Class 11th Chemistry | Classification of Elements | Periodicity in Properties One shot by Ashu Sir — Transcript
Full transcript
- 0:00इमेजिन करते हैं कि आपके एरिया में दो
- 0:02शॉपिंग मॉल्स हैं। एक शॉपिंग मॉल में आप
- 0:05एंटर करते हो और वहां पे एंटर करते ही एक
- 0:07सेक्शन आपको कोल्ड ड्रिंक्स का मिलता है।
- 0:09एक सेक्शन आपको टूथब्रश और टूथपेस्ट का
- 0:12मिलता है। एक सेक्शन आपको मिलता है
- 0:14बिस्किट नमकीन का। एक सेक्शन आपको मिलता
- 0:16है सब्जियों का। अब अगर आप लेट अस सपोज
- 0:19टूथपेस्ट वाले सेक्शन में जाते हैं तो
- 0:21वहां पे भी आपको अलग-अलग ब्रांड्स मिलते
- 0:24हैं। एक्स वाई जेड और वाई ब्रांड में भी
- 0:26आपको अलग-अलग ऑप्शंस मिलते हैं। एक में
- 0:28भैया नमक है, एक में लौंग है, एक में
- 0:31लहसुन है, एक में अदरक है, एक में पुदीना
- 0:33है। एक में पता नहीं क्या-क्या है। और आप
- 0:35अपनी मनचाही टूथपेस्ट वहां से उठा के आते
- 0:37हो। कितना आसान है सब कुछ। लेकिन इमेजिन
- 0:39करो एक दूसरा शॉपिंग मॉल जहां पे एक बहुत
- 0:43बड़े कमरे में सब कुछ एक ढेर लगा के रखा
- 0:46गया है। एक पूरा इजिप्ट का पिरामिड टाइप
- 0:48बना के सारा सामान एक एरिया में मिक्स
- 0:50करके रखा हुआ है। कौन से शॉपिंग मॉल से
- 0:52शॉपिंग करना बहुत मुश्किल होगा। ऑब्वियस
- 0:55सी बात है सेकंड वाले शॉपिंग मॉल से
- 0:57क्योंकि सेकंड वाला शॉपिंग मॉल में कोई भी
- 1:00चीज क्लासिफाई नहीं हो रखी है और यह बात
- 1:02शॉपिंग मॉल के लिए मैंने नहीं बोली है।
- 1:04स्वागत है आप सभी का आशु 11 12th पे जहां
- 1:07पे मैं आशु भाई आपको दिल और दिमाग दोनों
- 1:10से पढ़ाता हूं। आई होप आप सभी लोग फिट एंड
- 1:12फाइन हैं। और आज हम लोग मिले हैं बहुत ही
- 1:15बेहतरीन प्रॉपर थ्योरी बेस्ड चैप्टर यानी
- 1:19कि पीरियडिक क्लासिफिकेशन ऑफ एलिमेंट्स
- 1:22एंड पीरियडिसिटी इन प्रॉपर्टीज जिसको हम
- 1:24प्यार से क्लासिफिकेशन ऑफ एलिमेंट्स बोलने
- 1:27वाले हैं। तो इस चैप्टर के अंदर हम लोग
- 1:30दुनिया में जितने भी एलिमेंट्स आज तक
- 1:32डिस्कवर हुए हैं, सबको एक क्लासिफिकेशन
- 1:36में यानी उनको एक क्लासिफाई करना चाहते
- 1:38हैं। उनको अलग-अलग झुंड में बांटना चाहते
- 1:40हैं। बट ऐसा क्यों? इसके बारे में बात
- 1:43करेंगे। फिर क्लासिफिकेशन पढ़ेंगे कि आज
- 1:45की डेट में हमारे पास ऐसी कौन सी टेबल है
- 1:49जिसमें हम लोग चीजों को क्लासिफाई करते
- 1:51हैं। जो कि मॉडर्न पीरियडिक टेबल है रंग
- 1:54बिरंगी। लेकिन इस मॉडर्न पीरियडिक टेबल से
- 1:57पहले हमारे पास कौन-कौन सी टेबल्स आई उनको
- 2:00पढ़ना भी बहुत जरूरी है। तो भैया पूरे वन
- 2:03शॉट को दिल और दिमाग से देखेंगे और वन शॉट
- 2:05को शुरू करने से पहले नीचे यहां पे एक
- 2:07लाइक का बटन दबा देंगे और आप सबको तो पता
- 2:10ही है कि ये वन शॉट आपको अच्छा लगने वाला
- 2:12है। तो पहले से प्यारा कमेंट छोड़ दो। अभी
- 2:14एक कमेंट ये छोड़ो कि वन शॉट आया तो कैसा
- 2:16लग रहा है आपको। फिर देखने के बाद भी ये
- 2:18कमेंट छोड़ना बिकॉज़ कमेंट करने से और लाइक
- 2:20करने से ये वन शॉट ज्यादातर बच्चों तक
- 2:23पहुंचेगा। तो लव यू। शुरू करते हैं
- 2:25पीरियडिक क्लासिफिकेशन ऑफ एलिमेंट्स।
- 2:28बच्चों वीडियो में आगे बढ़ने से पहले एक
- 2:30छोटी सी लेकिन बहुत इंपॉर्टेंट बात करने
- 2:32जा रहा हूं। हमारा बैच 2.0 ल्च हो चुका है
- 2:36जिसमें हम लोग रोज आके आपको लाइव पढ़ाने
- 2:40वाले हैं हर एक सब्जेक्ट। इसमें नाइंथ से
- 2:43लेके 12थ तक सारे बैचेस आपको हमारे ऐप पे
- 2:45मिलेंगे। साइंस के साथ-साथ कॉमर्स, एमडीए
- 2:48और सीयूईटी के भी बैचेस अवेलेबल हैं। तो
- 2:51फिर देर किस बात की? डिस्क्रिप्शन में दिए
- 2:53गए और फर्स्ट पिन कमेंट में दिए गए लिंक
- 2:55को क्लिक करो और बनो साइंस एंड फन के पेड
- 2:59बैच का हिस्सा। याद रहे जो डिस्काउंट है
- 3:01सारे पेड बैचेस में वो लिमिटेड टाइम के
- 3:04लिए ही वैलिड है। अब वीडियो में आगे बढ़ते
- 3:06हैं। तो चैप्टर की शुरुआत होती है सबसे
- 3:09पहले यहां से कि भैया हम लोगों को
- 3:11क्लासिफिकेशन करना क्यों है? क्लासिफिकेशन
- 3:14से फायदा क्या होगा? देखो अगर मैं आपको
- 3:17ऐसा बोलूं कि आपने 10थ क्लास में एक
- 3:19चैप्टर पढ़ा कार्बन एंड इट्स कंपाउंड्स।
- 3:21तो आपको क्या लगता है आपने कार्बन के बारे
- 3:23में कितनी पढ़ाई करी है? तो आंसर है आपने
- 3:25कार्बन के बारे में 1% यानी 1% पढ़ाई भी
- 3:28अभी नहीं की है। यानी 99% से भी ज्यादा
- 3:31पढ़ाई कार्बन की बची है। जिसका सीधा-सीधा
- 3:34मतलब ये है कि एक एलिमेंट के बारे में अगर
- 3:36पढ़ने में हमें इतना समय लगने वाला है तो
- 3:39दुनिया के सारे एलिमेंट्स को हम लोग पूरे
- 3:42जीवन में तो नहीं पढ़ सकते। तो क्यों ना
- 3:44उनको क्लासिफाई करा जाए। एग्जांपल के तौर
- 3:47पे अगर मैं आपको शायद सबको बायोलॉजी का
- 3:49अगर एग्जांपल दूं तो आप समझ पाओ कि मैमल्स
- 3:52क्या होते हैं? अब आप सबको पता है कि हम
- 3:55यानी ह्यूमंस भी मैमल है। डॉग कैट्स ये भी
- 3:59मैमल है और हम सब में कुछ प्रॉपर्टीज कॉमन
- 4:02है। क्या हम में बहुत सारी चीजें अलग भी
- 4:04है। यस। हम शेयर के बारे में अलग भी पढ़
- 4:07सकते हैं। हम डॉग के बारे में अलग भी पढ़
- 4:09सकते हैं। डॉग में भी अलग-अलग आपको पता है
- 4:10ब्रीड्स हैं। हम इंसानों के बारे में भी
- 4:12अलग पढ़ सकते हैं। लेकिन अगर आप मैमल्स के
- 4:16बारे में पढ़ते हो तो इन सबके बारे में
- 4:17बहुत कुछ कॉमन आ जाएगा। बिल्कुल ऐसे ही हम
- 4:20इस चैप्टर में देखेंगे कि अगर आपने लिथियम
- 4:23के बारे में पढ़ा तो सोडियम, पोटशियम,
- 4:25रूबिडियम, सीज़ियम, फ्रांशियम अभी आपको
- 4:27शायद ना समझ में आए लेकिन ये सारे
- 4:29एलिमेंट्स की प्रॉपर्टी सेम होने वाली है।
- 4:31क्या इनमें कुछ अलग नहीं होने वाला? क्या
- 4:33कुत्ते और क्या बिल्ली में कुछ अलग नहीं
- 4:35है? बट बहुत कुछ सेम भी है। तो ऐसे इन
- 4:38सारे एलिमेंट्स में बहुत कुछ चीजें अलग
- 4:40हैं। लेकिन बहुत सारी चीजें सेम भी हैं।
- 4:41तो क्लासिफिकेशन से होता क्या है? जब हम
- 4:43उनको क्लासिफाई करते हैं अलग-अलग झुंड
- 4:45में, अलग-अलग ग्रुप्स में तो हम एक
- 4:48एलिमेंट के बारे में पढ़ते हैं और बहुतों
- 4:50के बारे में जानकारी इकट्ठी कर लेते हैं।
- 4:52पहली बात यानी इससे पढ़ाई करना आसान तो
- 4:55होता ही है। सेकंड इससे कंपैरिजन हो पाता
- 4:57है। ये मैंने आपको शॉपिंग मॉल वाला
- 4:59एग्जांपल दिया। आप जब एक शॉपिंग मॉल में
- 5:01जाते हो एज कंपेयर टू जब आप एक शॉप में
- 5:03जाके शॉप करते हो, कुछ खरीदते हो तो क्या
- 5:05फर्क होता है? जब आप एक शॉपिंग मॉल में
- 5:07जाते हो तो सारी चीजें आपके सामने लगी
- 5:09होती है जिससे आप कंपेयर कर पाते हो कि
- 5:12यार इसका 100 ग्राम का टूथपेस्ट इतना रुपए
- 5:14का है और इसका 100 ग्राम इतने रुपए का।
- 5:17अच्छा यार इस ब्रांड में तो ये ये वैरायटी
- 5:19ये फ्लेवर आ रहे हैं। इसमें तो नहीं आ
- 5:20रहे। बिल्कुल ऐसे जब आपके सामने सारे
- 5:23एलिमेंट्स लगे होते हैं एक टेबल की फॉर्म
- 5:26में तो आप चीजों को कंपेयर कर पाते हो।
- 5:29जैसे हम आपको इस पूरे वन शॉट के एंड तक ये
- 5:31बताएंगे कि अगर ये हमारी मॉडर्न पीरियोडिक
- 5:34टेबल है जो कि मैंने अभी आपको दिखाई थी।
- 5:36तो उसके इस तरफ सारे मेटल्स आते हैं और इस
- 5:39तरफ नॉन मेटल्स आते हैं। तो अगर मुझे मेटल
- 5:42लेना है तो मैं इधर जाऊंगा। नॉन मेटल लेना
- 5:44है इधर जाऊंगा। और आपको ये भी पता चलेगा
- 5:46धीरे-धीरे कि जितना इधर रहोगे उतने अच्छे
- 5:49मेटल्स हैं। तो अच्छे मेटल्स के लिए मुझे
- 5:51कहां जाना है। ये सारी बातें जानने के बाद
- 5:53हम कंपैरिजन कर पाएंगे कि कहां कौन अच्छा
- 5:56मेटल है, कौन बुरा मेटल है, कौन अच्छा नॉन
- 5:59मेटल है, कौन अच्छा नॉन मेटल नहीं है। ये
- 6:01कंपैरिजन हो पाएगा अगर हमने एलिमेंट्स को
- 6:03क्लासिफाई किया होगा तो। एंड थर्ड जिसका
- 6:06अपना एक फायदा है कि हमें सिंगल ग्लांस
- 6:08में व्यू मिलता है। अब इसका क्या मतलब है?
- 6:10सिंगल ग्लांस व्यू का मतलब क्या है? आप
- 6:12समझे। अ जैसे कि ये बात मेरी गर्ल्स
- 6:16ज्यादा रिलेट कर पाएंगी। बॉयज हम लड़कों
- 6:18के पास सिर्फ एक ही जोड़ी कपड़ा होता है।
- 6:20आप सबको पता है ये शर्ट इस टीशर्ट के अंदर
- 6:23मैंने कितने सारे वन शॉट रिकॉर्ड किए।
- 6:25लेकिन ये जो मैं बोलने जा रहा हूं ये
- 6:27गर्ल्स ज्यादा रिलेट कर पाएंगी कि क्योंकि
- 6:30मैं मेरे घर में बहुत सारी फीमेल हैं। तो
- 6:32मैं जानता हूं इस बात को। कि जब कोई
- 6:35पार्टी होती है तो वो यह सोचती है कि यार
- 6:38कौन सी ड्रेस पहने और फिर जब उनको समझ में
- 6:40नहीं आता है वो कौन सी ड्रेस पहने तो वो
- 6:42अपनी अलमारी अपने कबर्ड खोल के सामने बैठ
- 6:45जाती हैं और सारी ड्रेसेस को एक नजर में
- 6:48देखती हैं और फिर उनको याद आता है अरे यह
- 6:50भी तो है अरे यह भी तो है लेकिन जब उनको
- 6:52कबर्ड ना खोल के दो और उनको सोचने के लिए
- 6:54बोलो तो उनके पास इतने सारे ड्रेसेस होते
- 6:56हैं कि वो सोच नहीं पाते कि कौन सी कौन सी
- 6:58है मैं कौन सी पहन सकती हूं लेकिन अलमारी
- 7:00खोलने के बाद या Instagram प्रोफाइल खोलने
- 7:03के बाद एक सिंगल ग्लांस व्यू मिलता है कि
- 7:05हां भाई यह यह ड्रेसेस है और यह पहन सकते
- 7:07हैं। तो इसके अपने फायदे हैं। जब आपके
- 7:09सामने अगर मैं आपको भी बोलूं अपने
- 7:11क्लासरूम के सारे बच्चों के नाम याद करो
- 7:14तो आप कुछ के करोगे कुछ के भूल भी जाओगे।
- 7:16कुछ के बड़े मुश्किल से याद आएंगे। लेकिन
- 7:17अगर मैं आपको क्लास की एक फोटो एक क्लास
- 7:19की एक फोटोग्राफ दिखा दूंगा। एक फोटो दिखा
- 7:21दूंगा तो आप अच्छा आप कहोगे अरे हां ये
- 7:23अरे रमेश रह गया था। अरे सुरेश रह गया था।
- 7:25अरे कुंती रह गई थी। अरे गुप्ता जी रह गए
- 7:27थे। ऐसे हो जाएगा आपके साथ। तो बिल्कुल
- 7:29सिंगल ग्लांस में व्यू मिलता है आपको जब
- 7:32आपके सामने सारे एलिमेंट्स लगे होते हैं।
- 7:34तो फायदे क्या हैं? पहला फायदा ऑब्वियस सी
- 7:36बात है कि इससे पढ़ाई जो है वो काफी आसान
- 7:38हो जाती है। हम दो एलिमेंट्स में कंपैरिजन
- 7:41कर पाते हैं जिसके अपने फायदे हैं। आपको
- 7:43सिंगल ग्लांस व्यू मिलता है। आप एक ही
- 7:45बारे में सारे एलिमेंट्स को देखते हो और
- 7:47आप उसके बाद क्या करना है उसका वो अलग बात
- 7:50है। लेकिन सिंगल ग्लांस व्यू देने में
- 7:52आपको ये हेल्प करता है जो कि अपने आप में
- 7:54एक बहुत इंपॉर्टेंट फायदा है। ठीक है?
- 7:56इसके बाद बात करें। मैंने आपको क्या कहा
- 7:58था कि हम मॉडर्न टेबल को पढ़ने से पहले ये
- 8:01पढ़ेंगे कि क्या-क्या हमारे पास अ पिछली
- 8:04कुछ क्लासिफिकेशंस आई जो फेल हो गई। जैसे
- 8:08हमने नील्स बोर जी के मॉडल को पढ़ने से
- 8:11पहले जे जे थॉमसन और रदरफोर्ड जी का मॉडल
- 8:14पढ़ा। इनको पढ़ने से एक तो थॉट प्रोसेस
- 8:16क्रिएट होता है और यह भी जानना जरूरी है
- 8:18कि हमारे पास्ट में क्या हुआ था ताकि हम
- 8:20उनकी गलतियों से कुछ सीखें। तो सबसे पहले
- 8:23डोबर्नर जी के ट्रायड्स आए। इनसे क्या
- 8:26सीखने को मिलेगा? पहली बात तो ये दुनिया
- 8:28के इनिशियल क्लासिफिकेशन में से एक था या
- 8:31कह सकते हो सबसे पहला पब्लिश्ड
- 8:33क्लासिफिकेशन भी था। अब डोबर्नर जिन का
- 8:36पूरा नाम डोबर्नर जी का पूरा नाम जॉन व्फ
- 8:39गैंग डोबर्नर था। इन्होंने क्या कहा?
- 8:42इन्होंने कहा कि मैं ऐसा करता हूं।
- 8:43एलिमेंट्स को तीन-तीन के ग्रुप्स में
- 8:45बांटता हूं। तभी इसका नाम पड़ा ट्रायड्स।
- 8:49तो इन्होंने हर एक एलिमेंट को कुछ इस
- 8:51प्रकार से तीन-तीन के ग्रुप्स में बांटा।
- 8:54ये हमारे जो ऑफलाइन के नोट्स हैं उसका
- 8:56स्क्रीनशॉट है। इसीलिए पीछे आपको यहां पे
- 8:59दिख रहा होगा कुछ। एक्चुअली हमारे ऑफलाइन
- 9:00सेंटर का नाम ओएसआर एकेडमी है। तो ये ओ है
- 9:04ये आर है या कुछ तो है ये। है ना? एस और
- 9:06आर का पार्ट है। खैर मैं क्या कह रहा था
- 9:09कि डोबर्नर जी ने क्या किया? दुनिया के
- 9:11जितने भी एलिमेंट्स थे उस वक्त उनको कोशिश
- 9:14किया कि वो तीन-तीन के झुंड में बांटे।
- 9:16तभी उसको बोला गया ट्रायड्स। और उन्होंने
- 9:19ये भी कहा कि जो ट्रायड्स में मैं बांट
- 9:21रहा हूं उसमें जो बीच वाला एलिमेंट है
- 9:24उसका जो मास होगा वो पहले और लास्ट वाले
- 9:27के एवरेज के लगभग बराबर होगा। जैसे
- 9:30एग्जांपल ये पढ़ लेंगे हम लेकिन जैसे
- 9:32इन्होंने पहला जो झुंड दिया पहला जो
- 9:34ट्रायड दिया वो था लिथियम सोडियम और
- 9:37पोटैशियम। अगर आप 39 और से को ऐड करोगे तो
- 9:41आपको मिलेगा 46। 46 का आधा करोगे तो 23।
- 9:45यहां तो एग्जैक्ट आ गया। लेकिन कई जगहों
- 9:47पर इन्होंने ये नहीं बोला एग्जैक्टली
- 9:49आएगा। उन्होंने कहा था लगभग आएगा। जैसे
- 9:51137 और 40 को ऐड करके डिवाइड बाय टू करोगे
- 9:53तो 87.5 के करीब आएगा। सिमिलरली 80 के
- 9:56करीब आएगा। तो इन्होंने अपने क्लासिफिकेशन
- 9:59के दौरान क्या बोला? डॉबरर्नर स्ट्रायट ने
- 10:02इतना बोला कि इन द कॉन्टेस्ट ऑफ़
- 10:03केमिस्ट्री रेफर्स टू द मेथड ऑफ
- 10:06क्लासिफिकेशन प्रोप प्रपोज्ड बाय जॉन वालफ
- 10:09डॉबर्नर जी इन अर्ली 19 सेंचुरी में
- 10:12इन्होंने दिया। ही ऑब्जर्व दैट सर्टेन
- 10:15ग्रुप्स ऑफ थ्री केमिकली सिमिलर एलिमेंट्स
- 10:17कॉल्ड ट्रायड्स। यानी कि तीन एलिमेंट्स के
- 10:20ग्रुप को उन्होंने ट्रायोड्स कहा जिनकी
- 10:21प्रॉपर्टी सिमिलर थी। हैड द प्रॉपर्टी दैट
- 10:24द एटॉमिक मास ऑफ द मिडिल एलिमेंट जो मिडिल
- 10:27एलिमेंट का एटॉमिक मास है वो
- 10:29एप्रोक्सीमेटली एवरेज होगा। एवरेज होगा
- 10:32एटॉमिक मास ऑफ दी अदर टू। है ना? ऑफ द अदर
- 10:36टू। एग्जांपल के तौर पे जो यहां पे लिथियम
- 10:40का मास है और यहां पे जो पोटैशियम का मास
- 10:43है उसको ऐड करेंगे और डिवाइड बाय टू
- 10:46करेंगे तो वो 23 आ गया जो कि इसके
- 10:49एग्जैक्टली या फिर एप्रोक्सीमेटली बराबर
- 10:52होगा। अब बड़ी प्रॉब्लम क्या है? इस पूरी
- 10:55क्लासिफिकेशन की क्या लिमिटेशंस हैं? उस
- 10:57पे भी आएंगे। बिकॉज़ लिमिटेशंस पढ़ना जरूरी
- 11:00है कि इनसे क्या गलतियां हुई? जो गलतियां
- 11:02हमसे नहीं होनी चाहिए। उस पे भी आएंगे।
- 11:05लेकिन पहले जिन्होंने तीन ट्रायोहेड्स दिए
- 11:08इनके बारे में कुछ खास बात करते हैं। पहले
- 11:10वाले को जिसको लिथियम, सोडियम, पोटैशियम
- 11:12बोला गया, ग्रुप वन बोला गया। उसमें
- 11:14क्या-क्या प्रॉपर्टीज कॉमन थी? जिसको
- 11:16ग्रुप ए भी बोला गया। सारे के सारे इसमें
- 11:18मेटल्स थे। सबकी वैलेंसी +1 थी और सबको
- 11:21बोला गया अल्कली मेटल्स। सबको बोला गया
- 11:24अल्कली मेटल्स। अब ये अल्कली मेटल्स क्या
- 11:27होता है? अल्कली तो आपको पता है। ये तो
- 11:29हमने 10थ में पढ़ा हुआ है। ऐसे बेस जो पानी
- 11:31में घुल जाते हैं उनको क्या कहते हैं?
- 11:33अल्कली। और ये अल्कली मेटल्स कौन होते
- 11:36हैं? जिनको ना पता हो। अल्कली मेटल्स कौन?
- 11:39मेटल्स
- 11:42मेटल्स व्हिच
- 11:45फॉर्म्स
- 11:49मेटल्स व्हिच फॉर्म वाटर सॉलुबल बेससेस।
- 11:57वाटर सॉलुबल बेससेस। यानी ऐसे मेटल्स जो
- 12:01बेस तो बनाएंगे और वह ऐसे बेस होंगे जो
- 12:03पानी में घुलते होंगे। जैसे कि सोडियम के
- 12:06बारे में सबको पता ही है NaOH बनाता है और
- 12:08ये पानी में घुलता है। ये KOH बनाता है और
- 12:11ये पानी में घुलता है। तो ऐसे मेटल्स
- 12:13जिनके बेस पानी में घुल जाए यानी कि जिनके
- 12:15बेस स्ट्रांग हो उनको अल्कली मेटल्स कहते
- 12:17थे। तो इनके अंदर क्या कॉमन? सब के सब
- 12:19मेटल्स थे। सबकी वैलेंसी +1 थी। सब अल्कली
- 12:22मेटल बोले गए। तो जो सेकंड ग्रुप दिया गया
- 12:24कैल्शियम, स्ट्रोंशियम और बेरियम इनमें भी
- 12:27सब के सब मेटल्स लेकिन इनकी वैलेंसी +2 थी
- 12:30और इनको अल्कलाइन अर्थ मेटल बोला गया।
- 12:33अगेन अल्कलाइन मेटल तो रीज़न सेम लेकिन
- 12:36अर्थ क्यों? क्योंकि ये अर्थ क्रस्ट से
- 12:38मिलते थे। है ना? इनके नाम में अर्थ इसलिए
- 12:41था क्योंकि ये अर्थ क्रस्ट से मिलते हैं।
- 12:43अभी भी अभी हम जब मॉडर्न टेबल पढ़ेंगे तो
- 12:46भी हम इनका नाम अल्कलाइन अर्थ मेटल और
- 12:48पीछे वालों को अल्कली मेटल ही बोलेंगे। बट
- 12:50ठीक है? इनका नाम अल्कलाइन अर्थ मेटल पड़ा।
- 12:53इनकी सबकी वैलेंसी +2 थी और ये सारे के
- 12:55सारे मेटल थे। लेकिन जो इन्होंने तीसरा
- 12:57ट्रायड दिया क्लोरीन, ब्रोमीन और आयोडीन।
- 13:00आई होप आपको पता है ये मेटल्स नहीं बल्कि
- 13:03नॉन मेटल्स थे। और इनकी जो वैलेंसी थी वो
- 13:07-1 थी और इन सबको बोला गया हैलोजंस। अब ये
- 13:11हैलोजंस का मतलब क्या होता है? हैलो का
- 13:14मतलब होता है सॉल्ट्स। ये मैंने आपको
- 13:16कार्बन एंड इट्स कंपाउंड में 10थ में
- 13:19थोड़ा बहुत बताया था। हैलो का मतलब होता
- 13:22है सॉल्ट्स।
- 13:25और जेनस का मतलब होता है प्रोड्यूसर।
- 13:28जेनस का मतलब होता है प्रोड्यूसर्स।
- 13:31तो हैलोजंस नाम कैसे पड़ा? क्योंकि ये लोग
- 13:35थे सॉल्ट प्रोड्यूसर्स। अब आप कहोगे सॉल्ट
- 13:38प्रोड्यूसर का मतलब उस जमाने में जितने भी
- 13:41सॉल्ट्स थे ज्यादातर के अंदर मैं कह रहा
- 13:43हूं सब के अंदर नहीं। ज्यादातर के अंदर ये
- 13:47लोग पाए जाते थे। इसीलिए इनका नाम हैलोजंस
- 13:50रखा गया था। सॉल्ट प्रोड्यूसर रखा गया था।
- 13:52हेलोजंस में हेलो का मतलब साल्ट्स होता
- 13:54है। जेन वर्ड आया जेनस से जिसका मतलब
- 13:56प्रोड्यूसर। तो इनका नाम हैलोजंस क्यों
- 13:58रखा गया? बिकॉज़ उस जमाने में ये लोग
- 14:01एक्चुअली में साल्ट्स बनाने में मेजॉरिटी
- 14:05साल्ट्स में ये लोग प्रेजेंट थे। अब आप
- 14:07सबको पता है सॉल्ट सल्फेट के भी हो सकते
- 14:09हैं। कार्बोनेट के भी हो सकते हैं। ऐसा
- 14:10कोई बात नहीं है। बट ये इनकी फैमिली बड़े
- 14:13अच्छे सॉल्ट बनाती थी। तो भैया ग्रुप सी
- 14:15में सारे के सारे नॉन मेटल आए। सबकी
- 14:17वैलेंसी -1 थी और सब हैलोज बोले गए। तो
- 14:20फिर क्या बुरा है? अरे सब कुछ तो बुरा है।
- 14:22कैसे? क्लासिफिकेशन का काम था सारे
- 14:25एलिमेंट्स को लगाना। लेकिन ये सिर्फ कितने
- 14:27ट्रायड्स ही दे पाए? तीन ट्रायड्स दे पाए।
- 14:29और हर एक में कितने एलिमेंट? तीन। तो 3 *
- 14:323 कितने एलिमेंट्स को क्लासिफाई किया? नौ।
- 14:35ठीक है? कोशिश के लिए इनको ताली। लेकिन
- 14:38घटिया क्लासिफिकेशन बिकॉज़ सिर्फ नौ
- 14:40एलिमेंट्स जो है वो क्लासिफाई कर पाए। मान
- 14:43लेते हैं ये सारे एलिमेंट्स को भी
- 14:44क्लासिफाई कर लेते हैं। ठीक है? और थोड़ी
- 14:46देर के लिए अभी राउंड ऑफ करके मान लेते
- 14:49हैं प्लीज कि 120 एलिमेंट हैं दुनिया में।
- 14:51ठीक है? अब अगर मान लेते आज की डेट तक
- 14:54इनका क्लासिफिकेशन सही भी चल रहा होता और
- 14:57ये तीन-तीन के झुंड में बांटते तो ये तो
- 14:5940 झुंड बनाते। तो क्या 40 झुंड के बारे
- 15:02में भी पढ़ना पॉसिबल है क्या? क्या 40
- 15:05झुंड के बारे में भी पढ़ाई करना क्या ये
- 15:08प्रैक्टिकली पॉसिबल है? नहीं है? तो
- 15:10इसीलिए अगर इन पहली बात तो ये दे ही तीन
- 15:12ट्रायड पाए। अगर ये ज्यादा ट्रायड देते तो
- 15:15भी पढ़ाई करना इंपॉसिबल सा ही होता किसी
- 15:17के लिए। इसीलिए ये क्लासिफिकेशन अच्छा
- 15:20नहीं था। डॉबरनर कुडंट फाइंड कुड फाइंड
- 15:23ओनली थ्री सच ट्रायड्स आगे नहीं दे पाए।
- 15:26इसीलिए ये अच्छी बात नहीं थी। सेकंडली
- 15:29इन्होंने जो बोला था कि भैया जो मेरा पहला
- 15:32और आखिरी एलिमेंट का एवरेज होगा बीच के
- 15:34बराबर होगा। वो बहुत लाइट एलिमेंट जैसे
- 15:37हाइड्रोजन और बहुत हैवी एलिमेंट जैसे
- 15:40फ्रांशियम इनके लिए वैलिड नहीं था। इसीलिए
- 15:44इन्होंने बहुत लाइट और बहुत हैवी
- 15:45एलिमेंट्स को इग्नोर किया। जैसे क्लोरीन
- 15:48से पहले फ्लोरीन भी होता है जो इस ग्रुप
- 15:51में आना चाहिए था। बट उन्होंने नहीं डाला
- 15:52क्योंकि उनका मास मैच नहीं कर रहा था
- 15:55एवरेज। तो इन्होंने बड़ी चालाकी करी।
- 15:57इन्होंने वही एलिमेंट्स टायर्ड्स में डाले
- 15:59जिनका मास एवरेज में आ रहा था। बट जो बहुत
- 16:01हल्के एलिमेंट्स होते हैं और जो बहुत भारी
- 16:03होते हैं उनको इन्होंने इग्नोर किया। द
- 16:05रूल्स ऑफ डबर्नर ट्रायड कुड नॉट बी अप्लाई
- 16:08टू द एलिमेंट जिनका बहुत ज्यादा लो या फिर
- 16:11बहुत ज्यादा हाई मास था। जैसे कि फ्लोरीन
- 16:14को इन्होंने छोड़ दिया। ऑलदो इसे क्लोरीन
- 16:16से पहले आना चाहिए था। बिल्कुल ऐसे और भी
- 16:19लोगों को इन्होंने छोड़ा। ठीक है? प्लस
- 16:21मैंने बताया अगर आज के डेट में भी इनका
- 16:23क्लासिफिकेशन सही में चल रहा होता तो एक
- 16:25में सिर्फ तीन ही एलिमेंट्स हैं जो कि
- 16:27अच्छी बात नहीं है। इसके बाद एक और महान
- 16:30योद्धा आए जिनका नाम है न्यूलैंड्स लॉ ऑफ़
- 16:32ऑक्टव्स। मैं आपको शुरू करने से पहले बता
- 16:35दूं ये क्लासिफिकेशन भी घटिया था। क्यों
- 16:38पढ़ रहे हैं? बिकॉज़ ये पहला क्लासिफिकेशन
- 16:40था जिसने यह बोला कि अगर हम एलिमेंट्स को
- 16:46इंक्रीजिंग ऑर्डर ऑफ मास लगाएं।
- 16:51अगर हम एलिमेंट्स को इंक्रीजिंग ऑर्डर ऑफ
- 16:55मास लगाएं तो वो अपनी प्रॉपर्टीज को रिपीट
- 16:58करते हैं। और ये एक इतना इंपॉर्टेंट पॉइंट
- 17:02साबित हुआ। जाहिर ये इनका क्लासिफिकेशन
- 17:05पढ़ रहे हैं। आप खुद कहोगे अच्छा
- 17:06क्लासिफिकेशन नहीं है। लेकिन क्यों इस
- 17:09इंसान के लिए तालियां फिर से बजनी चाहिए?
