क्या आपकी किस्मत पहले से लिखी है? | Destiny vs Free Will — Transcript
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- 0:00क्या आपका भविष्य पहले से तय है? एक पल के
- 0:02लिए सोचिए। अगर आपके जीवन में होने वाली
- 0:05हर घटना पहले से तय है। अगर आपको आज जहां
- 0:08पहुंचना है, वह वर्षों पहले ही निश्चित हो
- 0:11चुका है। अगर आपकी मुलाकात किन लोगों से
- 0:13होगी? आपको कौन से दुख मिलेंगे? आपको कौन
- 0:16सी खुशियां मिलेंगी? यहां तक कि आप इस समय
- 0:19यह वीडियो क्यों देख रहे हैं? यह भी पहले
- 0:21से लिखा हुआ है। तो फिर आप अपनी जिंदगी
- 0:24में आखिर बदल क्या सकते हैं? क्या आप
- 0:26सचमुच अपने जीवन के फैसले लेते हैं
- 0:28[गला साफ़ करने की आवाज़] या आप सिर्फ उन
- 0:30फैसलों को लेते हुए महसूस करते हैं जो
- 0:32पहले से तय किए जा चुके हैं? जरा अपने
- 0:35अतीत में लौट कर देखिए। कोई ऐसा इंसान
- 0:38जिससे मिलना आपके जीवन का सबसे बड़ा मोड़
- 0:40बन गया। कोई ऐसा मौका जो बिल्कुल आखिरी
- 0:43समय पर आपके हाथ से निकल गया। कोई ऐसा दुख
- 0:46जिसने आपको अंदर से तोड़ दिया। लेकिन कुछ
- 0:49समय बाद उसी दुख ने आपको पहले से अधिक
- 0:51मजबूत बना दिया। उस समय शायद आपको लगा
- 0:54होगा कि आपके साथ गलत हो रहा है। लेकिन
- 0:57[संगीत] आज पीछे मुड़कर देखते हैं तो क्या
- 0:59आपको कभी लगता है कि शायद उस घटना ने आपको
- 1:03किसी दूसरी दिशा में जाने के लिए मजबूर
- 1:05किया? अब सवाल यह है क्या यह सब केवल
- 1:08संयोग था या आपकी किस्मत की कहानी में
- 1:11पहले से कोई रहस्य छिपा हुआ था? भारतीय
- 1:14आध्यात्मिक परंपराओं में भाग्य, कर्म और
- 1:17मनुष्य के चुनावों को लेकर सदियों से
- 1:19विचार किया जाता रहा है। लेकिन इस विषय की
- 1:22सबसे रहस्यमई बात यह है कि इसका [संगीत]
- 1:25उत्तर केवल यह जानने में नहीं है कि आपकी
- 1:27किस्मत लिखी है या नहीं। असली सवाल यह है
- 1:31कि अगर कुछ चीजें आपके नियंत्रण में नहीं
- 1:33है, तो जिन चीजों पर आपका नियंत्रण है,
- 1:36उनका आप क्या कर रहे हैं? वीडियो को अंत
- 1:39तक जरूर सुनिए क्योंकि हो सकता है कि आज
- 1:42आप किस्मत को जिस नजर से देखते हैं वीडियो
- 1:44के अंत तक आपकी सोच बदल जाए और अगर आपको
- 1:47ऐसे ही आध्यात्मिक रहस्यों, [संगीत]
- 1:50जीवन के गहरे सवालों और अपनी सोच को बदलने
- 1:53वाली वीडियो पसंद है तो वीडियो को लाइक
- 1:55करें और चैनल को सब्सक्राइब करें। हर हर
- 1:58महादेव इंसान की एक आदत है। [संगीत] जब
- 2:01जीवन में कुछ अच्छा होता है तो वह कहता है
- 2:04मेरी मेहनत का फल मिला है। लेकिन जब चीजें
- 2:07उसके विरुद्ध होने लगती हैं तो वही इंसान
- 2:10कहता है शायद मेरी किस्मत ही खराब है। जिस
- 2:13नौकरी के लिए आपने महीनों मेहनत की वह
- 2:15आपको नहीं मिली। जिस इंसान पर आपने सबसे
- 2:18अधिक भरोसा किया, उसी ने आपका भरोसा तोड़
- 2:21दिया। जिस काम को शुरू करते समय आपको पूरा
- 2:24विश्वास था, वही काम अचानक असफल हो गया।
- 2:27ऐसे समय में मन के भीतर एक सवाल उठता है,
- 2:30मेरे साथ ही ऐसा क्यों? और धीरे-धीरे यह
- 2:33सवाल बदल जाता है। अब आप यह नहीं पूछते कि
- 2:36मैं [संगीत] अपनी स्थिति कैसे सुधार सकता
