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Complete System Design Roadmap 2026 | HLD & LLD by Shradha Ma'am — Transcript

by Apna College · 4,690 words · 632 segments · language en · Watch on YouTube

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  1. 0:00हाई एवरीवन। इन टुडेज़ सेशन, वी आर गोइंग
  2. 0:01टू कवर द कंप्लीट एन्ड टु एंड गाइड टू
  3. 0:03लर्निंग सिस्टम डिज़ाइन। आज का जो सेशन
  4. 0:05होने वाला है, इट्स गोइंग टू बी वन ऑफ़ द
  5. 0:07मोस्ट इन डेप्थ एज़ वेल एज़ क्रिस्टल क्लियर
  6. 0:09सेशंस ऑन व्हाट एक्जेक्टली डू वी नीड टू
  7. 0:11लर्न इन हाई लेवल डिज़ाइन एंड लो लेवल
  8. 0:13डिज़ाइन। अब जब भी हम सिस्टम डिज़ाइन की बात
  9. 0:15करते हैं, ये बहुत इंपॉर्टेंट कॉन्सेप्ट
  10. 0:17है। एस्पेशली अगर हम एसडी टू या हायर
  11. 0:19रोल्स को टारगेट कर रहे हैं। और इफ वी
  12. 0:21वांट टू बिकम अ सीटीओ और अ टेक लीड इन द
  13. 0:23फ्यूचर। क्योंकि सिस्टम डिजाइन के अंदर हम
  14. 0:25कई सारे ऐसे इंपॉर्टेंट कांसेप्ट्स को कवर
  15. 0:27करते हैं जो हाईली स्केलेबल रोबस्ट सिस्टम
  16. 0:29डिजाइन करने के लिए बहुत ज्यादाेंट होते
  17. 0:31हैं। अब सिस्टम डिजाइन एग्जैक्टली है
  18. 0:33क्या? ये समझने के लिए हम बेसिक लेमन
  19. 0:35टर्म्स के अंदर बात करें तो सिस्टम डिज़ाइन
  20. 0:37इज़ डिज़िंग डे टू डे टेक बेस्ड सिस्टम्स।
  21. 0:40जैसे डे टू डे बेसिस पर हमने Netflix यूज़
  22. 0:42किया होगा, Uber यूज़ किया होगा, Instagram
  23. 0:44यूज़ किया होगा, WhatsApp यूज़ किया होगा।
  24. 0:46तो सिस्टम डिजाइन इंटरव्यूज के अंदर
  25. 0:48इन्हीं जैसे किसी एक सिस्टम को हमें
  26. 0:49डिजाइन करना होता है। जैसे एग्जांपल के
  27. 0:51लिए इंटरव्यूअर हमें बोल सकते हैं दैट यू
  28. 0:53हैव टू डिज़ाइन WhatsApp। अब एज अ
  29. 0:55सॉफ्टवेयर इंजीनियर WhatsApp को डिजाइन
  30. 0:57करने के लिए कुछ बेसिक टूल्स, कुछ बेसिक
  31. 0:58कांसेप्ट्स हैं जिनका हमें आईडिया होना
  32. 1:00चाहिए। एंड इन्हीं टूल्स एंड कांसेप्ट्स
  33. 1:02को हम सीखते हैं विद इन सिस्टम डिज़ाइन।
  34. 1:04एंड उसी के अंदर कौन-कौन से कांसेप्ट्स
  35. 1:06हमें सीखने होते हैं, उसी के बारे में आज
  36. 1:07हम डिटेल डिस्कशन कर रहे होंगे। तो सिस्टम
  37. 1:10डिजाइन को हम दो पार्ट्स के अंदर सीखते
  38. 1:11हैं। सबसे पहला इज हाई लेवल डिजाइन जिसके
  39. 1:14अंदर हम ओवरव्यू ऑफ द सिस्टम को डिजाइन
  40. 1:16करते हैं। जैसे एग्जांपल के लिए अगर हम
  41. 1:18WhatsApp को डिजाइन करेंगे तो उसके अंदर
  42. 1:20हम कौन सा डेटाबेस यूज़ कर रहे होंगे? किस
  43. 1:22तरीके से हम मैसेज क्यूज़ को यूज़ करेंगे।
  44. 1:24किस तरीके से हम कैश को यूज़ कर सकते हैं
  45. 1:25मे बी। तो इस तरीके से हम एक सिस्टम के
  46. 1:27डिफरेंट-डिफरेंट कॉम्पोनेंट्स को बताते
  47. 1:29हैं और एक ओवरऑल सिस्टम को डिज़ाइन करते
  48. 1:31हैं। यहां पर हमें कुछ भी एज़ सच कोड नहीं
  49. 1:33करना होता। सेकंड पार्ट ऑफ़ सिस्टम डिज़ाइन
  50. 1:36इज़ लो लेवल डिज़ाइन। जिसके अंदर हमें
  51. 1:38एक्चुअली मशीन कोडिंग करनी होती है। जहां
  52. 1:40पर हम एपीआईस को भी डिजाइन करते हैं। जहां
  53. 1:41पर हम क्लास डायग्राम्स भी बनाते हैं।
  54. 1:43जहां पर हम अपने मॉडल्स को भी बताते हैं।
  55. 1:45तो यहां पर हमारे एक्चुअल जो कोडिंग
  56. 1:47स्किल्स होते हैं वो टेस्ट हो रहे होते
  57. 1:48हैं। आज हम एचएलडी एंड एलएलडी दोनों के ही
  58. 1:50कांसेप्ट्स को डिटेल में कवर कर रहे
  59. 1:52होंगे। अब देयर इज़ एन इंपॉर्टेंट
  60. 1:54प्रीररेक्विज़िट बिफोर लर्निंग सिस्टम
  61. 1:55डिज़ाइन एंड दैट इज़ टू एक्चुअली हैव हैंड्स
  62. 1:58ऑन एक्सपीरियंस एंड डेवलपमेंट। अगर हम
  63. 2:00बिना डेवलपमेंट सीखे, बिना कोई प्रोजेक्ट
  64. 2:02बनाए, बिना किसी कंपनी के अंदर एटलीस्ट
  65. 2:04एसडी वन लेवल पर थोड़ा बहुत काम किए हुए
  66. 2:06अगर डायरेक्टली जाकर सिस्टम डिजाइन को
  67. 2:08सीखते हैं तो बहुत सारे कांसेप्ट्स हमें
  68. 2:10थ्योरेटिकल लगेंगे। उनकी हमें प्रैक्टिकल
  69. 2:12अंडरस्टैंडिंग उतनी हो नहीं पाएगी। तो इट
  70. 2:14इज़ वेरी वेरीरी क्रूशियल कि सिस्टम डिजाइन
  71. 2:16को सीखने से पहले हमने अपने लिए कुछ बेसिक
  72. 2:18लेवल पर एटलीस्ट प्रोजेक्ट लेवल पर कुछ
  73. 2:20सिस्टम्स को डिजाइन किया हो ताकि हम रिलेट
  74. 2:22कर पाएं कि जब हम डेटाबेस की बात कर रहे
  75. 2:24हैं। जब हम कैश की बात कर रहे हैं तो उनका
  76. 2:26क्या एक्चुअल यूजेज होता है एक रियल लाइफ
  77. 2:28सिस्टम के अंदर। सो इन द फर्स्ट हाफ ऑफ़ द
  78. 2:30सेशन वी आर गोइंग टू कवर एचएलडी एंड इन द
  79. 2:32सेकंड हाफ वी आर गोइंग टू कवर एलएलडी। अब
  80. 2:34सबसे पहले हाई लेवल डिज़ाइन की बात करते
  81. 2:35हैं। लेट्स सपोज़ हम इंटरव्यू के अंदर बैठे
  82. 2:38हैं एंड द इंटरव्यूअर आस्क अस टू डिज़ाइन अ
  83. 2:40Netflix लाइक सिस्टम। या हमें Netflix को
  84. 2:42ही डिज़ाइन करना है। जिसका मतलब है हमें एक
  85. 2:44ऐसी सर्विस को डिजाइन करना है व्हिच इज़
