Class 12th Debentures | Full Chapter logics | — Transcript
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- 0:02हां जी 12th क्लास तो आपका ये वाला जो
- 0:05टॉपिक रहेगा आज दैट इज इशू ऑफ डिबेंचर्स
- 0:07इस वीडियो के अंदर पूरा चैप्टर आपका कवर्ड
- 0:10रहेगा इशू ऑफ़ डिबेंचर्स के स्पेशली द
- 0:13न्यूमेरिकल पार्ट ठीक है थ्योरी के लिए
- 0:15इसकी एक अलग से वीडियो बना दी जाएगी ये एक
- 0:17न्यूमेरिकल पार्ट के लिए चैप्टर रहेगा ठीक
- 0:20है इशू ऑफ डिबेंचर्स इशू ऑफ डिबेंचर्स
- 0:28अब बेटा इसके अंदर जो बेसिक पॉइंट है वो
- 0:30क्या है कि बेसिक चीज आपको समझनी चाहिए कि
- 0:34कंपनी जो होती है ओनली अ कंपनी कंपनी अपने
- 0:38डिबेंचर्स इशू करती है अपने डिबेंचर्स इशू
- 0:42करती है अलग-अलग लोगों को जनरल पब्लिक को
- 0:46ठीक है कभी कबभार एज अ कोलटरल वो बैंक पे
- 0:49गिरवी रखती है उसको कभी कबभार वेंडर को
- 0:51इशू कर देती है जिस भी बंदे को कंपनी
- 0:54डिबेंचर्स इशू करती है वो बंदा कंपनी को
- 0:57किसी ना किसी रूप हमें अमाउंट प्रोवाइड
- 1:00करा रहा होता है। अगर एक जनरल पब्लिक का
- 1:03इंसान है, नॉर्मल बंदा है तो कंपनी जब इसे
- 1:05डिबेंचर्स देगी तो ये कंपनी को बदले में
- 1:07पैसे देगा। जस्ट लाइक शेयर्स कि जब कंपनी
- 1:10अपने शेयर्स इशू करती है तो एक इन्वेस्टर
- 1:12कंपनी को पैसे देता है उसके बदले। ठीक है?
- 1:15ऐसे ही अगर मान लो ये कोई बैंक है, कोई
- 1:17एजेंसी है। ठीक है? कोई बैंक हो गया लेटेड
- 1:20बी। क्योंकि हमारे 12थ क्लास के सिलेबस
- 1:22में तीन प्रकार के इशू ऑफ़ डिबेंचर्स
- 1:25डिस्कस होंगे। बैंक को, वेंडर को और जनरल
- 1:30पब्लिक को। अगर एक नॉर्मल इंसान कंपनी के
- 1:32शेयर्स खरीदता है तो उसके बदले में वो जो
- 1:35कंसीडरेशन देता है वो बैंक क्यों लेती है
- 1:38कंपनी के शेयर्स? कंपनी जब बैंक से लोन
- 1:40लेती है ना तो एज अ कोलटरल सिक्योरिटी एज
- 1:44अ गिरवी एज अ सेकेंडरी सिक्योरिटी कंपनी
- 1:48अपने डिबेंचर्स उस पे गिरवी रख देती है।
- 1:51वेंडर बेटा वो होता है जिससे हम सामान
- 1:53खरीदते हैं। तो मान लो किसी से आपने कोई
- 1:55सामान है उसका बिज़नेस ही खरीद लिया आपने।
- 1:57लेट इट बी वेंडर से आपने उसका बिज़नेस
- 1:59परचेस करा है। उसके बदले में आप उसको
- 2:02डिबेंचर्स दोगे। वो हमारा टॉपिक यहां पर
- 2:05रहेगा। अगर मैं आपके 12थ क्लास के सिलेबस
- 2:07की बात करूं। आपके सिलेबस में इशू ऑफ
- 2:10डिबेंचर्स तीन लोगों से हैं। तीन लोगों को
- 2:12आपने डिबेंचर्स इशू करने हैं। 12th क्लास
- 2:15का जो सिलेबस है उसमें तीन लोगों को तीन
- 2:18पार्टीज को डिबेंचर्स इशू करे जाते हैं।
- 2:21एक जनरल पब्लिक को,
- 2:24जनरल पब्लिक को,
- 2:27बैंकर्स को,
- 2:30और वेंडर को। तीन प्रकार के लॉजिक्स यहां
- 2:34पर डिस्कस होने वाले हैं। आम जनता को,
- 2:38बैंकर्स को और वेंडर को। अब एक-एक करके हम
- 2:42ये सारे लॉजिक स्टार्ट करेंगे। सबसे पहले
- 2:44वेंडर से स्टार्ट करते हैं लेटेड बी। ठीक
- 2:46है?
- 2:49अगर आप वेंडर अब बेटा वेंडर वो होता है जो
- 2:52अपना बिज़नेस आपको बेच रहा है। ठीक है?
- 2:54जिसका आप बिज़नेस खरीद रहे हो। जो भी बंदे
- 2:57का आप बिज़नेस खरीद रहे हो। शेयर्स के अंदर
- 2:59भी ये लॉजिक आता है कि इशू ऑफ़ शेयर्स टू
- 3:01वेंडर्स। सेम लॉजिक यहां पर भी आएगा कि
- 3:04इशू ऑफ डिबेंचर्स टू वेंडर्स। अब ध्यान से
- 3:07देखना वेंडर्स की एंट्री क्या रहेगी?
- 3:10वेंडर को अगर आप डिबेंचर्स इशू कर रहे हो
- 3:13तो कैसी एंट्रीज रह सकती हैं? सबसे पहली
- 3:16एंट्री जब आप उसका बिनेस परचेस कर रहे हो।
- 3:19पहली एंट्री किसकी रहेगी? उसके बिनेस को
- 3:22खरीदने की। वेंडर कौन होता है बेटा? जो
- 3:24बेच रहा होता है? ट्रेन वगैरह में भी आप
- 3:26देखते हो वेंडर कौन होता है? जो कुछ ना
- 3:28कुछ बेच रहा होता है। हमारे यहां अकाउंट्स
- 3:30में वेंडर कौन होता है? जो अपना बिज़नेस
- 3:33आपको बेच रहा है। ठीक है? तो
- 3:36बिनेस परचेस की पहली एंट्री होगी। बड़ी
- 3:39सिंपल होती है भाई। डेबिट व कम्स इन। तो
- 3:41उस लॉजिक से नॉर्मल जो उन चीजों का नेचर
- 3:44होता है। एसेट्स अकाउंट डेबिटेड
- 3:48टू लायबिलिटीज़ अकाउंट। एसेट्स अकाउंट
- 3:52डेबिटेड टू लायबिलिटीज़ अकाउंट। ठीक है? टू
- 3:57वेंडर अकाउंट यह बेसिक एंट्री होती है
- 4:01किसी भी वेंडर से उसका बिजनेस खरीदने की।
- 4:04ठीक है? अभी एंट्री कंप्लीट नहीं हुई है।
- 4:06इसमें हल्का सा लॉजिक भी है। क्या लॉजिक
- 4:09है? अभी वो साथ के साथ देख लेंगे। एसेट्स
- 4:11अकाउंट डेबिटेड टू लायबिलिटीज़ अकाउंट टू
- 4:15वेंडर अकाउंट। भाई अमाउंट क्या-क्या आएगा?