- 2:38हूं? आप पूछने लगते हैं कि क्या मेरी
- 2:40किस्मत में सुख लिखा ही नहीं है? यहीं पर
- 2:42एक खतरनाक बदलाव होता है। आप अपनी
- 2:45परिस्थितियों को अपनी पहचान बना लेते हैं।
- 2:47एक असफलता आपको यह विश्वास दिलाने लगती है
- 2:50कि आप असफल इंसान हैं। एक टूटा हुआ रिश्ता
- 2:53[संगीत] आपको लगने लगता है कि शायद आप
- 2:55प्यार के योग्य नहीं हैं। आर्थिक
- 2:57कठिनाइयां आपको विश्वास दिलाने लगती हैं
- 2:59कि पैसा आपके भाग्य में नहीं है। लेकिन
- 3:02क्या एक घटना आपके पूरे जीवन का फैसला
- 3:04[संगीत] कर सकती है? कल्पना कीजिए कि कोई
- 3:07किसान खेत में बीज बोता है। वह मिट्टी
- 3:09तैयार करता है, बीज डालता है और नियमित
- 3:12रूप से पानी देता है। लेकिन उसी साल बारिश
- 3:15[संगीत] कम हो जाती है। उसकी फसल खराब हो
- 3:17जाती है। क्या इसका अर्थ है कि वह किसान
- 3:20खेती करने [संगीत] के योग्य नहीं था?
- 3:22नहीं। कुछ परिस्थितियां उसके नियंत्रण से
- 3:25बाहर थी। लेकिन क्या इसका अर्थ यह है कि
- 3:28अगली बार उसे [संगीत] बीज बोने की कोशिश
- 3:30ही नहीं करनी चाहिए? बिल्कुल नहीं। वह
- 3:33अपने अनुभव से सीख सकता है। [संगीत] पानी
- 3:36बचाने का नया तरीका अपना सकता है। बेहतर
- 3:38बीज चुन सकता है। अपनी खेती [संगीत] में
- 3:41बदलाव कर सकता है। आपका जीवन भी कुछ ऐसा
- 3:44ही है। आप हर घटना को नियंत्रित [संगीत]
- 3:46नहीं कर सकते लेकिन हर घटना के बाद अपने
- 3:49अगले कदम को बेहतर बनाने की कोशिश कर सकते
- 3:52हैं। यही बात समझने योग्य है। हर वह चीज
- 3:56जो आपके साथ होती है आपके नियंत्रण
- 3:58[संगीत] में नहीं होती। लेकिन उसके बाद आप
- 4:00क्या करते हैं? उसमें आपकी भूमिका होती
- 4:03है। हम अक्सर भाग्य और कर्म को दो अलग-अलग
- 4:06रास्तों की तरह देखते हैं। जैसे अगर
- 4:08किस्मत लिखी है तो मेहनत करने का कोई मतलब
- 4:11नहीं। और अगर मेहनत ही सब कुछ है तो भाग्य
- 4:14जैसी किसी चीज का अस्तित्व ही नहीं। लेकिन
- 4:17क्या वास्तविक जीवन इतना सरल है? मान
- 4:19लीजिए दो लोगों का जन्म अलग-अलग
- 4:22परिस्थितियों में होता है। एक व्यक्ति को
- 4:24बचपन से ही अच्छे अवसर, शिक्षा और आर्थिक
- 4:27[संगीत] सुरक्षा मिलती है। दूसरे व्यक्ति
- 4:29को छोटी उम्र से ही संघर्ष करना पड़ता है।
- 4:32क्या दोनों की शुरुआत एक जैसी है? नहीं।
- 4:35क्या दोनों के पास अवसरों की संख्या समान
- 4:37है? शायद नहीं। क्या केवल मेहनत करने से
- 4:41दोनों के परिणाम निश्चित रूप से एक जैसे
- 4:43[संगीत] हो जाएंगे? इसकी कोई गारंटी नहीं
- 4:46है। इसका अर्थ यह है कि हमारे [संगीत]
- 4:48जीवन में कई ऐसी परिस्थितियां होती हैं
- 4:50जिन्हें हम चुनकर नहीं आते। हमारा जन्म
- 4:53कहां होगा? हमारा परिवार [संगीत] कैसा
- 4:55होगा? हमें शुरुआत में कौन से अवसर
- 4:57मिलेंगे और दुनिया की परिस्थितियां
- 4:59[संगीत] कैसी होंगी? इनमें से बहुत सी
- 5:01चीजों पर हमारा सीधा नियंत्रण नहीं होता।
- 5:05लेकिन यहां कहानी समाप्त नहीं होती।
- 5:07क्योंकि एक ही परिस्थिति में दो
- 5:09[संगीत]
- 5:09लोग अलग-अलग निर्णय ले सकते हैं।
- 5:11[गला साफ़ करने की आवाज़] एक व्यक्ति अपनी
