असली डर क्या है ? राहुल पर इतना क्यों बौखलायें मोदी | शाह ने रूकवाये कार्यक्रम | Deepak Sharma | — Transcript
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- 0:00दोस्तों राहुल गांधी आजकल जिस तरह से
- 0:03लोगों को इकट्ठा कर रहे हैं या यूं कहूं
- 0:06लोगों की भीड़ जनता की भीड़ उनके पीछे
- 0:09पीछे चल रही है।
- 0:12क्या इस डेवलपमेंट से इस चेंज से नरेंद्र
- 0:16मोदी बहुत ज्यादा घबराए हुए हैं या यूं
- 0:20कहूं बौखलाए हुए हैं। अब 1 नवंबर को राहुल
- 0:24गांधी दिल्ली के रामलीला मैदान में एक
- 0:28बहुत [संगीत] बड़ी रैली करने जा रहे हैं।
- 0:30जिसमें संभावना है इनपुट्स हैं कि 7 से 10
- 0:34लाख 7 लाख से लेकर 10 लाख तक लोग आ सकते
- 0:39हैं। [संगीत]
- 0:40अब यह बात जो है कहीं ना कहीं मोदी और शाह
- 0:44को हजम नहीं हो रही है। इसीलिए कदम कदम पर
- 0:49अड़ंगे लगाए जा रहे हैं। अब दोस्तों हद तो
- 0:52तब हो गई जब 1 नवंबर से पहले कांग्रेस जो
- 0:56इवेंट करना चाह रही थी रामलीला मैदान पर
- 0:59वो सारे इवेंट पुलिस ने आज मौके पर जाकर
- 1:03रद्द कर दिए। अब कहा ऐसा जा रहा है कि
- 1:06अमित [संगीत] शाह नहीं चाहते हैं कि 30
- 1:09अक्टूबर को रामलीला मैदान पर कांग्रेस या
- 1:12विपक्ष कोई कार्यक्रम [संगीत] करें। दरअसल
- 1:1530 अक्टूबर को ज्ञानेश कुमार के खिलाफ
- 1:18पूरा विपक्ष एक मॉक पार्लियामेंट करना
- 1:21चाहता था।
- 1:22अभी तो इनसे पूछिए क्यों डरे हुए हैं
- 1:23इतना? ना संसद में इंपीचमेंट करने देंगे
- 1:26ना सड़क पर इंपीचमेंट करने देंगे। ज्ञानेश
- 1:28क्या [संगीत] इनका दत्तक पुत्र है कि उसको
- 1:30बचाना ही है हर कीमत पर। है क्या ज्ञानेश
- 1:33कुमार? यहीं से समझ में आता है कि एक
- 1:36ज्ञानेश को बचाने [संगीत] के लिए देश को
- 1:38कुर्बान कर सकते हैं।
- 1:39अब दोस्तों फैक्ट यह है कि कांग्रेस ने
- 1:42रामलीला मैदान 9 दिन के लिए बुक कराया है।
- 1:4525 अक्टूबर से लेकर 3 नवंबर तक सारे पैसे
- 1:49जमा कर दिए। पुलिस से और बाकी अथॉरिटीज से
- 1:53सारी परमिशन ले ली जिसे एनओसी कहते हैं।
- 1:55नो [संगीत] ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट। यानी
- 1:57कुल मिलाकर 9 दिन के लिए कांग्रेस के पास
- 2:00ये सारा मैदान है। लिखा पड़ी है। इसीलिए
- 2:04कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल कहते
- 2:06हैं कि जब हमने पैसा जमा कर दिया जब हमारे
- 2:09पास पुलिस की परमिशन है 9 दिन के लिए
- 2:12मैदान है तो फिर 30 अक्टूबर को हम इवेंट
- 2:16क्यों नहीं कर सकते? दिस जामलीला मैदान वी
- 2:19हैव बुक्ड रामलीला मैदान फॉर नवंबर 25
- 2:22अक्टूबर 25 टू नवंबर थर्ड अराउंड न डेज
- 2:27दे ऑलरेडी ग्रांटेड परमिशन फॉर आल्सो
- 2:30नवंबर 25 अक्टूबर 25 नवंबर थर्ड साहब अंदर
- 2:34की बात ये है कि दिल्ली पुलिस पर गुजरात
- 2:37लॉबी का प्रेशर है मोदी शाह का लिहाजा
- 2:41दिल्ली पुलिस ने दोस्तों आज दोपहर एक बयान
- 2:44जारी किया उन्होंने कहा कि साहब देखिए भले
- 2:46ही हमने ने 9 दिन के लिए यह मैदान दिया
- 2:48था। परमिशन दी थी। लेकिन सब एक ही दिन
- 2:51फंक्शन कर पाएंगे। 1 नवंबर को 1 नवंबर को
- 2:54रैली कर लीजिए 10:00 से 5 लेकिन बाकी दिन
- 2:57कोई कार्यक्रम नहीं होगा। भले ही आपने नौ
- 2:59दिन बुक कराया पैसा दिया। अब साहब दिल्ली
- 3:02पुलिस बहाना यह बना रही है क्योंकि ये जो
- 3:04रामलीला मैदान है इसके चारों तरफ मार्केट