- 17:11क्योंकि इन्होंने पहली बार ऐसा किसी ने
- 17:15बोला कि क्या करो? जितने भी एलिमेंट्स हैं
- 17:17उनको इंक्रीजिंग ऑर्डर ऑफ़ मास में लगाओ।
- 17:19और इससे क्या होगा? प्रॉपर्टीज रिपीट
- 17:21होंगी। और इन्होंने कहा पहले एलिमेंट की
- 17:24प्रॉपर्टी आठवें से मैच होंगी। आठवें से
- 17:26मैच होंगी। और इनके ये बोलने के बाद बहुत
- 17:30सारे लोगों को इंस्पिरेशन मिली। और अभी
- 17:32मैं आपको समझाऊंगा। आप खुद समझ जाओगे कि
- 17:34हमारी मॉडर्न टेबल जो बनी है, उसकी भी
- 17:37इंस्पिरेशन एक्चुअली कहीं ना कहीं
- 17:39न्यूलैंड्स ही थे। तो न्यूलैंड्स लॉ ऑफ़
- 17:42ऑक्टव क्यों? जो म्यूजिक सीखता है, जो
- 17:44म्यूजिक में इंटरेस्ट रखता है, उसको पता
- 17:46होगा कि हमारे पास सात सुर होते हैं। सा
- 17:49रे। प्लीज डोंट जज। सा रे गा मा पा धा नी
- 17:55सा।
- 17:57तो सा रे गा मा पा धा नी सात शुरू हुए।
- 18:01उसके बाद दोबारा से सा आता है। तो रिपीट
- 18:03होता है ना आठवां। सा रे गा मा पा धा नी
- 18:06सा रिपीट होता है। रिपीट होता है। अब यहां
- 18:10पे भी इन्होंने ये बोला कि जैसे ऑक्टव
- 18:12यानी कि जैसे सात सुर के बाद आठवां रिपीट
- 18:15होता है। बिल्कुल ऐसे ही अगर आप दुनिया के
- 18:18सारे एलिमेंट्स को इंक्रीजिंग ऑर्डर ऑफ़
- 18:20मास में लगा दोगे तो पहले वाले की
- 18:22प्रॉपर्टी आठवें से मैच होगी। एग्जांपल
- 18:25अगर ये लिथियम है तो पहला ये हो गया।
- 18:28दूसरा, तीसरा, चौथा, पांचवा, छठा, सातवां,
- 18:32आठवां। तो लिथियम की सोडियम से प्रॉपर्टीज
- 18:34मैच होनी चाहिए। कोई भी एक जैसे मान लो
- 18:36बोरोन है तो इसका आठवां एलुमिनियम आएगा।
- 18:38तो इन्होंने ऐसा कहा प्रॉपर्टीज मैच हुई
- 18:41कि नहीं हुई वो मैं अभी बात करूंगा। जैसे
- 18:43लिथियम की तो चलो सोडियम से हो रही है।
- 18:45बोरोन की एलुमिनियम से हो रही है लेकिन
- 18:46आगे हुई कि नहीं हुई ये बाद की बात है।
- 18:48लेकिन ऐसा इन्होंने कहा कि होनी चाहिए। तो
- 18:50एनी गिवन एलिमेंट विल एग्बिट एनालॉग मतलब
- 18:54कि सिमिलर बिहेवियर टू दी एट्थ एलिमेंट टू
- 18:58दी एट्थ एलिमेंट फॉलोइंग इट इन टेबल। जस्ट
- 19:02लाइक ऑक्टव इन म्यूजिक सा रे गा मा पा धा
- 19:05नी एंड अगेन सा तो एक्चुअली में ही
- 19:08अरेंज्ड
- 19:10ही अरेंज्ड
- 19:15एलिमेंट्स
- 19:17इन
- 19:21इंक्रीजिंग
- 19:24ऑर्डर ऑफ़ एटॉमिक मास। ठीक है ना? उसके बाद
- 19:28पहले अरेंज किया। फिर कहा जो पहला मेंबर
- 19:30है उसकी आठ में से प्रॉपर्टीज मैच होंगी।
- 19:33तो फिर गड़बड़ क्या है? सब कुछ ठीक तो है?
- 19:34नहीं है बिल्कुल भी नहीं है। उस वक्त
- 19:37जितने भी एलिमेंट थे शायद 56 एलिमेंट्स
- 19:39थे। पता नहीं कितने थे उस वक्त जितने भी
- 19:41थे 56 मान लो 50 थे। तो इन्होंने सारे के
- 19:44सारे एलिमेंट्स को इंक्रीजिंग ऑर्डर ऑफ़
- 19:45मास में लगाया और अरेंज करना शुरू कर
- 19:47दिया। सही? अब यहां से गेम हुई शुरू। इनकी
- 19:51प्रॉपर्टीज मैच हुई। मजा आया। लेकिन आपको
- 19:53पता है कैल्शियम कहां है? ढूंढो कैल्शियम
- 19:55कहां है? ये रहा। कैल्शियम के बाद
- 19:57प्रॉपर्टीज मैच होना बंद हो गई। यानी कि
- 20:00भाई साहब ने अंधाधुंध एलिमेंट को तो लगाया
- 20:04लेकिन ये देखा ही नहीं। पता नहीं ये कैसे
- 20:06कर दिया ऐसे महान इंसान ने कि कैल्शियम के
- 20:08बाद प्रॉपर्टीज मैच होना बंद हो गई। आफ्टर
- 20:12कैल्शियम प्रॉपर्टीज मैच ही नहीं हुई।
- 20:15क्या बात कर रहे हो आप? कितनी घटिया बात
- 20:17है ये कि आफ्टर कैल्शियम प्रॉपर्टीज मैच
- 20:19नहीं हुई। पहली लिमिटेशन। दूसरी लिमिटेशन
- 20:21इनसे पूछा गया आपको क्या लगता है भविष्य
- 20:24में कोई और एलिमेंट्स आएंगे फ्यूचर में
- 20:26कोई और एलिमेंट्स आएंगे तो इन्होंने
- 20:28फ्यूचर में आने वाले एलिमेंट्स की
- 20:30प्रेडिक्शन के लिए मना कर दिया मतलब इनके
- 20:32हिसाब से फ्यूचर में इनके बीच में कोई और
- 20:35एलिमेंट नहीं आएगा जो कि अगेन गलत साबित
- 20:38हुआ। तीसरी लिमिटेशन इन्होंने बहुत सारे
- 20:41ऐसे एलिमेंट्स को एक दूसरे के साथ बैठाया
- 20:44जो जमीन और आसमान का फर्क रखते हैं। आप
- 20:47सबको पता है फ्लोरीन और क्लोरीन की
- 20:49प्रॉपर्टीज तो मैच होते हैं लेकिन क्लोरीन
- 20:51जो कि एक नोबल गैस ओ जो कि एक नॉन मेटल
- 20:54है। दुनिया के वन ऑफ दी बेस्ट नॉन मेटल्स
- 20:57में से एक है क्लोरीन। उसको रखा गया है
- 21:00कोबाल्ट और निकल के साथ जो कि बड़े अच्छे
- 21:02मेटल्स हैं। बड़े हार्ड मेटल्स हैं। सॉलिड
- 21:05है। वहीं पे क्लोरीन हम सबको पता है। नेचर
- 21:07में डाई एटॉमिक फॉर्म में बैठती है। गैस
- 21:09है। क्लोरीन इलेक्ट्रॉन लेना मतलब आप सबको
- 21:11पता है यार दोनों में जमीन और आसमान का
- 21:12फर्क है। और वहीं पे देखो आप आयरन को
- 21:15सल्फर के साथ बैठाया गया है। सल्फर एक नॉन
- 21:18मेटल है। आयरन एक मेटल है। कोई कंपैरिजन
- 21:20नहीं है। तो कुछ जोड़े इतने अजीब थे कि
- 21:22भाई साहब यकीन नहीं हुआ कि क्या किया भाई
- 21:24साहब ने। और हां कुछ-कुछ जगहों पे तो
- 21:26दो-दो एलिमेंट्स को भी एक साथ रखा गया। आओ
- 21:28भाई अब इनकी क्या लिमिटेशन थी? पहली
- 21:30लिमिटेशन मैंने आपको बता दिया। प्रॉपर्टीज
- 21:33कैल्शियम के बाद मैच होना बंद हो गई। मतलब
- 21:36मैं तो कह रहा हूं इसी प्रॉपर्टी के बाद
- 21:38ही इस टेबल को पढ़ना बंद कर देना चाहिए
- 21:40था। है ना? हां बिल्कुल। ठीक है। इसके बाद
- 21:42इन्होंने ये भी कहा कि उस वक्त तक जो 56
- 21:45एलिमेंट्स हैं जो डिस्कवर हुए हैं सिर्फ
- 21:47वही होंगे और फ्यूचर में नहीं आएंगे। ऐसा
- 21:50इनका मानना था। ठीक है ना? ऐसा इनका मानना
- 21:52था। ठीक है? अ आयरन जिसकी बहुत सारी
- 21:56प्रॉपर्टीज सिमिलर होती है कोबाल्ट और निक
- 21:58से उनको एक दूसरे से बहुत दूर रखा गया। ये
- 22:00रहा आयरन और कोबाल्ट और निक को बहुत दूर
- 22:02रखा गया। इनके नीचे कहीं ना कहीं रखना
- 22:04चाहिए था। एंड अगेन कोबाल्ट और निक को
- 22:07किसके साथ रखा हुआ है? क्लोरीन के साथ जो
- 22:09कि अगेन बहुत अजीब बात है। लेकिन मैंने
- 22:11आपको बताया नोट का पॉइंट कि इन सब
- 22:14लिमिटेशंस के बावजूद भी ये बहुत फेमस हुई।
- 22:18मैं तो कह रहा हूं इनको शायद अच्छे-अच्छे
- 22:20प्राइज भी मिले होंगे। बिकॉज़ देखो यार आप
- 22:22सबको पता है राइट ब्रदर्स ने हवाई जहाज
- 22:24बनाया। लेकिन क्या वो हवाई जहाज इतना सेफ
- 22:27था? मतलब हवाई जहाज तो नहीं कहेंगे एक
- 22:29छोटा सा प्लेन बनाया। बट आपको क्या लगता
- 22:31है क्या वो हवाई जहाज इतना सेफ था कि
- 22:33उसमें भैया बड़े अच्छे स्केल पे लोग उड़ पाए
- 22:36नहीं ना। बट क्रेडिट तो उनको मिलना चाहिए
- 22:38क्योंकि वो एक ऐसे पहले इंसान थे
- 22:40जिन्होंने दोनों ने मिलके भाइयों ने एक
- 22:43इंस्पिरेशन दी लोगों को कि देखो यार ये बन
- 22:47सकता है अब हमने आपको इंस्पिरेशन दे दी
- 22:50है। अब आप इसको और बेहतर करो और आज की डेट
- 22:52में आपको पता है कैसे-कैसे प्लेन आ गए भाई
- 22:54साहब एक देश से दूसरे देश कुछ मिनटों में
- 22:57पहुंच जाए। द ओनली पॉइंट इज बेटा कि यहां
- 23:00से शुरुआत हुई एक जर्नी की कि इन्होंने एक
- 23:03इंस्पिरेशन दी लोगों को कि यार देखो अगर
- 23:05हम इंक्रीजिंग ऑर्डर में लगा रहे हैं तो
- 23:07प्रॉपर्टीज मैच हो रही हैं। है ना? चाहे
- 23:10कैल्शियम तक क्यों हुई क्या पता ना कुछ
- 23:11गलती की हो लेकिन एक इंस्पिरेशन मिली। एंड
- 23:14दैट इज़ व्हाई ये काफी फेमस हुए। तो
- 23:16डिस्पाइट अबव लिमिटेशन न्यूलैंड वाज़ द
- 23:18फर्स्ट साइंटिस्ट जिन्होंने एलिमेंट्स को
- 23:20अरेंज किया था इन इंक्रीजिंग ऑर्डर ऑफ़
- 23:23देयर एटॉमिक मासेस। इसके बाद आए। इसके बाद
- 23:27आए एक और महान योद्धा जिनका नाम था
- 23:30मेंडलीफ
- 23:32और मेंडलीफ जी ने भी अपनी पीरियडिक टेबल
- 23:34दी। अगर मॉडर्न टेबल को छोड़ दें जो कि
- 23:37हमें पढ़नी है। तो मेंडलीफ जी की टेबल
- 23:40सबसे बेहतरीन टेबल थी। अगर हम मॉडर्न
- 23:43पीरियडिक टेबल की बात ना करें तो मेंडलीफ
- 23:45जी के द्वारा दी गई टेबल सबसे बेहतरीन
- 23:49टेबल थी। कैसे? इन्होंने अब अरे कहीं आपके
- 23:52मन में आ रहा हो क्या हमें टेबल याद करनी
- 23:54है। कैसी बातें कर रहे हो बेटा आप? कैसी
- 23:56बातें कर रहे हो? टेबल याद थोड़ी ना करनी
- 23:58है। बिल्कुल नहीं करनी। लेकिन हां
- 23:59बेसिक-बेसिक बातें पता होनी चाहिए कि
- 24:02मेंडलीफ जी पहले ऐसे इंसान थे जिन्होंने
- 24:05अपने क्लासिफिकेशन अपने टेबल के दौरान
- 24:08अपने टेबल में ग्रुप्स और पीरियड्स दिए।
- 24:11इन्होंने कहा कि ये जो है मेरे लिए
- 24:13फर्स्ट, सेकंड, थर्ड, फोर्थ, फिफ्थ,
- 24:15सिक्स्थ, सेवंथ, ए्थ ये ग्रुप्स हैं। और
- 24:18यहां पे इन्होंने फर्स्ट, सेकंड, थर्ड,
- 24:20फोर्थ, फिफ्थ, सिक्स्थ पीरियड दिया। ऑलदो
- 24:22आज की डेट में हमारे पास जो मॉडर्न टेबल
- 24:24है उसमें आठ नहीं 18 ग्रुप्स हैं। और छह
- 24:28नहीं सात पीरियड्स हैं जो आज की डेट में
- 24:30पढ़ने हैं हमें। लेकिन मेंडलीफ जी ने जो
- 24:32अपनी टेबल दी थी, उसमें आठ ग्रुप्स और छह
- 24:35पीरियड्स थे। इससे फायदा क्या होता था?
- 24:37किसी भी एलिमेंट तक पहुंचना बड़ा आसान था
- 24:40कि भैया इस ग्रुप पे जाओ, इस पीरियड पे
- 24:42जाओ तो उसको लोकेट करना बड़ा आसान था।
- 24:44सेकंडली इन्होंने भी न्यूलैंड जी की तरह
- 24:48एलिमेंट्स को इंक्रीजिंग ऑर्डर ऑफ़ मास में
- 24:50लगाया। इंक्रीजिंग ऑर्डर ऑफ़ मास में
- 24:53लगाया। लेकिन आपको पता है इन्होंने एक
- 24:55बड़ी क्रेजी बात करी। इन्होंने क्रेजी बात
- 24:58क्या करी कि फ्यूचर में आने वाले
- 25:00एलिमेंट्स के लिए इन्होंने जगह छोड़ी।
- 25:02इन्होंने कहा कि भैया भविष्य में फ्यूचर
- 25:04में कुछ एलिमेंट्स आएंगे जिनके लिए मैं
- 25:07जगह छोड़ रहा हूं। एग्जांपल के तौर पे
- 25:09एग्जांपल के तौर पे अगर आप इनकी सेकंड
- 25:13फर्स्ट पे आएंगे फर्स्ट पे आएंगे। लेकिन
- 25:15अगर आप इनकी सेकंड एक बारी फायदे पढ़ो।
- 25:18यहां पे हमने इनके मेरिट्स यानी फायदे
- 25:20लिखे हुए हैं। तो मेंडलीफ प्रेडिक्टेड द
- 25:22डिस्कवरी ऑफ़ सम एलिमेंट। इन्होंने फ्यूचर
- 25:25में आने वाले एलिमेंट्स को प्रिडिक्ट
- 25:26किया। कैसे? इन्होंने कहा जैसे एकका
- 25:29कार्बन का मतलब क्या है? ए का मतलब है
- 25:31नेक्स्ट टू जैसे कार्बन है तो कार्बन के
- 25:34नीचे इन्होंने ना खाली जगह छोड़ी और कहा
- 25:37कि अभी कार्बन के नीचे कुछ आया नहीं है
- 25:39लेकिन भविष्य में आएगा जैसे इन्होंने क्या
- 25:41किया था इन्होंने जो भी आ रहा था बस नीचे
- 25:44पहले ही जा रहे थे कार्बन के नीचे सिलिकॉन
- 25:46मान लो डाल दिया लेकिन इन्होंने नाम दिया
- 25:49एकका कार्बन कि भैया कार्बन के नीचे कुछ
- 25:53आएगा मैं उसको डालूंगा ऐसे ही इन्होंने
- 25:55नाम दिया एकका सिलिकॉन एकका एलुमिनियम
- 25:59मतलब मतलब जिसके भी पीछे जिसके भी नीचे
- 26:02कोई एलिमेंट आना था उनको उन्होंने नाम
- 26:03दिया। जैसे एकका कार्बन नाम दिया एकका
- 26:06एलुमिनियम नाम दिया। ऐका सिलिकॉन नाम
- 26:08दिया। एग्जांपल दे रहे हैं। अगर मान लो
- 26:10उनको कार्बन के नीचे जगह छोड़नी थी और
- 26:12कहना था कि यार यहां पे ना अभी एक एलिमेंट
- 26:14नहीं आया है। आएगा जिसकी प्रॉपर्टीज से
- 26:16मैच होंगी। तो उन्होंने उसका नाम एकका
- 26:18कार्बन दे दिया था कि नेक्स्ट टू कार्बन
- 26:20कि कार्बन के बाद कोई आएगा। ठीक है ना? और
- 26:22बड़ी कमाल की बात है कि आया भी। बड़ी कमाल
- 26:25की बात है कि स्केंडियम, गैलियम और
- 26:28जर्मेनियम जैसे एलिमेंट्स आए भी
- 26:32भविष्य में आए भी। जिसकी वजह से इनकी टेबल
- 26:36मार्केट में और फेमस हो गई। छा गई। ठीक
- 26:38है? मैंने आपको पता है इन्होंने
- 26:40इंक्रीजिंग ऑर्डर ऑफ़ मास में तो लगाया
- 26:42लेकिन ग्रुप्स और पीरियड्स भी दिए। लेकिन
- 26:44ये वाली बात बड़ी मजेदार थी। खैर मेंडलीफ
- 26:47जी ने कुछ ब्लैंक स्पेसेस छोड़ी थी अपने
- 26:50एलिमेंट्स के लिए और के लिए। मैंने बता
- 26:52दिया वो। नोबल गैसेस वर डिस्कवर्ड मच
- 26:54लेटर। नोबल गैसेस बहुत बाद में डिस्कवर
- 26:57हुई थी। लेकिन मेंडलीफ जी ने उनको
- 27:00प्रेडिक्ट कर लिया था। मेंडलीफ जी ने कहा
- 27:03था कि भविष्य में कुछ ऐसे भी लोग आएंगे जो
- 27:05रिएक्ट नहीं होंगे। उनको अब जीरो ग्रुप
- 27:07में डाल देना। अभी मैं ग्रुप वन, ग्रुप
- 27:09टू, ग्रुप थ्री, ग्रुप फोर, फाइव, सिक्स,
- 27:107 एट दे रहा हूं। लेकिन भविष्य में कुछ
- 27:12ऐसे एलिमेंट्स भी आएंगे जो किससे रिएक्ट
- 27:14नहीं होंगे। आप उन्हें जीरो ग्रुप में डाल
- 27:16देना। तो मेरे हिसाब से महान इंसान। लेकिन
- 27:18इनसे भी गलतियां हुई काफी। सबसे पहली गलती
- 27:21यह हाइड्रोजन की पोजीशन को लगा नहीं पाए।
- 27:24हाइड्रोजन फर्स्ट ग्रुप में भी आ रहा था
- 27:27और हाइड्रोजन सेवंथ ग्रुप में भी आ रहा
- 27:30था। उसकी बहुत सारी प्रॉपर्टीज फर्स्ट
- 27:32ग्रुप से मैच हो रही थी और उसकी बहुत सारी
- 27:34प्रॉपर्टीज सेवंथ ग्रुप से मैच हो रही थी।
- 27:36तो हाइड्रोजन को ये लगा नहीं पाए और शायद
- 27:38आप में से बहुत सारे बच्चे जानते हो कि
- 27:40हाइड्रोजन की पोजीशन इनके लिए भी लिमिटेशन
- 27:43थी और आज की डेट में जो मॉडर्न पीरियडिक
- 27:45टेबल है उसके लिए भी लिमिटेशन है। आओ
- 27:48लिमिटेशन पे आ गए हैं। ये फायदे थे। ये
- 27:50मेरिट्स थे। आओ लिमिटेशन पे आ जाएं।
- 27:52हाइड्रोजन हैज़ बीन प्लेस्ड। फर्स्ट ग्रुप
- 27:55में इसको डाला तो गया है। आप अगर देखो तो
- 27:57इसको फर्स्ट ग्रुप में डाला तो गया है।
- 28:00लेकिन क्या लिखा हुआ है? देखो। इसकी कुछ
- 28:02प्रॉपर्टीज अल्कली मेटल से मैच होती तो
- 28:04है। लेकिन ऑन अदर हैंड हाइड्रोजन तो H2
- 28:08फॉर्म में बैठता है। जिसकी वजह से बहुत
- 28:10सारी प्रॉपर्टीज हैलोजन यानी कि कौन से
- 28:13ग्रुप से शो करता है? सेवंथ ग्रुप से शो
- 28:15करता है। जिसकी वजह से इसको आज तक आज तक
- 28:19मेंडलीफ तक के टाइम में तो छोड़ दो। आज तक
- 28:21भी इसको एक एग्जैक्ट पोजीशन नहीं मिली है।
- 28:23तो ये एक पहली लिमिटेशन हो गई। दूसरी
- 28:26लिमिटेशन है पोजीशन ऑफ़ आइसोटोप्स।
- 28:28स्ट्रक्चर ऑफ़ एटम में हमने क्या पढ़ा?
- 28:30आइसोटोप्स। क्या होते हैं? आइसोटोप्स।
- 28:32आइसोटोप्स होते हैं जिनका सेम एटॉमिक नंबर
- 28:36होता है। जैसे कार्बन है, कार्बन है। छह
- 28:38आया, छह आया। एक 12 आ गया, एक 14 आ गया।
- 28:41अब आप मुझे बताओ कार्बन कार्बन छह है।
- 28:43इनकी केमिकल प्रॉपर्टी तो सेम ही होंगी
- 28:45ना। बट क्योंकि आप इंक्रीजिंग ऑर्डर ऑफ
- 28:47मास में लगा रहे हो। तो 12 वाला अलग डब्बे
- 28:50में आना चाहिए और 14 वाला अलग डब्बे में
- 28:52आना चाहिए। समझ गए? मेंडलीफ जी ने क्या
- 28:54कहा? मैं इंक्रीजिंग ऑर्डर में लगा रहा
- 28:56हूं। मास के नंबर के नहीं मास के। तो भैया
- 29:0012 वाला पहले आएगा फिर 14 वाला आएगा दोनों
- 29:02अलग-अलग ग्रुप में आ जाएंगे। लेकिन इनकी
- 29:04तो प्रॉपर्टी सेम है। तो इसीलिए ये
- 29:07आइसोटोप्स को भी अपडेट टेबल में नहीं लगा
- 29:10पाए। और लास्ट गलती मेरे हिसाब से बड़ी
- 29:13खतरनाक गलती। इन्होंने कुछ एलिमेंट्स को
- 29:16जान के रॉन्ग ऑर्डर में लगाया ताकि
- 29:19प्रॉपर्टीज मैच हो। शायद आपको दिख जाए।
- 29:22नहीं तो आप देखो वो दिख ही रहा होगा मुझे
- 29:24लग रहा है। मैं वरना ज़ूम कर दूं क्या?
