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Class- 17A | Celebration of Discipline | Ps. Roshan — Transcript

by Mumbai Bible College & Seminary · 6,471 words · 905 segments · language en · Watch on YouTube

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  1. 0:00के लिए इस अवसर के लिए और इस क्लास के लिए
  2. 0:03हम सभी को प्रभु तेरी अगवाई में तेरी
  3. 0:05उपस्थिति में और जो भी क्लासेस अभी तक हुए
  4. 0:09प्रभु सारे क्लासेस के द्वारा जो भी सीखे
  5. 0:12हैं प्रभु उसको याद दिलाने में स्मरण करने
  6. 0:15में सीखने में अभ्यास करने में उसको हमारे
  7. 0:19जीवन में प्रयोग में लाने के लिए प्रभु
  8. 0:21मदद करना क्योंकि यह शारीरिक काम नहीं है
  9. 0:25और यह आत्मा का काम है प्रभु तेरे आत्मा
  10. 0:28के द्वारा हमें शक्ति मुक्ति देना ताकि
  11. 0:31तेरा उद्देश्य पूरा हो जो जो जिंदगी तूने
  12. 0:34हमें दी है प्रभु इस धरती पर वो वो कारण
  13. 0:38पूरा हो प्रभु इसीलिए हम अभ्यास करें
  14. 0:41इसीलिए हम वो सोचे इसलिए हम लोग जो है
  15. 0:43तेरे अनुसार जी पाए प्रभु हमें उस क्रम
  16. 0:46में जीने के लिए प्रभु हमें मदद करना ताकि
  17. 0:52तेरा इच्छा पूरा हो प्रभु हमारे जीवन में
  18. 0:55ऐसे हम प्रार्थना करते हैं यीशु मसीह के
  19. 0:57नाम से मांगते हैं आमीन में तो परमेश्वर
  20. 1:01की इच्छा पूरी हो। ठीक है। हम धरती पर रह
  21. 1:06के परमेश्वर की इच्छा पूरी हो। जिंदगी
  22. 1:10किसी का आज तो जन्मदिन है। लेकिन हम ये भी
  23. 1:14बोल रहे हैं कि अ
  24. 1:17हम लोग लंबे समय के लिए नहीं है। इस धरती
  25. 1:21पर कुछ दिनों के लिए है। कुछ दिनों के लिए
  26. 1:24है। राइट? कुछ समय के लिए, कुछ दिनों के
  27. 1:27लिए है। आप कैसे जीते हो,
  28. 1:31ठीक है? यह आपका जीवन
  29. 1:34दिखाएगा।
  30. 1:36या आप क्या सीख रहे हो वो आपको बचाएगा।
  31. 1:41बचाने का मतलब समय का सदुपयोग करने के लिए
  32. 1:45बचाएगा। समय का पूरा उपयोग करने के लिए
  33. 1:48आपको बुद्धि देगा। अन्यथा अगर हम इस इन
  34. 1:52बातों को अगर हम छोड़ देंगे तो शायद हम
  35. 1:56बचा नहीं पाएंगे समय को। इसका समय को
  36. 1:59बचाने का मतलब पूरी तरह से उसका मूल्य
  37. 2:03नहीं दे पाएंगे या फिर उसका उपयोग नहीं कर
  38. 2:05पाएंगे क्योंकि समझ ही नहीं है। समझ ही
  39. 2:07नहीं है तो टाइम चला जा रहा है। ठीक है?
  40. 2:11तो यह क्लासेस और जो भी वचन हम सीखते हैं
  41. 2:15बहुत ही मूल्यवान है और हमारे हर समय को
  42. 2:19उपयोग करने के लिए मदद करेगा हर समय को
  43. 2:22ठीक है सब लोग तंदुरुस्त है आज
  44. 2:26हां
  45. 2:28कि सोने के लिए तैयार है
  46. 2:32हम दो जन सोते हैं एक प्रभु में सो जाते
  47. 2:35हैं और एक क्लास में सो जाते
  48. 2:40तो आप कौन कौन सा फैसला किया
  49. 2:43जागृत जागते रहने के लिए राइट जागृत रहने
  50. 2:46के लिए सब लोग हैं जाग जाग रहे हैं कुछ
  51. 2:47कुछ आंखें थकान की वजह से ये बारिश हो रहा
  52. 2:51है
  53. 2:53क्या एक्चुअली
  54. 2:56ठीक है अधीन अधीनता के ऊपर आज मैसेज
  55. 2:59कितने जन को तकलीफ है
  56. 3:02सब लोग को रहता ही है कभी ना कभी तकलीफ
  57. 3:06अधीन में हम रहना नहीं चाहते आजादी चाहते
  58. 3:10ठीक
  59. 3:11सभी को किसी न किसी के बोलते हैं ना क्या
  60. 3:14बोलते हैं अंडर में नहीं रहना चाहते ये
  61. 3:17रहता ही है भाव रहता है राइट यह मन रहता
  62. 3:19है सुनना नहीं चाहते व्हाटएवर मार्टिन
  63. 3:23लूथर क्या बोलते हैं देखते हैं मार्टिन
  64. 3:24लूथर बोलता है कि क्रिश्चियन जो है
  65. 3:29सारे
  66. 3:31स्वामियों से आजाद है और किसी के नीचे
  67. 3:36नहीं है।
  68. 3:38लेकिन क्रिश्चियन जो है
  69. 3:42पूरी तरह से सेवक भी है सभी के लिए और सभी
  70. 3:46के नीचे है।
  71. 3:50समझ में आपको दो दो बातें हैं यहां पे। एक
  72. 3:53बात यह कि क्रिश्चियन पूरी तरह से आजाद
  73. 3:55है। क्यों? कैसे आजाद है? कि प्रभु ने जो
  74. 3:58है क्रॉस पर आजादी दी। हर व्यवस्था से,
  75. 4:02पाप के बंधन से, हर चीज से आजाद कर दिया।
  76. 4:07ठीक है? फ्री कर दिया। किसी किसी के बर्डन
  77. 4:11में नहीं है। किसी के बोझ के नीचे नहीं
  78. 4:13है। लेकिन आजाद किया। लेकिन साथ-साथ में
  79. 4:15क्रिश्चियन जो है सभी के लिए सेवक भी है
  80. 4:20और
  81. 4:21सभी के अधीन में है। सभी के स ऑल।
  82. 4:26ठीक है? तो मार्टिन लूथर बोलता है।
  83. 4:30तो इसलिए कोई भी चीज लोगों को जो है बंधन
  84. 4:35में नहीं डाल सकती है। जैसे धर्म धर्म
  85. 4:38कैसे लोगों को बंधन में डालता है? बराबर
  86. 4:41है कि नहीं? धर्म जो है लोगों को बंधन में
  87. 4:44डालता है। अगर क्रिश्चियन लोग धर्म को
  88. 4:47अपनाएंगे तो वो लोग भी
  89. 4:50बंधन में रहेंगे। क्रिश्चियन धर्म का मतलब
  90. 4:53मालूम है क्या होता है? क्रिश्चियन धर्म
  91. 4:55नहीं है लेकिन क्या है?
  92. 5:03लाइफ है। क्रिश्चियन लाइफ बोलते हैं।
  93. 5:05राइट?
