Complete COMPUTER (सम्पूर्ण कंप्यूटर)🔥 बस इतना पढ़ लो || ONE SHOT || Varun Sir #ssc #gs #computer — Transcript
Full transcript
- 0:00हेलो एवरीवन वेरी गुड आफ्टरनून टू ऑल ऑफ
- 0:02यू। आज की क्लास में आप सभी का वेलकम है।
- 0:05फर्स्ट ऑफ ऑल मैं कहता हूं आगे बढ़ने से
- 0:08पहले एक ही बात पूछी जाए अपने आप से व्हाट
- 0:11इज कंप्यूटर?
- 0:13कंप्यूटर है क्या? तो कंप्यूटर इज एन
- 0:17इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस इन व्हिच वी गिव्स
- 0:21इनपुट देन इट प्रोसेससेस एंड इट गिव्स
- 0:25आउटपुट टू अस। मतलब कहने का यह है कि
- 0:28कंप्यूटर एक ऐसी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है
- 0:31जिसमें हम लोग इनपुट देते हैं उस मशीन को।
- 0:35यह मशीन हमारे दिए हुए इनपुट को प्रोसेस
- 0:38करती है और प्रोसेस करने के बाद यह हमें
- 0:40आउटपुट दे देती है। दिस इज कॉल्ड
- 0:43कंप्यूटर। सिंपली मैंने क्या बोला? ज्यादा
- 0:47ज्ञान लगाने की जरूरत नहीं है। बिल्कुल
- 0:49इसको सिंपल रखते हैं।
- 0:52हम लोग सबसे पहले क्या करते हैं? इनपुट
- 0:55देते हैं।
- 0:56इनपुट हमने दिया। यह हमारा प्रोसेसर है।
- 1:01प्रोसेसर इसको प्रोसेस करता है हमारे दिए
- 1:04हुए इनपुट को और उसके बाद
- 1:09जो आउटपुट डिवाइस है यह हमें उस प्रोसेस्ड
- 1:12आउटपुट को शो कर देती है। एग्जांपल के तौर
- 1:16पर जैसे कि कीबोर्ड से हमने ए बी सी डी
- 1:19कुछ भी लिखा। तो कीबोर्ड की जब हम कीज़ को
- 1:22प्रेस कर रहे हैं तो हम इनपुट दे रहे हैं।
- 1:26और यही कारण है कि कीबोर्ड का यूज़ हम किस
- 1:29लिए कर रहे हैं? प्रोसेसर को इनपुट देने
- 1:32के लिए। यही रीजन है कि जो कीबोर्ड है वो
- 1:35इनपुट डिवाइस कहलाती है। इसके बाद
- 1:38प्रोसेसर हमारा उसे प्रोसेस करता है और
- 1:40प्रोसेस करने के बाद वो हमें आउटपुट शो
- 1:43करता है कहां पर? मॉनिटर में। या स्क्रीन
- 1:45पे आप बोल सकते हो। यही रीजन है कि मॉनिटर
- 1:48क्योंकि हमें आउटपुट शो कर रहा है इसलिए
- 1:51हम इसे आउटपुट डिवाइस कहते हैं। तो ओवरऑल
- 1:55आप यह मान सकते हो कंप्यूटर प्रोसेसर को
- 1:58इनपुट देने के लिए या आदेश देने के लिए या
- 2:01इंस्ट्रक्शन देने के लिए हम जिन भी
- 2:03डिवाइसेस को यूज करते हैं वो सभी डिवाइसेस
- 2:06इनपुट डिवाइस कहलाती हैं। और वह सभी
- 2:10डिवाइसेस जो कि प्रोसेस किए हुए डाटा को
- 2:14हमें शो करने का काम करती हैं। उन सभी
- 2:17डिवाइसेस को हम लोग आउटपुट डिवाइसेस कहते
- 2:19हैं।
- 2:21एग्जांपल आउटपुट तरह-तरह के हो सकते हैं।
- 2:24एग्जांपल के तौर पर प्रिंटर प्रिंटर हमें
- 2:27आउटपुट दे रहा है। लेकिन किस फॉर्म में?
- 2:30हमें हार्ड कॉपी की फॉर्म में दे रहा है।
- 2:32प्रिंटर से हम प्रिंट आउट लेते हैं। तो जो
- 2:34आपको प्रिंट आउट मिल रहा है, जिसमें कुछ
- 2:37लिखा हुआ है, जो इंफॉर्मेशन है, वो प्रिंट
- 2:39आउट ही क्या है? हमारे लिए आउटपुट है। तो
- 2:41ये आउटपुट किसने दिया? प्रिंटर ने दिया।
- 2:43इसलिए प्रिंटर हमारे लिए आउटपुट डिवाइस हो
- 2:45गई। इसी तरीके से स्पीकर स्पीकर भी हमें
- 2:50आउटपुट दे रहा है। आप मान लीजिए स्पीकर पर
- 2:52आप कोई गाना सुन रहे हैं तो स्पीकर आपको
- 2:55वो आवाज सुना रहा है। स्पीकर आपको रिटन
- 2:58फॉर्म में आउटपुट नहीं दे रहा है लेकिन
- 3:00वॉइस की फॉर्म में आउटपुट दे रहा है। तो
- 3:03स्पीकर भी हमारे लिए क्या हुआ? आउटपुट
- 3:06डिवाइस हुआ। आई होप सभी को यहां तक क्लियर
- 3:09हुआ होगा। बहुत सिंपल सी चीज़ मैंने आपको
- 3:11बताई है। कंप्यूटर एक ऐसी इलेक्ट्रॉनिक
- 3:13डिवाइस है जिसमें हम इनपुट देते हैं। यह
- 3:16उसे प्रोसेस करता है और प्रोसेस करके हमें
- 3:18आउटपुट देता है। ठीक है? कंप्यूटर की एक
- 3:22और खास बात है। हमेशा ध्यान रखिएगा कि सर
- 3:26नोट करना है। नहीं, जरूरत नहीं है नोट
- 3:28करने की। बिल्कुल भी जरूरत नहीं है नोट
- 3:31करने की। बस यहां पर फोकस रखिए। सब कुछ
- 3:34आपको पीडीएफ में मिल जाएगा।
- 3:36इसके आप नोट्स नहीं भी बनाएंगे तो भी
- 3:38चलेगा। जीएस के नोट्स बनाने हैं आपको अपने
- 3:41हैंड रिटन। लेकिन इसके नहीं भी बनाएंगे तो
- 3:43आपका काम चल जाएगा। इतनी बात सभी को
- 3:46क्लियर है। सेकंड थिंग यह कि हमेशा आपको
- 3:48ध्यान रखना है कि कंप्यूटर इंसान ने बनाया
- 3:51है। तो कंप्यूटर इंसान के हिसाब से चलता
- 3:55है। कंप्यूटर में अपना खुद का डिसीजन
- 3:58मेकिंग नहीं होता है।
- 4:00लेकिन आज की डेट में जो हम लोग टेक्नोलॉजी
- 4:02एआई यूज़ कर रहे हैं। उसको भी प्रोग्राम
- 4:05इंसानों ने ही किया हुआ है। आप भले ही
- 4:06कितना बोल लें कि आज की डेट में
- 4:10ऑटोमेटिकली कंप्यूटर काम कर रहे हैं। खुद
- 4:12से सोच के काम कर रहे हैं। नहीं।
- 4:15उनके पास अपना ब्रेन नहीं है।
- 4:18वह जो टेक्नोलॉजी के बेसिस पर काम कर रहे
- 4:20हैं, वह टेक्नोलॉजी हम ही ने उन्हें दी
- 4:22हुई है। वो प्रोग्राम हम ही ने उनमें डाले
- 4:25हुए हैं। जैसे कि चैट जीपीटी आज की डेट
- 4:28में चैट जीपीटी आपके बहुत सारे क्वेश्चंस
- 4:30का आंसर देता है। लेकिन सारे क्वेश्चंस का
- 4:33भी आंसर नहीं दे पाता है। क्योंकि चैट
- 4:35जीपीटी को चैट जीपीटी रहने दिया जाए वो
- 4:38बुद्ध या महावीर नहीं हो जाएगा। ठीक है?
- 4:41कंप्यूटर हमें पता लग गया। सबसे पहले
- 4:43कंप्यूटर हिस्ट्री को हम लोग कंप्यूटर की
- 4:46सिग्निफिकेंस में देखेंगे कि कंप्यूटर की
- 4:48शुरुआत कहां से हुई। उसके बाद देखेंगे कि
- 4:51स्टोरेज में क्या-क्या बदलाव किए गए। तो
- 4:54फर्स्ट ऑफ ऑल हिस्टोरिकल एवोल्यूशन ऑफ
- 4:56कंप्यूटर की अगर हम बात करें तो आपको
- 4:59जानकर हैरानी होगी। कई लोगों को लगता है
- 5:01कि कंप्यूटर डिवाइस अभी आई हुई है। 100
- 5:04200 400 500 साल पहले आई हुई है। इससे
- 5:07पहले नहीं थी। जबकि ऐसा नहीं है। संगणक
- 5:10यंत्र इसको हिंदी में बोलते हैं। क्या
- 5:12बोलते हैं? संगणक यंत्र। कंप्यूटर एक ऐसा
- 5:15यंत्र था बिल्कुल शुरुआत में जिसका यूज
- 5:18गणना करने के लिए किया गया था। मतलब चीजों
- 5:21को कैलकुलेट करने के लिए किया गया था।
- 5:23प्लस, माइनस, मल्टीपल, डिवीजन इन सबके लिए
- 5:26किया गया था।
- 5:28तो आज से जब हम देखते हैं तो 3000 बिफोर
- 5:33क्राइस्ट। जी हां 3000 बिफोर क्राइस्ट
- 5:36मतलब इंडस वैली सिविलाइजेशन के टाइम
- 5:39पीरियड पर जो ईरान इराक वाला रीजन था जहां
- 5:42पर मेसोपोटामिया
- 5:44आबादी हुआ करती थी। मेसोपोटामिया के हमारे
- 5:47इंडस वैली सिविलाइजेशन के साथ साक्ष्य भी
- 5:50मिले हुए हैं। वहां पर हम मानते हैं कि
- 5:52सबसे पहले संगणक यंत्र का यूज़ हो गया था।
- 5:55अब आप कहेंगे सर मशीन की फॉर्म में नहीं।
- 5:58यह कुछ इस तरीके की मशीन हुआ करती थी।
- 6:01इसमें मोती हुआ करते थे और मोतियों को ऊपर
- 6:04नीचे करके गणना करने का काम किया जाता था।
- 6:07या फिर आपने बच्चों की स्लेट देखी होगी।
- 6:09मार्केट में बच्चों की स्लेट आती है। आपने
- 6:11देखी होगी। इस स्लेट में इस तरीके से रहता
- 6:14है। नीचे यहां पर आपको लिखना होता है। मान
- 6:16लीजिए यहां आपने लिखा बॉय। यहां आपने लिखा
- 6:19गर्ल। ठीक है? यह स्लेट है। लेकिन इसके
- 6:22ऊपर आप देखोगे ऐसे ऐसे
- 6:26रोड होती हैं। अब इन रोड में आप देखोगे
- 6:29मोती लगे रहते हैं। एक मोती यहां देखोगे
- 6:33दो मोती होंगे। यहां देखोगे तीन होंगे।
- 6:37यहां देखोगे चार होंगे। इस तरीके से मोती
- 6:39लगे रहते हैं ना। आपने देखा है ना? तो ये
- 6:41जो सबसे पहला हमारा संगणक यंत्र था, यह
- 6:44इसी तरीके से हुआ करता था। यह जो स्लेट
- 6:46में ऊपर लगे हुए मोती होते हैं ना यह
- 6:48बच्चों को गणना करने के लिए ही यूज किए
- 6:51जाते हैं। बच्चे इसी से सबसे पहले गिनती
- 6:53करना सीखते हैं। एक मोती अच्छा ये दो मोती
- 6:56तीन मोती ऐसे करके तो यह सबसे पहला हमारा
- 7:00संगणक यंत्र था। इसका कोई नाम नहीं था।
- 7:03लेकिन फिर सीधे 1617 में नेपियर बोनस नाम
- 7:07का कंप्यूटर बनाया गया और यह कंप्यूटर
- 7:09बनाया गया था जॉन नेपियर के द्वारा। तो
- 7:12सबसे पहले अगर हमें गणना करने के लिए अगर
- 7:15कोई मॉडर्न टाइप की कोई मशीन हमें मिलती
- 7:17है तो यह हमें मिलती है नेपियर बोनस। यह
- 7:20कुछ इस तरीके की दिखाई देती थी। इसमें
- 7:22गणना करने का चार्ट लगा होता था ऊपर और
- 7:24नीचे आप देख रहे हो बहुत सारे नंबर हैं।
- 7:26अब इनको कैलकुलेट कैसे किया जाता था? ये
- 7:29नीचे जो नोब लगे हुए हैं ना इन नोब्स को
- 7:32घुमाया जाता था। ठीक है? जब आप इन नोब्स
- 7:35को घुमाएंगे तो यहां पर आपको आउटपुट अपने
- 7:37आप मिल जाएगा। मतलब यहां पर आप 1 2 3 4 5
- 7:416 छह डिजिट तक आप इसमें गणनाएं कर सकते
- 7:45हैं। मतलब आप छह डिजिट्स को आपस में जोड़
- 7:47सकते थे और जैसे ही आप जोड़ोगे नौ ऐसे ला
- 7:51ला के तो यहां पर आपको ऑटोमेटिक रिजल्ट
- 7:53मिल जाएगा।
- 7:561617 के बाद 1642 में एक नई मशीन बनाई गई।
- 7:59इस कंप्यूटर का नाम रखा गया पास्कलाइन। और
- 8:02पास्कलाइन बनाने वाले कौन थे? ब्लज़ पास्कल
- 8:05थे जिन्होंने पास्कलाइन नाम की ये मशीन
- 8:07बनाई हुई थी। यह भी गणना करने का ही काम
- 8:09करती थी। प्लस माइनस वगैरह करने का काम
- 8:11करती थी। देन आ जाते हैं 1671 में यह मशीन
- 8:15बनाई गई। इसका नाम रखा गया लेबनीज़
- 8:18कैलकुलेटर। और इसको क्योंकि किसने बनाया
- 8:20था? इसको जीडब्ल्यू लेबनीज़ ने बनाया था।
- 8:23इस वजह से इसको लिबनीज़ कैलकुलेटर का नाम
- 8:25दिया गया। यह अभी तक की पहली ऐसी मशीन थी
- 8:29जिसमें प्लस माइनस के अलावा मल्टीपल और
- 8:31डिवीजन का भी कांसेप्ट लाया गया। तो ध्यान
- 8:34रखिएगा क्वेश्चन आपसे पूछा जाता है दुनिया
- 8:36का पहला ऐसा कौन सा कंप्यूटर था जिसमें
- 8:39मल्टीपल और डिवीजन का कांसेप्ट लाया गया?
- 8:42आपका आंसर क्या होगा?
- 8:44लेबनीज़ कैलकुलेटर 1671 में। ठीक है? पहली
- 8:48बार प्लस माइनस के साथ मल्टीपल और डिवीजन
- 8:51कांसेप्ट आया इसमें। 1671 के बाद 1822 में
- 8:56एक बहुत ही इंपॉर्टेंट मशीन बनाई गई। बहुत
- 8:59ही इंपॉर्टेंट इंसान के द्वारा। इस मशीन
- 9:02का नाम था डिफरेंस इंजन। और यह किसने
- 9:05बनाई? चार्ल्स बेबेज ने। यह वही आदमी है
- 9:08जिसको फादर ऑफ कंप्यूटर के नाम से जाना
- 9:10जाता है। हमेशा ध्यान रखना क्वेश्चन बहुत
- 9:12बार रिपीटेड है। हु इज नोन एज द फादर ऑफ
- 9:14कंप्यूटर? कंप्यूटर का जनक किसको बोला
- 9:16जाता है? आपका आंसर होगा चार्ल्स बैबेज।
- 9:19इन्होंने ये जो मशीन बनाई थी, यह मशीन
- 9:22पहली ऐसी मशीन थी इतिहास में जो कि मैथ्स
- 9:25के कैलकुलेशन करती थी।
- 9:28इससे पहले अभी तक जितने भी मशीन बने हुए
- 9:31थे वह सब प्लस माइनस कर रहे हैं या
- 9:33मल्टीपल डिवीजन फिर करने लगे। लेकिन
- 9:35मैथमेटिकल इक्वेशन सॉल्व करने वाला पहला
- 9:39कंप्यूटर डिफरेंस इंजन था। इसके बाद अगला
- 9:43कंप्यूटर भी चार्ल्स बेबेज ने ही बनाया।
- 9:461837 में फिर इन्होंने एक नई मशीन बनाई जो
- 9:49कि पहले वाले से कहीं ज्यादा तेज और
- 9:51अपडेटेड थी। इसका नाम रखा गया एनालिटिकल
- 9:54इंजन। और यहीं से यह फादर ऑफ कंप्यूटर के
- 9:57नाम से जाने जाने लगे। ध्यान रखिएगा
- 10:01फादर ऑफ मॉडर्न कंप्यूटिंग किसको बोला
- 10:03जाता है? तो यह एक व्यक्ति थे इनका नाम है
- 10:06एललेन ट्यूरिंग। क्या नाम है? एललेन
- 10:08ट्यूरिंग। तो दो अलग-अलग क्वेश्चन पूछे
- 10:11जाते हैं। फादर ऑफ कंप्यूटर चार्ल्स बेबेज
- 10:14फादर ऑफ मॉडर्न कंप्यूटिंग। तो आंसर आपका
- 10:17क्या होगा? एललेन ट्यूरिंग। इन्होंने भी
- 10:19एक कंप्यूटर बनाया था एललेन ट्यूरिंग ने
- 10:21जो कि एडवांस टेक्नोलॉजी बेसिस पर
- 10:24मैथमेटिक्स के कैलकुलेशन करता था और उस
- 10:27मशीन का नाम इन्होंने ट्यूरिंग मशीन रखा
- 10:29था। अपने नाम के बेसिस पर ट्यूरिंग मशीन
- 10:31रखा था।
- 10:34देन आ जाते हैं 1944 वर्ल्ड वॉर सेकंड का
- 10:37टाइम। इस टाइम पर एक बहुत ही इंपॉर्टेंट
- 10:40कंप्यूटर बना जिसका नाम था मार्क वन।
- 10:42फर्स्ट इलेक्ट्रोमकेल कंप्यूटर डेवलप्ड
- 10:46बाय हावर्ड एककिन। अब यह क्या बला का नाम
- 10:49है? इलेक्ट्रोमकेनिकल का मतलब क्या है?
- 10:51इलेक्ट्रोमकेनिकल का मतलब यह है कि पहली
- 10:54बार ऐसी कंप्यूटर मशीन बनाई गई जहां पर
- 10:58इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ मैकेनिक्स के
- 11:00सिस्टम डाले गए।
- 11:02आज की डेट में लगभग आप जितने भी मशीनंस
- 11:05देखोगे वहां पर मैकेनिज्म के साथ-साथ
- 11:07इलेक्ट्रॉनिक्स का भी यूज हो रहा है।
- 11:09एग्जांपल के तौर पर आपके पास मान लीजिए
- 11:12कार है जो आज की डेट में रोड में जितनी भी
- 11:15कार चल रही हैं वो सब इलेक्ट्रोमकेल है।
- 11:19जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स का भी यूज़ हो रहा
- 11:21है। जैसे कि वो गाड़ी इलेक्ट्रॉनिक्स की
- 11:23वजह से स्टार्ट हो पा रही है और मैकेनिकल
- 11:28प्रोसेस क्या है? उसके अंदर जैसे पिस्टन
- 11:30कूद रहा है या उसके सस्पेंशन काम कर रहे
- 11:32हैं। यह सब मैकेनिकल प्रोसेस है। और
- 11:34इलेक्ट्रॉनिक्स में क्या-क्या आ गया? जैसे
- 11:36लाइट जल रही है। हॉर्न आप बजा पा रहे हो।
- 11:39कार स्टार्ट हो रही है। कार में आप अपने
- 11:43फोन को चार्ज कर पा रहे हो। ये सब आपके
- 11:46इलेक्ट्रॉनिक्स टर्म आ गए। तो फर्स्ट टाइम
- 11:49मार्क वन दुनिया का पहला ऐसा कंप्यूटर था
- 11:51जहां पर मैकेनिकल टर्म के साथ-साथ
- 11:54इलेक्ट्रॉनिक्स टर्म को भी जोड़ा गया।
- 11:56इलेक्ट्रोमैग्नेटिक
- 12:00देन 2 साल के बाद ही 1946 में एक
- 12:02इंपॉर्टेंट कंप्यूटर बना इनक। इनक का फुल
- 12:05फॉर्म बहुत पूछा जाता है। ध्यान रखिएगा।
- 12:07इसको बोलते हैं इलेक्ट्रॉनिक न्यूमेरिकल
- 12:09इंटीग्रेटर एंड कंप्यूटर। अब यह जो है यह
- 12:12इन्वेंट किया गया था दो लोगों के द्वारा।
- 12:14एक जिनका नाम है जेपी एक्सर्ट और दूसरे जो
- 12:18हैं यह हैं जॉन डब्ल्यू मोकली। इन दोनों
- 12:22के द्वारा यह बनाया गया था इनक।
- 12:25इनयाक का साइज पिछले कंप्यूटर के आकार में
- 12:27काफी बड़ा था और पहले वाला जो मार्क वन था
- 12:30उससे कहीं ज्यादा यह फास्ट था। देन आ जाते
- 12:33हैं 1949 में एडवक बनाया गया। यह बनाने
- 12:37वाले थे जॉन वॉन न्यूमैन। बहुत इंपॉर्टेंट
- 12:39व्यक्ति हैं। इन्होंने जो यह कंप्यूटर
- 12:41बनाया था एडवक। इसकी खास बात यह थी कि यह
- 12:44स्टर्ड प्रोग्राम बेस्ड कंप्यूटर था।
- 12:47स्टर्ड प्रोग्राम बेसिस का मतलब यह है कि
- 12:50एक बार कोडिंग करके प्रोग्राम इस कंप्यूटर
- 12:52में डाल दिए गए। उसके बाद यह ऑटोमेटिकली
- 12:55काम करता था। जबकि अभी तक क्या होता था?
- 12:59एनियाक तक यह होता था कि जितने भी आपको
- 13:02इक्वेशन सॉल्व करने हैं, वह सब आपको एक-एक
- 13:05करके इनपुट में देने होंगे और कंप्यूटर
- 13:07आपको एक-एक करके आउटपुट देता जाएगा। आपको
- 13:10ऐसे में खड़े रहना पड़ता था यहां पर।
- 13:12लेकिन यहां पर क्या है? यह वाला जो
- 13:14कंप्यूटर है एडवक इसकी खास बात यह है कि
- 13:17एक बार आपने प्रोग्राम्स बनाकर इसमें
- 13:19इंस्टॉल कर दिए। उसके बाद यह ऑटोमेटिक
- 13:22आपको 3 दिन 4 दिन तक आपको गणनाएं करके
- 13:25देता रहेगा।
- 13:28इसका नाम क्या है? एडवक। इसको बोलते हैं
- 13:31इलेक्ट्रॉनिक डिस्क्रीट वेरिएबल ऑटोमेटिक
- 13:33कंप्यूटर। रीजन यही है कि ये ऑटोमेटिकली
- 13:36काम कर रहा है। कारण क्या है? कि यहां पर
- 13:39प्रोग्राम स्टर्ड करके आप इसमें इंसर्ट कर
- 13:41सकते थे।
- 13:44ये तो बात हो गई हिस्टोरिकल एववोल्यूशन ऑफ
- 13:46कंप्यूटर की किस तरीके से कंप्यूटरटर्स और
- 13:49आगे बढ़े। देन 1951 में यूनivक वन आ गया।
- 13:53ठीक है? इसको बोलते हैं यूनिवर्सल
- 13:55ऑटोमेटिक कंप्यूटर। यह पहले से भी एडवांस
- 13:57था। और इसको डेवलप करने वाले वही एक
- 14:00व्यक्ति थे मॉकली ही थे। ठीक है?
- 14:03जिन्होंने यहां पर काम किया था। वॉन
- 14:05न्यूमेन से पहले सॉरी यहां पर जिन्होंने
- 14:07काम किया था। मोकली ने दोबारा से एक नया
- 14:10कंप्यूटर बनाया जिसका नाम क्या पड़ा?
- 14:12यूनिवक। यूनिवक मतलब यूनिवर्सल ऑटोमेटिक
- 14:15कंप्यूटर। यह कंप्यूटर यह दावा करता था कि
- 14:18दुनिया में कमर्शियल पर्पस से आप जितनी भी
- 14:22गणना करना चाहें वो गणनाएं आप 10 डिजिट तक
- 14:25की इसमें कर सकते थे। मतलब करोड़ से ऊपर
- 14:27की काफी गणनाएं आप इसमें कर सकते थे। उसके
- 14:31बाद एक दौर चालू हुआ 1951 के बाद और इसको
- 14:34हम लोग बोलते हैं मॉडर्न कंप्यूटरटर्स का
- 14:36दौर। फिर धीमे-धीमे माइक्रोपर आ गए।
- 14:39माइक्रोपर के साथ हाई स्पीड मेमोरीज आ गई।
- 14:42एडवांस सॉफ्टवेयर्स आ गए और आज की डेट में
- 14:44हम लोग एआई यूज़ कर रहे हैं। तो फिलहाल तो
- 14:47यह जर्नी रही केवल कोर कंप्यूटर की
- 14:49हिस्ट्री की कि इतिहास में इस तरीके के
- 14:52कंप्यूटर ल्च किए गए। हर आगे आने वाला
- 14:55कंप्यूटर पहले वाले से एडवांस था। जबकि
- 14:58दूसरी तरफ अगर हम बात करें कि स्टोरेज में
- 15:00हमारी कहानी कहां से कहां तक रही? तो
- 15:02स्टोरेज में कंप्यूटर में दोस्तों हमने
- 15:04सबसे पहले यूज किया पंच कार्ड का। अरे भाई
- 15:07स्टोरेज डिवाइस क्या होती हैं? जिनमें आप
- 15:11डाटा को स्टोर करते हो। एग्जांपल के तौर
- 15:13पर आपके पास जो पेन ड्राइव है तो
- 15:16पेनड्राइव क्या है? वह स्टोरेज डिवाइस है।
- 15:19सीडी क्या है? स्टोरेज डिवाइस है। डीवीडी
- 15:21भी स्टोरेज डिवाइस है। ये सब क्या है?
- 15:24स्टोरेज है। क्योंकि आप डाटा होल्ड कर रहे
- 15:25हो इसमें। उसी तरीके से जब ये सब नहीं हुआ
- 15:28करते थे, तो सबसे पहले पंच कार्ड का यूज़
- 15:31किया गया था। प्रारंभिक इनपुट एंड भंडारण
- 15:34विधि के उपयोग के लिए इसको किया जाता था।
- 15:37बिल्कुल बेसिक फॉर्म यह हुआ करती थी।
- 15:39इसमें क्या होता था? एक कार्ड होता था और
- 15:42कार्ड पर इस तरीके के होल्स हुआ करते थे।
- 15:45इन होल्स के फॉर्म में डेटा को स्टोर किया
- 15:48जाता था। वाइडली यूज्ड इन अर्ली
- 15:50कंप्यूटरटर्स एंड टैबुलेटिंग मशीनंस
- 15:53इंट्रोड्यूस्ड बाय हरमन होलथ। इनका नाम
- 15:56ध्यान रखिएगा। पंच कार्ड के इन्वेंटर कौन
- 15:58है? पूछा जाता है। पंच कार्ड के बाद फिर
- 16:01हम लोग मैग्नेटिक कोर मेमोरी में आ गए। आज
- 16:03की डेट में आपको इस तरीके की चिप्स देखने
- 16:06को मिलती है।
- 16:08इट वास द अर्ली फॉर्म ऑफ प्राइमरी मेमोरी।
- 16:10आज की डेट में जो हम लोग रैम यूज़ करते हैं
- 16:13ना हर एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में RAM
- 16:15होती ही होती है। चाहे आपका फोन हो,
- 16:17लैपटॉप हो, इवन आपकी गाड़ी में भी जो
- 16:20कंप्यूटिंग सिस्टम लगा होगा ना, वहां पर
- 16:22भी RAM होती है। RAM जिसको बोलते हैं
- 16:25रैंडम एक्सेस मेमोरी।
- 16:27RAM बेसिकली कहां पर होती है? तो जब आप
- 16:31इनपुट देते हो आपने इनपुट दिया
- 16:34जब यह प्रोसेसर के पास जाता है आपका दिया
- 16:37हुआ इंस्ट्रक्शन उससे जस्ट पहले यह रैम के
- 16:41कांटेक्ट में आता है
- 16:45तो आप यह बोल सकते हो कि आपका दिया हुआ जो
- 16:47इनपुट है वो पहले रैेम में जाता है उसके
- 16:50बाद रैेम इसको प्रोसेसर पर फॉरवर्ड करती
- 16:54है। ठीक है? अब RAM का काम क्या होता है?
- 16:58रैंडम एक्सेस मेमोरी का काम क्या होता है?
- 17:01इसका काम होता है कि आपके द्वारा दिए गए
- 17:04इंस्ट्रशंस को होल्ड करके रखना और वन बाय
- 17:07वन प्रोसेसर को ट्रांसफर करने के लिए
- 17:10फॉरवर्ड करते रहना। मैं एक आपको एग्जांपल
- 17:13देता हूं। जैसे मान लीजिए
- 17:17जैसे मान लीजिए आपने अपने कंप्यूटर में इस
- 17:21टाइम पर एक स्क्रीन ओपन करी हुई है। इसमें
- 17:25आपने ब्राउज़र ओपन किया हुआ है। इसमें आप
- 17:27Facebook चला रहे हो। ठीक है? क्लियर? साथ
- 17:31में उसके अलावा बैक एंड पे वीएलसी मीडिया
- 17:35प्लेयर चल रहा है जिस पे आप गाने सुन रहे
- 17:37हो।
- 17:39ठीक है? और तीसरी एक स्क्रीन खुली हुई है
- 17:42जहां पर आप फॉर्म फिल कर रहे हो एसएससी का
- 17:45अपना। ठीक है? मतलब एसएससी की भी वेबसाइट
- 17:48खुली हुई है। क्लियर हो गई बात? अब देखिए
- 17:51आपने प्रोसेसर को कितने इंस्ट्रक्शन दे
- 17:54रखे हैं उस टाइम पे। एक फॉर्म फिल कर रहे
- 17:57हो।
- 17:59दूसरा
- 18:01Facebook पर आप दोस्त से भी बात कर रहे हो
- 18:05एक ही टाइम पर और तीसरा बैकग्राउंड पर
- 18:07गाने भी चल रहे हैं।
- 18:10आपने तीन इंस्ट्रक्शन दे रखे हैं।
- 18:13इन तीनों इंस्ट्रक्शंस को एक साथ आपका
- 18:16कंप्यूटर कैसे होल्ड कर पा रहा है?
- 18:18क्योंकि ये तीनों इंस्ट्रक्शन आपके रैेम
- 18:20में होल्ड हो रहे हैं।
- 18:23बट रैम की एक खास बात है। ये वलाटाइल
- 18:26मेमोरी है। कैसी मेमोरी है? वलाटाइल
- 18:29मेमोरी। और वलाटाइल मेमोरी का मतलब होता
- 18:32है ऐसी मेमोरी जो कि टेंपरेरी बेसिस पर
- 18:36डाटा को होल्ड करती है। थोड़े समय के लिए
- 18:39ही डाटा होल्ड कर रही है। जब तक
- 18:43इसके ऊपर इलेक्ट्रिसिटी
- 18:46परफॉर्म हो रही है। मतलब कहने का जब तक
- 18:48पावर ऑन है डिवाइस का तब तक ही रैम होल्ड
- 18:53करेगी इंस्ट्रक्शन को। वलाटाइल मेमोरी जब
- 18:56तक पावर ऑन रहेगा बस तब तक ही डाटा को
- 18:59होल्ड कर रही है। एक बार पावर ऑफ हुआ तो
- 19:02यह मेमोरी ऑटोमेटिकली डेटा को रिलीज कर
- 19:04देती है, छोड़ देती है। यह डेटा कोई भी
- 19:07स्टोर नहीं करती अपने पास।
- 19:10जबकि जितनी भी स्टोर करने वाली मेमोरी है
- 19:13आपकी वह सब नॉन वोलेटाइल मेमोरी कहलाती
- 19:16हैं।
- 19:18जैसे कि आपकी रोम हो गई नॉन वोलेटाइल है।
- 19:21वहां पर डेटा एक बार में इंस्ट्रक्शन
- 19:24स्टोर हो जाते हैं। चाहे आपकी पेनड्राइव
- 19:26हो, चाहे सीडी, डीवीडी, बीआरडी कोई भी हो,
- 19:30एचवीडी कोई भी हो। ये सब नॉन वोलेटाइल है।
- 19:33जबकि रैम क्या है? यह वोलेटाइल मेमोरी है।
- 19:37क्यों? क्योंकि सिर्फ टेंपरेरी बेसिस पर
- 19:40ही यह डाटा को होल्ड कर रहा है। एक बात
- 19:41बताइए आपने कंप्यूटर मान लीजिए अपना बंद
- 19:44कर दिया। बंद करने के बाद जब आप ओपन करोगे
- 19:47रिस्ट करते हो कंप्यूटर को क्या आपका गाना
- 19:49बजता हुआ आपको दिखाई देगा? नहीं। क्या
- 19:52Facebook खुला हुआ दिखेगा? नहीं। क्या
- 19:55सरकारी रिजल्ट में फॉर्म भर रहे थे। क्या
- 19:57वो वेबसाइट खुली दिखेगी? नहीं। सेम आपके
- 20:00कंप्यूटर के साथ भी है। मोबाइल के साथ भी
- 20:03है। मोबाइल में आपका गाना चल रहा था। आप
- 20:06YouTube देख रहे हो बैक एंड पर मान लीजिए
- 20:10चैट भी कर रहे हो WhatsApp भी खुला हुआ है
- 20:12आप इसको बंद कर दीजिए जैसे ही आप बंद करके
- 20:16ओपन करोगे ऑन करोगे अपनी इस डिवाइस को
- 20:18मोबाइल को क्या आपको फिर से वो सारी चीजें
- 20:20खुली मिलती हैं नहीं ऑटोमेटिक ऑफ हो जाती
- 20:23है क्यों क्योंकि रैम वोलेटाइल है वो
- 20:26टेंपरेरी बेसिस पर जिस डाटा को होल्ड कर
- 20:28रही थी उसको उसने रिलीज कर दिया
- 20:32इतनी बात क्लियर हुई भाई सभी को कोई
- 20:34दिक्कत तो नहीं है बहुत आराम आराम से मैं
- 20:36पढ़ा रहा हूं। आगे नहीं भाग रहा हूं। ठीक
- 20:39है? तो हमने सबसे पहले पंच कार्ड का यूज
- 20:43किया। पंच कार्ड के बाद फिर हमने
- 20:45मैग्नेटिक कोर मेमोरी का यूज किया।
- 20:49एक तरीके से रैम का बेसिक आप बोल सकते हो।
- 20:52RAM का बिल्कुल बेसिक वर्जन ये था। बाद
- 20:54में RAM आई। यूज्ड टिनी मैग्नेटाइज्ड
- 20:58रिंग। यहां पर छोटे-छोटे यह जो आपको रिंग
- 21:00दिखाई दे रहे हैं ना छोटे-छोटे इसमें छेद
- 21:04होते थे। यह इन्हीं में डाटा स्टोर होता
- 21:07था। यह मैग्नेटिक छेद हुआ करते थे। ऐसे
- 21:10होल इनमें बने होते थे।
- 21:13लाखों होल हुआ करते थे। डेटा वाज़ नॉन
- 21:16वोलेटाइल। वही आपसे देखिए क्या बोल रहा
- 21:18है। यहां पर डेटा नॉन वोलेटाइल हुआ करता
- 21:20था। नॉन वोलेटाइल का मतलब ऐसा डेटा जो कि
- 21:23पावर के बिना भी रिटेन होगा। जिसको आप बंद
- 21:27कर देंगे अगर डिवाइस को उसके बाद भी वह
- 21:29डाटा को होल्ड करके रखेगी। यह इस तरीके के
- 21:32मैग्नेटिक कोर मेमोरी हुआ करती थी।
- 21:35यूज्ड इन कंप्यूटरटर्स फ्रॉम 1950 टू 70।
- 21:391950 से लेकर 70 के बीच में यह यूज करी गई
- 21:42है टेक्नोलॉजी डाटा को स्टोर करने के लिए।
- 21:45उसके बाद जो अगली टेक्नोलॉजी आई डेटा को
- 21:47स्टोर करने के लिए दे वर सेमीकंडक्टर्स।
- 21:52मटेरियल्स लाइक सिलिकॉन एंड जर्मेनियम।
- 21:55इसमें बेसिकली इन चिप्स में सिलिकॉन और
- 21:58जर्मेनियम का यूज किया गया।
- 22:00यूज टू मेक ट्रांजिस्टर, आईसीस एंड
- 22:03माइक्रोपर। इन्हीं का यूज करके
- 22:05सेमीकंडक्टर्स का ही यूज करके ट्रांजिस्टर
- 22:08बने, इंटीग्रेटेड सर्किट बनी और माइक्रोपर
- 22:12बने। यह जितना भी चिप वाला कांसेप्ट आ रहा
- 22:14है बेसिकली वो चिप में सिलिकॉन और
- 22:18जर्मेनियम ही यूज़ होता है। तो सबसे पहले
- 22:22सेमीकंडक्टर बने और सेमीकंडक्टर्स का यूज
- 22:25करके मतलब उनकी स्ट्रेंथ को बढ़ाकर
- 22:27ट्रांजिस्टर बनाया गया। फिर ट्रांजिस्टर
- 22:30की तादाद बढ़ाई गई। मतलब मल्टीपल
- 22:33ट्रांजिस्टर को एक साथ कंपाइल किया गया।
- 22:36तब जाकर हमें उससे भी फास्ट टेक्नोलॉजी
- 22:38मिली। इंटीग्रेटेड सर्किट और फिर
- 22:41इंटीग्रेटेड सर्किट्स को कंपाइल किया गया
- 22:43एक साथ इनकैप्सुलेट करके। उससे भी फास्ट
- 22:46टेक्नोलॉजी हमें मिली माइक्रोपर। आज की
- 22:49डेट में आपके लैपटॉप में, आपके फोन में हर
- 22:52जगह पर माइक्रोपर लगा हुआ है। जितने भी
- 22:55इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट्स हैं उन सब में
- 22:57आज की डेट में आपको ना ही IC मिलेंगे ना
- 23:00ही ट्रांजिस्टर मिलेंगे। आपको माइक्रोपर
- 23:02लगे हुए मिलेंगे। हर एक कंप्यूटर का सबसे
- 23:05महंगा सबसे एक्सपेंसिव पार्ट माइक्रोपर
- 23:08होता है।
- 23:10इन्होंने वैक्यूम ट्यूब्स को रिप्लेस किया
- 23:13ड्यू टू स्मॉल साइज, लो पावर यूज़ एंड हाई
- 23:16स्पीड। इनकी खास बात यही थी कि लो पावर
- 23:19कंज्यूम करते थे। इसके अलावा स्पीड भी
- 23:22इनकी ज़्यादा थी और साइज़ में भी यह कम हुआ
- 23:25करते थे। इस वजह से वैक्यूम ट्यूब्स की
- 23:26इन्होंने जगह ली। अभी हम लोग जनरेशन को भी
- 23:28समझेंगे कि कंप्यूटर की पांच जनरेशन
- 23:30कौन-कौन सी हैं। फ्रॉम द बेस ऑफ मॉडर्न
- 23:33कंप्यूटरटर्स एंड इलेक्ट्रॉनिक्स। मतलब
- 23:36बेसिक ही थे यह उस फॉर्म में। नाउ कम्स टू
- 23:40जनरेशन ऑफ कंप्यूटर। अच्छा एक बात बताइए
- 23:43कंप्यूटर में कितनी जनरेशन आई है आज तक?
- 23:47कितनी जनरेशन आई है? कुछ लोग बोलेंगे सर
- 23:51नवीं जनरेशन आ गई है। 10वीं जनरेशन आ गई
- 23:54है। कुछ लोग बोलते हैं या आप में से कई
- 23:57लोग होंगे जिनके दिमाग में चल रहा होगा सर
- 23:59नौ जनरेशन। कोई बोलेगा 10वीं चल रही है।
- 24:02कोई बोलेगा 11वीं चल रही है। ऐसा क्यों
- 24:04बोलते हैं?
- 24:07ऐसा क्यों बोलते हैं?
- 24:10क्योंकि हमने देखा हुआ है कि प्रोसेसर की
- 24:13कैटेगरी i7 आ रही है, i8 आ रही है, i9 आ
- 24:19रही है। तो हम समझ लेते हैं यही कंप्यूटर
- 24:21की जनरेशन है। नहीं। जबकि ये प्रोसेसर के
- 24:25वैरिएंट्स हैं। ये क्या हैं? ये प्रोसेसर
- 24:28के वैरिएंट्स हैं।
- 24:30ठीक है? यहां पर बात हो रही है कंप्यूटर
- 24:33की जनरेशन की। जब भी आपसे जनरेशन पूछा
- 24:36जाए, ध्यान रखिएगा आज तक सिर्फ पांच
- 24:38जनरेशन कंप्यूटर की आई हुई हैं। इस टाइम
- 24:41पर हम फिफ्थ जनरेशन में चल रहे हैं। ठीक
- 24:44है? देखिए विशांत ने कहा आठ जनरेशन जबकि
- 24:47कृष्णा अभय
- 24:50रवि कुमार इन लोगों के आंसर सही हैं। तो
- 24:53आज के बाद इतना ध्यान रखोगे कंप्यूटर में
- 24:55सिर्फ पांच जनरेशन आई हैं। हम लोग जब इसकी
- 24:59बात कर रहे होते हैं तो दरअसल जनरेशन नहीं
- 25:01हम लोग प्रोसेसर्स के माइक्रोपर के
- 25:03वेरिएंट्स की बात कर रहे हैं। जैसे आप XUV
- 25:08700 लेने जाओ तो आप देखते हो ना उसके कई
- 25:10वेरिएंट हैं। एक ऑटोमेटिक वेरिएंट है 1.5
- 25:13लीटर में। फिर एक 2 लीटर वाले इंजन में
- 25:16ऑटोमेटिक वेरिएंट है। एक मैनुअल है। फिर
- 25:20उसमें भी आप देखोगे कुछ पेट्रोल के
- 25:21वेरिएंट हैं। कुछ डीजल के वैरिएंट हैं। तो
- 25:24दरअसल दे आर द वैरिएंट्स ऑफ प्रोसेसर।
- 25:27अपडेटेड वेरिएंट्स हैं।
- 25:30अब ये जो कंप्यूटर की पांच जनरेशन है,
- 25:32इनमें पहली जनरेशन मतलब हर एक जनरेशन में
- 25:35हमने हर एक हर एक जनरेशन में एक-एक
- 25:38टेक्नोलॉजी का यूज किया है। और बस आपसे
- 25:41उसी टेक्नोलॉजी से क्वेश्चन पूछा जाता है।
- 25:43आपसे क्वेश्चन पूछेगा सेकंड जनरेशन में
- 25:46हमने कौन सी टेक्नोलॉजी का यूज किया? थर्ड
- 25:48कंप्यूटर जनरेशन में कौन सी टेक्नोलॉजी का
- 25:50यूज किया? तो बस ये पांच टेक्नोलॉजी आपको
- 25:52ध्यान रखनी है। आपके सारे क्वेश्चन यहीं
- 25:54से बन जाते हैं। कंप्यूटर की जो पहली
- 25:58जनरेशन है, यह 1940 से लेकर 56 तक मानी
- 26:01जाती है। मतलब यह जो 16 वर्षों का टाइम
- 26:04पीरियड है, यह फर्स्ट जनरेशन कहलाती है।
- 26:07और फर्स्ट जनरेशन में हमने प्रोसेसिंग के
- 26:10लिए जो टेक्नोलॉजी यूज़ करी, उस टेक्नोलॉजी
- 26:13को बोलते हैं वैक्यूम ट्यूब्स। क्या बोलते
- 26:15हैं? वैक्यूम ट्यूब्स। और वैक्यूम ट्यूब्स
- 26:18की खास बात हुआ करती थी कि यह मशीन
- 26:20लैंग्वेज के ऊपर काम करते थे। मतलब जीरो
- 26:23और वन के फॉर्म में काम करते थे। इसको हम
- 26:26लोग क्या बोलते हैं? जीरो और वन को मिलाकर
- 26:29एक लैंग्वेज बनती है। एक भाषा बनती है जो
- 26:32कि कंप्यूटर की भाषा कहलाती है। और इसी को
- 26:34हम लोग कंप्यूटर टर्म में बाइनरी लैंग्वेज
- 26:37बोलते हैं। क्या बोलते हैं? बाइनरी
- 26:39लैंग्वेज।
- 26:42आप इसे बाइनरी लैंग्वेज बोलते हो। सही
- 26:44वर्ड है और इसी को हम लोग क्या बोलते हैं?
- 26:47मशीन लैंग्वेज भी बोलते हैं।
- 26:50क्या बोलते हैं? मशीन लैंग्वेज। अच्छा आगे
- 26:52बढ़ने से पहले एक अंतर समझ लो।
- 26:57कंप्यूटर में
- 27:01जो लैंग्वेज है,
- 27:05इसमें जो बेसिक डिफरेंसेस होते हैं। ठीक
- 27:07है?
- 27:10बेसिक डिफरेंसेस जो होते हैं, वह इस तरीके
- 27:13से हैं।
- 27:15एक तो आपकी कहलाती है
- 27:19मशीन लैंग्वेज
- 27:22जबकि दूसरी आपकी कहलाती है हाई लेवल
- 27:26लैंग्वेज।
- 27:29हाई लेवल लैंग्वेज। ठीक है? अब ये मशीन
- 27:32लैंग्वेज क्या है? मशीन लैंग्वेज में आपकी
- 27:37बाइनरी आ जाती है।
- 27:40बाइनरी भाषा। नाम से ही समझ जाइए इसको
- 27:43क्यों मशीन लैंग्वेज कहा जा रहा होगा
- 27:45क्योंकि यह ऐसी भाषा है जिसको इंसान नहीं
- 27:49समझ सकते जिसको सिर्फ मशीन समझ पाती है
- 27:53इसलिए इसको मशीन लैंग्वेज कहा जाता है। आप
- 27:56मुझे खुद बताइए जीरो और वन के फॉर्म में
- 27:59इस पूरे दुनिया में कितने लोग ही भाषाओं
- 28:01को समझ पाते हैं?
- 28:04कुछ ही पागल हैं इस दुनिया में जो कि
- 28:06प्रोग्रामिंग समझ पाते हैं। और उस
- 28:09प्रोग्रामिंग में भी जो सबसे टफ
- 28:11प्रोग्रामिंग होती है जिस पर हमारे
- 28:13कंप्यूटर का कांसेप्ट ही टिका हुआ है वो
- 28:16कहलाती है बाइनरी लैंग्वेज।
- 28:19आपको क्या लगता है जब आप कंप्यूटर की में
- 28:22की दबाते हो अपना नाम लिखने के लिए मान
- 28:24लेते हैं आपका नाम अर्जुन है। आपने ए
- 28:27दबाया तो कंप्यूटर के पास आपके सामने जो
- 28:30कीबोर्ड है इसमें कीज़ हैं। इसमें बटन है।
- 28:34ठीक है? आपने ए दबाया।
- 28:37तो जब आपने ए प्रेस किया तो प्रोसेसर को
- 28:43प्रोसेसर के पास इंस्ट्रक्शन गया।
- 28:45प्रोसेसर आपको स्क्रीन पर लिखा दिखाएगा ए
- 28:49लेकिन प्रोसेसर तक इंस्ट्रक्शन ए नहीं
- 28:52पहुंचा। प्रोसेसर तक पहुंचा ए का स्काई
- 28:56कोड।
- 29:00इसको बोलते हैं अमेरिकन स्टैंडर्ड कोड फॉर
- 29:03इंफॉर्मेशन इंटरचेंज।
- 29:06तो नाम से ही समझो। अमेरिकन स्टैंडर्ड कोड
- 29:10फॉर इंफॉर्मेशन इंटरचेंज। आप जो
- 29:13इंफॉर्मेशन दे रहे हो प्रोसेसर को उसको
- 29:16इंटरचेंज करने के लिए बनाया गया कोड है
- 29:20और यह जो कोड होगा यह बाइनरी फॉर्म में
- 29:23होगा तो जब आप ए दबा रहे हो तो ए आप जानते
- 29:28हो मैं जानता हूं
- 29:31लेकिन कंप्यूटर ए नहीं जानता कंप्यूटर ना
- 29:35अंग्रेजी जानता है ना हिंदी जानता है ना
- 29:37संस्कृत ना बंगाली ना फ्रेंच ना स्पेनिश
- 29:40कुछ नहीं जानता कंप्यूटर कंप्यूटर सिर्फ
- 29:44बाइनरी जानता है या आप बोल सकते हो
- 29:47कंप्यूटर सिर्फ मशीन लैंग्वेज जानता है।
- 29:51आप ए लिख रहे हो
- 29:53पहले वो ए स्काई कोड में कन्वर्ट होगा और
- 29:58उसके बाद स्काई कोड जाता है
- 30:02प्रोसेसर के पास।
- 30:04तब जाकर प्रोसेसर समझ जाता है कि अच्छा
- 30:07भैया यह स्काई कोड है। मतलब मुझे क्या
- 30:09दिखाना है? यह बनाकर दिखाना है। कंप्यूटर
- 30:12को इससे कोई मतलब नहीं है। तुम्हारा नाम
- 30:14अर्जुन है कि भीम है, नकुल है, सहदेव है।
- 30:17कोई मतलब नहीं है।
- 30:20कंप्यूटर के पास बस इतना कोड है कि जो
- 30:23स्काई कोड बोलेगा आप जो उसे इंस्ट्रक्शन
- 30:26दोगे वो स्काई कोड के फॉर्म में समझेगा और
- 30:28आपको वो बनाकर दे देगा मॉनिटर पे। दैट्स
- 30:31इट।
- 30:34क्लियर हुई बात? तभी मैंने कहा मशीन
- 30:37लैंग्वेज वो है जो कि मशीन समझती है।
- 30:40इंसान नहीं समझता इसे और हाई लेवल
- 30:42लैंग्वेज वो है जो कि
- 30:46इंसान समझता है। हमारी जितनी भी
- 30:49प्रोग्रामिंग लैंग्वेज हैं वो बेसिकली हाई
- 30:51लेवल लैंग्वेज में आती हैं। एग्ज़ांपल
- 30:57C++
- 31:01C शार्प
- 31:04Java
- 31:07एसक्यूएल
- 31:10ये सब आपकी जितनी है ये हाई लेवल लैंग्वेज
- 31:12है। और इसमें भी सी को हम लोग क्या बोलते
- 31:15हैं?
- 31:18मदर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज बोला बोला जाता
- 31:20है।
- 31:22क्यों?
- 31:23क्योंकि C का ही यूज करके दूसरी
- 31:26प्रोग्रामिंग लैंग्वेज बनी हुई हैं। C का
- 31:28यूज करके ही C++ बनी हुई है। C का यूज़
- 31:32करके प्लेटफार्म पर ही C शार्प बनी हुई
- 31:34है। जावा भी C प्लेटफार्म को ही यूज़ करके
- 31:37बनी हुई है।
- 31:40क्योंकि इस प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का यूज़
- 31:42करके दूसरी और लैंग्वेजज़ बनी है। इस वजह
- 31:44से इसको मदर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज कहा
- 31:46जाता है।
- 31:50सर MS Office और MX Excel भी करवाओगे? भाई
- 31:54बिल्कुल करवाऊंगा। MS Office करवाऊंगा ना।
- 31:56इंपॉर्टेंट है। तब होगा टेंशन मत लो।
- 32:03सॉर्टेड है यहां तक? कोई दिक्कत तो नहीं।
- 32:06वापस आते हैं। पहली जनरेशन में हम लोगों
- 32:09ने वैक्यूम ट्यूब्स का यूज़ किया। वैक्यूम
- 32:11ट्यूब्स जो कि आपका मशीन लैंग्वेज फॉर्म
- 32:14में चलते हैं। जीरो और वन की फॉर्म में
- 32:15बाइनरी में। बड़ा इनका साइज हुआ करता था।
- 32:18हाई पावर कंजमशन हुआ करते थे। एग्जांपल
- 32:21जैसे एनियाक हो गया, एडवक हो गया, यूनिवक
- 32:24हो गए। इन कंप्यूटरटर्स में वैक्यूम
- 32:26ट्यूब्स का यूज़ किया गया। उसके बाद 1957
- 32:29से लेकर 63 तक ये जो छ वर्षों का टाइम
- 32:32पीरियड है, यह सेकंड जनरेशन का है। अभी तक
- 32:35जो हम लोग वैक्यूम ट्यूब्स यूज़ करते थे,
- 32:37इनकी जगह अब ले ली ट्रांजिस्टर्स ने।
- 32:40ट्रांजिस्टर्स के आने के साथ ही चिप वाला
- 32:42कांसेप्ट आया पहली बार। ठीक है? वैसे चिप
- 32:46का कांसेप्ट प्रॉपर चिप का कांसेप्ट आगे
- 32:48आएगा। ट्रांजिस्टर पता है कैसे हुआ करते
- 32:50थे? आपने शायद देखा हो जैसे मदरबोर्ड है
- 32:54ना आप अपने कंप्यूटर में मदरबोर्ड देखोगे
- 32:56तो उस मदरबोर्ड में आप देखोगे
- 32:58ऐसे करके तार लगे हुए हैं। इसके ऊपर एक
- 33:01कैप्सूल जैसा लगा हुआ है। ठीक है?
- 33:06इस तरीके से आपके होते हैं।
- 33:09ऐसे एक सिलेंडर होता है और इसके नीचे आप
- 33:12देखोगे ऐसे करके तार वायर होता है जो कि
- 33:15कनेक्टेड होता है। दीज़ आर ट्रांजिस्टर।
- 33:18यह सेकंड जनरेशन की टेक्नोलॉजी थी। इसमें
- 33:21असेंबली लैंग्वेज का यूज़ किया गया। स्मॉलर
- 33:24थे, वैक्यूम ट्यूब्स थे। उससे फास्ट भी थे
- 33:26और ज्यादा रिलायबल थे। फर्स्ट जनरेशन के
- 33:29कम कंपैरिजन में। कौन से कंप्यूटर में यूज
- 33:32किया गया ट्रांजिस्टर का? तो यह आईबीएम
- 33:351401 आईबीएम 794 यह दो कंप्यूटर थे जिन पर
- 33:39यूज किया गया। आईबीएम अगर आप सोच रहे हैं
- 33:42ना जिस कंपनी के बारे में जी हां वही
- 33:44कंपनी है।
- 33:46इसके बाद 1964 से 71 तक थर्ड जनरेशन इसमें
- 33:50ट्रांजिस्टर्स की जगह ले ली आईसीस ने।
- 33:52इंटीग्रेटेड सर्किट जिनको बोलते हैं। यहां
- 33:55पर हाई लेवल लैंग्वेज का देखिए यूज़ किया
- 33:57जाने लगा। अब हाई लेवल लैंग्वेज में सी,
- 34:00बेसिक, कोबोल, फोट्रॉन यह सब आ जाते हैं।
- 34:03ठीक है? कम साइज रहा उससे कॉस्ट भी कम हो
- 34:07गई और स्पीड ज्यादा हो गई। क्योंकि आईसीस
- 34:11की खास बात है। अभी तक हमें जितनी गणना
- 34:15करने के लिए 50 ट्रांजिस्टर्स का यूज़
- 34:18करना होता था, वह सभी के सभी
- 34:20ट्रांजिस्टर्स रिप्लेस हो गए सिर्फ एक चिप
- 34:22से। इस वजह से कॉस्टिंग भी इसकी कम हो गई।
- 34:26IBM 360, IBM 370 जो कि पहले से काफी
- 34:29बेहतर कंप्यूटर थे उनमें इसका यूज किया
- 34:31गया। देन आ जाते हैं फोर्थ जनरेशन में।
- 34:34सबसे ज्यादा सफल रही यह जनरेशन फोर्थ
- 34:37जनरेशन जिसमें हमने माइक्रोपर्स का यूज़
- 34:39किया है। इवन आज की भी डेट में हम लोग
- 34:41अपने लैपटॉप में, कंप्यूटर में माइक्रोपर
- 34:44का यूज़ कर रहे हैं।
- 34:46वेरी लार्ज स्केल इंटीग्रेशन है इसका।
- 34:49सबसे ज्यादा लेवल पर यह इंटीग्रेट करते
- 34:52हैं। वेरी हाई लेवल लैंग्वेज का इस पर यूज
- 34:56होता है। जैसे C, C++, Java, स्ट्रक्चरर्ड
- 34:59क्वरी लैंग्वेज इन सब का यूज़ होता है।
- 35:01पर्सनल कंप्यूटरटर्स में आज की डेट में
- 35:04इन्हीं का यूज़ हो रहा है। आपके पास कोई
- 35:05फोन है तो उसमें भी इन्हीं का यूज़ हो रहा
- 35:07है। शुरुआत कहां से हुई? आईबीएम के पर्सनल
- 35:10कंप्यूटर से, Apple के, मैकिंथोश से। यह
- 35:13सब इसके शुरुआती दौर के एग्जांपल रहे।
- 35:16फोर्थ जनरेशन के बाद आज की डेट में हम लोग
- 35:18काम कर रहे हैं। फिफ्थ जनरेशन में 1980 से
- 35:22लेकर आज 2025 खत्म होने वाला है।
- 35:27समझो
- 35:29खत्म हो ही गया लगभग। आज तो 31 दिसंबर है
- 35:33ना? तो आज 2025 खत्म हो गया। दवाई
- 35:38पिछले 45 वर्षों से हम सिर्फ और सिर्फ
- 35:42फिफ्थ जनरेशन में ही टहल रहे हैं। उसका
- 35:44कारण पता है क्या है? पांचवी जनरेशन में
- 35:47जो टेक्नोलॉजी यूज़ हो रही है, दिस इज
- 35:48आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस। एआई जिसको बोलते
- 35:51हैं बच्चे-बच्चे की जुबान पे इस टाइम पर
- 35:54एआई है।
- 35:56कारण यह है कि यह एक ऐसी टेक्नोलॉजी है जो
- 35:59कि बहुत ज्यादा वाइड है। इसमें इतना कुछ
- 36:01करने को है कि अभी तक हम इसकी तय पर ही
- 36:04नहीं पहुंच पा रहे।
- 36:07आज की डेट में एi बेसिकली है क्या? अगर हम
- 36:09बेसिक टर्म में बात करें कि एआई क्या है?
- 36:12तो आपको सिंपली ध्यान रखना है एक ऐसा
- 36:15मैकेनिज्म
- 36:17जो कि सेंसर बेसिस पर काम करता है।
- 36:22जो कि लाइक अ ह्यूमन बीइंग एक्ट करता है।
- 36:24ह्यूमन बीइंग है नहीं। ह्यूमन की तरह एक्ट
- 36:28करता है। दैट इज कॉल्ड एआई। नाम ही समझ
- 36:32लीजिए। एक सेकंड रुकिएगा प्लीज। माफी
- 36:34चाहता हूं।
- 36:51एम आई ऑडिबल नाउ
- 36:55हेलो
- 36:56हां जी मैंने क्या बोला एआई क्या है ध्यान
- 37:00दीजिएगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
- 37:03इस दुनिया में इंटेलिजेंस किसके पास है?
- 37:06ब्रेन तो बहुतों के पास है। इंटेलिजेंस
- 37:09किसके पास है? इंसान के पास। वो बोलते हैं
- 37:13ना पशु के पास जैसे कुत्ता हो गए, बिल्ली
- 37:16हो गए, हाथी हो गए। इनके पास दिमाग है
- 37:19लेकिन इनके पास विवेक नहीं है।
- 37:23दिमाग और विवेक में अंतर है।
- 37:26कुत्ता, बिल्ली, हाथी, घोड़ा इन सबके पास
- 37:30दिमाग है। यह दिमाग लगाकर खुद को बचा सकते
- 37:33हैं। दिमाग लगा के तेज भाग सकते हैं।
- 37:36दिमाग लगा के अग्रेसिव हो जाए तो किसी को
- 37:39अटैक कर सकते हैं, मार सकते हैं। लेकिन
- 37:42विवेक नहीं है। विवेक का मतलब सही और गलत।
- 37:47उसको मिलाकर इंटेलिजेंस बनता है जिसको
- 37:51बुद्धिमत्ता बोलते हैं। तो इस दुनिया में
- 37:54अगर इंटेलिजेंस किसी के पास है तो वो
- 37:56इंसान के पास है। और अगर वही इंटेलिजेंस
- 38:00आर्टिफिशियल हो जाए दैट मींस कि फिर वो
- 38:02इंसान नहीं है मशीन है। तो एक ऐसी मशीन जो
- 38:07कि आर्टिफिशियली इंटेलिजेंस रखती है जो कि
- 38:10ह्यूमन की तरह काम करती है। दैट इज कॉल्ड
- 38:13आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस।
- 38:17आज की डेट में आप देखिए इसकी शुरुआत कहां
- 38:20से हुई थी। सेंसरी इंफॉर्मेशन से इसकी
- 38:23शुरुआत हुई थी। आपको याद है आज से 20 30
- 38:27साल पहले भी ऐसे टीवी आने लगे थे कि टीवी
- 38:30में कंप्यूटर का प्रोविजन आया।
- 38:33सॉरी रिमोट का प्रोविजन आया। रिमोट दबाया।
- 38:37टीवी ऑन हो गई। रिमोट दबाया। टीवी ऑफ हो
- 38:40गई। रिमोट से ही टीवी में आवाज बढ़ रही
- 38:43है। चैनल चेंज हो रहे हैं। उस टाइम पर
- 38:46आपको याद है जब रिमोट वाला टीवी आया था
- 38:50अपने आप में रेवोल्यूशन था। आप मुझसे
- 38:52पूछिए
- 38:54मेरे तो सामने ही आया है। हम वो जनरेशन है
- 38:5790ज की जिसके सामने लगभग कंप्यूटर वर्ड
- 39:00पूरा यूं चेंज हुआ है।
- 39:04आपने तो शायद देखी भी नहीं होंगी। आई डोंट
- 39:06नो। आपने फ्लॉपी नहीं देखी होगी। मैंने तो
- 39:08फ्लॉपी का यूज किया हुआ है। आज की डेट में
- 39:11लोगों को पता ही नहीं है फ्लॉपी। कैसेट का
- 39:13यूज किया है जिसको मैग्नेटिक टेप बोलते
- 39:16हैं। पहले आपका वह चलता था वॉकमैन उसमें
- 39:19कैसेट लगाते थे। कैसेट में गाने होते थे।
- 39:21ए साइड होता था बी साइड होता था। ए साइड
- 39:24लगा हो तो इधर से 12 गाने चलेंगे। दूसरी
- 39:27साइड 12 गाने करते थे। ऐसे करके होता था।
- 39:32तो उस टाइम पर कितनी बड़ी बात थी। सेंसरी
- 39:35इंफॉर्मेशन के बेसिस पर। धीमे-धीमे करके
- 39:37यह इंफॉर्मेशन बढ़ती गई। हमारी जो मशीनें
- 39:40हैं वह और ज्यादा बेहतर होती गई। आज आप
- 39:43देखिए आज आप एसी में सेट कर सकते हो कि 3
- 39:48घंटे के बाद मैं अगर सो भी जाऊं तो
- 39:49ऑटोमेटिक एसी ऑफ हो जाए। आज की डेट में आप
- 39:52देख रहे हो एसी इतने स्मार्ट है कि वह रूम
- 39:55का टेंपरेचर ऑटोमेटिक जज कर लेते हैं। जब
- 39:58रूम का टेंपरेचर कूल हो जाएगा तो वह
- 40:01ऑटोमेटिक
- 40:03पावर ऑफ कर देते हैं। मतलब आपकी बिजली
- 40:06बचती है। इतने स्मार्ट एसी आ गए हैं। आज
- 40:09की डेट में देखिए गाड़ियां कैसी आ गई हैं।
- 40:12पार्किंग सेंसर्स लगे हुए हैं गाड़ी में।
- 40:14जब आप गाड़ी बैक करने लगोगे तो गाड़ी आपको
- 40:17अपने आप ही बता देती है कि अब दीवार इतने
- 40:20पीछे है। बस बस बस बस बस बस बस रुक जाओ
- 40:23रुक जाओ रुक जाओ। जैसे आप दीवार की तरफ
- 40:25जाते जाओगे टी टी टी टी टी टी टी टी टी टी
- 40:28टी टी करके बढ़ जाएगी। मतलब वो आपको बता
- 40:31रही है बस बस बस बस बेटा लग जाएगी गाड़ी।
- 40:35कैसे एक्ट कर रही है? इंसान की तरह एक्ट
- 40:38कर रही है। वरना जब यह पार्किंग सेंसर
- 40:40नहीं थे तब याद है एक आदमी पीछे खड़ा होता
- 40:42है। हां भैया थोड़ा पीछे काट दो जरा। हां
- 40:44पूरा स्टीयरिंग रख के काटो तब निकलेगी।
- 40:47पता लगा उसके बाद भी गाड़ी ठुक गई।
- 40:51इस तरीके से धीमे-धीमे एi जो है यह एक ऐसी
- 40:55टेक्नोलॉजी है जो कि ह्यूमन की तरह एक्ट
- 40:57करते-करते आज इसने ह्यूमन की जगह ले ली
- 41:00है।
- 41:05आपने देखा होगा मॉल्स में आप जाइए। आपको
- 41:07इस तरीके के सेंसरी इंफॉर्मेशन बेसिस के
- 41:12बेसिन मिलेंगे। आप मॉल्स में जाइए। नल लगे
- 41:15हुए हैं। आप नल के सामने हाथ ऐसे लाइए।
- 41:18जैसे आप हाथ लेकर जाओगे नल से पानी निकलने
- 41:21लगेगा। आप हाथ हटा लीजिए वाटर रुक जाएगा।
- 41:26कैसे? जस्ट बिकॉज़ ऑफ सेंसर्स। उसके पीछे
- 41:30कोई जिन तो बैठा नहीं हुआ है। जो ये सोच
- 41:32रहा हो ओह माय गॉड। मेरे आका आ गए हैं।
- 41:34पानी डालो भैया। हाथ धुलाओ आका के। कोई
- 41:37जिन तो नहीं बैठा ना? उसके पीछे। कोई भूत
- 41:39तो नहीं बैठा हुआ है।
- 41:42ऑल इज जस्ट बिकॉज़ ऑफ़ सेंसरी इंफॉर्मेशन।
- 41:45मशीन इंसानों की तरह एक्ट कर रही है। वरना
- 41:48पहले क्या होता था? हाथ तो ऐसे ले खड़े
- 41:50हैं। अरे पानी डालो यार। बोलना पड़ता था।
- 41:53अरे भैया धीमे पानी डालो यार। पानी की
- 41:55बर्बादी ना करो। डाल रहा है धीमे-धीमे
- 41:57पानी। लो पानी भी खत्म हो गया।
- 42:02ऐसे करते-करते आज की डेट में हम लोग रोबोट
- 42:06तक पहुंच गए हैं।
- 42:09आप जानते हैं आने वाले टाइम में एआई का
- 42:11फ्यूचर क्या है?
- 42:13एआई का फ्यूचर आप जानते हैं क्या है? आज
- 42:16ही आप देखिए लोग शादी नहीं करना चाहते।
- 42:20लोग शादी करने से कतरा रहे हैं।
- 42:24अभी तक तो बहुत सारे लोगों को हमारे देश
- 42:27में शादी करने की जो प्रेरणा मिलती थी वह
- 42:29इसीलिए मिल जाती थी। वो सोचते थे महिला तो
- 42:32नौकर है।
- 42:35रोटी बना बना के सुख देगी इसलिए शादी करनी
- 42:38है। अब नहीं है। लोगों का क्रेज ही खत्म
- 42:41हो रहा है।
- 42:43क्यों? लोग मशीनों से बात कर रहे हैं। आप
- 42:46देखिए लोगों ने अपने पूरे-पूरे घर
- 42:50पूरे-पूरे घर इंटरकनेक्टेड कर रखे हैं।
- 42:52Alexa से घर के अंदर जाते हैं। Alexa बेटा
- 42:57यह वाला गाना चला दो। Alexa गाना चला देती
- 42:59है।
- 43:01Alexa बेटा टीवी ऑन कर दो। Alexa ने टीवी
- 43:04ऑन कर दिया। Alexa एसी बंद कर दो। बंद कर
- 43:07दिया।
- 43:10कैसे हो पा रहा है? क्योंकि एआई इज
- 43:13रिप्लेसिंग ह्यूमन। लोगों को जरूरत नहीं
- 43:16है अब किसी की।
- 43:19फ्यूचर यह है एआई का कि आने वाले टाइम में
- 43:22जो आपको लग रहा है ना घरों पे आज कोई नौकर
- 43:24काम कर रहा है, कोई कुछ कर रहा है। नहीं
- 43:26आप देखिएगा अभी 10 साल के बाद लोगों के
- 43:30घरों में यह सिलसिला चालू होने वाला है।
- 43:31रोबोट बिका करेंगे। मार्केट में यह रोबोट
- 43:35है। पता है कैसे बात करेंगे? अरे पता है
- 43:38शुक्ला जी के यहां वो रोबोट आया है। कह
- 43:40कौन सा रोबोट? अरे गाड़ी धुल देता है
- 43:42पूरी।
- 43:44गाड़ी वाड़ी धुल देता है। कपड़े भी धुल
- 43:47डालता है पूरे रगड़ के। पता लगा फलाने की
- 43:50बीवी बोल रही है। सुनो हमारे भी हाथ दुख
- 43:52रहे हैं। वो वाला रोबोट लेके आना है।
- 43:56कह वो कितना अमीर आदमी है। अरे बहुत अमीर
- 43:58है। उसके घर में पता है कितने? 16 रोबोट
- 44:01है। एक गाड़ी धुलता है। एक घर का खाना
- 44:04बनाता है किचन में। एक पूरा साफ सफाई कर
- 44:06डालता है। ऐसे देखा जाएगा आगे फ्यूचर में।
- 44:10दिस इज द फ्यूचर ऑफ एआई। अभी तो कुछ नहीं
- 44:14हुआ। आपको लग रहा है और क्या होगा?
- 44:18एक्सट्रीम है। 45 साल से हम इसे एक्सप्लोर
- 44:21कर रहे हैं। तो आज की डेट में हम किस
- 44:24टेक्नोलॉजी पे चल रहे हैं? आर्टिफिशियल
- 44:26इंटेलिजेंस पे चल रहे हैं। इट यूजेज
- 44:28एडवांस टेक्नोलॉजीस लाइक मशीन लर्निंग एंड
- 44:32रोबोटिक्स। एग्जांपल एi बेस सिस्टम्स हो
- 44:34गए, सुपर कंप्यूटरटर्स हो गए। आज की डेट
- 44:36में सब ए पर ही चल रहे हैं।
- 44:40आप देख रहे हो आजकल की गाड़ियों में
- 44:42ऑटोमेटिक रेल सेंसिंग वाइपर है। पानी की
- 44:46आप दो-तीन बूंदे डालिए। वाइपर ऑटोमेटिक ऑन
- 44:48हो जाते हैं। या
- 44:51कैसे? एआई की वजह से। ठीक है? क्लियर है
- 44:54भाई सभी को? जनरेशन क्लियर हुई? यहां पर
- 44:57मैंने टेबल दे दी है। इस टेबल से टेबल से
- 45:00आप एक ही बार में पूरा रिवीजन कर सकते
- 45:02हैं। फर्स्ट, सेकंड, थर्ड, फोर्थ, फिफ्थ
- 45:05जनरेशन इनका टाइमलाइन क्या है? प्रोसेसर
- 45:07कौन-कौन से यूज़ किए गए? मेमोरी कौन-कौन सी
- 45:10यूज़ करी गई? ये सब देखने में आपको आसानी
- 45:12रहेगी। रिवीजन के लिए बहुत अच्छा चार्ट है
- 45:14जो मैंने बनाया है। इसको बहुत ध्यान से
- 45:16देखिएगा। एग्जांपल कौन-कौन से रहे? इनपुट
- 45:19डिवाइसेस में कौन-कौन सी चीजें यूज़ हुई?
- 45:21तो जैसे फर्स्ट जनरेशन है, वहां पर पंच
- 45:23कार्ड और पेपर टेप ये यूज़ होते थे। फिर
- 45:25पंच कार्ड तो रहे। पेपर टेप खत्म हो गए।
- 45:27उसकी जगह मैग्नेटिक टेप आ गए। फिर कीबोर्ड
- 45:31आ गया। थर्ड जनरेशन में। फोर्थ जनरेशन में
- 45:33भाई माउस भी आ गया। थोड़ा ज्यादा
- 45:35इंटरेक्टिव हो गया। जिनको कीबोर्ड चलाना
- 45:38नहीं आता था वो माउस से काम करने लगे। और
- 45:40आज की डेट में आप देखिए आज की डेट में
- 45:42माउस, कीबोर्ड ये तो पीछे छूट गए। टच और
- 45:45वॉइस पर काम हो रहा है।
- 45:48जितने भी फोन हैं आप देखोगे टच फोन से ही
- 45:50सब काम कर रहे हैं। मैं आपको पढ़ा भी रहा
- 45:53हूं। तो देखिए टच से पढ़ा रहा हूं। यह
- 45:54देखिए लिख दिया, हटा दिया। यह सब टच
- 45:58स्क्रीन है। यह टच ही तो है जिस पर मैं
- 46:01काम कर रहा हूं। एंड अपार्ट फ्रॉम दिस
- 46:03वॉइस पर काम हो रहा है। जो अभी मैंने
- 46:05एग्जांपल दिया। Alexa भेल पूरी बना देना।
- 46:09Alexa थोड़ी चटनी डाल देना। Alexa गोलगप्पे
- 46:12ले आओ जाके। यह सब वॉइस पर काम हो रहा है।
- 46:16जस्ट बिकॉज़ ऑफ़ एआई।
- 46:19अब कुछ क्वेश्चन देखेंगे फटाफट से इन पर
- 46:23बेस्ड और यह क्वेश्चन आप ही आंसर करोगे।
- 46:26ठीक है? बस मैं आपके सामने पढ़ रहा हूं और
- 46:29आपकी मदद कर रहा हूं। इस क्वेश्चन को
- 46:31यूपीपीसीएल में पूछा गया है 2023 में।
- 46:34इसके अलावा एसएससी में भी पूछा जा चुका
- 46:36है। क्या बोल रहा है? व्हिच ऑफ द फॉलोइंग
- 46:38कंपोनेंट्स वाज़ यूज्ड फॉर लॉजिक सर्किटरी
- 46:41इन द फर्स्ट जनरेशन ऑफ कंप्यूटर? सिंपली
- 46:44पूछ रहा है कंप्यूटर की पहली जनरेशन में
- 46:46कौन सी टेक्नोलॉजी यूज करी गई थी?
- 46:49इंटीग्रेटेड सर्किट, रजिस्टर, ट्रांजिस्टर
- 46:51या वैक्यूम ट्यूब? आपको पता ही है वैक्यूम
- 46:54ट्यूब।
- 46:55फर्स्ट जनरेशन में यूज़ किए गए।
- 46:58ट्रांजिस्टर आपके सेकंड जनरेशन में यूज़
- 47:00किए गए। जबकि इंटीग्रेटेड सर्किट आपके
- 47:02थर्ड जनरेशन में यूज़ किए गए। फोर्थ जनरेशन
- 47:05में माइक्रोपर और पांचवी जनरेशन में एआई
- 47:08यूज़ हो रहा है। ठीक है? दूसरा क्वेश्चन
- 47:10देखेंगे।
- 47:13वैक्यूम ट्यूब को ट्रांजिस्टर द्वारा किस
- 47:15पीढ़ी के कंप्यूटरों में प्रतिस्थापित
- 47:17किया गया? वैक्यूम ट्यूब्स वर रिप्लेस्ड
- 47:19बाय ट्रांजिस्टर इन वि जनरेशन? तो भैया
- 47:22वैक्यूम ट्यूब्स पहली जनरेशन की
- 47:24टेक्नोलॉजी है। तो इसको रिप्लेस दूसरी ही
- 47:26जनरेशन वाला करेगा ना। तो ऑब्वियस सी बात
- 47:29है ट्रांजिस्टर इज़ सेकंड जनरेशन। तो हमारा
- 47:31आंसर क्या हो जाएगा? सेकंड जनरेशन। सिंपल
- 47:34है।
- 47:38यह क्वेश्चन देखिए। इलाहाबाद हाई कोर्ट
- 47:40में पूछा गया है आरओ में हु डिज़ द फर्स्ट
- 47:43इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर इनयाक? अब अभी आप
- 47:46पढ़ चुके हो
- 47:49पहला इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर इनयाक किसके
- 47:52द्वारा बनाया गया था? इसके इन्वेंटर कौन
- 47:54है? तो इसके इन्वेंटर हैं
- 47:58पी एक्ट एंड जॉन मॉकली।
- 48:03ठीक है
- 48:07सर नमस्कार। सर मैंने आपकी 10,800 प्लस
- 48:10क्वेश्चन वाली बुक मंगाई है। दिल खुश हो
- 48:12गया है देखकर। अरे उस किताब में बहुत कुछ
- 48:14है। और आपने यह भी देखा होगा उस किताब में
- 48:19कैसा कंपाइलेशन मैंने किया है कि आप
- 48:21देखोगे जैसे वैदिक पीरियड है तो वैदिक
- 48:25पीरियड से पिछले 10 वर्षों में कितने
- 48:27क्वेश्चन बने हैं। अब उसमें से भी कौन-कौन
- 48:31से एग्जाम में कौन-कौन से क्वेश्चन पूछे
- 48:33गए हैं? इस तरीके से वह पूरी कंपाइल है।
- 48:40अगला देखिए क्वेश्चन आपसे क्या कह रहा है?
- 48:42यह कौन सा कंप्यूटर है व्हिच इज अ लार्ज
- 48:44एंड एक्सपेंसिव कंप्यूटर कैपेबल ऑफ
- 48:47साइमलटेनियसली प्रोसेसिंग डेटा फॉर 100्स
- 48:50ऑफ थाउजेंड्स ऑफ यूजर। मतलब कहने का यह है
- 48:53कि इनमें से ये कौन सा कंप्यूटर है जो कि
- 48:56एक ही टाइम पे साइमलटेनियस प्रोसेसिंग
- 48:59करता है। मतलब एक ही टाइम पे मल्टीपल
- 49:01ऑपरेशंस को परफॉर्म करता है।
- 49:05इस तरीके के कंप्यूटरटर्स को क्या बोलते
- 49:07हैं? हैंड हेल्ड कंप्यूटर, मेनफ्रेम
- 49:09कंप्यूटर, पर्सनल कंप्यूटर या टैबलेट
- 49:12कंप्यूटर।
- 49:13यह जो मेरे हाथ में फोन है, इस फोन को मैं
- 49:16टैबलेट बोल सकता हूं। ठीक है? यह टैबलेट
- 49:18कंप्यूटर का ही एग्जांपल है। जबकि पर्सनल
- 49:22कंप्यूटर जैसे कि लैपटॉप है वह पर्सनल
- 49:25कंप्यूटर है। डेस्कटॉप है वह भी पर्सनल
- 49:28कंप्यूटर है। पर्सनल कंप्यूटर का मतलब ही
- 49:30है एक ऐसी डिवाइस जिसे सिंगल यूजर यूज कर
- 49:34रहा है। एक व्यक्ति यूज कर रहा है। दैट इज
- 49:36कॉल्ड पर्सनल कंप्यूटर।
- 49:39इसको मैं अपना पर्सनल कंप्यूटर भी बोल
- 49:41सकता हूं। और इसको टेबलेट भी बोल सकता
- 49:44हूं। लेकिन लैपटॉप हो गया, डेस्कटॉप हो
- 49:47गया, वह टैबलेट नहीं है। टैबलेट का मतलब
- 49:50है हैंडी।
- 49:51ठीक है। सही आंसर है मेनफ्रेम। किसी ने
- 49:55आंसर किया था इसका?
- 49:57कृष्णा, जितेंद्र आंसर सही हैं आपके।
- 50:01बिल्कुल सही।
- 50:03मेनफ्रेम कंप्यूटर
- 50:05मेनफ्रेम का आज की डेट में यूज़ कहां हो
- 50:07रहा है? इसका यूज़ आपका बैंकों में हो रहा
- 50:10है। बैंक के सर्वर्स में। इसका यूज़ रेलवे
- 50:13में होता है।
- 50:15ठीक है? एग्जांपल जैसे कि आईआरसीटीसी
- 50:20आपको टिकट बुक करना है। आईआरसीटीसी पर आप
- 50:22गए। ठीक है? आपको टिकट बुक करना है
- 50:28जयपुर से
- 50:33जम्मू तक।
- 50:35जयपुर से जम्मू तक का आपको टिकट बुक करना
- 50:38है। अब जितने भी टिकट हैं मान लेते हैं
- 50:40100 टिकट हैं। अभी अवेलेबल हैं शताब्दी
- 50:43में। यह 100 टिकट पूरे भारत भर के लोग
- 50:46आईआरसीटीसी से देख पा रहे हैं ना। ठीक है?
- 50:50अब
- 50:52ए, बी, सी, डी, ई ये सब टिकट बुक करने में
- 50:57लगे हुए हैं। यह सब इसको देख पा रहे हैं।
- 50:59ए ने इसी से अपना टिकट एक्सेस किया। बी ने
- 51:03भी कर लिया, सी ने भी कर लिया, डी ने भी
- 51:05कर लिया, ई ने भी कर लिया। इन सब ने टिकट
- 51:09एक्सेस किया एक ही टाइम पे। मतलब
- 51:11साइमलटेनियसली प्रोसेसिंग हो रही है।
- 51:16सभी एक्सेस कर पा रहे हैं।
- 51:19जैसे कि
- 51:21स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में आपका अकाउंट है।
- 51:26ओके? और पूरे भारत में करोड़ों लोगों के
- 51:28अकाउंट है। SBI में है। वो करोड़ों लोग एक
- 51:31ही टाइम पर अपने फोन पर अपना-अपना अकाउंट
- 51:33एक्सेस कर सकते हैं।
- 51:36तो यह क्या है?
- 51:38साइमलटेनियसली प्रोसेसिंग का एग्जांपल है।
- 51:41वैसे इसके लिए एक टर्म भी यूज किया जाता
- 51:43है कंप्यूटर में। इसको मोरेंटली क्या
- 51:46बोलते हैं?
- 51:50डिस्ट्रीब्यूटेड सिस्टम।
- 51:53डिस्ट्रीब्यूटेड सिस्टम।
- 51:56मल्टीपल यूजर इन अ वन टाइम एक्सेस कर पाते
- 51:59हैं। जैसे दैट इज कॉल्ड डिस्ट्रीब्यूटेड
- 52:01सिस्टम। इसका एक और बेस्ट एग्जांपल बताऊं।
- 52:03मेरी जो यह क्लास हो रही है, यह क्लास भी
- 52:06डिस्ट्रीब्यूटेड सिस्टम पर ही बेस्ड है।
- 52:09मैं एक हूं।
- 52:12मैं एक जगह पर खड़े होकर क्लास ले रहा
- 52:14हूं। लेकिन आप जैसे हजारों स्टूडेंट उसे
- 52:18देख पा रहे हो इस टाइम पर मेरी क्लास।
- 52:19अपनी-अपनी हजारों डिवाइसेस में। तो आप इस
- 52:23टाइम पर किसका यूज कर रहे हो?
- 52:25डिस्ट्रीब्यूटेड सिस्टम का आप यूज कर रहे
- 52:27हो।
- 52:28इस टाइम पर जो सिलेक्शन वे एप्लीकेशन का
- 52:33जो सर्वर है वह सर्वर डिस्ट्रीब्यूटेड
- 52:36सिस्टम की तरह काम कर रहा है।
- 52:40अगला देखिए क्वेश्चन
- 52:42द नेपियर्स टेक्नोलॉजी यूज्ड फॉर
- 52:44कैलकुलेशन इज कॉल्ड नेपियर ने जो
- 52:48टेक्नोलॉजी यूज़ करी थी कैलकुलेशन के लिए
- 52:50उस मशीन को किस नाम से जाना जाता है? तो
- 52:52इसको बोला जाता है रेब्डोलॉजिया। क्या
- 52:56बोलते हैं? रेब्डोलॉजिया
- 52:59ध्यान रखिएगा नेपियर बोनस ने जॉन नेपियर
- 53:04की जो टेक्नोलॉजी है उस कंप्यूटर को
- 53:06नेपियर्स बोन के नाम से जाना गया। ठीक है?
- 53:08एंड इट टेक्निक इज कॉल्ड रेब्डोलॉजिया।
- 53:13द फर्स्ट कंप्यूटर आर्किटेक्चर वाज़
- 53:15इंट्रोड्यूस्ड इन पहला कंप्यूटर
- 53:16आर्किटेक्चर कब ल्च किया गया था? 1970,
- 53:2068, 71 या 73?
- 53:23पहला कंप्यूटर आर्किटेक्चर कब लांच किया
- 53:26गया था?
- 53:28जॉन वन न्यूमेन की अभी मैंने बात करी थी।
- 53:34बताइए
- 53:40सर प्लीज टेल गगन सर कि क्लास
- 53:45रेगुलरली लें। गगन सर को कहीं पर जाना भी
- 53:49था। ठीक है मैं बात कर लूंगा। क्लास आपकी
- 53:52रेगुलर ही होगी। डोंट वरी। आयुषी का कहना
- 53:55है सर रॉ इंफॉर्मेशन क्या होता है? बड़ा
- 53:57बढ़िया क्वेश्चन इन्होंने पूछा हुआ है। सर
- 53:59रॉ इंफॉर्मेशन क्या होता है? एक्चुअली
- 54:02बेहतर होता कि आप पूछते व्हाट इज द
- 54:06डिफरेंस बिटवीन डेटा एंड इंफॉर्मेशन। ठीक
- 54:09है? बट कोई दिक्कत नहीं है। आपने रॉ
- 54:12इंफॉर्मेशन पूछा हुआ है। ध्यान दीजिएगा
- 54:13मेरी बात को।
- 54:16ध्यान दीजिएगा यहां पर।
- 54:21ए टी बी यह क्या लिखा हुआ है? बताइए।
- 54:27यह क्या लिखा हुआ है? बताइए। मुझे सिर्फ
- 54:30इतना बताइए। यह क्या लिखा हुआ है? आपके
- 54:33सामने लिखा हुआ है ए टी बी।
- 54:37इसको पढ़ो। कैसे पढ़ोगे? अटब
- 54:41अटब
- 54:42और क्या इसको पढ़ सकते हो? यही पढ़ोगे
- 54:44अटब।
- 54:46इसका कोई मतलब है नहीं।
- 54:50नो मीनिंग
- 54:54कोई मतलब नहीं है इसका
- 55:00कोई मतलब नहीं है मैंने आपको एटीबी लिखकर
- 55:03भेजा WhatsApp पे कोई मतलब नहीं है लेकिन
- 55:06मैंने आपको भेजा तो है ना भेजा तो है ना
- 55:10मैंने आपको दैट मींस कि अगर मैंने आपको
- 55:12सेंड किया है तो पहली बात तो यह कि भाई यह
- 55:17डाटा तो जरूर है
- 55:20ठीक है? अब इन्हीं तीनों कैरेक्टर का यूज
- 55:23मैंने अलग तरीके से किया। इनको मैंने क्या
- 55:26कर दिया? अरेंज कर दिया।
- 55:33अब बताइए आप पढ़िए इसका मतलब क्या है? अब
- 55:36आप सभी बोलेंगे इसका मतलब है बैट।
- 55:40बैट का मतलब चमगादड़ भी होता है। बैट का
- 55:44मतलब क्रिकेट वाला बैट भी होता है।
- 55:48यह जो अभी तक डाटा था जैसे ही डेटा को
- 55:51मैंने अरेंज किया।
- 55:54यह क्या बन गया भाई मेरे? यह बन गया
- 55:58इंफॉर्मेशन।
- 56:01क्या इसका कोई मीनिंग है? यस। इसका मीनिंग
- 56:04है। जबकि इसका कोई मीनिंग नहीं है।
- 56:09एक बात बताइए क्या यह डाटा है? यस इट इज
- 56:12आल्सो अ डाटा।
- 56:17ठीक है? इट इज आल्सो अ डेटा
- 56:20बट इट इज कंपाइल्ड ए डेटा।
- 56:24बट दिस इज़ रॉ डेटा।
- 56:29तो आप यह बोल सकते हो जब रॉ डेटा को हम
- 56:32अरेंज करते हैं तो हमें क्या मिलता है?
- 56:35कंपाइल्ड डाटा मिलता है।
- 56:38और इसी कंपाइल्ड डाटा को हम आम भाषा में
- 56:41इंफॉर्मेशन बोलते हैं और कंप्यूटर की भाषा
- 56:44में कंपाइल्ड डाटा बोलते हैं।
- 56:47क्लियर हुई बात?
- 56:50सॉर्टेड है। अब देखिए दूसरा एक क्वेश्चन आ
- 56:53रहा है कि
- 56:57सर डेटा डेटाबेस और सर्वर में क्या अंतर
- 56:59होता है? भाई अभी आने तो दो उस पे। अभी आज
- 57:01हम लोग हिस्ट्री ऑफ कंप्यूटर कर रहे हैं।
- 57:03फिर उसमें चले जाओगे एक-एक करके। हर एक
- 57:06चैप्टर पर आएंगे ना। नेटवर्किंग का अलग
- 57:08होगा, डाटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम का अलग
- 57:10होगा। उसमें बात करेंगे उसकी। फिलहाल यहां
- 57:12पर पूछा गया था पहला कंप्यूटर आर्किटेक्चर
- 57:17जो कि इंट्रोड्यूस किया गया था कब?
- 57:211970 में। ठीक है? 1970 में। किसके द्वारा
- 57:26किया गया था? अभी मैंने आपसे बात करी थी
- 57:28एक व्यक्ति की जॉन वॉन न्यूमेन ने। ठीक
- 57:31है? तो 1970 में Intel 44 माइक्रोपर नाम
- 57:36की ये जो चिप आई थी यही दरअसल इस
- 57:38टेक्नोलॉजी का एग्जांपल है।
- 57:41कंप्यूटर की किस पीढ़ी में टाइम शेयरिंग
- 57:44संभव हो पाई? टाइम शेयरिंग बिकम पॉसिबल इन
- 57:47वि जनरेशन ऑफ कंप्यूटर।
- 57:52टाइम शेयरिंग का मतलब दो-तीन टास्क एक साथ
- 57:54परफॉर्म हो सकते हैं। और प्रोसेसर ने अपना
- 57:57अपना अपना जो टाइम है वह उसे
- 57:59डिस्ट्रीब्यूट कर दिया। मतलब यह प्रोसेसर
- 58:01है। आप गाना भी सुन रहे हो। आप अपने दोस्त
- 58:04के साथ चैट भी कर रहे हो। आप का एक फॉर्म
- 58:08भी खुला हुआ है। आपके मोबाइल में पीडीएफ
- 58:12भी खुली हुई है। आपके मोबाइल में बैक एंड
- 58:14पे वीडियो गेम भी खुला हुआ है। आपके
- 58:17मोबाइल पे कोई और एडिटिंग सॉफ्टवेयर भी
- 58:20खुला हुआ है। तो प्रोसेसर ने क्या किया?
- 58:23प्रोसेसर ने इन सबको टाइम डिस्ट्रीब्यूट
- 58:26कर दिया है।
- 58:28प्रोसेसर मान लीजिए इसको 2 नैनो सेकंड दे
- 58:30रहा है। 2 नैनो सेकंड इसको दो इसको दो
- 58:33इसको दो इसको दो इसको। ऐसे करके प्रोसेसर
- 58:36स्विच करता है।
- 58:38नीचे आया। फिर इस पे जाएगा। फिर दोद दो दो
- 58:41सेकंड देता हुआ आएगा। फिर आएगा। यह
- 58:43प्रोसेस इतनी तेज हो रहा होता है कि हमारी
- 58:47आंखों को समझ ही नहीं आता। हमारी आंखों को
- 58:49लगता है कि हमारी डिवाइस में एक साथ
- 58:51परफॉर्म हो रहा है। ये जबकि एक साथ नहीं
- 58:53हो रहा होता है। प्रोसेसर
- 58:56दिए गए टाइम को लूप्स में कन्वर्ट करके चल
- 58:59रहा होता है। स्पीड इतनी तेज होती है कि
- 59:02हमें लगता है कि स्थिर है। जबकि स्थिर
- 59:05होता नहीं है। तो पहली बार ये हमने कब यूज़
- 59:08किया था? जितेंद्र का आंसर सही है और
- 59:11किसका? धनराज का भी आंसर सही है। थर्ड
- 59:14जनरेशन में मतलब बात कर रहे हैं आईसी की।
- 59:17इंटीग्रेटेड सर्किट में हमने इसका यूज़
- 59:19किया था।
- 59:23यहां पर ध्यान रखिएगा ये सेकंड जनरेशन
- 59:26नहीं है। ठीक है?
- 59:29वो गल वो गलत लिखा हुआ है उसमें। अगला
- 59:31देखिए। टैबुलेटिंग मशीन वाज़ द फर्स्ट
- 59:34इलेक्ट्रोमकेल मशीन डेवलप्ड बाय
- 59:37टैबुलेटिंग मशीन जो कि पहली इलेक्ट्रोमकेल
- 59:40मशीन थी। याद है? अभी मैंने आपको बताया था
- 59:42इलेक्ट्रो इलेक्ट्रोमकेल मशीन का मतलब
- 59:45क्या है? जहां पर पहली बार मैकेनिज्म के
- 59:49साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स का भी यूज किया
- 59:51गया। तो पहली ऐसी कौन सी कौन सी मशीन थी
- 59:55और किसके द्वारा बनाई गई थी? तो ये जो
- 59:57टैबुलेटिंग मशीन है किसने बनाई थी? हरमन
- 1:00:00हेलरथ
- 1:00:01हॉवर्ड आइकन, ब्लज़ पास्कल या फिर जॉन
- 1:00:04नेपियर?
- 1:00:07जी हां, यह पहली क्लास है। तभी बेसिक से
- 1:00:09बिल्कुल उठाया हुआ है।
- 1:00:13हरमन होलरेथ।
- 1:00:15ठीक है।
- 1:00:171890 में इन्होंने टैबुलेटिंग मशीन बनाई
- 1:00:21थी। यह पहली बार ऐसी मशीन थी जिसमें
- 1:00:24मैकेनिकल टर्म के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक
- 1:00:26टर्म का भी यूज किया गया था। इससे पहले
- 1:00:28जितने भी कंप्यूटर थे उसमें सिर्फ
- 1:00:30मैकेनिकल टर्म का यूज किया जा रहा था।
- 1:00:31इलेक्ट्रॉनिक टर्म का यूज नहीं किया जा
- 1:00:33रहा था।
- 1:00:39यह वाला क्वेश्चन देखिए। द फर्स्ट वर्जन
- 1:00:42ऑफ िक्स वाज डेवलप्ड बाय
- 1:00:45िक्स का पहला वर्जन किसके द्वारा ल्च किया
- 1:00:47गया था? तो इसको केन थॉमसन ने ल्च किया
- 1:00:50था। किसने? केन थॉमसन ने। अब देखिए यहां
- 1:00:53पर मैं आपको समझाता हूं।
- 1:00:56िक्स है क्या?
- 1:00:58िक्स इज बेसिकली एन ऑपरेटिंग सिस्टम।
- 1:01:03क्या है? ऑपरेटिंग सिस्टम
- 1:01:06और ऑपरेटिंग सिस्टम कितने तरीके के होते
- 1:01:09हैं? तो यह दो तरीके के ऑपरेटिंग सिस्टम
- 1:01:11होते हैं। एक जिनको बोलते हैं सीयूआई।
- 1:01:15और दूसरे जिनको बोलते हैं जीयूआई।
- 1:01:19सीयूआई का मतलब है
- 1:01:24कमांड यूजर इंटरफ़ेस।
- 1:01:28कमांड यूजर
- 1:01:30इंटरफ़ेस। ठीक है भाई? जबकि जीयूआई का मतलब
- 1:01:35है
- 1:01:37ग्राफिकल यूजर इंटरफेस।
- 1:01:41ग्राफिकल यूजर इंटरफेस।
- 1:01:47इंटरफेस का मतलब क्या हुआ?
- 1:01:50इंटरफेस का मतलब क्या हुआ? एक ऐसी स्क्रीन
- 1:01:54या ऐसा सॉफ्टवेयर या इनटेंजिबल एनवायरमेंट
- 1:01:58जिसको एंड यूजर देख पा रहा है जिससे
- 1:02:01इंटरेक्ट हो पा रहा है। जैसे आपकी स्क्रीन
- 1:02:04पर आप अभी ये क्लास हो सकता है मोबाइल पे
- 1:02:06अपने ले रहे हो। हो सकता है आप कंप्यूटर
- 1:02:09पे ये क्लास देख रहे हो। आप जिस भी डिवाइस
- 1:02:11में देख रहे हो उस डिवाइस में जो स्क्रीन
- 1:02:14आपको दिखाई दे रही है और उसमें जो यह काली
- 1:02:16जैकेट पहने हुए आपको दिखाई दे रहा है बंदा
- 1:02:22यही आपका क्या है? इंटरफेस है जिससे आप
- 1:02:25इंटरेक्ट हो रहे हैं।
- 1:02:29ठीक है? तो इंटरफेस ऑपरेटिंग सिस्टम के दो
- 1:02:32तरीके के होते हैं। एक सीयूआई और दूसरा
- 1:02:34जीयूआई। सीयूआई एक ऐसा इंटरफेस है जहां पर
- 1:02:39कमांड से हम ऑपरेशंस परफॉर्म करते हैं। आप
- 1:02:42लोगों ने मूवीज वगैरह में देखा होगा जो
- 1:02:44हैकर है कोई हैकर है दिखाया जाता है काली
- 1:02:47स्क्रीन पर काम कर रहा है। ग्रीन कलर रेड
- 1:02:51और वाइट कलर के कोड स्क्रॉल हो रहे हैं।
- 1:02:53धड़ाधड़ धड़ाधड़ लगा हुआ है।
- 1:02:57दैट स्क्रीन इज नोन एज सीयूआई।
- 1:03:01सीयूआई के बेस्ट एग्जांपल है डज।
- 1:03:06डिस्क ऑपरेटिंग सिस्टम,
- 1:03:08िक्स,
- 1:03:11लinक्स,
- 1:03:15ये सब एग्जांपल किसके हैं? सीयूआई के।
- 1:03:19ये ऐसे ऑपरेटिंग सिस्टम है जिनमें सिर्फ
- 1:03:22और सिर्फ आपको ब्लैक स्क्रीन दिखाई देती
- 1:03:26है और कोई भी टास्क आपको परफॉर्म करना है
- 1:03:28तो वह कमांड से ही होगा।
- 1:03:32यहां पर कोई टास्क आप ऐसे परफॉर्म नहीं कर
- 1:03:34सकते कि पता लगा टच कर दिया जैसे आप अपने
- 1:03:37मोबाइल में लगे हैं चूना लगा रहे हैं घिस
- 1:03:39रहे हैं चूना टच कर करके ऐसे आप यहां काम
- 1:03:42नहीं कर सकते
- 1:03:45अगर आपको िक्स में लinक्स में या dस में
- 1:03:48वाईफाई भी ऑन करना है ना तो उसके लिए
- 1:03:51कमांड है।
- 1:03:53अगर आपको
- 1:03:56डिवाइस में स्विच करना है ना तो भी उसके
- 1:03:58लिए कमांड है। अगर आपको ब्लूटूथ भी ऑन
- 1:04:02करना है तो उसके लिए कमांड है और क्योंकि
- 1:04:05कमांड आनी चाहिए कोई भी ऑपरेशन परफॉर्म
- 1:04:07करने के लिए इसीलिए इसका यूज
- 1:04:12प्रोफेशनल्स सिर्फ करते हैं।
- 1:04:15सिर्फ प्रोफेशनल्स करते हैं। जिनको ये
- 1:04:17लैंग्वेज आती हैं, जिनको इनकी कमांड्स आती
- 1:04:21हैं, वही इन ऑपरेटिंग सिस्टम्स का यूज कर
- 1:04:24पाते हैं।
- 1:04:27जैसे कि मैं मैं DOS की कोडिंग जानता हूं।
- 1:04:31मैं Linux की कोडिंग जानता हूं। मैं िक्स
- 1:04:33की नहीं जानता क्योंकि िक्स पर मैंने काम
- 1:04:35नहीं किया है। बट मैंने लinक्स में एक
- 1:04:38लंबे टाइम पीरियड तक काम किया है। तो आई
- 1:04:41एम अ प्रोफेशनल तो ही मैं इस पे काम कर पा
- 1:04:43रहा हूं। मुझे लinक्स की कोडिंग कैसे पता
- 1:04:46है? क्योंकि मैंने उसकी पढ़ाई करी है।
- 1:04:48आपको नहीं पता तो आप अनप्रोफेशनल हो इसके
- 1:04:52लिए।
- 1:04:54ठीक है? और अनप्रोफेशनल्स के लिए जीयूआई
- 1:04:58बनाया गया। ग्राफिकल यूजर इंटरफेस मतलब एक
- 1:05:01ऐसी स्क्रीन जहां पर आपको ग्राफिक्स के
- 1:05:04फॉर्म में आउटपुट मिल रहा है। जहां पर
- 1:05:07आपको अलग-अलग कलर्स दिखाई दे रहे हैं।
- 1:05:10जहां पर आपके पास ऑप्शन है वीडियो को
- 1:05:13फास्ट फॉरवर्ड करने का, स्लो फॉरवर्ड करने
- 1:05:15का।
- 1:05:18आवाज ऊपर नीचे करने का। तगड़े ऑप्शन है
- 1:05:21आपके पास।
- 1:05:23एक नॉर्मल दिहाड़ी मजदूरी करने वाला भी
- 1:05:26आदमी होगा। उसको जाकर मोबाइल दे दो। चला
- 1:05:29लेगा मोबाइल। उसको दिखा ही रहा है क्या
- 1:05:31करना है। बस एक बार बता दो। अच्छा ऐसे कॉल
- 1:05:33लगेगी। ऐसे वाई-फाई ऑन होगा। सब कर लेगा
- 1:05:37अपने आप। एक-द दिन में सीख जाएगा मोबाइल
- 1:05:39चलाना। आपका लैपटॉप
- 1:05:43दो-चार दिन में आदमी सीख जाता है। आप देखो
- 1:05:45गांव में जाइए। आधार कार्ड बनाने के लिए
- 1:05:48बैठे हुए हैं लोग। आठवीं पास हैं या
- 1:05:50पांचवी पास होंगे केवल सब चला ले रहे हैं
- 1:05:53लैपटॉप कैसे क्योंकि जीयूआई है
- 1:05:58यूज बाय
- 1:06:02अनप्रोफेशनल्स
- 1:06:05अनप्रोफेशनल्स या फिर एंड यूजर बोल लीजिए
- 1:06:10एंड यूजर का मतलब कोई भी व्यक्ति कोई भी
- 1:06:15रैंडम व्यक्ति जो कि डिवाइस का खरीद के
- 1:06:17यूज कर सकता है। बल्कि इनका यूज नहीं कर
- 1:06:21सकते आप। सिर्फ प्रोफेशनल्स ही इसका यूज
- 1:06:24कर सकते हैं। नाउ
- 1:06:26आप जानते हैं व्हाट इज द डिफरेंस बिटवीन
- 1:06:28सीयूआई एंड जीयूआई।
- 1:06:31यह जो मेरी आपको क्लास दिखाई दे रही है
- 1:06:33आपके मोबाइल पे ये क्या है? जीयूआई है।
- 1:06:37ठीक है भाई? कोई दिक्कत तो नहीं? सर
- 1:06:40रिकॉर्डिंग मिलेगी क्लास की? भाई 100%
- 1:06:42मिलेगी। बिना रिकॉर्डिंग के कैसे होगा?
- 1:06:47राजेश का कहना है सर गुरु जी मैक ओस भी है
- 1:06:50इसमें जी हां मैक भी आपका इसी का एग्जांपल
- 1:06:52है जीयूआई का
- 1:06:55इसके अच्छा एग्जांपल तो मैंने लिखे नहीं
- 1:06:57लिख देता हूं इजी रहेंगे आपके लिए इसके
- 1:07:00एग्जांपल क्या-क्या हैं
- 1:07:03इसमें आपका आ गया Windows
- 1:07:07आपके मोबाइल पे Android
- 1:07:10वो भी जीयूआई है और क्या हो गया iOS हो
- 1:07:14गया जिनके पास पास iPhone है। ये सब इसी
- 1:07:17के एग्जांपल हैं जीयूआई के। जबकि CUI के
- 1:07:21DOS, िक्स, Linux ये सब एग्जांपल हैं। ठीक
- 1:07:24है भाई? एक और क्वेश्चन देखो।
- 1:07:30व्हाट वाज़ द ऑपरेटिंग स्पीड ऑफ थर्ड
- 1:07:33जनरेशन कंप्यूटरटर्स?
- 1:07:35मतलब तीसरी जनरेशन में हम लोग क्या यूज़ कर
- 1:07:38रहे थे? IC यूज़ कर रहे थे। तो IC की जो
- 1:07:42स्पीड थी वो इसमें से किस यूनिट में मेजर
- 1:07:46करी जाती थी? नैनो सेकंड, मिली सेकंड,
- 1:07:49पिको सेकंड या माइक्रो सेकंड? तो ये करी
- 1:07:52जाती थी नैनो सेकंड में। किस में? नैनो
- 1:07:54सेकंड में। थर्ड जनरेशन की IC की। अब यहां
- 1:07:58पर एक चीज देखिएगा।
- 1:08:00फर्स्ट जनरेशन टेक्नोलॉजी वैक्यूम ट्यूब
- 1:08:02यूज़ करी गई। स्पीड किस में कंसीडर करते
- 1:08:05थे? तो इसकी स्पीड मिलीसे में होती थी
- 1:08:07फर्स्ट जनरेशन के कंप्यूटर की। सेकंड
- 1:08:09जनरेशन के कंप्यूटर की माइक्रो सेकंड में
- 1:08:13होती थी। थर्ड जनरेशन में फिर हम माइक्रो
- 1:08:15सेकंड से भी ऊपर नैनो सेकंड में पहुंच गए।
- 1:08:17ये उससे भी फास्ट है। फोर्थ जनरेशन में
- 1:08:20माइक्रोपर आ गए। फिर हम लोग पिको सेकंड
- 1:08:22में पहुंच गए। और आज की डेट में जो फिफ्थ
- 1:08:25जनरेशन एi है, यह क्वांटम टेक्नोलॉजी पर
- 1:08:27बेस्ड है। और यहां पर हम लोग अल्ट्राफास्ट
- 1:08:30वर्ल्ड का यूज़ करते हैं। जो कि पिको सेकंड
- 1:08:33से भी ऊपर है।
- 1:08:36ठीक है?
- 1:08:38क्लियर है? धनराज का कहना है सर linx और
- 1:08:42linx में क्या अंतर है? नहीं स्पेलिंग का
- 1:08:44आपने लिख दिया है।
- 1:08:48यह वही है। लinक्स बोल लीजिए या linx बोल
- 1:08:52लीजिए। बात एक ही है। ठीक है? हां।
- 1:08:54अमेरिकन स्टैंडर्ड में उसे लinक्स बोलते
- 1:08:56हैं। ब्रिटिश प्रोनाउंसिएशन में linक्स
- 1:09:00बोलते हैं। जैसे फाइनेंस और फाइनेंस दो
- 1:09:03अलग-अलग तरीके से। जैसे जो ब्रिटिश है वह
- 1:09:06बोलते हैं अनियन। भैया ओनियन दे दो। और जो
- 1:09:10अमेरिकन एक्सेंट है उसमें बोलते हैं
- 1:09:12अनियन।
- 1:09:13ठीक है? तो जो ब्रिटिश है वो बोलते हैं
- 1:09:15हॉट। जबकि अमेरिकनंस बोलते हैं हॉट।
- 1:09:20ठीक? तो अंतर और कुछ नहीं है। मुझे लग रहा
- 1:09:25है शायद इसकी वजह से आपने कहा है
- 1:09:31अब ठीक है भाई।
- 1:09:37डन है सर बूटिंग क्या होता है भाई
- 1:09:40ऑपरेटिंग सिस्टम आने दो सब बताऊंगा बूटिंग
- 1:09:42क्या होता है चलो एक सिंपल टर्म मैं बता
- 1:09:44देता हूं कंप्यूटर का जब आप स्विच ऑन करते
- 1:09:48हो स्विच ऑन करने से लेकर जब तक आपको
- 1:09:51इंटरफेस इंटरेक्शन नहीं हो जाता उस बीच का
- 1:09:54जो टाइम पीरियड होता है दैट इज कॉल्ड
- 1:09:56बूटिंग बूटिंग में होता क्या है
- 1:10:00बूटिंग में क्या होता है
- 1:10:03आपने इंस्ट्रक्शन दिया ऑन होने का। किसको?
- 1:10:06प्रोसेसर को।
- 1:10:09प्रोसेसर ने तुरंत इंस्ट्रक्शन दिया रोम
- 1:10:12को।
- 1:10:15रीड ओनली मेमोरी को। जैसे ही आप कंप्यूटर
- 1:10:18ऑन करते हो तो पता है क्या होता है?
- 1:10:20प्रोसेसर को तुरंत इंस्ट्रक्शन जाना है कि
- 1:10:22ओपन होना है इंटरफेस। प्रोसेसर तुरंत
- 1:10:25भेजता है रोम को इंस्ट्रक्शन कि भैया
- 1:10:28दुकान खोलो। टाइम हो गया। कंप्यूटर खोलना
- 1:10:31है।
- 1:10:33रोम को ही क्यों इंस्ट्रक्शन जाते हैं पता
- 1:10:35है? क्योंकि रोम में आपके बायोस स्टोर
- 1:10:39होते हैं।
- 1:10:43बायोस का मतलब बेसिक इनपुट आउटपुट सिस्टम।
- 1:10:47आपके कंप्यूटर में जितनी भी इनपुट और
- 1:10:50आउटपुट डिवाइसेस हैं उन सब के
- 1:10:52स्ट्रक्चरर्ड प्रोग्राम बायoस कहलाते हैं
- 1:10:56और ये प्रोग्राम रोम में स्टोर होते हैं।
- 1:10:59तो जब ये इंस्ट्रक्शन रोम को जाता है तो
- 1:11:02रोम दरअसल आपकी जितनी भी इनपुट और आउटपुट
- 1:11:05डिवाइसेस हैं उनको क्रॉस चेक कर रही होती
- 1:11:08है कि इज एवरीथिंग वर्किंग ऑ नॉट।
- 1:11:12दरअसल रोम उस टाइम पर चेक कर रही होती है।
- 1:11:14माउस को बोलती है हां बेटा माउस ठीक है।
- 1:11:17चल रहा है तू? सारी चीजें वर्किंग है। हां
- 1:11:20बेटा कीबोर्ड ठीक है। रैम तू भी बढ़िया
- 1:11:24आराम से काम करेगी ना? कोई दिक्कत तो
- 1:11:26नहीं?
- 1:11:28आपका क्रॉस चेक कर रहा होता है सिस्टम उस
- 1:11:31टाइम पे।
- 1:11:34ठीक है? वैसे मैंने कीबोर्ड और माउस का
- 1:11:37एग्जांपल ही जस्ट आपको समझाने के लिए दे
- 1:11:40दिया। कीबोर्ड और माउस जो है यह पेरिफेरल
- 1:11:42डिवाइसेस हैं। अगर यह काम नहीं भी कर रही
- 1:11:45हैं तो भी आपका बूट पूरा होगा। लेकिन अगर
- 1:11:48रैम काम नहीं कर रही है तो बूट आपका पूरा
- 1:11:50नहीं होगा।
- 1:11:52तो यह जो बायोस हैं, यह आपके मदरबोर्ड के
- 1:11:56हर एक पोर्ट को क्रॉस चेक कर रही होती
- 1:11:58हैं। जब सबसे इंस्ट्रक्शन मिल जाता है कि
- 1:12:01हां भाई ओके है और जैसे ही ओके हो जाता है
- 1:12:05मतलब एवरीथिंग इज वर्किंग फाइन तुरंत आपके
- 1:12:08सामने एक स्क्रीन खुलती है नीले कलर की
- 1:12:11विंडज़
- 1:12:13और उसके साथ म्यूजिक आता है टंग टंग टंग
- 1:12:16टंग टंग टंग मतलब खुल गई विंडज़ आपका बूट
- 1:12:19कंप्लीट हुआ दरअसल बूट में एक्चुअली आपकी
- 1:12:22बायoस क्रॉस चेक कर रही होती है डिवाइसेस
- 1:12:24को
- 1:12:27और अगर एक भी डिवाइस वर्किंग नहीं है।
- 1:12:29आपके मदरबोर्ड का कोई कंपोनेंट वर्किंग
- 1:12:32नहीं है। मान लेते हैं रैम वर्किंग नहीं
- 1:12:34है। उस केस में आपके सामने विंडोज नहीं
- 1:12:36खुलेगी। उस केस में आपके सामने एक नीली
- 1:12:39स्क्रीन खुल जाएगी जिसमें कुछ ऑपरेशंस
- 1:12:43लिखे होंगे, कुछ इंस्ट्रक्शंस लिखे होंगे।
- 1:12:45और इसी नीली स्क्रीन को हम लोग क्या बोलते
- 1:12:47हैं? बायो सेटिंग्स बोलते हैं। फिर आपको
- 1:12:51अपना सिस्टम फॉर्मेट करना होता है।
- 1:12:56ठीक है भाई?
- 1:12:58क्लियर है भाई सभी को
- 1:13:01सॉर्टेड है अभय का कहना है सर सिस्टम खुद
- 1:13:04को चेक करता है बिल्कुल सही देखो बायoस
- 1:13:06क्या कर रही है खुद ही को चेक कर रही है
- 1:13:09तो एक्चुअली जो बूटिंग टाइम होता है आप
- 1:13:11खुद सोचो आज हम टेक्नोलॉजी में इतना आगे
- 1:13:14बढ़ गए हैं उसके बाद भी हम कोई कंप्यूटर
- 1:13:17ऐसा क्यों नहीं ला पाए कि बटन दबाया टीवी
- 1:13:20की तरह ऑन हो गया कंप्यूटर टीवी नहीं है
- 1:13:24टीवी इज जस्ट अ स्क्रीन बट कंप्यूटर इज द
- 1:13:28कंपोनेंट या आप बोल सकते हो कलेक्शन ऑफ
- 1:13:31इनपुट एंड आउटपुट सिस्टम डिवाइसेस।
- 1:13:34उसके अलावा पेरिफेरल्स भी फिर उसमें ऐड
- 1:13:36होती हैं।
- 1:13:38तो कंप्यूटर कभी भी टीवी की तरह ऑन नहीं
- 1:13:40हो सकता। ऐसे दबाया बटन खच्च से खुल गया
- 1:13:43क्योंकि सास भी कभी बहू थी। नहीं
- 1:13:47कंप्यूटर में बूटिंग होना जरूरी है। उस
- 1:13:50बूटिंग में कंप्यूटर क्रॉस चेक कर रहा
- 1:13:52होता है अपने ही सेटिंग्स को।
- 1:13:56जब बूटिंग पूरी होती है तब आपका ऑपरेटिंग
- 1:13:58सिस्टम आपसे इंटरेक्ट कर पाता है। अगर
- 1:14:00बूटिंग नहीं होगी तो ऑपरेटिंग सिस्टम
- 1:14:02इंटैक्ट नहीं कर पाएगा।
- 1:14:06ठीक है? क्लियर हो गया भाई सभी को? सर
- 1:14:09आपकी बुक किस नाम से है? डाल दीजिएगा।
- 1:14:12Amazon पे डाल दीजिए। स्टैटिक जीके बाय
- 1:14:15वरुण अवस्थी या वरुण अवस्थी चैनल पे चले
- 1:14:17जाइए। मेरे चैनल पे आप कोई भी शॉर्ट पे
- 1:14:19क्लिक करेंगे तो उस पे भी डायरेक्ट लिंक आ
- 1:14:21जाता है बुक का। या फिर मेरे चैनल पर जाकर
- 1:14:24कोई भी वीडियो ओपन करिए। उसके
- 1:14:26डिस्क्रिप्शन में डायरेक्ट बुक का लिंक
- 1:14:27है। स्टैटिक जीके की भी है और क्वेश्चन
- 1:14:31बैंक भी है 10,800 प्लस क्वेश्चन की।
- 1:14:37सर कंप्यूटर कब तक फिनिश हो जाएगी? मान
- 1:14:39लीजिए विद इन टू वीक्स हो जाएगी।
- 1:14:42विद इन टू वीक्स हो जाएगी।
- 1:14:49सर आज के टीवी भी थोड़ा डिले होता है।
- 1:14:51हां, उसका रीजन है। दे आर वर्किंग लाइक
- 1:14:54कंप्यूटरटर्स। आज के टीवीज में यह ऑप्शन
- 1:14:56है। आपने देखा होगा जैसे मैच चल रहा है।
- 1:14:59ठीक है? तो मैच को आप रिवर्स भी कर सकते
- 1:15:01हो पीछे। ठीक है? आप उसको
- 1:15:07जैसे मैच आ रहा है। आप उसे स्टोर भी कर
- 1:15:09सकते हो अपनी मेमोरी में। आप आज मैच नहीं
- 1:15:11देख पा रहे हो। आप कल उसे देख लोगे उस मैच
- 1:15:13को। तो आज के जो टीवीज हैं ऊपर से ओटीटीज
- 1:15:18का भी है उसमें ऑब्जरवेशन जिसकी वजह से दे
- 1:15:21आर वर्किंग लाइक कंप्यूटर ऑलमोस्ट वो
- 1:15:23कंप्यूटर ही हैं। इस वजह से आज के टीवीज
- 1:15:25में बूट हो रहा है। बल्कि पुराने टीवी की
- 1:15:27मैं बात कर रहा था। पुराने टीवीज में बटन
- 1:15:30दबाओ ऑन हो जाता था। ठीक है? आपका जो
- 1:15:34मोबाइल है इसमें भी तो टाइम लगता है।
- 1:15:36क्यों टाइम लगता है? बिकॉज़ दिस इज आल्सो अ
- 1:15:38कंप्यूटर। यह मोबाइल आप बोल रहे हो।
- 1:15:41मोबाइल का मतलब क्या है? क्योंकि पोर्टेबल
- 1:15:43है। आप इसे मोबाइल कर सकते हो। इसके साथ
- 1:15:46मोबिलिटी है। आप कहीं पर भी ले जा सकते
- 1:15:48हो। पॉकेट में रख लिया, किसी को दे दिया,
- 1:15:50वापस ले लिया। इस वजह से मोबाइल बोलते
- 1:15:53हैं। अदरवाइज यह कंप्यूटर है आपका मोबाइल।
- 1:15:57टाइप्स ऑफ कंप्यूटर में अगर हम बात करें
- 1:15:59तो पहली कैटेगरी होती है डेटा हैंडलिंग के
- 1:16:02बेसिस पर। मतलब डेटा हैंडलिंग की कैटेगरी
- 1:16:05में कंप्यूटर को कितने पार्ट्स में डिवाइड
- 1:16:08किया गया है? तो यहां पर कंप्यूटर को तीन
- 1:16:10हिस्सों में डिवाइड किया गया है। एक जिसको
- 1:16:12हम लोग बोलते हैं एनालॉग कंप्यूटर। दूसरा
- 1:16:15हमारा प्रकार होता है जिसको डिजिटल
- 1:16:16कंप्यूटर बोलते हैं और तीसरा होता है
- 1:16:18जिसको हाइब्रिड कंप्यूटर बोलते हैं। मेरी
- 1:16:20आवाज तो क्लियर है भाई सभी को? अब देखिए
- 1:16:23एनालॉग कंप्यूटर क्या होते हैं? इसका
- 1:16:26बेस्ट एग्जांपल आप स्पीडोमीटर से समझ सकते
- 1:16:28हैं। एग्जांपल जैसे कि आपने देखा होगा
- 1:16:31आपकी बाइक या स्कूटी में आपने देखा होगा
- 1:16:34इस तरीके से एक सुई लगी होती है। इसमें 10
- 1:16:3820 30 40 50 60 70 ऐसे लिखा होता है और यह
- 1:16:44सुई इस तरीके से मूव कर रही होती है। बात
- 1:16:47आ रही है समझ? सो दिस इज द एग्जांपल ऑफ
- 1:16:50एनालॉग कंप्यूटर। एनालॉग कंप्यूटर जो है
- 1:16:53वह आपको
- 1:16:55एक तरीके से मैकेनिकल फॉर्म में डाटा
- 1:16:58इंडिकेट करता है। अब आप देखिए इस
- 1:17:01इंस्ट्रूमेंट को आप देखोगे तो आप देखोगे
- 1:17:04यहां पर नीचे एक फिल्म लगी हुई है। इस
- 1:17:07फिल्म में अंक लिखे हुए हैं। साथ में एक
- 1:17:09सुई है। वो सुई घूम रही है इस तरीके से।
- 1:17:12ठीक है? तो कहीं ना कहीं मैकेनिकल प्रोसेस
- 1:17:14हो रहा है। लेकिन यह मैकेनिकल प्रोसेस
- 1:17:17आपको डाटा इंडिकेट कर रहा है। आपकी गाड़ी
- 1:17:20कितनी तेज भाग रही है, कितनी कम स्पीड में
- 1:17:23हो गई है। ये सब कुछ आपको दर्शा रहा है।
- 1:17:25तो ये किस तरीके का कंप्यूटर है? एनालॉग
- 1:17:27कंप्यूटर।
- 1:17:29जबकि डिजिटल कंप्यूटरटर्स की खास बात यह
- 1:17:31है कि यह आपको स्क्रीन में रिजल्ट शो करते
- 1:17:34हैं। बात आ रही है समझ? वर्क ऑन डिस्क्रीट
- 1:17:37डेटा। अब डिस्क्रीट डेटा क्या है? जो कि
- 1:17:40आपका एक तरीके से आप बोल सकते हो
- 1:17:42सॉफ्टवेयर की फॉर्म में है। इनटेंजिबल
- 1:17:45फॉर्म में है जिसको आप टच नहीं कर सकते।
- 1:17:47आप यहां पर सुई को टच कर सकते हो। इन
- 1:17:49नंबर्स को टच कर सकते हो। ऊपर का आप शीशा
- 1:17:52हटा दो। आप इन नंबर्स को भी टच कर पाओगे।
- 1:17:55इसके अंदर जो किलोमीटर बदल रहे हैं उसमें
- 1:17:58भी एक रिबन लगा हुआ है। वह रिबन धीमे-धीमे
- 1:18:00चलता रहता है और अंक इसके बदलते रहते हैं।
- 1:18:04लेकिन डिजिटल में जो डेटा है वो आपको
- 1:18:07सॉफ्टवेयर फॉर्म में इंडिकेट होता है।
- 1:18:09जिसकी वजह से आप उसे टच नहीं कर सकते। यह
- 1:18:12इनटेंजिबल फॉर्म में होता है जो कि है तो
- 1:18:16लेकिन फिजिकली एकिस्ट नहीं कर रहा है।
- 1:18:19इसका बेस्ट एग्जांपल है आपके सामने जो
- 1:18:22स्क्रीन है आपका मोबाइल आपका लैपटॉप ये सब
- 1:18:25इसके बेस्ट एग्जांपल हैं डिजिटल कंप्यूटर
- 1:18:28के। या फिर आपने देखा होगा कोई व्यक्ति
- 1:18:31इमरजेंसी वार्ड में होता है वेंटिलेटर में
- 1:18:33तो आपने देखा होगा वहां पर एक मशीन लगी
- 1:18:35रहती है और उस मशीन में इस तरीके से आप
- 1:18:38देखोगे लाइनें चल रही होती हैं जो कि लाइफ
- 1:18:40लाइन को रिप्रेजेंट करता है। उस व्यक्ति
- 1:18:43की हार्ट बीट को रिप्रेजेंट कर रहा होता
- 1:18:45है। यह भी किसका एग्जांपल है? डिजिटल
- 1:18:47कंप्यूटर का एग्जांपल है। अब तीसरे
- 1:18:50कंप्यूटर होते हैं जिनको हाइब्रिड
- 1:18:52कंप्यूटर की कैटेगरी में रखा जाता है।
- 1:18:54हाइब्रिड का मतलब यह है यह कंप्यूटर की वो
- 1:18:57कैटेगरी है जिसमें एनालॉग और डिजिटल हम
- 1:19:01दोनों का एक साथ उपयोग करते हैं। और इसका
- 1:19:04बेस्ट एग्जांपल है वेंटिलेटर।
- 1:19:07मतलब मेडिकल मशीनों में जो वेंटिलेटर है।
- 1:19:09अब आप देखिए अगर आप पूरी वेंटिलेशन मशीन
- 1:19:12को देखोगे तो एक मरीज है उस मरीज के
- 1:19:17मुंह पर मास्क लगा हुआ है। साइड में
- 1:19:20ऑक्सीजन सिलेंडर लगा हुआ है। वो जो
- 1:19:22ऑक्सीजन सिलेंडर से ऑक्सीजन आ रही है वो
- 1:19:24उन्हें उसे इन्हेल कर रहा है। फिर CO2
- 1:19:27एग्ेल कर रहा है। फिर इन्हेल कर रहा है
- 1:19:29ऑक्सीजन फिर CO2 एग्ेल कर रहा है। ये सब
- 1:19:32कुछ जो हो पा रहा है यह एनालॉग कंप्यूटिंग
- 1:19:34की वजह से हो पा रहा है। लेकिन उस मरीज की
- 1:19:38हार्ट बीट का जो आपको रिजल्ट दिखाई दे रहा
- 1:19:40है मॉनिटर पर वह आपके सामने डिजिटल
- 1:19:43कंप्यूटर का एग्जांपल है।
- 1:19:46एग्जांपल कुछ मोटर बाइक्स ऐसी आती हैं
- 1:19:50जिसमें आप देखोगे उनका जो इंस्ट्रूमेंट
- 1:19:52क्लस्टर होता है उसमें आपको मोटर बाइक्स
- 1:19:54में एक ऐसे दिखाई देगा जिसमें सुई लगी
- 1:19:58होती है और इधर नंबर्स रीडिंग में चल रहे
- 1:20:01होते हैं। तो ये वाला जो इंस्ट्रूमेंट
- 1:20:03क्लस्टर है यह भी हाइब्रिड कंप्यूटर का ही
- 1:20:05एग्जांपल है। क्योंकि यहां पर इस स्क्रीन
- 1:20:08में जो आपको अंक दिखाई दे रहे हैं यह
- 1:20:10डिजिटल कंप्यूटर है। और यहां पर जो आपको
- 1:20:12सुई वाला एग्ज़ांपल दिखाई दे रहा है, यह
- 1:20:14एनालॉग कंप्यूटर का एग्ज़ांपल है। क्योंकि
- 1:20:16उन दोनों को एक साथ मिलाकर हमने एक ऐसा
- 1:20:19पैनल बनाया है, इस वजह से वो हाइब्रिड
- 1:20:21कंप्यूटर की कैटेगरी में आ जाते हैं।
- 1:20:25ठीक है? कोई दिक्कत तो नहीं? आदर्श का
- 1:20:28कहना है सर, वेंटिलेटर का कार्य क्या होता
- 1:20:30है? बेटा वेंटिलेटर में कोई व्यक्ति जिसको
- 1:20:34रेस्पिरेटरी में प्रॉब्लम होती है।
- 1:20:36रेस्पिरेटरी का मतलब जिसके लंग्स में किसी
- 1:20:40भी तरीके का इशू हो रहा है। मतलब अगर उसे
- 1:20:43सांस लेने में दिक्कत हो रही है तो उस
- 1:20:45व्यक्ति को वेंटिलेटर पर रखा जाता है।
- 1:20:47जरूरी नहीं है कि एक बच्चा ही वेंटिलेटर
- 1:20:49पे रहे। कंडीशन कुछ भी हो सकती है। कई बार
- 1:20:53किसी का एक्सीडेंट होता है तो ऐसी इंजरीज
- 1:20:55हो जाती हैं कि उसे ब्रीथिंग में प्रॉब्लम
- 1:20:57हो रही होती है तो उसे वेंटिलेटर पर रखा
- 1:21:00जाता है। तो वेंटिलेटर ओवरऑल एक ऐसा
- 1:21:02मैकेनिज्म है जो कि आपको सांस लेने में
- 1:21:06ब्रीथिंग में मदद करता है।
- 1:21:09यहां तक किसी को कोई कंफ्यूजन नहीं है।
- 1:21:11हमने पहला टाइप ऑफ कंप्यूटर देखा। किस
- 1:21:14आधार पर? डेटा हैंडलिंग के आधार पर। यहां
- 1:21:16पर कंप्यूटर को तीन हिस्सों में विभाजित
- 1:21:18किया गया। आगे बढ़ते हैं ऑन द बेसिस ऑफ
- 1:21:21साइज। अब अगर हम साइज के आधार पर बात करें
- 1:21:24तो यहां पर भी कंप्यूटरटर्स को अलग-अलग
- 1:21:26कैटेगरी में डिवाइड किया गया है। सबसे
- 1:21:29पहले सुपर कंप्यूटर आ जाते हैं। सुपर
- 1:21:32कंप्यूटर कंप्यूटर का सबसे बड़ा प्रारूप
- 1:21:34है साइज के हिसाब से। आप यह मान लीजिए
- 1:21:37जैसे आप थिएटर देखते हो ना जहां पर मूवी
- 1:21:40देखी जाती है। इतने बड़े-बड़े आकार के
- 1:21:42सुपर कंप्यूटर होते हैं।
- 1:21:45कई सारे मल्टीपल मेनफ्रेम्स को मिलाकर एक
- 1:21:49सुपर कंप्यूटर बनाया जाता है। आज की डेट
- 1:21:52में इसका यूज़ कहां पर होता है? सबसे
- 1:21:54पावरफुल कंप्यूटर हैं ये दुनिया के। इनका
- 1:21:56यूज़ कहां पर किया जाता है? वेदर फॉरकास्ट
- 1:21:59के लिए इनका बेस्ट यूज किया जाता है। मौसम
- 1:22:03की जानकारी के लिए आप देखते हो न्यूज़
- 1:22:06चैनल में बता रहे हैं। हमारी गवर्नमेंट
- 1:22:07पहले ही बता देती है। जो वर्ल्ड
- 1:22:10मेटोलॉजिकल ऑर्गेनाइजेशन है वो भी बता
- 1:22:12देती है। सपोज बे ऑफ बंगाल में तूफान आने
- 1:22:16वाला है। तूफान उठा इस लोकेशन से है।
- 1:22:20कितने टाइम में जिस हिसाब से वह बढ़ रहा
- 1:22:22है कोस्टल एरिया की तरफ अगले चार दिन में
- 1:22:25वह पहुंच जाएगा भारत में। यह सारी चीजें
- 1:22:28हमें किससे पता लग पा रही हैं? सुपर
- 1:22:30कंप्यूटर से। इसके अलावा डिफेंस में भी
- 1:22:32इनका यूज किया जाता है। डिफेंस सेटेलाइट्स
- 1:22:35में जितनी भी सेटेलाइट्स आज की डेट में
- 1:22:37हैं, वह सब सुपर कंप्यूटर पर ही ऑपरेटेड
- 1:22:40है। सुपर कंप्यूटर से एक निचली कैटेगरी
- 1:22:44साइज में आती है जिसको बोलते हैं मेन
- 1:22:46फ्रेम कंप्यूटर।
- 1:22:49सुपर कंप्यूटर पूरे देश भर के लिए यूज किए
- 1:22:52जाते हैं। एक कमर्शियल पर्पस से आप बोल
- 1:22:55सकते हो यूज किया जाता है।
- 1:22:57पूरी पूरी पॉपुलेशन के लिए यूज किया जाता
- 1:22:59है। क्योंकि यह इतने फास्ट ही होते हैं,
- 1:23:02इतने पावरफुल होते हैं कि बहुत बड़े डाटा
- 1:23:04के लिए इनको यूज किया जाता है। लेकिन मेन
- 1:23:06फ्रेम मेन फ्रेम पर्टिकुलर ऑर्गेनाइजेशन
- 1:23:09के लिए यूज किए जाते हैं।
- 1:23:12मेन फ्रेम का आकार एक कमरे के जितना हो
- 1:23:14सकता है। एक कमरा या एक बड़ा हॉल समझ
- 1:23:18लीजिए। इतने बड़े भी मेनफ्रेम होते हैं।
- 1:23:21लेकिन सुपर कंप्यूटर एक ऑडिटोरियम के
- 1:23:23बराबर इनका साइज होता है। और मेनफ्रेम का
- 1:23:26यूज़ कहां पर होता है? एग्जांपल जैसे आज की
- 1:23:29डेट में जो हमारा इंडियन रेलवे है रेलवे
- 1:23:33का जो सर्वर है वह मेनफ्रेम कंप्यूटर का
- 1:23:35एग्जांपल है। आज की डेट में हमारे जितने
- 1:23:38भी बैंक हैं बैंकों के सर्वर भी अपने आप
- 1:23:41में मेनफ्रेम कंप्यूटर हैं। अब मेनफ्रेम
- 1:23:44से जो निचली कैटेगरी होती है इसको बोलते
- 1:23:46हैं मिनी कंप्यूटर। मीडियम साइज के
- 1:23:49कंप्यूटर होते हैं यूज्ड इन स्मॉल
- 1:23:51ऑर्गेनाइजेशन। छोटी ऑर्गेनाइजेशन में इनका
- 1:23:54यूज किया जाता है या आप बोल सकते हो छोटी
- 1:23:56कंपनीज में इनका यूज किया जाता है।
- 1:23:59एग्जांपल
- 1:24:01जैसे कि इंटेलिजेंस ब्यूरो
- 1:24:04इंटेलिजेंस ब्यूरो का जो हेड क्वार्टर है
- 1:24:06वो दिल्ली है। तो इंटेलिजेंस ब्यूरो का जो
- 1:24:10दिल्ली में हेड क्वार्टर है वहां पे जो
- 1:24:11कंप्यूटर होगा वो मेनफ्रेम कंप्यूटर होगा।
- 1:24:15लेकिन मान लीजिए कल आपको इंटेलिजेंस
- 1:24:17ब्यूरो आईबीएसीआईओ में आपकी जॉब लग जाती
- 1:24:19है। ठीक है? और आपको पोस्टिंग मिलती है
- 1:24:23लद्दाख।
- 1:24:26अब लद्दाख में जो आपको सेटअप मिलेगा
- 1:24:29प्रॉपर एक सेटअप आपको मिलेगा कंप्यूटर का।
- 1:24:32वो सेटअप आपकी एजेंसी के कुछ पर्सन ही यूज
- 1:24:35कर रहे होंगे। हो सकता है सात लोग यूज कर
- 1:24:38रहे हो, पांच लोग 10 लोग यूज कर रहे हो।
- 1:24:42तो वह जो कैटेगरी होगी वह मिनी कंप्यूटर
- 1:24:44की कैटेगरी होती है। आप ऐसे समझ सकते हो
- 1:24:47मिनी कंप्यूटर का आकार एक टेबल के बराबर
- 1:24:50या एक बड़ी टेबल के बराबर होता है। जैसे
- 1:24:52कि डाइनिंग टेबल वगैरह है हो गई उस तरीके
- 1:24:54का आकार होता है। इतना बड़ा ही होता है।
- 1:24:59इसको मल्टीपल माइक्रो कंप्यूटरटर्स को
- 1:25:02मिलाकर बनाया जाता है।
- 1:25:05और देन बात आती है माइक्रो कंप्यूटर की।
- 1:25:08माइक्रो कंप्यूटर पर्सनल कंप्यूटर होते
- 1:25:10हैं जिनको एक सिंगल व्यक्ति यूज़ करता है।
- 1:25:14जैसे कि आपका लैपटॉप, आपका मोबाइल फोन,
- 1:25:18आपका डेस्कटॉप ये सब माइक्रो कंप्यूटर के
- 1:25:20एग्जांपल है। बिकॉज़ एक टाइम पे इसको एक ही
- 1:25:23व्यक्ति यूज़ कर सकता है। अब मुझे बताइए
- 1:25:27आपका जो लैपटॉप है उसको आपके अलावा एक
- 1:25:30टाइम पे और कोई यूज़ कर सकता है क्या?
- 1:25:33आपका भाई है मान लीजिए आपने लैपटॉप बीच
- 1:25:36में रख लिया। क्या यह पॉसिबल है कि उस
- 1:25:38लैपटॉप में आप MS ऑफिस में काम कर रहे हो
- 1:25:41और आपका भाई भी एक मान लो फॉर्म भरना
- 1:25:44चाहता हो तो उसी कीबोर्ड में आप एक तरफ से
- 1:25:47लगे हो यूं यूं करके
- 1:25:50और वो भी एक तरफ से यूं यूं लगा हुआ है और
- 1:25:52दोनों के काम हो रहे हैं ऐसा पॉसिबल है
- 1:25:54नहीं। दैट्स व्हाई दो दे आर नोन एज पर्सनल
- 1:25:58कंप्यूटर आल्सो। इसीलिए माइक्रो कंप्यूटर
- 1:26:01को पर्सनल कंप्यूटरटर्स भी बोला जाता है।
- 1:26:05आई होप यहां तक किसी को कोई दिक्कत नहीं
- 1:26:07होगी।
- 1:26:09दो तरीके के कंप्यूटर के टाइप्स हमने कवर
- 1:26:12किए। पहला हमने डाटा हैंडलिंग के आधार पर।
- 1:26:15दूसरा हमने देखा इनके साइज के आधार पर
- 1:26:17क्या डिफरेंसेस होते हैं?
- 1:26:20अब इंपॉर्टेंट फैक्ट्स देख लेते हैं
- 1:26:22कंप्यूटर से जो कि आपसे लगातार क्वेश्चन
- 1:26:24पूछे जाते हैं। कभी भी आपसे पूछा जाए पूरी
- 1:26:27दुनिया का पहला सुपर कंप्यूटर कौन सा था?
- 1:26:29तो इस कंप्यूटर का नाम था सीडीसी 6600।
- 1:26:35इस कंप्यूटर को अमेरिका में बनाया गया था
- 1:26:37सेमोर क्रे के द्वारा। ठीक है? आगे चलके
- 1:26:40इन्होंने क्रे सीरीज के भी कंप्यूटर लांच
- 1:26:42किए थे। तो बट आप ध्यान रखना दुनिया का
- 1:26:44पहला सुपर कंप्यूटर का नाम क्या है? इसका
- 1:26:47नाम है CDC 6600 1964 में अमेरिका में
- 1:26:51सैमुर क्रे ने इसको बनाया था। दूसरा एक
- 1:26:54क्वेश्चन पूछा जाता है भारत का पहला सुपर
- 1:26:56कंप्यूटर कौन सा है? तो इसका आंसर होगा
- 1:26:58परम 8000 जो कि 1991 में बनाया गया इन
- 1:27:02कंपैरिजन टू अमेरिका। करीब 30 सालों के
- 1:27:04बाद हम इसको बना पाए।
- 1:27:07भारत में इसको बनाने वाली ऑर्गेनाइजेशन का
- 1:27:09नाम है सीडक। यह कहां पर बेस्ड है? यह
- 1:27:12पुणे में बेस्ड है। अभी तो इसके कई सारे
- 1:27:14ऑफिसिसेस हैं। बट बेसिकली यह पुणे पर
- 1:27:17बेस्ड है। सीडेक भारत में सुपर कंप्यूटर
- 1:27:21सबसे बड़े लेवल पर यही बनाते हैं। हमारी
- 1:27:24चाहे रेलवे हो, हमारा बैंकिंग सिस्टम हो,
- 1:27:26हमारा डिफेंस सिस्टम हो, सबके लिए सर्वर
- 1:27:29यही बनाने वाली कंपनी है Cीडेक। देन एक
- 1:27:32क्वेश्चन पूछा जाता है, पूरी दुनिया का
- 1:27:34सबसे तेज सुपर कंप्यूटर इस टाइम पर कौन सा
- 1:27:36है? तो, आपका आंसर होगा यह है
- 1:27:40इआई कैप्टन। यह भी अमेरिका का ही है और
- 1:27:43करंट टाइम पर यह फास्टेस्ट सुपर कंप्यूटर
- 1:27:46ऑफ एंटायर वर्ल्ड है। कुछ टाइम पहले तक एक
- 1:27:49जैपनीज कंप्यूटर हुआ करता था जो कि पूरे
- 1:27:51दुनिया में फास्टेस्ट था। लेकिन आज की डेट
- 1:27:54में अमेरिका का कंप्यूटर एआई कैपिटल है
- 1:27:57नंबर वन पे।
- 1:27:59अगर इसी में पूछा जाए भारत का फास्टेस्ट
- 1:28:03सुपर कंप्यूटर कौन सा है? तो इसका नाम
- 1:28:05क्या है? इसका नाम है एरावत पीएसएआई।
- 1:28:09यह इस टाइम पर इंडिया का फास्टेस्ट सुपर
- 1:28:12कंप्यूटर है।
- 1:28:16देन अगर बात करी जाए आपसे भारत का पहला
- 1:28:19कंप्यूटर कौन सा था? नॉर्मल कंप्यूटर की
- 1:28:21यहां पर बात हो रही है। यहां सुपर
- 1:28:22कंप्यूटर की बात नहीं हो रही है। भारत में
- 1:28:25पहला कंप्यूटर कब बना और किसके द्वारा
- 1:28:27बनाया गया? तो इसको टाटा ने बनाया था। यह
- 1:28:30है टाटा इंस्टट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च।
- 1:28:331959 में भारत का पहला कंप्यूटर इन्होंने
- 1:28:36बनाया था और इसका नाम था टिफक। क्या नाम
- 1:28:39था? टिफरेक। टिफक का ही फुल फॉर्म है टाटा
- 1:28:42इंस्टट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च।
- 1:28:46फर्स्ट कंप्यूटर इन द वर्ल्ड की अगर बात
- 1:28:48करें तो इस पर हम लोग कल बात भी कर चुके
- 1:28:50हैं। हिस्ट्री ऑफ कंप्यूटर में मैंने आपको
- 1:28:51पढ़ाया था। इनक जो कि 1946 में बना था। यह
- 1:28:55पूरे दुनिया का पहला जनरल कंप्यूटर माना
- 1:28:58जाता है। मतलब फुल फ्लैज कंप्यूटर माना
- 1:29:00जाता है। इससे पहले के इनियाद के पहले के
- 1:29:02जो कंप्यूटर थे वो एक तरीके से आप बोल
- 1:29:05सकते हो गणना करने के लिए एक इंस्ट्रूमेंट
- 1:29:08थे केवल। लेकिन एक प्रॉपर कंप्यूटर हम
- 1:29:11जिसको बोलते हैं तो वो एनियाक ही था जो कि
- 1:29:14सबसे पहले 1946 में ल्च हुआ। दुनिया का
- 1:29:17पहला माइक्रोपर कौन सा है?
- 1:29:20फर्स्ट माइक्रोपर ऑफ द वर्ल्ड। तो यह है
- 1:29:23Intel 4 004 1971 में इसको बनाया गया था
- 1:29:27और यह 4 बिट माइक्रोपर था।
- 1:29:32इस दुनिया में प्रोसेसर बनाने वाली सिर्फ
- 1:29:36दो ही कंपनियां हैं। एक Intel दूसरी AMD।
- 1:29:40इन दोनों कंपनीज़ के अलावा आज तक दुनिया
- 1:29:43में कोई तीसरी ऐसी कंपनी नहीं हुई है जो
- 1:29:46कि प्रोसेसर बना पाए।
- 1:29:49बाकी दुनिया की जितनी भी कंपनीज हैं जो कि
- 1:29:52प्रोसेसर बना रही हैं वह बना नहीं रही
- 1:29:55हैं। वह उसको असेंबल कर रही हैं। लेकिन
- 1:29:59बेसिक जो चिप आती है प्रोसेसर की वो सिर्फ
- 1:30:02Intel और AMD के पास उसका फार्मूला है।
- 1:30:05बाकी तीसरी कोई कंपनी ही नहीं है जो
- 1:30:08प्रोसेसर बना पाए। मेरे भाई
- 1:30:11आईबीएम की अगर बात करें तो उन्होंने भी
- 1:30:13अपनी चिप्स बनाई हुई हैं।
- 1:30:17लेकिन कंप्लीट प्रोसेसर नहीं बनाए हैं।
- 1:30:19कंप्लीट प्रोसेसर सिर्फ Intel और AMD ही
- 1:30:22बना पाए हैं।
- 1:30:26नाउ ऑन द बेसिस ऑफ पर्पस। पर्पस के आधार
- 1:30:28पर अगर हम बात करें तो दो प्रकार होते हैं
- 1:30:31कंप्यूटर के। एक जिसको हम लोग बोलते हैं
- 1:30:33जनरल पर्पस कंप्यूटर।
- 1:30:36इसमें आमतौर पर हमारे लैपटॉप, मोबाइल यह
- 1:30:38सब आ जाते हैं। क्योंकि आप इनका यूज जनरली
- 1:30:41कर रहे हो। जनरली का मतलब आप अपनी पढ़ाई
- 1:30:43के लिए इनका यूज कर रहे हो। आप एक लेटर
- 1:30:46लिखने के लिए इनका यूज कर रहे हो। आप अपने
- 1:30:49फॉर्म फिल करने के लिए यूज कर रहे हो।
- 1:30:52आपको फैक्ट्स करना है। किसी को मेल करनी
- 1:30:54है। आप इन सब पर्पस से इसका यूज़ कर रहे
- 1:30:56हो। एडिटिंग के लिए यूज़ कर रहे हो।
- 1:30:59और दूसरी तरफ वहीं पर कंप्यूटर होते हैं
- 1:31:02जिनको बोला जाता है स्पेशल पर्पस
- 1:31:04कंप्यूटर। जिनका सिर्फ एक ही स्पेशलाइज्ड
- 1:31:06टास्क होता है। उसके अलावा वो और कोई
- 1:31:09टास्क परफॉर्म नहीं करते हैं। इसमें आपके
- 1:31:12एटीएम आ जाते हैं। ऑटोमेटेड टेलर मशीन।
- 1:31:17इसका काम क्या है? इसका काम है नोट गिनना,
- 1:31:20नोट को डिपॉजिट करना और विड्रॉ करना।
- 1:31:23दैट्स इट। इसका और कोई काम नहीं है। जैसे
- 1:31:26कि आप इन कंप्यूटरटर्स का मल्टीपर्पस
- 1:31:28तरीके से यूज करते हो।
- 1:31:30लेकिन यह यह स्पेशलाइज तरीके से ही यूज
- 1:31:32किए जाते हैं। आपके घर में रखी हुई वाशिंग
- 1:31:35मशीन वह भी प्रोग्राम पर ही बेस्ड है। वो
- 1:31:39भी प्रोग्राम पर ही चल रही है। वो भी अपने
- 1:31:41आप में एक कंप्यूटर है। बट कैसा है?
- 1:31:43स्पेशलाइज्ड कंप्यूटर है।
- 1:31:47क्लियर हो रही है सभी को बात?
- 1:31:50सॉर्टेड है?
- 1:31:52यहां तक कोई समस्या तो नहीं किसी को?
- 1:31:55ठीक है?
- 1:31:57नाउ ऑन द बेसिस ऑफ पोर्टेबिलिटी
- 1:32:00अगर हम कंप्यूटरटर्स को ले जाने लाने की
- 1:32:03बात करें उसको लेकर ट्रैवल करने की हम बात
- 1:32:05करें तो यहां पर भी इनको तीन कैटेगरी में
- 1:32:08डिवाइड किया गया है। पहली कैटेगरी जिसको
- 1:32:11डेस्कटॉप कंप्यूटर बोलते हैं। आप इनको ले
- 1:32:13नहीं जा सकते कहीं।
- 1:32:16यह पोर्टेबल नहीं है। ये इतने छोटे नहीं
- 1:32:18है कि आप इनको उठाकर ले जाएं।
- 1:32:21आप देखते हो डेस्कटॉप में मॉनिटर भी है।
- 1:32:23सीपीू कैबिनेट भी इतना बड़ा बक्सा अलग से
- 1:32:25रखा हुआ है। कैसे उठा के ले जाओगे?
- 1:32:29जबकि दूसरी कैटेगरी है लैपटॉप और नोटबुक
- 1:32:32की। यह पोर्टेबल होते हैं। पर्सनल
- 1:32:34कंप्यूटर भी हैं। आप इन्हें एक से दूसरी
- 1:32:36जगह ले जा सकते हो।
- 1:32:40और इसी में और छोटी कैटेगरी आ जाती है और
- 1:32:42मोर पोर्टेबिलिटी आ जाती है जिसमें टेबलेट
- 1:32:45और स्मार्टफोनस हमारे आ जाते हैं। इनकी
- 1:32:48खास बात यह है कि आप इनको लेकर ट्रैवल तो
- 1:32:50कर ही सकते हो साथ में यह इतने ज्यादा
- 1:32:53हैंडी हैं कि आप दूसरों को हैंड टू हैंड
- 1:32:56भी इसमें फील कर सकते हो। आपने अपना
- 1:33:00मोबाइल किसी को दे दिया। वो यूज कर रहा है
- 1:33:02510 मिनट।
- 1:33:04लेकिन यह लैपटॉप में पॉसिबल नहीं हो पाता
- 1:33:07जल्दी से कि आप लैपटॉप ले खड़े हो
- 1:33:09जल्दी-जल्दी 10 लोगों को चाहिए तो दे दिया
- 1:33:11नहीं मुश्किल आएगी बट मोबाइल या टैबलेट
- 1:33:15उतने ही इजी टू यूज़ है।
- 1:33:18तो आप देख रहे हो अलग-अलग तरीके से
- 1:33:20कंप्यूटरटर्स को अलग-अलग पार्ट्स में
- 1:33:22डिवाइड किया गया है। उस पर अभी हम लोगों
- 1:33:24ने बात करी। नाउ कम्स टू कंपोनेंट्स ऑफ
- 1:33:27कंप्यूटर। कंप्यूटर के कौन-कौन से
- 1:33:29कंपोनेंट्स होते हैं? बेसिकली या फिर आप
- 1:33:32यह बोल सकते हो कंप्यूटर ओवरऑल बना किससे
- 1:33:35मिलकर है? तो कंप्यूटर ओवरऑल देखा जाए
- 1:33:38बेसिकली तो इन तीन चीजों से मिलकर बना हुआ
- 1:33:41है। पहला
- 1:33:44डिवाइसेस जिसमें हमारी इनपुट और आउटपुट
- 1:33:46डिवाइसेस आ जाती हैं। मैंने कल इनके बारे
- 1:33:49में बात भी किया था। आपको बताया था इनपुट
- 1:33:51और आउटपुट डिवाइसेस में अंतर क्या होता
- 1:33:53है।
- 1:33:54दूसरा सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट जिसको
- 1:33:57सीपीयू बोलते हैं जो कि कंप्यूटर का दिमाग
- 1:34:00है। जितनी भी प्रोसेसिंग होती है वो सब
- 1:34:02सीपीयू ही करता है। और तीसरा जिनको बोलते
- 1:34:06हैं मेमोरी यूनिट।
- 1:34:09जो कि कंप्यूटर की याददाश्त की तरह काम
- 1:34:11करती हैं। दिमाग तो बहुत तेज चल रहा है।
- 1:34:15लेकिन रिकॉल करने की पावर है कि नहीं है?
- 1:34:19एक होता है दिमाग बहुत तेज चलना कि करंट
- 1:34:22टाइम पर फैसले बहुत जल्दी ले पा रहा है।
- 1:34:25दूसरा होता है पुरानी थिंग को याद करना,
- 1:34:29रिकॉल करना। दैट इज कॉल्ड मेमोरी।
- 1:34:34तो कंप्यूटर की एक और खास बात है। आप
- 1:34:37कंप्यूटर से 10 साल पुराना, 100 साल
- 1:34:39पुराना डाटा भी फैच कर सकते हो। तो ये फैच
- 1:34:42हो पा रहा है किसकी वजह से? इन मेमोरी
- 1:34:45यूनिट्स की वजह से। अब एक-एक कंपोनेंट के
- 1:34:48हम लोग एंटर करके देखेंगे अंदर। सबसे पहले
- 1:34:51इनपुट आउटपुट यूनिट्स की हम लोग बात करते
- 1:34:54हैं।
- 1:34:56फर्स्ट ऑफ ऑल इनपुट डिवाइसेस की बात करें
- 1:34:58तो कल मैं बात कर चुका था। इनपुट डिवाइसेस
- 1:35:01हमारी क्या होती हैं?
