपके घर में एक डिग्री टंगी हुई
- 9:19:09हो या आपके बैंक खाते में कुछ एक्स व जेड
- 9:19:12अमाउंट ऑफ मनी हो। पढ़ाई का एक मतलब
- 9:19:14मोरालिटी भी होता है। पढ़ाई का एक मतलब यह
- 9:19:16माहौल बनाना भी होता है जिसमें आप भी खुश
- 9:19:18रहो और दूसरों को भी खुश रहने दो। स्टॉप
- 9:19:20जजिंग पीपल ऑन द फैक्टर्स दैट आर बियोंड
- 9:19:24देर कंट्रोल। अगर तुम किसी बड़े शहर में
- 9:19:26पैदा हुए हो तो इसमें तुम्हारा कोई
- 9:19:28कंट्रीब्यूशन नहीं था। अगर तुम किसी बड़े
- 9:19:30कास्ट में किसी बड़े रिलीजन में पैदा हुए
- 9:19:32हो, किसी बड़े घर में पैदा हुए विद लॉट्स
- 9:19:34एंड लॉट्स ऑफ़ प्रॉपर्टी। इसमें तुम्हारा
- 9:19:36कोई कंट्रीब्यूशन नहीं था। मुकेश अंबानी
- 9:19:38के बेटे मुकेश अंबानी के बेटे पैदा होंगे।
- 9:19:40इसमें ना मुकेश अंबानी का कोई हाथ था कि
- 9:19:43वो अनंत अंबानी को अपना बेटा माने ना अनंत
- 9:19:45अंबानी का हाथ था कि मुकेश अंबानी को पिता
- 9:19:47माने। ये किस्मत की बात होती है। तो अगर
- 9:19:49कोई व्यक्ति किस्मत से काला है, गोरा है,
- 9:19:52लंबा है, छोटा है, किसी एक्स व जेड रिलीजन
- 9:19:54का है, एक्स व जेड कास्ट का है, उसको
- 9:19:56मार्जिनलाइज करना बंद करिए। पढ़ाई समझदारी
- 9:19:59के लिए होता है। थोड़ी समझदारी दिखाइए।
- 9:20:01अगर आप कुछ खराब मतलब अच्छा नहीं कर सकते
- 9:20:04समाज के लिए तो खराब भी मत करिए। ठीक है?
- 9:20:06और सबसे खराब आप ये करते हैं कि एक
- 9:20:08व्यक्ति जो ऑलरेडी कॉम्प्लेक्स में जी रहा
- 9:20:10होता है आप उसको और कॉम्प्लेक्स देते हैं।
- 9:20:14ये करना बंद करिए। ठीक है? हाथ जोड़ के
- 9:20:16रिक्वेस्ट है सबसे वी आर द फ्यूचर ऑफ द
- 9:20:18कंट्री। हम सब अभी 20 से 30 साल के बीच
- 9:20:20में हैं। हम सब फ्यूचर हैं इस देश का।
- 9:20:23लेट्स मेक अ वर्ल्ड दैट इज पीसफुल। और
- 9:20:25उससे ज्यादा कुछ नहीं। इससे ज्यादा शायद
- 9:20:26हम कर भी नहीं पाएंगे। ठीक है? बस ऐसी
- 9:20:28दुनिया बनाते हैं जहां हम भी खुश रहें और
- 9:20:31लोगों को भी खुश रहने दें। और उसका सबसे
- 9:20:33बड़ा तरीका यही होता है अपने काम से मतलब
- 9:20:35रखो। अपने काम से मतलब रखो। बेफजूल नाक
- 9:20:38घुसेड़ना बंद करो। दूसरे को ऐसी चीजों में
- 9:20:40जज करना बंद करो जिसके जो उनकी गलती नहीं
- 9:20:43है। अगर तुमने अपनी जिंदगी में कुछ नहीं
- 9:20:46किया। तुम्हारे पास सारी चीजें अच्छी थी।
- 9:20:49तुम फेलियर हो लाइफ में तो भी अगर मैं
- 9:20:52तुम्हें अप्रिशिएट नहीं कर सकता तो मैं
- 9:20:54फेलियर नहीं बोलूंगा। मैं अपने काम से काम
- 9:20:56रखूंगा। और अगर तुम्हारे कोई फिजिकल
- 9:20:58फैक्टर्स जो तुम्हारे साथ बाय बर्थ है फिर
- 9:21:00तो सवाल ही पैदा नहीं होता। क्योंकि
- 9:21:02तुम्हारा नाटा होना, तुम्हारा लंबा होना,
- 9:21:04तुम्हारा किन्नर होना, तुम्हारा महिला
- 9:21:06होना, तुम्हारा पुरुष होना यह तुम्हारे और
- 9:21:07मेरे हाथ में नहीं है। सो स्टॉप जजिंग
- 9:21:10पीपल। ये सबसे मैं रिक्वेस्ट करता हूं।
- 9:21:12हमेशा रिक्वेस्ट करता हूं। आपसे भी
- 9:21:14रिक्वेस्ट कर रहा हूं। पहली बार कर रहा
- 9:21:15हूं। आगे पता नहीं कितनी बार करूंगा।
- 9:21:17स्टॉप जजिंग पीपल। स्टॉप मार्जिनलाइजिंग
- 9:21:19पीपल। मत करिए ऐसा। ठीक है? एजुकेटेड है,
- 9:21:22एजुकेटेड। साउंड करना जरूरी है। तो पढ़े
- 9:21:23लिखे की तरह बात करो और कुछ नहीं बोल सकते
- 9:21:25तो चुपचाप रहो। दैट्स द मोस्टेंट थिंग।
- 9:21:28चलो आगे बढ़ते हैं। अब क्या लिखा हुआ है
- 9:21:31यहां? कहां थे हम लोग? हां। तो कोई
- 9:21:33नेगेटिव वर्ड होगा। तो यहां गरीबी हम डाल
- 9:21:35सकते थे कि वो गवर्नमेंट ने बहुत सारे
- 9:21:37स्टेप्स उठाए पर आज भी वो सफर कर रहे हैं
- 9:21:39और बहुत गरीब है। ठीक है? देयर फॉर द डैश
- 9:21:43अ लीडर फ्रॉम अ मार्जिनलाइज्ड कम्युनिटी।
- 9:21:46अब क्या है कि यहां देखो आगे का सेंटेंस
- 9:21:48क्या था कि अगर एक लीडर को मार्जिनलाइज्ड
- 9:21:50कम्युनिटी से डैश कर दिया जाता है तो इसका
- 9:21:53ये मतलब नहीं है कि पूरा एंटायर कम्युनिटी
- 9:21:55अपलिफ्ट हो गया। वि मींस यहां पर तो जरूर
- 9:21:58ये सेंस था कि अगर तुम एक का भला कर दोगे
- 9:22:00तो इसका मतलब यह नहीं है कि पूरी
- 9:22:01कम्युनिटी का भला हो जाएगा। क्योंकि यहां
- 9:22:03तो वही लिखा हुआ है कि अगर एक लीडर को डैश
- 9:22:05कर दिया गया तो इसका ये मतलब नहीं है कि
- 9:22:07पूरी कम्युनिटी अपलिफ्ट हो गई। तो यहां पे
- 9:22:09कोई पॉजिटिव टर्म आना चाहिए। तो क्या लिखा
- 9:22:11था? देयर फॉर द एक्सक्लूजन ऑफ अ लीडर अगर
- 9:22:14एक लीडर को बाहर कर दिया जाए ये तो
- 9:22:16नेगेटिव टर्म है। द एलिवेशन ऑफ अ लीडर अगर
- 9:22:19एक लीडर को किसी बड़े पोस्ट पे एलिवेट कर
- 9:22:20दिया जाए उसको अगर ऊपर कर लिया जाए ऊपर
- 9:22:23उठा दिया जाए ये तो ठीक लग रहा है। देयर
- 9:22:25फॉर द प्रेसिडेंट ऑफ़ अ लीडर ये तो कोई
- 9:22:27सेंस ही नहीं है। द प्रेसिडेंट ऑफ़ अ लीडर
- 9:22:29लीडर का प्रेसिडेंट कैसे होगा ये? और
- 9:22:30सिलेक्शन की बात है फिर तो लीडर्स होना
- 9:22:32चाहिए था। गलत है। देयर फॉर द रिजेक्शन ये
- 9:22:35नेगेटिव है। एक ही आंसर बचता है। एलिवेशन
- 9:22:38ऑफ़ अ लीडर फ्रॉम द मार्जिनलाइज्ड
- 9:22:39कम्युनिटी। क्या सबको क्लियर है यह चीज?
- 9:22:42उम्मीद करता हूं यह आपको समझ में आ गया
- 9:22:44है। आगे बढ़ेंगे। अगला पैसेज करेंगे।
- 9:22:48ट्राई कर लो। मैं फिर से पानी पी लेता
- 9:22:50हूं। गला बहुत सूख रहा है।
- 9:22:59चलो। तो क्या लिखा हुआ है? द बिगिनिंग ऑफ़
- 9:23:01द स्टोरी इज़ डैश इन इट्स प्रेजेंटेशन बट द
- 9:23:06डैश स्टाइल इज़ेज़ आउट एंड बिकम्स ह्टिंग इन
- 9:23:10इट्स सिंपलीसिटी। लिखा है कहानी की जो
- 9:23:12शुरुआत है प्रेजेंट टेंस में चल रहा है।
- 9:23:15ठीक है? द कहानी की जो शुरुआत है इज़ डैश
- 9:23:18वो डैश है अपने प्रेजेंटेशन में। लेकिन बट
- 9:23:22डैश द स्टाइल इजज़ आउट। डैश स्टाइल जो है
- 9:23:25वो इज आउट हो जाता है। इज आउट का मतलब
- 9:23:27क्या होता है? ईज आउट का मतलब होता है
- 9:23:28धीरे-धीरे चीजें जब ढीली पड़ने लगती है ना
- 9:23:31उनको ई आउट कहा जाता है। जैसे जब हम लोग
- 9:23:33सुबह-सुबह स्कूल जाते थे याद होगा आपको तो
- 9:23:37सुबह में हम बड़े फोकस्ड रहते थे पढ़ाई को
- 9:23:40लेके। एकदम सुबह जाना है और पढ़ाई करना है
- 9:23:42असेंबली के बाद कि नहीं आज तो एकदम किताब
- 9:23:44पढ़ के फाड़ देंगे और ये हो जाएगा वो हो
- 9:23:47जाएगा। आज ही टॉप कर जाएंगे। धीरे-धीरे
- 9:23:49तीसरा पीरियड आया, चौथा पीरियड आया, लंच
- 9:23:51कर लिया, नींद आने लगी। हम ई आउट हो जाते
- 9:23:53थे। ईज आउट का मतलब होता है ढीला पड़
- 9:23:55जाना। ठीक है? सो द डैश द डैश द स्टाइल
- 9:23:58इजज़ आउट एंड बिकम्स हटिंग इन इट्स
- 9:24:01सिंपलीसिटी और वो अपने सिंपलीसिटी में
- 9:24:04ह्टिंग हो जाता है। ह्टिंग का देखो दो तीन
- 9:24:07मतलब होता है। एक तो डरावने को हंटिंग
- 9:24:08कहते हैं। दूसरा जो चीज सीधा आपके दिल को
- 9:24:12स्ट्राइक करे उसको भी ह्टिंग कहते हैं। जो
- 9:24:14चीज आप आपको बार-बार याद आ रही हो उसको भी
- 9:24:16ह्टिंग कहते हैं। तो यहां दो तीन मीनिंग
- 9:24:18है। अगला द ऑथर ब्रिंग्स आउट द ह्यूमन
- 9:24:22एलिमेंट्स इन ह स्टोरी। जरूर किसी किताब
- 9:24:24की बात हो रही है। लिख रहा है कि किताब का
- 9:24:25जो ऑथर है ना उसके बाद वो क्या करता है कि
- 9:24:27उसका जो ह्यूमन एलिमेंट है स्टोरी का जो
- 9:24:30कैरेक्टर है जो इंसानी कैरेक्टर है उसके
- 9:24:32ह्यूमन एलिमेंट्स जो हैं उसके स्टोरी के
- 9:24:34बाहर आते हैं। दिस कॉमन एलिमेंट ऑफ
- 9:24:37सिंपैथी एंड सैक्रिफाइस इज गिवन अ न्यू
- 9:24:40डैश बाय द ओल्ड आर्टिस्ट। लिखा है कि यह
- 9:24:42जो एलिमेंट है ना सिंपैथी का और
- 9:24:44सैक्रिफाइस का उसे एक नया डैश मिलता है
- 9:24:47ओल्ड आर्टिस्ट के द्वारा हु शोज़ बाय ह
- 9:24:51लास्ट डेस्पिरेट एक्ट दैट वन कैन बी अ
- 9:24:53हीरो फॉर वन डे इफ ओनली वन केयर्स डैश
- 9:24:56लिखा हुआ है कि वो जो ओल्ड आर्टिस्ट है ना
- 9:24:58उसके द्वारा ह्यूमन एल जो कॉमन एलिमेंट है
- 9:25:01उसको सिंपथी और सैक्रिफाइस जो है क्या बोल
- 9:25:04रहा हूं मैं जो कॉमन एलिमेंट है सिंपैथी
- 9:25:06और सैक्रिफाइस का उसे एक नया डैश मिलता है
- 9:25:08ओल्ड आर्टिस्ट के द्वारा जो ये दिखाता है
- 9:25:11ये हु वो किसके लिए यूज़ किया जा रहा है?
- 9:25:12आर्टिस्ट के लिए यूज़ किया जा रहा है। जो
- 9:25:13कि ये दिखाता है अपने लास्ट डेस्पिरेट
- 9:25:15एक्ट से कि हर व्यक्ति हीरो बन सकता है।
- 9:25:18अगर वो केयर करे डैश क्या भराएगा पता
- 9:25:22नहीं। ओ हेनरीस ट्रीटमेंट ऑफ ह मटेरियल ये
- 9:25:26ऑथर का नाम है ओ हेनरीज़। सो ओ हेनरीस
- 9:25:29ट्रीटमेंट ऑफ ह मटेरियल इज़ बैलेंस्ड एंड
- 9:25:31कंट्रोलोल्ड। लिखा हुआ है कि ओ हेनरी ने
- 9:25:33जो किताब लिखी है ना उसमें जो मटेरियल
- 9:25:35उन्होंने यूज़ किया। मटेरियल मतलब किताब का
- 9:25:36मटेरियल नहीं। मटेरियल मतलब जो कररेक्टर्स
- 9:25:38उसने यूज़ किए हैं, वह बहुत बैलेंस्ड है,
- 9:25:40बहुत कंट्रोलोल्ड है। ए फाइन डैश ऑफ़
- 9:25:42ह्यूमर एंड पैथोज़ लिखा हुआ है कि एक फाइन
- 9:25:45डैश है ह्यूमर और पैथोज़ का। पैथोज़ का मतलब
- 9:25:48क्या होता है? दुख। कोई ऐसी चीज जिसमें
- 9:25:52दुख इनवॉल्वड हो। ठीक है? उसको पैथोज़ कहा
- 9:25:54जाता है। सो खुशी का मतलब मजाक का और
- 9:25:57पैथोज़ का एक फाइन डैश है उसकी कहानियों
- 9:26:00में। ये वाला टफ है। ठीक है? क्योंकि एक
- 9:26:04तो छोटा उसके ऊपर से जो टर्म्स यूज़ किए गए
- 9:26:07हैं थोड़े से मुश्किल है और ब्लैंक्स उन
- 9:26:09जगहों पर दिया गया है जहां पे आंसर थोड़ा
- 9:26:11सा मुश्किल तरीके से आएगा। एनीवेज हम
- 9:26:13ट्राई करेंगे। लिखा है कि द बिगिनिंग ऑफ़ द
- 9:26:15स्टोरी इज़ डैश इन इट्स प्रेजेंटेशन।
- 9:26:17बिगिनिंग जो थी कहानी की वो डैश थी उसके
- 9:26:19प्रेजेंटेशन में। बट लेकिन डैश हो गई
- 9:26:22स्टाइल जो है वो ईज़ आउट हो जाता है और
- 9:26:25ह्टिंग हो जाता है उसकी सिंपलीसिटी में।
- 9:26:27तो यहां पे होगा क्या? द बिगिनिंग ऑफ़ द
- 9:26:29स्टोरी इज़ व्हाट? द बिगिनिंग ऑफ़ द स्टोरी
- 9:26:31इज़ प्रोन। प्रोन का मतलब क्या होता है?
- 9:26:33किसी चीज से ग्रसित या किसी चीज से
- 9:26:35पीड़ित।
- 9:26:37जो कहानी की शुरुआत थी, वह पीड़ित थी।
- 9:26:39अपने प्रेजेंटेशन में। कोई सेंस है? नहीं।
- 9:26:42कहानी की शुरुआत आदतन थी। हैबचुअल थी अपने
- 9:26:45प्रेजेंटेशन में। कोई सेंस है? नहीं।
- 9:26:48डक्टेबल का मतलब होता है डिलीशियस। कहानी
- 9:26:51की जो शुरुआत थी ना वो बहुत ही स्वादिष्ट
- 9:26:54थी। यह कोई भोजन थोड़ी है जो स्वादिष्ट
- 9:26:56होगा। अच्छा यह वाला प्रीवियस ईयर
- 9:26:57क्वेश्चन है। इन केस यू डोंट नो 2023 के
- 9:27:00सीजीएल में
- 9:27:02यह पूछा हुआ है। ठीक है? 2023 के सीजीएल
- 9:27:05में यह सिनोनिम में आया था। डिटेक्टबल
- 9:27:07मतलब क्या होता है? डिलीशियस स्वादिष्ट।
- 9:27:09ठीक है? प्रोन वर्ड भी सिनोनिम में भी आया
- 9:27:12है और वन वर्ड में भी आया है।
- 9:27:15तो प्रीवियस ईयर क्वेश्चन है। आगे बढ़ेंगे।
- 9:27:17एक वर्ड था क्वाइटंट। अब देखो आंसर तो यही
- 9:27:19है क्योंकि बाकी तीनों का कोई सेंस नहीं
- 9:27:21था। पर आपको क्वेंट का मतलब नहीं पता।
- 9:27:23ऑब्वियसली नहीं पता। तो मैं बता देता हूं
- 9:27:25मीनिंग क्या होता है। समझना ध्यान से।
- 9:27:26क्वेंट का मतलब होता है अट्रैक्टिव।
- 9:27:30बट अट्रैक्टिव कब? एक पर्टिकुलर केस में
- 9:27:33अट्रैक्टिव बिकॉज़ मैं शॉर्ट में लिख रहा
- 9:27:36हूं। बिकॉज़
- 9:27:38इट इज
- 9:27:41ओल्ड फैशन।
- 9:27:43कोई ऐसी चीज जो कि बहुत अट्रैक्टिव है और
- 9:27:46अट्रैक्टिव क्यों है? क्योंकि वो बहुत
- 9:27:48ओल्ड फैशन है। उसको क्वेंट कहा जाता है।
- 9:27:51ठीक है? अ एग्जांपल के तौर पर अभी जैसे आप
- 9:27:55देख रहे होंगे Instagram पे जो ट्रेंड
- 9:27:56चलते हैं कि लोग पुरानी साड़ियां पहन के आ
- 9:27:59रहे हैं। पुराने स्टाइल की साड़ियां पहन
- 9:28:01कर आ रहे हैं। या कभी-कभी हम लोग भी जनरली
- 9:28:03अपने लाइफ में अभी तीन-4 महीने पहले तीन
- 9:28:06चार महीने पहले मेरे घर में पूजा थी किसी
- 9:28:10चीज की तो मैं ही पूजा में बैठ रहा था। तो
- 9:28:12मेरे फादर साहब आए धोती लेके। ठीक है? अब
- 9:28:15मैंने लाइफ में कभी धोती नहीं पहनी। वो आए
- 9:28:17धोती लेके और उन्होंने बोला कि पंडित जी
- 9:28:19ने कहा है कि आप धोती पहनो। मुझे पहनना
- 9:28:22नहीं आता था। बड़े प्यार से मेरे फादर ने
- 9:28:24पहनाया पहली बार और उसके बाद मुझे बड़ा
- 9:28:28मजा आया। मतलब पूरे पूजा में बहुत मजा आया
- 9:28:31क्योंकि मैंने लाइफ में पहली बार धोती
- 9:28:32पहना था और पता नहीं मुझे क्यों अंदर से
- 9:28:34ऐसा लग रहा था कि मैं अच्छा दिख रहा हूं।
- 9:28:35पता नहीं अच्छा दिख रहा था कि नहीं दिख
- 9:28:37रहा था। पर मुझे ऐसा फील हो रहा था कि मैं
- 9:28:38अच्छा दिख रहा हूं। इसको क्वेंट कहा जाता
- 9:28:40है। मुझे ऐसा फील हो रहा था कि मैं
- 9:28:42अट्रैक्टिव दिख रहा हूं क्योंकि यह बड़ा
- 9:28:44ओल्ड फैशन स्टाइल था। इसलिए शायद मुझे लग
- 9:28:46रहा था कि मैं अच्छा दिख रहा हूं। इसी को
- 9:28:48क्वेंट कहा जाता है। उम्मीद करता हूं आपको
- 9:28:50मीनिंग समझ में आ गया क्वेंट का। अब क्या
- 9:28:51कह रहा है कि ये जो प्रेजेंटेशन था ना
- 9:28:53स्टोरी का जो शुरुआत थी स्टोरी की वो बहुत
- 9:28:55क्वइंट थी। मतलब अच्छी थी। क्यों अच्छी
- 9:28:57थी? क्योंकि जैसे पुरानी कहानियां स्टार्ट
- 9:28:59होती थी ये उसी तरीके से स्टार्ट हुई। अब
- 9:29:01यहां पे लिखा है बट।
- 9:29:03बट हम समझते हैं हमेशा कंट्रास्टिंग चीजों
- 9:29:06के लिए इस्तेमाल किया जाता है। नेगेटिव
- 9:29:07सेंस के लिए इस्तेमाल किया जाता है। तो
- 9:29:08क्या लिखा हुआ है कि जो कहानी की शुरुआत
- 9:29:10थी वो बहुत क्वेंट थी। लेकिन डैश द स्टाइल
- 9:29:14इज आउट बट हार्डली द स्टाइल इज आउट लेकिन
- 9:29:19बहुत मुश्किल से स्टाइल जो है वो इज आउट
- 9:29:22हुआ। ये तो कंट्रास्टिंग हुआ नहीं क्योंकि
- 9:29:25पहले में क्या बोला गया था कि कहानी बहुत
- 9:29:26अट्रैक्टिव थी। बाद में बोला गया स्टाइल
- 9:29:29इज आउट हो गया। तो बहुत मुश्किल से इज़ आउट
- 9:29:32हो गया। ये तो नेगेटिव नहीं जाने देगा
- 9:29:33सेंटेंस को। यहां लिखा हुआ है इनिशियली।
- 9:29:37बट इनिशियली द स्टाइल इज़ आउट। ये तो गलत
- 9:29:39हो जाएगा भाई क्योंकि यहां पे भी आप
- 9:29:40बिगिनिंग यूज़ कर रहे हो कि कहानी की
- 9:29:42शुरुआत बहुत अच्छी थी लेकिन कहानी की
- 9:29:43शुरुआत ईज़ आउट हो गई। कोई सेंस है? आप ये
- 9:29:46बोलना चाहते हो शायद कि कहानी की शुरुआत
- 9:29:47बहुत अच्छी थी पर बाद में जाके स्टाइल इज
- 9:29:49आउट हो गया। सो इनिशियली तो नहीं हो सकता।
- 9:29:51रिसेंटली कहानी की शुरुआत बहुत अच्छी थी
- 9:29:53लेकिन हाल में स्टाइल इज आउट हो गया। नहीं
- 9:29:56बट ग्रेजुअली ये आंसर होगा। ग्रेजुअली का
- 9:29:58मतलब क्या होता है? बट धीरे-धीरे
- 9:30:00जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती गई वैसे-वैसे
- 9:30:02स्टाइल इज आउट हो गया। द ऑथर ब्रिंग्स आउट
- 9:30:06द ह्यूमन एलिमेंट्स इन ह स्टोरी। ऑथर जो
- 9:30:08है वो ह्यूमन एलिमेंट्स लेकर आते हैं उसके
- 9:30:10बाद अपने स्टोरीज में। दिस कॉमन एलिमेंट
- 9:30:12ऑफ़ द सिंपथी एंड सैक्रिफाइस हैज़ गिवन इज़
- 9:30:15गिवन अ न्यू डैश बाय द ओल्ड आर्टिस्ट। ये
- 9:30:17जो एलिमेंट है किसका एलिमेंट? सिंपैथी और
- 9:30:19सैक्रिफाइस का ये एक नया डैश देता है जो
- 9:30:22कि ओल्ड आर्टिस्ट के द्वारा किया गया। ये
- 9:30:24एक नया डैश देता है। किसको? कहानी को। अब
- 9:30:27ये एक नया डायमेंशन देता है कहानी को।
- 9:30:29बिल्कुल हो सकता है। आपने बहुत बार फिल्म
- 9:30:31रिव्यूज के बीच में सुना होगा के इसमें ये
- 9:30:34कैरेक्टर आया और उसने एक नया डायमेंशन दे
- 9:30:36दिया। अगला लिखा हुआ है, जो एक नया
- 9:30:38इन्फेक्शन देता है कहानी को, इन्फेक्शन
- 9:30:41देगा कहानी को। सेंस नहीं है। जो एक नया
- 9:30:43सुपरविज़न, एक नया देखरेख देता है कहानी
- 9:30:46को। नहीं। कहानी को सुपरविज़न नहीं चाहिए।
- 9:30:48जो एक नया कंडीशन देता है कहानी को, एक
- 9:30:50शर्त देता है कहानी को। ये भी हो सकता है।
- 9:30:52ये भी हो सकता है। ज्यादा सटीक तो यही है
- 9:30:54कि जो कि एक नया डायमेंशन देता है कि कॉमन
- 9:30:56एलिमेंट जो है सिंपथी और सैक्रिफाइस के वो
- 9:30:58जब आता है कहानी में तो वो एक नया
- 9:31:01डायमेंशन देता है। एक नया मोड़ देता है
- 9:31:03कहानी को। को अभी जब मैं डायमेंशन बोल रहा
- 9:31:04हूं ना मेरे ध्यान में आ रहा है अ मैं ना
- 9:31:07मूवी गया था रंझना ठीक है तभी मैं कॉलेज
- 9:31:10में था आई थिंक आई थिंक कोई स्कूल का
- 9:31:12लास्ट ईयर या कॉलेज मतलब 12th में होगा या
- 9:31:13या फर्स्ट ईयर में होगा ऐसा कुछ था तो मैं
- 9:31:15मेरा एक दोस्त और मेरे बड़े भाई साहब हम
- 9:31:17लोग तीनों राजस्थान देखने गए थे अब हम सब
- 9:31:19बॉलीवुड के बहुत बड़े फैन हम लोग गए
- 9:31:21एक्चुअली धनुष को देखने के लिए क्योंकि
- 9:31:22साउथ की फिल्में देख रखी थी तो हम गए धनुष
- 9:31:24को देखने के लिए फिल्म शुरू हुई मजा आ रहा
- 9:31:27था मजा आ रहा था एक पॉइंट आया जहां पे अभय
- 9:31:30देओल की डेथ हो गई और वहीं पे इंटरवल हुआ
- 9:31:33था मुझे मुझे याद है अच्छे से और पूरे
- 9:31:35इंटरवल में पूरा थिएटर शेल शॉक्ड बैठा था
- 9:31:38बिल्कुल कि ये क्या हुआ भाई क्योंकि हमने
- 9:31:42जितना ट्रेलर देखा था प्रोमो देखा था हमें
- 9:31:44लग रहा था ये कोई स्वीट रोमांटिक कॉमेडी
- 9:31:47टाइप का होगा कि ऐसे हम तुम टाइप की मूवी
- 9:31:49है कि हां स्वीट कॉमेडी होने वाली है तब
- 9:31:51तक स्वीट कॉमेडी चल भी रही थी अचानक से एक
- 9:31:53मेन करैक्टर का जो हीरो बनकर आया था उसकी
- 9:31:55डेथ हो जाती है हमें लगा ओ भाई साहब अब इस
- 9:31:59इवेंट ने ना एक नया डायमेंशन दे दिया ठीक
- 9:32:02है? उस स्टोरी को एक नया डायमेंशन दे दिया
- 9:32:05और वन ऑफ माय फेवरेट मूवीज है और मैं अभी
- 9:32:07भी खाना खाते हुए या तो तारक मेहता देखता
- 9:32:09हूं या तो रंजना देखता हूं अभी भी। मुझे
- 9:32:11बहुत मजा आता है। एक-एक डायलॉग मुझे याद
- 9:32:13है उसके। इतना बड़ा फैन हूं मैं उस फिल्म
- 9:32:15का। ठीक है? पता नहीं उतनी अच्छी मूवी थी
- 9:32:16भी कि नहीं। पर मुझे तो बहुत मजा आया।
- 9:32:18एनीवेज तो ये डायमेंशन है बाय ओल्ड
- 9:32:20आर्टिस्ट हु शोज़ बाय हिज लास्ट डेस्पिरेट
- 9:32:22एक्ट। जिसने उस ओल्ड आर्टिस्ट ने अपने
- 9:32:24लास्ट एक्ट से डेस्पिरेट मतलब होता है जब
- 9:32:27आप कुछ पाने के लिए बहुत ज्यादा हाथ पैर
- 9:32:28मारते हो। सो अपने लास्ट डेस्पिरेट एक्ट
- 9:32:30से उसने ये दिखा दिया कि कोई भी हीरो बन
- 9:32:33सकता है अगर वो केयर करे डैश अगर वो क्या
- 9:32:37करे इफ ओनली वन केयर्स इनफ अगर वो उतना
- 9:32:39केयर करे मतलब जितना चाहिए उतना केयर करे
- 9:32:42तो कोई भी हीरो बन सकता है मेक सेंस अगर
- 9:32:45वो इफ वन केयर्स टफ कोई सेंस नहीं है
- 9:32:48क्योंकि यहां पे अगर आप यहां अगर रखोगे तो
- 9:32:51कोई एडवर्ब चाहिए होगा फिर
- 9:32:54इनफ एक एडवर्ब होता है क्योंकि किसके लिए
- 9:32:55आ रहा है वो केयर्स के लिए आ रहा है वन के
- 9:32:57लिए तो आ नहीं रहा एडजेक्टिव तो है नहीं
- 9:32:59मैं कह रहा हूं कि अगर कोई ठीक से केयर
- 9:33:01करे तो ये ठीक से किसके लिए आ रहा है?
- 9:33:02केयर के लिए आ रहा है ना। कोई के लिए
- 9:33:04थोड़ी आ रहा है। इसका मतलब ये है कि ये
- 9:33:05केयर के लिए आ रहा है। तो यहां पे एडवर्ब
- 9:33:06होना चाहिए था। टफ एडवर्ब नहीं होता। टफ
- 9:33:08एडजेक्टिव होता है। टफ मैन टफ बॉय
- 9:33:10एडजेक्टिव होता है। दो इफ वन केयर्स दो कि
- 9:33:14अगर यद्यपि कोई केयर करे तो वो हीरो हो
- 9:33:16सकता है। हमें ये पता है वो केयर कर रहा
- 9:33:18है। अगला वन केयर्स थ्रू अगर वो पूरे टाइम
- 9:33:21तक केयर करे। देखो थ्रू ठीक लग रहा है पर
- 9:33:24अगर इनफ ऑप्शन में है तो हम इनफ को ही
- 9:33:26प्रेफरेंस देंगे कि अगर कोई उतना केयर
- 9:33:27करता है जितना उसे करना चाहिए तो कोई भी
- 9:33:29हीरो बन सकता है। ओ हेनरीस ट्रीटमेंट ऑफ ह
- 9:33:33मटेरियल। ओ हेनरी का जो ट्रीटमेंट है उस
- 9:33:34अपने मटेरियल का वो बैलेंस्ड है।
- 9:33:36कंट्रोलोल्ड है। एक फाइन डैश है ह्यूमर और
- 9:33:39पैथोस का। एक फाइन डैश है खुशी और दुख का।
- 9:33:42तो खुशी और दुख का फाइन डैश होगा। फाइन
- 9:33:45एसेंड होगा। फाइन चढ़ाई होगी। सेंस नहीं
- 9:33:47है। फाइन अमेंड होगा। फाइन सुधारना होगा।
- 9:33:49आपने अमेंडमेंट पढ़ा है ना? संशोधन
- 9:33:51सुधारना किसी चीज को उसको अमेंड कहते हैं।
- 9:33:54ठीक है? सो एक सुधार होगा ह्यूमर और दुख
- 9:33:56का कोई सेंस नहीं है। एक लेजेंड होगा
- 9:33:58ह्यूमर और दुख का कोई सेंस नहीं है।
- 9:33:59ब्लेंड ब्लेंड का मतलब होता है मिक्सचर।
- 9:34:02एक फाइन मिक्सचर होगा। अ एक फाइन मिक्सचर
- 9:34:06है किसका? दुख का और खुशी का। ये तो
- 9:34:08बिल्कुल ठीक लग रहा है। उम्मीद करता हूं
- 9:34:10आपको समझ में आ गया। लेबल अच्छा था इस इस
- 9:34:12क्वेश्चन का। बढ़ेंगे अगले वाले पैसेज पे।
- 9:34:14आप यहां पे अगेन वीडियो को पॉज करेंगे।
- 9:34:16अपना आंसर ट्राई करेंगे। मैं मान कर चल
- 9:34:19रहा हूं। आपने ट्राई कर लिया है। मैं बता
- 9:34:21रहा हूं आंसर। क्या लिखा हुआ है? पीपल
- 9:34:24ऑफेन से दैट द स्टार्स गवर्न देयर फेथ। बट
- 9:34:28दे फॉरगेट द फैक्ट दैट सक्सेस और फेलियर
- 9:34:30इज द रिजल्ट ऑफ़ वंस ओन डैश। लिखा हुआ है
- 9:34:33कि लोग हमेशा यह कहते हैं कि स्टार्स जो
- 9:34:36है मतलब जो सितारे हैं ना वो हमारी किस्मत
- 9:34:39गवर्न करते हैं। मतलब बेसिकली यह बोलना
- 9:34:40चाह रहा है कि लोग हमेशा ये कहते हैं कि
- 9:34:42किस्मत से मिलता है सबको सब कुछ। लेकिन वो
- 9:34:44भूल जाते हैं कि सक्सेस या फेलियर हमेशा
- 9:34:48रिजल्ट होता है अपने डैश का। इफ वी शो इफ
- 9:34:52वी शो शेफ अगर हम भूसा शेफ समझते हो ना
- 9:34:55भूस भूसा मतलब किसी भी अनाज का वो वो चीज
- 9:34:59जो हम यूज़ नहीं करते जो हम फेंक देते हैं।
- 9:35:01तो क्या लिखा हुआ है कि जो अगर आप भूसा
- 9:35:04उपजाओगे वी कांट रिप्रेन तो ऐसा नहीं होगा
- 9:35:07कि आपने भूसा जमीन में गाड़ा और उसके बदले
- 9:35:10अनाज निकल कर आ रहा है। ऐसा तो नहीं होता।
- 9:35:12ठीक है? एंड द रिजल्ट और क्सकुएंस ऑफ एन
- 9:35:15एक्शन डिपेंड्स ऑन वन डस ऑन व्हाट वन डस
- 9:35:18एंड टू व्हाट एक्सटेंट ही डैश इट। लिखा
- 9:35:20हुआ है कि और किसी भी चीज का जो परिणाम
- 9:35:22क्सक्वेंस का मतलब होता है परिणाम। तो
- 9:35:24किसी भी चीज का जो परिणाम है वो इस पे
- 9:35:26निर्भर करता है कि कोई भी व्यक्ति क्या
- 9:35:28करता है और किस डैश तक किस डैश तक वो डैश
- 9:35:34करता है। इफ वी वर्क हार्ड। अगर हम लोग
- 9:35:36कड़ी मेहनत करते हैं। वी सक्सीड ओनली टू द
- 9:35:38एक्सटेंट दैट वी वर्क। अगर हम लोग कड़ी
- 9:35:40मेहनत करते हैं, हम उसी हद तक पहुंच सकते
- 9:35:43हैं जिस हद तक हमने काम किया है। पीपल हु
- 9:35:45थिंक दैट द लॉ ऑफ कर्मा इज डैश मे फील दैट
- 9:35:49इफ वन इज डेस्टिंग टू गिव समथिंग ही विल
- 9:35:51ऑलवेज गेट इट वेदर ही स्ट्र्राइप्स फॉर इट
- 9:35:53और नॉट। लिखा हुआ है कि ऐसे लोग जो यह
- 9:35:56मानते हैं कि कर्मा डैश है। वो यह महसूस
- 9:36:00कर सकते हैं कि जिसके किस्मत में जो लिखा
- 9:36:03होगा वो उसे मिल जाएगा। वो उसके लिए
- 9:36:06स्ट्राइव करे या ना करे। मतलब वो उसे चाहे
- 9:36:09उसके लिए मेहनत करे या ना करे। बट
- 9:36:11एक्सपीरियंस टेल्स अस दैट रिवॉर्ड एंड
- 9:36:14पनिशमेंट्स आर द डायरेक्ट रिजल्ट ऑफ आवर
- 9:36:16एक्शन। देखो जो ये कह रहा है कि जो लोग
- 9:36:18किस्मत पर भरोसा करते हैं वो कहते हैं कि
- 9:36:19जो मिलना होगा मिल जाएगा। तुम चाहो या ना
- 9:36:21चाहो उसके लिए कर्म करो या ना करो। लेकिन
- 9:36:23अनुभव ये कहता है कि आपको रिवॉर्ड मतलब
- 9:36:26आपको किसी चीज का इनाम या किसी चीज का
- 9:36:28पनिशमेंट दंड आपको मिलता है वो जो मिलता
- 9:36:31है वो आपके डायरेक्ट रिजल्ट होता है आपके
- 9:36:32एक्शन का। ऑनेस्टी एंड हार्ड वर्क नेवर गो
- 9:36:36अनरिवॉर्डेड। ईमानदारी और कड़ी मेहनत कभी
- 9:36:38भी बिना रिवॉर्ड के नहीं जाती। मतलब हमेशा
- 9:36:41उसको कोई ना कोई इनाम तो मिलता है। खाली
- 9:36:44हाथ नहीं जाती। एंड डैश एंड इवल डीड्स
- 9:36:46नेवर गो डैश। और डैश और इवल डीड्स जो होते
- 9:36:50हैं मतलब जो गलत काम होते हैं ना डैश और
- 9:36:52गलत काम वो कभी डैश नहीं जाता। इनफैक्ट
- 9:36:55इवन द लॉ ऑफ़ कर्मा इन इट्स प्रॉपर सेंस
- 9:36:58मेंट द फ्रूट वी गेट इज़ डिसाइडेड बाय
- 9:37:00व्हाटएवर एक्शन वी डिड इन द पास्ट। यहां
- 9:37:02तक है कि कर्मा जो है ना वो इस बात से इस
- 9:37:06बात पे डिसाइड करता है कि जो काम आपने
- 9:37:08पास्ट में किया है आपको भविष्य में वैसा
- 9:37:10ही फल मिलेगा। ठीक है? आ जाओ एक-एक करके
- 9:37:15हम लोग अब इसके ब्लैंक्स भरेंगे। क्या
- 9:37:17लिखा हुआ है? पीपल ऑफन से दैट स्टार्स
- 9:37:19गवर्न देयर फेट। लोग अक्सर ऐसा कहते हैं
- 9:37:21कि जो स्टार्स होते हैं वो उनका फेट गवर्न
- 9:37:23कर रहा है। बट दे फॉरगेट दैट फैक्ट दैट
- 9:37:25सक्सेस ऑफ़ फेलियर इज़ द रिजल्ट ऑफ़ वंस ओन
- 9:37:27डैश। लेकिन वो भूल जाते हैं कि सक्सेस या
- 9:37:30फेलियर जो है वो उनके अपने डैश का नतीजा
- 9:37:33है। हिंदी में हमें समझ आ गया है कि यहां
- 9:37:35पे कर्म जैसा कोई शब्द जो भी कर्म के लिए
- 9:37:37इंग्लिश वर्ड होगा वो यूज़ होना चाहिए कि
- 9:37:39वो आपने जो कर्म किए हैं उसका ही फल मिलता
- 9:37:41है। सो ऑफ वंस ओन केस वन वंस ओन पावर वंस
- 9:37:46ओन एकशंस वंस ओन इंसिडेंट्स। आंसर क्या
- 9:37:49होगा? वंस ओन एक्शंस। कि वो उनके एक्शंस
- 9:37:52का नतीजा होता है। आगे भी एक लाइन में
- 9:37:54कहीं एक्शंस आया था। कहां आया था? यहां
- 9:37:55आया था। एक्सपीरियंस हमें ये कहता है कि
- 9:37:57रिवॉर्ड और पनिशमेंट हमारे एक्शन के
- 9:38:00डायरेक्ट रिजल्ट होते हैं। अभी समझ रहे हो
- 9:38:02क्यों पहले पढ़ना जरूरी है पैसेज को? टोन
- 9:38:05वगैरह तो हम समझते ही हैं। साथ ही साथ में
- 9:38:07कभी-कभी आंसर भी मिल जाता है। जैसे इस
- 9:38:08वाले में आंसर डायरेक्टली मिल गया क्योंकि
- 9:38:10उसी का जुड़वा भाई लाइनन यहां पे लिखा हुआ
- 9:38:13था। आगे बढ़ेंगे। अगर हम लोग भूसा रोपते
- 9:38:17हैं तो उससे अनाज नहीं निकलेगा। जो
- 9:38:19क्सकुएंस है रिजल्ट का वो डिपेंड करता है
- 9:38:22कि हम क्या करते हैं। व्हाट वन डज़ एंड टू
- 9:38:25द एक्सटेंट ही डैश एंड टू द एक्सटेंट ही
- 9:38:28हैव जिस हद तक उसके पास है सेंस में हम
- 9:38:31क्या करते हैं किस हद तक उसके पास है किस
- 9:38:34हद तक उसके पास है नहीं ऑन द ऑन व्हाट डस
- 9:38:37एंड टू द एक्सटेंट ही पुट उस हद तक जिस हद
- 9:38:40तक वो रखता है कोई सेंस नहीं है उस हद तक
- 9:38:42वो जिस हद तक क्रिएट करता है फिर तो यहां
- 9:38:44पे क्रिएट्स होना चाहिए था यहां पे भी
- 9:38:46पुट्स होना चाहिए था अच्छा इस तरीके से भी
- 9:38:48तो कर सकता था ना हां जी बिल्कुल ही क्या
- 9:38:51है सिंगुलर है अगर सिंगुलर तो हैव कैसे
- 9:38:54होगा? हैज़ होना चाहिए। पुट कैसे होगा?
- 9:38:56पुट्स होना चाहिए। क्रिएट कैसे होगा?