  94. 5:07इंग्लिश में
  95. 5:09रिलीजन बोलते हैं। थोड़ा फर्क करते हैं।
  96. 5:18समझ में आया? यह दो सेम है लेकिन भाषा बदल
  97. 5:24जाती है। रिलीजन
  98. 5:27के जगह रिलेशनशिप है। ठीक है ना? धर्म की
  99. 5:32जगह हमारा क्रिश्चियन जो है, व्यवहार जो
  100. 5:36है, परमेश्वर के साथ रिश्ता है, संबंध है।
  101. 5:40धर्म नहीं है। धर्म क्या करता है? कि मुझे
  102. 5:44अच्छा कर्म करना है। मुझे मैं बोझ में
  103. 5:46रहता हूं। बर्डन में रहता हूं, बॉन्डेज
  104. 5:48में रहता हूं, गुलामी में रहता हूं। ठीक
  105. 5:51है? डर में रहता हूं कि अगर मैं ठीक से
  106. 5:55नहीं करूंगा तो परमेश्वर मुझे श्राप देगा।
  107. 5:58या फिर मैं ऐसी व्यवस्था लेके आता हूं
  108. 6:00जहां पे मैं
  109. 6:02डर से सारी बातों को क्या करूं? संभालूं।
  110. 6:06ठीक है? अन्य जाति ऐसे ही करते हैं ना कि
  111. 6:08अगर कुछ होएगा तो बुरा कर दिया तो कुछ
  112. 6:11बुरा होएगा। सुना है? हां। वो बर्डन में
  113. 6:15जीते, बंधन में जीते। डर से जीते हैं या
  114. 6:18फिर बाद में बोलते हैं कि इतना मुर्गी
  115. 6:19काटना पड़ेगा फिर और भी और भी और भी बर्डन
  116. 6:23आ गया। राइट? तो यह रिलीजन है। लेकिन हमें
  117. 6:26जो है अ
  118. 6:30रिलीजन जो है बहुत सारे लोगों को बंधन में
  119. 6:32डालता है। और क्या कर सकता है? अ
  120. 6:37बहुत सारे झूठे चीजों को जो है अह अह झूठे
  121. 6:42क्या बोलते हैं? रीति रीति रिवाजों को
  122. 6:44लेके आता है। ठीक है? रिलीजन जो है झूठे
  123. 6:48रीति रिवाजों को लेके आता है और कई लोगों
  124. 6:51को नाश कर देता है अधीनता के विषय के लिए।
  125. 6:56अधीनता जो है ना रिलीजन अगर रिलीजन बन
  126. 6:59जाता है तो कई लोगों को नष्ट कर देता है।
  127. 7:02जैसे कि अभी कल्चर में नहीं रहता कि कल्चर
  128. 7:07में देखा कभी संस्कृति में अधीनता को कैसे
  129. 7:10उपयोग करते हैं कोई बताएगा? कल्चर में
  130. 7:12संस्कृति में जब संस्कृति आती है तो कोई
  131. 7:15भी बोल सकता है।
  132. 7:21हां पोशाक
  133. 7:24ओवरऑल बोल रहा हूं मैं। हां, पोशाक एक हो
  134. 7:27सकता है। और कोई ऐड कर सकता है। सोच सकते
  135. 7:31हैं। कल्चर जब आता है तो क्या-क्या आपके
  136. 7:33माइंड में आता है।
  137. 7:40दिल से
  138. 7:42नहीं नहीं नहीं ऐसा नहीं मीनिंग नहीं पूछ
  139. 7:44रहा हूं कल्चर में
  140. 7:48कल्चर में क्या देखा है आपने जबरदस्ती का
  141. 7:51अधीनता में देखते हैं ना जबरदस्ती अधीन
  142. 7:53रहना क्योंकि रिलीजन बन गया ना रिलीजन में
  143. 7:56क्या होता है कि घूंघट ऐसा फॉर एग्जांपल
  144. 8:02हां वो एक होता है रिलीजन की वजह से ठीक
  145. 8:04है एक हो गया और कुछ सोच सकते हैं आप लोग
  146. 8:16जबरदस्ती मानना उसके अधीन रहना ठीक है
  147. 8:20या फिर हैरारकी बोलते हैं ना हरार्की मतलब
  148. 8:27ऑर्डर होता है ना एक
  149. 8:29ना क्या बोलते हैं उसको आप लोग क्या बोलते
  150. 8:32हैं को ऊपर ऊंच नीचे ऊंच नीचे क्या बोलते
  151. 8:36हैं
  152. 8:38हां हां
  153. 8:38ऊंच नीच
  154. 8:39ऊनीच
  155. 8:41ऊंचा लग रहा था वो हां भेदभाव राइट भेदभाव
  156. 8:45में भी लोग क्या ऊंचा क्या बोला आपने
  157. 8:49ऊंच नीच ऊंच नीच देखा रहेगा ऊंच नीच नीचे
  158. 8:52वाले को अधीन में रहना है ऊंचे वाले को
  159. 8:55ठीक है ये कल्चर में आता है राइट संस्कृति
  160. 8:59में आती है ना कई बार कई जगह पे आ जाती है
  161. 9:01संस्कृति में ऊंचनीच तो जबरदस्ती अधीन में
  162. 9:04रहना फिर हो सकता है पतिप
  163. 9:09हरारकी बोलते हैं ना हाइट बोलते है ना हेड
  164. 9:11है तो जबरदस्ती
  165. 9:14पत्नी को रहना ही है अभी पति कुछ भी नहीं
  166. 9:18करे उदाहरण बता रहा हूं मैं कल्चर
  167. 9:21ठीक है अन्य जाति का कल्चर की बात कर रहा
  168. 9:23हूं तो यह अधीनता बर्डन ले आती बोझ ले आती
  169. 9:28है तो उस उसके बारे में हम लोग नहीं यह आज
  170. 9:32हम लोग अच्छे सीखेंगे कि अधीनता क्या होता
  171. 9:34है कि
  172. 9:37[गला साफ़ करने की आवाज़]
  173. 9:39नेक्स्ट हम लोग देखते हैं कि अनुशासन क्या
  174. 9:43है? ठीक है? डिसिप्लिन क्या होता है?
  175. 9:44अधीनता को लेकर डिसिप्लिन क्या होता है?
  176. 9:47उद्देश्य क्या है? डिसिप्लिन का कोई
  177. 9:50बताएगा डिसिप्लिन का उद्देश्य क्या है?
  178. 9:53मैं जानना चाहूंगा कि आप क्या समझते हैं?
  179. 9:55डिसिप्लिन को क्या समझते हैं? क्योंकि हम
  180. 9:57लोग डिसिप्लिन जब समझते हैं तो स्कूल में
  181. 9:59डिसिप्लिन समझते हैं। कॉलेज में रूल्स
  182. 10:01रहते हैं। डिसिप्लिन बोलते हैं। राइट?
  183. 10:06घर में एक डिसिप्लिन होता है।
  184. 10:09क्या है? उद्देश्य क्या हो सकता है?
  185. 10:19कोई भी कैमरा में है वो भी सोच सकते हैं।
  186. 10:22कैमरा तो जो देख रहे हैं।
  187. 10:28उद्देश्य डिसिप्लिन का जो है जानना चाहोगे
  188. 10:31क्या होना चाहिए? फ्रीडम
  189. 10:34आजादी
  190. 10:37फ्रीडम होना चाहिए और हमारा जो लक्ष्य जो
  191. 10:40है फ्रीडम है डिसिप्लिन नहीं है। ठीक है?
  192. 10:44जैसे ही अगर हम डिसिप्लिन को हमारा केंद्र
  193. 10:47बिंदु बनाते हैं हम लोग क्या कर सकते हैं?
  194. 10:49उसको व्यवस्था में बदल देंगे। लॉ लीगलिज्म
  195. 10:54बोल सकते हैं। और उसकी वजह से क्या हो
  196. 10:56सकता है? आजादी खो देते हैं। ठीक है?
  197. 11:00लेकिन डिसिप्लिन का उद्देश्य क्या होना
  198. 11:02चाहिए? फ्रीडम होना चाहिए ना कि उसको
  199. 11:06व्यवस्था में परिवर्तन करना चाहिए। अगर
  200. 11:09व्यवस्था में परिवर्तन हो गया तो फिर क्या
  201. 11:11खो दिया? आजादी खो दी।
  202. 11:17डिसिप्लिन का उद्देश्य यह भी है कि हम
  203. 11:21अच्छे बातों के बारे में परखते हैं। अच्छे
  204. 11:25बातें ग्रेटर गुड बोलते हैं ना ग्रेटर गुड
  205. 11:28या अच्छे बातें हमें
  206. 11:31सही लगते हैं। डिसिप्लिन का उद्देश्य वो
  207. 11:33रहता है।
  208. 11:38और अच्छे क्या हो सकते हैं?
  209. 11:41तभी अच्छे हो सकते हैं अगर हम परमेश्वर के
  210. 11:44सम्मुख में जा रहे हैं। ठीक है? परमेश्वर
  211. 11:48हमारे लिए इंपॉर्टेंट है तो ही यह
  212. 11:50डिसिप्लिन जो है महत्वपूर्ण हो सकता है।
  213. 11:53अदरवाइज डिसिप्लिन कैसा है वही मालूम है।
  214. 11:55बिना वजह डिसिप्लिन हो जाता है। मालूम
  215. 11:58नहीं किधर जा रहा है। ऐसा रहना है। बट
  216. 11:59किसी को मालूम नहीं। कारण ही नहीं मालूम।
  217. 12:02ठीक है? उद्देश्य ही नहीं मालूम।
  218. 12:04डिसिप्लिन क्यों रहना है मालूम नहीं। अगर
  219. 12:06मिलिट्री में डिसिप्लिन क्यों है?
  220. 12:09उद्देश्य क्या है?