- 1:35:03ऐसी डिवाइसेस
- 1:35:06जिनके थ्रू यूजर प्रोसेसर को इंस्ट्रक्शन
- 1:35:09देता है। एग्जांपल कीबोर्ड। हमने कीबोर्ड
- 1:35:12में कुछ टाइप किया। मतलब हम सीपीयू को
- 1:35:14इंस्ट्रक्शन दे रहे हैं कि आप इसे टाइप
- 1:35:18करिए। सीपीयू उसे प्रोसेस करता है स्काई
- 1:35:21कोड में और फिर हमें मॉनिटर में शो करता
- 1:35:23है जो कि हमारी आउटपुट डिवाइस है। माउस के
- 1:35:27थ्रू आप क्लिक कर रहे हो। पेज चेंज हो जा
- 1:35:29रहा है। माउस के थ्रू आपने सबमिट बटन पे
- 1:35:31क्लिक किया। आपका फॉर्म सबमिट हो गया।
- 1:35:33कैसे हो पा रहा है? क्यों? क्योंकि माउस
- 1:35:35इनपुट डिवाइस है। आप उसके थ्रू प्रोसेसर
- 1:35:38को इंस्ट्रक्शंस दे रहे हो।
- 1:35:42तो वह डिवाइसेस जिनका यूज हम इंस्ट्रक्शंस
- 1:35:44देने के लिए प्रोसेसर को करते हैं, वह सभी
- 1:35:47हमारी इनपुट डिवाइस कहलाती हैं। दे सेंड्स
- 1:35:49डेटा टू द सीpu फॉर प्रोसेसिंग। एग्जांपल
- 1:35:52कीबोर्ड, माउस, स्कैनर, माइक्रोफोन ये सब
- 1:35:55इसके एग्जांपल हैं।
- 1:35:58नाउ कम्स टू आउटपुट डिवाइस। आउटपुट डिवाइस
- 1:36:01वो होती हैं जो कि प्रोसेसर के द्वारा
- 1:36:04प्रोसेस्ड डेटा को हमारे सामने रिप्रेजेंट
- 1:36:07करती हैं। हमें शो करती हैं। दे आर नोन एज
- 1:36:11आउटपुट यूनिट्स।
- 1:36:13एग्जांपल मॉनिटर हो गया। प्रिंटर हो गया।
- 1:36:17प्रिंटर आपको आउटपुट दे रहा है ना हार्ड
- 1:36:20कॉपी के फॉर्म में।
- 1:36:22स्पीकर हो गया। स्पीकर भी आपको आउटपुट दे
- 1:36:25रहा है। लेकिन वॉइस के फॉर्म में प्लॉटर
- 1:36:28हो गया। प्लॉटर प्रिंटर का ही एक एडवांस्ड
- 1:36:32क्वालिटी होता है। यह ग्राफिक डिजाइनिंग
- 1:36:34के लिए यूज किया जाता है। यह भी आपको
- 1:36:36हार्ड कॉपी के फॉर्म में देता है आउटपुट।
- 1:36:39प्लॉटर का यूज़ बेसिकली जितने भी आप बाहर
- 1:36:42बैनर्स देखते हो जैसे किसी चाचा विधायक
- 1:36:45हैं खड़े हुए हैं। आप देखते हो
- 1:36:49ईद, दीपावली, होली की बहुत-बहुत
- 1:36:51शुभकामनाएं। प्रदेशवासियों को लिखा रहता
- 1:36:54है ना? तो वो सब जो बड़े-बड़े बैनर छप रहे
- 1:36:57हैं विराट कोहली अनुष्का शर्मा खड़े हैं
- 1:37:00मान्यवर का ऐड करते हुए यह सब छप रहे हैं
- 1:37:03किससे? प्लॉटर से।
- 1:37:05आप मूवी देखने जाते हो थिएटर में वहां पर
- 1:37:08आप देखते हो 70 एमएम का जो बैनर लगा होता
- 1:37:12है पूरा
- 1:37:13वो सब प्लॉटर से ही प्रिंट किए जाते हैं।
- 1:37:21यह तो बात हो गई इनपुट और आउटपुट डिवाइस
- 1:37:23की। नाउ कम्स टू सीपीयू सेंट्रल
- 1:37:25प्रोसेसिंग यूनिट। सीपीयू को कंप्यूटर का
- 1:37:29दिमाग कहा जाता है। क्यों? क्योंकि
- 1:37:31कंप्यूटर में जितना भी प्रोसेसिंग है वो
- 1:37:34सब कुछ सीपीयू ही कर रहा है। लेकिन दरअसल
- 1:37:36सीपीयू भी कुछ चीजों से मिलकर बना है। इन
- 1:37:40तीन चीजों से मिलकर। एएलयू कंट्रोल यूनिट
- 1:37:43और तीसरा रजिस्टर्स।
- 1:37:46एएलयू का मतलब है अर्थमैटिक लॉजिकल यूनिट।
- 1:37:49और एएलयू रिस्पांसिबल होती है सीपीयू के
- 1:37:52जितने भी अर्थमेटिक ऑपरेशंस हैं उनको
- 1:37:55परफॉर्म करने के लिए। प्लस, माइनस, गुणा,
- 1:37:59भाग, परसेंटेज ये सब कुछ जो आपका कंप्यूटर
- 1:38:02कर पा रहा है जस्ट बिकॉज़ ऑफ़ एएलयू।
- 1:38:05क्योंकि यह जो सीपीयू है इस सीपीयू के
- 1:38:08अंदर एएलयू भी मौजूद है।
- 1:38:12इसके अंदर पीयू भी मौजूद है और इसके अंदर
- 1:38:16रजिस्टर्स भी मौजूद हैं। ये तीनों मिलकर
- 1:38:19पूरा सीपीयू बना रहे हैं।
- 1:38:22तो सीपीयू जितनी भी गणनाएं कर पा रहा है
- 1:38:25अर्थमैटिक फॉर्म वाली वो सबके लिए
- 1:38:27रिस्पांसिबल एएलयू है। अर्थमैटिक लॉजिकल
- 1:38:30यूनिट।
- 1:38:32दूसरा आपका आ जाता है कंट्रोल यूनिट।
- 1:38:35कंट्रोल यूनिट का का काम है इट मैनेजेस
- 1:38:37एंड डायरेक्ट्स ऑल एक्टिविटीज।
- 1:38:40आपका सीपीू कौन सा ऑपरेशन पहले परफॉर्म
- 1:38:43करेगा, कौन सा बाद में परफॉर्म करेगा? यह
- 1:38:46सब डिसाइड करने के लिए कंट्रोल यूनिट
- 1:38:48रिस्पांसिबल होती है।
- 1:38:52जैसे आपके पापा ने बोला
- 1:38:55कि बेटा एक गिलास पानी दे दो
- 1:38:58और स्कूटी में पेट्रोल डला लो। अब आपका
- 1:39:01विवेक क्या बोलता है बताइए? आप पहले
- 1:39:04स्कूटी में पेट्रोल डला के आएंगे, फिर एक
- 1:39:06गिलास पानी देंगे या पहले एक गिलास पानी
- 1:39:08देंगे, फिर स्कूटी में पेट्रोल डलाने
- 1:39:10जाएंगे? बताइए
- 1:39:12आपका दिमाग क्या बोलता है इसमें?
- 1:39:16आपका सीपीयू क्या कह रहा है कि पापा को
- 1:39:19पहले पानी दे दूं एक गिलास फिर स्कूटी में
- 1:39:21पेट्रोल डलाऊं जाके या पहले स्कूटी में
- 1:39:24पेट्रोल डला लूं फिर पानी दूं।
- 1:39:28आपका ब्रेन बोलेगा कि पापा प्यासे हैं।
- 1:39:31पहले पानी दे दो। उसके बाद स्कूटी में
- 1:39:34पेट्रोल डला आएंगे।
- 1:39:37कोई ऐसा तो नहीं होगा ना आप में से जो
- 1:39:39कहेगा पहले पेट्रोल डला के आएंगे। पानी
- 1:39:41पीने के लिए अभी बैठे रहो। बाद में पीना
- 1:39:43पानी नहीं होगा ना ऐसा। यह जो आप फैसले ले
- 1:39:47पा रहे हो। किस वजह से? आपके ब्रेन की
- 1:39:50सीयू काम कर रही है। इसी तरीके से
- 1:39:52कंप्यूटर की भी सीयू यह फैसले लेती है। वि
- 1:39:55एक्शन विल बी परफॉर्म फर्स्ट एंड विल बी द
- 1:39:58लास्ट।
- 1:40:02थर्ड पे है रजिस्टर्स जिसको मेमोरी यूनिट
- 1:40:05बोलते हैं। यह टेंपरेरी हाई स्पीड स्टोरेज
- 1:40:08होती है।
- 1:40:10टेंपरेरी ध्यान रखिएगा टेंपरेरी वर्ड
- 1:40:12परमानेंट नहीं क्योंकि परमानेंट अगर हो गई
- 1:40:15तब तो स्टोरेज में आ जाएगी वो।
- 1:40:18दिस इज टेंपरेरी।
- 1:40:20प्रोसेसर के अंदर भी एक टेंपरेरी स्टोरेज
- 1:40:23होती है। बात आ रही है समझ? एक सेकंड
- 1:40:26रुकिएगा।
- 1:40:28हेलो
- 1:40:30जी आ रहा हूं।
- 1:40:55क्लियर है भाई सभी को
- 1:40:59सॉर्टेड है
- 1:41:01ठीक है तो आपका जो सीपीयू है ये किनसे
- 1:41:05मिलकर बन रहा है इन तीनों यूनिट से मिलकर
- 1:41:07बन रहा है
- 1:41:09टेंपरेरी बेसिस पर आपका कंप्यूटर आपका जो
- 1:41:12प्रोसेसर है वो टेंपरेरी बेसिस पर
- 1:41:15इंस्ट्रक्शंस को होल्ड कर रहा है बहुत
- 1:41:17माइनर फॉर्म में और हाई स्पीड स्टोरेज है
- 1:41:20ये।
- 1:41:21अब आप में से कई लोग कहेंगे
- 1:41:24कि सर कैसे? मतलब ऐसा कैसे? क्या कभी आपने
- 1:41:28सोचा है? एग्जांपल आपको बता रहा हूं। सारे
- 1:41:31एग्जांपल ह्यूमन बीइंग से आपको दूंगा।
- 1:41:35ठीक है?
- 1:41:37आपको दो इंस्ट्रक्शन मिले।
- 1:41:40ठीक है? पहला इंस्ट्रक्शन क्या मिला? कि
- 1:41:43पानी दे दो। दूसरा इंस्ट्रक्शन मिला कि
- 1:41:45स्कूटी में पेट्रोल डलाया।
- 1:41:48जब आप पानी दे रहे थे उस टाइम पर भी आपको
- 1:41:52याद था कि अभी इसके बाद पेट्रोल डलाने
- 1:41:55जाना है। कैसे?
- 1:41:57जस्ट बिकॉज़ ऑफ योर ब्रेन मेमोरी यूनिट।
- 1:42:03लेकिन एक बार आप स्कूटी में पेट्रोल डला
- 1:42:06के चले आए। आपसे कोई 2 साल बाद पूछे वो
- 1:42:10डेट बताओ जरा जिस दिन तुम्हारे पापा ने
- 1:42:12पानी मांगा था तुमसे। या जिस दिन तुम अपने
- 1:42:15घर पर स्कूटी में पेट्रोल डलाकर आए थे।
- 1:42:17अरे एक ही बार थोड़ी गएगे पेट्रोल डलाने।
- 1:42:19हर दो-तीन चार दिन के बाद काम होता है
- 1:42:21पेट्रोल डलाना। पिताजी को पानी देना कोई
- 1:42:24एक ही बार का काम थोड़ी कि तुम्हें तुम उस
- 1:42:26दिन तारीख नोट कर लोगे। नहीं नोट करते ना।
- 1:42:29वो आपकी परमानेंट मेमोरी में नहीं स्टोर
- 1:42:32है। वो आपकी टेंपरेरी मेमोरी में केवल
- 1:42:34स्टोर है। जब तक टास्क परफॉर्म हो रहा है।
- 1:42:36दैट्स इट। उसके बाद खत्म।
- 1:42:40इस तरीके से आपका कंप्यूटर काम करता है
- 1:42:42जिसको आप सीपीयू बोलते हो।
- 1:42:47सीपीयू में भी किन यूनिट्स का यूज किया
- 1:42:49जाता है? मतलब आपसे क्वेश्चन पूछता है कि
- 1:42:52सीपीयू प्रोसेसिंग में कौन सी यूनिट का
- 1:42:54यूज़ करता है? तो पहले किलोज्ज का यूज़ होता
- 1:42:58था। फिर कंप्यूटर फास्टर आए तो मेगाHz का
- 1:43:02यूज़ होने लगा। आज की डेट में कंप्यूटर
- 1:43:04जितने फास्ट हैं उसमें गीगाHz का यूज़ होता
- 1:43:06है। लेकिन स्टिल सवाल है कि कंप्यूटर की
- 1:43:11जो स्पीड है वह स्पीड किस में मेजर करी
- 1:43:14जाती है? तो वह मेजर करी जाती है हर्ट्ज
- 1:43:17में। किस में? हर्ट्ज में।
- 1:43:21ये अपने आप में इंपॉर्टेंट क्वेश्चन है।
- 1:43:22ध्यान रखिएगा। बहुत बार पूछा जाता है कि
- 1:43:25सीपीयू की स्पीड कौन सी यूनिट में मेजर
- 1:43:28करते हैं? हर्ट्ज में मेजर करते हैं।
- 1:43:32ठीक है?
- 1:43:34कल को हमारे कंप्यूटर और तेज होंगे। तो
- 1:43:37गीगाHz के बाद टेराHz भी आ जाएगा। तो आगे
- 1:43:41बदलती रहेंगी यूनिट बट बेसिक यूनिट हर्ट्ज
- 1:43:45है जो कि नहीं बदलेगी उसी के ऊपर स्पीड
- 1:43:47मेजर करी जाती है।
- 1:43:50नाउ कम्स टू मेमोरी यूनिट। तीसरी
- 1:43:54अब मेमोरी यूनिट का काम क्या है? डेटा को
- 1:43:57स्टोर करना। पहले आपने देखा इनपुट और
- 1:44:00आउटपुट डिवाइसेस होती हैं हमारे कंप्यूटर
- 1:44:02में। दूसरा आपने देखा। दूसरा उसका मेन
- 1:44:04पार्ट होता है सीपीयू। अब तीसरा क्या होता
- 1:44:06है? मेमोरी यूनिट।
- 1:44:08और मेमोरी यूनिट ही क्या करती है? डेटा को
- 1:44:11स्टोर करने का काम करती है। इंस्ट्रक्शन
- 1:44:13को स्टोर करती है। प्रोसेस्ड रिजल्ट को
- 1:44:16स्टोर करती है। आवश्यकता पड़ने पर सीपीयू
- 1:44:19को डाटा ये प्रदान भी करती हैं। मतलब एक
- 1:44:21बार जो प्रोसेस्ड हो चुका है डेटा उसको
- 1:44:23कभी भी हम रिकॉल भी कर सकते हैं वापस से।
- 1:44:26मतलब एक बार मान लीजिए MS Excel पे आपने
- 1:44:29एक टेबल बना के रख ली या पावर पॉइंट पे
- 1:44:31प्रेजेंटेशन बना के रख ली। क्या आप दोबारा
- 1:44:34उसे नहीं देख सकते? देख सकते हो। वही आपसे
- 1:44:36कह रहा है। आवश्यकता पड़ने पर सीपीयू को
- 1:44:39डाटा वापस से प्रदान करती हैं।
- 1:44:42हेल्प इन फास्ट एग्जीक्यूशन ऑफ
- 1:44:43प्रोग्राम्स। अब देखिए मेमोरी आपको मैं
- 1:44:47बहुत बेसिक से समझाना चाहता हूं। ध्यान
- 1:44:49दीजिएगा। मेमोरी में बड़ा कंफ्यूजन होता
- 1:44:51है। तभी लोग यहां से क्वेश्चन नहीं बना
- 1:44:53पाते हैं। बहुत ध्यान दीजिएगा। आज के बाद
- 1:44:56गारंटी दे रहा हूं। आप कभी मेमोरी भूलोगे
- 1:44:58नहीं भाई।
- 1:45:00कंप्यूटर में मेमोरी बेसिकली दो प्रकार की
- 1:45:03होती है। कौन-कौन से प्रकार?
- 1:45:07एक जिसको हम लोग बोलते हैं
- 1:45:11प्राइमरी मेमोरी।
- 1:45:14जबकि दूसरी तरफ हमारी है जिसको हम लोग
- 1:45:17बोलते हैं
- 1:45:20सेकेंडरी मेमोरी। ठीक है?
- 1:45:24प्राइमरी मेमोरी में आपकी क्या-क्या आ
- 1:45:27जाती है?
- 1:45:29इसमें आपकी आ जाती है रैम
- 1:45:35और रोम।
- 1:45:40ठीक है? जबकि हम सेकेंडरी मेमोरी की बात
- 1:45:43करें
- 1:45:44तो इसमें क्या मिल जाता है हमें?
- 1:45:49हार्ड डिस्क,
- 1:45:54सीडी,
- 1:45:56डीवीडी
- 1:45:58बीआरडी
- 1:46:01एचवीडी
- 1:46:04पेनड्राइव
- 1:46:07ये सब इसके एग्जांपल हैं सेकेंडरी मेमोरी
- 1:46:10के। ठीक है? अब ध्यान दीजिएगा।
- 1:46:15इतना तो सबको पता रहता है। ये चार्ट तो
- 1:46:17सबको पता है। क्या कभी आपने सोचा है व्हाई
- 1:46:21दे आर नोन एज प्राइमरी मेमोरी? RAM और रोम
- 1:46:24को ही हम प्राइमरी मेमोरी क्यों बोलते
- 1:46:26हैं? इन सबको प्राइमरी क्यों नहीं बोलते?
- 1:46:30इन सबको प्राइमरी क्यों नहीं बोलते? उसका
- 1:46:32एक कारण है। प्राइमरी मेमोरी वो होती है
- 1:46:37जिसका यूज कंप्यूटर अपने लिए करता है।
- 1:46:40जिसका यूज मशीन खुद कर रही है अपने लिए।
- 1:46:43अपनी हेल्प के लिए दे आर नोन एज प्राइमरी
- 1:46:46मेमोरी।
- 1:46:49आप मुझे बताइए आज तक आपने कभी भी खुद के
- 1:46:54पर्सनल यूज के लिए RAM और रोम का यूज किया
- 1:46:57है? कभी नहीं किया होगा। आपको सिर्फ इतना
- 1:47:01ही पता है कि अगर कंप्यूटर चलाना है तो
- 1:47:04उसमें RAM और रोम होनी चाहिए।
- 1:47:09इतना ही पता है ना? इसके अलावा क्या आज तक
- 1:47:12आपने कभी ऐसा किया है कि रोम में डाटा
- 1:47:16स्टोर करके दोस्त को दिया हो। ले भाई, यह
- 1:47:18गाने हैं इसमें। 10 गाने दे रहा हूं।
- 1:47:20जल्दी से डाउनलोड करके वापस दियो। क्या
- 1:47:23कभी रोम इस तरीके से यूज़ करते हो? या आपके
- 1:47:27दोस्त ने पीडीएफ मांगी हो कि भाई मिडवल की
- 1:47:30पूरी पीडीएफ दे दियो तो आपने रोम में कॉपी
- 1:47:32करके दे दियो पीडीएफ। लो रोम दे रहा हूं
- 1:47:34तुम्हें। भाई रोम दे रहा हूं। एक ही लगती
- 1:47:37है कंप्यूटर में। वापस देना जल्दी। क्या
- 1:47:40ऐसा कभी करते हो? नहीं।
- 1:47:44रीजन यह है कि प्राइमरी मेमोरी इसको बोला
- 1:47:47ही इसलिए जाता है क्योंकि कंप्यूटर इसको
- 1:47:50सेल्फ पर्पस से यूज करता है। कंप्यूटर
- 1:47:52अपनी हेल्प के लिए इन मेमोरीज को यूज करता
- 1:47:55है। तो यहां पर लिख लो लगे हाथ ताकि आप
- 1:47:58भूलो नहीं। प्राइमरी मेमोरी का मतलब है
- 1:48:03कंप्यूटर
- 1:48:06यूज
- 1:48:08इट
- 1:48:10फॉर इटसेल्फ।
- 1:48:15जबकि सेकेंडरी मेमोरी की खास बात यह है कि
- 1:48:18इसका यूज कौन करता है? यूजर अपनी मदद के
- 1:48:22लिए करता है। मतलब मैं और आप हम सब कौन
- 1:48:24हैं? कंप्यूटर के यूजर हैं।
- 1:48:28हम अपनी पर्सनल मदद के लिए इन मेमोरीज का
- 1:48:31यूज करते हैं। आपके कंप्यूटर में हार्ड
- 1:48:34डिस्क में कितना स्टोरेज होना चाहिए? यह
- 1:48:36हम किस हिसाब से देखते हैं कि भैया हमारा
- 1:48:39डाटा कितना होगा? उस हिसाब की हार्ड डिस्क
- 1:48:41होनी चाहिए। 512 GB नहीं भैया 1TB की
- 1:48:45चाहिए। क्यों? मेरे पास डाटा बहुत है भाई।
- 1:48:488 GB की पेनड्राइव से काम नहीं चल रहा है।
- 1:48:5032 GB चाहिए पेनड्राइव। क्यों? मेरा डाटा
- 1:48:53स्टोर होना है। सीडी, डीवीडी, बीआरडी किस
- 1:48:56तरीके से यूज़ कर रहे हैं? अपने पर्सनल यूज़
- 1:48:59से कर रहे हैं। इस वजह से यह सेकेंडरी
- 1:49:01मेमोरी कहलाती है। तो, सेकेंडरी मेमोरी का
- 1:49:04यूज़ कौन करता है? यूजर।
- 1:49:08यूजर यूज दी मेमोरीज।
- 1:49:12आज आपको पता लगा क्यों इनको प्राइमरी और
- 1:49:15सेकेंडरी मेमोरी बोलते हैं। अब एक और बात
- 1:49:19एक और इंटरेस्टिंग बात वो क्या
- 1:49:23जो रैम है
- 1:49:26फुल फॉर्म लिख देता हूं। कई लोगों को
- 1:49:28दिक्कत हो सकती है।
- 1:49:31इसको बोलते हैं रैंडम
- 1:49:34एक्सेस
- 1:49:37मेमोरी। ठीक है भाई? रोम इसको क्या बोलते
- 1:49:41हैं?
- 1:49:43रीड
- 1:49:44ओनली
- 1:49:46मेमोरी।
- 1:49:48ठीक है?
- 1:49:50क्लियर है इतनी बात? ध्यान देने वाली बात
- 1:49:53क्या है? जो रैम है दिस इज़
- 1:50:00वोलेटाइल मेमोरी।
- 1:50:02याद होगा कल मैंने वोलेटाइल नॉन वोलेटाइल
- 1:50:05का जिक्र किया था। RAM वलाटाइल है लेकिन
- 1:50:08रोम जो है यह नॉन वलाटाइल है। क्या है?
- 1:50:13नॉन वोलाटाइल।
- 1:50:16और जितनी भी सेकेंडरी मेमोरी है ये सब भी
- 1:50:19नॉन वोलाटाइल है।
- 1:50:26वोलाटाइल का मतलब है जिसमें टेंपरेरी
- 1:50:29बेसिस पर डेटा होल्ड होता हो। जिसमें
- 1:50:33टेंपरेरी बेसिस पर केवल डेटा होल्ड हो रहा
- 1:50:35हो। जब तक पावर ऑन है कंप्यूटर का तब तक
- 1:50:38इसमें डाटा सेव हो रहा है। जैसे ही पावर
- 1:50:41ऑफ कर दिया डाटा इरेज हो गया। खत्म दोबारा
- 1:50:44नहीं मिलेगा।
- 1:50:47एक बार आपने कंप्यूटर बंद कर दिया। रैम जो
- 1:50:50भी डाटा को होल्ड कर रही थी वो खत्म गया।
- 1:50:53टाटा बाय-बाय। हो गया। नहीं मिलेगा
- 1:50:55दोबारा।
- 1:50:58एग्जांपल आपके फोन में WhatsApp चल रहा
- 1:51:01है। Facebook मैसेंजर भी खुला हुआ है।
- 1:51:04गाना भी चल रहा है। अचानक से सीधे-सीधे
- 1:51:06बंद कर दो पावर का बटन दबा के।
- 1:51:10आप जैसे ही रिस्टार्ट करोगे, क्या वापस से
- 1:51:12आपको WhatsApp खुला मिलेगा? गाना चलता
- 1:51:15मिलेगा? नहीं। क्योंकि वो तीनों
- 1:51:17इंस्ट्रक्शन रैम में होल्ड हो रहे थे।
- 1:51:20पावर कट हुआ, तीनों इंस्ट्रक्शन गए। वैनिश
- 1:51:23खत्म।
- 1:51:25लेकिन वह गाना अगर आपको फिर से चलाना है
- 1:51:28जो आपके फोन में सेव है तो आप उसे चला
- 1:51:32सकते हो क्योंकि वो गाना परमानेंटली कहां
- 1:51:35स्टोर है? नॉन वोलेटाइल मेमोरी में।
- 1:51:43वलाटाइल मेमोरी से डाटा इरेज हो जाता है।
- 1:51:45टेंपरेरी बेसिस पर यहां पर डाटा होल्ड
- 1:51:47होता है। अब कई लोगों के ज़हन में बात आ
- 1:51:50रही होगी कि सर रोम तो प्राइमरी मेमोरी का
- 1:51:54पार्ट है। तो फिर यह नॉन वोलेटाइल कैसे हो
- 1:51:57गया? तो भाई ऐसा जरूरी नहीं है कि सारी
- 1:52:00प्राइमरी मेमोरी वोलाटाइल ही हो या सारी
- 1:52:03प्राइमरी मेमोरी नॉन वोलेटाइल ही हो।
- 1:52:06प्राइमरी मेमोरी में रैम और रोम इसलिए आते
- 1:52:09हैं क्योंकि कंप्यूटर इन दोनों को सेल्फ
- 1:52:12पर्पस से यूज करता है। लेकिन इन दोनों का
- 1:52:15स्टोरेज नेचर अलग-अलग है। RAM वोलेटाइल
- 1:52:18है। रोम नॉन वोलेटाइल है। और रोम में क्या
- 1:52:21स्टोर होते हैं? कल भी मैंने आपको बताया
- 1:52:24था। रोम स्टोर्स
- 1:52:28बायoस
- 1:52:31बेसिक इनपुट आउटपुट सिस्टम। आपके कंप्यूटर
- 1:52:34में मदरबोर्ड में लगे हुए जितने भी
- 1:52:36इंस्ट्रूमेंट हैं उन सबके स्ट्रक्चरर्ड
- 1:52:40प्रोग्राम बायoस कहलाते हैं और वही रोम
- 1:52:43स्टोर करती है। कल मैंने आपको रोम का यूज़
- 1:52:47भी बताया था। बूटिंग का जब मैंने आपको
- 1:52:50प्रोसेस बताया था तो वहां पर CPU एक्चुअली
- 1:52:54रोम को ही इंस्ट्रक्शन भेजता है और रोम उस
- 1:52:56टाइम पर आपके मदरबोर्ड के कंपोनेंट्स को
- 1:52:59चेक कर रही होती है।
- 1:53:03बाकी इनके बारे में तो आपको पता ही है। यह
- 1:53:06सब वह डिवाइसेस हैं जिसमें एक बार डाटा
- 1:53:08स्टोर कर दिया तो वह हमेशा के लिए स्टोर
- 1:53:11हो जाता है। जब तक आप उसे खुद इरेज नहीं
- 1:53:14करेंगे। चाहे आपकी हार्ड डिस्क हो, पेन
- 1:53:17ड्राइव हो, सीडी, डीवीडी, बीआरडी कुछ भी
- 1:53:19हो। दैट्स व्हाई दे आर नॉन वोलेटाइल।
- 1:53:23अब सभी को क्लियर है?
- 1:53:27विकास यादव का कहना है नेम प्लीज। नेम
- 1:53:29प्लीज मतलब आपका। देखिए नाम ले लिया
- 1:53:31मैंने। अच्छा वि बुक शुड आई टेक फॉर
- 1:53:34स्टैटिक जीके? Google पे सर्च मार लीजिएगा
- 1:53:36मिल जाएगी आपको मेरी बुक। डाल दीजिएगा।
- 1:53:39स्टैटिक जीके बाय वरुण अवस्थी।
- 1:53:41मैं देखता हूं यहां पर है कि नहीं है। अगर
- 1:53:44होगी तो ऐसे ही आपको दिखा देता हूं कौन सी
- 1:53:46बुक है।
- 1:54:01दिस इज द बुक। इसमें पीछे मेरा प्रोफाइल
- 1:54:04भी दिया हुआ है। पीछे मेरी फोटो लगी हुई
- 1:54:06है। ऐसी आपको मिल जाएगी। इसी में यह आपका
- 1:54:11कौन सा वर्जन है? यह आपका हिंदी वर्जन है।
- 1:54:14हिंदी वर्जन में रेड है। अंग्रेजी वर्जन
- 1:54:16में ब्लू कलर का है। तो Amazon पे आपको
- 1:54:18मिल जाएगी यह।
- 1:54:23यहां तक सभी को क्लियर है। आगे बढ़ा जाए।
- 1:54:28अब तो आप समझ गए यहां पर टाइप्स ऑफ मेमोरी
- 1:54:31दिया हुआ है। अब आपको टाइप्स ऑफ मेमोरी
- 1:54:33में कुछ भी कंफ्यूजन नहीं है। प्राइमरी
- 1:54:36मेमोरी, सेकेंडरी मेमोरी बहुत अच्छे से आप
- 1:54:38जान चुके हो। जितना यहां पर लिखा है उससे
- 1:54:40कहीं ज्यादा आप जानते हो अच्छे से।
- 1:54:45अब आ जाते हैं इनपुट डिवाइसेस में। फटाफट
- 1:54:47से इनको देख लेते हैं। सबसे पहले कीबोर्ड।
- 1:54:49आप में से ऐसा कोई नहीं होगा जो कि
- 1:54:51कीबोर्ड ना जानता हो। कीबोर्ड का
- 1:54:53स्ट्रक्चर भी आपको पता है। इसमें अल्फा
- 1:54:55न्यूममेरिक्स होते हैं। फंक्शन यूनिट,
- 1:54:57कंट्रोल कीज़, न्यूममेरिक कीट्स। कीबोर्ड
- 1:55:01का यूज़ ही क्या होता है? प्रोसेसर को
- 1:55:03कमांड देने के लिए इसका यूज़ किया जाता है।
- 1:55:05अब कीबोर्ड से भी कई सारे क्वेश्चन आपके
- 1:55:07बनते हैं। ठीक है? वो क्वेश्चन कैसे बनते
- 1:55:10हैं? आपको कीज़ समझनी होंगी।
- 1:55:13एक आपसे जनरल क्वेश्चन पूछा जाता है कि
- 1:55:15कीबोर्ड में कितनी कीज़ होती हैं? तो ध्यान
- 1:55:17रखिएगा जो स्टैंडर्ड कीबोर्ड आता है उसमें
- 1:55:20104 की होती हैं।
- 1:55:23बाकी आपका जो लैपटॉप होगा आपके लैपटॉप में
- 1:55:25104 की नहीं होंगी। हो सकता है इससे
- 1:55:27ज्यादा हो, 108 भी हो सकती हैं। हो सकता
- 1:55:30है 98 की हो। बाकी जिन लोगों के पास आप
- 1:55:34में से MacBook होगा। Apple वाले में तो
- 1:55:37और कम कीज़ होती हैं। 74 होती हैं किसी
- 1:55:40में। कुछ तो इतने कम वाले आ रहे हैं
- 1:55:42जिसमें केवल 54 कीज़ ही होती हैं। तो आप वो
- 1:55:45सब छोड़ दीजिए। आपसे अगर की पूछा जाए कि
- 1:55:48कितनी की हैं? तो आप स्टैंडर्ड का ही
- 1:55:50बताओगे। 104 की होती हैं। उसी को आप आंसर
- 1:55:52लगाओगे। टाइपिंग, कमांड, सिस्टम, कंट्रोल
- 1:55:56इन सब के पर्पस से यूज़ किया जाता है। अब
- 1:55:58इसमें कीज़ के टाइप कौन-कौन से होते हैं?
- 1:56:00एक तो आपकी अल्फाबेट कीज़ होती हैं। ये
- 1:56:03वाली जो मेन कीज़ हैं जिसमें आप देख रहे हो
- 1:56:07सारे अल्फाबेट हैं। ए से लेकर Z तक। दूसरी
- 1:56:10आपकी नंबर कीज़ होती हैं जो कि यह देखिए
- 1:56:13कैलकुलेटिंग पर्पस से यूज़ करी जाती हैं।
- 1:56:15तीसरी फंक्शन कीज़ होती हैं। फंक्शन कीज़
- 1:56:18आपको यह सबसे ऊपर दी हुई होती हैं।
- 1:56:21ठीक है? यह देखिए फंक्शन कीज़ हैं। यह आपकी
- 1:56:23F1 से लेकर F12 तक होती हैं। इसके बाद
- 1:56:26आपकी स्पेशल कीज़ होती हैं। स्पेशल कीज़ में
- 1:56:29आपके जो फंक्शनंस हैं उनको इजी करने के
- 1:56:33लिए ये कीज़ होती हैं। जैसे कि एंटर हो
- 1:56:35गया, स्पेस बार हो गया। दो कररेक्टर्स के
- 1:56:37बीच में या वर्ल्ड के बीच में स्पेस देने
- 1:56:39के लिए। बैकस्पेस हो गया, पीछे जाने के
- 1:56:42लिए, एस्केप हो गया, किसी टास्क से बाहर
- 1:56:44आने के लिए। यह सारी आपकी स्पेशल कीज़
- 1:56:47कहलाती हैं।
- 1:56:49इसमें भी मैक्सिमम क्वेश्चन आपके फंक्शन
- 1:56:51कीज़ से पूछे जाते हैं। अब इनका रोल क्या
- 1:56:54होता है? अभी मैंने आपको वहां पर भी
- 1:56:56दिखाया था कि ये आपके फंक्शन कीज़ होते
- 1:56:58हैं। ये ऊपर वाले ये आपके फंक्शन कीज़ हैं।
- 1:57:01ठीक है? यहां पर आप और क्लियरली देख सकते
- 1:57:03हैं। ये F1 से लेकर F12 तक फंक्शन कीज़
- 1:57:06हैं। अब इनके फंक्शन क्या-क्या होते हैं?
- 1:57:08F1 फॉर हेल्प पर्पस से यूज होता है। अगर
- 1:57:12आप F1 को प्रेस करते हैं तो आपके कंप्यूटर
- 1:57:14में एक डायलॉग बॉक्स खुल जाएगा हेल्प का।
- 1:57:18आपको अगर कंप्यूटर से कोई हेल्प चाहिए तो
- 1:57:20सेकंड है F2। अगर आपको किसी फाइल या
- 1:57:23फोल्डर को रीनेम करना है। उसका नाम बदलना
- 1:57:25है तो उस केस में आप F2 दबाएंगे। अच्छा एक
- 1:57:28बात और ध्यान रखें। जब आपके पास स्टैंडर्ड
- 1:57:31कीबोर्ड होगा तो आप डायरेक्ट इन बटंस को
- 1:57:34प्रेस करोगे और आपका ये सारे काम होंगे।
- 1:57:37लेकिन आपके पास अगर लैपटॉप है तो उसमें
- 1:57:40नंबर ऑफ कीज़ कम हो जाती हैं। जिसकी वजह से
- 1:57:43आपको एक फंक्शन की की अलग से मिलेगी। नीचे
- 1:57:46यहां पर मिलेगी FN की कीज़। उसमें लिखा
- 1:57:49होगा FN।
- 1:57:51तो अगर आप लैपटॉप वगैरह यूज़ कर रहे हैं तो
- 1:57:53वहां पर आपको अगर F1 दबाना है तो उसके लिए
- 1:57:57FN के साथ F1 दबाना होगा। फंक्शन + F1,
- 1:58:00फंक्शन + F2, फंक्शन F3 वरना अगर आपका
- 1:58:04स्टैंडर्ड साइज़ कीबोर्ड है तो केवल आप की
- 1:58:06दबाइए आपका काम होता जाएगा।
- 1:58:09F3 सर्च पर्पस से यूज़ किया जाता है। आपको
- 1:58:12अपने कंप्यूटर में कुछ भी सर्च करना हो।
- 1:58:14F4 जैसे ही आप प्रेस करेंगे तो एड्रेस बार
- 1:58:17ओपन हो जाता है। ठीक है? एड्रेस बार जहां
- 1:58:21से आप विंडो को क्लोज वगैरह भी कर सकते
- 1:58:23हो, मिनिमाइज भी कर सकते हो। F5 रिफ्रेश
- 1:58:26करने के लिए होता है। यह आपकी पूरी
- 1:58:28स्क्रीन को रिफ्रेश कर देता है। F6 जो है
- 1:58:32एक और चीज F5 आपका ब्राउज़र को मैक्सिमाइज
- 1:58:35करने के लिए भी यूज़ होता है। जैसे कि आप
- 1:58:38कोई मूवी-वूवी देख रहे हैं तो आप F5
- 1:58:40दबाएंगे तो वो मैक्सिमम ज़ूम हो जाती है।
- 1:58:43F6 जो है यह मूव कर्सर टू एड्रेस बार है।
- 1:58:47एड्रेस बार जानते हैं क्या होता है? जैसे
- 1:58:49आपका यह ब्राउज़र खुला हुआ है। ठीक है?
- 1:58:52ब्राउज़र में ऊपर जहां पर आप यूआरएल डालते
- 1:58:55हो ना जैसे मान लो आपने यूआरएल डाला
- 1:58:58सिलेक्शन way.com
- 1:59:00sare results.com तो ये जहां पर आप ये
- 1:59:05डोमेन डाल रहे हो जहां पर आप ये यूआरएल
- 1:59:07एंटर कर रहे हो उसी को बोलते हैं क्या?
- 1:59:09एड्रेस बार। तो अगर आपको आपका कर्सर
- 1:59:12डायरेक्ट एड्रेस बार पे चाहिए तो उसके लिए
- 1:59:15आप प्रेस करोगे F6।
- 1:59:17नेक्स्ट है F7। अगर कोई स्पेलिंग मिस्टेक
- 1:59:20आपने कर दी है, कोई ग्रामर चेंजेस हैं, तो
- 1:59:22उसको आप चेक कर सकते हो।
- 1:59:25F8 बूट ऑप्शन के लिए अगर आपको सीधे बूटिंग
- 1:59:29वाला ऑप्शन खोलना है, सेफ मोड में अगर
- 1:59:31आपको बायoस की सेटिंग्स वगैरह देखनी है तो
- 1:59:34आप F8 प्रेस करेंगे। आपको सीधे वो बूटिंग
- 1:59:37ऑप्शन में ले जाएगा। F9 डॉक्यूमेंट्स को
- 1:59:41अपडेट करने के लिए उनकी फील्ड्स को अपडेट
- 1:59:43करने के लिए मान लीजिए आपने
- 1:59:47एक टेबल बनाई है। ठीक है? पीपीटी में पावर
- 1:59:50पॉइंट में तो आप पावर पॉइंट जब खोलेंगे
- 1:59:52प्रेजेंटेशन अपनी तो उसमें जो आपकी टेबल
- 1:59:55बनी होगी। देन जब आप F9 प्रेस करेंगे आपका
- 1:59:59कर्सर सीधे टेबल की फील्ड में जाएगा। टेबल
- 2:00:01की फील्ड इन द सेंस जैसे यह आपने टेबल
- 2:00:04बनाई है।
- 2:00:06इस टेबल में यहां पर नाम लिखा हुआ है नेम।
- 2:00:09यहां लिखा हुआ है रोल नंबर। यहां पर लिखा
- 2:00:12हुआ है एड्रेस। तो वो डायरेक्ट आपको स्विच
- 2:00:14करेगा नेम पर। एक बार फिर से प्रेस करेंगे
- 2:00:17F9 तो वो स्विच करेगा रोल नंबर पे। एक बार
- 2:00:20फिर से प्रेस करेंगे तो वो एड्रेस पे
- 2:00:22स्विच करेगा। तो आप डायरेक्टली अपने डेटा
- 2:00:25को अपडेट करने के लिए F9 का यूज करते हो।
- 2:00:28नेक्स्ट है F10 एक्टिवेट मेन्यू बार।
- 2:00:31मेन्यू बार आपके कंप्यूटर का कोई भी
- 2:00:34प्रोफाइल अगर खुला हुआ है, कोई भी पैनल
- 2:00:37खुला है तो उसमें सबसे ऊपर वाली स्टेप
- 2:00:39होती है मेन्यू बार जिसमें आपका फाइल का
- 2:00:42ऑप्शन आता है, मेन्यू का ऑप्शन आता है। यह
- 2:00:45पूरा आपका क्या है?
- 2:00:48मेन्यू बार। यह डायरेक्ट उस पे स्विच कर
- 2:00:51देगा।
- 2:00:52F1 फुल स्क्रीन के लिए होता है। फुल
- 2:00:55स्क्रीन अगर आपको करनी है या फुल स्क्रीन
- 2:00:58से हटाना है मिनिमाइज अगर करना है तो आपको
- 2:01:00F1 प्रेस करना होगा। F12 सेव एज के लिए।
- 2:01:05अच्छा नाउ व्हाट इज द डिफरेंस बिटवीन सेव
- 2:01:07एज एंड सेव?
- 2:01:10दोनों के बीच का अंतर क्या है?
- 2:01:17दोनों के बीच का अंतर क्या है?
- 2:01:21सेव और सेव एज के बीच का अंतर क्या है?
- 2:01:23जानते हैं?
- 2:01:25कोई भी नई फाइल है अगर तो वह आपको सेव एज
- 2:01:29करनी होती है। आपने अभी-अभी नई फाइल बनाई
- 2:01:32है तो आप उसको क्या करोगे? सेव एज करोगे।
- 2:01:37लेकिन कोई भी अगर पुरानी फाइल है जिसको आप
- 2:01:39अपडेट कर रहे हो। उसमें कुछ चेंजेस कर रहे
- 2:01:41हो तो आपको सेव एज नहीं करना। आपको सेव
- 2:01:43सिंपल कर देना होता है। कंट्रोल एस प्रेस
- 2:01:46कर देना होता है। सेव एज की खास बात यह है
- 2:01:49कि सेव एज आप जब भी करोगे तो यहां पर आपको
- 2:01:53फाइल का नेम
- 2:01:57और लोकेशन जरूर देनी होगी कि कहां पर आप
- 2:01:59उसे सेव कर रहे हो। और अब आप खुद बताइए
- 2:02:01अगर आप नई फाइल बनाते हो
- 2:02:05तो क्या आप उसे बिना नाम दिए और बिना
- 2:02:08लोकेशन दिए सेव कर सकते हो? खुद बताइए जब
- 2:02:10भी आप कोई नई फाइल बनाओगे आप उसे सेव करने
- 2:02:13लगोगे वह ऑटोमेटिक ही आपको सेव ऐज़ वाले
- 2:02:16डायलॉग बॉक्स पे ले जाएगा। ऊपर सेव एज
- 2:02:18लिखा होगा यहां पे और नीचे आपसे फाइल का
- 2:02:21नेम मांग रहा होगा। फाइल की लोकेशन मांग
- 2:02:23रहा होगा। कहां पर सेव करना चाहते हो।
- 2:02:26बिना फाइल का नाम डाले उसकी लोकेशन सेव
- 2:02:28किए आप किसी फाइल को स्टोर कर सकते हो?
- 2:02:31नहीं कर सकते। इसीलिए जब भी आप न्यू फाइल
- 2:02:35बनाओगे या फ्रेश फाइल क्रिएट करोगे उस केस
- 2:02:38में आपको उसे सेव एज करना होगा
- 2:02:43और अगर पुरानी फाइल है उसमें आपने कुछ
- 2:02:45अपडेट किए हैं तो सिंपल आप सेव करोगे
- 2:02:48पुरानी फाइल है आपने उसमें खोला लिखा हुआ
- 2:02:51था नौ नौ की जगह आपने हटा के आठ कर दिया
- 2:02:54उसे फिर आप कंट्रोल s प्रेस करिए वह हो
- 2:02:58जाएगी
- 2:02:59जबकि न्यू फाइल में ऐसा नहीं होगा आप
- 2:03:01कंट्रोल एस प्रेस करोगे वो ऑटोमेटिक ही
- 2:03:04सेव एज खोल देगा।
- 2:03:08ठीक है?
- 2:03:12सॉर्टेड है।
- 2:03:17क्लियर है भाई? विवान का कहना है सर
- 2:03:20इकोनॉमिक्स की क्लास भी दो। मेंस प्री बैच
- 2:03:23में।
- 2:03:25पहली बात तो मुझे जहां तक पता है मेंस के
- 2:03:27बैच में इकोनॉमिक्स है और मैंने कराई हुई
- 2:03:29है। तो आप ऐसा क्यों बोल रहे हैं?
- 2:03:32मुझे तो आईडिया नहीं है। बल्कि हमारे साथ
- 2:03:35जो 3 महीने से लगे हुए मेंस बैच वाले
- 2:03:37स्टूडेंट हैं उन्होंने तो इकोनमी मेरे साथ
- 2:03:40कवर भी करी हुई है।
- 2:03:52अगला टॉगल कीज़ क्या होती हैं? तो देखिए
- 2:03:55टॉगल कीज़ ये होती हैं जैसे कैप्स लॉक हो
- 2:03:57गया, इस स्क्रॉल लॉक हो गया या न्यूमैरिक
- 2:04:01लॉक हो गया। ये सब आपकी टॉगल कीज़ कहलाती
- 2:04:04हैं। अगर आप कैप्स लॉ C कैप्स LCK का बटन
- 2:04:06प्रेस करते हो तो आपके जितने भी
- 2:04:09कैरेक्टर्स होंगे वो सब अपर केस में टाइप
- 2:04:11होंगे। अगर CPS Lock ऑन है तो अगर Caps
- 2:04:16Lock ऑन है तो वरुण ऐसे लिखेगा।
- 2:04:20और अगर कैप्स लॉक ऑफ आपने कर दिया तो उस
- 2:04:23केस में वरुण
- 2:04:25ऐसे लिखेगा।
- 2:04:28ठीक है? तो कैप्स लॉक ऑन में ये कैपिटल
- 2:04:31लेटर्स में हो जाएगा। कैप्स लॉक ऑफ है तो
- 2:04:34स्मॉल लेटर्स में लिखेगा। नम लॉक जब आप
- 2:04:37न्यूममेरिक लॉक करते हो तो उस केस में आप
- 2:04:40नंबर प्रेस करोगे कुछ भी नहीं वो टाइप
- 2:04:42करेगा। न्यूममेरिक लॉक ऑफ कर दोगे तो फिर
- 2:04:46आप नंबर टाइप कर सकते हो।
- 2:04:49यह इजी टू यूज के लिए है। स्क्रॉल लॉक का
- 2:04:53मतलब यह है जैसे मान लीजिए यह एक पीडीएफ
- 2:04:56आपने खोल रखी है। इस पीडीएफ में कई पेजेस
- 2:05:00हैं। 1 2 3 4 आप सेकंड वाले पेज पर रुके
- 2:05:03हुए हो। आपने यहीं पर स्क्रॉल लॉक प्रेस
- 2:05:06कर दिया। यह जो बटन है स्क्रॉल लॉक आपने
- 2:05:09दबा दी। जैसे ही दबाई फिर आप माउस से डाटा
- 2:05:13ऊपर नीचे मतलब माउस से इस स्क्रॉल को ऊपर
- 2:05:16नीचे करिए। यह नहीं होगा। यह वहीं पर
- 2:05:18फ्रीज हो जाएगा। इसीलिए इसका नाम ही है
- 2:05:21स्क्रॉल लॉक। अब आप स्क्रॉल नहीं कर
- 2:05:23पाएंगे क्योंकि स्क्रॉल लॉक हो चुका है
- 2:05:26यहां पर।
- 2:05:28ठीक है? यह उस पर्पस से यूज़ किया जाता है।
- 2:05:30बहुत कम वैसे यूज़ होता है। लेकिन उस पर्पस
- 2:05:32से यूज़ किया जाता है जैसे आप कुछ पढ़ रहे
- 2:05:34हैं। आपके आसपास कोई बच्चा खेल रहा है या
- 2:05:37कुछ डिस्टरबेंस है तो उसका हाथ लग जाए तो
- 2:05:40भी आपका डॉक्यूमेंट वैसा का वैसा ही रहे।
- 2:05:45टॉगल कीज़ के बाद हमारे कीबोर्ड में
- 2:05:47नेविगेशन कीज़ होती हैं। यह आपको नेविगेशन
- 2:05:49कीज़ यहां पर मिलती हैं। नाम से ही समझ आ
- 2:05:53रहा है। जहां पर आप टेक्स्ट हो गया,
- 2:05:55कैरेक्टर हो गए, लेटर्स हो गए, न्यूममेरिक
- 2:05:58हो गए। उनको आप नेविगेट कर सकते हो,
- 2:05:59इधर-उधर कर सकते हो। जिसमें आपके एरो कीज़
- 2:06:02आ जाते हैं। एरो की से आप आगे जा सकते हो,
- 2:06:05पीछे आ सकते हो, ऊपर जा सकते हो, नीचे आ
- 2:06:08सकते हो डॉक्यूमेंट में। होम की और एंड
- 2:06:11की। जब आप होम की प्रेस करते हो तो जैसे
- 2:06:15मान लीजिए एक पीडीएफ खुली हुई है। इस
- 2:06:17पीडीएफ में 100 पेज हैं। आप 78 नंबर वाले
- 2:06:21पेज पे हैं। आपने जैसे ही होम की प्रेस कर
- 2:06:23दी। यह जैसे होम की आ रही है। आपने यह
- 2:06:25प्रेस करी तो तुरंत आप नंबर वन वाले पेज
- 2:06:28पर आ जाओगे। सीधे होम पर मतलब फर्स्ट पेज
- 2:06:30पे आ जाओगे। और अगर आपने यह एंड की प्रेस
- 2:06:34कर दी ये तो आप सबसे लास्ट पेज पर चले
- 2:06:37जाओगे। 100 नंबर वाले पेज पर आ जाओगे।
- 2:06:39डायरेक्ट डायरेक्ट सीधे आपको जंप करा के
- 2:06:41ले आएगा। स्क्रॉल करने की जरूरत नहीं है।
- 2:06:45देन आपका पेज अप एंड पेज डाउन। पेज अप आप
- 2:06:48प्रेस करेंगे तो वो ऑटोमेटिक स्क्रॉल करके
- 2:06:51आपको ऊपर की तरफ ले जाएगा। पेज डाउन आप
- 2:06:53प्रेस करेंगे तो ऑटोमेटिक स्क्रॉल करके
- 2:06:55नीचे की तरफ लाएगा।
- 2:06:57यह थोड़ा रैपिडली काम करती है। नॉर्मल जैसे
- 2:07:00कर्सर आपका काम करता है, उस कर्सर से तेज
- 2:07:02काम करती है। थोड़ी
- 2:07:05इंसर्ट एंड डिलीट। ऑब्वियस सी बात है नाम
- 2:07:08से ही आपको समझ आ रहा है। डेटा को इंसर्ट
- 2:07:10करने के लिए इंसर्ट की आप प्रेस करेंगे।
- 2:07:13डेटा को डिलीट करने के लिए डिलीट की आप
- 2:07:15प्रेस करेंगे। जैसे मान लीजिए यह टेबल है।
- 2:07:19ठीक है? इस टेबल में यह नाम लिखे हुए हैं।
- 2:07:23A, B, C, D। ठीक है? तो आपने क्या किया?
- 2:07:27जैसे सी पर आपका आपने सी को सेलेक्ट किया
- 2:07:31और इंसर्ट आपने प्रेस किया तो जैसे ही
- 2:07:34इंसर्ट प्रेस करोगे आपका कर्सर यहां पर
- 2:07:36ब्लिंक करने लगेगा। ऑन ऑफ ऑन ऑफ ऑन ऑफ
- 2:07:38होने लगेगा। फिर आप टाइप करिए जो भी आपको
- 2:07:40लिखना है।
- 2:07:42और किसी सेल के ऊपर मान लीजिए ए सेल के
- 2:07:44ऊपर आपने सेलेक्ट किया और सीधे डिलीट मार
- 2:07:47दिया तो यह पूरा सेल ही रिमूव हो जाएगा।
- 2:07:51इसके अंदर का जो जितना भी टेक्स्ट है वो
- 2:07:53रिमूव हो जाएगा।
- 2:07:55बात आ रही है समझ?
- 2:08:01नाउ न्यूममेरिक कीस। न्यूममेरिक कीपड आपका
- 2:08:04यह होता है। जहां पर आपको सारे नंबर मिलते
- 2:08:06हैं। नंबर के अलावा एंटर ऑप्शन मिलता है।
- 2:08:09साथ में आपको इस तरीके के दूसरे भी
- 2:08:12इंस्ट्रूमेंट मिल जाते हैं। न्यूममेरिक
- 2:08:15फॉर्म वाले। जैसे कि आप 0 टू न इसमें आपको
- 2:08:19अंक तो मिलते ही हैं। साथ में आपको
- 2:08:20अर्थमैटिक ऑपरेशंस भी मिलते हैं। जैसे कि
- 2:08:23प्लस हो गया, माइनस हो गया, मल्टीपल हो
- 2:08:25गया, डिवीजन हो गया। ये सारे आपको इसमें
- 2:08:27मिलते हैं। तो न्यूममेरिक ऑपरेशंस के लिए
- 2:08:29अलग से आपको एक तरीके से कैलकुलेटर ऑप्शन
- 2:08:32दिया जाता है कीबोर्ड में राइट हैंड साइड
- 2:08:34पे। दूसरी जो हमारी इनपुट डिवाइस है, दैट
- 2:08:36इज़ माउस। आई थिंक बच्चा-बच्चा कंप्यूटर
- 2:08:39में माउस जानता है। इससे ज्यादा फ्रेंडली
- 2:08:42कोई भी इनपुट डिवाइस नहीं है। इवन जब कोई
- 2:08:45भी बच्चा कीबोर्ड चलाना नहीं जानता है।
- 2:08:47अपने शुरुआती दिनों में जब उसका कंप्यूटर
- 2:08:49से पाला पड़ता है तो भी उसे माउस ज्यादा
- 2:08:52इंटरेक्टिव लगता है। कारण क्या है?
- 2:08:54क्योंकि ये इजी टू यूज़ डिवाइस है।
- 2:08:58पॉइंटिंग डिवाइस है। इसका यूज किया जाता
- 2:09:00है कर्सर के मूवमेंट के लिए। आप इसका यूज
- 2:09:03करके स्क्रीन पर कहीं पर भी कर्सर को ले
- 2:09:05जा सकते हो। अपनी फंक्शनिंग परफॉर्म कर
- 2:09:07सकते हो। स्क्रीन को ओपन करनी है या फिर
- 2:09:10क्लोज करना है, ज़ूम इन करना है, ज़ूम आउट
- 2:09:13करना है, रिफ्रेश करना है। हर एक फंक्शन
- 2:09:15आप माउस से भी कवर कर सकते हो। यूज्ड बाय
- 2:09:18क्लिकिंग, ड्रैगिंग एंड सेलेक्टिंग। आप
- 2:09:21इसको ड्रैग कर सकते हो, इसे क्लिक कर सकते
- 2:09:24हो और सेलेक्ट भी कर सकते हो किसी भी डाटा
- 2:09:27को। एग्जांपल यह दो लाइनें मुझे सेलेक्ट
- 2:09:29करनी है। तो, आपने माउस का कर्सर प्रेस
- 2:09:31किया। इन दो लाइनों को सेलेक्ट कर लिया।
- 2:09:34ध्यान बस आपको यह रखना है कि माउस का यूज
- 2:09:36हमेशा जीयूआई एनवायरमेंट में किया जाता
- 2:09:40है। और जीयूआई और सीयूआई यह मैं कल आपको
- 2:09:43पढ़ा चुका हूं। जीयूआई का मतलब है
- 2:09:45ग्राफिकल यूजर इंटरफेस। क्या बोलते हैं?
- 2:09:48ग्राफिकल यूजर इंटरफ़ेस। एक ऐसा इंटरफेस
- 2:09:55जहां पर ग्राफिक्स के फॉर्म में हमें डाटा
- 2:09:58आउटपुट एज अ शो होता है। या फिर जहां पर
- 2:10:00आपको कलर्स दिखते हैं। जहां पर आपको
- 2:10:03वीडियो ऑडियो ये सारी चीजें दिखाई पड़ती
- 2:10:05हैं वो आपका जीयूआई है। इसका एग्जांपल है
- 2:10:08Windows, Android, iOS ये सब इसके
- 2:10:11एग्जांपल हैं। तो जहां पर भी जीयूआई है,
- 2:10:14वहां पर आप माउस का यूज कर सकते हो।
- 2:10:17माउस के बाद अगला है हमारा स्कैनर। आज की
- 2:10:22डेट में आपके घर पर अगर स्कैनर नहीं होगा
- 2:10:25तो कभी ना कभी आपने स्कैनर का यूज जरूर
- 2:10:27किया होगा साइबर कैफे में जाकर। स्कैनर एक
- 2:10:30ऐसी डिवाइस है जिस पे आप अपना डॉक्यूमेंट
- 2:10:33रखते हो। यह आपके हार्ड कॉपी डॉक्यूमेंट
- 2:10:36को स्कैन करता है और डिजिटल फॉर्मेट में
- 2:10:39कन्वर्ट करता है और स्क्रीन पर आपको शो
- 2:10:42करता है।
- 2:10:44एग्जांपल जैसे कि आपको अपनी मार्कशीट
- 2:10:48स्कैन करानी है। ठीक है? या फिर आपको अपनी
- 2:10:50मार्कशीट आपके लैपटॉप में सेव करनी है। तो
- 2:10:53आप कैसे कर सकते हो? स्कैनर पे आपने अपनी
- 2:10:55मार्कशीट रखी। स्कैनर उसको स्कैन करेगा और
- 2:10:58आपकी मार्कशीट जो कि हार्ड कॉपी फॉर्म में
- 2:11:00है उसको वो डिजिटल फॉर्म में कन्वर्ट कर
- 2:11:03देगा। मतलब सॉफ्ट कॉपी में कन्वर्ट कर
- 2:11:05देगा।
- 2:11:07इट यूज्ड टू स्टोर इमेजेस एंड टेक्स्ट इन
- 2:11:10कंप्यूटर। वही जो मैंने आपको बताया। और
- 2:11:12इसमें भी टाइप कौन-कौन से होते हैं? तो
- 2:11:14स्कैनर के दो टाइप होते हैं। एक जिसको
- 2:11:17बोलते हैं फ्लैट बेड। दूसरा होता है जिसको
- 2:11:19बोलते हैं हैंड हेल्ड। फ्लैट वेट का मतलब
- 2:11:21यह होता है कि यह जो ऊपर वाला ढक्कन आपको
- 2:11:24दिखाई दे रहा है ना यह ढक्कन इसके ऊपर
- 2:11:26नहीं होगा। सिंपली आपको ग्लास की सरफेस
- 2:11:28दिखाई देती है। आप उसके ऊपर डॉक्यूमेंट
- 2:11:30रखते हो। दैट इज कॉल्ड फ्लैट बेड। लेकिन
- 2:11:33अगर इसके ऊपर यह ढक्कन लग जाता है। ठीक
- 2:11:36है? यह ढक्कन क्या करता है? जो हैंड हेड
- 2:11:40होते हैं, इसको आप विदाउट दैट पर्टिकुलर
- 2:11:43कवर भी यूज कर सकते हो एंड विद कवर भी यूज
- 2:11:45कर सकते हो। इस कवर के होने का फायदा या
- 2:11:48आप बोल सकते हो ऊपर यह जो ढक्कन आपको
- 2:11:49दिखाई दे रहा है इसका फायदा क्या है? तो
- 2:11:52यह आपकी जो स्कैंड इमेजेस है उसको ज्यादा
- 2:11:56क्लियर बनाने का काम करता है। ठीक है? तो
- 2:11:59पहले तो फ्लैट बेड ही आया करते थे। आज की
- 2:12:01डेट में हैंड हेल्ड ही आते हैं ज्यादातर।
- 2:12:04बट जिनका बजट कम होता है वह फ्लैट बेड भी
- 2:12:07ले सकते हैं। तो मार्केट में दोनों तरीके
- 2:12:09के स्कैनर मौजूद हैं।
- 2:12:14सर कल की क्लास कैसे देखें उसमें अभी
- 2:12:17अपलोड नहीं हुई है। ओके कोई दिक्कत नहीं
- 2:12:21है। मैं बोल दे रहा हूं। अपलोड हो जाएगी।
- 2:12:23कल वैसे भी छुट्टी थी मेरे भाई। कल छुट्टी
- 2:12:27थी। मैंने क्लास ली हुई थी लेकिन ऑफिस की
- 2:12:29छुट्टी थी। इस वजह से वह अभी तक अपलोड
- 2:12:30नहीं होगी। बट आज हो जाएगी अपलोड। तो इसके
- 2:12:33लिए टेंशन फ्री रहिए आप। क्लास पे यहां पर
- 2:12:35ध्यान दीजिए। अगला है माइक्रोफोन।
- 2:12:38माइक्रोफोन भी आपकी इनपुट डिवाइस है। इट
- 2:12:41यूज्ड टू इनपुट साउंड और वॉइस। माइक्रोफोन
- 2:12:44की मदद से आप
- 2:12:47आवाज को कंप्यूटर को प्रोसेस करने के लिए
- 2:12:50देते हो। एग्जांपल के तौर पर मेरे माउथ के
- 2:12:53पास यह देखिए। यह जो लगा हुआ है, यह जो
- 2:12:56आपको इक्विपमेंट दिखाई दे रहा है, दैट इज़
- 2:12:58माइक्रोफोन। अब यह माइक्रोफोन क्या कर रहा
- 2:13:00है? इसको मैं अपनी वॉइस दे रहा हूं। यह
- 2:13:03मेरी आवाज को ले रहा है और इस आवाज को
- 2:13:06प्रोसेसर तक भेज रहा है और प्रोसेसर उसे
- 2:13:09प्रोसेस करके आपका घर जहां पर आप बैठे हुए
- 2:13:13हो आपकी डिवाइस जिस पर आप क्लास देख रहे
- 2:13:16हो वहां पर आउटपुट के रूप में उसको शो कर
- 2:13:19रहा है। किससे? स्पीकर से। तो माइक्रोफोन
- 2:13:22जो है यह इनपुट डिवाइस है जिससे आप वॉइस
- 2:13:26को एज एन इंस्ट्रक्शन दे रहे हो। और दूसरी
- 2:13:28तरफ आपके पास आउटपुट लेने के लिए क्या
- 2:13:31होना चाहिए? स्पीकर होना चाहिए। तो आपके
- 2:13:34फोन में आपके लैपटॉप में जहां पर भी क्लास
- 2:13:36चल रही है इस टाइम पे तो आप मेरी आवाज
- 2:13:38उसके स्पीकर के थ्रू सुन पा रहे हो। और
- 2:13:41मैं आप तक अपनी आवाज कैसे पहुंचा रहा
- 2:13:43पहुंचा पा रहा हूं इस इनपुट डिवाइस की मदद
- 2:13:46से जो कि मेरे पास यह लगी हुई है माउथ पे।
- 2:13:50वॉइस कॉल हो गई या स्पीच रिकॉग्निशन हो
- 2:13:53गया। इन सभी में इसका यूज किया जाता है।
- 2:13:56अगला है जॉय स्टिक। इस तरीके की डिवाइस
- 2:13:59अगर आपने नहीं देखी है तो सिंपली आपको बता
- 2:14:02दूं यह कार में लगे हुए गियर सेटअप की तरह
- 2:14:05आपको दिखाई दे रहा होगा। कार वाला गियर
- 2:14:07आपने देखा होगा ना बस वैसा ही यह होता है
- 2:14:09गियर सेटअप। इसका यूज़ किस लिए किया जाता
- 2:14:12है? स्क्रीन पर मूवमेंट को कंट्रोल करने
- 2:14:14के लिए किया जाता है। ज्यादातर इसका यूज
- 2:14:17वीडियो गेम में किया जाता है। गेमिंग
- 2:14:19पर्पस से इसका यूज करते हैं। चाहे आप कार
- 2:14:21गेम खेल रहे हो, चाहे आप स्नाइपर गेम खेल
- 2:14:24रहे हो, सब में इसका यूज किया जा सकता है।
- 2:14:26तो मुख्य रूप से गेम्स एंड सिमुलेशन में
- 2:14:28इसका उपयोग किया जाता है। ओके? जॉयस्टिक
- 2:14:31कम पूछता है यह आपसे। इतना ज्यादा नहीं
- 2:14:33पूछता है। अगला है लाइट पेन। देखिए लाइट
- 2:14:36पेन पहले चला करते थे। आज की डेट में लाइट
- 2:14:39पेन की जगह स्टाइलस आ गया है। मेरे हाथ
- 2:14:41में जो आपको अभी दिखाई दे रहा है ना जिसकी
- 2:14:44मदद से मैं ये डिजिटल स्क्रीन पर लिख पा
- 2:14:46रहा हूं। यह मेरे हाथ में लाइट पेन नहीं
- 2:14:48है। ये स्टाइलस है। लाइट पेन पहले चला
- 2:14:51करते थे।
- 2:14:53पॉइंटिंग इनपुट डिवाइस यूज्ड ऑन स्क्रीन।
- 2:14:56आप लोगों ने शायद देखा हो या नहीं मैं
- 2:14:59आपको जानता नहीं लेकिन मैं बता सकता हूं।
- 2:15:03आज से करीब 15 साल पहले या और पीछे जाइए
- 2:15:0720 साल पहले जब टीवी पर मैच आते थे तो मैच
- 2:15:11में जैसे मान लीजिए
- 2:15:13यह क्रीज है तो जब रन आउट नहीं हो रहा
- 2:15:16होता है तो उसको बार-बार ज़ूम इन ज़ूम आउट
- 2:15:18करते हैं अलग-अलग एंगल से देखते हैं तो
- 2:15:21पहले क्या होता था जहां से नैरेट करते थे
- 2:15:23उसको तो वहां पर लोग लाइट पेन ले बैठते थे
- 2:15:26तो लाइट पेन को आप स्क्रीन पे चलाते हो
- 2:15:29ठीक है और
- 2:15:32वहां वहां से वो जितने भी टीवी में आप मैच
- 2:15:34देख रहे हो सब में टेलीकास्ट हो रहा होता
- 2:15:36था। हमें घर बैठे अपनी टीवी में दिखाई दे
- 2:15:38रहा होता था कि ऐसे कर देते थे। यूं करके
- 2:15:41गोला बना देते थे। फिर एरो बना देते थे।
- 2:15:43वो सब हमें दिखाई देता था। तो लाइट पेन आज
- 2:15:46की डेट में बहुत पुरानी टेक्निक हो गई है।
- 2:15:48इसकी जगह स्टाइलिस ने ले लिया है।
- 2:15:50स्टाइलिस जो काम आज की डेट में बेहतर
- 2:15:52तरीके से कर रहा है वही काम पहले लाइट पेन
- 2:15:55किया करता था।
- 2:15:57आप यह भी बोल सकते हो डिजिटल स्क्रीन पर
- 2:15:59अगर आपको लिखना है तो उसके लिए आपके पास
- 2:16:02लाइट पेन होना चाहिए। लेकिन आज की डेट में
- 2:16:04इनको रिप्लेस कर चुके हैं स्टाइलिस।
- 2:16:08अगला है ट्रैक बॉल। ट्रैक बॉल आई एम वेरी
- 2:16:11श्योर आप में से मैक्सिमम लोगों ने देखी
- 2:16:14ही नहीं होगी। पहले जो माउस होते थे ना उन
- 2:16:16माउस के नीचे एक बॉल लगी रहती थी। आज की
- 2:16:19डेट में जो आप माउस देखते हो ऐसे आपको दिख
- 2:16:23रहा है माउस। इसमें बटन लगी हुई है। तो
- 2:16:26पहले क्या होता था जब मैं स्कूल में था या
- 2:16:30आप बोल सकते हो कॉलेज में भी आया तब भी
- 2:16:32ट्रैक बॉल वाले ही माउस आते थे तो इन माउस
- 2:16:34के नीचे एक छोटी गेंद लगी हुआ करती थी और
- 2:16:37यह जो बॉल लगी होती थी माउस को जब हम
- 2:16:40ड्रैग करते थे तो यह बॉल ही ड्रैग होती थी
- 2:16:43और इस बॉल की ही मदद से माउस का जो कर्सर
- 2:16:46है वो स्क्रीन पर इधरउधर इधर-उधर जा पाता
- 2:16:49था। लेकिन आज की डेट में यह ट्रैक बॉल
- 2:16:53माउस से हटा दी गई है और इसकी जगह ले ली
- 2:16:55किसने? लेजर लाइट ने।
- 2:16:58यही कारण है कि आज की डेट में जो माउस चल
- 2:17:01रहे हैं उनको पता है क्या बोलते हैं? उनको
- 2:17:03बोलते हैं ऑप्टिकल माउस।
- 2:17:06क्या बोलते हैं? ऑप्टिकल माउस।
- 2:17:09जबकि पहले जो ट्रैक बॉल वाले माउस चला
- 2:17:12करते थे, इनको नॉर्मली माउस बोला जाता था।
- 2:17:14आप हमेशा ध्यान रखना कंप्यूटर में अगर
- 2:17:18ऑप्टिकल वर्ड का यूज किया जा रहा है। दैट
- 2:17:21मींस उस डिवाइस में लेजर लाइट का यूज किया
- 2:17:24जा रहा है।
- 2:17:26बात आ रही है समझ? एग्जांपल
- 2:17:29अगर मैं आपसे कहूं पेन ड्राइव
- 2:17:33तो यह कैसी डिवाइस है? यह इनपुट डिवाइस
- 2:17:36है। नहीं। यह आउटपुट डिवाइस है। नहीं। यह
- 2:17:40प्रोसेसिंग डिवाइस है। नहीं। यह कैसी है?
- 2:17:43यह है स्टोरेज डिवाइस।
- 2:17:47ठीक है?
- 2:17:48लेकिन अगर मैं बोलूं डीवीडी
- 2:17:52तो यह कैसी डिवाइस है? यह भी स्टोरेज
- 2:17:55डिवाइस है। बट एक्चुअली सही वर्ड बोला जाए
- 2:17:58तो इसके लिए सही वर्ड यूज़ किया जाएगा। यह
- 2:18:01ऑप्टिकल स्टोरेज डिवाइस है।
- 2:18:06जब भी आप पेनड्राइव यूज करते हो, यहां पर
- 2:18:08कहीं पर भी आपको लेजर बीम का यूज होते हुए
- 2:18:12नहीं दिखाई देगा। लेकिन जब आप डीवीडी यूज
- 2:18:14करोगे तो आप कभी भी डीवीडी राइटर पर देखना
- 2:18:18जिस मशीन में जिस ट्रे में आप अपनी डीवीडी
- 2:18:20रखते हो वह ट्रे अंदर जाती है। उसके अंदर
- 2:18:23एक हेड लगा होता है। उस हेड से रेड कलर की
- 2:18:27लाइट निकल रही होती है। वो लाइट डीवीडी
- 2:18:30में जिस भी सरफेस पे पड़ती है उस सरफेस के
- 2:18:32डेटा को रीड करती है। ठीक है? दैट्स व्हाई
- 2:18:36डीवीडी, सीडी, बीआरडी ये सब जितनी भी
- 2:18:39डिस्क हैं, यह सब डिस्क ऑप्टिकल स्टोरेज
- 2:18:42की कैटेगरी में आती हैं। यही कारण है कि
- 2:18:45आजकल के जो माउस हैं वो भी ऑप्टिकल माउस
- 2:18:47कहलाते हैं ना कि सिंपल माउस कहलाते हैं।
- 2:18:50क्योंकि पहले वाले ट्रैक बॉल वाले जो माउस
- 2:18:52होते थे वो सिंपली माउस होते थे। यह
- 2:18:54छोटी-छोटी बातें जल्दी से आपको नहीं बताता
- 2:18:57कोई।
- 2:19:00अगला है टच स्क्रीन। आज की डेट में टच
- 2:19:03स्क्रीन में ही काम हो रहा है। आपके
- 2:19:04मोबाइल में भी टच स्क्रीन है। यहां पर आप
- 2:19:07देखिए मेरे सामने ये जो डिस्प्ले है इस पे
- 2:19:09भी टच स्क्रीन है। ठीक है? तो टच स्क्रीन
- 2:19:12भी क्या है? यह भी एक तरीके की इनपुट
- 2:19:14डिवाइस है। जहां पर देखिए मैं इस टच को
- 2:19:17इंस्ट्रक्शन दे रहा हूं। क्या इंस्ट्रक्शन
- 2:19:19दे रहा हूं कि लिखे हुए टेक्स्ट को
- 2:19:21अंडरलाइन कर दो ताकि मेरे से जितने भी
- 2:19:24बच्चे पढ़ रहे हैं वो सब देख पाएं। तो
- 2:19:26मैंने देखिए क्या किया? इंस्ट्रक्शन दे
- 2:19:28दिया। अंडरलाइन कर दिया। इसने मेरे
- 2:19:31इंस्ट्रक्शन को ले लिया।
- 2:19:34ठीक है? तो क्योंकि मैं इस टच के थ्रू
- 2:19:37इंस्ट्रक्शन दे पा रहा हूं। इस वजह से यह
- 2:19:39इनपुट डिवाइस है। आपके सामने लगी हुई जो
- 2:19:43एटीएम मशीन है उस एटीएम मशीन में भी जो
- 2:19:46स्क्रीन है वो भी एक तरीके की इनपुट
- 2:19:49डिवाइस है। कई लोग इसमें कंफ्यूज हो जाते
- 2:19:51हैं। पता है ऑप्शन दे देगा और बोलेगा कौन
- 2:19:54सा एक आउटपुट डिवाइस नहीं है। अब उसमें एक
- 2:19:59होगा टच स्क्रीन। तो मैक्सिमम स्टूडेंट्स
- 2:20:01को लगता है कि अरे टच स्क्रीन है। वो तो
- 2:20:03स्क्रीन है तो आउटपुट डिवाइस की कैटेगरी
- 2:20:05में आएगी। नहीं। नॉर्मल मॉनिटर जो हैं वो
- 2:20:08आपके आउटपुट डिवाइस हैं। लेकिन टच स्क्रीन
- 2:20:11क्योंकि हमसे इंस्ट्रक्शन लेती है इस वजह
- 2:20:13से टच स्क्रीन को इनपुट डिवाइस में कंसीडर
- 2:20:16किया जाता है ना कि आउटपुट डिवाइस में।
- 2:20:19ओके? एक्चुअली अगर देखा जाए तो ये दोनों
- 2:20:22तरीके से काम कर रही है। बट क्वेश्चंस के
- 2:20:24थ्रू आप हमेशा ध्यान रखिएगा इसको हम
- 2:20:26सेकेंडरी बेसिस पर आउटपुट डिवाइस एज अ
- 2:20:28कंसीडर करते हैं। इनिशियल बेसिस पर इनपुट
- 2:20:31डिवाइस ही हम इसे कंसीडर करते हैं।
- 2:20:33स्मार्टफोनस, एटीएम्स इन सभी में यूज़ होती
- 2:20:35है।
- 2:20:38अगला है बारकोड रीडर। आई एम वेरी श्योर आप
- 2:20:41सभी ने ये मशीन कहीं ना कहीं देखी होगी।
- 2:20:43मॉल वगैरह में मूवी देखने जाते हैं। वहां
- 2:20:46पर आप देखोगे
- 2:20:48इस तरीके की डिवाइस लिए एक व्यक्ति खड़ा
- 2:20:51होता है। आप मॉल में जाइए जब आप अपने
- 2:20:53सामान की बिलिंग कराते हो तो वहां आप
- 2:20:55देखोगे उस व्यक्ति के हाथ में ये डिवाइस
- 2:20:57होती है और यह डिवाइस क्या होगी? आप जो भी
- 2:21:00प्रोडक्ट ले रहे होंगे उस प्रोडक्ट के
- 2:21:01पीछे लाइनें बनी होती हैं। यह लाइनें
- 2:21:05गाड़ी हल्की लाइनें बनी होती है। इनके
- 2:21:07पीछे नीचे इसके नंबर लिखे होते हैं। तो ये
- 2:21:10जो लाइनें ही बनी हुई हैं इन्हीं लाइनों
- 2:21:13को हम लोग बोलते हैं बारकोड।
- 2:21:15ये जो लाइनें हैं इसके अंदर इंक्रिप्टेड
- 2:21:18फॉर्म में प्रोडक्ट की इंफॉर्मेशन सेव है।
- 2:21:21इसके अंदर क्या है?
- 2:21:23उस प्रोडक्ट की इंफॉर्मेशन सेव है।
- 2:21:27क्लियर हो रही है बात? इसमें देखें हैं
- 2:21:31ये जैसे मेरे पास बैटरी का पैक है। ठीक
- 2:21:34है? अब इसके पीछे देखिए [हंसी] इसके पीछे
- 2:21:39प्रोडक्ट लाइनें मौजूद हैं। हर एक बैटरी
- 2:21:42के अंदर भी प्रोडक्ट लाइनें मौजूद हैं। या
- 2:21:44फिर इस पेन में देखें। अरे इस पेन का तो
- 2:21:47स्टीकर ही हट गया है। वैसे लगभग सारे
- 2:21:51प्रोडक्ट में आपको बारकोड मिलेगा।
- 2:21:54और कुछ देखूं मेरे पास अगर रखा हो तो आपको
- 2:21:56दिखाऊं।
- 2:22:03यह देखिए यह मार्कर है। इस मार्कर में आप
- 2:22:07देख रहे हो यह आपको दिखाई पड़ रहा है ना
- 2:22:09बारकोड है। इस बारकोड के अंदर इस मार्कर
- 2:22:12से से रिलेटेड सारी इंफॉर्मेशन है। मतलब
- 2:22:15यह मार्कर एक प्रोडक्ट है। इस प्रोडक्ट की
- 2:22:17इंफॉर्मेशन इस बारकोड के अंदर है। और इस
- 2:22:20बारकोड को रीड करने के लिए क्योंकि इसमें
- 2:22:22इंक्रिप्टेड फॉर्म में इंफॉर्मेशन है।
- 2:22:24छुपी हुई फॉर्म में इंफॉर्मेशन है। उसको
- 2:22:27रीड करने के लिए जो इक्विपमेंट होता है
- 2:22:29उसको बोलते हैं बारकोड रीडर। आप मूवी
- 2:22:32देखने जाएंगे आपकी मूवी टिकट में भी
- 2:22:34बारकोड होता है। ठीक है? इसी तरीके से एक
- 2:22:37होता है क्यूआर कोड। क्या होता है? क्यूआर
- 2:22:40कोड। क्यूआर का यहां पर फुल फॉर्म क्या
- 2:22:42है? तो इसको बोलते हैं
- 2:22:44क्विक रिस्पांस कोड।
- 2:22:48क्विक रिस्पांस कोड। आज की डेट में आप
- 2:22:50जितना भी यूपीआई पेमेंट कर रहे हो वो सारी
- 2:22:54पेमेंट आप क्यूआर कोड के ही थ्रू कर रहे
- 2:22:55हो। जैसे मेरे पास ये बॉक्स है। इस बॉक्स
- 2:22:57में देखिए यहां पर ये क्यूआर कोड दिया हुआ
- 2:22:59है। तो ये जो क्यूआर है इसके अंदर
- 2:23:02इंक्रिप्टेड फॉर्म में इंफॉर्मेशन है।
- 2:23:04अपार्ट फ्रॉम दिस आप पेमेंट करने के लिए
- 2:23:06भी इसका यूज कर सकते हो। यह इंक्रिप्शन टू
- 2:23:09इंक्रिप्शन के माध्यम से आप अपना पेमेंट
- 2:23:13सिक्योर वे में कर सकते हो।
- 2:23:15तो एक तरीके से आप बोल सकते हो बारकोड हो
- 2:23:18या क्यूआर कोड हो। दोनों ही आपकी
- 2:23:20इंफॉर्मेशन को इंक्रिप्ट करने के लिए यूज
- 2:23:23किए जाते हैं। मतलब हिडन फॉर्म में रखने
- 2:23:25के लिए यूज किए जाते हैं। ताकि ऑथराइज्ड
- 2:23:28पर्सन ही उसको यूज कर सके और आपके
- 2:23:31प्रोडक्ट की रेलेवेंसी को पहचान सके।
- 2:23:35रीड्स डेटा स्टर्ड इन क्यूआर कोड यूज्ड इन
- 2:23:38डिस्प्ले पेमेंट्स, टिकट्स, यूआरएल्स सभी
- 2:23:41में इसका भी यूज़ किया जाता है आज की डेट
- 2:23:43में।
- 2:23:46ऑप्टिकल मार्क रीडर ओएमआर किसको बोलते
- 2:23:49हैं? तो देखिए पहली बात तो यह कि मार्क
- 2:23:52कहां के मार्क की बात हो रही है? कहां के
- 2:23:55मार्क की बात हो रही है? अगर आपने कोई
- 2:23:56ऑफलाइन पेपर दिया होगा तो ऑफलाइन पेपर में
- 2:24:00आपको ये वाली शीट शीट मिलती है। ये शीट इस
- 2:24:03तरीके की होती है। इसमें एक लिखा है। दो
- 2:24:06लिखा है। तीन चार पांच ऐसे लिखा है। ए बी
- 2:24:11सी डी। अब आपको इसके सामने गोले भरने होते
- 2:24:15हैं। आपने पहले का बी गोला भर दिया। दूसरे
- 2:24:18का डी भर दिया। तीसरे का ए भर दिया। चौथे
- 2:24:22का भी ए भर दिया और पांचव का बी भर दिया।
- 2:24:26इस तरीके से आप इसमें गोले भरते हो। तो यह
- 2:24:29जो आप गोले भर रहे हो दैट मींस मार्क।
- 2:24:33इन मार्क्स को रीड करने के लिए जो मशीन
- 2:24:35होती है उसको बोला जाता है ऑप्टिकल मार्क
- 2:24:38रीडर। और ध्यान रखिएगा ऑप्टिकल लगा हुआ
- 2:24:40है। इसका मतलब यह है कि ये मशीन लेजर पर
- 2:24:43बेस्ड होती है। इसी वजह से इसको क्या
- 2:24:46बोलते हैं? ऑप्टिकल मार्क रीडर।
- 2:24:49आपकी कॉपी वगैरह चेकिंग के लिए इसका यूज
- 2:24:51किया जाता है। ठीक है सर 1 जनवरी की क्लास
- 2:24:55नहीं चल रही है। भाई कहा तो मैंने परेशान
- 2:24:57होने की जरूरत नहीं है। आज आपको क्लास
- 2:24:59दिखने लगेगी। कल ऑफिस बंद था। मैंने क्लास
- 2:25:03ली थी लेकिन रिकॉर्डिंग उसी वजह से ऑफिस
- 2:25:06बंद था। स्टाफ सारा छुट्टी पर था। इस वजह
- 2:25:08से रिकॉर्डिंग आपको नहीं अपलोड हो पाई है।
- 2:25:11आज हो जाएगी।
- 2:25:14नेक्स्ट है ओसीआर जिसको बोलते हैं ऑप्टिकल
- 2:25:17कररेक्टर रीडर। अब ओसीआर क्या है? जो कि
- 2:25:20कररेक्टर्स को रीड करने के लिए यूज करी
- 2:25:22जाती है मशीन। आपकी जो ओएमआर शीट होती है
- 2:25:26उसमें आप ऊपर अपना रोल नंबर फिल करते हो।
- 2:25:28सपोज आपका रोल नंबर है 021698।
- 2:25:32यह आपका रोल नंबर है। इस रोल नंबर को जो
- 2:25:35रीड कर रहा है दैट इज ओसीआर ऑप्टिकल
- 2:25:38कररेक्टर रीडर। इट कन्वर्ट्स प्रिंटेड
- 2:25:41टेक्स्ट इनू एडिटेबल टेक्स्ट। दूसरा यूज़
- 2:25:43आप इसका ऐसे भी कर सकते हो कि सपोज कोई
- 2:25:47आपका प्रिंटेड डॉक्यूमेंट है। मान लीजिए
- 2:25:49आपकी किताब है। आपकी किताब
- 2:25:53के ऊपर आपने इसको रख के स्कैन किया
- 2:25:55ऑप्टिकल करैक्टर रीडर को। यह क्या करेगा?
- 2:25:58आज की डेट में आप ऑप्टिकल करैक्टर रीडर को
- 2:26:01अपने फोन में इंस्टॉल कर सकते हो। फोन में
- 2:26:04जैसे ही फिर आप वो एप्लीकेशन खोलोगे, आपका
- 2:26:06कैमरा ऑन हो जाएगा। कैमरे को आप बुक के
- 2:26:08ऊपर ले जाइए और जैसे ही आप बुक के ऊपर ले
- 2:26:11जाओगे वह आपके बुक के पूरे पेज को सेलेक्ट
- 2:26:13कर लेगा। अब आप जितना भी बुक के पेज पे
- 2:26:16लिखा है उसको आप मोबाइल पे ले चुके हो और
- 2:26:18फिर आप उसे एडिट भी कर सकते हो और उसका
- 2:26:20प्रिंट आउट निकाल सकते हो। बात आ गई समझ?
- 2:26:23तो इस तरीके से प्रिंटेड डाटा को एडिट
- 2:26:26करने के लिए भी इसका यूज किया जाता है और
- 2:26:29प्रिंटेड डाटा को रीड करने के लिए भी इसका
- 2:26:31यूज किया जाता है। नेक्स्ट है एमआईसीआर
- 2:26:34जिसको बोलते हैं मैग्नेटिक इंक करैक्टर
- 2:26:36रिकॉग्निशन। नाम से ही समझ लीजिए इंक
- 2:26:39कररेक्टर रिकॉग्निशन।
- 2:26:42मतलब एक स्पेशल शाही में लिखे हुए जो
- 2:26:45कररेक्टर हैं उनको रीड करने का काम करता
- 2:26:48है। अब ये कहां पर रीडिंग के लिए यूज किया
- 2:26:52जाता है? स्पेशली जो आपकी बैंक की चेक
- 2:26:54होती है उन चेकक्स को रीड करने के लिए
- 2:26:57इसका यूज़ किया जाता है। बैंकों में
- 2:26:59फ्रीक्वेंटली इस मशीन का आप यूज़ देखेंगे।
- 2:27:01आपने देखा होगा यह चेक है किसी भी बैंक
- 2:27:04की।
- 2:27:06इसमें ऊपर पे लिखा होता है कि किसको आप पे
- 2:27:10करोगे। नीचे अमाउंट लिखा रहता है। यहां पर
- 2:27:13अकाउंट नंबर लिखा रहता है। यहां पर साइन
- 2:27:15करने होते हैं। यहां पर डेट होती है। और
- 2:27:19सबसे नीचे आप देखोगे
- 2:27:21तो यहां पर आपका चेक नंबर लिखा रहता है।
- 2:27:25मान लो चेक नंबर है 24 0
- 2:27:30यह चेक नंबर है। आप कभी भी किसी चेक को
- 2:27:33उठाइएगा और अपने हाथ से यह जो लिखा हुआ
- 2:27:37अंक होगा ना इसको ऐसे टच करने की कोशिश
- 2:27:40करिएगा कागज को। मतलब यह आपने कागज लिया
- 2:27:43इस कागज को ऐसे करके टच करने की कोशिश
- 2:27:45करिएगा। आपको फील होगा कि यह जो इंक है यह
- 2:27:49उभरी हुई है थोड़ी सी। यह स्पेशल इंक होती
- 2:27:53है। बैंक में आप जब भी कोई चेक लगाने
- 2:27:56जाओगे वो जो प्रोबेशनरी ऑफिसर आपके सामने
- 2:27:58बैठा होगा। ठीक है? वो आपकी चेक को लेगा
- 2:28:02और सबसे पहले इसी मशीन में डालेगा। यह
- 2:28:05मशीन उसको स्कैन करती है। किसको? आपकी
- 2:28:08लिखी हुई हैंडराइटिंग को नहीं करती है।
- 2:28:10आपके साइन को नहीं करती है। आपके साइन को
- 2:28:13तो बैठा हुआ प्रोबेशनरी ऑफिसर आपके अकाउंट
- 2:28:16से मैच करेगा। यूं कि हां सही साइन है कि
- 2:28:18नहीं। वो मशीन पता है किसको स्कैन कर रही
- 2:28:21है? इसको। क्योंकि यह जो चेक नंबर लिखा
- 2:28:25हुआ है, यह स्पेशल इंक से लिखा हुआ है और
- 2:28:28इसी स्पेशल इंक को रीड करने का वह काम
- 2:28:32करती है। यह स्पेशल इंक आपको बाजार में
- 2:28:34नहीं मिलने वाली।
- 2:28:36चेकक्स में यह जो इंक होती है, यह इंक हम
- 2:28:40लोग ब्रिटेन से इंपोर्ट करते हैं। दुनिया
- 2:28:42में केवल गिने-चुने देश ही यह इंक बना
- 2:28:44पाते हैं।
- 2:28:46जिसकी डुप्लीकेसी नहीं हो सकती। यह उतनी
- 2:28:50ही ज्यादा वाइटल है जितना कि आप यह मान
- 2:28:53लीजिए बैंक की करेंसी। यह इंक जब आती है
- 2:28:57ना हमारे देश में तो इसके पीछे सैकड़ों
- 2:29:00गार्ड होते हैं। प्रॉपर इंक्रिप्टेड बॉक्स
- 2:29:03में आती है। वो बॉक्स अगर चोरी भी हो गया
- 2:29:06ना और किसी ने उसको खोलने की कोशिश करी तो
- 2:29:08उसके अंदर इंक होती है। वह इंक फैल जाएगी।
- 2:29:12जैसे एग्जांपल के तौर पर कभी भी
- 2:29:16आप देखते हो कई सारे गवार लोग हैं भाई वह
- 2:29:19जाकर एटीएम को चुराने की कोशिश करते हैं।
- 2:29:22एटीएम मशीन को तोड़ने की कोशिश करते हैं।
- 2:29:24सोचते हैं एटीएम मशीन के अंदर पैसा है वह
- 2:29:26पैसा हम निकाल लेंगे चोरी कर लेंगे। उनको
- 2:29:29यह पता ही नहीं है कि वो जो मशीन के अंदर
- 2:29:31ट्रे लगी होती है जिसके अंदर करेंसी रखी
- 2:29:34जाती है वो ट्रे इस तरीके से लॉक्ड होती
- 2:29:37है कि आप उस ट्रे के साथ जबरदस्ती करने की
- 2:29:39कोशिश करोगे तो तुरंत ही अंदर जितनी भी
- 2:29:42करेंसी है उसके ऊपर इंक फैल जाएगी वो
- 2:29:44करेंसी वैसे भी किसी काम की नहीं रहेगी
- 2:29:47तभी आज तक कभी भी आपने यह नहीं सुना होगा
- 2:29:49कि एटीएम मशीन चुरा ले गए चोर तो उस
- 2:29:52करेंसी का यूज़ कर लिया कभी नहीं कर पाओगे
- 2:29:55वो सेट ही ऐसे करी जाती है वो लॉक ही ऐसे
- 2:29:58करी जाती है ट्रे। तो, यह वैल्यू है
- 2:30:01बैंकिंग सेक्टर में जो इंक यूज़ करी जा रही
- 2:30:04है। इसीलिए उसके लिए स्पेशल डिवाइस है।
- 2:30:08स्टाइलस या डिजिटल पेन। अभी मैं आपको इसके
- 2:30:11बारे में बता चुका हूं कि पहले लाइट पेन
- 2:30:13चला करते थे। आज की डेट में स्टाइलस चलते
- 2:30:15हैं। मेरे हाथ में जो आप देख रहे हैं, यह
- 2:30:17स्टाइलस है। पेन शेप्ड का होता है। इनपुट
- 2:30:20डिवाइस है। यूज़ किया जाता है लिखने के
- 2:30:22लिए, ड्रॉ करने के लिए, सेलेक्ट और टच
- 2:30:25स्क्रीन के लिए यूज़ किया जाता है। कॉमनली
- 2:30:27यूज्ड इन टैबलेट्स एंड ग्राफिक डिज़।
- 2:30:32अब बात आ जाती है आउटपुट डिवाइसेस की।
- 2:30:34आउटपुट डिवाइसेस में जो सबसे कॉमन आउटपुट
- 2:30:37डिवाइस है, उसको बोलते हैं मॉनिटर।
- 2:30:40जब भी आउटपुट डिवाइस किसी से बोलो सबसे
- 2:30:43पहले उसके दिमाग में मॉनिटर का ही नाम आता
- 2:30:45है। ठीक है? इससे ज्यादा कॉमन कोई आउटपुट
- 2:30:48डिवाइस नहीं है। और मॉनिटर को ही हम लोग
- 2:30:51कंप्यूटर के टर्म में वीडियो के नाम से
- 2:30:53जानते हैं। मतलब विजुअल डिस्प्ले यूनिट,
- 2:30:56डिस्प्ले टेक्स्ट, इमेजज़, वीडियोस ऑन द
- 2:30:58स्क्रीन। ये हर तरीके के आउटपुट को आपको
- 2:31:01स्क्रीन में शो करने का काम करता है। अब
- 2:31:05जो हमारे मॉनिटर हैं, यह कितने टाइप के
- 2:31:07होते हैं? तो सबसे पुराने जो मॉनिटर हैं
- 2:31:10जो कि आप देखते थे टीवी के फॉर्म में हुआ
- 2:31:12करते थे। पीछे ऐसे करके शेप होता था।
- 2:31:17ऐसे आपने देखा होगा एक टाइम पे ऐसे मॉनिटर
- 2:31:20चलते थे। टीवी की तरह पीछे ऐसे निकला होता
- 2:31:23था। दीज़ आर सीआरटी मॉनिटर।
- 2:31:26कैथोड रे ट्यूब। सीआरटी के बाद मार्केट
- 2:31:30में एलसीडी मॉनिटर आए। एलसीडी के बाद
- 2:31:33एलईडी आए और आज की डेट में यहां पर लिखा
- 2:31:36नहीं है। बट मैं आपको बता रहा हूं। आज की
- 2:31:37डेट में जो लेटेस्ट टेक्नोलॉजी है दिस इज़
- 2:31:40टीएफटी। तो इसको मैं एक बार में ही लिख दे
- 2:31:43रहा हूं आपके सामने ताकि पीडीएफ में आपके
- 2:31:45पास मौजूद रहेगा। यह
- 2:31:49रिवीजन करने के लिए सही रहेगा।
- 2:31:53टाइप्स ऑफ
- 2:31:58मॉनिटर।
- 2:32:01कौन-कौन से टाइप हैं? पहला पीआरटी मॉनिटर।
- 2:32:07फुल फॉर्म क्या है?
- 2:32:11कैथोड रे
- 2:32:13ट्यूब।
- 2:32:16इसको कैथोड रे ट्यूब इसलिए बोलते हैं
- 2:32:18क्योंकि ये ऐसे मॉनिटर हैं जो कि टीवी की
- 2:32:20तरह दिखाई देते हैं। इनके अंदर एक कांच की
- 2:32:23ट्यूब होती है। मोटे कांच की एक ट्यूब
- 2:32:26होती है। उसी की वजह से आपको यह डिस्प्ले
- 2:32:28पूरा दिख पा रहा होता है।
- 2:32:31सीआरटी के बाद एलसीडी आए मार्केट में।
- 2:32:34इसको बोलते हैं
- 2:32:37लिक्विड
- 2:32:40क्रिस्टल
- 2:32:42डिस्प्ले।
- 2:32:45इनकी खास बात पता है क्या है? मैंने तो
- 2:32:48यूज किए हुए हैं ये सारे मॉनिटर। एलसीडी
- 2:32:50की खास बात यह है कि इसके अंदर एक लिक्विड
- 2:32:55होता है। उस लिक्विड की वजह से सीआरटी के
- 2:32:59कंपैरिजन में एलसीडी मॉनिटर्स की का
- 2:33:01विजुअलाइजेशन ज्यादा बेटर था। जब भी आप
- 2:33:05एलसीडी मॉनिटर्स को थोड़ा सा प्रेस करोगे
- 2:33:07ना मतलब उनकी स्क्रीन पर आप उंगली लगाइए।
- 2:33:09आपको उंगली लगाने पर पता लगेगा कि अंदर
- 2:33:12कुछ तरल पदार्थ है। अंदर कुछ लिक्विड की
- 2:33:14फॉर्म में है। तो वो एक स्पेशल लिक्विड ही
- 2:33:18होता है जो कि आपका विजुअलाइजेशन बेहतर
- 2:33:20करता है। आपको सीआरटी के कंपैरिजन में
- 2:33:22एलसीडी मॉनिटर्स में देखने में भी कम
- 2:33:25प्रॉब्लम होगी। आपकी आंखें भी कम थकेंगी
- 2:33:27और आपको दिखेंगी भी इमेजेस ज्यादा क्लियर।
- 2:33:30देन मार्केट में आए एलईडी
- 2:33:33जिनको बोलते हैं लाइट एमिटिंग डायोड।
- 2:33:39लाइट
- 2:33:41एमिटिंग
- 2:33:44डायोड
- 2:33:46यह मार्केट में अपने विजुअलाइजेशन की वजह
- 2:33:50से नहीं आए। यह मार्केट में बिजली की खपत
- 2:33:53को कम करने के पर्पस से आए। नाम से ही
- 2:33:56आपको समझ आ रहा होगा। लाइट एमिटिंग डायोड।
- 2:33:59यह लाइट को जिस तरीके से एमिट कर रहे हैं।
- 2:34:02अभी तक सीआरटी और एलसीडी मॉनिटर जो होते
- 2:34:05थे इनके पीछे
- 2:34:08जो लाइट होती थी जो कि आपको विजुअलाइज
- 2:34:11करती है। जैसे आपने देखा होगा
- 2:34:15जो प्रोजेक्टर लगे होते हैं ना प्रोजेक्टर
- 2:34:18एक तरीके की लाइट छोड़ते हैं तब आपको
- 2:34:20स्क्रीन पर पूरा पर्दा दिखाई देता है।
- 2:34:22मूवी चलती हुई दिखाई देती है। ठीक है? तो
- 2:34:25इसमें भी वही कांसेप्ट लग रहे हैं। लाइट
- 2:34:27पीछे से छोड़ी जाती है इन डिवाइसेस में।
- 2:34:30लेकिन एलईडी क्या है? एलईडी ने आपको वही
- 2:34:33क्लेरिटी सिर्फ एक लेजर बीम के बेसिस पर
- 2:34:36दी और जैसे ही लाइट्स की जगह लेजर बीम
- 2:34:40यहां पर यूज करी गई तो जो इलेक्ट्रिसिटी
- 2:34:43कंजमशन था वो कम हो गया। मतलब हम यह बोल
- 2:34:47सकते हैं कि सीआरटी और एलसीडी के कंपैरिजन
- 2:34:50में जो एलईडी मॉनिटर्स हैं ये बिजली की
- 2:34:52खपत कम करते हैं। इसमें आपका
- 2:34:55इलेक्ट्रिसिटी बिल बचेगा।
- 2:34:58और एलसीडी के बाद आज की डेट में जो
- 2:35:00मार्केट में लेटेस्ट टेक्नोलॉजी चल रही है
- 2:35:02दिस इज टीएफटी।
- 2:35:05बोलते क्या है इसको? थिन
- 2:35:08फिल्म
- 2:35:10ट्रांजिस्टर।
- 2:35:13थिन फिल्म ट्रांजिस्टर।
- 2:35:16इसको आप नाम से ही समझ जाइए। जो स्क्रीन
- 2:35:19है उसको पहले से पतला कर दिया गया है।
- 2:35:21बिल्कुल स्लीक स्क्रीन कर दिया गया है। और
- 2:35:24इनकी एक और खास बात है कि ये थोड़े से ऐसे
- 2:35:28कर्व फॉर्म में होते हैं। थोड़े से कर्व
- 2:35:31फॉर्म में होते हैं कि आप कमरे में कहीं
- 2:35:34पर भी बैठे होंगे। चारों तरफ से आपको सेम
- 2:35:36व्यू मिलेगा। आप इधर बैठे हैं तब भी,
- 2:35:39सामने बैठे हैं तब तो मिलेगा ही। इधर-उधर
- 2:35:41हर जगह से आपको सेम व्यू मिलेगा।
- 2:35:46ठीक है? क्लियर है भाई? तो सभी को यह
- 2:35:49चारों मॉनिटर क्लियर है? इनके फुल फॉर्म
- 2:35:51जरूर ध्यान रखिएगा। पूछे जाते हैं हर बार।
- 2:35:55अब आप देख लीजिए वन बाय वन करके फटाफट से।
- 2:35:58सीआरटी मैंने आपको बता ही दिया है। कैथोड
- 2:36:00रे ट्यूब मॉनिटर तकनीक का सबसे पुराना
- 2:36:03प्रकार है। स्क्रीन पर चित्र बनाने के लिए
- 2:36:05इलेक्ट्रॉन बीम का उपयोग करता है। आकार
- 2:36:08में काफी भारी होता है। ऐसे टीवी की तरह
- 2:36:10आपको यह दिखाई देता है। अधिक बिजली की खपत
- 2:36:13करता है। अधिक गर्मी उत्पन्न करता है। आप
- 2:36:15इनके पास भी अगर खड़े हो जाओगे तो थोड़ी
- 2:36:18देर में आपको गर्मी लगने लगेगी। इतनी
- 2:36:20ज्यादा यह हीट जनरेट करते हैं।
- 2:36:23मोस्टली आउटडेटेड है और आज की डेट में यह
- 2:36:26यूज नहीं होते सीआरटी। सीआरटी के बाद
- 2:36:28एलसीडी आ गए। लिक्विड क्रिस्टल डिस्प्ले
- 2:36:31चित्र प्रदर्शित करने के लिए लिक्विड
- 2:36:33क्रिस्टल का उपयोग किया जाता है। वही जो
- 2:36:35बता रहा हूं इनको अगर आप दबाएंगे ना तो
- 2:36:37इसके अंदर लिक्विड होता है। ठीक है? पतला
- 2:36:40सपाट और हल्का स्क्रीन होता है। सीआरटी के
- 2:36:42कंपैरिजन में बिजली की खपत इसमें कम होती
- 2:36:45थी। सीआरटी की तुलना में बेहतर क्वालिटी
- 2:36:47भी होती थी विजुअलाइजेशन की। आमतौर पर
- 2:36:50लैपटॉप और मॉनिटर में उपयोग किया जाता था।
- 2:36:53अभी यह भी आउटडेटेड हो चुका है। एलईडी
- 2:36:55चलते हैं। एलईडी आपकी एडवांस टेक्नोलॉजी
- 2:36:58है एलसीडी से। यूज एलईडी बैक लाइट इंस्टीड
- 2:37:02ऑफ सीसीएफएल। मतलब पहले जो एक मोटी
- 2:37:07ट्यूब लगी होती थी, उसकी जगह पर सिर्फ एक
- 2:37:09छोटी सी एलईडी लाइट यहां पर यूज़ होती है।
- 2:37:12बहुत ही थिन होते हैं। एनर्जी एफिशिएंट
- 2:37:14होते हैं। ब्राइटनेस बेटर है। पहले से हर
- 2:37:17हर एक चीज बेटर है। और इनसे भी ज्यादा
- 2:37:19बेटर अब कौन से हो गए हैं? टीएफटी हो गए
- 2:37:21हैं। नाउ कम्स टू प्रिंटर।
- 2:37:27कोई दिक्कत तो नहीं है भाई?
- 2:37:35एक सेकंड कोई समस्या आ रही है मुझे लग रहा
- 2:37:37है।
- 2:37:40आदरणीय सर बहुत मजबूरी में मैसेज लिख रहा
- 2:37:43हूं। संदीप बघेल मेंस बैच की इंग्लिश
- 2:37:46क्लास में डाउनलोड ऑप्शन बिल्कुल नहीं है।
- 2:37:49जबकि इसी बैच के अन्य सब्जेक्ट्स में यह
- 2:37:53ऑप्शन अवेलेबल है। यह प्रॉब्लम को झेलते
- 2:37:56हुए 7 दिन से ज्यादा हो गया है। 8 से 10
- 2:37:58बार कंप्लेंट रेज कर चुका हूं। 30 से 35
- 2:38:01बार हेल्पलाइन पर कॉल कर चुका हूं। हर बार
- 2:38:04एक नई डेडलाइन और नया एश्योरेंस दिया जाता
- 2:38:06है। कृपया इसका समाधान करवाइए।
- 2:38:10डाउनलोड ऑप्शन कोई लग्जरी नहीं है बल्कि
- 2:38:13डाउनलोड ऑप्शन ना ही लग्जरी है सिर्फ
- 2:38:15नेसेसिटी है। भाई मेरे मैं आपकी दिक्कत
- 2:38:18समझ गया हूं। आपके सामने मैं आपकी
- 2:38:21कंप्लेंट डाल रहा हूं अपनी तरफ से। आप
- 2:38:24बिल्कुल बेफिक्र रहिए।
- 2:38:30भैया मैंने आपके सामने ही डाल दिया है।
- 2:38:32ठीक है? रिजॉल्व हो जाएगा जल्दी। मैं एक
- 2:38:35बार अपनी तरफ से भी इसका फॉलो अप ले
- 2:38:37लूंगा। टेंशन फ्री रहिए आप। बिल्कुल भी
- 2:38:39टेंशन फ्री रहिए। ठीक है?
- 2:38:42हावी मत होने दीजिए उस चीज को। बिल्कुल
- 2:38:44टेंशन फ्री रहिए। रिॉल्व हो जाएगा।
- 2:38:48नाउ कम्स टू प्रिंटर। अब देखिए प्रिंटर से
- 2:38:51काफी सारे क्वेश्चन पूछे जाते हैं।
- 2:38:53प्रिंटर आपको पता है आउटपुट डिवाइस है जो
- 2:38:55कि हमें हार्ड कॉपी के फॉर्मेट में आउटपुट
- 2:38:59देता है। आप किसी भी सॉफ्ट कॉपी को अगर
- 2:39:02हार्ड कॉपी में चाहते हो मतलब टेंजिबल
- 2:39:04फॉर्मेट में चाहते हो कि जिसको आप टच कर
- 2:39:06सकते हो तो आप प्रिंटर का यूज़ करेंगे। बट
- 2:39:09प्रिंटर में भी दो तरीके के हमारे प्रिंटर
- 2:39:12होते हैं। इंपैक्ट प्रिंटर और नॉन इंपैक्ट
- 2:39:14प्रिंटर। इनको भी अलग से देख लो।
- 2:39:21यहां पर हम लोग बात कर रहे हैं प्रिंटर की
- 2:39:23और प्रिंटर में भी दो तरीके के हैं। पहला
- 2:39:26जिसको बोलते हैं इंपैक्ट प्रिंटर।
- 2:39:30दूसरा जिसको बोलते हैं नॉन इंपैक्ट
- 2:39:32प्रिंटर।
- 2:39:34दोनों में अंतर क्या है?
- 2:39:37क्या अंतर है? इंपैक्ट प्रिंटर जो है यह
- 2:39:41पुरानी कैटेगरी है।
- 2:39:44पुरानी कैटेगरी
- 2:39:48पहली चीज जबकि यह क्या है? यह आपकी न्यू
- 2:39:52कैटेगरी है। नॉन इंपैक्ट प्रिंटर। ऑब्वियस
- 2:39:56सी बात है नॉन इंपैक्ट प्रिंटर ज्यादा
- 2:39:58बेहतर होंगे क्योंकि ये नई कैटेगरी है।
- 2:40:01न्यू टेक्नोलॉजी है। जबकि इंपैक्ट पुरानी
- 2:40:03है तो ये कम बेहतर होंगे। जितने भी आपके
- 2:40:06इंपैक्ट प्रिंटर होते हैं, यह नोइजी होते
- 2:40:08हैं। नॉइजी होते हैं। मतलब शोर बहुत करते
- 2:40:13हैं प्रिंट करने में। जबकि यह वाले जो
- 2:40:17होते हैं, यह आपके साइलेंट होते हैं। ठीक
- 2:40:21है?
- 2:40:23बिल्कुल वॉइसलेस होते हैं। स्मूथ होते
- 2:40:26हैं। ये वाले जो होते हैं नॉन इंपैक्ट
- 2:40:30इनकी स्पीड लो होती है।
- 2:40:34जबकि दे आर फास्टर।
- 2:40:39यह काफी तेज होते हैं।
- 2:40:43प्रिंटिंग क्वालिटी भी लो होती है।
- 2:40:49इनकी क्वालिटी भी लो होगी। जबकि इनकी
- 2:40:52क्वालिटी
- 2:40:57प्रिंट्स बेटर।
- 2:40:59हर एक मामले में उनसे बेहतर है नॉन
- 2:41:01इंपैक्ट प्रिंटर।
- 2:41:03इंपैक्ट प्रिंटर के जो आपके एग्जांपल हैं
- 2:41:06इसमें आपका आ जाता है
- 2:41:13डेजी व्हील प्रिंटर
- 2:41:17डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर
- 2:41:22जबकि जो आपके नॉन इंपैक्ट प्रिंटर के
- 2:41:25एग्जांपल हैं इसमें आपका आ जाता है इंक
- 2:41:28जेट प्रिंटर
- 2:41:32लेजर प्रिंटर
- 2:41:35प्लॉटर यह सब इसके एग्जांपल हो जाते हैं।
- 2:41:38कोई समस्या तो नहीं भाई किसी को? कोई
- 2:41:41समस्या तो नहीं यहां तक एक बार में
- 2:41:43बिल्कुल आसान तरीके से आपको समझ आ गया कि
- 2:41:46नाउ व्हाट इज द डिफरेंस बिटवीन इंपैक्ट इन
- 2:41:49एंड नॉन इंपैक्ट प्रिंटर। अब जरा देख लेते
- 2:41:53हैं थोड़ा सा खोल के इसको। पहला टाइप्स ऑफ
- 2:41:56प्रिंटर यहां पर बोल रहा है और टाइप्स ऑफ
- 2:41:58प्रिंटर में इंपैक्ट प्रिंटर। इंपैक्ट
- 2:42:00प्रिंटर में भी डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर की
- 2:42:03बात कर रहा है। आपको पता है डॉट मैट्रिक्स
- 2:42:05नाम क्यों इनको दिया गया है? क्योंकि ये
- 2:42:07डॉट्स की फॉर्म में प्रिंट करते हैं। इन
- 2:42:10प्रिंटर की खास बात ये है कि ये जब प्रिंट
- 2:42:13करेंगे तो आपको जो अल्फाबेट हैं या डिजिट
- 2:42:16हैं वो सब डॉट्स की फॉर्म में प्रिंटेड
- 2:42:18दिखाई देंगे। सपोज़ यह प्रिंट अगर कर रहे
- 2:42:20हैं आप डॉट मैट्रिक्स से लिख रहे हैं वरुण
- 2:42:22तो वरुण पता है कैसे लिखा होगा? ऐसे।
- 2:42:41इस तरीके की प्रिंटिंग आपने देखी होगी।
- 2:42:43कहां देखी है वह भी याद दिलाऊं। जब आप
- 2:42:46ट्रेन का टिकट लेते हो तो जो आपको रेलवे
- 2:42:49से टिकट मिलता है उस टिकट में ऐसी ही
- 2:42:51प्रिंटिंग होती है।
- 2:42:54और आपने देखा लिखते हुए मेरे हाथ से भी इस
- 2:42:57पेन से भी काफी आवाज आ रही थी। क्यों?
- 2:43:01क्योंकि हेड स्ट्राइक कर रहा है पेपर के
- 2:43:03ऊपर। टक टक टक टक टक टक टक टक।
- 2:43:07यही कारण है कि यह नॉइजी होते हैं। शोर
- 2:43:10बहुत करते हैं। आज की डेट में रेलवेेज
- 2:43:13में, बैंक में इनका यूज़ होता है। आप
- 2:43:15पासबुक प्रिंट कराने जाइए। आप अपनी बैंक
- 2:43:18की पासबुक खोल के देखिए। उसमें आपको यही
- 2:43:20वाली प्रिंटिंग दिखाई देगी डॉट के फॉर्म
- 2:43:23में। तो वह डॉट मैट्रिक्स से ही प्रिंट
- 2:43:26किए जाते हैं। अब सवाल यह आ रहा होगा आपके
- 2:43:28दिमाग में सर डॉट मैट्रिक्स पुराने
- 2:43:30टेक्नोलॉजी के कंप्यूटर हैं। इतना धीमे
- 2:43:32काम कर रहे हैं। आप देखते हो इतना छोटा सा
- 2:43:35टिकट होता है रेलवे का रिजर्वेशन वाला। वो
- 2:43:38भी बाहर आने में कितना टाइम लगता है। कै
- 2:43:40कै कै करके बाहर आता है। आप देखोगे एक-एक
- 2:43:45टिकट को प्रिंट होने में 10-10 सेकंड लग
- 2:43:46रहे हैं। जबकि इतना बड़ा टिकट है केवल। तो
- 2:43:50दिमाग में यह आता होगा ना कि फिर भी क्यों
- 2:43:53इनका यूज किया जा रहा है? इनका यूज इसलिए
- 2:43:56किया जाता है क्योंकि यह कॉस्ट इफेक्टिव
- 2:43:58होते हैं।
- 2:44:00इनकी प्रिंटिंग क्वालिटी काफी कमजोर होती
- 2:44:02है। इनकी जो इंक है वह कॉस्टली नहीं होती
- 2:44:06है। जिसकी वजह से हम इसमें कॉस्ट कटिंग कर
- 2:44:08पाते हैं। हमारी लागत बहुत कम आती है। और
- 2:44:11आप जरा सोच कर देखिए पूरे भारत में कितने
- 2:44:15रेलवे स्टेशन हैं और कितनी ट्रेनें हैं और
- 2:44:18कितनी पॉपुलेशन है। जरा आप इमेजिन करके
- 2:44:21देखिए पूरे भारत में प्रति सेकंड कितने
- 2:44:24टिकट प्रिंट किए जा रहे होंगे। कैन यू
- 2:44:27इमेजिन? हर एक सेकंड में हजारों टिकट
- 2:44:30प्रिंट किए जा रहे हैं। केवल यात्रा के ही
- 2:44:32नहीं प्लेटफार्म टिकट भी प्रिंट किए जा
- 2:44:34रहे हैं। हो तो प्रिंटिंग ही रही है। और
- 2:44:37मैं मान लेता हूं कि हर एक सेकंड
- 2:44:42हजारों प्रिंटिंग करी जा रही हैं। और अगर
- 2:44:45प्रति प्रिंटिंग में एक-एक पैसा भी अगर बच
- 2:44:48रहा है तो प्रति सेकंड हजारों रुपए बच रहे
- 2:44:52हैं। यही कारण है कि जहां पर कमर्शियल
- 2:44:55पर्पस में बल्क में यूज करी जाती है
- 2:44:58प्रिंटिंग वहां पर आज भी हम लोग डॉट
- 2:45:00मैट्रिक्स यूज़ करते हैं क्योंकि ये हमारा
- 2:45:02पैसा बचाने का काम करते हैं। क्वालिटी
- 2:45:04बचाते हैं।
- 2:45:07बाकी रही बात कि सर स्लो बहुत है। तो मेरा
- 2:45:11जवाब यही है कि टाइम बचा के करना क्या
- 2:45:13इतना भारतीय रेलवे तो हमेशा लेट रहती है।
- 2:45:16जिस दिन से ट्रेन स्विट्जरलैंड की तरह हो
- 2:45:19जाएगी, वैसे स्विट्जरलैंड से मुझे एक चीज
- 2:45:21याद आ गई। स्विट्जरलैंड में मैंने एक चीज
- 2:45:24बड़ी खतरनाक देखी थी। पता है क्या?
- 2:45:26स्विट्जरलैंड में ट्रेनों के टाइमिंग
- 2:45:28हमारे देश की तरह नहीं होते हैं। वहां पर
- 2:45:31ट्रेनों के टाइमिंग बड़े खतरनाक है। पता
- 2:45:33है क्या? जैसे ट्रेन का चलने का टाइम लिखा
- 2:45:37हुआ है। ठीक है? एग्जांपल ट्रेन के आने का
- 2:45:40टाइम लिखा हुआ है 9:42
- 2:45:4445 सेकंड।
- 2:45:48तो यहां पर क्या है कि ट्रेन इतने में ही
- 2:45:51आएगी और खतरनाक पता है क्या है? जैसे 9
- 2:45:54बजके 45
- 2:45:59पर नेट यह चल जाएगी। इतनी खतरनाक टाइमिंग
- 2:46:03मैंने कहीं नहीं देखी। इतनी मैंने लंदन
- 2:46:06में भी नहीं देखी।
- 2:46:08इतनी खतरनाक टाइमिंग मैंने देखी ट्रेन की
- 2:46:11स्विट्जरलैंड में।
- 2:46:14यही कारण है शायद कि हमारे देश में आज भी
- 2:46:16डॉट मैट्रिक्स यूज़ किए जा रहे हैं।
- 2:46:18क्योंकि 10 मिनट बचा के कर ही क्या लोगे?
- 2:46:20हमारे देश में ट्रेन तो वैसे ही लेट रहती
- 2:46:22है। कई-कई घंटों लेट रहती है।
- 2:46:25ठीक है। हिमानी का कहना है फिर तो टिकट
- 2:46:28सिस्टम हटा देना चाहिए।
- 2:46:30[हंसी]
- 2:46:32वही मैंने कहा ना अरे हटा के करोगे क्या?
- 2:46:35पैसा बच रहा है रेलवे का वह ज्यादा बेटर
- 2:46:38है क्योंकि अगर हटा दिया अच्छे प्रिंटर हम
- 2:46:42ले भी आए तो भी क्या हो रहा है? ट्रेन तो
- 2:46:43लेट ही आएगी तो उतना टाइम बचा के क्या
- 2:46:45करना है भाई?
- 2:46:50अगला देखिए। अब इसकी एफिशिएंसी क्या है?
- 2:46:52स्पीड इसमें कररेक्टर पर सेकंड में मेजर
- 2:46:55करी जाती है। लो टू मीडियम होती है। मतलब
- 2:46:5830 से 600 कररेक्टर पर सेकंड तक के आते
- 2:47:02हैं। क्वालिटी पे डिपेंड करता है।
- 2:47:03क्वालिटी तो ओवरऑल इसकी लो ही होती है।
- 2:47:05क्योंकि इंपैक्ट क्वालिटी का प्रिंटर है।
- 2:47:08तो इंपैक्ट प्रिंटर सारे लो क्वालिटी के
- 2:47:10होते हैं। कॉस्ट पर पेज बहुत कम होती है।
- 2:47:12यही कारण है कि इनका यूज़ किया जाता है।
- 2:47:14ज्यादातर बिल्स हो गए, इनवॉइस हो गए,
- 2:47:16मल्टी कॉपीज, फॉर्म हो गए। इन सब में इसका
- 2:47:18यूज किया जाता है।
- 2:47:21अगला है डेजी व्हील प्रिंटर। भाई डेजी
- 2:47:23व्हील प्रिंटर इस तरीके का दिखाई देता है।
- 2:47:25अब यह जो प्रिंटर है, ठीक है? आज की डेट
- 2:47:28में लगभग ये आउटडेटेड है। मतलब शायद ही
- 2:47:31आपको कहीं पर दिख जाए। कोर्ट वगैरह में
- 2:47:33शायद आपको दिख जाएंगे। आप कचहरी वगैरह
- 2:47:34जाइए। वहां पर आपको दिख गए तो दिख गए।
- 2:47:37क्या बोलते हैं? एफिडेविट। कभी आप बनवाने
- 2:47:39जाइएगा। वहां पर इनका यूज़ होता है केवल।
- 2:47:41बाकी नहीं होता।
- 2:47:43कैरेक्टर प्रिंटर यूज अ व्हील विद एंबोस्ड
- 2:47:47कररेक्टर। इसमें एक चक्का होता है। इस
- 2:47:48चक्के में देखिए यह कररेक्टर लिखे हुए
- 2:47:50हैं। ए बी सी डी ऐसे लिखे होते हैं। ठीक
- 2:47:54है? जो भी प्रिंट करना होता है वही वाला
- 2:47:56स्ट्रिंग उठेगा और ठक से पड़ेगा। फिर
- 2:47:59उठेगा ठक टिंग टिंग टिंग टिंग ऐसे करके
- 2:48:01उठते रहते हैं। ठीक है? और नीचे कागज होता
- 2:48:04है। कागज के ऊपर पढ़ते हैं जिससे कि ये
- 2:48:06टाइप करते जाते हैं। इसके और कागज के बीच
- 2:48:09में एक बैंड होता है। उस बैंड में इंक
- 2:48:11होती है। तो जब यह बैंड के ऊपर पड़ते हैं
- 2:48:13तो वही चीज छप जाती है। प्रत्येक अक्षर
- 2:48:15रिबन को मारकर प्रिंट होता है। वही मैंने
- 2:48:17आपको बोला। कागज और इनके बीच में रिबन
- 2:48:20होता है। यह रिबन पर मारते हैं।
- 2:48:22प्रोड्यूसेस लेटर क्वालिटी आउटपुट। वेरी
- 2:48:25स्लो स्पीड होती है। कैन नॉट प्रिंट
- 2:48:28ग्राफिक्स। यह आपकी फोटो वगैरह प्रिंट
- 2:48:30नहीं कर सकते। आप लिखावट ही इनसे कर सकते
- 2:48:32हो। मोस्टली एब्सोल्यूट नाउ। मतलब आज की
- 2:48:36डेट में लगभग खत्म है। बट कहां दिखेंगे यह
- 2:48:38मैंने आपको बता दिया है। आप कोर्ट कचहरी
- 2:48:40जाएंगे वहां पर आपको दिख जाएंगे यूज़ होते।
- 2:48:44एफिशिएंसी की अगर बात करें तो बहुत ही
- 2:48:46ज्यादा स्लो होते हैं। डॉट मैट्रिक्स से
- 2:48:48भी स्लो होते हैं। 10 से लेकर 75 कररेक्टर
- 2:48:51पर सेकंड तक की क्वालिटी आती है। केवल।
- 2:48:53क्वालिटी की अगर बात करें तो लेटर
- 2:48:55क्वालिटी इसमें आपको हाई मिल जाती है।
- 2:48:57उसका कारण क्या है कि स्पीड स्लो है तो
- 2:49:00इंक अच्छे से प्रिंट हो जाती है। ठीक है?
- 2:49:03वहीं पर आप रेलवे का टिकट देखोगे उसमें
- 2:49:05आपको स्याही काफी ब्लर दिखाई देगी। कॉस्ट
- 2:49:08पर पेज काफी ज्यादा आ जाती है। बेस्ट यूज़
- 2:49:11ऑफिशियल लेटर्स वगैरह में इसका यूज़ किया
- 2:49:13जाता है। वही मैंने आपको बोला एफिडेविट
- 2:49:15वगैरह घर की रजिस्ट्री कराने जाएंगे उन सब
- 2:49:18में इसका यूज़ होता है।
- 2:49:20नेक्स्ट है लाइन प्रिंटर। इसका नाम ही
- 2:49:23लाइन प्रिंटर इसलिए है कि एक बार में यह
- 2:49:25एक-एक लाइन प्रिंट करता है। ठीक है?
- 2:49:29वेरी हाई प्रिंटिंग स्पीड होती है। नॉइजी
- 2:49:32बहुत होते हैं। शोर बहुत करते हैं। बलकी
- 2:49:34भी होते हैं। आकार इसका बहुत बड़ा होता
- 2:49:36है। यूज्ड फॉर बल्क डेटा प्रिंटिंग। इसमें
- 2:49:38भी दो प्रकार आते हैं। एक ड्रम आते हैं।
- 2:49:40एक चेन प्रिंटर आते हैं।
- 2:49:44अब जो ड्रम है, ठीक है? यूजज़ रोटेटिंग
- 2:49:47ड्रम्स विद कररेक्टर एनग्रेव्ड। ये भी
- 2:49:49लगभग खत्म हो गए हैं। ये देखिए इसमें ये
- 2:49:51जो ड्रम लगा हुआ है ना ये गोल-गोल पूरा
- 2:49:53ड्रम ऐसे लगा हुआ है। इसमें कररेक्टर लिखे
- 2:49:56हुए हैं। ये सामने शीट लगी हुई है। इस शीट
- 2:49:59में प्रिंटिंग हो रही है। ठीक है? और पीछे
- 2:50:01देखिए यह इसका हैमर है। हैमर मतलब हथौड़ा
- 2:50:04है। यह इस तरीके से इस पर पड़ता रहेगा। ठक
- 2:50:07ठक ठक ठक ठक ठक ठक ठक ठक ठक प्रिंटिंग
- 2:50:09होती रहेगी। ठीक है?
- 2:50:12प्रिंट्स वेरी फास्ट बट फिक्स्ड फॉन्ट।
- 2:50:15इसमें आप फोंट्स को चेंज नहीं कर सकते।
- 2:50:18एफिशिएंसी इनकी एलपीएम में नापी जाती है
- 2:50:21क्योंकि लाइन प्रिंटर है इसलिए लाइन पर
- 2:50:24मिनट में नापी जाती है। एफिशिएंसी इनकी
- 2:50:27काफी हाई होती है। 300 से 2000 लाइन पर
- 2:50:30मिनट तक की इनकी क्वालिटी मार्केट में
- 2:50:31अवेलेबल है। जितना पैसा खर्च करेंगे उस
- 2:50:33तरीके के आप खरीद सकते हैं। मीडियम
- 2:50:36क्वालिटी होती है। ओवरऑल पर पेज इसकी
- 2:50:38कॉस्ट लो आती है। बेस्ट यूजज़ बल्क डाटा
- 2:50:41प्रिंटिंग ऑब्वियसली। आप पर्सनल पर्पस से
- 2:50:43इनका यूज़ नहीं करेंगे। आप हमेशा कोई काम
- 2:50:46वगैरह कर रहे हैं, कमर्शियल पर्पस है,
- 2:50:48आपका कोई व्यापार वगैरह है तो ही आप इनका
- 2:50:50यूज़ करेंगे। चेन प्रिंटर नाम ही चैन है
- 2:50:53क्योंकि इसमें ये चैन लगी हुई है देखिए और
- 2:50:55इधर कागज लग जाता है और बस पेपर के ऊपर
- 2:50:58इसमें भी वही चलता रहता है। बस अंतर क्या
- 2:51:00है? ड्रम की जगह चैन आ गई है।
- 2:51:04नाउ कम्स टू नॉन इंपैक्ट प्रिंटर। मतलब आज
- 2:51:06की जो बेहतर क्वालिटी के प्रिंटर हैं। ठीक
- 2:51:09है?
- 2:51:11अब इसमें भी देखते हैं। पहला है इंक जेड
- 2:51:13प्रिंटर। इस तरीके के यह प्रिंटर आपको
- 2:51:15दिखाई देते हैं। इनकी खास बात यह है कि यह
- 2:51:17पेपर के साथ-साथ प्लास्टिक पर पर भी
- 2:51:20प्रिंटिंग कर सकते हैं। इनकी एक हाई ग्रेड
- 2:51:22कैटेगरी आती है। जिसका यूज़ कमर्शियल
- 2:51:25पर्पस से किया जाता है। जैसे Parleg के
- 2:51:27बिस्किट में आपको Parleg लिखा दिखाई देता
- 2:51:29है। छोटा एक बुआ बना हुआ है। वो जो आपको
- 2:51:32दिख रहा है, वह कहां से प्रिंटेड है? वो
- 2:51:34आपका इंकजेट से ही प्रिंटेड है। लेकिन वो
- 2:51:36इंकजेट कमर्शियल क्वालिटी के हैं। आप इसको
- 2:51:39अपने होम पर्पस से भी यूज कर सकते हैं।
- 2:51:41फिर वो छोटी क्वालिटी आती है उसकी।
- 2:51:44स्प्रेस टिनी ड्रॉपलेट्स ऑफ इंक ऑन पेपर।
- 2:51:47यह धीमे-धीमे यह बेसिकली प्रिंटिंग कैसे
- 2:51:49करते हैं? जो प्रिंटिंग पेपर होता है उसके
- 2:51:51ऊपर शाही को स्प्रे करते रहते हैं। ठीक
- 2:51:54है? क्वालिटी काफी अच्छी होती है जिसकी
- 2:51:56वजह से आपको समझ नहीं आता जल्दी।
- 2:51:58प्रोड्यूसेस गुड क्वालिटी कलर आउटपुट। लो
- 2:52:01इनिशियल कॉस्ट होती है स्लोअर देन लेजर
- 2:52:04प्रिंटर। लेजर प्रिंटर से थोड़े से धीमे
- 2:52:06होते हैं। घरों में यूज किए जाते हैं।
- 2:52:08छोटे ऑफिसिसेस में भी इनका यूज किया जाता
- 2:52:10है।
- 2:52:13यहां पर पीपीएम में कंसीडर किया जाता है
- 2:52:15इनको। पीपीएम का मतलब है पेजेस पर मिनट
- 2:52:18में इसको कंसीडर किया जाता है।
- 2:52:22लेजर प्रिंटर सबसे कॉमनली यूज्ड होने वाले
- 2:52:25ये प्रिंटर हैं। आज की डेट में हमारे घरों
- 2:52:27में हमारे ऑफिसिसेस में हर जगह पर
- 2:52:29मैक्सिमम आपको यही प्रिंटर देखने को
- 2:52:31मिलेंगे। आप साइबर कैफे में जाइए। उसको
- 2:52:33बोलिए भैया प्रिंट आउट निकाल दो। इसी से
- 2:52:35निकाल के देगा प्रिंट आउट। सबसे ज्यादा
- 2:52:37कॉमनली आमतौर पर यही यूज़ हो रहे हैं। अब
- 2:52:39इनकी खास बात क्या है? लेजर प्रिंटर इसलिए
- 2:52:42बोलते हैं क्योंकि यह लेजर बीम के ऊपर काम
- 2:52:44कर रहे हैं। अपार्ट फ्रॉम दिस इनकी जो
- 2:52:47स्पीड है वह बहुत तेज होती है। एक बार में
- 2:52:50सट्ट से सीधा प्रिंट आउट निकाल देते हैं।
- 2:52:52क्वालिटी भी इवन काफी बेहतर होती है।
- 2:52:54जिसकी वजह से कॉमनली इनका यूज़ किया जाता
- 2:52:56है और साथ में यह कॉम्पैक्ट साइज के होते
- 2:52:59हैं। आप इन्हें एक से दूसरे स्थान तक
- 2:53:01आसानी से ले जा भी सकते हैं।
- 2:53:06स्पीड वेरी हाई, क्वालिटी वेरी हाई, कॉस्ट
- 2:53:09पर पेज कम आती है। यूज ऑफिसिसेस,
- 2:53:11इंस्टीटश, होम हर जगह पर इसका यूज हो रहा
- 2:53:14है आज की डेट में।
- 2:53:17नेक्स्ट है थर्मल प्रिंटर। इकलौता ऐसा
- 2:53:20प्रिंटर है। आपसे पता है क्वेश्चन क्या
- 2:53:22पूछा जाएगा? इकलौता ऐसा प्रिंटर बताइए
- 2:53:24जिसमें इंक का यूज़ ही नहीं होता है। और
- 2:53:27बताइए। मतलब आप समझ सकते हैं कोई ऐसा भी
- 2:53:30प्रिंटर होता है जिसमें स्याही ही नहीं
- 2:53:32लगती। तो प्रिंट कैसे करता है भैया?
- 2:53:35हीटिंग से प्रिंट करता है ये।
- 2:53:38यूज कहां होता है थर्मल प्रिंटर का? इसका
- 2:53:41यूज होता है एटीएम में।
- 2:53:44जो आपकी पर्ची निकलती है ना एटीएम से
- 2:53:47उसमें। इसके अलावा
- 2:53:51बस के टिकट में
- 2:53:54आप बस कंडक्टर से टिकट मांगते हो। उसके
- 2:53:56हाथ में एक छोटी सी मशीन है। उसमें
- 2:53:58डालेगा। यहां से यहां जा रहे हो। फिर देखो
- 2:54:01ऊपर से निकल के आएगी पर्ची। थर्मल प्रिंटर
- 2:54:04है उसमें। आपके घर में जो इलेक्ट्रिसिटी
- 2:54:06बिल देने आता है उसके भी हाथ में वैसी कुछ
- 2:54:09मशीन होती है। डालेगा आपकी रीडिंग एक
- 2:54:11पर्ची ऊपर से निकल आएगी।
- 2:54:14इन सभी में एक कॉमन चीज है। पता है क्या?
- 2:54:18यह जितने भी आपको कागज दिख रहे हैं, इन
- 2:54:21कागज को कभी छू कर देखिएगा। काफी चिकने
- 2:54:23कागज होते हैं। और यह जो चिकना कागज होता
- 2:54:27है, यही कागज
- 2:54:29थर्मल पेपर कहलाता है। क्या कहलाता है?
- 2:54:32थर्मल पेपर।
- 2:54:34और थर्मल पेपर पर लिखने के लिए आपको शाही
- 2:54:38की जरूरत नहीं होती है। थर्मल पेपर पर
- 2:54:40केवल आप हीट जनरेट करिए। वह ऑटोमेटिक उसके
- 2:54:43ऊपर लिखता चला जाएगा। एग्जांपल आपको
- 2:54:46बताऊं। कभी एटीएम की पर्ची लेकर देखिएगा।
- 2:54:49एटीएम की पर्ची पर अपना नाखून ऐसे चला
- 2:54:52दीजिएगा। उसको रख के ऐसे ऐसे करके नाखून
- 2:54:54चला दो। आप देखोगे काला-काला लाइन ड्रॉ
- 2:54:56होने लगेगा। समझे? तो ये ड्रॉ कैसे कर रहा
- 2:55:00है? यह हीट से ड्रॉ करता है। यहां पर
- 2:55:03स्याही या टोनर की आवश्यकता नहीं होती है।
- 2:55:06बिल्कुल साइलेंट होते हैं। आउटपुट फेड्स
- 2:55:09ओवर टाइम। क्योंकि स्याही का यूज़ नहीं हो
- 2:55:12रहा है। इस वजह से इसमें जो प्रिंटिंग है
- 2:55:15यह कुछ टाइम के बाद ब्लर हो जाती है। और
- 2:55:18यही कारण है कि इनका यूज़ इसीलिए ऐसी जगहों
- 2:55:21पर किया जा रहा है जहां पर हमें कॉस्ट भी
- 2:55:23बचानी है और इन प्रिंटिंग की एक टाइम के
- 2:55:26बाद आपको यूज़ भी नहीं होता है। जैसे आपने
- 2:55:28बस से ट्रैवल कर लिया। आप वो टिकट कितने
- 2:55:30ही दिन तक रखोगे अपने पास?
- 2:55:33आप मूवी देखने गए तो मूवी टिकट भी आपका
- 2:55:37थर्मल पेपर पर ही होता है। कितने ही दिन
- 2:55:40वो मूवी का टिकट आप संभाल के रखोगे। मूवी
- 2:55:42देख ली भाई टिकट फेंक दोगे।
- 2:55:45आपने पेट्रोल डलाया उसकी पर्ची ले ली। बस
- 2:55:48कंडक्टर वाली टिकट है। कितने ही दिन आप
- 2:55:50रखोगे। इस वजह से इन सभी जगहों पर थर्मल
- 2:55:53प्रिंटर का यूज किया जाता है। क्लियर है
- 2:55:55भाई बात? ठीक है? एटीएम, बिलिंग मशीन,
- 2:55:59रिसीप्ट इन सब के लिए किया जाता है।
- 2:56:02एफिशिएंसी, स्पीड काफी तेज होती है। आपने
- 2:56:06देखा ही है रिसीट एक बार में आ जाती है
- 2:56:08बाहर। क्वालिटी मीडियम होती है। कॉस्ट पर
- 2:56:11पेज लो होती है। इसी वजह से इनका यूज़ किया
- 2:56:13जा रहा है। सबसे बढ़िया बात इसमें यही है
- 2:56:16कि भले ही प्रिंटिंग क्वालिटी लो है,
- 2:56:18लेकिन कॉस्ट भी लो है। इस वजह से हम इनका
- 2:56:20यूज़ करते हैं।
- 2:56:24नेक्स्ट है फोटो प्रिंटर। फोटो प्रिंटर
- 2:56:26इनका नाम ही इसीलिए है कि यह फोटोस को
- 2:56:28प्रिंट करने के लिए यूज किया जाता है।
- 2:56:32इसमें जो पिक्सल कैटेगरी है वह काफी
- 2:56:34बेहतरीन होती है। डिज़ फॉर हाई रेजोल्यूशन
- 2:56:37फोटो प्रिंटिंग यूजज़ स्पेशल इंक एंड फोटो
- 2:56:40पेपर प्रोड्यूसेस शार्प एंड वाइब्रेंट
- 2:56:43इमेजेस। इमेजेस की क्वालिटी इंप्रूव्ड
- 2:56:45होती है इसमें काफी। यूज्ड बाय
- 2:56:47फोटोग्राफ़र्स, स्टूडियोज़ वगैरह।
- 2:56:52आपकी जब शादी होगी तो शादी के बाद जो
- 2:56:54एल्बम बन के आएगा उसमें जो फोटोस लगी
- 2:56:56होंगी वो फोटो फोटो प्रिंटर से ही निकली
- 2:56:59होगी।
- 2:57:01ठीक है?
- 2:57:05स्पीड हाई होती है। क्वालिटी मीडियम होती
- 2:57:08है। कॉस्ट पर पेज लो होती है। ठीक है?
- 2:57:10उतनी ज्यादा इसमें भी कॉस्टिंग नहीं है।
- 2:57:12प्रिंटर रेजोल्यूशन इज मेजर्ड इन डीपीआई।
- 2:57:16डीपीआई का मतलब है डॉट्स पर इंच। जैसे यह
- 2:57:19है पर इंच। 1 इंच है। इसके अंदर कितने
- 2:57:23डॉट्स आ रहे हैं?
- 2:57:27ठीक है? जितने ज्यादा डॉट्स होंगे
- 2:57:32ज्यादा डॉट्स। और इन्हीं डॉट को हम क्या
- 2:57:35बोलते हैं? पिक्सल बोलते हैं। जितने ही
- 2:57:38ज्यादा डॉट होंगे उतनी ही बेहतर क्वालिटी।
- 2:57:45बेटर क्वालिटी
- 2:57:48और कम डॉट होंगे तो लोअर क्वालिटी होगी।
- 2:57:51उतनी ही ब्लर क्वालिटी होगी। आप जब किसी
- 2:57:54पिक्चर को ज़ूम करते हो तो ऐसे में क्या
- 2:57:57होता है? उसके पिक्सल्स फटते हैं। जब आप
- 2:58:00किसी पिक्चर को ज़ूम कर रहे हो तो ये जो
- 2:58:02पिक्चर ये जो पिक्सल हैं जो डॉट्स हैं
- 2:58:04इसके वो दूर-दूर जा रहे हैं। उनकी डेंसिटी
- 2:58:07कम हो रही है। और जब ये डॉट्स दूर-दूर जा
- 2:58:10रहे हैं इसीलिए ज़ूम करने के बाद कई पिक्चर
- 2:58:12ब्लर हो जाती हैं।
- 2:58:14उतनी विजिबिलिटी उसमें नहीं रहती है।
- 2:58:17क्यों? क्योंकि डॉट्स पर इंच कम होते जाते
- 2:58:21हैं। डॉट्स ज्यादा होंगे पिक्चर क्वालिटी
- 2:58:24उतनी बेहतर होगी।
- 2:58:26प्रोड्यूसेस साउंड आउटपुट कन्वर्ट्स
- 2:58:29डिजिटल सिग्नल्स इनू ऑडियो यूज्ड फॉर
- 2:58:32म्यूजिक वीडियो अलर्ट्स वगैरह। ठीक है?
- 2:58:35यहां पर बात हो रही है किसकी? स्पीकर की।
- 2:58:37बहुत ही सिंपल सी चीज है। बच्चा-बच्चा
- 2:58:39जानता है। इसमें ज्यादा समझाने की जरूरत
- 2:58:40है नहीं।
- 2:58:43नेक्स्ट है हेडफोन। हर एक व्यक्ति जानता
- 2:58:45है। आपके भी पास होंगे हेडफोन। किस वजह से
- 2:58:49यूज किया जाता है? पर्सनल ऑडियो एंड
- 2:58:52आउटपुट डिवाइस पर्पस से इसका यूज किया
- 2:58:54जाता है। जैसे कि आप किसी को कॉल कर रहे
- 2:58:55हो, ऑनलाइन ऑनलाइन क्लासेस देख रहे हो। इस
- 2:58:59टाइम भी हो सकता है आप में से बहुत सारे
- 2:59:00लोग क्लास में होंगे जो कि हेडफोन लगा के
- 2:59:02मेरी क्लास देख रहे होंगे। तो जब भी आपको
- 2:59:04पर्सनल पर्पस से कोई चीज एज एन आउटपुट
- 2:59:08सुननी होती है तो आप हेडफोनस का यूज करते
- 2:59:10हो। और अगर पर्सनल पर्पस से नहीं सुननी है
- 2:59:14मोहल्ले वाले को सुनाना है तो आप स्पीकर
- 2:59:17का यूज करते हो, वूफर का यूज करते हो। ठीक
- 2:59:19है?
- 2:59:22अगला है प्लॉटर। प्रिंटर में बेस्ट
- 2:59:26क्वालिटी कहलाती है प्लॉटर। प्लॉटर से
- 2:59:28बेहतर प्रिंटर होते ही नहीं है। कमर्शियल
- 2:59:31पर्पस से सबसे ज्यादा इनका यूज किया जाता
- 2:59:33है। जितने भी बड़े फॉर्मेट के प्रिंटिंग
- 2:59:36हैं, वह सब प्लॉटर से ही किए जाते हैं।
- 2:59:38आपके मोहल्ले में, आपके शहर में लगे जितने
- 2:59:428/24 के या 24/52 के जितने भी बड़े-बड़े
- 2:59:46फ्लैग्स, बैनर्स, पोस्टर
- 2:59:49मूवी हॉल के बाहर जो बड़ा सा लगा हुआ है
- 2:59:52पोस्टर वह सब प्लॉटर से ही प्रिंट किए
- 2:59:54जाते हैं। बड़े आकार का ग्राफिकल आउटपुट
- 2:59:57प्रदान करते हैं। यूज्ड फॉर मैप्स,
- 3:00:00चार्ट्स, इंजीनियरिंग ड्राइंग्स एंड इवन
- 3:00:03इन कमर्शियल पर्पस। फिर चाहे वो पॉलिटिकल
- 3:00:06हो, चाहे वो सिनेमा के हो हर जगह पर।
- 3:00:10मोस्टली यूज्ड इन कैड एप्लीकेशन। कैड का
- 3:00:12मतलब क्या है? कंप्यूटर एडेड डिज़।
- 3:00:16उस प्लेटफार्म पर काम करते हैं। अगला है
- 3:00:18प्रोजेक्टर। बहुत पुरानी टेक्नोलॉजी है।
- 3:00:20सबको पता है। यह डिस्प्लेस कंप्यूटर
- 3:00:23आउटपुट ऑन अ लार्ज स्क्रीन और वॉल। इनका
- 3:00:25यूज करके आप कोई कपड़ा टांग लें। उस कपड़े
- 3:00:29के ऊपर भी आप आउटपुट देख सकते हैं। वॉल के
- 3:00:32ऊपर देख सकते हैं या एक पर्टिकुलर किसी भी
- 3:00:35सरफेस के ऊपर देख सकते हैं।
- 3:00:38क्लासरूम्स में, मीटिंग में, सेमिनार्स
- 3:00:40में, कॉन्फ्रेंसेस में इनका यूज किया जाता
- 3:00:43है।
- 3:00:44अगला है ब्रेल प्रिंटर। देखिए प्रिंटर ही
- 3:00:47है। बस अंतर पता है क्या है? ब्रेल भाषा
- 3:00:49जिससे प्रिंट करी जाती है उन्हें ब्रेल
- 3:00:51प्रिंटर बोलते हैं। ब्रेल भाषा पता है
- 3:00:54किसने लांच करी थी? फ्रांस के एक टीचर थे।
- 3:00:57एक एजुकेटर थे फ्रांस के। उनका नाम था
- 3:01:03लुईस
- 3:01:06ब्रेल।
- 3:01:08इन्होंने एक ऐसी भाषा बनाई जो कि विजुअली
- 3:01:11इंपयर्ड लोगों के लिए थी जो आंखों से देख
- 3:01:14नहीं सकते। तो अगर आंखों से देख नहीं सकते
- 3:01:17तो फिर पढ़ेंगे कैसे? तो इसीलिए इन्होंने
- 3:01:19एक नई लैंग्वेज बनाई। और यह लैंग्वेज कैसे
- 3:01:22बनाई? कागज में छेद की फॉर्म में गोद जैसे
- 3:01:28एक कागज है। उस कागज में आप ऐसे छेद कर
- 3:01:30दें।
- 3:01:35आपने क्या लिखा? ए लिखा। अब उस कागज में
- 3:01:38क्योंकि गोच चुके हो आप छेद तो आप जब आप
- 3:01:41उस कागज को ऐसे टच करोगे उसके सरफेस को
- 3:01:44आंख बंद करके तो आपको समझ आ जाएगा क्या
- 3:01:46लिखा हुआ है। तो जो विजुअली इंपयर्ड है वो
- 3:01:49पढ़ पाते हैं किसकी वजह से? ब्रेल
- 3:01:51लैंग्वेज की वजह से। तो ब्रेन लैंग्वेज
- 3:01:53में प्रिंटिंग करने के लिए इन प्रिंटर्स
- 3:01:55का यूज किया जाता है। ठीक है भाई? क्लियर
- 3:01:59है?
- 3:02:00वैसे ब्रेल डे भी मनाया जाता है। ये करंट
- 3:02:03अफेयर का क्वेश्चन बनता है। ब्रेल डे कब
- 3:02:06मनाया जाता है?
- 3:02:08ब्रेल डे कब मनाया जाता है? आज 2 जनवरी है
- 3:02:11ना? परसों ब्रेल डे है।
- 3:02:164 जनवरी को।
- 3:02:19ठीक है? ब्रेल डे हर साल मनाया जाता है
- 3:02:21क्योंकि 4 जनवरी को लुईस ब्रेल का बर्थडे
- 3:02:24होता है।
- 3:02:27अगला ब्रेल डिस्प्ले जैसे कि ब्रेल
- 3:02:32प्रिंटर है जो कि आपको हार्ड कॉपी में
- 3:02:34ब्रेल लैंग्वेज प्रिंट करके दे रहा है।
- 3:02:36वैसे ही ब्रेल डिस्प्ले होते हैं। यह जो
- 3:02:39डिवाइस है इसमें ब्रेल भाषा में आपको
- 3:02:41आउटपुट मिल रहा है। तो इसमें क्या है?
- 3:02:44बहुत छोटे-छोटे डॉट्स होते हैं। जो भी आप
- 3:02:46लिखोगे वो लिखावट ऊपर आ जाती है। केवल वही
- 3:02:50डॉट ऊपर आएंगे। मतलब जैसे लिखा हुआ है
- 3:02:52फोर।
- 3:02:55तो ऐसे करके डॉट यही वाले केवल ऊपर आ गए।
- 3:02:58ये वाले डॉट बस ऊपर आ गए। तो जब आप पढ़ोगे
- 3:03:01आपको आसानी से समझ आ जाएगा। छुओगे तो आपको
- 3:03:03पता लग जाएगा फोर लिखा हुआ है। ठीक है?
- 3:03:07इट कन्वर्ट्स टेक्स्ट ऑन स्क्रीन इनू
- 3:03:10ब्रेल कररेक्टर हेल्प्स विजुअली इंपयर्ड
- 3:03:13यूजर रीड डिजिटल कंटेंट।
- 3:03:16हेलो एवरीवन नमस्कार आप सभी को। उम्मीद
- 3:03:19करता हूं अच्छे होंगे। मुझे क्लियरली सुन
- 3:03:21पा रहे होंगे और देख पा रहे होंगे।
- 3:03:24कंप्यूटर में अभी तक हम लोग दो चैप्टर
- 3:03:27हमारे कवर कर चुके हैं। एक हिस्ट्री ऑफ
- 3:03:29कंप्यूटर और दूसरा हम लोग इनपुट एंड
- 3:03:33आउटपुट डिवाइसेस या आप बोल सकते हो
- 3:03:35पेरिफेरल डिवाइसेस ऑफ कंप्यूटर कवर कर
- 3:03:37चुके हैं। आज का हमारा तीसरा चैप्टर है इस
- 3:03:40क्लास का और जिसमें हम लोग कवर करने वाले
- 3:03:43हैं सीपीयू
- 3:03:45पोर्ट्स
- 3:03:46और साथ में एक्सटेंशंस।
- 3:03:50सीपीयू पोर्ट्स एंड एक्सटेंशंस। ठीक है?
- 3:03:53इन तीनों से लगातार क्वेश्चन पूछे जाते
- 3:03:56हैं। बहुत इंपॉर्टेंट है तीनों ही अपने आप
- 3:03:58में। सीपीू पोर्स एंड एक्सटेंशन। तो ध्यान
- 3:04:01दीजिएगा। ठीक है?
- 3:04:04चलिए स्टार्ट करते हैं। फर्स्ट ऑफ ऑल
- 3:04:07सीपीयू की बात करें तो ऐसा कुछ भी नहीं है
- 3:04:09जो आपको ना पता हो। पहले भी मैं आपको
- 3:04:11सीपीयू के बारे में बता चुका हूं। सेंट्रल
- 3:04:14प्रोसेसिंग यूनिट। कंप्यूटर का एक तरीके
- 3:04:16से ब्रेन होता है। कंप्यूटर में मुख्यत
- 3:04:18तीन काम होते हैं। जब आप इनपुट देते हो तो
- 3:04:21इनपुट होने के बाद वह प्रोसेस करता है
- 3:04:24आपके दिए हुए इंस्ट्रक्शन को और प्रोसेस
- 3:04:27करके आपको आउटपुट दे देता है। ठीक है? तो
- 3:04:29यह जो प्रोसेस हो रहा है, यह प्रोसेस कहां
- 3:04:31पर हो रहा है? यह प्रोसेस नाम की
- 3:04:33प्रक्रिया ही सीपीयू में हो रही है। दैट्स
- 3:04:36व्हाई इट इज द ब्रेन ऑफ कंप्यूटर।
- 3:04:39यह सभी गणनाएं तार्किक क्रियाएं करता है
- 3:04:42और सिस्टम की सभी गतिविधियों को नियंत्रित
- 3:04:45करता है। मतलब ओवरऑल आप कंप्यूटर से जो भी
- 3:04:47काम कराना चाहते हो चाहे वो अर्थमैटिक
- 3:04:50ऑपरेशन हो चाहे वो आपके सिस्टम बेस्ड
- 3:04:52ऑपरेशन हो हर एक तरीके के ऑपरेशन सीपीयू
- 3:04:55ही परफॉर्म करता है। सीपीयू का और काम
- 3:04:58क्या होता है? सीपीू प्रोग्राम सॉफ्टवेयर
- 3:05:01द्वारा दिए गए निर्देशों को समझाता और
- 3:05:03निष्पादित करता है। मतलब कहने का उसे
- 3:05:05इंटरप्रेट करता है। उसे एग्जीक्यूट करता
- 3:05:07है। आपके दिए हुए इंस्ट्रक्शन को। आप किसी
- 3:05:10भी तरीके के उसे इंस्ट्रक्शन दे रहे हैं।
- 3:05:12वो हर एक इंस्ट्रक्शन को क्या करेगा?
- 3:05:14एग्जीक्यूट करेगा। इंटरप्रेट करेगा और
- 3:05:16उसके बाद आपको आउटपुट शो कर देगा।
- 3:05:20नाउ कम्स टू मेन कंपोनेंट ऑफ सीपीयू। इसके
- 3:05:23मुख्य कंपोनेंट कौन-कौन से होते हैं?
- 3:05:25एएलयू जिसके बारे में पहले हम लोग बात भी
- 3:05:27कर चुके हैं। फिर से एक बार कर लेते हैं।
- 3:05:29अर्थमैटिक लॉजिक यूनिट इसको बोलते हैं। यह
- 3:05:32भी सीपीयू का ही एक हिस्सा होता है। एएलयू
- 3:05:36एएलयू का बस काम क्या होता है? यह
- 3:05:38अर्थमैटिक ऑपरेशंस को परफॉर्म करता है।
- 3:05:41जैसे कि जोड़ना, घटाना, गुणा, भाग,
- 3:05:44परसेंटेज निकालना। यह सारी चीजें जितनी भी
- 3:05:47क्रियाएं हो रही हैं अर्थमैटिक ऑपरेशंस की
- 3:05:50वह सब एएलयू ही परफॉर्म करती है। हमारे
- 3:05:53सीपीयू के अंदर एक दूसरा कंपोनेंट भी होता
- 3:05:56है
- 3:05:58जिसको बोलते हैं कंट्रोल यूनिट। कंट्रोल
- 3:06:01यूनिट नाम से ही समझ जाइए। इसका काम क्या
- 3:06:03होगा? कौन सा ऑपरेशन पहले परफॉर्म होगा?
- 3:06:06कौन सा ऑपरेशन बाद में परफॉर्म होगा? कौन
- 3:06:09से ऑपरेशन की फंक्शनिंग दूसरे ऑपरेशन के
- 3:06:12टाइम पर साइमलटेनियसली चलती रहेगी। यह
- 3:06:15सारा कुछ डिसाइड करना कंट्रोल यूनिट का
- 3:06:18काम होता है। इट डायरेक्ट्स एंड कंट्रोल्स
- 3:06:21ऑल ऑपरेशन ऑफ द कंप्यूटर। ठीक है?
- 3:06:24एग्जांपल आपने
- 3:06:26सीपीयू को इंस्ट्रक्शन दिया कि भाई एक
- 3:06:28सॉन्ग प्ले कर दो।
- 3:06:30उसके बाद आपने एक इंस्ट्रक्शन दिया कि
- 3:06:34ब्राउज़र ओपन कर दो और फिर एक और आपने
- 3:06:37इंस्ट्रक्शन दिया सीपीू को कि जो एक बैक
- 3:06:41डायलॉग बॉक्स खुला हुआ था एक बैक विंडो जो
- 3:06:44खुली हुई थी इसको क्लोज कर दो। क्लियर? तो
- 3:06:47ये जो सीपीू डिसाइड कर पा रहा है, वो क्या
- 3:06:51डिसाइड कर पा रहा है कि बैक विंडो क्लोज
- 3:06:53करने को बोला हुआ है। सॉन्ग क्लोज नहीं
- 3:06:56करना है। ब्राउज़र ओपन रहेगा। बैक एंड पे
- 3:06:58सॉन्ग भी चलता रहेगा। यह सारी चीजें अगर
- 3:07:01सीपीयू को कमांड मिल पा रही है, सीपीयू
- 3:07:03डिसाइड कर पा रहा है तो कैसे कर पा रहा
- 3:07:05है? कंट्रोल यूनिट की ही वजह से वो डिसाइड
- 3:07:07कर पा रहा है कि कौन सा टास्क पहले
- 3:07:09परफॉर्म होगा, कौन सा बाद में परफॉर्म
- 3:07:11होगा। उसके बाद सीपीयू के तीसरे और आखिरी
- 3:07:14जो मेजर कंपोनेंट होते हैं उनमें से एक है
- 3:07:17रजिस्टर्ड या फिर मेमोरी यूनिट। आप इसे
- 3:07:20बोल सकते हो। देखिए वैसे तो कंप्यूटर में
- 3:07:22मेमोरी एक बिल्कुल अलग पार्ट होता है।
- 3:07:24मेमोरी का काम होता है आपके डाटा को स्टोर
- 3:07:28करना। एग्जांपल जैसे आपके कंप्यूटर में
- 3:07:31हार्ड डिस्क लगी हुई है। वो हार्ड डिस्क
- 3:07:33आपके डेटा को स्टोर करने का काम कर रही
- 3:07:36है। ठीक है? परमानेंटली डेटा को स्टोर कर
- 3:07:39रही है। आपने जो भी स्टोर करना है डेटा वो
- 3:07:41सब कुछ आपके हार्ड डिस्क में स्टोर होगा।
- 3:07:44लेकिन सीपीयू के पास अपनी खुद की स्टोरेज
- 3:07:48भी होती है। यह स्टोरेज बहुत छोटी सी होती
- 3:07:50है लेकिन होती है। तो सीपीयू की अपनी खुद
- 3:07:53की जो स्टोरेज है वही कहलाती है रजिस्टर्ड
- 3:07:57या इसी को आप मेमोरी यूनिट भी बोल सकते
- 3:07:59हो। तो आप ऐसे भी पढ़ सकते हो अर्थमैटिक
- 3:08:01लॉजिक यूनिट जो कि अर्थमैटिक ऑपरेशन
- 3:08:04परफॉर्म करती है। कंट्रोल यूनिट जो कि
- 3:08:07सारे टास्क को कंट्रोल और शेड्यूल करती है
- 3:08:10और तीसरी मेमोरी यूनिट जो कि सीपीयू के
- 3:08:13अंदर ही मेमोरी का काम करती है। अब सवाल
- 3:08:16यह है कि जब हमारे पास हार्ड डिस्क जैसी
- 3:08:19इतनी बड़ी मेमोरी है। उसके बाद भी सीपीयू
- 3:08:22को अपनी मेमोरी यूनिट की अलग से जरूरत
- 3:08:25क्यों पड़ती है? उसका कारण है कि सीपीयू
- 3:08:28के अपने बेसिक इंस्ट्रक्शंस जो होते हैं
- 3:08:31उनको वो अपनी ही मेमोरी यूनिट में होल्ड
- 3:08:34करता है। एग्जांपल के तौर पर जैसे मान
- 3:08:36लीजिए
- 3:08:39आप है आप कल को ऑफिस जाना शुरू करेंगे। जब
- 3:08:42आप सीजीएल में लग जाएंगे आप इंस्पेक्टर बन
- 3:08:45जाएंगे। आप ऑफिस जाएंगे। जब आप ऑफिस जा
- 3:08:48रहे हो तो आपको जो भी इंस्ट्रक्शन मिल रहे
- 3:08:50हैं आपके अधिकारी से मतलब आप उस टाइम पर
- 3:08:53सीपीयू की तरह काम कर रहे हो। ठीक है?