  86. 2:46एबल टू सर्व वीडियो कंटेंट टू मिलियंस ऑफ़
  87. 2:49यूज़र्स अक्रॉस डिफरेंट कंट्रीज एंड दैट टू
  88. 2:51सीमलेसली। अब इस सिस्टम को और अच्छे से
  89. 2:54समझने के लिए हमें दो चीजों को समझना
  90. 2:56पड़ेगा। व्हिच आर फंक्शनल एंड नॉन फंक्शनल
  91. 2:58रिक्वायरमेंट्स। फंक्शनल रिक्वायरमेंट्स
  92. 3:00का मतलब होता है कि सिस्टम के अंदर कौन से
  93. 3:02एग्जैक्ट फीचर्स हैं जिनको हमें बिल्ड
  94. 3:04करने की जरूरत है जिन्हें एक्चुअली यूज़र्स
  95. 3:06आकर यूज़ करेंगे। जैसे Netflix के लिए
  96. 3:08यूज़र्स के पास फीचर होना चाहिए दैट दे शुड
  97. 3:10बी एबल टू रजिस्टर एंड लॉग इन टू द
  98. 3:12सिस्टम। उसके साथ में यूज़र्स शुड ऑल्सो बी
  99. 3:15एबल टू परचेस द सब्सक्रिप्शन ऑफ़ Netflix।
  100. 3:17साथ के साथ जो भी यूज़र्स हैं, दे शुड बी
  101. 3:19एबल टू प्ले एंड पॉज़ द वीडियोज़। तो ये
  102. 3:21सारे डिफरेंट फीचर्स हैं जो यूज़र्स
  103. 3:23Netflix के ऊपर यूज़ कर पाएंगे। इसके साथ
  104. 3:25में अपने सिस्टम की कुछ नॉन फंक्शनल
  105. 3:27रिक्वायरमेंट्स भी होंगी। नॉन फंक्शनल
  106. 3:28रिक्वायरमेंट्स का मतलब होता है कि हमारा
  107. 3:29सिस्टम किस तरीके से परफॉर्म करेगा। उसके
  108. 3:32अंदर क्या-क्या क्वालिटीज होंगी? जैसे
  109. 3:33Netflix की अगर बात करें तो इट शुड बी अ
  110. 3:35सिक्योर सर्विस। जिसका मतलब है सिर्फ पेड
  111. 3:37यूज़र्स ही जो Netflix का पेड कंटेंट है
  112. 3:39उसे यूज़ कर पाएं। तो हमारे सिस्टम के अंदर
  113. 3:41अच्छे से ऑथेंटिकेशन एंड ऑथराइजेशन सेटअप
  114. 3:44होना चाहिए। उसके साथ में द सिस्टम शुड
  115. 3:46आल्सो हैव लो लेटेंसी। क्योंकि अगर
  116. 3:47वीडियोस बहुत ज्यादा डिले लेंगी प्ले करने
  117. 3:50में तो कोई भी यूजर उसे वॉच नहीं करना
  118. 3:51चाहेगा। एंड थर्डली हमारा जो सिस्टम है वो
  119. 3:53स्केलेबल भी होना चाहिए ताकि मिलियंस ऑफ
  120. 3:55यूज़र्स कॉन्करेंटली सेम मूवी को या सेम
  121. 3:57टीवी शो को देख पाएं। तो ये सारी की सारी
  122. 3:59फंक्शनल एंड नॉन फंक्शनल रिक्वायरमेंट्स
  123. 4:01जैसे ही हम अपने सिस्टम के लिए आइडेंटिफाई
  124. 4:03कर लेते हैं उसके बाद इन दोनों को ही
  125. 4:05ध्यान में रखते हुए हमें अपने ओवरऑल
  126. 4:07सिस्टम को डिजाइन करना होता है। सो अब हम
  127. 4:09फाइनली बात करने वाले हैं कि हाई लेवल
  128. 4:11डिज़ाइन के अंदर स्टेप बाय स्टेप हमें
  129. 4:12कौन-कौन से कॉम्पोनेंट्स हैं, कॉन्सेप्ट्स
  130. 4:14हैं जिनको सीखना होगा टू बी एबल टू डिज़ाइन
  131. 4:17दिस Netflix सिस्टम। नाउ द फर्स्ट स्टेप
  132. 4:19इन एचएलडी इज़ टू लर्न अबाउट सम ऑफ़ द
  133. 4:20फंडामेंटल्स। जैसे सर्वरस वर्सेस सर्वरफुल
  134. 4:23आर्किटेक्चर के अंदर क्या डिफरेंसेस होते
  135. 4:24हैं? फॉर एग्जांपल हमारा Netflix का सर्वर
  136. 4:26है। उसे अगर हम एडब्ल्यूएस पर डिप्लॉय
  137. 4:28करना चाहते हैं तो व्हाट इज द डिफरेंस
  138. 4:30बिटवीन डिप्लॉयंग इट यूजिंग एडब्ल्यूएस
  139. 4:32लैम्ब्डा वर्सेस डिप्लॉयंग इट यूजिंग
  140. 4:34एडब्ल्यूएस EC2 लैम्ब्डा हमें सर्वस
  141. 4:37फैसिलिटी देता है जिसमें एडब्ल्यूएस काफी
  142. 4:38सारी चीजें हमारे लिए हैंडल कर लेगा। जबकि
  143. 4:40EC2 पर अगर हम डिप्लॉय करेंगे तो बहुत
  144. 4:42सारी चीजें हमें ही ओवरसी करनी पड़ेगी।
  145. 4:45यहां पर कोई भी एक फिक्स्ड आंसर नहीं
  146. 4:47होता। हमेशा हमें एक ट्रेड ऑफ देखना होता
  147. 4:49है। जैसे फॉर एग्जांपल अगर हम स्केलेबल
  148. 4:51सिस्टम की लार्ज सिस्टम्स की बात करें तो
  149. 4:53वहां पर अगर हम सर्वलेस आर्किटेक्चर को
  150. 4:54यूज़ करेंगे तो वो काफी कॉस्ट इनफिशिएंट हो
  151. 4:56जाएगा। तो इस तरीके की चीजें हमें एडवांस
  152. 4:59में ही सोचनी होती है अबाउट आवर सिस्टम।
  153. 5:01इसके साथ में व्हाट इज़ द डिफरेंस बिटवीन
  154. 5:02हॉरिजॉन्टल एंड वर्टिकल स्केलिंग। जैसे
  155. 5:04शुरुआत में हमारी Netflix ऐप पर हो सकता
  156. 5:06है 100 यूज़र्स हो, 1000 यूज़र्स हो। तो
  157. 5:08वहां पर एक ही सर्वर काफी है। अब
  158. 5:10जैसे-जैसे यूज़र्स इनक्रीस होंगे, हम
  159. 5:11चाहेंगे कि उसी सर्वर को हम और ज्यादा
  160. 5:13स्केल कर दें। मतलब उसके अंदर हम रैम
  161. 5:15इनक्रीस कर दें, स्टोरेज इनक्रीस कर दें
  162. 5:17ताकि वही सिंगल सर्वर हमारे सारे के सारे
  163. 5:19यूजर्स का लोड ले पाए। सो दिस टाइप ऑफ
  164. 5:21स्केलिंग ऑफ अ सिंगल सर्वर इज़ कॉल्ड
  165. 5:23वर्टिकल स्केलिंग। अब एक लिमिट है जहां तक
  166. 5:26हम एक सिंगल सर्वर को स्केल कर सकते हैं।
  167. 5:27एक पॉइंट ऐसा आएगा जिसके बाद हमें मल्टीपल
  168. 5:29सर्वर्स की जरूरत पड़ेगी जहां पर भी आर
  169. 5:31गोइंग टू यूज़ अ लॉट ऑफ़ डिफरेंट सर्वर्स
  170. 5:33एंड एक लोड बैलेंसर को भी हम यूज़ करेंगे
  171. 5:35इन डिफरेंट सर्वर्स पर लोड डिवाइड करने के
  172. 5:37लिए। सो दिस इज़ कॉल्ड हॉरिजॉन्टल
  173. 5:39स्केलिंग। तो दोनों के अंदर फंडामेंटल
  174. 5:41लेवल पर क्या-क्या डिफरेंसेस होते हैं?
