Class- 17A | Celebration of Discipline | Ps. Roshan — Transcript
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- 0:00के लिए इस अवसर के लिए और इस क्लास के लिए
- 0:03हम सभी को प्रभु तेरी अगवाई में तेरी
- 0:05उपस्थिति में और जो भी क्लासेस अभी तक हुए
- 0:09प्रभु सारे क्लासेस के द्वारा जो भी सीखे
- 0:12हैं प्रभु उसको याद दिलाने में स्मरण करने
- 0:15में सीखने में अभ्यास करने में उसको हमारे
- 0:19जीवन में प्रयोग में लाने के लिए प्रभु
- 0:21मदद करना क्योंकि यह शारीरिक काम नहीं है
- 0:25और यह आत्मा का काम है प्रभु तेरे आत्मा
- 0:28के द्वारा हमें शक्ति मुक्ति देना ताकि
- 0:31तेरा उद्देश्य पूरा हो जो जो जिंदगी तूने
- 0:34हमें दी है प्रभु इस धरती पर वो वो कारण
- 0:38पूरा हो प्रभु इसीलिए हम अभ्यास करें
- 0:41इसीलिए हम वो सोचे इसलिए हम लोग जो है
- 0:43तेरे अनुसार जी पाए प्रभु हमें उस क्रम
- 0:46में जीने के लिए प्रभु हमें मदद करना ताकि
- 0:52तेरा इच्छा पूरा हो प्रभु हमारे जीवन में
- 0:55ऐसे हम प्रार्थना करते हैं यीशु मसीह के
- 0:57नाम से मांगते हैं आमीन में तो परमेश्वर
- 1:01की इच्छा पूरी हो। ठीक है। हम धरती पर रह
- 1:06के परमेश्वर की इच्छा पूरी हो। जिंदगी
- 1:10किसी का आज तो जन्मदिन है। लेकिन हम ये भी
- 1:14बोल रहे हैं कि अ
- 1:17हम लोग लंबे समय के लिए नहीं है। इस धरती
- 1:21पर कुछ दिनों के लिए है। कुछ दिनों के लिए
- 1:24है। राइट? कुछ समय के लिए, कुछ दिनों के
- 1:27लिए है। आप कैसे जीते हो,
- 1:31ठीक है? यह आपका जीवन
- 1:34दिखाएगा।
- 1:36या आप क्या सीख रहे हो वो आपको बचाएगा।
- 1:41बचाने का मतलब समय का सदुपयोग करने के लिए
- 1:45बचाएगा। समय का पूरा उपयोग करने के लिए
- 1:48आपको बुद्धि देगा। अन्यथा अगर हम इस इन
- 1:52बातों को अगर हम छोड़ देंगे तो शायद हम
- 1:56बचा नहीं पाएंगे समय को। इसका समय को
- 1:59बचाने का मतलब पूरी तरह से उसका मूल्य
- 2:03नहीं दे पाएंगे या फिर उसका उपयोग नहीं कर
- 2:05पाएंगे क्योंकि समझ ही नहीं है। समझ ही
- 2:07नहीं है तो टाइम चला जा रहा है। ठीक है?
- 2:11तो यह क्लासेस और जो भी वचन हम सीखते हैं
- 2:15बहुत ही मूल्यवान है और हमारे हर समय को
- 2:19उपयोग करने के लिए मदद करेगा हर समय को
- 2:22ठीक है सब लोग तंदुरुस्त है आज
- 2:26हां
- 2:28कि सोने के लिए तैयार है
- 2:32हम दो जन सोते हैं एक प्रभु में सो जाते
- 2:35हैं और एक क्लास में सो जाते
- 2:40तो आप कौन कौन सा फैसला किया
- 2:43जागृत जागते रहने के लिए राइट जागृत रहने
- 2:46के लिए सब लोग हैं जाग जाग रहे हैं कुछ
- 2:47कुछ आंखें थकान की वजह से ये बारिश हो रहा
- 2:51है
- 2:53क्या एक्चुअली
- 2:56ठीक है अधीन अधीनता के ऊपर आज मैसेज
- 2:59कितने जन को तकलीफ है
- 3:02सब लोग को रहता ही है कभी ना कभी तकलीफ
- 3:06अधीन में हम रहना नहीं चाहते आजादी चाहते
- 3:10ठीक
- 3:11सभी को किसी न किसी के बोलते हैं ना क्या
- 3:14बोलते हैं अंडर में नहीं रहना चाहते ये
- 3:17रहता ही है भाव रहता है राइट यह मन रहता
- 3:19है सुनना नहीं चाहते व्हाटएवर मार्टिन
- 3:23लूथर क्या बोलते हैं देखते हैं मार्टिन
- 3:24लूथर बोलता है कि क्रिश्चियन जो है
- 3:29सारे
- 3:31स्वामियों से आजाद है और किसी के नीचे
- 3:36नहीं है।
- 3:38लेकिन क्रिश्चियन जो है
- 3:42पूरी तरह से सेवक भी है सभी के लिए और सभी
- 3:46के नीचे है।
- 3:50समझ में आपको दो दो बातें हैं यहां पे। एक
- 3:53बात यह कि क्रिश्चियन पूरी तरह से आजाद
- 3:55है। क्यों? कैसे आजाद है? कि प्रभु ने जो
- 3:58है क्रॉस पर आजादी दी। हर व्यवस्था से,
- 4:02पाप के बंधन से, हर चीज से आजाद कर दिया।
- 4:07ठीक है? फ्री कर दिया। किसी किसी के बर्डन
- 4:11में नहीं है। किसी के बोझ के नीचे नहीं
- 4:13है। लेकिन आजाद किया। लेकिन साथ-साथ में
- 4:15क्रिश्चियन जो है सभी के लिए सेवक भी है
- 4:20और
- 4:21सभी के अधीन में है। सभी के स ऑल।
- 4:26ठीक है? तो मार्टिन लूथर बोलता है।
- 4:30तो इसलिए कोई भी चीज लोगों को जो है बंधन
- 4:35में नहीं डाल सकती है। जैसे धर्म धर्म
- 4:38कैसे लोगों को बंधन में डालता है? बराबर
- 4:41है कि नहीं? धर्म जो है लोगों को बंधन में
- 4:44डालता है। अगर क्रिश्चियन लोग धर्म को
- 4:47अपनाएंगे तो वो लोग भी
- 4:50बंधन में रहेंगे। क्रिश्चियन धर्म का मतलब
- 4:53मालूम है क्या होता है? क्रिश्चियन धर्म
- 4:55नहीं है लेकिन क्या है?
- 5:03लाइफ है। क्रिश्चियन लाइफ बोलते हैं।
- 5:05राइट?