- 5:12कठिनाई को अपनी अंतिम सीमा मान सकता है।
- 5:15जबकि दूसरा उसी कठिनाई [संगीत] से कुछ
- 5:17सीखने का प्रयास कर सकता है। दोनों की
- 5:20मंजिल समान होगी इसकी गारंटी नहीं है।
- 5:22लेकिन उनके प्रयास, अनुभव और चुनाव अलग हो
- 5:25सकते हैं। भारतीय दर्शन में कर्म का विचार
- 5:28हमें [संगीत] अपने कार्यों और उनके
- 5:30परिणामों के बारे में गंभीरता से सोचने के
- 5:32लिए प्रेरित करता है। भगवत गीता में भी
- 5:35कर्म करने और फल के प्रति आसक्ति छोड़ने
- 5:38पर विशेष जोर [संगीत] दिया गया है। इसका
- 5:40एक व्यावहारिक अर्थ यह समझा जा सकता है कि
- 5:43आपका अधिकार, अपने प्रयास, अपने दृष्टिकोण
- 5:46और अपने आचरण पर अधिक है। जबकि परिणाम
- 5:48हमेशा पूरी तरह आपके नियंत्रण में नहीं
- 5:51होते। आप परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं।
- 5:54[गला साफ़ करने की आवाज़] लेकिन प्रश्न
- 5:55पत्र कैसा होगा यह नहीं जानते। आप व्यापार
- 5:58में ईमानदारी से मेहनत कर सकते हैं। लेकिन
- 6:01बाजार की हर परिस्थिति को नियंत्रित नहीं
- 6:03कर सकते। आप किसी रिश्ते को निभाने की
- 6:06पूरी कोशिश कर सकते हैं। लेकिन दूसरे
- 6:08इंसान के मन और निर्णय पर आपका पूरा
- 6:11अधिकार नहीं है। तो क्या आपको प्रयास करना
- 6:14छोड़ देना चाहिए? नहीं। क्योंकि परिणाम
- 6:17निश्चित ना होने का अर्थ यह नहीं है कि
- 6:20प्रयास व्यर्थ है। बीज से पेड़ बनने की
- 6:22गारंटी आपके हाथ में नहीं। लेकिन बीज बोना
- 6:25या न बोना आपके हाथ में [संगीत] हो सकता
- 6:27है और कभी-कभी जीवन की दिशा किसी बड़े
- 6:30चमत्कार से नहीं बल्कि आपके एक छोटे से
- 6:33निर्णय से बदलनी शुरू होती है। अब एक
- 6:36प्रश्न अपने मन से पूछिए। आप कितनी बार
- 6:39ऐसा सोचते हैं? जब मेरा समय अच्छा आएगा तब
- 6:42मैं मेहनत करूंगा। जब परिस्थितियां सुधर
- 6:45जाएंगी तब मैं नया काम शुरू करूंगा। जब
- 6:48मुझे सही अवसर मिलेगा तब [संगीत] मैं अपनी
- 6:50जिंदगी बदल दूंगा। ध्यान से सुनिए।
- 6:53कभी-कभी हम किस्मत का इंतजार [संगीत]
- 6:55इसलिए नहीं करते कि हमें भविष्य पर बहुत
- 6:58विश्वास होता है। हम इंतजार इसलिए करते
- 7:00हैं क्योंकि वर्तमान में कदम उठाने से
- 7:02हमें डर लगता है। असफल होने का डर, लोगों
- 7:06के हंसने का डर, अपनी पुरानी पहचान
- 7:08[संगीत] खोने का डर। यह डर कि कहीं मेहनत
- 7:10करने के बाद भी परिणाम ना मिला तो क्या
- 7:13होगा? और तब हमारा मन एक सुविधाजनक
- 7:16[संगीत] उत्तर खोज लेता है। अब भी मेरी
- 7:18किस्मत अच्छी नहीं है। यह उत्तर कुछ समय
- 7:21के लिए हमें [संगीत] राहत देता है क्योंकि
- 7:23अब हमें अपने निर्णय पर सवाल नहीं उठाना
- 7:25पड़ता। हमें अपनी आदतें बदलने की जरूरत
- 7:28नहीं पड़ती। हमें कठिन शुरुआत करने की
- 7:31हिम्मत नहीं जुटानी पड़ती। हम बस इंतजार
- 7:33करते रहते [संगीत] हैं। लेकिन जरा सोचिए
- 7:36अगर आप हर दिन केवल इसलिए एक कदम आगे
- 7:38बढ़ाने से बच रहे हैं कि शायद समय सही
- 7:41नहीं है तो हो सकता है कि आप उस अवसर को
- 7:44भी खो रहे हो जिसे बेहतर बनाने में आपकी
- 7:46भूमिका हो सकती थी। इसका अर्थ यह नहीं कि