- 4:17जो भी एसेट्स खरीदे हैं वो यहां पर आ
- 4:20जाएंगे। लेट इट बी अगर एक साथ ही क्वेश्चन
- 4:22में दे रखा है कि 10 लाख के एसेट लिए तो
- 4:24यहां 10 लाख आ जाएगा। अगर तोड़-त के दे रखा
- 4:27है ना कि आपने X लिमिटेड से 3 लाख की
- 4:31मशीनरी ली, 4 लाख की बिल्डिंग ली, 2 लाख
- 4:34का स्टॉक लिया तो वो एसेट्स अलग-अलग करके
- 4:36यहां पर डेबिट होने स्टार्ट हो जाएंगी। और
- 4:39सिमिलरली जो लायबिलिटीज़ होंगी वो यहां पर
- 4:41क्रेडिट होएंगी। वेंडर के ब्रैकेट में
- 4:43क्या आएगा? ब्रैकेट में भी क्या? वेंडर का
- 4:45अमाउंट क्या लिखेंगे? जो भी हम उसको सम
- 4:49वर्थ या मेन बोले तो परचेस कंसीडरेशन में
- 4:53जितने में हमने उससे डील डन करी है।
- 4:57अब बेटा बात क्या होती है? ऐसा जरूरी नहीं
- 5:00है हर बारी कि आप उसको पूरे-पूरे ही वर्थ
- 5:04में उसका बिज़नेस टेकओवर कर रहे हो। गुडविल
- 5:06नाम की भी चीज़ होती है। आप लोगों ने
- 5:08अकाउंट्स में पार्ट ए में पार्टनरशिप में
- 5:10पढ़ा होगा। गुडविल नाम की भी कोई चीज़ होती
- 5:12है। ठीक है? ऐसा हो सकता है कि फॉर
- 5:15एग्जांपल आपने किसी के 10 लाख के एसेट लिए
- 5:18हो और 2 लाख की लायबिलिटीज हो तो काट पीट
- 5:21के आपका उसको 8 लाख देना बनता है। अगर
- 5:23बिल्कुल 8 लाख ही बनता है तो 10 लाख की
- 5:26एसेट 2 लाख की लायबिलिटी और 8 लाख वेंडर
- 5:28को जाएंगे। बट ऐसा होता नहीं है आपके
- 5:30क्वेश्चंस के अंदर। यूजुअली ऐसा होता है
- 5:32कि 8 लाख बनता था। वेंडर को या तो 9 10 11
- 5:36लाख दिए या फिर 7 लाख दे दिए। मतलब या तो
- 5:38डील में फायदा हुआ या आपको घाटा हुआ। तो
- 5:41यूजुअली क्वेश्चंस में 90% क्वेश्चंस में
- 5:44यही रहता है कि लेट इट बी परचेस कंसीडरेशन
- 5:46बन रही थी 8 लाख। आपने फिर भी उसको 9 या
- 5:4910 लाख दिए। वो जो एक या 2 लाख फालतू दिया
- 5:51वो किस चीज का दिया? सामने वाले की गुडविल
- 5:54का। तो अगर डेबिट में बैलेंस बचे या
- 5:57हैशटैग मैं डाल रहा हूं मतलब बैलेंस बचे।
- 5:59पेपर में आप हैशटैग नहीं डालेंगे। गुडविल
- 6:02अकाउंट डेबिट। गुडविल अकाउंट डेबिट। और
- 6:07अगर क्रेडिट में बैलेंस बचे अगर आपका
- 6:10बैलेंस जो है वो क्रेडिट में बचता है।
- 6:12देखो बेटा डेबिट में भी बैलेंस बच सकता है
- 6:14और क्रेडिट में भी बैलेंस बच सकता है। अगर
- 6:17क्रेडिट में बने तो टू कैपिटल रिजर्व
- 6:22अकाउंट
- 6:24कि हमें डील करके फायदा हो गया। कैपिटल
- 6:26रिजर्व में क्या जाते हैं? हमारे सारे
- 6:27कैपिटल रेयर नेचर के प्रॉफिट्स। ठीक है?
- 6:30एक तो ये दूसरी बुक वाले बेटा एक साथ करते
- 6:34हैं। हम अलग-अलग एंट्रीज करेंगे। दूसरी
- 6:37एंट्री अगर आप उसको पेमेंट कर रहे हो
- 6:39वेंडर को बाय बैंक
- 6:44चेक देकर, कैश देकर या कोई बीपी देकर।
- 6:48बीपी क्या होता है? बिल्स पेएबल लिखत में
- 6:50उसको नोट लिखकर कि भाई हां इतने टाइम बाद
- 6:53हम आपको इतने पैसे प्रोवाइड करा देंगे। तो
- 6:56इसकी एंट्री क्या होगी?
- 6:59वेंडर अकाउंट डेबिट क्यों भाई देसी लॉजिक
- 7:03ऊपर क्रेडिट हुआ था अब डेबिट होगा
- 7:04एग्जैक्ट लॉजिक कि डेबिट द रिसीवर वेंडर
- 7:07एक बंदा है वो पैसे रिसीव करेगा ठीक है अब
- 7:11इसको हम क्या दें अगर क्वेश्चन में कैश
- 7:14लिखा है तो कैश बैंक से पैसे दे रहे हैं
- 7:16चेक से पैसे दे रहे हैं तो बैंक बिल्स
- 7:18पेएबल दे रहे हैं तो बिल्स पेएबल उसके बाद
- 7:21बेटा जो थर्ड एंट्री है जिसके चक्कर में
- 7:23टॉपिक आपका बना है थर्ड एंट्री अगर आप
- 7:26उसको डिबेंचर्स इशू कर रहे हो। ये क्या
- 7:30मतलब बना भाई? इसका मतलब यह बना भाई अगर
- 7:33आपने किसी से बिज़नेस खरीदा आप कंसीडरेशन
- 7:36तो उसको कैसे भी दे सकते हो। आप उसको कैश
- 7:38भी दे सकते हो। आप उसको बैंक के थ्रू भी
- 7:40पेमेंट कर सकते हो। आप उसको बिल्स पेबल भी
- 7:42दे सकते हो। लेकिन आप उसको डिबेंचर्स अगर
- 7:44इशू कर रहे हैं तो एंट्री क्या होगी भाई?
- 7:47फिर से वेंडर तो रिसीवर है। तो एंट्री
- 7:49क्या होगी? वेंडर अकाउंट डेबिटेड। वेंडर
- 7:52अकाउंट डेबिटेड टू जितने भी परसेंटेज के
- 7:56डिबेंचर्स आप उसको दे रहे हो यार ये
- 7:58परसेंटेज क्यों लिख दिया? डिबेंचर्स बेटा
- 8:01जब भी इशू होते हैं ना डिबेंचर से पहले
- 8:03उसकी परसेंटेज उसका कूपन रेट उसका
- 8:06इंटरेस्ट रेट लिखा जाता है। 8% 9% 12% 15%
- 8:11ठीक है ये चीज इसमें कोई दिक्कत और अगर
- 8:14डिबेंचर्स आपने उसको सामने वाली पार्टी को
- 8:16प्रीमियम पर दिए हैं। अगर आपने सामने वाली
- 8:19पार्टी को प्रीमियम पर डिबेंचर्स दिए हैं।
- 8:22ठीक है? जस्ट अ सेकंड। हां जी। प्रीमियम
- 8:25पर डिबेंचर्स दिए हैं तो क्रेडिट में टू
- 8:29एसपीआर आ जाएगा प्रीमियम सिक्योरिटी
- 8:31प्रीमियम रिजर्व और अगर डिस्काउंट पर दिए
- 8:34हैं तो डेबिट में बैलेंस आएगा डिस्काउंट
- 8:37ऑन इशू पूरा डिस्काउंट ऑन इशू अकाउंट
- 8:42डेबिटेड
- 8:44दोनों नहीं होगा या डिस्काउंट पे दिए
- 8:45होंगे या प्रीमियम पर दिए होंगे। अब बेटा
- 8:48नंबर ऑफ़ डिबेंचर्स का फार्मूला क्या होता
- 8:49है? वो मैं यहां पर लिख रहा हूं। है थर्ड
- 8:52एंट्री का ही पार्टी। नंबर ऑफ डिबेंचर्स
- 8:54कैसे निकलते हैं?
- 8:57नंबर ऑफ डिबेंचर्स कितने डिबेंचर्स आप
- 9:00सामने वाले को दोगे? सिंपल फार्मूला है।
- 9:02वेंडर पेमेंट अप इशू प्राइस। वेंडर पेमेंट
- 9:06अप इशू प्राइस। ये बेटा एक हो गया आपका
- 9:10वेंडर वाला लॉजिक। इसका स्क्रीनशॉट लीजिए
- 9:12फटाफट से। ठीक है?
- 9:15लॉजिक नंबर वन।
- 9:20[संगीत]
- 9:29ये हो गया आपका लॉजिक नंबर वन लॉजिक नंबर
- 9:32टू अगर आप बैंकर्स को डिबेंचर इशू कर रहे
- 9:35हो बैंकर्स को बैंकर्स को कैसे एज अ
- 9:39कोलटरल सिक्योरिटी एज अ कोलटरल सिक्योरिटी
- 9:44इसका क्या लॉजिक है बेटा वो भी देख लो आप
- 9:46कोलटरल का मतलब होता है गिरवी
- 9:49आपने बैंक से लोन लिया। अब आप उस पे
- 9:51डिबेंचर्स को गिरवी रख रहे हो। क्योंकि
- 9:54भाई सामने वाले को क्या फायदा? डिबेंचर्स
- 9:56एक रिटर्न एकनॉलेजमेंट होती है कि सामने
- 9:58वाले ने आपसे पैसे ले रखे हैं। एक सेफ्टी।
- 10:00दूसरी बात डिबेंचर्स पर इंटरेस्ट भी जाता
- 10:03है तो सामने वाली पार्टी को ब्याज भी
- 10:05मिलेगा रेगुलरली। वो चीज़ होती है। ठीक है?