- 5:07इंग्लिश में
- 5:09रिलीजन बोलते हैं। थोड़ा फर्क करते हैं।
- 5:18समझ में आया? यह दो सेम है लेकिन भाषा बदल
- 5:24जाती है। रिलीजन
- 5:27के जगह रिलेशनशिप है। ठीक है ना? धर्म की
- 5:32जगह हमारा क्रिश्चियन जो है, व्यवहार जो
- 5:36है, परमेश्वर के साथ रिश्ता है, संबंध है।
- 5:40धर्म नहीं है। धर्म क्या करता है? कि मुझे
- 5:44अच्छा कर्म करना है। मुझे मैं बोझ में
- 5:46रहता हूं। बर्डन में रहता हूं, बॉन्डेज
- 5:48में रहता हूं, गुलामी में रहता हूं। ठीक
- 5:51है? डर में रहता हूं कि अगर मैं ठीक से
- 5:55नहीं करूंगा तो परमेश्वर मुझे श्राप देगा।
- 5:58या फिर मैं ऐसी व्यवस्था लेके आता हूं
- 6:00जहां पे मैं
- 6:02डर से सारी बातों को क्या करूं? संभालूं।
- 6:06ठीक है? अन्य जाति ऐसे ही करते हैं ना कि
- 6:08अगर कुछ होएगा तो बुरा कर दिया तो कुछ
- 6:11बुरा होएगा। सुना है? हां। वो बर्डन में
- 6:15जीते, बंधन में जीते। डर से जीते हैं या
- 6:18फिर बाद में बोलते हैं कि इतना मुर्गी
- 6:19काटना पड़ेगा फिर और भी और भी और भी बर्डन
- 6:23आ गया। राइट? तो यह रिलीजन है। लेकिन हमें
- 6:26जो है अ
- 6:30रिलीजन जो है बहुत सारे लोगों को बंधन में
- 6:32डालता है। और क्या कर सकता है? अ
- 6:37बहुत सारे झूठे चीजों को जो है अह अह झूठे
- 6:42क्या बोलते हैं? रीति रीति रिवाजों को
- 6:44लेके आता है। ठीक है? रिलीजन जो है झूठे
- 6:48रीति रिवाजों को लेके आता है और कई लोगों
- 6:51को नाश कर देता है अधीनता के विषय के लिए।
- 6:56अधीनता जो है ना रिलीजन अगर रिलीजन बन
- 6:59जाता है तो कई लोगों को नष्ट कर देता है।
- 7:02जैसे कि अभी कल्चर में नहीं रहता कि कल्चर
- 7:07में देखा कभी संस्कृति में अधीनता को कैसे
- 7:10उपयोग करते हैं कोई बताएगा? कल्चर में
- 7:12संस्कृति में जब संस्कृति आती है तो कोई
- 7:15भी बोल सकता है।
- 7:21हां पोशाक
- 7:24ओवरऑल बोल रहा हूं मैं। हां, पोशाक एक हो
- 7:27सकता है। और कोई ऐड कर सकता है। सोच सकते
- 7:31हैं। कल्चर जब आता है तो क्या-क्या आपके
- 7:33माइंड में आता है।
- 7:40दिल से
- 7:42नहीं नहीं नहीं ऐसा नहीं मीनिंग नहीं पूछ
- 7:44रहा हूं कल्चर में
- 7:48कल्चर में क्या देखा है आपने जबरदस्ती का
- 7:51अधीनता में देखते हैं ना जबरदस्ती अधीन
- 7:53रहना क्योंकि रिलीजन बन गया ना रिलीजन में
- 7:56क्या होता है कि घूंघट ऐसा फॉर एग्जांपल
- 8:02हां वो एक होता है रिलीजन की वजह से ठीक
- 8:04है एक हो गया और कुछ सोच सकते हैं आप लोग
- 8:16जबरदस्ती मानना उसके अधीन रहना ठीक है
- 8:20या फिर हैरारकी बोलते हैं ना हरार्की मतलब
- 8:27ऑर्डर होता है ना एक
- 8:29ना क्या बोलते हैं उसको आप लोग क्या बोलते
- 8:32हैं को ऊपर ऊंच नीचे ऊंच नीचे क्या बोलते
- 8:36हैं
- 8:38हां हां
- 8:38ऊंच नीच
- 8:39ऊनीच
- 8:41ऊंचा लग रहा था वो हां भेदभाव राइट भेदभाव
- 8:45में भी लोग क्या ऊंचा क्या बोला आपने
- 8:49ऊंच नीच ऊंच नीच देखा रहेगा ऊंच नीच नीचे
- 8:52वाले को अधीन में रहना है ऊंचे वाले को
- 8:55ठीक है ये कल्चर में आता है राइट संस्कृति
- 8:59में आती है ना कई बार कई जगह पे आ जाती है
- 9:01संस्कृति में ऊंचनीच तो जबरदस्ती अधीन में
- 9:04रहना फिर हो सकता है पतिप
- 9:09हरारकी बोलते हैं ना हाइट बोलते है ना हेड
- 9:11है तो जबरदस्ती
- 9:14पत्नी को रहना ही है अभी पति कुछ भी नहीं
- 9:18करे उदाहरण बता रहा हूं मैं कल्चर
- 9:21ठीक है अन्य जाति का कल्चर की बात कर रहा
- 9:23हूं तो यह अधीनता बर्डन ले आती बोझ ले आती
- 9:28है तो उस उसके बारे में हम लोग नहीं यह आज
- 9:32हम लोग अच्छे सीखेंगे कि अधीनता क्या होता
- 9:34है कि
- 9:37[गला साफ़ करने की आवाज़]
- 9:39नेक्स्ट हम लोग देखते हैं कि अनुशासन क्या
- 9:43है? ठीक है? डिसिप्लिन क्या होता है?
- 9:44अधीनता को लेकर डिसिप्लिन क्या होता है?
- 9:47उद्देश्य क्या है? डिसिप्लिन का कोई
- 9:50बताएगा डिसिप्लिन का उद्देश्य क्या है?
- 9:53मैं जानना चाहूंगा कि आप क्या समझते हैं?
- 9:55डिसिप्लिन को क्या समझते हैं? क्योंकि हम
- 9:57लोग डिसिप्लिन जब समझते हैं तो स्कूल में
- 9:59डिसिप्लिन समझते हैं। कॉलेज में रूल्स
- 10:01रहते हैं। डिसिप्लिन बोलते हैं। राइट?
- 10:06घर में एक डिसिप्लिन होता है।
- 10:09क्या है? उद्देश्य क्या हो सकता है?
- 10:19कोई भी कैमरा में है वो भी सोच सकते हैं।
- 10:22कैमरा तो जो देख रहे हैं।
- 10:28उद्देश्य डिसिप्लिन का जो है जानना चाहोगे
- 10:31क्या होना चाहिए? फ्रीडम
- 10:34आजादी
- 10:37फ्रीडम होना चाहिए और हमारा जो लक्ष्य जो
- 10:40है फ्रीडम है डिसिप्लिन नहीं है। ठीक है?
- 10:44जैसे ही अगर हम डिसिप्लिन को हमारा केंद्र
- 10:47बिंदु बनाते हैं हम लोग क्या कर सकते हैं?
- 10:49उसको व्यवस्था में बदल देंगे। लॉ लीगलिज्म
- 10:54बोल सकते हैं। और उसकी वजह से क्या हो
- 10:56सकता है? आजादी खो देते हैं। ठीक है?
- 11:00लेकिन डिसिप्लिन का उद्देश्य क्या होना
- 11:02चाहिए? फ्रीडम होना चाहिए ना कि उसको
- 11:06व्यवस्था में परिवर्तन करना चाहिए। अगर
- 11:09व्यवस्था में परिवर्तन हो गया तो फिर क्या
- 11:11खो दिया? आजादी खो दी।
- 11:17डिसिप्लिन का उद्देश्य यह भी है कि हम
- 11:21अच्छे बातों के बारे में परखते हैं। अच्छे
- 11:25बातें ग्रेटर गुड बोलते हैं ना ग्रेटर गुड
- 11:28या अच्छे बातें हमें
- 11:31सही लगते हैं। डिसिप्लिन का उद्देश्य वो
- 11:33रहता है।
- 11:38और अच्छे क्या हो सकते हैं?
- 11:41तभी अच्छे हो सकते हैं अगर हम परमेश्वर के
- 11:44सम्मुख में जा रहे हैं। ठीक है? परमेश्वर
- 11:48हमारे लिए इंपॉर्टेंट है तो ही यह
- 11:50डिसिप्लिन जो है महत्वपूर्ण हो सकता है।
- 11:53अदरवाइज डिसिप्लिन कैसा है वही मालूम है।
- 11:55बिना वजह डिसिप्लिन हो जाता है। मालूम
- 11:58नहीं किधर जा रहा है। ऐसा रहना है। बट
- 11:59किसी को मालूम नहीं। कारण ही नहीं मालूम।
- 12:02ठीक है? उद्देश्य ही नहीं मालूम।
- 12:04डिसिप्लिन क्यों रहना है मालूम नहीं। अगर
- 12:06मिलिट्री में डिसिप्लिन क्यों है?
- 12:09उद्देश्य क्या है?
- 12:12कह स्टार्टिंग में हम लोगों ने उदाहरण दिए
- 12:14थे पहले क्लास पहले दो क्लासेस में। किसी
- 12:17को याद है?