- 29:27कोबाल्ट और निक पर थोड़ा ध्यान दो।
- 29:29कोबाल्ट और निक पर थोड़ा ध्यान दो अगर दिख
- 29:32रहा हो आपको तो कोबाल्ट जो है उसका मास
- 29:3558.93
- 29:36है और निक का मास 58.71
- 29:40है। यस और नो। अब 93 पहले आना चाहिए या 71
- 29:43पहले आना चाहिए? तो ऑब्वियस सी बात है 71
- 29:45पहले आना चाहिए। तो प्रॉपर्टीज को मैच
- 29:47करने के चक्कर में इन्होंने कोबाल्ट और
- 29:49निकल को भी आगे पीछे लगा दिया। जो कि गलत
- 29:53बात है। बिकॉज़ आपको आपने बोला था कि मैं
- 29:55इंक्रीजिंग ऑर्डर ऑफ एटॉमिक मास में लगा
- 29:59रहा हूं। तो ये तीन इनकी बन जाती है
- 30:01लिमिटेशंस
- 30:03एंड मुबारक हो। हम पिछली जितनी टेबल देखो
- 30:07तीनों में क्या खास डोबर्नर एक प्रकार से
- 30:09पहला क्लासिफिकेशन। न्यूलैंड जी पहले ऐसे
- 30:12इंसान जिन्होंने इंक्रीजिंग ऑर्डर ऑफ़ मास
- 30:14में लगाया एलिमेंट्स को। और मेंडलीफ जी
- 30:16पहले ऐसे इंसान जिन्होंने ग्रुप्स और
- 30:18पीरियड्स बनाए। फ्यूचर में आने वाले कम
- 30:20फार्मूलों को भी प्रिडिक्ट किया था।
- 30:21हाइड्राइड्स और ऑक्साइड्स को भी ये लिखा
- 30:24नहीं हुआ। यहां ये भी एक इंपॉर्टेंट पॉइंट
- 30:26था कि इन्होंने फ्यूचर में आने वाले लोगों
- 30:28के फार्मूलों को भी प्रिडिक्ट किया था।
- 30:30जैसे अगर आप देखो तो इन्होंने यहां कहा था
- 30:32कि यहां पे जो भी ऑक्साइड्स आएंगे उनका
- 30:34फार्मूला RO होगा। जो भी हाइड्राइड्स
- 30:37आएंगे उनका फार्मूला RH4 होगा। ऑलदो इनमें
- 30:39से कुछ चीजें गलत साबित हुई थी। लेकिन
- 30:41मेरिट्स में मुझे एक और बात डालनी चाहिए
- 30:43और वही है कि ही गिव
- 30:51फार्मूला फॉर
- 30:56ऑक्साइड्स एंड
- 30:59हाइड्रोक्स एंड हाइड्राइड्स सॉरी इन्होंने
- 31:02हाइड्राइड्स और ऑक्साइड्स का जनरल
- 31:04फार्मूला दिया जिससे कि हम किसी भी
- 31:06एलिमेंट के उस टेबल को देख के ये पता लगा
- 31:09सकते थे कि इसके हाइड्राइड और ऑक्साइड का
- 31:12क्या फार्मूला होगा? और यह तब की बात हो
- 31:14रही है जब हम वैलेंसी वगैरह से फार्मूला
- 31:16नहीं निकालना जानते थे। तो एक बहुत बड़ी
- 31:18बात थी। है ना? लेकिन इनके अंदर भी कुछ
- 31:20लिमिटेशंस आई। तो फिर मॉडर्न पीरियडिक
- 31:23टेबल ने ऐसा क्या किया? मॉडर्न पीरियडिक
- 31:26टेबल ने ऐसा क्या किया कि ये सारी
- 31:28लिमिटेशंस को दूर किया गया। ये हम पढ़ेंगे।
- 31:31लेकिन मैं चाहूंगा इससे पहले आप इन तीनों
- 31:33टेबल क्या इन तीनों टेबल से एग्जाम में
- 31:34कुछ आता है? मोस्टली चांसेस हैं कि अगर
- 31:37कुछ आया भी तो लिमिटेशंस ज्यादा आने के
- 31:39चांसेस हैं। लिमिटेशंस बाकी चांसेस थोड़े
- 31:42कम है। आगे आने वाले बहुत अच्छे टॉपिक हैं
- 31:44उनसे मेजरली आएगा बट लिमिटेशंस आने के
- 31:46चांसेस थोड़े से ज्यादा हैं। अदरवाइज आगे
- 31:49का बट फिर भी मैं कहूंगा एक बार रिवाइज कर
- 31:51लो जल्दी से आगे बढ़ने से पहले। अब अगर हम
- 31:54लोग बात करें मॉडर्न पीरियडिक टेबल। देखो
- 31:57ये तो अ सबको पता ही होगा शायद कि ये
- 31:59हमारी मॉडर्न पीरियडिक टेबल है। लेकिन
- 32:01मॉडर्न पीरियडिक टेबल को पढ़ने से पहले
- 32:03उससे दोस्ती करना जरूरी है। किसी भी चीज
- 32:06को पढ़ना है उसके बारे में जानना है तो
- 32:08पहले दोस्ती करना जरूरी है। और ये बात
- 32:10वापस आ जाओ। मैं पीरियडिक टेबल के लिए ही
- 32:13कर रहा हूं। दोस्ती कैसे करेंगे? तो पहले
- 32:16थोड़ा सा पहचानते हैं इसको कि मॉडर्न
- 32:17पीरियडिक टेबल किस बेसिस पे इनमें
- 32:20एलिमेंट्स को अरेंज किया गया। इसमें कितने
- 32:22ग्रुप्स हैं? कितने पीरियड्स हैं? और ऐसा
- 32:24नहीं कि सिर्फ सात ग्रुप्स पढ़ा और छह
- 32:27पीरियड्स पढ़ा, आठ ग्रुप्स और छह पीरियड्स
- 32:29पढ़ा। ऐसा वाला जो अभी मेंडलीफ में हुआ था
- 32:31और आगे बढ़ गए। नहीं हमें अब यहां पे हर एक
- 32:33चीज को छोटी-छोटी डिटेल्स को इकट्ठा करते
- 32:36चलना है। और ये सारे डिटेल्स आपके काम आते
- 32:38रहेंगे। और मैं आपको सलाह दूंगा कि मॉडर्न
- 32:40पीरियडिक टेबल आप अपने सामने खोल के
- 32:43रखिएगा। जब भी हम लोग ये आगे का अब चैप्टर
- 32:46पढ़ने वाले हैं। क्योंकि मैं बार-बार इस
- 32:47पेज पे आऊंगा। मेरे लिए मुश्किल हो जाएगा।
- 32:49मैं आऊंगा। बट फिर भी आप अपने सामने
- 32:52एनसीईआरटी में भी मॉडर्न पीरियडिक टेबल
- 32:54है। इंटरनेट पे हर जगह है या फिर ये लो
- 32:56मैं साइड हो जाता हूं। स्क्रीनशॉट ले लो।
- 32:58लेकिन मॉडर्न पीरियडिक टेबल आप अपने सामने
- 33:00खोल के रखना। क्योंकि अब हम जो भी पढ़ने
- 33:02जा रहे हैं उसका इसमें इस्तेमाल है। ठीक
- 33:04है? डन। तो पहले तो मॉडर्न पीरियोडिक टेबल
- 33:07में हमें पढ़ना होगा कि हमने इसमें तीन
- 33:09डिवीजंस किए हुए हैं। सॉरी। सबसे पहला
- 33:12डिवीजन है यहां पे ग्रुप्स। ग्रुप्स क्या
- 33:15हैं भैया? ये जो आप ये जो आप वर्टिकल
- 33:18कॉलम्स देख रहे हो ये हैं ग्रुप्स और अगर
- 33:21आप ध्यान से देखें तो ऐसे आपको 18 वर्टिकल
- 33:24कॉलम्स मिलेंगे। ये पहला वर्टिकल कॉलम है।
- 33:27ये दूसरा वर्टिकल कॉलम है। ये तीसरा
- 33:29वर्टिकल कॉलम है। ऐसे करते हुए 18 चौथा
- 33:32पांचवा छठा सातवां 8 9 10 11 12 13 14 15
- 33:3616 17 18 तो 18 ग्रुप्स आपको यहां पे
- 33:39मिलेंगे। यानी मेंडलीफ जी की टेबल में
- 33:42जहां पे आपके पास आठ ग्रुप्स थे। यहां पे
- 33:4518 ग्रुप्स हैं। फिर आपको जो ये
- 33:47हॉरिजॉन्टल कॉलम्स दिख रहे हैं जो बीच-बीच
- 33:49में से टूट रहे हैं। जैसे ये फर्स्ट वाले
- 33:52हॉरिजॉन्टल कॉलम में सिर्फ दो एलिमेंट
- 33:54हैं। सेकंड वाले में आप देख सकते हैं आठ
- 33:55हैं। इन्हें पीरियड्स कहते हैं। और ऐसे
- 33:57अगर आप देखोगे तो 1 2 3 4 5 6 सात
- 34:04पीरियड्स हैं। ये कौन है बताऊंगा अभी।
- 34:06लेकिन सात पीरियड्स हैं। यानी यहां से 1 2
- 34:093 4 5 6 और सात। तो कुल मिलाके यहां पे
- 34:13हमारे पास सात पीरियड्स हैं। तो यह सब
- 34:16लिखा हुआ है। टेंशन मत लो लिखने की। तो
- 34:18क्या बोला मैंने? हमारी मॉडर्न पीरियडिक
- 34:20टेबल में 18 ग्रुप्स हैं और सात पीरियड्स
- 34:24हैं। इतना समझे? पहली बात। ठीक है? अब
- 34:26दूसरी बात पे आते हैं। हमारी मॉडर्न
- 34:28पीरियडिक टेबल में इन एलिमेंट्स को अरेंज
- 34:31कैसे किया गया है? तो आंसर है सबको अरेंज
- 34:34किया गया है इन इंक्रीजिंग ऑर्डर ऑफ
- 34:37एटॉमिक नंबर। जी हां, अभी तक जितने भी
- 34:41क्लासिफिकेशन हुए जिनमें से बहुत तो आपको
- 34:43पढ़ाए भी नहीं जा रहे बिकॉज़ वो सुपर फेल
- 34:45थे। लगभग सारे क्लासिफिकेशन थे इंक्रीजिंग
- 34:49ऑर्डर ऑफ मास में। या तो किसी और फैक्ट पे
- 34:53लेकिन अगर इंक्रीजिंग ऑर्डर में लगाने की
- 34:54बात हुई थी तो हम सभी ने मास में लगाया
- 34:57था। जिनमें से दो को तो हम पढ़ चुके हैं।
- 34:59लेकिन मॉडर्न पीरियडिक टेबल का जो लॉ है
- 35:02यानी मॉडर्न लॉ मॉडर्न पीरियडिक लॉ ये
- 35:05कहता है कि अगर एलिमेंट्स को इंक्रीजिंग
- 35:07ऑर्डर ऑफ एटॉमिक नंबर में अरेंज किया जाए
- 35:10तो प्रॉपर्टीज रिपीट होती हैं। आओ पढ़ते
- 35:13हैं मॉडर्न पीरियडिक टेबल के बारे में। तो
- 35:16लॉ ऑफ़ मॉडर्न पीरियडिक टेबल कहता है दैट
- 35:19प्रॉपर्टीज जो हैं प्रॉपर्टीज जो है ऑफ
- 35:22एलिमेंट्स आर पीरियडिक फंक्शन। पीरियडिक
- 35:26फंक्शन मतलब व्हिच रिपीट्स है ना पीरियडिक
- 35:28फंक्शन ऑफ देयर एटॉमिक नंबर ये ध्यान रखना
- 35:32भैया ये पीरियडिक फंक्शन है इनके किसका
- 35:36एटॉमिक नंबर का पीरियडिक फंक्शन है भाई
- 35:39एटॉमिक नंबर का पीरियडिक फंक्शन है मास का
- 35:43नहीं तो ये बहुत बड़ी बात यहां पे बोली गई
- 35:45ठीक है इन द मॉडर्न पीरियडिक टेबल
- 35:47एलिमेंट्स को अरेंज किया गया है इन
- 35:50इंक्रीजिंग ऑर्डर ऑफ़ एटॉमिक नंबर
- 35:52एलिमेंट्स क्योंकि वो एटॉमिक नंबर नंबर पे
- 35:55डिपेंड करते हैं। तो इसलिए उनको एटॉमिक
- 35:57मास की बजाय इस बार हमने एटॉमिक नंबर
- 36:00हाइड्रोजन आपको एटॉमिक नंबर एक से 20 तो
- 36:02याद ही होंगे। हाइड्रोजन, हीलियम, लिथियम,
- 36:05बेरिलियम, बोरोन, कार्बन, नाइट्रोजन,
- 36:07ऑक्सीजन, फ्लोरीन, नियॉन, सोडियम,
- 36:10मैग्नीशियम, एलुमिनियम ऐसे करके हमने इनको
- 36:12एक से 20 तो आपको पता ही है। आगे के अगर
- 36:14नहीं भी पता है, कोई बात नहीं। लेकिन,
- 36:16हमने इंक्रीजिंग ऑर्डर ऑफ़ एटॉमिक नंबर में
- 36:18इनको अरेंज किया है। यह जो वर्टिकल कॉलम्स
- 36:21आपको दिख रहे हैं, इनको हमने नाम दिया है
- 36:23ग्रुप्स। ठीक है ना? और हॉरिजॉन्टल जो
- 36:26कॉलम आपको दिख रहे हैं, इनको नाम दिया गया
- 36:28है पीरियड्स। ठीक है? मॉडर्न पीरियडिक
- 36:31टेबल में 18 हमारे पास ग्रुप्स हैं और सात
- 36:34हमारे पास पीरियड्स हैं। मॉडर्न पीरियडिक
- 36:37टेबल में 18 हमारे पास ग्रुप्स हैं और सात
- 36:40हमारे पास पीरियड्स हैं। एलिमेंट हैविंग
- 36:42सेम। अब यहां पे बैलेंस स्पेलिंग मिस्टेक।
- 36:47अब यहां पे वैसे तो हम इसको आगे डिटेल में
- 36:49पढ़ेंगे। बट अभी के लिए इन्होंने ये बताया
- 36:51हुआ है कि हमने ऐसे किन लोगों को अरेंज
- 36:54किया हुआ है। तो ऐसे उन लोगों को अरेंज
- 36:56किया हुआ है जिनके वैलेंस इलेक्ट्रॉन्स।
- 36:58वैलेंस इलेक्ट्रॉन्स सबको पता है। लास्ट
- 37:00शेल में आने वाले इलेक्ट्रॉन्स को हम
- 37:02वैलेंस इलेक्ट्रॉन बोलते हैं। तो हमने
- 37:04यहां जो एलिमेंट्स को रखा हुआ है वो कौन
- 37:06से एलिमेंट्स हैं? जिनके वैलेंस
- 37:08इलेक्ट्रॉन्स सेम हैं। यानी कि अगर आप
- 37:11हाइड्रोजन की कॉन्फ़िगरेशन करोगे तो क्या
- 37:13आएगी? वन आएगी। वन आएगी। लिथियम की करोगे
- 37:16तो क्या आएगी? टू वन आएगी। सोडियम की क्या
- 37:19आएगी? 281 आएगी। पोटैशियम की क्या आएगी? 2
- 37:2288 81 आएगी। यानी इन सबके आउटरमोस्ट में
- 37:26एक-एक इलेक्ट्रॉन आपको मिलेगा। ऐसे इन
- 37:29सबके आउटर मोस्ट में दो-दो इलेक्ट्रॉन
- 37:31मिलेंगे। बेरिलियम क्या होता है? 2
- 37:33मैग्नीशियम क्या होता है? 2 8 2 कैल्शियम
- 37:36क्या होता है? 2 88 8 2 यानी इन सबके आउटर
- 37:39मोस्ट में लाल वालों में सबके आउटर मोस्ट
- 37:41में दो इलेक्ट्रॉन आएंगे। ऐसे इन सबके
- 37:43आउटरमोस्ट में सात इलेक्ट्रॉन आएंगे। सात
- 37:46फ्लोरीन होता है 2 7 फ्लोरीन होता है 2 8
- 37:497 सबके आउटरमोस्ट में सात इलेक्ट्रॉन
- 37:51आएंगे इनके आठ आएंगे इनके छह आएंगे यानी
- 37:54ग्रुप्स में जिनको लगाया गया है उनके
- 37:56वैलेंस इलेक्ट्रॉन्स सेम होते हैं। अब अगर
- 37:59वैलेंस इलेक्ट्रॉन सेम है तो अकल लगा सकते
- 38:01हैं। इनकी वैलेंसी भी सेम होंगी जिसकी वजह
- 38:04से हम आगे पढ़ेंगे कि इनकी प्रॉपर्टीज़ भी
- 38:06सेम होने वाली है। लेकिन जो पीरियड्स हैं
- 38:09उनके पास सेम नंबर ऑफ शेल्स हैं। शेल्स
- 38:12जैसे हाइड्रोजन और हीलियम एक पीरियड में
- 38:14हैं। इनके पास एक शेल है K शेल। लेकिन
- 38:17वहीं पे अगर आप देखो अच्छा मैंने आपको
- 38:19बोला इन सबके पास आठ आएंगे। इनमें
- 38:21एक्सेप्शनल केसेस भी हैं। जैसे हीलियम के
- 38:23आउटर मोस्ट में सिर्फ दो ही इलेक्ट्रॉन
- 38:25होते हैं। बट बाकी सबके आठ होते हैं। बट
- 38:27फिर भी वो नोबल गैस में है। एक्सेप्शनल
- 38:29केस देखो भैया हम अभी क्या आप कभी शॉपिंग
- 38:32मॉल में गए हो और कभी ऐसा हुआ है कि कोल्ड
- 38:34ड्रिंक के कोल्ड ड्रिंक वाले कंटेनर कोल्ड
- 38:36ड्रिंक वाले एरिया में गलती से कोई
- 38:38बिस्किट का पैकेट भी रख गया भाई। कोई
- 38:41टूथपेस्ट भी रख गया। एक्सेप्शनल केसेस
- 38:44जैसे वहां होते हैं। यहां पे भी
- 38:46एक्सेप्शनल केसेस होंगे। लेकिन अभी हां
- 38:48पहले दोस्ती तो करो। जनरल बातें तो करो।
- 38:51है ना? दोस्ती तो करो। जनरल बातें तो करो।
- 38:53दोस्ती करोगे। जनरल बातें करोगे तो फिर
- 38:56खामियां भी धीरे-धीरे अपने आप मिल जाएंगी।
- 38:58दोस्ती करने से पहले आप खामियां ढूंढने
- 39:00चले गए हो। दोस्ती कैसे गहरी होगी बेटा?
- 39:02क्या गहरी बात बोली है मैंने। कहने का
- 39:04मतलब समझो। ये वो लोग हैं जिनमें वैलेंस
- 39:07इलेक्ट्रॉन सेम हैं। और ये वो लोग हैं
- 39:10पीरियड्स में कौन लोग आएंगे जिनका शेल्स
- 39:12जिनके पास इक्वल नंबर ऑफ शेल्स हैं। सेम
- 39:15नंबर ऑफ शेल्स हैं। जैसे पहले वाले के पास
- 39:17एक ही शेल है के शेल। अगले वालों के पास K
- 39:20और L है। लिथियम, बेरिलियम, बोरोन, कार्बन
- 39:22से लेके नियॉन तक सबके पास दो शेल्स हैं।
- 39:25यहां पे सोडियम से लेके आर्गन तक सबके पास
- 39:29तीन शेल्स हैं। यहां पे पोटैशियम से लेके
- 39:32एंड तक ये सॉरी ये सॉरी सॉरी सॉरी
- 39:34क्रिप्टॉन तक सबके पास चार शेल्स हैं।
- 39:36पांच शेल्स हैं। छह हैं, सात हैं। ये कौन
- 39:39है? बात करने। तो आपको समझना होगा क्या
- 39:41मैंने बोला। दोस्ती करो। एलिमेंट जिनके
- 39:43पास सेम नंबर ऑफ वैलेंस इलेक्ट्रॉन्स हैं।
- 39:47जिनके वैलेंस इलेक्ट्रॉन्स सेम हैं उनको
- 39:50हमने सेम ग्रुप में डाला हुआ है। और जिनके
- 39:53पास सेम नंबर ऑफ शेल्स हैं उनको हमने सेम
- 39:56पीरियड में डाला हुआ है। डन है? ठीक है?
- 39:59अब सुनो।
- 40:00अब ये जो पीरियड्स है पीरियड्स आप देख रहे
- 40:03होंगे हर एक पीरियड में हर एक ग्रुप में
- 40:05इक्वल नंबर ऑफ एलिमेंट्स बैठे नहीं हुए
- 40:07हैं। जैसे पहले पीरियड में दो ही एलिमेंट
- 40:09बैठे हुए हैं। इसलिए पहले पीरियड को नाम
- 40:11दिया जाता है वेरी शॉर्ट पीरियड। जो
- 40:14फर्स्ट पीरियड है अगर आप देखो उसमें दो
- 40:16एलिमेंट है। तो जो पीरियड है पीरियड
- 40:20उसमें जो फर्स्ट पीरियड है इसका नाम दिया
- 40:23गया है वेरी शॉर्ट। वेरी शॉर्ट पीरियड।
- 40:27क्यों? क्योंकि सिर्फ इसमें कितने
- 40:29एलिमेंट्स हैं? कितने एलिमेंट्स हैं? दो
- 40:31एलिमेंट्स हैं। इसके बाद सेकंड और थर्ड
- 40:34पीरियड को शॉर्ट बोला गया है। बिकॉज़ इसमें
- 40:36आठ एलिमेंट्स हैं। आठ एलिमेंट्स हैं। तो
- 40:38वहीं पे सेकंड और थर्ड पीरियड को
- 40:44शॉर्ट पीरियड कहा गया है। शॉर्ट पीरियड
- 40:46कहा गया है। शॉर्ट पीरियड कहा गया है। फिर
- 40:49वहीं पे अगर आप देखें तो जो हमारा फोर्थ
- 40:51है और जो हमारा फिफ्थ है इसमें 18
- 40:53एलिमेंट्स हैं। आप गिन सकते हो। यानी जो
- 40:55हमारा फोर्थ पीरियड है और जो हमारा फिफ्थ
- 40:57पीरियड है इनमें 18 एलिमेंट्स हैं। तो
- 41:00हमारा जो पीरियड
- 41:03फोर्थ है और जो फिफ्थ है इसको लॉन्ग
- 41:06पीरियड कहते हैं। क्योंकि इसमें 18
- 41:08एलिमेंट्स हैं। अब यहां पे बड़ी प्यारी
- 41:11बात है। अगर आप सिक्स्थ और सेवंथ पीरियड
- 41:15देखेंगे। अगर आपने मेरे कहने पे फोर्थ
- 41:17पीरियड और फिफ्थ पीरियड देखा है और गिना
- 41:20है तो 18 एलिमेंट मिले होंगे। अब आप मेरे
- 41:23कहने पे सिक्स्थ और सेवंथ पीरियड को भी
- 41:25देखो। तो अब आप कहोगे सर सिक्स्थ और सेवंथ
- 41:27में भी 18 एलिमेंट्स ही हैं। अरे सर उसी
- 41:29के नीचे ही तो है। बट अगर आप ध्यान से देख
- 41:32पा रहे हैं मेरी बात तो ध्यान से एक बात
- 41:35नोटिस कीजिएगा कि हमने इनको अरेंज किया
- 41:38इंक्रीजिंग ऑर्डर में। तो यहां पे लिखा
- 41:40हुआ है 56। नहीं तो मैं आपको कह रहा था
- 41:42अपने मॉडर्न पीरियोडिक टेबल खोल लो। अब 55
- 41:4656 इसके बाद 57 आना चाहिए। जैसे यहां पे
- 41:4837 है, 38 है, 39 है, 40 है, 41 है।
- 41:52इंक्रीजिंग ऑर्डर ऑफ़ एटॉमिक नंबर में
- 41:54लगाया गया। तो 55 के बाद 56 आना चाहिए था।
- 41:57उसके बाद मतलब 56 तो आया है लेकिन उसके
- 41:59बाद 57 आना चाहिए था। लेकिन यहां पे गैप
- 42:02दे के 72 लिखा हुआ है। यानी 56 से लेके 72
- 42:06के बीच के जो 14 एलिमेंट है वो कहां है?
- 42:09तो आंसर है नीचे। देखो 55 लिखा हुआ है।
- 42:12फिर यहां पे लिखा हुआ है 56। 55
- 42:15माय बैड। माय बैड। 56 लिखा हुआ है तो यहां
- 42:18लिखा है 57 58 59 ऐसे एंड तक लिखा हुआ है
- 42:2171 फिर यहां पे लिखा हुआ है 72 देखो एंड
- 42:25तक लिखा हुआ है 71 फिर यहां पे आ गया
- 42:28हमारे पास कौन 72 कहने का सिर्फ और सिर्फ
- 42:31मतलब ये है कि हमने यहां से कुछ एलिमेंट्स
- 42:34को यहां से कुछ एलिमेंट्स को निकाल के
- 42:38बाहर रखा है। हमने यहां से कुछ एलिमेंट्स
- 42:41को ये जो पिंक वाला ब्लॉक आप देख रहे हो
- 42:43ये सारे पिंक एलिमेंट यहां से निकाल के
- 42:46यहां रखे गए हैं। और ये जो आप यहां पे देख
- 42:48रहे हो ऑरेंज वाले एलिमेंट्स इनको भी यहां
- 42:50से निकाल के यहां रखा गया है। बाहर क्यों
- 42:52रखा गया है? ये आप धीरे-धीरे आज इस वन शॉट
- 42:56के एंड तक जान जाओगे। आज आप जान जाओगे।
- 42:59सब्र रखना पड़ेगा। मैंने कहा था पहले
- 43:00दोस्ती करो। बाहर क्यों रखा हुआ है? इसमें
- 43:03ये खामी कैसे आ गई? बाद की बात है। लेकिन
- 43:05हां अगर आप ओवरऑल इनको यहां पर कंसीडर
- 43:08करते हो तो इनमें आपको 18 नहीं टोटल कितने
- 43:11एलिमेंट्स मिलेंगे? 32। 18 तो हैं ही हैं।
- 43:15साथ ही साथ 14 नीचे भी हैं। तो 32 एलिमेंट
- 43:18मिलेंगे और नीचे ही 32 मिलेंगे। दैट इज
- 43:20व्हाई छठे और सातवें को वेरी लॉन्ग पीरियड
- 43:24कहते हैं। वेरी लॉन्ग पीरियड कहते हैं।
- 43:26वेरी लॉन्ग पीरियड।
- 43:29ठीक है? क्योंकि इसमें कितने एलिमेंट आते
- 43:31हैं? 32 एलिमेंट आते हैं। ऐसा भी लिख देते
- 43:34हैं काम आ जाएगा। इसमें कितने एलिमेंट आते
- 43:36हैं? 18 एलिमेंट्स आते हैं।
- 43:39और इसमें कितने एलिमेंट्स आते हैं भैया?
- 43:42आठ एलिमेंट्स आते हैं। आठ एलिमेंट्स
- 43:46और इसमें सिर्फ दो एलिमेंट्स आ रहे हैं।
- 43:48इसलिए इसको वेरी शॉर्ट पीरियड कह रहे हैं।
- 43:51तो भैया पीरियड से तो दोस्ती हो गई हमारी।
- 43:53ठीक है? सात पीरियड हैं। नंबर ऑफ
- 43:56एलिमेंट्स के हिसाब से इनको कुछ ना कुछ
- 43:57नाम दिया गया। इतना इंपॉर्टेंट नहीं है।
- 43:59लेकिन इससे ज्यादा इंपॉर्टेंट है अब
- 44:02ग्रुप्स के नाम। हमने हर एक ग्रुप को कुछ
- 44:05ना कुछ नाम देने की कोशिश करी है। कुछ को
- 44:08नहीं दे पाए हैं। कुछ को दिए हैं उनके
- 44:09प्रॉपर्टी के हिसाब। हमने नहीं दिए मतलब
- 44:11हमारी केमिस्ट्री ने दिए। कहीं आप सोचो
- 44:12मैंने दिए। तो इन सब ग्रुप्स के कुछ ना
- 44:16कुछ नाम है। आओ पढ़ते हैं एग्जाम में पूछा
- 44:18जाता है। जैसे कि जो फर्स्ट ग्रुप है इनको
- 44:21बोला गया है अल्कली मेटल्स। आई होप आपको
- 44:23मैं इसका कारण बता चुका हूं। जो डोबर्नर
- 44:26जी के ट्रायड में बताया गया था। ये सब
- 44:28अल्कली मेटल्स क्यों बोले जाते हैं?
- 44:30क्योंकि इनमें सब के सब पानी में जाने के
- 44:33बाद बेस बनाते हैं जो वो वाटर सॉलुबल होते
- 44:35हैं सिवाय हाइड्रोजन के। ये भी मैं आपको
- 44:37बता चुका हूं कि मेंडलीफ जी की टेबल में
- 44:40भी हाइड्रोजन लिमिटेशन था और हमारी टेबल
- 44:42में भी हाइड्रोजन लिमिटेशन है। देखो ये
- 44:44सारे ऑरेंज कलर के हैं। ऑरेंज स्टैंड्स
- 44:46फॉर मेटल्स। लेकिन ये हमारे पास ग्रे कलर
- 44:48का है। ग्रे स्टैंड फॉर नॉन मेटल जो कि
- 44:50वहां होना चाहिए था। या फिर यहां ये भी
- 44:53नॉन मेटल नहीं है। बस इनको हैलोजन बोला
- 44:54हुआ है। तो अलग रंग दिया हुआ है। इन शॉर्ट
- 44:57हाइड्रोजन यहां भी हो सकता है। और अभी हम
- 45:00पढ़ेंगे पढ़ा भी चुका हूं। फ्लोरीन,
- 45:01क्लोरीन, ब्रोमीन, आयोडीन, हैलोजन। हैलोजन
- 45:03से प्रॉपर्टीज मैच करता है तो वहां भी हो
- 45:05सकता है। इसीलिए जब भी मैं फर्स्ट ग्रुप
- 45:07के बारे में पढ़ा रहा होगा, आप हाइड्रोजन
- 45:09को कंसीडर मत करना। तो फर्स्ट ग्रुप में
- 45:12सब के सब आते हैं अल्कली मेटल। सेकंड
- 45:14ग्रुप में भी बता चुका हूं आपको। कौन आते
- 45:16हैं? अल्कलाइन अर्थ मेटल। अर्थ क्यों?
- 45:18अर्थ क्यों? अर्थ इसलिए बिकॉज़ ये सारे के
- 45:21सारे अर्थ क्रस्ट में पाए जाते हैं। सर ये
- 45:24अर्थ क्रस्ट में नहीं पाए जाते। ये समुद्र
- 45:26से निकाले जाते हैं सॉल्ट्स। समुद्र में
- 45:28इनके सॉल्ट्स हैं। फिर उन सॉल्ट से मेटल्स
- 45:30को निकाला जाता है। इसलिए इनके नाम में
- 45:32अर्थ नहीं है। लेकिन ये सारे के सारे जो
- 45:34इनके ओर्स हैं वो अर्थ में पाए जाते हैं।
- 45:38ठीक है? इसके बाद क्या लिखा हुआ है? देखो
- 45:39अल्कलाइन अर्थ मेटल आर प्लेस्ड इन द सेकंड
- 45:42ग्रुप इन दिस मॉडर्न पीरियडिक टेबल। एंड
- 45:44इनको लाइट एलिमेंट्स भी नाम दिया गया है।
- 45:46बहुत हल्के होते हैं। तो फिर यहां पे जो
- 45:49हमारे पास ये सारे के सारे आप पर्पल कलर
- 45:51के देख रहे हो ये कौन से ग्रुप से लेके
- 45:53कौन से ग्रुप है? अगर ये फर्स्ट ग्रुप है,
- 45:55सेकंड है तो ये थर्ड है। ये फोर्थ है,
- 45:58फिफ्थ, सिक्स, सेवंथ, 8, 9, 10, 11, 12 तो
- 46:00ये 12 है। तो थर्ड से लेके 12th वालों को
- 46:03सबको एक साथ हमने ट्रांजिशन एलिमेंट्स नाम
- 46:07दिया है। इनका नाम ट्रांजिशन एलिमेंट्स
- 46:11क्यों है? इसका मेजर कारण मेजर रीज़ आपको
- 46:1412th क्लास में पता चलेगा। 12th क्लास में
- 46:17जब आप एक चैप्टर पढ़ोगे डी एंड एफ ब्लॉक
- 46:19एलिमेंट। लेकिन 12th क्लास में अभी के लिए
- 46:22मैं आपको फिर बोल रहा हूं डिस्क्लेमर दे
- 46:24रहा हूं। अभी आपसे कोई पूछे इनका नाम
- 46:26ट्रांजिशन एलिमेंट क्यों है? तो आपको
- 46:28इसलिए ऐसा बोलना है कि पीरियडिक टेबल में
- 46:31इस तरफ मेटल्स हैं और ज्यादातर इस तरफ नॉन
- 46:34मेटल्स हैं। तो यहां पे एक्चुअली में मेटल
- 46:37से नॉन मेटल एक बदलाव आ रहा है। एक
- 46:40ट्रांजिशन आ रहा है। ट्रांजिशन आ रहा है।
- 46:43ट्रांजिशन तो देखे होंगे आपने। कामियोगर
- 46:46भाई साहब वो मेरी फील्ड में ऐसे भर गया
- 46:49था। पता नहीं आपने देखा है कि नहीं।
- 46:51गामियो गिर गामियो गिर और ऐसे कोई धुम ता
- 46:55धुम धुम और कोई भी भाई शेर बनके आ जाता है
- 46:57देखा होगा आपने तो वो ट्रांजिशन ही तो है
- 46:59या फिर पहले कोविड से पहले TikTok का
- 47:01जमाना चला था ऐसे हाथ में पाउडर लेते थे
- 47:03लोग और धम करते थे और बस गाने कुछ और होते
- 47:06थे कहने का मतलब यह है बेटा अरे मैं किसी
- 47:09का मजाक नहीं उड़ा रहा हूं आई रिस्पेक्ट
- 47:11ईच एंड एव्री कंटेंट क्रिएटर अंटिल अनलेस
- 47:14वो मेहनत कर रहा है तो है ना और किसी को
- 47:17नुकसान नहीं पहुंचा रहा है तो है ना किसी
- 47:18के दिमाग को खराब नहीं कर रहा है तो अंटिल
- 47:21अनलेस मेरे लिए हर एक क्रिएटर की इज्जत
- 47:23है। मैं किसी का मजाक नहीं उड़ा रहा हूं।
- 47:25हम हां लेकिन मैं बस यह बता रहा हूं कि
- 47:28ट्रांजिशन क्या होता है? ट्रांजिशन एक
- 47:30ट्रांजिशन कार्ड्स आते थे बचपन में अगर
- 47:32आपने देखा हो अभी भी आते होंगे। इसमें
- 47:34पकीॉन होता था। इधर करो तो पिकिकाचू, इधर
- 47:37करो तो चार्ार्ड है ना? ऐसे करके कुछ
- 47:39कार्ड्स आते थे। तो वो ट्रांजिशन इनको
- 47:42ट्रांजिशन क्यों बोला है? क्योंकि यहां पे
- 47:44मेजरली मेटल्स बैठे हैं। यहां पे देखा जाए
- 47:46तो नॉन मेटल्स भी हैं, मेटल्स भी हैं।
- 47:48लेकिन ठीक है? मेटल से नॉन मेटल बन रहे
- 47:51हैं। तो यहां पे एक बदलाव आ रहा है। इसको
- 47:53ट्रांजिशन बोलते हैं। लेकिन एक्चुअल रीज़
- 47:55आप 12th क्लास में पढ़ोगे कि ये लोग डी डी
- 47:58ट्रांजिशन करते हैं। इसलिए इनका नाम
- 48:00ट्रांजिशन एलिमेंट है। बट अभी के लिए आप
- 48:01ऐसा सोच सकते हो कि इनका नाम ट्रांजिशन
- 48:03एलिमेंट क्यों है? ठीक है? तो भैया
- 48:05ट्रांजिशन एलिमेंट्स बोला गया है थर्ड से
- 48:08लेके 12th वालों को। ठीक है? आपसे ना कोई
- 48:09ये नहीं पूछेगा कि इन्हें मतलब पूछना तो
- 48:12नहीं चाहिए सिलेबस का ये हिस्सा तो नहीं
- 48:13है। बट हां मैं आपको फिर भी बता रहा हूं
- 48:15ट्रांजिशन क्यों? बिकॉज़ एक्चुअली में ये
- 48:18वो एरिया है, ये वो जगह है, ये वो ग्रुप्स
- 48:21हैं जहां पे अभी के लिए आप मेटल्स से क्या
- 48:26बन रहे हो? नॉन मेटल्स बन रहे हो। और अगर
- 48:30आप मेटल्स से नॉन मेटल बन रहे हो तो एक
- 48:32ट्रांजिशन आ रहा है, एक बदलाव आ रहा है।
- 48:34ठीक है? लेकिन इसी में अगर आप देखें तो जो
- 48:37ग्रुप 12 है और जो ग्रुप 11 है इन्हें
- 48:40कॉइन एज मेटल्स भी कहा जाता था। ये किसी
- 48:43किसी किताब में लिखा हुआ है। किसी किसी
- 48:45में नहीं। लेकिन इन्हें कॉइन एज मेटल्स भी
- 48:49कहा गया है। बिकॉज़ पहले के जमाने में जैसे
- 48:51कॉपर हो गया, सिल्वर हो गया, जिंक हो गया,
- 48:54गोल्ड हो गया। इनके सिक्के बनते थे। इनके
- 48:56सिक्के बनते थे। तो इनको कॉइन एज मेटल्स
- 48:59भी कहा गया है। इसके बाद हमारे पास आता है
- 49:02ग्रुप 14। अब क्योंकि ग्रुप 14 13 का एज
- 49:05सच कोई नाम नहीं है। क्योंकि ग्रुप 14 में
- 49:08अगर आप देखें तो कौन बैठा हुआ है? कार्बन।
- 49:10कार्बन हमारी पूरी पीरियडिक टेबल का सबसे
- 49:13बड़ा सबसे अच्छा एलिमेंट सबसे कहते है ना
- 49:15घर का बड़ा सदस्य है। एंड दैट इज व्हाई
- 49:17दैट इज व्हाई इसको कार्बन फैमिली बोला गया
- 49:20है। जैसे आपके घर में आपकी फैमिली को
- 49:22गुप्ता फैमिली शर्मा फैमिली या आपके दादा
- 49:24जी के नाम पे जब कोई शादी का कार्ड आता
- 49:26होगा तो घर के बड़े के नाम पे आता है। है
- 49:28ना कि भैया मान लो आपके दादा जी का नाम है
- 49:31कांतालाल या जो भी नाम है मुझे नहीं पता।
- 49:34ठीक है? तो कांतालाल विद फैमिली लिखा होता
- 49:36है उसके ऊपर। कंतालाल विद फैमिली तो उनको
- 49:39ऐसे ही यहां पे रिस्पेक्ट देने के लिए
- 49:40हमने इसे कार्बन फैमिली बोला है। ठीक है
- 49:43ना? तो 14थ ग्रुप को हम लोगों ने क्या नाम
- 49:45दिया है? कार्बन फैमिली नाम दिया है।
- 49:48कार्बन फैमिली नाम दिया है। ठीक है? इसके
- 49:51बाद 16th ग्रुप बड़े प्यारे हैं। अगेन 15
- 49:54का एज सच कोई नाम नहीं। लेकिन जो 16th
- 49:56ग्रुप है उसमें देखो आप ऑक्सीजन और सल्फर
- 49:58आ रहा है। और 10थ क्लास में हमने पढ़ा है
- 50:01कि जो ओर्स होते हैं ओर्स उनमें ज्यादातर
- 50:04ऑक्सीजन और सल्फर होता है। ऑक्साइड्स,
- 50:06सल्फाइड्स याद है? तो ज्यादातर ओर्स के
- 50:09अंदर ऑक्सीजन और सल्फर होता है। इसीलिए
- 50:12इनको बोला गया है कैलकोजंस। कैलकोजंस का
- 50:15मतलब क्या होता है? ओर्स बनाने वाले।
- 50:18कैलकोजंस का मतलब होता है ओर्स बनाने
- 50:21वाले। यहां पर कैलको का मतलब है ओर्स।
- 50:25और अभी थोड़ी देर पहले मैंने आपको बताया
- 50:27था जेनस का मतलब होता है प्रोड्यूसर्स। तो
- 50:31फिर यह कौन हो गए? ओर प्रोड्यूसर्स। क्या
- 50:34हम ये कह रहे हैं कि इन सब में ये सब ही
- 50:37ओर्स बना रहे हैं। नहीं यार आप समझो ना
- 50:39इसमें ऑक्सीजन और सल्फर बना रहे हैं। बाकी
- 50:41नहीं बनाते हैं। लेकिन क्योंकि वहीं से
- 50:42शुरुआत हुई तो इनका नाम पड़ गया। क्या नाम
- 50:45पड़ गया? कैलकोजंस। ठीक है? इसके बाद
- 50:47हमारे पास आए 17 ग्रुप जिसके बारे में बता
- 50:49चुका हूं। इनका नाम हैलोजंस। क्योंकि ये
- 50:51सब साल्ट बनाते थे तो इनका नाम क्या पड़
- 50:54गया? हैलोजंस। हैलोजंस का मतलब मैं आपको
- 50:56पीछे बता चुका हूं क्योंकि ये साल्ट बनाते
- 50:58थे। और वहीं पे हम सब जानते हैं 18th
- 51:00ग्रुप को हम लोग बहुत सारे नाम से बुलाते
- 51:02हैं। नोबल गैसेस भी बोलते हैं, इनर्ट
- 51:04गैसेस भी बोलते हैं और कई किताबें इसे
- 51:06जीरो ग्रुप भी बोलती हैं। क्योंकि हम सब
- 51:09जानते हैं इनकी जो वैलेंसी होती है वो
- 51:11ज़ीरो होती है और ये किससे रिएक्ट नहीं
- 51:13होते। तो हमने ग्रुप से दोस्ती कर ली।
- 51:16हमने पीरियड से भी दोस्ती कर ली। हमने
- 51:18ग्रुप से भी दोस्ती कर ली। हमने पीरियड से
- 51:20भी दोस्ती कर ली। ठीक है ना? ग्रुप से भी
- 51:22दोस्ती कर पीरियड से भी दोस्ती कर ली। अब
- 51:24सुनो अब सुनो अब सुनो। अब यहां पे हम अभी
- 51:29तक आप अगर नोटिस करो तो हमारा मकसद क्या
- 51:31है? हमारा ऐ क्या है? हमारा गोल क्या है?