- 3:08:56आपको आपका अधिकारी इनपुट दे रहा है। आपने
- 3:09:00उसको प्रोसेस किया और अपने अधिकारी को
- 3:09:02आउटपुट के रूप में दे दिया। यही तो काम आप
- 3:09:04करोगे ना। ठीक है? तो आप एक तरीके से अपने
- 3:09:06ऑफिस में सीपीयू की तरह काम कर रहे हो।
- 3:09:09ठीक है? लेकिन एक बात बताइए ऑफिस जैसे ही
- 3:09:12खत्म होगा उसके बाद क्या आप बिल्कुल
- 3:09:14ब्लैंक हो जाओगे? उसके बाद क्या आपको कुछ
- 3:09:17याद ही नहीं रहेगा? क्या आप ऑफिस की
- 3:09:20सीढ़ियों में वहीं पर सो जाओगे? सुबह
- 3:09:22इंतजार करोगे। जैसे ही 10:00 बजे ऑफिस
- 3:09:24खुलेगा फिर दो सीढ़ी चढ़ के अंदर चले
- 3:09:26जाओगे और फिर प्रोसेसर की तरह काम करने
- 3:09:28लगोगे। ऐसे तो बात नहीं बनेगी। जैसे ही
- 3:09:31ऑफिस क्लोज होता है आपको पता है अब आपको
- 3:09:34अपने घर जाना है। घर जाने के बाद आपको एक
- 3:09:37अच्छी डाइट लेनी है। आपको पता है सुबह
- 3:09:40उठकर आपको एक्सरसाइज करनी है। इन सबका
- 3:09:43ऑफिस से कोई मतलब नहीं है। ठीक है? लेकिन
- 3:09:46यह आपके जीवन के लिए बहुत जरूरी चीजें
- 3:09:49होंगी। आप जाएंगे आप अपनी फैमिली को टाइम
- 3:09:51देंगे।
- 3:09:53ठीक है? तो, यह जो आपके बेसिक
- 3:09:55इंस्ट्रक्शंस जो हैं, यह आपकी कोर मेमोरी
- 3:09:58में होने चाहिए। मेमोरी यूनिट। इसी तरीके
- 3:10:01से सीपीयू के पास अपने खुद के रजिस्टर्स
- 3:10:04या फिर आप बोल सकते हो मेमोरी यूनिट होते
- 3:10:06हैं। जहां पर वो अपने कोर इंस्ट्रक्शंस को
- 3:10:08होल्ड करने का काम करता है। मेरी बात आई
- 3:10:11होप सभी लोग समझ गए होंगे। नमस्कार आप सभी
- 3:10:14को। नमस्कार।
- 3:10:16ठीक है। खुशबू का कहना है सर हिस्ट्री की
- 3:10:19क्लासेस वरुण सर की क्यों नहीं हो रही
- 3:10:21हैं? हिस्ट्री की क्या कोई क्लास भी नहीं
- 3:10:23हो रही थी बेटा तीन दिन से मुझे
- 3:10:26स्नोफीलिया तो पहले से ही है और पॉल्यूशन
- 3:10:29की वजह से अकर हो गया तो जिस वजह से मैं
- 3:10:32बेड रेस्ट पर चला गया था अभी कंडीशन खड़े
- 3:10:35होने लायक हो पाई है। मैं बहुत ज्यादा देर
- 3:10:38तक बोल नहीं सकता। तो सांस बहुत ज्यादा
- 3:10:41फूल रही है। यह कंडीशन है और दिल्ली में
- 3:10:44पॉल्यूशन इतना ज्यादा है तो लगभग हर कोई
- 3:10:46कहीं ना कहीं सफर कर रहा है। बट डोंट वरी
- 3:10:49पहले भी आपने देखा है क्लासेस को फिर मैं
- 3:10:52दो-दो तीन-तीन करके वीकेंड में लगाकर भी
- 3:10:54मैनेज कर लेता हूं। परेशान ना होइए। जल्दी
- 3:10:56से उसको भी कवर करेंगे और कल से सुबह से
- 3:10:58आपकी हिस्ट्री की क्लासेस होंगी।
- 3:11:01तो ध्यान रखेंगे इतना। सीपीू आपका तीन
- 3:11:04पार्ट्स में डिवाइडेड है। तीनों के काम
- 3:11:05क्या है? अब आपको यह पता है क्लियरली
- 3:11:08मैंने यहां पर लिख भी दिया है कि सीपीयू
- 3:11:10के अंदर स्थित तेज और छोटी मेमोरी यह होती
- 3:11:12है जो अस्थाई डाटा व निर्देश रखती है अपने
- 3:11:16लिए सीपीयू इसको अपने लिए यूज करता है नाउ
- 3:11:20फंक्शन ऑफ सीपीयू ये तो कंपोनेंट हो गए अब
- 3:11:23सीपीू के काम क्या होते हैं देखिए
- 3:11:26सीपीयू सबसे पहले यह है सीपीयू यह सबसे
- 3:11:29पहले क्या करता है फच करता है फच का मतलब
- 3:11:32डेटा जो आपने इंस्ट्रक्शन दिए हैं उसे
- 3:11:35उसको अपनी तरफ तरफ खींचता है। आपने यह
- 3:11:37सीपीयू को इंस्ट्रक्शन दिया अपनी इनपुट
- 3:11:40डिवाइस से। यह इंस्ट्रक्शन सीपीयू में गए।
- 3:11:45ठीक है? तो सीपीयू ने क्या किया? आपसे फैच
- 3:11:49किया ना डेटा। तो ये देखिए पहला स्टेप
- 3:11:52होता है फैच डेटा एंड इंस्ट्रक्शंस। जो भी
- 3:11:54आपने इंस्ट्रक्शन दिए हैं, जो भी आपने
- 3:11:56डेटा उसको दिया है, वह पहले उसको फैच
- 3:11:58करेगा। फच करने के बाद वो उसको डिकोड करता
- 3:12:01है। डिकोड का मतलब वो उसे अपनी भाषा में
- 3:12:05कन्वर्ट करता है। आपने तो उसे अंग्रेजी
- 3:12:08भाषा में इंस्ट्रक्शन दिए हुए हैं। आपके
- 3:12:10कीबोर्ड में तो ए बी सी डी ई एफ जी एच आई
- 3:12:12जे के एल एम एन ओ पी क्यू आर एस टी यू बी
- 3:12:15डब्ल्यू एक्स वाई जेड सब कुछ लिखा हुआ है।
- 3:12:171 2 3 4 5 6 7 8 9 0 सब लिखा हुआ है।
- 3:12:22लेकिन वो ना ही नंबर्स को समझता है। वो ना
- 3:12:26ही ए बी सी डी को समझता है ना ही हिंदी,
- 3:12:29अंग्रेजी, बंगाली, स्पेनिश, मलयाली कुछ
- 3:12:32नहीं समझता। वो क्या समझता है? वो समझता
- 3:12:35है सिर्फ बाइनरी को। किसको? बाइनरी को। तो
- 3:12:39आपके द्वारा दिए गए जितने भी इंस्ट्रक्शंस
- 3:12:41हैं वो उनको फेच करके डिकोड करता है। किस
- 3:12:44में डिकोड करेगा? बाइनरी में डिकोड करेगा।
- 3:12:47और जब वो बाइनरी में उसे डिकोड कर लेता है
- 3:12:49तो वह उसे समझ पाता है। पढ़ पाता है कि आप
- 3:12:52उससे कह क्या रहे हो? और जैसे ही वह डिकोड
- 3:12:55करता है देन वह आपके दिए हुए इंस्ट्रक्शंस
- 3:12:58को एग्जीक्यूट करता है मतलब प्रोसेस करता
- 3:13:01है और प्रोसेस करने के बाद फिर वो आपको
- 3:13:05आउटपुट दे देता है या अगर आपको आउटपुट
- 3:13:09नहीं चाहिए होगा तो आपकी मेमोरी में स्टोर
- 3:13:11कर देगा अगर आपको आउटपुट चाहिए होगा तो
- 3:13:13आउटपुट की फॉर्म में मिल जाएगा आपके
- 3:13:15मॉनिटर पे तो सीपीू की मेन फंक्शनिंग इस
- 3:13:18तरीके से इस साइकिल में काम करती है। सबसे
- 3:13:21पहले फेच आएगा, फिर डिकोडिंग आएगी, फिर
- 3:13:24प्रोसेस होगा और फिर लास्ट में आउटपुट या
- 3:13:26स्टोर होगा। अब इसमें क्वेश्चन पता है
- 3:13:29कैसे पूछा जाता है? क्वेश्चन फंसाता है
- 3:13:31कैसे? इनको आगे पीछे कर देगा। चार ऑप्शन
- 3:13:34देगा ऐसे और बोलेगा कौन सा एक सीपीयू
- 3:13:37फंक्शनिंग का सही सीक्वेंस है? तो आपको
- 3:13:40ध्यान रखना होगा नंबर वन पे हमेशा फच
- 3:13:42आएगा। नंबर दो पे डिकोड आएगा। नंबर तीन पे
- 3:13:45एग्जीक्यूट हमेशा आएगा और नंबर चार पे
- 3:13:48स्टोर या आउटपुट आएगा।
- 3:13:51पच जिसमें वह रिट्रीव करता है
- 3:13:53इंस्ट्रक्शंस फ्रॉम मेमोरी और बेसिकली कौन
- 3:13:56सी मेमोरी रैम से आपको मैं पहले भी पढ़ा
- 3:13:58चुका हूं इनपुट आउट आउटपुट डिवाइस वाले
- 3:14:01चैप्टर में मैंने आपको बताया था कि जब आप
- 3:14:03इनपुट देते हो तो आपके और सीपीयू के बीच
- 3:14:06में रैम होती है।
- 3:14:09तो आपके द्वारा दिए गए इंस्ट्रक्शन पहले
- 3:14:12रैम में जाते हैं। रैम आपके इंस्ट्रक्शंस
- 3:14:14को होल्ड करती है और उसके बाद वन बाय वन
- 3:14:17सीपीयू को भेजती रहती है सारे
- 3:14:19इंस्ट्रक्शंस। ठीक है? और जैसे ही आपका
- 3:14:22टास्क परफॉर्म हो गया, rेम आपके दिए हुए
- 3:14:24इंस्ट्रक्शंस को वनिश कर देती है, मतलब
- 3:14:26रिमूव कर देती है। यही तो रीजन है कि RAM
- 3:14:29क्या है? मेन मेमोरी कहलाती है। यह
- 3:14:31टेंपरेरी मेमोरी होती है। कुछ टाइम के लिए
- 3:14:34आपके दिए हुए इंस्ट्रक्शन को होल्ड करती
- 3:14:36है और उसके बाद उनको रिलीज कर देती है। यह
- 3:14:38परमानेंटली कोई भी डेटा स्टोर नहीं करती
- 3:14:41है। देन डिकोड। डिकोड में जो आपका सीपीयू
- 3:14:44है यह इंस्ट्रक्शंस को कन्वर्ट करता है
- 3:14:47इनू अ फॉर्म ऑफ सीपीयू दैट कैन
- 3:14:49अंडरस्टैंड। मतलब कौन सी भाषा में बाइनरी
- 3:14:52में वो क्या करता है? उसे डिकोड करता है।
- 3:14:54इसी भाषा में वह समझ पाता है। इसके बाद वह
- 3:14:57उसे एग्जीक्यूट करता है और बाद में वह
- 3:14:59स्टोर कर देता है।
- 3:15:05नाउ स्पीड एंड परफॉर्मेंस
- 3:15:08सीपीू की स्पीड हमेशा हर्ट्स में ही
- 3:15:11कंसीडर करी जाती है। वो डिपेंड करता है कि
- 3:15:15स्लो सीपीयू है या फास्टर है या और फास्टर
- 3:15:18है या फास्टेस्ट है। ठीक है? डिपेंड करता
- 3:15:21है बट वो हर्ट्ज में ही हमेशा कंसीडर करी
- 3:15:23जाएगी। जैसे कि मेगाहर्ट्ज हो गया, गीगाHz
- 3:15:26हो गया और किलोज्ज भी होता है। वो बहुत कम
- 3:15:29स्पीड होती है। उसके बाद मेगाHz होती है।
- 3:15:31फिर गीगाHz होती है। ऐसे
- 3:15:34मिलियन इंस्ट्रक्शंस पर सेकंड मतलब इसकी
- 3:15:37जो स्पीड है जो सीपीू की स्पीड जो मेजर हम
- 3:15:39करते हैं हमेशा वो किस में मेजर करते हैं?
- 3:15:42एमआईपीएस में करते हैं। एमआईपीएस का मतलब
- 3:15:45है मिलियन इंस्ट्रक्शंस पर सेकंड। हर एक
- 3:15:48प्रति सेकंड में सीपीयू कितने मिलियन
- 3:15:51इंस्ट्रक्शंस को प्रोसेस कर पा रहा है?
- 3:15:55यही उसकी स्पीड को दर्शाती है। जितने
- 3:15:58ज्यादा एमआईपीएस को वो एग्जीक्यूट कर पा
- 3:16:00रहा होगा उतना ही ज्यादा फास्ट सीपीू
- 3:16:03होगा। तो ऑलवेज रिमेंबर उसकी जो स्पीड है
- 3:16:07वो मेजर करी जाएगी हर्ट्ड्स में। और यह हम
- 3:16:10कैसे नापेंगे कि कौन सा सीपीू कितना तेज
- 3:16:12है वो हम एमआईपीएस के बेसिस पर नापते हैं।
- 3:16:15हायर क्लॉक स्पीड मींस फास्ट इंस्ट्रक्शंस
- 3:16:18प्रोसेसिंग। वही मैं आपको बता रहा हूं।
- 3:16:20एमआईपीएस जितने ज्यादा होंगे मतलब उतना ही
- 3:16:23तेज सीपीू है। मल्टी कोर सीपीयूस कैन
- 3:16:26परफॉर्म मल्टीपल टास्क साइमलटेनियसली।
- 3:16:28देखिए सीपीयू में भी टाइप होते हैं। एक
- 3:16:31होते हैं सिंगल कोर। सिंगल कोर सीपीू एक
- 3:16:34टाइम में एक ही टास्क को परफॉर्म कर
- 3:16:36पाएगा।
- 3:16:37जबकि जो मल्टीकोर सीपीूस हैं ये एक टाइम
- 3:16:41पर कई सारे ऑपरेशंस को परफॉर्म कर पाते
- 3:16:43हैं। साइमलटेनियसली एक साथ जैसे आपने थ्री
- 3:16:46इडियट में देखा होगा वायरस को एक ही टाइम
- 3:16:48पे दो जगहों पे लिख पा रहा है तो वो क्या
- 3:16:51है वो मल्टी कोर है। आप अगर एक टाइम पे एक
- 3:16:55ही लिख पा रहे हो दैट मींस आप क्या है? आप
- 3:16:57सिंगल कोर सीपीयू हो। तो सीपीू पर भी जो
- 3:17:00टाइप हैं उन टाइप्स को समझ लेते हैं।
- 3:17:02बेसिकली तीन टाइप के सीपीयू होते हैं।
- 3:17:05सबसे पुरानी कैटेगरी हुआ करती थी सिंगल
- 3:17:07कोर सीpu। आज की डेट में इनका कोई यूज़
- 3:17:10नहीं है। कोई भी इनको अपने पास लाना नहीं
- 3:17:11चाहता। इवन मैं भी नहीं चाहूंगा कि ऐसा
- 3:17:13कंप्यूटर मेरे पास हो जो एक टाइम पे एक ही
- 3:17:16टास्क परफॉर्म करे। आज की डेट में जमाना
- 3:17:18ही है मल्टीमीडिया का। एक फोन के अंदर एक
- 3:17:21ही टाइम पर आप साइमलटेनियसली कितने भी
- 3:17:24टास्क परफॉर्म कर रहे होते हो। आपके फोन
- 3:17:27में बैक एंड में पीडीएफ भी खुली होती है।
- 3:17:29WhatsApp भी खुला होता है। दोस्त से
- 3:17:31बातचीत भी चल रही है। पीडीएफ भी देखते जा
- 3:17:34रहे हैं और पता लगा क्लास भी देख रहे हैं।
- 3:17:36YouTube भी खुला हुआ है। 10 तरीके की
- 3:17:38चीजें एक ही टाइम पर खुली हुई हैं। क्यों?
- 3:17:40क्योंकि यह आपका क्वाड कोर प्रोसेसर पर
- 3:17:43काम कर रहा है या जिसको मल्टी कोर
- 3:17:44प्रोसेसर या मल्टी कोर सीपीू बोलते हैं।
- 3:17:47तो से सबसे पहले सिंगल कोर सीपीू चला करते
- 3:17:50थे जिसमें एक टाइम पे एक ही टास्क परफॉर्म
- 3:17:52हो पाते थे। उसके बाद फिर मार्केट में
- 3:17:55ड्यूल कोर सीपीू आए। ड्यूल कोर सीपीू में
- 3:17:57क्या हुआ कि दो टास्क हम परफॉर्म करने
- 3:18:00लगे। फिर ड्यूल कोर की ही कैटेगरी में तीन
- 3:18:04चार पांच टास्क तक भी हम परफॉर्म कर पाते
- 3:18:06थे। लेकिन फिर इनमें लैग होने लगा।
- 3:18:10लेकिन आज की डेट में हम लोग क्वाड कोर में
- 3:18:12काम कर रहे हैं। इसी को हम लोग मल्टी कोर
- 3:18:14सीpूस बोलते हैं। आप इसमें n नंबर ऑफ
- 3:18:18टास्क परफॉर्म कर सकते हो। डिपेंड ऑन योर
- 3:18:20सीपीू। आपके सीपीू की परफॉर्मेंस जैसी है
- 3:18:23उस बेसिस पर आप उतने ही इंस्ट्रक्शंस पर
- 3:18:26सेकंड इससे प्रोसेस करा सकते हो। मतलब
- 3:18:28उतने ही ज्यादा ऑपरेशन एक टाइम पर परफॉर्म
- 3:18:31करा सकते हो। तो ध्यान रखिएगा मल्टीपल
- 3:18:33ऑपरेशंस अगर साइमलटेनियसली परफॉर्म हो रहे
- 3:18:35हैं तो मतलब वो कौन सा सीpu है? वो कॉर्ड
- 3:18:38कोर CPU है। कौन सा है? क्वाड कोर CPU।
- 3:18:41ठीक है?
- 3:18:45नाउेंस ऑफ सीपीू मुझे नहीं लगता कि आपको
- 3:18:48इतना ज्यादा समझने की जरूरत है कि इसकीेंस
- 3:18:51क्या है। आपकी बॉडी से अगर आपका दिमाग ही
- 3:18:54हटा दिया जाए तो आपकी बॉडी खड़ी ही रहेगी।
- 3:18:56एक कदम भी चल नहीं पाएगी।
- 3:18:59मेरी नाक में खुजली हो रही है। मैं ऐसे
- 3:19:01खुजली भी नहीं कर पाऊंगा।
- 3:19:04मैं बोल भी नहीं पाऊंगा। मैं अपना हाथ भी
- 3:19:06इधर-उधर नहीं कर पाऊंगा। अगर मेरा ब्रेन
- 3:19:09ही नहीं है तो।
- 3:19:11बस यही सेमेंस है आपके कंप्यूटर में सीपीू
- 3:19:14की। सीपीयू के बिना कंप्यूटर कोई काम नहीं
- 3:19:17कर सकता है। बेटा बिकॉज़ इट इज द ब्रेन ऑफ
- 3:19:19कंप्यूटर। इट इफेक्ट्स ओवरऑल सिस्टम स्पीड
- 3:19:23एंड परफॉर्मेंस। हमारा जो कंप्यूटर है, वह
- 3:19:27ओवरऑल जिस स्पीड से काम कर रहा है, जो भी
- 3:19:29परफ़ॉर्मेंस दे रहा है, वह सब कुछ सीपीू पर
- 3:19:32ही बेस्ड है।
- 3:19:34एसेंशियल फॉर ऑल कंप्यूटिंग टास्क फ्रॉम
- 3:19:37बेसिक ऑपरेशंस टू एडवांस एप्लीकेशनेशंस या
- 3:19:41फिर मल्टीटास्किंग जिसको बोलते हैं। हर एक
- 3:19:43चीज आपके CPU पर ही बेस्ड है।
- 3:19:46आपने कंप्यूटर का बटन ऑन किया तब से
- 3:19:50बूटिंग जैसे होती है वहां से लेकर चाहे आप
- 3:19:53जितनी भी बड़ी मल्टीटास्किंग करें अपने
- 3:19:55कंप्यूटर में सब कुछ सीपीू पर ही बेस्ड
- 3:19:58है। अगर सीपीू ऑन नहीं होगा तो आपका
- 3:20:01कंप्यूटर बूट तक नहीं कर पाएगा। मतलब ओपन
- 3:20:03तक नहीं हो पाएगा।
- 3:20:06यहेंस है। यह तो बात हो गई। इतने टाइम में
- 3:20:09अभी हम लोगों ने बात करी सीपीू। सीपीयू के
- 3:20:12फंक्शनंस क्या है? कंपोनेंट्स क्या हैं?
- 3:20:14स्पीड किस में नापते हैं? टाइप्स ऑफ सीपीू
- 3:20:17क्या है? अब इसके बाद बात करते हैं हम लोग
- 3:20:19पोर्ट्स की या इन्हीं को कनेक्टर्स बोला
- 3:20:22बोला जाता है। आप लोगों ने इस तरीके के
- 3:20:24पोर्ट देखे होंगे जगह-जगह पर। ठीक है?
- 3:20:27पहले पहचान लेते हैं कि किस पोर्ट को किस
- 3:20:30नाम से जाना जाता है। ठीक है? इस तरीके का
- 3:20:33अगर आपको पोर्ट दिखाई दे रहा है, यह इस
- 3:20:35तरीके का पोर्ट। तो, इसको क्या बोलते हैं?
- 3:20:38इसको बोलते हैं थंडरबोट पोर्ट। क्या बोलते
- 3:20:40हैं? थंडरबोर्ड पोर्ट।
- 3:20:45यह आपका गेमिंग पर्पस से भी यूज किया जाता
- 3:20:47है। हाई विजुअल्स डिस्प्ले के लिए भी यूज
- 3:20:51किया जाता है। इसके बाद यह वाला आपने देखा
- 3:20:54होगा आई एम वेरी श्योर एसडीएमआई कई लोगों
- 3:20:56के आप में से अगर लैपटॉप पुराने होंगे तो
- 3:20:59उन पुराने लैपटॉप्स में यह एसडीएमआई पोर्ट
- 3:21:02आता था।
- 3:21:04हाई डेफिनेशन मल्टीमीडिया इंटरफेस
- 3:21:08प्रोजेक्टर ऑन करने के लिए। ठीक है? या
- 3:21:11आपको अपनी डिवाइस से दूसरी डिवाइस पर
- 3:21:13कनेक्ट करना है। एग्जांपल कई बार आपने
- 3:21:16देखा होगा। अच्छा ऐसे मान लो जैसे अभी हम
- 3:21:18लोगों ने दिल्ली में मीट अप किया था। ठीक
- 3:21:20है? सिलेक्शन वे टीम का जब मीट अप था तो
- 3:21:23आपने देखा होगा
- 3:21:26उसमें एक बहुत बड़ी स्क्रीन थी। उस बड़ी
- 3:21:29स्क्रीन में आपको पीपीटीज दिखाई जा रही
- 3:21:31थी। तो वह बड़ी स्क्रीन पर आपको कैसे दिख
- 3:21:34रहा है पीपीटी? साइड में एक छोटा लैपटॉप
- 3:21:37रखा हुआ था। पीपीटी लैपटॉप पर थी।
- 3:21:41लेकिन हमें उसी पीपीटी को शो करना है उस
- 3:21:43बड़ी स्क्रीन पर। तो हम किसके थ्रू कनेक्ट
- 3:21:45कर रहे हैं? एसडीएमआई पोर्ट के थ्रू कर
- 3:21:47रहे हैं कनेक्ट। ठीक है? तो आपको अपने
- 3:21:50सिस्टम के विजुअल्स एक बड़ी फ्लैश स्क्रीन
- 3:21:54पर ले जाना है। तो उसके लिए एसडीएमआई यूज़
- 3:21:57करते हैं।
- 3:21:58यह आपका नॉर्मल डिस्प्ले पोर्ट है।
- 3:22:01डिस्प्लेइंग पर्पस से इसका भी यूज़ किया
- 3:22:02जाता था। USB पोर्ट आप लोग जानते ही हैं।
- 3:22:05आज की डेट में थोड़ा आउटडेटेड हो रहा है।
- 3:22:07पहले USB पोर्ट ही अभी करीब 3-4 साल पहले
- 3:22:10तक भी अच्छे से चलता था। लेकिन अब USB
- 3:22:12पोर्ट की जगह किसने ले ली है? टाइप सी ने
- 3:22:14ले ली है। ठीक है? यह आज की डेट में यह चल
- 3:22:17रहा है। USB टाइप सी। आप देखिए आपके
- 3:22:19मोबाइल के चार्जर वगैरह सब इसी टाइप सी के
- 3:22:21आने लगे हैं। इसको लाइटनिंग पोर्ट बोलते
- 3:22:24हैं। यह आपके जो गोल वाले होते हैं,
- 3:22:26लैपटॉप में लगे आपने देखे होंगे। इनमें से
- 3:22:29एक आपका स्पीकर का होता है। एक आपका माइक
- 3:22:31का होता है। यह गोल वाले देन USB टाइप सी
- 3:22:34यूएफसी USB टाइप ए और टाइप ए के बाद आज की
- 3:22:38डेट में टाइप सी चल रहा है। तो पहले USB
- 3:22:40था USB के बाद USB टाइप ए आया और टाइप ए
- 3:22:43के बाद USB टाइप सी इस टाइम पर चल रहा है।
- 3:22:46यह वाला जो पोर्ट होता है, इसको माइक्रो
- 3:22:48USB बी बोलते हैं। यह बहुत कम आपने देखा
- 3:22:51होगा। स्पेशली प्रोफेशनलल्स डिवाइसेस में
- 3:22:54इसका यूज किया जाता है। जनरली आपको यह
- 3:22:57देखने को नहीं मिलेगा। और यह वाला जो
- 3:22:59पोर्ट होता है, यह होता है ईथर का। यह
- 3:23:01आपके लैपटॉप में होगा पीछे पोर्ट। कई
- 3:23:04लोगों के अगर लैपटॉप थोड़े से भी पुराने
- 3:23:05होंगे, तो ईथर का होगा। आज भी जो नॉर्मल
- 3:23:08लैपटॉप्स आते हैं, उसमें ईथर का पोर्ट
- 3:23:10देना बंद कर दिया गया है। क्यों? क्योंकि
- 3:23:13दरअसल जब आपको लन केबल यूज़ करना होता है।
- 3:23:16लन केबल का मतलब इंटरनेट वाली केबल जब
- 3:23:19आपको यूज करनी होगी। ठीक है? तो आप ईथर
- 3:23:22वाले ही पोर्ट का यूज करोगे।
- 3:23:25अब देखिए
- 3:23:27दो तरीके से आप इंटरनेट यूज करते हो।
- 3:23:31इंटरनेट हम कितने तरीके से यूज करते हैं?
- 3:23:34दो तरीके से। एक तो हम वायर बेस्ड इंटरनेट
- 3:23:36यूज करते हैं और दूसरा हम लोग वायरलेस
- 3:23:40बेस्ड यूज करते हैं। ठीक है? आज की डेट
- 3:23:43में मैक्सिमम लोग वायरलेस इंटरनेट यूज कर
- 3:23:46रहे हैं। ठीक है? आपके घर में भी राउटर
- 3:23:49लगा होगा, मॉडम लगा होगा। आप वाईफाई जिसको
- 3:23:52बोलते हो आम भाषा में। तो वो जो वाईफाई है
- 3:23:55वह वाई-फाई के जो इंस्ट्रक्शंस हैं वो
- 3:23:58पूरे आपके घर में घूम रहे हैं रेस के
- 3:24:00फॉर्म में। ठीक है? कोई भी अपनी डिवाइस
- 3:24:03उससे कनेक्ट कर सकता है। आपके घर में हर
- 3:24:05कोई मोबाइल से उसे कनेक्ट कर लेता है
- 3:24:07वाई-फाई को। आपका भी मोबाइल या लैपटॉप ऐसे
- 3:24:10ही कनेक्टेड होगा। दैट मींस कि आप
- 3:24:12वायरलेसली इंटरनेट यूज़ कर रहे हो। जबकि
- 3:24:15दूसरी तरफ क्या है? आपके पास एक वायर का
- 3:24:17ऑप्शन भी होता है। जहां पर आपके घर में
- 3:24:19मॉडम रखा होगा इंटरनेट का। उसी में एक
- 3:24:22वायर का ऑप्शन भी होगा। उसके लिए आपको कैट
- 3:24:25सिक्स वायर लाना होगा। उस कैट सिक्स वायर
- 3:24:27को आप लाके एक तरफ उससे कनेक्ट करोगे, एक
- 3:24:30तरफ अपने लैपटॉप से कनेक्ट करोगे। तो आपके
- 3:24:33लैपटॉप में अब जो इंटरनेट एक्सेस हो रहा
- 3:24:35है, ठीक है? अब जो इंटरनेट एक्सेस हो रहा
- 3:24:38है आपके लैपटॉप में वो वायर बेस्ड होगा।
- 3:24:42उसी को हम लोग आम भाषा में लन केबल बोल
- 3:24:44देते हैं। लोकल एरिया नेटवर्क केबल बोल
- 3:24:46देते हैं। दरअसल वह होती है कैट सिक्स
- 3:24:48वायर।
- 3:24:50अब कई लोगों के दिमाग में आ रहा होगा सर
- 3:24:52वायर का यूज़ ही क्यों करना? देखिए वायरलेस
- 3:24:55फिजिबल है। यह मानते हैं। यही रीज़न है कि
- 3:25:00आज की डेट में मैक्सिमम लोग वायरलेस ही
- 3:25:02यूज़ कर रहे हैं। वायरलेस फिजिबल है। आप
- 3:25:04चलते फिरते आराम से यूज़ करते रहिए। लेकिन
- 3:25:07हमेशा ध्यान रखना वायरलेस में स्पीड जो
- 3:25:10होगी वह कॉम्प्रोमाइज होगी हमेशा आपकी।
- 3:25:14स्पीड फ्लक्चुएट होगी।
- 3:25:17आपका राउटर दूसरे कमरे में रखा है। आपके
- 3:25:19हाथ में मोबाइल है। दोनों के बीच में कोई
- 3:25:24मीडियम नहीं है। ध्यान रखिएगा। मतलब कोई
- 3:25:26फिजिकल मीडियम नहीं है। वर्चुअल मीडियम
- 3:25:29है। वायरलेस मीडियम है। और वर्चुअल हमेशा
- 3:25:32क्या होगा? इस नोड पर चलेगा।
- 3:25:37फ्रीक्वेंसी हमेशा इसी नड पर चलेगी। कभी
- 3:25:40ज्यादा आएगी, कभी कम आएगी, कभी ज्यादा,
- 3:25:42कभी कम। लेकिन फिजिकल मोड हमेशा इस नड पे
- 3:25:46चलता है। सीधा एक्यूरेट।
- 3:25:50जब आप फिजिकली वायर से जब डिवाइस अपनी
- 3:25:53कनेक्ट करते हो, वहां पर आपको इंटरनेट
- 3:25:56स्पीड एक्यूरेट मिलेगी। एग्जांपल मैं आपको
- 3:25:58बताता हूं। जैसे आपके घर में आपने जो
- 3:26:01वाई-फाई लिया होगा, वो वाई-फाई अपने आप
- 3:26:03में कुछ प्लान होगा। हो सकता है आप में से
- 3:26:05किसी ने 100 Mbps का डाटा लिया हो। किसी
- 3:26:08ने 200 Mbps का डाटा प्लान लिया हो। ठीक
- 3:26:13है? लेकिन जब आप वायरलेस पे चेक करने
- 3:26:16जाओगे तो मान लेते हैं अगर आपने 100 Mbps
- 3:26:19का प्लान लिया है और आप वायरलेस पे उसे
- 3:26:21चेक करोगे वो आपको 60 मिलेगा या 50
- 3:26:25मिलेगा। कई बार तो हो सकता है आपको 30 ही
- 3:26:28मिले। इतना इतना कम भी मिलता है।
- 3:26:33लेकिन आप जैसे ही वायर के थ्रू कनेक्ट
- 3:26:35करोगे आपको वो 100 ही मिलेगा।
- 3:26:39तो कंपनीज़ जो इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर
- 3:26:42हैं वो जो आपको प्लान बेचते हैं वो किस
- 3:26:46बेसिस पर टेस्ट करके बेचते हैं? वायर
- 3:26:49बेसिस पर। क्योंकि वायरलेस की जिम्मेदारी
- 3:26:52नहीं हो सकती है। वायरलेस की कोई
- 3:26:54रिस्पांसिबिलिटी ले सकता है। बताइए।
- 3:26:58जो वायरलेस है वह तो आपके एटमॉस्फियर पर
- 3:27:00डिपेंड कर रहा है। वह कोई फिजिकल मीडियम
- 3:27:02तो है नहीं। और एटमॉस्फियर में बहुत सारी
- 3:27:05चीजें हैं। n नंबर ऑफ थिंग्स हैं। पानी
- 3:27:08बरसने लगे, वैक्यूम क्रिएट हो जाए, कुछ भी
- 3:27:11हो सकता है। ठीक है? क्लियर हो रही है
- 3:27:14बात?
- 3:27:16तो, ईथरनेट हमेशा कहां पर यूज़ होता है?
- 3:27:19आपका फिजिकल मीडियम के लिए। इवन यह जितने
- 3:27:22भी पोर्ट है, यह सब फिजिकल मीडियम के लिए
- 3:27:23ही यूज होते हैं।
- 3:27:27नाउ पोर्ट्स की डेफिनेशन क्या है? बेसिकली
- 3:27:30अ पोर्ट इज अ फिजिकल और लॉजिकल कनेक्शन
- 3:27:33पॉइंट थ्रू व्हिच डेटा एंटर्स और लीव अ
- 3:27:36सिस्टम।
- 3:27:38मैं अगर आपको आम भाषा में समझाना चाहूं
- 3:27:44तो आप ऐसे समझो
- 3:27:46मैंने कहा यह आपका घर है।
- 3:27:49यह आपका घर है। ठीक है भाई कोई दिक्कत
- 3:27:52नहीं है। घर बना हुआ दिख रहा है।
- 3:27:56इस घर के अंदर एंटर कहां से करोगे?
- 3:28:00सोचो। आपके घर में चारों तरफ बड़ी-बड़ी
- 3:28:02दीवारें खड़ी हैं। नीचे से ऊपर तक पूरी
- 3:28:04दीवार पैक। एक भी विंडो नहीं है। एक भी
- 3:28:07डोर नहीं है। घर तो बन गया। अब एंटर कहां
- 3:28:10से करोगे घर के अंदर? कोई आया है उसको घर
- 3:28:14के अंदर अपने कैसे ले जाओगे?
- 3:28:16नहीं ले जा पाओगे ना।
- 3:28:19सिमिलरली यह आपका कंप्यूटर है। इस
- 3:28:23कंप्यूटर के अंदर कुछ भी कैसे जाएगा? कोई
- 3:28:27भी इंस्ट्रक्शन कैसे जाएंगे? कोई भी मैसेज
- 3:28:29कैसे आएगा? आपका यह मोबाइल है। यह मोबाइल
- 3:28:32भी आपका कंप्यूटर है। इस मोबाइल के अंदर
- 3:28:36अगर कोई ईमेल आएगा तो आएगा कैसे? इस
- 3:28:39मोबाइल के अंदर अगर आप मुझे WhatsApp
- 3:28:41मैसेज भेज रहे हो तो आएगा कैसे? जब तक
- 3:28:43आएगा नहीं तब तक मैं पढ़ नहीं पाऊंगा।
- 3:28:46कैसे?
- 3:28:48इन्हीं सारी चीजों को बाईपास करने के लिए
- 3:28:50आपके कंप्यूटर में पोर्ट होता है और
- 3:28:53सिमिलरली आपके घर में क्या होता है? गेट
- 3:28:55होता है। आपके घर में गेट ही है जिसकी वजह
- 3:28:58से आप अंदर जा पा रहे हो। तो आपके
- 3:29:01कंप्यूटर का गेट क्या है? पोर्ट है
- 3:29:05जो कि एक तरीके से फिजिकल और लॉजिकल
- 3:29:08कनेक्शन पॉइंट है जिसके थ्रू कुछ भी एंटर
- 3:29:11हो रहा है या फिर उससे बाहर जा रहा है। इन
- 3:29:14कंप्यूटिंग अ पोर्ट इनेबल्स कम्युनिकेशन
- 3:29:16बिटवीन अ कंप्यूटर एंड एक्सटर्नल डिवाइसेस
- 3:29:20और बिटवीन सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन ओवर अ
- 3:29:22नेटवर्क।
- 3:29:24अगर आपके कंप्यूटर में कुछ भी इंस्ट्रक्शन
- 3:29:27आ पा रहे हैं या वहां से जा पा रहे हैं
- 3:29:29जस्ट बिकॉज़ ऑफ़ पोर्ट। पोर्ट अगर नहीं होगा
- 3:29:31तो कुछ भी नहीं परफॉर्म हो पाएगा। यह
- 3:29:36ठीक है भाई? क्लियर है?
- 3:29:41आगे देखिए। अब इसमें भी दो तरीके के पोर्ट
- 3:29:44होते हैं। अभी तक आप जितने भी पोर्ट देख
- 3:29:47रहे हो वो सब फिजिकल पोर्ट थे।
- 3:29:50जबकि दूसरी तरफ लॉजिकल पोर्ट्स भी होते
- 3:29:52हैं।
- 3:29:55जैसे अभी मैंने आपको बताया ना कि इंटरनेट
- 3:29:58आप दो तरीके से यूज कर सकते हो। एक वायर
- 3:30:01मीडियम और दूसरा वायरलेस मीडियम।
- 3:30:04तो यह जो है आपका यह फिजिकल पोर्ट्स होते
- 3:30:07हैं। यह वायर बेसिस पर होते हैं। जबकि
- 3:30:09दूसरी तरफ यह आपके लॉजिकल पोर्ट्स होते
- 3:30:12हैं। यह आपके वायरलेस पोर्ट्स होते हैं।
- 3:30:15इनको नेटवर्क या सॉफ्टवेयर बेस्ड पोर्ट
- 3:30:17कहा जाता है।
- 3:30:20दोनों से आप वही काम करते हो। लेकिन फॉर द
- 3:30:24फ्लेक्सिबिलिटी ऑफ ऑपरेशंस आप दोनों को ही
- 3:30:27यूज करते हो। फिजिकल पोर्ट्स आर एक्चुअल
- 3:30:30कनेक्टर्स ऑन अ कंप्यूटर और डिवाइस यूज्ड
- 3:30:33टू अटैच पेरिफेरल। भाई जाहिर सी बात है यह
- 3:30:36फिजिकल पोर्ट है। तो यहां पर कुछ ना कुछ
- 3:30:38आप प्लग करोगे और प्लग करके दूसरी डिवाइस
- 3:30:40को कनेक्ट करोगे इससे। अगर आपको स्पीकर
- 3:30:43कनेक्ट करना है तो आप यह वाला पोर्ट ले
- 3:30:45लोगे।
- 3:30:47अगर आपको एक बड़ी डिवाइस में दिखाना है
- 3:30:50अपना डिस्प्ले करना है डाटा तो आप यह वाला
- 3:30:52पोर्ट ले लोगे। यह वाला ले लोगे। यह वाला
- 3:30:54ले लोगे। अगर आपको इंटरनेट यूज करना है
- 3:30:57वायर्ड मीडियम से तो आप यह वाला पोर्ट ले
- 3:30:59लोगे।
- 3:31:03सिमिलरली लॉजिकल पोर्ट्स जो हैं ये लॉजिकल
- 3:31:06पोर्ट्स वर्चुअल नंबर्स पर बेस्ड होते
- 3:31:08हैं। दैट आइडेंटिफाई स्पेसिफिक सर्विस और
- 3:31:11एप्लीकेशनेशंस ऑन अ नेटवर्क डिवाइस।
- 3:31:16यह कुछ इस तरीके से आइडेंटिफाई होते हैं।
- 3:31:18पोर्ट 80 एसटीp के लिए होता है। हाइपर
- 3:31:22टेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल
- 3:31:24पोर्ट 21 एफटीपी फाइल ट्रांसफर प्रोटोकॉल
- 3:31:28के लिए। पोर्ट 443 https
- 3:31:31हाइपर टेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल सिक्योर
- 3:31:34एस का मतलब यहां पर सिक्योर होता है।
- 3:31:38यह ज्यादा सिक्योर नेटवर्क माना जाता है।
- 3:31:41यह आपके डाटा को लॉस नहीं होने देता है।
- 3:31:43एसटीटीपीएस
- 3:31:45बैंकों की वेबसाइट्स में आप हमेशा एसटीटीp
- 3:31:47नहीं एसटीपीएस देखोगे। डिफेंस की वेबसाइट
- 3:31:51में एसटीटीपीएस देखोगे आप।
- 3:31:54पोर्ट 25 जो होता है यह आपका एसएमटीपी के
- 3:31:57लिए होता है। एसएमटीपी जिसको बोलते हैं
- 3:31:59सिंपल मेल ट्रांसफर प्रोटोकॉल। आपके
- 3:32:02कंप्यूटर में जितनी भी मेल्स रिसीव हो रही
- 3:32:04हैं वो सब सिंपल मेल ट्रांसफर प्रोटोकॉल
- 3:32:07के ही थ्रू हो रही हैं। इसी पोर्ट के
- 3:32:09थ्रू। आपके कंप्यूटर में जितनी भी इंटरनेट
- 3:32:12सर्विज आ रही हैं, वह सब एचटीटीपीएस के
- 3:32:14थ्रू आप आ रही हैं।
- 3:32:17आपको कोई WhatsApp में मैसेज आ रहा है,
- 3:32:20वीडियो कॉल आ रही है, वो सब एचटीटीपीएस
- 3:32:23वाले पोर्ट से आ रही है। मतलब पोर्ट 443
- 3:32:25से आ रही है। जो भी मेल आ रही है वो सब
- 3:32:28पोर्ट 25 से आ रही है। कोई भी नॉर्मल फाइल
- 3:32:31आ रही है डेटा की तो वो पोर्ट 21 से आ रही
- 3:32:33है जिसको फाइल ट्रांसफर प्रोटोकॉल बोलते
- 3:32:35हैं।
- 3:32:36तो फिजिकल हो या लॉजिकल हो पोर्ट्स
- 3:32:39अल्टीमेटली काम एक ही कर रहे हैं। आपके
- 3:32:41कंप्यूटर के अंदर इंफॉर्मेशन को इन और आउट
- 3:32:45करने का काम कर रहे हैं।
- 3:32:50अब इनमें भी अगर पोर्ट्स की हम बात करें
- 3:32:52विद नंबर ऑफ पिंस। कई बार हमसे ये
- 3:32:54क्वेश्चन पूछा जाता है कि कौन से पोर्ट
- 3:32:56में कितनी पिन होती हैं। तो यहां पर कुछ
- 3:32:59चीजें हैं। ये आपको लर्न ही करनी होंगी।
- 3:33:01ठीक है? दो-तीन बार आप देखेंगे आप समझ
- 3:33:03जाएंगे। इस तरीके के पोर्ट्स आपने हमेशा
- 3:33:05देखे होंगे। पहले आपका USB नॉर्मल चलता
- 3:33:08था। फिर टाइप ए आया, टाइप बी आया। आज की
- 3:33:11डेट में USB टाइप सी चल रहा है। ठीक है?
- 3:33:14USB टाइप ए में चार पिन हुआ करती थी। USB
- 3:33:18टाइप बी में फोर पिन इसमें भी हैं। फिर
- 3:33:20मिनी ए में पांच पिन हुई। मिनी बी में चार
- 3:33:23और पांच पिन दोनों के ऑप्शन थे। माइक्रो ए
- 3:33:26USB जो है इसमें पांच पिन होती हैं।
- 3:33:29माइक्रो B में भी पांच पिन होती हैं। और
- 3:33:31आज की डेट में जो टाइप सी चल रहा है इसमें
- 3:33:3324 पिन है। यह कहीं ज्यादा बेहतर है। यह
- 3:33:37आपके डाटा पैकेट्स को संभाल कर रखता है।
- 3:33:40आपके डाटा पैकेट को लॉस नहीं होने देता
- 3:33:42है। टाइप सी
- 3:33:45टाइप सी में यही रीजन है कि आप देखोगे
- 3:33:47चार्जिंग भी ज्यादा बेहतर हो पा रही है।
- 3:33:49क्यों? क्योंकि यह 24 पिन बेस्ड है।
- 3:33:53USB टाइप सी।
- 3:33:55तो एक चीज ध्यान रखना सबसे कम पिन किसमें
- 3:33:58है? USB टाइप ए एंड टाइप बी में। और सबसे
- 3:34:01ज्यादा पिन किसमें है? USB टाइप सी में
- 3:34:03सबसे ज्यादा पिन है। एसडीएमआई केबल जो कि
- 3:34:06यह वाली आपकी होती है एसडीएमआई
- 3:34:09जिसकी मदद से आप अपनी छोटी सी डिवाइस से
- 3:34:12एक बड़े प्रोजेक्टर में भी आप दिखा सकते
- 3:34:14हो पूरी डिस्प्ले। तो वो एसडीएमआई में
- 3:34:18कितनी पिन होती हैं? 19 पिन होती हैं
- 3:34:20इसमें।
- 3:34:21जबकि वीजीए जिसको बोलते हैं वीडियो
- 3:34:24ग्राफिक्स एरे इसमें 15 पिनस होती हैं।
- 3:34:26वीजीए भी बहुत कम यूज होता है। स्पेशली
- 3:34:30पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन शो करने के लिए
- 3:34:32ऑफिस वगैरह में या स्कूल में,
- 3:34:34यूनिवर्सिटीज में इसका यूज़ पहले किया जाता
- 3:34:36था। अब इसकी जगह पर वीजीए की जगह पर
- 3:34:38एसडीएमआई ही यूज़ होती है। क्योंकि वीजीए
- 3:34:41से ज्यादा बेहतर क्वालिटी है हाई डेफिनेशन
- 3:34:43मल्टीमीडिया इंटरफेस की। यही रीजन है कि
- 3:34:46उसे एसडीएमआई ही बोला जाता है।
- 3:34:51इसके अलावा डीवीआई डिजिटल विजुअल इंटरफेस
- 3:34:54यह आपका कैमरा पर्पस के लिए यूज किया जाता
- 3:34:57है। जैसे मान लीजिए कल को आप अपने घर में
- 3:35:03सीसीटीवी कैमरे लगवाएंगे तो आप उन सभी
- 3:35:07कैमरों का एक्सेस हो सकता है एक जगह पर
- 3:35:09लें। अपने घर में आपने कहा कि यार एक काम
- 3:35:12करो मेरे कमरे पर एक टीवी स्क्रीन लगा दो।
- 3:35:17या आपने देखा होगा दुकानों में, होटलों
- 3:35:19में कई बार आपने देखा होगा एक स्क्रीन में
- 3:35:21कई सारे कैमरे व्यूज आ रहे होते हैं। तो
- 3:35:25वहां पर एक डिवाइस मौजूद होती है जिसको हम
- 3:35:27लोग बोलते हैं डीवीआर डिजिटल वीडियो
- 3:35:30रिकॉर्डर।
- 3:35:32और वो दरअसल कौन से पोर्ट्स के ऊपर काम
- 3:35:35करता है? वो करता है डीवीआई के ऊपर जिसको
- 3:35:38बोलते हैं डिजिटल विजुअल इंटरफेस। यह 24
- 3:35:41पिन बेस्ड होता है ये।
- 3:35:4324 पिन इतनी ज्यादा पिन इसीलिए है क्योंकि
- 3:35:46यह मल्टीपल वीडियोस को वन स्क्रीन में फैच
- 3:35:49करता है।
- 3:35:51छठवां है आपका पैरेलल पोर्ट इनको बोला
- 3:35:54जाता है। 25 पिन के ये होते हैं। सातवां
- 3:35:57इसको पीएस2 पोर्ट बोला जाता है। बेसिकली
- 3:35:59इसमें छह पिन होती हैं। यहां पर देखिए यह
- 3:36:02वाले यह जो आपका सीपीयू कैबिनेट होता है
- 3:36:05ना अगर आपके पास लैपटॉप है तो आप किसी
- 3:36:08साइबर कैफे में जाकर देखिएगा। वहां पर रखे
- 3:36:11जो डेस्कटॉप कंप्यूटर है उनके बराबर में
- 3:36:13जो सीपीू कैबिनेट रखा है उसके पीछे आपको
- 3:36:15ये वाले पोर्ट मिलेंगे।
- 3:36:17माउस हो गया, कीबोर्ड के पोर्ट हो गए वो
- 3:36:19सब इसी में लगते हैं। तो इसमें कितनी पिन
- 3:36:22होती हैं? सिक्स पिन होती हैं। क्योंकि
- 3:36:24इतनी बड़ी और हैवी पेरिफेरल डिवाइस नहीं
- 3:36:26है। बहुत हल्की पेरिफेरल है। इसलिए केवल
- 3:36:28छह पिन में ही इनका काम हो जाता है। देन
- 3:36:31आपका लैन पोर्ट या ईथरनेट जिसको बोलते हैं
- 3:36:33जिसकी अभी मैं बात कर रहा था। इसमें आठ
- 3:36:36पिन होती हैं।
- 3:36:40नेक्स्ट है आपका आरसीए रेडियो बेस्ड जितने
- 3:36:43भी कम्युनिकेशन होते हैं वह सब इन पर होते
- 3:36:45हैं। आपने कई बार मूवीज वगैरह में देखा
- 3:36:48होगा। मूवी वगैरह में देखा होगा स्पाई
- 3:36:50मूवीज में ऐसे लगाते रहते हैं। कुछ
- 3:36:52निकालेंगे प्लग फिर लगा देंगे। फिर उसको
- 3:36:55घुमाएंगे फिर लगा देंगे। तो ये जो आपको
- 3:36:57प्लग दिखाई दे रहे हैं ये सब आपके रेडियो
- 3:37:00बेस्ड होते हैं। एक्चुअली आरसीए कांसेप्ट
- 3:37:02सबसे पहले अमेरिका में आया था। तो इसका
- 3:37:05नाम ही आरसीए अमेरिका बेस्ड रखा गया।
- 3:37:08रेडियो कोपरेशन ऑफ अमेरिका
- 3:37:10तीन पिन पर बेस्ड होता है यह। उसके बाद एक
- 3:37:13उसका अगला कंपोनेंट आया जिसको बोलते हैं
- 3:37:16कंपोनेंट वीडियो कनेक्टर। इसमें तीन पिन
- 3:37:18ही होती हैं केवल। देन आपने यह वाला
- 3:37:21चार्जर तो सभी ने देखा होगा। यह आपका
- 3:37:23एप्पल वाला है। इसको बोलते हैं एप्पल
- 3:37:26लाइटनिंग केबल। आठ पिन पर बेस्ड होता है
- 3:37:28यह। आप एप्पल का चार्जर देखेंगे। उसकी जो
- 3:37:31पिन होती है उसमें आप देखना आठ ऐसे खांचे
- 3:37:34बने होंगे। सिल्वर कलर के आगे जो बने
- 3:37:37होंगे तो वह आठ जो खांचे आपको दिखाई दे
- 3:37:39रहे हैं ना वही आठ पिन हैं। ठीक है?
- 3:37:42देन आ जाइए 3.5 एमएम ऑडियो जैक। यह तो हर
- 3:37:47किसी ने देखा होगा। आपकी जो हैंड्स फ्री
- 3:37:50वगैरह आती हैं जो आपकी केबल आती हैं कान
- 3:37:54में आप लगा के गाने वगैरह सुनते हो। उसमें
- 3:37:56आपने देखा होगा इस तरीके का होता है। तो
- 3:37:57यह अपने आप में एक ही पिन है। देखिए
- 3:38:01नेक्स्ट है आपका डिस्प्ले पोर्ट। इसमें
- 3:38:03आपकी 20 पिन होती हैं।
- 3:38:06तो इसमें नंबर ऑफ पिन थोड़ा सा ध्यान
- 3:38:08रखेंगे। अब आ जाते हैं फाइल एक्सटेंशन पर।
- 3:38:11देखिए फाइल एक्सटेंशन क्या होती है? आपके
- 3:38:13कंप्यूटर में बनी हुई कोई भी फाइल है। कोई
- 3:38:16भी फाइल मैं कह रहा हूं। हर एक फाइल के
- 3:38:19नाम के आगे
- 3:38:21डॉट जरूर होगा और डॉट के आगे कुछ ना कुछ
- 3:38:23लिखा होगा।
- 3:38:27डॉट डॉक हो सकता है, डॉट टेक्स्ट हो सकता
- 3:38:30है, डॉट मॉव हो सकता है, जेपीजी, जीआईएफ
- 3:38:33ये सारे आपके डॉट के आगे लगे हुए क्या
- 3:38:36हैं? एक्सटेंशन हैं। इन्हीं को हम लोग
- 3:38:39फाइल एक्सटेंशन बोलते हैं।
- 3:38:42फाइल एक्सटेंशन दरअसल फाइल के टाइप को शो
- 3:38:45करता है। कि यह फाइल किस तरीके की है और
- 3:38:48इसको कौन सा सॉफ्टवेयर सपोर्ट करेगा। फाइल
- 3:38:53एक्सटेंशन दरअसल आपके सीपीयू को यह बताता
- 3:38:57है कि इस फाइल को रीड करने के लिए आपके
- 3:39:01ऑपरेटिंग सिस्टम को कौन से सॉफ्टवेयर का
- 3:39:05यूज करना होगा। और उससे पहले आपको यह
- 3:39:08समझना जरूरी है व्हाट इज ऑपरेटिंग सिस्टम?
- 3:39:16भाई, मैं शुरू में ही कह चुका हूं। आप
- 3:39:18लोगों ने शायद बाद में क्लास ज्वाइन करी
- 3:39:20हुई है। मैं स्नोफीलिया से ग्रसित हूं। इस
- 3:39:24वजह से तीन दिन से क्लास नहीं हो पा रही
- 3:39:25है। मैं बेड रेस्ट पे चला गया था। आप लोग
- 3:39:28बाद में क्लास में आकर सभी लोग पूछ रहे
- 3:39:30हैं बाद में।
- 3:39:33ठीक है? कल से आपकी सुबह से हिस्ट्री की
- 3:39:35क्लास होने लगेगी।
- 3:39:38नहीं नोट्स मत बनाइए कंप्यूटर के। पहले
- 3:39:40दिन ही कहा था। आपका यहां पर पीडीएफ से
- 3:39:43काम चल जाएगा। लेकिन जीएस में नोट्स बनाने
- 3:39:46हैं। जीएस में अगर किसी ने नोट्स नहीं
- 3:39:48बनाए तो समझ लेना बेटा परिया तोड़ दूंगा
- 3:39:52एक-एक की।
- 3:39:55हां तो कंप्यूटर में तो इतनी छूट दे रहा
- 3:39:59हूं कि आप नोट्स ना बनाओ चल जाएगा। लेकिन
- 3:40:01जीएस में नोट्स नहीं बने।
- 3:40:05तो जिस दिन मिलोगे उस दिन गांठे टूटेंगी
- 3:40:08फिर एक-एक की।
- 3:40:12तो सबसे पहले समझते हैं ऑपरेटिंग सिस्टम
- 3:40:14भाई होता क्या है?
- 3:40:18ऑपरेटिंग सिस्टम एक ऐसा प्लेटफार्म है
- 3:40:21जिसके ऊपर आपके ऑपरेशंस जिसके ऊपर आपके
- 3:40:25सॉफ्टवेयर्स परफॉर्म होते हैं। अब
- 3:40:28सॉफ्टवेयर में भी
- 3:40:30इसको ऐसे नहीं है। आराम से समझिए।
- 3:40:35बेसिकली हम बात करते हैं सॉफ्टवेयर की।
- 3:40:38अगर
- 3:40:42ठीक है? तो सॉफ्टवेयर हमारे कितने तरीके
- 3:40:44के होते हैं? बेसिकली दो तरीके के। एक
- 3:40:51सिस्टम सॉफ्टवेयर
- 3:40:53और दूसरा
- 3:40:56एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर। ध्यान देना भाई यहां
- 3:40:58पर थोड़ा सा लॉजिक है यहां पर। एक सिस्टम
- 3:41:02सॉफ्टवेयर और दूसरे एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर।
- 3:41:05सिस्टम सॉफ्टवेयर कौन होते हैं? नाम से ही
- 3:41:08समझ जाइए। ऐसे सॉफ्टवेयर जो कि सिस्टम की
- 3:41:12हेल्प करने के लिए बने हुए हैं या ऐसे
- 3:41:15सॉफ्टवेयर कंप्यूटर में जो कि सिस्टम की
- 3:41:18ही हेल्प करते हैं। मतलब कंप्यूटर की ही
- 3:41:20हेल्प करते हैं। उनको बोलते हैं सिस्टम
- 3:41:23सॉफ्टवेयर।
- 3:41:25एग्जांपल
- 3:41:27इसका एग्जांपल है
- 3:41:30ऑपरेटिंग सिस्टम।
- 3:41:34ऑपरेटिंग सिस्टम आपके जितने भी हो गए।
- 3:41:37जिनसे सिस्टम आउटपुट लेता है। आप नहीं
- 3:41:40आउटपुट लेते हो। मैं और आप कौन है? एंड
- 3:41:43यूजर। कंप्यूटर क्या है? सिस्टम है। तो
- 3:41:47ऐसे सॉफ्टवेयर जो कि सिस्टम को हेल्प कर
- 3:41:50रहे हैं वो सिस्टम सॉफ्टवेयर की कैटेगरी
- 3:41:52में आते हैं। और इसका बेस्ट एग्जांपल है
- 3:41:54ऑपरेटिंग सिस्टम। ऑपरेटिंग सिस्टम जैसे कि
- 3:41:57Windows,
- 3:42:01Android,
- 3:42:06iPhone वाले iOS,
- 3:42:09Linux,
- 3:42:12िक्स ये सब क्या हो गए? आपके सिस्टम
- 3:42:14सॉफ्टवेयर
- 3:42:16जो कि सिस्टम की हेल्प कर रहे हैं। एक बात
- 3:42:18बताइए आपके कंप्यूटर में जो Windows है
- 3:42:20क्या उससे आपको कोई आउटपुट मिलता है? मुझे
- 3:42:23बताइए। कोई आउटपुट मिलता है? आज तक आपने
- 3:42:26Windows से कोई आउटपुट लिया? नहीं।
- 3:42:29डायरेक्ट आपने क्या आउटपुट ले लिया
- 3:42:31Windows से? कभी नहीं। कुछ Android से
- 3:42:34आपने कोई आउटपुट लिया? आपके फोन में
- 3:42:36Android है। कोई डायरेक्ट आउटपुट आप उससे
- 3:42:39लेते हो? नहीं।
- 3:42:42जबकि दूसरी तरफ क्या होते हैं?
- 3:42:45एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर वह होते हैं जो कि वि
- 3:42:49हेल्प्स
- 3:42:53टू यूजर। यह यूजर की मदद करते हैं जिनसे
- 3:42:58हम डायरेक्टली आउटपुट लेते हैं। एग्जांपल
- 3:43:04WhatsApp
- 3:43:07WhatsApp से आप डायरेक्ट आउटपुट लेते हो
- 3:43:08ना भाई? बिल्कुल ले रहे हो?
- 3:43:12जैसे कि
- 3:43:15सिलेक्शन वे ऐप
- 3:43:20सिलेक्शन वे ऐप इससे आप डायरेक्ट आउटपुट
- 3:43:22ले रहे हो। आप इसमें अपनी क्लासेस देखते
- 3:43:24हो। जैसे कि MS Office
- 3:43:30आपको पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन अपनी बनानी
- 3:43:32है। आपको लेटर लिखना है। किसी को वर्ड में
- 3:43:35टाइप करोगे। आपको
- 3:43:37गुणा भाग करना है। पूरा एक डाटा मेंटेन
- 3:43:39करना है। Excel में मेंटेन करोगे। तो यह
- 3:43:42सब वह सॉफ्टवेयर हैं जो कि डायरेक्ट आपकी
- 3:43:45हेल्प कर रहे हैं। जबकि यह वह सॉफ्टवेयर
- 3:43:47हैं जो कि आपके कंप्यूटर की हेल्प कर रहे
- 3:43:49हैं। सिस्टम की हेल्प कर रहे हैं।
- 3:43:54बट सवाल यह है कि ये दोनों एक साथ एक
- 3:43:57दूसरे की कंपैटिबिलिटी पर काम करते हैं।
- 3:44:01अलग-अलग काम नहीं करते हैं। अगर आपको
- 3:44:04एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर रन कराने हैं तो उसके
- 3:44:07लिए प्लेटफार्म आपका सिस्टम सॉफ्टवेयर का
- 3:44:10होना चाहिए।
- 3:44:14अगर सिस्टम सॉफ्टवेयर नहीं है तो
- 3:44:16एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर जो उसके ऊपर रन करते
- 3:44:18हैं वह रन ही नहीं कर पाएंगे।
- 3:44:22[हंसी] जैसे आपका घर है।
- 3:44:25ठीक है? इस घर में कई दीवारें हैं। यह सब
- 3:44:29दीवारें किसके ऊपर खड़ी हैं? यह सब
- 3:44:32दीवारें खड़ी हैं
- 3:44:34इस बेस के ऊपर। और यह जो बेस है यही है
- 3:44:38सिस्टम सॉफ्टवेयर।
- 3:44:42और इसके ऊपर क्या यह पिलर्स की तरह खड़े
- 3:44:45होते हैं? एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर।
- 3:44:49आप मुझे खुद बताइए।
- 3:44:52आपके मोबाइल पर YouTube चल पा रहा है।
- 3:44:56एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर है।
- 3:44:59Android चला WhatsApp चला पा रहे हो।
- 3:45:01एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर है। सिलेक्शन में ऐप
- 3:45:04चला पा रहे हो। एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर है।
- 3:45:06ये सब सॉफ्टवेयर चल क्यों पा रहे हैं?
- 3:45:08क्यों? क्योंकि आपके मोबाइल पे जो बेस
- 3:45:12सॉफ्टवेयर है वो सिस्टम सॉफ्टवेयर
- 3:45:14एंड्राइड है।
- 3:45:16आप अगर आपके लैपटॉप में अगर अगर आप क्लास
- 3:45:20देख पा रहे हो तो क्यों देख पा रहे हो?
- 3:45:22क्योंकि उसमें सिस्टम सॉफ्टवेयर एज अ बेस
- 3:45:24Windows काम कर रहा है।
- 3:45:29तो अगर आपको एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर रन कराने
- 3:45:32हैं तो उसके लिए आपके पास क्या होना
- 3:45:33चाहिए? ऑपरेटिंग सिस्टम होने चाहिए। यह सब
- 3:45:36ऑपरेटिंग सिस्टम के एग्जांपल हैं।
- 3:45:41क्लियर हुई भाई सभी को बात?
- 3:45:45क्लियर हो गई बात? एक-एक बात। मैं इसको
- 3:45:48धीमे से खिसका कर आगे बढ़ सकता था एक बात
- 3:45:50करके। लेकिन नहीं।
- 3:45:54मुझे आपको ऐसे समझाना है। मुझे आपको ऐसे
- 3:45:57बताना है कि उसके बाद सपने में भी कोई
- 3:46:00आपसे पूछे तो आपके कांसेप्ट हिल ना पाए।
- 3:46:04ध्यान रखोगे इतना क्लियर है तो एप्लीकेशन
- 3:46:08सॉफ्टवेयर तब तक नहीं चल सकते जब तक
- 3:46:10सिस्टम सॉफ्टवेयर आपके डिवाइस में नहीं
- 3:46:12होंगे। सिस्टम सॉफ्टवेयर हमारे बेस की तरह
- 3:46:14काम करते हैं। और यही सिस्टम सॉफ्टवेयर
- 3:46:18क्या है? ऑपरेटिंग सिस्टम है। नाउ फाइल
- 3:46:21एक्सटेंशन पे आ जाते हैं। फिर से
- 3:46:25फाइल एक्सटेंशन सीपीयू को यह बताते हैं कि
- 3:46:27किस तरीके की यह फाइल है और इसको वो किस
- 3:46:30तरीके से रीड करेगा। या आप एक तरीके से
- 3:46:32बोल सकते हो फाइल एक्सटेंशन ही है जो कि
- 3:46:35हमारे डिवाइस के ऑपरेटिंग सिस्टम को यह
- 3:46:37बताती है कि वो ऑपरेटिंग सिस्टम इस फाइल
- 3:46:40को रीड करने के लिए किसका यूज करेगा।
- 3:46:44क्लियर हो रही है बात? अगर डॉक फाइल है तो
- 3:46:48डॉक्यूमेंट का यूज़ करेगा। अगर आपकी पीपीटी
- 3:46:52फाइल है तो पावर पॉइंट का उसे ये यूज़
- 3:46:54करेगा। अब देखिए आपका यह ऑपरेटिंग सिस्टम
- 3:46:57है।
- 3:47:00यह बेस ऑपरेटिंग सिस्टम है आपका। ठीक है?
- 3:47:03इस ऑपरेटिंग सिस्टम में पावर पॉइंट
- 3:47:07प्रेजेंटेशन भी है। इसमें वर्ल्ड भी
- 3:47:10इंस्टॉल है। इसमें आपका
- 3:47:14डॉक्यूमेंट भी इंस्टॉल है। इसमें आपके पास
- 3:47:17वीएलसी मीडिया प्लेयर भी है। ठीक है? अब
- 3:47:20एक बात बताइए आपने एक फाइल पर क्लिक किया।
- 3:47:23उस फाइल में नाम के आगे डॉट पीपीटी लिखा
- 3:47:28था। तो आपने तो क्लिक कर दिया। अब आपका
- 3:47:32कहना है ओपन होनी चाहिए।
- 3:47:35कंप्यूटर बाबू ओपन करके दो। आपने तो तुरंत
- 3:47:38इंस्ट्रक्शन दे दी है।
- 3:47:40सीपीयू ने ऑपरेटिंग सिस्टम को इंस्ट्रक्शन
- 3:47:43दिया कि बेटा देखो किसको ओपन करना है।
- 3:47:48बाबूजी बोल रहे हैं यह वाली फाइल ओपन होनी
- 3:47:50चाहिए। लेकिन कैसे ओपन होगी? तो ऑपरेटिंग
- 3:47:53सिस्टम बात करेगा कि हां भाई इसका पता
- 3:47:57किसके पास है? तो डॉट पीपीटी है तो यह
- 3:48:00वाला हाथ उठाएगा। सर मैं इसको खोल सकता
- 3:48:03हूं। तुरंत वो पीपीटी फॉर्मेट में खुल
- 3:48:06जाएगी आपके सामने।
- 3:48:10आपने एक फाइल पर क्लिक किया जिसमें लिखा
- 3:48:12था डॉट mp3
- 3:48:17तुरंत सीपीयू ने बोला ऑपरेटिंग सिस्टम को।
- 3:48:20देखो बाबूजी क्या मांग रहे हैं। ऑपरेटिंग
- 3:48:22सिस्टम ने कहा बाऊजी ने एक फाइल क्लिक करी
- 3:48:25है mp3 उसके नाम के आगे भैया देखो कौन खोल
- 3:48:28पाएगा तुरंत यह हाथ उठा देगा मैं बाऊजी की
- 3:48:32फाइल खोल पाऊंगा3
- 3:48:36इस पे खुल जाएगी
- 3:48:38बात समझ आ रही है तो फाइल एक्सटेंशन
- 3:48:42किस लिए इंपॉर्टेंट है यह ऑपरेटिंग सिस्टम
- 3:48:45को यह पहचानने में मदद करता है कि
- 3:48:48ऑपरेटिंग सिस्टम पर्टिकुलर फाइल को ओपन
- 3:48:50करने के लिए कौन कौन से सॉफ्टवेयर का यूज
- 3:48:53करेगा? ऑपरेटिंग सिस्टम के पास तो 100 150
- 3:48:56सॉफ्टवेयर हैं। भाई वो उस फाइल के लिए
- 3:48:59किसका यूज करेगा?
- 3:49:02यह उसे बताता है फाइल एक्सटेंशन।
- 3:49:05यह पहचान टैग की तरह काम करती है। फाइल
- 3:49:08एक्सटेंशन हमेशा डॉट के बाद आता है। यह
- 3:49:11फाइल का प्रकार और उसे खोलने के लिए
- 3:49:13डिफॉल्ट सॉफ्टवेयर के बारे में भी बताता
- 3:49:15है कि किस सॉफ्टवेयर का यूज़ करके ओपन
- 3:49:17होगी। एक्सटेंशन के बिना सिस्टम फाइल के
- 3:49:20प्रकार को आसानी से पहचान नहीं पाएगा।
- 3:49:22एग्जांपल पीडीएफ है तो हम समझ जाएंगे कि
- 3:49:27यह पीडीएफ फाइल है। यह पीडीएफ सॉफ्टवेयर
- 3:49:29में ही खुलेगी। जेपीजी है। तो हम समझ गए
- 3:49:32हैं यह एक फोटो है। यह फोटो बेस्ड
- 3:49:36सॉफ्टवेयर पर ही खुलेगी।
- 3:49:39अब देखिए टाइप्स ऑफ फाइल एक्सटेंशन में
- 3:49:42एक-एक करके जाते हैं। सबसे पहले
- 3:49:44डॉक्यूमेंट फाइल कौन-कौन से होते हैं?
- 3:49:47डॉक्यूमेंट में आपको डॉट टेक्स्ट मिलेगा।
- 3:49:51टीxt जो है ये आपके प्लेन टेक्स्ट फाइल के
- 3:49:53लिए यूज किया जाता है। डीओसी आपका यूज़
- 3:49:56किया जाता है MS ऑफिस की फाइल के लिए।
- 3:49:59पहले डीओसी चलता था। अब जो है उसमें डॉक्स
- 3:50:02चलता है। एक्स का मतलब यहां पर हो गया है
- 3:50:05एक्सटेंसिबल।
- 3:50:07एक्सटेंसिबल का मतलब पहले से ज्यादा बेहतर
- 3:50:10फाइल अब बनती है। ठीक है? तो पहले जो MS
- 3:50:13ऑफिस में डॉक फाइल बनती थी वर्ल्ड की जो
- 3:50:16फाइल बनती थी वह डॉक थी। लेकिन अब जो नए
- 3:50:18वर्जनंस हैं उसमें डॉक्स नाम से बनती है।
- 3:50:21पीडीएफ ये भी आपकी डॉक्यूमेंट फाइल होती
- 3:50:23है। इसको बोलते हैं पोर्टेबल डॉक्यूमेंट
- 3:50:25फॉर्मेट। आरटीएफ इसको बोलते हैं रिच
- 3:50:28टेक्स्ट फॉर्मेट। जब आप अलग-अलग बहुत
- 3:50:31डिफरेंट टेक्स्ट फॉर्मेट का यूज करते हो
- 3:50:33और बहुत ही अलग क्वालिटी के वो टेक्स्ट
- 3:50:36होते हैं तो उस केस में आरटीएफ यूज़ होता
- 3:50:40है। ओडीT ओपन डॉक्यूमेंट टेक्स्ट के लिए
- 3:50:44यूज़ किया जाता है। यह भी डॉक्यूमेंट ही
- 3:50:45है। एक्सls MS Excel की फाइल होती थी
- 3:50:48पुरानी। लेकिन अब इसके भी आगे एक्स लग गया
- 3:50:51है। X का मतलब यहां पर भी एक्सटेंसिबल ही
- 3:50:53है। पीपीटी पहले यूज़ हुआ करती थी। अब
- 3:50:57पीपीटी x होती है। यहां पर भी x का मतलब
- 3:51:00एक्सटेंसिबल है। पहले से ज्यादा बेहतर
- 3:51:01फॉर्मेट है यह। सीएसवी यह भी आपकी
- 3:51:04डॉक्यूमेंट फाइल है। इसका मतलब है कॉमा
- 3:51:07सेपरेटेड वैल्यूज़। इसमें बेसिकली सीएसवी
- 3:51:11फाइल जो होती हैं यह ज्यादा बेहतर मानी
- 3:51:13जाती है। जैसे मान लीजिए आपको किसी
- 3:51:15प्रोग्राम के कोड डॉक्यूमेंट फॉर्मेट में
- 3:51:18यूज करने हैं या स्टोर करने हैं या कुछ
- 3:51:22ऐसी आपने राइटिंग लिखी है जिसमें अ फुल
- 3:51:26स्टॉप, कॉमाज़ इस तरीके के कोड्स का यूज़ हो
- 3:51:29रहा है। तो, आप सीएसवी फाइल का यूज़ करते
- 3:51:31हो। उसमें HTML यह आपका वेब पेज में यूज़
- 3:51:35करी जाती है। अपने आप में तो यह
- 3:51:37प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है। लेकिन आप इसे
- 3:51:39डॉक्यूमेंट फॉर्मेट में भी यूज़ कर सकते
- 3:51:41हैं। हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज। देन
- 3:51:45है XML जो कि HTML के बाद आई है। XML का
- 3:51:49यहां पर मतलब एक्सटेंसिबल ही है। देखिए।
- 3:51:51ठीक है? मार्कअप लैंग्वेज। HTML से बेहतर
- 3:51:55कैटेगरी है ये।
- 3:51:57डॉक्यूमेंट के बाद इमेज फाइल एक्सटेंशन
- 3:52:00आपके कौन-कौन से होते हैं? जेपीजी या
- 3:52:03जेपीजी आपको मिल जाए तो आप जानते ही हो कि
- 3:52:05वो एक फोटो है, इमेज है। PNG आपने देखा
- 3:52:09होगा। जेपीजी से ज्यादा बेहतर कैटेगरी
- 3:52:11होती है। इवन जो पीएजी होती है उसकी जो
- 3:52:15स्टोरेज कैपेसिटी होती है सॉरी उसका जो
- 3:52:18स्टोरेज होता है वो भी कम हो जाता है और
- 3:52:20क्वालिटी ज्यादा एनहांस हो जाती है। तो आज
- 3:52:22की डेट में मैक्सिमम आप देखोगे अगर आपको
- 3:52:26कोई बैनर बनाना है, पोस्टर बनाना है,
- 3:52:28वॉलपेपर बनाना है तो वो सब में पीएजी यूज़
- 3:52:32करी जाती है।
- 3:52:34ट्रांसपेरेंट बैकग्राउंड के साथ एक और
- 3:52:36इसकी खास बात होती है। लेकिन हर पीएनजी
- 3:52:38ट्रांसपेरेंट हो ये जरूरी नहीं होती है।
- 3:52:41एग्जांपल के तौर पर जैसे मान लीजिए
- 3:52:46ये आपकी फोटो है। ठीक है? ऐसे यह आपकी
- 3:52:49फोटो है। तो यह आपकी क्या है? जेपीजी है।
- 3:52:54लेकिन जब आप इसे पीएजी में कन्वर्ट करोगे
- 3:52:56तो मैक्सिमम टाइम क्या होगा? कि
- 3:53:00यह जो आपका बैकग्राउंड है यह बिल्कुल
- 3:53:03ट्रांसपेरेंट हो जाएगा। आपकी फोटो बस ऐसी
- 3:53:05ही आ जाएगी।
- 3:53:08दिस इज पीएजी जीआईएफ ग्राफिक्स इंटरचेंज
- 3:53:12फॉर्मेट आप लोग इसका यूज खूब करते हो
- 3:53:14WhatsApp वगैरह में इधर-उधर भेजने में
- 3:53:16जीआईएफ ठीक है ग्राफिक्स इंटरचेंज फॉर्मेट
- 3:53:19इसको बोलते हैं एनिमेटेड इमेजेस के लिए
- 3:53:21इसका यूज किया जाता है चलती फिरती हिलती
- 3:53:23डुलटी हुई इमेजेस होती हैं बीएएमपी बिटमप
- 3:53:27इमेजेस होती हैं। बहुत लो कैटेगरी की होती
- 3:53:30हैं। पहले चला करती अभी तो कम चलती हैं।
- 3:53:32अभी तो जीआईएफ और पीएजी का जमाना चल रहा
- 3:53:34है। एक यहां पर टिप क्वालिटी होती है। यह
- 3:53:37जल्दी से यूज़ नहीं करी जाती है। लेकिन
- 3:53:40कॉर्पोरेट वगैरह में इसका यूज़ किया जाता
- 3:53:42है। जहां पर इमेज की क्वालिटी बहुत ज्यादा
- 3:53:45मैटर करती है। टीवी न्यूज़ चैनल्स वगैरह
- 3:53:48हो गए उनमें यूज़ करी जाती है। यह हाई
- 3:53:50क्वालिटी इमेजज़ होती हैं। एसवीजी जिसको
- 3:53:53बोलते हैं स्केलेबल वेक्टर ग्राफिक्स।
- 3:53:56इमेज के ही फॉर्मेट में होते हैं लेकिन
- 3:53:58थोड़े ग्राफिकल होते हैं। जैसे कि जीआईएफ
- 3:54:00आपकी हो गई ना हिल्टी डुलटी इमेज चलती
- 3:54:03फिरती नाचती हुई इमेज दिखाई दे रही है।
- 3:54:05मुंह बना रही है ऐसेसे करके। ठीक है? तो
- 3:54:07उसी में एडवांस कैटेगरी आपकी एसवीजी हो
- 3:54:11जाती है। आईसीओ जिसको बोलते हैं आइकॉन
- 3:54:13फाइल। अपने आप में एक तरीके से एनिमेटेड
- 3:54:17पिक्चर के लिए ये यूज करी जाती है। ओवरऑल
- 3:54:20ये जितने भी एक्सटेंशन है यह सब इमेज के
- 3:54:22फाइल एक्सटेंशन हैं।
- 3:54:25अब ऑडियो फाइल भी आपकी होती हैं। ऑडियो
- 3:54:28में क्या-क्या यूज़ होता है? mp3 आपको पता
- 3:54:30ही है। एक होती है वेव फाइल। ठीक है? अब
- 3:54:32mp3 और वेव में अंतर क्या है? दोनों ही
- 3:54:34ऑडियो फाइल है। mp3 आपकी कंप्रेस्ड फाइल
- 3:54:37होती है। कंप्रेस्ड का मतलब आपका ज्यादा
- 3:54:41बड़ा सॉन्ग जो है या ज्यादा बड़ी वॉइस जो
- 3:54:43है वो कॉम्पैक्ट फॉर्मेट में आ जाएगी।
- 3:54:47मतलब कम डेटा में आ जाएगी। जबकि वही उतनी
- 3:54:50ही आवाज अगर आप वेव फॉर्मेट में लेंगे तो
- 3:54:52वह आपकी ज्यादा डाटा की फाइल होगी। मान
- 3:54:55लेते हैं कोई mp3 अगर आपके पास MP3 ऑडियो
- 3:54:58फाइल है। मान लेते हैं यह 4.2 MB की है।
- 3:55:02तो वही अगर आप सेम फाइल वेव में अगर लेंगे
- 3:55:06तो हो सकता है अंतर इतना पड़ जाए। यह शायद
- 3:55:087 MB की जाकर बने।
- 3:55:12ठीक है? तो यह आपका डाटा बहुत कंज्यूम
- 3:55:14करती है क्योंकि यह अनकंप्रेस्ड फाइल होती
- 3:55:16है।
- 3:55:18बट हां दोनों में एक और बात होती है। MP3
- 3:55:21की जो आपको क्वालिटी मिलेगी उससे ज्यादा
- 3:55:24बेहतर क्वालिटी फिर आपको वेब में मिलेगी।
- 3:55:26क्यों? क्योंकि अनकंप्रेस्ड है इस वजह से।
- 3:55:29तो यह आपको क्वालिटी बहुत अच्छी प्रोवाइड
- 3:55:32करेगी। लेकिन हां डाटा भी ये घेरेगी आपका।
- 3:55:36नेक्स्ट है आक। आक फाइल जिसको बोलते हैं
- 3:55:38एडवांस्ड ऑडियो कोडिंग।
- 3:55:41डब्ल्यूएमए भी आती है। प्रोफेशनल्स ही
- 3:55:43इसका यूज करते हैं। Windows मीडिया ऑडियो
- 3:55:46फ्लैग फाइल यह भी प्रोफेशनल्स ही यूज करते
- 3:55:48हैं। आपका लॉस्टलेस ऑडियो होता है। जो
- 3:55:52आपका फ्लैग है यह आपका रेडियो फ्रीक्वेंसी
- 3:55:56में यूज़ किया जाता है। इसके अलावा डिफेंस
- 3:55:58पर्पस से भी इसका यूज़ किया जाता है। मतलब
- 3:56:00ऐसी जगह जहां पर हम बिल्कुल भी बियर नहीं
- 3:56:04कर सकते। हमारा कोई भी डाटा पैकेट लॉस हो।
- 3:56:07हम बिल्कुल भी बियर नहीं कर सकते कि हमारी
- 3:56:10जो ऑडियो क्वालिटी हो वो डाउन होनी चाहिए।
- 3:56:12मान लीजिए आप स्ट्रिंग ऑपरेशन करने जा रहे
- 3:56:14हैं किसी का तो आप वहां पर इस तरीके की
- 3:56:18चीजों को आप बियर नहीं कर सकते कि आवाज
- 3:56:20लैग हो गई, कम ज्यादा हो गई, क्वालिटी कम
- 3:56:22हो गई। नहीं। ऐसे में आप फ्लैग का ही यूज
- 3:56:25करते हैं। नेक्स्ट है ओजीजी। ओपन सोर्स
- 3:56:28ऑडियो होता है। बहुत ही सिंपल कैटेगरी का
- 3:56:31ऑडियो यह होता है। ठीक है? इन सब में यह
- 3:56:34जो फाइल एक्सटेंशन है यह ऑडियो फाइल के ही
- 3:56:37हैं। देन आ जाते हैं वीडियो फाइल के
- 3:56:40एक्सटेंशन में। MP34 आप लोग जानते ही हैं
- 3:56:42यूज़ होता है। यह आपका वीडियो फाइल
- 3:56:44एक्सटेंशन है। एवीआई भी वीडियो फाइल
- 3:56:46एक्सटेंशन है। एमकेवी हाई क्वालिटी वीडियो
- 3:56:49के लिए यूज किया जाता है। मॉब यह आपका अगर
- 3:56:52आपके पास iOS है। Apple की डिवाइस है। तो
- 3:56:56उस केस में आप देखोगे जो वीडियो है वो मॉव
- 3:56:58में बनते हैं। ठीक है?
- 3:57:00तो उनका एक अपना अलग एक्सटेंशन है मॉब के
- 3:57:03नाम से। Apple क्विक टाइम वीडियो इसको
- 3:57:05बोलते हैं। WMV यह Windows में बनती हैं।
- 3:57:08Windows मीडिया वीडियो इनको बोलते हैं।
- 3:57:10एफएलवी या फ्लैश फाइल वीडियो होते हैं या
- 3:57:13आपके अ छोटे-छोटे मोबाइल हो गए। ठीक है?
- 3:57:19या कई बार आप देखोगे अ कई तरीके के आपके
- 3:57:24कैमरास आते हैं। जब आप उनसे वॉगिंग वगैरह
- 3:57:26करते हो तो आप देखोगे उसमें एफएलवी से
- 3:57:29फाइल सेव होगी आपकी वीडियो फाइल। 3GB या
- 3:57:32आपका मोबाइल वीडियो फॉर्मेट होता है
- 3:57:34ज्यादातर। ठीक है? पहले क्या होता था? जब
- 3:57:39Nokia वगैरह वाले आते थे ना मोबाइल जब
- 3:57:43Nokia का दौर था। उसमें जब आप वीडियो
- 3:57:45बनाते थे तो वह 3GB में ही बनते थे। लेकिन
- 3:57:48आज की डेट में मोबाइल्स की स्ट्रेंथ इतनी
- 3:57:51ज्यादा बेहतर हो चुकी है कि मोबाइल्स में
- 3:57:53भी MP34 बनती है फाइल सीधे-सीधे।
- 3:57:58नेक्स्ट है आपकी प्रोग्राम फाइल। ये आपकी
- 3:58:01एग्जीक्यूटेबल फाइल होती हैं। मतलब
- 3:58:04सॉफ्टवेयर वाली फाइल हैं एक तरीके से। ठीक
- 3:58:06है? तो सॉफ्टवेयर आपके इन्हीं एक्सटेंशन
- 3:58:08के साथ आते हैं। अगर आप Windows में यूज़
- 3:58:10कर रहे हो तो आपको exc मिलेगा। exc का
- 3:58:13मतलब एग्जीक्यूटेबल फाइल है। आप इसको ओपन
- 3:58:16कर सकते हो। सॉफ्टवेयर को रन कर सकते हो।
- 3:58:18MSI भी आपका Windows में ही यूज़ होता है।
- 3:58:21यह जो बैट फाइल है, यह आपकी सिस्टम बेस्ड
- 3:58:24सॉफ्टवेयर में यूज़ होती है। मतलब यह आपकी
- 3:58:25ऑपरेटिंग सिस्टम में यूज़ होती है। बैच
- 3:58:27फाइल।
- 3:58:29सीएमडी यह भी आपकी प्रोग्राम फाइल है।
- 3:58:31कमांड स्क्रिप्ट है। एपीके यह आपका
- 3:58:35Android में यूज़ होती हैं। ठीक है? तो
- 3:58:37जैसे आप देख रहे हो Windows में आपकी ऊपर
- 3:58:39की ये दोनों यूज़ हो रही हैं। वैसे Android
- 3:58:41में जो सॉफ्टवेयर है वो एपीके में बनते
- 3:58:43हैं। ठीक है? इसी तरीके से Mac OS में आ
- 3:58:47जाइए तो वहां पर ऐप से बनती है। ऐप क्यों?
- 3:58:50Apple ठीक है? ए डबल पी एलई क्योंकि Apple
- 3:58:53कंपनी का है iOS तो इस वजह से जो Mac OS
- 3:58:56एप्लीकेशन है उसमें सब आपको ऐप से
- 3:58:58मिलेंगे। और जार जो है यह जार नाम की
- 3:59:02फाइलें आपको jवा एग्जीक्यूटेबल मिलेंगी।
- 3:59:04अगर डॉट जार आपको दिख रहा है तो आप समझ
- 3:59:06जाइएगा यह jवा बेस्ड एप्लीकेशन है।
- 3:59:11इसके बाद आ जाते हैं कॉन्फ़िगरेशन फाइल्स
- 3:59:14जिसमें कि देखो कॉन्फ़िगरेशन फाइल्स होती
- 3:59:17क्या है? पहले ये समझ लीजिए।
- 3:59:19आपके ऑपरेटिंग सिस्टम्स को हेल्प करने के
- 3:59:22लिए जो सॉफ्टवेयर्स होते हैं या जो
- 3:59:25प्रोग्राम्स होते हैं उन प्रोग्राम्स की
- 3:59:27यहां पर बात हो रही है। तो वो प्रोग्राम्स
- 3:59:29इन एक्सटेंशनंस के साथ आपको मिलेंगे।
- 3:59:36logcfgtmpdl
- 3:59:40डायनेमिक लिंक लाइब्रेरी यह आपके ऑपरेटिंग
- 3:59:43सिस्टम के अंदर एक से दूसरे टेंपलेट को
- 3:59:46जोड़ने का काम करते हैं या दो
- 3:59:48इंस्ट्रक्शंस को आपस में कम्युनिकेट करने
- 3:59:50के लिए मदद करते हैं। डॉट siss आपकी ये
- 3:59:53सिस्टम फाइल होती है। आपकी बूटिंग में
- 3:59:55यूज़ करी जाती है।
- 3:59:58इनिशियलाइज फाइल होती है। यह ऑपरेटिंग
- 4:00:00सिस्टम को मदद करती है। कोई भी नए टास्क
- 4:00:02को इनिशियलाइज करने के लिए मतलब सीपीयू तक
- 4:00:05पहुंचाने के लिए डॉट लॉग ये आपकी लॉग फाइल
- 4:00:09है। जो आपका ऑपरेटिंग सिस्टम है वो अपना
- 4:00:13जो डेटा है वो हमेशा लॉग फाइल में ही
- 4:00:15होल्ड करता है।
- 4:00:18सीएफजी ये आपकी कॉन्फ़िगरेशन फाइल होती है।
- 4:00:22हर एक सर्टेन टाइम के बाद आपने देखा होगा
- 4:00:25जैसे आपके पास Windows में अपडेट आते हैं
- 4:00:27कि Window अपडेट कर लो। तो आप जब Windows
- 4:00:30अपडेट करते हो तो आपका ऑपरेटिंग सिस्टम
- 4:00:32अपने आप को क्या कर रहा होता है? कॉन्फ़िगर
- 4:00:35कर रहा होता है। ठीक है? तो वो फाइल
- 4:00:38सीएफजी से ही कर रहा होता है। सीएफजी नाम
- 4:00:40की जितनी भी आपकी फाइल होंगी ऑपरेटिंग
- 4:00:42सिस्टम के अंदर वो आपके ऑपरेटिंग सिस्टम
- 4:00:44को ऑटो कॉन्फ़िगर करने में मदद करती हैं।
- 4:00:48टीएमपी ये आपकी टेंपरेरी फाइल्स होती हैं।
- 4:00:50कुछ टाइम के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम इनको
- 4:00:52बनाता है। उसके बाद ऑलरेडी ये रिमूव हो
- 4:00:54जाती हैं। देन
- 4:00:58कंप्रेस्ड फाइल आपकी जितनी भी होंगी या
- 4:01:00आर्काइव फाइल इनको बोला जाता है। इसमें भी
- 4:01:03जो एक्सटेंशन यूज़ होते हैं जैसे कि डॉट
- 4:01:05ज़िप आप लोग जानते ही हैं। ज़िप आपकी
- 4:01:08कंप्रेस्ड फाइल होती है। डॉट रार यह भी
- 4:01:11आपकी कंप्रेस्ड फाइल है। दोनों में अंतर
- 4:01:13क्या है? जिप और रार में अंतर क्या है?
- 4:01:16देखिए जो जिप है यह आपकी यूनिवर्सल है।
- 4:01:21यह यूनिवर्सल है। अगर जिप फाइल है, आप
- 4:01:24इसको कभी भी दुनिया में कहीं पर भी जाके
- 4:01:26किसी भी कंप्यूटर में खोल सकते हो
- 4:01:28डायरेक्टली। चाहे आप कोई भी एप्लीकेशन कोई
- 4:01:31भी ऑपरेटिंग सिस्टम यूज कर रहे हो। मान
- 4:01:34लीजिए आप Android यूज कर रहे हो तो भी आप
- 4:01:37ज़िप को खोल लोगे। आप अगर Windows यूज़ कर
- 4:01:40रहे हो तो भी खोल लोगे। Mac iOS यूज़ कर
- 4:01:42रहे हो तो भी आप खोल लोगे। लेकिन रार जो
- 4:01:45है रार आपकी यूनिवर्सल फाइल नहीं है। इट
- 4:01:48इज़ बेस्ड ऑन
- 4:01:52बेस्ड ऑन पर्टिकुलर सॉफ्टवेयर।
- 4:01:55जैसे रार फाइल को आपको खोलने के लिए एक
- 4:01:59एप्लीकेशन चाहिए जिसको बोलते हैं विन रार।
- 4:02:02तो पहले आपको विन रार इंस्टॉल करना
- 4:02:04पड़ेगा। तब जाकर आप उसी में इस रार फाइल
- 4:02:07को खोल पाएंगे। जबकि ज़िप को खोलने के लिए
- 4:02:10आपको कोई सॉफ्टवेयर नहीं चाहिए। आप सिंपली
- 4:02:13इसको खोल सकते हो। दैट्स व्हाई इट इज
- 4:02:15यूनिवर्सल फाइल।
- 4:02:18दोनों ही एक काम कर रहे हैं। दोनों ही
- 4:02:20डाटा को कंप्रेस करने का काम कर रहे हैं।
- 4:02:22लेकिन रार डिपेंडेंट फाइल है। जिप
- 4:02:25इंडिपेंडेंट फाइल है।
- 4:02:287z ये हाई कंप्रेशन आर्काइव होती है। इसको
- 4:02:32जनरली हम लोग यूज़ नहीं करते हैं। हमारी
- 4:02:34डिफेंस वगैरह यूज़ करती है। हमारी
- 4:02:35इंटेलिजेंस यूज़ करती है। जहां पर डेटा को
- 4:02:38और ज्यादा हाईली कंप्रेस किया जाता है। यह
- 4:02:41तो बहुत नॉर्मल कंप्रेशन है। इस तरीके से
- 4:02:44हमें कंप्रेस करना है कि जल्दी से किसी की
- 4:02:48रीच में ना आए। जब डाटा इतना ज्यादा वाइटल
- 4:02:51होता है, इतना ज्यादा
- 4:02:53कोर डेटा होता है तो ऐसे में 7z एक्सटेंशन
- 4:02:56का यूज किया जाता है। एक होती है टार फाइल
- 4:02:59जिसको बोलते हैं टेप आर्काइव फाइल।
- 4:03:02यह आपकी पहले चला करती थी। अभी तो प्रचलन
- 4:03:05में कम है। इसकी जगह ज़िप एंड R ने ले ली
- 4:03:08है। जीज़ेट होती है। यह आपकी जीज़िप
- 4:03:11कंप्रेस्ड फाइल है। यह भी आपकी बहुत हाई
- 4:03:13क्वालिटी की होती है और आपके मीडिया
- 4:03:15हाउसेस वगैरह यह सब इसी का यूज़ करते हैं।
- 4:03:19आईएसओ नाम से ही आपको समझ आ रहा है। यह
- 4:03:21डिस्क इमेज फाइल है। ठीक है?
- 4:03:24जो कि कंप्रेशन के लिए यूज़ करी जाती है
- 4:03:26मैक में।
- 4:03:30इसके बाद इंटरनेट फाइल कौन-कौन सी हो गई?
- 4:03:33HTML इसका मतलब यह है कि आपका यह वेब पेज
- 4:03:36है। ठीक है? आपका वेब पेज को जब भी आप सेव
- 4:03:39करोगे तो देखना आप उसको सेव करोगे वो HTML
- 4:03:43में ही सेव होगी। या फिर CSS में होगी।
- 4:03:45अगर HTML में बना हुआ वेब पेज होगा तो
- 4:03:48HTML में सेव हो जाएगी। अगर कास्केडिंग
- 4:03:50स्टाइल शीट में बना होगा तो सीएसएस में
- 4:03:52सेव हो जाएगी। हो सकता है जावा में उसकी
- 4:03:54प्रोग्रामिंग करी गई हो तो वो जो आपका वेब
- 4:03:57पेज है वो जेएस में सेव हो जाएगा। हो सकता
- 4:04:00है पीएp पे उसकी कोडिंग करी गई हो। पीएp
- 4:04:03आपकी एक लैंग्वेज है। ठीक है?
- 4:04:05प्रोग्रामिंग लैंग्वेज तो php में सेव हो
- 4:04:08जाएगी। अगर एएसपी पर बनी होगी जिसको बोलते
- 4:04:11हैं एक्टिव सर्वर पेज। और यह पता है किसका
- 4:04:13प्रोडक्ट है? यह Microsoft का प्रोडक्ट
- 4:04:15है।
- 4:04:17यह भी आपका प्रोग्रामिंग पर्पस से यूज़
- 4:04:19किया जाता है। ध्यान रखिएगा एएसपी
- 4:04:21प्रोग्रामिंग लैंग्वेज नहीं है। जैसे जावा
- 4:04:22प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है ना HTML
- 4:04:24प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है वैसे एएसपी
- 4:04:26प्रोग्रामिंग लैंग्वेज नहीं है। एएसपी
- 4:04:29आपका एक प्लेटफार्म है जिसके ऊपर आप
- 4:04:33कोडिंग करते हो दूसरी प्रोग्रामिंग
- 4:04:35लैंग्वेज से। एसपी एक तरीके का रेडीमेड
- 4:04:37प्लेटफार्म है जो कि Microsoft आपको देता
- 4:04:40है।
- 4:04:42नॉर्मली किसी लैंग्वेज के ऊपर काम करने
- 4:04:46में और Microsoft के इस प्लेटफार्म के ऊपर
- 4:04:50काम करने पर मतलब एएसपी पर काम करने में
- 4:04:53अंतर क्या होता है? तो देखिए यह जो है यह
- 4:04:57पूरा पूरा फ्रेमवर्क है। एएसपी
- 4:05:02पूरा एक फ्रेमवर्क है। इस फ्रेमवर्क के
- 4:05:05अंदर आपके पास ऑप्शन है कि आप अलग-अलग
- 4:05:08प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का यूज कर सकते
- 4:05:10हैं।
- 4:05:12यहां पर आपको मैक्सिमम चीजें रेडीमेड मिल
- 4:05:14जाती हैं। जैसे कि यह आपका वेब पेज है।
- 4:05:21इस वेब पेज में नेम आगे आपको भरना है।
- 4:05:25एड्रेस
- 4:05:27यह आपको भरना है। नीचे एक बटन लगा हुआ है
- 4:05:30सबमिट का।
- 4:05:32इतना भर के आप सबमिट पे जैसे ही क्लिक
- 4:05:34करोगे आपकी इंफॉर्मेशन सेव हो जाएगी जाकर
- 4:05:37सामने वाले के पास। ठीक है? आप मान लीजिए
- 4:05:40आप इसको एसएससी का फॉर्म मान लीजिए अपना
- 4:05:42कि आप एसएससी का फॉर्म फिल कर रहे हो। ठीक
- 4:05:45है?
- 4:05:46अब अगर यही आप Microsoft के एक्टिव सर्वर
- 4:05:49पेज में बना रहे हो यह वेब पेज तो यह बड़ी
- 4:05:52आसानी से बन जाएगा क्योंकि यहां पर
- 4:05:53रेडीमेड टूल्स आपको मिल जाते हैं। आपने
- 4:05:56सीधे यहां पर टेक्स्ट बॉक्स लिया। टेक्स्ट
- 4:05:58बॉक्स लिया। इनके आगे आपने टेक्स्ट बटंस
- 4:06:01लगा दिए। नीचे आपने एक क्लिक बटन लगा
- 4:06:04दिया। इन बटंस के पीछे जाकर कोडिंग कर दी।
- 4:06:07सीधा काम हो गया। आपका वेब पेज तैयार।
- 4:06:12लेकिन अगर यही वेब पेज आपको जावा में
- 4:06:14बनाना होगा।
- 4:06:17तो जावा में आपको सबसे पहले तो एक डिजाइन
- 4:06:20फ्रंट लेना होगा। फिर उसके पीछे कोडिंग
- 4:06:22फ्रंट लेना होगा। मतलब आपको यह अगर सबमिट
- 4:06:25का बटन भी बनाना है ना इस बटन के लिए भी
- 4:06:28आपको कोडिंग करनी होगी पूरी। जबकि
- 4:06:30Microsoft में ये बटन बना-ब बनाया मिल मिल
- 4:06:33जाएगा। आप उसे ड्रैग एंड ड्रॉप कर लोगे।
- 4:06:35कितना बड़ा छोटा करना है वह भी माउस से कर
- 4:06:37दोगे। यहां पर माउस काम ही नहीं आएगा।
- 4:06:40यहां पर आपको एक-एक लाइन कोडिंग लिखनी
- 4:06:42होगी पूरी-पूरी।
- 4:06:46हो सकता है जिस बटन को इस बटन को अगर आप
- 4:06:49Microsoft में सीधे ड्रैग एंड ड्रॉप कर
- 4:06:51दोगे बन जाएगा आपका बटन। बस बैक एंड पे
- 4:06:54जाकर कोडिंग करनी होगी तीन लाइन की। लेकिन
- 4:06:57जावा में ऐसा कोई ऑप्शन नहीं है क्योंकि
- 4:06:59ये फ्रेमवर्क नहीं है। यह कोर लैंग्वेज
- 4:07:02है। यहां पर आपको पहले बटन बनाने के लिए
- 4:07:04ही हो सकता है 15 16 लाइन की कोडिंग लिखनी
- 4:07:07पड़े। बैक एंड की तो बात बाद में आएगी।
- 4:07:11बट हां सिक्योर ज्यादा कौन है? सिक्योर
- 4:07:13जावा है ना कि Microsoft फ्रेमवर्क।
- 4:07:18आज की डेट में जितने भी नए हमारे
- 4:07:20प्रोग्रामर्स आ रहे हैं वो कोर
- 4:07:22प्रोग्रामिंग प्रॉब्लम्स को इसीलिए नहीं
- 4:07:24समझ पाते हैं क्योंकि वह ज्यादातर अपना
- 4:07:26करियर बनाने के लिए एक
- 4:07:29शॉर्ट वे ढूंढते हैं और सबको लगता है बस
- 4:07:32मुझे 2025,000 पल्ली की नौकरी मिल जाए। इस
- 4:07:35वजह से वह क्या सीख लेते हैं? नेट सीख
- 4:07:37लेते हैं।
- 4:07:39नेट इन शॉर्ट इसको बोलते हैं। नेट बहुत
- 4:07:42आसान है सीखना बट जावा सीखना बहुत मुश्किल
- 4:07:45है।
- 4:07:49html की कोडिंग अच्छी खासी होती है। बट
- 4:07:52पीएपी बहुत आसान है। यह भी रेडीमेड
- 4:07:55प्लेटफार्म है। आज की क्लास में जो हमारा
- 4:07:58अगला चैप्टर है, दिस इज़ कंप्यूटर मेमोरी।
- 4:08:02मुझे नहीं लगता कि आप में से जितने भी
- 4:08:05लोगों ने आज तक किसी ऐसे एग्जाम को फेस
- 4:08:08किया होगा जहां पर कंप्यूटर पूछा गया है।
- 4:08:10वहां पर मेमोरी से आपको क्वेश्चन ना देखने
- 4:08:13को मिला हो। इतना ज्यादा घना और
- 4:08:16इंपॉर्टेंट टॉपिक है यह कंप्यूटर का जिसको
- 4:08:18बोलते हैं कंप्यूटर मेमोरी। हालांकि इससे
- 4:08:21पहले भी मैं आपको समझाने के लिए अलग-अलग
- 4:08:24क्लासेस में मेमोरी के बारे में बताता आया
- 4:08:26हूं। इवन एक बार तो मैंने आपको मेमोरी का
- 4:08:29चार्ट भी बनाकर दिखाया हुआ है और समझाया
- 4:08:31है। जब मैंने आपको इनपुट और आउटपुट
- 4:08:33डिवाइसेस कराई थी। आपको याद होगा कंप्यूटर
- 4:08:36मेमोरी में मैंने प्राइमरी मेमोरी,
- 4:08:38सेकेंडरी मेमोरी वो एक पूरा चार्ट बनाकर
- 4:08:40समझाया था। तो आज की क्लास में कंप्यूटर
- 4:08:44में मेमोरी कितने तरीके की होती हैं? उन
- 4:08:46मेमोरीज के अंदर भी प्राइमरी में भी उनकी
- 4:08:49सब कैटेगरी क्या होती है? सेकेंडरी के
- 4:08:52अंदर कौन-कौन सी मेमोरी आ जाती हैं? कैश
- 4:08:54मेमोरी में भी कई तरीके होते हैं। कैश
- 4:08:57मेमोरी के टाइप होते हैं। उसके अलावा रैम
- 4:09:00के भी कई टाइप होते हैं। रोम के भी कई
- 4:09:02टाइप होते हैं। इन सारी चीजों को हम लोग
- 4:09:05कवर करने वाले हैं। कंप्यूटर मेमोरी तो
- 4:09:07मैं आपको बता चुका हूं। लेकिन आज मेमोरी
- 4:09:09के अंदर सारी मेमोरीज को खोल के और
- 4:09:12जोड़-तोड़ के भी देखेंगे। ठीक है?
- 4:09:16तो चलिए स्टार्ट करते हैं बिल्कुल बेसिक
- 4:09:18से। फर्स्ट ऑफ ऑल कंप्यूटर की मेमोरी क्या
- 4:09:20होती है? हम सभी को पता है यह कंप्यूटर के
- 4:09:23ब्रेन की तरह काम करती है। कंप्यूटर की
- 4:09:25याददाश्त की तरह काम करती है और यह डेटा
- 4:09:27स्टोर करने का काम करती है। आपका जितना भी
- 4:09:30डेटा होता है वो सब कंप्यूटर की मेमोरी
- 4:09:32में ही स्टोर होता है। वो एक अलग बात है।
- 4:09:34चाहे वो प्राइमरी बेसिस पर हो या फिर
- 4:09:37सेकेंडरी बेसिस पर हो। प्राइमरी का मतलब
- 4:09:39चाहे वो टेंपरेरी बेसिस पर हो, चाहे
- 4:09:41परमानेंटली बेसिस पर हो। आगे बढ़ने से
- 4:09:44पहले यहीं पर चार्ट के थ्रू भी क्लियर कर
- 4:09:46लेते हैं अपना सारा कांसेप्ट। तो सबसे
- 4:09:49पहले
- 4:09:51कंप्यूटर मेमोरी
- 4:09:56और कंप्यूटर मेमोरी बेसिकली हमारी कितने
- 4:09:59तरीके की होती है? दो तरीके की। यह मैं
- 4:10:01आपको पहले बता चुका हूं। दो तरीके की। एक
- 4:10:05जिसको हम लोग बोलते हैं
- 4:10:08प्राइमरी मेमोरी।
- 4:10:10जबकि दूसरी तरफ हमारी एक होती है जिसको हम
- 4:10:13लोग बोलते हैं
- 4:10:16सेकेंडरी मेमोरी। ठीक है? प्राइमरी मेमोरी
- 4:10:19में भी हमारी कौन सी मेमोरी आ जाती है?
- 4:10:22इसमें दो तरीके की हमारी मेमोरी है।
- 4:10:26एक तो रैम
- 4:10:30दूसरा रोम
- 4:10:33और तीसरा एक और आती है प्राइमरी मेमोरी
- 4:10:35में। इसको बोलते हैं कैशे मेमोरी। क्या
- 4:10:39बोलते हैं? कैशे मेमोरी या फिर इसको कैश
- 4:10:42मेमोरी भी आप बोल सकते हो या कैशे बोल
- 4:10:45सकते हो। दोनों में से आप कुछ भी बोल
- 4:10:46लीजिए। दोनों प्रोनंसिएशन सही है।
- 4:10:50वैसे कंप्यूटर प्रोफेशनल टर्म में कैशे
- 4:10:53मेमोरी उसको बोला जाता है। सेकेंडरी
- 4:10:56मेमोरी में आपके कई प्रकार आ जाते हैं।
- 4:10:58जैसे कि हार्ड डिस्क ड्राइव हो गई। ठीक
- 4:11:01है? इसके अलावा एसएसडी हो गई। इसके अलावा
- 4:11:06पेन ड्राइव हो गई।
- 4:11:10ठीक है? और आपकी डिस्क आ जाती हैं जैसे कि
- 4:11:13सीडी, डीवीडी,
- 4:11:16बीआरडी,
- 4:11:18एक्सट्रा। ये सब आ जाते हैं आपके सेकेंडरी
- 4:11:21मेमोरी में। यहां तक सभी को कोई भी
- 4:11:23कंफ्यूजन नहीं होना चाहिए। बिल्कुल बेसिक
- 4:11:26चीज मैंने आपको बताई है। अब दूसरी चीज जो
- 4:11:30प्राइमरी मेमोरी में भी जो हमारी रैम है,
- 4:11:33इसको हम लोग क्या बोलते हैं? इसको बोलते
- 4:11:35हैं मेन मेमोरी। क्या बोलते हैं? मेन
- 4:11:37मेमोरी। मैंने आपको कई बार स्ट्रक्चर बेस
- 4:11:41समझाया है कि कंप्यूटर में प्रोसेसिंग किस
- 4:11:44तरीके से चलती है। तो इस प्रोसेसिंग को आप
- 4:11:46जरूर ध्यान रखेंगे। हम सबसे पहले क्या
- 4:11:49देते हैं? इनपुट देते हैं कंप्यूटर को।
- 4:11:53ठीक है? यह इनपुट हमने इनपुट डिवाइस से
- 4:11:56दिया हुआ। जैसे कि हमने कीबोर्ड से इनपुट
- 4:11:59दे दिया। अब कीबोर्ड के बाद
- 4:12:03जो आपका दिया हुआ इंस्ट्रक्शन है, यह किस
- 4:12:05में जाता है? यह जाता है रैम में।
- 4:12:08RAM आपके दिए हुए इंस्ट्रक्शन को होल्ड
- 4:12:11करती है। ठीक है? RAM के आगे क्या है? देन
- 4:12:16है सीपीयू।
- 4:12:20देन है सीपीयू।
- 4:12:23लेकिन सीपीयू और रैम के बीच में
- 4:12:26एक मेमोरी और होती है जिसका अभी मैंने
- 4:12:29जिक्र किया। दिस इज कॉल्ड कैशे मेमोरी।
- 4:12:33ठीक है? यह छोटी सी मेमोरी होती है जो कि
- 4:12:36सीपीयू और रैम के बीच में
- 4:12:39इंस्ट्रक्शन का आदानप्रदान करती है। उसके
- 4:12:42बाद सीपीयू इसे प्रोसेस करता है और सीपीयू
- 4:12:45प्रोसेस करने के बाद आपको
- 4:12:48आउटपुट दे देता है।
- 4:12:51यह मैं आपको इसलिए बता रहा हूं कि यह आपको
- 4:12:53सीक्वेंस याद रखना बहुत जरूरी है।
- 4:12:55सीक्वेंस क्या? कि जब आप इनपुट देते हो तो
- 4:12:59इनपुट डिवाइस और सीपीयू के बीच में दो
- 4:13:02मेमोरी आपको मिलती है। इनपुट इंस्ट्रक्शन
- 4:13:06सबसे पहले रैेम में जाते हैं। रैम के बाद
- 4:13:08वो कैश में जाते हैं और कैश उसको सीपीू
- 4:13:12में देती है। एक तरीके से आप यह बोल सकते
- 4:13:14हो कैश मेमोरी क्या करती है? रैम और CPU
- 4:13:18के बीच में जो इंस्ट्रक्शंस का आदानप्रदान
- 4:13:21हो रहा है उसको फास्ट करने का काम करती
- 4:13:23है। मतलब उसको पहले से तेज करने का काम
- 4:13:26करती है। कैश मेमोरी इज लाइक जैसे कि बिना
- 4:13:30कैश मेमोरी में आदानप्रदान ऐसे चल रहा है।
- 4:13:34लिया इंस्ट्रक्शन इधर दे दिया। इधर का
- 4:13:36इंस्ट्रक्शन इधर दे दिया। फिर लिया इधर दे
- 4:13:39दिया। फिर लिया इधर दे दिया। लेकिन जैसे
- 4:13:41ही कैश मेमोरी लग गई तो यह आदानप्रदान ऐसे
- 4:13:44हो जाएगा। अभी तक ऐसे-से चल रहा था। जैसे
- 4:13:46ही कैश मेमोरी ऑन हुई
- 4:13:49तेज होने लगा। यह क्या करती है? यह फास्ट
- 4:13:52करती है इंस्ट्रक्शंस को। RAM और CPU के
- 4:13:55बीच में जितने भी इंस्ट्रक्शंस हैं उनको
- 4:13:57तेज कर देती है।
- 4:14:00एक लूप जनरेट करती है। जिसकी वजह से आपका
- 4:14:04जो आउटपुट है वो बहुत तेजी के साथ आपको
- 4:14:07मिलता है। मतलब बहुत कम टाइम में आपको
- 4:14:09बड़े-बड़े कैलकुलेशंस और आउटपुट मिल जाते
- 4:14:11हैं। जस्ट बिकॉज़ ऑफ कैश मेमोरी। तो रैम और
- 4:14:15कैश ये दोनों ही आपकी किसका पार्ट है?
- 4:14:19प्राइमरी मेमोरी का पार्ट है।
- 4:14:22ठीक है?
- 4:14:24प्लस मैंने आपको पहले भी एक बात बता रखी
- 4:14:28है कि प्राइमरी मेमोरी कौन सी होती हैं?
- 4:14:31यह ऐसी मेमोरी होती हैं जिनको कंप्यूटर
- 4:14:34यूज करता है अपने सेल्फ पर्पस के लिए।
- 4:14:37इनको एंड यूजर यूज नहीं करता है।
- 4:14:41ठीक है? जबकि सेकेंडरी मेमोरी कौन सी हैं?
- 4:14:44ऐसी मेमोरी हैं जिनको यूजर यूज करता है।
- 4:14:47मतलब मैं और आप अपने यूज के लिए करते हैं।
- 4:14:49जैसे कि हार्ड डिस्क हार्ड डिस्क में
- 4:14:51हमारा डाटा सेव होता है ना। आपकी कंप्यूटर
- 4:14:54में जितनी भी पीडीएफ होंगी, जितने भी
- 4:14:57वीडियोस होंगे क्लास के, जितनी भी आपने
- 4:14:59मूवी सेव कर रखी होंगी, जितने भी गाने
- 4:15:01आपने सेव कर रखे होंगे, दोस्तों के साथ,
- 4:15:04फैमिली के साथ की जो फोटो होंगी, वह आपने
- 4:15:06सेव कर रखी होंगी। यह सब कहां सेव हैं? यह
- 4:15:08सब हार्ड डिस्क में सेव है।
- 4:15:11उसी तरीके से आज की डेट में हार्ड डिस्क
- 4:15:14की जगह एसएसडी चलती है। एसएसडी हार्ड
- 4:15:16डिस्क से फास्ट है।
- 4:15:19पेनड्राइव पेनड्राइव में भी आपका ही डाटा
- 4:15:22होता है जो आप पर्सनल पर्पस से यूज करते
- 4:15:24हो। इसी तरीके से सीडी डीवीडी बी आरडी
- 4:15:27इनका यूज़ भी आप ही करते हो। जबकि आज तक
- 4:15:30आपने सोचा है क्या आपने खुद के यूज़ के लिए
- 4:15:33RAM का यूज किया है?
- 4:15:35RAM से क्या आपने डायरेक्टली खुद का कोई
- 4:15:38यूज़ निकाला है? नहीं। आपको बस इतना पता है
- 4:15:41कि अगर आपका कंप्यूटर सही तरीके से काम
- 4:15:44करे उसके लिए आपके कंप्यूटर में रैम होनी
- 4:15:46चाहिए। आपको इतना पता है अगर आपका
- 4:15:49कंप्यूटर सही तरीके से काम करे तो उसके
- 4:15:51लिए रोम होनी चाहिए। आपका कंप्यूटर तेज
- 4:15:54काम करे तो उसके लिए आपके कंप्यूटर में
- 4:15:56कैश मेमोरी होनी चाहिए। आप इन तीनों में
- 4:15:58से किसी का यूज नहीं कर रहे हो। तो
- 4:16:00प्राइमरी मेमोरी कौन सी मेमोरी हुई?
- 4:16:06जिसको कंप्यूटर यूज करता है।
- 4:16:11कंप्यूटर यूज फॉर
- 4:16:14इटसेल्फ।
- 4:16:16जबकि सेकेंडरी मेमोरी वो मेमोरी है जिसको
- 4:16:20यूजर यूज़ करता है। यूजर यूजज़ फॉर
- 4:16:26इटसेल्फ।
- 4:16:29बात क्लियर हुई? कोई दिक्कत तो नहीं यहां
- 4:16:31तक? अब इसमें भी जो आपकी RAM है, RAM किस
- 4:16:37तरीके की मेमोरी है? रैम आपकी वलाटाइल
- 4:16:40मेमोरी है। कैसी है? वलाटाइल मेमोरी। कैश
- 4:16:44कैसी है? यह भी आपकी
- 4:16:48वलाटाइल मेमोरी है।
- 4:16:51जबकि रोम की अगर हम बात करें तो यह नॉन
- 4:16:54वोलाटाइल है।
- 4:16:58और जितनी भी सेकेंडरी मेमोरीज हैं ये भी
- 4:17:02नॉन वोलाटाइल है।
- 4:17:04कैसी हैं? नॉन वोलाटाइल। वलाटाइल और नॉन
- 4:17:08वोलाटाइल का अंतर क्या है? वलाटाइल वो
- 4:17:11मेमोरी होती हैं जिसमें डाटा कुछ समय के
- 4:17:14लिए टेंपरेरी बेसिस पर होल्ड है और कुछ
- 4:17:18समय के बाद वो डाटा जैसे ही आपका काम पूरा
- 4:17:20हो जाएगा ऑपरेशन परफॉर्म हो जाएंगे तुरंत
- 4:17:23वो डाटा इरेज हो जाएगा या आप ऐसे मान सकते
- 4:17:27हो जब तक आपका कंप्यूटर ऑन है तब तक
- 4:17:31वोलेटाइल मेमोरी पर डाटा रहता है जैसे ही
- 4:17:34कंप्यूटर ऑफ हुआ आपने शटडाउन किया
- 4:17:36वोलेटाइल मेमोरी से डाटा इरेज हो जाएगा
- 4:17:40तो आप यह बोल सकते हो कि रैम और कैश
- 4:17:44मेमोरी ऐसी मेमोरी हैं जिनमें डेटा तभी तक
- 4:17:47होल्ड रहता है जब तक कंप्यूटर ऑन है। आपने
- 4:17:51एक बार कंप्यूटर शटडाउन किया इन दोनों
- 4:17:53मेमोरीज से डेटा इरेज हो जाएगा। यही कारण
- 4:17:56है कि इनको वोलेटाइल मेमोरीज बोलते हैं।
- 4:17:58जबकि रोम हो गया या आपकी इनमें से कोई भी
- 4:18:02डिवाइस हो गई। यह सब नॉन वोलेटाइल है।
- 4:18:04इसको आप कंप्यूटर शटडाउन करके फिर ऑन
- 4:18:07करिए। 10 बार बंद करिए कंप्यूटर 50 बार 1
- 4:18:10लाख बार बंद करिए उसके बाद आप जब भी ऑन
- 4:18:13करेंगे आपका डाटा आपको आपकी डिवाइस के
- 4:18:16अंदर ही मिलेगा।
- 4:18:18नॉन वोलेटाइल मेमोरीज वो होती हैं जहां पर
- 4:18:21आपका डाटा परमानेंटली स्टोर होता है। एक
- 4:18:24बार आपने स्टोर कर दिया तो जब तक आप उसे
- 4:18:26खुद डिलीट नहीं करेंगे मैनुअली तब तक
- 4:18:29डिलीट नहीं होने वाला है।
- 4:18:32क्लियर हो रही है इतनी बात?
- 4:18:35भाई गांधी और नेहरू की बात जलियांवाला बाग
- 4:18:37की बात प्लीज यहां पर अभी मत करिए।
- 4:18:40कंप्यूटर की क्लास चल रही है। उसको वहीं
- 4:18:42पर करिएगा। जीएस वाली ही क्लास में
- 4:18:44करिएगा।
- 4:18:47ठीक है?
- 4:18:56यहां तक कोई दिक्कत तो नहीं है?
- 4:18:59क्लियर है? इतना डन है। अब आगे बढ़ते हैं।
- 4:19:05जो हमारा सीपीू है, सीपीू में जो कंप्यूटर
- 4:19:08की मेमोरी है, बेसिकली हेल्प्स द सीpu टू
- 4:19:11परफॉर्म ऑपरेशंस एफिशिएंटली। जो मेमोरी
- 4:19:14है, इसको नापा किस में जाता है? तो इसके
- 4:19:16लिए कई सारी मेमोरी यूनिट्स होती हैं।
- 4:19:18जैसे कि बिट सबसे छोटी यूनिट होती है। बिट
- 4:19:22को जब हम मिलाते हैं तो बाइट बनती है। कई
- 4:19:24सारी बाइट्स को जब हम मिलाते हैं तो
- 4:19:26किलोबाइट बनती है। किलोबाइट्स को मिलाने
- 4:19:28पर मेगाबाइट बनती है। मेगाबाइट को मिलाने
- 4:19:31पर गीगाबाइट बनती है। गीगाबाइट्स को
- 4:19:33मिलाने पर टेराबाइट बनती है। इसके आगे भी
- 4:19:35और कई मेमोरी यूनिट होती है जिनकी अभी हम
- 4:19:38लोग बात करेंगे।
- 4:19:40आपको चार्ट समझ आ गया। आपको स्ट्रक्चर समझ
- 4:19:43आ गया। किस तरीके से काम करते हैं। अब बात
- 4:19:45करते हैं टाइप ऑफ कंप्यूटर मेमोरी की।
- 4:19:47सबसे पहले कैश मेमोरी की बात कर रहा है।
- 4:19:50अब आपको कैश मेमोरी की लोकेशन पता है कि
- 4:19:52कैश मेमोरी कहां पर फिक्स होती है। बहुत
- 4:19:55ही छोटे साइज की होती है और सबसे तेज
- 4:19:57मेमोरी यह होती है। यह सीपीयू और मेन
- 4:20:00मेमोरी मतलब रैम के बीच में होती है। आपको
- 4:20:03अभी पता है। यही मैंने आपको बताया। यह
- 4:20:05सीपीयू और मेन मेमोरी रैम के बीच में है।
- 4:20:08कैश मेमोरी। ध्यान रखिएगा। लोकेशन आपसे
- 4:20:10हमेशा पूछता है कैश की। बोलेगा कैश मेमोरी
- 4:20:13इनमें से किन दो डिवाइसेस के बीच में
- 4:20:16लोकेटेड होती है? ऑप्शन देगा रैम और रोम
- 4:20:18के बीच में, मदरबोर्ड और CPU के बीच में,
- 4:20:21सीपीू और रैम के बीच में, रैम और रजिस्टर
- 4:20:24के बीच में। ऐसे आपसे पूछेगा। तो आपको
- 4:20:27हमेशा ध्यान रखना है कि रैेम और सीपीयू के
- 4:20:30बीच में ही कैश मेमोरी होती है। भटकना
- 4:20:32नहीं है बिल्कुल भी।
- 4:20:34सीपीयू और रैम के बीच में स्थित है। कैश
- 4:20:37मेमोरी बेसिकली। अब टाइप ऑफ कैशे भी होते
- 4:20:39हैं। कैश मेमोरी के भी कई सारे टाइप हैं।
- 4:20:42जैसे कि L1 कैश, L2 कैश मेमोरी, L3 कैश
- 4:20:46मेमोरी, L4 कैश मेमोरी भी होती है। अब
- 4:20:50देखिए L1 कैश मेमोरी ये CPU के अंदर ही
- 4:20:53होती है।
- 4:20:55ठीक है? और इसका आकार सबसे छोटा होता है।
- 4:20:57जैसे ये CPU चिप है। आप ये मान लीजिए CPU
- 4:21:00चिप है। तो इसके अंदर ही यह मौजूद है। ठीक
- 4:21:03है? यह आपकी एल1 कैश है। सीपीयू के अंदर
- 4:21:07होती है। फास्टेस्ट होती है और बिल्कुल
- 4:21:09छोटी होती है। यह सबसे तेज अगर कोई कैश है
- 4:21:12तो वो L1 कैश मेमोरी है। इसके बाद L2 कैश
- 4:21:16होती है जो कि L1 से छोटी होती है लेकिन
- 4:21:18उससे साइज में बड़ी होती है। L3 के साथ भी
- 4:21:22वही कहानी है। L3 L2 से स्लोअर होती है और
- 4:21:27L2 से साइज में बड़ी होती है। मतलब साइज
- 4:21:30अगर बढ़ता जा रहा है तो कैश मेमोरी की जो
- 4:21:33स्पीड है वो कम होती जा रही है। ठीक है?
- 4:21:37और इसी तरीके से L4 है। अब जो L4 होती है
- 4:21:40इसकी खास बात ये है देखिए L1, L2 और L3 जो
- 4:21:44है ये तीनों आपकी कंप्यूटर की चिप के अंदर
- 4:21:47होती है इनसाइड।
- 4:21:51लेकिन जो L4 कैश मेमोरी होती है, यह चिप
- 4:21:54के बाहर होती है। यह कंप्यूटर चिप के अंदर
- 4:21:56नहीं आती। तो, यहां पर मैं लिख देता हूं
- 4:21:59L4 जो कैश होती है यह आउटसाइड ऑफ CPU होती
- 4:22:03है। बस अंतर इतना होता है। ऊपर से वही
- 4:22:06कहानी इसके साथ भी है। ये L3 से स्लोअर
- 4:22:10होती है। ये L3 से भी धीमी होती है और
- 4:22:12साइज में उससे भी ज्यादा बड़ी होती है।
- 4:22:15क्योंकि ये L3 से भी बड़ी है। इस वजह से
- 4:22:17यह CPU की चिप में नहीं आ पाती है। यही
- 4:22:20कारण है कि यह CPU से बाहर होती है।
- 4:22:25नाउ कम्स टू प्राइमरी मेमोरी। प्राइमरी
- 4:22:28मेमोरी वही मैंने अभी आपको जो बताया हम
- 4:22:31लोग बात कर रहे हैं यहां पर प्राइमरी
- 4:22:32मेमोरी हमारी क्या होती हैं? प्राइमरी
- 4:22:34मेमोरी में कैश की हमने बात कर ली है। रैम
- 4:22:37और रोम की ऑब्वियसली आपसे बात करेगा ये।
- 4:22:40प्राइमरी मेमोरी डायरेक्ट डायरेक्टली
- 4:22:43एक्सेसिबल बाय सीपीयू। आपके जितने भी
- 4:22:46इंस्ट्रक्शंस होते हैं वो दिए गए। सबसे
- 4:22:48पहले प्राइमरी मेमोरी में जाते हैं। फिर
- 4:22:50प्राइमरी मेमोरी से यह सीपीू तक पहुंचते
- 4:22:53हैं। तो एक तरीके से आप बोल सकते हो सीपीू
- 4:22:56डायरेक्ट एक्सेस किसको करता है? प्राइमरी
- 4:22:57मेमोरी को डायरेक्ट एक्सेस कर रहा है।
- 4:22:59प्राइमरी में भी पहली जो है हमारी है मेन
- 4:23:02मेमोरी जिसको रैम बोलते हैं। इसी को क्या
- 4:23:05बोलते हैं? मेन मेमोरी।
- 4:23:08रैंडम एक्सेस मेमोरी। इसका काम क्या होता
- 4:23:11है? आपने जितने भी इंस्ट्रशंस दिए CPU को
- 4:23:14जैसे मान लीजिए आपने अपने फोन में
- 4:23:17सिलेलेक्शन वे एप्लीकेशन ओपन कर रखा है।
- 4:23:22यह है CPU
- 4:23:26आपने इंस्ट्रक्शन दी है। आपने पहले
- 4:23:28इंस्ट्रक्शन में सिलेक्शन वे ऐप ओपन कर
- 4:23:31रखा है।
- 4:23:33बैक एंड पे आपका एक ब्राउज़र भी ओपन है
- 4:23:36जिसमें सरकारी रिजल्ट मान लो खुला हुआ है
- 4:23:39तो आपका ब्राउज़र भी ओपन है।
- 4:23:43तीसरा आपके फोन में WhatsApp भी एक ही
- 4:23:46टाइम पर खुला हुआ है। तो थर्ड इंस्ट्रक्शन
- 4:23:48हो गया WhatsApp। आप अपने दोस्त से बात भी
- 4:23:52कर रहे हो। ठीक है?
- 4:23:55आप क्लास देखते जा रहे हो। आपने अपने
- 4:23:57दोस्त को तुरंत WhatsApp खोल के मैसेज
- 4:23:59किया। वरुण सर मेमोरी यूनिट पढ़ा रहे हैं।
- 4:24:01जल्दी आ जाओ क्लास में।
- 4:24:04यह तीनों चीजें आपके सीपीू में इस टाइम पर
- 4:24:07होल्ड हैं। आपका सीपीू इन तीनों चीजों को
- 4:24:09ओपन करके रखे हुए हैं। आपके सामने आपके
- 4:24:11मोबाइल पे तीनों हैं। बस बैक एंड पे चल
- 4:24:14रहा है। कोई एक सामने है, बाकी के दो बैक
- 4:24:15एंड पे हैं। आप जब चाहे तब उन पे स्विच कर
- 4:24:18सकते हो। ये तीनों एक टाइम पे कैसे सीपीू
- 4:24:21हैंडल कर पा रहा है। क्यों? क्योंकि ये
- 4:24:23तीनों इंस्ट्रक्शन ही कौन होल्ड कर रहा
- 4:24:25है? इन तीनों इंस्ट्रक्शन को होल्ड किया
- 4:24:28जा रहा है। किसके थ्रू? RAM के थ्रू।
- 4:24:31यह तीनों इंस्ट्रक्शन रैम होल्ड करके रखे
- 4:24:34हुए हैं। एक बार आपने अपना फोन ऑफ किया यह
- 4:24:38तीनों इंस्ट्रक्शन इरेज हो जाएंगे। खत्म।
- 4:24:43जब आप दोबारा ऑन करोगे अपने फोन को मतलब
- 4:24:46अपनी डिवाइस को या अपने कंप्यूटर को बोल
- 4:24:48लीजिए तब आपको यह तीनों फिर से ओपन करने
- 4:24:51पड़ेंगे। क्यों? क्योंकि अभी तक यह आपके
- 4:24:53रैम में थे, मेन मेमोरी में थे और मेन
- 4:24:56मेमोरी आपकी कैसी है? वोलेटाइल मेमोरी है।
- 4:25:00तो आप जितने भी ऑपरेशन सीपीू में एक टाइम
- 4:25:03पर परफॉर्म कर रहे होते हो वह ऑपरेशन
- 4:25:05क्यों परफॉर्म हो रहे होते हैं? क्योंकि
- 4:25:07उन सभी दिए हुए इंस्ट्रक्शंस को रैम होल्ड
- 4:25:10करके रखती है।
- 4:25:12तभी सीपीू उनको एक साथ प्रोसेस कर पा रहा
- 4:25:15होता है।
- 4:25:17अब रैेम में भी कई प्रकार होते हैं रैम
- 4:25:20के। जैसे कि पहला जिसको हम लोग बोलते हैं
- 4:25:22डी rेम।
- 4:25:24डी rेम का मतलब यहां पर डी का मतलब है
- 4:25:26डायनेमिक। डायनेमिक रैंडम एक्सेस मेमोरी।
- 4:25:29इट यूज एज मेन मेमोरी। लेकिन बस अंतर यह
- 4:25:32है कि यह एस रैम से स्लोअर होती है और
- 4:25:34सस्ती भी होती है। अब सवाल यह है कि यह
- 4:25:37स्लोअर क्यों होती है? डायनेमिक रैम धीमे
- 4:25:42क्यों है स्पीड में एस रैम से? उसका कारण
- 4:25:45बताता हूं।
- 4:25:47जो डायनेमिक रैम है यह आपकी इसकी खास बात
- 4:25:51यह है कि यह ऑटो रिफ्रेश होती है एक
- 4:25:54सर्टेन टाइम के बाद। हर 2 से 3 मिनट में
- 4:25:57यह ऑटो रिफ्रेश होगी।
- 4:26:00और जब यह ऑटो रिफ्रेश होती है तो वो जो
- 4:26:04रिफ्रेशिंग का जो टाइम होता है जिसकी वजह
- 4:26:06से इसकी स्पीड धीमी हो जाती है। इसमें एक
- 4:26:10हल्का सा लैग आता है। जबकि जो आपकी
- 4:26:13स्टैटिक रैम होती है, एस रैेम होती है,
- 4:26:15इसका नाम ही स्टैटिक इसलिए है कि इट
- 4:26:21डज नॉट रिफ्रेश।
- 4:26:26इट डस
- 4:26:28रिफ्रेश।
- 4:26:31यह रिफ्रेश नहीं होती है। इसी वजह से यह
- 4:26:35एक सिंगल स्टेट में चलती रहती है।
- 4:26:39लेकिन कोई तो कारण होगा कि डी रैम भी यूज
- 4:26:42करी जाती है। अब डी रैम की एक खास बात है।
- 4:26:46डी रैम में हैंगिंग के चांसेस कम हो जाते
- 4:26:50हैं। अगर आप डी रैम यूज़ कर रहे हो तो
- 4:26:52आपकी डिवाइस हैंग होने के चांसेस बहुत कम
- 4:26:55होते हैं। क्योंकि यह जब अपने आप को हर एक
- 4:26:58से 2 मिनट के अंदर या 3 मिनट के साइकिल
- 4:27:00में जब यह अपने आप को रिफ्रेश करती है तो
- 4:27:03यह जितने अननेसेसरी टास्क होते हैं उनको
- 4:27:05अपने आप ही इरेस करती चलती है। एग्जांपल
- 4:27:09के तौर पर
- 4:27:11आपने अगर डी रैम लगा रखी है तो डी रैम
- 4:27:15बार-बार रिफ्रेश हो रही है हर दो-ती मिनट
- 4:27:17में। अब मान लो
- 4:27:2010 से 15 घंटे हो गए या तीन-चार दिन हो गए
- 4:27:23हैं। मान लीजिए आपके फोन में कई लोगों की
- 4:27:25आदत होती है ना जैसे मेरी है। मैं आदत बता
- 4:27:28दूं। मैं अपने फोन में बैक एंड पे बहुत
- 4:27:30सारे टैब खुले रखता हूं। मैं उन्हें बंद
- 4:27:33करना का मुझे समय नहीं मिलता या मान लीजिए
- 4:27:35मैं इतना लेजी हूं कि मैं उसे बंद नहीं
- 4:27:37करता हूं। वो टैब खुले ही रहते हैं बैक
- 4:27:39एंड पे।
- 4:27:41ठीक है? तो मेरे डिवाइस में अगर डी रैम
- 4:27:45होगी तो डी रैम है। यह हर दो-ती मिनट में
- 4:27:48रिफ्रेश कर रही है खुद को। तो यह बार-बार
- 4:27:51यह देख रही है कि कितने ऐसे इंस्ट्रक्शन
- 4:27:54हैं जो कि मैंने कितने घंटों से यूज़ ही
- 4:27:56नहीं किए हैं। 15, 20, 30 घंटे या चार दिन
- 4:28:00हो चुके हैं। वो देख रही है कि इस आदमी ने
- 4:28:04यूज़ ही नहीं किया है। वो देख रही है कि यह
- 4:28:06ब्राउज़र इसने ओपन किया हुआ था 4 दिन पहले।
- 4:28:09तब से आज यह ब्राउज़र आज तक गया ही नहीं
- 4:28:11है। 4 दिन से वो वो बंद है।
- 4:28:16तो यह ऑटोमेटिक क्या करेगी? ब्राउज़र को एक
- 4:28:19सर्टेन टाइम के बाद दो से 3 दिन के बाद
- 4:28:21वैसे 72 घंटे का काउंटडाउन होता है। 72
- 4:28:24घंटे मतलब 3 दिन के बाद ऑटोमेटिक ब्राउज़र
- 4:28:27को RAM से क्या करेगी? इरेज़ कर देगी।
- 4:28:30एलिमिनेट कर देगी, हटा देगी।
- 4:28:32अब केवल दो ही इंस्ट्रक्शन रह जाएंगे। तो
- 4:28:35ऑब्वियस सी बात है रैेम के ऊपर लोड भी कम
- 4:28:37है तो हैंग होने के चांसेस भी कम हो गए।
- 4:28:40लेकिन जो स्टैटिक रैम होती है इसकी खास
- 4:28:42बात यह है क्योंकि ये रिफ्रेश खुद को नहीं
- 4:28:44करती है। जितने भी इंस्ट्रक्शंस होंगे वो
- 4:28:49वैसे के वैसे एज इट इज ही रहते हैं।
- 4:28:53आज की डेट में आपकी डिवाइसेस में डी रैम
- 4:28:56नहीं एस रैम यूज़ हो रही है। पहले हम लोग
- 4:28:58डी रैम यूज़ करते थे। लेकिन डी रैम की जगह
- 4:29:01लोग आज इतने व्यस्त हो चुके हैं। वही
- 4:29:03मैंने आपको बताया। आज की डेट में लोगों को
- 4:29:06पता है कि मोबाइल्स की बैटरीज में इन खुले
- 4:29:10हुए टैब्स का कोई फर्क नहीं पड़ता है। आज
- 4:29:12की डेट में हमारी बैटरीज ऐसी आ गई हैं।
- 4:29:14पहले बैटरीज ऐसी नहीं थी। तो लोग टैब बंद
- 4:29:17करना पसंद करते थे। तो डी रैम सक्सेस थी।
- 4:29:20लेकिन आज आज लोगों को डी रैम नहीं एस रैम
- 4:29:22चाहिए जो कि फास्ट हो। लोगों को कोई फर्क
- 4:29:25नहीं पड़ता। 20, 30, 50 टैब खुले हो। आपको
- 4:29:30अच्छा नहीं लगता है तो भले ही आप बंद कर
- 4:29:32लीजिए। लेकिन जैसे मेरे फोन में मैं आपको
- 4:29:34बताऊं 50 टैब भी खुले होंगे। मुझे कोई
- 4:29:36फर्क नहीं पड़ता। ना ही मेरा फोन किसी भी
- 4:29:40तरीके से डिस्टर्ब होने वाला है। क्यों?
- 4:29:42क्योंकि एस रैम है फास्टर है। साथ में कैश
- 4:29:45मेमोरी भी लगी आती है। तो हैंगिंग के
- 4:29:48चांसेस ऑलरेडी कम हो जाते हैं। बट द मेन
- 4:29:51थिंग इज दिस कि दोनों में अंतर यही है कि
- 4:29:53यह अपने आप को रिफ्रेश करती है। यह अपने
- 4:29:55आप को रिफ्रेश नहीं करती है।
- 4:29:59तो ज्यादा तेज कौन है? दोनों में डी रैम
- 4:30:01में। S RAM में S RAM फास्टर है। S RAM
- 4:30:05महंगी भी आती है। डी RAM सस्ती भी आती है
- 4:30:08और यह स्लोअर है। डायनेमिक RAM इसको
- 4:30:11इसीलिए बोलते हैं क्योंकि यह सेल्फ
- 4:30:12रिफ्रेश करती रहती है बल्कि स्टैटिक RAM
- 4:30:15रिफ्रेश नहीं करती है खुद को।
- 4:30:19नाउ कम्स टू रोम।
- 4:30:21अच्छा रोम में क्या मौजूद होता है? रोम का
- 4:30:25यूज़ क्या होता है? RAM का तो यूज़ बता दिया
- 4:30:27मैंने आपको। रोम का यूज़ क्या होता है?
- 4:30:32रोम में क्या स्टोर होता है? रोम ध्यान
- 4:30:34रखिएगा नॉन वोलेटाइल है। मतलब कुछ ऐसा सेव
- 4:30:36है यहां पर जो परमानेंटली सेव है।
- 4:30:39टेंपरेरी बेसिस पर सेव नहीं है। तो इसमें
- 4:30:42क्या सेव होता है? रोम होल्ड्स
- 4:30:46इट होल्ड्स
- 4:30:48बायोस।
- 4:30:50बायoस का मतलब बेसिक
- 4:30:54इनपुट आउटपुट
- 4:30:59सिस्टम।
- 4:31:03आपके मदरबोर्ड में जितनी भी डिवाइसेस लगी
- 4:31:06हुई हैं,
- 4:31:08उन सभी के इंस्ट्रक्शन प्रोग्राम सेव होते
- 4:31:12हैं बायoस के फॉर्म में। और यह बायoस कहां
- 4:31:15पर स्टोर है? रोम में स्टोर होते हैं। जब
- 4:31:19आप कंप्यूटर को अपने ऑन करते हो तो बूटिंग
- 4:31:22की जो प्रक्रिया होती है, जिस टाइम पर
- 4:31:24कंप्यूटर ओपन हो रहा होता है, उस टाइम पर
- 4:31:27बायोस ही हैं जो कि आपके मदरबोर्ड को
- 4:31:30क्रॉस चेक कर रहे होते हैं कि आपका
- 4:31:32मदरबोर्ड पूरे तरीके से वर्किंग है या
- 4:31:34नहीं है। अगर मदरबोर्ड पूरे तरीके से
- 4:31:36वर्किंग होता है तो ही आपके सामने वेलकम
- 4:31:39विंडो ओपन होती है। अगर मदरबोर्ड में कोई
- 4:31:42भी इक्विपमेंट काम नहीं कर रहा है तो उस
- 4:31:44केस में आपका वेलकम विंडो ओपन नहीं होगा।
- 4:31:48आपको वो सीधे नीले कलर की स्क्रीन पर ले
- 4:31:50जाएगा जहां पर आपको बोलेगा कि फॉर्मेट करो
- 4:31:53अपना सिस्टम। यह चीज काम नहीं कर रही है।
- 4:31:56यह चीज करप्ट हो गई है। और वो जो नीली
- 4:31:59विंडो होती है उसी को हम लोग बोलते हैं
- 4:32:01बायो सेटिंग। तो अगर आपके मदरबोर्ड में
- 4:32:04कुछ भी ठीक तरीके से काम नहीं कर रहा है
- 4:32:06तो यही वह रोम है जिसके अंदर बायoस
- 4:32:09प्रोग्राम है। यह बायoस ही आपको बायoस में
- 4:32:11रीडायरेक्ट कर देते हैं। फिर आपके सामने
- 4:32:14वेलकम विंडो नहीं खुलती है। तो एक तरीके
- 4:32:16से आप बोल सकते हो आपके कंप्यूटर में जो
- 4:32:19बूटिंग है उसके लिए रिस्पांसिबल कौन है?
- 4:32:21रोम है। रोम आपके कंप्यूटर को बूट करने
- 4:32:25में मदद करती है।
- 4:32:28और केवल बूटिंग के टाइम पर नहीं शटडाउन
- 4:32:30में भी आपने देखा होगा कंप्यूटर को टाइम
- 4:32:32लगता है। टीवी की तरह नहीं ऑफ हो जाता है।
- 4:32:35टीवी में बटन दबाते हो किच बंद टीवी ऐसे
- 4:32:38नहीं होता है। कंप्यूटर में आप शटडाउन
- 4:32:40करते हो। उसके बाद भी आप देखोगे एक बफर
- 4:32:43टाइम होता है। उसके बाद धीमे से आपका
- 4:32:46कंप्यूटर शटडाउन होता है। क्यों? उस टाइम
- 4:32:48पर भी रोम एक्टिव होती है। सीपीयू रोम को
- 4:32:51इंस्ट्रक्शन देता है कि भैया बाऊजी बोल
- 4:32:54रहे हैं कंप्यूटर बंद करो। तो रोम तुरंत
- 4:32:56एक्टिव होती है और रोम के जो बायोस हैं यह
- 4:33:00मदरबोर्ड के हर एक पोर्ट को क्रॉस चेक
- 4:33:03करते हैं और उनके हर एक टास्क को
- 4:33:05सक्सेसफुली टर्मिनेट करते हैं। यह जितने
- 4:33:09भी इंस्ट्रक्शन मदरबोर्ड के किसी भी चिप
- 4:33:12पर चल रहे होते हैं, उस चिप के अंदर उसको
- 4:33:15आइडियली टर्मिनेट करते हैं। मतलब एक तरीके
- 4:33:18से उसको टर्मिनेट करते हैं ना कि पावर कट
- 4:33:21करते हैं। यही कारण है कि हमेशा बोला जाता
- 4:33:23है कंप्यूटर को टीवी की तरह ऑफ मत करो।
- 4:33:26कंप्यूटर को प्रॉपर्ली शट डाउन करो।
- 4:33:29अगर आप कंप्यूटर को टीवी की तरह ऑफ करोगे
- 4:33:32बटन दबाकर तो रोम अपनी प्रक्रिया पूरी
- 4:33:35नहीं कर पाएगी। आपके मदरबोर्ड में जितनी
- 4:33:38भी चिप्स हैं वहां से जो डाटा है वह
- 4:33:41डायरेक्टली करंट के थ्रू पावर कट होगा।
- 4:33:45और जब करंट के थ्रू पावर कट होगा तो इस
- 4:33:48केस में आपके मदरबोर्ड की कोई भी चिप
- 4:33:52करप्ट हो सकती है और एक लंबा खर्चा आपके
- 4:33:55सामने आ सकता है। आपका डाटा भी करप्ट हो
- 4:33:58सकता है। दैट्स व्हाई वी ऑफेन सेज़ कि
- 4:34:02कंप्यूटर हमेशा प्रॉपर्ली शट डाउन करो।
- 4:34:05टीवी की तरह बंद मत करो कंप्यूटर। तो रोम
- 4:34:08जब कंप्यूटर ओपन होता है और जब कंप्यूटर
- 4:34:10शटडाउन होता है दोनों समय पर काम आती है।
- 4:34:15इसी रोम की हम लोग बात कर रहे हैं।
- 4:34:20इसका नाम ही रीड ओनली मेमोरी इसलिए है
- 4:34:22क्योंकि आप इसे केवल रीड कर सकते हो। मतलब
- 4:34:25हमारा कंप्यूटर केवल इसे रीड करता है।
- 4:34:28एक बार बायoस में प्रोग्राम सेव कर दिए
- 4:34:31रोम में बायoस प्रोग्राम सेव कर दिए जाते
- 4:34:33हैं। उसके बाद आपका कंप्यूटर जब तक चल रहा
- 4:34:36है तब तक रोम एज इट इज़ ही रहेगी। उसके
- 4:34:38अंदर वही प्रोग्राम रहेंगे। आप उसे चेंज
- 4:34:40नहीं कर सकते। अरे यह क्या हो गया?
- 4:34:47तार पैर में फंस गया।
- 4:34:50आवाज तो क्लियर है भाई। चेक कर लूं पता
- 4:34:54लगा।
- 4:34:56हेलो हेलो हां
- 4:34:59ठीक है।
- 4:35:02सर आप गगन सर को बोलो कि स्पेशल बैच वालों
- 4:35:04को वीओडी देने के लिए। ओके बोलता हूं भाई।
- 4:35:10आपकी रिक्वेस्ट पहुंचाई जाएगी। बिल्कुल।
- 4:35:16ठीक है?
- 4:35:21नाउ अब रोम में भी कई प्रकार होते हैं।
- 4:35:23कौन-कौन से प्रकार हैं इनको देखते हैं।
- 4:35:26पहला जिसको बोलते हैं पी रोम। ध्यान
- 4:35:28दीजिएगा। इसका अंतर जल्दी से लोगों को पता
- 4:35:30नहीं होता। लोग फुल फॉर्म तो याद कर लेते
- 4:35:32हैं। लोगों को इसका अंतर ही नहीं पता होता
- 4:35:34अंतर क्या है इनमें? पी रोम, ईपी रोम, डबल
- 4:35:38ईपी रोम इनमें अंतर क्या है? पी रोम का
- 4:35:40मतलब है प्रोग्रामेबल रीड ओनली मेमोरी।
- 4:35:43इसका सीधा सा मतलब यह है कि एक ऐसी रोम
- 4:35:47जिसको प्रोग्राम किया जा सकता है। मतलब एक
- 4:35:51बार इसमें बायोस स्टोर कर दिए गए।
- 4:35:54और बायoस प्रोग्राम जैसे ही स्टोर कर दिए
- 4:35:57गए उसके बाद कुछ नहीं हो सकता। आप इसे
- 4:35:59इरेज नहीं कर सकते। एज इट इज यह बने
- 4:36:02रहेंगे। आप चाहे चिप तोड़ दीजिए। बस वही
- 4:36:06एक सॉल्यूशन है। नहीं तो इरेज नहीं हो
- 4:36:07सकता भैया।
- 4:36:10इसीलिए इसको बोलते हैं प्रोग्रामेबल रीड
- 4:36:13ओनली मेमोरी पी रोम जबकि दूसरा प्रकार है
- 4:36:16ईपी रोम इसका मतलब है इरेजबल एंड
- 4:36:19प्रोग्रामेबल रीड ओनली मेमोरी यह ऐसी रोम
- 4:36:23होती है जिसमें एक बार आपने प्रोग्राम
- 4:36:26स्टोर कर दिए वो परमानेंटली स्टोर हो गए
- 4:36:30लेकिन वो इरेज एक ही तरीके से हो सकते हैं
- 4:36:32अगर आप उन्हें धूप में रख दो
- 4:36:34अल्ट्रावायलेट रेज के सामने रख दो अगर अगर
- 4:36:38आप इसे सनलाइट में रख दोगे ईपी रोम को तो
- 4:36:40इसके अंदर का डाटा इरेज हो जाता है। कैसे
- 4:36:43इरेज हो जाता है? उसका कारण आपको बताता
- 4:36:45हूं। क्योंकि यह जो आपकी जो चिप होती है
- 4:36:50यह चिप किसकी बनी होती है? यह आपकी
- 4:36:53सिलिकॉन की चिप बनी होती है
- 4:36:56और इसके अंदर जो आपका जो प्रोसेस परफॉर्म
- 4:37:00हो रहा है वो फोटन की वजह से हो रहा है।
- 4:37:03तो यूवी रेज की के कांटेक्ट में आने के
- 4:37:07बाद सिलिकॉन फोटन के साथ मिलकर इस तरीके
- 4:37:10से प्रक्रिया करता है कि उसमें
- 4:37:12इलेक्ट्रॉन्स जनरेट होते हैं और वही
- 4:37:14इलेक्ट्रॉन इस डाटा को करप्ट कर देते हैं।
- 4:37:18इसी वजह से अगर आपके पास ईपी रोम है तो
- 4:37:22उसको सनलाइट के सामने मत आने दीजिए। अगर
- 4:37:25वह यूवी रेज के सामने आ गई, धूप के सामने
- 4:37:27आ गई, उस पर धूप लग गई तो आपका डाटा करप्ट
- 4:37:30हो जाएगा।
- 4:37:31और रोम का डाटा करप्ट हुआ नहीं कि फिर
- 4:37:34आपका सिस्टम ऑन भी नहीं हो पाएगा।
- 4:37:38तीसरा है जिसको बोलते हैं डबल ईपी रोम। यह
- 4:37:41सबसे महंगी आती है। लेटेस्ट कैटेगरी है
- 4:37:44रोम की जिसको बोलते हैं इलेक्ट्रिकली
- 4:37:46इरेजबल एंड प्रोग्रामेबल रीड ओनली मेमोरी।
- 4:37:52यह रोम का वो प्रकार है जिसमें आप बायoस
- 4:37:55प्रोग्राम को स्टोर कर सकते हो और जब चाहे
- 4:37:59तब आप इसे इरेस भी कर सकते हो
- 4:38:01इलेक्ट्रिकली
- 4:38:03आप तो नहीं लेकिन जो प्रोग्रामर है जो
- 4:38:06प्रोफेशनल है वही करेंगे एंड यूजर के यूज़
- 4:38:09की चीज ही नहीं है
- 4:38:13तो जो पी रोम है इसको एक बार अगर आपने
- 4:38:16राइट कर दिया इसमें एक बार आपने बायoस
- 4:38:19स्टोर कर दिए वो हमेशा के लिए स्टोर हो
- 4:38:21जाते हैं। आप उसे इरेज नहीं कर सकते। ईपी
- 4:38:24रोम एक बार आपने प्रोग्राम स्टोर कर दिया
- 4:38:27हमेशा के लिए हो गए। लेकिन अगर यह यूवी
- 4:38:30रेज के कांटेक्ट में आएंगे तो यह डेटा
- 4:38:32करप्ट हो जाएगा। इसका इरेज हो जाएगा। इसके
- 4:38:34अंदर का जितना भी प्रोग्राम है। डबल ईपी
- 4:38:37रोम अगर आपने कर भी दिया है डेटा इसमें
- 4:38:41प्रोग्राम आपने पूरा स्टोर कर दिया है तो
- 4:38:44उसके बाद यह परमानेंटली स्टर्ड है। जब तक
- 4:38:46आप इसे खुद ना इरेज़ करना चाहे। आप जब चाहे
- 4:38:48तब आप इसे इलेक्ट्रिकली इरेज कर सकते हैं
- 4:38:51और इसमें नए प्रोग्राम्स भी स्टोर कर सकते
- 4:38:53हैं।
- 4:38:55ओके
- 4:38:57सर मेंस तक पूरा कंप्यूटर हो जाएगा। भाई
- 4:38:59उससे पहले ही कर दूंगा मैं। एक्स्ट्रा
- 4:39:01क्लास लेनी पड़े चाहे जो कुछ भी हो। नाउ
- 4:39:04कम्स टू सेकेंडरी मेमोरी। सेकेंडरी मेमोरी
- 4:39:07में आपको कोई दिक्कत ही नहीं है। यह आप
- 4:39:09लोग यूज़ ही करते हो इस वजह से जानते हो।
- 4:39:11हार्ड डिस्क आप सभी को पता है। आज की डेट
- 4:39:14में हार्ड डिस्क की जगह एसएसडी ने ले ली
- 4:39:16है जिसको सॉलिड स्टेट ड्राइव बोलते हैं।
- 4:39:18आई एम वेरी श्योर अगर आपने दो-ती सालों के
- 4:39:21अंदर अगर कंप्यूटर लिया हुआ है मतलब
- 4:39:22लैपटॉप आपने लिया हुआ है तो आपके लैपटॉप
- 4:39:25में एसएसd ही लगी हुई है। आपके फोन में भी
- 4:39:28एसएसडी ही लगी होगी। अब हार्ड डिस्क नहीं
- 4:39:30लगी है। एसएसडी हार्ड डिस्क से कहीं
- 4:39:32ज्यादा फास्ट है और कहीं ज्यादा कंपैटिबल
- 4:39:35है।
- 4:39:36पेनड्राइव आप लोगों को पता ही है। USB
- 4:39:39फ्लैश ड्राइव। अच्छा पेनड्राइव और फ्लैश
- 4:39:41ड्राइव में अंतर क्या होता है? देखो फ्लैश
- 4:39:44ड्राइव एक ब्रॉडर वर्ड है।
- 4:39:47एक मतलब बड़ी कैटेगरी है फ्लैश ड्राइव।
- 4:39:50फ्लैश ड्राइव का मतलब यह है कि एक ऐसी
- 4:39:54ड्राइव जिसको आप बाय हैंड यूज़ कर सकते हो।
- 4:39:59ठीक है? अब फ्लैश ड्राइव में आपकी क्या आ
- 4:40:02जाती है? यह जो सीडी डीवीडी है यह भी
- 4:40:04फ्लैश ड्राइव का एक प्रकार है। यह जो
- 4:40:07एसएसडी है यह भी फ्लैश ड्राइव का ही
- 4:40:09प्रकार है। अब इसी में अगर USB पोर्ट का
- 4:40:13ऑप्शन आ गया तो वो USB फ्लैश ड्राइव
- 4:40:15कहलाती है या उसी को पेनड्राइव भी आप बोल
- 4:40:17सकते हो। तो फ्लैश ड्राइव हर वो स्टोरेज
- 4:40:20डिवाइस है जिसको आप कैरी कर सकते हो हाथों
- 4:40:23में। जबकि हार्ड डिस्क काफी बड़ी हो जाती
- 4:40:26है। इसको फ्लैश ड्राइव की प्रॉपर कैटेगरी
- 4:40:29में नहीं रखा जाता है।
- 4:40:31ठीक है?
- 4:40:34मेमोरी हरार्की की अगर हम बात करें तो यह
- 4:40:37कुछ इस तरीके से काम करती है। रजिस्टर,
- 4:40:40कैश मेमोरी, रैम और सेकेंडरी मेमोरी। कैसे
- 4:40:44इसको समझेंगे? जो रजिस्टर हैं आपके यह
- 4:40:49इन सीपीयू होते हैं। सीपीयू के अंदर ही
- 4:40:53मौजूद होते हैं। सीपीयू चिप में मौजूद
- 4:40:55होते हैं। कैश मेमोरी में आपने देखा
- 4:40:59एल1
- 4:41:04L1 हो गई, L2 हो गई, L3 हो गई। यह तीनों
- 4:41:09इन CPU होते हैं। जबकि L4 जो है ये
- 4:41:13आउटसाइड होती है CPU के। RAM हमेशा CPU के
- 4:41:18आउटसाइड ही होगी।
- 4:41:20और सेकेंडरी मेमोरी तो पूरे तरीके से
- 4:41:23ऑलवेज आउटसाइड।
- 4:41:26ठीक है? तो इनिशियली अगर हम कंप्यूटर की
- 4:41:30प्रोसेसर चिप की तरफ से देखें तो रजिस्टर
- 4:41:32पूरे तरीके से सीपीयू के अंदर होते हैं।
- 4:41:35कैश मेमोरी में तीन प्रकार की कैश मेमोरी
- 4:41:37CPU के अंदर मौजूद होती है। एक जो L4 है
- 4:41:40वो बाहर होती है। रैंडम एक्सेस मेमोरी रोम
- 4:41:43रैम जो है यह भी बाहर होती है और सेकेंडरी
- 4:41:45मेमोरी कोई भी हो यह भी आउटसाइड ऑफ द CPU
- 4:41:48होती है।
- 4:41:50डाटा मेज़रमेंट यूनिट की अगर हम बात करें
- 4:41:53मतलब कंप्यूटर में अगर हम मेमोरी की बात
- 4:41:55करें तो हमेशा ध्यान रखिएगा कंप्यूटर की
- 4:41:57स्मालेस्ट मेमोरी क्या है? मतलब सबसे छोटी
- 4:42:00इकाई क्या है? दिस इज़ बिट। कंप्यूटर में
- 4:42:02कुछ भी अगर बन रहा है, कुछ भी आपको आउटपुट
- 4:42:05मिल रहा है तो वह बिट की वजह से मिल रहा
- 4:42:08है। एग्जांपल के तौर पर जैसे आप रुपया की
- 4:42:10बात कर लें। अब चाहे आप ₹1 की बात करें,
- 4:42:14चाहे ₹1 की बात करें, ₹100, ₹1000, ₹1
- 4:42:18लाख, ₹1 लाख, ₹1 करोड़, ₹1 करोड़ आप कितने
- 4:42:22भी रुपए की बात कर लो, वह सब रुपए किससे
- 4:42:25मिलकर बने हुए हैं? एक-एक पैसे से मिलकर
- 4:42:28बने हुए हैं। सिमिलरली आप कंप्यूटर में
- 4:42:31कितनी भी बड़ी मेमोरी यूनिट की बात कर लो
- 4:42:34वो सारी मेमोरी यूनिट एक-एक बिट से मिलकर
- 4:42:37बनी हुई है। तो बिट इज द स्मालेस्ट यूनिट
- 4:42:40ऑफ कंप्यूटर।
- 4:42:42इससे छोटी कंप्यूटर में कोई इकाई नहीं है।
- 4:42:49बिट हमेशा स्टोर होगी जीरो और वन के फॉर्म
- 4:42:52में। यह हमेशा रिप्रेजेंट करती है ऑन और
- 4:42:54ऑफ स्टेट को इलेक्ट्रॉनिक सर्किट के
- 4:42:56अंतर्गत। मतलब अगर बिट में आपको कंप्यूटर
- 4:43:00में आउटपुट मिल रहा है तो यह कुछ इस तरीके
- 4:43:03से चलता है।
- 4:43:08इस तरीके से ये चलेगा। अब इसमें आपको क्या
- 4:43:10नजर आ रहा है? ये ज़ीरो स्टेट है। ये वन
- 4:43:14स्टेट है। ये ज़ीरो, ये वन, ये ज़ीरो, ये
- 4:43:18वन, ये ज़ीरो, ये वन।
- 4:43:21जब ग्राफ नीचे है इसका मतलब ऑफ है डिवाइस
- 4:43:25जब ग्राफ ऊपर है मतलब ऑन है 0 ऑफ वन ऑन
- 4:43:30जीरो ऑफ वन ऑन इस तरीके से तो यह हमेशा
- 4:43:33किसको रिप्रेजेंट करता है ऑन एंड ऑफ स्टेट
- 4:43:36को रिप्रेजेंट करने के लिए होती है
- 4:43:40वीडियो पॉज हो
- 4:44:20मैं ऑडिबल ना हूं। आ गया भाई।
- 4:44:24ठीक है। आ गया हूं ना मैं।
- 4:44:32हां हां हां हां वहीं से वहीं से ही
- 4:44:34पढ़ाऊंगा। डोंट वरी। मैंने आपको क्या बोला?