  175. 5:42व्हाट आर थ्रेड्स, व्हाट आर पेजेस? हाउ डज़
  176. 5:44दी इंटरनेट एक्चुअली वर्क? किस तरीके से
  177. 5:46रिक्वेस्ट रिस्पांस साइकिल जो है वो वर्क
  178. 5:48करती है? किस तरीके से डीएनएस काम करता
  179. 5:50है? इन सब चीजों की हमारे पास बेसिक नॉलेज
  180. 5:53होनी चाहिए। उसके बाद द सेकंड स्टेप वुड
  181. 5:54बी टू लर्न अबाउट डेटा बेसिस। द कोर ऑफ़
  182. 5:58प्रोग्रामिंग एंड कोडिंग इज़ ऑल अबाउट
  183. 6:00डेटा। इट इज़ अबाउट ट्रांसफरिंग डेटा, इट
  184. 6:01इज़ अबाउट मैनपुलेटिंग डेटा। इट इज़ अबाउट
  185. 6:03स्टोरिंग डेटा। जहां पर स्टोरिंग डेटा
  186. 6:05प्लेज़ अ वेरीेंट रोल। इसीलिए डेटाबेस
  187. 6:07बहुतेंट पार्ट होते हैं किसी भी सिस्टम
  188. 6:09का। तो हमारे पास एसक्यूएल नो एसक्यूएल
  189. 6:11डेटाबेस में Neo 4G हो गया, मंगो डीबी हो
  190. 6:13गया। डिफरेंट-डिफरेंट टाइप्स ऑफ डेटाबसेस
  191. 6:15का हमें पता होना चाहिए। उसमें भी कौन सा
  192. 6:16डेटाबेस कौन सी कैटेगरी के अंदर फॉल करता
  193. 6:18है? व्हाट आर द प्रोज़ एंड क्स ऑफ यूजिंग
  194. 6:20एसक्यूएल एंड नॉन एसक्यूएल डेटाबेस। इसके
  195. 6:22साथ में वी शुड आल्सो बी अवेयर अबाउट इन
  196. 6:24मेमोरी डेटाबेसिस। डेटा रेप्लिकेशन एंड
  197. 6:26माइग्रेशन किस तरीके से होता है? व्हाट इज़
  198. 6:29डेटा पार्टीशनिंग? व्हाट इज़ शार्डिंग? दिस
  199. 6:31इज़ आल्सो अ वेरी पॉपुलर इंटरव्यू
  200. 6:32क्वेश्चन। शार्डिंग इज़ बेसिकली हॉरिजॉन्टल
  201. 6:35पार्टीशनिंग और डेटा जिसका हमें आईडिया
  202. 6:37होना चाहिए डिटेल के अंदर क्योंकि कई सारी
  203. 6:39अच्छी कंपनीज़ हमसे शार्डिंग के बारे में
  204. 6:40पूछेंगी। नेक्स्ट वी आर गोइंग टू लर्न
  205. 6:42अबाउट कंसिस्टेंसी एंड अवेलेबिलिटी। यहां
  206. 6:45पर हम डेटा कंसिस्टेंसी के बारे में सीख
  207. 6:47रहे होंगे। व्हाट आर द डिफरेंट लेवल्स?
  208. 6:48जैसे व्हाट इज़ इवेंचुअल कंसिस्टेंसी, कोरम
  209. 6:50कंसिस्टेंसी और कॉज़ल कंसिस्टेंसी,
  210. 6:52लीनियराइज़ेबल कंसिस्टेंसी। इसके साथ में
  211. 6:54वी विल आल्सो लर्न अबाउट आइसोलेशन एंड
  212. 6:56इट्स लेवल। रीड अनकमिटेड एंड रीड कमिटेड
  213. 6:58में क्या डिफरेंसेस हैं? व्हाट इज़
  214. 6:59रिपीटेबल रीड। एंड वी विल आल्सो लर्न
  215. 7:02अबाउट द कैप थ्योरम। कैप थ्योरम सेज़ कि इन
  216. 7:03द इवेंट ऑफ़ अ नेटवर्क पार्टीशन वी बेसिकली
  217. 7:05हैव टू मेक अ चॉइस बिटवीन कंसिस्टेंसी एंड
  218. 7:07अवेलेबिलिटी। अब कंसिस्टेंसी और
  219. 7:09अवेलेबिलिटी में से हम कौन सी चीज को
  220. 7:12ज्यादा प्रेफरेंस दें, कौन सी चीज को पिक
  221. 7:13करें वो हमारे टाइप ऑफ सिस्टम पे डिपेंड
  222. 7:16करता है। कंसिस्टेंसी का लेमन टर्म्स के
  223. 7:17अंदर मतलब होता है कि हमारे पास हमेशा
  224. 7:19सबसे रीसेंट सबसे सही डेटा आना चाहिए।
  225. 7:21चाहे उसके अंदर डिले ही क्यों ना लग जाए।
  226. 7:23सो इट बेसिकली मीनंस दैट एव्री रीड शुड
  227. 7:25गेट द मोस्ट रीसेंट राइट। सिमिलरली
  228. 7:27अवेलेबिलिटी का मतलब होता है कि हमारा
  229. 7:28सिस्टम कोई रिस्पांस भेजेगा ही भेजेगा।
  230. 7:31चाहे वहां पर हम टेंपरेरीली मोस्ट रीसेंट
  231. 7:33डेटा को एज अ रिस्पांस ना भेज पाएं इन अ
  232. 7:35नॉन एरर रिस्पांस। जैसे एग्जांपल के लिए
  233. 7:37अगर हम Netflix की बात करें तो वहां पर
  234. 7:39यूजर के पेमेंट के लिए सब्सक्रिप्शन परचेस
  235. 7:41के लिए जो हम पूरा सिस्टम बिल्ड करेंगे
  236. 7:43वहां पर हम कंसिस्टेंसी को ज्यादा
  237. 7:45प्रायोरिटी देंगे एज़ कंपेयर टू
  238. 7:46अवेलेबिलिटी। क्योंकि पेमेंट सिस्टम्स के
  239. 7:48अंदर हमें एनश्योर करना होता है कि सारे
  240. 7:50के सारे लेटेस्ट अपडेट्स हमारे पास हमेशा
  241. 7:52आनी चाहिए। एंड दैट इज व्हाई इन सिस्टम्स
  242. 7:54लाइक Paytm या PayPal या PhonePe वहां पर