- 10:08शेयर डिबेंचर में फर्क ही मेन बेटा ये
- 10:10होता है। शेयर्स पर डिविडेंड जाता है। एंड
- 10:12डिविडेंड इज़ एन एप्रोप्रिएशन ऑफ़ प्रॉफिट।
- 10:14अगर प्रॉफिट ठीक-ठाक होंगे तो देंगे
- 10:17डिविडेंड। वरना स्किप इट। बट इंटरेस्ट का
- 10:19बेटा क्या होता है ब्याज का? ब्याज इज अ
- 10:22चार्ज अगेंस्ट प्रॉफिट्स। आप कमाओ ना कमाओ
- 10:25आपको इंटरेस्ट देना ही पड़ेगा। ब्याज आपको
- 10:28देना ही पड़ता है। तो कोलटरल सिक्योरिटी
- 10:31वाली एंट्रीज का क्या रहता है भाई? सिंपल
- 10:34ज्यादा कुछ फैंसी नहीं। सबसे पहली एंट्री
- 10:37लोन लेने की एंट्री।
- 10:39आपकी भाषा में लिख रहा हूं। लोन लेने की
- 10:42एंट्री। जब आप बैंक से लोन लेते हैं तभी
- 10:45तो उसको डिबेंचर्स इशू कर रहे हैं। तो लोन
- 10:48लेने की एंट्री बड़ी सिंपल है भाई। आपके
- 10:49बैंक में पैसा आएगा। बैंक अकाउंट डेबिटेड
- 10:53टू बैंक लोन अकाउंट। बैंक अकाउंट डेबिटेड
- 10:58टू बैंक लोन अकाउंट। बैंक अकाउंट डेबिटेड
- 11:02टू बैंक लोन अमाउंट। ये एंट्री किस अमाउंट
- 11:04से करोगे बेटा?
- 11:06विद द अमाउंट ऑफ लोन। जितने का लोन ले रहे
- 11:10हो उस अमाउंट से ये वाली आप एंट्री करोगे।
- 11:13सेकंड डिबेंचर्स को गिरवी रखने की एंट्री।
- 11:17डिबेंचर्स
- 11:19को कोलटरल में कोलटरल मतलब गिरवी रखने की
- 11:23एंट्री। डिबेंचर्स को गिरवी रखने की
- 11:26एंट्री।
- 11:29सेकंड एंट्री भी देख लो बेटा क्या होगी?
- 11:31इसके अंदर हम क्या करते हैं? एक अलग से
- 11:32अकाउंट ओपन करते हैं। दैट इज़ नोन एस
- 11:35डिबेंचर्स सस्पेंस अकाउंट। तो सेकंड
- 11:37एंट्री कैसे होती है?
- 11:40डिबेंचर सस्पेंस अकाउंट डेबिटेड डिबेंचर
- 11:44सस्पेंस अकाउंट डेबिटेड
- 11:48टू डिबेंचर्स जो आपने डिबेंचर्स गिर भी
- 11:51रखे हैं। डिबेंचर्स भैया क्रेडिट में
- 11:53क्यों जा रहा है? क्रेडिट व्हाट गोज़ आउट
- 11:55यार जब वेंडर को डिबेंचर्स दे रहे थे तो
- 11:58टू डिबेंचर्स आएगा ना परसेंटेज डिबेंचर्स
- 12:00क्रेडिट में। अब बैंकर्स को दे रहे हो तो
- 12:022%ेज डिबेंचर्स क्रेडिट व्हाट गोज़ आउट। ये
- 12:05एंट्री किस अमाउंट से होगी? यहां पे लिख
- 12:07देता हूं मैं। विद द अमाउंट ऑफ कोलटरल कि
- 12:12कितने के डिबेंचर्स आप गिरवी रख रहे हो।
- 12:14पता है ना आपको लोन लेते हैं तो ऐसा नहीं
- 12:16है कि 10 लाख का लोन लिया तो 10 लाख की
- 12:18चीजें गिरवी रखोगे। बहुत अच्छी टर्म्स है
- 12:20आपके तो आप 8 9 लाख का भी रख सकते हो।
- 12:22यूजुअली हायर पे ही रखा जाता है कि 10 लाख
- 12:24का लोन है तो 12 13 लाख की सिक्योरिटी
- 12:27गिरवी में रखी जाएगी। यह बेटा दूसरा लॉजिक
- 12:30हो गया। इसका स्क्रीनशॉट लो फटाफट से।
- 12:34इसका फटाफट स्क्रीनशॉट लीजिए।
- 12:39अब आगे
- 12:45जनरल पब्लिक को जब डिबेंचर्स देते हैं आम
- 12:48जनता को
- 12:50उसके लॉजिक्स का ध्यान रखना भाई अगर आप
- 12:53पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए डिबेंचर्स
- 12:55गिरवी पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए
- 12:57डिबेंचर्स दे रहे हैं फॉर जनरल पब्लिक कि
- 13:01आप नॉर्मली ऐसे किसी पे गिरवी गुरवी नहीं
- 13:03रख रहे ना आपने किसी से कोई सामान समूह ले
- 13:05रखा आप आम जनता के लिए डिबेंचर्स इशू कर
- 13:09रहे हो कि जो भी पार्टीज इंटरेस्टेड होंगी
- 13:11वो हमें पैसा दे एज अ कंपनी हमारी कंपनी
- 13:14को पैसे दें। बदले में हमारे से उतने
- 13:16डिबेंचर्स ले जाए। सामने वाले का फायदा
- 13:18पहली बात आपका फायदा। ध्यान रखना बेटा
- 13:20हमारी सारी एंट्रीज कंपनी के पॉइंट ऑफ
- 13:22व्यू से होती है। ठीक है? जब ये कर भी
- 13:24रहेगे खुद को कोई इन्वेस्टर वगैरह या
- 13:26स्टूडेंट ना समझना। आप लोग कौन हो? आप
- 13:28कंपनी हो। ठीक है? तो कंपनी को फायदा है
- 13:31यार सामने वाला पैसा देगा उससे हम कितना
- 13:33पैसा बना लेंगे। ठीक है? सामने वाले को
- 13:36फायदा उसको आने वाले टाइम पर शायद से
- 13:40पेमेंट प्रीमियम पर मिले। रिडमशन वो भी हम
- 13:43पढ़ेंगे कि जो उसकी रीपेमेंट हो वो ज्यादा
- 13:44अमाउंट पे हो। उसके अलावा जितने टाइम
- 13:47सामने वाले के डिबेंचर्स हमारे पास है हम
- 13:49उसको ब्याज देते रहेंगे। इंटरेस्ट देते
- 13:51रहेंगे। उसकी एक रेगुलर इनकम बनेगी। तो वो
- 13:54चीज अब पब्लिक सब्सक्रिप्शन में ना बेटा
- 13:58दो तीन बातों का आपको ध्यान रखना होता है।
- 14:00एक तो
- 14:03ये शेयर्स नहीं है जो डिस्काउंट पर इशू ना
- 14:05हो। डिबेंचर्स को कैसे भी इशू किया जा
- 14:07सकता है। आप डिबेंचर्स को इशू पार पर भी
- 14:10कर सकते हो। पार मतलब अमाउंट में बोलूं तो
- 14:13₹100 का डिबेंचर 100 में ही इशू कर दिए।
- 14:16आप डिबेंचर को जो बहुत रेप्यूटेड फर्म्स
- 14:18होती हैं उनके डिबेंचर्स प्रीमियम पर जाते
- 14:21हैं शेयर्स की तरह। कि 100 वाला डिबेंचर
- 14:23110 में चला गया और आप इशू डिस्काउंट पर
- 14:27भी कर सकते हो। बहुत इंपॉर्टेंट बात है
