Dekho Hamla Biwi Par Jhoota Ilzam | Shohar Ne Ghar Se Bahar Kar Diya | Motivational Story — Transcript
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- 0:00फातिमा। यह जो तुम्हारे पेट में है,
- 0:05यह मेरा बच्चा नहीं है। यह नाजायज है।
- 0:09बिलाल, खुदा के वास्ते ऐसी बात ना करो। यह
- 0:12बच्चा तुम्हारा ही है। मैंने जिंदगी में
- 0:15कभी तुम्हारा एतबार नहीं तोड़ा। बिलाल,
- 0:19मैंने फातिमा को हमेशा अपनी बेटी जाना है।
- 0:21यह ऐसा नहीं कर सकती, यह बच्चा तुम्हारा
- 0:23ही है।
- 0:24अम्मा, चुप हो जाओ। तुम्हें कुछ नहीं पता।
- 0:26मुझे सब कुछ पता चल चुका है। तुम्हें यकीन
- 0:29नहीं आ रहा ना? ये देखो ये वीडियो है।
- 0:34बताओ इसमें कौन है?
- 0:37बिलाल ये मैं ही हूं। लेकिन ऐसा कुछ नहीं
- 0:41है जो तुम समझ रहे हो।
- 0:44बस करो फातिमा। मुझे कोई सफाई नहीं सुननी।
- 0:48अभी इसी वक्त इस घर से निकल जाओ।
- 0:53बेटा।
- 0:55फातिमा बेगुनाह है। उसने ऐसा कुछ नहीं
- 0:58किया। खुदा के लिए उसके साथ ऐसा मत करो।
- 1:04बस बहुत हो गया। निकल जाओ इस घर से और
- 1:08आइंदा अपनी शक्ल लेकर यहां मत आना।
- 1:13या अल्लाह मैंने तो कभी कोई गुनाह नहीं
- 1:16किया। फिर मुझे यह सजा क्यों मिल रही है?
- 1:20दोस्तों, यह कहानी है एक ऐसी बीवी की जिसे
- 1:24अपने ही शौहर ने हामला होने के बावजूद घर
- 1:26से निकाल दिया। आखिर क्यों? जानने के लिए
- 1:29वीडियो आखिर तक देखें।
- 1:31माशा्लाह क्या जोड़ी बनी है। नजर ना लगे।
- 1:35आमीन। बस अल्लाह से यही दुआ है कि इन्हें
- 1:38नजरे बद से बचाए।
- 1:43मुबारक हो बिलाल।
- 1:45मुबारक हो फातिमा।
- 1:48अल्लाह ने तुम दोनों को एक दूसरे के लिए
- 1:50चुना है। बस एक बात याद रखना चाहे हालात
- 1:54कैसे भी हो
- 1:55एक दूसरे का साथ ना छोड़ना।
- 1:57जी अम्मा सच कहूं फातिमा आज तुम्हें देखकर
- 2:00यकीन नहीं आ रहा कि तुम मेरी बीवी हो।
- 2:03अल्लाह कैसी बातें करते हैं आप? बिलाल
- 2:08बस एक दुआ है मेरी। यह खुशियां हमेशा ऐसे
- 2:10ही रहें।
- 2:12इंशाल्लाह मैं पूरी कोशिश करूंगा कि
- 2:14तुम्हें कभी कोई तकलीफ ना हो।
- 2:26अम्मा नाश्ता कर लें आप लोग जीती रहो बेटी
- 2:34अल्लाह का शुक्र है घर में इतनी रौनक पहले