- 3:07हैं, बाजार है, कनोट प्लेस है तो कहीं
- 3:10दरियागंज है तो कहीं थोड़ी दूर पर चांदनी
- 3:12चौक है, लाल किला है। उन्होंने कहा कि
- 3:15साहब दुकानदारी जो है वो प्रभावित हो
- 3:17जाएगी। इसलिए हम हर दिन आपको कुछ नहीं
- 3:21करने देंगे। तो 30 अक्टूबर का फंक्शन नहीं
- 3:24होगा। एक को रैली कर लीजिए। अब सब डबल
- 3:27स्टैंडर्ड्स देखिए। एक तरफ यह कहा जा रहा
- 3:29है कि कांग्रेस अगर 30 अक्टूबर को कुछ
- 3:32करती है तो साहब दुकानदारी प्रभावित होगी।
- 3:35बाजार बंद करने पड़ेंगे। करोड़ों का
- 3:38नुकसान हो जाएगा। जबकि दूसरी तरफ बीजेपी
- 3:42को बीजेपी को जहां बाजार का मेन गढ़ है
- 3:45चांदनी चौक सबसे बड़ा मार्केट। चारों तरफ
- 3:49मार्केट ही मार्केट। कुछ मार्केट तो
- 3:51हिंदुस्तान के सबसे बड़े मार्केट है। वो
- 3:53चाहे सदर बाजार हो, भगीरथ पैलेस हो,
- 3:56मार्केट ही मार्केट। उस मार्केट के बीच
- 3:59में बीजेपी को मेगा मार्च की इजाजत दी गई।
- 4:03और मेगा मार्च भी कौन कर रहा है? बीजेपी
- 4:05के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन।
- 4:08मीनवाइल व्हाट इज द भारतीय जनता पार्टी अप
- 4:10टू? बीजेपी चीफ नितिन नबीन विल बी लीडिंग
- 4:12अ मेगा मार्च इन द नेशनल कैपिटल दिल्ली
- 4:14टुमारो। अब दोस्तों जो बड़ा सवाल बड़ा
- 4:17सवाल ये है कि क्या मिस्टर मोदी और मिस्टर
- 4:20शाह नहीं चाहते हैं कि राहुल गांधी देश की
- 4:24राजधानी दिल्ली में बड़ा शक्ति प्रदर्शन
- 4:28करें। अगर राहुल गांधी मान लीजिए 6 7 लाख
- 4:31लोगों की भीड़ जुटा लेते हैं या 10 लाख की
- 4:33भीड़ आ जाती है तो कौन सा तूफान आ जाएगा?
- 4:36ऐसा क्या हो जाएगा कि अगर 8 10 लाख लोग
- 4:40सरकार के खिलाफ राहुल गांधी के पक्ष में
- 4:43दिल्ली में खड़े हो गए तो ऐसा कौन सा
- 4:46उलटफेर हो जाएगा? या फिर सच यह है कि मोदी
- 4:49और शाह इतने कमजोर जमीन पर आजकल खड़े हैं
- 4:53कि अगर उनके दफ्तर से कुछ किलोमीटर दूर 7
- 4:57आठ लाख लोग जनता उनके खिलाफ खड़ी हो गई तो
- 5:02तख्ता हिल सकता है। क्या ऐसा फील कर रहे
- 5:05हैं? अब दोस्तों इसी सवाल को लेकर आज दो
- 5:07खास मेहमान मैंने बुलाए हैं। दोनों ही
- 5:10एक्सपर्ट हैं। वेरी सीनियर जर्नलिस्ट।
- 5:12विनोद शर्मा जी हैं। 40 45 बरस का
- 5:16एक्सपीरियंस है और दिल्ली की हुकूमत
- 5:18दिल्ली दरबार को कई दशकों से देख रहे हैं।
- 5:21कई प्रधानमंत्री देख चुके उनको जरूर
- 5:22सुनिएगा आज। और हमारे साथ जावेद अंसारी
- 5:25होंगे। जावेद साहब देश के कई बड़े अखबारों
- 5:28में पॉलिटिकल एडिटर रहे और वो भी तकरीबन
- 5:32198586
- 5:33से इस दिल्ली को बहुत गौर से देख रहे हैं।
- 5:37मेरा सीधा सवाल आप आप सरकार को देख रहे
- 5:40हैं। पुलिस भी देख रहे हैं। आज से नहीं
- 5:41देख रहे। 40 45 वर्षों से देख रहे हैं।
- 5:43मेरा सवाल बहुत सीधा है कि अगर 25 दिसंबर
- 5:47से लेकर और 3 नवंबर तक रामलीला मैदान एक
- 5:50पॉलिटिकल पार्टी ने बुक कराया। पुलिस ने
- 5:53उनको एनओसी दी कि आप कर सकते हैं कोई भी
- 5:56कार्यक्रम। तो अब क्यों ऐतराज हो रहा है
- 5:59कि नहीं साहब 30 अक्टूबर को आप ये
- 6:01कार्यक्रम नहीं करेंगे। आप अशोका होटल में
- 6:03नहीं करेंगे।
- 6:04लेकिन नितिन नवीन सब कुछ कर सकते हैं। मैं
- 6:07ये कह रहा हूं कि क्या ये डर है, बौखलाहट
- 6:10है? क्योंकि मैं नहीं मानता पुलिस को
- 6:12कमिश्नर ने कहा होगा। ऊपर से ही संदेश आया
- 6:15होगा। ये डर है, बौखलाहट है। क्या वजह है?
