YouTube2Text

Complete Ancient History of India for UPSC 2027 | History Through Animation | Aadesh Singh — Transcript

by StudyIQ IAS · 47,126 words · 6,713 segments · language en · Watch on YouTube

Full transcript

  1. 0:01स्टडी आईक्यू आईएस आपका सिलेक्शन हमारा
  2. 0:05मिशन। दोस्तों आज हम एंशिएंट इंडियन
  3. 0:09हिस्ट्री पर मैराथॉन वीडियो शुरू करने जा
  4. 0:11रहे हैं। इसमें एंशिएंट हिस्ट्री के
  5. 0:14एंटायर जीएस सिलेबस को हम
  6. 0:16कॉम्प्रिहेंसिवली कवर करेंगे। प्री
  7. 0:18हिस्टोरिक इंडिया से शुरू करते हुए इंडस
  8. 0:21वैली सिविलाइजेशन, वैदिक एज, जैनिज्म,
  9. 0:24बुद्धिज्म और महाजनपदास जैसे टॉपिक्स को
  10. 0:27डिस्कस किया जाएगा। साथ ही सभी प्रोमिनेंट
  11. 0:30एंपायर्स जैसे कि मौर्यन, कुषाणस, गुप्ताज़
  12. 0:34एटसेट्रा की चर्चा होगी। साउथ इंडियन
  13. 0:36हिस्ट्री के स्पेसिफिक टॉपिक्स जैसे कि
  14. 0:39संगमेज और चोला एंपायर को भी डिटेल में
  15. 0:42कवर करेंगे। यानी इस वीडियो को पूरा देखने
  16. 0:45के बाद एंशिएंट इंडियन हिस्ट्री के किसी
  17. 0:47भी टॉपिक में आपको डाउट नहीं रहेगा। तो
  18. 0:50आइए शुरू करते हैं प्राचीन भारतीय इतिहास
  19. 0:53का यह सफर। प्री हिस्टोरिक पीरियड ऑफ
  20. 0:56इंडिया। दोस्तों, हिस्ट्री यानी कि
  21. 0:59इतिहास। एक ग्रीक वर्ड हिस्टोरिया से बना
  22. 1:02है जिसका मीनिंग है इंक्वायरी,
  23. 1:04इन्वेस्टिगेशन या पास्ट नॉलेज। हम सभी
  24. 1:07जानते हैं कि अतीत का अध्ययन पिछली घटनाओं
  25. 1:10के साथ-साथ इन घटनाओं से जुड़े खोज,
  26. 1:13संग्रह और व्याख्या से संबंधित होता है।
  27. 1:16और इसी कारण हिस्ट्री के रिकंस्ट्रक्शन
  28. 1:19में हिस्टोरिकल सोर्सेज की एक अहम भूमिका
  29. 1:21होती है। इन सोर्सेज को दो भागों में
  30. 1:24विभाजित किया जा सकता है। पहला नॉन
  31. 1:27लिटरेरी सोर्सेस और दूसरा लिटरेरी
  32. 1:30सोर्सेस। नॉन लिटरेरी सोर्सेस में कॉइंस,
  33. 1:34इं्रिप्शंस, मोन्यूमेंट्स और
  34. 1:36आर्कियोलॉजिकल रिमेंस शामिल होते हैं।
  35. 1:38हिस्टोरियंस के अनुसार पास्ट की स्टडी को
  36. 1:41प्री हिस्ट्री, प्रोटो हिस्ट्री और
  37. 1:43हिस्ट्री में विभाजित किया गया है। प्री
  38. 1:46हिस्ट्री इतिहास के उस हिस्से से जुड़ा है
  39. 1:49जब राइटिंग यानी कि लेखन का आविष्कार नहीं
  40. 1:51हुआ था। इस दौर का उपलब्ध ज्ञान कुछ
  41. 1:54आर्कियोलॉजिकल एविडेंसेस पर आधारित है।
  42. 1:57जैसे कि उस समय की पोटरी, आर्टिफेक्ट्स,
  43. 2:00स्टोन टूल्स और मेटल इंप्लीमेंट्स जो कई
  44. 2:02प्रीहिस्टोरिक साइट से प्राप्त हुए हैं।
  45. 2:06वहीं दूसरी तरफ आर्कियोलॉजिकल सोर्सेस के
  46. 2:08साथ-साथ रिटेन एविडेंस का युग हिस्ट्री का
  47. 2:11निर्माण करता है। इसके अलावा प्री
  48. 2:14हिस्ट्री और हिस्ट्री के बीच के दौर को
  49. 2:16प्रोटो हिस्ट्री के रूप में जाना जाता है।
  50. 2:18यह उस टाइम पीरियड को इंडिकेट करता है
  51. 2:21जिसके रिटन रिकॉर्ड्स तो अवेलेबल हैं
  52. 2:23लेकिन उनकी स्क्रिप्ट डिसाइवर ना होने के
  53. 2:26कारण हिस्टोरियंस उस इंफॉर्मेशन को डिकोड
  54. 2:28नहीं कर पाए हैं। आज हम इंडिया के प्री
  55. 2:31हिस्टोरिक पीरियड के बारे में विस्तार से
  56. 2:34चर्चा करेंगे। इसमें लगभग 200ाउज बीसी से
  57. 2:37लेकर 3500 टू 2500 बीसी तक का टाइम पीरियड
  58. 2:42आता है। माना जाता है कि इस प्रारंभिक काल
  59. 2:46में भारतीय मानव नेग्रिटो रेस के थे और
  60. 2:49हंटिंग गैदरिंग जैसी एक्टिविटीज के जरिए
  61. 2:51अपना जीवन यापन करते थे। प्री हिस्टोरिक
  62. 2:55एज में डिफरेंट फसेस में धीरे-धीरे मानव
  63. 2:58सेटल्ड लाइफ की तरफ आगे बढ़ता है। तो आइए
  64. 3:01विस्तार से समझते हैं ह्यूमन हिस्ट्री की
  65. 3:03इस फाउंडेशन एज को। प्रीहिस्टोरिक पीरियड।
  66. 3:07इंडिया में प्री हिस्टोरिक एज की शुरुआत
  67. 3:10स्टोन एज से होती है। मानव के इस
  68. 3:13प्रारंभिक काल के बारे में कुछ
  69. 3:14आर्कियोलॉजिकल एविडेंस मिले हैं। जिनमें
  70. 3:17पत्थर के औजार यानी कि स्टोन टूल्स सबसे
  71. 3:20ज्यादा मात्रा में पाए गए हैं। यह संभावना
  72. 3:23है कि लोगों ने पत्थर, लकड़ी और हड्डी के
  73. 3:27टूल्स और वेपन्स बनाए और उनका इस्तेमाल
  74. 3:29किया। जिनमें से स्टोन टूल्स सबसे अच्छे
  75. 3:32रूप में आज तक संरक्षित हैं। इसीलिए इस
  76. 3:35काल को लिथिक एज या स्टोन एज कहा जाता है।
  77. 3:39जियोलॉजिकल एज स्टोन टूल्स के टाइप्स और
  78. 3:42प्री हिस्टोरिक लोगों के लाइफस्ट के आधार
  79. 3:44पर स्टोन एज को मुख्य रूप से तीन प्रकार
  80. 3:47में वर्गीकृत किया गया है। पहला
  81. 3:50पेियोलिथिक एज यानी ओल्ड स्टोन एज। दूसरा
  82. 3:54मेजोलिथिक एज यानी मिडिल स्टोन एज और
  83. 3:57तीसरा नियोलिथिक एज यानी न्यू स्टोन एज।
  84. 4:01आइए इस दौर को विस्तार से समझते हैं।
  85. 4:04पेियोलिथिक एज जो कि 300 थाउज बीसी से
  86. 4:0810000 बीसी के बीच मानी जाती है।
  87. 4:10पेियोलिथिक शब्द दो ग्रीक वर्ड से बना है।
  88. 4:14पेियो जिसका अर्थ है पुराना और लिथोस
  89. 4:18जिसका अर्थ है स्टोन। और इस तरह यह नाम
  90. 4:21स्टोन टूल्स के महत्व को दर्शाता है।
  91. 4:24पेियोलिथिक पीरियड की यह लंबी अवधि मानव
  92. 4:27इतिहास के 99% हिस्से को कवर करती है।
  93. 4:31भारत में पेियोलिथिक पीरियड के सबसे पहले
  94. 4:33आर्कियोलॉजिकल एविडेंस की डिस्कवरी का
  95. 4:35श्रेय ज्योग्राफिकल सर्वे ऑफ इंडिया के
  96. 4:38जियोलॉजिस्ट रॉबर्ट ब्रूसफुट को दिया जाता
  97. 4:40है। उन्होंने 1863 में तमिलनाडु राज्य के
  98. 4:44पल्लवपुरम डिस्ट्रिक्ट में पल्लवरम
  99. 4:47हैंडेडक्स की खोज की थी। इसी कारण उन्हें
  100. 4:50फादर ऑफ प्री हिस्टोरिक आर्कियोलॉजी भी
  101. 4:52कहा जाता है। दोस्तों, प्राचीन लोगों के
  102. 4:55द्वारा उपयोग किए जाने वाले स्टोन टूल्स
  103. 4:57और क्लाइमेट के डिफरेंसेस के आधार पर इस
  104. 5:00युग को तीन फेजेस में बांटा गया है। इसमें
  105. 5:02पहला फेज है लोअर पेलिथिक एज जो 300ाउज
  106. 5:06बीसी से 10000 बीसी तक के पीरियड को कवर
  107. 5:10करता है। यह दौर आईसीएज का था और इस दौर
  108. 5:14का मानव मुख्य रूप से हंटर और गैदर था।
  109. 5:17खोजकर्ताओं के अनुसार उस समय ह्यूमंस बिना
  110. 5:20पॉलिश किए हुए रफ और हैवी स्टोन टूल्स
  111. 5:23जैसे कि हैंड एक्सेस, चॉपर्स और क्लीवर्स
  112. 5:26का इस्तेमाल किया करते थे। औजार बनाने के
  113. 5:28लिए लाइमस्टोंस का भी प्रयोग किया जाता
  114. 5:30था। महाराष्ट्र राज्य का एक छोटा सा शहर
  115. 5:34बोरी ओल्डेस्ट लोअर पेलिथिक साइट्स में से
  116. 5:37एक है। इसके अलावा कश्मीर वैली, राजस्थान
  117. 5:40के दिवाना डेजर्ट एरिया और थार डेजर्ट में
  118. 5:43भी अनेक स्थल मिले हैं। क्योंकि इस युग
  119. 5:46में स्टोन के टूल्स महत्वपूर्ण थे। इसीलिए
  120. 5:48लोगों ने ऐसी जगहों को खोजने की कोशिश की
  121. 5:51जहां अच्छी क्वालिटी के स्टोन आसानी से
  122. 5:54उपलब्ध हो। ऐसी साइट्स पर प्राचीन लोग
  123. 5:57स्टोन टूल्स बनाते थे और उन्हीं स्थानों
  124. 5:59को फैक्ट्री साइट्स के रूप में जाना जाता
  125. 6:02था। इनमें केव्स और शेल्टर्स भी शामिल
  126. 6:05हैं। जहां लोग लंबे समय तक आश्रय भी लिया
  127. 6:07करते थे। इन्हें हैबिटेशन कम फैक्ट्री
  128. 6:10साइट्स कहा जाने लगा। लोगों ने इन नेचुरल
  129. 6:13केव्स को इसलिए चुना क्योंकि यह बारिश,
  130. 6:16गर्मी और तेज हवा से उन्हें बचाने की जगह
  131. 6:19प्रदान करती थी। विंध्याज और डेकन प्लेटो
  132. 6:22में नेचुरल केव्स और शेल्टर्स पाए जाते
  133. 6:25हैं। यह रॉक शेल्टर्स नर्मदा घाटी के पास
  134. 6:28हैं। मध्य प्रदेश में स्थित भीमबेटका
  135. 6:31केव्स और रॉक शेल्टर्स इन्हीं साइट्स का
  136. 6:33एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। इस दौर के
  137. 6:36विभिन्न प्रकार के स्टोन टूल्स उत्तर
  138. 6:38प्रदेश की बेलान घाटी में भी पाए गए हैं।
  139. 6:41जो विंध्यास फुट हिल्स में स्थित है। इसके
  140. 6:44साथ ही आंध्र प्रदेश के नागार्जुनांडा में
  141. 6:47भी लोअर पेलिथिक ऐज के साक्ष्य मिलते हैं।
  142. 6:50इस दौर की अन्य मुख्य साइट्स में गुजरात
  143. 6:53का सौराष्ट्र रीजन, डेकन प्लेटो और छोटा
  144. 6:56नागपुर प्लेटो शामिल है। अब बात करते हैं
  145. 6:59दूसरे फेज यानी मिडिल पेलिथिक एज की। जो
  146. 7:031ाउज बीसी से 40000 बीसी के बीच का काल
  147. 7:06था। दोस्तों, मिडिल पेलिथिक एज में
  148. 7:09ह्यूमंस ने शार्प और पॉइंटेड टूल्स जैसे
  149. 7:12फ्लेक्स, ब्लेड्स और पॉइंटर्स बनाना शुरू
  150. 7:15किया था। वे छोटे एनिमल्स को मारने के लिए
  151. 7:18और मीट कटिंग के लिए इन उपकरणों का
  152. 7:20इस्तेमाल करते थे। लोअर पेलिथिक एज की
  153. 7:24तुलना में इस दौर के टूल्स छोटे, हल्के और
  154. 7:26पतले थे। इस युग के अवशेष नर्मदा नदी के
  155. 7:30किनारे कई स्थानों पर और तुंगभद्रा नदी के
  156. 7:33दक्षिण में भी कई स्थानों पर पाए जाते
  157. 7:36हैं। इसके अलावा राजस्थान की लूनी वैली,
  158. 7:39यूपी की बेलन वैली और एमपी की भीमबेटका
  159. 7:42केव्स भी इस दौर के मुख्य स्थलों में
  160. 7:44शामिल है। तीसरा फेज है अपर पेियोलिथिक एज
  161. 7:48जो 40000 बीसी से 10,000 बीसी तक का
  162. 7:51पीरियड था। दोस्तों अपर पेियोलिथिक एज आइस
  163. 7:55एज के लास्ट फेज के साथ कोइंसाइड करता था।
  164. 7:58जब क्लाइमेट तुलनात्मक रूप से वार्मर और
  165. 8:01ह्यूमिडिटी कम हो चुकी थी। इस दौर को
  166. 8:04आधुनिक लोगों की उपस्थिति का प्रतीक माना
  167. 8:06जाता है। इस ऐज के साथ ही मॉडर्न ह्यूमन
  168. 8:09बीइंग स्पीशीज यानी कि होमोसेपियंस का
  169. 8:12उद्भव हुआ था। इस समय के स्टोन टूल्स में
  170. 8:15टेक्नोलॉजिकल एडवांसमेंट्स देखने को मिलते
  171. 8:17हैं। नीडल्स, ब्यूरिंस, फिशिंग टूल्स,
  172. 8:21पैरेलल साइडेड ब्लेड्स और बोरिंग टूल्स
  173. 8:23जैसे उपकरणों का आविष्कार इस दौर में हुआ।
  174. 8:26इंडिया में ब्लेड्स और ब्यूरिंस के उपयोग
  175. 8:29के साक्ष्य आंध्र प्रदेश, कर्नाटका,
  176. 8:32महाराष्ट्र, एमपी, सदर्न यूपी, झारखंड और
  177. 8:35आसपास के क्षेत्रों में पाए गए हैं।
  178. 8:37गुजरात सैंड ड्यूस के अपर लेवल्स में भी
  179. 8:40ब्लेड्स, स्क्रैपर्स और फ्लेक्स जैसे
  180. 8:42टूल्स पाए गए हैं। इसके साथ ही बोन टूल्स
  181. 8:45जैसी विशेषता केवल आंध्र प्रदेश के कुरनूल
  182. 8:48और मुच्छला चिंतामणि गावी केव साइट्स पर
  183. 8:50पाए गए हैं। तो दोस्तों, अभी तक हमने
  184. 8:53पेियोलिथिक एज को समझा। लगभग 12,000 बीसी
  185. 8:57से लेकर 10,000 बीसी तक की अवधि में
  186. 8:59क्लाइमेट चेंज के साक्ष्य पाए जाते हैं।
  187. 9:01इस समय के साथ ही मेजोलिथिक एज की शुरुआत
  188. 9:05हुई थी। तापमान में वृद्धि और जलवायु
  189. 9:08परिवर्तन के कारण आइस मेल्टिंग और
  190. 9:10फ्लोराफोना में कई बदलाव हुए और इसी के
  191. 9:12साथ ह्यूमंस की जीवनशैली और उपयोग में किए
  192. 9:15जाने वाले टूल्स में भी एडवांसमेंट्स
  193. 9:17देखने को मिले। आइए एक नजर डालते हैं
  194. 9:20मेजोलिथिक एज की विशेषताओं पर।
  195. 9:23मेजोलिथिक एज 10,000 बीसी टू 6000 बीसी।
  196. 9:29मेजोलिथिक शब्द दो ग्रीक वर्ड्स मेजो और
  197. 9:33लिथोस से लिया गया है। लिथोस का अर्थ
  198. 9:35स्टोन होता है। यह तो हमने पहले ही समझ
  199. 9:37लिया है। मेजो का अर्थ होता है मिडिल।
  200. 9:40इसीलिए प्री हिस्ट्री के इस मेजोलिथिक
  201. 9:43स्टेज को मिडिल स्टोन एज के रूप में भी
  202. 9:45जाना जाता है। मेजोलिथिक कल्चर पेलिथिक की
  203. 9:49तुलना में अधिक मॉडर्न और डायवर्सिटी के
  204. 9:52लिए जाना जाता है। गंगा प्लेेंस में
  205. 9:54फर्स्ट ह्यूमन कॉलोनाइजेशन इसी अवधि के
  206. 9:57दौरान हुआ था। इस युग के टूल्स में
  207. 10:00माइक्रोलिथ्स सबसे प्रमुख उपकरण थे।
  208. 10:03माइक्रोलिथ्स एक प्रकार के मिनीचर स्टोन
  209. 10:06टूल्स थे जो आमतौर पर क्रिप्टोक्रिस्टलाइन
  210. 10:09सिलिका या चर्ट जैसे फाइनली ग्रेन रॉक से
  211. 10:12बने होते थे। इन माइक्रो लिड्स का
  212. 10:15इस्तेमाल ह्यूमंस छोटे जानवरों और
  213. 10:17पक्षियों का शिकार करने के लिए किया करते
  214. 10:19थे। इसके अलावा इनका कॉम्पोजिट टूल्स
  215. 10:22बनाने के लिए उपयोग होता था। इन कंपोजिट
  216. 10:25टूल्स का प्लांट गैदरिंग, हार्वेस्टिंग,
  217. 10:27ग्रेटिंग इत्यादि जैसे काम के लिए
  218. 10:29इस्तेमाल किया जाता था।
  219. 10:31उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर डिस्ट्रिक्ट के
  220. 10:33रॉक शेल्टर्स में माइक्रोलिथ्स और अन्य
  221. 10:35मेजोलिथिक टूल्स की सबसे पहली खोज की गई
  222. 10:38थी। इसके अलावा राजस्थान का बागौर क्षेत्र
  223. 10:41सबसे बड़ी डॉक्यूमेंटेड मेजोलिथिक साइट्स
  224. 10:43में से एक है। बागौर कोठारी नदी पर स्थित
  225. 10:46है। जहां खुदाई में माइक्रोलिथ्स के साथ
  226. 10:49एनिमल बोनस और शेल्व्स भी प्राप्त हुए।
  227. 10:52इसके साथ ही यह माइक्रोलिथ्स ताप्ती,
  228. 10:54साबरमती, नर्मदा और माही नदी की कुछ
  229. 10:57घाटियों में भी पाए गए हैं। जैसा कि हमने
  230. 11:00पहले देखा कि मेजोलिथिक युग का आरंभ
  231. 11:02क्लाइमेट चेंज के साथ हुआ था। तापमान की
  232. 11:05वृद्धि के कारण कई क्षेत्रों में
  233. 11:07ग्रासलैंड्स का विकास होने लगा। जिसके
  234. 11:10परिणाम स्वरूप डियर, एंटीलोब, गोट, शीप और
  235. 11:13कैटल यानी कि घास पर जीवित रहने वाले
  236. 11:16जानवरों की संख्या में वृद्धि हुई। जहां
  237. 11:18अभी तक ह्यूमंस हंटर गैदर के रूप में जीवन
  238. 11:21बिता रहे थे। अब वह एनिमल डोमेस्टिकेशन,
  239. 11:24उनके फूड हैबिट्स और ब्रीडिंग सीजंस के
  240. 11:27बारे में सीखने लगे। मध्य प्रदेश के
  241. 11:29आदमगढ़ में एनिमल डोमेस्टिकेशन का सबसे
  242. 11:32पुराना साक्ष्य मिलता है। डोमेस्टिकेटेड
  243. 11:34एनिमल्स में पहला वाइल्ड डॉग था। इसके
  244. 11:37अलावा शीप और गोट सबसे आम पालतू जानवर हुआ
  245. 11:40करते थे। मेजोलिथिक ह्यूमंस ने जानवरों की
  246. 11:43खाल के बने कपड़े भी पहनना शुरू कर दिया
  247. 11:45था। इसके साथ-साथ मेजोलिथिक एज वो दौर था
  248. 11:49जब सबक्टिनेंट के विभिन्न भागों में वीट,
  249. 11:52बाली और राइस सहित कई और अनाज प्राकृतिक
  250. 11:55रूप से उगने लगे थे। इसके अलावा मेजोलिथिक
  251. 11:58लोग आर्ट लवर्स भी थे और उन्होंने रॉक
  252. 12:01पेंटिंग्स की शुरुआत की। इन पेंटिंग्स की
  253. 12:04थीम ज्यादातर वाइल्ड एनिमल्स, हंटिंग,
  254. 12:06डांसिंग जैसी एक्टिविटीज को डिपेक्ट करती
  255. 12:08है। पूरे इंडिया में लगभग 150 मेजोलिथिक
  256. 12:12रॉक आर्ट साइट्स हैं। जिनमें एमपी की
  257. 12:15भीमबेटका केव्स, कारवाड़, जाओरा, उड़ीसा
  258. 12:18का संभलपुर और सुंदरगढ़ और केरला का एतु,
  259. 12:22गुहा जैसे समृद्ध साइट्स शामिल हैं। यह
  260. 12:25रॉक पेंटिंग्स धार्मिक प्रथाओं के विकास
  261. 12:27को भी दर्शाते हैं। पेियोलिथिक युग के
  262. 12:29विपरीत इस युग के लोग मृत्यु के बाद जीवन
  263. 12:32में विश्वास करते थे और इसीलिए उन्होंने
  264. 12:35ह्यूमन और एनिमल डेड बॉडीज को फूड आइटम्स
  265. 12:37और दूसरे वस्तुओं के साथ दफनाने का रिचुअल
  266. 12:40शुरू किया था। गुजरात में स्थित लंगनाज और
  267. 12:43वेस्ट बंगाल में स्थित बुरहानपुर भी
  268. 12:45महत्वपूर्ण मेजोलिथिक साइट्स में शामिल
  269. 12:48हैं। इन साइट्स से वाइल्ड एनिमल्स जैसे कि
  270. 12:51राइनोसोरस और ब्लैक बग की बोनस और ह्यूमन
  271. 12:54स्केलेटन्स के साथ बड़ी संख्या में
  272. 12:56माइक्रोलिथ्स बरामद किए गए हैं। दोस्तों,
  273. 12:58मेज़ोलिथिक काल के बाद 6000 बीसी से 1000
  274. 13:02बीसी तक का दौर स्टोन एज के लास्ट फेज
  275. 13:05नियोलिथिक एज के रूप में जाना जाता है।
  276. 13:08आइए नियोलिथिक पीरियड की विशेषताओं पर नजर
  277. 13:11डालते हैं। नियोलिथिक एज 6000 बीसी टू
  278. 13:151000 बीसी। नियोलिथिक शब्द ग्रीक शब्द
  279. 13:19नियो से लिया गया है जिसका अर्थ है नया।
  280. 13:22इस प्रकार नियोलिथिक युग न्यू स्टोन एज को
  281. 13:25रेफर करता है। प्रसिद्ध आर्कियोलॉजिस्ट
  282. 13:28गॉडन चाइल्ड ने अपनी किताब मैन मेक्स
  283. 13:31हिमसेल्फ में लिखा है कि नियोलिथिक युग ने
  284. 13:34मनुष्य के जीवन में एक क्रांति ला दी।
  285. 13:37उनके द्वारा इस क्रांति को नियोलिथिक
  286. 13:39रेवोल्यूशन का नाम दिया गया। जिस प्रकार
  287. 13:42हमने देखा कि पेलिथिक एज में ह्यूमंस पूरी
  288. 13:45तरह से नेचर पर डिपेंडेंट और हंटर गैदर थे
  289. 13:48और मेजोलिथिक ऐज में ह्यूमंस द्वारा एनिमल
  290. 13:51डोमेस्टिकेशन शुरू हुआ। परिवर्तन और
  291. 13:54आधुनिकता की इस श्रृंखला में नियोलिथिक ऐज
  292. 13:56में मानव फूड गैदर से फूड प्रोड्यूसर बन
  293. 14:00गए। नियोलिथिक पीरियड अपनी एग्रीकल्चरल
  294. 14:03प्रैक्टिससेस की शुरुआत के लिए महत्वपूर्ण
  295. 14:05है। यूपी के इलाहाबाद के पास स्थित कोडीवा
  296. 14:08और महागरा भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया
  297. 14:11में राइस कल्टीिवेशन का सबसे पुराना
  298. 14:13प्रमाण प्रदान करते हैं। ओल्ड स्टोन एज के
  299. 14:16विपरीत इस काल में लोग पॉलिश्ड स्टोन
  300. 14:19टूल्स और एक्सेस का उपयोग करने लगे।
  301. 14:21जिन्हें अक्सर के्स कहा जाता है। यह टूल्स
  302. 14:24पहले के क्रूड फ्लेग्ड स्टोन की तुलना में
  303. 14:27अधिक रिफाइंड दिखाई देते हैं। इसके साथ ही
  304. 14:30वे बोन से बने टूल्स भी इस्तेमाल करते थे।
  305. 14:33जैसे नीडल्स, स्क्रेपर्स, बोरर्स, एरो
  306. 14:36हेड्स एटसेट्रा। नए पॉलिश्ड टूल्स के
  307. 14:39उपयोग से ह्यूमंस के लिए खेती, शिकार और
  308. 14:42अन्य कामों को बेहतर तरीके से करना आसान
  309. 14:45हो गया। बिहार के चिरांद साइट से बोन से
  310. 14:48बने वेपंस प्राप्त हुए हैं। अगर हम
  311. 14:50एग्रीकल्चर की बात करें तो नियोलिथिक एज
  312. 14:52के लोग फलों के साथ रागी, कॉटन, राइस,
  313. 14:56वीट, बार्ली और हॉर्स ग्राम ग्रो करते थे।
  314. 14:59इसके साथ ही डोमेस्टिकेटेड एनिमल्स में
  315. 15:01कैटल, शीप और गोट शामिल थे। कश्मीर के
  316. 15:05बुरजा होम साइट की एक बैरियल साइट से
  317. 15:07ह्यूमन के साथ डॉग की डेड बॉडी भी मिली जो
  318. 15:10कि डॉग डोमेस्टिकेशन का प्रमाण प्रदान
  319. 15:12करती है। एग्रोपस्टोरल सोसाइटी के अन्य
  320. 15:16प्रमाण कर्नाटका के हरलूर, मास्की और
  321. 15:19ब्रह्मगिरी साइट से प्राप्त हुए हैं।
  322. 15:21पौधों और जानवरों को पालतू बनाने की
  323. 15:24शुरुआत से बड़ी मात्रा में फूड ग्रेंस और
  324. 15:26एनिमल फूड का प्रोडक्शन होने लगा था। और
  325. 15:28प्रोड्यूस किए गए इन फूड ग्रेंस और कुक्ड
  326. 15:30फूड को स्टोर करने के लिए मिट्टी के बर्तन
  327. 15:33यानी कि पोटरी मेकिंग की शुरुआत हुई। और
  328. 15:36इस प्रकार मिट्टी के बर्तन पहली बार
  329. 15:38नियोलिथिक एज में दिखाई दिए। इसी काल की
  330. 15:41पॉटरी को ग्रे वेयर, ब्लैक बर्निश्ड वेयर
  331. 15:44और मैट इंप्रेस्ड वेयर के तहत क्लासिफाई
  332. 15:47किया गया था। इनिशियल स्टेज में हैंडमेड
  333. 15:50पॉटरी बनाए गए थे। लेकिन बाद में फुट
  334. 15:53व्हील्स का इन्वेंशन हुआ। यह लोग कॉटन और
  335. 15:55वूल के कपड़े बनाना भी सीख चुके थे। कॉटन
  336. 15:58का ओल्डेस्ट एविडेंस मेहरगढ़ साइट से
  337. 16:01प्राप्त हुआ जो वर्तमान में पाकिस्तान में
  338. 16:03स्थित है। नियोलिथिक युग के लोग मिट्टी के
  339. 16:06बने रेक्टेंगुलर और सर्कुलर हाउसेस में
  340. 16:08रहते थे। और इस प्रकार फर्स्ट सेटल्ड
  341. 16:11सोसाइटी और अर्लियस्ट इंडियन विलेजेस की
  342. 16:14नीव नियोलिथिक एज में रखी गई थी। इसके साथ
  343. 16:17ही कश्मीर वैली में पिट ड्वेलिंग के
  344. 16:20साक्ष्य भी मिले हैं जो यह बताते हैं कि
  345. 16:22यहां नियोलिथिक लोग पिट्स में रहते थे।
  346. 16:25हालांकि इस काल में भी लोग पहाड़ी क्षेत्र
  347. 16:28और रिवर वैली से अधिक दूर नहीं रहते थे।
  348. 16:31क्योंकि वे तब भी पूरी तरह स्टोन टूल्स और
  349. 16:33वेपंस पर निर्भर थे। इसके साथ ही
  350. 16:36एग्रीकल्चर, पॉटरी और एनिमल डोमेस्टिकेशन
  351. 16:39के लिए नेचर से उन्हें नेचुरल रिसोर्सेज
  352. 16:41मिलते थे।
  353. 16:43नियोलिथिक एज के अंत के साथ स्टोन एज का
  354. 16:46भी अंत हुआ और इसी दौरान कई संस्कृतियों
  355. 16:49ने धातु यानी कि मेटल्स का उपयोग करना
  356. 16:52शुरू कर दिया। ज्यादातर यह मेटल्स कॉपर और
  357. 16:55लो ग्रेड ब्रों्स थे। मेटल्स के उपयोग पर
  358. 16:58आधारित इस संस्कृति को चालकोलिथिक यानी कि
  359. 17:01कॉपर स्टोन फेज के रूप में जाना जाने लगा।
  360. 17:04आइए जानते हैं इसके बारे में। चालकोलिथिक
  361. 17:07एज 2000 बीसी टू 500 बीसी। यह कल्चर मुख्य
  362. 17:11रूप से प्री हड़प्पन फेज में देखी गई थी।
  363. 17:14जहां एनिमल रियरिंग और रूरल सेटलमेंट होने
  364. 17:17लगे थे। लेकिन कई स्थानों पर यह पोस्ट
  365. 17:20हड़प्पन फेज तक भी फैली हुई थी। प्री
  366. 17:22हड़प्पन फेज नियोलिथिक एज और हड़प्पन एज
  367. 17:25के बीच ट्रांजिशन पीरियड को रिप्रेजेंट
  368. 17:27करता है। चालकोलिथिक एज वो आधार है जिस पर
  369. 17:30हड़प्पा सिविलाइजेशन के ग्रेजुअल
  370. 17:32एववोल्यूशन को समझा जा सकता है। इस युग
  371. 17:35में कॉपर का उपयोग कर एक्स, फिशिंग हुक्स,
  372. 17:38चिज़ल्स, पिंस, नाइव्स और रोड्स जैसे टूल्स
  373. 17:42बनाए जाते थे। इस दौर के घर स्टोंस और मड
  374. 17:45ब्रिक्स से बनाए गए थे। और अभी तक लोग
  375. 17:47बर्न ब्रिक्स से परिचित नहीं थे। हालांकि
  376. 17:50राजस्थान में स्थित गिलुंड साइट एकमात्र
  377. 17:53स्थान है जहां से बेक्ड ब्रिक्स के कुछ
  378. 17:55अवशेष मिले हैं। चालकोलिथिक सोसाइटी की
  379. 17:58संस्कृति शहरी नहीं थी और इन्हें एक विलेज
  380. 18:01सोसाइटी माना जाता है। इस युग के साथ सोशल
  381. 18:04इनकलिटीज की भी शुरुआत हुई। जहां एक तरफ
  382. 18:07विलेज चीफ रेक्टेंगुलर शेप्ड घरों में
  383. 18:10रहते थे। वहीं आम जनता छोटे राउंड हट्स
  384. 18:12में रहती थी। घरों के अलावा इस युग के
  385. 18:15बैरियल्स भी विभिन्न प्रकार के होते थे।
  386. 18:18जिसमें सिंगल बैरियल से लेकर स्मॉल बॉक्स
  387. 18:20शेप्ड बैरियल्स और रॉक कट टम्स भी शामिल
  388. 18:23थे। लोग डेड बॉडीज को पॉट्स और कॉपर
  389. 18:26ऑब्जेक्ट्स के साथ अपने घरों के फर्श पर
  390. 18:29नॉर्थ साउथ डायरेक्शन में दफनाया करते थे।
  391. 18:32वेस्ट महाराष्ट्र में पाए गए बैरियल्स में
  392. 18:34काफी बड़ी संख्या में छोटे बच्चों को
  393. 18:37दफनाने के एविडेंस मिले हैं। जो यह स्पष्ट
  394. 18:40करते हैं कि नियोलिथिक एज में इनफेंट
  395. 18:42मोटैलिटी रेट काफी अधिक थी। इस दौर में
  396. 18:45आर्ट और क्राफ्ट में वृद्धि हुई जिसमें
  397. 18:48कॉपर स्मिथ्स और स्टोन वर्कर्स भी शामिल
  398. 18:50थे। उन्हें स्पिनिंग, वीविंग और क्लॉथ
  399. 18:53मैन्युफैक्चरिंग भी आती थी। हालांकि अब तक
  400. 18:56वह लिखने की कला नहीं जानते थे।
  401. 18:59चालकोलिथिक काल की मुख्य पहचान पॉलीक्रोम
  402. 19:02पेंटेड पोटरी है। ब्लैक और रेड पॉटरी उस
  403. 19:05युग में काफी प्रचलित थी। ओकर कलर्ड पोटरी
  404. 19:08भी बहुत लोकप्रिय थी।
  405. 19:10ओका कलर्ड पोटरी के साक्ष्य राजस्थान,
  406. 19:13पंजाब, हरियाणा और वेस्टर्न यूपी के
  407. 19:16क्षेत्रों में पाए गए हैं। इसके साथ ही
  408. 19:18लोग ऑर्नामेंट्स के भी शौकीन थे। इस युग
  409. 19:21की महिलाएं शेल और बोनस के बने आभूषण
  410. 19:23पहनती थी। वे सेमी प्रेशर स्टोंस जैसे कि
  411. 19:26स्टेटाइट और क्वड्स क्रिस्टल से मोतियों
  412. 19:28की माला का भी निर्माण करते थे।
  413. 19:31चालकोलिथिक युग अनेक संस्कृतियों के लिए
  414. 19:33जाना जाता है। इन संस्कृतियों का नामकरण
  415. 19:36उनकी ज्योग्राफिकल लोकेशन के आधार पर किया
  416. 19:38गया है। जैसे साउथ ईस्टर्न राजस्थान में
  417. 19:41स्थित आहार या बनास कल्चर जो बनास घाटी के
  418. 19:44नाम से लिया गया है जिसमें संस्कृति के
  419. 19:47अधिकांश साइट्स लोकेटेड हैं। यह भारत में
  420. 19:50सबसे पुरानी चालकोलेथिक कल्चरर्स में से
  421. 19:52एक है। इस कल्चर के मेजर एक्सकेवेटेड
  422. 19:55साइट्स उदयपुर, भीलवाड़ा और राजसमंद
  423. 19:57डिस्ट्रिक्ट में स्थित है। यहां से स्टोन
  424. 20:00ब्लेड्स और राइस कल्टीिवेशन के प्रमाण
  425. 20:02मिले हैं। इसके साथ ही रिच सिरेमिक
  426. 20:04ट्रेडिशन के भी साक्ष्य मिलते हैं। मेजर
  427. 20:07कल्चर में अगला नाम एमपी के उज्जैन में
  428. 20:09स्थित कायथा कल्चर का है। यह चंबल नदी की
  429. 20:12ट्रिब्यूटरी कालीसिंध के तट पर स्थित है।
  430. 20:16इसके अलावा सेंट्रल इंडिया का सबसे प्रमुख
  431. 20:18चालकोलिथिक कल्चर मालवा कल्चर है जो
  432. 20:20नर्मदा नदी के तट पर पूरे मालवा रीजन में
  433. 20:23फैला हुआ है। यहां से वीट, बाली, ऑयल सीड,
  434. 20:27ज्वार, राइस, लेग्यूम्स जैसे फूड ग्रेंस
  435. 20:29के साथ टेराकोटा से बनी बुल फिगर भी
  436. 20:32प्राप्त हुए। वेस्टर्न महाराष्ट्र का
  437. 20:35जोरवे कल्चर प्रावरा नदी के तट पर स्थित
  438. 20:38है। अहमदनगर का दायमाबाद क्षेत्र जोरवे
  439. 20:42कल्चर का एक प्रमुख स्थल है। यहां ब्रोंज़
  440. 20:45के बने एलीिफेंट्स, राइनोसोरस, टू व्हील्ड
  441. 20:48चैरियट जैसे ऑब्जेक्ट्स प्राप्त हुए। अन्य
  442. 20:50प्रमुख साइट्स में बिहार का चिरांद, एमपी
  443. 20:53का निवादा, गुजरात का रंगपुर और
  444. 20:56महाराष्ट्र का इमाम गांव और नाशिक शामिल
  445. 20:59है। इस प्रकार कुल मिलाकर भारत में
  446. 21:01चालकोलिथिक साइट्स रीजनल डायवर्सिटी को
  447. 21:04दर्शाते हैं। अभी तक हमने स्टोन एज के
  448. 21:06अलग-अलग फेसेस के बारे में जाना। इन सभी
  449. 21:09पीरियड्स में जो बात कॉमन थी वो है स्टोन
  450. 21:12और टूल्स। यानी कि स्टोन का इस्तेमाल
  451. 21:14टूल्स या फिर वेपन बनाने के लिए किया जाता
  452. 21:17था। लेकिन 1000 बीसी के आसपास भारत में एक
  453. 21:20और पीरियड इमर्ज हुआ। जहां स्टोंस का
  454. 21:23इस्तेमाल टूल्स के अलावा बैरियल्स और
  455. 21:25मेमोरियल्स यानी कि कब्र और स्मारक बनाने
  456. 21:28के लिए किया जाता था। और इस फेज को कहते
  457. 21:30हैं मेगाथिक पीरियड। आइए देखते हैं इस फेज
  458. 21:34को थोड़े विस्तार से। मेगालिथिक पीरियड
  459. 21:371000 टू 500 बीसी। मेगालिथ का शाब्दिक
  460. 21:41अर्थ बिग स्टोंस होता है और इस कल्चर में
  461. 21:44एक सिंगल लार्ज स्टोन का उपयोग कर
  462. 21:46बैरियल्स या मेमोरियल्स का निर्माण किया
  463. 21:48जाता था। इन मेगाथिक स्ट्रक्चर्स को दो
  464. 21:52श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है।
  465. 21:54एक पॉलीिथिक टाइप और दूसरा मोनोलिथिक
  466. 21:56टाइप। पॉलीथिक स्ट्रक्चर को बनाने के लिए
  467. 21:59एक से अधिक स्टोंस का उपयोग किया जाता था।
  468. 22:02और मोनोलिथिक स्ट्रक्चर में सिर्फ एक ही
  469. 22:04स्टोन से इस्तेमाल होता था। हालांकि यह
  470. 22:06स्ट्रक्चर्स भारत में कई जगहों पर पाए गए
  471. 22:09हैं। लेकिन मेगालिथिक कल्चर विशेष रूप से
  472. 22:12सदर्न इंडिया की विशेषता है। साउथ इंडिया
  473. 22:15में बड़ी संख्या में विभिन्न प्रकार के
  474. 22:16मेगालिथिक ग्रेव्स और मेमोरियल्स पाए गए
  475. 22:19हैं। जिनमें कर्नाटका के मास्की और
  476. 22:21गुलबर्गा क्षेत्र में मेनर मेगालिथिक
  477. 22:24बैरियल्स, आंध्र प्रदेश और केरला के हुड
  478. 22:27स्टोन मेमोरियल्स, केरला का अंब्रेला
  479. 22:30स्टोन ग्रेव शामिल है। इसके अलावा
  480. 22:32कर्नाटका के ब्रह्मगिरी और तमिलनाडु के
  481. 22:35चिंगला पट्टू में डोलमेन शेप्ड टू और
  482. 22:38कोचिन के रॉकेट केव मेमोरियल्स पाए गए
  483. 22:41हैं। नॉर्दर्न इंडिया में ऐसे मेगाट्स
  484. 22:43कश्मीर के वास्तल और ब्रा और इसके साथ ही
  485. 22:47उत्तर प्रदेश के बांदा, इलाहाबाद,
  486. 22:49मिर्जापुर और वाराणसी डिस्ट्रिक्ट्स में
  487. 22:51पाए गए हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र में
  488. 22:54अधिकांश स्मारक विदर्भ रीजन में पाए गए
  489. 22:57हैं। खोजकर्ताओं को इन सभी बैरियर्स में
  490. 23:00कुछ कॉमन फीचर्स मिले। आमतौर पर डेड बॉडीज
  491. 23:04के साथ रेड और ब्लैक वेयर पॉट्स को दफनाया
  492. 23:06जाता था। इसके अलावा आयरन के बने टूल्स,
  493. 23:09वेपन्स और स्टोन और गोल्ड के ऑर्नामेंट्स
  494. 23:12भी मिले। इसके साथ ही कुछ बैरियल्स के
  495. 23:15स्केलेटन्स के साथ हॉर्स और हॉर्स
  496. 23:17इक्विपमेंट मिले तो कभी डोमेस्टिक एनिमल्स
  497. 23:20जैसे कि बफेलो, शीप और गोट। उदाहरण स्वरूप
  498. 23:23कर्नाटका के ब्रह्मगिरी साइट में स्केलेटन
  499. 23:26के साथ 33 गोल्ड बीड्स, टू स्टोन बीड्स और
  500. 23:30फोर कॉपर बैंगल्स मिले। वहीं दूसरी ओर
  501. 23:33अनेकों साइड से सिर्फ कुछ पॉट्स मिले।
  502. 23:37स्केलेटन्स के साथ मिली यह वस्तुएं संभवतः
  503. 23:40उन्हीं डेड पर्सन से जुड़ी रही होंगी। इन
  504. 23:43खोजों से पता चलता है कि दफनाने वाले
  505. 23:46लोगों के बीच सोशल स्टेटस का अंतर था। कुछ
  506. 23:49अमीर थे तो कुछ गरीब, कुछ मुखिया थे तो
  507. 23:52कुछ आम लोग। इस युग में हाई क्वालिटी रेड
  508. 23:55और ब्लैक पॉटरी का उपयोग इसकी खास विशेषता
  509. 23:58है। यह ध्यान देना काफी इंटरेस्टिंग है कि
  510. 24:01नॉर्थ और साउथ दोनों ही रीजंस में मेगाथिक
  511. 24:04बैरियर्स के साथ ब्लैक और रेड पॉटरीज
  512. 24:07मिले। इन पॉटरीज में कुछ रीजनल वेरिएशंस
  513. 24:10भी जरूर दिखे। लेकिन इन्हें बनाने की
  514. 24:12तकनीक उसकी साज सज्जा में कोई बड़ा अंतर
  515. 24:15नहीं था। इसके अलावा इन मेगालिथिक
  516. 24:17बैरियर्स में आयरन ऑब्जेक्ट्स की खोज से
  517. 24:20यह पता चलता है कि यह कल्चरल पीरियड आयरन
  518. 24:23एज से जुड़ा हुआ होगा। आर्कियोलॉजिकल
  519. 24:26एविडेंस के हिसाब से इंडिया में आयरन का
  520. 24:28इस्तेमाल 1000 बीसी से 500 बीसी के बीच
  521. 24:32विस्तृत रूप से होने लगा था। जहां एक ओर
  522. 24:35इस दौर में आयरन टूल्स और वेपन्स आम हो गए
  523. 24:38थे। वहीं इसके साथ-साथ डेटेड लिटरेचर भी
  524. 24:41लिखा जाने लगा था। इस प्रकार मेगालिथिक
  525. 24:44पीरियड आयरन एज की उस अवधि को मार्क करता
  526. 24:47है जहां प्री हिस्ट्री की समाप्ति और
  527. 24:50हिस्ट्री की शुरुआत का एक ट्रांजिशन फेस
  528. 24:53देखने को मिलता है। कंक्लूजन
  529. 24:56दोस्तों भारत के प्रीहिस्टोरिक एज में
  530. 24:58स्टोन एज, कॉपर एज और आयरन एज तीनों शामिल
  531. 25:02थे। प्री हिस्टोरिक इंडिया ने आइस एज के
  532. 25:05साथ-साथ होमोसेपियंस के उद्भव को भी देखा।
  533. 25:08इस चर्चा को कंक्लूड करते हुए हम यह कह
  534. 25:11सकते हैं कि प्री हिस्टोरिक कल्चर ह्यूमन
  535. 25:13एवोल्यूशन और डेवलपमेंट के ग्रेजुअल और
  536. 25:16फंडामेंटल फेज को रेफर करती है। प्री
  537. 25:19हिस्टोरिक पीरियड के चालकोलिथिक फेज के
  538. 25:21दौरान ही प्रोटोहिस्टोरिक पीरियड यानी
  539. 25:24हड़प्पन सिविलाइजेशन की नींव पड़ने लगी
  540. 25:26थी। इंडस वैली सिविलाइजेशन हिस्ट्री एंड
  541. 25:30ज्योग्राफी इंडस वैली सिविलाइजेशन यानी
  542. 25:34आईबीसी आज से लगभग 4500 सालों पहले 2600
  543. 25:40बीसीई में एक अर्बन सिविलाइजेशन की तरह
  544. 25:43एकिस्टेंस में आया और जब दुनिया भर में
  545. 25:46बार्बरिज्म का दौर था तब इंडस वैली सभ्यता
  546. 25:49के पैमानों को सेट कर रही थी। इंडस वैली
  547. 25:52सिविलाइजेशन के बारे में जानकारी मिलना
  548. 25:55हमारे इतिहास का वह पहलू है जिसने
  549. 25:58कॉलोनियलिज्म जैसे ऑप्रेसिव सिस्टम के
  550. 26:01कल्चरल हेजेमनी को चैलेंज करने में भी
  551. 26:03हेल्प किया। वो कल्चरल हैजेमनी जो हमें यह
  552. 26:07बताती रही कि केवल वेस्ट ही सिविलाइज्ड है
  553. 26:10और ईस्ट हमेशा से अनसिविलाइज्ड, बार्बेरिक
  554. 26:14और अनकल्चरर्ड था जिसके पास गर्व करने
  555. 26:17जैसा कुछ नहीं है। इससे जन्म हुआ वाइट
  556. 26:20मैनस बर्डन नाम के आईडिया का जिसके बेसिस
  557. 26:23पर ब्रिटिशर्स अपने 200 साल लंबे रूल को
  558. 26:26मोरली जस्टिफाई करते रहे। यहां तक कि फेमस
  559. 26:30इंग्लिश फिलॉसफर जे एस मिल जो डेमोक्रेसी
  560. 26:33और फ्रीडम के बड़े सपोर्टर थे। उन्होंने
  561. 26:35भी ब्रिटिश कॉलोनियलिज्म को जस्टिफाई करते
  562. 26:38हुए टोलरेंट इंपीरियलिज्म को प्रमोट किया
  563. 26:41और क्लेम किया कि ब्रिटिशर्स इंडिया में
  564. 26:44हमारी भलाई और हमें सिविलाइज करने के लिए
  565. 26:47आए थे।
  566. 26:48लेकिन वेस्ट का यह घमंड तब टूटने लगा जब
  567. 26:51एलेग्जेंडर कनिंगम ने आर्कियोलॉजिकल सर्वे
  568. 26:54ऑफ इंडिया यानी एएसआई ने 19th सेंचुरी में
  569. 26:58कई मेजर आर्कियोलॉजिकल एक्सकवेशंस किए
  570. 27:01जिसमें सारनाथ, सांची स्तूपा और महाबोधी
  571. 27:05टेंपल जैसे ब्रिलियंट एंशिएंट
  572. 27:07आर्किटेक्चर्स इनवॉल्वड थे। लेकिन इनमें
  573. 27:09सबसे जबरदस्त डिस्कवरी 1921 में इंडियन
  574. 27:14आर्कियोलॉजिस्ट दयाराम साहनी ने की। जब
  575. 27:17उन्होंने हड़प्पा का एक्सटेंसिव एक्सकवेशन
  576. 27:20किया। इस डिस्कवरी ने दुनिया भर के
  577. 27:23इतिहासकारों को हैरान करके रख दिया।
  578. 27:26क्योंकि यह अपने समय में वेल प्लंड
  579. 27:28अर्बनाइजेशन का एक ऐसा अनोखा नमूना था जो
  580. 27:32हमें आज भी इंस्पायर करता है। इस डिस्कवरी
  581. 27:35ने ब्रिटिशर्स का मिथ बस्ट करते हुए यह
  582. 27:38बताया कि जब यूरोप बार्बरिज्म से जूझ रहा
  583. 27:41था तब इंडिया में एक अर्बन सिविलाइजेशन हर
  584. 27:45रोज नई ऊंचाइयां छू रहा था। यह कहानी उसी
  585. 27:49इंडस वैली सिविलाइजेशन की है जिसने
  586. 27:52भारतीयों को खुद के इतिहास पर गर्व करने
  587. 27:55का एक मौका दिया और दुनिया को यह बताया कि
  588. 27:58सभ्यता पर वेस्ट की मोनोपोली नहीं हो
  589. 28:01सकती। तो आइए पहले हम इंडस वैली के कुछ
  590. 28:04मेजर फीचर्स को समझ लेते हैं जो हमें यहां
  591. 28:08के बाकी पहलुओं को जानने में मददगार
  592. 28:10होंगे। बेसिक फीचर्स।
  593. 28:13दोस्तों, इंडस वैली सिविलाइजेशन टाइटल
  594. 28:17पहली बार जॉन मार्शल ने यूज किया। लेकिन
  595. 28:20इसे हड़प्पन सिविलाइजेशन भी बोला जाता है।
  596. 28:24और आईवीसी एशिया के तीन और मेजर
  597. 28:27सिविलाइजेशंस मेसोपोटेमिया, एंशिएंट
  598. 28:30इजिप्ट और चाइना का समकालीन था। और इंडस
  599. 28:34वैली के मेसोपोटेमिया के साथ ट्रेड
  600. 28:36रिलेशंस के एविडेंसेस भी हैं। इंडस वैली
  601. 28:39की सिटीज एग्रीकल्चरल सरप्लस पर बेस्ड
  602. 28:42अर्बन टाउनंस थे। पर यहां की इकॉनमी
  603. 28:46मरकेंटलिज्म पर भी बेस्ड थी। जहां से
  604. 28:48मैसिव एक्सपोर्ट्स सी और लैंड रूट्स दोनों
  605. 28:52से होते थे। इस कॉन्टेक्स्ट में अब हम
  606. 28:54इंडस वैली के एक्सकेवेशंस के इतिहास को
  607. 28:57ब्रीफली समझेंगे। एक्सकेवेशंस इन ब्रिटिश
  608. 29:00इंडिया एंड इंडिपेंडेंट इंडिया। दोस्तों,
  609. 29:04वैसे तो हड़प्पन रूइंस का सबसे पुराना
  610. 29:07रिकॉर्ड ईस्ट इंडिया कंपनी के सोल्जर
  611. 29:10चार्ल्स मेसन की किताब नैरेटिव ऑफ वेरियस
  612. 29:13जर्नीज़ इन बलूचिस्तान, अफगानिस्तान एंड द
  613. 29:16पंजाब में मिलता है। जो उन्होंने 1842 में
  614. 29:20लिखी थी। एक और बात ध्यान देने वाली यह है
  615. 29:23कि ब्रिटिश इंपेरियलिज्म एक सिस्टमैटिक
  616. 29:26प्रॉब्लम थी ना कि इंडिविजुअल। ऐसा इसलिए
  617. 29:30क्योंकि कई ब्रिटिशर्स जैसे एलेग्जेंडर
  618. 29:32कनिंघम ने इंडिया के एंशिएंट कल्चर और
  619. 29:35सिविलाइजेशनल हिस्ट्री को महत्व देते हुए
  620. 29:38उस पर रिसर्च को प्रमोट भी किया। यही वजह
  621. 29:41है कि 1853 में एलेक्जेंडर कनिघम को भी
  622. 29:45शायद आईवीसी के बारे में पता चला। जब
  623. 29:48उन्होंने हड़प्पा को विजिट किया। लेकिन
  624. 29:50इसका सिग्निफिकेंस वह शायद समझ नहीं पाए।
  625. 29:54बाद में 1921 में दयाराम साहनी ने हड़प्पा
  626. 29:58और फिर 1922 में आरडी बनर्जी ने
  627. 30:02मोहनजोदड़ो का एक्सटेंसिव एक्सकवेशन किया।
  628. 30:06इसके बाद से लगातार इंडस वैली पर
  629. 30:09एक्सकवेशंस हो रहे हैं। जिनमें कई
  630. 30:11प्रोमिनेंट आर्कियोलॉजिस्ट्स जैसे एन जी
  631. 30:14मजूमदार, अमलानंद घोष, आर एस बिष्ट, जेपी
  632. 30:19जोशी, आर राव और वसंत शिंद इनवॉल्व्ड रहे।
  633. 30:23इन्होंने आईबीसी के कई और साइट्स जैसे
  634. 30:26सुतका गैंडोर, कालीबंगा, लोथल एटसेट्रा को
  635. 30:29डिस्कवर किया और आज तक 2000 से ज्यादा
  636. 30:33इंडस वैली साइट्स पाई गई हैं। दोस्तों
  637. 30:36इंडिपेंडेंट इंडिया के एक्सकवेशंस की बात
  638. 30:39करें तो उसमें सबसे मेजर डिस्कवरी थी 1990
  639. 30:43में आर एस बिष्ट की। जब उन्हें ढोलावीरा
  640. 30:47में स्टोन इं्रिप्शन और इंडस साइन बोर्ड
  641. 30:50मिले। इंडस साइन बोर्ड वुडन प्लेट में
  642. 30:53इंडस स्क्रिप्ट का लॉन्गेस्ट इं्रिप्शन है
  643. 30:56और स्टोन इं्रिप्शन ऐसा पहला हड़प्पन
  644. 30:59इं्रिप्शन है जो स्टोन में है। इसके पहले
  645. 31:02मिले इं्रिप्शंस टेराकोटा वुड एटसेट्रा
  646. 31:05में इंक्राइब्ड थे। इसके अलावा दूसरी मेजर
  647. 31:08डिस्कवरी थी इंडिया की राखीगढ़ी साइट।
  648. 31:12जिसे पहली बार अमरेंद्रनाथ ने 1997 में
  649. 31:16एक्सकेवेट किया। 2014 में वसंत शिंद के
  650. 31:19एक्सकेवेशन्स ने इसे हड़प्पन सिविलाइजेशन
  651. 31:22की लार्जेस्ट साइट बना दिया जो लगभग 350
  652. 31:26हेक्टेयर्स में फैली हुई है और इसने 300
  653. 31:29हेक्टेयर्स में फैली पाकिस्तान की
  654. 31:31मोहनजोदड़ो को पीछे छोड़ दिया। खैर अब हम
  655. 31:35बात करते हैं कि आईबीसी के इतिहास को
  656. 31:37हिस्टोरियंस कैसे क्लासिफाई करते हैं। फोर
  657. 31:41स्टेजेस और फोर फेसेस ऑफ एववोल्यूशन।
  658. 31:45दोस्तों हिस्टोरियंस आईबीसी को जनरली चार
  659. 31:49फेसेस में डिवाइड करते हैं। इसमें पहला है
  660. 31:52प्री हड़प्पा जो 3300 बीसीई के पहले का
  661. 31:56फेज है। इस दौर में नोमेडिक लोग
  662. 31:59सेटलमेंट्स बनाने लगे और एग्रीकल्चर की
  663. 32:01शुरुआत हुई। दूसरा है अर्ली हड़प्पा जो
  664. 32:05लगभग 3300 बीसीई से 2600 बीसीई तक था। इस
  665. 32:12दौर में हड़प्पा में बड़े-बड़े विलेजेस का
  666. 32:14इमरजेंस हुआ जो बाद में अर्बन टाउनंस में
  667. 32:17कन्वर्ट हुए। तीसरा और सबसे इंपॉर्टेंट है
  668. 32:20मैच्योर हड़प्पन फेज जो 2600 से 1900
  669. 32:25बीसीई तक एग्जिस्टेंस में रहा। इस दौरान
  670. 32:29वो ग्रेट सिटीज फ्लोरिश कर रहे थे जो
  671. 32:32आईवीसी को अर्बन बनाते हैं। और इसी दौर
  672. 32:35में हड़प्पा में मैरकेंटलिज्म भी अपने चरम
  673. 32:38पर था। आखिरी फज़ है लेट हड़प्पन फेज जो
  674. 32:431900 बीसीई से 1300 बीसीई में मिलता है।
  675. 32:48यहां आईबीसी का डिक्लाइन दिखता है जिसके
  676. 32:51बाद धीरे-धीरे यह सिविलाइजेशन इतिहास बन
  677. 32:54गया। चलिए अब आपको लेकर चलते हैं इंडस
  678. 32:58वैली की जियोग्राफी की ओर और जानते हैं कि
  679. 33:00यह कहां से कहां तक फैला हुआ था।
  680. 33:03जियोग्राफी ऑफ हड़प्पन साइंस। इंडस वैली
  681. 33:07सिविलाइजेशन पंजाब, हरियाणा, सिंध,
  682. 33:10बलूचिस्तान, गुजरात, राजस्थान और वेस्टर्न
  683. 33:14यूपी तक फैला हुआ था। यह सारे एरियाज
  684. 33:17लार्जली इंडस और इंडस की ट्रिब्यूटरीज
  685. 33:20जैसे रावी के अराउंड लोकेटेड थे। और
  686. 33:24इसीलिए इसे जॉन मार्शल ने इंडस वैली
  687. 33:27सिविलाइजेशन बोला। एक थ्योरी के हिसाब से
  688. 33:30इंडस वैली पहले काफी ज्यादा फर्टाइल था।
  689. 33:34इसीलिए यहां पर आईवीसी का जन्म हुआ। लेकिन
  690. 33:37बाद में इंडस वैली की फर्टिलिटी में
  691. 33:39डिक्लाइन और एनवायरमेंटल चेंजेस के चलते
  692. 33:42शायद यहां के लोग गंगा वैली में चले गए।
  693. 33:45जहां बाद में पोस्ट हड़प्पन सेटलमेंट्स,
  694. 33:48महाजनपद और मगध जैसे किंगडम्स का राइज
  695. 33:51हुआ। अभी तक के एक्सकवेशन के हिसाब से
  696. 33:55मांडा नॉर्दर्न मोस्ट, दायमाबाद सदर्न
  697. 33:58मोस्ट, आलमगीरपुर ईस्टर्न मोस्ट और सुतका
  698. 34:02गैंडोर वेस्टर्न मोस्ट हड़प्पन साइट्स
  699. 34:04हैं। इंडस वैली में मिले 2000 से ज्यादा
  700. 34:08साइट्स में से ज्यादातर प्रेजेंट डे
  701. 34:10इंडिया और पाकिस्तान में है। लेकिन एक
  702. 34:13साइट शोरतु घाई अफगानिस्तान में भी है। जो
  703. 34:16शायद हड़प्पंस का ट्रेडिंग कॉलोनी था।
  704. 34:19पोर्ट सिटीज में सुरका, लोथल,
  705. 34:23कुंतासी, गुजरात में, अलादीनो, बालाकोट और
  706. 34:27सुदका गेंडोर जो अब पाकिस्तान में है नाम
  707. 34:30की साइट्स आते हैं। जहां से मेजर ट्रेड्स
  708. 34:33के एविडेंस सूर नाम के मेसोपोटेमियन
  709. 34:37साइट्स में मिले हड़प्पन सील्स हैं। इसके
  710. 34:40बाद हम चर्चा करते हैं हड़प्पन
  711. 34:42सिविलाइजेशन में हुए मेजर एक्सकेवेशंस की
  712. 34:45जो यहां के इतिहास और समाज को इंटरप्रेट
  713. 34:48करने के लिए प्राइमरी हिस्टोरिकल सोर्सेस
  714. 34:51हैं। मेजर एक्सकेवेशंस
  715. 34:54टाउन प्लानिंग आईबीसी का सबसे इंटरेस्टिंग
  716. 34:58एलिमेंट है उसका टाउन प्लानिंग जिसके
  717. 35:01ब्रिलियंस को हम मॉडर्न डे चंडीगढ़ और
  718. 35:03न्यू रायपुर जैसी प्लंड सिटीज से कंपेयर
  719. 35:06कर सकते हैं। यह खुद में एक अचीवमेंट है
  720. 35:09कि आईबीसी ने ऐसा टाउन प्लानिंग 4,500 साल
  721. 35:13पहले इस्टैब्लिश किया था। आईबीसी के टाउन
  722. 35:16प्लानिंग का पहला मेजर फीचर यहां का
  723. 35:19स्ट्रैटिफाइड टाउन प्लानिंग है। कुछ
  724. 35:21साइट्स को छोड़ दें तो मोस्ट साइट्स के
  725. 35:24वेस्ट में एक फर्टिफाइड सीटाडेल या किला
  726. 35:27मिलता है जो शायद रूलिंग क्लास के लिए था
  727. 35:30और ईस्ट में छोटे ब्रिक हाउसेस जो शायद
  728. 35:34कॉमनर्स के लिए थे। यह यहां के सोशल
  729. 35:37स्ट्रैटिफिकेशंस को इंडिकेट करता है और
  730. 35:40बताता है कि समाज में स्टेटस और पावर के
  731. 35:42बेसिस पर डिवीजंस हड़प्पन टाइम से थे। पर
  732. 35:45यह डिवीजंस कास्ट सिस्टम की तरह नहीं थे।
  733. 35:49धोलावीरा में यह सीटाडेल पत्थरों का था और
  734. 35:52यहां एक मिडिल टाउन भी था जो शायद मिडिल
  735. 35:55क्लासेस के लिए था। एक्सेप्शनंस में चानू
  736. 35:59दाड़ो है। जहां कोई सीटाडेल अब तक नहीं
  737. 36:02मिला है। और लोथल का सीटाडेल फर्टिफाइड
  738. 36:05नहीं था बल्कि थोड़ा हाइट पर बनाया गया था।
  739. 36:08टाउन प्लानिंग का अगला ब्रिलियंट फीचर है
  740. 36:11ग्रिड सिस्टम। जहां हम मैसिव टेक्नोलॉजिकल
  741. 36:14इनोवेशंस के बावजूद आज भी वेल प्लंड
  742. 36:17टाउनंस के लिए संघर्ष कर रहे हैं। वहीं
  743. 36:204500 साल पहले हड़प्पंस ने मिनिमल
  744. 36:24टेक्नोलॉजी यूज करके एक इंस्पायरिंग नमूना
  745. 36:27पेश किया है। आईवीसी में ऑलमोस्ट सारे
  746. 36:30स्ट्रीट्स राइट एंगल से एक दूसरे से
  747. 36:32कनेक्टेड थे। जिनके चारों तरफ शहर बसे थे।
  748. 36:36तीसरा इंटरेस्टिंग फीचर है ब्रिलियंट
  749. 36:39अंडरग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम। मोहंजदड़ो
  750. 36:42में सारी स्ट्रीट्स में ड्रेंस मिलते हैं
  751. 36:45और लगभग सभी घरों में वेस्ट वाटर
  752. 36:48मैनेजमेंट का इंतजाम भी। इन घरों की
  753. 36:51दीवारों में वर्टिकल पाइप्स थी जो ड्रेन
  754. 36:54से कनेक्टेड हैं। इनमें छोटे-छोटे सेटलिंग
  755. 36:57पोल्स और ट्रैप्स भी हैं जो सेडिमेंट्स को
  756. 37:00जो ड्रेन को जैम कर सकते हैं, ट्रैप कर
  757. 37:03सकते थे और इन्हें ईजीली रिमूव किया जा
  758. 37:05सकता था। मॉडर्न इंडिया में स्वच्छ भारत
  759. 37:08मिशन के अंडर सैनिटेशन को जोेंस दिया गया
  760. 37:11है, वह बताता है कि आईवीसी का वेस्ट वाटर
  761. 37:15मैनेजमेंट कैसे एक फ्यूचरिस्टिक और
  762. 37:17प्रोग्रेसिव सिस्टम था। इन ड्रेंस का
  763. 37:20ब्रिलियंस इस वजह से भी है कि यह बेक्ड
  764. 37:23ब्रिक के थे जो भारत में इसके पहले या कुछ
  765. 37:26सालों बाद तक के सिविलाइजेशन में भी काफी
  766. 37:28कम मिलते हैं। अब बात करते हैं यहां के
  767. 37:32आर्किटेक्चर की। आर्किटेक्चर
  768. 37:36आईवीसी का सबसे इंपॉर्टेंट आर्किटेक्चरल
  769. 37:38मास्टर पीस मोहंजदड़ो का द ग्रेट बाथ है।
  770. 37:43यह बेक्ड ब्रिक्स से बना हुआ 6 * 12 मीटर
  771. 37:46साइज का स्ट्रक्चर है। जिसका मेन पर्पस
  772. 37:49शायद रिलीजियस था। जिसे रिचुअल बेदिंग में
  773. 37:53यूज करते थे। ग्रेट बाथ का फ्लोर और आउटर
  774. 37:56वॉल्स बिट्यूमिनाइज्ड है जो इसे वाटर
  775. 37:59प्रूफ बनाता है। यहां स्टोन नहीं दिखता।
  776. 38:02इसके अलावा एक मैसिव वाटर टैंक धोलावीरा
  777. 38:06में भी है। अगला स्ट्रक्चर ग्रेनरीज है।
  778. 38:09मोहनजोदड़ो का ग्रेट ग्रेनरी सबसे मैसिव
  779. 38:13है। जिसका यूज शायद टैक्स में मिले ग्रेंस
  780. 38:16के स्टोरेज में होता था। हड़प्पा में भी
  781. 38:19ऐसे सिक्स ग्रेनरीज मिले हैं। यहां टू रूम
  782. 38:22बैरिक्स भी थे जहां शायद वर्कर्स रहते थे।
  783. 38:25आगे देखते हैं हड़प्पा की आर्ट एंड
  784. 38:28क्राफ्ट की कहानी। आर्ट एंड क्राफ्ट।
  785. 38:33दोस्तों, आईबीसी अपनी ब्रिलियंट और वेल
  786. 38:37डेवलप्ड आर्टिफेक्ट्स और स्कल्प्चर्स के
  787. 38:39लिए भी फेमस है। यह हमें हड़प्पन सोसाइटी
  788. 38:42में पॉसिबल गॉड वरशिप, लेजर टॉयज,
  789. 38:45मटेरियल्स इन यूज़ एटसेट्रा के बारे में
  790. 38:47बताते हैं। वैसे तो यहां क्राफ्ट मेकिंग
  791. 38:50एक कॉमन प्रैक्टिस थी। लेकिन मोस्ट
  792. 38:52क्राफ्ट प्रोडक्शन चानूदाड़ो, नागेश्वर और
  793. 38:56बालाकोट जैसे इंडस्ट्रियल टाउन में होता
  794. 38:58था। इनमें से कई क्राफ्ट्स आज भी इंडियन
  795. 39:01और ब्रिटिश म्यूजियम्स में देखे जा सकते
  796. 39:03हैं। स्टोन स्कल्प्चर्स
  797. 39:06स्टोन स्कल्प्चर्स की बात करें तो उनमें
  798. 39:09सबसे फेमस स्कल्प्चर रेड सैंड स्टोन में
  799. 39:12बना मेल बॉडी के अपर पार्ट या टॉरसो है।
  800. 39:15टॉर्सो की नेक, शोल्डर्स, हेड्स और आर्म्स
  801. 39:18में सॉकेट होल्स हैं। और इसकी डिजाइनिंग
  802. 39:21काफी डिटेल्ड है। इसके अलावा बियर्डेड मैन
  803. 39:25का स्कल्प्चर सबसे ज्यादा चर्चा का विषय
  804. 39:28है। जो स्टीटाइट या सोप रॉक से बना था। यह
  805. 39:32शायद एक प्रीस्ट था क्योंकि इसके रिपीटेड
  806. 39:35रिप्रेजेंटेशंस और जगहों में मिलते हैं।
  807. 39:38यह स्कल्प्चर एक ट्री फॉइल पैटर्न शॉल में
  808. 39:41लिपटा हुआ है जिसकी आइज इलोंगेटेड और हाफ
  809. 39:45क्लोज्ड हैं। देखकर लगता है जैसे वो
  810. 39:47मेडिटेशन में हो। इसका नोज, माउथ, मस्टाश
  811. 39:52और हेयर काफी डिटेल्ड हैं। हेड के चारों
  812. 39:56तरफ एक प्लेन वन फिलेट और हैंड में आमलेट
  813. 39:59भी है। ट्रफोइल पैटर्न शॉल यह इंडिकेट
  814. 40:02करती है कि यहां एंब्रॉयडरी प्रैक्टिस में
  815. 40:05थी। ब्रोंज़ कास्टिंग। दोस्तों ब्रोंज़
  816. 40:10कास्टिंग भी आईबीसी में पॉपुलर था जो
  817. 40:12इंडिया में एक कंटीन्यूअस ट्रेडिशन में
  818. 40:15दिखता है। इसका एक एग्जांपल फेमस नटराज
  819. 40:17स्कल्प्चर है जो 11th सेंचुरी में चोलाज़
  820. 40:21ने बनवाया था। ब्रोंज़ कास्टिंग के लिए
  821. 40:23दोनों जगहों में लॉस्ट वैक्स टेक्निक का
  822. 40:26इस्तेमाल होता है। इंडस वैली के सबसे फेमस
  823. 40:29ब्रोंज़ेस डांसिंग गर्ल, बफेलो, गोट एनिमल
  824. 40:33फिगर्स और कालीबंगा और मोहिंजदड़ों के बुल
  825. 40:36स्कल्प्चर्स हैं। डांसिंग गर्ल एक 4 इंच
  826. 40:40टॉल फिगर है जो मोहिंजदड़ों में मिली।
  827. 40:43इसके लॉन्ग हेयर बन में बंधे हुए हैं।
  828. 40:46आर्म्स, बैंगल्स, ब्रेसलेट्स और एमुलेट से
  829. 40:49कवर्ड और नेक में कोरी शेल नेकलेस है।
  830. 40:53सबसे इंटरेस्टिंग बात है डांसिंग गर्ल का
  831. 40:55त्रिभंगा पोश्चर जो इसके लाइवलीनेस को
  832. 40:58रिमारकेबल बनाता है। टेराकॉर्टा आर्ट।
  833. 41:02टेराकॉर्टा यानी कि नेचुरल क्ले से बने
  834. 41:06रेडिश ब्राउन कलर के फिगर्स भी यहां काफी
  835. 41:09कॉमन थे। लेकिन टेराकोटा फिगर्स का
  836. 41:11डिटेलिंग उतना ब्रिलियंट नहीं है जितना
  837. 41:14ब्रोंज़ और स्टोन स्टैचूस का है। इनमें
  838. 41:17सबसे फेमस मदर गॉडेस, बियर्डेड मेल्स,
  839. 41:20मास्क ऑफ हर्ड डेटी, टॉय कार्ड्स और सील्स
  840. 41:24हैं। सबसे प्रोमिनेंट टेराकोटा फिगर मदर
  841. 41:27गॉडेस है जो एक क्रूड और स्टैंडिंग फीमेल
  842. 41:31फिगर है जिसमें नेकलेसेस, लॉयन क्लॉथ और
  843. 41:34गर्डल्स की सजावट है। इसमें मोस्ट
  844. 41:37डिस्टिंक्ट फीचर फैन शेप्ड हेड ड्रेस है
  845. 41:40जिसके दोनों साइड्स में कप लाइक
  846. 41:42प्रोजेक्शंस हैं। बाकी के फेशियल फीचर्स
  847. 41:45क्रूड और कम रियलिस्टिक हैं। सील्स की बात
  848. 41:49करें तो वो टेराकोटा के अलावा स्टी टाइट,
  849. 41:52एगट, शर्ट, कॉपर, फयन्स, गोल्ड, आइवरी और
  850. 41:57सिल्वर में भी मिलते हैं। सील्स का
  851. 42:00इस्तेमाल जनरली ट्रेड में होता था। शायद
  852. 42:02एज अ प्रूफ ऑफ ऑथेंटिसिटी।
  853. 42:05इनमें सबसे पॉपुलर मोहनजोदड़ो के पशुपति
  854. 42:08सील हैं। जिसमें एिफेंट, टाइगर, राइनो,
  855. 42:11बफलो और दो एंटीलोब्स काव्ड हैं। पॉटरी।
  856. 42:16अगला इंपॉर्टेंट क्राफ्ट यहां का पॉटरी है
  857. 42:18जो लार्जली व्हील मेड थे ना कि हैंडमेड।
  858. 42:22सबसे कॉमन रेड एंड ब्लैक वेयर पॉटरी थे।
  859. 42:26प्लेन पॉटरी ज्यादा कॉमन है देन
  860. 42:28ऑर्नामेंटेड पॉटरी। और कुछ रेयर पॉलीक्रोम
  861. 42:31और इनसाइज्ड वेयर्स भी मिले हैं। पॉटरीज
  862. 42:34में ग्रेसफुल कर्व्स ज्यादा कॉमन है देन
  863. 42:37स्ट्रेट और एंगुलर शेप्स। अदर्स इन सबके
  864. 42:41अलावा यहां क्लॉथ मेकिंग में यूज होने
  865. 42:43वाले स्पिंडल वर्ल्ड्स कई घरों में मिले
  866. 42:46जो क्लॉथ मेकिंग के कॉमन प्रैक्टिस के
  867. 42:48इंडिकेशंस हैं। हड़प्पंस बोट मेकिंग
  868. 42:51क्राफ्ट भी जानते थे जिसका इस्तेमाल सी
  869. 42:54ट्रेड में होता था। यहां वेट्स एंड मेजर्स
  870. 42:57भी डेवलप्ड थे जो शायद 16 के मल्टीपल्स
  871. 43:00में यूज होते थे। यह मेजरमेंट टेक्निक
  872. 43:04मॉडर्न इंडिया तक देखने को मिला जहां 16
  873. 43:07आना ₹1 होता था। तो यह था इंडस वैली
  874. 43:10सिविलाइजेशन के इतिहास का वो पहलू जिसमें
  875. 43:13हमने वहां की जियोग्राफी, टाउन प्लानिंग,
  876. 43:16आर्किटेक्चर और मेजर एक्सकवेशंस और
  877. 43:19क्राफ्ट्स मेकिंग की बात की। इंडस वैली
  878. 43:22सिविलाइजेशन पार्ट टू इंपॉर्टेंट साइट्स
  879. 43:25एंड इनफ्लुएंसेस। दोस्तों, हम बात कर रहे
  880. 43:29हैं इंडस वैली सिविलाइजेशन की जो भारत के
  881. 43:32इतिहास का पहला अर्बन सिविलाइजेशन था।
  882. 43:35पिछले वीडियो में हमने देखा कि इंडस वैली
  883. 43:38सिविलाइजेशन क्यों इतना इंपॉर्टेंट पार्ट
  884. 43:40है हमारे इतिहास का और उसमें कौन-कौन से
  885. 43:43मेजर एक्सकवेशंस आज तक हुए हैं। हमने इंडस
  886. 43:46वैली के इंपॉर्टेंट आर्किटेक्चरल और
  887. 43:49कल्चरल एलिमेंट्स के एविडेंसेस को समझने
  888. 43:51की भी कोशिश की है। इस दूसरे भाग में हम
  889. 43:54बात करने वाले हैं वहां की कुछ इंपॉर्टेंट
  890. 43:57साइट्स के बारे में और जानेंगे कि यहां
  891. 43:59मिले एविडेंसेस हमें इंडस वैली की
  892. 44:02सोसाइटी, पॉलिटिक्स और इकॉनमी के बारे में
  893. 44:05क्या बताते हैं। इसके अलावा इंडस वैली के
  894. 44:09डिक्लाइन को लेकर कई डिस्प्यूट्स हैं
  895. 44:11जिसके बारे में हम इस वीडियो में जानेंगे।
  896. 44:14आइए पहले हम बात करते हैं आईबीसी की कुछ
  897. 44:17मेजर साइट्स की। सम इंपॉर्टेंट साइट्स
  898. 44:21हड़प्पा।
  899. 44:22दोस्तों, हड़प्पा रवि के किनारे पाकिस्तान