- 12:24हम अनुशासन एक ऑर्गेनाइजेशन के लिए लड़ाई
- 12:29के लिए या फिर एक शारीरिक
- 12:31अगर समझो आप भर्ती कर भर्ती हो गया। ठीक
- 12:34है? जाओ मत लेकिन भर्ती हो गया। ठीक है?
- 12:37पहला दिन डिसिप्लिन हार्ड हो जाता है।
- 12:42लेकिन दो बातें हो सकती है। या तो आप निकल
- 12:45जाओगे या तो आप चलते रहोगे।
- 12:49तो दोनों बातों में मुझे बताओ आप अब थोड़ा
- 12:52एक्सप्लेन कीजिए। फर्स्ट क्लास में हुआ
- 12:55लगता है। फर्स्ट टू क्लासेस में हुआ था।
- 12:58डिसिप्लिन के ऊपर ही था।
- 13:03दो बातें वो क्यों छोड़ रहा है और क्यों
- 13:04आगे बढ़ रहा है?
- 13:07मिलिट्री में
- 13:12मुक्ति दिला यशु नाम डिसिप्लिन मिलिट्री
- 13:15में इसलिए जरूरी है क्योंकि वो ऑर्डर पे
- 13:16चलता है अगर मतलब अपने से बड़े की ऑर्डर
- 13:19मानना तो कोई डिसिप्लिन में
- 13:21डिसिप्लिन का मतलब बताओ ऑर्डर में चलने की
- 13:23बात नहीं डिसिप्लिन डिसिप्लिन क्यों सहन
- 13:27कर रहेगा वो
- 13:30किसी कार्य को से
- 13:32हां सही कहा है ओके ठीक है और कोई आप ही
- 13:35बोल ऐसा लग रहा है।
- 13:39हां।
- 13:43ठीक है। पीछे कोई
- 13:46लेफ्ट राइट?
- 13:53ओके। ठीक है। और कोई
- 13:58याद है आपको क्लास में मैंने बताया कि ये
- 14:00डिसिप्लिन का उद्देश्य सही समझ में आएगा
- 14:02तो आपको पता चलेगा। अच्छी बात हो जाएगी।
- 14:06अच्छी बात आपको मिल जाएगी।
- 14:08जैसे कि वो मिलिट्री सैनिक बनेगा। सैनिक
- 14:12बनने का लक्ष्य अगर रहेगा तो वो डिसिप्लिन
- 14:15से गुजरेगा।
- 14:17अच्छी बात क्या है उसके लिए? सैनिक
- 14:20सोल्जर।
- 14:22ठीक है? यह उद्देश्य होता है डिसिप्लिन
- 14:25का। तो यही चीज है। डिसिप्लिन का उद्देश्य
- 14:27क्या होता है? कि अच्छी चीज के बारे में।
- 14:31डिसिप्लिन हमारे लिए क्रिश्चियन के लिए
- 14:32क्या हो सकता है? डिसिप्लिन जो है लॉ नहीं
- 14:35है, व्यवस्था नहीं है जो डर डर के करना
- 14:37पड़ता है। ठीक है? लेकिन व्यवस्था
- 14:40व्यवस्था ही नहीं है। लेकिन डिसिप्लिन एक
- 14:42आजादी है अच्छी बातें पाने की और अच्छी
- 14:45बातें हमारे
- 14:47हमारे लिए क्या हो सकता है? यीशु मसीह का
- 14:50लाइफ वो हमारा फोकस है। वो हमारा जीवन है।
- 14:54ठीक है? तो अगर डिसिप्लिन हम लोग बच्चों
- 14:57को डिसिप्लिन बोलते हैं ना चर्च में
- 14:59डिसिप्लिन बोलते हैं। लेकिन उद्देश्य क्या
- 15:01है?
- 15:02रीजन क्या है? ठीक है? कोई खामा काम
- 15:06डिसिप्लिन बोल दे ऐसा करना चाहिए। लेकिन
- 15:09क्यों? उद्देश्य क्या है? ऐसा क्यों करना
- 15:12चाहिए? अगर आप समझाओगे
- 15:15तो उसको मालूम पड़ेगा कि हां मुझे ऐसे
- 15:18रहना पड़ेगा। क्योंकि ये ये मेरा गोल है।
- 15:21यह मेरा लक्ष्य है। ठीक है? तो यह
- 15:23डिसिप्लिन के बारे में यहां पे आपको थोड़ा
- 15:25सा याद दिलाया कि अगर आप अपने आप में
- 15:28डिसिप्लिन अरे जबरदस्ती डिसिप्लिन करें
- 15:30क्या किसी को मालूम नहीं डिसिप्लिन
- 15:32क्योंकि आप अपना डिस क्या होता है ना
- 15:34डिसिप्लिन दूसरा मतलब जानना चाहोगे
- 15:36डिसिप्लिन कैसे लोग वापरते हैं
- 15:39आप ही बताओ
- 15:42यस एग्जैक्टली
- 15:45अपनी इच्छा
- 15:48बोलते हैं ना अपनी इच्छा पे बने रहने के
- 15:50लिए किसी को दबाना
- 15:54समझ में आपको अपनी इच्छा को ऊपर रखने के
- 15:58लिए किसी को दबाना भी डिसिप्लिन गलत वापर
- 16:02करते हैं डिसिप्लिन का ठीक है अपना इच्छा
- 16:05पूरा करने के लिए भी करते हैं डिसिप्लिन
- 16:07ठीक है अथॉरिटी के हिसाब से तो यह भी गलत
- 16:11वापपर हो सकता है डिसिप्लिन का अभी आपको
- 16:14समझ में आएगा कि आखिर में क्या होता है
- 16:16डिसिप्लिन और सबमिशन क्या होता है अधीनता
- 16:20ठीक है
- 16:29अभी जैसे मैंने बोला कि कई बार क्या होता
- 16:31है कि डिसिप्लिन जो है अ
- 16:35डिसिप्लिन के साथ-साथ क्या आता है? आजादी
- 16:37आती है और आजादी के साथ क्या आता है? अगर
- 16:41आजादी है तो क्या आता है? अधीनता आता है।
- 16:46वापस से बोलना चाहूंगा अगर आपके अगर
- 16:49डिसिप्लिन
- 16:51के साथ क्या जुड़ा हुआ है? आजादी। फ्रीडम।
- 16:55अगर फ्रीडम है तो उसके साथ क्या जुड़ा हुआ
- 16:59है? अधीनता। समिशन।
- 17:02ठीक है? सबमिशन अधीनता। अगर आदमी ने सोचा
- 17:06नहीं उसको आजाद नहीं है माइंड में
- 17:11तो या तो सबमिट नहीं करेगा और सबमिट करेगा
- 17:14तो कैसे करेगा? डर के वजह से। ठीक है?