- 6:18अगर भीड़ इकट्ठी हो गई रामलीला मैदान में
- 6:20तो मोदी जी का क्या हो जाएगा? उससे कौन सा
- 6:23नुकसान?
- 6:23देखिए वो नहीं चाहते कि विपक्ष किसी भी
- 6:26तरह से समा बांध सके।
- 6:30ओके। मुद्दों पर जिन मुद्दों को लेकर वह
- 6:33विपक्ष निकला है। यह जब रैली होगी तो इसकी
- 6:39भीड़ से क्या अंदाजा होगा? यहां जो दिल्ली
- 6:42में हिस्टोरिकली जो भीड़ जमा होती है
- 6:45रामलीला मैदान में या और वेन्यूस पे वो
- 6:49भीड़ आती है राजस्थान से, हरियाणा से,
- 6:53वेस्टर्न यूपी से
- 6:55यहां से आती है वह भीड़।
- 6:58और यह नहीं चाहते
- 7:00कि वहां से भीड़ आकर इन नेताग को सुने और
- 7:06जलवा देखें विपक्ष का। अभी तक देखिए ये
- 7:09सरकार जो इतने बरसों से चल रही है ये जलवे
- 7:12जलवा दिखा के ही चल रही है ना। इवेंट
- 7:15मैनेजमेंट क्या होता है? जलवा दिखाना।
- 7:18तेरा जलवा जिसने देखा वो तेरा हो गया।
- 7:21गाना सुना है मुंबई का। जी तो
- 7:26अगर इनका जलवा देख लिया लोगों ने तो वो
- 7:29उसके ना हो जाए विपक्ष के। ये डरी हुई
- 7:32सरकार का प्रतीक है। ये डरी हुई सरकार की
- 7:36हरकतें हैं। जावेद भाई मैं एक चीज पूछना
- 7:38चाह रहा हूं। भाई अगर पुलिस ने पुलिस ने
- 7:42बकायदा इंटेलिजेंस यूनिट है, सिक्योरिटी
- 7:45यूनिट है। वो देखती है तब एनओसी देती है।
- 7:48जब पुलिस ने एनओसी दे दी। नो ऑब्जेक्शन
- 7:51सर्टिफिकेट दे दिया कि आप 25 तारीख से तीन
- 7:54तारीख तक कांग्रेस यहां पर अपना कार्यक्रम
- 7:57करें। उसके बाद पुलिस अपने वायदे से जो है
- 8:00मुकर गई। अब वो कह रही है कि नहीं आप 30
- 8:02अक्टूबर को नहीं करी। सिर्फ एक ही दिन कर
- 8:03सकते हैं। क्या आपको लगता है यह पुलिस
- 8:06कमिश्नर या डीसीपी लेवल का डिसीजन नहीं
- 8:09है? यह मोदी और शाह का ऊपर से प्रेशर है
- 8:12और इस वजह से पुलिस अड़ंगा डाल रही है।
- 8:16यह उन्हीं लोगों का डिसीजन है जिन्होंने
- 8:20बच्चों पर लाठी और पैलट गन चलवाई थी।
- 8:22जिनके कहने पे जिनके इशारे पे जिनके
- 8:25प्रेशर पे पुलिस ने वो कारनामा अंजाम दिया
- 8:28था। यह उनहीं लोगों का प्रेशर है।
- 8:32ओके
- 8:33साफसाफ
- 8:34मतलब आप कह रहे पुलिस नहीं कर सकती ऐसा
- 8:37नहीं पुलिस करने को तो बहुत कुछ कर सकती
- 8:40है लेकिन पुलिस का क्या इंटरेस्ट है इसमें
- 8:43पुलिस को ये कहा गया है मॉक पार्लियामेंट
- 8:46पार्लियामेंटेरियंस की होगी जो
- 8:47पार्लियामेंट में नहीं अलऊ किया जाता जो
- 8:50चीज उन्हें करने को वो उस वो वहां करेंगे
- 8:53तो पार्लियामेंटेरियंस क्या प्रॉब्लम
- 8:55करेंगे और चलिए एस अ
- 8:58एस एन असाइड ये नितिन नवीन जी को तो अलऊ
- 9:02कर रहे हैं। तो इसका मतलब यह टसटली एडमिट
- 9:05कर रहे हैं कि नितिन नवीन के तो के जलसे
- 9:08में या उनके मार्च में ज्यादा दूर नहीं
- 9:11आएंगे। वो ये इंडिया अलयंस वाले में
- 9:13ज्यादा आएंगे इसलिए ये क्या बेवकूफी की