- 4:44:37मैंने आपको ये बोला
- 4:44:40कि जो मेमोरी यूनिट है। ठीक है?
- 4:44:43हां। मेमोरी यूनिट जो है कंप्यूटर की जो
- 4:44:46सबसे छोटी इकाई है वो है बिट।
- 4:44:50कंप्यूटर में चाहे जितनी बड़ी यूनिट हो वो
- 4:44:52सब मिलकर किससे बनेगी? बिट से। चाहे बाइट
- 4:44:56बने, चाहे मेगाबाइट, चाहे किलोबाइट, चाहे
- 4:44:59गीगाबाइट, चाहे टेराबाइट जितनी भी बड़ी
- 4:45:02यूनिट होगी वो सब बेसिकली बिट से मिलकर
- 4:45:05बनेगी। सेम उसी तरीके से जैसे जब आप रुपए
- 4:45:08की बात करते हो ₹1 की बात करो
- 4:45:13तो वो 100 पैसे से मिलकर बना है। चाहे आप
- 4:45:16₹10 की बात करो ₹100 ₹500 ₹1000 ₹1 लाख ₹1
- 4:45:20करोड़ ₹1 करोड़ कितने भी रुपए की आप बात
- 4:45:22करो अल्टीमेटली वो किससे मिलकर बने हैं?
- 4:45:25एक-एक पैसे से मिलकर बने हुए रुपए हैं।
- 4:45:29सिमिलरली कंप्यूटर में भी जो यूनिट है
- 4:45:33चाहे आप कितनी भी बड़ी मेमोरी की बात करो,
- 4:45:36चाहे आप कितनी भी बड़ी कंप्यूटर यूनिट की
- 4:45:38बात करो वो सब किससे मिलकर बनी है? बिट से
- 4:45:41मिलकर बनी है। और बिट किसको रिप्रेजेंट
- 4:45:44करता है? बिट हमेशा स्टोर करता है ज़ीरो या
- 4:45:47वन को। और यह हमेशा किसी भी इलेक्ट्रॉनिक
- 4:45:51डिवाइस के ऑन और ऑफ स्टेट को रिप्रेजेंट
- 4:45:54करता है। एग्जांपल के तौर पर कुछ इस तरीके
- 4:45:57से इसमें ग्राफ बनता है। और इसमें जब ये
- 4:45:59नीचे स्टेट होगी तो ज़ीरो होगा। जब ऊपर
- 4:46:02स्टेट होगी तो वन होगा। फिर नीचे आया तो
- 4:46:05ज़ीरो हो गया। फिर ऊपर आया तो वन हो गया।
- 4:46:08नीचे आया ज़ीरो हो गया। ऊपर आया वन हो गया।
- 4:46:10इसका मतलब यह है कि जब यह ज़ीरो है तो मतलब
- 4:46:13डिवाइस ऑफ है।
- 4:46:15जब यह वन है मतलब डिवाइस ऑन है। जीरो है,
- 4:46:19ऑफ है, वन है, ऑन है, ऑफ ऑन ऑफ ऑन ऑफ ऑन।
- 4:46:24बात आ रही है समझ? तो सबसे छोटी यूनिट कौन
- 4:46:28सी है? बिट जिससे मिलकर सारी आपकी यूनिट
- 4:46:31बनी है। और जब हम चार बिट को मिला देते
- 4:46:33हैं। जब हम कितने बिट को मिलाएंगे? अगर हम
- 4:46:39सबसे छोटी यूनिट स्मालेस्ट कौन सी है?
- 4:46:46स्मालेस्ट यूनिट बिट
- 4:46:49और अगर हम ऐसी चार बिट को मिला दें तो
- 4:46:53हमें क्या मिल जाता है? एक निबल मिल जाता
- 4:46:56है। क्या मिल जाता है? एक निबल।
- 4:47:00और अगर हम आठ बिट को मिला दें
- 4:47:04तो हमें क्या मिल जाता है? एक बाइट मिल
- 4:47:07जाता है।
- 4:47:09क्या मिल जाता है? एक बाइट मिल जाता है
- 4:47:13और एक बाइट हमेशा क्या करता है? एक
- 4:47:16कैरेक्टर को स्टोर करता है। मतलब अगर
- 4:47:18कंप्यूटर में जो आप एक कररेक्टर लिखा देख
- 4:47:21रहे हो ना फिर चाहे वो ए लिखा हो, चाहे
- 4:47:24पांच लिखा हो, चार लिखा हो या फिर कोई
- 4:47:27सिंबल बना हो, यह सब अपने आप में एक-एक
- 4:47:30कररेक्टर है। तो ए ये जो आपको लिखा हुआ
- 4:47:33दिखाई दे रहा है, इस ए को बनाया कैसे गया
- 4:47:37है? दरअसल इसको 8 बिट मिलाकर बनाया गया
- 4:47:41है। या फिर आप बोल सकते हो एक बाइट
- 4:47:45से यह बना हुआ कररेक्टर है।
- 4:47:49नाउ कैन यू इमेजिन कि आपके लिए ए लिखना
- 4:47:52कितना आसान है। आपने केवल एक कीबोर्ड का
- 4:47:55बटन दबाया ए। आपको ए लिखा दिख जाता है।
- 4:47:58लेकिन उसके पीछे कंप्यूटर को कितनी
- 4:48:00कैलकुलेशन करनी पड़ती है? क्योंकि वो ए
- 4:48:02नहीं समझता है। वो तो सिर्फ बाइनरी समझता
- 4:48:05है और बाइनरी उसको बिट से मिल रहा है और
- 4:48:09वो बिट्स को मिलाकर मतलब सोचिए वो आठ बिट
- 4:48:13को मिलाता है और तब जाकर आपके सामने एक
- 4:48:15कररेक्टर दिख पाता है।
- 4:48:20तो आप यह भी लिख सकते हो
- 4:48:24कि वन निबल
- 4:48:29इक्वल टू
- 4:48:33बाइ 2 अगर हम एक बाइट का आधा कर दें। अगर
- 4:48:38हम एक बाइट का आधा कर दें। अरे भाई 1 बाइट
- 4:48:44= 8 बिट है ना?
- 4:48:471 बाइट इक्वल टू 8 बिट है ना? तो 1 बाइट
- 4:48:50का अगर हम आधा कर दें। 8 बिट का अगर हम
- 4:48:52आधा कर दें तो हमें कितनी मिल जाएगी? चार
- 4:48:55बिट मिल जाएगी। और 4 बिट इज इक्वल टू क्या
- 4:48:59हो गया?
- 4:49:00वनेबल हो गया।
- 4:49:04वनेबल
- 4:49:08क्लियर हुई सभी को बात?
- 4:49:11क्लियर हुई बात सभी को? कोई समस्या नहीं
- 4:49:13होनी चाहिए। बिट स्मालेस्ट यूनिट है। चार
- 4:49:17बिट को जब हम मिलाते हैं तो हमें निबल
- 4:49:19मिलता है। अगर हम आठ बिट को मिलाते हैं तो
- 4:49:21बाइट मिलता है। इसी तरीके से
- 4:49:26अब इसके आगे 1024 का कांसेप्ट चलता है।
- 4:49:31सबसे पहले बिट है। अगर हमने चार बिट को
- 4:49:34मिलाया तो हमें क्या मिल गया? एक निबल मिल
- 4:49:38गया।
- 4:49:41अगर हमने 8 बिट को आपस में मिलाया तो 8
- 4:49:44बिट मिलकर हमें एक बाइट मिलता है।
- 4:49:47अब इसके आगे कांसेप्ट 1 24 का चलेगा। अगर
- 4:49:521024
- 4:49:54बाइट मिला दें तो 1 किलोबाइट मिल जाता है।
- 4:50:001024
- 4:50:03किलोबाइट अगर मिला दें तो 1 मेगाबाइट
- 4:50:08मिलता है हमें। 1 MB मिल जाता है।
- 4:50:111024
- 4:50:14मेगाबाइट अगर मिला दें
- 4:50:17तो 1 GB मिल जाता है। 1 गीगाबाइट
- 4:50:221024 GB अगर मिला दें
- 4:50:27तो क्या मिल जाएगा? वन TB मिल जाएगा
- 4:50:31टेराबाइट।
- 4:50:33बात आ रही है समझ? तो यह इस तरीके से आपकी
- 4:50:37मेमोरी यूनिट में कांसेप्ट चलेगा। इस
- 4:50:39तरीके से आपकी यह टेबल बनेगी जिस पर आपको
- 4:50:41थोड़ा ध्यान रखना होगा।
- 4:50:45इसको थोड़ा सा एक बार नजर डाल लीजिए। यहां
- 4:50:47पर मैंने आपको टेबल दी हुई है। इस टेबल
- 4:50:49में आपको सिंबल भी ध्यान रखने हैं। जैसे
- 4:50:51कि बिट्स सबसे छोटी यूनिट है। स्मालेस्ट
- 4:50:54है। ज़ीरो और वन के फॉर्म में स्टोर करती
- 4:50:56है। इसका सिंबल है बी। निबल का कोई सिंबल
- 4:50:59नहीं होता है। चार बिट से मिलकर बना होता
- 4:51:01है। इसके बाद 8 बिट को मिलाया तो एक बाइट
- 4:51:04मिल गया। इसको B से रिप्रेजेंट करते हैं।
- 4:51:071024 बाइट को मिलाया तो 1 किलोबाइट मिल
- 4:51:10गया। KB से रिप्रेजेंट करते हैं। 1024
- 4:51:13किलोबाइट मिलाएंगे तो 1 MB मिल जाएगा।
- 4:51:151024 MB मिलाया तो 1 GB बन गया। 1024 GB
- 4:51:19मिलाया तो एक TB बन गया। टेराबाइट। 1024
- 4:51:23टेराबाइट मिलाया तो 1 PB बन गया जिसको
- 4:51:25पेटाबाइट बोलते हैं। 1024 PB मिलाया तो 1B
- 4:51:29मिल गया मतलब जिसको एग्जाबाइट बोलते हैं।
- 4:51:311024 EB मिलाएंगे तो 1ZB मिलेगा जिसको
- 4:51:35जेटाबाइट बोलते हैं। 1024 ZB मिलाया तो
- 4:51:391YB मिल गया जिसको योटाबाइट बोलते हैं।
- 4:51:421024
- 4:51:43वB मिलाया तो 1 BB मिल गया जिसको
- 4:51:46ब्रोंटोबाइट बोलते हैं। और सबसे लास्ट में
- 4:51:491024 बीबी अगर मिला देंगे तो लार्जेस्ट
- 4:51:52यूनिट हमें मिल जाएगी वन जीबीपी जिसको
- 4:51:56बोलते हैं एक जियोफाइट।
- 4:52:01ठीक है? तो ये टेबल आपके दिमाग में होनी
- 4:52:03चाहिए। सिंबल से भी क्वेश्चन पूछता है।
- 4:52:06आपसे सीधे पूछ देगा मेमोरी यूनिट में ZB
- 4:52:09का मतलब क्या है? या ZB कौन सी मेमोरी
- 4:52:11यूनिट को रिप्रेजेंट करता है? तो ध्यान
- 4:52:13रखना ZB लिखा है मतलब जेटाबाइट YB लिखा है
- 4:52:16योटाबाइट की बात हो रही है। ऐसे ध्यान
- 4:52:18रखिएगा।
- 4:52:24फ्लिप फ्लॉप्स क्या होते हैं? बेसिकली जो
- 4:52:26आपके रजिस्टर्स हैं वो फ्लिप फ्लॉप से
- 4:52:28मिलकर बनते हैं। ठीक है? कंप्यूटर में जो
- 4:52:31आपके सीपीयू में जो सीपीयू की स्टोरेज
- 4:52:34होती है जो टेंपरेरी स्टोरेज होती है
- 4:52:36सीपीयू की जिसको रजिस्टर बोलते हैं वो
- 4:52:38रजिस्टर फ्लिप फ्लॉप से मिलकर बने होते
- 4:52:40हैं। फ्लिप फ्लॉप इज द स्मालेस्ट मेमोरी
- 4:52:43यूनिट इन द कंप्यूटर। सबसे छोटी मेमोरी
- 4:52:46यूनिट इकाई है ये। फ्लिप फ्लॉप्स को
- 4:52:48मिलाकर ही आगे रजिस्टर मिल मिलेंगे आपको।
- 4:52:50कैन स्टोर ओनली वन बिट ऑफ डाटा। इनकी खास
- 4:52:53बात यह है एक फ्लिप फ्लॉप में केवल एक बिट
- 4:52:56ही डाटा स्टोर होता है। सोचो कितनी छोटी
- 4:52:59फिर यूनिट होगी ये।
- 4:53:02फ्लिप फ्लॉप्स को अगर हम मिला देते हैं तो
- 4:53:03हमें रजिस्टर मिल जाता है। रजिस्टर इज अ
- 4:53:05स्मॉल हाई स्पीड मेमोरी यूनिट एलोकेटेड इन
- 4:53:09द सीपीयू। पहले भी इसके बारे में आपको बता
- 4:53:11चुका हूं। बट इट इज़ नॉट द पार्ट ऑफ मेन
- 4:53:13मेमोरी। यह मेन मेमोरी का पार्ट नहीं है।
- 4:53:15यह सीपीू चिप में ही मौजूद होती है।
- 4:53:19बेसिकली यह फ्लिप फ्लॉप से मिलाकर बनी
- 4:53:23होती है। जैसे कि आठ फ्लिप फ्लॉप हैं। तो
- 4:53:25दैट मींस कि आठ बिट रजिस्टर हो गए। वेरी
- 4:53:28लिमिटेड स्टोरेज कैपेसिटी होती है।
- 4:53:30वलाटाइल नेचर में होते हैं। मतलब टेंपरेरी
- 4:53:33बेसिस के होते हैं। जैसे ही शट डाउन कर
- 4:53:35देंगे ऑटोमेटिक ये डाटा को इरेस कर देते
- 4:53:37हैं। यह कंप्यूटर की सीपीयू की हेल्प करने
- 4:53:40के लिए होते हैं। सीपीयू को इजी परफॉर्म
- 4:53:42कराने के लिए होते हैं। टेंपरेरी बेसिस पर
- 4:53:44जब तक सीपीू ऑपरेशन को परफॉर्म कर रहा है,
- 4:53:46तब तक ये अपने पास डेटा को स्टोर करते
- 4:53:48हैं। जो डाटा सीपीयू बार-बार यूज कर रहा
- 4:53:51होता है, उस डेटा को ये अपने पास स्टोर
- 4:53:54करते हैं। ताकि सीपीू जल्दी से उस डाटा को
- 4:53:57पिक कर सके, फैच कर सके।
- 4:54:02फंक्शन ऑफ रजिस्टर इनका काम क्या होता है?
- 4:54:05वही जो मैंने आपको बताया यह डेटा को होल्ड
- 4:54:07करने का काम करते हैं। सीपीू इमीडिएट आपको
- 4:54:10रिजल्ट दे सके जल्दी। इस वजह से यह स्टोर
- 4:54:13करते हैं डेटा को। यह इंस्ट्रक्शंस को
- 4:54:15होल्ड करते हैं। सीpu जिनको एग्जीक्यूट कर
- 4:54:17रहा होता है। इट स्टोर्स मेमोरी एड्रेसेस।
- 4:54:22टाइप्स ऑफ रजिस्टर में भी अगर हम देखें तो
- 4:54:24बेसिकली इसके यह टाइप के रजिस्टर होते
- 4:54:26हैं। पहला रजिस्टर में भी ध्यान रखिएगा
- 4:54:30ऐसे रजिस्टर जो कि अर्थमेटिक ऑपरेशन
- 4:54:32परफॉर्म करते हैं जो कि कैलकुलेशन करते
- 4:54:34हैं, गुणा भाग करते हैं, जोड़ घटाना करते
- 4:54:36हैं उनको बोलते हैं एक्यूमुलेटर।
- 4:54:40एसी से रिप्रेजेंट किए जाते हैं। इस तरीके
- 4:54:42के रजिस्टर अर्थमेटिक रिजल्ट्स आपको देते
- 4:54:44हैं। सीपीयू के अंदर ऐसे रजिस्टर जो कि
- 4:54:48नेक्स्ट इंस्ट्रक्शन सीपीयू को देते हैं
- 4:54:51कि अगला काम तुम्हें क्या परफॉर्म करना है
- 4:54:53उनको बोलते हैं प्रोग्राम काउंटर।
- 4:54:56तीसरे टाइप के जो रजिस्टर होते हैं जिनको
- 4:54:58बोलते हैं इंस्ट्रक्शन रजिस्टर। यह सीपीयू
- 4:55:01को यह बताते हैं कि करंट टाइम पर CPU को
- 4:55:03कौन सा ऑपरेशन परफॉर्म करना है। उसके बाद
- 4:55:07मेमोरी एड्रेस रजिस्टर होते हैं। एक
- 4:55:09प्रकार यह मेमोरी एड्रेसेस को स्टोर करने
- 4:55:13का काम करते हैं। मतलब यह सीपीयू जिस डेटा
- 4:55:15को बार-बार यूज कर रहा है उसे फ्लैक्सिबल
- 4:55:19प्रोसेस में देने का काम करते हैं।
- 4:55:22एग्जांपल के तौर पर मान लीजिए आपके घर में
- 4:55:25एक स्टील का गिलास है। आप उसमें पानी पीते
- 4:55:28हैं, तो वो स्टील का गिलास आपके सामने ही
- 4:55:30रखा रहता है। लेकिन एक फाइबर का डिनर सेट
- 4:55:33डिनर सेट है। आप डेली तो उसमें खाना नहीं
- 4:55:35खा रहे हो। जिस दिन मेहमान आएंगे उसी दिन
- 4:55:38निकाला जाएगा।
- 4:55:40तो इसलिए वह कहीं टॉल में रखा हुआ है या
- 4:55:43बेड के अंदर रखा हुआ है डिनर सेट। वो
- 4:55:45हमेशा आपके सामने नहीं रखेंगी मम्मी। वो
- 4:55:48कहीं उसको रख देंगे अलग आइसोलेटेड जगह में
- 4:55:50क्योंकि डेली तो उसका यूज नहीं होना है।
- 4:55:53तो ऐसा डाटा जो कि फ्रीक्वेंटली सीपीू यूज़
- 4:55:56कर रहा है जैसे कि आपका स्टील का ग्लास आप
- 4:55:58डेली सुबह शाम यूज़ कर रहे हो वो सब मेमोरी
- 4:56:02एड्रेस रजिस्टर के अंतर्गत आते हैं।
- 4:56:05मेमोरी डेटा रजिस्टर ये
- 4:56:09मेमोरी से डेटा को होल्ड करने का काम करता
- 4:56:11है। मतलब ओवरऑल रजिस्टर जितना भी डेटा
- 4:56:14होल्ड कर रहे हैं वो सब टेंपरेरी ही बेसिस
- 4:56:16पर होल्ड कर रहे हैं। लेकिन रजिस्टर के
- 4:56:18अंदर भी कौन-कौन से रजिस्टर कौन सा डेटा
- 4:56:21होल्ड करते हैं वो मैंने आपको यहां पर
- 4:56:23बताने की कोशिश करी है ताकि आप क्वेश्चन
- 4:56:25में फंसो ना।
- 4:56:28कैश मेमोरी इसके बारे में आपको पहले ही
- 4:56:30बता चुका हूं अच्छे से। सारी चीजें इसके
- 4:56:33बारे में आपको मैं बता चुका हूं। पीडीएफ
- 4:56:35में रहेगा तो एक बार देख लीजिएगा।
- 4:56:38कैश मेमोरी में दो टर्म यूज किए जाते हैं।
- 4:56:41इनको देख लीजिए। एक टर्म यूज किया जाता है
- 4:56:43जिसको बोलते हैं कैश हिट और एक होता है
- 4:56:46जिसको बोलते हैं कैश मिस। व्हेन द सीpu
- 4:56:50फाइंड्स द रिक्वायर्ड डेटा इन कैश मेमोरी।
- 4:56:54यह रैम है।
- 4:56:58रैम से डाटा गया कैश में।
- 4:57:02कैश से डाटा जाता है सीपीयू में।
- 4:57:06और यह डाटा ऐसे भी चलता है। इधर से इधर,
- 4:57:08इधर से इधर। सीपीयू को जो डाटा चाहिए वह
- 4:57:11अगर कैश में मिल गया तो इस सेगमेंट को
- 4:57:15बोलते हैं कैश हिट।
- 4:57:18सीपीयू को जो डाटा कैश में चाहिए सीपीयू
- 4:57:20ने मांगा। कैश ने कहा भैया हमारे पास नहीं
- 4:57:22है। दैट मींस इस सेगमेंट को बोलेंगे कैश
- 4:57:24मिस।
- 4:57:26जब सीपीयू को जो डाटा चाहिए वो डाटा अगर
- 4:57:29कैश में मौजूद नहीं मिला तो वो सेगमेंट
- 4:57:32क्या कहलाएगा? कंप्यूटर फॉर्म में कैश मिस
- 4:57:35हो गई
- 4:57:37और अगर सीपीू को वो डाटा मिल गया मनचाहा
- 4:57:40डाटा तो वह कहलाता है कैश हिट।
- 4:57:46यह मैंने आपको बता ही दिया है L1, L2, L3,
- 4:57:49L4 वो मैंने आपको स्टार्टिंग में ही बता
- 4:57:51दिया था।
- 4:57:55टाइप्स ऑफ कैशे। यहां पर आपको इसलिए दे
- 4:57:58दिया है कि आपको पढ़ने में आसानी हो
- 4:58:00जाएगी।
- 4:58:02प्राइमरी सेकेंडरी मेमोरी के फंक्शनिंग भी
- 4:58:05मैंने आपको बता दिए हैं। डी रैम वगैरह यह
- 4:58:08सब मैंने आपको लिखकर भी यहां पर दे दिया
- 4:58:10है। ठीक है? कि प्रॉपर इनकी डेफिनेशन आप
- 4:58:12देखेंगे। वैसे मैंने आपको समझा सब कुछ
- 4:58:14दिया है एक ही बार में। यही मेरा तरीका
- 4:58:16रहता है कि मैं आपको लिखकर एक बार में
- 4:58:18समझाऊं अच्छे से ताकि आपको पीपीटी में
- 4:58:21अलग-अलग जाकर मोहताज ना होना पड़े। अब ये
- 4:58:23पीपीटी आपके पास रहेगी नोट्स बनाने के लिए
- 4:58:26भी या आपको रिवीजन करने के लिए भी समझा
- 4:58:29मैंने आपको सब दिया है। उसी तरीके से रोम
- 4:58:31में भी मैंने आपको सब कुछ बता दिया है।
- 4:58:33रोम में भी देखिए पी रोम मैं आपको बता
- 4:58:35चुका हूं। ईपी रोम क्या होती है? डबल ईपी
- 4:58:37रोम क्या होती है? अभी हम लोग सब कुछ
- 4:58:40डिस्कस कर चुके हैं इसमें।
- 4:58:44ठीक है?
- 4:58:46सेकेंडरी मेमोरी भी हम लोग डिस्कस कर चुके
- 4:58:48हैं। इसको थोड़ा सा देखिए। ठीक है? यहां
- 4:58:52पे आइए सेकेंडरी मेमोरी में सीडी, डीवीडी,
- 4:58:55बी आरडी, एचवीडी। ठीक है? इनको एक बार
- 4:58:59देखते हैं। इससे काफी सारे क्वेश्चन बनते
- 4:59:02हैं। इसमें कंफ्यूजन होते हैं। सेकेंडरी
- 4:59:05मेमोरी की हम लोग बात कर रहे हैं।
- 4:59:10सेकेंडरी मेमोरी।
- 4:59:13और इसमें भी हम किसकी बात कर रहे हैं?
- 4:59:17किसकी बात कर रहे हैं?
- 4:59:20ऑप्टिकल स्टोरेज डिवाइस की है।
- 4:59:24ऑप्टिकल स्टोरेज डिवाइस की है। याद होगा
- 4:59:28जब मैंने आपको इनपुट आउटपुट डिवाइस चैप्टर
- 4:59:31कराया था उस पर मैंने आपको बताया था
- 4:59:33ऑप्टिकल डिवाइस किसी के आगे लगा हो नाम।
- 4:59:36तो इसका मतलब क्या है? कि वो डिवाइस लेजर
- 4:59:39के ऊपर काम कर रही है। जैसे कि पहले ट्रैक
- 4:59:42बॉल वाले माउस चलते थे। आज जो माउस चलते
- 4:59:45हैं वो लेजर बीम पर बेस्ड होते हैं। तो
- 4:59:47इसी वजह से आजकल के माउस को ऑप्टिकल माउस
- 4:59:50बोलते हैं। ठीक है? तो सिमिलरली ऑप्टिकल
- 4:59:53स्टोरेज कौन सी हैं? ऑप्टिकल स्टोरेज में
- 4:59:56आ जाती है आपकी सीडी,
- 4:59:59डीवीडी,
- 5:00:01बीआरडी,
- 5:00:04एचवीडी
- 5:00:07ये सब आपके ऑप्टिकल स्टोरेज में आते हैं।
- 5:00:10आप सीडी डीवीडी आप लगाइए तो आप देखोगे जो
- 5:00:13डीवीडी प्लेयर होता है उसके अंदर देखिए एक
- 5:00:16हेड होता है। एक लेंस लगा होता है। उस
- 5:00:17लेंस से लेजर लाइट निकलती है और वह सीडी
- 5:00:20डिस्क के ऊपर जहां पर भी पड़ती है उसके
- 5:00:22डाटा को रीड करती है।
- 5:00:25ठीक है? तो इसी वजह से ये क्या कहलाते
- 5:00:28हैं? यह सब ऑप्टिकल स्टोरेज हैं।
- 5:00:32अब आगे बढ़ने से पहले इसमें भी एक चीज और
- 5:00:34ध्यान रखिएगा। कई लोगों को अंतर नहीं पता
- 5:00:36होता है। व्हाट इज द डिफरेंस बिटवीन डिस्क
- 5:00:42एंड डिस्क? इन दोनों के बीच का अंतर क्या
- 5:00:45है?
- 5:00:47कई लोगों को लगता है यह भी सही है। यह भी
- 5:00:49सही है। किताब में कहीं डीआईएससी लिखा
- 5:00:51होगा। कहीं पर डीआईएस के लिखा होगा। क्या
- 5:00:54यह प्रिंटिंग एरर है या अपनी मर्जी से लिख
- 5:00:57देते हैं जो मन करे लिख दिया? नहीं। दोनों
- 5:00:59के अलग-अलग मतलब है। डिस्क हमेशा वहां पर
- 5:01:03यूज़ होगा जहां पर मैग्नेटिक स्टोरेज होगा।
- 5:01:09कैसा स्टोरेज? मैग्नेटिक। जबकि डीआईएससी
- 5:01:13डिस्क वहां पर यूज होगा जहां पर ऑप्टिकल
- 5:01:16स्टोरेज होगा।
- 5:01:19यही कारण है कि जहां पर सीडी होगा तो सीडी
- 5:01:23के लिए जो कॉम्पैक्ट डिस्क यूज किया जाएगा
- 5:01:26वो डीआईएस सी है।
- 5:01:30डिजिटल वर्सटाइल डिस्क यह भी डीआईएससी है।
- 5:01:35ब्लू रे डिस्क डीआईएससी है। होलोग्राफिक
- 5:01:39वर्सटाइल डिस्क डीआईएससी है। लेकिन डीआईएस
- 5:01:43के कहां यूज किया जाता है? हार्ड डिस्क।
- 5:01:51बात आई समझ
- 5:01:53बात आई समझ क्लियर हुई किसी कोई कंफ्यूजन
- 5:01:57तो नहीं यहां तक अब जरा देख लेते हैं जो
- 5:02:00सीडी है इसका आपका स्टोरेज कितना होता है
- 5:02:04तो सीडी का स्टोरेज
- 5:02:07700 MB होता है
- 5:02:11डीवीडी डिजिटल वर्सटाइल डिस्क इसका
- 5:02:13स्टोरेज आपका
- 5:02:164.7 7 से लेकर 8GB तक यह उपलब्ध है
- 5:02:21मार्केट में। जैसा पैसा डालेंगे वैसा आपको
- 5:02:24स्टोरेज मिल जाएगा।
- 5:02:26इससे ऊपर कैटेगरी होती है बीआरडी की जिसको
- 5:02:30बोलते हैं ब्लू रे डिस्क बैंक में, डिफेंस
- 5:02:34सेक्टर में, कॉर्पोरेट सेक्टर में बड़े
- 5:02:37डाटा को स्टोर करने के लिए इनका यूज़ किया
- 5:02:39जाता है। बीआरडी का ब्लू रे डिस्क। इसमें
- 5:02:42आप जनरली देखोगे तो जो प्लेट होती है ना
- 5:02:44गोल प्लेट उसमें आपको ब्लू कलर ही दिखाई
- 5:02:46देगा। कैपेसिटी इसकी कितनी होती है? तो यह
- 5:02:50आपकी फोर लेयर में आती है।
- 5:02:54पहली लेयर जो होती है फर्स्ट लेयर
- 5:02:59फर्स्ट लेयर
- 5:03:0225 GB की।
- 5:03:05सेकंड लेयर 50 GB की।
- 5:03:09थर्ड लेयर जो होती है तीन लेयर वाली अगर
- 5:03:11आप लेंगे तो 100 GB की भी ले सकते हैं और
- 5:03:15जो फोर लेयर वाली होती है वो आपकी होती है
- 5:03:19128 GB की इतने ऑप्शन इसमें अवेलेबल है
- 5:03:22मार्केट में जबकि जो होलोग्राफिक वर्सटाइल
- 5:03:26डिस्क है इसका स्टोरेज आपको अप टू
- 5:03:316 TB तक मिल जाएगा 6 टेराबाइट तक
- 5:03:38ध्यान रखेंगे इतना आगे बढ़ते हैं। पेन
- 5:03:41ड्राइव, यूएसबी ड्राइव इनके बारे में भी
- 5:03:43पहले हम लोग बात कर चुके हैं। समझा चुका
- 5:03:45हूं आपको।
- 5:03:56अच्छा डीवीडी में भी टाइप्स देख लीजिए
- 5:03:58जरा। एक डीवीडी होती है जिसको डीवीडी रोम
- 5:04:01बोला जाता है। अब ये डीवीडी रोम क्या है
- 5:04:03भैया?
- 5:04:04रीड ओनली मेमोरी मतलब ऐसी डीवीडी जिसको
- 5:04:07केवल आप रीड कर सकते हो। जैसे मान लीजिए
- 5:04:09आप बाजार से एक गानों की डीवीडी लेकर आए
- 5:04:13तो वो डीवीडी कैसी होगी? डीवीडी रॉम होगी।
- 5:04:16आप उन गानों को सुन सकते हो। आप मुझे खुद
- 5:04:18बताइए क्या उन गानों को आप इरेस कर सकते
- 5:04:21हो? उससे रिमूव कर सकते हो? नहीं कर सकते।
- 5:04:24कुछ नहीं आप कर सकते। आप जितने बार चाहो
- 5:04:26उसे प्ले कर सकते हो। सुन सकते हो। मतलब
- 5:04:29जितने बार आप उसे सुन रहे हो मतलब रीड कर
- 5:04:31रहे हो। रीड ओनली मेमोरी केवल आप इसे रीड
- 5:04:33ही कर सकते हो यूज्ड फॉर मूवीज सॉन्ग्स
- 5:04:37सॉफ्टवेयर एक्सट्रा एक्सट्रा
- 5:04:40कोई आप वीडियो गेम की डीवीडी ले आए वो भी
- 5:04:42रीड ओनली है हायर कैपेसिटी देन सीडी
- 5:04:44ऑब्वियस सी बात है सीडी से तो ज्यादा ही
- 5:04:46होती है कैपेसिटी नेक्स्ट है डीवीडी आर
- 5:04:49डीवीडी आर का मतलब है यहां पर ऐसी डीवीडी
- 5:04:52जो कि रिकॉर्डेबल है लेकिन कितने बार केवल
- 5:04:55एक बार खाली डीवीडी जैसे कि ग्रेजुएशन में
- 5:05:00मैंने अपना अपना प्रोजेक्ट बनाया था।
- 5:05:02पोस्ट ग्रेजुएशन में भी मैंने अपना
- 5:05:03प्रोजेक्ट बनाया। वो प्रोजेक्ट हमें सबमिट
- 5:05:05करना होता था यूनिवर्सिटी में। तो वो जो
- 5:05:08प्रोजेक्ट है वो प्रोजेक्ट हम एक डीवीडी
- 5:05:10में रिकॉर्ड करके देते थे। तो उसके लिए हम
- 5:05:13ब्लैंक डीवीडी मार्केट से लाते थे। तो वो
- 5:05:15जो ब्लैंक डीवीडी आप लेकर आ रहे हो ना वो
- 5:05:17डीवीडी आर है। रिकॉर्डेबल है। एक बार आप
- 5:05:20उस पे डेटा राइट कर सकते हो। एक बार आपने
- 5:05:23राइट कर दिया हो गया। अब दोबारा आप उसे
- 5:05:26इरेज़ नहीं कर पाओगे। एक ही बार आप राइट कर
- 5:05:29पाओगे। तो यूज्ड फॉर परमानेंट डाटा
- 5:05:31स्टोरेज। एक बार आपने जो राइट कर दिया अब
- 5:05:34आप उसे इरेज नहीं कर पाओगे।
- 5:05:38नेक्स्ट है डीवीडी प्लस आर सिमिलर टू
- 5:05:40डीवीडीआर। डीवीडी आर की ही तरह होती है।
- 5:05:43लेकिन इसमें जो राइटिंग है थोड़ी सी
- 5:05:45फास्टर होती है। इसमें आप डाटा रिकॉर्ड
- 5:05:47थोड़ा जल्दी कर सकते हो। उसकी बेटर
- 5:05:49कैटेगरी होती है।
- 5:05:53सबसे ज्यादा एडवांस है डीवीडी आरडब्ल्यू।
- 5:05:55आरडब्ल्यू का मतलब है रीाइटेबल। यह डीवीडी
- 5:05:59ऐसी होती है जिसको आप मार्केट से लेकर आए
- 5:06:01ब्लैंक होती है। इसमें आपने कोई भी डाटा
- 5:06:04स्टोर किया स्टोर हो गया डाटा। आप जब चाहे
- 5:06:06तब इसको रिमूव भी कर सकते हैं। रिमूव करके
- 5:06:09डेटा आप रीाइट भी कर सकते हैं। सेम उसी
- 5:06:12तरीके से जैसे पेनड्राइव यूज़ करते हो। पेन
- 5:06:14ड्राइव में आपने डेटा कुछ भी डाला। जब
- 5:06:16चाहे तब इरेस कर दिया। फिर डेटा डाला, फिर
- 5:06:19इरेस कर दिया। ऐसे यूज़ करते हो। तो
- 5:06:21पेनड्राइव की ही तरह आप डीवीडी भी यूज़ कर
- 5:06:23सकते हो। लेकिन यह महंगी होती हैं काफी।
- 5:06:26इनको बोलते हैं डीवीडी आरडब्ल्यू
- 5:06:28रीाइटेबल। यहां पर डाटा को मिटाया और पुनः
- 5:06:32उपयोग किया जा सकता है।
- 5:06:38इसका भी एडवांस प्रकार है प्लस आरडब्ल्यू
- 5:06:41जिसमें कि आप एक्स्ट्रा मल्टीपल टाइम्स
- 5:06:45रीॉर्ड कर सकते हो और फास्टर फॉर्म में भी
- 5:06:48कर सकते हो। बेटर कंपैटिबिलिटी इसकी होती
- 5:06:50है।
- 5:06:52कुछ क्वेश्चंस देख लेते हैं फटाफट से
- 5:06:54लास्ट में। चलिए देखिए यह क्वेश्चन आपका
- 5:06:57सीजीएल 2024 मेंस में पूछा गया है। पिछले
- 5:07:00ही साल क्या बोल रहा है? कंप्यूटर मेमोरी
- 5:07:02के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन
- 5:07:04सही है? ठीक है भाई। पहले स्टेटमेंट में
- 5:07:07कह रहा है rेम इज वोलेटाइल मेमोरी। रैेम
- 5:07:09वोलेटाइल है। सही है। मीनिंग इट लॉसेस
- 5:07:13डेटा व्हेन पावर इज टर्नड ऑफ। बिल्कुल सही
- 5:07:15है स्टेटमेंट। RAM वोलेटाइल मेमोरी है।
- 5:07:17यही तो पढ़ाया मैंने आपको। और जब पावर ऑफ
- 5:07:20होगा तो डेटा इसका लॉस हो जाएगा। रोम इज
- 5:07:23यूज्ड टू स्टोर एसेंशियल इंस्ट्रक्शंस
- 5:07:25रिक्वायर्ड फॉर द कंप्यूटर टू बूट। यह भी
- 5:07:28बिल्कुल बात सही है। मैंने आपको यही
- 5:07:29पढ़ाया है कि रोम के अंदर ऐसे इंस्ट्रक्शन
- 5:07:32होते हैं जो कि बूटिंग में मदद करते हैं।
- 5:07:34तो दोनों ही स्टेटमेंट सही हैं। हमारा
- 5:07:36आंसर क्या हो जाएगा? बोथ वन एंड टू। सिंपल
- 5:07:40है। ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है। जबकि
- 5:07:42मेंस में पूछा हुआ क्वेश्चन था।
- 5:07:46अगला देखिए।
- 5:07:48इसमें कह रहा है वि ऑफ द फॉलोइंग इज एन
- 5:07:50एसेंशियल रोल ऑफ रोम इन एन कंप्यूटर
- 5:07:53सिस्टम? रोम का रोल क्या होता है? ठीक है?
- 5:07:56स्टोरिंग डेटा टेंपरेरी। क्या रोम में
- 5:07:59डेटा टेंपरेरी बेसिस पर होल्ड होता है।
- 5:08:01गलत। रोम तो नॉन वोलेटाइल है ना। इसमें तो
- 5:08:06परमानेंटली डेटा स्टोर होगा। यह कह रहा है
- 5:08:08टेंपरेरी बेसिस पर होल्ड होता है। गलत है
- 5:08:11ये स्टेटमेंट। दूसरा पढ़ो। स्टोरिंग डेटा
- 5:08:14परमानेंटली फॉर बूट अप प्रोसेससेस।
- 5:08:17बिल्कुल सही बात है।
- 5:08:19बूटिंग के लिए होता है और परमानेंटली डेटा
- 5:08:22स्टोर होता है रोम में। तीसरे में क्या कह
- 5:08:24रहा है? परफॉर्मिंग कैलकुलेशंस। नहीं भैया
- 5:08:27कैलकुलेशन तो कौन परफॉर्म करता है?
- 5:08:29कैलकुलेशन परफॉर्म करता है एएलयू
- 5:08:31अर्थमैटिक लॉजिक यूनिट। पढ़ाया हुआ है
- 5:08:34आपको।
- 5:08:36स्टोरिंग फाइल्स क्रिएटेड बाय द यूजर।
- 5:08:38नहीं भैया, यूजर तो यूज़ ही नहीं करता रोम
- 5:08:41को। यूजर तो सेकेंडरी मेमोरी यूज करता है।
- 5:08:44यह भी स्टेटमेंट गलत है। केवल दूसरा ही
- 5:08:47स्टेटमेंट सही है। ऐसा कोई ऑप्शन है? है?
- 5:08:50बी इज द राइट आंसर।
- 5:08:53ठीक है भाई? क्लियर है? अगला क्वेश्चन
- 5:08:56देखते हैं।
- 5:08:58अ हाई स्पीड मेमोरी इज प्लेस्ड बिटवीन
- 5:09:01सीपीयू एंड प्राइमरी मेमोरी इज नोन एज। अब
- 5:09:05आप खुद बताइए। मैंने आपको बोला था ना ऐसे
- 5:09:07क्वेश्चन पूछता है बार-बार। वो भी 2023
- 5:09:10मेंस में पूछा गया है क्वेश्चन। क्या पूछा
- 5:09:12है? सीपीयू
- 5:09:16और मेन मेमोरी के बीच में। मेन मेमोरी
- 5:09:20मतलब रैम के बीच में बोल रहा है। कौन सी
- 5:09:25मेमोरी होती है इनके बीच में? अभी इतनी
- 5:09:27देर से हम लोग पढ़ते चले आ रहे हैं।
- 5:09:32अभी इतनी देर से पढ़ते आ रहे हैं। बताइए
- 5:09:34कृष्णा, निक्की करिए आंसर।
- 5:09:37सीपीू और मेन मेमोरी के बीच में कौन सी
- 5:09:39मेमोरी होती है? अरे भाई
- 5:09:44अभी तो पढ़ाया था ना।
- 5:09:46बुला गए क्या?
- 5:09:54पीपीयू और मेन मेमोरी के बीच में कौन सी
- 5:09:56मेमोरी है? देखो कैश मेमोरी। किसी ने आंसर
- 5:10:00किया? बिल्कुल सही। सानिया, जितन सभी के
- 5:10:03आंसर सही हैं। कैश मेमोरी की बात कर रहा
- 5:10:07है ना? तभी मैंने आपको उसी टाइम बताया था
- 5:10:09इनकी लोकेशन ध्यान रखना। हिरारकी मैंने
- 5:10:12आपको इसीलिए समझाई है। कई लोगों को लगता
- 5:10:14है अरे हिरारकी याद रखने से क्या होगा?
- 5:10:16ऐसे नहीं बनते क्वेश्चन। क्वेश्चन ऐसे ही
- 5:10:18बनते हैं। कैश मेमोरी के बारे में आपसे
- 5:10:20पूछ रहा है यहां पर। अगला क्वेश्चन।
- 5:10:25ये वाला देखिए क्या बोल रहा है? कंप्यूटर
- 5:10:28की मेमोरी हिरार्की में कैश मेमोरी का
- 5:10:30कार्य क्या है? ठीक है? पढ़ते हैं। टू
- 5:10:33मैनेज द एलोकेशन ऑफ मेमोरी रिसोर्सेज टू
- 5:10:36डिफरेंट प्रोग्राम।
- 5:10:40गलत। विभिन्न प्रोग्रामों में मेमोरी
- 5:10:42संसाधन आवंटित करना। नहीं यह तो सीयू का
- 5:10:46काम है।
- 5:10:48गलत है। टू प्रोवाइड परमानेंट स्टोरेज फॉर
- 5:10:51डेटा एंड फाइल। इसका परमानेंट स्टोरेज से
- 5:10:54कैश का कोई मतलब नहीं है। यह कोई सेकेंडरी
- 5:10:57मेमोरी थोड़ी है। टू स्टोर फ्रीक्वेंटली
- 5:11:00यूज्ड डाटा फॉर फास्टर एक्सेस बाय द सीpu।
- 5:11:03बिल्कुल सही। यह सही है। यह सीपीयू को
- 5:11:05फास्टर एक्सेस प्रोवाइड करती है। जिसकी
- 5:11:08वजह से सीपीयू की प्रोसेसिंग तेज होती है।
- 5:11:11टू कंट्रोल द फ्लो ऑफ डाटा बिटवीन सीपीू
- 5:11:14एंड मेमोरी। गलत। आंसर हमारा हो जाएगा।
- 5:11:18यहां पर थर्ड वन।
- 5:11:20यही हमारा सही आंसर है।
- 5:11:23क्लियर है बात सभी को?
- 5:11:26डन है भाई। ओमकार सही आंसर है आपका। अगला
- 5:11:30देखिए क्वेश्चन। व्हाट इज द प्राइमरी
- 5:11:32पर्पस ऑफ RAM? RAM का प्राइमरी पर्पस क्या
- 5:11:35है? मैंने आपको हमेशा बताया हुआ है। यह
- 5:11:37सीपीयू को आपने जो इंस्ट्रक्शंस दिए हैं,
- 5:11:40उसे होल्ड करने का काम करती है।
- 5:11:42प्रोवाइडिंग लॉन्ग टर्म स्टोरेज फॉर
- 5:11:43प्रोग्राम। नो लॉन्ग टर्म कैसे कर पाएगी?
- 5:11:46यह तो वोलेटाइल है। टेंपरेरी ही कर पाएगी।
- 5:11:50प्रोवाइडिंग टेंपरेरी स्टोरेज फॉर डाटा
- 5:11:52दैट द सीpu इज करेंटली प्रोसेसिंग। यही
- 5:11:54सही आंसर है। बिल्कुल सही। सेकंड वन।
- 5:11:58तीसरे में क्या बोल रहा है? मैनेजिंग
- 5:12:00पेरीिफेरल डिवाइसेस गलत।
- 5:12:03स्टोरिंग परमानेंट डाटा एंड फाइल। नहीं
- 5:12:05रैम है तो परमानेंट स्टोरिंग की तो बात ही
- 5:12:08नहीं हो सकती। टेंपरेरी ही रहेगा सब।
- 5:12:12अगला क्वेश्चन देखिए। सीएचएसएल 23 मेंस
- 5:12:14में पूछा गया है। इन कंप्यूटर मेमोरी यह
- 5:12:17कौन सी बस है वि इज यूज्ड टू ट्रांसफर
- 5:12:20एड्रेसेस बिटवीन द सीpu एंड द मेन मेमोरी।
- 5:12:23सीपीयू और मेन मेमोरी रैम के बीच में
- 5:12:27एड्रेसेस को ट्रांसफर करने का काम कौन सी
- 5:12:29बस करती है? तो देखिए किस ट्रांसफर की बात
- 5:12:31हो रही है? एड्रेस ट्रांसफर की। इसलिए
- 5:12:33आंसर भी क्या होगा? एड्रेस बस।
- 5:12:38अगला देखिए क्या बोल रहा है? इन कंप्यूटर
- 5:12:41मेमोरी द विड्थ ऑफ वि बस स्पेसिफाई द
- 5:12:45मैक्सिमम पॉसिबल मेमोरी सपोर्टेड बाय अ
- 5:12:48सिस्टम। यह कौन सी बस है जो कि
- 5:12:52सिस्टम द्वारा समर्थित अधिकतम मेमोरी
- 5:12:55क्षमता को निर्धारित करती है। मैक्सिमम
- 5:12:57मेमोरी को निर्धारित करेगी। मतलब सीपीयू
- 5:13:00को मैक्सिमम मेमोरी एलोकेट करके देगी कि
- 5:13:02सीपीयू ज्यादा से ज्यादा बड़े टास्क को
- 5:13:05परफॉर्म कर सके। तो यह भी आपकी एड्रेस बस
- 5:13:07ही करती है।
- 5:13:13यह वाला देखिए। सीजीएल 22 में पूछा गया है
- 5:13:16व्हिच अमंग द फॉलोइंग स्टेटमेंट इज
- 5:13:18इनकरेक्ट? कौन सा एक गलत है? बाकी के तीन
- 5:13:21सही होंगे। ठीक है भाई। पहले में कह रहा
- 5:13:23है कैश मेमोरी इज फास्टर देन मेन मेमोरी।
- 5:13:25क्या यह बात सही है? बिल्कुल सही बात है।
- 5:13:27कैश मेमोरी मेन मेमोरी से फास्टर होती है।
- 5:13:30इसीलिए तो इसकी जरूरत भी है। नहीं तो इसकी
- 5:13:32जरूरत ही ना पड़े। द साइज ऑफ कैश इज
- 5:13:35यूजुअली स्मॉल। यह भी सही है। छोटे आकार
- 5:13:38की होती है कैश मेमोरी। कैश मेमोरी
- 5:13:41स्टोर्स डेटा इन परमानेंट यूज। नहीं
- 5:13:46कैश मेमोरी वोलेटाइल है। शुरू में ही
- 5:13:48चार्ट में मैंने आपको बता दिया था। ये
- 5:13:50टेंपरेरी बेसिस पर डेटा होल्ड करती है।
- 5:13:52परमानेंट कैसे कर लेगी? गलत है ये।
- 5:13:57जबकि चौथे में कह रहा है कैश मेमोरी कीप्स
- 5:13:59द प्रोग्राम दैट कैन बी रन इन अ शॉर्ट
- 5:14:02अमाउंट ऑफ टाइम। बिल्कुल सही। तो हमें
- 5:14:05क्या चाहिए था? इनकरेक्ट चाहिए था। थर्ड
- 5:14:07वन इज द आवर आंसर।
- 5:14:11ठीक है? क्लियर है भाई?
- 5:14:20डन है।
- 5:14:24अगला देखिए।
- 5:14:27यह भी आपका सीजीएल में पूछा गया है। द
- 5:14:30मेमोरी यूनिट कम्युनिकेट्स डायरेक्टली विद
- 5:14:32द सीपीयू इज कॉल्ड वि मेमोरी? मतलब यह कौन
- 5:14:35सी मेमोरी है जो कि डायरेक्टली सीपीयू के
- 5:14:38साथ कम्युनिकेट करती है?
- 5:14:41मेन मेमोरी, कैश मेमोरी, ऑिलरी या फिर
- 5:14:45बैकअप मेमोरी।
- 5:14:48सोच समझ के आंसर करिएगा।
- 5:14:55बताइए।
- 5:14:58कौन सी यह मेमोरी यूनिट है जो कि
- 5:14:59डायरेक्टली CPU के साथ कम्युनिकेट करती
- 5:15:01है? पढ़ाया हुआ है। मेन मेमोरी, कैश
- 5:15:04मेमोरी, ऑिलरी या बैकअप मेमोरी?
- 5:15:07एनी आईडिया?
- 5:15:10ऑक्सिलरी और बैकअप तो नहीं है। 50-50 कर
- 5:15:13दिया। अब बताइए मेन या कैश मेमोरी। जितन
- 5:15:16का कहना है बी कैश मेमोरी। अब देखिए यहां
- 5:15:19पर गलती होने के चांसेस हो सकते हैं।
- 5:15:23मेन मेमोरी या कैश मेमोरी। इसमें दुविधा
- 5:15:25उत्पन्न हो रही है। मुझे पता है। कृष्णा
- 5:15:27का भी कहना है कैश मेमोरी।
- 5:15:31कोई ए नहीं बोलेगा।
- 5:15:34निक्की का कहना है नाइंथ का बी ऑप्शन सही
- 5:15:36है। मतलब सभी कैश मेमोरी वाले हैं।
- 5:15:40अच्छा
- 5:15:42जबकि आंसर है मेन मेमोरी। पूछो क्यों?
- 5:15:46पूछो क्यों?
- 5:15:48ध्यान दीजिएगा। मैंने आपको हमेशा बताया
- 5:15:53आपने इनपुट दिया।
- 5:15:56इनपुट के बाद यह रैम में जाता है। आपका
- 5:15:59इंस्ट्रक्शन
- 5:16:01रैम के बाद यह सीपीयू में जाता है। ठीक
- 5:16:05है?
- 5:16:07RAM आपकी मेन मेमोरी है।
- 5:16:10लेकिन इनके बीच में भी एक मेमोरी होती है
- 5:16:13जो कि आपकी कैश मेमोरी होती है। ठीक है?
- 5:16:18कैश मेमोरी। ठीक है? लेकिन आपको मैंने कैश
- 5:16:22के प्रकार बताए ना। कैश में भी मैंने आपको
- 5:16:26बताया कि ये चार प्रकार के कैश होते हैं।
- 5:16:28L1, L2, L3, L4 जिसमें से कि L1, L2, L3
- 5:16:34ये तीनों जो हैं ये आपके इनसाइड CPU होते
- 5:16:38हैं। मतलब CPU चिप में ही मौजूद होते हैं।
- 5:16:42केवल इकलौती L4 है जो कि आउटडेटेड है जो
- 5:16:46कि सीपीयू के बाहर मौजूद होती है क्योंकि
- 5:16:48साइज में बड़ी होती थी यह और स्लो भी होती
- 5:16:51थी। आपसे क्या कह रहा है? दैट डायरेक्टली
- 5:16:55कम्युनिकेट्स विद द सीपीू। इसका मतलब
- 5:16:58लेटेस्ट जो कैश मेमोरी है वह तो सीपीू में
- 5:17:01ही फिक्स आ रही है।
- 5:17:06ठीक है? वो सीपीयू में ही फिक्स आ रही है।
- 5:17:10तो एक तरीके से वो उसको सीपीयू का पार्ट
- 5:17:12मान रहा है। और आपसे क्या पूछ रहा है?
- 5:17:15आपसे वह मेन मेमोरी के बारे में पूछ रहा
- 5:17:17है जो कि हमेशा ही सीपीयू से अलग रहेगी।
- 5:17:19वह कभी सीपीयू में अटैच नहीं हो सकती।
- 5:17:23मेरी बात समझे? इस वजह से क्वेश्चन थोड़ा
- 5:17:26ट्रिकी था। तभी मैंने कहा था कि 50-50 तो
- 5:17:29मैं ही कर देता हूं। मेन या कैश में आपको
- 5:17:32कंफ्यूजन होगा।
- 5:17:34क्लियर हुई बात? इससे पहले भी मैं कैश
- 5:17:37मेमोरी का जिक्र कर चुका था। नॉर्मली लोग
- 5:17:40कैश मेमोरी का जिक्र करके हट जाते हैं।
- 5:17:42बच्चे को पता ही नहीं लगता कि कैश में भी
- 5:17:44प्रकार होते हैं। तभी मैंने आपको टाइप्स
- 5:17:46ऑफ कैश मेमोरी इतने बार पढ़ाया आज।
- 5:17:50ठीक है? और उसमें भी मैं रिपीट कर रहा हूं
- 5:17:53कि L1, L2, L3 जो है यह इनसाइड CPU ही
- 5:17:56होते हैं। अगला और आखिरी क्वेश्चन देखिए।
- 5:18:01यह कौन सी एक टाइप ऑफ डेडिकेटेड फाइल
- 5:18:04स्टोरेज डिवाइस है दैट प्रोवाइड लैन
- 5:18:07यूज़र्स विद सेंट्रलाइज्ड स्टोरेज वाया
- 5:18:10ईथर। मैं आपको बताऊं,
- 5:18:15यह एक ऐसी स्टोरेज डिवाइस है जहां पर लन
- 5:18:18यूज़र्स को एक सेंट्रलाइज्ड स्टोरेज दिया
- 5:18:22जाता है। एग्जांपल मैं आपको बताता हूं।
- 5:18:25जैसे मान लीजिए यह एक ऑफिस है। ऑफिस में
- 5:18:29यह सब एंप्लई हैं।
- 5:18:33यह सब एंप्लई हैं। ठीक है?
- 5:18:38ऑफिस है। यह सब एंप्लई हैं।
- 5:18:42यह मार्केटिंग मैनेजर है।
- 5:18:45यह एचआर मैनेजर है। यह सेल्स मैनेजर है।
- 5:18:52यह आपका
- 5:18:54प्रोग्राम एंड डेवलपर्स है। यह आपका सीईओ
- 5:18:58है। यह आपका मैनेजिंग डायरेक्टर है।
- 5:19:03यह आपका मान लीजिए
- 5:19:07परचेस डिपार्टमेंट है। यह आपका अकाउंट
- 5:19:11डिपार्टमेंट है। ठीक है? इन सबके कंप्यूटर
- 5:19:14हैं। यह सब आपस में लन के थ्रू कनेक्टेड
- 5:19:18है। लोकल एरिया नेटवर्क में कनेक्टेड है
- 5:19:20ऑफिस में। ठीक है? इन सब का डाटा क्योंकि
- 5:19:26यह सारा डाटा आपस में शेयर कर सकें। इस
- 5:19:30वजह से इन सबके डेटा को सेंट्रलाइज कर
- 5:19:32दिया गया है। ऑफिसिसेस में ऐसा ही काम
- 5:19:34होता है कि एक मेन डेटाबेस बनाया गया। यह
- 5:19:38सेंट्रलाइज्ड डेटा है। ठीक है? यह कैसा
- 5:19:41है? सेंट्रलाइज्ड डाटा है। इसको हर कोई
- 5:19:44यूज़ कर सकता है।
- 5:19:48हर कोई इसको एक्सेस कर सकता है।
- 5:19:51मार्केटिंग वाला एचआर का भी डाटा देख सकता
- 5:19:53है। एचआर वाला सेल्स का भी देख सकता है।
- 5:19:54अकाउंट्स वाला भी इनका देख सकता है। सब
- 5:19:56सबका डाटा देख सकते हैं। आपसे क्या यही तो
- 5:19:59बोल रहा है। एक ऐसी डेडिकेटेड फाइल
- 5:20:02स्टोरेज डिवाइस जो कि प्रोवाइड कर रही है
- 5:20:05लन यूज़र्स के साथ एक सेंट्रलाइज्ड स्टोरेज
- 5:20:09सिस्टम इथर के थ्रू।
- 5:20:12तो इस पर्टिकुलर स्टोरेज डिवाइस को क्या
- 5:20:15बोलेंगे जो कि नेटवर्क में यूज हो रही है
- 5:20:18एक सेंट्रलाइज्ड डेटाबेस की तरह। एसएसडी
- 5:20:22यूएसबी हार्ड ड्राइव, USB स्टिक्स या फिर
- 5:20:25नेटवर्क अटैच्ड स्टोरेज। इसको नेस बोलते
- 5:20:29हैं। नेटवर्क अटैच्ड स्टोरेज।
- 5:20:33बात आ गई समझ?
- 5:20:35ठीक है भाई। ओंकार का आंसर सही था।
- 5:20:40क्या पूछा है? आपको समझ आ गया ना? थोड़ा
- 5:20:42सा ट्रिकी था। अगर मैं आपको बना के ना
- 5:20:45समझाता तो नहीं समझ आने वाला था।
- 5:20:50आज की क्लास में एक बहुत ही बेहतरीन और
- 5:20:52इंपॉर्टेंट टॉपिक कवर करने जा रहे हैं। और
- 5:20:54यह है ईमेल।
- 5:20:57आप क्वेश्चन देखोगे प्रीवियस ईयर पेपर के
- 5:20:59कभी भी उठाकर तो आपको ईमेल से मल्टीपल ऐसे
- 5:21:02क्वेश्चन देखने को मिलेंगे जो कि बहुत ही
- 5:21:04बेसिक होते हैं लेकिन हमें नहीं पता होते
- 5:21:06हैं। कारण क्या है उसको भी देखेंगे। तो
- 5:21:10चलिए शुरू करते हैं। ईमेल होता क्या है?
- 5:21:13उससे पहले बात करते हैं मेल की।
- 5:21:16आपको पता है पहले मेल वर्ड का यूज़ हुआ।
- 5:21:19बाद में ईमेल वर्ड का यूज़ हुआ। मेल का
- 5:21:22मतलब है जब आप कुछ भेजते हो एक से दूसरी
- 5:21:26जगह।
- 5:21:28यही कारण है कि आपको ट्रेन में भी मेल नाम
- 5:21:31से कई सारी ट्रेन मिलती हैं। जैसे लखनऊ
- 5:21:33मेल हो गई। लाहौर मेल पहले चलती थी।
- 5:21:37अमृतसर मेल पहले चलती थी। इस तरीके से मेल
- 5:21:40पहले इनके नाम भी रखे जाते थे जो कि एक से
- 5:21:43दूसरे जगह पहुंचाने का काम करती है।
- 5:21:46सिमिलरली जब आपका कोई मैसेज एक से दूसरे
- 5:21:50जगह पहुंचाने का काम होता है तो उसे भी
- 5:21:53मेल कहा जाता है। और जब इसी को हम लोग
- 5:21:55इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में समझते हैं या जब
- 5:21:58हमने इसको इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में इन्वेंट
- 5:22:00करी तो इसको हम लोगों ने क्या बोल दिया?
- 5:22:02ईमेल बोल दिया।
- 5:22:05तो आज की क्लास में जो हमारा चैप्टर है
- 5:22:07दैट इज ईमेल। ईमेल को समझने की कोशिश
- 5:22:10करेंगे। किस तरीके से कंपोजशन होता है।
- 5:22:13किस तरीके से इसके कैरेक्टरिस्टिक्स होते
- 5:22:14हैं और अनदर कंपोनेंट क्या-क्या होते हैं?
- 5:22:18फर्स्ट ऑफ ऑल अगर हम ईमेल की बात करें तो
- 5:22:21बेसिकली ईमेल क्या है?
- 5:22:23ईमेल का अर्थ है इलेक्ट्रॉनिक मेल जो कि
- 5:22:26आपका जो डाटा है जो इंफॉर्मेशन है उसको एक
- 5:22:29से दूसरी जगह पहुंचाने का काम करती है।
- 5:22:32इंटरनेट के माध्यम से डिजिटल संदेश हम
- 5:22:34भेजते हैं और उसे प्राप्त करने के लिए भी
- 5:22:36इसका यूज किया जाता है। मतलब आप ईमेल में
- 5:22:39मैसेज को दूसरे तक भेज सकते हो और दूसरा
- 5:22:42कोई मैसेज अगर आपको भेज रहा है तो आप उसे
- 5:22:45रिसीव भी कर सकते हो। ईमेल में आप सेंडर
- 5:22:49की तरह भी काम कर सकते हो। सेंडर आप तब हो
- 5:22:52जब आपने मैसेज किसी को भेजा। आप रिसीवर की
- 5:22:55तरह भी इसमें काम करते हो जब आपने किसी के
- 5:22:58भेजे मैसेज को रिसीव किया।
- 5:23:01इट सपोर्ट्स टेक्स्ट, डॉक्यूमेंट, इमेज,
- 5:23:04ऑडियो, वीडियो। आप अपने मेल पर इनमें से
- 5:23:08किसी भी तरीके के डेटा को अटैच करके भेज
- 5:23:11सकते हो। फिर चाहे वो टेक्स्ट डेटा हो,
- 5:23:13चाहे डॉक्यूमेंट के फॉर्मेट का हो, चाहे
- 5:23:16आप किसी को कोई ऑडियो फाइल भेज रहे हो या
- 5:23:18वीडियो फाइल भेज रहे हो या किसी भी तरीके
- 5:23:21की एनिमेटेड फाइल भेज रहे हो। अल्टीमेटली
- 5:23:24डेटा तो किसी भी तरीके का हो सकता है। तो
- 5:23:27आप हर तरीके का डाटा ईमेल पर भेज सकते हो
- 5:23:30एक से दूसरी जगह। इट रिक्वायर्स इंटरनेट
- 5:23:33कनेक्शन एंड ईमेल एड्रेस। ईमेल भेजने के
- 5:23:36लिए बेसिकली आपको दो चीजों की जरूरत है।
- 5:23:39पहला ईमेल एड्रेस, दूसरा
- 5:23:43इंटरनेट कनेक्शन। जैसे कि अगर आपको किसी
- 5:23:46के घर पहुंचना है तो आपको दो चीजें
- 5:23:51जरूरी हैं। पहला ट्रांसपोर्टेशन
- 5:23:55कि आप वहां तक पहुंच पाओगे कैसे? आप
- 5:23:58साइकिल से पहुंचोगे, बाइक से, स्कूटर से,
- 5:24:01कार से, हवाई जहाज से, अपने पैरों के
- 5:24:04थ्रू, किसी भी चीज के थ्रू मतलब
- 5:24:07अल्टीमेटली ट्रांसपोर्टेशन आपके पास होना
- 5:24:09चाहिए। अगर आप एक से दूसरी जगह जा ही नहीं
- 5:24:11पाओगे, कोई माध्यम ही नहीं होगा जाने का।
- 5:24:14तो आप कैसे पहुंच पाओगे? तो यहां पर
- 5:24:16माध्यम का काम इंटरनेट करता है। और दूसरा
- 5:24:20आपको क्या चाहिए होता है? जहां पर आपको
- 5:24:23पहुंचना है उस व्यक्ति का पता। आपके दोस्त
- 5:24:26की शादी है लेकिन शादी कहां से है? एड्रेस
- 5:24:29तो आपके पास होना चाहिए ना। तभी तो वहां
- 5:24:31तक पहुंचोगे। सिमिलरली ईमेल में भी ईमेल
- 5:24:34एड्रेस आपके पास होना चाहिए कि आपको किसको
- 5:24:37इंफॉर्मेशन भेजनी है। जब तक उसका ईमेल
- 5:24:40एड्रेस नहीं होगा तब तक आपका ईमेल उस तक
- 5:24:43नहीं पहुंच पाएगा। इतनी बात सभी को क्लियर
- 5:24:46है। इसमें मैंने कोई रॉकेट साइंस आपको
- 5:24:48नहीं बताई है। बिल्कुल सिंपल सी चीज पर
- 5:24:50मैंने बात करी है कि ईमेल होती क्या है?
- 5:24:55नाउ ईमेल का स्ट्रक्चर किस तरीके का होता
- 5:24:57है? देखिए मुझे ऐसा नहीं लगता कि आप में
- 5:25:00से कोई भी ऐसा होगा जिसने आज तक कोई ईमेल
- 5:25:03ना लिखा हो। आप में से सभी लोगों ने ईमेल
- 5:25:06लिखा होगा। नमस्कार सागर वेरी गुड
- 5:25:08आफ्टरनून। आप में से सभी लोगों ने ईमेल
- 5:25:11जरूर लिखा होगा क्योंकि ये बहुत बेसिक सी
- 5:25:13चीज है और सभी लोगों की ईमेल आईडी भी होगी
- 5:25:16क्योंकि आज की डेट में आप किसी भी
- 5:25:18गवर्नमेंट जॉब का फॉर्म फिल कर रहे हो।
- 5:25:20बिना ईमेल आईडी के आप फिल भी नहीं कर
- 5:25:21सकते। तो इतना बेसिक आप लोग जानते होंगे।
- 5:25:24अब देखिए ईमेल का हमारा फॉर्मेट क्या होता
- 5:25:26है? फॉर्मेट होता है यूजरनेम और डोमेन। इन
- 5:25:30दोनों को अलग करने का काम करता है @। इसको
- 5:25:33क्या बोलते हैं? @ या फिर कुछ लोग लोग
- 5:25:36इसको एट भी बोलते हैं। यह जो एट है, यह
- 5:25:40हमेशा यूजरनेम और डोमेन के सेपरेटर के रूप
- 5:25:43में काम करता है। @ क्यों लगेगा? क्योंकि
- 5:25:47यह हमें दर्शाता है कि डोमेन अलग है और
- 5:25:50यूजरनेम अलग है। एग्जांपल के तौर पर आपके
- 5:25:53सामने यहां पर लिखा हुआ है सिलेक्शन
- 5:25:55वे@gmail.com
- 5:25:59तो ये जो सिलेक्शन वे@gmail.com
- 5:26:02है इसमें जो आपका सिलेक्शन वे है यह क्या
- 5:26:05है? यह है यूजरनेम।
- 5:26:09यह जो gmail.com है यह आपका डोमेन है
- 5:26:14और इन दोनों को सेपरेट कौन कर रहा है? यह
- 5:26:17@ इसीलिए @ को हम क्या बोलते हैं? सेपरेटर
- 5:26:21बोलते हैं।
- 5:26:22ठीक है? डोमेन आपके तरह-तरह के हो सकते
- 5:26:26हैं। कई तरीके के आपके डोमेन हो सकते हैं।
- 5:26:29डिपेंड करता है कौन सा ईमेल क्लाइंट आप
- 5:26:31यूज कर रहे हो। जैसे आप में से बहुत सारे
- 5:26:33लोगों का Gmail पर ईमेल आईडी होगी। तो
- 5:26:36आपकी जिन जिनकी भी Gmail पर ईमेल आईडी है
- 5:26:39तो आप सबके डोमेन Gmail है। हो सकता है
- 5:26:42किसी ने Yahoo पर बना रखी हो तो फिर आपका
- 5:26:45डोमेन Yahoo.com हो जाएगा। किसी की रेडिफ
- 5:26:48मेल पर पे पर भी हो सकती है।
- 5:26:52किसी की हॉट मेल पर भी हो सकती है। तो यह
- 5:26:55डिपेंड करता है कि आप कौन सा ईमेल क्लाइंट
- 5:26:58यूज कर रहे हो। वह प्लेटफार्म जो कि आपको
- 5:27:01ईमेल भेजने की सर्विस प्रोवाइड कर रहे
- 5:27:04हैं। उन सभी प्लेटफॉर्म्स को हम लोग क्या
- 5:27:07बोलते हैं?
- 5:27:09ईमेल क्लाइंट। क्या बोलते हैं? ईमेल
- 5:27:12क्लाइंट।
- 5:27:14और जो आपका ईमेल क्लाइंट है उसी से आपको
- 5:27:17क्या मिलता है? डोमेन मिलता है। यह जो
- 5:27:19आपके सामने है, दिस इज़ डोमेन।
- 5:27:22जैसे मेरी आईडी है वरुण[email protected]
- 5:27:27मैं अपनी आईडी लिखता हूं यहां पर मान
- 5:27:29लीजिए
- 5:27:35वरुण डॉट इसमें आप सिंबल भी ला सकते हैं।
- 5:27:39स्पेशल कररेक्टर भी ला सकते हैं। वरुण.
- 5:27:4390s@
- 5:27:48gmail.com
- 5:27:52अब इसमें आप देख लीजिए जो सेपरेटर है वह
- 5:27:55है @ सेपरेटर से पहले का जितना भी लिखा
- 5:27:59हुआ है ये सब क्या है पूरा यूजरनेम है ये
- 5:28:03पूरा यूजरनेम है
- 5:28:06और सेपरेटर के बाद क्या है दिस इज डोमेन
- 5:28:12ठीक है क्लियर है इतनी बात
- 5:28:17इतनी बात क्लियर है
- 5:28:20भाई जीएस की क्लास कल से चलने लगेगी। इस
- 5:28:23वीक में तबीयत ही खराब थी। एक ही क्लास हो
- 5:28:25पाई है। बट डोंट वरी। कल से 100% मॉर्निंग
- 5:28:30में 8:30 बजे मुलाकात हुआ करेगी। जैसे चल
- 5:28:34रही थी वैसे ही चलेगी क्लास। इतनी बात सभी
- 5:28:37को क्लियर है? ठीक है? अब दूसरी चीज मैं
- 5:28:41जानता हूं आप में से कई लोगों के दिमाग
- 5:28:43में आ रहा होगा सर कभी-कभी कोई इसको एट
- 5:28:46बोलता है। कभी-कभी @ कोई बोल देता है।
- 5:28:49आपको बताऊं
- 5:28:51दोनों ही वर्ड इसमें सही हैं। आज की डेट
- 5:28:54में दोनों ही वर्ड सही हो गए हैं। बट
- 5:28:56एक्चुअली इनिशियल डेज में आज से 15 20 साल
- 5:29:00पहले
- 5:29:02इसका जो करेक्ट वर्ड है दैट इज @ क्या है?
- 5:29:06@ दो तीन वर्ड यूज किए जाते हैं। एक यूज़
- 5:29:11किया जाता है @
- 5:29:15एक यूज़ किया जाता है सिर्फ एट
- 5:29:19और तो और हो सकता है कई लोग आपको मिल जाए
- 5:29:23वो बोलेंगे एट अ रेट
- 5:29:26तो ध्यान रखना ये दोनों सही है
- 5:29:31ये गलत है पूरे तरीके से आप @ बोल सकते हो
- 5:29:34या आप एट बोल सकते हो लेकिन आप एट अ रेट
- 5:29:37नहीं बोल सकते इसको एट अर रेट कहां पर यूज़
- 5:29:41होता है? एग्जांपल
- 5:29:43इसका यूज़ कहां पर होगा?
- 5:29:47ही इज़
- 5:29:50ट्रैवलिंग
- 5:29:56ही इज ट्रैवलिंग एट
- 5:30:00एन
- 5:30:04एक्सपेंसिव रेट।
- 5:30:08वो काफी महंगे तरीके से यात्रा कर रहा है।
- 5:30:11वह काफी महंगी कीमतों पर यात्रा कर रहा
- 5:30:13है। तो एट अ रेट या एन जो कांसेप्ट है वो
- 5:30:18इस तरीके से यूज़ होता है ना कि आपका
- 5:30:21ईमेल्स में यूज़ होता है। ईमेल में आपका @
- 5:30:25यूज़ होगा या फिर आप एट बोल सकते हो।
- 5:30:28इतनी बात क्लियर है सभी को? सॉर्टेड है।
- 5:30:31सर सबका डोमेन सेम होता है ना? अगर ईमेल
- 5:30:35क्लाइंट एक ही है। अगर ईमेल क्लाइंट सेम
- 5:30:38है तो डोमेन भी सेम होगा। अगर ईमेल
- 5:30:40क्लाइंट ही बदल गया तब तो डोमेन बदल जाएगा
- 5:30:42ना। एग्जांपल मान लीजिए आपकी ईमेल आईडी
- 5:30:46Gmail में है। ठीक है? आपके दोस्त की भी
- 5:30:49ईमेल आईडी Gmail में है। तो आप दोनों के
- 5:30:52डोमेन तो सेम होंगे ना। जैसे मेरी भी ईमेल
- 5:30:54आईडी Gmail में है। तो मेरा भी डोमेन सेम
- 5:30:56है। हम तीनों का ही क्या हो गया? डोमेन
- 5:30:59gmail.com होगा। लेकिन मान लीजिए चौथा
- 5:31:01आदमी हमसे जुड़ा जिसने yahoo पर अपनी आईडी
- 5:31:05बना रखी है तो उसका तो डोमेन चेंज हो
- 5:31:06जाएगा ना उसका डोमेन क्या हो जाएगा yahoo
- 5:31:09mailcom किसी की आईडी रेड मेल पर है तो
- 5:31:13उसका डोमेन रेड mail हो जाएगा ठीक है जैसे
- 5:31:16कि हमारा क्या है gmailcom
- 5:31:19क्लियर है भाई सभी को नमस्कार सभी को
- 5:31:22नमस्कार आगे देखते हैं ये तो बात हमने
- 5:31:26देखी कि बेसिकली बेसिक स्ट्रक्चर क्या
- 5:31:29होता है हमारी इमेज का डोमेन क्या होता है
- 5:31:31और यूजरनेम क्या होता है और उनको अलग करता
- 5:31:33है सेपरेटर।
- 5:31:35अब देखिए इंपॉर्टेंट टर्म्स पर आ जाते
- 5:31:37हैं। फर्स्ट ऑफ ऑल ईमेल एड्रेस क्या होता
- 5:31:40है? एक यूनिक आइडेंटिटी ऑफ अ यूजर ऑन
- 5:31:42इंटरनेट। इंटरनेट पर किसी भी यूजर की एक
- 5:31:46यूनिक आइडेंटिटी है जिसके थ्रू आप उस तक
- 5:31:48पहुंचते हो। एग्जांपल एक बहुत बड़ा शहर
- 5:31:52है। इस पूरे इतने बड़े शहर में जहां पर
- 5:31:56करोड़ों लोग रह रहे हैं। वहां पर आपके
- 5:31:58दोस्त का घर कहां पर है? यह आपको पता
- 5:32:00लगेगा उसके एड्रेस से। आपके दोस्त का जो
- 5:32:04एड्रेस है वो एक यूनिक एड्रेस होगा इतने
- 5:32:06बड़े शहर में। तभी आप अपने दोस्त के
- 5:32:09एड्रेस पर डायरेक्टली पहुंच जाओगे।
- 5:32:12सिमिलरली इतने वास्ट इंटरनेट में कोई आपको
- 5:32:16कांटेक्ट कैसे करेगा? उसके लिए आपका एक
- 5:32:19यूनिक यूजरनेम होगा
- 5:32:22जो कि ईमेल को आपके रिप्रेजेंट करता है।
- 5:32:25एक यूनिक यूजरनेम के साथ जब डोमेन लगता है
- 5:32:28तब आपका ईमेल एड्रेस बनता है। हमेशा ध्यान
- 5:32:31रखना यह कंप्यूटर वर्ल्ड का रूल है। जिस
- 5:32:35यूजरनेम से एक बार ईमेल आईडी बन गई दोबारा
- 5:32:38उसी यूजरनेम से कभी नहीं बनेगी। एग्जांपल
- 5:32:42आपने एक यूजरनेम लिया
- 5:32:48वरुण 777
- 5:32:51अब दुनिया में कभी भी इस यूजरनेम से कोई
- 5:32:54ईमेल आईडी दूसरी नहीं बन सकती। आप भले ही
- 5:32:56उसके आगे वरुण 777 के आगे डॉट लगा दीजिए
- 5:33:00तो बन जाएगी। उसके आगे वन लगा दीजिए या एक
- 5:33:04और बार सेवन लिख दीजिए बन जाएगी ईमेल
- 5:33:06आईडी। लेकिन एग्जैक्टली वही ईमेल आईडी
- 5:33:09नहीं बनेगी। अगर सेम ईमेल आईडीज बनने
- 5:33:13लगेंगी या सेम यूजरनेम यूज होने लगेगा दैट
- 5:33:16मींस डुप्लीकेसी होने लगेगी और अगर
- 5:33:18डुप्लीकेसी हो गई तो फिर तो आप एक व्यक्ति
- 5:33:22को अगर भेजोगे ईमेल तो वो तो मल्टीपल
- 5:33:24यूज़र्स के पास पहुंच जाएगा और यह तो गलत
- 5:33:26बात है। आप किसी को ईमेल कर रहे हो एक
- 5:33:29प्राइवेट इंफॉर्मेशन आप भेज रहे हो और वो
- 5:33:3210 लोगों को पहुंच जाए। यह तो ठीक बात
- 5:33:35नहीं है। जैसे कि शहर में मान लीजिए आपके
- 5:33:38दोस्त का जो एड्रेस है उसी एड्रेस से 10
- 5:33:41घर हो तो पॉसिबिलिटी कम होती जाएगी ना कि
- 5:33:45आप अपने दोस्त के घर नहीं पहुंच पाएंगे या
- 5:33:48हो सकता है 8:00 बजे पहुंचना था आप रात
- 5:33:50में 10:00 बजे पहुंच रहे हो क्योंकि उससे
- 5:33:52पहले छह सात लोगों के एड्रेस पर जा चुके
- 5:33:54हो। क्लियर हो रही है बात? तो ये रीजन है
- 5:33:58कि ईमेल एड्रेस हमेशा कैसा होगा? यूनिक
- 5:34:01होगा। यह इंटरनेट इतने वास्ट इंटरनेट में
- 5:34:03इतने पूरे ग्लोबल सिस्टम के अंदर एक यूनिक
- 5:34:06आइडेंटिटी है। फॉर्मेट आपको पता ही है।
- 5:34:09यूजरनेम@ डोमेन एग्जांपल seection
- 5:34:13[email protected]
- 5:34:15इसमें gmail.com डोमेन है और seection वे
- 5:34:18यूजरनेम है। नाउ यूजरनेम क्या होता है?
- 5:34:22यूजरनेम आपको पता ही है जो कि इस @ सिंबल
- 5:34:25से पहले आएगा बिफोर आएगा वही आपका यूजरनेम
- 5:34:28है।
- 5:34:31नाउ डोमेन नेम डोमेन आपको पता ही है। अभी
- 5:34:33मैंने आपको बताया कि सिंबल के बाद जो वर्ड
- 5:34:36यूज किया जाता है दैट इज डोमेन डोमेन आपके
- 5:34:40डिफरेंट-डिफरेंट टाइप के हो सकते हैं।
- 5:34:41एग्जांपल gmail.com yahoo.com
- 5:34:45redfma मेल भी हो सकता है। hot मेल हो
- 5:34:49सकता है। ये सब आपके ईमेल क्लाइंट हैं। आप
- 5:34:52जिसमें भी ईमेल आईडी अपनी क्रिएट करते हो
- 5:34:55वही आपको डोमेन मिल जाता है।
- 5:34:58@ सिंबल जो कि सेपरेटर का काम करता है।
- 5:35:02यूजर नेम और डोमेन दोनों को अलग करता है।
- 5:35:04एक चीज और ध्यान रखिएगा। ईमेल को किसने
- 5:35:06इन्वेंट किया है?
- 5:35:10ईमेल
- 5:35:12इन्वेंटेड बाय
- 5:35:15रे टॉम लिंसन।
- 5:35:18इस व्यक्ति ने ईमेल को इन्वेंट किया है।
- 5:35:20कब किया है? 1971 में।
- 5:35:24सेपरेटर और ईमेल इन दोनों को ही रेट ओम
- 5:35:27लिंसन ने इन्वेंट किया हुआ है।
- 5:35:31अब देखिए जब आप ईमेल कंपोज करते हो कंपोज
- 5:35:34करने का मतलब जब आप ईमेल लिख रहे हो किसी
- 5:35:36को तो उस टाइम पर टू का मीनिंग क्या होता
- 5:35:39है? यह टू क्या है? जिसको आपको ईमेल भेजना
- 5:35:43है उसको आप टू में रखोगे। ठीक है?
- 5:35:48अलग से देख लेते हैं।
- 5:35:52आप जब भी ईमेल करने जाओगे तो आपके सामने
- 5:35:55ऐसी विंडो बनी होगी।
- 5:35:59ठीक है? बराबर सबसे ऊपर आप देखोगे टू का
- 5:36:04ऑप्शन होता है। तो टू में आप किसको रखोगे?
- 5:36:08रिसीवर का एड्रेस। ठीक है? जिसको आप भेज
- 5:36:10रहे हो। या आप लिख सकते हो एक्चुअल
- 5:36:15रिसीवर।
- 5:36:18जो आपकी मेल को एक्चुअली रिसीव करेगा। मेन
- 5:36:22रिसीवर है जो उसको आप टू में रखोगे।
- 5:36:25ठीक है? आप चाहते हो कि जो मेल आप एक्चुअल
- 5:36:31रिसीवर को भेज रहे हो, आपके मेन रिसीवर को
- 5:36:34भेज रहे हो, मेन आदमी को भेज रहे हो, उसी
- 5:36:36की कुछ कॉपी दूसरों को भी चली जाए।
- 5:36:40तो उन सभी को जिनको आपको इस इस ईमेल को
- 5:36:43कॉपी करके भेजना है। मतलब इसकी एक कॉपी
- 5:36:46उनको भी चली जाए वो सब आप किस में रखोगे?
- 5:36:49सीसी में रखोगे। सीसी का मतलब क्या है?
- 5:36:52इसको बोलते हैं
- 5:36:54कार्बन कॉपी। क्या बोलते हैं? कार्बन
- 5:36:57कॉपी। कार्बन कॉपी का मतलब एज इट इज वही
- 5:37:00मेल इन सीसी वाले लोगों को चला जाएगा।
- 5:37:02एग्जांपल
- 5:37:04ए@gmail.com
- 5:37:11[email protected]
- 5:37:14इन दो लोगों को आपने
- 5:37:18टीसी में रखा है।
- 5:37:20तो आपका मेन रिसीवर तो टू वाला है लेकिन
- 5:37:24जो आपने टू वाले को मतलब जो एक्चुअल
- 5:37:26रिसीवर को मेल भेजा है वही सेम मेल इन दो
- 5:37:29लोगों को चला जाएगा। ए और बी को।
- 5:37:33अब यहीं पर एक फैक्टर यूज होता है
- 5:37:37बीसीसी।
- 5:37:40बीसीसी
- 5:37:42यहां पर बी का मतलब है ब्लाइंड।
- 5:37:46ब्लाइंड कार्बन कॉपी इसको बोलते हैं।
- 5:37:48बीसीसी में आप उस व्यक्ति को रखोगे
- 5:37:52जिसको आप यह ईमेल चुपके से भेजना चाहते
- 5:37:55हो। मतलब हिडन फॉर्मेट में आप भेजना चाहते
- 5:37:57हो। आप चाहते हो किसी और को पता ना पड़े।
- 5:38:02लेकिन यह मेल उस व्यक्ति तक भी पहुंचे। आप
- 5:38:05बीसीसी में हमेशा उसी व्यक्ति को रखोगे
- 5:38:08जिस व्यक्ति को आप चाहते हो कि उसको मैसेज
- 5:38:10भी मिल जाए लेकिन सीसी और टू वाले को पता
- 5:38:14भी ना लगे। उसको आप बीसीसी में रखोगे।
- 5:38:17सपोज़
- 5:38:19[email protected]
- 5:38:25इसको आपने बीसीसी में रख दिया तो अब आपका
- 5:38:28मेल कितने लोगों के पास गया? आपका मेल
- 5:38:31टोटल चार लोगों के पास गया। एक तो एक्चुअल
- 5:38:34रिसीवर के पास गया। दो सीसी में लोग हैं।
- 5:38:38टोटल तीन हो गए। ए और बी और एक बी सी में
- 5:38:41है। टोटल चार लोगों को आपका मेल गया है। 1
- 5:38:452 3 4
- 5:38:47ठीक है? लेकिन
- 5:38:50पी ने रिसीव किया है ईमेल। ये कभी भी
- 5:38:54एक्चुअल रिसीवर ए और बी इन तीन लोगों को
- 5:38:57नहीं पता लगेगा। क्यों? क्योंकि सी को
- 5:39:01आपने बीसीसी में रखा है। ब्लाइंड कार्बन
- 5:39:03कॉपी में। उसको आपने हिडन फॉर्म में रखा
- 5:39:05हुआ है। इसका नाम ही इसीलिए ब्लाइंड
- 5:39:08कार्बन कॉपी है कि कार्बन कॉपी मतलब वही
- 5:39:10सेम मिल तो जाएगा ही जाएगा लेकिन वो
- 5:39:12ब्लाइंड है दूसरों के लिए। दूसरे उसे देख
- 5:39:16नहीं पाएंगे।
- 5:39:19क्लियर है इतनी बात?
- 5:39:22सॉर्टेड है सभी को? अब यह वाला जो बड़ी सी
- 5:39:25विंडो नीचे बची हुई है जहां पर आप अपना
- 5:39:28टेक्स्ट लिखते हो एग्जांपल आपने लिखा
- 5:39:32डियर सर
- 5:39:35माय प्रोजेक्ट
- 5:39:40डियर सर माय प्रोजेक्ट
- 5:39:44हैज़ बीन
- 5:39:46डन
- 5:39:49यह जहां पर आप अपना ईमेल लिखते हो यह पूरी
- 5:39:52जगह आपकी क्या कहलाती है? यह कहलाती है
- 5:39:56बॉडी।
- 5:39:58क्या कहलाती है? बॉडी। इसको बोलते हैं
- 5:40:01ईमेल बॉडी। जहां पर आप अपना ईमेल का पूरा
- 5:40:04कंटेंट लिखते हो।
- 5:40:07देन नीचे आपके पास
- 5:40:11ऑप्शन होता है सेंड का
- 5:40:18फॉरवर्ड का
- 5:40:23रिप्लाई का
- 5:40:26एंड रिप्लाई ऑल का।
- 5:40:31क्लियर हो रही है बात? यहां तक किसी को
- 5:40:34कोई दिक्कत तो नहीं है?
- 5:40:38यहां तक किसी को कोई दिक्कत तो नहीं है?
- 5:40:40एक बार फिर से समझा देता हूं। भाई
- 5:40:44यह आपका ईमेल का सेक्शन है। जहां पर आप
- 5:40:47ईमेल अपना कंपोज करते हो। जब भी आप ईमेल
- 5:40:51किसी को करते हो तो यही विंडो आपके सामने
- 5:40:53ओपन होती है। टू में आप एक्चुअल रिसीवर को
- 5:40:56रखोगे जिसको आप मेल कर रहे हो। एक्चुअली
- 5:40:59सीसी में आप उनको रखोगे जिनको आप चाहते हो
- 5:41:02कि जिनके पास कॉपी चली जाए इसकी सेम मेल
- 5:41:04की तो ए और बी को आपने सीसी में रखा
- 5:41:08बीसीसी में आप उसको रखोगे जिसको यह मेल तो
- 5:41:11जाए लेकिन टू और सीसी वालों को पता भी ना
- 5:41:14लगे इसके बारे में उसको आप सी बीसीसी में
- 5:41:17रखोगे देन नीचे आप ईमेल को कंपोज करते हो
- 5:41:20बॉडी वाले पार्ट में एंड देन आप ईमेल को
- 5:41:22भेज देते हो क्लियर है यहां तक बात बस यही
- 5:41:26मैंने यहां पर आपको समझाने ाने की कोशिश
- 5:41:28करी हुई है। टू में अब आपको पता है मेन
- 5:41:32रेसिपिएंट ऑफ ईमेल होता है। एक्चुअली आप
- 5:41:35जिसको ईमेल भेज रहे हो वो मेन रेसिपिएंट
- 5:41:37है जिसको आप टू में रखोगे। देन सीसी में
- 5:41:40कार्बन कॉपी में आपको पता ही है यहां पर
- 5:41:42लिख दिया है मैंने। अतिरिक्त
- 5:41:44प्राप्तकर्ताओं को कॉपी भेजता है। मतलब
- 5:41:46एडिशनल रेसिपिएंट कौन-कौन है? आप इसमें 10
- 5:41:50लोगों को, 100 लोगों को,000 लोगों को भी
- 5:41:52ऐड कर सकते हो।
- 5:41:54ऑल रेसिपिएंट्स कैन सीसी एड्रेस। ठीक है?
- 5:41:58जितने भी सीसी वाले होंगे, वह सब एक दूसरे
- 5:42:01सीसी वालों को देख पाएंगे। टू वाले को भी
- 5:42:04वह देख पाएंगे।
- 5:42:07देन आता है बीसीसी।
- 5:42:10बीसीसी कॉपी भेजता है, लेकिन सीक्रेटली
- 5:42:14चुपके से यह कॉपी भेजता है। यही रीजन है
- 5:42:16कि इसको ब्लाइंड कार्बन कॉपी बोलते हैं।
- 5:42:18रेसिपिएंट्स कैन नॉट सी बीसीसी एड्रेस।
- 5:42:21वही चीज सीसी वाले एक दूसरे को देख
- 5:42:24पाएंगे। सीसी वाले टू वाले को भी देख
- 5:42:26पाएंगे। टू वाला भी सीसी वालों को देख
- 5:42:28पाएगा। टू और सीसी आपस में एक दूसरे को
- 5:42:31देख पाएंगे। लेकिन वो कभी भी बीसीसी के
- 5:42:34ईमेल एड्रेस को नहीं देख पाएंगे।
- 5:42:38नाउ सब्जेक्ट बीच में यहां पर सब्जेक्ट
- 5:42:41होता है। आपका टू सीसी बीसीसी और बॉडी के
- 5:42:45बीच में। यहां पर यह सब्जेक्ट वाला है। यह
- 5:42:48देखिए यह है सब्जेक्ट। सब्जेक्ट में
- 5:42:50एक्चुअली आप किस बारे में ईमेल लिख रहे हो
- 5:42:53उसका टाइटल आप लिखते हो। एग्जांपल सपोज
- 5:42:57आपने अपने अधिकारी को एक ईमेल लिखा कि
- 5:43:00आपको छुट्टी चाहिए तो आप सब्जेक्ट में
- 5:43:02इतना लिख दोगे
- 5:43:05अप्लाइंग फॉर लीव
- 5:43:09क्योंकि यह आपका ईमेल का टाइटल होता है या
- 5:43:11आप ईमेल का हेडिंग इसको बोल सकते हो। ईमेल
- 5:43:14में बिना खोले ईमेल को ऊपर से अगर कोई देख
- 5:43:17पाता है
- 5:43:19[हंसी]
- 5:43:19तो ऊपर से टाइटल ही दिखाई देता है। आपका
- 5:43:23टाइटल या हेडिंग इतनी इफेक्टिव होनी चाहिए
- 5:43:27कि फ्रंट पर्सन को ईमेल ऊपर से ही देखकर
- 5:43:31पता लग जाए यह किस रिगार्डिंग है।
- 5:43:34अगर आपको कुछ अर्जेंट बेसिस पर डिमांड है
- 5:43:37तो आप जो आपका टाइटल है उसमें आप अर्जेंट
- 5:43:41वर्ड का यूज करें। जिससे कि सामने वाले को
- 5:43:45बिना ईमेल देखे ही दूर से ही पता लग जाए
- 5:43:47कि हां यह वाला ईमेल पर अर्जेंट टाइटल लगा
- 5:43:49हुआ है।
- 5:43:51तो वो आपका ईमेल पहले खोल ले। अल्टीमेटली
- 5:43:54यह जो सब्जेक्ट है यह आपके एंटायर ईमेल को
- 5:43:57दर्शाता है।
- 5:44:03नाउ बॉडी पार्ट आपको बता ही दिया। जहां पर
- 5:44:06आप मेन पूरा टेक्स्ट लिखते हो वह आपका
- 5:44:08बॉडी पार्ट होता है। मेन कंटेंट या मैसेज
- 5:44:11ऑफ द ईमेल। देन है अटैचमेंट। आप अपनी ईमेल
- 5:44:14पर कुछ भी अटैच कर सकते हो। जैसे कि
- 5:44:19आप टेक्स्ट फाइल भी अटैच कर सकते हो।
- 5:44:22ऑडियो फाइल भी अटैच कर सकते हो।
- 5:44:25डॉक्यूमेंट फाइल भी अटैच कर सकते हो।
- 5:44:28वीडियो फाइल भी अटैच कर सकते हो।
- 5:44:31नीचे यहां पर यह स्प्रिंग जैसा ऑप्शन होता
- 5:44:33है। इसको आप जैसे ही क्लिक करेंगे आपके
- 5:44:36पास ऑप्शन होगा कि आप अपनी डिवाइस में से
- 5:44:39ब्राउज करके कोई भी फाइल इसमें अटैच कर
- 5:44:41सकते हो। लेकिन ध्यान रखिएगा Gmail में।
- 5:44:45ठीक है? जो अटैचमेंट है इसकी एक लिमिट
- 5:44:48होती है। Gmail क्या? सभी ईमेल क्लाइंट पर
- 5:44:50इसकी एक लिमिट होती है। जैसे कि Gmail पे
- 5:44:53अगर हम बात करें तो अटैचमेंट की जो लिमिट
- 5:44:55है
- 5:44:58यह 25 MB तक है।
- 5:45:03आप 25 MB से ज्यादा की फाइल नहीं अटैच कर
- 5:45:05सकते। अगर 25 MB से ज्यादा की हो रही है
- 5:45:08तो बाकी की फाइल आप दूसरे ईमेल पर भेजिए।
- 5:45:12उसको आप टुकड़ों में भेजिए। लेकिन आप 25
- 5:45:14MB से ज्यादा एक्सीड नहीं कर सकते। बट अगर
- 5:45:18उससे बड़ी फाइल आपको फिर भी भेजनी है तो
- 5:45:20भी आपके पास एक ऑप्शन है। आप Google
- 5:45:23ड्राइव पर अटैच कर सकते हो।
- 5:45:27इफ एक्सीड
- 5:45:30देन
- 5:45:33यूज Google ड्राइव।
- 5:45:36Google ड्राइव में आपके पास ऑप्शन होता है
- 5:45:3815 GB तक का। आप उसमें 15 GB तक की फाइल
- 5:45:42अटैच करके भेज सकते हो। ठीक है?
- 5:45:48अब देखिए ईमेल के अगर हम पूरे सेक्शन की
- 5:45:51बात करें पूरे टेंपलेट की अगर हम बात करें
- 5:45:54तो इसमें सबसे पहले आपको इनबॉक्स दिखाई
- 5:45:56देता है। इनबॉक्स में आपके वो सारे ईमेल
- 5:45:59होते हैं जो आपको रिसीव हुए होते हैं। या
- 5:46:01आप बोल सकते हो दूसरों ने जो आपको ईमेल्स
- 5:46:04भेजे हुए हैं वो सारे ईमेल आपको कहां
- 5:46:06दिखाई देंगे? इनबॉक्स में दिखाई देंगे।
- 5:46:09ठीक है?
- 5:46:12देन सेंड ईमेल का एक ऑप्शन होता है। यह
- 5:46:15ऊपर तो आपने देखा इनबॉक्स। यहां पर आपको
- 5:46:18जो रिसीव्ड ईमेल है वो दिखाई दे रहे हैं।
- 5:46:20इसके आप नीचे आएंगे तो यहां पर आपको सेंट
- 5:46:23वाला एक ऑप्शन दिखाई देगा। सेंट ऑप्शन में
- 5:46:26आपको वो ईमेल दिखाई देंगे जो ईमेल आपने
- 5:46:29दूसरों को भेजे हुए हैं।
- 5:46:32ठीक है? अगर आपने 100 ईमेल भेजे हुए हैं
- 5:46:34दूसरों को तो वह सब के सब ईमेल आपको कहां
- 5:46:37दिखाई देंगे? सेंट में दिखाई देंगे जो कि
- 5:46:39सफलतापूक भेजे जा चुके हैं। नाउ कम्स टू
- 5:46:44आउटबॉक्स।
- 5:46:46आउटबॉक्स वाला ऑप्शन पर आपको क्या दिखाई
- 5:46:49देगा? दो चीजों में बड़ा कंफ्यूजन होता
- 5:46:52है। एक आउटबॉक्स और दूसरा ड्राफ्ट। इन
- 5:46:54दोनों में अंतर क्या है?
- 5:46:58कौन से ईमेल ड्राफ्ट में आपको दिखाई
- 5:47:00देंगे? कौन से आपको आउटबॉक्स में दिखाई
- 5:47:03देंगे? ध्यान दीजिएगा। समझाता हूं। आपने
- 5:47:06कोई ईमेल लिखा
- 5:47:09और अभी वह ईमेल पूरा नहीं हुआ है। लिखते
- 5:47:12लिखते आप थक गए या आईडिया नहीं आ रहा है
- 5:47:14इसके आगे क्या लिखें। ठीक है? आपने वो
- 5:47:18ईमेल लिखा आधा लिखकर छोड़ दिया।
- 5:47:22वो ईमेल अभी आपने भेजा तो है नहीं। वह जो
- 5:47:26ईमेल है वह सर्वर के एक सेक्शन पर सेव हो
- 5:47:29जाता है। ईमेल क्लाइंट का जो सर्वर सेक्शन
- 5:47:32है उस पर सेव हो जाता है। और जो आपने
- 5:47:36अधूरा मेल छोड़ा हुआ है वह आपका ड्राफ्ट
- 5:47:39में जाकर सेव होगा।
- 5:47:43ठीक है? भले ही आपने टू वाले का ईमेल
- 5:47:47एड्रेस डाल दिया हो लेकिन भेजा अगर आपने
- 5:47:50नहीं है। इसका मतलब सर्वर इसको कंसीडर कर
- 5:47:53रहा है कि अभी आपका मेल अधूरा है। अभी आप
- 5:47:56इसमें कुछ और जोड़ना चाहते हो आगे। इस वजह
- 5:47:59से वह आपके इस तरीके के सभी मेल्स को
- 5:48:02ड्राफ्ट में होल्ड करता है।
- 5:48:05तो आप यह बोल सकते हो आपके जितने अधूरे
- 5:48:08ईमेल हैं कंपोजिंग में वह सब आपको ड्राफ्ट
- 5:48:11में दिखाई देते हैं। ईमेल लिखा गया है
- 5:48:14लेकिन अभी तक भेजा नहीं गया है।
- 5:48:16लेकिन आउटबॉक्स में आपको कौन से ईमेल
- 5:48:18दिखाई देते हैं?
- 5:48:20आउट बॉक्स में जनरली वह ईमेल आपको दिखाई
- 5:48:24देंगे
- 5:48:26जो कि आपने तो भेज दिए हैं लेकिन सर्वर
- 5:48:29इशू की वजह से या नेटवर्क इशू की वजह से
- 5:48:32वो अभी भी सर्वर से शूट नहीं हो पाए हैं।
- 5:48:36मतलब अभी भी सर्वर के थ्रू भेजे नहीं गए
- 5:48:39हैं। आपने अपनी तरफ से सेंड का बटन प्रेस
- 5:48:42कर दिया है। लेकिन उसके बाद भी आपने कई
- 5:48:45बार सुना होगा ना कि यार मैंने तो भेज
- 5:48:47दिया। तुम्हें मेल नहीं रिसीव हुआ। तो
- 5:48:49सामने वाला बंदा बोल रहा है यार मुझे तो
- 5:48:50कोई मेल आया ही नहीं।
- 5:48:54उस टाइम पर आपको अपना आउटबॉक्स चेक करना
- 5:48:57चाहिए। हो सकता है आपकी तरफ से कोई
- 5:49:00नेटवर्क इशू हो जिसकी वजह से अगर कभी भी
- 5:49:03नेटवर्क या सर्वर कनेक्शन इशू की वजह से
- 5:49:06आपका मेल नहीं शूट हो पाता है तो उस मेल
- 5:49:10को आउटबॉक्स में होल्ड करता है सर्वर।
- 5:49:14तो आप यह बोल सकते हो आउट बॉक्स में
- 5:49:17टेंपरेरी बेसिस पर होल्ड होते हैं।
- 5:49:21कंटेंस
- 5:49:25मेल
- 5:49:26ऑन
- 5:49:29टेंपरेरी बेसिस
- 5:49:32क्योंकि भैया कभी तो कनेक्शन आएगा ना। कभी
- 5:49:35तो नेटवर्क में आएगी ना डिवाइस और जैसे ही
- 5:49:38नेटवर्क में आएगी जैसे ही कनेक्शन बेहतर
- 5:49:40होगा तुरंत यह मेल शूट हो जाएगा। यह मेल
- 5:49:44चला जाएगा और जैसे ही यह मेल चला गया
- 5:49:46आउटबॉक्स से डिलीट हो जाएगा और यह आपको
- 5:49:48कहां दिखने लगेगा यह आपको सेंट में दिखने
- 5:49:51लगेगा क्योंकि अब यह सफलतापूर्वक जा चुका
- 5:49:54है
- 5:49:55तो आउटबॉक्स में आपको कुछ टाइम के लिए
- 5:49:58आपके मेल हो सकता है दिखाई दे क्योंकि वो
- 5:50:01टेंपरेरी बेसिस पर वहां पे हैं क्योंकि
- 5:50:03कनेक्शन एरर है जिसकी वजह से
- 5:50:07सर ज्यग्राफी कब से स्टार्ट होगी 19 तारीख
- 5:50:09से ज्यग्राफी स्टार्ट हो रही है अगला मंडे
- 5:50:12कल वाला मंडे मंडे नहीं नेक्स्ट मंडे
- 5:50:16ठीक है भाई क्लियर है सभी को जनरली आप
- 5:50:19बड़े-बड़े लोगों से भी पूछ दोगे ना जो कि
- 5:50:222020 साल से ईमेल यूज कर रहे हैं उनको एक
- 5:50:24बार पूछ के देख लेना अच्छा बताओ ड्राफ्ट
- 5:50:26और आउटबॉक्स में अंतर क्या होता है पसीने
- 5:50:29छूट जाएंगे नहीं बता पाते लोग
- 5:50:33चलिए अगला एक फैक्टर है स्पैम या जंक मेल
- 5:50:37आप जब अपना ईमेल टेंपलेट देखोगे तो इसमें
- 5:50:40आप देखोगे नीचे एक ऑप्शन होता है स्पैम
- 5:50:43यह स्पैम क्या है? स्पैम एक ऐसा सेक्शन है
- 5:50:48जहां पर
- 5:50:50सर्वर उन ईमेल्स को फिल्टर करके रखता है
- 5:50:53जो ईमेल बार-बार आपको तंग कर रहे हैं। अब
- 5:50:58सर्वर को यह कैसा पता लगेगा? वो कोई आदमी
- 5:51:00थोड़ी है कि आप उसे बताओगे भाई कान लेके
- 5:51:03आना इधर। यह वाला ईमेल परेशान कर रहा है।
- 5:51:06इसको स्पैम में डाल दो। ऐसे थोड़ी होता
- 5:51:09है। जो सर्वर है ईमेल क्लाइंट का जैसे मान
- 5:51:12लीजिए आप Gmail यूज कर रहे हैं तो Gmail
- 5:51:14का जो सर्वर है यह आपका बिहेवियर एनालिसिस
- 5:51:18करता है। जैसे मान लीजिए एक बार कोई ईमेल
- 5:51:22आया। ठीक है? लेवाइस की जींस का कोई ईमेल
- 5:51:26आया। इतने का डिस्काउंट चल रहा है। आपने
- 5:51:30ईमेल नहीं खोली।
- 5:51:32दोबारा फिर आया।
- 5:51:35लिवाइस में इतना डिस्काउंट चल रहा है न्यू
- 5:51:37ईयर पर आपने फिर ओपन नहीं करी। Gmail का
- 5:51:41सर्वर ऑब्जर्व कर रहा है आपकी हैबिट। वह
- 5:51:44यह देख रहा है कि लिवाइस वाले बार-बार
- 5:51:47बार-बार ईमेल इस आदमी को कर रहे हैं।
- 5:51:49लेकिन यह आदमी बिल्कुल इंटरेस्टेड नहीं
- 5:51:51है। एक भी बार यह इनका ईमेल खोल के नहीं
- 5:51:54देख रहा है।
- 5:51:57Gmail का सर्वर इतना स्मार्ट है। वो तुरंत
- 5:51:59समझ जाएगा कि यह जो ईमेल वाला है यह जो जी
- 5:52:03ये जो लिवाइस वाले से आ रहा है ईमेल
- 5:52:07यह स्पैम है। यह हमारे क्लाइंट को परेशान
- 5:52:11कर रहा है। कुछ टाइम के बाद लेवाइस के जो
- 5:52:14ईमेल है वह आपके इनबॉक्स में आने की बजाय
- 5:52:16स्पैम में जाने लगेंगे ऑटोमेटिक।
- 5:52:21ईमेल क्लाइंट इतना स्मार्ट होता है यह
- 5:52:23सर्वर कि यह उन ईमेल्स को जो कि अपने आप
- 5:52:26को बहुत ज्यादा एडवरटाइज करने की कोशिश कर
- 5:52:29रहे हैं। या फिर वो समझता है कि आप उसमें
- 5:52:31इंटरेस्टेड नहीं हो। या फिर वो यह भी वो
- 5:52:35यह भी एनालिसिस करता है कि यह ईमेल जिस
- 5:52:37सर्वर से आ रहा है वह सर्वर ऑथेंटिक है या
- 5:52:40नहीं है।
- 5:52:43अगर सिक्योर नेटवर्क के ऊपर आ रहा है तो
- 5:52:47ठीक है। अनसिक्योर में आ रहा है तब तो
- 5:52:49जरूर इसको स्पैम में डालना पड़ेगा। इन
- 5:52:51सारे बिहेवियर्स को देखते हुए जो ईमेल
- 5:52:55सर्वर है वो आपकी ईमेल को स्पैम में
- 5:52:58डायवर्ट करने लगता है। इन्हीं को जंक मेल
- 5:53:00भी बोलते हैं। इन्हीं को अनवांटेड मेल भी
- 5:53:03बोलते हैं।
- 5:53:05जिनको आप बिल्कुल नहीं चाहते अपने इनबॉक्स
- 5:53:07में। ठीक है? तो अनवांटेड और बल्क ईमेल्स
- 5:53:11यूजुअली एडवरटाइजमेंट और फ्रॉड ईमेल्स इन
- 5:53:14सभी को स्पैम में डायवर्ट कर देता है
- 5:53:17सर्वर।
- 5:53:18नाउ कम्स टू फिशिंग। अब ये फिशिंग वर्ल्ड
- 5:53:21क्या होता है? फिशिंग वर्ल्ड क्या होता
- 5:53:23है? मछली पकड़ना।
- 5:53:26मछली पकड़ना। जी हां। यह कुछ उसी तरीके का
- 5:53:29है कि जिस तरीके से आप कांटे में दाना
- 5:53:32लगाकर या कांटे में थोड़ा सा कुछ मांस का
- 5:53:37हिस्सा या पनीर का हिस्सा फंसाकर आप मछली
- 5:53:40पकड़ते हो।
- 5:53:42सिमिलरली उसी तरीके से जब इंटरनेट में
- 5:53:46ईमेल फ्रेमवर्क में जब आप इस तरीके की
- 5:53:49इंफॉर्मेशन गैदर करते हो किसी को फंसाकर
- 5:53:52किसी को स्पूफ करके
- 5:53:55तो इस पर्टिकुलर
- 5:53:57टास्क को फिशिंग बोला जाता है। अब यह
- 5:54:01फिशिंग काम कैसे करता है? आपके पास फेक
- 5:54:04ईमेल्स आते हैं। आपको लगेंगे वो जेन्युइन
- 5:54:07ईमेल लेकिन वो होते हैं फेक ईमेल्स। वो
- 5:54:10आपसे आपकी इंफॉर्मेशन को कलेक्ट करने के
- 5:54:12लिए किए जाते हैं आपको। एग्जांपल के तौर
- 5:54:14पर आपने कई बार देखा होगा कि आपके पास मेल
- 5:54:17आए हैं cococola.com से। कांग्रेचुलेशंस
- 5:54:20यू हैव वॉन $10,000
- 5:54:23और यह $00 अपने अकाउंट में लेने के लिए यह
- 5:54:27डिटेल्स फिल कर दीजिए। उसमें लिखा होगा अब
- 5:54:30डिटेल आपसे का मांग रहा है। अब उसमें खोल
- 5:54:32के देखोगे डिटेल मांग रहा है। नेम आपने
- 5:54:35तुरंत भरा $00
- 5:54:38आपसे उसके बाद फोन नंबर नीचे मांग रहा है।
- 5:54:41आपने डाल दिया जोश-जोश में फोन नंबर ईमेल
- 5:54:45आईडी
- 5:54:47डाल दिया।
- 5:54:49कौन से अकाउंट में $10,000 चाहिए? आपसे
- 5:54:52आपकी बैंक डिटेल मांग ली। अब आपने अकाउंट
- 5:54:55नंबर दे दिया। आईएफएससी कोड दे दिया। उसके
- 5:54:59बाद आपसे आधार भी मांग लिया कि आप
- 5:55:02जेन्युइन यूजर हैं कि नहीं है। इस वजह से
- 5:55:05आधार भी दीजिए। आपने आधार भी दे दिया और
- 5:55:08नीचे इतना बड़ा बटन लगा हुआ है सबमिट का
- 5:55:12और आपने खटाक से सबमिट किया। $00 आने वाले
- 5:55:16हैं अकाउंट में।
- 5:55:18आपने सबमिट किया। आपकी जितनी भी यह
- 5:55:21इंफॉर्मेशन है, यह सामने बैठे हुए हैकर के
- 5:55:24पास पहुंच गई या फिशर के पास पहुंच गई। आप
- 5:55:27बोल सकते हो। आप उसकी फिशिंग का शिकार हो
- 5:55:30गए। कोई $00 नहीं आने वाले अकाउंट में।
- 5:55:35कुछ नहीं आने वाला। उल्टा आपकी सारी
- 5:55:38इंफॉर्मेशन उसके पास पहुंच गई है।
- 5:55:43कई बार आपने देखा होगा कि
- 5:55:48इतने आपको रिडीम पॉइंट मिलेंगे या इतने का
- 5:55:51कैशबैक मिलेगा। ईमेल आते हैं खूब। इतने का
- 5:55:54कैशबैक मिलेगा। बस यह डिटेल भर दीजिए। कभी
- 5:55:58मत भरना अपनी डिटेल। कुछ कैशवशक नहीं
- 5:56:01मिलेगा। कोई $00 नहीं आने वाले। आपकी
- 5:56:05इंफॉर्मेशन सबमिट बटन पर क्लिक करते ही
- 5:56:07फ्रंट पर्सन के पास पहुंच जाएगी। और ऐसे
- 5:56:11आपको पता है कितने ईमेल भेजे जाते हैं।
- 5:56:13सुनकर होश उड़ जाएंगे।
- 5:56:16एक आदमी बैठकर एक-ए दिन के 10-10 लाख मेल
- 5:56:19भेजता है।
- 5:56:21और मैं कहता हूं 10 लाख में से
- 5:56:25मात्र 500 ने भी
- 5:56:28मात्र 500 ने अपना डाटा भेज दिया रिवर्ट
- 5:56:33करके।
- 5:56:36तो यह 500 लोगों का डाटा उसके पास आ गया
- 5:56:40सिर्फ एक मेल से।
- 5:56:42और इस डाटा का अब वो करेगा क्या? क्या
- 5:56:44उनके बैंक हैक करेगा? नहीं।
- 5:56:48यह डाटा सिंपली वह केवल मार्केट में बेच
- 5:56:52देगा। आपको पता होना चाहिए आईटी सेक्टर
- 5:56:54में डाटा बिकता है।
- 5:56:57आईटी सेक्टर में डाटा कंपनीज़ खरीदती हैं।
- 5:57:00आज की डेट में मार्केट में हर एक कंपनी
- 5:57:03डाटा खरीद रही है।
- 5:57:05हर एक कंपनी हर तरीके का डाटा मार्केट में
- 5:57:08अवेलेबल है। आपके पास जितना बड़ा डेटाबेस
- 5:57:11उतने बड़े करोड़पति आदमी आप। उतने बड़े
- 5:57:14अरबपति आदमी आप।
- 5:57:17आज की डेट में इंफॉर्मेशन इज मनी। डाटा इज
- 5:57:19मनी।
- 5:57:22आपके पास यह 500 लोगों का डाटा है। आपको
- 5:57:25पता है कैसे डाटा बिकता है?
- 5:57:28आपसे पूछा जाएगा कितने लोगों का डाटा है
- 5:57:31आपके पास? आपने कहा 500 लोगों का। वो आपसे
- 5:57:34पूछेंगे कितने फील्ड हैं उसमें? फील्ड का
- 5:57:36मतलब जानते हैं नाम, फोन नंबर, ईमेल, बैंक
- 5:57:41डिटेल, आधार। आपने कहा पांच फील्ड का डाटा
- 5:57:44है। आपको बोलेगा ₹10 पर पर्सन।
- 5:57:51आपने कहा नहीं ₹10 पर पर्सन नहीं ₹20 पर
- 5:57:54पर्सन के हिसाब से चाहिए मुझे। उसने कहा
- 5:57:57ठीक है डन है। ₹20 पर पर्सन के हिसाब से
- 5:57:59दिए।
- 5:58:01गुणे 20 कर दीजिए। 5 * 2 = 10
- 5:58:12छाप दिए उसने ₹1 लाख।
- 5:58:16छाप दिए।
- 5:58:19लोग तो पूरे साल में भी ना कमा पाए।
- 5:58:23एक ईमेल के दम पर छाप दिए।
- 5:58:26यह डाटा खरीदता कौन है? आपके दिमाग में आ
- 5:58:28रहा होगा। सब खरीदते हैं। सब
- 5:58:33पूछो कौन-कौन नहीं? एग्जांपल फर्ज करो। आज
- 5:58:36आपने अपनी यूनिवर्सिटी खोली। आज आपने अपना
- 5:58:38एक कॉलेज खोला। मान लो यूनिवर्सिटी भी
- 5:58:40छोड़ो कॉलेज खोला आपने।
- 5:58:44अब कॉलेज तो खोल लिया है। बच्चे कहां से
- 5:58:46लाओगे?
- 5:58:48मैसेज करवाओगे ना ईमेल करवाओगे ना अपने
- 5:58:51एडवर्टाइजमेंट के कौन से ईमेल आईडी पर
- 5:58:54करवाओगे
- 5:58:55कौन से फोन नंबर पर करवाओगे मार्केट से
- 5:58:59डाटा खरीदोगे आप 10 लाख लोगों का डाटा दो
- 5:59:04तभी आप देखते हो आपके पास इधर-उधर के ईमेल
- 5:59:07आते हैं जो कि आपसे कोई लेना ही देना नहीं
- 5:59:09होता कभी आपने सोचा है जिस बैंक में आपका
- 5:59:11अकाउंट नहीं है उस बैंक के कॉल आते हैं
- 5:59:14आपके पास और बोलते हैं क्रेडिट कार्ड ले
- 5:59:16लो सोचा है कभी आपने जिस बैंक में आप खाता
- 5:59:19ही नहीं खुलाने आज तक गए उस बैंक के पास
- 5:59:21आपका नंबर कहां से आ गया? क्योंकि मार्केट
- 5:59:25में डाटा बिक रहा है। आज की डेट में हर एक
- 5:59:29ऑर्गेनाइजेशन डाटा खरीद रही है। और यह जो
- 5:59:32आपके पास ईमेल आते हैं ना ये जो फिशिंग
- 5:59:35वाले ईमेल आते हैं वो डाटा ऐसे ही फैच
- 5:59:37करके लोग करोड़पति बन रहे हैं और आपको पता
- 5:59:40ही नहीं है इस दुनिया के बारे में कि चल
- 5:59:43क्या रहा है।
- 5:59:45क्लियर हुई बात? सो दिस इज कॉल्ड फिशिंग।
- 5:59:50जब आप इस तरीके के ईमेल्स ट्रैप में फंसते
- 5:59:53हो।
- 5:59:56अगली बार से ऐसे ईमेल का कभी जवाब नहीं
- 5:59:58देना है। कहीं पर अपनी इंफॉर्मेशन कभी
- 6:00:00नहीं देनी है। ठीक है?
- 6:00:03अब इस डाटा में भी पता है कैसा डाटा बिकता
- 6:00:05है। जैसे कि कोई किसी ने कॉलेज या
- 6:00:08यूनिवर्सिटी खोली।
- 6:00:11अब वो बोलेगा मार्केट में कि मुझे
- 6:00:1520 साल से 30 साल के बीच वालों का डाटा
- 6:00:17चाहिए। मार्केट में वैसा डाटा भी अवेलेबल
- 6:00:19है।
- 6:00:22अब किसी ने आजकल तो डेटिंग ऐप चल रहे हैं।
- 6:00:25भैया
- 6:00:27मैंने तो आज तक इंस्टॉल तक नहीं किया कोई
- 6:00:29बट मैं सुनता बहुत हूं। चल रहे हैं। ऐसेसे
- 6:00:31केसेस हो रहे हैं। सारी चीजें। अब ये
- 6:00:34डेटिंग ऐप क्या है? दो लोगों को वहां पर
- 6:00:37मिलवाया जा रहा है। दो लोग एक दूसरे को
- 6:00:39देख रहे हैं, सुन रहे हैं, क्या कर रहे
- 6:00:41हैं? आई डोंट नो बट मिल रहे हैं एनी हाउ।
- 6:00:45तो इनके पास डाटा कैसा है? इन्होंने
- 6:00:47मार्केट से वो डाटा लिया है जो डाटा
- 6:00:51ऑडियंस है उनकी जो उनकी टारगेट ऑडियंस है।
- 6:00:54अब वो 60 साल के बुढ़ों का तो डाटा रखेंगे
- 6:00:57नहीं अपने पास। वो कितना ही डेट कर लेंगे।
- 6:01:00उनको डाटा कैसा चाहिए? टीन ऐज वालों का
- 6:01:03चाहिए।
- 6:01:0530 साल तक के लोगों का, 35 साल तक के
- 6:01:08लोगों का। खैर आजकल तो 40 50 साल वाले भी
- 6:01:11डेटिंग कर रहे हैं।
- 6:01:14ठीक है? तो डेटा के भी सेगमेंट है। यू कैन
- 6:01:17नॉट थिंक कितना वास्ट है ये।
- 6:01:21ईमेल में एक टर्म यूज़ होता है सिग्नेचर।
- 6:01:23आपके पास जब आप ईमेल कंपोज करते हो तो
- 6:01:25नीचे आपके पास यह देखिए पेन जैसा ऑप्शन बन
- 6:01:27के आता है। यही है आपका सिग्नेचर। आप ईमेल
- 6:01:31पर चाहे तो अपना सिग्नेचर भी डाल सकते
- 6:01:33हैं। आप लोगों ने देखा होगा कई बार ईमेल
- 6:01:36आते हैं लोगों के। नीचे उनकी डिटेल्स पड़ी
- 6:01:38होती है। उनका फोटो लगा होता है या उनकी
- 6:01:40कंपनी का लोगो लगा होता है। उनका नाम है,
- 6:01:43फोन नंबर है, एड्रेस पड़ा हुआ है, पैक्स
- 6:01:46नंबर पड़ा हुआ है। तो आप भी अपनी जरूरी
- 6:01:49डिटेल नीचे सिग्नेचर के रूप में सेव कर
- 6:01:51सकते हो। एक बार आपने अपना सिग्नेचर बना
- 6:01:54लिया तो बार-बार आपको हर ईमेल में उसे
- 6:01:56टाइप करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आपके पास
- 6:01:59नीचे पेन वाला ऑप्शन रहेगा। जैसे ही आप उस
- 6:02:01पे क्लिक करोगे,
- 6:02:03आपके पास तीन ऑप्शन आएंगे। पहला ऑप्शन
- 6:02:06मैनेज सिग्नेचर मतलब अगर आपको अपना
- 6:02:08सिग्नेचर चेंज करना है तो मैनेज सिग्नेचर
- 6:02:10पर क्लिक करिए। दूसरा ऑप्शन आएगा नो
- 6:02:13सिग्नेचर। मतलब आप इस ईमेल पे अपना
- 6:02:14सिग्नेचर नहीं डालना चाहते। तीसरा ऑप्शन
- 6:02:17आपके नाम से आएगा। जैसे ही आप अपने नाम पे
- 6:02:19क्लिक कर देंगे आपका सिग्नेचर यहां पेस्ट
- 6:02:21हो जाएगा। ठीक है?
- 6:02:26रिप्लाई जाहिर सी बात है आपके पास कोई
- 6:02:30ईमेल आया। उस सामने वाले पर्सन को आपको
- 6:02:32रिवर्ट करना है। आपको जवाब देना है तो आप
- 6:02:35रिप्लाई पर क्लिक करते हो। जवाब दे देते
- 6:02:37हो। रिप्लाई ऑल पर अगर आपने क्लिक किया तो
- 6:02:40उस ईमेल में जितने भी लोग हैं टू के अलावा
- 6:02:42जितने भी सीसी में हैं उन सबको भी रिप्लाई
- 6:02:45चला जाएगा। तो रिप्लाई पे केवल आप क्लिक
- 6:02:47करेंगे तो टू वाले को रिप्लाई होगा। लेकिन
- 6:02:50अगर आप रिप्लाई ऑल पे क्लिक करेंगे तो 2
- 6:02:54सीc
- 6:02:57सभी को यह ईमेल रिवर्ट होगा आपका।
- 6:03:01फॉरवर्ड क्या होता है? फॉरवर्ड जाहिर सी
- 6:03:03बात है सेम ईमेल आपको किसी आगे पर्सन को
- 6:03:06फॉरवर्ड करना है। ए से आपके पास ईमेल आया।
- 6:03:10आपको बी को फॉरवर्ड करना है।
- 6:03:14आपने इस ईमेल को फॉरवर्ड पर क्लिक किया।
- 6:03:18तुरंत यह आपसे मांगेगा कि आपको किसको
- 6:03:20भेजना है। आप टू में बी की आईडी डाल
- 6:03:23देंगे। वह ईमेल बी को फॉरवर्ड हो जाएगा।
- 6:03:25माफी चाहता हूं। खांसी के लिए तबीयत ठीक
- 6:03:28नहीं है।
- 6:03:37क्लियर है बात?
- 6:03:41नेक्स्ट है मेल सर्वर।
- 6:03:46मेल सर्वर वो होता है जो कि ईमेल क्लाइंट
- 6:03:49का ही होता है और वहां पर आपके ईमेल्स
- 6:03:53भेजे गए ईमेल या आपके प्राप्त हुए ईमेल
- 6:03:56सेव होते हैं।
- 6:03:58ठीक है? एग्जांपल के तौर पर आप Gmail यूज़
- 6:04:01कर रहे हैं। ठीक है? तो Gmail क्या है?
- 6:04:04आपका ईमेल क्लाइंट है।
- 6:04:07तो आपके जितने भी ट्रांसफर ईमेल्स हैं, वह
- 6:04:11सब कहां सेव होंगे? वह सब आपके Gmail के
- 6:04:13सर्वर पर सेव होंगे।
- 6:04:20ईमेल क्लाइंट क्या होता है? ईमेल क्लाइंट
- 6:04:23वो सॉफ्टवेयर है जहां पर आप ईमेल रिसीव कर
- 6:04:26रहे हो और सेंड कर पा रहे हो। एग्जांपल
- 6:04:29Gmail यह भी आपका ईमेल क्लाइंट है। आप में
- 6:04:33से कुछ लोग Yahoo यूज कर रहे हैं तो उन
- 6:04:37सबका ईमेल क्लाइंट Yahoo है। आप में से
- 6:04:39कुछ लोग RedF मेल यूज़ कर रहे हैं। उन सबका
- 6:04:42ईमेल क्लाइंट Redf मेल है। ओवरऑल वो
- 6:04:46सॉफ्टवेयर जो कि आपको
- 6:04:49मेल रिसीव करने में और सेंड करने में मदद
- 6:04:53कर रहे हैं। कुछ ऐसे सॉफ्टवेयर हैं जो कि
- 6:04:56वेब मेल नहीं है लेकिन ईमेल क्लाइंट हैं।
- 6:05:00ध्यान रखिएगा ईमेल क्लाइंट
- 6:05:03और एक वर्ड होता है वेब मेल। दोनों में
- 6:05:06अंतर क्या है? वेब मेल वो है जिनको आप
- 6:05:09इंटरनेट के ऊपर यूज करते हो। लेकिन
- 6:05:13नॉर्मली जो ईमेल क्लाइंट है इनको आप
- 6:05:15ऑफलाइन भी यूज कर सकते हो। जैसे आउटलुक हो
- 6:05:18गया, थंडर बर्ड हो गया।
- 6:05:21नहीं समझे? समझाता हूं। जैसे आप आउटलुक
- 6:05:24यूज़ कर रहे हैं।
- 6:05:26ठीक है?
- 6:05:28आउटलुक आप यूज़ कर रहे हैं।
- 6:05:31आउटलुक इस तरीके से काम करता है। यह एक
- 6:05:33ऐसा सॉफ्टवेयर है। ईमेल क्लाइंट है जो कि
- 6:05:35आपको पूरा इंटरफ़ेस देगा ईमेल का। ठीक है?
- 6:05:40[हंसी] आपके पिछले 24 घंटे में मान लो,
- 6:05:42अभी आपने आउटलुक अपना खोला, तो जितने भी
- 6:05:45ईमेल पिछले 24 घंटे के हैं, वह सब यह अपने
- 6:05:48इंटरफ़ेस पर डाउनलोड कर लेगा।
- 6:05:52ठीक है? क्लियर है?
- 6:05:55आपने अपनी ईमेल आईडी Gmail पर बनाई है और
- 6:05:59Gmail आईडी को आपने इस पर अटैच कर दिया
- 6:06:01आउटलुक में। तो आपके Gmail के जो पिछले 24
- 6:06:04घंटे के जितने मेल हैं वो सब आउटलुक फैच
- 6:06:07कर लेगा। अब आप फिर से ऑफलाइन हो जाइए। आप
- 6:06:10इंटरनेट पर कनेक्टेड मत रहिए। उसके बाद भी
- 6:06:13आप आउटलुक के थ्रू भेजते रहेंगे मेल।
- 6:06:18आउटलुक के थ्रू आप आउटलुक वाले को मेल भेज
- 6:06:21सकते हो और वह दोनों उस मेल को एट अ रियल
- 6:06:24टाइम देख भी सकते हैं।
- 6:06:27लेकिन जैसे Gmail टू रेड मेल आपको भेजना
- 6:06:30है तो आपको इंटरनेट की ही जरूरत पड़ेगी।
- 6:06:34आप बिना इंटरनेट के इस पर नहीं भेज पाओगे।
- 6:06:36क्योंकि Gmail हो गए, रेड इफ मेल हो गए।
- 6:06:38यह ईमेल क्लाइंट होने के साथ-साथ वेब मेल
- 6:06:42भी हैं। और वेब का मतलब ही है क्या?
- 6:06:47ओवर देयर www वर्ल्ड वाइड वेब बिना
- 6:06:50इंटरनेट के इन्हें यूज नहीं किया जा सकता
- 6:06:52है।
- 6:06:55नेक्स्ट है ईमेल प्रोटोकॉल। आपके जो ईमेल
- 6:06:58हैं यह एक से दूसरी जगह पर ट्रांसफर हो
- 6:07:00पाते हैं कुछ प्रोटोकॉल्स के थ्रू। ये
- 6:07:02प्रोटोकॉल कौन-कौन से हैं? एक तो है आपका
- 6:07:05एसएमटीपी, दूसरा है आईएमएपी और तीसरा है
- 6:07:08पीओपी।
- 6:07:13अब इसका मतलब क्या होता है? एसएमटीपी
- 6:07:16सिंपल मेल ट्रांसफर प्रोटोकॉल आईएमएपी
- 6:07:20इंटरनेट मैसेज एक्सेस प्रोटोकॉल एंड पीओपी
- 6:07:23इसका मतलब क्या है? कोई बता सकता है? वैसे
- 6:07:26अभी मैं बताऊंगा आगे इनके बारे में बट
- 6:07:28बताइए।
- 6:07:30कोई जानता है पीओपी का मतलब क्या है?
- 6:07:32प्लास्टर ऑफ पेरिस मत बोल देना।
- 6:07:36तो ओवरऑल यह जो ईमेल प्रोटोकॉल है यह एक
- 6:07:39तरीके के रूल्स हैं जिनका ईमेल
- 6:07:42कम्युनिकेशन में यूज किया जाता है या आप
- 6:07:43बोल सकते हो यही वो प्रोटोकॉल है जिनके
- 6:07:46ऊपर नेटवर्क में आपका इंटर इंटरनेट के ऊपर
- 6:07:50जो मेल है वो ट्रैवल कर पाता है। आप ऐसे
- 6:07:53समझ लीजिए जैसे आप अगर रोड पर गाड़ी चला
- 6:07:55पा रहे हो तो किस वजह से आपकी गाड़ी रोड
- 6:07:58के ऊपर चल रही है। अगर रोड नहीं होंगे
- 6:07:59आपकी गाड़ी नहीं चल पाएगी। पानी में तो चल
- 6:08:02नहीं पाएगी। उसी तरीके से आपका मेल जो है
- 6:08:06वह एक से दूसरी जगह अगर ट्रांसफर हो पा
- 6:08:08रहा है तो किस पर हो पा रहा है? इन
- 6:08:10प्रोटोकॉल्स के थ्रू हो पा रहा है।
- 6:08:16फीचर्स ऑफ ईमेल क्या है? वेरी फास्ट
- 6:08:19कम्युनिकेशन है। बहुत तेज हम कम्युनिकेशन
- 6:08:22कर पाते हैं। जब ईमेल नहीं थे तो आपको पता
- 6:08:24ही है एक से दूसरी जगह संदेश भेजने के लिए
- 6:08:27हमें चिट्ठी लिखनी पड़ती थी। वह चिट्ठी
- 6:08:29पता लगा 10 दिन में 20 दिन में पहुंचती
- 6:08:32थी।
- 6:08:34लेकिन आज की डेट में आप सेकंड्स में
- 6:08:35कम्युनिकेट कर पाते हैं ईमेल से। लो कॉस्ट
- 6:08:38मोस्टली फ्री हैं। कोई भी आज की डेट में
- 6:08:41ऐसा ईमेल क्लाइंट नहीं है जो कि आपसे पैसे
- 6:08:43लेता हो। एक आध हैं गिने-चुने दुनिया में
- 6:08:47ऑरेंज वगैरह है वो अलग है। लेकिन बाकी
- 6:08:50मोस्टली जितने हैं वो सब फ्री ऑफ कॉस्ट
- 6:08:52है। फाइल अटैचमेंट फैसिलिटी है। आप अपने
- 6:08:55टेक्स्ट मैचेस के साथ-साथ फोटो, वीडियो,
- 6:08:58ऑडियो ये सब भी भेज सकते हो। वन टू मेनी
- 6:09:01कम्युनिकेशन है। आपको अगर 100 लोगों को एक
- 6:09:04ही बात कहनी है तो आपको बार-बार कहने की
- 6:09:07जरूरत नहीं है। आपको एक बार ईमेल लिखना
- 6:09:10है। उन सभी लोगों का ईमेल एड्रेस डालना है
- 6:09:13और क्लिक बटन बस
- 6:09:15वो ईमेल 100 के 100 लोगों को पहुंच जाएगा।
- 6:09:18तो वन टू मेनी कम्युनिकेशन है इसमें। इजी
- 6:09:21स्टोरेज एंड रिट्रीवल है। आप 10 साल
- 6:09:24पुराना, 20 साल, 50 साल पुराना भी ईमेल
- 6:09:27वापस निकाल सकते हैं। ढूंढ के फैच कर सकते
- 6:09:29हैं।
- 6:09:30ग्लोबल एक्सेस है। ऑब्वियस सी बात है
- 6:09:32इंटरनेट के ऊपर है। तो दुनिया में बैठे
- 6:09:34हुए किसी भी कोने पर किसी भी व्यक्ति को
- 6:09:36आप अपना मैसेज ईमेल के थ्रू भेज सकते हैं।
- 6:09:41ईमेल स्टोरेज की अगर बात करें तो ईमेल्स
- 6:09:43कहां पर स्टोर होते हैं? यह मेल सर्वर्स
- 6:09:45के ऊपर स्टोर होते हैं। डिपेंड कर रहा है
- 6:09:47आप कौन सा मेल सर्वर यूज कर रहे हो।
- 6:09:49Gmail, Hotmail, Redfma मेल, Yahoo जो भी
- 6:09:53आप यूज़ कर रहे हो। स्टोरेज प्रोवाइडेड बाय
- 6:09:56ईमेल सर्विस प्रोवाइडर।
- 6:09:58ईमेल सर्विस प्रोवाइडर कौन है? यही जैसे
- 6:10:01Gmail हो गए, रेड इफ हो गए। यही क्या कहला
- 6:10:05रहे हैं? ईमेल सर्विस प्रोवाइडर है।
- 6:10:10ठीक है? तो इन्हीं के थ्रू आपको स्टोरेज
- 6:10:13प्रोवाइड होता है।
- 6:10:15जैसे कि Gmail आपको 15 GB का स्टोरेज देता
- 6:10:18है। 15 GB तक के आप मेल में अपने फाइल एंड
- 6:10:22अटैचमेंट रख सकते हैं। उससे ज्यादा अगर
- 6:10:25आपको चाहिए तो फिर आपको परचेस करना पड़ेगा
- 6:10:27स्टोरेज।
- 6:10:30यह MB और GB में नापे जाते हैं। Gmail
- 6:10:33मैक्सिमम अटैचमेंट साइज साइज इज़ 25 MB वही
- 6:10:36जो अभी मैंने आपको बताया था कि अगर एक
- 6:10:38ईमेल आप भेज रहे हैं।
- 6:10:41तो किसी भी ईमेल में एक अटैचमेंट फाइल
- 6:10:43आपकी मैक्सिमम 25 MB की होगी। और ओवरऑल
- 6:10:48अगर हम बात करें ओवरऑल आपके पूरे Gmail
- 6:10:51में मैक्सिमम स्टोरेज कितना है आपके पास
- 6:10:54तो वो 15 GB का स्टोरेज है। इस 15 GB में
- 6:10:57आपका इनबॉक्स सेंड ड्राफ्ट अटैचमेंट सब
- 6:11:00कुछ आ जाता है। यह मत समझिएगा कि 15 GB के
- 6:11:04आप इनबॉक्स में रिसीव कर पाएंगे। 15 GB का
- 6:11:07ही डाटा आप सेंड भी कर पाएंगे। 15 GB का
- 6:11:09ड्राफ्ट में भी रख पाएंगे। नहीं ओवरऑल 15
- 6:11:12GB तक आप यूज़ कर सकते हैं। उसके बाद आपको
- 6:11:15पे करना होगा। उससे ज्यादा आपको चाहिए तो।
- 6:11:18वैसे मैं इंटरेस्टिंग बात आपको बताऊं।
- 6:11:20पूरे भारत में
- 6:11:2398% लोग ऐसे हैं जो कि Gmail में 15 GB
- 6:11:28डाटा तक ही यूज करते हैं। उससे ज्यादा
- 6:11:30नहीं उन्हें जरूरत पड़ती है। केवल 2% लोग
- 6:11:32ऐसे हैं जो कि पे करते हैं।
- 6:11:37और उसमें भी कई लोग ऐसे हैं जिनको जरूरत
- 6:11:41भले ही और ज्यादा स्पेस की हो लेकिन वह
- 6:11:44अपना पुराना डाटा डिलीट करके भी यूज कर
- 6:11:46लेते हैं। मतलब फ्री ऑफ कॉस्ट ही यूज कर
- 6:11:48रहे हैं।
- 6:11:50ईमेल प्रोटोकॉल्स अभी मैंने आपसे बात करी
- 6:11:52थी एसएमटीपी की सिंपल मेल ट्रांसफर
- 6:11:54प्रोटोकॉल अब देखिए यह जो तीनों ईमेल
- 6:11:57प्रोटोकॉल है एसएमटीपी हो गया या आपका
- 6:12:01पीओपी हो गया या फिर आपका आई मैप हो गया
- 6:12:05ये तीन प्रोटोकॉल ईमेल प्रोटोकॉल्स पर
- 6:12:07यूज़ होती है। मतलब ईमेल इन तीनों
- 6:12:09प्रोटोकॉल के ऊपर ही काम करके एक से दूसरी
- 6:12:12जगह पहुंच पाती है। अब तीनों का अपना-अपना
- 6:12:14रोल है। क्या रोल है? एसएमटीपी कहां यूज़
- 6:12:17होती है? तो एसएमटीपी हमेशा कहां पर यूज
- 6:12:20होती है? यह ईमेल भेजने के लिए यूज करी
- 6:12:22जाती है। जब आप किसी को ईमेल भेज रहे हो
- 6:12:26तो उस केस में आपका जो ईमेल क्लाइंट का
- 6:12:29सर्वर है वो कौन सी प्रोटोकॉल का यूज
- 6:12:32करेगा? सिंपल मेल ट्रांसफर प्रोटोकॉल का
- 6:12:34यूज़ करेगा। क्योंकि आप ईमेल भेज रहे हो।
- 6:12:40अब इसमें भी इसके अपने पोर्ट्स हैं।
- 6:12:43कौन-कौन से पोर्ट हैं? डिफॉल्ट पोर्ट जो
- 6:12:45होता है, यह 25 नंबर है। पोर्ट। पोर्ट
- 6:12:47एक्सटेंशन इसीलिए मैं आपको पहले पढ़ा चुका
- 6:12:49हूं लास्ट टू लास्ट क्लास में। जिन्होंने
- 6:12:52अभी तक कवर नहीं करी है, वो क्लास देख
- 6:12:54लीजिएगा। पता लगेगा पोर्ट क्या होते हैं।
- 6:12:56तो डिफॉल्ट पोर्ट 25 है। लेकिन अगर आपको
- 6:12:59सिक्योर एसएमटीपी रखना है तो उसके लिए 587
- 6:13:02है। और सिक्योर एसएमटीपी
- 6:13:06टीएलएस और एसएसएल। एसएसएल का मतलब क्या
- 6:13:09है?
- 6:13:10इसको बोलते हैं सिक्योर
- 6:13:16स्टॉकेट लेयर।
- 6:13:19जबकि टीएलएस का मतलब क्या है?
- 6:13:25ट्रांसपोर्ट
- 6:13:30सिक्योरिटी लेयर।
- 6:13:35ठीक है?
- 6:13:37क्लियर है? क्लियर है इतनी बात? ठीक है?
- 6:13:41अब देखिए, पहले एसएसएल चलता था, लेकिन आज
- 6:13:44की डेट में एसएसएल को रिप्लेस कर दिया है
- 6:13:46टीएलएस ने। ट्रांसपोर्ट सिक्योरिटी लेयर
- 6:13:48ने इसको रिप्लेस कर दिया है। ट्रांसपोर्ट
- 6:13:51सिक्योरिटी लेयर एसएसएल से ज्यादा बेहतर
- 6:13:53और सिक्योर है। यह आपके डाटा पैकेट को लॉस
- 6:13:56नहीं होने देती है। आपके ईमेल फ्रंट पर्सन
- 6:14:00तक पहुंचने के चांसेस बढ़ जाते हैं इसमें।
- 6:14:02ठीक है? अब
- 6:14:05सिक्योर जो है यह हमेशा कहां यूज़ होता है?
- 6:14:07तो सिक्योर आपका डिफेंस में यूज़ हो रहा
- 6:14:09है, बैंकिंग सर्वर में यूज़ हो रहा है।
- 6:14:11जहां पर इंफॉर्मेशन बहुत ज्यादा वाइटल है,
- 6:14:14बहुत ज्यादा कॉन्फिडेंशियल इंफॉर्मेशन है,
- 6:14:16वहां पर सिक्योर का यूज़ यह करता है। वरना
- 6:14:19बाय डिफॉल्ट नॉर्मल मेल्स के लिए यह
- 6:14:21एसएमटीपी पोर्ट 25 का ही यूज़ करता है। तो
- 6:14:25एसएमटीपी हमेशा कहां यूज़ होती है? जब आप
- 6:14:28मेल को भेज रहे हो।
- 6:14:30दूसरा है पीओपी जिसको बोलते हैं पोस्ट
- 6:14:33ऑफिस प्रोटोकॉल।
- 6:14:35यह हमेशा यूज होती है ईमेल्स को रिसीव
- 6:14:38करने के लिए।
- 6:14:41ठीक है? ईमेल जब आप रिसीव कर रहे हो उस
- 6:14:44केस में जो आपका मेल सर्वर है वो पीओपी का
- 6:14:47यूज करता है। इसका पोर्ट है 110 और इसमें
- 6:14:50भी जो सिक्योर वाला पोर्ट है वो है 995
- 6:14:53पोर्ट।
- 6:14:56नाउ कम्स टू आई मैप जिसको बोलते हैं
- 6:14:58इंटरनेट मैसेज एक्सेस प्रोटोकॉल। आप जब भी
- 6:15:02अपने ईमेल्स को मैनेज करते हो मतलब मान
- 6:15:07लीजिए आपने ईमेल लिखा लेकिन भेजा ही नहीं
- 6:15:11आपने ईमेल लिखा भेजा ही नहीं मतलब ना आपने
- 6:15:14रिसीव किया है ना सेंड किया है बीच का कोई
- 6:15:16काम आपने किया है ऐसे में क्या है वो मेल
- 6:15:20जो आपका ड्राफ्ट में सेव हो रहा है किसके
- 6:15:22थ्रू हो पा रहा है आई मैप के थ्रू हो पा
- 6:15:24रहा है
- 6:15:26आप मेल को रिसीव और सेंड करने के अलावा जो
- 6:15:30काम जितने भी आप कर रहे हो वो सब आई मैप
- 6:15:32के थ्रू हो पा रहे हैं।
- 6:15:36ठीक है भाई? एक-एक चीज सभी को क्लियर हो
- 6:15:38रही है। एक-एक चीज आई मैप का पोर्ट है 143
- 6:15:42और इसमें भी जो सिक्योर आई मैप है इसका
- 6:15:44पोर्ट है 993।
- 6:15:49सिक्योरिटी रिलेटेड कुछ ईमेल टर्म्स हैं।
- 6:15:51जैसे कि स्पैम अब आपको पता ही है।
- 6:15:53अनवांटेड मेल्स होते हैं। फिशिंग भी आपको
- 6:15:56पता है। इंक्रिप्शन क्या होता है?
- 6:15:59इंक्रिप्शन क्या होता है?
- 6:16:02जब ईमेल क्लाइंट आपका भेजा हुआ मेल दूसरे
- 6:16:06ईमेल आईडी पर भेज रहा होता है तो रास्ते
- 6:16:10में जब वो ओवर देयर नेटवर्क आपका मैसेज जा
- 6:16:13रहा होता है तो वह किस फॉर्म में होता है
- 6:16:15वो इंक्रिप्टेड फॉर्म में होता है।
- 6:16:17एग्जांपल जब आपने मेल भेजा
- 6:16:21तो आपके कंप्यूटर से आपके पोर्ट से जैसे
- 6:16:25ही मेल निकल रहा होता है तो वह तुरंत क्या
- 6:16:27हो जाता है? इंक्रिप्ट हो जाता है।
- 6:16:30इंक्रिप्ट मतलब बाइनरी के फॉर्म में हो
- 6:16:32जाता है। आपने लिखा था आई लव यू। वह
- 6:16:36बाइनरी में हो गया। गुड़ हो गया सब।
- 6:16:40और वो इंक्रिप्टेड फॉर्म में ही ट्रैवल
- 6:16:42करेगा। मान लीजिए आपने लिखा था आई लव यू 0
- 6:16:461 0 1 1 0 1 ऐसे लिखा हुआ है। इस फॉर्म
- 6:16:51में यह ट्रैवल कर रहा है।
- 6:16:55जिसको भेजा था, आई लव यू, उसके पास
- 6:16:56पहुंचा। उसके पोर्ट में जैसे ही एंटर
- 6:16:59करेगा तो वहीं पर क्या हो जाएगा?
- 6:17:01डिक्रिप्शन हो जाएगा। इसका
- 6:17:05डाटा डिक्रिप्ट हो जाएगा। मतलब अब बाइनरी
- 6:17:08से फिर से उसी लैंग्वेज में आ जाएगा जिस
- 6:17:10लैंग्वेज में आपने भेजा था इंग्लिश में और
- 6:17:12उसको डिस्प्ले में क्या क्या दिख जाएगा?
- 6:17:15आई लव यू। और वो खुश हो जाएगा। लिख के भेज
- 6:17:18देगा आई लव यू टू।
- 6:17:21ठीक है? क्लियर है भाई?
- 6:17:28अब कुछ क्वेश्चन कर लेते हैं फटाफट से।
- 6:17:30सिंपल-िंपल से क्वेश्चन है। देखो, दिल्ली
- 6:17:32पुलिस में 2023 में क्वेश्चन पूछा गया है।
- 6:17:35यहां पर हमसे पूछ रहा है व्हिच ऑफ द
- 6:17:36फॉलोइंग स्टेटमेंट इज फॉल्स रिगार्डिंग
- 6:17:38अटैचिंग अ फाइल इन एन ईमेल? जब ईमेल में
- 6:17:42हम कोई फाइल अटैच करते हैं, तो उसके
- 6:17:44रिगार्डिंग कौन सा स्टेटमेंट गलत है?
- 6:17:49पहले में कह रहा है अटैचमेंट कैन बी
- 6:17:52प्रिव्यूड विद इन द ईमेल कंपोजशन विंडो।
- 6:17:56मतलब जहां पर आप ईमेल लिख रहे हो वहां पर
- 6:17:58आप जो भी अटैचमेंट है। ठीक है? अ उसे आप
- 6:18:02प्रीव्यू कर सकते हो। देख सकते हो।
- 6:18:04बिल्कुल देख सकते हो। मान लो आपने फोटो
- 6:18:07उसमें अटैच करी तो नीचे आपको दिखाई दे
- 6:18:09जाएगी वह फोटो। कौन सी आपने अटैच करी है।
- 6:18:12द साइज ऑफ अटैचमेंट इज अनलिमिटेड।
- 6:18:16गलत।
- 6:18:18अटैचमेंट का साइज कितना है? 25 MB तक होता
- 6:18:21है। अभी हम लोग बात कर रहे थे। यह
- 6:18:23स्टेटमेंट गलत है। आई थिंक यही हमारा आंसर
- 6:18:27हो जाएगा। बाकी के दो भी पढ़ लेते हैं। यू
- 6:18:30कैन रिमूव और चेंज अटैचमेंट बिफोर सेंडिंग
- 6:18:32द ईमेल। बिल्कुल सही बात है। ईमेल भेजने
- 6:18:35से पहले आप कुछ भी रिमूव कर सकते हो या
- 6:18:37चेंज कर सकते हो अटैचमेंट में। सही है ये।
- 6:18:40चौथे में कह रहा है मल्टीपल फाइल्स कैन बी
- 6:18:42अटैच्ड इन एन ईमेल मैसेज। बिल्कुल सही बात
- 6:18:45है। मल्टीपल फाइल आप अटैच कर सकते हो। 10
- 6:18:47फोटो, 20 फोटो आप भेज सकते हो। बशर्ते 25
- 6:18:50MB के अंदर होना चाहिए। सही है स्टेटमेंट।
- 6:18:54दूसरा हमारा आंसर है क्योंकि यही गलत है।
- 6:18:58ठीक है भाई इरफान। ठीक है? अगला क्वेश्चन
- 6:19:02देखो।
- 6:19:03ये क्वेश्चन यूपीपीसीएल में पूछा गया है
- 6:19:062022 में। बढ़िया क्वेश्चन है। देखिए क्या
- 6:19:08बोल रहा है। आपसे कह रहा है
- 6:19:11A वांट्स टू सेंड एन ईमेल टू B। ठीक है
- 6:19:14भाई।
- 6:19:16A B को ईमेल भेजना चाहता है। ठीक है? तो B
- 6:19:20को तो भाई टू में रखेगा।
- 6:19:23टू में किसको रखेगा? B को रखेगा। आगे बढ़ते
- 6:19:27हैं। एंड आल्सो सेंड अ कॉपी ऑफ सेम ईमेल
- 6:19:30टू C एंड डी। सेम वही ईमेल की कॉपी सी और
- 6:19:34डी को भेजना चाहता है। तो सीसी में किसको
- 6:19:38रखेगा? सी और डी को रख देगा। भाई
- 6:19:42क्लियर है ना? आपको पता ही है अभी सब सारी
- 6:19:45चीजें हम लोग पढ़ चुके हैं। अब क्या कह
- 6:19:47रहा है? ए आल्सो वांट टू सेंड अ कॉपी ऑफ
- 6:19:50सेम ईमेल टू ई। हां, ठीक है। ई को भी भेज
- 6:19:55देगा अगर हम सीसी में कर दें तो। हाउ एवर
- 6:20:00नन ऑफ द फर्स्ट थ्री रेसिपिएंट शुड नो
- 6:20:03अबाउट ई। अच्छा
- 6:20:05कह रहा है इससे पहले के जो तीनों
- 6:20:07रेसिपिएंट हैं उनको पता नहीं लगना चाहिए।
- 6:20:11इसका मतलब सीसी में नहीं रखेगा। किस में
- 6:20:14रखेगा?
- 6:20:17बीसीसी में रखेगा। ई को
- 6:20:21अब क्या कह रहा है? बट ई शुड नो अबाउट
- 6:20:24देम। बिल्कुल सही है। बीसीसी में ई है।
- 6:20:27उसको पता लगेगा। ऊपर के तीनों नहीं जान
- 6:20:29पाएंगे उसके बारे में। हुस ईमेल आईडी शुड
- 6:20:32बी लिस्टेड इन बीसीसी फील्ड।
- 6:20:36तो ई की ही तो है। बीसीसी में होनी चाहिए
- 6:20:39ई की। आंसर है फोर्थ वन।
- 6:20:43ठीक है?
- 6:20:45क्लियर है भाई? क्लियर है? बढ़िया क्वेश्चन
- 6:20:48था यह। अगला क्वेश्चन देखो। यह भी दिल्ली
- 6:20:51पुलिस में पूछा गया है। व्हिच ऑफ द
- 6:20:54फॉलोइंग स्टेटमेंट्स इज इनकरेक्ट
- 6:20:56रिगार्डिंग असाइनिंग अ लेबल टू एन ईमेल?
- 6:21:04क्या कह रहा है?
- 6:21:06ईमेल को लेबल देने के संबंध में
- 6:21:08निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?
- 6:21:10अच्छा पता है आपके पास ईमेल में एक ऑप्शन
- 6:21:13होता है कि आप अपने ईमेल को लेबल दे सकते
- 6:21:14हो। लेबल देकर मतलब
- 6:21:19आप जैसे कि आप अपने ईमेल पर ऐसे बना सकते
- 6:21:23हो। एडवरटाइजमेंट
- 6:21:26कॉलेज।
- 6:21:28ठीक है?
- 6:21:30और
- 6:21:33मान लीजिए स्टडी
- 6:21:36ऐसे आपने मान लीजिए तीन लेवल बना दिया तो
- 6:21:38वह ऑटोमेटिक फिल्टर करता रहेगा आपके। इसके
- 6:21:41बाद आपके पास ऑप्शन है कि आप अपने जितने
- 6:21:44कॉलेज से जुड़े हुए ईमेल हैं वो सब इसमें
- 6:21:46डाल सकते हो। जितने एडवर्टाइजमेंट के हैं
- 6:21:48वो इसमें डाल सकते हो। स्टडी से जुड़े हुए
- 6:21:50हैं वो इसमें डाल सकते हो। उसी के संबंध
- 6:21:52में कह रहा है ईमेल को लेबल देने के संबंध
- 6:21:54में निम्नलिखित में से कौन सा गलत है? ठीक
- 6:21:57है? पहले में कह रहा है
- 6:22:00ईमेल को लेबल देना उसे किसी विशेष फोल्डर
- 6:22:03में स्थानांतरित करने के समान है। बिल्कुल
- 6:22:05सही है।
- 6:22:08वी कैन यूज़ लेबल्स इन ईमेल टू सॉर्ट आवर
- 6:22:11इनबॉक्स। बिल्कुल सही बात है। सॉर्टिंग ही
- 6:22:13तो आप कर रहे हो अलग-अलग तरीके से। वी कैन
- 6:22:16नॉट यूज़ लेबल्स इन ईमेल टू सॉर्ट आवर
- 6:22:19इनबॉक्स। नहीं भैया, सॉर्ट कर सकते हैं।
- 6:22:22तो फिर यह कैसे लिखा हुआ है? वी कैन नॉट
- 6:22:24यूज़। यही गलत है। यही सही नहीं है।
- 6:22:30किसी ने आंसर किया था थर्ड। चौथे में कह
- 6:22:32रहा है वी कैन अप्लाई मल्टीपल लेवल्स टू अ
- 6:22:34सिंगल ईमेल। बिल्कुल सही बात है। कई सारे
- 6:22:37लेवल्स आप बना सकते हो।
- 6:22:41इरफान आंसर सही था आपका।
- 6:22:45अगला देखो।
- 6:22:48यहां पर क्या कह रहा है?
- 6:22:51हमसे कह रहा है वि ऑफ द फॉलोइंग
- 6:22:53स्टेटमेंट्स आर करेक्ट अबाउट एमआईएमई ठीक
- 6:22:56है
- 6:22:58करेक्ट पूछ रहा है कौन सा इसके एवज में
- 6:23:00सही है ठीक है एमआईएमई इज एक्रोनिम ऑफ
- 6:23:03मल्टीपर्पस इंटरनेट मेल एक्सटेंशन यह बात
- 6:23:06बिल्कुल सही है एमआईएमई का फुल फॉर्म यही
- 6:23:09होता है
- 6:23:11दूसरे में कह रहा है एमआईएमई इज अ
- 6:23:13स्टैंडर्ड फॉर एनकोडिंग एंड इंटरप्रेटिंग
- 6:23:17बाइनरी फाइल्स। बिल्कुल सही बात है। MIME
- 6:23:20की ही वजह से आपकी जो फाइल है जो आप ईमेल
- 6:23:23भेज रहे हो वह इंक्रिप्टेड फॉर्म में
- 6:23:25पहुंच पा रही है। सेफली पहुंच पा रही हैं
- 6:23:27दूसरी जगह पर।
- 6:23:30तीसरे में कह रहा है एमआईएमई अलाउ अलाउस
- 6:23:32टू सेंड ऑडियो, वीडियो, इमेज, डॉक्यूमेंट
- 6:23:35एंड पीडीएफ फाइल एज एन अटैच टू एन ईमेल।
- 6:23:38बिल्कुल सही बात है। यह भी तीनों ही
- 6:23:40स्टेटमेंट सही है। हमारी है कोई ऑप्शन है।
- 6:23:42चौथा
- 6:23:48यह वाला देखिए क्वेश्चन क्या कह रहा है?