- 51:34कि हमें एलिमेंट्स को क्लासिफाई करना है
- 51:36ताकि उनकी पढ़ाई आसान हो जाए। और हम ये
- 51:39पता चल पाए कि लेफ्ट टू राइट क्या हो रहा
- 51:41है? टॉप टू बॉटम क्या हो रहा है? तो हमारी
- 51:43एक्चुअल पढ़ाई पता है कब शुरू होगी? यहां
- 51:46जब हम लेफ्ट से राइट एक टेबल में जाएंगे
- 51:48और ट्रेंड्स के बारे में बात करेंगे। और
- 51:50ऐसे ही जब हम टॉप से बॉटम जाएंगे यानी ऊपर
- 51:54से नीचे जाएंगे तो हम एलिमेंट्स में
- 51:56प्रॉपर्टीज में क्या बदलाव आ रहा है ये
- 51:57पढ़ेंगे। उससे पहले कुछ छोटे-छोटे पड़ाव
- 52:00है। जैसे कि यहां पे आपको एक बात समझनी
- 52:03होगी बहुत प्यारी वो क्या है? मैंने क्या
- 52:06कहा था आपको कि हमारी हर एक केमिस्ट्री की
- 52:09पढ़ाई के वक्त कुछ एक्सेप्शनल केसेस आते
- 52:12हैं। कुछ लिमिटेशन आती है। कॉफी पी रहा
- 52:14हूं। कुछ गलत मत समझना। हम
- 52:17लेकिन हमारी पढ़ाई के दौरान हमेशा से कुछ
- 52:21लिमिटेशंस, कुछ एक्सेप्शनल केसेस आते हैं।
- 52:25अगर आप इस मॉडर्न टेबल को ध्यान से देखोगे
- 52:28ना तो इस मॉडर्न टेबल में जो भी हम
- 52:31ट्रेंड्स पढ़ने वाले हैं, अभी हमने पढ़े
- 52:33नहीं है, पढ़ने वाले हैं कि लेफ्ट टू राइट
- 52:35जाओ तो क्या होता है? टॉप टू बॉटम आओ तो
- 52:37क्या होता है? उन्हें ट्रेंड्स कहते हैं।
- 52:39उन ट्रेंड्स को ये जो पर्पल वाले लोग हैं
- 52:43और ये जो टेबल से बाहर निकाले गए लोग हैं,
- 52:46अभी मैं आपको बताऊंगा इनको टेबल से बाहर
- 52:48इसलिए निकाला गया है बिकॉज़ दे आर बदतमीज़
- 52:50है। मैं एक्चुअली मैं इनको निहायती बदतमीज
- 52:52कहता हूं। इनको बदतमीज़ कहता हूं। जो बच्चे
- 52:55मुझसे पेड बैच में पढ़ते हैं या YouTube पे
- 52:57खैर मैंने कभी ये चैप्टर पढ़ाया नहीं है।
- 52:59लेकिन ऑफलाइन में पढ़ते हैं या पेड बैच में
- 53:01पढ़ते हैं उनको पता होगा। मैं इन्हें कहता
- 53:03हूं बदतमीज़ और इन्हें कहता हूं निहायती
- 53:05बदतमीज़। ये इतने बदतमीज़ हैं कि इनको टेबल
- 53:08से बाहर निकालना पड़ा। एक प्रकार से समझ
- 53:10लो यह क्लास रूम है। अब क्लास रूम से इनको
- 53:12बाहर निकालना पड़ा। इतने बदतमीज़
- 53:14एलिमेंट्स हैं। क्यों है यह बदतमीज़
- 53:15पढ़ेंगे? लेकिन ये बदतमीज़ तो हैं।
- 53:17निहायती बदतमीज़ है। लेकिन बदतमीज़ ये भी
- 53:20है। लेकिन ये इतने बदतमीज़ नहीं है कि
- 53:21इनको टेबल से बाहर निकाला जाए। बट फिर भी
- 53:25ये जो लेफ्ट टू राइट वाले ट्रेंड्स होते
- 53:27हैं और जो टॉप टू बॉटम वाले ट्रेंड्स होते
- 53:30हैं उनको ये फॉलो नहीं करते। क्यों नहीं
- 53:32करते? धीरे धीरे धीरे-धीरे एक सीढ़ी का एक
- 53:35पड़ाव। ठीक है? ये फॉलो नहीं करते हैं।
- 53:37लेकिन जो ये बेचारे लोग हैं फर्स्ट ग्रुप
- 53:39सेकंड ग्रुप यानी ये ये प्यारे बच्चे और
- 53:42ये जो प्यारे बच्चे हरे हरे ग्रे नीले ये
- 53:46तो खैर नोबल गैसेस ही हैं। ये तो अलग ही
- 53:49दुनिया है। ये सब लोग जो भी ट्रेंड्स हम
- 53:52पढ़ने वाले हैं उनको ये फॉलो करते हैं।
- 53:55इसीलिए इनको कहा जाता है रिप्रेजेंटेटिव
- 53:59एलिमेंट्स। क्योंकि यह हमारी मॉडर्न
- 54:02पीरियोडिक टेबल को रिप्रेजेंट करते हैं।
- 54:04आप मुझे बताओ आपके स्कूल में कोई आया बाहर
- 54:07से यह देखने के लिए कि भैया आपका स्कूल
- 54:10कितना बेहतर कर रहा है। तो आपके क्लासरूम
- 54:12से कौन से बच्चे को एज रिप्रेजेंटेटिव
- 54:16भेजा जाएगा? आप मुझे सोच के बताओ। ऐसा जो
- 54:18पढ़ाई में तो बहुत अच्छा है लेकिन कपड़े
- 54:20वगैरह गंदे पहन के रखता है। बाल-वाल नहीं
- 54:22काटता। नाखून इसमें मैल जमी हुई है। नाक
- 54:25बह रही है। तंबाकू खाता रहता है। और एक
- 54:26वहीं पे एक बच्चा जो पढ़ाई में बिल्कुल
- 54:29अच्छा नहीं है। लल्लू है फेल होना होता
- 54:31रहता है। लेकिन वो स्टिच रहता है। ऐसे
- 54:33जेलवेल लगाता है बाल में ये टाई प्रेस ऐसे
- 54:36प्रेस हो रखी है पेंट पे कि भाई साहब ऐसे
- 54:38तीखी धार बनी हुई है कि खीरा काट लो आप।
- 54:40इतना टिच हो के आता है। लेकिन वहीं पे एक
- 54:43और बच्चा है जो 80% 90% 80 85% मार्क्स
- 54:47लेके आता है और ठीक-ठाक कपड़े भी पहन के
- 54:49आता है। नाखून-वाखून भी कटे रहते हैं।
- 54:51साफ-सुथरा रोज नहा के आता है। बाल-बाल में
- 54:53कंगे-मंगी ढंग से करके आता है। तो मेरे
- 54:55हिसाब से मैं इस बच्चे को भेजूंगा क्योंकि
- 54:58मुझे ये बच्चा सारी चीजों को फॉलो कर रहा
- 55:00है। अगर इसके 80-85 नंबर आने हैं तो ढंग
- 55:02से पढ़ भी रहा है और ये टाइम पे भी स्कूल
- 55:05आ रहा है। कपड़े भी सही पहन रहा है। तो ये
- 55:06मेरे लिए एक अच्छा रिप्रेजेंटेटर है।
- 55:09बिल्कुल ऐसा है। यह जो लोग हैं वो लगभग
- 55:11सारी प्रॉपर्टीज़ को लेफ्ट टू राइट, टॉप टू
- 55:12बॉटम को फॉलो करते हैं। दैट इज़ व्हाई दे
- 55:15आर कॉल्ड रिप्रेजेंटेटिव एलिमेंट्स।
- 55:18इसीलिए हम जो भी ट्रेंड को पढ़ेंगे हम इनके
- 55:20ही बिहाफ पे पढ़ेंगे। इनमें भी कुछ
- 55:23लिमिटेशन है। माना बस बहुत कम है। इनमें
- 55:25तो भाई साहब बहुत ज्यादा और इनमें इतनी
- 55:27ज्यादा है कि इनके बारे में हमें पढ़ना ही
- 55:29नहीं है। ज्यादा इनको तो टेबल से बाहर
- 55:30निकाला गया। पहले आओ। ग्रुप वन टू वन 2
- 55:34फिर 13 से लेकर 18 इन्हें रिप्रेजेंटेटिव
- 55:36कहा जाता है। बिकॉज़ ये हमारी सारी
- 55:38प्रॉपर्टीज को फॉलो करते हैं जो कि अभी हम
- 55:40पढ़ेंगे। लेकिन ये जो टेबल से बाहर निकाले
- 55:43गए हैं इसमें आप देख रहे होंगे दो सीरीज
- 55:46हैं। पहली सीरीज को हम लैंथेनॉइड्स कहते
- 55:48हैं। क्यों कहते हैं इसको लैंथेनॉइड?
- 55:49क्योंकि जो इसका पहला मेंबर है इसका नाम
- 55:51है लैंथेनम। लैंथेनम के बाद ये सारे
- 55:54एलिमेंट्स बाहर निकाले गए हैं। तो इस
- 55:56सीरीज को बोला जाता है लैंथेनॉइड्स। और ये
- 55:59हमारे पास है ऑक्टेनियम। अब ऑक्टेनियम के
- 56:02बाद इसको निकाला गया है तो इन्हें
- 56:03ऑक्टेनॉइड्स कहा जाता है। तो इनको मिला के
- 56:05कहा जाता है लैंथेनॉइड्स और ऑक्टेनॉइड्स।
- 56:08लेकिन ये वाली सीरीज लैंथेनॉइड है बिकॉज़
- 56:10लैंथेनम लैंथेनम एलिमेंट के बाद है ये। और
- 56:13ये ऑक्टेनियम एलिमेंट के बाद हैं। तो
- 56:16इसलिए इनका नाम ऐसा पड़ा। ठीक है? इनके एक
- 56:18और नाम भी है वो है इनर ट्रांजिशन। इनर
- 56:22ट्रांजिशन। क्यों? बिकॉज़ ये कभी ना कभी
- 56:24ट्रांजिशन ये ट्रांजिशन है ना? ट्रांजिशन
- 56:26है ना? कभी ना कभी ट्रांजिशन का हिस्सा
- 56:28थे। अब ये बाहर है तो इनका नाम पड़ गया इनर
- 56:31ट्रांजिशन और इनका एक और नाम भी है रेयर
- 56:33अर्थ एलिमेंट क्योंकि धरती पे ये बहुत कम
- 56:36है। बहुत रेयरली पाए जाते हैं। आओ पढ़े
- 56:39देखो क्या लिखा हुआ है? यहां लिखा हुआ है
- 56:41लैंथेनॉइड्स और ऑक्टेनॉइड्स के बारे में
- 56:43देयर आर टू मोर रोज़ एट द बॉटम ऑफ द
- 56:46पीरियोडिक टेबल। इस रो में 14 एलिमेंट हर
- 56:48एक रो में आते हैं। जहां पे आपको पहले
- 56:51वाले में लैंथेनम के बाद मिलेंगे और दूसरे
- 56:54वाले में ऑक्टेनियम के बाद मिलेंगे।
- 56:56क्योंकि लैंथेनम के बाद है तो नाम पड़ा है
- 56:58इनका लैंथेनॉइड्स और क्योंकि ऑक्टेनियम के
- 57:00बाद है तो नाम पड़ा है ऑक्टेनॉइड्स। इनका
- 57:02एक और नाम भी है इनर ट्रांजिशन एलिमेंट और
- 57:04इनका नाम है रेयर अर्थ मेटल्स या एलिमेंट
- 57:07ये नाम भी है इनका। ठीक है जी? बहुत सारी
- 57:10चीजें एक साथ हो गई हैं मेरे हिसाब से।
- 57:12बहुत सारी चीजें एक साथ हो रही हैं। तो
- 57:14प्लीज छोटी-छोटी चीजें इकट्ठी हो रही है
- 57:16साथ-साथ। आप मॉडर्न पीरियडिक टेबल से पहले
- 57:18दोस्ती कर लो। प्लीज दोस्ती कर लो। आप
- 57:20दोस्ती नहीं करोगे। ये दोस्ती कर लो।
- 57:22दोस्ती कर लो। दोस्ती कर लो। दोस्ती कर
- 57:23लो। दोस्ती कर लो। दोस्ती नहीं करोगे तो
- 57:25मजा नहीं आएगा। दोस्ती करो फिर आगे बढ़ते
- 57:27हैं। चलो तो अब बारी है ट्रेंड्स के तरफ
- 57:32बढ़ने के लिए। ट्रेंड्स इस चैप्टर का सबसे
- 57:35इंपॉर्टेंट टॉपिक है। ऑलदो एग्जाम में आए
- 57:37ना आए वो वाला मैटर नहीं कह रहा हूं। वो
- 57:39सबसे इंपॉर्टेंट क्यों? क्योंकि उससे ही
- 57:41सारी चीजें आगे डिसाइड होंगी।
- 57:44हम आयनाइजेशन एनर्जी पढ़ने वाले हैं।
- 57:46इलेक्ट्रॉन गेन एंथैल्पी पढ़ने वाले हैं।
- 57:47इलेक्ट्रोनेगेटिविटी पढ़ने वाले हैं। और
- 57:49अभी तक हमने ये नहीं पढ़ा है कि हमारी
- 57:51मॉडर्न पीरियडिक टेबल में ग्रुप्स और
- 57:53पीरियड्स के अलावा ब्लॉक्स भी होते हैं।
- 57:56तो ब्लॉक्स के बारे में भी आप बेहतर उनकी
- 57:59प्रॉपर्टीज के बारे में भी आप बेहतर पढ़
- 58:00पाओगे। अगर आपने ट्रेंड्स पढ़ रखे होंगे।
- 58:03तो फिलहाल एक छोटा सा टॉपिक है हमारे इस
- 58:07चैप्टर का जिसमें हमने क्या किया?
- 58:10जितने भी एलिमेंट्स जिनका एटॉमिक नंबर 100
- 58:14से ज्यादा होता है। देखो क्या था आपको मैं
- 58:16बताता हूं। क्या हमने अभी तक अपने सारे
- 58:18जितने भी एलिमेंट्स हमारे ब्रह्मांड में
- 58:20हैं क्या हमने ढूंढ लिए? आंसर है नहीं। है
- 58:22ना? आपको सबको पता है भविष्य में और
- 58:24एलिमेंट्स मिलेंगे। इसका कोई अंत नहीं। तो
- 58:27जब हमारे पास हमें एलिमेंट्स मिल रहे थे
- 58:29या हमने फ्यूचर में आने वाले एलिमेंट्स को
- 58:33हमने यहां भी तो प्रेडिक्ट किया। मैं आपको
- 58:34बताता हूं। जब मैं खुद 11th में था तो
- 58:37यहां पे काफी सारे एलिमेंट्स डिस्कवर्ड
- 58:39नहीं थे। जैसे यूययूपी, यूययू एस, यू ओ और
- 58:43ऐसे और भी और भी एलिमेंट्स थे। अब तो काफी
- 58:46भर गई है। लेकिन मैं जब 11th क्लास में था
- 58:49और हमको जो टेबल पढ़ाई जाती थी आप चेक
- 58:52करना आज से 15 16 साल पहले की टेबल उसमें
- 58:55ये एलिमेंट्स जो थे वो और भी नहीं थे
- 58:58डिस्कवर्ड। लेकिन हमें उनको डब्बों में
- 59:01डालना था क्योंकि हमें पता है कि यहां पे
- 59:03और एलिमेंट आएंगे। जब हम ये बात मेंडलीफ
- 59:04जी के टाइम पे सीख गए थे अब तो हम और
- 59:06एडवांस हो गए हैं। तो हमें पता तो है कि
- 59:08यहां पे एलिमेंट्स आएंगे तो उनको लेके नाम
- 59:10क्या दें? जैसे आपकी शादी होगी। है ना?
- 59:12अरे अभी तुम तो इसमें ब्लश कर गए बेटा। है
- 59:15ना? अभी तो मैं आपका बच्चा ही पैदा करवा
- 59:16रहा हूं। मान लो आपकी शादी होगी और आपका
- 59:18बच्चा पैदा होगा। मान के लो होगा ही।
- 59:20हम्म। तो अभी लेकिन हुआ नहीं है। तो जब आप
- 59:23और आपका पार्टनर या जो भी लोग बात कर रहे
- 59:26होंगे कि यार हमारा बच्चा होगा तो हम उसको
- 59:28किस नाम से बुलाएंगे? अभी तो हमने नाम रखा
- 59:30नहीं है तो हम उसको बच्चा बोल देते हैं या
- 59:32हो सकता है आपने लिटिल सिंघम लिटिल सिंघम
- 59:35के दोगे नाम सॉरी आप अपने नाम पे लिटल लगा
- 59:38दोगे जैसे मान लो मेरा बच्चा नहीं हुआ था
- 59:39तो मैं बोलूंगा लिटिल आशु या लिटिल रीमा
- 59:42अगर लड़की पैदा होती है तो कहने का सिर्फ
- 59:44मतलब बेटा क्या है कहने का मतलब सिर्फ और
- 59:46सिर्फ ये है कि आपको तो पता ही नहीं है
- 59:48अभी वो एलिमेंट कौन होगा उसका क्या नाम
- 59:50होगा कुछ तो नाम करना है तो जो भी 100 के
- 59:52ऊपर एलिमेंट्स थे जिनका एटॉमिक नंबर 100
- 59:54के ऊपर था हमने उनके नामकरण के लिए एक
- 59:56फॉर्मेट बनाया था जैसे हमने 10थ क्लास
- 59:59आईयूपीएसी नेमिंग ऑर्गेनिक कंपाउंड्स की
- 1:00:01करी थी। ऐसे एलिमेंट्स की भी होती है। अब
- 1:00:03उसके लिए आपको ये टेबल लेटर्स से आपको याद
- 1:00:05हो गई जिसमें 0 1 2 ऑब्वियस सी बात है नौ
- 1:00:08तक आएंगे। इनके नेम ये है और इनके जो
- 1:00:11एब्रवेएशंस
- 1:00:12हैं यानी एब्रविएशन मतलब जो हम लोग यहां
- 1:00:14पे सिंबल में यूज़ करेंगे वो ये होंगे। मैं
- 1:00:16समझाता हूं अभी। जैसे मान लेते हैं किसी
- 1:00:18का एटॉम बड़ा फन है ये। है ना? मान लो किसी
- 1:00:21का एटॉमिक नंबर 105 है। तो उसका नाम क्या
- 1:00:24होगा? पहले तो नाम की बात करते हैं। फिर
- 1:00:26सिंबल की बात करेंगे। अब वन का मतलब है अन
- 1:00:29तो यू कैपिटल आएगा अन जीरो का मतलब है
- 1:00:33मतलब मतलब मतलब जीरो के लिए हमें लिखना है
- 1:00:35निल तो ये अननिल हो गया अनिल मत बोल देना
- 1:00:38अ अननिल हो गया एक प्रकार से पांच का मतलब
- 1:00:42ऑब्वियस सी बात है पेंट है तो पांच का
- 1:00:44मतलब पेंट और नाम के पीछे आपको आई यू एम
- 1:00:48लगाना है तो पूरा नाम हो गया इसका अननल
- 1:00:51पेंटियम नाम हो गया इसका अननल पेंटियम अब
- 1:00:55अगर मैं इसके सिंबल की बात करूं सिंबल की
- 1:00:57बात करूं तो सिंबल के लिए जो जो इनके
- 1:01:01एब्रविएशंस थे वो आपको यूज़ करने हैं। से
- 1:01:04वन के लिए आपने अन यूज़ किया तो यू फिर
- 1:01:07आपने एन निल यूज़ किया फिर पेंट पी यूज़
- 1:01:09किया पहला कैपिटल बाकी स्मॉल तो इसका
- 1:01:11सिंबल हो जाएगा यू एन पी सिंबल हो जाएगा
- 1:01:14unp कितना मजेदार काम है देखो मान लो आया
- 1:01:18आपके पास 1 2 यानी 112 अब इसका नाम कैसे
- 1:01:22हमें करना है
- 1:01:25तो यहां पे हमारे पास आ गया अन फिर हमारे
- 1:01:28पास आ गया अन और फिर टू का मतलब हमारे पास
- 1:01:30है बाय तो अन बायम अनबयम अनबायम
- 1:01:36और सिंबल की अगर हम बात करें सिंबल की अगर
- 1:01:39हम लोग बात करें तो आ जाएगा यू यू बी इसका
- 1:01:43सिंबल आ जाएगा। यू यू बी इसका सिंबल आ
- 1:01:45जाएगा। जैसे आप अगर देखो तो इस टेबल में
- 1:01:47ऐसे कुछ लोग इस्तेमाल भी किए गए हैं। जैसे
- 1:01:50यू यू पी भी इस्तेमाल किया गया है। यू यू
- 1:01:52टी भी इस्तेमाल किया गया है। है ना? यू यू
- 1:01:54टी मतलब ऑब्वियस सी बात है 113 हो गए। 112
- 1:01:57तो खैर डिस्कवर्ड ही है तो अच्छी बात है।
- 1:01:59है ना? तो ऐसा आ गया। है ना? दो आई अगर
- 1:02:02आएंगे तो एक आई हमें लगाना होगा। सॉरी मैं
- 1:02:04बताना मतलब ये तो हमें पता ही है। हमें ये
- 1:02:08पता नहीं है। मैं आपको बता देता हूं सॉरी।
- 1:02:10अगर पीछे पहले एक आई आ रहा है तो हमें
- 1:02:12वहां से आई को हटाना है। जैसे अगर आई
- 1:02:15किसके-किस के पीछे है? बाय के पीछे और
- 1:02:16ट्राई के पीछे। तो अगर नाम के पीछे बाय आ
- 1:02:19रहा है या फिर ट्राई आ रहा है तो आपको
- 1:02:20सिर्फ यू एम ही लगाना है। आओ एक दो और
- 1:02:22करते हैं इसके लिए। ठीक है? फिर एक कमेंट
- 1:02:24सेक्शन में पूछूंगा तभी आगे बढ़ेंगे। जैसे
- 1:02:27के लिए मान लेते हैं z आपका आया 108 है
- 1:02:29ना? तो कैसे हम लोग इसका नाम करेंगे भाई?
- 1:02:32तो नाम हमारे पास हो गया अन। इसके लिए हो
- 1:02:35गया निल और आठ के लिए हमारे पास क्या यूज
- 1:02:38करना है हमें? आठ के लिए यूज़ करना है
- 1:02:40ऑक्ट। इसको ना वैसे मत समझना। मिथ एथ
- 1:02:42प्रोप ब्यूटी उससे अलग है। ये तो साफ दिख
- 1:02:44रहा है आपको। तो आठ के लिए हमारे पास हो
- 1:02:46गया ऑक्ट। और लगाना है हमें आई यू एम। तो
- 1:02:49नाम हो गया अननल ऑक्टियम। अब अगर सिंबल की
- 1:02:52बात करें, सिंबल की बात करें तो सिंबल हो
- 1:02:55जाएगा यू एन ओ। है ना? सिंबल हो जाएगा
- 1:02:58uno। चलो अब एक आप करोगे और कमेंट सेक्शन
- 1:03:00पे इसका ईमानदारी से आंसर दोगे पूरा। ठीक
- 1:03:03है? मान लो किसी का Z आ गया है अ
- 1:03:07155। वैसे तो ये बहुत ही बड़ा नंबर हो गया।
- 1:03:10बट ठीक है चलो आओ इससे क्या लेना देना
- 1:03:11हमें? चलो अब इसका नाम और इसका सिंबल
- 1:03:14जल्दी से कमेंट सेक्शन पे टाइम स्टैंप के
- 1:03:16साथ जो भी टाइम स्टैंप है अभी हमारे वन
- 1:03:19शॉट का टाइम स्टैंप के साथ इसका सिंबल और
- 1:03:21नाम दोनों लिख दो। हम
- 1:03:24ईमानदारी ओ यार ईमानदारी ओ लिख दिया।
- 1:03:29लिख दिया पक्की बात वीडियो को पॉज करके
- 1:03:32लिख दिया चलो आओ अब अगर मैं इसके नाम पे
- 1:03:34जाता हूं तो बड़ा ही सिंपल अन आ गया पांच
- 1:03:39के लिए पेंट आ गया फिर पांच के लिए पेंट आ
- 1:03:42गया फिर आई यू एम हो गया तो अनपेंट
- 1:03:45पेंटियम सिंबल क्या आ गया सिंबल क्या आ
- 1:03:47गया तो यू आ गया पी आ गया पी आ गया तो ये
- 1:03:52हमारा सिंबल हो गया डन है तो अगर किसी का
- 1:03:54एटॉमिक नंबर 100 से बड़ा है तो उसके लिए
- 1:03:57हम इस तरीके तरीके से कुछ नामकरण कर सकते
- 1:03:59हैं। चलो आओ अब फाइनली चलते हैं हम लोग
- 1:04:02लेफ्ट टू राइट ट्रेंड्स पे चलते हैं।
- 1:04:05लेफ्ट टू राइट जाने का मतलब क्या है?
- 1:04:07लेफ्ट टू राइट जाने का मतलब है कि हम एक
- 1:04:09पीरियड में कितने पीरियड्स हैं हमारे पास?
- 1:04:12सात पीरियड्स हैं। कुल मिला के आपको पता
- 1:04:14है। तो उनमें से किसी भी ऑब्वियस सी बात
- 1:04:16है हम फर्स्ट पीरियड में नहीं जाना
- 1:04:17चाहेंगे। बिकॉज़ फर्स्ट पीरियड में कितने
- 1:04:19एलिमेंट हैं? सिर्फ दो। सेकंड और थर्ड
- 1:04:22पीरियड अच्छे हैं। हम फोर्थ में भी नहीं
- 1:04:24जाना चाहेंगे। क्यों बताओ? बिकॉज़ फोर्थ
- 1:04:26पीरियड में भी हमारे पास डी ब्लॉक वाले
- 1:04:28मतलब कि ट्रांजिशन एलिमेंट्स आ जाते हैं।
- 1:04:30है ना? इसलिए मैं कह रहा था टेबल खोल के
- 1:04:32रखो। मुझे बार-बार जाना पड़ेगा। देखो
- 1:04:34फर्स्ट पीरियड जो है इसमें सिर्फ दो
- 1:04:36एलिमेंट है तो पढ़ के मजा नहीं आएगा। सेकंड
- 1:04:38और थर्ड इज़ गुड। अब लेकिन अगर आप फोर्थ
- 1:04:40पीरियड में जाओगे तो ये आ जाएंगे। डी ये
- 1:04:43पर्पल वाले आ जाएंगे। ये ये ट्रांजिशन
- 1:04:46एलिमेंट आ जाएंगे। और हम नहीं चाहते वो आए
- 1:04:48क्योंकि अभी मैंने आपको बताया है कि जो ये
- 1:04:50लोग हैं और ये लोग हैं ये रिप्रेजेंटेटिव
- 1:04:53एलिमेंट्स हैं। जब भी कोई ट्रेंड्स पढ़
- 1:04:54रहे होंगे तो इन दोनों के रिस्पेक्ट से ही
- 1:04:57आपको ट्रेंड्स को पढ़ना होगा। ठीक है ना?