- 9:16बात है। ये रोज अपने को विनोद जी ने सही
- 9:19कहा। देखिए दे आर मेकिंग ये अपना मजाक
- 9:21उड़वा रहे हैं। दे आर मेकिंग अ मौकरी ऑफ़
- 9:23देमसेल्व्स। घबराहट है ये
- 9:26बिलकुल घबराहट है पैरानोया है घबराहट है
- 9:29पता नहीं इनको अपनी परछाई से ये उस मेंटल
- 9:32स्टेट में मानसिक स्थिति में पहुंच गए हैं
- 9:34कि इनको अब अपनी परछाई से डरने लगने लगा
- 9:36है अब इनको हर चीज के जब जब भी कुछ होता
- 9:41है इनको एक साजिश नजर आती है वो अभी आपसे
- 9:44मैं बात कर रहा हूं तो किसी ने मुझे एक
- 9:46शेर लिख के भेजा है मैं पढ़ के सुना देता
- 9:48हूं
- 9:48जी
- 9:50कि बिगड़े बिगड़े मेरे सरकार नजर आते हैं
- 9:53हमको तो इनकी की बर्बादी के आसार नजर आते
- 9:55हैं।
- 9:57बर्बादी
- 9:58अब ये जो उलजूल हरकतें हैं ये जो बिला वजह
- 10:03बेसलेस चीजों पे ये करना जितना ज्यादा ये
- 10:06करेंगे जितना ज्यादा रिप्रेस करेंगे उतना
- 10:09ज्यादा ये उबलेगा जितना ज्यादा दमन करेंगे
- 10:13जितना ज्यादा रिप्रेस दबाएंगे उस उतना ही
- 10:15उभार आएगा। मैं असली मुद्दे पे आता हूं।
- 10:18विनोद जी छोड़िए अब यह पुलिस का मामला है।
- 10:21पुलिस ऑब्जेक्शन कर रही है। फिर वह कह रहे
- 10:23हैं कि साहब यहां रैली नहीं कर सकते। वहां
- 10:24नहीं कर सकते। सीधे मुद्दे पे आते हैं।
- 10:27क्या ज्ञानेश कुमार को वाकई नरेंद्र मोदी
- 10:31नहीं हटाएंगे? और नहीं हटाने का मतलब है
- 10:33इशारा नहीं करेंगे। क्या नरेंद्र मोदी
- 10:35नहीं चाहते हैं कि उत्तर प्रदेश के चुनाव
- 10:38से पहले ज्ञानेश गुप्ता हटे। मैं यह पूछ
- 10:41रहा हूं आपसे।
- 10:42आप मेरे से यह सवाल पूछते ही नहीं। अगर
- 10:46ऑनेस्टली
- 10:48और इंटेंसली कॉस्ट बेनिफिट एनालिसिस आप कर
- 10:51लेते। दिनेश कुमार को हटाने का कॉस्ट
- 10:54बेनिफिट एनालिसिस कीजिए आप तो आपको पता चल
- 10:57जाएगा कि क्यों नहीं हटा रहे
- 11:00क्योंकि उसके हटाने से तो मामला रफादफा
- 11:03होगा नहीं।
- 11:05मतलब एक और उपहार मिल जाएगा विपक्ष को जीत
- 11:09जीत सरी का
- 11:11और
- 11:13वो दैट विल बी द बिगिनिंग ऑफ अ प्रोसेस
- 11:17नॉट द कंक्लूजन ऑफ द प्रोसेस
- 11:21क्योंकि ये एजिटेशन
- 11:24जहां तक मेरी
- 11:27हंबल ओपिनियन मैं जो मेरी बुद्धि मुझे
- 11:30बताती है कि ये ये एजिटेशन
- 11:34अगले अगले लोकसभा चुनाव तक चलेगी।
- 11:38ओके। 2029 तक
- 11:40जी हां चलानी पड़ेगी। लंबी रेस के घोड़े
- 11:43बनना पड़ेगा इन लोगों को। ये खच्चर बनके
- 11:47नहीं जीत सकते। ये विपक्ष वाले। यह खच्चर
- 11:50की रेस नहीं है। यह स्टलियंस की रेस है।
- 11:54बड़ेड़े हां स्टेलियन स्टेलियन बड़ा हाइब्रिड
- 11:58घोड़ा होता है। तो उनकी रेस है। कच्चरों की
- 12:02रेस नहीं है। टट्टुओं की रेस नहीं है ये।
- 12:05और दूसरी बात कि यूपी इलेक्शन से पहले
- 12:12जो कि एक डरबी होगी इस रेस में मिडवे थ्रू