- 2:36कभी नहीं थी।
- 2:37हां बेटा फातिमा के आने से घर की रौनक ही
- 2:40बदल गई है।
- 2:43हम हम
- 2:46अच्छा अम्मा अब मैं चलता हूं काम पे।
- 2:49अच्छा बेटा ख्याल से जाना।
- 2:56ओ बिलाल तुम आ गए हो? हां यार उस्मान आ
- 2:59गया। बिलाल शादी बहुत मुबारक हो। आपको भी
- 3:03मुबारक हो।
- 3:15यार बिलाल आज तो बहुत थका देने वाला दिन
- 3:18था। हां यार लेकिन घर जाकर सुकून मिल
- 3:20जाएगा।
- 3:22आ गए आप बहुत थक गए होंगे।
- 3:25हां फातिमा आज कुछ ज्यादा ही काम था।
- 3:27बैठे मैं पानी लेकर आती हूं।
- 3:34अम्मी कहां है? वो यहीं हैं। पड़ोस में गई
- 3:38हैं। थोड़ी देर में आ जाएंगी।
- 3:40फातिमा एक बात हमेशा याद रखना। अम्मी का
- 3:43ख्याल रखना। वो अब सिर्फ मेरी नहीं
- 3:45तुम्हारी भी जिम्मेदारी है।
- 3:46बिलाल तुम फिक्र मत करो। उनका ख्याल रखना
- 3:48मेरा फर्ज है। एहसान नहीं।
- 3:50बिलाल पड़ोस में रशीदा की बेटी की मंगनी
- 3:53तय हो गई है। बड़ी खुशी की बात है।
- 3:55अच्छा अम्मा ये तो वाकई अच्छी खबर है।
- 3:57अम्मा बैठे। मैं चाय बनाकर लाती हूं। बेटा
- 4:00फातिमा का बहुत ख्याल रखना। ऐसी बीवियां
- 4:03कम ही मिलती हैं।
- 4:05अम्मा आप फिक्र ना करें। मैं हमेशा उसका
- 4:07साथ दूंगा।
- 4:10टू
- 4:12मंथ्स
- 4:15लेटर
- 4:17बिलाल। यहां तो कुछ नहीं बचता। दुबई का
- 4:20वीजा हाथ में है। अगर तैयार हो तो बात आगे
- 4:22बढ़ाऊं। ठीक है उस्मान बात आगे बढ़ाओ।
- 4:25बाकी मैं अम्मी से बात करके बताता हूं।
- 4:27ठीक है बिलाल। मैं बात करता हूं। तुम अपनी
- 4:30मां से पूछ के मुझे कल बताना। ठीक है।
- 4:34बेटा तुम आ गए?
- 4:35जी अम्मा आ गया।
- 4:38अम्मा मुझे आपसे कुछ बात करनी है।
- 4:41क्या हुआ बेटा? बोलो।
- 4:42अम्मा उस्मान कह रहा था दुबई में अच्छी
- 4:46तनख्वाह मिलती है। अगर आप इजाजत दें तो
- 4:48कुछ अरसा बाहर गुजार लूं। फिर वापस आकर
- 4:50अपना कारोबार जमा लूंगा।
- 4:52बेटा दिल तो नहीं मानता तुम्हें दूर भेजने
- 4:55को। लेकिन अगर इसमें तुम्हारी और फातिमा
- 4:58की बेहतरी है तो मैं तुम्हें नहीं
- 5:00रोकूंगी। बस अपना ख्याल रखना।
- 5:03फातिमा अम्मी ने तो इजाजत दे दी है लेकिन
- 5:06मुझे तुम्हारी राय भी जाननी है। तुम क्या
- 5:09सोचती हो इस बारे में?