  221. 12:12कह स्टार्टिंग में हम लोगों ने उदाहरण दिए
  222. 12:14थे पहले क्लास पहले दो क्लासेस में। किसी
  223. 12:17को याद है?
  224. 12:24हम अनुशासन एक ऑर्गेनाइजेशन के लिए लड़ाई
  225. 12:29के लिए या फिर एक शारीरिक
  226. 12:31अगर समझो आप भर्ती कर भर्ती हो गया। ठीक
  227. 12:34है? जाओ मत लेकिन भर्ती हो गया। ठीक है?
  228. 12:37पहला दिन डिसिप्लिन हार्ड हो जाता है।
  229. 12:42लेकिन दो बातें हो सकती है। या तो आप निकल
  230. 12:45जाओगे या तो आप चलते रहोगे।
  231. 12:49तो दोनों बातों में मुझे बताओ आप अब थोड़ा
  232. 12:52एक्सप्लेन कीजिए। फर्स्ट क्लास में हुआ
  233. 12:55लगता है। फर्स्ट टू क्लासेस में हुआ था।
  234. 12:58डिसिप्लिन के ऊपर ही था।
  235. 13:03दो बातें वो क्यों छोड़ रहा है और क्यों
  236. 13:04आगे बढ़ रहा है?
  237. 13:07मिलिट्री में
  238. 13:12मुक्ति दिला यशु नाम डिसिप्लिन मिलिट्री
  239. 13:15में इसलिए जरूरी है क्योंकि वो ऑर्डर पे
  240. 13:16चलता है अगर मतलब अपने से बड़े की ऑर्डर
  241. 13:19मानना तो कोई डिसिप्लिन में
  242. 13:21डिसिप्लिन का मतलब बताओ ऑर्डर में चलने की
  243. 13:23बात नहीं डिसिप्लिन डिसिप्लिन क्यों सहन
  244. 13:27कर रहेगा वो
  245. 13:30किसी कार्य को से
  246. 13:32हां सही कहा है ओके ठीक है और कोई आप ही
  247. 13:35बोल ऐसा लग रहा है।
  248. 13:39हां।
  249. 13:43ठीक है। पीछे कोई
  250. 13:46लेफ्ट राइट?
  251. 13:53ओके। ठीक है। और कोई
  252. 13:58याद है आपको क्लास में मैंने बताया कि ये
  253. 14:00डिसिप्लिन का उद्देश्य सही समझ में आएगा
  254. 14:02तो आपको पता चलेगा। अच्छी बात हो जाएगी।
  255. 14:06अच्छी बात आपको मिल जाएगी।
  256. 14:08जैसे कि वो मिलिट्री सैनिक बनेगा। सैनिक
  257. 14:12बनने का लक्ष्य अगर रहेगा तो वो डिसिप्लिन
  258. 14:15से गुजरेगा।
  259. 14:17अच्छी बात क्या है उसके लिए? सैनिक
  260. 14:20सोल्जर।
  261. 14:22ठीक है? यह उद्देश्य होता है डिसिप्लिन
  262. 14:25का। तो यही चीज है। डिसिप्लिन का उद्देश्य
  263. 14:27क्या होता है? कि अच्छी चीज के बारे में।
  264. 14:31डिसिप्लिन हमारे लिए क्रिश्चियन के लिए
  265. 14:32क्या हो सकता है? डिसिप्लिन जो है लॉ नहीं
  266. 14:35है, व्यवस्था नहीं है जो डर डर के करना
  267. 14:37पड़ता है। ठीक है? लेकिन व्यवस्था
  268. 14:40व्यवस्था ही नहीं है। लेकिन डिसिप्लिन एक
  269. 14:42आजादी है अच्छी बातें पाने की और अच्छी
  270. 14:45बातें हमारे
  271. 14:47हमारे लिए क्या हो सकता है? यीशु मसीह का
  272. 14:50लाइफ वो हमारा फोकस है। वो हमारा जीवन है।
  273. 14:54ठीक है? तो अगर डिसिप्लिन हम लोग बच्चों
  274. 14:57को डिसिप्लिन बोलते हैं ना चर्च में
  275. 14:59डिसिप्लिन बोलते हैं। लेकिन उद्देश्य क्या
  276. 15:01है?
  277. 15:02रीजन क्या है? ठीक है? कोई खामा काम
  278. 15:06डिसिप्लिन बोल दे ऐसा करना चाहिए। लेकिन
  279. 15:09क्यों? उद्देश्य क्या है? ऐसा क्यों करना
  280. 15:12चाहिए? अगर आप समझाओगे
  281. 15:15तो उसको मालूम पड़ेगा कि हां मुझे ऐसे
  282. 15:18रहना पड़ेगा। क्योंकि ये ये मेरा गोल है।
  283. 15:21यह मेरा लक्ष्य है। ठीक है? तो यह
  284. 15:23डिसिप्लिन के बारे में यहां पे आपको थोड़ा
  285. 15:25सा याद दिलाया कि अगर आप अपने आप में
  286. 15:28डिसिप्लिन अरे जबरदस्ती डिसिप्लिन करें
  287. 15:30क्या किसी को मालूम नहीं डिसिप्लिन
  288. 15:32क्योंकि आप अपना डिस क्या होता है ना
  289. 15:34डिसिप्लिन दूसरा मतलब जानना चाहोगे
  290. 15:36डिसिप्लिन कैसे लोग वापरते हैं
  291. 15:39आप ही बताओ
  292. 15:42यस एग्जैक्टली
  293. 15:45अपनी इच्छा
  294. 15:48बोलते हैं ना अपनी इच्छा पे बने रहने के
  295. 15:50लिए किसी को दबाना
  296. 15:54समझ में आपको अपनी इच्छा को ऊपर रखने के
  297. 15:58लिए किसी को दबाना भी डिसिप्लिन गलत वापर
  298. 16:02करते हैं डिसिप्लिन का ठीक है अपना इच्छा
  299. 16:05पूरा करने के लिए भी करते हैं डिसिप्लिन
  300. 16:07ठीक है अथॉरिटी के हिसाब से तो यह भी गलत
  301. 16:11वापपर हो सकता है डिसिप्लिन का अभी आपको
  302. 16:14समझ में आएगा कि आखिर में क्या होता है
  303. 16:16डिसिप्लिन और सबमिशन क्या होता है अधीनता
  304. 16:20ठीक है
  305. 16:29अभी जैसे मैंने बोला कि कई बार क्या होता
  306. 16:31है कि डिसिप्लिन जो है अ
  307. 16:35डिसिप्लिन के साथ-साथ क्या आता है? आजादी
  308. 16:37आती है और आजादी के साथ क्या आता है? अगर
  309. 16:41आजादी है तो क्या आता है? अधीनता आता है।
  310. 16:46वापस से बोलना चाहूंगा अगर आपके अगर
  311. 16:49डिसिप्लिन
  312. 16:51के साथ क्या जुड़ा हुआ है? आजादी। फ्रीडम।
  313. 16:55अगर फ्रीडम है तो उसके साथ क्या जुड़ा हुआ
  314. 16:59है? अधीनता। समिशन।
  315. 17:02ठीक है? सबमिशन अधीनता। अगर आदमी ने सोचा
  316. 17:06नहीं उसको आजाद नहीं है माइंड में
  317. 17:11तो या तो सबमिट नहीं करेगा और सबमिट करेगा
  318. 17:14तो कैसे करेगा? डर के वजह से। ठीक है?