- 6:23:50वि वन ऑफ द फॉलोइंग बेस्ट डिस्क्राइब्स
- 6:23:53इलेक्ट्रॉनिक मेल? ईमेल को सही तरीके से
- 6:23:56डिस्क्राइब कौन कर रहा है? अ मेथड ऑफ
- 6:23:58सेंडिंग मैसेजेस इलेक्ट्रॉनिकली ओवर अ
- 6:24:01कंप्यूटर नेटवर्क। आई थिंक सही है। इसमें
- 6:24:03गलत क्या है? इसमें गलत क्या है? सही तो
- 6:24:06लिखा हुआ है। एक ऐसा मेथड है जिसमें आप
- 6:24:10इलेक्ट्रॉनिकली कंप्यूटर नेटवर्क के ऊपर
- 6:24:12मैसेज भेज सकते हो। दूसरे में कह रहा है अ
- 6:24:15सिस्टम फॉर स्टोरिंग डिजिटल फाइल ऑन अ
- 6:24:17क्लाउड। नहीं क्लाउड पर नहीं क्लाउड अनदर
- 6:24:19थिंग है। मैं आपको नेटवर्किंग में
- 6:24:21पढ़ाऊंगा क्लाउड के बारे में। यह गलत है।
- 6:24:24अ सर्विस यूज्ड टू मेक कॉल्स ओवर द
- 6:24:27इंटरनेट। नहीं भैया ईमेल के थ्रू क्या आप
- 6:24:29इंटरनेट पर कॉल कर सकते हो? नहीं। आप
- 6:24:32इंटरनेट के ऊपर जो कॉल कर पा रहे हो ना
- 6:24:34जैसे कि आप WhatsApp पर कॉल करते हो।
- 6:24:39WhatsApp पर आप जो कॉल कर रहे हो। आप
- 6:24:41Facebook Messenger पर जो कॉल कर रहे हो
- 6:24:43आज की डेट में जो आप वीडियो कॉल ऑडियो कॉल
- 6:24:46कर रहे हो इंटरनेट पे वह पता है किस पर
- 6:24:48होता है? ईमेल पर नहीं होता है। उसके लिए
- 6:24:50प्रोटोकॉल होती है
- 6:24:54वीओआईपी।
- 6:24:56इसको क्या बोलते हैं? वॉइस ओवर
- 6:25:02इंटरनेट
- 6:25:03प्रोटोकॉल।
- 6:25:06ठीक है?
- 6:25:07तो आपके जो
- 6:25:09वीडियो कॉल ऑडियो कॉल जो नेट पर हो रहे
- 6:25:11हैं वह किस पर हो रहे हैं? वीओआईपी पर हो
- 6:25:13रहे हैं। वॉइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल।
- 6:25:17तो आंसर है हमारा फर्स्ट वन। यह भी गलत
- 6:25:19है।
- 6:25:22यह वाला देखिए। इफ एन ईमेल इज रिटेन एंड
- 6:25:25नॉट सेंट टू एनी यूजर। कोई मेल लिखा गया
- 6:25:28है लेकिन किसी को भेजा नहीं गया है। इन वि
- 6:25:31फोल्डर इट जनरली स्टोर्स। आपको पता ही है
- 6:25:34कोई भी बता देगा अब तो आप में से
- 6:25:37कोई भी बता देगा कोई मेल लिखा गया है
- 6:25:40लेकिन भेजा नहीं गया है वो कौन से फोल्डर
- 6:25:42में दिखाई देगा आपको
- 6:25:45बताइए
- 6:25:48आरती का कहना है सर जीएस की क्लास क्यों
- 6:25:51नहीं शुरू हो रही है मेरी तबीयत खराब थी
- 6:25:54आप बाद में आई हैं क्लास में मैंने पहले
- 6:25:56ही बता दिया था मेरी तबीयत आपको ठीक भी
- 6:25:59नहीं लग रही होगी बहुत ज्यादा कफिंग है
- 6:26:02स्नोफीलिया हो गया था मुझे। सांस लेने में
- 6:26:05तकलीफ थी। तो कल से आपकी क्लास शुरू हो
- 6:26:08जाएंगी। ठीक है? सुबह 8:30 बजे। टेंशन ना
- 6:26:10लीजिए। बिल्कुल।
- 6:26:13यह वाला वीक थोड़ा सा डिस्टर्बिंग रहा है
- 6:26:16ड्राफ्ट में। ओके?
- 6:26:19नेक्स्ट देखिएगा।
- 6:26:22रे टॉम लिंसन इनका पूरा नाम है रेमंड
- 6:26:24सैमुअल टॉम लिंसन। यह फेमस हैं किसके लिए?
- 6:26:28तो ईमेल को इन्होंने इन्वेंट किया है। ईयर
- 6:26:30भी ध्यान रखिएगा 1971 में इन्वेंट किया
- 6:26:33हुआ है। ठीक है? एक और आपसे पूछा जाता है।
- 6:26:36कभी आपसे पूछ देता है इसमें इलेक्ट्रिक
- 6:26:41टेलीग्राफ किसने इन्वेंट किया है?
- 6:26:44इलेक्ट्रिक टेलीग्राफ तो इनका नाम है
- 6:26:49सैमुअल मोर्स।
- 6:26:53सैमुअल मोर्स। ठीक है? इनका नाम भी ध्यान
- 6:26:56रखिएगा।
- 6:26:59अगला देखो
- 6:27:02वि ऑफ द फॉलोइंग इज एन एरा ऑफ द मेल बॉक्स
- 6:27:06इन एरिया ऑफ द मेल बॉक्स इन ईमेल वेयर द
- 6:27:10मैसेजेस व्हिच आर इन द प्रोसेस ऑफ सेंडिंग
- 6:27:14और व्हिच आर फेल टू सेंड आर जनरली स्टोर।
- 6:27:17मतलब कहने का यह कि आपके मेल में आपने कोई
- 6:27:22मेल भेज दिया है। लेकिन वो आपके प्रोसेस
- 6:27:26में है। अभी सेंडिंग प्रोसेस में है। अभी
- 6:27:28तक पहुंच नहीं पाया। फेल है। पूरे तरीके
- 6:27:31से भेजे जाने में फेल हुआ है। लेकिन
- 6:27:33प्रोसेस में है। तो वह आपको कहां पर दिखाई
- 6:27:35देगा? आउटबॉक्स में।
- 6:27:38तभी मैंने काफी टाइम लिया था आपको यह
- 6:27:40समझाने में कि आउटबॉक्स और ड्राफ्ट के बीच
- 6:27:42का अंतर क्या होता है?
- 6:27:47अगला देखिए। व्हाट इंफॉर्मेशन इज टिपिकली
- 6:27:50रिक्वायर्ड टू साइन इन टू एन ईमेल
- 6:27:52क्लाइंट? अरे भैया इससे सिंपल क्या
- 6:27:54पूछेगा? दिल्ली पुलिस में पूछा गया है।
- 6:27:57बोल रहा है ईमेल में साइन इन करने के लिए
- 6:28:00किसकी जरूरत होती है? तो जब भी आप लॉगिन
- 6:28:03करते हो ईमेल पर क्या जरूरत होती है? एक
- 6:28:05तो आईडी डालते हो दूसरा पासवर्ड डालते हो।
- 6:28:08बस इन्हीं दोनों चीजों की जरूरत होती है।
- 6:28:11तो ईमेल आईडी और पासवर्ड
- 6:28:14यह तो सबसे बच्चा क्वेश्चन था। लल्लू टाइप
- 6:28:16का क्वेश्चन था यह।
- 6:28:18यह वाला देखिए क्वेश्चन। व्हिच ऑफ द
- 6:28:20फॉलोइंग स्टेटमेंट्स बेस्ट एक्सप्लेंस हाउ
- 6:28:24Gmail क्लासिफाई एन ईमेल एज स्पैम?
- 6:28:29क्या बोल रहा है कि Gmail किसी भी ईमेल को
- 6:28:32यह कैसे क्लासिफाई करता है कि वह स्पैम
- 6:28:34कैटेगरी का है। तो अभी मैंने आपको बताया
- 6:28:36था ना
- 6:28:38कोई भी ईमेल सर्वर बहुत कुछ
- 6:28:43बहुत कुछ एनालिसिस करता है यह आइडेंटिफाई
- 6:28:45करने में कि इस ईमेल को स्पैम में डालना
- 6:28:48है या मेल बॉक्स में डालना है। क्या-क्या
- 6:28:52जो क्लाइंट है उसका बिहेवियर आपका
- 6:28:54बिहेवियर देखेगा। आप उस तरीके के ईमेल को
- 6:28:57खोल रहे हैं या नहीं खोल रहे हैं।
- 6:28:58इंटरेस्टेड है या नहीं है। उसकी आईडी
- 6:29:01वगैरह चेक करेगा कि सामने वाले जिस सर्वर
- 6:29:04से यह ईमेल आया है वह जेन्युइन है कि
- 6:29:05नहीं। ऑथेंटिकेटेड है कि नहीं। यह सब कुछ
- 6:29:08चेक करता है। उसके बाद वो स्पैम की
- 6:29:10कैटेगरी में उसे डालता है। तो क्या बोल
- 6:29:12रहा है? Gmail मार्क्स एन ईमेल एज स्पैम
- 6:29:16ओनली व्हेन द सेंडर इज नॉट द रेसिपिएंट्स
- 6:29:19कांटेक्ट लिस्ट। यह तो गलत है। ऐसे में तो
- 6:29:21कोई नया यूजर होगा किसी को मेल भेज रहा
- 6:29:24है। उसके तो सारे मेल स्पैम में ही चले
- 6:29:26जाएंगे। कांटेक्ट लिस्ट में नहीं होगा
- 6:29:28क्योंकि वो गलत है यह। Gmail यूज
- 6:29:33प्रीडफाइंड कीवर्ड्स ओनली टू आइडेंटिफाई
- 6:29:36स्पैम ईमेल। नहीं प्रीडफाइंड कीवर्ड्स
- 6:29:40बिल्कुल भी नहीं है। ऐसा कुछ नहीं है।
- 6:29:42मतलब यह बोल रहा है कि कुछ कीवर्ड्स के
- 6:29:45बेसिस पर वो डिसाइड करता है। नो Gmail
- 6:29:48एनालाइजेस यूजर बिहेवियर स्टैंडर्ड
- 6:29:51रेपटीशन एंड कंटेंट पैटर्न यूजिंग मशीन
- 6:29:56लर्निंग। बिल्कुल सही।
- 6:29:59यही तो मैं आपको बोल रहा हूं। वह क्या
- 6:30:01करता है? क्लाइंट का बिहेवियर,
- 6:30:04जो सेंडर है, उसके
- 6:30:08सर्वर की इंफॉर्मेशन उन सबको एनालाइज करता
- 6:30:10है। Gmail क्लासिफाई ईमेल एज स्पैम ओनली
- 6:30:14व्हेन द यूजर मैनुअली रिपोर्ट्स देम। मतलब
- 6:30:17कह रहा है कि अगर यूजर मैनुअली उसको
- 6:30:19रिपोर्ट करें कि यह हमें डिस्टर्ब कर रही
- 6:30:22है मेल तो उस केस में ही वह उसको स्पैम
- 6:30:25में डालेगा। नहीं, वह ऑटोमेटिकली ही डालता
- 6:30:27है। गलत है यह।
- 6:30:30आंसर है हमारा थर्ड वन। किसी ने किया था
- 6:30:32तीसरा आंसर। शिल्पी, मानसी, योगेश तीनों
- 6:30:36के आंसर सही थे। यश का भी आंसर सही था।
- 6:30:42क्लियर है भाई?
- 6:30:46उम्मीद करता हूं यह चैप्टर आप सभी के दिल
- 6:30:48और दिमाग में छप गया होगा।
- 6:30:59हेलो एवरीवन नमस्कार आप सभी को एक बार फिर
- 6:31:02से आप सभी का स्वागत है कंप्यूटर के बैच
- 6:31:05में। उम्मीद करता हूं अच्छे होंगे। कल की
- 6:31:08क्लास में हम लोगों ने डिस्कस किया था
- 6:31:10ईमेल को। आज की क्लास में उसका और
- 6:31:13एक्सटेंडेड टॉपिक है एंड दैट इज द
- 6:31:16इंटरनेट।
- 6:31:18इंटरनेट भी अपने आप में एक इंपॉर्टेंट
- 6:31:21टॉपिक है क्योंकि इस टॉपिक के अंदर कई
- 6:31:23सारे फैक्टर हमें देखने को मिलते हैं।
- 6:31:24जैसे कि IP क्या होता है? मैक एड्रेस क्या
- 6:31:28होता है? हमसे पूछता है। वेब ब्राउज़र
- 6:31:31वेब ब्राउज़र कौन से प्रोटोकॉल्स पर काम
- 6:31:33करते हैं? इस तरीके के हमसे क्वेश्चन पूछे
- 6:31:35जाते हैं। सोशल मीडिया के बारे में पूछता
- 6:31:38है। तो आज की क्लास में इसी को हम लोग कवर
- 6:31:41करेंगे। मेरी आवाज तो सभी तक पहुंच रही
- 6:31:43है। क्लियर है भाई सभी को?
- 6:31:47डन है। चलिए स्टार्ट करते हैं। सबसे पहली
- 6:31:51तो कहानी यह है कि इंटरनेट होता क्या है?
- 6:31:54इंटरनेट जो वर्ल्ड निकला है यह नेटवर्क से
- 6:31:58निकला हुआ वर्ल्ड है। तो इंटरनेट पर बाद
- 6:32:00में आते हैं। पहले बात कर ली जाए जरा
- 6:32:03नेटवर्क की। तो अभी मेरा सवाल यह नहीं है
- 6:32:06कि इंटरनेट क्या है? मेरा सवाल आपसे यह है
- 6:32:08कि नेटवर्क क्या होता है? यह बताइए।
- 6:32:12नेटवर्क क्या होता है? तो कभी भी आपसे कोई
- 6:32:16पूछे कि नेटवर्क क्या होता है? तो उसको
- 6:32:18केवल एक लाइन में जवाब देना।
- 6:32:23क्या जवाब दोगे? व्हेन मल्टीपल
- 6:32:26कंप्यूटरटर्स आर इंटरकनेक्टेड विद ईच अदर।
- 6:32:29मैंने क्या बोला? व्हेन मल्टीपल
- 6:32:32कंप्यूटरटर्स आर इंटरकनेक्टेड विद ईच अदर।
- 6:32:35दिस इज कॉल्ड नेटवर्क। क्लियर हो रही है
- 6:32:38बात? मैंने आपको क्या बोला?
- 6:32:41जब कई सारे कंप्यूटर आपस में इंटरकनेक्टेड
- 6:32:45होते हैं, आपस में जुड़े हुए होते हैं।
- 6:32:48इसी को हम लोग क्या बोलते हैं? नेटवर्क
- 6:32:50बोलते हैं। यह सभी कंप्यूटर आपस में
- 6:32:53इंटरकनेक्टेड। दिस इज कॉल्ड नेटवर्क।
- 6:32:58ठीक है? अब जब यही नेटवर्क
- 6:33:02अक्रॉस द बाउंड्री लाइन ऑफ कंट्री कनेक्ट
- 6:33:05होता है या आप बोल सकते हो यही नेटवर्क जब
- 6:33:08ग्लोबली कनेक्ट होता है तो इसी को हम लोग
- 6:33:10क्या बोलते हैं इंटरनेट बोलते हैं क्या
- 6:33:13बोलते हैं इंटरनेट या फिर आप इसी को बोल
- 6:33:16सकते हो वेब नेट क्या बोल सकते हो वेब नेट
- 6:33:20नेट का मतलब है नेटवर्क जहां पर कंप्यूटर
- 6:33:23या अलग-अलग डिवाइसेस आपस में इंटरकनेक्टेड
- 6:33:26है लेकिन कौन कौन से प्लेटफार्म में वेब
- 6:33:30में वर्ल्ड वाइड वेब में ग्लोबली
- 6:33:32इंटरकनेक्टेड है। दिस इज कॉल्ड इंटरनेट।
- 6:33:38क्लियर हुई बात? एग्जांपल आपने अपने पापा
- 6:33:43के फोन के साथ अपना फोन ब्लूटूथ से कनेक्ट
- 6:33:46किया। यह एक तरीके का नेटवर्क है। आपने इन
- 6:33:50दो डिवाइसेस को कनेक्ट कर दिया है। दिस इज
- 6:33:53कॉल्ड नेटवर्क।
- 6:33:55लेकिन जब आप ओवर देयर वेब कनेक्ट होते हो,
- 6:33:59जब आप ग्लोबली कनेक्ट हो सकते हो, दैट इज
- 6:34:02कॉल्ड इंटरनेट।
- 6:34:04या इसी को हम क्या बोल सकते हैं? वेब नेट
- 6:34:07बोल सकते हैं। ठीक है? इट अलाउस
- 6:34:10कंप्यूटरटर्स टू शेयर इंफॉर्मेशन एंड
- 6:34:12रिसोर्सेज वर्ल्ड वाइड। आप इंटरनेट के ऊपर
- 6:34:15अपनी इंफॉर्मेशन को वर्ल्ड वाइड शेयर कर
- 6:34:17सकते हो। दुनिया में किसी भी कोने पर बैठा
- 6:34:20हुआ दूसरा कंप्यूटर है या व्यक्ति है आप
- 6:34:22उस तक अपनी इंफॉर्मेशन पहुंचा सकते हो। इट
- 6:34:26यूजज़ टीसीपी आईपी प्रोटोकॉल फॉर
- 6:34:28कम्युनिकेशन। एग्जांपल जैसे कि आपको
- 6:34:31साइकिल चलानी है, कार चलानी है, बुलडोजर
- 6:34:35चलानी है। इन सभी को चलाने के लिए आपको
- 6:34:38क्या चाहिए? रोड चाहिए। रोड वो प्लेटफार्म
- 6:34:42है जिसके ऊपर आप अपनी गाड़ी चलाते हुए ले
- 6:34:44जाओगे। साइकिल, बाइक, कार, जीप, बस, ट्रक,
- 6:34:48बुलडोजर कुछ भी रोड तो चाहिए ना। उसी
- 6:34:52तरीके से इंटरनेट में एक कंप्यूटर से
- 6:34:56दूसरे कंप्यूटर तक अगर आपको डाटा सेंड
- 6:34:58करना है तो यह किस रोड के ऊपर चल के जाता
- 6:35:01है? तो इसके लिए प्लेटफार्म का काम करती
- 6:35:03है आईपी। आईपी का मतलब क्या है? इंटरनेट
- 6:35:07प्रोटोकॉल। और उसमें भी कौन सी आईपी? तो
- 6:35:10इसको बोलते हैं TCP। TCP का मतलब क्या है?
- 6:35:14दैट इज कॉल्ड
- 6:35:16ट्रांसमिशन
- 6:35:19कंट्रोल प्रोटोकॉल।
- 6:35:22ट्रांसमिशन कंट्रोल प्रोटोकॉल
- 6:35:25जो कि आपका ट्रांसमिट को कंट्रोल करता है।
- 6:35:28ट्रांसमिट का मतलब जब डाटा एक से दूसरी
- 6:35:30जगह पहुंच रहा है दैट इज कॉल्ड कि वो
- 6:35:33ट्रांसमिट हो रहा है। ए टू बी लोकेशन में
- 6:35:36अगर आपका डेटा पहुंच रहा है इसका मतलब
- 6:35:37आपका डेटा ए टू बी लोकेशन में ट्रांसमिट
- 6:35:40हो रहा है। इसी वजह से ट्रांसमिशन कंट्रोल
- 6:35:44प्रोटोकॉल के ऊपर ही आपका डेटा जाता है।
- 6:35:46एक से दूसरी जगह पर। एग्जांपल
- 6:35:50आपने आप बैठे हुए हो जयपुर में और आपने
- 6:35:54मान लीजिए ब्राजील में बैठे हुए अपने किसी
- 6:35:56फ्रेंड को WhatsApp कॉल लगा दी वीडियो कॉल
- 6:36:00तो वो जो आप ओवर देयर इंटरनेट यूज कर रहे
- 6:36:03हो कॉल
- 6:36:05आपकी डिवाइस डाटा पैकेट्स उसको भेज रही
- 6:36:08है। उसकी डिवाइस डाटा पैकेट आपको भेज रही
- 6:36:10है। तभी आप एक दूसरे को देख पा रहे हो। तो
- 6:36:13यह किसकी वजह से हो रहा है? यह टीसीपी के
- 6:36:15ऊपर हो रहा है।
- 6:36:18इट इनेबल्स सर्विज लाइक ईमेल, वेबसाइट,
- 6:36:22फाइल ट्रांसफर एंड ऑनलाइन कम्युनिकेशन। आप
- 6:36:25इंटरनेट के ऊपर एक दूसरे से बातचीत भी कर
- 6:36:28सकते हो, डाटा भी भेज सकते हो। इंटरनेट पर
- 6:36:31आप वेबसाइट्स को भी देख सकते हो और ईमेल्स
- 6:36:34को भी भेज सकते हो। कनाडा में अगर कोई
- 6:36:38वेबसाइट बनाई हुई है। एक बार वेबसाइट
- 6:36:40पब्लिश हो गई तो आप दुनिया में किसी भी
- 6:36:43कोने पर बैठकर उसे देख सकते हो। तो
- 6:36:44इंटरनेट की यही तो खास बात है। यही तो
- 6:36:46ब्यूटी है इंटरनेट की।
- 6:36:49एग्जांपल sleection way.com है तो
- 6:36:52sleection way.com एक वेबसाइट है।
- 6:36:56एक ऑफलाइन साइट नहीं है कि जिसको कोई देख
- 6:36:59ना सके। एक वेबसाइट है। अब वो वेब के ऊपर
- 6:37:02आ गई है। अब वो ग्लोबल हो गई है। तो कल को
- 6:37:05आप लंदन जाइए, आप पेरिस जाइए।
- 6:37:08आप अमेरिका जाइए, अफ्रीका जाइए,
- 6:37:10ऑस्ट्रेलिया जाइए। कहीं पर बैठ के आप
- 6:37:13sleection way.com खोल सकते हैं। क्यों?
- 6:37:16क्योंकि वह वेबसाइट है। वेब का मतलब ही यह
- 6:37:19है कि वह ओवर देयर इंटरनेट है। आप इसे
- 6:37:23ग्लोबली एक्सेस कर सकते हो। इट इज आल्सो
- 6:37:25कॉल्ड द नेटवर्क ऑफ नेटवर्कक्स।
- 6:37:28इंटरनेट को नेटवर्क ऑफ नेटवर्क्स के नाम
- 6:37:30से भी हम जानते हैं। इसी वजह से इट
- 6:37:32प्रोवाइड्स एक्सेस टू इंफॉर्मेशन एनी टाइम
- 6:37:34एंड एनीवेयर। वही जो मैं आपको बोल रहा हूं
- 6:37:37ग्लोबली। आप कहीं से भी इसको एक्सेस कर
- 6:37:39सकते हो।
- 6:37:41हिस्ट्री की अगर हम बात करें तो भाई कहां
- 6:37:43से इसकी शुरुआत हुई? वैसे तो इंटरनेट की
- 6:37:45शुरुआत लगभग मानी जाती है कि 1960 के दशक
- 6:37:48से हो गई होगी इसकी शुरुआत। लेकिन इनिशियल
- 6:37:51डेज में इसकी शुरुआत अमेरिका में मिलिट्री
- 6:37:55पर्पस से करी जाती थी। इट डेवलप्ड टू
- 6:37:58इनेबल सिक्योर कम्युनिकेशन ड्यूरिंग
- 6:38:00इमरजेंसीज।
- 6:38:02बिल्कुल। शुरुआत में अमेरिकन मिलिट्री ने
- 6:38:04ही इसका यूज किया था। कमर्शियल यह नहीं
- 6:38:06हुई थी। इट वास फाउंडेड बाय इट वास फंडेड
- 6:38:10बाय एआरपीए। यहां पर एआरपीए एक
- 6:38:12ऑर्गेनाइजेशन है। इस ऑर्गेनाइजेशन का मतलब
- 6:38:16है एडवांस्ड रिसर्च प्रोडक्ट एजेंसी।
- 6:38:19एआरपीए के ही द्वारा सबसे पहले इंटरनेट
- 6:38:22बनाया गया था। और यह इंटरनेट केवल
- 6:38:25इमरजेंसी पर्पस से यूज किया जाता था। एक
- 6:38:27से दूसरी जगह मैसेज पहुंचाने के लिए।
- 6:38:30मिलिट्रीज ही इसका यूज करती थी। लेकिन बाद
- 6:38:33में धीमे-धीमे 1969 में चल के आफनेट आ
- 6:38:37गया। अभी आफानेट का मतलब क्या है? यह जो
- 6:38:40है यह 1990 तक चलेगा। 1990 में शटडाउन हो
- 6:38:44जाएगा।
- 6:38:46पहली बार अगर बात करी जाए तो प्रैक्टिकल
- 6:38:48नेटवर्क जो ल्च हुआ था इंटरनेट दैट इज
- 6:38:51कॉल्ड आल्फानेट। इसको भी अमेरिका में ही
- 6:38:54लांच किया गया था और अमेरिका में पहली बार
- 6:38:56जब इसको रिसर्च पर्पस से लांच किया गया था
- 6:38:58तो चार यूनिवर्सिटीज को आपस में कनेक्ट
- 6:39:01करके देखा गया था। इन चारों यूनिवर्सिटीज
- 6:39:04को एक नेटवर्क में जोड़ा गया और वही
- 6:39:07नेटवर्क क्या कहलाया? अल्फा नेट कहलाया।
- 6:39:09ये चार यूनिवर्सिटीज कई वर्षों तक काम
- 6:39:12करती रही एक दूसरे के साथ इंटरकनेक्टेड
- 6:39:14नेटवर्क में। जहां पर यह पैकेट स्विचिंग
- 6:39:17टेक्नोलॉजी का यूज करते थे। पैकेट
- 6:39:19स्विचिंग टेक्नोलॉजी का मतलब यह है कि अगर
- 6:39:22आप डाटा को A से B लोकेशन में भेज रहे हो
- 6:39:25तो ऐसे में आपका डाटा एक बार में नहीं
- 6:39:28जाता है। आपके डाटा को यह नेटवर्क कई सारे
- 6:39:31छोटे-छोटे मल्टीपल पैकेट्स में डिवाइड कर
- 6:39:34देता है। जिसकी वजह से उसको इंटरनेट
- 6:39:37प्रोटोकॉल के ऊपर भेजने में आसानी होती
- 6:39:39है। एग्जांपल जैसे आपने तो मान लीजिए लिख
- 6:39:42दिया
- 6:39:44आपने लिख दिया किसी को मैसेज हाउ आर यू?
- 6:39:49ठीक है? तो आपके लिए जस्ट एक मैसेज है।
- 6:39:52लेकिन इंटरनेट के ऊपर यह नेटवर्क क्या
- 6:39:54करेगा? IP इसको मल्टीपल डाटा पैकेट्स में
- 6:39:57डिवाइड कर देती है। एग्जांपल वो मान लीजिए
- 6:40:00ऐसे ये डेटा पैकेट्स हैं। इन डेटा पैकेट्स
- 6:40:04में उसने आपके मैसेज को डिवाइड कर दिया।
- 6:40:08हो सकता है हाउ का एच ओ इसमें आ रहा हो।
- 6:40:12डब्ल्यू ए आर इसमें आ रहा हो। ई इसमें आ
- 6:40:15रहा हो और यू इसमें आ रहा हो। इस तरीके से
- 6:40:18डाटा पैकेट्स में डिवाइड हो जाता है और
- 6:40:21उसके बाद इंटरनेट प्रोटोकॉल के ऊपर यह
- 6:40:23सेंड होता है।
- 6:40:25शुरुआती दिनों में एक्यूरेसी कम होने की
- 6:40:28वजह से यह डाटा पैकेट लॉस भी हो जाया करते
- 6:40:31थे।
- 6:40:33मान लीजिए एक डाटा पैकेट लॉस हो गया।
- 6:40:35पहुंचा ही नहीं। भेजा तो गया लेकिन पहुंचा
- 6:40:37ही नहीं। यह वाला मान लीजिए तो वहां पर
- 6:40:38लिखा हुआ क्या दिखाई देगा?
- 6:40:42हाउ आर लिखाई लिखा दिखाई देगा लेकिन ई
- 6:40:44गायब होगा उसमें बस क्योंकि ई वाला डाटा
- 6:40:48पैकेट लॉस हो गया।
- 6:40:50तो शुरुआत में एक्यूरेसी बहुत कम हुआ करती
- 6:40:53थी। अल्फा नेट एक तरीके से आप बोल सकते हो
- 6:40:56पहला प्रैक्टिकल नेटवर्क था जिसको लांच
- 6:40:58किया गया था अमेरिका में जहां पर चार
- 6:41:00यूनिवर्सिटीज को यह कनेक्ट करता था। इट
- 6:41:02वाज़ कंसीडर्ड द फाउंडेशन ऑफ द इंटरनेट।
- 6:41:05अल्फा नेट को ही हम लोग इंटरनेट का
- 6:41:08फाउंडेशन मानते हैं बेसिकली। क्योंकि 1960
- 6:41:10के आसपास जब इंटरनेट की शुरुआत मानी जाती
- 6:41:13है तब हमें ऐसा कोई नाम नहीं मिला हुआ था
- 6:41:17जब अमेरिका की मिलिट्री इसको यूज करती थी।
- 6:41:20लेकिन बाद में प्रॉपर इसको अल्फानेट नाम
- 6:41:22दिया गया।
- 6:41:251990 तक इसने काम किया। 1990 में ये
- 6:41:28अल्फानेट बंद हो गया और 1990 के बाद से
- 6:41:31कमर्शियली ल्च किया गया इंटरनेट।
- 6:41:33कमर्शियली का मतलब एक आम यूजर भी उसका यूज
- 6:41:36कर सकता था। इसी बीच में जब आल्फानेट चल
- 6:41:39रहा था तो 1969 में आफनेट ल्च हुआ। 2 साल
- 6:41:42के बाद ही इंटरनेट में ईमेल भी ल्च हुई।
- 6:41:45ईमेल हमारा लास्ट ही चैप्टर था। कल ही हम
- 6:41:48लोगों ने कवर किया है। तो ईमेल में आपको
- 6:41:50पता ही है रे टॉम लिंसन ने इसको इन्वेंट
- 6:41:53किया हुआ है और 1971 में ईमेल ल्च हुई थी
- 6:41:56पहली बार।
- 6:41:58और ईमेल को यूज भी किया गया था आरफानेट के
- 6:42:01ऊपर। बाकी ईमेल के बारे में आप लोग सब
- 6:42:03जानते ही हैं। @ का मतलब क्या होता है?
- 6:42:06सेपरेटर होता है। और यह क्या करता है? यह
- 6:42:09यूजरनेम और डोमेन को सेपरेट अलग करने का
- 6:42:12काम करता है।
- 6:42:15अब देखिए अभी मैंने आपको बताया कि इंटरनेट
- 6:42:17किसके ऊपर काम कर रहा है? इंटरनेट जिस
- 6:42:20ट्रैक के ऊपर काम करता है उसको बोलते हैं
- 6:42:22टीसीpआईपी।
- 6:42:23ट्रांसमिशन कंट्रोल प्रोटोकॉल या इंटरनेट
- 6:42:26प्रोटोकॉल। यह टीसीpआईपी बनाई किसके
- 6:42:29द्वारा गई? तो इसको बनाने वाले दो यह दो
- 6:42:32व्यक्ति थे। एक का नाम इनका है विंडसर्फ
- 6:42:36और दूसरे का नाम है बॉबक।
- 6:42:38इन दोनों ने मिलकर टीसीपीआईपी बनाया था।
- 6:42:41इसी प्रोटोकॉल के ऊपर इंटरनेट काम करता
- 6:42:43है। यह प्रोटोकॉल करीब माना जाता है कि
- 6:42:46इन्होंने 1970 के दशक में बना लिया था।
- 6:42:49यही कारण है कि 1969 में जब आर्फनेट डेवलप
- 6:42:53हुआ था तो उसके बाद धीमे-धीमे करके उसको
- 6:42:56टीसीपी आईपी के ऊपर प्रॉपर्ली लाया गया।
- 6:42:59और आगे चलकर नेटवर्क हमारा और स्ट्रांग
- 6:43:02होता चला गया। 1983 में टीसीपीआईपी एक
- 6:43:06स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल बन गया इंटरनेट के
- 6:43:08लिए। मतलब 83 से यह फिक्स हो गया था हमें
- 6:43:12या वर्ल्ड में यह क्लियर हो गया था सभी को
- 6:43:14कि अगर इंटरनेट यूज करना है तो इन्हीं
- 6:43:17प्रोटोकॉल्स का यूज करना होगा। इनके बिना
- 6:43:20हम इंटरनेट यूज नहीं कर पाएंगे। तो
- 6:43:23टीसीपीआईपी जो है इसको 1970 के दशक में इन
- 6:43:26दोनों लोगों ने बना तो लिया था लेकिन
- 6:43:28प्रॉपर स्टैंडर्ड इसको या फिर आप बोल सकते
- 6:43:31हो ऑफिशियल स्टैंडर्ड इसको माना गया 1983
- 6:43:34में दिस मार्क द ऑफिशियल बर्थ ऑफ इंटरनेट
- 6:43:37यही कारण है कि 1983 से एक तरीके से
- 6:43:40इंटरनेट का प्रॉपर्ली जन्म माना जाता है।
- 6:43:44इससे पहले एक्यूरेसी बहुत मिनिमम हुआ करती
- 6:43:46थी। बहुत कम एक्यूरेसी थी।
- 6:43:50ठीक है सर सिलेक्शन बैच वन वालों की
- 6:43:52जग्राफी कब स्टार्ट होगी? 19 तारीख को
- 6:43:54स्टार्ट हो रही है भाई। अगले मंडे से आज
- 6:43:56मंडे है ना? कमिंग मंडे से स्टार्ट हो
- 6:43:58जाएगी।
- 6:44:021980 में इसका हमें एक्सपेंशन देखने को
- 6:44:04मिलता है। इंटरनेट एक्सपेंडेड ओवर
- 6:44:06यूनिवर्सिटीज एंड रिसर्च इंस्टट्यूट।
- 6:44:08धीमे-धीमे करके अमेरिका की उन चार
- 6:44:10यूनिवर्सिटीज के अलावा और भी यूनिवर्सिटीज
- 6:44:13ने इसका यूज़ शुरू किया। और भी रिसर्च
- 6:44:15इंस्टीट्यूशन ने भी इसका यूज किया। ईमेल
- 6:44:18धीमे-धीमे करके पॉपुलर होती चली गई।
- 6:44:20नेटवर्क ग्र बिय्ड मिलिट्री यूज। अभी तक
- 6:44:23केवल मिलिट्री ही नेटवर्क का यूज करते थे।
- 6:44:26अब धीमे-धीमे 1983 के बाद से इंस्टीटशंस
- 6:44:29में इसका यूज़ होने लगा। मतलब अभी तक केवल
- 6:44:32मिलिट्री में ही यूज़ हो रहा था। अब दूसरे
- 6:44:34इंस्टीट्यूशन में जैसे कि बैंकिंग वगैरह
- 6:44:37में इसका यूज़ होने लगा। अमेरिकी सरकार
- 6:44:40अपनी दूसरी मिनिस्ट्रीज में इसका यूज करने
- 6:44:43लगी। टेलीकॉम मिनिस्ट्री में यूज करने
- 6:44:45लगी। नॉर्मली ऑफिशियल
- 6:44:48कम्युनिकेशन के लिए इसका यूज करने लगी और
- 6:44:511990 के बाद से आप धीमे-धीमे देखोगे कि
- 6:44:54फिर आम यूज़र्स के पास भी पहुंचने लगेगा
- 6:44:56इंटरनेट।
- 6:44:58तो ये एक तरीके से जर्नी है। अब 1919 के
- 6:45:01बाद से देखिए पब्लिक यूज़ और कमर्शियल यूज़
- 6:45:04में भी इंटरनेट आ गया। 1990 के बाद से
- 6:45:07वेबसाइट्स की ग्रोथ होने लगी। ई-कॉमर्स
- 6:45:09बनने लगा। सर्च इंजंस बनने लगे। वेबसाइट्स
- 6:45:12होती क्या है?
- 6:45:14आगे बढ़ने से पहले यहीं पर सारी चीजें
- 6:45:17क्लियर करो। अगर कोई आपसे पूछे व्हाट इज
- 6:45:20वेबसाइट?
- 6:45:22तो वेबसाइट क्या है? आप क्या बोलोगे?
- 6:45:24वेबसाइट क्या है भाई?
- 6:45:27एक लाइन में जवाब देना। कलेक्शन ऑफ वेब
- 6:45:30पेजेस इज कॉल्ड वेबसाइट। क्या जवाब दोगे?
- 6:45:36कलेक्शन ऑफ
- 6:45:39वेब पेजेस।
- 6:45:42इज कॉल्ड वेबसाइट। जब कई सारे वेब पेजेस
- 6:45:46को हम मिला देते हैं तो वह क्या कहलाती
- 6:45:48है? वेबसाइट कहलाती है। एग्जांपल जब आप
- 6:45:51सिलेक्शन वे की वेबसाइट में जाते हैं आप
- 6:45:55सिलेक्शन वे की वेबसाइट में गए तो आपको एक
- 6:45:58पेज दिखाई देता है जिसमें लिखा है
- 6:46:02सिलेक्शन वे।
- 6:46:05ठीक है? यहां पर लिखा है मैथ्स।
- 6:46:10यहां पर लिखा है जीएस, यहां पर इंग्लिश,
- 6:46:13यहां पर रीजनिंग।
- 6:46:15आपने मैथ्स पर जैसे ही क्लिक किया तो वो
- 6:46:18आपको तुरंत दूसरे पेज में रीडायरेक्ट कर
- 6:46:21देता है। अब आप यहां पे जाओगे यहां पर
- 6:46:23मैथ्स लिखा होगा। मैथ्स के अलग-अलग चैप्टर
- 6:46:26हैं।
- 6:46:29उन चैप्टर्स के अंदर जैसे ही आप क्लिक
- 6:46:31करोगे मान लीजिए आपने
- 6:46:34मैथ्स में ट्रिग्नोमेट्री पर आपने क्लिक
- 6:46:36किया या मान लेते हैं टाइम एंड डिस्टेंस
- 6:46:39पे आपने क्लिक किया तो जैसे ही आपने टाइम
- 6:46:41एंड डिस्टेंस पे क्लिक किया उसने एक नया
- 6:46:43पेज खोल दिया। वहां पर टाइम एंड डिस्टेंस
- 6:46:45को आपको सवाल दिखाई दे रहे हैं। आपने
- 6:46:47ट्रिग्नोमेट्री पे क्लिक किया तो उसने
- 6:46:49ट्रिग्नोमेट्री वाला पेज आपके सामने खोल
- 6:46:51दिया। यहां पर सिर्फ ट्रिग्नोमेट्री के ही
- 6:46:53क्वेश्चन आपको दिखाई दे रहे हैं। तो ओवरऑल
- 6:46:55अगर आप देखो तो ये क्या है? ये कलेक्शन ऑफ
- 6:46:58वेब पेजेस है। कई सारे वेब पेजेस को जब
- 6:47:01हमने मिला दिया तो क्या बन गई? हमारी
- 6:47:03वेबसाइट बन गई। वेबसाइट में भी हमसे
- 6:47:07क्वेश्चन पूछा जाता है कि फर्स्ट पेज ऑफ
- 6:47:09वेबसाइट इज नोन एज व्हाट? वेबसाइट का पहला
- 6:47:12पेज क्या कहलाता है? वेबसाइट का पहला पेज।
- 6:47:15जैसे कि यह फर्स्ट पेज है। तो, यह क्या
- 6:47:17कहलाएगा? यह कहलाएगा होम पेज।
- 6:47:22इसको हम क्या बोलते हैं? होम पेज। ध्यान
- 6:47:24रखिएगा फर्स्ट पेज ऑफ वेबसाइट।
- 6:47:31यह क्या कहलाएगा? होम पेज।
- 6:47:34क्लियर है इतनी बात?
- 6:47:36तो अभी आप सिंपली बता सकते हो किसी को भी
- 6:47:39कि वेबसाइट क्या है? वेबसाइट सिंपल फॉर्म
- 6:47:41में आप बोलिए। कलेक्शन ऑफ वेब पेजेस इज
- 6:47:44नोन एज वेबसाइट।
- 6:47:47जहां पर ऑल वेब पेजेस मल्टीपल
- 6:47:50इंटरकनेक्टेड है। एक दूसरे से
- 6:47:52इंटरकनेक्टेड है।
- 6:47:55ई-कॉमर्स क्या होता है? एक वर्ड यहां पर
- 6:47:57यूज़ किया गया है ई-कॉमर्स।
- 6:48:00कॉमर्स का मतलब क्या है?
- 6:48:03कॉमर्स का मतलब क्या है? वाणिज्य।
- 6:48:08वाणिज्य। और इसका संबंध किससे है? बाजार
- 6:48:12से। मार्केट से।
- 6:48:14एक आपका नॉर्मल मार्केट होता है। आप अपने
- 6:48:17घर से बाहर गए गली में वहां पर आपको एक
- 6:48:20मार्केट मिला। सब्जी वाला बैठा हुआ है।
- 6:48:24राशन की दुकान है। चाय की दुकान है।
- 6:48:28एक मैगी वाला भी बैठा हुआ है। एक मोमोज
- 6:48:30वाला बैठा हुआ है। एक फोन की दुकान है। एक
- 6:48:33डेरी की दुकान है। वो क्या है? मार्केट
- 6:48:35है।
- 6:48:36फिजिकल मार्केट।
- 6:48:39जहां पर आप जाएं आप दुकान को छू भी सकते
- 6:48:41हैं। दुकान की दीवारों को छू लो भैया। हां
- 6:48:44भैया यह तुम्हारी दीवार है। यह तुम्हारा
- 6:48:45शटर है। वहां पे जो बिक रहे प्रोडक्ट हैं
- 6:48:49आप बोलो भैया अमूल का दूध दे देना। उसने
- 6:48:51अमूल का दूध दिया। नहीं यार भैया मदर डेरी
- 6:48:56का निकालना। मदर डेरी का ले लिया। जहां पर
- 6:48:59आप उपभोक्ता को फिजिकली
- 6:49:03एक्सेसिबल होती हैं चीजें। आप उन चीजों को
- 6:49:08फिजिकली एक्सपीरियंस कर सकते हो। आप
- 6:49:10उन्हें छू सकते हो। फोन बिक रहा है आप फोन
- 6:49:13लेने गए।
- 6:49:15आप फोन सामने चला के देख सकते हो। हां भाई
- 6:49:19कैसा है? डमी उसकी देख सकते हो। तो इसी
- 6:49:22तरीके से मार्केट के बाद कांसेप्ट आया ई
- 6:49:24मार्केट का। और यही ई मार्केट को हम लोग
- 6:49:27क्या बोलते हैं? ई-कॉमर्स बोलते हैं।
- 6:49:30आज की डेट में इसका बेस्ट एग्जांपल क्या
- 6:49:32है? Amazon
- 6:49:36Flipkart
- 6:49:40mtra
- 6:49:43यहां से आप ऑनलाइन शॉपिंग करते हो ना
- 6:49:46mntra से कपड़े खरीदते हो जाकर और भी बहुत
- 6:49:49सारी चीजें बिकती है। Flipkart में आप जो
- 6:49:51चाहिए आपको मिलता है। किताबें Amazon से
- 6:49:54भी आप किताबें ऑर्डर करते हो। घर के
- 6:49:56एसेंशियल ग्रोसरी वगैरह मंगा सकते हो। यह
- 6:49:59सब क्या है? यह सब भी तो मार्केट है। बस
- 6:50:01अंतर क्या है? यह वर्चुअल मार्केट है आपके
- 6:50:04लिए।
- 6:50:05यह फिजिकल मार्केट थी। यह वर्चुअल मार्केट
- 6:50:07है। फिजिकल मार्केट में आप जाकर फिजिकली
- 6:50:10एक्सपीरियंस कर सकते हो उन चीजों को। इनको
- 6:50:12बस आप फिजिकली नहीं एक्सपीरियंस कर सकते
- 6:50:16क्योंकि ये टेंजिबल नहीं है। ये सॉफ्टवेयर
- 6:50:19के अंदर आपको दिखाई दे रही हैं। क्लियर हो
- 6:50:22रही है बात? सो दे आर नोन एज ई-कॉमर्स।
- 6:50:24सर्च इंजंस क्या है?
- 6:50:27जहां पर आप अपनी वर्चुअल सर्च कर सकते हो।
- 6:50:31एग्जांपल Google।
- 6:50:33Google क्या है? सर्च इंजन है।
- 6:50:37Yahoo क्या है? सर्च इंजन है। आप Yahoo के
- 6:50:39ऊपर भी सर्च कर सकते हो। Bing भी एक सर्च
- 6:50:42इंजन है। ये सब सर्च इंजन है।
- 6:50:47ठीक है? एग्जांपल आपको अभी देखना है कि इस
- 6:50:49बार एसएससी सीजीएल का एग्जाम कौन सी महीने
- 6:50:54में हो रहा है। आपने तुरंत क्या किया?
- 6:50:57Google पे डाल दिया। आपने कीवर्ड्स डाले।
- 6:51:00सर्च पे क्लिक किया। एसएससी सीजीएल
- 6:51:03कैलेंडर 2026 आपके सामने आ जाएंगे रिजल्ट
- 6:51:07जस्ट बिकॉज़ ऑफ सर्च इंजन। तो ये जो पब्लिक
- 6:51:11यूज़ है, कमर्शियल यूज़ है, यह सब 1990 के
- 6:51:13बाद ही इन्हीं चीजों का यूज़ शुरू हुआ है।
- 6:51:15वेबसाइट्स का यूज़ इससे पहले नहीं होता था
- 6:51:17क्योंकि पब्लिक यूज़ ही नहीं कर रही थी।
- 6:51:20इंटरनेट बिकम एक्सेसिबल टू द जनरल पब्लिक।
- 6:51:24मुझे आज भी याद है मेरे स्कूल में
- 6:51:29मेरे स्कूल में 2003 में आ गया था। हां
- 6:51:332003 में 2005 में मैंने 10थ पास करी है।
- 6:51:382007 में मैंने 12th पास किया है। 2005
- 6:51:41में 10th हां तो मैं सेवंथ में रहा होगा।
- 6:51:46तब आ गया था। मेरे स्कूल में कंप्यूटर
- 6:51:47जस्ट आया ही था। आप यह समझ लीजिए।
- 6:51:54W3C एक फैक्टर यूज किया जाता है जिसको
- 6:51:56बोलते हैं वर्ल्ड वाइड वेब कंसोटियम। अब
- 6:51:58यह है क्या? अब यह है क्या? यह एक
- 6:52:01ऑर्गेनाइजेशन है जो कि पूरे दुनिया में
- 6:52:04इंटरनेट के लिए मानक बनाने का काम करती
- 6:52:07है।
- 6:52:08ठीक है? जैसे कि रेलवे बोर्ड है ना हमारे
- 6:52:11देश में। रेलवे बोर्ड रेलवे के लिए मानक
- 6:52:14बनाता है ना कि ट्रेनों में अब यह
- 6:52:16तब्दीलियां होंगी।
- 6:52:18अब ट्रेनों में इस टेक्नोलॉजी का यूज किया
- 6:52:20जाएगा। तो अगर रेलवे के लिए कोई मानक बनना
- 6:52:23है तो वह कौन बना रहा है? रेलवे बोर्ड बना
- 6:52:25रहा है।
- 6:52:27ठीक है? जैसे कि एिएशन इंडस्ट्री में अगर
- 6:52:30कोई भी चेंजेस करने हैं, हवाई जहाजों में
- 6:52:32या लोगों की हवाई यात्रा में कोई चेंजेस
- 6:52:35करने हैं, मानक चेंज करने हैं, तो उसके
- 6:52:36लिए कौन है?
- 6:52:40सिविल एिएशन मंत्रालय है। उसी तरीके से
- 6:52:43पूरे वर्ल्ड में इंटरनेट के लिए जो मानक
- 6:52:46बनाता है, वह है वर्ल्ड वाइड वेब
- 6:52:47कंसोटियम। यह एक इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन
- 6:52:50है जिसकी स्थापना टीम बर्नर्स ली के
- 6:52:52द्वारा करी गई थी। ध्यान रखिएगा इन्होंने
- 6:52:55ही
- 6:52:57के फाउंडर यहीं हैं। वर्ल्ड वाइड वेब के
- 6:52:59फाउंडर यही हैं। यही कारण है कि इंटरनेट
- 6:53:04सिर्फ और सिर्फ वर्ल्ड वाइड वेब के
- 6:53:06स्टैंडर्ड पे चलता है। यही रीजन है कि आप
- 6:53:09इंटरनेट पर कोई भी वेबसाइट एक्सेस करिए।
- 6:53:12उससे पहले आपको यूआरएल में www तो लगाना
- 6:53:16ही पड़ेगा बॉस।
- 6:53:20बिना इसके बिना आप यूज ही नहीं कर सकते
- 6:53:23इंटरनेट
- 6:53:25क्योंकि यह पैरामीटर ही है इंटरनेट का। यह
- 6:53:28एक ऑर्गेनाइजेशन है और यह इस ऑर्गेनाइजेशन
- 6:53:30का पेटेंट है कि आप कोई भी डोमेन, कोई भी
- 6:53:33यूआरएल आप इंटरनेट पर सर्च करेंगे
- 6:53:36बिनाडब्ल्यू के नहीं कर पाएंगे। वर्ल्ड
- 6:53:38वाइड वेब के बिना नहीं कर पाएंगे। और इसके
- 6:53:41फाउंडर कौन है? टीम बर्नर्सली। इनका नाम
- 6:53:44बहुत पूछा जाता है। ध्यान रखिएगा। 1994
- 6:53:47में इन्होंने इसकी स्थापना करी थी।
- 6:53:50एनश्योर्स यूनिफिटी एंड कैपेबिलिटी ऑफ वेब
- 6:53:54टेक्नोलॉजीस। वही जो मैंने आपको बोला कि
- 6:53:56इंटरनेट के ऊपर कुछ भी आपस में कनेक्ट हो
- 6:53:59पा रहा है। कई वेबसाइट्स आपस में
- 6:54:01इंटरकनेक्ट है या आप एक वेबसाइट से दूसरे
- 6:54:03वेबसाइट में स्विच कर पा रहे हैं या आप
- 6:54:06किसी वेब सर्वर को एक्सेस कर पा रहे हैं।
- 6:54:08जस्ट बिकॉज़ ऑफ www.
- 6:54:12यही रीजन है कि टीम बर्नर्स ली के बारे
- 6:54:14में बहुत पूछा जाता है।
- 6:54:16इन्होंने दुनिया में एक रेवोल्यूशन दी है
- 6:54:18एक तरीके से वर्ल्ड वाइड वेब यह तो आपको
- 6:54:21पता ही है। ठीक है?
- 6:54:26डब्ल्यू भी एक होता है। यहां पर लास्ट
- 6:54:28डब्ल्यू का मतलब है वर्ल्ड वाइड वेब वार्म
- 6:54:32और वॉर्म का मतलब क्या होता है?
- 6:54:36इसका भी अपना फुल फॉर्म है।
- 6:54:39राइट वंस रीड मेनी।
- 6:54:43मैं आपको मैलवेयर के बारे में जब पढ़ाऊंगा
- 6:54:45तब इसके बारे में बताऊंगा। अभी सिर्फ मैं
- 6:54:48फुल फॉर्म आपको बता रहा हूं इसका।
- 6:54:521989 में इसको पूरे तरीके से डेवलप किया
- 6:54:56गया वर्ल्ड वाइड वेब को। 89 से पहले आप
- 6:54:58देख सकते हो सॉरी 1994 में जो टीम बर्नर्स
- 6:55:03ली हैं। इन्होंने को स्टेबल कर दिया। 1989
- 6:55:09में एक तरीके से इन्होंने
- 6:55:11को प्रोजेक्ट पर्पस एज अ लिया हुआ था।
- 6:55:14धीमे-धीमे करके यह एस्टैब्लिश होता चला
- 6:55:16गया। पहली बार दुनिया में वेबसाइट 1991
- 6:55:20में ल्च करी गई थी। एचटीटीपी के ऊपर
- 6:55:23वेबसाइट चलती है और एचटीटीपीएस के ऊपर भी।
- 6:55:26एचटीटीपी का मतलब है हाइपर टेक्स्ट
- 6:55:28ट्रांसफर प्रोटोकॉल। इस प्रोटोकॉल के ऊपर
- 6:55:31ही सारी वेबसाइट चलेंगी। और एचटीटीपीएस का
- 6:55:34मतलब है यहां पर एस फॉर है सिक्योर।
- 6:55:38सिक्योर हमेशा वहीं पर यूज किया जाता है
- 6:55:41जहां पर
- 6:55:43वाइटल इंफॉर्मेशन आप एंटर करते हो।
- 6:55:45एग्जांपल जैसे कि मान लीजिए किसी भी
- 6:55:47वेबसाइट में जो लॉग इन पेज होगा ना लॉग इन
- 6:55:50पेज तो लॉग इन पेज पे आप देखोगे मैक्सिमम
- 6:55:53आपको एचटीटीपीएस लिखा मिलेगा ऊपर।
- 6:55:57लेकिन नॉर्मली जो वेब पेजेस होंगे वहां पर
- 6:55:59आपको एचटीटीपी लिखा मिलेगा। या फिर जैसे
- 6:56:02कि बैंक की वेबसाइट हो गई, मिलिट्री
- 6:56:05वेबसाइट हो गई। यहां पर इंफॉर्मेशन बहुत
- 6:56:07ज्यादा कॉन्फिडेंशियल होती है। इस वजह से
- 6:56:10इनकी पूरी-पूरी वेबसाइट भी एचटीटीपीएस में
- 6:56:12होती है। लेकिन जैसे मान लीजिए आप किसी
- 6:56:14यूनिवर्सिटी की वेबसाइट देख रहे हैं, किसी
- 6:56:17कॉलेज की वेबसाइट देख रहे हैं या किसी की
- 6:56:20पर्टिकुलर शॉप की वेबसाइट देख रहे हैं तो
- 6:56:23वहां पर आपको एसटीटीपीएस की जरूरत नहीं
- 6:56:25पड़ती है। क्योंकि वहां पर इतना ज्यादा
- 6:56:28कॉन्फिडेंशियल डाटा नहीं होता है।
- 6:56:31बट बैंक हो गया, मिलिट्री हो गया। यहां पर
- 6:56:34एचटीटीपीएस ही यूज़ होता है क्योंकि यह
- 6:56:36सिक्योर है। सिक्योर का मतलब यह होता है
- 6:56:38कि एचटीटीp जो है वो आपका नॉर्मली
- 6:56:42प्रोटोकॉल पे काम कर रहा है। एचटीटीपीएस
- 6:56:44जो है यह इंक्रिप्शन का यूज़ करता है।
- 6:56:47किसका? इंक्रिप्शन का। और कल मैंने आपको
- 6:56:50बताया था इंक्रिप्शन होता क्या है?
- 6:56:54आपकी जो इंफॉर्मेशन है उसको वो इंक्रिप्ट
- 6:56:58कर देता है ऐसे कोड में जिसमें नॉर्मली
- 6:57:00कोई रीड नहीं कर सकता। अगर डाटा चुरा भी
- 6:57:03लिया गया तो भी उसे आप रीड नहीं कर
- 6:57:06पाएंगे।
- 6:57:08तो एक तरीके से आप बोल सकते हो प्रोटेक्शन
- 6:57:10की एक्स्ट्रा लेयर होती है https
- 6:57:14वेब पेजेस आर क्रिएटेड ड्यूरिंग यूजिंग
- 6:57:16html हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज का
- 6:57:20यूज़ करके इनिशियली वेब पेजेस बनाए जाते
- 6:57:22थे। आज की डेट में तो मल्टीपल लैंग्वेजज़
- 6:57:25का आप यूज़ करते हो। C शार्प, C, C++,
- 6:57:29Java, PHP,
- 6:57:32नेट इन सबका आप यूज करके बनाते हो
- 6:57:34वेबसाइट।
- 6:57:36एक्सेस यूजिंग वेब ब्राउज़र। आप सभी को
- 6:57:38पता है अगर आपको वेबसाइट या वेब पेजेस
- 6:57:41एक्सेस करने हैं तो कहां करोगे? वेब
- 6:57:43ब्राउज़र के ही ऊपर करोगे। वेब ब्राउज़र
- 6:57:45के बिना तो नहीं कर सकते। अगर आप चाहें
- 6:57:47नॉर्मली अपने डिवाइस में नोटपड के अंदर
- 6:57:50वेब पेजेस खोलने हैं तो नहीं खोल सकते ना।
- 6:57:52अगर आप MS ऑफिस के अंदर चाहे वेब पेजेस
- 6:57:54खोलना नहीं खोल सकते ना। वेब पेजेस कहां
- 6:57:56खुलेंगे? वेब ब्राउज़र में ही खुलेंगे।
- 6:58:01इट मेक्स द इंटरनेट यूजर फ्रेंडली एंड
- 6:58:04ग्राफिकल। जैसे-जैसे वेबसाइट्स का प्रचलन
- 6:58:06आया 1990 के बाद धीमे-धीमे करके इंटरनेट
- 6:58:10यूजर फ्रेंडली होने लगा
- 6:58:13और ग्राफिकल फॉर्म में आने लगा। क्योंकि
- 6:58:15यह वेबसाइट ही है जो कि आपको इतना
- 6:58:18इंटरेस्टिंग फीचर देती है। यह वेबसाइट यह
- 6:58:21है कि एक नॉन टेक्निकल पर्सन भी जाके आराम
- 6:58:25से अपना एसएससी का फॉर्म फिल कर लेता है।
- 6:58:27बैंक का फॉर्म फिल कर लेता है। क्यों?
- 6:58:29क्योंकि वेबसाइट आपको सब कुछ बताती रहती
- 6:58:31है। निर्देश देती रहती है। उसमें प्रॉपर
- 6:58:33लिखा होता है। यहां पर नाम डालिए। यहां
- 6:58:36डेट ऑफ बर्थ, यहां रोल नंबर,
- 6:58:39यहां अपने कॉलेज का नाम, नीचे सबमिट का
- 6:58:41बटन है। क्लिक कर दीजिए।
- 6:58:43तो यह जो आपको यूजर फ्रेंडली इंटरफेस मिल
- 6:58:46रहा है जस्ट बिकॉज़ ऑफ वेबसाइट।
- 6:58:50इंटरनेट भारत में कब आया? भारत में काफी
- 6:58:52बाद में आया। 1995 में इंटरनेट भारत में
- 6:58:55आया और मेरे स्कूल में मैंने आपको बता ही
- 6:58:58दिया कब आया। मेरे स्कूल में 2003 के
- 6:59:00आसपास आया था।
- 6:59:03और भारत में इसको लांच किया गया था विदेश
- 6:59:05संचार निगम लिमिटेड के द्वारा। BSNL मत
- 6:59:08समझिएगा। यह BSNL है। भारत में विदेश
- 6:59:12संचार निगम लिमिटेड ने ही सबसे पहले
- 6:59:14इंटरनेट की प्रैक्टिसेस की शुरुआत करी थी।
- 6:59:17यह भारत सरकार का ही संस्थान है और
- 6:59:19इन्होंने डायल अप टू ब्रॉडबैंड सर्विस जो
- 6:59:22है वो 2004 में शुरू करी। मतलब भारत में
- 6:59:25जो इंटरनेट आया 1995 में तो 1995 से लेकर
- 6:59:312004 तक हम लोगों ने कौन सी टेक्नोलॉजी का
- 6:59:35यूज किया? डायल अप टेक्नोलॉजी का यूज
- 6:59:37किया।
- 6:59:39और 2004 के बाद से फिर हमने किसका यूज
- 6:59:43किया? ब्रॉडबैंड सर्विस का यूज किया।
- 6:59:47दोनों में अंतर क्या है? यह जल्दी से नहीं
- 6:59:49पता होता किसी को।
- 6:59:52व्हाट इज द डिफरेंस बिटवीन डायल अप एंड
- 6:59:54ब्रॉडबैंड? दोनों में अंतर क्या है भाई?
- 6:59:57तो इधर देखो।
- 7:00:00पहले हम यूज़ करते थे डायल अप टेक्नोलॉजी
- 7:00:03का जब भारत में आई थी। बाद में हमने यूज
- 7:00:06किया
- 7:00:08ब्रॉडबैंड टेक्नोलॉजी का। ठीक है? डायल अप
- 7:00:11हमने यूज करी 1995 से
- 7:00:152004 तक।
- 7:00:18जबकि ब्रॉडबैंड हमने
- 7:00:212004 से ऑनवर्ड्स हम यूज़ कर रहे हैं आज
- 7:00:25तक।
- 7:00:27ठीक है? दोनों में अंतर क्या है? तो जो
- 7:00:30आपका डायलप है, इसकी खास बात यह है कि इट
- 7:00:34वर्क्स ऑन
- 7:00:37टेलीफोन लाइन
- 7:00:40यह टेलीफोन लाइन के ऊपर काम करता है। जबकि
- 7:00:45यह जो है ब्रॉडबैंड
- 7:00:48यह ऑन
- 7:00:51स्पेसिफिक
- 7:00:53इंटरनेट लाइन
- 7:00:57यह अपनी खुद की इंटरनेट लाइन के ऊपर काम
- 7:00:59करता है। आप यह बोल सकते हो कि 2004 से
- 7:01:02पहले सेपरेट इंटरनेट लाइन भारत में नहीं
- 7:01:06होती थी। यही कारण है कि हम 2004 तक 95 से
- 7:01:102004 तक लगभग 10 सालों तक हम टेलीफोन लाइन
- 7:01:13के ऊपर काम करते रहे। अब एक इंटरेस्टिंग
- 7:01:15फैक्ट आपको बताऊं क्या होता था इसमें? जब
- 7:01:18डायलप टेक्नोलॉजी का हम यूज करते थे तो
- 7:01:20इंटरनेट यूज करने के लिए हमें अपने घर में
- 7:01:23एक टेलीफोन जरूर लगवाना होता था। जिसमें
- 7:01:26नंबर होते थे। 1 2 3 4 5 6 7 8 9 0 यहां
- 7:01:33डायल का बटन होता था। यहां ऊपर रिसीवर रखा
- 7:01:36होता था।
- 7:01:39हमें टेलीफोन का टेलीफोन जरूर लगवाना होता
- 7:01:42था घर पे। आप बिना टेलीफोन के यूज़ ही नहीं
- 7:01:44कर सकते थे क्योंकि वो टेलीफोन लाइन के
- 7:01:47ऊपर ही चलेगा। अब उसमें भी इंटरेस्टिंग
- 7:01:50बात जैसे यह आपका कंप्यूटर रखा हुआ है। आप
- 7:01:54इस पर काम कर रहे हो। ठीक है? कोई दिक्कत
- 7:01:57नहीं है। मान लो आपका फोन बजा
- 7:02:02तो आपका फोन जब बज रहा है या आपने फोन उठा
- 7:02:05लिया उतनी देर के लिए इंटरनेट कनेक्शन बंद
- 7:02:08हो जाएगा।
- 7:02:11एक टाइम पे या तो आप टेलीफोन लाइन पे
- 7:02:14टेलीफोन का यूज कर पाएंगे या तो आप
- 7:02:16इंटरनेट यूज कर पाएंगे। यह इसकी बड़ी खराब
- 7:02:19बात थी। और क्योंकि टेलीफोन लाइन के ऊपर
- 7:02:22है तो फ्रीक्वेंसी भी बड़ी लो होती थी। और
- 7:02:25यहां पर आपको स्पीड पता है कितनी मिलती
- 7:02:27थी?
- 7:02:31यहां पर जो स्पीड है आपकी
- 7:02:34अप टू
- 7:02:3654
- 7:02:38kbps
- 7:02:4254 kbps
- 7:02:4754 kbps का मतलब आप समझ रहे हैं अगर आप
- 7:02:50सिलेक्शन वेबसाइट
- 7:02:52खोलने जा रहे हैं या मैं कह रहा हूं आप
- 7:02:55सिंपल google.com खोलने जा रहे हैं जिस पे
- 7:02:58आप सर्च करते हो तो वह जो Google का पेज
- 7:03:01है वह भी खुलने में डेढ़ से 2 घंटे लग
- 7:03:04जाएंगे। आज की डेट में आपकी जैसी डिवाइसेस
- 7:03:07हैं उस डिवाइस की कंपैटिबिलिटी पर। अगर
- 7:03:11आपको आज 54 kbps स्पीड मिले ना तो वो
- 7:03:15अनेबल टू अपलोड ही दिखा देगा Google पे।
- 7:03:18वेब पेज अपलोड ही नहीं हो पाएगा। आपके
- 7:03:21सामने दिखेगा ही नहीं।
- 7:03:24ठीक है?
- 7:03:26तो यह कंडीशन हुआ करती थी और प्लस मैंने
- 7:03:29आपको क्या बताया इन अ वन टाइम
- 7:03:34इन अ वन टाइम
- 7:03:37यू कैन यूज़
- 7:03:41यू कैन यूज़
- 7:03:43टेलीफोन
- 7:03:47और इंटरनेट।
- 7:03:49एक ही चीज आप यूज़ कर पाओगे। यह इसका सबसे
- 7:03:53बड़ा ड्रॉबैक था। तो होता क्या था कि जितनी
- 7:03:56देर कॉल आपने उठा ली उतनी देर नेट बंद
- 7:03:58रहेगा। काम बंद है। फिर जब कॉल रखते थे तब
- 7:04:01नेट कनेक्शन इधर आ जाता था।
- 7:04:04यह वाला जो नेटवर्क है आपका डायल अप यह
- 7:04:07काम करता था एनालॉग के ऊपर।
- 7:04:11बिल्कुल शुरुआत के चैप्टर में ही आपको
- 7:04:13मैंने एनालॉग और डिजिटल के बीच का अंतर
- 7:04:15बता दिया था। जबकि
- 7:04:20इसकी हम बात करें तो यहां पर आपको स्पीड
- 7:04:25स्पीड जो है नॉर्मली इन जीबीपीएस मिल जाती
- 7:04:29है।
- 7:04:32नॉर्मली इन जीबीपीएस
- 7:04:36और जीबीपीएस के आगे भी आप जा सकते हैं।
- 7:04:38टीबीपीएस में भी आप जा सकते हैं। लेकिन
- 7:04:41टीबीपीएस अभी आपको आपके लिए भारत में
- 7:04:44हमारे देश में अभी जनरल पब्लिक के लिए
- 7:04:46टीबीपीएस नहीं है।
- 7:04:49लेकिन जैसे इसरो के अंदर आप बैठेंगे जाकर
- 7:04:52या आप
- 7:04:54डीआरडीओ में बैठे हुए हैं या हमारे
- 7:04:57मिलिट्री सर्वर्स हैं वहां पर आपको
- 7:04:59टीबीपीएस भी मिल जाती है। बट नॉर्मल
- 7:05:01पब्लिक के लिए जीबीपीएस इनफ है। जीबीपीएस
- 7:05:04में भी 500 जीबीपीएस 700 जीबीपीएस तक आप
- 7:05:07ले सकते हो आज प्लान।
- 7:05:09यहां पर क्या है? आप एक टाइम पर एक ही काम
- 7:05:11करते थे। यहां पर नो
- 7:05:16कंट्राडिक्शन
- 7:05:20विद फोन। फोन से कोई लेना देना ही नहीं है
- 7:05:25क्योंकि भाई स्पेसिफिक इंटरनेट लाइन वो
- 7:05:27यूज़ कर रहा है। इसलिए फोन से यहां कोई
- 7:05:29लेना देना नहीं है। कोई डिपेंडेंसी नहीं
- 7:05:30है फोन पर। यहां पर एनालॉग यूज़ होता था।
- 7:05:34यहां पर हम डिजिटल नेटवर्क यूज़ करते हैं।
- 7:05:37जो कि कहीं ज्यादा एक्यूरेट है। यह अंतर
- 7:05:39है डायल अप में और ब्रॉड बैंड में। ठीक
- 7:05:42है?
- 7:05:45ठीक है?
- 7:05:52क्लियर है भाई?
- 7:05:56हां ये बोल रहे हैं तरुण का कहना है
- 7:05:59इसीलिए लेटर चलते थे। मैसेज से फास्ट है।
- 7:06:02हां।
- 7:06:05तो आज के बाद ध्यान रखोगे डायल अप और
- 7:06:07ब्रॉडबैंड के बीच का डिफरेंस क्या है? ठीक
- 7:06:10है भाई। तो हमारे देश में 1995 में आया।
- 7:06:141995 से 2004 तक हमने डायलप टेक्नोलॉजी
- 7:06:17यूज़ करी। 2004 के बाद हम लोग भी ब्रॉडबैंड
- 7:06:20में शिफ्ट कर गए। हमारे देश में विदेश
- 7:06:22संचार निगम लिमिटेड ने इंटरनेट को फैलाने
- 7:06:25का काम किया। इनिशियली अवेलेबल टू
- 7:06:28एजुकेशनल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूशन। शुरुआत
- 7:06:30में यह केवल एजुकेशनल पर्पस से ही और आपका
- 7:06:33रिसर्च पर्पस से ही भारत में था। आज की
- 7:06:35डेट में आप देख सकते हो मल्टीपल पर्पस से
- 7:06:37यूज हो रहा है। आज की डेट में हमारे देश
- 7:06:40में एक मजदूर व्यक्ति भी इंटरनेट का यूज
- 7:06:44कर रहा है। वो भी आप देख सकते हो WhatsApp
- 7:06:46कॉलिंग कर रहा है। वह भी अपना आधार मनरेगा
- 7:06:49के लिए अपलोड कर सकता है। वो भी गवर्नमेंट
- 7:06:51की वेबसाइट में जाकर उनके फायदे ले सकता
- 7:06:53है।
- 7:06:57मॉडर्न इंटरनेट डेज माने जाते हैं साल
- 7:06:592000 के बाद से। 2000 के बाद से तो आज की
- 7:07:01डेट तक बहुत सारी चीजें आ गई हैं। जैसे कि
- 7:07:04सोशल मीडिया, क्लाउड कंप्यूटिंग, मोबाइल
- 7:07:07इंटरनेट, हाई स्पीड ब्रॉडबैंड है। आज की
- 7:07:09डेट में सबके पास। वायरलेस एक्सेस है आज
- 7:07:12की डेट में सबके पास। आज की डेट में तो आप
- 7:07:14मैगडी भी जाते हैं। वहां पर भी आपको मुफ्त
- 7:07:17में वाई-फाई मिल जाता है। रेलवे स्टेशनों
- 7:07:19में आपको मुफ्त में वाई-फाई मिल जाता है।
- 7:07:21तो यह सारे क्या है? यह सब वायरलेस एक्सेस
- 7:07:23ही हैं जो कि आपको मिल रहे हैं। यूज्ड इन
- 7:07:25एजुकेशन, बैंकिंग, गवर्नेंस, इंटरटेनमेंट।
- 7:07:28एंटरटेनमेंट में आप देखिए आपके पास ओटीटी
- 7:07:31प्लेटफॉर्म्स हैं। Netflix का यूज करते
- 7:07:33हो। d्नी Hotstar में कल मैच देखा होगा आप
- 7:07:36में से कई लोगों ने। ठीक है? तो ये सब
- 7:07:38क्या है? इंटरनेट एंटरटेनमेंट पर्पस से आप
- 7:07:40यूज कर रहे हो। गवर्नेंस पर्पस एग्जांपल
- 7:07:44गवर्नमेंट ने कोई सब्सिडी के लिए योजना
- 7:07:47निकाली है। गवर्नमेंट ने कहा कि इतने लोग
- 7:07:49जो कि इतनी इतने से कम कमाई वाले हैं वह
- 7:07:53इस वेबसाइट पर आकर अपना रजिस्ट्रेशन कर
- 7:07:55दें ताकि उनके अकाउंट में अब हर महीने
- 7:07:57₹1000 जाएगा। यह सब क्या है? गवर्नेंस
- 7:08:00पर्पस से भी आप यूज़ कर पाते हो। आपके पास
- 7:08:02आज की डेट में
- 7:08:04यूजर फोरम की वेबसाइट है। आप वहां पर जाकर
- 7:08:07कंज्यूमर फोरम में अपनी शिकायत दर्ज करा
- 7:08:09सकते हो। गवर्नमेंट के पास अपने आप पहुंच
- 7:08:11जाती है। ठीक है? बैंकिंग में आप देख
- 7:08:13लीजिए इंटरनेट का यूज़ हो रहा है। आप सबके
- 7:08:15पास कोई ना कोई यूपीआई जरूर होगा। कोई
- 7:08:18Paytm चला रहा होगा। कोई Google Pay कर
- 7:08:20रहा होगा। भारत पे कोई यूज़ कर रहा होगा।
- 7:08:23ठीक है ना? यह सब आप देखिए बैंकिंग में भी
- 7:08:25यूज़ हो रहा है। या फिर आप किसी भी बैंक के
- 7:08:28एप्लीकेशन को भी एक्सेस करते हो इंटरनेट
- 7:08:30के ऊपर। एजुकेशन में आपके पास बेस्ट
- 7:08:32एग्जांपल है। अभी मैं आपको पढ़ा रहा हूं।
- 7:08:35तो आप देखिए मुझे और आपको कनेक्ट कर रहा
- 7:08:37है क्या? एजुकेशन पर्पस इंटरनेट। आप
- 7:08:40इंटरनेट पे ही तो ये क्लास देख पा रहे हो
- 7:08:42ना? इंटरनेट नहीं होगा आप यह क्लास नहीं
- 7:08:44देख पाओगे।
- 7:08:47डोमेन नेम क्या होता है? कल मैंने आपको
- 7:08:49बता दिया था। बट फिर भी मैंने यहां पर
- 7:08:51आपको स्लाइड डाल दी है। डोमेन नेम इज अ
- 7:08:54यूनिक ह्यूमन फ्रेंडली एड्रेस व्हिच इज
- 7:08:56यूज्ड टू फाइंड वेबसाइट ऑनलाइन। डोमेन
- 7:08:58बेसिकली होता क्या है? देखिए जैसे यहां पर
- 7:09:02है। ठीक है? यहां पर देखिए www.m.com
- 7:09:06तो ये जो www है इसको हम लोग बोलते हैं सब
- 7:09:09डोमेन।
- 7:09:11यह जो बीच का जो प्रॉपर नाम है यही है
- 7:09:14हमारा मेन डोमेन नेम। और यह जो डॉट है,
- 7:09:17दिस इज कॉल्ड टॉप लेवल डोमेन। टॉप लेवल
- 7:09:20डोमेन जो है, यह हमें यह बताता है कि
- 7:09:23वेबसाइट किस तरीके की है। ठीक है? क्लियर
- 7:09:27है? एक और बात जैसे कल की क्लास में हम
- 7:09:30लोगों ने ईमेल कवर किया था। तो ईमेल की एक
- 7:09:33खास बात है कि एक ईमेल का जो एक नेम है जो
- 7:09:39एक नेम से ईमेल बन गई वो फिर कभी दोबारा
- 7:09:42नहीं बन सकती। पूरे वर्ल्ड में कहीं नहीं
- 7:09:44बन सकती। एक ईमेल नेम जो रजिस्टर हो गया
- 7:09:48है। आप उसी नेम से दोबारा कभी ईमेल आईडी
- 7:09:51नहीं क्रिएट कर सकते। सिमिलरली आप किसी भी
- 7:09:54वेबसाइट का डोमेन नेम की डुप्लीकेसी नहीं
- 7:09:57कर सकते।
- 7:09:59एक नेम से जो वेबसाइट बन गई है अब दोबारा
- 7:10:02कभी नहीं बन सकती। जैसे वरुण avstha.com
- 7:10:05है। अब दुनिया के किसी भी कोने से कोई भी
- 7:10:09ट्राई कर ले। वरुण अवस्थी.com तो नहीं बन
- 7:10:11सकती। हां आप ऐसा कर सकते हो।
- 7:10:15आप वरुण
- 7:10:18अवस्थी
- 7:10:20में चाहे एक आई और लगा दो अब यह बन जाएगी
- 7:10:23वरुण avst.com
- 7:10:26हो सकता है आप यह कर दो डॉट लगा दो केवल
- 7:10:30बन जाएगी। लेकिन अगर आप सोचो कि दोबारा आप
- 7:10:33आप भी एक वेबसाइट बना दो वरुण अवस्थी के
- 7:10:36नाम से नहीं बन पाएगी। डोमेन नेम हो गया
- 7:10:39या ईमेल नेम हो गया। दोनों में से किसी की
- 7:10:41भी डुप्लीकेसी नहीं हो सकती है।
- 7:10:45डोमेन नेम जो है अब यह जो डोमेन है आपका
- 7:10:49जो मेन टॉप लेवल डोमेन है इसके भी कई
- 7:10:51प्रकार होते हैं। मल्टीपल टाइप ऑफ डोमेन
- 7:10:54आपके होते हैं। ठीक है? यहां पर मैंने
- 7:10:56एग्जांपल दे दिया है भाई www.seection
- 7:11:00way.com ठीक है? अब इसमें भी कई प्रकार
- 7:11:02हैं। जैसे हो गया, हो गया, हो गया। अब ये
- 7:11:06किस पर्पस से यूज़ किए जाते हैं? इनको भी
- 7:11:08देख लीजिए।g org जो है ये आपका नॉन
- 7:11:11प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशंस के लिए यूज किया
- 7:11:13जाता है। या फिर आपकी भी कोई ऑर्गेनाइजेशन
- 7:11:15है तो भी आप ले सकते हो। एग्जांपल जैसे
- 7:11:18मान लीजिए एनजीओ है तो एनजीओस क्या होती
- 7:11:22है? नॉन प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन में कंसीडर
- 7:11:24करी जाती हैं। मान लीजिए आपने एक संस्थान
- 7:11:27खोला और उस संस्थान का काम है कि आप जाके
- 7:11:32जितने भी डॉगीज़ हैं उनको वैक्सिननेट
- 7:11:34करेंगे। आपने कहा कि हम स्ट्रीट डॉग्स को
- 7:11:36वैक्सिननेट करते हैं, गायों का संरक्षण
- 7:11:39करते हैं या स्ट्रेस जितने भी एनिमल है हम
- 7:11:43उनका संरक्षण करते हैं। तो आप क्या हो? आप
- 7:11:45एक नॉन प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन हो। तो आप
- 7:11:47उसकी जब वेबसाइट बनाओगे ना क्योंकि आपको
- 7:11:49डोनेशन आएंगी। आपको फंडिंग आएंगी वेबसाइट
- 7:11:51में। वेबसाइट के थ्रू लोग आपसे कनेक्ट हो
- 7:11:53पाए। तो वो वेबसाइट पर आप डोमेन किसका
- 7:11:56लोगे? ओआरजी का लोगे।
- 7:11:59डॉट नेट कहां पर यूज़ किया जाता है? यह
- 7:12:02आपके नेटवर्क रिलेटेड सर्विज में यूज किया
- 7:12:04जाता है। जैसे कि Airtel है। तो Airtel जो
- 7:12:08अपनी ऑपरेशन वाली वेबसाइट है वो Airtel.
- 7:12:11नेट है। जैसे कि BSNL है। तो BSNL क्या
- 7:12:15है? नेट। ठीक है? तो ये सब नेटवर्क
- 7:12:18रिलेटेड सर्विज प्रोवाइड करते हैं।
- 7:12:21ईedu अगर आपको कहीं पर लिखा दिखेगा तो आप
- 7:12:23समझ जाइएगा या तो किसी कॉलेज की वेबसाइट
- 7:12:26होगी या इंस्टट्यूट की होगी या
- 7:12:28यूनिवर्सिटी की वेबसाइट होगी। ईडीयू का
- 7:12:31मतलब ही है यह हमें रिप्रेजेंट करता है
- 7:12:32एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन।
- 7:12:35इस तरीके की वेबसाइट्स में हम डोमेनed
- 7:12:38लेते हैं।gov
- 7:12:40जीov फॉर गवर्नमेंट ऑर्गेनाइजेशन एग्जांपल
- 7:12:43आप फॉर्म भरते हो ना एसएससी की वेबसाइट पे
- 7:12:46तो देखिए उसमें क्या है डोमेन ssc.gov.in
- 7:12:51तो एसएससी तो आपका संस्थान हो गया.gov
- 7:12:55मतलब गवर्नमेंट संस्थान है। आई एन का मतलब
- 7:12:58होता है इंडिया। आई एन किसको रिप्रेजेंट
- 7:13:02कर रहा है? इंडिया को। अब इसी तरीके से
- 7:13:05कंट्री डोमेन भी होते हैं।
- 7:13:08क्या होते हैं? कंट्री डोमेन।
- 7:13:14कंट्री डोमेन कैसे? जैसे हमारे देश में आप
- 7:13:16जो वेबसाइट्स देखोगे उसमें आपकोin मिलेगा।
- 7:13:22इट इज फॉर इंडिया। यह इंडियन वेबसाइट को
- 7:13:25रिप्रेजेंट करता है। इसी तरीके से
- 7:13:28पाकिस्तान की आप वेबसाइट देखोगे वहां पर
- 7:13:30आपको मिलेगा pk
- 7:13:34यह पाकिस्तान की वेबसाइट्स को रिप्रेजेंट
- 7:13:36करते हैं। आप ऑस्ट्रेलिया की वेबसाइट
- 7:13:39देखोगे उनमें आपको मिलेगा।
- 7:13:43यह ऑस्ट्रेलियन वेबसाइट के लिए डोमेन होता
- 7:13:45है। आप ब्रिटेन की वेबसाइट देखोगे उसमें
- 7:13:48यूके आपको मिलेगा। यूनाइटेड किंगडम।
- 7:13:54ठीक है? तो डोमेन कंट्रीज को भी
- 7:13:57रिप्रेजेंट करते हैं।
- 7:14:00इसके अलावा जैसे है तो एमआईएल आपका
- 7:14:04मिलिट्री ऑर्गेनाइजेशंस को रिप्रेजेंट
- 7:14:05करता है।
- 7:14:15अब प्रोटोकॉल क्या होती है? देखिए
- 7:14:17प्रोटोकॉल मैंने आपको पहले ही बताया एक
- 7:14:20ऐसा ट्रैक है जिसके ऊपर इंटरनेट में आप
- 7:14:23डाटा वन टू अनदर लोकेशन में ट्रांसमिट
- 7:14:25करते हो।
- 7:14:27एग्जांपल आईपी टीसीp ये सब क्या है?
- 7:14:30प्रोटोकॉल है। तो वही यहां पर लिखा हुआ
- 7:14:32है। अ प्रोटोकॉल इज अ सेट ऑफ रूल्स यूज्ड
- 7:14:35फॉर कम्युनिकेशन ओवर इंटरनेट। प्रोटोकॉल
- 7:14:38की ही वजह से हम डाटा को भेज पाते हैं,
- 7:14:40रिसीव कर पाते हैं, प्रोसेस कर पाते हैं।
- 7:14:43बिना प्रोटोकॉल के इंटरनेट कम्युनिकेट
- 7:14:46कम्युनिकेशन इज नॉट पॉसिबल।
- 7:14:49वही जो मैंने आपको शुरू में बताया कि अगर
- 7:14:52आपको गाड़ी चलाकर जाना है तो रोड होनी
- 7:14:55चाहिए।
- 7:14:59ठीक है? अगर आपको नाव चला के जाना है तो
- 7:15:01पानी होना चाहिए।
- 7:15:04अब पता लगा आपको नाव दे दी जाए और कहा जाए
- 7:15:07नेशनल हाईवे से निकल जाओ बेटा कहोगे पगला
- 7:15:10हो क्या नेशनल हाईवे से कैसे नाव चली
- 7:15:13जाएगी नाव को घसीट के ले जाओगे क्या ऐसे
- 7:15:15कैसे उसके ऊपर बैठ के ऐसे ऐसे करोगे
- 7:15:19नाव है तो पानी चाहिए उसका ट्रैक अगर आपके
- 7:15:22पास पहिया वाली गाड़ी है तो आपको रोड
- 7:15:24चाहिए सिमिलरली अगर आपको इंटरनेट यूज करना
- 7:15:27है तो उसके ऊपर डाटा आप सेंड करो या रिसीव
- 7:15:30करो या प्रोसेस करो आपको प्रोटोकॉल के ही
- 7:15:32थ्रू करना करना होगा। तो प्रोटोकॉल
- 7:15:35बेसिकली क्या है? एक ट्रैक है जिसके ऊपर
- 7:15:39इंटरनेट पे डाटा रन कर रहा है। अब इसमें
- 7:15:41भी प्रोटोकॉल कौन-कौन से तरीके की होती
- 7:15:44हैं? तो पहली है आपकी हाइपर टेक्स्ट
- 7:15:46ट्रांसफर प्रोटोकॉल। बिल्कुल बेसिक
- 7:15:48प्रोटोकॉल है जिसके ऊपर इंटरनेट काम करता
- 7:15:50है। यह यूज्ड फॉर ट्रांसफर वेब पेजेस।
- 7:15:53आपकी जितनी भी वेबसाइट है, वेबसाइट्स को
- 7:15:56खोलने के लिए आपको एचटीटीपी प्रोटोकॉल का
- 7:15:58ही यूज करना होता है। आपका सर्वर एचटीटीp
- 7:16:00ही यूज करता है। लेकिन यह सिक्योर नहीं
- 7:16:02होता। सिक्योर के लिए एचटीटीपीएस होता है।
- 7:16:05एस फॉर सिक्योर क्योंकि ये इंक्रिप्शनंस
- 7:16:08का यूज करता है। अभी मैंने आपको बताया था
- 7:16:10जैसे कि बैंकिंग हो गया, मिलिट्री सर्वर
- 7:16:13हो गए या लॉगिन पेजेस हो गए वेबसाइट के वो
- 7:16:15सब एचटीटीपीएस में ही बनाए जाते हैं।
- 7:16:19एफटीपी जिसको बोलते हैं फाइल ट्रांसफर
- 7:16:21प्रोटोकॉल। यह कहां पर यूज होता है? जब भी
- 7:16:24आपको कोई डाटा अपलोड करना है या डाउनलोड
- 7:16:27करना है। अपलोड करना है। जैसे कि अपलोड और
- 7:16:30डाउनलोड का अंतर तो जानते हो ना? जैसे यह
- 7:16:33सर्वर है
- 7:16:35और आपका कंप्यूटर क्लाइंट है। जब भी आप
- 7:16:38क्लाइंट से सर्वर पर डाटा भेजते हो। दिस
- 7:16:41इज कॉल्ड अपलोडिंग।
- 7:16:44और जब भी आप सर्वर से क्लाइंट पर डाटा
- 7:16:48लोगे तो दिस इज कॉल्ड डाउनलोडिंग।
- 7:16:52अपलोडिंग का एग्जांपल क्या है? जैसे आप
- 7:16:54एसएससी का फॉर्म भरते हो तो आपने अपनी
- 7:16:57फोटो अपलोड करी।
- 7:17:00तो फोटो जब आप ब्राउज़ करके उसमें अपलोड
- 7:17:02करते हो इसका मतलब क्या है? आप अपने
- 7:17:04सिस्टम से एसएससी के सर्वर तक फोटो अपनी
- 7:17:08भेज रहे हो। अपलोड कर दी आपने। अभी तक
- 7:17:11आपकी फोटो आपके कंप्यूटर पे थी। अब वो
- 7:17:13एसएससी के सर्वर पर भी पहुंच गई। आपने
- 7:17:15क्या कर दी? अपलोड कर दी।
- 7:17:18डाउनलोड का एग्जांपल क्या है? कल को
- 7:17:21एग्जाम आया। एडमिट कार्ड आए। अब आपने क्या
- 7:17:24करना है? डाउनलोड करना है। तो आपने क्या
- 7:17:26किया? एडमिट कार्ड को डाउनलोड किया। मतलब
- 7:17:29अभी तक जो एडमिट कार्ड एसएससी के सर्वर पे
- 7:17:32था वो अब आपकी डिवाइस पर आ गया है। और उसी
- 7:17:35एडमिट कार्ड को प्रिंट करा के आप लेकर
- 7:17:37जाते हो एग्जाम हॉल में। तो जब आप सर्वर
- 7:17:41से क्लाइंट पर आओगे तो वह डाउनलोडिंग है।
- 7:17:43क्लाइंट से सर्वर पर जाओगे तो वह अपलोडिंग
- 7:17:46है। तो जब भी आपको अपलोडिंग और डाउनलोडिंग
- 7:17:49करनी होती है तो उस टाइम पर हमारा इंटरनेट
- 7:17:52एफटीपी का यूज कर रहा होता है। तीसरा है
- 7:17:55एसएमटीपी। जब भी आप ईमेल सेंड करते हो
- 7:17:58इसके बारे में कल हम लोग बात ही कर चुके
- 7:18:00हैं। तो जब भी आप ईमेल सेंड करते हो तो
- 7:18:02सिंपल मेल ट्रांसफर प्रोटोकॉल यूज़ होती
- 7:18:04है। जब आप रिसीव करते हो ईमेल तो उस केस
- 7:18:07में पॉप 3 या आईmप यूज़ होती है।
- 7:18:11और यहां पर मैंने पूरे चार्ट में भी वही
- 7:18:13लिख दिया है कि प्रोटोकॉल के फुल फॉर्म
- 7:18:15क्या होते हैं? इनके पर्पस क्या होते हैं?
- 7:18:17क्लियर है इतना सभी को? कोई दिक्कत नहीं
- 7:18:20होना चाहिए। वही लिखा हुआ है सिंपली।
- 7:18:24नाउ कम्स टू वेब ब्राउज़र। वेब ब्राउज़र
- 7:18:27क्या है? वेब ब्राउज़र एक तरीके का ऐसा
- 7:18:29सॉफ्टवेयर इंटरफेस है जहां पर आपके वेब
- 7:18:32पेजेस ओपन होते हैं। वेब पेजेस ओपन करने
- 7:18:35के लिए आपको वेब ब्राउज़र चाहिए ही चाहिए।
- 7:18:37इज अ सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन यूज्ड टू एक्सेस
- 7:18:40एंड व्यू वेबसाइट। इट रिट्रीव्स
- 7:18:43इंफॉर्मेशनेशन फ्रॉम वेब सर्वर्स यूजिंग
- 7:18:45http या https डिस्प्लेज़ वेब पेजेस रिटेन
- 7:18:49इन html।
- 7:18:52एग्जांपल
- 7:18:57आप इस टाइम पर आप मान लीजिए sleection
- 7:19:00way.com आप खोलते हैं तो sleection
- 7:19:02way.com वेबसाइट है। उसके लिए आपको वेब
- 7:19:04सर्वर चाहिए ही चाहिए। और वेब सर्वर कहां
- 7:19:07पे कनेक्ट होगा? वेब ब्राउज़र पे कनेक्ट
- 7:19:10होगा। आप कोई भी वेब ब्राउज़र खोलिए। भले
- 7:19:12ही आप Google Chrome खोलिए, आप Mzla
- 7:19:14Firefox खोलिए, आप Microsoft H खोलिए,
- 7:19:17Safari खोलिए, ओपेरा खोलिए, कोई भी वेब
- 7:19:20ब्राउज़र यूज़ करिए, बट वेब ब्राउज़र के
- 7:19:22बिना आप वेब पेजेस नहीं खोल सकते। वेब
- 7:19:26ब्राउज़र तो आपको चाहिए ही चाहिए।
- 7:19:36दपाली का पूछना है कि सर मेरा कंप्यूटर की
- 7:19:39क्लास अभी लेना जरूरी है क्या? पहले प्री
- 7:19:41होगा। देखिए आपको कवर तो करना ही है। तो
- 7:19:43आप पहले कर लीजिए या बाद में कर लीजिए।
- 7:19:45बात एक ही है। अभी कर लेंगे तो बाद की
- 7:19:48मेहनत बचेगी। अभी नहीं करेंगे तो बाद में
- 7:19:50करना है। तो कोई फर्क नहीं पड़ता है
- 7:19:52क्योंकि वैसे भी कंप्यूटर का ज्यादा
- 7:19:54सिलेबस है नहीं।
- 7:20:05ओके।
- 7:20:10आई थिंक अभी सही हो गया है।
- 7:20:14ठीक है?
- 7:20:17इंपॉर्टेंट वेब ब्राउज़र्स की अगर हम बात
- 7:20:19करें तो दुनिया में और भी कई सारे वेब
- 7:20:20ब्राउज़र हैं जिनके बारे में हम लोग जल्दी
- 7:20:22से नहीं सुनने को पाते हैं। यह तो वो वेब
- 7:20:25ब्राउज़र हो गए जो कि जनरली हम यूज़ करते
- 7:20:27हैं। लेकिन कुछ ऐसे भी वेब ब्राउज़र हैं
- 7:20:29जो कि हिस्ट्री में इससे बहुत पुराने भी
- 7:20:31हैं। एग्जांपल वर्ल्ड वाइड वेब जिसको टीम
- 7:20:34बर्नर्स ली ने बनाया था। बाद में इसका नाम
- 7:20:37नेक्सेस रख दिया गया। ठीक है? इसको 1990
- 7:20:40में ही बना दिया गया था। सबसे पहले तो यही
- 7:20:42बना था। उसके बाद मोजेक आया। मोजेक बनाया
- 7:20:47मार्क एंडसन और एरिक बीना ने। ठीक है? अब
- 7:20:50इसमें सबसे बड़ी खास बात पता है क्या है?
- 7:20:52आपसे क्वेश्चन पूछता है
- 7:20:56कि वर्ड्स फर्स्ट जीयूआई बेस्ड वेब
- 7:20:59ब्राउज़र। और जीयूआई और सीयूआई का डिफरेंस
- 7:21:02मैं आपको बता चुका हूं। जब मैंने आपको
- 7:21:04ऑपरेटिंग सिस्टम के बारे में पढ़ाया था।
- 7:21:06जीयूआई मतलब ग्राफिकल यूजर इंटरफेस। एक
- 7:21:09ऐसा इंटरफेस जहां पर आपको पिक्चर, एनिमेशन
- 7:21:13इन सभी फॉर्मेट में चीजें दिखाई देती हैं।
- 7:21:15तो mzक दुनिया का पहला जीयूआई बेस्ड वेब
- 7:21:19ब्राउज़र है। ठीक है? देन आपको ध्यान रखना
- 7:21:21है नेटsकेप नेविगेटर यह नेटscp कंपनी के
- 7:21:24ही द्वारा बनाया गया है। 1994 में। 1995
- 7:21:28में Microsoft मैदान पे आ गया। इसने अपना
- 7:21:30इंटरनेट एक्सप्लोरर लांच किया। पूरे
- 7:21:33दुनिया में सबसे ज्यादा फेमस अगर कोई हुआ
- 7:21:35तो फिर इंटरनेट एक्सप्लोरर ही हुआ सबसे
- 7:21:37ज्यादा फेमस।
- 7:21:40mzla फाउंडेशन नाम की जो कंपनी है
- 7:21:42इन्होंने अपना इंडिपेंडेंट वेब ब्राउज़र
- 7:21:44निकाला mzla firefox यह इन्होंने लांच
- 7:21:46किया साल 2002 में जर्नी में 1995 में जब
- 7:21:52ल्च किया था microsoft ने अपना इंटरनेट
- 7:21:55एक्सप्लोरर उसी टाइम पर ओपेरा सॉफ्टवेयर
- 7:21:58ने भी अपना ओपेरा नाम का वेब ब्राउज़र ल्च
- 7:22:00किया जिसमें रेड कलर का ओ बना होता है। यह
- 7:22:04भी इन्होंने 1995 में ही लांच किया था। अब
- 7:22:07देखो यहां पर 2002 में लांच किया मोजिला
- 7:22:10ने अपना तो 2003 में Apple ने कहा भैया हम
- 7:22:12भी पीछे नहीं हैं। इन्होंने अपना सफारी
- 7:22:14नाम का वेब ब्राउज़र निकाल दिया। आज की
- 7:22:16डेट में आप में से iPhone वाले जितने
- 7:22:18होंगे उन सबके पास सफारी होगा। बाय
- 7:22:20डिफॉल्ट ही उसमें आता है। उसके बाद काफी
- 7:22:23लेट आया लेकिन धूम सबसे ज्यादा इसी ने
- 7:22:26मचाई। 1900 सॉरी 2008 में Google आया और
- 7:22:30Google तो आ गया था साल 1999 में। 98 से
- 7:22:3599 में हां 98 में Google आ गया था। लेकिन
- 7:22:39आने के 10 साल के बाद Google ने अपना वेब
- 7:22:41ब्राउज़र लांच किया। Google Chrome आज की
- 7:22:44डेट में मैं गारंटी से कह सकता हूं आप में
- 7:22:46से 99.9%
- 7:22:49लोग Google Chrome ही यूज कर रहे होंगे।
- 7:22:50इतना ज्यादा
- 7:22:53पॉपुलर वेब ब्राउज़र है ये। Microsoft ने
- 7:22:562015 में अपना पुराना वाला वेब ब्राउज़र
- 7:22:58इंटरनेट एक्सप्लोरर रिप्लेस करके
- 7:23:00Microsoft एज ल्च कर दिया।
- 7:23:04ठीक है?
- 7:23:06क्लियर है?
- 7:23:11सर्च इंज
- 7:23:14अ सर्च इंजन इज अ सॉफ्टवेयर प्रोग्राम
- 7:23:16यूज्ड टू सर्च इंफॉर्मेशन
- 7:23:19ऑन द इंटरनेट। एग्जांपल आपका क्या है?
- 7:23:21जैसे Google हो गया आपका। ठीक है? और
- 7:23:26Yahoo हो गया। एक सर्च इंजन है BDU। क्या
- 7:23:30नाम है? BDU। BDU पता है कहां यूज़ होता
- 7:23:32है? चाइना में यूज़ होता है। दुनिया में
- 7:23:34Google के बाद सबसे ज्यादा अगर कोई सर्च
- 7:23:37इंजन यूज़ होता है तो वह बाय डू यूज़ होता
- 7:23:39है। उसका एक सबसे बड़ा कारण है क्योंकि
- 7:23:42चाइना कभी भी अमेरिकन कंपनीज़ को अपने
- 7:23:46मार्केट में एंट्री नहीं देता है। चाइना
- 7:23:48में आप iPhone लेने जाएंगे नहीं मिलेगा
- 7:23:50आपको। चाइना में आप Google Chrome ढूंढते
- 7:23:53रह जाएंगे मिलेगा नहीं क्योंकि Google भी
- 7:23:55अमेरिकी कंपनी है। Apple भी अमेरिकी कंपनी
- 7:23:57है। तो अमेरिकन प्रोडक्ट्स आपको मिलेंगे
- 7:23:59ही नहीं। चाइना इसीलिए बहुत तेज है। आज की
- 7:24:03डेट में दुनिया में प्रोग्रेस और ग्रोथ
- 7:24:06सबसे ज्यादा चाइना कर रहा है। कारण क्या
- 7:24:08है कि वो हर एक क्षेत्र में अपने खुद के
- 7:24:11टूल ल्च कर रहा है। तो उसने अपना खुद का
- 7:24:14वेब ब्राउज़र बहुत पहले ल्च कर दिया था
- 7:24:15जिसका नाम है बायडू। और चाइनीस गवर्नमेंट
- 7:24:18यह कहती है कि हमारे यहां Google चलेगा
- 7:24:20नहीं। आप चाइना जाओगे आपको बायडू ही चलाना
- 7:24:23पड़ेगा। एंड दे आर ऑलमोस्ट द लार्जेस्ट
- 7:24:26पॉपुलेशन ऑफ द वर्ल्ड।
- 7:24:29यही रीजन है कि BDU Google के बाद दुनिया
- 7:24:31में सबसे ज्यादा यूज होने वाला ब्राउज़र
- 7:24:33है। हालांकि हमारे देश में हमारा ऐसा कोई
- 7:24:35वेब ब्राउज़र नहीं है। यह हमारे लिए शर्म
- 7:24:38की बात होनी चाहिए। होना चाहिए हमारे देश
- 7:24:40में ऐसा वेब ब्राउज़र। कल को अगर सर्वर 1
- 7:24:43सेकंड सेकंड तो चलिए छोड़िए। एक मिनट के
- 7:24:46लिए भी अगर डाउन हो गया
- 7:24:49और उस बीच में कुछ भी हो सकता है। अभी
- 7:24:52आपने वेनेजुएला वाला केस तो देख ही लिया
- 7:24:54है। तो आज की डेट में हमारे पास हमारे
- 7:24:57इक्विपमेंट जितने हो देसी इक्विपमेंट्स
- 7:25:00वही काम आएंगे मेक इन इंडिया। लेकिन हमारे
- 7:25:03पास आप सोचिए अपना खुद का वेब ब्राउज़र तक
- 7:25:05तो है नहीं। हम अमेरिकन वेब ब्राउज़र यूज़
- 7:25:07करते हैं। आप खुद सोच लीजिए हमारी
- 7:25:10इंफॉर्मेशन कितनी सिक्योर होगी।
- 7:25:15बिल्कुल सही है। एक डग डक सर्च इंजन होता
- 7:25:17है। हां, वह आपका सिक्योरिटी पर्पस के लिए
- 7:25:21यूज किया जाता है। बेसिकली सर्च इंजन में
- 7:25:24आप वेब पेजेस, इमेजेस, वीडियो, डॉक्यूमेंट
- 7:25:28आप लोगों को पता ही है। आप लोग यूज़ करते
- 7:25:29ही रहते हो। अपने-अपने तरीके से अपना-अपना
- 7:25:32कंटेंट आप लोग ढूंढते ही रहते हो। ठीक है?
- 7:25:34बट इंपॉर्टेंट फैक्टर यह है कि 1990 में
- 7:25:37दुनिया का पहला सर्च इंजन लांच किया गया
- 7:25:39था। इसका नाम पूछ देता है। तो, नाम ध्यान
- 7:25:41रखिएगा। यह था आर्च। आर्च दुनिया का पहला
- 7:25:44सर्च इंजन था। 1990 में ल्च हुआ था।
- 7:25:48सर्च इंजन में Yahoo एक इंपॉर्टेंट सर्च
- 7:25:51इंजन है। पहले तो इसका यूज़ काफी होता था
- 7:25:54भारत में भी जब Google Chrome नहीं आया
- 7:25:56था। लेकिन Google Chrome जब 2008 में आया
- 7:25:58तो Yahoo का यूज़ ना के बराबर लोग करने लग
- 7:26:01गए। क्योंकि Yahoo पर कीवर्ड्स इतने बेहतर
- 7:26:03सर्च ही नहीं होते जितने Google पे होते
- 7:26:06हैं। 1994 में आया था। जेरी यांग और डेविड
- 7:26:09फिलो के द्वारा इसको लांच किया गया था।
- 7:26:11इनिशियली यह एक वेब डायरेक्टरी की तरह काम
- 7:26:14करता था। बाद में Google आ गया। 1998 में
- 7:26:16Google आया और Google Chrome इन्होंने साल
- 7:26:192008 में ल्च कर दिया। लेरी पेज और सरगे
- 7:26:23ब्रेन ने। दुनिया का सबसे पॉपुलर सर्च
- 7:26:26इंजन है यह दुनिया में। Bing ध्यान
- 7:26:29रखिएगा। यह Microsoft का प्रोडक्ट है।
- 7:26:31हालांकि बहुत कम यूज़ होता है और Microsoft
- 7:26:35आपके लैपटॉप में इंस्टॉल है। तो आपको बाय
- 7:26:37डिफॉल्ट यह मिल जाता है। साल 2009 में
- 7:26:40Microsoft इसको लेकर आया था। अभी देखिए
- 7:26:42कोई बोल रहा था ना डग डक हां अभय कुमार
- 7:26:45बोल रहे थे डग डक वही है डग डक गो। डक डक
- 7:26:48गो साल 2008 में आया था। Chrome के साथ ही
- 7:26:51यह आया था और इसको ल्च करने वाले थे
- 7:26:53गैब्राइल वनबर्ग। अब देखिए डग डक गो
- 7:26:57एक्स्ट्रा प्रोटेक्शन लेयर ओवर इंटरनेट
- 7:27:01पर्पस से लाया गया था कि इंटरनेट के ऊपर
- 7:27:04यह आपको एक्स्ट्रा इंक्रिप्शन देता है। आप
- 7:27:07कुछ भी सर्च करोगे तो डक डक गो आपको
- 7:27:10गारंटी देता है कि आपकी जो सर्च है वो
- 7:27:14ज्यादा प्रोटेक्टेड रहेंगी। जल्दी से आपके
- 7:27:16सर्चेस के बारे में लोगों को पता नहीं
- 7:27:17लगेगा। ठीक है? तो हैकर्स कम्युनिटी जो है
- 7:27:20वो डग डक गो बहुत यूज करती है
- 7:27:24बायडू आपका लेकिन एक चीज ध्यान रखिएगा
- 7:27:27जितने सिक्योर सर्च इंजन पे आप जाओगे उतना
- 7:27:30ही आपकी सर्चिंग टफ होती चली जाएगी आपको
- 7:27:34क्या लगता है हैकर्स अगर डग डक गो का यूज
- 7:27:36कर रहे हैं तो आप भी यूज़ कर लेंगे नहीं डक
- 7:27:39डक गो में यू आपको अगर कुछ भी सर्च करना
- 7:27:42है तो सर्च करने के लिए वहां पर सिंटेक्स
- 7:27:44होते हैं। सिंटेक्स मतलब सर्चिंग को लिखने
- 7:27:46का तरीका होता है।
- 7:27:49एग्जांपल मैं आपको बताता हूं एक सिंपल
- 7:27:52एग्जांपल देकर।
- 7:27:56वैसे आप में से शायद किसी को भी ना पता
- 7:27:58हो। बिल्कुल नया बैच है ये। व्हेन आई वाज़
- 7:28:01इन टीसीएस तो मैं एज अ वाइट हट हैकर ही
- 7:28:03काम करता था। हमें वाइट हट हैकर या ग्रे
- 7:28:06हट या ब्लैक हैट हैकर नहीं बोलते हैं।
- 7:28:09हमारा एक जो टर्म होता है उसमें बोलते हैं
- 7:28:13हम वीएपीटी एक्सपर्ट।
- 7:28:18वीएपीटी एक्सपर्ट। अब यहां पर वीएपीटी का
- 7:28:21मतलब क्या है? वीए का मतलब है वी फॉर
- 7:28:23वनरेबिलिटी, ए फॉर असेसमेंट, पी फॉर
- 7:28:27पेनिट्रेशन एंड टी फॉर टेस्टिंग।
- 7:28:30वनरेबिलिटी असेसमेंट मतलब पहले हमारा काम
- 7:28:32होता है वनरेबिलिटी ढूंढना सर्वर पे कि
- 7:28:35कहां पर वनरेबिलिटी है, कहां पर प्रॉब्लम
- 7:28:37है, कहां से यह हैकेबल है। लूप होल्स
- 7:28:41फाइंड आउट करना। उसके बाद पेनिट्रेशन
- 7:28:43टेस्टिंग। पेनिट्रेशन टेस्टिंग का मतलब
- 7:28:45उसे पैच करना।
- 7:28:48तो जो सिंटेक्स होते हैं वह सिंटेक्स हम
- 7:28:50अलग तरीके से लिखते हैं। हमारी सर्चिंग के
- 7:28:52सिंटेक्स अलग होते हैं। कोई नॉन प्रोफेशनल
- 7:28:56जैसे सर्चिंग कर रहा है। आपको कुछ सर्च
- 7:28:58करना है अ तो आप सिंपली लिख दोगे। आपको
- 7:29:01फ्लावर पार्ट चाहिए। आपने फ्लावर पार्ट
- 7:29:03लिख दिया। आपको होम के डिजाइन देखने हैं।
- 7:29:07आपने लिख दिया। ब्यूटीफुल होम डिज़। ठीक
- 7:29:10है? तो हम ऐसे नहीं लिखते उसमें। अब उसमें
- 7:29:13हमारे जो सिंटेक्स होते हैं वह आपके उसमें
- 7:29:16कोलंस भी यूज होते हैं। उसमें सेमी
- 7:29:18कॉललनंस भी यूज होते हैं। उसमें डबल कोड्स
- 7:29:20भी यूज़ होते हैं। और ये यूज़ किस वजह से
- 7:29:23होते हैं? यह एसक्यूएल की वजह से होते
- 7:29:25हैं। स्ट्रक्चरर्ड क्वेरी लैंग्वेज इसको
- 7:29:28बोलते हैं। तो एसक्यूएल के जो सिंटेक्स
- 7:29:30हैं, वह इसी कोड्स में लिखे जाते हैं।
- 7:29:34इसमें इक्वल टू भी हम यूज़ करते हैं। इसमें
- 7:29:37हम डैश का यूज़ भी करते हैं। इसमें हम हफन
- 7:29:40का यूज़ करते हैं। कॉमा का यूज़ करते हैं।
- 7:29:42ये लगाकर सर्चिंग करी जाती है। मतलब वो एक
- 7:29:44अलग दुनिया है। बिल्कुल। बस मैं आपको एक
- 7:29:47थोड़ा-थोड़ा इंट्रोडक्शन दे रहा हूं
- 7:29:50मोटा-मोटा कि आप समझ जाइए कि डग डक गो अगर
- 7:29:52आप यूज करने जाएंगे तो आप नहीं कर पाएंगे
- 7:29:54ईली जब तक आपको इसके सिंटेक्स नहीं पता
- 7:29:57होंगे। नेक्स्ट बायडू साल 2000 में आया था
- 7:30:01रॉबिन ली एंड एरिक्जू पॉपुलर इन चाइना।
- 7:30:04चाइना के बाहर पॉपुलर नहीं है। लेकिन
- 7:30:06क्योंकि पॉपुलेशन ही चाइना की इतनी है तो
- 7:30:08Google के बाद दुनिया में सबसे ज्यादा
- 7:30:10यूज़ होने वाला सर्च इंजन है बायडू। पहला
- 7:30:13क्वेश्चन हमारा यह था। व्हाट इज द फुल
- 7:30:15फॉर्म ऑफ आईबीए इन द कॉन्टेक्स्ट ऑफ
- 7:30:17इंटरनेट? इंटरनेट में आईबीए किसको बोलते
- 7:30:20हैं? बताइए
- 7:30:24आप लोग चैप्टर पढ़ चुके हैं कल। इंटरनेट
- 7:30:26के अंदर बहुत सारी चीजें आपने पढ़ी हैं।
- 7:30:28डोमेन क्या होता है? इंटरनेट में वेब
- 7:30:31ब्राउज़र, ईमेल। वेब ब्राउज़र में भी टाइप
- 7:30:34ऑफ डोमेन क्या है? ये सारी चीजें आपने
- 7:30:37पढ़ी हुई हैं। करिए आंसर। व्हाट इज द फुल
- 7:30:41फॉर्म ऑफ आईबीए? आईबीए की फुल फॉर्म क्या
- 7:30:43है? इंटरनेट के टर्म में तो इसको बोलते
- 7:30:46हैं इंटरनेट आर्किटेक्चर बोर्ड। ठीक है?
- 7:30:49दरअसल इंटरनेट आर्किटेक्चर बोर्ड जो है यह
- 7:30:52हमें यह बताने का काम करता है कि हमारा जो
- 7:30:55इंटरनेट है वो किस तरीके से रूट हो रहा
- 7:30:58है। या फिर आप यह बोल सकते हो हमारा जो
- 7:31:00इंटरनेट कनेक्शन है उसकी स्ट्रेंथ क्या
- 7:31:02है? वो कहां से कहां तक आपको नेटवर्क में
- 7:31:05कनेक्ट कर सकता है? ठीक है? मैक्सिमम
- 7:31:08लोगों का आंसर फर्स्ट वन है। बिल्कुल सही
- 7:31:09आंसर है। यह वाला क्वेश्चन देखिए।
- 7:31:12यूपीपीसीएल में पूछा जा चुका है दो बार।
- 7:31:14एक बार असिस्टेंट अकाउंटेंट 2022 में और
- 7:31:18उससे पहले 2021 में भी हमसे कह रहा है
- 7:31:21Google Chrome में अगर हमें न्यू
- 7:31:24इनकॉग्निटो विंडो खोलनी हो तो उस केस में
- 7:31:27उसकी शॉर्टकट की क्या होगी?
- 7:31:30इनकॉग्निटो विंडो का काम क्या होता है?
- 7:31:33जानते हो? अगर आपने ब्राउज़र में
- 7:31:36इनकॉग्निटो विंडो ओपन करी हुई है तो इस पर
- 7:31:39आप जो भी सर्च करेंगे वह सर्च आपकी डिवाइस
- 7:31:43में हिस्ट्री में कहीं पर भी ट्रैक नहीं
- 7:31:45होगी। मतलब कहने का यह है कि जब किसी को
- 7:31:48कॉन्फिडेंशियली अगर कोई चीज सर्च करनी
- 7:31:50होती है और आप चाहते हैं कि उसका कोई भी
- 7:31:53रिकॉर्ड आपकी डिवाइस में ना रहे तो उस केस
- 7:31:55में आप न्यू इनकॉग्निटो विंडो पर जाकर उस
- 7:31:58पे सर्च करते हैं। लेकिन ध्यान रखिएगा
- 7:32:01इसका जो रिकॉर्ड है यह एक सर्वर पे जरूर
- 7:32:03होगा। किस पे? यह आईएसपी पे पास रिकॉर्ड
- 7:32:07होता है। आईएसपी
- 7:32:10रिकॉर्ड्स इट।
- 7:32:13आईएसपी का मतलब है इंटरनेट सर्विस
- 7:32:17प्रोवाइडर।
- 7:32:19इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर। जैसे मान लीजिए
- 7:32:23आप Airtel का नेटवर्क यूज कर रहे हैं। तो
- 7:32:26आप इनकॉग्निटो मोड पर जाकर जो भी सर्च
- 7:32:29करेंगे वो Airtel के सर्वर पर जरूर सेव
- 7:32:32होगा। या फिर आप Vodafone यूज कर रहे हैं
- 7:32:34या BSNL यूज कर रहे हैं। आप कोई भी
- 7:32:36इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर यूज कर रहे हैं
- 7:32:38तो आप जो भी सर्च कॉन्फिडेंशियल तरीके से
- 7:32:41भले ही इनकॉग्निटो पर करें। आपकी डिवाइस
- 7:32:44पर कोई उसे ट्रैक नहीं कर पाएगा लेकिन
- 7:32:46उनके सर्वर पर यह जरूर होगा। शिल्पी का
- 7:32:50आंसर है ए।
- 7:32:52अच्छा मतलब कंट्रोल + T आपका कहना है। और
- 7:32:55कोई बताएगा?
- 7:33:00ओमकार का आंसर सही है। बाकी आंसर नहीं अभी
- 7:33:02तक सही आए हैं। दिस इज कंट्रोल + शिफ्ट +
- 7:33:06n अगर आपको न्यू इनकॉग्निटो विंडो ओपन
- 7:33:09करनी होगी तो आप क्या प्रेस करोगे?
- 7:33:11कंट्रोल + शिफ्ट + n एन फॉर न्यू विंडो।
- 7:33:16अगला क्वेश्चन देखिएगा। व्हिच ऑफ द
- 7:33:19फॉलोइंग रेफर्स टू द स्पेसिफिक एड्रेस
- 7:33:21एसोसिएटेड विद ईच वेब पेज दैट एपीयर्स ऑन
- 7:33:26द इंटरनेट? हिंदी में समझा देता हूं।
- 7:33:28इंटरनेट में दिखाई देने वाला कोई भी वेब
- 7:33:31पेज जो है, ठीक है? उस वेब पेज का जो
- 7:33:34एड्रेस है जैसे यह आपको स्क्रीन दिखाई दे
- 7:33:37रही है। इस स्क्रीन में ऊपर जो आपको वेब
- 7:33:40पेज का एड्रेस दिखाई दे रहा होता है। सपोज़
- 7:33:43आपने ओपन किया हुआ है
- 7:33:46www.
- 7:33:50Facebook.com
- 7:33:53तो इसका आपको कोई ना कोई पेज तो दिखाई दे
- 7:33:55रहा होगा ना भाई। इसका आपको यह वेब पेज
- 7:33:58दिखाई दे रहा है। तो यह क्या है? आपसे पूछ
- 7:34:00रहा है यूआरएल है, http है, फाइल ट्रांसफर
- 7:34:04प्रोटोकॉल है या फिरw है। क्या है यह?
- 7:34:08इसको क्या बोलेंगे?
- 7:34:11इंटरनेट पर दिखाई देने वाला प्रत्येक वेब
- 7:34:14पेज से संबंधित विशिष्ट पते को दर्शाता
- 7:34:17है। यह क्या है? दैट इज कॉल्ड यूआरएल।
- 7:34:20इसको हम लोग क्या बोलते हैं? यूआरएल।
- 7:34:22यूनिफॉर्म रिसोर्स लोकेटर। ठीक है?
- 7:34:26यूनिफॉर्म
- 7:34:29रिसोर्स
- 7:34:32लोकेटर।
- 7:34:36ठीक है? जैसे कि आपको पूछना है सर
- 7:34:38सिलेक्शन वे की वेबसाइट का नाम क्या है?
- 7:34:42तो दरअसल आप मुझसे वेबसाइट का नाम भले ही
- 7:34:46एक जनरल टर्म में बोल रहे हो, लेकिन आप
- 7:34:48मुझसे पूछ क्या रहे हो? आप उसका यूआरएल
- 7:34:50पूछ रहे हो। मैं आपको बताऊंगा
- 7:34:52www.seection
- 7:34:54way.com पर चले जाओ। दैट मींस मैंने आपको
- 7:34:56क्या बताया? मैंने आपको यूआरएल बताया
- 7:34:59यूनिफॉर्म रिसोर्स लोकेटर। यही वो इंटरनेट
- 7:35:02के ऊपर लोकेटर है जो कि आपको आपके रिसोर्स
- 7:35:05तक पहुंचाएगा। अगर यह आपने गलत डाल दिया
- 7:35:08तो आप उस एड्रेस पर नहीं पहुंचेंगे।
- 7:35:14अगला क्वेश्चन बहुत सिंपल है। आपसे पूछा
- 7:35:17गया है आईएसपी का फुल फॉर्म क्या है?
- 7:35:19अभी-अभी मैंने आपको बताया।
- 7:35:21ISP वो ऑर्गेनाइजेशंस होते हैं जो कि आपको
- 7:35:24इंटरनेट सर्विस देने का काम करते हैं।
- 7:35:26Vodafone, Airtel, Jio, BSNL आप किसी का
- 7:35:31भी नेटवर्क हो सकता है यूज कर रहे हो। तो
- 7:35:33आप जिसका भी नेटवर्क यूज कर रहे हो वो
- 7:35:35आपका क्या है? इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर
- 7:35:38जो कि आपको इंटरनेट की सर्विस दे रहा है।
- 7:35:42तो हमारा आंसर क्या हो जाएगा? फोर्थ वन।
- 7:35:44इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर।
- 7:35:47एक और देखो अगला वर्ल्ड वाइड वेब वाज
- 7:35:51इन्वेंटेड बाय बहुत सिंपल है। कल हम लोगों
- 7:35:53ने चीख-चीख के इसके बारे में बात करी थी
- 7:35:56कि www किसके द्वारा इन्वेंट किया गया है?
- 7:36:00www इन्वेंट किया है किसने? टिम बर्नर्स
- 7:36:03ली ने। किसने? टिम बर्नर्स ली। और एक और
- 7:36:06आपको बताया था मैंने। यह भी ध्यान रखना।
- 7:36:09ईमेल किसने इन्वेंट करी हुई है? तो आंसर
- 7:36:11क्या हो जाएगा?
- 7:36:13रे टॉम लिंसन।
- 7:36:16रे टॉम लिंसन
- 7:36:18एक और मैंने आपको बताया था कभी-कभी पूछ
- 7:36:20देता है
- 7:36:22इलेक्ट्रिक टेलीग्राफ किसने इन्वेंट किया
- 7:36:24है याद है बताया था दो दिन पहले क्लास में
- 7:36:28इलेक्ट्रिक टेलीग्राफ
- 7:36:31यह किसने इन्वेंट किया है तो इसके
- 7:36:33इन्वेंटर हैं सैमुअल
- 7:36:37मोर्स
- 7:36:39सैमुअल मोर्स ठीक है एक और ध्यान रखना
- 7:36:43मेरे कहने से बहुत बार पूछा जाता है। आपसे
- 7:36:46पूछता है सी लैंग्वेज किसने डेवलप करी है?
- 7:36:51सी लैंग्वेज
- 7:36:53तो आंसर क्या हो जाएगा?
- 7:36:57डेनिस रिची।
- 7:37:01डेनिस रिची इनके द्वारा सी लैंग्वेज डेवलप
- 7:37:04करी गई थी। ठीक है भाई? क्लियर है?
- 7:37:11नेहा का कहना है सर साइंस की क्लास के
- 7:37:13बारे में बताइए। साइंस आपका बैच कौन सा है
- 7:37:15मुझे बताइए। सिलेक्शन बैच 1 2 3 में से
- 7:37:18कौन सा बैच है आपका?
- 7:37:26अगला देखिए। व्हिच ऑफ द फॉलोइंग इज अ
- 7:37:28वैलिड वेबसाइट नेम? इनमें से कौन सा एक
- 7:37:32वैलिड वेबसाइट का यूआरएल है? बाकी के
- 7:37:35सिंटेक्स गलत है। एक कोई सही है। पहले में
- 7:37:38कह रहा है www.
- 7:37:40वेबसाइट.com
- 7:37:42मुझे तो इसमें कोई गलती नहीं लग रही है।
- 7:37:44फर्स्ट ऑफ ऑल डॉट से पहले www आ रहा है।
- 7:37:48फिर डोमेन नेम आ रहा है। फिर डोमेन टाइप आ
- 7:37:51रहा है। यही सही है। जबकि दूसरे में मेन
- 7:37:56डोमेन टाइप जो है वो आगे कर दिया है। जबकि
- 7:37:58ये पीछे होता है। यह गलत है। और इसमें तो
- 7:38:01www है.com है। ठीक है? मतलब वर्ल्ड वाइड
- 7:38:04वेब है और डोमेन टाइप है लेकिन डोमेन नेम
- 7:38:06तो है ही नहीं। यह गलत है। और यहां पर आई
- 7:38:09थिंक कोई प्रॉपर नेम ही दिया हुआ है।
- 7:38:11डोमेन नेम ओनली टाइप वगैरह तो कुछ है ही
- 7:38:13नहीं। ठीक है?
- 7:38:17जी हां। अगला देखिए।
- 7:38:21क्या कह रहा है? अ कंप्यूटर ऑन इंटरनेट
- 7:38:24दैट यूजज़ एचटीटीपी प्रोटोकॉल इज नोन एज
- 7:38:28इंटरनेट के ऊपर एक कंप्यूटर है जो कि
- 7:38:33एचटीटीपी प्रोटोकॉल यूज़ कर रहा है।
- 7:38:36हाइपर टेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल अगर वो
- 7:38:38यूज़ कर रहा है तो वो किस तरीके का नेटवर्क
- 7:38:41होगा? LAN
- 7:38:43वेब सर्वर WAP या फिर W lan?
- 7:38:48भाई देखो पहली बात तो यह कि अगर इंटरनेट
- 7:38:51की बात हो रही है तो आप यहीं से पकड़
- 7:38:53लीजिए इस क्वेश्चन को। अगर इंटरनेट की बात
- 7:38:55हो रही है दैट मींस किसकी बात हो रही है?
- 7:38:57वेब नेट की बात हो रही है। तभी आपको याद
- 7:38:59होगा मैंने आपको बताया था आप इसको इंटरनेट
- 7:39:01बोल लीजिए या फिर आप इसको वेब नेट बोल
- 7:39:03लीजिए। बात एक ही है। ठीक है नमिता आंसर
- 7:39:07आपका क्या है?
- 7:39:10फर्स्ट लन। अच्छा बेटा लोकल एरिया नेटवर्क
- 7:39:14क्या है?
- 7:39:16लोकल एरिया नेटवर्क क्या है? वह इंटरनेट
- 7:39:18का तो एग्जांपल नहीं है। वह तो एक ऑफलाइन
- 7:39:21नेटवर्क भी हो सकता है। लोकल एरिया
- 7:39:23नेटवर्क। अरे भाई लोकल एरिया नेटवर्क की
- 7:39:26परिभाषा क्या है? एक कमरे में या एक
- 7:39:30मैक्सिमम बिल्डिंग में आप मल्टीपल
- 7:39:33कंप्यूटरटर्स को जब आपस में इंटरकनेक्ट
- 7:39:35करते हो दैट इज कॉल्ड लन लोकल एरिया
- 7:39:38नेटवर्क।
- 7:39:39यहां पर तो इंटरनेट की बात हो रही है।
- 7:39:43वेब सर्वर लैन तो हो ही नहीं सकता। यहां
- 7:39:47पर बोल रहा है वायरलेस एप्लीकेशन
- 7:39:49प्रोटोकॉल। ऐसी प्रोटोकॉल मैंने आपको कोई
- 7:39:51पढ़ाई है? नहीं पढ़ाई थी। दूसरे में कह
- 7:39:55रहा है डब्ल्यू लेन वायरलेस लोकल एरिया
- 7:39:58नेटवर्क। भैया वायर लोकल एरिया नेटवर्क हो
- 7:40:00चाहे वायरलेस लोकल एरिया नेटवर्क हो।
- 7:40:02इंटरनेट इज अनदर थिंग। और जब इंटरनेट पर
- 7:40:05आप कंप्यूटर को यूज कर रहे हो और वह
- 7:40:06एचटीटीपी प्रोटोकॉल यूज कर रहा है। दैट
- 7:40:09मींस कि वेब सर्वर की बात हो रही है।
- 7:40:14ठीक है? हां।
- 7:40:19अगला देखिएगा।
- 7:40:21इनमें से बोल रहा है आपसे
- 7:40:24व्हिच इज फोकस्ड ऑन लोकल चाइनीस मार्केट।
- 7:40:28व्हाइल जो दूसरा है इज ग्लोबल एंड
- 7:40:30कंटीन्यूअस टू एक्सपेंड।
- 7:40:34सर्च इंजन की बात कर रखी है। सर्च इंजन
- 7:40:36मैंने आपको पढ़ाए थे जिसमें BDU, Google,
- 7:40:38Yahoo सबकी मैंने बात करी थी। कह रहा है
- 7:40:42कौन सा ऐसा है जो कि लोकल चाइनीस मार्केट
- 7:40:44में फोकस करता है। तो आपको मैंने पढ़ाया
- 7:40:46हुआ है ऐसा कौन सा सर्च इंजन है? बायडू
- 7:40:48है। ठीक है?
- 7:40:51बायडू जोकल जो कि लोकल चाइनीस मार्केट का
- 7:40:54ही है। चाइना के बाहर आपको बायडू नहीं
- 7:40:56मिलेगा। जबकि दूसरे के बारे में बोल रहा
- 7:40:59है वाइल इज अ ग्लोबल एंड कंटीन्यूस टू
- 7:41:02एक्सपेंड। दुनिया में अगर सबसे ज्यादा कुछ
- 7:41:05एक्सपेंड कर रहा है तो मैंने आपको बताया
- 7:41:07था Google ही कर रहा है। ठीक है? तो यहां
- 7:41:09पर Google आना चाहिए।
- 7:41:13तो BDU एंड Google
- 7:41:16पहला ही ऑप्शन सही होना चाहिए। BDU एंड
- 7:41:18Google दूसरे में है Google Yahoo Google
- 7:41:21तो बिल्कुल यहां नहीं आ सकता भाई। बिल्कुल
- 7:41:23ही नहीं पहले में आ सकता।
- 7:41:26पहले में तो बायडू ही आएगा चाइनीस मार्केट
- 7:41:28जबकि तीसरे में Yahoo एंड बायडू है। चौथे
- 7:41:30में Google और बायडू है। यह उल्टा लिख
- 7:41:32दिया है। पहले में तो बायडू ही आएगा। आंसर
- 7:41:34है फर्स्ट वन। क्लियर है सभी को? खेम सिंह
- 7:41:38सही है आंसर।
- 7:41:42अगला देखो एक और लो यह तो बहुत ही सिंपल
- 7:41:46है। एचटीटीपीएस का फुल फॉर्म आपसे पूछा
- 7:41:48हुआ है। हाइपर टेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल
- 7:41:51और कल भी हम लोगों ने बात करी थी। एस अगर
- 7:41:53लग गया है दैट मींस फॉर सिक्योर। ठीक है?
- 7:41:56तो हाइपर टेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल
- 7:41:58सिक्योर पहला ही है।
- 7:42:04सिक्योर कहां पर यूज़ होता है? बैंक के
- 7:42:07सर्वर्स में, डिफेंस के सर्वर में या फिर
- 7:42:09किसी भी वेबसाइट का अगर लॉगिन पेज है जहां
- 7:42:12पर आप अपना पासवर्ड डालते हो इस वजह से
- 7:42:14वहां पर एस यूज़ होता है। अदरवाइज जनरली
- 7:42:17http ही यूज़ होता है।
- 7:42:21एक और देखिए व्हिच अमंग द फॉलोइंग डेवलप्ड
- 7:42:25द Firefox वेब ब्राउज़र? कल मैंने आपको
- 7:42:28बताया था जो Firefox वेब ब्राउज़र है, यह
- 7:42:31कौन सी कंपनी का है?
- 7:42:34Firefox वेब ब्राउज़र कौन सी कंपनी का है?
- 7:42:37यह mzla firfox कहलाता है ना? mzla कंपनी
- 7:42:41का है। ठीक है? Microsoft का वेब ब्राउज़र
- 7:42:44एज है। ईडीजीई
- 7:42:48netscape आपको पता ही है वेब ब्राउज़र है।
- 7:42:51एंड सोलरिस के बारे में हम लोगों ने बात
- 7:42:53ही नहीं करी है। ठीक है? क्लियर है? हां।
- 7:42:56मोजिला Firfox
- 7:42:59डन है। चलिए
- 7:43:02यह कुछ क्वेश्चन थे जो कि कल के हमारे
- 7:43:04बाकी थे। अब बढ़ते हैं आज अपने नए टॉपिक
- 7:43:07पर। आज का जो हमारा चैप्टर है दैट इज
- 7:43:11नेटवर्क
- 7:43:12या नेटवर्किंग। आप जिसे बोल सकते हो। बहुत
- 7:43:15ही इंपॉर्टेंट चैप्टर है। कभी ऐसा नहीं
- 7:43:17होता कि इससे क्वेश्चन ना पूछा जाए।
- 7:43:29ओके लेट्स स्टार्ट कंप्यूटर नेटवर्किंग
- 7:43:34भाई नेटवर्क या नेटवर्किंग पे बात करने से
- 7:43:37पहले एक सिंपल बात कर लेते हैं कि नेटवर्क
- 7:43:40किसको बोलते हैं? आपको मैंने कल भी बताया
- 7:43:43था सर आई एम एक्साइटेड फॉर ज्यग्राफी
- 7:43:45क्लासेस। मैं भी बहुत एक्साइटेड हूं।
- 7:43:48टेंशन फ्री रहिए। मंडे से स्टार्ट करते
- 7:43:50हैं ज्यग्राफी।
- 7:43:55मंडे है ना 19 तारीख 19 से स्टार्ट कर
- 7:43:58दूंगा।
- 7:44:01फर्स्ट ऑफ ऑल बात कर लेते हैं इस एक
- 7:44:03वर्ल्ड की नेटवर्क। नेटवर्किंग तो बहुत
- 7:44:06बाद की बात है। पहले नेटवर्क की बात करते
- 7:44:08हैं। नेटवर्क होता क्या है? यह तो पता हो
- 7:44:10हमें।
- 7:44:12व्हेन मल्टीपल कंप्यूटरटर्स आर
- 7:44:14इंटरकनेक्टेड विद ईच अदर। दिस इज कॉल्ड
- 7:44:17नेटवर्क। सिंपल सी बात। मैंने क्या बोली?
- 7:44:19मैंने कहा व्हेन मल्टीपल कंप्यूटरटर्स आर
- 7:44:23इंटरकनेक्टेड विद ईच अदर। दिस इज कॉल्ड
- 7:44:26नेटवर्क।
- 7:44:27हिंदी में अगर बोलूं तो जब कई सारे
- 7:44:30कंप्यूटर आपस में इंटरकनेक्टेड होते हैं,
- 7:44:32आपस में जुड़े होते हैं। उसी को हम क्या
- 7:44:35बोलते हैं? नेटवर्क। नेटवर्क के कई सारे
- 7:44:38प्रकार होते हैं। बट सिंपली अगर हम
- 7:44:40नेटवर्क की बात करें तो बस यही डेफिनेशन
- 7:44:43है कि जब हम कई सारी डिवाइसेस या
- 7:44:45कंप्यूटरटर्स को आपस में कनेक्ट करते हैं
- 7:44:47तो वो नेटवर्क कहलाता है। चाहे आप लन से
- 7:44:51दो कंप्यूटर को आपस में कनेक्ट कर दीजिए
- 7:44:53वो भी नेटवर्क है। चाहे आप अपने मोबाइल से
- 7:44:56अपने दोस्त के मोबाइल को ब्लूटूथ से
- 7:44:58कनेक्ट कर दीजिए। वह भी नेटवर्क है। चाहे
- 7:45:00आप वायर के थ्रू कनेक्ट कर दीजिए। वो भी
- 7:45:02नेटवर्क है। आप अपने लैपटॉप और अपने फोन
- 7:45:05को केबल से कनेक्ट कर दीजिए। वो भी
- 7:45:07नेटवर्क है। आप किसी को हॉटस्पॉट दे दीजिए
- 7:45:10अपनी डिवाइस से। वो भी नेटवर्क है। कभी भी
- 7:45:13दो डिवाइस या दो से ज्यादा डिवाइस जब आपस
- 7:45:16में इंटरकनेक्टेड होंगी तो वो अपने आप में
- 7:45:19एक नेटवर्क होगा। नेटवर्क दो या दो से
- 7:45:22अधिक कंप्यूटर डिवाइसों का समूह होता है
- 7:45:25जो आपस में जुड़े होते हैं। यूज किस लिए
- 7:45:28होता है? डाटा शेयर करने के लिए,
- 7:45:29रिसोर्सेज एंड सर्विज देने के लिए। सर्विज
- 7:45:32देने का इन द सेंस कि भाई जैसे कि
- 7:45:37आपको आपकी टीवी में जो आपको न्यूज़ चैनल्स
- 7:45:40दिखाई दे रहे हैं तो वो कहां से टेलीकास्ट
- 7:45:42हो रहे हैं? न्यूज़ चैनल से टेलीकास्ट हो
- 7:45:44रहे हैं। आपकी टीवी उससे नेटवर्क के थ्रू
- 7:45:47कनेक्टेड है। तभी आपको आपकी टीवी में
- 7:45:49समाचार सुनाई दे रहे हैं। ठीक है? जैसे कि
- 7:45:52मैं भी आपको सर्विस दे रहा हूं। सिलेक्शन
- 7:45:54वे आपको सर्विस दे रहा है। आप सिलेक्शन वे
- 7:45:56ऐप खोल रहे हो। इंटरनेट के थ्रू कनेक्टेड
- 7:45:59हो और उसमें आप मेरी क्लास देख पा रहे हो।
- 7:46:01तो यह भी आपको क्या मिल रही है? सर्विस
- 7:46:04मिल रही है। तो डाटा शेयर करने के लिए
- 7:46:07रिसोर्सेज पहुंचाने के लिए भी हो सकता है
- 7:46:09और सर्विज के लिए भी हो सकता है। डिवाइसेस
- 7:46:12आर कनेक्टेड यूजिंग वायर्ड और वायरलेस
- 7:46:15मीडिया। अब नेटवर्क में भी बेसिक दो
- 7:46:18प्रकार होते हैं। कौन-कौन से? एक तो आप
- 7:46:20वायर के थ्रू कनेक्ट हो सकते हो। दूसरा
- 7:46:24ऑप्शन है आपके पास या तो आप वायरलेस के
- 7:46:27थ्रू कनेक्ट हो सकते हो। मतलब या तो आप
- 7:46:30फिजिकल कनेक्ट हो सकते हो
- 7:46:33या तो आप वर्चुअल कनेक्ट हो सकते हो।
- 7:46:35दोनों ऑप्शन है आपके पास नेटवर्किंग में।
- 7:46:38जैसे आप मुझसे इस टाइम कैसे कनेक्टेड हो?
- 7:46:41आप वर्चुअली कनेक्टेड हो।
- 7:46:44ठीक है? लेकिन अगर आपने अपने फोन को अपने
- 7:46:47लैपटॉप से इसकी लीड के थ्रू कनेक्ट कर
- 7:46:50दिया तो वो वायर नेटवर्क कहलाएगा। मतलब वो
- 7:46:52फिजिकल नेटवर्क कहलाएगा।
- 7:46:54क्लियर हो गई बात? तो आपके पास दो तरीके
- 7:46:57हैं। जब हम वायर के थ्रू कनेक्ट होते हैं
- 7:46:59तो उसे वायर्ड मीडियम बोला जाता है। जब हम
- 7:47:01बिना वायर के कनेक्ट होते हैं तो उसे
- 7:47:03वायरलेस मीडियम बोला जाता है।
- 7:47:06इट इनेबल्स कम्युनिकेशन बिटवीन यूज़र्स एंड
- 7:47:09सिस्टम। जब नेटवर्क हम बनाते हैं तो उस
- 7:47:12केस में कम्युनिकेशन होता है। या तो
- 7:47:14यूज़र्स के बीच में कम्युनिकेशन होगा या तो
- 7:47:16डिवाइसेस के बीच में कम्युनिकेशन होगा।
- 7:47:18जैसे आपने मुझे वीडियो कॉल लगाई। मैं आपको
- 7:47:21देख के बोल रहा हूं। आप मुझे देख पा रहे
- 7:47:23हैं।
- 7:47:25तो इसको क्या बोलेंगे? यूजर नेटवर्क
- 7:47:29कि दो यूजर आपस में बात कर रहे हैं।
- 7:47:33ठीक है? और अगर हम बात करें हमारी
- 7:47:36डिवाइसेस की तो एक तरीके से आप देखो हमारी
- 7:47:38डिवाइसेस भी तो आपस में बात कर रही हैं
- 7:47:40ना। बस वह बोल नहीं रही हैं हमारी और आपकी
- 7:47:43तरह लेकिन वह कम्युनिकेट हो रही हैं। या
- 7:47:45मान लीजिए आपने अपने फोन को का डाटा
- 7:47:48लैपटॉप में ट्रांसफर करने के लिए दोनों को
- 7:47:50कनेक्ट किया तो अब आपकी डिवाइसेस कनेक्ट
- 7:47:52हो रखी हैं। मतलब सिस्टम कनेक्ट हो रखे
- 7:47:54हैं।
- 7:47:57नेटवर्क में भी टाइप्स ऑफ नेटवर्क क्या
- 7:47:59है? देखिए एक ही बार में मैं आपको समझाता
- 7:48:01हूं। मेन टाइप ऑफ नेटवर्क कौन से हैं?
- 7:48:10टाइप्स ऑफ
- 7:48:14नेटवर्क
- 7:48:16बेसिकली कौन-कौन से होते हैं। ठीक है?
- 7:48:24पहला ध्यान रखेंगे
- 7:48:27जो आपका सबसे छोटा नेटवर्क होता है उसको
- 7:48:29क्या बोलते हैं? उसको बोलते हैं पेन।
- 7:48:35पैन का मतलब है ध्यान दीजिएगा बहुत यहां
- 7:48:39पर पैन का मतलब है पर्सनल
- 7:48:43एरिया
- 7:48:44नेटवर्क
- 7:48:49दूसरा
- 7:48:51पेन से बड़ा नेटवर्क कौन सा होता है तो
- 7:48:53इससे बड़ा होता है लन
- 7:48:58लन का मतलब क्या है इसको बोलते हैं
- 7:49:03लोकल एरिया नेटवर्क वर्क
- 7:49:08लेन से बड़ा नेटवर्क कौन सा होता है? तो
- 7:49:11इससे बड़ा होता है कैन।
- 7:49:15कैन का मतलब है
- 7:49:18कैंपस
- 7:49:20एरिया
- 7:49:23नेटवर्क।
- 7:49:25कैंपस एरिया नेटवर्क। ठीक है? कैन से भी
- 7:49:29बड़ा नेटवर्क कौन सा है?
- 7:49:31तो इससे बड़ा नेटवर्क होता है मैन।
- 7:49:36मैन का मतलब है
- 7:49:39मेट्रो
- 7:49:41पॉलिटन
- 7:49:44एरिया नेटवर्क।
- 7:49:47मेट्रोपॉलिटन एरिया नेटवर्क।
- 7:49:52और इससे भी बड़ा नेटवर्क कौन सा होता है?
- 7:49:55या आप बोल सकते हो सबसे बड़ा नेटवर्क कौन
- 7:49:57सा होता है? दिस इज वैन
- 7:50:02इसको बोलते हैं वाइड एरिया नेटवर्क।
- 7:50:08वाइड एरिया नेटवर्क।
- 7:50:12इतनी बात क्लियर है सभी को? इतनी बात
- 7:50:15क्लियर है? कोई दिक्कत तो नहीं भाई? यहां
- 7:50:18तक क्लियर है?
- 7:50:22सॉर्टेड है। ठीक है? अब देखिएगा
- 7:50:27इन सब में अगर आप देखो तो कॉमन क्या है?
- 7:50:30कॉमन आपको क्या मिल रहा है? एरिया
- 7:50:35और दूसरा नेटवर्क कॉमन मिल रहा है। इसका
- 7:50:39मतलब यह है नेटवर्क से हमें यह पता लग रहा
- 7:50:42है कि इसका मतलब यह है पहली चीज तो यह
- 7:50:44क्लियर होती है यह भले ही पांच तरीके के
- 7:50:47नेटवर्क हो लेकिन यह सब है नेटवर्क।
- 7:50:51यही तो कारण है कि यह नेटवर्क के प्रकार
- 7:50:53हैं। दूसरी चीज यहां पर एरिया हमें कॉमन
- 7:50:57मिल रहा है। इसका मतलब यह है कि अगर यह
- 7:50:59पांच तरीके के नेटवर्क हैं तो ये पांचों
- 7:51:02नेटवर्क आपस में एरिया की ही वजह से एक
- 7:51:05दूसरे को डिफरेंशिएट करते हैं। या आप यह
- 7:51:08बोल सकते हो एरिया की ही वजह से ये पांचों
- 7:51:11नेटवर्क आपस में एक दूसरे से भिन्न है,
- 7:51:14अलग हैं। तो अगर हम इनका एरिया समझ पाए तो
- 7:51:19हम यह समझ जाएंगे कि यह पांचों नेटवर्क
- 7:51:22किस प्रकार से एक दूसरे से अलग है और फिर
- 7:51:24हम आंसर कर पाएंगे जब भी हमसे टाइप ऑफ
- 7:51:27नेटवर्क से क्वेश्चन पूछा जाएगा।
- 7:51:30बात आ रही है समझ? तो फर्स्ट ऑफ ऑल देखो
- 7:51:33पैन। पैन का मतलब क्या है? पर्सनल एरिया
- 7:51:36नेटवर्क। आप नाम से ही समझ जाइए। नेटवर्क
- 7:51:38का वो प्रकार जो कि पर्सनल यूज़ के लिए
- 7:51:41डेवलप किया जा रहा है। दैट इज कॉल्ड
- 7:51:43पर्सनल एरिया नेटवर्क। अब इसका एग्जांपल
- 7:51:46क्या हो सकता है?
- 7:51:49जैसे आप खड़े हुए हैं। आपने किसी को बोला
- 7:51:52आपने कहा भैया हमारा नेटवर्क नहीं चल रहा
- 7:51:54है। मुझे हॉटस्पॉट दे दो। आपका पर्सनल
- 7:51:57यूज़ है ना? आपका पर्सनल यूज़ है ना? उस
- 7:52:00बंदे ने आपको हॉटस्पॉट दे दिया। आप दोनों
- 7:52:03की डिवाइसेस कनेक्ट हो गई। यह एग्जांपल है
- 7:52:05पर्सनल एरिया नेटवर्क का।
- 7:52:08आपने अपने फोन को लैपटॉप से कनेक्ट किया
- 7:52:11कुछ फाइल ट्रांसफर करने के लिए। यह भी
- 7:52:13एग्जांपल किसका है? पैन का। पर्सनल एरिया
- 7:52:16नेटवर्क का। सबसे छोटा एरिया होता है यह
- 7:52:19नेटवर्क का। मुश्किल से 5 से 10 मीटर में
- 7:52:23आप इसको कनेक्ट करते हो दो डिवाइसेस को।
- 7:52:26बस इतने ही एरिया में 5 से 10 मीटर में।
- 7:52:30पेन के बाद अगला है लन। लोकल एरिया
- 7:52:33नेटवर्क। लोकल एरिया नेटवर्क की खास बात
- 7:52:35यह है कि आप इसमें किसी रूम
- 7:52:41हॉल
- 7:52:43और बिल्डिंग
- 7:52:52में आप इसे स्टेबल करते हो। मतलब आप यह
- 7:52:55बोल सकते हो कि एक रूम में कई सारे
- 7:52:57कंप्यूटर आपने रखे हुए हैं। उन सबको आपस
- 7:53:00में कनेक्ट कर रखा है। या फिर एक बड़ा हॉल
- 7:53:03है या फिर एक बिल्डिंग है कई फ्लोर की। उन
- 7:53:05सभी में आपने कंप्यूटर को आपस में कनेक्ट
- 7:53:07कर रखा है। तो यह एग्जांपल होगा लन का
- 7:53:10लोकल एरिया नेटवर्क का। इसके बेस्ट
- 7:53:12एग्जांपल क्या है? इसका बेस्ट एग्जांपल
- 7:53:16होगा
- 7:53:18साइबर कैफेस।
- 7:53:20आप साइबर कैफे में जाते हैं ना वहां आप
- 7:53:23देखते हो 510 कंप्यूटर रखे रहते हैं। वह
- 7:53:26कंप्यूटर आपस में कनेक्टेड होते हैं। एक
- 7:53:28जो
- 7:53:30साइबर कैफे का मालिक होता है वह अपने
- 7:53:32सामने कंप्यूटर रखता है। वह सर्वर की तरह
- 7:53:34काम करता है।
- 7:53:36या फिर आपके कॉलेज में लैब होगी कंप्यूटर
- 7:53:38लैब या स्कूल में लैब है, यूनिवर्सिटी में
- 7:53:41लैब है। वो भी लन का ही एग्जांपल है। या
- 7:53:44फिर मान लीजिए किसी एक बिल्डिंग में ऑफिस
- 7:53:47है। उस ऑफिस के अंदर जितने कंप्यूटर हैं,
- 7:53:49वह सब कनेक्टेड हैं। वह भी लन का एग्जांपल
- 7:53:51है। यह सब लन के एग्जांपल हैं।
- 7:53:55ठीक है?
- 7:54:00सर, प्लीज कोर्स लेने का क्या फायदा है?
- 7:54:03जब कोई डाउट क्लियर नहीं होता है, मेल का
- 7:54:05भी जवाब नहीं मिलता। WhatsApp में करो तो
- 7:54:08उसका भी जवाब नहीं मिलता है। आपका क्या
- 7:54:12क्वेश्चन है? मुझे यह बताइए। वीरेंद्र
- 7:54:14क्या क्वेश्चन है?
- 7:54:19जी हां ट्रिपल सी के लिए कर सकते हैं आराम
- 7:54:22से।
- 7:54:23सर गगन सर सर को बोला था कि मैथ्स के
- 7:54:26क्लास कंप्लीट डाल दीजिए इसी कोर्स वाले।
- 7:54:31ओके ओके
- 7:54:33यार मैं फॉरवर्ड करता हूं आपका कंसर्न।
- 7:54:36ठीक है गगन सर के पास। डोंट वरी।
- 7:54:41आज ही 100% हो जाएगा। जो भी इशू आपको आ
- 7:54:45रहा है।
- 7:54:46और मैं यह भी स्पेशली बोलता हूं कि अगर
- 7:54:49कोई बच्चा मैसेज कर रहा है WhatsApp पर तो
- 7:54:51उसका जवाब दिया जाए।
- 7:55:05कुछ बच्चे बहुत परेशान हैं रिप्लाई को
- 7:55:09लेकर। परेशान मत होइए। मैं टीम की तरफ से
- 7:55:12आपको सॉरी बोलता हूं। ठीक है? कोई दिक्कत
- 7:55:15नहीं है। मैं बोल दूंगा। मैं गगन सर की
- 7:55:17क्लास के लिए भी बोल दूंगा। परेशान ना
- 7:55:19होइए। मैं आज आपका कंसर्न पहुंचा दूंगा।
- 7:55:23मैंने फोटो ले ली है। अभी क्लास के बाद ही
- 7:55:25मैं पहुंचा दूंगा आपका कंसर्न। परेशान ना
- 7:55:27होइए। धैर्य बनाए रखिए।
- 7:55:36सर गवर्नर जनरल बैच टू में कब होगा? बैच
- 7:55:40टू में गवर्नर जनरल अभी नहीं हुआ। मैं
- 7:55:42क्लास डलवा देता हूं। रुको उसकी भी।
- 7:56:08सर एंजायटी हो रही है। डेट नजदीक आ रही
- 7:56:10है। देखिए, इस चीज में आपको खुद के ऊपर
- 7:56:13कंट्रोल रखना होगा। जीवन में अगर इन
- 7:56:15समस्याओं से आप लड़ नहीं पाएंगे, तो कैसे
- 7:56:18जीतेंगे?
- 7:56:20एंग्जायटी क्यों हो रही है? क्या आपने
- 7:56:22तैयारी नहीं करी है? करी है ना? क्या आपने
- 7:56:25मेहनत नहीं करी दिल से? आपने दूसरों से
- 7:56:28ज्यादा मेहनत करी है। आपको अगर ए्जायटी हो
- 7:56:31रही है तो वाकई में यह अच्छी बात है।
- 7:56:35अच्छी बात इसलिए है क्योंकि आपने मेहनत
- 7:56:37करी है।
- 7:56:3990% स्टूडेंट सिर्फ और सिर्फ फॉर्म इसलिए
- 7:56:42भरता है कि उसके सोना बाबू की शादी हो
- 7:56:45जाएगी कहीं पर। इसलिए फॉर्म भर लिया। कुछ
- 7:56:48उनमें से ऐसे हैं जिनको मोहल्ले में किसी
- 7:56:50को दिखाना है। कुछ ऐसे हैं जिनके पिताजी
- 7:56:53और माताजी ने कहा हुआ है कि सरकारी नौकरी
- 7:56:55लेनी है और कुछ ऐसे हैं जो कि फिल्मों को
- 7:56:58देखकर ऑब्जेस्ड हैं कि मुझे वर्दी चाहिए।
- 7:57:01इस तरीके के जितने भी कैंडिडेट हैं उनका
- 7:57:03सिलेक्शन नहीं होता है। वो बिल्कुल भी
- 7:57:06सीरियस नहीं है। बिल्कुल भी पढ़ाई नहीं
- 7:57:08करते हैं। आप में अगर ए्जायटी आ रही है तो
- 7:57:10यह अच्छी बात है। एंजायटी इसलिए है कि
- 7:57:12आपने मेहनत करी है। लेकिन इसको ओवर
- 7:57:15एंजायटी मत बनने दीजिए। डर सबको लगता है।
- 7:57:20सुनी है ना टैगलाइन? हां, सबको लगता है।
- 7:57:22सचिन तेंदुलकर को भी लगता था, डेलस्टेन को
- 7:57:26भी लगता था मार खाने से पहले और स्वयब
- 7:57:28अख्तर को भी लगता था वीरेंद्र सहवाग के
- 7:57:30आगे।
- 7:57:32डर सबको लगता है
- 7:57:34लेकिन जीत उसी के आगे है। डर को इतना हावी
- 7:57:37नहीं होने देना है। थोड़ा डर है नॉर्मल
- 7:57:40है। ह्यूमन हार्मोन होते हैं बनते हैं
- 7:57:43ढलते हैं होता है। अगर हमने मेहनत करी है,
- 7:57:47अगर फैसले की डेट आने वाली होती है,
- 7:57:50एग्जाम की डेट आने वाली होती है, डर लगेगा
- 7:57:52लाजमी है। इंसान है हम लोग रोबोट नहीं है।
- 7:57:55लेकिन इसको इतना भी ना बढ़ जाने दीजिए कि
- 7:57:57उस दिन जाके हाथ कांप जाए और सारी मेहनत
- 7:58:00खराब हो जाए। एक 2 साल की मेहनत जो हमने
- 7:58:03इतनी मेहनत से करी हुई है और वो एग्जाम
- 7:58:05हॉल में जाकर गड़बड़ा जाए।
- 7:58:08ठीक है? तो ऐसा मत होने दीजिए।
- 7:58:12बाकी डर लग रहा है। यह कोई नई बात नहीं
- 7:58:14है। नॉर्मल बहुत बात है और इसमें कुछ
- 7:58:17खराबी नहीं है।
- 7:58:20जिन्होंने ऐसे ही फॉर्म भर दिया है उनको
- 7:58:23बिल्कुल डर नहीं लगता। क्योंकि उनको पता
- 7:58:25है उन्होंने कोई तैयारी वयारी करी नहीं है
- 7:58:27तो उन्हें डरने की भी जरूरत नहीं है। ऐसे
- 7:58:30ही जाकर उन्हें टाइम पास करके आ जाना है।
- 7:58:32बट आप उनमें से अलग हो। बिलीव रखिए अपने
- 7:58:35आप के ऊपर।
- 7:58:38ओके?
- 7:58:43चलिए आगे बढ़ते हैं। ध्यान दीजिएगा यहां
- 7:58:45पर। तो लन आपको पता लग गया। पैन लग गया।
- 7:58:49पेन एक बार फिर से रिपीट करता हूं। पैन
- 7:58:51पर्सनल यूज के लिए डेवलप किया हुआ नेटवर्क
- 7:58:54है जो कि आपका 5 से 10 मीटर की रेंज में
- 7:58:57होता है। दूसरा है लन लोकल एरिया नेटवर्क
- 7:59:01जो कि बेसिकली एक कमरे में या बड़े हॉल
- 7:59:05में या एक बिल्डिंग में कई सारे कंप्यूटर
- 7:59:08को जब हम आपस में इंटरकनेक्टेड करते हैं
- 7:59:10तो वो लन का एग्जांपल होता है। तीसरा है
- 7:59:13कैन। कैन जिसको बोलते हैं कैंपस एरिया
- 7:59:16नेटवर्क। अब देखिए कैन को आप ऐसे ले सकते
- 7:59:19हैं जब मल्टीपल लैंड मिलते हैं तो बनता है
- 7:59:24कैन। कैन का एग्जांपल मैं आपको देता हूं।
- 7:59:30जैसे मान लीजिए यह एक यूनिवर्सिटी है। यह
- 7:59:34एक यूनिवर्सिटी है। ठीक है? इस
- 7:59:36यूनिवर्सिटी के अंदर यह एक बिल्डिंग है।
- 7:59:38यह बिल्डिंग
- 7:59:41बीटेक की है। मतलब इंजीनियरिंग कॉलेज है।
- 7:59:44यह बिल्डिंग है।
- 7:59:46यह आर्किटेक्चर वालों की बिल्डिंग है।
- 7:59:50यहां पर आर्किटेक्चर की पढ़ाई होती है। यह
- 7:59:53एक बिल्डिंग है। यहां पर मेडिकल की पढ़ाई
- 7:59:56होती है। तो यह मेडिकल कॉलेज है।
- 7:59:59यह वाली बिल्डिंग है। यह आर्ट्स कॉलेज है।
- 8:00:05यह वाली बिल्डिंग है। यह लॉ कॉलेज है।
- 8:00:09और यह एक बिल्डिंग है जो कि एडमिन
- 8:00:12बिल्डिंग है। एडमिन जहां पर
- 8:00:16यूनिवर्सिटी का मालिक बैठता है। ठीक है?