- 9:38:58क्रिएट्स होना चाहिए। अब देखो आपके सामने
- 9:39:00एक और लिंक मिल गया ना मुझे बनाते बनाते।
- 9:39:02आगे देखो। एक्सटेंड ही डैश आंसर क्या
- 9:39:04होगा? ही डज़। वर्ब का पांचवा फॉर्म होना
- 9:39:06चाहिए था। मिल गया हमें। इसी स्ट्रीट
- 9:39:09स्मार्टनेस की मैं बात कर रहा था। अब ये
- 9:39:11तो आसान-आसान ऑप्शन था। टफ रहता तो यहां
- 9:39:12से बना सकते थे। ये पढ़ते-पढ़ते एक्सपीरियंस
- 9:39:14से आपको समझ में आने लगता है। आप जितना
- 9:39:16ज्यादा रीडिंग करेंगे। अच्छा अब ये बात ना
- 9:39:18कमेंट में बड़े सारे बच्चे पूछते हैं कि सर
- 9:39:20इंग्लिश बेहतर करनी है, कैसे करें? करें।
- 9:39:21इंग्लिश बेहतर करनी है। कैसे करें? मैं
- 9:39:23आपको बताता हूं कि मतलब सब कुछ तो नहीं
- 9:39:25बताऊंगा। डेढ़ घंटे का क्लास 2 घंटे का
- 9:39:27क्लास हो जाएगा। पर मैं एक चीज जो बोल
- 9:39:29सकता हूं जिससे मुझे बहुत फायदा हुआ।
- 9:39:30मैंने इंग्लिश वहां से नहीं सीखी पर मुझे
- 9:39:32बहुत फायदा हुआ। वो है कि मैं इंग्लिश
- 9:39:34मूवीज बहुत देखता हूं। आज भी देखता हूं।
- 9:39:37सबटाइटल्स के साथ देखता हूं। साथ ही साथ
- 9:39:39में मैं वेब सीरीज बहुत देखता हूं। ठीक
- 9:39:42है? सुबह-सुबह मैं न्यूज़पेपर जरूर पढ़ता
- 9:39:45हूं। चाय के साथ। अब चाय पियो ना पियो।
- 9:39:47आपकी मर्जी है। न्यूज़पेपर जरूर पढ़ो। मैं
- 9:39:48ये बोलना चाह रहा हूं। ये तीन चीजें मेरे
- 9:39:51लिए नॉन नेगोशिएबल है। इसके साथ मैं
- 9:39:53कॉम्प्रोमाइज नहीं करता। मैं जब भी ट्रेवल
- 9:39:55करता हूं मेरे फोन में हमेशा छह सात मूवीस
- 9:39:57रहते हैं। Netflix जो भी है प्राइम जहां
- 9:39:59पे भी है प्रेफरेबली इंग्लिश मूवीस रहते
- 9:40:02हैं। या अगर साउथ के मूवीस हैं तो मैं उसी
- 9:40:04लैंग्वेज में देखना पसंद करता हूं क्योंकि
- 9:40:05हिंदी में उसका मर्डर हो जाता है। तो
- 9:40:07उसमें मैं सबटाइटल ऑन कर लेता हूं।
- 9:40:09सबटाइटल इंग्लिश में होते हैं। मैं बस ये
- 9:40:11बोलना चाह रहा हूं जितना ज्यादा इंग्लिश
- 9:40:12के कांटेक्ट में रहोगे उतने स्पीड से
- 9:40:15इंग्लिश सीखोगे और कोई तरीका नहीं है। ठीक
- 9:40:17है? बस यही एक तरीका है। इसीलिए मूवीस
- 9:40:20देखो ज्यादा से ज्यादा, वेब सीरीज देखो
- 9:40:21ज्यादा से ज्यादा, न्यूज़पेपर पढ़ो ज्यादा
- 9:40:23से ज्यादा। नोवेल्स भी पढ़ सकते हो। मजा
- 9:40:25आता है तो। ठीक है? तो आप इसमें से जो भी
- 9:40:28फॉलो करना चाहो करो। वहां से एक सेंस
- 9:40:30इंग्लिश का बड़ा अच्छा डेवलप हो जाता है।
- 9:40:32मेरा तो सेंस वहीं से डेवलप हुआ है। आगे
- 9:40:34बढ़ेंगे। पीपल हु थिंक दैट द लॉ ऑफ़ कर्मा
- 9:40:38इज डैश। ऐसे लोग जिनका यह मानना है कि लॉ
- 9:40:41ऑफ़ कर्मा डैश है। लॉ ऑफ़ कर्मा क्या है? लॉ
- 9:40:43ऑफ़ कर्मा ग्रेटेस्ट है। अच्छा ग्रेटेस्ट
- 9:40:45तो सुपरलेटिव डिग्री है। हम यह बात समझते
- 9:40:48हैं ना कि सुपरलेटिव डिग्री के आगे द लगता
- 9:40:50है। तो अगर यह आंसर होता तो फिर यहां पर द
- 9:40:53ग्रेटेस्ट होना चाहिए था। क्या होना चाहिए
- 9:40:55था? पीपल हु थिंक दैट लॉ ऑफ़ कर्मा इज द
- 9:40:57ग्रेटेस्ट। नहीं हो सकता। यहां द नहीं
- 9:40:59लिखा हुआ इज़ मोर। मोर मतलब कंपेरेटिव
- 9:41:03डिग्री यूज़ करेंगे। किसके लिए यूज़ कर रहे
- 9:41:04हैं हम लोग? किससे कंपेयर कर रहे हैं? देन
- 9:41:07कहां है? पता नहीं। पीपल हु थिंक दैट द लॉ
- 9:41:10ऑफ़ कर्मा इज़ सुप्रीम। ये हो सकता है कि लॉ
- 9:41:12ऑफ़ कर्मा जो है सबसे ऊपर है। लॉ ऑफ़ कर्मा
- 9:41:15इज़ मोस्ट। फिर सही बात है। सुपरेटिव
- 9:41:16डिग्री है तो द लगाओ। आंसर तो यही होगा।
- 9:41:19मे फील दैट वन इज़ डेस्टिन टू गेट समथिंग।
- 9:41:22ही विल ही विल ऑलवेज गेट इट वेदर ही
- 9:41:25स्ट्र्राइप्स फॉर इट ऑ नॉट। बट एक अनुभव
- 9:41:27में ये कहता है एक्सपीरियंस हमें ये कहता
- 9:41:29है कि रिवॉर्ड्स और पनिशमेंट्स जो है वो
- 9:41:31डायरेक्ट रिजल्ट है हमारे एक्शन के।
- 9:41:32ऑनेस्ट एंड हार्ड वर्क नेवर गो
- 9:41:34अनरिवार्डेड। ऑनेस्टी ईमानदारी और हार्ड
- 9:41:37वर्क जो है वो कभी भी अनरिवॉर्डेड नहीं
- 9:41:39जाती। एंड डैश एंड एबल डीड्स। क्या आपको
- 9:41:43यहां पर दिख रहा है एंड का इस्तेमाल? एंड
- 9:41:45का मतलब क्या है? कि यहां पर जो नाउन यूज
- 9:41:47किया गया यहां पर भी उसी सेंस का नाउन यूज
- 9:41:49किया जाएगा। यह एंड जो कंजक्शन है यह तो
- 9:41:52क्लॉज़ को जोड़ रहा है। ये एंड जो कंजक्शन
- 9:41:54है ये दो नाउन को जोड़ रहा है आपस में। तो
- 9:41:55इविल डीड्स मतलब गलत काम। तो यहां पे भी
- 9:41:58कोई ना कोई नेगेटिव वर्ड होना चाहिए ना।
- 9:41:59तो लिखा हुआ है कि ऑनेस्टी और ईमानदारी जो
- 9:42:02है वो बिना इनाम के कभी नहीं जाती। और
- 9:42:06फेयरनेस और गलत काम। फेयरनेस और गलत काम।
- 9:42:08ये तो उल्टा हो जाएगा। फिर बैडली ये तो
- 9:42:11एडवर्ब है। हमें नाउन चाहिए।
- 9:42:13डिसओनेस्टी एंड एबल डीड्स। ऑनेस्टी का
- 9:42:16उल्टा डिसऑनेस्टी मतलब बेईमानी और गलत काम
- 9:42:19यह हो सकता है। हॉरेबबली एडवर्ब है। नहीं
- 9:42:21हो सकता। हमें नाउन चाहिए था। आंसर कौन सा
- 9:42:23होगा? डिसऑनेस्टी। कि बेईमानी और गलत काम
- 9:42:26जो है वो कभी भी डैश नहीं जाते। वो कभी भी
- 9:42:29वेस्ट नहीं जाते। मतलब हमेशा उनका कोई ना
- 9:42:31कोई अच्छा फल मिलता है। तो चलो बेईमान बन
- 9:42:33जाते हैं। सेंस नहीं है। कह रहा है वाइल।
- 9:42:36वाइल का मतलब क्या होता है? वाइल का मतलब
- 9:42:38होता है समथिंग दैट इज़ एक्सट्रीमली
- 9:42:41अनप्लेज़ेंट। कोई ऐसी चीज जो बड़ी बुरी हो।
- 9:42:43ठीक है? तो लिखा हुआ है कि बेईमानी और गलत
- 9:42:46काम जो है वो कभी बुरी नहीं जाती। कोई
- 9:42:48सेंस नहीं है। वो कभी अनपनिश्ड नहीं जाती।
- 9:42:51मतलब बिना सजा के आप कभी नहीं छूटोगे।
- 9:42:53आपको हमेशा सजा मिलेगा। उससे जब भी आप गलत
- 9:42:56काम करोगे इसका सेंस बन रहा है। विल नेवर
- 9:42:58गो पनिश्ड। मतलब गलत काम और बेईमानी भर-भर
- 9:43:01के करो। कभी सजा मिलेगी ही नहीं। यह भी
- 9:43:02नहीं है। आंसर कौन सा है? ऑप्शन नंबर
- 9:43:04थ्री। उम्मीद करता हूं यहां तक आपको बात
- 9:43:08अच्छे से समझ में आ चुकी है। बढ़ेंगे अपने
- 9:43:11लास्ट पैसेज की तरफ इस वीडियो के। अगर आप
- 9:43:14यहां तक बने हो और आपको मजा आ रहा है
- 9:43:17पढ़ने में तो जल्दी से क्या करना है? फिर
- 9:43:19से वही वाला काम जो बार-बार बोलता हूं।
- 9:43:21ज्यादा से ज्यादा इस वीडियो को शेयर करना
- 9:43:23है। कहां शेयर करोगे? जिस भी लाइब्रेरी
- 9:43:25में पढ़ते हो सब दोस्तों से शेयर करो। जिस
- 9:43:27भी WhatsApp ग्रुप में हो वहां शेयर करो।
- 9:43:29Telegram ग्रुप में हो वहां शेयर करो।
- 9:43:31सोशल मीडिया में जहां पे भी हो वहां शेयर
- 9:43:32करो। साथ ही साथ में WhatsApp करना अपने
- 9:43:35सारे फैमिली एंड फ्रेंड्स को जो लोग भी
- 9:43:38रिलेटेड हैं इंग्लिश के साथ और अगर
- 9:43:40बिल्कुल नए हो तो सब्सक्राइब करना मत
- 9:43:42भूलना। आ जाओ लास्ट पैसेज पे। जब तक मैंने
- 9:43:45ये बकवास करी मैं उम्मीद करता हूं आपने
- 9:43:47पॉज करके क्वेश्चन बना लिया था। तो क्या
- 9:43:50लिखा हुआ है? गांधी डैश फादर ऑफ द इंडियन
- 9:43:53नेशन प्रैक्टिस्ड अहिंसा इन हिस पर्सनल
- 9:43:56एंड पॉलिटिकल लाइफ। लिखा हुआ है गांधी जो
- 9:43:59कि फादर ऑफ द इंडियन नेशन है। भारत के
- 9:44:01राष्ट्रपिता माने जाते हैं। उन्होंने
- 9:44:03अहिंसा प्रैक्टिस की है अपने पूरे पर्सनल
- 9:44:05और पॉलिटिकल लाइफ में। ही फर्मली बिलीव्ड
- 9:44:08दैट नॉन वायलेंस इज नॉट मेंट मेयरली फॉर
- 9:44:10मंग्स सेंट्स एंड प्रीस्ट्स। लिखा हुआ है
- 9:44:13उनका ये मानना था और इस बात पे पूरा भरोसा
- 9:44:15वो करते थे कि जो अहिंसा है ना वो सिर्फ
- 9:44:18पुजारियों के लिए, संतों के लिए, साधुओं
- 9:44:21के लिए, इनके लिए नहीं है। इट इज फॉर
- 9:44:23कॉमनस्ट टू। ये आम आदमी के लिए भी है। इफ
- 9:44:26वायलेंस इज द लॉ ऑफ द डैश बीस्ट्स। लिखा
- 9:44:30है कि बीस्ट मतलब होता है राक्षस। अगर
- 9:44:32वायलेंस जो है अगर हिंसा जो है वो कानून
- 9:44:35है डैश राक्षसों का। नॉन वायलेंस इज द लॉ
- 9:44:38ऑफ द सिविलाइज्ड ह्यूमन स्पीशीज। तो
- 9:44:40अहिंसा जो है वो इंसानों के सभ्य इंसानों
- 9:44:44का कानून है। मतलब यहां पर सेंटेंस को
- 9:44:46कंट्रास्ट वे में लिखा गया है कि अगर
- 9:44:48हिंसा राक्षसों का कानून है तो अहिंसा जो
- 9:44:53सिविलाइज्ड है जो सभ्य इंसान है, इंसानी
- 9:44:56प्रजातियां हैं उनका लॉ है। द स्पिरिट ऑफ
- 9:44:59द ब्रूट इज इनक्टिव। लिखा हुआ है कि ब्रूट
- 9:45:02मतलब होता है कोई भी ऐसा व्यक्ति जो बहुत
- 9:45:04वायलेंट हो। ठीक है? उग्र जिसे कहते हैं।
- 9:45:06तो लिखा है कि अगर एक ब्रूट व्यक्ति की
- 9:45:09आत्मा अगर एक वायलेंट व्यक्ति की आत्मा
- 9:45:11बहुत इनक्टिव है एंड सो ही नोस नो लॉ उसे
- 9:45:15कानून नहीं पता। ही नोस ओनली फिजिकल
- 9:45:17माइंड। उसे सिर्फ फिजिकल शक्ति का पता है।
- 9:45:20ये कह रहा है कि जो एक एक जो वायलेंट
- 9:45:23इंसान होता है ना वो अंदर से मर चुका होता
- 9:45:25है। मतलब उसकी समझ मर चुकी होती है और उसे
- 9:45:27सिर्फ शक्ति नजर आती है। द डिग्निटी ऑफ़ अ
- 9:45:29मैन रिक्वायर्स ओबिडियंस टू हायर लॉ।
- 9:45:31लेकिन एक व्यक्ति की जो डिग्निटी है, एक
- 9:45:34व्यक्ति का जो सम्मान है, वो एक ऊपर के
- 9:45:37कानून को फॉलो करता है। वो एक अंदर मतलब
- 9:45:40अपने अंदर जो आत्मा होती है, उसके कानून
- 9:45:42को फॉलो करता है। टू द स्ट्रेंथ ऑफ द
- 9:45:44स्पिरिट। अपने आत्मा के को मतलब की जो
- 9:45:48ताकत है वो उसको सर्व करता है। वो किसी
- 9:45:50फिजिकल माइट को सर्व नहीं करता। गांधी सेड
- 9:45:54अहिंसा टू गांधी मेंट दैट वन शुड लव ऑल
- 9:45:56मैन इवन डैश एनिमीज़। गांधी जी के लिए
- 9:45:59अहिंसा का मतलब यह था कि एक व्यक्ति को हर
- 9:46:01किसी से प्यार करना चाहिए दुश्मनों से भी।
- 9:46:04एंड द एक्सप्रेशनंस ऑफ लव अहिंसा शुड बी
- 9:46:07इन सच अ मैनर दैट इट इंप्रेसेस इटसेल्फ
- 9:46:10इनबली अपॉन द सो कॉल्ड एनिमी। लिखा है कि
- 9:46:13और जो एक्सप्रेशन है ना लव का अहिंसा में
- 9:46:16ये इस तरीके से लोगों को प्रैक्टिस करनी
- 9:46:18चाहिए कि वो किसी के भी दिल में एक
- 9:46:21इनडेलबल इनडेलबल वन वर्ड है। प्रीवियस ईयर
- 9:46:24क्वेश्चन में पूछा गया है।
- 9:46:26माफ़ कीजिएगा। इनडेलबल का मतलब होता है दैट
- 9:46:28कैन नॉट बी इरेज्ड।
- 9:46:32ऐसी कोई चीज जिसे मिटाया ना जा सके। ठीक
- 9:46:34है? इसको याद कैसे रखोगे? डिलीट में डेल
- 9:46:36होता है ना? यहां पे भी डेल है। सो जिसे
- 9:46:38डिलीट ना किया जा सके। जिसे मिटाया ना जा
- 9:46:40सके। ठीक है? सो वो इनडेलबल है। ठीक? तो
- 9:46:43कह रहा है कि अहिंसा इस तरीके से
- 9:46:44प्रैक्टिस करना है। प्यार इस तरीके से
- 9:46:46दिखाना है कि वो किसी के अंदर से कभी मिटे
- 9:46:48ही ना। आपके दुश्मन के अंदर से भी ना
- 9:46:50मिटे। एंड देन द एनिमी मस्ट रिटर्न दैट
- 9:46:53लव। और इस हद तक अपने दुश्मनों से प्यार
- 9:46:55कीजिए कि दुश्मन मजबूर हो जाए आपको प्यार
- 9:46:57करने के लिए। इट इज अ प्रैक्टिकली डैश
- 9:47:00फिलॉसफी। यह एक प्रैक्टिकली डैश फिलॉसफी
- 9:47:02है गांधी जी की। गांधीजी वाज़ रियलिस्ट।
- 9:47:04गांधी जी एक रियलिस्ट व्यक्ति थे। मतलब
- 9:47:06प्रैक्टिकल व्यक्ति थे। ही बिलीव्ड दैट
- 9:47:08नॉन वायलेंस प्रोवाइड नॉन वायलेंस
- 9:47:11प्रोवाइड्स द फुलेस्ट प्रोटेक्शन टू वन
- 9:47:13सेल्फ रिस्पेक्ट एंड सेंस ऑफ़ ह्यूमर। उनका
- 9:47:14यह मानना था कि अहिंसा जो है ना वो किसी
- 9:47:17भी व्यक्ति का जो आत्मसम्मान है या जो
- 9:47:20उसके अंदर का सेंस ऑफ ह्यूमर है जो उसके
- 9:47:22अंदर का मजाक का सेंस है उसका फुल
- 9:47:24प्रोटेक्शन करता है। इट वोंट वर्क इन द
- 9:47:27डिफेंस ऑफ डैश गेंस एंड इमोरल एक्ट्स। वो
- 9:47:29किसी गलत काम का या डैश गेंस के डिफेंस
- 9:47:31में कभी काम नहीं करेगा। अहिंसा मतलब ऐसा
- 9:47:34नहीं है कि तुम स्मगलर हो और तुम अहिंसा
- 9:47:35फॉलो कर रहे हो। तुम अपनी स्मगलिंग छुपाने
- 9:47:37के लिए अहिंसा का की मदद नहीं ले पाओगे।
- 9:47:39ही कॉल्ड ह मार्चेस ऑफ वन पीपल इंडल्ज्ड
- 9:47:42इन वायलेंस वायलेंस ड्यूरिंग प्रोटेस्ट ऑफ
- 9:47:44इंडियास फ्रीडम प्रोटेस्ट फॉर इंडियास
- 9:47:46फ्रीडम लिखा हुआ है कि ऐसा होता था कि जब
- 9:47:48वो मतलब स्ट्राइक करते थे या कोई मार्च
- 9:47:51करते थे और कहीं उन्हें पता चलता था कि
- 9:47:53वायलेंस जो है वो हो गया है तो वो उसे
- 9:47:57कैंसिल कर देते थे। वो अपने सेरेमनीज़
- 9:47:59कैंसिल कर देते थे। वो अपने सेमिनार्स
- 9:48:01कैंसिल कर देते थे। हिज फेथ इन अहिंसा
- 9:48:04प्लेड एन इनफ्लुएंशियल रोल इन द इनेबलिंग
- 9:48:07द क्रिएशन ऑफ एन इंडिपेंडेंट इंडिया इन
- 9:48:091947। उनका जो अहिंसा उनकी जो अहिंसा थी
- 9:48:13ना उनका जो भरोसा था अहिंसा के ऊपर उसने
- 9:48:15बहुत ही इन्फ्लुएंशियल रोल प्ले किया 1947
- 9:48:17में आजादी दिलाने में विथ मिनिमम ब्लड शेड
- 9:48:20ब्रेकिंग द शकल्स फ्रेम बाय द ब्रिटिश।
- 9:48:23बहुत कम खून बहा के उन्होंने वो वो पिंजरा
- 9:48:26तोड़ा जो कि अंग्रेजों ने बनाकर रखा था
- 9:48:29हमारे भारत देश के ऊपर। ठीक है? अब टोन
- 9:48:32क्या है भाई साहब? टोन तो पॉजिटिव है।
- 9:48:34किसके बारे में बात की जा रही है? गांधी
- 9:48:35जी और उनके अहिंसा के थ्यरी और उनके
- 9:48:37अहिंसा के प्रैक्टिस के बारे में। ठीक है?
- 9:48:39आ जाओ एक-एक करके फिल अप करते हैं। लिखा
- 9:48:41है गांधीजी डैश फादर ऑफ इंडिया इंडियन
- 9:48:44नेशन। अ फादर ऑफ इंडियन देखो अ का
- 9:48:46इस्तेमाल कहां किया जाता है? अ का मतलब
- 9:48:48होता है जब आप किसी चीज को इन जनरल बोलना
- 9:48:52चाह रहे हो और वो संख्या में बहुत है।
- 9:48:54जैसे अ बॉय बहुत सारे लड़के हैं। उनमें से
- 9:48:56मैं किसी एक को बोल रहा हूं तो मैं अ बॉय
- 9:48:58बोलूंगा। क्या ऐसा है कि भारत के 1520
- 9:49:02स्वतंत्रता सेनानियों को भारत का पिता
- 9:49:03घोषित किया गया? फादर ऑफ इंडियन नेशन
- 9:49:05घोषित किया गया? नहीं एक ही तो है महात्मा
- 9:49:08गांधी। इसका मतलब ए तो नहीं हो सकता। अब
- 9:49:11क्या है? गांधी फॉर फादर ऑफ द इंडियन
- 9:49:13नेशन। गांधी भारत के राष्ट्रपिता के लिए
- 9:49:15सेंस नहीं है। गांधी द फादर ऑफ इंडियन
- 9:49:18नेशन। ये हो सकता है क्योंकि जब भी हम
- 9:49:20किसी चीज को स्पेसिफिक बताना चाहते हैं,
- 9:49:22किसी चीज को हम हाईएस्ट लेवल का बताना
- 9:49:25चाहते हैं तो हम वहां पे द लगाते हैं। तो
- 9:49:26गांधी द फादर ऑफ इंडियन नेशन ये हो सकता
- 9:49:29है। गांधी एन फादर ये तो ग्रामेटिकली
- 9:49:31इनकरेक्ट है। फादर एफ कोसोनेंट के साउंड
- 9:49:33से स्टार्ट है। एन नहीं ले सकता अपने आप
- 9:49:34में। चलो ये तो ठीक है। आगे बढ़ेंगे हम
- 9:49:36लोग। लिखा है कि प्रैक्टिस अहिंसा इन ह
- 9:49:38पर्सनल एंड पॉलिटिकल लाइफ। ही फर्मली
- 9:49:40बिलीव्ड। उनका यह मानना था कि नॉन वायलेंस
- 9:49:42जो है वो केवल मंग सिंस और प्रीस्ट के लिए
- 9:49:45नहीं है। यह कमनर्स के लिए भी है। इफ
- 9:49:47वायलेंस इज द लॉ ऑफ द डैश बीस्ट्स। अगर यह
- 9:49:51अ कानून है वायलेंस जो है अगर वो कानून है
- 9:49:55डैश बीस्ट का कौन से बीस्ट का? अ लाइफ
- 9:49:57बीस्ट्स। लाइफ बीस्ट्स, फॉरेस्ट लिविंग
- 9:50:00बीस्ट्स, फॉरेस्ट लिव बीस्ट्स। कह रहा है
- 9:50:03कि अगर वायलेंस जो है ना वो जिंदा
- 9:50:05राक्षसों का कानून है। कोई सेंस है?
- 9:50:09लाइफ नाउन है।
- 9:50:11बीस्ट नाउन था। हमें यहां एडजेक्टिव चाहिए
- 9:50:14था। भाई साहब कैसे बीस्ट है? डैश बीस्ट
- 9:50:17है। इसका मतलब एडजेक्टिव होना चाहिए। लाइफ
- 9:50:20तो नाउन होता है। नहीं हो सकता। लाइफ
- 9:50:22बीस्ट कुछ नहीं होता। फॉरेस्ट लिविंग
- 9:50:24बीस्ट अगर वायलेंस जंगल में रह रहे
- 9:50:27जानवरों का कानून है। या फॉरेस्ट लिव्ड
- 9:50:31बीस्ट। कह रहा है कि अगर ये जंगल में रह
- 9:50:34के आए राक्षसों का या जानवरों का कानून
- 9:50:37है। आंसर क्या? ऑप्शन नंबर थ्री। हम लोग
- 9:50:39क्या कहते हैं कि वायलेंस कहां का कानून
- 9:50:41है? जानवरों का। ऐसे जानवर जो जंगल में रह
- 9:50:44रहे हैं ना उनके लिए वायलेंस ही एक रास्ता
- 9:50:46है। इसका मतलब जंगल में रह रहे बीस्ट की
- 9:50:48बात हो रही है। जंगल में रह चुके बीस्ट की
- 9:50:50बात नहीं हो रही। आंसर क्या होगा? फॉरेस्ट
- 9:50:52लिविंग बीस्ट्स। ठीक है? आगे बढ़ेंगे। द
- 9:50:55स्पिरिट ऑफ़ द ब्रूट इज़ इनक्टिव एंड सो
- 9:50:57मतलब जो एक कठोर दिल का व्यक्ति है, जो
- 9:51:00वायलेंट व्यक्ति है, उसके लिए एक ही चीज
- 9:51:03जरूरी है। उसकी ताकत। लेकिन जो एक ऐसा
- 9:51:06व्यक्ति जो अहिंसा फॉलो करता है वो सिर्फ
- 9:51:08अपने अंदर की आत्मा के लिए आंसरेबल होता
- 9:51:10है। उसकी ताकत वहां से आती है। अहिंसा टू
- 9:51:13गांधीजी गांधी जी के लिए अहिंसा मेंट दैट
- 9:51:15मेंट दैट उसका ये मतलब था वन शुड लव ऑल।
- 9:51:18एक व्यक्ति को यहां वन यूज़ किया गया। किसी
- 9:51:21व्यक्ति को सबसे प्यार करना चाहिए। इवन
- 9:51:23डैश एनिमीज़। इवन इट्स एनिमीज़ इट्स तो
- 9:51:26निर्जीव चीज के लिए होता है। नहीं हो
- 9:51:28सकता। इवन हर एनिमीज़। अच्छा यह रूल आपने
- 9:51:31क्या प्रोनाउन में पढ़ा है कि अगर हम वन
- 9:51:33यूज़ करते हैं तो आगे हमेशा वंस यूज़ होता
- 9:51:35है। यह वाला पढ़ा है ना कि वन शुड
- 9:51:37रेस्पेक्ट वंस पेरेंट्स। हिज पेरेंट्स
- 9:51:39नहीं हो सकता। हर पेरेंट्स नहीं हो सकता।
- 9:51:41ये वाला तो पढ़ा है। इसका मतलब आंसर तो यही
- 9:51:43होगा। बहुत सिंपल क्वेश्चन था। वन शुड लव
- 9:51:45ऑल इवन वंस एनिमीज़। एंड द एक्सप्रेशन ऑफ़
- 9:51:47लव अहिंसास शुड बी इन सच अ मैनर दैट इट
- 9:51:50इंप्रेससेस इटसेल्फ इंडलीबली अपॉन द सो
- 9:51:52कॉल्ड एनिमी। एंड देन द एनिमी मस्ट रिटर्न
- 9:51:54दैट लव। इट इज़ अ प्रैक्टिकली डैश
- 9:51:57फिलॉसोफी। इट इज़ अ प्रैक्टिकली व्हाट
- 9:51:58फिलॉसफी। इट इज़ अ प्रैक्टिकली प्रूव
- 9:52:00फिलॉसफी। अच्छा यहां पे तो कोई एडजेक्टिव
- 9:52:02होना चाहिए ना? कोई एडजेक्टिव होना चाहिए।
- 9:52:04फिलॉसोफी कैसा है? फिलॉसोफी डैश है। अच्छा
- 9:52:07है, बुरा है। अब मैं गुड फिलॉसोफी बोलूं,
- 9:52:09बैड फिलॉसफी बोलूं? है तो सारे एडजेक्टिव।
- 9:52:10गुड बोलूं कि बैड बोलूं? तो यहां पे कोई
- 9:52:12एडजेक्टिव होना चाहिए था। प्रूफ वर्ब होता
- 9:52:14है। प्रूफ नाउन होता है। इन केस यू डोंट
- 9:52:17नो। प्रूफ नाउन होता है। प्रूव वर्ब होता
- 9:52:19है। तो लिखा हुआ है कि प्रैक्टिकली प्रूफ
- 9:52:21फिलॉसफी। वर्ब तो नहीं हो सकता। इट इज़ अ
- 9:52:23प्रैक्टिकली प्रूवन फिलॉसफी। देखो इन केस
- 9:52:26यू डोंट नो ये वाला चीज़ नोट कर लेना।
- 9:52:28कभी-कभी बहुत काम आता है। पीआरओ वी प्रूव
- 9:52:31मतलब होता है कोई चीज साबित करना। इसके दो
- 9:52:34वी2 या V3 बनते हैं। एक बनता है प्रूवन,
- 9:52:39एक बनता है प्रूव्ड।
- 9:52:41ठीक है? प्रूव्ड का इस्तेमाल आमतौर पर
- 9:52:44वहां करते हैं जहां पे आप इस वर्ड को एज अ
- 9:52:46वर्ब यूज़ करना चाह रहे हो। किसी हेल्पिंग
- 9:52:48वर्ब के बाद आ गया। आप इसे एज अ वर्ब यूज़
- 9:52:50करना चाह रहे हो। प्रूव्ड यूज़ करो।
- 9:52:51प्रेफरेबली प्रूवन यूज़ होता है जहां पे आप
- 9:52:54इसको एज अ पार्टिसिपल यूज़ करते हो। कहने
- 9:52:55का मतलब ये है जहां पे आप उसको एज एन
- 9:52:56एडजेक्टिव यूज़ करते हो। जैसे उसने थ्योरम
- 9:52:59प्रूफ कर दिया। ही हैज़
- 9:53:02प्रूव्ड द थ्योरम या प्रूवन द थ्योरम।
- 9:53:07आंसर है प्रूव्ड होना चाहिए। ठीक है?
- 9:53:09क्योंकि प्रेफरेबबली हम यहां पे प्रूवन को
- 9:53:11प्रेफर करेंगे। इसीलिए क्योंकि हम यहां पे
- 9:53:13इसको एज अ मेन वर्ब यूज़ करना चाह रहे हैं।
- 9:53:15लेकिन मैं किसी थ्योरम के बारे में बोल
- 9:53:17रहा हूं कि ये पहले से साबित थ्योरम है।
- 9:53:19इट इज़ अ प्रूवन थ्योरम या इट इज़ अ प्रूव्ड
- 9:53:22थ्योरम। आंसर है ज्यादा स जो मतलब सटीक है
- 9:53:25या ज्यादा हम प्रेफरेंस देंगे प्रूवन
- 9:53:26थ्योरम को क्योंकि हम यहां पे थ्योरम को
- 9:53:28क्वालीफाई करने के लिए एक एडजेक्टिव ढूंढ
- 9:53:30रहे हैं। तो मैं कहना ये चाह रहा हूं
- 9:53:31बेसिकली कि प्रूव के दो वी थ्री बनते हैं।
- 9:53:33प्रूवन भी बनता है, प्रूव भी बनता है। जब
- 9:53:35आप एडजेक्टिव डिमांड करेगा सेंटेंस ना तो
- 9:53:37प्रूवन को प्रेफर करना। जब ये वर्ब डिमांड
- 9:53:40करेगा तो हमेशा प्रेफर कीजिएगा आप प्रूव्ड
- 9:53:42को। ठीक है? यहां पे क्या था? एक फिलॉसफी
- 9:53:45की बात हो रही थी। हमें एडजेक्टिव चाहिए
- 9:53:47था। यहां पे प्रूवन यूज़्ड है कि ये प्रूवन
- 9:53:49थ प्रूवन फिलॉसोफी है। ठीक तो लग रहा है।
- 9:53:51प्रूविंग वर्ब है अप्रूव्ड। अप्रूव्ड
- 9:53:55फिलोसफी क्या किसी से परमिशन मांगेंगे
- 9:53:57क्या? एक ही बच रहा है प्रूवन फिलॉसफी।
- 9:53:59गांधी जी रियलिस्टिक थे। उनका मानना था वो
- 9:54:02बिलीव करते थे इस बात पे कि नॉन वायलेंस
- 9:54:03जो है वो सेल्फ रिस्पेक्ट और सेंस ऑफ़
- 9:54:05ह्यूमर को प्रोटेक्ट करता है। ये काम नहीं
- 9:54:08करता। इट वोंट वर्क इन द डिफेंस ऑफ़ डैश
- 9:54:10गेंस एंड इमोरल एक्ट्स। अगेन यहां पे एंड
- 9:54:13जो है ये दो चीजों को आपस में जोड़ रहा
- 9:54:15है। एक तो इमोरल एक्ट्स को जोड़ रहा है और
- 9:54:18यहां पे गेंस के साथ जो भी वर्ड आएगा उसको
- 9:54:20जोड़ रहा है। अगर ये इमोरल एक्ट्स नेगेटिव
- 9:54:22है तो यहां पे भी कोई नेगेटिव वर्ड आना
- 9:54:24चाहिए। दूसरा यहां लिखा था इट वोंट वर्क।
- 9:54:27ये काम नहीं करेगा। जब इसके पहले वाले
- 9:54:29सेंटेंस में हमने देखा था कि नॉन वायलेंस
- 9:54:31पूरी तरीके से प्रोटेक्ट करता है किसको?
- 9:54:32सेल्फ रिस्पेक्ट को, अच्छी क्वालिटी को और
- 9:54:34सेंस ऑफ़ ह्यूमर को, अच्छी क्वालिटी को।
- 9:54:36लेकिन ये काम नहीं करेगा खराब क्वालिटीज़
- 9:54:38में। कौन से खराब क्वालिटीज़ का जिक्र किया
- 9:54:39गया है? इमोरल एक्ट को और डैश को, डैश
- 9:54:41गेंस को। तो खराब वाला ढूंढ रहे हो आप
- 9:54:43रिलेवेंट गस को जो गेंस रिलेटेड है उसमें
- 9:54:45कुछ नेगेटिव नहीं है। मोरल गेंस को यह तो
- 9:54:47पॉजिटिव हो जाएगा। अच्छे पैसे कमाओगे तो
- 9:54:49क्यों नहीं आपका नॉन बैलेंस जो है वो आपको
- 9:54:51प्रोटेक्ट करेगा। इल विल को इल विल मतलब
- 9:54:54खराब इच्छा से पाया गया गेन। इल विल गेंस
- 9:54:57कुछ नहीं हो सकता ये। क्योंकि विल जो है
- 9:54:59ये नाउन है। आप यहां पे एडजेक्टिव ढूंढ
- 9:55:02रहे थे। इल गॉटन गेंस हो सकता है। है ना?
- 9:55:05कि यह बहुत खराब तरीके से कमाया गया पैसा
- 9:55:08कि यह काम नहीं करेगा जहां पर आपने खराब
- 9:55:11तरीके से पैसे कमाए हैं। गलत काम करके
- 9:55:13पैसे कमाए। इल गॉटन गेंस हो सकता है। हर
- 9:55:16क्लोज टेस्ट को मैं दो बार पढ़ने को
- 9:55:18बोलूंगा आपको। जिसमें से फर्स्ट टाइम हम
- 9:55:21सिर्फ और सिर्फ पैसेज को ऑब्जर्व करेंगे।
- 9:55:23उसकी समरी समझेंगे, टोन समझेंगे। ये
- 9:55:26समझेंगे कौन सा लाइन पॉजिटिव है, कौन सा
- 9:55:28लाइन नेगेटिव है। जब हम दूसरी बार पैसेज
- 9:55:30को पढ़ेंगे तो हम कंप्लीटली उसको फिल अप
- 9:55:33करने के लिए पढ़ेंगे। ठीक है? क्योंकि जगह
- 9:55:35की कमी थी और इस तरीके से क्वेश्चन सेट
- 9:55:38हुआ था। तो मैंने हर एक पेज पर केवल एक
- 9:55:40ब्लैंक दिया है। तो आप क्या करेंगे? अभी
- 9:55:42यहीं पर वीडियो पॉज करके सबसे पहले पैसेज
- 9:55:44को पूरा पढ़ेंगे। उसके बाद ब्लैंक नंबर वन
- 9:55:46फिल अप करने की कोशिश करेंगे। पैसेज को
- 9:55:48कितनी बार पढ़ना है? दो बार पढ़ना है। ठीक
- 9:55:50है? अब मैं अस्यूम करके चल रहा हूं। आपने
- 9:55:52पढ़ लिया है। मैं अब इस एक-एक करके सारी
- 9:55:54चीजें एक्सप्लेन करूंगा। चलो सबसे पहले
- 9:55:55मैं हिंदी बताता हूं उन बच्चों के लिए जो
- 9:55:57हिंदी मीडियम से पढ़कर आए हैं। इंग्लिश की
- 9:55:59थोड़ी सी मुश्किल है या किसी वर्कुलर
- 9:56:01मीडियम से आए हैं। इंग्लिश नहीं समझ में
- 9:56:03आती उनके लिए मैं पहले आराम से एक्सप्लेन
- 9:56:05कर देता हूं हर एक लाइन को। तो क्या लिखा
- 9:56:07हुआ है कि द रीसेंट ग्लोबल डैश इन द
- 9:56:09इकोनॉमिक सेक्टर हैज़ पोज्ड सिग्निफिकेंट
- 9:56:12चैलेंजेस फॉर पॉलिसी मेकर्स। जो हाल ही
- 9:56:16में पूरी दुनिया में इकोनॉमिक सेक्टर में
- 9:56:18जो डैश हुआ है, उसने बहुत ही
- 9:56:20सिग्निफिकेंट। सिग्निफिकेंट का मतलब होता
- 9:56:22है इंपॉर्टेंट और ह्यूमंगस ह्यूज। ठीक है?
- 9:56:25बहुत बड़ा। तो उसने बहुत बड़ा चैलेंज पॉलिसी
- 9:56:27मेकर्स के लिए वो पोज़ कर रहा है। ध्यान
- 9:56:30रखना चैलेंज के साथ नॉर्मली पोज़ वर्ड यूज़
- 9:56:32किया जाता है। वो एक चैलेंज दे रहा है
- 9:56:34पूरी की पूरी दुनिया को। तो उन तो नेगेटिव
- 9:56:37से स्टार्ट हुआ है। विथ इनफ्लेशन सोरिंग
- 9:56:40एंड द ग्रोथ रेट्स डैश सेंट्रल बैंक्स आर
- 9:56:43लेफ्ट विथ द डोंटिंग टास्क ऑफ बैलेंसिंग
- 9:56:46मॉनिटरी पॉलिसीज़। ठीक है? लिखा हैकि
- 9:56:48इनफ्लेशन सोर कर रहा है। इनफ्लेशन हम किसे
- 9:56:51कहते हैं? महंगाई को। महंगाई को इनफ्लेशन
- 9:56:54कहा जाता है। तो इनफ्लेशन जो है वो सोर कर
- 9:56:56रहा है। सो मतलब होता है टू इंक्रीस किसी
- 9:56:58चीज का बहुत तेजी से बढ़ना। तो इनफ्लेशन
- 9:57:01जो है उसका रेट बहुत बढ़ रहा है और ग्रोथ
- 9:57:03रेट्स जो है वो डैश हो रहे हैं। जिसकी वजह
- 9:57:05से सेंट्रल बैंक जो है उसको बहुत ही
- 9:57:08डोंटिंग टास्क नोट करना। देखो द हिंदू से
- 9:57:11पढ़ने से फायदा क्या होता है? कि बीच में
- 9:57:13आपको ऐसे बहुत सारे वर्ड्स मिल जाते हैं
- 9:57:15जो एसएससी सिनोनिम या एंटोनिम या वन वर्ड
- 9:57:17में पूछती है। इसी तरीके से आपका वो भी
- 9:57:19रिवाइज हो जाता है। देखो कितनी बार एसएससी
- 9:57:20ने डों्टिंग पूछा है। डोंटिंग मतलब होता
- 9:57:22है डिफिकल्ट। ठीक है? तो कह रहा है कि
- 9:57:25सेंट्रल बैंक जो है हमारे केस में आरबीआई
- 9:57:27है। उसके पास ये डोंटिंग टास्क रह गया है
- 9:57:30कि वो मॉनिटरी पॉलिसीज को बैलेंस करे।
- 9:57:33बहुत मुश्किल काम अब उसके लिए है कि वो
- 9:57:35मॉनिटरी पॉलिसीज को बैलेंस करें। द
- 9:57:37इंटरप्ले बिटवीन डोमेस्टिक डिमांड एंड
- 9:57:40एक्सटर्नल शॉक हैज़ डैश द रेिलियंस ऑफ
- 9:57:43इकोनमीज़ पर्टिकुलरली इन द इमर्जिंग
- 9:57:45मार्केट्स। लिखा है ये जो खेल चल रहा है
- 9:57:47ना कौन सा खेल किसके-किस के बीच में?
- 9:57:49डोमेस्टिक मार्केट के बीच में। और जो
- 9:57:51एक्सटर्नल शॉक्स लग रहे हैं। एक्सटर्नल
- 9:57:53शॉक्स मतलब जो बाहर इंडिया छोड़कर जो बाहर
- 9:57:55के दो देशों में जो भी हो रहा है जिसका
- 9:57:57इंपैक्ट इंडिया की इकॉनमी पर पड़ता है
- 9:57:59उसको हम एक्सटर्नल शॉक बोलते हैं।
- 9:58:01एग्जांपल के तौर पर अभी रशिया यूक्रेन का
- 9:58:03वॉर हो रहा है तो हमारा स्टॉक मार्केट
- 9:58:05टोंक हो गया। हमारा स्टॉक मार्केट बहुत
- 9:58:06गिर गया। यह क्या है? यह एक्सटर्नल शॉक ही
- 9:58:09तो है। तो, यहां पर वही लिखा है कि जो जो
- 9:58:11खेल चल रहा है ना डोमेस्टिक डिमांड और
- 9:58:12एक्सटर्नल शॉक के बीच में उसने डैश किया
- 9:58:15है रेिलियंस को। रेिलियंस का मतलब क्या
- 9:58:17होता है? इसका मतलब होता है टू स्टे
- 9:58:19स्ट्रांग मतलब मजबूती के साथ डटे रहना। सो
- 9:58:23उसने जो रेजिलियंस को चैलेंज कर रहा है वो
- 9:58:25इकोनमीज़ के और पर्टिकुलरली इमर्जिंग
- 9:58:28मार्केट्स में। दैट डैश टुवर्ड्स
- 9:58:31प्रोटेक्शन प्रोटेक्शनिज्म फर्दर
- 9:58:34कॉम्प्लिकेट्स मैटर्स। लिखा है कि
- 9:58:36प्रोटेक्शनिज्म के तरफ जो डैश है ना वो
- 9:58:39मैटर को और कॉम्प्लिकेट कर देता है। नाउ
- 9:58:40व्हाट इज अ प्रोटेक्शनिज्म?