  319. 17:17हार्ट से नहीं करेगा अधीनता। ठीक है? एक
  320. 17:19बात आपको याद रखना है इस शाम में
  321. 17:25तो
  322. 17:33अभी ऐसा है कि
  323. 17:36कोई चीजों का कई बार आपने ये किया कि क्या
  324. 17:38ऑब्सेशन बोलते हैं इंग्लिश में ऑब्सेशन का
  325. 17:40मतलब कोई चीजों को चीजों के ऊपर हावी होना
  326. 17:44ठीक है ना जब आप किसी किसी चीजों के ऊपर
  327. 17:47हावी होते हैं ऑब्सेशन बोलते है ना
  328. 17:49ऑब्सेशन बोलते हैं इसको ऑब्सेस होना एकदम
  329. 17:51पूरी तरह से
  330. 17:53उस पर क्या बोलते हैं
  331. 17:57कोई चीज हां डिमांड डिमांड जो रहता है उसी
  332. 18:00के ऊपर ही आपका मन रहता है तो ये बड़ा
  333. 18:04बॉन्डेज है ह्यूमन सोसाइटी के लिए आज मानव
  334. 18:08समाज के लिए ये बड़ा बंधन का कारण बन गया
  335. 18:12है कि आप पूरी तरह से ऑब्सेस हो गए हैं।
  336. 18:15पूरी तरह से उस तरह से अह आपके जो लोग जो
  337. 18:19है अपना हफ्ता महीना हर जो हर साल जो है
  338. 18:24ये वो लोग क्या होते हैं मालूम है अगर कुछ
  339. 18:27गड़बड़ हो गया इतने खोए हुए उस चीजों में
  340. 18:30अगर कुछ उस चीजों में अगर गड़बड़ हो गया
  341. 18:33तो वो लोग फ्रस्ट्रेट होते हैं गुस्सा हो
  342. 18:36जाते हैं गुस्सा हो जाते हैं अगर अपने
  343. 18:38हिसाब के हिसाब से नहीं गया वो चीज थोड़ी
  344. 18:40सी भी चीज जो है आपके हिसाब से नहीं गया
  345. 18:44आपकी इच्छा के अनुसार नहीं हुआ तो आप लोग
  346. 18:46क्या हम लोग क्या होते हैं कि हम लोग कहीं
  347. 18:48पर पागल हो सकते हैं। पागल का मतलब
  348. 18:51चिड़चिड़ हो सकते हैं और हम लोग पूरा टाइम
  349. 18:54इसके बारे में सोच सकते हैं कि मेरे हिसाब
  350. 18:57से नहीं हुआ क्योंकि हम पूरी तरह से उन
  351. 19:00बातों को क्या ले क्या क्या कर रहे थे?
  352. 19:02पूरी तरह से हम ऑब्सेस हो गए थे। ऑब्सेस
  353. 19:05का मतलब पूरी तरह से उस पर हावी हो गए थे।
  354. 19:10हावी हो गए थे। अगर उस पर वह चीज जो आपके
  355. 19:14ऑब्सेस होते तो क्या होता है जरा सा भी
  356. 19:16कुछ आपकी इच्छा आपके हिसाब से नहीं गया तो
  357. 19:18क्या होता है गुस्सा आता है हां
  358. 19:23आपके तरीके से नहीं हुआ गुस्सा आता है कोई
  359. 19:26भी चीज हो सकता है किधर भी हो सकता है ठीक
  360. 19:28है यहां हो सकता है क्रिश्चियन लाइफ में
  361. 19:30हो सकता है समाज में हो सकता है रास्ते पे
  362. 19:33हो सकता है किधर भी हो सकता है कि आपके
  363. 19:36हिसाब से नहीं हुआ तो आप हिल जाते हो
  364. 19:38थोड़ा भी बात भी हो तो भी हिल जाते हो
  365. 19:40क्योंकि आपका का पूरा मन जो है उन बातों
  366. 19:43पर हावी हो गया था और जब वो जब वो बात अगर
  367. 19:46आप टटोल के निकालेंगे ना तो ऐसा लगेगा कुछ
  368. 19:49भी था नहीं ये कुछ भी नहीं था फिर भी हम
  369. 19:51इतना ध्यान दिया था उसके ऊपर कभी आपने
  370. 19:54सुना है अरे इंपॉर्टेंट नहीं था तो भी हम
  371. 19:56लोग इस पर ज्यादा सोच रहे थे हमने वो सोच
  372. 19:59छोड़ी ही नहीं थी इतने ऑसेस हो गए थे इतने
  373. 20:02हम लोग ये हो गए थे गहराई में चले गए थे
  374. 20:04तो डिसिप्लिन डिसिप्लिन जो है सबमिशन के
  375. 20:08बारे में आ जाता है तो कैसा होता है मालूम
  376. 20:10तब हम पहचानते हैं कि हम कई विषयों को उसी
  377. 20:14समय ड्रॉप करना चाहिए। अगर हम डिसिप्लिन
  378. 20:17ऑफ सबमिशन समझते हैं, अनुशासन समझते हैं
  379. 20:20अधीनता का तो ऐसे बातें को हम लोग क्या
  380. 20:23करते हैं? भूल जाते हैं। पकड़ के नहीं
  381. 20:26बैठते। भूल जाते हैं। समिशन को इसको भी
  382. 20:29बोलते हैं। क्योंकि जब हमारी सोच आ जाती
  383. 20:32है तो तभी हमें पता चलता है कि जीवन में
  384. 20:34यह सब कुछ इतना इंपॉर्टेंट नहीं था।
  385. 20:38या फिर हमारा जीवन हमारा जीवन अंत नहीं
  386. 20:42हुआ उन बातों को लेकर तो समिशन क्या
  387. 20:45सिखाता है भूल जाओ और या तो छोड़ दो लोग
  388. 20:51ज्यादातर क्या करेंगे हम हम मानो लोग क्या
  389. 20:53करते हैं पकड़ के बैठते हैं नहीं पकड़ के
  390. 20:56बैठते हैं
  391. 20:58पकड़ के बैठते बैठते हैं ऐसा जैसे कि ऐसा
  392. 21:02लगा शेर को पकड़ा लेकिन बाद में निकला
  393. 21:04चूहा
  394. 21:05चूहा को पकड़ के बैठे अभी ये शेर नहीं था।
  395. 21:09उदाहरण दे रहा हूं। दे रहा हूं मैं। शेर
  396. 21:11का मतलब इंपॉर्टेंट ज्यादा इंपॉर्टेंट।
  397. 21:13चूहा का मतलब थोड़ा सा इंपॉर्टेंट और उसको
  398. 21:17लेके बैठते हैं आप लोग जो छोटी चीज़ों को
  399. 21:19लेके बैठते हैं। ओके समझ में आपको?
  400. 21:24अभी इसलिए आप देख सकते हैं कोई चीजों को
  401. 21:27उदाहरण यहां पर लिखा है कि कई बार चर्चेस
  402. 21:30में जो झगड़े होते हैं या विभाजन हो जाते
  403. 21:35हैं ठीक है क्योंकि लोग जो है लोगों के
  404. 21:40पास जो है फ्रीडम नहीं है एक दूसरे के लिए
  405. 21:44एक दूसरे के लिए फ्रीडम नहीं है और जब कुछ
  406. 21:48महत्वपूर्ण इशू आ जाता है जो खतरे में
  407. 21:50रहता है उस पर हम क्या करते हैं। लड़ते
  408. 21:54हैं और झगड़ते रहते हैं। और कई बार ऐसा
  409. 21:59होता है कि
  410. 22:01हमारे हिसाब से अगर नहीं जाता है तो हम
  411. 22:03एकदम बोलते हैं ना अपने हिसाब से
  412. 22:08दूरियां पैदा करते हैं ना। क्या बोलते
  413. 22:10हैं? हम लोग खड़े रह जाते हैं। हम नहीं
  414. 22:12मेरे हिसाब से होना चाहिए। चर्चेस में भी
  415. 22:15हो सकते हैं।
  416. 22:17लेकिन समिशन ही है जो हमें
  417. 22:21कट हम इस बातों का नियंत्रण नहीं है। इन
  418. 22:24बातों को लेकर नियंत्रण नहीं है। यह समिशन
  419. 22:27ही है। बताता है कि हम इन सारे बातों के
  420. 22:30ऊपर कंट्रोल
  421. 22:32नहीं है। और समिशन ही है अधीन अधीनता ही
  422. 22:36है कि जो हमें इन सारी बातों पर से आजादी
  423. 22:40दे सकता है।
  424. 22:42ठीक है?