- 7:49हर असफलता आपकी गलती है। ऐसा सोचना भी गलत
- 7:53होगा। जीवन में बीमारी, आर्थिक [संगीत]
- 7:56संकट, दूसरों के गलत व्यवहार और अनगिनत
- 7:59अप्रत्याशित घटनाएं हो सकती हैं। लेकिन हर
- 8:02कठिनाई के सामने खुद को पूरी तरह असहाय
- 8:05मान लेना भी आपकी मदद नहीं करेगा। किस्मत
- 8:08पर विश्वास [संगीत] रखिए लेकिन अपने
- 8:10प्रयासों को किस्मत के हवाले मत कीजिए।
- 8:12प्रार्थना कीजिए। लेकिन अपने कर्तव्य से
- 8:15पीछे मत हटिए। सही समय का इंतजार कीजिए।
- 8:18लेकिन जब छोटा सा [संगीत] सही कदम आज
- 8:21उठाया जा सकता हो तो केवल भविष्य के किसी
- 8:24संकेत की प्रतीक्षा [संगीत] मत कीजिए
- 8:26क्योंकि हो सकता है कि जिस बदलाव को आप
- 8:29किस्मत का चमत्कार समझ रहे हैं उसकी
- 8:32शुरुआत आपके आज के निर्णय से हो। अगर आप
- 8:35यहां तक वीडियो सुन रहे हैं तो एक पल रुक
- 8:38कर अपने जीवन के बारे में सोचिए। क्या कभी
- 8:41आपने किसी [संगीत] असफलता को अपनी खराब
- 8:43किस्मत मान लिया था? जबकि आज उसी घटना से
- 8:46आपको कोई महत्वपूर्ण सीख मिली है। अपने
- 8:49अनुभव को याद कीजिए और नीचे कमेंट में
- 8:51लिखिए। मैं अपनी कोशिश जारी [संगीत]
- 8:53रखूंगा। वीडियो को लाइक करें और चैनल को
- 8:56सब्सक्राइब करें क्योंकि आगे हम उस सवाल
- 8:59पर बात करने वाले हैं जो भाग्य और
- 9:01स्वतंत्र इच्छा [संगीत] के बीच का सबसे
- 9:03गहरा रहस्य है। अब आते हैं सबसे कठिन
- 9:06प्रश्न पर। अगर किसी इंसान का [संगीत]
- 9:08भविष्य पहले से निश्चित है तो क्या उसके
- 9:10फैसले भी पहले से निश्चित होंगे? और अगर
- 9:13उसके फैसले भी पहले से निश्चित हैं तो फिर
- 9:16उसे जिम्मेदार क्यों माना जाए? मान लीजिए
- 9:18आपके सामने [संगीत] दो रास्ते हैं। पहला
- 9:20रास्ता आसान है लेकिन आपको आपकी मंजिल से
- 9:23दूर ले जा सकता है। दूसरा रास्ता कठिन है
- 9:27लेकिन वह आपके लक्ष्य के करीब [संगीत]
- 9:28पहुंचा सकता है। आप रुकते हैं सोचते हैं।
- 9:32दोनों रास्तों के [संगीत] परिणामों की
- 9:33कल्पना करते हैं और फिर निर्णय लेते हैं।
- 9:36उस क्षण आपको महसूस होता है कि आप चुनाव
- 9:39कर रहे हैं। लेकिन दार्शनिक प्रश्न यह है
- 9:42कि आपका चुनाव किन चीजों से प्रभावित हुआ।
- 9:45आपकी परवरिश से, पुराने अनुभवों से, आपकी
- 9:49इच्छाओं से, आपके डर से या उन
- 9:51परिस्थितियों से जिनमें आप बड़े हुए।
- 9:54हमारे फैसले अक्सर अनेक कारणों से
- 9:56प्रभावित होते हैं। इसलिए यह कहना आसान
- 9:58नहीं कि इंसान पूरी तरह स्वतंत्र है या
- 10:01उसका हर निर्णय पहले से निर्धारित है। इस
- 10:04प्रश्न पर दर्शन और विज्ञान में अलग-अलग
- 10:06विचार मिलते हैं। अभी तक ऐसा कोई निर्णायक
- 10:09प्रमाण नहीं है जिसके आधार पर कहा जा सके
- 10:12कि हर इंसान की पूरी जीवन कथा किसी अदृश्य
- 10:15पुस्तक में पहले से लिखी हुई है। इसलिए
- 10:18भाग्य को [संगीत] एक निश्चित तथ्य की तरह
- 10:20स्वीकार करने के बजाय हम इससे एक और गहरा
- 10:23[संगीत] प्रश्न पूछ सकते हैं। अगर आपके
- 10:25अतीत ने आपके विचारों को प्रभावित किया है
- 10:28तो क्या आप अपने विचारों को समझकर अपने
- 10:31भविष्य के व्यवहार में बदलाव ला सकते हैं?