  900. 44:26के पंजाब प्रोविंस में है। रवि के पास
  901. 44:29होने से इसको ट्रेड नेटवर्क, एक्वेटिक फूड
  902. 44:32और ड्रिंकिंग और कल्टीिवेशन के लिए पानी
  903. 44:34का एक्सेस था। हड़प्पा ईस्ट से आने वाले
  904. 44:38ट्रेड रूट्स का मीटिंग पॉइंट भी माना गया
  905. 44:40है। यहां के मेजर एक्सकवेशंस में ग्रेनरीज
  906. 44:43विद ब्रिक प्लेटफार्म, वर्कर्स के रूम्स,
  907. 44:46ब्रोंज़, स्मेल्टिंग एटसेट्रा है। जिसके
  908. 44:48बारे में हमने पिछले वीडियो में बात की।
  909. 44:50हड़प्पा इकलौती ऐसी साइट है जहां कॉफिन
  910. 44:53बैरियर्स का एविडेंस मिला है। अगला साइट
  911. 44:56है मोहिनजदड़ो
  912. 44:58जिसका इंग्लिश ट्रांसलेशन माउंट ऑफ द डेड
  913. 45:01है और यह इंडस के किनारे पाकिस्तान के
  914. 45:04पंजाब प्रोविंस के लरकाना में है। यहां पर
  915. 45:08द ग्रेट बाथ, द ग्रेट ग्रेनरी, ब्रोंज़
  916. 45:12डांसिंग गर्ल, सील ऑफ पशुपति, स्टैचू ऑफ द
  917. 45:16बियर्डेड मैन, सबसे ज्यादा यूनिकॉर्न
  918. 45:19सील्स और वन कॉटन के पीसेस मिले हैं।
  919. 45:22मोहजदड़ो एक यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट
  920. 45:25भी है। अगला साइट है ढोलावीरा जो गुजरात
  921. 45:30के रन ऑफ कच्छ में है। रिसेंटली इंडियन
  922. 45:34गवर्नमेंट ने इसे यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज
  923. 45:36साइट्स में इंक्लूड करने का प्रपोजल भी
  924. 45:39भेजा है। यह लार्ज रिजर्व्स और इबोरेट
  925. 45:42सिस्टम ऑफ वाटर हार्वेस्टिंग के लिए फेमस
  926. 45:45है। चलिए अब समझते हैं हड़प्पन पॉलिटिकल
  927. 45:48सिस्टम से रिलेटेड थ्योरीज के बारे में।
  928. 45:50पॉलिटिकल सिस्टम। दोस्तों, यह काफी
  929. 45:54इंटरेस्टिंग सवाल है कि कैसे इंडस वैली
  930. 45:56सिविलाइजेशन इतने पुअर कम्युनिकेशन
  931. 45:59सिस्टम्स के दौर में भी एक यूनिफॉर्म
  932. 46:01सिविलाइजेशन की तरह एकिस्ट करता रहा और
  933. 46:04इतने वास्ट एरिया में फैल गया। थ्योरी ऑफ़
  934. 46:07सेंट्रलाइज्ड पॉलिटी के हिसाब से कुछ
  935. 46:10इतिहासकारों का मत है कि इंडस वैली का
  936. 46:13आर्किटेक्चरल मैग्निफिसेंस और यूनिफॉर्म
  937. 46:15ब्यूटीफुल स्कल्प्चर्स यहां की रूलिंग
  938. 46:18क्लास की पावर को दर्शाते हैं। यह दिखाता
  939. 46:20है कि उनके पास मैसिव स्ट्रक्चर्स और
  940. 46:23ब्रिलियंट टाउन प्लानिंग के लिए लेबर और
  941. 46:25टैक्सेस मोबिलाइज करने की कैपेबिलिटी थी।
  942. 46:28यहां का पॉलिटिकल सिस्टम शायद एक
  943. 46:30सेंट्रलाइज्ड सिस्टम था जिसकी वजह से ही
  944. 46:33आईबीसी कल्चर एक यूनिफॉर्म कल्चर था। इसके
  945. 46:37अलावा इन टाउनंस में मिले सीटडेल्स ही
  946. 46:40शायद सीट ऑफ पावर थे और मोहनजोदड़ो की
  947. 46:43ग्रेट ग्रेनरी स्टेट का ट्रेजरी जहां
  948. 46:46टैक्स के रूप में कलेक्टेड ग्रेंस रखे
  949. 46:48जाते थे। पॉलिटिकल सिस्टम मैच्योर हड़प्पन
  950. 46:51फेज में अपने चरम पर था और सबसे ज्यादा
  951. 46:54वेल डेवलप्ड भी। कई सारे शहर काफी अच्छे
  952. 46:58से फर्टिफाइड थे और पूरा एरिया वेल
  953. 47:00पॉपुलेटेड। लेकिन यहां ऑर्गेनाइज्ड
  954. 47:03मिलिट्री के प्रूफ्स नहीं मिलते हैं। पर
  955. 47:05शायद एक स्टैंडिंग आर्मी एकिस्ट करती थी।
  956. 47:08क्योंकि सोल्जर्स के डिप्शंस कई स्टोंस
  957. 47:11में हैं। यहां किसी भी तरह के टेंपल का
  958. 47:14आर्कियोलॉजिकल एविडेंस ना मिलना यह
  959. 47:16इंडिकेट करता है कि शायद यहां प्रीस्ट्स
  960. 47:19का रूल नहीं था और पॉलिटी सेकुलर थी। यहां
  961. 47:22के रूलर्स के लिए ट्रेड एंड कॉमर्स ज्यादा
  962. 47:25इंपॉर्टेंट था देन कॉन्क्वेस्ट्स और शायद
  963. 47:27यह रूलर्स लार्जली मर्चेंट्स थे। लेकिन
  964. 47:30पॉलिटी के बारे में यह इनफरेंस कंक्लूसिव
  965. 47:33नहीं है। क्योंकि दूसरी थ्यरी के हिसाब से
  966. 47:35शायद यहां सिंगल सेंट्रलाइज्ड स्टेट नहीं
  967. 47:38था बल्कि हड़प्पन सिटीज में अलग-अलग
  968. 47:41रूलर्स थे जो हर अर्बन सेंटर को
  969. 47:44रिप्रेजेंट करते थे। शायद वैसे ही जैसे
  970. 47:46मिडीवल इटालियन सिटी स्टेट्स जैसे
  971. 47:49फ्लोरेंस, वेनिस, जेनेवा, मिलान एटसेट्रा
  972. 47:52थे। खैर किसी भी पॉलिटिकल सिस्टम के लिए
  973. 47:55यह जरूरी है कि वहां की इकॉनमी भी
  974. 47:58स्ट्रांग फाउंडेशंस पर बिल्ड हो। इसलिए अब
  975. 48:01हम चलते हैं यहां की इकॉनमी की तरफ।
  976. 48:04इकोनमी एग्रीकल्चर। दोस्तों, इंडस वैली
  977. 48:08में एग्रीकल्चर मेन इकोनॉमिक एक्टिविटी
  978. 48:11थी। जिसका मेजर कारण इंडस वैली की
  979. 48:14फर्टिलिटी था। यह फर्टिलिटी इंडस के हर
  980. 48:18साल ओवरफ्लो की वजह से थी। जिसका एविडेंस
  981. 48:21बर्न ब्रिक्स के वॉल्स में है जो फ्लड
  982. 48:24कंट्रोल के लिए यूज होते थे। इंडस वैली के
  983. 48:27मेन क्रॉप्स में वीट, बाली, राई, सेसमम,
  984. 48:32मस्टर्ड और पीस हैं। लेकिन लोथल और रंगपुर
  985. 48:36में राइस के एविडेंसेस भी हैं। आईबीसी के
  986. 48:39बारे में एक इंटरेस्टिंग बात यह है कि
  987. 48:41शायद यह कॉटन प्रोड्यूस करने वाले सबसे
  988. 48:44पहले लोग थे। बुने हुए कॉटन का एविडेंस
  989. 48:47हमें मोहिंजदड़ो से मिला है। और लगभग हर
  990. 48:50घर में स्पिंडल वर्ल्ड्स यह बताते हैं कि
  991. 48:53वीविंग एक कॉमन प्रैक्टिस थी। यहां किसी
  992. 48:56भी तरह के मेटल के हल या प्लाओ का एविडेंस
  993. 48:59नहीं मिलता। लेकिन राखीगढ़ी और कालीबंगा
  994. 49:02के प्लाउड फील्ड्स इंडिकेट करते हैं कि
  995. 49:05शायद वुडन प्लाउ से यहां प्लाउंग होती थी।
  996. 49:08और स्टोन के कटिंग टूल से हार्वेस्टिंग।
  997. 49:10इरीगेशन के लिए शरतुगाई के अलावा कहीं भी
  998. 49:14मेजर कैनाल्स का एविडेंस नहीं है। लेकिन
  999. 49:16छोटे वाटर टैंक्स जरूर थे। कालीबंगा के
  1000. 49:20फील्ड्स यह भी बताते हैं कि वहां एक साथ
  1001. 49:23दो क्रॉप्स ग्रो की जाती थी। इसके अलावा
  1002. 49:26एनिमल डोमेस्टिकेशन भी कॉमन था जिसमें
  1003. 49:29ऑक्सक्स, बफेलो, गोट्स, शीप, पिग्स और
  1004. 49:32हमंप्ड बुल मेन एनिमल्स हैं। यहां के लोग
  1005. 49:36डॉग्स, कैट्स, एिफेंट्स, राइनोस से भी
  1006. 49:39अवेयर थे।
  1007. 49:40डोंकी और कैमल्स का यूज प्लाउंग और ट्रेड
  1008. 49:43में होता था। सबसे चौंका देने वाली बात यह
  1009. 49:46है कि हड़प्पंस हॉर्स से अवेयर नहीं थे
  1010. 49:50क्योंकि उस पर कोई कंक्लूसिव एविडेंस नहीं
  1011. 49:52मिला है। मोहिंजदड़ो में एक टेराकोटा का
  1012. 49:55हॉर्स लाइक क्रिएचर और सुरकोटा में हॉर्स
  1013. 49:58लाइक एनिमल के स्केलेटन्स हैं। लेकिन यह
  1014. 50:01दावा नहीं कर सकते कि वो हॉेज ही हैं। खैर
  1015. 50:04विवाद से अलग यह तो साफ है कि फ्यूचर
  1016. 50:07सिविलाइजेशन से अलग हड़प्पन सिविलाइजेशन
  1017. 50:10हॉर्स सेंट्रिक बिल्कुल नहीं था।
  1018. 50:13एग्रीकल्चर के अलावा ट्रेड एंड कॉमर्स भी
  1019. 50:15हड़प्पन इकॉनमी का क्रूशियल कंपोनेंट था।
  1020. 50:18तो आइए अब हम हड़प्पन ट्रेड एंड कॉमर्स के
  1021. 50:22बारे में जानते हैं। इकोनमी ट्रेड एंड
  1022. 50:25कॉमर्स। ग्रेनरीज में मिले सील्स,
  1023. 50:28यूनिफॉर्म स्क्रिप्ट और वेट्स एंड मेजर्स
  1024. 50:31यहां ट्रेड काेंस दिखाते हैं। इस ट्रेड
  1025. 50:34में लोथल इंपॉर्टेंट पोर्ट था जो गल्फ ऑफ
  1026. 50:38खंबार में है। ट्रेड लार्जली बार सिस्टम
  1027. 50:42पर बेस्ड था। यानी कि यहां करेंसी यूज़
  1028. 50:44में नहीं थी। आईबीसी के कमर्शियल लिंग्स
  1029. 50:47टाइगरस और यूफ्रेटीज रिवर्स तक मिलते हैं।
  1030. 50:51मेसोपोटेमिया के रिकॉर्ड्स मेलवा नाम के
  1031. 50:53सिविलाइजेशन का जिक्र करते हैं। जिसमें
  1032. 50:56दिलमुन यानी बहरेन, कुवैत, कतर, ईस्टर्न
  1033. 51:00सऊदी और मगन यानी ओमान इंपॉर्टेंट
  1034. 51:04ट्रेडिंग साइट्स थे। मेलुआ शायद इंडस वैली
  1035. 51:07के लिए ही यूज़ होता था। हड़प्पंस की
  1036. 51:10इंपॉर्टेंट ट्रेडिंग गुड्स में टेराकोटा
  1037. 51:13पॉट्स, गोल्ड, सिल्वर, मेटल्स, बीड्स, सी
  1038. 51:16शेल्स, पर्ल्स, कलर्ड जेम स्टोंस जैसे
  1039. 51:19लैपिस लेजोलाई और टरकॉइस इंक्लूडेड हैं।
  1040. 51:23शरद गाय, लैपिस लेजोलाई के लिए लोथल,
  1041. 51:27कारनेलियन ट्रेड, खेत्री माइंस, कॉपर
  1042. 51:30इंपोर्ट, अफगानिस्तान, टिन और सिल्वर
  1043. 51:34इंपोर्ट और साउथ इंडिया गोल्ड ट्रेड के
  1044. 51:37लिए फेमस थे। चलिए अब समझते हैं कि
  1045. 51:39हड़प्पा में सोसाइटी और रिलीजन के बारे
  1046. 51:42में आर्कियोलॉजिकल एविडेंसेस हमें क्या
  1047. 51:44जानकारी देते हैं। सोसाइटी तो जानते हैं
  1048. 51:48सोसाइटी के बारे में।
  1049. 51:50यहां के समाज में शायद एक वेल
  1050. 51:52एस्टैब्लिश्ड सोशल हायरार्की थी जो सीटडेल
  1051. 51:55और लोअर टाउनंस की एकिस्टेंस में दिखता
  1052. 51:58है। सोशल डिफरेंशिएशन यहां के रेजिडेंशियल
  1053. 52:02स्ट्रक्चर्स के डिफरेंसेस में भी है। कुछ
  1054. 52:04स्ट्रक्चर्स छोटे और कुछ बड़े हैं। गुड
  1055. 52:07क्वालिटी सील्स और स्कल्प्चर और पुअर
  1056. 52:10क्वालिटी टेराकोटा फिगर्स भी यहां के सोशल
  1057. 52:12डिफरेंशिएशन का इंडिकेशन है। वैल्यूएबल
  1058. 52:15मटेरियल्स के रेयर ऑब्जेक्ट्स भी मोस्टली
  1059. 52:17बड़े सेटलमेंट्स में मिले। यानी यहां एक
  1060. 52:20रीजनल डिवाइड भी था। फॉर इंस्टेंस फायन्स
  1061. 52:23के मिनचर पॉट्स सिर्फ हड़प्पा और
  1062. 52:26मोहंजोदड़ो में हैं। लेकिन कालीबंगा जैसी
  1063. 52:29साइट्स में नहीं। हड़प्पंस के फैशन सेंस
  1064. 52:32को भी काफी प्रेज किया जाता है जो यहां के
  1065. 52:34वाइड स्प्रेड बीड्स और ऑर्नामेंट्स में
  1066. 52:36दिखता है। इन बीड्स में नेकलेसेस,
  1067. 52:39फिलेट्स, आर्मलेट्स, फिंगरिंग्स, इयरिंग
  1068. 52:42एटसेट्रा इंक्लूडेड है जो प्रेशियस
  1069. 52:45मेटल्स, जेमस्टोंस, बोनस और बेक्ड क्ले से
  1070. 52:48बनते थे। बीट इंडस्ट्रीज, चंदूदाड़ू और
  1071. 52:52लोथल में फ्लोरिश कर रही थी। यह फैशन सेंस
  1072. 52:55यहां के अलग-अलग तरह के क्लोथ्स, हेयर
  1073. 52:57स्टाइल्स और बियर्ड में भी दिखता है।
  1074. 52:59लिपस्टिक, कॉस्मेटिक्स और फेस पेंट के
  1075. 53:02एविडेंसेस भी हैं जो मॉडर्न डे में भी
  1076. 53:04फैशन आइटम्स हैं। रिलीजन की बात करें तो
  1077. 53:07यहां ग्रेट बाथ के अलावा कोई और रिलीजियस
  1078. 53:10स्ट्रक्चर नहीं मिला। लेकिन यहां के लोगों
  1079. 53:12के रिलीजियस प्रैक्टिससेस के बारे में
  1080. 53:15बाकी के एविडेंसेस से इनफरेंसेस निकाले जा
  1081. 53:18सकते हैं। यहां कई सारे वुमेन टेराकोटा
  1082. 53:20फिगर और एम्ब्रियो और वूमेन का
  1083. 53:23रिप्रेजेंटेशन शायद गॉडेस ऑफ अर्थ को
  1084. 53:25दर्शाते हैं। हड़प्पंस शायद अर्थ को
  1085. 53:28फर्टिलिटी गॉडेस की तरह देखते थे और वरशिप
  1086. 53:30करते थे। इसके अलावा पशुपति महादेव भी
  1087. 53:34शायद एक डेटी थे जो एक सील में थ्री हर्ड
  1088. 53:37हेड के साथ योगिक पोश्चर में दिखते हैं।
  1089. 53:40इसके अलावा स्टोन के बने फैलेस वरशिप के
  1090. 53:44एविडेंसेस भी हैं। हड़प्पंस शायद ट्री
  1091. 53:47वरशिप भी करते थे क्योंकि हमें एक डेटी का
  1092. 53:50डिप्शन पीपल के ब्रांचेस में मिलता है।
  1093. 53:53एनिमल वरशिप का सबसे इंपॉर्टेंट एविडेंस
  1094. 53:56वन हॉर्न यूनिकॉर्न सील है। कई और एनिमल्स
  1095. 53:59का सील्स में रिप्रेजेंटेशन भी एनिमल
  1096. 54:01वरशिप को इंडिकेट करता है। यहां एमुलेट्स
  1097. 54:04का मिलना बताता है कि शायद यह ईवल फोर्सेस
  1098. 54:08में भी विश्वास करते थे। इन सबके बाद सवाल
  1099. 54:11यह उठता है क्या हड़प्पन कल्चर में
  1100. 54:14लैंग्वेज का एकिस्टेंस था? चलिए आइए देखते
  1101. 54:17हैं लैंग्वेज एंड स्क्रिप्ट। दोस्तों
  1102. 54:21हड़प्पन सिविलाइजेशन में लैंग्वेज की बात
  1103. 54:24करें तो यह एक प्रोटोहिस्टोरिक सोसाइटी
  1104. 54:26थी। यानी यहां रिटेन एविडेंसेस तो मिले
  1105. 54:29लेकिन स्क्रिप्ट डिकोड नहीं हुई है।
  1106. 54:31हड़प्पंस ने आर्ट ऑफ राइटिंग को इन्वेंट
  1107. 54:34तो किया लेकिन यह शायद अंडर डेवलप्ड थी।
  1108. 54:38हड़प्पन स्क्रिप्ट लार्जली पिक्टोग्राफिक
  1109. 54:40है। यानी उसमें अल्फाबेट्स की जगह
  1110. 54:43डायग्रामैटिक सिंबल्स हैं। इनकी राइटिंग
  1111. 54:46स्टाइल को बूस्ट्रोफिडोन बोलते हैं जो
  1112. 54:49राइट टू लेफ्ट और फिर लेफ्ट टू राइट लिखी
  1113. 54:52जाती थी। एंशिएंट सिविलाइजेशंस में बैरियल
  1114. 54:55प्रैक्टिससेस को भी काफीेंस दिया जाता है।
  1115. 54:57इसलिए अब हम हड़प्पन बैरियल प्रैक्टिससेस
  1116. 55:00के बारे में जानेंगे। द बैरियल
  1117. 55:02प्रैक्टिससेस।
  1118. 55:03मोहिंजोदड़ो में तीन तरह के बैरियल्स हैं।
  1119. 55:06कंप्लीट बैरियल, फ्रैक्शनल बैरियल्स और
  1120. 55:09पोस्ट क्रिमेशन बैरियल। फ्रैक्शनल
  1121. 55:12बैरियल्स में डेड बॉडी को पहले वाइल्ड
  1122. 55:14बीस्ट्स और बर्ड्स के लिए छोड़ दिया जाता
  1123. 55:16था। और बाद में बचे हुए बोनस को बेरी किया
  1124. 55:19जाता था। सबसे कॉमन बैरियल प्रैक्टिस थी
  1125. 55:22एक्सटेंडेड इनह्यूमेशन की जिसमें हेड
  1126. 55:25जनरली नॉर्थ की तरफ होता था। हड़प्पा में
  1127. 55:28वुडन कॉफिन और रेडिश क्लॉथ में लिपटी
  1128. 55:31बॉडीज मिली हैं और सूट कोटड़ा से पॉट
  1129. 55:33बैरियल के एविडेंसेस। लोथल में डबल बैरियल
  1130. 55:37का एविडेंस मिला है। जहां मेल और फीमेल
  1131. 55:39बॉडीज को साथ में दफन किया गया था। इस
  1132. 55:42पर्टिकुलर केस में फीमेल स्केलेटन में हेड
  1133. 55:45इंजरी है। जिसके चलते क्लेम किया गया कि
  1134. 55:48शायद यहां विडो सैक्रिफाइस जैसी
  1135. 55:50प्रैक्टिससेस थी। लेकिन बाद में राखीगढ़ी
  1136. 55:53में 2019 में मिले डबल बैरियल में ऐसा कोई
  1137. 55:56इंजरी नहीं मिला। ऐसे डबल बैरियल का वाइड
  1138. 55:59स्प्रेड एक्सिस्टेंस ना होना यह इंडिकेट
  1139. 56:02करता है कि विडो सैक्रिफाइस की थ्योरी
  1140. 56:04शायद वीक है। इसके अलावा बैरियल्स में
  1141. 56:08पॉटरी और बाकी के आर्टिफेक्ट्स जैसे
  1142. 56:10बैंगल्स और बीड्स आफ्टर लाइफ में बिलीफ को
  1143. 56:13इंडिकेट करते हैं। बैरियल्स के आर्टिफेक्ट
  1144. 56:16में क्वालिटेटिव डिफरेंसेस यहां सोशल
  1145. 56:19हायरार्की की थ्योरीज को सपोर्ट करते हैं।
  1146. 56:22तो यह थी हड़प्पा की सोसाइटी, कल्चर,
  1147. 56:25पॉलिटी और इकोनॉमिक्स की कहानी। लेकिन
  1148. 56:27दोस्तों, इतनी मैग्निफिसेंट सिविलाइजेशन
  1149. 56:30के बारे में इतिहासकार कहते हैं कि यह
  1150. 56:33मिस्टीरियस तरीके से खत्म हो गया। तो आइए
  1151. 56:36समझते हैं हड़प्पन डिक्लाइन को। थ्योरीज
  1152. 56:39ऑफ डिक्लाइन। दोस्तों हड़प्पन डिक्लाइन पर
  1153. 56:43काफी विवाद है और 100% सर्टेनिटी के साथ
  1154. 56:47कोई भी थ्योरी प्रूव्ड नहीं है। 1900 बीसी
  1155. 56:51के आसपास कई इंडसिटीज खाली हो गई और
  1156. 56:54हिस्टोरियंस मानते हैं कि यह प्रोसेस 1700
  1157. 56:57बीसी के आसपास स्टार्ट हुआ। एक थ्यरी के
  1158. 57:01हिसाब से हड़प्पा का डिस्ट्रक्शन इनवेडर्स
  1159. 57:03ने किया। इसे आर्यन इन्वजन या माइग्रेशन
  1160. 57:07थ्यरी कहा जाता है। कुछ एविडेंसेस बताते
  1161. 57:10हैं कि लोगों ने अपने वैलुएबल आइटम्स घरों
  1162. 57:12में छुपाने चालू कर दिए थे। यह शायद एक
  1163. 57:15इन्वेशन के डर से था। 1920 में मोहनजोदड़ो
  1164. 57:19में 39 मेल, फीमेल और चिल्ड्रन के
  1165. 57:22स्केलेटन्स मिले और यह प्रेडिक्ट किया गया
  1166. 57:24कि शायद यह आउटसाइड इन्वेशन में मारे गए
  1167. 57:27थे। लेकिन बाद में पता चला कि केवल दो
  1168. 57:30स्केलेटन्स में स्वर्ड जैसे अटैक के
  1169. 57:32मार्क्स हैं और वह भी पुराने घाव थे। इसके
  1170. 57:36अलावा यहां किसी भी बैटल का कोई डायरेक्ट
  1171. 57:38एविडेंस नहीं मिलता। हो सकता है कि
  1172. 57:41मोहनजोदड़ो के यह 39 लोग किसी डिजीज से
  1173. 57:44मारे गए हो। आर्यन थ्यरी के ऊपर डिबेट्स
  1174. 57:47आज भी जारी हैं। स्पेशली बायोलॉजी और
  1175. 57:50जेनेटिक स्टडीज में। 2019 में जर्नल्स सेल
  1176. 57:54और साइंस में पब्लिश्ड दो स्टडीज ने आर्यन
  1177. 57:57इन्वेशन थ्यरीज पर डिबेट फिर से शुरू
  1178. 57:59किया। इन जर्नल्स में पब्लिश्ड स्टडीज का
  1179. 58:02इंटरप्रिटेशन मीडिया में अलग-अलग तरीके से
  1180. 58:05हुआ। कुछ ने कहा कि इन स्टडीज ने आर्यन
  1181. 58:07माइग्रेशन को डिस्प्रूव कर दिया। लेकिन
  1182. 58:10कुछ रिपोर्ट्स ने कहा कि इन स्टडीज का
  1183. 58:12मिसरप्रेजेंटेशन हुआ है। स्क्रोल में
  1184. 58:15पब्लिश्ड एक रिपोर्ट के हिसाब से इन
  1185. 58:17स्टडीज में इनवॉल्वड मोस्ट स्कॉलर्स ने
  1186. 58:20आउटराइटली आर्यन थ्योरी को रिजेक्ट नहीं
  1187. 58:23किया है एक्सेप्ट फ्यू। अगली थ्यरी
  1188. 58:25एनवायरमेंटल फैक्टर्स को हड़प्पन डिक्लाइन
  1189. 58:28का जिम्मेदार बताती है। कहते हैं कि 1700
  1190. 58:31बीसीई में यमुना और सतलज दोनों पुराने
  1191. 58:35कोर्सेज को अबेंडन कर नए कोर्स में फ्लो
  1192. 58:38होने लगी और हाकरा घग्गर भी इसी दौर में
  1193. 58:41ड्राई अप हो गई। इसके चलते यहां वाटर
  1194. 58:44सप्लाई कम हो गया। इसके अलावा इस दौर में
  1195. 58:47रेनफॉल भी कम हुई। सोइल की फर्टिलिटी में
  1196. 58:50रिडक्शन ने सीरियल प्रोडक्शन को कम कर
  1197. 58:53दिया और अर्बन लोग स्टार्वेशन से मर गए।
  1198. 58:56कुछ स्कॉलर्स सडन फ्लडिंग को भी जिम्मेदार
  1199. 58:59मानते हैं। रोचेस्टर इंस्टट्यूट ऑफ
  1200. 59:02टेक्नोलॉजी के मैथमेटिशियन और साइंटिस्ट
  1201. 59:05निशांत मलिक ने केओस एंड इंटरडिसिप्लिनरी
  1202. 59:08जर्नल ऑफ नॉन लीनियर साइंस में क्लेम किया
  1203. 59:11कि क्लाइमेट चेंज हड़प्पा के डिक्लाइन का
  1204. 59:14मेन कारण था। यह प्रेडिक्शन एक मैथमेटिकल
  1205. 59:17मॉडलिंग के बेसिस पर था। इसके अलावा
  1206. 59:20स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के
  1207. 59:22जियोफिजिसिस्ट्स मनिका प्रसाद और आमोस नूर
  1208. 59:25के हिसाब से अर्थक्वेक आईबीसी के डिक्लाइन
  1209. 59:28का मेजर रीजन था। वैसे तो यह रीजन
  1210. 59:31टेक्टोनिकली इनएक्टिव माना जाता है। लेकिन
  1211. 59:3420001 में हुए अर्थक्वेक एक्टिविटीज के
  1212. 59:36बाद इन रिसर्चरर्स ने हिस्टोरिक और करंट
  1213. 59:39साइज्मिसिटी के डाटा को यूज करके कहा कि
  1214. 59:42यहां अर्थक्वेक का इतिहास काफी पुराना है।
  1215. 59:45इनका कहना है कि ढोलावीरा में लगभग 2200
  1216. 59:49बीसीई और कालीबंगा में 2900 और 2700 बीसीई
  1217. 59:55में मैसिव अर्थक्वेक्स के आर्कियोलॉजिकल
  1218. 59:58एविडेंसेस भी हैं। ट्रेड कोलैप्स थ्योरी
  1219. 1:00:01की माने तो मेसोपोटेमिया में पॉलिटिकल
  1220. 1:00:04क्राइसिस के चलते ट्रेड नेटवर्क कोलैप्स
  1221. 1:00:06हो गए जो आईबीसी के अर्बन सेंटर्स के
  1222. 1:00:09डिक्लाइन का कारण बना। कारण कुछ भी हो
  1223. 1:00:13लेकिन यह फैक्ट है कि 1900 बीसीई से
  1224. 1:00:16हड़प्पन सिटीज का ग्रैंडर कम होने लगा और
  1225. 1:00:19लोग इंडस वैली से शिफ्ट होकर बाकी के
  1226. 1:00:22एरियाज में फैल गए जहां पोस्ट हड़प्पन
  1227. 1:00:25कल्चर का जन्म हुआ। यह हड़प्पा से काफी
  1228. 1:00:28बैकवर्ड था। इसमें इंपॉर्टेंट कल्चरर्स
  1229. 1:00:31मालवा कल्चर, आहार कल्चर और जोरवे कल्चर
  1230. 1:00:35हैं जो प्राइमरीली चालकोलिथिक यानी कॉपर
  1231. 1:00:39डोमिनेटेड सोसाइटीज थी और यह हड़प्पा से
  1232. 1:00:42काफी अलग थी। आईबीसी के बाद ऐसा
  1233. 1:00:44प्रोमिनेंट सिविलाइजेशनल ग्रोथ हमें 1500
  1234. 1:00:47सालों बाद महाजनपद और मगध में दिखा। लेकिन
  1235. 1:00:52तब तक लार्जली इंडियन सोसाइटी विलेज
  1236. 1:00:54डोमिनेटेड ही रही। अर्ली वैदिक एज। आज हम
  1237. 1:00:58बात करेंगे एंशिएंट हिस्ट्री के एक
  1238. 1:01:00इंपॉर्टेंट पीरियड की जिसकी शुरुआत आर्यंस
  1239. 1:01:03के इंडियन माइग्रेशन से हुई।
  1240. 1:01:06इंडस वैली सिविलाइजेशन अराउंड 1500 बीसी
  1241. 1:01:09में एंड हुआ। इसके बाद वैदिक पीरियड
  1242. 1:01:12नेक्स्ट मेजर सेटलमेंट के रूप में उभर कर
  1243. 1:01:15आया। वैदिक सिविलाइजेशन 1500 बीसी से करीब
  1244. 1:01:19500 बीसी तक चला। जिसको दो पार्ट्स में
  1245. 1:01:22डिवाइड किया जाता है। अर्ली वैदिक एज जो
  1246. 1:01:261500 से 1000 बीसी तक चला। इस पीरियड में
  1247. 1:01:30ऋग्वेद को कंपाइल किया गया। इसलिए इसको ऋग
  1248. 1:01:33वैदिक एज भी कहा जाता है।
  1249. 1:01:36लेटर वैदिक एज जो 1000 से 500 बीसी में
  1250. 1:01:40एंड हुआ। इस एज में ऋग्वेद के अलावा और
  1251. 1:01:43टेक्स्ट्स का कंपोजिशन हुआ। जैसे अदर थ्री
  1252. 1:01:46वेदास, ब्राह्मणास, अरण्यकास, उपनिषद
  1253. 1:01:49एटसेटरा। इस लेक्चर में हम अर्ली वैदिक एज
  1254. 1:01:53के बारे में जानेंगे।
  1255. 1:01:55अराइवल ऑफ इंडो आर्यंस।
  1256. 1:01:58दोस्तों, ऋग वैदिक एज की शुरुआत इंडो
  1257. 1:02:01आर्यंस और इरेनियंस के माइग्रेशन से
  1258. 1:02:03स्टार्ट होती है। आर्यन कल्चर के मेन
  1259. 1:02:06फीचर्स की इंफॉर्मेशन हमको वैदिक, इरेनियन
  1260. 1:02:09और ग्रीक टेक्स्ट्स के माध्यम से मिलती
  1261. 1:02:11है। इसमें मेन टेक्स्ट्स हैं ऋग्वेद,
  1262. 1:02:14जेंडवेस्टर, होमर्स, इलियड और ओडिसी।
  1263. 1:02:18आर्यंस एक सेमी नोमेडिक ट्राइब थी जिनकी
  1264. 1:02:21सोसाइटी पास्टोरल इकॉनमी पर बेस्ड थी।
  1265. 1:02:23आर्यंस कहां से माइग्रेट हुए यह डिबेटेबल
  1266. 1:02:26है। डिफरेंट हिस्टोरियंस और एक्सपर्ट्स ने
  1267. 1:02:29अलग-अलग थ्यरीज दी हैं। कुछ मानते हैं कि
  1268. 1:02:31इनका ओरिजिन सेंट्रल एशिया में था और कुछ
  1269. 1:02:34का मानना है कि यह रशिया के स्टेप्स से
  1270. 1:02:37इंडिया में आए। बाल गंगाधर तिलक की बुक
  1271. 1:02:41विआर्कटिक होम इन द वेदास में उन्होंने
  1272. 1:02:43आर्यंस का ओरिजिन आर्कटिक रीजन को बताया।
  1273. 1:02:46और यह भी माना जाता है कि हिंदूकुश
  1274. 1:02:48माउंटेंस के खबर पास से आर्यंस ने इंडिया
  1275. 1:02:51में एंट्री की। खैर मोस्ट एक्सेप्टेड
  1276. 1:02:54थ्योरी यह है कि आर्यंस इमीग्रेंट्स की
  1277. 1:02:56तरह इंडिया में आए।
  1278. 1:02:59ईस्टर्न अफगानिस्तान, नॉर्थवेस्ट फ्रंटियर
  1279. 1:03:01प्रोविंस, पंजाब और वेस्टर्न यूपी के
  1280. 1:03:03बॉर्डर्स में यह रहते थे।
  1281. 1:03:06अफगानिस्तान के रिवर कुभा और सिंधु यानी
  1282. 1:03:09इंडस रिवर और उसकी पांच डिस्ट्रीब्यूटरीज
  1283. 1:03:12यानी झेलम, चेनाब, रावी, ब्यास और सतलज का
  1284. 1:03:16मेंशन ऋग्वेद में देखने को मिलता है। एक
  1285. 1:03:19और रिवर सरस्वती का मेंशन भी किया गया है
  1286. 1:03:22जो कि हरियाणा राजस्थान के एरिया में थी।
  1287. 1:03:25यह पूरा रीजन जहां इनिशियली आर्यंस ने
  1288. 1:03:28अपना सेटलमेंट किया उसको लैंड ऑफ सेवन
  1289. 1:03:30रिवर्स कहा जाता है। अब नजर डालते हैं
  1290. 1:03:33वैदिक एज के सबसे इंपॉर्टेंट टेक्स्ट पर।
  1291. 1:03:37ऋग्वेद वेदास में ऋग्वेद ही सबसे पहला वेद
  1292. 1:03:41है। इसको यूनेस्को ने वर्ल्ड ह्यूमन
  1293. 1:03:43हेरिटेज में ऐड किया है। इसमें 1228 हिम्स
  1294. 1:03:48हैं जिनको 10 मंडलास में डिवाइड किया गया
  1295. 1:03:51है।
  1296. 1:03:52ऋग्वेद एक प्रेयर्स की कलेक्शन है जो
  1297. 1:03:55अग्नि, इंद्र, मित्र, वरुण और अदर गॉड्स
  1298. 1:03:59को ऑफर की गई है। कुछ पोएट्स और सेजेस की
  1299. 1:04:02फैमिलीज़ ने इन्हें लिखा है। 10 मंडलाज़ में
  1300. 1:04:05से टू से लेकर सेवन तक इसके अर्लियस्ट
  1301. 1:04:08पार्ट्स हैं। मंडलाज़ वन और नाइन लेटेस्ट
  1302. 1:04:11एडिशंस हैं। जैसा कि हमने पहले बताया था
  1303. 1:04:14कि आर्यन कल्चर के रेफरेंसेस हमको दूसरे
  1304. 1:04:16रिलीजियस टेक्स्ट्स में भी देखने को मिलते
  1305. 1:04:18हैं। तो आइए आगे बढ़ने से पहले इस
  1306. 1:04:21एस्पेक्ट पर भी नजर डाल लेते हैं।
  1307. 1:04:24अदर टेक्स्ट्स ज़ेंबेस्टा को रफली 1400
  1308. 1:04:28बीसी और इलियड को 900 से 800 बीसी में
  1309. 1:04:32एट्रिब्यूट किया जाता है। इन सभी
  1310. 1:04:35टेक्स्ट्स का कल्चरल कंटेंट लेट नियोलिथिक
  1311. 1:04:38और अर्ली ब्रोंज़ एजेस में रखा जा सकता है।
  1312. 1:04:42इनके कंटेंट्स ईस्टर्न यूरोप और सेंट्रल
  1313. 1:04:44एशिया को कवर करते हैं जो ज्योग्राफिकली
  1314. 1:04:47इंडिया, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, ईरान,
  1315. 1:04:50इराक, एनटोलिया और ग्रीस से लिंक्ड हैं।
  1316. 1:04:54इस टेरिटरी के एक मेजर पोर्शन में
  1317. 1:04:56कम्युनिटीज इंडो यूरोपियन लैंग्वेज का यूज
  1318. 1:04:59करती आई हैं। इंडो आर्यन लैंग्वेज इंडो
  1319. 1:05:02यूरोपियन लैंग्वेज ग्रुप का ही एक पार्ट
  1320. 1:05:04है। यह जान लें कि ऋग्वेद को इंडो आर्यन
  1321. 1:05:07लैंग्वेज में ही कंपोज किया गया था जिसको
  1322. 1:05:10वैदिक संस्कृत कहा जा सकता है। जो संस्कृत
  1323. 1:05:13आज हम जानते हैं वो वैदिक संस्कृत से ही
  1324. 1:05:16डिराइव हुई।
  1325. 1:05:18इंडो यूरोपियन लैंग्वेज के स्पीकर्स में
  1326. 1:05:20सिमिलर जेनेटिक सिग्नल्स देखने को मिलते
  1327. 1:05:22हैं। जैसे सेंट्रल एशियन स्टेप्स और इंडो
  1328. 1:05:26आर्यन स्पीकर्स में सिमिलर जेनेटिक
  1329. 1:05:28सिग्नल्स मिले।
  1330. 1:05:30हॉर्स आर्यन कल्चर का एक इंपॉर्टेंट ट्रेड
  1331. 1:05:33था। ऋग्वेद में इसको अश्व बोला गया है।
  1332. 1:05:36जिसके सिमिलर वर्ड्स हमको संस्कृत,
  1333. 1:05:38अवस्तान, ग्रीक, लैटिन और अदर इंडो
  1334. 1:05:41यूरोपियन लैंग्वेज में देखने को मिलते
  1335. 1:05:43हैं। अवेस्टा में मिथित्रा की प्रेयर्स
  1336. 1:05:46में लगातार हॉर्स और चैरियट का मेंशन
  1337. 1:05:49देखने को मिलता है। ऋग्वेद में गॉड मित्र
  1338. 1:05:52यही माने जाते हैं। इलियट और ओरिसी में भी
  1339. 1:05:55हॉेज के रेफरेंसेस देखने को मिलते हैं।
  1340. 1:05:58हॉर्स ड्रोन चैरियट्स का वाइड यूज़ सभी
  1341. 1:06:00टेक्स्ट्स में देखने को मिलता है।
  1342. 1:06:03वाजपेय सैक्रिफाइस जिसका मेंशन लेटर वैदिक
  1343. 1:06:06टेक्स्ट्स में मिलता है। एक ग्रीक
  1344. 1:06:09प्रैक्टिस भी हुआ करती थी और होमर ने इसका
  1345. 1:06:12डिटेल डिस्क्रिप्शन दिया है। आर्यन कल्चर
  1346. 1:06:15में हमें बर्ज वुड का यूज़ देखने को मिलता
  1347. 1:06:17है। संस्कृत में बर्ज को भुर्जा कहा गया
  1348. 1:06:20है और इसी के सिमिलर वर्ड्स हमें सिक्स
  1349. 1:06:22इंडो यूरोपियन लैंग्वेज में देखने को
  1350. 1:06:24मिलते हैं। क्रिमेशन भी एक इंपॉर्टेंट
  1351. 1:06:27आर्यन ट्रेट हुआ करता था। यह प्रैक्टिस
  1352. 1:06:30वैदिक, अवस्तान और होममेरिक टेक्स्ट में
  1353. 1:06:32भी देखने को मिलती है। लेकिन इसका कोई भी
  1354. 1:06:35रेफरेंस मैच्योर हड़प्पन कल्चर में देखने
  1355. 1:06:38को नहीं मिला है।
  1356. 1:06:40अवेस्टा और ऋग्वेद दोनों में ही फायर
  1357. 1:06:43वरशिप काफी इंपॉर्टेंट बताई गई है। कल्ट
  1358. 1:06:46ऑफ सोमा जिसको अवेस्टान लैंग्वेज में होमा
  1359. 1:06:49बोला गया है। सिर्फ इरेनियन और वैदिक
  1360. 1:06:52लोगों तक ही कंफ रहे। इसी तरह के कई
  1361. 1:06:54रेफरेंसेस हमको ऋग्वेद और दूसरे रिलीजियस
  1362. 1:06:57टेक्स्ट में देखने को मिलते हैं। अब बढ़ते
  1363. 1:07:00हैं ऋग वैदिक कल्चर के पॉलिटिकल, सोशल और
  1364. 1:07:03इकोनॉमिकल फीचर्स की तरफ। पॉलिटिकल लाइफ
  1365. 1:07:07ऋग वैदिक कल्चर में ट्राइब को जन बोला
  1366. 1:07:10जाता था और ट्राइबल चीफ को राजन, गोपति या
  1367. 1:07:15गोपा यानी प्रोटेक्टर ऑफ काऊ बोला जाता
  1368. 1:07:18था। चीफ क्वीन को महषी कहते थे। राजन की
  1369. 1:07:22मेन रिस्पांसिबिलिटी थी जनक और कैटल को
  1370. 1:07:25एनिमीज़ से प्रोटेक्शन प्रोवाइड करना। इसके
  1371. 1:07:28अलावा जनक के बिहाफ पर गॉड से प्रे करना
  1372. 1:07:31भी उसकी ही रिस्पांसिबिलिटी थी।
  1373. 1:07:33इतिहासकारों की मानें तो ऋग्वदिक पीरियड
  1374. 1:07:36में राजन की पोजीशन हेरिडिटरी थी जो कि एक
  1375. 1:07:39मोनार्कियल सेटअप में होता है। लेकिन
  1376. 1:07:42इलेक्शन के कुछ इंस्टेंसेस भी मिले हैं जो
  1377. 1:07:44कि ट्राइबल असेंबली यानी समिति के द्वारा
  1378. 1:07:47किया जाता था।
  1379. 1:07:49पिटिकल एडमिनिस्ट्रेशन कुछ इस प्रकार था।
  1380. 1:07:52पुरोहित वर्ग मेनली रिचुअल्स कराते थे।
  1381. 1:07:55इसके बदले में उनको दान यानी गिफ्ट्स और
  1382. 1:07:58दक्षिणा दी जाती थी। आर्मी का एक चीफ होता
  1383. 1:08:01था जिसको सेनानी बोलते थे। टेरिटरी को
  1384. 1:08:04कंट्रोल करने के लिए एक ऑफिसर होता था
  1385. 1:08:07जिसको बृजपति बोलते थे। विलेज के लीडर को
  1386. 1:08:10ग्रामीणी कहते थे। दोस्तों, यह जानना
  1387. 1:08:13जरूरी है कि टैक्स कलेक्शन और जस्टिस
  1388. 1:08:16एडमिनिस्टर करने के लिए कोई भी ऑफिसर
  1389. 1:08:18अपॉइंट किया गया हो, इसका कोई एविडेंस
  1390. 1:08:20नहीं मिला है। ऋग्वेद में कई असेंबलीज का
  1391. 1:08:24मेंशन किया गया है। सभा जो कि एलिट्स की
  1392. 1:08:27एक छोटी सी बॉडी थी। समिति जो कि जनरल
  1393. 1:08:31पब्लिक मेंबर्स से बनी एक बड़ी फोक
  1394. 1:08:33असेंबली थी। इसका लीडर राजन हुआ करता था।
  1395. 1:08:36विधाथा जो कि एक ट्राइबल असेंबली थी और गण
  1396. 1:08:40जो कि ट्रूप्स हुआ करते थे। सभा और विधाता
  1397. 1:08:44में वुमेन पार्टिसिपेशन भी देखने को मिलता
  1398. 1:08:46था। राजन के पास कोई रेगुलर आर्मी नहीं
  1399. 1:08:50हुआ करती थी। लेकिन वॉर के समय छोटे-छोटे
  1400. 1:08:52ट्राइबल ग्रुप्स यानी गणों को ज्वॉइ करके
  1401. 1:08:55एक मिलिशिया यानी आम जनता से बनी एक आर्मी
  1402. 1:08:58इकट्ठी की जाती थी। वॉर में स्वर्ड्स,
  1403. 1:09:01बोस, एरोस और हेलमेट्स का यूज किया जाता
  1404. 1:09:04था।
  1405. 1:09:05आर्यंस के सर्वाइवल के लिए उनके सामने
  1406. 1:09:08मेनली दो तरह के कॉन्फ्लिक्ट्स थे। पहला
  1407. 1:09:11जिसमें वह इंडीजीनस लोगों से कॉन्फ्लिक्ट
  1408. 1:09:13में आए। ऋग्वेद में इस तरह की एक बैटल का
  1409. 1:09:17मेंशन किया गया है जिसमें भरत किंग
  1410. 1:09:19देवोदासा ने इंडीजीनस पीपल दासास के रूलर
  1411. 1:09:23संबरा को डिफीट किया। दूसरा कॉन्फ्लिक्ट
  1412. 1:09:26था जिसमें आर्यन कम्युनिटीज खुद ही आपस
  1413. 1:09:29में वॉर्स में इंगेज्ड रहीं। यहां पर बैटल
  1414. 1:09:32ऑफ 10 किंग्स का मेंशन आता है। यह बैटल
  1415. 1:09:35परुशनी यानी रवि रिवर के तट पर हुआ।
  1416. 1:09:40यह बैटल भरत, चीफ, सुदास और 10 दूसरी
  1417. 1:09:44ट्राइब्स के बीच हुआ। इन 10 ट्राइब्स में
  1418. 1:09:46से पांच आर्यन ट्राइब्स थी और पांच नॉन
  1419. 1:09:49आर्यन। पांच आर्यन ट्राइब्स को पंचजना
  1420. 1:09:53बोला जाता था। इसमें इंक्लूडेड थी यदु,
  1421. 1:09:56दुर्वासा, पुरु, अनु और ध्रु युग।
  1422. 1:10:00खैर बैटल ऑफ 10 किंग्स में भरत चीफ सुदास
  1423. 1:10:04ने 10 ट्राइब्स को डिफीट करके अपनी
  1424. 1:10:06सुप्रेसी इस्टैब्लिश की। भारतस ने आगे
  1425. 1:10:08चलकर पुरु ट्राइब से हाथ मिलाकर कुरु
  1426. 1:10:11ट्राइब को इस्टैब्लिश किया और पांचालास के
  1427. 1:10:13साथ मिलकर अपर गजेटिक बेसिन में अपना
  1428. 1:10:16वर्चस्व बनाया। यहां यह बता दें कि इसी
  1429. 1:10:19ऋग्वेद में मेंशन की गई यही भारत ट्राइब
  1430. 1:10:22से ही भारतवर्ष कंट्री का नाम प्रचलित
  1431. 1:10:25हुआ। आइए अब जानते हैं सोशल लाइफ के बारे
  1432. 1:10:28में।
  1433. 1:10:30सोशल लाइफ। दोस्तों, ऋग्वदिक सोसाइटी के
  1434. 1:10:34सोशल स्ट्रक्चर का बेसिस था किनशिप। कुल
  1435. 1:10:38यानी फैमिली बेसिक यूनिट थी और कुलपा
  1436. 1:10:41फैमिली के हेड को बोला जाता था। हर फैमिली
  1437. 1:10:45एक बड़े ग्रुप का हिस्सा थी जिसे विस यानी
  1438. 1:10:48क्लैन बोला जाता था। कुछ क्लैं्स मिलकर जन
  1439. 1:10:52यानी ट्राइब बनाते थे। जन सोसाइटी का
  1440. 1:10:54लार्जेस्ट सोशल यूनिट था। फैमिली एक
  1441. 1:10:58पेट्रियकल फैमिली थी यानी फादर हेड ऑफ द
  1442. 1:11:00फैमिली थे।
  1443. 1:11:02मैरिज एज एन इंस्टीट्यूशन एस्टैब्लिश हो
  1444. 1:11:05चुका था और चाइल्ड मैरिज का भी कोई
  1445. 1:11:07एविडेंस देखने को नहीं मिलता। सती और
  1446. 1:11:10पर्दा सिस्टम भी चलन में नहीं था। रीमैरिज
  1447. 1:11:13के कुछ इंस्टेंसेस मिलते हैं। मैरिजेस
  1448. 1:11:15जनरली मोनोगमस ही थी। यानी एक टाइम पर एक
  1449. 1:11:19ही पर्सन से मैरिज होती थी। लेकिन पॉलीगमी
  1450. 1:11:21के भी कुछ इंस्टेंसेस मिले हैं।
  1451. 1:11:25सोसाइटी कास्ट लाइंस में डिवाइडेड नहीं थी
  1452. 1:11:28और ऑक्यूपेशन बर्थ पर बेस्ड नहीं था।
  1453. 1:11:31अलग-अलग ऑक्यूपेशंस के लोग भी सेम क्लैन
  1454. 1:11:34से बिलोंग करते थे। लोगों के फिजिकल
  1455. 1:11:36अपीयरेंस को लेकर भी ऋग्वेद में थोड़े
  1456. 1:11:38इंस्टेंसेस देखने को मिलते हैं। इनिशियल
  1457. 1:11:41स्टेज में वर्ण को पर्सन के कलर से
  1458. 1:11:44एसोसिएट किया जाता था। कलर डिस्टिंशन के
  1459. 1:11:47चलते ही एक तरह के सोशल ऑर्डर के फॉर्मेशन
  1460. 1:11:50की संभावना हो सकती है।
  1461. 1:11:53सोशल डिवीजंस का मेन फैक्टर इंडीजीनस
  1462. 1:11:56ट्राइब्स के आर्यंस द्वारा किए गए
  1463. 1:11:58कॉन्क्वेस्ट को कहा जा सकता है। ऋग्वेद के
  1464. 1:12:01केवल 10थ मंडला के पुरुषोक्त में ही चार
  1465. 1:12:04वर्णास का मेंशन देखने को मिलता है।
  1466. 1:12:07इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वर्ण
  1467. 1:12:10सिस्टम मेनली ऋग वैदिक एज के एंड में
  1468. 1:12:13इंट्रोड्यूस हुआ। इस समय की वर्ण व्यवस्था
  1469. 1:12:15में सोशल मोबिलिटी पॉसिबल थी और स्ट्रिक्ट
  1470. 1:12:18सोशल हायरार्की एब्सेंट थी। इसका मतलब है
  1471. 1:12:23कि सोसाइटी अभी भी ट्राइबल थी और
  1472. 1:12:25इगैलिटेरियन यानी समान अधिकारवादी थी। आगे
  1473. 1:12:29बढ़ते हैं और देखते हैं कि ऋग्वदिक
  1474. 1:12:30सोसाइटी का इकोनॉमिक स्ट्रक्चर क्या था।
  1475. 1:12:33ऋग वैदिक इकॉनमी। दोस्तों, ऋग्वेद में काऊ
  1476. 1:12:38और बुल के इतने रेफरेंसेस देखने को मिलते
  1477. 1:12:41हैं कि इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है
  1478. 1:12:43कि ऋग्वदिक पीपल मेनली एक पेस्टोरल पीपल
  1479. 1:12:47थे। वॉर्स का बेसिक पर्पस काऊ कैप्चर करना
  1480. 1:12:50ही था। यानी काऊ ही बेसिक वेल्थ थी। कााउस
  1481. 1:12:54के लिए किए जाने वाले वॉर्स को गविष्टि
  1482. 1:12:57यानी सर्च फॉर कााउस बोला जाता था। कााउस
  1483. 1:13:00काेंस इस बात से पता चलता है कि प्रीस्ट्स
  1484. 1:13:03को डोनेशन यानी दान में कााउस ही दिए जाते
  1485. 1:13:06थे। कभी भी लैंड कोेंस नहीं दिया गया।
  1486. 1:13:10लैंड एक वेल एस्टैब्लिश्ड प्राइवेट
  1487. 1:13:12प्रॉपर्टी नहीं थी। गोल्ड कॉइंस को निक्शा
  1488. 1:13:16बोला जाता था जो करेंसी की एक यूनिट थी।
  1489. 1:13:19कॉइंस का इस्तेमाल जनरली सिर्फ लार्ज
  1490. 1:13:22ट्रांजैक्शंस के लिए ही किया जाता था।
  1491. 1:13:24ट्रेड मोस्टली बार्टर सिस्टम में ही होता
  1492. 1:13:27था और काऊ भी एक वैलएबल यूनिट थी जिसके
  1493. 1:13:30माध्यम से ट्रेड पॉसिबल हो सकता था।
  1494. 1:13:33किंगडम सिर्फ बलि यानी वंटरी ऑफरिंग्स पर
  1495. 1:13:37फंक्शन करता था क्योंकि किसी तरह का
  1496. 1:13:39रेगुलर रेवेन्यू सिस्टम नहीं था। ऋग्वेद
  1497. 1:13:42में कई तरह के क्राफ्ट्स का मेंशन भी किया
  1498. 1:13:44गया है। जैसे कारपेंटर, चैरियट मेकर,
  1499. 1:13:47वीवर, पॉटर, लेदर वर्कर्स एटसेटरा।
  1500. 1:13:51चैरियट रेसिंग और डाइस गैंबलिंग पॉपुलर
  1501. 1:13:54पास्ट टाइम थे। कॉपर और ब्रोंज़ के लिए
  1502. 1:13:57आयास वर्ड का यूज किया गया है। जिससे यह
  1503. 1:13:59पता चलता है कि इस ऐज में इनका यूज किया
  1504. 1:14:02जाता था। हालांकि आयरन टेक्नोलॉजी के यूज
  1505. 1:14:05का कोई एविडेंस नहीं मिला है। ट्रांसपोर्ट
  1506. 1:14:07के लिए बुल कार्ड्स, हॉेज और हॉर्स ड्रोन
  1507. 1:14:10चैरियट्स का यूज किया जाता था। सी और
  1508. 1:14:13बोट्स के भी कुछ रेफरेंसेस देखने को मिलते
  1509. 1:14:15हैं।
  1510. 1:14:17तो दोस्तों, यह तो बात हुई ऋग्वदिक एज की
  1511. 1:14:20सोसाइटी की बेसिक एस्पेक्ट्स यानी
  1512. 1:14:22पॉलिटिकल, सोशल और इकोनॉमिकल एस्पेक्ट्स
  1513. 1:14:25की। इनके अलावा हर सोसाइटी का एक और
  1514. 1:14:28इंपॉर्टेंट एस्पेक्ट होता है रिलिजन। जो
  1515. 1:14:31बेसिकली हर सोसाइटी को पाथ प्रोवाइड कराता
  1516. 1:14:34है। आइए ऋग वैदिक ऐज के रिलीजन पर एक नजर
  1517. 1:14:37डालते हैं।
  1518. 1:14:39ऋग वैदिक रिलिजन। ऋग वैदिक आर्यंस मेनली
  1519. 1:14:42नेचुरल फोर्सेस जैसे अर्थ, फायर, विंड,
  1520. 1:14:46रेन और थंडर को वशिप करते थे। इन नेचुरल
  1521. 1:14:49फोर्सेस को डिफरेंट गॉड्स के रूप में देखा
  1522. 1:14:51जाता था और इन्हीं की पूजा की जाती थी।
  1523. 1:14:54यज्ञ के माध्यम से ही इनकी पूजा की जाती
  1524. 1:14:57थी। आइडल वरशिप और टेंपल्स एकिस्टेंस में
  1525. 1:15:00नहीं थे। प्रेयर्स और सैक्रिफाइसेस ही
  1526. 1:15:04वरशिपिंग का डोमिनेंट मोड थे। यहां यह
  1527. 1:15:06जानना जरूरी है कि आर्यंस गॉड्स को वरशिप
  1528. 1:15:09स्पिरिचुअल अपलिफ्टमेंट के लिए नहीं किया
  1529. 1:15:11करते थे बल्कि प्रजा पशु फूड के लिए किया
  1530. 1:15:15करते थे। ऋग्वेद में वरशिप की जाने वाली
  1531. 1:15:19कुछ डटीज इस प्रकार हैं। इंद्र जो आर्यंस
  1532. 1:15:22के सबसे इंपॉर्टेंट गॉड थे। इनको पुरंधर
  1533. 1:15:26यानी ब्रेकर ऑफ फोर्ट्स भी बोला जाता था।
  1534. 1:15:28इंद्र को रेन गॉड बोला जाता था और इनको
  1535. 1:15:31वॉर लॉर्ड भी माना जाता था जो आर्यन
  1536. 1:15:34सोल्जर्स को लीड करते थे डीमंस के खिलाफ।
  1537. 1:15:38ऋग्वेद में इनको 250 हिम्स डिवोट किए गए
  1538. 1:15:42हैं।
  1539. 1:15:43अग्नि जो कि सेकंड सबसे इंपॉर्टेंट गॉड
  1540. 1:15:46मानी गई हैं। इनको गॉड ऑफ फायर बोला जाता
  1541. 1:15:49था। अग्नि गॉड्स और पीपल के बीच एक तरह के
  1542. 1:15:53इंटरमीडियरी का रोल प्ले करती थी। ऐसा
  1543. 1:15:56माना जाता है कि यज्ञ के समय दी जाने वाली
  1544. 1:15:59आहुति की स्मोक्स सीधे गॉड्स के पास
  1545. 1:16:01पहुंचती हैं। 200 हिम्स इनको एट्रिब्यूट
  1546. 1:16:05किए गए हैं।
  1547. 1:16:07वरुण जो कि तीसरे सबसे इंपॉर्टेंट गॉड
  1548. 1:16:09माने गए हैं। इनको वाटर का प्रतीक माना
  1549. 1:16:12गया है। इनका मेन फंक्शन नेचुरल ऑर्डर को
  1550. 1:16:15अपहोल्ड करना था।
  1551. 1:16:18सोम जिनको प्लांट्स का गॉड बोला गया है।
  1552. 1:16:22मारूट्स जो स्टम का प्रतीक हैं। सरस्वती
  1553. 1:16:26एक इंपॉर्टेंट गॉडेस थी जिनको कई हिम्स
  1554. 1:16:29में मेंशन किया गया है।
  1555. 1:16:31यह सभी नेचुरल फोर्सेस थे जिन्हें डेटी
  1556. 1:16:34माना गया और साथ ही ह्यूमन एक्टिविटीज भी
  1557. 1:16:37इनको असाइन की गई। इनके अलावा कुछ वुमेन
  1558. 1:16:40डिनिटीज भी थी। जैसे अदिति और उषा। लेकिन
  1559. 1:16:44ऋग्वेद में इनका प्रोमिनेंस देखने को नहीं
  1560. 1:16:46मिला।
  1561. 1:16:48सावित्री एक सोलर डेटी थी जिनको फेमस
  1562. 1:16:52गायत्री मंत्र एट्रिब्यूट किया गया है।
  1563. 1:16:54ऋग्वेद में इनको 300 बार मेंशन किया गया
  1564. 1:16:57है। सोसाइटी पेट्रिय्कल होने के कारण मेल
  1565. 1:17:00डेटीज को ही ज्यादाेंस दिया जाता था। कुछ
  1566. 1:17:03डेमीगॉड्स यानी यक्षास का मेंशन भी देखने
  1567. 1:17:06को मिलता है। जैसे गंधर्वास, अप्सरास,
  1568. 1:17:09आर्यमान एटसेटरा।
  1569. 1:17:12तो दोस्तों इस कहानी में हमने देखा अर्ली
  1570. 1:17:15वैदिक एज यानी ऋग वैदिक एज के बारे में।
  1571. 1:17:18हमने समझा कि किस तरह आर्यंस ने इंडियन
  1572. 1:17:21सबक्टिनेंट में माइग्रेट किया ना कि एक
  1573. 1:17:23इनवेडर के रूप में बल्कि सेटलमेंट के
  1574. 1:17:26पर्पस से और इंडियन एंशिएंट हिस्ट्री के
  1575. 1:17:29एक सबसे इंपॉर्टेंट फेज की शुरुआत की। आज
  1576. 1:17:32के मैच्योर इंडियन कल्चर का फाउंडेशन
  1577. 1:17:34स्टोन इसी पीरियड में रखा गया।
  1578. 1:17:37लेटर वैदिक एज वैदिक एज 1500 बीसी से 500
  1579. 1:17:42बीसी तक चली जिसे दो पार्ट्स में डिवाइड
  1580. 1:17:44किया गया है। अर्ली वैदिक एज और लेटर
  1581. 1:17:47वैदिक एज। अर्ली वैदिक एज यानी ऋग वैदिक
  1582. 1:17:50एज 1500 बीसी से लगभग 1000 बीसी तक चली।
  1583. 1:17:54आज के इस लेक्चर में हम लेटर वैदिक एज पर
  1584. 1:17:57फोकस करेंगे और जानेंगे इस एज में किस तरह
  1585. 1:18:00आर्यन कल्चर का एक्सपेंशन हुआ और जानेंगे
  1586. 1:18:03सोसाइटी के बेसिक ट्रेट्स जैसे सोशल,
  1587. 1:18:06पॉलिटिकल और इकोनॉमिक फीचर्स के बारे में।
  1588. 1:18:09और फाइनली यह देखेंगे कि किस तरह इस ऐज को
  1589. 1:18:13एक ट्रांजिशन स्टेज के रूप में देखा जा
  1590. 1:18:15सकता है। जिसमें इंडियन सोसाइटी प्रिमिटिव
  1591. 1:18:18लाइफस्ट से सोशल ऑर्डर्स और प्रॉपर
  1592. 1:18:21स्टेट्स में तब्दील हुई। आइए देखते हैं
  1593. 1:18:23लेटर वैदिक एज में कैसे एक्सपेंशन हुआ।
  1594. 1:18:27एक्सपेंशन इन लेटर वैदिक एज। लेटर वैदिक
  1595. 1:18:30पीरियड की हिस्ट्री मेनली उन वैदिक
  1596. 1:18:33टेक्स्ट्स पर बेस्ड है जो ऋग्वेद के बाद
  1597. 1:18:35कंपोज हुए। ऋग वैदिक संहिता सबसे ओल्डेस्ट
  1598. 1:18:39वैदिक टेक्स्ट है जिसके आधार पर हमें
  1599. 1:18:41अर्ली वैदिक पीरियड के बारे में जानकारी
  1600. 1:18:44मिलती है। वैदिक हिम्स और मंत्राज को
  1601. 1:18:46संहिता बोला जाता है। इसको रिसाइट करने के
  1602. 1:18:50लिए और ट्यून के साथ मिलाने के लिए कुछ
  1603. 1:18:53मॉडिफिकेशंस हुए जिसको सामवेद नाम दिया
  1604. 1:18:56गया।
  1605. 1:18:58यजुर्वेद और अथर्ववेद का कंपोजिशन भी इसी
  1606. 1:19:01पीरियड में हुआ। ब्राहणास भी इसी पीरियड
  1607. 1:19:04में कंपाइल हुए जिनमें रिचुअलिस्टिक
  1608. 1:19:06फार्मूलाज़ और रिचुअल्स का सोशल और
  1609. 1:19:08रिलीजियस मीनिंग बताया गया। यह सारे
  1610. 1:19:10टेक्स्ट अपर गेंजेटिक बेसिन में 1000 से
  1611. 1:19:14500 बीसी के बीच कंपाइल हुए। एक्सटेंसिव
  1612. 1:19:17डिगिंग और एक्सप्लोरेशन के बाद इस रीजन
  1613. 1:19:19में करीब 700 पेंटेड ग्रे वेयर यानी पीजीW
  1614. 1:19:23साइट्स मिली हैं। जिसमें अर्दन ब्स और
  1615. 1:19:26डिशेस मिली। इस रीजन में आयरन वेपन्स का
  1616. 1:19:28यूज भी किया जा रहा था।
  1617. 1:19:31वैदिक टेक्स्ट से मालूम पड़ता है कि
  1618. 1:19:33आर्यंस पंजाब से लेकर लगभग पूरे वेस्टर्न
  1619. 1:19:36यूपी में गंगा यमुना दुआब में एक्सपेंड कर
  1620. 1:19:39चुके थे। भारतस और पुरूस ने मिलकर एक नई
  1621. 1:19:43ट्राइब कुरू को फॉर्म किया। कुरूस ने
  1622. 1:19:46दिल्ली और दुआब के अपर रीजंस को कैप्चर
  1623. 1:19:49किया। इस एरिया को कुरुक्षेत्र यानी लैंड
  1624. 1:19:52ऑफ कुरूस कहा जाने लगा।
  1625. 1:19:55सेंट्रल दुआब में रहने वाले पांचालास के
  1626. 1:19:57साथ एकजुट होकर पूरे रीजन में रूल सेटअप
  1627. 1:20:00किया। आज के हिसाब से यह रीजन बरेली,
  1628. 1:20:03बदायूं और फर्रूखाबाद एरिया में आता है।
  1629. 1:20:06हस्तिनापुर को कैपिटल अनाउंस किया गया जो
  1630. 1:20:09कि मेरठ डिस्ट्रिक्ट में है। लेटर वैदिक
  1631. 1:20:12टाइम्स में लोगों को बर्न ब्रिक्स की
  1632. 1:20:14जानकारी नहीं थी। मोस्टली मड हाउसेस ही
  1633. 1:20:18बनाए जाते थे। पीरियड के एंड होते-होते
  1634. 1:20:21करीब 500 बीसी में इस पीरियड के लोग फर्दर
  1635. 1:20:25ईस्ट यानी कोसाला जो कि ईस्टर्न यूपी में
  1636. 1:20:28है और विदेहा जो कि नॉर्थ बिहार में है तक
  1637. 1:20:31एक्सपेंड कर गए। वो जहां भी गए उन्हें
  1638. 1:20:35कॉपर इंप्लीमेंट्स ब्लैक एंड रेड अर्दन
  1639. 1:20:37पॉट्स और ओकर एंड रेड कलर पॉट्स इस्तेमाल
  1640. 1:20:40करने वाले लोग मिले। इवन लेट हड़प्पन
  1641. 1:20:43कल्चर के लोग भी मिले।
  1642. 1:20:45हॉर्स ड्रोन चैरियट्स और आयरन वेपंस का
  1643. 1:20:48यूज करने के कारण वैदिक पीपल अपने
  1644. 1:20:51एक्सपेंशन के सेकंड फेज में सक्सीड हुए।
  1645. 1:20:54लेटर वैदिक पीरियड को पेंटेड ग्रेवेयर
  1646. 1:20:57पीजीडब्ल्यू आयरन फेज कल्चर भी कहा जाता
  1647. 1:21:00है। यानी इस पीरियड में मेन कल्चर पेंटेड
  1648. 1:21:03ग्रेवेयर का ही था। लेकिन आयन का यूज भी
  1649. 1:21:06कुछ इंस्टेंसेस में देखने को मिलता है।
  1650. 1:21:09आयन का पहला यूज इंडिया में करीब 1500
  1651. 1:21:13बीसी में कर्नाटका और राजस्थान में कॉपर
  1652. 1:21:16स्टोन एज के समय देखने को मिला। इसके बाद
  1653. 1:21:19वैदिक पीरियड के एंड होते-होते आयन की
  1654. 1:21:22नॉलेज ईस्टर्न यूपी और विदेहा में स्प्रेड
  1655. 1:21:25हुई। वैदिक टेक्स्ट में इसको श्यामा और
  1656. 1:21:29कृष्णा आयाज यानी ब्लैक मेटल बोला गया है।
  1657. 1:21:33आगे बढ़ते हैं और देखते हैं लेटर वैदिक
  1658. 1:21:35पीरियड के पॉलिटिकल, सोशल और इकोनॉमिक
  1659. 1:21:38लाइफ के बारे में। सबसे पहले पॉलिटिकल
  1660. 1:21:40लाइफ।
  1661. 1:21:42पॉलिटिकल लाइफ।
  1662. 1:21:45लेटर वैदिक पीरियड में लार्ज किंगडम्स की
  1663. 1:21:47शुरुआत हुई। जन यानी ट्राइब्स का
  1664. 1:21:50एमल्गमेशन हुआ और जनपदास और राष्ट्रास का
  1665. 1:21:54राइज हुआ। यह टर्म पहली बार इसी पीरियड
  1666. 1:21:56में यूज किया गया।
  1667. 1:21:59रॉयल पावर के साथ-साथ किंगडम का साइज भी
  1668. 1:22:02इनक्रीस हुआ। कााउस के साथ-साथ टेरिटरी
  1669. 1:22:05कैप्चर करना भी वॉर्स का मकसद बन गया।
  1670. 1:22:08किंग यूजुअली एक क्षत्रिय वर्णा से बिलोंग
  1671. 1:22:11करता था और मोनाक ऑलमोस्ट हेरिडिटरी
  1672. 1:22:14पोजीशन हो चुकी थी। इलेक्शन के कुछ
  1673. 1:22:16इंस्टेंसेस मिले हैं। पर हेरिडिटरी किनशिप
  1674. 1:22:20ही इमरजेंस में था। ग्रेजुअली सोशल ऑर्डर
  1675. 1:22:23को कंट्रोल करना भी किंग का ही फंक्शन बन
  1676. 1:22:25गया था। किंग को कई तरह के नेम्स से
  1677. 1:22:29एड्रेस किया जाता था। जैसे नॉर्थ में
  1678. 1:22:31विराट, ईस्ट में सम्राट, वेस्ट में स्वराट
  1679. 1:22:35और साउथ में भोज। किंग का इन्फ्लुएंस कई
  1680. 1:22:39तरह के रिचुअल्स के कारण स्ट्रांग होता
  1681. 1:22:41गया। जैसे राजसूय सैक्रिफाइस जिसको करने
  1682. 1:22:44से ऐसा माना जाता था कि किंग को सुप्रीम
  1683. 1:22:47पावर मिलती थी। अश्वमेध जिसमें रॉयल हॉर्स
  1684. 1:22:51दौड़ता था और जितनी टेरिटरी कवर करता था
  1685. 1:22:54उस पर किंग का अनक्वेश्चन कंट्रोल होता
  1686. 1:22:57था। वाजपेय जो कि एक चैरियट रेस थी। इन
  1687. 1:23:01रिचुअल्स के माध्यम से किंग अपनी पावर और
  1688. 1:23:04प्रेस्टीज का प्रदर्शन करता था। लेटर
  1689. 1:23:07वैदिक पीरियड में ट्राइबल असेंबलीज ने
  1690. 1:23:10अपनाेंस खो दिया और इसकी जगह रॉयल पावर
  1691. 1:23:13में मल्टीफोल्ड इनक्रीस हो गया। सभा और
  1692. 1:23:16समिति का एकिस्टेंस तो कंटिन्यू रहा पर
  1693. 1:23:19विधाता यानी ट्राइबल असेंबली कंप्लीटली
  1694. 1:23:22डिसअपीयर हो गई। सभा और समिति में
  1695. 1:23:25प्रिंसेस, नोबल्स और ब्राहस का वर्चस्व
  1696. 1:23:28बढ़ गया और वुमेन अब सभा में बैठने के लिए
  1697. 1:23:31परमिटेड नहीं थी। लेटर वैदिक पीरियड में
  1698. 1:23:34भी किंग किसी तरह की स्टैंडिंग आर्मी
  1699. 1:23:36मेंटेन नहीं करता था। वॉर के समय ट्राइबल
  1700. 1:23:40यूनिट्स को मोबिलाइज किया जाता था जो कि
  1701. 1:23:42एक मिलिशिया की तरह काम करती थी।
  1702. 1:23:46सोशल लाइफ लेटर वैदिक सोसाइटी चार वर्णास
  1703. 1:23:50में डिवाइडेड थी और एंड तक यह डिस्टिंशन
  1704. 1:23:53रिजिड हो चुका था। इस पीरियड में
  1705. 1:23:55सैक्रिफाइसेस का एक कल्ट उभर कर आया जिनके
  1706. 1:23:58कारण ब्राहणास कीेंस और बढ़ गई क्योंकि
  1707. 1:24:01सैक्रिफाइसेस के लिए की जाने वाली
  1708. 1:24:03रिचुअल्स ब्राहणास ही किया करते थे।
  1709. 1:24:05एग्रीकल्चर से रिलेटेड फेस्टिवल्स को भी
  1710. 1:24:08ब्राहस ही ऑफिशिएट करते थे। ऊपर के तीन
  1711. 1:24:11वर्णास में एक कॉमन फीचर था। उपनयना यानी
  1712. 1:24:16सीक्रेट थ्रेड को पहनना विद वैदिक
  1713. 1:24:18मंत्रास। लेटर वैदिक पीरियड में कुछ
  1714. 1:24:21क्राफ्ट ग्रुप्स जैसे रथकारास को एक
  1715. 1:24:24स्पेशल स्टेटस दिया जाता था और यहां तक कि
  1716. 1:24:27उन्हें सीक्रेट थ्रेड पहनने की परमिशन भी
  1717. 1:24:29थी। इससे पता चलता है कि सोशल मोबिलिटी
  1718. 1:24:32पॉसिबल थी। चौथा वर्ण यानी शूद्रास को
  1719. 1:24:36सीक्रेट थ्रेड पहनना अलाउड नहीं था। इसी
  1720. 1:24:39पीरियड में ही शूद्रास पर सोशल
  1721. 1:24:41डिसेबिलिटीज को इनफोर्स करना चालू हुआ। जो
  1722. 1:24:44प्रिंस क्षत्रिय या राजन्या ऑर्डर से
  1723. 1:24:47बिलोंग करता था। बाकी तीन वर्णस पर अपनी
  1724. 1:24:49पावर असर्ट करता था। फैमिलीज में एक
  1725. 1:24:52पैट्रिमोनियल सिस्टम यानी अथॉरिटी ऑफ़ फादर
  1726. 1:24:55डेवलप हुआ और वुमेन को जनरली लोअर पोजीशन
  1727. 1:24:59में रखा जाता था। एक इंटरेस्टिंग बात यह
  1728. 1:25:02थी कि कुछ वुमेन थियोलॉजियंस फिलोसोफिकल
  1729. 1:25:05डिस्कशंस में पार्ट लेती थी और कुछ क्वींस
  1730. 1:25:08भी कोरोनेशन सेरेमनी में पार्टिसिपेट करती
  1731. 1:25:10थी। लेकिन जनरली वुमेन को मेन से इनफीरियर
  1732. 1:25:14और सबोर्डिनेट ही माना जाता था।
  1733. 1:25:17सती और चाइल्ड मैरिज के भी कुछ इंस्टेंसेस
  1734. 1:25:20मिले हैं। गोत्र एज एन इंस्टीट्यूशन लेटर
  1735. 1:25:24वैदिक एज में ही अपीयर हुआ। उस समय गोत्र
  1736. 1:25:27का मीनिंग था काऊ पेन। यानी एक ऐसी जगह
  1737. 1:25:30जहां पर एक क्लैन से बिलोंग करने वाली
  1738. 1:25:33सारी कैटल को रखा जाता था। लेकिन समय के
  1739. 1:25:36साथ इसका मीनिंग बदला और कॉमन एनसेेस्टर
  1740. 1:25:39हो गया। सेम गोत्र से बिलोंग करने वाले
  1741. 1:25:42पर्संस की मैरिज नहीं हो सकती थी। कास्ट
  1742. 1:25:44एग्जोगमी वाइडली प्रैक्टिस की जाती थी।
  1743. 1:25:48आश्रम्स और फोर स्टेजेस ऑफ लाइफ का
  1744. 1:25:50कांसेप्ट वैदिक टाइम्स में वेल
  1745. 1:25:52एस्टैब्लिश्ड नहीं था। पोस्ट वैदिक
  1746. 1:25:55टेक्स्ट्स के हिसाब से चार आश्रमास हुआ
  1747. 1:25:58करते थे। ब्रह्मचारी यानी स्टूडेंट,
  1748. 1:26:01गृहस्थ यानी हाउसहोल्डर, वानप्रस्थ यानी
  1749. 1:26:05पार्शियल रिटायरमेंट और सन्यास यानी
  1750. 1:26:08कंप्लीट रिटायरमेंट फ्रॉम द वर्ल्ड।
  1751. 1:26:11लेटर वैदिक टेक्स्ट्स में फोर्थ स्टेज का
  1752. 1:26:13कोई मेंशन देखने को नहीं मिलता है। अब बात
  1753. 1:26:16करते हैं लेटर वैदिक इकॉनमी की जिसमें
  1754. 1:26:19सबसे पहले बात करेंगे एग्रीकल्चर की।
  1755. 1:26:22एग्रीकल्चर
  1756. 1:26:24टूल्स की बात करें तो आयरन टूल्स कम ही
  1757. 1:26:27दिखाई दिए। ऑक्सिन की मदद से प्लाओ का
  1758. 1:26:29इस्तेमाल किया गया। प्लाओ शेयर वुडन हुआ
  1759. 1:26:32करता था। शतपत ब्राहणा में प्लाउंग
  1760. 1:26:36रिचुअल्स का डिटेल्ड डिस्कशन किया गया है।
  1761. 1:26:38इस पीरियड में किंग्स और प्रिंसेस भी
  1762. 1:26:41प्लाऊ करने से हेजिटेट नहीं करते थे। आगे
  1763. 1:26:44चलकर इवेंचुअली प्लाउंग लोअर ऑर्डर्स को
  1764. 1:26:46असाइन कर दिया गया। वैदिक पीपल का
  1765. 1:26:49प्रॉमिनेंट प्रोडक्शन बार्ले ही था। लेकिन
  1766. 1:26:52लेटर वैदिक पीपल की चीफ क्रॉप्स अब वृही
  1767. 1:26:55यानी राइस और गोधमा यानी वीट हो चुकी थी।
  1768. 1:26:58कई तरह के लेंटिल्स का प्रोडक्शन भी किया
  1769. 1:27:00जाता रहा। एग्रीकल्चर प्रिमिटिव मेथड से
  1770. 1:27:04होते हुए भी उसका वाइड प्रिवेलेंस पर कोई
  1771. 1:27:07डाउट नहीं है। अब बात करते हैं आर्ट्स एंड
  1772. 1:27:10क्राफ्ट्स की। आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स।