- 17:17हार्ट से नहीं करेगा अधीनता। ठीक है? एक
- 17:19बात आपको याद रखना है इस शाम में
- 17:25तो
- 17:33अभी ऐसा है कि
- 17:36कोई चीजों का कई बार आपने ये किया कि क्या
- 17:38ऑब्सेशन बोलते हैं इंग्लिश में ऑब्सेशन का
- 17:40मतलब कोई चीजों को चीजों के ऊपर हावी होना
- 17:44ठीक है ना जब आप किसी किसी चीजों के ऊपर
- 17:47हावी होते हैं ऑब्सेशन बोलते है ना
- 17:49ऑब्सेशन बोलते हैं इसको ऑब्सेस होना एकदम
- 17:51पूरी तरह से
- 17:53उस पर क्या बोलते हैं
- 17:57कोई चीज हां डिमांड डिमांड जो रहता है उसी
- 18:00के ऊपर ही आपका मन रहता है तो ये बड़ा
- 18:04बॉन्डेज है ह्यूमन सोसाइटी के लिए आज मानव
- 18:08समाज के लिए ये बड़ा बंधन का कारण बन गया
- 18:12है कि आप पूरी तरह से ऑब्सेस हो गए हैं।
- 18:15पूरी तरह से उस तरह से अह आपके जो लोग जो
- 18:19है अपना हफ्ता महीना हर जो हर साल जो है
- 18:24ये वो लोग क्या होते हैं मालूम है अगर कुछ
- 18:27गड़बड़ हो गया इतने खोए हुए उस चीजों में
- 18:30अगर कुछ उस चीजों में अगर गड़बड़ हो गया
- 18:33तो वो लोग फ्रस्ट्रेट होते हैं गुस्सा हो
- 18:36जाते हैं गुस्सा हो जाते हैं अगर अपने
- 18:38हिसाब के हिसाब से नहीं गया वो चीज थोड़ी
- 18:40सी भी चीज जो है आपके हिसाब से नहीं गया
- 18:44आपकी इच्छा के अनुसार नहीं हुआ तो आप लोग
- 18:46क्या हम लोग क्या होते हैं कि हम लोग कहीं
- 18:48पर पागल हो सकते हैं। पागल का मतलब
- 18:51चिड़चिड़ हो सकते हैं और हम लोग पूरा टाइम
- 18:54इसके बारे में सोच सकते हैं कि मेरे हिसाब
- 18:57से नहीं हुआ क्योंकि हम पूरी तरह से उन
- 19:00बातों को क्या ले क्या क्या कर रहे थे?
- 19:02पूरी तरह से हम ऑब्सेस हो गए थे। ऑब्सेस
- 19:05का मतलब पूरी तरह से उस पर हावी हो गए थे।
- 19:10हावी हो गए थे। अगर उस पर वह चीज जो आपके
- 19:14ऑब्सेस होते तो क्या होता है जरा सा भी
- 19:16कुछ आपकी इच्छा आपके हिसाब से नहीं गया तो
- 19:18क्या होता है गुस्सा आता है हां
- 19:23आपके तरीके से नहीं हुआ गुस्सा आता है कोई
- 19:26भी चीज हो सकता है किधर भी हो सकता है ठीक
- 19:28है यहां हो सकता है क्रिश्चियन लाइफ में
- 19:30हो सकता है समाज में हो सकता है रास्ते पे
- 19:33हो सकता है किधर भी हो सकता है कि आपके
- 19:36हिसाब से नहीं हुआ तो आप हिल जाते हो
- 19:38थोड़ा भी बात भी हो तो भी हिल जाते हो
- 19:40क्योंकि आपका का पूरा मन जो है उन बातों
- 19:43पर हावी हो गया था और जब वो जब वो बात अगर
- 19:46आप टटोल के निकालेंगे ना तो ऐसा लगेगा कुछ
- 19:49भी था नहीं ये कुछ भी नहीं था फिर भी हम
- 19:51इतना ध्यान दिया था उसके ऊपर कभी आपने
- 19:54सुना है अरे इंपॉर्टेंट नहीं था तो भी हम
- 19:56लोग इस पर ज्यादा सोच रहे थे हमने वो सोच
- 19:59छोड़ी ही नहीं थी इतने ऑसेस हो गए थे इतने
- 20:02हम लोग ये हो गए थे गहराई में चले गए थे
- 20:04तो डिसिप्लिन डिसिप्लिन जो है सबमिशन के
- 20:08बारे में आ जाता है तो कैसा होता है मालूम
- 20:10तब हम पहचानते हैं कि हम कई विषयों को उसी
- 20:14समय ड्रॉप करना चाहिए। अगर हम डिसिप्लिन
- 20:17ऑफ सबमिशन समझते हैं, अनुशासन समझते हैं
- 20:20अधीनता का तो ऐसे बातें को हम लोग क्या
- 20:23करते हैं? भूल जाते हैं। पकड़ के नहीं
- 20:26बैठते। भूल जाते हैं। समिशन को इसको भी
- 20:29बोलते हैं। क्योंकि जब हमारी सोच आ जाती
- 20:32है तो तभी हमें पता चलता है कि जीवन में
- 20:34यह सब कुछ इतना इंपॉर्टेंट नहीं था।
- 20:38या फिर हमारा जीवन हमारा जीवन अंत नहीं
- 20:42हुआ उन बातों को लेकर तो समिशन क्या
- 20:45सिखाता है भूल जाओ और या तो छोड़ दो लोग
- 20:51ज्यादातर क्या करेंगे हम हम मानो लोग क्या
- 20:53करते हैं पकड़ के बैठते हैं नहीं पकड़ के
- 20:56बैठते हैं
- 20:58पकड़ के बैठते बैठते हैं ऐसा जैसे कि ऐसा
- 21:02लगा शेर को पकड़ा लेकिन बाद में निकला
- 21:04चूहा
- 21:05चूहा को पकड़ के बैठे अभी ये शेर नहीं था।
- 21:09उदाहरण दे रहा हूं। दे रहा हूं मैं। शेर
- 21:11का मतलब इंपॉर्टेंट ज्यादा इंपॉर्टेंट।
- 21:13चूहा का मतलब थोड़ा सा इंपॉर्टेंट और उसको
- 21:17लेके बैठते हैं आप लोग जो छोटी चीज़ों को
- 21:19लेके बैठते हैं। ओके समझ में आपको?
- 21:24अभी इसलिए आप देख सकते हैं कोई चीजों को
- 21:27उदाहरण यहां पर लिखा है कि कई बार चर्चेस
- 21:30में जो झगड़े होते हैं या विभाजन हो जाते
- 21:35हैं ठीक है क्योंकि लोग जो है लोगों के
- 21:40पास जो है फ्रीडम नहीं है एक दूसरे के लिए
- 21:44एक दूसरे के लिए फ्रीडम नहीं है और जब कुछ
- 21:48महत्वपूर्ण इशू आ जाता है जो खतरे में
- 21:50रहता है उस पर हम क्या करते हैं। लड़ते
- 21:54हैं और झगड़ते रहते हैं। और कई बार ऐसा
- 21:59होता है कि
- 22:01हमारे हिसाब से अगर नहीं जाता है तो हम
- 22:03एकदम बोलते हैं ना अपने हिसाब से
- 22:08दूरियां पैदा करते हैं ना। क्या बोलते
- 22:10हैं? हम लोग खड़े रह जाते हैं। हम नहीं
- 22:12मेरे हिसाब से होना चाहिए। चर्चेस में भी
- 22:15हो सकते हैं।
- 22:17लेकिन समिशन ही है जो हमें
- 22:21कट हम इस बातों का नियंत्रण नहीं है। इन
- 22:24बातों को लेकर नियंत्रण नहीं है। यह समिशन
- 22:27ही है। बताता है कि हम इन सारे बातों के
- 22:30ऊपर कंट्रोल
- 22:32नहीं है। और समिशन ही है अधीन अधीनता ही
- 22:36है कि जो हमें इन सारी बातों पर से आजादी
- 22:40दे सकता है।
- 22:42ठीक है?