- 9:58:42प्रोटेक्शनिज्म का मतलब होता है जब कहीं
- 9:58:44की गवर्नमेंट चीजों को एक्सपोर्ट करने को
- 9:58:47बैन कर दे। ये सिर्फ एक तरीका है हेल्प
- 9:58:49करने का। मतलब ये एक फज़ है प्रोटेक्शनिज्म
- 9:58:52का। चीजों को बैन कर दे एक्सपोर्ट करने से
- 9:58:54ताकि डोमेस्टिक मार्केट को बेटर सर्व किया
- 9:58:56जाए। उसको प्रोटेक्शनिज्म कहते हैं। आसान
- 9:58:58भाषा में समझाता हूं। इंडिया में मान लो
- 9:59:00कि चावल की उपज किसी साल में कम हुई। अब
- 9:59:03क्या है? इंडिया बहुत सारा चावल जो है वो
- 9:59:05एक्सपोर्ट करता है। तो गवर्नमेंट ने कहा
- 9:59:07कि हमारे पास इतना ही चावल है कि हम अपने
- 9:59:09देश को खिला पाएं। तो हम क्या करेंगे? हम
- 9:59:12बाहर वालों को नहीं देंगे। या इसको इस
- 9:59:13तरीके से भी देख सकते हैं कि इसमें
- 9:59:15गवर्नमेंट की कोई इकोनमिक पॉलिसी हो कि
- 9:59:16अभी इसको एक्सपोर्ट नहीं करना है। कुछ भी
- 9:59:18रीज़न हो सकता है। इसको प्रोटेक्शनिज्म कहा
- 9:59:20जाता है। ठीक है? तो कह रहा है कि जो डैश
- 9:59:23है ना प्रोटेक्शनिज्म की तरफ वो
- 9:59:24कॉम्प्लिकेट करता है मैटर को थ्रेटनिंग द
- 9:59:27डैश ऑफ ग्लोबल ट्रेड और ये ग्लोबल ट्रेड
- 9:59:30के डैश को भी थ्रेटन करता है। ये तो कॉमन
- 9:59:32सेंस है। आपने चाइना को कुछ अगर एक्सपोर्ट
- 9:59:35करना बंद कर दिया तो आपका जो उसके साथ
- 9:59:37ट्रेड का जो रिलेशन है वो तो हैंपर हो
- 9:59:40जाएगा ना फिर कि आप किसी को अब तक कुछ
- 9:59:41प्रोवाइड कर रहे थे। बोले नहीं भाई इस साल
- 9:59:43नहीं इस साल नहीं देंगे। तो आपकी
- 9:59:44क्रेडिबिलिटी पे सवाल उठेंगे। आगे लिखा
- 9:59:46हुआ है व्हाइल गवर्नमेंट स्ट्राइव टू डैश
- 9:59:49फिसिकल स्टेबिलिटी द वाइडनिंग इनकम
- 9:59:52इनकलिटी प्रेजेंट्स अ डैश चैलेंज लिखा हुआ
- 9:59:55है कि जहां पे गवर्नमेंट स्ट्राइव करे
- 9:59:57स्ट्राइव मतलब टू वर्क टुवर्ड्स समथिंग सो
- 9:59:58गवर्नमेंट जो है वो काम कर रही है या वो
- 10:00:02वो चाह रही है कि ऐसा हो कि फिसिकल
- 10:00:04स्टेबिलिटी डैश हो जाए फिसिकल स्टेबिलिटी
- 10:00:07डैश हो जाए फिसिकल स्टेबिलिटी क्या है कि
- 10:00:10जितना जितनी अर्निंग है और जितना खर्च है
- 10:00:12गवर्नमेंट का मतलब गवर्नमेंट को जितने
- 10:00:14टैक्सेस आ रहे हैं गवर्नमेंट जितना खर्च
- 10:00:15कर रही है उसको उसका फिस्कल बोला जाता है।
- 10:00:18ठीक है? सो फिस्कल स्टेबिलिटी को डैश करने
- 10:00:20की गवर्नमेंट कोशिश कर कोशिश कर रही है और
- 10:00:23जो वाइड जो इनकम इनकलिटी है वो वाइड होता
- 10:00:26जा रहा है। वो बहुत ही डैश चैलेंज
- 10:00:28प्रोवाइड कर रहा है। कोलबोरेटिव एफर्ट्स
- 10:00:31अमंग नेशंस आर क्रूशियल टू डैश सिस्टमैटिक
- 10:00:34रिस्क। लिखा है कि सबका साथ में मिलके
- 10:00:37सारे देशों का कोलैबोरेटिव कोलैबोरेटिव
- 10:00:39मतलब होता है एक साथ। तो सभी देशों का एक
- 10:00:41साथ मिलकर काम करना वी शुड वर्क टुगेदर
- 10:00:44ताकि हम इस सिस्टमेटिक रिस्क को डैश कर
- 10:00:47पाएं। बट पॉलिटिकल डायवर्जेंसेस लेकिन जो
- 10:00:50पॉलिटिक्स बटी हुई है जो पॉलिटिकल
- 10:00:52डायवर्जेंस है वो हमेशा प्रोग्रेस को डैश
- 10:00:55करता है। इट रिमेंस टू बी सीन वेदर दीज़
- 10:00:59चैलेंजेस विल डैश न्यू अपॉर्चुनिटीज़ और
- 10:01:02एक्सेस प्लेट एकिस्टिंग वलनेरेबिलिटीज़।
- 10:01:04लिखा हुआ है कि अब ये देखने वाली बात होगी
- 10:01:06कि ये जो चैलेंजेस हैं ये डैश करेंगे नई
- 10:01:10ओपोरर्चुनिटीज को या जो ऑलरेडी
- 10:01:12वनेरेबिलिटीज हैं जो ऑलरेडी परेशानियां
- 10:01:15हैं उनको एक्सेसबेट करेंगे। एक्सेस बेट
- 10:01:18मैंने ऑलरेडी पढ़ा रखा है आपको दो-तीन
- 10:01:20बार। एक्सेसबेट का मतलब क्या होता है? टू
- 10:01:21मेक्स समथिंग वर्स। जो पहले से खराब है
- 10:01:24उसको और खराब कर देना उसको एक्सेस बेट
- 10:01:27कहते हैं। ठीक है? तो कह रहा है कि ये जो
- 10:01:28नई अप्च ये जो मतलब ये देखने वाली बात है
- 10:01:31कि जो चैलेंजेस हैं ये नई ओपोरर्चुनिटीज
- 10:01:34को डैश करेंगे या जो ऑलरेडी प्रॉब्लम है
- 10:01:37उसको और खराब कर देंगे। ये पूरे पैसेज का
- 10:01:40हिंदी था लिटरल तो नहीं बट एक समरी के
- 10:01:44तरीके से मैंने बता दिया। आपको अभी तक समझ
- 10:01:46में आ गया होगा कि पैसेज टफ है। एक तो
- 10:01:48इकोनॉमिक्स से रिलेटेड है तो यूं ही टफ हो
- 10:01:50जाता है। दूसरा इतने छोटे पैराग्राफ में
- 10:01:5310 ब्लैंक है तो आपको अंदाजा भी नहीं मिल
- 10:01:55पाएगा कहां पे क्या करना है। जहां तक मैं
- 10:01:57समझ पाया पैसेज को पढ़ के कहीं कुछ ग्रामर
- 10:01:59वाला भी नहीं है। ठीक है? ये तो कंप्लीटली
- 10:02:01वोकैब बेस्ड है। तो टफ लेबल है। ठीक है?
- 10:02:04चलो देखते हैं। लिखा है द रीसेंट ग्लोबल
- 10:02:06डैश इन हम एक-एक करके पढ़ेंगे और ब्लैंक
- 10:02:08फिल अप करेंगे। आप मेरे साथ-साथ करते जाओ।
- 10:02:10ठीक है? आपने मैं अस्यूम कर रहा हूं। आपने
- 10:02:12एक नंबर भर लिया। तो लिखा हुआ है द रीसेंट
- 10:02:14ग्लोबल डैश इन द इकोन इकोनॉमिक सेक्टर हैज़
- 10:02:17पोस्ट सिग्निफिकेंट चैलेंजेस फॉर पॉलिसी
- 10:02:19मेकर्स। अच्छा अगर मैं आपसे पूछूं कि टोन
- 10:02:21क्या है? तो टोन तो नेगेटिव है। टोन तो
- 10:02:24नेगेटिव है पूरा का पूरा। एक प्रॉब्लम की
- 10:02:26बात की जा रही है। यहां तक तो एटलीस्ट
- 10:02:28पूरा-पूरा नेगेटिव है। यहां से जो स्टार्ट
- 10:02:30हुआ था कि गवर्नमेंट स्ट्राइव कर रही है।
- 10:02:32स्ट्राइव कर रही है फिसिकल स्टेबिलिटी के
- 10:02:34लिए। यहां से थोड़ा सा हम लोग जा रहे थे
- 10:02:36स्यूशन की तरफ। राइट? बट उसके पहले तक तो
- 10:02:39पूरा नेगेटिव था। तो लिखा है कि द रीसेंट
- 10:02:42ग्लोबल डैश इन द इकोनॉमिक सेक्टर हैज़
- 10:02:44पोस्ट सिग्निफिकेंट चैलेंजेस फॉर पॉलिसी
- 10:02:46मेकर्स। लिखा है कि हाल माफ़ कीजिएगा।
- 10:02:50सॉरी लिखा है कि दो हाल में जो ग्लोबल डैश
- 10:02:53हुए हैं इकोनॉमिक सेक्टर में उसने
- 10:02:55सिग्निफिकेंट चैलेंजेस पॉलिसी मेकर्स के
- 10:02:57लिए क्रिएट किए हैं। क्या हुए हैं भाई?
- 10:03:00रिसेंट जो ग्लोबल रेिलियंस आया है।
- 10:03:03रेिलियंस का मतलब होता है टू कम बैक
- 10:03:04स्ट्रांग और टू स्टे स्ट्रांग। अगर हम
- 10:03:07यहां पर स्ट्रांग जैसा कोई वर्ड भर देंगे
- 10:03:08तब तो हमारा सेंटेंस पॉजिटिव हो जाएगा। यह
- 10:03:11सेंटेंस तो नेगेटिव है। क्या बोला जा रहा
- 10:03:13है कि बहुत बड़ा चैलेंज प्रोवाइड कर रही
- 10:03:15है ग्लोबल सेक्टर में जो हुआ है। तो
- 10:03:17ग्लोबल सेक्टर स्ट्रांग अगर हुआ है तो फिर
- 10:03:19सिग्निफिकेंट चैलेंज कैसे है वो? ये तो
- 10:03:21नहीं हो सकता। अगला वर्ड है अपहिवल।
- 10:03:24अपहिवल का मतलब होता है अ सडन चेंज इन
- 10:03:27समथिंग। अगर आप हिंदी में समझना चाहते हो
- 10:03:29तो उथल-पुथल समझते हो? उथल-पुथल एकदम से
- 10:03:32बढ़ जाना, एकदम से घट जाना। उसको अपहवल
- 10:03:35कहते हैं। ठीक है? अब अगर हम यहां फिल अप
- 10:03:37करके देखें तो कह रहा है कि हाल में जो
- 10:03:39अपहिवल हुआ है, हाल में जो उथल-पुथल हुआ
- 10:03:41है, हाल में जो सडन चेंजेस हुए हैं, वो
- 10:03:44बहुत सिग्निफिकेंट चैलेंजेस पॉलिसी मेकर्स
- 10:03:46के लिए लेकर आए हैं। ये तो ठीक लग रहा है।
- 10:03:48आगे बढ़ते हैं। अगला है काम। अच्छा ये तो
- 10:03:51पॉजिटिव वर्ड है ना काम। हम इस सेंटेंस
- 10:03:54में ऐसे फिल अप कर रहे थे कि हमें किसी
- 10:03:55चैलेंज के बारे में बात करनी है तो हम
- 10:03:57नेगेटिव कोई वर्ड डालेंगे यहां पे। काम
- 10:04:00मतलब होता है शांत। ये तो नहीं हो सकता।
- 10:04:03आगे बढ़ेंगे। सर्च। सर्च का मतलब होता है
- 10:04:05टू इनक्रीज। किसी चीज का बहुत रैपिडली ऊपर
- 10:04:08जाना। उसको सर्च बोलते हैं। जब भी वर्ड को
- 10:04:10याद करना हो ना दो तरीके होते हैं मेरे
- 10:04:12हिसाब से। पहला तरीका ये या तीन तरीके
- 10:04:15बोलूं मैं। पहला तरीका ये है कि उस वर्ड्स
- 10:04:16का कोई निमोनिक्स बना लो या उस वर्ड के
- 10:04:19आसपास में कोई कहानी गढ़ लो ताकि याद हो
- 10:04:21जाए। दूसरा है उस वर्ड को इतनी बार सुनो
- 10:04:23कि वो याद हो जाए। या तीसरी है। तीसरा है
- 10:04:25कि उसको यूज़ करना स्टार्ट कर दो। ये तीनों
- 10:04:28को अप्लाई करोगे वोकैब सीख जाओगे। देखो
- 10:04:30सर्च का मतलब क्या होता है? टू इंक्रीज।
- 10:04:32अब मैं बताता हूं कहां सुना होगा। आपने
- 10:04:33बहुत बार सुना होगा सर्च इन प्राइसेस।
- 10:04:36जब जब भी महंगाई बढ़ती है हमेशा आर्टिकल
- 10:04:38में आता है देयर इज़ अ ह्यूज सर्च इन
- 10:04:40प्राइस। सर्च का मतलब बहुत ज्यादा इनक्रीस
- 10:04:42होना। बहुत इंक्रीज्ड प्राइस है। उम्मीद
- 10:04:44करता हूं याद हो गया। तो क्या लिखा था? द
- 10:04:47रीसेंट ग्लोबल सर्च इन द इकोनॉमिक सेक्टर।
- 10:04:49सोचो अगर इकोनॉमिक सेक्टर में सर्च आया,
- 10:04:52चीजें इनक्रीस होने लगी तो फिर ये चैलेंज
- 10:04:53कैसे? ज्यादा पैसा हो गया ये चैलेंज है
- 10:04:56क्या? नहीं ना? इसका मतलब ये भी नहीं हो
- 10:04:57सकता। सबसे सटीक तो यही लग रहा था अपहिवल
- 10:05:00जो उथल-पुथल हुई थी। यहां पे आप पॉज
- 10:05:02करेंगे टू नंबर ट्राई करेंगे। मैं आगे बता
- 10:05:04रहा हूं। लिखा है विद इनफ्लेशन सोरिंग एंड
- 10:05:07ग्रोथ रेट्स डैश सेंट्रल बैंक्स आर लेफ्ट
- 10:05:10विद द डोंटिंग टास्क ऑफ़ बैलेंसिंग मॉनिटरी
- 10:05:12पॉलिसीज। अगर मैं सिर्फ आपको यहां से यहां
- 10:05:14तक बोलूं कैसे मेरा अप्रोच क्या है? वो
- 10:05:17सीखना आप। अगर मैं यहां से यहां तक बोलूं
- 10:05:19तो बताओ सेंटेंस नेगेटिव है कि पॉजिटिव।
- 10:05:20ऑब्वियसली सेंटेंस नेगेटिव है क्योंकि
- 10:05:22क्या कह रहा है कि जो इनफ्लेशन है जो
- 10:05:24महंगाई है वो सोर कर रही है। बहुत तेजी से
- 10:05:26ऊपर बढ़ रही है। ग्रोथ रेट जो है वो डैश हो
- 10:05:28रहे हैं। इसकी वजह से सेंट्रल बैंक की
- 10:05:30सरदर्दी है कि वो कैसे मॉनिटरी पॉलिसीज को
- 10:05:32बैलेंस करें? तो ये सेंटेंस तो पूरा-पूरा
- 10:05:34नेगेटिव है। आउट नॉट नेगेटिव है। इनफ्लेशन
- 10:05:36बढ़ रहा है तो जो यहां पे ग्रोथ रेट है। अब
- 10:05:39आप बताओ वो बढ़ेगा कि घटेगा? महंगाई के
- 10:05:42साथ-साथ अगर ग्रोथ रेट भी बढ़े फिर तो इतनी
- 10:05:44बड़ी सरदर्दी नहीं है ना। महंगाई बढ़ रही
- 10:05:46है। इस वजह से ग्रोथ रेट घट रहा है। ग्रोथ
- 10:05:48रेट अगर घट रहा है तो यहां पे हमें कोई
- 10:05:50ऐसा वर्ड यूज़ करना है जिसका मीनिंग घटने
- 10:05:52जैसा हो। आ जाओ देखते हैं। पहले में लिखा
- 10:05:55हुआ है फ्लक्चुएटिंग। फ्लक्चुएटिंग का
- 10:05:56मतलब होता है किसी चीज का ऊपर जाना, किसी
- 10:05:58चीज का नीचे आना। आपने सुना होगा प्राइसेस
- 10:06:00बड़े फ्लक्चुएट कर रहे हैं। इसका मतलब है
- 10:06:02कभी 300 हो जाता है, कोई चीज, कभी 200 हो
- 10:06:04जाता है कोई चीज। फ्लक्चुएट कर रहा है। तो
- 10:06:06यहां पे लिखा है कि जो ग्रोथ रेट है वो
- 10:06:08फ्लक्चुएटिंग है। फ्लक्चुएटिंग का मतलब है
- 10:06:10कभी ऊपर जा रहा है कभी नीचे जा रहा है।
- 10:06:12अगर बाकी कोई ऑप्शन नहीं हुआ तो हम इसे
- 10:06:14करेंगे क्योंकि ये मेरा फर्स्ट ऑप्शन नहीं
- 10:06:15हो सकता क्योंकि इसमें कहीं ना कहीं ये
- 10:06:17सेंस भी बन रहा है कि मार्केट ऊपर भी जा
- 10:06:19रहा है। जबकि हमने इस लाइन में ये सीखा कि
- 10:06:21ये आउट एंड आउट नेगेटिव लाइन है। तो मेरा
- 10:06:23ये फर्स्ट ऑप्शन तो नहीं होगा। अगर आगे
- 10:06:25कोई और ऑप्शन नहीं मिला तो हम इसे मजबूरन
- 10:06:27आंसर करेंगे। आगे लिखा हुआ है
- 10:06:28स्टेबलाइजिंग। अब सोचो अगर ग्रोथ रेट्स
- 10:06:30स्टेबलाइज है तो फिर सरदर्दी कहां है?
- 10:06:32सरदर्दी यह नहीं है। ग्रोथ रेट्स कम होने
- 10:06:35चाहिए। अगला लिखा है डिक्लाइनिंग।
- 10:06:36डिक्लाइनिंग आंसर हो सकता है। डिक्लाइन का
- 10:06:38मतलब होता है किसी चीज़ का नीचे आना। टू
- 10:06:40डिक्रीज़ इज़ कॉल्ड डिक्लाइन। तो लिखा हुआ
- 10:06:42है इनफ्लेशंस बढ़ रहे हैं, ग्रोथ रेट्स घट
- 10:06:44रहे हैं। इसका सेंस तो बनता है। आगे लिखा
- 10:06:46हुआ है सर्जिंग। अभी सर्च का मतलब बताया
- 10:06:48था किसी चीज का दाम बहुत तेजी से ऊपर
- 10:06:50बढ़ना। तो कह रहा है कि अगर इनफ्लेशन बढ़
- 10:06:53रहा है और ग्रोथ रेट्स भी बढ़ रहे हैं। कोई
- 10:06:54सेंस नहीं है। आंसर कौन सा होगा? आंसर
- 10:06:56होगा ऑप्शन नंबर सी। आगे बढ़ेंगे। थर्ड
- 10:06:59नंबर। थर्ड नंबर को अगेन आप यहां रुक के
- 10:07:00पहले ट्राई कर लेंगे। सो मैं लाइन पढ़ रहा
- 10:07:03हूं। द इंटरप्ले बिटवीन डोमेस्टिक डिमांड
- 10:07:05एंड एक्सटर्नल शॉक्स हैज़ डैश द रेिलियंस
- 10:07:08ऑफ इकोनॉमिस्ट पर्टिकुलरली इन इमर्जिंग
- 10:07:10मार्केट्स। लिखा हुआ है कि जो इंटरप्ले चल
- 10:07:13रहा है ना जो खेल चल रहा है डोमेस्टिक
- 10:07:15डिमांड का और एक्सटर्नल शॉक का ये एक डैश
- 10:07:18कर रहा है हमारी रेिलियंस को हमारी इकॉनमी
- 10:07:20के रेिलियंस को। मतलब इकोनमी कितना सह
- 10:07:23पाएगी उसको ये डैश कर रहा है। खास करके
- 10:07:25इमर्जिंग मार्केट में। तो अब बताओ इस
- 10:07:27सेंटेंस पढ़ के आपने क्या सीखा? कह रहा है
- 10:07:29कि एक खेल चल रहा है डोमेस्टिक डिमांड और
- 10:07:31एक्सटर्नल शॉक के बीच में जो हमारे
- 10:07:34रेिलियंस को तुम कितने स्ट्रांग हो इसको
- 10:07:36वो डैश कर रहा है। तो यहां पे कोई टेस्ट
- 10:07:38जैसा वर्ड होना चाहिए ना कि वो उसको टेस्ट
- 10:07:39कर रहा है। वो उसको एग्जामिन कर रहा है कि
- 10:07:41भैया देखते हैं तुम्हारी इकॉनमी कितना झेल
- 10:07:43पाती है। आ जाओ ऑप्शन पे। फर्स्ट में
- 10:07:45टेस्टेड मिल गया है। अच्छा यहां पे हैज़ है
- 10:07:47तो वी3 होना चाहिए। ध्यान रखना। टेस्टेड
- 10:07:49वी3 है। बोलस्टर्ड। बोलस्टर्ड का मतलब
- 10:07:52होता है सपोर्ट करना। किसी चीज को सपोर्ट
- 10:07:54करना। तो अगर मैं यहां लगा दूं के
- 10:07:56डोमेस्टिक मार्केट और एक्सटर्नल शॉक जब वो
- 10:07:58हमारे इकोनमी के रेजिलेंस को सपोर्ट कर
- 10:08:01रहा है। सपोर्ट नहीं कर रहा है। ये तो
- 10:08:02पॉजिटिव सेंस हो जाएगा। स्ट्रेंथन मजबूत
- 10:08:05करना नहीं होगा। इरोडेड इरोडेड का मतलब
- 10:08:08होता है किसी चीज को खराब कर देना। अगर
- 10:08:11मैं हिंदी में बोलूं तो नस्ट कर देना। ठीक
- 10:08:13है? किसी चीज को बर्बाद कर देना। उसको
- 10:08:15इरोड कहते हैं। तो ये हमारे रेिलियंस को
- 10:08:17बर्बाद कर रहे हैं। थोड़ा हार्श हो जाएगा।
- 10:08:20अगर हमारे पास ऑप्शन में टेस्टेड है तो हम
- 10:08:22पहला प्रेफरेंस टेस्टेड को देंगे क्योंकि
- 10:08:25हमारी इकॉनमी जीरो नहीं हो गई। हम लोग
- 10:08:27जिसके बारे में बात कर रहे हैं हम ये
- 10:08:29बोलना चाह रहे हैं बेसिकली आपने पहले
- 10:08:30पैसेज पढ़ा होगा कि हमारी इकॉनमी का खराब
- 10:08:33टाइम चल रहा है। ये नहीं कह रहे हैं कि
- 10:08:36इकॉनमी इकॉनमी बिल्कुल जीरो हो गई है।
- 10:08:38क्योंकि आगे इसको ठीक करने के मेजर्स भी
- 10:08:40बताए गए हैं। इसलिए मैं कहता हूं बार-बार
- 10:08:42कि पहले पैसेज पढ़ो ताकि आपको अंदाजा हो
- 10:08:44पाए कि पैसेज किस तरफ जा रहा है।
- 10:08:46प्रेफरेंस किसको मिलेगा? टेस्टेड को
- 10:08:48मिलेगा। क्यों नहीं होगा इरोडेड? मैंने
- 10:08:49बता दिया आपको। आगे बढ़ते हैं। चार नंबर
- 10:08:52ब्लैंक फिर से मैं अस्यूम करूंगा। आपने
- 10:08:54पॉज करके पढ़ लिया है। लिखा हुआ है दैट
- 10:08:56डैश टुवर्ड्स प्रोटेक्शनिज्म फर्दर
- 10:08:59कॉम्प्लिकेट्स मैटर्स। यहां यहीं तक करते
- 10:09:01हैं। पहले फिल अप करते हैं। लिखा है कि
- 10:09:03प्रोटेक्शनिज्म के तरफ जो डैश है ना उसने
- 10:09:06मैटर को और खराब कर दिया है। अच्छा अगर और
- 10:09:09खराब कर दिया है तो प्रोटेक्शनिज्म की तरफ
- 10:09:11क्या होगा? और आगे हमने ये भी पढ़ा था कि
- 10:09:13उससे ग्लोबल ट्रेड को डैश है। अगर हम
- 10:09:16प्रोटेक्शनिज्म के अगेंस्ट में होंगे।
- 10:09:18समझना बात को। प्रोटेक्शनिज्म किसे कहते
- 10:09:19हैं? कि मेरे पास जो चीज है मैं देश से
- 10:09:21बाहर नहीं जाने दूंगा। यही प्रोटेक्शनिज्म
- 10:09:23है। टूटी फूटी भाषा में। अगर मैं इसके
- 10:09:26अगेंस्ट में हूं तो ग्लोबल ट्रेड कैसे
- 10:09:28खराब होगा? फिर तो ग्लोबल ट्रेड अच्छा
- 10:09:29होगा ना कि मैं जितना उपजाता हूं मैं पूरी
- 10:09:31दुनिया में बांटता हूं। ये तो अच्छी बात
- 10:09:32है। प्रोटेक्शनिज्म अगर ग्लोबल ट्रेड पे
- 10:09:35खतरा है। इसका मतलब ये है ना कि
- 10:09:37प्रोटेक्शनिज्म को मैं सपोर्ट कर रहा हूं।
- 10:09:39मैं यह कह रहा हूं कि प्रोटेक्शनिज्म होना
- 10:09:41चाहिए। और इसके वजह से मेरे आसपास के
- 10:09:44कंट्रीज मेरे से नाराज हैं। जिसका मतलब यह
- 10:09:46है यहां पर सपोर्ट जैसा कोई वर्ड होना
- 10:09:48चाहिए। क्या मेरा एक्सप्लेनेशन आपको समझ
- 10:09:50में आया? ये कॉम्प्लिकेटेड लाइन है। ठीक
- 10:09:51है? मैं फिर से एक बार समझा देता हूं।
- 10:09:53प्रोटेक्शनिज्म का मतलब होता है देश में
- 10:09:55आपने जो भी उपजाया आप उसको बाहर नहीं जाने
- 10:09:56दोगे। आगे हमने लाइन में पढ़ा था कि
- 10:09:59प्रोटेक्शनिज्म कॉम्प्लिकेट कर रहा है
- 10:10:01मैटर को और वो ये थ्रेटन कर रहा है कि
- 10:10:03हमारे ग्लोबल ट्रेड को वो डैश कर देगा। तो
- 10:10:05ग्लोबल ट्रेड को खराब करने के लिए
- 10:10:06प्रोटेक्शनिशनिज्म के सपोर्ट में हमें
- 10:10:08होना पड़ेगा। हम बोलेंगे हां जी भाई जो
- 10:10:09हमने उपजाया वो हमारे पास रहेगा। तभी तो
- 10:10:12इसका मतलब यहां पर कोई सपोर्ट जैसा वर्ड
- 10:10:13होना चाहिए। कोई पॉजिटिव वर्ड होना चाहिए।
- 10:10:15आ जाओ ऑप्शन पे। यहां लिखा हुआ है
- 10:10:17इंक्लिनेशन जिसका मतलब होता है किसी किसी
- 10:10:20चीज की तरफ झुकाव आपका। ठीक है? आप अगर
- 10:10:22किसी चीज में इंटरेस्टेड होते हो ना तो
- 10:10:24आपका इंक्लिनेशन उस तरफ होता है। ये तो हो
- 10:10:26सकता है आंसर। डिसइक्लिनेशन नहीं होगा।
- 10:10:28इसी का एंटोनिम है ये। मतलब आई हेट
- 10:10:31प्रोटेक्शनिज्म। तो फिर ग्लोबल ट्रेड खतरे
- 10:10:33में कैसे है? ये तो नहीं हो सकता। अगला है
- 10:10:36ड्राइव। द ड्राइव टुवर्ड्स
- 10:10:38प्रोटेक्शनिज्म। मतलब जो काम किया जा रहा
- 10:10:40है प्रोटेक्शनिज्म के लिए। ठीक है? वो
- 10:10:42कॉम्प्लिकेट करता है मैटर को। जो स्टेप्स
- 10:10:44उठाए जा रहे हैं वो कॉम्प्लिकेट करता है
- 10:10:46मैटर को। ये भी आंसर हो सकता है। अगला
- 10:10:48लिखा हुआ है द हेजिटेशन। हेजिटेशन तो
- 10:10:49नेगेटिव वर्ड है। नहीं हो सकता आंसर। अब
- 10:10:52हमारे पास ये ऑप्शन है कि हम इंक्लिनेशन
- 10:10:54की तरफ जाएं कि ड्राइव की तरफ जाएं?
- 10:10:56क्योंकि दोनों का जो मतलब मीनिंग है वो
- 10:10:58सटीक आ रहा है। ठीक है? इंक्लिनेशन
- 10:11:00टुवर्ड्स भी होगा, ड्राइव टुवर्ड्स भी
- 10:11:02होगा। पर ज्यादा सही क्या होगा? आप सोचो
- 10:11:04एक बार। आप इंटरेस्टेड हो। यह ज्यादा बड़ा
- 10:11:06खतरा है कि जो स्टेप्स आपने उठा लिए वो
- 10:11:08ज्यादा बड़ा खतरा है। ऑब्वियसली जो
- 10:11:10स्टेप्स आपने उठा लिए वो ज्यादा बड़ा खतरा
- 10:11:11है। तो आंसर कौन सा होगा? ऑप्शन नंबर सी।
- 10:11:14बट ऐसा भी हो सकता है कि अगर अभी तो ये
- 10:11:16एसएससी ने नहीं पूछा है। मैंने खुद बनाया
- 10:11:18है। पर ऐसा हो सकता है कि एसएससी जब ये
- 10:11:20ऐसे क्वेश्चंस पूछे तो इंक्लिनेशन को भी
- 10:11:22आंसर कर सकती है क्योंकि उसमें भी कुछ गलत
- 10:11:24नहीं है। मैं फिर से बोल रहा हूं। उसमें
- 10:11:25भी कुछ गलत नहीं है। ऐसे केस में
- 10:11:26क्वेश्चंस चैलेंज होते हैं और मार्क्स
- 10:11:28मिलते हैं। ठीक है? घबराना नहीं है इसमें।
- 10:11:31आगे बढ़ेंगे। पांच नंबर हां। तो थ्रेटनिंग
- 10:11:34द डैश ऑफ ग्लोबल ट्रेड। ग्लोबल ट्रेड के
- 10:11:37डैश को वो थ्रेटन कर रहा है। वो उसको खतरे
- 10:11:39में डाल रहा है। ग्लोबल ट्रेड का क्या?
- 10:11:40ग्लोबल ट्रेड के फाउंडेशन को खतरे में डाल
- 10:11:43रहा है। ग्लोबल ट्रेड के आर्किटेक्चर।
- 10:11:44देखो ट्रेड का तो आर्किटेक्चर नहीं होगा।
- 10:11:47ट्रेड तो बस एक रिलेशन है। रिलेशन में आप
- 10:11:48घर बनाओगे क्या? आर्किटेक्चर कैसे होगा? द
- 10:11:51फ्रेमवर्क ऑफ ग्लोबल ट्रेड। ठीक है? या द
- 10:11:53एसेंस ऑफ ग्लोबल ट्रेड। देखो एसेंस का
- 10:11:56मतलब होता है किसी चीज के अंदर मतलब किसी
- 10:11:59चीज में जो मोरल नेशन है ना वो उसका एसेंस
- 10:12:02होता है। जो किसी चीज का मेन पॉइंट है वो
- 10:12:04उसका एसेंस होता है। ठीक है? मोरालिटी
- 10:12:06एसेंस होता है। सो ग्लोबल ट्रेड का तो कोई
- 10:12:08एसेंस नहीं होगा। अब है फाउंडेशन ऑफ़
- 10:12:11ग्लोबल ट्रेड या फ्रेमवर्क। देखो ग्लोबल
- 10:12:13ट्रेड का कोई फाउंडेशन तो हो नहीं सकता।
- 10:12:15फ्रेमवर्क का मतलब होता है सिस्टम। कि एक
- 10:12:18ग्लोबल ट्रेड का एक सिस्टम। राइट? हर
- 10:12:20ट्रेड का एक सिस्टम होता है। फॉर एग्जांपल
- 10:12:22मेरे पेड बैचेस में आप मुझे पैसे देते हो।
- 10:12:24मैं आपको पढ़ाता हूं। ये एक सिस्टम है ना।
- 10:12:26अगर मैंने इसमें से कुछ भी चेंज करने की
- 10:12:28कोशिश की कि मैं आपको फ्री में पढ़ा दूंगा
- 10:12:30तो मेरे एंड पे लॉस होगा। मैं पैसे लेके
- 10:12:32आपको नहीं पढ़ाऊंगा। आपके एंड पे लॉस होगा।
- 10:12:34किसी भी हिसाब से अगर मैं कुछ छेड़छाड़
- 10:12:36करूंगा फ्रेमवर्क के साथ तो प्रॉब्लम होगी
- 10:12:38ना। सिस्टम के साथ जो छेड़छाड़ करूंगा
- 10:12:40प्रॉब्लम होगी ना। तो ये फाउंडेशन को
- 10:12:41चैलेंज नहीं करता। फाउंडेशन मतलब होता है
- 10:12:43जिस चीज से वो बना है जो बेस है उसका उसके
- 10:12:45लिए बहुत हार्श हो जाएगा। आंसर है
- 10:12:47फ्रेमवर्क को।
- 10:12:49नेक्स्ट
- 10:12:51व्हाइल गवर्नमेंट ट्राइव टू डश फिस्कल
- 10:12:53स्टेबिलिटी कह रहा है कि जबकि गवर्नमेंट
- 10:12:56यह ट्राई करती है कि वो फिसिकल एबिलिटी
- 10:12:58स्टेबिलिटी को डैश करे। अब सोचो गवर्नमेंट
- 10:13:00हमेशा क्या ट्राई करेगी कि जो फिस्कल
- 10:13:03स्टेबिलिटी है वो जैसी है वैसी बनी रहे।
- 10:13:06गवर्नमेंट तो यही यही ट्राई करेगी ना कि
- 10:13:09वो जैसी है वैसी बनी रहे। आ जाओ ऑप्शन पे।
- 10:13:12द गवर्नमेंट स्ट्राइव टू अपहोल्ड। अपहोल्ड
- 10:13:14हो सकता है। अपहोल्ड का मतलब क्या होता
- 10:13:16है? टू कीप
- 10:13:19और टू डिफेंड इज कॉल्ड अपहोल्ड। ठीक है?
- 10:13:22हिंदी में अगर मैं बोलूं तो कायम रखना
- 10:13:24आपने सुना होगा। कायम रखने को हम लोग
- 10:13:26अपहोल्ड कहते हैं। तो गवर्नमेंट स्ट्राइव
- 10:13:28कर रही है। गवर्नमेंट ट्राई कर रही है कि
- 10:13:30फिसिकल स्टेबिलिटी को अपहोल्ड किया जा सके
- 10:13:32क्योंकि ताकि स्टेबल रहे चीजें। गवर्नमेंट
- 10:13:34ट्राई कर रही है कि वो डिसरगार्ड कर दे।
- 10:13:37वो वो मतलब माने ना फिसिकल स्टेबिलिटी को।
- 10:13:39यहां नेगेटिव वर्ड नहीं चाहिए था हमें।
- 10:13:40हमें पॉजिटिव वर्ड चाहिए था। गवर्नमेंट
- 10:13:42स्ट्राइव टू स्टेबलाइज फिसल स्टेबिलिटी।
- 10:13:46यह भी हो सकता है। अगला लिखा हुआ है
- 10:13:48रीस्ट्रक्चर। रिस्ट्रक्चर करने की कोशिश
- 10:13:50नहीं करनी। सेंस नहीं बनेगा। अब ऑप्शन है
- 10:13:52या तो ए या तो सी ज्यादा सटीक ए है जिसका
- 10:13:55मतलब होता है टू कीप और डिफेंड कि
- 10:13:57गवर्नमेंट ने एक पॉलिसी बनाई। अब
- 10:13:59गवर्नमेंट पुरजोर कोशिश कर रही है कि उसी
- 10:14:00पॉलिसी में चीजों को रखा जाए। उसे बदला ना
- 10:14:03जाए। ठीक है? इस वजह से अपहोल्ड को
- 10:14:05प्रेफरेंस मिलेगा। हालांकि स्टेबलाइज भी
- 10:14:06गलत नहीं है। आगे बढ़ेंगे। द वाइडनिंग इनकम
- 10:14:10इनकलिटी प्रेजेंट्स अ डैश चैलेंज। और ये
- 10:14:13जो इनकम इनकलिटी है ना कि कोई बहुत कमा
- 10:14:15रहा है, कोई बहुत ज्यादा कमा रहा है, कोई
- 10:14:17बहुत कम कमा रहा है। तो इसको ये इसका जो
- 10:14:20गैप है वो बढ़ता जा रहा है। ठीक है? और वो
- 10:14:23एक बहुत डैश चैलेंज है। कैसा चैलेंज है?