- 5:12अगर यह फैसला हमारे मुस्तकबिल के लिए
- 5:14अच्छा है, तो मुझे कोई ऐतराज नहीं।
- 5:17बस अपना ख्याल रखना वहां। तुम फिक्र ना
- 5:19करना।
- 5:28अपना ख्याल रखना और जल्द वापस आना।
- 5:31अम्मा आप लोग फिक्र बिल्कुल ना करें। मैं
- 5:33अपना पूरा ख्याल रखूंगा।
- 5:36अपना ख्याल रखिएगा और फोन करते रहिएगा।
- 5:39ठीक है। अब मैं चलता हूं।
- 5:59फातिमा बेटी घर कितना सोना लगता है बिलाल
- 6:03के बगैर।
- 6:05जी अम्मा आदत हो जाएगी आहिस्ता-आहिस्ता।
- 6:08अम्मी मैं पानी भर कर लाती हूं।
- 6:12ठीक है बेटा ख्याल से जाना।
- 6:23वाह क्या माल है। थोड़ा पानी मिल जाएगा।
- 6:27जी हां।
- 6:40शौहर तो बाहर गए हैं ना। अकेले वक्त कैसे
- 6:42गुजरता है?
- 6:43अपनी हद में रहें। ऐसी बातें मत करें
- 6:46मुझसे।
- 6:50इतना गुस्सा ठीक नहीं मैडम जी। मैं तो बस
- 6:52हमदर्दी जता रहा था। मुझे आपकी हमदर्दी की
- 6:56जरूरत नहीं।
- 7:02ठीक है। देखता हूं यह गुरूर कब तक रहता
- 7:05है।
- 7:12बेटा बिलाल का फोन है। ये लो बेटा आप बात
- 7:16करो। हेलो कैसे हैं आप?
- 7:19मैं ठीक हूं। तुम कैसी हो?
- 7:20मैं भी ठीक हूं। काम सही चल रहा है वहां।
- 7:22हां अल्हम्दुलिल्लाह सब ठीक है। फिक्र ना
- 7:24करो। पता नहीं क्यों आजकल तुम्हारी याद
- 7:27बहुत सताती है।
- 7:28बस थोड़ा सा वक्त और फातिमा मैं जल्द लौट
- 7:31आऊंगा।
- 7:32ठीक है। अल्लाह हाफिज।
- 7:43बेटा फातिमा क्या हुआ? अम्मी कुछ तबीयत
- 7:47ठीक नहीं लग रही। अच्छा उठो मैं तुम्हें
- 7:50डॉक्टर के पास ले जाती हूं।
- 8:01डॉक्टर साहिबा मेरी बहू की कुछ तबीयत ठीक
- 8:04नहीं है। आप चेकअप कर लें। ठीक है। आप
- 8:07फिक्र ना करें।
- 8:14मुबारक हो। आपकी बहू हामला है। अल्लाह ने
- 8:17आपको खुशखबरी दी है।
- 8:20अब आप लोग जा सकते हैं। कोई बड़ा मसला
- 8:23नहीं है। बस ख्याल रखें।
- 8:24जी ठीक है।
- 8:27बेटा तुम दोनों को मुबारक हो। सुनो यह खबर
- 8:31अभी राज रखेंगे। बिलाल की वापसी पर उसे यह
- 8:34खुशी सरप्राइज़ के तौर पर देंगे।
- 8:36जी अम्मी जी।
- 8:39बस थोड़ी मेहनत और फिर वापस गांव जाकर
- 8:42अपना कारोबार शुरू करूंगा। फातिमा और
- 8:45अम्मा को हमेशा खुश रखूंगा।
- 8:48ओ मैडम जी आपका ही इंतजार था। आपके बगैर
- 8:51तो यह कुआं भी सोना-सोना लगता था।
- 8:53शर्म नहीं आती आपको। हर बार यहीं आकर बैठ
- 8:56जाते हैं।
- 8:56शर्म तो उस दिन की बात है मैडम जी जब से
- 8:59तुम्हें देखा है।
- 9:00शर्म नाम की चीज ही भूल गया।
- 9:04बेशर्म कहीं के।
- 9:12मुझे छूने की जुर्रत कैसे हुई तुम्हारी?
- 9:15आज के बाद अगर तुम्हारा साया भी मेरे करीब
- 9:18आया तुम्हारा जीना मुश्किल कर दूंगी।
- 9:21तुमने मुझे चमाट मारा?