  1773. 1:27:13इस पीरियड में हमें स्मिथ्स और स्मेल्टर्स
  1774. 1:27:16के बारे में सुनने को मिलता है। शुरुआत से
  1775. 1:27:19ही वैदिक पीपल कॉपर से फमिलियर रहे।
  1776. 1:27:21वेस्टर्न यूपी और बिहार में कॉपर टूल्स
  1777. 1:27:24मिले हैं। जिससे पता चलता है कि कॉपर
  1778. 1:27:27स्मिथ्स इस पीरियड में थे। इनका यूज़
  1779. 1:27:30ऑर्नामेंट्स और वॉर और हंटिंग के लिए किया
  1780. 1:27:32जाता था। वीविंग मेनली वुमेन तक कनफाइंड
  1781. 1:27:36थी। लेकिन वाइड स्केल में प्रैक्टिस की
  1782. 1:27:39जाती थी। लेटर वैदिक पीपल चार तरह की
  1783. 1:27:42पोटरी से परिचित थे। ब्लैक एंड रेड वेयर,
  1784. 1:27:45ब्लैक स्लिप्ड वेयर, पेंटेड ग्रे वेयर और
  1785. 1:27:49रेड वेयर। ज्वेलर्स का मेंशन भी लेटर
  1786. 1:27:52वैदिक टेक्स्ट्स में देखने को मिलता है।
  1787. 1:27:54जो मेनली एफ्लुएंट सेक्शंस को सर्व करते
  1788. 1:27:57होंगे। सोसाइटी लार्जली रूरल ही थी। लेकिन
  1789. 1:28:00लेटर वैदिक पीरियड के एंड में अर्बनाइजेशन
  1790. 1:28:03की शुरुआत होने लगी। तैतिय अरण्यका में
  1791. 1:28:07नगर वर्ड का मेंशन देखने को मिलता है
  1792. 1:28:09जिसको टाउन के सेंस में ही यूज किया गया
  1793. 1:28:11है। एक्सचेंज मेनली बार में ही होता था।
  1794. 1:28:15लेकिन निष्का एक कन्वीनिएंट यूनिट ऑफ
  1795. 1:28:18वैल्यू की तरह यूज होता था। लेटर वैदिक
  1796. 1:28:21पीरियड में टैक्सेस और ट्रिब्यूट्स का
  1797. 1:28:23कलेक्शन कंपलसरी था। और संघरित्री के
  1798. 1:28:26द्वारा कलेक्ट किया जाता था। दोस्तों
  1799. 1:28:29अर्ली वैदिक पीरियड की तरह यहां पर भी
  1800. 1:28:31रिलजन को समझना जरूरी है क्योंकि रिलीजन
  1801. 1:28:34के थ्रू सोसाइटी के कल्चर को समझना आसान
  1802. 1:28:37होता है। तो आइए चलते हैं रिलजन की ओर।
  1803. 1:28:40लेटर वैदिक एज रिलजन अर्ली वैदिक ऐज के दो
  1804. 1:28:44सबसे इंपॉर्टेंट गॉड्स इंद्र और अग्नि
  1805. 1:28:47काेंस इस ऐज में खत्म हो गया। इनके स्थान
  1806. 1:28:50पर प्रजापति यानी द क्रिएटर ने इस ऐज में
  1807. 1:28:53सुप्रीम पोजीशन गेन कर ली। कुछ ऐसे गॉड्स
  1808. 1:28:56जिनकी पोजीशन ऋग्वदिक पीरियड में माइनर
  1809. 1:28:59थी, वह अब प्रॉमिनेंट हो गए। जैसे रुद्र,
  1810. 1:29:02द गॉड ऑफ एनिमल्स और विष्णु, द प्रिजर्वर
  1811. 1:29:05एंड प्रोटेक्टर ऑफ पीपल। कुछ सोशल ऑर्डर्स
  1812. 1:29:08ने तो अपनी खुद की ड्यूटीज बनाई। जैसे
  1813. 1:29:11पुषाण जो कि कैटल के प्रोटेक्टर थे।
  1814. 1:29:14शूद्रास के मेन गॉड बन गए।
  1815. 1:29:17लेटर वैदिक पीरियड में हमें आइडलेटरी के
  1816. 1:29:20कुछ साइन देखने को मिलते हैं। लेटर वैदिक
  1817. 1:29:23पीरियड में ऋग वैदिक एज के कंपैरिजन में
  1818. 1:29:25ऑलमोस्ट सेम मटेरियल रीज़ंस के कारण गॉड को
  1819. 1:29:28वरशिप किया जाता रहा। लेकिन मोड ऑफ वरशिप
  1820. 1:29:31में सब्सटैंशियल चेंज देखने को मिला।
  1821. 1:29:34प्रेयर्स अभी भी रिसाइट की जाती थी। पर
  1822. 1:29:37वरशिप का डोमिनेंट मोड नहीं थी। इस कल्चर
  1823. 1:29:40का एक कॉर्नर स्टोन था कल्चर ऑफ
  1824. 1:29:42सैक्रिफाइसेस। और यह कल्ट कई तरह के
  1825. 1:29:45रिचुअल्स और फार्मूला से भरा हुआ था।
  1826. 1:29:48सैक्रिफाइसेस काेंस अब सोसाइटी में बढ़
  1827. 1:29:51गया था। सैक्रिफाइसेस दो तरह की होती थी।
  1828. 1:29:54पब्लिक और डोमेस्टिक।
  1829. 1:29:56पब्लिक सैक्रिफाइसेस में किंग और सारी
  1830. 1:29:59कम्युनिटी शामिल होती थी। इंडिविजुअल लेवल
  1831. 1:30:02पर हाउसहोल्ड में भी सैक्रिफाइसेस की जाती
  1832. 1:30:05थी जो कि डोमेस्टिक सैक्रिफाइसेस थी।
  1833. 1:30:08सैक्रिफाइसेस में लार्ज स्केल में एनिमल्स
  1834. 1:30:10की किलिंग इनवॉल्व होती थी। स्पेशली कैटल
  1835. 1:30:13वेल्थ सैक्रिफाइस करने वाले को यजमान कहते
  1836. 1:30:16थे जो यज्ञ को करता था और गेस्ट को घोगना
  1837. 1:30:20कहते थे।
  1838. 1:30:22कुछ इंपॉर्टेंट यज्ञस थे अश्वमेध, वाजपेय
  1839. 1:30:26और राजसूय जिनका सिग्निफिकेंस हम देख चुके
  1840. 1:30:29हैं। प्रीस्टली नॉलेज और एक्सपर्टीज की
  1841. 1:30:32मोनोपोली ब्राह्मणस ने बना रखी थी।
  1842. 1:30:34सैक्रिफाइसेस को पूरा करने के लिए उनको
  1843. 1:30:36अच्छा रिवॉर्ड भी दिया जाता था। कााउस,
  1844. 1:30:39गोल्ड, क्लॉथ और हॉर्सेस दक्षिणास के रूप
  1845. 1:30:42में दिए जाते थे। कई बार तो प्रीस्ट्स
  1846. 1:30:45दक्षिणा के रूप में टेरिटरी का एक पोर्शन
  1847. 1:30:48भी मांग लिया करते थे। लेकिन ऐसी कोई भी
  1848. 1:30:51डिमांड को ग्रांट किए जाने का एविडेंस
  1849. 1:30:53नहीं मिला है। कंक्लूजन तो दोस्तों, हमने
  1850. 1:30:56लेटर वैदिक एज के डिफरेंट एस्पेक्ट्स पर
  1851. 1:30:58बात की। इस पीरियड में सोसाइटी के लोग
  1852. 1:31:00सेमीनोमेडिक की जगह सेटल्ड लाइफ जीने लगे
  1853. 1:31:04थे। लेटर वैदिक पीरियड के एंड में हमें
  1854. 1:31:06प्रीस्टली क्लास के डोमिनेशन के खिलाफ
  1855. 1:31:09स्ट्रांग रिएक्शन देखने को मिला। उपनिषद
  1856. 1:31:12में आत्मन यानी सेल्फ की नॉलेज पर
  1857. 1:31:15एम्फेसाइज किया गया। ब्रह्मा सुप्रीम गॉड
  1858. 1:31:18के रूप में उभर कर आए। लेटर वैदिक फेज में
  1859. 1:31:21कुछ इंपॉर्टेंट चेंजेस देखने को मिले।
  1860. 1:31:24जैसे इसी पीरियड के एंड में टेरिटोरियल
  1861. 1:31:27किंगडम्स की शुरुआत हुई अंडर क्षत्रिय
  1862. 1:31:29रूलर्स। अर्ली वैदिक टाइम्स की
  1863. 1:31:31प्रिडोमिनेंटली पेस्टोरल सोसाइटी अब
  1864. 1:31:34एग्रीकल्चरल सोसाइटी हो चुकी थी। ट्राइबल
  1865. 1:31:36पेस्टोरलिस्ट्स अब फार्मर्स में कन्वर्ट
  1866. 1:31:39हो चुके थे। ट्राइब्स का एक चीफ होता था
  1867. 1:31:41जिसको राजा या जनपदन कहा जाता था। यह
  1868. 1:31:45चीफ्स ट्राइबल पेजेंट्री के एक्सपेंस पर
  1869. 1:31:47ग्रो होते रहे और प्रीस्ट को रिवॉर्ड किया
  1870. 1:31:49करते थे जो उनका सपोर्ट करते थे। कॉमन
  1871. 1:31:52पीपल यानी वैश्यास को गवर्न करने में।
  1872. 1:31:55शूद्रास अभी भी एक स्मॉल सर्विंग ऑर्डर
  1873. 1:31:58था। ओवरऑल अगर देखें तो लेटर वैदिक ऐज की
  1874. 1:32:00सबसे इंपॉर्टेंट डेवलपमेंट यह थी कि वह एक
  1875. 1:32:03ट्राइबल सोसाइटी से एक वर्ण के आधार पर
  1876. 1:32:06डिवाइडेड सोसाइटी में तब्दील हो गई थी।
  1877. 1:32:11जैनिज्म
  1878. 1:32:13आज मैं आपको इंडियन एंशिएंट हिस्ट्री के
  1879. 1:32:15ऐसे दौर से परिचय कराने वाला हूं जिसने
  1880. 1:32:18इंडियन सोसाइटी को बदल कर रख दिया। न
  1881. 1:32:21सिर्फ रिलीजियस सिनेरियो पर गहन प्रभाव
  1882. 1:32:23छोड़ा बल्कि पॉलिटिकल सेटअप और इवन इकॉनमी
  1883. 1:32:26को भी इंपैक्ट किया। इसका प्रभाव आज भी
  1884. 1:32:29देखने को मिलता है। गांधी जी की बेसिक
  1885. 1:32:31आईडियोलॉजी ऑफ नॉन वायलेंस को यहीं से
  1886. 1:32:34प्रेरणा मिली। दोस्तों, यह कहानी है
  1887. 1:32:36सिक्स्थ और फिफ्थ सेंचुरी बीसी की। जब
  1888. 1:32:39एंशिएंट हिस्ट्री का वैदिक कल्चर अपनी चरम
  1889. 1:32:42सीमा पर पहुंच चुका था। लोग प्रीस्टली
  1890. 1:32:45क्लास यानी पुरोहित वर्ग, कल्ट्स और
  1891. 1:32:47रिचुअल्स के खिलाफ आवाज उठाने लगे थे।
  1892. 1:32:50स्पेशली पांचाल और विदेहा में जहां 600
  1893. 1:32:53बीसी के आसपास उपनिषद्स को कंपाइल किया जा
  1894. 1:32:56रहा था। इन फिलॉसोफिकल टेक्स्ट्स में
  1895. 1:32:59रिचुअल्स को क्रिटिसाइज किया गया और नॉलेज
  1896. 1:33:01पर स्ट्रेस दिया गया। वैदिक फेज के एंड
  1897. 1:33:05में कई इंपॉर्टेंट चेंजेस देखने को मिले।
  1898. 1:33:07जैसे टेरिटोरियल किंगडम्स की शुरुआत हुई
  1899. 1:33:10जिन्हें जनपदास बोला जाता था। यह जनपदास
  1900. 1:33:14क्षत्रिय रूलर के अंडर में थे। युद्ध का
  1901. 1:33:17मकसद अब केवल कैटल को कैप्चर करने तक
  1902. 1:33:19सीमित नहीं था। बल्कि टेरिटरी कैप्चर करना
  1903. 1:33:22भी वॉर का एक इंपॉर्टेंट एस्पेक्ट था।
  1904. 1:33:25महाभारत वॉर भी इसी पीरियड की बताई जाती
  1905. 1:33:28है। पेस्टोरल सोसाइटी यानी चरवाहे अब
  1906. 1:33:31एग्रीकल्चरल सोसाइटी में कन्वर्ट हो रहे
  1907. 1:33:33थे। ऐसे दौर में मिड गेंजेटिक प्लेेंस में
  1908. 1:33:36कई रिलीजियस सेक्स अर्थात संप्रदायों का
  1909. 1:33:39उदय हुआ। कुछ एस्टीमेट्स के हिसाब से करीब
  1910. 1:33:4262 सेक्स राइज हुए। इनमें से सबसे
  1911. 1:33:45इंपॉर्टेंट सेक्ट जैनिज्म और बुद्धिज्म
  1912. 1:33:48सामने उभर कर आए। आज इस कहानी में हम
  1913. 1:33:51जैनिज्म पर फोकस करेंगे। कॉजेस ऑफ ओरिजिन।
  1914. 1:33:55पहले समझते हैं कि इन रिलीजियस ऑर्डर्स के
  1915. 1:33:57स्टार्ट होने के कारण क्या रहे। लेटर
  1916. 1:34:00वैदिक सोसाइटी फोर वर्णनर्स में डिवाइड हो
  1917. 1:34:03गई। और यह डिवीजन धीरे-धीरे रिजिड होता
  1918. 1:34:06चला गया। नेचुरली इस वर्ण व्यवस्था से
  1919. 1:34:08सोसाइटी में टेंशन फैली हुई थी। इसके चलते
  1920. 1:34:11वैश्यास और शूद्रास के क्या रिएक्शंस रहे
  1921. 1:34:14यह पता लगा पाना मुश्किल है। लेकिन
  1922. 1:34:16क्षत्रिय वर्णन ने जरूर ब्राह्मण डोमिनेशन
  1923. 1:34:19के खिलाफ आवाज उठाना शुरू किया। इन्होंने
  1924. 1:34:22वर्ण व्यवस्था में बर्थ केेंस को लेकर एक
  1925. 1:34:25प्रकार के प्रोटेस्ट मूवमेंट को चालू
  1926. 1:34:27किया। क्षत्रियस का यही स्ट्रांग रिएक्शन
  1927. 1:34:30नए रिलीजंस के ओरिजिन का एक कारण रहा।
  1928. 1:34:33लेकिन न्यू रिलीजंस के राइज का रियल कॉज
  1929. 1:34:36था। नॉर्थ ईस्टर्न इंडिया में एक नई तरह
  1930. 1:34:39की एग्रीकल्चरल इकॉनमी का स्प्रेड होना।
  1931. 1:34:42सिक्स्थ सेंचुरी बीसी के एंड होने तक
  1932. 1:34:45ईस्टर्न यूपी, नॉर्थ और साउथ बिहार में
  1933. 1:34:48आयरन का इस्तेमाल शुरू हुआ। जिसके चलते
  1934. 1:34:51डेंस फॉरेस्ट्स को क्लियर करना आसान हो
  1935. 1:34:53गया और लार्ज स्केल में लोग यहां रहने लगे
  1936. 1:34:56और यहां से वाइड स्प्रेड एग्रीकल्चर की
  1937. 1:34:59शुरुआत हुई। 500 बीसी के आसपास नॉर्थ
  1938. 1:35:03ईस्टर्न इंडिया में बड़ी मात्रा में सिटीज
  1939. 1:35:05बसना चालू हुई। जैसे कौशांबी, कुशीनगर,
  1940. 1:35:09वाराणसी, वैशाली, चिरांद, तारादी,
  1941. 1:35:13पाटलिपुत्र, राजगीर और चंपा। वर्धमान
  1942. 1:35:17महावीर इनमें से कई सिटीज से एसोसिएटेड
  1943. 1:35:20रहे। सबसे पहले इसी दौर में ट्रेड और
  1944. 1:35:23कॉमर्स में कॉइंस का यूज किया जाने लगा जो
  1945. 1:35:26कि पंचमार्क्ड वैरायटी के कॉइंस थे। कॉइंस
  1946. 1:35:29के यूज से ट्रेड में अच्छी ग्रोथ हो रही
  1947. 1:35:31थी। जिसके चलते वैश्यास कीेंस सोसाइटी में
  1948. 1:35:34बढ़ने लगी। नेचुरली वैश्य वर्ण ने ऐसे
  1949. 1:35:38रिलीजन को खोजना चालू किया जो उनकी सोशल
  1950. 1:35:41पोजीशन को इंप्रूव कर सके। इसीलिए
  1951. 1:35:43उन्होंने महावीर का सपोर्ट किया। उनके
  1952. 1:35:46सपोर्ट के कई कारण रहे। पहला जैनिज्म ने
  1953. 1:35:50शुरुआत में वर्ण व्यवस्था को इंपोर्टेंस
  1954. 1:35:52नहीं दी। दूसरा जैनिज्म में नॉन वायलेंस
  1955. 1:35:55की बात की गई जिससे वार्ड्स एंड हो जाते
  1956. 1:35:58और ट्रेड और कॉमर्स में इजाफा होता। तीसरा
  1957. 1:36:01ब्राह्मेनिकल लॉ बुक्स जैसे धर्मसूत्राज
  1958. 1:36:04में मनी लेंडिंग की निंदा की गई। इसके
  1959. 1:36:07कारण ट्रेडर्स को नीची नजर से देखा जाने
  1960. 1:36:10लगा और इसी कारण ट्रेडिंग क्लास अपना सोशल
  1961. 1:36:13स्टेटस इंप्रूव करने के लिए नए रिलीजन की
  1962. 1:36:16खोज करने लगी। वहीं दूसरी ओर सोसाइटी के
  1963. 1:36:19ओल्ड फैशंड लोग पुरानी लाइफ की डिमांड
  1964. 1:36:22करने लगे। जैसे मॉडर्न टाइम्स में
  1965. 1:36:25इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन के दौरान पुराने
  1966. 1:36:27लोग चेंजेस को एक्सेप्ट नहीं कर पा रहे
  1967. 1:36:29थे। नया क्लोथिंग पैटर्न, प्राइवेट
  1968. 1:36:31प्रॉपर्टी और नए तरह के घर उन्हें रास
  1969. 1:36:34नहीं आ रहे थे और वो प्रिमिटिव लाइफस्ट
  1970. 1:36:37चाहते थे। जैनिज्म में सिंपल, प्योर और
  1971. 1:36:41एथेटिक लाइफस्टाइल कोेंस दी गई जिससे लोग
  1972. 1:36:44अट्रैक्ट होने लगे। यही सब कारण रहे कि
  1973. 1:36:47जैनिज्म जैसे न्यू रिलीजंस प्रॉमिसिंग
  1974. 1:36:49लगने लगे और इनका राइज होना इजी हो गया।
  1975. 1:36:55वर्धमान महावीर दोस्तों वर्धमान महावीर
  1976. 1:36:59जैनिज्म के रियल फाउंडर माने जाते हैं।
  1977. 1:37:02जैनास की मान्यताओं के अनुसार उनके सबसे
  1978. 1:37:05इंपॉर्टेंट रिलीजियस टीचर महावीर के 23
  1979. 1:37:08प्रीिडिसेसर्स यानी पूर्वज थे। जिन्हें
  1980. 1:37:12तीर्थंकर बोला जाता है। जैनाज़ का मानना है
  1981. 1:37:14कि जैनिज्म के पहले तीर्थंकर ऋषभदेव थे और
  1982. 1:37:18उन्होंने ही जैनिज्म को इस्टैब्लिश किया।
  1983. 1:37:21ऋषभदेव अयोध्या के माने जाते हैं। अगर
  1984. 1:37:24महावीर को 24 तीर्थंकरा माना जाए तो
  1985. 1:37:27जैनिज्म का ओरिजिन करीब नाइंथ सेंचुरी
  1986. 1:37:30बीसी तक चला जाएगा। जबकि अयोध्या का
  1987. 1:37:33सेटलमेंट 500 बीसी में स्टार्ट हुआ।
  1988. 1:37:36इसीलिए ऋषभदेव के एकिस्टेंस की
  1989. 1:37:38हिस्टोरिसिटी इस्टैब्लिश कर पाना मुश्किल
  1990. 1:37:40है। बाकी सभी तीर्थंकरों की हिस्टोरिसिटी
  1991. 1:37:44भी एक्सट्रीमली डाउटफुल है। जैनिज्म की
  1992. 1:37:47इंपॉर्टेंट टीचिंग्स पार्श्वनाथ से
  1993. 1:37:49स्टार्ट हुई जो कि 23 तीर्थंकर थे। वो
  1994. 1:37:53बनारस के थे। रॉयल लाइफ को अबेंडन किया और
  1995. 1:37:56एक एथेटिक यानी तपस्वी बन गए। लेकिन
  1996. 1:37:59इतिहासकारों की मानें तो पार्श्व के
  1997. 1:38:02स्पिरिचुअल सक्सेसर वर्धमान महावीर ही
  1998. 1:38:05जैनिज्म के रियल फाउंडर हैं। महावीर की
  1999. 1:38:08बर्थ और डेथ की एग्जैक्ट डेट्स का पता
  2000. 1:38:10लगाना संभव नहीं है। लेकिन एक ट्रेडिशन की
  2001. 1:38:13मानें तो उनकी बर्थ 540 बीसी में वैशाली
  2002. 1:38:17में हुई जो कि आज के हिसाब से बिहार के
  2003. 1:38:20वैशाली डिस्ट्रिक्ट में है। उनके फादर
  2004. 1:38:23सिद्धार्थ क्षत्रिय क्लैन के हेड थे और
  2005. 1:38:26उनकी मदर त्रिशाला लिच्छवी चीफ चेतक की
  2006. 1:38:29सिस्टर थी। चेतक की डॉटर की मैरिज
  2007. 1:38:33बिंबिसार से हुई। इससे यह तो साफ है कि
  2008. 1:38:35महावीर की फैमिली मगध की रॉयल फैमिली से
  2009. 1:38:38जुड़ी हुई थी। जिसकी मदद से उनको प्रिंसेस
  2010. 1:38:41और नोबल्स तक अपनी अप्रोच पहुंचाने में
  2011. 1:38:44आसानी हुई। शुरुआत में महावीर एक गृहस्थ
  2012. 1:38:47जीवन जीते रहे। पर ट्रुथ को ढूंढने और
  2013. 1:38:50समझने की राह पर उन्होंने 30 साल की एज
  2014. 1:38:53में दुनिया का त्याग कर दिया और एक तपस्वी
  2015. 1:38:56बन गए। जीवन के 12 साल उन्होंने केवल
  2016. 1:38:59भ्रमण करते हुए निकाले। विलेजेस और टाउनंस
  2017. 1:39:02में कुछ दिन के अलावा नहीं रुकते थे। इन
  2018. 1:39:0512 सालों की लंबी जर्नी में ऐसा कहा जाता
  2019. 1:39:08है कि उन्होंने कभी कपड़े नहीं बदले और 42
  2020. 1:39:11साल की उम्र में जब उन्होंने कैवल्य यानी
  2021. 1:39:13ओमनीिसिएंस को पा लिया। तब उन्होंने पूरी
  2022. 1:39:16तरह से कपड़ों का त्याग कर दिया। कैवल्य
  2023. 1:39:19की मदद से उन्होंने मिजरी और हैप्पीनेस को
  2024. 1:39:22ककर किया। इसी कॉन्क्वेस्ट के कारण उन्हें
  2025. 1:39:26महावीरा यानी ग्रेट हीरो या जीना यानी
  2026. 1:39:30कॉनकरर ऑफ वनसेल्फ बोला गया और उनके
  2027. 1:39:32फॉलोअर्स को जयनाज़। 30 साल तक महावीर ने
  2028. 1:39:36अपने रिलीजन को प्रोपगेट किया। एक्सपेंड
  2029. 1:39:39किया और यह मिशन उनको कौशाल, मगध, मिथिला
  2030. 1:39:44और चंपा जैसी सिटीज में ले गया। 468 बीसी
  2031. 1:39:48में 72 साल की एज में पावापुरी में उनकी
  2032. 1:39:52डेथ हो गई। यानी वह निर्वाण को प्राप्त हो
  2033. 1:39:55गए। बिहार के राजगीर नालंदा डिस्ट्रिक्ट
  2034. 1:39:58में यह जगह है। दोस्तों, आगे बढ़ते हैं और
  2035. 1:40:01जैनिज्म की डॉक्ट्रिंस यानी सिद्धांतों पर
  2036. 1:40:04एक नजर डालते हैं।
  2037. 1:40:07डॉक्ट्रिंस ऑफ जैनिज्म। जैनिज्म में पांच
  2038. 1:40:10सिद्धांतों की बात कही गई है। डू नॉट कमिट
  2039. 1:40:13वायलेंस यानी हिंसा मत करो। डू नॉट टेल अ
  2040. 1:40:16लय यानी झूठ मत बोलो। डू नॉट स्टील यानी
  2041. 1:40:20चोरी मत करो। डू नॉट होड यानी संचय मत
  2042. 1:40:23करो। ऑब्जर्व कॉन्टिनेंस यानी ब्रह्मचर्य
  2043. 1:40:27को अपनाओ। ऐसा कहा जाता है कि सिर्फ
  2044. 1:40:30पांचवा सिद्धांत यानी ब्रह्मचर्य ही
  2045. 1:40:32महावीर ने ऐड किया। बाकी चार उन्होंने
  2046. 1:40:35पिछले तीर्थंकरों से लिए। जैनिज्म का सबसे
  2047. 1:40:39इंपॉर्टेंट डॉक्ट्रिन था अहिंसा यानी नॉन
  2048. 1:40:42इंजरी टू लिविंग बीइंग्स। महावीर के
  2049. 1:40:45प्रिडसेसर यानी पार्श्व ने अपने फॉलोअर्स
  2050. 1:40:48से बॉडी के अपर और लोअर पोर्शनंस को कवर
  2051. 1:40:51करने को कहा। जबकि महावीर ने अपने
  2052. 1:40:53फॉलोअर्स को कपड़े कंप्लीटली अबेंडन करने
  2053. 1:40:56के इंस्ट्रक्शन दिए। इससे पता चलता है कि
  2054. 1:40:59महावीर ने अपने फॉलोअर्स को ज्यादा
  2055. 1:41:01स्ट्रिक्ट और सीधा-साधा जीवन जीने को कहा।
  2056. 1:41:04कई रीज़ंस में से एक यह भी कारण रहा कि आगे
  2057. 1:41:07चलकर जैनिज्म दो सेक्स में डिवाइड हो गया।
  2058. 1:41:10श्वेतांबरस जो वाइट कपड़े पहनने लगे और
  2059. 1:41:13दिगंबरस जिन्होंने कपड़ों का त्याग किया।
  2060. 1:41:16जैनिज्म ने गॉड के एकिस्टेंस को
  2061. 1:41:19रिकॉग्नाइज किया। लेकिन उन्हें जिना की
  2062. 1:41:22श्रेणी से नीचे ही रखा। वर्ण सिस्टम को
  2063. 1:41:25जैनिज्म ने एकदम कंडेम नहीं किया। जिस तरह
  2064. 1:41:28बुद्धिज्म ने किया। महावीर के अनुसार एक
  2065. 1:41:31पर्सन का अपर और लोअर वर्ण में बर्थ होना
  2066. 1:41:34उसके पिछले जन्म में किए गए सिंस और
  2067. 1:41:37वर्च्यूस पर डिपेंडेंट था। इसका मतलब
  2068. 1:41:39महावीर थ्योरी ऑफ कर्मा में बिलीव करते
  2069. 1:41:42थे।
  2070. 1:41:43महावीर के ओपिनियन में लोअर कास्ट के लोग
  2071. 1:41:46प्योर और मेरिटोरियस लाइफ जीते हुए
  2072. 1:41:48लिबरेशन यानी मुक्ति पा सकते थे। फ्रीडम
  2073. 1:41:52फ्रॉम वर्ल्डली बॉन्ड्स यानी दुनियादारी
  2074. 1:41:54से मुक्ति जैनिज्म का मेन मोटिव था।
  2075. 1:41:57स्पष्ट है कि महावीर लिबरेशन ऑफ सोल की
  2076. 1:42:01बात कर रहे थे। ऐसा करने के लिए किसी भी
  2077. 1:42:03तरह के रिचुअल्स की जरूरत नहीं थी। राइट
  2078. 1:42:06नॉलेज, राइट फेथ और राइट एक्शन के थ्रू
  2079. 1:42:09इसको पाया जा सकता था। इनको जैनिज्म का
  2080. 1:42:12त्रिरत्न कहा जाता है। जैनिज्म में वॉर और
  2081. 1:42:16एग्रीकल्चर दोनों को ही प्रोहिबिट किया
  2082. 1:42:18गया क्योंकि दोनों में ही लिविंग बीइंग्स
  2083. 1:42:21की किलिंग इनवॉल्व थी। इसी के चलते
  2084. 1:42:24जैनिज्म मेनली ट्रेड और मर्केंटाइल
  2085. 1:42:26एक्टिविटीज तक ही सीमित रह गया। दोस्तों,
  2086. 1:42:29अब बात करते हैं कि किस तरह जैनिज्म
  2087. 1:42:32स्प्रेड हुआ। स्प्रेड ऑफ जैनिज्म। जैनिज्म
  2088. 1:42:36को स्प्रेड करने के लिए महावीर ने एक
  2089. 1:42:38फॉलोअर्स के ऑर्डर या ग्रुप को तैयार किया
  2090. 1:42:41जिसमें मेन और वुमेन दोनों को एडमिट किया
  2091. 1:42:44जा सकता था। प्राकृत लैंग्वेज का यूज करके
  2092. 1:42:47महावीर ने अपनी टीचिंग्स को कॉमन लोगों तक
  2093. 1:42:49पहुंचाया। ऐसा कहा जाता है कि उनके करीब
  2094. 1:42:5314,000 फॉलोअर्स थे जो कि एक बहुत बड़ी
  2095. 1:42:56संख्या नहीं है। जैनिज्म अपने आप को
  2096. 1:42:59ब्राह्मेनिकल रिलीजन से किसी खास तौर पर
  2097. 1:43:01डिफरेंशिएट नहीं कर पाया। यही कारण रहा कि
  2098. 1:43:04वो मेसेस को अट्रैक्ट नहीं कर पाया। इसके
  2099. 1:43:07बावजूद साउथ और वेस्ट इंडिया में
  2100. 1:43:10ग्रेजुअली स्प्रेड होता रहा। जहां
  2101. 1:43:12ब्राह्मेनिकल रिलिजन थोड़ा वीक था। एक
  2102. 1:43:14ट्रेडिशन की मानें तो कर्नाटका में
  2103. 1:43:16जैनिज्म के स्प्रेड का कारण चंद्रगुप्त
  2104. 1:43:19मौर्य रहे जो मौर्य एंपायर के फर्स्ट रूलर
  2105. 1:43:22थे। पर इसका कोई हिस्टोरिकल एविडेंस नहीं
  2106. 1:43:25है। दूसरा कारण मगध में हुए ग्रेट फेमिन
  2107. 1:43:28को बताया जाता है जो महावीर की डेथ के 2
  2108. 1:43:31साल बाद हुआ। यह फेमिन 12 साल तक चला।
  2109. 1:43:35इससे बचने के लिए जैनाज़ का एक ग्रुप साउथ
  2110. 1:43:38इंडिया में माइग्रेट कर गया। भद्रबाहु की
  2111. 1:43:41लीडरशिप में। इन्हीं के द्वारा साउथ
  2112. 1:43:43इंडिया में जैनिज्म का स्प्रेड हुआ। बचे
  2113. 1:43:45हुए लोग मगध में ही रहे। स्थलबाहु की
  2114. 1:43:48लीडरशिप में। फेमिन खत्म होने के बाद
  2115. 1:43:51दोनों ग्रुप्स में डिफरेंसेस क्रिएट हो
  2116. 1:43:53गए। जैनिज्म के बेसिक कांसेप्ट्स को लेकर।
  2117. 1:43:56इन डिफरेंसेस को रिजॉल्व करने के लिए और
  2118. 1:43:59जैनिज्म की मेन टीचिंग्स को कंपाइल करने
  2119. 1:44:01के लिए एक काउंसिल को कन्वीन किया गया
  2120. 1:44:04पाटलिपुत्र में। लेकिन साउथ से वापस आने
  2121. 1:44:07वाले जैनाज़ ने इस काउंसिल का बॉयकॉट किया।
  2122. 1:44:10इसके बाद से सदर्न ग्रुप को दिगंबरा और
  2123. 1:44:13मगधन ग्रुप को श्वेतांबरास बोला जाने लगा।
  2124. 1:44:16इस तरह से जैनिज्म दो सेक्ट्स में डिवाइड
  2125. 1:44:19हो गया। यह फेमिन थ्योरी की ऑथेंटिसिटी
  2126. 1:44:22डाउटफुल है। पर इतना साफ है कि जैनिज्म दो
  2127. 1:44:25सेक्ट्स में डिवाइड जरूर हो गया था।
  2128. 1:44:28दोस्तों, यहां यह बताना जरूरी है कि
  2129. 1:44:30जैनिज्म की एक काउंसिल आगे चलकर 512 एडी
  2130. 1:44:34में भी हुई। क्षमास रमाना ने इसको
  2131. 1:44:36प्रिसाइड किया था। इस काउंसिल में 12
  2132. 1:44:39अंगाज और 12 उप अंगाज को कंपाइल किया गया।
  2133. 1:44:42जो जैनिज्म के इंपॉर्टेंट रिलीजियस
  2134. 1:44:45स्क्रिप्चर्स हैं। एपीग्राफिक एविडेंस
  2135. 1:44:47यानी पुराले के अनुसार कर्नाटका में
  2136. 1:44:50जैनिज्म का स्प्रेड थर्ड सेंचुरी एडी के
  2137. 1:44:53बाद ही हुआ। फिफ्थ सेंचुरी एडी के बाद कई
  2138. 1:44:56जैना मोनेस्ट्रीज कर्नाटका में भी बनी।
  2139. 1:44:59जिन्हें बसदीज बोला जाता था। कलिंग ओसा की
  2140. 1:45:02बात करें तो यहां पर जैनिज्म का स्प्रेड
  2141. 1:45:05फोर्थ सेंचुरी बीसी में हुआ। फर्स्ट
  2142. 1:45:08सेंचुरी बीसी में कलिंग किंग खारवेला का
  2143. 1:45:10पेट्रिनेज जैनिज्म को मिला। तमिलनाडु के
  2144. 1:45:13सदर्न डिस्ट्रिक्ट्स में इसका स्प्रेड
  2145. 1:45:15सेकंड और फर्स्ट सेंचुरी बीसी में देखने
  2146. 1:45:17को मिला। आने वाली सेंचुरीज में मालवा,
  2147. 1:45:20गुजरात और राजस्थान में जैनिज्म स्प्रेड
  2148. 1:45:23हुआ। जहां आज भी इनकी एक सब्सटैंशियल
  2149. 1:45:26पापुलेशन है। इनका मेन ऑक्यूपेशन आज भी
  2150. 1:45:29ट्रेड और कॉमर्स ही है। यहां एक
  2151. 1:45:31इंटरेस्टिंग बात सामने आती है। भले ही
  2152. 1:45:33जैनिज्म बुद्धिज्म के कंपैरिजन में
  2153. 1:45:35रैपिडली स्प्रेड नहीं हुआ पर आज भी जैन
  2154. 1:45:38पपुलेशन यहां बरकरार है। जबकि बुद्धिज्म
  2155. 1:45:42वर्चुअली डिसअपीयर हो गया। दोस्तों, एक
  2156. 1:45:45नजर जैनिज्म के सोसाइटी में
  2157. 1:45:47कंट्रीब्यूशनंस पर भी डालते हैं।
  2158. 1:45:50कंट्रीब्यूशन ऑफ जैनिज्म। जैनिज्म ऐसा
  2159. 1:45:54फर्स्ट सीरियस अटेमप्ट था जो वर्ण सिस्टम
  2160. 1:45:57और रिचुअलिस्टिक वैदिक रिलीजन के खिलाफ
  2161. 1:45:59लड़ाई लड़ रहा था। शुरुआती जैनाज़ ने
  2162. 1:46:02संस्कृत को डिस्कार किया जो कि ब्राह्मण
  2163. 1:46:04पेट्रिनेज में थी। उन्होंने कॉमन पीपल की
  2164. 1:46:07लैंग्वेज यानी प्राकृत को अडॉप किया अपने
  2165. 1:46:10डॉक्ट्रिन को प्रीच करने के लिए। उनका
  2166. 1:46:12रिलीजियस लिटरेचर अर्धमगधी में लिखा गया
  2167. 1:46:16जो कि सिक्स्थ सेंचुरी एडी में गुजरात की
  2168. 1:46:18एक जगह वल्लभी में कंपाइल हुआ। इसके कारण
  2169. 1:46:22प्राकृत लैंग्वेज की ग्रोथ होने लगी।
  2170. 1:46:24प्राकृत लैंग्वेज से निकलकर कई रीजनल
  2171. 1:46:27लैंग्वेज डेवलप होने लगी। जैसे शौरसेनी
  2172. 1:46:30जिससे मराठी लैंग्वेज डेवलप हुई। शुरुआती
  2173. 1:46:33जैनाज़ ने कुछ इंपॉर्टेंट वर्ड्स अपभ्रंश
  2174. 1:46:36लैंग्वेज में लिखे और इसकी फर्स्ट ग्रामर
  2175. 1:46:39को भी कंपाइल किया। अर्ली मिडीवल एरा में
  2176. 1:46:42जैनास ने संस्कृत में भी कई टेक्स्ट्स
  2177. 1:46:44लिखे और आखिर में देखें तो कन्नडा
  2178. 1:46:47लैंग्वेज की ग्रोथ में भी इनका
  2179. 1:46:49कंट्रीब्यूशन रहा। आर्ट एंड आर्किटेक्चर
  2180. 1:46:52में भी जैनिज्म का योगदान रहा। जैन
  2181. 1:46:55आर्किटेक्चर शुरुआती दौर में बुद्धिस्ट और
  2182. 1:46:57हिंदू आर्किटेक्चर के साथ ही डेवलप हुआ।
  2183. 1:47:00बाद की सेंचुरीज में यह अपनी अलग पहचान
  2184. 1:47:03बना पाया। कई टेंपल्स को बिल्ड किया
  2185. 1:47:05स्पेशली इन वेस्टर्न इंडिया। उदयगिरी और
  2186. 1:47:08खांडागिरी केव्स उड़ीसा जैना आर्किटेक्चर
  2187. 1:47:11का अच्छा एग्जांपल है। जिन्हें 193 से 170
  2188. 1:47:15बीसी में किंग खारवेला ने जैन मंक्स के
  2189. 1:47:18लिए बनाया। श्रावण बेलगोला की गोमतेश्वर
  2190. 1:47:21स्टैचू को तो आप अच्छे से जानते ही हैं।
  2191. 1:47:24जो कि वर्ल्ड की टॉलेस्ट मोनोलिथ स्टैचू
  2192. 1:47:26है। 11th से 13th सेंचुरी के बीच बने
  2193. 1:47:29दिलवाड़ा टेंपल्स राजस्थान में हमें
  2194. 1:47:32तीर्थंकरस पर डेडिकेटेड कार्ब्व्ड
  2195. 1:47:34मार्बल्स देखने को मिलते हैं। जैन
  2196. 1:47:36आर्किटेक्चर का डिटेल्ड डिस्कशन हम अलग
  2197. 1:47:39वीडियो में करेंगे। दोस्तों एक नजर इस पर
  2198. 1:47:43भी डालते हैं कि जैनिज्म डिक्लाइन कैसे
  2199. 1:47:45हुआ यानी मासेस को अट्रैक्ट क्यों नहीं कर
  2200. 1:47:48पाया? इसके कई कारण रहे। आइए जानते हैं।
  2201. 1:47:53डिक्लाइन ऑफ जैनिज्म। पहला यह कि जैनिज्म
  2202. 1:47:57ने ब्राह्मण रिलीजन का फियर्स ऑोजिशन
  2203. 1:47:59किया। जिसके चलते ब्राह्मणस ने इसका
  2204. 1:48:02बहिष्कार किया। दूसरा कारण था रिगरस
  2205. 1:48:05प्रिंसिपल्स जो कि बहुत ही स्ट्रिक्ट थे।
  2206. 1:48:08नॉन वायलेंस के एक्सट्रीम प्रिंसिपल के
  2207. 1:48:11चलते एग्रीकल्चर भी प्रोहिबिटेड था। इसलिए
  2208. 1:48:14एग्रेररियन लोग यानी मासेस इसको एंब्रेस
  2209. 1:48:17नहीं कर पाए। फास्टिंग, रनंसिएशन यानी
  2210. 1:48:20त्याग, तपस्वी जीवन जैसे हार्ड
  2211. 1:48:22प्रिंसिपल्स जनरल हाउसहल्डर फॉलो नहीं कर
  2212. 1:48:25सकता था। तीसरा जो कि सबसे मेन कारण हो
  2213. 1:48:28सकता है वो यह था कि जैनिज्म को कभी
  2214. 1:48:31पॉलिटिकल पेट्रिनेज नहीं मिला। जिस तरह से
  2215. 1:48:34कई रूलर्स जैसे अशोका, कनिष्का एटसेटरा
  2216. 1:48:37बुद्धिज्म से अट्रैक्ट हुए। जैनिज्म ऐसे
  2217. 1:48:39कोई रूलर को अट्रैक्ट नहीं कर पाया।
  2218. 1:48:42फाइनली जैनिज्म के संघ संगठन का
  2219. 1:48:45ऑर्गेनाइजेशनल अरेंजमेंट मोनार्किक था।
  2220. 1:48:48इसके साथ ही जैनिज्म का दो सेक्स में
  2221. 1:48:51डिवाइड होना भी इसके डिक्लाइन का कारण
  2222. 1:48:53बना। कंक्लूजन। तो दोस्तों, हमने देखा कि
  2223. 1:48:57किस तरह जैनिज्म कई तरह की पॉलिटिकल, सोशल
  2224. 1:49:00और इकोनॉमिक कंडीशंस के कारण एक सेट के
  2225. 1:49:03रूप में उभर कर आया और अल्टीमेटली एक
  2226. 1:49:06रिलीजन में कन्वर्ट हो गया। महावीर जैसे
  2227. 1:49:09महान तीर्थंकरों के स्ट्रांग आइडियल्स पर
  2228. 1:49:11बेस्ड होने के कारण माइनर पापुलेशन होने
  2229. 1:49:14के बावजूद जैनिज्म इंडियन हिस्ट्री के हर
  2230. 1:49:17एरा को सर्वाइव करता हुआ आज भी इंडिया का
  2231. 1:49:20इंपॉर्टेंट रिलजन है। बुद्धिज्म।
  2232. 1:49:25दोस्तों, आज मैं आपको ऐसे समय से अवगत
  2233. 1:49:28कराने वाला हूं जिसे इंडियन एंशिएंट
  2234. 1:49:31हिस्ट्री का वाटर शेड मोमेंट बोला जा सकता
  2235. 1:49:33है। यह कहानी है सिक्स्थ और फिफ्थ सेंचुरी
  2236. 1:49:36बीसी की जब नॉर्थ इंडिया के गंगा यमुना के
  2237. 1:49:40अपरदब में आर्यन कल्चर अपने पीक पर पहुंच
  2238. 1:49:43चुका था। दोस्तों जैनिज्म के लेक्चर में
  2239. 1:49:47हमने देखा कि किस प्रकार इस दौर में कई
  2240. 1:49:50तरह के रिलीजियस सेक्स का राइज हुआ। हमने
  2241. 1:49:53देखा कैसे सोसाइटी की सोशल, इकोनॉमिक और
  2242. 1:49:56पिटिकल कंडीशंस किसी भी रिलीजन के राइज
  2243. 1:49:59होने का प्राइमरी कारण होती हैं। इन
  2244. 1:50:01रिलीजियस सेक्स में से जैनिज्म के साथ
  2245. 1:50:04बुद्धिज्म ऐसा दूसरा सेक्ट था जो इंडियन
  2246. 1:50:07सबक्टिनेंट में वाइडली स्प्रेड हो पाया।
  2247. 1:50:10इंडिया में ही नहीं बुद्धिज्म का
  2248. 1:50:12इन्फ्लुएंस आज आपको पूरे वर्ल्ड में देखने
  2249. 1:50:14को मिलेगा। कंपैरिजन के तौर पर देखें तो
  2250. 1:50:17जैनिज्म इंडिया में ही कनफाइंड होकर रह
  2251. 1:50:19गया। तो दोस्तों शुरू करते हैं डिस्कशन
  2252. 1:50:22बुद्धिज्म के कॉजेस ऑफ ओरिजिन से। कॉजेस
  2253. 1:50:25ऑफ ओरिजिन ऑफ बुद्धिज्म।
  2254. 1:50:28दोस्तों क्योंकि बुद्धिज्म और जैनिज्म
  2255. 1:50:31लगभग एक ही समय पर राइज हुए। इसलिए दोनों
  2256. 1:50:34के ओरिजिन के कॉजेस भी सेम ही थे।
  2257. 1:50:36संक्षिप्त में देखें तो लेटर वैदिक कल्चर
  2258. 1:50:39में वर्ण सिस्टम का रिजिड स्ट्रक्चर और
  2259. 1:50:42बर्थ पर बेस्ड होना न्यू रिलीजंस के राइज
  2260. 1:50:44का एक कारण बना। दूसरा और सबसे मेन कॉज था
  2261. 1:50:48मिड गजेटिक प्लेेंस में वाइड स्प्रेड
  2262. 1:50:50एग्रीकल्चर बेस्ड इकॉनमी का राइज होना।
  2263. 1:50:53तीसरा कॉइंस के यूज से ट्रेड और कॉमर्स
  2264. 1:50:56बढ़ा जिससे वैेश्यास का सोसाइटी मेंेंस
  2265. 1:50:59बढ़ता गया और वो अपनी सोशल स्टेटस बढ़ाने
  2266. 1:51:02के लिए नए रिलीजंस की ओर आकर्षित हुए और
  2267. 1:51:05फाइनली सोसाइटी के कंजर्वेटिव लोग पुरानी
  2268. 1:51:09लाइफस्टाइल की मांग करने लगे। दोस्तों, इन
  2269. 1:51:12सभी पॉइंट्स को आप डिटेल में जैनिज्म के
  2270. 1:51:14वीडियो से कवर कर सकते हैं। आइए अब हम बात
  2271. 1:51:18करेंगे बुद्धिज्म के फाउंडर गौतम बुद्ध के
  2272. 1:51:21बारे में। गौतम बुद्ध गौतम बुद्ध महावीर
  2273. 1:51:26के कंटेंपररी थे। उन्हें सिद्धार्थ और
  2274. 1:51:29शाक्य मुनि के नामों से भी जाना जाता है।
  2275. 1:51:32एक ट्रेडिशन के अनुसार उनका बर्थ 567 बीसी
  2276. 1:51:35में एक शाक्य क्षत्रिय फैमिली में
  2277. 1:51:38कपिलवस्तु के पास लुंबिनी में हुआ जो कि
  2278. 1:51:41नेपाल में है। यह जगह आज यूपी के बस्ती
  2279. 1:51:44डिस्ट्रिक्ट से कुछ ही दूरी पर है। गौतम
  2280. 1:51:47बुद्ध के फादर शुद्धोधन कपिलवस्तु के एक
  2281. 1:51:50इलेक्टेड लीडर माने जाते हैं जो शाक्य
  2282. 1:51:53क्लैन के हेड थे। उनकी मदर माया देवी
  2283. 1:51:56कौशलान डायनेस्टी की एक प्रिंसेस थी। इससे
  2284. 1:51:59यह साफ है कि बुद्ध एक नोबल फैमिली से
  2285. 1:52:02बिलोंग करते थे और एक रिपब्लिक स्टेट में
  2286. 1:52:04रहने के कारण इगेलिटेरियन बिलीव्स यानी
  2287. 1:52:07समान अधिकारवादी थे। बचपन से ही उनका
  2288. 1:52:10मेडिटेशन से बड़ा लगाव था।
  2289. 1:52:14उनकी मैरिज अर्ली एज में ही हो गई थी।
  2290. 1:52:16लेकिन उन्हें कभी मैरिड लाइफ में इंटरेस्ट
  2291. 1:52:19नहीं रहा। यहां पर फोर साइट्स के फेमस
  2292. 1:52:22इंसिडेंट का जिक्र आता है। बचपन की एक
  2293. 1:52:25भविष्यवाणी में कहा गया कि सिद्धार्थ या
  2294. 1:52:28तो बुद्ध बनेंगे या फिर एक ग्रेट किंग। अब
  2295. 1:52:30उनके फादर ने उनको ग्रेट किंग बनने की
  2296. 1:52:33मंशा रखते हुए उन्हें पैलेस की लग्जरी में
  2297. 1:52:35बंद करके रखा। 29 साल की ऐज में जब पहली
  2298. 1:52:39बार वो अपनी पैलेस से बाहर निकले तो
  2299. 1:52:41उन्हें चार सीनंस दिखाई दिए। पहले उन्हें
  2300. 1:52:45एक ओल्ड पर्सन दिखाई दिया जिसने उन्हें
  2301. 1:52:47एजिंग के कॉन्सिक्वेंसेस से अवगत कराया।
  2302. 1:52:51दूसरे सीन में उन्हें एक सिक पर्सन मिला
  2303. 1:52:54जिसको कोई डिजीज थी। उसने यह बताया कि
  2304. 1:52:57सारे ह्यूमन बीइंग्स को डिजीज और पेन होना
  2305. 1:53:00निश्चित है। तीसरे सीन में उन्हें एक डेड
  2306. 1:53:03बॉडी दिखाई दी। उनके चैरिटियर ने उन्हें
  2307. 1:53:06बताया कि डेथ को रोकना इंसान के लिए
  2308. 1:53:09नामुमकिन है।
  2309. 1:53:11चौथा सीन एक एथेटिक यानी तपस्वी का था
  2310. 1:53:15जिसने अपने आप को ह्यूमन सफरिंग सर्च करने
  2311. 1:53:18में डिवोट किया हुआ था। इन फोर साइड्स के
  2312. 1:53:20बाद ही उन्हें ह्यूमन सफरिंग को खत्म करने
  2313. 1:53:23और रिब्थ की साइकिल से फ्री होने की
  2314. 1:53:25प्रेरणा मिली।
  2315. 1:53:2729 साल की ऐज में ही उन्होंने अपने घर का
  2316. 1:53:30त्याग कर दिया। समाज के लोगों में फैली
  2317. 1:53:33मिजरी से वह काफी इनफ्लुएंस्ड थे और उसका
  2318. 1:53:36स्यूशन ढूंढना चाहते थे। 7 साल तक वह एक
  2319. 1:53:40जगह से दूसरी जगह भ्रमण करते रहे और 35
  2320. 1:53:44साल की ऐज में उन्होंने एक पीपल ट्री के
  2321. 1:53:47नीचे एनलाइटनमेंट को पाया। इसी कारण से
  2322. 1:53:50जगह का नाम बोधगया पड़ा जो कि आज बिहार
  2323. 1:53:53में है। इसी के बाद उनको दनलाइटन वन यानी
  2324. 1:53:57बुद्ध कहा जाने लगा। अपनी इस लंबी जर्नी
  2325. 1:54:00में उन्होंने लोगों से अपने आइडियाज शेयर
  2326. 1:54:03करना चालू किया जिसे सरमन कहते हैं। पहला
  2327. 1:54:06सामन उन्होंने सारनाथ बनारस में दिया।
  2328. 1:54:09उनकी फिजिक काफी स्ट्रांग थी जिसके कारण
  2329. 1:54:12वो एक दिन में ही काफी लंबी जर्नी कर पाते
  2330. 1:54:14थे। सिर्फ बारिश के सीजन को छोड़कर वह
  2331. 1:54:17लगातार घूमते रहते, मेडिटेट करते और प्रीच
  2332. 1:54:21करते रहते थे। 40 साल तक यही सिलसिला चलता
  2333. 1:54:24रहा। इस दौरान उन्हें दूसरे सेक्स के
  2334. 1:54:27सपोर्टर्स जैसे ब्राह्मण्स भी मिले जिनको
  2335. 1:54:30उन्होंने आसानी से डिबेट्स में डिफीट
  2336. 1:54:32किया।
  2337. 1:54:33उनकी मिशनरी एक्टिविटीज ने कभी भी रिच और
  2338. 1:54:36पुअर हाई और लो मैन और वुमन में
  2339. 1:54:39डिस्क्रिमिनेट नहीं किया जो उनके
  2340. 1:54:41इगेटेरियन बिलीफ्स का एक एग्जांपल है।
  2341. 1:54:44487 बीसी में कुशीनगर में 80 साल की उम्र
  2342. 1:54:48में उनकी डेथ हो गई। यह जगह आज ईस्टर्न
  2343. 1:54:51यूपी के देवरिया डिस्ट्रिक्ट के कसिया नाम
  2344. 1:54:54के विलेज में है।
  2345. 1:54:56यहां यह जानना जरूरी है कि सिक्स्थ
  2346. 1:54:58सेंचुरी बीसी में बुद्ध के एग्जिस्टेंस का
  2347. 1:55:00कोई आर्कियोलॉजिकल एविडेंस अभी तक नहीं
  2348. 1:55:03मिला है। कौशांबी, श्रावस्ती, वाराणसी,
  2349. 1:55:07वैशाली और राजगृह जैसी सिटीज जिनमें बुद्ध
  2350. 1:55:10की प्रेजेंस का दावा किया जाता है, वह सभी
  2351. 1:55:12फिफ्थ सेंचुरी बीसी के बाद ही अर्बनाइज हो
  2352. 1:55:15पाई। दोस्तों आगे बढ़ते हैं और बात करते
  2353. 1:55:18हैं बुद्धिज्म की डॉक्ट्रिंस की।
  2354. 1:55:21डॉक्ट्रिंस ऑफ बुद्धिज्म
  2355. 1:55:24गौतम बुद्ध वास्तव में एक प्रैक्टिकल
  2356. 1:55:26रिफॉर्मर थे जिन्होंने उस समय की सोसाइटी
  2357. 1:55:29की रियलिटीज को एक्सेप्ट किया और उसके
  2358. 1:55:31खिलाफ लड़ाई लड़ी। उन्होंने खुद को समाज
  2359. 1:55:35की सामान्य समस्याओं से जोड़ा जो लोग डेली
  2360. 1:55:38लाइफ में सफर कर रहे थे। उनका यह मानना था
  2361. 1:55:40कि वर्ल्ड सोरो यानी कि शोक से भरा हुआ है
  2362. 1:55:44और लोगों की सफरिंग का मेन कारण उनकी
  2363. 1:55:47डिजायर्स हैं। यदि इन डिजायर्स को ककर कर
  2364. 1:55:50लिया जाए तो इंसान निर्वाणा को पा लेता
  2365. 1:55:53है। जिसके बाद वो बर्थ और डेथ के साइकिल
  2366. 1:55:56से फ्री हो जाता है। उनका कहना था कि
  2367. 1:55:59निर्वाणा कोई प्लेस नहीं है जहां पहुंचा
  2368. 1:56:01जा सकता है। बल्कि यह एक एक्सपीरियंस है
  2369. 1:56:04जिसको इसी लाइफ में पाया जा सकता है।
  2370. 1:56:08बुद्धिज्म में कोई भी सुप्रीम डटी या गॉड
  2371. 1:56:10को इस्टैब्लिश नहीं किया गया। बुद्ध ने
  2372. 1:56:13ह्यूमन मिजरी को एलिमिनेट करने के लिए एट
  2373. 1:56:16फोल्ड पाथ यानी अष्टांगिका मार्ग को
  2374. 1:56:19रेकमेंड किया। थर्ड सेंचुरी बीसी के एक
  2375. 1:56:22टेक्स्ट में इस पाथ का मेंशन किया गया है।
  2376. 1:56:25इस एट फोल्ड पाथ में इंक्लूडेड है राइट
  2377. 1:56:27ऑब्जरवेशन यानी सम्यक दृष्टि, राइट
  2378. 1:56:31डिटरमिनेशन यानी सम्यक संकल्प, राइट स्पीच
  2379. 1:56:35यानी सम्यक वाणी। राइट एक्शन यानी सम्यक
  2380. 1:56:39कर्मांतर। राइट लाइवलीहुड यानी सम्यक
  2381. 1:56:42आजीविका। राइट एफर्ट यानी सम्यक व्यायाम।
  2382. 1:56:46राइट अवेयरनेस यानी सम्यक स्मृति। और राइट
  2383. 1:56:51कंसर्न यानी सम्यक समाधि।
  2384. 1:56:55बुद्ध के अनुसार यदि मनुष्य इस एट फोल्ड
  2385. 1:56:58पाथ को फॉलो करेगा तो वह अपने आप को
  2386. 1:57:00रिचुअल्स को फॉलो करने की नेसेसिटीज से
  2387. 1:57:03दूर रख पाएगा और निर्वाणा की ओर अग्रसर हो
  2388. 1:57:06पाएगा। और ऐसा करके वो अपने फाइनल
  2389. 1:57:09डेस्टिनेशन को पाने में सक्सेसफुल हो
  2390. 1:57:11पाएगा। बुद्ध की सबसे इंपॉर्टेंट
  2391. 1:57:13फिलॉसोफीस में से एक थी मिडिल पाथ। इसके
  2392. 1:57:17हिसाब से इंसान को लग्जरी और ऑस्टेरिटी
  2393. 1:57:19यानी तपस्वी जीवन के बीच में रहने के
  2394. 1:57:22उपदेश दिए। दोनों ही चीजें एक्सेस में
  2395. 1:57:25नहीं होनी चाहिए। यही फिलॉसफी बुद्ध को
  2396. 1:57:28महावीर से अलग बनाती है। जहां महावीर ने
  2397. 1:57:31स्ट्रिक्ट ऑस्टेरिटी को फॉलो करने को कहा।
  2398. 1:57:34बुद्ध ने अपने फॉलोअर्स के लिए एक कोड ऑफ
  2399. 1:57:37कंडक्ट भी बनाया। उसके प्रिंसिपल टेननेट्स
  2400. 1:57:39कुछ इस प्रकार थे। डू नॉट कमिट वायलेंस
  2401. 1:57:42यानी हिंसा मत करो। डू नॉट कवि द
  2402. 1:57:45प्रॉपर्टी ऑफ अदर्स। यानी दूसरों की
  2403. 1:57:47संपत्ति की कामना मत करो। डू नॉट यूज
  2404. 1:57:50इनटॉक्सिकेंट्स यानी मादक द्रव्यों का
  2405. 1:57:53प्रयोग मत करो। डू नॉट टेल अ ल यानी झूठ
  2406. 1:57:56मत बोलो। डू नॉट इंडल्ज इन सेक्सुअल
  2407. 1:57:59मिसकंडक्ट एंड एडल्टरी यानी व्यभिचार से
  2408. 1:58:02दूर रहें। आप देखेंगे कि यह टीचिंग्स हमें
  2409. 1:58:05जैनिज्म में और बाकी सभी रिलीजंस में भी
  2410. 1:58:08देखने को मिलती हैं। बुद्ध के अनुसार हर
  2411. 1:58:11इंसान खुद ही अपनी हैप्पीनेस के लिए
  2412. 1:58:13रिस्पांसिबल होता है। यह फीचर बुद्धिज्म
  2413. 1:58:16के इंडिविजुअलिस्टिक कंपोनेंट को दर्शाता
  2414. 1:58:18है।
  2415. 1:58:20दोस्तों, जैनिज्म और बुद्धिज्म इसी दौर
  2416. 1:58:23में राइज हुए।
  2417. 1:58:25तो एक नजर डालते हैं दोनों के डॉक्ट्रिनस
  2418. 1:58:28के डिफरेंसेस में। कंपैरिजन विद जैनिज्म।
  2419. 1:58:32बुद्धिज्म साइकिल ऑफ बर्थ एंड डेथ में
  2420. 1:58:35बिलीव करता है जो कि सिर्फ निर्वाणा यानी
  2421. 1:58:38इनलाइटनमेंट से ब्रेक हो सकता है। जबकि
  2422. 1:58:41जैनिज्म इंसान के गुड और बैड डीड्स के
  2423. 1:58:43हिसाब से चलता रहेगा जब तक लिबरेशन अचीव
  2424. 1:58:46नहीं होता। बुद्धिज्म में सिन को डिफाइन
  2425. 1:58:49नहीं किया गया है। जबकि जैनिज्म में
  2426. 1:58:52दूसरों को हार्म पहुंचाना सिन बताया गया
  2427. 1:58:54है। बुद्धिस्ट टीचिंग के अनुसार लाइफ को
  2428. 1:58:57सफरिंग बताया गया है। जो डिजायर्स के कारण
  2429. 1:59:00उत्पन्न होती हैं। एट फोल्ड पाथ को फॉलो
  2430. 1:59:03करके इंसान इससे बच सकता है। जैनिज्म सभी
  2431. 1:59:06लिविंग बीइंग्स की रिस्पेक्ट पर स्ट्रेस
  2432. 1:59:08करता है और लिबरेशन का माध्यम फाइव वाओ
  2433. 1:59:12बताए गए हैं। बुद्धिज्म के दो मेन सेक्स
  2434. 1:59:15हैं। महायान और हीनयान। जैनिज्म के दो मेन
  2435. 1:59:19सेट्स हैं श्वेतांबरस एंड दिगांबरस।
  2436. 1:59:23दोस्तों आगे बढ़ते हैं और देखते हैं
  2437. 1:59:26बुद्धिज्म के फीचर्स और यह भी देखेंगे कि
  2438. 1:59:29किस तरह बुद्धिज्म का स्प्रेड हुआ। फीचर्स
  2439. 1:59:32ऑफ बुद्धिज्म एंड कॉजेस ऑफ इट्स स्प्रेड।
  2440. 1:59:36बुद्धिज्म ने गॉड और सोल के एकिस्टेंस को
  2441. 1:59:39डिनाई किया। और यह फीचर इंडियन रिलीजंस की
  2442. 1:59:42हिस्ट्री में एक रेवोल्यूशन की तरह देखा
  2443. 1:59:44जा सकता है। बुद्धिज्म ने वर्ण सिस्टम को
  2444. 1:59:48अटैक किया जिसके कारण वो लोअर स्ट्रेटा के
  2445. 1:59:51लोगों से अटैच हो पाया। इसमें शुरुआती दौर
  2446. 1:59:54में किसी भी तरह के फिलॉसोफिकल डिस्कशन को
  2447. 1:59:56इनकरेज नहीं किया गया। जिसके चलते आम आदमी
  2448. 2:00:00इससे अट्रैक्ट हुए। ब्राह्मणिज्म के
  2449. 2:00:03कंपैरिजन में बुद्धिज्म लिबरल और
  2450. 2:00:05डेमोक्रेटिक रिलजन के तौर पर उभर कर आया।
  2451. 2:00:08बुद्धिज्म ने पर्टिकुलरली नॉन वैदिक
  2452. 2:00:11एरियाज के लोगों को अपील किया। बुद्ध की
  2453. 2:00:13पर्सनालिटी और उनकी प्रीचिंग के मेथड्स के
  2454. 2:00:16कारण बुद्धिज्म का स्प्रेड काफी तेजी से
  2455. 2:00:18हुआ।
  2456. 2:00:20उन्होंने ईविल को गुडनेस से और हेट्रिड को
  2457. 2:00:23लव से फाइट करने की बात कही। विट और
  2458. 2:00:26प्रेजेंस ऑफ माइंड से उन्होंने अपने
  2459. 2:00:28अपोनेंट्स को टैकल किया। पाली लैंग्वेज जो
  2460. 2:00:31कि प्राकृत लैंग्वेज का एक टाइप है। उसने
  2461. 2:00:34कॉमन लोगों के बीच बुद्धिज्म के स्प्रेड
  2462. 2:00:36में कंट्रीब्यूट किया।
  2463. 2:00:38और बुद्ध ने रिलीजियस ऑर्डर यानी संघ को
  2464. 2:00:41ऑर्गेनाइज किया जो हर तरह की कास्ट, ट्रीट
  2465. 2:00:44और सेक्स के लोगों के लिए खुला था। इन
  2466. 2:00:47बुद्धिस्ट ऑर्डर्स यानी संघ में वुमेन को
  2467. 2:00:50भी मेन के बराबर का अधिकार मिला। स्लेव्स
  2468. 2:00:54केवल अपनेस्टर्स की परमिशन के बाद ही
  2469. 2:00:56ज्वॉइ कर सकते थे। संघ को ज्वॉइ करने के
  2470. 2:00:59लिए कॉन्टिनेंस यानी संयम, पॉवर्टी और फेथ
  2471. 2:01:03होना जरूरी था। तो ओवरऑल अगर देखा जाए तो
  2472. 2:01:06बुद्धिज्म के तीन प्रिंसिपल एलिमेंट्स थे।
  2473. 2:01:09बुद्ध, धम्म और संघ। ऑर्गेनाइज्ड प्रीचिंग
  2474. 2:01:13और संघ की मदद से बुद्धिज्म बहुत तेजी से
  2475. 2:01:16प्रोग्रेस करने लगा। मगध, कौशाल और
  2476. 2:01:20कौशांबी जैसे कई रिपब्लिकन स्टेट्स के
  2477. 2:01:22रूलर्स और वहां के लोगों ने बुद्धिज्म को
  2478. 2:01:25अपनाया। बुद्ध की डेथ के 200 साल बाद अशोक
  2479. 2:01:29ने बुद्धिज्म को एंब्रेस किया। अशोक ने
  2480. 2:01:32अपनी मिशनरी एक्टिविटीज से बुद्धिज्म को
  2481. 2:01:34सेंट्रल एशिया, वेस्ट एशिया और श्रीलंका
  2482. 2:01:37तक पहुंचाया और बुद्धिज्म को एक वर्ल्ड
  2483. 2:01:39रिलीजन बना दिया। बुद्धिज्म का ओरिजिन
  2484. 2:01:42जरूर इंडिया में रहा पर यह इंडिया से
  2485. 2:01:44डिसअपीयर हो गया लेकिन साउथ एशियन, साउथ
  2486. 2:01:47ईस्ट एशियन और ईस्ट एशियन कंट्रीज में
  2487. 2:01:49फॉलो किया जाता है। दोस्तों, गौतम बुद्ध
  2488. 2:01:53की डेथ के बाद उनकी टीचिंग्स को कंपाइल
  2489. 2:01:56करने के लिए एक काउंसिल का गठन किया गया।
  2490. 2:01:58आगे चलकर टोटल चार काउंसिल्स बुद्धिज्म
  2491. 2:02:01में हुई। इन काउंसिल्स पर एक नजर डालते
  2492. 2:02:04हैं।
  2493. 2:02:05बुद्धिस्ट काउंसिल्स
  2494. 2:02:08फर्स्ट काउंसिल किंग आजाद शत्रु के
  2495. 2:02:12पेट्रिनेज में 483 बीसी में हुई। मंक
  2496. 2:02:15महाकश्यप ने इसको प्रिसाइड किया। राजगृह
  2497. 2:02:19के सत्यपाणी केव में यह काउंसिल हुई।
  2498. 2:02:22बुद्ध की टीचिंग्स यानी सुत को प्रिजर्व
  2499. 2:02:25करने और डिसाइपल्स के रूल्स बनाने के लिए
  2500. 2:02:27यह काउंसिल हुई। इसी काउंसिल में बुद्ध की
  2501. 2:02:31टीचिंग्स को तीन पितकास में डिवाइड किया
  2502. 2:02:33गया। सेकंड काउंसिल किंग कालाशोका के
  2503. 2:02:37पेट्रिनेज में वैशाली में 383 बीसी में
  2504. 2:02:41हुई। इसको सबामी ने प्रिसाइड किया। थर्ड
  2505. 2:02:45काउंसिल किंग अशोका के पेट्रिनेज में 250
  2506. 2:02:48बीसी में पाटलिपुत्र में हुई। मोगली पुत्र
  2507. 2:02:51तिस्सा ने इसको प्रिसाइड किया। फोर्थ
  2508. 2:02:54काउंसिल कुषाण टेंपल के किंग कनिष्क के
  2509. 2:02:56पेट्रिनेज में 72 एडी में कुंडलवन कश्मीर
  2510. 2:03:00में आयोजित की गई। वासुमित्र ने इसको
  2511. 2:03:03प्रिसाइड किया। फोर्थ काउंसिल इंपॉर्टेंट
  2512. 2:03:06रही क्योंकि इसी काउंसिल में बुद्धिज्म दो
  2513. 2:03:09सेक्स महायान और हीनयान में डिवाइड हो
  2514. 2:03:12गया।
  2515. 2:03:14दोस्तों, आज बुद्धिज्म हजारों सेक्स और
  2516. 2:03:17स्कूल्स ऑफ थॉट्स में डिवाइडेड है। इनमें
  2517. 2:03:19से कुछ इंपॉर्टेंट स्कूल्स और उनकी बेसिक
  2518. 2:03:22आईडियोलॉजी को समझते हैं। स्कूल्स ऑफ
  2519. 2:03:24बुद्धिज्म।
  2520. 2:03:27महायान इसका लिटरल मीनिंग है ग्रेट
  2521. 2:03:30व्हीकल। इसके अंतर्गत बुद्ध को गॉड की
  2522. 2:03:33श्रेणी में रखा गया। बुद्ध की आइडल वरशिप
  2523. 2:03:36कोेंस दी गई। महायान बुद्धिज्म नॉर्थ
  2524. 2:03:39इंडिया और कश्मीर में ओरिजनेट हुआ और बाद
  2525. 2:03:42में सेंट्रल एशिया, ईस्ट एशिया और साउथ
  2526. 2:03:45ईस्ट एशिया में स्प्रेड हुआ। चाइना,
  2527. 2:03:47कोरिया, तिबेट और जापान में इस बुद्धिस्ट
  2528. 2:03:50स्कूल को फॉलो किया जाता है। हीनयान। इसका
  2529. 2:03:54लिटरल मीनिंग है लेसर व्हीकल। इसमें बुद्ध
  2530. 2:03:57की ओरिजिनल टीचिंग्स पर स्ट्रेस दिया गया।
  2531. 2:03:59आइडल वरशिप को रिजेक्ट किया गया। सेल्फ
  2532. 2:04:02डिसिप्लिन और मेडिटेशन के थ्रू इंडिविजुअल
  2533. 2:04:05सेल्वेशन को पाने की बात कही गई। थेरावड़ा
  2534. 2:04:08हीनियान स्कूल का ही सेट है। ओरिजिनल
  2535. 2:04:11बुद्ध टीचिंग्स के सबसे करीब इसको माना
  2536. 2:04:14जाता है। श्रीलंका में इसका डेवलपमेंट हुआ
  2537. 2:04:17और वहां से साउथ ईस्ट एशिया में इसका
  2538. 2:04:19स्प्रेड हुआ।
  2539. 2:04:21कैंबोडिया, लाओस, म्यांमार, श्रीलंका और
  2540. 2:04:24थाईलैंड में यह डोमिनेंट है। वज्रायना
  2541. 2:04:28यानी द व्हीकल ऑफ थंडरब्ट। इसको तांत्रिक
  2542. 2:04:31बुद्धिज्म भी कहा जाता है। 900 सीई में
  2543. 2:04:35इंडिया में यह स्टार्ट हुआ। इसमें कुछ
  2544. 2:04:37स्पेशलाइज्ड नॉलेज वाले लोगों को हीेंस दी
  2545. 2:04:40गई है। इसके काफी स्ट्रिक्ट रिचुअल्स को
  2546. 2:04:42फॉलो किया जाता है। अब एक नजर डालते हैं
  2547. 2:04:45इंपॉर्टेंट बुद्धिस्ट टेक्स्ट्स पर। मेजर
  2548. 2:04:48बुद्धिस्ट टेक्स्ट्स।
  2549. 2:04:51बुद्ध की टीचिंग्स ओरल थी जिसको संघ के
  2550. 2:04:55मेंबर्स ने मेमोराइज किया और स्पेशल
  2551. 2:04:57ओकेशंस में रिसाइड किया। फर्स्ट काउंसिल
  2552. 2:05:00में थ्री पितकास में इसको डिवाइड किया गया
  2553. 2:05:02और 25 बीसी में पाली लैंग्वेज में इनको
  2554. 2:05:05लिखा गया। पहला विनया पितका। इसमें मंक्स
  2555. 2:05:09और नंस के लिए रूल्स ऑफ कंडक्ट और
  2556. 2:05:11मोनेस्टिक लाइफ में फॉलो किए जाने वाले
  2557. 2:05:13डिसिप्लिन को मेंशन किया गया है। दूसरा
  2558. 2:05:16सुत पीतका। इसमें बुद्ध की मेन टीचिंग्स
  2559. 2:05:20यानी धम्म को एक्सप्लेन किया गया है। इसको
  2560. 2:05:23पांच निकायस में डिवाइड किया गया है।
  2561. 2:05:27दघ निकाया, अंगुत्तरा निकाय, खुदका निकाय,
  2562. 2:05:33संयुक्त निकाय और मध्यमा निकाय। तीसरा है
  2563. 2:05:37अभिधम्म पीतका। इसमें मंक्स की टीचिंग्स
  2564. 2:05:40का फिलोसोफिकल एनालिसिस दिया गया है। इसी
  2565. 2:05:43तरह के कुछ और इंपॉर्टेंट बुद्धिस्ट
  2566. 2:05:45टेक्स्ट हैं। जैसे दिव्या वंदना,
  2567. 2:05:48दीपावंसा, महावंसा, मिलिंद पन्हा एसेटरा।
  2568. 2:05:53दोस्तों, जैसा कि हमने देखा कि बुद्धिज्म
  2569. 2:05:56इंडिया से डिसअपीयर हो गया। लेकिन यह किन
  2570. 2:05:59कारणों की वजह से हुआ। आइए जानते हैं
  2571. 2:06:01नेक्स्ट सेक्शन में। कॉजेस ऑफ डिक्लाइन ऑफ़
  2572. 2:06:04बुद्धिज्म।
  2573. 2:06:0712th सेंचुरी के अंत तक बुद्धिज्म इंडिया
  2574. 2:06:10से ऑलमोस्ट एक्सटिंक्ट हो गया। दोस्तों,
  2575. 2:06:13कोई भी रिलजन स्टार्ट होने का बेसिक कारण
  2576. 2:06:15स्पिरिट ऑफ रिफॉर्म होती है। लेकिन समय के
  2577. 2:06:18साथ वो रिचुअल्स और सेरेमनीज़ के सामने झुक
  2578. 2:06:21जाता है। ब्राह्मणिज्म्स के जिन इविल्ल से
  2579. 2:06:24लड़ाई लड़ते हुए बुद्धिज्म का राइज हुआ
  2580. 2:06:26था, वही उसके डिक्लाइन का कारण बना।
  2581. 2:06:29बुद्धिस्ट चैलेंज से लड़ने के लिए
  2582. 2:06:31ब्राह्मणस ने अपने रिलजन को रिफॉर्म किया।
  2583. 2:06:34उन्होंने कैटल वेल्थ को प्रिजर्व करने की
  2584. 2:06:36बात कही और वुमेन और शूद्रास को हेवन में
  2585. 2:06:39एडमिशन का अश्योरेंस दिया। बुद्धिस्ट
  2586. 2:06:42मंक्स धीरे-धीरे मेन स्ट्रीम लोगों से कट
  2587. 2:06:44ऑफ होते चले गए। उन्होंने कॉमन पीपल की
  2588. 2:06:47लैंग्वेज यानी पाली को अबेंडन कर दिया और
  2589. 2:06:49संस्कृत को अपना लिया जो कि
  2590. 2:06:51इंटेलेक्चुअल्स की लैंग्वेज थी। फर्स्ट
  2591. 2:06:54सेंचुरी के बाद से ही मंक्स ने आइडल वरशिप
  2592. 2:06:57प्रैक्टिस करना चालू कर दिया। रिच
  2593. 2:06:59ऑफरिंग्स और रॉयल ग्रांट्स के चलते
  2594. 2:07:01बुद्धिस्ट मोनेस्ट्रीज के मंक्स की लाइफ
  2595. 2:07:03इजी हो गई। कुछ मोनेस्ट्रीज जैसे नालंदा
  2596. 2:07:07ने करीब 200 विलेजेस से रेवेन्यू कलेक्ट
  2597. 2:07:09करना चालू कर दिया। सेवंथ सेंचुरी तक
  2598. 2:07:12बुद्धिस्ट मोनेस्ट्रीज ई लविंग लोगों के
  2599. 2:07:15डोमिनेशन में आ गई और गौतम बुद्ध ने जिन
  2600. 2:07:17करप्ट प्रैक्टिससेस को प्रोहिबिट किया उसी
  2601. 2:07:20का सेंटर बन गई। इस नए तरह के बुद्धिज्म
  2602. 2:07:23को वज्रायन बोला गया। ब्राह्मण रूलर
  2603. 2:07:26पुष्यमित्र शुंग ने बुद्धिस्ट्स को
  2604. 2:07:29पर्सक्यूट किया। इसी तरह के कई इंस्टेंसेस
  2605. 2:07:32हमें हिस्ट्री में देखने को मिलते हैं।
  2606. 2:07:34हुनर किंग मिरर कुल ने 100्स ऑफ
  2607. 2:07:37बुद्धिस्ट्स को मार दिया। शशांक ऑफ गडा ने
  2608. 2:07:40बोधी ट्री को गिरवा दिया। जहां बुद्ध को
  2609. 2:07:42इनलाइटनमेंट मिला। ट्रैवलर हुन सैंग के
  2610. 2:07:46अनुसार करीब 1600 स्तूपास को डिस्ट्रॉय कर
  2611. 2:07:49दिया गया और हजारों मंक्स और फॉलोअर्स को
  2612. 2:07:52मार दिया गया। साउथ इंडिया में शेवाइट्स
  2613. 2:07:55और वैष्णवाइट्स ने अर्ली मिडीवल एरा में
  2614. 2:07:57जैन और बुद्धिस्ट्स दोनों को ही अपोज
  2615. 2:08:00किया। इन कॉन्फ्लिक्ट्स के चलते बुद्धिज्म
  2616. 2:08:03वीक हो गया। मोनेस्ट्रीज के रिच होने के
  2617. 2:08:06बाद टर्किश इनवेडर्स स्पेशली इन्हीं को
  2618. 2:08:08टारगेट करने लगे। उन्होंने मोनेस्ट्रीज को
  2619. 2:08:11लूटा और बुद्धिस्ट की एक बड़ी संख्या को
  2620. 2:08:14मौत के घाट उतार दिया। इन्हीं सब कारणों
  2621. 2:08:17से 12th सेंचुरी तक बुद्धिज्म इंडिया से
  2622. 2:08:19वर्चुअली डिसअपीयर हो गया। लेकिन डिसअपीयर
  2623. 2:08:22होने के बावजूद बुद्धिज्म ने इंडियन
  2624. 2:08:25सोसाइटी और इकॉनमी पर अपनी छाप छोड़ी। आइए
  2625. 2:08:28जानते हैं नेक्स्ट सेक्शन में
  2626. 2:08:30सिग्निफिकेंस एंड इनफ्लुएंस ऑफ़ बुद्धिज्म।
  2627. 2:08:34पहले बात करते हैं इनकलिटी एंड पावर्टी पे
  2628. 2:08:36बुद्धिज्म के व्यूज की। दोस्तों, नॉर्थ
  2629. 2:08:40ईस्ट इंडिया में आयरन प्लाओ शेयर बेस्ड
  2630. 2:08:42एग्रीकल्चर, ट्रेडर्स और कॉइंस के कारण