- 10:14:25बड़ा चैलेंज है। ऑब्वियसली यहां पे कोई ऐसा
- 10:14:27शब्द होना चाहिए जो ह्यूज से मिलताजुलता
- 10:14:29हो। कि बहुत बड़ा चैलेंज है ये। ऑप्शन पे आ
- 10:14:32जाओ। माइनर चैलेंज नहीं हो सकता।
- 10:14:34सिग्निफिकेंट लाइन पहला लाइन याद करो।
- 10:14:37यहां पे हमने पढ़ा था सिग्निफिकेंट। मैंने
- 10:14:38तब बोला था ह्यूज क्यूमंगस। बहुत बड़ा।
- 10:14:41सिग्निफिकेंट चैलेंज हो सकता है। नेगिजिबल
- 10:14:43चैलेंज मतलब कोई चैलेंज ही नहीं है। जीरो
- 10:14:45के बराबर है। पेरिफेरल चैलेंज। पेरिफेरल
- 10:14:47का मतलब होता है एक वर्ड में अगर मैं
- 10:14:49बोलूं आपने एसएससी में बहुत बार पढ़ा होगा
- 10:14:51ट्रिवियल वर्ड। ट्रिवियल का मतलब होता है
- 10:14:53समथिंग दैट इज नॉटेंट। कोई ऐसी चीज जो
- 10:14:55बड़ी अनइंपेंट हो उसको पेरिफेरल कहा जाता
- 10:14:57है। उसको ट्रिवियल कहा जाता है। अगेन ये
- 10:14:58छोटे वाले सेंस में है। तो माइनर छोटा,
- 10:15:00नेग्लिजिबल छोटा, पेरिफेरल छोटा आंसर होगा
- 10:15:02ऑप्शन नंबर बी। सिग्निफिकेंट चैलेंज है।
- 10:15:04ठीक है? नेक्स्ट कोलबोरेटिव एफर्ट्स अमोंग
- 10:15:08नेशंस आर क्रूशियल टू डैश सिस्टेटिक
- 10:15:11रिस्क। लिखा है सबके सबको एक साथ मिलकर
- 10:15:14काम करना पड़ेगा ताकि हम सिस्टेटिक रिस्क
- 10:15:16को डैश कर पाएं। क्या करेंगे सिस्टेटिक
- 10:15:18रिस्क को? सब मिलके काम करेंगे तो वो कम
- 10:15:20होगा ना। तो रिस्क को कम करने की कोशिश की
- 10:15:22जा रही है। ऑप्शन नंबर वन में है
- 10:15:24एंपलीफाई। एम्पलीफाई मतलब होता है टू
- 10:15:26इंक्रीस। किसी चीज की इंटेंसिटी बढ़ाना।
- 10:15:28तो हम रिस्क बढ़ाने के लिए साथ में काम
- 10:15:29करना चाह रहे हैं। नहीं रिस्क को तो कम
- 10:15:31करेंगे ना। मिटिगेट। एसएससी ने बहुत बार
- 10:15:33सिनोनिम में पूछा है। मिटिगेट का मतलब
- 10:15:34होता है टू वीकन। किसी चीज को कमजोर कर
- 10:15:37देना। किसी चीज को कम करना। दैट्स कॉल्ड
- 10:15:39मिटिगेट। तो कह रहा है यहां पे कि
- 10:15:41कोलैबोरेटिव एफर्ट्स की जरूरत है। हम सब
- 10:15:44मिलकर काम करेंगे ताकि मिटिगेट किया जा
- 10:15:46सके। मतलब कम किया जा सके सिस्टेटिक रिस्क
- 10:15:49को। ये तो ठीक लग रहा है। अगला लिखा हुआ
- 10:15:50है एस्केलेट। हम लोग सब साथ में मिलकर काम
- 10:15:52करेंगे ताकि एस्केलेट किया जाए सिस्टमेटिक
- 10:15:55रिस्क को। एस्केलेट का मतलब होता है किसी
- 10:15:57चीज का बहुत तेजी से ऊपर जाना। आपने
- 10:15:59एस्केलेटर देखा होगा ना? एस्केलेटर में हम
- 10:16:02लोग यूज़ करते हैं एक फ्लोर से दूसरे फ्लोर
- 10:16:03जाने के लिए, ऊपर तरफ जाने के लिए।
- 10:16:05एस्केलेट मतलब होता है किसी चीज का बहुत
- 10:16:06तेजी से ऊपर जाना। तो अगेन यह पॉजिटिव
- 10:16:08वर्ड है। हमें तो कम करने के सेंस में
- 10:16:10बोलना था। प्रोपगेट का मतलब होता है टू
- 10:16:12स्प्रेड।
- 10:16:13किसी चीज को फैलाना। तो हम रिस्क फैलाने
- 10:16:16के लिए साथ में काम करना चाहते हैं। कोई
- 10:16:17सेंस नहीं है। आंसर कौन सा होगा? ऑप्शन
- 10:16:18नंबर बी।
- 10:16:20आगे आएंगे। बट पॉलिटिकल डायवर्जेंस ऑफेन
- 10:16:24डैश प्रोग्रेस। यहां से यहां तक देखते
- 10:16:26हैं। लिखा हुआ है कि लेकिन जो पॉलिटिकल
- 10:16:28डायवर्जेंस है ना मतलब जो पॉलिसीज जो लोग
- 10:16:30बना रहे हैं वही सेम पेज पे नहीं है। कहीं
- 10:16:33के सेंट्रल गवर्नमेंट ने कोई स्कीम निकाली
- 10:16:34तो स्टेट वाले बोल रहे हैं हम नहीं
- 10:16:36मानेंगे। स्टेट वाले ने कुछ अच्छा स्कीम
- 10:16:38निकाल दिया तो सेंटर वाले कह रहे हैं कि
- 10:16:39नहीं तुमने गलत कर दिया। अपनी जुरिसडिक्शन
- 10:16:40से बाहर काम कर रहे हो। एंड सो ऑन एंड सो
- 10:16:43फॉर। व्हिच मींस के पॉलिटिकल डायवर्जेंसेस
- 10:16:45जो है ना वो प्रोग्रेस को डैश करते हैं।
- 10:16:47तो क्या करेंगे? प्रोग्रेस को नुकसान
- 10:16:49पहुंचाएंगे तो कोई नेगेटिव वर्ड होना
- 10:16:50चाहिए। प्रोग्रेस को कैटलाइज। कैटलाइज
- 10:16:52मैंने शायद पहले भी बताया। कैटलाइज़ का
- 10:16:54मतलब होता है किसी चीज में हेल्प करना।
- 10:16:56आपने केमिस्ट्री में कैटेलिस्ट पढ़ा होगा
- 10:16:58जिसका मतलब होता था जो रिएक्शन को तेज या
- 10:17:00स्लो कर दे। किसी चीज में हेल्प करे। ठीक
- 10:17:02है? सो कैटलाइज करता है प्रोग्रेस को।
- 10:17:04पॉलिटिकल डायवर्जेंस कैटलाइज नहीं करता।
- 10:17:06हमें तो कोई नेगेटिव वर्ड चाहिए। हाइंडर
- 10:17:09हाइडर मतलब होता है किसी चीज को रोकना।
- 10:17:11किसी चीज को बाधित करना। ठीक है? किसी चीज
- 10:17:14के प्रोग्रेस में रोड़ा बनना। उसको हम लोग
- 10:17:16हैंडर कहते हैं। तो हैंडर प्रोग्रेस हो
- 10:17:18सकता है। एक्सपिडाइट टू इंक्रीस द स्पीड
- 10:17:21ऑफ प्रोसेस। किसी चीज के
- 10:17:24प्रोसेस के स्पीड को बढ़ाना उसे
- 10:17:26एक्सपिडाइट कहते हैं। आपने सुना होगा बहुत
- 10:17:27बार एक्सपिडाइट ट्रायल जब बहुत प्रेशर
- 10:17:30पड़ता है तो हमारी जुडिशरी क्या करती है
- 10:17:32कि जो केसेस है ना जैसे कुछ बहुत ही
- 10:17:35क्राइम के केस हो गए रेप हो गया या मर्डर
- 10:17:37हो गया या डबल मर्डर हो गया पूरी फैमिली
- 10:17:39का मर्डर हो गया तो बहुत बार एक्सपिडाइट
- 10:17:41ट्रायल्स चलते हैं उस पे जिसका मतलब है
- 10:17:43बहुत तेजी से उसमें काम हो रहा है बहुत
- 10:17:45तेजी से हियरिंग्स हो रही है उसको
- 10:17:46एक्सपिडाइट कहा जाता है ठीक है तो प्रोसेस
- 10:17:49को एक्सपिडाइट करता है प्रोसेस को तेज कर
- 10:17:51देता है नहीं हमें कोई नेगेटिव वर्ड चाहिए
- 10:17:53सपोर्ट करता है नहीं होगा आंसर कौन सा
- 10:17:54होगा ऑप्शन नंबर बी
- 10:17:56नेक्स्ट इट रिमेंस टू बी सीन वेदर दी
- 10:17:59चैलेंजेस विल डश न्यू अपॉर्चुनिटीज और
- 10:18:02एक्सेस बेट एक्सिस्टिंग वलनेरेबिलिटीज।
- 10:18:04लिखा हुआ है कि अब ये देखने वाली बात होगी
- 10:18:06कि ये नए ओपोरर्चुनिटीज को डैश करेंगे या
- 10:18:09फिर जो प्रॉब्लम है उस प्रॉब्लम को और
- 10:18:12खराब कर देंगे। अब सोचो हमारे पास दो
- 10:18:14ऑप्शन है। एक है या तो यह प्रॉब्लम को
- 10:18:16खराब कर देंगे या तो ये नए अपॉर्चुनिटीज़
- 10:18:19को डैश करेंगे। इसका मतलब यहां तो कोई
- 10:18:20पॉजिटिव होना चाहिए। क्या अब यह देखने
- 10:18:22वाली बात है कि चैलेंजेस न्यू
- 10:18:23अपॉर्चुनिटीज़ को डैश करेंगे। पॉजिटिव या
- 10:18:26फिर और खराब कर देंगे नेगेटिव। हम लोग यही
- 10:18:28तो कहते हैं कि वह आया है। अब या तो वह
- 10:18:30किसी को जान से मार देगा या तो खुद मर
- 10:18:32जाएगा। तो यह दोनों तो कंट्रास्ट बातें
- 10:18:34हैं ना। तो यहां पे तो वही फिल अप होना
- 10:18:35चाहिए। तो यहां कोई पॉजिटिव वर्ड होगा।
- 10:18:37डैश न्यू अपोरर्चुनिटीज मतलब यहां लिखा है
- 10:18:39कल्टीवेट न्यू अपॉर्चुनिटीज़। अब ये देखने
- 10:18:41वाली बात है कि वो नए ओपोरर्चुनिटीज को
- 10:18:44पैदा करेंगे। अनरेबवल। अनरेवल का मतलब
- 10:18:47होता है किसी चीज को दुनिया के सामने ले
- 10:18:49आना जिसको हम लोग रिवील कहते हैं। अनरेवल
- 10:18:52शायद मैंने पहले भी पढ़ा है। तो इसका मतलब
- 10:18:54होता है रिवील करना। तो कह रहा है कि अब
- 10:18:56ये दुनिया के सामने नए ओपोरर्चुनिटीज
- 10:18:58रिवील करेंगे। कोई सेंस नहीं है।
- 10:19:00अंडरमाइन। अंडरमाइन का मतलब होता है किसी
- 10:19:03चीज को कमजोर कर देना। लिख लेना बड़ा
- 10:19:04इंपॉर्टेंट वर्ड है ये। टू मेक समथिंग
- 10:19:10वीकर।
- 10:19:11अब आप बोलोगे सर एक्सेस बेट भी तो यही था।
- 10:19:14नहीं एक्सेसबेट का मतलब होता है खराब चीज
- 10:19:16को और खराब कर देना। आप बोलोगे सर मिटिगेट
- 10:19:18भी तो यही था। मिटिगेट का देखो नॉर्मली जो
- 10:19:21यूज़ किया जाता है वो दर्द के सेंस में
- 10:19:22किया जाता है कि जो चीज फेल हो रही है
- 10:19:25जिसमें आप जो चीज में दर्द हो रहा है उसको
- 10:19:27मिटिगेट करना मतलब उसको कम कर देना।
- 10:19:29अंडरमाइन का मतलब होता है किसी के एफर्ट्स
- 10:19:31को किसी के अचीवमेंट्स को अगर आप नीचे नजर
- 10:19:34से देख रहे हो या किसी को किसी
- 10:19:36ऑर्गेनाइजेशन को अगर आप आप वीक करने की
- 10:19:39कोशिश कर रहे हो तो उसको अंडरमाइंड कहते
- 10:19:41हैं। दोनों का एग्जांपल देता हूं। जैसे कि
- 10:19:44मान लो आपके सामने कोई आया उसने बोला कि
- 10:19:46भैया मेरी है ना मेरी ना गवर्नमेंट जॉब हो
- 10:19:48गया। ठीक है? मैंने एसएससी क्रैक किया और
- 10:19:50मेरा जॉब हो गया। उसके लिए बहुत बड़ी बात
- 10:19:52है। आपने बोला क्या करोगे? क्या कितना कमा
- 10:19:55लोगे? जिंदगी भर तो मतलब 10 टू फाइव वाला
- 10:19:58ऑफिस करोगे। क्या ही हो जाएगा? आपने क्या
- 10:20:00किया? आपने उसके एफर्ट्स को अंडरमाइन कर
- 10:20:02दिया। दूसरा मैंने बोला किसी से कमजोर कर
- 10:20:04देना। बहुत बार आपने सुना होगा कि
- 10:20:06डिफरेंट-डिफरेंट लीडर्स हैं वो कहते हैं
- 10:20:08कि डेमोक्रेसी का गला घोटा जा रहा है।
- 10:20:10डेमोक्रेसी को अंडरमाइन किया जा रहा है।
- 10:20:11अंडरमाइन का मतलब डेमोक्रेसी को वीक किया
- 10:20:13जा रहा है। ठीक है? होपफुली आपको ये वर्ड
- 10:20:15समझ में आ गया। अब इसको आपको याद कर लेना
- 10:20:17है। ठीक है? बहुत बार एसएससी ने पूछा है
- 10:20:19अंडरमाइन। एनीवेज तो यहां पे तो हमें ये
- 10:20:21नहीं चाहिए था। पॉजिटिव वर्ड चाहिए था।
- 10:20:22अगला लिखा है फॉस्टर। फॉस्टर का मतलब होता
- 10:20:24है किसी चीज को पालना।
- 10:20:29ठीक है? आंसर तो कल्टीवेट ही होगा। पालने
- 10:20:32का सेंस तो था नहीं कि चैलेंजेस विल
- 10:20:34कल्टीवेट न्यू अपोरर्चुनिटीज। वो या तो नई
- 10:20:36अपोरर्चुनिटीज ले आएंगे या तो फिर
- 10:20:38वलनेरेबिलिटीज जो ऑलरेडी एक्सिस्ट कर रही
- 10:20:39है उनको और खराब कर देंगे। उम्मीद करता
- 10:20:42हूं आपको पहला नंबर पैसेज समझ में भी आ
- 10:20:44गया और आपको पढ़ने में मजा भी आएगा। सेम
- 10:20:47प्रोसेस, सेम काम मैं पानी पी लूं। आप
- 10:20:49जल्दी से इसे पढ़ लो एक बार। मैं पानी
- 10:20:52लेना भूल गया।
- 10:20:56आज प्यासे पढ़ाऊंगा आपको।
- 10:20:59बोतल है, बोतल खाली है। चलो देखते हैं।
- 10:21:04उम्मीद करता हूं आपने पढ़ लिया इसे। लिखा
- 10:21:06है द एजुकेशन सिस्टम इन इंडिया हैज़ बीन
- 10:21:09सॉरी हैज़ लॉन्ग बीन अ सब्जेक्ट ऑफ़ डैश।
- 10:21:12लिखा है कि एजुकेशन सिस्टम जो है ना
- 10:21:14इंडिया में वो बहुत दिनों से एक डैश का
- 10:21:17सब्जेक्ट है। व्हाइल स्ट्राइड्स हैव बीन
- 10:21:20मेड इन इन इंश्योरिंग एक्सेस टू एजुकेशन।
- 10:21:23द क्वालिटी ऑफ़ लर्निंग आउटकम्स रिमेंस
- 10:21:25डैश। लिखा हुआ है बहुत स्टेप्स लिए गए
- 10:21:27हैं। स्ट्राइड्स का मतलब होता है लॉन्ग
- 10:21:29स्टेप्स टुवर्ड्स समथिंग।
- 10:21:32टू टेक स्टेप्स टुवर्ड्स समथिंग। किसी चीज
- 10:21:34को अचीव करने के लिए टू टेक स्टेप्स
- 10:21:38टुवर्ड्स समथिंग। किसी चीज को अचीव करने
- 10:21:40के लिए आप जब कोई कदम उठाते हो उसको
- 10:21:42स्ट्राइट्स कहा जाता है। ठीक है? तो लिखा
- 10:21:44है व्हाइल स्ट्राइट्स हैव बीन मेड इन
- 10:21:46इंश्योरिंग एक्सेस टू एजुकेशन। सब तक
- 10:21:48एजुकेशन पहुंच पाए इसके लिए बहुत सारे
- 10:21:50स्टेप्स उठाए गए हैं। लेकिन जो लर्निंग की
- 10:21:52क्वालिटी है वो अभी भी डैश है। अ लैक ऑफ
- 10:21:56स्किल टीचर्स आउटडेटेड करिकुलम एंड
- 10:22:00इनएडीिक्वेट इंफ्रास्ट्रक्चर आर की डैश टू
- 10:22:02प्रोग्रेस। लिखा हुआ है जो स्किल टीचर्स
- 10:22:05की कमी है, जिस तरीके से सिलेबस डिजाइन
- 10:22:07किया हुआ है, जिस तरीके से करिकुलर डिजाइन
- 10:22:09किया वो बहुत आउटडेटेड है। साथ ही साथ में
- 10:22:11इंफ्रास्ट्रक्चर की बहुत कमी है। ये सब
- 10:22:14प्रोग्रेस को डैश कर रहे हैं। फर्दर मोर द
- 10:22:17एफेसिस ऑन रोट लर्निंग ऑफेन डैश क्रिटिकल
- 10:22:20थिंकिंग एंड प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स।
- 10:22:22लिखा है। उसके बावजूद जो इंफेसिस है ना
- 10:22:25रोट लर्निंग के ऊपर रोट लर्निंग मतलब
- 10:22:26रट्टा ये मैंने पहले पढ़ाया था शायद कि
- 10:22:28रट्टा मारने को रोट लर्निंग कहा जाता है।
- 10:22:30तो ये जो रोट लर्निंग के ऊपर ज्यादा जोर
- 10:22:33है ना कि क्रिटिकल थिंकिंग और प्रॉब्लम
- 10:22:35सॉल्विंग स्किल्स को डैश करने के लिए ये
- 10:22:38प्रॉब्लम है। आगे द इंट्रोडक्शन ऑफ द
- 10:22:41नेशनल एजुकेशन पॉलिसी एम्स टू डैश दीज़
- 10:22:44गैप्स। लिखा हुआ है कि जो एनईपी आया था ना
- 10:22:46सुना होगा आपने नेशनल एजुकेशन पॉलिसी उसका
- 10:22:48इंट्रोडक्शन एम करता है ताकि वो इन गैप्स
- 10:22:50को डैश कर सके। बट इट्स इंप्लीमेंटेशन
- 10:22:53फेसेस डैश चैलेंजेस। लेकिन उसके जो इसको
- 10:22:56अप्लाई जो करना है। अब गवर्नमेंट ने तो
- 10:22:58अनाउंस कर दिया एनईपी को। लेकिन एनईपी को
- 10:23:00अप्लाई करने में डैश चैलेंजेस फेस करने
- 10:23:02पड़ रहे हैं। आगे देखेंगे। ब्रिजिंग द
- 10:23:06डिजिटल डिवाइड इज अनदर डैश टास्क। लिखा है
- 10:23:09कि जो डिजिटल डिवाइड का जो ब्रिज है ना उस
- 10:23:12उस वो भी एक बहुत बड़ा चैलेंज है। एज
- 10:23:15मिलियंस ऑफ़ स्टूडेंट्स इन रूरल एरियाज लैग
- 10:23:17डैश टू ऑनलाइन रिसोर्सेज। मतलब पढ़ाई तो
- 10:23:19ऑनलाइन हो गई। टीचर्स ऑनलाइन आ गए लेकिन
- 10:23:21सबके पास क्या मोबाइल का एक्सेस है? सबके
- 10:23:23पास क्या इंटरनेट का एक्सेस है? तो ये जो
- 10:23:25डिजिटल डिवाइड है ना कि किसी को किसी के
- 10:23:27पास ईजीली टैब और आईपैड मिल रहा है और
- 10:23:29किसी को एक बेसिक नेटवर्क भी नहीं
- 10:23:31प्रोवाइड हो रहा। इस यह भी इसको भी ब्रिज
- 10:23:34करना एक बहुत डश टास्क है। क्योंकि लाखों
- 10:23:37ऐसे स्टूडेंट्स हैं रूरल एरियाज में जिनका
- 10:23:39ऑनलाइन रिसोर्सेज का जिनको डश नहीं है।
- 10:23:42विदाउट सिग्निफिकेंट इन्वेस्टमेंट एंड
- 10:23:44सिस्टमेटिक रिफॉर्म्स द ड्रीम ऑफ एन
- 10:23:46इक्विटेबल एंड इंक्लूसिव एजुकेशन सिस्टम
- 10:23:49मे डैश अनफुलफिल्ड। लिखा हुआ है बिना
- 10:23:52सिग्निफिकेंट इन्वेस्टमेंट के या
- 10:23:54सिस्टेटिक रिफॉर्म के जो एक सपना है ना कि
- 10:23:56एक ऐसा एजुकेशन सिस्टम हो जो इक्विटेबल
- 10:23:58हो। मतलब सबके लिए बराबर हो। इंक्लूसिव हो
- 10:24:01कि कहीं के भी बच्चे पढ़ रहे हो, कोई
- 10:24:03कास्ट, कोई रिलीजन, कोई एरिया, कोई स्टेट
- 10:24:05ना देखना हो। सब सब कोई साथ में पढ़ रहे
- 10:24:07हैं। वो अनफुलफिल्ड रह जाएगा। इट इज
- 10:24:10इंपेरेटिव टू डैश एफर्ट्स टू एड्रेस दीज़
- 10:24:13इशूज़ कॉम्प्रिहेंसिवली। ये जरूरी है कि
- 10:24:16एफर्ट्स उठाए जाए इन इशूज़ को
- 10:24:17कॉम्प्रिहेंसिवली डैश करने के लिए,
- 10:24:19कॉम्प्रिहेंसिव एड्रेस करने के लिए। ठीक
- 10:24:21है? इंपेरेटिव का मतलब होता है वेरीेंट।
- 10:24:24नोट कर एसएससी ने बहुत बार पूछा है। आई एम
- 10:24:26पी ई आर ए टी आई वी ई इंपेरेटिव मींस
- 10:24:28समथिंग दैट इज़ वेरी नेसेसरी इज़ कॉल्ड
- 10:24:30इंपेरेटिव।
- 10:24:33आ जाए भाई फिल अप करेंगे अब हम लोग।
- 10:24:37क्या लिखा है? द एजुकेशन सिस्टम इन इंडिया
- 10:24:40हैज़ लॉन्ग बीन अ सब्जेक्ट ऑफ़ डैश। एजुकेशन
- 10:24:43सिस्टम जो है इंडिया में वो बहुत दिनों से
- 10:24:46डैश है। क्या है? हैज़ बीन अ सब्जेक्ट ऑफ
- 10:24:49नेगलिजेंस
- 10:24:50कि उसे बहुत दिन से नेगलेक्ट किया जा रहा
- 10:24:52है। अच्छा यहां देखना एजुकेशन सिस्टम की
- 10:24:55बात हो रही है। अगला हैज़ बीन अ सब्जेक्ट
- 10:24:58ऑफ़ रिफॉर्म कि उसे बहुत दिन से रिफॉर्म
- 10:25:01किया जा रहा है। हैज़ बीन अ सब्जेक्ट ऑफ़
- 10:25:03डिबेट एक बहस का विषय है। हैज़ बीन अ
- 10:25:06सिस्टम ऑफ़ डिसरगार्ड। एक बेइज्जती का विषय
- 10:25:08है। चारों में से क्या होगा? सबसे पहले
- 10:25:09देखो बेइज्जती तो नहीं हो सकता। बेइज्जती
- 10:25:11का विषय। दूसरा एजुकेशन सिस्टम को
- 10:25:14नेगलेक्ट थोड़ी ना किया जा रहा है।
- 10:25:15एजुकेशन सिस्टम में जो चेंजेस करने हैं
- 10:25:17उसको नेगलेक्ट किया जा रहा है। ऐसा थोड़ी
- 10:25:19है कि स्कूल नहीं है। स्कूल तो है ही।
- 10:25:21प्रॉब्लम वहां है जहां स्कूल
- 10:25:23कॉम्प्रिहेंसिव नहीं है। स्कूल एफिशिएंट
- 10:25:25नहीं है। ठीक है? इसका मतलब नेगिजेंस तो
- 10:25:27नहीं हो सकता है। क्या एजुकेशन सिस्टम को
- 10:25:31रिफॉर्म करने का बहुत सालों से प्रयास चल
- 10:25:33रहा है? क्योंकि लॉन्ग बिन लिखा हुआ है।
- 10:25:35ठीक है? नहीं। बहुत सालों से तो प्रयास
- 10:25:37नहीं चल रहा। बहुत सालों तक जो जैसा
- 10:25:39एजुकेशन था वैसा ही है। यह भी नहीं हो
- 10:25:41सकता। यह वाला सबसे सटीक बैठ रहा है।
- 10:25:44दूसरा आपने बहुत बार सुना होगा सब्जेक्ट
- 10:25:46ऑफ़ डिबेट। सब्जेक्ट ऑफ़ डिबेट क्योंकि मैं
- 10:25:48ये क्यों कह रहा हूं व्हेयर आई एम कमिंग
- 10:25:50फ्रॉम। बहुत सारे ऐसे आज भी सिस्टम के
- 10:25:53अंदर के लोग हैं जिनका यह मानना है कि
- 10:25:55एजुकेशन सिस्टम में कोई फ्लॉ ही नहीं है।
- 10:25:57जो है वह सही है। मैं नाम नहीं लूंगा
- 10:25:59क्योंकि बहुत सारे लोग ऑफेंड हो जाते हैं।
- 10:26:01हमारे एक एचआरडी मिनिस्टर थे जिन्होंने 5
- 10:26:05साल वो हमारे पांच या चार साल वो हमारे
- 10:26:08एचआरडी मिनिस्टर रहे। और जब वो उन्होंने
- 10:26:10जब वो पोस्ट छोड़ा तो उन्होंने बड़े ही
- 10:26:12प्राउडली ये बोला कि मुझे इस बात का गर्व
- 10:26:15है कि मैंने एक शब्द भी नहीं बदला और
- 10:26:18चीजें बहुत अच्छी चली। मेरे हिसाब से मैं
- 10:26:21पर्सनली जीरो% भी एग्री नहीं करता। इसलिए
- 10:26:24क्योंकि बहुत ज्यादा जरूरत थी चेंज करने
- 10:26:26की। इस बात पर गर्व नहीं होना चाहिए। इस
- 10:26:29बात पे शर्म आनी चाहिए कि आपने एजुकेशन
- 10:26:31सिस्टम में एक चीज भी चेंज नहीं किया। अगर
- 10:26:34एजुकेशन सिस्टम में कोई चेंज की जरूरत है
- 10:26:36तो वो इंडिया में ही है। क्योंकि
- 10:26:38पोटेंशियल बहुत है। पर प्रॉब्लम ये है कि
- 10:26:40एजुकेटेड नहीं है लोग। तो ये जो है ये
- 10:26:43लॉन्ग सब्जेक्ट है डिबेट का क्योंकि कुछ
- 10:26:46कह रहे हैं बहुत अच्छा हुआ, कुछ कह रहे
- 10:26:47हैं बहुत खराब हुआ। तो आंसर सी सटीक है।
- 10:26:50आगे बढ़ेंगे। व्हाइल स्ट्राइड्स हैव बीन
- 10:26:52मेड इन इंश्योरिंग एक्सेस टू एजुकेशन।
- 10:26:54लिखा है कि बहुत स्ट्राइड्स लिए गए
- 10:26:56एजुकेशन सिस्टम को एक्सेस करने के लिए कि
- 10:26:59सब तक एजुकेशन पहुंच पाए। द क्वालिटी ऑफ़
- 10:27:02लर्निंग आउटकम्स रिमेंस डैश। लेकिन जो
- 10:27:04क्वालिटी है ना वो बहुत डैश है। मतलब ऐसा
- 10:27:08नहीं है स्कूल नहीं है। स्कूल तो है पर जो
- 10:27:10टीचर्स पढ़ा रहे हैं, जो करिकुलर डिज़ है,
- 10:27:12जो इंफ्रास्ट्रक्चर है वो बहुत डैश है। तो
- 10:27:14क्या भरेंगे यहां पे? कोई नेगेटिव वर्ड
- 10:27:17होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए? क्वालिटी
- 10:27:19ऑफ लर्निंग तो अच्छा नहीं है। तभी तो यह
- 10:27:20पैसेज लिखा हुआ है। तो देखते हैं
- 10:27:23इनएिक्वेट।
- 10:27:25इनएडीिक्वेट का मतलब होता है अ हिंदी में
- 10:27:27अपर्याप्त। समथिंग दैट इज नॉट नॉट इनफ।
- 10:27:30ठीक है? उसको इनएडीिक्वेट कहते हैं। हो
- 10:27:32सकता है। नेगेटिव वर्ड चाहिए हमें।
- 10:27:34रिमारकेबल। रिमारकेबल का मतलब होता है
- 10:27:35शानदार।
- 10:27:37नहीं हो सकता। हम नेगेटिव वर्ड ढूंढ रहे
- 10:27:38हैं। प्रॉमिसिंग नेगेटिव वर्ड ढूंढ रहे
- 10:27:40हैं। सेटिस्फेक्टरी। नेगेटिव वर्ड ढूंढ
- 10:27:41रहे हैं। ऑप्शन नंबर ए। आगे बढ़ेंगे। अ लैक
- 10:27:45ऑफ स्किल टीचर्स आउटडेटेड करिकुल एंड
- 10:27:48इनएडीिक्वेट इंफ्रास्ट्रक्चर आर की डैश टू
- 10:27:50प्रोग्रेस। अच्छे टीचर्स की कमी, आउटडेटेड
- 10:27:53करिकुल और इनएडीिक्वेट इंफ्रास्ट्रक्चर जो
- 10:27:55है वो प्रोग्रेस को डैश कर रहे हैं। आर की
- 10:27:58हड्रेंसेस। अच्छा ये सब प्रोग्रेस को तो
- 10:28:00नेगेटिव वे में ही अफेक्ट करेंगे ना कि
- 10:28:02स्किल टीचर्स नहीं है। अपडेटेड करिकुल है
- 10:28:04तो नेगेटिव वर्ड होना चाहिए। हैंड्रेंस
- 10:28:06मतलब अभी हमने बात करी थी ऑब्सकल्स को
- 10:28:08हैंडरेंस कहते हैं। ऐसी कोई चीज जो ग्रोथ
- 10:28:10रोक रही हो। ठीक है? हो सकता है ये। आगे
- 10:28:14लिखा हुआ है बूस्टर्स। यह सब प्रोग्रेस के
- 10:28:16बूस्टर्स हैं। जैसे ये मार्क्स बूस्टर
- 10:28:18सीरीज मैं चला रहा हूं। नहीं यह तो
- 10:28:20पॉजिटिव हमें नेगेटिव वर्ड चाहिए।
- 10:28:21एक्सलरेटर्स
- 10:28:23पॉजिटिव वर्ड है, नेगेटिव वर्ड चाहिए।
- 10:28:24फैसिलिटेटर्स पॉजिटिव है, नेगेटिव चाहिए।
- 10:28:26आंसर कौन सा होगा? ऑप्शन नंबर ए
- 10:28:27हाइड्रेंसेस।
- 10:28:29देख रहे हो ये पॉजिटिव नेगेटिव सीख लेने
- 10:28:31से एक बार कितनी आसानी से क्वेश्चन सॉल्व
- 10:28:33होता है। आगे देखो। फर्दर मोर। द एम्फेसिस
- 10:28:36ऑन रोट लर्निंग ऑफेन डैश क्रिटिकल
- 10:28:38थिंकिंग। जो रोट लर्निंग के ऊपर जो एफेसिस
- 10:28:40है ना जिसमें हम लोगों को रटाई जा रही है
- 10:28:43चीजें समझाई नहीं जा रही तो लिखा है कि
- 10:28:45फर्दर मोर द एफेसिस ऑन रोट लर्निंग ऑफेन
- 10:28:47डैश क्रिटिकल थिंकिंग हम लोग जब रटते हैं
- 10:28:50ना तो हम चीजों को क्रिटिकली नहीं समझ
- 10:28:52पाते हम में प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स
- 10:28:54नहीं आ पाती इसका मतलब यहां पे कोई
- 10:28:56नेगेटिव वर्ड होना चाहिए कि ये जो रोड
- 10:28:58लर्निंग है ये हमारे क्रिटिकल थिंकिंग को
- 10:28:59क्या कर रही है स्टॉप कर रही है यहां पे
- 10:29:01कोई नेगेटिव वर्ड होना चाहिए आ जाओ इनसेस
- 10:29:04हेल्प करना बेहतर करना नेगेटिव वर्ड है
- 10:29:06अंडरमाइंस मैं ऑलरेडी बता चुका हूं
- 10:29:08अंडरमाइंड का मतलब टू मेक समथिंग वीकर।
- 10:29:11किसी चीज को कमजोर करना। तो ये हमारी
- 10:29:12क्रिटिकल थिंकिंग को कमजोर कर रही है। हो
- 10:29:15सकता है। अगला वर्ड है प्रमोट्स पॉजिटिव
- 10:29:17वर्ड है। हमें नेगेटिव वर्ड चाहिए। अगला
- 10:29:19वर्ड है कल्टीवेट्स पैदा करना। पॉजिटिव
- 10:29:20वर्ड है। नेगेटिव वर्ड चाहिए। आंसर कौन सा
- 10:29:22होगा? अंडरमाइंस। नेक्स्ट द इंट्रोडक्शन
- 10:29:25ऑफ़ द नेशनल एजुकेशन पॉलिसी एम्स टू डैश
- 10:29:28दीज़ गैप्स। लिखा हुआ है कि एजुकेशन पॉलिसी
- 10:29:31जो है जो है ना जो एनईपी है वो इन गैप्स
- 10:29:33को डैश करने की कोशिश कर रही है। एनईपी के
- 10:29:36थ्रू क्या किया गया है कि इन जो
- 10:29:38प्रॉब्लम्स है उनको सॉर्ट आउट करने की
- 10:29:41कोशिश की गई है। मतलब यहां पे सॉल्व जैसा
- 10:29:43कोई वर्ड होना चाहिए। है ना? कि वो
- 10:29:46एक्सजेक्टली ये तो नहीं है ऑप्शन में पर
- 10:29:47सॉल्व जैसा कुछ होना चाहिए कि एनईपी जो है
- 10:29:50वो इंट्रोड उसका इंट्रोडक्शन जो है वो इन
- 10:29:52गैप्स को सॉल्व करने की कोशिश कर रहा है।
- 10:29:54इन गैप्स को हाईलाइट करने की कोशिश कर रहा
- 10:29:57है। हाईलाइट मतलब होता है दुनिया के सामने
- 10:29:59लेके आना कि नेशनल एजुकेशन पॉलिसी आई उसने
- 10:30:01बताया देखो यहां यहां एजुकेशन में
- 10:30:02प्रॉब्लम है। वो तो सबको पहले से पता है।
- 10:30:05हाईलाइट तो वर्ड नहीं होगा। वाइडन वो और
- 10:30:07खराब कर रहा है इस गैप्स को। नहीं भाई
- 10:30:10उसके लिए नहीं आया था। वो एड्रेस करने की
- 10:30:13कोशिश कर रहा है। एड्रेस मतलब वो सॉर्ट
- 10:30:15आउट करने की कोशिश कर रहा है इन
- 10:30:17प्रॉब्लम्स को। यह हो सकता है। अगला वर्ड
- 10:30:19है डिसरगार्ड। वो बेइज्जती करने की कोशिश
- 10:30:21कर रहा है। आंसर कौन सा होगा? एड्रेस
- 10:30:23होगा। नेक्स्ट ब्रिजिंग द डिजिटल डिवाइड।
- 10:30:27अच्छा वो एक छूट गया क्या? हां। बट इट्स
- 10:30:29इंप्लीमेंटेशन फेसेस डैश चैलेंजेस। लेकिन
- 10:30:32इसका जो इंप्लीमेंटेशन है ना वो डैश
- 10:30:34चैलेंजेस फेस कर रहा है। किसका
- 10:30:35इंप्लीमेंटेशन? एनईपी का। एनईपी का
- 10:30:37इंप्लीमेंटेशन जो है वो डैश चैलेंजेस फेस
- 10:30:40कर रहा है। तो क्या होगा यहां पे कुछ
- 10:30:42माइनर या मेजर कोई मेजर चैलेंज फेस कर रहा
- 10:30:45होगा? ऐसा कोई वर्ड होना चाहिए। आ जाइए।
- 10:30:47पहले में लिखा हुआ है लॉजिस्टिकल
- 10:30:50चैलेंजेस। लॉजिस्टिकल का मतलब होता है जब
- 10:30:53आप किसी चीज को मतलब किसी चीज कैसे बताऊं
- 10:30:57आपको के फॉर एग्जांपल बिल्डिंग बनाना चाह
- 10:31:00रहे हैं पैसा नहीं है लॉजिस्टिकल इशू है।
- 10:31:03हम इंटरनेट इंट्रोड्यूस करना चाह रहे हैं
- 10:31:05पर गांव बिल्कुल जंगल में है। ये
- 10:31:06लॉजिस्टिकल इशू है। तो जहां पे
- 10:31:08लॉजिस्टिक्स इनवॉल्वड हो वैसे वाले इशू आ
- 10:31:10रहे हैं। ठीक है? हो सकता है ये आंसर। आगे
- 10:31:13बढ़ेंगे। इनसरमाउंटेबल। इनसरमाउंटेबल का
- 10:31:15मतलब होता है कोई चीज जो इतनी बड़ी है कि
- 10:31:18उससे कभी पार पाया ही नहीं जा सकता।
- 10:31:20समथिंग दैट इज सो ग्रेट दैट कांट बी डेल्ट
- 10:31:23विद सक्सेसफुली। मतलब नामुमकिन है
- 10:31:25चैलेंजेस को फेस करना। नहीं ये तो ज्यादा
- 10:31:27हारश हो जाएगा। नामुमकिन थोड़ी है वरना
- 10:31:29गवर्नमेंट ट्राई क्यों करती? ट्रिवियल हम
- 10:31:31ऑलरेडी पढ़ चुके हैं जिसका मतलब होता है
- 10:31:33लेसेंट। ऐसी कोई चीज जो उतनी इंपॉर्टेंट
- 10:31:35ना हो। याद दिला दूं पेरिफेरल हमने अभी
- 10:31:38इसका पढ़ा था एक सिनोनिम। ठीक है? सो बहुत
- 10:31:40माइनर चैलेंजज़ फेस कर रही है गवर्नमेंट।
- 10:31:42नहीं भाई मैनेजेबल चैलेंजज़ फेस कर रही है।
- 10:31:44यह भी नहीं होगा। मैनेज करने लायक चैलेंज
- 10:31:46तो फिर प्रॉब्लम कहां है? आंसर है
- 10:31:48लॉजिस्टिकल इशू है जो मैंने एक्सप्लेन
- 10:31:49किया कि गवर्नमेंट करना चाह रही है पर
- 10:31:51बहुत बार लॉजिस्टिक साथ नहीं देते। अगला
- 10:31:54लिखा हुआ है ब्रिजिंग द डिजिटल डिवाइड इज
- 10:31:56अनदर डैश टास्क? जो ब्रिज कर रहा है ना
- 10:31:58डिजिटल डिवाइड को वो अगला डैश टास्क का
- 10:32:00है। डैश मतलब अगेन यहां पे मेजर जैसा कुछ
- 10:32:02होगा। फिर से वो मेजर टास्क है। देखते
- 10:32:04हैं। इज़ अनदर चैलेंजिंग टास्क? हो सकता
- 10:32:07है। इज़ अनदर मोन्यूमेंटल टास्क? ये बहुत
- 10:32:11बड़ा टास्क है। बहुत ह्यूज टास्क है। ठीक
- 10:32:13है? अगला वर्ड है बहुत सिंपल टास्क है।
- 10:32:15सिंपल है तो फिर कर क्यों नहीं पाए?
- 10:32:17अचीवेबल टास्क है। आंसर तो दो ही वर्ड हो
- 10:32:19सकता है। जिसको अचीव किया जा सकता है
- 10:32:21आसानी से उसको अचीवेबल कहते हैं। हमें कोई
- 10:32:23पॉजिटिव वर्ड नहीं चाहिए था। नेगेटिव वर्ड
- 10:32:24चाहिए था। अब है ब्रिजिंग द डिजिटल डिवाइड
- 10:32:27इज़ अनदर चैलेंजिंग टास्क या इज़ अनदर
- 10:32:29मोन्यूमेंटल टास्क। दोनों सही है। ज्यादा
- 10:32:32प्रेफरेंस मत दूंगा मोन्यूमेंटल को।
- 10:32:34क्योंकि यहां पे मिलियंस की बात की जा रही
- 10:32:35है। अगला लाइन पढ़ना। मिलियंस ऑफ़
- 10:32:36स्टूडेंट्स की बात की जा रही है। मतलब
- 10:32:38बहुत बड़ा टास्क है ये। तो आंसर क्या होगा?
- 10:32:40मोन्यूमेंटल। हालांकि चैलेंजिंग में गलत
- 10:32:41नहीं है।
- 10:32:43लिखा है मिलियंस ऑफ स्टूडेंट्स इन रूरल
- 10:32:45एरियाज लैक डश टू एक्स टू ऑनलाइन
- 10:32:48रिसोर्सेज। क्योंकि जो रूरल एरियाज के
- 10:32:50बच्चे हैं अभी मैंने आंसर गलती से बोल
- 10:32:52दिया क्योंकि एक ही वर्ड फिट आएगा। इन
- 10:32:53रूरल एरियाज के जो बच्चे हैं वो ऑनलाइन
- 10:32:55रिसोर्सेज का उनके पास डैश नहीं है। क्या
- 10:32:57नहीं है? उनका उनकी एक्सेस नहीं है। उनकी
- 10:32:59पहुंच नहीं है वहां तक। ठीक है? उनका
- 10:33:02रेजिस्टेंस नहीं है। हमें यहां पे
- 10:33:04रेजिस्टेंस चाहिए क्या? कि बिकॉज़ दे लैक
- 10:33:06रेजिस्टेंस। रेजिस्टेंस मतलब होता है किसी
- 10:33:08चीज को होने में रोकना। तो क्या कह रहा है
- 10:33:11कि मिलियंस ऑफ स्टूडेंट्स ऐसे हैं जिनके
- 10:33:13पास कोई रेजिस्टेंस ही नहीं है। अच्छा अगर
- 10:33:15रेजिस्टेंस ही नहीं है तो फिर क्या रोक
- 10:33:17रहा है उनको? गलत है ना? उनके पास कोई
- 10:33:20अपोजिशन ही नहीं है। नहीं नहीं अपोजिशन
- 10:33:22है। ये तो उल्टा सेंस हो जाएगा। उनके पास
- 10:33:25कोई कनेक्टिविटी नहीं है ऑनलाइन रिसोर्सेज
- 10:33:27के लिए। देखो अगर यहां पे ऑनलाइन क्लासेस
- 10:33:29हम कहते तो हम कनेक्टिविटी वर्ड को फिर
- 10:33:31मतलब आंसर करते कि कनेक्टिविटी के साथ हम
- 10:33:35लगा सकते हैं ऑनलाइन क्लासेस। को क्लासेस
- 10:33:37से कनेक्ट किया जाता है। पर यहां
- 10:33:38रिसोर्सेज बोला जाए। हो सकता है कोई
- 10:33:40पीडीएफ हो। हो सकता है ना? इसका मतलब यह
- 10:33:43है कनेक्टिविटी तो फिट नहीं आएगा। एक्सेस
- 10:33:45ज्यादा अच्छा है कि एक्सेस नहीं है उनका
- 10:33:47रिसोर्सेज की तरह। वो पहुंच नहीं पा रहे
- 10:33:48रिसोर्सेज उन तक। विदाउट सिग्निफिकेंट
- 10:33:50इन्वेस्टमेंट एंड सिस्टेटिक रिफॉर्म्स द
- 10:33:52ड्रीम ऑफ़ एन इक्विटेबल एंड इंक्लूसिव
- 10:33:54एजुकेशन सिस्टम मे डैश अनफुलफिल्ड। एक ही
- 10:33:57फिट आएगा यार। हम लोग इतनी बार पढ़ चुके
- 10:33:59हैं। मे रिमेन अनफुलफिल्ड। देख लो फिर भी।
- 10:34:02लिखा हुआ है कि बिना सिग्निफिकेंट
- 10:34:05इन्वेस्टमेंट के मतलब बहुत खर्च लगेगा
- 10:34:07इसमें बिना उसके या बिना सिस्टमेटिक
- 10:34:10रिफॉर्म के जो ड्रीम है ना कि एक
- 10:34:12इक्विटेबल और इंक्लूसिव एजुकेशन सिस्टम
- 10:34:14बनाया जाए वो अनफुलफिल्ड ही रह जाएगा
- 10:34:17जिसका मतलब है वहां पे रिमेन ही फिट आ रहा
- 10:34:19है विल रिमेन अनफुलफिल्ड मैं आंसर मैं
- 10:34:20रीज़न बताता हूं आपको लिखा है कि मे
- 10:34:23ट्रांसफॉर्म ट्रांसफॉर्म मतलब होता है बदल
- 10:34:24जाना अनफुलफ्ड बदल जाना शिफ्ट शिफ्ट
- 10:34:27अनफुलफिल्ड एलिमिनेट अनफुलफिल्ड नहीं होगा
- 10:34:29आंसर मैं बता रहा हूं मैंने क्यों ऐसा
- 10:34:30बोला कि रिमेन ही आएगा देखो रिमेन जो वर्ड
- 10:34:33है ना
- 10:34:35यह एक कॉजिटिव वर्ब है।
- 10:34:40ठीक है? कॉजिटिव वर्ब ऐसे वर्ब्स को हम
- 10:34:42कहते हैं जो किसी भी सेंटेंस में जब आता
- 10:34:45है तो अपने साथ कोई एडजेक्टिव या ऐसे
- 10:34:48वर्ड्स लेकर आता है जो वर्ब जिसको आप वर्ब
- 10:34:50का फॉर्म बोल सकते हो। यहां पे अनफुलफिल्ड
- 10:34:52वर्ब का फॉर्म था। कभी अगर मौका मिला तो
- 10:34:54कॉजिटिव डिटेल में एक्सप्लेन करूंगा। अभी
- 10:34:56बहुत डिस्ट्रैक्शन हो जाएगा क्योंकि लंबा
- 10:34:57टॉपिक है। तो मैं अभी बस बोल के निकल रहा
- 10:34:59हूं। जो बच्चे कॉजिटिव वर्ब समझते हैं
- 10:35:01उनको आसानी से समझ में आ जाएगा। जो नहीं
- 10:35:02समझते आप हिंदी वाले रीज़न से बना लो जो
- 10:35:05उसके पहले मैंने बताया क्योंकि ये थोड़ा सा
- 10:35:07कॉम्प्लेक्स टॉपिक है। ठीक है? माफ़
- 10:35:09कीजिएगा उसके लिए मैं पूरा एक्सप्लेन नहीं
- 10:35:10करूंगा यहां पे। तो क्या लिखा हुआ है कि
- 10:35:12मेड डैश अनफुलफिल्ड। अभी मैंने बोला कि
- 10:35:14रिमेन जो है वो कॉजिटिव वर्ब है। क्योंकि
- 10:35:16अनफुलफिल्ड जो इसके बाद एडजेक्टिव था कि
- 10:35:18सिस्टम कैसा रह जाएगा? सिस्टम अनफुलफिल्ड
- 10:35:20रह जाएगा। हमें इस एडजेक्टिव को कनेक्ट
- 10:35:23करने के लिए कॉजिटिव वर्ब चाहिए था। इन
- 10:35:25चारों में से केवल एक कॉजिटिव वर्ब है
- 10:35:27रिमेन। तो इसलिए मैंने उसको आंसर किया था।
- 10:35:28यह मेरा ग्रामर का रीज़ है। ठीक है? आगे
- 10:35:31बढ़ेंगे। इट इज इंपेरेटिव टू डैश एफर्ट्स।
- 10:35:35अच्छा एफर्ट्स डैश करने की जरूरत है। तो
- 10:35:38क्या होगा? इट इज़ इंपेरेटिव टू डाइल्यूट
- 10:35:40एफर्ट्स। यहां कोई पॉजिटिव वर्ड होना
- 10:35:41चाहिए। डाइल्यूट मतलब होता है किसी चीज को
- 10:35:43पतला करना। जैसे बहुत बार दूध जब हमारे घर
- 10:35:46में आता है। हम लोग कहते हैं ना दूध वाले
- 10:35:48भैया को कि अरे बहुत पतला दूध है यार।
- 10:35:49बहुत पानी मिला दिया आपने दूध में। उसने
- 10:35:51डाइल्यूट कर दिया। इसका उल्टा होता है
- 10:35:53कंसंट्रेटेड। जिसका मतलब होता है किसी चीज़
- 10:35:55को गाढ़ा बना देना। ठीक है? सो डाइल्यूट तो
- 10:35:57नहीं होगा। होगा। ये नेगेटिव वर्ड है। इट
- 10:35:59इज़ इंपेरेटिव टू स्ट्रेंथन एफर्ट्स।
- 10:36:01स्ट्रेंथन का मतलब होता है मजबूत करना।
- 10:36:03एफर्ट्स को मजबूत करने की जरूरत है। ये हो
- 10:36:06सकता है। अगला लिखा हुआ है प्रोलोंग।
- 10:36:07प्रोलोंग का मतलब होता है टेकिंग मोर टाइम
- 10:36:10देन एक्सपेक्टेड। ऐसा है कि एफर्ट्स को और
- 10:36:13लंबा खींचने की जरूरत है। नहीं नहीं ये तो
- 10:36:15नेगेटिव हो जाएगा। टर्मिनेट मतलब होता है
- 10:36:17टू कैंसिल। एफर्ट्स को कैंसिल करने की
- 10:36:19जरूरत है। आंसर कौन सा होगा? ऑप्शन नंबर
- 10:36:21बी। वन के कंपैरिजन में टू थोड़ा सा आसान
- 10:36:24था। ठीक है? पर वो भी आसान इसलिए था
- 10:36:27क्योंकि मैंने आपको मैं जो बना रहा था
- 10:36:29क्वेश्चन वो मैं पॉजिटिव नेगेटिव टोन पकड़
- 10:36:31के बना रहा था। अब जो एग्जैक्ट वोकैब फिल
- 10:36:34अप करने पे आएंगे उनके लिए भाई ये टफ
- 10:36:36लगेगा उनको फिर भी टफ लगेगा। ठीक है?
- 10:36:38इसीलिए मैं उस तरीके से नहीं पढ़ा रहा।
- 10:36:40मैं किस तरीके से पढ़ा रहा हूं? पॉजिटिव
- 10:36:41नेगेटिव पकड़ के। और मैं हमेशा ऐसे ही
- 10:36:43पढ़ाता हूं। और मेरे लिए क्वेश्चन ईजी हो
- 10:36:44जाते हैं। फिर आपने सीखा है मुझसे ये
- 10:36:46तरीका तो अच्छी बात है। आपको एग्जाम में
- 10:36:48बहुत काम आए हैं। थर्ड पे बढ़े। सेम चीज
- 10:36:51सेम लॉजिक देख लेते हैं। लिखा है इंडियास
- 10:36:55डेमोग्राफिक डिविडेंड हैज़ ऑफन ऑफन बीन डैश
- 10:36:58एज अ की ड्राइवर ऑफ इकोनॉमिक ग्रोथ। लिखा
- 10:37:01है कि इंडिया का जो डेमोग्राफिक डिविडेंड
- 10:37:04है ना व्हाट इट डेमोग्राफिक डिविडेंड?