- 9:24याद रखना फातिमा यह थप्पड़ तुम्हें बहुत
- 9:27महंगा पड़ेगा। तुम बिलाल के साथ रहने के
- 9:29काबिल भी नहीं रहोगी। जो मर्जी कर लो।
- 9:31सच्चाई कभी नहीं छुपती।
- 9:38थप्पड़ मारा है मुझे। अब इस घर की खुशियां
- 9:40भी मिट्टी में मिलाऊंगा।
- 9:43बेटा आराम करो। मैं संभाल लूंगी सब कुछ।
- 9:47कुछ नहीं होता अम्मा। मैं कर लेती हूं।
- 9:58बस थोड़ा वक्त और फिर मैं वापस आ रहा हूं।
- 10:12अस्सलाम वालेकुम भाभी कैसी हैं आप?
- 10:14वालेकुम अस्सलाम। ठीक हूं भाई।
- 10:16और भाभी बिलाल भाई नजर नहीं आ रहे। कहां
- 10:19है आजकल?
- 10:20भाई वो तो 3 महीने हो गए। दुबई गए हुए
- 10:22हैं।
- 10:23यही मौका है। अभी वीडियो बना लेता हूं।
- 10:26भाभी बिजली का बिल अभी तक जमा नहीं हुआ। 2
- 10:29महीने का इकट्ठा हो गया है।
- 10:31कोई बात नहीं भाई। इसी महीने अदा कर देंगे
- 10:33हम।
- 10:36ठीक है। अब मैं चलता हूं। बिल याद से अदा
- 10:39कर देना।
- 10:40ठीक है भाई।
- 10:42बस अब यह वीडियो बिलाल तक पहुंचानी है।
- 10:48अम्मा बिजली वाले आए थे। कह रहे थे बिल
- 10:50अदा नहीं किया। अच्छा बेटा इसी महीने अदा
- 10:54कर देंगे।
- 10:55थ्री मंथ्स
- 10:59लेटर।
- 11:00अम्मी मैं कल आ रहा हूं। बताएं आप लोगों
- 11:03के लिए क्या लाऊं?
- 11:05बस बेटा तुम खुद सही सलामत आ जाओ और कुछ
- 11:09नहीं चाहिए।
- 11:10फातिमा तुम्हारे लिए क्या लेकर आऊं? बताओ
- 11:12तो सही।
- 11:15बस आप आ जाएं। मुझे और कुछ नहीं चाहिए।
- 11:20बेटा जब बिलाल को पता चलेगा कि वो बाप
- 11:23बनने वाला है तो उसकी खुशी का कोई ठिकाना
- 11:26नहीं रहेगा।
- 11:38भाई कितने पैसे हुए?
- 11:40₹500
- 11:45मेरा बेटा आ गया।
- 11:47अम्मी कैसी हैं आप?
- 11:49मैं ठीक हूं बेटा। बैठ जाओ।
- 11:53शुक्र है तुम खैरियत से आ गए। दुआ करती
- 11:56रहती थी हर वक्त। अम्मी आपकी दुआओं की वजह
- 11:59से ही तो सब अच्छा रहा। अम्मी फातिमा कहां
- 12:02है?
- 12:03वो भी यहीं है बेटा। मैं तुम्हें एक
- 12:06सरप्राइज देना चाहती हूं।
- 12:08अम्मी कैसा सरप्राइज?
- 12:10फातिमा बेटा बाहर आओ।
- 12:20अम्मी ये सच है। मैं बाप बनने वाला हूं।
- 12:24हां बेटा। यही तो सरप्राइज था तुम्हारे
- 12:27लिए।
- 12:28अम्मी फातिमा आप लोगों ने यह बात मुझसे
- 12:30क्यों छुपाई? मुझे पहले क्यों नहीं बताया?