  425. 22:43यह यह बात हमें समझना है समिशन का
  426. 22:49बाइबल का टीचिंग इस प्रकार से है
  427. 22:53कि सबमिशन जो है अधीनता जो है
  428. 22:57उसका ध्यान
  429. 23:00ध्यान केंद्र जो है
  430. 23:04कैसे आप लोगों को देखते हो सबमिशन जो है
  431. 23:09इन बातों पर फोकस करता है ठीक है कि आप
  432. 23:13लोगों को किस तरह से देखते हो ठीक है व्यू
  433. 23:17कैसे करते हो लोगों को कैसे आप देखते हो
  434. 23:20जैसे कि पहला पत्ररस का दो 18 में जाते
  435. 23:23हैं स्क्रीन पर देख सकते हैं हम लोग
  436. 23:29क्या लिखा है यहां पे पहला पत्ररस का दो
  437. 23:3218
  438. 23:34पहला पत्ररस दो 18 हे सेवकों हर प्रकार के
  439. 23:38भय के साथ अपने स्वामियों के अधीन रहो ना
  440. 23:41केवल उनके जो भले और नम्र हो पर उनके बीच
  441. 23:45जो कुटिल हो
  442. 23:47ठीक है जो उनको भी उनके बीच जो
  443. 23:49कुटिल
  444. 23:50कुटिल हो
  445. 23:53ठीक है तो यहां पे जो है कि आप कैसे लोगों
  446. 23:56पर सो देख रहे हो कैसे लोगों को देखते हैं
  447. 23:59इसके ऊपर आप चर्चा चर्चा हम कर सकते हैं
  448. 24:01इसके ऊपर कि पीटर का जो यहां पर एग्जांपल
  449. 24:04है कि उन दिनों में जो है गुलाम होते थे
  450. 24:08ठीक है स्लेव्स रहते थे उन दिनों के तो
  451. 24:12सेवक बोलते हैं उस टाइम पर ना तो उनको
  452. 24:14कैसे
  453. 24:17अधीन में रहने के लिए सिखाता था फिर पत्रस
  454. 24:20स्पिरिट ऑफ सबमिशन बोलते हैं कि कैसे
  455. 24:22देखते हैं दूसरों को ठीक है ना सेवकों को
  456. 24:26लेकर अभी ऐसा भी है बाहरी रूप से लोग जो
  457. 24:30है कई बार दिखावा कर सकते हैं अधीनता का
  458. 24:34बाहरी रूप से लेकिन अंदर से क्या हो सकता
  459. 24:37है वो लोग
  460. 24:39बाहरी रूप से वो लोग अधीन है लेकिन अंदर
  461. 24:42से
  462. 24:43मर्डर कर रहा है। मर्डर का मतलब ठीक है?
  463. 24:49अधीन अधीन में नहीं है। बाहर से दिख रहे
  464. 24:52हैं लेकिन अंदर से नहीं है। तो इस वचन के
  465. 24:56हिसाब से या तो फिर ये विचारों के हिसाब
  466. 24:58से हम लोग क्या कर रहे हैं कि स्पिरिट
  467. 25:00कैसा है आपका? स्पिरिट का मतलब आपके आपका
  468. 25:03आत्मा कैसा है? पवित्र आत्मा की बात नहीं
  469. 25:06कर रहे हम लोग। ठीक है ना? स्पिरिट का
  470. 25:07मतलब आपके विचार कैसे हैं? अधीनता को लेकर
  471. 25:11तो बाहर से कई लोग दिखाएंगे लेकिन अंदर से
  472. 25:14जो है बहुत कठोर है अंदर से स्टबन है
  473. 25:17जिद्दी है अधीन में रहना नहीं चाहते लेकिन
  474. 25:20जबरदस्ती बाहर से अधीनता अधीन रहना पड़ता
  475. 25:25है लेकिन
  476. 25:28यीशु मसीह हमारे अंदर के बातों पर ज्यादा
  477. 25:32ध्यान देता है। ठीक है? अंदर अंदरूनी
  478. 25:35आत्मा के ऊपर ज्यादा ध्यान देता है कि
  479. 25:38कैसे हम लोगों के ऊपर हम हम कैसे लोगों को
  480. 25:42देखते हैं
  481. 25:48कि हमारा जो है दूसरों को कैसे हम लोग
  482. 25:51अपनाते हैं और कैसे उनको जो है रिस्पेक्ट
  483. 25:55देते हैं। यह बात पर हमारा अधीनता जुड़ा
  484. 25:58हुआ है। अधीनता जो है इसी बात पर जुड़ा
  485. 26:00है। अधीनता का मतलब ये नहीं अ जैसे कि
  486. 26:03पुलिस
  487. 26:04पुलिस और क्या बोलते हैं आम आदमी ना पता
  488. 26:08है हम क्या अधीन में रहना है लेकिन वो
  489. 26:10कैसे जबरदस्ती लगता है ना कई बार लोगों को
  490. 26:12लगता है अधीनता
  491. 26:14कई बार ठीक है लेकिन हमें कैसे एज अ
  492. 26:17क्रिश्चियन के बारे में बात करें हम कैसे
  493. 26:19देखते हैं स्पिरिट ऑफ कंसीडरेशन बोलते हैं
  494. 26:22इंग्लिश में कि हम उसको
  495. 26:25केयर करते हैं हम उनको देखते हैं कि हम
  496. 26:28ऐसे देखते हैं कि उनको हम लोग प्यार करते
  497. 26:30हैं या तो उनको हम हम जो है परमेश्वर के
  498. 26:33दृष्टिकोण से उनको हम देखते हैं। ठीक है?
  499. 26:36और हम लोग रिस्पेक्ट करते हैं। उस हिसाब
  500. 26:38से अधीनता होती है। अधीनता किससे जुड़ा
  501. 26:40होने में? रिस्पेक्ट। ठीक है? अधीनता
  502. 26:43किससे जुड़ा हुआ है? ऑनर, आदर और
  503. 26:46रिस्पेक्ट। मोस्टली अधीनता का कहां उपयोग
  504. 26:48होगा मालूम है? यूजुअली क्या बोलते हैं
  505. 26:51अधीनता। जैसे यहां पे हम लोग बोल रहे हैं
  506. 26:53लेकिन हैरारकी नहीं है। लेकिन
  507. 26:57सब लोग जो हैं हमारे लिए क्या है?
  508. 26:59इंपॉर्टेंट है।
  509. 27:01मानो हर लोग जो है इंपॉर्टेंट है, वैल्यू
  510. 27:05है। ओके? क्रिश्चियन लाइफ में सब लोग जो
  511. 27:08है महत्वपूर्ण है। सभी को हम लोग
  512. 27:11रिस्पेक्ट देते हैं। ठीक है?
  513. 27:15अथॉरिटी ही नहीं। यूजली लोग अथॉरिटी आएगा
  514. 27:19तो ही वहां पे अधीनता दिखाई देते हैं।
  515. 27:20बाकी के टाइम पे कुछ नहीं। यूजली अधीनता
  516. 27:24का कहां पर वापस यूज़ होता है? ऑथॉरिटी जब
  517. 27:28ऑथॉरिटी में आता है तभी राइट करेक्ट
  518. 27:31आम आदमी के लिए अधीनता नहीं बोलते हां आम
  519. 27:34आदमी बोला तो स्कूल में जाओगे तो वहां पे
  520. 27:37हरारकी है ना अथॉरिटी क्या प्रिंसिपल है
  521. 27:41और कौन है उसके बाद
  522. 27:43वाइस प्रिंसिपल है अच्छा ठीक है बाद में
  523. 27:47टीचर है
  524. 27:52अच्छा सुपरवाइजर भी है। ओके ठीक है।
  525. 27:55सुपरवाइजर भी इतना है यार।
  526. 28:00और नीचे क्या है?
  527. 28:03फिर सुजल है।
  528. 28:05[हंसी]
  529. 28:07ठीक है। मजाक करो। ये ये है ये स्कूल का
  530. 28:11क्या है? क्रम है। ठीक है। हर इंस्टट्यूट
  531. 28:14में एक क्रम है। ओके। अभी अधीनता ज्यादातर
  532. 28:18उधर ही दिखेगा।
  533. 28:21इंस्टट्यूट में दिखेगा। करेक्ट सब लोग
  534. 28:24हैं। इंस्टट्यूट में दिखेगा, पुलिस स्टेशन
  535. 28:27में दिखेगा, इंस्टट्यूट ही हो गया। ओके।
  536. 28:30हॉस्टल में दिखेगा। और किधर दिखेगा?
  537. 28:36मिलिट्री में दिखेगा।
  538. 28:38हॉस्पिटल में दिखेगा।
  539. 28:40हां, चल ठीक है। वो भी ले लेते हैं।
  540. 28:42[हंसी]
  541. 28:43हॉस्पिटल दिखेगा और किधर?