- 10:37:05पहले वह समझते हैं। डेमोग्राफी देखो किसी
- 10:37:08भी एरिया में रहने वाली पॉपुलेशन को उसका
- 10:37:10डेमोग्राफी कहा जाता है। डेमोग्राफिक
- 10:37:12डिविडेंड का मतलब है कि जब किसी पर्टिकुलर
- 10:37:16एरिया या कंट्री या स्टेट के बहुत सारे
- 10:37:19लोग एक ही ऐज में हो और वो उस ऐज में हो
- 10:37:22जहां पे फायदा हो सकता है। फॉर एग्जांपल
- 10:37:25इंडिया में मुझे एग्जैक्ट परसेंटेज तो
- 10:37:27नहीं पता पर इंडिया में मेजॉरिटी ऑफ़
- 10:37:29पपुलेशन अभी यंग है। तो अगर आप
- 10:37:32डेमोग्राफिक डिविडेंड के नजरिए से देखेंगे
- 10:37:34ना तो इंडिया अभी एकदम पीक पे है क्योंकि
- 10:37:37यहां के ज्यादातर लोग जो है वह यूथ वाले
- 10:37:39ऐज में आते हैं जो ज्यादा पैसे कमा सकते
- 10:37:42हैं ज्यादा इकॉनमी को सपोर्ट कर सकते हैं।
- 10:37:44तो इंडिया का जो डेमोग्राफिक डिविडेंड है
- 10:37:46वो एकदम फर्स्ट क्लास है। थम्स अप। ठीक
- 10:37:48है? आप समझ गए होंगे मैं किसके बारे में
- 10:37:50बात कर रहा हूं। अगर किसी कंट्री का मान
- 10:37:51लो डेमोग्राफिक डिविडेंड वीक पड़ रहा है।
- 10:37:53इसका मतलब वहां पे ज्यादा ऐसे लोग हैं जो
- 10:37:55पैसे नहीं कमाते। या तो ज्यादा बच्चे हैं
- 10:37:57या तो ज्यादा बूढ़े हैं या तो ज्यादा ऐसे
- 10:37:59लोग हैं जो अर्न नहीं कर सकते। ठीक है? तो
- 10:38:01डेमोग्राफिक डिविडेंड इसी को कहा जाता है।
- 10:38:03आप समझ गए हो इसका मीनिंग तो क्या लिखा
- 10:38:05हुआ है? इंडिया का जो डेमोग्राफिक
- 10:38:06डिविडेंड है वो डैश है। की ड्राइवर ऑफ
- 10:38:09इकोनमिक ग्रोथ। वो इकोनमिक ग्रोथ चलाने के
- 10:38:12लिए वो की ड्राइवर है। हाउ एवर द
- 10:38:15पोटेंशियल रिमेंस लार्जली डैश ड्यू टू अ
- 10:38:18लैक ऑफ स्किल डेवलपमेंट एंड एंप्लॉयमेंट
- 10:38:20अपॉर्चुनिटीज़। हाउ एवर मैंने पहले भी कई
- 10:38:23बार अपने क्लोज टेस्ट के सेशंस में आपको
- 10:38:24बताया है। हाउ एवर का मतलब होता है
- 10:38:26हालांकि। हालांकि का मतलब आपने पहले जो
- 10:38:29कहा अब आप उसका नेगेटिव बोलोगे। अगर पहले
- 10:38:31वाला सेंटेंस पॉजिटिव है तो आगे वाला
- 10:38:33सेंटेंस नेगेटिव होगा। फॉर एग्जांपल मैं
- 10:38:35जल्दी उठा था। हाउएवर आई गॉट लेट फॉर माय
- 10:38:38ऑफिस। मैं उठा जल्दी था। पॉजिटिव बात है।
- 10:38:40हालांकि मुझे ऑफिस में देर हो गई। नेगेटिव
- 10:38:42बात है। तो जब भी कभी आप हाउएवर से
- 10:38:45जोड़ोगे, ऑल दो से जोड़ोगे, बट से जोड़ोगे
- 10:38:47तो हमेशा यह कंट्रास्टिंग चीजों को जोड़ता
- 10:38:50है। तो लिखा था कि हाउ एवर लेकिन हालांकि
- 10:38:53ये जो पोटेंशियल है ये लार्जली डैश है
- 10:38:56क्योंकि स्किल डेवलपमेंट की कमी है।
- 10:38:59एंप्लॉयमेंट ओपोरर्चुनिटीज की कमी है। द
- 10:39:02डैश बिटवीन एजुकेशन एंड इंडस्ट्री
- 10:39:04रिक्वायरमेंट्स एक्सेस द प्रॉब्लम। और जो
- 10:39:07एजुकेशन और इंडस्ट्री की रिक्वायरमेंट है
- 10:39:10उसके बीच में जो डैश है वो प्रॉब्लम को और
- 10:39:13खराब कर देती है। अब आप ये सब तो हमारी
- 10:39:16एकदम डेली लाइफ की चीज है भाई कि आप सीख
- 10:39:18स्कूल में कुछ और रहे हो, सीख कॉलेज में
- 10:39:20कुछ और रहे हो। डिमांड किसी और चीज की है
- 10:39:22जॉब में। ये तो बहुत बड़ी समस्या है। आगे
- 10:39:26व्हाइल द गवर्नमेंट हैज़ इनिशिएटेड सेवरल
- 10:39:29सेवरल स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स देयर
- 10:39:31डैश रिमेंस क्वेश्चनेबल। लिखा है कि जबकि
- 10:39:34गवर्नमेंट ने बहुत सारे स्किल डेवलपमेंट
- 10:39:36प्रोग्राम्स को इनिशिएट किया है। लेकिन
- 10:39:38उनका जो डैश है ना वो क्वेश्चनेबल है आज
- 10:39:41भी। मोर ओवर द डैश रेट ऑफ जॉब क्रिएशन
- 10:39:44फेल्स टू मैच द बर्जनिंग वर्क फोर्स। लिखा
- 10:39:47हुआ है कि उसके साथ-साथ मोर ओवर का मतलब
- 10:39:50होता है जब आप ऐसी ऐसा कोई लाइन बोलने
- 10:39:52वाले हो जो पहले वाले लाइन को सपोर्ट करे।
- 10:39:54जैसे कि मैं महीने के मान लो ₹20,000
- 10:39:58कमाता हूं। मोर ओवर मेरे भाई जो कमाते हैं
- 10:40:02वह भी मुझे देते हैं। तो यह मोर ओवर का
- 10:40:04मतलब है जो मैंने पहले बोला उसके सपोर्ट
- 10:40:06में मैं कुछ और बोल रहा हूं कि मैं बहुत
- 10:40:07स्किल्ड इंसान हूं। मोर ओवर मैं अच्छा
- 10:40:09पढ़ा लिखा भी हूं। आपको मीनिंग समझ में आ
- 10:40:11गया? तो लिखा हुआ है कि मोर ओवर दैट डैश
- 10:40:14रेट ऑफ़ जॉब क्रिएशन फेल्स टू मैच द
- 10:40:16बर्जनिंग वर्क फ़ोर्स। बर्जनिंग का मतलब
- 10:40:18क्या होता है? बर्जिंग का मतलब होता है
- 10:40:19डेवलपिंग क्विकली। जिन्हें नहीं पता
- 10:40:21एसएससी ने पूछा है। ठीक है? लिख लेना।
- 10:40:23डेवलपिंग क्विकली। कोई चीज जो बहुत तेजी
- 10:40:25से डेवलप कर रही हो।
- 10:40:27तो लिखा है कि कहां थे हम लोग? हां। यह जो
- 10:40:30जॉब क्रिएशन का जो रेट है उस वो जो डैश है
- 10:40:34ना वो फेल कर रहा है। वो मैच नहीं कर पा
- 10:40:37रहा बर्जनिंग वर्क वर्क फोर्स को। मतलब
- 10:40:39वर्क फोर्स तो बहुत बढ़ रहे हैं। काम करने
- 10:40:41वाले लोग तो बहुत बढ़ रहे हैं। लेकिन जॉब
- 10:40:42क्रिएशन का जो रेट है वो बहुत डैश है।
- 10:40:45ब्रिजिंग द गैप रिक्वायर्स डैश
- 10:40:47इन्वेस्टमेंट इन वोकेशनल ट्रेनिंग एंड
- 10:40:50एंटरप्रेन्योरशिप। लिखा हुआ है ये जो गैप
- 10:40:52है ना ये जो गैप है इसको ब्रिज करना बहुत
- 10:40:55जरूरी है। ठीक है? और इसको ब्रिज करने के
- 10:40:58लिए क्या करना पड़ेगा? वोकेशनल ट्रेनिंग
- 10:40:59में इन्वेस्टमेंट करनी पड़ेगी।
- 10:41:01एंटरप्रेन्योरशिप में इन्वेस्टमेंट करनी
- 10:41:03पड़ेगी। द प्राइवेट सेक्टर मस्ट आल्सो डैश
- 10:41:06अ प्रोएक्टिव रोल इन नर्चरिंग टैलेंट।
- 10:41:08प्राइवेट सेक्टर को भी एक प्रोएक्टिव रोल
- 10:41:11लेना पड़ेगा। मतलब एक्टिवली सामने आना
- 10:41:13पड़ेगा टैलेंट को नर्चर करने के लिए। ये
- 10:41:15सिर्फ गवर्नमेंट का काम नहीं है। विदाउट अ
- 10:41:18कॉम्प्रिहेंसिव अप्रोच और बिना किसी
- 10:41:20कॉम्प्रहेंसिव अप्रोच के द डैश द डिविडेंड
- 10:41:23कुड डैश इंटू अ लायबिलिटी। और अगर कोई
- 10:41:26कॉम्प्रिहेंसिव अप्रोच नहीं लिया गया, अगर
- 10:41:28कोई ठीक-ठाक अप्रोच नहीं लिया गया तो ये
- 10:41:30जो डैश करता हुआ डिविडेंड है ना ये बहुत
- 10:41:32जल्दी लायबिलिटी में बदल जाएगा। इट इज़
- 10:41:34इंपेरेटिव टू डैश रिफॉर्म्स दैट अलाइन
- 10:41:37एजुकेशन विद एंप्लॉयमेंट अपोरर्चुनिटीज़।
- 10:41:39ये बहुत जरूरी है कि कोई ऐसा रिफॉर्म लाया
- 10:41:42जाए जो कि अलाइन हो जो कि सेम लाइंस पर
- 10:41:44आए। किसके-किसके? एजुकेशन और एंप्लॉयमेंट
- 10:41:46अपोरर्चुनिटीज के। मतलब बेसिकली ये कहना
- 10:41:48चाह रहा है कि पढ़ाओ वही जिससे नौकरी मिले
- 10:41:50या पढ़ाओ पढ़ाओ वही जिसको आप स्किल बोलो।
- 10:41:53ठीक है? आ जाओ भाई साहब।
- 10:42:01टोन अगर मैं आपसे पूछूं तो टोन तो नेगेटिव
- 10:42:03है। ठीक है? अब एक-एक लाइन का टोन पकड़ते
- 10:42:05चलेंगे और सॉल्व करेंगे। मैं मान के चल
- 10:42:07रहा हूं। आपने वन नंबर सॉल्व कर लिया।
- 10:42:08लिखा हुआ है इंडियास डेमोग्राफिक डिविडेंड
- 10:42:10हैज़ ऑफेन बीन डैश एज अ की ड्राइवर ऑफ
- 10:42:13इकोनमिक ग्रोथ। ये लाइन तो पॉजिटिव है के
- 10:42:17एक की ड्राइवर इकोनमिक ग्रोथ का हमारी
- 10:42:18इकॉनमी बहुत अच्छी चल रही है क्योंकि
- 10:42:19हमारा डेमोग्राफिक डिविडेंड बहुत अच्छा
- 10:42:21है। तो यहां तो कोई पॉजिटिव वर्ड होना
- 10:42:22चाहिए। लिखा है इंडियास डेमोग्राफिक
- 10:42:25डिविडेंड हैज़ बीन हैज़ बीन डैश एज अ हैज़
- 10:42:28बीन डिसमिस्ड एज अ डिसमिस मतलब होता है
- 10:42:30खारिज कर देना। आप नहीं मान रहे हो उस चीज़
- 10:42:32को। गलत है। नहीं हो सकता। अंडरमाइंड किसी
- 10:42:35चीज़ को कमजोर कर देना। वीक कर देना। कितनी
- 10:42:37बार अंडर माइंड आ गया। देख लो आज ही गलत
- 10:42:39है। नेगलेक्टेड नेगेटिव वर्ड है। हमें तो
- 10:42:42पॉजिटिव चाहिए था। हेल्ड हो सकता है।
- 10:42:43हेल्ड मतलब होता है किसी चीज की तारीफ
- 10:42:46करना। ठीक है? उसको हम लोग हेल कहते हैं।
- 10:42:48आपने बहुत बार सुना होगा हेल द किंग व्हिच
- 10:42:50मींस महान राजा है। तारीफ करो इसकी। हेल द
- 10:42:53किंग। सो हेल का मतलब होता है किसी चीज की
- 10:42:55तारीफ करना। ऐसे अगर हिंदी में अगर मैं
- 10:42:57आपको एग्जैक्ट वर्ड बोलूं तो पुकारने को
- 10:42:58हेल कहा जाता है। ठीक है? टू कॉल समवन इस
- 10:43:01कॉल्ड हेल। पर यहां जो सेंस था वो तारीफ
- 10:43:03करने वाला था कि इंडिया का जो डेमोग्राफिक
- 10:43:05डिविडेंड है वो एक की ड्राइवर है इकोनमिक
- 10:43:07ग्रोथ का उसे माना जाता है की ड्राइवर
- 10:43:09इकोनमिक ग्रोथ का। हाउएवर हालांकि अभी
- 10:43:12मैंने बोला था पहले वाला सेंटेंस पॉजिटिव
- 10:43:14तो आगे तो डेफिनेटली नेगेटिव होगा क्योंकि
- 10:43:16हाउएवर यूज़ किया हुआ है। हाउएवर द
- 10:43:18पोटेंशियल रिमेंस लार्जली डैश ड्यू टू अ
- 10:43:21लैक ऑफ स्किल डेवलपमेंट। जो पोटेंशियल है
- 10:43:23वो बहुत ही ज्यादा डैश है। क्या है भाई?
- 10:43:28द पोटेंशियल रिमेंस लार्जली अनटप्ड।
- 10:43:31अनटप्ड का मतलब होता है अनटच्ड। ठीक है?
- 10:43:34कि जो पोटेंशियल है ना उसका पूरा फायदा
- 10:43:36नहीं उठाया जा रहा। अनटप्ड है वो अभी भी।
- 10:43:39ठीक है? समझाता हूं इसका एक एग्जांपल से
- 10:43:40आप बेहतर समझ पाओगे। पहले जो क्रिकेट होती
- 10:43:43थी 2008 के पहले की मैं बात कर रहा हूं।
- 10:43:44पहले जो क्रिकेट होता था ना 2008 के पहले
- 10:43:46उसमें जो लेबल्स पे सिलेक्शन होता था वहां
- 10:43:50पे पूरा का पूरा जो टैलेंट है इंडिया का
- 10:43:52क्रिकेट का वो टैप नहीं होता था। क्योंकि
- 10:43:55आपके पास लिमिटेड नंबर ऑफ टीम्स हैं। जो
- 10:43:57टीम्स रंजी खेल रहे हैं, जो टीम सैयद
- 10:43:59मुस्ताक खेल रहे हैं या जो टीम्स कोई भी
- 10:44:01टूर्नामेंट लोकल टूर्नामेंट खेल रहे हैं
- 10:44:02वो तो लिमिटेड है। 2025 स्टेट्स मिलके
- 10:44:05खेलते थे। उसमें से कुछ प्लेयर्स सेलेक्ट
- 10:44:07होंगे जो इंडिया ए के लिए खेलेंगे, बी के
- 10:44:09लिए खेलेंगे वहां से कुछ सेलेक्ट होंगे जो
- 10:44:11कि इंडिया का इंटरनेशनल खेलेंगे। तो कुल
- 10:44:13मिला के कितने प्लेयर्स खेल पाएंगे?
- 10:44:14500,000 मैक्सिमम। फिर 2008 में आया
- 10:44:18आईपीएल
- 10:44:20और इंडिया का जो क्रिकेट का डेमोग्राफी था
- 10:44:23वो चेंज हो गया। चेंज हो गया। क्यों?
- 10:44:25क्योंकि अभी हमने जस्ट देखा है कि एक
- 10:44:27बिहार का एक बहुत छोटा लड़का है जिसका
- 10:44:29सिलेक्शन 13 14 साल में हुआ है। आई गेस अब
- 10:44:31सोचो बिहार का एक 14 साल का लड़का आईपीएल
- 10:44:34खेल रहा है। मतलब आईपीएल ने क्या किया?
- 10:44:36उसने जो अनटैप्ड चीजें थी ना अनटैप्ड
- 10:44:38एरियाज थे इंडिया के उनको टैप किया। ठीक
- 10:44:41है? व्हिच मींस के उनको टच किया। अनट मतलब
- 10:44:44अनटच्ड। तो यहां पर क्या लिखा हुआ था? जो
- 10:44:46पोटेंशियल है ना वो अनटप्ड है आज भी। मतलब
- 10:44:50वहां तक पहुंच ही नहीं पाया है। अभी तक
- 10:44:52पोटेंशियल बहुत है पर अभी तक वहां
- 10:44:53एंप्लॉयमेंट पहुंच ही नहीं पाया। हो सकता
- 10:44:55है। द पोटेंशियल रिमेंस लार्जली
- 10:44:58एग्जॉस्टेड। एग्जॉस्टेड का मतलब होता है
- 10:45:00थक गया है। मतलब जो पोटेंशियल है ना वो
- 10:45:03खत्म हो गया। नहीं ये आंसर नहीं हो सकता।
- 10:45:05पोटेंशियल रिमेंस लार्जली मैक्सिमाइज्ड।
- 10:45:07जितना पोटेंशियल का यूज़ करना था वो कर
- 10:45:09चुके। स्किल डेवलपमेंट की कमी की वजह से।
- 10:45:12स्किल डेवलपमेंट की कमी की वजह थी। तो फिर
- 10:45:14हमने पोटेंशियल को मैक्सिमाइज कैसे किया?
- 10:45:16गलत है। पोटेंशियल को हमने रियलाइज कर
- 10:45:19लिया। पोटेंशियल को हमने यूज़ कर लिया। गलत
- 10:45:22है। एक ही आंसर बच रहा है कि जो पोटेंशियल
- 10:45:24था वो लार्जली अनटप्ड है। आज आज भी वैसे
- 10:45:27लोगों को रोजगार नहीं मिल पा रहा जिनके
- 10:45:29पास स्किल है। ठीक है? या जिनके पास स्किल
- 10:45:31नहीं है। दोनों केसेस में। आगे बढ़ेंगे। द
- 10:45:35डैश बिटवीन एजुकेशन एंड इंडस्ट्री
- 10:45:37रिक्वायरमेंट्स एक्सेस बेट्स द प्रॉब्लम।
- 10:45:39जो एजुकेशन और इंडस्ट्री रिक्वायरमेंट्स
- 10:45:41है उसने प्रॉब्लम्स को और खराब कर दिया
- 10:45:43है। उनके बीच का जो डैश है क्या होगा? द
- 10:45:46सिनर्जी बिटवीन सिनर्जी का मतलब क्या होता
- 10:45:48है? सिनर्जी का मतलब होता है अगर मैं
- 10:45:50हिंदी में एक वर्ड बोलूं तो तालमेल व्हिच
- 10:45:53मींस कि जब जो इंग्लिश वाले हैं वो समझना
- 10:45:55जो नॉन हिंदी स्पीकर्स हैं वो समझना। जब
- 10:45:57कोई एक कंपनी दूसरे कंपनी के साथ मिलकर
- 10:45:59काम करती है उसको सिनर्जी कहा जाता है। टू
- 10:46:01वर्क टुगेदर इज़ कॉल्ड सिनर्जी। ठीक है? तो
- 10:46:04लिखा हुआ है कि एजुकेशन और इंडस्ट्री
- 10:46:06रिक्वायरमेंट्स के बीच में जो सिनर्जी है
- 10:46:08वो और प्रॉब्लम्स को खराब कर दे रही है।
- 10:46:12आगे बढ़ेंगे। एजुकेशन और इंडस्ट्री के बीच
- 10:46:16में जो डिस्कनेक्ट है वो प्रॉब्लम्स को और
- 10:46:19खराब कर दे रही है। ये तो हो सकता है।
- 10:46:22सिनर्जी क्यों नहीं हो सकता? अच्छा मैं
- 10:46:23बोलना भूल गया था। ये तो आंसर हो ही नहीं
- 10:46:25सकता। क्योंकि अभी तो हमें यही समझ में
- 10:46:27आया कि एजुकेशन और इंडस्ट्री के बीच में
- 10:46:28कोई सिनर्जी है ही नहीं। एजुकेशन में कुछ
- 10:46:31और पढ़ाया जा रहा है। इंडस्ट्री की
- 10:46:32रिक्वायरमेंट कुछ और है। इसका मतलब उनके
- 10:46:34वो तो एज अ टीम काम ही नहीं कर रहे।
- 10:46:36सिनर्जी का मतलब होता है एज अ टीम काम
- 10:46:38करना। तो आंसर तो ये नहीं हो सकता। हमें
- 10:46:40कोई नेगेटिव वर्ड चाहिए। डिस्कनेक्ट हो
- 10:46:42सकता है कि इनका उनसे कोई मतलब नहीं। उनका
- 10:46:44इनसे कोई मतलब नहीं। एजुकेशन में कुछ और
- 10:46:46पढ़ा रहे हैं। इंडस्ट्री को कुछ और चाहिए।
- 10:46:47डिस्कनेक्ट हो सकता है। अगला बेटा है
- 10:46:49इंटीग्रेशन। उन दोनों के बीच में जो
- 10:46:51इंटीग्रेशन है ना वो प्रॉब्लम को और खराब
- 10:46:53कर देता है। जो दोनों मिलके साथ में काम
- 10:46:54कर रहे हैं ये प्रॉब्लम को और खराब कर
- 10:46:56देता है। नहीं फिर तो अच्छा है ना।
- 10:46:57प्रॉब्लम को ही तो सॉर्ट आउट करेगा।
- 10:46:59एक्सेस थोड़ी करेगा। अलाइनमेंट अगेन
- 10:47:01पॉजिटिव वर्ड है। नहीं हो सकता। आंसर कौन
- 10:47:03सा होगा? डिस्कनेक्ट होगा। नेक्स्ट व्हाइल
- 10:47:06द गवर्नमेंट हैज़ इनिशिएटेड सेवरल स्किल
- 10:47:08डेवलपमेंट प्रोग्राम। जबकि गवर्नमेंट ने
- 10:47:10कुछ स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स को
- 10:47:11इनिशिएट किया है। देयर डैश रिमेंस
- 10:47:14क्वेश्चनेबल। उनका जो डैश है वो
- 10:47:16क्वेश्चनेबल है। वाइल का मतलब क्या होता
- 10:47:19है? जबकि तो कैसे यूज़ करते हैं इसको? कि
- 10:47:22जबकि तुमने मुझे पैसे दिए मैंने वो पैसे
- 10:47:25खो दिए थे। जबकि तुमने मुझे पैसे दिए
- 10:47:28पॉजिटिव मैंने वो पैसे खो दिए थे नेगेटिव
- 10:47:31तो वाइल भी तो वही काम करता है कि पॉजिटिव
- 10:47:33को नेगेटिव के साथ जोड़ता है। तो क्या
- 10:47:35लिखा हुआ है कि व्हाइल द गवर्नमेंट हैज़
- 10:47:36इनिशिएटेड सेवरल स्किल डेवलपमेंट
- 10:47:38प्रोग्राम्स कि जबकि गवर्नमेंट ने इनिशिएट
- 10:47:40किया है कुछ स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स
- 10:47:42को ये तो पॉजिटिव बात है। आगे जो होगा वो
- 10:47:45नेगेटिव होगा कि उनका जो डैश है वो
- 10:47:47क्वेश्चननेबल है कि अभी भी उनका जो डैश है
- 10:47:50वो ढंग का नहीं है। तो उनका क्या है? उनका
- 10:47:52क्रिटिसिज्म क्वेश्चनेबल है। ना ना
- 10:47:54क्रिटिसिज्म तो नेगेटिव वर्ड है। यह तो
- 10:47:56नहीं आएगा। उनका एफिशिएंट नेगेटिव है।
- 10:47:59एफिशिएंट नहीं। अगर यहां पे एफिशिएंसी
- 10:48:01लिखा होता तो हम आंसर करते क्योंकि देखो
- 10:48:04टी एच ई आई आर देयर लिखा हुआ है। देयर एक
- 10:48:07पॉज़ेसिव एडजेक्टिव है। ये बात सब समझते
- 10:48:09हैं। तो इसके बाद कोई ना कोई नाउन होना
- 10:48:11चाहिए ना। जैसे मैं कह रहा हूं ये उनका घर
- 10:48:13है। दिस इज़ देयर होम्स या देयर होम। सो
- 10:48:16देयर आपने जब यूज़ किया तो उसके बाद होम
- 10:48:18बोला ना होम क्या था? नाउन था। तो जब भी
- 10:48:21आप इसको यूज़ करोगे किसी सेंटेंस में जो कि
- 10:48:23पज़ेज़ेसिव एडजेक्टिव है तो इसके बाद हमेशा
- 10:48:24एक नाउन आएगा। अब जरा इस पे बात कर लेते
- 10:48:26हैं। एफिशिएंट वर्ड एडजेक्टिव होता है।
- 10:48:29बोल रहा हूं ही इज़ अ वेरी एफिशिएंट पर्सन।
- 10:48:31तो वो पर्सन की तारीफ कर रहा हूं ना। मैं
- 10:48:33पर्सन की क्वालिटी बता रहा हूं ना। तो जो
- 10:48:35नाउन की क्वालिटी बताएगा वो तो एडजेक्टिव
- 10:48:36होगा। तो एफिशिएंट थोड़ी ना चाहिए था हमें।
- 10:48:38हमें एक नाउन चाहिए था। तो एफिशिएंसी होता
- 10:48:41तो हम आंसर कर सकते थे शायद कि उनकी
- 10:48:42एफिशिएंसी क्वेश्चनेबल है। अगला है कि
- 10:48:45उनका इंपैक्ट क्वेश्चनेबल है कि हो तो गया
- 10:48:48है गवर्नमेंट ने एग्जीक्यूट तो कर दिया है
- 10:48:50लेकिन जो उनका इंपैक्ट है वो क्वेश्चनेबल
- 10:48:52है। कितना प्रभाव पड़ रहा है ये
- 10:48:54क्वेश्चनेबल है। हो सकता है। अगला उनकी
- 10:48:56रेडेंडेंसी। रेडेंडेंसी का मतलब होता है
- 10:48:59ऑब्सोल्यूट। कोई चीज जो कि अब इस्तेमाल
- 10:49:01नहीं होती। कोई चीज जो बेकार है उसको
- 10:49:04रिडेंडेंट कहा जाता है। ठीक है? जैसे आपने
- 10:49:06सुना होगा कि ये कांसेप्ट मत पढ़ो। बहुत
- 10:49:08रिडेंंडेंट कॉन्सप्ट है। जिसका मतलब है अब
- 10:49:10यह कॉन्सप्ट यूज़ ही नहीं होता। ऑब्सोल्यूट
- 10:49:12हो चुका है वो। यह तो आंसर नहीं होगा।
- 10:49:14आंसर क्या है? ऑप्शन नंबर सी इंपैक्ट कि
- 10:49:16उनका इंपैक्ट क्वेश्चनेबल है। नेक्स्ट मोर
- 10:49:19ओवर द डैश रेट ऑफ जॉब क्रिएशन फेल्स टू
- 10:49:22मैच द बर्जनिंग वर्क फ़ोर्स। लिखा हुआ है
- 10:49:24उसके साथ-साथ ही एक्सक्यूज मी। उसके
- 10:49:27साथ-साथ ही जो रेट है ना जॉब क्रिएशन का
- 10:49:30वो फेल कर रहा है मैच करने में वर्क फोर्स
- 10:49:33को। मतलब वर्क बजिंग वर्क फोर्स मतलब वर्क
- 10:49:35फोर्स तो बहुत तेजी से बढ़ रहा है। ज्यादा
- 10:49:37पपुलेशन इतनी ज्यादा है इंडिया की लोग
- 10:49:39बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो यूथ और बढ़ते ही
- 10:49:42जा रहे हैं। क्या जॉब उस रेट से क्रिएट हो
- 10:49:44रहा है? नहीं हो रहा। इसका मतलब यहां पे
- 10:49:46तो कोई नेगेटिव वर्ड होना चाहिए था कि जो
- 10:49:48रेट है वो बहुत खराब है। ठीक है? आ जाओ
- 10:49:51ऑप्शन पे। लिखा है स्लगिश। स्लगिश का मतलब
- 10:49:54होता है स्लो। कोई ऐसी चीज जो बहुत स्लो
- 10:49:56है। अगेन मैं यूज़ बता रहा हूं। आपको याद आ
- 10:49:59जाएगा। आपने अगर क्रिकेट आप देखते हो तो
- 10:50:00कमेंट्री में आपने देखा होगा बहुत बार
- 10:50:02बोलते हुए स्लगिश शॉट और स्लगिश फील्डिंग
- 10:50:06फील्डिंग तो मैंने बहुत बार सुना है कि
- 10:50:08कोई बड़ा सुस्त फील्डर है या उसने बहुत
- 10:50:10सुस्त एफर्ट डाला। बोलते हैं ही वाज़ अ बिट
- 10:50:12स्लगिश इन द फील्ड। स्लगिश का मतलब क्या
- 10:50:14है? स्लगिश का मतलब है कि वो थोड़ा स्लो
- 10:50:16था। ठीक है? आगे बढ़ेंगे। एक्सप्पोनेंशियल।
- 10:50:18बहुत तेजी से किसी चीज का रेट बढ़ना। उसको
- 10:50:21एक्सप्पोनेंशियल बोलते हैं।
- 10:50:22एक्सप्पोनेंशियल ग्रोथ आपने सुना होगा।
- 10:50:24बहुत तेजी से चीजें बढ़ रही हैं। नहीं हो
- 10:50:26सकता ना? एडिक्वेट मतलब जितना चाहिए उतना
- 10:50:30पर्याप्त नेगेटिव मतलब नेगेटिव मतलब आंसर
- 10:50:34नहीं होगा ये। ठीक है? कंसिस्टेंट लगातार
- 10:50:37आंसर तो एक ही हो सकता है। स्लगिश क्योंकि
- 10:50:38हमें एक नेगेटिव वर्ड चाहिए था। ये तीनों
- 10:50:40पॉजिटिव थे। एक्सपोनेंशियल एडिक्वेट और
- 10:50:42कंसिस्टेंट। आगे बढ़ेंगे। ब्रिजिंग द गैप
- 10:50:45रिक्वायर्स डैश इन्वेस्टमेंट इन वोकेशनल
- 10:50:47ट्रेनिंग एंड एंटरप्रेन्योरशिप। लिखा हुआ
- 10:50:49है कि ये जो ये जो गैप है ना इसको ब्रिज
- 10:50:51करने के लिए क्या चाहिए? इन्वेस्टमेंट
- 10:50:53चाहिए वोकेशनल ट्रेनिंग में और
- 10:50:54एंटरप्रेन्योरशिप चाहिए। तो गैप को
- 10:50:58ब्रिजिंग द गैप रिक्वायर डश इन्वेस्टमेंट।
- 10:51:00अच्छा कैसा इन्वेस्टमेंट चाहिए होगा?
- 10:51:02कितना आपको क्या लगता है कि कितना
- 10:51:04इन्वेस्टमेंट चाहिए होगा हमारे पूरे
- 10:51:05एजुकेशन सिस्टम को या ऐसे बोलो
- 10:51:08डेमोग्राफिक डिविडेंड को कैपिटलाइज करने
- 10:51:10के लिए बहुत सारा। ऐसा तो है नहीं। करोड़
- 10:51:13दो करोड़ से होने वाला है। बहुत सारे पैसे
- 10:51:15चाहिए। इसका मतलब इन्वेस्टमेंट यहां पे
- 10:51:17ह्यूज जैसा कुछ होना चाहिए या उस सेंस में
- 10:51:19होना चाहिए। पहला लिखा हुआ है मिनिमल बहुत
- 10:51:22कम इन्वेस्टमेंट चाहिए। कम होता तो अब तक
- 10:51:24हो जाता ना। अगला है बहुत रबस्ट
- 10:51:26इन्वेस्टमेंट चाहिए। रबस्ट का मतलब होता
- 10:51:28है ऐसे तो देखो अगर लिटरल मीनिंग में
- 10:51:30बताऊं तो स्ट्रिक्ट को रोबस्ट कहा जाता
- 10:51:31है। ठीक है? समथिंग दैट इज वेरी स्ट्रिक्ट
- 10:51:33और समथिंग दैट इज वेरी स्ट्रांग। उसको भी
- 10:51:35हम रोबस्ट कहते हैं। रबस्ट इन्वेस्टमेंट
- 10:51:38मतलब हैवी इन्वेस्टमेंट। बहुत स्ट्रांग
- 10:51:40इन्वेस्टमेंट चाहिए। बहुत हैवी
- 10:51:42इन्वेस्टमेंट चाहिए। हो सकता है। अगला
- 10:51:44लिखा हुआ है सिंबल सिंबॉलिक इन्वेस्टमेंट।
- 10:51:46सिंबॉलिक का मतलब है कि इतने पैसे खर्च कर
- 10:51:48देना कि लोग एग्जांपल देने लगे। बिल्कुल
- 10:51:50सिंबल बन जाइए कि देखो फलाने लोग ने कितना
- 10:51:54काम किया था कि कितना खर्च कर दिया था।
- 10:51:56नहीं नहीं ये पॉलिटिकल
- 10:51:58टोन चला जाएगा इसका। बहुत टेंपरेरी
- 10:52:01इन्वेस्टमेंट चाहिए। नहीं बहुत रोबस्ट
- 10:52:02इन्वेस्टमेंट चाहिए। ये आंसर हो सकता है।
- 10:52:05आगे लिखा हुआ है दिस प्राइवेट द प्राइवेट
- 10:52:08सेक्टर मस्ट आल्सो डैश अ प्रोएक्टिव रोल
- 10:52:10इन नर्चरिंग टैलेंट। प्राइवेट सेक्टर को
- 10:52:12भी डैश करना पड़ेगा। एक प्रोएक्टिव रोल
- 10:52:15निभाना पड़ेगा टैलेंट को नर्चर करने के
- 10:52:18लिए। मस्ट आल्सो क्या कोई पॉजिटिव वर्ड
- 10:52:20होना चाहिए? आ जाओ। रिलिंग्विश रिलिंग्विश
- 10:52:24का मतलब होता है किसी चीज को छोड़ देना।
- 10:52:25आपने पढ़ा है कितनी बार एडीकेट।
- 10:52:29रेलिंक्विश एडीकेट दोनों के दोनों। आपने
- 10:52:31बहुत बार पढ़ा होगा सिनोनिम में बहुत बार
- 10:52:33ऐसे पूछती है। किसी चीज को छोड़ देना। टू
- 10:52:35गिव अप इज कॉल्ड रिलिंक्विश और इट्स कॉल्ड
- 10:52:37एडीकेट। तो क्या कह रहा है कि प्राइवेट
- 10:52:40सेक्टर को भी अपने पोजीशंस छोड़ने
- 10:52:42पड़ेंगे। प्राइवेट सेक्टर को भी
- 10:52:44प्रोएक्टिव रोल छोड़ना पड़ेगा। छोड़ना
- 10:52:46मतलब नहीं उसे निभाना पड़ेगा उल्टा है ये
- 10:52:49तो मस्ट आल्सो अस्यूम उसे भी अस्यूम करना
- 10:52:52पड़ेगा एक प्रोएक्टिव रोल हो सकता है मस्ट
- 10:52:54आल्सो अपोज अपोज तो नेगेटिव हो जाएगा मस्ट
- 10:52:57आल्सो डेटर डेटर का मतलब होता है टू स्टॉप
- 10:53:01सिनोनिम है फेंड पढ़ा होगा आपने बहुत बार
- 10:53:04नेगेटिव वर्ड है नहीं हो सकता पॉजिटिव
- 10:53:06वर्ड तो एक ही है अस्यूम उसे एक रोल
- 10:53:08अस्यूम करना पड़ेगा प्रोएक्टिव रोल अस्यूम
- 10:53:10करना पड़ेगा और वैसे भी रोल के साथ अस्यूम
- 10:53:13बहुत लगता है आपने सुना होगा ही हैज़
- 10:53:14अस्यूम्ड द रोल ऑफ़ अ प्राइम प्राइम
- 10:53:15मिनिस्टर इन एब्सेंस ऑफ़ अ रेगुलर प्राइम
- 10:53:17मिनिस्टर सुना होगा आपने विदाउट अ
- 10:53:19कॉम्प्रिहेंसिव अप्रोच मतलब बिना एक
- 10:53:21कॉम्प्रिहेंसिव अप्रोच के दैट डैश
- 10:53:22डिविडेंड कुड डैश इंटू अ लायबिलिटी द डैश
- 10:53:25डिविडेंड अच्छा अभी हमने यहां पढ़ा था
- 10:53:27डिविडेंड के साथ क्या डेमोग्राफिक
- 10:53:29डिविडेंड ये जो डेमोग्राफिक डिविडेंड है
- 10:53:30ये तो यार लॉलीपॉप मिल गया बिल्कुल
- 10:53:32डेमोग्राफिक टेक्नोलॉजिकल फाइनेंसियल
- 10:53:34कल्चरल एक ही आंसर हो सकता है द
- 10:53:35डेमोग्राफिक डिविडेंड कुड डैश इंटू अ
- 10:53:38लायबिलिटी अच्छा अगर इसमें समझदारी से
- 10:53:41स्टेप्स नहीं उठाए गए तो ये जो
- 10:53:42डेमोग्राफिक डिविडेंड है हमारा ये
- 10:53:44लायबिलिटी में डैश हो जाएगा। क्या हो
- 10:53:46जाएगा? बदल जाएगा। विल ट्रांसफॉर्म होगा।
- 10:53:49कुड ट्रांसफॉर्म, कुड इवॉल्व, कुड डिवॉल्व
- 10:53:52और कुड म्यूटेट। देखो इवॉल्व इंटू
- 10:53:54अलायबिलिटी तो नहीं होता है।
- 10:53:57ठीक है? अब होगा डिवॉल्व इंटू अलायबिलिटी
- 10:54:00या म्यूटेट इंटू अलायबिलिटी। म्यूटेट का
- 10:54:02मतलब होता है टू चेंज फॉर्म। टू चेंज
- 10:54:05फॉर्म।
- 10:54:07ठीक है? चेंज फॉर्म तो नहीं हो सकता है।
- 10:54:10अब ऑप्शन है या तो आप ट्रांसफॉर्म को करो
- 10:54:12या तो डिवॉल्व को करो कि कुड ट्रांसफॉर्म
- 10:54:14इनू अलायबिलिटी या कुड डिवॉल्व इनू
- 10:54:16अलायबिलिटी। दोनों का मतलब होता है एक
- 10:54:19वर्ड में अगर मैं बोलूं तो चेंज करना। ठीक
- 10:54:21है? ऐसे डिवॉल्व का लिटरल मतलब होता है टू
- 10:54:24गिव रिस्पांसिबिलिटी और टू डेलीगेट
- 10:54:25रिस्पांसिबिलिटी। अपनी जिम्मेदारी किसी और
- 10:54:28को दे देना। उसको डिवॉल्व कहते हैं। लिटरल
- 10:54:30मीनिंग ये है। यहां पे जो यूज़ किया जा रहा
- 10:54:32है जिस सेंस में वो चेंज करने के लिए यूज़
- 10:54:33किया जा रहा है। क्या हो सकता है? देखो
- 10:54:35ट्रांसफॉर्म ज्यादा सटीक लग रहा है
- 10:54:38क्योंकि यहां पे डिवॉल्व का मतलब होता है
- 10:54:40टू गिव रिस्पांसिबिलिटी। यहां
- 10:54:42रिस्पांसिबिलिटी की बात नहीं की गई थी।
- 10:54:43आंसर कौन सा होगा? ऑप्शन नंबर ए टू
- 10:54:46ट्रांसफॉर्म इंटू अ लायबिलिटी। वो तुरंत
- 10:54:48बदल जाएगा एक लायबिलिटी में। आगे बढ़ेंगे।
- 10:54:51लिखा है इट इज़ इंपेरेटिव टू डैश रिफॉर्म्स
- 10:54:54दैट अलाइन एजुकेशन विथ एंप्लॉयमेंट
- 10:54:56अपॉर्चुनिटीज़। लिखा हुआ है ये बहुत जरूरी
- 10:54:59है कि ऐसे रिफॉर्म्स को डैश किया जाए जो
- 10:55:01एजुकेशन और एंप्लॉयमेंट एंप्लॉयमेंट
- 10:55:03अपॉर्चुनिटीज से अलाइन करे। ठीक है? क्या
- 10:55:06किया जाए? इट इज़ इंपेरेटिव टू डाइल्यूट
- 10:55:08रिफॉर्म्स। इट इज़ इंपेरेटिव टू एक्सलरेट
- 10:55:11रिफॉर्म्स। इट इज़ इंपेरेटिव टू डिले
- 10:55:13रिफॉर्म्स। इट इज़ इंपेरेटिव टू
- 10:55:15ऑब्स्ट्रक्ट रिफॉर्म्स। रिफॉर्म्स को आप
- 10:55:17क्या करोगे? ऑब्स्ट्रक्ट करोगे। रिफॉर्म्स
- 10:55:18को रोकोगे आप। कोई सेंस नहीं है। यहां तो
- 10:55:20कोई पॉजिटिव वर्ड होना चाहिए था। डिले
- 10:55:22करोगे आप रिफॉर्म्स को। नहीं। डाइल्यूट
- 10:55:23मैंने बता दिया। किसी चीज को पतला करना
- 10:55:26उसको डाइल्यूट कहते हैं। एक ही वर्ड बचता
- 10:55:27है जो पॉजिटिव सेंस में था। एक्सलरेट
- 10:55:29रिफॉर्म्स। यह जरूरी है कि एक्सलरेट किया
- 10:55:31जाए रिफॉर्म्स को। उम्मीद करता हूं ये
- 10:55:33सेशन आपको अच्छा लगा और ये भी कि आपको
- 10:55:37बहुत सीखने को मिल रहा है। मैं अगर ऐसे
- 10:55:40बोल सकता हूं तो कि आपको सीखने को मिल रहा
- 10:55:42है इस सेशन से। जो अप्रोच मैंने यूज़ किया
- 10:55:44है। इसी अप्रोच से मैंने कई एग्जाम्स दिए
- 10:55:47और मेरे मार्क्स अच्छे आए। ये अप्रोच अगर
- 10:55:49आप रखोगे तो शायद आपकी हेल्प होगी।
- 10:55:51मिलेंगे अगले वीडियो में। अगर चैनल पे नए
- 10:55:52हो तो सब्सक्राइब करते जाना। साथ ही साथ
- 10:55:54में जितने ज्यादा लोगों से शेयर कर पाओ
- 10:55:56उतने ज्यादा शेयर करना। बहुत-बहुत ध्यान
- 10:55:58रखो अपना। पढ़ाई करते रहें। थैंक यू
- 10:56:00एवरीवन। हैव अ नाइस डे।
- 10:56:05सीजीएल एग्जाम के बाद जो फर्स्ट रिस्पांस
- 10:56:08स्टूडेंट्स के एंड से आया था वो ये आया था
- 10:56:10कि क्लोज टेस्ट टफ आए थे। मैंने सोचा कि
- 10:56:13कुल मिला के 36 क्वेश्चन होते हैं क्लोज
- 10:56:16टेस्ट के। तो ये 36 पैराग्राफ में छह सात
- 10:56:19टफ होंगे। उनको पिक करके एक्सप्लेन कर
- 10:56:21दिया जाएगा। आसान वाले तो बच्चे खुद से कर
- 10:56:23ही लेते हैं। जो टफ वाले होंगे वो मैं
- 10:56:25करवा दूंगा YouTube पे। फिर मैंने जब खुद
- 10:56:27ने एनालाइज़ किया क्वेश्चन तो मुझे समझ में
- 10:56:29आया कि भाई एसएससी ने तो मौज कर दी
- 10:56:31क्योंकि अच्छा खासा पेपर टफ सेट किया और
- 10:56:34बढ़िया सवाल काफी बढ़िया सवाल थे। तो
- 10:56:36मेजॉरिटी ऑफ़ जो पैसेज क्लोज टेस्ट में
- 10:56:38पूछा एसएससी ने वो बढ़िया सवाल है। टफ है।
- 10:56:41काफी दिमाग लगाने वाला है। तो अब प्लान
- 10:56:44में थोड़ा चेंज होना। तो ये जो मैंने पहले
- 10:56:46सोचा था कि छह सात टफ वाले केवल करवा
- 10:56:48दूंगा। उससे काम नहीं चलेगा। तो अब क्या
- 10:56:51होगा कि ये जो सीरीज है क्लोज टेस्ट की
- 10:56:54इसमें दो-तीन वीडियोस आएंगे। ठीक है? इस
- 10:56:56वीडियो में हम कुछ क्लोज टेस्ट कवर करेंगे
- 10:56:58सीजीएल के। अगला फिर एक वीडियो आएगा उसमें
- 10:57:00कुछ और करेंगे। मतलब जितने टफ वाले हैं
- 10:57:02मैं चाह रहा हूं कि वो सब का सब मैं
- 10:57:04YouTube पे करवा दूं ताकि स्टूडेंट्स को
- 10:57:06ये ना लगे कि आसान वाले क्वेश्चंस कैसे
- 10:57:08बनाए जाते हैं। ये पता ही नहीं है। ठीक
- 10:57:09है? तो इसके आगे और सीरीज आएंगे। बेसिकली
- 10:57:12मैं ये बताना चाह रहा हूं। ये एंड नहीं
- 10:57:13है। ऐसा नहीं है कि एक ही सीरीज में एक ही
- 10:57:15वीडियो में मैंने सारे क्लोज पढ़ा रखे
- 10:57:17हैं। टफ वाले। आगे और भी टफ वाले हैं वो
- 10:57:19भी आएंगे। ठीक है? चलो शुरू करते हैं। अगर
- 10:57:22आप पहले से पढ़ते आ रहे हो तो आपको पता है
- 10:57:23मैं कैसे पढ़ाता हूं क्लोज टेस्ट। जो
- 10:57:25बच्चे नए हैं उनके लिए एक बार बता देता
- 10:57:26हूं। मेरा क्लोज टेस्ट पढ़ाने का तरीका ये
- 10:57:28है। जैसे मैंने एक्यूरेसी अचीव की थी एज अ
- 10:57:30स्टूडेंट वो ये था कि मैं पैसेज को दो बार
- 10:57:33पढ़ता था। पहली बार जब मैं पढ़ता हूं तो
- 10:57:35मैं उसको कभी भी ऑप्शन के पॉइंट ऑफ व्यू
- 10:57:38से नहीं पढ़ता। आंसर के पॉइंट ऑफ व्यू से
- 10:57:39नहीं पढ़ता। पहले बस मैं पैसेज का को
- 10:57:41समराइज करता हूं। मैं ये समझने की कोशिश
- 10:57:43करता हूं पैसेज का टोन क्या है? किसके
- 10:57:45बारे में है? क्या कहना चाह रहा है? सेकंड
- 10:57:47बार जब हम रीडिंग करते हैं तो हम उसमें
- 10:57:49ब्लैंक्स में फिल अप करने की कोशिश करते
- 10:57:51हैं। ठीक है? मैं वही तरीका अपनाऊंगा। अब
- 10:57:53यहां पर आप वीडियो को पॉज करोगे। पॉज करके
- 10:57:56पहले एक बार पढ़ लोगे अच्छे से। ठीक है?