- 12:32बेटा हमने सोचा जब तुम घर आओगे तो यह खुशी
- 12:35तुम्हें
- 12:36सरप्राइज़ के तौर पर देंगे।
- 12:41अम्मी, फातिमा, देखें मैं आप दोनों के लिए
- 12:43क्या लाया हूं। खूबसूरत कढ़ाई वाले कपड़े।
- 12:48बहुत खूबसूरत हैं। शुक्रिया।
- 12:52बस बेटा, तुम आ गए। यही हमारे लिए सबसे
- 12:55बड़ा तोहफा है।
- 12:58अल्लाह ने हमें कितनी बड़ी नेमत दी है
- 13:00फातिमा।
- 13:01जी बस अब आप साथ हैं तो सुकून आ गया।
- 13:07अच्छा अम्मी मैं जरा बाहर चक्कर लगा के
- 13:10आता हूं।
- 13:10ठीक है बेटा जल्दी आ जाना।
- 13:19अरे बिलाल कब आए दुबई से? कैसे हो भाई?
- 13:22हां ठीक हूं भाई। बिलाल एक बात है
- 13:26तुम्हारी गैर मौजूदगी में कुछ ऐसा हुआ है
- 13:28जो शायद तुम्हें पता होना चाहिए। क्या हुआ
- 13:31शाहिद साफ-साफ बताओ तुम्हारी बीवी का किसी
- 13:34अजनबी मर्द के साथ घर पर मिलना मैंने खुद
- 13:36अपनी आंखों से देखा।
- 13:39ये तुम क्या कह रहे हो? मेरी बीवी ऐसी
- 13:41नहीं हो सकती।
- 13:43मुझे पता था तुम्हें यकीन नहीं आएगा।
- 13:45इसीलिए मैंने वीडियो भी बना रखी है। खुद
- 13:47देख लो।
- 13:54नहीं
- 13:59ऐसा नहीं हो सकता।
- 14:06बेटा बिलाल क्या हुआ? इतने घबराए हुए
- 14:10क्यों हो?
- 14:11फातिमा
- 14:13ये जो तुम्हारे पेट में बच्चा है यह मेरा
- 14:16नहीं है। यह नाजायज है।
- 14:20बिलाल ये तुम क्या कह रहे हो? इस बच्चे की
- 14:23कसम मैंने कभी तुम्हारी गैर मौजूदगी में
- 14:26कोई गलत कदम नहीं उठाया। यह बच्चा
- 14:28तुम्हारा ही है।
- 14:30बिलाल मैंने फातिमा को हमेशा अपनी बेटी
- 14:33जाना है। यह ऐसा नहीं कर सकती। यह बच्चा
- 14:35तुम्हारा ही है।
- 14:36अम्मा चुप हो जाओ। तुम्हें कुछ नहीं पता।
- 14:38मुझे सब कुछ पता चल चुका है।
- 14:40तुम लोगों को यकीन नहीं आ रहा। यह वीडियो
- 14:43देख लो।
- 14:50बिलाल यह मैं ही हूं लेकिन ऐसा कुछ नहीं
- 14:54है जो तुम समझ रहे हो।
- 14:58बस करो फातिमा। मुझे कोई सफाई नहीं सुननी।
- 15:02अभी इसी वक्त इस घर से निकल जाओ।
- 15:08बेटा
- 15:10फातिमा बेगुनाह है। उसने ऐसा कुछ नहीं
- 15:13किया। खुदा के लिए उसके साथ ऐसा मत करो।
- 15:17बस मुझे और कुछ नहीं सुनना। अभी के अभी इस
- 15:20घर से दफा हो जाओ।
- 15:27या अल्लाह तू जानता है मैंने कभी कोई गलत
- 15:30कदम नहीं उठाया। फिर यह सजा मुझे ही क्यों
- 15:33मिली?