  243. 7:56कंसिस्टेंसी को हम ज्यादा प्रायोरिटी देते
  244. 7:58हैं। उसका एक और कॉन्सक्वेंस ये भी निकल
  245. 8:00कर आता है कि जनरली पेमेंट सिस्टम्स के
  246. 8:02अंदर एसक्यूएल को एज अ डेटाबेस ज्यादा
  247. 8:04प्रेफर किया जाता है एज़ कंपेयर टू नो
  248. 8:05एसक्यूएल डेटाबेस। जबकि इफ वी टॉक अबाउट अ
  249. 8:07सिस्टम लाइक WhatsApp तो WhatsApp
  250. 8:09नोटिफिकेशंस के टाइम पर हम अवेलेबिलिटी को
  251. 8:11ज्यादा प्रायोरिटी देंगे एज़ कंपेयर टू
  252. 8:13कंसिस्टेंसी। उसके बाद वी आर गोइंग टू
  253. 8:15लर्न अबाउट कैश। कैश बेसिकली हमारे लिए उस
  254. 8:18डेटा को स्टोर कराते हैं जिस डेटा को हम
  255. 8:19यूज़र्स तक विद अ वेरी लो लेटेंसी जल्दी से
  256. 8:22पहुंचाना चाहते हैं। तो जनरली ये हमारा
  257. 8:24मोस्ट फ्रीक्वेंटली यूज़्ड डेटा होता है या
  258. 8:26फिर ये काफी पॉपुलर डेटा होता है जिसे
  259. 8:28बहुत सारे यूज़र्स यूज़ करेंगे। कैश के अंदर
  260. 8:30हम सीखने वाले हैं व्हाट एग्जैक्टली इज़ अ
  261. 8:32कैश। उसके अंदर डिफरेंट टाइप्स ऑफ़ कैश।
  262. 8:33रेडिस हो गया, मेम कैश हो गया जो एग्ज़िस्ट
  263. 8:35करते हैं। किस तरीके से वर्क करते हैं।
  264. 8:36कैश के अंदर दो इंपॉर्टेंट पॉलिसीज़ होती
  265. 8:39हैं। एक राइट पॉलिसी एंड एक रिप्लेसमेंट
  266. 8:41पॉलिसीज़। तो राइट पॉलिसी के अंदर राइट बैक
  267. 8:44थ्रू एंड अराउंड का क्या मतलब होता है?
  268. 8:46रिप्लेसमेंट पॉलिसीज में मतलब कैश के अंदर
  269. 8:48हमारा जो न्यू डेटा आएगा और कौन सा पुराना
  270. 8:50डेटा रिप्लेस होगा उसका जो डिसीजन है दैट
  271. 8:52डिपेंड्स ऑन द एल्गोरिदम और द पॉलिसी दैट
  272. 8:54वी आर यूजिंग। तो वहां पर एलएफयू एलआरयू
  273. 8:56एंड सेगमेंटेड एलआरयू ये कुछ पॉपुलर
  274. 8:58ऑप्शंस हैं जिनका हमें पता होना चाहिए हाउ
  275. 9:00डू दे वर्क। एंड यहां पर कंटेंट डिलीवरी
  276. 9:02नेटवर्क्स भी हमें बहुत ज्यादा हेल्प करते
  277. 9:03हैं। बेसिकली सीडी हमारे लिए इंश्योर करते
  278. 9:06हैं फास्ट डिलीवरी ऑफ़ स्टैटिक डेटा। जैसे
  279. 9:08एग्जांपल के लिए Netflix पर अगर कोई
  280. 9:09पॉपुलर शो है जैसे ब्लैक मिरर उसका अगर
  281. 9:11कोई न्यू सीजन या न्यू एपिसोड आने वाला है
  282. 9:14तो अगर Netflix पहले से एंटीिसिपेट कर ले
  283. 9:16कि डिफरेंट कंट्रीज के अंदर बहुत सारे लोग
  284. 9:18हैं जो इस सीजन के इस एपिसोड को देखेंगे
  285. 9:20ही देखेंगे तो Netflix उस न्यू सीजन के
  286. 9:22एपिसोड्स को पहले से अपने सीडीएन के अंदर
  287. 9:24स्टोर करा सकता है ताकि यूज़र्स को ज्यादा
  288. 9:26डिले ना देखना पड़े। जल्दी से उनके लिए वो
  289. 9:28एपिसोड्स प्ले कर पाएं। इसके साथ में वी
  290. 9:30आर आल्सो गोइंग टू कवर नेटवर्किंग जिसमें
  291. 9:32बेसिक जो हमारे कांसेप्ट्स होते हैं
  292. 9:34कंप्यूटर नेटवर्किंग के टीसीपी यूडीपी के
  293. 9:35अंदर क्या डिफरेंसेस होते हैं? HTTP https
  294. 9:38के अंदर क्या डिफरेंसेस होता है? व्हाट आर
  295. 9:39द डिफरेंट वर्जनंस ऑफ़ http? 1 2 3 तीनों
  296. 9:42के इंप्लीमेंटेशन में बेसिक डिफरेंसेस
  297. 9:44क्या होते हैं? वेब सॉकेट्स किस लिए यूज़
  298. 9:45होते हैं? व्हाट इज़ वेब आरटीc? एंड हाउ
  299. 9:47एग्जैक्टली डू वी यूज़ वेब आरटीसी इन
  300. 9:49वीडियो स्ट्रीमिंग? ये काफी इंपॉर्टेंट
  301. 9:52यूज़ केस है। और जब भी हम Google mट या फिर
  302. 9:54ZM जैसा कोई सिस्टम डिज़ाइन करने की कोशिश
  303. 9:56करेंगे, तो वहां पर इसकी अंडरस्टैंडिंग
  304. 9:58हमें काफी ज्यादा हेल्प करेगी। इसके साथ
  305. 10:00में इट इज़ आल्सोेंट टू लर्न अबाउट लोड
  306. 10:02बैलेंससेस। हमने हॉरिजॉन्टल वर्टिकल
  307. 10:04स्केलिंग की बात की तो वहां पर लोड
  308. 10:06बैलेंसर का एक क्रूशियल रोल है। तो लोड
  309. 10:08बैलेंसिंग एल्गोरिथ्म्स कौन सी होती हैं?