  2631. 2:08:45ट्रेडर्स और नोबल्स ने अच्छी खासी वेल्थ
  2632. 2:08:48जोड़ ली थी। इसके कारण सोसाइटी में सोशल
  2633. 2:08:50और इकोनॉमिक इनकलिटीज क्रिएट हो गई।
  2634. 2:08:53बुद्धिज्म ने लोगों को वेल्थ ना
  2635. 2:08:55अक्यूमुलेट करने की हिदायत दी। बुद्धिज्म
  2636. 2:08:58के अनुसार पॉवर्टी से हेट्रिड, क्रुल्टी
  2637. 2:09:01और वायलेंस जन्म लेता है। इसीलिए पॉवर्टी
  2638. 2:09:04का खत्म होना जरूरी है। अब बात करते हैं
  2639. 2:09:07वर्ण क्लासिफिकेशन के बेसिस की।
  2640. 2:09:10बुद्धिज्म के हिसाब से वर्ण क्लासिफिकेशन
  2641. 2:09:13इंडिविजुअल एक्शन और क्वालिटीज पर बेस्ड
  2642. 2:09:16था। अनलाइक ब्राह्मनिज्म जिनके लिए वर्ण
  2643. 2:09:18क्लासिफिकेशन बर्थ पर बेस्ड था।
  2644. 2:09:21अनडाउटेडली बुद्धिज्म का मेन ऑब्जेक्टिव
  2645. 2:09:23था सेल्वेशन ऑफ द इंडिविजुअल और निर्वाणा।
  2646. 2:09:27अब बात करते हैं स्टेटस ऑफ वुमेन एंड
  2647. 2:09:29शूद्रास की। बुद्धिज्म का वुमेन और
  2648. 2:09:32शूद्रास के लिए ओपन होना सोसाइटी पर एक
  2649. 2:09:34इंपॉर्टेंट इंपैक्ट कहा जा सकता है।
  2650. 2:09:37क्योंकि वुमेन और शूद्रास को हमेशा ही सेम
  2651. 2:09:39कैटेगरी में रखा जाता था ब्राह्मणिज्म
  2652. 2:09:42में। उन्हें वैदिक टेक्स्ट पढ़ने और
  2653. 2:09:44सीक्रेट थ्रेड को पहनने की आजादी नहीं थी
  2654. 2:09:47और बुद्धिज्म में कन्वर्ट होते ही उन्हें
  2655. 2:09:49इस इनफीरियोरिटी मार्क्स से फ्रीडम मिला।
  2656. 2:09:52वहीं मैनुअल लेबर की बात करें तो
  2657. 2:09:54बुद्धिज्म ने मैनुअल लेबर का विरोध नहीं
  2658. 2:09:57किया। इनफैक्ट बोधगया में मिले एक सेकंड
  2659. 2:10:00सेंचुरी स्कल्प्चर में बुद्ध को प्लाऊ
  2660. 2:10:03करते हुए देखा गया है। अब करते हैं कैटल
  2661. 2:10:06की बात। कैटल कीेंस पर स्ट्रेस देते हुए
  2662. 2:10:10बुद्धिज्म ने कंट्री की कैटल वेल्थ को
  2663. 2:10:12बूस्ट किया। एक अर्ली बुद्धिस्ट टेक्स्ट
  2664. 2:10:15सुतानी पता में कैटल को फूड, ब्यूटी,
  2665. 2:10:19स्ट्रेंथ और हैप्पीनेस अर्थात अन्नदा,
  2666. 2:10:22वनदा, बलदा और सुखद प्रदान करने वाला
  2667. 2:10:25डिक्लेअर किया। और इसी कारण उनकी
  2668. 2:10:28प्रोटेक्शन पर स्ट्रेस दिया। ब्राह्मेनिकल
  2669. 2:10:31फिलॉसफी में काऊ की सीक्रेडनेस और नॉन
  2670. 2:10:33वायलेंस की बात अपेरेंटली बुद्धिस्ट
  2671. 2:10:35टीचिंग से ही इंस्पायर्ड है। अब बात
  2672. 2:10:38करेंगे बुद्धिज्म में रैशनलिज्म की।
  2673. 2:10:41दोस्तों बुद्धिज्म ने लोगों को
  2674. 2:10:42सुपरस्टिट्यूशन से बाहर निकालकर लॉजिक और
  2675. 2:10:45मेरिट के आधार पर अपने जजमेंट्स करने को
  2676. 2:10:48कहा। इसका मतलब बुद्धिज्म ने कहीं ना कहीं
  2677. 2:10:51रैशनलिज्म को प्रमोट किया। वहीं बुद्धिज्म
  2678. 2:10:54ने एक नई तरह की लैंग्वेज हाइब्रिड
  2679. 2:10:56संस्कृत को डेवलप किया जिसमें पाली और
  2680. 2:10:59संस्कृत को ब्लेंड किया गया। ईस्ट इंडिया
  2681. 2:11:02में कुछ टेक्स्ट्स अपभ्रंश लैंग्वेज में
  2682. 2:11:04लिखे गए। बुद्धिस्ट मोनेस्ट्रीज लर्निंग
  2683. 2:11:07के लिए ग्रेट सेंटर्स की तरह उभर कर आई।
  2684. 2:11:09जिन्हें रेजिडेंशियल यूनिवर्सिटीज भी कहा
  2685. 2:11:12जा सकता है। जैसे नालंदा और विक्रमशिला इन
  2686. 2:11:15बिहार, वल्लभी इन गुजरात।
  2687. 2:11:19बुद्धिज्म का इंडियन कल्चर में भी काफी
  2688. 2:11:21कंट्रीब्यूशन रहा। आइए एक नजर डालते हैं।
  2689. 2:11:25कंट्रीब्यूशन टू इंडियन कल्चर।
  2690. 2:11:29बुद्धिज्म का सबसे इंपॉर्टेंट
  2691. 2:11:30कंट्रीब्यूशन रहा कासेप्ट ऑफ अहिंसा जो आज
  2692. 2:11:34भी इंडियन वैल्यूस में दिखाई पड़ता है।
  2693. 2:11:36गांधी जी भी इससे प्रभावित रहे। बुद्धिज्म
  2694. 2:11:39ने एंशिएंट इंडिया के आर्ट पर अपना प्रभाव
  2695. 2:11:42छोड़ा। इतिहासकारों की मानें तो इंडिया
  2696. 2:11:45में वशिप की जाने वाली फर्स्ट ह्यूमन
  2697. 2:11:47स्टैच्यू प्रोबेबबली बुद्ध की ही कही जा
  2698. 2:11:49सकती है। फेथफुल डेविटीज ने बुद्ध की लाइफ
  2699. 2:11:53इवेंट्स को स्टोन में पोट्रे किया।
  2700. 2:11:55बोधगया, सांची और भारत में मिले बुद्धिस्ट
  2701. 2:11:58आर्टिस्टिक एक्टिविटी का एक इलुमिनेटिंग
  2702. 2:12:00एग्जांपल कहे जा सकते हैं। गौतम बुद्ध की
  2703. 2:12:03पैनल इमेजेस फर्स्ट सेंचुरी के बाद से ही
  2704. 2:12:06हमको देखने को मिलती हैं। ग्रीक और इंडियन
  2705. 2:12:08स्कल्प्चर्स ने मिलकर नॉर्थ वेस्ट
  2706. 2:12:11फ्रंटियर में एक नई आर्ट को क्रिएट किया
  2707. 2:12:13जो गांधारा आर्ट के नाम से प्रचलित हुई।
  2708. 2:12:16मंक्स के रेजिडेंस के लिए रक्स में कट
  2709. 2:12:19करके रूम्स बनाए गए। जिसके बाद बर्बर
  2710. 2:12:22हिल्स, गया और वेस्टर्न इंडिया के नासिक
  2711. 2:12:24के आसपास केव आर्किटेक्चर की शुरुआत हुई।
  2712. 2:12:27साउथ के कृष्णा डेल्टा और नॉर्थ में मथुरा
  2713. 2:12:30में भी बुद्धिस्ट आर्किटेक्चर फ्लोरिश
  2714. 2:12:32हुआ।
  2715. 2:12:34कंक्लूजन। तो दोस्तों, यह थी कहानी
  2716. 2:12:38बुद्धिज्म के राइज और उसके इंडिया पर
  2717. 2:12:41इन्फ्लुएंस की। यह सच है कि बुद्धिज्म
  2718. 2:12:43इंडिया से डिसअपीयर हुआ। लेकिन सराहनीय है
  2719. 2:12:46कि वर्ल्ड में आज भी बुद्धिज्म एक
  2720. 2:12:49इंपॉर्टेंट रिलजन है। सिर्फ बुद्धिज्म में
  2721. 2:12:52ही नहीं बुद्ध की टीचिंग्स और उनकी
  2722. 2:12:54आइडियल्स के लिए रिस्पेक्ट आपको हर तबके
  2723. 2:12:56के लोगों में देखने को मिलेगी। ऐसा कहा जा
  2724. 2:12:59सकता है कि बुद्ध ह्यूमैनिटी के लिए एक
  2725. 2:13:02ग्रेट इंस्पिरेशन है। महाजनपदास।
  2726. 2:13:06जब हम बात करते हैं हिस्ट्री की तो हमारे
  2727. 2:13:09दिमाग में अलग-अलग एंपायर्स और राजाओं के
  2728. 2:13:12नाम आते हैं। जैसे कि मौर्यास के अशोका या
  2729. 2:13:15फिर मुगल्स में अकबर या मराठाज़ में
  2730. 2:13:18छत्रपति शिवाजी महाराज। लेकिन एंपायर
  2731. 2:13:20बिल्डिंग के प्रोसेस की शुरुआत कब और कैसे
  2732. 2:13:23हुई? इसका जवाब आपको मिलेगा हमारी इस
  2733. 2:13:26वीडियो में। आज हम जानेंगे महाजनपदाज़ के
  2734. 2:13:29बारे में जिसका लिटरल मीनिंग है लार्ज
  2735. 2:13:32टेरिटोरियल स्टेट्स। तो चलिए सबसे पहले
  2736. 2:13:35समझते हैं कि महाजनपदाज का ओरिजिन कब,
  2737. 2:13:38कहां और कैसे हुआ। ओरिजिन ऑफ महाजनपदास।
  2738. 2:13:43यह बात है सिक्स्थ सेंचुरी बीसी की जब
  2739. 2:13:45पहली बार लार्ज टेरिटोरियल स्टेट्स
  2740. 2:13:48एकिस्टेंस में आते हैं। बहुत से प्राचीन
  2741. 2:13:50ग्रंथ जैसे कि बुद्धिस्ट टेक्स्ट,
  2742. 2:13:53अंगुत्तर निकाय, जैना टेक्स्ट, भगवती
  2743. 2:13:56सूत्र में हमें 16 महाजनपदास के बारे में
  2744. 2:13:59पता लगता है। अगर जियोग्राफी की बात करें
  2745. 2:14:02तो यह विंध्य पर्वत के नॉर्थ में थे।
  2746. 2:14:04एक्सेप्ट वन दैट इज अस। नॉर्थ वेस्ट
  2747. 2:14:08फ्रंटियर से लेकर बिहार तक इनका फैलाव था।
  2748. 2:14:1116 महाजनपदास थे। इस बात पर तो अधिकांश
  2749. 2:14:14एंशिएंट टेक्स्ट एग्री करते हैं। लेकिन वह
  2750. 2:14:1716 कौन से थे? इसमें कुछ मतभेद देखने को
  2751. 2:14:20मिलता है। पर बुद्धिस्ट टेक्स्ट अंगुत्तरा
  2752. 2:14:23निकाय में जो 16 महाजनपदासज की लिस्ट
  2753. 2:14:26मेंशन है उसमें आते हैं काशी कौशाल अंग
  2754. 2:14:31मगध वजी मल चेदी वत्स कुरु पांचाल मच्छ या
  2755. 2:14:39मत्स्य सुरसेना असक अवंती गांधार और कंबोज
  2756. 2:14:47दोस्तों ये तो थे 16 महाजनपदाज के
  2757. 2:14:51लेकिन सिक्स्थ सेंचुरी बीसी में ऐसा क्या
  2758. 2:14:53हुआ कि हम लार्ज टेरिटोरियल स्टेट्स यानी
  2759. 2:14:56महाजनपदास का फॉर्मेशन देखते हैं? आइए
  2760. 2:14:59जानते हैं नेक्स्ट सेक्शन में फैक्टर्स
  2761. 2:15:02फॉर द राइज ऑफ महाजनपदास।
  2762. 2:15:04लेटर वैदिक पीरियड के टाइम से ही
  2763. 2:15:06एग्रीकल्चर एक डोमिनेंट ऑक्यूपेशन बन जाता
  2764. 2:15:09है और सेटल्ड लाइफस्टाइल पैटर्न की शुरुआत
  2765. 2:15:12होती है। उसके साथ ही शुरू होता है
  2766. 2:15:15माइग्रेशन टुवर्ड्स लोअर गेंजेटिक प्लेेंस
  2767. 2:15:17यानी कि ईस्टर्न यूपी और बिहार का रीजन।
  2768. 2:15:20यह रीजन सोर्स था रिच आयरन माइंस का।
  2769. 2:15:24जिसकी वजह से आयरन का यूज बहुत बढ़ जाता
  2770. 2:15:27है इन एग्रीकल्चर एंड वेपनरी। और इसी की
  2771. 2:15:30वजह से हमें एग्रीकल्चर में एक सरप्लस
  2772. 2:15:32देखने को मिलता है। अदर दन वाइड स्प्रेड
  2773. 2:15:35यूज़ ऑफ़ आयन। इस टाइम पीरियड में कुछ
  2774. 2:15:37रिलीजियस डेवलपमेंट्स भी एग्रीकल्चर को
  2775. 2:15:40हेल्प करते हैं। जैसे बुद्धिज्म और
  2776. 2:15:42जैनिज्म जैसे सेक्स का राइज होना जो नॉन
  2777. 2:15:45वायलेंस को सपोर्ट करते थे। इससे कैटल
  2778. 2:15:48वेल्थ बढ़ती है जो उस टाइम एग्रीकल्चर की
  2779. 2:15:50बैकबोन थी। एग्रीकल्चर के बढ़ने से रूलिंग
  2780. 2:15:53क्लास सरप्लस प्रोडक्शन को टैक्सेस के तौर
  2781. 2:15:56पर कलेक्ट करना शुरू करती है। जिससे वह
  2782. 2:15:58अपनी मिलिट्री और एडमिनिस्ट्रेटिव नीड्स
  2783. 2:16:01को पूरा करती है। और दूसरी तरफ आयरन
  2784. 2:16:04वेपन्स के बढ़ते प्रोडक्शन से वॉरियर
  2785. 2:16:06क्लास भी पावरफुल होता है। यह मटेरियल
  2786. 2:16:09एडवांटेजेस इनेबल करते हैं लोगों को अपने
  2787. 2:16:12लैंड से लंबे समय तक अटैच होने में और साथ
  2788. 2:16:15ही एक्सपेंड करने में भी। इनफैक्ट जनपदा
  2789. 2:16:19का लिटरल मीनिंग होता है द फुटहोल्ड ऑफ अ
  2790. 2:16:22ट्राइब। यानी एक ट्राइब का सेटल्ड लाइफ
  2791. 2:16:25जीने के लिए भूमि लेना। और इस तरह से
  2792. 2:16:28बड़े-बड़े स्टेट्स फॉर्म होने लगते हैं वि
  2793. 2:16:31टाउंस एस देयर बेस ऑफ़ ऑपरेशंस। दोस्तों,
  2794. 2:16:34इस पीरियड को सेकंड फेज ऑफ अर्बनाइजेशन भी
  2795. 2:16:37बोला जाता है। आपको बता दें कि हिस्ट्री
  2796. 2:16:40में पहला फेज ऑफ अर्बनाइजेशन हड़प्पन
  2797. 2:16:43सिविलाइजेशन को कहा जाता है। खैर, जब हम
  2798. 2:16:45यह समझ चुके हैं कि महाजनपदास का राइज कब,
  2799. 2:16:48कैसे और क्यों हुआ, आइए जानते हैं इन 16
  2800. 2:16:51महाजनपदास को डिटेल में। द 16 महाजनपदास।
  2801. 2:16:56शुरू करते हैं काशी से। काशी आज के
  2802. 2:16:59वाराणसी डिस्ट्रिक्ट के पास इसका लोकेशन
  2803. 2:17:02था। इसकी कैपिटल थी वाराणसी जो गंगा और
  2804. 2:17:05गोमती रिवर्स के बीच में थी। काशी अपने
  2805. 2:17:08कॉटन टेक्सटाइल्स के लिए फेमस था। एंशिएंट
  2806. 2:17:11इंडिया के जितने भी इंपॉर्टेंट रिलजन थे
  2807. 2:17:13सभी किसी ना किसी रूप में काशी से खुद को
  2808. 2:17:16जोड़ते हैं। जैसे कि जैनास के 23 तीर्थंकर
  2809. 2:17:20पार्श्व के फादर को बनारस का राजा बताया
  2810. 2:17:23गया है। बुद्ध ने भी अपना पहला समन बनारस
  2811. 2:17:26के पास ही सारनाथ में दिया था। लेकिन
  2812. 2:17:29बुद्ध के टाइम तक काशी महाजनपदा को कौशाला
  2813. 2:17:32एनेक्स कर लेता है और यह मगध और कौशाला के
  2814. 2:17:35बीच युद्ध का कारण बनता है। काशी से चलते
  2815. 2:17:38हैं कौशाला की तरफ। कौशाला कौशाला के
  2816. 2:17:42वेस्ट में थी रिवर गोमती और ईस्ट में थी
  2817. 2:17:45रिवर सदानीरा जो विदेह जनपदा से इसकी
  2818. 2:17:48बाउंड्री बनाती थी। इसकी कैपिटल थी
  2819. 2:17:51श्रावस्ती। यह मगध के नॉर्थ वेस्ट में था।
  2820. 2:17:54यहां का फेमस किंग था प्रसेनजीत जो बुद्ध
  2821. 2:17:57और महावीर के कंटेंपररी भी थे। मगध के
  2822. 2:18:01राजा अजात शत्रु और प्रसन्नजीत के बीच में
  2823. 2:18:03सुप्रेमसी के लिए लंबा स्ट्रगल चलता है।
  2824. 2:18:06नेक्स्ट है अंग। अंग महाजनपदा आज के
  2825. 2:18:10मुंगेर और भागलपुर डिस्ट्रिक्ट को कवर
  2826. 2:18:13करता था। यह मगध के ईस्ट में और राजमहल
  2827. 2:18:16हिल्स के वेस्ट में लोकेटेड था। चंपा यहां
  2828. 2:18:19की कैपिटल थी। यह अपने ट्रेड और कॉमर्स के
  2829. 2:18:22लिए फेमस था। सिक्स्थ सेंचुरी बीसी के
  2830. 2:18:24मध्य में इसको मगध एनेक्स कर लेता है। तो
  2831. 2:18:28आइए अब बात करते हैं मगध की। मगध मगध का
  2832. 2:18:32एरिया था पटना और गया के अराउंड साउथ
  2833. 2:18:35बिहार में। नॉर्थ और वेस्ट साइड से रिवर
  2834. 2:18:38सोन और गंगा इसको प्रोटेक्ट करती थी। इसकी
  2835. 2:18:41कैपिटल गिरीवजा या राजगृह थी जो पांच
  2836. 2:18:45हिल्स से घिरी हुई थी। इसलिए इस पर अटैक
  2837. 2:18:47करना बहुत मुश्किल होता था। आगे चलकर मगध
  2838. 2:18:51सबसे पावरफुल महाजनपद बनता है। अब चलते
  2839. 2:18:54हैं वज्जी की ओर। वज्जी बिहार में वैशाली
  2840. 2:18:58डिस्ट्रिक्ट के अराउंड था वज्जी महाजनपदा।
  2841. 2:19:01नॉर्थ में नेपाल के हिल्स तक यह फैला हुआ
  2842. 2:19:03था। गंडक रिवर इसको कौशाल से अलग करती थी।
  2843. 2:19:07वज्जी एक गणसंघ था। गणसंघ का मतलब हम
  2844. 2:19:11नेक्स्ट सेक्शन में डिटेल में समझेंगे।
  2845. 2:19:13वज्जी आठ क्लैं्स की कन्फेडरेसी को
  2846. 2:19:16रिप्रेजेंट करता था। जिसमें विदेहाज़,
  2847. 2:19:20लिच्छवीस और ज्ञत्रिकास भी शामिल थे।
  2848. 2:19:23विदेहाज़ की कैपिटल मिथिला थी। लिच्छवीस की
  2849. 2:19:26वैशाली, ज्ञत्रिकास की कुंदपुरा। जैन
  2850. 2:19:30तीर्थंकर वर्धमान महावीर ज्ञत्रिकास क्लैन
  2851. 2:19:33को बिलोंग करते थे। मगध के राजा अजात
  2852. 2:19:36शत्रु ने इनकी क्फेडरेसी को डिस्ट्रॉय
  2853. 2:19:38किया था। अब बढ़ते हैं मल की ओर। मल। मल को
  2854. 2:19:44भी एक गणसंघ कहा जाता था। इनकी टेरिटरी
  2855. 2:19:47वजी के नॉर्दन बॉर्डर को टच करती थी। इनकी
  2856. 2:19:50एक कैपिटल कुशीनगर में थी जहां गौतम बुद्ध
  2857. 2:19:53की डेथ होती है। ऐसा कहा जाता है कि मल को
  2858. 2:19:57500 चीफ्स रूल करते थे। मल से चलते हैं
  2859. 2:20:01छेदी। छेदी यह आज के बुंदेलखंड के ईस्टर्न
  2860. 2:20:04पार्ट में लोकेटेड था। इसका फैलाव मालवा
  2861. 2:20:07प्लेटो तक कहा जाता है। इसकी कैपिटल थी
  2862. 2:20:10सुक्तिमती। शिशुपाल जो कृष्ण का फेमस
  2863. 2:20:14एनिमी था उसको महाभारत में छेदी का रूलर
  2864. 2:20:17बताया गया है। अब बात करेंगे वत्स की।
  2865. 2:20:21वत्स वत्स की कैपिटल थी कौशांबी। इनकी
  2866. 2:20:25सेटलमेंट मॉडर्न प्रयागराज के अराउंड थी।
  2867. 2:20:27पुराणाज़ में कहा गया है कि पांडवाज़ के
  2868. 2:20:30डिसेंडेंट निछक्सू ने अपनी कैपिटल कौशांबी
  2869. 2:20:33में शिफ्ट की थी। जब हस्तिनापुर में फ्लड
  2870. 2:20:36आ गया था। मतलब वत्स कुरु क्लैन को बिलोंग
  2871. 2:20:38करते थे। आइए अब चलते हैं कुरु देश कुरु
  2872. 2:20:43कुरु दिल्ली मेरठ रीजन के अराउंड था। इनके
  2873. 2:20:46बारे में हम सभी महाभारत की स्टोरी के
  2874. 2:20:48थ्रू जानते हैं। इनकी कैपिटल थी
  2875. 2:20:50हस्तिनापुर। हस्तिनापुर मेरठ से अबाउट 40
  2876. 2:20:54कि.मी. की दूरी पर है। यहां आर्कियोलॉजिकल
  2877. 2:20:57सर्वे ऑफ इंडिया ने बहुत से एक्सकवेशंस
  2878. 2:20:59किए हैं। जिसमें मिले आर्टिफेक्ट्स को
  2879. 2:21:01महाभारत पीरियड से लिंक करके देखा जाता
  2880. 2:21:04है। 2020 के बजट में गवर्नमेंट ऑफ इंडिया
  2881. 2:21:07ने हस्तिनापुर को आइकॉनिक साइट के रूप में
  2882. 2:21:10डेवलप करने का डिसीजन भी लिया। यहां से
  2883. 2:21:13चलते हैं अब हम पांचाल। पांचाल। पांचाल
  2884. 2:21:16लोकेटेड था रोहिलखंड और सेंट्रल दुआब के
  2885. 2:21:19रीजन में। इनके दो लीनएजेस थे। नॉर्दर्न
  2886. 2:21:23पांचाल जिनकी कैपिटल थी अहिछत्र में और
  2887. 2:21:26सदर्न पांचाल जिनकी कैपिटल थी कंपिलिया।
  2888. 2:21:30इनके क्लोज रिलेशन थे कुरु के साथ।
  2889. 2:21:33महाभारत में पांडवाज की पत्नी द्रोपदी
  2890. 2:21:36पांचाल से ही थी। इसलिए उन्हें पांचाली भी
  2891. 2:21:39कहा गया है। पांचाल से चलते हैं मत्स्य की
  2892. 2:21:42तरफ। मत्स्य। मत्स्य राजस्थान में जयपुर,
  2893. 2:21:46भरतपुर, अलवर रीजन के अराउंड था। कैपिटल
  2894. 2:21:49थी विराट नगर जो फेमस है पांडवों की
  2895. 2:21:52हाइडिंग प्लेस के रूप में। इसको भी
  2896. 2:21:54इवेंचुअली मगध अपने अंडर मिला लेता है।
  2897. 2:21:57यहां से चलते हैं सुरसेना की ओर। सुरसेना
  2898. 2:22:02सुरसेना की कैपिटल थी मथुरा। पुराण और
  2899. 2:22:06महाभारत में मथुरा की रूलिंग फैमिली को
  2900. 2:22:08यदुस कहा जाता है। महाभारत में भगवान
  2901. 2:22:12कृष्ण को यहां का राजा बताया गया है। अब
  2902. 2:22:15चलते हैं साउथ ऑफ विंध्यास असिका की ओर।
  2903. 2:22:18असका अस लोकेटेड था रिवर गोदावरी के
  2904. 2:22:21किनारे पर। यह अकेला महाजनपद है जो विंध्य
  2905. 2:22:24पर्वत के साउथ में था। नियर मॉडर्न पैठान
  2906. 2:22:27इन महाराष्ट्र। कैपिटल थी प्रतिष्ठान जो
  2907. 2:22:31एंशिएंट नाम है पैठन का। अब बात करते हैं
  2908. 2:22:35अवंती की। अवंती। अवंती अपने टाइम का एक
  2909. 2:22:39पावरफुल महाजनपद था। मध्य प्रदेश के
  2910. 2:22:42उज्जैन के पास इसकी लोकेशन थी। रिवर
  2911. 2:22:44नर्मदा तक इसका एरिया फैला हुआ था। इसकी
  2912. 2:22:47नॉर्दन कैपिटल उज्जैन थी और सदर्न
  2913. 2:22:50महिष्मती।
  2914. 2:22:52सिक्स्थ सेंचुरी बीसी में इस पर एक
  2915. 2:22:54पावरफुल राजा प्रद्योता का रूल होता है।
  2916. 2:22:57अब चलते हैं नॉर्थ में गांधार की तरफ।
  2917. 2:23:01गांधार गांधार की लोकेशन काबुल और
  2918. 2:23:05रावलपिंडी के बीच में थी। कैपिटल तक्षशिला
  2919. 2:23:09ट्रेड और लर्निंग सेंटर के रूप में फेमस
  2920. 2:23:11थी। इंपॉर्टेंट किंग थे पुष्कर सरिन।
  2921. 2:23:14गांधार को पर्शियंस ककर कर लेते हैं।
  2922. 2:23:17सिक्स्थ सेंचुरी बीसी के एंड में। महाभारत
  2923. 2:23:20में धृतराष्ट्र की वाइफ गांधारी यहां की
  2924. 2:23:23राजकुमारी थी और फेमस मामा शकुनी गांधार
  2925. 2:23:27के राजा।
  2926. 2:23:29अब चलते हैं कंबोज।
  2927. 2:23:31कंबोज यह गांधार के पास में ही लोकेटेड
  2928. 2:23:34था। प्रेजेंट डे पुछ एरिया के अराउंड।
  2929. 2:23:37कंबोज को ब्राह्मेनिकल टेक्स्ट में
  2930. 2:23:40अनकल्चरर्ड कहा गया है। कैपिटल थी पुछ। तो
  2931. 2:23:44दोस्तों, यह तो बात हुई इंडिविजुअल
  2932. 2:23:46महाजनपद की कुछ हिस्ट्री और ज्योग्राफी
  2933. 2:23:49की। आपने यहां एक नया टर्म सुना गणसंघ। तो
  2934. 2:23:53चलिए अब इस कांसेप्ट को समझते हैं। गणसंघस
  2935. 2:23:57एंड देयर राइज। महाजनपदाज में दो तरह के
  2936. 2:24:01पॉलिटिकल सिस्टम देखने को मिलते हैं।
  2937. 2:24:03मोनोकीज़ एंड नॉन मोनार्कियल स्टेट्स
  2938. 2:24:07जिन्हें कहा जाता है गणसंघ। 16 महाजनपदाज़
  2939. 2:24:11में से दो वज्जी और मल गणसंघ थे। इनके
  2940. 2:24:15अलावा और भी गणसंघ का मेंशन हमें
  2941. 2:24:18बुद्धिस्ट टेक्स्ट में मिलता है। जैसे कि
  2942. 2:24:21साकियाज़ ऑफ कपिलवस्तु, कोलियाज़ ऑफ
  2943. 2:24:23रामग्राम, मौर्यज़ ऑफ पिपललीवाहा एसेटरा।
  2944. 2:24:27इन गणसंघ में पॉलिटिकल पावर ट्राइबल
  2945. 2:24:30ओलिगाकीज़ के पास होती थी। मतलब कोई एक
  2946. 2:24:33पावरफुल राजा ना होकर एक ग्रुप ऑफ पीपल
  2947. 2:24:36रूल करता था। अब मोनार्कियल सिस्टम की जगह
  2948. 2:24:39गणसघ का सिस्टम क्यों आया? इसके पीछे कुछ
  2949. 2:24:42रीजंस थे। जैसे कि पहला यह लेटर वैदिक
  2950. 2:24:45पीरियड में इवॉल्व हुए। लाइफ पैटर्न के
  2951. 2:24:48खिलाफ एक रिएक्शन था। लेटर वैदिक पीरियड
  2952. 2:24:51में बहुत सारी क्लास और कास्ट
  2953. 2:24:53रिस्ट्रिकशंस आ जाती हैं। जिससे लाइफ काफी
  2954. 2:24:55रिजिड हो जाती है। कुछ लोग इसके अगेंस्ट
  2955. 2:24:58होते हैं। इसलिए वह सिंपल ट्राइबल
  2956. 2:25:00लाइफस्टाइल की तरफ जाते हैं जो हमें गणसघ
  2957. 2:25:03में देखने को मिलता है। दूसरा गणसघ
  2958. 2:25:06ब्राहणस की बढ़ती हुई पावर के अगेंस्ट भी
  2959. 2:25:09एक रिएक्शन था। गणसंघ में क्षत्रिय को
  2960. 2:25:12ज्यादा प्रोमिनेंस मिलती है। और तीसरा
  2961. 2:25:15ट्राइबल इक्वलिटी के आईडिया से भी पीपल
  2962. 2:25:18इंस्पायर्ड थे। जिसमें सिंगल राजा कोेंस
  2963. 2:25:21नहीं दी जाती थी। आइए अब जानते हैं कि
  2964. 2:25:24मोनकी और गणसंघ सिस्टम में क्या अंतर था।
  2965. 2:25:28डिफरेंस बिटवीन मोनकी एंड गणसंघस।
  2966. 2:25:32मोनकीज़ में एक ही राजा के पास रेवेन्यू
  2967. 2:25:35लेने का राइट होता था। जबकि गणसंघ में हर
  2968. 2:25:38एक ट्राइबल ओलिगाक के पास यह राइट था।
  2969. 2:25:41मोनकी में एक स्टैंडिंग आर्मी रहती थी।
  2970. 2:25:44लेकिन ट्राइबल ओलिगाकी में हर एक राजा
  2971. 2:25:46अपनी छोटी सी आर्मी रखता था। ब्राह्मणास
  2972. 2:25:49का इन्फ्लुएंस मोनार्कियल सिस्टम में बहुत
  2973. 2:25:52ज्यादा था। लेकिन गणसघ में उन्हें उतनीेंस
  2974. 2:25:55नहीं दी जाती थी। और सबसे बड़ा डिफरेंस तो
  2975. 2:25:58यही था कि गणसंघ में ओलगार्किक असेंबली के
  2976. 2:26:01पास पावर थी ना कि एक इंडिविजुअल के पास
  2977. 2:26:04मोनार्कियल सिस्टम के जैसे। गणसंघ में
  2978. 2:26:07मोनोकी के जैसे किंगशिप हेरिडिटरी भी नहीं
  2979. 2:26:10थी। यहां चीफ यूजुअली इ किया जाता था।
  2980. 2:26:14दोस्तों लेकिन एक सवाल उठता है कि क्या
  2981. 2:26:17गणसंघ डेमोक्रेटिक थे? आइए जानते हैं इसके
  2982. 2:26:20बारे में नेक्स्ट सेक्शन में। वह गण संघस
  2983. 2:26:24डेमोक्रेटिक। कुछ अर्ली स्टडीज में गण संघ
  2984. 2:26:27को डेमोक्रेटिक कहा गया था। लेकिन जब हम
  2985. 2:26:29इनके बारे में डिटेल में समझते हैं तो पता
  2986. 2:26:32चलता है कि यह पूरी तरह डेमोक्रेटिक नहीं
  2987. 2:26:35थे। हां, यह सही है कि यहां का चीफ
  2988. 2:26:38इलेक्शन के थ्रू चुना जाता था। लेकिन इस
  2989. 2:26:40इलेक्शन में सभी लोग पार्टिसिपेट नहीं कर
  2990. 2:26:42सकते थे। सिर्फ कुछ क्षत्रिय फैमिलीज को
  2991. 2:26:45ही यह राइट था। यहां सभी को इक्वल राइट्स
  2992. 2:26:48नहीं थे। जैसे कि वुमेन को असेंबली में
  2993. 2:26:51पार्टिसिपेट नहीं करने दिया जाता था। इनके
  2994. 2:26:54नाम लीडिंग क्षत्रियस लीनिएज के नाम पर ही
  2995. 2:26:57रखे गए थे। क्योंकि उनकी पोजीशन सबसे
  2996. 2:26:59स्ट्रांग होती थी। बाकी क्लासेस को
  2997. 2:27:02सबोर्डिनेट स्टेटस मिला हुआ था। तो हम कह
  2998. 2:27:04सकते हैं कि गणसंघ का नेचर डेमोक्रेटिक ना
  2999. 2:27:07होकर ओलगाकिक फॉर्म का था। हमने गणसंघ के
  3000. 2:27:11सिस्टम को तो समझ लिया। तो अब चलिए समझते
  3001. 2:27:13हैं मोनार्कियल सिस्टम को।
  3002. 2:27:17मोनार्कियल सिस्टम इन किंगडम्स। दोस्तों
  3003. 2:27:20मोनार्कियल सिस्टम्स में एक पावरफुल
  3004. 2:27:22हेरिडिटरी किंग होता था। उसकी
  3005. 2:27:24एडमिनिस्ट्रेशन में हेल्प करने के लिए कुछ
  3006. 2:27:27ऑफिशियल्स भी होते थे। जैसे कि मंत्री,
  3007. 2:27:30सेना नायक, जज, चीफ अकाउंटेंट वगैरह। यह
  3008. 2:27:34एक स्ट्रांग आर्मी मेंटेन करते थे। जिससे
  3009. 2:27:37अपनी टेरिटरी का एक्सपेंशन और प्रोटेक्शन
  3010. 2:27:39दोनों कर सकें। एंशिएंट टाइम में
  3011. 2:27:41मोनार्किकल सिस्टम ही डोमिनेंट फॉर्म ऑफ
  3012. 2:27:44गवर्नमेंट था। सिक्स्थ सेंचुरी का एंड
  3013. 2:27:47होते-होते मोनार्किकल स्टेट्स ऑलमोस्ट सभी
  3014. 2:27:49गणसघ को एनिक्स कर लेते हैं। उसके बाद की
  3015. 2:27:52पॉलिटिकल हिस्ट्री इन सभी स्टेट्स के बीच
  3016. 2:27:55सुप्रेमसी के लिए एक स्ट्रगल कही जा सकती
  3017. 2:27:57है। अल्टीमेटली उस स्ट्रगल में मगध बनता
  3018. 2:28:01है सबसे पावरफुल किंगडम और वो इंडिया का
  3019. 2:28:03सबसे पहला एंपायर कहलाता है। जिसकी बात हम
  3020. 2:28:06अलग लेक्चर में करेंगे। कंक्लूडिंग
  3021. 2:28:09रिमार्क्स दोस्तों, तो यह थे सिक्स्थ
  3022. 2:28:12सेंचुरी टू फोर्थ सेंचुरी बीसी के कुछ
  3023. 2:28:15इंपॉर्टेंट डेवलपमेंट्स। हम कहीं ना कहीं
  3024. 2:28:18इसे इंडिया की पॉलिटिकल हिस्ट्री की
  3025. 2:28:20शुरुआत कह सकते हैं। महाजनपदास के पीरियड
  3026. 2:28:23में ही पहली बार हमें पावरफुल राजा मिलते
  3027. 2:28:26हैं और प्रॉपर फॉर्म ऑफ गवर्नमेंट भी जो
  3028. 2:28:28कि एक बेडरॉक है आने वाले एंपायर्स की।
  3029. 2:28:32राइज ऑफ मगध एंड फाउंडेशन ऑफ मौर्यन
  3030. 2:28:35एंपायर। आज हम उस रीजन की बात करने वाले
  3031. 2:28:38हैं जहां एंशिएंट इंडिया का पहला एंपायर
  3032. 2:28:41फॉर्म होता है। जी हां, हम जानेंगे कि
  3033. 2:28:44कैसे मगध का राइज होता है एक महाजनपद से
  3034. 2:28:47एंपायर तक। इसी बीच हम बात करेंगे
  3035. 2:28:50एलेक्जेंडर के फेमस इन्वजन की और फाइनली
  3036. 2:28:53बढ़ेंगे मौर्यन एंपायर के फाउंडेशन की
  3037. 2:28:55तरफ। आइए शुरू करते हैं सबसे पहले मगध की
  3038. 2:28:58ज्योग्राफी से। जियोग्राफी ऑफ मगध।
  3039. 2:29:02मगध 16 महाजनपदास में से एक था। यह आज के
  3040. 2:29:07बिहार स्टेट के पटना, गया, नालंदा और
  3041. 2:29:10शाहबाद डिस्ट्रिक्ट्स को कवर करता था।
  3042. 2:29:13इसके साउथ वेस्ट में अवंती था, नॉर्थ
  3043. 2:29:15वेस्ट में कोसाल और नॉर्थ में वजीन
  3044. 2:29:18फेडरेसी। इसकी अर्ली कैपिटल थी राजगृह जो
  3045. 2:29:22बाद में शिफ्ट होकर बनती है पाटलिपुत्र।
  3046. 2:29:25यह एरिया फर्टाइल सोइल और रिच आयरन माइंस
  3047. 2:29:29का सोर्स था। अब जानते हैं मगध की
  3048. 2:29:32पॉलिटिकल हिस्ट्री के बारे में। पिटिकल
  3049. 2:29:34हिस्ट्री ऑफ मगध। मगध का पहला इंपॉर्टेंट
  3050. 2:29:38रूलर माना जाता है बिंबिसार को जो कि
  3051. 2:29:40बुद्ध के कंटेंपररी थे। बिंबिसार हरियंक
  3052. 2:29:44डायनेस्टी को बिलोंग करते थे। यह 52 इयर्स
  3053. 2:29:47तक मगध के राजा रहते हैं। रफली फ्रॉम 544
  3054. 2:29:50बीसी टू 492 बीसी। बिंबिसार मगध की
  3055. 2:29:54टेरिटरी को बढ़ाते हैं। थ्रू मैरिज अलायसेस
  3056. 2:29:57एंड वॉर। कोसाल की प्रिंसेस के साथ मैरिज
  3057. 2:30:01करने पर इनको काशी का कुछ पार्ट डरी में
  3058. 2:30:03मिलता है। वहीं अंगा को वॉर में जीत लिया
  3059. 2:30:06जाता है। साथ ही वैशाली की लिच्छवी
  3060. 2:30:09प्रिंसेस के साथ शादी करने से मगध की
  3061. 2:30:11डिप्लोमेटिक पावर बढ़ती है। कहा जाता है
  3062. 2:30:14कि बिंबिसार को उनके ही बेटे अजात शत्रु
  3063. 2:30:17इंप्रज कर देते हैं और मार देते हैं।
  3064. 2:30:20लेकिन बिंबिसार की डेथ का मतलब यह नहीं था
  3065. 2:30:22कि मगध की पावर कम हो जाए। मगध की पावर और
  3066. 2:30:26भी ज्यादा बढ़ जाती है अंडर आजाद शत्रु जो
  3067. 2:30:29492 बीसी में मगध की राजगद्दी पर बैठते
  3068. 2:30:33हैं। अजातशत्रु कौशाल के राजा प्रसेनजीत
  3069. 2:30:36पर अटैक करते हैं और पूरे काशी पर अपना
  3070. 2:30:39कंट्रोल इस्टैब्लिश करते हैं। उसके बाद यह
  3071. 2:30:42टारगेट करते हैं वज्जी को जिसमें
  3072. 2:30:44कंस्परेसी की हेल्प से डिसेंशन पैदा कर
  3073. 2:30:47जीत हासिल करते हैं। अजात शत्रु रूल करते
  3074. 2:30:50हैं 460 बीसी तक। उसके बाद मगध के राजा
  3075. 2:30:54बनते हैं उदयन। उदयन गंगा और सोन नदी के
  3076. 2:30:57कॉन्फ्लुएंस पर एक फोर्ट कंस्ट्रक्ट
  3077. 2:31:00करवाते हैं। उदयन के बाद एक नई डायनेस्टी
  3078. 2:31:02आती है मगध में शिशुनाग की। इनका सबसे
  3079. 2:31:06बड़ा अचीवमेंट था अवंती की पावर को
  3080. 2:31:09डिस्ट्रॉय करना। शिशुनाग डायनेस्टी लंबे
  3081. 2:31:12समय तक नहीं रहती और उसकी जगह आती है नंद
  3082. 2:31:15डायनेस्टी। नंद को इंडिया का पहला एंपायर
  3083. 2:31:19बिल्डर भी कहा जाता है। तो अब थोड़ा डिटेल
  3084. 2:31:22में जानते हैं पावरफुल नंद डायनेस्टी के
  3085. 2:31:24बारे में। स्टोरी ऑफ नंद डायनेस्टी। नंद
  3086. 2:31:29डायनेस्टी 343 से 321 बीसी के बीच मगध को
  3087. 2:31:33रूल करती हैं। इसके फाउंडर थे महापद्मंदा।
  3088. 2:31:37पुराणास में महापद्मंदा को क्षत्रिय क्लास
  3089. 2:31:40का सफाया करने वाला कहा गया है। क्योंकि
  3090. 2:31:42इन्होंने नॉर्दन इंडिया की सभी रूलिंग
  3091. 2:31:44डायनेस्टीज जैसे कि पांचालस, कुरूस,
  3092. 2:31:48अस्माकस, इक्षवाकुस, सूर्यसेनास एटसेट्रा
  3093. 2:31:51को हराकर इनके स्टेट्स को एनेक्स कर लिया
  3094. 2:31:54था। इंडिया और ग्रेको रोमन ट्रेडिशंस इनको
  3095. 2:31:57लो बर्थ का बताते हैं। बुद्धिस्ट टेक्स्ट
  3096. 2:32:00में इनको अननोन लीनिएज का बताया गया है।
  3097. 2:32:03सभी सोर्सेज में नंद डायनेस्टी के नाइन
  3098. 2:32:06रूलर्स बताए गए हैं। लेकिन इनके नाम को
  3099. 2:32:09लेकर सभी में डिफरेंस देखने को मिलता है।
  3100. 2:32:11लास्ट नंद किंग धननंद को बताया जाता है जो
  3101. 2:32:15महापद्म नंद के बेटे थे। इनके पास एक
  3102. 2:32:18विशाल सेना थी। ग्रीक सोर्सेस के
  3103. 2:32:20अकॉर्डिंग नंद की सेना में 2000 कैवलरी, 2
  3104. 2:32:24लाख इनफेंट्री, 2000 चैरियट्स और 3000
  3105. 2:32:27एलीिफेंट्स थे। महापद्मंद कलिंग को भी ककर
  3106. 2:32:31कर लेते हैं। लास्ट नंद रूलर धननंद के
  3107. 2:32:34टाइम में ही एलेक्जेंडर का इन्वेशन इंडिया
  3108. 2:32:37पर होता है। लेकिन एलेग्जेंडर की आर्मी
  3109. 2:32:40ईस्ट में मगध की सेना का सामना करने के
  3110. 2:32:42लिए आगे नहीं बढ़ती। इसलिए एलेग्जेंडर और
  3111. 2:32:45धनानंद कभी आमने-सामने नहीं आते। लेकिन
  3112. 2:32:48धनानंद अपने असभ्य स्वभाव और शोषणकारी
  3113. 2:32:51टैक्स पॉलिसीज की वजह से अनपॉपुलर बन जाते
  3114. 2:32:54हैं। और मगध की प्रजा उनके खिलाफ जाकर
  3115. 2:32:57चंद्रगुप्त मौर्य की हेल्प करती है मगध का
  3116. 2:33:00राजा बनने में। चंद्रगुप्त मौर्य धननंद को
  3117. 2:33:03हराकर 321 बीसी में मौर्यन डायनेस्टी की
  3118. 2:33:06शुरुआत करते हैं। जिसकी बात हम आगे डिटेल
  3119. 2:33:09में करेंगे। तो दोस्तों, मगध के राइज को
  3120. 2:33:12तो हमने जान लिया। अब आइए समझते हैं कि
  3121. 2:33:15ऐसे क्या रीजंस थे कि 16 महाजनपदास में से
  3122. 2:33:19मगध ही एक एंपायर फॉर्म करने में
  3123. 2:33:21सक्सेसफुल होता है।
  3124. 2:33:24कॉजेस ऑफ मगधास सक्सेस।
  3125. 2:33:28मगध की सक्सेस के पीछे बहुत सारे फैक्टर्स
  3126. 2:33:30थे। जैसे एक रीजन था एंबिशियस और काबिल
  3127. 2:33:34रूलर्स का होना। चाहे वह बिंबिसार हो या
  3128. 2:33:37महापद्मंदा। यह सभी रूलर्स मगध की पावर
  3129. 2:33:40बढ़ाने के लिए पैशनेट थे। दूसरा फैक्टर था
  3130. 2:33:43मगध की ज्योग्राफिकल लोकेशन। यहां पर रिच
  3131. 2:33:47आयरन माइंस थी जिससे मगध के रूलर्स को
  3132. 2:33:50वेपंस की इजी सप्लाई पॉसिबल थी। मगध का
  3133. 2:33:53रीजन फर्टाइल एरिया था। इसलिए यहां पे
  3134. 2:33:56एग्रीकल्चरल सरप्लस भी ज्यादा अटेन होता
  3135. 2:33:58था। जो रूलर्स ईजीली टैक्स के फॉर्म में
  3136. 2:34:01कलेक्ट कर सकते थे। इस रीजन में एलीिफेंट
  3137. 2:34:04की भी अबंडेंट सप्लाई थी जो हेल्प करती है
  3138. 2:34:06एक पावरफुल आर्मी बनाने में। इसके अलावा
  3139. 2:34:08मगध की कैपिटल्स का स्ट्रेटेजिक पॉइंट पर
  3140. 2:34:11होना भी एक फैक्टर था उनकी सक्सेस का।
  3141. 2:34:14पहली कैपिटल राजगीर पांच हिल्स से
  3142. 2:34:17सराउंडेड थी। इससे उस पर कॉन्क्वेस्ट करना
  3143. 2:34:20मुश्किल था। दूसरी कैपिटल पाटलिपुत्र बहुत
  3144. 2:34:23सी रिवर्स जैसे कि गंगा, गंडक, सोन और
  3145. 2:34:26पुनपुन के कॉन्फ्लुएंस पर थी। इसलिए उसको
  3146. 2:34:29वाटर फ्रंट या जलदुर्ग भी कहा जाता था।
  3147. 2:34:32इसको भी कैप्चर करना इजी नहीं था। यह
  3148. 2:34:34रिवर्स ट्रांसपोर्ट का इजी मीडियम भी थी
  3149. 2:34:37जिससे ट्रेड बढ़ता है। जैसे कि गंगा के
  3150. 2:34:40रास्ते वाराणसी, कौशांबी जैसी सिटीज के
  3151. 2:34:43साथ ट्रेड होता था। इसके अलावा मगध के
  3152. 2:34:46रूलर्स को मैटेलिक मनी के बढ़ते यूसेज और
  3153. 2:34:48टाउनंस के डेवलपमेंट का भी फायदा पहुंचता
  3154. 2:34:50है। क्योंकि ट्रेड और कॉमर्स के डेवलपमेंट
  3155. 2:34:53पर वो टोल टैक्स कलेक्ट कर सकते थे। यह
  3156. 2:34:56टैक्सेस हेल्प करते हैं एक विशाल आर्मी को
  3157. 2:34:58मेंटेन करने में। यह सभी फैक्टर्स मिलकर
  3158. 2:35:01मगध को एंपायर बनने में सक्सेस दिलाते
  3159. 2:35:04हैं। मगध के राइज के टाइम ही एक और
  3160. 2:35:07इंपॉर्टेंट हिस्टोरिकल इवेंट होता है। वो
  3161. 2:35:09था एलेक्जेंडर का इन्वेशन। तो चलिए अब
  3162. 2:35:13उसके बारे में भी जानते हैं।
  3163. 2:35:16एलेक्जेंडर्स इन्वेशन ऑफ इंडिया। मगध
  3164. 2:35:20एंपायर के नॉर्थ वेस्ट बॉर्डर पर था
  3165. 2:35:22इरेनियन एंपायर। यहां फोर्थ सेंचुरी बीसी
  3166. 2:35:25में ग्रीक्स और इरेनियंस के बीच फाइट चल
  3167. 2:35:28रही थी। वर्ल्ड सुप्रेमसी के लिए
  3168. 2:35:31मेसिडोनिया की एलेक्जेंडर की लीडरशिप में
  3169. 2:35:33ग्रीक्स फाइनली इरेनियन एंपायर को
  3170. 2:35:36डिस्ट्रॉय कर देते हैं। एलेक्जेंडर एशिया
  3171. 2:35:38माइनर और इराक को भी जीत चुके होते हैं।
  3172. 2:35:41इसके बाद वह बढ़ते हैं इंडिया की तरफ।
  3173. 2:35:44इंडिया की इमेंस वेल्थ के किस्से उन्होंने
  3174. 2:35:46भी सुने थे जो उनको टेंप्ट करते हैं
  3175. 2:35:48इंडिया के इन्वेशन के लिए। एलेग्जेंडर को
  3176. 2:35:52जियोग्राफिकल नॉलेज और नेचुरल हिस्ट्री के
  3177. 2:35:54लिए भी पैशन था। इंडिया एलेक्जेंडर के
  3178. 2:35:57एंपायर के कंपैरिजन में कहीं ज्यादा
  3179. 2:35:59फर्टाइल और प्रोडक्टिव था। यह भी एक रीजन
  3180. 2:36:02था उनके इंडिया इन्वेशन का। नॉर्थवेस्ट
  3181. 2:36:05इंडिया की पॉलिटिकल कंडीशन भी एलेग्जेंडर
  3182. 2:36:07के प्लान को सूट कर रही थी। क्योंकि यह
  3183. 2:36:09एरिया बहुत सी इंडिपेंडेंट मोनकीज़ और
  3184. 2:36:12ट्राइबल रिपब्लिक के बीच डिवाइडेड था।
  3185. 2:36:15एलेक्जेंडर के लिए इन्हें एक-एक करके
  3186. 2:36:17जीतना आसान था। एलेग्जेंडर काबुल से खबर
  3187. 2:36:21पास के रास्ते 326 बीसी में इंडिया आते
  3188. 2:36:24हैं। उनको 5 महीने लगते हैं इंडस रिवर तक
  3189. 2:36:27पहुंचने में। अंबी जो तक्षशिला के रूलर थे
  3190. 2:36:31एलेक्जेंडर के सामने सरेंडर कर देते हैं
  3191. 2:36:33और बहुत सारे गिफ्ट्स एलेक्जेंडर को देते
  3192. 2:36:36हैं। इसके बाद एलेक्जेंडर जब झेलम पहुंचते
  3193. 2:36:39हैं तब उनका सामना होता है पोरस से। पोरस
  3194. 2:36:43किंगडम ऑफ अभिसार के राजा थे। पोरस और
  3195. 2:36:46एलेग्जेंडर के बीच होता है बैटल ऑफ
  3196. 2:36:48हाइडस्पिस। एलेक्जेंडर पोरस को हरा तो
  3197. 2:36:52देते हैं लेकिन पोरस की बहादुरी और साहस
  3198. 2:36:54से काफी इंप्रेस होते हैं। इसलिए वह पोरस
  3199. 2:36:57को उनका किंगडम वापस कर उनको अपना एलय बना
  3200. 2:37:00लेते हैं। उसके बाद वो ब्यास तक आगे बढ़ते
  3201. 2:37:03हैं। एलेक्जेंडर तो और भी आगे जाना चाहता
  3202. 2:37:06था लेकिन उनकी आर्मी आगे बढ़ने से मना कर
  3203. 2:37:09देती है। ग्रीक सोल्जर्स 10 साल से लगातार
  3204. 2:37:12युद्ध करके परेशान हो चुके थे। इंडिया का
  3205. 2:37:15हॉट क्लाइमेट भी उन्हें पसंद नहीं आ रहा
  3206. 2:37:17था और अब वह बस घर वापस जाना चाहते थे।
  3207. 2:37:21उन्होंने मगध की स्ट्रांग आर्मी के बारे
  3208. 2:37:23में भी सुना था और वह उसका सामना नहीं
  3209. 2:37:25करना चाहते थे। इसलिए एलेक्जेंडर के
  3210. 2:37:28बार-बार कहने पर भी वह नहीं मानते हैं। और
  3211. 2:37:31एलेक्जेंडर जिसे कोई भी दुश्मन हरा नहीं
  3212. 2:37:34सका था, अपने ही सोल्जर्स के सामने हार
  3213. 2:37:37जाते हैं। वापस जाते टाइम एलेक्जेंडर बहुत
  3214. 2:37:40से छोटे-छोटे रिपब्लिक्स सिबोई, एगलसोई,
  3215. 2:37:43क्षुद्रकास, मल्लस को भी डिस्ट्रॉय करते
  3216. 2:37:46हुए जाते हैं। एलेक्जेंडर 323 बीसी में
  3217. 2:37:50बैबीलॉन पहुंचते हैं। जहां फीवर से उनकी
  3218. 2:37:52डेथ हो जाती है। 19 मंथ्स के लिए
  3219. 2:37:55एलेक्जेंडर इंडिया में रहते हैं। ज्यादातर
  3220. 2:37:58जीते हुए स्टेट्स को वो उनके पुराने
  3221. 2:38:00रूलर्स को ही वापस कर देते हैं जब वो उनकी
  3222. 2:38:02अथॉरिटी को एक्सेप्ट कर लेते हैं। अपनी
  3223. 2:38:05टेरिटोरियल पोजेशंस को वो तीन पार्ट्स में
  3224. 2:38:08डिवाइड करते हैं और सब में एक ग्रीक
  3225. 2:38:10गवर्नर अपॉइंट करके जाते हैं। वो कुछ
  3226. 2:38:13सिटीज की भी फाउंडेशन यहां रखते हैं। जैसे
  3227. 2:38:16कि काबुल रीजन में एलेक्जेंड्रिया, झेलम
  3228. 2:38:18पर बुकेफला और सिंध में एलेक्जेंड्रिया।
  3229. 2:38:22तो यह थी एलेक्जेंडर के इन्वेशन की कहानी।
  3230. 2:38:25अब चलिए समझते हैं इसके इफेक्ट्स को।
  3231. 2:38:28इफेक्ट्स ऑफ एलेक्जेंडर्स इन्वेशन।
  3232. 2:38:30एलेक्जेंडर के इन्वेजन की वजह से एंशिएंट
  3233. 2:38:33यूरोप और एंशिएंट इंडिया पहली बार क्लोज
  3234. 2:38:36कांटेक्ट में आते हैं। इस इन्वेशन से चार
  3235. 2:38:39नए लैंड और सी रूट्स खुलते हैं इंडिया और
  3236. 2:38:42ग्रीस के बीच। इससे ग्रीक मर्चेंट्स और
  3237. 2:38:44क्राफ्ट्समैन का इंडिया में आना बढ़ता है
  3238. 2:38:47और ट्रेड फैसिलिटीज और भी ज्यादा बढ़ जाती
  3239. 2:38:49हैं। एलेग्जेंडर ने जो सिटीज फाउंड की थी
  3240. 2:38:52इंडिया में जैसे कि बुकेफेला,
  3241. 2:38:54एलेक्जेंड्रिया एटसेटरा वहां लार्ज नंबर
  3242. 2:38:57में ग्रीक लोग सेटल होते हैं। एलेक्जेंडर
  3243. 2:39:00पहली बार ओशन देखते हैं एट द माउथ ऑफ द
  3244. 2:39:03इंडस। उनको इसकी ज्योग्राफी जानने में डीप
  3245. 2:39:06इंटरेस्ट था। इसलिए वह अपने एक नेवल ऑफिसर
  3246. 2:39:08नियाकस की लीडरशिप में एक फ्लट भेजते हैं
  3247. 2:39:11टू एक्सप्लोर द कोस्ट। ग्रीक हिस्टोरियंस
  3248. 2:39:14ने एलेग्जेंडर के कैंपेन के क्लियरली
  3249. 2:39:16डेटेड रिकॉर्ड्स भी दिए हैं। यह हमें
  3250. 2:39:19हेल्प करते हैं आगे के इवेंट्स की सही
  3251. 2:39:21क्रोनोलॉजी डिसाइड करने में। इसके अलावा
  3252. 2:39:24यह हिस्टोरियंस हमें सोशल और इकोनॉमिक
  3253. 2:39:26कंडीशंस के बारे में भी इंपॉर्टेंट
  3254. 2:39:28इंफॉर्मेशन बताते हैं। जैसे कि सती प्रथा
  3255. 2:39:31के बारे में। नॉर्थ वेस्ट में ऑक्सिन की
  3256. 2:39:34फाइन ब्रीड की इंफॉर्मेशन भी है।
  3257. 2:39:36एलेग्जेंडर यहां से 2 लाख ऑक्सिन
  3258. 2:39:38मेसडोनिया भेजते हैं। नॉर्थ वेस्ट के
  3259. 2:39:41छोटे-छोटे स्टेट्स को डिस्ट्रॉय करके
  3260. 2:39:43एलेक्जेंडर यहां मौर्यन एंपायर के
  3261. 2:39:45एक्सपेंशन का रास्ता भी साफ कर देते हैं।
  3262. 2:39:48तो हम कह सकते हैं कि एलेक्जेंडर के
  3263. 2:39:50इन्वेशन के न सिर्फ पॉलिटिकल बल्कि सोशल,
  3264. 2:39:53इकोनॉमिक और कल्चरल इफेक्ट्स भी देखने को
  3265. 2:39:55मिलते हैं। दोस्तों, अभी तक हमने देखा कि
  3266. 2:39:58कैसे मगध एक महाजनपदा अपनी पावर ग्रेजुअली
  3267. 2:40:02बढ़ाता है और बनता है इंडिया का पहला
  3268. 2:40:04एंपायर अंडर नंद डायनेस्टी। इसकी पावर
  3269. 2:40:08इतनी ज्यादा थी कि एलेक्जेंडर के सोल्जर्स
  3270. 2:40:10भी आगे बढ़ने से डरते हैं। साथ ही हमने
  3271. 2:40:13एलेग्जेंडर के इन्वेशन और उसके लॉन्ग टर्म
  3272. 2:40:16इफेक्ट्स को भी जाना। अब हम बात करेंगे
  3273. 2:40:19मौर्यन एंपायर की जिसने सबसे पहले एक पैन
  3274. 2:40:22इंडिया एंपायर की स्थापना की। तो शुरू
  3275. 2:40:25करते हैं मौर्यन डायनेस्टी के फाउंडर
  3276. 2:40:27चंद्रगुप्त मौर्य की कहानी से जिन्होंने
  3277. 2:40:30अराउंड 321 बीसी में नंद डायनेस्टी के
  3278. 2:40:33लास्ट रूलर धनानंद को हराने के बाद मौर्यन
  3279. 2:40:36डायनेस्टी की शुरुआत की। चंद्रगुप्त
  3280. 2:40:39मौर्य। चंद्रगुप्त मौर्य की बर्थ को लेकर
  3281. 2:40:42हमें अलग-अलग व्यूज मिलते हैं। ज्यादातर
  3282. 2:40:45हिस्टोरियंस मौर्य फैमिली को लो कास्ट या
  3283. 2:40:48ट्राइबल ओरिजिन का बताते हैं। बुद्धिस्ट
  3284. 2:40:51सोर्सेस में चंद्रगुप्त मौर्या को पीपल
  3285. 2:40:54वाहना के मौर्य क्लैन का बताया गया है।
  3286. 2:40:57मौर्य नाम भी इसी मौर्य ट्राइब से डिराइव
  3287. 2:41:00किया गया। पुराणास में मौर्यास को शूद्र
  3288. 2:41:03बताया गया है। ग्रीक सोर्सेज में भी
  3289. 2:41:05चंद्रगुप्त को लो ओरिजिन का कहा जाता है।
  3290. 2:41:09यह भी कहा जाता है कि चंद्रगुप्त मौर्य को
  3291. 2:41:11उनके पेरेंट्स ने छोड़ दिया था और वह एक
  3292. 2:41:14हंबल बैकग्राउंड से थे। अकॉर्डिंग टू द
  3293. 2:41:17लेजेंड उनका पालन एक पास्टरल फैमिली करती
  3294. 2:41:20है। दूसरी तरफ चाणक्य एक ऐसे व्यक्ति को
  3295. 2:41:23ढूंढ रहे थे जो नंद डायनेस्टी को खत्म
  3296. 2:41:25करने में उनकी हेल्प कर सके। चंद्रगुप्त
  3297. 2:41:28अपने दोस्तों के साथ खेल रहे थे। जब
  3298. 2:41:30चाणक्य उन्हें पहली बार देखते हैं।
  3299. 2:41:32चंद्रगुप्त की लीडरशिप स्किल्स से इंप्रेस
  3300. 2:41:34होकर चाणक्य उन्हें अडॉप कर लेते हैं और
  3301. 2:41:37ट्रेनिंग देते हैं। अब जानते हैं कि कैसे
  3302. 2:41:40चंद्रगुप्त बनते हैं मगध के राजा।
  3303. 2:41:43चंद्रगुप्तस राइज टू पावर। चंद्रगुप्त
  3304. 2:41:48चाणक्य की हेल्प से अपनी एक आर्मी बनाते
  3305. 2:41:50हैं। इस आर्मी की हेल्प से वह नॉर्थ वेस्ट
  3306. 2:41:54के एरिया को जीत लेते हैं। यहां
  3307. 2:41:56एलेग्जेंडर के जाने के बाद सिचुएशन ऐसी थी
  3308. 2:41:59कि कोई भी पावरफुल रूलर नहीं था। इसलिए
  3309. 2:42:02इसको जीतना बहुत आसान था। इसके बाद वह नंद
  3310. 2:42:05रूलर धननंद की आर्मी को हराकर 321 बीसी
  3311. 2:42:09में मगध के राजा बनते हैं। धननंद और
  3312. 2:42:12चंद्रगुप्त मौर्य के बीच हुई बैटल की
  3313. 2:42:14डिटेल्स हिस्टोरिकल सोर्सेज में नहीं
  3314. 2:42:16मिलती। हम बस इतना जानते हैं कि
  3315. 2:42:19चंद्रगुप्त मौर्य की जीत होती है और नंद
  3316. 2:42:22डायनेस्टी के शासन का एंड। अब जानते हैं
  3317. 2:42:24चंद्रगुप्त मौर्य के राजा बनने के बाद के
  3318. 2:42:27कुछ अचीवमेंट्स को। चंद्रगुप्त मौर्यास
  3319. 2:42:29अचीवमेंट्स। मिलिट्री फ्रंट पर चंद्रगुप्त
  3320. 2:42:33मौर्य का सबसे पहला चैलेंज था सेल्यूकस
  3321. 2:42:36निकेटर से सामना। 35 बीसी के अराउंड इंडस
  3322. 2:42:40रिवर के वेस्ट के एरियाज में सेल्यूकस
  3323. 2:42:42निकेटर रूल कर रहे थे। यह एलेक्जेंडर के
  3324. 2:42:45गवर्नर थे। चंद्रगुप्त मौर्य और सेल्यूकस
  3325. 2:42:48निकेटर के बीच युद्ध में चंद्रगुप्त जीत
  3326. 2:42:50जाते हैं। अराउंड 33 बीसी में दोनों के
  3327. 2:42:54बीच एक शांति समझौता होता है। जिसमें
  3328. 2:42:57सेल्यूकस निकेटर ईस्टर्न अफगानिस्तान,
  3329. 2:43:00बलूचिस्तान और इंडस के वेस्ट का एरिया
  3330. 2:43:02चंद्रगुप्त मौर्य को दे देते हैं। दोनों
  3331. 2:43:05के बीच एक मैरिज अलायंस भी होता है। कहा
  3332. 2:43:08जाता है कि सेलुकस निकेटर अपनी बेटी की
  3333. 2:43:11शादी चंद्रगुप्त से करते हैं। साथ ही वह
  3334. 2:43:14ग्रीक एंबेसडर मेगस्थनीज को मौर्यन कोर्ट
  3335. 2:43:17में भेजते हैं। मेगस्थनीज काफी सालों तक
  3336. 2:43:20मौर्यन कोर्ट में रहते हैं और इंडिका नाम
  3337. 2:43:23की बुक लिखते हैं। इसके बारे में हम आगे
  3338. 2:43:25जानेंगे क्योंकि यह एक इंपॉर्टेंट
  3339. 2:43:27हिस्टोरिकल सोर्स बन जाता है मौर्यन
  3340. 2:43:29एंपायर का। इसके अलावा हिस्टोरियंस मानते
  3341. 2:43:32हैं कि वेस्टर्न इंडिया और डेक्कन में भी
  3342. 2:43:35चंद्रगुप्त अपना कंट्रोल इस्टैब्लिश करते
  3343. 2:43:37हैं। सिर्फ आज के केरला, तमिलनाडु और ईस्ट
  3344. 2:43:41इंडिया के पार्ट्स चंद्रगुप्त मौर्य के
  3345. 2:43:43एंपायर का हिस्सा नहीं थे। लेकिन अलग-अलग
  3346. 2:43:45पार्ट्स को जीतने की डिटेल्स हमें नहीं
  3347. 2:43:48मिलती। ग्रीक राइटर्स सिर्फ इतना लिखते
  3348. 2:43:51हैं कि 6 लाख की आर्मी से चंद्रगुप्त
  3349. 2:43:53मौर्य पूरे देश को जीत लेते हैं।
  3350. 2:43:56सौराष्ट्र या काठियावाड़ में इनका कंट्रोल
  3351. 2:43:58था। यह बात प्रूव होती है रुद्र दमन के
  3352. 2:44:01जूनागढ़ रॉक इं्रिप्शन से। इसमें लिखा गया
  3353. 2:44:04है कि चंद्रगुप्त मौर्य के गवर्नर
  3354. 2:44:06पुष्यगुप्ता ने यहां फेमस सुदर्शन लेखक को
  3355. 2:44:09बनवाया था। तो हम कह सकते हैं कि
  3356. 2:44:11चंद्रगुप्त मौर्य एक बहुत बड़ा एंपायर
  3357. 2:44:14इस्टैब्लिश करने में सफल होते हैं। फाइनली
  3358. 2:44:17वह अपने बेटे के फेवर में राजगद्दी छोड़
  3359. 2:44:20देते हैं और जैन मंक भद्रबाहु के साथ
  3360. 2:44:23कर्नाटका चले जाते हैं। यहां पर जैन
  3361. 2:44:26रिलीजियस सेंटर श्रावण बेलगोला में वह
  3362. 2:44:28अपनी बाकी की लाइफ स्पेंड करते हैं।
  3363. 2:44:31फाइनली जैन प्रैक्टिस सलखाना यानी स्लो
  3364. 2:44:34स्टारवेशन के द्वारा मृत्यु को प्राप्त
  3365. 2:44:37करते हैं। अब जानते हैं चंद्रगुप्त मौर्य
  3366. 2:44:39के सक्सेसर बिंदुसार के बारे में।
  3367. 2:44:42बिंदुसार
  3368. 2:44:44बिंदुसार चंद्रगुप्त मौर्य और उनकी पत्नी
  3369. 2:44:48दुर्धरा की संतान थे। एक लेजेंड के अनुसार
  3370. 2:44:51चाणक्य स्मॉल डोसेज में चंद्रगुप्त मौर्य
  3371. 2:44:54के खाने में पोइजन मिलाते थे। जिससे उनकी
  3372. 2:44:56बॉडी यूज्ड टू हो जाए और एनिमीज़ के द्वारा
  3373. 2:44:59पोइजन देने पर भी चंद्रगुप्त मौर्य की
  3374. 2:45:01मृत्यु ना हो। अनफॉर्चूनेटली प्रेगनेंसी
  3375. 2:45:04की लास्ट स्टेज में क्वीन दुर्धरा
  3376. 2:45:07चंद्रगुप्त मौर्य के लिए बना हुआ खाना खा
  3377. 2:45:09लेती हैं। चाणक्य समझ जाते हैं कि दुर्धरा
  3378. 2:45:12अब नहीं बचेंगे। इसलिए वह अनबॉर्न बच्चे
  3379. 2:45:15को बचाने का डिसीजन लेते हैं और तलवार से
  3380. 2:45:17दुर्धरा के वम को कट करके बच्चे को बचा
  3381. 2:45:21लेते हैं। जिसका नाम बाद में रखा जाता है
  3382. 2:45:23बिंदुसार।
  3383. 2:45:25297 बीसी में चंद्रगुप्त मौर्य के साउथ
  3384. 2:45:28चले जाने के बाद बिंदुसार राजा बनते हैं।
  3385. 2:45:31ग्रीक सोर्सेज में इनको एमिट्रोकटीज कहा
  3386. 2:45:34गया है। इनको स्लेेयर ऑफ फोर्स यानी कि
  3387. 2:45:37दुश्मनों का विनाश करने वाला भी बोला जाता
  3388. 2:45:39है। लेकिन इनकी विक्ट्रीज के बारे में
  3389. 2:45:42हिस्टोरिकल सोर्सेस में डिटेल नहीं मिलती।
  3390. 2:45:45लेकिन यह माना जाता है कि इनके ही रूल के
  3391. 2:45:47टाइम डेक्कन के एरिया पर मौर्यन कंट्रोल
  3392. 2:45:50इस्टैब्लिश होता है। इनके कांटेक्ट्स
  3393. 2:45:53सीरिया के सेलसिड राजा एंटियोकस वन के साथ
  3394. 2:45:56भी थे। यह एंटीियोकस से रिक्वेस्ट करते
  3395. 2:45:59हैं स्वीट वाइन, ड्राइड फिग्स और एक
  3396. 2:46:02सोफिस्ट भेजने के लिए। इनकी रिलीजियस
  3397. 2:46:05लीनिंग्स आजीविकास से की तरफ थी।
  3398. 2:46:08बुद्धिस्ट सोर्सेस के अनुसार इनकी डेथ
  3399. 2:46:10होती है अराउंड 273 से 272 बीसी में।
  3400. 2:46:14इसके बाद 4 साल तक इनके बेटों के बीच
  3401. 2:46:17युद्ध चलता है सक्सेशन के लिए जिसमें
  3402. 2:46:20अल्टीमेटली अशोक को जीत मिलती है और वह
  3403. 2:46:23बनते हैं मौर्यन डायनेस्टी के अगले राजा।
  3404. 2:46:26सम्राट अशोक के बारे में हम विस्तार से
  3405. 2:46:28अगले वीडियो में चर्चा करेंगे। और अब हम
  3406. 2:46:31जानते हैं मौर्यन एडमिनिस्ट्रेशन के बारे
  3407. 2:46:33में। मौर्यन एडमिनिस्ट्रेशन।
  3408. 2:46:37मौर्यन एंपायर चार प्रोविंसेस में विभाजित
  3409. 2:46:40था। उसकी सेंट्रल कैपिटल पाटलिपुत्र में
  3410. 2:46:43थी। चार प्रोविंशियल कैपिटल्स थी टोसाली,
  3411. 2:46:46उज्जैन, सुवर्णगिरी और तक्षशिला। मौर्यन
  3412. 2:46:50एंपायर हाईली सेंट्रलाइज्ड था। मतलब सारी
  3413. 2:46:53पावर का सोर्स सेंट्रल अथॉरिटी के पास था।
  3414. 2:46:56यह सेंट्रल अथॉरिटी किंग होता था। वही
  3415. 2:46:58मंत्रियों और ऑफिशियल्स को अपॉइंट करता
  3416. 2:47:01था। किंग को असिस्ट करने के लिए काउंसिल
  3417. 2:47:03ऑफ मिनिस्टर्स यानी कि एक मंत्री परिषद
  3418. 2:47:06होती थी। मंत्री परिषद के हेड को
  3419. 2:47:09मंत्रीपरिषद अध्यक्ष कहते थे। काउंसिल के
  3420. 2:47:13बाकी मेंबर्स थे युवराज यानी द क्राउन
  3421. 2:47:16प्रिंस पुरोहित यानी द चीफ प्रीस्ट, द
  3422. 2:47:19सेनापति यानी द कमांडर इन चीफ और अमात्य
  3423. 2:47:23यानी कि सिविल सर्वेंट्स एंड फ्यू अदर
  3424. 2:47:26मिनिस्टर्स। इसके अलावा मौर्यन एंपायर में
  3425. 2:47:29बहुत सारे ऑफिसर्स होते थे जो कुछ इस तरह
  3426. 2:47:31कैटेगराइज्ड थे। पहले तीर्थास और अमात्यास
  3427. 2:47:35यह हाई रैंकिंग ऑफिशियल थे आज के
  3428. 2:47:37सेक्रेटरीज की तरह। यह एडमिनिस्ट्रेटिव और
  3429. 2:47:40जुडिशियल रोल निभाते थे। इनकी संख्या 18
  3430. 2:47:44थी। दूसरे अध्यक्ष रैंक में यह तीर्थस के
  3431. 2:47:48बाद आते थे। टोटल 20 अध्यक्ष थे। इनके पास
  3432. 2:47:52मिलिट्री और इकोनॉमिक फंक्शनंस होते थे।
  3433. 2:47:54और थर्ड महामत्त हायर रैंकिंग ऑफिशियलल्स।
  3434. 2:47:59अध्यक्षस मिलकर एक सेक्रेटेरिएट बनाते थे
  3435. 2:48:02जो बहुत से डिपार्टमेंट्स में डिवाइड होता
  3436. 2:48:04था। जैसे कि रेवेन्यू, मिलिट्री,
  3437. 2:48:07एसपीएनआर्ज एंड पुलिस डिपार्टमेंट। इसके
  3438. 2:48:10अलावा प्रोविंशियल एडमिनिस्ट्रेशन में भी
  3439. 2:48:12अलग-अलग ऑफिसर्स होते थे। जैसे कि
  3440. 2:48:15प्रदेशिका यानी मॉडर्न डिस्ट्रिक्ट
  3441. 2:48:17मैजिस्ट्रेट्स। स्थानिका यानी टैक्स
  3442. 2:48:20कलेक्टिंग ऑफिसर अंडर प्रदेशिका।
  3443. 2:48:23दुर्गापाल यानी कि गवर्नर ऑफ फोर्ट।
  3444. 2:48:26अंतपाल यानी गवर्नर ऑफ फ्रंटियर। अक्षय
  3445. 2:48:29पटल यानी अकाउंटेंट जनरल। लीपगार्स यानी
  3446. 2:48:34स्क्राइब्स और गोपास रिस्पांसिबल फॉर
  3447. 2:48:37अकाउंटेंट्स एटसेट्रा। इन सारी इंफॉर्मेशन
  3448. 2:48:39से हम कह सकते हैं कि मौर्यास का
  3449. 2:48:41एडमिनिस्ट्रेशन सिस्टम बहुत डिवप्ड था। अब
  3450. 2:48:44बात करते हैं दो ऐसे सोर्सेस की जिससे
  3451. 2:48:47हमें मौर्यन एंपायर और एडमिनिस्ट्रेशन के
  3452. 2:48:49बारे में इंफॉर्मेशन मिलती है। कौटिल्य का
  3453. 2:48:52अर्थशास्त्र और मेगस्थनीज की इंडिका।
  3454. 2:48:56कौटिल्य एंड हिज अर्थशास्त्र।
  3455. 2:48:59कौटिल्य तक्षशिला यूनिवर्सिटी के स्कॉलर
  3456. 2:49:02थे। इनको चाणक्य या विष्णुगुप्त के नाम से
  3457. 2:49:04भी जाना जाता है। हमने थोड़ी देर पहले
  3458. 2:49:07देखा कि इन्होंने ही चंद्रगुप्त मौर्य की
  3459. 2:49:10हेल्प की थी नंदाज को हराने में। राजा
  3460. 2:49:13बनने के बाद चंद्रगुप्त मौर्य चाणक्य को
  3461. 2:49:15प्राइम मिनिस्टर बनाते हैं। कौटिल्य ने
  3462. 2:49:18लिखी थी अर्थशास्त्र जो कि एक बुक है
  3463. 2:49:21स्टेट क्राफ्ट और पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन
  3464. 2:49:23के ऊपर। यह संस्कृत लैंग्वेज में लिखी गई
  3465. 2:49:26थी। ओरिजिनल अर्थशास्त्र को 195 में
  3466. 2:49:31रुद्रप्न श्याम शास्त्री जो एक संस्कृत
  3467. 2:49:33स्कॉलर एंड लाइब्रेरियन थे उन्होंने
  3468. 2:49:36डिस्कवर किया था। अर्थशास्त्र 15 अधिकरणास
  3469. 2:49:39या सेक्शंस में डिवाइडेड है जिसमें पहले
  3470. 2:49:42पांच सेक्शंस डील करते हैं इंटरनल
  3471. 2:49:44एडमिनिस्ट्रेशन के टॉपिक को। नेक्स्ट एट
  3472. 2:49:47सेक्शंस में इंटरस्ट रिलेशंस को डिस्कस
  3473. 2:49:50किया गया है और लास्ट टू सेक्शंस में बाकी
  3474. 2:49:53मिसलेनियस टॉपिक्स मिलते हैं। इसमें
  3475. 2:49:56अराउंड 6000 श्लोकास हैं। इसका कंपैरिजन
  3476. 2:49:59मैकेवली की प्रिंस से किया जाता है।
  3477. 2:50:02अर्थशास्त्र में स्टेट की सप्तांग थ्योरी
  3478. 2:50:05हमें मिलती है। मतलब स्टेट के सात लिम्स
  3479. 2:50:08बताए गए हैं। जैसे कि किंग, मित्र यानी
  3480. 2:50:12फ्रेंड, दंड यानी आर्मी, कोष यानी
  3481. 2:50:15ट्रेजरी, दुर्ग यानी फोर्ट, जनपद यानी
  3482. 2:50:19टेरिटरी और अमात्य यानी मिनिस्टर्स। इसमें
  3483. 2:50:23स्लेव्स के नाइन टाइप्स बताए गए हैं।