- 1:05:00तो इसीलिए जो भी हम लोग लेफ्ट टू राइट या
- 1:05:02टॉप टू बॉटम पढ़ेंगे हमें अवॉइड करना है
- 1:05:04ट्रांजिशन एलिमेंट्स और जो नीचे
- 1:05:06लैंथेनॉइड्स और ऑक्टेनॉइड्स को लिया हुआ
- 1:05:08उनको हमें कोशिश करनी है कि वो ना आए। एंड
- 1:05:12फॉर दैट अगर मैं लेफ्ट टू राइट की पढ़ाई
- 1:05:14कर रहा हूं तो मैं सेकंड पीरियड या थर्ड
- 1:05:17पीरियड इनमें से कोई भी एक। सेकंड पीरियड
- 1:05:19की शुरुआत कहां से हो रही? टेबल में देखो
- 1:05:21लिथियम से शुरुआत हो रही है। और फिर खत्म
- 1:05:24कहां हो रहा है? नियॉन पे। और अगर आप थर्ड
- 1:05:26पीरियड की बात करोगे तो सोडियम से शुरुआत
- 1:05:28हो रही है और आर्गन पे जाके वो खत्म हो
- 1:05:30रहा है। तो किसी भी एक पीरियड के लिए आप
- 1:05:32पढ़ाई कर सकते हो। ठीक है जी? तो चलो लेट
- 1:05:35अस से हम यहां पे
- 1:05:38लेफ्ट टू राइट अगर चल रहे हैं तो कोई एक
- 1:05:40पीरियड यहां पे ले लेते हैं। यहां पे
- 1:05:42हमारे पास आ गया ग्रुप फर्स्ट। यहां पे
- 1:05:45हमारे पास आ गया ग्रुप सेकंड। उसके बाद
- 1:05:47थर्ड 12 तक तो गैप है। उसके बाद हमारे पास
- 1:05:49आ गया ग्रुप 13,
- 1:05:52ग्रुप 14,
- 1:05:55ग्रुप 15,
- 1:05:58ग्रुप 16,
- 1:06:01ग्रुप 17 और ग्रुप 18। ठीक है? हम जब भी
- 1:06:06कोई केमिकल प्रॉपर्टी पढ़ेंगे आप सबको पता
- 1:06:08है 18 के बारे में बात नहीं होगी क्योंकि
- 1:06:10वो नोबल गैसेस हैं। अब अगर हम थर्ड पीरियड
- 1:06:13की बात कर रहे हैं तो सोडियम
- 1:06:15मैग्नीशियम फिर एक छलांग एलुमिनियम टेबल
- 1:06:19सामने खोल के बैठो सिलिकॉन फास्फोरस सल्फर
- 1:06:24क्लोरीन और आर्गन आ गया। ठीक है? ये हमारे
- 1:06:29पास आ गए इनके ग्रुप्स आ गए। ठीक है? तो
- 1:06:32हम जो भी पढ़ाई करेंगे अभी लेफ्ट टू राइट
- 1:06:35में इसके रिस्पेक्ट से हम लोग अपनी पढ़ाई
- 1:06:38करने वाले हैं। जो भी पढ़ाई हम लोग करने
- 1:06:40वाले हैं लेफ्ट टू राइट में इसके
- 1:06:42रिस्पेक्ट से अब हम अपनी पढ़ाई करने वाले
- 1:06:44हैं। तैयार हो? चलो एक-एक करके ट्रेंड्स
- 1:06:48को लिखते हैं जिनको हमें पढ़ना है। सबसे
- 1:06:50पहला ट्रेंड है वैलेंस इलेक्ट्रॉन्स।
- 1:06:54सबसे पहला ट्रेंड है वैलेंस इलेक्ट्रॉन्स।
- 1:06:57लेफ्ट टू राइट जाने पे वैलेंस
- 1:06:59इलेक्ट्रॉन्स के साथ क्या होगा?
- 1:07:02देखो मैं जो भी ट्रेंड आपको पढ़ाने जा रहा
- 1:07:04हूं लेफ्ट टू राइट आपको अगर वह पहले से
- 1:07:06आता है तो प्लीज बेटा मन में बोलो उसको है
- 1:07:09ना ऐसा नहीं है कि सिर्फ ऐसे हाथ ऐसे बैठ
- 1:07:11के या बिरे पे लेटे हो बेड पे आपके पैर
- 1:07:15हैं ऊपर कंबल ओढ़ रखा है पतला सा एसी चल
- 1:07:17रहा है ठंडा-ठंडा मध्यम मध्यम बेटा ऐसे
- 1:07:20पढ़ाई नहीं होगी कंफर्ट ज़ोन से बाहर आओ
- 1:07:22बोलना शुरू करो ऐसे बोलो कि घर वाले कहें
- 1:07:25कि क्या हो गया इसको वीडियो देख रहा है
- 1:07:26साथ में इतना चिल्ला क्यों रहा है ना बेटा
- 1:07:28तो साथ में आपको बोलना है चलो अगर अगर मैं
- 1:07:31वैलेंस इलेक्ट्रॉन की बात कर रहा हूं,
- 1:07:33वैलेंस इलेक्ट्रॉन की बात कर रहा हूं, तो
- 1:07:34क्या वैलेंस इलेक्ट्रॉन सेम है? नहीं।
- 1:07:36वैलेंस इलेक्ट्रॉन तो एक ग्रुप में सेम
- 1:07:38होते हैं। हम तो पीरियड में जा रहे हैं।
- 1:07:40तो इसके वैलेंस इलेक्ट्रॉन और वैलेंसी
- 1:07:42कितनी होगी? अब वैलेंस इलेक्ट्रॉन की बात
- 1:07:44करते हैं। इसकी इलेक्ट्रॉनिक कॉन्फ़िगरेशन
- 1:07:46क्या होगी? 2 8 1 इसकी होगी 2 8 2 इसकी
- 1:07:52होगी 2 83। ऐसे ही सो ऑन। इसकी कितनी
- 1:07:56होगी? 2 8 तो क्या वैलेंस इलेक्ट्रॉन एक
- 1:08:00से आठ बढ़ रहे हैं? है ना? मैं ऐसे शॉर्ट
- 1:08:02में लिखूंगा ध्यान रखना। तो इसका मतलब है
- 1:08:05वैलेंस इलेक्ट्रॉन एक से आठ इंक्रीस होते
- 1:08:09हैं अगर मैं लेफ्ट से राइट जाता हूं तो।
- 1:08:12कोई रीज़न है नहीं इसमें रीज़न भी क्या दूं?
- 1:08:14हो रहे हैं बस। है ना? हो रहे हैं एक से
- 1:08:17आठ वैलेंस इलेक्ट्रॉन्स बढ़ रहे हैं। अब
- 1:08:20अगर वैलेंस इलेक्ट्रॉन एक से आठ बढ़ रहे
- 1:08:22हैं तो फिर वैलेंसी का क्या होगा? आओ बात
- 1:08:25करते हैं। वैलेंसी का क्या होगा? वैलेंसी
- 1:08:30अगर इसके वैलेंस इलेक्ट्रॉन एक है तो इसकी
- 1:08:32वैलेंसी +1 यानी वन होगी। इसकी टू होगी।
- 1:08:34इसकी थ्री होगी। इसकी फोर होगी। लेकिन आप
- 1:08:36सबको पता होना चाहिए इसकी इलेक्ट्रॉनिक
- 1:08:38कॉन्फ़िगरेशन अगर 285 है तो इसकी वैलेंसी
- 1:08:41फाइव नहीं इसकी वैलेंसी थ्री होगी। आप
- 1:08:43सबको पता है अपना ऑक्टेट पूरा करना है। तो
- 1:08:45अगर मैं बात करूं वैलेंसी की एक होता है
- 1:08:48ऑक्सीडेशन नंबर। वो अलग चीज है। अगर आपके
- 1:08:50स्कूल में ऑक्सीडेशन नंबर करवाया है तो वो
- 1:08:52हमें रेडॉक्स में करना है। कई लोग इधर भी
- 1:08:54करा देते हैं। हमारे भी नोट्स में अभी एस
- 1:08:56ब्लॉक पी ब्लॉक में ऑक्सीडेशन नंबर लिखा
- 1:08:59होगा। मैं अभी ऑक्सीडेशन नंबर नहीं
- 1:09:00वैलेंसी की बात कर रहा हूं। तो कंफ्यूज मत
- 1:09:02होना। वैलेंसी की बात करें तो इसकी
- 1:09:05वैलेंसी वन है। इसकी टू है। इसकी थ्री है।
- 1:09:08इसकी फोर है। इसकी वापस से थ्री है। इसकी
- 1:09:11वापस से टू है। इसकी वापस से वन है। और आप
- 1:09:14सबको पता है इसकी जो वैलेंसी है वो ज़ीरो
- 1:09:17है। नोबल गैस है तो उसकी वैलेंसी कितनी
- 1:09:19है? ज़ीरो है। तो वैलेंसी के साथ क्या हो
- 1:09:22रहा है? वैलेंसी पहले एक से चार बढ़ रही
- 1:09:25है। फिर चार से जीरो कम हो रही है। एक से
- 1:09:29चार पहले वैलेंसी बढ़ रही है।
- 1:09:32फिर चार से ज़ीरो वैलेंसी कम हो रही है। ये
- 1:09:35है वैलेंस इलेक्ट्रॉन्स और ये है वैलेंसी।
- 1:09:38लेकिन अब सबसे इंपॉर्टेंट कररेक्टर आ रहा
- 1:09:42है। क्योंकि यही करैक्टर आगे वाले सारे
- 1:09:45कररेक्टर्स को अफेक्ट करेगा। सारे
- 1:09:47कररेक्टर्स को और वो है साइज ऑफ़ एटम। और
- 1:09:52वो है साइज ऑफ एटम। मेरा यकीन मानिए आगे
- 1:09:56के सारे कररेक्टर्स को यह साइज ऑफ एटम ही
- 1:10:01डिसाइड करने वाला है। तो थोड़ा सा ध्यान
- 1:10:04से देखेंगे। साइज चाहे लेफ्ट टू राइट की
- 1:10:06बात हो चाहे टॉप टू बॉटम की बात हो। चलो
- 1:10:09आपके हिसाब से प्लीज ईमानदारी ओपी। आपके
- 1:10:12हिसाब से लेफ्ट टू राइट जाने पे साइज
- 1:10:14बढ़ेगा या कम होगा? यानी सोडियम,
- 1:10:16मैग्नीशियम, एलुमिनियम, सिलिकॉन,
- 1:10:17फास्फोरस, सल्फर इन सब में आपके हिसाब से
- 1:10:20लेफ्ट टू राइट जाने पे साइज बढ़ेगा या कम
- 1:10:23होगा? सोचो, दिमाग लगाओ। इन सबके पास सेम
- 1:10:26नंबर ऑफ शेल्स हैं। इसके पास भी तीन शेल्स
- 1:10:29हैं। इसके पास भी तीन शेल्स हैं। तीन है,
- 1:10:31तीन है, तीन है, तीन है, तीन है, तीन है।
- 1:10:33होने भी चाहिए। बिकॉज़ शुरू में ही पढ़ा जो
- 1:10:36सेम पीरियड में होते हैं उनके पास शेल सेम
- 1:10:39होते हैं। अब आप बताओ अगर ये सेम पीरियड
- 1:10:41के लोग हैं, शेल सेम हैं तो क्या इनका जो
- 1:10:43साइज है वो सेम होगा या इनका साइज अलग
- 1:10:47होगा? अगर अलग होगा तो लेफ्ट टू राइट जाने
- 1:10:49पे साइज बढ़ेगा या साइज कम होगा? ये सोच के
- 1:10:52बताओ जल्दी से।
- 1:10:55सोचा? ठीक है? तो अक्सर जिन्होंने चैप्टर
- 1:10:58पहले नहीं पढ़ा होता, उनको लगता है कि
- 1:10:59लेफ्ट टू राइट जाने पे साइज सेम रहना
- 1:11:01चाहिए। क्योंकि इसके पास भी तीन शेल्स
- 1:11:04हैं। तीन है। सबके पास तीन है। बट आप एक
- 1:11:06बात भूल रहे हो। सबके पास भले ही तीन
- 1:11:08शेल्स हैं। ये अगर न्यूक्लियस है। ये पहला
- 1:11:11शेल है। ये तो न्यूक्लियस हो गया। ये
- 1:11:13दूसरा शेल है। ये तीसरा शेल है। अब सोडियम
- 1:11:16के आउटरमोस्ट शेल में एक इलेक्ट्रॉन है।
- 1:11:20और इसके पास 11 प्रोटॉन्स हैं। तो एक
- 1:11:23अट्रैक्शन होगा। लेकिन वहीं पे अगर
- 1:11:25मैग्नीशियम की बात करूं तो मैग्नीशियम के
- 1:11:27पास एक नहीं मैग्नीशियम के पास दो
- 1:11:29इलेक्ट्रॉन हैं और प्रोटॉन भी 11 नहीं 12
- 1:11:32हैं। तो क्या इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन के
- 1:11:34बीच में अट्रैक्शन बढ़ गया? इलेक्ट्रॉन
- 1:11:37प्रोटॉन को अट्रैक्ट करता है तो अट्रैक्शन
- 1:11:38बढ़ रहा है। अट्रैक्शन बढ़ेगा तो साइज
- 1:11:41छोटा होगा। वहीं पे देखो एलुमिनियम
- 1:11:43सिलिकॉन के पास और इलेक्ट्रॉन बढ़ गए।
- 1:11:45जैसे सिलिकॉन है उसके पास चार इलेक्ट्रॉन
- 1:11:47हैं टोटल। और प्रोटॉन भी 14 हो गए तो ये
- 1:11:50और अट्रैक्ट करेगा। यानी कि जितने
- 1:11:52आउटरमोस्ट शेल में क्या बढ़ते चले जाएंगे?
- 1:11:56इलेक्ट्रॉन बढ़ते चले जाएंगे। न्यूक्लियस
- 1:11:58का आउटरमोस्ट शेल से अट्रैक्शन
- 1:12:00इलेक्ट्रोस्टेटिक फोर्स ऑफ अट्रैक्शन
- 1:12:02बढ़ती चली जाएगी। और इलेक्ट्रोस्टेटिक
- 1:12:05फोर्स ऑफ अट्रैक्शन के बढ़ने की वजह से जो
- 1:12:08साइज है वो कॉन्ट्रैक्ट होना शुरू हो
- 1:12:11जाएगा। जब भी हम जाएंगे फ्रॉम लेफ्ट टू
- 1:12:15राइट। तो जब भी हम लेफ्ट से राइट जाते हैं
- 1:12:20साइज में एक कॉन्ट्रैक्शन आता है। साइज जो
- 1:12:23है वो कम होता है। क्योंकि लास्ट वाले शेल
- 1:12:26में इलेक्ट्रॉन्स जो हैं वो बढ़ते चले
- 1:12:28जाते हैं। चलो आओ। तो साइज ऑफ एटम की बात
- 1:12:31करते हैं। तो फ्रॉम
- 1:12:35लेफ्ट टू राइट
- 1:12:38लेफ्ट टू राइट
- 1:12:43साइज
- 1:12:46डिक्रीज
- 1:12:50इन अ पीरियड।
- 1:12:52अब ऐसा क्यों होता है? यह भी जानना जरूरी
- 1:12:56है।
- 1:12:57दिस
- 1:12:59इज बिकॉज़
- 1:13:05वैलेंस
- 1:13:08इलेक्ट्रॉन इंक्रीजसेस
- 1:13:14एंड
- 1:13:16ड्यू टू इंक्रीज इन
- 1:13:21वैलेंस इलेक्ट्रॉन्स।
- 1:13:27इलेक्ट्रो
- 1:13:31स्टैटिक अट्रैक्शन
- 1:13:35इलेक्ट्रोस्टेटिक अट्रैक्शन बिटवीन
- 1:13:42न्यूक्लियस एंड
- 1:13:45इलेक्ट्रॉन्स इंक्रीसेस
- 1:13:49व्हिच
- 1:13:52रिजल्ट्स
- 1:13:56इन कॉन्ट्रक्शन ऑफ साइज।
- 1:14:02कॉन्ट्रैक्शन ऑफ साइज।
- 1:14:05यानी कि लेफ्ट टु राइट जाने पे जो साइज़ है
- 1:14:09वह कम होता है। वह कम होता है। यानी कि
- 1:14:12अगर मैं ऐसे इन्हें इमेजिन करूं कि मैं
- 1:14:15लेफ्ट टू राइट जा रहा हूं तो मैं ऐसे
- 1:14:18अच्छा आप एनसीईआरटी खोलेंगे तो आपको इन
- 1:14:19सबका टेबल में इन सबका रेडियस इन सबका
- 1:14:23साइज भी गिवन है। बट ऑब्वियस सी बात है
- 1:14:24हमें वो याद नहीं करना है। है ना? ना वो
- 1:14:27बस रेफरेंस के लिए दिया हुआ है कि लेफ्ट
- 1:14:28टू राइट जा रहा है तो साइज कम हो रहा है।
- 1:14:30ये कॉमन सेंस की बात है कि हमें वो याद
- 1:14:32नहीं करना है। बट हां अगर मैं ऐसे इमेजिन
- 1:14:34करूं कि ये सोडियम है। ये मेरे पास
- 1:14:36मैग्नीशियम है। ये अगर मैं लेफ्ट टू राइट
- 1:14:39जा रहा हूं। ये मेरे पास मैग्नीशियम है।
- 1:14:41ये मेरे पास एलुमिनियम है। ये मेरे पास
- 1:14:44सिलिकॉन है। तो कुछ ऐसा मैं इमेजिन कर
- 1:14:47सकता हूं कि ये अगर मेरे पास सोडियम है।
- 1:14:50ये अगर मेरे पास सोडियम है। तो ये मेरे
- 1:14:53पास मैग्नीशियम है। उसका साइज छोटा हो रहा
- 1:14:55है। कितना छोटा हो रहा है? बहुत सारे
- 1:14:58फैक्टर्स पे डिपेंड करता है बाबू। ठीक है
- 1:15:00ना? और फिर एलुमिनियम का साइज और छोटा हो
- 1:15:03रहा है। ठीक है ना? और फिर सिलिकॉन का जो
- 1:15:06साइज है वो और छोटा हो रहा है। तो लेफ्ट
- 1:15:08टू राइट जाने पे जो साइज है वो डिक्रीज हो
- 1:15:11रहा है। एटम का जो साइज है रेडियस कह लो
- 1:15:14साइज कह लो बात एक ही है बिकॉज़ स्फीयर है।
- 1:15:17तो रेडियस एटम एक ही बात है ना? एटम का
- 1:15:19साइज एटम का रेडियस एक ही बात है ना? तो
- 1:15:21लेफ्ट टू राइट जाने पे जो साइज होता है वो
- 1:15:24कम होता है और बाकी सारी प्रॉपर्टीज जो हम
- 1:15:27आगे पढ़ने वाले हैं वो सारी की सारी साइज
- 1:15:30डिपेंडेंट ही हैं। तो ये वाला पॉइंट काफी
- 1:15:33इंपॉर्टेंट है। ठीक है? अब अगर साइज
- 1:15:35डिपेंडेंट है तो हम आगे पढ़ने जा रहे हैं
- 1:15:38फोर्थ पॉइंट
- 1:15:40जो कि है इलेक्ट्रो
- 1:15:43पॉजिटिविटी। आई होप आपको
- 1:15:44इलेक्ट्रोपजिटिविटी का मतलब पता है।
- 1:15:46इलेक्ट्रोपजिटिविटी का मतलब है कौन कितनी
- 1:15:49आसानी से इलेक्ट्रॉन देना चाहता है। अपने
- 1:15:52ऊपर पॉजिटिव चार्ज लेके आना चाहता है।
- 1:15:55इसको बोलते हैं इलेक्ट्रोपजिटिविटी।
- 1:15:58कौन कितनी आसानी से अपने ऊपर पॉजिटिव
- 1:16:01चार्ज लेके आना चाहता है। इसको बोलते हैं
- 1:16:03इलेक्ट्रोपजिटिविटी।
- 1:16:05यानी इलेक्ट्रॉन देना चाहता है। आप चाहो
- 1:16:07तो कहीं पे लिख सकते हो।
- 1:16:08इलेक्ट्रोपजिटिविटी का मतलब होता है
- 1:16:10टेंडेंसी टू लूज़ इलेक्ट्रॉन।
- 1:16:12इलेक्ट्रोपजिटिविटी का मतलब होता है
- 1:16:14टेंडेंसी टू लूज इलेक्ट्रॉन। अब अगर लगाओ
- 1:16:17अगर इलेक्ट्रोपजिटिविटी का मतलब टेंडेंसी
- 1:16:20टू लूज इलेक्ट्रॉन है तो क्या ये एक
- 1:16:23प्रकार से मैटेलिक करैक्टर को भी
- 1:16:24रिप्रेजेंट कर रहा है? यस। क्योंकि मेटल
- 1:16:27कौन होते हैं? मेटल वो होते हैं जो
- 1:16:28इलेक्ट्रॉन्स देते हैं। तो
- 1:16:30इलेक्ट्रोपॉजिटिविटी और मैटेलिक करैक्टर
- 1:16:32काइंड ऑफ़ सेम बात हो गई। काइंड ऑफ़ सेम बात
- 1:16:36हो गई। क्यों? क्योंकि
- 1:16:37इलेक्ट्रोपॉजिटिविटी
- 1:16:38का मतलब इलेक्ट्रॉन देना। और इलेक्ट्रॉन
- 1:16:41जो आसानी से दे रहा है, अच्छे से दे रहा
- 1:16:43है, जिसकी इलेक्ट्रोपजिटिविटी ज्यादा है,
- 1:16:45उसका मैटेलिक करैक्टर भी ज्यादा होगा। अब
- 1:16:48अगर लगाओ लेफ्ट टू राइट जाने पे मैटेलिक
- 1:16:51करैक्टर कम होगा या बढ़ेगा?
- 1:16:55एक एटम आसानी से इलेक्ट्रॉन कब दे देगा?
- 1:16:58जब उसका साइज बड़ा है या उसका साइज छोटा
- 1:17:00है। देखो सोचो। बीच में हमारे पास सबके
- 1:17:03न्यूक्लियस है। ये तो पक्का है कि सबके
- 1:17:06बीच में न्यूक्लियस है। अब जिसका
- 1:17:08इलेक्ट्रॉन न्यूक्लियस से सबसे ज्यादा दूर
- 1:17:11है उससे इलेक्ट्रॉन निकालना आसान है।
- 1:17:14बिकॉज़ आप मुझे बताओ सोलर सिस्टम में अगर
- 1:17:17मान लेते हैं मान के लेते हैं आर्टरी
- 1:17:19प्लनेट है। तो सबसे मुश्किल जो प्लेनेट
- 1:17:21खींचना है वो मरकरी है क्योंकि वो सन अगर
- 1:17:24मान के चलें सारे प्लेनेट्स का सेम मास
- 1:17:25है। तो यहां पे तो सारे इलेक्ट्रॉन का सेम
- 1:17:27मास है। तो अगर यह न्यूक्लियस है तो यहां
- 1:17:29पे इलेक्ट्रॉन्स हैं तो जितना दूर
- 1:17:31इलेक्ट्रॉन होगा न्यूक्लियस से उतना उसको
- 1:17:33बाहर निकालना ईजी रहेगा। जिसकी वजह से
- 1:17:36लेफ्ट टू राइट जाने पे साइज छोटा हो रहा
- 1:17:39है। जो इलेक्ट्रॉन है वो न्यूक्लियस के और
- 1:17:42करीब आ रहा है। तो इलेक्ट्रॉन निकालना
- 1:17:44मुश्किल होता चला जाएगा। यानी कि जो
- 1:17:47इलेक्ट्रोपजिटिविटी है यानी कि जो मैटेलिक
- 1:17:49कररेक्टर है जो इलेक्ट्रोपजिटिविटी है
- 1:17:54जो इलेक्ट्रोपॉजिटिविटी है यानी कि जो
- 1:17:56मैटेलिक करैक्टर है ये इन्वर्सली
- 1:17:59प्रोपोर्शनल होगा या साइज के डायरेक्टली
- 1:18:01प्रपोर्शनल होगा बताओ साइज जितना बड़ा होगा
- 1:18:05उतना इलेक्ट्रोपजिटिविटी ज्यादा है। बिकॉज़
- 1:18:07जितना बड़ा साइज उतनी आसानी से इलेक्ट्रॉन
- 1:18:10दे देगा। तो क्या ये साइज के साइज ऑफ एटम
- 1:18:14के डायरेक्टली प्रपोर्शनल हो गया? यस। और
- 1:18:18अभी हमने पढ़ा कि लेफ्ट टू राइट जाने पे
- 1:18:20साइज क्या होता है? कम हो रहा है। तो अगर
- 1:18:23लेफ्ट टू राइट जाने पे साइज कम हो रहा है
- 1:18:25तो लेफ्ट टू राइट जाने पे
- 1:18:27इलेक्ट्रोपॉजिटिविटी जो है
- 1:18:29इलेक्ट्रोपजिटिविटी जो है
- 1:18:33वो भी कम होगी। क्यों? क्योंकि साइज जो है
- 1:18:36वह कम हो रहा है। तो अगर साइज कम हो रहा
- 1:18:38है तो इलेक्ट्रोपजिटिविटी भी कम होगी। अब
- 1:18:40अगर लगाओ अगर इलेक्ट्रोपजिटिविटी के साथ
- 1:18:43ऐसा हो रहा है तो इलेक्ट्रोनेगेटिविटी के
- 1:18:45साथ क्या होगा? सेम इलेक्ट्रोपजिटिविटी का
- 1:18:48उल्टा है इलेक्ट्रोनेगेटिविटी।
- 1:18:50इलेक्ट्रो
- 1:18:52नेगेटिविटी। तो इलेक्ट्रोनेगेटिविटी जो है
- 1:18:59इलेक्ट्रोनेगेटिविटी जो है
- 1:19:02जिससे हम क्या भी कैलकुलेट कर सकते हैं
- 1:19:04देखा जाए तो नॉन मैटेलिक कररेक्टर क्योंकि
- 1:19:08इलेक्ट्रोनेगेटिविटी का मतलब है कोई कितनी
- 1:19:11ताकत से इलेक्ट्रॉन लेना चाह रहा है ऑलदो
- 1:19:12इलेक्ट्रोनेगेटिविटी को हमें डिटेल में
- 1:19:14पढ़ना भी है इसी चैप्टर में आगे लिखा भी
- 1:19:16हुआ है आगे बट आप चाहो तो लिख सकते हो
- 1:19:17टेंडेंसी टू गेन इलेक्ट्रॉन टेंडेंसी टू
- 1:19:20गेन इलेक्ट्रॉन इसको कहा जाता है
- 1:19:22इलेक्ट्रोनेगेटिविटी िटी अब
- 1:19:23इलेक्ट्रोनेगेटिविटी
- 1:19:25का मतलब है इलेक्ट्रॉन गेन करना। आप मुझे
- 1:19:27बताओ कौन सा एटम इलेक्ट्रॉन आसानी से गेन
- 1:19:30करेगा जिसका साइज छोटा है। क्यों? बिकॉज़
- 1:19:33छोटा साइज होगा तो न्यूक्लियस लास्ट शेल
- 1:19:35के पास होगा। छोटा साइज होगा तो
- 1:19:37न्यूक्लियस लास्ट शेल के पास होगा। तो
- 1:19:40सबसे आसान होगा इलेक्ट्रॉन गेन करना।
- 1:19:42इसीलिए 17th ग्रुप वाले सबसे आसानी से
- 1:19:45इलेक्ट्रॉन गेन करते हैं। देखो मैंने कहा
- 1:19:47था जब भी केमिकल प्रॉपर्टीज की बात आएगी
- 1:19:49इलेक्ट्रॉन लेने देने शेयर की बात आएगी तो
- 1:19:51नोबल गैसेस को आप कंसीडर नहीं करोगे वो तो
- 1:19:53नोबल है ना। तो अगर मैं इन सब की बात करूं
- 1:19:56तो इनमें सबसे आसानी से हम सब जानते हैं
- 1:19:58कौन इलेक्ट्रॉन जो है वो दे देता है तो ले
- 1:20:02लेता है तो आंसर है क्लोरीन और कौन इनमें
- 1:20:05सबसे आसानी से इलेक्ट्रॉन दे देता है तो
- 1:20:07आंसर है सोडियम और यही रीजन है कि मैंने
- 1:20:11आपको कहा था कि पूरी पीरियडिक टेबल में
- 1:20:13इधर यानी फर्स्ट ग्रुप और सेकंड ग्रुप
- 1:20:15वाले सबसे अच्छे मेटल्स हैं। आप सबको पता
- 1:20:18है दुनिया के सबसे रिएक्टिव मेटल्स इधर ही
- 1:20:21बैठे हुए हैं। जब हम 10थ क्लास में थे तो
- 1:20:23हमने पढ़ा था कि पोटैशियम सबसे ज्यादा
- 1:20:25रिएक्टिव है। ऑलदो आज मैं आपको इसकी एक
- 1:20:28गलतफहमी भी दूर करूंगा। अगर आपको आज से
- 1:20:29पहले लगता था कि पोटैशियम सबसे ज्यादा
- 1:20:31रिएक्टिव है तो ऐसा नहीं है। वो हमारे 10थ
- 1:20:33क्लास में जितने एलिमेंट्स हमें पढ़ाए गए
- 1:20:35थे उनमें था। लेकिन ये तो तय है कि लेफ्ट
- 1:20:37से राइट जाने पे अभी पढ़ाए मैटेलिक
- 1:20:39करैक्टर कम हो रहा है। तो सबसे ज्यादा
- 1:20:41मैटेलिक हो गए फर्स्ट ग्रुप वाले। फिर हो
- 1:20:44गए सेकंड ग्रुप वाले। लेकिन अब अगर नॉन
- 1:20:46मैटेलिक करैक्टर की बात करें तो लेफ्ट टू
- 1:20:48राइट जाने पे नॉन मैटेलिक करैक्टर यानी कि
- 1:20:50इलेक्ट्रोनेगेटिविटी क्या होगी? बढ़ेगी कम
- 1:20:52होगी? बढ़ेगी। क्यों बढ़ेगी? बिकॉज़ लेफ्ट टू
- 1:20:55राइट जाने पे जितना लेफ्ट टू राइट जाओगे
- 1:20:57साइज़ छोटा होगा। साइज़ छोटा होगा। तो
- 1:21:00इलेक्ट्रोनेगेटिविटी जो है ये इन्वर्सली
- 1:21:03प्रपोर्शनल है।
- 1:21:05इलेक्ट्रोनेगेटिविटी का मतलब
- 1:21:08नॉन मैटेलिक करैक्टर। ये इन्वर्सली
- 1:21:11प्रपोर्शनल है किसके? साइज़ के। तो जितना
- 1:21:14साइज छोटा होगा इलेक्ट्रॉन गेन करना उतना
- 1:21:16आसान होगा। इसका मतलब है अगर मैं लेफ्ट से
- 1:21:19राइट जाऊंगा एक पीरियडिक टेबल में तो
- 1:21:22इलेक्ट्रोनेगेटिविटी जिसको मैं EN- से भी
- 1:21:24रिप्रेजेंट कर रहा हूं।
- 1:21:25इलेक्ट्रोनेगेटिविटी जो है बढ़ेगी क्योंकि
- 1:21:28साइज जो है वो कम हो रहा है। इसीलिए हम
- 1:21:31ऐसा कह सकते हैं कि मोस्ट
- 1:21:35इलेक्ट्रोपॉजिटिव कौन हुआ? अगर मैं
- 1:21:38ग्रुप्स की बात करूं तो मोस्ट
- 1:21:40इलेक्ट्रोपॉजिटिव कौन हुए? तो आंसर है
- 1:21:43फर्स्ट ग्रुप वाले। यस और नो। यस और नो।
- 1:21:46तो मोस्ट इलेक्ट्रोपजिटिव यानी सबसे अच्छे
- 1:21:49मेटल्स कौन हुए? फर्स्ट ग्रुप वाले। और
- 1:21:52अगर मैं आपसे पूछूं कि मोस्ट
- 1:21:55इलेक्ट्रोनेगेटिव मोस्ट इलेक्ट्रोनेगेटिव
- 1:21:58कौन हुआ? यानी सबसे अच्छे नॉन मेटल्स कौन
- 1:22:02हुए? तो आंसर है 17th। अगेन आप 18th की
- 1:22:05बात मत बोलना। 18th नोबल गैस है। उनको
- 1:22:07केमिकल प्रॉपर्टीज में कंसीडर नहीं किया
- 1:22:09जाएगा। तो भैया ये हमारे लेफ्ट टू राइट
- 1:22:12ट्रेंड समझ रहे हैं आप? वैलेंस
- 1:22:14इलेक्ट्रॉन्स क्या हो रहे हैं? एक से आठ
- 1:22:15बढ़ रहे हैं। वैलेंसी पहले एक से चार बढ़
- 1:22:17रही है। फिर चार से शून्य कम हो रही है।
- 1:22:18साइज लेफ्ट टू राइट जाने पे कम हो रहा है।
- 1:22:20रीज़न दिया। साइज कम हो रहा है तो
- 1:22:22इलेक्ट्रॉन देना मुश्किल हो रहा है। जिसकी
- 1:22:24वजह से इलेक्ट्रो पॉजिटिविटी कम हो रही है
- 1:22:26क्योंकि साइज कम हो रहा है। मैटेलिक
- 1:22:27करैक्टर भी कम हो रहा है लेफ्ट टू राइट।
- 1:22:30लेकिन साइज अगर कम हो रहा है तो इन्वर्सली
- 1:22:32प्रोपोर्शनल होती है इलेक्ट्रोनेगेटिविटी।
- 1:22:33इलेक्ट्रॉन लेने की क्षमता। तो जिसकी वजह
- 1:22:36से लेफ्ट टू राइट जाने पे क्योंकि साइज कम
- 1:22:38होता है तो इलेक्ट्रोनेगेटिविटी बढ़ती है।
- 1:22:40इसलिए मोस्ट इलेक्ट्रोपजिटिव ये लोग हैं
- 1:22:42और मोस्ट इलेक्ट्रोनेगेटिव ये लोग हैं
- 1:22:44हमारी पीरियडिक टेबल में। डन है पक्की बात
- 1:22:48है। पक्का ओके। अब रिएक्टिविटी की बात
- 1:22:52करते हैं। फिर हमारे लेफ्ट टू राइट
- 1:22:54ट्रेंड्स खत्म हो जाएंगे। फिर आपको वीडियो
- 1:22:55को पॉज करके ये सारे ट्रेंड्स सोचने
- 1:22:58होंगे। टॉप टू बॉटम। दिमाग लगाना होगा कि
- 1:23:00ये सारे के सारे ट्रेंड्स टॉप टू बॉटम
- 1:23:02कैसे हो रहे होंगे। बट अभी के लिए आखिरी
- 1:23:07हमारी ट्रेंड के बारे में बात करते हैं।
- 1:23:09दैट इज रिएक्टिविटी।
- 1:23:11अब रिएक्टिविटी का मतलब है कौन कितनी
- 1:23:14आसानी से रिएक्ट हो जाएगा। अगेन
- 1:23:16रिएक्टिविटी को इससे नहीं मतलब कि आप मेटल
- 1:23:19हो या आप नॉन मेटल हो। रिएक्टिविटी किसकी
- 1:23:21ज्यादा होगी, किसकी कम होगी? आप सबको शायद
- 1:23:23नाइंथ क्लास से याद हो। ये वैलेंसी पे
- 1:23:26डिपेंड करता है। जिसकी वैलेंसी जितनी कम
- 1:23:28होती है वो उतना ज्यादा रिएक्टिव होता है।
- 1:23:30तो रिएक्टिविटी इज इन्वर्सली प्रोपोर्शनल
- 1:23:34टू वैलेंसी होती है। जितनी ये एक सिंघम का
- 1:23:37एक बड़ा प्यारा डायलॉग भी है। मेरी
- 1:23:40जरूरतें कम है इसलिए मेरे जमीर में दम है।
- 1:23:42तो जिसकी जरूरतें कम होंगी। जिसकी वैलेंसी
- 1:23:44कम होगी वो जल्दी रिएक्ट होगा। उसको जैसे
- 1:23:46सोडियम है उसको एक ही इलेक्ट्रॉन चाहिए।
- 1:23:48जल्दी रिएक्ट हो के खत्म करेगा। लेकिन
- 1:23:50वहीं पे एलुमिनियम को तीन इलेक्ट्रॉन
- 1:23:52चाहिए। तो तीन इलेक्ट्रॉन देने वाला भी
- 1:23:53होना चाहिए या तीन अलग-अलग लोगों को भी
- 1:23:55आना पड़ेगा जो एक-एक इलेक्ट्रॉन है तो
- 1:23:57चांसेस कम हो जाएंगे। तो रिएक्टिविटी
- 1:24:00वैलेंसी के इन्वर्सली प्रोपोर्शनल होती
- 1:24:02है। तो अगर ऐसा है तो अभी हमने थोड़ी देर
- 1:24:04पहले क्या पढ़ा कि भैया वैलेंसी एक से चार
- 1:24:07पहले बढ़ती है फिर चार से शून्य। अब शून्य
- 1:24:09को तो छोड़ दो। वो तो रिएक्टिव ही नहीं
- 1:24:10है। तो अगर ऐसा है तो रिएक्टिविटी की अगर
- 1:24:13बात करें तो क्या ये कहना सही होगा कि
- 1:24:15ग्रुप फर्स्ट वाले मोस्ट रिएक्टिव होंगे।
- 1:24:20वो अलग बात है कि यह मेटल है। लेकिन अभी
- 1:24:22हम मोस्ट रिएक्टिव पूछ रहे हैं। तो क्या
- 1:24:24ग्रुप फर्स्ट वाले मोस्ट रिएक्टिव होंगे?