- 12:17उसको जीतना सुनिश्चित करना पड़ेगा इनको
- 12:21रामलीला मैदान में आप कर लीजिए जमावड़ा आप
- 12:25कर लीजिए एक बड़ी सी रैली उससे एक हवा
- 12:28बनेगी
- 12:29और जब सारे खड़े होके एक ही बात कहेंगे
- 12:32स्टेज पर
- 12:35तो उससे जनता में एक संदेश जाएगा। देश में
- 12:37एक संदेश जाएगा कि सचमुच कुछ बहुत ही गहरी
- 12:42साजिश हो गई है हमारे लोकतंत्र के खिलाफ
- 12:47और
- 12:49उसको उससे निजात पाने के लिए उससे निपटने
- 12:52के लिए ये सारे लोग अपने एक दूसरे के साथ
- 12:56जो डिफरेंसेस है उनको ता रख के इकट्ठे हुए
- 12:59हैं। जैसा कि 77 में हुए थे।
- 13:0377 में हुए थे
- 13:06और वीपी सिंह की सरकार को समर्थन करते हुए
- 13:09भी हुए थे
- 13:11और लोकसभा से रेिग्नेशन दिया था। यह बात
- 13:14अलग है कि लोकसभा का छोटा सा कार्यकाल बचा
- 13:18था लेकिन फिर भी हवा तो बांध दी समा तो
- 13:20बांध दिया तो कुछ काम समा बांधने के लिए
- 13:24किए जाते हैं। और समा बांधने का ही काम कर
- 13:28रही है पिछले 12 साल से बीजेपी तो उसको लग
- 13:30रहा है यह कंपटीशन डायरेक्ट हो गया भाई।
- 13:34जलवा तो हम ही दिखाते थे। इवेंट मैनेजमेंट
- 13:37तो हम ही को आती है। यह कैसे कर लेंगे?
- 13:41तो उस इवेंट में बाधा डालने की कोशिश हो
- 13:43रही है। किसी भी सरकार को इतना विचलित
- 13:48मैंने कभी भी एक पब्लिक रैली के प्रति
- 13:50नहीं देखा। मेरे को हंसी आती है कभी-कभी।
- 13:53ये क्या है यार? यानी इंदिरा गांधी पे
- 13:57आरोप लगते हैं। उसने इमरजेंसी लगा दी। ये
- 13:59कर दिया, वो कर दिया। लगा दी थी भाई।
- 14:02लेकिन उससे पहले उसने रामलीला मैदान में
- 14:05जेपी की रैली होने दी थी। जहां पर आवाहन
- 14:09किया गया था पुलिस वालों को कि सरकार की
- 14:12बात ना माने और फौज को
- 14:15और दूसरा
- 14:18घेर घेर के लोगों को कह रहे थे कि तुम
- 14:20त्यागपत्र दो अपने पद से जो इनके
- 14:23लेजिस्लेचर थे कांग्रेस के
- 14:26वो सारा कुछ हमने अपनी आंखों से देखा है।
- 14:29एंड दिस पार्टी वि इज इन पावर टुडे इसके
- 14:33भूखे जो कि जनसंघ थे दे कट दे टीथ ऑन दैट
- 14:36काइंड ऑफ पॉलिटिक्स
- 14:38कहना
- 14:39विनोद जी आप क्या कहना चाह रहे हैं कि आप
- 14:41ये कह रहे हैं कि यह जो आंदोलन है चलता
- 14:45रहेगा नरेंद्र मोदी ज्ञानेश कुमार गुप्ता
- 14:48को नहीं हटाना चाहते क्योंकि उन्हें उत्तर
- 14:51प्रदेश की जीत सुनिश्चित करनी है। चार
- 14:53महीने बाद जो निर्णायक चुनाव आप यह कहना
- 14:55चाह रहे हैं। अरे भाई मैं कॉस्ट बेनिफिट
- 14:58एनालिसिस की बात कर रहा हूं। राजनीति में
- 15:02अगर किसी की सैक्रिफाइस करनी है
- 15:06जैसे कि
- 15:08दूर देहात में वो जादू टोना करने वाले
- 15:11होते हैं ना कि भाई इसका इसकी सैक्रिफाइस
- 15:13कर दो। यह बच्चा ठीक हो जाएगा। इसकी
- 15:15सैक्रिफाइस कर दो। इस बच्चे की बीमारी का