  542. 28:48बैंक में भी। वही एडमिनिस्ट्रेशन में
  543. 28:50दिखेगा व्यवस्थापक व्यवस्था सब जो भी
  544. 28:53इंस्टट्यूट हो व्यवस्था वहां पर दिखेगा
  545. 29:00एक राजनीति में राजनीति में भी दिखेगा जब
  546. 29:04आते हैं तो वो सब जगह पे दिखता है आम आदमी
  547. 29:06में नहीं दिखेगा स्टूडेंट में नहीं दिखेगा
  548. 29:11करेक्ट
  549. 29:12बाइबल उधर लेके आते हैं वो जगह पे बाइबल
  550. 29:16वो जगह पे लेते हैं आज जो हम लोग सीख लेकर
  551. 29:19है ना मोस्टली ये बहुत अच्छा विचार है।
  552. 29:21मोस्टली हमारा जो हैबिट जो है ना सोचने का
  553. 29:24हैबिट है ना अधीनता के ऊपर ये इंस्टट्यूट
  554. 29:27को लेकर ही आया है।
  555. 29:29ठीक है? इंस्टट्यूट का मतलब कोई भी
  556. 29:32इंस्टट्यूट स्कूल, कॉलेज, पुलिस स्टेशन,
  557. 29:35राजनीति जहां वहां पे आएगा तो ही अधीनता।
  558. 29:39ऑफिस में जाएगा तो वहां पे एडमिनिस्ट्रेशन
  559. 29:41के हिसाब से वहां पे अधीनता। ठीक है? के
  560. 29:43मैनेजर बॉस आया दिल में हो या ना हो लोग
  561. 29:47अंदर में कोस रहे बाहर अधीनता दिखा रहे
  562. 29:49हैं उधर ही उस जगह पे लेकिन बाइबल आपको
  563. 29:54सच्चाई की तरफ लेके आता है और सच्चाई ये
  564. 29:57है कि जब अधीनता का मतलब यह है कि हम लोग
  565. 30:01क्या करते हैं अंदरूनी जीसस यहां पे फोकस
  566. 30:03करता है हमारे अंदर में फोकस करता है कि
  567. 30:06हम लोग जो है कैसे देखते हैं लोगों को
  568. 30:09रिस्पेक्ट से और उनको कंसीडर करते हैं कि
  569. 30:12नहीं कंसीड कंसीडर का मतलब उनको अपनाते
  570. 30:15हैं कि नहीं अपनाते कंसीडरेशन का मतलब ठीक
  571. 30:18है वो सबमिशन होता है ठीक है अन्यथा
  572. 30:22सबमिशन का मतलब वो नहीं है मिलिट्री में
  573. 30:27वो तो करना पड़ेगा अगर आप उधर काम कर रहे
  574. 30:29ये जो होता है ना ये जो बॉस को भी करना
  575. 30:31पड़ता है ठीक है वॉचमैन को भी करना पड़ता
  576. 30:34है ओके भले उसको अच्छा लगे ना लगे काश
  577. 30:39उसका बिल्ला मेरे को मिलता सलूट करते हो
  578. 30:43ना चार स्टार मेरे को मिलता मैं फाइव
  579. 30:45स्टार लेके जाता
  580. 30:48ऐसा होता है ना अंदर कुछ और लेकिन
  581. 30:51क्रिश्चियन लोगों का दिल साफ करता है यीशु
  582. 30:53मसीह अंदर से परमेश्वर काम करता है अंदर
  583. 30:56जो है अभी हमारा सब अंदर का ही चल रहा है
  584. 30:58ना स्टार्टिंग से तो याद है ना अंदरूनी
  585. 31:02अंदरूनी जीवन के बारे में बात कर रहे हो
  586. 31:05अगर
  587. 31:06हां तो फ्रीडम जो है यह हमारे लिए जो है
  588. 31:10समिशन जो है
  589. 31:13कि हम लोग लोगों को मूल्य देते हैं।
  590. 31:16अभी कैसे होता है? मूल्य कैसे देते हैं?
  591. 31:19कोई बताएगा मूल्य कैसे देते हैं? मैं अपना
  592. 31:21ये एक्शन एक्शन अच्छा रहेगा। एक्शन का
  593. 31:24मतलब अ ये बातें एक्शन में लाना अच्छा है।
  594. 31:27बोल-बोल के। ठीक है। मूल्य कैसे देते हैं?
  595. 31:30कोई बताएगा? आगे पीछे
  596. 31:33वैल्यू कैसे देते हैं? यस।
  597. 31:36क्या ट्रांसलेशन पूछा?
  598. 31:41वैल्यू या वैल्यू कैसे देते हैं? यस मूल्य
  599. 31:43कैसे देते हैं? कोई भी
  600. 31:49कोई कार्य करने के लिए बोला तो हम लोग
  601. 31:51करते हैं। ठीक है? वो एक एक्सेप्टेबल और
  602. 31:58मैं सनी को देख रहा हूं। सनी अभी बंद हो
  603. 32:00गया।
  604. 32:02यस पीछे नरेश।
  605. 32:04आदर्श से बातें करनी।
  606. 32:05हां।
  607. 32:05आदर्श से बातें करना।
  608. 32:06आदर्श से बातें करना।
  609. 32:09पोस्ट पोस्ट आ गया अभी आपका पोस्ट ठीक है
  610. 32:12हां जिसका पोस्ट नहीं है उसका क्या है
  611. 32:16इंडिया पोस्ट
  612. 32:19पोस्ट ऑफिस
  613. 32:21हां यस
  614. 32:24सो पोजीशन के बारे में पोजीशन में जब आते
  615. 32:27हैं तभी सोचते आते हैं अधीनता पोजीशन वही
  616. 32:31तो बोल रहा हूं पोजीशन हुआ इंस्टट्यूट हुआ
  617. 32:35यस मैं क्या बोला था वैल्यू वैल्यू कैसे
  618. 32:37देते हैं लोगों को? यस कैमरा में सोचो
  619. 32:39वैल्यू कैसे देते हैं लोगों को? बताओ।
  620. 32:42यस मालूम नहीं अभी कैसे बताएंगे?
  621. 32:44सामने वाले को भी अपने समान समझ कर
  622. 32:46बातें करना।
  623. 32:47ये बोलो जोर से
  624. 32:49सामने वाले को
  625. 32:50अपने समान समझ कर बातें करना।
  626. 32:52अपना समझ कर
  627. 32:53वेरी गुड।
  628. 32:56किसी की बात ध्यान से वैल्यू करना। राइट?
  629. 32:59ठीक है।
  630. 33:00ओके। बहुत अच्छा। और कोई बोलना चाहेंगे
  631. 33:03बोल सकते हैं।
  632. 33:07उनका
  633. 33:09सपना और योजना हमारे लिए इंपॉर्टेंट होता
  634. 33:11है। वैल्यू उसको भी बोलते हैं। उनका सपना
  635. 33:16उनका सपना और उनका योजना हमारे लिए
  636. 33:20इंपॉर्टेंट होता है। ये भी अधीन में आता
  637. 33:22है। एक्चुअली अधीनता का मतलब ऐसे नहीं ऐसा
  638. 33:25सॉल्यूट मारा और [हंसी]
  639. 33:28और हो गया। अधीनता हो गया। आज आज का एक
  640. 33:31बोलते हैं ना कार्यक्रम समाप्त। सलूट मारा
  641. 33:34खत्म हो गया। नहीं
  642. 33:37अधीनता का मतलब उनका सपना और उनका क्या
  643. 33:40बोलते हैं विचार और योजना हमारे लिए
  644. 33:43इंपॉर्टेंट है।
  645. 33:46क्योंकि यही आजादी हमारे पास आ जाती है।
  646. 33:49हमारी आजादी यही है कि हम अपना हक
  647. 33:53दूसरों की अच्छाई के लिए क्या करते हैं?
  648. 33:59छोड़ देते हैं। वैल्यू उसको भी बोलते हैं।
  649. 34:02अपना हक दूसरों के लिए बाजू में करते हैं।
  650. 34:08ये भी अधीनता हो गया भाई। यीशु ने क्या
  651. 34:11किया?
  652. 34:12हमें वैल्यू दिया।
  653. 34:15है कि नहीं? उदाहरण दे रहा हूं मैं। यीशु
  654. 34:17ने आपको और मुझे मूल्य दिया है कि नहीं
  655. 34:20दिया?
  656. 34:21हां।
  657. 34:23दिया है।
  658. 34:25अच्छा एकदम
  659. 34:28दुखी होकर बोला
  660. 34:31दिया मूल्य दिया
  661. 34:34सबको दिया
  662. 34:36हां कैसे
  663. 34:40सवाल पूछ रहा हूं मैं अभी क्रॉस पे वाह
  664. 34:44कितना आसान आंसर दिया आपने नहीं वैसे ठीक
  665. 34:46है क्रॉस ठीक है
  666. 34:51पुत्र दे दिया ठीक है जॉन 36 कोट कर दिया
  667. 34:54और क्या हो सकता है क्योंकि लेफ्ट में दे
  668. 34:56ही नहीं रहा उत्तर
  669. 35:01अपना स्वर्ग छोड़ के आया वो।
  670. 35:04यह कोई नहीं बोल रहा है। अपना आजादी आजादी
  671. 35:08है लेकिन वो आजादी को किस में लेके आया
  672. 35:11वो? अब समझ में आपको वो आजाद था। लेकिन
  673. 35:15कहां पे आया वो?