  3484. 2:50:25आर्मी को चतुरंग बल कहा गया है। यानी कि
  3485. 2:50:28चार फोर्सेस होते थे। इनफेंट्री, कैवलरी,
  3486. 2:50:31चैरियट्स एंड एलीिफेंट्स। इसके अलावा हमने
  3487. 2:50:34मौर्यन एडमिनिस्ट्रेशन के बारे में जो
  3488. 2:50:36पढ़ा वो इंफॉर्मेशन भी हमें यहीं से मिलती
  3489. 2:50:38है। मौर्यन इकॉनमी के बारे में भी
  3490. 2:50:41अर्थशास्त्र में डिटेल्स मिलती हैं। जैसे
  3491. 2:50:44कि अलग-अलग टाइप्स के टैक्सेस फॉर
  3492. 2:50:46एग्जांपल लैंड रेवेन्यू यानी कि भाग वन
  3493. 2:50:50सिक्स्थ ऑफ प्रोड्यूस होता था। इसके अलावा
  3494. 2:50:52इरीगेशन टैक्स, टोल टैक्स, प्राणीय टैक्स
  3495. 2:50:55एटसेट्रा होते थे। ऑफिसर्स के बारे में हम
  3496. 2:50:58पहले ही डिस्कस कर चुके हैं। उनका नाम भी
  3497. 2:51:00हमें अर्थशास्त्र में मिलता है। इसके
  3498. 2:51:02अलावा राजा की कई ड्यूटीज होती थी। उसको
  3499. 2:51:05कैसे रूल करना चाहिए एटसेट्रा भी
  3500. 2:51:07अर्थशास्त्र डिटेल में डिस्क्राइब करती
  3501. 2:51:09है। इसका रेलेवेंस हम इसी बात से समझ सकते
  3502. 2:51:12हैं कि आज भी पॉलिटिकल थ्योरी में
  3503. 2:51:14अर्थशास्त्र की स्टडी की जाती है। अब बात
  3504. 2:51:17करते हैं दूसरे कंटेंपररी टेक्स्ट यानी कि
  3505. 2:51:20मेगस्थनीज की इंडिका की। मेगस्थनीज इज़
  3506. 2:51:24इंडिका। मेगस्थनीज सेलिकस निकेटर के
  3507. 2:51:27एंबेसडर थे। चंद्रगुप्त मौर्य के कोर्ट
  3508. 2:51:30में। इनकी बुक इंडिका भी इंपॉर्टेंट सोर्स
  3509. 2:51:33है मौर्यन पीरियड के लिए। लेकिन यह
  3510. 2:51:36ओरिजिनल फॉर्म में अवेलेबल नहीं है। हमें
  3511. 2:51:38इसकी इंफॉर्मेशन बाद के ग्रीक और रोमन
  3512. 2:51:41राइटर्स जैसे कि स्त्राबो, जस्टिन, प्ली,
  3513. 2:51:44एरेन एटसेट्रा के वक्स में मिलती है।
  3514. 2:51:47मेगस्थनीज ने मौर्यन कैपिटल पाटलिपुत्र के
  3515. 2:51:50बारे में डिटेल्ड इंफॉर्मेशन दी है।
  3516. 2:51:52क्योंकि उनका ज्यादा समय यहीं पर गुजरा
  3517. 2:51:54था। वह बताते हैं कि पाटलिपुत्र एक मोट
  3518. 2:51:57यानी कि खाई से घिरी हुई थी। पैलेस यानी
  3519. 2:52:01कि चंद्रगुप्त मौर्य का महल वुड का बना
  3520. 2:52:03हुआ था। इंडिका में कुछ ऐसी भी इंफॉर्मेशन
  3521. 2:52:06मिलती है जिसे हम सही नहीं मानते। जैसे कि
  3522. 2:52:09मेगस्थनीज कहते हैं कि यहां कोई स्लेव
  3523. 2:52:12नहीं था। लेकिन हमने देखा कि अर्थशास्त्र
  3524. 2:52:14में नाइन टाइप्स के स्लेव्स के बारे में
  3525. 2:52:17बताया गया है। हम यह कह सकते हैं कि यहां
  3526. 2:52:20स्लेव्स की कंडीशन वेस्टर्न वर्ल्ड के
  3527. 2:52:22जितनी खराब नहीं थी। इसलिए मेगस्थनीज को
  3528. 2:52:24लगता है कि कोई भी स्लेव नहीं है। इसके
  3529. 2:52:27अलावा वह सोसाइटी में सेवन क्लासेस बताते
  3530. 2:52:30हैं ना कि फोर वर्णास। यह सेवन क्लासेस थी
  3531. 2:52:34फिलॉसफर्स, कल्टीवेटर्स, हर्ड्समैन,
  3532. 2:52:37आर्टिजंस एंड ट्रेडर्स, सोल्जर्स,
  3533. 2:52:40ओवरसीयर्स एंड काउंसलर्स। मेगस्थनीज कहते
  3534. 2:52:43हैं कि इंडिया में दो भगवान को पूजा जाता
  3535. 2:52:45है। एक हेरेकलीस यानी कि लॉर्ड कृष्ण और
  3536. 2:52:49दूसरा डायनीस मतलब लॉर्ड शिव। यह कहा जा
  3537. 2:52:54सकता है कि इंडिका से हमें कंटेंपररी
  3538. 2:52:56मॉररियन पीरियड के बारे में काफी जानकारी
  3539. 2:52:58मिलती है। लेकिन ध्यान रखने वाली बात यह
  3540. 2:53:01है कि इसमें मिली इंफॉर्मेशन को बाकी के
  3541. 2:53:03कंटेंपररी सोर्सेज से एनालाइज करना जरूरी
  3542. 2:53:06है। तभी हम सही और गलत इंफॉर्मेशन में
  3543. 2:53:09फर्क कर सकते हैं। कंक्लूडिंग रिमार्क्स।
  3544. 2:53:12तो दोस्तों, हमने जाना कि कैसे एक हमंबल
  3545. 2:53:14ओरिजिन से शुरुआत करके चंद्रगुप्त मौर्य
  3546. 2:53:17बनाते हैं अपने टाइम का सबसे बड़ा एंपायर।
  3547. 2:53:20और कैसे इस एंपायर में एक स्ट्रांग
  3548. 2:53:23सेंट्रलाइज्ड एडमिनिस्ट्रेशन को मेंटेन
  3549. 2:53:25किया जाता था। कहा जाता है कि उनका एंपायर
  3550. 2:53:28कंपैरिजन में एलेग्जेंडर द ग्रेट के
  3551. 2:53:31एंपायर से कम नहीं था। उनकी ही लेगसी को
  3552. 2:53:33आगे बढ़ाते हैं उनके बेटे बिंदुसार जिनकी
  3553. 2:53:36कहानी हमने जानी और बिंदुसार के बाद आते
  3554. 2:53:39हैं अशोक जिनके बारे में हम नेक्स्ट
  3555. 2:53:42लेक्चर में पढ़ेंगे।
  3556. 2:53:44रेन ऑफ अशोका।
  3557. 2:53:47दोस्तों, हिस्टोरिकल रिकॉर्ड्स दुनिया भर
  3558. 2:53:51के महान राजाओं और उनके ग्लोरी की
  3559. 2:53:53कहानियों से भरे हुए हैं। ऐसी ही एक कहानी
  3560. 2:53:56है भारत के मौर्य डायनेस्टी के रूलर अशोका
  3561. 2:54:00द ग्रेट की। जिन्होंने मौर्य एंपायर को
  3562. 2:54:03एंशिएंट इंडिया का सबसे पावरफुल किंगडम
  3563. 2:54:06बना दिया।
  3564. 2:54:07लेकिन ग्रेट कॉनकरर्स और ग्रेट एंपायर्स
  3565. 2:54:10बिल्ड करने वाले राजाओं की इतिहास में कोई
  3566. 2:54:13कमी नहीं है। तो फिर ऐसा क्या है जो अशोका
  3567. 2:54:17को इतना पॉपुलर और ग्रेट बनाता है? ऐसा
  3568. 2:54:20क्या हुआ कि मॉडर्न हिस्टोरियंस जो
  3569. 2:54:22मोनाक्स को लेकर काफी क्रिटिकल है वो भी
  3570. 2:54:25अशोका की तारीफ करते नहीं थकते। दोस्तों,
  3571. 2:54:29इसका जवाब हमें अशोका की यूनिक लाइफ
  3572. 2:54:32ट्रेजेक्टरी में मिलता है। जिसमें कुछ ऐसी
  3573. 2:54:35अनबिलीवेबल और शानदार चेंजेस हुए जो
  3574. 2:54:39दुनिया भर के लिए मिसाल बन गए। हम आपको
  3575. 2:54:41बता दें कि अशोका के बारे में हिस्टोरिकल
  3576. 2:54:44रिकॉर्ड्स कहते हैं कि पहले वो एक बेहद
  3577. 2:54:47क्रूल और रुथलेस राजा थे। चाइनीस कॉलर
  3578. 2:54:52फाहिन तो यह तक लिखते हैं कि अशोका अपने
  3579. 2:54:55शुरुआती दौर में ऐसे लगते थे जैसे वो खुद
  3580. 2:54:58हेल से अलग-अलग टॉर्चर टेक्निक सीख कर आए
  3581. 2:55:01हो और इसीलिए उनका नाम चंड अशोका पड़ गया
  3582. 2:55:05मीनिंग द ब्रूटल अशोका। दोस्तों, हम इस
  3583. 2:55:09वीडियो में बात करेंगे अशोका की इसी लाइफ
  3584. 2:55:12ट्रेजेजरी के बारे में और समझेंगे कि ऐसा
  3585. 2:55:15कैसे हुआ कि अशोका जो एक टरेंट से कम नहीं
  3586. 2:55:18था उसका बनाया हुआ लायन कैपिटल वर्ल्ड्स
  3587. 2:55:22लार्जेस्ट डेमोक्रेसी का नेशनल एंबलम बन
  3588. 2:55:25गया। हम देखेंगे कि कैसे अशोका अपनी
  3589. 2:55:28रूथलेसनेस और क्रुल्टी को त्याग कर अहिंसा
  3590. 2:55:32और धम्म के प्रचारक बन गए और दुनिया भर
  3591. 2:55:35में शांति संदेश भेजने लगे। यह कहानी है
  3592. 2:55:40अशोका के चंड अशोका से धम्म अशोका बनने की
  3593. 2:55:44और उनके जीवन के उन पहलुओं की जो उन्हें
  3594. 2:55:47मॉडर्न सोसाइटी के पैराटर्स पर भी ग्रेट
  3595. 2:55:50बनाते हैं। आइए बात करते हैं बैकग्राउंड
  3596. 2:55:53की। बात 326 बीसी की है। जब पूरी दुनिया
  3597. 2:55:58को जीतने का सपना लेकर एलेक्जेंडर
  3598. 2:56:00मेसडोनिया से ब्यास तक पहुंचा। लेकिन भारत
  3599. 2:56:04के सबसे पावरफुल किंगडम मगध के नंद
  3600. 2:56:06डायनेस्टी के खौफ से उसकी सेना ने आगे
  3601. 2:56:09जाने से इंकार कर दिया। नतीजतन एलेक्जेंडर
  3602. 2:56:13वापस लौट गया। एलेक्जेंडर भारत में ज्यादा
  3603. 2:56:17कुछ अचीव तो नहीं कर पाया लेकिन उसने
  3604. 2:56:19नॉर्थ वेस्टर्न इंडिया की पिटी को
  3605. 2:56:22डिस्टेबलाइज करके रख दिया। जिसका फायदा
  3606. 2:56:24उठाकर चंद्रगुप्त मौर्य ने 320 बीसी पंजाब
  3607. 2:56:30में मौर्य किंगडम को इस्टैब्लिश किया और
  3608. 2:56:32उसे एक्सपेंड करते हुए नंद डायनेस्टी को
  3609. 2:56:35डिस्ट्रॉय और खुद को मगध का एपरर डिक्लेअर
  3610. 2:56:38कर दिया। मगध की कैपिटल प्रोस्परस सिटी
  3611. 2:56:42पाटली पुत्र थी जो प्रेजेंट डे पटना के
  3612. 2:56:45पास है। अशोका इन्हीं चंद्रगुप्त मौर्य के
  3613. 2:56:50ग्रैंडसन थे और बिंदुसारा के दूसरे बेटे।
  3614. 2:56:54अशोका की कैपेबिलिटीज की कहानियां मगध में
  3615. 2:56:57उनकी यंग एज से ही मशहूर थी। 18 साल में
  3616. 2:57:01ही तक्षशिला के एक मैसिव रिबेलियन को खत्म
  3617. 2:57:04कर वो अवंती के गवर्नर बने। इसके बावजूद
  3618. 2:57:07उनका थ्रोन हासिल करना नामुमकिन था
  3619. 2:57:10क्योंकि उनकी मां एक सिंपल फैमिली से थी।
  3620. 2:57:13जबकि क्राउन प्रिंस बिंदुसारा के बड़े
  3621. 2:57:16बेटे सुसीमा की मां एक प्रिंसेस थी। कुछ
  3622. 2:57:19सालों बाद तक्षशिला में फिर से विरोध हुआ।
  3623. 2:57:23सुशी तक्षशिला भेज दिए गए। जिसके कुछ
  3624. 2:57:26दिनों बाद बिंदुसारा की डेथ हो गई।
  3625. 2:57:29बिंदुसारा के मिनिस्टर्स अशोका को ज्यादा
  3626. 2:57:32कैपेबल मानते थे और इसीलिए उनके सपोर्ट
  3627. 2:57:35में अशोका मगध के एपरर डिक्लेअ कर दिए गए।
  3628. 2:57:39लेकिन जब सुसीमा को यह पता चला तो मगध में
  3629. 2:57:41सक्सेशन को लेकर कॉन्फ्लिक्ट हुआ। इस
  3630. 2:57:44कॉन्फ्लिक्ट का अंत 270 बीसी में अशोका की
  3631. 2:57:48विक्ट्री से हुआ। कुछ टेक्स्ट कहते हैं कि
  3632. 2:57:51अशोका ने अपने 99 ब्रदर्स को ब्रूटली मार
  3633. 2:57:55डाला। लेकिन इसकी हिस्टोरिसिटी कंटेस्टेड
  3634. 2:57:58है।
  3635. 2:58:00आइए बात करते हैं अशोका के रूल की। अशोकास
  3636. 2:58:05रूल सत्ता में आते ही अशोका के रुथलेसनेस
  3637. 2:58:09और डेस्पेटिज्म की कहानी स्टार्ट होती है।
  3638. 2:58:12किंगडम में एक टॉर्चर प्रजन बनाया गया
  3639. 2:58:15जिसको अशोकाज़ हेल कहते थे। जहां प्रजनर्स
  3640. 2:58:19और रेबल्स को टॉर्चरस पनिशमेंट्स दी जाती
  3641. 2:58:22थी। अशोका से उनके वो मिनिस्टर्स भी नाराज
  3642. 2:58:26थे जिन्होंने सक्सेशन में उनको सपोर्ट
  3643. 2:58:28किया था। खैर अशोका ने अपने चक्रवर्तन
  3644. 2:58:32यानी किंग ऑफ किंग्स बनने के सपने के लिए
  3645. 2:58:35एक्सपेंशनरी पॉलिसी फॉलो करते हुए एंपायर
  3646. 2:58:38को उसके चरम पर पहुंचा दिया। जो हिमालय से
  3647. 2:58:41लेकर मैसूर और हिंदू कुश से लेकर
  3648. 2:58:44ब्रह्मपुत्र तक फैल गया। लेकिन अशोका की
  3649. 2:58:48यह पॉलिसी एक विशेस साइकिल थी। इतने बड़े
  3650. 2:58:52एंपायर और राइजिंग मिलिट्री एक्सपेंडिचर
  3651. 2:58:55का मैनेजमेंट पुअर कम्युनिकेशन
  3652. 2:58:57टेक्नोलॉजीस की वजह से काफी एक्सपेंसिव
  3653. 2:58:59था। जिसे कंपनसेट करने के लिए और नए-नए
  3654. 2:59:03टेरिटरीज एनेक्स करना जरूरी हो जाता। और
  3655. 2:59:06यह सब इसलिए क्योंकि लैंड रेवेन्यू ही मेन
  3656. 2:59:09सोर्स ऑफ इनकम था। लगभग 260 से 261 बीसी
  3657. 2:59:14में हुए बैटल ऑफ कलिंगा का कॉज भी यही
  3658. 2:59:17पॉलिसी थी। कलिंगा पाटलिपुत्र के साउथ में
  3659. 2:59:21एक प्रोस्पोरस कोस्टल स्टेट था।
  3660. 2:59:25अशोका ने इस बैटल को पर्सनली लीड किया और
  3661. 2:59:28कलिंग के टफ ऑोजिशन के बाद भी उसे
  3662. 2:59:32कंप्लीटली डिस्ट्रॉय कर दिया। बैटल का
  3663. 2:59:35आउटकम काफी हॉरेिक था जिसमें 1 लाख की
  3664. 2:59:39डेथ, 1.5 लाख से ज्यादा डिस्प्लेस्ड और
  3665. 2:59:43हजारों लोग स्टारवेशन से मर गए।
  3666. 2:59:48कन्वर्जन टू बुद्धिज्म।
  3667. 2:59:51जब अशोका ने कलिंग का डिस्ट्रक्शन देखा तो
  3668. 2:59:54उनका जीवन हमेशा के लिए बदल गया। डेथ और
  3669. 2:59:57डिस्ट्रक्शन के इस हॉरिफिक सीन ने उनको
  3670. 3:00:00झकझोर कर रख दिया था।
  3671. 3:00:03दुनिया के इतिहास में अशोका शायद पहला
  3672. 3:00:06किंग हुआ जिसने विक्ट्री में जश्न नहीं
  3673. 3:00:09दुख व्यक्त किया। यह एक चेंज्ड मैन की
  3674. 3:00:13कहानी है जिसने पावर के लिए शायद अपने 99
  3675. 3:00:17भाइयों का कत्ल कर दिया था। कुछ
  3676. 3:00:18हिस्टोरियंस कहते हैं कि कलिंग वॉर के बाद
  3677. 3:00:21अशोका ने वायलेंस को कंप्लीटली छोड़कर
  3678. 3:00:25बुद्धिज्म को अपना लिया। लेकिन उन्हें
  3679. 3:00:27बुद्धिज्म में कन्वर्ट मोगली पुट तसा ने
  3680. 3:00:30किया या उपगुप्त ने इसको लेकर काफी विवाद
  3681. 3:00:33है। लेकिन श्रीलंकन टेक्स्ट दीपावंसा के
  3682. 3:00:36हिसाब से अशोका पहले ही बुद्धिस्ट मंक और
  3683. 3:00:39सुसीमा के बेटे निग्रोधा के अंडर
  3684. 3:00:42बुद्धिस्ट उपासक बन गए थे। अशोका अलग-अलग
  3685. 3:00:46आइडियाज को हमेशा समझने की कोशिश करते थे।
  3686. 3:00:50लेकिन वह सिर्फ निग्रोध से इंप्रेस हुए जो
  3687. 3:00:53अपने पिता सुशी के मर्डरर अशोका से मिलकर
  3688. 3:00:57बिल्कुल भी नाराज नहीं हुए। यह बात अशोका
  3689. 3:01:01को काफी इंट्रीगिंग लगी। वैसे निग्रोध
  3690. 3:01:04अशोका डायलॉग की हिस्टोरिसिटी भी डाउटफुल
  3691. 3:01:06है। अशोका का कन्वर्शन एग्जजेक्टली कब हुआ
  3692. 3:01:10यह बात डिबेटेबल है। लेकिन यह फैक्ट है कि
  3693. 3:01:13उनका कन्वर्शन ओवरनाइट नहीं हुआ। रोमिला
  3694. 3:01:17थापर कहती हैं कि अशोका एक इडिक्ट में खुद
  3695. 3:01:21लिखते हैं कि वह कलिंगा वॉर के 2 साल बाद
  3696. 3:01:24ही बुद्धिज्म के जेलस डेविटी बने। लेकिन
  3697. 3:01:27वहां भी कन्वर्शन डेट मेंशंड नहीं है। खैर
  3698. 3:01:31कलिंगा वॉर के बाद अशोका बोधी ट्री,
  3699. 3:01:34सारनाथ, लुंबिनी और कुशीनगर के पिल्गिमेज
  3700. 3:01:38पर गए और बुद्धिज्म के मैसेजेस को
  3701. 3:01:40अग्रेसिवली अपनी धम्म की पॉलिसी के थ्रू
  3702. 3:01:43स्प्रेड करने लगे।
  3703. 3:01:45हम आपको बता दें कि बोधी ट्री में गौतम
  3704. 3:01:48बुद्ध ने एनलाइटनमेंट अचीव किया। सारनाथ
  3705. 3:01:52में उन्होंने अपना पहला समन दिया। लुंबिनी
  3706. 3:01:56उनका बर्थ प्लेस है और कुशीनगर में
  3707. 3:01:59उन्होंने निर्वाणा अचीव किया। थर्ड
  3708. 3:02:02बुद्धिस्ट काउंसिल।
  3709. 3:02:04240 बीसी में अशोका ने थर्ड बुद्धिस्ट
  3710. 3:02:08काउंसिल ऑर्गेनाइज किया। इस काउंसिल का
  3711. 3:02:11कॉज था बुद्धिस्ट संघा में करप्शन और 6ाउज
  3712. 3:02:15एलेज्ड ब्राह्मणिक स्पाइस का संघा में
  3713. 3:02:17इनफिल्ट्रेशन।
  3714. 3:02:19काउंसिल में कुछ इंपॉर्टेंट डिसीजंस हुए
  3715. 3:02:22जैसे संघा को रिऑर्गनाइज करना। मोगली पुट
  3716. 3:02:27तस्सा द्वारा कथवा टू स्क्रिप्चर कंपाइल
  3717. 3:02:30किया गया। दुनिया भर में बुद्धिस्ट मिशनंस
  3718. 3:02:33भेजने का डिसीजन भी लिया गया। और अशोका ने
  3719. 3:02:36कश्मीर, गांधारा, बर्मा, सीरिया, इजिप्ट
  3720. 3:02:40और मेसडोनिया तक ऑन वॉइस भेजे। सबसे
  3721. 3:02:44इंपॉर्टेंट मिशन अशोका के चिल्ड्रन
  3722. 3:02:46Mahindra और संघमित्रा का माना जाता है।
  3723. 3:02:50लेजेंड्स संगमित्रा को श्रीलंकन कैपिटल
  3724. 3:02:53अनुराधापुरा में बोधी ट्री प्लांट करने का
  3725. 3:02:56क्रेडिट देते हैं जो वहां आज भी है और एक
  3726. 3:02:59सीक्रेट साइट है। इस पॉलिसी ने बुद्धिज्म
  3727. 3:03:03को श्रीलंका के अलावा तिबेट, चाइना, जापान
  3728. 3:03:07और साउथ ईस्ट एशिया तक पहुंचाया जो बाद
  3729. 3:03:10में एक वर्ल्ड रिलीजन बन गया। यह एक
  3730. 3:03:13मॉडर्न इंडिया की सॉफ्ट पावर का भी सोर्स
  3731. 3:03:15है। इसके बाद इंडिया के फॉरेन कांटेक्ट्स
  3732. 3:03:19एक नए रूप से इस्टैब्लिश हुए और इस फॉरेन
  3733. 3:03:22पॉलिसी ने अशोका को अपने बॉर्डर्स पीसफुली
  3734. 3:03:25सिक्योर करने में भी हेल्प किया। इन
  3735. 3:03:28कांटेक्ट्स का इन्फ्लुएंस अशोकन
  3736. 3:03:29आर्किटेक्चर में भी दिखता है। कुछ
  3737. 3:03:32स्कॉलर्स अशोकन पिलर्स को पर्शियन रूलर
  3738. 3:03:35डेरियस के स्टोन पिलर से ही इंस्पायर्ड
  3739. 3:03:38बताते हैं।
  3740. 3:03:40अशोकास धम्म अशोका के रोल की सबसे
  3741. 3:03:43इंपॉर्टेंट बात उनकी पॉलिसी ऑफ़ धम्म थी।
  3742. 3:03:46जो गौतम बुद्ध की मध्यम मार्ग की फिलॉसफी
  3743. 3:03:49से इन्फ्लुएंस्ड थी। यह हमें एक्सट्रीम
  3744. 3:03:52इंडजेंस इन वर्ल्डली प्लेजर और एक्सट्रीम
  3745. 3:03:55एसेटिज्म दोनों से बचने और मिडिल पाथ
  3746. 3:03:59अडॉप्ट करने का सजेशन देती है। इसीलिए
  3747. 3:04:03अशोका ने सिर्फ एक्सट्रीम मेथड्स को क्विट
  3748. 3:04:06किया लेकिन एसेटिज्म को अडॉप्ट नहीं किया।
  3749. 3:04:10लेकिन अशोका का धम्म सिर्फ बुद्धा की
  3750. 3:04:13टीचिंग नहीं बल्कि एक जनरल कोड ऑफ कंडक्ट
  3751. 3:04:16था।
  3752. 3:04:19यह बात नोट करने लायक है कि कैसे अशोका ने
  3753. 3:04:22बुद्धिस्ट आइडियल्स को यूज कर एक यूनिक और
  3754. 3:04:25इंस्पिरेशनल पॉलिटिकल सिस्टम बनाया। इस
  3755. 3:04:28सिस्टम के अंदर पिटरनल किंगशिप अशोका के
  3756. 3:04:32रूल का गाइडिंग प्रिंसिपल बना जिसमें
  3757. 3:04:34सिटीजंस का वेलफेयर टॉप मोस्ट प्रायोरिटी
  3758. 3:04:37था।
  3759. 3:04:39कहते हैं कि कलिंगा वॉर के बाद अशोका
  3760. 3:04:42पीपल्स किंग बन गए जो अपने सिटीजंस के
  3761. 3:04:45ग्रीवेंसेस को पर्सनली रिड्रेस और वेलफेयर
  3762. 3:04:48एक्टिविटीज प्रमोट करते थे। उन्होंने
  3763. 3:04:50मेडिसिनल ट्रीटमेंट, मेडिसिनल प्लांट्स का
  3764. 3:04:53प्लांटेशन और ट्रैवलर्स के लिए वेल्स, फूड
  3765. 3:04:56और शेड का इंतजाम किया। अशोका ने अहिंसा,
  3766. 3:05:01ट्रुथफुलनेस, रिस्पेक्ट फॉर एल्डर्स,
  3767. 3:05:04ह्यूमन ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स जैसे मैसेजेस
  3768. 3:05:07भी स्प्रेड किए। अशोका की पॉलिसी का एक
  3769. 3:05:10इंपॉर्टेंट हिस्सा रिलीजियस टॉलरेंस भी
  3770. 3:05:13था। भले ही अशोका बुद्धिस्ट थे, लेकिन
  3771. 3:05:17मौर्यन एंपायर बुद्धिस्ट थियोक्रेसी
  3772. 3:05:19बिल्कुल नहीं था। अशोका सभी रिलीजंस को
  3773. 3:05:22जेनरस डोनेशंस देते थे। उन्होंने धम्म
  3774. 3:05:26महामात्ता नाम के स्पेशल ऑफिसर्स भी
  3775. 3:05:28अपॉइंट किए। जिनका जॉब सभी रिलीजियस सेक्स
  3776. 3:05:31का वेलफेयर था। यहां तक कि बर्बर केव्स के
  3777. 3:05:35सुदामा और लोमास ऋषि केव्स को उन्होंने
  3778. 3:05:38आजीविका सेक्ट को डेडिकेट करने के लिए
  3779. 3:05:40बनवाया था। अशोका की इन्हीं काइंडनेस और
  3780. 3:05:43टॉलरेंस की पॉलिसीज की वजह से उनके
  3781. 3:05:46एडिक्ट्स उन्हें देवनाम पिया पियादशी
  3782. 3:05:49बोलते हैं। जिसका मीनिंग बिलवड ऑफ द गॉड्स
  3783. 3:05:52हु ट्रीट्स अदर्स वि काइंडनेस है।
  3784. 3:05:56अदर अचीवमेंट्स
  3785. 3:05:58गवर्नेंस के अलावा अशोका का कंट्रीब्यूशन
  3786. 3:06:00आर्किटेक्चर में भी इमेंस है और उन्हें
  3787. 3:06:03स्टोन स्ट्रक्चर्स का पायर माना जाता है।
  3788. 3:06:07इनमें सबसे इंपॉर्टेंट अशोकन पिलर्स हैं।
  3789. 3:06:10सारनाथ के लायन कैपिटल को तो आप जानते ही
  3790. 3:06:13होंगे। जो हमारे नेशनल एंबलम और उसमें
  3791. 3:06:16कार्वड अशोक चक्र हमारे नेशनल फ्लैग में
  3792. 3:06:19अडॉप्ट किए गए। यह दोनों धम्म के सिंबल्स
  3793. 3:06:23हैं। जिसमें वेलफेयरिज्म एक इंपॉर्टेंट
  3794. 3:06:26एलिमेंट था। जिसको अशोका ने तब अडॉप्ट
  3795. 3:06:29किया जब दूर-दूर तक वेलफेयरिज्म का
  3796. 3:06:32नामोनिशान नहीं था। इसीलिए यह हमारे नेशनल
  3797. 3:06:36सिंबल्स में है। खैर अशोकन पिलर्स चुनार
  3798. 3:06:41सैंड स्टोन के थे जो पूरे मौर्यन एंपायर
  3799. 3:06:44में मिलते हैं। उनका मेन पर्पस धम्म को
  3800. 3:06:48स्प्रेड करना था।
  3801. 3:06:50ऐसा कहते हैं कि यह इं्रिप्शंस डेली एक
  3802. 3:06:53ऑफिसर सारे सिटीजंस के सामने रीड करता था
  3803. 3:06:57और ऐसा लगता था कि शायद एपरर उनसे
  3804. 3:07:00डायरेक्टली बात कर रहे हैं। इसीलिए इनको
  3805. 3:07:03लार्जली लोकल लैंग्वेजेस जैसे पाली,
  3806. 3:07:06प्राकृत और एरोमेक में लिखा गया।
  3807. 3:07:10मेन इं्रिप्शंस में मेजर रॉक एडिक्ट फोर,
  3808. 3:07:1312 और 13 और माइनर एडिक्ट वन है। इडिक्ट
  3809. 3:07:18फोर रूल्स ऑफ मोरालिटी, इडिक्ट 12
  3810. 3:07:22रिलीजियस पॉलिसी, इडिक्ट 13 कलिंग वॉर और
  3811. 3:07:26माइनर एडिक्ट वन अशोका के बुद्धिस्ट उपासक
  3812. 3:07:30होने का डिस्क्रिप्शन देते हैं। कुछ
  3813. 3:07:32लेजेंड्स अशोका को पूरे भारत में 84,000
  3814. 3:07:36से ज्यादा स्तूपास बनाने का क्रेडिट भी
  3815. 3:07:39देते हैं। अशोक वंदना नाम के लेजेंड्स की
  3816. 3:07:42एंथोलॉजी के हिसाब से अशोक ने बुद्ध के
  3817. 3:07:46सेवन रेलिक्स को डिवाइड कर उन्हें 84,000
  3818. 3:07:49बॉक्सेस में रख दिया और उनके ऊपर स्तूपास
  3819. 3:07:52बनाने का ऑर्डर दिया।
  3820. 3:07:55हालांकि हिस्टोरियंस 84,000 स्तूपास को
  3821. 3:07:59एकजुरेशन मानते हैं। लेकिन अशोका ने कुछ
  3822. 3:08:02स्तूपास बनवाए जरूर जिनमें मोस्टेंट
  3823. 3:08:05यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट सांची
  3824. 3:08:08स्तूपा है। जो दुनिया भर में अपने
  3825. 3:08:10ग्रैंडोर के लिए फेमस है। भारहुत स्तूपा,
  3826. 3:08:14धामेक स्तूपा, अमरावती स्तूपा भी अशोका के
  3827. 3:08:18रूल में ही बने। अशोका को यूनेस्को वर्ल्ड
  3828. 3:08:22हेरिटेज साइट महाबोधी टेंपल गया को बनाने
  3829. 3:08:25का क्रेडिट भी दिया जाता है। वेयर गौतम
  3830. 3:08:28बुद्धा गेंड इनलाइटनमेंट। मौर्यन पैलेसेस
  3831. 3:08:32को तो मेगस्थनीज सबसे महान क्रिएशंस में
  3832. 3:08:35मानते हैं और फाहिन इनको गॉड गिफ्टेड
  3833. 3:08:38मोन्यूमेंट्स कहते हैं। इनमें मोस्ट फेमस
  3834. 3:08:41अशोका का पैलेस और पटना के कुम्हार का 80
  3835. 3:08:45पिलर्ड कोर्ट है।
  3836. 3:08:48डेथ एंड लेगसी। अशोका की डेथ पर भी कई
  3837. 3:08:52डिबेट्स हैं। एक लेजेंड के हिसाब से 232
  3838. 3:08:56बीसी में अशोका की एक वाइफ ने बोधी ट्री
  3839. 3:09:00को डिस्ट्रॉय कर दिया था। जिसके शोक में
  3840. 3:09:03उनकी डेथ हो गई। मृत्यु का सच जो भी हो।
  3841. 3:09:07लेकिन अशोका के बाद मौर्य डायनेस्टी की
  3842. 3:09:09ग्लोरी खत्म होने लगी। यह एक हिस्टोरिकल
  3843. 3:09:12फैक्ट है। हिस्टोरियन राय चौधरी इसका कॉज
  3844. 3:09:15अशोका की पेसिफिस्ट पॉलिसी को ही मानते
  3845. 3:09:18हैं। जिसने उनकी मिलिट्री स्ट्रेंथ को
  3846. 3:09:21कमजोर किया। लेकिन रोमिला थापर बोलती हैं
  3847. 3:09:24कि अशोका की पेसिफिस्ट पॉलिसी को ब्लेम
  3848. 3:09:27करना एग्जाजरेशन है। अशोका हमेशा एक
  3849. 3:09:30प्रगमेटिक एपरर रहे। जिनकी पैसिफिज्म का
  3850. 3:09:33मतलब मिलिट्री को डिसबैंड करना नहीं सिर्फ
  3851. 3:09:36मैक्सिमम रिस्ट्रेंट अडॉप्ट करना था।
  3852. 3:09:39मौर्यास के डिक्लाइन के दूसरे रीज़ंस जैसे
  3853. 3:09:42बैक्ट्रियन ग्रीक्स का इन्वेशन और लैक ऑफ
  3854. 3:09:45वर्दी सक्सेसर्स ज्यादा वैलिड माने जाते
  3855. 3:09:48हैं। खैर 185 बीसी में पुष्यमित्र शुंग ने
  3856. 3:09:53लास्ट मौर्य बृहद्रथ को अससिनेट कर मौर्य
  3857. 3:09:57एंपायर का अंत कर दिया। लेकिन अशोका की
  3858. 3:10:01लेगसी ने उसे इतिहास के पन्नों और लोगों
  3859. 3:10:04के दिलों में अमर बना दिया। अमर्त्य सेन
  3860. 3:10:07कहते हैं कि मॉडर्न सोसाइटीज में जहां
  3861. 3:10:10वॉर, वायलेंस और कम्युनलिज्म मेजर
  3862. 3:10:13प्रॉब्लम्स हैं, वहां अशोका की रिलीजियस
  3863. 3:10:16टॉलरेंस, इंडिविजुअल फ्रीडम और पीस की
  3864. 3:10:19पॉलिसीज काफी इंस्पिरेशनल हैं। उनकी लेगसी
  3865. 3:10:23की वजह से ही फेमस इंग्लिश राइटर एच जी
  3866. 3:10:26वेल्स लिखते हैं कि अमिट थाउजेंड्स ऑफ़
  3867. 3:10:29मोनिक्स दैट क्राउड द कॉलम्स ऑफ हिस्ट्री
  3868. 3:10:32द नेम ऑफ़ अशोका शाइन एंड शाइन ऑलमोस्ट
  3869. 3:10:36अलोन लाइक अ स्टार। अशोका के खुद के
  3870. 3:10:39शब्दों में कहें तो उनका सबसे बड़ा लेगसी
  3871. 3:10:42उनका मैसेज द फाइनेस्ट कॉन्क्वेस्ट इज द
  3872. 3:10:45कॉन्क्वेस्ट ऑफ द राइट नॉट माइट था।
  3873. 3:10:49डेवलपमेंट्स ड्यूरिंग 200 बीसी टू 300 एडी
  3874. 3:10:53आज हम कवर करने वाले हैं एंशिएंट इंडियन
  3875. 3:10:55हिस्ट्री का ऐसा पीरियड जिसे कन्वेंशनल
  3876. 3:10:58हिस्ट्री राइटिंग्स में डार्क पीरियड कहा
  3877. 3:11:01जाता है। यानी कि 200 बीसी से 300 एडी तक
  3878. 3:11:05का समय। ऐसा इसलिए क्योंकि 200 बीसी और
  3879. 3:11:08300 एडी के बीच कोई भी बड़ी इंपीरियल
  3880. 3:11:12डायनेस्टी नहीं रहती। बल्कि इस पीरियड के
  3881. 3:11:14दौरान बहुत सारी डायनेस्टीज अलग-अलग रीजन
  3882. 3:11:17में रूल करती हैं। बट क्या इस पीरियड को
  3883. 3:11:20डार्क एज कहना ठीक होगा? यह हम आज इस
  3884. 3:11:22वीडियो में जानने की कोशिश करेंगे। आज हम
  3885. 3:11:25इसी पीरियड की कुछ इंपॉर्टेंट डायनेस्टीज
  3886. 3:11:28को कवर करेंगे। जैसे सुंगास, कनवास,
  3887. 3:11:31इंडोग्रीक्स,
  3888. 3:11:33सकास, पार्थियंस, कुशानास, सातवाहनाज़ और
  3889. 3:11:37इश्वाकुस।
  3890. 3:11:39इसके अलावा हम इस पीरियड में हुई
  3891. 3:11:41इंपॉर्टेंट ट्रेड डेवलपमेंट और ट्रेड
  3892. 3:11:43गिल्ड्स को भी समझेंगे। तो चलिए शुरू करते
  3893. 3:11:46हैं सुंगास एंड कन्वस से। सुंगास एंड
  3894. 3:11:50कन्वस
  3895. 3:11:52नॉर्थ इंडिया में मौर्यन डायनेस्टी के बाद
  3896. 3:11:54आती है शुंग डायनेस्टी। इसके फाउंडर थे
  3897. 3:11:57पुष्यमित्र शुंग जो कि मौर्यन आर्मी में
  3898. 3:12:00एक सेनापति थे। लास्ट मौर्यन रूलर बृहद्रथ
  3899. 3:12:04को अराउंड 180 बीसी में मारने के बाद वह
  3900. 3:12:07शुंग डायनेस्टी को इस्टैब्लिश करते हैं।
  3901. 3:12:10सुंगास को ब्राह्मण वर्ण का माना जाता है।
  3902. 3:12:13कहा जाता है कि यह उज्जैन को बिलोंग करते
  3903. 3:12:16थे। पुष्यमित्र शुंग ने अश्वमेध यज्ञ भी
  3904. 3:12:19परफॉर्म किया था। बुद्धिस्ट सोर्सेस जैसे
  3905. 3:12:22कि दिव्य वादना में पुष्यमित्र्रा को
  3906. 3:12:24बुद्धिस्ट मोनेस्ट्रीज का डिस्ट्रयर कहा
  3907. 3:12:27गया है। पुष्यमित्र शुंग नॉर्थ वेस्ट की
  3908. 3:12:30तरफ से यवनाज यानी कि बैक्ट्रियन ग्रीक्स
  3909. 3:12:33के अटैक्स का भी सामना करते हैं और अपने
  3910. 3:12:35ग्रैंडसन अग्निमित्रा की हेल्प से इनको
  3911. 3:12:38हराने में कामयाब होते हैं। पुरानाज़ के
  3912. 3:12:40अनुसार पुष्यमित्र 36 साल तक रूल करते हैं
  3913. 3:12:44और उनके बाद रूलर बनते हैं अग्निमित्र
  3914. 3:12:46शुंग। अग्निमित्र सुंगा की बात करें तो
  3915. 3:12:50यही कालिदास के फेमस ड्रामा मालविका
  3916. 3:12:53अग्निमित्रम के हीरो हैं। इनके रूल में भी
  3917. 3:12:55बैक्ट्रियन ग्रीक्स के साथ फ्रीक्वेंट
  3918. 3:12:57क्लैशेस होते हैं। कहा जाता है कि यवनाज़
  3919. 3:13:00साकेत यानी कि मॉडर्न अयोध्या तक आ जाते
  3920. 3:13:03हैं। एक और इंपॉर्टेंट सुंग रूलर थे
  3921. 3:13:06बागभद्र। इनके कोर्ट में ही तक्षशिला के
  3922. 3:13:09राजा एंटीियल्किड्स के एंबेसडर हीलियोडोरस
  3923. 3:13:13आते हैं। हीलियोडोरस फेमस हैं अपने गरुड़ा
  3924. 3:13:16या बेसन नगर इं्रिप्शन के लिए। यह भागवत
  3925. 3:13:19रिलीजन अपना लेते हैं और विदिशा में
  3926. 3:13:21गरुड़ा पिलर का कंस्ट्रक्शन करवाते हैं जो
  3927. 3:13:24बागभद्रा की कैपिटल थी। बेसन नगर
  3928. 3:13:27इंक्रिप्शन सबसे पहला इंक्रिप्शनल एविडेंस
  3929. 3:13:30है भागवत रिलीजन का। यह अराउंड 113 बीसी
  3930. 3:13:34में बनवाया गया था। लास्ट सुंग रूलर थे
  3931. 3:13:37देवभूति। यह एक कंस्परेसी का शिकार हो
  3932. 3:13:40जाते हैं। जिसका मास्टरमाइंड खुद इनका ही
  3933. 3:13:43एक ब्राह्मण मंत्री होता है। और वह मंत्री
  3934. 3:13:46थे वासुदेव कनवा जो स्टार्ट करते हैं कनवा
  3935. 3:13:50डायनेस्टी अराउंड 75 बीसी में। लेकिन यह
  3936. 3:13:52डायनेस्टी बहुत लंबे समय तक नहीं रहती।
  3937. 3:13:55अराउंड 30 बीसी में इसका एंड हो जाता है।
  3938. 3:13:58कनवा डायनेस्टी के लास्ट रूलर थे सुशर्मा
  3939. 3:14:01जिन्हें सातवाहना डायनेस्टी के फाउंडर
  3940. 3:14:03सिमुका मार देते हैं। सातवाहना डायनेस्टी
  3941. 3:14:07के बारे में हम थोड़ी देर में डिटेल में
  3942. 3:14:09देखेंगे। दोस्तों, यह तो बात हुई नॉर्थ
  3943. 3:14:11इंडिया के रीजन की। अब चलते हैं नॉर्थ
  3944. 3:14:14वेस्ट की तरफ जहां बहुत से आउटसाइडर्स आकर
  3945. 3:14:16अपना रूल इस्टैब्लिश करते हैं। इनमें सबसे
  3946. 3:14:19पहले थे इंडोग्रीक्स। तो आइए उनके बारे
  3947. 3:14:21में जानते हैं। इंडोग्रीकस।
  3948. 3:14:25इंडो ग्रीक्स को इंडियन सोर्सेज जैसे कि
  3949. 3:14:28पुरानाज में यवनास कहा जाता है। यह
  3950. 3:14:30ओरिजिनली वेस्ट एशिया के सेल्यूसिड एंपायर
  3951. 3:14:33के शत्रप्स यानी कि सबोर्डिनेट्स थे। बाद
  3952. 3:14:37में जब सेल्यूसिड एंपायर कमजोर होने लगता
  3953. 3:14:40है तो अराउंड 250 बीसी में बैक्टीरिया के
  3954. 3:14:42ग्रीक गवर्नर डडोटस रिवोल्ट कर देते हैं
  3955. 3:14:45और एक इंडिपेंडेंट रूलर की तरह बैक्टीरिया
  3956. 3:14:48पर रूल करना शुरू करते हैं। बैक्टीरिया
  3957. 3:14:51सेंट्रल एशिया के एक एंशिएंट रीजन का नाम
  3958. 3:14:54है जो हिंदूकुश माउंटेन रेंज के नॉर्थ और
  3959. 3:14:56ऑक्सिस रिवर के साउथ यानी कि मॉडर्न डे
  3960. 3:14:59अफगानिस्तान के एरिया को कवर करता था।
  3961. 3:15:02सेंट्रल एशिया का एक नोमेडिक ट्राइब जिसका
  3962. 3:15:05नाम सीथियन था बैक्टीियन ग्रीक्स के लिए
  3963. 3:15:08खतरा बना हुआ था। चाइनीस वॉल के
  3964. 3:15:10कंस्ट्रक्शन के बाद सीथियंस चाइना की तरफ
  3965. 3:15:13मूव नहीं कर सकते थे। इसलिए वह बैक्टीरिया
  3966. 3:15:16की तरफ मूव करते हैं और अटैक करना शुरू
  3967. 3:15:18करते हैं। सीथियंस के अटैक से बचने के लिए
  3968. 3:15:21बैक्टीरियन ग्रीक्स इंडिया की तरफ मूव
  3969. 3:15:23करते हैं। और यही बैक्टीरियन ग्रीक्स जो
  3970. 3:15:26इंडिया में अपना एंपायर बनाते हैं
  3971. 3:15:28इंडोग्रीक कहे जाते हैं। सबसे इंपॉर्टेंट
  3972. 3:15:31इंडोग्रीक किंग थे मिनांडा और मिलिंदा।
  3973. 3:15:35इनके टाइम में यानी कि अराउंड 165 बीसी
  3974. 3:15:37में ग्रीक पावर स्वार्थ वैली से पंजाब तक
  3975. 3:15:40फैली हुई थी। पंजाब के सकला यानी मॉडर्न
  3976. 3:15:44सियालकोट में इनकी कैपिटल थी। मिनांडर
  3977. 3:15:47बुद्धिस्ट मंक नागसेना के इन्फ्लुएंस में
  3978. 3:15:50बुद्धिज्म में कन्वर्ट होते हैं। मिनांडर
  3979. 3:15:53नागसेना से बहुत सारे क्वेश्चंस पूछते हैं
  3980. 3:15:56बुद्धिज्म के बारे में। यह क्वेश्चंस और
  3981. 3:15:58उनके आंसर्स एक बुक के फॉर्म में रिकॉर्ड
  3982. 3:16:00किए जाते हैं जिसका नाम है मिलिंद पन्हा।
  3983. 3:16:03इंडोग्रीक पहले ऐसे रूलर्स थे जिन्होंने
  3984. 3:16:06इंडिया में गोल्ड कॉइंस इशू किए थे। यह
  3985. 3:16:09कॉइंस इंडोग्रीक्स की हिस्ट्री का
  3986. 3:16:11वैल्यूुएबल सोर्स भी हैं। कॉइंस के ऊपर
  3987. 3:16:14रूलर का नाम और इमेज होती थी और साथ ही
  3988. 3:16:16उनका टाइम पीरियड भी जिससे हमें इन रूलर्स
  3989. 3:16:19के बारे में जानकारी मिलती है। हमें
  3990. 3:16:22अराउंड 30 इंडोग्रीक रूलर्स के बारे में
  3991. 3:16:24पता चलता है उनके कॉइंस की हेल्प से। इन
  3992. 3:16:28कॉइंस पर इंडियन और ग्रीक में इं्रिप्शंस
  3993. 3:16:31थे और कुछ कॉइंस पर इंडियन डेटीज की
  3994. 3:16:33इमेजेस भी मिलती हैं। इंडो ग्रीक्स के
  3995. 3:16:36टाइम में ही पहली बार बुद्धा की इमेज
  3996. 3:16:39वरशिप शुरू होती है। इसके अलावा सबसे
  3997. 3:16:41ज्यादा ग्रीक इन्फ्लुएंस आर्ट एंड
  3998. 3:16:43स्कल्प्चर में देखने को मिलता है। जैसे कि
  3999. 3:16:45गांधारा स्कूल ऑफ आर्ट। इंडो ग्रीक्स के
  4000. 3:16:47बाद जो डायनेस्टी नॉर्थ वेस्ट एरिया में
  4001. 3:16:49कंट्रोल एस्टैब्लिश करती है, वह थे साकास
  4002. 3:16:53यानी कि सीथियंस। तो आइए अब उनके बारे में
  4003. 3:16:56जानते हैं। साकास साकास सेंट्रल एशिया के
  4004. 3:17:01नोमेडिक ट्राइब्स में से एक थे। सेंट्रल
  4005. 3:17:03एशिया की एक और ट्राइब यूएची साकास को
  4006. 3:17:06अटैक करते हैं। जिसकी वजह से साकास को
  4007. 3:17:09बैक्ट्रियन बॉर्डर छोड़कर इंडिया की तरफ
  4008. 3:17:11माइग्रेट करना पड़ता है। साकास इंडोग्रीक
  4009. 3:17:14रूलर्स को हराकर इंडिया के नॉर्दन और
  4010. 3:17:17नॉर्थ वेस्टर्न रीजन पे अपना कंट्रोल बना
  4011. 3:17:20लेते हैं। साकास फाइव ब्रांचेस में
  4012. 3:17:22डिवाइडेड थे। इनकी एक ब्रांच थी अपर डेकन
  4013. 3:17:26में। सेकंड ब्रांच का इन्फ्लुएंस था पंजाब
  4014. 3:17:28में। इनकी कैपिटल तक्षशिला थी। थर्ड
  4015. 3:17:31ब्रांच का होल्ड वेस्टर्न इंडिया के ऊपर
  4016. 3:17:33था। फोर्थ ब्रांच मथुरा में सेटल थी। और
  4017. 3:17:36फिफ्थ अफगानिस्तान में। मोयज़ और मोगा
  4018. 3:17:40फर्स्ट साका किंग थे। यह गांधारा के ऊपर
  4019. 3:17:43रूल करते हैं। यानी कि आज के पाकिस्तान और
  4020. 3:17:46अफगानिस्तान के रीजन में। इनकी कैपिटल थी
  4021. 3:17:48पाकिस्तानी पंजाब के सिरकप एरिया में।
  4022. 3:17:51इनके पुत्र एज एज वन बाकी की इंडोग्रीक
  4023. 3:17:55टेरिटरीज को भी जीत लेते हैं। आफ्टर
  4024. 3:17:57डिफीटिंग द लास्ट ग्रीक रूलर
  4025. 3:17:59हिपोस्ट्रेटोस्को।
  4026. 3:18:00सबसे ज्यादा लंबे समय तक रूल करते हैं
  4027. 3:18:03वेस्टर्न ब्रांच के साकर्स। यह लगभग फोर
  4028. 3:18:06सेंचुरीज तक पावर में रहते हैं। आइए इनके
  4029. 3:18:09कुछ इंपॉर्टेंट रूलर्स को जानते हैं।
  4030. 3:18:11चष्टाना रेन 78 एडी टू 130 एडी। साकास की
  4031. 3:18:17वेस्टर्न क्षत्रप्स यानी सैट्रप्स
  4032. 3:18:19डायनेस्टी जो उज्जैन से रूल करती थी वहां
  4033. 3:18:22के राजा थे। इनके 78 एडी में पावर में आने
  4034. 3:18:25पर ही साका एरा की शुरुआत मानी जाती है।
  4035. 3:18:29रुद्रदमन वन रेन 130 एडी टू 152 एडी सभी
  4036. 3:18:34शाका रूलर्स में सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट
  4037. 3:18:36माने जाते हैं। यह चष्टाना के ग्रैंडसन
  4038. 3:18:39थे। इनके किंगडम में कुंकण, नर्मदा वैली,
  4039. 3:18:42काठियावाड़, गुजरात और मालवा शामिल थे।
  4040. 3:18:46इन्होंने काठियावाड़ में सुदर्शन लेक को
  4041. 3:18:48रिपेयर कराया था। सुदर्शन लेखक गिरनार हिल
  4042. 3:18:51के मिडिल में लोकेटेड थी। इसको सबसे पहले
  4043. 3:18:54चंद्रगुप्त मौर्य के ऑर्डर पर उनके गवर्नर
  4044. 3:18:57पुष्यगुप्त वैश्या ने कंस्ट्रक्ट कराया
  4045. 3:18:59था। इसके बाद अशोका के टाइम में उनके
  4046. 3:19:02ग्रेट मास्टर तशास्प ने इस लेखक को
  4047. 3:19:04रिबिल्ड और स्ट्रेंथन कराया। यहीं पर
  4048. 3:19:07रुद्र दमन ने संस्कृत का सबसे पहला
  4049. 3:19:09इं्रिप्शन भी इशू किया था। जिसे जूनागढ़
  4050. 3:19:12इं्रिप्शन या गिरनार इं्रिप्शन कहा जाता
  4051. 3:19:15है। यह साका ईयर 72 यानी कि 150 एडी में
  4052. 3:19:19इंक्राइब्ड किया गया था। इसको ब्राह्मी
  4053. 3:19:22स्क्रिप्ट और संस्कृत लैंग्वेज में लिखा
  4054. 3:19:24गया है। इस इं्रिप्शन में 20 लाइंस हैं।
  4055. 3:19:27जिसमें से पहली आठ लाइन सुदर्शन लेक के
  4056. 3:19:30रेस्टोरेशन के बारे में है। इसके अलावा
  4057. 3:19:33इसमें रुद्रदमन के मालवा, सौराष्ट्र,
  4058. 3:19:35नॉर्दन कोंकण और नर्मदा वैली के
  4059. 3:19:38कॉनक्वेस्ट की इंफॉर्मेशन भी मिलती है। यह
  4060. 3:19:41भी बताया गया है कि इन्होंने सातवाहना
  4061. 3:19:43रूलर सातकर्णी को दो बार हराया था। लेकिन
  4062. 3:19:46सातवाहनाज़ की पावर को पूरी तरह डिस्ट्रॉय
  4063. 3:19:49नहीं किया था क्योंकि सातवाहनाज़ के साथ
  4064. 3:19:51इनके मैरिटल रिलेशंस थे। वशिष्ठी पुत्र
  4065. 3:19:54सातकर्णी इनके सन इन लॉ थे। रुद्र दमन के
  4066. 3:19:58बाद इस एरिया में साकाज़ का रूल बना रहता
  4067. 3:20:00है फोर्थ सेंचुरी एडी के एंड तक। इनके रूल
  4068. 3:20:03का एंड होता है जब वेस्टर्न सत्रप के
  4069. 3:20:05लास्ट साका रूलर रुद्रसिम्हा थर्ड को
  4070. 3:20:08गुप्ता डायनेस्टी के चंद्रगुप्त द सेकंड
  4071. 3:20:11हरा देते हैं। नॉर्थ वेस्ट पार्ट के साका
  4072. 3:20:14रूलर्स को सक्सीड करते हैं पार्थियंस।
  4073. 3:20:16चलिए इनके बारे में जानते हैं। पार्थियंस
  4074. 3:20:21ऐसा कहा जाता है कि पार्थियंस ईरान को
  4075. 3:20:24बिलोंग करते थे और वहां से माइग्रेट करके
  4076. 3:20:26यह इंडिया आते हैं। फर्स्ट सेंचुरी एडी
  4077. 3:20:29में नॉर्थ वेस्ट के स्मॉल पोर्शन में यह
  4078. 3:20:31अपना कंट्रोल इस्टैब्लिश कर पाते हैं।
  4079. 3:20:33इनको इंडियन सोर्सेज में पहलावास कहा जाता
  4080. 3:20:36है। सबसे रिनाउंड पार्थियन किंग थे
  4081. 3:20:39गोंडोफर्नीस। इनका रूल काबुल से लेकर
  4082. 3:20:42पंजाब तक था। गोंडो फर्नीस के टाइम में ही
  4083. 3:20:45सेंट टॉमस क्रिश्चियनिटी का प्रचार करने
  4084. 3:20:47के लिए इंडिया आते हैं। पार्थियंस को फॉलो
  4085. 3:20:50करते हैं कुशानास। आइए जानते हैं कुशानास।
  4086. 3:20:55कुशानास भी एक सेंट्रल एशियन ट्राइब थी
  4087. 3:20:58जिन्हें टोकरियंस या यूएचीस भी कहा जाता
  4088. 3:21:01है। इनफैक्ट यूएस ट्राइब फाइव क्लस में
  4089. 3:21:05डिवाइडेड थी। कुशानास इन्हीं में से एक
  4090. 3:21:07क्लैन था। सबसे पहले यह नॉर्थ अफगानिस्तान
  4091. 3:21:10पर कंट्रोल इस्टैब्लिश करते हैं और फिर
  4092. 3:21:12धीरे-धीरे काबुल वैली की तरफ आते हैं और
  4093. 3:21:15गांधारा को कंकर कर लेते हैं। कुषाण
  4094. 3:21:18एंपायर उत्तर प्रदेश के वाराणसी से
  4095. 3:21:20सेंट्रल एशिया के खुरासान तक और ऑक्सस से
  4096. 3:21:24गंगा रिवर तक फैला हुआ था। कुषाण एंपायर
  4097. 3:21:27के फाउंडर थे कुजूल कैडफिसीस। यह काबुल के
  4098. 3:21:31एरिया में रूल करते हैं। अराउंड 50 एडी
  4099. 3:21:34वीमा कैडफसीज जो कुजुल कैटफसीज को सक्सीड
  4100. 3:21:37करते हैं। पहले कुषाण रूलर थे जिन्होंने
  4101. 3:21:40गोल्ड कॉइंस इशू किए थे। इनके कॉइंस पर
  4102. 3:21:43लॉर्ड शिवा और नंदी की इमेज मिलती है।
  4103. 3:21:46सबसे इंपॉर्टेंट कुषाण रूलर माने जाते हैं
  4104. 3:21:49कनिष्क जो रूल करते हैं 78 एडी से 10001
  4105. 3:21:53एडी तक। इनकी कैपिटल थी पुरुषपुर यानी कि
  4106. 3:21:57मॉडर्न पेशावर इन पाकिस्तान। मथुरा इनकी
  4107. 3:22:00सेकंड कैपिटल थी। इनका एंपायर ईस्ट में
  4108. 3:22:02पाटलिपुत्र तक फैला हुआ था और वेस्ट में
  4109. 3:22:05अफगानिस्तान और बैक्टीरिया तक। कनिष्क के
  4110. 3:22:08कोट में पांच फेमस पर्सनालिटीज शामिल थी
  4111. 3:22:12जिन्हें पंचरत्न भी कहते हैं। यह थे
  4112. 3:22:15अश्वघोष, पार्श्व, वासुमित्र, चरक और
  4113. 3:22:19नागार्जुना। इन्होंने देवपुत्र का टाइटल
  4114. 3:22:22अडॉप्ट किया था। कनिष्क ने चाइनीस एपरर के
  4115. 3:22:26खिलाफ दो बार इन्वेशन किया। जिसमें पहली
  4116. 3:22:29बार इनको हार का सामना करना पड़ा था।
  4117. 3:22:31लेकिन दूसरी बार में इनको जीत मिलती है।
  4118. 3:22:34कुशांस ने अपने खुद के टेंपल्स भी बनवाए।
  4119. 3:22:37मतलब इन टेंपल्स में कुषाण राजाओं की पूजा
  4120. 3:22:40होती थी। कनिष्क के टॉरसो का स्टैच्यू
  4121. 3:22:42हमें मथुरा में मिलता है जो मथुरा के ही
  4122. 3:22:45म्यूजियम में रखा गया है। कनिष्क ने
  4123. 3:22:48कश्मीर में फोर्थ बुद्धिस्ट काउंसिल भी
  4124. 3:22:50ऑर्गेनाइज कराई थी। बुद्धिज्म के महायान
  4125. 3:22:53फॉर्म की डॉक्ट्रिंस इसी काउंसिल में
  4126. 3:22:55फाइनललाइज्ड होती हैं। पुरुषपुर में एक
  4127. 3:22:57मोनेस्ट्री और स्तूपा भी कनिष्क ने बनवाया
  4128. 3:23:00था। सिल्क रूट जहां से वर्ल्ड ट्रेड का
  4129. 3:23:03मेजर पोर्शन होकर गुजरता था कनिष्क के
  4130. 3:23:06एंपायर का पार्ट थी। जिससे इन्हें काफी
  4131. 3:23:08रेवेन्यू मिलता था। इनके टाइम पीरियड में
  4132. 3:23:11गांधारा और मथुरा स्कूल अवार्ड काफी
  4133. 3:23:14डेवलप्ड होते हैं। कनिष्क के सक्सेसर्स
  4134. 3:23:17रूल करना कंटिन्यू रखते हैं। लगभग एक और
  4135. 3:23:19सेंचुरी तक। लास्ट इंपॉर्टेंट रूलर माना
  4136. 3:23:22जाता है वासुदेव को। इनके बाद कुषाण
  4137. 3:23:25एंपायर का डिक्लाइन शुरू हो जाता है। थर्ड
  4138. 3:23:28सेंचुरी के मिड में ईरान में ससेनियन पावर
  4139. 3:23:31का राइज होता है जो कुषाण एंपायर के
  4140. 3:23:33अफगानिस्तान और इंडस के वेस्ट वाले
  4141. 3:23:36पार्ट्स को जीत लेते हैं। इसके बाद
  4142. 3:23:38कुशानाज़ की पोजीशन रिड्यूस होकर ससेनियन
  4143. 3:23:40के सबोर्डिनेट्स की रह जाती है। कुशानाज़
  4144. 3:23:43ने अपने टाइम में जो कॉइंस इशू किए वो इस
  4145. 3:23:46टाइम पीरियड और कुषाण रूलर्स के बारे में
  4146. 3:23:48काफी इंपॉर्टेंट इनेशन देते हैं। जैसे कि
  4147. 3:23:51इनके कॉइंस पर अलग-अलग रिलीजियस ट्रेडिशंस
  4148. 3:23:54के मोटिव्स देखने को मिलते हैं। जैसे
  4149. 3:23:56बुद्धा, शिवा, पर्शियन फायर, गॉड अताश,
  4150. 3:24:00ग्रीक डेटीस, हीलियोस और सिलीन एटसेट्रा
  4151. 3:24:03की इमेजेस। इससे कुषाण रूलर्स के रिलीजियस
  4152. 3:24:06टोलरेंट नेचर का पता चलता है। इसके अलावा
  4153. 3:24:09लार्ज नंबर में कॉइंस का इशू होना इनकी
  4154. 3:24:12स्ट्रांग इकोनॉमिक कंडीशंस को भी दर्शाता
  4155. 3:24:14है। इनके कॉइंस हमें एंपायर की बाउंड्री
  4156. 3:24:16के बाहर जैसे कि वेस्टर्न एशिया के रीजंस
  4157. 3:24:19में और रोमन एंपायर तक मिलते हैं जो बताता
  4158. 3:24:22है कि इन एरियाज के साथ कुशानास के ट्रेड
  4159. 3:24:25रिलेशंस थे। दोस्तों, यह तो कहानी थी
  4160. 3:24:28नॉर्दन पार्ट की। अब चलते हैं डेक्कन के
  4161. 3:24:31रीजन की तरफ जहां सातवाहना डायनेस्टी अपना
  4162. 3:24:34एंपायर बनाती है। सातवाहनाज़
  4163. 3:24:38पुरानाज़ में सातवाहनाज़ को आंध्राज़ बोला
  4164. 3:24:41गया है। यह ब्राह्मण वर्ण को बिलोंग करते
  4165. 3:24:44थे। सिमुका को सातवाहनास डायनेस्टी का
  4166. 3:24:46फाउंडर माना जाता है। इनके भाई कृष्णा वन
  4167. 3:24:49या कान्हा के बारे में हमें नासिक के
  4168. 3:24:51इं्रिप्शन से पता चलता है। पहले
  4169. 3:24:54इंपॉर्टेंट रूलर थे सत्कर्णी वन जो 27
  4170. 3:24:57बीसी से 17 बीसी तक रूल करते हैं। इनकी
  4171. 3:25:00वाइफ का नाम था नागनिका। नागनिका ने ही
  4172. 3:25:04नाना घाट इं्रिप्शन इशू किया था। जिससे
  4173. 3:25:07हमें इंपॉर्टेंट सातवाहनाज़ रूलर्स के बारे
  4174. 3:25:09में पता चलता है। सत्कर्णी वन ने अश्वमेध
  4175. 3:25:13यज्ञ भी ऑर्गेनाइज किया था। इस यज्ञ के
  4176. 3:25:15बाद उन्होंने सिल्वर के कॉइंस इशू किए
  4177. 3:25:18जिसमें उनकी वाइफ नागनिका का नाम इनग्रेव
  4178. 3:25:21था। इन्होंने दक्षिण पथपति का टाइटल
  4179. 3:25:24अडॉप्ट किया था। एक और इंपॉर्टेंट रूलर था
  4180. 3:25:26हाला जो फेमस हैं गट सप्तसती के राइटर के
  4181. 3:25:30रूप में। यह प्राकृत लैंग्वेज में लिखी गई
  4182. 3:25:32थी। सातवाहना डायनेस्टी के सबसे
  4183. 3:25:34इंपॉर्टेंट रूलर माने जाते हैं गौतमी
  4184. 3:25:37पुत्र शतकर्णी। इनके बारे में हमें पता
  4185. 3:25:40चलता है नासिक इं्रिप्शन से। नासिक
  4186. 3:25:43इं्रिप्शन इनकी मदर गौतमी बालश्री ने इशू
  4187. 3:25:46किया था। इसमें गौतमी पुत्र सत्कर्णी की
  4188. 3:25:49मिलिट्री कॉन्क्वेस्ट्स की डिटेल्स मिलती
  4189. 3:25:51हैं। यह रूल करते हैं 106 एडी से 130 एडी
  4190. 3:25:56तक। इन्होंने ही वेस्टर्न डेक्कन और
  4191. 3:25:58गुजरात के क्षत्रपज यानी सका रूलर्स को
  4192. 3:26:01हराया था। गौतमी पुत्र शतकर्णी के बाद
  4193. 3:26:04रूलर बनते हैं। इनके पुत्र वशिष्ठ पुत्र
  4194. 3:26:07पुलमावी। इनको सका रूलर रुद्रदमन ने दो
  4195. 3:26:10बार हराया था। यह अपनी कैपिटल चेंज करके
  4196. 3:26:13बनाते हैं पैठन या प्रतिष्ठान इन मॉडर्न
  4197. 3:26:16डे महाराष्ट्र। लास्ट इंपॉर्टेंट सातवाहना
  4198. 3:26:20रूलर थे यज्ञसरी सातकर्णी। इनको भी साका
  4199. 3:26:24रूलर हरा देते हैं। इनके बाद सातवाहना
  4200. 3:26:26किंगडम इनके सक्सेसर्स के बीच डिवाइड हो
  4201. 3:26:29जाता है और धीरे-धीरे डिक्लाइन कर जाता
  4202. 3:26:31है। सातवाहनाज़ ने अमरावती स्कूल अवार्ड को
  4203. 3:26:34पेटनाइज किया था। सातवाहनाज़ को फॉलो करती
  4204. 3:26:37है इवाकू डायनेस्टी। आइए इनके बारे में भी
  4205. 3:26:40जानते हैं। इ्वाकुस।
  4206. 3:26:43सातवाहनाज़ डायनेस्टी के फॉल के बाद आंध्रा
  4207. 3:26:46रीजन में रूल करते हैं इ्वाकुस। मत्स्य
  4208. 3:26:49पुराण के अनुसार इवाको डायनेस्टी के सात
  4209. 3:26:52राजा अराउंड 52 इयर्स तक यहां रूल करते
  4210. 3:26:54हैं। फाउंडर थे श्री संतमूला। इन्होंने
  4211. 3:26:57सातवाहनाज़ के लास्ट किंग पुलमावी द थर्ड
  4212. 3:27:00को हराया था। इनकी कैपिटल थी विजयपुरी।
  4213. 3:27:03श्री संतमूला के पुत्र वीरा पुरुषा दत्ता
  4214. 3:27:06अगले राजा बनते हैं और इन्हें इक्षवाकु
  4215. 3:27:09डायनेस्टी का ग्रेटेस्ट किंग माना जाता है
  4216. 3:27:11और साउथ इंडिया का अशोका भी कहा जाता है।
  4217. 3:27:14इन्हें श्री पर्वताधिपति भी बोला जाता है।
  4218. 3:27:17नागार्जुनाकोंडा, अमरावती, जगाया पेटा,
  4219. 3:27:21उपुग गुंदू एंड अलरू जैसे इं्रिप्शंस इनके
  4220. 3:27:25ग्लोरियस रेन के बारे में इंफॉर्मेशन देते
  4221. 3:27:27हैं। यह शुरुआत में वैदिक रिलजन को फॉलो
  4222. 3:27:31करते थे। लेकिन बाद में बुद्धिज्म अडॉप्ट
  4223. 3:27:33करते हैं। यह बुद्धिज्म फॉलो करने वाले
  4224. 3:27:36इक्षवाकु डायनेस्टी के अकेले राजा थे।
  4225. 3:27:38इनके टाइम पीरियड को महायान बुद्धिज्म का
  4226. 3:27:41गोल्डन पीरियड भी कह सकते हैं। वीर पुरुष
  4227. 3:27:44दत्त के पुत्र थे इवाला संतूमला। यह श्री
  4228. 3:27:47पर्वत यूनिवर्सिटी में पुरुषभद्र टेंपल का
  4229. 3:27:50कंस्ट्रक्शन कंप्लीट कराते हैं। जिसकी
  4230. 3:27:53शुरुआत इनके पिताजी ने की थी। एवला
  4231. 3:27:55संथूमला के पुत्र रुद्र पुरुष दत्त इवाकू
  4232. 3:27:59डायनेस्टी के लास्ट रूलर थे। मंचिक
  4233. 3:28:02इं्रिप्शन के अनुसार इनको पल्लव डायनेस्टी
  4234. 3:28:05के नरसिम वर्मन ने डिफीट किया था।
  4235. 3:28:08दोस्तों, यह तो बात हुई 200 बीसी से 300
  4236. 3:28:12एडी के बीच हुए पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स की।
  4237. 3:28:15इसके अलावा यह पीरियड अपने ट्रेड
  4238. 3:28:17डेवलपमेंट्स के लिए भी जाना जाता है। तो
  4239. 3:28:19आइए अब बात करते हैं इस पीरियड में हुई
  4240. 3:28:22इंपॉर्टेंट ट्रेड डेवलपमेंट्स के बारे
  4241. 3:28:24में। ट्रेड डेवलपमेंट्स फ्रॉम 200 बीसी टू
  4242. 3:28:28300 एडी। दोस्तों, इस पीरियड में ट्रेड
  4243. 3:28:31एंड कॉमर्स का बहुत तेजी से विस्तार होता
  4244. 3:28:33है। इंटरनल और एक्सटर्नल दोनों ही तरह का
  4245. 3:28:36ट्रेड होता था। इंटरनल ट्रेड के लिए दो
  4246. 3:28:39मेन रूट्स थे। उत्तर पथ और दक्षिण पथ।
  4247. 3:28:42उत्तर पथ का मार्ग पुष्कलावती या मॉडर्न
  4248. 3:28:46छरसड्डा से तक्षशिला, मथुरा, कौशांबी,
  4249. 3:28:49वाराणसी होते हुए पाटलिपुत्र और वहां से
  4250. 3:28:52चंपा और चंद्रकेतु गढ़ तक जाता था। दक्षिण
  4251. 3:28:56पथ जो गंगा वैली से गोदावरी वैली तक जाता
  4252. 3:28:59था। साउथ इंडिया के इंपॉर्टेंट ट्रेड
  4253. 3:29:01सेंटर्स जैसे कि प्रतिष्ठाना और टेरर को
  4254. 3:29:04जोड़ता था। इंटरनल ट्रेड का काम करने वाले
  4255. 3:29:07मर्चेंट्स के अलग-अलग नाम हमें कंटेंपररी
  4256. 3:29:09टेक्स्ट में मिलते हैं। जैसे जनरल ट्रेडर
  4257. 3:29:13को वाणिक बोलते थे। फाइनेंसर को सिद्धि और
  4258. 3:29:16कैरवान के लीडर को अर्थवाह कहा जाता था।
  4259. 3:29:19सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट डेवलपमेंट देखने
  4260. 3:29:21को मिलता है एक्सटर्नल ट्रेड में। वेस्ट
  4261. 3:29:24में रोमन एंपायर के साथ और ईस्ट में
  4262. 3:29:26चाइनीस हान एंपायर के साथ ट्रेड रिलेशंस
  4263. 3:29:28मजबूत होते हैं। पेरिप्लस ऑफ एरथ्रियन सी
  4264. 3:29:31में रोमन एंपायर के साथ इंडिया के ट्रेड
  4265. 3:29:34की डिटेल्स मिलती हैं। एक्सपोर्ट के मेन
  4266. 3:29:36आइटम्स थे पेपर, पर्ल्स, सिल्क, सैफरन एंड
  4267. 3:29:40प्रेशियस स्टोंस अमोंग्स अदर्स। रोमन
  4268. 3:29:43एंपायर से इंडिया में इंपोर्ट होने वाले
  4269. 3:29:45आइटम्स थे ग्लासवेयर, टिन, लिनन, वाइन,
  4270. 3:29:49कॉपर एटसेट्रा। इसके अलावा चाइना और रोमन
  4271. 3:29:52एंपायर के बीच सिल्क ट्रेड में इंडियन
  4272. 3:29:55मर्चेंट्स इंटरमीडियरीज का रोल भी निभाते
  4273. 3:29:57थे। एक्सटर्नल ट्रेड का एक रूट बैक्टीरिया
  4274. 3:30:00से होते हुए ब्लैक सी तक जाता था और दूसरा
  4275. 3:30:04रूट कांधार और हेरात से एक बाटना तक जहां
  4276. 3:30:08से फिर ट्रेडर्स लैंड के रास्ते ईस्टर्न
  4277. 3:30:10मेडिटेरेनियन कोस्ट तक पहुंचते थे। ट्रेड
  4278. 3:30:13के डेवलपमेंट में मेजर रोल प्ले करती हैं
  4279. 3:30:15गिल्ड्स। आइए जानते हैं गिल्ड्स के बारे
  4280. 3:30:18में थोड़ा डिटेल में। ट्रेड गिल्ड्स।
  4281. 3:30:22एंशिएंट पीरियड में एक ही जैसे क्राफ्ट और
  4282. 3:30:25ऑक्यूपेशन को फॉलो करने वाले और एक ही
  4283. 3:30:27रीजन में रहने वाले लोग गिल्ड के फॉर्म
  4284. 3:30:30में खुद को ऑर्गेनाइज करते थे। वैसे तो
  4285. 3:30:33गिल्ड्स हमें मौर्यन एंपायर से ही देखने
  4286. 3:30:35को मिलती हैं। लेकिन 200 बीसी के बाद जब
  4287. 3:30:37ट्रेड बढ़ने लगता है तो गिल्ड्स का नंबर
  4288. 3:30:40भी बढ़ता है और इनकी एक्टिविटीज भी।
  4289. 3:30:43गिल्ड्स अपने मेंबर्स को ट्रेनिंग देती
  4290. 3:30:45थी। उनके लिए रॉ मटेरियल प्रोक्योर करती
  4291. 3:30:48थी और सेल के लिए मार्केट भी देखती थी।
  4292. 3:30:51इसके अलावा गिल्ड्स बैंकर्स या ट्रस्टीज
  4293. 3:30:53का रोल भी प्ले करती थी। गिल्ड्स के कुछ
  4294. 3:30:56जुडिशियल फंक्शनंस भी देखने को मिलते हैं।
  4295. 3:30:59जैसे कि यह इंश्योर करते थे कि इनके
  4296. 3:31:01मेंबर्स स्टेट के लॉस को फॉलो करें और
  4297. 3:31:04गिल्ड के अपने रूल्स को भी। गिल्ड्स का एक
  4298. 3:31:07और इंपॉर्टेंट रोल था। वो था रिलीजियस और
  4299. 3:31:10चैरिटेबल एक्टिविटीज में इनका
  4300. 3:31:11कंट्रीब्यूशन। बहुत सारे एग्जांपल्स मिलते
  4301. 3:31:14हैं जहां गिल्ड्स ने टेंपल या मोनेस्ट्री
  4302. 3:31:16को दान दिया हो। जैसे कि मंदसौर इं्रिप्शन
  4303. 3:31:19में लिखा है कि एक सिल्क वीवर्स की गिल्ड
  4304. 3:31:22सूर टेंपल को रनोवेट कराने के लिए हेल्प
  4305. 3:31:24करती है। तो हम कह सकते हैं कि ट्रेड
  4306. 3:31:26गिल्ड्स इस पीरियड में सिर्फ ट्रेड ही
  4307. 3:31:29नहीं बल्कि हर फील्ड में बढ़-चढ़कर हिस्सा
  4308. 3:31:32लेती हैं। कंक्लूजन। दोस्तों, हमने देखा
  4309. 3:31:35कि कैसे 200 बीसी से 300 एडी तक का समय
  4310. 3:31:38किसी एक लार्ज डायनेस्टी का ना होकर बहुत
  4311. 3:31:41सारी डायनेस्टीज का पीरियड था। लेकिन एक
  4312. 3:31:43लार्ज डायनेस्टी ना होने का यह मतलब नहीं
  4313. 3:31:46था कि इस पीरियड में कोई इंपॉर्टेंट
  4314. 3:31:48डेवलपमेंट्स नहीं हुए। बल्कि इस पीरियड
  4315. 3:31:50में जैसा हमने देखा ट्रेड और कॉमर्स में
  4316. 3:31:53काफी डेवलपमेंट्स हुए। इसके अलावा इस
  4317. 3:31:55पीरियड में आर्ट और कल्चर भी डेवलप होता
  4318. 3:31:58है। जिसकी डिटेल्ड डिस्कशन हम आर्ट एंड
  4319. 3:32:01कल्चर सेक्शन में करेंगे। संगम एज सदर्न
  4320. 3:32:05इंडिया में हिस्टोरिकल पीरियड की शुरुआत
  4321. 3:32:07मानी जाती है संगम एज से। ऐसा इसलिए
  4322. 3:32:10क्योंकि उससे पहले तक यहां मेगालिथिक
  4323. 3:32:13पीरियड चल रहा था जो प्री हिस्टोरिक
  4324. 3:32:15पीरियड का हिस्सा है। ज्योग्राफिकली सदर्न
  4325. 3:32:18इंडिया का मतलब हुआ रिवर कृष्णा और
  4326. 3:32:20तुंगभद्रा के साउथ का एरिया। और संगम
  4327. 3:32:23पीरियड की टाइमलाइन की बात करें तो इसे
  4328. 3:32:25थर्ड सेंचुरी बीसी और थर्ड सेंचुरी एडी के
  4329. 3:32:28बीच का पीरियड माना जाता है। तो चलिए शुरू
  4330. 3:32:31करते हैं आज का डिस्कशन जो कि है संगम एज
  4331. 3:32:35पे जिसमें हम डिटेल में इसके वेरियस
  4332. 3:32:37एस्पेक्ट्स को समझेंगे। सबसे पहले जानते
  4333. 3:32:39हैं कि इसको संगम पीरियड क्यों कहा जाता
  4334. 3:32:42है और क्या मतलब है संगम का?