- 22:43यह यह बात हमें समझना है समिशन का
- 22:49बाइबल का टीचिंग इस प्रकार से है
- 22:53कि सबमिशन जो है अधीनता जो है
- 22:57उसका ध्यान
- 23:00ध्यान केंद्र जो है
- 23:04कैसे आप लोगों को देखते हो सबमिशन जो है
- 23:09इन बातों पर फोकस करता है ठीक है कि आप
- 23:13लोगों को किस तरह से देखते हो ठीक है व्यू
- 23:17कैसे करते हो लोगों को कैसे आप देखते हो
- 23:20जैसे कि पहला पत्ररस का दो 18 में जाते
- 23:23हैं स्क्रीन पर देख सकते हैं हम लोग
- 23:29क्या लिखा है यहां पे पहला पत्ररस का दो
- 23:3218
- 23:34पहला पत्ररस दो 18 हे सेवकों हर प्रकार के
- 23:38भय के साथ अपने स्वामियों के अधीन रहो ना
- 23:41केवल उनके जो भले और नम्र हो पर उनके बीच
- 23:45जो कुटिल हो
- 23:47ठीक है जो उनको भी उनके बीच जो
- 23:49कुटिल
- 23:50कुटिल हो
- 23:53ठीक है तो यहां पे जो है कि आप कैसे लोगों
- 23:56पर सो देख रहे हो कैसे लोगों को देखते हैं
- 23:59इसके ऊपर आप चर्चा चर्चा हम कर सकते हैं
- 24:01इसके ऊपर कि पीटर का जो यहां पर एग्जांपल
- 24:04है कि उन दिनों में जो है गुलाम होते थे
- 24:08ठीक है स्लेव्स रहते थे उन दिनों के तो
- 24:12सेवक बोलते हैं उस टाइम पर ना तो उनको
- 24:14कैसे
- 24:17अधीन में रहने के लिए सिखाता था फिर पत्रस
- 24:20स्पिरिट ऑफ सबमिशन बोलते हैं कि कैसे
- 24:22देखते हैं दूसरों को ठीक है ना सेवकों को
- 24:26लेकर अभी ऐसा भी है बाहरी रूप से लोग जो
- 24:30है कई बार दिखावा कर सकते हैं अधीनता का
- 24:34बाहरी रूप से लेकिन अंदर से क्या हो सकता
- 24:37है वो लोग
- 24:39बाहरी रूप से वो लोग अधीन है लेकिन अंदर
- 24:42से
- 24:43मर्डर कर रहा है। मर्डर का मतलब ठीक है?
- 24:49अधीन अधीन में नहीं है। बाहर से दिख रहे
- 24:52हैं लेकिन अंदर से नहीं है। तो इस वचन के
- 24:56हिसाब से या तो फिर ये विचारों के हिसाब
- 24:58से हम लोग क्या कर रहे हैं कि स्पिरिट
- 25:00कैसा है आपका? स्पिरिट का मतलब आपके आपका
- 25:03आत्मा कैसा है? पवित्र आत्मा की बात नहीं
- 25:06कर रहे हम लोग। ठीक है ना? स्पिरिट का
- 25:07मतलब आपके विचार कैसे हैं? अधीनता को लेकर
- 25:11तो बाहर से कई लोग दिखाएंगे लेकिन अंदर से
- 25:14जो है बहुत कठोर है अंदर से स्टबन है
- 25:17जिद्दी है अधीन में रहना नहीं चाहते लेकिन
- 25:20जबरदस्ती बाहर से अधीनता अधीन रहना पड़ता
- 25:25है लेकिन
- 25:28यीशु मसीह हमारे अंदर के बातों पर ज्यादा
- 25:32ध्यान देता है। ठीक है? अंदर अंदरूनी
- 25:35आत्मा के ऊपर ज्यादा ध्यान देता है कि
- 25:38कैसे हम लोगों के ऊपर हम हम कैसे लोगों को
- 25:42देखते हैं
- 25:48कि हमारा जो है दूसरों को कैसे हम लोग
- 25:51अपनाते हैं और कैसे उनको जो है रिस्पेक्ट
- 25:55देते हैं। यह बात पर हमारा अधीनता जुड़ा
- 25:58हुआ है। अधीनता जो है इसी बात पर जुड़ा
- 26:00है। अधीनता का मतलब ये नहीं अ जैसे कि
- 26:03पुलिस
- 26:04पुलिस और क्या बोलते हैं आम आदमी ना पता
- 26:08है हम क्या अधीन में रहना है लेकिन वो
- 26:10कैसे जबरदस्ती लगता है ना कई बार लोगों को
- 26:12लगता है अधीनता
- 26:14कई बार ठीक है लेकिन हमें कैसे एज अ
- 26:17क्रिश्चियन के बारे में बात करें हम कैसे
- 26:19देखते हैं स्पिरिट ऑफ कंसीडरेशन बोलते हैं
- 26:22इंग्लिश में कि हम उसको
- 26:25केयर करते हैं हम उनको देखते हैं कि हम
- 26:28ऐसे देखते हैं कि उनको हम लोग प्यार करते
- 26:30हैं या तो उनको हम हम जो है परमेश्वर के
- 26:33दृष्टिकोण से उनको हम देखते हैं। ठीक है?
- 26:36और हम लोग रिस्पेक्ट करते हैं। उस हिसाब
- 26:38से अधीनता होती है। अधीनता किससे जुड़ा
- 26:40होने में? रिस्पेक्ट। ठीक है? अधीनता
- 26:43किससे जुड़ा हुआ है? ऑनर, आदर और
- 26:46रिस्पेक्ट। मोस्टली अधीनता का कहां उपयोग
- 26:48होगा मालूम है? यूजुअली क्या बोलते हैं
- 26:51अधीनता। जैसे यहां पे हम लोग बोल रहे हैं
- 26:53लेकिन हैरारकी नहीं है। लेकिन
- 26:57सब लोग जो हैं हमारे लिए क्या है?
- 26:59इंपॉर्टेंट है।
- 27:01मानो हर लोग जो है इंपॉर्टेंट है, वैल्यू
- 27:05है। ओके? क्रिश्चियन लाइफ में सब लोग जो
- 27:08है महत्वपूर्ण है। सभी को हम लोग
- 27:11रिस्पेक्ट देते हैं। ठीक है?
- 27:15अथॉरिटी ही नहीं। यूजली लोग अथॉरिटी आएगा
- 27:19तो ही वहां पे अधीनता दिखाई देते हैं।
- 27:20बाकी के टाइम पे कुछ नहीं। यूजली अधीनता
- 27:24का कहां पर वापस यूज़ होता है? ऑथॉरिटी जब
- 27:28ऑथॉरिटी में आता है तभी राइट करेक्ट
- 27:31आम आदमी के लिए अधीनता नहीं बोलते हां आम
- 27:34आदमी बोला तो स्कूल में जाओगे तो वहां पे
- 27:37हरारकी है ना अथॉरिटी क्या प्रिंसिपल है
- 27:41और कौन है उसके बाद
- 27:43वाइस प्रिंसिपल है अच्छा ठीक है बाद में
- 27:47टीचर है
- 27:52अच्छा सुपरवाइजर भी है। ओके ठीक है।
- 27:55सुपरवाइजर भी इतना है यार।
- 28:00और नीचे क्या है?
- 28:03फिर सुजल है।
- 28:05[हंसी]
- 28:07ठीक है। मजाक करो। ये ये है ये स्कूल का
- 28:11क्या है? क्रम है। ठीक है। हर इंस्टट्यूट
- 28:14में एक क्रम है। ओके। अभी अधीनता ज्यादातर
- 28:18उधर ही दिखेगा।
- 28:21इंस्टट्यूट में दिखेगा। करेक्ट सब लोग
- 28:24हैं। इंस्टट्यूट में दिखेगा, पुलिस स्टेशन
- 28:27में दिखेगा, इंस्टट्यूट ही हो गया। ओके।
- 28:30हॉस्टल में दिखेगा। और किधर दिखेगा?
- 28:36मिलिट्री में दिखेगा।
- 28:38हॉस्पिटल में दिखेगा।
- 28:40हां, चल ठीक है। वो भी ले लेते हैं।
- 28:42[हंसी]
- 28:43हॉस्पिटल दिखेगा और किधर?