- 10:57:58फिर दूसरी बार पढ़ लोगे। ट्राई कर लोगे
- 10:58:00अपना आंसर। उसके बाद मेरा स्यूशन देखोगे।
- 10:58:02अब मैं मान कर चल रहा हूं। आपने ये पूरा
- 10:58:04प्रोसीजर कर लिया है। तो अब मैं आपके एंड
- 10:58:06पे कैसे अप्रोच किया जाता है? वो बताऊंगा।
- 10:58:09सबसे पहले पढ़ेंगे पैसेज को समझने के लिए।
- 10:58:11टोन वगैरह समझने के लिए। ये समझने के लिए
- 10:58:13टफ वर्ड्स क्या है? क्या मीनिंग होता है
- 10:58:15उसका? सब कुछ। लिखा है देयर इज अ सेइंग
- 10:58:18दैट कमिंग इवेंट्स कास्ट देयर शैडोस
- 10:58:21बिफोर। लिखा हुआ है कि एक कहावत है के जो
- 10:58:24आने वाली घटनाएं होती है ना जो बड़ी
- 10:58:26घटनाएं होती है आने वाली वो पहले ही अपनी
- 10:58:29परछाई छोड़ देती है। जिसका मतलब है पहले
- 10:58:31ही वो अंदाजा लोगों को लग सकता है कि कुछ
- 10:58:33बड़ा होने वाला है। ठीक है? डैश इट इज नॉट
- 10:58:37यूनिवर्सली ट्रू। डश यह बिल्कुल सत्य नहीं
- 10:58:40है। समथिंग कैन हैपन विद इन अ सेकंड एंड
- 10:58:44वन मे नॉट डैश इट। कुछ भी एक सेकंड में हो
- 10:58:48सकता है और किसी व्यक्ति को इसके बारे में
- 10:58:50डैश भी ना हो ऐसा भी पॉसिबल है। डैश सम
- 10:58:54इंस्टेंसेस शो दैट प्रेडिक्शनंस बेस्ड ऑन
- 10:58:57सर्टेन साइन हैव गॉन रोंग। लिखा है कि कुछ
- 10:59:00ऐसी घटनाएं हुई है जिसने यह दिखाया है कि
- 10:59:03जो भविष्यवाणी की जाती है, जो प्रेडिकशंस
- 10:59:06किए जाते हैं, जो अंदाजा लगाया जाता है
- 10:59:08कुछ छोटे-छोटे नेचर के साइंस पकड़ के
- 10:59:10साइंस मतलब वो विज्ञान वाला साइंस नहीं
- 10:59:12चिन्ह वाला साइंस। ठीक है? सो जो
- 10:59:14छोटे-छोटे जो साइंस पकड़ के जो अंदाजा
- 10:59:17लगाते हैं ना फ्यूचर का वो गलत भी होता
- 10:59:19है। ठीक है? ऐसे घटनाएं हुई है पहले जिससे
- 10:59:21ये प्रूव हुआ है। पीपल जनरली से दैट
- 10:59:24नेचुरल कैलामिटीज कैन बी प्रेडिक्टेड बाय
- 10:59:26ऑब्जर्विंग द एनिमल्स। लिखा हुआ है कि
- 10:59:28आमतौर पर लोग ऐसा कहते हैं कि जो बड़ी
- 10:59:32नेचुरल कैलेमिटीज होती है ना जो जैसे कहीं
- 10:59:34पर भूकंप आना या वोल्केनिक इरप्शन होना या
- 10:59:37सुनामी आना कहते हैं कि जानवर जो है ना वो
- 10:59:40इसको प्रेडिक्ट कर सकते हैं। अगर आप
- 10:59:42जानवरों को ऑब्जर्व कर रहे हैं तो आप
- 10:59:44अंदाजा लगा सकते हैं किसी नेचुरल कैलेमिटी
- 10:59:46का। बट व्हाट इफ एनिमल्स आर सफरिंग फ्रॉम
- 10:59:49सम डिजीज एंड डोंट शो एनी साइन बिफोर द
- 10:59:52इवेंट इवेंट अपीयर्स। लिखा हुआ है लेकिन
- 10:59:54ऐसा भी तो हो सकता है कि जानवर किसी
- 10:59:56बीमारी से ग्रसित हो और वो बिल्कुल भी यह
- 10:59:58साइन ना देख पाए। दे मे फेल टू मेक
- 11:00:02पिकुलियर साउंड्स और एक्शंस अबाउट द
- 11:00:04इवेंट्स व्हिच आर गोइंग टू टेक प्लेस। हो
- 11:00:07सकता है कि वो फेल हो जाए कोई पिकुलियर
- 11:00:09साउंड में। मार्क कर लेना कॉपी पे लिख
- 11:00:11लेना इसको। पिकुलियर काफी बार एसएससी ने
- 11:00:12सिनोनिम में पूछा है। पिकुलियर का मतलब
- 11:00:14होता है हिंदी में अजीब।
- 11:00:17क्या होता है? अजीब। अब ऑप्शन में कभी-कभी
- 11:00:20ऑड भी देता है, कभी-कभी कोई और वर्ड भी दे
- 11:00:22सकता है। आप बेसिकली मतलब समझ लो।
- 11:00:24पिकुलियर का मतलब होता है अजीब। तो लिखा
- 11:00:26है कि हो सकता है जानवर बीमार हो। जानवर
- 11:00:29को समझ ही ना आए कि ऐसी कोई नेचुरल
- 11:00:31कैलेमिटी आने वाली है और वो पिकुलियर
- 11:00:33साउंड्स जो है वो नहीं दे पाए। डैश सम
- 11:00:36नेचुरल अननेचुरल कैलेमिटीज दैट आर लाइकली
- 11:00:39टू अपीयर मे फॉरकास्ट देयर शैडोस बाय सम
- 11:00:42बैड ओम्स। लिखा हुआ है कि कुछ ऐसे नेचुरल
- 11:00:46कैलेमिटीज हैं जो होने वाले हैं। वो पहले
- 11:00:48से खराब वुमेन से मतलब खराब चिन्हों से वो
- 11:00:52बता देते हैं कि वो होने वाले हैं। ठीक
- 11:00:55है? डैश वी शुड नॉट कंप्लीटली कैंसिल आउट
- 11:00:58द पॉसिबिलिटीज दैट एनिमल्स कैन सेंस
- 11:01:01सर्टेन अननेचुरल थिंग्स। लिखा है डैश हमें
- 11:01:04यह कंप्लीटली कैंसिल आउट नहीं करना चाहिए
- 11:01:06इस बात को कि जानवर सेंस नहीं कर सकते। ये
- 11:01:08बात बिल्कुल बेबुनियाद नहीं है। जानवर
- 11:01:10सेंस कर सकते हैं। हो सकता है एग्जैक्ट
- 11:01:12सेंस ना कर पाए। ठीक है? ये हमारा पूरा
- 11:01:15पैसेज था। अब पैसेज क्यों पढ़ना होता है?
- 11:01:18मैं वो सिखा रहा हूं आपको। देखो बिना
- 11:01:20ऑप्शन देखे मैं बता रहा हूं। और ऑप्शंस पे
- 11:01:22भी हम जा नहीं रहे। पहले मैं क्या समझाने
- 11:01:23की कोशिश कर रहा हूं वो समझना। जब तुम पढ़
- 11:01:25रहे होते हो और अगर आप लगातार न्यूज़पेपर
- 11:01:28वगैरह पढ़ते हो या जर्नल्स पढ़ लिखते हो
- 11:01:30या नोवेल पढ़ते हो तो ये सेंस आपके अंदर
- 11:01:33डेवलप हो जाती है। ठीक है? क्या हुआ है
- 11:01:35देखना। यहां पे लिखा है कि एक कहावत है कि
- 11:01:38जो बुरी घटनाएं होने वाली है वो पहले ही
- 11:01:40अपने अपना वो बता देती हैं कि वो होने
- 11:01:43वाली है। इस लाइन को जो फर्स्ट लाइन था इस
- 11:01:46लाइन को कंट्राडिक्ट सेकंड लाइन ने किया
- 11:01:48है ना क्योंकि लिखा हुआ है इट इज नॉट
- 11:01:50यूनिवर्सली ट्रू। इसका मतलब ये है कि पहला
- 11:01:53में ये बोला गया था कि लोगों को अंदाजा लग
- 11:01:56सकता है कि पहले क्या घटनाएं होने वाली
- 11:01:57है। दूसरे लाइन ने उसको कंट्राडिक्ट किया।
- 11:02:00उसको मतलब गलत ठहराने की कोशिश की कि ये
- 11:02:02एकदम सही नहीं है। ठीक है? अब ऐसा ये
- 11:02:04क्यों कह रहा है? इसके रीज़ंस आगे दिए हुए
- 11:02:06हैं। आगे क्या रीज़ंस दिए हुए हैं? मैं बता
- 11:02:08रहा हूं डेवलप कैसे हुआ है प्लॉट। आगे
- 11:02:10रीज़ंस दिए हुए हैं कि ऐसा हो सकता है कि
- 11:02:13चुटकियों में कुछ हो जाए और लोगों को पता
- 11:02:15ना चले। ठीक है? उसके बाद एक और लॉजिक
- 11:02:18दिया गया कि आमतौर पर लोगों को ऐसा लगता
- 11:02:21है कि जानवर प्रेडिक प्रेडिक्ट कर सकते
- 11:02:23हैं। और फिर उसको भी कंट्राडिक्ट किया गया
- 11:02:25कि लेकिन अगर जानवर बीमार हो तो कैसे
- 11:02:27प्रेडिक्ट करेंगे या अगर जानवर को पता ही
- 11:02:29ना चले तो वो कैसे प्रेडिक्ट करेंगे? मतलब
- 11:02:31हो क्या रहा है समझना। पहले एक फैक्ट एक
- 11:02:33फैक्ट नहीं बोलूंगा। पहले एक ओपिनियन
- 11:02:36बताया जा रहा है। एक धारणा बताई जा रही
- 11:02:37है। एक बिलीफ बताया जा रहा है और फिर उसको
- 11:02:39कंट्राडिक्ट कर रहा है स्पीकर कि नहीं ऐसा
- 11:02:41ऐसा नहीं है। तो पहली पहली बिलीफ यहां
- 11:02:43बताई गई थी। दूसरी बिलीफ यहां बताई गई थी।
- 11:02:46ठीक है? यहां तक क्या हो रहा है? एक
- 11:02:47सेंटेंस पॉजिटिव बाकी उसका बाकी टोन
- 11:02:49नेगेटिव क्योंकि उसको गलत प्रूव करना है।
- 11:02:51है ना? आगे देखेंगे। दे मे फेल टू मेक
- 11:02:54पिकुलियर साउंड्स। ये सब हमने पढ़ लिया
- 11:02:55है। अच्छा यहां से देखना सेंटेंस ने फिर
- 11:02:58एक मतलब टोन चेंज किया। लिखा हुआ है सम
- 11:03:00नेचुरल अननेचुरल कैलामिटीस दैट आर लाइकली
- 11:03:03टू अपीयर मे फॉरकास्ट देयर शैडोस यहां मे
- 11:03:05नॉट नहीं लिखा हुआ है मे लिखा हुआ है
- 11:03:06जिसका मतलब है पहले उसने यहां तक ये
- 11:03:08रीजनिंग दी कि जानवरों को हो सकता है पता
- 11:03:10ना चले फिर उसने बोला कि ऐसा नहीं है कि
- 11:03:13एकदम ही नहीं पता चलेगा कुछ ऐसी अननेचुरल
- 11:03:17कैलामिटीज हैं जो पहले बता देती है ठीक है
- 11:03:19मतलब ये किसी चीज को 100% करेक्ट नहीं
- 11:03:22मानता राइट उसके बाद इसने ये भी बोला और
- 11:03:24हम ये भी बोलेंगे साथ-साथ में कि जानवरों
- 11:03:27को एकदम नहीं पता चलता ऐसा भी नहीं है
- 11:03:29उन्हें कभी कभी-कभी पता चल भी जाता है।
- 11:03:31इसका मतलब पहले उसने कोई बिलीफ बताया, फिर
- 11:03:34उसको कंट्राडिक्ट किया, फिर उसने अपने आप
- 11:03:36को कंट्राडिक्ट किया कि 100% मैं जो कह
- 11:03:39रहा हूं वो सही नहीं है। हो सकता है ऐसा
- 11:03:41भी हो। ठीक है? ये टोन पकड़ना क्यों जरूरी
- 11:03:44था? आपको आगे समझ में आएगा। अब मैं आ रहा
- 11:03:46हूं इसके पैसेज फिल अप की तरफ। ठीक है?
- 11:03:49देखो क्या लिखा हुआ है। देयर इज़ अ सेइंग
- 11:03:52दैट कमिंग इवेंट्स कास्ट शैडोस बिफोर। अब
- 11:03:55फिल अप कैसे करेंगे? ये बात आपको समझनी
- 11:03:57है। लिखा हुआ है कि एक कहावत है कि जो
- 11:03:59बुरी घटनाएं होने वाली है वो पहले ही
- 11:04:01लोगों को पता चल जाती है। डैश इट इज नॉट
- 11:04:04यूनिवर्सली ट्रू। पर ये यूनिवर्सली ट्रू
- 11:04:07नहीं है। इसका मतलब आगे जो सेंटेंस लिखा
- 11:04:10हुआ था उससे अगर मैं इसको कनेक्ट करूं तो
- 11:04:12यहां पे कोई कंट्रास्ट वाला कंजक्शन आना
- 11:04:15चाहिए ना जो विपरीत बता दे। लेट्स से यहां
- 11:04:17बट आ जाएगा। ठीक है? के लोग कहते हैं कि
- 11:04:21पुरानी आने वाली चीजें पहले बता देती हैं।
- 11:04:23पर ऐसा सही नहीं है। मतलब यहां बट जैसा
- 11:04:26कुछ आना चाहिए। कोई कंट्रास्ट फील आना
- 11:04:27चाहिए। ऑप्शन पे आते हैं। कोई कंट्रास्ट
- 11:04:29वाला हमें कंजक्शन मिल जाए। मोर ओवर देयर
- 11:04:32फॉर फर्दर मोर हाउ एवर। देखो मोर ओवर का
- 11:04:36मतलब होता है जब आप कोई फैक्ट बोलो और
- 11:04:39उसमें कुछ ऐड करो। देयर फॉर का हिंदी मतलब
- 11:04:42होता है इसलिए। ठीक है? इसलिए कहा हम लोग
- 11:04:45किस सेंस में यूज़ करते हैं इसलिए को।
- 11:04:46इसलिए यूज़ किया जाता है कि आपने कोई चीज
- 11:04:49बताई फिर उसका कारण बता रहे। राइट? के वो
- 11:04:53बीमार था कारण है इसलिए वो नहीं आ पाया।
- 11:04:56सो कारण बताने के लिए देयर फॉर का
- 11:04:58इस्तेमाल किया जाता है। यहां पे कारण तो
- 11:04:59नहीं हम कंट्रास्ट ढूंढ रहे थे। फर्दर मोर
- 11:05:02वही है जो मोर ओवर है। जिसका मतलब ये है
- 11:05:04कुछ बात मैंने कही। मैं उसमें और कुछ ऐड
- 11:05:06करना चाहता हूं। हाउ एवर का मतलब होता है
- 11:05:09हालांकि। जैसे बहुत बारिश हो रही थी। हाउ
- 11:05:13एवर द मीटिंग स्टार्टेड ऑन टाइम। इट वास
- 11:05:15रेनिंग हैवली। हाउ एवर द मीटिंग स्टार्टेड
- 11:05:17ऑन टाइम। बहुत बारिश हो रही थी। हालांकि
- 11:05:20मीटिंग टाइम पर स्टार्ट हुई। इसका मतलब यह
- 11:05:22है कि अगर मैं कंट्रास्ट की बात करूं तो
- 11:05:23केवल एक ऑप्शन यहां पे कंट्रास्टिंग वाला
- 11:05:26है वो है हाउ एवर। तो वन का आंसर क्या
- 11:05:28होगा? वन का आंसर होगा हाउ एवर। अब मैं ये
- 11:05:30बात अच्छे से समझता हूं कि बहुत सारे ऐसे
- 11:05:32क्लोज टेस्ट हैं जहां पे आपको ये सारे
- 11:05:34वर्ड्स परेशान करते हैं और आपको नहीं समझ
- 11:05:36में आता कहां क्या यूज़ होगा। तो मैंने एक
- 11:05:38अलग से स्लाइड डिजाइन कर दिया आपके लिए
- 11:05:40जहां पे आपको ये सब कुछ मिल जाए। ठीक है?
- 11:05:43जितने ऐसे परेशान करने वाले प्रपजीिशन है
- 11:05:45या कंजक्शनंस है या एडवर्ब है मैंने वो सब
- 11:05:48कुछ लिख दिया है। आप एक बार मैं एक्सप्लेन
- 11:05:50कर दे रहा हूं इसको। आज के बाद उसको भूलना
- 11:05:51मत। ठीक है? ये पीडीएफ डाउनलोड कर लेना।
- 11:05:53इसका नोट्स बना लेना। पीडीएफ कहां से
- 11:05:55डाउनलोड करोगे? Telegram का चैनल है हमारा
- 11:05:57क्यूइंग का। लिंक कहां मिलेगा?
- 11:05:59डिस्क्रिप्शन में सबसे पहला लिंक जो है वो
- 11:06:00Telegram चैनल का ही होता है। जाना क्लिक
- 11:06:02करना। चैनल ज्वाइन करना। हर जब भी वीडियो
- 11:06:04आता है 8:00 बजे रात को वीडियो आता है।
- 11:06:0610:00 बजे उसका पीडीएफ अपलोड हो जाता है
- 11:06:09Telegram पे। ठीक है? आ जाओ। सबसे पहले
- 11:06:11मैंने क्या बोला था? मोर ओवर मोर ओवर क्या
- 11:06:13होता है? यूज्ड टू ऐड मोर इनेशन और
- 11:06:16एम्फसाइज पॉइंट किसी पॉइंट पे जोर डालने
- 11:06:19के लिए या कोई एक्स्ट्रा जानकारी ऐड करने
- 11:06:21के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। ठीक
- 11:06:23है? आपको ऐसे नहीं याद रहेगा। एग्जांपल से
- 11:06:25पकड़ने की कोशिश करना। लिखा है द जॉब इज
- 11:06:27चैलेंजिंग। जॉब क्या अच्छी बात है कि बहुत
- 11:06:29चैलेंजिंग जॉब है। मोर ओवर इसके साथ ही या
- 11:06:32इसके अलावा मोर ओवर इट पेज़ वेल। मतलब मैं
- 11:06:36इसको चैलेंजिंग वर्ड को नेगेटिव मत लेना।
- 11:06:38पे ये बहुत सारे लोग ना चैलेंजिंग जॉब
- 11:06:40ढूंढते हैं। बोरिंग जॉब से भागते हैं। ठीक
- 11:06:42है? तो क्या है कि चैलेंजिंग है। ये इसकी
- 11:06:44पहली खासियत है। और उसके साथ-साथ मतलब
- 11:06:46इसके अलावा पैसे भी यार अच्छे मिलते हैं।
- 11:06:48इसका मतलब ये है कि ये दोनों चीजें
- 11:06:50पॉजिटिव है। राइट? सो पॉजिटिव को पॉजिटिव
- 11:06:53से जोड़ने के लिए नेगेटिव को नेगेटिव से
- 11:06:55जोड़ने के लिए जो काम एंड करता है वही काम
- 11:06:57मोर ओवर करता है। क्या आपने कुछ कहा और आप
- 11:06:59उसमें ऐड करना चाहते हैं तो वहां पे मोर
- 11:07:01ओवर का इस्तेमाल होता है। आगे बढ़ेंगे।
- 11:07:03देयर फॉर देयर फॉर यार आसान है। सो के
- 11:07:06सेंस में इसको यूज़ किया जाता है। इसलिए के
- 11:07:08सेंस में यूज़ किया जाता है। यूज्ड टू
- 11:07:10इंट्रोड्यूस अ कंक्लूजन और रिजल्ट सेड
- 11:07:13अर्लियर। कोई किसी चीज का परिणाम बताने के
- 11:07:15लिए या कंक्लूजन बताने के लिए इसका
- 11:07:17इस्तेमाल करते हैं। एग्जांपल के तौर पर शी
- 11:07:18वाज़ लेट देयर फॉर शी मिस द मीटिंग। लिखा
- 11:07:22है वो वो लेट थी। इसीलिए उसने मीटिंग मिस
- 11:07:25कर दी। अच्छा वो लेट थी। मिस क्यों किया?
- 11:07:28क्योंकि वो लेट थी। ठीक है? इसका मतलब है
- 11:07:30ये रीजन है। ये प्रेजेंट सिचुएशन है। क्या
- 11:07:34यूज़ होता है यहां पे? देयर फॉर का
- 11:07:35इस्तेमाल होता है। आगे बढ़ेंगे। फर्दर मोर।
- 11:07:38फर्दर मोर वही मैंने बोला था मोर ओवर जैसा
- 11:07:40ही होता है। यूज्ड टू ऐड अ पॉइंट
- 11:07:42सपोर्टिंग एन आर्गुमेंट। ये क्यों यूज़
- 11:07:44किया जाता है? आपने कोई एक लाइन बोला। कोई
- 11:07:46एक आर्गुमेंट दी। उसके सपोर्ट में और
- 11:07:49पॉइंट ऐड करने के लिए। मतलब इसका भी सेंस
- 11:07:51क्या बनेगा? इसका भी सेंस एंड वाला बनेगा।
- 11:07:53ये भी पॉजिटिव को पॉजिटिव से नेगेटिव को
- 11:07:55नेगेटिव से जोड़ने के काम आएगा। जैसे द
- 11:07:57वेदर वाज़ बैड। नेगेटिव बात है। फर्दर मोर
- 11:08:00द रोड्स वर क्लोज्ड। ये भी नेगेटिव बात
- 11:08:02है। इसका मतलब मौसम खराब था और यही नहीं
- 11:08:05मैं ऑफिस क्यों नहीं आ पाया? एक तो मौसम
- 11:08:06खराब था। दूसरा रोड ब्लॉक था भाई। इसका
- 11:08:08मतलब ये है कि फर्दर मोर जो है ना ये वाला
- 11:08:10टर्म इन दोनों को ऐड करने का काम कर रहा
- 11:08:12है। दोनों नेगेटिव है या दोनों पॉजिटिव हो
- 11:08:14सकते थे। तो फर्दर मोर मतलब वही बात है जो
- 11:08:16मोर ओवर में है कि कुछ कहा उसमें ऐड करने
- 11:08:18के लिए इसका इस्तेमाल करते। हाउ एवर हिंदी
- 11:08:21में। हालांकि यूज्ड टू इंट्रोड्यूस अ
- 11:08:23कंट्रास्टिंग आईडिया और कंट्राडिक्शन। अभी
- 11:08:25ऑलरेडी हम लोग इसके बारे में बात कर चुके
- 11:08:26हैं। ही वास टायर्ड हाउएवर ही कंटिन्यूड
- 11:08:29वर्किंग वो थका हुआ था। नेगेटिव बात है पर
- 11:08:33हालांकि उसने काम करना जारी रखा। पॉजिटिव
- 11:08:36बात है। कंट्रास्टिंग है ना? सो
- 11:08:37कंट्रास्टिंग चीजों को जोड़ने के लिए हाउ
- 11:08:39एवर का इस्तेमाल करते हैं। आगे बढ़ेंगे।
- 11:08:41बट का भी इस्तेमाल होता है। नेवर द लेस।
- 11:08:44नेवर द लेस का मतलब होता है फिर भी यूज्ड
- 11:08:46टू इंट्रोड्यूस अ कंट्रास्ट और
- 11:08:47अनएक्सेक्टेड रिजल्ट। जिसका मतलब बट के
- 11:08:49सेंस में ये दोनों का इस्तेमाल किया जाता
- 11:08:50है। जहां पे हम हाउ एवर यूज़ करेंगे वहीं
- 11:08:52पे हम नेवर द लेस भी यूज़ कर सकते हैं। इट
- 11:08:54वाज़ रेनिंग हैवली। बहुत तेज बारिश हो रही
- 11:08:56थी। नेवर द लेस दे वोंट फॉर अ वॉक। अब भाई
- 11:08:58वो जाते हैं वॉक पे तो जाते हैं। बहुत तेज
- 11:09:00बारिश हो रही थी फिर भी चले गए। सो ये फिर
- 11:09:02भी वाले सेंस में नेवर द लेस का इस्तेमाल
- 11:09:04किया जाता है। आगे है डिस्पाइट। इसका मतलब
- 11:09:06होता है के बावजूद यूज्ड टू शो अ
- 11:09:08कंट्रास्ट। ये भी कंट्रास्ट के सेंस में
- 11:09:10यूज़ किया जाता है। जैसे डिस्पाइट हिज
- 11:09:11इंजरी। उसकी इंजरी होने के बावजूद ही
- 11:09:14प्लेड द एंटायर मैच। उसने यह पूरा मैच
- 11:09:16खेला। ठीक है? सो जहां पे आप कंट्रास्ट की
- 11:09:18बात करोगे हम तीन चीजें यूज करते हैं। हाउ
- 11:09:20एवर यूज करते हैं। नेवर द लेस यूज करते
- 11:09:22हैं। डिस्पाइट यूज करते हैं। अगर हम बात
- 11:09:25करेंगे पॉजिटिव टोन की या अगर हम बात
- 11:09:27करेंगे एंड के सेंस की तो मोर ओवर का
- 11:09:29इस्तेमाल होता है। फर्दर मोर का इस्तेमाल
- 11:09:31होता है। और देयर फॉर का सेंस सो वाला
- 11:09:33होता है। जहां पे आप किसी चीज का कंक्लूजन
- 11:09:35या रिजल्ट बताने की कोशिश करते हैं।
- 11:09:36उम्मीद करता हूं चीजें आपको समझ में आई
- 11:09:38हैं। यहां से नोट्स बना लेना क्योंकि
- 11:09:40वीडियो खत्म होते होते भूल जाओगे। इसीलिए
- 11:09:42इस चीज को बार-बार रिवाइज करना जरूरी है।
- 11:09:44तो जो रिवीजन की कॉपी बनाई होगी वहां पे
- 11:09:46इसको लिख लेना। बहुत सारे क्लोज टेस्ट आते
- 11:09:48हैं। बहुत सारे फिलर्स आते हैं जो यहां से
- 11:09:50कटिंग। ठीक है? चलो आगे बढूंगा मैं। लिखा
- 11:09:54है समथिंग कैन हैपन विद इन अ सेकंड। कुछ
- 11:09:56भी एक पल में कुछ भी हो सकता है। एंड वन
- 11:09:58मे नॉट डैश इट। अच्छा किसकी बात हो रही
- 11:10:00थी? बात ये हो रही थी कि इवेंट्स जो है ना
- 11:10:02वो पहले अंदाजा दे देते हैं जो बड़ी
- 11:10:04घटनाएं होने वाली है। यस एकदम सच नहीं है
- 11:10:07क्योंकि चुटकियों में कुछ हो जाएगा और लोग
- 11:10:09डैश नहीं कर पाएंगे। डैश मतलब क्या? लोग
- 11:10:11उसका अंदाजा नहीं लगा पाएंगे। तो यहां पर
- 11:10:13सेकंड नंबर ऑप्शन में एंटीिसिपेट जैसा कुछ
- 11:10:16होना चाहिए था। एंटीिसिपेट का मतलब होता
- 11:10:17है अंदाजा लगाना कि भाई चुटकियों में कुछ
- 11:10:20हो जाएगा और लोग अंदाजा भी नहीं लगा
- 11:10:21पाएंगे। उस वाले सेंस में जाना चाहिए। उस
- 11:10:23वाले लाइंस में जाना चाहिए। तो लिखा है कि
- 11:10:25समथिंग कैन हैपन विद इन अ सेकंड। वन मे
- 11:10:28नॉट अफेक्ट इट। कोई उस पे प्रभाव नहीं डाल
- 11:10:30पाएगा। सेंस नहीं है। वन मे नॉट रिजाइन
- 11:10:33इट। रिसाइन का मतलब होता है किसी कानून को
- 11:10:35निरस्त कर देना। किसी कानून को नल एंड
- 11:10:37वॉइड कर देना। जैसे कि इंडिया में फॉर्म
- 11:10:38लॉस आए थे। लोग अग्री नहीं किए तो हमारे
- 11:10:41रेस्पेक्टेबल प्राइम मिनिस्टर रेस्पेक्टेड
- 11:10:42प्राइम मिनिस्टर ने उसे वापस ले लिया। ठीक
- 11:10:44है? तो रिजाइन कर लिया उसको। रिजाइन का
- 11:10:46मतलब होता है किसी कानून को वापस लेना।
- 11:10:49किसी कानून को जीरो बता देना। तो कानून की
- 11:10:50तो बात ही नहीं हो रही। इरिलेवेंट है ये।
- 11:10:52वन कैन नॉट फॉरसी। फॉर्सी का मतलब होता है
- 11:10:54भविष्य देखना। जब आप फ्यूचर देखते हो,
- 11:10:57प्रिडिक्ट करते हो, उसको फॉर् कहा जाता
- 11:10:59है। ठीक है? हो सकता है ये। अगला वर्ड है
- 11:11:01लीगलाइज़। कानूनन बना देना या कानून का तो
- 11:11:03जिक्र ही नहीं। रिलेवेंट वर्ड है ये। तो
- 11:11:05क्या लिखा है कि कुछ चुटकियों में हो सकता
- 11:11:08है और किसी को कोई फोर्सी भी नहीं कर
- 11:11:10पाएगा। कोई उसका अंदाजा भी नहीं लगा
- 11:11:12पाएगा। कोई एंटीिसिपेट भी नहीं कर पाएगा।
- 11:11:13तो आंसर तो यही लग रहा है। कोई उसे भविष्य
- 11:11:16में देख नहीं पाएगा। आगे बढ़ेंगे। डैश सम
- 11:11:19इंस्टेंसेस शो दैट प्रेडिक्शनंस बेस्ड ऑन
- 11:11:22सर्टेन साइंस हैव गॉन रोंग। अब जो समझा
- 11:11:25रहा हूं वो समझना। लिखा हुआ है कि यहां से
- 11:11:27क्या स्टार्ट हुआ था? यहां से स्टार्ट हुआ
- 11:11:28था कि ये बातें एकदम सच नहीं है। चुटकियों
- 11:11:30में कुछ हो जाएगा। किसी को पता नहीं
- 11:11:32चलेगा। और फिर अगली थ्योरी क्या दी गई है
- 11:11:34कि कुछ ऐसी घटनाएं हैं जिससे ये पता चली
- 11:11:37है कि जो साइंस लोग पकड़ रहे हैं वो भी
- 11:11:41गलत है। ठीक है? जो प्रेडिक्शन साइंस के
- 11:11:44बेस बेसिस पे करते हैं वो भी गलत है। इसका
- 11:11:46मतलब ऊपर जो लॉजिक दिया गया था ये उसी के
- 11:11:49एडिशन में दिया जा रहा है। तो इसी के
- 11:11:52एडिशन में दिया जा रहा है। तो ऊपर में भी
- 11:11:53तो यही कहा गया था कि लोग जो है वो
- 11:11:56चुटकियों में कुछ हो जाएगा। अंदाजा नहीं
- 11:11:57लगा पाएंगे। और अगला लाइन बोला जा रहा है
- 11:11:59ऐसी बहुत सारी घटनाएं हुई है जिसमें यह
- 11:12:01पता चला है कि साइन देख के प्रेडिक्शन
- 11:12:03नहीं किया जाता तो ये तो उसी में ऐड कर
- 11:12:05रहे हैं। हमें कोई ऐसा कंजक्शन चाहिए या
- 11:12:07ऐसा कोई एडवर्ब चाहिए जो कि उसी में ऐड
- 11:12:10करवाए मतलब एंड के सेंस में हो। यहां लिखा
- 11:12:13है हाउ एवर अभी हमने पढ़ा था जस्ट हाउ एवर
- 11:12:15देख लो। हाउ एवर अभी हमने अभी पढ़ा था
- 11:12:16क्या? पढ़ा था जिसका मतलब होता है हालांकि
- 11:12:18बट के सेंस में। तो ये तो आंसर नहीं हो
- 11:12:20सकता। मोर ओवर मोर ओवर हमने पढ़ा था भाई
- 11:12:23कि ये एडिशन के सेंस में होता है। कोई और
- 11:12:26लॉजिक देंगे तो इसका इस्तेमाल होगा। नेवर
- 11:12:28द लेस नेवर द लेस हालांकि फिर भी देख लो
- 11:12:32नेवर द लेस मतलब फिर भी कंट्रास्टिंग
- 11:12:34क्वालिटी है। क्यों ये इंपॉर्टेंट है? समझ
- 11:12:36पा रहे हो? देयर फॉर रीज़ बताने का
- 11:12:38इस्तेमाल होता है। क्या यहां पे ये दिया
- 11:12:39गया है कि पता नहीं चलता इसलिए ऐसा हुआ
- 11:12:42है। नहीं वो सेंस नहीं है। इसका मतलब देयर
- 11:12:44फॉर तो नहीं होगा। एक ही बचता है। आंसर
- 11:12:46नंबर टू है। मोर ओवर। आगे बढ़ेंगे।
- 11:12:49लोगों को ऐसा लगता है कि जानवर जो है वो
- 11:12:52प्रेडिक्ट कर सकते हैं पर ये सही नहीं है।
- 11:12:54वो पिक्लियर साउंड नहीं अगर निकाल पाए।
- 11:12:57ठीक है? तो फंस जाएंगे लोग। ठीक है? इसलिए
- 11:12:59उनके बेसिस पे बहुत ज्यादा अभी मुझे एक
- 11:13:01मेरे बचपन की कहानी याद आ रही है। फनी है
- 11:13:04इसको अदरवाइज मत लेना। तो क्या है कि
- 11:13:07हमारे मतलब हम सबके घर के साइड में खास
- 11:13:09करके नॉर्थ इंडिया पूरा ये मानता है कि
- 11:13:11यार कुत्ते रोते हैं ना तो किसी की डेथ
- 11:13:14होने वाली होती है। अब हम कभी ये नहीं
- 11:13:16सोचते कि हो सकता है कुत्ता दर्द में हो।
- 11:13:17हो सकता है कुत्ते को कुछ लग रहा हो
- 11:13:19कुत्ते का ब्रेकअप हो गया हो क्या पता तो
- 11:13:22वो तो किसी कारण भी रो सकता है ना तो हम
- 11:13:24लोग एक कॉलोनी में रहते थे और वहां पे एक
- 11:13:27बूढ़ी अम्मा थी काफी मतलब मस्ट बी इन हर
- 11:13:3090ज और 100्स और समथिंग काफी काफी ज्यादा
- 11:13:32बूढ़ी थी तो जितनी बार वो कुत्ते रोते थे
- 11:13:37ना हमारी कॉलोनी में कोई ना कोई मेरे फादर
- 11:13:40साहब के ऐज के या मेरे फादर भी कभी-कभी
- 11:13:41कोई ना कोई जाके उनको बोल देता था कि
- 11:13:43अम्मा अब हो गया वक्त कि देख लो अब मतलब
- 11:13:46राम नाम जप लो हो गया है बस और फिर वो
- 11:13:48गंदी गंदी गालियां निकालना स्टार्ट करती
- 11:13:50थी। ठीक है? तो क्योंकि उस वक्त पे ये
- 11:13:53मानते थे कि कुत्ता रोया तो कोई तो जाएगा।
- 11:13:54अब जाएगा कौन? सबसे नजदीक तो वही है जाने
- 11:13:57के। ठीक है? फनी था उस वक्त पे। अब लग रहा
- 11:13:59है कि इनसेंसिटिव था तब लगता था बहुत फनी
- 11:14:01है। एनीवेज तो क्या लिखा हुआ है कि दे मे
- 11:14:03फेल टू मेक पिकुलियर साउंड्स। वो लोग
- 11:14:06पिकुललियर साउंड जो है वो वो नहीं
- 11:14:08निकालेंगे जाना। ठीक है? आगे बढ़ेंगे। डैश
- 11:14:10सम अननेचुरल कैलामिटीज़ दैट आर लाइकली टू
- 11:14:14अपीयर मे फॉरकास्ट देयर शैडोज़। अच्छा यहां
- 11:14:16तक हम लोगों ने देखा था ऊपर वाला लॉजिक
- 11:14:18क्यों गलत है। यहां से स्पीकर का टोन क्या
- 11:14:20चला गया कि मैं जो बोल रहा हूं 100% उस पे
- 11:14:22भरोसा मत कर लेना क्योंकि कुछ ऐसे
- 11:14:25अननेचुरल कैलेमिटीज हैं जो कि बैड वुममेंस
- 11:14:28देते हैं गलत साइन देते हैं कि वो होने
- 11:14:30वाले हैं। इसका मतलब यहां पे बाकी सेंटेंस
- 11:14:33का कंट्रास्ट है या नहीं है? ऊपर जो बोला
- 11:14:36गया था उसका कंट्रास्ट है या नहीं है? समझ
- 11:14:40पा रहे हो बात को? तो क्या इस्तेमाल
- 11:14:41करेंगे हम लोग यहां पे? देख लो ऑप्शन क्या
- 11:14:43है? मैं बिठा रहा हूं। डिस्पाइट सम
- 11:14:46अननेचुरल कैलामिटीज मतलब इसके बावजूद
- 11:14:48किसके बावजूद भाई ऊपर में क्या कोई
- 11:14:51सपोर्टिंग लाइन दिया हुआ था नहीं तो ये
- 11:14:53सेंस तो नहीं बनेगा इसके बावजूद के कैसे
- 11:14:56बोलते हैं डिस्पाइट का यूज़ कैसे करते हैं
- 11:14:57कि इसके बावजूद कि वो घायल था वो फिर भी
- 11:15:00आया यहां तो ऐसा कोई सेंटेंस ही नहीं है
- 11:15:02अगर मैं यहां लगाऊं तो क्या मीनिंग बनेगा
- 11:15:04इसके बावजूद कुछ अननेचुरल कैलामिटीज होते
- 11:15:06हैं जो कि अपने साइंस देते हैं ठीक है
- 11:15:10सेंस नहीं है आगे बढ़ेंगे देयर फॉर इसलिए
- 11:15:13कुछ अननेचुरल कैलामिटीज जो है वो अपने
- 11:15:15साइन देते हैं।
- 11:15:17सेंस नहीं है। बसाइड्स का मतलब होता है
- 11:15:20किसी चीज के अलावा। व्हिच मींस जो फैक्ट
- 11:15:23पे आप बात कर रहे हो ना उस फैक्ट के अलावा
- 11:15:26भी एक फैक्ट है। यहां तो वही बात हो रही
- 11:15:28थी कि पहले उसने कहा कि ऐसा नहीं होगा।
- 11:15:31लेकिन उसके साथ-साथ ये भी सही लॉजिक है कि
- 11:15:34कुछ एक देते हैं। तो बसाइड्स यहां पे ठीक
- 11:15:36लग रहा है। आगे बढ़ेंगे। सेकंडली। सेकंडली
- 11:15:38का इस्तेमाल नहीं होगा। क्योंकि सेकंडली
- 11:15:40का नॉर्मली इस्तेमाल होता है। जहां पे
- 11:15:41आपने पहले फर्स्टली यूज़ कर लिया है कि आप
- 11:15:43पॉइंट वाइज बात कर रहे हो। फर्स्टली ऐसा
- 11:15:44हुआ, सेकंडली ऐसा हुआ, थर्डली ऐसा हुआ। तो
- 11:15:46ये तो नहीं सेंस बन रहा। बसाइड्स का सेंस
- 11:15:48बन रहा है। हालांकि डिस्पाइट भी बहुत गलत
- 11:15:51नहीं है। ठीक है? पर बसाइड्स ज्यादा सटीक
- 11:15:54है। आगे बढ़ेंगे। डैश वी शुड नॉट कंप्लीटली
- 11:15:57कैंसिल आउट द पॉसिबिलिटीज़ दैट एनिमल कैन
- 11:15:59सेंस अननेचुरल हैपनिंग्स। यहां पे इसके
- 11:16:02पहले वाले लाइन में क्या बात की गई कि कुछ
- 11:16:04ऐसे अननेचुरल कैलामिटीज होते हैं जो कि
- 11:16:07अपने साइंस देते हैं। ठीक है? उसके बाद
- 11:16:10क्या बोला जा रहा है कि हमें इस बात को भी
- 11:16:13नजरअंदाज नहीं करना चाहिए या पॉसिबिलिटी
- 11:16:15से बाहर नहीं करनी चाहिए कि कुछ ऐसे
- 11:16:18अननेचुरल हैपनिंग्स होते हैं जो एनिमल्स
- 11:16:20सेंस कर सकते हैं। ठीक है? अब देखना यहां
- 11:16:24पे बैड वुमस की बात की गई थी। बैड वुमस
- 11:16:28कौन पकड़ता है? जानवर पकड़ता है। वही तो
- 11:16:30ऊपर बोला गया था कि कुछ ऐसे जानवर हैं जो
- 11:16:31कि बैड वुमस पकड़ लेते हैं। इसका मतलब यह
- 11:16:34है यहां पर इसी सेंटेंस की कंटिन्यूटी है।
- 11:16:36अब हम क्या फिल अप करेंगे? मोर ओवर वी शुड
- 11:16:39नॉट कंप्लीटली कैंसिल आउट। इसके मतलब इसके
- 11:16:42साथ-साथ हमें ये भी कैंसिल आउट नहीं करना
- 11:16:44चाहिए। सेंस है इसका। नेवर द लेस नेवर द
- 11:16:48लेस दो कंट्रास्टिंग चीजों को जोड़ने के
- 11:16:50लिए इस्तेमाल किया जाता है। देख लो यहां
- 11:16:51पे फिर भी के सेंस में इसका इस्तेमाल होता
- 11:16:52है। तो यह तो नहीं होगा। क्योंकि ऊपर वाला
- 11:16:54सेंटेंस भी जिस टोन में था, नीचे वाला
- 11:16:56सेंटेंस भी उसी टोन में है। हाउ एवर
- 11:16:58हालांकि अगेन कंट्रास्टिंग चीजों को
- 11:16:59जोड़ने के लिए यूज़ किया जाता है। देयर फॉर
- 11:17:01अब दो ऑप्शन है हमारे पास। या तो मोर ओवर
- 11:17:03भरे या तो देयर फॉर भरे। ज्यादा सटीक कौन
- 11:17:06सा होगा? मेरे हिसाब से देयर फॉर होगा।
- 11:17:07क्योंकि ऊपर क्या कहा गया है? देखो ऊपर
- 11:17:08कहा गया है कि अननेचुरल कैलेमिटीज बैड
- 11:17:10वुमस देते हैं। इसीलिए हमें इसको
- 11:17:13कंप्लीटली कैंसिल आउट नहीं करना चाहिए इस
- 11:17:15पॉसिबिलिटी को कि एनिमल अननेचुरल थिंग्स
- 11:17:18सेंस कर सकते हैं। क्योंकि बैड वुमस सेंस
- 11:17:21करते हैं वो। ये ज्यादा सटीक लग रहा है।
- 11:17:23ठीक है? फिर से वही बात है कि सर ये क्यों
- 11:17:26नहीं होगा? कोई स्ट्रांग लॉजिक नहीं है।
- 11:17:27मोर ओवर क्यों नहीं होगा? ज्यादा सटीक
- 11:17:29देयर फॉर है इसलिए वो आंसर होगा। उम्मीद
- 11:17:31करता हूं क्लियर है। अच्छा था, कंफ्यूजिंग
- 11:17:33था। आगे बढ़ेंगे। पैसेज नंबर टू पर आएंगे।
- 11:17:36आप सेम प्रोसीजर फॉलो करेंगे। आप यहां पे
- 11:17:38वीडियो को पॉज करेंगे। वीडियो को पॉज करके
- 11:17:41अपना आंसर ट्राई कर लेंगे।
- 11:17:44मैं मान कर चल रहा हूं। आपने बना लिया है।
- 11:17:46आता हूं मैं एक्सप्लेनेशन पे। लिखा है
- 11:17:48फ्रॉम द बिगिनिंग डैश द 18th सेंचुरी
- 11:17:5118वीं सदी की शुरुआत से द लेडीज ऑफ
- 11:17:53यूरोपियन सिटीज कवर्ड डैश फसेस इन लेयर ऑफ
- 11:17:57लेयर्स ऑफ पेंट एंड पाउडर लिखा हुआ है कि