  4335. 3:32:45मीनिंग ऑफ संगम। इस पीरियड का नाम पड़ा है
  4336. 3:32:48यहां होने वाली संगम असेंबलीज यानी कि
  4337. 3:32:51एकेडमी ऑफ तमिल पोएट्स के ऊपर। यह
  4338. 3:32:54असेंबलीज मदुराई के पांड्या किंग्स के
  4339. 3:32:56पेट्रिननेज में ऑर्गेनाइज की गई थी। इन
  4340. 3:32:59संगम्स में बहुत से इंपॉर्टेंट स्कॉलर्स
  4341. 3:33:01असेंबल होते हैं और लिटरेचर का कंपाइलेशन
  4342. 3:33:04करते हैं एंथोलॉजीस के फॉर्म में। यह
  4343. 3:33:06लिटरेरी वक्स द्रविडियन लिटरेचर के सबसे
  4344. 3:33:09पहले स्पेसिमस माने जाते हैं।
  4345. 3:33:12तमिल लेजेंड्स के अनुसार तीन संगम्स
  4346. 3:33:15ऑर्गेनाइज की गई थी। माना जाता है कि
  4347. 3:33:17फर्स्ट संगम मदुराई में हुई थी जिसे अटेंड
  4348. 3:33:20किया था गॉड्स और लेजेंडरी सेजेस ने। इस
  4349. 3:33:23संगम का कोई भी लिटरेरी वर्क अवेलेबल नहीं
  4350. 3:33:26है। सेकंड संगम ऑर्गेनाइज की गई थी
  4351. 3:33:28काबदापुरम में। इस संगम का सिर्फ एक
  4352. 3:33:31लिटरेरी वर्क सर्वाइव करता है जो है
  4353. 3:33:34टोलकापियम। थर्ड संगम भी मदुराई में होती
  4354. 3:33:37है। इसमें लिखे गए बहुत से तमिल लिटरेरी
  4355. 3:33:40वक्स सर्वाइव करते हैं और संगम पीरियड की
  4356. 3:33:43हिस्ट्री को रिकंस्ट्रक्ट करने का यूज़फुल
  4357. 3:33:45सोर्स भी हैं। तो आइए अब जानते हैं संगम
  4358. 3:33:48लिटरेचर के डिटेल्स।
  4359. 3:33:51संगम लिटरेचर। संगम लिटरेचर को अराउंड 300
  4360. 3:33:54से 600 एडी में कंपाइल किया गया था। इसे
  4361. 3:33:58हम रफली दो ग्रुप्स में डिवाइड कर सकते
  4362. 3:34:00हैं। पहला नैरेटिव और दूसरा डैक्टिक।
  4363. 3:34:04नैरेटिव टेक्स्ट्स को मेल कंडकु या 18
  4364. 3:34:08मेजर वर्क्स कहा जाता है। जिसमें एट
  4365. 3:34:11एंथोलॉजीस यानी एक्टोगई और 10 एडल्स
  4366. 3:34:15जिन्हें पट्टूपट्टू कहते हैं। डैक्टिक
  4367. 3:34:18टेक्स्ट को किलकु या 18 माइनर वक्स बोला
  4368. 3:34:22जाता है। सब कुछ मिलाकर संगम लिटरेचर में
  4369. 3:34:26शामिल हैं। टोल का पीएम इट टोगई पट्टू
  4370. 3:34:30पट्टू पतिनेन किल कनक्कू और दो एपिक्स
  4371. 3:34:33सीलपतिकरम
  4372. 3:34:34और मनी मेगल सबसे पहले बात करते हैं
  4373. 3:34:38टोलकपियम की। टोलकपियम को लिखा था टोल
  4374. 3:34:41कपियार ने। इसको सभी तमिल लिटरेचर वर्क्स
  4375. 3:34:44में अर्लियस्ट माना जाता है। वैसे तो यह
  4376. 3:34:47तमिल ग्रामर के बारे में है लेकिन उस टाइम
  4377. 3:34:50की पॉलिटिकल और सोशियो इकोनॉमिक कंडीशंस
  4378. 3:34:52के बारे में भी इससे इंफॉर्मेशन मिलती है।
  4379. 3:34:56अगला है एटोगई मतलब एट एंथोलॉजीस जिसमें
  4380. 3:35:00आते हैं एट वर्क्स जो थे आयन गुरु नरनाई
  4381. 3:35:05अग्नानुरु
  4382. 3:35:07पूर्णानु कुरगई पितोगई परिपल और पदरूप
  4383. 3:35:13नेक्स्ट है पट्टू पट्टू यानी 10 इडल्स जो
  4384. 3:35:1710 वर्क से बनता है इसमें शामिल थे
  4385. 3:35:20तिरुमुगर पढ़ाई पोरु पढ़ाई सिरुपनारू
  4386. 3:35:25पढ़ाई
  4387. 3:35:26पेर पार पई मुिया पट्टू नेदुल मेदुरईजी
  4388. 3:35:32कुरिंजी पट्टू पट्ट ना पई और मई पदुकडम
  4389. 3:35:37इट टोग और पट्टू पट्टू के वक्स को हम
  4390. 3:35:40फर्दर डिवाइड कर सकते हैं थीम के बेसिस पे
  4391. 3:35:42दो पार्ट्स में लव यानी कि अहम और वेलर
  4392. 3:35:46मतलब पुरम।
  4393. 3:35:49नेक्स्ट है पति नेन किल कनक्कू जो कि
  4394. 3:35:52एथिक्स और मोरल्स के ऊपर लिखे गए 18 वक्स
  4395. 3:35:55का कलेक्शन है जिसमें सबसे ज्यादा
  4396. 3:35:58इंपॉर्टेंट है तिरुकुरल जिसको लिखा था
  4397. 3:36:01तिरुव्लवर ने एपिक्स में शीला पट्टिकम के
  4398. 3:36:05राइटर थे इलांगो अगल और मणि मेघालय के
  4399. 3:36:09सितललाई सत्यनार यह एपिक्स भी संगम
  4400. 3:36:12सोसाइटी और पिटी के बारे में वैल्यूुएबल
  4401. 3:36:14डिटेल्स देते हैं। यह एपिक्स अराउंड
  4402. 3:36:17सिक्स्थ सेंचुरी एडी में कंपोज की गई थी।
  4403. 3:36:20शीला पथ्यकरम को अर्ली तमिल लिटरेचर का
  4404. 3:36:22ब्राइटेस्ट जेम माना जाता है। इसमें एक
  4405. 3:36:25कोवलन नाम के पर्सन की स्टोरी है जो अपनी
  4406. 3:36:28वाइफ कन्नगी को छोड़कर कावेरीपट्टनम की
  4407. 3:36:31कोटिजन माधवी से प्यार करता है। दूसरी
  4408. 3:36:35एपिक मणिघलाई को लिखने वाले शीतलाई
  4409. 3:36:38सत्यनार मदुराई के एक ग्रेन मर्चेंट थे।
  4410. 3:36:41इन्होंने कोवलन और माधवी की डॉटर की लाइफ
  4411. 3:36:44के एडवेंचर्स के बारे में लिखा है। संगम
  4412. 3:36:47लिटरेचर के अलावा भी कुछ सोर्सेज हैं जो
  4413. 3:36:49हमें इस पीरियड की इंफॉर्मेशन देते हैं।
  4414. 3:36:52चलिए उनके बारे में भी जानते हैं। अदर
  4415. 3:36:55सोर्सेस संगम पीरियड के बारे में हमें
  4416. 3:36:57अलग-अलग सोर्सेस से डिटेल्स मिलती हैं।
  4417. 3:37:00जैसे कि मेगस्थनीज, स्ट्राबो, प्ली और
  4418. 3:37:03टोलमी जैसे ग्रीक राइटर्स वेस्ट और साउथ
  4419. 3:37:06इंडिया के बीच के ट्रेड कांटेक्ट्स की
  4420. 3:37:08इंफॉर्मेशन देते हैं। अशोकन इं्रिप्शंस
  4421. 3:37:11में चेरा, चोला और पांड्या रूलर्स को
  4422. 3:37:14मौर्यन एंपायर के साउथ में बताया गया है।
  4423. 3:37:17वहीं कलिंग के राजा खारवेला के हाथी गुमफा
  4424. 3:37:20इं्रिप्शन में भी तमिल किंगडम्स का मेंशन
  4425. 3:37:22मिलता है। यह तो बात हुई डिफरेंट सोर्सेस
  4426. 3:37:25की। आइए अब जानते हैं संगम पीरियड की
  4427. 3:37:28पॉलिटिकल सिचुएशन के बारे में। पॉलिटिकल
  4428. 3:37:31हिस्ट्री ऑफ़ संगम पीरियड। संगम एज के
  4429. 3:37:35दौरान साउथ इंडिया को तीन डायनेस्टीज रूल
  4430. 3:37:38करती थी जो थी चेराज, चोलाज़ और पांड्याज।
  4431. 3:37:42एक-एक करके इनके बारे में जानते हैं। शुरू
  4432. 3:37:45करते हैं चेराज से।
  4433. 3:37:48चेराज़। चेराज़ केरला के सेंट्रल और नॉर्दन
  4434. 3:37:51पार्ट्स और तमिलनाडु के कोंगू रीजन को
  4435. 3:37:54कंट्रोल करते थे। इनकी कैपिटल वजी थी।
  4436. 3:37:57वेस्टर्न कोस्ट के पोर्ट्स जैसे कि
  4437. 3:38:00मुसीरीज और टोंडी पर इनका कंट्रोल था।
  4438. 3:38:03चेरा का रॉयल एंबलम बो एंड एरो था। फर्स्ट
  4439. 3:38:06सेंचुरी एडी के पुगलूर इं्रिप्शन में चेरा
  4440. 3:38:09रूलर्स की तीन जनरेशंस का रेफरेंस मिलता
  4441. 3:38:12है। रोमंस के साथ ट्रेड रिलेशंस की वजह से
  4442. 3:38:15चेरास कीेंस बढ़ती है। रोमंस ने चेरा
  4443. 3:38:19किंगडम में ऑगस्टस का टेंपल भी बनवाया था।
  4444. 3:38:22चेरास के ग्रेटेस्ट रूलर थे सिंुतवन
  4445. 3:38:25जिन्हें रेड चेरा या गुड चेरा भी कहते
  4446. 3:38:28हैं। यह सेकंड सेंचुरी एडी को बिलोंग करते
  4447. 3:38:30थे। इनकी मिलिट्री अचीवमेंट्स की डिटेल्स
  4448. 3:38:34हमें एपिक सिलाकरम में मिलती है। इसमें
  4449. 3:38:38इनकी हिमालयन एक्सपिडिशन के बारे में भी
  4450. 3:38:40लिखा गया है। जहां इन्होंने बहुत सारे
  4451. 3:38:42नॉर्थ इंडियन रूलर्स को हराया था।
  4452. 3:38:45सिंघुत्त वन तमिलनाडु में पटनी कल्ट या
  4453. 3:38:49क्नगी की आइडियल वाइफ के रूप में वरशिप
  4454. 3:38:52स्टार्ट करते हैं। यह साउथ इंडिया से
  4455. 3:38:54चाइना के लिए एंबेसी सेंड करने वाले पहले
  4456. 3:38:56राजा थे। आइए अब जानते हैं चोलास के बारे
  4457. 3:39:00में।
  4458. 3:39:02चोलाज़ चोलाज़ तमिलनाडु के नॉर्दन और
  4459. 3:39:05सेंट्रल पार्ट्स को कंट्रोल करते थे। इनके
  4460. 3:39:07रूल का कोर एरिया कावेरी डेल्टा था जिसे
  4461. 3:39:10बाद में चोला मंडलम के नाम से जाना जाता
  4462. 3:39:13है। इनकी कैपिटल तिरुचरपल्ली टाउन के पास
  4463. 3:39:16उयूर में थी।
  4464. 3:39:19पोहार या कावेरीपट्टनम इनका चीफ पोर्ट
  4465. 3:39:22टाउन था। इनका रॉयल एंबलेम था टाइगर।
  4466. 3:39:25चोलाज़ एक एफिशिएंट नेवी भी मेंटेन करते
  4467. 3:39:28थे। संगम चोलास के फेमस किंग थे किंग
  4468. 3:39:31करगड़ा। पट्टन बड़ाई में इनकी लाइफ और
  4469. 3:39:35मिलिट्री कॉन्क्वेस्ट्स का डिस्क्रिप्शन
  4470. 3:39:37मिलता है। बहुत सी संगम पोएम्स बैटल ऑफ
  4471. 3:39:40वेनी को मेंशन करती हैं। जहां इन्होंने
  4472. 3:39:43चेराज़, पांड्याज और 11 माइनर चीफेंस की
  4473. 3:39:46कन्फेडरेसी को डिफीट किया था। करीकड़ा की
  4474. 3:39:49मिलिट्री अचीवमेंट्स इन्हें उस टाइम के
  4475. 3:39:51पूरे तमिल रीजन का ओवरलोड बना देती हैं।
  4476. 3:39:54इनके रूल में ट्रेड एंड कॉमर्स काफी
  4477. 3:39:56फ्लोरिश करता है। करिकला को पोहार पोर्ट
  4478. 3:40:00सिटी का फाउंडर कहा जाता है। इन्होंने
  4479. 3:40:02कावेरी रिवर के अलोंग 160 कि.मी. का
  4480. 3:40:05इंबैंकमेंट भी कंस्ट्रक्ट कराया था।
  4481. 3:40:09आइए अब जानते हैं पांड्याज के बारे में।
  4482. 3:40:12पांड्याज पांड्याज मदुराई से रूल करते थे।
  4483. 3:40:15कोरकई इनका मेन पोर्ट था जो थाम्र प्रपानी
  4484. 3:40:18और बे ऑफ़ बंगाल के कॉन्फ्लुएंस के पास
  4485. 3:40:21लोकेटेड था। यह अपनी पर्ल फिशरी के लिए
  4486. 3:40:23फेमस था। इनका रॉयल एंबलम फिश था।
  4487. 3:40:26इन्होंने ही तमिल संगम्स को पेट्रोनाइज
  4488. 3:40:28किया था और संगम पोएम्स के कंपाइलेशन को
  4489. 3:40:31फैसिलिटेट किया था। यह वैदिक रिलीजन को
  4490. 3:40:35मानते थे और ब्राह्मण प्रीस्ट्स को पिटनेज
  4491. 3:40:37प्रोवाइड करते थे। इनकी पावर कड़ाभ्रास
  4492. 3:40:40नाम के ट्राइब के इन्वजन के बाद डिक्लाइन
  4493. 3:40:43कर जाती है। संगम एज के बाद करीब एक
  4494. 3:40:46सेंचुरी से भी ज्यादा समय तक पांड्य
  4495. 3:40:48डायनेस्टी अपनी सिग्निफिकेंस खो देती है।
  4496. 3:40:51सिक्स्थ सेंचुरी के एंड में फिर एक बार
  4497. 3:40:54इनका राइज होता है।
  4498. 3:40:56दोस्तों, यह तो बात हुई इंपॉर्टेंट
  4499. 3:40:58डायनेस्टीज की। अब संगम एज की ओवरऑल पिटी
  4500. 3:41:02और एडमिनिस्ट्रेशन को भी समझते हैं।
  4501. 3:41:06संगम पॉलिटी एंड एडमिनिस्ट्रेशन। संगम
  4502. 3:41:08पीरियड के टाइम गवर्नमेंट का फॉर्म
  4503. 3:41:11हेरिडिटरी मोनकी था। मतलब कि राजा का बेटा
  4504. 3:41:14ही राजा बनता था। संगम ऐज की सभी
  4505. 3:41:17डायनेस्टीज के अपने रॉयल एंब्स थे। जैसे
  4506. 3:41:20कि हमने पहले देखा चोलास का टाइगर, चेरास
  4507. 3:41:23का बो एंड एरो और पांड्याज का फिश।
  4508. 3:41:27किंग को असिस्ट करने के लिए ऑफिशियल्स की
  4509. 3:41:30एक वाइड बॉडी हुआ करती थी जो फाइव
  4510. 3:41:33काउंसिल्स में कैटेगराइज्ड होती थी। यह
  4511. 3:41:35काउंसिल्स थी मिनिस्टर्स जिन्हें अमाइचर
  4512. 3:41:38कहते थे। प्रीस्ट्स यानी कि अंतनार,
  4513. 3:41:42ऑनवॉइस जिन्हें थार बोला जाता था।
  4514. 3:41:45मिलिट्री कमांडर्स यानी कि सेनापति और
  4515. 3:41:48स्पाइस मतलब ओरार।
  4516. 3:41:51इनका मिलिट्री एडमिनिस्ट्रेशन काफी
  4517. 3:41:53एफिशिएंटली ऑर्गेनाइज्ड था और सभी रूलर्स
  4518. 3:41:56के साथ एक रेगुलर आर्मी होती थी। स्टेट की
  4519. 3:41:59इनकम का चीफ सोर्स लैंड रेवेन्यू था और
  4520. 3:42:02फॉरेन ट्रेड पर कस्टम ड्यूटी भी लगाई जाती
  4521. 3:42:04थी। रॉयल ट्रेजरी को भरने का इंपॉर्टेंट
  4522. 3:42:07तरीका वार्ड्स में कैप्चर की गई बूटी होती
  4523. 3:42:10थी। रोड्स और हाईवेज को मेंटेन किया जाता
  4524. 3:42:13था। रॉबरी और स्मगलिंग को रोकने के लिए
  4525. 3:42:16यहां गार्ड्स भी तैनात किए जाते थे। तो
  4526. 3:42:19दोस्तों, यह थी उस टाइम की पॉलिटिकल
  4527. 3:42:21सिचुएशन। अब चलते हैं संगम सोसाइटी की
  4528. 3:42:24तरफ।
  4529. 3:42:26संगम सोसाइटी
  4530. 3:42:28तोड़कापियम में लैंड के पांच डिवीजंस बताए
  4531. 3:42:31गए हैं। यह थी कुरिंजी मतलब कि हिली
  4532. 3:42:35ट्रैक्स, मुरलई यानी कि पेस्टोरल लैंड,
  4533. 3:42:38मुरदम जो एग्रीकल्चरल लैंड होता था। नियडल
  4534. 3:42:42कोस्टल लैंड को बोला जाता था और पई था
  4535. 3:42:46डेजर्ट लैंड। टोल्ड कपियम में चार कास्ट
  4536. 3:42:49का भी मेंशन मिलता है। जैसे कि अरसर मतलब
  4537. 3:42:53रूलिंग क्लास अंधनार जो पॉलिटिकल और
  4538. 3:42:56रिलीजियस फील्ड में इंगेज रहते थे। वगर जो
  4539. 3:43:00ट्रेड एंड कॉमर्स करते थे। वेलार यानी कि
  4540. 3:43:03एग्रीकल्चरिस्ट।
  4541. 3:43:06थोड़ाज़, एरोड़ास, नागाज़ और वेदारस जैसी
  4542. 3:43:10एंशिएंट प्रिमिटिव ट्राइब्स इस पीरियड में
  4543. 3:43:12रहती थी। इसके अलावा संगम लिटरेचर में
  4544. 3:43:15वुमेन की पोजीशन के बारे में काफी
  4545. 3:43:17इंफॉर्मेशन मिलती है। संगम पीरियड में
  4546. 3:43:20वुमेन को रिस्पेक्ट के साथ ट्रीट किया
  4547. 3:43:22जाता था और उनको इंटेलेक्चुअल एक्टिविटीज
  4548. 3:43:24पर्स्यू करना अलाउड था। अबवयार, नचिलयार
  4549. 3:43:28और ककई पड़ेनियार जैसी वुमेन पोएट्स ने
  4550. 3:43:31तमिल लिटरेचर में कंट्रीब्यूशन दिया था।
  4551. 3:43:34वुमेन को अपना लाइफ पार्टनर चूज करने की
  4552. 3:43:36फ्रीडम थी।
  4553. 3:43:38लेकिन विडोस की लाइफ मिज़रेबल होती थी।
  4554. 3:43:41सोसाइटी के हायर स्ट्राटा में सती प्रथा
  4555. 3:43:44का भी प्रचलन देखने को मिलता था। सोसाइटी
  4556. 3:43:46के डिस्कशन के बाद चलिए अब संगम पीरियड के
  4557. 3:43:49दौरान रिलीजियस डेवलपमेंट्स को भी देखते
  4558. 3:43:52हैं।
  4559. 3:43:53रिलीजन ड्यूरिंग संगम एज। संगम पीरियड के
  4560. 3:43:57प्राइमरी डेटी थे लॉर्ड मुर्गन जिन्हें
  4561. 3:44:00तमिल गॉड भी कहा जाता है। संगम लिटरेचर
  4562. 3:44:03में गॉड मुर्गन से रिलेटेड फेस्टिवल्स का
  4563. 3:44:05मेंशन मिलता है। मुर्गन को सिक्स अब से
  4564. 3:44:09ऑनर किया जाता है जो अरुपड़ाई वीडो के नाम
  4565. 3:44:12से फेमस हैं। इनके अलावा संगम पीरियड के
  4566. 3:44:15टाइम वरशिप होती थी गॉड मायन मतलब विष्णु
  4567. 3:44:19की वंदन यानी कि इंद्रन वरुंदन और कौरवई
  4568. 3:44:23की।
  4569. 3:44:25हीरो स्टोन या नाडू कल वशिप भी संगम
  4570. 3:44:28पीरियड में सिग्निफिकेंट था। यह हीरो
  4571. 3:44:30स्टोंस वॉरियर्स के द्वारा वॉर में दिखाई
  4572. 3:44:33गई बहादुरी की याद में इरेक्ट किए जाते
  4573. 3:44:35थे। चलिए अब संगम एज की इकॉनमी को समझते
  4574. 3:44:39हैं। इकोनमी ऑफ द संगम एज।
  4575. 3:44:43एग्रीकल्चर संगम पीरियड का चीफ ऑक्यूपेशन
  4576. 3:44:46था और राइस सबसे कॉमन क्रॉप थी।
  4577. 3:44:49हैंडीक्राफ्ट्स, इंडस्ट्रीज जैसे कि
  4578. 3:44:51वीविंग, मेटल वक्स, कारपेंट्री, शिप
  4579. 3:44:54बिल्डिंग और बीड्स, स्टोंस एंड आइवरी के
  4580. 3:44:57हेल्प से ऑर्नामेंट्स डिजाइन करना संगम
  4581. 3:45:00पीरियड का पार्ट था।
  4582. 3:45:02यहां के हैंडीक्राफ्ट्स के आइटम्स इंटरनल
  4583. 3:45:05और एक्सटर्नल ट्रेड में हाई डिमांड में
  4584. 3:45:07रहते थे। कॉटन और सिल्क क्लॉथ की स्पिनिंग
  4585. 3:45:10और वीविंग में संगम पीपल को एक्सपर्टीज
  4586. 3:45:12हासिल थी। इनकी वेस्टर्न वर्ल्ड में बहुत
  4587. 3:45:15डिमांड रहती थी। स्पेशली उरयूर के कॉटन
  4588. 3:45:18क्लोथ्स की पोहार का पोर्ट फॉरेन ट्रेड का
  4589. 3:45:21इंपॉर्टेंट सेंटर था। इसके अलावा और भी
  4590. 3:45:24इंपॉर्टेंट पोर्ट्स थे जैसे कि टोंडी,
  4591. 3:45:27मोसीरीज, कोरकई और अरकमेडो।
  4592. 3:45:32रोमन एपरर्स जैसे कि ऑगस्टस, टाइबेरियस और
  4593. 3:45:35नीरो के द्वारा इशू किए गए बहुत सारे
  4594. 3:45:38गोल्ड और सिल्वर के कॉइंस तमिलनाडु के सभी
  4595. 3:45:41पार्ट्स में मिलते हैं जो दर्शाते हैं
  4596. 3:45:43फ्लोरिशिंग ट्रेड को। संगम एज में मेजर
  4597. 3:45:46एक्सपोर्ट्स के आइटम्स थे कॉटन फैबिक्स और
  4598. 3:45:49स्पाइसेस जैसे कि पेपर, जिंजर, कार्डेमम,
  4599. 3:45:52सिनेमन और टर्मरिक। साथ ही आइवरी
  4600. 3:45:56प्रोडक्ट्स, पर्ल्स और प्रेशियस स्टोंस।
  4601. 3:45:58मेजर इंपोर्ट्स के आइटम्स थे हॉेज, गोल्ड
  4602. 3:46:02और स्वीट वाइन। तो दोस्तों, यह थी इकॉनमी
  4603. 3:46:05ऑफ़ द संगम एज।
  4604. 3:46:08कंक्लूडिंग रिमार्क्स। थर्ड सेंचुरी एडी
  4605. 3:46:11का एंड होते-होते संगम पीरियड का भी
  4606. 3:46:13डिक्लाइन होने लगता है। संगम पीरियड के
  4607. 3:46:16बाद तमिल कंट्री को 300 एडी से 600 एडी के
  4608. 3:46:20बीच कालाभराज ऑक्यूुपाई कर लेते हैं।
  4609. 3:46:24इनके पीरियड को अर्लियर हिस्टोरियंस एक
  4610. 3:46:27इंटररेगनम या डार्क एज भी कहते हैं।
  4611. 3:46:30दोस्तों संगम पीरियड डिक्लाइन तो कर जाता
  4612. 3:46:32है लेकिन इसकी लेगसी बनी रहती है।
  4613. 3:46:35द्रविडियन लैंग्वेजेस का डेवलपमेंट इसी
  4614. 3:46:37पीरियड से शुरू होता है और संगम लिटरेचर
  4615. 3:46:40के रूप में हमें क्लासिकल लिटरेरी हेरिटेज
  4616. 3:46:43भी मिलता है। इसके साथ ही साउथ इंडिया की
  4617. 3:46:46पॉलिटिकल सोशियो कल्चरल और इकोनॉमिक लाइफ
  4618. 3:46:49की फाउंडेशन भी संगम एज में ही मिलती है।
  4619. 3:46:52गुप्ता एंपायर पिटिकल हिस्ट्री
  4620. 3:46:55एडमिनिस्ट्रेशन एंड सोसाइटी। दोस्तों आज
  4621. 3:46:58हम बात करेंगे भारतीय इतिहास के उन 200
  4622. 3:47:01सालों की जिसमें एक नॉर्थ इंडियन एंपायर
  4623. 3:47:04ने एडमिनिस्ट्रेशन, इकॉनमी, सोशल रिलीजियस
  4624. 3:47:07लाइफ, आर्ट, लिटरेचर, साइंस, मेडिसिन सब
  4625. 3:47:11पर अपनी छाप छोड़ी और इसे पीक पर
  4626. 3:47:14पहुंचाया। जी हां, आज हम बात करेंगे
  4627. 3:47:17गुप्ता एंपायर की जिसे भारत का गोल्डन एज
  4628. 3:47:21भी कहा जाता है। इस वीडियो में हम समझेंगे
  4629. 3:47:24गुप्ताज की पॉलिटिकल हिस्ट्री,
  4630. 3:47:26एडमिनिस्ट्रेशन और सोशल लाइफ के बारे में।
  4631. 3:47:29तो आइए शुरू करते हैं पॉलिटिकल हिस्ट्री
  4632. 3:47:31से। पिटिकल हिस्ट्री। गुप्ता काल की
  4633. 3:47:35ग्लोरी का पता हमें कई सोर्सेस से चलता
  4634. 3:47:37है। इनमें लिटरेरी सोर्सेस, एपिग्राफिकल
  4635. 3:47:40सोर्सेस जैसे इं्रिप्शन और न्यूस्मैटिक
  4636. 3:47:43सोर्सेस जैसे कॉइंस प्रमुख हैं। पुराना से
  4637. 3:47:47हमें गुप्ताज़ की रॉयल जीनियलॉजी का पता
  4638. 3:47:49चलता है। वहीं वैशाखदत्ता द्वारा लिखित
  4639. 3:47:53देवी चंद्रगुप्तम और मुद्रा राक्षसा में
  4640. 3:47:56गुप्ताज़ के राइज पर बड़ी अच्छी चर्चा की गई
  4641. 3:47:59है। इनके अलावा मेहरौली आयन पिलर
  4642. 3:48:02इंक्रिप्शन और इलाहाबाद पिलर इंक्रिप्शन
  4643. 3:48:05सबसे इंपॉर्टेंट एपीग्राफिक एविडेंसेस
  4644. 3:48:07हैं। इन सोर्सेस के अनुसार मौर्य
  4645. 3:48:10साम्राज्य के डिक्लाइन होने के बाद पूरा
  4646. 3:48:13भारत फिर से छोटे-छोटे किंगडम्स में बंट
  4647. 3:48:16गया था। जहां शुंग, कनवा, सातवाहना और
  4648. 3:48:20छेडी डायनेस्टीज मौर्यास के नेटिव
  4649. 3:48:23सक्सेसर्स थे। वहीं इंडोग्रीक्स, साकाज़,
  4650. 3:48:26पार्थियंस, कुशानाज़ इत्यादि मौर्यन एंपायर
  4651. 3:48:30के फॉरेन सक्सेसर्स थे। इसी सक्सेशन के
  4652. 3:48:32क्रम में गुप्ताज़ का राइज़ होता है। ऑलदो
  4653. 3:48:35कुछ हिस्टोरियंस श्री गुप्ता को गुप्ता
  4654. 3:48:37डायनेस्टी का फाउंडर बताते हैं। पर गुप्ता
  4655. 3:48:40एरा का रियल फाउंडर चंद्रगुप्ता वन को
  4656. 3:48:43माना जाता है। चलिए जानते हैं चंद्रगुप्ता
  4657. 3:48:46वन के बारे में। चंद्रगुप्ता वन रेन फ्रॉम
  4658. 3:48:5039 टू 334 एडी। चंद्रगुप्ता वन पहली बार
  4659. 3:48:55महाराजा अधिराज टाइटल यानी द ग्रेट किंग
  4660. 3:48:58ऑफ किंग्स का इस्तेमाल करते हैं। यह टाइटल
  4661. 3:49:01उनके एक्सटेंसिव कॉन्क्वेस्ट्स को दर्शाता
  4662. 3:49:03है। अपने साम्राज्य को बढ़ाने के लिए
  4663. 3:49:06चंद्रगुप्ता वन ने लिच्छवी प्रिंसेस
  4664. 3:49:09कुमारा देवी से शादी की। इससे गुप्ता
  4665. 3:49:12फैमिली की पावर और प्रेस्टीज और बढ़ जाती
  4666. 3:49:14है। चंद्रगुप्ता वन गजेटिक प्लेेंस
  4667. 3:49:17इंक्लूडिंग यूपी, बिहार पार्ट्स ऑफ बंगाल
  4668. 3:49:20पर डायरेक्ट कंट्रोल इस्टैब्लिश करते हैं।
  4669. 3:49:23उनके सामने नॉर्थ का कोई भी रूलर टिक नहीं
  4670. 3:49:26पाता है। इसी कारण से चंद्रगुप्ता वन को
  4671. 3:49:30गुप्ता एरा का रियल फाउंडर भी कहा जाता
  4672. 3:49:32है। गुप्ता एरा उनकी राजगद्दी पर बैठने के
  4673. 3:49:36बाद 319 320 एडी के लगभग शुरू हुआ था।
  4674. 3:49:41चंद्रगुप्ता वन के बाद समुद्रगुप्ता
  4675. 3:49:44गुप्ता डायनेस्टी की कमान संभालते हैं।
  4676. 3:49:46समुद्रगुप्ता रेन फ्रॉम 335 टू 380 एडी।
  4677. 3:49:52समुद्रगुप्ता अपने पिता द्वारा चलाए गए
  4678. 3:49:55विजय रथ को हर तरफ से नॉर्थ साउथ ईस्ट
  4679. 3:49:58वेस्ट में बढ़ाते हैं। कोर्ट पोएट हरिसेना
  4680. 3:50:01द्वारा लिखित प्रयाग प्रशस्ति या इलाहाबाद
  4681. 3:50:05पिलर इं्रिप्शन उनके मिलिट्री कैंपेन का
  4682. 3:50:08डिटेल्ड अकाउंट देता है। उनके कैंपेनेंस
  4683. 3:50:11तीन फेसेस में चले। फर्स्ट फेज में वे
  4684. 3:50:14गेंजेटिक प्लेेंस पर कंप्लीटस्ट्री के लिए
  4685. 3:50:17नागा रूलर अचुदा और कोटा रूलर नागसेना की
  4686. 3:50:21टेरिटरीज को एनेक्स कर लेते हैं। सेकंड फज़
  4687. 3:50:24दक्षिण पथ या साउथ एक्सपिडिशन के नाम से
  4688. 3:50:27फेमस है। इस फेज में समुद्रगुप्ता, साउथ
  4689. 3:50:31के 12 रूलर्स जैसे वेंगी के हस्तिवर्मन,
  4690. 3:50:35पल्लका के उग्रसेना, देवराष्ट्र के कुबेरा
  4691. 3:50:39इत्यादि को हरा देते हैं। पर नॉर्थ इंडिया
  4692. 3:50:42से दूरी होने के कारण वे अपनी सुप्रीमसी
  4693. 3:50:44इस्टैब्लिश करने के बाद इन सारे रूलर्स को
  4694. 3:50:47उनका राज्य लौटा देते हैं। साउथ में अपनी
  4695. 3:50:50सुप्रीमेसी एक्सेप्ट करवाने के बाद
  4696. 3:50:52समुद्रगुप्ता वापस नॉर्थ पर फोकस करते
  4697. 3:50:55हैं। इस थर्ड फेज में वह पूरे नॉर्थ
  4698. 3:50:58इंडिया को अपने कंट्रोल में लेने की ठान
  4699. 3:51:00लेते हैं। इसके लिए वे रुद्रदेवा, मैथिला,
  4700. 3:51:04नागदत्ता जैसे नौ और किंग्स को हराकर उनके
  4701. 3:51:08किंगडम्स एनेक्स कर लेते हैं। इस तरह वे
  4702. 3:51:11मोस्ट ऑफ नॉर्थ इंडिया यानी आर्यवर्त पर
  4703. 3:51:14अपना आधिपत्य स्थापित कर देते हैं। उनका
  4704. 3:51:17साम्राज्य वेस्ट में कुशानास तक और साउथ
  4705. 3:51:20में वकट आकाश तक पहुंच जाता है। उनके इस
  4706. 3:51:24लार्ज स्केल कॉन्क्वेस्ट के कारण
  4707. 3:51:26समुद्रगुप्ता को गुप्ता डायनेस्टी का
  4708. 3:51:29ग्रेटेस्ट किंग माना जाता है। कुछ
  4709. 3:51:31हिस्टोरियंस समुद्रगुप्ता को नेपोलियन ऑफ
  4710. 3:51:34इंडिया की उपाधि भी देते हैं।
  4711. 3:51:36समुद्रगुप्ता के बाद गुप्ता एंपायर के
  4712. 3:51:39अगले महान राजा थे चंद्रगुप्त द सेकंड
  4713. 3:51:43ड्रेन 380 टू 4480
  4714. 3:51:46देवीचंद्र गुप्तम किताब के अनुसार महान
  4715. 3:51:50समुद्रगुप्ता के बाद रामगुप्त गद्दी पर
  4716. 3:51:52बैठते हैं। पर वे बहुत डरपोक राजा थे। वे
  4717. 3:51:55शाका इनवेडर्स के डर से अपनी पत्नी ध्रुव
  4718. 3:51:59देवी को सरेंडर करने के लिए तैयार हो गए
  4719. 3:52:01थे। ऐसी कंडीशन में रामगुप्ता के छोटे भाई
  4720. 3:52:05चंद्रगुप्ता 2 ध्रुव देवी के सम्मान को
  4721. 3:52:08बचाने के लिए साका इनवेडर और रामगुप्ता
  4722. 3:52:11दोनों को खत्म कर देते हैं और राजगद्दी पर
  4723. 3:52:14बैठने के साथ ही वह ध्रुव देवी से शादी भी
  4724. 3:52:17कर लेते हैं। आगे साकास को परमानेंटली
  4725. 3:52:19हराने के लिए वे डिप्लोमेसी और
  4726. 3:52:22मैट्रिमोनियल अलायंस दोनों का सहारा लेते
  4727. 3:52:25हैं। सबसे पहले वे सेंट्रल इंडिया के नागा
  4728. 3:52:28रूलर की बेटी कुबेर नागा से शादी कर लेते
  4729. 3:52:31हैं। इसके अलावा अपनी बेटी प्रभादेवी की
  4730. 3:52:34शादी वगटका प्रिंस रुद्रसेना 2 से कर देते
  4731. 3:52:37हैं। इससे पूरे डेक्कन और सेंट्रल इंडिया
  4732. 3:52:40में उनकी पॉलिटिकल पावर बहुत बढ़ जाती है।
  4733. 3:52:43इस स्ट्रांग अलायंस बिल्डिंग के बाद वो
  4734. 3:52:46पूरे दल बल के साथ वेस्टर्न साका सट्रप्स
  4735. 3:52:49पर हमला कर देते हैं। भीषण युद्ध के बाद
  4736. 3:52:52साका सैट्रप्स हार जाते हैं और मालवा और
  4737. 3:52:55गुजरात का रीजन उनके कंट्रोल में आ जाता
  4738. 3:52:58है। परिणाम स्वरूप पाटलिपुत्र के बाद
  4739. 3:53:02मालवा में उज्जैन उनकी दूसरी कैपिटल बन
  4740. 3:53:05जाती है। इस विक्ट्री के बाद वे साकरी
  4741. 3:53:08यानी डिस्ट्रयर ऑफ साकास का टाइटल लेते
  4742. 3:53:11हैं। साथ ही वह खुद को विक्रमादित्य नाम
  4743. 3:53:14से भी संबोधित करते हैं। इस सिग्निफिकेंट
  4744. 3:53:18कॉन्क्वेस्ट के कारण गुप्ता एंपायर
  4745. 3:53:20अरेबियन सी तक फैल जाता है। भरोच, सोबारा,
  4746. 3:53:24कैंबे जैसे सी पोर्ट से यूरोप तक का ट्रेड
  4747. 3:53:27उनके डायरेक्ट कंट्रोल में आ जाता है।
  4748. 3:53:29मेहरौली आयरन पिलर के अनुसार उन्होंने
  4749. 3:53:32वंगाज़ और वहिलकास जैसे शूरमा किंगडम्स को
  4750. 3:53:36भी हरा दिया था। वे इंडस रिवर पार कर
  4751. 3:53:39बैक्ट्रियंस को पूरी तरह से हरा देते हैं
  4752. 3:53:42और कुशानास को भी सबड्यू कर देते हैं। इन
  4753. 3:53:46विक्ट्री से चंद्रगुप्त द सेकंड के समय
  4754. 3:53:49गुप्ता एंपायर नॉर्थवेस्ट में हिंदूकुश
  4755. 3:53:51माउंटेंस, वेस्ट में गुजरात, मालवा, ईस्ट
  4756. 3:53:55में ईस्टर्न बंगाल और साउथ में नर्मदा नदी
  4757. 3:53:58तक फैल गया था। इसके अलावा साउथ के मोस्ट
  4758. 3:54:02ऑफ द रूलर्स तो उनके पिता की तरह उनकी
  4759. 3:54:04सुसरेनिटी एक्सेप्ट करते ही थे। उनके
  4760. 3:54:07पीरियड के ढेर सारे गोल्ड कॉइंस मिलने से
  4761. 3:54:10पता चलता है कि चंद्रगुप्त विक्रमादित्य
  4762. 3:54:13का साम्राज्य बहुत प्रोस्परस भी था।
  4763. 3:54:16चंद्रगुप्ता 2 के बाद नालंदा यूनिवर्सिटी
  4764. 3:54:19स्थापित करने वाले कुमार गुप्ता का नंबर
  4765. 3:54:21आता है। कुमार गुप्ता रेन फ्रॉम 415 टू
  4766. 3:54:25455 एडी। कुमार गुप्ता ने गुप्ता
  4767. 3:54:28साम्राज्य बढ़ाने से ज्यादा उसे कंसोलिडेट
  4768. 3:54:31करने का काम किया था। उनके काल में जनरल
  4769. 3:54:34पीस एंड प्रोस्पेरिटी मेंटेन रही।
  4770. 3:54:37उन्होंने ढेर सारे कॉइंस इशू किए जो
  4771. 3:54:40साम्राज्य के कोने-कोने से मिलते हैं।
  4772. 3:54:42उन्होंने नालंदा यूनिवर्सिटी की नीव भी
  4773. 3:54:45रखी जो आगे चलकर इंस्टट्यूट ऑफ इंटरनेशनल
  4774. 3:54:48रेपुटेशन बन गया। पर उनके रेन का एंड
  4775. 3:54:51आते-आते नॉर्थ वेस्ट यानी हाइबर पास से ह
  4776. 3:54:55इन्वेज का खतरा मंडराने लगता है। हन एक
  4777. 3:54:58बहुत ही खूंखार सेंट्रल एशियन पेस्टरल
  4778. 3:55:01ट्राइब था जो रिसोर्सेज की तलाश में
  4779. 3:55:04इंडिया पर आक्रमण करने लगा था। इसी खतरे
  4780. 3:55:07के बीच स्कंदगुप्ता गुप्ता साम्राज्य की
  4781. 3:55:10गद्दी पर बैठते हैं। स्कंदगुप्ता रेन
  4782. 3:55:13फ्रॉम 455 टू 467 एडी। स्कंदगुप्ता गुप्ता
  4783. 3:55:19डायनेस्टी के आखिरी महान एपरर थे। उनके
  4784. 3:55:22रेन में हंस का जबरदस्त आक्रमण शुरू हो
  4785. 3:55:25गया। पर वे अपनी विशाल सेना की मदद से हंस
  4786. 3:55:29को हरा देते हैं। लेकिन हंस के कंटीन्यूअस
  4787. 3:55:32अटैक्स के कारण गुप्ता एंपायर वीक होने
  4788. 3:55:35लगा था। ट्रेड रूट्स बुरी तरह
  4789. 3:55:37कॉम्प्रोमाइज हो जाते हैं। जिससे गुप्ता
  4790. 3:55:40इकॉनमी चरमरा जाती है। इस तरह स्कंद
  4791. 3:55:43गुप्ता के मरने के बाद गुप्ता एंपायर का
  4792. 3:55:46डिक्लाइन शुरू हो जाता है। उनके बाद पुरु
  4793. 3:55:49गुप्ता, बुद्ध गुप्ता, नरसिम्हा गुप्ता और
  4794. 3:55:53कुमार गुप्ता थर्ड जैसे कई गुप्ता
  4795. 3:55:55सक्सेसर्स आए। पर कुछ खास कंट्रीब्यूट
  4796. 3:55:58नहीं कर पाए। वीक रूलर्स होने के कारण
  4797. 3:56:01छोटे-छोटे राजा इंडिपेंडेंस डिक्लेअर करने
  4798. 3:56:04लगते हैं। 500 एडी से 530 एडी के बीच
  4799. 3:56:08तोरामना और मिहिर कुल जैसे पावरफुल हंस
  4800. 3:56:12शासक सेंट्रल इंडिया और मालवा तक पहुंच गए
  4801. 3:56:15थे। पर आगे चलकर मालवा में यशोधर्मन नाम
  4802. 3:56:18के महान शासक का राइज होता है जो हंस को
  4803. 3:56:21मालवा से उखाड़ फेंकते हैं। गुप्ता एंपायर
  4804. 3:56:24540 एडी आते-आते ह इन्वेजंस और मालवा में
  4805. 3:56:29यशोधर्मन के राइज के कारण पूरी तरह से
  4806. 3:56:32खत्म हो जाता है। इस तरह गुप्ताज़ की
  4807. 3:56:35पॉलिटिकल हिस्ट्री कम्स टू एन एंड। आइए अब
  4808. 3:56:38बात करते हैं गुप्ता पीरियड के
  4809. 3:56:40एडमिनिस्ट्रेशन की। गुप्ता एडमिनिस्ट्रेशन
  4810. 3:56:44गुप्ता एंपायर के सक्सेस में उनके
  4811. 3:56:47एफिशिएंट एडमिनिस्ट्रेशन का बहुत बड़ा रोल
  4812. 3:56:49था। उनका एडमिनिस्ट्रेशन मौर्यन एंपायर से
  4813. 3:56:53इंस्पायर्ड था। पर उनसे लेस सेंट्रलाइज्ड
  4814. 3:56:55था। ब्यूरोक्रेसी इबोरेट रूप ले चुकी थी
  4815. 3:56:59और हेरेडिटरी लैंड ग्रांट्स फुडलिज्म को
  4816. 3:57:02बढ़ावा देने लगा था। किंग को
  4817. 3:57:04एडमिनिस्ट्रेशन में मदद करने के लिए एक
  4818. 3:57:06काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स यानी मंत्रीपरिषद
  4819. 3:57:09था जिसके हेड चीफ मिनिस्टर थे। इस मंत्री
  4820. 3:57:13परिषद में सेनापति यानी आर्मी के कमांडर
  4821. 3:57:17इन चीफ होते थे। महादंडनायका यानी जस्टिस
  4822. 3:57:21मिनिस्टर, संधि विग्रह यानी फॉरेन अफेयर्स
  4823. 3:57:24या फिर वारेन पीस अफेयर्स। इनके अलावा
  4824. 3:57:28महाप्रतिहारी यानी रॉयल पैलेस के
  4825. 3:57:30केयरटेकर, दंडपाशिका यानी पुलिस
  4826. 3:57:34डिपार्टमेंट के चीफ, विन्यास स्थापक यानी
  4827. 3:57:37रिलीजियस अफेयर्स के चीफ, महाशवापति यानी
  4828. 3:57:41कैवलरी चीफ और महापिलुपति यानी हाथी सेना
  4829. 3:57:45के चीफ होते थे। अब हम गुप्ताज का
  4830. 3:57:48प्रोविंशियल एडमिनिस्ट्रेशन भी देख लेते
  4831. 3:57:50हैं। गुप्ता किंग कुमारात्याज और आयुक्तास
  4832. 3:57:54की मदद से प्रोविंशियल एडमिनिस्ट्रेशन से
  4833. 3:57:57क्लोज कांटेक्ट में रहा करते थे।
  4834. 3:57:59कुमारात्याज़ आज के आईएएस जैसा स्पेशल
  4835. 3:58:03कार्डर होता था। जिससे सारे हायर ऑफिशल्स
  4836. 3:58:06चुने जाते थे। यह कार्डर किंग और
  4837. 3:58:09प्रोविंशियल एडमिनिस्ट्रेशन के बीच एक
  4838. 3:58:11लिंक का काम करता था। गुप्ता एंपायर में
  4839. 3:58:14प्रोविंसेस को भुक्ति कहा जाता था जिसे
  4840. 3:58:17ऊपरी काज गवर्न करते थे। ऊपरी काज मोस्टली
  4841. 3:58:21राजकुमारों में से चुना जाता था। भक्ति का
  4842. 3:58:24विभाजन विषयज या डिस्ट्रिक्ट्स में किया
  4843. 3:58:26जाता था जिसे आयुक्त या विषयपति हेड करते
  4844. 3:58:31थे। वहीं सिटी या म्युनिसिपल
  4845. 3:58:33एडमिनिस्ट्रेशन नगर श्रेष्ठी देखते थे।
  4846. 3:58:36विलेजेस एडमिनिस्ट्रेशन का स्मालेस्ट
  4847. 3:58:39यूनिट होता था जिसके प्रमुख को ग्रामिका
  4848. 3:58:42कहा जाता था। गुप्ता पीरियड में लैंड
  4849. 3:58:45रेवेन्यू आय का प्रमुख सोर्स था। इसके
  4850. 3:58:48अलावा जब भी सेना किसी कंट्री साइड से
  4851. 3:58:50गुजरती थी तब गांव वालों को उनके खानेपीने
  4852. 3:58:54का पूरा ख्याल रखना होता था। इस टैक्स को
  4853. 3:58:56सेना भक्त टैक्स कहते थे और रॉयल आर्मी
  4854. 3:58:59ऑफिशियल्स की सेवा में फोर्स लेबर को
  4855. 3:59:02विष्टि टैक्स कहते थे। पर किंग भी जनता की
  4856. 3:59:05जरूरतों का पूरा ख्याल रखते थे। जूनागढ़
  4857. 3:59:08इं्रिप्शन के अनुसार सौराष्ट्र रीजन में
  4858. 3:59:12वाटर स्केरसिटी को दूर करने के लिए
  4859. 3:59:14स्कंदगुप्ता सुदर्शन लेखक को रिपेयर
  4860. 3:59:17करवाते हैं। दोस्तों यहां आपको यह भी बता
  4861. 3:59:20दूं कि इस सुदर्शन ले को मौर्य काल में
  4862. 3:59:23चंद्रगुप्त मौर्य के आदेश पर बनवाया गया
  4863. 3:59:26था। इसके बाद मौर्यन एपरर अशोका, शाका
  4864. 3:59:30रूलर, रुद्रदमन वन और स्कंदगुप्ता समय-समय
  4865. 3:59:34पर इसे रिपेयर करवाते हैं। गुप्ता पीरियड
  4866. 3:59:36में अग्रहारा और देवग्रहारा नाम से खूब
  4867. 3:59:40लैंड ग्रांट्स भी दिए गए थे। इनमें
  4868. 3:59:42अग्रहारा लैंड ग्रांट ब्राह्मण्स के
  4869. 3:59:45पर्सनल एक्सपेंस के लिए दिया जाता था।
  4870. 3:59:47वहीं देवग्रहारा लैंड ग्रांट टेंपल्स यानी
  4871. 3:59:50रिलीजियस प्लेस के मेंटेनेंस के लिए दिया
  4872. 3:59:53जाता था। चाइनीस ट्रैवलर फाहिन के
  4873. 3:59:56अकाउंट्स में हमें गुप्ता एडमिनिस्ट्रेशन
  4874. 3:59:58के बारे में कई इंपॉर्टेंट बातें पता चलती
  4875. 4:00:01हैं। उनके अनुसार गुप्ता काल में आम जनता
  4876. 4:00:05को काफी पर्सनल फ्रीडम मिला हुआ था। वे
  4877. 4:00:08कहीं भी आ जा सकते थे। स्टेट आम जनता की
  4878. 4:00:11प्राइवेट लाइफ में दखल नहीं देता था।
  4879. 4:00:14पनिशमेंट्स बहुत सीवियर नहीं थे। फाइन
  4880. 4:00:17लगाना कॉमन पनिशमेंट था। रोड्स सेफ थे और
  4881. 4:00:20क्राइम्स नेगलिजिबल थे। फाहिन खुद बड़े
  4882. 4:00:23आराम से पूरे गेंजेटिक प्लेेंस में ट्रैवल
  4883. 4:00:26किया करते थे। अतः ओवरऑल गुप्ता
  4884. 4:00:28एडमिनिस्ट्रेशन मौर्य से ज्यादा लिबरल था।
  4885. 4:00:32एडमिनिस्ट्रेशन के बाद अब हम गुप्ता
  4886. 4:00:35पीरियड की सोशल लाइफ के बारे में जानते
  4887. 4:00:37हैं। सोशल लाइफ गुप्ता काल में सोशल लाइफ
  4888. 4:00:41में काफी चेंजेस आए थे। वर्ण सिस्टम
  4889. 4:00:44मॉडिफाई होने लगा था और इसकी जगह कास्ट
  4890. 4:00:47सिस्टम, सोशल एंड इंपेरिकल रियलिटी बनने
  4891. 4:00:50लगा था। इसके कई कारण थे। पहला गुप्ता
  4892. 4:00:54पीरियड में ब्राह्मणिज्म का राइज। मोस्ट
  4893. 4:00:57ऑफ द गुप्ता रूलर्स वैष्णवाइट थे। वे
  4894. 4:01:00ब्राह्मण्स को रिस्पेक्ट देने के साथ-साथ
  4895. 4:01:02ढेर सारा लैंड ग्रांट्स भी देते थे। इससे
  4896. 4:01:05ब्राह्मणस को सोसाइटी में टॉप पोजीशन मिल
  4897. 4:01:08गई। दूसरा प्री गुप्ता पीरियड से ही ढेर
  4898. 4:01:12सारे फॉरेन इनवेडर्स भारत आकर बसने लगे
  4899. 4:01:15थे। ब्राह्मिस की ब्लेसिंग से उन्हें
  4900. 4:01:17इंडियन सोसाइटी में लेजिटिमसी मिलने लगी।
  4901. 4:01:20उदाहरण के लिए ब्राह्मण्स कुछ फॉरेन
  4902. 4:01:23सेटलर्स को क्षत्रिय वर्ण में जगह देने
  4903. 4:01:25लगे। वहीं कुछ लोकल ट्राइब्स को शूद्र
  4904. 4:01:28वर्ण में जगह दी जाने लगी। तीसरा
  4905. 4:01:31क्राफ्ट्समैन के गिल्ड कास्ट का फॉर्म
  4906. 4:01:33लेने लगे थे। एग्जांपल के लिए जो मिट्टी
  4907. 4:01:36का बर्तन बनाते थे, वह कुम्हार जाति के हो
  4908. 4:01:39गए। जो बाल बनाते थे, वे नाई जाति के हो
  4909. 4:01:42गए। इसी समय अनटचेबिलिटी का राइज भी देखने
  4910. 4:01:45को मिलता है। कात्यायना नाम के स्मृति
  4911. 4:01:48राइटर पहली बार अस्पृश्य शब्द अनटचेबल्स
  4912. 4:01:51के लिए इस्तेमाल करते हैं। चाइनीस ट्रैवलर
  4913. 4:01:54फाहिन के अनुसार चांडाल जाति बड़ी बुरी
  4914. 4:01:58कंडीशन में थी। उन्हें अनटचेबिलिटी के
  4915. 4:02:01आधार पर रेजिडेंशियली सेग्रगेट कर दिया
  4916. 4:02:04गया था। फाहहेन के अनुसार वुमेन की कंडीशन
  4917. 4:02:07भी मिज़रेबल हो गई थी। उनके रिलीजियस
  4918. 4:02:09स्क्रिप्चर्स पढ़ने पर प्रतिबंध लगा दिया
  4919. 4:02:12गया था। स्वयंवर प्रथा समाप्त हो गई थी और
  4920. 4:02:15मनुस्मृति के अनुसार लड़कियों की शादी
  4921. 4:02:18जल्दी हो जानी चाहिए थी। वुमेन का
  4922. 4:02:21प्रॉपर्टी पर से अधिकार खत्म हो गया था।
  4923. 4:02:23वह सिर्फ ज्वेलरी और कपड़ों के फॉर्म में
  4924. 4:02:26स्त्री धन की हकदार रह गई थी। इतना ही
  4925. 4:02:29नहीं 510 एडी के एरन इं्रिप्शन इन
  4926. 4:02:32प्रेजेंट डे मध्य प्रदेश में हमें पहली
  4927. 4:02:34बार सती जैसी दर्दनाक प्रैक्टिस का भी
  4928. 4:02:37एग्जांपल देखने को मिलता है। रिलीजन के
  4929. 4:02:40क्षेत्र में गुप्ता पेट्रिनेज के कारण
  4930. 4:02:43ब्राह्मणिज्म का बहुत विस्तार होने लगा
  4931. 4:02:45था। ब्राह्मिनिज्म के दो ब्रांचेस थे।
  4932. 4:02:48वैष्णविज्म और शैविज्म। मोस्ट गुप्ता
  4933. 4:02:51रूलर्स वैष्णवाइट थे। पर वे बाकी धर्मों
  4934. 4:02:54की भी रिस्पेक्ट करते थे। आइडल वरशिप और
  4935. 4:02:57टेंपल बिल्डिंग भी इसी समय बड़े स्केल पर
  4936. 4:02:59शुरू हुआ था। फाहिन के अनुसार
  4937. 4:03:02ब्राह्मिनिज्म के विस्तार के कारण
  4938. 4:03:04गेंजेटिक वैली में बुद्धिज्म और बुद्धिस्ट
  4939. 4:03:07साइट्स दोनों नेगलेक्ट में जाने लगते हैं।
  4940. 4:03:10जैनिज्म के फॉलोअर्स में भी कमी आई। पर
  4941. 4:03:13वासुबंधू जैसे बुद्धिस्ट स्कॉलर्स को
  4942. 4:03:15गुप्ता किंग्स का पेट्रिनेज प्राप्त था।
  4943. 4:03:18वहीं वेस्टर्न और सदर्न इंडिया में
  4944. 4:03:20जैनिज्म खूब फलफूल रहा था। वल्लभी में इसी
  4945. 4:03:24समय जैन काउंसिल का भी आयोजन हुआ।
  4946. 4:03:27दोस्तों, यह थी गुप्ता एज की पॉलिटिकल
  4947. 4:03:30हिस्ट्री, एडमिनिस्ट्रेशन और सोशल लाइफ का
  4948. 4:03:33डिस्कशन। आशा करता हूं कि आपको आज का
  4949. 4:03:37डिस्कशन पसंद आया होगा। नेक्स्ट पार्ट में
  4950. 4:03:39हम चर्चा करेंगे गुप्ता पीरियड के
  4951. 4:03:42इकोनॉमिक लाइफ, आर्ट, लिटरेचर और
  4952. 4:03:45साइंटिफिक अचीवमेंट्स की। और यह भी
  4953. 4:03:47जानेंगे कि गुप्ता पीरियड को गोल्डन एज
  4954. 4:03:50क्यों कहते हैं। गुप्ता एंपायर, इकोनमी,
  4955. 4:03:54आर्ट एंड कल्चर।
  4956. 4:03:57दोस्तों, गुप्ता एंपायर के फर्स्ट पार्ट
  4957. 4:04:00में हमने गुप्ता साम्राज्य की पॉलिटिकल
  4958. 4:04:02हिस्ट्री, एडमिनिस्ट्रेटिव जीनियस और सोशल
  4959. 4:04:05लाइफ को समझा था। आज हम बात करेंगे उनकी
  4960. 4:04:08इकोनमी, आर्ट, आर्किटेक्चर, कॉइंस,
  4961. 4:04:11लिटरेचर और साइंटिफिक एडवांसमेंट्स की और
  4962. 4:04:14साथ ही जानेंगे गुप्ता एज की कुछ कमियों
  4963. 4:04:17के बारे में। तो चलिए शुरुआत करते हैं
  4964. 4:04:19इकोनॉमिक लाइफ से। इकोनॉमिक लाइफ। गुप्ता
  4965. 4:04:24एंपायर की इकॉनमी बड़ी रोबस्ट थी।
  4966. 4:04:27एग्रीकल्चर, ट्रेड, क्राफ्ट सभी में तेजी
  4967. 4:04:30आई थी। इसी प्रोस्पेरिटी के कारण गुप्ता
  4968. 4:04:33पीरियड को गोल्डन एज कहा जाता है।
  4969. 4:04:36स्कॉलर्स का मानना है कि गुप्ता पीरियड
  4970. 4:04:38में स्टेट ही सारे लैंड का ओरिजिनल ओनर
  4971. 4:04:41होता था। पहाड़पुर कॉपर प्लेट इं्रिप्शन
  4972. 4:04:44से भी एक्सक्लूसिव स्टेट ओनरशिप का पता
  4973. 4:04:47चलता है। इकोनॉमिक पॉइंट ऑफ व्यू से लैंड
  4974. 4:04:49को फाइव टाइप्स में बांटा गया था।
  4975. 4:04:52क्षेत्रभूमि कल्टीिवेशन के लिए,
  4976. 4:04:55वास्तुभूमि रेजिडेंस के लिए, चारागाह भूमि
  4977. 4:04:58पाश्चर लैंड के लिए अपराहता भूमि फॉरेस्ट
  4978. 4:05:02के लिए और खिला भूमि वेस्ट लैंड होता था।
  4979. 4:05:06पूट इं्रिप्शन के अनुसार रेगुलर लैंड
  4980. 4:05:09सर्वेज भी होते थे और पुस्तपाला नाम के
  4981. 4:05:12ऑफिशियल डिस्ट्रिक्ट में होने वाले सारे
  4982. 4:05:14लैंड ट्रांजैक्शंस का रिकॉर्ड रखते थे।
  4983. 4:05:18ट्रेड एंड कॉमर्स में भी गुप्ता पीरियड
  4984. 4:05:20बहुत आगे था। बंगाल के फाइन क्लोथ्स,
  4985. 4:05:23बिहार का इंडिगो, बनारस सिल्क, हिमालयन
  4986. 4:05:26सेंट्स, साउथ का सैंडलवुड और स्पाइसेस रोम
  4987. 4:05:29से साउथ ईस्ट एशिया तक एक्सपोर्ट होते थे।
  4988. 4:05:32ईस्ट कोस्ट के ताम्रलिप्ती, घंटाशाला,
  4989. 4:05:35कंडूरा पोर्ट से साउथ ईस्ट एशियन ट्रेड
  4990. 4:05:38होता था। वहीं वेस्ट कोस्ट के भरूच,
  4991. 4:05:41सोबारा, कैंबे पोर्ट से मेडिटेरेनियन और
  4992. 4:05:44वेस्ट एशियन ट्रेड होता था। प्रोस्परस
  4993. 4:05:47ट्रेड एंड कॉमर्स के कारण गुप्ता एज अपने
  4994. 4:05:50गोल्ड कॉइंस के लिए बहुत फेमस है। आइए
  4995. 4:05:53देखते हैं गुप्ता कॉइंस।
  4996. 4:05:57गुप्ता रूलर्स ने प्राचीन भारतीय इतिहास
  4997. 4:05:59में सबसे ज्यादा गोल्ड कॉइंस इशू किए थे।
  4998. 4:06:03पर गोल्ड कंटेंट के टर्म्स में गुप्ता
  4999. 4:06:05कॉइंस कुशाना कॉइंस से कम प्योर थे।
  5000. 4:06:08गुप्ताज़ के गोल्ड कॉइंस को दीनार कहा जाता
  5001. 4:06:11था। यह कॉइंस न्यूमिस्मैटिक और आर्टिस्टिक
  5002. 4:06:14एक्सीलेंस के इनक्रेडिबल एग्जांपल्स हैं।
  5003. 4:06:17गुप्ता कॉइंस उस समय के वैल्यूस, बिलीव्स,
  5004. 4:06:20सोशियोइकोनॉमिक लाइफ और प्रोस्पेरिटी के
  5005. 4:06:23सिंबल्स भी हैं। चंद्रगुप्ता द फर्स्ट के
  5006. 4:06:26समय हमें चंद्रगुप्ता द फर्स्ट कुमारा
  5007. 4:06:29देवी टाइप गोल्ड कॉइंस मिलते हैं।
  5008. 4:06:31चंद्रगुप्ता द फर्स्ट के बाद समुद्रगुप्ता
  5009. 4:06:34ने बहुत तरह के कॉइंस इशू किए। उन्होंने
  5010. 4:06:37गरुड़ा या ईगल टाइप कॉइन, धनुरधारी या
  5011. 4:06:40आर्चर टाइप कॉइन, अश्वमेधा या हॉर्स
  5012. 4:06:43सैक्रिफाइस टाइप कॉइन, व्याग्रहन या टाइगर
  5013. 4:06:47स्लेेयर टाइप कॉइन और वीणा वादन यानी वीणा
  5014. 4:06:50प्लेइंग टाइप कॉइंस इशू किए। यह कॉइंस
  5015. 4:06:53उनकी आचरी स्किल्स, करज और लव फॉर म्यूजिक
  5016. 4:06:57को भी दर्शाता है। उनके बाद चंद्रगुप्ता द
  5017. 4:07:00सेकंड ने अश्वारोही टाइप, छत्रधारी टाइप,
  5018. 4:07:04चक्रविक्रमा टाइप इत्यादि कॉइंस इशू किए।
  5019. 4:07:07वहीं कुमार गुप्ता द फर्स्ट ने खड़कधारी
  5020. 4:07:10टाइप, गजरोही टाइप, सिंह निहंता टाइप, खंग
  5021. 4:07:14निहंता टाइप यानी राइनोसरस स्लेयर टाइप,
  5022. 4:07:17कार्तिकेय टाइप कॉइंस इशू किए। इन कॉइंस
  5023. 4:07:20से यह भी पता चलता है कि कुमार गुप्ता द
  5024. 4:07:23फर्स्ट कार्तिकेय भगवान के फॉलोअ थे।
  5025. 4:07:26कुमार गुप्ता द फर्स्ट के बाद स्कंदगुप्ता
  5026. 4:07:29के समय हंस के हमले से इकॉनमी चरमरा गई
  5027. 4:07:32थी। इसीलिए उनके द्वारा कम टाइप के कॉइंस
  5028. 4:07:35इशू किए गए। गुप्ता कॉइंस में कुशाना
  5029. 4:07:38इन्फ्लुएंस तो जरूर दिखता है। पर उन्होंने
  5030. 4:07:41कई नए तरह के कॉइंस भी इशू किए थे।
  5031. 4:07:45उनसे पहले के कॉइंस में जहां किंग, आर्चर,
  5032. 4:07:48लायन, स्लेयर, हॉर्स राइडर इत्यादि मार्शल
  5033. 4:07:51पोज़ में दिखा करते थे, वहीं बाद के कॉइंस
  5034. 4:07:54में मैरिज, वीणा प्लेइंग, अश्वमेधा यज्ञ
  5035. 4:07:57जैसे सीन्स भी देखे जा सकते हैं। इन कॉइंस
  5036. 4:08:00में गॉड्स एंड गॉडेसेस की इमेजेस भी खूब
  5037. 4:08:03मात्रा में देखने को मिलती हैं। ऐसे
  5038. 4:08:05सुपीरियरली डिज़ कॉइंस आगे चलकर पूरे भारत
  5039. 4:08:09में कहीं देखने को नहीं मिलते।
  5040. 4:08:12गोल्ड के अलावा गुप्ता किंग्स ने सिल्वर
  5041. 4:08:15कॉइंस को भी इशू किया। यह कॉइंस लोकल
  5042. 4:08:17एक्सचेंज में अधिक उपयोग होता था। जहां तक
  5043. 4:08:20कॉपर कॉइंस की बात है, कुशानाज़ के
  5044. 4:08:23कंपैरिजन में गुप्ताज़ ने बहुत कम कॉपर
  5045. 4:08:25कॉइंस इशू किए। कॉइंस के बाद अब हम आर्ट
  5046. 4:08:28एंड कल्चर की बात कर लेते हैं। जो गुप्ता
  5047. 4:08:31पीरियड में नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया था।
  5048. 4:08:34आर्ट एंड आर्किटेक्चर अंडर गुप्ताज़।
  5049. 4:08:37गुप्ता पीरियड में आर्ट एंड आर्किटेक्चर
  5050. 4:08:39में ट्रेमेंडस प्रोग्रेस देखने को मिलता
  5051. 4:08:41है। कुछ स्कॉलर्स इसे विनेसोंस पीरियड भी
  5052. 4:08:44कहते हैं। पर ध्यान देने वाली बात यह है
  5053. 4:08:47कि इससे पहले कोई डार्क एज नहीं था।
  5054. 4:08:50अनलाइक यूरोप। इसीलिए गुप्ता पीरियड पिछले
  5055. 4:08:53सारे इंटेलेक्चुअल और आर्टिस्टिक ट्रेडिशन
  5056. 4:08:56का कलमिनेशन माना जा सकता है। गुप्ता आर्ट
  5057. 4:08:59एंड आर्किटेक्चर को हम टेंपल्स, स्तूपास
  5058. 4:09:02और स्कल्प्चर के माध्यम से बेहतर समझ सकते
  5059. 4:09:05हैं।
  5060. 4:09:06तो चलिए शुरुआत करते हैं स्ट्रक्चरल टेंपल
  5061. 4:09:09से। गुप्ता पीरियड से पहले रॉकट टेंपल्स
  5062. 4:09:13प्रचलन में थे। पर स्ट्रक्चरल टेंपल के
  5063. 4:09:16एवोल्यूशन के कारण ब्रिक और स्टोन ब्लॉक्स
  5064. 4:09:19की मदद से माउंटेन से दूर भी टेंपल बनाया
  5065. 4:09:21जा सकता था। गौर करने वाली बात है कि नगर
  5066. 4:09:25स्टाइल ऑफ टेंपल आर्किटेक्चर इसी समय
  5067. 4:09:28डेवलप हुआ था। देवगढ़ उत्तर प्रदेश का
  5068. 4:09:31दसावतार टेंपल नगर स्टाइल का वन ऑफ द
  5069. 4:09:34ओल्डेस्ट सर्वाइविंग एग्जांपल है। इसे एक
  5070. 4:09:38रेड्ड रेक्टेंगुलर प्लेटफार्म पर बनाया
  5071. 4:09:40गया है। यहां पंचायतन प्लान का यूज किया
  5072. 4:09:42गया है जिसमें मेन शाइन चार सब्सिडियरी
  5073. 4:09:46शाइन से सराउंडेड होती है। इसी पीरियड में
  5074. 4:09:49भीतर गांव टेंपल का भी कंस्ट्रक्शन हुआ था
  5075. 4:09:52जो एंटायरली ब्रिक से बनाया गया है।
  5076. 4:09:55सेकंडली, टेंपल्स के अलावा गुप्ता पीरियड
  5077. 4:09:57में कई स्तूपाज़ भी बनवाए गए थे। ऑलदो
  5078. 4:10:00गुप्ता पीरियड में स्तूपा कंस्ट्रक्शन में
  5079. 4:10:02डिक्लाइन देखा जाता है, पर सारनाथ का
  5080. 4:10:05धम्मेक स्तूपा गुप्ता आर्किटेक्चर का
  5081. 4:10:07इंपॉर्टेंट एग्जांपल है। इसे ओरिजिनली
  5082. 4:10:10मौर्यन एंपायर अशोका के पीरियड में बनवाया
  5083. 4:10:12गया था। पर गुप्ता पीरियड में इसका लार्ज
  5084. 4:10:15स्केल रेनोवेशन करवाया गया था। थर्डली
  5085. 4:10:19गुप्ता पीरियड अपने स्कल्प्चर्स के लिए
  5086. 4:10:21बहुत फेमस है। इस पीरियड में इंडीजीनस
  5087. 4:10:24मथुरा और सारनाथ स्कूल ऑफ स्कल्प्चर ने
  5088. 4:10:27गांधारा स्कूल को रिप्लेस करना शुरू कर
  5089. 4:10:30दिया था। जहां गांधारा स्कूल में ग्रे
  5090. 4:10:32सैंड स्टोन के साथ ग्रीक इन्फ्लुएंस देखने
  5091. 4:10:35को मिलता था। वहीं मथुरा स्कूल में रेड
  5092. 4:10:37सैंड स्टोन के साथ इंडीजनस स्टाइल का यूज
  5093. 4:10:40होता था। एग्जांपल के लिए मथुरा स्कूल के
  5094. 4:10:43अंदर हमें अभय मुद्रा में बुद्धा के बहुत
  5095. 4:10:47सुंदर स्कल्प्चर्स देखने को मिलते हैं।
  5096. 4:10:49वहीं सारनाथ स्कूल ऑफ स्कल्प्चर को मथुरा
  5097. 4:10:52स्कूल से ज्यादा रिफाइंड माना जाता है।
  5098. 4:10:55मथुरा स्कूल के कंपैरिजन में सारनाथ स्कूल
  5099. 4:10:58में आइडल की ड्रेपरी यानी कपड़ों में बहुत
  5100. 4:11:00कम फोल्ड्स देखने को मिलते हैं। उदाहरण के
  5101. 4:11:04लिए सारनाथ का स्टैंडिंग बुद्धा गुप्ता
  5102. 4:11:06आर्ट का वन ऑफ द बेस्ट स्पेसिमेन है। इस
  5103. 4:11:09पीरियड में हमें पहली बार विष्णु, शिवा और
  5104. 4:11:13अन्य भगवानों की मूर्ति देखने को मिलती
  5105. 4:11:15है। उदयगिरी केव्स के एंट्रेंस पर वराह द
  5106. 4:11:18ग्रेट बोर की मूर्ति भी गुप्ता
  5107. 4:11:20स्कल्प्चर्स का शानदार नमूना है।
  5108. 4:11:24आर्ट एंड आर्किटेक्चर के साथ-साथ गुप्ता
  5109. 4:11:27पीरियड की मेटोलर्जिकल प्रावर्स भी कमाल
  5110. 4:11:30की थी। एग्जांपल के लिए दिल्ली के कुतुब
  5111. 4:11:33कॉम्प्लेक्स में इंस्टॉल्ड आयरन पिलर है।
  5112. 4:11:3699% आयरन से बने होने के बावजूद इसमें
  5113. 4:11:401600 साल बाद भी जंग का नामोनिशान तक नहीं
  5114. 4:11:43है। वहीं लिटरेचर के फील्ड में गुप्ता
  5115. 4:11:46पीरियड आज भी प्रोमिनेंट पोजीशन होल्ड
  5116. 4:11:49करता है। आइए देखते हैं। लिटरेचर इन
  5117. 4:11:53गुप्ता पीरियड। गुप्ता पीरियड में संस्कृत
  5118. 4:11:56वन ऑफ द मोस्ट प्रोमिनेंट लैंग्वेजेस बन
  5119. 4:11:59गई थी। संस्कृत, पोएट्री, ड्रामा, एपिक्स,
  5120. 4:12:02नई ऊंचाइयों को छूने लगी थी। इसके अलावा
  5121. 4:12:05साइंटिफिक लिटरेचर की तो बात ही कुछ अलग
  5122. 4:12:07थी। इसको अच्छे से समझने के लिए हम
  5123. 4:12:10लिटरेचर को तीन पार्ट्स में डिवाइड कर
  5124. 4:12:12सकते हैं। पहला है रिलीजियस लिटरेचर।
  5125. 4:12:16हिंदू टेक्स्ट्स में आज के पुराणास की
  5126. 4:12:19रचना इसी समय हुई थी। इनमें भागवत,
  5127. 4:12:22विष्णु, वायु और मत्स्य पुराण मोस्ट
  5128. 4:12:26इंपोर्टेंट पुराणास हैं। महाभारत और
  5129. 4:12:29रामायण एपिक्स को फाइनल टच इसी पीरियड में
  5130. 4:12:32दिया गया था। इसी प्रकार कई बुद्धिस्ट और
  5131. 4:12:36जैन टेक्स्ट भी इसी समय लिखे गए थे जो आज
  5132. 4:12:39भी रेलेवेंस रखते हैं। एग्जांपल के लिए
  5133. 4:12:42बुद्ध घोष द्वारा लिखित विशुद्धि मगगा और
  5134. 4:12:46जैन ऑथर सिद्ध सेना द्वारा रचित
  5135. 4:12:48न्यायवर्तम प्रमुख हैं।
  5136. 4:12:51दूसरा है सेकुलर लिटरेचर। सेकुलर लिटरेचर
  5137. 4:12:55के फील्ड में आपने किंग चंद्रगुप्ता द
  5138. 4:12:58सेकंड के नवरत्नों में से एक कालिदास का
  5139. 4:13:00नाम तो जरूर सुना होगा। कालिदास के
  5140. 4:13:03ब्रिलियंट कंपोजिशंस के लिए उन्हें
  5141. 4:13:05शेक्सपियर ऑफ इंडिया भी कहा जाता है। उनके
  5142. 4:13:08मास्टरपीस संस्कृत ड्रामा अभिज्ञान
  5143. 4:13:11शाकुंतलम को वर्ल्ड के 100 बेस्ट बुक्स
  5144. 4:13:14में कंसीडर किया जाता है। इस ड्रामा में
  5145. 4:13:17उन्होंने शकुंतला नाम की लेडी की लाइफ में
  5146. 4:13:19चल रहे ओडील्स को बहुत ड्रामेटाइज्ड तरीके
  5147. 4:13:22से पेश किया है। इसके अलावा उन्होंने ऋतु
  5148. 4:13:26संहारा जैसी पोएम्स, मालविका अग्निमित्रम,
  5149. 4:13:29मेघदूतम, कुमार संभवम और रघुवंशम जैसे
  5150. 4:13:33क्लासिकल ड्रामा लिखे। वैशाख दत्ता भी इस
  5151. 4:13:37समय के सेलिब्रेटेड ऑथर में से एक थे।
  5152. 4:13:39जिन्होंने संस्कृत ड्रामा मुद्रा राक्षसा
  5153. 4:13:42और देवी चंद्र गुप्तम लिखा। वहीं कीरत
  5154. 4:13:45अर्जुन्य भैरवी द्वारा काव्यदर्शा दशकुमार
  5155. 4:13:50चरिता दंडन द्वारा पंचतंत्र विष्णु शर्मा
  5156. 4:13:53द्वारा कामसूत्र वात्सयना द्वारा और
  5157. 4:13:57अमरकोष नाम की डिक्शनरी बुद्धिस्ट ऑथर अमर
  5158. 4:14:00सिंहा द्वारा लिखे गए।
  5159. 4:14:03तीसरा सेक्शन है साइंटिफिक लिटरेचर।
  5160. 4:14:07गुप्ता पीरियड मैथमेटिक्स, एस्ट्रोनॉमी,
  5161. 4:14:10एस्ट्रोलॉजी, मेडिसिन के क्षेत्र में भी
  5162. 4:14:13काफी आगे था। आर्यभट्ट ने अपनी किताब
  5163. 4:14:16आर्यभट्टिया में कई महत्वपूर्ण खोज के
  5164. 4:14:19बारे में लिखा था। उनके हिसाब से अर्थ
  5165. 4:14:22स्फेरिकल था और अपने एक्सिस पर घूमता था
  5166. 4:14:26और पाई की वैल्यू 3.14 थी। उन्होंने ही
  5167. 4:14:30दुनिया को जीरो का कांसेप्ट दिया। वहीं
  5168. 4:14:33पंच सिद्धांतिका में वराहरा ने पांच
  5169. 4:14:37एस्ट्रोनॉमिकल सिस्टम्स का जिक्र किया।
  5170. 4:14:39बहद जातका नाम की किताब एस्ट्रोलॉजी के
  5171. 4:14:42फील्ड में उनका रिमारकेबल कंट्रीब्यूशन
  5172. 4:14:44है। इसके अलावा बृहद समिता नाम की पुस्तक
  5173. 4:14:48में उन्होंने वैरायटी ऑफ़ सब्जेक्ट्स
  5174. 4:14:50एस्ट्रोनॉमी, एस्ट्रोलॉजी, ज्योग्राफी,
  5175. 4:14:53आर्किटेक्चर, वेदर, एनिमल्स, मैरिज, वुमस
  5176. 4:14:56इत्यादि पर विस्तार से चर्चा की।
  5177. 4:15:00मेडिसिन के फील्ड में वागभट्टा ने अष्टांग
  5178. 4:15:04संग्रह यानी समरी ऑफ एट ब्रांचेस ऑफ
  5179. 4:15:07मेडिसिन नाम की बुक लिखी जिसके कारण
  5180. 4:15:09उन्हें ग्रेट मेडिकल ट्रियो ओवेंशिएंट
  5181. 4:15:12इंडिया में गिना जाता है। बाकी दो मेडिकल
  5182. 4:15:14जीनियस चरक और सुश्रुत को बोला जाता है।
  5183. 4:15:19अब तक हमने गुप्ता पीरियड के डिफरेंट
  5184. 4:15:21अचीवमेंट्स की बात की। पर इस वजह से क्या
  5185. 4:15:25इसे गोल्डन एज कहा जाना चाहिए?