- 28:48बैंक में भी। वही एडमिनिस्ट्रेशन में
- 28:50दिखेगा व्यवस्थापक व्यवस्था सब जो भी
- 28:53इंस्टट्यूट हो व्यवस्था वहां पर दिखेगा
- 29:00एक राजनीति में राजनीति में भी दिखेगा जब
- 29:04आते हैं तो वो सब जगह पे दिखता है आम आदमी
- 29:06में नहीं दिखेगा स्टूडेंट में नहीं दिखेगा
- 29:11करेक्ट
- 29:12बाइबल उधर लेके आते हैं वो जगह पे बाइबल
- 29:16वो जगह पे लेते हैं आज जो हम लोग सीख लेकर
- 29:19है ना मोस्टली ये बहुत अच्छा विचार है।
- 29:21मोस्टली हमारा जो हैबिट जो है ना सोचने का
- 29:24हैबिट है ना अधीनता के ऊपर ये इंस्टट्यूट
- 29:27को लेकर ही आया है।
- 29:29ठीक है? इंस्टट्यूट का मतलब कोई भी
- 29:32इंस्टट्यूट स्कूल, कॉलेज, पुलिस स्टेशन,
- 29:35राजनीति जहां वहां पे आएगा तो ही अधीनता।
- 29:39ऑफिस में जाएगा तो वहां पे एडमिनिस्ट्रेशन
- 29:41के हिसाब से वहां पे अधीनता। ठीक है? के
- 29:43मैनेजर बॉस आया दिल में हो या ना हो लोग
- 29:47अंदर में कोस रहे बाहर अधीनता दिखा रहे
- 29:49हैं उधर ही उस जगह पे लेकिन बाइबल आपको
- 29:54सच्चाई की तरफ लेके आता है और सच्चाई ये
- 29:57है कि जब अधीनता का मतलब यह है कि हम लोग
- 30:01क्या करते हैं अंदरूनी जीसस यहां पे फोकस
- 30:03करता है हमारे अंदर में फोकस करता है कि
- 30:06हम लोग जो है कैसे देखते हैं लोगों को
- 30:09रिस्पेक्ट से और उनको कंसीडर करते हैं कि
- 30:12नहीं कंसीड कंसीडर का मतलब उनको अपनाते
- 30:15हैं कि नहीं अपनाते कंसीडरेशन का मतलब ठीक
- 30:18है वो सबमिशन होता है ठीक है अन्यथा
- 30:22सबमिशन का मतलब वो नहीं है मिलिट्री में
- 30:27वो तो करना पड़ेगा अगर आप उधर काम कर रहे
- 30:29ये जो होता है ना ये जो बॉस को भी करना
- 30:31पड़ता है ठीक है वॉचमैन को भी करना पड़ता
- 30:34है ओके भले उसको अच्छा लगे ना लगे काश
- 30:39उसका बिल्ला मेरे को मिलता सलूट करते हो
- 30:43ना चार स्टार मेरे को मिलता मैं फाइव
- 30:45स्टार लेके जाता
- 30:48ऐसा होता है ना अंदर कुछ और लेकिन
- 30:51क्रिश्चियन लोगों का दिल साफ करता है यीशु
- 30:53मसीह अंदर से परमेश्वर काम करता है अंदर
- 30:56जो है अभी हमारा सब अंदर का ही चल रहा है
- 30:58ना स्टार्टिंग से तो याद है ना अंदरूनी
- 31:02अंदरूनी जीवन के बारे में बात कर रहे हो
- 31:05अगर
- 31:06हां तो फ्रीडम जो है यह हमारे लिए जो है
- 31:10समिशन जो है
- 31:13कि हम लोग लोगों को मूल्य देते हैं।
- 31:16अभी कैसे होता है? मूल्य कैसे देते हैं?
- 31:19कोई बताएगा मूल्य कैसे देते हैं? मैं अपना
- 31:21ये एक्शन एक्शन अच्छा रहेगा। एक्शन का
- 31:24मतलब अ ये बातें एक्शन में लाना अच्छा है।
- 31:27बोल-बोल के। ठीक है। मूल्य कैसे देते हैं?
- 31:30कोई बताएगा? आगे पीछे
- 31:33वैल्यू कैसे देते हैं? यस।
- 31:36क्या ट्रांसलेशन पूछा?
- 31:41वैल्यू या वैल्यू कैसे देते हैं? यस मूल्य
- 31:43कैसे देते हैं? कोई भी
- 31:49कोई कार्य करने के लिए बोला तो हम लोग
- 31:51करते हैं। ठीक है? वो एक एक्सेप्टेबल और
- 31:58मैं सनी को देख रहा हूं। सनी अभी बंद हो
- 32:00गया।
- 32:02यस पीछे नरेश।
- 32:04आदर्श से बातें करनी।
- 32:05हां।
- 32:05आदर्श से बातें करना।
- 32:06आदर्श से बातें करना।
- 32:09पोस्ट पोस्ट आ गया अभी आपका पोस्ट ठीक है
- 32:12हां जिसका पोस्ट नहीं है उसका क्या है
- 32:16इंडिया पोस्ट
- 32:19पोस्ट ऑफिस
- 32:21हां यस
- 32:24सो पोजीशन के बारे में पोजीशन में जब आते
- 32:27हैं तभी सोचते आते हैं अधीनता पोजीशन वही
- 32:31तो बोल रहा हूं पोजीशन हुआ इंस्टट्यूट हुआ
- 32:35यस मैं क्या बोला था वैल्यू वैल्यू कैसे
- 32:37देते हैं लोगों को? यस कैमरा में सोचो
- 32:39वैल्यू कैसे देते हैं लोगों को? बताओ।
- 32:42यस मालूम नहीं अभी कैसे बताएंगे?
- 32:44सामने वाले को भी अपने समान समझ कर
- 32:46बातें करना।
- 32:47ये बोलो जोर से
- 32:49सामने वाले को
- 32:50अपने समान समझ कर बातें करना।
- 32:52अपना समझ कर
- 32:53वेरी गुड।
- 32:56किसी की बात ध्यान से वैल्यू करना। राइट?
- 32:59ठीक है।
- 33:00ओके। बहुत अच्छा। और कोई बोलना चाहेंगे
- 33:03बोल सकते हैं।
- 33:07उनका
- 33:09सपना और योजना हमारे लिए इंपॉर्टेंट होता
- 33:11है। वैल्यू उसको भी बोलते हैं। उनका सपना
- 33:16उनका सपना और उनका योजना हमारे लिए
- 33:20इंपॉर्टेंट होता है। ये भी अधीन में आता
- 33:22है। एक्चुअली अधीनता का मतलब ऐसे नहीं ऐसा
- 33:25सॉल्यूट मारा और [हंसी]
- 33:28और हो गया। अधीनता हो गया। आज आज का एक
- 33:31बोलते हैं ना कार्यक्रम समाप्त। सलूट मारा
- 33:34खत्म हो गया। नहीं
- 33:37अधीनता का मतलब उनका सपना और उनका क्या
- 33:40बोलते हैं विचार और योजना हमारे लिए
- 33:43इंपॉर्टेंट है।
- 33:46क्योंकि यही आजादी हमारे पास आ जाती है।
- 33:49हमारी आजादी यही है कि हम अपना हक
- 33:53दूसरों की अच्छाई के लिए क्या करते हैं?
- 33:59छोड़ देते हैं। वैल्यू उसको भी बोलते हैं।
- 34:02अपना हक दूसरों के लिए बाजू में करते हैं।
- 34:08ये भी अधीनता हो गया भाई। यीशु ने क्या
- 34:11किया?
- 34:12हमें वैल्यू दिया।
- 34:15है कि नहीं? उदाहरण दे रहा हूं मैं। यीशु
- 34:17ने आपको और मुझे मूल्य दिया है कि नहीं
- 34:20दिया?
- 34:21हां।
- 34:23दिया है।
- 34:25अच्छा एकदम
- 34:28दुखी होकर बोला
- 34:31दिया मूल्य दिया
- 34:34सबको दिया
- 34:36हां कैसे
- 34:40सवाल पूछ रहा हूं मैं अभी क्रॉस पे वाह
- 34:44कितना आसान आंसर दिया आपने नहीं वैसे ठीक
- 34:46है क्रॉस ठीक है
- 34:51पुत्र दे दिया ठीक है जॉन 36 कोट कर दिया
- 34:54और क्या हो सकता है क्योंकि लेफ्ट में दे
- 34:56ही नहीं रहा उत्तर
- 35:01अपना स्वर्ग छोड़ के आया वो।
- 35:04यह कोई नहीं बोल रहा है। अपना आजादी आजादी
- 35:08है लेकिन वो आजादी को किस में लेके आया
- 35:11वो? अब समझ में आपको वो आजाद था। लेकिन
- 35:15कहां पे आया वो?