- 11:17:5918वीं सदी की शुरुआत से जो महिलाएं थी
- 11:18:02यूरोपियन सिटीज में वो चेहरे को वो डैश
- 11:18:05चेहरे को पेंट और पाउडर के लेयर से कवर
- 11:18:08करके रखती थी। द पर्टिकुलर फैशन वाज़
- 11:18:10लार्जली ब्रॉट। ये जो ये जो फैशन था ना ये
- 11:18:13जो खास फैशन था ये आया था लाया गया था बाय
- 11:18:17द अर्जेंट नीड टू डिसगाइस द रेवेजेस ऑफ़
- 11:18:19स्मॉल पॉक्स डिसगाइस मतलब होता है छिपाना
- 11:18:21ठीक है रेवेजेस मतलब आप इस तरीके से समझो
- 11:18:24रेवेज का मतलब होता है किसी बीमारी से
- 11:18:26ग्रसित जो बोलते हैं ना क्या कहते हैं
- 11:18:28खतरा खतरा रेवेजेस ठीक है सो क्या लिखा
- 11:18:30हुआ है कि पर्टिकुलर ये जो फैशन है ना ये
- 11:18:32लाया गया था क्योंकि बहुत ज्यादा जरूरत थी
- 11:18:34खुद को छिपाने की स्मॉल पॉक्स के खतरे से
- 11:18:37डैश लेफ्ट देयर फसेस पिटेड एंड स्कार्ड
- 11:18:42डैश उनके चेहरे जो है वो उनमें गड्ढे हो
- 11:18:45जाते थे या फिर ऐसा होता था कि उनके चेहरे
- 11:18:47में दाग पड़ जाते थे। ड्यूरिंग द सेम
- 11:18:49पीरियड उसी समय पे द ब्यूटी स्पॉट वाज़
- 11:18:51इंट्रोड्यूस्ड। उसी वक्त पे ब्यूटी स्पॉट
- 11:18:53को इंट्रोड्यूस किया गया था टू कवर डैश
- 11:18:55फेशियल डिफेक्ट। चेहरे पे जो भी डिफेक्ट
- 11:18:57आया है उसको कवर करने के लिए। अब ये मैंने
- 11:19:01टफ कैटेगरी में क्यों रखा है? इसीलिए भाई
- 11:19:03क्योंकि देखो पांच लाइन या छह लाइन का
- 11:19:05पैसेज है। उसी में पांच ब्लैंक है। आपको
- 11:19:08ना एकदम एकदम से क्लियर आईडिया नहीं लग
- 11:19:10पाएगा। जैसे इसके पहले वाले में क्या
- 11:19:11फायदा था? लंबा पैसेज था तो हम एक-एक लाइन
- 11:19:13को समझ पा रहे थे पॉजिटिव या नेगेटिव।
- 11:19:14इसमें बहुत छोटा लाइन है। तो जितना छोटा
- 11:19:17क्लोजे टेस्ट होगा उतना टफ है वो। क्योंकि
- 11:19:19आपको समझने का मौका ही नहीं मिलेगा
- 11:19:20सेंटेंस को। एनीवेज देखते हैं आंसर क्या
- 11:19:22है। लिखा है फ्रॉम द बिगिनिंग डैश 18
- 11:19:25सेंचुरी। 18थ सेंचुरी की शुरुआत से हम लोग
- 11:19:27हमेशा बोलते हैं ना फ्रॉम द बिगनिंग ऑफ 18
- 11:19:29सेंचुरी। फ्रॉम द बिगनिंग ऑफ 19 सेंचुरी।
- 11:19:31किसी चीज की शुरुआत के लिए पोज़ेशन का केस
- 11:19:33लगेगा। ऑफ बिगिनिंग ऑफ होता है समथिंग। इन
- 11:19:36ऑन अबाउट ऑफ आसान था ये ऑफ द 18 सेंचुरी द
- 11:19:40लेडीज ऑफ यूरोपियन सिटीज कवर्ड डैश फसेस
- 11:19:43कवर्ड देम फसेस कवर्ड देयर फसेस कवर्ड
- 11:19:46देयर फसेस कवर्ड दे आर फसेस सबसे पहले
- 11:19:49फसेस नाउन है
- 11:19:52राइट
- 11:19:54अगर मैं यहां पे कोई ब्लैंक दे रहा हूं तो
- 11:19:56मैं यहां पे क्या भर सकता हूं क्या मैं
- 11:19:58देम भरूंगा जो कि एक प्रोनाउन है क्या
- 11:20:00आपने कभी कोई स्ट्रक्चर देखा है जिसमें
- 11:20:01आपने लिखा है ही रोहित
- 11:20:04या तो आप रोहित लिखोगे या तो ही लिखोगे
- 11:20:06अगर इसी के लिए प्रोनाउन आ रहा है तो गलत
- 11:20:08है ना क्योंकि आप इसी के लिए तो लेके आ
- 11:20:09रहे हो सो देम तो इस्तेमाल नहीं हो सकता
- 11:20:11यहां देम फसेस कुछ नहीं होगा अब आ जाओ
- 11:20:14देयर फसेस ये एक पज़ेसिव एडजेक्टिव है
- 11:20:18एडजेक्टिव के बाद नाउन है हो सकता है इसका
- 11:20:20इस पे पोज़ेशन है हो सकता है उनके फसेस बोल
- 11:20:22रहे हैं बिल्कुल ठीक है टी एच ई आर इ देयर
- 11:20:25मतलब वहां होता है वहां चेहरे कोई सेंस
- 11:20:27बनेगा क्या नहीं ये एडवर्ब होता है सेंस
- 11:20:29नहीं है इसका दे आर ये तो भाई नया
- 11:20:31सब्जेक्ट आपने स्टार्ट कर दिया यहां का
- 11:20:32सब्जेक्ट था लेडीज़ वर्ब था कवर्ड और फिर
- 11:20:35आपने यहां लिख दिया दे आर फसेस। मतलब वो
- 11:20:37लोग चेहरे हैं। कोई सेंस नहीं है इसका।
- 11:20:39ठीक है? तो ये भी गलत है। आंसर कौन सा
- 11:20:43होगा? ऑप्शन नंबर टू देयर फसेस। काफी
- 11:20:44वीडियोस में ऑलरेडी दे आर देयर देयर दे आर
- 11:20:48ये सब बता चुका हूं। आगे बढ़ेंगे। दिस
- 11:20:50पर्टिकुलर फैशन वाज़ लार्जली ब्रॉट डैश द
- 11:20:53अर्जेंट नीड टू डिसगाइस द रिवेजेस ऑफ़
- 11:20:55स्मॉल पॉक्स। ठीक है? लिखा हुआ है ये जो
- 11:20:57स्मॉल पॉक्स का के जो धब्बे होते हैं ना
- 11:21:00उनको छुपाने के लिए आमतौर पर मतलब जो खतरा
- 11:21:04होता है ना इसके धब्बे पड़ जाएंगे पूरे
- 11:21:05चेहरे पे उनको छिपाने के लिए इसका
- 11:21:07इस्तेमाल किया जाता था ये पर्टिकुलर फैशन
- 11:21:09उसके लिए आया था ठीक है तो क्या लिखा है
- 11:21:11दिस पर्टिकुलर फैशन वाज़ लार्जली ब्रॉट टू
- 11:21:14फ्रेजल वर्ब आ गया ब्रॉट टू ब्रॉट अबाउट
- 11:21:17ब्रॉट विद इन ब्रॉट अराउंड मतलब चार
- 11:21:20फ्रेजल वर्ब यहां पे ब्रिंग टू पास्ट करके
- 11:21:23ब्रॉट टू ब्रिंग अबाउट ब्रिंग विद इन
- 11:21:25ब्रिंग अराउंड हम फैशन की बात कर रहे हैं
- 11:21:27जो कि चलन में आया है। कंटेक्स्ट समझना।
- 11:21:30हम फैशन की बात कर रहे हैं जो कि चलन में
- 11:21:31आया है। सो क्या लगेगा? ब्रिंग टू ब्रिंग
- 11:21:34अबाउट, ब्रिंग विदिन, ब्रिंग अराउंड। आओ
- 11:21:36पहले मतलब समझते हैं। ब्रिंग टू का मतलब
- 11:21:38क्या होता है? ब्रिंग टू का मतलब होता है
- 11:21:40टू रिस्टोर समवन टू कॉन्शियसनेस और
- 11:21:42अवेयरनेस। किसी व्यक्ति को होश में लाने
- 11:21:44को ब्रिंग टू बोला जाता है। जैसे यहां
- 11:21:46लिखा हुआ है द डॉक्टर ट्राइड टू ब्रिंग
- 11:21:48हिम टू द फेंट इट। टू आफ्टर ही फेंटेड।
- 11:21:51लिखा हुआ है कि डॉक्टर ने उसे होश में
- 11:21:53लाने की कोशिश की जब वो बेहोश हो गया। ठीक
- 11:21:55है? सो होश में लाना इज ब्रिंग टू। हम
- 11:21:57फैशन की बात कर रहे थे। होश में लाने की
- 11:21:59बात नहीं कर रहे थे। तो ब्रिंग टू तो नहीं
- 11:22:00होगा। ब्रिंग अबाउट का मतलब होता है टू
- 11:22:02कॉज समथिंग टू हैपन और टू कम इनू
- 11:22:04एक्सिस्टेंस। किसी चीज का घटित होना या
- 11:22:06किसी चीज का चलन चलाना। उसको ब्रिंग अबाउट
- 11:22:09कहते हैं। लिखा है द न्यू पॉलिसी ब्रॉट
- 11:22:11अबाउट सिग्निफिकेंट चेंजेस इन द एजुकेशन
- 11:22:13सिस्टम। जो नई पॉलिसी आई उसने एजुकेशन
- 11:22:14सिस्टम में बहुत बड़े बदलाव लेकर आए। ठीक
- 11:22:16है? तो किसी चीज का चलन होना, किसी चीज का
- 11:22:19घटित होना उसको ब्रिंग अबाउट कहते। मेक
- 11:22:21सेंस आंसर हो सकता है। अगला लिखा है
- 11:22:23ब्रिंग विदिन टू मेक समथिंग अचीवेबल और
- 11:22:25विद इन रीच। विदिन का मतलब होता है किसी
- 11:22:27चीज के अंदर। अंदर मतलब इंटू वाला अंदर
- 11:22:29नहीं। किसी चीज के रीच में होना। उसको
- 11:22:30विदिन बोलते हैं। सो ब्रिंग विदिन का मतलब
- 11:22:32होता है किसी चीज को रीच में लेके आना।
- 11:22:34किसी चीज को हासिल करने योग्य बनाना,
- 11:22:37अचीवेबल बनाना। तो लिखा है दिस न्यू स्कीम
- 11:22:39ब्रिंग्स विदिन रीच ओपोरर्चुनिटीज़ फॉर
- 11:22:42एवरीवन। ठीक है? ये जो नई स्कीम है ना ये
- 11:22:45रीच में लेके आ रही है सबके लिए
- 11:22:46ओपोरर्चुनिटीज़।
- 11:22:48ब्रिंग अराउंड टू पर्सुएट समवन टू चेंज
- 11:22:51देर ओपिनियन। ब्रिंग अराउंड मतलब होता है
- 11:22:52किसी को राजी करना, किसी को पर्सुएट करना।
- 11:22:55शी इवेंचुअली ब्रॉट हिम अराउंड टू हर वे
- 11:22:57ऑफ़ थिंकिंग। जैसे वो सोचती है वो फाइनली
- 11:22:59उसको भी पर्सुएट करके अपने सोच के तरीके
- 11:23:01में लेके आ गई। सो ब्रिंग अराउंड का मतलब
- 11:23:03होता है किसी को पर्सुएट करना। किसी को
- 11:23:05मनाना, फुसलाना। हम लोग फैशन की बात कर
- 11:23:07रहे थे। सो ब्रिंग टू तो नहीं होगा।
- 11:23:09ब्रिंग अबाउट नहीं होगा। ब्रिंग विद इन
- 11:23:11नहीं होगा। ब्रिंग अराउंड नहीं होगा। एक
- 11:23:12ही आंसर मिल रहा है। कौन सा होगा? ब्रिंग
- 11:23:14अबाउट। चलन में लाना किसी चीज़ को। ठीक है?
- 11:23:16अगेन इसका नोट्स बना लेना पीडीएफ डाउनलोड
- 11:23:18करके। आगे बढ़ेंगे।
- 11:23:21अ डैश लेफ्ट देयर पिटेड एंड फेसेस पिटेड
- 11:23:24एंड स्कार्ड। यहां लिखा हुआ है कि वो लोग
- 11:23:26ऐसा क्यों करते थे? ताकि वो अपने चेहरे को
- 11:23:28छुपा पाए। स्मॉल पॉक्स से अपने चेहरे को
- 11:23:30छुपा पाए। जिससे कि स्मॉल पॉक्स से क्या
- 11:23:32होता है? स्मॉल पॉक्स से चेहरे में दाग
- 11:23:34धब्बे छूट जाते हैं। छोटे-छोटे से छेद
- 11:23:37चेहरे पे हो जाते हैं। ठीक है? तो यहां पे
- 11:23:40बोला जा रहा है जिससे जिससे उनके चेहरे पर
- 11:23:43धब्बे हो जाते हैं। व्हिच मींस वी नीड अ
- 11:23:45रिलेटिव प्रोनाउन हियर। हम लोग एक रिलेटिव
- 11:23:48प्रोनाउन ढूंढ रहे हैं। ठीक है? उसका
- 11:23:50एंटीिसिडेंट कौन होगा? स्मॉल पॉक्स। स्मॉल
- 11:23:52पॉक्स से क्या होता है? स्मॉल पॉक्स उनके
- 11:23:53चेहरों पर दाग छोड़ देता है। क्या भरेंगे?
- 11:23:56डिसगाइस द रेवेज ऑफ़ स्मॉल पॉक्स व्हिच
- 11:23:58लेफ्ट देयर फेसेस। जिसकी वजह से उनके
- 11:24:00चेहरे पे दाग धब्बे छूट गए। मेक सेंस।
- 11:24:02व्हेन व्हेन लेफ्ट देयर फेसेस। जब उनके
- 11:24:05चेहरे पे दाग धब्बे छूट गए नहीं। वो लोग
- 11:24:06अपने चेहरे को छुपा रहे हैं स्मॉल पॉक्स
- 11:24:08से जिससे कि उनके चेहरे पर दाग धब्बे हो
- 11:24:10जाते हैं। तो ये तो नहीं होगा। हु का
- 11:24:12इस्तेमाल इंसान के लिए करते हैं। यहां का
- 11:24:13एंटीसिडेंट स्मॉल पॉक्स था। ये भी नहीं हो
- 11:24:15सकता। दैट देखो दैट का इस्तेमाल हु के
- 11:24:17सेंस में भी हो सकता है। व्हिच के सेंस
- 11:24:19में भी हो सकता है। पर अगर हम किसी
- 11:24:20निर्जीव चीज के बारे में बात करें तो
- 11:24:22हमेशा प्रायोरिटी विच को दी जाती है। अगर
- 11:24:24ऑप्शन में विच है तो हम लोग निर्जीव चीज
- 11:24:25के बारे में बात कर रहे हैं। तो हमेशा
- 11:24:27सिलेक्शन अगर रहता तो हम दैट सोचते हैं एक
- 11:24:29बार। पर यहां पे चकि विच का इस्तेमाल
- 11:24:31ऑप्शन में है तो हम लोग विच की
- 11:24:33अवेलेबिलिटी ऑप्शन में है तो हम लोग आंसर
- 11:24:35करेंगे विच को। हम निर्जीव चीजों के बारे
- 11:24:37में बात कर रहे थे। आगे बढ़ेंगे। ड्यूरिंग
- 11:24:39दिस सेम पीरियड इसी वक्त पे द ब्यूटी
- 11:24:41स्पॉट वाज़ इंट्रोड्यूस्ड टू कवर डैश अ
- 11:24:44फेशियल डिफेक्ट। ठीक इसी टाइम पे ब्यूटी
- 11:24:47स्पॉट कुछ रहा होगा। ब्यूटी स्पॉट को
- 11:24:48इंट्रोड्यूस किया गया था जिससे कि कवर
- 11:24:51किया जा सके उनके फेशियल डिफेक्ट को। अब
- 11:24:53क्या किया जा सके? टू कवर टू, टू कवर फॉर,
- 11:24:56टू कवर अप, टू कवर ऑन। हम लोग हमेशा बोलते
- 11:24:59हैं ना कवर अप। आपने किसी के सामने गलती
- 11:25:02से आपके मुंह से कुछ अपशब्द निकल गया। अब
- 11:25:05आप उसको कवर अप करने की कोशिश करते हो।
- 11:25:07कवर अप का मतलब होता है टू मैनेज। तो जो
- 11:25:09फेशियल डिफेक्ट है ना उसको मैनेज करने की
- 11:25:11कोशिश की जाती थी ब्यूटी स्पॉट के थ्रू।
- 11:25:13अगेन आप थोड़ा रीडिंग करते हो तो ये सब
- 11:25:15चीजें आपको पता होती हैं। तो आंसर क्या
- 11:25:16होगा? कवर अप ऑप्शन नंबर थ्री। उम्मीद
- 11:25:19करता हूं क्लियर है? बढ़ेंगे हम लोग आगे
- 11:25:22पैसेज नंबर थ्री पे। आप फिर से इसको यहीं
- 11:25:25पे वीडियो को पॉज करेंगे। ट्राई करेंगे।
- 11:25:26फिर मेरा आंसर देखेंगे। मैं समझा रहा हूं।
- 11:25:29लिखा है टी प्राइसेस इन द डोमेस्टिक डैश
- 11:25:31कंटिन्यू टू रूल हाई इन द करंट ईयर
- 11:25:34डिस्पाइट द एक्सपेक्टेशन ऑफ अ हायर
- 11:25:35प्रोडक्शन एज कंपेयर टू द प्रीवियस ईयर।
- 11:25:37लिखा है कि टी प्राइसेस जो है वो
- 11:25:40डोमेस्टिक डैश में वो कंटिन्यू टू रूल हाई
- 11:25:42वो उनके प्राइसेस जो है वो अभी भी ऊपर की
- 11:25:44तरफ जा रहे हैं। मतलब बहुत दाम बढ़े हुए
- 11:25:46हैं इन द करंट ईयर इस साल में। डिस्पाइट द
- 11:25:49एक्सपेक्टेशन ऑफ़ अ हायर प्रोडक्शन एज़
- 11:25:51कंपेयर टू द प्रीवियस ईयर। जबकि उम्मीद ये
- 11:25:54थी कि पिछले साल के कंपैरिजन में इस साल
- 11:25:58उसकी उपज ज्यादा होगी। चाय की जो उपज है
- 11:26:01वो ज्यादा होगी। ज्यादा उपज से क्या होता
- 11:26:02है? चीजें थोड़ी सस्ती मिलती है।
- 11:26:04अवेलेबिलिटी ज्यादा होती है। ड्यूरिंग द
- 11:26:06पास्ट थ्री मंथ्स चीप प्राइसेस हैव बीन
- 11:26:08डैश विद द प्राइसेस ऑफ़ अदर कंपनीज़। अगर
- 11:26:11पिछले तीन महीनों की बात की जाए, पिछले
- 11:26:13तीन महीने में जो चाय के दाम है ना वो डैश
- 11:26:16है अदर कंपनीज़ के दाम के साथ। अनलाइक
- 11:26:20लास्ट ईयर टी प्राइसेस हैव जनरली शोन डैश
- 11:26:24पिछले साल जो चाय के प्राइसेस थे उसके
- 11:26:28विपरीत इस साल जो चाय के प्राइसेस हैं वो
- 11:26:30जनरली उन्होंने डैश शो किया है व्हेन टी
- 11:26:33प्राइसेस रोज़ डोमेटिकली जब टी के जो दाम
- 11:26:35है वो बहुत ज्यादा बढ़े हैं। ठीक है?
- 11:26:39ड्रामेटिकली दिस ईयर प्राइसेस सीम टू हैव
- 11:26:41डैश एट अ रेदर हायर लेवल। ऐसा महसूस हो
- 11:26:45रहा है कि जो दाम है ना चाय के वो एक हायर
- 11:26:47लेवल पर जाकर डैश हुआ है। इन द सब्सक्वेंट
- 11:26:50फोर मंथ्स आने वाले चार महीनों में द डैश
- 11:26:53एवरेज प्राइस शोड अ डाउन ट्रेंड लिखा हुआ
- 11:26:56है अगले चार महीनों में जो एवरेज प्राइस
- 11:26:58है उसने डाउन ट्रेंड शो किया है।
- 11:27:02चलो समझते हैं पैसेज को। देखो क्या
- 11:27:05डिस्कशन हो रहा है यहां पर? यहां पर
- 11:27:07डिस्कशन हो रहा है चाय के दामों के बारे
- 11:27:09में। ठीक है? कि चाय के दाम कैसे बढ़े या
- 11:27:12कैसे घटे वो हम लोग आगे देखेंगे। टोन क्या
- 11:27:14है? नेगेटिव टोन है। माफ कीजिएगा क्योंकि
- 11:27:17पिछले साल से कंपेयर किया जा रहा है और
- 11:27:18बताया जा रहा है कि इस बार उम्मीद थी कि
- 11:27:20पैदावार ज्यादा होगी। पर यहां पे एक लाइन
- 11:27:22था मुझे पढ़ते-पढ़ते मैं दिखाता
- 11:27:26रोज डोमेटिकली। इसका मतलब ये है कि इस साल
- 11:27:28चाय के दाम जो है बहुत ज्यादा बढ़े हैं।
- 11:27:30ठीक है? तो ये सब चीजें मैं छोटी-छोटी
- 11:27:32चीजें नोटिस करता हूं। तो मेरे क्वेश्चन
- 11:27:34बनाने में मुझे आसानी मिलती है। ठीक है? आ
- 11:27:36जाओ अब मैं फिल अप करूंगा। लिखा है टी
- 11:27:38प्राइसेस इन द डोमेस्टिक डैश कंटिन्यू टू
- 11:27:40रूल हाई। अब डोमेस्टिक क्या होगा?
- 11:27:42डोमेस्टिक जोन, डोमेस्टिक मार्केट,
- 11:27:44डोमेस्टिक फील्ड, डोमेस्टिक एरिया। बच्चा
- 11:27:46भी बता देगा डोमेस्टिक मार्केट। इंटरनेशनल
- 11:27:48मार्केट, डोमेस्टिक मार्केट दो किस्म का
- 11:27:50मार्केट होता है। जहां से चीजें एक्सपोर्ट
- 11:27:52होती है उसको इंटरनेशनल मार्केट कहते हैं।
- 11:27:54जहां पे चीजें देश में बिकने के लिए होती
- 11:27:55है उसको डोमेस्टिक मार्केट कहते हैं। यहां
- 11:27:57पे डोमेस्टिक यूज़ किया गया था तो मार्केट
- 11:27:59ही तो होगा और क्या होगा? तो ये तो फर्स्ट
- 11:28:01नंबर ब्लैंक तो बहुत आसान था। डोमेस्टिक
- 11:28:03मार्केट कंटिन्यू टू रूल हाई इन द करंट
- 11:28:05ईयर डिस्पाइट द एक्सपेक्टेशन ऑफ़ अ हायर
- 11:28:07प्रोडक्शन। उम्मीद थी कि पिछले साल के
- 11:28:10जैसे मतलब पिछले साल के कंपैरिजन में इस
- 11:28:12साल ज्यादा प्रोडक्शन होगा। लेकिन उसके
- 11:28:14बाद उसके बावजूद इस बार जो इसके दाम है ना
- 11:28:17वो बहुत ज्यादा हाई चल रहे हैं। ठीक है?
- 11:28:19मतलब पहले लाइन में क्लियर कर दिया कि चाय
- 11:28:21के दाम बहुत ज्यादा हाई है। उम्मीद थी
- 11:28:24पैदावार ज्यादा होगी। उसके बावजूद इस साल
- 11:28:27दाम बहुत ज्यादा है चाय के। ड्यूरिंग द
- 11:28:29पास्ट थ्री मंथ्स अगर पिछले तीन महीनों की
- 11:28:31बात की जाए टी प्राइसेस हैव बीन डैश विद द
- 11:28:34प्राइसेस ऑफ अदर कंपनीज़ जो अगर पिछले तीन
- 11:28:37महीनों की बात की जाए तो जो चाय के दाम है
- 11:28:39वो दूसरे कंपनियों की तरह ही डैश है क्या
- 11:28:42है टी प्राइसेस हैव बीन फेवरिंग वि
- 11:28:45अलाइनिंग वि एनकाउंटरिंग वि काउंटरिंग वि
- 11:28:48सबसे पहले फेवरिंग विद दाम किसी को फेवर
- 11:28:51कैसे करेगा हम प्राइसेस की बात कर रहे हैं
- 11:28:54इंसान की बात नहीं कर रहे फेवर शब्द का
- 11:28:56मतलब होता है किसी को तवज्जो देना वो
- 11:28:58इंसान का काम होता है। हम प्राइसेस की बात
- 11:29:00कर रहे हैं कि पिछले तीन महीने में चाय के
- 11:29:01प्राइसेस ने बाकी कंपनीज़ की तरह डैश किया
- 11:29:04है। क्या किया है? आर अलाइनिंग विद अलाइन
- 11:29:06मतलब होता है एक समान चलना, पैरेलल चलना
- 11:29:08कि जो टी के दाम है ना वो बाकी कंपनीज़ के
- 11:29:11दाम के बराबर चल रहा है। सेंस तो बन रहा
- 11:29:13है। एक और यहां पे बहुत स्ट्रांग लॉजिक है
- 11:29:15कि अलाइन शब्द अपने साथ विथ लेता है
- 11:29:18फिक्स्ड प्रेपज़िशन में कि ही हैज़ अलाइन हज़
- 11:29:21आइडियाज़ विथ द गांधियन फिलॉसोफी। अलाइन
- 11:29:25विद अलाइन अप के बाद विद लेता है। यहां पर
- 11:29:26विद भी था। तो आंसर तो हो सकता है। खैर हम
- 11:29:29आगे भी चेक करेंगे। एनकाउंटरिंग लिखा है
- 11:29:31टी प्राइसेस हैव बीन एनकाउंटरिंग विद द
- 11:29:33प्राइस। देखो एनकाउंटर का मतलब होता है
- 11:29:34सामना करना। तो क्या कह रहा है कि पिछले
- 11:29:36तीन महीनों में चाय के दाम ने बाकी कंपनीज
- 11:29:38के दामों का सामना किया है। सामना किया
- 11:29:40मतलब दुश्मनी थोड़ी है। काउंटरिंग विरोध
- 11:29:44करना कि जो चाय के प्राइसेस है उन्होंने
- 11:29:47बाकी कंपनीज़ के दामों को का विरोध किया
- 11:29:50है। विरोध नहीं किया है भाई क्योंकि ये तो
- 11:29:51खुद भी ऊपर चल रहे हैं। इसका मतलब ये तो
- 11:29:53नहीं है। इसका आंसर पहले वाले लाइन में
- 11:29:55छुपा हुआ था कि दाम बहुत ऊपर चल रहे हैं।
- 11:29:57ये सही है कि बाकी कंपनीज़ के दाम जितने
- 11:29:59हैं उतना ही इसके भी चल रहे हैं। अनलाइक
- 11:30:02लास्ट ईयर पिछले साल की तरह नहीं टी
- 11:30:03प्राइसेस हैव जनरली शोन डैश मतलब पिछले
- 11:30:06साल चाय सस्ती थी तभी तो यहां अनलाइक लिखा
- 11:30:08हुआ है। अनलाइक का मतलब होता है किसी के
- 11:30:10जैसे नहीं। सो अनलाइक लास्ट ईयर मतलब
- 11:30:12पिछले साल दाम कम थे। इस साल दाम बढ़े हैं।
- 11:30:16सो लिखा है कि टी प्राइसेस हैव जनरली शोन
- 11:30:19डैश हैव शोन एन इनफ्लो। तो इनफ्लो का मतलब
- 11:30:22होता है जब बहुत नंबर ऑफ टूरिस्ट या नंबर
- 11:30:25ऑफ चीज किसी चीज के अंदर आते हैं उसको
- 11:30:27इनफ्लो कहा जाता है। अंदर आने को इनफ्लो
- 11:30:28कहते हैं। अब पिछले साल की तरह नहीं दाम
- 11:30:31अंदर आए हैं। अंदर आए हैं मतलब इरिलेवेंट
- 11:30:34है। इनेट मतलब होता है पैदाइशी। पिछले साल
- 11:30:37की तरह मतलब पिछले साल के विपरीत इस साल
- 11:30:40चाय के दाम पैदाइशी हैं। पैदाइशी हैं।
- 11:30:43सेंस नहीं है। इस साल चाय के दाम घटे हैं।
- 11:30:46जबकि हमें पहले लाइन में बोला गया था कि
- 11:30:48हाई रूल कर रहा है। व्हिच मींस बढ़े हैं।
- 11:30:50तो ये तो उल्टा हो जाएगा। अप ट्रेंड।
- 11:30:53अच्छा अप ट्रेंड डाउन ट्रेंड। यहां पे
- 11:30:55देखना डाउन ट्रेंड भी यूज़ किया गया था। अप
- 11:30:56ट्रेंड का मतलब क्या होता है? किसी चीज का
- 11:30:58इन जनरल अ राइज़ होना। इकोनॉमिक राइज़ होना।
- 11:31:02किसी चीज के दाम में बढ़ोतरी होना, सप्लाई
- 11:31:03में बढ़ोतरी होना। उसको अप ट्रेंड बोला
- 11:31:05जाता है। जब किसी चीज का ग्राफ ऐसे-से
- 11:31:08करके ऊपर की तरफ जा रहा हो ना, इसको अप
- 11:31:09ट्रेंड बोलते हैं। आप ससेक्स मार्केट में
- 11:31:11अगर आप इंटरेस्टेड हो तो आप देखना बहुत
- 11:31:12सारे पंडित्स बोलेंगे मार्केट अप ट्रेंड
- 11:31:14पे है। अप ट्रेंड मतलब ऊपर जा रहा है। तो
- 11:31:16यहां पे क्या लिखा हुआ था? पिछले साल के
- 11:31:17विपरीत इस साल चाय के दाम बढ़ रहे हैं।
- 11:31:20यही तो सेंस था। तो अप ट्रेंड तो बिल्कुल
- 11:31:22ठीक है। क्लियर है? आगे बढ़ेंगे। व्हेन टी
- 11:31:25प्राइसेस रोज़ डोमेटिकली दिस ईयर जब जो टी
- 11:31:28के प्राइसेस हैं वो इस साल बड़े नाटकीय तौर
- 11:31:30पर आगे बढ़े। मतलब लग रहा है कि ये बड़ा
- 11:31:32दर्द है स्पीकर की आवाज में। बहुत ज्यादा
- 11:31:34दाम बढ़ गया है चाय का। प्राइसेस सीम टू
- 11:31:37हैव डैश एट अ रेदर हाई लेवल। मतलब कह रहा
- 11:31:40है कि जो दाम है ना वो बहुत ऊपर गए और फिर
- 11:31:44वहां जाकर वो वो एक लेवल पे बहुत हाई लेवल
- 11:31:47पे वो डैश हुए। अच्छा हम लोग कई बार ऐसी
- 11:31:49चीजें देखते हैं ना कि किसी चीज का दाम
- 11:31:50बढ़ा और एक एक जगह जाके वो फिर स्टेबल हो
- 11:31:53गए और बहुत हाई स्टेबिलिटी पे वो खड़ा है।
- 11:31:56तो क्या होगा यहां पे? प्राइसेस सीम टू
- 11:31:57हैव मॉडरेटेड। मॉडरेट का मतलब क्या होता
- 11:32:00है? किसी चीज को शांत करना। प्राइसेस बहुत
- 11:32:03ऊपर जाकर शांत हुए ना शांत हुए फिट नहीं आ
- 11:32:06रहा। प्राइसेस बहुत ऊपर जाकर इक्वल हुए।
- 11:32:08इक्वेटेड मतलब होता है बराबरी करना। बहुत
- 11:32:10ऊपर जाकर बराबरी किया प्राइसेस ने। क्या
- 11:32:12मतलब है इसका? स्टेबलाइज्ड। प्राइसेस बहुत
- 11:32:15ऊपर जाकर स्टेबल हुए। आमतौर पर जब हम दाम
- 11:32:17की बात करते हैं, इकोनमी से रिलेटेड चीजों
- 11:32:19की बात करते हैं तो वहां पर स्टेबल टर्म
- 11:32:21को यूज़ किया जाता है कि मार्केट स्टेबल
- 11:32:22नहीं है, चीजें ऊपर जा रही है, चीजें नीचे
- 11:32:25आ रही है। तो इकोनॉमिक के सेंस में हमेशा
- 11:32:27स्टेबलाइज टर्म को प्रेफरेंस दिया जाता
- 11:32:29है। तो मॉडरेटेड भी वही था हालांकि पर
- 11:32:31स्टेबलाइज को हम प्रेफरेंस देंगे क्योंकि
- 11:32:33सटीक वर्ड सटीक एक पर्टिकुलर एरिया में
- 11:32:35लगाया जाता है। आगे लिखा हुआ है अबेड।
- 11:32:37मार्क कर लेना। अबेट का मतलब होता है
- 11:32:38कमजोर करना। कई बार एसएससी ने इसको
- 11:32:40सिनोनिम में पूछा है। मीनिंग लिख लो अबेट
- 11:32:43का टू मेक समथिंग लेस स्ट्रांग और टू मेक
- 11:32:46समथिंग वीक। किसी चीज को कमजोर करना। इसका
- 11:32:49भी सेंस नहीं था कि ऊपर जाकर दाम बहुत बढ़े
- 11:32:51और ऊपर जाकर कमजोर हो गए। सेंस नहीं है।
- 11:32:54ऊपर जाकर स्टेबलाइज हो गए। ठीक है? इन द
- 11:32:57सब्सक्वेंट फोर मंथ्स आने वाले चार महीनों
- 11:32:59में द डैश एवरेज प्राइस शोड अ डाउन
- 11:33:02ट्रेंड। पर ऐसा नहीं हुआ कि दाम हमेशा ऊपर
- 11:33:05ही रहा। यहां पर आपको दिख रहा होगा 3
- 11:33:07मंथ्स लिखा हुआ था कि पिछले तीन महीनों
- 11:33:09में दाम ऊपर गए। अगले चार महीनों में दाम
- 11:33:11नीचे गया क्योंकि यहां पर डाउन ट्रेंड
- 11:33:13टर्म का इस्तेमाल किया गया। ठीक है? सो
- 11:33:14अगले चार महीनों में क्या हुआ? जो एवरेज
- 11:33:17प्राइस था वो डाउन ट्रेंड क्या वो नीचे
- 11:33:19गया। ठीक है? अब क्या होगा? इन द
- 11:33:21सब्सक्वेंट फोर मंथ्स द हाफ ईयरली एवरेज
- 11:33:24प्राइस। देखो जब तुम चार महीनों की बात कर
- 11:33:26रहे हो तो हाफ ईयरली कैसे काउंट करोगे?
- 11:33:28हाफ ईयरली तो 6 महीने होते हैं। कम से कम
- 11:33:306 महीने का डाटा होगा तभी तो उसको हाफ
- 11:33:31ईयरली बोलेंगे। तो ये गलत है या नहीं? द
- 11:33:34मंथली एवरेज प्राइस यह हो सकता है क्योंकि
- 11:33:37यहां पर भी मंथली एवरेज प्राइस बताया गया
- 11:33:38था। तीन महीनों का जिक्र था। यहां पर भी
- 11:33:40मंथली एवरेज प्राइस बताया जाएगा। चार
- 11:33:41महीनों का ही जिक्र है। द वीकली एवरेज
- 11:33:43प्राइस मतलब तुम डाटा निकाल रहे हो मंथ पे
- 11:33:45और डिसाइड कर रहे हो वीक पे। तुम डाटा
- 11:33:47निकाल रहे हो मंथ पे, डिसाइड कर रहे हो
- 11:33:49ईयर पे। सेंस एक का ही बनता है। द मंथली।
- 11:33:52उम्मीद करता हूं आपको समझ में आया है।
- 11:33:53उम्मीद करता हूं आपको पढ़ने में मजा आ रहा
- 11:33:55है। आगे बढ़ेंगे। नेक्स्ट पैसेज पे आएंगे
- 11:33:59हम लोग। मैं जरा पानी पी लूं।
- 11:34:01ट्राई कर लो एक बार जल्दी से।
- 11:34:09हां जी। उम्मीद करता हूं आपने पढ़ लिया
- 11:34:12है। ट्राई कर लिया है। अच्छा सिर्फ ट्राई
- 11:34:14नहीं करना। कमेंट में ये भी बताना है आपको
- 11:34:16कि आपने कितने करेक्ट किए हैं। ठीक है?
- 11:34:18ताकि मुझे अंदाजा लग सके कि इंप्रूवमेंट आ
- 11:34:21रहा है या नहीं आ रहा। तो क्या लिखा हुआ
- 11:34:23है? द थर्ड नेशनल वाइल्ड लाइफफ़ एक्शन
- 11:34:25प्लान फॉर 2017 टू31
- 11:34:29अंडरलाइन इंडियास प्लान फॉर वाइल्ड लाइफफ़
- 11:34:31कंजर्वेशन वाज़ अनवील्ड डैश द ग्लोबल
- 11:34:35वाइल्ड लाइफफ़ प्रोग्राम कॉन्फ्रेंस। लिखा
- 11:34:37है जो तीसरा वाइल्ड लाइफफ़ एक्शन प्लान
- 11:34:392017 से 2021 टाइमलाइन के लिए जो था वो
- 11:34:42अंडर वो अंडरलाइन इंडियाज़ अंडरलाइन का
- 11:34:45मतलब क्या होता अंडरलाइन का मतलब होता है
- 11:34:47ऐसी चीजें जो कि बहुत जरूरी है पर छिपी
- 11:34:50हुई है। तो वाइल्ड लाइफफ़ कंजर्वेशन को
- 11:34:52लेके भारत के जो प्लान्स है उनको लेके एक
- 11:34:57एक्शन प्लान बनाया गया था 17 से लेके 31
- 11:34:59तक उसे अनवील किया गया। अनवील का अगर मैं
- 11:35:02हिंदी में बताऊं तो अनावरण अनवील को कहते
- 11:35:04हैं हिंदी में। जिनको नहीं समझ में आता
- 11:35:06किसी चीज को दुनिया के सामने ले आना उसको
- 11:35:08अनवील करना कहते हैं। बहुत बार आप देखोगे
- 11:35:10कि किसी स्टैचू को अनवील किया जाता है।
- 11:35:13किसी प्लान को अनवील किया जाता है।
- 11:35:14बॉलीवुड में टाइटल अनवील किया जाता है
- 11:35:16फिल्मों का। ठीक है? या रिलीज डेट अनवील
- 11:35:18की जाती है। अनवील का मतलब दुनिया के
- 11:35:20सामने लाना। तो दुनिया के सामने लाया गया।
- 11:35:22कहां लाया गया? एक ग्लोबल वाइल्ड लाइफफ़
- 11:35:24प्रोग्राम कॉन्फ्रेंस हुआ था उसके अंदर। द
- 11:35:26प्लान द प्लान रिकॉग्नाइजेस
- 11:35:28द प्लान रिकॉग्नाइजेस डैश एड्रेसेस लिखा
- 11:35:31है प्लान जो है वो रिकॉग्नाइज करता है वो
- 11:35:33पहचानता है एड्रेस करता है कंसर्न्स ऐसी
- 11:35:36चिंताएं परटेनिंग टू क्लाइमेट चेंजेस एंड
- 11:35:39इट्स इंपैक्ट ऑन वाइल्ड लाइफ ये क्या
- 11:35:41प्लान है जो बोला जा रहा है नेशनल वाइल्ड
- 11:35:43लाइफ एक्शन प्लान ये प्लान क्या है ये
- 11:35:45रिकॉग्नाइज करता है एड्रेस करता है वैसी
- 11:35:48चिंताओं को जो कि क्लाइमेट चेंज और
- 11:35:50क्लाइमेट चेंज की वजह से जो वाइल्ड लाइफफ़
- 11:35:52में जानवरों के में या जंगल में या
- 11:35:54इंसानों के अंदर क्या इंपैक्ट उसका पड़
- 11:35:56रहा है, क्या प्रभाव पड़ रहा है, उस वैसे
- 11:35:58कंसर्न्स को वैसे चिंताओं को एड्रेस करता
- 11:36:00है। ये द प्लान डिटेल्स देंस ऑफ
- 11:36:03इकोसिस्टम्स फॉर फूड प्रोडक्शन, हेल्थ एंड
- 11:36:05अदर एस्पेक्ट्स ऑफ डैश सर्वाइवल एंड
- 11:36:08सस्टेनेबल डेवलपमेंट। ये प्लान जो है
- 11:36:10येेंस बताता है फूड प्रोडक्शन की, हेल्थ
- 11:36:14की और दूसरे एस्पेक्ट्स की जो कि डैश के
- 11:36:17सर्वाइवल के लिए जरूरी है और सस्टेनेबल
- 11:36:19डेवलपमेंट के लिए जरूरी है। सस्टेनेबल
- 11:36:21डेवलपमेंट का मतलब क्या होता है? जो
- 11:36:22रिसोर्सेज हैं उनको इस तरीके से यूज करना
- 11:36:24है कि हम आज भी उनको यूज करें और हमारी
- 11:36:27फ्यूचर जनरेशन भी यूज करें। मतलब अगर
- 11:36:29दुनिया में बहुत कोयला है तो हम लोग इसी
- 11:36:31जनरेशन में उसको खत्म ना कर दें। ऐसे यूज़
- 11:36:33करें कि आज भी ना कम हो वो और आगे वाले
- 11:36:35जनरेशन को भी वो मिले। इसको सस्टेनेबल
- 11:36:37डेवलपमेंट कहते हैं। इट आल्सो एमफसाइजेस
- 11:36:41प्रिजर्वेशन ऑफ जेनेटिक डैश एंड सस्टेनेबल
- 11:36:44यूटिलाइजेशन ऑफ स्पीशीज एंड इकोसिस्टम्स
- 11:36:46व्हिच हैव डायरेक्ट बियरिंग ऑन आवर
- 11:36:47साइंटिफिक एडवांसमेंट्स।
- 11:36:49लिखा है यह जोर डालता है प्रिजर्वेशन ऑफ
- 11:36:52जेनेटिक डैश को। जेनेटिक डैश के बचाव को
- 11:36:54भी और सस्टेनेबल यूटिलाइजेशन ऑफ स्पीशीज
- 11:36:57को भी। मतलब जो प्रजातियां होती है ना
- 11:36:59जानवरों की उनके सस्टेनेबल यूटिलाइजेशन की
- 11:37:02भी और इकोसिस्टम की भी जिनका डायरेक्ट जो
- 11:37:05बियरिंग है वो हमारे साइंटिफिक एडवांसमेंट
- 11:37:08पे पड़ता है। मतलब जिनका डायरेक्ट प्रभाव
- 11:37:09हमारे साइंटिफिक एडवांसमेंट पे पड़ता है।
- 11:37:12एंड सपोर्ट टू मिलियंस ऑफ रूरल
- 11:37:13कम्युनिटीज। और जिसका यह जो मतलब
- 11:37:16इकोसिस्टम है या जो स्पीशीज है यह हमारे
- 11:37:19गांव के जो लाखों लोग हैं उनको सपोर्ट
- 11:37:22करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। द
- 11:37:24प्लान अंडरस्कोर्स रिहबिलिटेशन ऑफ
- 11:37:27थ्रेटेंड वाइल्ड लाइफ स्पीशीज। ये प्लान
- 11:37:29जो है ना ये रिहबिल रिहबिलिटेट कराता है
- 11:37:32ऐसे वाइल्ड लाइफ स्पीशीज को जिनकी जान
- 11:37:34खतरे में मतलब ऐसी प्रजातियां जो कि
- 11:37:35विलुप्त होने का कगार पर है उनको भी ये
- 11:37:38रिहबिलिटेट करता है। उनको एक नई जगह बसाता
- 11:37:41है जहां पे उनके जान को ज्यादा खतरा नहीं
- 11:37:43है। जरूरी नहीं है वो वो इंसानों से ही
- 11:37:44खतरा हो। मौसम से क्लाइमेट चेंज से इनसे
- 11:37:47भी खतरा होता है। तो उनको ऐसी जगह पे मतलब
- 11:37:50लेके जाना जहां पे उनके जान को ज्यादा
- 11:37:53खतरा ना हो। ये रिहबिलिटेशन कहलाता है डैश
- 11:37:56इनलैंड एक्वेटिक कोस्टल जो समंदर में पाए
- 11:38:00जाने वाले पानी में पाए जाने वाले जो
- 11:38:02जानवर हैं उनके लिए या मरीन इकोसिस्टम
- 11:38:04वाइल कंजर्विंग देयर हैबिटेट्स। ठीक है?