  5186. 4:15:28आइए देखते हैं गुप्ता पीरियड गोल्डन एज ऑफ
  5187. 4:15:32इंडिया मिथ और रियलिटी
  5188. 4:15:36गहराई में एनालिसिस करने पर पता चलता है
  5189. 4:15:38कि पैन नॉर्थ इंडियन एंपायर फॉरेन रूल से
  5190. 4:15:42फ्रीडम पीस एंड प्रोस्पेरिटी लोअर टैक्स
  5191. 4:15:45बर्डन ऑन पीपल माइल्ड पनिशमेंट रिलीजियस
  5192. 4:15:49टॉलरेंस आर्ट लिटरेचर साइंटिफिक
  5193. 4:15:51एडवांसमेंट के नजरिए से देखा जाए तो
  5194. 4:15:54गुप्ता पीरियड को बिल्कुल एक गोल्डन एज
  5195. 4:15:56कहा जा सकता है पर वुमेन के स्टेटस में
  5196. 4:16:00डिक्लाइन, सती और अनटचेबिलिटी की शुरुआत,
  5197. 4:16:04फ्यूडल टेंडेंसीज का डेवलपमेंट और कास्ट
  5198. 4:16:06रिजिडिटी में बढ़ोतरी की बात करें तो
  5199. 4:16:09गुप्ता पीरियड को सोशल इनजस्टिस और
  5200. 4:16:12इनक्विटी के बिगिनिंग के रूप में भी देखा
  5201. 4:16:14जा सकता है। लेकिन ओवरऑल गुप्ता साम्राज्य
  5202. 4:16:17एंशिएंट इंडिया के ग्लोरियस एंपायर्स में
  5203. 4:16:20से एक था। इस समय शुरू हुए कई
  5204. 4:16:22इंटेलेक्चुअल ट्रेडिशंस आज भी इंडियन
  5205. 4:16:25सोसाइटी, इकॉनमी और वैल्यूस को शेप कर रहे
  5206. 4:16:28हैं।
  5207. 4:16:30द रेन ऑफ हर्षवर्धन।
  5208. 4:16:33दोस्तों, गुप्ता एंपायर के बाद पूरा
  5209. 4:16:36भारतवर्ष फिर से छोटे-छोटे प्रदेशों में
  5210. 4:16:38बंट गया था। लेकिन इसके बावजूद एक ऐसा
  5211. 4:16:41विराट सम्राट हुआ जो पूरे उत्तर भारत में
  5212. 4:16:44अपना साम्राज्य कायम करने में सफल हो गया।
  5213. 4:16:47और साथ ही साथ शिक्षा, साहित्य, धर्म और
  5214. 4:16:51टॉलरेंस की प्रेरणा भी बना। प्रयाग और
  5215. 4:16:55कन्नौज असेंबली जैसे बड़े आयोजन उन्हीं के
  5216. 4:16:58काल में आयोजित किए गए। इस कारण उन्हें
  5217. 4:17:02सकलोत्तरा पथेश्वरा यानी कि लॉर्ड ऑफ द
  5218. 4:17:05नॉर्थ भी कहा जाता है। यह सम्राट कौन थे?
  5219. 4:17:09दोस्तों, यह थे पुष्यभूति वंश के महान
  5220. 4:17:12शासक शिलादित्य हर्षवर्धन जिनकी आज हम बात
  5221. 4:17:17करेंगे। तो आइए शुरू करते हैं पॉलिटिकल
  5222. 4:17:19हिस्ट्री से। पॉलिटिकल हिस्ट्री
  5223. 4:17:23साल है 600 एडी का। हर्षवर्धन 10 साल के
  5224. 4:17:27हो चुके थे। उनके पिता एवं प्रतापी राजा
  5225. 4:17:30प्रभाकर वर्धना थाणेश्वर जो कि प्रेजेंट
  5226. 4:17:33डे हरियाणा रीजन के अराउंड था उसके राजा
  5227. 4:17:36थे।
  5228. 4:17:37वे बेहद सूझबूझ से पुष्यभूति वंश के
  5229. 4:17:40साम्राज्य को विदेशी खतरों से प्रोटेक्ट
  5230. 4:17:43कर रहे थे। पर 65 एडी में उनके पिता
  5231. 4:17:46प्रभाकर वर्धना अनटाइमली गुजर जाते हैं और
  5232. 4:17:50उनकी माता यशोमती सती हो जाती हैं। इस
  5233. 4:17:53मुश्किल घड़ी में हर्षवर्धन के मामा और
  5234. 4:17:56चीफ मिनिस्टर भांडी हर्षवर्धन के बड़े भाई
  5235. 4:18:00राज्यवर्धन को राज सिंहासन पर बैठने के
  5236. 4:18:03लिए मना लेते हैं। लेकिन आगे बढ़ने से
  5237. 4:18:06पहले हम थानेश्वर की जियोग्राफी समझ लेते
  5238. 4:18:09हैं। थानेश्वर आज के हरियाणा राज्य में
  5239. 4:18:13लोकेटेड था। इसके ईस्ट में कान्यकुब्ज या
  5240. 4:18:16कन्नौज था। जहां मुखारी वंश के गृह वर्मन
  5241. 4:18:20का शासन था। वेस्ट में वल्लभी था। जहां
  5242. 4:18:23मैत्रिका वंश के ध्रुवसेना टू का राज था।
  5243. 4:18:26नॉर्थ में कश्मीर था और साउथ एंड साउथ
  5244. 4:18:29वेस्ट में मालवा जहां देवगुप्ता का शासन
  5245. 4:18:33था। और गॉड यानी बंगाल के राजा थे शशांक
  5246. 4:18:37जो देवगुप्ता के दोस्त थे। इसके अलावा फार
  5247. 4:18:41ईस्ट में कामरूप यानी आसाम में भास्कर
  5248. 4:18:44वर्मन का शासन था। थाणेश्वर राज्य के
  5249. 4:18:47इन्फ्लुएंस को बढ़ाने के लिए हर्षवर्धन के
  5250. 4:18:50पिता प्रभाकर वर्धन अपनी बेटी राज्यश्री
  5251. 4:18:53की शादी कन्नौज के राजा गृहवर्मन के साथ
  5252. 4:18:56करवा देते हैं। इस मैट्रिमोनियल अलायंस से
  5253. 4:19:00थाणेश्वर राज्य की प्रतिष्ठा पूरे उत्तर
  5254. 4:19:03भारत में काफी बढ़ जाती है। परंतु प्रभाकर
  5255. 4:19:07वर्धना की मृत्यु के बाद मालवा के राजा
  5256. 4:19:10देवगुप्ता कन्नौज पर आक्रमण कर देते हैं।
  5257. 4:19:13बड़ी क्रूरता से वो गृहवर्मन को मार देते
  5258. 4:19:16हैं और राज्यश्री को बंदी बना लेते हैं।
  5259. 4:19:20बदला लेने के लिए राज्यवर्धन मालवा पर एक
  5260. 4:19:24बड़ी सेना के साथ हमला कर देते हैं और
  5261. 4:19:26देवगुप्ता को हराकर राज्यश्री को छुड़ा
  5262. 4:19:29लेते हैं।
  5263. 4:19:31राज्यवर्धन की विशाल सेना देखकर गौड यानी
  5264. 4:19:35बंगाल का शासक शशांक समझ जाते हैं कि
  5265. 4:19:38राज्यवर्धन को सीधी लड़ाई में हराना
  5266. 4:19:40नामुमकिन है। इसलिए वो छल का सहारा लेकर
  5267. 4:19:43राज्यवर्धन को मार देते हैं। इसके बाद
  5268. 4:19:46राइज होता है राज्यवर्धन के छोटे भाई
  5269. 4:19:50हर्षवर्धन का। आइए देखते हैं।
  5270. 4:19:54राइज ऑफ हर्षवर्धन।
  5271. 4:19:56राज्यवर्धन की अचानक हुई मृत्यु से
  5272. 4:19:58हर्षवर्धन बहुत छोटी उम्र में अकेले पड़
  5273. 4:20:01जाते हैं। पर भांडी मामा को पता था कि
  5274. 4:20:05हर्षवर्धन अपने भैया से कहीं अधिक कुशल,
  5275. 4:20:08पराक्रमी और चतुर राजा बन सकते हैं। इसलिए
  5276. 4:20:11भांडी मामा हर्षवर्धन को ललकारते हुए कहते
  5277. 4:20:14हैं कि यह वक्त आंसू बहाने का नहीं बल्कि
  5278. 4:20:17शत्रुओं का खून बहाने का है। हर्षवर्धन
  5279. 4:20:20सबसे पहले अपनी बहन को विंध्याचल के जंगल
  5280. 4:20:23में सती होने से रोक लेते हैं। और फिर
  5281. 4:20:26शुरू होता है शिव भक्त हर्षवर्धन की लड़ाई
  5282. 4:20:29और जीत का सिलसिला।
  5283. 4:20:32उनके 1 लाख सैनिक और 60 हजार हाथी की
  5284. 4:20:36विशाल सेना के सामने कोई राजा टिक नहीं पा
  5285. 4:20:39रहा था। राज्यवर्धन को छल से मारने वाले
  5286. 4:20:42शशांक भी हर्षवर्धन की सेना को देखकर
  5287. 4:20:45कन्नौज से पीछे हट जाते हैं।
  5288. 4:20:48इसके बाद हर्षवर्धन कन्नौज को ना केवल
  5289. 4:20:52अपने राज्य में मर्ज कर लेते हैं बल्कि
  5290. 4:20:54अपनी कैपिटल थाणेश्वर से कन्नौज शिफ्ट कर
  5291. 4:20:57देते हैं।
  5292. 4:20:59शशांक के छल का बदला लेने के लिए
  5293. 4:21:01हर्षवर्धन भी शतरंज की चाल चलते हैं। पहले
  5294. 4:21:04वह कामरूप यानी आसाम के राजा भास्कर वर्मन
  5295. 4:21:08से एक मैत्री संधि कर लेते हैं। फिर गॉड
  5296. 4:21:11पर दो तरफ़ा आक्रमण कर देते हैं। शशांक
  5297. 4:21:14जैसे तैसे अपनी जान बचाकर कहीं दूर जंगल
  5298. 4:21:17में भाग जाता है। कुछ सालों बाद उसकी
  5299. 4:21:20मृत्यु हो जाती है और पूरा गौड साम्राज्य
  5300. 4:21:23हर्षवर्धन के आधीन हो जाता है। वेस्ट में
  5301. 4:21:27वल्लभी के राजा और पुलककेशिन 2 के मित्र
  5302. 4:21:30ध्रुवसेना 2 को भी हार माननी ही पड़ती है।
  5303. 4:21:34पर बफर स्टेट मेंटेन करने के लिए
  5304. 4:21:37हर्षवर्धन वल्लभी को पूरी तरह एनेक्स करने
  5305. 4:21:40के बजाय ध्रुवसेना टू को वापस गद्दी पर
  5306. 4:21:43बैठा देते हैं। यह हर्षवर्धन की बड़ी जीत
  5307. 4:21:46होने के साथ-साथ उनकी बेहतरीन स्टेट
  5308. 4:21:49क्राफ्ट का नमूना भी था। इस तरह ईस्ट,
  5309. 4:21:52वेस्ट, नॉर्थ, साउथ सब तरफ हर्षवर्धन अपना
  5310. 4:21:56विजय परचम लहरा देते हैं। जिसके परिणाम
  5311. 4:21:59स्वरूप उत्तर में हिमालय, दक्षिण में
  5312. 4:22:01नर्मदा, दक्षिण पश्चिम में अरब सागर,
  5313. 4:22:04दक्षिण पूर्व में बंगाल की खाड़ी और पूरब
  5314. 4:22:07में ब्रह्मपुत्र घाटी तक उनका साम्राज्य
  5315. 4:22:10फैल जाता है।
  5316. 4:22:12लड़ाई, जीत और सूझ-बूझ से हर्षवर्धन
  5317. 4:22:16सकलोत्तरा पथेश्वर यानी लॉर्ड ऑफ द नॉर्थ
  5318. 4:22:19की ख्याति पा लेते हैं। उनके विजय रथ को
  5319. 4:22:23एकमात्र झटका नर्मदा पार करने पर चालुक्य
  5320. 4:22:26शासक पुलकेशन टू द्वारा लगता है। जिसका
  5321. 4:22:30एविडेंस हमें आईहोल इं्रिप्शन में देखने
  5322. 4:22:32को मिलता है। आइए जानते हैं इसके बारे
  5323. 4:22:35में।
  5324. 4:22:37आईहोल इं्रिप्शन हर्षवर्धन और पुलकशन टू
  5325. 4:22:41के बीच हुई महान लड़ाई का वर्णन पुलककेशन
  5326. 4:22:442 के राजकवि रवि कृति द्वारा लिखे आईहोल
  5327. 4:22:47इं्रिप्शन में देखा जा सकता है। आईहोल
  5328. 4:22:51इं्रिप्शंस संस्कृत लैंग्वेज में होने के
  5329. 4:22:53बावजूद कन्नाडा स्क्रिप्ट में लिखा गया
  5330. 4:22:56है। इं्रिप्शन के अनुसार पुलकेशन टू ने
  5331. 4:23:00हर्षवर्धन के अलावा कई और साउथ इंडियन
  5332. 4:23:02किंग्स को भी हरा दिया था। उन्होंने अपनी
  5333. 4:23:05राजधानी आईहोल से बदलकर बदामी कर दी थी।
  5334. 4:23:09इस इं्रिप्शन में कालिदास का भी मेंशन है।
  5335. 4:23:12पुलककेशन 2 के बेहतरीन डिफेंस से
  5336. 4:23:14हर्षवर्धन दक्षिण पथ फतेह करने का इरादा
  5337. 4:23:18छोड़ देते हैं और अपना सारा ध्यान उत्तर
  5338. 4:23:21भारत को कंसोलिडेट करने में लगा देते हैं।
  5339. 4:23:24आगे चलकर हर्षवर्धन 40 साल से भी ज्यादा
  5340. 4:23:28रूल करते हैं। पर लैक ऑफ पावरफुल सक्सेसर,
  5341. 4:23:31प्रयाग असेंबली के समय सारा खजाना खाली कर
  5342. 4:23:34देने की प्रथा और डिक्लाइनिंग ट्रेड एंड
  5343. 4:23:36कॉमर्स के कारण हर्षवर्धन के बाद उनका
  5344. 4:23:39एंपायर टिक नहीं पाता और नॉर्थ इंडिया में
  5345. 4:23:42फिर से इनस्टेबिलिटी आ जाती है। दोस्तों,
  5346. 4:23:46हर्षवर्धन की सफलता में उनके एफिशिएंट
  5347. 4:23:49एडमिनिस्ट्रेशन का बड़ा रोल था। इसलिए आइए
  5348. 4:23:53अब हम उनका एडमिनिस्ट्रेटिव सिस्टम देख
  5349. 4:23:55लेते हैं। एडमिनिस्ट्रेशन अंडर हर्षा
  5350. 4:23:59हर्षवर्धन ने मौर्य और गुप्ता काल से
  5351. 4:24:01इंस्पिरेशन लेकर कई एडमिनिस्ट्रेटिव
  5352. 4:24:04रिफॉर्म्स किए। यही कारण था कि वे लगभग 40
  5353. 4:24:08साल तक शासन कर पाए थे। पर गुप्ताज़ के
  5354. 4:24:11कंपैरिजन में उनका एडमिनिस्ट्रेशन ज्यादा
  5355. 4:24:14डीसेंट्रलाइज्ड और फ्यूडल एलिमेंट से भरा
  5356. 4:24:16हुआ था। राजगद्दी संभालने के बाद वह अपनी
  5357. 4:24:20राजधानी थाणेश्वर से बदलकर कन्नौज कर देते
  5358. 4:24:23हैं। इससे कुछ ही सालों में कन्नौज पूरे
  5359. 4:24:26उत्तर भारत का ध्रुवतारा बन जाता है।
  5360. 4:24:29राजकवि बाण भट्ट द्वारा लिखित राजा खुद
  5361. 4:24:33अपनी सेना के कमांडर इन चीफ भी होते थे।
  5362. 4:24:35हर्षवर्धना ने महाराजा अधिराज परम
  5363. 4:24:39भट्टराका परम महेश्वरा जैसे टाइटल भी लिए
  5364. 4:24:42थे। वे एक उदार राजा थे और खुद पर्सनली
  5365. 4:24:46प्रशासन की गतिविधियों पर नजर रखते थे।
  5366. 4:24:49राजा को सलाह देने के लिए एक मंत्री परिषद
  5367. 4:24:52भी होता था जिसको चीफ मिनिस्टर हेड करते
  5368. 4:24:55थे। अवंती नाम के अधिकारी वारेन पीस
  5369. 4:24:58डिपार्टमेंट देखते थे। सिंहनाद मिलिट्री
  5370. 4:25:01हेड होते थे। स्कंदगुप्त हाथी दस्ते के
  5371. 4:25:05हेड होते थे और सिविल एडमिनिस्ट्रेशन के
  5372. 4:25:07प्रमुख को सामंत महाराज बुलाया जाता था।
  5373. 4:25:10पूरे साम्राज्य को प्रदेशों में बांटा गया
  5374. 4:25:12था जिसे भुक्ति बोला जाता था। भुक्ति का
  5375. 4:25:16विभाजन विषयाज़ यानी जिलों में किया गया
  5376. 4:25:19था। गांव प्रशासन की सबसे छोटी यूनिट हुआ
  5377. 4:25:23करती थी। लोगों पर मिनिमम टैक्स बर्डन रखा
  5378. 4:25:26गया था और गुड गवर्नेंस से
  5379. 4:25:28एडमिनिस्ट्रेटिव एक्सपेंसेस को कंट्रोल
  5380. 4:25:30किया गया था। लैंड रेवेन्यू जिसे भाग बोला
  5381. 4:25:34जाता था। साम्राज्य का प्रमुख आय स्रोत
  5382. 4:25:36था। यह उपज का 16 भाग होता था और फसल के
  5383. 4:25:41रूप में ही दिया जाता था। सेल्स टैक्स और
  5384. 4:25:43टोल टैक्स आय के अन्य स्रोत हुआ करते थे।
  5385. 4:25:46इसके अलावा छोटे-छोटे राजा और फ्यूड ट्रीज
  5386. 4:25:49भी एपरर को ट्रिब्यूट दिया करते थे। लॉ
  5387. 4:25:53एंड ऑर्डर अच्छा था। परंतु उसमें कुछ
  5388. 4:25:55कमियां भी थी। उदाहरण स्वरूप सफर के दौरान
  5389. 4:25:59कई बार खुद हुएन सांग के साथ रॉबरी की
  5390. 4:26:02घटना हुई थी। बड़े अधिकारियों को पैसे के
  5391. 4:26:05बदले जमीन दी जाती थी। इसके कारण
  5392. 4:26:07हर्षवर्धन काल में फ्यूडलिज्म को बहुत
  5393. 4:26:10बढ़ावा मिला। एफिशिएंट एडमिनिस्ट्रेशन के
  5394. 4:26:12अलावा हर्षवर्धन की सफलता का श्रेय उनकी
  5395. 4:26:16विशाल और प्रशिक्षित आर्मी को भी जाता है।
  5396. 4:26:18चलिए जानते हैं। आर्मी ह्वीन सैंग के
  5397. 4:26:22अनुसार उनकी सेना में 60 हजार हाथी, 500
  5398. 4:26:27घुड़सवार और 1 लाख थल सेना हुआ करती थी।
  5399. 4:26:30इतनी बड़ी सेना को मेंटेन करने के लिए
  5400. 4:26:33हर्षवर्धन ने कई फ्यूड ट्रीज को लैंड
  5401. 4:26:36ग्रांट्स दिए। एडमिनिस्ट्रेशन और आर्मी की
  5402. 4:26:38खूबियां तो हमने देख ली पर सोशियोइकोनॉमिक
  5403. 4:26:41कंडीशन पर डिस्कशन किए बिना आज की चर्चा
  5404. 4:26:44अधूरी रह जाएगी। आइए पहले देखते हैं
  5405. 4:26:47हर्षवर्धन एंपायर की सोशल लाइफ को। सोशल
  5406. 4:26:52लाइफ
  5407. 4:26:53हर्षवर्धन के समय में वर्ण सिस्टम पूरी
  5408. 4:26:56तरह से मॉडिफाई हो गया था। वर्ण सिस्टम के
  5409. 4:26:59अंदर कास्ट सिस्टम इंपेरिकल रियलिटी बन
  5410. 4:27:03गया था। जन्म के आधार पर विभिन्न जातियों
  5411. 4:27:06में सदस्यता मिलती थी और इसे जन्म के बाद
  5412. 4:27:09बदला नहीं जा सकता था। इंटरकास्ट डाइनिंग
  5413. 4:27:13और मैरिज प्रोहिबिटेड था जिसके लिए कठोर
  5414. 4:27:17दंड का प्रावधान था। अनटचेबिलिटी बड़ा रूप
  5415. 4:27:20ले चुका था। इस समय महिलाओं की स्थिति में
  5416. 4:27:24गुप्ता काल जैसी ही गिरावट देखने को मिलती
  5417. 4:27:26है। सती प्रथा ने विराट रूप ले लिया था।
  5418. 4:27:30हर्षवर्धन अपनी माता यशुमती को तो नहीं पर
  5419. 4:27:33किसी प्रकार अपनी बहन राजश्री को सती होने
  5420. 4:27:36से बचा लेते हैं। परंतु ऊंची जाति की
  5421. 4:27:39महिलाओं के लिए नॉर्मल केसेस में यह
  5422. 4:27:42पॉसिबल नहीं था। पर्दा प्रथा की शुरुआत
  5423. 4:27:45नहीं हुई थी। पर महिलाओं के स्वतंत्र
  5424. 4:27:48घूमने पर ढेर सारे प्रतिबंध थे।
  5425. 4:27:51लेकिन पशुओं के साथ अच्छा व्यवहार करने का
  5426. 4:27:54निर्देश स्वयं महाराजा हर्षवर्धन की तरफ
  5427. 4:27:57से दिया गया था। किसी भी जानवर को मारना
  5428. 4:28:01बड़ा अपराध था। लोकल पापुलेशन सिंपल एंड
  5429. 4:28:04मोरल लिविंग में विश्वास रखती थी। सोसाइटी
  5430. 4:28:07के बाद अब हम हर्षवर्धन एंपायर की इकॉनमी
  5431. 4:28:10पर भी चर्चा कर लेते हैं। इकोनमी अंडर
  5432. 4:28:14हर्षा। वुमेन की कंडीशन डिटीरियोरेट होने
  5433. 4:28:18के साथ-साथ हर्षा काल में ट्रेड एंड
  5434. 4:28:20कॉमर्स में भी डिक्लाइन हुआ था। इस कारण
  5435. 4:28:23से हर्षवर्धन ने गुप्ताज़ के कंपैरिजन में
  5436. 4:28:26बहुत कम कॉइंस इशू किए। पैसे की जगह लैंड
  5437. 4:28:31ग्रांट्स दिया जाता था। जिससे हर्ष पीरियड
  5438. 4:28:34में फ्यूडल इकॉनमी को बहुत बढ़ावा मिला
  5439. 4:28:36था। एक्सकेवेशन में मिले कॉपर प्लेट्स
  5440. 4:28:39इसकी गवाही देते हैं। कन्नौज, प्रयाग यानी
  5441. 4:28:43इलाहाबाद और बनारस हर्षा साम्राज्य के
  5442. 4:28:46बड़े शहरों में गिने जाते थे। इकोनॉमिक
  5443. 4:28:49प्रोस्पेरिटी के साथ-साथ हर्षा काल
  5444. 4:28:52रिलीजियस टॉलरेंस के लिए भी याद किया जाता
  5445. 4:28:54था। आइए देखते हैं। रिलीजियस टॉलरेंस।
  5446. 4:28:59हिंदूज़्म, बुद्धिज्म और जैनिज्म हर्षा काल
  5447. 4:29:03में पॉपुलर रिलीजंस हुआ करते थे।
  5448. 4:29:06प्रयाग जिसे आज प्रयागराज कहा जाता है और
  5449. 4:29:09बनारस हिंदू धर्म के प्रमुख केंद्र हुआ
  5450. 4:29:12करते थे। वहीं महायान बौद्ध धर्म के सबसे
  5451. 4:29:17बड़े सेक्ट के रूप में उभर कर आया था।
  5452. 4:29:20हर्षवर्धन मूलतः शिव भक्त यानी शैवाय थे।
  5453. 4:29:24परंतु हन सेंग के अनुसार वो एक कन्विंस्ड
  5454. 4:29:27महायान बुद्धिस्ट भी थे। उन्होंने गंगा
  5455. 4:29:30नदी के किनारे कई बुद्धिस्ट स्तूपा बनवाए
  5456. 4:29:33थे। कुछ अकाउंट्स के अनुसार एक स्तूपा तो
  5457. 4:29:36100 फीट ऊंचा था। पर वे पूरी तरह से
  5458. 4:29:39बुद्धिज्म में कन्वर्ट हुए थे या नहीं यह
  5459. 4:29:42अभी भी डिबेट का विषय है। सम्राट अशोका की
  5460. 4:29:46तरह उन्होंने भी जीव हत्या पर प्रतिबंध
  5461. 4:29:49लगा दिया था। पुअर और डेस्टिट्यूट के लिए
  5462. 4:29:52मुफ्त खाने और दवाइयों की व्यवस्था की गई
  5463. 4:29:55थी। इसके अलावा वे दिल खोलकर चैरिटी भी
  5464. 4:29:59किया करते थे। उनकी दान प्रवृत्ति के सबसे
  5465. 4:30:02बड़े प्रमाण प्रयाग असेंबली और कन्नौज
  5466. 4:30:05असेंबली का आयोजन थे। चलिए पहले जानते हैं
  5467. 4:30:08प्रयाग असेंबली के बारे में।
  5468. 4:30:11प्रयाग असेंबली हर्षवर्धन हर 5 वर्ष पर
  5469. 4:30:15प्रयाग में एक ग्रैंड धार्मिक सम्मेलन का
  5470. 4:30:18आयोजन करते थे। जिसमें सभी धर्मों के
  5471. 4:30:21स्कॉलर्स को इनविटेशन भेजा जाता था। कई
  5472. 4:30:24शास्त्रार्थ या डिबेट्स का आयोजन किया
  5473. 4:30:27जाता था और सभी स्कॉलर्स को ढेर सारा धन
  5474. 4:30:30दिया जाता था। 5 साल के अंत में जो भी
  5475. 4:30:34खजाने में बचा होता था सब दान कर दिया
  5476. 4:30:36जाता था। प्रयाग असेंबली के बाद अब हम
  5477. 4:30:40कन्नौज असेंबली के बारे में भी जान लेते
  5478. 4:30:42हैं। कन्नौज असेंबली ह्यूएन सैंग ने
  5479. 4:30:47हर्षवर्धन के राज में लगभग 8 साल बिताए
  5480. 4:30:50थे। हर्षवर्धन ह्यूएन सैंग से इतने
  5481. 4:30:53प्रभावित हो गए थे कि उन्होंने उनके
  5482. 4:30:55सम्मान में अलग से 643 एडी में कन्नौज
  5483. 4:31:00असेंबली का आयोजन कर ढेर सारा दान दिया।
  5484. 4:31:04इस असेंबली का मुख्य उद्देश्य महायान
  5485. 4:31:07बुद्धिज्म को पॉपुलराइज करना था। कुछ
  5486. 4:31:10स्कॉलर्स का मानना है कि यह एक्सट्रीम दान
  5487. 4:31:13प्रथा उनके एंपायर के डिक्लाइन का
  5488. 4:31:15इंपॉर्टेंट कारण बनी थी। दान पुण्य के
  5489. 4:31:19अलावा हर्षवर्धन एक महान स्कॉलर भी थे।
  5490. 4:31:22उनके रेन में लर्निंग और लिटरेचर में बहुत
  5491. 4:31:25तरक्की हुई थी। पहले बात करते हैं लिटरेचर
  5492. 4:31:28की। लिटरेचर हर्षवर्धन खुद तीन संस्कृत
  5493. 4:31:33प्लेज़ रत्नावली, प्रियदर्शिका और नागनंद
  5494. 4:31:37के ऑथर थे। उनके समय की बाणभट्ट की रचनाएं
  5495. 4:31:41आज भी फेमस हैं। बाणभट्ट हर्ष के राजकवि
  5496. 4:31:45थे। जिन्होंने कादंबरी और हर्ष चरिता जैसी
  5497. 4:31:48प्रसिद्ध पुस्तकें लिखी थी। हर्षचरिता
  5498. 4:31:52जहां हर्षवर्धन की अर्ली लाइफ के बारे में
  5499. 4:31:54बताता है। वहीं कादंबरी में दो प्रेमियों
  5500. 4:31:58की ट्रैजिक लव स्टोरी डिस्क्राइब की गई
  5501. 4:32:00है। यह थी लिटरेचर की बात। लेकिन लर्निंग
  5502. 4:32:03के क्षेत्र में नालंदा यूनिवर्सिटी को
  5503. 4:32:06कैसे भुलाया जा सकता है? नालंदा
  5504. 4:32:09यूनिवर्सिटी। लिटरेरी प्रावस के साथ-साथ
  5505. 4:32:13गुप्त काल में स्थापित नालंदा यूनिवर्सिटी
  5506. 4:32:16हर्षवर्धन के समय में अपने पीक पर पहुंच
  5507. 4:32:19गया था। देश विदेश से हजारों स्टूडेंट्स
  5508. 4:32:23यहां शिक्षा लेने आते थे। क्यूएन सैंग भी
  5509. 4:32:26यहां पर कुछ समय के लिए स्टूडेंट रहे थे।
  5510. 4:32:28नालंदा यूनिवर्सिटी के इंपैक्ट को देखते
  5511. 4:32:31हुए हर्षवर्धन ने 100 गांव की जमीन
  5512. 4:32:34यूनिवर्सिटी के मेंटेनेंस के लिए दान में
  5513. 4:32:36दी थी। 122 एडी में बख्तियार खलजी ने अपनी
  5514. 4:32:41मिलिट्री एक्सपिडिशन में नालंदा
  5515. 4:32:43यूनिवर्सिटी को आग लगवा दी थी। कहा जाता
  5516. 4:32:46है कि यूनिवर्सिटी लाइब्रेरी में इतनी
  5517. 4:32:49किताबें थी कि 3 महीने तक आग जलती रही।
  5518. 4:32:53बख्तियार खलजी ने कई बुद्धिस्ट मंक्स को
  5519. 4:32:56भी मरवा दिया था। जिससे भारत में
  5520. 4:32:59बुद्धिज्म को बहुत हानि हुई। हर्षवर्धन की
  5521. 4:33:02पॉपुलैरिटी के साथ-साथ उनको लेकर कुछ
  5522. 4:33:05कंट्रोवर्सीज भी रही हैं। आइए देखते हैं
  5523. 4:33:08कंट्रोवर्सीज।
  5524. 4:33:10पहली कंट्रोवर्सी हर्षवर्धन के वर्ण को
  5525. 4:33:13लेकर है। कुछ हिस्टोरियंस के अनुसार
  5526. 4:33:16पुष्यभूति डायनेस्टी वैश्य वर्ण से संबंध
  5527. 4:33:19रखती थी। परंतु कुछ दूसरे हिस्टोरियंस
  5528. 4:33:22उन्हें क्षत्रिय वर्ण का भी बताते हैं।
  5529. 4:33:25दूसरी कंट्रोवर्सी उन्हें लास्ट ग्रेट
  5530. 4:33:28हिंदू एपरर ऑफ इंडिया बोलने पर रही है।
  5531. 4:33:30कुछ स्कॉलर्स का मानना है कि वे ना तो
  5532. 4:33:33स्टोंस हिंदू थे और ना ही उन्होंने पूरे
  5533. 4:33:36भारत पर राज किया था। तो फिर उन्हें लास्ट
  5534. 4:33:39ग्रेट हिंदू एपरर ऑफ इंडिया कैसे कहा जा
  5535. 4:33:41सकता है? उनकी अथॉरिटी नॉर्थ इंडिया तक ही
  5536. 4:33:45सीमित थी। जिसमें कश्मीर शामिल नहीं था।
  5537. 4:33:48और उनके बाद भी राजपूत, विजयनगर और मराठा
  5538. 4:33:52जैसे कई ग्रेट हिंदू किंगडम्स राइज हुए
  5539. 4:33:54थे। पर इन सारी कंट्रोवर्सीज के बावजूद
  5540. 4:33:57हर्षवर्धन अपनी रिलीजियस टॉलरेंस, एनिमल
  5541. 4:34:01वेलफेयर पॉलिसीज, डोनेशंस और लॉर्ड ऑफ द
  5542. 4:34:04नॉर्थ के नाम से हमेशा याद रखे जाएंगे।
  5543. 4:34:08स्ट्रगल फॉर कन्नौज, बालाज़, प्रतिहाराज़
  5544. 4:34:11एंड राष्ट्रकूताज़। 800 एडी टू 1000 एडी।
  5545. 4:34:16आज इस कहानी में हम डिस्कस करेंगे 800 से
  5546. 4:34:191000 एडी के बीच हुई एक इंपॉर्टेंट
  5547. 4:34:21स्ट्रगल के बारे में। जिसमें तीन एंपायर्स
  5548. 4:34:24यानी पालाज, प्रतिहारास और राष्ट्रकूटास
  5549. 4:34:27नॉर्थ इंडिया में अपने वर्चस्व के लिए लड़
  5550. 4:34:30रहे थे। यह इंडियन मिडिवल हिस्ट्री का एक
  5551. 4:34:33इंपॉर्टेंट फेस था जिसने नॉर्थ इंडिया की
  5552. 4:34:35पॉलिटिक्स और इकोनॉमिक्स में इंपॉर्टेंट
  5553. 4:34:37चेंजेस लाए। और आने वाले समय में नए
  5554. 4:34:41पॉलिटिकल सेंटर्स को क्रिएट किया। सोसाइटी
  5555. 4:34:44और कल्चर पर भी अपना प्रभाव छोड़ा। यह
  5556. 4:34:47कहानी गंगा वैली और कन्नौज के डोमिनेशन से
  5557. 4:34:51स्टार्ट होती है। इसीलिए सबसे पहले हम यह
  5558. 4:34:53जान लेते हैं कि आखिर कन्नौज इतना
  5559. 4:34:56इंपॉर्टेंट क्यों था। डोमिनेशन ओवर कन्नौज
  5560. 4:35:01सेवंथ सेंचुरी में हर्षा के एंपायर के
  5561. 4:35:03डिक्लाइन के बाद नॉर्थ इंडिया डेक्कन और
  5562. 4:35:06साउथ इंडिया में कई लार्ज किंगडम्स उभर कर
  5563. 4:35:09आए। गुप्ता और हर्ष के अंपायर में गंगा
  5564. 4:35:12वैली दोनों एंपायर्स की हेजेमनी का बेसिस
  5565. 4:35:15बनी। गंगा वैली, पपुलेशन और ह्यूज
  5566. 4:35:18रिसोर्सेज के कारण ट्रेड और कॉमर्स का
  5567. 4:35:21सेंटर थी। इस पर रूल करके ही गुप्ता
  5568. 4:35:24रूलर्स और हर्षा ने गुजरात पर अपना
  5569. 4:35:26आधिपत्य जमाया जो कि अपने रिच सीप्स और
  5570. 4:35:29मैन्युफैक्चरर्स के कारण ओवरसीज ट्रेड के
  5571. 4:35:32लिए इंपॉर्टेंट था। मालवा और राजस्थान इन
  5572. 4:35:35दोनों सेंटर्स यानी गंगा वैली और गुजरात
  5573. 4:35:38के बीच एसेंशियल लिंक्स थे। नॉर्थ इंडिया
  5574. 4:35:41में रूल कर रहे किसी भी एंपायर के लिए यही
  5575. 4:35:44ज्योग्राफिकल लिमिट थी। हर्षा के डिक्लाइन
  5576. 4:35:46के बाद गंगा वैली में स्थित कन्नौज एक
  5577. 4:35:48इंपॉर्टेंट स्ट्रेटेजिक सेंटर के रूप में
  5578. 4:35:50उभर कर आया। कन्नौज गंगा के राइट बैंक में
  5579. 4:35:54एक क्लिफ पर बसा हुआ था जो कि हाइट के
  5580. 4:35:57कारण एडवांटेजियस था। हर्षा ने तो कन्नौज
  5581. 4:36:00को सिंबल ऑफ इंपीरियल पावर बनाया। कन्नौज
  5582. 4:36:04ट्रेड, कॉमर्स और कम्युनिकेशन का सेंटर
  5583. 4:36:06बना जहां से इंडिया के सभी डायरेक्शंस में
  5584. 4:36:09जाने वाले ट्रेड रूट्स निकलते थे। यह उसका
  5585. 4:36:12इकोनॉमिकेंस था। इस पर कंट्रोल करके एक
  5586. 4:36:15तरह से पूरी गंगा वैली पर कंट्रोल किया जा
  5587. 4:36:18सकता था। पास्ट के मगध की तरह ही कन्नौज
  5588. 4:36:22अब इंपॉर्टेंट हो चुका था। कन्नौज पर रूल
  5589. 4:36:24करना एक तरह से पूरे नॉर्थ इंडिया पर रूल
  5590. 4:36:27करने का सिंबल था। यह उसका पॉलिटिकलेंस
  5591. 4:36:30था। 750 से 1000 एडी के बीच कई बड़े
  5592. 4:36:34किंगडम्स राइज हुए। जैसे द पाला एंपायर
  5593. 4:36:38जिसने ईस्टर्न इंडिया को डोमिनेट किया मिड
  5594. 4:36:41नाइंथ सेंचुरी तक। द प्रतिहारा एंपायर
  5595. 4:36:45जिसने वेस्टर्न इंडिया और अपर गेंजेटिक
  5596. 4:36:47वैली को मिड 10थ सेंचुरी तक डोमिनेट किया।
  5597. 4:36:50इसको गुर्जर प्रतिहारा एंपायर भी बोला
  5598. 4:36:53जाता है। और द राष्ट्रकूता एंपायर जिसने
  5599. 4:36:57डेक्कन पर अपना डोमिनेशन एस्टैब्लिश किया।
  5600. 4:36:59यह तीन एंपायर्स भले ही आपस में लड़ते रहे
  5601. 4:37:03लेकिन एक बड़े एरिया में उन्होंने लोगों
  5602. 4:37:05को एक स्टेबल लाइफ दी। एग्रीकल्चर को
  5603. 4:37:08एक्सटेंड किया। पोंड्स और कैनाल्स बनाए।
  5604. 4:37:11आर्ट एंड आर्किटेक्चर को पेट्रिनेज दिया
  5605. 4:37:13इंक्लूडिंग टेंपल्स। इन तीनों में से
  5606. 4:37:16राष्ट्रकूटा एंपायर सबसे लंबे समय तक चला
  5607. 4:37:19और नॉर्थ एंड साउथ इंडिया के बीच एक तरह
  5608. 4:37:22से कल्चरल ब्रिज का काम किया। तो यह तो
  5609. 4:37:25बात हुई कन्नौज केेंस की। अब बढ़ते हैं
  5610. 4:37:28स्ट्रगल की तरफ। इसमें हम एक-एक करके
  5611. 4:37:31तीनों एंपायर्स के बारे में बात करते हुए
  5612. 4:37:33उनके आपस के स्ट्रगल्स की भी बात करेंगे।
  5613. 4:37:36शुरू करते हैं पाला से।
  5614. 4:37:39द पाला हर्षा की डेथ के बाद का जो पीरियड
  5615. 4:37:42था एक तरह से पॉलिटिकल कंफ्यूजन का दौर
  5616. 4:37:45था। कश्मीर के कारकोटा डायनेस्टी के रूलर
  5617. 4:37:48ललिता आदित्य 724 से 760 एडी ने कुछ समय
  5618. 4:37:52के लिए पंजाब और इवन कन्नौज पर कंट्रोल
  5619. 4:37:55एस्टैब्लिश किया। कन्नौज उस समय सिंबल ऑफ
  5620. 4:37:58सोवनिटी हुआ करता था। ललित आदित्य ने इसके
  5621. 4:38:01अलावा बंगाल में भी इनवेट किया और वहां के
  5622. 4:38:04राजा को मार दिया। ललित आदित्य ने इस
  5623. 4:38:07दौरान पूरे भारत का भ्रमण किया और कई
  5624. 4:38:09किंग्स को डिफीट भी किया। इस जर्नी के बाद
  5625. 4:38:12वह वापस कश्मीर लौट गए और सभी एरियाज में
  5626. 4:38:15एक तरह का पावर वैक्यूम क्रिएट हो गया। इस
  5627. 4:38:18पावर वैक्यूम के चलते पाला और गुर्जर
  5628. 4:38:21प्रतिहाराज़ का राइज होने लगा। जिसके बाद
  5629. 4:38:24ललित आदित्य की पावर डिक्लाइन हो गई।
  5630. 4:38:27पालाज़ और प्रतिहाराज़ में बनारस से लेकर
  5631. 4:38:29साउथ बिहार के बीच के एरिया को कंट्रोल
  5632. 4:38:32करने के लिए लगातार क्लैश होता रहा। खैर
  5633. 4:38:35750 एडी में पाला एंपायर को गोपाला ने
  5634. 4:38:38फॉर्मली फाउंड किया जो एक इक्टेड लीडर थे।
  5635. 4:38:42ईस्टर्न इंडियन रीजन के नामी लोगों ने
  5636. 4:38:44एनाकी को खत्म करने के लिए गोपाला को किंग
  5637. 4:38:47बनाया। गोपाला का बर्थ किसी हाई रॉयल
  5638. 4:38:50फैमिली में नहीं हुआ था। उनके फादर
  5639. 4:38:52प्रोफेशन से एक सोल्जर थे। गोपाला ने अपने
  5640. 4:38:55रूल में बंगाल को यूनिफाई किया और इवन मगध
  5641. 4:38:59को अपने कंट्रोल में लिया। गोपाल को उनके
  5642. 4:39:02संत धर्मपाला ने 770 एडी में सक्सीड किया।
  5643. 4:39:06जिसने अगले 40 साल यानी 80 एडी तक राज
  5644. 4:39:09किया। ट्राईपाडाइड स्ट्रगल धर्मपाला के
  5645. 4:39:12रेन में ही हुई। धर्मपाला ने प्रतिहारा और
  5646. 4:39:16राष्ट्रकूटा की आपसी लड़ाई का खूब फायदा
  5647. 4:39:18उठाया। जब प्रतिहारा रूलर गॉड यानी बंगाल
  5648. 4:39:22की तरफ एडवांस करने ही वाले थे तब
  5649. 4:39:24प्रतिहारा रूलर को राष्ट्रकूटा रूलर
  5650. 4:39:26ध्रुवा ने डिफीट किया। प्रतिहारा रूलर को
  5651. 4:39:30राजस्थान के डेजर्ट में रेफ्यूज लेना पड़ा
  5652. 4:39:32और ध्रुव वापस डेकन लौट गए। इसके कारण
  5653. 4:39:36कन्नौज एक तरह से वेकेंट हो गया जिसके
  5654. 4:39:38चलते धर्मपाल ने कन्नौज पर कब्जा कर लिया।
  5655. 4:39:42धर्मपाल ने एक ग्रैंड दरबार ऑर्गेनाइज
  5656. 4:39:45किया जिसमें पंजाब, ईस्टर्न राजस्थान
  5657. 4:39:47एटसेट्रा के वेसल स्टेट्स को इनवाइट किया।
  5658. 4:39:50ऐसा बताया जाता है कि धर्मपाल का रूल
  5659. 4:39:53इंडिया के नॉर्थ वेस्ट की फेस्ट लिमिट तक
  5660. 4:39:55फैल गया। जिसमें मालवा और बैरार भी
  5661. 4:39:58इंक्लूडेड थे। लेकिन धर्मपाला ज्यादा समय
  5662. 4:40:01तक अपनी पावर नॉर्थ इंडिया में
  5663. 4:40:03कंसोलिडेटेड नहीं रख पाया। नागभट्टा द
  5664. 4:40:05सेकंड 85 से 833 के रूल में प्रतिहाराज़ ने
  5665. 4:40:10फिर से पावर को रिवाइव किया और धर्मपाला
  5666. 4:40:12को डिफीट किया। बिहार और मॉडर्न ईस्टर्न
  5667. 4:40:15उत्तर प्रदेश दोनों के बीच बोन ऑफ कंटेंशन
  5668. 4:40:18बना रहा। नॉर्थ में हार के बाद पालाज़ को
  5669. 4:40:21दूसरी डायरेक्शंस में रुख करना पड़ा।
  5670. 4:40:24धर्मपाला के सन देवपाला ने उनको सक्सीड
  5671. 4:40:27किया 810 एडी में जिसने प्राज्ञ
  5672. 4:40:31ज्योतिषपुर यानी आसाम और पार्ट्स ऑफ ओसा
  5673. 4:40:34में अपना कंट्रोल एक्सटेंड किया। तो ऐसा
  5674. 4:40:36कहा जा सकता है कि मिड एथ सेंचुरी से लेकर
  5675. 4:40:39मिड नाइंथ सेंचुरी के बीच ईस्टर्न इंडिया
  5676. 4:40:41को पाला रूलर्स ने डोमिनेट किया। ऐसा
  5677. 4:40:45बताया जाता है कि मॉडर्न नेपाल का कुछ
  5678. 4:40:47पार्ट भी उनकी सुसरेनिटी में था। पाला
  5679. 4:40:50रूलर्स बुद्धिस्ट लर्निंग और रिलीजन के
  5680. 4:40:52ग्रेट पैटर्न थे। नालंदा यूनिवर्सिटी जो
  5681. 4:40:56कि ईस्टर्न वर्ल्ड में काफी फेमस थी उसको
  5682. 4:40:58रिवाइव करने का श्रेय धर्मपाला को जाता
  5683. 4:41:01है। विक्रमशिला यूनिवर्सिटी को सेटअप करने
  5684. 4:41:04का श्रेय भी धर्मपाला को जाता है। जो कि
  5685. 4:41:07नालंदा के बाद फेमस होने वाली सिर्फ दूसरी
  5686. 4:41:09यूनिवर्सिटी थी। तिबेट के साथ पाला रूलर्स
  5687. 4:41:12के क्लोज कल्चरल रिलेशंस रहे। नोटेड
  5688. 4:41:15बुद्धिस्ट स्कॉलर्स संत अक्षिता और
  5689. 4:41:19दीपांकरा को तिबेट इनवाइट किया गया। जहां
  5690. 4:41:22पर उन्होंने बुद्धिज्म के एक नए फॉर्म को
  5691. 4:41:24इंट्रोड्यूस किया। जिसके कारण कई तिबेटन
  5692. 4:41:27बुद्धिस्ट नालंदा और विक्रमशिला
  5693. 4:41:29यूनिवर्सिटी में स्टडी के लिए आए।
  5694. 4:41:32बुद्धिज्म के सपोर्टर होते हुए भी पाला ने
  5695. 4:41:34शेवज्म और वैष्णविज्म को पेट्रिनेज दिया।
  5696. 4:41:38यह उनकी रिलीजियस डायवर्सिटी और टॉलरेंस
  5697. 4:41:40को शो करता है। नॉर्थ इंडिया के लार्ज
  5698. 4:41:43नंबर ऑफ ब्राह्मणास को ग्रांट्स दिए जिसके
  5699. 4:41:45चलते वो लोग बंगाल की तरफ जाने लगे। इनके
  5700. 4:41:49आने के कारण बंगाल में कल्टीिवेशन का
  5701. 4:41:51एक्सटेंशन हुआ। बंगाल की बढ़ती
  5702. 4:41:53प्रोस्पेरिटी के कारण साउथ ईस्ट एशिया की
  5703. 4:41:56कंट्रीज जैसे बर्मा, मलया, जावा, सुमात्रा
  5704. 4:41:59एटसेट्रा में ट्रेड और कल्चरल कांटेक्ट्स
  5705. 4:42:02का विस्तार हुआ। बढ़ते ट्रेड और
  5706. 4:42:04प्रोस्पेरिटी के कारण बंगाल में इन
  5707. 4:42:06कंट्रीज से ह्यूज अमाउंट्स में गोल्ड और
  5708. 4:42:09सिल्वर आना चालू हुआ। साउथ ईस्ट की फेमस
  5709. 4:42:12शैलेंद्र डायनेस्टी ने पालाकोट में कई
  5710. 4:42:15एंबेसीज भेजी और इनकी देखभाल के लिए पांच
  5711. 4:42:18विलेजेस की डिमांड पाला रूलर देवपाला से
  5712. 4:42:21की गई। डिमांड मान ली गई जो कि इन दो
  5713. 4:42:24एंपायर्स के क्लोज रिलेशन को दर्शाता है।
  5714. 4:42:27तो दोस्तों अभी तक हमने देखा ईस्टर्न
  5715. 4:42:30इंडिया के पाला एंपायर के बारे में। हमने
  5716. 4:42:32जाना कि किस तरह एंपायर का राइज हुआ और
  5717. 4:42:35कैसे वह ट्राइपटाइट स्ट्रगल का पार्ट बने।
  5718. 4:42:38पालाज़ बुद्धिज्म के ग्रेट पेट्रेंस के रूप
  5719. 4:42:41में उभर कर आए और उनके रूल का सबसे
  5720. 4:42:43स्ट्राइकिंग पॉइंट रहा उनका इंटरनेशनल
  5721. 4:42:46ट्रेड और कॉमर्स। आगे बढ़ते हैं और बात
  5722. 4:42:48करते हैं प्रतिहाराज़ के बारे में। द
  5723. 4:42:51प्रतिहाराज़।
  5724. 4:42:52द प्रतिहाराज़ जिन्होंने कन्नौज पर लंबे
  5725. 4:42:55समय तक राज किया। उन्हें गुर्जर
  5726. 4:42:58प्रतिहाराज़ भी कहा जाता था। कई स्कॉलर्स
  5727. 4:43:00का मानना है कि यह गुर्जर से ओरिजिनेट हुए
  5728. 4:43:03जो कि जाट्स की तरह पैस्टोरलिस्ट और
  5729. 4:43:06फाइटर्स थे। सेंट्रल और ईस्टर्न राजस्थान
  5730. 4:43:09में प्रतिहाराज़ ने एक सीरीज ऑफ
  5731. 4:43:11प्रिंसिपालिटीज को इस एस्टैब्लिश किया।
  5732. 4:43:13मालवा और गुजरात के कंट्रोल के लिए
  5733. 4:43:15राष्ट्रकूटा से क्लैश में शामिल रहे और
  5734. 4:43:18आगे चलकर कन्नौज के कंट्रोल के लिए क्लैश
  5735. 4:43:21हुआ। नागभट्टा द वन 730 टू 760 के अंडर
  5736. 4:43:25में प्रतिहाराज़ ने प्रॉमिनेंस गेन किया और
  5737. 4:43:28सिंध के अरब रूलर्स को कड़ा रेजिस्टेंस
  5738. 4:43:31दिया जो राजस्थान, गुजरात और पंजाब पर
  5739. 4:43:34कब्जा जमाना चाहते थे। भीनमाल में
  5740. 4:43:37प्रतिहाराज़ की पहली कैपिटल थी। जैसा कि
  5741. 4:43:40हमने पालाज की कहानी में देखा कि शुरुआती
  5742. 4:43:43प्रतिहाराज रूलर्स को राष्ट्रकूटा रूलर
  5743. 4:43:46ध्रुवा और गोपाला द थर्ड ने डिफीट किया और
  5744. 4:43:48अपर गंगा वैली को कंट्रोल करने से रोक
  5745. 4:43:51दिया। 790 और 86 और 7 एडी में भी
  5746. 4:43:55राष्ट्रकूटा रूलर्स ने प्रतिहारास को
  5747. 4:43:57डिफीट किया और वापस डेक्कन की ओर चले गए।
  5748. 4:44:01पॉसिबल है कि राष्ट्रकूटा रूलर्स का मेन
  5749. 4:44:03इंटरेस्ट मालवा और गुजरात थे। प्रतिहारा
  5750. 4:44:06एंपायर का रियल फाउंडर और ग्रेटेस्ट रूलर
  5751. 4:44:09किंग भोज को माना जाता है। भोज ने एंपायर
  5752. 4:44:13को रिबिल्ड किया और करीब 836 एडी में
  5753. 4:44:17कन्नौज को रिकवर किया जो कि अगले 100 साल
  5754. 4:44:20तक प्रतिहारा एंपायर की कैपिटल बनी रही।
  5755. 4:44:22भोज ने ईस्ट में अपना एंपायर एक्सटेंड
  5756. 4:44:25करना चाहा लेकिन पाला रूलर देवपाला ने
  5757. 4:44:28उनको डिफीट कर दिया। इस डिफीट के बाद भोज
  5758. 4:44:31ने डेक्कन, सेंट्रल इंडिया और गुजरात की
  5759. 4:44:34तरफ रुख किया। जिसके चलते एक बार फिर
  5760. 4:44:37राष्ट्रकूटा से स्ट्रगल का रिवाइवल हुआ।
  5761. 4:44:40नर्मदा के बैंक्स पर हुई बैटल में भोज ने
  5762. 4:44:43मालवा और गुजरात के कुछ पार्ट्स पर अपना
  5763. 4:44:45आधिपत्य जमाया। लेकिन डेक्कन की तरफ और
  5764. 4:44:48आगे नहीं बढ़ पाने के कारण एक बार फिर
  5765. 4:44:51नॉर्थ की तरफ रुख किया। कुछ इं्रिप्शंस के
  5766. 4:44:54अनुसार उसकी टेरिटरी सतलज के वेस्टर्न
  5767. 4:44:57साइड तक पहुंच चुकी थी। अरब ट्रैवलर्स
  5768. 4:44:59बताते हैं कि प्रतिहारा रूलर्स के पास
  5769. 4:45:02इंडिया की बेस्ट कैवलरी यानी घुड़सवार
  5770. 4:45:04सेना थी। सिल्क रोड की प्रॉक्सिमिटी में
  5771. 4:45:07होने के कारण हॉर्स ट्रेड उस समय का एक
  5772. 4:45:09इंपॉर्टेंट ट्रेड था। देवपाला की डेथ के
  5773. 4:45:13बाद भोज ने ईस्ट में भी अपना एंपायर
  5774. 4:45:15एक्सटेंड किया। भोज विष्णु के डेविटी थे
  5775. 4:45:19और आदिवराह का टाइटल अडॉप किया जिसका
  5776. 4:45:21मेंशन उनके रूल के कई कॉइंस में मिलता है।
  5777. 4:45:24उनको मिहिर भोज भी कहा जाता है। यह जानना
  5778. 4:45:27जरूरी है कि उज्जैन के परमार डायनेस्टी के
  5779. 4:45:30राजा भोज अलग थे जिन्होंने कुछ समय बाद
  5780. 4:45:33रूल किया। भोज की डेथ 885 एडी में हुई और
  5781. 4:45:38उनके सन महेंद्रपाला वन ने उनको सक्सीड
  5782. 4:45:41किया। महेंद्र पाला वन का रूल 989
  5783. 4:45:45एडी तक चला। महेंद्र पाला ने भोज के
  5784. 4:45:48एंपायर को मगध और नॉर्थ बंगाल तक एक्सटेंड
  5785. 4:45:51किया। ईस्ट पंजाब और अवध और काठियावाड़
  5786. 4:45:54में भी उनके इं्रिप्शनंस मिले हैं। तो
  5787. 4:45:56प्रतिहाराज़ ने अर्ली नाइंथ से मिड 10थ
  5788. 4:45:59सेंचुरी के बीच करीब 100 साल तक नॉर्थ
  5789. 4:46:01इंडिया पर राज किया। अल मसूदी जो कि
  5790. 4:46:04बागदाद के नेटिव थे और 9156 में गुजरात
  5791. 4:46:08विजिट करते हैं। प्रतिहारा एंपायर की
  5792. 4:46:10पावर, प्रेस्टीज और वास्टनेस को टेस्टिफाई
  5793. 4:46:13करते हैं। प्रतिहाराज़ लर्निंग और लिटरेचर
  5794. 4:46:16के ग्रेट पैटर्न थे। ग्रेट संस्कृत पोएट
  5795. 4:46:19और ड्रामेटिस्ट राजशेखरा महिपाल के कोर्ट
  5796. 4:46:22में थे जो भोज का ग्रैंडसन था। कन्नौज में
  5797. 4:46:26कई फाइन बिल्डिंग्स और टेंपल्स को बिल्ड
  5798. 4:46:28करवाया। एट्थ और नाइंथ सेंचुरीज में कई
  5799. 4:46:31इंडियन स्कॉलर्स ने बागदाद के कैलिप्स के
  5800. 4:46:34कोर्ट में एज एन एंबेसी ट्रैवल किया। इन
  5801. 4:46:37स्कॉलर्स ने इंडियन साइंसेस स्पेशली
  5802. 4:46:39मैथमेटिक्स, अलजेब्रा और मेडिसिन को अरब
  5803. 4:46:42वर्ल्ड में इंट्रोड्यूस किया। सिंध के अरब
  5804. 4:46:45रूलर्स से हॉस्टेलिटी होते हुए भी
  5805. 4:46:47स्कॉलर्स और गुड्स का आना-जाना कंटिन्यू
  5806. 4:46:50रहा। 915 से 918 एडी के बीच राष्ट्रकूटा
  5807. 4:46:54किंग इंदिरा द थर्ड ने फिर कन्नौज पर अटैक
  5808. 4:46:57किया और सिटी को डिस्ट्रॉय कर दिया। इससे
  5809. 4:47:00प्रतिहारा एंपायर वीक हो गया और गुजरात को
  5810. 4:47:02प्रोबेब्ली राष्ट्रकूटाज ने कैप्चर कर
  5811. 4:47:05लिया। इसके पुख्ता सबूत नहीं है कि गुजरात
  5812. 4:47:07को राष्ट्रकूटाज ने कैप्चर किया या किसी
  5813. 4:47:10दूसरी डायनेस्टी ने। लेकिन इतना कंफर्म है
  5814. 4:47:12कि प्रतिहारा एंपायर के पास अब गुजरात का
  5815. 4:47:15सी कोस्ट नहीं था। गुजरात जो कि ओवरसीज
  5816. 4:47:19ट्रेड का हब था उसको लूज करके प्रतिहारा
  5817. 4:47:22एंपायर को बड़ा झटका लगा। एक और
  5818. 4:47:24राष्ट्रकूटा रूलर कृष्णा द थर्ड ने 1963
  5819. 4:47:28में नॉर्थ इंडिया को इनवेट किया और
  5820. 4:47:30प्रतिहारा रूलर को डिफीट किया। इसके बाद
  5821. 4:47:33ही प्रतिहारा एंपायर का रैपिड डिसोल्यूशन
  5822. 4:47:35चालू हो गया। तो दोस्तों, यह कहानी थी
  5823. 4:47:38प्रतिहाराज़ की जिनके राइज और डिक्लाइन को
  5824. 4:47:41देखते हुए हमने जाना कि ट्राइपाटाइट
  5825. 4:47:44स्ट्रगल में उनकी क्या भूमिका रही।
  5826. 4:47:46प्रतिहाराज़ लर्निंग और लिटरेचर और
  5827. 4:47:49आर्किटेक्चर के ग्रेट पैटर्न्स माने जाते
  5828. 4:47:51हैं। इंडियन साइंसेस को अरब वर्ल्ड में
  5829. 4:47:53इंट्रोड्यूस करना उनके फॉरेन रिलेशंस को
  5830. 4:47:56शो करता है। लेकिन 11th सेंचुरी के
  5831. 4:47:59स्टार्ट में महमूद ऑफ गजनी के रिपीटेड
  5832. 4:48:01इन्वेजंस के चलते यह एंपायर खत्म हो गया।
  5833. 4:48:04आइए अब बात करते हैं राष्ट्रकूटास के बारे
  5834. 4:48:07में। द राष्ट्रकूटास
  5835. 4:48:10जब नॉर्थ इंडिया में पालाज़ और प्रतिहाराज़
  5836. 4:48:13रूल कर रहे थे। उस समय डेक्कन पर
  5837. 4:48:15राष्ट्रकूटास का वर्चस्व था। राष्ट्रकूटास
  5838. 4:48:18एक रिमारकेबल डायनेस्टी थी जिसके हिस्से
  5839. 4:48:20में वॉरियर्स और एबल एडमिनिस्ट्रेटर्स की
  5840. 4:48:23लंबी कतार है। दंती दुर्गा ने इस किंगडम
  5841. 4:48:26को मिड एथ सेंचुरी के आसपास सेटअप किया।
  5842. 4:48:29जिन्होंने अपनी कैपिटल मान्याखेत या
  5843. 4:48:32मालखेड़ में बनाई जो कि मॉडर्न कर्नाटका
  5844. 4:48:35के गुलबर्गा डिस्ट्रिक्ट के नजदीक है।
  5845. 4:48:38सेटअप होने के कुछ समय में ही
  5846. 4:48:40राष्ट्रकूटर्स ने नॉर्दन महाराष्ट्र का
  5847. 4:48:42पूरा एरिया डोमिनेट कर लिया और जैसा कि
  5848. 4:48:45हमने देखा इन्होंने प्रतिहाराज़ के साथ
  5849. 4:48:47गुजरात और मालवा की ओवर लॉर्डशिप के लिए
  5850. 4:48:49लड़ाई लड़ी। भले ही उनकी रेड्स के कारण
  5851. 4:48:52एंपायर का एक्सपेंशन गंगा वैली में नहीं
  5852. 4:48:55हुआ लेकिन रिच प्लंडर से उनका फेम लगातार
  5853. 4:48:58बढ़ता रहा। राष्ट्रकूटास का क्लैश आंध्र
  5854. 4:49:01प्रदेश के ईस्टर्न चालुक्यास ऑफ और वेंग
  5855. 4:49:04से भी लगातार चलता रहा। यही नहीं साउथ के
  5856. 4:49:07पल्लवाज और पांड्या से भी उनका क्लैश चलता
  5857. 4:49:09ही रहा। गोविंदा द थर्ड 793 से 814 और
  5858. 4:49:15अमोग वर्ष 814 से 878 राष्ट्रकूटास के
  5859. 4:49:19सबसे ग्रेटेस्ट रूलर माने जाते हैं। 800
  5860. 4:49:22एडी में प्रतिहारा रूलर नागभट्टा ऑफ
  5861. 4:49:25कन्नौज के खिलाफ सक्सेसफुल कैंपेन के बाद
  5862. 4:49:28और मालवा को एनेक्स करने के बाद गोविंदा द
  5863. 4:49:31थर्ड ने साउथ की तरफ रुख किया। एक
  5864. 4:49:33इं्रिप्शन में बताया गया है कि गोविंदा ने
  5865. 4:49:36केरला, पांड्या और चोला किंग्स को टेरिफाई
  5866. 4:49:39किया और पल्लवास को कमजोर होने पर मजबूर
  5867. 4:49:42कर दिया। कर्नाटका की गंगाज को तो मौत के
  5868. 4:49:45घाट ही उतार दिया। अमोग वर्षा ने 64 साल
  5869. 4:49:49तक राज किया लेकिन उनको वॉर के बजाय
  5870. 4:49:51पर्स्यूट ऑफ रिलजन और लिटरेचर में
  5871. 4:49:53इंटरेस्ट था। वह खुद भी एक ऑथर थे और
  5872. 4:49:56उन्हें कनाडा में पोएटिक्स पर पहली बुक
  5873. 4:49:59लिखने का श्रेय दिया जाता है। कैपिटल सिटी
  5874. 4:50:02मान्यखेद को भी उन्होंने ही बनवाया जो
  5875. 4:50:04उनके ग्रेट बिल्डर होने का प्रमाण है।
  5876. 4:50:07उनके रूल में एंपायर के दूरदराज हिस्सों
  5877. 4:50:10में कई रिबेलियंस हुए और उनकी डेथ के बाद
  5878. 4:50:12फिर से स्टार्ट होने लगे। अमोग वर्षा के
  5879. 4:50:15ग्रैंड सन इंदिरा द थर्ड 915 से 927 ने इन
  5880. 4:50:19रिबेलियंस पर रोक लगाई और एंपायर को
  5881. 4:50:22रीस्टैब्लिश किया। पाला रूलर महिपाल को
  5882. 4:50:25डिफीट करके और 915 में कन्नौज पर कब्जा
  5883. 4:50:28करके इंदिरा द थर्ड उस समय का मोस्ट
  5884. 4:50:31पावरफुल रूलर बना। अल मसूदी की मानें तो
  5885. 4:50:34राष्ट्रकूटा किंग बलहारा और वल्लभ राजा उस
  5886. 4:50:37समय के ग्रेटेस्ट किंग थे और मोस्ट किंग्स
  5887. 4:50:40उनकी सुजरेनिटी को मानते थे। कृष्णा द
  5888. 4:50:43थर्ड 934 से 963 ब्रिलियंट रूलर्स की लाइन
  5889. 4:50:47में लास्ट रूलर थे। वो मेनली मालवा के
  5890. 4:50:50परमार्स और ईस्टर्न चालुक्यास ऑफ वेंग के
  5891. 4:50:53साथ स्ट्रगल में रहे। कृष्णा द थर्ड ने
  5892. 4:50:56चोला किंग परांतका द फर्स्ट को 949 में
  5893. 4:51:00डिफीट किया और चोला एंपायर के नॉर्दन
  5894. 4:51:02पार्ट को कैप्चर किया। उनकी डेथ के बाद
  5895. 4:51:05उनके इन्हीं अपोनेंट्स ने यूनाइट होकर
  5896. 4:51:07राष्ट्रकूटा कैपिटल मालखेड़ पर 979 में
  5897. 4:51:11अटैक किया और डिस्ट्रॉय कर दिया। यहीं पर
  5898. 4:51:14राष्ट्रकूटा एंपायर का एंड हो गया।
  5899. 4:51:16राष्ट्रकूठा एंपायर 200 साल तक यानी 10th
  5900. 4:51:20सेंचुरी के एंड तक चला। वो रिलीजियसली
  5901. 4:51:22टोलरेंट थे और शेवज्म और वैष्णविज्म के
  5902. 4:51:25साथ जैनिज्म को भी पेट्रिनाइज किया। एलोरा
  5903. 4:51:29का फेमस कैलाशनाथ रॉक का टेंपल
  5904. 4:51:31राष्ट्रकूटा किंग कृष्णा द फर्स्ट ने
  5905. 4:51:34बिल्ड करवाया। अमोग वर्षा प्रोबेब्ली
  5906. 4:51:36जैनिज्म फॉलोअर थे। लेकिन उन्होंने दूसरे
  5907. 4:51:39फेथ्स को भी पेट्रिनाइज किया।
  5908. 4:51:42राष्ट्रकूटास ने मुस्लिम ट्रेडर्स को सेटल
  5909. 4:51:44होने को अलव किया और इस्लाम प्रीच करने को
  5910. 4:51:47भी परमिट किया। इस टोलरेंट पॉलिसी से
  5911. 4:51:50फॉरेन ट्रेड प्रमोट हुआ। राष्ट्रकूटास
  5912. 4:51:53आर्ट और लिटरेचर के भी ग्रेट पैट्रन थे।
  5913. 4:51:56उनके कोर्ट में ना सिर्फ संस्कृत स्कॉलर्स
  5914. 4:51:58बल्कि प्राकृत और अपभ्रंश में लिखने वाले
  5915. 4:52:01पोएट्स भी थे। स्वयंभू जो कि अपभ्रंश के
  5916. 4:52:05ग्रेट पोएट थे। प्रोबेबबली राष्ट्रकूटा
  5917. 4:52:07कोर्ट में ही थे। तो दोस्तों, यह कहानी थी
  5918. 4:52:10राष्ट्रकूटास की जो ट्राईपडाइट स्ट्रगल का
  5919. 4:52:13पार्ट रहे। प्रतिहारास की तरह यह भी आर्ट,
  5920. 4:52:16लिटरेचर और रिलीजन के ग्रेट पेट्र्स थे।
  5921. 4:52:19उनका रिलीजियस टॉलरेंस उनके रूल का
  5922. 4:52:22हाईलाइट बन जाता है। आगे बढ़ते हैं और
  5923. 4:52:24देखते हैं इन तीनों किंगडम्स के पॉलिटिकल
  5924. 4:52:26सेटअप, एडमिनिस्ट्रेशन और सोशल लाइफ के
  5925. 4:52:29बारे में। लाइफ ड्यूरिंग दीज़ थ्री
  5926. 4:52:32किंगडम्स। एडमिनिस्ट्रेशन गुप्ता एंपायर,
  5927. 4:52:35हर्षाज किंगडम और डेकन के चालुक्यास के
  5928. 4:52:37सिमिलर ही था। किंग एडमिनिस्ट्रेशन का हेड
  5929. 4:52:40था और आर्मी का कमांडर इन चीफ था। किंग की
  5930. 4:52:44पोजीशन हेरिडिटरी थी और किंग को असिस्ट
  5931. 4:52:46करने के लिए मिनिस्टर्स थे जैसे रेवेन्यू,
  5932. 4:52:49ट्रेजर, फॉरेन अफेयर्स, सेनापति, चीफ
  5933. 4:52:52जस्टिस और पुरोहिता।
  5934. 4:52:54तीनों किंगडम्स के पास लार्ज और वेल
  5935. 4:52:57ऑर्गेनाइज्ड कैवलरी, इनफेंट्री और
  5936. 4:52:59एिफेंट्स थे। किंग एडमिनिस्टर्ड टेरिटरीज
  5937. 4:53:02को कुछ पार्ट्स में डिवाइड किया गया था।
  5938. 4:53:04जैसे राष्ट्र जिसको राष्ट्रपति या गवर्नर
  5939. 4:53:09सुपरवाइज करता था। भुक्ति प्रोविंसेस का
  5940. 4:53:12ऊपरिका था जो रेवेन्यू भी कलेक्ट करता था
  5941. 4:53:15और लॉ एंड ऑर्डर भी मेंटेन करता था।
  5942. 4:53:18मंडलास या विषया जिसको विषयापति हेड करता
  5943. 4:53:22था। यह बेसिकली डिस्ट्रिक्ट्स की तरह थे।
  5944. 4:53:24पत्तला यानी क्लस्टर ऑफ विलेजेस जिसका हेड
  5945. 4:53:28होता था भोजपति। विलेज का हेड विलेज
  5946. 4:53:32हेडमैन होता था जिसकी पोजीशन हेरिडिटरी
  5947. 4:53:35थी। ग्राम महाजन यानी विलेज एल्डर्स
  5948. 4:53:37हेडमैन को असिस्ट करते थे। ट्रेड एंड
  5949. 4:53:40कॉमर्स में भी कुछ बातें इंपॉर्टेंट हैं।
  5950. 4:53:43ट्रेड एंड कॉमर्स 740 से 1000 एडी के बीच
  5951. 4:53:47नॉर्थ इंडिया में ट्रेड और कॉमर्स में
  5952. 4:53:49ह्यूज डिक्लाइन आया। इसके दो रीज़ंस थे।
  5953. 4:53:52नॉर्थ इंडिया का रोमन एंपायर के साथ अच्छा
  5954. 4:53:54खासा ट्रेड था जिसके कोलैप्स होने के बाद
  5955. 4:53:57ट्रेड पर इंपैक्ट हुआ। इस्लाम के राइज के