- 14:29बेटा। डिबेंचर्स को डिस्काउंट पर भी इशू
- 14:32किया जा सकता है। शेयर्स को नहीं कर सकते
- 14:33थे। शेयर्स को डिस्काउंट पर इशू कब करते
- 14:35हैं? सिर्फ जब वो फोरफिटेड शेयर्स हो।
- 14:37कैंसिल्ड शेयर्स हो। ठीक है? वो भी उतने
- 14:40ही डिस्काउंट पर कर सकते हैं जितना अमाउंट
- 14:42आपको रिसीव हुआ था। एक्चुअली उस पूरी डील
- 14:44में से। चलो वो एक अलग टॉपिक है। वो तो
- 14:46शेयर्स में करेंगे। डिबेंचर्स कैन बी इशूड
- 14:49एट डिस्काउंट। अब
- 14:52इसके अंदर क्या होगा भाई? सारी एंट्रीज आप
- 14:54100 से करोगे। इसके अंदर जो ₹10 फालतू आए
- 14:57ना उसको जो मैं लिख रहा था सिक्योरिटी
- 15:00प्रीमियम रिजर्व अकाउंट उसको क्रेडिट कर
- 15:03दोगे और इसमें मान लो ₹100 का डिबेंचर ₹90
- 15:06में ही चकवा दिया तो जो ₹10 का लॉस हुआ
- 15:09उसको डेबिट में डिस्काउंट ऑन इशू के नाम
- 15:13से लिखा जाएगा। डिस्काउंट ऑन इशू के नाम
- 15:15से लिखा जाएगा डेबिट के अंदर।
- 15:19ठीक है? एक लॉजिक बेटा आपका ये हो गया कि
- 15:22डिबेंचर्स कैसे-कैसे इशू किए जा सकते हैं।
- 15:25ठीक है? और इसके अलावा और लॉजिक्स इसके
- 15:28अंदर आपके
- 15:34सब्सक्रिप्शन वैसी है। वैसे तो यूजुअली
- 15:38सब्सक्रिप्शन वाला टॉपिक आपका
- 15:41शेयर्स के अंदर आता है ज्यादा अच्छे से।
- 15:43यहां पर इतना ज्यादा नहीं। बट स्टिल एक
- 15:45बार हम बेसिक शुरुआत वाले क्वेश्चंस के
- 15:47लिए वो सब्सक्रिप्शन की भी बात कर लेते
- 15:49हैं कि लोगों ने सब्सक्राइब कैसे करें
- 15:52हमारे डिबेंचर्स।
- 15:55इट ऑल डिपेंड्स ऑन द गुडविल ऑफ द कंपनी।
- 15:58भाई आपके डिबेंचर्स की अंडर सब्सक्रिप्शन
- 16:02भी हो सकती है। मतलब आपके लिए बेेज्जती
- 16:04वाली बात
- 16:06कि लेट इट बी आप
- 16:09इशू तो करना चाह रहे थे एज अ कंपनी 10,000
- 16:12डिबेंचर्स बट लोगों ने सिर्फ
- 16:169500 डिबेंचर्स ही अप्लाई करें। ऐसे में
- 16:21क्या होगा बेटा? सारी एंट्रीज किससे
- 16:23करोगे? 9500 से मल्टीप्लाई करके। ऑल
- 16:27एंट्रीज विद 9500।
- 16:30बहुत बेसिक क्वेश्चन ऐसा भी हो सकता है
- 16:34कि फुल सब्सक्रिप्शन हो गई।
- 16:37फुल सब्सक्रिप्शन मतलब ऐसा बहुत रेयर होता
- 16:39है वैसे यूजली कि आपने इशू भी करे 10,000
- 16:42डिबेंचर्स और 10,000 के 10,000 डिबेंचर्स
- 16:45अप्लाई भी हो गए। 10,000 के 10,000
- 16:48डिबेंचर्स अप्लाई भी हो गए। तो सारी
- 16:51एंट्रीज किससे होगी भाई? ऑल एंट्रीज विद
- 16:5410,000
- 16:55ऑल एंट्रीज विद 10,000 और ऐसा भी हो सकता
- 17:00है जो शेयर्स के केस में होता था कि आपके
- 17:03डिबेंचर्स अगर आपके एक बहुत रेप्यूटेड
- 17:05फर्म है तो बहुत लोग आपकी कंपनी को लोन
- 17:08देने के लिए पैसा देने के लिए रेडी रहते
- 17:09हैं। तो ओवर सब्सक्रिप्शन भी हो सकती है।
- 17:12सबसे इंपॉर्टेंट केस शेयर डिबेंचर में यही
- 17:14रहता है। ओवर सब्सक्रिप्शन मतलब आप इशू तो
- 17:18करना चाह रहे थे 10,000
- 17:20लेकिन लोगों ने 12,000 डिबेंचर 12,000
- 17:25शेयर्स अप्लाई कर दिए। ऐसे में बेटा क्या
- 17:28किया जाता है? प्रोरेटा और रिफंड प्रोरेटा
- 17:32किया जाता है और रिफंड किया जाता है फालतू
- 17:35पैसे को। यह बहुत इंपॉर्टेंट केस है। अलग
- 17:38से भी करेंगे। अभी तो बस इसका स्क्रीनशॉट
- 17:40ले लीजिए।
- 17:49अब भैया एंट्रीज कैसे होती है? जनरल
- 17:51नॉर्मल एंट्रीज। नॉर्मल एंट्रीज पब्लिक
- 17:54सब्सक्रिप्शन की कैसे होती है? उसके लिए
- 17:56बेटा एक लॉजिक का ध्यान रखना है। डिबेंचर
- 17:58का पैसा एक बारी में भी आ सकता है और
- 18:01शेयर्स की तरह पार्ट्स के अंदर भी आ सकते
- 18:04हैं। डिबेंचर्स का पैसा एक बारी में भी आ
- 18:07सकता है और तोड़-त कर भी आ सकता है। ठीक
- 18:10है?
- 18:12अब इसके अंदर क्या रहेंगे लॉजिक्स आपके
- 18:17जो डिबेंचर्स का अमाउंट है डिबेंचर्स का
- 18:20पैसा
- 18:23जब आप डिबेंचर्स इशू कर रहे हो ना तो पैसा
- 18:27पार्ट्स में भी आ सकता है। पार्ट्स मतलब
- 18:29इंस्टॉलमेंट्स में भी आ सकता है। जैसे
- 18:32लगभग 90% शेयर्स के क्वेश्चन में पैसा
- 18:35इंस्टॉलमेंट्स में आता था। पहले पैसा सबसे
- 18:38पहले आता है एप्लीकेशन पर। एप्लीकेशन पर
- 18:41अलॉटमेंट पर
- 18:44कॉल्स है तो कॉल्स पर कॉल्स दो प्रकार की
- 18:47होती है। फर्स्ट कॉल और सेकंड कॉल।
- 18:50यूजुअली आपको एक पैटर्न बताऊं तो शेयर का
- 18:52क्वेश्चन पार्ट्स वाला ही आता है।
- 18:55डिबेंचर्स का क्वेश्चन ऐसा भी आ जाता है
- 18:57कि पूरा पैसा एक बारी में आया।
- 19:00फुल अमाउंट एट वंस। सारा पैसा एक ही बारी
- 19:06में आया। अब ऐसे में डाउट बनेगा यार कि
- 19:09अगर एप्लीकेशन का होता हम एप्लीकेशन
- 19:11लिखते। अलॉटमेंट का होता हम अलॉटमेंट
- 19:13लिखते। फर्स्ट कॉल होता फर्स्ट कॉल लिखते।
- 19:16सेकंड कॉल होता तो सेकंड कॉल लिखते। अगर
- 19:19सारा पैसा एक ही बारी में आया है तो क्या
- 19:21लिखेंगे? तो ऐसे में बेटा एप्लीकेशन एंड
- 19:24अलॉटमेंट इकट्ठे लिखा जाता है। जब तक