- 1:24:26हां सर। लेकिन अगर ग्रुप फर्स्ट वाले
- 1:24:28मोस्ट रिएक्टिव हैं तो ग्रुप
- 1:24:3217 वाले भी तो मोस्ट रिएक्टिव होंगे।
- 1:24:35क्योंकि ग्रुप फर्स्ट वालों की वैलेंसी भी
- 1:24:38वन है और ग्रुप 17 वालों की वैलेंसी भी वन
- 1:24:41है। लेकिन वहीं पर जो ग्रुप 14 है जनरल
- 1:24:44बात हो रही है। जनरल बात हो रही है। वहीं
- 1:24:46पे जो ग्रुप 14 है वहीं पे जो ग्रुप 14 है
- 1:24:48जैसे सिलिकॉन है इनकी वैलेंसी चार होगी।
- 1:24:51चार होगी। अब चार वैलेंसी वाले लीस्ट
- 1:24:53रिएक्टिव होंगे। जनरल एक्सेप्शनल केसेस आर
- 1:24:57देयर। ये लीस्ट रिएक्टिव होंगे। यानी
- 1:24:59लेफ्ट टू राइट जाने पर अगर आप देखें तो
- 1:25:02ग्रुप वन वालों की सबसे ज्यादा
- 1:25:03रिएक्टिविटी है और ग्रुप 17 वालों की
- 1:25:05क्योंकि वैलेंसी पहले बढ़ रही है फिर कम
- 1:25:08हो रही है और सबसे कम रिएक्टिव है ग्रुप
- 1:25:0914 वाले क्योंकि उनकी वैलेंसी सबसे ज्यादा
- 1:25:12है और रिएक्टिविटी वैलेंसी के इन्वर्सली
- 1:25:15प्रपोर्शनल होती है। हाथ जोड़ के विनती है
- 1:25:17सारे ट्रेंड्स जो हमने टॉप टू बॉटम लेफ्ट
- 1:25:20टू राइट पढ़े हैं प्लीज उनको आप ईमानदारी
- 1:25:22से कहीं पे लिख लीजिए। एक-एक चीज हीरा आगे
- 1:25:24काम आएगी। फिर इन्हीं ट्रेंड्स को हम लोग
- 1:25:26पढ़ेंगे। आओ टॉप टू बॉटम। लेकिन आप पहले
- 1:25:29लिखो और टॉप टू बॉटम खुद अंदाजा लगाओ। मैं
- 1:25:31रुकूंगा नहीं। वीडियो पॉज कर लो चाहे फिर
- 1:25:33आगे बढ़ लो। लेफ्ट टू राइट मैंने कर दिया
- 1:25:35है। टॉप टू बॉटम करो। फिर मैं कराऊंगा।
- 1:25:39ठीक है? चलो। हां। तो अब अगर हम बात करें
- 1:25:41फ्रॉम टॉप टू बॉटम। तो टॉप टू बॉटम में ये
- 1:25:45अगर आपने लिखा ईमानदारी से तो आपको इतना
- 1:25:47तो पता है या अगर आपने पिछले वाले पढ़ लिए
- 1:25:50और अब आप टॉप टू बॉटम के बारे में सोच रहे
- 1:25:52हो तो आप समझोगे कि यार लेफ्ट टू राइट में
- 1:25:54तो चलो मैं एक पीरियड में था। लेकिन टॉप
- 1:25:57टू बॉटम में तो मुझे ग्रुप में रहना है।
- 1:25:58अब अगर मैं फर्स्ट ग्रुप में रहता हूं तो
- 1:26:00वहां सारे के सारे मेटल्स हैं। और अगर मैं
- 1:26:0217th ग्रुप में रहता हूं तो वहां सारे के
- 1:26:04सारे नॉन मेटल्स हैं। तो हम लोग कंपैरिजन
- 1:26:07के लिए दोनों ग्रुप्स को लेते हुए चलेंगे।
- 1:26:09फर्स्ट ग्रुप को भी लेते हुए चलेंगे और
- 1:26:1117th ग्रुप को भी लेते हुए चलेंगे। आपको
- 1:26:13अपने दिमाग में ये ध्यान रखना है कि
- 1:26:15फर्स्ट ग्रुप में ये लोग आ गए। हाइड्रोजन
- 1:26:17को इग्नोर करेंगे तो लिथियम, सोडियम,
- 1:26:18पोटैशियम, रूबिडियम, सीज़ियम, फ्रांशियम ये
- 1:26:21याद नहीं करना है। अपने आप हो जाएगा कुछ
- 1:26:23समय बाद। और यहां पे फ्लोरीन, क्लोरीन,
- 1:26:25ब्रोमीन, आयोडीन और एस्टाटिन वो तो अभी हम
- 1:26:27मान के चल रहे हैं डिस्कवर नहीं हुआ। तो
- 1:26:28फ्लोरीन, क्लोरीन, ब्रोमीन, आयोडीन और
- 1:26:30एस्टाटिन। अब ये सब हैलोजंस हैं यानी कि
- 1:26:32नॉन-मेटल्स हैं और ये सब अल्कली मेटल्स
- 1:26:35यानी कि स्ट्रंग मेटल्स हैं। तो ग्रुप वन
- 1:26:37और ग्रुप 17 के रिस्पेक्ट से आओ लेफ्ट टू
- 1:26:40राइट और टॉप टू बॉटम के रिस्पेक्ट में बात
- 1:26:43करते हैं। सारे वही करैक्टर पढ़ेंगे। जैसे
- 1:26:44वहां पे सबसे पहले हमने पढ़ा वैलेंस
- 1:26:47इलेक्ट्रॉन। तो यहां पे भी अगर हम वैलेंस
- 1:26:49इलेक्ट्रॉन पढ़ें तो लेफ्ट टु राइट में
- 1:26:51वैलेंस इलेक्ट्रॉन एक से आठ बढ़ रहे थे।
- 1:26:54लेकिन यह ऑब्वियस है कि टॉप टु बॉटम
- 1:26:56वैलेंस इलेक्ट्रॉन सेम रहेंगे बिकॉज़ सेम
- 1:26:57ग्रुप में कौन से लोग हैं? जिनके पास
- 1:26:59वैलेंस इलेक्ट्रॉन सेम है। उन्हीं को तो
- 1:27:01हमने सेम ग्रुप में रखा था। ग्रुप का मतलब
- 1:27:03ही यही है जिनके पास वैलेंस इलेक्ट्रॉन
- 1:27:05सेम होते हैं। तो वैलेंस इलेक्ट्रॉन अगर
- 1:27:07ऊपर से नीचे की बात करें तो सेम रहेंगे।
- 1:27:09है ना? लेफ्ट टू राइट नहीं जाना है। अब
- 1:27:11हमें ऊपर से नीचे जाना है। चाहे मैं ग्रुप
- 1:27:13वन में हूं, टू में हूं, चाहे मैं 17 में
- 1:27:14हूं, चाहे मैं 18 में क्यों ना हूं,
- 1:27:16वैलेंस इलेक्ट्रॉन सेम रहेंगे। अब अगर
- 1:27:18वैलेंस इलेक्ट्रॉन सेम है तो ये भी कॉमन
- 1:27:21सेंस की बात है कि वैलेंसी भी सेम रहेगी।
- 1:27:24जैसे कि फर्स्ट ग्रुप वाले जो हैं उन सबकी
- 1:27:27वैलेंसी +1 है। सेकंड वालों की +2 है।
- 1:27:30वहीं पे 17 वालों की जो वैलेंसी है वो -1
- 1:27:33या फिर वन है। है ना? तो अगर वो आयनिक
- 1:27:36बॉन्ड बना रहे हैं तो -1, कोवलेंट बना रहे
- 1:27:38हैं तो वन। तो वैलेंस इलेक्ट्रॉन्स अगर
- 1:27:40सेम है तो शायद ये कॉमन सेंस ही हो जाता
- 1:27:43है कि यार वैलेंसी भी सेम होगी। लेकिन आओ
- 1:27:45अगेन सबसे इंपॉर्टेंट पॉइंट के बारे में
- 1:27:47बात करते हैं साइज बिकॉज़ साइज समझा तो
- 1:27:50आपको पता है इलेक्ट्रो पॉजिटिविटी
- 1:27:51इलेक्ट्रोनेगेटिविटी सब समझ में आ जाएगा।
- 1:27:53तो अगर यहां पे बात करें साइज की क्या
- 1:27:57लगता है आपको साइज के बारे में? अगर मैं
- 1:27:59लेट्स से लिथियम, सोडियम,
- 1:28:03पोटैशियम,
- 1:28:05रुबिडियम, सीज़ियम, फ्रांशियम के बारे में
- 1:28:07बात करता हूं। सबके बारे में खैर करने की
- 1:28:09क्या जरूरत है? लेकिन चलो अगर मैं करता भी
- 1:28:11हूं तो आपको क्या लगता है ऊपर से नीचे आने
- 1:28:13पे जो साइज है वो बढ़ेगा या कम होगा? तो
- 1:28:16आंसर है लिथियम की इलेक्ट्रॉनिक
- 1:28:18कॉन्फ़िगरेशन है 2 1 इसकी है 2 8 1 इसकी
- 1:28:22है 2 88 81 यानी इसके पास के एल इसके पास
- 1:28:25के एल एम इसके पास के एल एम एन के एल एम
- 1:28:29एन ओ ऐसे नंबर ऑफ शेल्स बढ़ रहे हैं। अब
- 1:28:31अगर नंबर ऑफ शेल्स बढ़ रहे हैं तो साइज
- 1:28:33बढ़ेगा या कम होगा। अभी लेफ्ट टू राइट में
- 1:28:36क्या था? जो वैलेंस इलेक्ट्रॉन्स थे वो बढ़
- 1:28:38रहे थे लेकिन शेल सेम थे जिसकी वजह से
- 1:28:40साइज में कॉन्ट्रैक्शन आया। बट यहां पे तो
- 1:28:43ऊपर से नीचे आने पे जो शेल्स हैं वही बढ़
- 1:28:47रहे हैं। तो अगर ऐसा है तो लिथियम को मैं
- 1:28:49कैसे इमेजिन करूं? अगर मैं लिथियम को ऐसे
- 1:28:52इमेजिन करता हूं तो सोडियम जो है वो कुछ
- 1:28:54ऐसा हो गया और पोटैशियम जो है वो और
- 1:28:57ज्यादा बड़ा हो जाएगा। अगेन प्लीज ये मैंने
- 1:29:01अपने रफली बात यहां पे करी है। इसको दिल
- 1:29:03पे मत लगाइएगा। बट हां ये तो पक्का है कि
- 1:29:05ऊपर से नीचे आने पे जो साइज है वो बढ़ेगा।
- 1:29:09अब ऐसा क्यों है? इसका सिंपल सा कारण हम
- 1:29:12लोग यहां पे लिखेंगे। बहुत सिंपल सा लॉजिक
- 1:29:14है कि ऊपर से नीचे आने पे फ्रॉम
- 1:29:20टॉप टू बॉटम
- 1:29:25नंबर ऑफ
- 1:29:28शेल्स
- 1:29:32इंक्रीज
- 1:29:35ड्यू टू वि
- 1:29:39साइज इंक्रीजसेस। अच्छा आप ये भी जान रहे
- 1:29:43हैं कि ये चैप्टर पूरा का पूरा थ्योरी
- 1:29:45बेस्ड है। इसमें फर्स्ट चैप्टर की तरह या
- 1:29:48सेकंड चैप्टर की तरह बीच-बीच में
- 1:29:49न्यूमेरिकल्स नहीं है। अगर आपने मेरे
- 1:29:50फर्स्ट सेकंड चैप्टर दोनों के वन शॉट देखे
- 1:29:52हैं तो मैंने बीच-बीच में आपको
- 1:29:53न्यूमेरिकल्स करवाए थे। लेकिन इसमें जो
- 1:29:55थ्योरी के हम इसमें भी सवाल बनाने वाले
- 1:29:57हैं हर चैप्टर की तरह। इसमें भी क्वेश्चन
- 1:29:59बनाएंगे। लेकिन वो चैप्टर के एंड में
- 1:30:01बनाएंगे। बिकॉज़ इसका कोई भी एक क्वेश्चन
- 1:30:03अगर मैं उठाता हूं या तो वो बहुत आसान है
- 1:30:05उनको यहां बनाने में। लेकिन जो अच्छे
- 1:30:07क्वेश्चन है वो सारे कंबाइंड हैं। मतलब
- 1:30:09उसमें मल्टीपल टॉपिक्स लग रहे हैं। मैंने
- 1:30:11कोशिश की थी तो दो चार पांच सवाल हर एक
- 1:30:14टॉपिक से बन रहे थे जिसमें फील नहीं आ रही
- 1:30:15थी। तो मुझे लगा क्यों ना बेहतर रहेगा अगर
- 1:30:18ऐसा करें कि पूरा चैप्टर एक बार ही पढ़
- 1:30:21लेते हैं आराम से चिल मार के। उसके बाद
- 1:30:22फिर इकट्ठे क्वेश्चंस कर लेंगे। सारी
- 1:30:24थ्योरी भी इकट्ठी हो जाएगी। जैसे
- 1:30:26आयनाइजेशन एनर्जी के ऊपर अगर सवाल है तो
- 1:30:28आपको उसके पहले ट्रेंड्स भी आने चाहिए। तो
- 1:30:30इसीलिए बहुत मिलेजुले सवाल हैं।
- 1:30:32एक्सेप्शनल केसेस के लिए मल्टीपल टॉपिक्स
- 1:30:35आने चाहिए। तो इसीलिए यहां पे हम लोग पहले
- 1:30:37टॉपिक्स को इकट्ठा कर रहे हैं। फिर
- 1:30:39क्वेश्चन आंसर्स पे आ जाएंगे। तो अगर ऊपर
- 1:30:41से नीचे आने की बात करें तो ऊपर से नीचे
- 1:30:44आने पे साइज जो है वो बढ़ रहा है क्योंकि
- 1:30:46नंबर ऑफ शेल्स बढ़ रहे हैं। अब अगर साइज
- 1:30:48बढ़ रहा है नंबर ऑफ शेल्स के बढ़ने से तो
- 1:30:51बाकी सारी प्रॉपर्टीज मुझे लगता है अब
- 1:30:53अपने आप कॉमन हो जाती हैं। जैसे कि
- 1:30:58जैसे कि इलेक्ट्रो
- 1:31:02पॉजिटिविटी इन सबको मैं अब शॉर्ट में
- 1:31:04लिखने वाला हूं। इलेक्ट्रो पॉजिटिविटी का
- 1:31:07मतलब मैटेलिक कररेक्टर भी है। और अभी बात
- 1:31:11की इलेक्ट्रोपजिटिविटी यानी कि मैटेलिक
- 1:31:13करैक्टर साइज के साथ कैसा है? डायरेक्टली
- 1:31:16प्रोपोर्शनल। तो ऊपर से नीचे आने पे अगर
- 1:31:18साइज बढ़ रहा है तो मैटेलिक कररेक्टर यानी
- 1:31:20कि इलेक्ट्रोपजिटिविटी बढ़ेगी। ऊपर से नीचे
- 1:31:23आने पे इंक्रीज होगा। सिर्फ इंक्रीज़ लिख
- 1:31:26देते हैं। तो अब यहां पे एक गहरी बात करते
- 1:31:28हैं, सुनो। अगर हमने आपको ये पढ़ा दिया कि
- 1:31:31लेफ्ट टू राइट जाने पे मैटेलिक करैक्टर कम
- 1:31:34होता है। तो क्या ये कहना सही है कि सबसे
- 1:31:36अच्छे मेटल ये है। और अभी-अभी पढ़ाया कि
- 1:31:39ऊपर से नीचे आने पे मैटेलिक करैक्टर बढ़
- 1:31:42रहा है। तो क्या अब ये कह सकते हैं कि ये
- 1:31:44सबसे अच्छे मेटल्स थे। लेकिन इनमें भी ऊपर
- 1:31:47से नीचे आओगे तो मैटेलिक करैक्टर बढ़ेगा।
- 1:31:49तो क्या ये घोषणा करनी सही रहेगी कि
- 1:31:52फ्रांशियम जो है वो सबसे ज्यादा रिएक्टिव
- 1:31:56मेटल है।
- 1:31:58हमें 10थ क्लास में पढ़ाया जो जो बच्चे
- 1:32:00मुझसे पढ़ते थे मैंने उनको बताया था चाहे
- 1:32:02वन शॉट देखा हो आपने चाहे पेड बैच में हो
- 1:32:04कि भले ही अभी हम आपको कह रहे हैं कि
- 1:32:05पोटैशियम इज दी मोस्ट रिएक्टिव मेटल लेकिन
- 1:32:07पोटैशियम से भी ज्यादा रिएक्टिव है
- 1:32:09रुबिडियम सीज़ियम फ्रॉन्शियम इवन रेडियम ये
- 1:32:12सब भी। तो सबसे ज्यादा रिएक्टिव मेटल अगर
- 1:32:15मैं अब बोलूं हमारे पूरे पीरियडिक टेबल
- 1:32:18में कौन है? तो फ्रंशियम क्योंकि लेफ्ट टू
- 1:32:19राइट जाने पे मैटेलिक करैक्टर कम होता है।
- 1:32:21तो ये सबसे ज्यादा मैटेलिक हो गए और ऊपर
- 1:32:23से नीचे आने पे बढ़ रहा है। तो फ्रांशियम
- 1:32:25सबसे ज्यादा मैटेलिक जो है वो हो जाता है।
- 1:32:28सबसे ज्यादा मेटल अच्छा अगर मुझे किसी को
- 1:32:32बोलना हो तो फ्रांशियम इज द आंसर। ठीक है?
- 1:32:35और वहीं पे अगर मैं बात करूं
- 1:32:36इलेक्ट्रोनेगेटिविटी की
- 1:32:39इलेक्ट्रोनेगेटिविटी
- 1:32:41की अगर बात की जाए। इलेक्ट्रो नेगेटिविटी
- 1:32:44की बात की जाए यानी कि
- 1:32:48अगर म नॉन मैटेलिक कररेक्टर की बात की जाए
- 1:32:54नॉन मैटेलिक कररेक्टर की अगर बात की जाए
- 1:32:57तो ऊपर से नीचे आने पे साइज जो है वो क्या
- 1:33:00हो रहा है बढ़ रहा है और आपको पढ़ाया आज
- 1:33:01ही कि ये इन्वर्सली प्रपोर्शनल है तो ऊपर
- 1:33:04से नीचे आने पे नॉन मैटेलिक करैक्टर
- 1:33:07डिक्रीज होगा। अब अगेन अब ये आपको मुझे
- 1:33:10कमेंट सेक्शन में बताना है। देख लो भैया
- 1:33:12कोई चीटिंग नहीं। नोबल गैस को तो कर दो
- 1:33:14इग्नोर। अब आप मुझे पीरियडिक टेबल देख के
- 1:33:16बताओ इनमें सबसे ज्यादा
- 1:33:19अच्छा नॉन मेटल कौन सा है? ईमानदारी ओपी
- 1:33:23सबसे ज्यादा अच्छा नॉन मेटल कौन सा है?
- 1:33:25अगेन इसको ध्यान मत देना नोबल गैसेस को।
- 1:33:29कमेंट सेक्शन पे लिखा है ईमानदारी। अब
- 1:33:31सुनो कैसे? लेफ्ट टू राइट जाने पे नॉन
- 1:33:33मैटलिक करैक्टर बढ़ता है कम होता है? आज
- 1:33:35पढ़ाया बढ़ता है। तो, यह वाले लोग सबसे
- 1:33:37अच्छे नॉन-मेटल हैं। अब इनमें ऊपर से नीचे
- 1:33:40आने पे नॉन-मेटलिक करैक्टर कम हो रहा है।
- 1:33:43अभी लिखवाया। इसका मतलब हो गया कि दुनिया
- 1:33:46का सबसे अच्छा नॉन मेटल ये रहा। दुनिया का
- 1:33:51सबसे अच्छा नॉन मेटल फ्लोरीन रहा। दुनिया
- 1:33:53का सबसे अच्छा नॉन मेटल फ्लोरीन रहा। यानी
- 1:33:56दुनिया का सबसे अच्छा मेटल कौन है?
- 1:33:58फ्रांशियम। और ये फ्लोरीन। अब सोचो कि
- 1:34:01इनकी जोड़ी बनेगी तो क्या बनेगी? एक्चुअली
- 1:34:03में इनकी जोड़ी बनना बहुत मुश्किल है।
- 1:34:04बहुत सारी चीजें हैं केमिकल बॉन्डिंग में
- 1:34:06भी पढ़ेंगे। बट अगर ये बोला जाए कि दुनिया
- 1:34:09का सबसे अच्छा नॉन मेटल फ्लोरीन है और
- 1:34:12दुनिया का सबसे अच्छा मेटल फ्रांशियम है।
- 1:34:14दोनों एफ एफ से शुरू हो रहे हैं तो इसमें
- 1:34:16कोई दो राहे नहीं होंगी। ठीक है ना?