  674. 35:18नीचे झुका वो नीचे आ गया वो। लोगों के
  675. 35:22कानून में आ गया। एक्चुअली
  676. 35:25लोगों की व्यवस्था में आ गया। परमेश्वर
  677. 35:28इतना आजाद है। उसको क्या गरज पड़ी इधर आके
  678. 35:32ना सब करने के लिए उसने अपना आजादी अपना
  679. 35:36हक
  680. 35:37ठीक है? अपना हक राइट्स अपना महिमा जो
  681. 35:41फिलिपियों का अध्याय दो छ सात आठ में अगर
  682. 35:44आप पढ़ोगे तो वहां पे एक बार पढ़ लेते हैं
  683. 35:46ना वो भी क्यों ना हम लोग पढ़ लेते हैं
  684. 35:47इधर है नहीं है लेकिन पढ़ लेते हैं
  685. 35:49क्योंकि जस्ट उदाहरण के हिसाब से हम लोग
  686. 35:51देख रहे हैं उसको फिलिपियों का अध्याय दो
  687. 35:55छ
  688. 35:57फिलिपी दो छ जिसने परमेश्वर के स्वरूप में
  689. 36:00होकर भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने
  690. 36:03वश में रखने की वस्तु न समझा सात सात में
  691. 36:07वरन अपने आप को ऐसा शून्य कर दिया और दास
  692. 36:11का स्वरूप धारण किया और मनुष्य की समानता
  693. 36:14में हो गया।
  694. 36:16ये मेन है।
  695. 36:18ठीक है? क्रॉस पे तब जा पाया क्योंकि यह
  696. 36:21कर पाया।
  697. 36:23ठीक है ना? वैल्यू किया उसने। लोगों को
  698. 36:26किसको समानता में आ गया वो? मनुष्य के।
  699. 36:28मनुष्य को वैल्यू किया उसने। वैल्यू दिया
  700. 36:31उसने। आदमी को वैल्यू दिया। उनके समानता
  701. 36:34में आ गया वो।
  702. 36:36ठीक है।
  703. 36:38मैं बहुत मेरा फेवरेट बहुत सारा फेवरेट
  704. 36:40उदाहरण रहते हैं। एक फेवरेट है कि
  705. 36:44आपने कभी
  706. 36:46अ नाट्य रूप देखा है कभी? नाट्य रूप में
  707. 36:49बच्चों को अगर कुछ बोला शेर बनना है तो
  708. 36:52शेर बनेंगे।
  709. 36:54हां
  710. 36:57वेशभूषा
  711. 36:59वेश डर गया। क्या बोल रहा है? वेशभूषा वेश
  712. 37:02वेशभूषा
  713. 37:04ठीक है।
  714. 37:05आपने कभी किया कभी हां
  715. 37:09कौन सा हां
  716. 37:14मार्शल आर्ट
  717. 37:16पास्टर का एक्ट किया अच्छा वेशभ विषय ओके
  718. 37:19बचपन में छोटा जब था तब तभी क्या किया और
  719. 37:24प्राणियों का अगर मैं अगर जिक्र करूं तो
  720. 37:26आप कौन क्या चुनाव करेंगे
  721. 37:29आप चुनाव क्या करोगे शेर बनोगे ज्यादा
  722. 37:32सिंह बनोगे ज्यादा
  723. 37:34कर ना शेर बनोगे शेर बोनस
  724. 37:40कोई गधा बना है क्या [हंसी]
  725. 37:44गधा वाला तो एकदम डाउन बोलते है ना एकदम
  726. 37:46नीचा बोलते हैं कोई बनना नहीं चाहेगा अरे
  727. 37:49इसका इसका नाम खराब है किसका नाम खराब है
  728. 37:54गधे का नाम खराब है अभी अभी शेर बोला तो
  729. 37:59वाह जबरदस्त है वो पहला बिल्ला हम लोग
  730. 38:02पकड़ेंगे
  731. 38:04शेर हो गया, सिंह हो गया। जब गधे का जब
  732. 38:07आता है तो अरे यार नहीं तू बनेगा क्या?
  733. 38:10नहीं नहीं मेरे को नाम परमेश्वर सोचो मानव
  734. 38:15जाति का नाम खराब था।
  735. 38:18ये नहीं सोच रहे आप लोग। मानव जाति का नाम
  736. 38:22खराब था। कौन जाएगा वहां पे?
  737. 38:25कौन जाएगा? उनके समानता में कौन जाएगा?
  738. 38:29उनके साथ कौन क्या बोलते हैं? क्या बोलते
  739. 38:33है उनके उनको कौन वैल्यू देगा जैसे हम
  740. 38:36बोलते हैं ना अभी मैं एक उदाहरण दिया राइट
  741. 38:38शेर तो हम सब मरना चाहेंगे कि कौन गधा
  742. 38:41बनेगा क्योंकि उसका नाम खराब है
  743. 38:46मानव बहुत सा है हां सोचता है कि हम लोग
  744. 38:49बहुत लेकिन वो भी गधे से भी खराब थे गधा
  745. 38:52तो तक पाप नहीं किया गधे ने
  746. 38:56गधे ने कौन सा पाप किया मनुष्य ने पाप
  747. 38:59किया सृष्टि ने पाप नहीं किया पेड़ ने कुछ
  748. 39:02पाप नहीं किया है। जानवर ने कभी पाप नहीं
  749. 39:06किया है।
  750. 39:08करेक्ट ना? पाप किसने किया? परमेश्वर के
  751. 39:11विरोध में मनुष्य ने किया है। उसकी समानता
  752. 39:15में कौन आया? यीशु मसीह उनकी समानता में
  753. 39:17है। देखो अधीनता वहां पे देखो वैल्यू वहां
  754. 39:21पे। समझ में आ रहा है आपको? वो बात बता
  755. 39:24रहा हूं कि अधीनता जो बोलते हैं ना वह
  756. 39:27मेरा हो जाता है। उनका सपना मेरा हो जाता
  757. 39:30है। उनका योजना मेरा हो जाता है। जो यीशु
  758. 39:32मसीह ने इस वचन में हमारे लिए अपना हक
  759. 39:36छोड़ दिया। और जब हमें समझ में आता है ना
  760. 39:40तो फिर हम लोग लोगों को अ बिना शर्त का
  761. 39:44प्रेम से लोगों से प्रेम करते हैं। बिना
  762. 39:47शर्त अनकंडीशनली
  763. 39:49अनकंडीशनल का मतलब
  764. 39:53बिना शर्त बिल्कुल शर्त नहीं आप यह करोगे
  765. 39:56तो मैं आपको यह करूंगा ऐसा नहीं है। बिना
  766. 39:59शर्त का प्रेम आप करने लगते हो
  767. 40:03इंसानों के साथ।
  768. 40:07क्यों? क्योंकि हमने अपना हक
  769. 40:11जो है डिमांड होता है ना। डिमांड होता है
  770. 40:16वह बाजू में कर दिया है।
  771. 40:24ऐसा नहीं कि सबमिशन का मतलब यह भी नहीं कि
  772. 40:27अगर आप मेरे साथ कुछ अच्छे व्यवहार करोगे
  773. 40:30तो मैं आपके साथ अच्छा व्यवहार करूंगा।
  774. 40:33होता है ऐसा इस तरह से मुझे व्यवहार करोगे
  775. 40:36मैं तुम्हारे साथ वैसा व्यवहार करूंगा।
  776. 40:38लेनदेन होता है ना लेनदेन। अभी वो लेनदेन
  777. 40:41नहीं होता है। अभी अभी हम क्या करते हैं?
  778. 40:44हम लोग उस वैसे हम सोचते नहीं है। वैसे
  779. 40:47फेल नहीं करते। ठीक है? कि इस प्रकार से
  780. 40:49व्यवहार होगा तो लेकिन हम लोग क्या करते
  781. 40:51हैं? हम उनके सक्सेस में क्या करते हैं?
  782. 40:56आनंद उठाते हैं। उनके सक्सेस में जो
  783. 40:58मुश्किल है।
  784. 41:01ओ
  785. 41:02मानव जाति छोड़ो क्रिश्चियन में भी
  786. 41:04मुश्किल हो जाता है। किसी की सक्सेस किसी
  787. 41:08का सक्सेस क्या हो जाता है? हमारे लिए दुख
  788. 41:11हो जाता है। [हंसी]
  789. 41:14होता है कि नहीं होता है?