- 15:37अस्सलाम वालेकुम। वालेकुम अस्सलाम बेटा।
- 15:40क्या हुआ? तुम बहुत परेशान लग रही हो।
- 15:43डॉक्टर साहिबा मुझे आपसे कुछ बात करनी है।
- 15:45हां बेटा क्या बात है? बोलो।
- 15:48डॉक्टर साहिबा मुझे मेरे ही घर से बेदखल
- 15:51कर दिया गया है और मेरा कोई ठिकाना नहीं।
- 15:54अगर आप इजाजत दें तो कुछ दिन आपके यहां रह
- 15:56सकती हूं।
- 15:58हां बेटा क्यों नहीं? तुम मेरे साथ रह
- 16:01सकती हो। अल्लाह आपको खुश रखे डॉक्टर
- 16:04साहिबा। आपका यह एहसान मैं कभी नहीं
- 16:06भूलूंगी।
- 16:08ओ बेटा गाड़ी में बैठो।
- 16:18आराम से बेटा
- 16:26बेटा फिक्र मत करो यहां तुम बिल्कुल महफूज
- 16:29हो। अल्लाह आपको अजर दे डॉक्टर साहिबा।
- 16:31आपने मुश्किल वक्त में मेरा सहारा बनकर
- 16:33मुझे नई जिंदगी दी है। नहीं बेटा मैंने
- 16:36कोई एहसान नहीं किया। यह तो मेरा फर्ज था।
- 16:43बिलाल रात भर नींद नहीं आई मुझे। दिल
- 16:46मानता ही नहीं कि फातिमा ऐसा कुछ कर सकती
- 16:48है।
- 16:49अम्मा मैंने अपनी आंखों से वो वीडियो देखी
- 16:51है। अब इसमें शक की कोई गुंजाइश नहीं है।
- 16:54या अल्लाह मेरी बहू कभी झूठी नहीं रही।
- 16:57अगर वो हक पर है तो यह राज खोल दे। उसे
- 16:59इंसाफ दिला।
- 17:04या अल्लाह यह तेरी तरफ से इशारा है।
- 17:06सच्चाई जरूर सामने आएगी।
- 17:12डॉक्टर साहिबा
- 17:14फातिमा बेटा क्या हुआ? डॉक्टर साहिबा मुझे
- 17:18दर्द हो रहा है।
- 17:25बेटा परेशान होने की जरूरत नहीं है। घबराओ
- 17:28मत।
- 17:36मुबारक हो फातिमा। अल्लाह ने बेटा दिया
- 17:39है।
- 17:40या अल्लाह तेरा लाख-लाख शुक्र है। तूने
- 17:44मुझे बेटा अता किया। उसे हमेशा सलामत
- 17:48रखना।
- 17:50फातिमा बेटा अपना ख्याल रखना। मैं जरा
- 17:53क्लनिक जा रही हूं। जल्दी वापस आ जाऊंगी।
- 17:55ठीक है डॉक्टर साहिबा।
- 18:02मेरे बच्चे तुम्हारे अब्बा ने तो हमें
- 18:04छोड़ दिया।
- 18:06मगर अल्लाह ने हमें अकेला अकेला नहीं
- 18:08छोड़ा।
- 18:14अस्सलाम वालेकुम।
- 18:18भाई साहब मैं इलेक्ट्रिक ऑफिस से आया हूं।
- 18:19पिछली मर्तबा भाभी ने कहा था इसी महीने
- 18:21बिल अदा हो जाएगा। लेकिन अब तक नहीं हुआ।
- 18:27जरा यह देखो। इस वीडियो में तुम हो ना?