- 1:34:18बिल्कुल सही बात है। चलिए। तो यहां पे
- 1:34:22हमने टॉप टू बॉटम में इलेक्ट्रोनेगेटिविटी
- 1:34:25की बात भी कर ली। अब एक एनसीईआरटी का सवाल
- 1:34:28है रिएक्टिविटी के ऊपर। अब
- 1:34:30इलेक्ट्रोनेगेटिविटी इलेक्ट्रोपजिटिविटी
- 1:34:32तो हो गई। अब रिएक्टिविटी के बारे में
- 1:34:34क्या कहना है? हमने पढ़ाया था आपको अभी-अभी
- 1:34:37कि रिएक्टिविटी वैलेंसी के साथ इन्वर्सली
- 1:34:40प्रोपोर्शनल है। बट यहां तो वैलेंसी सेम
- 1:34:42है तो आप कह दोगे रिएक्टिविटी सेम है।
- 1:34:44नहीं। लेकिन, नहीं। लेकिन क्यों? क्योंकि
- 1:34:47अगर मैं किसी भी ऐसे ग्रुप में खड़ा हुआ
- 1:34:50हूं जिसमें मेटल्स हैं। तो ऊपर से नीचे
- 1:34:53रिएक्टिविटी को इंक्रीज होना चाहिए। अगर
- 1:34:56मैं किसी ऐसे ग्रुप में खड़ा हुआ हूं
- 1:34:59जिसमें सारे के सारे मेटल्स हैं तो उनमें
- 1:35:02रिएक्टिविटी को इंक्रीस होना चाहिए। क्यों
- 1:35:04इंक्रीस होना चाहिए? क्योंकि मेटल्स का
- 1:35:07काम इलेक्ट्रॉन देना होता है। और
- 1:35:09इलेक्ट्रॉन देने की टेंडेंसी
- 1:35:10इलेक्ट्रोपॉजिटिविटी ऊपर से नीचे बढ़ रही
- 1:35:13है तो नॉन मेटल्स के ग्रुप में अगर खडूंगा
- 1:35:15खडूंगा नहीं मतलब खड़ा रहूंगा जाऊंगा तो
- 1:35:17नॉन मेटल्स में मेटल्स में सॉरी सॉरी
- 1:35:20मेटल्स में रिएक्टिविटी इंक्रीस होगी।
- 1:35:24सबसे ज्यादा रिएक्टिव फ्रॉनशियम। लेकिन
- 1:35:26वहीं पर अभी हमने बात कर ही ली है कि नॉन
- 1:35:28मेटल्स में अगर मैं खड़ा हुआ हूं तो ऊपर
- 1:35:31से नीचे आने पर साइज बढ़ रहा है।
- 1:35:33इलेक्ट्रॉन लेने की अब टेंडेंसी कम हो रही
- 1:35:35है। तो नॉन मैटेलिक कररेक्टर जो है वो
- 1:35:38डिक्रीज हो जाएगा। तो यानी कि लेफ्ट टू
- 1:35:41राइट में रिएक्टिविटी की बात करें तो ये
- 1:35:44लोग सबसे ज्यादा रिएक्टिव थे और ये सबसे
- 1:35:46कम।
- 1:35:48लेकिन टॉप टू बॉटम में अगर मेटल्स में हो
- 1:35:50तो ऊपर से नीचे रिएक्टिविटी बढ़ेगी और नॉन
- 1:35:52मेटल्स में ऊपर से नीचे रिएक्टिविटी कम
- 1:35:54होगी। एनसीईआरटी का सवाल है कि
- 1:35:56रिएक्टिविटी मेटल्स में ऊपर से नीचे क्यों
- 1:35:58बढ़ती है? और ऊपर से नीचे क्यों कम होती
- 1:36:00है? नॉन मेटल में एनसीईआरटी का सवाल है।
- 1:36:02तो आंसर क्या लिखोगे? कि ऊपर से नीचे आने
- 1:36:04पे साइज बढ़ता है। तो इलेक्ट्रोपजिटिविटी
- 1:36:06यानी इलेक्ट्रॉन देने की टेंडेंसी बढ़ती
- 1:36:08है। जिसकी वजह से मेटल्स की रिएक्टिविटी
- 1:36:09बढ़ती है। बट वहीं पे ऊपर से नीचे आने पे
- 1:36:12साइज बढ़ता है तो इलेक्ट्रोनेगेटिविटी
- 1:36:14यानी इलेक्ट्रॉन लेने की क्षमता जो है वो
- 1:36:16कम होती है। जिसकी वजह से नॉन मेटेलिक
- 1:36:18करैक्टर जो है वो डिक्रीज होने लग जाता
- 1:36:21है। डन है? तो बच्चों मुबारक हो हमने यहां
- 1:36:25पे बेसिक ट्रेंड्स को पढ़ा। अब ना दो और
- 1:36:28तीन मेजर टर्म्स हैं। जैसे कि अ आयनाइजेशन
- 1:36:32एनर्जी, इलेक्ट्रॉन गेन एंथैल्पी और
- 1:36:33इलेक्ट्रॉन नेगेटिविटी। इनको हम अभी तक ये
- 1:36:36तो सब हम पहले से जानते थे। लेकिन इन तीन
- 1:36:38टर्म्स को हमने कहीं पढ़ा ही नहीं है। तो
- 1:36:39पहले उन तीन टर्म्स को भी पढ़ना पड़ेगा।
- 1:36:41फिर हमें लेफ्ट टू राइट, टॉप टू बॉटम उनके
- 1:36:44बारे में भी बात करनी है। मतलब ये बेसिक
- 1:36:46ट्रेंड्स तो हैं लेकिन तीन और मेजर
- 1:36:48ट्रेंड्स भी अभी लेफ्ट टू राइट, टॉप टू
- 1:36:49बॉटम आएंगे। लेकिन उससे पहले उससे पहले हम
- 1:36:53आगे बढ़े। हमें यहां पे एक सही समय आ गया
- 1:36:56है कि हम जाने कि किसी भी एलिमेंट की पूरी
- 1:36:59पीरियडिक टेबल में क्या लोकेशन रहती है।
- 1:37:02किसी भी एलिमेंट की पूरी पीरियडिक टेबल
- 1:37:05में क्या लोकेशन रहती है? लोकेशन से हमारे
- 1:37:09कहने का मतलब है कि अगर मुझे एक एलिमेंट
- 1:37:11दे रखा है तो उस एलिमेंट को मैं पूरी
- 1:37:15पीरियोडिक टेबल में ढूंढूं कैसे? सर
- 1:37:17ढूंढने का मतलब क्या है? इंपॉर्टेंट टॉपिक
- 1:37:20एक नंबर का सवाल यहां से आपको मिल सकता
- 1:37:22है। एक नंबर का
- 1:37:25लोकेशन जैसे अगर आपको मेरे घर तक पहुंचना
- 1:37:27है तो आपको एड्रेस चाहिए होगा। एड्रेस में
- 1:37:29क्या-क्या आएगा? आपको एड्रेस के लिए मेरी
- 1:37:30कंट्री, मेरी स्टेट, मेरी सिटी, मेरा
- 1:37:33डिस्ट्रिक्ट, वहां का सेक्टर, फिर हाउस
- 1:37:35नंबर, फिर फ्लोर नंबर पता होना चाहिए। ऐसे
- 1:37:38ही अगर आपको किसी भी एलिमेंट की पोजीशन को
- 1:37:42पता करना है तो ग्रुप और पीरियड पता होना
- 1:37:45चाहिए। लेकिन हमारे पीरियडिक टेबल में एक
- 1:37:48चीज और होती है जो कि है ब्लॉक्स। तो अगर
- 1:37:51ये हमारी पीरियडिक टेबल है। ये अगर हमारी
- 1:37:54एक रफ पीरियडिक टेबल है। ये अगर हमारी एक
- 1:37:59पीरियडिक टेबल है। ये ये ठीक है? ये रफ-रफ
- 1:38:04बात कर रहे हैं ना। ठीक है? तो ये हमारा
- 1:38:06फर्स्ट ग्रुप है। ये हमारा सेकंड ग्रुप
- 1:38:08है। ये तीन से लेके 12 है। ये 13 से लेके
- 1:38:1218 है। है ना? ठीक है? ये हमारे सात
- 1:38:14पीरियड्स हैं। तो ग्रुप्स और पीरियड्स तो
- 1:38:16मैंने आपको पढ़ा दिया। लेकिन अगर मैं इन दो
- 1:38:19फर्स्ट और सेकंड ग्रुप की बात करूं तो
- 1:38:22इसको मिला के इस पूरे को मिला के कहते हैं
- 1:38:25एस ब्लॉक। इस पूरे को मिला के कहा जाता है
- 1:38:29एस ब्लॉक। इस पूरे को मिला के s ब्लॉक
- 1:38:33क्यों कहा जाता है भैया? इस पूरे को मिला
- 1:38:35के s ब्लॉक क्यों कहा जाता है? क्योंकि
- 1:38:38इसमें जो भी एलिमेंट आ रहा है आप उनकी अगर
- 1:38:41इलेक्ट्रॉनिक कॉन्फ़िगरेशन करोगे 1s2 2s2
- 1:38:432p6 तो उनका जो लास्ट इलेक्ट्रॉन एंटर
- 1:38:47करेगा वो s सब सबशेल में करेगा। अभी हम
- 1:38:50करेंगे अभी देख भी लेंगे। लेकिन कोई भी आप
- 1:38:52एलिमेंट पीरियडिक टेबल में जाओ देखो जो s
- 1:38:54जो इन फर्स्ट और सेकंड ग्रुप में आ रहा हो
- 1:38:56और उसकी इलेक्ट्रॉनिक कॉन्फ़िगरेशन करो।
- 1:38:59उसका आखिरी इलेक्ट्रॉन s सबशेल में
- 1:39:01गिरेगा। इसलिए इसे एस ब्लॉक कहते हैं।
- 1:39:03बिल्कुल इसी प्रकार से ये जो है ये भाई
- 1:39:06साहब जो है ये इसको हम लोग पी ब्लॉक कहते
- 1:39:09हैं। आप रीज़ समझ गए होंगे इसको पी ब्लॉक
- 1:39:12क्यों कहा जाता है? क्योंकि इनमें जो
- 1:39:14आखिरी इलेक्ट्रॉन गिरता है जो आखिरी
- 1:39:18इलेक्ट्रॉन गिरता है वो p में गिरता है।
- 1:39:21यानी कि 13 से लेके 18 वालों को पी ब्लॉक
- 1:39:25कहते हैं। क्योंकि इसमें जो आखिरी
- 1:39:26इलेक्ट्रॉन गिरता है वो p सबशेल में गिरता
- 1:39:29है। एंड अगेन इसको हम लोग d ब्लॉक कहते
- 1:39:32हैं। क्योंकि आखिरी इलेक्ट्रॉन इसमें d
- 1:39:34में गिरता है। आपने नोटिस किया होगा।
- 1:39:36मैंने अभी बीच में गलती से बोल दिया था कि
- 1:39:37ये डी ब्लॉक के हैं। मेरे मुंह से निकल
- 1:39:39रहा था बार-बार क्योंकि है ये d ब्लॉक के।
- 1:39:41और डी एंड एफ ब्लॉक चैप्टर पढ़ना है आपको
- 1:39:44पूरी 12th क्लास में। तो ये डी ब्लॉक के
- 1:39:46हैं। और क्योंकि इनको डी ब्लॉक क्यों बोल
- 1:39:48रहे हैं? बिकॉज़ जब हम इनकी इलेक्ट्रॉनिक
- 1:39:50कॉन्फ़िगरेशन करेंगे तो लास्ट इलेक्ट्रॉन D
- 1:39:52में गिरेगा। और इनका जो नाम है ये है एफ
- 1:39:55ब्लॉक।
- 1:39:56इनका जो नाम है ये है f ब्लॉक। क्यों?
- 1:39:59क्योंकि अगेन इनमें भी लास्ट इलेक्ट्रॉन
- 1:40:02जो गिरता है वो एफ सबशेल में गिरता है। तो
- 1:40:05इस समय s सबशेल में गिरता है तो एस ब्लॉक।
- 1:40:08डी सबशेल में गिरता है तीन से लेके 12 तो
- 1:40:11डी ब्लॉक ये आ गया पी ब्लॉक और ये आ गया
- 1:40:13एफ ब्लॉक डन लेकिन अब लोकेशन कैसे पता
- 1:40:18करें तो पहली बात तो अभी तक लोकेशन हमारे
- 1:40:20पास ग्रुप्स और पीरियड्स आ रहे थे लेकिन
- 1:40:22अब हमारे पास ब्लॉक्स भी आ गए हैं तो
- 1:40:25ब्लॉक तो मैंने आपको बता दिया है। ठीक है?
- 1:40:27कैसे पता लगाते हैं ब्लॉक? आओ लिख भी लेते
- 1:40:29हैं। अगर मुझे किसी का ब्लॉक पता लगाना हो
- 1:40:32तो इलेक्ट्रॉन
- 1:40:38इन
- 1:40:40लास्ट सबशेल
- 1:40:44गिव्स
- 1:40:46ब्लॉक
- 1:40:49तो जहां अभी हम सबके क्वेश्चन एक साथ ही
- 1:40:51करेंगे। ठीक है ना? तो जैसे आओ एक आध
- 1:40:54एग्जांपल ले लेते हैं। क्वेश्चन तो एक साथ
- 1:40:56यहां पे करेंगे। आओ एग्जांपल ले लेते हैं।
- 1:40:57जैसे मान लो सोडियम ही की बात कर लेते
- 1:41:00हैं। तो 1s2 2s2
- 1:41:042p6
- 1:41:053s1 तो इसका लास्ट इलेक्ट्रॉन s में गिरा
- 1:41:07है। तो इसका मतलब है ये s ब्लॉक हो गया।
- 1:41:10समझे? जैसे स्कैंडियम की बात कर लेते हैं।
- 1:41:1321 पे आता है। 21 इलेक्ट्रॉन होते हैं।
- 1:41:15अगर नहीं पता है स्केंडियम में तो 1s2 2s2
- 1:41:192p6 3s2 3p6
- 1:41:244s2 3d1
- 1:41:27तो इसका लास्ट इलेक्ट्रॉन आप देख सकते हैं
- 1:41:29d में गिरा है। तो ये d ब्लॉक हो जाएगा।
- 1:41:32ऐसे ही किसी का लास्ट इलेक्ट्रॉन अगर p
- 1:41:33में गिरा है तो पी ब्लॉक हो जाएगा। तो जो
- 1:41:36भी लास्ट इलेक्ट्रॉन गिरता है वो उसके
- 1:41:38ब्लॉक को रिप्रेजेंट करता है। ठीक है? अब
- 1:41:42अगर आपने ब्लॉक पता लगा लिया है तो अब
- 1:41:44बारी है ग्रुप पता लगाने की। पहले ग्रुप
- 1:41:47पता लगाने से पहले आपको ब्लॉक पता लगाना
- 1:41:49ही पड़ेगा। वो आप समझ जाओगे। हां, पीरियड
- 1:41:52पता लगाना सबसे इजी है। उसके लिए कुछ भी
- 1:41:54ना पता हो, आप सीधा पीरियड निकाल सकते हो।
- 1:41:56लेकिन ग्रुप पता लगाने के लिए आपको ब्लॉक
- 1:41:58पता लगाना पड़ेगा। पीरियड पता लगाना तो
- 1:42:01बहुत इजी है। कैसे?
- 1:42:04पीरियड पता लगाना बहुत इजी है। कैसे?
- 1:42:08नंबर
- 1:42:10ऑफ शेल्स। कई किताबें ऐसा भी लिखती हैं कि
- 1:42:14मैक्सिमम नंबर ऑफ प्रिंसिपल क्वांटम नंबर।
- 1:42:16स्ट्रक्चर ऑफ़ एटम पढ़ चुके हैं हम।
- 1:42:18मैक्सिमम नंबर ऑफ प्रिंसिपल क्वांटम नंबर।
- 1:42:20लेकिन आसान भाषा में कहूं नंबर ऑफ शेल्स
- 1:42:23जो हैं हमारे पास वही हमारे पीरियड को
- 1:42:26रिप्रेजेंट करते हैं। जैसे कि इसके पास
- 1:42:29सोडियम के पास कितने शेल्स हैं? तो आंसर
- 1:42:32है इसकी वैल्यू देखो लास्ट तक थ्री तक जा
- 1:42:34रही है। थ्री तक जा रही है। है ना? अब
- 1:42:36सोडियम के पास चाहे आप इलेक्ट्रॉनिक
- 1:42:38कॉन्फ़िगरेशन ऐसे कर लो चाहे 281 से कर लो।
- 1:42:41तो सोडियम के पास K एल एम के हिसाब से तीन
- 1:42:44शेल्स हैं। तो इसका मतलब है सोडियम का जो
- 1:42:47पीरियड है वो थर्ड पीरियड है। आप जा के
- 1:42:50पीरियडिक टेबल में चेक करो। थर्ड पीरियड
- 1:42:52का पहला मेंबर ही सोडियम है। वहीं पे अगर
- 1:42:55बात करें लेट्स से हम बात कर लें फ्लोरीन।
- 1:42:58अब फ्लोरीन की इलेक्ट्रॉनिक कॉन्फ़िगरेशन
- 1:43:00चाहे ऐसे कर लो, चाहे ऐसे कर लो। 2 7 तो
- 1:43:03दो शेल्स हैं इसके पास। आप वैसे करते तो
- 1:43:051s2 2s2 2p5 तो भी दो आता। तो इसका पीरियड
- 1:43:09कितना हो जाएगा? सेकंड हो जाएगा। मैं अभी
- 1:43:12इसके ऊपर और क्वेश्चन कराने वाला हूं।
- 1:43:14लेकिन जितना आपका नंबर ऑफ शेल्स आपके पास
- 1:43:18जितने भी हैं वही आपका पीरियड है। लेकिन
- 1:43:20सबसे इंटरेस्टिंग है कि कैसे पता लगाते
- 1:43:23हैं ग्रुप क्या है? तो ग्रुप सबके लिए
- 1:43:25अलग-अलग तरीके से पता लगाना है। एफ ब्लॉक
- 1:43:28वालों के लिए तो कोई ग्रुप होता ही नहीं
- 1:43:29है। एफ तो टेबल से बाहर है। उनका कोई
- 1:43:31ग्रुप नहीं होता है। तो ग्रुप एस, पी और
- 1:43:33डी का होता है। तो अगर कोई एस ब्लॉक का
- 1:43:36है। अगर कोई एस ब्लॉक का है तो उसका ग्रुप
- 1:43:40कैसे पता लगाएंगे? अगर कोई पी ब्लॉक का है
- 1:43:44तो उसका ग्रुप कैसे पता लगाएंगे?
- 1:43:47और अगर कोई डी ब्लॉक का है तो उसका ग्रुप
- 1:43:50कैसे पता लगाएंगे? देखो अगर कोई s ब्लॉक
- 1:43:53का है तो उसकी इलेक्ट्रॉनिक कॉन्फिगरेशन
- 1:43:55या तो s1 होगी या तो s2 होगी ये तो हम
- 1:43:58जानते हैं। अगर उसकी इलेक्ट्रॉनिक
- 1:44:00कॉन्फिगरेशन s1 है तो वो फर्स्ट ग्रुप का
- 1:44:02है। सिंपल कितना सिंपल है और अगर s2 है तो
- 1:44:06वो सेकंड ग्रुप का है। बहुत सिंपल सी
- 1:44:08लॉजिक वाली बात है। ठीक है? लेकिन अगर कोई
- 1:44:10P ब्लॉक का है और उसकी इलेक्ट्रॉनिक
- 1:44:12कॉन्फ़िगरेशन में P के अंदर कुछ भी आ रहा
- 1:44:15है। P में एक आ सकता है, दो आ सकता है,
- 1:44:17तीन आ सकता है, चार आ सकता है, पांच आ
- 1:44:19सकता है, छह आ सकता है। हम पढ़ चुके हैं।
- 1:44:20तो मान लो P के अंदर उसके ऊपर कोई X लिखा
- 1:44:23हुआ है। कोई भी नंबर हो सकता है ज़ीरो से
- 1:44:24सिक्स। और अगर आपको P ब्लॉक वालों के लिए
- 1:44:28ग्रुप पता लगाना है, तो जो भी X है आपको
- 1:44:31उसमें 12 ऐड करना होगा। 12 क्यों ऐड करना
- 1:44:34होगा? बिकॉज़ P की शुरुआत ही 13 से हो रही
- 1:44:36है। उससे पहले 12 ग्रुप्स निकल चुके होते
- 1:44:38हैं। तो जितने भी P में इलेक्ट्रॉन हैं
- 1:44:41उसके अंदर आपको 12 ऐड करना है। एग्जांपल
- 1:44:43के तौर पे अगर किसी की लास्ट कॉन्फ़िगरेशन
- 1:44:46है P5 अगर किसी की इलेक्ट्रॉनिक
- 1:44:49कॉन्फ़िगरेशन है P5 तो P में पांच है। पांच
- 1:44:53में आपको 12 ऐड करना है तो उसका 17th
- 1:44:56ग्रुप हो जाएगा। अभी और क्वेश्चन कराऊंगा।
- 1:44:59लेकिन ध्यान रखो कि अगर p ब्लॉक है और p
- 1:45:01में x इलेक्ट्रॉन हैं तो ग्रुप पता लगाने
- 1:45:04के लिए जितने भी इलेक्ट्रॉन हैं उसमें
- 1:45:05आपको 12 ऐड कर देना है। वहीं पे अब आप अकल
- 1:45:08खुद लगा सकते हो बताओ d में क्या ऐड करना
- 1:45:11होगा? d की शुरुआत कहां से हो रही है?
- 1:45:13देखो इससे पहले दो है। तो इसका मतलब है d
- 1:45:16में जितने भी इलेक्ट्रॉन आए हैं उसके अंदर
- 1:45:18आपको दो ऐड करना होगा। अब d में तो कितने
- 1:45:21इलेक्ट्रॉन आ सकते हैं? 10 तो d1, d2, d3
- 1:45:24ऐसे करके d10 तक हो सकता है। तो d में
- 1:45:26जितने भी इलेक्ट्रॉन आए अगर आपको ग्रुप
- 1:45:29पता लगाना है, अगर आपको ग्रुप पता लगाना
- 1:45:31है तो आपको उसके अंदर दो ऐड करना होगा।
- 1:45:34जैसे कि इस वाले की बात करते हैं। अब
- 1:45:36स्कैंडियम है। स्कैडियम आया था हमारे पास
- 1:45:393d1। अब 3d1 में अगर आया है और मुझे अगर
- 1:45:42ग्रुप पता लगाना है, तो d में जितने भी
- 1:45:44इलेक्ट्रॉन आए हैं उसमें दो ऐड कर देना।
- 1:45:47दो ऐड कर दोगे तो थर्ड इसका ग्रुप आ
- 1:45:50जाएगा। अब आप चेक कर लो थर्ड ग्रुप में ये
- 1:45:52आता है। तो यहां पे चीजें बहुत क्लमजी हो
- 1:45:56गई होंगी शायद। क्वेश्चन कराऊंगा समझ
- 1:45:57जाओगे। बट निचोड़ क्या है? अगर ब्लॉक पता
- 1:46:00लगाना है तो इलेक्ट्रॉनिक कॉन्फ़िगरेशन
- 1:46:01करो। लास्ट इलेक्ट्रॉन जहां पे गिरेगा वो
- 1:46:03ब्लॉक है। s में गिरेगा एस ब्लॉक, p में
- 1:46:06गिरेगा पी ब्लॉक, d में गिरेगा d ब्लॉक, f
- 1:46:08में गिरेगा f ब्लॉक। पीरियड पता लगाना है
- 1:46:10तो नंबर ऑफ शेल्स कितने हैं उसके अंदर? एक
- 1:46:12है, दो हैं, तीन हैं वही उसका पीरियड
- 1:46:14होगा। जितने शेल्स हैं। लेकिन ग्रुप में
- 1:46:16हम अगर बात करें अगर वो s ब्लॉक का है तो
- 1:46:18s1 और s2 ही उसका ग्रुप है। यानी s1 है तो
- 1:46:21फर्स्ट, टू है तो सेकंड। लेकिन पी ब्लॉक
- 1:46:24का है तो पी में जितने भी इलेक्ट्रॉन हैं
- 1:46:25उसमें आपको 12 ऐड करना होगा और d में
- 1:46:27जितने भी हैं उसके अंदर दो ऐड करना होगा।
- 1:46:30अब मैं इसके ऊपर कुछ क्वेश्चन कराने वाला
- 1:46:31हूं आपको अगले पेज पे। लेकिन ईमानदारी ओपी
- 1:46:34हो जाए। आप ये ढंग से कहीं पे लिख लो, कुछ
- 1:46:37भी कर लो। क्योंकि आगे हम जो इसके ऊपर
- 1:46:39क्वेश्चंस करने वाले हैं। यहां पे इस वाली
- 1:46:41स्लाइड पे फिर वो दिक्कत करेंगे। आप इसको
- 1:46:43ढंग से एक बारी पढ़ लो। डन है। वीडियो को
- 1:46:45पॉज करके चाहे। चलो ठीक है। मान लेते हैं
- 1:46:48आपने ये याद कर लिया। मान के लेते हैं
- 1:46:50करना ही पड़ेगा वरना मजा नहीं आएगा। ठीक
- 1:46:52है? अब हमको मान लो क्लोरीन की लोकेशन पता
- 1:46:56करने को बोला है कि क्लोरीन का ग्रुप पता
- 1:46:58हो, पीरियड पता हो, ब्लॉक पता हो। तो सबसे
- 1:47:00पहले ब्लॉक पता किया करो। सबसे आसान है।
- 1:47:02मतलब उससे बाकी चीजें हो जाएंगी। अब
- 1:47:04क्लोरीन के पास 17 इलेक्ट्रॉन होते हैं।
- 1:47:06तो 1s2 2s2
- 1:47:092p6
- 1:47:113s2
- 1:47:13और 3p5 हो गया। ठीक है? आई होप आपको साफ
- 1:47:16दिख रहा है कि इसका जो ब्लॉक है
- 1:47:20वो पी ब्लॉक है। पी ब्लॉक है। सीधा लिखते
- 1:47:25हैं। पी ब्लॉक है। ठीक है?
- 1:47:29अब पी ब्लॉक है तो ग्रुप पता कर लेते हैं।
- 1:47:31पी में कैसे ग्रुप पता करते हैं? जितने भी
- 1:47:33P में इलेक्ट्रॉन हैं उसके अंदर 12 ऐड
- 1:47:35करना है। तो P में पांच इलेक्ट्रॉन आए
- 1:47:38हैं। तो अगर आपको ग्रुप पता करना है तो
- 1:47:41पांच में 12 ऐड करना है। तो 17th ग्रुप आ
- 1:47:45जाएगा। ठीक है? और अगर पीरियड पता लगाना
- 1:47:48है तो सबसे बड़ा शेल नंबर थ्री है। तो
- 1:47:52पीरियड इसका थर्ड हो गया। कितना आसान है
- 1:47:54देखो। एक नंबर दो नंबर जितने का भी आएगा
- 1:47:57फ्री के मिलेंगे आपको। फ्री के मतलब फ्री
- 1:47:59के तो नहीं मेहनत तो है बट हां ठीक है
- 1:48:02ऑब्वियस सी बात है यहां पे कुछ एक्सेप्शनल
- 1:48:05केस हैं जैसे हीलियम जो कि मैंने आपको
- 1:48:07बताया था पहले हीलियम का लास्ट इलेक्ट्रॉन
- 1:48:10s में गिरता है वो मैं कराऊंगा आपको
- 1:48:12एक्सेप्शनल केस हीलियम का लास्ट
- 1:48:14इलेक्ट्रॉन भले ही s में गिरता है लेकिन
- 1:48:16वो पी ब्लॉक का है क्योंकि वो नोबल गैस
- 1:48:18में आता है। आओ मैं समझाता हूं क्या कह
- 1:48:20रहा हूं। देखो
- 1:48:26लेकिन उससे पहले
- 1:48:28मैंगनीज की बात करते हैं। 25 पे आता है।
- 1:48:3125 इसका एटॉमिक नंबर है। तो इसकी
- 1:48:33इलेक्ट्रॉनिक कॉन्फ़िगरेशन हो गई। 1s2 2s2
- 1:48:382p6
- 1:48:403s2
- 1:48:413p6
- 1:48:434s2
- 1:48:453d5
- 1:48:47अब अगर मैं इसका ब्लॉक आपसे बोलूं तो d
- 1:48:49ब्लॉक होगा क्योंकि लास्ट इलेक्ट्रॉन d
- 1:48:51में गिरा है। और d ब्लॉक वालों के लिए
- 1:48:53ग्रुप पता लगाना हो तो d में जितने भी
- 1:48:55इलेक्ट्रॉन हो उसमें दो ऐड करते हैं। तो
- 1:48:57पांच में आपको दो ऐड करना है तो सेवंथ
- 1:48:59इसका ग्रुप आ गया। और अगर पीरियड पता
- 1:49:02लगाना है तो जितना लास्ट जो टोटल नंबर ऑफ
- 1:49:05शेल्स हैं तो यहां पे भले ही थ्री लिखा हो
- 1:49:07लेकिन इसका आगे फोर लिखा हुआ है। यानी
- 1:49:09इसके पास चार शेल्स हैं। आपने लास्ट
- 1:49:11इलेक्ट्रॉन भले ही थ्री में भरा है लेकिन
- 1:49:12टोटल चार शेल्स हैं तो फोर्थ आएगा। ध्यान
- 1:49:15रखना। ठीक है? सिंपल है। चलो आओ। ऐसे ही
- 1:49:18मान लो एक करते हैं अगर हम लोग कैल्शियम।
- 1:49:21कैल्शियम 20 पे आता है। इलेक्ट्रॉनिक
- 1:49:24कॉन्फ़िगरेशन हो गई 1s2 2s2 2p6 3s2 3p6
- 1:49:314s2 डन है। तो साफ दिख रहा है s ब्लॉक का
- 1:49:34है क्योंकि लास्ट इलेक्ट्रॉन इसका s में
- 1:49:36गिरा है। इसका ग्रुप पता लगाएंगे तो s में
- 1:49:39क्या खास है? वन है तो वन, टू है तो टू
- 1:49:41है। तो s2 है। तो इसका मतलब है सेकंड इसका
- 1:49:43ग्रुप हो गया। आप चेक भी करते रहो। जो मैं
- 1:49:45ये लोकेशन पता कर रहा हूं। आप पीरियडिक
- 1:49:47टेबल खोल के बैठो ना चेक भी करते रहो।
- 1:49:49वहां पे जा भी रहे हैं कि नहीं जा रहे
- 1:49:50हैं? और पीरियड की बात करें तो सबसे बड़ा
- 1:49:53शेल इसका मतलब टोटल नंबर ऑफ़ शेल्स चार हैं
- 1:49:55इसके पास। तो पीरियड इसका फोर्थ हो गया।
- 1:49:58ठीक है? लेकिन वहीं पे अगर मैं एक नोबल
- 1:50:01गैस कराऊं आर्गन लेकिन फिर मैं आपको कराऊं
- 1:50:03हीलियम क्योंकि उसके बाद आप फिर एक मैच
- 1:50:07करोगे जो कि लेट अस से होगा ऑक्सीजन। ठीक
- 1:50:12है? चलो। बट अभी के लिए पहले ये कराते हैं
- 1:50:14हम आर्गन 18 पे आता है। तो इसकी
- 1:50:16इलेक्ट्रॉनिक कॉन्फ़िगरेशन हो गई 1s2 2s2
- 1:50:202p6 3s2 3p6 ठीक है? तो कौन से ब्लॉक का
- 1:50:25हो गया भैया? पी ब्लॉक का होना भी चाहिए।
- 1:50:27सारी नोबल गैसेस पी ब्लॉक की होती हैं।
- 1:50:29ग्रुप वैसे तुम्हें पता है नोबल गैस का
- 1:50:31क्या होता है? 18 होता है। बाकी पी में
- 1:50:33जितने भी होते हैं उसके अंदर 12 ऐड करना
- 1:50:35होता है। तो 18 आ गया। आना भी चाहिए था।
- 1:50:37और वहीं पे अगर बात करें इसके पीरियड की
- 1:50:40तो आओ चेक करते हैं। सबसे बड़ा शेल तीन है
- 1:50:43तो थर्ड इसका पीरियड आ गया। डन। हीलियम
- 1:50:46एक्सेप्शनल केस है। हीलियम के
- 1:50:48इलेक्ट्रॉनिक कॉन्फ़िगरेशन 1s2 होती है। अब
- 1:50:50भले इसका लास्ट इलेक्ट्रॉन S में गिरा है
- 1:50:53लेकिन ये P ब्लॉक का है। भैया ये
- 1:50:57एक्सेप्शनल केस है। ध्यान रखना। ये P
- 1:51:00ब्लॉक का है। भैया ध्यान रखना ये
- 1:51:03एक्सेप्शनल केस है। ठीक है? और क्योंकि ये
- 1:51:08एक्सेप्शनल है तो आप इससे वो भी नहीं पता
- 1:51:10लगा सकते।
- 1:51:11इसका ग्रुप वगैरह क्योंकि ये तो S2 आ गया
- 1:51:14पर इसका ग्रुप तो हमें पता है 18 है। नोबल
- 1:51:16गैस है ना ये तो इसका ग्रुप तो 18 है। हां
- 1:51:19इसका पीरियड फर्स्ट है। वो ठीक है। इसका
- 1:51:22पीरियड फर्स्ट है क्योंकि एक ही इसके पास
- 1:51:25शेल है। डन। अब ईमानदारी ओपी हो जाए।
- 1:51:28ऑक्सीजन के लिए काम करेंगे। ईमानदारी ओपी
- 1:51:31हो जाए। ऑक्सीजन के लिए काम करेंगे।
- 1:51:34ईमानदारी से कोई टेंशन नहीं है। वीडियो
- 1:51:35पॉज करो करो। और अपना आंसर कमेंट सेक्शन
- 1:51:38पर लिखो। फॉर ऑक्सीजन। ईमानदारी। डन। ठीक
- 1:51:42है। ऑक्सीजन के पास टोटल आठ इलेक्ट्रॉन।
- 1:51:44तो 1s2 2s2
- 1:51:472p4 आ गया। ठीक है? तो इसका जो ब्लॉक आ
- 1:51:51गया वो तो पी ब्लॉक आ गया।
- 1:51:55ग्रुप क्या आया भाई? ग्रुप क्या आया भाई?
- 1:51:57पी में 12 ऐड करते हैं। तो चार में 12 ऐड
- 1:52:00करा तो 16 ग्रुप आ गया। और पीरियड की बात
- 1:52:04करें तो कितने शेल्स हैं इसके पास? दो। तो
- 1:52:07सेकंड इसका पीरियड हो गया। मुबारक हो।
- 1:52:09कितने सारे क्वेश्चन के साथ करा रहा हूं
- 1:52:11यार आपको। फिर भी आप देखो लाइक नहीं कर
- 1:52:13रहे हो। फिर भी आप देख रहे हो प्यारा सा
- 1:52:15कमेंट नहीं छोड़ रहे हो। कितनी गलत बात
- 1:52:17है। है ना? अब आप सोचो अगर यहां पे ऐसा
- 1:52:19पढ़ा रहे हैं तो पेड बैच में कैसा ही
- 1:52:21पढ़ाते होंगे। आप इमेजिन करो। है ना? समझ
- 1:52:24रहे हो? समझ रहे हो? समझ रहे हो? चलो।
- 1:52:25बाकी फिर भी ईमानदारी ओपी करो। ईमानदारी
- 1:52:28ओपी करो। इनको नोट करो अगर नहीं किया अभी
- 1:52:31तक। क्योंकि आगे हम एकदम ब्रांड न्यू
- 1:52:33टॉपिक की तरफ जा रहे हैं। वो है आयनाइजेशन
- 1:52:35एनर्जी। उसके बाद पढ़ेंगे इलेक्ट्रॉन गेन
- 1:52:37एंथैल्पी। उसके बाद इलेक्ट्रोनेगेटिविटी।
- 1:52:40उसके बाद अलग-अलग प्रकार के एटॉमिक रेडियस
- 1:52:43पढ़ेंगे। एंड आफ्टर दैट S ब्लॉक, पी ब्लॉक,
- 1:52:45डी ब्लॉक इन सबके बारे में बात कर लेंगे।
- 1:52:47ठीक है? चलो लेकिन एक बार ये और ये या
- 1:52:51जितना पढ़ा है एक बार नोट डाउन करो फिर आगे
- 1:52:52बढ़ते हैं। ठीक भाई? अब बात करते हैं
- 1:52:54आयनाइजेशन एनर्जी या कह लीजिए आयनाइज़ेशन
- 1:52:58एंथैल्पी। एक छोटा सा फर्क है बताएंगे।
- 1:53:00लेकिन हां अब मेजरली तीन टॉपिक्स हमारे
- 1:53:03पास आने वाले हैं। एक तो आयनाइज़ेशन एनर्जी
- 1:53:05है, एक हमारे पास इलेक्ट्रॉन गेन एंथैल्पी
- 1:53:08है और एक हमारे पास इलेक्ट्रोनेगेटिविटी
- 1:53:11है जिसको हम डिफरेंस के फॉर्म में पढ़ने
- 1:53:12वाले हैं। तो बेसिकली क्या होता है
- 1:53:14आयनाइजेशन एनर्जी और आयनाइजेशन एनर्जी को
- 1:53:19अफेक्ट करने वाले कौन-कौन से फैक्टर हैं?