- 8:00:18अब यह जितनी भी कॉलेज हैं यूनिवर्सिटी के
- 8:00:21अंदर इनमें सब में कई सारे कंप्यूटर हैं।
- 8:00:25इंजीनियरिंग वाली बिल्डिंग में कई सारे
- 8:00:27कंप्यूटर हैं। ठीक है?
- 8:00:29आर्किटेक्चर वाली बिल्डिंग में कई
- 8:00:31कंप्यूटर हैं। मेडिकल वाली में कई
- 8:00:33कंप्यूटर हैं। आर्ट वाले में कई कंप्यूटर
- 8:00:35हैं। लॉ वाले में कई कंप्यूटर हैं। अगर हम
- 8:00:38पर्टिकुलर बिल्डिंग की बात करें तो यह
- 8:00:40अपने आप में लन है। यह सब कंप्यूटर आपस
- 8:00:43में कनेक्टेड है। यह लन है। यह भी क्या
- 8:00:46है? यह भी क्या है? यह सब क्या है? लन है।
- 8:00:50लेकिन मुझे एक बात बताइए। कोई तो ऐसा
- 8:00:52सर्वर होगा यूनिवर्सिटी का जहां पर
- 8:00:55यूनिवर्सिटी के सभी कॉलेजेस का डाटा होगा।
- 8:00:59ठीक है? तो एडमिन वाली जो बिल्डिंग है,
- 8:01:03यहां पर हम मान लेते हैं कि सर्वर होगा।
- 8:01:05इस सर्वर में इन सभी का डाटा आता होगा।
- 8:01:10ठीक है? क्लियर हो रही है बात? तो जब हम
- 8:01:13पर्टिकुलर बिल्डिंग की बात कर रहे हैं, तो
- 8:01:15यह हमें लन मिल रहा है। लोकल एरिया
- 8:01:18नेटवर्क मिल रहा है यहां पर। ठीक है?
- 8:01:20लेकिन अगर हम इस पूरे प्रेमाइसेस की बात
- 8:01:23कर दें, इस पूरी यूनिवर्सिटी की बात कर
- 8:01:25दें, तो यह एग्जांपल किसका हो जाएगा? यह
- 8:01:28एग्जांपल हो जाएगा कैंपस एरिया नेटवर्क
- 8:01:31का। कैन का एग्जांपल हो जाएगा।
- 8:01:35बात आई समझ?
- 8:01:42तो यह एग्जांपल हो गया हमारा कैंपस एरिया
- 8:01:44नेटवर्क का। ठीक है? अभी इसके बाद जो अगला
- 8:01:48है यह है मैन मेट्रोपॉलिटन एरिया नेटवर्क।
- 8:01:51नाम से ही आप इसे भी समझ सकते हो।
- 8:01:53मेट्रोपॉलिटन मींस क्या है? मतलब एक ऐसा
- 8:01:56नेटवर्क जो कि हमें एक शहर से दूसरे शहर
- 8:01:59में कनेक्ट करने का काम करता है। ठीक है?
- 8:02:02जैसे एग्जांपल आपने अभी फोन मिला दिया। आप
- 8:02:05दिल्ली में बैठे हो। आपने फोन मिला दिया
- 8:02:07बोर में अपने किसी दोस्त को। तो यह जो
- 8:02:10नेटवर्क आपको कनेक्ट कर रहा है। दिस इज द
- 8:02:13एग्जांपल ऑफ मैन मेट्रोपॉलिटन एरिया
- 8:02:16नेटवर्क। इसका एक और एग्जांपल आपको दे
- 8:02:18सकता हूं। जैसे आप दिल्ली में बैठे हो और
- 8:02:21आपको टिकट करनी है पटना से लेकर जयपुर तक
- 8:02:25की। तो आप खुद देखिए आप दिल्ली में बैठे
- 8:02:28हो। आपको टिकट करनी है पटना से जयपुर तक
- 8:02:31की।
- 8:02:33आप ना ही पटना गए ना ही जयपुर गए। आपने
- 8:02:36टिकट यहां पे बैठे-बैठे ले लिया।
- 8:02:40अब यह जो अवेलेबिलिटी आपको दिखा रहा है
- 8:02:43सर्वर से कि पटना से यह ट्रेन खाली जा रही
- 8:02:46है और जयपुर तक की आपको टिकट मिल सकती है।
- 8:02:49यह भी आपका मैन का एग्जांपल है। तो
- 8:02:52मेट्रोपॉलिटन एरिया नेटवर्क एक ऐसा
- 8:02:54नेटवर्क है जो कि बिय्ड द सिटीज हमें
- 8:02:56कनेक्ट करता है।
- 8:02:59मतलब एक शहर से दूसरे शहर में कनेक्ट करता
- 8:03:01है। लेकिन ध्यान रखिएगा विद इन कंट्री ही
- 8:03:03यह कनेक्ट करेगा। ऐसा नहीं कि आप दिल्ली
- 8:03:07में बैठे और न्यूयॉर्क पे आपने कनेक्ट कर
- 8:03:09लिया। नहीं वह मैन का एग्जांपल नहीं है।
- 8:03:12विद इन कंट्री आप वन सिटी टू अनदर सिटी
- 8:03:15कनेक्ट कर सकते हो। फोन कॉल इसका बेस्ट
- 8:03:18एग्जांपल है। और सबसे लास्ट में आता है
- 8:03:21वैन। यह टाइप्स ऑफ नेटवर्क में सबसे बड़ा
- 8:03:24एरिया नेटवर्क है। वैन का मतलब वाइड एरिया
- 8:03:27नेटवर्क और इसका बेस्ट एग्जांपल एक ही हो
- 8:03:29सकता है। और यह है इंटरनेट।
- 8:03:34इंटरनेट का मतलब है बिय्ड कंट्रीज
- 8:03:37बाउंड्री लाइन। मतलब देश की सीमा रेखा के
- 8:03:40बाहर जब आप कनेक्ट करते हो इट विल बी द
- 8:03:43एग्जांपल ऑफ वैन। आज की डेट में आप देखिए
- 8:03:47इंटरनेट के थ्रू आप दुनिया में किसी भी
- 8:03:49कोने में कनेक्ट कर सकते हो। क्यों?
- 8:03:51क्योंकि इंटरनेट एग्जांपल किसका है? वैन
- 8:03:54का। वाइड एरिया नेटवर्क का। जहां पर कोई
- 8:03:58भी कंट्री की बाउंड्री लाइन लिमिटेशन नहीं
- 8:04:00है। आप कनाडा में कर सकते हो। आप जापान
- 8:04:03में बैठे हुए यहां से चैट कर सकते हो। आप
- 8:04:05चाइना से कोई भी सामान यहां मंगा सकते हो।
- 8:04:09यह सब आप कैसे कर पा रहे हो? जस्ट बिकॉज़
- 8:04:11ऑफ इंटरनेट। तो ओवरऑल आपने देखा ये जो
- 8:04:13फाइव टाइप ऑफ नेटवर्क है
- 8:04:16ये छोटे से लेकर बड़े एरिया तक मैंने
- 8:04:18इसीलिए लिखे थे। पैन सबसे छोटा उससे बड़ा
- 8:04:21लन। लन से बड़ा नेटवर्क कैन मैन एंड देन
- 8:04:25वैन। अच्छा मुझे एक बात बताइए। अब मैं
- 8:04:27आपसे एक क्वेश्चन पूछता हूं। मुझे आप
- 8:04:29बताइए कोई एक रेलवे स्टेशन है।
- 8:04:34रेलवे स्टेशन यह कौन सी कैटेगरी के
- 8:04:37नेटवर्क में आएगा? पैन, लन, कैन या मैन?
- 8:04:42बताइए। रेलवे स्टेशन में मान लीजिए
- 8:04:45वाई-फाई फ्री मिल रहा है आपको। ठीक है?
- 8:04:48तो, यह किस तरीके का नेटवर्क होगा?
- 8:04:54यह किस तरीके का नेटवर्क होगा?
- 8:04:59यह नेटवर्क होगा। कई लोग अब इसमें बोलेंगे
- 8:05:02लन का होगा। लेकिन नहीं लन का यह नहीं
- 8:05:05होगा। ध्यान रखना लन का जो एरिया है यह 50
- 8:05:08टू 60 मीटर तक ही होता है। 50 से 60 मीटर
- 8:05:12तक ही होगा।
- 8:05:14जबकि कैन जो है आपका ठीक है? यह इसके ऊपर
- 8:05:17जाएगा। तो ये जो रेलवे स्टेशन है आप खुद
- 8:05:20सोचिए कोई रेलवे स्टेशन क्या केवल 506
- 8:05:23मीटर की ही रेंज में होता है? नहीं।
- 8:05:26वह लन से तो बड़ा ही होता है और अगर लन से
- 8:05:29बड़ा हो गया दैट मींस यह कैन की कैटेगरी
- 8:05:31में आएगा।
- 8:05:35मैंने आपको कौन-कौन से नेटवर्क बताए थे?
- 8:05:37पहला मैंने आपको बताया था पैन
- 8:05:40जिसको बोलते हैं पर्सनल एरिया नेटवर्क।
- 8:05:42दूसरा इससे बड़ा नेटवर्क जिसको लन बोलते
- 8:05:45हैं लोकल एरिया नेटवर्क। तीसरा जिसको
- 8:05:49बोलते हैं कैन
- 8:05:52कैंपस एरिया नेटवर्क। चौथा जिसको बोलते
- 8:05:55हैं मैन मेट्रोपॉलिटन एरिया नेटवर्क और
- 8:05:59पांचवा जिसको बोलते हैं वैन वाइड एरिया
- 8:06:02नेटवर्क। इन सभी के एग्जांपल भी मैंने
- 8:06:05आपको दे दिए थे। अब कहानी आगे बढ़ेगी।
- 8:06:10ओवरव्यू फिर भी दे देता हूं। पैन एक
- 8:06:12पर्सनल नेटवर्क होता है। एग्जांपल है
- 8:06:14इसका। जैसे कि आपने अपनी मोबाइल डिवाइस
- 8:06:18ब्लूटूथ से किसी के थ्रू कनेक्ट कर ली या
- 8:06:20फिर आप अपने मोबाइल का डाटा लैपटॉप में
- 8:06:22लेना चाहते हो। आपने वायर से लैपटॉप में
- 8:06:25कनेक्ट कर दिया। इस तरीके के पर्सनली यूज
- 8:06:27होने वाले जो नेटवर्क हैं, वह पर्सनल
- 8:06:30एरिया नेटवर्क की कैटेगरी में आते हैं।
- 8:06:32यूजुअली 8 से 10 मीटर के डिस्टेंस में यह
- 8:06:35यूज किए जाते हैं। उसके बाद लन आते हैं।
- 8:06:38लन की खास बात यह होती है कि इनकी जो रेंज
- 8:06:41होती है यह करीब आप मान लीजिए 40 से लेकर
- 8:06:4460 मीटर तक की इनकी रेंज होती है।
- 8:06:47एग्जांपल जैसे कि एक कम कमरे के अंदर कई
- 8:06:50सारे कंप्यूटर आपस में कनेक्ट कर दिया
- 8:06:52आपने। साइबर कैफे उसका एग्जांपल है या फिर
- 8:06:56एक बिल्डिंग तक में आप कंप्यूटरटर्स को
- 8:06:58अगर आपस में इंटरकनेक्ट करते हो तो वह सब
- 8:07:00लोकल एरिया नेटवर्क में ही आ जाते हैं।
- 8:07:03इसके बाद आता है कैन। कैन एक ऐसा नेटवर्क
- 8:07:06है कैंपस एरिया नेटवर्क
- 8:07:09जो कि लन से बड़ा नेटवर्क होता है और मैन
- 8:07:13से छोटा नेटवर्क होता है। ठीक है?
- 8:07:15एग्जांपल जैसे कि अगर आपको वाईफाई मिल गया
- 8:07:19किसी रेलवे स्टेशन में तो रेलवे स्टेशन आप
- 8:07:22देख सकते हो 40 से 60 मीटर तक का तो होता
- 8:07:25नहीं है। रेलवे स्टेशन बहुत बड़े होते हैं
- 8:07:27इसके कंपैरिजन में। तो रेलवे स्टेशनों में
- 8:07:29अगर आप नेटवर्क यूज़ कर रहे हो या पूरी
- 8:07:31यूनिवर्सिटी का एक जो नेटवर्क है, यह सब
- 8:07:34कैन की कैटेगरी में आते हैं। एक
- 8:07:36यूनिवर्सिटी के अंदर कई सारे कॉलेज हैं।
- 8:07:38वह सारे कॉलेजेस के कंप्यूटर आपस में
- 8:07:40कनेक्टेड हैं। तो उस पूरे नेटवर्क को क्या
- 8:07:42बोलेंगे? कैन बोलेंगे। देन मैन मैंने आपको
- 8:07:45बताया था मेट्रोपॉलिटन एरिया नेटवर्क एक
- 8:07:48ऐसा नेटवर्क है जो कि आपको एक शहर से
- 8:07:51दूसरे शहर में कनेक्ट करने का काम करता
- 8:07:54है। लेकिन हां ध्यान रहे कंट्री की बॉर्डर
- 8:07:57लाइन के अंदर ही आप यह मत समझिएगा कि
- 8:07:59दिल्ली से न्यूयॉर्क आप कनेक्ट कर देंगे।
- 8:08:01नहीं मैन का मतलब है कंट्री के अंदर ही और
- 8:08:06एक से दूसरे शहर में कनेक्ट करने वाला।
- 8:08:08एग्जांपल आप जयपुर में बैठे हुए हैं। आपने
- 8:08:11भोपाल से बोर तक की अपनी फ्लाइट बुक कर
- 8:08:13दी। यह किस वजह से हो रहा है? जस्ट बिकॉज़
- 8:08:15ऑफ मेट्रोपॉलिटन एरिया नेटवर्क। एग्जांपल
- 8:08:18मैं दिल्ली में हूं। आप इस टाइम पर बिहार
- 8:08:21में पटना में है। मैंने आपको यहां से कॉल
- 8:08:23मिला दिया। तो हमारी जो बात हो पा रही है
- 8:08:25वो मेट्रोपॉलिटन एरिया नेटवर्क की ही वजह
- 8:08:27से हो पा रही है। और लास्ट में आता है
- 8:08:30वाइड एरिया नेटवर्क जो कि इन सभी में सबसे
- 8:08:32बड़ा एरिया कवर करता है। यह ग्लोबली कवर
- 8:08:36करता है। और इसका बेस्ट एग्जांपल है
- 8:08:38इंटरनेट।
- 8:08:40इंटरनेट।
- 8:08:42एक ऐसा नेटवर्क जो कि आपको ग्लोबली कनेक्ट
- 8:08:45करता है। आप दुनिया में कहीं पर भी किसी
- 8:08:47से भी कनेक्ट हो सकते हो। जस्ट बिकॉज़ ऑफ
- 8:08:51वाइड एरिया नेटवर्क। जैसे कि आप कहीं पर
- 8:08:54भी इस समय भारत में हैं। आप मेरी क्लास से
- 8:08:56जुड़ पा रहे हैं। जस्ट बिकॉज़ ऑफ इंटरनेट।
- 8:09:00यहां तक हम लोग पहुंच चुके थे। अब आगे
- 8:09:02बढ़ते हैं। इन पांच नेटवर्क के अलावा भी
- 8:09:06कुछ नेटवर्क होते हैं। जैसे कि एक वर्ड
- 8:09:09यूज़ किया जाता है सैन। सैन का मतलब क्या
- 8:09:11है? सैन को बोलते हैं स्टोरेज एरिया
- 8:09:14नेटवर्क। अब यह होता क्या है? देखिए, इसका
- 8:09:17बेस्ट एग्जांपल है एक बैंक। ठीक है? मान
- 8:09:19लीजिए आपका खाता जैसे किसी ना किसी बैंक
- 8:09:22में होगा। आप जब अपने बैंक में जाते हैं
- 8:09:25तो आपने देखा होगा आपकी ब्रांच में कई
- 8:09:28सारे कंप्यूटर हैं। आपकी ब्रांच में कई
- 8:09:31सारे कंप्यूटर हैं। आप इधर देखिए ऐसे मान
- 8:09:33लीजिए यह एक है। यह दो ये तीन। ये तीन मान
- 8:09:35लीजिए क्लर्क के काउंटर हैं। यह दो पीओ के
- 8:09:38काउंटर हैं। इन सबके सामने अपने-अपने
- 8:09:41कंप्यूटर हैं। एक ब्रांच मैनेजर है भाई।
- 8:09:43इसका भी कंप्यूटर हो गया। लेकिन इन सभी
- 8:09:45कंप्यूटरटर्स का डेटा एक जगह पर स्टोर तो
- 8:09:48हो रहा होगा ना। तो ये जो सबका डेटा इस
- 8:09:51जगह पर स्टोर हो रहा है। क्लियर हो रही है
- 8:09:54बात? तो ये इस केस में क्या कहलाएगा?
- 8:09:56स्टैन कहलाएगा। स्टोरेज एरिया नेटवर्क।
- 8:09:59क्योंकि ये जितने भी कंप्यूटर इस
- 8:10:01प्रमाइससेस में हैं, वह सब अपना डाटा कहां
- 8:10:03स्टोर कर रहे हैं? इस कंप्यूटर पर स्टोर
- 8:10:05कर रहे हैं। तो इस तरीके का नेटवर्क क्या
- 8:10:07कहलाता है? स्टोरेज एरिया नेटवर्क।
- 8:10:12बात आई समझ?
- 8:10:16एक वर्ड आपने यूज़ करते हुए कई लोगों को
- 8:10:19सुना होगा वीपीए।
- 8:10:21जिसको बोलते हैं वर्चुअल प्राइवेट
- 8:10:22नेटवर्क। नाम से ही आपको समझ आ रहा है
- 8:10:26वर्चुअल। वर्चुअल का मतलब जो कि फिजिकली
- 8:10:29एक्सिस्ट नहीं करता जिसको आप टच नहीं कर
- 8:10:32सकते और प्राइवेट का मतलब जो कि एक
- 8:10:35सिक्योर लाइन है आपके और सामने वाली
- 8:10:38पार्टी के बीच में हमेशा ध्यान रखिए जब भी
- 8:10:42आप इंटरनेट के ऊपर हैं मतलब आप इंटरनेट के
- 8:10:45ऊपर कुछ भी कर रहे हैं तो आप सिक्योर
- 8:10:47नेटवर्क में नहीं है।
- 8:10:50हैकर वर्ल्ड में यह बोला जाता है एवरीथिंग
- 8:10:52इज हैकेबल ओवर देयर इंटरनेट। मैंने क्या
- 8:10:56बोला? एवरीथिंग इज हैकेबल ओवर देयर
- 8:10:59इंटरनेट। कुछ भी जो कुछ इंटरनेट के ऊपर है
- 8:11:03वह सब हैकेबल है। हर एक चीज हैक करी जा
- 8:11:06सकती है।
- 8:11:08लेकिन इंटरनेट के ऊपर भी अगर हमें एक
- 8:11:11सिक्यर्ड लाइन चाहिए। उस केस में हम वीपीए
- 8:11:15का यूज करते हैं। वर्चुअल प्राइवेट
- 8:11:17नेटवर्क का यूज करते हैं।
- 8:11:20जैसे मान लीजिए ब्लू वाला हिस्सा है। ये
- 8:11:22पूरा इंटरनेट है। अब इसमें यह हेड ऑफिस
- 8:11:26है। यह रिमोट ऑफिस है। दोनों को कनेक्ट
- 8:11:28होना है। दोनों को एक बहुत ही प्राइवेट
- 8:11:31डाटा एक से दूसरी लोकेशन में भेजना है। तो
- 8:11:33ऐसे में दोनों क्या करेंगे? वीपीए अपना
- 8:11:36बनाएंगे। वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क। यह
- 8:11:38वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क इंटरनेट के बीच
- 8:11:40से एक पाइपलाइन का काम करता है और इस
- 8:11:44पाइपलाइन के अंदर से आपका सिक्योरली डाटा
- 8:11:46पहुंचता है दूसरी लोकेशन तक।
- 8:11:49तो वीपीए आप हमेशा कब कब यूज करते हो? यह
- 8:11:52आप सिक्योरिटी के लिए यूज करते हो। आप
- 8:11:55अपनी डिवाइस डिवाइस को वीपीए में कन्वर्ट
- 8:11:58कर सकते हो। वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क में
- 8:12:00कन्वर्ट कर सकते हो। आज की डेट में इसका
- 8:12:03बेस्ट एग्जांपल बताऊं कहां पर आपको देखने
- 8:12:05को मिलेगा? जितने भी आईटी प्रोफेशनल हैं
- 8:12:07जो कि वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं। कोविड
- 8:12:09के बाद से आपने देखा होगा वर्क फ्रॉम होम
- 8:12:11बड़ा कॉमन हो गया है। ऑफिस जाने की जरूरत
- 8:12:14नहीं है। घर बैठे ही प्रोग्रामिंग करते
- 8:12:16रहते हैं। आईटी प्रोफेशनल घर से ही सारा
- 8:12:18काम उनका होता रहता है। लेकिन होता कैसे
- 8:12:20है? जानते हो वीपीए के थ्रू। ऐसे नहीं
- 8:12:24होता है कि अपना लैपटॉप उन्होंने खोला और
- 8:12:27सीधे प्रोग्रामिंग करने लगे और भेज दिया
- 8:12:29प्रोग्राम बनाकर। नहीं ऐसे नहीं है। आईटी
- 8:12:33फर्म्स के अंदर जैसे TCS हो गई, विp्रो हो
- 8:12:36गई, Infosys हो गई। जब इनके अंदर
- 8:12:39प्रोग्रामर या डेवलपर्स या फिर इंजीनियर्स
- 8:12:42ये जब एंटर करते हैं ना तो कई बार तो उनका
- 8:12:46मोबाइल भी उनके लॉकर में रखवा दिया जाता
- 8:12:48है। उसका कारण पता है क्या होता है?
- 8:12:51वह खाली हाथ अंदर जाते हैं। अपने कंप्यूटर
- 8:12:54पर काम करते हैं, कोडिंग करते हैं और खाली
- 8:12:56हाथ बाहर निकलते हैं। आप एक पेन ड्राइव भी
- 8:12:59लेकर अंदर नहीं जा सकते हो ऑफिस में।
- 8:13:02रीजन कि जो कोडिंग आप वहां पर कर रहे हो
- 8:13:05वो कोडिंग टाइम के टाइम ही वहीं पर सर्वर
- 8:13:08में सिक्योर हो जाती है।
- 8:13:11तो ये जो वर्क फ्रॉम होम होम हो रहा है ये
- 8:13:13कैसे हो रहा है? आखिर यह ऐसे होता है कि
- 8:13:17जितने भी आईटी प्रोफेशनल हैं उनकी कंपनीज़
- 8:13:20उनको एक कंप्यूटर देती हैं। वो कंप्यूटर
- 8:13:23वीपीए से सिक्योर होता है। उस कंप्यूटर
- 8:13:28में वीपीए कॉन्फ़िगर किया जाता है। वर्चुअल
- 8:13:31प्राइवेट नेटवर्क। उस कंप्यूटर को जब आप
- 8:13:34ऑन करेंगे ना तो वही आपको ऑफिस का ही
- 8:13:37इंटरफ़ेस मिलेगा। आप उसमें चाह के भी कुछ
- 8:13:39नहीं खोल सकते। आप अगर सोचो आप उसमें
- 8:13:42इंटरनेट ओपन कर लोगे ओपन होगा ही नहीं। वो
- 8:13:45इस तरीके से कंफिगर किया जाता है कि वो
- 8:13:47पूरे तरीके से वीपीए है।
- 8:13:51आप अगर सोचे कि ऑफिस टाइम के बाद आप उस
- 8:13:53कंप्यूटर में बैठकर मूवी देख लोगे कुछ
- 8:13:56नहीं देख पाओगे आप। वो ब्लैक स्क्रीन ही
- 8:13:58खुलेगी केवल। जिस पे आप कोडिंग करते जा
- 8:14:01रहे हो और आपका कंप्यूटर घर बैठे आपकी जो
- 8:14:04कंपनी है उसके सर्वर से कनेक्टेड है। आप
- 8:14:07कोडिंग करते जा रहे हो। उधर वो सेव होती
- 8:14:09जा रही है रियल टाइम में। तो इस तरीके से
- 8:14:13आज की डेट में वीपीए का बहुत ज्यादा यूज़
- 8:14:15हो रहा है। इसका बेस्ट एग्जांपल है वर्क
- 8:14:17फ्रॉम होम। तो वर्क फ्रॉम होम जिनको लगता
- 8:14:20है ना कि नॉर्मली बस बैठ के कर रहे हैं वो
- 8:14:23एक अलग बात है कि अगर आप MIS वगैरह में
- 8:14:25आपका केवल इतना काम है डेटा बनाना। MS
- 8:14:28Excel वेxल में अगर आप डेटा बनाते हो वो
- 8:14:30तो बहुत छोटी चीज है। वो तो कोई भी कर
- 8:14:32लेगा।
- 8:14:33लेकिन यह जो कोडर होते हैं, प्रोग्रामर
- 8:14:36होते हैं, डेवलपर होते हैं, इंजीनियर्स
- 8:14:38होते हैं,
- 8:14:40यह वीपीए के बिना नहीं काम करते हैं। ठीक
- 8:14:42है?
- 8:14:46नाउ कम्स टू IPपी एड्रेस। भाई, IPपी
- 8:14:48एड्रेस क्या होता है? देखो,
- 8:14:51IP और मैक एड्रेस में डिफरेंस क्या होता
- 8:14:54है? एक ही बार में आप समझ लो।
- 8:14:59IP एड्रेस
- 8:15:03और दूसरी तरफ है मैक एड्रेस।
- 8:15:07दोनों में अंतर क्या है?
- 8:15:13जैसे मैं कहूं
- 8:15:16मेरा नाम क्या है? मेरा नाम है वरुण।
- 8:15:21ठीक है? लेकिन मेरी पहचान क्या है? मेरी
- 8:15:24पहचान मेरा चेहरा है।
- 8:15:27ठीक है?
- 8:15:29किसी व्यक्ति ने बोला अपने गार्ड को या
- 8:15:32अपने बाउंसर को बोला उसने कि वरुण नाम का
- 8:15:36कोई व्यक्ति आए। ठीक है? तो उसको अंदर आने
- 8:15:40देना।
- 8:15:42ओके।
- 8:15:44अब मैं गया मैंने जाकर बोला वरुण मेरा नाम
- 8:15:47है। उसने मुझे अंदर जाने दिया। लेकिन ऐसा
- 8:15:50भी तो हो सकता है। कोई मेरे से पहले जाकर
- 8:15:52बोले या मेरे बाद जाकर बोले कि मेरा नाम
- 8:15:55वरुण है। तो वह उसको भी अंदर जाने देगा।
- 8:15:59ठीक है? लेकिन अगर यह बोल दिया जाए
- 8:16:03कि वरुण नाम का व्यक्ति है या यह भी ना
- 8:16:05बोला जाए वरुण नाम का व्यक्ति है। सिर्फ
- 8:16:07बोला जाए मेरी फोटो दिखाकर कि ऐसा दिखने
- 8:16:10वाला कोई भी आए तो ही अंदर भेजना वरना
- 8:16:12किसी को मत अंदर भेजना।
- 8:16:15मेरा ओवरऑल कहने का मतलब यह है कि नाम जो
- 8:16:18मेरा है वह चेंज किया जा सकता है।
- 8:16:22लेकिन मेरा चेहरा जो है यह चेंज नहीं किया
- 8:16:25जा सकता।
- 8:16:27सिमिलरली कंप्यूटर वर्ल्ड के अंदर हमारे
- 8:16:30कंप्यूटर के भी दो तरीके की पहचानें होती
- 8:16:33हैं।
- 8:16:35जैसे कि नाम जिसको बदला जा सकता है वैसे
- 8:16:38ही हमारे कंप्यूटर की वो पहचान है IP
- 8:16:41एड्रेस। और जैसे कि मेरा चेहरा जिसे बदला
- 8:16:44नहीं जा सकता वैसे ही कंप्यूटर की वो
- 8:16:46पहचान है मैक एड्रेस जिसे बदला नहीं जा
- 8:16:49सकता।
- 8:16:50ठीक है? तो IP जो है यह हमारे कंप्यूटर का
- 8:16:59वर्चुअल एड्रेस है।
- 8:17:02जबकि मैक एड्रेस जो है यह हमारे कंप्यूटर
- 8:17:05का
- 8:17:07फिजिकल एड्रेस है जिसको बदला नहीं जा
- 8:17:09सकता।
- 8:17:12आपके कंप्यूटर को सॉफ्टवेयर वर्ल्ड में जो
- 8:17:15जाना जाएगा जो नेटवर्किंग में जाना जाएगा।
- 8:17:17जैसे मान लीजिए आपके कंप्यूटर में कोई मेल
- 8:17:20आ रही है। ठीक है? या आपके कंप्यूटर में
- 8:17:23कोई डेटा आ रहा है। तो वो किसके थ्रू आ
- 8:17:26रहा है? IP के थ्रू आ रहा है। लेकिन आपके
- 8:17:29कंप्यूटर का एक फिजिकल एड्रेस भी है। जो
- 8:17:32मतलब आपका कंप्यूटर जो कि मशीन है ना उसका
- 8:17:34भी एक अपना यूनिक एड्रेस होता है जिसको
- 8:17:37बोलते हैं मैक एड्रेस।
- 8:17:40IP एड्रेस जनरली आपका डाटा एक से दूसरी
- 8:17:43जगह पहुंचाने का काम करता है। साथ में वह
- 8:17:45मैक एड्रेस को भी लोकेट करता है।
- 8:17:48लेकिन स्पेसिफिक अगर बोला जाए मैक एड्रेस
- 8:17:51का यूज कब किया जाता है? तो मैं आपको एक
- 8:17:53बेस्ट एग्जांपल देता हूं। जैसे कि आप अपने
- 8:17:57फोन से सिम निकालिए। किसी व्यक्ति ने कोई
- 8:18:00मान लीजिए अपराध किया और अपराध करने के
- 8:18:03बाद सागर का पूछ रहा है सर कोडिंग क्या
- 8:18:06होती है? बेटा अभी बता रहा हूं। पहले मेरी
- 8:18:09यह वाली बात सुन लो पूरी कर दूं।
- 8:18:12जैसे मान लीजिए किसी व्यक्ति ने कोई
- 8:18:14क्राइम किया फोन से और उसके बाद
- 8:18:19सिमविम निकाल के फेंक दिया। सिम तोड़मोड़
- 8:18:22के फेंक दिया। ठीक है? और उसके बाद अपना
- 8:18:25फोन निकाल के फोन को भी तोड़ के कहीं पर
- 8:18:27फेंक दिया।
- 8:18:29सिम के थ्रू तो अब आईएसपी के थ्रू तो
- 8:18:32पुलिस लोकेट नहीं कर पाएगी। लेकिन आपको
- 8:18:35पता है वो जो डिवाइस कहीं पर भी है ना
- 8:18:37चाहे आप सिम निकाल भी दो चाहे आप उस
- 8:18:39डिवाइस को बंद कर दो।
- 8:18:42उसके बाद भी उस डिवाइस के अंदर जो सीमोस
- 8:18:45बैटरी है सीमोस का मतलब जानते हैं एक
- 8:18:48बैटरी होती है छोटी सी कभी आपको देखनी हो
- 8:18:51ना तो आप मदरबोर्ड देखना जो मदरबोर्ड है
- 8:18:55सीपीू का वो खोलना मदरबोर्ड में आप देखोगे
- 8:18:58जैसे घड़ी के अंदर सेल होता है ना छोटा सा
- 8:19:01वैसे ही उससे बड़े आकार का कोट के बटन के
- 8:19:04आकार का एक सेल होता है वह मदरबोर्ड में
- 8:19:07लगा होता है जब आपका कंप्यूटर शटडाउन भी
- 8:19:11हो चुका होता है। मतलब बंद है। उस टाइम पर
- 8:19:14भी सीमोस बैटरी काम कर रही होती है। और वह
- 8:19:17सीमॉस बैटरी आपके कंप्यूटर को अपडेट रखती
- 8:19:20है। क्या कभी आपने ध्यान दिया है? आपने
- 8:19:23रात में 8:00 बजे कंप्यूटर बंद कर दिया।
- 8:19:26सुबह 10:00 बजे मान लीजिए आपने कंप्यूटर
- 8:19:28ऑन किया। तो क्या आपने कभी सोचा कि आपके
- 8:19:32कंप्यूटर में जो डेट और टाइम आ रहा है।
- 8:19:34आपने रात में 8:00 बजे बंद किया। सुबह
- 8:19:3710:00 बजे खोला तो सुबह 10:00 बजे भी वह
- 8:19:40सुबह के 10:00 बजे दिखा रहा होता है और
- 8:19:42डेट बदल चुकी होती है। कैसे हो पा रहा है
- 8:19:45यह? इसका मतलब यह है कि आपने कंप्यूटर को
- 8:19:49बंद कर दिया लेकिन आपकी मशीन पूरे तरीके
- 8:19:51से बंद नहीं है। उसने अपनी प्रोसेसिंग बंद
- 8:19:55करी हुई है। लेकिन आइडियली वो ऑन है। किस
- 8:19:58वजह से? क्योंकि सीमोस बैटरी उसको अपडेट
- 8:20:00रखती है। वही जो गोल सेल है वही है सीमोस
- 8:20:03बैटरी। इसको क्या बोलते हैं?
- 8:20:04कॉम्प्लीमेंट्री मेटल ऑक्साइड
- 8:20:06सेमीकंडक्टर।
- 8:20:08क्या बोलते हैं? कॉम्प्लीमेंट्री मेटल
- 8:20:10ऑक्साइड सेमीकंडक्टर।
- 8:20:13और इसी की वजह से अपराधी पकड़े जाते हैं।
- 8:20:17लोग क्राइम करते हैं। फोन से सिम निकाल के
- 8:20:20फेंक देते हैं। बहुत पिक्चरें देखते हैं
- 8:20:22ना। अजय देवगन की दृश्य देख लेंगे।
- 8:20:26सिम इधर फेंक दिया। डिवाइस उधर फेंक दी।
- 8:20:29तोड़ता के चाहे आप जितना मर्जी हो आप तोड़
- 8:20:32के फेंक दो। आप आप पूरी जो चिप है आपके
- 8:20:35फोन की आप उसे तोड़ के फेंक दो।
- 8:20:39उसके बाद भी पुलिस आपका फोन लोकेट कर
- 8:20:42लेगी।
- 8:20:44मैं तो देखा हुआ है ना अपने सामने। कई बार
- 8:20:47देखा हुआ है। कई केसेस में देखा हुआ है।
- 8:20:50नाले के किनारे नाले के अंदर
- 8:20:54नहर में फेंक दिए गए हैं फोन। उसके बाद भी
- 8:20:56पुलिस लोकेट कर लेती है। कैसे लोकेट कर
- 8:20:59लेती है? जस्ट बिकॉज़ ऑफ सीमोस।
- 8:21:01वैसे तो जीवन में कभी भी अपराध करने की
- 8:21:04सोचना नहीं पकड़े जरूर जाओगे। आज की डेट
- 8:21:06में टेक्नोलॉजी इतनी हाईफाई है कि आप
- 8:21:09पकड़े ही जाओगे। आप कोई ना कोई गलती जरूर
- 8:21:11करोगे। आप प्रोफेशनल तो हो नहीं। जब
- 8:21:13प्रोफेशनल्स पकड़े जाते हैं।
- 8:21:16बट आपको एक छोटी सी ट्रिक बता रहा हूं
- 8:21:20कि कोई व्यक्ति अगर सिम निकाल रहा है उसके
- 8:21:22बाद फोन तोड़ने की जरूरत नहीं है। केवल वो
- 8:21:26सिमोस निकाल देगा तो भी काम चल जाएगा।
- 8:21:30ठीक है? तो आपका फोन डीएक्टिवेट हो जाता
- 8:21:32है पूरे तरीके से।
- 8:21:35लोग गलती यही करते हैं। सीमोस बैटरी लगे
- 8:21:37रहने देते हैं। उनको पता ही नहीं होता है
- 8:21:38इसके बारे में। क्लियर है? तो मैक एड्रेस
- 8:21:42आपके कंप्यूटर का हार्डवेयर एड्रेस है।
- 8:21:45जबकि IP एड्रेस यह आपके कंप्यूटर का
- 8:21:48नेटवर्क एड्रेस है या आप बोल सकते हो
- 8:21:50सॉफ्टवेयर एड्रेस है।
- 8:21:53इतनी बात सभी को क्लियर है? यहां तक
- 8:21:56यहां तक क्लियर है? सभी को बात कोई दिक्कत
- 8:21:58तो नहीं है? अब देखिए आईपी की भी कई
- 8:22:03क्लासेस होती हैं। टाइप्स ऑफ आईपी।
- 8:22:10टाइप्स ऑफ आईपी।
- 8:22:14आईपी की कितनी क्लासेस होती हैं? तो पांच
- 8:22:16क्लासेस होती हैं आईपी की। ध्यान दीजिएगा।
- 8:22:22क्लास ए,
- 8:22:25क्लास बी
- 8:22:29क्लास सी
- 8:22:32क्लास डी
- 8:22:35एंड क्लास
- 8:22:38ई
- 8:22:51सभी को दिख रहा है यहां पर।
- 8:22:54सभी को दिख रहा है भाई। ठीक है।
- 8:22:58पांच तरीके की आईपी क्लासेस होती हैं।
- 8:23:00क्लास ए, बी, सी, डी, ई। अब देखिए इनकी
- 8:23:03क्या होती है? इनकी रेंज होती है।
- 8:23:07इस रेंज पर ध्यान देना। क्लास ए की जो
- 8:23:10रेंज है, ठीक है? ये एक से लेकर 126 होती
- 8:23:14है। यहां पर मैं अलग से लिख देता हूं।
- 8:23:17क्लास ए की जो रेंज है
- 8:23:22यह एक से लेकर 126 तक है। क्लास बी की जो
- 8:23:27रेंज है यह 100
- 8:23:3228 से लेकर 191 तक है। क्लास सी की जो
- 8:23:36रेंज है
- 8:23:39यह 192 से लेकर 223 तक है। क्लास फोर की
- 8:23:43जो रेंज है यह 224 से लेकर 239 तक होती
- 8:23:48है। और क्लास ई की जो लास्ट वाली रेंज है
- 8:23:53यह 240 से लेकर 255 तक होती है।
- 8:23:57ठीक है? और जो आईपी है,
- 8:24:01आईपी का फॉर्मेट क्या होता है?
- 8:24:07आईपी फॉर्मेट क्या होता है?
- 8:24:11यह चार सेक्शन में होता है
- 8:24:15और बीच में क्या होता है? डॉट होता है।
- 8:24:18ठीक है? मैक्सिमम आईपी जो है, ठीक है?
- 8:24:22मैक्सिमम आईपी जो है वो आपका 255 तक जा
- 8:24:26सकता है।
- 8:24:29इससे ज्यादा कोई आईपी हो नहीं सकता दुनिया
- 8:24:32में।
- 8:24:34ठीक है? मैक्सिमम आईपी इतना होगा। इससे
- 8:24:37ज्यादा नहीं दुनिया में कोई आईपी हो सकता।
- 8:24:39क्यों? क्योंकि रेंज ही 255 है लास्ट इससे
- 8:24:43ऊपर नहीं हो पाएगा।
- 8:24:45ठीक है? तो यहां पर आप देख सकते हो क्लास
- 8:24:48ए जो है यह वन से लेकर 126 तक है रेंज
- 8:24:53इसकी। क्लास बी की रेंज 128 से लेकर 151
- 8:24:5791 तक होती है। क्लास सी की रेंज 192 से
- 8:25:00223 तक। क्लास डी 224 से 239 तक और ई 240
- 8:25:05से 254 255 कर लीजिए इसको 55 तक।
- 8:25:11अब यह जो आईपी के चार स्लॉट होते हैं। ठीक
- 8:25:14है? इनमें से जो पहला स्लॉट होता है, यही
- 8:25:18हमें बताता है कि कौन सी रेंज का आईपी है।
- 8:25:22यही क्या बताएगा? कौन सी रेंज का आईपी है।
- 8:25:25अब एग्जांपल मैं आपके सामने एक आईपी लिखता
- 8:25:28हूं। मैंने लिखा
- 8:25:32214
- 8:25:3410
- 8:25:362
- 8:25:39230
- 8:25:41क्या आप बता सकते हो यह कौन सी रेंज का
- 8:25:43आईपी है? मैंने अभी आपको क्या बोला? जो
- 8:25:47फर्स्ट स्लॉट होता है आईपी का उस पर आने
- 8:25:50वाला जो डिजिट है वही यह डिसाइड करता है
- 8:25:52कि ये कौन सी क्लास का आईपी है? तो आप देख
- 8:25:55लीजिए पहले स्लॉट में हमें क्या मिल रहा
- 8:25:57है? 214 और 214 कहां आ रहा है? किस रेंज
- 8:26:01में आ रहा है? आप देखिए। तो 214 इसमें आ
- 8:26:04रहा है ना 192 से 223 के बीच में। इसका
- 8:26:07मतलब यह कौन सी रेंज का आईपी है? सी क्लास
- 8:26:10का आईपी है।
- 8:26:13214 किस में आ रहा है? P की रेंज में आ
- 8:26:16रहा है। इसलिए यह कौन सी क्लास का आईपी हो
- 8:26:18गया? क्लास P का आईपी हो गया।
- 8:26:23एक और आईपी मैं लिखता हूं आपके सामने।
- 8:26:2815
- 8:26:30001
- 8:26:34240
- 8:26:38150
- 8:26:40यह कौन सी रेंज का आईपी है?
- 8:26:44यह कौन सी रेंज का आईपी है? आंसर करिए।
- 8:26:53यह कौन सी रेंज का आईपी है?
- 8:26:56हां प्रियांंशु बताइए। कंसर्न लिखिए अपना।
- 8:27:00मैं आपका कमेंट देख रहा हूं।
- 8:27:03यह किस रेंज का आईपी है? 15 15 किस में आ
- 8:27:06रहा है? देखो फर्स्ट स्लॉट में 15 क्लास ए
- 8:27:09में आ रहा है ना? एक से 126 के बीच में।
- 8:27:12इसका मतलब क्लास ए का आईपी है। यह कौन सी
- 8:27:15क्लास का आईपी है? सिंपल है ना? अब आप देख
- 8:27:19के बता सकते हो कौन सी रेंज का आईपी है
- 8:27:21आपके सामने?
- 8:27:25ठीक है? अब एक आईपी और लिखता हूं। उसका
- 8:27:28बताना।
- 8:27:30एक आईपी और लिखने जा रहा हूं।
- 8:27:33यह बताइएगा।
- 8:27:48बताइए कौन सी रेंज का आईपी है?
- 8:27:52आंसर करिए। यह जो ब्लू वाला लिखा हुआ है,
- 8:27:55यह कौन सी रेंज का आईपी है?
- 8:27:59प्रियांंशु बताइए आप लिख रहे हैं बता दो
- 8:28:02भाई मेरे कंसर्न लिखो कि क्या कंसर्न है
- 8:28:04आपका
- 8:28:09अरे भाई मेरे आप बताओ लिख रहे हो यह
- 8:28:12कंसर्न लिखिए अपना
- 8:28:15सर 217 क्यों नहीं लिखा आपने 217 नहीं
- 8:28:182007
- 8:28:20नहीं लिखा मैंने अभी आ रहा हूं उस पे भी
- 8:28:23आऊंगा अभी आ रहा हूं यतिन उसी पे आऊंगा
- 8:28:26पहले ये बताइए बताइए जो ब्लू वाला मैंने
- 8:28:28लिखा है यह कौन सी रेंज का आईपी है?
- 8:28:32निखिल राजपूत का कहना है सी का है। राखी
- 8:28:35का भी कहना है सी का। अमित का भी कहना है
- 8:28:36सी का। लामा का भी कहना है सी का। सी का
- 8:28:39है। 193 है। चेक करते हैं कहां पे आ रहा
- 8:28:42है।
- 8:28:44193 आ रहा है। 192 से 223 के बीच में। सही
- 8:28:49बात है। सी का होना चाहिए। लेकिन आपने एक
- 8:28:52गलती कर दी।
- 8:28:54आपने एक गलती करी। क्या गलती करी मेरे
- 8:28:57भाई? मैंने आपको शुरू में ही बता दिया था
- 8:28:59ना कोई भी वैलिड आईपी के हर एक स्लॉट में
- 8:29:04मैक्सिमम 255 हो सकता है। आपने पूरा आईपी
- 8:29:07जल्दबाजी में नहीं पढ़ा। इसके लास्ट स्लॉट
- 8:29:11में 260 कैसे आ गया यार?
- 8:29:15255 से ऊपर जा ही नहीं सकता। 260 कैसे आ
- 8:29:18गया? इसका मतलब यह किसी क्लास का आईपी
- 8:29:20नहीं है। यह इनवैलिड आईपी है।
- 8:29:25यही तो मैं देखना चाह रहा था। तभी तो पूछा
- 8:29:27था मैंने आपसे।
- 8:29:30सर इंग्लिश की लाइव क्लासेस कब चलेंगी?
- 8:29:33मुझे जो इंफॉर्मेशन थी वो यह था कि जनवरी
- 8:29:35से चलेगी। अभी आधा जनवरी भी नहीं हुआ है।
- 8:29:38टेंशन मत लीजिए। कल से आधा जनवरी होगा। आप
- 8:29:41मुझे एक दिन का समय दीजिए। मैं आपको
- 8:29:42कंफर्म कर दूंगा।
- 8:29:45प्रियांंशु का कहना है सर एमटीएस में जीके
- 8:29:48और स्टैटिक
- 8:29:52प्रियांंशु अभी स्टैटिक जीके की तो इस बैच
- 8:29:55में कोई बात नहीं है लेकिन चलो मैं प्लान
- 8:29:58करता हूं स्टैटिक जीके के लिए कुछ
- 8:30:05एमटीएस में स्टैटिक जीके ही तो पढ़ना है
- 8:30:07नहीं ऐसा तो बिल्कुल नहीं है एमटीएस में
- 8:30:10तो आपकी जीएस ही पूछी जाती है केवल
- 8:30:12स्टैटिक जीके आएगी यह किसने बोल दिया।
- 8:30:15एसएससी का कोई ऐसा एग्जाम नहीं है जिसमें
- 8:30:17सिर्फ स्टैटिक जीके पूछी जाती हो। पूरी
- 8:30:20जीएस ही आती है।
- 8:30:26और अगर स्टैटिक जीके की क्लासेस के बारे
- 8:30:28में पूछ रहे हैं तो मैं आपको बता दूंगा।
- 8:30:30मैं एक बार टीम से बात करता हूं। अभी मेरी
- 8:30:32कोई बात नहीं हुई है स्टैटिक जीके को लेकर
- 8:30:34क्योंकि इस बैच में तो हिस्ट्री, पॉलिटी,
- 8:30:36ज्यग्राफी, साइंस, इकोनॉमिक्स होना है।
- 8:30:40मेरी बात आप सभी को समझ आ गई। यह इनवैलिड
- 8:30:42आईपी है। भाई मेरे किसी भी स्लॉट में चेक
- 8:30:45कर लेना 255 से अगर ज्यादा है तो सीधे
- 8:30:48इनवैलिड आईपी होगा। वो किसी क्लास का आईपी
- 8:30:50नहीं हो सकता। अब एक लास्ट चीज जो आपको
- 8:30:53ध्यान रखनी है वो ये
- 8:30:56ऊपर के ये जो तीन क्लास हैं क्लास ए, बी
- 8:30:59और सी ये तीनों
- 8:31:02पब्लिकली यूज किए जाते हैं। ठीक है? या
- 8:31:05फिर आप बोल सकते हो यह तीनों प्राइवेट
- 8:31:08आईपी हैं। इन्हें नॉर्मल पब्लिक यूज करती
- 8:31:11है। यह प्राइवेट आईपीस हैं। आप अपने
- 8:31:15कंप्यूटर में अपने मोबाइल में जब आईपी चेक
- 8:31:18करोगे आपको इसी रेंज का आईपी मिलेगा। 223
- 8:31:21से ज्यादा आपको नहीं मिलने वाला। देख लेना
- 8:31:24पहले स्लॉट में 223 से ज्यादा आपके ना ही
- 8:31:27कंप्यूटर में ना ही मोबाइल फोन का आईपी हो
- 8:31:29ही होएगा ही नहीं। मिलेगा ही नहीं आपको
- 8:31:31इससे ज्यादा। उसका कारण है। कारण पता है
- 8:31:34क्या है? क्योंकि जो डी रेंज का आईपी है
- 8:31:37यह रिजर्व है फॉर मल्टीकास्टिंग एंड
- 8:31:40डिफेंस।
- 8:31:43हमारी जो डिफेंस है, डिफेंस के सर्वर यह
- 8:31:46आईपी यूज़ करते हैं। जितने भी मीडिया
- 8:31:49चैनल्स हैं, वो सब यह वाला आईपी यूज़ करते
- 8:31:51हैं डी रेंज का। इनके आईपी 224 से 239 के
- 8:31:54बीच में होते हैं। ऐसा क्यों किया गया है?
- 8:31:56ऐसा इसलिए क्योंकि इनका जो डाटा है वह
- 8:31:59बहुत वाइटल होता है।
- 8:32:02बहुत ज्यादा कॉन्फिडेंशियल डाटा होता है।
- 8:32:04जिसकी वजह से डिफेंस के सर्वर के लिए
- 8:32:06रिजर्व आईपी किया गया है। यह केवल हमारे
- 8:32:09ही देश में नहीं पूरे दुनिया के डिफेंस
- 8:32:11इसका यूज करते हैं। प्राइवेट से बिल्कुल
- 8:32:14हट के ये यूज करते हैं। और जितने भी
- 8:32:16न्यूज़ चैनल्स हैं, वह सब इसका यूज करते
- 8:32:18हैं।
- 8:32:20और लास्ट में जो ई रेंज है, ई रेंज जो है,
- 8:32:23यह एक्सपेरिमेंटल पर्पस से रिजर्व करी गई
- 8:32:25है। मतलब जितने भी साइंटिफिक रिसर्च एंड
- 8:32:28डेवलपमेंट्स होते हैं वो सब ई रेंज का
- 8:32:30आईपी यूज करते हैं। एग्जांपल जैसे इसरो,
- 8:32:35डीआरडीओ,
- 8:32:38नासा,
- 8:32:41जापान की एजेंसी जासा,
- 8:32:45रशिया की रॉस कॉस्मोस यह सब ई रेंज के
- 8:32:48आईपी यूज़ करते हैं। क्योंकि यह सब साइंट
- 8:32:51साइंटिफिकली यूज़ किए जा रहे हैं।
- 8:32:53साइंटिस्ट इनका यूज़ कर रहे हैं। तो वह
- 8:32:55हमेशा क्या करते हैं? एक्सपेरिमेंट करते
- 8:32:57रहते हैं। अगर उनको हम अपनी रेंज में
- 8:32:59एक्सपेरिमेंट करने देंगे तो हमारे नेटवर्क
- 8:33:02कभी आएंगे, कभी जाएंगे, कभी सर्वर लो हो
- 8:33:04जाएगा। ये सारी चीजें होती रहेंगी। इस वजह
- 8:33:07से दुनिया में नॉर्मल लोगों के लिए एक आम
- 8:33:10पब्लिक के लिए क्लास ए, बी और सी ये तीन
- 8:33:13डिसाइड कर दी गई है। डी डिफेंस और
- 8:33:17मल्टीकास्टिंग के लिए रिजर्व रखी गई है। ई
- 8:33:19एक्सपेरिमेंटल पर्पस से रखी गई है।
- 8:33:23क्लियर है भाई सभी को? अब आईपी क्लास और
- 8:33:26रेंज नहीं भूलेंगे आप। बिल्कुल। अब आप
- 8:33:29किसी भी आईपी को देखकर भी यह बता सकते हैं
- 8:33:31कि यह कौन सी क्लास का आईपी है। अब एक
- 8:33:35सबसे खास बात जिस पर केवल एक ही दो
- 8:33:37स्टूडेंट ने ध्यान दिया था और वो यह है या
- 8:33:40आपने यह नहीं पूछा कि सर एक से 126 था। बी
- 8:33:45जो है 128 से चालू हुआ। तो सर 127 कहां
- 8:33:49चला गया? 127 अकेला ऐसा पोर्ट है जिसको
- 8:33:54लूप बैकक आईपी बोला जाता है। क्या बोलते
- 8:33:56हैं? लूप बैक आईपी
- 8:34:00आपका जब डिवाइस में जब आप आपकी डिवाइस में
- 8:34:04आपने देखा होगा कि जब आपका वाई-फाई कनेक्ट
- 8:34:07नहीं होता है या नहीं हो रहा होता है कोई
- 8:34:09नेटवर्क में ग्लिच है ऐसे में वो बार-बार
- 8:34:12चेक करता रहता है आपका डिवाइस कि कनेक्ट
- 8:34:14हो जाए नेट के ऊपर कनेक्ट हो जाए जब नहीं
- 8:34:16हो पाता तो लिख के आ जाता है योर डिवाइस
- 8:34:19इज अनेबल टू कनेक्टेड
- 8:34:22तो यह जो टेस्टिंग हो रही है ना नेटवर्क
- 8:34:25आने के या नेटवर्क डिस्कनेक्ट होने की
- 8:34:27टेस्टिंग उसके लिए आपके कंप्यूटर में लूप
- 8:34:30बैकक आईपी होता है। लूप बैकक हम सबके
- 8:34:33कंप्यूटर में काम करता है। हम सबकी मोबाइल
- 8:34:35डिवाइस में हम सबके लैपटॉप में सब में काम
- 8:34:38करता है। एक्चुअली आपका जो डिवाइस है वो
- 8:34:42डिवाइस अगर नेटवर्क में कनेक्ट हो रहा है
- 8:34:44या डिस्कनेक्ट हो रहा है। आपको जो पता लग
- 8:34:46रहा है वो आपको इन्फॉर्म करने का काम लूप
- 8:34:49बैकक आईपी करता है। 127
- 8:34:53यह आपको दरअसल टेस्टिंग करके बताता है कि
- 8:34:56आपकी डिवाइस अब कनेक्टेड है या नहीं है।
- 8:34:59अगर नहीं हो रही होगी तो यह भी बता देगा
- 8:35:01क्यों नहीं कनेक्ट हो रही है।
- 8:35:04ठीक है भाई? क्लियर है? सभी को क्लियर है?
- 8:35:08आज के बाद बिल्कुल भी नहीं भूलना है। अब
- 8:35:10आगे बढ़ते हैं।
- 8:35:15टाइप्स ऑफ ट्रांसमिशन। बहुत ध्यान देना।
- 8:35:18बड़ी ही इंटरेस्टिंग चीज है नेटवर्किंग
- 8:35:20में। मैंने क्या बोला?
- 8:35:25टाइप्स ऑफ
- 8:35:30ट्रांसमिशन।
- 8:35:35ठीक है?
- 8:35:36कंप्यूटर में ट्रांसमिशन कितने तरीके का
- 8:35:39होता है? उस पर बाद में बात। पहले
- 8:35:41ट्रांसमिशन होता क्या है?
- 8:35:43ट्रांसमिशन होता क्या है? ट्रांसमिशन का
- 8:35:46मतलब है वह रूट जिससे डाटा एक से दूसरी
- 8:35:50जगह तक पहुंचता है। दैट इज कॉल्ड
- 8:35:52ट्रांसमिशन। और ऐसे कितने तरीके हैं जिनसे
- 8:35:56कंप्यूटर में डेटा एक से दूसरी जगह पर
- 8:35:58पहुंचता है? उन्हीं को हम लोगों ने
- 8:36:00क्लासिफाई किया है टाइप्स ऑफ ट्रांसमिशन
- 8:36:02से। ट्रांसमिशन बेसिकली कंप्यूटर में तीन
- 8:36:06तरीके के होते हैं। कौन-कौन सा? पहला
- 8:36:09जिसको हम लोग बोलते हैं सिंप्लेक्स।
- 8:36:13फर्स्ट जिसको हम लोग क्या बोलते हैं?
- 8:36:18सिंप्लेक्स।
- 8:36:22अब ये सिंप्लेक्स क्या है? सिंप्लेक्स एक
- 8:36:26ऐसा ट्रांसमिशन नेटवर्क है जिसमें यह मान
- 8:36:30लीजिए ए कंप्यूटर है
- 8:36:34और यह है बी। यह ए डिवाइस है। यह बी
- 8:36:37डिवाइस है। इसकी खास बात यह है कि इसमें
- 8:36:40सिर्फ डाटा एक ही तरफ ट्रांसमिट होता है।
- 8:36:42ए से बी में ही डाटा ट्रांसमिट होता है।
- 8:36:45बी से ए में डेटा ट्रांसमिट नहीं हो सकता।
- 8:36:49इस तरीके का ट्रांसमिशन क्या कहलाता है?
- 8:36:52सिंप्लेक्स कहलाता है।
- 8:36:56जिसमें सिर्फ वन वे डेटा ट्रांसमिशन होगा।
- 8:36:58इसमें क्या हो रहा है? ओनली वन वे डाटा
- 8:37:01ट्रांसमिशन हो रहा है।
- 8:37:05और इसका एग्जांपल क्या है?
- 8:37:08इसका एग्जांपल है आपका टीवी।
- 8:37:13टीवी में क्या होता है? जैसे कपिल शर्मा
- 8:37:15का शो आ रहा है Sony पर। तो यह आपका टीवी
- 8:37:18है। आपके टीवी में Sony चैनल ओपन है। कपिल
- 8:37:22शर्मा के Sony चैनल से टेलीकास्ट हो रहा
- 8:37:24है। तो वहां से आपके टीवी में सिग्नल आ
- 8:37:27रहे हैं। क्या आपके पास कोई इंफॉर्मेशन
- 8:37:29सॉरी क्या आपके पास कोई ऐसी अथॉरिटी है कि
- 8:37:32आप अपनी टीवी से कपिल शर्मा तक अपनी आवाज
- 8:37:35पहुंचा दो। क्या आप बोल दो उधर से आया
- 8:37:38कॉमेडी कॉमेडी नाइट विद कपिल मैं कपिल
- 8:37:40शर्मा सुनील ग्रोवर। अब आप यहां पे अपनी
- 8:37:43टीवी से बोल दो। हाय कपिल हाउ आर यू? मैं
- 8:37:45तुम्हें देख रहा हूं अपनी टीवी पर। मेरे
- 8:37:47हाथ में पॉपकर्न है। आज मैं कढ़ी चावल खा
- 8:37:50रहा हूं। क्या आप कर सकते हो ऐसा? नहीं।
- 8:37:54हमारी टीवी तक टेलीकास्ट हो रहा है। वन वे
- 8:37:57डाटा ट्रांसमिशन केवल हो रहा है। हमारे
- 8:37:59पास कोई अथॉरिटी नहीं है कि हम अपना डाटा
- 8:38:01उन तक पहुंचा सकें।
- 8:38:04टीवी के अलावा एफएम।
- 8:38:07आप अपने फोन पे एफएम सुन रहे हो। आप बिग
- 8:38:11एफएम सुन रहे हो। रेडियो मिर्ची सुन रहे
- 8:38:13हो। रेड एफएम सुन रहे हो। आप कुछ भी सुन
- 8:38:14रहे हो, आकाशवाणी सुन रहे हो तो उनकी तरफ
- 8:38:18से हमारी डिवाइस में सिग्नल आ रहा है।
- 8:38:19क्या हम एफएम तक अपनी आवाज पहुंचा सकते
- 8:38:21हैं? नहीं। अब आप में से कई लोग हो सकता
- 8:38:23है सोचे सर नहीं हम तो एफएम चैनल पे लोग
- 8:38:27फोन नहीं करते हैं। वो फोन करते हैं।
- 8:38:31वो कॉलिंग लाइन का यूज कर रहे हैं। वो सेम
- 8:38:34ट्रांसमिशन लाइन का यूज नहीं कर रहे हैं।
- 8:38:36अगर सेम ट्रांसमिशन लाइन पे लोग कॉल करने
- 8:38:38लगे तो आप खुद सोचो एफएम चल ही नहीं
- 8:38:41पाएगा।
- 8:38:43तीन चार शहर के लोग एक ही टाइम पर कॉल
- 8:38:45लगाएंगे। एफएम में एक गाना तो छोड़ो। एक
- 8:38:47लाइन नहीं गाने की चल पाएगी। इतना बिजी हो
- 8:38:50जाएगी लाइन। लोग चलने ही नहीं देंगे कुछ।
- 8:38:52देख कॉल देख कॉल करते रहेंगे। तो जो फोन
- 8:38:56आप एफएम पे कर रहे हो वो उनकी टेलीफोनिक
- 8:38:58लाइन पे कर रहे हो ना कि उनके सिंप्लेक्स
- 8:39:00नेटवर्क पे।
- 8:39:02क्लियर हुई सभी को बात? भाई ज्यग्राफी
- 8:39:06स्टार्ट होगी 19 तारीख से। कमिंग मंडे से।
- 8:39:09कई बार बता चुका हूं। ठीक है? सिंप्लेक्स
- 8:39:12सभी को क्लियर है। दूसरा नेटवर्क देखो।
- 8:39:16दूसरा ट्रांसमिशन जो हमारा होता है, इसको
- 8:39:20बोलते हैं
- 8:39:22हाफ डुप्लेक्स।
- 8:39:25अब ये हाफ डुप्लेक्स का कांसेप्ट क्या
- 8:39:27बोलता है? यह कहता है
- 8:39:32यह ए डिवाइस है। यह बी डिवाइस है। इसमें ए
- 8:39:36से बी की तरफ डेटा ट्रांसमिशन होता है और
- 8:39:39बी से ए की तरफ भी डेटा ट्रांसमिट हो सकता
- 8:39:42है।
- 8:39:44दोनों ही एक दूसरे को डेटा ट्रांसमिट कर
- 8:39:46सकते हैं। लेकिन एक कंडीशन है। कंडीशन यह
- 8:39:49है इन अ वन टाइम ओनली वन वे डेटा
- 8:39:52ट्रांसमिशन कैन बी फॉललोड। मतलब एक टाइम
- 8:39:55पे सिर्फ एक तरफ ही डेटा ट्रांसमिट होगा।
- 8:39:58या तो A से B कर लेगा या तो B से A की तरफ
- 8:40:01कर लो। एक टाइम पर सिर्फ एक तरफ ही डाटा
- 8:40:03जा पाएगा।
- 8:40:05पहुंचा दोनों सकते हैं एक दूसरे को डाटा
- 8:40:07लेकिन वन टाइम में केवल वन वे ही फॉलो
- 8:40:09होगा डाटा। इसका बेस्ट एग्जांपल
- 8:40:15वॉकी टॉकी
- 8:40:18वॉकी टॉकी। पुलिस को आपने बात करते देखा
- 8:40:21होगा। पुलिस की जीप में भी रखा रहता है
- 8:40:23हमेशा। वो एक डिवाइस है। उस डिवाइस में
- 8:40:26साइड में बटन होता है। उस बटन को दबाते
- 8:40:29हैं और दबाकर अपना मैसेज देते हैं।
- 8:40:33वाइट कलर की एंबुलेंस निकल रही है। फला
- 8:40:36फला नंबर है। उसको जाने दिया जाए।
- 8:40:39और उसके बाद अंगूठा हटा लिया।
- 8:40:44दूसरी तरफ से अब उसको मैसेज भेजना है।
- 8:40:47उसने प्रेस किया उसे। उसका चैनल ऑन हुआ।
- 8:40:50उसने कहा यस सर। योर मैसेज हैज़ बीन कॉपीड।
- 8:40:53एंबुलेंस को जाने दिया है।
- 8:40:57जैसे ही पहली बार वह बोल रहा था कि वाइट
- 8:40:59कलर की एंबुलेंस और उसे डाटा जा उसे जाने
- 8:41:02दिया जाए। उसका यह नंबर प्लेट है। तो जब
- 8:41:05उसने वॉकी टॉकी का बटन दबाया था। मतलब ए
- 8:41:10से बी की तरफ जो ट्रांसमिशन मोड है यह
- 8:41:13एक्टिव हो गया था।
- 8:41:16फिर जब उसने अपनी तरफ से वह बटन रिलीज
- 8:41:18किया मतलब यह वाला चैनल क्लोज हो गया। अब
- 8:41:21बी ने प्रेस किया और बी ने बोला योर मैसेज
- 8:41:24हैज़ बीन कॉपीड। एंबुलेंस को जाने दिया है।
- 8:41:27इसका मतलब यह वाला चैनल एक्टिवेट हुआ था।
- 8:41:30दोनों एक दूसरे को डाटा भेज पा रहे हैं।
- 8:41:33लेकिन एक टाइम पे सिर्फ एक ही व्यक्ति भेज
- 8:41:36पा रहा है। मेरी बात सभी को क्लियर हुई?
- 8:41:39मेरी बात सभी को क्लियर हुई?
- 8:41:43ठीक है? और तीसरा और आखिरी जो होता है
- 8:41:48थर्ड जो है हमारा
- 8:41:54दिस इज फुल डुप्लेक्स ट्रांसमिशन।
- 8:41:59पुल डुप्लेक्स इसको बोलते हैं। इसकी खास
- 8:42:01बात है इसमें डिवाइस A है
- 8:42:06और यह डिवाइस B है।
- 8:42:09इसमें A से B की तरफ डाटा जा सकता है और B
- 8:42:13से A की तरफ भी डाटा आ सकता है। इसकी खास
- 8:42:16बात यह है कि इसमें डाटा साइमलटेनियसली जा
- 8:42:18सकता है।
- 8:42:20मतलब एक ही टाइम पे बोथ वे में डाटा
- 8:42:23ट्रांसमिशन हो सकता है। इसका बेस्ट
- 8:42:25एग्जांपल है
- 8:42:27आपका मोबाइल फोन।
- 8:42:32आप जब मोबाइल पर कॉल करते हो तो सामने
- 8:42:34वाले की आवाज भी एक ही टाइम पर आपको आ रही
- 8:42:36है। आप भी बोल रहे हो। आप वीडियो कॉल करके
- 8:42:39देखिए। एक ही टाइम पे आपका सोना बाबू भी
- 8:42:42आपको देख पा रहा है। आप भी उसको देख पा
- 8:42:44रहे हो। आप भी पूछ पा रहे हो। मेरे बाबू
- 8:42:47ने मैदी थाई। वो भी बोल पा रही है। हां
- 8:42:49बाबू था ली मैंने। तुमने आज मैथ के कितने
- 8:42:53थबाल लगाए। मैंने आज मैथ के थवाल नहीं
- 8:42:56लगाए। मैंने आज कंप्यूटल पढ़ लिया। तो
- 8:43:00दोनों एक दूसरे से अगर वार्ता कर पा रहे
- 8:43:02हो जस्ट बिकॉज़ ऑफ साइमलटेनियस नेटवर्क।
- 8:43:04इसका मतलब आप फुल डुप्लेक्स मोड पर बात कर
- 8:43:07रहे हो।
- 8:43:10ध्यान रखोगे।
- 8:43:12तीनों तरीके के नेटवर्क मुझे नहीं लगता।
- 8:43:14अब किसी को क्लियर नहीं होंगे। सभी को
- 8:43:16क्लियर हो गए होंगे। सिंप्लेक्स क्या होता
- 8:43:18है? हाफ डुप्लेक्स क्या होता है? फुल
- 8:43:19डुप्लेक्स क्या होता है?
- 8:43:22एक क्वेश्चन आपसे पूछता हूं। आज भी मुझे
- 8:43:24याद है स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में पूछा गया
- 8:43:26था। मुझे बताइए। अच्छा
- 8:43:34रेलवे लाइन इन तीनों में से किसका
- 8:43:36एग्जांपल है? बताइए जल्दी से।
- 8:43:40रेलवे लाइन इन तीनों में से किसका
- 8:43:42एग्जांपल है?
- 8:43:44करिए आंसर।
- 8:43:46हिमानी राजपूत, सागर, सनी्नी बताइए।
- 8:43:51भाई मेरे हिस्ट्री की बात हिस्ट्री की
- 8:43:53क्लास में प्लीज कर लेना। यहां पर मत करो।
- 8:43:57निखिल राजपूत का कहना है सर आपको जजी की
- 8:43:59लैंग्वेज पता है। अरे तो मैं कोई पाताल
- 8:44:01में थोड़ी रहता हूं। यहीं रहता हूं। जजी
- 8:44:05के आसपास ही पाया जाता हूं मैं।
- 8:44:15करिए आंसर।
- 8:44:17यह बहुत अच्छा क्वेश्चन है। बताइए दिमाग
- 8:44:20लगा के बताइए। रेलवे लाइन इन तीनों में
- 8:44:23किसका एग्जांपल है? रेलवे ट्रैक मान लीजिए
- 8:44:25या लाइन मान लीजिए। रेलवे ट्रैक लिख देता
- 8:44:28हूं। सभी ने देखी ना रेलवे लाइन किसका
- 8:44:31एग्जांपल है? राहुल का कहना है सिंप्लेक्स
- 8:44:34का एग्जांपल है।
- 8:44:37ओके। कितने लोग राहुल से सहमत हैं?
- 8:44:41लेमा का आंसर है हाफ डुप्लेक्स। जबकि
- 8:44:44निखिल राजपूत का कहना है फुल डुप्लेक्स।
- 8:44:48आलोक का कहना है सिंप्लेक्स राखी का हाफ
- 8:44:51डुप्लेक्स राखी सागर लामा इन तीनों के
- 8:44:54आंसर सही हैं। भाई मेरे यह बताओ यह फुल
- 8:44:57डुप्लेक्स या सिंप्लेक्स कैसे हो सकता है?
- 8:45:01रेलवे ट्रैक आपने देखा है ना? यह रेलवे की
- 8:45:04पटरी है। मुझे एक बात बताइए। कोई ट्रेन
- 8:45:10ए से बी लोकेशन की तरफ जा सकती है कि
- 8:45:14नहीं? बिल्कुल जा सकती है। क्या कोई ट्रेन
- 8:45:17B से ए लोकेशन की तरफ आ सकती है? बिल्कुल
- 8:45:20आ सकती है। लेकिन क्या एक टाइम पर जा सकती
- 8:45:23है? एक टाइम पे दोनों तरफ ट्रेनें आ सकती
- 8:45:26हैं। नहीं भाई, कोलीजन हो जाएगा। दोनों
- 8:45:28ट्रेनें लड़ जाएंगी।
- 8:45:30तो दो ट्रेनें रेलवे ट्रैक में दोनों
- 8:45:33लोकेशन पे आ जा सकती हैं। ए से बी बी से ए
- 8:45:36की तरफ आ जा सकती हैं। लेकिन एक टाइम पे
- 8:45:39एक ही ट्रेन जा पाएगी। इसका मतलब हाफ
- 8:45:42डुप्लेक्स का एग्जांपल है। जिन लोगों ने
- 8:45:44हाफ डुप्लेक्स बोला था उनका आंसर सही है।
- 8:45:47अनुराग का भी आंसर सही था भाई। ये तो बुरा
- 8:45:50मान गए। देखिए बोल रहे हैं सर मैंने भी
- 8:45:51सही आंसर किया है। भाई मैं देख नहीं
- 8:45:53पायाऊंगा।
- 8:45:56चलो अगर मैं इसी में आपसे पूछूं आप मुझे
- 8:45:58बताओ हाईवे
- 8:46:01हाईवे किसका एग्जांपल है? तो हाईवे किसका
- 8:46:05एग्जांपल होगा भाई? यह फुल डुप्लेक्स का
- 8:46:07एग्जांपल होगा। क्यों होगा? यह हाईवे है।
- 8:46:10हाईवे में A से B लोकेशन पर गाड़ियां जा पा
- 8:46:13रही हैं। B से A लोकेशन पर एक ही टाइम पर
- 8:46:15गाड़ियां आ जा सकती हैं। ठीक है? तो
- 8:46:17साइमलटेनियसली आ जा पा रही हैं। इसलिए फुल
- 8:46:20डुप्लेक्स का एग्जांपल होगा हाईवे।
- 8:46:24बात आ गई समझ?
- 8:46:26क्लियर है? अबू के मैसेज भाई मैसेज शो हो
- 8:46:30रहे हैं आपके।
- 8:46:32चलिए आगे बढ़ते हैं। देखिए अभी तक हम
- 8:46:34जितने भी IP की बात कर रहे थे यह सारे
- 8:46:36आईपी आपके IP वी4 की हम बात कर रहे थे।
- 8:46:39बेसिक IP जिनको बोलते हैं।
- 8:46:42क्योंकि मैंने उनका फॉर्मेट आपको बताया
- 8:46:44था। ये ऐसे चार स्लॉट में होते हैं। 1 2 3
- 8:46:484 बीच में डॉट लगे होते हैं। तो इस तरीके
- 8:46:51का फॉर्मेट आपको दिखे तो वो IP वर्जन 4 के
- 8:46:53IP होते हैं जो कि पुराना वर्जन हो चुका
- 8:46:56है। यह 32 बिट का IP एड्रेस हुआ करता था।
- 8:46:59लेकिन आज की डेट में IPV6 चल रहे हैं। IP
- 8:47:02का वर्जन सिक्स चल रहा है। यह उससे कहीं
- 8:47:05ज्यादा एडवांस है। उससे कहीं ज्यादा
- 8:47:08सिक्योर है। सिक्योर क्यों है? क्योंकि ये
- 8:47:10केवल 32 बिट का IP एड्रेस हुआ करता था। यह
- 8:47:13128 बिट का IPपी एड्रेस होता है।
- 8:47:17ठीक है? हेक्साडेसिमल में लिखा जाता है और
- 8:47:20साथ में इसमें जो आपके स्लॉट हैं वो स्लॉट
- 8:47:23कितने होते हैं? तो आप खुद ही देख लीजिए।
- 8:47:25एक दो
- 8:47:28तीन चार पांच और हां छ सात और आठ
- 8:47:37आठ स्लॉट का ये IP होता है और अभी तक जो
- 8:47:4132 बिट का IP एड्रेस IP V4 होता था इसमें
- 8:47:44बीच में डॉट लगा हुआ है।
- 8:47:47इसमें बीच में डॉट लगा है। आप देखो लेकिन
- 8:47:50यहां पर कॉलन लगता है। मतलब डबल डॉट लगते
- 8:47:52हैं। ये देखिए डबल डॉट लगा हुआ है।
- 8:47:57ठीक है? तो आज की डेट में हम लोग कौन सा
- 8:47:59आईपी यूज़ कर रहे हैं? हम लोग IPपी V4 यूज़
- 8:48:01कर रहे हैं।
- 8:48:07मैक एड्रेस मैं आपको बता चुका हूं। मैक
- 8:48:10एड्रेस का फॉर्मेट देख लीजिए। इस तरीके से
- 8:48:12फॉर्मेट होता है। और बेसिकली ये छह स्लॉट
- 8:48:15में लिखा जाता है। कितने स्लॉट में? छह
- 8:48:17स्लॉट में। 1 2 3 4 5 6 और पेयर में लिखा
- 8:48:20जाता है। अब इसमें भी जब आप मैक एड्रेस
- 8:48:23लिखा देखोगे तो इसमें जो आगे के आपके तीन
- 8:48:26स्लॉट होते हैं ये तीन स्लॉट आपके
- 8:48:30ओरिजिनल यूनिक आइडेंटिफायर होते हैं। मतलब
- 8:48:32ये तीन आपकी मशीन के एड्रेस हैं। मतलब
- 8:48:35आपके लैपटॉप हो गया या मोबाइल हो गया उसके
- 8:48:38एड्रेस हैं। जबकि लास्ट के जो तीन स्लॉट
- 8:48:41हैं, यह बताते हैं कि आप कौन सा नेटवर्क
- 8:48:43इंटरफेस यूज कर रहे हो।
- 8:48:46इस तरीके से यह आपका मैक एड्रेस बनता है
- 8:48:48पूरे छह स्लॉट का पेयर पेयर में होते हैं
- 8:48:51हर एक के अंदर।
- 8:48:56नाउ कम्स टू नेटवर्किंग डिवाइसेस।
- 8:48:59डिवाइसेस फटाफट से देख लीजिए। एक डिवाइस
- 8:49:02यूज़ करी जाती है नेटवर्क में हब। हब क्यों
- 8:49:04इसको बोलते हैं? जानते हैं। हब की खास बात
- 8:49:06यह होती है। जैसे यहां पर आप देखिए। तो ये
- 8:49:08जो आपको बीच वाली डिवाइस दिख रही है ना
- 8:49:11यही क्या है? यही हब है। हब की खास बात यह
- 8:49:14होती है। यह मल्टीपल कंप्यूटरटर्स को एक
- 8:49:16दूसरे से जोड़ने का काम करता है। इट
- 8:49:19कनेक्ट्स मल्टीपल कंप्यूटर इन अ नेटवर्क
- 8:49:21वर्क ऑन ब्रॉडकास्ट मेथड। मतलब डेटा को एक
- 8:49:25से दूसरी सभी डिवाइसेस में भेजने के लिए।
- 8:49:28जब हब लगाया गया है तो इसकी खास बात यह है
- 8:49:30कि यह वाला कंप्यूटर इसको डाटा भेज सकता
- 8:49:32है। यह वाला इसको भेज सकता है। यह वाला
- 8:49:34इससे होकर इसको भी भेज सकता है। मतलब सब
- 8:49:37एक दूसरे को डाटा भेज सकते हैं। जस्ट
- 8:49:39बिकॉज़ ऑफ़ हब। नाम से ही समझ आ रहा है हब
- 8:49:42क्योंकि वह सेंट्रलाइज कर रहा है डाटा को।
- 8:49:45नो डाटा फिल्टरिंग और इंटेलिजेंस। हब की
- 8:49:48एक खास बात है मतलब इसका ड्रॉबैक है या
- 8:49:50इसका नुकसान है कि इसमें इंटेलिजेंस नहीं
- 8:49:53होता है। इसमें आप फिल्टरिंग नहीं कर सकते
- 8:49:55हो। अगर आपने हब से कनेक्ट कर दिए ये पांच
- 8:49:58कंप्यूटर तो ऐसा नहीं हो सकता कि कोई भी
- 8:50:01कंप्यूटर अपना डाटा बचा ले फिर या सिक्योर
- 8:50:04कर ले दूसरे उसका डाटा ना देख पाए। तब एक
- 8:50:07दूसरे का डाटा देख पाएंगे।
- 8:50:09यह इसका ड्रॉबक है या फिर यह इसकी अच्छी
- 8:50:12बात भी हो जाती है। जब आप कॉर्पोरेट में
- 8:50:14काम करते हो, आपको डाटा शेयरिंग करनी है,
- 8:50:16उस केस में आप हब का यूज करते हो। स्लो
- 8:50:19होता है और लेस सिक्योर होता है। ऑब्वियस
- 8:50:21सी बात है सिक्योर तो है ही नहीं क्योंकि
- 8:50:23सभी एक दूसरे का डाटा देख पा रहे हैं।
- 8:50:27इस तरीके की अगर आपको डिवाइस दिखाई दे तो
- 8:50:30आप समझ जाइएगा। इसको बोलते हैं स्विच।
- 8:50:32क्या बोलते हैं? स्विच। नाम से ही आपको
- 8:50:34समझ आ रहा है स्विच जिसमें सॉकेट लगेंगे।
- 8:50:38ठीक है? तो इसमें आप स्विच का काम क्या
- 8:50:41होता है? इसमें आप डिफरेंट-डिफरेंट काइंड
- 8:50:43ऑफ डिवाइसेस अटैच कर सकते हो। एग्जांपल
- 8:50:46जैसे आप जब अपने घर में एक प्रॉपर
- 8:50:49कंप्यूटर सेटअप चाहते हो तो ऐसे में आपको
- 8:50:51स्विच का यूज करना पड़ता है। अब आप देखो
- 8:50:53इस स्विच में आपने अपना कंप्यूटर भी अटैच
- 8:50:56कर लिया। इसी स्विच में एक पोर्ट में आपने
- 8:50:59अपना इंटरनेट का राउटर भी अटैच कर लिया।
- 8:51:01इसी में आपने अपना घर का टेलीफोन लाइन भी
- 8:51:04कनेक्ट कर ली। इसी में आपके घर में कोई
- 8:51:06सीसीटीवी कैमरा लगा है। उसका भी वायर आपने
- 8:51:08दे दिया। आपने अपना प्रिंटर भी इसी पर
- 8:51:11अटैच कर दिया। सर्वर भी इसी पर अटैच कर
- 8:51:13दिया। तो स्विच का मतलब ही है कि आपको
- 8:51:16मल्टीपल पोर्ट्स मिल रहे हैं। और वो सारे
- 8:51:20पोर्ट्स आपको यहां पर कई लोग सोचेंगे सर
- 8:51:23पोर्ट तो फिर वो हम एक्सटेंशन वाला ले आए
- 8:51:26बिजली की दुकान से जाके। नहीं
- 8:51:29वह केवल आपको करंट प्रोवाइड करने के लिए
- 8:51:32होते हैं। इलेक्ट्रिसिटी प्रोवाइड करने के
- 8:51:34लिए होता है। इसीलिए वह बहुत सस्ता होता
- 8:51:36है। जबकि ये जो स्विच है यह बहुत महंगे
- 8:51:38होते हैं। यह आपके कंप्यूटर से आपस में
- 8:51:42सारी डिवाइसेस को इंटरकनेक्ट कर रहा है।
- 8:51:44मतलब आपका जो सीसीटीवी कैमरा देख रहा है,
- 8:51:47वह आपके पीसी पर एक्सेस दे देगा। आप अपने
- 8:51:49कंप्यूटर पर बैठे-बैठे देख सकते हो स्विच
- 8:51:53की मदद से कि आपके घर में कौन कहां से
- 8:51:55एंटर कर रहा है। जहां-जहां पर भी सीसीटीवी
- 8:51:57लगे हैं। आप अपने कंप्यूटर से ही कमांड दे
- 8:52:00सकते हो सीधे कि प्रिंटर से प्रिंट निकल
- 8:52:02आएगा। आप अपने कंप्यूटर से ही यहां पे
- 8:52:06इससे इंटरनेट एक्सेस कर कर सकते हो। तो
- 8:52:10स्विच इसीलिए कॉस्टली होता है। यह आपके
- 8:52:12मल्टीपल काइंड ऑफ पेरिफेरल को आपस में
- 8:52:14कनेक्ट करने का काम करता है।
- 8:52:18तीसरा जो है राउटर।
- 8:52:21राउटर दरअसल नाम से ही समझ जाइए। यह आपके
- 8:52:24डेटा को रूट करने का काम कर रहा है। इट
- 8:52:26कनेक्ट्स टू और मोर नेटवर्क्स।
- 8:52:29पता है आपको? मैं लेयर की बात क्यों नहीं
- 8:52:31कर रहा हूं? क्योंकि मैं आपको ओएसआई मॉडल
- 8:52:33पढ़ाऊंगा तब मैं लेयर की बात करूंगा।
- 8:52:35इसलिए मैं लेयर की बात नहीं कर रहा हूं।
- 8:52:37बिल्कुल सिंपल रख रहा हूं इसको।
- 8:52:40राउटर रूट्स डाटा बिटवीन नेटवर्क्स। इट
- 8:52:43यूजज़ IPपी एड्रेस कॉमनली यूज्ड टू कनेक्ट
- 8:52:45लैंड टू इंटरनेट। काम किस तरीके से करता
- 8:52:48है? समझिएगा। जैसे कि अगर आपको आपके घर के
- 8:52:52अंदर इंटरनेट यूज करना है। तो आपके घर के
- 8:52:54बाहर इंटरनेट है। मान लेते हैं यह इंटरनेट
- 8:52:57किसका है? Airtel का है। इंटरनेट सर्विस
- 8:53:00प्रोवाइडर है Airtel। आईएसपी जिसको बोलते
- 8:53:02हैं इनका इंटरनेट है। आपने कहा मैं Airtel
- 8:53:05का इंटरनेट लेना चाहता हूं अपने घर पे। तो
- 8:53:08सबसे पहले तो वह क्या करेंगे? एक मॉडेम
- 8:53:10लेंगे और मॉडम से अपने नेटवर्क को कनेक्ट
- 8:53:13करेंगे। यह मॉडम हो गया। मॉडेम का काम
- 8:53:15क्या होता है? मॉडेम का काम होता है। इसका
- 8:53:18फुल फॉर्म होता है
- 8:53:21मॉड्यूलेटर
- 8:53:23एंड डीमोड्यूलेटर।
- 8:53:27मॉड्यूलेटर एंड डीमोड्यूलेटर।
- 8:53:30इसका काम यह होता है एनालॉग नेटवर्क को
- 8:53:33डिजिटल में कन्वर्ट करना और डिजिटल को
- 8:53:35एनालॉग में कन्वर्ट करना। नहीं समझे
- 8:53:38समझाता हूं।
- 8:53:41आपने आईएसपी से नेटवर्क लिया है। ठीक है?
- 8:53:44तो आईएसपी आपका क्या है? यही आपको टेलीफोन
- 8:53:47नेटवर्क भी प्रोवाइड करता है ना? इन्हीं
- 8:53:49की वजह से आप कॉलिंग भी कर पाते हो ना? तो
- 8:53:52इनके जो टेलीफोनिक नेटवर्क हैं और
- 8:53:54टेलीफोनिक नेटवर्क किस में चलते हैं?
- 8:53:56एनालॉग में चलते हैं।
- 8:53:59लेकिन आपको जो इंटरनेट यूज करना है, वह
- 8:54:02डिजिटल नेटवर्क में यूज करना है। और
- 8:54:04डिजिटल नेटवर्क कैसे चलता है? शुरुआत में
- 8:54:06मैंने आपको पढ़ाया हुआ है। ऐसे चलता है।
- 8:54:100 1 0 1 0 1 के फॉर्म में। ठीक है? तो
- 8:54:16आपको मिल रहा है इंटरनेट में क्या? एनालॉग
- 8:54:19नेटवर्क। आपने मॉडम लगाया। मॉडेम ने क्या
- 8:54:22किया? मॉड्यूलेट और डीमोड्यूलेट करता है।
- 8:54:26मॉडम ने क्या किया? मॉड्यूलेट किया इसको।
- 8:54:28मतलब एनालॉग से डिजिटल में कन्वर्ट किया।
- 8:54:30फिर आपके राउटर में डिजिटल नेटवर्क दिए।
- 8:54:35और फिर आपके राउटर से आपने घर में अपना एक
- 8:54:38कंप्यूटर, दो कंप्यूटर, तीन कंप्यूटर यह
- 8:54:41सब आपने कनेक्ट कर लिए। इन कंप्यूटरों से
- 8:54:43प्रिंटर भी आपने कनेक्ट कर लिए। आपके घर
- 8:54:46में यह आपके भाई का कंप्यूटर है। यह आपके
- 8:54:48पापा का यह आपका कंप्यूटर है। सबने कनेक्ट
- 8:54:51कर रखे हैं। एक ही राउटर से। तो पहले इसने
- 8:54:55क्या किया? मॉडलेट किया। एनालॉग को डिजिटल
- 8:54:57में कन्वर्ट किया। अगर आप Airtel के सर्वर
- 8:55:00पर कोई डाटा सेव अपना कर रहे हो तो ये
- 8:55:03क्या करेगा? डीमोडलेट कर देगा। आपके
- 8:55:05डिजिटल नेटवर्क को एनालॉग में कन्वर्ट
- 8:55:08करेगा।
- 8:55:10तभी एक सवाल पूछा जाता है। क्या इंटरनेट
- 8:55:12हम मॉडम के बिना यूज़ कर सकते हैं? आंसर
- 8:55:15होगा नो। बिल्कुल नहीं यूज कर सकते।
- 8:55:19इंटरनेट अगर हमें यूज करना है तो हमें
- 8:55:21मॉडम की जरूरत पड़ेगी ही पड़ेगी। मॉडलेट
- 8:55:24और डीमोडलेट हमें करना ही पड़ेगा। मॉडम के
- 8:55:26बिना हम इंटरनेट नहीं यूज़ कर सकते हैं।
- 8:55:29तो समझ आया राउटर किस तरीके से काम करता
- 8:55:32है? राउटर हमेशा एक तरीके से आप बोल सकते
- 8:55:35हो आपके मॉडम और आपके इंटरनेट
- 8:55:39यूज करने के बीच का ब्रिज की तरह काम करता
- 8:55:42है। मॉडेम और आपकी डिवाइस के बीच में
- 8:55:45राउटर काम करता है।
- 8:55:48नाउ कम्स टू मॉडम। मॉडम के बारे में मैं
- 8:55:50आपको बता ही चुका हूं। मॉडलेटर डीमोडलेटर
- 8:55:53जो कि डिजिटल को एनालॉग में और एनालॉग को
- 8:55:56डिजिटल में कन्वर्ट करने का काम करता है।
- 8:55:58इट यूज्ड टू कनेक्ट अ कंप्यूटर टू इंटरनेट
- 8:56:00थ्रू आईएसपी। वही जो अभी मैंने आपको बताया
- 8:56:02यहां पर मैंने आपको काफी अच्छे से ही
- 8:56:05एग्जांपल दे दिया है। मॉडम और आउटर दोनों
- 8:56:07का ही बता दिया है।
- 8:56:09अगला रिपीटर। रिपीटर क्या होता है? रिपीटर
- 8:56:12का मैं आपको एग्जांपल देता हूं।
- 8:56:16जैसे मान लो यह आपका घर है।
- 8:56:19ठीक है? आपके घर में आपने इंटरनेट कनेक्शन
- 8:56:22लिया हुआ है। ब्रॉडबैंड।
- 8:56:25यह फर्स्ट फ्लोर है।
- 8:56:27यह ग्राउंड फ्लोर हो गया। यह फर्स्ट फ्लोर
- 8:56:30हो गया। यह सेकंड फ्लोर हो गया। ठीक है?
- 8:56:32आपने जो मॉडम लगवाया वो आपने ग्राउंड
- 8:56:35फ्लोर पे लगवाया हुआ है। मान लिया। यहां
- 8:56:38पर मॉडम लगा हुआ है। और यहीं पर राउटर रखा
- 8:56:41हुआ है। ठीक?
- 8:56:44ग्राउंड फ्लोर पर जब तक आप रहते हो आपको
- 8:56:46नेटवर्क अच्छे मिलते हैं। लेकिन जैसे ही
- 8:56:48आप फर्स्ट फ्लोर पर जाते हो नेटवर्क आपको
- 8:56:50कम मिलने लगते हैं। क्योंकि भाई फ्लोर का
- 8:56:52डिफरेंस हो गया। और जब आप सेकंड फ्लोर पर
- 8:56:55जाते हो तो और ही कम आने लगते हैं
- 8:56:57नेटवर्क। ऐसे में आपको नेटवर्क बूस्ट करके
- 8:57:02देने का काम रिपीटर करता है।
- 8:57:08अगर इस तरीके की समस्या है तो आपको फर्स्ट
- 8:57:11फ्लोर पे अपने एक रिपीटर लगाना होगा
- 8:57:15और सेकंड फ्लोर पे भी एक रिपीटर लगाना
- 8:57:18होगा। जैसे ही आप रिपीटर लगाओगे फर्स्ट
- 8:57:20फ्लोर पे वह आपके ग्राउंड फ्लोर के थोड़े
- 8:57:23भी मिल मिल रहे सिग्नल्स को पूरे फ्लो में
- 8:57:26आगे ले जाएगा। उतनी ही स्पीड के साथ जो
- 8:57:29आपने प्लान लिया होगा। सपोज़ आपने 500 Mbps
- 8:57:32का प्लान लिया हुआ है तो पूरे 500 Mbps वन
- 8:57:37पे भी आएगी। दो में भी रिपीटर लगा हुआ है
- 8:57:40तो दूसरे फ्लोर पे भी 500 Mbps को वह ले
- 8:57:43जाएगा ऊपर। स्पेशली ऐसे ऑफिसिसेस में
- 8:57:46रिपीटर यूज होते हैं जहां पर मल्टी स्टोरी
- 8:57:49बिल्डिंग है। जैसे एक ऑफिस बिल्डिंग है
- 8:57:51जिसमें 10 फ्लोर है नीचे से ऊपर तक 10
- 8:57:53माले की बिल्डिंग है। वहां पर हर एक माले
- 8:57:56पर रिपीटर यूज़ हो रहा होता है।
- 8:58:00सभी को क्लियर हो गई बात? ओके। रिपीटर के
- 8:58:04बाद अगला है ब्रिज। अब यह ब्रिज क्या काम
- 8:58:07करता है?
- 8:58:09यह दो समान नेटवर्क को आपस में जोड़ने का
- 8:58:13काम करता है। इट डिवाइड नेटवर्क इनू टू
- 8:58:15सेगमेंट्स।
- 8:58:17रिड्यूसेस नेटवर्क ट्रैफिक एंड प्रोवाइड
- 8:58:20बेटर बैंडविथ।
- 8:58:25जैसे मान लीजिए
- 8:58:27एक ऑफिस की बिल्डिंग ये है। बराबर में एक
- 8:58:30छोटी बिल्डिंग है।
- 8:58:32ठीक है? कनेक्शन एक ही लोगे ना आप लेकिन
- 8:58:36दोनों बिल्डिंग्स में आप पैरेलल नेटवर्क
- 8:58:38चाहते हो तो ऐसे में बीच में ब्रिज लगेगा।
- 8:58:42ठीक है?
- 8:58:45जो नेटवर्क है दो नेटवर्क सेगमेंट को
- 8:58:47जोड़ने का काम करता है। कनेक्ट टू सिमिलर
- 8:58:50नेटवर्क। एग्जांपल जैसे इस बिल्डिंग के
- 8:58:53नेटवर्क को अगर हम बोले तो क्या बोलेंगे?
- 8:58:55लन बोलेंगे। ये बिल्डिंग में अपना लन है।
- 8:58:58दो लन को अब हमें आपस में जोड़ना है। तो
- 8:59:00कैसे जोड़ेंगे? ब्रिज के थ्रू हम
- 8:59:02जोड़ेंगे। ब्रिज एक ऐसी डिवाइस है जो कि
- 8:59:04इस तरीके से दो लेन को जोड़ देती है। इसका
- 8:59:07एक एग्जांपल हम यूनिवर्सिटी वाला भी ले
- 8:59:09सकते हैं।
- 8:59:11जैसे ये यूनिवर्सिटी है। यूनिवर्सिटी में
- 8:59:13यह इंजीनियरिंग कॉलेज है। यह वाला लॉ
- 8:59:17कॉलेज की बिल्डिंग है।
- 8:59:20यह वाला आर्ट्स कॉलेज की बिल्डिंग है। यह
- 8:59:24वाला मेडिकल कॉलेज की बिल्डिंग है।
- 8:59:28यह वाला आपका
- 8:59:30मान लेते हैं
- 8:59:32आर्किटेक्चर कॉलेज की बिल्डिंग है। ठीक
- 8:59:36है? अब यह सारी बिल्डिंग का डाटा कहीं ना
- 8:59:40कहीं एक जगह पर एडमिन बिल्डिंग में तो
- 8:59:42आएगा ना जहां सर्वर होगा।
- 8:59:45यह सब अपने आप में लन है। तब लन है। लेकिन
- 8:59:49यह सब आपस में कनेक्ट भी तो होंगे ना।
- 8:59:52कैसे होंगे? इन सबके बीच में ब्रिज लगे
- 8:59:54होंगे।
- 8:59:57सभी के बीच में ब्रिज लगे होंगे।
- 9:00:02क्लियर हो रही है बात?
- 9:00:09एक वर्ड यूज़ किया जाता है गेटवे। गेटवे
- 9:00:11किस तरीके की डिवाइस है?
- 9:00:14कनेक्ट्स डिफरेंट टाइप ऑफ नेटवर्क वर्क्स
- 9:00:17एज एन एंट्री एंड एग्जिट पॉइंट। ये इसकी
- 9:00:19खास बात है कि ये नेटवर्क में एंट्री और
- 9:00:22एग्जिट पॉइंट की तरह काम करता है। यह
- 9:00:24कन्वर्ट्स डेटा फॉर्मेट्स एंड प्रोटोकॉल।
- 9:00:27जैसे एग्जांपल कोई IPV4 का नेटवर्क यूज़ कर
- 9:00:30रहा है। आप IPV6 का नेटवर्क यूज़ कर रहे
- 9:00:32हो। उन दोनों को कनेक्ट करने के लिए गेटवे
- 9:00:35लगेगा। प्राइवेट लन से आप पब्लिक लाइन में
- 9:00:38कनेक्ट होना चाहते हैं तो आपको गेटवे का
- 9:00:40यूज़ करना पड़ेगा। एग्जांपल जैसे मान लीजिए
- 9:00:45लेन से आप मैन में कनेक्ट हो रहे हैं।
- 9:00:47मेट्रोपॉलिटन एरिया नेटवर्क में कनेक्ट हो
- 9:00:50रहे हैं तो आपको गेटवे का यूज करना
- 9:00:52पड़ेगा। जब कंप्लीटली डिफरेंट नेटवर्क हैं
- 9:00:54उनको आपको जोड़ना है। तो गेटवे का यूज
- 9:00:58करना होगा।
- 9:01:04एनआईसी एक डिवाइस होती है जो कि आपके
- 9:01:07मदरबोर्ड चिप में लगी होती है। इसको बोलते
- 9:01:10हैं नेटवर्क इंटरफेस कार्ड। यह हार्डवेयर
- 9:01:12डिवाइस होती है इनसाइड कंप्यूटर मदरबोर्ड।
- 9:01:15इट इनेबल्स कंप्यूटर टू कनेक्ट टू
- 9:01:17नेटवर्क। इसकी वजह से आप नेटवर्क के ऊपर
- 9:01:19कनेक्ट हो पाते हो। और इसका अपना खुद का
- 9:01:21एक मैक एड्रेस होता है। दरअसल सामने वाले
- 9:01:25ने आपको एक ईमेल भेजी। वह ईमेल आपके ही
- 9:01:28कंप्यूटर पे आपकी ही ईमेल आईडी पे आ पा
- 9:01:30रही है। जस्ट बिकॉज़ ऑफ एनआईसी कार्ड।
- 9:01:32क्योंकि एनआईसी कार्ड का अपना मैक एड्रेस
- 9:01:35है जो कि उसके IP एड्रेस के साथ कंफिगर
- 9:01:38होता है।
- 9:01:39और वो आप ही के डिवाइस पे आएगा। किसी और
- 9:01:42के डिवाइस पे नहीं जाता। जस्ट बिकॉज़ ऑफ़
- 9:01:43एनआईसी। एनआईसी को आप ऐसे समझ लीजिए ओवरऑल
- 9:01:47जितने भी नेटवर्क आपके कंप्यूटर से जुड़
- 9:01:49रहे हैं कोई ईमेल भेज रहा है कोई फोटो भेज
- 9:01:52रहा है कोई कॉल कर रहा है आपको यह सब कुछ
- 9:01:55अगर पॉसिबल हो पा रहा है तो एनआईसी की वजह
- 9:01:58से नेटवर्क इंटरफेस कार्ड आपके अलग-अलग
- 9:02:01नेटवर्क को अलग-अलग सेगमेंट में डिवाइड
- 9:02:03करता है कि कॉल वाले ये अलग हो गए मेल
- 9:02:06वाले ये अलग हो गए फोटो वाले अलग हो गए
- 9:02:09वीडियो वाले अलग हो गए
- 9:02:13एक्सेस पॉइंट क्या होता है? एक्ट एस
- 9:02:16सेंट्रल हब टू एक्सटेंड कवरेज एंड अलाउ
- 9:02:18मल्टीपल यूजर टू शेयर सेम नेटवर्क।
- 9:02:21प्रोवाइड वायरलेस कनेक्टिविटी। इट
- 9:02:23कनेक्ट्स वायरलेस डिवाइसेस टू वायर्ड
- 9:02:26नेटवर्क। अगर आपको किसी वायरलेस डिवाइस से
- 9:02:30वायर्ड नेटवर्क में कनेक्ट करना है तो उस
- 9:02:32केस में एक्सेस पॉइंट काम आएगा। एग्जांपल
- 9:02:36इसका मैं आपको देता हूं। जैसे आपने Tata
- 9:02:38Ski लगाया।
- 9:02:41अपने घर में आपने Tata Sky लगाया। Tata
- 9:02:44Sky की छतरी आपके घर के ऊपर लगी हुई है।
- 9:02:47वहां से एक वायर आया हुआ है मान लेते हैं।
- 9:02:50ठीक है? और वहां से वायर आपके मॉडम पे लगा
- 9:02:53हुआ है और आपके मॉडम से टीवी कनेक्टेड है।
- 9:02:56ठीक है? आजकल आप टीवी को अपने मोबाइल से
- 9:02:58भी कनेक्ट कर लेते हो। अब यहां तक तो वायर
- 9:03:01आ गया। यह वायर्ड नेटवर्क है यहां तक।
- 9:03:04लेकिन अब आपका यह मोबाइल है छोटी डिवाइस।
- 9:03:06आपको अपनी मोबाइल टीवी से कनेक्ट कर रहे
- 9:03:08हो। इस केस में एक्सेस पॉइंट यूज होता है।
- 9:03:12यहां तक यह वायर्ड कनेक्शन कनेक्शन था। यह
- 9:03:14वाला कनेक्शन वायरलेस आप कर रहे हो। तो
- 9:03:17ऐसे में क्या यूज़ होगा? एक्सेस पॉइंट यूज़
- 9:03:20होगा। आप अपने मोबाइल से ही टीवी को ऑन कर
- 9:03:22पाओगे। अपने मोबाइल से ही बैठे-बैठे टीवी
- 9:03:25को ऑफ कर दोगे। टीवी में रिकॉर्डिंग भी कर
- 9:03:27लोगे। टीवी में टाइमर भी लगा दोगे। ये सब
- 9:03:30कुछ आप अपने मोबाइल से कर पाओगे। जस्ट
- 9:03:32बिकॉज़ ऑफ़ एक्सेस पॉइंट। लेकिन उसके लिए
- 9:03:33आपको एक्सेस पॉइंट चाहिए।
- 9:03:38वही यहां पर एग्जांपल दिया हुआ है। जैसे
- 9:03:40कि वायर नेटवर्क के थ्रू है। राउटर है मान
- 9:03:42लीजिए तो आपको एक्सेस पॉइंट लगाना होगा।
- 9:03:45ज्यादातर जो एक्सेस पॉइंट है वो राउटर के
- 9:03:47अंदर लगे लगाए जाते हैं। आज की डेट में
- 9:03:49इनबिल्ट आते हैं और उसके बाद आप फिर दूसरे
- 9:03:52अपने डिवाइसेस से कनेक्ट हो जाते हो।
- 9:03:53इसमें
- 9:03:56नेक्स्ट है फायर वॉल। फायरवॉल आपके
- 9:03:59कंप्यूटर में एक तरीके की डिफेंस लेयर
- 9:04:02होती है। यह आपके कंप्यूटर में मैिशियस
- 9:04:05फाइल्स को आने से रोकता है। मतलब फायरवॉल
- 9:04:08इस तरीके से कंफिगर होता है एक प्रोग्राम
- 9:04:11जो कि आपके कंप्यूटर में अननेसेसरी फाइल
- 9:04:14को आने से रोकेगा। यह इस तरीके से क्रॉस
- 9:04:17चेक करता है कि कोई भी फाइल जो कि आपके
- 9:04:20कंप्यूटर के अंदर एंटर कर रही है वो
- 9:04:22वेरीिफाइड तो है ना। कई बार आपने देखा
- 9:04:25होगा कि आप इंटरनेट से कुछ डाउनलोड करते
- 9:04:28हो या कोई ईमेल से अगर आप कोई फाइल
- 9:04:31डाउनलोड कर रहे हो। ऐसे में वह लिख के आता
- 9:04:33है उस पर लिख के आता है दिस फाइल इज नॉट
- 9:04:37सिक्योर।
- 9:04:40कैंसिल का ऑप्शन आएगा और साथ में ऑप्शन
- 9:04:43आएगा कंटिन्यू एनीवे का। तो अगर आपको फिर
- 9:04:46भी डाउनलोड करनी है तो आप कंटिन्यू एनीवे
- 9:04:48पे क्लिक कर देते हो। फिर वह आपको डाउनलोड
- 9:04:50करके दे देगा। लेकिन जब तक वह आपका मैसेज
- 9:04:53शो कर रहा है, इसका मतलब आपकी फायर वॉल ही
- 9:04:56है जो आपको बता रही है कि मेरे हिसाब से
- 9:04:58यह भरोसेमंद फाइल नहीं है।
- 9:05:01आप इसको अभी कैंसिल कर सकते हो। लेकिन
- 9:05:03उसके बाद भी अगर आपको डाउनलोड करनी है तो
- 9:05:06फिर आपकी जिम्मेदारी होगी। एक्चुअली
- 9:05:08फायरवॉल अपना काम कर रही होती है। आपको
- 9:05:09बता रही होती है कि यह फाइल मैिशियस हो
- 9:05:12सकती है। यह फाइल रिलायबल नहीं है। आपके
- 9:05:15सिस्टम को, आपके डेटा को करप्ट कर सकती
- 9:05:17है। वैसे आज की क्लास में एक नया चैप्टर
- 9:05:20भी हम लोग कवर करने जा रहे हैं। और यह
- 9:05:22बड़ा ही इंटरेस्टिंग चैप्टर है। यह है
- 9:05:24साइबर सिक्योरिटी एंड मैलवेयर जिसमें आपको
- 9:05:26पता लगेगा मैलिशियस अटैक कौन-कौन से होते
- 9:05:29हैं। किस-किस तरीके के मार्केट में
- 9:05:30मैलवेयर चल रहे हैं। आप कैसे उनसे
- 9:05:33प्रोटेक्ट हो सकते हो वो सारी चीजें।
- 9:05:35लेकिन पहले हम लोग नेटवर्किंग को खत्म
- 9:05:37करेंगे। उसके बाद साइबर सिक्योरिटी और
- 9:05:39मैलवेयर में स्विच करेंगे। माफी चाहता
- 9:05:42हूं। यह आवाज आपको ओके फर्स्ट ऑफ ऑल बात
- 9:05:45करते हैं नेटवर्किंग। टोपोलॉजी होती क्या
- 9:05:47है? नेटवर्क आपको पता है। नेटवर्किंग भी
- 9:05:50अब आपको पता है। तो टोपोलॉजी आप ऐसे समझ
- 9:05:54लीजिए टाइप्स ऑफ नेटवर्क को डिफाइन करती
- 9:05:57है। ठीक है?
- 9:06:02क्या बात है? आज पहला ही कमेंट आया है कि
- 9:06:05सर आप मोटिवेट करने के लिए भूल गए हो
- 9:06:08कभी-कभी मोटिवेट कर दिया करो। देखिए मेरा
- 9:06:10सीधा सा कांसेप्ट है यह मोटिवेशन की जब
- 9:06:14हमें जरूरत पड़ने लगे इसका मतलब हम खोखले
- 9:06:17हैं अंदर से। हो सकता है कई लोगों को सुन
- 9:06:19के खराब लगे।
- 9:06:21क्योंकि अगर हमें यह नहीं दिखाई पड़ रहा
- 9:06:24है। दिन रात हम अपने माता-पिता के साथ
- 9:06:26रहते हैं। अगर हमें यह नहीं दिख रहा है कि
- 9:06:29हमारे जो पिता हैं वह अपना पेट काट के
- 9:06:33हमारे सारे शौक पूरे कर रहे हैं। अगर हमें
- 9:06:36यह नहीं पता है कि हमारी मां दिन रात
- 9:06:39हमारे लिए खाना बना बना के परेशान हुई जा
- 9:06:41रही है। अपनी आंखों में सपने सजो के रख
- 9:06:44रही है कि एक दिन हम भी कुछ बेहतर इंसान
- 9:06:47बन जाएंगे। सोसाइटी में कुछ ऐसा कर जाएंगे
- 9:06:50कि हां लोगों के सामने उनका नाम रोशन
- 9:06:52होगा। अगर हमें दिन रात यह देख के
- 9:06:54मोटिवेशन नहीं मिल रहा है
- 9:06:57तो फिर हम अंदर से मर चुके हैं। मेरा यही
- 9:06:59मानना है। तो संदीप महेश्वरी ना काम आ
- 9:07:03पाएंगे ना कोई व्यक्ति जो कि YouTube के
- 9:07:07ऊपर टेलीग्राम में कहीं पर भी ज्ञान दे
- 9:07:09रहा है। ना कोई टीचर
- 9:07:12क्योंकि जब मोटिवेशनल स्पीकर नहीं हुआ
- 9:07:16करते थे। जब YouTube नहीं हुआ करता था
- 9:07:18उससे पहले भी लोग मोटिवेटेड रहते थे।
- 9:07:21हमारे पिता लोग भी मोटिवेट रहते थे
- 9:07:23जिन्होंने सरकारी नौकरियां ली हुई हैं।
- 9:07:26इसके अलावा मैं भी जिस टाइम पर था उस टाइम
- 9:07:29पर YouTube पर पढ़ाई नहीं होती थी।
- 9:07:312013-14 में मैंने तैयारी करी हुई है। 15
- 9:07:34तक भी करी हुई है। एग्जाम निकाले हैं। ऐसा
- 9:07:37नहीं है। तो मोटिवेशन केवल अगर मां-बाप की
- 9:07:42आंखों में आंखें डाल के एक बार देख लोगे
- 9:07:44तो ऐसा मोटिवेशन मिल जाएगा कि
- 9:07:47फिर आपको पलट के देखने की जरूरत नहीं
- 9:07:49पड़ेगी। मैं आपको क्या ही मोटिवेशन दे
- 9:07:52पाऊंगा। मेरा और आपका खून का रिश्ता तो है
- 9:07:54नहीं।
- 9:07:57ठीक है? मैं तो सीधी सी बात बोलता हूं।
- 9:07:59पैसे आपसे मैं ले रहा हूं और आपको ज्ञान
- 9:08:02दे रहा हूं। आपको कंटेंट दे रहा हूं ऐसा
- 9:08:04जिससे आपका सिलेक्शन होगा। आपसे जितने
- 9:08:07पैसे ले रहा हूं, उतने में आपकी एक-एक पाई
- 9:08:09पूरी चुकाऊंगा।
- 9:08:12आप मुझे गुरु मान लीजिए, आप मुझे बड़ा भाई
- 9:08:14मान लीजिए या आप मुझे कुछ मत मानिए। उससे
- 9:08:17कुछ होने भी नहीं वाला है। मैं बिल्कुल
- 9:08:20नहीं चाहता हूं कि कोई लड़का सिलेक्ट हो
- 9:08:23उसके बाद मेरे काम आए। नहीं मेरी आदत है
- 9:08:26इतने सालों में आज 8 साल हो चुके हैं
- 9:08:30इस इंडस्ट्री में। इतने सारे सिलेक्शन हो
- 9:08:33चुके हैं। उसके बाद भी अगर स्टूडेंट कहीं
- 9:08:35मिल जाता है, प्रेम से बात कर लेता है,
- 9:08:37उतना ही बहुत है। इवन कांटेक्ट में जो
- 9:08:40स्टूडेंट होते हैं, जब तक तैयारी कर रहे
- 9:08:42होते हैं, तब तक होते हैं। जिस दिन उनका
- 9:08:43सिलेक्शन होता है, उस दिन मैं ही थोड़ा
- 9:08:46दूर हट जाता हूं। श्रेय लेना मुझे आता
- 9:08:49नहीं और मोटिवेट करने की मैंने आपको कड़वी
- 9:08:52सच्चाई बता दी।
- 9:08:54तो अगर अपने मां-बाप को देखकर मोटिवेट
- 9:08:56नहीं हो रहे हैं तो विश्वास मानिए आप मर
- 9:08:58चुके हैं। डेली डेली आपको मोटिवेशन का अगर
- 9:09:01इंजेक्शन चाहिए तो विश्वास मानिए आप मर
- 9:09:03चुके हैं। कुछ नहीं होता है। सब बकवास है।
- 9:09:07सब फालतू चीजें हैं।
- 9:09:10आपके इस मोटिवेशन के चक्कर में लोग
- 9:09:12करोड़पति बन गए हैं YouTube में इस तरीके
- 9:09:15का ज्ञान दे दे के। लेकिन मुझे बताइए कौन
- 9:09:17सा ऐसा मोटिवेशन है? ऐसी घुट्टी होती तो
- 9:09:20बुद्ध ना पी लेते। महावीर स्वामी ना पी
- 9:09:23लेते सत्य की तलाश में कैसे निकल पड़े
- 9:09:27लाइफ इज जिगजग उतार-चढ़ाव आएंगे लेकिन
- 9:09:31उतार है इसका मतलब यह है कि अगर आप
- 9:09:33मोटिवेट ना रह पाए तो फिर बेकार है
- 9:09:37आप हमेशा चढ़ाव पे नहीं रहेंगे उतार फिर
- 9:09:39आएंगे फिर चढ़ाव आएंगे जीवन इसी का नाम है
- 9:09:45ठीक है
- 9:09:47ज्यादा मुझे वो करना आता नहीं है कि अमूल
- 9:09:50का बटर लिया और बच्चे के ऊपर लगा दिया।
- 9:09:53नहीं,
- 9:09:55बड़ा भाई होने के नाते बिल्कुल सही सलाह
- 9:09:57दूंगा और सीधी-सीधी सलाह दूंगा। फालतू की
- 9:10:00बातें नहीं करूंगा।
- 9:10:02नेटवर्किंग टोपोलॉजी। अब सीधे मुद्दे पर
- 9:10:05आते हैं। भाई टाइम बहुत वेस्ट हो गया है।
- 9:10:07छात मिनट निकल गए हैं। टोपोलॉजी है क्या?
- 9:10:11टाइप ऑफ नेटवर्क। अभी तक हम लोग समझ रहे
- 9:10:14थे कि नेटवर्क क्या होता है? नेटवर्क में
- 9:10:16कौन-कौन सी डिवाइसेस यूज़ होती हैं? मैंने
- 9:10:18आपको कल टाइप्स ऑफ ट्रांसमिशन पढ़ाए थे
- 9:10:21जिसमें सिंप्लेक्स, हाफ डुप्लेक्स, फुल
- 9:10:23डुप्लेक्स था। अभी बात हो रही है टाइप ऑफ
- 9:10:25नेटवर्क की कि नेटवर्क कितने टाइप के होते
- 9:10:28हैं? और नेटवर्क के जो टाइप्स होते हैं
- 9:10:31उन्हीं को हम क्या बोलते हैं? टोपोलॉजी
- 9:10:33में डिफाइन करते हैं।
- 9:10:35हर एक टोपोलॉजी दूसरे टोपोलॉजी से भिन्न
- 9:10:38है। उसका पैटर्न भिन्न है। हर एक टोपोलॉजी
- 9:10:41में कंप्यूटर आपस में इंटरकनेक्टेड हो रहे
- 9:10:43हैं। लेकिन उनका पैटर्न अलग है। और यही
- 9:10:46पैटर्न एक टोपोलॉजी को दूसरी टोपोलॉजी से
- 9:10:49डिफरेंशिएट करता है। तो अगर हम ये समझ लें
- 9:10:52नेटवर्क टोपोलॉजीस में कि हर एक टोपोलॉजी
- 9:10:55का पैटर्न क्या है? उसके फायदे क्या हैं?
- 9:10:58उसके नुकसान क्या है? तो हम आसानी से
- 9:11:01क्वेश्चंस को क्रैक कर पाएंगे। और यह भी
- 9:11:03आपको ध्यान रखना होगा हर एक टोपोलॉजी के
- 9:11:06अपने बेनिफिट्स हैं और अपने उसके ड्रॉबैक
- 9:11:08हैं। तो फर्स्ट ऑफ ऑल बात करते हैं हम लोग
- 9:11:11बस टोपोलॉजी की। बस टोपोलॉजी नाम से ही
- 9:11:15समझ आ रहा है। आपको यह स्ट्रक्चर बस जैसा
- 9:11:17दिखाई देता है। इस स्ट्रक्चर में आप देखिए
- 9:11:20बस यह होती है ना। बस में आप देखोगे इधर
- 9:11:23यात्री बैठे हैं
- 9:11:26और इधर भी यात्री बैठे हुए हैं।
- 9:11:29ऐसे ही होती है ना बस। इसीलिए इसका नाम बस
- 9:11:32टोपोलॉजी रखा गया है। बीच से एक तार जा
- 9:11:34रहा है। इस तार से यह कंप्यूटर आपस में
- 9:11:37कनेक्टेड है।
- 9:11:39दिस इज कॉल्ड बस टोपोलॉजी।
- 9:11:42तो एक ऐसा नेटवर्क जिसमें एक जो वायर है
- 9:11:46यह सिंगल वायर बैकबोन की तरह काम करता है
- 9:11:49और इसमें अलग-अलग नोड इंटरकनेक्टेड होते
- 9:11:52हैं। मतलब यह जो कंप्यूटर है यह इस तरीके
- 9:11:54से उसी सिंगल वायर में कनेक्टेड होते हैं।
- 9:11:57इसका बेस्ट एग्जांपल है आपके साइबर कैफे।
- 9:12:01स्कूल की लैब्स, कॉलेजेस में जो कंप्यूटर
- 9:12:04लैब होती है, वह सब इसी का एग्जांपल है।
- 9:12:06बस टोपोलॉजी की खास बात है कि यह इजी टू
- 9:12:10मेक नेटवर्क है। बहुत ही आसानी से आप इसे
- 9:12:12बना सकते हो। इसको बनाने में लागत भी बहुत
- 9:12:15कम आती है। तो इजी एंड चीप टू इंस्टॉल है।
- 9:12:19क्योंकि सिंपल आपको एक वायर लेना होता है।
- 9:12:22उस वायर की मदद से आप सारे कंप्यूटरटर्स
- 9:12:24को इंटरकनेक्ट कर देते हो। लेकिन अब इसका
- 9:12:27ड्रॉबैक क्या है? ड्रॉबैक है इसकी स्पीड।
- 9:12:31स्पीड जो है इसकी यह लो होती है।
- 9:12:35जैसे मान लीजिए यहां पर यह सर्वर है। इस
- 9:12:38सर्वर में 10 Mbps स्पीड आ रही है। ठीक
- 9:12:42है? तो ये वाला जो कंप्यूटर है यह तो
- 9:12:45सर्वर से सबसे पहले कनेक्टेड है। तो इसको
- 9:12:47तो 10 Mbps मिलेगी। लेकिन हो सकता है यहां
- 9:12:50तक पहुंचते-पहुंचते 9 Mbps स्पीड हो जाए।
- 9:12:53आगे 8 Mbps हो जाए। आगे 7 Mbps इसके पास
- 9:12:57पहुंचे। इसके पास 6 Mbps पहुंचे।
- 9:13:02आप जितने कंप्यूटर चाहो कनेक्ट करते जाओ।
- 9:13:05सब कनेक्ट हो जाएंगे। लेकिन जैसे-जैसे
- 9:13:07नंबर ऑफ कंप्यूटर बढ़ेंगे वैसे-वैसे स्पीड
- 9:13:10भी उनको लो मिलेगी। यही कारण है साइबर
- 9:13:13कैफे में जब आप सुबह-सुबह जाओगे और कोई
- 9:13:16नहीं बैठा होगा। खाली कैफे होगा तो आपको
- 9:13:19स्पीड बहुत अच्छी मिलेगी। और जब आप देखोगे
- 9:13:22पूरा साइबर कैफे खचाखच भरा होगा। वो जो 10
- 9:13:2520 कंप्यूटर उसके पास है तो आपको स्पीड
- 9:13:27थोड़ी कम मिलती है क्योंकि वह बस टोपोलॉजी
- 9:13:30का यूज कर रहा होता है। ठीक है? क्लियर है
- 9:13:34इतनी बात सभी को? सॉर्टेड है?
- 9:13:39बस टोपोलॉजी के बाद अगली है हमारी स्टार
- 9:13:42टोपोलॉजी। आप इसके स्ट्रक्चर को देखोगे तो
- 9:13:45आपको तारे जैसा यह दिखाई दे रहा है। स्टार
- 9:13:47नेटवर्क। इसीलिए उसको बोलते हैं स्टार
- 9:13:49टोपोलॉजी। यहां पर आप देख रहे हो ये सर्वर
- 9:13:52है और सर्वर से डायरेक्टली सारे कंप्यूटर
- 9:13:54इंटरकनेक्टेड हैं। ठीक है? अब स्टार
- 9:13:58टोपोलॉजी की खास बात क्या है? मोस्ट
- 9:14:02कॉमनली यूज्ड टोपोलॉजी है। जनरली इसका यूज
- 9:14:04किया जाता है। इसकी एक जो बेनिफिट है वो
- 9:14:07यह आप इसमें जो कंप्यूटर है वह ईली कनेक्ट
- 9:14:11कर सकते हो। जैसे मान लीजिए आपको एक
- 9:14:13कंप्यूटर और ऐड करना है। तो आप एक
- 9:14:15कंप्यूटर लाए सीधे आपने इससे कनेक्ट कर
- 9:14:17दिया। हो गया।
- 9:14:19बाकी कंप्यूटर को क्या आपने डिस्टर्ब
- 9:14:21किया? बिल्कुल नहीं डिस्टर्ब करना पड़ा।
- 9:14:23एक और ऐड करना है और कर दीजिए बिना किसी
- 9:14:26दूसरों के डिस्टरबेंस के। एक और ऐड करना
- 9:14:29है। चलो एक और कर दो ऐड। कोई और कंप्यूटर
- 9:14:32इसमें डिस्टर्ब नहीं होता है। आप जितने
- 9:14:34कंप्यूटर चाहें डायरेक्टली ऐड कर सकते हैं
- 9:14:36और रिमूव भी कर सकते हैं। आपको यह वाला
- 9:14:39कंप्यूटर हटाना है। आपने हटा दिया। बाकी
- 9:14:41डिस्टर्ब नहीं हुए। तो इट इज इजी टू ऐड और
- 9:14:44रिमूव डिवाइसेस।
- 9:14:47अब इसका ड्रॉबक क्या है? ड्रॉबैक यह है कि
- 9:14:50अगर इसमें सेंट्रल डिवाइस फेल हो गई तो
- 9:14:52बाकी सब फेल हो जाएंगे। पूरा नेटवर्क ही
- 9:14:54फेल हो जाएगा। इफ सेंट्रल डिवाइस फेल्स
- 9:14:58नेटवर्क स्टॉप्स।
- 9:15:01क्योंकि यह वाली डिवाइस ही सेंटर है जिसकी
- 9:15:04वजह से सब आपस में कनेक्टेड हैं। अगर
- 9:15:06सेंटर डिवाइस ही फेल हो गई तो पूरा
- 9:15:08नेटवर्क ही खत्म हो जाएगा। फिर एक से
- 9:15:11दूसरा कंप्यूटर आपस में कनेक्ट ही नहीं हो
- 9:15:13पाएगा। क्योंकि इन दोनों के बीच में तो
- 9:15:16कनेक्शन है नहीं। इन दोनों के बीच में तो
- 9:15:18कनेक्शन है नहीं। यह सब कनेक्टेड है
- 9:15:20किससे? इस डिवाइस से कनेक्टेड है।
- 9:15:24क्लियर है इतनी बात?
- 9:15:29तीसरी जो हमारी टोपोलॉजी है, दिस इज रिंग
- 9:15:31टोपोलॉजी। नाम सही समझ आ रहा है? रिंग
- 9:15:33मतलब गोलाकार नेटवर्क जब हम बनाते हैं कुछ
- 9:15:36इस तरीके का स्ट्रक्चर आपको दिखाई देता
- 9:15:38है। ये कंप्यूटर वन है। ये कंप्यूटर टू
- 9:15:41है। ये कंप्यूटर थ्री है। ये कंप्यूटर फोर
- 9:15:45है।
- 9:15:48अब इसके बेनिफिट क्या है? इसके क्या
- 9:15:51बेनिफिट है? इसका बेनिफिट यह है कि डाटा
- 9:15:55ट्रेवल इन वन ट्राई
- 9:15:59डाटा ट्रैवल इन वन डायरेक्शन ईच डिवाइस
- 9:16:02हैज़ इक्वल एक्सेस।
- 9:16:05इसमें डेटा जो है वो एक ही डायरेक्शन में
- 9:16:08चलेगा। या तो इस तरफ चलेगा।
- 9:16:11ठीक है? और या तो आप इस तरफ कर लो डाटा
- 9:16:13लेकिन चलेगा एक ही डायरेक्शन में।
- 9:16:17ईच डिवाइस हैज़ इक्वल एक्सेस। हर एक डिवाइस
- 9:16:20पर डाटा शेयर होगा ही होगा क्योंकि सभी एक
- 9:16:25दूसरे से इंटरकनेक्टेड है।
- 9:16:28लेकिन इसका ड्रॉबैक पता है क्या है सबसे
- 9:16:30बड़ा? अगर आपको इसमें कोई अनदर डिवाइस यूज
- 9:16:34करनी है। मतलब दूसरा एक नया कंप्यूटर ऐड
- 9:16:36करना है तो वो इजी टू ऐड नहीं है। आप खुद
- 9:16:40देखिए यह नेटवर्क चारों तरफ से बंद है।
- 9:16:44वायर के थ्रू कवर्ड है यह नेटवर्क। इसमें
- 9:16:47अगर आपको एक नया कंप्यूटर ऐड करना है तो
- 9:16:49आपको कहीं से तो वायर काटना पड़ेगा ना।
- 9:16:52मान लीजिए यह एक नया कंप्यूटर मैं ले आ
- 9:16:55गया। इसको भी इस नेटवर्क में ऐड करना है।
- 9:16:57तो आपको यहां से वायर कट करना पड़ेगा और
- 9:17:00फिर आप इस कंप्यूटर को लाकर यहां पर ऐड
- 9:17:02करोगे।
- 9:17:04फिर वायर जोड़ोगे तब जाकर नेटवर्क
- 9:17:06एस्टैब्लिश होगा। तो जब तक आप इसे ऐड कर
- 9:17:09रहे होंगे तब तक यह पूरा नेटवर्क डिस्टर्ब
- 9:17:13बना रहेगा।
- 9:17:15जबकि स्टार टोपोलॉजी में आपने देखा था
- 9:17:18यहां पर आप कोई भी कंप्यूटर कनेक्ट कर दो
- 9:17:20या रिमूव कर दो बाकी डिस्टर्ब नहीं होते
- 9:17:23हैं। लेकिन रिंग में रिंग में आप इजी टू
- 9:17:26यूज़ एक्सेस नहीं कर सकते। ईजी टू ऐड एंड
- 9:17:28रिमूव नहीं कर सकते।
- 9:17:31एक और इसकी खास बात है जो कि ड्रॉबैक है
- 9:17:34इसका। अगर एक भी कंप्यूटर फेल होता है तो
- 9:17:37डेटा आगे ही नहीं बढ़ पाएगा। मान लीजिए यह
- 9:17:40वाला कंप्यूटर फेल हो गया तो डाटा इस
- 9:17:43तरीके से रोटेट हो रहा है तो डाटा यहीं पर
- 9:17:46आकर रुक जाएगा। यह वाला कंप्यूटर तो फेल
- 9:17:48है। अब डाटा आगे बढ़ ही नहीं पाएगा।
- 9:17:52क्लियर हो रही है बात? सो इस तरीके के
- 9:17:54नेटवर्क को हम लोग बोलते हैं रिंग
- 9:17:56टोपोलॉजी। रिंग के बाद अगली जो टोपोलॉजी
- 9:17:59है, दिस इज़ मेस टोपोलॉजी।
- 9:18:02मेस टोपोलॉजी के भी बेनिफिट और ड्रॉबक
- 9:18:04हैं। अगर कभी भी आपसे पूछा जाए सबसे
- 9:18:07सिक्योर नेटवर्क टोपोलॉजी कौन सी है? तो
- 9:18:10आपका आंसर होगा मेस टोपोलॉजी। यहां पर मैं
- 9:18:13लिख भी देता हूं इट इज मोस्ट सिक्योर
- 9:18:15टोपोलॉजी।
- 9:18:18आपका डेटा सबसे ज्यादा सिक्योर इसी
- 9:18:20टोपोलॉजी नेटवर्क में रहेगा। स्पेशली जो
- 9:18:24मेस टोपोलॉजी है इसका यूज डिफेंस में किया
- 9:18:27जाता है
- 9:18:29क्योंकि वहां पर बहुत ही वाइटल इंफॉर्मेशन
- 9:18:31होती है। बैंकिंग में भी इसका यूज किया
- 9:18:34जाता है।
- 9:18:36डाटा बहुत कॉन्फिडेंशियल है जहां पर।
- 9:18:41लेकिन ड्रॉबैक क्या है? ड्रॉबैक इसका यह
- 9:18:43है कि इसमें वायर बहुत यूज़ होता है। यह
- 9:18:46एक्सपेंसिव नेटवर्क है। ज्यादा वायर यूज़
- 9:18:49होने की वजह से इसकी कॉस्ट बहुत आती है।
- 9:18:53और क्योंकि ज्यादा वायर यूज हो रहा है। इस
- 9:18:55वजह से इसका मेंटेनेंस भी बहुत हाई होता
- 9:18:58है। और क्योंकि यह इतनी ज्यादा मैसी होती
- 9:19:02है। इस वजह से इसको ट्रबल शूट करना भी
- 9:19:04मुश्किल होता है। तो इसके नुकसान क्या है?
- 9:19:09इसके नुकसान क्या है?
- 9:19:14नुकसान है इसके ट्रबल शूटिंग।
- 9:19:18ट्रबल शूटिंग का मतलब यह होता है जब कोई
- 9:19:20दिक्कत आ जाए तो उसे फाइंड आउट करना
- 9:19:22कंप्यूटर में उसको बोलते हैं ट्रबल शूट
- 9:19:24करना। ठीक है?
- 9:19:27दूसरा प्रॉब्लम क्या है? एक्सपेंसिव
- 9:19:29नेटवर्क है। यह भी इसका ड्रॉबैक है। बहुत
- 9:19:32महंगा पड़ता है।
- 9:19:34और इजी टू मेंटेनेंस नहीं है।
- 9:19:39ठीक है? अब देखिए जो मेस टोपोलॉजी है। मैं
- 9:19:41आपके सामने एक मेस का एग्जांपल देता हूं।
- 9:19:46मैस नेटवर्क का
- 9:19:481 2 3 4 5 मान लेते हैं पांच कंप्यूटर
- 9:19:54हैं। इन पांचों कंप्यूटरटर्स को आपस में
- 9:19:56इंटरकनेक्ट करना है। तो कैसे करेंगे?
- 9:19:59जोड़ो इनको।
- 9:20:08अभी ये आपस में इंटरकनेक्टेड हो गए। मतलब
- 9:20:10सारे कंप्यूटर एक दूसरे से जुड़े हुए हैं।
- 9:20:13मान लीजिए पहले मैं इसका नाम दे देता हूं।
- 9:20:16ए बी कंप्यूटर, सी डी और ई कंप्यूटर। ठीक
- 9:20:22है? मान लीजिए मुझे ए से डी में डेटा
- 9:20:25भेजना है। तो ए से डी में डेटा बिल्कुल
- 9:20:28सीधी लाइन पे जाएगा। यह शॉर्टेस्ट रूट है।
- 9:20:30बिल्कुल यह वाला रूट लेगा। लेकिन इन केस
- 9:20:34इस रूट में नेटवर्क इशू आ रहा है तो इसके
- 9:20:36पास दूसरे n नंबर ऑफ वेज़ हैं डाटा
- 9:20:39पहुंचाने के लिए। कैसे? यह इस रूट का
- 9:20:42इस्तेमाल करके भी डाटा पहुंचा सकता है।
- 9:20:46यह इस रूट से भी डाटा पहुंचा सकता है डी
- 9:20:48तक। यह इस रूट से भी डाटा पहुंचा सकता है।
- 9:20:52यह यहां से यहां से ऐसे करके भी डाटा
- 9:20:55पहुंचा सकता है। यह यहां से ला के यूं
- 9:20:58करके भी डाटा पहुंचा सकता है। ठीक है? यह
- 9:21:01ऐसे करके यूं करके यहां से भी डाटा पहुंचा
- 9:21:03सकता है। यूं आकर इस रूट से भी डाटा
- 9:21:06पहुंचा सकता है। आप देख रहे हो n नंबर ऑफ
- 9:21:08वेज़ हैं। यही कारण है कि मेस टोपोलॉजी में
- 9:21:12डेटा आपका सबसे ज्यादा सिक्योर रहता है।
- 9:21:15डेटा लॉस होने के चांसेस ना के बराबर होते
- 9:21:18हैं।
- 9:21:19लेकिन क्योंकि वायर सबसे ज्यादा यूज़ हो
- 9:21:21रहा है। इस वजह से यह महंगा हो जाता है
- 9:21:24नेटवर्क और वायर सबसे ज्यादा है। जिसकी
- 9:21:26वजह से इजी टू ट्रबल शूट नहीं होता। है।
- 9:21:29अगर इसमें कहीं प्रॉब्लम आ गई तो आपको
- 9:21:31उतने ही रूट्स क्रॉस चेक करने पड़ेंगे।
- 9:21:34जैसे कि बस टोपोलॉजी में अगर कोई नेटवर्क
- 9:21:38इशू आया तो आप सिंपली फाइंड आउट कर सकते
- 9:21:40हो। यह आपकी बस टोपोलॉजी है।
- 9:21:50यह बस टोपोलॉजी है। ठीक है? ए बी सी डी ई
- 9:21:57एफ
- 9:21:59आपको बस यह पता लग रहा है कि E तक डाटा
- 9:22:02नहीं पहुंचा है। E तक डाटा नहीं पहुंच रहा
- 9:22:05है। तो आपको सिंपली पता है अगर E तक डाटा
- 9:22:08नहीं पहुंच रहा है तो E से जस्ट पहले यहां
- 9:22:11कहीं वायर में इशू है। सिंपल है ढूंढना।
- 9:22:15लेकिन आप इसमें कैसे पता लगा सकते हो?
- 9:22:19अगर A से D तक डाटा नहीं पहुंच रहा है तो
- 9:22:22आप कैसे पता लगाओगे? आपको सारे रूट क्रॉस
- 9:22:25चेक करने पड़ेंगे।
- 9:22:27इसी वजह से इसको ट्रबल शूट करना मुश्किल
- 9:22:30है। इसको इसमें वैसे तो प्रॉब्लम आती नहीं
- 9:22:33है। लेकिन अगर प्रॉब्लम आती है तो बहुत
- 9:22:36टाइम लग जाता है इसको सॉर्ट आउट करने में
- 9:22:39और यह बहुत ही आपके इजी नेटवर्क हैं।
- 9:22:46क्लियर है इतनी बात सभी को?
- 9:22:49शिवानी का कहना है मैं ऑडिबल नहीं हूं।
- 9:22:52जबकि मेरी तरफ से सब कुछ सही है। शिवानी
- 9:22:55एक बार रिफ्रेश कर लीजिए। बाकी लोगों को
- 9:22:57मैं सुनाई दे रहा हूं। सर जग्राफी कब से
- 9:23:00चालू करोगे? मंडे से 19 तारीख से।
- 9:23:04मैथ्स के बाद अगली है टी टोपोलॉजी।
- 9:23:08ठीक है?
- 9:23:09ट्री टोपोलॉजी। इसका जो स्ट्रक्चर है, यह
- 9:23:12एक पेड़ की तरह होता है। ठीक है? ट्री
- 9:23:14टोपोलॉजी को यहां पर मैं आपको बनाकर
- 9:23:16दिखाता हूं।
- 9:23:22एक नोट के पैरेंट नोट के चाइल्ड नोड
- 9:23:25इसके भी दो चाइल्ड नोड इसके भी चाइल्ड नोड
- 9:23:31दिस इज कॉल्ड टी ट्री टोपोलॉजी
- 9:23:35ये ट्री टोपोलॉजी है। 1 2 3 4 5 6 7 8 9
- 9:23:4510 11 12 13 दिस इज ट्री टोपोलॉजी।
- 9:23:52अब ट्री टोपोलॉजी की खास बात पता है क्या
- 9:23:55है?
- 9:23:56यहां पर जो डाटा है आपका
- 9:23:59वो डाटा पेरेंट से चाइल्ड नोड में आता है
- 9:24:03और बेसिक और इजी टू यूज़ यह है कि आप जितने
- 9:24:07नोड ऐड करना चाहें सिंपली कर सकते हैं
- 9:24:09विदाउट एनी अनदर नोड डिस्टरबेंस। बिना
- 9:24:13किसी दूसरे कंप्यूटर को डिस्टर्ब किए आप
- 9:24:15इसमें और दूसरे कंप्यूटर ऐड कर सकते हैं।
- 9:24:17मान लीजिए दो कंप्यूटर आपको ऐड और ऐड करने
- 9:24:20हैं। कर दिया आपने।
- 9:24:22क्या किसी को डिस्टर्ब किया? नहीं। मान
- 9:24:25लीजिए एक और कंप्यूटर ऐड करना है। एक और
- 9:24:27कर दिया भाई।
- 9:24:31एक और इसकी खास बात है कि ये इजी टू ट्रबल
- 9:24:34शूट है।
- 9:24:36ठीक है? तो पहली चीज क्या है?
- 9:24:40इजी टू ऐड और रिमूव।
- 9:24:45कंप्यूटर ईजीली रिमूव कर सकते हो और ऐड कर
- 9:24:47सकते हो। दूसरा
- 9:24:52इजी टू ट्रबल शूट है यह।
- 9:24:57अगर कोई प्रॉब्लम आ जाती है तो आप ईजीली
- 9:24:59उसको रिजॉल्व भी कर पाओगे। जैसे मान लीजिए
- 9:25:02मैंने बोला
- 9:25:04कि 8 और न में डेटा नहीं आ रहा है।
- 9:25:08तो इसका मतलब क्या है? इसका मतलब यह है
- 9:25:10कहां प्रॉब्लम होगी? एट और न का जो पैरेंट
- 9:25:13नोड है मतलब फोर में ही प्रॉब्लम है कहीं।
- 9:25:17जिसकी वजह से डाटा आगे नहीं आ पा रहा है।
- 9:25:20अगर कहा गया कि 12 और 13 नोड में डाटा
- 9:25:23नहीं आ रहा है। इसका मतलब क्या है? उसके
- 9:25:25पैरेंट नोड में प्रॉब्लम होगी। हमेशा इसकी
- 9:25:28खास बात यह होती है इस नेटवर्क की जहां पर
- 9:25:30डाटा नहीं आ रहा होता है उसके पैरेंट नोड
- 9:25:32में प्रॉब्लम होती है। अगर चाइल्ड नोड में
- 9:25:35डाटा नहीं आ रहा है तो पैरेंट नोड में इशू
- 9:25:36है। मतलब लेकिन इसका ड्रॉबैक भी यही है।
- 9:25:40ड्रॉबैक ये है कि अगर कोई पैरेंट नोड
- 9:25:43डिसेबल हो गया तो उसके नीचे के जितने
- 9:25:46चाइल्ड नोड हैं वो सब ऑटोमेटिक डिसेबल हो
- 9:25:48जाएंगे। एग्जांपल अगर सेकंड नोड में
- 9:25:51प्रॉब्लम आ गई
- 9:25:54तो इसके बाद कितने नोड डिसेबल हो जाएंगे?
- 9:25:56सेकंड के नीचे यह भी डिसेबल यह भी यह सारे
- 9:26:00कंप्यूटर डिसेबल हो जाएंगे। इसमें कुछ भी
- 9:26:03डाटा नहीं पास होगा। इतने सारे केवल एक
- 9:26:06नोट में दिक्कत थी जिसकी वजह से इसके नीचे
- 9:26:08का पूरा ट्री स्ट्रक्चर ही स्टॉप हो गया।
- 9:26:15ठीक है? क्लियर है इतना सभी को?
- 9:26:21नेक्स्ट है आपकी हाइब्रिड टोपोलॉजी।
- 9:26:23देखिए। अच्छा एक और चीज इसका यूज़ कहां पर
- 9:26:26किया जाता है? ट्री टोपोलॉजी का हम यूज़
- 9:26:28कहां पर करते हैं? इसका रियल टाइम में यूज़
- 9:26:31होता है आपका
- 9:26:34मीडिया में।
- 9:26:37मीडिया इसका बेस्ट एग्जांपल है। कैसे?
- 9:26:41कैसे होता है? समझिएगा।
- 9:26:44एग्जांपल जैसे कि यह क्या है? यह आपकी
- 9:26:47सेटेलाइट है।
- 9:26:49ठीक है? सेटेलाइट से नेटवर्क किसको मिल
- 9:26:52रहा है? मीडिया चैनल्स को मिल रहा है
- 9:26:55नेटवर्क।
- 9:26:58ठीक है? यह मीडिया चैनल के सर्वर हैं। मान
- 9:27:01लेते हैं यह आपका
- 9:27:05आज तक है।
- 9:27:07मान लेते हैं यह आपका Sony है।
- 9:27:11ठीक है? अब देखिए मीडिया चैनल्स के बाद यह
- 9:27:14वाले नड किसके हैं? यह वाले नड किसके हैं?
- 9:27:19यह वाले आपके
- 9:27:22जो आपका प्रोवाइडर है सर्विस प्रोवाइडर
- 9:27:28सर्विस प्रोवाइडर
- 9:27:30यह सारी लाइन सर्विस प्रोवाइडर की है। आप
- 9:27:33में से किसी के पास Airtel का होगा।
- 9:27:36कुछ लोग Tata Sky चलाते होंगे। इसको लगा
- 9:27:39लाना लाइव झिंगाला।
- 9:27:42कुछ लोग BSNL का चलाते होंगे। कुछ लोग
- 9:27:45किसी और कंपनी का चलाते होंगे।
- 9:27:48अब उनसे डाटा किस पर आ रहा है? उनसे आपके
- 9:27:50टीवी पर आ रहा है। यह नॉर्मल जनता की टीवी
- 9:27:53है। आपकी टीवी में आपको टेलीकास्ट दिख रहा
- 9:27:56है।
- 9:27:57आप इनको बता सकते हो। अपने सर्विस
- 9:27:59प्रोवाइडर को आप बता सकते हो हमें कौन-कौन
- 9:28:01से चैनल चाहिए। वो अपने पास से ही जो चैनल
- 9:28:05चाहेंगे वो ब्लॉक कर देंगे।
- 9:28:09क्लियर है? इतनी बात? एक बार फिर से सबका
- 9:28:12मैं आपको रियल वर्ल्ड एग्जांपल दे देता
- 9:28:14हूं। किसी का पूछना है मैंने देखा है।
- 9:28:17बस टोपोलॉजी में मैंने आपको बताया रियल
- 9:28:20लाइफ में इसका यूज कहां हो रहा है? साइबर
- 9:28:22कैफेस में यूज होता है। कॉलेज की लैब्स
- 9:28:24में, यूनिवर्सिटीज की कंप्यूटर लैब में
- 9:28:26इसका यूज़ होता है। बस के बाद जो आपकी
- 9:28:29स्टार टोपोलॉजी है, स्टार टोपोलॉजी का यूज़
- 9:28:32कहां पर होता है? मैं आपको इसका बेस्ट
- 9:28:35एग्जांपल देता हूं।
- 9:28:38जितने भी आपके
- 9:28:41नेटवर्क कंपनीज़ हैं। ठीक है? जितने भी
- 9:28:44आपके टेलीफोन नेटवर्क कंपनीज हैं।
- 9:28:46टेलीकम्युनिकेशन कंपनीज़ वह सब स्टार
- 9:28:48टोपोलॉजी नेटवर्क यूज करती हैं। मान लेते
- 9:28:51हैं यह Airtel का सर्वर है।
- 9:28:55ठीक है?
- 9:28:56A के पास Airtel का सिम है। A को कनेक्ट
- 9:29:00कर दिया। B ने कहा, मैं भी Airtel का सिम
- 9:29:03लूंगा। बी भी कनेक्ट हो गया। सी ने कहा,
- 9:29:06मैंने भी Airtel का नेटवर्क यूज़ करना है।
- 9:29:08यह भी कनेक्ट हो गया। डी भी कनेक्ट हो
- 9:29:11गया। ई भी कनेक्ट हो गया।
- 9:29:14यह Airtel के यह सब क्या है? यूजर हैं। अब
- 9:29:17मान लीजिए अभी तक आप Vodafone चलाते थे।
- 9:29:19आज आपने भी कहा कि मैं भी अब Airtel का
- 9:29:22नेटवर्क यूज करूंगा।
- 9:29:25तो क्या ऐसा होता है कि Airtel जितने भी
- 9:29:29बाकी के यूजर हैं अपने उनको मैसेज भेज
- 9:29:31देता है कि अरे भैया थोड़ी देर के लिए
- 9:29:35नेटवर्क आपका डिस्कनेक्ट रहेगा। क्योंकि
- 9:29:38एक हमारे महानुभाव आ रहे हैं नया सिम
- 9:29:40लेने। तो उनका भी कनेक्शन ऐड करना होगा।
- 9:29:43नहीं होता ना कभी ऐसा।
- 9:29:46जितने लोग चाहते हैं उतने लोग नया सिम
- 9:29:48लेकर यूज करने लगते हैं। क्यों? क्योंकि
- 9:29:50स्टार टोपोलॉजी में वो कनेक्ट हो रहे हैं।
- 9:29:52आपने भी एक नया सिम ले लिया। आज से आप भी
- 9:29:54कनेक्ट हो गए इस सर्वर से। कल को आपके भाई
- 9:29:58ने भी ले लिया। Airtel का सिम वो भी
- 9:30:00कनेक्ट हो गया इस नेटवर्क से।
- 9:30:03क्योंकि इसकी खास बात ही यही है स्टार
- 9:30:05टोपोलॉजी की कि जब आप न्यू कंप्यूटर नोड
- 9:30:07ऐड करते हो तो बाकी डिवाइसेस डिस्टर्ब
- 9:30:10नहीं होती। इजी टू ऐड एंड रिमूव है।
- 9:30:14यह जो आपका रिंग टोपोलॉजी है, इसका यूज़
- 9:30:17कॉर्पोरेट ऑफिसिसेस में किया जाता है। ठीक
- 9:30:20है? इसके अलावा जैसे कि बैंक की ब्रांच
- 9:30:23वगैरह हो गई, वहां पर भी रिंग टोपोलॉजी का
- 9:30:26यूज़ किया जाता है। रिंग के बाद मेस
- 9:30:29टोपोलॉजी मैंने आपको बता ही दिया। जहां पर
- 9:30:31भी हमारे लिए पैसा मैटर नहीं करता है,
- 9:30:34इंफॉर्मेशन मैटर करती है। पैसा चाहे हमारा
- 9:30:36ज्यादा लग जाए, इंफॉर्मेशन लीक नहीं होनी
- 9:30:38चाहिए। तो जहां पर भी वाइटल इंफॉर्मेशन
- 9:30:40होगी, कॉन्फिडेंशियल इंफॉर्मेशन होगी,
- 9:30:43वहां पर हम मेस टोपोलॉजी यूज़ करते हैं।
- 9:30:45जैसे कि डिफेंस हो गया, बैंकिंग हो गया।
- 9:30:47यहां पर
- 9:30:49मेस के बाद लास्ट में ट्री टोपोलॉजी। इसका
- 9:30:53एग्जांपल अभी मैंने आपको दिया। जितने भी
- 9:30:55आपके मीडिया चैनल्स हैं, आप देख रहे हो
- 9:30:57ऊपर सेटेलाइट से लेकर नीचे आपकी टीवी तक
- 9:30:59डाटा आता है।
- 9:31:01लास्ट में है हाइब्रिड टोपोलॉजी। देखिए
- 9:31:04हाइब्रिड टोपोलॉजी अपने आप में कोई
- 9:31:06टोपोलॉजी नहीं होती है। हाइब्रिड टोपोलॉजी
- 9:31:09मल्टीपल टोपोलॉजीस का कलेक्शन होता है। जब
- 9:31:12हम कई सारी टोपोलॉजीस को आपस में मिला
- 9:31:14देते हैं तो वो हाइब्रिड टोपोलॉजी कहलाती
- 9:31:17है। हाइब्रिड का मतलब ही होता है
- 9:31:18मिलाजुला। तो हाइब्रिड टोपोलॉजी का
- 9:31:21एग्जांपल मैं आपको बनाकर दिखाता हूं कि इस
- 9:31:23तरीके के नेटवर्क कैसे होते हैं।
- 9:32:14अब इस टोपोलॉजी को जब आप देखोगे तो यह
- 9:32:17आपका हाइब्रिड का एग्जांपल है। कैसे?
- 9:32:22जरा इन नेटवर्क्स को देखिए। इन नोट्स को
- 9:32:25केवल देखिए। अगर आप इसको देखते हैं तो
- 9:32:28आपको यह कौन सी टोपोलॉजी मिल रही है? बस
- 9:32:31टोपोलॉजी मिल रही है।
- 9:32:34यह बस टोपोलॉजी आपको मिल रही है। एक लाइन
- 9:32:37जा रही है केबल की जिससे यह अलग-अलग
- 9:32:39कंप्यूटर कनेक्ट
- 9:32:48अगला जो हमारा चैप्टर है, यह है साइबर
- 9:32:50सिक्योरिटी एंड मैलवेयर।
- 9:32:55आपको भी मकर संक्रांति की बहुत-बहुत
- 9:32:57शुभकामनाएं।
- 9:33:00चलिए स्टार्ट करते हैं। बहुत इंपॉर्टेंट
- 9:33:03टॉपिक है। दीज़ डेज सबसे ज्यादा क्वेश्चन
- 9:33:06इसी टॉपिक से पूछे जा रहे हैं क्योंकि लोग
- 9:33:08जनरली अवेयर नहीं रहते हैं। साइबर
- 9:33:11सिक्योरिटी हमें पढ़ने की जरूरत क्यों
- 9:33:13पड़ती है? या साइबर सिक्योरिटी हमें समझ
- 9:33:15में क्यों आनी चाहिए? क्योंकि दूसरी तरफ
- 9:33:18है मैलिशियस फाइल्स।
- 9:33:22मैलवेयर
- 9:33:24अगर मैलवेयर नहीं होते तो हमें साइबर
- 9:33:26सिक्योरिटी की जरूरत नहीं पड़ती। सेम उसी
- 9:33:28तरीके से जैसे कि हमें हमारे घरों में गेट
- 9:33:31की जरूरत क्यों पड़ती है? ताले की जरूरत
- 9:33:33क्यों पड़ती है? क्योंकि चोर हैं। अगर चोर
- 9:33:37ना होते सोसाइटी में तो हमें ताले की
- 9:33:39जरूरत भी ना पड़ती। सिंपली कंप्यूटर
- 9:33:42वर्ल्ड में हमें साइबर सिक्योरिटी की
- 9:33:45जरूरत क्यों पड़ती है? क्योंकि देयर आर
- 9:33:47मैलवेयरर्स।
- 9:33:49ऐसे प्रोग्राम्स जो कि मैिशियस प्रोग्राम
- 9:33:52है।
- 9:33:54मैलवेयर का मतलब समझिए क्या है?
- 9:33:59मैलवेयर।
- 9:34:01यह दो वर्ड्स को मिलाकर बना हुआ है। जो
- 9:34:04यहां पर मैल है, यह कहां से आया हुआ है?
- 9:34:06यह मैिशियस से आया हुआ है।
- 9:34:09मैलिशियस और मैिशियस का मतलब क्या होता
- 9:34:12है?
- 9:34:15नुकसानदायक।
- 9:34:19नुकसानदायक।
- 9:34:22जो आपको नुकसान पहुंचा सकता है। और वेयर
- 9:34:26का मतलब क्या होता है? वेयर का मतलब
- 9:34:28कंप्यूटर में होता है कंपोनेंट।
- 9:34:32कंपोनेंट। तो कंप्यूटर वर्ल्ड में एक ऐसा
- 9:34:35कंपोनेंट जो आपको नुकसान पहुंचाता है दैट
- 9:34:38इज कॉल्ड मैलवेयर।
- 9:34:42ऐसा प्रोग्राम जो कि आपको
- 9:34:46नुकसान पहुंचा सकता है जो कि अपने आप में
- 9:34:48मैशियस फाइल कंटेन कर रहा है और आपके डेटा
- 9:34:51में वो मैशियस फाइल को डाल देगा तो आपका
- 9:34:53जो डाटा है वह करप्ट हो सकता है। आपके
- 9:34:56सिस्टम आपकी डिवाइस को नुकसान पहुंचा सकता
- 9:34:59है। दिस इज कॉल्ड मैलवेयर। और मैलवेयर से
- 9:35:02ही बचने के लिए हम किसका यूज करते हैं?
- 9:35:05साइबर सिक्योरिटीज का यूज करते हैं। तो
- 9:35:07साइबर सिक्योरिटी क्या करती है? यह हमारे
- 9:35:09कंप्यूटरटर्स को प्रोटेक्ट करती है। हमारे
- 9:35:11नेटवर्क्स को, हमारे डेटा को, इन सबको
- 9:35:14साइबर अटैक से प्रोटेक्ट करने का काम करती
- 9:35:17है। किन चीजों को रोकती है? अनऑथराइज्ड
- 9:35:20एक्सेस को रोकती है।
- 9:35:22डेटा चोरी होने से बचाती है और डेटा को
- 9:35:26डैमेज होने से बचाती है। इट एश्यर्स
- 9:35:28कॉन्फिडेंशियलिटी।
- 9:35:30आपका डाटा गोपनीय बना रहे। उस चीज को
- 9:35:34मेंटेन करती है साइबर सिक्योरिटी। उसकी
- 9:35:36इंटीग्रिटी बनी रहे।
- 9:35:38उसकी अवेलेबिलिटी बनी रहे। इन सारी चीजों
- 9:35:41का साइबर सिक्योरिटी ध्यान रखती है।
- 9:35:44ऑब्जेक्टिव ऑफ साइबर सिक्योरिटी क्या होता
- 9:35:46है? इसका मेन मतलब पर्पस क्या है? टू
- 9:35:50प्रोटेक्ट पर्सनल एंड सेंसिटिव डेटा।
- 9:35:52हमारे डेटा की जो सेंसिटिविटी है वो बनी
- 9:35:54रहे। क्योंकि जब तक हमारा डाटा पर्सनल है
- 9:35:57तब तक हम हैं। अगर हमारा डाटा पब्लिक हो
- 9:36:00जाए
- 9:36:02तो आप तो रोड पर आ जाओगे या कोई भी आ
- 9:36:04जाएगा रोड पे। जरा सोच के देखिए एक सेकंड
- 9:36:08के लिए। आपके फोन में जितनी भी फोटोस और
- 9:36:12वीडियोस हैं अगर वह बाहर आ जाए पब्लिक
- 9:36:16में। जरा सोच के देखिए। आप जो जो भी सर्च
- 9:36:20करते हो अपने ब्राउज़र पर, Facebook पर,
- 9:36:24Instagram में, YouTube पर वो सब कुछ बाहर
- 9:36:28आ जाए पूरा चिट्ठा।
- 9:36:30क्या होगा आपका?