- 11:38:06कि जहां पे ये मरीन इकोसिस्टम है उसको भी
- 11:38:09बचाना है और उनके घरों को भी बचाना है जो
- 11:38:11पानी के अंदर रहते हैं। ठीक है? तो काफी
- 11:38:13कॉम्प्लिकेटेड सा पैसेज है। बेसिकली अगर
- 11:38:15मैं आपको मोटा-मोटा आईडिया बता दूं तो
- 11:38:17वाइल्ड लाइफ एक्शन प्लान है जिसके बारे
- 11:38:19में बात की जा रही है। बताया जा रहा है कि
- 11:38:21वो क्या चीजें एड्रेस करता है। बताया जा
- 11:38:23रहा है वो किस चीज के ऊपर एम्फसाइज करता
- 11:38:25है और उससे रिलेटेड चीजें हैं। ठीक है?
- 11:38:27हमारे लिए अच्छा ये है कि ब्लैंक हर उस
- 11:38:29जगह पे दिया है जहां पे कोई ग्रामर या कोई
- 11:38:31छोटा-मोटा वर्ड लग रहा था। वरना इस पैसेज
- 11:38:33को वो बहुत टफ भी बना सकता था। क्या लिखा
- 11:38:36हुआ है? द थर्ड नेशनल वाइल्ड लाइफफ़ एक्शन
- 11:38:37प्लान फॉर 2017 एंड 31 अंडरलाइंग इंडियास
- 11:38:40वाइल्ड लाइफफ़ कंजर्वेशन वाज़ अनवील्ड डैश
- 11:38:43ग्लोबल वाइल्ड लाइफफ़ प्रोग्राम
- 11:38:44कॉन्फ्रेंस। देखो एक कॉन्फ्रेंस हुआ था।
- 11:38:46ठीक है? जिसका नाम था ग्लोबल वाइल्ड लाइफफ़
- 11:38:48प्रोग्राम कॉन्फ्रेंस। उस कॉन्फ्रेंस में
- 11:38:50भारत ने अपने प्लान बताए वाइल्ड लाइफफ़
- 11:38:53कंजर्वेशन के जिस प्लान का नाम था नेशनल
- 11:38:55वाइल्ड लाइफफ़ एक्शन प्लान। अब कॉन्फ्रेंस
- 11:38:57में अगर ये चीज अनवील्ड की गई है तो यहां
- 11:39:00पे हम क्या यूज़ करेंगे? अनवील्ड इन यूज़
- 11:39:02करेंगे। अनवील्ड इन द कॉन्फ्रेंस, अनवील्ड
- 11:39:05टू द कॉन्फ्रेंस, अनव्ल्ड एट द
- 11:39:07कॉन्फ्रेंस, अनवील्ड फॉर द कॉन्फ्रेंस। अब
- 11:39:09कॉन्फ्रेंस के लिए तो उसको अनवील नहीं
- 11:39:12करेंगे। मतलब कॉन्फ्रेंस के लिए तो उसका
- 11:39:14अनावरण नहीं होगा। कॉन्फ्रेंस में अनावरण
- 11:39:16होगा। तो ये तो नहीं हो सकता। ठीक है?
- 11:39:19कॉन्फ्रेंस टू कोई सेंस नहीं है। अब यहां
- 11:39:22पे दो ऑप्शन बचते हैं। या तो मैं बोलूं
- 11:39:24अनवील्ड इन द ग्लोबल या तो मैं बोलूं
- 11:39:26अनवील्ड एट द ग्लोबल। ये प्रेपजीिशन का
- 11:39:28डिफरेंस मैंने अपने एक एक प्रीवियस वीडियो
- 11:39:30में एरर वाली वीडियो में कवर किया था।
- 11:39:32जहां पे मैंने बताया था कि इन का इस्तेमाल
- 11:39:34आमतौर पर हम किसी चीज के अंदर फिजिकल
- 11:39:37पोजीशन को शो करने के लिए यूज़ करते हैं।
- 11:39:39ठीक है?
- 11:39:41ऑन का इस्तेमाल सरफेस के लिए किया जाता है
- 11:39:43और एट का इस्तेमाल किसी चीज के लोकेशन के
- 11:39:46लिए या किसी इवेंट के लिए किया जाता है।
- 11:39:48क्या ये एक इवेंट नहीं था? कॉन्फ्रेंस
- 11:39:51बिल्कुल एक इवेंट था। अगर हम यहां पे कुछ
- 11:39:53करेंगे तो अनवील्ड एट का इस्तेमाल होगा।
- 11:39:56अनवील्ड इन द नहीं होगा। अनवील्ड इन द
- 11:39:58सेरेमनी नहीं होता। अनविल्ड एट द सेरेमनी
- 11:40:01होता है। अनवील्ड एट द कॉन्फ्रेंस होता
- 11:40:02है। ठीक है? सो ज्यादा सटीक क्या है? एट
- 11:40:05होगा। आगे बढ़ेंगे। द प्लान रिकॉग्नाइजेस
- 11:40:08डैश एड्रेसेस कंसर्न्स। प्लान जो है वो
- 11:40:11पहचानता है। एड्रेस करता है उन चिंताओं को
- 11:40:15जो कि क्लाइमेट चेंज से रिलेटेड है। अच्छा
- 11:40:17द प्लान रिकॉग्नाइजेस वर्ब का पांचवा
- 11:40:20फॉर्म। एड्रेसेस वर्ब का पांचवा फॉर्म। ये
- 11:40:24दोनों के दोनों वर्ब है। और दोनों का
- 11:40:26सब्जेक्ट कौन है? प्लान। दोनों का
- 11:40:28सब्जेक्ट कौन है? प्लान। तो पैरेललिज्म का
- 11:40:30कांसेप्ट ये कहता है कि जब हम लोग दोनों
- 11:40:32चीजों को आपस में जोड़ेंगे तो बीच में एंड
- 11:40:34लगना चाहिए। कंजक्शन एंड लगना चाहिए। क्या
- 11:40:37होगा? द प्लान रिकॉग्नाइजेस कंसर्न्स
- 11:40:40परटेनिंग टू। एक सेंटेंस ये है। दूसरा है
- 11:40:42द प्लान एड्रेसेस कंसर्न्स परेनिंग टू।
- 11:40:44सब्जेक्ट दोनों का प्लान है। दो वर्ब यूज़
- 11:40:46किया गया था। द प्लान को कॉमन लेके हमने
- 11:40:48दोनों को एंड से जोड़ दिया। द प्लान
- 11:40:50रिकॉग्नाइज़ेस एंड फॉर टू इन। आंसर होगा
- 11:40:53एंड एंड एड्रेसेस। सिंपल है ये वाला। आगे
- 11:40:57बढ़ेंगे। द प्लान डिटेल्स देंस ऑफ
- 11:40:59इकोसिस्टम्स फॉर फूड प्रोडक्शन हेल्थ एंड
- 11:41:02अदर एस्पेक्ट्स ऑफ डश सर्वाइवल। देखो
- 11:41:04प्लान में है ना डिटेल बताई गई है
- 11:41:06इकोसिस्टम के कितना जरूरी है उसको लेके।
- 11:41:08ठीक है? किसके लिए इकोसिस्टम जरूरी है?
- 11:41:11फूड प्रोडक्शन के लिए। भोजन कहां से
- 11:41:12करेंगे अगर हमारा इकोसिस्टम ही ना बचे तो?
- 11:41:15हेल्थ के लिए और अदर एस्पेक्ट्स ऑफ़ डैश
- 11:41:17सर्वाइवल। अच्छा, किसके फ़ूड की बात की जा
- 11:41:20रही है? किसके हेल्थ की बात की जा रही है?
- 11:41:23स्पीशीज के पूरे के पूरे प्रजाति के
- 11:41:26सर्वाइवल की बात की जा रही है। किसी
- 11:41:28पर्टिकुलर ग्रुप के सर्वाइवल की बात की जा
- 11:41:29रही है। पूरे के पूरे इंसानों के सर्वाइवल
- 11:41:32की बात की जा रही है या ब्रीड। ब्रीड का
- 11:41:34मतलब होता है प्रजनन। प्रजनन के ये तो
- 11:41:35इरिलेवेंट है बिल्कुल। तो हम बात कर रहे
- 11:41:38हैं फूड प्रोडक्शन की कि प्लान मेंेंस
- 11:41:41बताया गया है इकोसिस्टम का। किसके लिए?
- 11:41:43फूड प्रोडक्शन के लिए। हेल्थ के लिए और
- 11:41:45इंसानी सर्वाइवल के लिए। फूड प्रोडक्शन
- 11:41:48किसका? सस्टेनेबल डेवलपमेंट की बात की गई
- 11:41:50है ना? सस्टेनेबल डेवलपमेंट में हम क्या
- 11:41:52कह रहे हैं कि जितने रिसोर्सेज हैं उसको
- 11:41:54फ्यूचर जनरेशन के लिए बचा के रखना है। तो
- 11:41:56फ्यूचर में जो जनरेशन है वो इंसान ही तो
- 11:41:58होंगे। ऐसा थोड़ी है हमारे आने वाली जो
- 11:42:01तीन पुश्तियां होंगी वो भेड़िया पैदा
- 11:42:02होंगी। ऐसा नहीं है ना? इंसानों की तो बात
- 11:42:04करेंगे। इसका मतलब हम लोग किसी पर्टिकुलर
- 11:42:06प्रजाति या पर्टिकुलर ग्रुप की बात नहीं
- 11:42:08कर रहे। हम पूरे पूरे इंसान ही समाज की
- 11:42:10बात कर रहे हैं। सो यहां पे ह्यूमन
- 11:42:11सर्वाइवल की बात की जा रही है। इट आल्सो
- 11:42:14एमफसाइजेस ये एम्फसाइज करता है
- 11:42:16प्रिजर्वेशन ऑफ जेनेटिक डैश। क्या?
- 11:42:18प्रिजर्वेशन ऑफ़ जेनेटिक फोकस, जेनेटिक
- 11:42:20क्फ्लिक्ट, जेनेटिक डायवर्सिटी, जेनेटिक
- 11:42:22रिजर्व रिजेक्शन। आप अगर थोड़ा बहुत भी
- 11:42:25आपने क्लास फोर, फाइव में साइंस पढ़ा है तो
- 11:42:27आपको पता है जेनेटिक डायवर्सिटी के बारे
- 11:42:29में। क्या बताया गया था जेनेटिक
- 11:42:30डायवर्सिटी? क्या होता है जेनेटिक
- 11:42:31डायवर्सिटी? फॉर एग्जांपल हम लोग सेब खाते
- 11:42:33हैं। अब सेब जरूरी तो नहीं है। एक ही सेब
- 11:42:36होता है जो कि लाल कलर का होता है। मैं
- 11:42:38हिमाचल गया था एक बार घूमने के लिए। मैंने
- 11:42:40वहां पे हरे सेब खाए थे। मैंने वहां पे
- 11:42:42गोल्डन कलर के सेब खाए थे। ये क्या है? है
- 11:42:44ये जेनेटिक डायवर्सिटी ही तो है कि एक ही
- 11:42:46चीज के बहुत सारे तरीके हो सकते हैं। एक
- 11:42:49ही जानवर के बहुत सारे जैसे कि आप अगर
- 11:42:51किसी पहाड़ी एरिया में कुत्ते को देखोगे
- 11:42:53तो उसमें बहुत सारे फर होते हैं। बहुत
- 11:42:56रेशे होते हैं उसकी बॉडी पे ताकि उसको ठंड
- 11:42:57से बचाए और ये किसी साइंटिस्ट ने नहीं
- 11:43:00किया। यह जेनेटिक डायवर्सिटी नेचर देती
- 11:43:02है। यह बहुत जरूरी है। अगर जो जो गर्म जगह
- 11:43:06पर पाए जाने वाले कुत्ते हैं उनको अगर आप
- 11:43:08ले जा के अगर कश्मीर और हिमाचल में छोड़
- 11:43:09दोगे तो वो एक ठंड के सीजन में मर जाएगा
- 11:43:11क्योंकि उसके उसकी बॉडी अडॉप्ट ही नहीं कर
- 11:43:13पाएगी उसको। वहां जो जानवर है वो उनकी
- 11:43:15बॉडी ऑलरेडी अडॉप्ट कर चुकी है ठंड को।
- 11:43:18इसी को जेनेटिक डायवर्सिटी कहा जाता है।
- 11:43:20ठीक है? डवर्स मतलब होता है अलग-अलग तरीके
- 11:43:22की चीजें। उनको डवर्स कहा जाता है। ठीक
- 11:43:24है? आगे बढ़ेंगे।
- 11:43:27कहां थे हम लोग? हां। सस्टेनेबल
- 11:43:29यूटिलाइजेशन स्पीशीज एंड इकोसिस्टम व्हिच
- 11:43:30है डायरेक्ट बियरिंग ऑन आवर साइंटिफिक
- 11:43:33एडवांसमेंट एंड सपोर्ट टू मिलियंस ऑफ रूरल
- 11:43:35कम्युनिटीज़ द प्लान अंडरस्कोर्स
- 11:43:38रिहबिलिटेशन ऑफ थ्रेटेंड वाइल्ड लाइफफ़
- 11:43:40स्पीशीज डैश इनलैंड एक्वेटिक लिखा हुआ है
- 11:43:43कि ऐसे वाइल्ड लाइफफ़ स्पीशीज को
- 11:43:46रिहबिलिटेट करने की कोशिश करता है जिनकी
- 11:43:48जान खतरे में है जो थ्रेट थ्रेटेंड है।
- 11:43:51जैसे कि इनलैंड एक्वेटिक मतलब हम सब ने
- 11:43:54सुन रखा है ना कि ग्लोबल वार्मिंग की वजह
- 11:43:56से पानी का स्तर बढ़ रहा है या एक्स्ट्रा
- 11:43:59पोल्यूशन की वजह से पानी गंदा हो रहा है।
- 11:44:01तो जितने पानी के अंदर रहने वाले जो जीव
- 11:44:04हैं उनकी जान को बहुत खतरा है। ये तो हम
- 11:44:05लोग पढ़ते आ रहे हैं। तो यहां इनलैंड
- 11:44:07इक्वेटिक एक्वेटिक का एग्जांपल दिया गया
- 11:44:09है। कोस्टल और मरीन इकोसिस्टम की बात की
- 11:44:11गई है। तो ये सब यही वाइल्ड लाइफफ़ स्पीशीज
- 11:44:13का तो एग्जांपल है। तो क्या है? थ्रेटेंड
- 11:44:16वाइल्ड लाइफ स्पीशीज काउंटिंग इनलैंड इनको
- 11:44:19गिनते हुए इंक्लूडिंग इनलैंड ज्यादा ठीक
- 11:44:21लग रहा है। गैदरिंग मतलब होता है जमा
- 11:44:23करना। मिक्सिंग मतलब होता है मिक्स करना।
- 11:44:25यही ज्यादा सटीक है। इंक्लूडिंग इनलैंड
- 11:44:28एक्वेटिक मतलब सिर्फ ऐसे जानवरों की बात
- 11:44:30नहीं की कर की की जा रही है जो कि जमीन पे
- 11:44:32रहते हैं। साथ ही साथ में एक्वेटिक और
- 11:44:34कोस्टल जो जानवर हैं उनके लिए भी बात की
- 11:44:36जा रही है और मरीन इकोसिस्टम के जानवर की
- 11:44:38भी बात की जा रही है। उम्मीद करता हूं
- 11:44:40क्लियर है ये वाला भी। बढ़ेंगे अगले पैसेज
- 11:44:43पे। देख लो आराम से, समझ लो आराम से।
- 11:44:49उम्मीद करता हूं आपने पढ़ लिया है। मैं
- 11:44:50एक्सप्लेन कर रहा हूं। लिखा हुआ है
- 11:44:52अमेरिकनंस हैव बीन आर्गुइंग अबाउट
- 11:44:54पेंडेमिक डैश फॉर टू इयर्स। लिखा हुआ है
- 11:44:57कि अमेरिकनंस जो है ना वो जो पेंडेमिक हुआ
- 11:44:59था ना उसके डैश के बारे में पिछले दो
- 11:45:02सालों से आर्ग्यू करते आ रहे हैं। बहस
- 11:45:04करते आ रहे हैं। एंड द डिबेट इज
- 11:45:06पर्टिकुलरली फ्रॉड अमंग पेरेंट्स ऑफ़ स्मॉल
- 11:45:09चिल्ड्रन। और ये जो डिबेट है ना ये खास
- 11:45:11करके नाराज कर रहा है। फ्रॉड का मतलब होता
- 11:45:13है फिल्ड विद समथिंग अनप्लेज़ेंट। किसी
- 11:45:16नकारात्मक चीज से भरे होना। खासतौर के
- 11:45:18गुस्सा वगैरह से भरे होना। उसको फ्रॉड
- 11:45:20कहते हैं। तो लिखा हुआ है कि ये जो डिबेट
- 11:45:22है ये खास करके उन पेरेंट्स के बीच में
- 11:45:24भरा हुआ है जिनके बच्चे बहुत छोटे हैं।
- 11:45:26फॉर गुड रीज़ंस। और उनके लॉजिक बड़े
- 11:45:28स्ट्रांग है। व्हाइल डैश सच एज मास्किंग
- 11:45:30एंड आइसोलेशन मीन टेंपरेरी डिसकंफर्ट और
- 11:45:33इनकमनियंस फॉर मोस्ट पीपल। लिखा हुआ है कि
- 11:45:36जबकि डैश जैसे कि मास्क लगाना या किसी से
- 11:45:40दूर रहना याद है आइसोलेट कर करने को कहा
- 11:45:42गया था कोविड 19 के टाइम पे कि एक दूसरे
- 11:45:44से दूर रहिए। सो ये जो आइसोलेशन है ये
- 11:45:46टेंपरेरी डिसकंफर्ट दे सकता है ज्यादा
- 11:45:48करके लोगों को कि हमें भी परेशानियां हुई
- 11:45:50पर बहुत कम समय के लिए परेशानियां हुई।
- 11:45:52देयर डैश फॉर स्टिल डेवलपिंग यंग चिल्ड्रन
- 11:45:54आर मोर मिस्टीरियस एंड पॉसिबबली मोर
- 11:45:56सिग्निफिकेंट एंड लास्टिंग। लिखा हुआ है
- 11:45:58जबकि ये जो मास्क लगाना या दूरी बनाए रखना
- 11:46:01ये आमतौर पर नॉर्मल लोगों के लिए बहुत
- 11:46:05डिसकंफर्ट रहा पर टेंपरेरी था। वो बहुत
- 11:46:07समय तक ऐसा डिसकंफर्ट नहीं फील हुआ। जो
- 11:46:09छोटे बच्चे थे ना उनके लिए ये ज्यादा
- 11:46:12मिस्टीरियस रहा। उनके लिए ये ज्यादा
- 11:46:14महत्वपूर्ण रहा, सिग्निफिकेंट रहा और बहुत
- 11:46:16समय तक इसका इंपैक्ट चला। बहुत लास्टिंग
- 11:46:18रहा। चिल्ड्रन विद स्पीच और लैंग्वेज
- 11:46:21डिसऑर्डर्स ऑफर परहैप्स द डैश एग्जांपल ऑफ
- 11:46:24दीज़ मकी ट्रेड ऑफ्स। लिखा हुआ है कि ऐसे
- 11:46:27बच्चे जिनको बोलने में तकलीफ थी खास करके
- 11:46:31वो एक बहुत ही डैश एग्जांपल बने इन मकी
- 11:46:34ट्रेड ऑफ्स का। मकी का मतलब क्या होता है?
- 11:46:37अनप्लेज़ेंट। खराब। ट्रेड ऑफ्स का मतलब
- 11:46:39क्या होता है? कॉम्प्रोमाइज। ये जो हमने
- 11:46:41ये जो खराब कॉम्प्रोमाइज किया ना कि
- 11:46:42गवर्नमेंट ने कहा मास्क लगाना जरूरी है।
- 11:46:44तो सब ने मास्क लगा लिया। किसी ने सोचा
- 11:46:46नहीं कि ये साइंटिफिकली प्रूव्ड है या
- 11:46:48नहीं है। ठीक है? हो सकता है ये सही हो
- 11:46:50सकता है। गलत है तो किसी को नहीं पता
- 11:46:51चलेगा कभी भी। ठीक है? पर एज अ प्रिकॉशनरी
- 11:46:53मेजर गवर्नमेंट ने बोला हमने माना। हो
- 11:46:55सकता है इसका नेगेटिव इंपैक्ट हो। नोबडी
- 11:46:57नोस और अमेरिका में और बाकी सारे कंट्रीज
- 11:46:59में बहुत सारे ऐसे कंट्रीज जिन्होंने
- 11:47:00मास्क हटा दिया था एक टाइम पे कि हम क्यों
- 11:47:02माने ये साइंटिफिकली प्रूव नहीं है। ठीक
- 11:47:04है? तो यहां कह रहा है कि ये जो मर्की
- 11:47:07ट्रेड्स किए गए थे ट्रेड्स मतलब
- 11:47:08कॉम्प्रोमाइजिंग जो खराब कॉम्प्रोमाइज किए
- 11:47:10गए थे। बच्चों पर इसका बहुत इंपैक्ट पड़ा
- 11:47:12और खास करके ऐसे बच्चे जिनको बोलने की
- 11:47:14तकलीफ थी वो इसका बहुत डैश एग्जांपल बन
- 11:47:17सकते हैं। पेंडेमिक रेस्ट्रिकशंस वैरी बाय
- 11:47:20स्टेट कंट्री एंड स्कूल डिस्ट्रिक्ट्स बट
- 11:47:22आई स्पोक विथ पेरेंट्स इन कैलिफोर्निया,
- 11:47:24न्यूयॉर्क मेसुचित्स, वाशिंगटन, न्यू
- 11:47:27जर्सी, लोवा एंड मेरीलैंड हु सेड देयर
- 11:47:29चिल्ड्रन स्पीच थेरेपी हैज़ बीन डैश। लिखा
- 11:47:31हुआ है कि अह कहां था? कहां थे हम लोग?
- 11:47:34हां। पेंडेमिक रेस्ट्रिक्शन जो है ना वह
- 11:47:36हर स्टेट, हर कंट्री, हर स्कूल, हर
- 11:47:38डिस्ट्रिक्ट को अलग तरीके से उसने अफेक्ट
- 11:47:40किया। कहीं पे रेस्ट्रिकशंस बहुत
- 11:47:41स्ट्रिक्ट थे, कहीं पे नहीं थे। लेकिन जो
- 11:47:43स्पीकर है वो कह रहा है कि मैंने
- 11:47:44कैलिफोर्निया, न्यूयॉर्क और वहां के जो
- 11:47:47स्टेट्स हैं उनके पेरेंट्स से बात की।
- 11:47:49उन्होंने कहा कि उनकी जो चिल्ड्रन की जो
- 11:47:51स्पीच थेरेपी थी वो बहुत डैश हुई। क्या
- 11:47:53हुई पता नहीं। आगे बढ़ेंगे। फर्स्ट बाय द
- 11:47:55लॉस ऑफ इनपर्सन थेरेपी। पहले तो ये नुकसान
- 11:47:58हुआ कि वो लोग जो थेरेपिस्ट के पास जा रहे
- 11:48:00थे फिजिकली उनसे नहीं मिल पाए। एंड देन
- 11:48:02बाय मास्किंग रिक्वायरमेंट्स इन प्लेसेस
- 11:48:04दैट हैव देम। लिखा हुआ है कि और उसके बाद
- 11:48:07ये भी हुआ कि जिन चीजों की जिन जगहों की
- 11:48:09जरूरत थी वहां पे वो जा नहीं पाए। ठीक है?
- 11:48:11जो रिक्वायरमेंट्स थी मास्क की उनको भी
- 11:48:14ढकना पड़ा। ठीक है? चलो आ जाते हैं। फिल
- 11:48:19अप कर फिल करते हैं इसको। ये एक नेगेटिव
- 11:48:21टोन का फ्रेजल एक क्लोज टेस्ट है जिसमें
- 11:48:24ये बताया जा रहा है जो स्पीकर है वो नाख
- 11:48:26है। जो लॉकडाउन हुआ था उससे और उससे
- 11:48:28रिलेटेड जो प्रिकॉशनरी मेजर्स लिए गए थे
- 11:48:29उनसे। लिखा हुआ है अमेरिकनंस हैव बीन
- 11:48:32आर्गुइंग अबाउट पेंडेमिक डैश फॉर टू
- 11:48:34इयर्स। पेंडेमिक के दौरान क्या हुआ था
- 11:48:36जिसके बारे में अमेरिकन दो साल से बहस कर
- 11:48:37रहे हैं। पेंडेमिक इनटेंपरेंस इनटेंपरेंस
- 11:48:40का मतलब क्या होता है? जब आप बहुत खराब
- 11:48:43टेंपर दिखाते हैं। मतलब छोटी-छोटी चीजों
- 11:48:45पे चिड़चिड़े हो जाते हैं। छोटी-छोटी
- 11:48:47चीजों पे आप जब गुस्सा हो जाते हैं। उसको
- 11:48:48इनटेंपरेंस कहा जाता है। अगर आप याद करना
- 11:48:52चाहते हो तो इसमें टपर वर्ड का इस्तेमाल
- 11:48:53किया गया है। याद कर लो। इन नेगेटिव करता
- 11:48:56है आम तौर पर। सो इनटेंपरेंस खराब टपर
- 11:48:58दिखाना। बात तुरंत-तुरंत गुस्सा हो जाना।
- 11:49:00अब पेंडेमिक के इनटेंपरेंस से कोई क्यों
- 11:49:02नाराज होगा? सबसे पहले पेंडेमिक का
- 11:49:04इनटेंपरेंस कैसे होगा? पेंडेमिक बार-बार
- 11:49:05गुस्सा हो जा रहा है क्या? नहीं नहीं कोई
- 11:49:07सेंस नहीं है इस बात का। ये नहीं हो सकता।
- 11:49:09आगे बढ़ेंगे। अमेरिकनंस जो है वो पेंडेमिक
- 11:49:12के एडवांटेजेस के बारे में दो साल दो साल
- 11:49:14से बात कर रहे हैं। देखो जो लोग ऐसे बनाते
- 11:49:17हैं कि बिना पैसेज पढ़े पहला लाइन पढ़ा।
- 11:49:20वहां क्या फिल अप होगा? उनको एडवांटेजेस
- 11:49:22भी सही लगेगा। क्योंकि पेंडेमिक के
- 11:49:24एडवांटेज भी तो हुए थे। चीजें ऑनलाइन चली
- 11:49:25गई थी। दूर-दूर तक लोगों का एक्सेस हो गया
- 11:49:28था। ऐसी चीजों के बारे में पहले लोगों को
- 11:49:29महंगे-महंगे कॉलेजेस में जाने पड़ते थे।
- 11:49:31पेंडेमिक के बाद वो ऑनलाइन आ गई चीजें।
- 11:49:33अभी मैं ऑनलाइन पढ़ा पा रहा हूं। तो
- 11:49:35चेन्नई में बैठा एक बच्चा मुझसे पढ़ पा
- 11:49:37रहा है। ये पहले तो पॉसिबल नहीं था। तो
- 11:49:38पेंडेमिक के कुछ एडवांटेजेस भी थे। कैसे
- 11:49:40पता चलेगा आगे पैसेज में एडवांटेजेस बताए
- 11:49:42गए कि डिसएडवांटेजेस हैं। इसीलिए पूरा
- 11:49:44पैसेज पहले पढ़ना जरूरी है। समझ पा रहे
- 11:49:46हो? पूरा पैसेज क्या फायदा देता है आपको?
- 11:49:48कि ऐसे ऑप्शंस को आप तुरंत एलिमिनेट कर
- 11:49:50पाओगे। आगे पूरा का पूरा पैसेज नेगेटिव
- 11:49:53टोन का है तो एडवांटेज हम कैसे आंसर
- 11:49:54करेंगे? गलत है। अमेरिकनंस आर्ग्यू कर रहे
- 11:49:57हैं पेंडेमिक के रेस्ट्रिकशंस के बारे
- 11:49:59में। यह ठीक लग रहा है क्योंकि आगे बात की
- 11:50:01गई है मास्क की। आगे बात की गई है एक
- 11:50:03दूसरे से आइसोलेशन की तो रेस्ट्रिकशंस तो
- 11:50:05ठीक लग रहा है। पेंडेमिक के हैंडीकैप की
- 11:50:07पेंडेमिक के वजह से जो अपंगता आई थी ये तो
- 11:50:09कोई सेंस ही नहीं है। आंसर क्या होगा?
- 11:50:11रेस्ट्रिकशंस के बारे में। ठीक है? वाइल
- 11:50:15डैश सच एज मास्किंग एंड आइसोलेशन क्या
- 11:50:18बोला गया था? कि जबकि मास्किंग और
- 11:50:20आइसोलेशन जैसे डैश वो क्या थे? वो
- 11:50:22स्लगिशनेस थे। स्लविशनेस मतलब होता है
- 11:50:25सुस्त हो जाना कि लैक ऑफ एनर्जी। ठीक है?
- 11:50:27सो मास्क और आइसोलेशन जैसे जो लैक ऑफ
- 11:50:29एनर्जी थे ये लैक ऑफ एनर्जी कहां से आ
- 11:50:32गया? इरिलेवेंट वर्ड है। मास्क और
- 11:50:34आइसोलेशन जैसे जो मॉडल्स थे कोविड के
- 11:50:36मॉडल्स थे मतलब कोई गाड़ी थोड़ी इसका मॉडल
- 11:50:39होगा। इसके मास्क और जो आइसोलेशन जैसे जो
- 11:50:42ब्रांडिंग्स थे आइसोलेशन जो पेंडेमिक का
- 11:50:44प्रचार किया जा रहा था। गलत है। मास्क और
- 11:50:47आइसोलेशन जैसे जो मेजर्स थे ये ठीक है ना?
- 11:50:49कि मास्क और आइसोलेशन जैसे जो उपाय उस
- 11:50:51वक्त पे बताए गए जो मेजर्स उस वक्त पे
- 11:50:53बताए गए थे वो टेंपरेरी डिसकंफर्ट और
- 11:50:56इनक्वीनियंस देते हैं ज्यादातर लोगों को।
- 11:50:58लेकिन उनके जो डैश है वो डेवलपिंग
- 11:51:00चिल्ड्रन पे बहुत मिस्टीरियस है। उनके
- 11:51:02क्या उनके जो क्सक्वेंसेस हैं उनके जो
- 11:51:04परिणाम है किसके परिणाम? मास्किंग और
- 11:51:06आइसोलेशन के जो परिणाम है छोटे बच्चों पे।
- 11:51:08ये तो ठीक लग रहा है। क्सक्वेंससेस मतलब
- 11:51:10परिणाम होता है। उनके जो फाउंडेशंस हैं,
- 11:51:12उनके जो आधार हैं छोटे बच्चों पे कोई सेंस
- 11:51:15नहीं है। उनकी जो मार्जिनलाइजेशन है,
- 11:51:17मार्जिनलाइजेशन का मतलब क्या होता है?
- 11:51:19समझना। बहुत पॉलिटिकल टर्म है ये।
- 11:51:21मार्जिनलाइजेशन का मतलब होता है एक ऐसी
- 11:51:23हरकत जिसमें आप किसी पर्टिकुलर क्लास को,
- 11:51:26किसी पर्टिकुलर कास्ट को, किसी पर्टिकुलर
- 11:51:29रिलीजन को बाकियों से अंडर पावर ट्रीट
- 11:51:33करते हो, उसको नीचा दिखाते हो। उसके फायदे
- 11:51:36की बात नहीं करते हो। इसको मार्जिनलाइजेशन
- 11:51:38कहते हैं। जब भी आप देखोगे किसी माइनॉरिटी
- 11:51:40लीडर को वो किसी भी धर्म का, किसी भी
- 11:51:42कास्ट का, किसी भी पॉलिटिकल पार्टी का हो
- 11:51:44या किसी ऐसे स्टेट का हो जो बहुत मेजर
- 11:51:46स्टेट नहीं है। तो हमेशा वो बोलेगा कि
- 11:51:48हमारे स्टेट का मार्जिनलाइजेशन हुआ है।
- 11:51:50जैसे नॉर्थ ईस्ट के स्टेट्स अक्सर ये कहते
- 11:51:52हैं कि हमारे स्टेट का मार्जिनलाइजेशन हुआ
- 11:51:54है। ठीक है? व्हिच मींस के हमें एट पार
- 11:51:57ट्रीट नहीं किया जा रहा बाकी स्टेट्स के
- 11:51:59साथ। हमारे साथ ज्यादती की जा रही है। तो
- 11:52:01जब किसी को नीचा दिखाया जाता है, किसी को
- 11:52:04अंडर हैंड ट्रीट किया जाता है, उसको
- 11:52:06मार्जिनलाइजेशन कहते हैं। तो क्या कोविड
- 11:52:09ने मार्जिनलाइजेशन किया था? नहीं।
- 11:52:12मास्किंग और मतलब जो आइसोलेशन था उसने
- 11:52:16मार्जिनलाइजेशन किया था क्या? नहीं नहीं।
- 11:52:18ये तो इंसान कर सकता है। यहां पे तो यूज़
- 11:52:20ही नहीं होगा। मास्किंग और आइसोलेशन के जो
- 11:52:23डिसअ अप्रूवल थे, डिस अप्रूवल मतलब उसने
- 11:52:25ठुकरा दिया। गलत है ना? एक ही आंसर ठीक लग
- 11:52:28रहा है कि उसके जो क्सक्वेंसेस थे जो
- 11:52:31मास्किंग आइसोलेशन के जो क्सक्वेंसेस थे
- 11:52:32जो परिणाम थे वो छोटे बच्चों में ज्यादा
- 11:52:34दिखे थे। ठीक है? चिल्ड्रन विद स्पीच और
- 11:52:37लैंग्वेज डिसऑर्डर्स ऐसे बच्चे जिनके
- 11:52:39स्पीच और लैंग्वेज डिसऑर्डर्स हैं वो
- 11:52:41परहप्स शायद वो सबसे डैश एग्जांपल हैं इन
- 11:52:44मकी ट्रेडॉक्स के। ये जो खराब
- 11:52:46कॉम्प्रोमाइज हमने किया था कोविड के साथ
- 11:52:47इसके वो सबसे डैश एग्जांपल है। क्या
- 11:52:49एग्जांपल है? इसके सबसे नेबुलस एग्जांपल
- 11:52:52है। नेबुलस का मतलब क्या होता है?
- 11:52:53अनक्लियर। कोई ऐसी चीज जो कि क्लियर ना हो
- 11:52:56जिसको हम लोग वेग कहते हैं, इनडिस्टिंक्ट
- 11:52:59कहते हैं। ठीक है? तो ये तो आंसर नहीं हो
- 11:53:01सकता। सबसे धुंधले एग्जांपल है क्या होगा?
- 11:53:03सबसे अच्छे एग्जांपल है। सबसे परफेक्ट
- 11:53:05एग्जांपल है ये होना चाहिए। ठीक है?
- 11:53:06क्योंकि उनको बहुत तकलीफ हुई इस मास्किंग
- 11:53:09कल्चर से और इस आइसोलेशन कल्चर से। तो
- 11:53:11नेबुलस तो नहीं हो सकता। अच्छा अगर नेबुलस
- 11:53:13नहीं हो सकता तो फिर तो इनडिस्टिंक्ट भी
- 11:53:14नहीं होगा। ये तो सिनोनिम है। वेग भी नहीं
- 11:53:16होगा ये तो सिनोनिम है। ये तीनों का मतलब
- 11:53:18क्या होता है? अनक्लियर। कोई ऐसी चीज जो
- 11:53:19क्लियर ना हो उसको नेबुलस कहते हैं। उसको
- 11:53:21इंडिस्टिंक्ट कहते हैं। उसको वेग कहते
- 11:53:22हैं। तो एक ही आंसर बचता है क्लियरेस्ट।
- 11:53:25ऐसे बच्चे जिनको स्पीच डिसऑर्डर है। ऐसे
- 11:53:26बच्चे जो ठीक से बात नहीं कर सकते वो इसके
- 11:53:29क्लियरेस्ट एग्जांपल है। सबसे अच्छे
- 11:53:31एग्जांपल है। तो ये आंसर हो सकता है ऑप्शन
- 11:53:33नंबर टू। आगे बढ़ेंगे। बट आई स्पोक विद
- 11:53:35पेरेंट्स इन कैलिफोर्निया, न्यूयॉर्क अ
- 11:53:37मैसचुसेट्स वाशिंगटन। मतलब उन्होंने बहुत
- 11:53:40सारे बच्चों से बात करी, बहुत सारे
- 11:53:42पेरेंट्स से बात करी। जिन्होंने यह कहा हु
- 11:53:44सेड देयर चिल्ड्रन स्पीच थेरेपी हैज़ हैज़
- 11:53:46बीन डैश। इसके वजह से हमने पहले क्या पढ़ा
- 11:53:49कि सबसे ज्यादा सफर उन बच्चों ने किया है
- 11:53:51जिनको स्पीच डिसऑर्डर था। वो इसके सबसे
- 11:53:54अच्छे एग्जांपल है। क्यों ऐसा कहा गया?
- 11:53:57क्योंकि उनके चिल्ड्रन की स्पीच थेरेपी
- 11:53:59डैश हो गई थी। कोविड के वजह से, मास्किंग
- 11:54:01की वजह से, आइसोलेशन की वजह से। उनके
- 11:54:03बच्चों की स्पीच थेरेपी मेजर हो गई थी।
- 11:54:05मेजर मतलब नाप लिया गया था। तो ये तो
- 11:54:07अच्छी बात है ना। नाप लिया गया था। ये तो
- 11:54:08नहीं हो सकता। उनके बच्चों की स्पीच
- 11:54:10थेरेपी रेगुलेट हो गई थी। रेगुलेट मतलब
- 11:54:12होता है कि नियम कानून लगा के ऑर्गेनाइज
- 11:54:15कर दी गई थी। तो ये तो अच्छी बात है ना।
- 11:54:16फिर वो कंप्लेन क्यों कर रहे हैं? हमने तो
- 11:54:18पहले लाइन में पढ़ा कि आर्ग्यू किया जा
- 11:54:19रहा है, कंप्लेन किया जा रहा है। तो ये तो
- 11:54:21गलत हो जाएगा। उनके बच्चों की स्पीच
- 11:54:22थेरेपी डिसररप्ट हो गई थी। ये ठीक है।
- 11:54:25क्योंकि आगे एक लाइन था लास्ट में कि वो
- 11:54:27इन पर्सन थेरेपिस्ट से मिल नहीं पा रहे।
- 11:54:29इसका मतलब ये कंप्लेन कर रहे हैं कि उनके
- 11:54:31बच्चों की स्पीच थेरेपी गड़बड़ हो गई है।
- 11:54:33सो डिसररप्ट मतलब होता है किसी चीज का
- 11:54:34फ्लो टूट जाना। हो सकता है नॉर्मलाइज हो
- 11:54:37गई। ये तो अच्छी बात है। नॉर्मलाइज हो गई।
- 11:54:38फिर कंप्लेन क्यों कर रहे हैं? तो आंसर
- 11:54:40कौन सा होगा? ऑप्शन नंबर थ्री। उम्मीद
- 11:54:42करता हूं आपको समझ में आया और आपको यह भी
- 11:54:44समझ में आ रहा हो कि बहुत तगड़े पैसेज
- 11:54:45हैं। मैं पूरी कोशिश कर रहा हूं जितना
- 11:54:47आसान आपके लिए बना पाऊं। हैविंग सेड दैट
- 11:54:49जो बच्चे लगातार रीडिंग नहीं करते हैं
- 11:54:52उनको सिर्फ वीडियोस देख लेने से समझ नहीं
- 11:54:55आएगा और दुनिया का कोई टीचर आपको समझा
- 11:54:57नहीं सकता। रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन का कोई
- 11:54:59भी पोर्शन हो। वो चाहे पी क्यूआर एस हो वो
- 11:55:01चाहे क्लोज टेस्ट हो वो चाहे प्रॉपर
- 11:55:03रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन हो। ये सारी चीजें
- 11:55:06तब तक स्टूडेंट को समझ नहीं आएंगी जब तक
- 11:55:08वो इंग्लिश पढ़ के हिंदी नहीं कर पाता। ए
- 11:55:10बी टोन नहीं समझ पाता। क्या कहना चाह रहा
- 11:55:13है यह नहीं समझ पाता। आसान भाषा में एक
- 11:55:15बेसिक आईडिया इंग्लिश का नहीं है। बहुत
- 11:55:18मुश्किल है ऐसे बच्चों के लिए। अब ये एक
- 11:55:20चीज है जिसके साथ कोई पैदा नहीं होता। तो
- 11:55:22इस भ्रम में मत रहना कि अगर तुम इंग्लिश
- 11:55:24मीडियम स्कूल से नहीं पढ़कर आए तो मेरे से
- 11:55:26होगा ही नहीं। ऐसा नहीं। गवर्नमेंट
- 11:55:28ऑफिसिसेस में 90% ऐसे लोग होते हैं जो
- 11:55:30इंग्लिश मीडियम से पढ़कर नहीं आते। जो या
- 11:55:31तो किसी वर्कुलर मीडियम के होते हैं या तो
- 11:55:33फिर वो हिंदी मीडियम या कोई भी रीजनल
- 11:55:35लैंग्वेज वाले मीडियम से होते हैं। इसीलिए
- 11:55:37ये चीज ऐसी नहीं है जो इनट क्वालिटी है
- 11:55:39जिसके साथ कोई पैदा होता है। ये चीजें
- 11:55:41डेवलप की जाती है। कैसे डेवलप की जाती है?
- 11:55:43केवल और केवल एक ही उपाय है। रीडिंग के
- 11:55:45थ्रू डेवलप की जाती है। जितना ज्यादा आप
- 11:55:48रीडिंग करोगे, जितना ज्यादा आप इंग्लिश के
- 11:55:50कांटेक्ट में आओगे, उतनी जल्दी आप चीजों
- 11:55:53को सीख पाओगे। ठीक है? इसलिए ज्यादा से
- 11:55:55ज्यादा फिल्में देखो इंग्लिश में, ज्यादा
- 11:55:57से ज्यादा कमेंट्री सुनो इंग्लिश में।
- 11:55:58ज्यादा से ज्यादा किताबें पढ़ो। अगर
- 11:56:00किताबें पढ़ना बोरिंग लगता है तो नोवेल
- 11:56:02पढ़ो। सेल्फ हेल्म अच्छा लगता है तो वो
- 11:56:04पढ़ो। और लास्ट स्टेप है कि न्यूज़पेपर
- 11:56:06पढ़ो। मतलब जो चीजें आपको दिलचस्प लगती है
- 11:56:08आप उन चीजों से इंग्लिश सीख सकते हो।
- 11:56:11मुद्दा बस यह है कि इंग्लिश के ज्यादा
- 11:56:12कांटेक्ट में रहना।
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