- 15:18इलाज हो जाएगा।
- 15:20तो यह किसी बीमारी का इलाज आज के दिन इसका
- 15:23त्यागपत्र जहां तक बीजेपी का सवाल है उनकी
- 15:26नजर में तो नहीं है
- 15:28क्योंकि ये ये अगर इसको इसको त्यागपत्र ले
- 15:32लेंगे इससे क्योंकि ये त्यागत्र तो खुद से
- 15:35ही देगा ना उसको कहना पड़ेगा कि मेरी
- 15:37तबीयत ठीक नहीं है या मैं व्यक्तिगत
- 15:40कारणों से मैं त्यागपत्र दे रहा हूं यही
- 15:42कहेगा ना वो भाई वैसे तो कॉन्सिट्यूशन
- 15:45अथॉरिटी है कहते है कैसे हटाओगे इसके साथ
- 15:48तो इसको तो इमस करना पड़ेगा तो उसी के लिए
- 15:51मौक पार्लियामेंट कर रहा था विपक्ष कि यही
- 15:54सब करते हैं ना वहां पर कि इसमें भी
- 15:56इंपीचमेंट दिखा देते तो उसके फिक्शनल
- 16:00अकाउंट से भी डरी हुई है सरकार तो रियलिटी
- 16:04पे कैसे हटाएगी उसको
- 16:05नहीं हटाएगी मतलब आप ये कह रहे हैं भाई
- 16:08जावेद साहब
- 16:09मैं समझ गया कि मैं समझ गया विनोद साहब आप
- 16:13ये कह रहे हैं कि किसी भी कीमत पर ज्ञानेश
- 16:16गुप्ता को नहीं हटाया जा सकता वो एक एक
- 16:18बहुत बेशकीमती एसेट है इस वक्त मोदी के
- 16:20पास। जावेद साहब क्या आप भी इस बात से
- 16:22सहमत है जो विनोद साहब कह रहे हैं कि
- 16:24उत्तर प्रदेश जितनातना है इसलिए ज्ञानेश
- 16:26जरूरी है
- 16:28और किसी कीमत पर
- 16:29सिर्फ ये उत्तर प्रदेश से भी ज्यादा बड़ी
- 16:32बात है। उत्तर प्रदेश तो जितनातना ही है।
- 16:35लेकिन ज्ञानेश कुमार को हटाने का मतलब कि
- 16:37अपनी गलती ज्ञानेश कुमार को वहां बैठाया
- 16:40किसने? ज्ञानेश कुमार को हैंड पिक किसने
- 16:43किया और वहां लाके बैठाया और फिर ऐसा
- 16:46कानून बना दिया कि जब ये इनका कार्यकाल
- 16:50समाप्त होगा उसके बावजूद भी इनके खिलाफ
- 16:52कोई एक्शन नहीं लिया गया इनके लिए तो वो
- 16:55सेफ्टी नेट तैयार हो गया जो राष्ट्रपति
- 16:57प्रधानमंत्री या सुप्रीम कोर्ट के चीफ
- 16:59जस्टिस के लिए भी नहीं है। तो ये इनसे
- 17:03सारा कुछ कराया और फिर ये तो फिर पिटिकल
- 17:06सवाल हो जाएगा ना अगर इनको हटाएंगे तो फिर
- 17:09वो तो मोदी की डिमांड होना होगी भाई
- 17:11नेक्स्ट निशाना तो मोदी का है अभी से ही
- 17:14आवाजें उठ रही है कि मोदी और अमित शाह को
- 17:16जाना चाहिए तो इनको हटाएंगे भाई ये इनकी
- 17:20ये गलत आदमी को इन्होंने बैठाया था
- 17:22बेईमानी करवा रहे थे अब इनको हटवाइए अब
- 17:24सीधे नरेंद्र मोदी के लिए बोलेंगे
- 17:28ओके मतलब
- 17:30इनको हटाने के बाद नरेंद्र मोदी शाह आप ये
- 17:34कह रहे हैं
- 17:37और दूसरा कि देखिए ये जो भी ये हैंडपिक
- 17:41ब्यूरोक्रेट्स को बैठा के जो काम करा रहे
- 17:44हैं अगर इसको सैक्रिफाइस कर दिया तो और तो
- 17:46कोई भी नहीं इनके लिए फिर खड़ा हुआ।
- 17:50जी और कौन ब्यूरोक्रेट हिम्मत करेगा इनके
- 17:53लिए मदद करने के लिए कोई गलत काम करने के
- 17:55लिए?