- 10:34मान लीजिए आप हर असफलता के बाद [संगीत]
- 10:36खुद से कहते हैं। मैं कुछ नहीं कर सकता।
- 10:39बार-बार यही विचार आपके भीतर बैठता जाता
- 10:42है। अगली बार जब कोई नया अवसर आता है तो
- 10:44आप कोशिश करने से पहले ही [संगीत] पीछे हट
- 10:47जाते हैं। अब सोचिए अगर आप अपने इस विचार
- 10:50को पहचान लें और उसकी जगह यह कहें मुझे
- 10:54अभी यह काम नहीं आता। लेकिन मैं सीखने की
- 10:57कोशिश कर सकता हूं तो क्या आपके अगले
- 10:59निर्णय में बदलाव आने की संभावना है?
- 11:02बिल्कुल। हो सकता है कि इससे आपकी हर
- 11:04समस्या हल ना हो। लेकिन यह आपके [संगीत]
- 11:07व्यवहार, आपके प्रयास और आपके सामने आने
- 11:10वाले अवसरों के प्रति आपके दृष्टिकोण को
- 11:13बदल सकता है। यही वह जगह है जहां आत्म
- 11:16जागरूकता [संगीत] महत्वपूर्ण बन जाती है।
- 11:19आप अपने हर विचार को चुनते नहीं हैं।
- 11:21कभी-कभी विचार बिना बुलाए मन में आ जाते
- 11:24हैं।
- 11:24[गला साफ़ करने की आवाज़]
- 11:24लेकिन आप उन्हें सच मानने से पहले जांच
- 11:26सकते हैं। आप अपने व्यवहार पर ध्यान दे
- 11:29सकते हैं। [संगीत] आप सहायता ले सकते हैं।
- 11:31आप नई आदतें बना सकते हैं। और यही आपके
- 11:34जीवन में वास्तविक बदलाव की शुरुआत हो
- 11:36सकती है। जब जीवन में कोई ऐसी घटना होती
- 11:39है जिसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते थे तब
- 11:42हम अक्सर कहते हैं शायद भगवान की यही
- 11:44इच्छा थी और कभी-कभी यह विश्वास मन को
- 11:47कठिन समय में सहारा देता है। जब किसी का
- 11:49अपना व्यक्ति दुनिया से चला जाता है जब
- 11:52लंबे प्रयासों के बाद भी सफलता नहीं मिलती
- 11:55या जब जीवन अचानक ऐसी दिशा में मुड़ जाता
- 11:57है जिसकी हमने उम्मीद नहीं की थी तब हर
- 12:00प्रश्न का उत्तर मिलना संभव नहीं होता।
- 12:03ऐसे समय में आध्यात्मिक विश्वास इंसान को
- 12:05धैर्य रखने, दुख स्वीकार करने और आगे जीने
- 12:09की शक्ति दे सकता है। लेकिन यहां एक अंतर
- 12:12समझना जरूरी है। किसी घटना में अर्थ खोजने
- 12:15से हमें शक्ति मिल सकती है। इसका यह अर्थ
- 12:17नहीं कि हम निश्चित रूप से जानते हैं कि
- 12:20वह घटना क्यों हुई या उसे किसी अदृश्य
- 12:23शक्ति ने उसी उद्देश्य से घटित किया था।
- 12:26आपके साथ कुछ बुरा हुआ तो इसका अर्थ यह
- 12:28नहीं कि आप बुरे इंसान हैं। आपको आर्थिक
- 12:32कठिनाई का सामना करना पड़ा तो [संगीत]
- 12:34इसका यह प्रमाण नहीं कि भगवान ने आपको धन
- 12:36से वंचित रखने का फैसला किया है। कोई
- 12:38रिश्ता टूट गया तो इसका [संगीत] अर्थ यह
- 12:41नहीं कि आपका जीवन प्रेम से खाली रहने के
- 12:43लिए लिखा गया है। अपने दुख को अपनी नियति
- 12:46[संगीत] का अंतिम फैसला मत बना दीजिए। आप
- 12:48यह स्वीकार कर सकते हैं कि कुछ घटनाएं
- 12:51आपके हाथ में नहीं थी। साथ ही आप यह भी तय
- 12:54कर सकते हैं कि उन [संगीत] घटनाओं के बाद
- 12:57अपने जीवन की देखभाल कैसे करनी है।
- 13:00आध्यात्मिकता का एक महत्वपूर्ण [संगीत]
- 13:02पहलू यह भी है कि मनुष्य अपने अहंकार को
- 13:05थोड़ा शांत करें और यह स्वीकार [संगीत]
- 13:07करें कि दुनिया उसकी इच्छा के अनुसार चलने