  310. 10:09व्हाट इज़ स्टेटलेस एंड स्टेटफुल लोड
  311. 10:11बैलेंसिंग? लोड बैलेंसिंग में डिफरेंट
  312. 10:13एल्गोरिदम्स होती हैं। राउंड रबिन हो गई,
  313. 10:14लीस्ट कनेक्शंस हो गया। व्हाट इज़
  314. 10:16कंसिस्टेंट है? दिस इज़ एनेंट कंप्यूटर
  315. 10:18साइंस कॉन्सप्ट। प्रॉक्सी रिवर्स प्रॉक्सी
  316. 10:20किस तरीके से यूज़ होती है? रेट लिमिटिंग
  317. 10:22व्हिच इज़ क्रूशियल टू प्रिवेंट अ सिस्टम
  318. 10:23फ्रॉम डीडॉस अटैक्स। किस तरीके से
  319. 10:25इंप्लीमेंट होती है। उसके बाद में वी कैन
  320. 10:27आल्सो लर्न अबाउट मैसेज क्यूज़। एसिंक्रोनस
  321. 10:29प्रोग्रामिंग के लिए, एसिंक्रोनस
  322. 10:31प्रोसेसिंग के लिए मैसेज कस बहुत
  323. 10:32ज्यादाेंट होती हैं। एंड कई सारे सिस्टम्स
  324. 10:35के अंदर हमें मैसेज क्यूस देखने को मिलती
  325. 10:37हैं। मैसेज क्यूज़ का बेसिकली काम होता है
  326. 10:39टू हैंडल द नॉन क्रिटिकल टास्क। नॉन
  327. 10:41क्रिटिकल टास्क मतलब ऐसे टास्क जो थोड़े से
  328. 10:43डिले के साथ भी प्रोसेस होंगे तो उसमें
  329. 10:44कोई खास सिस्टम के ऊपर फर्क नहीं पड़ेगा।
  330. 10:46जैसे फॉर एग्जांपल WhatsApp पर हम अपना
  331. 10:48मैसेज तो भेज देते हैं। दैट इज़ अ क्रिटिकल
  332. 10:50टास्क पर मैसेज के ऊपर डबल टिक आ रहा है
  333. 10:52या नहीं आ रहा वो थोड़ा सा नॉन क्रिटिकल
  334. 10:54टास्क है। उसमें अगर थोड़ा सा डिले भी हो
  335. 10:55जाए तो हमें ज्यादा कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
  336. 10:57तो इस तरीके के टास्क को हमारी मैसेज
  337. 10:59क्यूज़ हैंडल करती हैं। वहां पर कैफ का
  338. 11:00रैबिट एम क्यू आर पॉपुलर ऑप्शन। इट यूजज़ अ
  339. 11:03वेरी पॉपुलर पब्लिशर सब्सक्राइबर मॉडल
  340. 11:05जिसके बारे में हम पढ़ सकते हैं। इसके साथ
  341. 11:07में नेक्स्ट हम पढ़ेंगे अबाउट मोनोलिथ्स
  342. 11:09एंड माइक्रो सर्विसेस। वन ऑफ़ द टू
  343. 11:11मोस्टेंट आर्किटेक्चर जब भी हम सिस्टम्स
  344. 11:13को बिल्ड करने की, डिजाइन करने की बात
  345. 11:15करते हैं, तो एज़ पर द इंडस्ट्री नॉर्म वी
  346. 11:17आर इनिशियली गोइंग टू बिल्ड इट एज अ
  347. 11:19मोनोलिथ। पर धीरे-धीरे उसके अंदर जैसे ही
  348. 11:21हमारा सिस्टम स्केलेबल होता है, जैसे
  349. 11:22हमारी टीम्स बहुत बड़ी-बड़ी होती हैं,
  350. 11:24धीरे-धीरे हमें मोनोलेज से माइक्रो
  351. 11:26सर्विसेस के अंदर शिफ्ट होना पड़ता है।
  352. 11:27तो, हमें माइक्रो सर्विसेस की क्यों जरूरत
  353. 11:29पड़ती है? व्हाट इज़ द कांसेप्ट ऑफ़ सिंगल
  354. 11:31पॉइंट ऑफ़ फेलियर? कैस्केडिंग फेलियर्स को
  355. 11:33कैसे अवॉइड करना है? कंटेनराइज़ेशन किस
  356. 11:35तरीके से वर्क करती है? कंटेनर्स का क्या
  357. 11:37मतलब होता है? माइक्रो सर्विसेस के अंदर
  358. 11:38कंटेनर्स बहुतेंट होते हैं। उसके लिए डॉकर
  359. 11:40इज़ वन ऑफ़ द मोस्ट पॉपुलर सर्विसेस। डॉकर
  360. 11:43के ऊपर आई हैव आल्सो रिलीज़्ड एन एंड टू
  361. 11:44एंड ट्यूटोरियल जिसके अंदर हम कंप्लीट
  362. 11:46डॉकर को सीख सकते हैं एज अ वर्किंग
  363. 11:48सॉफ्टवेयर डेवलपर। तो उसका लिंक भी आपको
  364. 11:50नीचे डिस्क्रिप्शन बॉक्स के अंदर मिल
  365. 11:51जाएगा। एंड फाइनली हाउ डू वी माइग्रेट
  366. 11:53फ्रॉम मोनोलिथ्स टू माइक्रो सर्विसेस।
  367. 11:55उसके साथ में मॉनिटरिंग एंड लॉगिंग अ
  368. 11:57सिस्टम इज़ आल्सो वेरीेंट। फॉर एग्जांपल हम
  369. 12:00Netflix के ऊपर वी आर डूइंग दिस अ ह्यूज
  370. 12:02सेल ऑन सब्सक्रिप्शन कि बहुत बड़ा ऑफर चल
  371. 12:05रहा है एंड द सब्सक्रिप्शन आर गोइंग टू बी
  372. 12:07वेरी चीप। तो बहुत सारे यूजर्स आएंगे जो
  373. 12:09हमारे सिस्टम पर आने वाले हैं। अब ऐसे में
  374. 12:11अगर बहुत हैवी लोड की वजह से हमारे सिस्टम
  375. 12:13के अंदर कोई प्रॉब्लम आ जाती है तो वहां
  376. 12:15पर हमारे सिस्टम के जो लॉग्स होते हैं वो
  377. 12:17बहुत ज्यादा हेल्प करते हैं टू आइडेंटिफाई
  378. 12:18कि एग्जैक्टली क्या प्रॉब्लम आई सिस्टम के
  379. 12:20अंदर और नेक्स्ट टाइम से जब भी हमें कोई
  380. 12:22सेल करनी होगी, कुछ चीज करनी होगी, कोई
  381. 12:24ऑफर निकालना होगा तो हमें किन चीजों पर
  382. 12:26ध्यान देना है। तो इट इज़ वेरीेंट टू लॉग
  383. 12:28इवेंट्स एंड मॉनिटर द मैट्रिक्स ऑफ अ
  384. 12:30सिस्टम। इसके साथ में एनॉमली डिटेक्शन इज़
  385. 12:32आल्सो एनेंट कांसेप्ट। तो यहां पर हम
  386. 12:35एडब्ल्यूएस क्लाउड वॉच ग्रफाना हो गया,
  387. 12:37प्रोमिथीथियस हो गया। इस तरीके के पॉपुलर