- 17:56एक लास्ट क्वेश्चन विनोद सर ये जो एक
- 17:59नवंबर की रैली है जिसमें इंडिया अलायंस की
- 18:02रैली क्या आपको लगता है कि समाजवादी
- 18:04पार्टी या उद्धव ठाकरे की पार्टी शरद पवार
- 18:07के अलावा क्या कुछ और पार्टियां शामिल हो
- 18:10सकती हैं जैसे बीजू जनता दल उसने मार्च की
- 18:13थी क्या वो भी आ सकती है वाईएसआर के जो
- 18:16बेटे हैं जगन मोहन रेड्डी पूर्व
- 18:18मुख्यमंत्री आंध्र प्रदेश के वो भी थोड़ा
- 18:20सा नाराज दिखे मुझे इलेक्शन कमीशन से
- 18:24सरकार से भी क्या वो आ सकते हैं। आम आदमी
- 18:27पार्टी कुछ रीथिंक कर सकती है। क्या आपको
- 18:30लगता है कि विपक्ष का जो दायरा है वो बढ़
- 18:34सकता है?
- 18:35देखिए ऐसा है ये सब करने के लिए ये सब
- 18:38सुनिश्चित करने के लिए
- 18:41कुछ बिहाइंड द सीन्स एक्टिविटी होनी
- 18:44चाहिए।
- 18:46और कांग्रेस पार्टी को उसके लिए और दलों
- 18:51को मैंडेट देकर उनको कहना चाहिए कि भाई
- 18:54उनसे बात करो कि वो भी आए
- 18:58आम आदमी से बात करवाएं ममता जी की
- 19:01आम आदमी पार्टी से
- 19:03हां बीजू जनता दल से खुद बात कर सकते हैं
- 19:06कोई एक जमाने में डायरेक्ट कंपटीशन होता
- 19:08था अब तो मैदान छोड़ के भाग चुकी है
- 19:10कांग्रेस वहां से
- 19:11उड़ीसा से
- 19:12उड़ीसा से जहां पर बीजेपी आ गई
- 19:16सीधा व्हाई कांट राहुल गांधी पिक अप द फोन
- 19:20एंड टॉक डायरेक्टली टू नवी
- 19:21[गला साफ़ करने की आवाज़] पटनायक? अरे भाई
- 19:24उसके दादा के रिश्ते रहे हैं। उसके दादा
- 19:27से उसके पिता से अपने परिवार की
- 19:30उपलब्धियों का इस्तेमाल क्यों नहीं कर रहे
- 19:32जो उन्होंने रिश्ते बनाए हैं। और आपने कहा
- 19:35कि वएसआरसीपी
- 19:37भाई वएसआरसीपी
- 19:39अगर मैं सोनिया गांधी होता तो फोन उठाकर
- 19:43उससे बात करता। जगह
- 19:46जी
- 19:48डीएम के
- 19:49क्योंकि क्योंकि जगन मोहन ने छोड़ने के
- 19:51बावजूद भी बावजूद भी कभी सोनिया जी के
- 19:56खिलाफ कोई अपशब्द नहीं बोले हैं।
- 20:00और आपने कहा डीएमके तो डीएम के तो
- 20:03सुनिश्चित तौर पर फोन पे बात करनी चाहिए।
- 20:06खारगे साहब को करनी चाहिए। ममता जी को
- 20:09करनी चाहिए। राहुल गांधी को करनी चाहिए।
- 20:12सोनिया जी को करनी चाहिए। सबको करनी
- 20:14चाहिए।
- 20:16राजनीति में परमानेंट फ्रेंड्स और
- 20:19परमानेंट एनिमी का कांसेप्ट नहीं होता।
- 20:23राजनीति इस अबाउट ब्रिजिक ब्रिजेस।
- 20:26साथी हाथ बढ़ा ना साथी रे। एक अकेला थक
- 20:31जाए कर मिल मिलकर बोझ उठाना। साथी हाथ
- 20:34बढ़ा ना साथी रे। ये नया दौर फिल्म का
- 20:36गाना है।
- 20:37जी
- 20:38और गजब जमाना है।
- 20:39जी जी
- 20:40आज शाम को सुन लेना। जावे साहब आखरी
- 20:42क्वेश्चन क्या आपको लगता है जो विनोद जी
- 20:45कह रहे हैं कि कोशिश अब ये होनी चाहिए कि
- 20:47एक टोटल जितना भी समूचा विपक्ष एक छतरी के
- 20:51नीचे आ जाए एक मंच पर आ जाए सो दैट प्रेशर
- 20:54पड़े और एनडीए को भी मैसेज जाए। क्या आपको
- 20:57लगता है जैसा विनोद जी कह रहे हैं कि अगर
- 20:59सोनिया गांधी फोन उठाती हैं बात करती
- 21:01स्टालिन से या जगन मोहन रेड्डी से बात