- 19:27न्यूमेरिकल नहीं करोगे तब तक समझ नहीं
- 19:29आएगा। अभी तो बस एक इसका लॉजिक का
- 19:31स्क्रीनशॉट लो नोट्स बनाने के लिए।
- 19:40अब एंट्रीज भाई बिल्कुल जो बेसिक से बेसिक
- 19:43बच्चा भी है ना वो जनरल एंट्रीज का ध्यान
- 19:46रखें एंट्रीज कैसे होती है
- 19:50नॉर्मल एंट्रीज कितनी होती है शेयर और
- 19:52डिबेंचर में शेयर्स और डिबेंचर की जो
- 19:54बेसिक आठ एंट्रीज होती है ना बेसिक आठ अगर
- 19:58अह एप्लीकेशन अलॉटमेंट फर्स्ट कॉल और
- 20:00सेकंड कॉल पे पैसा आ रहा है तो उसका जैसे
- 20:03फॉर एग्जांपल हमें पता है सबसे पहले पैसा
- 20:05किसका आता है? एप्लीकेशन का। सबसे पहले
- 20:08पैसा आता है एप्लीकेशन का।
- 20:13एप्लीकेशन की दो एंट्री होती है बेटा।
- 20:15पहली बैंक अकाउंट डेबिटेड वाली जिसमें
- 20:18पैसा आता है। दूसरी उसको एडजस्ट करने
- 20:20वाली। उसके बाद अलॉटमेंट। उसके बाद से
- 20:23बेटा क्या होता है? पहले ड्यू वाली एंट्री
- 20:25होती है। फिर बैंक वाली एंट्री होती है।
- 20:27और अगर कॉल्स भी है तो पहले ड्यू वाली
- 20:30एंट्री और फिर बैंक वाली एंट्री। बस जो
- 20:33पहली एंट्री होती है ना उसमें पहले बैंक
- 20:36वाली होती है। कैसे अभी करके देखते हैं।
- 20:38जैसे फॉर द वेरी फर्स्ट टाइम आप पे पैसा
- 20:40आया तो बैंक अकाउंट डेबिटेड
- 20:45टू परसेंटेज
- 20:47डिबेंचर्स एप्लीकेशन अकाउंट। पहली एंट्री।
- 20:51ये हो गई एप्लीकेशन का पैसा रिसीव होने
- 20:54वाली एंट्री। सेकंड एंट्री अगर मैं मान
- 20:56रहा हूं फुल सब्सक्रिप्शन का क्वेश्चन है
- 20:58कुछ फालतू नहीं है तो बस ये जो क्रेडिट था
- 21:01अब डेबिट में परसेंटेज डिबेंचर्स
- 21:03एप्लीकेशन अकाउंट डेबिटेड
- 21:06टू परसेंटेज डिबेंचर्स जो आप सामने वाली
- 21:10पार्टी को डिबेंचर्स दे देंगे
- 21:13डिबेंचर्स देने की एंट्री पहले पैसा आया
- 21:16फॉर द वेरी फर्स्ट टाइम आपके पास पैसा
- 21:18आएगा उसके बाद आप डिबेंचर्स दोगे फिर थर्ड
- 21:22इसके बाद से क्या होता है भाई सामने वाला
- 21:24आपका डिबेंचर होल्डर बन गया। अब उसको पहले
- 21:27ड्यू करोगे हर बारी जबजब इंस्टॉलमेंट आएगी
- 21:30और फिर वो आपको पैसे देगा। तो परसेंटेज
- 21:34डिबेंचर अलॉटमेंट अकाउंट डेबिटेड टू
- 21:39परसेंटेज डिबेंचर्स अकाउंट और फोर्थ बैंक
- 21:44में पैसा आने की। बैंक अकाउंट डेबिटेड
- 21:48किसका पैसा आया ये? अलॉटमेंट का। तो टू
- 21:50परसेंटेज डिबेंचर अलॉटमेंट अकाउंट। ऐसी
- 21:54बेटा कॉल की एंट्री कॉल्स की फर्स्ट कॉल
- 21:56हो सेकंड कॉल हो कोई फर्क नहीं पड़ता
- 22:02परसेंटेज डिबेंचर कॉल्स अकाउंट डेबिट
- 22:05फर्स्ट कॉल हो तो फर्स्ट कॉल सेकंड कॉल हो
- 22:07तो सेकंड कॉल टू परसेंटेज डिबेंचर्स
- 22:09अकाउंट
- 22:11और
- 22:13जब कॉल वाला पैसा आएगा तो बैंक अकाउंट
- 22:15डेबिटेड टू कौन सा पैसा आया कॉल का तो टू
- 22:18परसेंटेज डिबेंचर जो भी कॉल होगी ये बेसिक
- 22:22आपकी छह से आठ एंट्री एंट्रियां रहती हैं।
- 22:24आठ क्यों बोल रहा हूं मैं? अगर दो कॉलें
- 22:26होंगी तो दो एंट्रियां और रहेंगी। ठीक है?
- 22:28वो इसका स्क्रीनशॉट लीजिए।
- 22:32और अगर बेटा पैसा सारा एक ही बारी में आया
- 22:36है। सारा का सारा पैसा वंस रिसीव हुआ है।
- 22:39एक ही बारी में आप पे रिसीव हुआ है। सारा
- 22:42पैसा एक बारी में रिसीव हुआ है। क्योंकि
- 22:44बेटा बहुत सारे डिबेंचरों के क्वेश्चन में
- 22:46पैसा एक ही बारी में रिसीव होता है। बहुत
- 22:49सारे डिबेंचर्स के क्वेश्चन में पैसा एक
- 22:52ही बारी में रिसीव हो के आता है। तो
- 22:55क्वेश्चन से करते हैं। ज्यादा बेहतर समझ
- 22:58आएगा। फॉर एग्जांपल क्वेश्चन है अ कंपनी
- 23:05अ कंपनी
- 23:07ऑफर्ड
- 23:10फॉर पब्लिक सब्सक्रिप्शन
- 23:1710,000
- 23:199% डिबेंचर डिबेंचर से पहले जो परसेंटेज
- 23:23होता है वो उसका इंटरेस्ट रेट होता है। हम
- 23:25उसकी भी एंट्री सीखेंगे
- 23:27ऑफ़ 100 ईच
- 23:34फुल स्टॉप जो भी है द पब्लिक
- 23:38सब्सक्राइब फॉर
- 23:43ऑल ऑफ़ देम। पूरे 10,000 के 10,000 को
- 23:46पब्लिक ने सब्सक्राइब कर दिया। फुल
- 23:48सब्सक्रिप्शन हुई है इसकी। एंट्री कैसे
- 23:50होगी भाई? कुछ नहीं बोला है एप्लीकेशन
- 23:52अलॉटमेंट। सारा पैसा एक बारी में आएगा। तो
- 23:54क्या लिखोगे? एप्लीकेशन एंड अलॉटमेंट।
- 23:56सिंपल एंट्री करोगे पैसा आएगा। बैंक
- 23:59अकाउंट डेबिटेड
- 24:02टू 9% डिबेंचर। जब इकट्ठा पैसा आता है तो
- 24:06सिर्फ एप्लीकेशन नहीं लिखते। क्या लिखते
- 24:07हैं? एप्लीकेशन एंड अलॉटमेंट अकाउंट।
- 24:10एंट्री कैसी होगी बेटा? बड़ा सिंपल है।
- 24:1210,000 डिबेंचर है। कितने का है? 100 ईच
- 24:15का। 10,000 * 100
- 24:2010 लाख
- 24:22[संगीत]
- 24:24और फिर इसको एडजस्ट करने की एंट्री
- 24:289% डिबेंचर
- 24:31एप्लीकेशन एंड अलॉटमेंट अकाउंट डेबिटेड
- 24:36टू 9%
- 24:38डिबेंचर्स अकाउंट सेम अमाउंट से।
- 24:46इसका स्क्रीनशॉट ले लीजिए भाई।
- 24:58और इस चैप्टर में कहां लॉजिक आता है आपका?