- 9:36:33सो पर्सनल डाटा का यह मतलब है और साइबर
- 9:36:36सिक्योरिटी हमें उसी से बचाती है। इट
- 9:36:39प्रिवेंट्स हैकिंग एंड मैलेशियस अटैक्स या
- 9:36:42मालवेयर अटैक बोल सकते हो। एनश्योर्स सेफ
- 9:36:46ऑनलाइन ट्रांजैक्शंस। आज की डेट में हर
- 9:36:49कोई ट्रांजैक्शन कर रहा है। डिजिटल मनी का
- 9:36:52यूज कर रहा है। Paytm, BP, Google पर आप
- 9:36:55यूज कर रहे हो। सारे यूपीआई या फिर फोन का
- 9:36:59एप्लीकेशन बैंक का एप्लीकेशन यूज कर रहे
- 9:37:01हो। सब तो ट्रांजैक्शन ही कर रहे हैं ना।
- 9:37:03तो ये जो सेफ ट्रांजैक्शन है, उसके लिए भी
- 9:37:06साइबर सिक्योरिटी जरूरी है। इट मेंटेन
- 9:37:08सिस्टम रिलायबिलिटी।
- 9:37:11आपका जो सिस्टम है, आपकी जो डिवाइस है,
- 9:37:13उसकी रिलायबिलिटी को भी बढ़ाने का काम
- 9:37:15करती है साइबर सिक्योरिटी।
- 9:37:18ठीक है।
- 9:37:22रुको जरा। कुछ लोग नाराज हो रहे हैं। उनके
- 9:37:25क्वेश्चन ही ले लिए जाए पहले।
- 9:37:34सर, मेरा नाम दीप चौधरी है। क्या यह
- 9:37:37एग्जाम 2026 सीजीएल तक खत्म हो जाएगा? जी
- 9:37:40हां, उससे पहले हो जाएगा खत्म।
- 9:37:43सौम्या आपका मैं क्वेश्चन नहीं देख पा रहा
- 9:37:46हूं। आपका मैं सिर्फ इतना ही देख पा रहा
- 9:37:47हूं स्टेटमेंट कि मैं काफी टाइम से
- 9:37:51क्वेश्चन कर रही हूं।
- 9:38:06तेजबीर का कहना है सर प्लीज टेल बैच थ्री
- 9:38:09का ज्योग्राफी जो है वो मॉडर्न हिस्ट्री
- 9:38:12के बाद होगा। जी हां, जो बैच थ्री वाले
- 9:38:15हैं, सिलेक्शन बैच थ्री वाले हैं, आपकी
- 9:38:17मॉडर्न हिस्ट्री के बाद ज्योग्राफी होगी।
- 9:38:19अभी जो ज्योग्राफी स्टार्ट होने वाली है
- 9:38:21मंडे से, वो सिलेक्शन बैच वन और टू वालों
- 9:38:23की शुरू होगी। आपकी तो अभी हिस्ट्री चल
- 9:38:26रही है ना। तो आप हिस्ट्री कवर करिए पहले।
- 9:38:30तेजवीर आंसर कर दिया मैंने आपके क्वेश्चन
- 9:38:32का।
- 9:38:46ओके चलिए आगे बढ़ा जाए भाई
- 9:38:51आगे बढ़ा जाए
- 9:38:53ठीक है
- 9:38:55सौम्या आपका फिर से कोई कमेंट नहीं आया है
- 9:38:58देखिए तो मैं फिर से रिज्यूम कर रहा हूं
- 9:39:02अगर कुछ भी हो तो बाद में अब आप पूछ सकती
- 9:39:05हैं या आप बाकी चीजें लिखने की जगह अपना
- 9:39:08कंसर्न लिखें मैं एक बार देख लूंगा
- 9:39:14नाउ कम्स टू कॉमन साइबर थ्रेट्स। यार यहां
- 9:39:18पर ध्यान दो। काफी इंटरेस्टिंग टॉपिक है।
- 9:39:20मजा आएगा अभी। देखो तो मैलवेयर अभी मैं
- 9:39:23आपको पढ़ा रहा हूं।
- 9:39:25तो देखिए जो मैलवेयर है वो भी कई तरीके के
- 9:39:28होते हैं। इनमें से जो पहला होता है, दिस
- 9:39:31इज कॉल्ड वायरस।
- 9:39:33सबसे कॉमन वर्ड यूज़ किया जाता है वायरस।
- 9:39:37और इतना डर लगता है लोगों को। अरे भाई
- 9:39:40उसकी पेनड्राइव ना यूज करना वायरस आ
- 9:39:42जाएगा। अरे उसकी सीडी ना यूज करना वायरस आ
- 9:39:45जाएगा। अरे भाई मैं तुझे अपनी डिवाइस
- 9:39:46क्यों दूं? तेरे लैपटॉप से नहीं कनेक्ट
- 9:39:48करूंगा। तेरे डेस्कटॉप में तेरे लैपटॉप
- 9:39:51में बहुत वायरस है। अरे भाई साइबर
- 9:39:54सिक्योरिटी कैफे में अपनी पेनड्राइव मत
- 9:39:56लगाना। बहुत वायरस है। चारों तरफ भय का
- 9:39:59माहौल है वायरस को लेकर। फुल फॉर्म क्या
- 9:40:02होता है? वाइटल इंफॉर्मेशन रिसोर्स अंडर
- 9:40:05सीज।
- 9:40:07वायरस की खास बात यह है कि यह फाइल्स को
- 9:40:10डैमेज करने का काम करता है। यह क्या
- 9:40:13करेगा? आपके डाटा को करप्ट करेगा। आपके
- 9:40:15सिस्टम में आपकी डिवाइस में आ गया तो आपकी
- 9:40:17फाइल्स को करप्ट कर देगा। एग्जांपल आपका
- 9:40:20एक बहुत बढ़िया वीडियो था दोस्तों के साथ।
- 9:40:22वायरस ने उस फाइल को डैमेज कर दिया। अब वो
- 9:40:24वीडियो ओपन ही नहीं होगा। वो वीडियो पूरे
- 9:40:27तरीके से करप्ट हो गया। मान लो 1 GB की
- 9:40:29फाइल थी और जैसे ही करप्ट हो गई वो आपको
- 9:40:31जीरो बिट की दिखने लगेगी।
- 9:40:34तो वायरस क्या करता है? यह सीधे फाइल को
- 9:40:37डैमेज करता है। डेटा को डिच कर देगा पूरे
- 9:40:40तरीके से।
- 9:40:42दूसरा जो फॉर्म होता है, दिस इज कॉल्ड अ
- 9:40:44वॉर्म।
- 9:40:47दूसरे तरीके का मैलवेयर क्या है? इसको
- 9:40:49बोलते हैं वॉर्म। वॉर्म का फुल फॉर्म
- 9:40:50जानते हैं क्या होता है? इसको बोलते हैं
- 9:40:52राइट वंस
- 9:40:56रीड मेनी।
- 9:40:59राइट वंस रीड मेनी। नाम से ही आपको समझ आ
- 9:41:02रहा है। एक बार लिखा गया है और मल्टीपल
- 9:41:06टाइम रीड किया जा रहा है। वॉम की खास बात
- 9:41:10यह होती है कि यह एक बार इंस्टॉल हो जाता
- 9:41:12है और इंस्टॉल होने के बाद यह सेल्फ
- 9:41:15एग्जीक्यूट होता रहता है। मतलब यह एक ऐसा
- 9:41:18प्रोग्राम होता है मैशियस प्रोग्राम जो कि
- 9:41:20खुद को ही एग्जीक्यूट करता रहेगा। हर कुछ
- 9:41:23मिनट में खुद को एग्जीक्यूट कर देगा। जैसे
- 9:41:26ही 10 मिनट हुए फिर खुद को एग्जीक्यूट कर
- 9:41:28दिया। जैसे ही 10 मिनट हुए फिर एक बार
- 9:41:31एग्जीक्यूट कर दिया। अगले 10 मिनट बीते
- 9:41:33फिर एग्जीक्यूट कर दिया और जिसकी वजह से
- 9:41:37आपको कुछ इस तरीके के रिजल्ट दिखते हैं कि
- 9:41:41जैसे आई होप आप में से कई लोगों ने कई बार
- 9:41:43देखा होगा कि फोल्डर के अंदर फोल्डर बनते
- 9:41:45चले जा रहे हैं और खाली फोल्डर बनते चले
- 9:41:48जा रहे हैं। देखा होगा आपने।
- 9:41:51अगर इस तरीके के सिम्टम्स आपको दिखाई देने
- 9:41:53लगे तो आप समझ जाना यह वायरस नहीं है। यह
- 9:41:56वॉर्म है।
- 9:41:58वॉर्म कभी भी आपका डेटा नहीं करप्ट करेगा
- 9:42:01वायरस की तरह। यह क्या करता है? यह
- 9:42:03डिस्टरबेंस क्रिएट करेगा। आपके सिस्टम में
- 9:42:06इतना होचपौच हो जाएगा फोल्डर के अंदर।
- 9:42:08फोल्डर के अंदर फोल्डर बनते चले जाएंगे।
- 9:42:10और उन फोल्डर्स में कुछ नहीं है। आप एक
- 9:42:13टाइम के बाद कंफ्यूज होने लगोगे कि आपके
- 9:42:16डाटा में यह नए-नए फोल्डर्स कहां से आ रहे
- 9:42:18हैं।
- 9:42:21और उसने कहा कि यह लड़ाई हम खत्म करते हैं
- 9:42:23और मेरी तरफ से आपको मैं उभार देना चाहता
- 9:42:26हूं। आपको गिफ्ट देना चाहता हूं। तो जो
- 9:42:28किले वाला राजा था उसने कहा क्या गिफ्ट
- 9:42:31है? तो उस राजा ने अपनी तरफ से एक गिफ्ट
- 9:42:34पेशकश करी और उसमें था एक बहुत ऊंचा घोड़ा
- 9:42:38और वह घोड़ा लकड़ी का था। घोड़े की हाइट
- 9:42:42होगी मान लीजिए 100 फीट से भी ज्यादा।
- 9:42:44जितना बड़ा आप रावण देखते हो ना जलता है
- 9:42:47दशहरे में उतना 100 फीट से ऊपर ऊंचाई उस
- 9:42:50घोड़े की वो लकड़ी का इतना बड़ा घोड़ा
- 9:42:54पहिए लगाकर लाया जाता है किले के अंदर ले
- 9:42:57जाया जाता है और जब रात में सब सो चुके
- 9:43:02होते हैं तो उस घोड़े के खुलने की आवाज
- 9:43:06आती है। वो जो 100 फीट ऊंचा घोड़ा था उस
- 9:43:09लकड़ी के घोड़े के अंदर सैनिक बैठे होते
- 9:43:12हैं। वह सैनिक घोड़े से बाहर निकलते हैं।
- 9:43:14अब तो वह किले के अंदर आ चुके हैं। रात के
- 9:43:17अंधेरे में एक-एक को चुन चुन के मारते हैं
- 9:43:20और ग्रीक अंपायर के उस फोर्ड को हड़प लेते
- 9:43:23हैं। वो जो घोड़ा था उसको बोला गया था
- 9:43:26ट्रोजन हॉर्स। यह वही ट्रोजन हॉर्स वर्ड
- 9:43:30लाया गया है। कंप्यूटर में जब इस तरीके का
- 9:43:32अटैक होता है, दैट इज कॉल्ड अ ट्रोजन
- 9:43:36हॉर्स। अब ट्रोजन की खास बात क्या है? पता
- 9:43:37है आपको?
- 9:43:40ट्रोजन अगर आपकी डिवाइस में इंस्टॉल कर
- 9:43:43दिया हैकर ने
- 9:43:46तो यह आपको एक सिंपल फाइल की तरह दिखाई
- 9:43:49देगा। हो सकता है आपको दिखाई दे रहा है यह
- 9:43:52वीडियो गेम। आपने देखा कि ये क्रिकेट
- 9:43:54वीडियो गेम है
- 9:43:57और आपको क्रिकेट वीडियो गेम खेलना है।
- 9:43:59आपने इसको इंस्टॉल कर लिया। लेकिन यह
- 9:44:02ट्रोजन था।
- 9:44:04सेम वैसे ही जैसे ग्रीक राजा को दिखा था
- 9:44:07कि यह तो घोड़ा है केवल लकड़ी का लेकिन
- 9:44:10उसके अंदर सैनिक छुपे हुए थे। आपने इस
- 9:44:12फाइल को इंस्टॉल किया
- 9:44:15और इसके अंदर एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम में
- 9:44:18क्या थे? वायरस थे।
- 9:44:21आपने यह सोचकर इंस्टॉल किया कि यह तो
- 9:44:24क्रिकेट वीडियो गेम है।
- 9:44:26लेकिन आपकी डिवाइस में इंस्टॉल क्या हो
- 9:44:28गए? वायरस इंस्टॉल हो गए।
- 9:44:32आपने ट्रोजन हॉर्स को अपनी डिवाइस में
- 9:44:35बाईपास कर दिया। अब वह आपके डिवाइस के
- 9:44:37अंदर है और जैसे सैनिकों ने निकल के पूरे
- 9:44:40फोर्ट पर कब्जा कर लिया था, वैसे ही यहां
- 9:44:43पे वायरस निकल के आपके डाटा को पूरे तरीके
- 9:44:46से अफेक्टेड कर देते हैं।
- 9:44:49यह अपने आप को रिप्लिकेट नहीं करता है
- 9:44:51वॉर्म की तरह।
- 9:44:54ठीक है बात?
- 9:44:56बिल्कुल सही। ट्रोजन हॉर्स एक मूवी में भी
- 9:44:59दिखाया गया हॉलीवुड में।
- 9:45:02अगला जो है रैंसम वेयर। रैंसम का मतलब
- 9:45:04जानते हैं क्या होता है? रैंसम का हिंदी
- 9:45:06में मतलब होता है फिरौती।
- 9:45:10जैसे नॉर्मली आप देखते हो ना पिक्चरों में
- 9:45:12किसी को किडनैप कर लिया उसके बाद फिरौती
- 9:45:15मांगी कि अगर अपने बच्चे को जिंदा देखना
- 9:45:18चाहते हो तो ₹20 करोड़ यहां पहुंचा दो।
- 9:45:22वैसे ही साइबर फील्ड में भी जो हैकर्स हैं
- 9:45:25वह फिरौती मांगते हैं।
- 9:45:29एक ऐसा साइबर अटैक जो कि आपके सिस्टम को
- 9:45:32ब्लॉक कर देगा। आपके डेटा को कैप्चर कर
- 9:45:35लेगा और उसके बाद आपसे रैंसम की डिमांड
- 9:45:38करेगा।
- 9:45:39रैंसमवेयर की खास बात यह है कि यह आपके
- 9:45:42सर्वर को ब्लॉक कर देते हैं। आपके सिस्टम
- 9:45:45को ब्लॉक कर देंगे। आपका सिस्टम पूरे
- 9:45:47तरीके से ब्लॉक हो जाएगा और उसके बाद
- 9:45:49उसमें लिख कर आएगा बड़ा-बड़ा।
- 9:45:53इफ यू वांट बैक योर डाटा देन यू हैव टू पे
- 9:45:57मी दिस मच अमाउंट। अगर आपको अपना डाटा
- 9:46:00वापस चाहिए तो आपको मुझे इतना पे करना
- 9:46:03होगा। और पे करना भी कहां पर? यह मत समझना
- 9:46:07कि बुलाएगा फला टीले के पास चले आना। रात
- 9:46:10के 2:00 बजे नोटों से भरा बैग लेकर। नहीं
- 9:46:13वह जानते हैं पकड़ जाएंगे वह।
- 9:46:16यह जो आपसे पूरा पे कराया जाता है, जो
- 9:46:20हैकर्स डिमांड करते हैं, यह डिमांड करते
- 9:46:22हैं बिटकॉइन में और बिटकॉइन को ट्रेस नहीं
- 9:46:26कर सकते।
- 9:46:29वर्ल्ड में बिटकॉइन का रूल यही है। आप उसे
- 9:46:31ट्रेस नहीं कर सकते।
- 9:46:34जरा Google में सर्च करके देखिएगा। अगर
- 9:46:36आपको एक बिटकॉइन खरीदना है तो कितने पे
- 9:46:39करने पड़ेंगे। देखिएगा एक बार आपके होश
- 9:46:41उड़ जाएंगे।
- 9:46:43तो रैंसमवेयर क्या है? यह आपके डाटा को
- 9:46:46इंक्रिप्ट कर देगा। पूरे तरीके से लॉक हो
- 9:46:48जाएगा डाटा आपके लिए। आप अपने ही डाटा को
- 9:46:50एक्सेस नहीं कर पाओगे। अगर आपको अपना डाटा
- 9:46:53वापस चाहिए तो आपको पे करना पड़ता है।
- 9:46:57अगला है स्पाईवेयर। स्पाई नाम से ही समझ
- 9:47:00जाइए। स्पाई का मतलब क्या है? जासूस।
- 9:47:05एक ऐसा मैशियस अटैक जो कि आपके सिस्टम को
- 9:47:08मॉनिटर करता है। जासूसी करता है उसकी।
- 9:47:12एग्जांपल जैसे कि आपके सिस्टम में अगर
- 9:47:16स्पाईवेयर मैंने इंस्टॉल कर दिया तो अब आप
- 9:47:19अपने मोबाइल पे कुछ भी मान लीजिए आपके
- 9:47:22मोबाइल पे इंस्टॉल कर दिया तो अब आप अपने
- 9:47:24मोबाइल पे जो कुछ भी काम कर रहे हैं वो सब
- 9:47:28मैं मॉनिटर कर पा रहा हूं।
- 9:47:31आप जिस जिस वेबसाइट में जा रहे हैं किस
- 9:47:34वेबसाइट में क्या देख रहे हैं? कितना टाइम
- 9:47:37आप उस वेबसाइट को दे रहे हैं? किससे आप
- 9:47:39चैटिंग कर रहे हो? क्या बातें कर रहे हो
- 9:47:42यह सब कुछ मैं देख पा रहा हूं
- 9:47:45इवन इतना तक कि आप कौन सी बटन प्रेस कर
- 9:47:49रहे हो वो भी मैं मॉनिटर कर पा रहा हूं
- 9:47:52जस्ट बिकॉज़ ऑफ स्पाईवेयर सीक्रेटली
- 9:47:55मॉनिटर्स यूजर एक्टिविटी इट स्टील्स
- 9:47:58पर्सनल एंड सेंसिटिव इंफॉर्मेशन इसका
- 9:48:00बेस्ट एग्जांपल है की लॉगर
- 9:48:03वैसे जो की लॉगर है इसका इसका काम पता है
- 9:48:06क्या है यह आपका जो कीबोर्ड होता है ना
- 9:48:10कीबोर्ड की कीस को ऑब्जर्व करता है। जैसे
- 9:48:12मान लीजिए आपने अपना पासवर्ड डाला वी ए आर
- 9:48:16यू एन वरुण तो यह आपके की स्ट्रोक को
- 9:48:19कैप्चर करता है। आपने क्या दबाया पहले वी
- 9:48:22दबाया ए आर यू एन उनको कैप्चर करेगा।
- 9:48:29और उसके बाद हैकर जब चाहे तब उस सेंसिटिव
- 9:48:32इंफॉर्मेशन को फैच कर सकता है। तो
- 9:48:35स्पाईवेयर ओवरऑल क्या करता है? यह आपकी
- 9:48:38डिवाइस को मॉनिटर करता है। आपकी हर एक
- 9:48:40एक्टिविटी को मॉनिटर करेगा। आप जो कुछ भी
- 9:48:42अपनी डिवाइस में कर रहे हैं, हर एक को
- 9:48:44मॉनिटर करेगा। स्पाईवेयर के बाद अगला
- 9:48:47मैलवेयर होता है जिसको बोलते हैं ऐडवेयर।
- 9:48:49यहां पर ऐड वर्ल्ड एडवरटाइजमेंट से आया
- 9:48:52हुआ है। कहां से? एडवरटाइज से। आपने कई
- 9:48:55बार देखा होगा सोशल मीडिया वेबसाइट्स पर
- 9:48:58आपने देखा होगा कि जैसे मान लीजिए लिखा
- 9:49:01हुआ है कि nki के जॉर्डन शू ट्रिपल9 में।
- 9:49:06बेहतरीन जो 20,000 वाला जूता है ni का वह
- 9:49:10999 में मिल रहा है।
- 9:49:14कभी आपने देखा एक डेनिम की जैकेट है
- 9:49:17लिवाइस की 499 में मिल रही है। iPhone
- 9:49:22बिल्कुल पैक ₹1.5 लाख वाला iPhone आपको 1
- 9:49:26लाख में मिल रहा है।
- 9:49:28और आप उस पर झट से क्लिक कर देते हो।
- 9:49:32इस तरीके के
- 9:49:35फ्रंट पेज जो कि आपको एडवर्टाइजमेंट के
- 9:49:38थ्रू लुभाते हैं
- 9:49:41और आप जब उन पर क्लिक करते हो तो उनके बैक
- 9:49:43एंड पे वायरस, वॉर्म या ट्रोजन कुछ भी हो
- 9:49:47सकते हैं। तो इस तरीके के जो मैशियस अटैक
- 9:49:51होते हैं उनको ऐडवेयर बोला जाता है। जब आप
- 9:49:53एडवर्टाइजमेंट के धोखे में आते हो।
- 9:49:57ठीक है? हां।
- 9:50:01और हैकर्स हैकर्स आपको उसी तरीके के लालच
- 9:50:05देते हैं। वह पहले आपकी एक्टिविटीज को
- 9:50:07ऑब्जर्व करते हैं स्पाईवेयर से कि आपका
- 9:50:11इंटरेस्ट कहां पे है।
- 9:50:13पता लगा कुछ लोगों का इंटरेस्ट है
- 9:50:15गर्लफ्रेंड्स बनाने में। तो हैकर बड़े शाण
- 9:50:19होते हैं। उन्हें पता है आपके आगे कौन सा
- 9:50:21दाना डालना है। आप कहां पर फिसलोगे।
- 9:50:25आपके पास
- 9:50:27आपका जो सोशल मीडिया है वहां पर बहुत
- 9:50:31बढ़िया सी सुंदर सी लड़की बनकर आएगी।
- 9:50:33उसमें नीचे लिखा होगा चैट विद मी पर्सनली।
- 9:50:37अब आप उसमें क्लिक कर दिए तुरंत। हो गया
- 9:50:41काम।
- 9:50:42चैट विद मी तो हो नहीं पाया। ट्रोजन
- 9:50:44इंस्टॉल हो गया डिवाइस में।
- 9:50:48अगर हैकर यह जान रहा है कि आपको शॉपिंग का
- 9:50:51बड़ा यूज़ है। तो आपको लालच देगा। ऐसा ही
- 9:50:53एडवर्टाइजमेंट क्या है। 59 में NKI का शू
- 9:50:56ले लो। एडडास का जूता 800 का ले लो।
- 9:51:01ठीक है? तो इस तरीके के छलावों में
- 9:51:03बिल्कुल ना आए। यह ऐडवेयर हो सकते हैं।
- 9:51:08फिशिंग यह मैं आपको पहले भी बता चुका हूं।
- 9:51:11फिशिंग क्या होती है? फेक ईमेल्स होती हैं
- 9:51:13जिसमें आपको लालच दिया जाता है। आपसे आपकी
- 9:51:15इंफॉर्मेशन फिल कराई जाती है और आप वो
- 9:51:18इंफॉर्मेशन अपनी फिल करके भेज देते हो।
- 9:51:20एग्जांपल आपको याद होगा। मैंने आपको यहां
- 9:51:22पर एग्जांपल दिया था। जैसे कि coca.com से
- 9:51:25ईमेल आया। कांग्रेचुलेशंस यू हैव वांट
- 9:51:28$10,000
- 9:51:30लेकिन वो $00 आपके अकाउंट में तब क्रेडिट
- 9:51:33होंगे जब आप यह इंफॉर्मेशन हमें भेजी है।
- 9:51:35नाम, फोन नंबर, आधार नंबर, पैन कार्ड नंबर
- 9:51:38आपका सब मांग लिया। बैंक अकाउंट डिटेल
- 9:51:40मांग लिया। आपने दे दी। $00 तो छोड़ो एक
- 9:51:44डॉलर नहीं आया। ऊपर से अपनी इंफॉर्मेशन भी
- 9:51:47आपने दे दी। सो इस तरीके को बोलते हैं
- 9:51:50फिशिंग।
- 9:51:53अगला है रूट किट। अब ये रूट किट क्या होती
- 9:51:55है? मैलवेयर दैट हाइड्स इट्स प्रेजेंस इन
- 9:51:59द सिस्टम। यह ऐसे मैशियस प्रोग्राम होते
- 9:52:02हैं जो कि आपके डाटा को तो करप्ट करेंगे
- 9:52:05लेकिन इनकी जो मेन खास बातें हैं वो यह है
- 9:52:08कि यह जैसे ही इंस्टॉल होंगे यह खुद को ही
- 9:52:11डिसअपीयर कर देते हैं। यह ऐसे मैिशियस
- 9:52:14प्रोग्राम है कि इनके इंस्टॉल होने के बाद
- 9:52:17इनकी इंस्टॉल्ड फाइल भी आपको नहीं दिखने
- 9:52:19वाली है। आपको पता ही नहीं लगेगा कि आपकी
- 9:52:21डिवाइस में कुछ इंस्टॉल भी हुआ है नया।
- 9:52:25नॉर्मली जैसे ट्रोजन अगर इंस्टॉल हो जाता
- 9:52:28है तो आप जाकर अपने प्रोग्राम सेक्शन में
- 9:52:30देखोगे वहां पर आपको कुछ अनवांटेड
- 9:52:33इंस्टॉल्ड फाइल दिखाई देगी तो आप समझ
- 9:52:35जाइएगा कि यही ट्रोजन हो सकता है। आप उसको
- 9:52:37डिलीट भी कर सकते हो। लेकिन जो रूट किट है
- 9:52:41रूट किट खुद को ही डिसअपीयर कर लेता है।
- 9:52:44आप प्रोग्राम्स में भी जाकर देखोगे ना तो
- 9:52:46वहां पर भी इसकी एग्जीक्यूटिव फाइल आपको
- 9:52:48दिखेगी ही नहीं। अब आप ढूंढ कैसे पाओगे?
- 9:52:52यह इसकी खास बात है। यह वन ऑफ द लेटेस्ट
- 9:52:56मैलवेयर है। ध्यान रखिएगा।
- 9:52:58इट प्रोवाइड्स अन ऑथराइज्ड रूट
- 9:53:01एडमिनिस्ट्रेटर एक्सेस वेरी डिफिकल्ट टू
- 9:53:03डिटेक्ट एंड रिमूव। बहुत ही ज्यादा
- 9:53:06प्रोफेशनल्स जो होते हैं वही इसको डिटेक्ट
- 9:53:08कर पाते हैं। अदरवाइज लगभग सबके बस की बात
- 9:53:11नहीं होती है इसको डिटेक्ट करना।
- 9:53:14अगला है की लॉगर। की लॉगर मैंने अभी आपको
- 9:53:17स्पाईवेयर में इसका एग्जांपल दिया था। की
- 9:53:20लॉगर वैसे तो टाइप स्पाईवेयर का ही है।
- 9:53:23लेकिन स्पाईवेयर जो प्रॉपर होता है वो
- 9:53:26आपकी हर तरीके की गतिविधि को ऑब्जर्व करता
- 9:53:28है। आप कौन सी वेबसाइट देख रहे हो, किससे
- 9:53:32चैट कर रहे हो, कौन सा गाना सुन रहे हो,
- 9:53:34YouTube पे क्या सर्च कर रहे हो, वो सब
- 9:53:36कुछ देखता है। लेकिन की लॉगर की लॉगर अगर
- 9:53:38है तो यह आपके केवल की स्ट्रोक्स को ही
- 9:53:41फॉलो करता है। आप कीबोर्ड से जो बटन प्रेस
- 9:53:44करते हो उसी को फॉलो करता है। और कीबोर्ड
- 9:53:47से ऑब्वियस सी बात है आप क्या डालते हो?
- 9:53:49अपने पासवर्ड्स, पिंस यह सब आप कीबोर्ड से
- 9:53:52डालते हो। तो स्पेशली जो पासवर्ड वगैरह
- 9:53:54साइबर सिक्योरिटी बेसिकली क्या होती है?
- 9:53:57इसकी जरूरत क्या होती है? और यह हमें
- 9:54:00किन-किन चीजों से बचाती है? इसके अलावा
- 9:54:02मैलवेयर का मतलब मैंने आपको बताया था कि
- 9:54:04बेसिकली मतलब क्या होता है? मैल वर्ल्ड जो
- 9:54:07निकल के आया है यह मैशियस से निकल के आया
- 9:54:09है। और वेयर का मतलब होता है कंप्यूटर का
- 9:54:12कंपोनेंट। मतलब एक ऐसा कंपोनेंट जो कि
- 9:54:15मैिशियस है हमारे डेटा के लिए जो कि हमारे
- 9:54:19डेटा को नुकसान पहुंचा सकता है। अब उस पे
- 9:54:21भी हम लोग टाइप्स ऑफ मैलवेयर की बात कर
- 9:54:23रहे थे और यहां पे एट टाइप ऑफ मैलवेयर हम
- 9:54:26लोग डिस्कस कर चुके थे। नौवें की बात हो
- 9:54:29रही थी। तो यहीं से स्टार्ट करते हैं।
- 9:54:32की लॉगर के बारे में मैं आपको बता रहा था।
- 9:54:35दरअसल नाम से ही आप समझ जाइए। यह एक ऐसा
- 9:54:38मैलवेयर है जो कि आपके की लॉग्स को मॉनिटर
- 9:54:42करने का काम करता है। अगर हैकर ने आपकी
- 9:54:44डिवाइस में मतलब आपके कंप्यूटर में,
- 9:54:47लैपटॉप में या आपके मोबाइल में की लॉगर को
- 9:54:50इंस्टॉल कर दिया एक बार तो उसके बाद आप जो
- 9:54:54भी की प्रेस करोगे वो की मॉनिटर होती
- 9:54:57रहेंगी। की लॉगर का काम ही होता है कि आप
- 9:55:00जिस भी कीबोर्ड की की को प्रेस करोगे वो
- 9:55:03उसे मॉनिटर करता रहेगा। बेसिकली इसका यूज़
- 9:55:06पासवर्ड्स को चुराने के लिए, पिंस को
- 9:55:09चुराने के लिए किया जाता है। ठीक है?
- 9:55:11लेकिन एक इंटरेस्टिंग बात आपको बताता हूं।
- 9:55:13की लॉगर जो है मैक्सिमम की लॉगर जो हैं,
- 9:55:16यह आपके फिजिकल कीबोर्ड के ऊपर काम करते
- 9:55:20हैं। इट वर्क्स
- 9:55:22ऑन
- 9:55:24फिजिकल
- 9:55:26कीबोर्ड्स।
- 9:55:29फिजिकल कीबोर्ड का मतलब जो कि आपके
- 9:55:31हार्डवेयर वाले कीबोर्ड आते हैं ना जो आप
- 9:55:34डेस्कटॉप में यूज करते हो या लैपटॉप में
- 9:55:36आपके लगे होते हैं उन्हीं कीबोर्ड्स के
- 9:55:39ऊपर यह काम करता है। यह वर्चुअल कीबोर्ड्स
- 9:55:41को कैप्चर नहीं कर पाता है।
- 9:55:44यही कारण है कि आपके पास ऑप्शन रहता है
- 9:55:46हमेशा जब भी आप लॉगिन करने जाओगे तो
- 9:55:50पासवर्ड में आप देखोगे जैसे ही आप क्लिक
- 9:55:52करोगे तो वर्चुअल कीबोर्ड का आपके पास
- 9:55:54ऑप्शन आता है क्योंकि बैंक्स भी आपसे अपील
- 9:55:58करते हैं कि जब भी आप अपना यूजरनेम और
- 9:56:01पासवर्ड बैंक की वेबसाइट में डालें तो वह
- 9:56:04कभी भी फिजिकल कीबोर्ड से मत डालिए। वो
- 9:56:06हमेशा आप वर्चुअल कीबोर्ड से ही एंटर
- 9:56:08करिए। क्योंकि अगर की लॉगर होगा भी बैक
- 9:56:11एंड पे तो वो वर्चुअल कीबोर्ड्स को मॉनिटर
- 9:56:13नहीं कर पाता है। क्लियर हो रही है बात?
- 9:56:16तो ये एक सबसे बड़ा कारण है जिसकी वजह से
- 9:56:19बैंकों की वेबसाइट्स में जहां पे आपको
- 9:56:20पासवर्ड डालना होता है उनकी तरफ से बाय
- 9:56:23डिफॉल्ट यह ऑप्शन दिया जाता है कि आप
- 9:56:25वर्चुअल कीबोर्ड का यूज करें। साइबर
- 9:56:28सिक्योरिटी में भी हमेशा यही सिखाया जाता
- 9:56:30है कि आप ज्यादातर वर्चुअल कीबोर्ड का ही
- 9:56:33यूज प्रेफर करें। एक टिप्स आपको मैं दे
- 9:56:36रहा हूं। कभी भी आपको दूसरे का लैपटॉप या
- 9:56:38डेस्कटॉप यूज करने की नौबत आए कभी भी अगर
- 9:56:42ऐसी जरूरत पड़ जाए और उसमें अगर आप अपना
- 9:56:45कोई भी कॉन्फिडेंशियल डाटा खोल रहे हो
- 9:56:47एग्जांपल आप अपना Facebook लॉगिन कर रहे
- 9:56:50हो या Instagram लॉग इन कर रहे हो तो कभी
- 9:56:53भी उसके फिजिकल कीबोर्ड का यूज मत करना
- 9:56:55हमेशा उसके वर्चुअल कीबोर्ड का यूज करना
- 9:56:58डेस्कटॉप हो लैपटॉप हो सब में वर्चुअल
- 9:57:00कीबोर्ड का ऑप्शन आता है। सीधे जाइएगा
- 9:57:04नीचे सर्च वाले ऑप्शन पे वहां पे कीबोर्ड
- 9:57:06प्रेस करिएगा। जैसे ही कीबोर्ड आप डालेंगे
- 9:57:08ओके करेंगे आपके सामने वर्चुअल कीबोर्ड
- 9:57:10खुल के आ जाएगा। तो की लॉगर से बचने का
- 9:57:12सबसे बेहतर तरीका यह है यू हैव टू यूज़
- 9:57:15वर्चुअल कीबोर्ड।
- 9:57:17अगला जो हमारा मैलवेयर होता है, इसको
- 9:57:20बोलते हैं लॉजिक बम। अब यह लॉजिक बम क्या
- 9:57:23है?
- 9:57:24यह एक तरीके से टाइम बम की तरह होता है जो
- 9:57:29कि घड़ी के साथ टिक टिक टिक टिक करता
- 9:57:31रहेगा लेकिन एक सर्टेन इवेंट पर ही
- 9:57:34ब्लास्ट होगा।
- 9:57:36तो इस तरीके का मैलवेयर
- 9:57:38जिसको हैकर्स कोड करते हैं और कोड करते
- 9:57:41हैं जो कि एक पर्टिकुलर इवेंट पर ही
- 9:57:44ट्रिगर होगा। एग्जांपल जैसे कि मैंने एक
- 9:57:46मैल मैलवेयर बनाया। मैंने एक प्रोग्राम अ
- 9:57:51सेट किया। उस प्रोग्राम पे मैंने एक लूप
- 9:57:53लगाया।
- 9:57:56मैंने उस पे लगाया कि जब तक
- 9:57:59इंटीजर A इक्वल टू MS ऑफिस ना हो तब तक ये
- 9:58:04एग्जीक्यूट ना हो। इसका मतलब यह है सपोज़
- 9:58:07मैं आपको एक सिंटेक्स देता हूं प्रोग्राम
- 9:58:09का। एग्जांपल मैंने मैं एक हैकर हूं।
- 9:58:12मैंने एक प्रोग्राम बनाया। उस प्रोग्राम
- 9:58:14पे मैंने कंडीशन दी कि इंटीिजर
- 9:58:20a इक्वल टू
- 9:58:23इफ इंटीजर a इक्वल टू
- 9:58:27MS Office
- 9:58:31ठीक है? MS Office में
- 9:58:34वर्ड भी है, एक्सेल भी है, पावर पॉइंट भी
- 9:58:39है।
- 9:58:40इफ इंटिजर A = MS Office
- 9:58:44देन
- 9:58:47एग्जीक्यूट
- 9:58:50मतलब इसका यह है कि अगर हैकर ने लॉजिक बम
- 9:58:55यह वाला लॉजिक बम आपके डिवाइस में इंस्टॉल
- 9:58:58कर दिया तो आपका कंप्यूटर तब तक सब कुछ
- 9:59:02ओके तरीके से काम करता रहेगा जब तक MS
- 9:59:05ऑफिस आप ओपन नहीं कर रहे हो। आप एक दिन मत
- 9:59:08करिए, एक साल मत करिए। यह कभी भी आपकी
- 9:59:10फाइल को करप्ट नहीं करेगा।
- 9:59:13लेकिन जैसे ही आपने MS ऑफिस ओपन किया
- 9:59:17तुरंत ही आपके पूरे सिस्टम को क्रैश कर
- 9:59:19देगा।
- 9:59:21विद इन अ सेकंड यह पूरे सिस्टम को हैक कर
- 9:59:24लेगा और क्रैश भी कर देगा।
- 9:59:27अब यह ट्रिगर किसी भी बेसिस पर लग सकता
- 9:59:29है। किसी भी इवेंट पे लग सकता है। सपोज़ यह
- 9:59:32लगा हो कि जैसे ही आप नोटपैड खोलोगे अपने
- 9:59:34कंप्यूटर पे तुरंत हो जाएगा।
- 9:59:38सपोज जैसे ही लगाया कि कोई पोर्न वेबसाइट
- 9:59:42खोले तुरंत यह लॉजिक ट्रिगर हो जाएगा।
- 9:59:45किसी भी इवेंट पे ट्रिगर हो सकता है ये।
- 9:59:48तो ऐसा मैिशियस प्रोग्राम जिस पे हम
- 9:59:51कंडीशन देते हैं कोई स्पेसिफिक ऑपरेशन के
- 9:59:55ऊपर कि आप जैसे ही यह ऑपरेशन परफॉर्म करो
- 9:59:59तुरंत यह एग्जीक्यूट हो जाए। इसी वजह से
- 10:00:03इसका नाम लॉजिक बम रखा गया है। इसको लॉजिक
- 10:00:05बम बोलते हैं साइबर सिक्योरिटी वर्ड में।
- 10:00:08इट रिमेंस इनएक्टिव अंटिल कंडीशन इज मेड।
- 10:00:11जब तक कंडीशन नहीं मिलेगी तब तक ये
- 10:00:12इनएक्टिव मोड में रहेगा। आपको कोई दिक्कत
- 10:00:15नहीं है। लेकिन समस्या तो यह है कि आपको
- 10:00:17पता ही नहीं लगेगा ना कि कौन सा इवेंट इस
- 10:00:20पे लगा हुआ है। आपको पता ही नहीं है कि यह
- 10:00:23कब ट्रिगर होगा। क्या चीज ऐसी ना करो कि
- 10:00:26यह ट्रिगर ना हो। आपको पता ही नहीं है। आप
- 10:00:30जिस दिन भी वह टास्क परफॉर्म करोगे अपनी
- 10:00:32डिवाइस पर तुरंत यह ट्रिगर हो जाएगा। यूज
- 10:00:35फॉर स्टेबोटेज। स्टेबोटेज का मतलब बेसिकली
- 10:00:38तोड़फोड़ होता है। तोड़फोड़ का मतलब आपका
- 10:00:40पूरा डाटा हैक कर लेगा। पूरी आपकी विंडज़
- 10:00:45क्रैश कर देगा। आपके मोबाइल को क्रैश कर
- 10:00:47देगा। पूरा ऑपरेटिंग सिस्टम क्रैश कर
- 10:00:49जाएगा।
- 10:00:51इंटेंशनली प्लेस्ड अंटिल स्पेसिफिक
- 10:00:54कंडीशंस आर मेट। जब हैकर्स चाहते हैं तो
- 10:00:57वह इस तरीके के अटैक भी करते हैं।
- 10:01:01एक वर्ड यूज़ किया जाता है मालवेयर में
- 10:01:03बैकडोर। अब ये बैकडोर क्या होता है? देखिए
- 10:01:05बैकडोर किसी भी सिस्टम में बाईपास करने का
- 10:01:09एक दूसरा तरीका होता है। एग्जांपल जैसे कि
- 10:01:13मान लीजिए आपका यह सर्वर है। आपके सर्वर
- 10:01:17में आईडी और पासवर्ड का ऑप्शन है। ठीक है?
- 10:01:23मैंने अगर इसमें कोई लूप होल ढूंढ लिया।
- 10:01:26बात आ रही है समझ? मेरे पास ना आईडी है ना
- 10:01:29पासवर्ड है। मैं हैकर हूं। अगर मैंने कोई
- 10:01:32लूप होल इसमें ढूंढ लिया है।
- 10:01:36ठीक है? तो लूप होल का मतलब इस पे इसको
- 10:01:39बाईपास करने का तरीका अगर मैंने ढूंढ लिया
- 10:01:41है। एक तरीके से आपकी वेबसाइट का यह गेट
- 10:01:44है। बिना इस गेट को बाईपास किए मैं अंदर
- 10:01:47नहीं जा सकता। आपका डाटा नहीं देख सकता।
- 10:01:49लेकिन आईडी और पासवर्ड के बिना अगर मैंने
- 10:01:51बाईपास कर लिया इसे मतलब कोई लूप होल ढूंढ
- 10:01:54के किया उसी पर्टिकुलर टर्म को बोला जाता
- 10:01:57है बैक डोर। हैकर्स इस तरीके की बाईपास तब
- 10:02:01यूज करते हैं जब उन्हें लंबे टाइम पीरियड
- 10:02:04तक किसी के सर्वर को एक्सेस करना होता है।
- 10:02:06सपोज़ मान लीजिए जैसे मैं आपको पर्सनली
- 10:02:10बताता हूं। मैंने एक बार पाकिस्तान के उस
- 10:02:12टाइम पर गवर्नर हुआ करते थे। आसिफ अली
- 10:02:15ज़रदारी। यह बात है साल 2016 की। मैंने
- 10:02:19आसिफ अली जरदारी की वेबसाइट हैक करी थी उस
- 10:02:22टाइम पर। तो मुझे उस टाइम पर करीब 10 से
- 10:02:2712 दिन तक ऑब्जर्व करना था उनकी वेबसाइट
- 10:02:29को। मैं यह चाहता था कि किसी को पता भी ना
- 10:02:33लगे और मैं उनके डेटाबेस को ऑब्जर्व करता
- 10:02:36रहूं। कि इनके डेटाबेस में क्या-क्या
- 10:02:39चेंजेस हो रहे हैं। क्या रिमूव हो रहा है,
- 10:02:41क्या ऐड हो रहा है इस केस में। तो ऐसे
- 10:02:44ऑपरेशंस के लिए बैक डोर का यूज करते हैं
- 10:02:47हैकर। मतलब हम इसे बाईपास तो कर जाते हैं
- 10:02:50लेकिन हम आगे आपका डाटा टच नहीं करेंगे।
- 10:02:55इट इज लाइक कि
- 10:02:57किसी के घर के अंदर चुपके से पहुंच गए।
- 10:03:00कोई सामान नहीं छुएंगे। बस हम देख रहे
- 10:03:03हैं, ऑब्जर्व कर रहे हैं। और उसी दरवाजे
- 10:03:06से वापस भी ये बाहर निकलना है। दैट इज
- 10:03:08कॉल्ड बैक डोर।
- 10:03:10अगर आपने डाटा कुछ टच किया सर्वर के अंदर
- 10:03:14तुरंत डेवलपर को पता लग जाएगा और तुरंत
- 10:03:17डेवलपर फिर लूप होल खोजने लगेगा। वो जैसे
- 10:03:20ही लूप होल सर्च करेगा हो सकता है उसे मिल
- 10:03:22जाए और वो उसको पैच कर देगा। फिर तुरंत
- 10:03:25बंद कर देगा। क्या पता अगली बार मैं
- 10:03:26बाईपास ही ना कर पाऊं। इस वजह से जब कोई
- 10:03:30लंबे टाइम पीरियड तक हमें डाटाबेस को
- 10:03:32ऑब्जर्व करना होता है तो उस केस में साइबर
- 10:03:34सिक्योरिटी में बैक डोर का यूज किया जाता
- 10:03:36है। केवल इन एंड आउट होता है। केवल हम इसे
- 10:03:39बाईपास करेंगे।
- 10:03:43कई बार ऐसा भी होता है कि जब अपना पूरा
- 10:03:45काम हो जाता है तो उसके बाद हम इसको बैक
- 10:03:48डोर से जाकर बाईपास करके अंदर ट्रोजन
- 10:03:51वायरस या कुछ भी इंस्टॉल कर सकते हैं या
- 10:03:53लॉजिक बम इंस्टॉल कर सकते हैं और उसके बाद
- 10:03:56बैक डोर से वापस आ जाते हैं। वो अपने टाइम
- 10:03:59के हिसाब से एग्जीक्यूट कर जाएगा। सर MS
- 10:04:03ऑफिस कब पढ़ाएंगे? कल ही पढ़ाऊंगा कल के
- 10:04:05दिन।
- 10:04:08अगला है डीडॉस अटैक। हैकर वर्ल्ड में
- 10:04:12डीडॉस अटैक बहुत ज्यादा फेमस है। लेकिन यह
- 10:04:15कोई आसान अटैक नहीं है। यहां पर डीडॉस का
- 10:04:18मतलब क्या है? इसका फुल फॉर्म होता है
- 10:04:22डिस्ट्रीब्यूटेड
- 10:04:26डिनाइयल
- 10:04:28ऑफ
- 10:04:30सर्विस
- 10:04:32अटैक।
- 10:04:35डिस्ट्रीब्यूटेड डिनायल ऑफ सर्विस अटैक।
- 10:04:39इसका यूज हमेशा बहुत बड़े सर्वर्स को हैक
- 10:04:42करने के लिए यूज किया जाता है। एग्जांपल
- 10:04:44किसी कंट्री के
- 10:04:46रेलवे का सर्वर आपको हैक करना है। किसी
- 10:04:49कंट्री के किसी बैंक का सर्वर आपको हैक
- 10:04:51करना है। किसी कंट्री के डिफेंस का सर्वर
- 10:04:54आपको हैक करना है। ऐसे में डीडॉस अटैक का
- 10:04:56यूज़ किया जाता है। अब ये डीडॉस अटैक काम
- 10:04:58कैसे करता है? आपको बताता हूं।
- 10:05:01जितना बड़ा सर्वर होगा उतना ज्यादा
- 10:05:04डेटाबेस होगा। उसमें किसी कंट्री का अगर
- 10:05:07डिफेंस का सर्वर है तो आपको पता है उसके
- 10:05:09अंदर कितने फोल्डर तक हो सकते हैं। कैन यू
- 10:05:12इमेजिन कितने फोल्डर तक हो सकते हैं किसी
- 10:05:15डिफेंस के सर्वर के अंदर?
- 10:05:18सोच के भी आप शायद सोच भी ना पाओ। इतने
- 10:05:22होते हैं।
- 10:05:24कितनी डायरेक्टरीज हो सकती हैं। करोड़ों
- 10:05:27डायरेक्टरीज होती हैं। करोड़ों। अगर आप
- 10:05:30मैनुअली जाएंगे ना तो आप डाटा को एक्सेस
- 10:05:33ही नहीं कर पाएंगे।
- 10:05:35हैक करना तो बहुत दूर की बात है। अब मुझे
- 10:05:38एक बात बताइए।
- 10:05:40यह एक किसी कंट्री का डिफेंस का डेटाबेस
- 10:05:44है। ठीक है? इसके अंदर करोड़ों
- 10:05:47डायरेक्टरीज हैं।
- 10:05:49सबसे पहले तो आपको इसको बाईपास करना होगा।
- 10:05:52यह पहला गेट है। आप इसको बाईपास करेंगे।
- 10:05:55जब आप अंदर जाएंगे तो आपको इस डेटाबेस के
- 10:05:59सेगमेंट्स मिलेंगे अलग-अलग।
- 10:06:05यह आपको अलग-अलग डाटाबेस के सेगमेंट मिल
- 10:06:07रहे हैं। मतलब आप ऐसे समझ लो कि यह पूरा
- 10:06:11आपका घर है। घर के अंदर गए तो ये अलग-अलग
- 10:06:14कमरे हैं।
- 10:06:16इन सेगमेंट्स के अंदर
- 10:06:19आपको
- 10:06:21इनके मेटा डेटा मिलेंगे।
- 10:06:24और मेटा डेटा के अंदर इनकी डायरेक्टरीज
- 10:06:27मिलेंगी।
- 10:06:30सेम उसी तरीके से जैसे आपके घर के अंदर
- 10:06:33कीमती सामान रखा होता है। आपके घर के अंदर
- 10:06:36कई सारे कमरे हैं। हर एक कमरे के अंदर
- 10:06:40अलमारी है। उस अलमारी के अंदर भी एक
- 10:06:43तिजोरी है। उस तिजोरी के अंदर भी कोई
- 10:06:46तिजोरी हो सकती है और उसके अंदर हो सकता
- 10:06:49है कोई कीमती सामान रखा हो।
- 10:06:53अब आप इमेजिन करिए कि इन सब के अंदर मान
- 10:06:56लीजिए एक-एक हीरा है।
- 10:07:00और इतनी कड़ी सिक्योरिटी में
- 10:07:03अगर आपको एक रात में चुराना है किसी घर के
- 10:07:07अंदर आप बताइए मुझे इन नौ कमरों से आप
- 10:07:10हीरे चुरा पाएंगे भैया सुबह हो जाएगी
- 10:07:12पकड़े अलग से जाओगे मारे बहुत जाओगे
- 10:07:17यह तो बात केवल एक नौ कमरों की है।
- 10:07:20एक्चुअली यहां पर बात हो रही है एक
- 10:07:21डेटाबेस की जहां पर करोड़ों डायरेक्टरीज
- 10:07:24हैं।
- 10:07:26इतने वास्ट डेटाबेस को आप एक झटके में
- 10:07:29कैसे हैक करोगे? उसके लिए ऐसा अटैक होना
- 10:07:32चाहिए जो कि मल्टीपल डायरेक्टरीज पे एक ही
- 10:07:36टाइम पे अटैक करे। इस वजह से
- 10:07:39डिस्ट्रीब्यूटेड डिनाइयल ऑफ सर्विस अटैक
- 10:07:41का यूज किया जाता है जिसको डीडॉस बोलते
- 10:07:43हैं। इसके नाम से ही समझ जाइए
- 10:07:46डिस्ट्रीब्यूटेड डिनाइयल ऑफ सर्विस।
- 10:07:49मतलब एक सर्विस जो कि डिस्ट्रीब्यूटेड हो
- 10:07:51जाती है डेटाबेस के अंदर और एक साथ
- 10:07:54डायरेक्टरीज पर अटैक करती है। आप लोगों ने
- 10:07:56रामायण या महाभारत टीवी में देखी होगी।
- 10:07:59ठीक है?
- 10:08:01उसमें आपने देखा होगा कि कोई योद्धा है
- 10:08:05ऐसे करता है। बाण ऐसे चढ़ाता है और चला
- 10:08:08देता है। जब बाण चलाता है तो एक बाण जा
- 10:08:11रहा होता है और आगे जाकर वो कई सारे बाणों
- 10:08:13में बट जाता है और सेना में जाकर एक-एक
- 10:08:16सोल्जर की छाती पर पड़ता है। सब मर जाते
- 10:08:18हैं। ऐसा देखा है ना? एक बाण कई-कई में बट
- 10:08:21जाता है। उसी तरीके का अटैक है डीडॉस। जब
- 10:08:24डीडॉस अटैक करते हैं तो फर्स्टली तो यह
- 10:08:28बाईपास करता है खुद को। मेन गेटवे पर
- 10:08:31सर्वर के और जैसे सर्वर के मेन गेटवे को
- 10:08:34बाईपास करता है।
- 10:08:37यह जितने सेगमेंट्स होते हैं हर एक
- 10:08:39सेगमेंट के हिसाब से उतने बार सेल्फ
- 10:08:42एग्जीक्यूट हो जाता है। और जितने बार यह
- 10:08:45सेल्फ एग्जीक्यूट होगा उतनी कॉपीज में बट
- 10:08:48जाता है।
- 10:08:54उतनी ही कॉपीज में बट जाएगा ये। और इन अ
- 10:08:58वन बिट टाइम जितने भी सेगमेंट हैं उन सब
- 10:09:00पर अटैक होगा। मतलब उन सब पर बाईपास कर
- 10:09:03जाएगा।
- 10:09:05और जितने भी सेगमेंट है सबका डाटा ब्लॉक
- 10:09:08हो जाएगा।
- 10:09:11और उसके बाद
- 10:09:14क्या होगा? रैंसम की डिमांड करी जाएगी और
- 10:09:16क्या होगा?
- 10:09:18तो यह हमेशा बहुत बड़े फैक्टर पर यूज किया
- 10:09:21जाता है। डिस्ट्रीब्यूटेड डिनाइल ऑफ
- 10:09:22सर्विस अटैक। कॉमनली इसे डिनायल ऑफ सर्विस
- 10:09:25अटैक भी बोला जाता है।
- 10:09:29इसके बाद एक अटैक होता है जिसको ब्रूट
- 10:09:31फोर्स अटैक बोला जाता है। ट्रायल एंड एरर
- 10:09:35मेथड यूज्ड टू क्रैक मल्टीपल पासवर्ड
- 10:09:37कॉम्बिनेशन।
- 10:09:38एग्जांपल जैसे कि मान लीजिए
- 10:09:42आईडी मुझे पता है। मैंने कहा आईडी है वरुण
- 10:09:46किसी की लेकिन पासवर्ड मुझे नहीं पता। अब
- 10:09:49मैं हैकर हूं। मुझे पता है कि इसमें एट
- 10:09:53डिजिट का ऑप्शन है। 1 2 3 4 5 6 7 8 एट
- 10:09:58डिजिट तक का पासवर्ड इस पर लगेगा। लेकिन
- 10:10:01पासवर्ड क्या है ये मुझे नहीं पता।
- 10:10:04तो ये ऐसा पैटर्न होता है ब्रूट फ़ोर्स
- 10:10:06अटैक जो कि ऑटोमेटिक पैटर्न बनाता है।
- 10:10:09एग्जांपल पहला पैटर्न हम यह बना सकते हैं।
- 10:10:16दूसरा पैटर्न क्या बना सकते हो? दो आगे ले
- 10:10:18आए। एक
- 10:10:22तीसरा पैटर्न क्या बना सकते हो?
- 10:10:29और क्या बना सकते हो?
- 10:10:36और क्या बना सकते हो?
- 10:10:45और क्या बना सकते हो?
- 10:10:52आप देख रहे हो पैटर्न बनते चले जा रहे
- 10:10:54हैं। कोई तो एक पैटर्न मैच करेगा।
- 10:10:58इस तरीके के अटैक को हम क्या बोलते हैं?
- 10:11:00ब्रूट फोर्स अटैक जो कि मल्टीपल पासवर्ड
- 10:11:03कॉम्बिनेशंस बनाता है।
- 10:11:06इसमें टाइम लगता है पैटर्न बनने में।
- 10:11:10यह तो बड़ा ही सिंपल सा मैंने आपको
- 10:11:12एग्जांपल दे दिया। केवल डिजिट्स में
- 10:11:14पासवर्ड तो आपके डिजिट्स में, स्पेशल
- 10:11:17कररेक्टर में और कैरेक्टर में होते हैं।
- 10:11:20तो कैरेक्टर के साथ डिजिट्स का कॉम्बिनेशन
- 10:11:23बनना और प्लस स्पेशल कररेक्टर का
- 10:11:25कॉम्बिनेशन बनना। मतलब एक-एक सेकंड में आप
- 10:11:28यह मान लो एक नॉर्मल ब्रूट फ़ोर्स अटैक भी
- 10:11:31होता है ना, तो पर सेकंड में वह सात से आठ
- 10:11:34कॉम्बिनेशन बनाता है। बिल्कुल नॉर्मल वाले
- 10:11:37की मैं बात कर रहा हूं। अगर अच्छा ब्रूट
- 10:11:39फ़ोर्स है ना, तो 50 कॉम्बिनेशन भी बनाता
- 10:11:41है पर सेकंड में। एक-ए सेकंड में 50
- 10:11:44कॉम्बिनेशन बनाएगा और फिर भी आप सोचो
- 10:11:48पासवर्ड उस लेवल तक होते हैं कि घंटों लग
- 10:11:51जाते हैं फिर भी इन कॉम्बिनेशन को बना के
- 10:11:53बाईपास करने में।
- 10:11:57नाउ साइबर सिक्योरिटी टूल्स एंड मेजर्स
- 10:12:00अभी तक तो हम लोग टाइप्स ऑफ मैलवेयर की
- 10:12:02बात कर रहे थे। कितने तरीके के मैिशियस
- 10:12:04अटैक होते हैं। अब कितने तरीके के
- 10:12:08सिक्योरिटीज होते हैं? बेसिकली एक तो
- 10:12:11एंटीवायरस सॉफ्टवेयर का आप यूज़ कर सकते
- 10:12:13हैं। एंटीवायरस सॉफ्टवेयर भी कई बार कारगर
- 10:12:16नहीं होते हैं। पता है क्यों नहीं होते
- 10:12:17हैं? जैसे मान लीजिए मेरा एंटीवायरस है
- 10:12:23एक्स एक्स व नाम से। ठीक है? मार्केट में
- 10:12:26मेरा एंटीवायरस है। अब मैं एंटीवायरस में
- 10:12:30क्या कंडीशन डाल रहा हूं? मैं अपने
- 10:12:33प्रोग्राम को लगातार अपडेट कर रहा हूं।
- 10:12:35अभी तक मार्केट में मान लो A, B और C नेम
- 10:12:39के वायरस थे। तो मैंने अपने एंटीवायरस में
- 10:12:42एक कंडीशन डाली हुई है। इफ फाइल इज इक्वल
- 10:12:45टू A और B और C। अगर इन तीनों में से कोई
- 10:12:48भी फाइल हो तो उसको वहीं रोक दें। हमारे
- 10:12:51सिस्टम में एंटर ना होने दें। एंटीवास एक
- 10:12:54चौकीदार की तरह है। जिसको आपने तीन लोगों
- 10:12:56की फोटो दे रखी है कि भैया ए, बी और सी ये
- 10:13:00तीन लोगों को साफ देख लो। अगर यह आए तो
- 10:13:02इन्हें घुसने मत देना।
- 10:13:04लेकिन मान लो मार्केट में एक नया चोर आया
- 10:13:07है डी।
- 10:13:11आपके एंटीवायरस को तो पता ही नहीं। मतलब
- 10:13:14आपके चौकीदार को तो पता ही नहीं है। उस
- 10:13:16केस में डी एंटर कर जाएगा।
- 10:13:20यही कारण है कि एंटीवायरस कंपनीज़ जो हैं,
- 10:13:23यह टाइम टू टाइम क्या लाती रहती हैं?
- 10:13:24अपडेट लाती रहती हैं। अपडेट जब भी आप
- 10:13:27एंटीवायरस को करते हो, इसका मतलब यह है कि
- 10:13:30जो नए वायरस डिटेक्ट हुए हैं मार्केट में
- 10:13:33उनको भी इसमें पैच कर दिया गया है। अब
- 10:13:37आपका सिस्टम ज्यादा सिक्योर हो जाएगा।
- 10:13:40वैसे मैं आपको एक अंदर की बात बताता हूं।
- 10:13:43सबसे ज्यादा वायरस
- 10:13:46वही बनाने बनाती हैं कंपनियां बैक डोर से
- 10:13:49जो कि एंटीवायरस बेचती हैं। यह बिजनेस है
- 10:13:53बहुत बड़ा साइबर वर्ल्ड में। पहले
- 10:13:55एंटीवायरस बनाओ
- 10:13:58और उसके बाद उसको बेचना कैसे है? वायरस
- 10:14:00बनाओ।
- 10:14:03एक नया वायरस बना दो।
- 10:14:06एग्जांपल मान लीजिए मेरी और आपकी
- 10:14:09एंटीवायरस की कंपनी है। आपने एक एंटीवायरस
- 10:14:12बनाकर लांच किया मार्केट में। मैंने एक
- 10:14:14एंटीवायरस बना के लांच किया। ठीक है?
- 10:14:17दोनों के एंटीवायरस मार्केट में काम कर
- 10:14:19रहे हैं। मुझे मार्केट अपनी तरफ खींचना
- 10:14:22है। मैं क्या करूंगा? मैं एक नया वायरस
- 10:14:24बनाऊंगा पहले खुद ही।
- 10:14:28उसको कई सारे सर्वसर्स में डालूंगा। कई
- 10:14:31सारे लोगों के डिवाइसेस में डलवाऊंगा।
- 10:14:33मार्केट में पहले वह वायरस फैलने दो और
- 10:14:36उसके बाद यह अनाउंस करूंगा ए टू जेड जितने
- 10:14:40भी वायरस हैं उन सबको डिटेक्ट करेगा मेरा
- 10:14:43एंटीवायरस क्योंकि वो वायरस मैंने बनाया
- 10:14:46हुआ है। उस वायरस को भी मैं अपने लूप में
- 10:14:48डालूंगा प्रोग्राम में। आपका एंटीवायरस
- 10:14:51नहीं पकड़ पाएगा क्योंकि आपके एंटीवायरस
- 10:14:54के पास मेरे वायरस की डिटेल नहीं है। बट
- 10:14:56मैंने तो बनाया ही है। मैंने अपने
- 10:14:58एंटीवायरस में डाल दिया उसे। मेरा
- 10:15:00एंटीवायरस मेरे वायरस को डिटेक्ट कर लेगा।
- 10:15:03मेरा एंटीवायरस बिकने लगेगा। अब मार्केट
- 10:15:06में आपके एंटीवायरस को कोई नहीं पूछेगा।
- 10:15:09तो यह साइबर वर्ल्ड में बहुत बड़ा धंधा
- 10:15:11है। जो एंटीवायरस बनाने वाली कंपनी है वही
- 10:15:15ना वही कहीं ना कहीं बैकडोर से वायरस भी
- 10:15:17बनाती हैं। अगर वह वायरस नहीं बनाएंगी तो
- 10:15:19उनका एंटीवायरस बिकेगा भी नहीं।
- 10:15:22बट एक्चुअली कहीं ना कहीं नॉर्मल अगर हम
- 10:15:26टर्म में देखें तो एंटीवायरस सिक्योर ही
- 10:15:28हमें करता है। दूसरा क्या तरीका है?
- 10:15:30फायरवॉल जो कि हमारे ऑपरेटिंग सिस्टम में
- 10:15:32इंस्टॉल ही होती है। बाय डिफॉल्ट ये आपको
- 10:15:34मिलती है। फायरवॉल मैशियस फाइल्स को आने
- 10:15:37से रोकती है। मतलब अगर थोड़ी बहुत मैशियस
- 10:15:40फाइल्स हैं तो आप यह मान लीजिए कि आपकी
- 10:15:42फायर वाल उनको तो डिटेक्ट कर ही लेती है।
- 10:15:45इंक्रिप्शन। इसके अलावा अपने डाटा को आप
- 10:15:47इंक्रिप्ट करके रखेंगे तो वह ज्यादा
- 10:15:49सिक्योर रहेगा। इससे भी आप बचा सकते हैं।
- 10:15:52अगर आप खुद सोचिए, खुद सोचिए खुला हुआ
- 10:15:56खाना अगर आपने रख दिया है तो बैक्टीरियास
- 10:15:58तो आएंगे ना उसमें। उससे बेहतर है आप उस
- 10:16:00खाने को ढक दीजिए।
- 10:16:03आपने उसके ऊपर प्लेट एक रख दी तो ऑब्वियस
- 10:16:06सी बात है बैक्टीरिया से बचेगा ना वो। तो
- 10:16:08इंक्रिप्शन एक तरीके की प्रोटेक्शन लेयर
- 10:16:11है। जब आप अपने डेटा को इंक्रिप्ट करके
- 10:16:13रखते हैं तो चांसेस बेहतर हो जाते हैं
- 10:16:16उसके सिक्योर होने के।
- 10:16:18स्ट्रांग पासवर्ड हमेशा बनाकर रखिए।
- 10:16:22कभी भी कैरेक्टर्स में केवल कररेक्टर या
- 10:16:25केवल डिजिट्स में पासवर्ड ना रखिए।
- 10:16:27कैरेक्टर में, डिजिट्स में और स्पेशल
- 10:16:29कररेक्टर का भी यूज करिए। साथ में कभी भी
- 10:16:33पासवर्ड्स में अपनी डेट ऑफ बर्थ मत रखिए।
- 10:16:36मतलब कॉमन पासवर्ड्स मत रखिए। अपनी डेट ऑफ
- 10:16:39बर्थ मत रखिए। अपना नाम मत रखिए। अपने
- 10:16:41मम्मी पापा का नाम मत रखिए। पासवर्ड में।
- 10:16:43अपने बच्चे का नाम मत रखिए। अपनी बीवी का
- 10:16:45नाम मत रखिए। इस तरीके की हरकतें मत करिए।
- 10:16:48कई लोगों का मैंने पासवर्ड देखा है।
- 10:16:50इमोशनल टच में अपने लैपटॉप में अपने बच्चे
- 10:16:53का ही नाम लिख देते हैं। पासवर्ड में मेरे
- 10:16:55जैसे लोग तो बखिया उधेल दें ऐसे पासवर्डों
- 10:16:57की। 2 सेकंड ना लगे।
- 10:17:02मेरे सामने तो आप यह मान लीजिए बहुत सारे
- 10:17:05लोग इतना कॉमन यूज कर लेते हैं। कभी अपने
- 10:17:07बैंक का नाम रख लेते हैं। मैं तो जब
- 10:17:11पासवर्ड बायपास करता हूं तो पहले उस पर्सन
- 10:17:13की डिटेल ही लेना जरूरी होता है। ज्यादातर
- 10:17:16हमारे देश में लोग यही स्टुपिडिटी करते
- 10:17:19हैं। अपने से जुड़ी हुई कोई ना कोई चीज
- 10:17:22रखेंगे। अपनी लवर का नाम रख देंगे। मैं तो
- 10:17:25वह भी ट्राई करता हूं। मैक्सिमम लोग अपने
- 10:17:28लवर का नाम भी रखते हैं। अपने कुत्ते का
- 10:17:31नाम रख देंगे। अपनी गाड़ी के नाम से
- 10:17:33पासवर्ड कर देंगे। यह सब हरकतें मत करिए।
- 10:17:36पासवर्ड को पासवर्ड की तरह रहने दीजिए।
- 10:17:38पासवर्ड आपका स्ट्रांग होना चाहिए। कोई
- 10:17:41सोच भी ना पाए। मेरे पासवर्ड्स तो आप मतलब
- 10:17:44सोच ही नहीं सकते। इवन आप साइबर वर्ड में
- 10:17:46क्या पासवर्ड्स हो सकते हैं? आप सोच नहीं
- 10:17:48सकते। ऐसे ऐसे पासवर्ड होते हैं।
- 10:17:53और वह पासवर्ड कैसे होते हैं? आपको
- 10:17:56हां
- 10:18:00टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन यह भी आपको बचाता
- 10:18:03है। जैसे कि अगर आईडी पासवर्ड डालना है तो
- 10:18:06आईडी पासवर्ड के अलावा एक एक्स्ट्रा ओटीपी
- 10:18:09का भी आप पासवर्ड डाल सकते हैं। जिससे भी
- 10:18:11आप प्रोटेक्ट होते हैं। साथ में रेगुलर
- 10:18:13सॉफ्टवेयर अपडेट्स जब आप करते रहते हैं तो
- 10:18:15भी आप सिक्योर हो सकते हैं। यह वह तरीके
- 10:18:18हैं जिनसे आप साइबर सिक्योरिटी का ख्याल
- 10:18:21रख सकते हैं अपनी डिवाइसेस में।
- 10:18:24अब कुछ टर्म्स की बात कर लेते हैं। कुछ
- 10:18:26टर्म्स साइबर सिक्योरिटी में यूज किए जाते
- 10:18:28हैं। जैसे कि एक टर्म हैकिंग। यह हैकिंग
- 10:18:30वर्ड यूज किया जाता है। बच्चे-बच्चे को
- 10:18:32पता है हैकिंग। लेकिन मतलब क्या इसका होता
- 10:18:36है? हैक का मतलब क्या होता है? व्हाट इज द
- 10:18:40मीनिंग ऑफ हैक? हैक का मतलब है अन
- 10:18:43ऑथराइज्ड एक्सेस।
- 10:18:46अनऑथराइज्ड
- 10:18:47एक्सेस।
- 10:18:50अन ऑथराइज एक्सेस का मतलब आप उस चीज को
- 10:18:53एक्सेस कर रहे हो जिसके लिए आप ऑथराइज
- 10:18:55नहीं हो। जब भी आप ऐसा एक्सेस करते हो दैट
- 10:18:59मींस आप क्या कर रहे हो? हैकिंग कर रहे
- 10:19:01हो।
- 10:19:04लेकिन हैकर्स के भी कई टाइप होते हैं।
- 10:19:08जितने भी हैकर हैं वह सभी अनअथराइज एक्सेस
- 10:19:12करते हैं। लेकिन वो जो हैकर्स हैं उनके
- 10:19:15टाइप हैं। वो एक दूसरे को डिफरेंशिएट
- 10:19:18हैकिंग करने के पीछे उनका रीजन क्या है?
- 10:19:21उस वजह से करते हैं डिफरेंशिएट।
- 10:19:24आप अनअ ऑथराइज एक्सेस तो करोगे ही करोगे
- 10:19:26अगर हैकर हो। किसी भी तरीके के आप हैकर
- 10:19:28हो। लेकिन उसके पीछे आपका मोटो क्या है?
- 10:19:32आपका मोटो अच्छा है, वेलफेयर है किसी का
- 10:19:35या फिर आपका मोटो बुरा है किसी का करना।
- 10:19:38यह चीज आपको हैकर्स के टाइप में
- 10:19:41डिफरेंशिएट करती हैं। जिन पर अभी हम लोग
- 10:19:43आएंगे। फिलहाल मैं हैकिंग की बात कर रहा
- 10:19:45हूं।
- 10:19:46किस लिए करी जाती है? ऑब्वियस सी बात है।
- 10:19:49डाटा चुराने के लिए, डिसरप्ट सर्विसेज को
- 10:19:51डिसरप्ट करने के लिए लाइक अ ट्रेन का
- 10:19:55डेटाबेस हैक कर लिया। ट्रेनों की
- 10:19:57टाइमिंग्स में गड़बड़ी कर दी। पता लगा
- 10:19:59ट्रेन का कोलीजन हो गया। दो ट्रेनें लड़
- 10:20:01गई। हजारों लोग मारे गए। फ्लाइट्स की
- 10:20:05टाइमिंग चेंज कर दी। फ्लाइट्स को नेविगेट
- 10:20:08कहीं और करा दिया। टेरर अटैक टेररिज्म
- 10:20:12एक्टिविटीज में इनवॉल्व हैं। तो इस तरीके
- 10:20:15से हैकिंग का यूज करके सर्विज को भी
- 10:20:18डिसरप्ट किया जाता है।
- 10:20:22एक वर्ड यूज़ किया जाता है फिशिंग। इसके
- 10:20:24बारे में तो तीसरी बार बात हो रही है।
- 10:20:26इससे पहले दो बार हो चुकी है। आपको पता ही
- 10:20:28है। आपके पास फेक ईमेल्स आते हैं, मैसेजेस
- 10:20:31आते हैं, फेक वेबसाइट्स होती हैं जिनके
- 10:20:33थ्रू आपसे आपकी इंफॉर्मेशन फिल करवा ली
- 10:20:36जाती है और हैकर आपकी सारी डिटेल ले लेता
- 10:20:38है आपसे।
- 10:20:41फिशिंग के अलावा एक वर्ड यूज़ किया जाता है
- 10:20:43स्पुफिंग। यह स्पुफिंग क्या होता है? इसको
- 10:20:45समझिए। इसके बारे में अभी तक हमने बात
- 10:20:47नहीं करी थी। अटैकर
- 10:20:50इमपर्सोनेट्स अ ट्रस्टेड सोर्स। वो हमेशा
- 10:20:54आपके सामने एक भरोसेमंद शक्ल बनाकर आएगा
- 10:20:58इस पुफिंग में। इट कैन बी एन ईमेल, आईपी,
- 10:21:02वेबसाइट, कॉलर आईडी एक्सट्रा। यह कुछ भी
- 10:21:05हो सकता है।
- 10:21:07एग्जांपल
- 10:21:09अ मान लीजिए कोई जानता है कि आप किसी
- 10:21:14कंट्री का वीजा लगा रहे हैं और वह वीजा
- 10:21:16आपका नहीं लग रहा है तो आपके पास अचानक से
- 10:21:19एक मैसेज आएगा कि आपका वीजा 3 दिन में
- 10:21:22पूरा हो जाएगा। इस लिंक पर क्लिक करें। इस
- 10:21:25वेबसाइट में लॉगिन करके अपनी डिटेल डालें
- 10:21:28और पेमेंट कर दें।
- 10:21:30आपने उस वेबसाइट पर क्लिक किया। आप परेशान
- 10:21:32हो। आपने कहा अरे तीन दिन में हो जा रहा
- 10:21:34है। चलो करते हैं इस पर ही कर लेते हैं।
- 10:21:37आपके सामने बहुत बढ़िया वेबसाइट होगी।
- 10:21:39गवर्नमेंट ऑफ दिस दिस दिस लिखा होगा। आपने
- 10:21:42वीजा के लिए अप्लाई किया। पेमेंट भी कर
- 10:21:44दी। पेमेंट पहुंच भी गई जहां पहुंचनी थी।
- 10:21:46आपका वीजा कभी नहीं आ रहा है। दैट इज
- 10:21:49कॉल्ड स्पुफिंग।
- 10:21:51सिमिलरली यह किसी भी शक्ल में हो सकते
- 10:21:54हैं। ईमेल में हो सकते हैं, आईपी में हो
- 10:21:56सकते हैं। कॉलर आईडी में भी हो सकते हैं।
- 10:22:00हो सकता है आपके पापा के नंबर से आपको
- 10:22:03मैसेज आ गया।
- 10:22:07और आप भागे-भागे कहीं पहुंच गए।
- 10:22:12ठीक है? किसी और के नंबर से आपको कॉल आ
- 10:22:15गया। आप कुछ का कुछ समझ रहे हैं। दैट इज
- 10:22:18कॉल्ड स्पुफिंग।
- 10:22:20यूज टू गेन ट्रस्ट फॉर बायपास सिक्योरिटी।
- 10:22:26हनी ट्रैप्स में इनका यूज किया जाता है।
- 10:22:29एग्जांपल जैसे कि मान लीजिए हनी ट्रैप
- 10:22:34जानते हैं किसको बोलते हैं? जब किसी महिला
- 10:22:37के थ्रू एक पुरुष को अपने जाल में साइबर
- 10:22:40सिक्योरिटी में फंसाया जाता है। दैट इज
- 10:22:42कॉल्ड हनी ट्रैप।
- 10:22:45है उसके पीछे
- 10:22:48एक एजेंसी का व्यक्ति ही लेकिन वह आपसे
- 10:22:51स्पूफिंग कर रहा है। आपको जब भी कॉल आती
- 10:22:55है आपको लगेगा कि वह सामने जो बंदी बैठी
- 10:22:59हुई है वह स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में काम
- 10:23:01करती है। फिर आपसे नजदीकियां बढ़ाएगी। फिर
- 10:23:05आपके बारे में पूछेगी। आपकी सारी डिटेल
- 10:23:07लेगी। फिर आपको जहां बुलाना होगा बुलाएगी।
- 10:23:10आप उसके जाल में फंसते चले जाएंगे। तो हनी
- 10:23:13ट्रैप्स में भी स्पूफिंग का बहुत यूज किया
- 10:23:15जाता है।
- 10:23:17एक वर्ड यूज किया जाता है स्पूफिंग के बाद
- 10:23:20स्नूपिंग। अब ये स्नूपिंग वर्ड क्या होता
- 10:23:22है? स्नूपिंग इज एन अन ऑथराइज्ड एक्ट ऑफ
- 10:23:25सीक्रेटली मॉनिटरिंग और स्पाइंग ऑन डेटा।
- 10:23:29जब आप किसी के डेटा को मॉनिटर कर रहे होते
- 10:23:32हो सीक्रेटली। आप सिर्फ उसे देख रहे हो,
- 10:23:34मॉनिटर कर रहे हो। हर एक चीज उसकी
- 10:23:36एक्टिविटीज क्या है? दैट इज कॉल्ड
- 10:23:39स्नूपिंग। अटैकर लिसंस टू नेटवर्क
- 10:23:42कम्युनिकेशन विदाउट परमिशन। कौन किससे बात
- 10:23:45कर रहा है? आपकी बातें सुनी जा रही हैं।
- 10:23:48यूज्ड टू स्टील्स यूजरनेम्स, पासवर्ड,
- 10:23:51ईमेल एंड सेंसिटिव डेटा। कॉमन इन
- 10:23:54अनसिक्यर्ड नेटवर्क जैसे कि पब्लिक
- 10:23:56वाई-फाई वगैरह इसके बेस्ट एग्जांपल है।
- 10:23:59पब्लिक में अगर आपको फ्री वाई-फाई मिल रहा
- 10:24:01है तो उनका यूज़ करने से बचें। जैसे कि
- 10:24:04रेलवे स्टेशन वगैरह हैकर्स के बहुत सही
- 10:24:07अड्डे होते हैं। मैकd हो गया जहां पर भी
- 10:24:10आपको फ्री वाई-फाई मिल रहा है। अब
- 10:24:12McDonalds में जाते हो बर्गर खाने वहां पर
- 10:24:15भी फ्री वाई-फाई होता है। कभी ना यूज
- 10:24:17करें। पता लगा एक किनारे कोई लैपटॉप लेकर
- 10:24:19बैठा होगा।
- 10:24:21पूरा हैक किए हुए हैं वो वहां का वाई-फाई
- 10:24:24और आप उस वाई-फाई के अंदर जितने भी 100
- 10:24:27लोग बैठे हैं बैठे हैं मैगडी के अंदर वह
- 10:24:29100 लोगों का डाटा वह देख पा रहा है अपने
- 10:24:32लैपटॉप पर। वह 100 लोग जिनसे बात कर रहे
- 10:24:35हैं, चैटिंग कर रहे हैं, कोई अपने
- 10:24:38पासवर्ड्स डाल रहा है, कोई ट्रांजैक्शन कर
- 10:24:40रहा है, वह सबका डाटा देख पा रहा है,
- 10:24:42मॉनिटर कर पा रहा है। जस्ट बिकॉज़ ऑफ
- 10:24:47स्नूपिंग। दैट इज कॉल्ड स्नूपिंग।
- 10:24:49स्नूपिंग का मतलब ऑब्जर्व कर रहा है वो
- 10:24:52डेटा।
- 10:24:54आल्सो नोन एज
- 10:24:57इवस ड्रॉपिंग। इसको एक और नाम से जाना
- 10:24:59जाता है। इवज ड्रॉपिंग भी बोलते हैं। अ
- 10:25:01टाइप ऑफ पैसिव अटैक है। डाटा इज ऑब्जर्व्ड
- 10:25:04नॉट मॉडिफाई।
- 10:25:07यहां पर सिर्फ वो ऑब्जर्व करता है।
- 10:25:09मॉडिफाई नहीं करेगा आपका डेटा। आपके डेटा
- 10:25:11को टच नहीं करेगा किसी तरीके से। सिर्फ
- 10:25:14ऑब्जर्व करेगा।
- 10:25:17एक और वर्ड यूज़ किया जाता है स्मिशिंग। ये
- 10:25:19जो स्मिंग वर्ड है ना इसमें एसएम आया है
- 10:25:22कहां से? एसएमएस से।
- 10:25:26एसएमएस से। जब आप किसी को ट्रैप करते हो
- 10:25:29एसएमएस के थ्रू या टेक्स्ट मैसेज मैसेजेस
- 10:25:32के थ्रू दैट इज कॉल्ड स्मिशिंग।
- 10:25:35एग्जांपल आपने बैंक बनके मैसेज किया
- 10:25:39और सामने वाले को आप बोल रहे हो इस लिंक
- 10:25:41पर जाकर आप अपनी केवाईसी अपलोड कर दीजिए।
- 10:25:44सामने वाले ने कर दी। उसका आधार कार्ड
- 10:25:47हैकर के पास आ गया। उसने अपना पैन कार्ड
- 10:25:50अपलोड किया तो हैकर के पास पैन कार्ड की
- 10:25:52डिटेल आ गई। दिस इज कॉल्ड स्मिशिंग। जब भी
- 10:25:56एसएमएस का यूज होगा स्मिशिंग कहलाती है
- 10:25:58वह।
- 10:26:00सिमिलरली एक वर्ड यूज किया जाता है
- 10:26:03विशिंग। यहां पर वीआई कहां से आया है?
- 10:26:06वीआई का मतलब वॉइस है।
- 10:26:09जब आप वॉइस कॉल के थ्रू किसी को ट्रैप
- 10:26:12करते हो। दैट इज कॉल्ड अ विशिंग।
- 10:26:16बैंक से कस्टमर केयर से कॉल आता है। मैं
- 10:26:20बैंक से बोल रहा हूं। मैम
- 10:26:22आपका पासवर्ड आपको आपका पासवर्ड बहुत ही
- 10:26:25इजी है। मैं लाइन पर हूं। अपना पासवर्ड
- 10:26:29चेंज करिए प्लीज। आपसे ही फोन पे ही आपको
- 10:26:32निर्देश दे रहा है। आप उसके झांसे में आ
- 10:26:34गए हो। आप करते जा रहे हो। कभी भी ऐसा ना
- 10:26:36करें। बैंक कभी भी आपको कॉल करके ऐसी
- 10:26:38इंफॉर्मेशन नहीं देते हैं। पता लगा पुलिस
- 10:26:42बन के कॉल कर दिया किसी ने।
- 10:26:45यह यह तुम्हारे खिलाफ केस हो गया है। अगर
- 10:26:48अभी भी वक्त है तुरंत के तुरंत अगर जमानत
- 10:26:51चाहते हो तो इस नंबर पर पैसा डाल दो। मैं
- 10:26:53पूरा केस रफादफा कर दूंगा। अब जल्दी से
- 10:26:55आदमी डर गया। अगर अभी रफादफा नहीं करोगे
- 10:26:59तो कोर्ट में चला जाएगा केस। उसके बाद खुद
- 10:27:01समझना। आदमी के हाथ पैर फूल गए। तुरंत
- 10:27:04पेमेंट कर दी। दैट इज कॉल्ड विशिंग।
- 10:27:08ठीक है? जब वॉइस कॉल्स का यूज करके ट्रैप
- 10:27:11किया जाता है।
- 10:27:13नाउ कम्स टू टाइप ऑफ हैकर। अभी मैंने आपको
- 10:27:16बताया था हैक का मतलब होता है अन ऑथराइज
- 10:27:18एक्सेस। हैकर कोई भी हो जितने भी हैकर हैं
- 10:27:22सब अन ऑथराइज एक्सेस ही करते हैं। आप खुद
- 10:27:25बताइए अगर आप डेटा को एक्सेस करने के लिए
- 10:27:27ऑथराइज हो तो फिर आप हैकर किस बात के हुए?
- 10:27:32फिर तो आपके पास पासवर्ड है तो आप हैकर
- 10:27:34किस बात के? सीधे पासवर्ड डालो। डेटा
- 10:27:37एक्सेस कर लो। वो तो आप ऑथराइज्ड हो ना।
- 10:27:40हैकर्स हमेशा अन ऑथराइज होते हैं। लेकिन
- 10:27:44एक हैकर दूसरे हैकर से डिफरेंशिएट कैसे
- 10:27:48करेगा? यह बताएगा उसके पीछे का रीजन।
- 10:27:52ठीक है? कि क्या रीजन है उसके पीछे? तो
- 10:27:55पहला टाइप होता है वाइट हैट हैकर। इनको
- 10:27:58क्या बोलते हैं? वाइट हट हैकर। इन्हीं को
- 10:28:01एथिकल हैकर भी कहा जाता है।
- 10:28:04यह भी अनअथराइज एक्सेस करते हैं। लेकिन
- 10:28:07इनके एक्सेस करने के पीछे का मोटो गुड
- 10:28:09होता है। यह अच्छे इंसान होते हैं। किसी
- 10:28:13ऑर्गेनाइजेशन, गवर्नमेंट ऑर्गेनाइजेशन,
- 10:28:16किसी कॉर्पोरेट सेक्टर इंस्टीट्यूशन के
- 10:28:18थ्रू हायर्ड पर्सन होते हैं। यह
- 10:28:22यह किसी ऑर्गेनाइजेशन के लिए हैक करते
- 10:28:25हैं। किसी गवर्नमेंट के लिए हैक करते हैं।
- 10:28:27और हैक करके जो डाटा होता है यह उनको पास
- 10:28:30कर देते हैं। वेलफेयर के लिए हैक करते
- 10:28:33हैं।
- 10:28:36आज की डेट में जितनी भी आईटी कंपनीज़ हैं
- 10:28:38सबके पास अपने खुद के वाइट हेड हैकर होते
- 10:28:40हैं। व्हेन आई वाज़ इन टीसीएस
- 10:28:44मैं भी वीएपीटी एक्सपर्ट ही था। जिनको
- 10:28:47वाइट हेड हैकर बोलते हैं।
- 10:28:49ठीक है? तो इनके पीछे की जो इंटेंशन होती
- 10:28:52है वह गुड होती है। तभी इनको वाइट हैड
- 10:28:54हैकर बोला जाता है और इन्हीं को एथिकल
- 10:28:56हैकर बोला जाता है। सुरक्षा की कमजोरियों
- 10:28:59को फाइंड आउट करते हैं और उसके बाद उनको
- 10:29:01ठीक करते हैं। मैंने आपको बताया था ना एक
- 10:29:03वर्ड यूज़ किया जाता है जिस पर मैं काम
- 10:29:06करता था। मैं क्या कहलाता था? वीएपीटी
- 10:29:08एक्सपर्ट मैं कहलाता था। यहां पर वीएपीटी
- 10:29:12का मतलब क्या है? वनरेबिलिटी असेसमेंट
- 10:29:14पेनिट्रेशन टेस्टिंग। वनरेबिलिटी असेसमेंट
- 10:29:18का मतलब यह है कि सर्वर में क्या लूप होल
- 10:29:20है उसे फाइंड आउट करना और पेनिट्रेशन
- 10:29:23टेस्टिंग का मतलब है फिर उसको पैच करना।
- 10:29:26मतलब यह जो घर की इमारत है इसमें हम फाइंड
- 10:29:29आउट करते हैं कि कहां से चोर एंटर कर सकता
- 10:29:32है और उसके बाद उस एंट्री पॉइंट को बंद कर
- 10:29:35देते हैं। उस पर दीवार लगा देते हैं।
- 10:29:40वाइट हैट हैकर्स के अलावा दूसरी कैटेगरी
- 10:29:42होती है ब्लैक ब्लैक हैट हैकर्स की। दे आर
- 10:29:45बैड पीपल एक्चुअली
- 10:29:49इनकी जो अन ऑथराइज एक्सेसिंग होती है इसके
- 10:29:52पीछे बहुत सारे वेरियस रीजंस हो सकते हैं।
- 10:29:56जैसे कि आपका पैसा चुरा लेंगे। आपके
- 10:29:59अकाउंट को हैक कर लेंगे। केवल इतना ही
- 10:30:02नहीं।
- 10:30:04फ्लाइट्स को हाईजैक कर लेते हैं। ट्रेंस
- 10:30:07के सर्वर को हाईजैक कर लेते हैं। टेररिज्म
- 10:30:10एक्टिविटीज में इनवॉल्व हो सकते हैं।
- 10:30:13बड़े-बड़े कंट्रीज में टेरर अटैक बॉम्बिंग
- 10:30:15बॉम्बिंग के लिए रिस्पांसिबल हो सकते हैं।
- 10:30:18किसी कंट्री की किसी मिनिस्ट्री के सर्वर
- 10:30:21को हैक कर लेते हैं। दे आर ब्लैक हट
- 10:30:25हैकर्स। दे डू इट फॉर मनी।
- 10:30:30सिर्फ पैसे के लिए वह करते हैं।
- 10:30:34जितने भी गलत काम हैं, वह सब ब्लैक हैट
- 10:30:37हैकर्स ही कर रहे हैं। स्टील्स डाटा,
- 10:30:40डैमेजेस सिस्टम मोटिवेटेड बाय मनी और
- 10:30:43हार्म। या तो नुकसान पहुंचाने की मंशा
- 10:30:46होती है और या तो पैसे की मंशा होती है।
- 10:30:49दो कारण होते हैं इसके पीछे।
- 10:30:52ब्लैक हट के बाद जो तीसरा टाइप होता है,
- 10:30:55यह होता है ग्रे हैट हैकर। ब्लैक और बीच
- 10:30:59का। ब्लैक और वाइट के बीच का ग्रे हैट
- 10:31:01हैकर।
- 10:31:03यह दरअसल ऐसे हैकर हैं
- 10:31:06जो कि
- 10:31:09वाइट हैट की कैटेगरी में जाना चाहते हैं।
- 10:31:13लेकिन वाइट हट हैकर होते नहीं है। ये वाइट
- 10:31:16हैट की कैटेगरी में जाना चाहते हैं।
- 10:31:19यह हैकिंग डाटा चुराने के लिए या किसी को
- 10:31:21हार्म करने के लिए नहीं करते हैं।
- 10:31:24यह अपनी औकात दिखाने के लिए हैक करते हैं।
- 10:31:27यह दिखाते हैं कि मेरा कद कितना है। मुझ
- 10:31:29में पोटेंशियल कितना है। यह चाहते हैं
- 10:31:33कि दुनिया की नजर इन पर पड़े। कोई बड़ी
- 10:31:36ऑर्गेनाइजेशन इनको हायर करें ताकि यह वाइट
- 10:31:40हट हैकर की कैटेगरी में आए। गलत नहीं
- 10:31:42करेंगे।
- 10:31:44टेररिज्म एक्टिविटीज में नहीं आएंगे लेकिन
- 10:31:47हैक करके डाटा को पब्लिश कर देंगे।
- 10:31:51और ऐसा करेंगे कि लाइक जहां पर काफी मतलब
- 10:31:57न्यूज़ बन जाए बहुत बड़ी। एक बार अमेरिका
- 10:32:00में एक डेटिंग वेबसाइट का सर्वर हैक हुआ
- 10:32:03था। वह ग्रे हट हैकर ही था। उसने डेटिंग
- 10:32:06वेबसाइट का सर्वर हैक करके वो डेट्स सबकी
- 10:32:11गलत कर दी और सबको एक बड़े सेंट्रल पार्क
- 10:32:14में बुलाया। उस दिन वहां पर 1100 से
- 10:32:17ज्यादा लोग अपनी डेटिंग के लिए पहुंचे थे।
- 10:32:20और उसके बाद उसने रिवील किया था कि योर
- 10:32:23सर्वर हैज़ बीन हैक्ड।
- 10:32:26तो इस तरीके के होते हैं ग्रे हैट हैकर्स
- 10:32:30अन ऑथराइज एक्सेस करते हैं लेकिन नुकसान
- 10:32:32पहुंचाने के लिए नहीं बाद में सुरक्षा
- 10:32:35कमजोरियों को डायवर्ज भी कर देते हैं बाद
- 10:32:38में बता भी देते हैं कि आपके सर्वर में
- 10:32:40यहां यहां पे ये दिक्कत है।
- 10:32:42दुनिया में कई ऐसे यूरोप में एग्जांपल हो
- 10:32:45चुके हैं जहां पर जो ग्रे हट हैकर हैं
- 10:32:48उन्होंने जब किसी के सर्वर में फ्लॉ ढूंढे
- 10:32:50हैं तो उन्हीं कंपनीज़ ने उन्हें हायर कर
- 10:32:52लिया है और वो वाइट हट हैकर में कन्वर्ट
- 10:32:54हो गए हैं। बट हमेशा ऐसा नहीं होता है। कई
- 10:33:00बार बहुत सारी ऐसी ऑर्गेनाइजेशंस होती हैं
- 10:33:02जो उनके ऊपर केस कर देती हैं और हवालात
- 10:33:05में भी जाना पड़ता है। बहुत सारी ऐसी भी
- 10:33:07कहानियां हैं ग्रेहेट हैकर्स की जो आज भी
- 10:33:10जेलों में सड़ रहे हैं। इसी वजह से कि
- 10:33:12कंपनीज़ ने उन्हें हायर नहीं किया। कंपनीज़
- 10:33:14उनसे इंप्रेस नहीं हुई बल्कि नाराज हो गई
- 10:33:17कि आपने हमारा सर्वर कैसे हैक कर लिया
- 10:33:22और उल्टा उनके ऊपर केस कर दिया। कई कंपनीज़
- 10:33:25ग्रे हैट हैकर्स का फिर यूज़ भी करती हैं।
- 10:33:27पहले उनके ऊपर केस करती हैं। उनको सजा हो
- 10:33:31जाती है 10-15 साल की। उसके बाद उन्हें कम
- 10:33:34पैसे में नेगोशिएट करते हैं। उनको बोलते
- 10:33:37हैं कि हम आपकी बेल कराएंगे। लेकिन आपको
- 10:33:40हमसे 10 साल का, 20 साल का कांटेक्ट करना
- 10:33:42होगा। आप हमारी ऑर्गेनाइजेशन के अलावा
- 10:33:45कहीं नहीं जाओगे और इतने पैकेज पर रहोगे।
- 10:33:49कॉम्प्रोमाइज करना पड़ता है उन्हें। तो
- 10:33:51ऐसे बहुत सारे एग्जांपल हैं तरह-तरह के
- 10:33:54ग्रे हट हैकर्स के। चौथा एक कैटेगरी होता
- 10:33:58है। इसको बोलते हैं स्क्रिप्ट किडीज। दे
- 10:34:01आर वो बी हैकर्स। नाम से ही समझ आ रहा है।
- 10:34:03स्क्रिप्ट किडीज। बच्चे हैं। हैकिंग की
- 10:34:06लाइन में बच्चे हैं। यह वो होते हैं जो
- 10:34:09थोड़ा थोड़ा कुछ सीख लेते हैं और शोषबाजी
- 10:34:12उसके बाद करते हैं। जैसे कि जब मैं हैकिंग
- 10:34:15की के सेमिनार्स लेता था। जब मैं वर्कशॉप
- 10:34:18देता था हैकिंग की तो मेरी हर एक वर्कशॉप
- 10:34:21में बहुत सारे ऐसे स्टूडेंट होते थे।
- 10:34:23स्पेशली लड़के ही होते थे। लड़कियां नहीं
- 10:34:25होती थी ऐसी जिनको स्क्रिप्ट किडीज होना
- 10:34:28होता था। जो मुझे देख के ऐसा फील करते थे
- 10:34:31और वो भी हैकर बनना चाहते थे। वनाबी
- 10:34:34हैकर्स की खास बात मतलब स्क्रिप्ट किडीज
- 10:34:36की खास बात यह होती है इनको रेडीमेड टूल्स
- 10:34:39चाहिए। खुद के तो यह टूल बना नहीं पाएंगे
- 10:34:42कभी लेकिन इन्हें रेडीमेड टूल्स चाहिए बस
- 10:34:44कि सर मुझे वो वाला टूल दे दो जिससे मैं
- 10:34:48Facebook हैक कर दूं। पता लगा कोई आता था।
- 10:34:51मैक्सिमम तो मेरे पास यही बोल के आते थे।
- 10:34:54सर थोड़ी आपसे बात करनी है। मैं बोलता था
- 10:34:56हां। बोलते सर थोड़ा प्लीज किनारे
- 10:35:00प्राइवेसी में बात करनी है। इतना बोल दे
- 10:35:02लड़का मतलब मैं समझ जाता था क्या बोलने
- 10:35:04वाला है। अगला स्टेटमेंट उसका होता था सर
- 10:35:06गर्लफ्रेंड है उसका Facebook हैक करना है।
- 10:35:11मैक्सिमम का यही होता था। दे आर स्क्रिप्ट
- 10:35:14किडीज। केवल टूल्स के भरोसे होते हैं।
- 10:35:18थोड़ी बहुत इस तरीके की हरकतें करके अपने
- 10:35:20दोस्तों के बीच में वनाब बी हैकर बनते
- 10:35:23हैं। अपने दोस्तों के बीच में एटीट्यूड शो
- 10:35:25करते हैं। यही इनका काम होता है।
- 10:35:28इनएक्सपीरियंस्ड होते हैं। यू यूज रेडीमेड
- 10:35:32टूल्स। कभी किसी वेबसाइट से महंगे-महंगे
- 10:35:36बने हुए टूल्स खरीद लेंगे। उन्हीं का यूज
- 10:35:37करेंगे। खुद का इनका बहुत लिमिटेड होता है
- 10:35:40ज्ञान।
- 10:35:42टेक्निकल नॉलेज ना के बराबर होती है।
- 10:35:45इन्हें
- 10:35:46प्रॉपर्ली आप इन्हें हैकर बोल ही नहीं
- 10:35:49सकते।
- 10:35:50अगला एक वर्ड यूज़ किया जाता हैकर्स के
- 10:35:53लिए। इनको बोलते हैं एक्टिविस्ट। जैसे
- 10:35:56एक्टिविस्ट होते हैं ना हमारे समाज में जो
- 10:35:58कि लोगों के वेलफेयर के लिए काम करते हैं।
- 10:36:00पता लगा कोई स्ट्रीट डॉग्स के लिए काम कर
- 10:36:02रहा है। कोई गरीबों को कंबल बांटने का काम
- 10:36:05कर रहा है। कोई रक्तदान के कैंपेन लगा रहा
- 10:36:09है। तो हमारे समाज में एक्टिविस्ट है ना
- 10:36:11वो सब। उसी तरीके से साइबर सिक्योरिटी के
- 10:36:14फील्ड में है एक्टिविस्ट होते हैं।
- 10:36:16एक्टिविस्ट उनको नाम दिया जाता है जो कि
- 10:36:19पैसे के लिए नहीं बल्कि पॉलिटिकल और सोशल
- 10:36:22कॉजेस के लिए हैक करते हैं। एग्जांपल
- 10:36:26कोई एक हैकर है। मान लो वह इमोशनल
- 10:36:29सेंटीमेंट में आ गया और उसने कहा मैं इस
- 10:36:33पार्टी का जो डाटा है इस पार्टी को तो मैं
- 10:36:36बर्बाद करके ही चैन लूंगा। इस पार्टी का
- 10:36:39डाटा है यह पब्लिक के सामने लेकर आऊंगा।
- 10:36:41इसने इतना करप्शन किया हुआ है।
- 10:36:44तो उस केस में वह क्या कहलाएगा? वह
- 10:36:46एक्टिविस्ट कहलाएगा। उसको पैसे से मतलब
- 10:36:48नहीं है। वह दुनिया के सामने वह डाटा लाना
- 10:36:50चाहता है। ठीक है?
- 10:36:55एक वर्ड यूज किया जाता है इंसाइडर हैकर।
- 10:36:58वैसे नाम इनको हैकर दे दिया जाता है लेकिन
- 10:37:00यह एक्चुअल हैकर है नहीं। इंसाइडर हैकर।
- 10:37:04इंसाइडर नाम किस लिए लगा हुआ है? यह जनरली
- 10:37:08एंप्लाइजज़ या एक्स एंप्लई होते हैं। सपोज़
- 10:37:10मान लीजिए कि
- 10:37:14आपकी नौकरी बैंक में लगी है। ठीक है?
- 10:37:17बैंक में लगी है आपकी नौकरी।
- 10:37:20ओके। अब बैंक में क्या है कि एक दिन आप
- 10:37:25कुछ ऐसा काम करते पकड़े गए
- 10:37:29कि बैंक ने फैसला लिया कि आपकी सर्विस
- 10:37:31टर्मिनेट कर देंगे।
- 10:37:34ठीक है? बैंक ने क्या कहा? आपकी सर्विस
- 10:37:37टर्मिनेट हो जाएगी। आज सुबह-सुबह आप पकड़
- 10:37:39लिए गए 11:00 बजे ब्रांच में।
- 10:37:42ऊपर तक बात चली गई। जनरल मैनेजर आ गया।
- 10:37:45फैसला हुआ बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग
- 10:37:48में कि इस एंप्लई को टर्मिनेट किया जाए कल
- 10:37:51से। अभी 2 घंटे आपके पास हैं शाम को 2 से
- 10:37:554 के अभी आप बैठे हुए हो। किसी को इतना
- 10:37:59नहीं ध्यान रहा कि तुरंत आपके एंप्लई आईडी
- 10:38:01और पासवर्ड चेंज किया जाए। अभी भी आपका
- 10:38:03एंप्लई आईडी पासवर्ड वही है। आपने उसका
- 10:38:05यूज करके बैंक को परेशान करने के लिए
- 10:38:08करोड़ों रुपए कुछ अकाउंट से दूसरे
- 10:38:10अकाउंट्स में डाल दिए।
- 10:38:14दे आर नोन एज इनाइडर हैकर्स।
- 10:38:17या इसमें वह लोग भी आ जाते हैं जैसे मान
- 10:38:20लीजिए आप किसी आईटी कंपनी में काम करते
- 10:38:22हो।
- 10:38:24ठीक है? आप किसी आईटी कंपनी में काम करते
- 10:38:27हो। उस कंपनी का डेटाबेस आप एक्सेस करते
- 10:38:29हो।
- 10:38:30डाटा कितना कीमती है यह आपको पता ही है।
- 10:38:33पता लगा किसी दूसरी आईटी कंपनी का
- 10:38:37कोई मैनेजिंग डायरेक्टर है। वह आपसे बाहर
- 10:38:40मिलता है और उसने आपसे डील कर ली। उसने
- 10:38:44बोला कि आप मुझे हर एक प्रोजेक्ट की
- 10:38:48इंफॉर्मेशन शेयर करोगे। उसके साथ
- 10:38:51डिजाइनिंग इंफॉर्मेशन शेयर करोगे। डेडलाइन
- 10:38:53भी शेयर करोगे। बडिंग की कॉस्ट होगी वह भी
- 10:38:55शेयर करोगे। पर प्रोजेक्ट पर उसने कहा वह
- 10:38:58आपको ₹1 लाख देगा। आप बिक गए। आपने अपना
- 10:39:01ईमान बेच दिया। अब आप अपनी कंपनी में डेली
- 10:39:04जाते हो एम एंप्लई बनके और धीमे-धीमे करके
- 10:39:07इंफॉर्मेशन लाकर इसको देते रहते हो। दैट
- 10:39:11मींस यू आर इंसाइडर हैकर।
- 10:39:14ठीक है?
- 10:39:18तो यह थे टाइप्स ऑफ हैकर, टाइप्स ऑफ
- 10:39:21मैलवेयर, टाइप्स ऑफ साइबर सिक्योरिटी जो
- 10:39:24कि यह सारी चीजें आपने अभी तक कवर कर ली
- 10:39:26हैं। कम्युनिकेशन मैं आपको कल की क्लास
- 10:39:30में ही पढ़ा चुका हूं। नेटवर्क में मैंने
- 10:39:32आपको ट्रांसमिशन मोड पढ़ाए थे। आपको याद
- 10:39:35होगा कम्युनिकेशन में सिंप्लेक्स मैं आपको
- 10:39:38पढ़ा चुका हूं। बहुत अच्छे से एग्जांपल दे
- 10:39:41चुका हूं इसका। इसके अलावा हाफ डुप्लेक्स
- 10:39:43भी मैं आपको पढ़ा चुका हूं। और इसके अलावा
- 10:39:46पुल डुप्लेक्स भी मैं आपको पढ़ा चुका हूं।
- 10:39:48ठीक है? तो, यह आपका चैप्टर था साइबर
- 10:39:51सिक्योरिटी एंड मैलवेयर।
- 10:39:54कल की क्लास में हम लोग एमएस ऑफिस कवर
- 10:39:58करेंगे। ठीक है? अगली क्लास में चलिए थैंक
- 10:40:01यू एवरीवन। बाय। टेक केयर। हैव ए नाइस डे।
- 10:40:03आपका दिन मंगलमय हो। जय हिंद जय भारत।
- 10:40:06हेलो एवरीवन। नमस्कार आप सभी को। वेरी गुड
- 10:40:08आफ्टरनून टू ऑल। उम्मीद करता हूं अच्छे
- 10:40:11होंगे। तैयारी आपकी अच्छी चल रही होगी।
- 10:40:14स्पेशली हमारे जो मेंस वाले स्टूडेंट हैं
- 10:40:17इस टाइम पर आप ध्यान रखिए आपकी मेहनत का
- 10:40:21जितना भी फलसफा मिलना है वो सब कुछ आपको
- 10:40:24मेंस में ही मिलना है। आपने जो पिछले एक
- 10:40:27से डेढ़ साल में तैयारी करी है उसमें भी
- 10:40:30प्री क्लियर करने के बाद जो पिछले 4 महीने
- 10:40:33से आप मेरे साथ मेहनत कर रहे हो उस पर
- 10:40:35आपको भरोसा रखना है। अपने हर एक सेकंड की
- 10:40:38मेहनत पर भरोसा रखना है। सबसे ज्यादा कोई
- 10:40:42कुछ भी कह रहा है एग्जाम ऐसा आएगा वैसा
- 10:40:45आएगा मॉक टेस्ट इस टाइम पर कुछ भी बता रहे
- 10:40:48हो आपको आपकी कंडीशन लेकिन आपको अपने ऊपर
- 10:40:51भरोसा रखना होगा आपने अगर दिल से मेहनत
- 10:40:55करी है आपने जी जान लगाया हुआ है पिछले एक
- 10:40:57साल में तो अब वो टाइम आ गया है कि अब आप
- 10:41:01उसको परफॉर्म करें इस टाइम पर अगर आपके
- 10:41:05हाथ कांप गए इस टाइम पर अगर आपका माइंडसेट
- 10:41:07लूज हुआ तो सारी चीजें खराब हो जाएंगी। सब
- 10:41:10मेहनत बर्बाद चली जाएगी। हर साल की
- 10:41:15हजारों ऐसी कहानियां हैं
- 10:41:18जो कि मेंस तक आकर अपना दम तोड़ देती हैं।
- 10:41:22हर साल की कहानियां है ऐसी। अब यह आप पर
- 10:41:25डिपेंड करता है कि आपको केवल वह कहानी
- 10:41:27बनकर रह जाना है या फिर उसके आगे निकल के
- 10:41:30नौकरी लेनी है।
- 10:41:331300 कैंडिडेट क्वालीफाई हुए हैं।
- 10:41:37इनमें से 13,000 को नौकरी मिलेगी। एक
- 10:41:40वैकेंसी के ऊपर 10 लोगों को बुलाया गया
- 10:41:42है। जो कंपटीशन था बहुत बड़ा वह निकल चुका
- 10:41:46है।
- 10:41:47अब यह कंपटीशन केवल आपका इन 10 लोगों से
- 10:41:50है। हर एक सीट पर उन 10 में से एक आपको
- 10:41:54बनना है।
- 10:41:57तो जीजान लगा दो एकदम। 48 घंटे केवल बचे
- 10:42:00हुए हैं। उसके बाद सब ठहर जाएगा। यह पेपर
- 10:42:04आपका अच्छा हो गया। जीवन आपका बन जाएगा।
- 10:42:07इन लास्ट मोमेंट पर मैक्सिमम रिवीजन करिए।
- 10:42:10नया कंटेंट कुछ भी पढ़ने से बचिए।
- 10:42:14स्टार्ट करते हैं। कल की क्लास में हम
- 10:42:16लोगों ने
- 10:42:18साइबर सिक्योरिटी और मैलवेयर पढ़ा था। आज
- 10:42:21की क्लास में जो हमारा टॉपिक है,
- 10:42:24प्राची वर्मा का कहना है, सर, हिस्ट्री के
- 10:42:26इंपॉर्टेंट टॉपिक्स बता दीजिए। चलिए
- 10:42:29क्योंकि मेंस है, मैं बता देता हूं इस
- 10:42:31टाइम पर।
- 10:42:34हिस्ट्री में कुछ चीजें आपको बिल्कुल भी
- 10:42:36नहीं छोड़नी है।
- 10:42:38उनमें से कुछ टॉपिक मैं लिख रहा हूं। इनका
- 10:42:41रिवीजन जरूर करके जाना।
- 10:42:49हिस्ट्री के इंपॉर्टेंट टॉपिक्स।
- 10:42:53एक तो नंबर वन पे रखिएगा
- 10:42:56मॉडर्न हिस्ट्री को।
- 10:43:01मॉडर्न हिस्ट्री में भी गवर्नर जनरल जरूर
- 10:43:05देख लेना।
- 10:43:08उसी में वायसराय आ जाता है।
- 10:43:12महात्मा गांधी के सारे इवेंट्स देख लेना।
- 10:43:15जैसे कि
- 10:43:171917 चंपारण 1918 खेड़ा आंदोलन 1920
- 10:43:25नॉन कोऑपरेशन 1930 सविनय अवज्ञा आंदोलन
- 10:43:301942
- 10:43:31क्विट इंडिया मूवमेंट यह जरूर देख
- 10:43:33लीजिएगा।
- 10:43:35इसके अलावा
- 10:43:371857 रिवोल्ट के लीडर्स देख लेना। बहुत
- 10:43:41पूछा जाता है। कांग्रेस के सेशन देख लेना।
- 10:43:45पढ़ाया हुआ है आपको।
- 10:43:48कांग्रेस के सारे सेशन एक बार देख लेना।
- 10:43:51लाइक ऐसे क्वेश्चन पूछता है। त्रिपुरी
- 10:43:53अधिवेशन कहां कौन से ईयर में हुआ था?
- 10:43:56लाहौर वाला सेशन कांग्रेस का कौन से ईयर
- 10:43:58में हुआ था? पूर्ण स्वराज की डिमांड कब
- 10:44:01करी गई थी? कौन कांग्रेस का कौन सा सेशन
- 10:44:04है जिसकी अध्यक्षता दादा भाई नौरोजी ने
- 10:44:07करी थी? कौन सा अधिवेशन है जिसमें
- 10:44:10कांग्रेस के पहले मुस्लिम प्रेसिडेंट बने
- 10:44:12थे? इस तरीके से पूछता है तो सारे सेशन
- 10:44:15देख लीजिएगा। मॉडर्न हिस्ट्री के बाद
- 10:44:21मिडवल में पूरा गो थ्रू कर लेना। एक बार
- 10:44:23में दिल्ली सल्तनत देख लेना और मुगल
- 10:44:27अंपायर देख लेना। वो ऊपर ऊपर से गो थ्रू
- 10:44:30कर लेना। आपके पास ज्यादा समय तो बचा ही
- 10:44:32नहीं है। अभी तीसरे नंबर पे एंशिएंट है जो
- 10:44:37एंशिएंट में मोस्टेंट इंडस वैली
- 10:44:40सिविलाइजेशन की सारी साइट देख लेना। कौन
- 10:44:42से ईयर में उनकी खुदाई हुई? किसके द्वारा
- 10:44:45उसकी खुदाई कराई गई। एस्कवेटर कौन-कौन है?
- 10:44:47क्या-क्या कहां-कहां पर मिला हुआ है?
- 10:44:49आईबीसी के अलावा
- 10:44:52महाजनपद देख लेना।
- 10:44:56कौन से महाजनपद की कैपिटल कहां कहां है?
- 10:44:58इतना जरूर इंपॉर्टेंट देख लीजिएगा। ठीक
- 10:45:01है? लास्ट मोमेंट पर आप इससे ज्यादा कर भी
- 10:45:03नहीं पाएंगे इंपॉर्टेंट।
- 10:45:09ठीक है? चलिए स्टार्ट करते हैं। आज का
- 10:45:12हमारा जो चैप्टर है दैट इज़ MS Office। MS
- 10:45:15Office है क्या? दरअसल? MS Office इज़ अ
- 10:45:18सूट टू एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर डेवलप्ड बाय
- 10:45:21Microsoft। पहली बात तो यह कि यहां पर MS
- 10:45:23का मतलब है Microsoft से। Microsoft एक
- 10:45:26कंपनी है जिसकी स्थापना 1975 में करी गई
- 10:45:29थी बिल गेट्स के द्वारा और इनके दोस्त थे
- 10:45:31पॉल एलन। इन दोनों ने एक साथ मिलकर एक
- 10:45:34कंपनी बनाई। यह एक टेक्नोलॉजी कंपनी थी या
- 10:45:38आप बोल सकते हो सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट कंपनी
- 10:45:40थी। इन्होंने अपना खुद का सॉफ्टवेयर बनाया
- 10:45:42और यह पूरा सॉफ्टवेयर पैकेज क्या कहलाया?
- 10:45:44MS Office। दरअसल Microsoft का यह जो ऑफिस
- 10:45:48पैकेज है यह एक तरीके की आपकी क्रिकेट किट
- 10:45:52समझिए। जैसे कि विराट कोहली की जो किट है,
- 10:45:56इस किट के अंदर
- 10:45:59ग्लव्स भी होते हैं। इस किट के अंदर पैड
- 10:46:02भी आपको मिलेंगे।
- 10:46:04इस किट के अंदर हेलमेट भी आपको मिलेगा। इस
- 10:46:08किट के अंदर आपको कैप भी मिलेगी। इस किट
- 10:46:11के अंदर आपको बैट भी मिलेगा।
- 10:46:14इस किट के अंदर आपको एडी मिलेगा। इस किट
- 10:46:17के अंदर नीगार्ड मिलेगा। इस किट के अंदर
- 10:46:20थाई गार्ड मिलेगा। सब कुछ है इस किट के
- 10:46:23अंदर।
- 10:46:25उसी तरीके से बिल गेट्स ने यह फैसला लिया
- 10:46:29कि हम एक सॉफ्टवेयर नहीं बल्कि एक
- 10:46:32सॉफ्टवेयर पैकेज बनाएंगे। जो कि एक किट की
- 10:46:36तरह होगा किसी ऑफिस को चलाने के लिए। हम
- 10:46:39लोग जो भी काम ऑफिस में करते हैं, ऑफिस के
- 10:46:42सारे काम इस एक सॉफ्टवेयर पैकेज के अंदर आ
- 10:46:45जाए। इस इंटेंशन के साथ इस पैकेज को बनाया
- 10:46:48गया या आप बोल सकते हो सॉफ्टवेयर की एक
- 10:46:50किट तैयार करी गई।
- 10:46:52और इस किट के अंदर क्या डाला गया? तीन
- 10:46:55एलिमेंट्स डाले गए। पहला माइक्रोसॉफ्ट
- 10:46:58वर्ल्ड,
- 10:47:00दूसरा एक्सेल
- 10:47:04और तीसरा पावर पॉइंट।
- 10:47:08वर्ड लेटर राइटिंग के लिए, डॉक्यूमेंट
- 10:47:11बनाने के लिए, एक्सेल अकाउंट्स के लिए,
- 10:47:15हिसाब किताब रखने के लिए, टेबल बनाने के
- 10:47:18लिए और पीपीटी जो है यह प्रेजेंटेशन के
- 10:47:21लिए मतलब अपनी बात को एनिमेशन फॉर्मेट
- 10:47:24में, पिक्चर के फॉर्मेट में, टेक्स्ट के
- 10:47:26फॉर्मेट में लोगों को समझाने के लिए। जब
- 10:47:29शुरुआत में माइक्रोसॉफ्ट बनकर तैयार हुआ
- 10:47:31था। उस टाइम पर केवल यह तीन ही सॉफ्टवेयर
- 10:47:34उसमें अंदर हुआ करते थे। ये हमें क्या
- 10:47:37देता है? जैसे कि आप डॉक्यूमेंट इस पे
- 10:47:39बनाते हो, डेटा एनालिसिस कर सकते हो,
- 10:47:41प्रेजेंटेशन दे सकते हो, डेटाबेस भी अपने
- 10:47:44बना सकते हो और कम्युनिकेशन पर्पस से भी
- 10:47:47इसका यूज़ होता है। रंस ऑन टॉप ऑफ द
- 10:47:49ऑपरेटिंग सिस्टम अवेलेबल एज डेस्कटॉप, वेब
- 10:47:54सब्सक्रिप्शन हर एक तरीके से Microsoft
- 10:47:56अवेलेबल है। ऑफिस को आप नॉर्मल पर्पस से
- 10:48:01भी चला सकते हो। आप इसको वेबसाइट के ऊपर
- 10:48:03भी चला सकते हो। मतलब इंटरनेट में भी इसके
- 10:48:05टूल्स यूज़ कर सकते हो और साथ में आप इसका
- 10:48:08सब्सक्रिप्शन भी ले सकते हो। जब आप
- 10:48:10सब्सक्रिप्शन लेते हो तो आपको कुछ
- 10:48:11एक्स्ट्रा टूल्स मिल जाते हैं। जनरली जो
- 10:48:14आप Microsoft यूज कर रहे हो वो केवल पेड
- 10:48:17सॉफ्टवेयर है। लेकिन एक उसका भी
- 10:48:20एक्सटेंडेड वर्जन आता है जो कि कॉर्पोरेट
- 10:48:22में कंपनीज़ में यूज किया जाता है। उसको
- 10:48:24Microsoft 365 बोलते हैं। 365
- 10:48:29इस पे एक्स्ट्रा सब्सक्रिप्शन लेना होता
- 10:48:31है। मतलब आप एक्स्ट्रा पे करते हो
- 10:48:32Microsoft को और वो आपको कुछ और ज्यादा
- 10:48:35टूल देता है जो कि कॉर्पोरेट में यूज किए
- 10:48:37जाते हैं। बेटर रिजल्ट्स के लिए MS Office
- 10:48:41की अगर बात करें तो इसका जो शुरुआती वर्ज़न
- 10:48:43था मतलब इसकी एक लंबी चौड़ी जर्नी रही है।
- 10:48:46सबसे पहला इसका वर्जन आया था MS Office
- 10:48:481.0
- 10:48:50अब ये जो वर्जन था
- 10:48:54इसमें केवल वर्ड एक्सेल और पावर पॉइंट थे।
- 10:48:57उसके बाद 2.0 आया। पहले से चीजें बेहतर
- 10:49:00हुई। फिर 3.0 आया। Windows वर्जन इसमें
- 10:49:04यूज़ होने लगा। ऐसे करते-करते जर्नी चलती
- 10:49:07गई और चीजें बेहतर होती चली गई। टूल्स और
- 10:49:11ज्यादा जुड़ते गए धीमे-धीमे करके। आज की
- 10:49:14डेट में जो आपको मेन्यू बार ऊपर दिखाई
- 10:49:15देता है उसमें जो टूल्स आपको दिखाई देते
- 10:49:18हैं वो तब इतने नहीं हुआ करते थे।
- 10:49:20धीमे-धीमे करके एक्सटेंडेड वर्जन आते गए।
- 10:49:22MS Office 95 फिर 97 सन 2000 में फिर 2000
- 10:49:26वर्जन आ गया। उसके बाद XP आ गई। Windows
- 10:49:29XP फिर 2003 वर्जन आया।
- 10:49:34उसके बाद 2007 वर्जन आया। फिर 2010 वर्जन,
- 10:49:382013, 16, 19, 21, 24
- 10:49:43और इन सब में एक Microsoft ने अपना
- 10:49:46प्रीमियम वर्जन रख रखा है जिसको बोलते हैं
- 10:49:48Microsoft 365। साल 2000 में पहली बार यह
- 10:49:51ल्च हुआ था। और यह जो प्रीमियम वर्जन है,
- 10:49:54इसका स्पेशली सब्सक्रिप्शन के बेसिस पर
- 10:49:57यूज किया जाता है। अगर आप एक्स्ट्रा पे
- 10:49:58करने को तैयार हो, तो Microsoft इसमें
- 10:50:01आपको और ज्यादा एक्सटेंडेड टूल देता है।
- 10:50:04लेकिन जनरली आपको इसकी इसका यूज़ नहीं
- 10:50:06पड़ता है। इसका यूज़ ऑफिसिसेस वगैरह में
- 10:50:09पड़ता है।
- 10:50:12नाउ कम्स टू मेन कंपोनेंट्स ऑफ MS ऑफिस।
- 10:50:15जहां से आपके सबसे ज्यादा क्वेश्चन बनते
- 10:50:17हैं।
- 10:50:19मतलब MS Office के अंदर कौन-कौन से
- 10:50:21सॉफ्टवेयर हैं? तो सबसे पहला और
- 10:50:23इंपॉर्टेंट MS Word जिसको हम लोग बोलते
- 10:50:25हैं वर्ल्ड प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर होता है।
- 10:50:27यह किस यूज़ में आता है? आप इसमें अपना
- 10:50:29डॉक्यूमेंट कोई भी बना सकते हो। कोई भी आप
- 10:50:32इसमें लेटर टाइप कर सकते हो। एप्लीकेशन
- 10:50:34टाइप कर सकते हो। और जैसे कि डॉक्यूमेंट
- 10:50:37बनाना। बने हुए डॉक्यूमेंट को एडिट भी कर
- 10:50:40सकते हो। उसके फॉर्मेट को भी आप चेंज कर
- 10:50:42सकते हो। और उस डॉक्यूमेंट को आप प्रिंट
- 10:50:45भी करा सकते हो प्रिंटर की मदद से।
- 10:50:48इट सपोर्ट्स फीचर्स लाइक स्पेलिंग चेकिंग।
- 10:50:52आपको इसमें बहुत सारे एक्सटेंडेड फीचर्स
- 10:50:55मिल जाते हैं। जैसे कि आपने कोई
- 10:50:57डॉक्यूमेंट बनाया। मान लेते हैं 1000 लाइन
- 10:50:59का डॉक्यूमेंट है। आपको उसमें स्पेलिंग
- 10:51:01चेकिंग करनी है। तो आप एक साथ ही स्पेलिंग
- 10:51:04चेक कर सकते हो। कोई स्पेलिंग गलत होगी वो
- 10:51:07ऑटोमेटिक आपको बता देगा। Microsoft की बैक
- 10:51:09एंड पे अपनी डिक्शनरी होती है। एक्स्ट्रा
- 10:51:12फीचर्स में यह भी आता है अगर आप कोई गलत
- 10:51:14स्पेलिंग टाइप भी कर रहे हो तो वह
- 10:51:16ऑटोमेटिकली ही आपको शो कर देगा। उसके नीचे
- 10:51:19अंडरलाइन हो जाएगी रेड कलर की। तो आपको
- 10:51:23पता लग जाएगा कि इस पे स्पेल चेक आप लगा
- 10:51:25सकते हो। यह गलत स्पेलिंग लिखी हुई है।
- 10:51:27अपार्ट फ्रॉम दिस मेल मर्ज का आप यूज़ कर
- 10:51:30सकते हो। टेबल्स का यूज़ कर सकते हो। इमेजज़
- 10:51:32का यूज़ कर सकते हो। इमेजज़ मतलब किसी भी
- 10:51:35डॉक्यूमेंट में आप फोटो लगा सकते हो। टेबल
- 10:51:38मतलब इस तरीके से आप टेबल इंसर्ट कर सकते
- 10:51:40हो किसी भी डॉक्यूमेंट में।
- 10:51:43यहां पर नेम,
- 10:51:45यहां रोल नंबर, यहां एड्रेस। हर एक बच्चे
- 10:51:48का नाम आपने लिख दिया।
- 10:51:52ठीक है? इधर आपने सबके रोल नंबर लिख दिए।
- 10:51:55इधर आपने सबके एड्रेस लिख दिए। ये क्या बन
- 10:51:57गई? टेबल बन गई। इस तरीके से आप टेबल्स भी
- 10:51:59इंसर्ट करा सकते हो। आपके पास ऑप्शन होता
- 10:52:03है कितनी रो होनी चाहिए? अच्छा एक चीज और
- 10:52:05ध्यान रखिएगा।
- 10:52:07अगर आपसे पूछा जाए व्हाट इज टेबल?
- 10:52:10अगर आपसे पूछा जाए व्हाट इज टेबल? टेबल
- 10:52:14क्या है? तो आपका आंसर क्या होगा?
- 10:52:18एक लाइन में आप बोलना कलेक्शन
- 10:52:23ऑफ
- 10:52:25रो
- 10:52:27एंड कॉलम।
- 10:52:30ध्यान देना इस बात पर। मैंने पूछा कि टेबल
- 10:52:33क्या है? तो आपने क्या कहा? कलेक्शन ऑफ रो
- 10:52:35एंड कॉलम इज कॉल्ड टेबल। जब हम कई सारी
- 10:52:38रोज़ और कॉलम्स को मिलाते हैं, तो हमें
- 10:52:41टेबल मिल जाती है। जैसे कि मैंने आपके
- 10:52:44सामने ये टेबल बनाई है।
- 10:52:49जो भी आपको वर्टिकल दिखाई दे रहे हैं, दीज़
- 10:52:52आर कॉलम्स। ये क्या हैं? कॉलम है। तो अभी
- 10:52:56मैंने कितने कॉलम आपके सामने बना दिए? तीन
- 10:52:58कॉलम। 1 2 एंड थ्री।
- 10:53:00कॉलम को जो रिप्रेजेंट करता है उसको बोलते
- 10:53:03हैं फील्ड। जैसे कि पहले में आपने लिखा
- 10:53:08रोल नंबर। दूसरे में आपको चाहिए नेम और
- 10:53:12तीसरे में चाहिए आपको एड्रेस।
- 10:53:15तो ये तीनों क्या हैं? रोल नंबर, नेम और
- 10:53:19एड्रेस। ये तीनों क्या हैं? दीज़ आर नोन एज
- 10:53:22फील्ड्स।
- 10:53:25तो अगर आपसे पूछा जाए इस टेबल में कितने
- 10:53:27कॉलम हैं? तो आप बोलोगे तीन कॉलम हैं। इस
- 10:53:30टेबल में कितने फील्ड हैं? आप बोलोगे तीन
- 10:53:33फील्ड हैं। कौन-कौन सी फील्ड हैं? नेम,
- 10:53:36रोल नंबर, एड्रेस ये तीनों हमारी फील्ड
- 10:53:39हैं। फील्ड हमेशा कॉलम के डेटा को
- 10:53:42रिप्रेजेंट करती हैं।
- 10:53:44अब अगर रोज़ की बात करें, तो वर्टिकली कॉलम
- 10:53:47होते हैं। और रोज़ कैसी होती हैं?
- 10:53:49हॉरिजॉन्टल।
- 10:53:51यूं लाइन में हॉरिजॉन्टल। ठीक है? तो अब
- 10:53:55यहां पर मैं रो बना रहा हूं।
- 10:54:05अब इसमें डाटा फिल कर दो। रोल नंबर 1 2 3
- 10:54:104 5
- 10:54:12राहुल
- 10:54:15मनीष
- 10:54:18श्रुति
- 10:54:21राहुल
- 10:54:25और
- 10:54:27मनोज
- 10:54:30एड्रेस
- 10:54:32दिल्ली
- 10:54:35बोर
- 10:54:38मुंबई
- 10:54:42कानपुर
- 10:54:49भुवनेश्वर
- 10:54:53आपको एक प्रॉपर टेबल मिल गई। इस टेबल में
- 10:54:57कितनी रोज़ हैं? इस टेबल में कितनी रो हैं?
- 10:55:021 2 3 4 5 पांच रो हैं इस टेबल में। इसको
- 10:55:07नहीं ऐड करोगे क्योंकि ये क्या है? ये
- 10:55:10फील्ड है।
- 10:55:12तो अब मैं आपसे कुछ भी पूछूं आप इस टेबल
- 10:55:15के बारे में बता सकते हो। सर सबसे पहले
- 10:55:18व्हाट इज टेबल? कलेक्शन ऑफ रोज़ एंड कॉलम
- 10:55:21इज़ नोन एज टेबल। जब हम रो और कॉलम का
- 10:55:25कलेक्शन लेते हैं तो हमें मिलती है टेबल।
- 10:55:29टेबल में जो कॉलम है वो हमेशा वर्टिकली
- 10:55:34बनते हैं और कॉलम को रिप्रेजेंट क्या करती
- 10:55:36हैं? उनकी फील्ड्स।
- 10:55:40रोज़ हॉरिजॉन्टल होती हैं। रोज़ पर्टिकुलर
- 10:55:43डेटा को रिप्रेजेंट करती हैं।
- 10:55:46क्लियर है? इतनी बात? हमेशा एक अच्छी टेबल
- 10:55:50या अच्छा डेटाबेस वही होता है जिसमें
- 10:55:53मिनिमम एक यूनिक फील्ड हो। यूनिक फील्ड का
- 10:55:58मतलब जैसे कि क्या कई लोगों के नाम एक
- 10:56:02जैसे हो सकते हैं? बिल्कुल हो सकते हैं।
- 10:56:06देखिए राहुल एक व्यक्ति का नाम है। दूसरे
- 10:56:08का भी नाम हो सकता है। क्या कई लोगों के
- 10:56:12एड्रेस सेम हो सकते हैं? बिल्कुल हो सकते
- 10:56:14हैं। कई लोग दिल्ली में रहने वाले होंगे।
- 10:56:16कई लोग मुंबई में रहने वाले होंगे
- 10:56:20या आप कह सकते हो अरे सर एक पर्टिकुलर घर
- 10:56:23तो नहीं हो सकता। हो सकता है। मान लो
- 10:56:25दोनों भाई दोनों भाइयों का ही नाम है।
- 10:56:29दोनों भाई ही हैं। दो लोग एक क्लास में
- 10:56:31दोनों भाई पढ़ते हैं तो दोनों के एड्रेस
- 10:56:33तो सेम हो जाएंगे। दोनों के फादर नेम भी
- 10:56:35सेम हो जाएंगे। लेकिन एक यूनिक फील्ड होनी
- 10:56:38चाहिए। जैसे कि इस टेबल में एक यूनिक
- 10:56:41फील्ड है रोल नंबर।
- 10:56:44यह क्या है? यूनिक फील्ड है। यह डुप्लीकेट
- 10:56:48नहीं हो सकती।
- 10:56:51अगर हमें सिर्फ इतना बोला जाए कि मुझे इस
- 10:56:55टेबल से राहुल का डाटा चाहिए तो राहुल तो
- 10:56:58हमारे पास दो हैं। हमें पता कैसे लगेगा
- 10:57:00किस राहुल का डाटा चाहिए?
- 10:57:04डाटा डुप्लीकेसी हो गई। आपको जो आउटपुट
- 10:57:06चाहिए था वो आपको आउटपुट मिला ही नहीं।
- 10:57:09आपने क्या बोला? आपने कहा आपके बॉस ने कहा
- 10:57:12कि भाई राहुल का डाटा मुझे निकाल के दे।
- 10:57:16अब आप फंस गए। आपने टेबल में क्वेरी चलाई।
- 10:57:21डाटा इज इक्वल टू राहुल। दो डाटा निकल के
- 10:57:23आएंगे। एक तो दिल्ली वाला राहुल निकल के आ
- 10:57:25जाएगा। एक कानपुर वाला राहुल निकल के आ
- 10:57:27जाएगा।
- 10:57:30अब आपका बॉस बोलेगा यार राहुल का डाटा ये
- 10:57:34क्या दे रहा है तू? दो-दो राहुल। तो आप
- 10:57:37क्या बोलोगे? आप बोलोगे सर
- 10:57:41केवल नाम बोलने से बात नहीं बनेगी। नाम तो
- 10:57:44कई लोगों के हो सकते हैं। राहुल आप मुझे
- 10:57:47रोल नंबर बोलो। आप रोल नंबर से सर्च
- 10:57:50करोगे। हमेशा जो यूनिक फील्ड होता है अगर
- 10:57:53आपको बेस्ट डेटा चाहिए। अगर आपको एक्यूरेट
- 10:57:56डेटा चाहिए तो आप सर्चिंग किससे करोगे?
- 10:57:59किसी और फील्ड से नहीं करोगे। आप सर्चिंग
- 10:58:01हमेशा किससे करोगे? यूनिक फील्ड से करोगे।
- 10:58:05और इसी यूनिक फील्ड को क्या बोला जाता है?
- 10:58:10टेबल की प्राइमरी की बोला जाता है। क्या
- 10:58:12बोला जाता है? प्राइमरी की।
- 10:58:16इतनी बात सभी को क्लियर है। टेबल समझ में
- 10:58:19आया? ठीक है?
- 10:58:21नाउ कम्स टू मेल मर्ज। अब ये मेल मर्ज
- 10:58:24क्या होता है? मेल मर्ज एक ऐसा टूल है
- 10:58:27जिसमें आप एक ही टाइम पे मल्टीपल
- 10:58:29डॉक्यूमेंट्स को प्रिंट करते हो। या एक ही
- 10:58:32बार में आप कई सारे डॉक्यूमेंट्स बना सकते
- 10:58:34हो एक जैसे। जैसे कि एग्जांपल मेल मर्ज
- 10:58:38में मान लीजिए आपको 1000 लोगों को लेटर
- 10:58:42भेजना है।
- 10:58:44एक जैसे लेटर भेजने हैं। बस उसमें उनके
- 10:58:47नाम बदलने हैं। तो आप मेल मर्ज का यूज
- 10:58:50करोगे। जैसे मान लीजिए आपको अपने
- 10:58:5490 एंप्लाइजज़ की सैलरी स्लिप बनानी है तो
- 10:58:58आप मेल मर्ज का यूज़ करोगे। जल्दी बन जाएगा
- 10:59:00सैलरी स्लिप।
- 10:59:03केवल उनकी सैलरीज के आंकड़े अलग-अलग
- 10:59:05होंगे। नाम चेंज हो जाएंगे। बाकी पूरा
- 10:59:06फॉर्मेट सेम रहेगा। तो मेल मर्ज हमेशा
- 10:59:09वहां पर यूज किया जाता है जहां पर आपको एक
- 10:59:12जैसे फॉर्मेट डॉक्यूमेंट कई सारे फॉर्म
- 10:59:15में चाहिए। बड़ी तादाद में आपको चाहिए। उस
- 10:59:18केस में आप मेल मर्ज का यूज़ करते हो।
- 10:59:20जैसे कि आपको इनविटेशन लेटर बनाना है। 500
- 10:59:23लोगों को आपको बुलाना है। उनका इनविटेशन
- 10:59:25लेटर आप बना रहे हो। केवल उनके नाम चेंज
- 10:59:28होंगे। बाकी सब कुछ सेम रहेगा। तो आप मेल
- 10:59:30मर्ज का यूज़ करोगे। इस तरीके के फीचर
- 10:59:32आपको MS Word में मिलते हैं।
- 10:59:35अगला जो टूल है दैट इज Microsoft Exl
- 10:59:40बेसिकली स्प्रेडशीट सॉफ्टवेयर होता है जो
- 10:59:43कि आपको
- 10:59:45अकाउंट्स को मेंटेन में मदद करता है। आपके
- 10:59:49आप बोल सकते हो आंकड़ों वाले डाटा को
- 10:59:51मेंटेन करने में मदद करता है। इस पर आप
- 10:59:54कैलकुलेशंस कर सकते हो, डाटा एनालिसिस कर
- 10:59:56सकते हो, चार्ट बना सकते हो तरह-तरह के और
- 10:59:59टेबल्स भी बना सकते हो।
- 11:00:0210,000 लोगों का आपको डाटा मेंटेन करना
- 11:00:04है। उनका नाम, एड्रेस, कांटेक्ट नंबर यह
- 11:00:08सब कुछ आप पूरा मेंटेन कर सकते हो। MS
- 11:00:10Excel में। इसमें आप फार्मूलाज़ भी लगा
- 11:00:12सकते हो। फंक्शनंस भी लगा सकते हो। पाइवेट
- 11:00:15टेबल्स वगैरह यह सारी बनाकर आप हर तरीके
- 11:00:17के कैलकुलेशंस कर सकते हो। परसेंटेज निकाल
- 11:00:20सकते हो। सम कर सकते हो सबका
- 11:00:24मल्टीप्लाई कर सकते हो डिवाइड कर सकते हो
- 11:00:26इस तरीके के सभी फार्मूले आप लगा सकते हो
- 11:00:31तीसरा जो टूल है दैट इज पावर पॉइंट ये
- 11:00:33प्रेजेंटेशन पर्पस से यूज़ किया जाता है।
- 11:00:35इसमें आप स्लाइड्स बनाते हो। बेस्ट
- 11:00:37एग्जांपल आपके सामने है। मैं अभी जिससे
- 11:00:40आपको पढ़ा रहा हूं। यह जो प्रेजेंटेशन है,
- 11:00:42यह पावर पॉइंट पे ही बनी हुई है। इसमें आप
- 11:00:45पिक्चर्स लगाते हो। यह देखिए पिक्चर लगी
- 11:00:48है। सिलेक्शन वे का लोगो की पिक्चर लगी
- 11:00:50हुई है। इसमें आप अलग-अलग कलर में टेक्स्ट
- 11:00:54लिखते हो। फोंट अलग-अलग कलर्स में लिखते
- 11:00:56हो।
- 11:00:58स्टाइल्स क्रिएट करते हो। तो ये सारे
- 11:01:01ऑप्शन आपके पास होते हैं। प्रेजेंटेशन
- 11:01:03सॉफ्टवेयर जो कि Microsoft का है जिसको
- 11:01:05पावर पॉइंट बोलते हैं।
- 11:01:08साथ में पावर पॉइंट एनिमेशन का भी सपोर्ट
- 11:01:11करता है। ट्रांजिशन का भी सपोर्ट करेगा।
- 11:01:14मतलब स्लाइड इधर से आ रही है। आप चाहते हो
- 11:01:16स्लाइड ऊपर से आए या ऐसे करके खिसक जाए।
- 11:01:19इस तरीके के ट्रांजिशन भी आपको मिलेंगे।
- 11:01:21ऑडियो को भी सपोर्ट करता है और वीडियो
- 11:01:23फाइल को भी सपोर्ट करता है। यह सब कुछ आप
- 11:01:26पावर पॉइंट में इंसर्ट कर सकते हो।
- 11:01:28Microsoft का एक और कंपोनेंट होता है
- 11:01:30जिसको बोलते हैं Microsoft एक्सेस। यह
- 11:01:33डेटा को मेंटेन करने के लिए यूज़ किया जाता
- 11:01:35है। डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम के लिए यूज़
- 11:01:38किया जाता है। इसमें आप डेटा को स्टोर कर
- 11:01:40सकते हो, मैनेज कर सकते हो, रिट्रीव कर
- 11:01:43सकते हो। बहुत बड़े पैरामीटर पे डेटा को
- 11:01:46डीबीएमएस की खास बात क्या होती है? जब आप
- 11:01:49मल्टीपल टेबल्स में सर्चिंग करते हो।
- 11:01:51एग्जांपल
- 11:02:00यह एक टेबल है।
- 11:02:05यह टेबल ए मैंने बनाई।
- 11:02:09रोल नंबर, नेम, एड्रेस।
- 11:02:14यह टेबल ए है। दूसरी तरफ टेबल बी बनाई
- 11:02:17मैंने।
- 11:02:21टेबल बी। ठीक है?
- 11:02:27रोल नंबर
- 11:02:30फादर नेम
- 11:02:32मार्क्स
- 11:02:38अब मैंने बोला कि रोल नंबर
- 11:02:48मैंने बोला रोल नंबर थ्री वाले का मुझे
- 11:02:50पूरा डाटा चाहिए। पूरा डाटा मतलब रोल नंबर
- 11:02:54थ्री वाले का नाम भी चाहिए, एड्रेस भी
- 11:02:56चाहिए, उसका फादर नेम भी चाहिए और उसके
- 11:02:58कितने मार्क्स आए हैं वो भी चाहिए। इस केस
- 11:03:01में जो हमें आउटपुट मिलेगा वो आउटपुट A और
- 11:03:04B दोनों टेबल की सर्चिंग से मिलेगा
- 11:03:09और इस तरीके की सर्चिंग आपकी डीबीएमएस में
- 11:03:12होती है। डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम में
- 11:03:13होती है। जहां पर एक बहुत बड़े डेटा बेस
- 11:03:17से आप डेटा को रिट्रीव करते हो।
- 11:03:20तो अगर इस तरीके का आपको लार्ज स्केल का
- 11:03:22डेटाबेस बनाना है तो आप Microsoft एक्सेस
- 11:03:25का यूज करते हो। Excel का नहीं। Excel
- 11:03:30केवल आपको सेल्स के ऊपर ऑपरेशन परफॉर्म
- 11:03:32कराता है। सेल पता है ना किसको बोलते हैं?
- 11:03:34यह सेल है। एक्सेल में आपको ऐसे ही सेल्स
- 11:03:38दिखते हैं ना यह भी सेल है। पर्टिकुलर
- 11:03:40वैल्यू आप जिसके अंदर जिस एक चौकोर खाने
- 11:03:43के अंदर लिखते हो ना वही सेल है।
- 11:03:47तो एक्सेल में केवल आप सेल्स के बेसिस पर
- 11:03:50सर्च कर पाते हो। लेकिन डीबीएमs में जो कि
- 11:03:53आप Microsoft Excels में बनाओगे। इसमें आप
- 11:03:56अक्रॉस द टेबल करते हो सर्चिंग। और यह तो
- 11:03:59मैंने आपको केवल दो टेबल का एग्जांपल
- 11:04:01दिया। हजारों टेबल्स को एक बार में आप
- 11:04:04कंबाइन करके इसमें सर्चिंग करते हो। डाटा
- 11:04:06को रिट्रीव करते हो।
- 11:04:08यूज टेबल क्वेरीज एंड रिपोर्ट्स।
- 11:04:13इस तरीके के डेटा को फैच करने के लिए आपको
- 11:04:15क्वेरीज चलानी पड़ती है। कंडीशंस लिखनी
- 11:04:17पड़ती है।
- 11:04:21एक और फीचर होता है। Microsoft का
- 11:04:24कंपोनेंट है। इसको बोलते हैं Microsoft
- 11:04:26आउटलुक। आउटलुक बेसिकली मेल वगैरह के लिए
- 11:04:29यूज किया जाता है। यह एक ईमेल एंड
- 11:04:32कम्युनिकेशन सॉफ्टवेयर है। अगर आपको कोई
- 11:04:35ऐसा ईमेल सॉफ्टवेयर यूज करना है जिसमें आप
- 11:04:38चाहते हो कि आप ऑफलाइन हर टाइम ना कनेक्ट
- 11:04:42हो तो आप Microsoft आउटलुक का यूज कर सकते
- 11:04:46हो। तो ये ऑफलाइन भी काम करता है। आप
- 11:04:48सेंडिंग ईमेल्स, मैनेजिंग कांटेक्ट्स,
- 11:04:50कैलेंडर, टास्क ये सारी चीजें आपका मेंटेन
- 11:04:53करता है। अगर आपकी 10 दिन के बाद किसी से
- 11:04:57मीटिंग है तो पहले से ही आपको अलार्म दे
- 11:04:59देगा।
- 11:05:01डेली आपको डेली के टास्क बताता रहेगा। अगर
- 11:05:04कोई मेल आपकी Gmail पर भी आ गई है। आप इसे
- 11:05:06Gmail से अटैच कर सकते हो। मान लीजिए
- 11:05:08Gmail पर आपकी कोई मेल आई है कि बिजली का
- 11:05:12बिल जमा करने की डेडलाइन 31 तारीख है। तो
- 11:05:16यह आपको पहले से ही बताता रहेगा। आपको
- 11:05:18अलार्म देता रहेगा कि 31 तारीख आने वाली
- 11:05:21है। इस पर आपको बिजली का बिल जमा करना है।
- 11:05:25ठीक है? तो इस तरीके के आपको ऑप्शन मिल
- 11:05:28जाते हैं Microsoft आउटलुक में।
- 11:05:31माइक्रोसॉफ्ट के टूल्स भी इसके अलावा होते
- 11:05:34हैं। जैसे कि आप इसके अंदर इतने सॉफ्टवेयर
- 11:05:36का तो यूज कर सकते हो। अब कुछ टूल्स भी
- 11:05:39हैं अलग से। कोई स्पेसिफिक ऑपरेशन को
- 11:05:41परफॉर्म करना है उसके लिए। जैसे कि अगर
- 11:05:43आपको
- 11:05:45नोट्स वगैरह अपने बनाने हैं तो उसके लिए
- 11:05:47वन नोट करके एक फीचर होता है इसमें। आप
- 11:05:50उसमें अपने नोट्स बना सकते हो। कई लोगों
- 11:05:52को पोएट्री लिखने का शौक होता है। कई
- 11:05:55लोगों को अपने डेली के कई सारे टू डू
- 11:05:57लिस्ट बनाने का मन करता है कि कल मेरे
- 11:05:59क्या-क्या काम है। कल सुबह उठकर यह करना
- 11:06:01है। फिर वो करना है, फिर वो करना है। तो,
- 11:06:03आप इस तरीके की चीजें वन नोट में कर सकते
- 11:06:06हो। इसके अलावा एक पब्लिशर होता है ऑप्शन।
- 11:06:09पब्लिशर जो टूल है यह आपको डेस्कटॉप
- 11:06:12पब्लिशिंग का ऑप्शन देता है। इसका मतलब यह
- 11:06:15है कि आप अपने यहां जो विंडोज है उसमें आप
- 11:06:20डेस्कटॉप में किन चीजों को रखना चाहते हो,
- 11:06:22किन चीजों को हटाना चाहते हो। तो यह आप
- 11:06:24पब्लिशर से मैनेज कर सकते हो। कई लोगों को
- 11:06:28आपने देखा होगा अपनी डेस्कटॉप की जो
- 11:06:30स्क्रीन है उसको बहुत भर के रखते हैं। कई
- 11:06:32लोग सिंपल रखते हैं, खाली रखते हैं। कुछ
- 11:06:34ही आइकंस चाहते हैं। तो जैसे चाहे आप
- 11:06:36मैनेज कर सकते हो। इसके अलावा वन ड्राइव
- 11:06:38का एक ऑप्शन होता है। इसमें आप क्लाउड
- 11:06:40स्टोरेज का भी यूज कर सकते हो। क्लाउड
- 11:06:42स्टोरेज का मतलब अगर आप अपने लैपटॉप में
- 11:06:45अपने मोबाइल पर डेटा को स्टोर नहीं करना
- 11:06:47चाहते हो। आप इंटरनेट पे अपना डाटा स्टोर
- 11:06:51करना चाहते हो। क्लाउड का मतलब यह है कि
- 11:06:53आप वर्चुअली अपना डाटा स्टोर करना चाहते
- 11:06:55हो। फिजिकल फॉर्म में नहीं करना चाहते हो।
- 11:06:57आपके पास आपके लैपटॉप में मान लीजिए हार्ड
- 11:07:00डिस्क में इतनी मेमोरी नहीं है तो ऐसे में
- 11:07:03लोग क्लाउड का यूज करते हैं। क्लाउड
- 11:07:04स्टोरेज आपका डाटा पर्सनल भी रहेगा लेकिन
- 11:07:08बस आपकी डिवाइस में स्टोर नहीं होगा। वह
- 11:07:10वर्चुअली स्टोर हो गया है कहां पर?
- 11:07:12इंटरनेट पे क्योंकि वह वर्चुअली स्टोर हो
- 11:07:15रहा है। इसीलिए उसको नाम दिया गया है
- 11:07:16क्लाउड स्टोरेज। बादलों की तरह है
- 11:07:20जो कि आपको दिख रहे हैं। आपकी पकड़ में
- 11:07:22नहीं आएंगे।
- 11:07:25SIP एक टूल होता है Microsoft का। यह आपका
- 11:07:29वीडियो कॉलिंग एप्लीकेशन है। आप वीडियो
- 11:07:31कॉलिंग वगैरह इससे कर सकते हो। ऑफिसिसेस
- 11:07:34ऑफिसिसेस वगैरह में जो मीटिंग होती है
- 11:07:37क्लाइंट से लोगों की वो सब Skype में ही
- 11:07:40करी जाती है। Microsoft जो लोग यूज़ कर रहे
- 11:07:41हैं, वो Skype में ही मीटिंग करते हैं।
- 11:07:45फीचर्स क्या हैं MS Office के? यह आपको
- 11:07:47क्या-क्या सहूलियत देता है? पहली बात तो
- 11:07:49यह है कि यह यूजर फ्रेंडली है।
- 11:07:53दो-चार दिन की ट्रेनिंग में ही लोग इसका
- 11:07:55यूज़ कर सकते हैं। सिंपली आप नॉन टेक
- 11:07:58बैकग्राउंड से आते हो। भले ही आप आर्ट
- 11:08:00साइड हो। आप हमेशा से आपने मान लीजिए बीए
- 11:08:03किया हो ग्रेजुएशन में। पोस्ट ग्रेजुएशन
- 11:08:06में एमए किया हो तो भी आप सिंपली यूज़ कर
- 11:08:08सकते हो। बहुत यूजर फ्रेंडली है।
- 11:08:10इंटीग्रेशन बिटवीन एप्लीकेशन। आप देख रहे
- 11:08:14हो कई सारे एप्लीकेशन का पैकेज है। एक ही
- 11:08:16जगह पर आपको यह सारे एप्लीकेशन
- 11:08:18इंटीग्रेटेड फॉर्म में मिल जाते हैं। प्लस
- 11:08:21आपके पास दूसरा ऑप्शन भी है। इसमें आप
- 11:08:23अपना वर्ल्ड का डाटा पावर पॉइंट में भी
- 11:08:25इंसर्ट कर सकते हो। पावर पॉइंट का डाटा
- 11:08:28वर्ल्ड में ला सकते हो। एक्सेल का डाटा
- 11:08:30एक्सेस में ले जा सकते हो। इस तरीके के
- 11:08:32ऑप्शन भी हैं आपके पास। हाई कंपैटिबिलिटी
- 11:08:35है एंड फाइल सपोर्ट है।
- 11:08:38अगर आपके कंप्यूटर की कॉन्फ़िगरेशन बहुत कम
- 11:08:41भी है तो भी Microsoft Office आपको सपोर्ट
- 11:08:43करता है। मान लीजिए आपने आठ की जगह 4 GB
- 11:08:47रैम भी यूज़ करी है। सस्ता वाला आपने
- 11:08:49लैपटॉप ले लिया है तो भी उसमें आपका
- 11:08:51Microsoft Office सपोर्ट कर जाएगा।
- 11:08:54टेंपलेट्स फॉर क्विक वर्क। इसमें आपको
- 11:08:57टेंपलेट्स मिल जाती हैं। बहुत सारी
- 11:08:59रेडीमेड टूल्स आपको मिल जाते हैं MS Word
- 11:09:02के अंदर। जैसे आप देख रहे हो रेडीमेड टूल
- 11:09:04ही है मेल मर्ज 1000 लोगों को लेटर लिखना
- 11:09:07है सेकंडों में बना देगा वह लेटर000 लोगों
- 11:09:09का आपको कॉपी पेस्ट कॉपी पेस्ट भी करने की
- 11:09:12जरूरत नहीं है एक ही बार में क्रिएट कर
- 11:09:13देगा बस आप नाम डालते जाइए फटाफट वो सेंड
- 11:09:16करता जाएगा
- 11:09:19वाइडली यूज्ड इन ऑफिसिसेस एंड एग्जाम्स आज
- 11:09:22की डेट में पूरे दुनिया में ऑफिसिसेस में
- 11:09:24तो और एग्जाम्स में सबसे ज्यादा ही इसका
- 11:09:27यूज किया जा रहा है पूरे वर्ल्ड में
- 11:09:30एडवांटेजेस क्या-क्या हैं समय कि आपकी बचत
- 11:09:33करता है। प्रोडक्टिविटी को बढ़ाता है।
- 11:09:34ऑब्वियस सी बात है जब आपका टाइम सेविंग
- 11:09:36होता है तो आपकी प्रोडक्टिविटी बढ़ती है।
- 11:09:38उसी टाइम पर आप दूसरे और भी कई काम कर
- 11:09:41लेते हो। इजी टू लर्न एंड यूज़ है। वही
- 11:09:44मैंने आपको बताया नॉन टेक्निकल बैकग्राउंड
- 11:09:46से भी कोई आता है तो वह भी आसानी से इसको
- 11:09:48सीख सकता है।
- 11:09:51प्रोफेशनल क्वालिटी के हमें आउटपुट्स
- 11:09:53मिलते हैं। आप कोई भी लेटर बनाइए, कोई भी
- 11:09:56एप्लीकेशन बनाइए। वो आप सिंपली किसी भी
- 11:09:58ऑफिस में भेज सकते हो। कोई उसे मना नहीं
- 11:10:00कर सकता। इस तरीके के फॉर्मेट्स हैं।
- 11:10:01इसमें इंडस्ट्री स्टैंडर्ड सॉफ्टवेयर है।
- 11:10:04ओवरऑल हर जगह पर मान्य है। तभी इसका यूज़
- 11:10:07ग्लोबली किया जा रहा है।
- 11:10:10लिमिटेशंस क्या है? कुछ इसकी लिमिटेशन भी
- 11:10:13हैं। यह ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर नहीं है। ओपन
- 11:10:16सोर्स किसको बोलते हैं? जिसको आप फ्री में
- 11:10:18डाउनलोड करके यूज़ कर पाते हो। जैसे
- 11:10:21WhatsApp WhatsApp आपका ओपन सोर्स है।
- 11:10:23आपने फ्री में डाउनलोड किया उसका यूज़ कर
- 11:10:25लिया। लेकिन यह ओपन सोर्स नहीं है। यह पेड
- 11:10:28सॉफ्टवेयर है। यह आपकी लिमिटेशन है। इसमें
- 11:10:30आपको पैसे खर्चने पड़ते हैं। लाइसेंस लेना
- 11:10:33पड़ता है। अब वो मत कहना। अरे सर मैंने तो
- 11:10:36ऐसे ही डलवा लिया था। वो एक अलग की बात
- 11:10:38है। हमारे देश में पाइरेसी हर चीज की होती
- 11:10:41है। एक मूवी भी आती है तो हम लोग हॉल में
- 11:10:44देखने नहीं जाते। हमारा माइंडसेट है। अरे
- 11:10:47कुछ दिन रुक जाओ। अपने आप पाइरेसी आ
- 11:10:48जाएगी। डाउनलोड कर लेंगे इंटरनेट से। वो
- 11:10:51अलग बात है कि आप पाइरेसी यूज कर रहे हैं
- 11:10:54मुफ्त की।
- 11:10:56लेकिन एक्चुअल में यह पेड सॉफ्टवेयर है।
- 11:11:00आप भले ही पाइरेसी यूज कर रहे हो लेकिन
- 11:11:02किसी ने तो खरीदी होगी ना ओरिजिनल सीडी
- 11:11:05₹6000 Microsoft को पे करके। अब उससे आपने
- 11:11:09अलग-अलग सीडी बना ली है तो वो एक अलग बात
- 11:11:11है।
- 11:11:13लेकिन मार्केट में फ्री अवेलेबल नहीं है।
- 11:11:16रिक्वायरर्स सिस्टम रिसोर्सेज। इसको चलाने
- 11:11:19के लिए सिस्टम के आपके रिसोर्सेज चाहिए ही
- 11:11:21होते हैं। ऐसा नहीं है कि सिस्टम में रैम
- 11:11:24नहीं है या रोम नहीं है तो भी यह चल
- 11:11:25जाएगा। जो बेसिक रिक्वायरमेंट्स हैं वो तो
- 11:11:27चाहिए ही होती हैं। इसलिए यह भी एक
- 11:11:29लिमिटेशन है।
- 11:11:32प्रोपराइटरी हो यही कारण है कि इसमें आपको
- 11:11:35सोर्स कोड नहीं दिखाई देता है। सोर्स कोड
- 11:11:38का मतलब जानते हैं क्या होता है? जो आपको
- 11:11:41स्क्रीन पर दिखाई दे रहा है। दैट इज कॉल्ड
- 11:11:43अ फ्रंट एंड।
- 11:11:46फ्रंट एंड जो भी आपको स्क्रीन पर दिखाई दे
- 11:11:48रहा है और जो आपको नहीं दिखाई दे रहा है
- 11:11:51जो कि बैक पर है दैट इज कॉल्ड बैक एंड
- 11:11:56दैट इज कॉल्ड बैक एंड एग्जांपल जैसे अभी
- 11:11:59मैं आपको
- 11:12:01आपकी स्क्रीन पर दिखाई दे रहा हूं तो ये
- 11:12:04जो मैं आपको दिखाई दे रहा हूं मेरे पीछे
- 11:12:06आपको ये लिखा हुआ दिखाई दे रहा है ये सब
- 11:12:08फ्रंट एंड है
- 11:12:11लेकिन मैं आपको दिख क्यों रहा हूं
- 11:12:14यह लिखावट आपको दिख क्यों रही है? यह
- 11:12:16कलर्स आपको क्यों दिख रहे हैं? इसके पीछे
- 11:12:19कोडिंग है हजारों लाइन की और वही क्या है?
- 11:12:22बैक एंड है। और बैक एंड में ही लिखी हुई
- 11:12:25जो कोडिंग है, उसी को बोलते हैं क्या?
- 11:12:28सोर्स कोड बोलते हैं।
- 11:12:31जैसे कि Facebook में आपको सोर्स कोड दिख
- 11:12:33जाता है। मैं मेरा तो Facebook पे अकाउंट
- 11:12:36नहीं है। आप लोगों का Facebook पे अकाउंट
- 11:12:38होगा। जिनका भी अकाउंट है, वह Facebook पे
- 11:12:42जाना और राइट क्लिक करना। राइट क्लिक आप
- 11:12:45करोगे देखोगे सोर्स कोड का ऑप्शन आएगा। आप
- 11:12:47क्लिक कर दोगे उस पेज की पूरी कोडिंग आपके
- 11:12:49सामने आ जाएगी। तो वह सोर्स कोड है उसका।
- 11:12:52इसका आप सोर्स कोड नहीं देख सकते।
- 11:12:55यह खास बात है। यह हिडन है। एग्जांपल जैसे
- 11:12:58कि मान लीजिए आप कोई गाड़ी लेने जाते हो
- 11:13:00शोरूम पे। तो उस गाड़ी में आप क्या-क्या
- 11:13:02देख पा रहे हो? आप उसके टायर देख पा रहे
- 11:13:04हो। उसकी स्टीयरिंग देख पा रहे हो। उसका
- 11:13:06कलर देख पा रहे हो। विंड शील्ड देख पा रहे
- 11:13:08हो। शार्कफिन एंटीना देख पा रहे हो।
- 11:13:12ये सारी चीजें आप देख पा रहे हो। लगी हुई
- 11:13:14सीटें देख पा रहे हो। उसमें उसके डोर्स
- 11:13:16देख पा रहे हो। डोर हैंडल देख पा रहे हो।
- 11:13:18ओआरवीएम देख पा रहे हो। यह सब कुछ फ्रंट
- 11:13:20एंड है गाड़ी का। लेकिन गाड़ी का बैक एंड
- 11:13:24क्या है? उसके अंदर लगा हुआ पिस्टन। आप यह
- 11:13:27तो नहीं देखते कि पिस्टन कैसे कूद रहा है।
- 11:13:30वो सोर्स कोड है गाड़ी का। छुपा हुआ पार्ट
- 11:13:33है। बैक एंड है। जिसको सिर्फ प्रोफेशनल्स
- 11:13:37ही टेक केयर कर पाते हैं। हमेशा ध्यान
- 11:13:40रखिएगा यूजर इंटरेक्ट होता है किससे?