- 21:05करती हैं राहुल गांधी फोन मिलाते हैं नवीन
- 21:06पटनायक को तो क्या इसका असर पड़ेगा इस
- 21:10दौरान इस इस हालात में बेशक पड़ेगा
- 21:14भाई सोनिया गांधी ने 2004 के इलेक्शन के
- 21:18पहले कुछ कदम उठाए थे ना पासवान जी के घर
- 21:21चली गई थी शरद पवार से तो इतना बिटर
- 21:24फॉलिंग आउट हुआ था स्प्लिट हुआ शरद पवार
- 21:27के घर गई उनको फोल्ड में लाई तो क्यों
- 21:29नहीं हो सकता है इसके लिए बिहाइंड द सीन
- 21:32थोड़ा जैसे विनोद जी कह रहे थे पर्दे के
- 21:34पीछे भी बहुत काम होने चाहिए और थोड़ा एक
- 21:37प्लेटफार्म बिल्ड करो कि ताकि सब आ सके
- 21:39साथ इसमें कौन सी अपनी और देखो ये देखिए
- 21:42एक चीज तो बिल्कुल क्लियर है कि कोई एक
- 21:46पार्टी अलग अकेले बीजेपी से नहीं नाम ले
- 21:49सकती ये सब मिल जाए तो बीजेपी को से को
- 21:54हराया जा सकता है ये बिल्कुल क्लियर होना
- 21:56चाहिए इनको ये ये अपनी प्रायोरिटी क्लियर
- 21:59कर ले प्रायोरिटी अपनी 20 से 35 सीट करना
- 22:03है या बीजेपी को हराना है अगर बीजेपी को
- 22:06हराना है तो ये सारी चीजें करनी पड़ेगी आज
- 22:09नहीं तो कल जी दो खास मेहमान दो खास
- 22:12एक्सपर्ट तीन बातें दो तीन बातें बहुत उभर
- 22:15के सामने आ रही है जो हमारे एक्सपर्ट्स ने
- 22:17कही एक तो यह है कि सरकार वाकई अह सहमी है
- 22:21डरी हुई है बौखलाहट में इसलिए इस रैली को
- 22:24सफल नहीं होना चाहती और काउंटर कर रही
- 22:27पुलिस के जरिए दखल दे रही। दूसरी चीज यह
- 22:30है कि जो विनोद जी कह रहे हैं कि भाई
- 22:33कोशिश करनी चाहिए। कोशिश करनी चाहिए
- 22:36सोनिया गांधी को राहुल गांधी को जो लिगेसी
- 22:39है कांग्रेस पार्टी की कि वो नवीन पटनायक
- 22:41से भी बात करें। जग मोहन रेड्डी से बात
- 22:43करें, स्टैलिन से बात करें। ममता बनर्जी
- 22:46से कहे कि अरविंद केजरीवाल से बात करें और
- 22:50इस दायरे को विपक्ष को समूचे विपक्ष को एक
- 22:53मंच पे लाना चाहिए। और अगर समूचा विपक्ष
- 22:56मंच पर आता है तो इस स्टेज पर इस मकाम पर
- 23:00फिर बहुत कुछ संभव है। बहुत कुछ संभव है।
- 23:03यानी मैसेज कहीं ना कहीं फिर एनडीए को भी
- 23:05जाएगा जिसकी बैसाखियों पे ये सरकार चल रही
- 23:07है। ये भी मैसेज जाएगा नायडू को एक बिखरी
- 23:10हुई जनता दल को या फिर चिराग पासवान जो
- 23:12आजकल बहुत बेचैन से दिख रहे हैं। सबको
- 23:15मैसेज जाएगा। विपक्ष को एक होना चाहिए
- 23:18क्योंकि माहौल कहीं ना कहीं सरकार के
- 23:20मुखालिफ जा रहा है। बहुत-बहुत शुक्रिया
- 23:22विनोद साहब आप आए इस प्रोग्राम में। जावेद
- 23:24साहब आपका भी बहुत-बहुत शुक्रिया। थैंक यू
- 23:25सो मच बोथ ऑफ यू जॉइनिंग दिस प्रोग्राम।
- 23:27थैंक यू सो मच।
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This page contains the full transcript of असली डर क्या है ? राहुल पर इतना क्यों बौखलायें मोदी | शाह ने रूकवाये कार्यक्रम | Deepak Sharma | by Deepak Sharma, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 3,665 words across 491 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.
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