- 25:04इंटरेस्ट का भी लॉजिक होता है बेटा।
- 25:05रिडेंशन का भी लॉजिक होता है। बहुत सारे
- 25:07लॉजिक्स हैं।
- 25:30अगले लॉजिक पे आ जाओ। इंटरेस्ट ऑन
- 25:32डिबेंचर्स कैसे दिया जाता है? इंटरेस्ट ऑन
- 25:35डिबेंचर्स।
- 25:38इंटरेस्ट
- 25:39ऑन डिबेंचर्स।
- 25:45एक बात ध्यान रखना बहुत बच्चों को
- 25:47कंफ्यूजन होती है। क्यों? बहुत सारे
- 25:49क्वेश्चन ना थोड़ा उलझाने वाले होते हैं।
- 25:51लाइक क्वेश्चन में ऐसा लिखा हुआ है।
- 25:55अ कंपनी इशूड
- 25:599%
- 26:01डिबेंचर्स
- 26:03एट अ
- 26:06प्रीमियम ऑफ
- 26:0810%
- 26:11एंड रिडीमेबल
- 26:16एट अ प्रीमियम ऑफ 25% तो बच्चा पूरा खेल
- 26:22जाता है कि यार यह तो 33 परसेंटेज आ गए 9%
- 26:2510% 25% और मान लो ये डिबेंचर 100 ईच का
- 26:30था 100 ईच का
- 26:33इशू कितने पे करा है 10% के प्रीमियम पर
- 26:36यानी 110 में इशू करा होगा और कल को जब
- 26:39रीपेमेंट होएगी तो 25% के प्रीमियम पर
- 26:41होगी यानी 125 के हिसाब से तो बच्चा
- 26:44कंफ्यूज हो जाता है कि इंटरेस्ट रेट कौन
- 26:46सा है और प्रीमियम वगैरह का डिस्काउंट
- 26:48वगैरह का रेट कौन सा है? तो ध्यान रखना
- 26:52इंटरेस्ट ऑन डिबेंचर हमेशा फेस वैल्यू पर
- 26:54लगता है। डिबेंचर की फेस वैल्यू ओरिजिनल
- 26:57वैल्यू कितनी है? 100 तो इंटरेस्ट उसके
- 26:59हिसाब से लगेगा। दूसरी बात सिंपल ट्रिक
- 27:02है। डिबेंचर से पहले जो परसेंटेज लिखी
- 27:04होती है ना वो उसका इंटरेस्ट रेट होता है
- 27:06जिसको कूपन रेट बोलते हैं। इस पूरे
- 27:08क्वेश्चन में डिबेंचर से पहले क्या लिखा
- 27:10है? 9% तो इसका इंटरेस्ट रेट क्या है? 9%।
- 27:13इसका ध्यान रखिएगा। अब इसकी एंट्री क्या
- 27:16होती है? वो भी समझ लेते हैं।
- 27:20डिबेंचर होल्डर को इंटरेस्ट जाता है। उसकी
- 27:23एंट्री क्या होती है? सबसे पहले एंट्री
- 27:25ड्यू करके दिखाएंगे।
- 27:28इन पहली एंट्री
- 27:30इंटरेस्ट
- 27:32ऑन डिबेंचर्स
- 27:36अकाउंट डेबिटेड किसको मिलेगा? किसको
- 27:40मिलेगा इंटरेस्ट? डिबेंचर होल्डर को। तो
- 27:42टू डिबेंचर
- 27:44होल्डर्स अकाउंट इंटरेस्ट ऑन डिबेंचर टू
- 27:48डिबेंचर होल्डर और दूसरी एंट्री एक्चुअल
- 27:51पेमेंट की जब उनको एक्चुअल में पेमेंट दी
- 27:53जा रही है तो डेबिट द रिसीवर डिबेंचर
- 27:55होल्डर डेबिट कर देंगे क्योंकि ये रिसीवर
- 27:58है डिबेंचर होल्डर अकाउंट डेबिटेड अब बेटा
- 28:02इंटरेस्ट की पेमेंट कैसे करोगे चिट्ठी
- 28:04भेजोगे क्या बैंक से करोगे तो टू बैंक
- 28:08अकाउंट बस और कुछ भी नहीं लास्ट में जो कह
- 28:12रहे हैं राइट ऑफ नहीं बोला भैया आपने राइट
- 28:14ऑफ का भी सुन लो राइट ऑफ दो चार क्वेश्चन
- 28:16हो जाए तो ज्यादा बेटर रहेगा उसके बाद
- 28:18करते हैं ये बेसिक है अब इसके बाद राइट ऑफ
- 28:22का क्या है यार राइट ऑफ वाली बात भी आप
- 28:25सुन लो
- 28:27आपने हमेशा अपने क्वेश्चन में बोला हो या
- 28:31ना बोला हो आप राइट ऑफ करेंगे किस-किस को
- 28:34राइट ऑफ करा जाता है राइट ऑफ का मतलब होता
- 28:36है बेटा घाटे पूरे करना जैसे अपने टैक्स
- 28:39के बेनिफिट के लिए मान मान लो यार आपका
- 28:43इनकम टैक्स निकला कंपनी का लेट इट बी
- 28:45कॉर्पोरेट टैक्स निकला ₹1 लाख अब सामने
- 28:48भाई अपने टैक्स की लायबिलिटी को थोड़ा कम
- 28:51कर सकते हो कैसे अगर आप अपने प्रॉफिट्स को
- 28:54थोड़ा कम करके दिखा दो इसका मतलब ये नहीं
- 28:56है बेटा घपले करने लग जाने हैं प्रॉफिट्स
- 28:58कैसे जेन्युइन तरीके से कम करके बताओ
- 29:00उन्हें सामने वाली पार्टी को बोलो सर 10
- 29:02लाख आपको प्रॉफिट दिख रहा है इसमें आपने
- 29:04हमारी इंटरेस्ट पेमेंट तो गिनी नहीं हमने
- 29:08अपने डिबेंचर होल्डर्स को ₹1 लाख का
- 29:10इंटरेस्ट दिया वो वो भी तो माइनस करो। फिर
- 29:12टैक्स किस पे लगेगा? टैक्स लायबिलिटी क्या
- 29:14होगी? 9 लाख। उस तरीके से इनकम कम होगी तो
- 29:17टैक्स भी कम पे देना पड़ेगा। या फिर मान
- 29:21लो क्वेश्चन है कि डिबेंचर्स को 10% के
- 29:25डिस्काउंट पर इशू किया। डिबेंचर्स यार
- 29:27₹100 के थे। इशू करे हैं ₹90 के भाव पर।
- 29:30कल को आज नहीं तो कल, 2 साल, 4 साल, 5
- 29:34साल, 10 साल बाद। जब पैसा वापस करोगे तो
- 29:37₹90 के भाव थोड़ी करोगे यार। तो तो ₹100
- 29:39के भाव पैसा वापस करोगे उनका। इशू 90 में
- 29:42करा था 10 के घाटे में तो वह भी आपका एक
- 29:44लॉस है। उसको भी आपके प्रॉफिट से ही सेटल
- 29:47करना है आपको। और अगर आप रिडेंशन प्रीमियम
- 29:50पे करोगे कि यार डिबेंचर 100 में इशू कर
- 29:52दिया कल को 2 4 साल 5 साल 10 साल बाद जब
- 29:57वापस करोगे पैसा तो आप मान लो पैसा वापस
- 29:59करोगे 125 के भाव से आपको तो 25 का घाट है
- 30:03तो उसको आपको अपने प्रॉफिट्स में से कम
- 30:05करके दिखाना पड़ेगा ना तो वो राइट ऑफ की
- 30:08एंट्री होती है बेटा वो एंट्री किसकी होती
- 30:10है राइट ऑफ की राइट ऑफ वाली एंट्री वो
- 30:12होती है हेडिंग डाल लो
- 30:15राइट ऑफ
- 30:17राइट ऑफ कैसे करते?
- 30:22राइट ऑफ।
- 30:25एक तो भाई राइट ऑफ आपने ऑलवेज करना है।
- 30:28चाहे बोला हो चाहे ना बोला हो। किस-किस को
- 30:31करना है यार? तीन चीजों को राइट ऑफ करना
- 30:33है। जो जो कंपनी के घाटे होते हैं। खुद
- 30:35सोचो। एक तो इंटरेस्ट
- 30:38डिबेंचर होल्डर्स को इंटरेस्ट देते हो वो
- 30:40आपका एक घाटा ही है। एक तरीके से ये ना
- 30:43कहना भैया वो भी तो वर्क सारने के लिए
- 30:45जरूरी है। है तो घाटा हां वो जरूरी है
- 30:47वक्त सारने के लिए। सामने वाले से पैसे ले
- 30:49रखे हैं। उसको कुछ मोल तो देना पड़ेगा।
- 30:50ऊपर डिस्काउंट ऑन इशू अगर डिबेंचर्स इशू
- 30:54करने सारे लोग डिबेंचर्स खरीद रहे इस
- 30:56चक्कर में आपने डिस्काउंट पर बेच दिए या
- 30:59लोगों को अट्रैक्ट करने के लिए
- 31:05प्रीमियम ऑन रिडेंशन। रिडेंशन जो करोगे वो
- 31:09प्रीमियम पर करोगे। तो ये सारी चीजें। ठीक