  388. 12:39टूल्स हैं जिनको यूज़ करते हैं। उसके बाद
  389. 12:41में द नेक्स्ट स्टेप वुड एसेंशियली बी टू
  390. 12:43थिंक अबाउट सिक्योरिटी। जैसे हमने ऑलरेडी
  391. 12:45बात की थी Netflix के अंदर सिर्फ पेड
  392. 12:47यूज़र्स को ही कंटेंट की एक्सेस होनी
  393. 12:49चाहिए। उसके लिए स्ट्रांग ऑथराइजेशन,
  394. 12:51स्ट्रांग ऑथेंटिकेशन हमारे सिस्टम के अंदर
  395. 12:53होना चाहिए। हम जनरली टोकंस को यूज़ करते
  396. 12:55हैं। ओ ऑथ का क्या मतलब होता है? वी हैव
  397. 12:57एक्सेस कंट्रोल लिस्ट टू डिफाइन द एक्सेस
  398. 13:00एंड डिफरेंट रूल्स फॉर डिफरेंट लेवल्स ऑफ़
  399. 13:02एक्सेस इनसाइड द सिस्टम। इंक्रिप्शन की हम
  400. 13:04बात कर रहे होंगे। उसको सीख रहे होंगे। द
  401. 13:06नेक्स्ट स्टेप वुड बी टू लर्न अबाउट ट्रेड
  402. 13:08ऑफ्स। अब जब भी हम सिस्टम डिजाइन की बात
  403. 13:10करते हैं, देयर इज़ नो फिक्स्ड आंसर, देयर
  404. 13:12इज़ नो सिंगल आंसर, देयर इज़ नो राइट और
  405. 13:14रॉन्ग आंसर। सिस्टम डिज़ाइन इंटरव्यूज़ के
  406. 13:16अंदर बेसिकली हमें अपना पॉइंट ऑफ व्यू
  407. 13:18बताना होता है कि हमने ये थॉट प्रोसेस
  408. 13:20लगाया प्रॉब्लम को समझकर। एंड उसके हिसाब
  409. 13:22से हमने ये सॉल्यूशन डिज़ाइन किया है। और
  410. 13:24फिर जो भी सॉल्यूशन हम डिज़ाइन करते हैं,
  411. 13:26उसे हमें जस्टिफाई करना होता है। इंटरव्यू
  412. 13:28और कुछ क्वेश्चंस पूछेंगे उनके हमें
  413. 13:29आंसर्स देने होते हैं। तो डिज़िंग अ सिस्टम
  414. 13:31इज़ ऑल अबाउट ट्रेड ऑफ्स। जरूरी नहीं है कि
  415. 13:33दो लोग सेम सिस्टम को सेम ही तरीके से
  416. 13:35डिजाइन करेंगे। कोई हो सकता है किसी दूसरी
  417. 13:37चीज को प्रायोरिटी दे। दूसरा व्यक्ति हो
  418. 13:39सकता है किसी अलग चीज को प्रायोरिटी दे।
  419. 13:41तो वहां पर ट्रेड ऑफ्स को समझना बहुत
  420. 13:42ज्यादा इंपॉर्टेंट है। तो उसके अंदर पुश
  421. 13:44वर्सेस पुल आर्किटेक्चर का क्या ट्रेड ऑफ
  422. 13:46होता है? पुश बेसिकली मींस दैट वी हैव टू
  423. 13:48पुश द डेटा विदाउट द क्लाइंट आस्किंग फॉर
  424. 13:50इट। पुल आर्किटेक्चर के अंदर वी वेट फॉर द
  425. 13:52क्लाइंट टू सेंड अ रिक्वेस्ट फॉर द डेटा।
  426. 13:54एंड उसी के बाद हम अपने डेटा को सेंड करते
  427. 13:56हैं। कंसिस्टेंसी वर्सेस अवेलेबिलिटी
  428. 13:58प्रॉब्लम अगेन कैप थ्योरम एसक्यूएल वर्सेस
  429. 14:01नो एसक्यूएल डेटाबेस के अंदर हमें क्या
  430. 14:03ट्रेड ऑफ के अंदर डिफरेंसेस आएंगे? मेमोरी
  431. 14:05वर्सेस लेटेंसी वर्सेस थ्रूपुट वर्सेस
  432. 14:07एक्यूरेसी इनके अंदर भी हमें चूज़ करना
  433. 14:09पड़ेगा। तो इन सारे डिफरेंट ट्रेड ऑफ्स की
  434. 14:11हमारे पास स्ट्रांग अंडरस्टैंडिंग होनी
  435. 14:13चाहिए। एंड जैसे ही इन सारे कॉन्सेप्ट्स
  436. 14:15को हमने सीख लिया। फाइनली द लास्ट स्टेप
  437. 14:18इज़ टू प्रैक्टिस, प्रैक्टिस एंड
  438. 14:20प्रैक्टिस। द मोर सिस्टम डिजाइन क्वेश्चंस
  439. 14:22यू प्रैक्टिस द मोर यू बिकम बेटर एट
  440. 14:24सिस्टम डिजाइनिंग। क्योंकि जनरली जितने भी
  441. 14:27बड़े सिस्टम के हम एग्जांपल्स लेंगे उनको
  442. 14:29डिजाइन करना सीखेंगे उन्हीं के अंदर हमारे
  443. 14:31मेजॉरिटी इंटरव्यू क्वेश्चंस कवर हो
  444. 14:33जाएंगे। एंड इनफैक्ट डिफरेंट-डिफरेंट
  445. 14:34सर्विज के सिस्टम डिज़ाइंस देखकर हमें पता
  446. 14:36लग जाएगा कि कहां पर कौन से केसेस के अंदर
  447. 14:39हम मैसेज क्यूज़ को यूज़ करेंगे। किस तरीके
  448. 14:40से हम कैश को यूज़ करेंगे। कहां पर कौन सा
  449. 14:42डेटाबेस प्रेफर्ड होना चाहिए। कहां पर
  450. 14:44हमें कंसिस्टेंसी को प्रेफर करना है, कहां
  451. 14:46पर हमें अवेलेबिलिटी को प्रेफर करना है।
  452. 14:48तो यहां पर दीज़ आर वन ऑफ़ द मोस्ट पॉपुलर
  453. 14:5010 सर्विज जिनके मैंने आपको एग्जांपल्स दे
  454. 14:52दिए हैं व्हिच आर मस्ट डू और मस्ट
  455. 14:55प्रैक्टिस बिफोर वी गो एंड सट फॉर अ
  456. 14:57सिस्टम डिज़ाइन इंटरव्यू। तो यहां पर
  457. 14:59YouTube, Twitter, WhatsApp ये काफी सारे
  458. 15:01पॉपुलर सिस्टम्स हैं जिनको अगर हम डिजाइन
  459. 15:03करेंगे तो डिफरेंट-डिफरेंट तरीके के
  460. 15:04सिस्टम्स का हमें आईडिया लग जाएगा। जैसे
  461. 15:06Amazon से वी विल गेट टू नो कि ई-कॉमर्स
  462. 15:08वेबसाइट्स में क्या-क्या चीजें ध्यान रखनी
  463. 15:10होती हैं। ZM में वी विल गेट टू नो कि
  464. 15:12वीडियो स्ट्रीमिंग को किस तरीके से देखना
  465. 15:13होता है। Instagram में वी विल गेट टू नो