- 13:10के लिए बाध्य नहीं है। हर परिणाम आपके
- 13:13नियंत्रण [संगीत] में नहीं है। हर इंसान
- 13:15आपकी उम्मीद के अनुसार व्यवहार नहीं
- 13:17करेगा। हर प्रार्थना का उत्तर उसी रूप में
- 13:21नहीं मिलेगा जिसकी आप कल्पना करते हैं।
- 13:24लेकिन इसके [संगीत] बावजूद करुणा, सत्य,
- 13:26साहस और अच्छे कर्मों का महत्व समाप्त
- 13:29नहीं हो जाता। आप दूसरों के साथ कैसा
- 13:31व्यवहार करते हैं, यह महत्वपूर्ण है। आप
- 13:35कठिन परिस्थिति में कौन सा रास्ता चुनते
- 13:37हैं, यह महत्वपूर्ण है। और जब आपको अपनी
- 13:40गलती का एहसास होता है, तब आप उसे सुधारने
- 13:43का प्रयास करते हैं या नहीं, यह भी
- 13:46महत्वपूर्ण है। इसलिए सवाल केवल यह नहीं
- 13:48होना चाहिए कि भगवान ने मेरी किस्मत
- 13:51[संगीत] में क्या लिखा है। एक और सवाल
- 13:53पूछिए। मुझे जो जीवन मिला है, उसमें मैं
- 13:56अपने हिस्से का कर्तव्य किस तरह निभा रहा
- 13:59हूं। अब मैं आपको एक आसान अभ्यास बताता
- 14:01हूं। इसे आप आज से ही अपना सकते हैं। जब
- 14:04भी जीवन में कोई ऐसी परिस्थिति आए [संगीत]
- 14:07जो आपके मन के अनुसार ना हो तो तुरंत यह
- 14:10मत कहिए कि मेरी किस्मत खराब है? केवल तीन
- 14:13प्रश्न पूछिए। पहला प्रश्न इस परिस्थिति
- 14:16में ऐसा क्या है जिसे मैं बदल नहीं सकता।
- 14:19हो सकता है कि कोई घटना पहले ही घट चुकी
- 14:21हो। किसी दूसरे व्यक्ति ने अपना निर्णय
- 14:23[संगीत] ले लिया हो। कोई मौका बीत चुका
- 14:26हो। सबसे पहले वास्तविकता को स्वीकार करने
- 14:28की कोशिश कीजिए। दूसरा प्रश्न ऐसा क्या है
- 14:32जिसमें [संगीत] मेरी भूमिका अभी भी संभव
- 14:34है? क्या आप नई जानकारी प्राप्त कर सकते
- 14:36हैं? क्या आप अपनी गलती सुधार सकते हैं?
- 14:39क्या आप किसी समझदार [संगीत] व्यक्ति से
- 14:41सलाह ले सकते हैं? क्या आपको अपनी योजना
- 14:44बदलने की जरूरत है? क्या आपको कुछ समय
- 14:46रुककर अपनी मानसिक और शारीरिक सेहत पर
- 14:49ध्यान देना चाहिए? तीसरा प्रश्न मैं आज
- 14:52कौन सा छोटा कदम उठा सकता हूं? पूरी
- 14:54जिंदगी बदलने का दबाव मत लीजिए। केवल अगला
- 14:57सही कदम पहचानिए। अगर आप आर्थिक रूप
- 15:00[संगीत] से मजबूत बनना चाहते हैं तो आज
- 15:02अपने खर्चों का हिसाब लिखना शुरू कर सकते
- 15:04हैं। अगर आप पढ़ाई में पीछे हैं तो आज एक
- 15:07[संगीत] विषय पर ध्यान दे सकते हैं। अगर
- 15:10कोई रिश्ता आपको लगातार दुख पहुंचा रहा है
- 15:12तो अपनी सीमाओं को समझने और जरूरी बातचीत
- 15:16करने की शुरुआत कर सकते हैं। अगर आप
- 15:18मानसिक रूप से परेशान हैं तो किसी
- 15:20भरोसेमंद व्यक्ति से बात कर सकते हैं और
- 15:23जरूरत पड़ने पर विशेष यज्ञ की मदद ले सकते
- 15:26हैं। याद रखिए छोटे प्रयास हर बार बड़ी
- 15:29सफलता की गारंटी नहीं होते। लेकिन वे आपको
- 15:32अपनी परिस्थिति को समझने और संभावनाओं की
- 15:35दिशा में आगे बढ़ने का अवसर देते हैं। और
- 15:38यही वह जगह है जहां उम्मीद केवल एक भावना
- 15:41नहीं रहती। वह आपके व्यवहार का हिस्सा
- 15:43बनने लगती है। अब शुरुआत वाले प्रश्न पर
- 15:46वापस लौटते हैं। क्या आपकी किस्मत पहले से