- 11:13:43फ्रंट एंड से यूजर कभी भी बैक एंड से
- 11:13:45इंटैक्ट नहीं होता।
- 11:13:48ओके? क्लियर हुई बात सभी को?
- 11:13:53MS Word मैंने आपको बता ही दिया है।
- 11:13:58किस पर्पस से यूज़ होता है? लेटर क्रिएट
- 11:14:00करने हो, एप्लीकेशन, नोटिसेस हो,
- 11:14:03रिपोर्ट्स बनाने के काम में आता है।
- 11:14:05रिज्यूम्स आप बनाते हो, असाइनमेंट्स आप
- 11:14:08अपने तैयार करते हो, क्वेश्चन पेपर आपको
- 11:14:11क्रिएट करना है या सेल्फ नोट्स बनाने हैं।
- 11:14:14इन सब में इसका यूज़ होता है। और साथ में
- 11:14:16आप उस डॉक्यूमेंट को प्रिंट भी कर सकते
- 11:14:18हो।
- 11:14:20मेन फीचर्स क्या-क्या होते हैं? अच्छा, एक
- 11:14:23चीज और ध्यान रखिएगा।
- 11:14:26मेन्यू बार और टूल बार में डिफरेंस क्या
- 11:14:28होता है?
- 11:14:32जब भी आप MS ऑफिस के अंदर चाहे MS Exl हो,
- 11:14:36पावर पॉइंट हो, MS Word हो, कुछ भी आप
- 11:14:39खोलोगे तो आप देखोगे
- 11:14:42सबसे ऊपर
- 11:14:44एक ऐसे लाइन होती है इसमें कुछ ऑप्शंस
- 11:14:47लिखे होंगे।
- 11:14:50इसमें एक ऑप्शन है पहला उसमें लिखा है
- 11:14:52फाइल। दूसरे में लिखा है इंसर्ट।
- 11:14:57तीसरे में लिखा है डिजाइन।
- 11:15:00चौथे में लिखा है हेल्प। ऐसे करके ऑप्शन
- 11:15:02होते हैं। तो यह वाली जो लाइन है इसको हम
- 11:15:06लोग क्या बोलते हैं?
- 11:15:08इसको बोलते हैं मेन्यू बार। क्या बोलते
- 11:15:12हैं? मेन्यू बार।
- 11:15:19अब इसके नीचे आ जाइए। तो यहां पर आपको
- 11:15:23बहुत सारे ऑप्शन मिलते हैं। जैसे कि आपके
- 11:15:26पास एक यह ऑप्शन होता है।
- 11:15:31एक ये ऑप्शन होगा और एक ऐसे ऑप्शन होगा।
- 11:15:37ठीक है? कि आप एलाइनमेंट अपने सेट कर सकते
- 11:15:40हो। लेफ्ट से टेक्स्ट चाहते हो, बीच में
- 11:15:42चाहते हो या राइट से चाहते हो। इसी में
- 11:15:45आपको
- 11:15:47आपका एक सम का ऑप्शन मिलेगा कि आप पूरी
- 11:15:50जितनी भी डिजिट है उनको जोड़ सकते हो। इसी
- 11:15:52में आपके पास बुलेट्स का ऑप्शन होता है
- 11:15:54फोंट का
- 11:15:57कि आप ऐसे बुलेट्स लगा सकते हो, चेक वाले
- 11:16:01लगा सकते हो, स्टार वाले लगा सकते हो। यह
- 11:16:04सब ऑप्शन होते हैं ना। तो, यह जो जिस
- 11:16:06तरीके के ऑप्शन है, इन इस पूरी पट्टी को
- 11:16:09क्या बोलते हैं? इसको बोलते हैं टूलबार।
- 11:16:14यह क्या कहलाता है? टूलबार। क्लियर हो गई
- 11:16:18बात? क्लियर हो गई बात? सॉर्टेड है। आपके
- 11:16:23डेस्कटॉप में जब आप आते हो तो डेस्कटॉप पे
- 11:16:26जो आपको स्क्रीन दिखाई दे रही होती है
- 11:16:29उसमें जो नीचे आपके पास ऑप्शन होते हैं।
- 11:16:35ठीक है? ठीक है? यहां पे आप देखोगे साइड
- 11:16:37में
- 11:16:38Windows का ऑप्शन बना हुआ है।
- 11:16:42यहां पे देखोगे सर्च करने का ऑप्शन बना
- 11:16:44रहता है। यहां पे आपका Google Chrome का
- 11:16:46आइकॉन आ गया। मान लो। यहां पे आपका MS
- 11:16:49Office का आइकॉन आ गया। ऐसे होता है ना?
- 11:16:51तो ये जो है दैट इज कॉल्ड
- 11:16:56टास्क बार।
- 11:16:59इसको क्या बोलते हैं? टास्क बार।
- 11:17:03तो आज के बाद भूलोगे तो नहीं। मेन्यू बार
- 11:17:05किसको बोलते हैं? जब आप MS ऑफिस ओपन करोगे
- 11:17:08तो सबसे ऊपर वाली जो पट्टी होती है जहां
- 11:17:10पर आपको ऑप्शन दिए रहते हैं। फाइल,
- 11:17:12इंसर्ट, डिज़, एनिमेशन, हेल्प। यह पूरा
- 11:17:15आपका मेन्यू बार कहलाता है। मेन्यू बार के
- 11:17:19नीचे जो आपको यह सारे ऑप्शन मिलते हैं कई
- 11:17:21सारे यह आपका टूलबार होता है। और जब आप
- 11:17:24डेस्कटॉप में आएंगे तो डेस्कटॉप की
- 11:17:25स्क्रीन में जो सबसे नीचे आपको पट्टी
- 11:17:27दिखाई दे दे रही होती है जिसमें ये सब
- 11:17:29ऑप्शन होते हैं वो आपका टास्क बार कहलाता
- 11:17:32है।
- 11:17:33तो मेन्यू बार, टूलबार एंड टास्क बार
- 11:17:36तीनों में कंफ्यूजन नहीं होना चाहिए।
- 11:17:45अभी मेन फीचर जो MS Word के हैं, इसमें
- 11:17:47आपका क्या-क्या आ जाता है? आप डॉक्यूमेंट
- 11:17:50क्रिएशन और एडिटिंग कर सकते हो। इट
- 11:17:52सपोर्ट्स मल्टीपल फॉनट एंड स्टाइल। मतलब
- 11:17:55आपके पास कई सारे ऑप्शन होते हैं। तरह-तरह
- 11:17:58के फॉन्ट ले सकते हो। तरह-तरह के स्टाइल
- 11:18:00ले सकते हो। लिखावट में तब्दीलियां कर
- 11:18:02सकते हो। वो सारी चीजें आप कर सकते हो। जब
- 11:18:04भी आप स्क्रीन ओपन करोगे तो आपको इस तरीके
- 11:18:07से दिखाई देगा। आप तरह-तरह के ऑप्शन ले
- 11:18:09सकते हो। ब्लैंक ले सकते हो। इस तरीके का
- 11:18:12ऑप्शन ले सकते हो। सिंगल शीट ले सकते हो।
- 11:18:15इस तरीके का ले सकते हो जिसमें रिज्यूम
- 11:18:17वगैरह आपको बनाना है। आपके पास कई सारे
- 11:18:19ऑप्शन हैं। ये देखो। जैसा चाहे वैसा ऑप्शन
- 11:18:22ले सकते हो।
- 11:18:25दूसरा फीचर है फॉर्मेटिंग टूल का।
- 11:18:28फॉर्मेटिंग टूल में आपको आपकी लिखावट में
- 11:18:30कई सारे ऑप्शन मिल जाते हैं। जैसे कि आप
- 11:18:32फॉन्ट का साइज कम ज्यादा कर सकते हो। फोंट
- 11:18:35का कलर चेंज कर सकते हो। आप अपनी लिखावट
- 11:18:38का स्टाइल भी बदल सकते हो। आपने बोल्ड कर
- 11:18:40दिया मतलब गाढ़ा हो गया।
- 11:18:44आपने इटैलिक कर दिया। मतलब ए अभी तक ऐसे
- 11:18:48लिखा हुआ था। इटैलिक करते ही ऐसे हो गया।
- 11:18:51एल अभी तक ऐसे लिखा हुआ था। इटैलिक करते
- 11:18:53ही ऐसे हो गया। टी अभी तक ऐसे लिखा हुआ
- 11:18:56था। इटैलिक करते ही ऐसे हो गया। ठीक है?
- 11:19:00तो अगर मैं लिखूं
- 11:19:03वी ए आर यू एन तो यह नॉर्मल फों्ट है।
- 11:19:07इटैलिक मतलब तिरछा हो जाता है। ऐसे
- 11:19:09डायगोनल हो जाता है।
- 11:19:14दिस इज़ इटैलिक। दिस इज़ बोल्ड। इस तरीके के
- 11:19:16ऑप्शन आपके पास हैं। अंडरलाइन भी आप कर
- 11:19:18सकते हो अपने टेक्स्ट को। तो ये सारे
- 11:19:21ऑप्शन आपको किसमें मिलते हैं? फॉर्मेटिंग
- 11:19:23टूल्स में मिलते हैं। पैराग्राफ को आप
- 11:19:26एलाइन भी कर सकते हो। लेफ्ट, राइट, सेंटर
- 11:19:29एंड जस्टिफाई चारों तरीके से आप कर सकते
- 11:19:32हो। एग्जांपल
- 11:19:39जैसे मान लीजिए यहां पर आपको लिखावट करनी
- 11:19:41है तो जो भी पैराग्राफ है अगर आपने लेफ्ट
- 11:19:44एलाइन किया है तो मतलब ऐसे लिखेगा।
- 11:19:53ठीक है? ये हो गया लेफ्ट लाइन। मतलब लेफ्ट
- 11:19:56से चल रहा है। इधर कितनी भी लाइन जा सकती
- 11:19:58है। दिस इज लेफ्ट एलाइन। अगर आपने राइट
- 11:20:01एलाइन कर दिया है तो सारा टेक्स्ट इधर आ
- 11:20:04जाएगा।
- 11:20:07यह आपका राइट एलाइन हो गया।
- 11:20:10अगर आपने सेंटर एलाइन कर दिया है तो सारा
- 11:20:13टेक्स्ट बीच में आ जाएगा।
- 11:20:16यह आपका सेंटर एलाइन हो गया। और अगर आपने
- 11:20:19जस्टिफाई कर दिया है। अगर जस्टिफाई कर
- 11:20:22दिया है तो जस्टिफाई में क्या हो जाएगा?
- 11:20:25यह जैसे पेज है
- 11:20:28तो पूरा टेक्स्ट लेफ्ट से राइट तक पूरा
- 11:20:30फैलेगा। ऐसे यूं चलेगा पूरा पेज कवर करते
- 11:20:34हुए दैट इज जस्टिफाई।
- 11:20:38तो ये चारों ऑप्शन भी आपको मिल जाते हैं
- 11:20:40फॉर्मेटिंग टूल के अंदर। लाइन स्पेसिंग,
- 11:20:44इंडेंटेशन ये सारी चीजें आप कर सकते हो।
- 11:20:46मतलब लाइन के बीच में कितना स्पेस देना
- 11:20:48है, पैराग्राफ के बीच में कितना स्पेस
- 11:20:50देना है, ये सारे आपको फॉर्मेटिंग टूल में
- 11:20:52ही मिलेंगे।
- 11:20:54अगला आपके पास एक ऑप्शन होता है MS Word
- 11:20:56में स्पेलिंग चेक का और ग्रामर का। पहले
- 11:20:58ही मैंने आपको बताया आप अपने पूरे
- 11:21:00डॉक्यूमेंट में स्पेलिंग चेक भी लगा सकते
- 11:21:02हो। आप यहां पर टूलबार में देखोगे। यह
- 11:21:05देखिए टूलबार में आपको ऑप्शन मिल रहा है।
- 11:21:14मुझे पता नहीं कि
- 11:21:17क्लियर हो रहा है आपको कि नहीं हो रहा है।
- 11:21:21यह देखिए टूल बार में आपको ऑप्शन दिख रहा
- 11:21:23होगा।
- 11:21:25स्पेलिंग एंड ग्रामर का। ठीक है? तो यहीं
- 11:21:28पर फाइल के नीचे जस्ट ऑप्शन आता है जिस पर
- 11:21:30आप क्लिक करेंगे तो एक ही बार में जैसे कि
- 11:21:32मान लो 10,000 लाइनों का आपका पूरा
- 11:21:36डॉक्यूमेंट है तो 10,000 लाइनों में एक ही
- 11:21:38बार में वो स्पेलिंग चेक करके आपको दे
- 11:21:40देगा। कहीं पर भी ग्रामर आपने गलत लिख रखी
- 11:21:42होगी वह सब कुछ आपको एक ही बार में दिखा
- 11:21:44देगा। ठीक है? तो यह सारे ऑप्शन आपको मिल
- 11:21:48जाते हैं वहां पर।
- 11:21:58किधर भाग रहा है भाई?
- 11:22:02अगला देखिए। नेक्स्ट आपके पास ऑप्शन होता
- 11:22:05है फाइंड एंड रिप्लेस का। इसका मतलब यह है
- 11:22:08कि जैसे ही आप फाइंड एंड रिप्लेस वाला
- 11:22:10ऑप्शन ओपन करते हैं तो आपको यहां पर मिल
- 11:22:12जाता है कि जैसे ऊपर फाइंड लिखा है, नीचे
- 11:22:15रिप्लेस लिखा हुआ है। तो मान लीजिए मुझे
- 11:22:18यह करना है कि जहां-जहां पर भी
- 11:22:22वाज लिखा हुआ है। मैं चाहता हूं जहां-जहां
- 11:22:25पर भी वाज लिखा है वहां पर व्हेन हो जाए।
- 11:22:28तो आपको फाइंड में क्या करना है? वाज लिख
- 11:22:32देना है। और यहां पर रिप्लेस में मैं क्या
- 11:22:35कर दूंगा? व्हेन लिख दूंगा।
- 11:22:39जैसे ही मैं रिप्लेस ऑल पे क्लिक करूंगा
- 11:22:42तो जितना भी डॉक्यूमेंट में वाज़ लिखा होगा
- 11:22:44एक ही बार में उसकी जगह पर व्हेन लिख
- 11:22:47जाएगा।
- 11:22:49ठीक है?
- 11:22:53क्लियर है?
- 11:22:56और क्या ऑप्शन होते हैं? टेबल एंड इमेजेस
- 11:22:59के भी आपके पास ऑप्शन होते हैं। आप अपने
- 11:23:01वर्ड डॉक्यूमेंट में पूरी की पूरी टेबल
- 11:23:03इंसर्ट कर सकते हो। ये भी आपका टूलबार में
- 11:23:05ही ऑप्शन होता है टेबल का। यहां पर आपको
- 11:23:07ऑप्शन मिलेगा। कितनी रो डालनी है? कितने
- 11:23:10कॉलम डालने हैं? जैसे कि इस टेबल की अगर
- 11:23:12हम बात करें तो इसमें कितनी रो हैं?
- 11:23:151 2 3 4 5 6 छह रो हैं। इसमें कॉलम कितने
- 11:23:20हैं? एक और दो। दो कॉलम है।
- 11:23:26पेज लेआउट एंड प्रिंटिंग का ऑप्शन होता
- 11:23:28है। पेज लेआउट में आप अपने पेज का पूरा
- 11:23:31लेआउट एक बार में देख सकते हो कि जो
- 11:23:33डॉक्यूमेंट आपने बनाया है वो जब प्रिंट हो
- 11:23:36के निकलेगा तो कैसा दिखेगा। वो आप पहले ही
- 11:23:38देख सकते हो। साथ में प्रिंटिंग का ऑप्शन
- 11:23:40भी आपके पास होता है। जैसे ही आप कंट्रोल
- 11:23:42पी करेंगे तुरंत कमांड जाएगी प्रिंटर पे
- 11:23:45और प्रिंटर आपको आपका डॉक्यूमेंट प्रिंट
- 11:23:47करके दे देगा। इसी में आपको हेडर और फुटर
- 11:23:50का ऑप्शन भी मिल जाता है। अब यह हेडर और
- 11:23:52फुटर क्या होता है? जैसे कि आपने देखा
- 11:23:55होगा कोई किताब आप पढ़ते हो तो आपको किताब
- 11:23:58में हर एक पेज के नीचे नंबर मिलते हैं। वह
- 11:24:01नंबर पेज नंबर दर्शाते हैं। 1 2 3 4 5 6 7
- 11:24:048 400 पेज, 500 पेज, 1000 पेज जितने की भी
- 11:24:06किताब है।
- 11:24:09तो यह हर एक पेज में टाइप नहीं किया जाता
- 11:24:12है। हम केवल क्या करते हैं? डॉक्यूमेंट
- 11:24:14में यह हमारा डॉक्यूमेंट है। इसमें हम
- 11:24:17क्या कर देंगे? फुटर एक लगा देंगे। और
- 11:24:20फुटर में हमने नंबर डाल दिए कि हम चाहते
- 11:24:22हैं नंबरिंग हो जाए। तो फुटर आपको यह
- 11:24:24ऑप्शन दे देगा। अब आप सीधे एंटर मारते
- 11:24:27जाइए। अपने आप वो बाय डिफॉल्ट पेज नंबर
- 11:24:29लेता जाएगा। इसी तरीके से आप चाहते हो
- 11:24:32सपोज हर एक पेज पर ऊपर आप चाहते हो ऊपर एक
- 11:24:36चीज लिख के आए हर एक पेज में सपोज
- 11:24:40आपने कोई डॉक्यूमेंट बनाया 60 पेज का आप
- 11:24:43चाहते हो ऊपर मेरा नाम लिख के आए सब में
- 11:24:46तो आप क्या डाल दोगे हेडर डाल दोगे
- 11:24:50आपने हेडर में अपना नाम लिख दिया और फिर
- 11:24:54आप एंटर करते चले जाओगे पूरे डॉक्यूमेंट
- 11:24:56में आपका नाम आता जाएगा तो हेडर और फुटर
- 11:24:59बेसिकली हेडर का मतलब है डॉक्यूमेंट के
- 11:25:02सबसे ऊपर। टॉप पर आप क्या चाहते हैं और
- 11:25:04फुटर का मतलब है बॉटम पर आप क्या चाहते
- 11:25:06हो। एक ही बार में आप डिसाइड कर सकते हो।
- 11:25:09फिर कितने भी बड़ा डॉक्यूमेंट हो सब में
- 11:25:11आपको बाय डिफॉल्ट मिलता जाएगा।
- 11:25:15मेल मर्ज मैंने आपको पहले ही बता दिया है।
- 11:25:17जब आपको बल्क में डॉक्यूमेंट क्रिएट करना
- 11:25:21होता है। बस थोड़े-थोड़े जिसमें अंतर होते
- 11:25:23हैं। बाकी एक जैसा डॉक्यूमेंट होता है।
- 11:25:25जैसे इनविटेशन लेटर आपको बनाना है शादी के
- 11:25:27लिए। 500 लोगों को शादी में बुला रहे हो
- 11:25:30तो वह जो कार्ड आपके बनते हैं ना वह मेल
- 11:25:32मर्ज से ही बनते हैं। एक बार बन जाता है
- 11:25:34फिर मेल मर्ज करते जाओ। सबके बस नाम बदलते
- 11:25:36जाते हैं। बाकी तो सबको एक ही जगह पर
- 11:25:38बुलाना है। एक ही इनविटेशन जाना है। एडमिट
- 11:25:42कार्ड्स भी आपके मेल मर्ज से ही बनाए जाते
- 11:25:44हैं। 1000 स्टूडेंट्स को एडमिट कार्ड जाना
- 11:25:46है। बस उनके नाम और डिटेल चेंज होने हैं।
- 11:25:48बाकी फॉर्मेट सेम रहेगा। सैलरी स्लिप सारे
- 11:25:51एंप्लाइजस के पास एक ही फॉर्मेट में जाती
- 11:25:53है। बस उनके नाम और सैलरी के फिगर बदल
- 11:25:56जाएंगे। ठीक है? तो इस तरीके के
- 11:25:57डॉक्यूमेंट्स में मेल मर्ज यूज़ होता है।
- 11:25:59जहां पर आपको बल्क में डॉक्यूमेंट बनाना
- 11:26:01होता है। हेडर एंड फुटर मैंने आपको बता ही
- 11:26:04दिया है।
- 11:26:06फाइल ऑपरेशंस जैसे कि सेव, सेव एज, ओपन,
- 11:26:10क्लोज डॉक्यूमेंट ये सब आपके फाइल ऑपरेशंस
- 11:26:13में आ जाते हैं। सेव और सेव एज में अंतर
- 11:26:15क्या होता है? इसको ध्यान दो। जब भी आप
- 11:26:18न्यू डॉक्यूमेंट बना रहे हो, तो नया
- 11:26:20डॉक्यूमेंट में हमेशा क्या होगा? सेव एज
- 11:26:23होगा।
- 11:26:25न्यू डॉक्यूमेंट में हमेशा होगा सेव एज
- 11:26:28क्योंकि जब भी आप नया डॉक्यूमेंट बनाते हो
- 11:26:31तो उसको आप सेव जब करोगे तो वो आपसे दो
- 11:26:36चीजें जरूर मांगेगा। एक तो फाइल का नेम
- 11:26:38जरूर मांगेगा
- 11:26:40और दूसरा फाइल की लोकेशन जरूर मांगेगा।
- 11:26:44तो यहां पर मैं अलग से लिखता हूं।
- 11:26:49सेव एज।
- 11:26:51सेव एज में हमेशा आपको क्या देना होगा?
- 11:26:56फाइल नेम
- 11:27:00एंड फाइल की लोकेशन। आप खुद बताइए
- 11:27:05आप अगर कोई भी डॉक्यूमेंट एक नया बनाते
- 11:27:07हो। आप अभी MS Word पे एक लेटर टाइप करके
- 11:27:10देखना। दो लाइनें ही केवल लिख देना। एक
- 11:27:12लेटर केवल लिख देना। आप उसके बाद उसे
- 11:27:14कंट्रोल S करना। आपने तो कंट्रोल S से से
- 11:27:18सेव की कमांड दबाई है तो आपके सामने सेव
- 11:27:20ही ऑप्शन होना चाहिए। लेकिन नहीं आप
- 11:27:23क्योंकि नया डॉक्यूमेंट बना रहे हो आप
- 11:27:25कंट्रोल S जैसे ही प्रेस करोगे ना तो आपके
- 11:27:27सामने जो डायलॉग बॉक्स खुल के आएगा ना
- 11:27:29उसमें देखना ऊपर सेव एज लिखा होगा। बाय
- 11:27:33डिफॉल्ट ही वो सेव एज लेगा। वो सेव होगा
- 11:27:35ही नहीं। सेव एज होगा क्योंकि अभी नई फाइल
- 11:27:38है और वह तब तक नहीं सेव हो सकती जब तक आप
- 11:27:41उस फाइल का कोई नाम ना दे दो और लोकेशन ना
- 11:27:44दे दो कि कंप्यूटर में कहां सेव होगी। सी
- 11:27:46ड्राइव में, डी ड्राइव में, ई ड्राइव में,
- 11:27:48डेस्कटॉप में कहां सेव करना चाहते हो? यह
- 11:27:50भी आपको बताना होगा।
- 11:27:53तो हमेशा न्यू डॉक्यूमेंट के लिए सेव एज
- 11:27:57होगा। हमेशा किसके लिए? फॉर
- 11:28:02न्यू डॉक्यूमेंट।
- 11:28:06और सेव जो है
- 11:28:10सेव ऑप्शन जो है यह फॉर
- 11:28:15एग्जिस्टिंग डॉक्यूमेंट
- 11:28:21एग्जिस्टिंग डॉक्यूमेंट मान लीजिए कोई
- 11:28:23पुराना डॉक्यूमेंट आपका सेव है। एक लेटर
- 11:28:26था उसको आपने ओपन किया और ओपन करके उसमें
- 11:28:29एक लाइन चेंज कर दी। अब आप कंट्रोल S
- 11:28:32प्रेस करोगे वह सिंपली हो जाएगा। फिर सेव
- 11:28:35एज नहीं खुलेगा। क्यों? क्योंकि वह पहले
- 11:28:37से एग्जिस्ट कर रहा है। इसका मतलब यह है
- 11:28:39कि उस फाइल का नाम भी पहले से है और वो
- 11:28:41सेव भी है कहीं ना कहीं लोकेशन पे। बट
- 11:28:44न्यू फाइल है तो फिर आपको सेव एज ही ओपन
- 11:28:47करना होगा। बाय डिफॉल्ट वो सेव एज ही
- 11:28:50लेगा।
- 11:28:51ठीक है?
- 11:28:56इट सपोर्ट्स फॉर्मेट्स लाइकx
- 11:29:00pdf मतलब आप इस तरीके के कोई भी
- 11:29:03डॉक्यूमेंट है उन सभी डॉक्यूमेंट्स को यह
- 11:29:06सपोर्ट करता है। आप जो भी इसमें फाइल
- 11:29:08बनाओगे वो डॉक्स में बनेगी। पहले डॉक में
- 11:29:11बनती थी। अब क्योंकि एक्सटेंडेड वर्जन है
- 11:29:13Microsoft का इसलिए डॉक्स में बनती है।
- 11:29:16यहां पर डॉक का मतलब है डॉक्यूमेंट और
- 11:29:18एक्स का मतलब है
- 11:29:21एक्सटेंडेड।
- 11:29:23एक्सटेंडेड का मतलब बेटर वर्जन। पहले से
- 11:29:25ज्यादा टूल आपको मिल रहे हैं।
- 11:29:30क्विक एक्सेस टू टूलबार।
- 11:29:33अगर आपको टूलबार में क्विक एक्सेस चाहिए
- 11:29:36तो वह भी आपके पास ऑप्शन रहता है। जिसमें
- 11:29:39कि आप सबसे ऊपर आप देखेंगे तो यह भी आपको
- 11:29:44टूलबार मिलता है। बिल्कुल एक छोटा। यह
- 11:29:46एक्सटेंडेड वर्जन में आ रहा है। पहले नहीं
- 11:29:48आता था। इसमें आपके पास सेव, अनडू, रीडू
- 11:29:52इन सब के ऑप्शन होते हैं।
- 11:29:57अनदर फीचर यह बहुत इंपॉर्टेंट है। जैसे कि
- 11:30:00आपसे पूछा जाता है Microsoft Word में
- 11:30:04आप किसी भी फॉन्ट को कितना मिनिमम ज़ूम कर
- 11:30:07सकते हो? मतलब कितना मिनिमाइज कर सकते हो?
- 11:30:09कितना छोटा कर सकते हो? तो ध्यान रखिएगा
- 11:30:12आप मिनिमाइज कर सकते हो 10% तक। और
- 11:30:15मैक्सिमाइज कितना ज़ूम कर सकते हो
- 11:30:17डॉक्यूमेंट को? तो आप 500% तक उसको
- 11:30:19मैक्सिमाइज जूम कर सकते हो, बड़ा कर सकते
- 11:30:22हो। ऐसा ही क्वेश्चन पूछता है कि
- 11:30:25Microsoft वर्ड में जो आपका डिफॉल्ट फोंट
- 11:30:28होता है, उस फोंट का नाम क्या है? तो
- 11:30:31कैलब्री फॉन्ट कैलब्री जो है यह आपको बाय
- 11:30:34डिफॉल्ट मिलता है। इसके अलावा आपके पास
- 11:30:37दूसरे और ऑप्शन होते हैं। आप अपने फोंट को
- 11:30:39दूसरे ऑप्शंस में कन्वर्ट कर सकते हो।
- 11:30:41दूसरा उनका स्टाइल चेंज कर सकते हो। लेकिन
- 11:30:44बाय डिफॉल्ट जो आपको मिलता है, वह कैलब्री
- 11:30:46ही मिलेगा।
- 11:30:47ऐसे ही पूछता है बाय डिफॉल्ट फों्ट का
- 11:30:49साइज कितना होता है? तो जो आप जब आप ओपन
- 11:30:52करोगे माइक्रोसॉफ्ट वर्ड को तो जो पहले से
- 11:30:54ही होगा वो 11 पॉइंट होगा।
- 11:30:58ठीक है? लेकिन आप कितना इसको बढ़ा सकते
- 11:31:00हो? तो आप इसको बढ़ा सकते हो 1638 पॉइंट
- 11:31:03तक। इसी तरीके से मिनिमम फॉन्ट साइज क्या
- 11:31:06हो सकता है? तो मिनिमम वन पॉइंट हो सकता
- 11:31:08है। सबसे छोटा फॉन्ट फॉन्ट साइज वन पॉइंट
- 11:31:11है और सबसे बड़ा फोंट साइज 1638 पॉइंट है।
- 11:31:17एडवांटेजेस आपको पता ही है।
- 11:31:21लिमिटेशंस यह भी आपको पता है। पेड
- 11:31:23सॉफ्टवेयर है। रिक्वायर्स कंप्यूटर और
- 11:31:26लैपटॉप वो तो चाहिए। उसके बिना आप यूज़
- 11:31:28नहीं कर सकते। नीड बेसिक कंप्यूटर नॉलेज
- 11:31:30थोड़ी बहुत कंप्यूटर नॉलेज होना चाहिए। तो
- 11:31:32आप इसका यूज़ कर लेंगे।
- 11:31:35MS Word के कई सारे
- 11:31:39सब्स्टट्यूट हैं। मतलब अगर आपके पास MS
- 11:31:42Word नहीं है Microsoft का वर्ड आप नहीं
- 11:31:44यूज कर रहे हो तो दूसरे कुछ और भी
- 11:31:47प्रोडक्ट्स हैं या बोल सकते हो सॉफ्टवेयर
- 11:31:49हैं इसी तरीके के जो आपको लेटर राइटिंग
- 11:31:52डॉक्यूमेंटेशन इन सब के ऑप्शन देते हैं।
- 11:31:54सपोज़ आप Windows यूज़ नहीं कर रहे हो। आप
- 11:31:58MacBook यूज़ कर रहे हो। आप Apple का
- 11:32:00प्रोडक्ट यूज़ कर रहे हो। तो ऐसे में Apple
- 11:32:02आपको देता है Apple पेजेस। मतलब इनका जो
- 11:32:04सॉफ्टवेयर है इसका नाम है Apple पेजेस। यह
- 11:32:07आपको उसी तरीके के सारे ऑप्शन देता है कि
- 11:32:09आप डॉक्यूमेंट, रिपोर्ट, लेटर वगैरह इसमें
- 11:32:11क्रिएट कर सकते हो।
- 11:32:14स्पेशली मैक ऑपरेटिंग सिस्टम, iOS, आईपड्स
- 11:32:17इन सब में यूज किया जाता है। तो Apple
- 11:32:20यूजर जैसे Microsoft Windows वाले यूजर MS
- 11:32:23Word यूज़ करते हैं। Apple यूजर Apple
- 11:32:25पेजेस यूज़ कर सकते हैं। अगर आप Android
- 11:32:30यूज़ कर रहे हैं तो Microsoft World तरीके
- 11:32:32का ही आपके पास ऑप्शन है। इसको बोलते हैं
- 11:32:34Google Dox। आप Google Dox का भी सिमिलरली
- 11:32:37यूज़ कर सकते हो। यह सारी चीजें कर सकते
- 11:32:38हो। इवन Google DS को आप इंटरनेट ब्राउज़र
- 11:32:42पर भी यूज कर सकते हो।
- 11:32:46इसी तरीके से एक ओपन सोर्स वर्ल्ड
- 11:32:48प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर है। आप इसको फ्री ऑफ
- 11:32:51कॉस्ट डाउनलोड करके यूज़ कर सकते हो। यह
- 11:32:53थर्ड पार्टी सॉफ्टवेयर है। इसका नाम है
- 11:32:55Libra ऑफिस राइटर। इसको Libra के द्वारा
- 11:32:58बनाया गया है। ठीक है? और यह भी आपकी
- 11:33:00जितनी डॉक फाइल डॉक्स फाइल है उन सबको
- 11:33:02सपोर्ट करता है। मतलब मान लीजिए किसी ने
- 11:33:05आपको वर्ल्ड में कोई डॉक्यूमेंट बनाकर
- 11:33:07भेजा Microsoft वर्ल्ड में लेकिन आपके पास
- 11:33:11वर्ड नहीं है तो आप Libra Office राइटर
- 11:33:14में उस फाइल को खोल सकते हो। यह वर्ड यह
- 11:33:17एम ये Microsoft की फाइल्स को सपोर्ट करता
- 11:33:20है।
- 11:33:22एक और ऑप्शन आपके पास होता है। इसको बोलते
- 11:33:24हैं ओपन ऑफिस राइटर। यह भी आपका फ्री एंड
- 11:33:27ओपन सोर्स है। फ्री ऑफ कॉस्ट डाउनलोड करके
- 11:33:29यूज कर सकते हो। सिमिलर इंटरफेस है जैसा
- 11:33:32पुराना वाला Microsoft वर्ल्ड हुआ करता
- 11:33:34था। नए वाले की तो ये बराबरी नहीं कर पाए
- 11:33:36लेकिन पुराना वाला Microsoft वर्ल्ड जैसा
- 11:33:38ही पूरा डॉक्यू पूरा इंटरफेस आपको ये दे
- 11:33:41देंगे। यूज्ड फॉर डॉक्यूमेंट क्रिएशन एंड
- 11:33:44एडिटिंग। सेम इसका भी यूज़ है। ये सब मैं
- 11:33:46आपको अल्टरनेटिव्स बता रहा हूं Microsoft
- 11:33:48Word के। एक डब्ल्यूपीएस राइटर आता है। यह
- 11:33:51भी काफी अच्छा ऑप्शन है और इसकी खास बात
- 11:33:54यह है कि इसमें आपको ओपन सोर्स भी मिल
- 11:33:57जाता है कि आप फ्री ऑफ कॉस्ट भी यूज कर
- 11:34:00सकते हो लेकिन एक लिमिट तक। उसके बाद आपको
- 11:34:02एक्स्ट्रा फीचर अगर पूरे इनके फीचर चाहिए
- 11:34:04तो उसके लिए आपको फिर पे करना होगा। दोनों
- 11:34:06ही वर्जन इनके हैं। सेम उसी तरीके से काम
- 11:34:09करता है और डब्ल्यूपीएस ऑफिस सूट यह
- 11:34:11कहलाता है। इसको एक कंपनी है जिसका नाम है
- 11:34:14Kingsoff इसके द्वारा बनाया गया है।
- 11:34:18वर्ल्डपड एक ऑप्शन आपके पास हो सकता है।
- 11:34:21यह भी काफी हद तक MS Word की तरह काम करता
- 11:34:24है। बेसिक वर्ल्ड प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर
- 11:34:26है। Windows के साथ पहले से इंस्टॉल होकर
- 11:34:29आता है। ठीक है? लेकिन MS Word जितना बेटर
- 11:34:34नहीं है। यह आपको एक बेसिक टूल मिल जाता
- 11:34:36है डॉक्यूमेंटेशन के लिए, एडिटिंग के लिए,
- 11:34:38फॉर्मेटिंग के लिए। केवल आप सिंपल
- 11:34:41डॉक्यूमेंट्स ही इसमें यूज कर सकते हो।
- 11:34:44शॉर्टकट कीज़ कुछ देखेंगे MS Word में जो
- 11:34:46कि हमसे लगातार पूछी जाती हैं। यहां पर
- 11:34:48मैं बात कर रहा हूं सारी कंट्रोल के साथ
- 11:34:50यूज़ होने वाली की। ए से लेकर Z तक।
- 11:34:54कंट्रोल के साथ अगर आप ए से लेकर Z तक कीज़
- 11:34:57प्रेस करोगे तो वह कौन से ऑपरेशन परफॉर्म
- 11:35:00करती है? कंट्रोल A जब आप सेलेक्ट करते हो
- 11:35:04सॉरी कंट्रोल A जब आप प्रेस करोगे तो ऐसे
- 11:35:06में मान लीजिए 10 पेज का डॉक्यूमेंट है
- 11:35:09आपके पास वो पूरे के पूरे 10 पेज का जितना
- 11:35:12भी लिखावट होगी वो सब सेलेक्ट हो जाएगी।
- 11:35:16जब कोई टेक्स्ट सेलेक्ट होता है तो आप
- 11:35:17देखते हो ना उसके ऊपर ग्रे कलर आ जाता है।
- 11:35:20ऐसे करके पूरा एक ग्रे कलर आपको दिखने
- 11:35:23लगता है। टेक्स्ट हल्का-हल्का दिखाई देता
- 11:35:25है। ठीक है? तो पूरा डॉक्यूमेंट सेलेक्ट
- 11:35:28हो जाएगा। कंट्रोल ए अगर आपने प्रेस कर
- 11:35:30दिया तो कंट्रोल बी बोल्ड के लिए होता है।
- 11:35:33मतलब आपकी लिखावट पतली लिखी हुई है। जैसे
- 11:35:36वी है तो इसको मोटा कर देगा।
- 11:35:39ऐसे समझ लो। यह नॉर्मल वी है और अगर बोल्ड
- 11:35:43आपने कर दिया तो ऐसे लिख के आ जाएगा।
- 11:35:47ठीक है? कंट्रोल वी कंट्रोल सी फॉर कॉपी।
- 11:35:50कॉपी का मतलब टेक्स्ट आपने कॉपी कर लिया
- 11:35:52है। अब आपको पेस्ट करना है तो उसके लिए
- 11:35:54कंट्रोल वी होता है। एक जगह से कॉपी किया।
- 11:35:57दूसरे पेज में जाके उसको पेस्ट कर दिया।
- 11:36:00मतलब वहां से कॉपी हो के वहां पे आ गया।
- 11:36:02वो पेस्ट हो गया। कंट्रोल डी जब आप प्रेस
- 11:36:05करोगे तो आपके सामने फोंट का डायलॉग बॉक्स
- 11:36:08खुल जाएगा। उस फों्ट के डायलॉग बॉक्स में
- 11:36:10आप अपना फों्ट साइज कम कर सकते हो, ज्यादा
- 11:36:12कर सकते हो, स्टाइल चेंज कर सकते हो। यह
- 11:36:15सब आप कर सकते हो एक ही बार में। कंट्रोल
- 11:36:18ई आपका एलाइनमेंट को सेंटर में करता है।
- 11:36:20अभी मैंने आपको एलाइनमेंट बताए थे। चार
- 11:36:23तरीके के एलाइनमेंट अभी मैंने आपको बताए
- 11:36:25थे। याद है ना? लेफ्ट, राइट, सेंटर और
- 11:36:29जस्टिफाई। लेफ्ट अगर आप करोगे तो आपका
- 11:36:33टेक्स्ट पेज के लेफ्ट से आने लगेगा। राइट
- 11:36:35अगर आप प्रेस करोगे एलाइनमेंट तो राइट से
- 11:36:38लिखावट आने लगेगी लेफ्ट की तरफ। सेंटर
- 11:36:40करोगे तो पेज के बीचों-बीच में फों्ट आएगा
- 11:36:42और जस्टिफाई करोगे तो राइट से लेकर पूरा
- 11:36:45लेफ्ट तक जाएगा। फिर राइट से लेफ्ट तक ऐसे
- 11:36:47करके पूरा डॉक्यूमेंट बैलेंस फॉर्म में
- 11:36:50जाएगा। तो सेंट्रल एलाइनमेंट के लिए
- 11:36:53कंट्रोल ई है। कंट्रोल एफ जैसे ही आप
- 11:36:56प्रेस करेंगे तो आपके सामने एक डायलॉग
- 11:36:58बॉक्स खुल जाएगा फाइंड का। फाइंड में आप
- 11:37:00कोई भी वर्ड लिख सकते हो। आपके डॉक्यूमेंट
- 11:37:03में आप चाहते हो जैसे कि जैसे कि मान
- 11:37:05लीजिए 1 लाख लाइनों का डॉक्यूमेंट है।
- 11:37:07आपको सर्च करना है कहां पर वरुण लिखा हुआ
- 11:37:11है। तो आपने कंट्रोल एफ प्रेस किया। फाइंड
- 11:37:14का डायलॉग बॉक्स बन के आया। आप उसमें वरुण
- 11:37:17लिख दो। ओके करोगे जहां-जहां पर भी वरुण
- 11:37:19लिखा होगा आपको हाईलाइट कर देगा।
- 11:37:23कंट्रोल जी गो टू के लिए होता है। आप
- 11:37:27चाहते हो आपका कर्सर डॉक्यूमेंट में उस
- 11:37:29पर्टिकुलर जगह पर पहुंचे। जैसे 1 लाख
- 11:37:32लाइनों का डॉक्यूमेंट है। मैं चाहता हूं
- 11:37:34जहां पर भी सैलरी लिखा हुआ है मेरा कर्सर
- 11:37:37वहां पहुंच जाए। 10,000 पेजेस लिखे हुए
- 11:37:40हैं। 10,000 पेजेस का डॉक्यूमेंट है। अब
- 11:37:42मुझे तो पता नहीं है 10,000 पेजेस मैं
- 11:37:44मैनुअली तो जाऊंगा नहीं। तो जब आप कंट्रोल
- 11:37:47जी करोगे तो गो टू वाला डायलॉग बॉक्स खुल
- 11:37:49जाएगा। अब मैंने उस पे लिख दिया सैलरी।
- 11:37:52ओके जैसे ही करोगे मान लेते हैं 10,000
- 11:37:54पेज के डॉक्यूमेंट में 1324 नंबर का जो
- 11:37:57पेज है वहां पर सैलरी लिखा था। तो वो सीधे
- 11:38:00आपको 1324 नंबर के पेज पर स्विच कर देगा।
- 11:38:03इजी टू सर्च के लिए, इजी टू एडिट के लिए
- 11:38:06गो टू ऑप्शन का यूज किया जाता है। कंट्रोल
- 11:38:10H फाइंड एंड रिप्लेस के लिए यूज़ किया जाता
- 11:38:12है। जो अभी मैंने आपको ऑप्शन दिखाया था।
- 11:38:14कंट्रोल H आप जैसे ही प्रेस करोगे डायलॉग
- 11:38:17बॉक्स खुल जाएगा। इसमें दो ऑप्शन आएंगे।
- 11:38:19एक ऊपर फाइंड लिखा होगा। नीचे रिप्लेस
- 11:38:22लिखा होगा। पॉइंट में सपोज आपने डाला कि
- 11:38:26जहां-जहां पर भी आपको दो लिखा मिले उसको
- 11:38:29रिप्लेस कर दो तीन से। जैसे ही आप रिप्लेस
- 11:38:32ऑल पे क्लिक करोगे तुरंत पूरे डॉक्यूमेंट
- 11:38:35में आपके जहां-जहां पर भी टू लिखा होगा
- 11:38:37वहां पे थ्री लिख जाएगा।
- 11:38:40कंट्रोल आई फॉर इटलिक आपके फॉन्ट को
- 11:38:43इटैलिक में कन्वर्ट कर देता है। मतलब ऐसे
- 11:38:46लिखा हुआ है।
- 11:38:48वरुण यह सीधा-सीधा लिखा है तो इसको इटैलिक
- 11:38:50में कन्वर्ट कर देगा। यूं लिख के आने
- 11:38:53लगेगा।
- 11:38:55कंट्रोल जे फॉर जस्टिफाई एलाइनमेंट। जैसे
- 11:38:58अभी आपने देखा था सेंटर एलाइनमेंट करना है
- 11:39:00तो कंट्रोल ई है। बीच में टेक्स्ट लिख कर
- 11:39:02आएगा। जस्टिफाई करना है तो लेफ्ट से पूरा
- 11:39:06राइट तक जाएगा। तो इसके लिए कंट्रोल जे
- 11:39:08है।
- 11:39:10इंसर्ट अ हाइपरलिंक। इसके लिए शॉर्टकट की
- 11:39:13है कंट्रोल के। बहुत इंपॉर्टेंट है। पूछा
- 11:39:15बहुत बार जाता है।
- 11:39:18अब ये हाइपरलिंक क्या होता है?
- 11:39:20हाइपरलिंक क्या होता है? आपने कई बार
- 11:39:22डॉक्यूमेंट में कोई लिंक देखा होगा। मतलब
- 11:39:26देखा होगा ब्लू कलर से कुछ लिख के आ रहा
- 11:39:28है और जैसे ही आप उस पे क्लिक करते हो
- 11:39:31क्लिक करते ही वह आपको किसी और वेबसाइट
- 11:39:33में रीडायरेक्ट कर देता है। सपोज़
- 11:39:37सपोज़ जैसे कि
- 11:39:42मेरा Telegram है। मेरे Telegram पे
- 11:39:46मेरे Telegram पे आप देखोगे मैं करंट
- 11:39:49अफेयर की पीडीएफ आपको शेयर कर रहा हूं।
- 11:39:52ठीक है? तो जो पीडीएफ रहती है उस पीडीएफ
- 11:39:55में आप देखोगे नीचे में अपनी बुक्स की
- 11:39:58फोटो उस पर लगी रहती है मेरी जो भी
- 11:40:00किताबें हैं उनकी फोटो लगी रहती है और
- 11:40:03उसके नीचे एक लिंक दिया होता है ब्लू कलर
- 11:40:08का आ रहा होता है आप जैसे ही उस पे क्लिक
- 11:40:11करते हो वो सीधे आपको ले जाता है कहां पर
- 11:40:14आपके सामने एक नया पेज खोल देता है और यह
- 11:40:18नया पेज कहां का है उस वेबसाइट का है जहां
- 11:40:20पे मेरी किताब किताबें आपको दिख रही हैं।
- 11:40:23आप यहां से मेरी किताबें खरीद सकते हो।
- 11:40:27तो, यह क्यों हो पा रहा है? क्योंकि यह जो
- 11:40:30लिंक है, यह लिंक नॉर्मल लिंक नहीं है। यह
- 11:40:33क्या है? यह हाइपरलिंक है।
- 11:40:37हाइपरलिंक जब आप इंसर्ट करते हो, तो इसमें
- 11:40:40आप किसी भी वेबसाइट का एड्रेस दे सकते हो।
- 11:40:42वह डायरेक्ट आपको वहीं दूसरी वेबसाइट में
- 11:40:45स्विच कर देगा।
- 11:40:47ठीक है?
- 11:40:50आवाज तो मेरी क्लियर हो रही है।
- 11:40:55क्लास रुक तो नहीं गई।
- 11:40:58क्लियर है बात? तो अगर आपको एक से दूसरे
- 11:41:01डॉक्यूमेंट में स्विच करना है तो इसके लिए
- 11:41:02कंट्रोल के का यूज़ करेंगे तो आपका
- 11:41:04हाइपरलिंक जनरेट हो जाएगा। हाइपरलिंक जैसे
- 11:41:08ही आप कंट्रोल के प्रेस करेंगे आपके पास
- 11:41:10ऑप्शन आ जाएगा। आप उसमें कोई भी वेबसाइट
- 11:41:12का यूआरएल डाल सकते हो।
- 11:41:16कंट्रोल L यह आपका लेफ्ट एलाइन के लिए यूज
- 11:41:19होता है। मतलब जो आपका टेक्स्ट होगा वह
- 11:41:21लेफ्ट से आने लगेगा।
- 11:41:27अगला देखिए कंट्रोल M यह आपका इंडेंट को
- 11:41:30इनक्रीस करने के लिए यूज़ किया जाता है।
- 11:41:33इंडेंट इनक्रीस करने का मतलब क्या है?
- 11:41:35इसका मतलब यह है कि अगर आपको लाइनों के
- 11:41:38बीच में ज्यादा गैप देना है, पैराग्राफ के
- 11:41:40बीच में ज्यादा गैप देना है, तो ऐसे में
- 11:41:42कंट्रोल M का आप यूज करोगे। कंट्रोल n अगर
- 11:41:45आपको नया डॉक्यूमेंट खोलना है सपोज एक
- 11:41:48पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन खुली है या एक
- 11:41:50वर्ल्ड खुला हुआ है आपको नई शीट लेनी है
- 11:41:52तो आप कंट्रोल एन प्रेस करिए नया
- 11:41:55डॉक्यूमेंट खुल जाएगा बिल्कुल फ्रेश
- 11:41:56डॉक्यूमेंट खुल जाएगा आपके आगे
- 11:41:59कंट्रोल ओ
- 11:42:02दूसरे डॉक्यूमेंट को ओपन करने के लिए होता
- 11:42:04है। जैसे ही आप कंट्रोल ओ प्रेस करोगे
- 11:42:06आपके सामने एक डायलॉग बॉक्स खुलेगा। इसमें
- 11:42:09आपके पास ऑप्शन आ जाएगा कि आप ब्राउज कर
- 11:42:12सकते हो अपने किसी भी डॉक्यूमेंट को। मतलब
- 11:42:14आपके लैपटॉप में आपके डेस्कटॉप में कोई
- 11:42:17दूसरा डॉक्यूमेंट सेव है। आप उसको ब्राउज़
- 11:42:19करके जैसे ही ओके करोगे वो ओपन हो जाएगा।
- 11:42:22कंट्रोल पी जैसे ही आप प्रेस करोगे आपका
- 11:42:25डॉक्यूमेंट प्रिंट हो जाता है। ऐसे में यह
- 11:42:28प्रिंटर को कमांड भेज देता है कि यह
- 11:42:30डॉक्यूमेंट प्रिंट कर दो और उधर आप देखोगे
- 11:42:32आपका प्रिंटर डॉक्यूमेंट प्रिंट करके आपको
- 11:42:34दे देगा। कंट्रोल आर एलाइनमेंट को राइट
- 11:42:37करने के लिए कि जो आपका एलाइनमेंट है
- 11:42:41जितना भी लिखावट है वह सब आपकी राइट में आ
- 11:42:44जाती है। कंट्रोल एस डॉक्यूमेंट सेव कर
- 11:42:47देगा। कंट्रोल टी हैंगिंग इंडेंट। अब ये
- 11:42:50हैंगिंग इंडेंट क्या है? हैंगिंग इंडेंट
- 11:42:54क्या है? समझिएगा।
- 11:42:57जैसे मान लीजिए
- 11:43:06हैंगिंग
- 11:43:09इंडेंट
- 11:43:13जैसे मान लीजिए आप का यह डॉक्यूमेंट है और
- 11:43:18डॉक्यूमेंट में यह लाइन लिखी हुई है। ठीक
- 11:43:21है?
- 11:43:23आप चाहते हो कि अगला जो पैरा है वो अगला
- 11:43:26पैरा ऐसा ना हो। यह अगला पैरा राइट हैंड
- 11:43:28साइड से आए।
- 11:43:30तो नेक्स्ट पैरा यहां से आने लगेगा।
- 11:43:35यह जगह पूरी खाली हो गई। ठीक है? तो, यह
- 11:43:39जो फॉर्मेट है, दिस इज कॉल्ड हैंगिंग
- 11:43:40इंडेंट। यह वाला जो आपका इंडेंट है, यह
- 11:43:43हैंग हो गया। पूरा लटका हुआ दिखाई दे रहा
- 11:43:45है आपको। यह जगह पूरी खाली है।
- 11:43:48बुक्स वगैरह में इसका बहुत यूज़ किया जाता
- 11:43:51है। इस खाली जगह पर कई बार पिक्चर डाल दी
- 11:43:53जाती है। डॉक्यूमेंट्स पे भी इसका यूज़
- 11:43:56किया जाता है। आप ऐसी जगह पे पिक्चर ले
- 11:43:58सकते हो, एनिमेशन ले सकते हो।
- 11:44:02कंट्रोल U अंडरलाइन के लिए यूज होता है।
- 11:44:04कोई भी जैसे यह लिखावट लिखी हुई है
- 11:44:06शॉर्टकट की तो इसको सेलेक्ट करके जैसे ही
- 11:44:09कंट्रोल U आप प्रेस करोगे तो इसके नीचे
- 11:44:12लाइन आ जाएगी। कंट्रोल V पेस्ट के लिए यूज़
- 11:44:15होता है। अभी बताया था। कॉपी करने के बाद
- 11:44:17आपको पेस्ट भी करना होगा डॉक्यूमेंट। तो
- 11:44:19कंट्रोल P आप जैसे ही पे प्रेस करोगे आपका
- 11:44:22डॉक्यूमेंट जो कॉपी हुआ था वो यहां आ
- 11:44:24जाएगा। कंट्रोल W किसी भी डॉक्यूमेंट को
- 11:44:28अगर आपको क्लोज करना है मतलब नया
- 11:44:29डॉक्यूमेंट लाना है तो कंट्रोल N होता है
- 11:44:31उसके लिए लेकिन उसी डॉक्यूमेंट को अगर
- 11:44:33आपको बंद करना है तो कंट्रोल W आप प्रेस
- 11:44:36करोगे वो डॉक्यूमेंट क्लोज हो जाएगा आपके
- 11:44:38सामने से गायब हो जाएगा
- 11:44:40कंट्रोल एक्स कट करना है। कॉपी और कट में
- 11:44:44अंतर है। कॉपी का मतलब यह है कि जैसे लिखा
- 11:44:48हुआ है
- 11:44:51यह लिखा हुआ है वरुण।
- 11:44:54आपने इस डॉक्यूमेंट से कॉपी किया और यहां
- 11:44:57पर पेस्ट कर दिया। तो वरुण यहां पर भी लिख
- 11:45:00के आ गया और यह पहले जहां पर लिखा हुआ था
- 11:45:02वहां पर भी लिखा हुआ है क्योंकि कॉपी किया
- 11:45:04आपने। अगर आप कट करते हो तो यह कट हो
- 11:45:09जाएगा। यह यहां से खत्म हो गया। यह अब
- 11:45:13यहां पे आ जाएगा। कट का मतलब जो
- 11:45:16एग्जिस्टिंग जगह थी वो वहां से रिमूव हो
- 11:45:19गया पूरे तरीके से। ठीक है?
- 11:45:22कंट्रोल वाई रीडू कोई ऑपरेशन सपोज अभी
- 11:45:27आपने लिखा था
- 11:45:30अभी आपने लिखा था मान लीजिए 10 आपको लगा
- 11:45:34गलत हो गया आपने इसको डिलीट कर दिया
- 11:45:39लेकिन फिर आपको लगा कि
- 11:45:45फिर आपको लगा कि फिर से आना चाहिए 10 फिर
- 11:45:48से आना चाहिए नहीं मुझे लिखना है फिर तो
- 11:45:51आपको बार-बार लिखने की जरूरत नहीं है। आप
- 11:45:53सीधे क्या करोगे? कंट्रोल Z कर दो। वो
- 11:45:56अनडू हो जाएगा। लिख के आ जाएगा।
- 11:46:00अब आपको फिर लग रहा है कि नहीं हटाना है
- 11:46:02इसको। आप क्या कर दो? कंट्रोल वाई कर दो।
- 11:46:05वो रीडू हो जाएगा। फिर हट जाएगा।
- 11:46:08ठीक है? एक बार फिर से बताता हूं। सपोज़
- 11:46:10आपने लिख दिया 100।
- 11:46:14अब आपने इसको डिलीट कर दिया। अब आपको लग
- 11:46:17रहा है कि नहीं 100 लिख देता हूं। वही सही
- 11:46:20था। तो आप क्या करोगे? आप इसको अनडू
- 11:46:23करोगे। अनडू मतलब कंट्रोल Z आप जैसे ही
- 11:46:26प्रेस करोगे यह 100 फिर से लिख के आ गया
- 11:46:28आपके सामने। फिर आपको लग रहा है थोड़ी देर
- 11:46:31में कि नहीं यार गलत लिख दिया है। रिमूव
- 11:46:34कर दो। तो आपको बैक स्पेस दबा के रिमूव
- 11:46:37करने की जरूरत नहीं है। आप सीधे क्या कर
- 11:46:39दो? कंट्रोल वाई कर दो। रीडू हो जाएगा।
- 11:46:41मतलब फिर से गायब हो जाएगा। डिलीट हो गया।
- 11:46:46ठीक है? तो एक टास्क को टास्क को पीछे
- 11:46:49वाले टास्क को को परफॉर्म करना अनडू और
- 11:46:51आगे वाले टास्क को परफॉर्म करना रीडू। MS
- 11:46:55Office में क्या होता है ऑफिस? उसके
- 11:46:58कौन-कौन से वर्जन हैं? उसके क्या-क्या
- 11:47:00कंपोनेंट्स हैं? उन सभी कंपोनेंट्स को
- 11:47:03देखते हुए बेसिकली हम लोग फोकस कर रहे थे
- 11:47:06तीन चीजों पर। MS Word, MS Exl एंड MS
- 11:47:10Powpin जिसमें से MS Word की हम लोग बात
- 11:47:13कर चुके थे। और MS Word में भी लास्ट में
- 11:47:16शॉर्टकट कीज़ को हम लोग कवर कर चुके थे। अब
- 11:47:19कहानी उसके आगे बढ़ेगी। MS Word की कुछ और
- 11:47:22शॉर्टकट कीज़ हैं। उसके बाद फिर हम लोग MS
- 11:47:25Exl को देखेंगे और फिर पावर पॉइंट को
- 11:47:28देखेंगे।
- 11:47:30MS Word में आपकी कुछ और शॉर्टकट कीज़ हैं
- 11:47:33जो कि आपकी फंक्शन की से रिलेटेड होती
- 11:47:36हैं। फंक्शन की जिनके बारे में मैं आपको
- 11:47:38पहले भी बता चुका हूं। जब मैं आपको इनपुट
- 11:47:41एंड आउटपुट डिवाइसेस पढ़ा रहा था। वहां पर
- 11:47:43मैंने आपको कीबोर्ड के बारे में बताया था।
- 11:47:46जितनी भी हमारे कीबोर्ड में जो कैरेक्टर
- 11:47:49वाली कीज़ हमारी होती है उसके जस्ट ऊपर
- 11:47:52वाली जो लाइन आपको दिखाई देगी वो F1, F2,
- 11:47:55F3, F4 जो आपको लिखी हुई दिखाई दे रही
- 11:47:58होती हैं, वही दरअसल फंक्शन कीज़ होती हैं।
- 11:48:01अब ये फंक्शन कीज़ जब आप डायरेक्टली प्रेस
- 11:48:03करते हो तो इसका यूज़ क्या है? तो अगर आप
- 11:48:07F1 को प्रेस करेंगे, तो आपके सामने हेल्प
- 11:48:10वाला डायलॉग बॉक्स खुल जाएगा। अगर आपको
- 11:48:12किसी भी तरीके की हेल्प चाहिए तो आप इसमें
- 11:48:14Microsoft को लिख सकते हो और वो आपको
- 11:48:17रिवर्ट करेंगे। F2 अगर आपने प्रेस किया तो
- 11:48:21आपका जो टेक्स्ट है वो आप रीनेम कर सकते
- 11:48:23हो या फिर एक जगह से दूसरे डॉक्यूमेंट में
- 11:48:27उसे लोकेट भी कर सकते हो।
- 11:48:30F3 जब आप प्रेस करते हैं तो इसका मतलब है
- 11:48:32इंसर्ट ऑटो टेक्स्ट। ऑटो टेक्स्ट इन द
- 11:48:35सेंस
- 11:48:38सपोज़
- 11:48:40आप लिख रहे हैं
- 11:48:42आप दो से तीन बार डॉक्यूमेंट में लिख चुके
- 11:48:44हैं ही इज अ गुड बॉय तो मान लीजिए पांचवी
- 11:48:47बार आप लिख रहे हैं ही इज अ तो आप
- 11:48:50ऑटोमेटिकली वो आपको एक इंडिकेशन देगा कि
- 11:48:54अगर आप F3 प्रेस करेंगे तो वो ऑटोमेटिकली
- 11:48:56उसको पूरा कर देगा। तो आपने लिखा ही इज अ
- 11:48:59आपने तुरंत क्या किया? F3 प्रेस कर दिया।
- 11:49:02वो ऑटोमेटिकली ही आगे का टेक्स्ट उस पे
- 11:49:04इंसर्ट कर देगा। नेक्स्ट है F4। F4 क्या
- 11:49:08करेगा? आपने जो लास्ट वाला एक्शन लिया हुआ
- 11:49:11है एग्जांपल मान लीजिए अभी आपने
- 11:49:16मैं मान लेता हूं अभी आपने मेल मर्ज का
- 11:49:19यूज किया था। ठीक है? एक डॉक्यूमेंट ऐसा
- 11:49:22बनाया था जो कि प्रीवियस डॉक्यूमेंट से
- 11:49:24मिलताजुलता था। मेल मर्ज का यूज़ करके।
- 11:49:26आपको फिर से मेल मर्ज करना है। ऐसे में आप
- 11:49:29F4 प्रेस करेंगे। वह आपके लास्ट सेक्शन को
- 11:49:31रिपीट कर देगा। या मैं एक छोटा सेक्शन मान
- 11:49:35लेता हूं। सपोज़ मानिए कि अभी आपने एक वर्ड
- 11:49:37लिखा था। उस वर्ड को आपने रिमूव कर दिया।
- 11:49:41ठीक है? और फिर आपने लिखा तो दोबारा आपको
- 11:49:44रिमूव करने की जरूरत नहीं है। आप F4 प्रेस
- 11:49:47करेंगे वो ऑटोमेटिकली ही उसको अगेन रिमूव
- 11:49:49कर देगा। F5 आपका गो टू के लिए होता है।
- 11:49:53गो टू वाला डायलॉग बॉक्स खुल जाएगा और
- 11:49:55उसमें आप जिस भी वर्ल्ड पे जिस भी
- 11:49:57कैरेक्टर पे जाना चाहते हैं, आप उसको टाइप
- 11:49:59कर दीजिए। ओके करिए। ऑटोमेटिकली आपका
- 11:50:02कर्सर उस पर्टिकुलर टेक्स्ट के ऊपर जाकर
- 11:50:04रुक जाएगा। सपोज 10 लाख लाइनों का आपका
- 11:50:08डॉक्यूमेंट है। उसमें आपको ये देखना है कि
- 11:50:10कहां पर
- 11:50:12होम लिखा हुआ है। ठीक है? या मान लेते हैं
- 11:50:15कहां पर आपका नाम लिखा हुआ है। तो ऐसे में
- 11:50:17आपको गो टू पर जाना है। तो आप F5 प्रेस
- 11:50:20करोगे। गो टू आपके लिए ओपन हो जाएगा। आप
- 11:50:22अपना नाम लिखिए। वो सर्च करके डायरेक्टली
- 11:50:25आपका कर्सर आपके नाम के ऊपर ले जाएगा। F6
- 11:50:29का मतलब है स्विच बिटवीन डॉक्यूमेंट पेंस।
- 11:50:31डॉक्यूमेंट पेस का मतलब यह है कि
- 11:50:35आप देख रहे हो चार पेज हैं। चार पेज का
- 11:50:37डॉक्यूमेंट है। तो वह पेजेस जहां से
- 11:50:39कनेक्टेड होते हैं। ठीक है? वहां पर आपको
- 11:50:42स्विच करेगा ताकि आप इसका यूज़ वहां पर
- 11:50:45किया जाता है ताकि आप दो डॉक्यूमेंट्स के
- 11:50:47बीच में कोई भी चीज ऐड करना चाहते हैं या
- 11:50:49रिमूव करना चाहते हैं तो वो आप कर सकते
- 11:50:51हैं। नेक्स्ट है F7। यह स्पेलिंग और
- 11:50:55ग्रामर चेकिंग के लिए वर्ड के अंदर यूज
- 11:50:57होता है। F8 का यूज सिलेक्शन को एक्सटेंड
- 11:51:02करने के लिए होता है। सिलेक्शन एक्सटेंड
- 11:51:03का मतलब यह है सपोज मान लीजिए जैसे ये
- 11:51:06टेक्स्ट लिखा हुआ है। ठीक है? या मान
- 11:51:07लीजिए ये वाला टेक्स्ट लिखा हुआ है। अपडेट
- 11:51:10सिलेक्टेड फाइल्स। ठीक है?
- 11:51:12आपने कर्सर से केवल अपडेट को अभी सेलेक्ट
- 11:51:16कर लिया है। जब आप कर्सर क्लिक करके ऐसे
- 11:51:19टेक्स्ट के ऊपर करते हो तो ग्रे कलर का
- 11:51:21नहीं उसके ऊपर शेड आ जाता है। इसका मतलब
- 11:51:23आपने उसे सेलेक्ट कर लिया है। अब आपको यही
- 11:51:26सेक्शन एक्सटेंड करना है। आप चाहते हो
- 11:51:29सेक्टेड फाइल भी सेलेक्ट ये जो सिलेक्टेड
- 11:51:31फाइल लिखा हुआ है यह भी सेलेक्ट हो जाए।
- 11:51:34तो आप F9 को प्रेस करोगे। यह धीमे-धीमे
- 11:51:36आगे बढ़ता चला जाएगा। F9 को दबाते जाइए।
- 11:51:39यह आगे बढ़ता जाएगा और इसको सेलेक्ट करता
- 11:51:41जाएगा। तो वही मतलब यह है सॉरी F8 को आप
- 11:51:45प्रेस करते जाइए तो आपका सिलेक्शन जो है
- 11:51:47वह एक्सटेंड होता चला जाएगा। पहले मान
- 11:51:50लीजिए ex को केवल आपने सेलेक्ट किया था।
- 11:51:52आप F8 दबाते जाएंगे या और आगे और आगे और
- 11:51:55आगे और आगे और आगे जाता जाएगा। जितना भी
- 11:51:57आपको सेलेक्ट करना हो वहां तक ही दबाइए।
- 11:51:59अदरवाइज छोड़ दीजिए। वहां तक आपका जो
- 11:52:03टेक्स्ट है वो सेलेक्ट हो गया।
- 11:52:05फिर आप उसको बोल्ड कर सकते हो, इटैलिक कर
- 11:52:08सकते हो, अंडरलाइन कर सकते हो, जो भी आप
- 11:52:09करना चाहो उसका साइज बढ़ा सकते हो, कम कर
- 11:52:12सकते हो। F9 इज यूज्ड फॉर अपडेट सिलेक्टेड
- 11:52:16फाइल्स। अगर पहले तो आपने क्या किया? जो
- 11:52:19लिखा हुआ टेक्स्ट है उसको आपने सेलेक्ट कर
- 11:52:21लिया। अब आप उसमें कुछ अपडेट करना चाहते
- 11:52:24हो। मान लीजिए
- 11:52:26लिखा हुआ था 10। आपने इसको सेलेक्ट कर
- 11:52:30लिया। ठीक है? किससे? F8 से आपने सेलेक्ट
- 11:52:33कर लिया। अब आप इसको अपडेट करना चाहते हो।
- 11:52:35आप इस 10 की जगह 100 करना चाहते हो तो आप
- 11:52:39F9 प्रेस करो। कर्सर आपका यहां पर आ
- 11:52:41जाएगा। अब यहां पर आप ने लिख दिया ज़ीरो।
- 11:52:44अपडेट हो गया।
- 11:52:46F10 इज़ फॉर एक्टिवेट मेन्यू बार। कल मैंने
- 11:52:50आपको बताया था मेन्यू बार क्या होता है?
- 11:52:52अगर आपको डायरेक्टली मेन्यू बार पे स्विच
- 11:52:54करना है। जैसे यह आपका डॉक्यूमेंट है। इस
- 11:52:58डॉक्यूमेंट में यह आपकी ऊपर की लाइन
- 11:53:01मेन्यू बार है। ठीक है? तो, आप जब F10
- 11:53:05प्रेस करोगे, तो आपका जो कर्सर है, वह
- 11:53:07मेन्यू बार पर यहां पर यह पहला वाला
- 11:53:09हाईलाइट होने लगेगा। मान लेते हैं यह फाइल
- 11:53:12लिखा हुआ है। यह हाईलाइट होने लगेगा। अब
- 11:53:15आपको फाइल में जाना है। आप एंटर प्रेस कर
- 11:53:17दीजिए। आपको आगे और ऑप्शन में जाना है।
- 11:53:20मान लेते हैं आगे इंसर्ट का ऑप्शन है। तो,
- 11:53:22आप क्या करोगे? आप एरो प्रेस करिए। राइट
- 11:53:24वाला एरो प्रेस करिए। यह इसमें जंप कर
- 11:53:27जाएगा। एक और बार आपने राइट वाला एरो
- 11:53:29प्रेस किया। यह इसमें जंप कर गया। अगर
- 11:53:32आपको पीछे जाना है फिर से इंसर्ट पे
- 11:53:34इंसर्ट पे तो आप लेफ्ट वाला एरो प्रेस
- 11:53:36करिए। यह फिर पीछे आ जाएगा। मतलब कीबोर्ड
- 11:53:39कीज़ का ये जो शॉर्टकट कीज़ हैं इनका पूरा
- 11:53:43यूज़ तब होता है जब आप एक प्रोफेशनल हैं।
- 11:53:46या फिर आप मान लीजिए हर चीज आप माउस से
- 11:53:48नहीं करना चाहते हो। आप कीबोर्ड से इन
- 11:53:51सारे ऑपरेशंस को परफॉर्म कर सकते हो। माउस
- 11:53:53से तो कोई भी कर लेगा। कोई भी एक आम आदमी
- 11:53:56नॉन टेक्निकल पर्सन जिसको बिल्कुल भी
- 11:53:58नॉलेज नहीं है उसके हाथ में माउस दे
- 11:54:00दीजिए। वो कर्सर को केवल घुमाना जान गया।
- 11:54:03उसके बाद तो स्क्रीन पर कहीं पर भी क्लिक
- 11:54:04कर देगा।
- 11:54:06लेकिन शॉर्टकट कीज़ जो जब आप यूज करते हैं,
- 11:54:09दैट मींस कि आप पूरी स्क्रीन को अपने
- 11:54:12कीबोर्ड से ऑपरेट कर रहे हो।
- 11:54:16F1 गो टू नेक्स्ट फील्ड। कल मैंने आपको
- 11:54:20बताया था टेबल के बारे में। टेबल में
- 11:54:23मैंने आपको बताया था कॉलम को रिप्रेजेंट
- 11:54:25करती हैं उनकी फील्ड। तो अगर एक फील्ड से
- 11:54:28दूसरी फील्ड में आपको जाना है। एग्जांपल
- 11:54:31यह एक फाइल है। सॉरी यह एक टेबल है। इस
- 11:54:35टेबल में यह रोल नंबर वाला कॉलम है। यह
- 11:54:38नेम का कॉलम है। यह एड्रेस का कॉलम है।
- 11:54:42ठीक है? अब आपका कर्सर रोल नंबर पे है। अब
- 11:54:46आपको अगली फील्ड में जाना है। मतलब नेम पे
- 11:54:48जाना है। तो आप F1 प्रेस करिए। यह कर्सर
- 11:54:51नेम पे आ जाएगा। एक बार फिर से F1 प्रेस
- 11:54:54करेंगे। वह एड्रेस पर चला जाएगा।
- 11:54:58क्या चेंज हो रही है? फील्ड चेंज हो रही
- 11:55:00है। एक फील्ड से दूसरी फील्ड में वह जंप
- 11:55:02कर रहा है। F12 सेव एस के लिए यूज़ होता
- 11:55:06है। सेव एज और सेव में क्या अंतर होता है?
- 11:55:09यह भी कल हम लोग डिस्कस कर चुके हैं।
- 11:55:14कुछ और शॉर्टकट कीज़ हैं। इनको एक बार जरूर
- 11:55:16देखिएगा। अभी तक आपने देखा था नॉर्मल जो
- 11:55:19शॉर्टकट कीज़ हैं। कंट्रोल A से लेकर Z तक
- 11:55:22पहले हमने देखा। फिर हमने फंक्शन कीज़
- 11:55:24देखी। अब आप देखिए कंट्रोल के साथ अगर
- 11:55:27फंक्शन की आप प्रेस करोगे तो उससे क्या
- 11:55:29होता है? कंट्रोल F1 जो है यह आपका जो
- 11:55:33रिबन ऊपर होता है उसको शो करेगा। दोबारा
- 11:55:36आप प्रेस कर देंगे तो हाइड कर देगा। फिर
- 11:55:39प्रेस करेंगे कंट्रोल F1 तो फिर से शो हो
- 11:55:41जाएगा। अगेन प्रेस करेंगे तो हाइड हो
- 11:55:43जाएगा।
- 11:55:45कंट्रोल F2 प्रिंट प्रीव्यू के लिए कि अगर
- 11:55:48आप प्रिंट देने जा रहे हैं कोई डॉक्यूमेंट
- 11:55:50तो वह आपको पहले से कैसा दिखाई देगा।
- 11:55:53कंट्रोल F3 कट टू स्पाइक कट टू स्पाइक इन
- 11:55:57द सेंस कि एक पैरा से दूसरे पैरा में
- 11:56:00जाएगा। लेकिन हां कैसे मल्टीपल टेक्स्ट को
- 11:56:03लेकर जाएगा। एग्जांपल मान लीजिए
- 11:56:07ये डॉक्यूमेंट लिखा हुआ है। आपने इस
- 11:56:11डॉक्यूमेंट में
- 11:56:13चार वर्ड सेलेक्ट कर लिए। शिफ्ट प्रेस कर
- 11:56:16करके। ये चार वर्ड आपने सेलेक्ट किए। आप
- 11:56:19चाहते हो यह चारों वर्ड उठके किसी दूसरी
- 11:56:22जगह पर पेस्ट हो जाए आके और इसी सीक्वेंस
- 11:56:24में हो जाए। दैट इज कॉल्ड कट टू स्पाइक।
- 11:56:28एक नॉर्मल कट होता है। जहां पर आपने
- 11:56:31सेलेक्ट किया टेक्स्ट को कट किया पेस्ट कर
- 11:56:33दिया। लेकिन कट टू स्पाइक का मतलब है कि
- 11:56:36आपने बीच-बीच से डेटा को सेलेक्ट किया हुआ
- 11:56:38है। मान लीजिए चार वर्ड आपने सेलेक्ट किए
- 11:56:40हैं। यह चारों आप चाहते हो यहां से उठ के
- 11:56:42कहीं और आ जाए। दैट इज कॉल्ड कट टू
- 11:56:45स्पाइक। कंट्रोल F3 आप प्रेस करेंगे वो
- 11:56:47ऑटोमेटिकली वहां से उठ के फिर आप कंट्रोल
- 11:56:50वी कर देंगे जहां पर भी आपको पेस्ट करना
- 11:56:52होगा।
- 11:56:55नेक्स्ट है कंट्रोल F4 यह डॉक्यूमेंट को
- 11:56:57क्लोज करने के लिए सिंपल है। कंट्रोल F5
- 11:57:01जो विंडो आपने क्लोज कर दी है वो विंडो
- 11:57:03आपको फिर से ओपन चाहिए तो वो रिस्टोर कर
- 11:57:05देगा उसे। कंट्रोल F6 एक डॉक्यूमेंट से
- 11:57:08दूसरे डॉक्यूमेंट पर आपको स्विच करना है।
- 11:57:10मान लेते हैं दो वर्ल्ड की फाइल खुली हुई
- 11:57:13है या एक वर्ड की खुली हुई है, एक पावर
- 11:57:15पॉइंट की खुली हुई है। तो ऐसे में आप
- 11:57:17कंट्रोल F6 करेंगे तो वो आप एक से दूसरे
- 11:57:20डॉक्यूमेंट पे स्विच कर सकते हैं। कंट्रोल
- 11:57:23F7 Windows को मूव कराने के लिए यूज़ होता
- 11:57:27है। एक से दूसरी जगह पर।
- 11:57:29अगर आपको Windows का Windows का साइज कम
- 11:57:32करना है या ज्यादा करना है तो उस केस में
- 11:57:35आपके पास कंट्रोल F8 का ऑप्शन है। इसमें
- 11:57:39आप दोनों ही काम कर सकते हो। विंडो साइज
- 11:57:41कम कर सकते हो या ज्यादा कर सकते हो या
- 11:57:43स्क्रीन के पूरे बराबर कर सकते हो।
- 11:57:45कंट्रोल F9 इज़ फॉर इंसर्ट एंपटी फील्ड।
- 11:57:49जैसे कि आप किसी टेबल में काम कर रहे हो।
- 11:57:52ये तीन आपके पास कॉलम है। ठीक है? रोल
- 11:57:55नंबर, नेम एंड एड्रेस। आप चाहते हो एक और
- 11:57:59कॉलम ऐड करना मतलब एक और फील्ड आप ऐड करना
- 11:58:02चाहते हो आपका यहां पर कर्सर है।
- 11:58:06ठीक है? तो आप क्या प्रेस करोगे? कंट्रोल
- 11:58:08F9 आगे एक एंपटी फील्ड इंसर्ट हो जाएगी।
- 11:58:11मतलब एक नया कॉलम यहां पर जुड़ जाएगा आगे।
- 11:58:14अब आप इस फील्ड का नाम दे सकते हो। सपोज़
- 11:58:16आपने इस फील्ड का नाम दे दिया फादर नेम।
- 11:58:20ऐड हो गई। अगर आपका कर्सर यहां पर होगा
- 11:58:24नेम में तब अगर आपने कंट्रोल F9 प्रेस
- 11:58:27किया तो नेम के आगे होगी। मतलब नेम के आगे
- 11:58:30और एड्रेस के बीच में यहां बीच में एक
- 11:58:32कॉलम बन जाएगा ये वाला।
- 11:58:34ठीक है? तो कर्सर के राइट हैंड साइड पे ही
- 11:58:37हमेशा नई फील्ड बनेगी। ठीक है? शिवम आपका
- 11:58:40क्वेश्चन नहीं मुझे दिख रहा है। आपका केवल
- 11:58:42इतना कमेंट दिख रहा है। सर प्लीज रिप्लाई।
- 11:58:46क्या क्वेश्चन है? एक बार लिखिए।
- 11:58:49कंट्रोल F10 विंडो को मैक्सिमाइज करने के
- 11:58:52लिए होता है कि आपकी पूरे स्क्रीन पर
- 11:58:54विंडो आ जाएगी। कंट्रोल F1 इज़ फॉर लॉक
- 11:58:58फील्ड। अगर आप चाहते हो किसी एक फील्ड को
- 11:59:01लॉक करना मतलब उस पे आप कर्सर ले जाओ उसके
- 11:59:03बाद भी उसमें कोई चेंज ना हो। तो ऐसे में
- 11:59:06उस पर जाके उसको सेलेक्ट करके कंट्रोल F1
- 11:59:09आप प्रेस करेंगे तो आपकी वो फील्ड लॉक हो
- 11:59:11जाएगी। कंट्रोल F12 जो है यह डॉक्यूमेंट
- 11:59:14को ओपन करने के लिए यूज होती है। तो यह वह
- 11:59:17शॉर्टकट कीज़ हैं जिनका आप कंट्रोल के साथ
- 11:59:20यूज करते हो। नाउ कम्स टू MS Exl
- 11:59:24MS Exl बेसिकली किस लिए यूज़ होता है? यह
- 11:59:27एक तरीके का स्प्रेडशीट सॉफ्टवेयर है।
- 11:59:30जहां पर आप कैलकुलेशंस कर पाते हो। अपना
- 11:59:33MIS का डाटा आप पूरा मेंटेन कर पाते हो।
- 11:59:36एमआईएस का मतलब जानते हैं मैनेजमेंट
- 11:59:39इंफॉर्मेशन सिस्टम। आज की डेट में कोई ऐसा
- 11:59:42ऑफिस नहीं है दुनिया में जहां पर MS Exl
- 11:59:44का यूज ना होता हो। हर एक जगह पर MS Exl
- 11:59:47यूज़ होता है या फिर कोई ना कोई दूसरी
- 11:59:49स्प्रेडशीट
- 11:59:51यूज होती होगी। क्योंकि हर एक का डाटा
- 11:59:54रिकॉर्ड करने का तरीका ऐसा ही है। चाहे आप
- 11:59:57स्कूल ले लीजिए, कॉलेज, यूनिवर्सिटी, कोई
- 11:59:59कॉर्पोरेट ऑफिस, कोई सरकारी डिपार्टमेंट,
- 12:00:02कुछ भी हर एक जगह पर स्प्रेडशीट का यूज़
- 12:00:05होता है। MS Excel जो कि Microsoft ने
- 12:00:08बनाया हुआ है। Microsoft सूट के अंदर ही
- 12:00:11आता है। कल भी मैंने आपको बताया था। यूज़
- 12:00:13होता है किस लिए? स्टोर कैलकुलेशन
- 12:00:17एनालिसिस करना है आपको डाटा का और डाटा को
- 12:00:20या फिर डाटा किसी को दिखाना है विजुअलाइज
- 12:00:22करना है
- 12:00:25सर मार्च तक सिलेबस खत्म हो जाएगा अगर आप
- 12:00:27सिलेक्शन बैच वन टू या थ्री में से किसी
- 12:00:30में भी हैं तो आपका जो बैच है वह मार्च तक
- 12:00:34खत्म हो जाएगा टेंशन फ्री रहिए
- 12:00:42सर एक रिक्वेस्ट है आपसे यह क्लास सीजीएल
- 12:00:44के बाद मत हटाना। मेरा लेखपाल भी है।
- 12:00:49आपका तो 2 साल का सब्सक्रिप्शन है ना। आप
- 12:00:52में से जिसने भी बैच लिया हुआ है उन सबका
- 12:00:552 साल का सब्सक्रिप्शन है। तो आपका लेखपाल
- 12:00:58का एग्जाम 2 साल के अंदर तो हो ही जाएगा
- 12:01:00ना। बहुत लंबा टाइम है। टेंशन फ्री रहिए।
- 12:01:05यहां एक साल का कोई सब्सक्रिप्शन थोड़ी
- 12:01:07है। आप आराम से पढ़ते रहिए। सारी क्लासेस
- 12:01:10आपको दिखती रहेंगी। कोई क्लासेस हटने नहीं
- 12:01:12वाली है ना डिलीट होने वाली है।
- 12:01:16फोकस का कहना है सर क्लास के एंड में 5
- 12:01:18मिनट हमसे बात कर लीजिएगा मतलब स्टूडेंट
- 12:01:20से। बिल्कुल कर लूंगा। अभी भी कर सकता
- 12:01:23हूं। बताइए
- 12:01:25इसकी लास्ट क्लास है। इसलिए मैं आराम से
- 12:01:28ही चल रहा हूं। ज्यादा कुछ बचा नहीं है
- 12:01:30इसमें।
- 12:01:37सर 15 नंबर के लेखपाल में हैं। कोई दिक्कत
- 12:01:40नहीं है। कंटेंट नहीं हटेगा। परेशान ना
- 12:01:42होइए आप।
- 12:01:44कंटेंट रहेगा।
- 12:01:47₹1 वाला बैच है आपका।
- 12:01:51₹1 वाला बैच है। अच्छा मेंस का बैच आपने
- 12:01:53लिया हुआ है। ₹1 वाला। हां। तो वही रहेगा
- 12:01:56कंटेंट। आई थिंक नहीं हटना चाहिए।
- 12:02:00₹1 वाला है तो क्या हुआ? आपने तो बैच ले
- 12:02:02लिया ना उस टाइम पे जिस टाइम पे ऑफर था।
- 12:02:08टेंशन फ्री हो जाइए। बिल्कुल इधर-उधर
- 12:02:10दिमाग बिल्कुल मत लगाइए कि कंटेंट हट
- 12:02:13जाएगा या कुछ हो जाएगा। आप केवल पढ़ाई पर
- 12:02:15ध्यान दीजिए। आपका कोई कंटेंट नहीं हटेगा।
- 12:02:19ठीक है?
- 12:02:22और बताइए क्या समस्या है?
- 12:02:33और बताइए
- 12:02:46हेमंत का पूछना है।
- 12:02:49हेमंत का पूछना है सर कंट्रोल + 0 का क्या
- 12:02:52फंक्शन होता है? बढ़िया क्वेश्चन है। देखिए
- 12:03:03जब भी आप वेब ब्राउज़र अपना खोलेंगे। ठीक
- 12:03:05है? जब भी आप वेब ब्राउज़र खोलेंगे तो आप
- 12:03:08देखेंगे
- 12:03:10राइट हैंड साइड पे ऊपर पे जब आप क्लिक
- 12:03:12करेंगे यहां पर तो आपके पास एक ऑप्शन आएगा
- 12:03:15ज़ूम का। आप अपने स्क्रीन को ज़ूम इन ज़ूम
- 12:03:18आउट कर सकते हो। ठीक है?
- 12:03:21मान लेते हैं 80% पर आपको दिखा रहा है।
- 12:03:25ठीक है? आपने अगर
- 12:03:29आपने अगर मान लीजिए ज़ूम आउट कर रखा है।
- 12:03:32मान लीजिए 10% पे आपने कर रखा है तो आपका
- 12:03:35टेक्स्ट आपको बहुत छोटा-छोटा दिखाई दे रहा
- 12:03:37है। अगर आपने मान लीजिए 50% पे कर दिया तो
- 12:03:41यही टेक्स्ट आपका बड़ा-बड़ा आपको दिखाई
- 12:03:43देने लगेगा। मान लीजिए 10% में आपको दिखाई
- 12:03:46दे रहा था वी ए आर यू एन 50% आपने किया तो
- 12:03:50यह बड़ा हो गया वी ए आर यू एन कंट्रोल + 0
- 12:03:55का यूज़ क्या होता है
- 12:03:57जब आप कंट्रोल + 0 करोगे इस केस में वो
- 12:04:01आपका जो ज़ूम साइज है वो 100% पे शिफ्ट कर
- 12:04:05देगा कितने पे 100% पे शिफ्ट कर देगा तो
- 12:04:09कंट्रोल + 0 फॉर
- 12:04:15ज़ूम साइज
- 12:04:17100%
- 12:04:21ठीक है।
- 12:04:23क्लियर हो गई बात? अब जैसे ही मान लीजिए
- 12:04:25आपने कंट्रोल + 0 किया अभी 50% में आपको
- 12:04:28ऐसा दिखाई दे रहा था तो 100% हो जाएगा।
- 12:04:31इसका दुगना हो गया। अब आपको टेक्स्ट इतना
- 12:04:33बड़ा दिखाई देने लगेगा।
- 12:04:37मेरी बात आप समझे? वेब ब्राउज़र में कल
- 12:04:40करके देखिएगा।
- 12:04:43क्लियर हो जाएगा आपको।
- 12:04:52चल आगे बढ़े।
- 12:04:54Excel की हम लोग बात कर रहे हैं। क्या
- 12:04:56इसका पर्पस है? आपको पता ही है। वैसे तो
- 12:04:58हम लोग कल भी पर्पस की बात कर चुके थे। आज
- 12:05:01की डेट में ऑफिसिसेस, बैंकिंग, एजुकेशन,
- 12:05:04अकाउंट्स, एग्जाम एवरीवेयर वी वी आर
- 12:05:07यूजिंग स्प्रेडशीट। Microsoft यूज़ करिए या
- 12:05:09Apple यूज़ करिए। स्प्रेडशीट आपको यूज़ करना
- 12:05:12ही पड़ेगा। इसके बिना आप डाटा मेंटेन नहीं
- 12:05:14कर पाते। यहां पर रो और कॉलम्स के फॉर्म
- 12:05:17में हम लोग डेटा को मेंटेन करते हैं। जब
- 12:05:21भी आप एक्सेल शीट खोलेंगे तो आपके सामने
- 12:05:23इस तरीके की आपको शीट दिखाई देती है। मैं
- 12:05:26समझता हूं आप में से सभी ने देखी होगी
- 12:05:28एक्सेल शीट। इस तरीके के इसमें खाने होते
- 12:05:30हैं। ठीक है? इसमें जो ऊपर वाले होते हैं
- 12:05:33ए बी सी, डी, ई, एफ। यह फील्ड को
- 12:05:38रिप्रेजेंट करते हैं। जबकि यह आपके रो को
- 12:05:42रिप्रेजेंट करते हैं। यह ऊपर कॉलम को
- 12:05:44रिप्रेजेंट कर रहे हैं। ये रो को
- 12:05:46रिप्रेजेंट करेंगे। 1 2 3 4 इस तरीके से।
- 12:05:53यूज़ क्या होते हैं MS Excel के?
- 12:05:56परफॉर्मिंग कैलकुलेशन यूजिंग फार्मूलाज़।
- 12:05:59आप यहां पे नॉर्मल कैलकुलेशन भी कर सकते
- 12:06:01हो और फार्मूलाज़ लगाकर भी कैलकुलेशन कर
- 12:06:03सकते हो। डाटा एनालिसिस बड़े से बड़ा आप
- 12:06:06कर सकते हो। रिपोर्टिंग भी आप कर सकते हो।
- 12:06:09मतलब उस पर एक प्रॉपर रिपोर्ट भी बना सकते
- 12:06:11हो। क्रिएटिंग चार्ट्स एंड ग्राफ्स। आप इन
- 12:06:14रिपोर्ट्स में चार्ट और ग्राफ की मदद से
- 12:06:16भी डेटा को रिप्रेजेंट कर सकते हो।
- 12:06:19मेंटेनिंग रिकॉर्ड्स स्पेशली जैसे कि
- 12:06:21मार्क्स हो गए, अटेंडेंस हो गए, अकाउंट्स
- 12:06:23हो गए। इस तरीके का आप डाटा बना सकते हो।
- 12:06:25इवन फाइनेंशियल एनालिसिस बजट जैसी चीजें
- 12:06:29भी आप इस पर बना सकते हो। बहुत ज्यादा
- 12:06:31यूज़फुल होता है यह। Microsoft Office का
- 12:06:34यह पर्टिकुलर पार्ट जिसको स्प्रेडशीट या
- 12:06:37MS Exl हम लोग बोलते हैं। क्वेश्चन आपके
- 12:06:40यहां से पूछे जाते हैं। क्वेश्चन क्या
- 12:06:42पूछेगा? आपसे पूछता है MS Excel में
- 12:06:45मैक्सिमम कितनी रोज़ होती हैं? मतलब ये जो
- 12:06:48आपको शीट दिखाई दे रही है,
- 12:06:52इसमें ये जो रोज़ हैं, 1 2 3 4 ये कितनी
- 12:06:55रोज़ होती हैं? 148576
- 12:06:58रोज़ होती हैं। मतलब आप इमेजिन करिए कि आप
- 12:07:01एक MS एक्सेल शीट में 1448576
- 12:07:07लोगों का डाटा मेंटेन कर सकते हैं जनरली।
- 12:07:10ठीक है? सॉरी 10 लाख 1 लाख कम बोल दिया
- 12:07:14मैंने। 10,48,576
- 12:07:17लोगों का आप डाटा मेंटेन कर सकते हैं इन अ
- 12:07:19वन एक्सेल शीट। इसी तरीके से आपसे फील्ड
- 12:07:22पूछे या कॉलम पूछे मतलब इनकी बात कर रहा
- 12:07:25है।
- 12:07:26कितने मैक्सिमम कॉलम होते हैं? तो 16384
- 12:07:30यह A से लेकर X FD तक होते हैं। अब देखिए
- 12:07:34काम कैसे करते हैं? A से लेकर Z तक तो
- 12:07:37नॉर्मली होगा। A B C, D, E, F ऐसे करके Z
- 12:07:42तक तो चला जाएगा। लेकिन Z के बाद कैसे
- 12:07:45शुरू होते हैं? कॉलम। Z के बाद ऐसे शुरू
- 12:07:47होंगे।
- 12:07:49A एb
- 12:07:54AC
- 12:07:56AD
- 12:07:57AE जब यह AZ तक हो जाएंगे तब फिर कैसे आगे
- 12:08:03का कॉलम शुरू होगा? तब कैसे शुरू होगा? तब
- 12:08:07शुरू होगा आपका
- 12:08:09BA
- 12:08:11BB
- 12:08:13BC
- 12:08:15BD
- 12:08:16इस तरीके से फिर चलेगा। फिर C में आएगा।
- 12:08:19फिर डी में आएगा। फिर दो से ऐसे करते-करते
- 12:08:22तीन में पहुंच जाएगा। और फाइनली xfडी तक
- 12:08:25यह जाता है। क्लियर हो रही है सब? सभी सभी
- 12:08:28को बात? मैक्सिमम वर्कशीट इन अ वर्क बुक।
- 12:08:32एक वर्क बुक में मैक्सिमम कितनी वर्कशीट
- 12:08:34हो सकती हैं? यह डिपेंड करता है आपकी
- 12:08:36सिस्टम की मेमोरी के ऊपर। अगर ज़ूम
- 12:08:40परसेंटेज की बात करें तो मिनिमम आप फॉन्ट
- 12:08:42को 10% पे ले जा सकते हो और मैक्सिमम
- 12:08:45इसमें आप 400% पे फॉन्ट को अपने बड़ा कर
- 12:08:48सकते हो।
- 12:08:50कुछ और भी क्वेश्चन जो कि यहां से आपसे
- 12:08:52काफी पूछे जाते हैं MS Exl में। जैसे कि
- 12:08:54आपसे पूछ देता है एक सेल में मैक्सिमम
- 12:08:57कितने कररेक्टर आ सकते हैं? एक सेल का
- 12:08:59मतलब यह है जैसे यह आपकी शीट है।
- 12:09:06इसमें ये जो हर एक चौकोर खाना आपको दिखाई
- 12:09:09दे रहा है। 1 2 3 4 1 2 3 4 1 2 3 4 ये जो
- 12:09:12हर एक आपको खाना दिखाई दे रहा है चौकोर
- 12:09:15यही सेल है। ओवरऑल अगर मैं आपसे बात करूं
- 12:09:18यहां आपको कितने सेल दिखाई दे रहे हैं? तो
- 12:09:201 2 3 4 1 2 3 4 चार इधर चार इधर 4 * 4 =
- 12:09:2716 16 सेल्स आपको यहां पर दिखाई दे रहे
- 12:09:30हैं। यह सब क्या हैं? सेल हैं अपने आप
- 12:09:32में। तो मैक्सिमम
- 12:09:34एक सेल के अंदर मैक्सिमम कितने कररेक्टर आ
- 12:09:37सकते हैं? मतलब कितना बड़ा नाम आप लिख
- 12:09:39सकते हो या कितना बड़ा सेंटेंस लिख सकते
- 12:09:41हो? मैक्सिमम कितने कररेक्टर आएंगे?
- 12:09:4332,767
- 12:09:46कैरेक्टर आ जाएंगे। ध्यान रखिएगा क्या
- 12:09:49इसमें कैरेक्टर में स्पेस काउंट होता है?
- 12:09:53यस।
- 12:09:54यहां पर स्पेस काउंट होता है।
- 12:09:58स्पेस काउंट्स एग्जांपल जैसे कि मैंने
- 12:10:02लिखा
- 12:10:04वरुण अवस्थी।
- 12:10:11ठीक है? तो आप अब आप देखिए कितने कैरेक्टर
- 12:10:14हो गए हैं। 1 2 3 4 5 पांच ये हो गए। बीच
- 12:10:20में स्पेस दिया है ना यह भी काउंट होगा।
- 12:10:22छह 7 8 9 10 11 12 13 कररेक्टर हैं। यह 12
- 12:10:30कररेक्टर नहीं है क्योंकि यह वाला भी ऐड
- 12:10:32होगा स्पेस इसमें।
- 12:10:35ओके?
- 12:10:38विज़िबल कररेक्टर एक सेल में आपको कितने
- 12:10:40होंगे? मतलब एक बार में एक सेल में आप
- 12:10:42कितने कररेक्टर देख पाओगे? तो 32,767
- 12:10:47आ सकते हैं। लेकिन एक बार में 1024 ही
- 12:10:50आपको विज़िबल हो सकते हैं शीट में।
- 12:10:52मैक्सिमम फार्मूला लेंथ अगर आप कोई
- 12:10:54फार्मूला लगा रहे हो चाहे कोई भी फार्मूला
- 12:10:56आप x y z पूरा लंबा आप फार्मूला लगा रहे
- 12:10:59हो पहले परसेंटेज का लगाया फिर बाद में
- 12:11:01आपने ब्रैकेट्स का यूज किया ऐसे करके 8192
- 12:11:05कररेक्टर तक का आप फार्मूला लगा सकते हो
- 12:11:07मतलब ऑलमोस्ट पूरे वर्ल्ड में मैक्सिमम
- 12:11:11लोगों का काम हो ही जाता है इसमें अंटिल
- 12:11:13और अनलेस सुपर कंप्यूटर में ना आप काम कर
- 12:11:16रहे हो सुपर कंप्यूटर में ही इससे ज्यादा
- 12:11:18की जरूरत पड़ती है मेनफ्रेम तक का भी काम
- 12:11:20हो जाता है आराम से डिफॉल्ट फॉन्ट यहां पर
- 12:11:23भी आपको कैलिब्री मिलता है। डिफॉल्ट साइज
- 12:11:25यहां पर भी आपको 11 पॉइंट का मिलता है।
- 12:11:302 मिनट का मुझे समय दीजिएगा। मैं 2 मिनट
- 12:11:33में आया और कंटिन्यू कर रहा हूं।
- 12:11:39तब तक आप लोग बिल्कुल शांति बनाए रखें।
- 12:11:59माफी चाहता हूं अगर 2 मिनट से ज्यादा लगे
- 12:12:02हो तो।
- 12:12:08ओके।
- 12:12:13अब देखिए आपसे यहां पर पूछ रहा है कि
- 12:12:16मैक्सिमम पाइवट टेबल फील्ड की बात कर रहा
- 12:12:19है कि मैक्सिमम आपकी जो टेबल होगी उसमें
- 12:12:22फील्ड कितनी हो सकती है। तो यह सोर्स डेटा
- 12:12:24पर लिमिटेड होता है कि हां आपकी मेमोरी पर
- 12:12:29डिपेंड होगा। आपकी मेमोरी जिस तरीके से
- 12:12:31सिस्टम की मेमोरी सपोर्ट कर रही होगी।
- 12:12:33फाइल एक्सटेंशन जो होंगे MS Excel में
- 12:12:36पहले फाइल का जो एक्सटेंशन था यह XLS से
- 12:12:39बनता था। लेकिन आज की डेट में क्योंकि
- 12:12:41एक्सटेंडेड वर्जन हर कोई यूज कर रहा है तो
- 12:12:44एक्सls एक्स से बनता है। यहां पर एक्स का
- 12:12:46मतलब वही है जैसे डॉक्यूमेंट फाइल बन रही
- 12:12:49थी वर्ल्ड में तो डॉक्स का मतलब क्या था?
- 12:12:51एक्स का मतलब एक्सटेंसिबल
- 12:12:55एक्सटेंडेड वर्जन मतलब पहले से बेहतर
- 12:12:57वर्जन। डिफॉल्ट एलाइनमेंट टेक्स्ट जो आपको
- 12:13:00मिलेगा यह आपको लेफ्ट में मिलेगा। और अगर
- 12:13:02वही नंबर्स हैं तो आपको राइट से मिलेगा।
- 12:13:04एग्जांपल जैसे ये है
- 12:13:08यह टेबल है। यह दो कॉलम है।
- 12:13:12ओके? अगर कैरेक्टर लिखे हुए हैं। ठीक है?
- 12:13:15अगर कैरेक्टर लिखे हुए हैं तो आपको लेफ्ट
- 12:13:19से मिलेंगे। जैसे वरुण लिखा है तो यह
- 12:13:21लेफ्ट से
- 12:13:23बैट लिखा हुआ है लेफ्ट से।
- 12:13:27काऊ लिखा हुआ है लेफ्ट से। लेकिन यही अगर
- 12:13:30नंबर्स की बात आ जाए तो यह राइट एलाइनमेंट
- 12:13:32में बाय डिफॉल्ट आपको मिलते हैं। जैसे कि
- 12:13:3410 लिखा हुआ है तो इधर लिखा होगा। दो लिखा
- 12:13:38हुआ है इधर लिखा होगा। 300 लिखा हुआ है
- 12:13:41इधर लिखा होगा। ठीक है? ये आपको इधर से
- 12:13:45नहीं मिलेंगे। तो एलाइनमेंट कल भी मैंने
- 12:13:47आपको बताया था। चार तरीके के होते हैं।
- 12:13:50लेफ्ट, राइट, सेंटर एंड जस्टिफाई।
- 12:13:54ऑटो सम शॉर्टकट की जो है यह एड प्लस इज
- 12:13:58इक्वल टू है। ऑटो सम का सीधा सा मतलब यह
- 12:14:00है कि यह क्या कर देगा? जितनी भी वैल्यू
- 12:14:02है इस पूरे को ऐड करके आपको इसके नीचे दे
- 12:14:05देगा। जो नीचे वाला सेल खाली होगा उसी में
- 12:14:08इसको ऐड करके पूरी वैल्यू आ जाएगी। दैट इज
- 12:14:11कॉल्ड ऑटोसम। एक साथ उसको जोड़ देता है।
- 12:14:16की फीचर्स क्या-क्या हैं MS Excel के?
- 12:14:18वर्क बुक एंड वर्कशीट पर आप काम करते हो।
- 12:14:21एक वर्क बुक के अंदर कई सारी शीट्स होती
- 12:14:24हैं। ठीक है? वर्कशीट्स फार्मूलाज़ एंड
- 12:14:27फंक्शनंस के ऊपर आप काम करते हो। बेसिकली
- 12:14:29आप सम का फार्मूला लगा सकते हो। सम के
- 12:14:32अलावा एवरेज काउंट इफ एंड VLOOKUP का आप
- 12:14:35फार्मूला लगा सकते हो। इफ आप कंडीशंस में
- 12:14:38लगाते हो। यह कंडीशन कुछ इस तरीके से लगती
- 12:14:41हैं। जैसे कि मान लीजिए
- 12:14:44आपने लिखा इफ
- 12:14:50वैल्यू
- 12:14:53= 20
- 12:14:56देन एग्जिट।
- 12:15:01ठीक? इसका मतलब यह है कि सपोज़ मान लीजिए
- 12:15:05आप एंप्लई आईडी डाल रहे थे या मान लीजिए
- 12:15:08आप टेबल में रो डाल रहे। अह रोल नंबर डाल
- 12:15:10रहे थे। अब वैल्यू जैसे ही 20 होगी 1 2 3
- 12:15:154 5 6 7 8 करते हुए जब 20 तक पहुंचेगा।
- 12:15:19जैसे ही 20 तक पहुंचेगा
- 12:15:22इस वैल्यू को 20 कंडीशन सेटिस्फाई कर गई
- 12:15:26और जैसे ही 20 तक पहुंचा तुरंत वो क्या
- 12:15:28करेगा? एग्जिट कर जाएगा। उसके आगे का डाटा
- 12:15:31फिर नहीं दिखाएगा। इस तरीके की कंडीशंस इफ
- 12:15:34पे लगती हैं। जब आप चाहते हो कि आपके डेटा
- 12:15:36में वैलिडेशन हो। आप चाहते हो यहां तक का
- 12:15:39डेटा दिखाई दे। अदरवाइज फिर ये आपको शो
- 12:15:41करने लगे। आप इसमें एग्जिट की जगह कुछ और
- 12:15:44भी लगा सकते हो। जैसे कि
- 12:15:47आपने लिखा इफ वैल्यू इज इक्वल टू 20
- 12:15:50सर्चिंग आप कर रहे थे। जैसे ही आप 20 तक
- 12:15:52पहुंचे तो उसको वैल्यू सेटिस्फाई कर गई।
- 12:15:55वैल्यू इज इक्वल टू 20 तो आप इस पे चाहते
- 12:15:57हो कि जैसे ही 20 वाली वैल्यू पर डेट आए
- 12:16:01तुरंत एक पाई चार्ट हमें दिखाई देने लगे।
- 12:16:03तो एक चार्ट तुरंत दिखाई देने लगेगा पाई
- 12:16:05चार्ट।
- 12:16:08ठीक है? 20%, 20%,
- 12:16:1240% ऐसे करके आपको पाई चार्ट दिखाने
- 12:16:14लगेगा। क्लियर है?
- 12:16:17चार्ट्स एंड ग्राफ्स का आप इसमें यूज़ कर
- 12:16:19सकते हो। अब यहां पर भी चार्ट्स के ऑप्शन
- 12:16:23आपके पास होते हैं। एक बार, दूसरा पाई
- 12:16:26चार्ट, तीसरा लाइन चार्ट, कॉलम चार्ट। यह
- 12:16:28होते क्या हैं? इनको समझ लीजिए।
- 12:16:52आपने इस तरीके के चार्ट बने हुए देखे
- 12:16:54होंगे।
- 12:16:56दिस इज बार चार्ट। ठीक है? यह आपका क्या
- 12:17:00कहलाएगा?
- 12:17:01बार चार्ट।
- 12:17:04जबकि पाई चार्ट किस तरीके का होता है?
- 12:17:19इसमें आपको परसेंटेज की फॉर्म में वैल्यू
- 12:17:21दिखाएगा। जैसे मान लीजिए 15%
- 12:17:2510%
- 12:17:2715%
- 12:17:2920% ऐसे करके आपको दिखाएगा। दिस इज
- 12:17:35पाई चार्ट। इसी तरीके से एक आपका होता है
- 12:17:39लाइन चार्ट।
- 12:17:42लाइन चार्ट।
- 12:17:46ठीक है? और दूसरा है कॉलम चार्ट।
- 12:17:50आपने इस तरीके का देखा होगा फॉर्मेट।
- 12:18:15दिस इज़ लाइन चार्ट। इसको क्या बोलते हैं?
- 12:18:18लाइन चार्ट।
- 12:18:21और जबकि आपका कॉलम चार्ट क्या कहलाता है?
- 12:18:23वह कुछ इस तरीके का होता है। सबसे जनरली
- 12:18:26कॉलम चार्ट का ही यूज किया जाता है।
- 12:18:33यह आपको इस तरीके की इमारतें दिखाई देंगी।
- 12:18:35जब क्रिकेट मैच आप देखते हो वहां पर आपको
- 12:18:37डाटा ज्यादातर कॉलम चार्ट में ही दिखाई
- 12:18:40देता है।
- 12:18:46दिस इज
- 12:18:49कॉलम चार्ट।
- 12:18:55ओके
- 12:19:00की फीचर्स में आप सॉर्टिंग कर सकते हो।
- 12:19:03फिल्टरिंग आप कर सकते हो। इनके लिए मैंने
- 12:19:06आपको चार्ट में एक सारी शॉर्टकट की दे दी
- 12:19:09है। तो एक बार आपको थोड़ी सी मेहनत करनी
- 12:19:11होगी। इसमें आपको पढ़ने की जरूरत ज्यादा
- 12:19:13है। इसके पहले के जितने भी चैप्टर थे MS
- 12:19:16Office के अलावा उन सभी में शॉर्टकट कीज़
- 12:19:19नहीं थी। तो वहां पर मेरा समझाना आपको काम
- 12:19:22था। लेकिन यहां पर जितना भी समझाने वाले
- 12:19:25फंक्शनंस हैं वो फंक्शन मैं आपको बता रहा
- 12:19:27हूं। लेकिन जो शॉर्टकट की है वो आपको
- 12:19:29दुनिया में सिर्फ आप ही याद करके दे सकते
- 12:19:32हो। और आपको कोई भी उसमें याद करने में
- 12:19:34मदद नहीं कर सकता।
- 12:19:36तो मैं आपको पीडीएफ में वो सारी मैंने
- 12:19:39जितनी भी सिलेक्टेड है वो सब डाल दी हुई
- 12:19:41है। आज की क्लास की जब आप पीडीएफ डाउनलोड
- 12:19:44करोगे तो ए टू जेड आपको सारी शॉर्टकट की
- 12:19:47मिल जाएंगी। MS, Exl, Powpoin और वर्ड
- 12:19:49तीनों की। फिलहाल फंक्शन को समझिए। आप
- 12:19:53यहां पर सॉर्टिंग कर सकते हो और फिल्टरिंग
- 12:19:55भी कर सकते हो। जैसे कि एग्जांपल आप चाहते
- 12:19:58हो टेबल पे एंप्लाइजज़ का डाटा दे रखा है।
- 12:20:03आप चाहते हो ऐसे एंप्लाइजज़ का डाटा निकाल
- 12:20:06के दिया जाए जिन्होंने
- 12:20:10नवंबर के महीने में 20,000 से ज्यादा बोनस
- 12:20:13कमाया है। दैट इज कॉल्ड सॉर्टिंग एंड
- 12:20:16फिल्टरिंग। अब आप उसमें भी फिल्टर कर सकते
- 12:20:19हो। पहले तो आपने सॉर्ट कर लिया कि
- 12:20:21जिन्होंने 20,000 से ज्यादा बोनस कमाया।
- 12:20:24अब उसमें भी आपको फिल्टरिंग करनी है कि
- 12:20:26इनमें से ऐसे एंप्लाइज कौन से हैं
- 12:20:28जिन्होंने महीने में 3 दिन से ज्यादा
- 12:20:30छुट्टी ली है। तो इस तरीके के डाटा पे आप
- 12:20:34सॉर्टिंग एंड फिल्टरिंग करके अपने
- 12:20:36रिजल्ट्स को फैच करते हो। डाटा वैलिडेशन
- 12:20:38का मतलब यह है कि आप डाटा एंटर करने से जब
- 12:20:41रोकते हो कई बार आपने देखा होगा जब आप
- 12:20:44फॉर्म फिल करते हो तो जैसे मान लीजिए
- 12:20:49हां
- 12:20:51फॉर्म जब आप फिल करने जा रहे हो तो उसमें
- 12:20:53नेम के आगे आपको नेम अपना फिल करना है। अब
- 12:20:56इसमें आप 2 1 3 4 अगर डालने लगोगे वो
- 12:21:00तुरंत आपको वैलिडेट कर देगा। वो तुरंत
- 12:21:02बोलेगा डिजिट्स नॉट अलाउड क्योंकि किसी का
- 12:21:06नाम डिजिट्स में नहीं होता है। सिर्फ
- 12:21:07इसमें कररेक्टर अलाउड है। इस तरीके के
- 12:21:09वैलिडेशन ही डेटा वैलिडेशन कहलाते हैं।
- 12:21:12जिससे आप अपने डेटाबेस को ज्यादा बेहतर
- 12:21:14बना पाते हो। पाइवट टेबल मतलब जब आप
- 12:21:17टेबल्स के फॉर्म में समराइज करते हो चीजों
- 12:21:20को। पाइवेट टेबल एक तरीके से आप यह समझ
- 12:21:23लीजिए कि सपोज
- 12:21:265 लाख लाइनों का आपका डाटा है। 5 लाख
- 12:21:29एंप्लाइजस का डाटा आपने बना दिया इस शीट
- 12:21:31में।
- 12:21:32ठीक है? वह डाटा एक बार में देख पाना इतना
- 12:21:35आसान नहीं है। कई घंटों उसे लग जाएंगे
- 12:21:38समझने में। लेकिन पाइवेट टेबल क्या है?
- 12:21:40पाइवेट टेबल एक तरीके से उन 5 लाख
- 12:21:43एंप्लाइजज़ के डेटा की समरी है जो आपको एक
- 12:21:46ही स्क्रीन पर दिखा देगी
- 12:21:49ग्राफ के फॉर्म पे। जिससे आप एटलीस्ट यह
- 12:21:52समझ पाओगे कि हां यह डाटा किसके बारे में
- 12:21:54है। एंप्लाइजस का कौन-कौन सा डाटा इसमें
- 12:21:57ऐड किया गया है? एंप्लई आईडी ऐड करी गई
- 12:22:00है। उनका डिपार्टमेंट कौन सा है? उनका
- 12:22:02एड्रेस कौन सा है? इतने कितने एंप्लई हैं
- 12:22:05जिनकी सैलरी 500 से ज्यादा है। कंपनी में
- 12:22:08ऐसे कितने एंप्लई हैं जिनकी सैलरी 2 लाख
- 12:22:10से ज्यादा है। तो वो आपको ओवरव्यू दिखाई
- 12:22:13दे जाएगा। उसमें आपको नाम नहीं दिखाई
- 12:22:15देंगे एम्प्लाइजस के। लेकिन ओवरव्यू आपको
- 12:22:17समझ में आ जाएगा कि यह डाटा है किसके
- 12:22:19रिगार्डिंग। इस केस में हम लोग पाइवेट
- 12:22:22टेबल्स का यूज करते हैं। यह डाटा को
- 12:22:23समराइज करने में मदद करता है। 10 लाइन, 20
- 12:22:27लाइन, 50, 1000 लाइन तक का भी डाटा कुछ
- 12:22:30नहीं होता है। जब लाखों लाइन की बात आ
- 12:22:33जाती है, ऐसे केस में आपको पाइवट टेबल की
- 12:22:35जरूरत पड़ती है।
- 12:22:37ठीक है?
- 12:22:42मैथमेटिकल फंक्शनंस की अगर बात करें तो सम
- 12:22:45वैल्यू को ऐड करने के लिए यूज किया जाता
- 12:22:48है। इसका सिंटेक्स भी यही होता है। जब
- 12:22:50आपको सम करना होता है तो आप सम लिख के
- 12:22:52ब्रैकेट करते हो। इसी ब्रैकेट के अंदर
- 12:22:54आपको वैल्यू लिखनी होती हैं। इन वैल्यूज़
- 12:22:56को आप कैसे लेते हो? जैसे देखिए
- 12:23:06ध्यान दीजिएगा।
- 12:23:15A1
- 12:23:17A2
- 12:23:19A3 A4
- 12:23:21ठीक।
- 12:23:26अब इसमें वैल्यू डाल देते हैं।
- 12:23:29ठीक है? A1 में लिखा हुआ है 20,
- 12:23:33A2 में लिखा हुआ है पांच, A3 में लिखा हुआ
- 12:23:36है 10।
- 12:23:38ठीक है? अब आपको इनका सम करना है। मतलब
- 12:23:40इनको जोड़ना है। तो आप क्या लिखोगे?
- 12:23:44यह वाला सिंटेक्स लिखोगे। आप लिखोगे सम
- 12:23:49और ब्रैकेट में जो भी आपको जोड़ना है तो
- 12:23:53आपको क्या जोड़ना है? a1
- 12:23:57a2
- 12:23:59a3
- 12:24:02आपने सम कर दिया। सपोज यह फार्मूला आपने
- 12:24:05यहां पर लिखा तो यहीं पर आपको सम की
- 12:24:07वैल्यू मिल जाएगी। 20 + 5 25 और 10 35
- 12:24:14ये आपका सम आ गया। सिंपली आप एवरेज के
- 12:24:18फॉर्मूले लगाते हो। यह सिंटेक्स है। काउंट
- 12:24:20का यह सिंटेक्स है। काउंट क्या करता है?
- 12:24:22इट काउंट सेल्स कंटेनिंग नंबर्स। जब आपको
- 12:24:25यह देखना है कि टेबल में वो ऐसे कितने
- 12:24:29सेल्स हैं जिसमें नंबर वैल्यू है।
- 12:24:31कैरेक्टर नहीं नंबर्स वैल्यू के फॉर्म में
- 12:24:33हैं। तो आप काउंट वाला लगाएंगे सिंटेक्स।
- 12:24:36काउंट ए जब आप लगाते हैं तो आपको नॉन
- 12:24:39एंपटी सेल्स मिल जाते हैं। ठीक है? जिनमें
- 12:24:42कुछ ना कुछ आपकी वैल्यू रहेगी। ठीक है?
- 12:24:44चाहे वो कररेक्टर हो, चाहे डिजिट करैक्टर
- 12:24:47हो।
- 12:24:49दरअसल यहां पर काउंट ए में ए का मतलब होता
- 12:24:51है ऑल। इसी वजह से चाहे कररेक्टर हो चाहे
- 12:24:55डिजिट हो सारे जितने भी नॉन एंपटी सेल्स
- 12:24:57हैं वह उनको कैलकुलेट करके आपको दे देगा।
- 12:25:03मैक्स
- 12:25:04आपको यह बताता है टेबल में आपकी सबसे बड़ी
- 12:25:07वैल्यू कौन सी है? मेन टेबल में आपकी सबसे
- 12:25:10छोटी वैल्यू कौन सी है? यह आप इन केसेस
- 12:25:13में लगाते हो यह वाले सिंटेक्स जैसे कि
- 12:25:15सैलरी में आप सर्च कर रहे हो तो आप यह
- 12:25:17देखना चाहते हो कि कंपनी में सबसे ज्यादा
- 12:25:20सैलरी किसकी है। आप मैक्स लगा दीजिए लाखों
- 12:25:22के डाटा में आपको एक वैल्यू दे देगा। उस
- 12:25:24इंसान का नाम भी दे देगा पूरा डाटा कि यह
- 12:25:28कंपनी में वो एंप्लई है जिसकी सैलरी सबसे
- 12:25:30ज्यादा है। आप देखना चाहते हो सबसे कम
- 12:25:32वैल्यू किसकी है? आप मिन लगा दीजिए। राउंड
- 12:25:35बेसिकली जो आपके नंबर होते हैं उनको राउंड
- 12:25:37फिगर में कन्वर्ट करने के लिए यूज किया
- 12:25:39जाता है। सबके सिंटेक्स एक जैसे होते हैं।
- 12:25:42बस आपको सिंटेक्स का नाम ध्यान रखना होगा।
- 12:25:47बहुत ही सिंपल-सिंपल से क्वेश्चन यहां पर
- 12:25:49पूछे जाते हैं। इसी तरीके से अगर आप इफ की
- 12:25:52कंडीशन लगाते हो जिसका अभी मैंने आपको
- 12:25:53एग्जांपल दिया था। तो इफ का भी सिंटेक्स
- 12:25:55यही है। इफ इसके आगे ब्रैकेट जो है
- 12:25:58ब्रैकेट के अंदर ही आप कंडीशन लिखेंगे कि
- 12:26:00वैल्यू इज़ इक्वल टू दिस देन ये हो जाए।
- 12:26:03एंड आपकी ट्रू इफ ऑल कंडीशंस आर ट्रू में
- 12:26:07आप लगाते हो। इसका मतलब यह है कि जैसे मान
- 12:26:10लीजिए आपने लिखा
- 12:26:13आपको एक ऐसे एंप्लई का डाटा चाहिए जिसकी
- 12:26:16सैलरी 500 से ज्यादा हो
- 12:26:21और जिसकी एक भी एब्सेंट ना हो पूरे महीने
- 12:26:25में तो आप क्या लगाओगे?
- 12:26:28देखिए
- 12:26:33आप यहां पर सिंटेक्स लिखोगे
- 12:26:36सैलरी
- 12:26:39इज ग्रेटर देन
- 12:26:4150000
- 12:26:44ठीक है एक कंडीशन हो गई एंड
- 12:26:48ठीक है एंड
- 12:26:50दो कंडीशन को जोड़ने के काम आता है ये एंड
- 12:26:53दूसरी हमारी क्या कंडीशन है एक तो कंडीशन
- 12:26:56500 से ज्यादा जिसकी सैलरी हो प्लस पूरे
- 12:26:59महीने में जिसकी एक एक भी एब्सेंट ना हो।
- 12:27:02ठीक है? तो
- 12:27:08अटेंडेंस
- 12:27:12इज इक्वल टू ऑल।
- 12:27:16ये आपकी दोनों कंडीशन लग गई। अब आपको
- 12:27:19फर्स्ट कंडीशन में मिल रहा है ऐसा एंप्लई
- 12:27:22जिसकी सैलरी 500 से ज्यादा हो। ठीक है?
- 12:27:26साथ में जिसकी अटेंडेंस भी पूरी हो। ऑल
- 12:27:29हो।
- 12:27:31या आप डाल सकते थे एब्सेंट = 0 तो इन
- 12:27:35दोनों कंडीशन को जोड़ कौन रहा है? एंड इसी
- 12:27:38वजह से यहां पर लिखा हुआ है एंड इज यूज्ड
- 12:27:40फॉर सभी शर्तें सही होनी चाहिए इसमें। तो
- 12:27:44दोनों शर्तें इसमें सही हैं। इसमें आप और
- 12:27:47भी मल्टीपल कंडीशंस लगा सकते हो एंड का
- 12:27:49यूज़ करके। और जहां पर आपको सिर्फ एक
- 12:27:53कंडीशन सही चाहिए होती है। जैसे कि आपने
- 12:27:56कहा कि भाई हमें या तो वह एंप्लई चाहिए
- 12:28:00जिसकी सैलरी 500 से ज्यादा है या तो ऐसा
- 12:28:04एंप्लई चाहिए जिसने 10 के 10ों प्रोजेक्ट
- 12:28:07के ऊपर काम किया हो।
- 12:28:10ठीक है? तो आप इसमें कंडीशन लगा दोगे
- 12:28:14सैलरी
- 12:28:17इज ग्रेटर देन 50000
- 12:28:20500 से ज्यादा सैलरी हो
- 12:28:23और
- 12:28:27जिसने 10ों प्रोजेक्ट पर काम किया हो और
- 12:28:34प्रोजेक्ट अटेंडेंस
- 12:28:37इज इक्वल टू
- 12:28:40ऑल लिख दो या 10 लिख दो।
- 12:28:44अब आपको ऐसे एंप्लई मिलेंगे केवल जिनकी
- 12:28:47सैलरी या तो 500 से ज्यादा है या तो
- 12:28:50उन्होंने 10ों प्रोजेक्ट पे काम किया
- 12:28:51होगा।
- 12:28:54नॉट आपका रिवर्सल लॉजिकल रिजल्ट होता है।
- 12:28:57जब आपको कोई नहीं की कंडीशन चाहिए। ठीक
- 12:29:00है? एग्जांपल सपोज आपने कहा कि
- 12:29:05हमें सारा डाटा चाहिए। बस ऐसे लोग ऐसे
- 12:29:10एंप्लाइजज़ नहीं चाहिए जिनकी साल में 200
- 12:29:14से ज्यादा छुट्टियां हैं।
- 12:29:16बाकी सबका डाटा चाहिए। तो आप इसमें क्या
- 12:29:19करोगे?
- 12:29:22टेबल
- 12:29:26इक्वल टू ऑल वैल्यू
- 12:29:30अब आगे नॉट की कंडीशन लगाओगे। नॉट
- 12:29:34अटेंडेंस
- 12:29:39इज इक्वल टू 200
- 12:29:42सॉरी अटेंडेंस नहीं एब्सेंट
- 12:29:48इज इक्वल टू 200
- 12:29:50पूरा डाटा आपको टेबल का मिलेगा। बस उनको
- 12:29:53छोड़कर जिनकी एब्सेंट 200 है या उससे
- 12:29:57ज्यादा है जो भी है।
- 12:30:00ठीक है भैया राम-राम आपको भी।
- 12:30:05इसी तरीके से टेक्स्ट फंक्शनंस में आपका
- 12:30:08लेफ्ट का सिंटेक्स है तो जितना भी टेक्स्ट
- 12:30:11है यह आपको एक्सट्रैक्ट करके देगा लेफ्ट
- 12:30:13साइड से। राइट अगर आप लगा देंगे तो राइट
- 12:30:16साइड का जितने भी टेक्स्ट होंगे वह दे
- 12:30:18देगा। सपोज
- 12:30:24यहां पर डाटा इधर से लेफ्ट से लिखा हुआ
- 12:30:26है। इसको कॉलम में इस कॉलम में राइट से
- 12:30:28लिखा हुआ है। टेबल में तो ऐसी सैकड़ों
- 12:30:32फील्ड है। वहां पर आपको डेटा फैच करने के
- 12:30:35लिए इनका यूज़ करना होता है। आप लेफ्ट का
- 12:30:37यूज़ करेंगे तो जहां पर लेफ्ट एलाइनमेंट पे
- 12:30:40है वो आपको डाटा मिल जाएगा। राइट का यूज़
- 12:30:41करेंगे तो राइट एलाइनमेंट वाले पूरा डाटा
- 12:30:43आपको मिल जाएगा। मिड आपका एक्सट्रैक्ट
- 12:30:46टेक्स्ट फ्रॉम मिडिल। ठीक है? बीच वाला जो
- 12:30:48सेंटर वाला होगा लेन का यूज़ किया जाता है
- 12:30:51काउंट नंबर ऑफ कररेक्टर। अगर आपको यह
- 12:30:54देखना है कि ऐसे नामों को आपको फिल्टर
- 12:30:57करना है जिनके नेम में आठ करैक्टर से
- 12:31:00ज्यादा आते हैं। ठीक है? तो आप ऐसे करके
- 12:31:03इससे काउंट कर सकते हो। अपर केस में यह
- 12:31:06आपका जितना भी टेक्स्ट है उसको अपर केस
- 12:31:08में कन्वर्ट कर देगा। जैसे लिखा हुआ है
- 12:31:12वरुण। तो आप इसको सेलेक्ट करके जैसे ही
- 12:31:15अपर केस लगाओगे तो यह आपको यह रिजल्ट दे
- 12:31:19देगा। कैपिटल लेटर्स में कर देगा। लोअर
- 12:31:22केस में आपको स्मॉल लेटर्स में करके दे
- 12:31:24देगा। इसमें कॉनकैट या कॉनकटनेट। कॉनकैट
- 12:31:28का मतलब जानते हो क्या होता है? दो चीजों
- 12:31:30को जोड़ना। कॉनकैट का मतलब है दो चीजों को
- 12:31:33जोड़ना। तो अगर आपको दो टेबल्स को आपस में
- 12:31:35जोड़ना है। ठीक है? सपोज मान लीजिए एक में
- 12:31:41फर्स्ट नेम लिखा हुआ है एक कॉलम में और
- 12:31:43दूसरे में सर नेम लिखा हुआ है। ठीक है? तो
- 12:31:46अब आपको दोनों को जोड़ना है तो ऐसे में आप
- 12:31:49इनको कॉनकेट कर दोगे। एक कॉलम में लिखा
- 12:31:52हुआ है वरुण। दूसरे कॉलम में लिखा हुआ है
- 12:31:54अवस्थी। आप चाहते हो जितने भी ऐसे 1000
- 12:31:58एंप्लाइजज़ हैं या 10,000 एंप्लाइज जितने
- 12:32:00का भी डाटा है सबके सरनेम और नेम एक साथ आ
- 12:32:04जाए। एक ही सेल में आए मतलब एक ही कॉलम
- 12:32:06में आ जाए। आप क्या कर दोगे? जैसे वरुण
- 12:32:09वाला जो कॉलम है यह कॉलम A1 है। अवस्थी
- 12:32:12वाला कॉलम जो है यह B2 है। तो, आप इसमें
- 12:32:15क्या करोगे? कॉनकैट। आप इसमें क्या
- 12:32:18लगाओगे?
- 12:32:21कॉनकैट और ब्रैकेट में वैल्यू डाल दोगे
- 12:32:24कॉलम की। आपको किसको-किसको जोड़ना है? a1
- 12:32:28और b2 को जोड़ना है। अब आपके सामने जितने
- 12:32:32भी रिजल्ट आएंगे, वह कुछ इस तरीके से लिख
- 12:32:34के आएंगे। एक ही कॉलम में वरुण अवस्थी,
- 12:32:38प्रवीण तोमर,
- 12:32:41मोहम्मद इलियास। ठीक है? ऐसे करके आपको
- 12:32:44रिजल्ट मिलने लगेंगे।
- 12:32:47तो कॉनकैट हमेशा जोड़ने के लिए यूज़ किया
- 12:32:49जाता है।
- 12:32:53डेट एंड टाइम के लिए क्या होता है? अब
- 12:32:55देखिए इसमें भी सिंटेक्स होते हैं। जैसे
- 12:32:57अगर आपको आज की डेट चाहिए अगर आप चाहते
- 12:33:01हो, ठीक है? कि पर्टिकुलर कॉलम पर हमेशा
- 12:33:05करंट डेट दिखाता रहे। जैसे मान लीजिए यह
- 12:33:09कॉलम है। सी कॉलम है ये। ठीक है? सी कॉलम
- 12:33:12में आप चाहते हो कि आज की डेट दिखाए। जैसे
- 12:33:15उस पे क्लिक करें आज की डेट दिखाए तो आप
- 12:33:17उस पे सिंपली क्या लगा दोगे? टुडे और ऐसे
- 12:33:20ब्रैकेट बना दोगे। जैसे ही उस पर क्लिक
- 12:33:23होगा वह ऑटोमेटिकली आपको करंट की डेट
- 12:33:26दिखाने लगेगा। डिपेंड मैटर नहीं करता है
- 12:33:29कि आप 1 साल 5 साल के बाद डाटा खोल रहे
- 12:33:32हो। कुछ मैटर नहीं करता। सपोज़ मान लो
- 12:33:34मैंने कोई रिपोर्ट 2019 में बनाई थी।
- 12:33:38मैंने किसी सेल में टुडे ब्रैकेट सिंटेक्स
- 12:33:41लगा रखा है। तो आज आप 2026 में अगर उस
- 12:33:44डेटा को खोल रहे हो उस पे क्लिक करोगे तो
- 12:33:46आपको आज ही की डेट दिखाएगा। ठीक है? तो
- 12:33:48करंट डेट के लिए हम टुडे सिंटेक्स लगाते
- 12:33:52हैं। अगर आपको डेट के साथ टाइम भी देखना
- 12:33:55है तो इसके लिए आपको नौ सिंटेक्स लगाना
- 12:33:57होगा। आप चाहते हो डेट और टाइम दोनों आ
- 12:33:59जाए वहां पे लिख के। जब भी हम इस टेबल पे
- 12:34:01क्लिक करें या जब भी हम हम इस चार्ट पे
- 12:34:04क्लिक करें तो यहां पर क्या लिखकर आ जाए?
- 12:34:07आज की डेट और टाइम तो उसके लिए आपको नाउ
- 12:34:09लगाना होगा। डेट जब आप लगाते हो तो इट
- 12:34:12क्रिएट्स अ डेट फ्रॉम ईयर, मंथ एंड डे।
- 12:34:15मतलब अलग-अलग फॉर्मेट में आपको देता है।
- 12:34:18जब आपने आप चाहते हो कि आपको इस फॉर्मेट
- 12:34:21में दिखाए। जैसे कि
- 12:34:24मेरी डेट ऑफ बर्थ है 16 मार्च 1990 तो
- 12:34:28आपको दिखाएगा किस फॉर्मेट में? ईयर मंथ और
- 12:34:30डे में तो ऐसे लिखकर आएगा 1990
- 12:34:35फिर लिखकर आएगा मार्च और फिर लिखकर आएगा
- 12:34:39डे। इस फॉर्मेट में आपको दिखाएगा। अदरवाइज
- 12:34:43आपको जनरल फॉर्मेट में दिखाएगा इस तरीके
- 12:34:45से 12 31 25 तो यहां पर जो है यह पहले
- 12:34:51आपको मंथ दिखाता है उसके बाद आपको डेट
- 12:34:54दिखाता है और उसके बाद आपको ईयर दिखाता है
- 12:34:57लेकिन जब आप डेट लगाएंगे तो आपको इस
- 12:34:59फॉर्मेट में दिखाएगा अगर आपको
- 12:35:04डेट अलग-अलग पार्ट्स में चाहिए पूरी डेट
- 12:35:06चाहिए अलग-अलग पार्ट में कि पूरा डे पहले
- 12:35:08लिख के आए फिर मंथ लिख के आए फिर पूरा ईयर
- 12:35:10लिख के आए
- 12:35:16ऐसे मार्च को मार्के अप्रैल को एपी आर ना
- 12:35:19लिखे ए पी आर आई एल पूरापूरा लिख के आए तो
- 12:35:22ऐसे में आपको यह पूरा सिंटेक्स लगाना
- 12:35:24पड़ता है
- 12:35:29वीlookup वीlookup जब आप सिंटेक्स लगाते
- 12:35:32हैं तो यह आपकी वैल्यूस को वर्टिकली सर्च
- 12:35:34करता है मतलब इन द सेंस कि जैसे कि यह
- 12:35:37लिखा हुआ है एनिमल यह लिखा हुआ है स्पीड
- 12:35:39यह लिखा हुआ है वेट तो जब आपको एनिमल में
- 12:35:42ही सर्च करना है। आपको केवल इसी टेबल में
- 12:35:45वर्टिकली ही आपको सर्च करना है। तो उस केस
- 12:35:48में आप VLOOKUP का यूज़ करेंगे।
- 12:35:52सपोज़ आपने कहा ऐसे एनिमल हमें चाहिए जिनके
- 12:35:56नाम सी से शुरू हो रहे हो तो आप VLOOKUP
- 12:36:01लगाओगे।
- 12:36:03क्या लगाओगे? VLOOKUP ठीक है?
- 12:36:07और केवल उनके नाम नहीं उनकी स्पीड कितनी
- 12:36:10है? उनका वेट कितना है? तो अब आप सिंटेक्स
- 12:36:13में क्या लिखोगे? इसका सिंटेक्स समझिएगा।
- 12:36:21वी
- 12:36:24lookअप ब्रैकेट लगाइए। ठीक है? आपको ऐसे
- 12:36:28एनिमल चाहिए जिनका नेम सी से शुरू हो।
- 12:36:33एनिमल
- 12:36:39नेम
- 12:36:41ठीक है
- 12:36:49इसको ऐसे करिए एनिमल
- 12:36:53नेम
- 12:36:55पहला कैरेक्टर सी से शुरू हो तो यहां पर
- 12:36:58आपने कैरेक्टर की जगह दे दी है सी से शुरू
- 12:37:01हो ठीक है
- 12:37:03साथ में आपको क्या चाहिए चाहिए। उसकी
- 12:37:05स्पीड चाहिए
- 12:37:08और उसका टाइप चाहिए। किस टाइप का जानवर
- 12:37:12है। अब आप सर्चिंग कर रहे हो एक कॉलम से
- 12:37:15कि भाई एनिमल नेम से आप कर रहे हो सर्चिंग
- 12:37:19कि नेम की शुरुआत सी से हो रही है। बाकी
- 12:37:22डाटा क्या-क्या चाहिए वो सब आप कॉमा करके
- 12:37:23लगा दीजिए। आपको मिल जाएगा आपका रिजल्ट
- 12:37:25पूरा।
- 12:37:27इसी तरीके से आपको हॉरिजॉन्टली अगर सर्च
- 12:37:30करना है मतलब ऐसे रोज़ की फॉर्म में अगर
- 12:37:33आपको सर्च करना है तो आप H lookOKUP लगाते
- 12:37:36हो। H का मतलब ही यहां पर हॉरिजॉन्टल है।
- 12:37:38VL lookOKUP का मतलब V फॉर वर्टिकल।
- 12:37:41LOOKUP जब आप डेटा को रेंजेस में सर्च
- 12:37:44करते हो।
- 12:37:45डाटा को आप नॉर्मली जब आप सर्च करोगे
- 12:37:48एग्जांपल मान लीजिए आपने बोला हमें सारे
- 12:37:51वह एनिमल चाहिए जिनकी स्पीड
- 12:37:5560 किमी पर आर से ज्यादा है
- 12:37:59या फिर हमें सारे वो एनिमल चाहिए जो कि
- 12:38:02वेजिटेरियन है।
- 12:38:04इंडेक्स इट रिटर्न्स अ वैल्यू ऑफ अ सेल।
- 12:38:07मतलब आपको जो इंडेक्स जब आप लगाते हो तो
- 12:38:11इस केस में कोई एक टेबल है इस टेबल में
- 12:38:14कोई भी कॉलम है उस कॉलम के आपको फील्ड पर
- 12:38:18ले जाएगा सीधा आप नीचे 10,000 में रो पर
- 12:38:22बैठे हो या 1 लाख नंबर के रो पर बैठे हुए
- 12:38:25हो कोई मैटर नहीं करता इंडेक्स सीधे आपको
- 12:38:29सेल की जो वैल्यू होगी उस पर ले जाएगा
- 12:38:31आपको दिखाएगा कि फील्ड क्या है
- 12:38:34मैच जो है इट फाइंड्स पोजीशन ऑफ ऑफ अ
- 12:38:37वैल्यू किसी मान की स्थिति आपको अगर जाननी
- 12:38:40है एग्जांपल जैसे कि आपने कहा कि
- 12:38:45जिनकी सैलरी साल 2020 में 10,000 थी आज
- 12:38:50उनकी सैलरी कितनी है? इस तरीके के जब आपको
- 12:38:53सर्चेस करने होते हैं तो आप मैच लगाते हो।
- 12:38:56मैच के अंदर आप कंडीशन डालते हो। कंडीशन
- 12:38:58आप डालोगे सैलरी इन 2019 = 10,000 जिनकी
- 12:39:042019 में वैल्यू 10,000 थी सैलरी। आज की
- 12:39:08डेट में क्या कंडीशन है? ब्रैकेट करके
- 12:39:10सैलरी डाल दोगे तो आज की डेट में उनकी
- 12:39:13सैलरी निकल आएगी।
- 12:39:20स्टैटिस्टिकल फंक्शनंस की अगर बात करें तो
- 12:39:22आगे आप और भी कई सारी चीजें यूज़ कर सकते
- 12:39:24हो। जैसे कि काउंट और इफ कंडीशन आप एक साथ
- 12:39:26लगा सकते हो। काउंट में आप सेल्स को काउंट
- 12:39:29करोगे। आगे इफ की कंडीशन लगा सकते हो।
- 12:39:32जोड़ सकते हो। मतलब सम इफ में भी आप
- 12:39:35जोड़ने के साथ-साथ इफ की कंडीशन लगा सकते
- 12:39:37हो। सम इफ में आप आपका क्या होगा? पहले तो
- 12:39:40वैल्यू जुड़ जाएंगी। ठीक है? आपने एक तरफ
- 12:39:43से वैल्यू जोड़ ली। उसके बाद एक एक्स्ट्रा
- 12:39:45कंडीशन आप लगा सकते हो कि ये जो सारी
- 12:39:47वैल्यू है इन वैल्यू से में भी हमें ये
- 12:39:50कंडीशन चाहिए। इफ द वैल्यू इज़ इक्वल टू
- 12:39:52दिस। एवरेज इफ भी आप इसी तरीके से लगा
- 12:39:55सकते हो। जब एवरेज और कंडीशन यहां पर
- 12:39:58एडिंग और कंडीशन यहां पर काउंटिंग और
- 12:40:01कंडीशन सब एक साथ लग रही हैं। इफ इज फॉर
- 12:40:04ऑलवेज कंडीशन।
- 12:40:09यह बहुत इंपॉर्टेंट है। यह वाले सिंटेक्स
- 12:40:11ध्यान रखिएगा। जब भी आपको एक्सेल में
- 12:40:14ईएमआई कैलकुलेट करनी होती है, तो ऐसे में
- 12:40:17आप क्या लगाओगे? पीएमटी लगाओगे। पीएमटी के
- 12:40:20अंदर जब आप फार्मूला लगाते हो तो आपके लोन
- 12:40:22की ईएमआई को कैलकुलेट कर देता है कि सपोज
- 12:40:26आप Mahindra Scorpio ले रहे हो या
- 12:40:29Fortuner ले रहे हो। आपने कितने की डाउन
- 12:40:31पेमेंट करी है। अगले 5 साल में आपको रीपे
- 12:40:34करना है तो कितने की ईएमआई बनेगी। एफवी जो
- 12:40:38है यह आपका फ्यूचर वैल्यू ऑफ इन्वेस्टमेंट
- 12:40:40बताता है कि मतलब आज की डेट में अगर आपने
- 12:40:42इस चीज में
- 12:40:45इतनी वैल्यू इन्वेस्ट करी है। ठीक है? आज
- 12:40:47की आज की डेट में आपने सोने में मान लो ₹5
- 12:40:50लाख लगा दिया। अब सोने में हर साल बढ़ोतरी
- 12:40:53इतने प्रतिशत की अगर हो रही है तो इतने
- 12:40:55साल के बाद आपको कितने परसेंट का प्रॉफिट
- 12:40:58होगा? ऐसी कंडीशंस में एफवी एफवी इज़ फॉर
- 12:41:00फ्यूचर वैल्यू। पीवी का मतलब है प्रेजेंट
- 12:41:03वैल्यू। यह आप उस केस में लगाते हो। आपको
- 12:41:07जोड़ना होगा। जैसे कि सपोज आप जानना चाहते
- 12:41:09हो 2000
- 12:41:1326 में डॉलर का रेट ₹88 है। तो उस एस से
- 12:41:18अगर आप देखना चाहते हो 1984 में डॉलर का
- 12:41:20रेट कितना था तो ऐसी कंडीशंस के लिए आप
- 12:41:23पीबी लगाते हो प्रेजेंट वैल्यू अगर आपको
- 12:41:25जाननी है अगर आप इसका रिवर्स कर दो सपोज
- 12:41:291958 में जापानी येन की वैल्यू इतनी थी तो
- 12:41:33इस ग्रोथ से अगर देखें तो आज की डेट में
- 12:41:35कितनी होनी चाहिए थी। अगर नहीं है उतनी तो
- 12:41:38आपको क्लियर पता लग जाएगा कि हां जापानीज
- 12:41:40इकॉनमी ने जिस रेट से ग्रो करना था उस रेट
- 12:41:43से नहीं किया।
- 12:41:48सेल रेफरेंसेस इनको एक बार जरूर देखिएगा।
- 12:41:51जो आपके सेल रेफरेंस होते हैं, यह वर्कशीट
- 12:41:54के अंदर आपकी जो वैल्यू्यूज हैं, जो आपके
- 12:41:57नेम्स हैं, उनको फाइंड आउट करने में मदद
- 12:41:59करते हैं।
- 12:42:05मोस्टेंट थिंग। हां,
- 12:42:10यहां पर देखिए टाइप्स ऑफ सेल रेफरेंसेस
- 12:42:13क्या होते हैं? बेसिकली यह दो तरीके के
- 12:42:15होते हैं। पहला रिलेटिव सेल रेफरेंस। यहां
- 12:42:18पर क्या होता है? डिफॉल्ट सेल रेफरेंस के
- 12:42:21रूप में यह आपको मिलता है। और यहां पर इट
- 12:42:23चेंजेस ऑटोमेटिकली व्हेन अ फार्मूला इज़
- 12:42:25कॉपीड। नो डॉलर साइन यूज़्ड। अब देखिए इसका
- 12:42:29एग्जांपल है रिलेटिव सेल रेफरेंस क्या
- 12:42:31होगा? यहां पर आपको एक रेफरेंस देना होता
- 12:42:35है कि आपको रिजल्ट कहां पर चाहिए। सपोज़
- 12:42:39यहां पर फार्मूला लिखा हुआ है C1 = A1 +
- 12:42:42B1 तो आपने यहां पर क्या दिया हुआ है? एक
- 12:42:45रेफरेंस दिया हुआ है कि A1 और B1 इन दोनों
- 12:42:50को जोड़ के वैल्यू आपको कहां चाहिए?
- 12:42:51वैल्यू आपको C1 वाले सेल में चाहिए।
- 12:42:55ठीक है? एंड साथ में आपने किया कॉपी 2 C2
- 12:42:59वही वैल्यू कॉपी हो जाए C2 में भी। इसी
- 12:43:03तरीके से और C2 = A2 + B2 जब आप यह
- 12:43:06फार्मूला लगा देते हो तो ऐसे में क्या
- 12:43:09होगा? यह आगे भी सर्च करता जाएगा। आगे
- 12:43:11कैसे करेगा? C3 =
- 12:43:16A3 + B3 और आगे कॉपी कर देगा। C4
- 12:43:24= A4 + B4
- 12:43:28बात आ रही है समझ? दिस फंक्शन इज़ नोन एज
- 12:43:30रिलेटिव सेल रेफरेंस। एक बार आपने रेफरेंस
- 12:43:33दे दिया वो बाय डिफ़ॉल्ट टेबल पे आगे लेता
- 12:43:35जाएगा वैल्यूज़ को।
- 12:43:38दूसरा होता है एब्सोल्यूट सेल रेफरेंस। अब
- 12:43:41यहां पर डॉलर साइन का यूज होता है। अब
- 12:43:43इसका एग्जांपल देखिए। जैसे कि आपने
- 12:43:46फार्मूला लगाया
- 12:43:48A1 *
- 12:43:51डॉलर B1 अब ऐसे में क्या है? आपने उसको
- 12:43:55कॉपी कर दिया। कॉपी कहां पर कर दिया? B1
- 12:43:58पे आपने कॉपी कर दिया। आप चाहते हो A1 और
- 12:44:00B1 यह दोनों मल्टीप्लाई हो और वैल्यू कहां
- 12:44:03पर आए? वैल्यू B1 पे आए। अब ऐसे ही आपको
- 12:44:06आगे रिजल्ट मिलते चले जाएंगे। आगे क्या
- 12:44:08होगा? A2
- 12:44:11और B2 को वह मल्टीप्लाई करेगा और रिजल्ट
- 12:44:14आपका B2 में दे देगा। आगे क्या करेगा? A3
- 12:44:18और B3 को मल्टीप्लाई करेगा। रिजल्ट कहां
- 12:44:21दे देगा? B3 में दे देगा। एब्सोल्यूट सेल
- 12:44:24रेफरेंस मतलब दोनों में से ही किसी एक सेल
- 12:44:27में आपको वैल्यू चाहिए। लेकिन रिलेटिव सेल
- 12:44:31रेफरेंस उन दोनों सेल्स के अलावा तीसरे
- 12:44:33सेल पर किसी में आपको वैल्यू चाहिए।
- 12:44:41जब आप दोनों को मिला देते हो तो वह
- 12:44:43मिक्स्ड सेल रेफरेंस बन जाता है आपका।
- 12:44:46मतलब कुछ कंडीशन आपने ऐसी लगा दी कि जहां
- 12:44:49पर आपको दो दो कॉलम में से एक ही में
- 12:44:51वैल्यू चाहिए। कुछ आपने ऐसी लगा दी कि
- 12:44:54दोनों के अलावा तीसरे में चाहिए। तो वो
- 12:44:56आपका मिक्स्ड सेल रेफरेंस कहलाता है।
- 12:44:58टाइप्स आप इस तरीके से देख सकते हो। जैसे
- 12:45:00कि A1 इक्वल टू कॉलम फिक्स्ड रो चेंज। अब
- 12:45:04इसमें पता है क्या होगा? देखिए जब आपने ये
- 12:45:06कंडीशन लगाई हुई है कि a1 = कॉलम फिक्स
- 12:45:09एंड रो चेंज तो जैसे देखिए यहां पर इस
- 12:45:12कंडीशन में वो बोल रहा है कॉलम फिक्स कर
- 12:45:14दो। कॉलम फिक्स का मतलब यह जो जनवरी है
- 12:45:16मान लो यह फिक्स हो गया। ठीक है? लेकिन रो
- 12:45:20चेंज होती रहेगी। तो भाई जनवरी के महीने
- 12:45:23में किसकी कितनी अर्निंग थी? तो आपको 5000
- 12:45:26वाली भी दिखाएगा, 7500 अर्निंग वाला भी
- 12:45:28दिखाएगा, 4300, 6400, 8900 इस तरीके से यह
- 12:45:33चेंज होता जाएगा। उनके एक्सपेंस भी चेंज
- 12:45:35होते जाएंगे लेकिन केवल जनवरी का डाटा
- 12:45:37दिखाता रहेगा। अब इसका ऑोजिट है ऐसा भी आप
- 12:45:42कर सकते हो। a1 इक्वल टू रो इस बार आपने
- 12:45:45फिक्स कर दी और कॉलम चेंज होते जाएंगे।
- 12:45:48मतलब मान लीजिए आपने क्या किया?
- 12:45:51आपने क्या किया? मार्च में
- 12:45:55मार्च में जिनकी अर्निंग 4300 है। यह आपने
- 12:45:59फिक्स कर दिया। अब उनके कॉलम दिखाते जाओ।
- 12:46:02जिनकी भी अर्निंग 4300 होगी उनके एक्सपेंस
- 12:46:04भी दिखाता जाएगा। उनके कैश लेफ्ट भी
- 12:46:08दिखाता जाएगा। उनका रेंट भी दिखाता जाएगा।
- 12:46:10अब मतलब एक रो फिक्स हो जाएगी। कॉलम उसके
- 12:46:12चेंज होते जाएंगे। तो दोनों तरीके से आप
- 12:46:16सर्चिंग कर सकते हो। कॉलम फिक्स चाहो और
- 12:46:18रो चेंज होती रहे। रो फिक्स चाहो और कॉलम
- 12:46:22चेंज होते रहे।
- 12:46:29ये सारी चीजें कल हम लोग बात ही कर चुके
- 12:46:31हैं। MS Exl के जो आपके शॉर्टकट कीज़ हैं,
- 12:46:35वह मैंने यहां पर दे दिए हैं। सिंपली वही
- 12:46:39सारे शॉर्टकट कीज़ हैं। हमेशा ध्यान रखिएगा
- 12:46:4299% शॉर्टकट कीज़ MS Excel, वर्ल्ड एंड
- 12:46:45Powpoin तीनों में वही यूज़ होते हैं। आप
- 12:46:48खुद ही देख लीजिए। कंट्रोल ए सेलेक्ट ऑल,
- 12:46:50बी फॉर बोल्ड, सी फॉर कॉपी, डी फॉर फिल
- 12:46:53डाउन, ई फॉर फ्लैश फिल, एफ फॉर फाइंड।
- 12:46:57सारे वही हैं। कुछ भी इसमें चेंज नहीं है।
- 12:47:00जो कुछ आपने कल पढ़े हुए थे। कंट्रोल एन
- 12:47:02फॉर नया डॉक्यूमेंट आपको खोलना है। ओ फॉर
- 12:47:04डॉक्यूमेंट ओपन करना है। ठीक है? क्यू फॉर
- 12:47:07क्विक एनालिसिस करना है। एस फॉर सेफ सारे
- 12:47:10के सारे वही हैं। सिमिलरली ही आपको मिल
- 12:47:13जाएंगे आपके
- 12:47:16पावर पॉइंट के अंदर भी।
- 12:47:22यहां पर आप पावर पॉइंट के देख सकते हो।
- 12:47:24यहां पर भी सेम वही है। बट मैंने पीडीएफ
- 12:47:27के अंदर अलग-अलग लिख दिए हैं। उनको एक बार
- 12:47:30आप जरूर देख लीजिएगा।
- 12:47:36सर ज्योग्राफी और इकोनॉमिक्स साथ में
- 12:47:38पढ़ाइएगा क्योंकि हम लोग को सिलेबस जल्दी
- 12:47:41खत्म करनी है। कोशिश पूरी रहेगी आपको। तो
- 12:47:44देखिए ज्योग्राफी और इकोनॉमिक्स में इतना
- 12:47:47टाइम नहीं लगने वाला है। हिस्ट्री में
- 12:47:48ज्यादा टाइम लगता है। पिटी में थोड़ा टाइम
- 12:47:50लगता है। उसके बाद ज्यग्राफी और
- 12:47:52इकोनॉमिक्स में नहीं लगने वाला है। तो आप
- 12:47:54टेंशन फ्री रहिए। आपको लग रहा होगा कि अभी
- 12:47:56तक केवल हिस्ट्री ही हुई है या हिस्ट्री
- 12:47:58और पिटी हुई है केवल। तो आप परेशान ना
- 12:48:01होइए। टाइम उसी में ज्यादा लगता है। बाकी
- 12:48:03टाइम नहीं लगता है। आप आपकी कितनी 11 12
- 12:48:08चैप्टर हैं ज्योग्राफी में आराम से हो
- 12:48:10जाएंगे। अगर मैं एक-एक क्लास में भी
- 12:48:12करूंगा तो आप यह मान लीजिए दो से ढाई वीक
- 12:48:14में आपकी ज्योग्राफी हो जाएगी और
- 12:48:16इकोनॉमिक्स में आपकी सात से आठ क्लास होनी
- 12:48:19है
- 12:48:25और बताइए
- 12:48:50एक स्टूडेंट का पूछना है सर MS Excel में
- 12:48:54कितने टैब्स होते हैं? MS Exl में
- 12:49:02बाय डिफॉल्ट जो होते हैं, यह आपके नाइन
- 12:49:04सेल्स होते हैं। कितने?
- 12:49:07सॉरी, नाइन टैब्स होते हैं।
- 12:49:11बाय डिफॉल्ट टैब्स कितने हैं? नाइन। यह
- 12:49:13मैं आपको बता रहा हूं
- 12:49:152021 से लेकर अभी तक के वर्जन के।
- 12:49:23और कोई
- 12:49:25कोई भी और कंफ्यूजन एक कमेंट आया है सर
- 12:49:28स्टेटस बार क्या होता है?
- 12:49:33जब आप MS Excel शीट ओपन करेंगे
- 12:49:38जब आप MS Excel शीट ओपन करेंगे तो उसमें
- 12:49:42सबसे नीचे देखिएगा सबसे नीचे
- 12:49:46जो सबसे नीचे आपको यहां पर रो दिखाई दे
- 12:49:49रही होगी। रो क्या एक टूल है एक्चुअली
- 12:49:52यहां पर आप देखोगे
- 12:49:56ग्रिड का ऑप्शन होगा कि आपको किस तरीके से
- 12:49:59डेटा चाहिए ऐसे ग्रिड्स बने होंगे
- 12:50:04और यहां पर आपको ज़ूम इन ज़ूम आउट का ऑप्शन
- 12:50:08होगा। ऐसे यहां पर 0% होगा। यहां 400%
- 12:50:12होगा। ऐसे लाइन बनी होगी। बीच में ऐसे एरो
- 12:50:16बना होगा। अब आप इसको ज्यादा करोगे तो
- 12:50:18ज्यादा जूम होता जाएगा। इसको कम करोगे कम
- 12:50:21होता जाएगा। दिस इज कॉल्ड स्टेटस बार।
- 12:50:27स्टेटस बार बॉटम पर एक टूल होता है टूल।
- 12:50:31ठीक है?
- 12:50:33जहां पर आप कई सारी चीजों के लिए यूज़ करते
- 12:50:35हो। आप ग्रिड्स चेंज कर सकते हो। इसमें आप
- 12:50:38ज़ूम इन ज़ूम आउट कर सकते हो। इसके अलावा
- 12:50:41अगर आपने कोई फार्मूला लगाया हुआ है तो उस
- 12:50:44फार्मूला की वैल्यू भी आपको यहां पर यह
- 12:50:46देता है। जैसे मान लीजिए आपने एवरेज
- 12:50:49निकाला है पांच सेल्स का तो वो भी वैल्यू
- 12:50:51आपको यहां पर दे देगा लिखकर आएगा एवरेज
- 12:50:54कितना आ रहा है? मान लेते हैं पांच सेल्स
- 12:50:56का एवरेज निकल के आया 20 तो ऐसे लिख के आ
- 12:50:59जाएगा। आपने अभी कितनी रोज़ को सेलेक्ट
- 12:51:02किया हुआ है? तो यहां पर लिख के आ जाएगा
- 12:51:05सेलेक्टेड सेल्स इज इक्वल टू मान लेते हैं
- 12:51:09आपने 30 सेल्स को सेलेक्ट किया है 30 आ
- 12:51:11जाएगा। तो जो स्टेटस बार है वो एक्सेल में
- 12:51:15सबसे नीचे वाली आपको रो जो पट्टी जो दिखाई
- 12:51:18देगी वो स्टेटस बार है।
- 12:51:21चलिए आज की बात यहीं तक रहेगी। थैंक यू
- 12:51:23एवरीवन। बाय। टेक केयर। हैव अ नाइस डे।
- 12:51:25आपका दिन मंगलमय हो।
About this transcript
This page contains the full transcript of Complete COMPUTER (सम्पूर्ण कंप्यूटर)🔥 बस इतना पढ़ लो || ONE SHOT || Varun Sir #ssc #gs #computer by SelectionWay GS , generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 116,307 words across 15,790 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.
What you can do with it
Use the transcript to take notes, quote the speaker, build a study guide, generate a summary with ChatGPT or Claude via the YouTube Summary tool, or export it as a timed subtitle file with YouTube to SRT. You can also re-open it in the transcriber to translate the transcript into 100+ languages.
Free YouTube transcript tool
YouTube2Text is a free YouTube transcript generator — no signup, no daily limit. Paste any YouTube link and get the full transcript instantly, with timestamps, click-to-jump, translation to 100+ languages, AI prompts for ChatGPT, Claude, and Gemini, and exports to TXT, SRT, VTT, or Markdown.