  466. 15:15कि एक सोशल मीडिया एप्लीकेशन दैट इज़
  467. 15:17डीलिंग विद अ लॉट ऑफ़ फोटो एंड वीडियोस।
  468. 15:19उसे किस तरीके से डिज़ाइन करना होता है।
  469. 15:21Uber के अंदर हम डिफरेंट तरीके के यूज़र्स
  470. 15:24के हिसाब से क्या-क्या चीजें हमें इंश्योर
  471. 15:25करनी होती हैं। दो तरीके के यूज़र्स Uber
  472. 15:28पर एक्सिस्ट करेंगे। वन इज़ अ राइडर, वन इज़
  473. 15:30अ ड्राइवर। दोनों के अलग-अलग फंक्शनल
  474. 15:31रिक्वायरमेंट्स होंगे जिनको हमें फुलफिल
  475. 15:33करना होगा। तो इन सारे सिस्टम्स की फाइनली
  476. 15:35जाकर हमें प्रैक्टिस करनी है। सो फाइनली
  477. 15:37आफ्टर लर्निंग ऑल ऑफ दीज़ कॉम्पोनेंट्स दिस
  478. 15:39इज़ व्हाट आवर Netflix सिस्टम इज़ गोइंग टू
  479. 15:40लुक लाइक जिसमें वी आर गोइंग टू हैव अ
  480. 15:42कॉम्बिनेशन ऑफ़ सर्वर, सीडीएन एंड लोड
  481. 15:44बैलेंससेस। अब देयर इज़ अ कॉमन सेइंग इन
  482. 15:46सिस्टम डिज़ाइन जिसको हम अपने फ्यूचर सेल्फ
  483. 15:47के लिए याद रख सकते हैं कि इट इज़ बेटर टू
  484. 15:50सैटिस्फाई सम ऑफ़ द यूज़र्स देन डिसपॉइंट ऑल
  485. 15:53ऑफ़ देम। और इसी सेइंग को ध्यान में रखते
  486. 15:55हुए हमें अपने सिस्टम्स को डिजाइन करना
  487. 15:56है। अब एज अ सॉफ्टवेयर इंजीनियर हो सकता
  488. 15:58है हमने जो एचएलडी का पूरा का पूरा
  489. 16:00टॉपिक्स देखे सिलेबस देखा इट सीम्स वेरी
  490. 16:03ओवरवेल्मिंग एट वंस क्योंकि जनरली जब भी
  491. 16:05हम अपने पर्सनल प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे
  492. 16:07होते हैं और वी आर वर्किंग इन अ सर्विस
  493. 16:09बेस्ड कंपनी और इवन इन अ प्रोडक्ट बेस्ड
  494. 16:10कंपनी एज अ सिंगल सॉफ्टवेयर इंजीनियर हम
  495. 16:13इतनी सारी चीजों के साथ एक साथ डील नहीं
  496. 16:15कर रहे होते एंड इट इज़ कंप्लीटली नॉर्मल
  497. 16:18टू फील ओवरवेल बाय ऑल ऑफ़ दीज़ कॉनसेप्ट्स।
  498. 16:20और जब भी हम प्रोडक्ट बेस्ड एमएसी या
  499. 16:22हाइली स्केलेबल स्टार्टअप्स के अंदर काम
  500. 16:23करने की बात करते हैं तो वहां पर उनके जो
  501. 16:25सिस्टम्स होते हैं उसमें जनरली ये सारे के
  502. 16:28सारे कॉम्पोनेंट्स किसी ना किसी वे में
  503. 16:30यूज़ हो रहे होते हैं। तो ऐसे में एज अ
  504. 16:31सॉफ्टवेयर इंजीनियर इवन दो डे टू डे बेसिस
  505. 16:34पर हम इन सबको यूज़ नहीं कर रहे होंगे। बट
  506. 16:36फिर भी अगर हमें इनकी अच्छी अंडरस्टैंडिंग
  507. 16:38होगी तो उन कंपनीज के अंदर अगर हम काम
  508. 16:40करने जाते हैं तो उनके सिस्टम को समझने
  509. 16:42में और उन सिस्टम्स के अंदर अच्छे से
  510. 16:44कंट्रीब्यूट करने में हमें बहुत ज्यादा
  511. 16:46हेल्प मिलती है। एंड दैट इज़ व्हाई सिस्टम
  512. 16:48डिज़ाइन प्लेज़ अ वेरीेंट रोल। अब हमने हाई
  513. 16:51लेवल डिज़ाइन को कवर कर लिया है। नेक्स्ट
  514. 16:52वी आर गोइंग टू मूव ऑन टू लो लेवल डिज़ाइन
  515. 16:54व्हिच इज़ ऑल अबाउट मशीन कोडिंग। लो लेवल
  516. 16:57डिज़ाइन के अंदर वी कैन स्टार्ट विद द
  517. 16:58फंडामेंटल कॉन्सेप्ट्स ऑफ़ ऊप्स। एलएलटी इज़
  518. 17:00बेसिकली अबाउट राइटिंग वेल स्ट्रक्चरर्ड
  519. 17:02कोड व्हिच सॉल्व्स द प्रॉब्लम्स। तो उसके
  520. 17:04अंदर हमारे जो फोर पिलर्स और ऊप्स होते
  521. 17:06हैं उन्हें हम कवर कर सकते हैं। वी कैन
  522. 17:07लर्न अबाउट सॉलिड प्रिंसिपल्स, व्हाट इज़
  523. 17:09सिंगल रिस्पांसिबिलिटी प्रिंसिपल, व्हाट
  524. 17:11इज़ ओपन क्लोज प्रिंसिपल? तो इस तरीके से
  525. 17:12पांच सॉलिड प्रिंसिपल्स होते हैं जिनके
  526. 17:14बारे में हमें डिटेल में पता होना चाहिए।
  527. 17:16वी कैन आल्सो स्टडी अबाउट डिज़ाइन
  528. 17:18पैटर्न्स। अब एलएलडी में यू विल नोटिस दैट
  529. 17:20एलएलडी के अंदर यू विल फाइंड अ लॉट ऑफ़
  530. 17:22थिंग्स जिनके साथ हम डे टू डे बेसिस पर एज़
  531. 17:24अ वर्किंग सॉफ्टवेयर इंजीनियर डील करते
  532. 17:25हैं। तो इसमें से हो सकता है कुछ पैटर्न्स
  533. 17:27आपने ऑलरेडी अपने कोड के अंदर यूज़ किए हो
  534. 17:29कंपनीज़ ने। क्रिएशनल स्ट्रक्चरल एंड
  535. 17:30बिहेवियरल पैटर्न्स के बारे में हमें
  536. 17:32डिटेल में पता होना चाहिए। उसके साथ में
  537. 17:34वी शुड बी रेमिलियर विद द कॉन्सप्ट ऑफ़
  538. 17:36कॉन्करेंसी एंड थ्रेड सेफ्टी। कॉन्करेंसी
  539. 17:38बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट होती है जब भी हम
  540. 17:39कोड की बात करते हैं। तो थ्रेड सेफ
  541. 17:41इंजेक्शन किस तरीके से होता है? व्हाट इज़
  542. 17:43द डिफरेंट लॉकिंग मैकेनिज़्म्स फॉर डेटा?