- 15:49लिखी है? सच यह है कि हम निश्चित रूप से
- 15:52यह नहीं कह सकते कि आपके जीवन की हर घटना
- 15:55पहले से तय है। अलग-अलग आध्यात्मिक
- 15:58परंपराएं और दार्शनिक विचार इस प्रश्न के
- 16:01अलग-अलग उत्तर देते हैं। लेकिन एक बात पर
- 16:04आप अभी ध्यान दे सकते हैं। आप अपने जीवन
- 16:07को किस दृष्टि से देख रहे हैं? क्या आप हर
- 16:10असफलता को अपनी कमजोरी का प्रमाण मान रहे
- 16:12हैं? क्या आप हर मुश्किल को इस बात का
- 16:15संकेत समझ रहे हैं कि अब कुछ नहीं बदल
- 16:18सकता? क्या आप अपने पुराने अनुभवों को
- 16:20भविष्य का अंतिम फैसला बना चुके हैं? या
- 16:23आप अपने अनुभवों को समझने, अपनी गलतियों
- 16:26से सीखने और उपलब्ध विकल्पों [संगीत] के
- 16:28अनुसार आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं? एक
- 16:31नदी को देखिए। उसके रास्ते में पत्थर आते
- 16:33हैं। कहीं उसका प्रवाह तेज होता है, कहीं
- 16:36धीमा, कहीं वह संकरी जगह से गुजरती है।
- 16:39कहीं उसे फैलने के [संगीत] लिए अधिक जगह
- 16:41मिलती है। नदी हर पत्थर को अपनी इच्छा से
- 16:44नहीं हटाती। लेकिन पानी का प्रवाह
- 16:46परिस्थितियों के [संगीत] साथ रास्ता बनाता
- 16:49हुआ आगे बढ़ सकता है। यह उदाहरण आपको एक
- 16:52बात समझाने के लिए है। लचीला होना हमेशा
- 16:54हार मानना नहीं होता। कभी-कभी आगे बढ़ने
- 16:57के लिए [संगीत] रास्ता बदलना पड़ता है।
- 16:59आपको हर लड़ाई जीतनी नहीं है। आपको हर
- 17:02घटना का अर्थ तुरंत समझना भी जरूरी नहीं
- 17:05है। आपको बस इतना सीखना है कि जहां आपके
- 17:08[संगीत] हाथ में कदम उठाने की गुंजाइश है,
- 17:10वहां डर और निराशा को अपना अंतिम निर्णय
- 17:13ना बनने दें। हो सकता है कि आपके जीवन में
- 17:16कुछ ऐसे अवसर आए जिनकी आपने कभी कल्पना
- 17:18नहीं की थी। हो सकता है कि कुछ सपने पूरे
- 17:21[संगीत] ना हो और यह भी संभव है कि समय के
- 17:24साथ आपके सपने बदल जाएं। जीवन हमेशा हमारी
- 17:27बनाई हुई कहानी की तरह आगे नहीं बढ़ता।
- 17:30लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि हमारी कहानी
- 17:32में हमारी [संगीत] कोई भूमिका ही नहीं है।
- 17:34आप आज जो सीखते हैं, जिस आदत को बदलते
- 17:37हैं, जिस व्यक्ति की सहायता करते हैं और
- 17:40जिस कठिनाई का सामना करने का साहस जुटाते
- 17:42हैं, यह सभी चीजें आपके जीवन के आगे के
- 17:46अनुभवों को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए
- 17:48अपने भविष्य को लेकर आशा रखिए। लेकिन उसे
- 17:51लेकर झूठी ही निश्चितता मत पालिए। अपने
- 17:54अतीत को स्वीकार कीजिए। लेकिन उसे अपनी
- 17:57कैद मत बनाइए और अपने वर्तमान को केवल उस
- 18:00भविष्य की प्रतीक्षा में मत खो दीजिए
- 18:02जिसके बारे में आप अभी निश्चित रूप
- 18:04[संगीत] से कुछ नहीं जानते। अब अंत में एक
- 18:07बात अपने मन में उतार लीजिए। मान लीजिए कि
- 18:09आपको यह पता ही नहीं चल सकता कि आपकी
- 18:12किस्मत में क्या लिखा है। आप अपने भविष्य
- 18:14का पूरा नक्शा नहीं देख सकते। आप यह नहीं
- 18:17जान सकते कि 5 साल बाद आपकी जिंदगी कहां
- 18:20होगी। कौन आपके साथ होगा और कौन से अवसर