- 31:12है? अब आपका यहां क्या रहेगा? प्रीमियम और
- 31:16रिडेंपशन किसके साथ आता है? लॉस ऑन इशू के
- 31:18साथ। उसकी एंट्री को हम अलग से दिखाते हैं
- 31:20लॉस ऑन इशू के नाम से। लॉस ऑन इशू बेटा कब
- 31:24आता है? जब आप अपने डिबेंचर्स को
- 31:30रिडीम कर रहे होते हो। जब आप अपने
- 31:32डिबेंचर्स को रिडीम कर रहे होते हो। किस
- 31:34टाइम पर? जब आप अपने डिबेंचर्स को रिडीम
- 31:36कर रहे होते हो एट अ प्रीमियम। तो आपने इन
- 31:40तीन जगह पर राइट ऑफ करना ही करना है। राइट
- 31:43ऑफ करते कैसे हैं भाई? सिंपल।
- 31:47टू जो भी राइट ऑफ कर रहे हो डिस्काउंट ऑन
- 31:50इशू तो डिस्काउंट लॉस है तो लॉस इंटरेस्ट
- 31:53है तो इंटरेस्ट ये डब्बा क्यों बना दिया
- 31:55भैया आपने भी डब्बा बनाना है नहीं जी आपने
- 31:57नहीं बनाना इस डब्बे में क्या आएगा या तो
- 32:00इस डब्बे में आएगा एसपीआर अगर आपके पास ये
- 32:03शेयर डिबेंचरों के थ्रू कोई सिक्योरिटी
- 32:05प्रीमियम रिजर्व बना है तो पहले वो वाला
- 32:07अमाउंट यूटिलाइज करोगे जब वो खत्म हो
- 32:09जाएगा तो अपने प्रॉफिट्स में से पैसा
- 32:11निकालोगे स्टेटमेंट ऑफ पीएंडएल सीक्वेंस
- 32:14का ध्यान रखना बेटा बेटा ठीक है ये थी कुछ
- 32:18जनरल बातें और भाई लॉजिक इसके अंदर बस
- 32:22रिडेंशन वाली बची है फिर लॉजिक और क्या है
- 32:24रिडेंपशन का क्या केस है ओके स्क्रीनशॉट
- 32:28लो यार
- 32:31और इसमें क्या लॉजिक आते हैं
- 32:43रिडेंशन ऑफ़ डिबेंचर्स मतलब रिडेंशन का
- 32:47मतलब होता है जब आप डिबेंचर होल्डर्स की
- 32:49क्या कर रहे हो? रीपेमेंट कर रहे हो। उनका
- 32:51पैसा उनको वापस कर रहे हो। इसके ना बेटा
- 32:54केसेस हो सकते हैं। जो रिडेंशन ऑफ़ डिबेंचर
- 32:57का कांसेप्ट है ना रिडेंशन ऑफ़ डिबेंचर
- 33:01डिबेंचर्स की रीपेमेंट करना। डिबेंचर
- 33:03होल्डर्स को उनका पैसा वापस करना। तीन
- 33:06केसेस बनते हैं। रिडेंशन एट पार,
- 33:10रिडेंशन एट प्रीमियम। जो सोच रहे हैं ना
- 33:13तीसरा केस क्या बोलने वाले हैं? रिडेंशन
- 33:15एट डिस्काउंट।
- 33:18रिडेंशन एट डिस्काउंट होती नहीं है। आप
- 33:21सामने वाले के साथ गलत नहीं कर सकते कि
- 33:23₹100 के भाव पर उससे पैसे लिए और वापसी
- 33:26करोगे ₹70 के भाव पर। ₹80 के भाव पर। ना
- 33:29जी ना। बेईमानी तो करनी नहीं। रिडमशन एंड
- 33:32डिस्काउंट होता नहीं है। या तो आप सामने
- 33:34वाले को जिसने आपको पैसे दिए थे उसको उसका
- 33:37पैसा उसी भाव पर वापस करोगे या फिर थोड़ा
- 33:40एक्स्ट्रा करके दे सकते हो। लेकिन
- 33:42डिस्काउंट पर तो कभी नहीं। ठीक है? पार का
- 33:44मतलब क्या है? कि 100 में इशू करा था। इशू
- 33:47भी ₹100 में करा था और कल को ₹100 में ही
- 33:50उसको रिडीम भी कर दोगे। प्रीमियम का मतलब
- 33:53क्या होता है? कि इशू 100 में कराओ। बेशक
- 33:5670-80 में 90 में कराओ लेकिन रिडीम 120
- 33:59में कर रहे हो।
- 34:01कल को पैसा उसको 120 के भाव पर दोगे।
- 34:03इन्वेस्टर का फायदा आपका घाटा। ठीक है?
- 34:06कंपनी क्यों कर रही है फिर घाटा? यार
- 34:08इन्वेस्टर अट्रैक्ट करने के लिए डिस्काउंट
- 34:10देना पड़ता है। आपको अपना काम भी तो चलाना
- 34:12है वो सब चीजें। अब बेटा खास बात क्या है?
- 34:16अगर रिडेंशन ऑफ़ डिबेंचर पार पर हो रही है
- 34:19ना तो इशू की एंट्री पर इफेक्ट नहीं आता।
- 34:26लेकिन अगर रिडेंशन प्रीमियम पर हो रही है
- 34:29तो इशू की एंट्री पर इफेक्ट आता है।
- 34:34क्या आता है वो अभी पढ़ेंगे हम। ठीक है?
- 34:37यहां पर तो इशू की एंट्री पर कोई इफेक्ट
- 34:39ही नहीं आएगा कि मान लो क्वेश्चन ऐसा है
- 34:41कि x लिमिटेड इशू 10,000 9% डिबेंचर्स एट
- 34:46अ प्रीमियम ऑफ़ 20% इशू प्रीमियम पे करें।
- 34:49रिडीमेबल एट अ रिडीमेबल एट पार तो वहां पर
- 34:52इशू पर कोई इफ़ेक्ट नहीं आएगा। जो बेसिक
- 34:55एंट्री करते हो वैसे ही करोगे। लेकिन अगर
- 34:57रिडमशन है प्रीमियम है तो इशू पर इफेक्ट
- 35:01आएगा। वो हम करके देखते हैं। अभी
- 35:17मान लो आपका केस है इशू ऑफ डिबेंचर्स।
- 35:24एंड
- 35:27रिडमशन एट प्रीमियम
- 35:32एंड रिडेंशन एट प्रीमियम
- 35:36डिबेंचर्स इशू करे हैं और रिडेंशन हो रही
- 35:38है प्रीमियम पर। तो भाई तीन केसेस बन सकते
- 35:42हैं। डिबेंचर्स इशू तो कैसे भी कर सकते हो
- 35:44ना? मान लो इशू करा है पार पर। इशूड एट
- 35:49पार। इशू तो पार पर ही करा है लेकिन
- 35:52रिडेंशन हो रही है प्रीमियम पर
- 35:56रिडेंशन एट
- 35:59प्रीमियम
- 36:01तो क्या होगा भाई जो भी इफेक्ट आएगा ड्यू
- 36:04वाली एंट्री में आएगा बैंक वाली एंट्री
- 36:06में नहीं आएगा मान लो इसका कि अभी
- 36:09मल्टीप्लाई वगैरह बिलकुल बेसिक समझते हैं
- 36:11कि ₹100 के डिबेंचर्स थे 100 में ही इशू
- 36:14करे हैं और कल को जब हम उसको रिडीम करेंगे
- 36:17लेट इट बी तो मान लो हम उसको रिडीम करेंगे
- 36:20फॉर एग्जांपल ₹20 के प्रीमियम पर तो कैसे
- 36:24एंट्रीज होगी? पहले बेसिक इशू की एंट्री
- 36:26कर दो। क्या लॉजिक होता है? पहले बेसिक
- 36:28इशू की एंट्री कर दो। क्या होती है? बैंक
- 36:30अकाउंट डेबिटेड टू जितना भी परसेंटेज
- 36:34डिबेंचर एप्लीकेशन एंड अलॉटमेंट अकाउंट
- 36:37है। ₹100 के डिबेंचर है तो ₹100 से एंट्री
- 36:39कर लो। दूसरी एंट्री बेसिक क्या होती है?
- 36:42परसेंटेज डिबेंचर
- 36:45एप्लीकेशन एंड अलॉटमेंट अकाउंट डेबिटेड
- 36:48टू परसेंटेज डिबेंचर्स 100 100 फर्क क्या
- 36:54पड़ेगा बेटा? फिर अगर रिडेंशन एट प्रीमियम
- 36:56है ना तो दो जगह फर्क पड़ता है क्योंकि
- 36:58ड्यूल वाला एस्पेक्ट है। हर एक एंट्री के
- 37:00दो इफेक्ट होंगे डेबिट और क्रेडिट। डेबिट
- 37:02में आ जाता है लॉस ऑन इशू।
- 37:07और क्रेडिट में आ जाता है प्रीमियम ऑन
- 37:11रिडेंशन। दोनों अमाउंट सेम रहेंगे। मान लो
- 37:15₹20 के प्रीमियम पर है तो यह भी 20 से ये
- 37:17भी 20 से। तो भैया इसमें फर्क क्या पड़ा?