- 18:30बारात।
- 18:32जी हां भाई ये मैं ही हूं। क्यों? खैरियत
- 18:35तो है भाई साहब आप गलत समझ रहे हैं। मैं
- 18:38सिर्फ बिजली के बिल के सिलसिले में आया
- 18:39करता था और कोई बात नहीं हुई कभी।
- 18:42या अल्लाह मैंने क्या कर दिया? मैं कितना
- 18:45बड़ा गुनाहगार हूं। बगैर सोचे समझे अपनी
- 18:49फातिमा को घर-घर से निकाल दिया।
- 18:51बिलाल मैंने तुझे कहा था बेटा फातिमा ऐसा
- 18:54नहीं कर सकती।
- 18:55फातिमा मुझे माफ कर दो। मैं तुम्हारे
- 18:57काबिल नहीं रहा।
- 18:59चलो बेटा अंदर चलो। हम मिलकर फातिमा को
- 19:02ढूंढेंगे।
- 19:04अम्मी अगर फातिमा मुझे ना मिले तो कभी माफ
- 19:08नहीं कर पाऊंगा।
- 19:09बेटा हौसला रखो। अल्लाह ने चाहा तो फातिमा
- 19:12जरूर मिल जाएगी।
- 19:17बेटा तुम बड़े होकर क्या बनोगे? क्या मेरी
- 19:19तरह ही डॉक्टर बनोगे?
- 19:24टू मंथ्स
- 19:28लेटर
- 19:32बेटा कुछ खबर मिली फातिमा की
- 19:35नहीं अम्मी हर जगह ढूंढ लिया कुछ पता नहीं
- 19:38चल रहा
- 19:44तू ही मेरा सब कुछ है। तेरे दम से ही
- 19:46जिंदगी रोशन है।
- 19:49बिलाल बेटा तेरी तबीयत मुझे बिल्कुल ठीक
- 19:53नहीं लग रही। चल डॉक्टर के पास चलते हैं।
- 19:56उठ बेटा चल मेरे साथ।
- 20:01बेटा बड़े कहते हैं जिंदगी में कोई भी
- 20:03फैसला करो तो सोच समझ के करो।
- 20:07अस्सलाम वालेकुम। वालेकुम अस्सलाम। डॉक्टर
- 20:10साहिबा। मेरा बेटा कई दिन से कुछ खा पी भी
- 20:12नहीं रहा। बहुत कमजोर हो गया है। ठीक है।
- 20:15आप फिक्र ना करें।
- 20:20यह जिस्मानी तौर पर तो ठीक है लेकिन यह
- 20:22ऐसा क्या हुआ है इनके साथ?
- 20:24डॉक्टर साहिबा मेरी बहू बेकसूर थी।
- 20:27गलतफहमी में उसे घर से निकाल दिया। इसी
- 20:29सदमे में बिलाल का यह हाल हुआ।
- 20:32क्या फातिमा आपकी बहू है? जी डॉक्टर
- 20:35साहिबा फातिमा ही मेरी बहू है। वो तो मेरे
- 20:38घर पर है। मेरे साथ रहती है। सही सलामत
- 20:41है। उनके यहां बेटा भी हुआ है।
- 20:44डॉक्टर साहिबा खुदा के लिए मुझे एक बार
- 20:46फातिमा से मिलवा दें।
- 20:48डॉक्टर साहिबा हम पर रहम करें। हमें
- 20:50फातिमा और बच्चे से मिलने दें।
- 20:52ठीक है। चलें मेरे साथ।
- 21:10बेटा फातिमा खुदा के लिए हमें माफ कर दो।
- 21:15फातिमा मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई।
- 21:17माफी
- 21:19उस दिन मेरी कोई बात नहीं सुनी गई जब
- 21:21मैंने कहा था मैं बेकसूर हूं।
- 21:25लेकिन आप लोगों ने मेरी एक ना सुनी।
- 21:26डॉक्टर साहिबा ने मुझे वो इज्जत और
- 21:28मोहब्बत दी जो मेरे अपनों ने नहीं दिया।
- 21:32अब यही मेरी मां है और मुझे किसी और की
- 21:35जरूरत नहीं।
- 21:36खुदा के लिए फातिमा तुम्हें तुम्हारे
- 21:38बच्चे का वास्ता है। हमें माफ कर दो।