  5956. 4:54:00कारण इरेनियन सैसनेट एंपायर का डिक्लाइन
  5957. 4:54:03हुआ और इंडियन ओवरलैंड के फॉरेन ट्रेड को
  5958. 4:54:06बड़ा नुकसान हुआ। इंडिया की गोल्ड और
  5959. 4:54:08सिल्वर वेल्थ का मेन रीजन था फॉरेन ट्रेड।
  5960. 4:54:11फॉरेन ट्रेड के डिक्लाइन होने से गोल्ड
  5961. 4:54:14कॉइंस में कमी आ गई। इंटरेस्टिंग बात रही
  5962. 4:54:17कि इसी पीरियड में साउथ इंडिया और साउथ
  5963. 4:54:19ईस्ट एशियन कंट्रीज के बीच का ट्रेड
  5964. 4:54:21इनक्रीस हुआ।
  5965. 4:54:23उत्तर पथ और दक्षिण पथ में भी ट्रेड काफी
  5966. 4:54:26रोबस्ट था। कंक्लूजन। तो दोस्तों, इस
  5967. 4:54:30कहानी में हमने देखा नॉर्थ इंडिया की
  5968. 4:54:32अर्ली मिडिएवल हिस्ट्री यानी 800 से 1000
  5969. 4:54:36एडी के बारे में। इस पीरियड में तीन
  5970. 4:54:38इंपॉर्टेंट किंगडम्स का राइज हुआ और तीनों
  5971. 4:54:41किंगडम्स आपस में वर्चस्व की लड़ाई में
  5972. 4:54:43लगे रहे। लगातार स्ट्रगल के बाद भी लोगों
  5973. 4:54:46की लाइफ स्टेबल रही और टेंपल्स, आर्ट,
  5974. 4:54:49लिटरेचर का विस्तार हुआ। इस पीरियड में एक
  5975. 4:54:52इफेक्टिव एडमिनिस्ट्रेशन हमें देखने को
  5976. 4:54:54मिला। एट्थ सेंचुरी के एंड में शुरू हुई
  5977. 4:54:56कन्नौज की डोमिनेशन की यह लड़ाई अगले 200
  5978. 4:55:00साल यानी 1000 एडी तक चली। इस लंबी लड़ाई
  5979. 4:55:04में तीनों एंपायर्स ग्रेजुअली वीक होते
  5980. 4:55:06चले गए। इसका रिजल्ट यह हुआ कि नॉर्थ
  5981. 4:55:09इंडिया का पॉलिटिकल डिसइीग्रेशन हो गया।
  5982. 4:55:11इसी दौरान वेस्ट और सेंट्रल एशिया में
  5983. 4:55:14हमको रैपिड पॉलिटिकल चेंजेस देखने को
  5984. 4:55:16मिले। जिसके कारण यहां के इस्लामिक
  5985. 4:55:19इनवेडर्स ने नॉर्थ इंडिया की सिचुएशन को
  5986. 4:55:22देखकर इनवेड किया। इस तरह नॉर्थ इंडिया
  5987. 4:55:25में डोमिनेशन के लिए एक नए फेज की शुरुआत
  5988. 4:55:28हुई।
  5989. 4:55:30द चोला किंगडम।
  5990. 4:55:33हम जानते हैं कि भारत हमेशा से एक डायवर्स
  5991. 4:55:36कल्चरर्स का देश रहा है। जहां कई
  5992. 4:55:39सिविलाइजेशंस और एंपायर्स राइज हुए और
  5993. 4:55:42डिस्ट्रॉय हो गए। मौर्य, गुप्ता और मुगल्स
  5994. 4:55:46तो हमारे कॉन्शियसनेस में आज भी जिंदा
  5995. 4:55:48हैं। लेकिन इनके अलावा कुछ और ग्लोरियस
  5996. 4:55:51एंपायर्स की कहानियां कहीं दब के रह गई।
  5997. 4:55:54बात नाइंथ सेंचुरी की है जब नॉर्थ इंडिया
  5998. 4:55:57की पॉलिटी ट्राइपटाइट स्ट्रगल की वजह से
  5999. 4:55:59डिस्टेबलाइज हो चुकी थी और पाला
  6000. 4:56:02राष्ट्रकूटा और प्रतिहारा कन्नौज के लिए
  6001. 4:56:06लगातार स्ट्रगल कर रहे थे। लेकिन किसी को
  6002. 4:56:08डिसाइसिव विक्ट्री नहीं मिल रही थी। लेकिन
  6003. 4:56:11क्या आपको पता है कि ऐसा ही एक स्ट्रगल
  6004. 4:56:14साउथ में पल्लव, पांड्या और चोला रूलर्स
  6005. 4:56:18के बीच भी हो रहा था जिसमें चोलास इमर्ज
  6006. 4:56:21विक्टोरियस। इस वीडियो में हम देखेंगे उस
  6007. 4:56:24चोला एंपायर के 450 सालों के इतिहास के
  6008. 4:56:28बारे में जिसने साउथ इंडिया पॉलिटी को
  6009. 4:56:30स्टेबलाइज करते हुए अपना डोमिनेंस न सिर्फ
  6010. 4:56:33इंडिया में बढ़ाया बल्कि उसके बिय्ड साउथ
  6011. 4:56:36ईस्ट एशिया में भी। हम यह भी समझेंगे कि
  6012. 4:56:40कैसे अपनी नेवल सुप्रीमसी को यूज कर
  6013. 4:56:43उन्होंने खुद को कावेरी डेल्टा से उठाकर
  6014. 4:56:46इंडियन ओशियन रीजन का रीजनल हैमिन बना
  6015. 4:56:49दिया। और कैसे वो चूल्हा से इंपीरियल
  6016. 4:56:53चूल्हा बन गए।
  6017. 4:56:57ओरिजिन
  6018. 4:57:03वैसे चोलाज़ का इतिहास काफी पुराना है। इस
  6019. 4:57:07नाम के एक किंगडम का इस्टैब्लिशमेंट सबसे
  6020. 4:57:09पहले कावेरी डेल्टा के अराउंड कुछ 300
  6021. 4:57:12बीसी में हुआ। जिसका मेंशन अशोका के
  6022. 4:57:15इडिक्स में भी है। हिस्टोरियंस इन्हें
  6023. 4:57:18अर्ली चोला कहते हैं। लेकिन वह इनके
  6024. 4:57:21किंगडम को एंपायर का दर्जा नहीं देते और
  6025. 4:57:24कहते हैं कि यह कावेरी डेल्टा के अराउंड
  6026. 4:57:26ही लिमिटेड था। हमारे वीडियो का टॉपिक यह
  6027. 4:57:30अर्ली चोला नहीं बल्कि चोला एंपायर या
  6028. 4:57:33इंपीरियल चोलास हैं। जिनकी हिस्ट्री लगभग
  6029. 4:57:37850 एडी में स्टार्ट होती है। इनका अर्ली
  6030. 4:57:40चोलाज़ से कोई लिंक था या नहीं यह बात काफी
  6031. 4:57:44डिस्प्यूटेड है। खैर इंपीरियल चोला
  6032. 4:57:47डायनेस्टी के फाउंडर विजयालया थे। जो
  6033. 4:57:50पल्लवाज़ के फ्यूडिटरी थे। यानी वो पल्लवाज़
  6034. 4:57:53को अपना एलजंस ओ करते थे। सिक्स्थ और
  6035. 4:57:56सेवंथ सेंचुरीज में कावेरी डेल्टा दो
  6036. 4:57:59डायनेस्टीज पल्लवाज ऑफ कांची और पांड्याज
  6037. 4:58:03और मदुराई के बीच डिवाइडेड था। पांड्याज
  6038. 4:58:05मदुराई और केरला के रूलर थे। वहीं पल्लवा
  6039. 4:58:09तेलुगु स्पीकिंग एरियाज के अनडिस्प्यूटेड
  6040. 4:58:11किंग्स। यह वही पल्लवा थे जिनके एक रूलर
  6041. 4:58:15नरसिम्हा वर्मन ने कन्नौज के हर्षवर्धन को
  6042. 4:58:18हराने वाले चालुक्यन किंग पोलोकेशन टू को
  6043. 4:58:21बुरी तरह से डिफीट किया था।
  6044. 4:58:24लेकिन यह किंगडम्स नाइंथ सेंचुरी तक काफी
  6045. 4:58:27वीक हो चुके थे और इनके बीच साउथ इंडिया
  6046. 4:58:30की सुप्रेमसी को लेकर कॉन्फ्लिक्ट चल रहा
  6047. 4:58:32था। विजयालया चोला ने इनकी वीकनेस और
  6048. 4:58:35राइवलरी का फायदा उठाकर खुद को भी इस
  6049. 4:58:37स्ट्रगल में झोंक दिया और पांड्या से
  6050. 4:58:40तंजावरुर को छीनकर अपनी कैपिटल बना लिया।
  6051. 4:58:44बाद में विजयालया के बेटे आदित्य वन ने
  6052. 4:58:47पल्लवा डायनेस्टी को डिस्ट्रॉय और चोला
  6053. 4:58:49एंपायर को फर्दर स्ट्रेंथन किया।
  6054. 4:58:52कंसोलिडेशन ऑफ एंपायर इन इंडिया।
  6055. 4:58:58चोलास के इंडियन एक्सपिडिशंस की बात करें
  6056. 4:59:01तो 925 में परांतक वन ने राष्ट्रकूटा रूलर
  6057. 4:59:06कृष्णा टू को डिफीट किया और अपना
  6058. 4:59:08इन्फ्लुएंस नॉर्दर्न टेरिटरीज में
  6059. 4:59:10एक्सपेंड किया। लेकिन चोला एंपायर के सबसे
  6060. 4:59:13पावरफुल किंग्स राजराजा चोला वन और
  6061. 4:59:16राजेंद्र चोला वन थे। जिन्हें एंपायर के
  6062. 4:59:19कंसोलिडेशन और उसे कावेरी डेल्टा के बिय्ड
  6063. 4:59:22एक्सपेंड करने का क्रेडिट दिया जाता है।
  6064. 4:59:26इनकी बदौलत ही चोलाज़ का कंट्रोल नॉर्थ में
  6065. 4:59:29कृष्णा गोदावरी बेसिन से लेकर साउथ में
  6066. 4:59:31श्रीलंका और मालदीव्स और वेस्ट में
  6067. 4:59:34लक्षद्वीप से लेकर ईस्ट में मलया पेनसुला
  6068. 4:59:38तक फैल गया था। राजेंद्र वन ने राजा को
  6069. 4:59:40सक्सीड किया। जिनका इंडिया में सबसे बड़ा
  6070. 4:59:43अचीवमेंट था गंगा बेसिन का कैंपेन और ओसा
  6071. 4:59:47और पाला रूलर्स पर मैसिव विक्ट्री। इसके
  6072. 4:59:50बाद उन्हें गनीग गई चोला का टाइटल मिला
  6073. 4:59:54जिसका मीनिंग है कंकरर ऑफ द कैंची। इसका
  6074. 4:59:58सेलिब्रेशन चोला एंपायर में काफी धूमधाम
  6075. 5:00:01से हुआ और राजेंद्र ने इस विक्ट्री को
  6076. 5:00:03मार्क करने के लिए गनीगई कोंडा चोलापुरम
  6077. 5:00:07नाम की नई कैपिटल का कंस्ट्रक्शन करवाया
  6078. 5:00:09जो प्रेजेंट डे तमिलनाडु में लोकेटेड है।
  6079. 5:00:13125 एडी से लेकर अगले 250 साल तक यह चोलाज़
  6080. 5:00:18की कैपिटल बनी रही।
  6081. 5:00:20फॉरेन कॉन्क्वेस्ट्स
  6082. 5:00:25चोला किंगडम के सबसे बड़े अचीवमेंट्स उनके
  6083. 5:00:28फॉरेन कॉन्क्व्विस्ट रहे जिसकी वजह से
  6084. 5:00:31उन्हें इंपीरियल चोला का दर्जा दिया गया।
  6085. 5:00:34चोलास को इंपीरियल इसलिए बोला गया क्योंकि
  6086. 5:00:37मॉडर्न इंपीरियल कंट्रीज जैसे यूनाइटेड
  6087. 5:00:39किंगडम की तरह यह भी कुछ फॉरेन टेरिटरीज
  6088. 5:00:42के इकोनॉमिक रिसोर्सेज को अपनी मिलिट्री
  6089. 5:00:45पावर के थ्रू कंट्रोल और वहां के
  6090. 5:00:47रिसोर्सेज को खुद की प्रोस्पेरिटी में यूज
  6091. 5:00:49करते थे। हिस्टोरियंस चोलास के इस
  6092. 5:00:52पॉलिटिकल इकोनॉमिक सिस्टम को सडो
  6093. 5:00:55कॉलोनियलिज्म भी बोलते हैं। खैर चोलाज़ का
  6094. 5:00:58सबसे पहला इंपॉर्टेंट फॉरेन कॉन्क्वेस्ट
  6095. 5:01:01परांतक वन का श्रीलंका कैंपेन था जिसको
  6096. 5:01:05फिनिश राजा ने किया। राजा के श्रीलंकन
  6097. 5:01:09एक्सपिडिशन को लॉर्ड राम के कैंपेन से
  6098. 5:01:11करते हुए तिरुवलंकडू प्लेट्स कहते हैं कि
  6099. 5:01:15ड्रामा वाज़ एक्सेल्ड बाय ह किंग हुस
  6100. 5:01:17पावरफुल आर्मी क्रस्ट द थ ओशन बाय शिप्स
  6101. 5:01:20एंड बर्न अप द किंग ऑफ लंका। इसके साथ
  6102. 5:01:24चोलाज़ ने मल्टीव्स में भी अपना कंट्रोल
  6103. 5:01:26एक्सपेंड किया। वैसे राजा के टाइम ही चोला
  6104. 5:01:30एंपायर काफी ज्यादा एक्सपेंड हो चुका था।
  6105. 5:01:32लेकिन फिर भी राजेंद्र ने साउथ ईस्ट एशिया
  6106. 5:01:35के श्री विजय एंपायर पर एक मैसिव अटैक
  6107. 5:01:38किया। जहां पर विक्ट्री के बाद भी
  6108. 5:01:40उन्होंने सिर्फ इनडायरेक्ट कंट्रोल मेंटेन
  6109. 5:01:43किया। तो सवाल यह है कि इतना रिस्की और
  6110. 5:01:46एक्सपेंसिव कैंपेन राजेंद्र ने लॉन्च ही
  6111. 5:01:48क्यों किया जब डायरेक्ट रूल का कोई प्लान
  6112. 5:01:51नहीं था? वेल, इसका जवाब हमें उस वक्त की
  6113. 5:01:55इकॉनमी, लोकल पॉलिटिक्स और इंटरनेशनल
  6114. 5:01:58पॉलिटिक्स के लिंकेजेस में मिलता है। वैसे
  6115. 5:02:01तो चोलाज़ के श्री विजय पर अटैक का इमीडिएट
  6116. 5:02:04ट्रिगर पॉइंट कैंबोडियन अंकोर डायनेस्टी
  6117. 5:02:07और श्रीविजय एंपायर के बीच का कॉन्फ्लिक्ट
  6118. 5:02:10था। अंकोर चोलास के एलय थे। और जब एंकोर
  6119. 5:02:14और श्री विजय के बीच वॉर हुआ तो राजेंद्र
  6120. 5:02:18ने भी एंकोर के सपोर्ट में श्री विजय पर
  6121. 5:02:20अटैक कर दिया। लेकिन यह फिर भी इतने बड़े
  6122. 5:02:23कैंपेन को जस्टिफाई नहीं करता। दूसरी
  6123. 5:02:27थ्योरी के हिसाब से इसका कॉज तमिल गिल्ड्स
  6124. 5:02:30और मैरिटाइम सिल्क रूट का पॉलिटिक्स था।
  6125. 5:02:33मैरिटाइम सिल्क रूट से अब्बासिद कैलिफेट
  6126. 5:02:37और चाइना के टंग डायनेस्टी के बीच हो रहे
  6127. 5:02:40प्रोस्पेरस ट्रेड में साउथ इंडियन पोर्ट्स
  6128. 5:02:43और मलया पोर्ट्स का काफी इंपॉर्टेंट रोल
  6129. 5:02:45था जो शिप्स के लिए ट्रांजिशन पॉइंट्स थे
  6130. 5:02:48और जहां वो रिफ्यूलिंग के लिए रुकते थे।
  6131. 5:02:51इस ट्रेड का मोनोपोली तमिल गिल्ड्स के पास
  6132. 5:02:54था जिनका कंट्रोल मलयन पोर्ट्स में भी था।
  6133. 5:02:57लेकिन इस दौर में शिप बिल्डिंग टेक्निक्स
  6134. 5:02:59काफी इंप्रूव हुए और अब शिप्स लॉन्ग
  6135. 5:03:02डिस्टेंस ट्रैवल कर सकते थे। जिसकी वजह से
  6136. 5:03:05दो ट्रांजिशन पॉइंट्स फ्यूटाइल हो गए और
  6137. 5:03:08मोस्ट शिप्स केवल मलया पोर्ट्स में रुकने
  6138. 5:03:11लगी। इसकी वजह से इंडियन तमिल गिल्ड्स को
  6139. 5:03:14काफी नुकसान हुआ। बाद में श्री विजय
  6140. 5:03:17एंपायर ने मलया बेस्ड तमिल गिल्ड्स के साथ
  6141. 5:03:20भी डिस्क्रिमिनेशन चालू कर दिया और
  6142. 5:03:22गिल्ड्स की कंडीशन और ज्यादा खराब होने
  6143. 5:03:25लगी। कहते हैं कि इन गिल्ड्स की लॉबिंग
  6144. 5:03:28पावर की वजह से ही शायद राजेंद्र ने श्री
  6145. 5:03:31विजय पर अटैक किया। राजेंद्र को यह भी डर
  6146. 5:03:34था कि कहीं यह गिल्ड्स एनिमी किंगडम्स को
  6147. 5:03:37सपोर्ट ना करने लगे। रीजन कुछ भी हो पर एक
  6148. 5:03:41बात फैक्ट है कि राजेंद्र ने अपनी अनमैच्ड
  6149. 5:03:44नेवल सुप्रेमसी की वजह से साउथ ईस्ट एशिया
  6150. 5:03:47में बड़ी जीत हासिल की। राजेंद्र की नेवी
  6151. 5:03:50इतनी स्ट्रांग थी कि उसकी लेगेसी को
  6152. 5:03:53कमेरेट करने के लिए 1972 में एक नेवल
  6153. 5:03:57ट्रेनिंग एकेडमी का नाम टी एस राजेंद्र
  6154. 5:04:00रखा गया। खैर इस एक्सपिडिशन के बाद साउथ
  6155. 5:04:04ईस्ट एशिया से श्री विजय एंपायर खत्म हो
  6156. 5:04:07गया और वहां छोटे-छोटे किंगडम्स इमर्ज हुए
  6157. 5:04:10जिन्होंने चोलास की सुजरेनिटी और उनकी
  6158. 5:04:13मिलिट्री बेससेस को अपने किंगडम्स में
  6159. 5:04:15एक्सेप्ट किया। इसका फाइनल आउटकम यह हुआ
  6160. 5:04:18कि अगले एक सेंचुरी तक साउथ ईस्ट एशिया
  6161. 5:04:21में तमिल गिल्ड्स का डोमिनेंस बना रहा और
  6162. 5:04:24मैरिटाइम सिल्क रूट पर चोलाज़ की है जेमिनी
  6163. 5:04:28भी।
  6164. 5:04:29द सिविलाइजेशनल गोल्डन एज
  6165. 5:04:35चोला रोल को सिविलाइजेशनल गोल्डन एज भी
  6166. 5:04:38कहा जाता है क्योंकि इस दौर में मैसिव
  6167. 5:04:40इंफ्रास्ट्रक्चर्स, टेंपल्स और फाइन
  6168. 5:04:43ब्रोंज़ स्कल्प्चर्स का ग्रोथ दिखता है।
  6169. 5:04:46चोला रूल में ट्रेमेंडस एग्रेरियन
  6170. 5:04:48एक्सपेंशन की वजह से कावेरी बेसिन में
  6171. 5:04:51मैसिव कैनाल्स बने। जिनमें सबसे फेमस ओया
  6172. 5:04:54कुंडन और राजेंद्रन वयाकल आज भी एकिस्ट
  6173. 5:04:58करते हैं। कैनाल्स के अलावा मैसिव वाटर
  6174. 5:05:02टैंक्स भी बने। जिनमें सबसे इंपॉर्टेंट
  6175. 5:05:04गंगाई चोलापुरम का 16 माइल्स लॉन्ग 16
  6176. 5:05:08गंगम है। जिसको लिक्विड पिलर ऑफ विक्ट्री
  6177. 5:05:12भी कहा जाता है। टेंपल्स की बात करें तो
  6178. 5:05:15राजा वन के पहले के किंग्स ने भी कई
  6179. 5:05:17टेंपल्स बनाए जो साइज में काफी छोटे थे।
  6180. 5:05:21लेकिन चोलाज़ के टेंपल आर्किटेक्चर का
  6181. 5:05:23ब्रिलियंस और मैसिवनेस राजा के रूल में ही
  6182. 5:05:26बढ़ता है। जो चोलास की प्रोस्पेरिटी को
  6183. 5:05:29सिंबलाइज करते हुए ओल्ड टेंपल से लगभग
  6184. 5:05:32पांच गुना ज्यादा बड़े हो गए।
  6185. 5:05:35यूनेस्को ने द ग्रेट लिविंग चोला टेंपल्स
  6186. 5:05:38को वर्ल्ड हेरिटेज साइट का स्टेटस भी दिया
  6187. 5:05:40है। जिसमें तीन टेंपल्स इंक्लूडेड हैं।
  6188. 5:05:44बृहदेश्वर टेंपल ऑफ तंजापुर इनमें
  6189. 5:05:47ओल्डेस्ट और लार्जेस्ट है। जिसे राजा वन
  6190. 5:05:50ने एडी में बनवाया था। 25 साल बाद उनके
  6191. 5:05:55बेटे राजेंद्र ने सेम नाम का बृहदेश्वर
  6192. 5:05:58टेंपल गंगाईचोलापुरम
  6193. 5:06:01में बनवाया। तीसरा और सबसे छोटा टेंपल
  6194. 5:06:04एरावतेश्वरा ऑफ दसुराम है जिसे राजराजा टू
  6195. 5:06:09ने बनवाया था। चोला टेंपल्स द्रविड़ा
  6196. 5:06:12स्टाइल के बेस्ट एग्जांपल्स हैं। इनमें
  6197. 5:06:14सबसे ब्रिलियंट स्ट्रक्चर और इंजीनियरिंग
  6198. 5:06:17वंडर तंजापुर का बृहदेश्वर टेंपल है।
  6199. 5:06:21जिसका ग्रेनाइट और बिना मोटार या सीमेंट
  6200. 5:06:24का बना हुआ विमाना 59 मीटर टॉल है और 1000
  6201. 5:06:29साल बाद आज भी एकिस्ट करता है। विमाना
  6202. 5:06:33पिरामिडिकल शेप के स्ट्रक्चर्स हैं जो
  6203. 5:06:35द्रविडियन टेंपल्स के सटम के ऊपर बनाए
  6204. 5:06:38जाते हैं। बृहदेश्वर टेंपल के इस विमाना
  6205. 5:06:41के टॉप मोस्ट स्टोन का वेट 80 टन्स है और
  6206. 5:06:45इंजीनियर्स आज भी इस पर डिबेट करते हैं कि
  6207. 5:06:49बिना मॉडर्न मशीनरी के यह स्टोन 59 मीटर्स
  6208. 5:06:53ऊपर पहुंचा कैसे? खैर चोला रूलर्स शेवाइट
  6209. 5:06:57थे और इसलिए तजाबूर टेंपल के मेन डेटी
  6210. 5:07:00शिवा हैं और यहां पूरे भारत के वन ऑफ द
  6211. 5:07:03लार्जेस्ट शिवलिंग लोकेटेड हैं। यहां पर
  6212. 5:07:06हमें वर्ल्ड फेमस नटराजा का ब्रोंज़
  6213. 5:07:09स्कल्प्चर भी मिलता है जो शिवा के कॉस्मिक
  6214. 5:07:12डांस ऑफ क्रिएशन एंड डिस्ट्रक्शन को
  6215. 5:07:14सिंबलाइज करता है। स्कल्प्चर्स में भोग
  6216. 5:07:18शक्ति और सुब्रमण्य के ब्रोंज़ेस भी मास्टर
  6217. 5:07:20पीसेस माने जाते हैं। वैसे यह चोला
  6218. 5:07:23टेंपल्स मैसिव ग्रांट मिलने की वजह से
  6219. 5:07:26सेंटर्स ऑफ इकोनॉमिक एक्टिविटीज भी थे जो
  6220. 5:07:29साथ में विलेज वेलफेयर के लिए भी काम करते
  6221. 5:07:32थे। लिटरेचर के फील्ड में भी काफी
  6222. 5:07:34डेवलपमेंट्स हुए और पॉपुलर वैष्णव टेक्स्ट
  6223. 5:07:37नलरा दिव्य प्रबंध को भी चोला पीरियड में
  6224. 5:07:4112 अलवर सेंट्स ने कंपाइल किया। चोला
  6225. 5:07:44एडमिनिस्ट्रेशन
  6226. 5:07:48चोला एडमिनिस्ट्रेशन भी उनकी लेगसी का
  6227. 5:07:51सिंबल है। यहां हमें एक फुल्ली डेवलप्ड
  6228. 5:07:54सेक्रेटेरियट की इंफॉर्मेशन भी मिलती है।
  6229. 5:07:57ऐसा कहते हैं कि पाम लीव्स यूज करके चोलास
  6230. 5:08:01ने एक ब्रिलियंट रिकॉर्ड सिस्टम भी बनाया
  6231. 5:08:04जिसमें लैंड रिकॉर्ड से लेकर इंटेलिजेंस
  6232. 5:08:06रिपोर्ट्स तक के रिकॉर्ड्स थे। इसके अलावा
  6233. 5:08:09चोला एंपायर नाइन प्रोविंसेस में डिवाइडेड
  6234. 5:08:12था जिनको मंडलम कहते थे और इनके गवर्नर्स
  6235. 5:08:15स्टैंडिंग आर्मी भी मेंटेन करते थे।
  6236. 5:08:18प्रोविंसेस को नाडू नाम के डिस्ट्रिक्ट्स
  6237. 5:08:20में डिवाइड किया जाता था जिन्हें ऑटोनॉमस
  6238. 5:08:23असेंबली नाटर गवर्न करती थी। वैसे तो चोला
  6239. 5:08:27एडमिनिस्ट्रेशन लार्जली एक सेंट्रलाइज्ड
  6240. 5:08:29पॉलिटिकल सिस्टम था। लेकिन उसमें पावरफुल
  6241. 5:08:32और ऑटोनॉमस लोकल एडमिनिस्ट्रेशन का
  6242. 5:08:34एकिस्टेंस भारत के इतिहास में काफी अनोखा
  6243. 5:08:37और यूनिक इनोवेशन था। जिसका क्रेडिट राजा
  6244. 5:08:41वन को दिया जाता है। यहां के विलेजेस को
  6245. 5:08:44उर और सभा नाम की असेंबलीज गवर्न करती थी
  6246. 5:08:47जो ह्यूज ऑटोनोमी एंजॉय करती थी। उर
  6247. 5:08:49असेंबलीज के बारे में खास बात यह है कि
  6248. 5:08:52वहां सभी कास्ट के लोग रहते थे। जबकि सभा
  6249. 5:08:56असेंबलीज अग्रहारा विलेजेस को गवर्न करती
  6250. 5:08:58थी जो चोला किंग्स द्वारा ब्राह्मण्स को
  6251. 5:09:01ग्रांट किए गए थे। इस सिस्टम की लेगसी और
  6252. 5:09:04इन्फ्लुएंस हमें गांधी जी के विलेज
  6253. 5:09:06रिपब्लिक्स की आईडिया और मॉडर्न इंडिया के
  6254. 5:09:09पंचायती राज सिस्टम में भी दिखाई देती है।
  6255. 5:09:11चोला मिलिट्री की बात करें तो उसमें सबसे
  6256. 5:09:14इंटरेस्टिंग उनकी अनमैच्ड नेवल पावर थी।
  6257. 5:09:18एक और इंटरेस्टिंग बात यह है कि विनेशियन
  6258. 5:09:21ट्रेवलर मार्को पोलो के हिसाब से किंग के
  6259. 5:09:24सारे बॉडीगार्ड्स खुद को डेड किंग के
  6260. 5:09:26फ्यूनरल पायर में सैक्रिफाइस कर देते थे।
  6261. 5:09:30डिक्लाइन
  6262. 5:09:35लेटर चोला डायनेस्टी को कैपेबल रूलर्स
  6263. 5:09:37जैसे कुलोथुंगा वन, विक्रम चोला और
  6264. 5:09:40कुलोथुंगा थ्री ने रूल किया। जिन्होंने
  6265. 5:09:43टेरिटरी की इंटेग्रिटी को मेंटेन रखा।
  6266. 5:09:46लेकिन कुलोथुंगा 3 के समय ही चोलास का
  6267. 5:09:48डिक्लाइन स्टार्ट हुआ। इसका सबसे पहला कॉज
  6268. 5:09:51था श्रीलंका में सिंघला किंगडम का राइज
  6269. 5:09:55जिसने उन्हें श्रीलंका से बैनिश कर दिया।
  6270. 5:09:58दूसरा कॉज था 126 के बाद राजा थ्री और
  6271. 5:10:03राजेंद्र थ्री जैसे वीक रूलर्स। एक
  6272. 5:10:06रिकॉर्ड के हिसाब से राजा थ्री को उनके ही
  6273. 5:10:09एक फ्यूडिडेटरी ने होस्टेज बना लिया था।
  6274. 5:10:12चोलास के डिक्लाइन का थर्ड कॉज पांड्याज
  6275. 5:10:16का राइज और होया सलाज़ का डिवाइसिव
  6276. 5:10:18पॉलिटिक्स रहा। होया सलाज़ ने डिवाइसिव
  6277. 5:10:21पॉलिटिक्स यूज़ करके चोला और पांड्या दोनों
  6278. 5:10:24को राइज होने से रोकने की कोशिश की। चोलाज़
  6279. 5:10:28को रोकने में तो होयासलाज़ सक्सेसफुल रहे।
  6280. 5:10:30लेकिन पांड्याज़ एक फॉर्मेडेबल पावर बन ही
  6281. 5:10:33गए। पांड्याज़ ने पहले होयालाज़ को और फिर
  6282. 5:10:381279 में चोलाज़ को हराया। राजेंद्र 3 के
  6283. 5:10:43टाइम तक पांडयन एंपायर अपने प्रोस्पेरिटी
  6284. 5:10:45के चरम पर था और 1279
  6285. 5:10:49राजेंद्र 3 के रूल की लास्ट रिकॉर्डेड डेट
  6286. 5:10:52हुई जिसके बाद चोलाज़ का भारत से नामोनिशान
  6287. 5:10:55मिट गया। हालांकि चोला डायनेस्टी सिर्फ
  6288. 5:10:59इंडिया में खत्म हुई। लेकिन उसकी एक रेवेल
  6289. 5:11:01ब्रांच फिलीपींस में 16th सेंचुरी तक रही।
  6290. 5:11:05इस डायनेस्टी का फाउंडेशन फिलीपींस की
  6291. 5:11:08सेबू या सुगबू सिटी में एक इंडियन चोला
  6292. 5:11:11प्रिंस राजमुडा लुमया ने किया था जो वहां
  6293. 5:11:15एक मिलिट्री बेस एस्टैब्लिश करने गए थे।
  6294. 5:11:18खैर स्पेनिश इन्वजन के बाद यह किंगडम भी
  6295. 5:11:21खत्म हो गया और चोला एंपायर का ग्लोरियस
  6296. 5:11:24इतिहास बन गया। लेकिन चोलास की लेगसी
  6297. 5:11:27जिंदा है और आज भी वहां के कल्चर, रिलजन
  6298. 5:11:31और टेंपल्स में फल फूल रही है। स्ट्रगल
  6299. 5:11:35फॉर सुप्रेमसी पल्लवास, चालुक्यास एंड
  6300. 5:11:38पांड्याज। आज की इस कहानी में हम आपको ले
  6301. 5:11:41चलते हैं इंडिया के 300 से 750 एडी के
  6302. 5:11:44पेनिनसुलर रीजन में। हिस्टोरियंस की माने
  6303. 5:11:48तो इस पीरियड को विंध्यास के सदर्न रीजंस
  6304. 5:11:51की हिस्ट्री का सेकंड फेज कहा जाता है।
  6305. 5:11:54पहला फेज था 200 बीसी से 300 एडी तक
  6306. 5:11:58जिसमें शुरू होने वाले कुछ प्रोसेससेस
  6307. 5:12:00सेकंड फेज में कंटिन्यू रहे। इसके साथ ही
  6308. 5:12:03इस फेज ने कुछ नए फीचर्स भी डेवलप किए जो
  6309. 5:12:06कि पहले सिग्निफिकेंट नहीं थे। इस कहानी
  6310. 5:12:09में हम इस पीरियड की इंपॉर्टेंट
  6311. 5:12:11कॉन्फ्लिक्ट्स और पिटिकल सिनेरियो के बारे
  6312. 5:12:14में जानेंगे। और अल्टीमेटली इन
  6313. 5:12:16कॉन्फ्लिक्ट्स के कारण सोसाइटी, कल्चर और
  6314. 5:12:19इकॉनमी में क्या चेंजेस आए उनको समझेंगे।
  6315. 5:12:22दोस्तों जैसा कि हमने बताया 300 से 700
  6316. 5:12:26एडी को पेनिनसुला रीजन की हिस्ट्री का
  6317. 5:12:29सेकंड फेज कहा जाता है। पर सेकंड फेज को
  6318. 5:12:32अच्छे से समझने के लिए और इस लेक्चर का
  6319. 5:12:35कॉन्टेक्स्ट सेट करने के लिए यह जानना
  6320. 5:12:37जरूरी है कि सेकंड फेज फर्स्ट फेज से कैसे
  6321. 5:12:41अलग था। आइए जानते हैं हाउ सेकंड फेज वास
  6322. 5:12:45डिफरेंट। फर्स्ट फेज के टाइम की बात करें
  6323. 5:12:48तो डेक्कन में सातवाहनाज ने अपना आधिपत्य
  6324. 5:12:51जमाया और तमिल किंगडम्स ने तमिलनाडु के
  6325. 5:12:54सदर्न किंगडम्स को डोमिनेट किया। इस
  6326. 5:12:57पीरियड में नॉर्दन तमिलनाडु, सदर्न
  6327. 5:13:00कर्नाटका, साउथ महाराष्ट्र और गोदावरी और
  6328. 5:13:03महानदी के बीच के लैंड्स के रूलर्स
  6329. 5:13:05इंडिपेंडेंट नहीं थे। उनका एलजंस रीजन के
  6330. 5:13:09सराउंडिंग रीजंस के पॉलिटिकल अथॉरिटीज की
  6331. 5:13:11तरफ था। सेकंड फेज में इन रीजंस में और
  6332. 5:13:14साथ ही विदर्भ में 300 से 600 एडी के बीच
  6333. 5:13:18लगभग दो डजन स्टेट्स उभर कर आए। इवेंचुअली
  6334. 5:13:21सेवंथ सेंचुरी की शुरुआत में कांची के
  6335. 5:13:24पल्लवस, बादामी के चालुक्यास और मदुराई के
  6336. 5:13:28पांड्याज तीन मेजर स्टेट्स के रूप में उभर
  6337. 5:13:31कर आए। फर्स्ट फेज के कुछ स्पेशल फीचर्स
  6338. 5:13:34रहे जैसे इंटरनल एंड एक्सटर्नल ट्रेड,
  6339. 5:13:38न्यूमरस क्राफ्ट्स, वाइड स्प्रेड यूज़ ऑफ
  6340. 5:13:40कॉइंस और बड़ी संख्या में टाउनंस जैसे
  6341. 5:13:44अमरावती, धानिया कटक, नागार्जुनाकोंडा,
  6342. 5:13:47ब्रोच एटसेटरा। जबकि सेकंड फेज में ट्रेड,
  6343. 5:13:52टाउनंस और कॉइनज का डिक्लाइन होने लगा।
  6344. 5:13:54लेकिन इस फेज में हमें टेंपल्स और ब्राहस
  6345. 5:13:56को दी जाने वाले न्यूमरस लैंड ग्रांट्स
  6346. 5:13:59देखने को मिलते हैं जो कि टैक्स फ्री थे।
  6347. 5:14:02इन ग्रांट्स से पता चलता है कि कई नए
  6348. 5:14:04एरियाज को कल्टीिवेशन और सेटलमेंट के
  6349. 5:14:07अंतर्गत लाया गया। इसलिए इस पीरियड में
  6350. 5:14:10एग्रेररियन इकॉनमी में बड़ी ग्रोथ देखने
  6351. 5:14:12को मिली। फर्स्ट फेज में आंध्रा और
  6352. 5:14:15महाराष्ट्र में एक्सटेंसिव बुद्धिस्ट
  6353. 5:14:17मोन्यूमेंट्स बनाए गए। जैसे आंध्रा का
  6354. 5:14:20अमरावती स्तूपा और महाराष्ट्र की अजंता
  6355. 5:14:23बुद्धिस्ट केव मोन्यूमेंट्स। तमिलनाडु के
  6356. 5:14:26सदर्न डिस्ट्रिक्ट के केव इं्रिप्शन से
  6357. 5:14:28हमको जैनिज्म और बुद्धिज्म दोनों के ही
  6358. 5:14:31इन्फ्लुएंस का प्रमाण मिलता है। मोस्ट
  6359. 5:14:33इं्रिप्शंस मदुराय और तिरुननेल वैली के
  6360. 5:14:36पास मिले हैं। दूसरी तरफ सेकंड फेज में
  6361. 5:14:39ब्राह्मणिज्म का स्प्रेड हुआ। जैनिज्म
  6362. 5:14:42कर्नाटका तक सीमित रहा। पूरे पेनिनसुला
  6363. 5:14:46में ओवरऑल देखें तो किंग्स के द्वारा
  6364. 5:14:48वैदिक सैक्रिफाइसेस के किए जाने के
  6365. 5:14:50न्यूमरस इंस्टेंसेस मिलते हैं। सेकंड फेज
  6366. 5:14:53में ही पल्लवास के अंडर तमिलनाडु और
  6367. 5:14:56चालुक्यास के अंडर कर्नाटका में स्टोन
  6368. 5:14:58टेंपल्स के कंस्ट्रक्शन की शुरुआत हुई जो
  6369. 5:15:01कि शिव और विष्णु के लिए डेडिकेटेड थे।
  6370. 5:15:04सेकंड फेज की शुरुआत में ही साउथ इंडिया
  6371. 5:15:07लैंड ऑफ मेगलिट्स की इमेज को अबेंडन कर
  6372. 5:15:10फेज के एंड तक ऐसे प्रोसेससेस की शुरुआत
  6373. 5:15:13कर पाया जिससे साउथ इंडिया आज लैंड ऑफ
  6374. 5:15:16टेंपल्स कहलाता है। कल्चर की अगर बात करें
  6375. 5:15:19तो फर्स्ट फेज में द्रविडियन एलिमेंट ही
  6376. 5:15:22डोमिनेशन में रहा। लेकिन सेकंड फेज में
  6377. 5:15:24आर्यनाइजेशन और ब्राह्मणाइजेशन फॉर फ्रंट
  6378. 5:15:27में आया। इसका कारण था किंग्स के द्वारा
  6379. 5:15:31दिए जाने वाले लैंड ग्रांट्स जो कि या तो
  6380. 5:15:33ब्राह्मणस को दिए जाते थे या फिर उनको जो
  6381. 5:15:36उनके कॉज को सपोर्ट करते थे। टेंपल लैंड्स
  6382. 5:15:39के मैनेजर्स होने के कारण ब्राहणास कल्चरल
  6383. 5:15:43और रिलीजियस एक्टिविटीज को गाइड करते थे।
  6384. 5:15:46संस्कृत का स्प्रेड किया जो अल्टीमेटली
  6385. 5:15:48ऑफिशियल लैंग्वेज बनी। आंध्रा और कर्नाटका
  6386. 5:15:51में मिलने वाले इं्रिप्शन से हमें पता
  6387. 5:15:53चलता है कि 300 बीसी और 300 एडी के बीच
  6388. 5:15:57लोग प्राकृत लैंग्वेज बोला और लिखा करते
  6389. 5:16:00थे। लेकिन 400 एडी के बाद संस्कृत ही
  6390. 5:16:03ऑफिशियल लैंग्वेज बन गई और मोस्ट चार्टर्स
  6391. 5:16:06संस्कृत में ही कंपोज किए जाते थे।
  6392. 5:16:09दोस्तों आगे बढ़ते हैं और देखते हैं इस
  6393. 5:16:12पीरियड में डेक्कन और साउथ इंडिया में कौन
  6394. 5:16:14से स्टेट्स उभर कर आए।
  6395. 5:16:17स्टेट्स ऑफ द डेक्कन एंड साउथ इंडिया।
  6396. 5:16:20विदर्भ यानी बेरार और नॉर्दन महाराष्ट्र
  6397. 5:16:23में सातवाहनाज़ को वकटकास ने सक्सीड किया
  6398. 5:16:27जो कि एक लोकल पावर थी। करीब 250 एडी में
  6399. 5:16:31विंध्य शक्ति ने इस डायनेस्टी की शुरुआत
  6400. 5:16:33की। वकटकास खुद ब्राहस थे और न्यूमरस कॉपर
  6401. 5:16:38प्लेट लैंड ग्रांट्स उनके द्वारा इशू की
  6402. 5:16:40गई। यह ब्राह्मेनिकल रिलीजन के लीडर थे और
  6403. 5:16:43कई वैदिक सैक्रिफाइसेस को परफॉर्म करते
  6404. 5:16:45थे।
  6405. 5:16:46वकाटगास की पॉलिटिकल हिस्ट्री नॉर्थ
  6406. 5:16:49इंडिया से ज्यादा जुड़ी रही बजाय साउथ
  6407. 5:16:51इंडिया के। कल्चरली अगर बात करें तो
  6408. 5:16:54वकाटगाज़ मेनली ब्राह्मेनिकल आइडियाज और
  6409. 5:16:56सोशल इंस्टीटशंस को साउथ में ट्रांसमिशन
  6410. 5:16:59के एक चैनल की तरह काम करता रहा। वकाटकास
  6411. 5:17:03को बादामी के चालुक्यास ने करीब 500 एडी
  6412. 5:17:06में रिप्लेस किया। जिन्होंने डेकन और साउथ
  6413. 5:17:09इंडिया की हिस्ट्री में इंपॉर्टेंट रोल
  6414. 5:17:11प्ले किया। दो सेंचुरीज यानी 757 एडी तक।
  6415. 5:17:17आइए जानते हैं चालुक्यास के बारे में।
  6416. 5:17:20चालुक्यास चालुक्यास ने अपना डिसेंट
  6417. 5:17:23ब्रह्मा और मनु और द मून को बताया।
  6418. 5:17:27उन्होंने बताया कि उनके एनसेेस्टर्स
  6419. 5:17:29अयोध्या के रूलर्स थे। लेकिन ऐसा सिर्फ
  6420. 5:17:32लेजिटिमेसी और रिस्पेक्टेबिलिटी पाने के
  6421. 5:17:34लिए किया। एक्चुअल में वो एक तनरीज लोग
  6422. 5:17:37थे। जिनको ब्राह्मेनिकल ब्लेसिंग्स के
  6423. 5:17:39कारण रूलिंग वरना में अकोमोडेट किया गया।
  6424. 5:17:42सिक्स्थ सेंचुरी की शुरुआत में वेस्टर्न
  6425. 5:17:45रीजन में चालुक्यास ने अपना किंगडम सेटअप
  6426. 5:17:47किया। वतापी में अपनी कैपिटल एस्टैब्लिश
  6427. 5:17:50की जो कि आज के हिसाब से कर्नाटका के
  6428. 5:17:53बदामी टाउन बीजापुर डिस्ट्रिक्ट में
  6429. 5:17:55लोकेटेड है। आगे चलकर चालुक्यास कई
  6430. 5:17:58ब्रांचेस में कट ऑफ हुए। लेकिन मेन ब्रांच
  6431. 5:18:01ने इस रीजन में 200 साल तक राज किया। इस
  6432. 5:18:04डायनेस्टी के बाद विजयनगर एंपायर ही अगला
  6433. 5:18:07सिग्निफिकेंट एंपायर मिडीवल टाइम्स में
  6434. 5:18:09सेटअप हुआ इस रीजन में।
  6435. 5:18:12अब जानते हैं पेनिनसुला के ईस्टर्न रीजन
  6436. 5:18:14में पल्लवाज़ के बारे में। पल्लवाज़।
  6437. 5:18:18पेनिनसुला के ईस्टर्न पार्ट यानी
  6438. 5:18:20कृष्णागुंटू रीजन में सातवाहनाज़ को
  6439. 5:18:23इशवाकुस ने थर्ड सेंचुरी में सक्सीड किया।
  6440. 5:18:26इवाकू किंग्स शेवाइट्स थे और वैदिक राइट्स
  6441. 5:18:29परफॉर्म करते थे। लेकिन उनके रेन में
  6442. 5:18:32बुद्धिज्म भी फ्लोरिश हुआ। इवाकू क्वींस
  6443. 5:18:35और किंग्स ने प्रेजेंट डे नागार्जुना
  6444. 5:18:37कोंडा और धरनी कोटा में कई मोन्यूमेंट्स
  6445. 5:18:40बनवाए। कृष्णा गुंटू रीजन में इन्होंने ही
  6446. 5:18:43लैंड ग्रांट्स की प्रैक्टिस को चालू किया।
  6447. 5:18:45जहां पर उनसे रिलेटेड कई कॉपर प्लेट
  6448. 5:18:48इं्रिप्शंस मिले हैं। इवाकुस को पल्लवास
  6449. 5:18:52ने 340 एडी में रिप्लेस किया। पल्लवा वर्ड
  6450. 5:18:55का मीनिंग है कपर जो कि तमिल वर्ड तोंडाई
  6451. 5:18:59का संस्कृत वर्जन है। पल्लवाज़ एक लोकल
  6452. 5:19:02ट्राइब थी जिन्होंने तोंडाई नाडू यानी
  6453. 5:19:05लैंड ऑफ कपर्स में अपनी अथॉरिटी
  6454. 5:19:07इस्टैब्लिश की। लेकिन कंप्लीटली
  6455. 5:19:09सिविलाइज्ड और एक्सेप्टेबल बनने में उनको
  6456. 5:19:12थोड़ा टाइम लगा क्योंकि तमिल में पल्लवा
  6457. 5:19:15रॉबर का भी एक सिनोनिम है। पल्लवास की
  6458. 5:19:18अथॉरिटी सदर्न आंध्रा और नॉर्दर्न
  6459. 5:19:20तमिलनाडु तक एक्सटेंड हुई। उन्होंने अपनी
  6460. 5:19:23कैपिटल कांची में सेटअप की जो कि आज के
  6461. 5:19:26हिसाब से कांचीपुरम है। उनके रूल में यह
  6462. 5:19:28सिटी टाउन ऑफ टेंपल्स और वैदिक लर्निंग के
  6463. 5:19:31लिए फेमस हुई। अर्ली पल्लवाज़ का
  6464. 5:19:34कॉन्फ्लिक्ट कदंबा से भी हुआ। जिन्होंने
  6465. 5:19:37अपना रूल नॉर्दन कर्नाटका और कोंकण में
  6466. 5:19:39फोर्थ सेंचुरी में एस्टैब्लिश किया। कदंबा
  6467. 5:19:43किंगडम को मयूर शर्मन ने 345 एडी में
  6468. 5:19:46इस्टैब्लिश किया। इवेंचुअली पल्लवाज ने
  6469. 5:19:49कदंबाज को डिफीट तो किया लेकिन मयूर शर्मन
  6470. 5:19:52को रॉयल इंसिग्निया यानी एक तरह के रॉयल
  6471. 5:19:56सिंबल से नवाजा।
  6472. 5:19:58ऐसा कहा जाता है कि मयूर शर्मन ने 18
  6473. 5:20:01अश्वमेध यानी हॉर्स सैक्रिफाइसेस किए और
  6474. 5:20:04ब्राहणास को कई विलेजेस दान में दिए।
  6475. 5:20:07कदंबाज ने अपनी कैपिटल विजयंती और बनवासी
  6476. 5:20:11में सेटअप की जो कि आज कर्नाटका के कनारा
  6477. 5:20:14डिस्ट्रिक्ट में है। पल्लवाज़ की एक और
  6478. 5:20:17कंटेंपरेरी डायनेस्टी थी गंगाज़ जिन्होंने
  6479. 5:20:20फोर्थ सेंचुरी में सदर्न कर्नाटका में
  6480. 5:20:22अपना किंगडम एस्टैब्लिश किया। गंगाज़ के
  6481. 5:20:25ईस्ट में पल्लवाज़ और वेस्ट में कदमज़ थे।
  6482. 5:20:29यहां यह जानना जरूरी है कि इनको गंगाज ऑफ
  6483. 5:20:31मैसूर या वेस्टर्न गंगाज़ भी बोला जाता है।
  6484. 5:20:34जो कि फिफ्थ सेंचुरी के कलिंग के ईस्टर्न
  6485. 5:20:37गंगा से अलग हैं। अपने रेन के मोस्ट पार्ट
  6486. 5:20:40में वेस्टर्न गंगाज़ पल्लवाज़ के फ्यूडेड
  6487. 5:20:43ट्रीज ही रहे। वेस्टर्न गंगाज़ ने मोस्टली
  6488. 5:20:46जयनाज़ को ही लैंड ग्रांट्स दिए। सिमिलरली
  6489. 5:20:49कदंबाज़ ने भी जयनाज़ को लैंड ग्रांट्स दिए।
  6490. 5:20:51पर उन्होंने ब्राहणास को ज्यादा प्रेफर
  6491. 5:20:54किया। पल्लवास ने मोस्टली ब्राहणास को ही
  6492. 5:20:57लैंड ग्रांट्स दिए जो कि टैक्सेस और स्टेट
  6493. 5:20:59को दिए जाने वाले फोर्स्ड लेबर से
  6494. 5:21:01कंप्लीटली फ्री थे।
  6495. 5:21:04आइए अब जानते हैं पांड्याज के बारे में।
  6496. 5:21:08पांड्याज
  6497. 5:21:10दोस्तों सदर्न इंडिया के तीन मेन लीनिएजेस
  6498. 5:21:12थी द चोलास, द चेरास एंड द पांड्यास। यह
  6499. 5:21:17तीनों डायनेस्टीज संगम एज यानी सिक्स्थ
  6500. 5:21:20सेंचुरी बीसी से थर्ड सेंचुरी एडी के
  6501. 5:21:22शुरुआत में डेवप हुई। पांड्याज ने अपनी
  6502. 5:21:26रेन में पीरियडिकली कई उतार-चढ़ाव फेस
  6503. 5:21:28किए। थर्ड सेंचुरी एडी में कालाभरा
  6504. 5:21:31रिवोल्ट के चलते इनका डिक्लाइन हुआ।
  6505. 5:21:34कालाभरा रिवोल्ट के खत्म होने के बाद किंग
  6506. 5:21:37काडून गोन की लीडरशिप में सिक्स्थ सेंचुरी
  6507. 5:21:39एडी में फिर से इनका राइज हुआ। इन्हीं को
  6508. 5:21:42मिडीवल पांड्याज भी कहा जाता है। पांड्याज
  6509. 5:21:45का पहला मेंशन ग्रीक हिस्टोरियन मेगस्थनीज
  6510. 5:21:48से मिलता है। मेगस्थनीज ने मेंशन किया है
  6511. 5:21:51कि पांड्या डायनेस्टी को एक वुमन ने रूल
  6512. 5:21:53किया। यह पांड्याज के मेट्रियर्कल
  6513. 5:21:56इन्फ्लुएंस को दर्शाता है। इंडियन
  6514. 5:21:58पेनिनसुला के सदर्न मोस्ट और साउथ ईस्टर्न
  6515. 5:22:01पोर्शन पर पांड्याज ने राज किया। मदुराई
  6516. 5:22:04इनकी कैपिटल थी। फर्स्ट सेंचुरी एडी में
  6517. 5:22:07तमिल एकेडमीज़ में कंपाइल हुए संगम लिटरेचर
  6518. 5:22:10में पांड्याज का मेंशन देखने को मिलता है।
  6519. 5:22:12इस लिटरेचर की माने तो स्टेट बहुत ही
  6520. 5:22:15वेल्थी और प्रोस्परस था।
  6521. 5:22:18पांड्या किंग्स का ट्रेड रोमन एंपायर से
  6522. 5:22:20था और रोमन एपरर ऑगस्टस के कोर्ट में
  6523. 5:22:23एंबेसडर्स भी भेजे गए। ब्राह्मणस ने इनके
  6524. 5:22:26रूल में कंसीडरेबल इन्फ्लुएंस एंजॉय किया
  6525. 5:22:29और पांड्या किंग्स भी वैदिक सैक्रिफाइसेस
  6526. 5:22:31परफॉर्म करते थे।
  6527. 5:22:33तो दोस्तों, यह तो बात हुई 300 से 700 एडी
  6528. 5:22:37यानी सदर्न इंडिया के सेकंड हिस्टोरिकल
  6529. 5:22:39फेज में रूल कर रहे तीन किंगडम्स की जो थे
  6530. 5:22:43चालुक्यास ऑफ़ बदामी, पल्लवाज़ ऑफ कांची और
  6531. 5:22:46पांड्याज ऑफ मदुराय।
  6532. 5:22:49आगे बढ़ते हैं और जानते हैं इन किंगडम्स के
  6533. 5:22:51बीच कॉन्फ्लिक्ट्स के बारे में।
  6534. 5:22:54कॉन्फ्लिक्ट्स बिटवीन द थ्री किंगडम्स। इस
  6535. 5:22:57पीरियड में पेनिनसुला इंडिया की पॉलिटिकल
  6536. 5:23:00हिस्ट्री का सबसे मेन इंटरेस्ट रहा।
  6537. 5:23:02सिक्स्थ से एट्थ सेंचुरी के बीच होने वाली
  6538. 5:23:05पल्लवाज़ ऑफ़ कांची और चालुक्याज़ ऑफ़ बादामी
  6539. 5:23:08के बीच होने वाली सुप्रेमसी की लड़ाई।
  6540. 5:23:11पांड्याज जो कि मदुराई और तिरुनल वैली के
  6541. 5:23:14रूलर थे ने यह लड़ाई जॉइ की एज अ पुअर
  6542. 5:23:18थर्ड। इस कॉन्फ्लिक्ट में इनका कोई
  6543. 5:23:20सिग्निफिकेंट रोल नहीं था। भले ही पल्लवाज़
  6544. 5:23:23और चालुक्यास ब्राह्मणिज्म को पेट्रोनाइज
  6545. 5:23:26करते थे, लेकिन दोनों के बीच ब्लंडर,
  6546. 5:23:28प्रेस्टीज और टेरिटोरियल रिसोर्सेज के लिए
  6547. 5:23:31क्वरल होता ही रहता था। कृष्णा और
  6548. 5:23:34तुंगभद्रा रिवर के बीच के लैंड में दोनों
  6549. 5:23:36अपनी सुप्रेमसी सेटअप करना चाहते थे। इस
  6550. 5:23:39लंबी कॉन्फ्लिक्ट में सबसे पहला
  6551. 5:23:41इंपॉर्टेंट इवेंट हुआ चालुक्य किंग
  6552. 5:23:43पुलकेशन द सेकंड 69 से 42 एडी के रेन में।
  6553. 5:23:48आई होल इं्रिप्शन में उनके कोर्ट पोएट रवि
  6554. 5:23:51कीर्ति द्वारा लिखी उनकी योलॉजी के माध्यम
  6555. 5:23:53से उनके बारे में जानकारी मिलती है। इस
  6556. 5:23:56इं्रिप्शन को संस्कृत के पोएटिक एक्सीलेंस
  6557. 5:23:59का एक एग्जांपल कहा जा सकता है। बनवासी
  6558. 5:24:02में इस्टैब्लिश्ड कादंब कैपिटल को उसने
  6559. 5:24:04सब्जुगेट किया और गंगाज ऑफ मैसूर को उसकी
  6560. 5:24:07सुजरेनिटी एक्सेप्ट करने पर मजबूर किया।
  6561. 5:24:10पुलकेशन ने नर्मदा के पास हर्षा की आर्मी
  6562. 5:24:13को डिफीट किया और डेकन की तरफ उसके मार्च
  6563. 5:24:15को रोका। पल्लवाज़ के साथ कॉन्फ्लिक्ट में
  6564. 5:24:18पोलोकेशन ऑलमोस्ट पल्लवा कैपिटल तक पहुंच
  6565. 5:24:21ही चुका था। लेकिन पल्लवाज़ ने अपनी नॉर्दन
  6566. 5:24:24प्रोविंसेस को सीड करके पीस मांगा।
  6567. 5:24:2860 एडी के आसपास कृष्णा और गोदावरी के बीच
  6568. 5:24:32के एरिया को पुलकेशन ने कॉनकर किया जो आगे
  6569. 5:24:35चलकर वेंगी कहलाया। लेकिन पुलकेशन का
  6570. 5:24:38सेकंड इन्वेशन पल्लवा टेरिटरी का फेल हो
  6571. 5:24:41गया। पल्लवा किंग नरसिम्हा वर्मन 630 से
  6572. 5:24:45668 एडी ने चालुक्य कैपिटल वातापी को
  6573. 5:24:49कैप्चर कर लिया 642 एडी में जिसे बैटल ऑफ
  6574. 5:24:52वातापी भी कहा जाता है। इसके बाद नरसिम्हा
  6575. 5:24:55वर्मन ने वातापी गोंडा और ककरर ऑफ वातापी
  6576. 5:24:59का टाइटल अस्यूम किया।
  6577. 5:25:02और ऐसा कहा जाता है कि उसने चोलाज़, चेराज़,
  6578. 5:25:05पांड्याज़ और कालभ्रास को भी डिफीट किया।
  6579. 5:25:09सेवंथ सेंचुरी के एंड में कॉन्फ्लिक्ट में
  6580. 5:25:11एक पॉज आया जो एथ सेंचुरी की शुरुआत में
  6581. 5:25:14फिर से रिज्यूम हुआ। चालुक्य किंग
  6582. 5:25:16विक्रमादित्य 733 से 745 एडी ने पल्लवा
  6583. 5:25:21कैपिटल कांची को तीन बार ओवर रन किया। 740
  6584. 5:25:25एडी में उसने पल्लवाज़ को कंप्लीटली
  6585. 5:25:27डिस्ट्रॉय कर दिया। इस विक्ट्री के बाद
  6586. 5:25:29साउथ इंडिया में पल्लवाज़ की सुप्रेमसी
  6587. 5:25:31कंप्लीटली डिस्ट्रॉय हो गई। हालांकि इस
  6588. 5:25:34विक्ट्री के बाद भी चालुक्यास लंबे समय तक
  6589. 5:25:37रूल नहीं कर पाए क्योंकि उनकी हिजेनी को
  6590. 5:25:40राष्ट्रकूताज़ ने 757 एडी में खत्म कर
  6591. 5:25:43दिया। आगे बढ़ते हैं और देखते हैं इस
  6592. 5:25:46पीरियड में क्या सोशल और कल्चरल चेंजेस
  6593. 5:25:48आए।
  6594. 5:25:50सबसे पहले नजर डालते हैं रिलीजन और टेंपल
  6595. 5:25:53कंस्ट्रक्शन पर।
  6596. 5:25:55रिलीजन एंड टेंपल्स। रिलीजन की बात करें
  6597. 5:25:58तो वैदिक सैक्रिफाइसेस के अलावा ब्रह्मा,
  6598. 5:26:01विष्णु और शिवा की वरशिप पॉपुलर हुई।
  6599. 5:26:04सेवंथ सेंचुरी के बाद अलवरसेस और नयन आर
  6600. 5:26:07सेंस पॉपुलर हुए। अल्वारसेस गॉड विष्णु के
  6601. 5:26:11डेविटीज थे और उनकी वरशिप को पॉपुलर किया।
  6602. 5:26:14नयन आर्स गॉड शिवा के ग्रेट डेविटीज थे।
  6603. 5:26:18सेवंथ सेंचुरी के बाद से भक्ति कल्ट ने
  6604. 5:26:21साउथ इंडियंस की रिलीजियस लाइफ को डोमिनेट
  6605. 5:26:24करना चालू किया। अलवार्स और नायनार्स ने
  6606. 5:26:27इसके प्रोपगेशन में एक बड़ा रोल प्ले
  6607. 5:26:29किया। पल्लवा किंग्स ने सेवंथ और ए्थ
  6608. 5:26:32सेंचुरी में कई स्टोन टेंपल्स का
  6609. 5:26:34कंस्ट्रक्शन किया। इन सभी गॉड्स की
  6610. 5:26:36हाउसिंग के लिए। इनमें से सबसे फेमस है
  6611. 5:26:39महाबलीपुरम के सेवन रथा टेंपल्स जो कि
  6612. 5:26:42चेन्नई से 65 कि.मी. की दूरी पर हैं। इन
  6613. 5:26:46टेंपल्स में महाभारत के इंसिडेंस को
  6614. 5:26:48डिपिक्ट किया गया है।
  6615. 5:26:51महाबलीपुरम एक पोर्ट सिटी थी जिसको
  6616. 5:26:53नरसिम्हा वर्मन ने सेवंथ सेंचुरी एडी में
  6617. 5:26:56फाउंड किया।
  6618. 5:26:57यहां का शोर टेंपल भी बहुत फेमस है। यह एक
  6619. 5:27:00स्ट्रक्चरल टेंपल है जो शिवा और विष्णु को
  6620. 5:27:03डेडिकेटेड है। कांची का कैलाशनाथ टेंपल जो
  6621. 5:27:07कि एट्थ सेंचुरी में बनाया गया एक स्टोन
  6622. 5:27:10बिल्ट आर्किटेक्चर का टेंपल है जिसके मेन
  6623. 5:27:12डटी शिवा हैं। यहां पर 58 छोटे-छोटे शाइन
  6624. 5:27:16भी हैं जो शिवा के वेरियस फॉर्म्स हैं।
  6625. 5:27:20दूसरी तरफ चालुक्यास ने भी आईहोल में कई
  6626. 5:27:23टेंपल्स का कंस्ट्रक्शन किया। बादामी और
  6627. 5:27:25पटाडकल में भी इनके टेंपल्स देखने को
  6628. 5:27:28मिलते हैं। पटाडकल का पापना टेंपल और
  6629. 5:27:32विरुपाक्षा टेंपल सबसे ज्यादा सेलिब्रेटेड
  6630. 5:27:35हैं।
  6631. 5:27:36दोस्तों अब नजर डालते हैं उस टाइम की
  6632. 5:27:38इकॉनमी पर। इकॉनमी।
  6633. 5:27:42इस पीरियड में एक तरह की टेंपल इकॉनमी
  6634. 5:27:45डेवलप हुई। टेंपल्स को मेंटेन करने के लिए
  6635. 5:27:48लैंड ग्रांट्स दिया जाना एक कॉमन
  6636. 5:27:49प्रैक्टिस थी। इन ग्रांड्स को टेंपल्स की
  6637. 5:27:52वॉल्स पर रिकॉर्ड किया जाता था। मोस्ट
  6638. 5:27:55टेंपल्स ब्राहर्स के द्वारा ही मैनेज किए
  6639. 5:27:57जाते थे। अर्ली मेडवल टाइम्स तक इन
  6640. 5:28:00टेंपल्स ने 3 फिफ्थ ऑफ एरेबल लैंड को ओन
  6641. 5:28:04कर रखा था। यह टेंपल्स
  6642. 5:28:08कास्ट बेस्ड आइडियोलॉजी के सेंटर्स बन
  6643. 5:28:10चुके थे। शुरुआती दौर में टेंपल्स को
  6644. 5:28:13मेनली कॉमन पीपल के द्वारा दिए गए टैक्सेस
  6645. 5:28:15से कंस्ट्रक्ट और मेंटेन किया जाता था।
  6646. 5:28:18कर्नाटका में चालुक्यास के अंडर कुछ
  6647. 5:28:20टेंपल्स को जैन ट्रेडर्स ने इरेक्ट किया।
  6648. 5:28:24विलेज गॉड्स को वशिप करने के लिए कॉमन
  6649. 5:28:26पीपल पैडी ऑफर करते थे। कुछ रिच लोग अपना
  6650. 5:28:29स्टेटस बढ़ाने और अपनी रिलीजियस
  6651. 5:28:31क्रेविंग्स को सेटिस्फाई करने के लिए रिच
  6652. 5:28:34ऑफरिंग्स भी दिया करते थे। वॉज, आर्ट और
  6653. 5:28:37लिटरेचर के लिए रिलीजन को प्रमोट करने के
  6654. 5:28:40लिए और एडमिनिस्ट्रेटिव स्टाफ को मेंटेन
  6655. 5:28:42करने के लिए इनॉर्मस रिसोर्सेज की जरूरत
  6656. 5:28:45थी। जो कि अपेरेंटली पेजेंट्री ही
  6657. 5:28:47प्रोवाइड करती थी। लैंड टैक्स के अलावा
  6658. 5:28:50किंग सीरियल्स और गोल्ड के डोनेशंस की
  6659. 5:28:53डिमांड भी कर सकता था।
  6660. 5:28:56फ्लावर्स और मिल्क, वुड और ग्रास की भी
  6661. 5:28:58डिमांड की जाती थी और विलेजर्स को फ्री ऑफ
  6662. 5:29:01चार्ज लोड्स कैरी करने के लिए कंपेल किया
  6663. 5:29:04जाता था। इससे पता चलता है कि स्टेट
  6664. 5:29:06पेजेंट्री से लेबर और प्रोड्यूस की हैवी
  6665. 5:29:09डिमांड करता था। इस पीरियड में साउथ
  6666. 5:29:12इंडिया में तीन तरह के विलेजेस देखने को
  6667. 5:29:14मिलते हैं। उर, सभा और नगरम। उर यूजुअल
  6668. 5:29:19टाइप के विलेजेस थे जहां प्रेजेंट कास्ट्स
  6669. 5:29:22रहती थी। विलेज हेडमैन टैक्सेस कलेक्ट
  6670. 5:29:25करता था और किंग को पे करता था। सभा
  6671. 5:29:28ब्राहणास को ग्रांट किए जाने वाले विलेजेस
  6672. 5:29:31यानी ब्राह्मदेस और अग्रहाराज़ का ग्रुप
  6673. 5:29:34होता था। नगरम ऐसे विलेजेस थे जहां
  6674. 5:29:38ट्रेडर्स और मर्चेंट्स का सेटलमेंट था।
  6675. 5:29:41चालुक्यास एरिया में रूरल अफेयर्स को
  6676. 5:29:43विलेज एल्डर्स मैनेज करते थे जिनको महाजन
  6677. 5:29:47कहा जाता था। दोस्तों अब बात करते हैं
  6678. 5:29:50सोसाइटल स्ट्रक्चर की। सोसाइटल स्ट्रक्चर
  6679. 5:29:54इस पीरियड की सोसाइटी का बेसिक ट्रेड था
  6680. 5:29:57ब्राह्मणाइजेशन।
  6681. 5:29:59सोसाइटी मेनली प्रिंसेस और प्रीस्ट से
  6682. 5:30:01डोमिनेटेड थी। प्रिंसेस अपना स्टेटस या तो
  6683. 5:30:05क्षत्रिय या ब्राहणा क्लेम करते थे।
  6684. 5:30:07प्रीस्ट्स इन चीफ्स के डिसेंट को सोलर या
  6685. 5:30:10लून्यर डायनेस्टीज के लीनियट से जोड़कर एक
  6686. 5:30:13रिस्पेक्टेबल फैमिली ट्री इन्वेंट किया
  6687. 5:30:15करते थे। जिससे किंग्स को रिस्पेक्ट मिलती
  6688. 5:30:17थी सोसाइटी में। लैंड ग्रांट्स की मदद से
  6689. 5:30:21प्रीस्ट्स, इन्फ्लुएंस और अथॉरिटी गेन
  6690. 5:30:23करते थे। कई साउथ इंडियन रूलर्स खुद को
  6691. 5:30:26ब्राह्मणास की कैटेगरी में रखते थे। जिसका
  6692. 5:30:28मतलब है कि साउथ इंडिया में क्षत्रियस
  6693. 5:30:31ब्राह्मणस जितने इंपॉर्टेंट नहीं थे। साउथ
  6694. 5:30:34इंडिया में वर्णन सिस्टम थोड़ा अलग तरीके
  6695. 5:30:36से ऑपरेट करता था। प्रिंसेस और प्रीस्ट्स
  6696. 5:30:39के नीचे आने वाले पेजेंट्री न्यूमरस
  6697. 5:30:42पेजेंट्री कास्ट में डिवाइडेड थी।
  6698. 5:30:44ब्राह्मेनिकल सिस्टम में जिनको मोस्टली
  6699. 5:30:46शूद्रास कहा जाता था। कंक्लूजन
  6700. 5:30:51तो दोस्तों इस कहानी में हमने साउथ इंडिया
  6701. 5:30:53की हिस्ट्री के सेकंड फेज यानी 300 से 750
  6702. 5:30:57एडी की बात की। इस पीरियड के एंड में
  6703. 5:30:59चालुक्यास ने पल्लवाज और पांड्याज को
  6704. 5:31:02डिफीट करके फाइनल पावर के रूप में उभर कर
  6705. 5:31:04आए। हमने देखा किस तरह से इस पीरियड में
  6706. 5:31:08सोसाइटी का ब्राह्मनाइजेशन हुआ और जाना कि
  6707. 5:31:11यहां का हायरार्किकल स्ट्रक्चर नॉर्थ
  6708. 5:31:13इंडिया से किस प्रकार डिफरेंट रहा। इस ऐज
  6709. 5:31:16में ही टेंपल कंस्ट्रक्शन के कुछ
  6710. 5:31:18प्रोसेससेस स्टार्ट हुए। जिनकी मदद से आगे
  6711. 5:31:21चलकर यह रीजन आज लैंड ऑफ टेंपल्स बन पाया।
  6712. 5:31:27स्टडी आईक्यू आईएस आपका सिलेक्शन हमारा
  6713. 5:31:31मिशन

About this transcript

This page contains the full transcript of Complete Ancient History of India for UPSC 2027 | History Through Animation | Aadesh Singh by StudyIQ IAS, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 47,126 words across 6,713 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.

What you can do with it

Use the transcript to take notes, quote the speaker, build a study guide, generate a summary with ChatGPT or Claude via the YouTube Summary tool, or export it as a timed subtitle file with YouTube to SRT. You can also re-open it in the transcriber to choose a caption track available on the video.

Free YouTube transcript tool

YouTube2Text is a free YouTube transcript generator — no signup, no daily limit. Paste any YouTube link and get the full transcript instantly, with timestamps, click-to-jump, caption language selection, AI prompts for ChatGPT, Claude, and Gemini, and exports to TXT, SRT, VTT, or Markdown.