- 18:23आपके [संगीत] सामने आएंगे। तो क्या आपको
- 18:25जीवन जीना छोड़ देना चाहिए? नहीं। क्योंकि
- 18:29आपके पास एक ऐसा वर्तमान है जिसमें आप सोच
- 18:31सकते हैं, सीख सकते हैं, अपने व्यवहार को
- 18:34समझ सकते हैं और अपने हिस्से का प्रयास कर
- 18:37सकते हैं। हो सकता है कि कोई दिन आपकी
- 18:40योजना के अनुसार ना गुजरे। हो सकता है कि
- 18:42महीनों की मेहनत के बाद भी आपको अपेक्षित
- 18:44[संगीत] परिणाम ना मिले। लेकिन किसी एक
- 18:46दिन का परिणाम आपके पूरे जीवन का अंतिम
- 18:49निष्कर्ष नहीं होता। अपने जीवन [संगीत] को
- 18:51केवल इस सवाल में मत उलझाइए कि मेरे भाग्य
- 18:54में क्या लिखा है। कभी-कभी यह भी पूछिए
- 18:57मैं आज क्या [संगीत] लिख रहा हूं अपने
- 18:59कर्मों से, अपने निर्णयों से, अपनी आदतों
- 19:02से और दूसरों के प्रति अपने व्यवहार से।
- 19:05शायद आपको अपनी पूरी किस्मत का रहस्य कभी
- 19:07ना मिले। शायद जीवन के कुछ प्रश्न हमेशा
- 19:10अनुत्तरित रहे। लेकिन हर प्रश्न का उत्तर
- 19:13मिलना ही जीवन की शर्त नहीं है। कभी-कभी
- 19:16समझदारी यह है कि आप अनिश्चितता को
- 19:18स्वीकार करें और फिर भी आगे बढ़ने का साहस
- 19:21रखें। तो आज से जब भी आपके मन में यह
- 19:23विचार आए कि मेरी किस्मत खराब है तो एक पल
- 19:26रुकिए और खुद से पूछिए [संगीत] क्या सचमुच
- 19:29मेरे सारे रास्ते बंद हो गए हैं या मैं
- 19:32निराशा के कारण केवल बंद दरवाजे को देख
- 19:34रहा हूं। हो सकता है कि आपको कोई नया
- 19:36रास्ता दिखाई दे और अगर अभी कोई रास्ता
- 19:39दिखाई नहीं दे रहा तो सहायता मांगने, आराम
- 19:42करने, सीखने और फिर प्रयास करने का समय हो
- 19:45सकता है। किस्मत का रहस्य जानने की यात्रा
- 19:48में अपने वर्तमान को मत भूलिए क्योंकि
- 19:50भविष्य चाहे जितना भी रहस्यमय हो, आज का
- 19:54आपका व्यवहार वास्तविक है। आपकी करुणा
- 19:56वास्तविक है। आपकी कोशिश वास्तविक है और
- 20:00अपने भीतर बेहतर इंसान बनने की जो संभावना
- 20:02है, वह भी वास्तविक है। अगर इस वीडियो ने
- 20:05आपको सोचने पर मजबूर किया है तो कमेंट में
- 20:08लिखिए किस्मत जो भी हो मैं अपना कर्म नहीं
- 20:11छोडूंगा। वीडियो पसंद आई हो तो इसे लाइक
- 20:14करें। चैनल को सब्सक्राइब करें और इस
- 20:17वीडियो को अपने उन दोस्तों या परिवार के
- 20:19[संगीत] लोगों के साथ शेयर करें जो इस समय
- 20:21अपनी किस्मत और जीवन की परिस्थितियों को
- 20:24लेकर परेशान हैं। हो सकता है आपकी शेयर की
- 20:27हुई यह बात किसी को फिर से [संगीत] कोशिश
- 20:29करने की हिम्मत दे दे। अपना ध्यान रखिए।
- 20:33अपने कर्मों के प्रति [संगीत] ईमानदार
- 20:34रहिए और जीवन के हर मोड़ पर सीखते रहिए।
- 20:37हर हर महादेव।
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This page contains the full transcript of क्या आपकी किस्मत पहले से लिखी है? | Destiny vs Free Will by Mystery manthan , generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 3,715 words across 468 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.
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