  543. 17:44व्हाट इज़ प्रोड्यूसर कंज्यूमर मॉडल? क्या
  544. 17:46रेस कंडीशंस होती हैं? व्हाट इज़
  545. 17:48सिंक्रोनाइजेशन? ये ऐसी चीजें हैं जो
  546. 17:49ऑपरेटिंग सिस्टम्स के अंदर हम ऑलरेडी
  547. 17:51कॉलेज लेवल से पढ़ते हुए आ रहे होंगे। इनको
  548. 17:53बस हमें थोड़ा सा रिवाइज़ करना है। देन
  549. 17:55स्टेप फोर वुड बी टू लर्न अबाउट यूएमएल
  550. 17:57डायग्राम्स। अब यूएमएल डायग्राम्स के अंदर
  551. 17:59हमारा क्लास डायग्राम, कॉम्पोनेंट
  552. 18:00डायग्राम ये सारी चीजें कवर होती हैं।
  553. 18:02यूएमएल डायग्राम इज बेसिकली एन ऑप्शनल
  554. 18:05कांसेप्ट इफ यू आस्क मी। कुछ कंपनीज़ होती
  555. 18:07हैं जो आपसे यूएमएल डायग्राम एक्सपेक्ट
  556. 18:08करेंगी। कुछ होती हैं जिन्हें क्लास
  557. 18:10डायग्राम्स नहीं बनवाने होते। तो ऐसे में
  558. 18:12इफ यू हैव एन एलएलडी इंटरव्यू कमिंग अप।
  559. 18:14तो आप अपने रिक्रूटर से पूछ सकते हैं। आप
  560. 18:15अपने एचआर से पूछ सकते हैं। इफ दिस इज़
  561. 18:17समथिंग व्हिच इज़ एक्सपेक्टेड इन द
  562. 18:18इंटरव्यू ऑ नॉट। इसके साथ में वी आर गोइंग
  563. 18:20टू लर्न अबाउट एपीआई। किस तरीके से हम
  564. 18:22अपनी एपीआई को डिज़ाइन करेंगे। रिक्वेस्ट
  565. 18:24रिस्पांस ऑब्जेक्ट मॉडलिंग। वर्जनिंग हो
  566. 18:26गई एपीआई की या एक्सटेंसिबिलिटी हो गई
  567. 18:28हमारे जो डिफरेंट-डिफरेंट क्लीन कोड
  568. 18:29प्रिंसिपल्स हैं जिसमें से ड्राइव
  569. 18:31प्रिंसिपल आ जाता है सिंगल
  570. 18:32रिस्पांसिबिलिटी प्रिंसिपल आ जाता है एंड
  571. 18:34साथ के साथ हाउ डू वी अवॉयड गॉड क्लासेस
  572. 18:37इन आवर कोड तो ये सारे इंपॉर्टेंट
  573. 18:39कांसेप्ट्स हैं जिनको ध्यान में रखते हुए
  574. 18:41हमें अपने कोड को अपनी एपीआईस को लिखना
  575. 18:43होता है। उसके बाद वी आर गोइंग टू
  576. 18:46प्रैक्टिस सम ऑफ़ द कॉमन प्रॉब्लम्स इन
  577. 18:48एलएलडी। अब एलएलडी एंड एचएलडी प्रॉब्लम्स
  578. 18:51के अंदर यू विल नोटिस अ डिफरेंस कि एचएलडी
  579. 18:53के अंदर जनरली हम एक लार्ज सिस्टम को
  580. 18:55डिजाइन कर रहे होते हैं। एंड एलएलडी के
  581. 18:56अंदर हमारे पास कंपेरेटिवली एक छोटा
  582. 18:58सिस्टम होता है जिसे हमें कोड करना होता
  583. 19:00है। जैसे एक T2 या फिर एक चेस गेम हो गया
  584. 19:02और मे बी यू आर डिजाइनिंग अ नोटिफिकेशन
  585. 19:04सिस्टम और अ यूआरएल शॉर्टर। तो इस तरीके
  586. 19:06से छोटे सिस्टम होते हैं जिन्हें हमें कोड
  587. 19:08करना होता है। कोई इंटरव्यूज़ के अंदर आपको
  588. 19:10ये नहीं बोलेगा कि एंड टू एंड यू हैव टू
  589. 19:12कोड दी एंटायर Netflix एप्लीकेशन बिकॉज़
  590. 19:14दैट इज़ नॉट पॉसिबल इवन इन योर टाइम और द
  591. 19:16इंटरव्यूज़ टाइम। सो दिस इज ऑल व्हिच विल
  592. 19:19बी कवर्ड इन आवर एचएलडी एंड एलएलडी
  593. 19:22इंटरव्यूज। नाउ इफ वी टॉक अबाउट दी
  594. 19:23टाइमलाइन फॉर लर्निंग ऑल ऑफ दीज़ थिंग्स।
  595. 19:25इफ वी आर समबडी हु इज़ अ सॉफ्टवेयर
  596. 19:27इंजीनियर एंड इज़ एक्टिवली प्रिपेयरिंग फॉर
  597. 19:28सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग इंटरव्यूज़। और
  598. 19:30इनमें से कई सारे कॉन्सेप्ट्स हैं जिनको
  599. 19:31डे टू डे बेसिस पर वो अपने वर्क के अंदर
  600. 19:33सीखते आ रहे थे, यूज़ करते आ रहे थे। तो
  601. 19:35ऐसे में हमें टू टू थ्री मंथ्स लगेंगे इन
  602. 19:37सारे कॉन्सेप्ट्स को सीखने में। बट इफ वी
  603. 19:39आर समबडी जिसके लिए मेजॉरिटी कॉन्सेप्ट्स
  604. 19:41नए थे और उन्होंने फर्स्ट टाइम सुने थे।
  605. 19:43तो ऐसे केस में अ रियलिस्टिक टाइमलाइन वुड
  606. 19:45बी बिटवीन फोर टू सिक्स मंथ्स। बट द की टू
  607. 19:48लर्निंग सिस्टम डिजाइन इज ऑलवेज प्रैक्टिस
  608. 19:50प्रैक्टिस एंड मोर प्रैक्टिस। क्योंकि
  609. 19:52जितना ज्यादा हम इन कांसेप्ट्स को
  610. 19:53प्रैक्टिस करेंगे, जितना ज्यादा हम अपने
  611. 19:55पीओसीस के अंदर इनफैक्ट पर्सनल
  612. 19:57प्रोजेक्ट्स के अंदर भी इन कांसेप्ट्स को
  613. 19:58इंप्लीमेंट करने की कोशिश करेंगे, उतना
  614. 20:00ज्यादा वी विल बी एबल टू डाइव, डीप एंड
  615. 20:02अंडरस्टैंड सिस्टम डिज़ाइन बेटर। तो, आई
  616. 20:04होप कि आज का ये जो सेशन है, यह हमें कहीं
  617. 20:05ना कहीं पॉजिटिवली हेल्प कर रहा होगा
  618. 20:07हमारे करियर के अंदर। एंड टू माय बेस्ट
  619. 20:09नॉलेज, दिस इज़ गोइंग टू बी वन ऑफ़ द मोस्ट
  620. 20:11क्रिस्टल क्लियर। दिस इज़ गोइंग टू बी वन
  621. 20:13ऑफ़ द मोस्ट कॉम्प्रिहेंसिव सिस्टम डिज़ाइन
  622. 20:15गाइड और सिस्टम डिज़ाइन सेशंस जो शायद ही
  623. 20:17कहीं और YouTube पर अवेलेबल होगा। इसके
  624. 20:19अलावा इफ यू वांट अ डिटेल ट्यूटोरियल ऑन
  625. 20:21एनी ऑफ़ दीज़ कॉन्सेप्ट्स यू कैन लेट मी नो
  626. 20:22इन द कमेंट्स। इफ यू फाउंड द सेशन
  627. 20:24हेल्पफुल देन यू कैन आल्सो शेयर इट विथ मी
  628. 20:25ऑन Twitter जिसका लिंक आपको नीचे
  629. 20:27डिस्क्रिप्शन बॉक्स के अंदर मिल जाएगा। आज
  630. 20:29के लिए इतना ही। मिलते हैं नेक्स्ट सेशन
  631. 20:30के अंदर। टिल देन कीप लर्निंग एंड कीप
  632. 20:31एक्सप्लोरिंग।

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This page contains the full transcript of Complete System Design Roadmap 2026 | HLD & LLD by Shradha Ma'am by Apna College, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 4,690 words across 632 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.

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