  790. 41:16फिर क्या बोलते हैं? स्माइल दे दे।
  791. 41:21कई बार होता है
  792. 41:26हम सब एक है तो एक भाई की तरफ किसी
  793. 41:31ग्रो हो रहा है
  794. 41:33कोई तो ग्रो हो रहा है सक्सेस मिल रहा है
  795. 41:37ठीक है तो जब सक्सेस मिलता है तो सबमिशन
  796. 41:40क्या बोलता है वो एंजॉय वो आनंद उठाता है
  797. 41:42अरे उसका सक्सेस हुआ कोई दुख से जाता है
  798. 41:45फेलियर होता है किसी का असफलता होता
  799. 41:49ऐसे नहीं बोलते अच्छा हो गया।
  800. 41:52ठीक है। उसकी असफलता में भी हम लोग क्या
  801. 41:55करते हैं? दुखी होते हैं।
  802. 41:59किसी के सक्सेस में क्या होते हैं? हम लोग
  803. 42:02हम लोग आनंद मनाते हैं। ये सबमिशन है। कई
  804. 42:05बार सबमिशन का मतलब अभी समझ में लोगों को
  805. 42:08और हम सब वही कई लोगों को सबमिशन का मतलब
  806. 42:11अधीनता का मतलब इंस्टट्यूट आ गया। वहां पे
  807. 42:13सबमिशन लागू हो। उस इंस्टट्यूट से बाहर
  808. 42:16आओ। आपको कोई सबमिशन की जरूरत नहीं है।
  809. 42:19एक्चुअली ऐसा रहता है। ठीक है? लेकिन
  810. 42:22सबमिशन जो है 24 आवर्स 24 घंटा समिशन है।
  811. 42:29ठीक है? कैसे? जिस प्रकार से जो मैंने
  812. 42:31आपको बताया मैंने।
  813. 42:37अभी आपको पता है कि जब हम अपना हक साइड
  814. 42:40में करते हैं तो सही में हमारे लिए आजादी
  815. 42:43आती है।
  816. 42:45ठीक है ना? लिबरेशन बोलते हैं। लिबरेशन का
  817. 42:47मतलब क्या होता है कि हमें आजादी महसूस
  818. 42:49होती है जब हम अपना हक गिव अप करते हैं।
  819. 42:54कैसे? जब हक को पकड़ के बैठते हैं। हक को
  820. 42:58पकड़ के बैठते हैं तो क्या होता है? कौन
  821. 43:00कोई बताएगा? हक। राइट्स मेरा राइट्स
  822. 43:07अगर वह नहीं मिला आपको हक नहीं मिला तो
  823. 43:10क्या हो सकता है
  824. 43:12गुस्सा नाराजगी
  825. 43:14यस करेक्ट बोल रहे हैं आप लोग आपका हक
  826. 43:18नहीं मिला तो क्या हो गया बहुत सही बोला
  827. 43:20आपने गुस्सा नाराजगी राइट
  828. 43:25और क्या हुआ और कोई बोला
  829. 43:28बगावत राइट बगावत हो गया
  830. 43:32कोई स्टोरी याद आती है आपको बाइबल में सेल
  831. 43:36और हां साल और डेविड हो गया राइट साल को
  832. 43:41तकलीफ हो रहा था दाऊद का दाऊद जब सक्सेस
  833. 43:45हो रहा था सोल को तकलीफ हो रहा था
  834. 43:48लेकिन जब साल मर गया दाऊद क्या कर रहा था
  835. 43:55हां
  836. 43:58हंस रहा था वो ऐसे ही चाहिए इसको यह मेरे
  837. 44:00पूरा जिंदगी मेरा क्या कर दिया? वाट लगा
  838. 44:04के रख के। मेरे पीछे पड़ा था। इतना टाइम
  839. 44:06पीछे पड़ा था। अच्छा हो गया। मर गया।
  840. 44:10हां।
  841. 44:12आप और मेरे तो क्या करते?
  842. 44:16ये सवाल है ना? प्रैक्टिकल सवाल है। आप
  843. 44:18मुझे नहीं मुझे नहीं मालूम मैं क्या करता।
  844. 44:22ठीक है।
  845. 44:24मुझे नहीं मालूम।
  846. 44:27देखिए डेविड ने क्या किया? रोया।
  847. 44:30बाइबल में लिखा है वो रोया उसके
  848. 44:33और जो खबर ले आया ना बोला तेरे लिए अच्छा
  849. 44:36खबर सुना के आता है उसको मार रहा है उसको
  850. 44:39तू क्या मेरे को ये सुना रहा है उसका
  851. 44:41WhatsApp ही डिलीट कर दिया
  852. 44:45सोचो आज के तारीख की बात कर रहा हूं उसका
  853. 44:48WhatsApp ही उड़ा दिया
  854. 44:51तू क्या हंस हंस के बता रहा है कि वो मर
  855. 44:53गया करे खुशी का बोलता है तेरे को अच्छा
  856. 44:56खबर सुना रहा हूं मैं
  857. 44:59उसको मारा उसको उसको पसंद नहीं आया यह बात
  858. 45:04रोया
  859. 45:05ठीक है जथन और उसके दोनों के लिए सोल के
  860. 45:08लिए और जोथन के लिए रोया तो अभी समझ में
  861. 45:11आया सोल और दाऊद साल कैसे सोचता था दाऊद
  862. 45:15के बारे में और दाऊद कैसे सोच रहा है सोल
  863. 45:17साल के बारे में हम दोनों क्रिश्चियंस है
  864. 45:22सोल भी परमेश्वर का है और दाऊद भी
  865. 45:26परमेश्वर का है
  866. 45:28कैसे सैमुअल ने तो अभिषेक किया ना साल को
  867. 45:32इसलिए अभिषेक का मतलब क्या होता है
  868. 45:34परमेश्वर का है वो थोड़ी वो थोड़ी इधर गया
  869. 45:38था सैमल अभिषेक करने के लिए थोड़ी गया था
  870. 45:40किसको अन्य जाति में थोड़ी गया कि तू राजा
  871. 45:43बनेगा नहीं वो विश्वासी था सोल
  872. 45:49लेकिन दोनों विश्वासी में से कौन
  873. 45:53कौन अधीनता का जीवन जी रहा था दाऊद
  874. 45:57परमेश्वर के प्रति और लोगों के प्रति भी
  875. 46:01दाऊद जी रहा था। ठीक है? समझ में आ रहा
  876. 46:03आपको यह बात? तो एक उदाहरण जहां पे यीशु
  877. 46:06मसीह का एक उदाहरण ये फिलिपियों का एक
  878. 46:07उदाहरण दाऊद और सोल और एक उदाहरण है क्या?
  879. 46:10हक के ऊपर। हां।
  880. 46:13गुमराह लड़का मालूम है? गुमराह लड़का।
  881. 46:16उड़ाव पुत्र।
  882. 46:18क्या प्रॉब्लम है उधर?
  883. 46:20छोटा भाई जब आता है तो बोलता है कि इसको
  884. 46:22फिर से बहुत जगह दी। बड़ा वाला पूछता है।
  885. 46:26पड़ा वाला तो बहुत ऐसा लग रहा है वफादार
  886. 46:29लिख रहा है। है ना? दिखने में वफादार लग
  887. 46:32रहा है। मन अंदर की बात देखो। अभी अंदर की
  888. 46:35बात
  889. 46:37अंदर कैसा वो कोस रहा है देखो पिताजी को।
  890. 46:42ऐसा लग रहा है वो साथ में लेकिन नहीं है
  891. 46:45वो साथ में। और जो नहीं था साथ में वो लग
  892. 46:48रहा है वो है साथ में।
  893. 46:52फर्क देखिए प्रोडिकल सन का जो था साथ में
  894. 46:56एल्डर सन बोलते है ना वो अपना हक के बारे
  895. 46:59में सोच रहा था मेरा राइट्स
  896. 47:03राइट मेरा हक
  897. 47:06तूने कुछ नहीं किया मेरे लिए डिमांड तूने
  898. 47:09मेरे लिए कुछ नहीं किया पिता और उसको जब
  899. 47:11वो आया और तू उसके लिए इतना कर रहा है
  900. 47:15समझ में आ रहा आपको
  901. 47:18यह प्रॉब्लम था बड़े बेटे में जो हमेशा
  902. 47:22उसके साथ था लेकिन जब टेस्ट आ गया परीक्षा
  903. 47:26आ गई तो वह पिताजी को सवाल उठाया
  904. 47:33ठीक है तो यह एक और एक उदाहरण एक यशु एक
  905. 47:37है किंग सोल और दाऊद

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This page contains the full transcript of Class- 17A | Celebration of Discipline | Ps. Roshan by Mumbai Bible College & Seminary, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 6,471 words across 905 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.

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