- 37:19बेसिक एंट्री कर दो। थोड़ा गैप छोड़ दो।
- 37:21अगर रिडेंशन एट प्रीमियम है तो डेबिट में
- 37:23लॉस ऑन इशू और क्रेडिट में प्रीमियम ऑन
- 37:26रिडमशन। स्क्रीनशॉट लो बेटा बेटा।
- 37:31दूसरा केस
- 37:33इन एंट्रीज के थ्रू मैं आपको अ प्रीमियम
- 37:36प्रीमियम, डिस्काउंट, डिस्काउंट, इशू भी
- 37:38साथ ही समझा दूं।
- 37:40मान लो दूसरा केस है कि इशू भी प्रीमियम
- 37:43पर करा।
- 37:45मान लो ₹10 के प्रीमियम पर इशू करा है और
- 37:48रिडेंशन जो हो रही है कल को फ्यूचर में वह
- 37:52₹20 के प्रीमियम पर हो रही है तो क्या
- 37:54इफेक्ट पड़ेगा? पहले बेसिक इशू की एंट्री
- 37:56कर दो अपनी जो बेसिक एंट्री होती है।
- 38:00बैंक अकाउंट डेबिटेड और ये ₹100 वाला
- 38:03डिबेंचर था। ठीक है? ₹100 का डिबेंचर था
- 38:06टोटल टू परसेंटेज डिबेंचर एप्लीकेशन एंड
- 38:11अलॉटमेंट अकाउंट। एंट्री किससे होगी? 110
- 38:14से भूल गए तो कोई नहीं पहले दूसरी एंट्री
- 38:16कर लेते हैं फिर देखेंगे
- 38:19परसेंटेज डिबेंचर
- 38:21एप्लीकेशन एंड अलॉटमेंट अकाउंट डेबिटेड
- 38:26टू परसेंटेज डिबेंचर्स क्योंकि मैंने बेटा
- 38:29प्रीमियम पर इशू करे थे तो क्रेडिट में टू
- 38:32सिक्योरिटी प्रीमियम रिजर्व एंट्री अब
- 38:34देखो कैसे होती है प्रीमियम कितने का था
- 38:36₹10 का डिबेंचर्स कितने के थे ₹100 के तो
- 38:39टोटल कितना हो गया 110 बैंक में कितना
- 38:42आएगा 110 ये आपकी है बेसिक इशू की एंट्री।
- 38:46प्रीमियम का क्या फर्क पड़ेगा? कुछ नहीं।
- 38:48मैंने आपको बोला बेसिक एंट्री डाल दो। बाद
- 38:51में डेबिट में लॉस ऑन इशू। ये इशू के टाइम
- 38:54से ही लॉस हो गया। क्योंकि कल को रीपेमेंट
- 38:56प्रीमियम पर होएगी टू प्रीमियम ऑन रिडमशन।
- 39:00प्रीमियम ऑन रिडमशन। जितने अमाउंट का
- 39:03प्रीमियम कल को होगा 20 20 एंट्री मैच
- 39:06होगी। ले लो स्क्रीनशॉट फटाफट।
- 39:16लास्ट केस बेटा सबसे ज्यादा घाटा जहां
- 39:18कंपनी को होता है। इशू करा डिस्काउंट पर
- 39:21और रिडेंपशन होगी प्रीमियम पर। इशू करा
- 39:24डिस्काउंट पर और रिडेंपशन होगी प्रीमियम
- 39:26पर। कंपनी दोनों तरफ से पीसी। 100 वाला
- 39:28डिबेंचर चेक वहां भी 90 में दिया। ₹10 का
- 39:30घाटा पहले बहाव हुआ। अब कल को इसी ₹100
- 39:33वाले डिबेंचर की रीपेमेंट करेंगे 120 पे।
- 39:36कि ₹20 का घाटा वहां अलग हो गया। और सबसे
- 39:38ज्यादा घाटा ये बहुत टच्ची कंपनियां करती
- 39:41है जिनकी मार्केट में गुडविल नहीं होती
- 39:43इज्जत नहीं होती कि पैसा चाहिए तो भैया आप
- 39:46ले भी सकते कल को चुकाएंगे भी फालतू में
- 39:49वो चीज
- 39:50तो मान लो इशूड एट डिस्काउंट मान लेते हैं
- 39:56हमने ₹10 के डिस्काउंट पर इशू करा है और
- 39:58कल को रिडेंशन जो होगी वो प्रीमियम पर
- 40:02होगी एंड लेटेड भी वो प्रीमियम रहेगा 20
- 40:05का एंट्रियां कैसे होंगी और डिबेंचर है
- 40:08टोटल ₹100 की वैल्यू को। पहली एंट्री
- 40:11पहले बेशक अपनी इशू की एंट्री कर दिया
- 40:14करो। बैंक अकाउंट डेबिटेड टू परसेंटेज
- 40:16डिबेंचर इकट्ठा पैसा आता है तो एप्लीकेशन
- 40:18एंड अलॉटमेंट अकाउंट।
- 40:22दूसरी एंट्री बेसिक क्या होती है?
- 40:24परसेंटेज डिबेंचर
- 40:26एप्लीकेशन एंड अलॉटमेंट। पिछले में अगर
- 40:29अलॉटमेंट मैंने नहीं लिखा था ना तो तुम
- 40:30लिखोगे इकट्ठा पैसा होता है। अगर टू
- 40:33परसेंटेज थोड़ा गैप छोड़ के लिख लिया करो।
- 40:35एंट्री लिया टू परसेंटेज डिबेंचर्स अकाउंट
- 40:39कैसे इशू करा था भैया डिस्काउंट पर हमारा
- 40:42क्या था घाटा डेबिट ऑल एक्सपेंसेस एंड
- 40:44लॉसेस तो पहले बेसिक इशू की एंट्री कर रहा
- 40:46हूं मैं डेबिट में आ जाएगा डिस्काउंट ऑन
- 40:49इशू अकाउंट
- 40:52अब देख लो पहले नीचे वाली एंट्री कर लो
- 40:54क्या हो गया अमाउंट लिख देंगे अभी ₹100 का
- 40:57डिबेंचर था ₹10 के डिस्काउंट पर दिया है
- 41:01ठीक है जी तो डिबेंचर कितने का था ₹100 का
- 41:05₹10 ₹10 के डिस्काउंट पर दिया तो यहां
- 41:07क्या आएगा? 90 बैंक में भी कितना पैसा
- 41:09आएगा? 90 क्योंकि यार ₹100 वाली चीज़ ₹10
- 41:12के डिस्काउंट पर दे दी तो 90 में छुपवाई
- 41:14है। ये तो बेसिक हो गया। अब कल को रिडेंशन
- 41:17होएगी प्रीमियम पर। तो क्या इफ़ेक्ट डालना
- 41:19है? डेबिट में लॉस ऑन इशू।
- 41:23क्रेडिट में
- 41:25टू प्रीमियम ऑन रिडेंशन। कितना? जितना है
- 41:29भाई। कितना है? 20 और 20 90 100 120 120
- 41:3410 दैट्स ऑल दैट्स ऑल इसके अलावा लॉजिक
- 41:39क्या है न्यूमेरिकल
- 41:41बाकी भाई छोटे-मोटे लॉजिक्स हैं छोटे-मोटे
- 41:43लॉजिक्स लाइक आपके जो शेयर्स में भी अभी
- 41:47आपने हाल फिलहाल में बहुत ज्यादा बार कर
- 41:49लिए कि अगर टुकड़ों में पैसा आ रहा है तो
- 41:53सामने वाली पार्टी का कोई बंदा हो कोई
- 41:57बंदा हो जिसने आपकी अलॉटमेंट में घपला कर
- 42:00दिया कॉल्स इन एरियर कॉल्स इन एडवांस वाला
- 42:02वो छोटा-मोटा लॉजिक है वो लाइव ही पूछ
- 42:04लेना जब बैठ के क्वेश्चंस कर रहे होगे फिर
- 42:06भी एक बार बेसिकली बताऊं तो कॉल्स इन
- 42:09एरियर्स और कॉल्स इन एडवांस का इफेक्ट
- 42:11ड्यू वाली एंट्री पर नहीं आता बैंक वाली
- 42:14एंट्री पर आता है और एक बात ताकि आप
- 42:16कंफ्यूज ना हो मैं बता दूं जनरल सी जनरल
- 42:19बात बेटा ये है कि अ जो आपकी वो वाली
- 42:22एंट्रीज होती है लेट इट बी
- 42:28कॉल एन एररियर और कॉल्स एंड एडवांस के
- 42:31उसका इफ़ेक्ट आता है बैंक वाली एंट्री पे
- 42:34और जो प्रीमियम और डिस्काउंट की होती है
- 42:37एडजस्टमेंट उसका इफ़ेक्ट आता है ड्यू वाली
- 42:39एंट्री पे। ओवर सब्सक्रिप्शन कैसे करते
- 42:41हैं भैया वो भी बताते हैं लगे हाथ। ओवर
- 42:43सब्सक्रिप्शन का सिंपल लॉजिक है यार। जो
- 42:46एक्सेस पैसा रिफंड हो रहा है वो टू बैंक
- 42:49करके रिफंड कर दोगे। और अगर एप्लीकेशन का
- 42:53पैसा आप प्रो रेट कर रहे हो उसके नेक्स्ट
- 42:55पे अलॉटमेंट पर उसको एडजस्ट कर दोगे टू
- 42:57शेयर अलॉटमेंट के नाम से। दैट्स ऑल और कुछ
- 43:00नहीं है इसमें। ठीक है? बाकी जो इसके लाइव
- 43:02क्वेश्चन करोगे डाउट आएंगे मार्क कर लेना।
- 43:05पूछ लेना और क्या?
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This page contains the full transcript of Class 12th Debentures | Full Chapter logics | by Anish's Academy, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 6,376 words across 873 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.
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