- 21:41नहीं ऐसा मैं हरगिज़ नहीं कर सकती।
- 21:44डॉक्टर साहिबा आप इसकी मां की जगह हैं।
- 21:48आपकी बात वो टाल नहीं सकती। हम पर रहम
- 21:51करें। उसे समझाएं।
- 21:54फातिमा बेटा मैंने तुम्हें हमेशा अपनी
- 21:56बेटी समझा है। अगर तुम मुझे अपनी मां
- 21:58समझती हो तो आज मां बनकर कह रही हूं
- 22:01उन्हें माफ कर दो।
- 22:03डॉक्टर साहिबा आपने मुझे सहारा दिया। आज
- 22:07आपकी खातिर मैं उन्हें माफ करती हूं।
- 22:29प्यारे दोस्तों, यह कहानी सिर्फ फातिमा और
- 22:32बिलाल की नहीं है। यह हमारे मुआशरे की
- 22:35हकीकत है। कितने ही घराने ऐसे हैं जहां
- 22:39शक, गलतफहमी और किसी की साजिश की वजह से
- 22:43रिश्ते टूट जाते हैं। सबसे पहली बात तो इस
- 22:46कहानी से सीखने को मिलती है। वह यह है कि
- 22:49कभी भी किसी भी हाल में बगैर तहकीक किए
- 22:53किसी पर इल्जाम मत लगाएं। बिलाल ने अपनी
- 22:56आंखों से सिर्फ एक वीडियो देखी और इस पर
- 22:59यकीन करके अपनी हामला बीवी को घर से निकाल
- 23:02दिया। इसने एक लम्हे के लिए भी नहीं सोचा
- 23:05कि जिस औरत ने कभी इसका ऐतबार नहीं तोड़ा
- 23:09वो अचानक ऐसा कैसे कर सकती है। दूसरी बात
- 23:12शायद जैसे लोग हमारे मुआशरे में मौजूद हैं
- 23:15जो अपनी अना की तस्कीन के लिए अपने रद्द
- 23:19होने का बदला लेने के लिए किसी का घर
- 23:21बर्बाद करने से भी नहीं चौकते। ऐसे लोगों
- 23:25से हमेशा होशियार रहना चाहिए और जो भी
- 23:28सबूत सामने आए इसे आंखें बंद करके कबूल ना
- 23:31करें बल्कि हकीकत जानने की कोशिश करें।
- 23:35तीसरी बात और सबसे अहम बात फातिमा का
- 23:38किरदार हमें सिखाता है कि औरत कमजोर नहीं
- 23:41होती है। जब इसे अपनों ने ठुकरा दिया तो
- 23:44इसने हिम्मत नहीं हारी। इसने अपने और अपने
- 23:47बच्चे के लिए एक नया रास्ता ढूंढा और
- 23:50इज्जत नफ्स के साथ जिंदगी जीना सीखा। और
- 23:53आखिर में जब सच्चाई सामने आई तो बिलाल और
- 23:56इसकी मां को अपनी गलती का एहसास हुआ।
- 23:59लेकिन देखें माफी मांगना आसान नहीं होता
- 24:02और माफ करना इससे भी मुश्किल। फातिमा ने
- 24:05सिर्फ इसलिए माफ किया क्योंकि वह डॉक्टर
- 24:08साहिबा का एहसान मानती थी। वरना टूटा हुआ
- 24:11एतबार जोड़ना कभी भी आसान नहीं होता।
- 24:14दोस्तों इस कहानी से यही सबक मिलता है कि
- 24:17रिश्तों में एतमाद सबसे कीमती चीज है। एक
- 24:21बार टूट जाए तो इसे दोबारा जोड़ने में
- 24:23बरसों लग जाते हैं। इसलिए अपने प्यारों पर
- 24:26यकीन रखें। अफवाहों और शकूक पर फैसला ना
- 24:30करें और हमेशा हकीकत जानने की कोशिश करें।
- 24:34उम्मीद है कि आपको स्टोरी पसंद आई होगी तो
- 24:36चैनल को सब्सक्राइब जरूर करें। मिलते हैं
- 24:39अगली स्टोरी
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