- 35:18नीचे झुका वो नीचे आ गया वो। लोगों के
- 35:22कानून में आ गया। एक्चुअली
- 35:25लोगों की व्यवस्था में आ गया। परमेश्वर
- 35:28इतना आजाद है। उसको क्या गरज पड़ी इधर आके
- 35:32ना सब करने के लिए उसने अपना आजादी अपना
- 35:36हक
- 35:37ठीक है? अपना हक राइट्स अपना महिमा जो
- 35:41फिलिपियों का अध्याय दो छ सात आठ में अगर
- 35:44आप पढ़ोगे तो वहां पे एक बार पढ़ लेते हैं
- 35:46ना वो भी क्यों ना हम लोग पढ़ लेते हैं
- 35:47इधर है नहीं है लेकिन पढ़ लेते हैं
- 35:49क्योंकि जस्ट उदाहरण के हिसाब से हम लोग
- 35:51देख रहे हैं उसको फिलिपियों का अध्याय दो
- 35:55छ
- 35:57फिलिपी दो छ जिसने परमेश्वर के स्वरूप में
- 36:00होकर भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने
- 36:03वश में रखने की वस्तु न समझा सात सात में
- 36:07वरन अपने आप को ऐसा शून्य कर दिया और दास
- 36:11का स्वरूप धारण किया और मनुष्य की समानता
- 36:14में हो गया।
- 36:16ये मेन है।
- 36:18ठीक है? क्रॉस पे तब जा पाया क्योंकि यह
- 36:21कर पाया।
- 36:23ठीक है ना? वैल्यू किया उसने। लोगों को
- 36:26किसको समानता में आ गया वो? मनुष्य के।
- 36:28मनुष्य को वैल्यू किया उसने। वैल्यू दिया
- 36:31उसने। आदमी को वैल्यू दिया। उनके समानता
- 36:34में आ गया वो।
- 36:36ठीक है।
- 36:38मैं बहुत मेरा फेवरेट बहुत सारा फेवरेट
- 36:40उदाहरण रहते हैं। एक फेवरेट है कि
- 36:44आपने कभी
- 36:46अ नाट्य रूप देखा है कभी? नाट्य रूप में
- 36:49बच्चों को अगर कुछ बोला शेर बनना है तो
- 36:52शेर बनेंगे।
- 36:54हां
- 36:57वेशभूषा
- 36:59वेश डर गया। क्या बोल रहा है? वेशभूषा वेश
- 37:02वेशभूषा
- 37:04ठीक है।
- 37:05आपने कभी किया कभी हां
- 37:09कौन सा हां
- 37:14मार्शल आर्ट
- 37:16पास्टर का एक्ट किया अच्छा वेशभ विषय ओके
- 37:19बचपन में छोटा जब था तब तभी क्या किया और
- 37:24प्राणियों का अगर मैं अगर जिक्र करूं तो
- 37:26आप कौन क्या चुनाव करेंगे
- 37:29आप चुनाव क्या करोगे शेर बनोगे ज्यादा
- 37:32सिंह बनोगे ज्यादा
- 37:34कर ना शेर बनोगे शेर बोनस
- 37:40कोई गधा बना है क्या [हंसी]
- 37:44गधा वाला तो एकदम डाउन बोलते है ना एकदम
- 37:46नीचा बोलते हैं कोई बनना नहीं चाहेगा अरे
- 37:49इसका इसका नाम खराब है किसका नाम खराब है
- 37:54गधे का नाम खराब है अभी अभी शेर बोला तो
- 37:59वाह जबरदस्त है वो पहला बिल्ला हम लोग
- 38:02पकड़ेंगे
- 38:04शेर हो गया, सिंह हो गया। जब गधे का जब
- 38:07आता है तो अरे यार नहीं तू बनेगा क्या?
- 38:10नहीं नहीं मेरे को नाम परमेश्वर सोचो मानव
- 38:15जाति का नाम खराब था।
- 38:18ये नहीं सोच रहे आप लोग। मानव जाति का नाम
- 38:22खराब था। कौन जाएगा वहां पे?
- 38:25कौन जाएगा? उनके समानता में कौन जाएगा?
- 38:29उनके साथ कौन क्या बोलते हैं? क्या बोलते
- 38:33है उनके उनको कौन वैल्यू देगा जैसे हम
- 38:36बोलते हैं ना अभी मैं एक उदाहरण दिया राइट
- 38:38शेर तो हम सब मरना चाहेंगे कि कौन गधा
- 38:41बनेगा क्योंकि उसका नाम खराब है
- 38:46मानव बहुत सा है हां सोचता है कि हम लोग
- 38:49बहुत लेकिन वो भी गधे से भी खराब थे गधा
- 38:52तो तक पाप नहीं किया गधे ने
- 38:56गधे ने कौन सा पाप किया मनुष्य ने पाप
- 38:59किया सृष्टि ने पाप नहीं किया पेड़ ने कुछ
- 39:02पाप नहीं किया है। जानवर ने कभी पाप नहीं
- 39:06किया है।
- 39:08करेक्ट ना? पाप किसने किया? परमेश्वर के
- 39:11विरोध में मनुष्य ने किया है। उसकी समानता
- 39:15में कौन आया? यीशु मसीह उनकी समानता में
- 39:17है। देखो अधीनता वहां पे देखो वैल्यू वहां
- 39:21पे। समझ में आ रहा है आपको? वो बात बता
- 39:24रहा हूं कि अधीनता जो बोलते हैं ना वह
- 39:27मेरा हो जाता है। उनका सपना मेरा हो जाता
- 39:30है। उनका योजना मेरा हो जाता है। जो यीशु
- 39:32मसीह ने इस वचन में हमारे लिए अपना हक
- 39:36छोड़ दिया। और जब हमें समझ में आता है ना
- 39:40तो फिर हम लोग लोगों को अ बिना शर्त का
- 39:44प्रेम से लोगों से प्रेम करते हैं। बिना
- 39:47शर्त अनकंडीशनली
- 39:49अनकंडीशनल का मतलब
- 39:53बिना शर्त बिल्कुल शर्त नहीं आप यह करोगे
- 39:56तो मैं आपको यह करूंगा ऐसा नहीं है। बिना
- 39:59शर्त का प्रेम आप करने लगते हो
- 40:03इंसानों के साथ।
- 40:07क्यों? क्योंकि हमने अपना हक
- 40:11जो है डिमांड होता है ना। डिमांड होता है
- 40:16वह बाजू में कर दिया है।
- 40:24ऐसा नहीं कि सबमिशन का मतलब यह भी नहीं कि
- 40:27अगर आप मेरे साथ कुछ अच्छे व्यवहार करोगे
- 40:30तो मैं आपके साथ अच्छा व्यवहार करूंगा।
- 40:33होता है ऐसा इस तरह से मुझे व्यवहार करोगे
- 40:36मैं तुम्हारे साथ वैसा व्यवहार करूंगा।
- 40:38लेनदेन होता है ना लेनदेन। अभी वो लेनदेन
- 40:41नहीं होता है। अभी अभी हम क्या करते हैं?
- 40:44हम लोग उस वैसे हम सोचते नहीं है। वैसे
- 40:47फेल नहीं करते। ठीक है? कि इस प्रकार से
- 40:49व्यवहार होगा तो लेकिन हम लोग क्या करते
- 40:51हैं? हम उनके सक्सेस में क्या करते हैं?
- 40:56आनंद उठाते हैं। उनके सक्सेस में जो
- 40:58मुश्किल है।
- 41:01ओ
- 41:02मानव जाति छोड़ो क्रिश्चियन में भी
- 41:04मुश्किल हो जाता है। किसी की सक्सेस किसी
- 41:08का सक्सेस क्या हो जाता है? हमारे लिए दुख
- 41:11हो जाता है। [हंसी]
- 41:14होता है कि नहीं होता है?
- 41:16फिर क्या बोलते हैं? स्माइल दे दे।
- 41:21कई बार होता है
- 41:26हम सब एक है तो एक भाई की तरफ किसी
- 41:31ग्रो हो रहा है
- 41:33कोई तो ग्रो हो रहा है सक्सेस मिल रहा है
- 41:37ठीक है तो जब सक्सेस मिलता है तो सबमिशन
- 41:40क्या बोलता है वो एंजॉय वो आनंद उठाता है
- 41:42अरे उसका सक्सेस हुआ कोई दुख से जाता है
- 41:45फेलियर होता है किसी का असफलता होता
- 41:49ऐसे नहीं बोलते अच्छा हो गया।
- 41:52ठीक है। उसकी असफलता में भी हम लोग क्या
- 41:55करते हैं? दुखी होते हैं।
- 41:59किसी के सक्सेस में क्या होते हैं? हम लोग
- 42:02हम लोग आनंद मनाते हैं। ये सबमिशन है। कई
- 42:05बार सबमिशन का मतलब अभी समझ में लोगों को
- 42:08और हम सब वही कई लोगों को सबमिशन का मतलब
- 42:11अधीनता का मतलब इंस्टट्यूट आ गया। वहां पे
- 42:13सबमिशन लागू हो। उस इंस्टट्यूट से बाहर
- 42:16आओ। आपको कोई सबमिशन की जरूरत नहीं है।
- 42:19एक्चुअली ऐसा रहता है। ठीक है? लेकिन
- 42:22सबमिशन जो है 24 आवर्स 24 घंटा समिशन है।
- 42:29ठीक है? कैसे? जिस प्रकार से जो मैंने
- 42:31आपको बताया मैंने।
- 42:37अभी आपको पता है कि जब हम अपना हक साइड
- 42:40में करते हैं तो सही में हमारे लिए आजादी
- 42:43आती है।
- 42:45ठीक है ना? लिबरेशन बोलते हैं। लिबरेशन का
- 42:47मतलब क्या होता है कि हमें आजादी महसूस
- 42:49होती है जब हम अपना हक गिव अप करते हैं।
- 42:54कैसे? जब हक को पकड़ के बैठते हैं। हक को
- 42:58पकड़ के बैठते हैं तो क्या होता है? कौन
- 43:00कोई बताएगा? हक। राइट्स मेरा राइट्स
- 43:07अगर वह नहीं मिला आपको हक नहीं मिला तो
- 43:10क्या हो सकता है
- 43:12गुस्सा नाराजगी
- 43:14यस करेक्ट बोल रहे हैं आप लोग आपका हक
- 43:18नहीं मिला तो क्या हो गया बहुत सही बोला
- 43:20आपने गुस्सा नाराजगी राइट
- 43:25और क्या हुआ और कोई बोला
- 43:28बगावत राइट बगावत हो गया
- 43:32कोई स्टोरी याद आती है आपको बाइबल में सेल
- 43:36और हां साल और डेविड हो गया राइट साल को
- 43:41तकलीफ हो रहा था दाऊद का दाऊद जब सक्सेस
- 43:45हो रहा था सोल को तकलीफ हो रहा था
- 43:48लेकिन जब साल मर गया दाऊद क्या कर रहा था
- 43:55हां
- 43:58हंस रहा था वो ऐसे ही चाहिए इसको यह मेरे
- 44:00पूरा जिंदगी मेरा क्या कर दिया? वाट लगा
- 44:04के रख के। मेरे पीछे पड़ा था। इतना टाइम
- 44:06पीछे पड़ा था। अच्छा हो गया। मर गया।
- 44:10हां।
- 44:12आप और मेरे तो क्या करते?
- 44:16ये सवाल है ना? प्रैक्टिकल सवाल है। आप
- 44:18मुझे नहीं मुझे नहीं मालूम मैं क्या करता।
- 44:22ठीक है।
- 44:24मुझे नहीं मालूम।
- 44:27देखिए डेविड ने क्या किया? रोया।
- 44:30बाइबल में लिखा है वो रोया उसके
- 44:33और जो खबर ले आया ना बोला तेरे लिए अच्छा
- 44:36खबर सुना के आता है उसको मार रहा है उसको
- 44:39तू क्या मेरे को ये सुना रहा है उसका
- 44:41WhatsApp ही डिलीट कर दिया
- 44:45सोचो आज के तारीख की बात कर रहा हूं उसका
- 44:48WhatsApp ही उड़ा दिया
- 44:51तू क्या हंस हंस के बता रहा है कि वो मर
- 44:53गया करे खुशी का बोलता है तेरे को अच्छा
- 44:56खबर सुना रहा हूं मैं
- 44:59उसको मारा उसको उसको पसंद नहीं आया यह बात
- 45:04रोया
- 45:05ठीक है जथन और उसके दोनों के लिए सोल के
- 45:08लिए और जोथन के लिए रोया तो अभी समझ में
- 45:11आया सोल और दाऊद साल कैसे सोचता था दाऊद
- 45:15के बारे में और दाऊद कैसे सोच रहा है सोल
- 45:17साल के बारे में हम दोनों क्रिश्चियंस है
- 45:22सोल भी परमेश्वर का है और दाऊद भी
- 45:26परमेश्वर का है
- 45:28कैसे सैमुअल ने तो अभिषेक किया ना साल को
- 45:32इसलिए अभिषेक का मतलब क्या होता है
- 45:34परमेश्वर का है वो थोड़ी वो थोड़ी इधर गया
- 45:38था सैमल अभिषेक करने के लिए थोड़ी गया था
- 45:40किसको अन्य जाति में थोड़ी गया कि तू राजा
- 45:43बनेगा नहीं वो विश्वासी था सोल
- 45:49लेकिन दोनों विश्वासी में से कौन
- 45:53कौन अधीनता का जीवन जी रहा था दाऊद
- 45:57परमेश्वर के प्रति और लोगों के प्रति भी
- 46:01दाऊद जी रहा था। ठीक है? समझ में आ रहा
- 46:03आपको यह बात? तो एक उदाहरण जहां पे यीशु
- 46:06मसीह का एक उदाहरण ये फिलिपियों का एक
- 46:07उदाहरण दाऊद और सोल और एक उदाहरण है क्या?
- 46:10हक के ऊपर। हां।
- 46:13गुमराह लड़का मालूम है? गुमराह लड़का।
- 46:16उड़ाव पुत्र।
- 46:18क्या प्रॉब्लम है उधर?
- 46:20छोटा भाई जब आता है तो बोलता है कि इसको
- 46:22फिर से बहुत जगह दी। बड़ा वाला पूछता है।
- 46:26पड़ा वाला तो बहुत ऐसा लग रहा है वफादार
- 46:29लिख रहा है। है ना? दिखने में वफादार लग
- 46:32रहा है। मन अंदर की बात देखो। अभी अंदर की
- 46:35बात
- 46:37अंदर कैसा वो कोस रहा है देखो पिताजी को।
- 46:42ऐसा लग रहा है वो साथ में लेकिन नहीं है
- 46:45वो साथ में। और जो नहीं था साथ में वो लग
- 46:48रहा है वो है साथ में।
- 46:52फर्क देखिए प्रोडिकल सन का जो था साथ में
- 46:56एल्डर सन बोलते है ना वो अपना हक के बारे
- 46:59में सोच रहा था मेरा राइट्स
- 47:03राइट मेरा हक
- 47:06तूने कुछ नहीं किया मेरे लिए डिमांड तूने
- 47:09मेरे लिए कुछ नहीं किया पिता और उसको जब
- 47:11वो आया और तू उसके लिए इतना कर रहा है
- 47:15समझ में आ रहा आपको
- 47:18यह प्रॉब्लम था बड़े बेटे में जो हमेशा
- 47:22उसके साथ था लेकिन जब टेस्ट आ गया परीक्षा
- 47:26आ गई तो वह पिताजी को सवाल उठाया
- 47:33ठीक है तो यह एक और एक उदाहरण एक यशु एक
- 47:37है किंग सोल और दाऊद
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This page contains the full transcript of Class- 17A | Celebration of Discipline | Ps. Roshan by Mumbai Bible College & Seminary, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 6,471 words across 905 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.
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