- 1:53:21ये अब हमारा 10-15 मिनट का टॉपिक होने
- 1:53:23वाला है। देखो आप सब जानते हो कि एक एटम
- 1:53:26में से इलेक्ट्रॉन को निकालना अगर है आपको
- 1:53:30तो आपको उसे कुछ ना कुछ एनर्जी देनी
- 1:53:32पड़ेगी। इट इज़ लाइक कि अगर सन के आसपास
- 1:53:36प्लनेट्स घूम रहे हैं तो आपको अगर प्लनेट
- 1:53:38को वहां से हटाना है तो उसे एक एनर्जी तो
- 1:53:40देनी पड़ेगी ना। बिल्कुल ऐसी अगर
- 1:53:41इलेक्ट्रॉन्स घूम रहे हैं न्यूक्लियस के
- 1:53:43आसपास तो आपको कोई ना कोई एनर्जी देनी ही
- 1:53:45पड़ेगी। चाहे हीट की फॉर्म में, लाइट की
- 1:53:47फॉर्म में ये मैटर नहीं करता। लेकिन
- 1:53:48एनर्जी देनी पड़ेगी ताकि वहां से
- 1:53:50इलेक्ट्रॉन निकल जाए। तो कितनी एनर्जी
- 1:53:52मुझे देनी पड़ती है एक ऐसे इलेक्ट्रॉन को
- 1:53:55एटम में से निकालने के लिए जो मोस्ट लूजली
- 1:53:58बाउंडेड है व्हिच मींस अ जैसे सोडियम के
- 1:54:00पास 11 इलेक्ट्रॉन होते हैं। तो जो उसका
- 1:54:0211वां यानी जो उसका लास्ट इलेक्ट्रॉन होता
- 1:54:05है वो मोस्ट लूजली बाउंडेड है। मतलब वो
- 1:54:08न्यूक्लियस से सबसे दूर है या कह लो उसको
- 1:54:10निकालना सबसे आसान है। तो उस इलेक्ट्रॉन
- 1:54:12को निकालने के लिए मुझे कितनी एनर्जी देनी
- 1:54:14पड़ेगी? इसे कहते हैं बहुत आसान शब्दों
- 1:54:16में आयनाइजेशन एनर्जी। आपको कहीं ना कहीं
- 1:54:19लग रहा होगा कि ये तो हमारे सेकंड चैप्टर
- 1:54:22के वर्क फंक्शन जैसा है कि एक एटम में से
- 1:54:24इलेक्ट्रॉन को निकालने के लिए कितनी
- 1:54:26एनर्जी लगेगी। उसको वर्क फंक्शन बोलते
- 1:54:28हैं। हां। लेकिन यहां पे कुछ बेसिक
- 1:54:30टर्मिनोलॉजीस भी ऐड होंगी। जैसे वहां तो
- 1:54:33आपको कोई भी एक इलेक्ट्रॉन निकालने की बात
- 1:54:35हो रही थी। हम उसकी बात नहीं कर रहे। यहां
- 1:54:36पे हम बात कर रहे हैं। सबसे पहले बात तो
- 1:54:38एक एटम अकेला एटम होना चाहिए। अगर वो
- 1:54:41सॉलिड फॉर्म में है या लिक्विड फॉर्म में
- 1:54:43तो उसके आसपास और भी एटम्स होंगे जो कि
- 1:54:45इसको इन्फ्लुएंस करेंगे। तो यहां पे एटम
- 1:54:48अकेला बैठा होना चाहिए और जब भी एटम अकेला
- 1:54:50बैठा होता है तो गैस की फॉर्म में होता
- 1:54:51है। सेकंडली वो इलेक्ट्रॉन जो आप निकाल
- 1:54:54रहे हो वो मोस्ट लूजली बाउंडेड होना
- 1:54:56चाहिए। मतलब वो वाला इलेक्ट्रॉन निकालोगे
- 1:54:58जिसको निकालना सबसे आसान है। वो निकाल
- 1:55:00लोगे तो सेकंड जो सबसे आसान है वो निकालना
- 1:55:02होगा। एंड लास्ट बट नॉट द लीस्ट
- 1:55:05इलेक्ट्रॉन ग्राउंड स्टेट पे होना चाहिए।
- 1:55:07अगर याद करो क्रोमियम और कॉपर सेकंड
- 1:55:09चैप्टर तो वो एक्साइटेड स्टेट पे
- 1:55:11इलेक्ट्रॉन होते हैं। उनको निकालने के लिए
- 1:55:13जो एनर्जी लगेगी उसको आप आयनाइजेशन एनर्जी
- 1:55:15नहीं नाम दोगे। आयनाइजेशन एनर्जी निकालने
- 1:55:17के लिए एटम का जो इलेक्ट्रॉन है जिसको आप
- 1:55:19निकाल रहे हो वो ग्राउंड स्टेट पे यानी
- 1:55:21अफबाऊ प्रिंसिपल के हिसाब से जहां उसे
- 1:55:24होना चाहिए था वहां होता है। आसान शब्दों
- 1:55:26में ये वही है कि कितनी एनर्जी चाहिए
- 1:55:28इलेक्ट्रॉन निकालने के लिए। लेकिन यहां पे
- 1:55:29कुछ एक्स्ट्रा टर्म्स आ जाती हैं। देखो,
- 1:55:32आयनाइजेशन एंथैल्पी इज़ डिफाइंड एज दी
- 1:55:35अमाउंट ऑफ एनर्जी रिक्वायर्ड
- 1:55:39टू रिमूव दी मोस्ट लूजली बाउंड इलेक्ट्रॉन
- 1:55:44फ्रॉम एन आइसोलेटेड मतलब अकेला ऐसा एटम जो
- 1:55:48गैस के फॉर्म में है इन इट्स ग्राउंड
- 1:55:51स्टेट। ये देखो ये तीन वर्ड्स बड़े
- 1:55:54इंपॉर्टेंट है। मोस्ट लूजली बाउंडेड
- 1:55:56आइसोलेटेड एटम होना चाहिए और ग्राउंड
- 1:55:59स्टेट पे इलेक्ट्रॉन होना चाहिए ताकि हम
- 1:56:00उसको इलेक्ट्रॉन को निकाल के उसको कैटायन
- 1:56:03में कन्वर्ट कर दें। इसे कहा जाता है
- 1:56:05आयनाइजेशन एनर्जी या फिर आयनाइजेशन
- 1:56:08एंथैल्पी। इसको हम आईe से शो करने वाले
- 1:56:11हैं। अब एंथैल्पी वर्ड के लिए आपको अपने
- 1:56:14जीवन में प्रिपेयर होना होगा। बिकॉज़ अभी
- 1:56:16एंथैल्पी वर्ड आपके लिए बहुत कॉमन होने
- 1:56:18वाला है। एंथैल्पी एक्चुअली एनर्जी ही
- 1:56:20होता है। लेकिन वो एक मोल के लिए जब हम
- 1:56:22किसी भी एनर्जी को कैलकुलेट कर रहे होते
- 1:56:23हैं तो एंथैल्पी बोल देते हैं। यानी जब
- 1:56:26मैं कोई वर्ड एक मतलब मैं अगर वर्ड यूज़ कर
- 1:56:28रहा हूं एंथैल्पी तो मतलब मैं एक मोल अगर
- 1:56:31मैं बोल रहा हूं आयनाइज़ेशन एंथैल्पी तो एक
- 1:56:34मोल एटम में से एक मोल इलेक्ट्रॉन निकालने
- 1:56:37के लिए कितनी एनर्जी लगेगी? ठीक है जी। अब
- 1:56:40ऑब्वियस सी बात है आयनाइजेशन एनर्जी
- 1:56:42एनर्जी है कितनी लगेगी इलेक्ट्रॉन को
- 1:56:44निकालने के लिए? आसान शब्दों में बात करते
- 1:56:47हैं। आ जाओ। अगर किसी के लिए आयनाइजेशन
- 1:56:50एनर्जी ज्यादा है। इसका मतलब है इट इज़
- 1:56:55इट इज़
- 1:56:57डिफिकल्ट
- 1:57:00टू इजेक्ट
- 1:57:02इलेक्ट्रॉन। अगर किसी के लिए आयनाइजेशन
- 1:57:05एनर्जी ज्यादा है, एंथैल्पी ज्यादा है तो
- 1:57:07इसका मतलब है इलेक्ट्रॉन को इजेक्ट करना
- 1:57:09मुश्किल है। और ऑब्वियस सी बात है अगर
- 1:57:12किसी के लिए आयनाइज़ेशन एनर्जी कम है तो
- 1:57:15इसका मतलब है इट इज़ इजी या ईज़ियर टू
- 1:57:18इजेक्ट टू रिमूव इलेक्ट्रॉन। है ना? है
- 1:57:22ना? है ना? अब सुनो। अब आप मुझे बताओ क्या
- 1:57:25ये कहना सही है कि मेटल्स के लिए और नॉन
- 1:57:28मेटल्स के लिए अगर जनरली कंपैरिजन किया
- 1:57:30जाए तो किसके लिए? आयनाइजेशन, एनर्जी
- 1:57:33एंथैल्पी कम होगी। तो कौन आसानी से
- 1:57:36इलेक्ट्रॉन निकाल देता है? तो आंसर है
- 1:57:38मेटल्स। मेटल्स तो डिफाइन ही ऐसे किए जाते
- 1:57:40हैं जो इलेक्ट्रॉन दे दें। तो मेटल्स के
- 1:57:43लिए आयनाइज़ेशन एनर्जी जनरली कम होती है एज़
- 1:57:45कंपेयर टू नॉन मेटल। नॉन-मेटल के लिए
- 1:57:48आयनाइज़ेशन एनर्जी और नोबल गैसेस के लिए
- 1:57:50आयनाइज़ेशन एनर्जी बहुत ज्यादा है। क्योंकि
- 1:57:52इन दोनों से ही इलेक्ट्रॉन निकालना बहुत
- 1:57:54मुश्किल है। नोबल गैसेस के लिए तो आप समझ
- 1:57:56लो इंपॉसिबल ही है। लेकिन नॉन मेटल्स के
- 1:57:59लिए काफी मुश्किल है। इसलिए इनकी
- 1:58:01आयनाइज़ेशन एनर्जी बहुत ज्यादा है। अब ये
- 1:58:03क्यों ज्यादा है? इनसे इलेक्ट्रॉन निकालना
- 1:58:05क्यों मुश्किल है? इसके बहुत सारे
- 1:58:07फैक्टर्स हैं जो कि अभी हम पढ़ेंगे। लेकिन
- 1:58:09हां, इतना तो आपको पता है कि नॉन मेटल्स
- 1:58:11आसानी से इलेक्ट्रॉन नहीं देते हैं। तो
- 1:58:14यहां पे हमें एक पॉइंट लिखना चाहिए। जनरली
- 1:58:16क्यों लिख रहे हैं ना आप समझ रहे हो बेटा
- 1:58:18है ना दुनिया में कुछ घटिया मेटल्स भी हैं
- 1:58:20कुछ घटिया नॉन मेटल्स भी है। अगर मैं आपसे
- 1:58:21पूछूं जनरली मुझे पता हो ईमानदारी ओपी कि
- 1:58:24लड़कियों में और लड़कों में हाइट ज्यादा
- 1:58:26बड़ी किसकी होती है? एवरेजली बायोलॉजिकली
- 1:58:29भी तो आंसर है बॉयज की। ये बायोलॉजिकल बात
- 1:58:31है। लेकिन क्या ऐसी लड़कियां नहीं है इस
- 1:58:34दुनिया में जिनकी हाइट लड़कों से बड़ी है।
- 1:58:36क्यों नहीं है? ऑब्वियस सी बात है। बट अगर
- 1:58:38एवरेज बात की जाए तो एवरेजली ऐसा बात हो
- 1:58:41रही है। एवरेजली वजन ज्यादा होता है बॉयज
- 1:58:43का। एवरेज उनके कंधे ज्यादा चौड़े होते
- 1:58:46हैं। एवरेज उनकी आवाज ज्यादा भारी होती
- 1:58:48है। ऐसे ही जनरली बात करें तो जनरली
- 1:58:52मेटल्स
- 1:58:55हैव
- 1:58:58लो
- 1:59:01आयनाइजेशन एनर्जी। जनरली मेटल्स के पास लो
- 1:59:05आयनाइजेशन एनर्जी होती है। एंड
- 1:59:10नॉन मेटल्स
- 1:59:13और साथ ही साथ नोबल गैसेस दोनों के लिए
- 1:59:15अगर बात कर लें
- 1:59:18हैव
- 1:59:20हाई
- 1:59:22आयनाइजेशन एनर्जी। इनके लिए आयनाइजेशन
- 1:59:26एनर्जी एंथैल्पी काफी ज्यादा होती है। ठीक
- 1:59:28है? ये बात ध्यान रखनी है। अब आपके हिसाब
- 1:59:30से आयनाइजेशन एनर्जी या एंथैल्पी की यूनिट
- 1:59:34क्या होगी? अब आपको लग रहा है तो ये
- 1:59:36एनर्जी तो इसकी यूनिट जूल होगी जो कि सही
- 1:59:38भी है। पर मैंने आपको बोला ये एक मोल के
- 1:59:40लिए निकाली जाती है। जिसकी वजह से इसकी जो
- 1:59:43एसआई यूनिट बन जाती है वो बन जाती है जूल
- 1:59:47पर मोल। क्योंकि ये एक मोल के लिए निकाली
- 1:59:50जाती है। लेकिन आपको मैं बता दूं ये जो
- 1:59:52आंसर आता है जब आप बड़े हो के इसके
- 1:59:55न्यूमेरिकल्स करोगे। अभी तो आप छोटे हो।
- 1:59:57लेकिन जब आप बड़े होकर इसके न्यूमेरिकल्स
- 1:59:59करोगे तो आंसर इसका हजारों लाखों जूल में
- 2:00:02आएगा। एक मोल के लिए हजारों लाखों जूल में
- 2:00:04आएगा। तो इसीलिए जो कॉमन यूनिट हम लोग
- 2:00:06केमिस्ट्री में इसकी इस्तेमाल करते हैं जो
- 2:00:09कॉमन यूनिट हम केमिस्ट्री में इसकी
- 2:00:11इस्तेमाल करते हैं वो किलोजूल पर मोल है।
- 2:00:15क्योंकि आप सब जानते हैं कि जो आंसर आएगा
- 2:00:17वो बड़ा आएगा 1000, 2000, 5000, 10000, 1
- 2:00:20लाख कभी कबभार। तो किलो में निकालना थोड़ा
- 2:00:22अच्छा आंसर देगा। इसीलिए केमिस्ट्री
- 2:00:24ज्यादातर जगहों पे इसकी जो यूनिट यूज़
- 2:00:26करेगी वो किलोजूल करेगी। एनसीईआरटी में भी
- 2:00:28बहुतों की वैल्यूज़ लिखी हुई है। आपको अगेन
- 2:00:30याद नहीं करनी है। लेकिन हां वैल्यूज़ लिखी
- 2:00:32हुई है और वो सारी की सारी वैल्यू्यूज
- 2:00:34मोस्टली आपको किलोजूल पर मोल में मिलेंगी।
- 2:00:37तो निचोड़ क्या है? कितनी एनर्जी लगानी
- 2:00:39पड़ेगी, देनी पड़ेगी एक एटम में से
- 2:00:41इलेक्ट्रॉन निकालने के लिए। ये टर्म्स
- 2:00:43परिभाषा में लिखना बहुत जरूरी है। क्यों
- 2:00:45होना चाहिए ग्राउंड स्टेट में? एक्साइटेड
- 2:00:46स्टेट में होगा तो वो न्यूक्लियस से पहले
- 2:00:48दूर है। तो गलत आंसर निकाल रहे हो आप।
- 2:00:50आइसोलेटेड नहीं है। आसपास दूसरे एटम्स हैं
- 2:00:52तो वो भी उसको इन्फ्लुएंस करेंगे। और
- 2:00:55ऑब्वियस सी बात है लास्ट इलेक्ट्रॉन मोस्ट
- 2:00:57लूजली बाउंडेड इलेक्ट्रॉन पहले निकलेगा
- 2:00:59उसके बाद बाकी निकलेंगे। ठीक है? अगर ऐसा
- 2:01:01है अगर ऐसा है तो यहां पे अब हम पढ़ सकते
- 2:01:04हैं फैक्टर्स अफेक्टिंग आयनाइजेशन एनर्जी।
- 2:01:06लेकिन यहां पे एक बात और करनी बनती है। वो
- 2:01:10क्या है? देखो
- 2:01:12यहां पे ना आगे हम बढ़ने वाले हैं और बात
- 2:01:14करने वाले हैं कि फर्स्ट आयनाइजेशन
- 2:01:17एनर्जी, सेकंड आयनाइज़ेशन एनर्जी, थर्ड
- 2:01:20आयनाइज़ेशन एनर्जी। जैसे एक एटम है। एक एटम
- 2:01:23ने अपना पहला इलेक्ट्रॉन दे दिया। ठीक है?
- 2:01:25ये आपको काम आएगा आगे। मान लो एक एटम है
- 2:01:28कोई भी A नाम का। ठीक है? जो मान लो तीन
- 2:01:30इलेक्ट्रॉन दे सकता है। जैसे कि
- 2:01:32एलुमिनियम। ठीक है? अब अगर एलुमिनियम ने
- 2:01:34एक इलेक्ट्रॉन दे दिया तो एक इलेक्ट्रॉन
- 2:01:36दे दिया तो वो तो A प्लस बन जाएगा। उसमें
- 2:01:39से एक इलेक्ट्रॉन बाहर आ गया। अब इसमें जो
- 2:01:41एनर्जी लगी जिसको हम IE या फिर हम लोग
- 2:01:45डेल्टाH से भी शो करते हैं। कई किताबें
- 2:01:47इसको डेल्टाH से भी शो करती हैं। एक ही
- 2:01:50बात समझना। कई किताबें डेल्टा HI से भी शो
- 2:01:53करती हैं। अलग-अलग सिंबल है। तो अगर इसकी
- 2:01:55आयनाइज़ेशन एनर्जी अ मान लो आयनाइज़ेशन
- 2:01:59एनर्जी फर्स्ट लगी। इसमें मान लो
- 2:02:01आयनाइज़ेशन एनर्जी फर्स्ट लगी जो कि वो है
- 2:02:03x पहला इलेक्ट्रॉन निकालने के लिए। अब अगर
- 2:02:06मुझे दूसरा इलेक्ट्रॉन इसमें से निकालना
- 2:02:09है तो मुझे अगर दूसरा इलेक्ट्रॉन निकालना
- 2:02:12है तो इसके ऊपर +2 का चार्ज आ जाएगा। अब
- 2:02:15इसमें जो आयनाइज़ेशन एनर्जी लगेगी जिसको
- 2:02:17मैं सेकंड कह रहा हूं मान लेते हैं ये y
- 2:02:19है। एंड बिल्कुल ऐसे ही अगर मैं आयनाइज़ेशन
- 2:02:23एनर्जी निकालता हूं एक और इलेक्ट्रॉन
- 2:02:25निकालने के लिए यानी कि तीसरा यानी कि
- 2:02:27आखिरी बिकॉज़ आप सबको पता है चार
- 2:02:30इलेक्ट्रॉन नहीं निकाल सकते। पे वैलेंसी
- 2:02:32+3 जो है वो रहती है। +3 भी काफी मुश्किल
- 2:02:35है। बट ठीक है मान लेते हैं। चार वाले तो
- 2:02:37इलेक्ट्रॉन को शेयर कर देते हैं। तो यहां
- 2:02:39पे जो आयनाइज़ेशन एनर्जी आ जाएगी वो Z आ
- 2:02:41जाएगी। मेरा सवाल आपसे सिर्फ इतना है कि
- 2:02:45अभी ये है तो हम पढ़ रहे हैं कि लेफ्ट टू
- 2:02:46राइट जाने पे, टॉप टू बॉटम जाने पे
- 2:02:48आयनाइज़ेशन एनर्जी कैसे चेंज होगी? लेकिन
- 2:02:50मुझे आप एक कॉमन सेंस का आंसर दे सकते हो
- 2:02:52क्या? मन में दे देना लिखना मत। ये जो X Y
- 2:02:55Z है इनमें कौन बड़ा होगा? कौन छोटा होगा?
- 2:02:58या तीनों बराबर होंगे। ये एटम एक है। बस
- 2:03:01ये एलुमिनियम था। अब ये एलुमिनियम प्लस बन
- 2:03:03गया। फिर एलुमिनियम प्लस से एलुमिनियम +2
- 2:03:05बन गया। एलुमिनियम +2 से एलुमिनियम +3 बन
- 2:03:07गया। मेरा सवाल सिर्फ इतना है आपसे कि
- 2:03:09क्या आपको लगता है कि ये x y z में कोई एक
- 2:03:12हमेशा बड़ा होगा, कोई एक छोटा होगा या फिर
- 2:03:14ये तीनों बराबर होंगे? तो आंसर है इनमें
- 2:03:18जनरली अगेन जो फर्स्ट आयनाइजेशन एनर्जी
- 2:03:21होती है वह सबसे कम होती है। फिर सेकंड और
- 2:03:24थर्ड हमेशा बढ़ती है। और इसका रीजन मैं
- 2:03:27आपको अभी थोड़ी देर में दूंगा जब हम
- 2:03:29पहुंचेंगे न्यूक्लियर चार्ज पे। जब हम
- 2:03:32पहुंचेंगे न्यूक्लियर चार्ज पे। बट अभी के
- 2:03:34लिए आप ऐसा कह सकते हैं सॉरी माय बैड माय
- 2:03:37बैड। बट अभी के लिए आप ऐसा कह सकते हैं कि
- 2:03:40जनरली
- 2:03:42जनरली अभी के लिए आप ऐसा कह सकते हैं कि
- 2:03:44जनरली जो x है उसकी वैल्यू सबसे कम होगी
- 2:03:50और y की ज्यादा और z की सबसे ज्यादा होगी।
- 2:03:55जनरली ऐसा होता है। मैं ऊपर जनरली लिख
- 2:03:58देता हूं जनरली क्योंकि कुछ एक्सेप्शनल
- 2:04:01केसेस हैं जिनको हमें पढ़ना भी है। बट
- 2:04:03जनरली x जो है यानी जो फर्स्ट आयनाइजेशन
- 2:04:07एनर्जी है वो हमेशा कम रहती है। सेकंड
- 2:04:09वाली ज्यादा रहती है और थर्ड वाली और
- 2:04:12ज्यादा रहती है। इसका रीज़ जो है वो आपको
- 2:04:15मिलेगा जब मैं आपको न्यूक्लियर चार्ज पढ़ा
- 2:04:18दूंगा। तो टेंशन मत लो आप। ठीक है? आओ भाई
- 2:04:20वापस आते हैं। चलो। अब बात करते हैं यहां
- 2:04:23पे कि आयनाइजेशन एनर्जी को अफेक्ट करने
- 2:04:25वाले कौन-कौन से फैक्टर हैं। सबसे पहला
- 2:04:28फैक्टर ऑब्वियस सी बात है साइज आता है। आप
- 2:04:31मुझे खुद ही बताओ। पढ़ने की भी जरूरत नहीं
- 2:04:33है। ये मेरे पास एक एटम है जिसमें से मुझे
- 2:04:36इलेक्ट्रॉन यहां से निकालना है। और ये
- 2:04:38मेरे पास न्यूक्लियस है। ये मेरे पास एक
- 2:04:40एटम है जिसमें से इलेक्ट्रॉन मुझे यहां से
- 2:04:42निकालना है। मान के चल लेते हैं कि अभी
- 2:04:44न्यूक्लियस पे दोनों पे जो चार्ज है वो
- 2:04:46सेम है। ठीक है ना? तो आप मुझे बताओ कि ये
- 2:04:49वाला जो इलेक्ट्रॉन है वो तो काफी दूर है
- 2:04:51और ये वाला इलेक्ट्रॉन न्यूक्लियस से काफी
- 2:04:53पास है। तो कौन सा इलेक्ट्रॉन निकालना
- 2:04:56बड़ा आसान होगा? तो आंसर है ये वाला। आसान
- 2:04:58का मतलब है हमें कम से कम एनर्जी देनी
- 2:05:00पड़ेगी। यानी आयनाइजेशन एनर्जी की वैल्यू
- 2:05:03लो होगी।
- 2:05:05लेकिन यहां पे जिसमें इलेक्ट्रॉन
- 2:05:06न्यूक्लियस के बहुत पास है उसमें
- 2:05:08आयनाइजेशन एनर्जी जो है वो काफी ज्यादा
- 2:05:11होगी अगर पास है तो क्योंकि मुश्किल से
- 2:05:13इलेक्ट्रॉन निकलेगा क्योंकि न्यूक्लियस के
- 2:05:15बहुत करीब है। तो साइज में क्या लिखा हुआ
- 2:05:17है? लार्जर दी एटॉमिक साइज लेसर इज़ दी
- 2:05:20अट्रैक्शन बिटवीन द न्यूक्लियस एंड दी
- 2:05:23आउटरमोस्ट इलेक्ट्रॉन एंड हेंस लोअर इज़ दी
- 2:05:26आयनाइजेशन एंथैल्पी। तो इन्होंने क्या
- 2:05:29लिखा हुआ है? इसको अगर मैं एक बहुत शॉर्ट
- 2:05:32भाषा में लिखूं। इन्होंने लिखा है कि अगर
- 2:05:35साइज जो है वो बढ़ेगा तो अट्रैक्शन जो है
- 2:05:38वो कम हो जाएगी। न्यूक्लियस और इलेक्ट्रॉन
- 2:05:41के बीच में अट्रैक्शन कम हो जाएगी। जिसकी
- 2:05:44वजह से इलेक्ट्रॉन निकालना आसान हो जाएगा
- 2:05:46और आपको कम एनर्जी देनी पड़ेगी। तो
- 2:05:49आयनाइजेशन एनर्जी कम हो जाएगी। तो निचोड़
- 2:05:52ये कहता है कि जो आयनाइजेशन एनर्जी है ये
- 2:05:56इन्वर्सली प्रपोर्शनल हो गई साइज के। साइज
- 2:06:00अगर बढ़ेगा तो इलेक्ट्रॉन निकालना आसान हो
- 2:06:03जाएगा तो आयनाइजेशन एनर्जी कम हो जाएगी।
- 2:06:07ये निचोड़ है भाई। निचोड़ है। डन है। तो
- 2:06:11साइज के साथ अगर ये इन्वर्सली प्रोपोर्शनल
- 2:06:13है तो अब आप मुझे बता सकते हो कि
- 2:06:15आयनाइज़ेशन एनर्जी के साथ लेफ्ट टू राइट और
- 2:06:18टॉप टू बॉटम क्या होगा? तो अगर मैं लेफ्ट
- 2:06:20टु राइट जाता हूं इन अ पीरियड। लेफ्ट टू
- 2:06:24राइट।
- 2:06:26लेफ्ट टू राइट इन अ पीरियड। एक पीरियड में
- 2:06:30अगर मैं लेफ्ट से राइट जाता हूं। लेफ्ट टू
- 2:06:34राइट इन अ पीरियड अगर मैं जाता हूं। लेफ्ट
- 2:06:38टू राइट इन अ पीरियड अगर मैं जाता हूं तो
- 2:06:40आपको क्या पढ़ाया गया है? आज ही पढ़ाया है
- 2:06:42कि साइज लेफ्ट टू राइट जाने पे छोटा होता
- 2:06:44रहता है। और साइज छोटा होता रहेगा तो क्या
- 2:06:47होगा? तो आयनाइजेशन
- 2:06:50एनर्जी बढ़ती चली जाएगी और होनी भी चाहिए।
- 2:06:52पीरियडिक टेबल में इस तरफ मेटल्स बैठे हुए
- 2:06:55हैं और मेटल्स के लिए पहले ही पढ़ा है
- 2:06:57हमने आयनाइजेशन एनर्जी कम है। क्योंकि
- 2:06:59उनसे इलेक्ट्रॉन निकालना आसान है। इस तरफ
- 2:07:01नॉन मेटल्स बैठे हुए हैं। नोबल गैसेस बैठी
- 2:07:04हुई हैं। उनसे इलेक्ट्रॉन निकालना
- 2:07:05डिफिकल्ट है। उनके लिए आयनाइज़ेशन एनर्जी
- 2:07:08ज़्यादा होनी ही चाहिए। तो लेफ्ट टू राइट
- 2:07:10अगर मैं जाता हूं तो अगर लेफ्ट टू राइट
- 2:07:13जाता हूं तो इसका मतलब है कि भैया लेफ्ट
- 2:07:16टू राइट जाने पे साइज तो कम होगा। साइज कम
- 2:07:19होगा तो आयनाइजेशन एनर्जी बढ़ेगी। साइज कम
- 2:07:23होगा तो आयनाइजेशन एनर्जी बढ़ेगी। लेकिन
- 2:07:25वहीं पे अगर मैं टॉप टू बॉटम आता हूं।
- 2:07:29आपको इसका आंसर पता है। पता है। पता तो
- 2:07:32होना चाहिए। वरना गड़बड़ है। टॉप टू बॉटम
- 2:07:34इन अ ग्रुप। अगर मैं ग्रुप में ऊपर से
- 2:07:37नीचे आता हूं तो अगेन आज ही पढ़ाया है कि
- 2:07:40ऊपर से नीचे आने पे जो साइज है वो बढ़ता
- 2:07:43है क्योंकि नंबर ऑफ शेल्स बढ़ते हैं। अब
- 2:07:46अगर ऊपर से नीचे आने पे साइज बढ़ता है।
- 2:07:49साइज बढ़ता है तो इलेक्ट्रॉन निकालना आसान
- 2:07:52हो जाएगा। ऊपर से नीचे आने पे साइज अगर
- 2:07:56बढ़ता है तो इलेक्ट्रॉन निकालना आसान हो
- 2:07:58जाएगा। जिसकी वजह से आयनाइजेशन एनर्जी कम
- 2:08:02हो जाएगी। तो निचोड़ लेफ्ट टू राइट जाने पर
- 2:08:04बढ़ती है। टॉप से बॉटम आने पे कम होती है।
- 2:08:07आयनाइजेशन
- 2:08:08एनर्जी। डन। अब आयनाइजेशन एनर्जी को
- 2:08:11अफेक्ट करने वाला दूसरा फैक्टर है
- 2:08:13न्यूक्लियर चार्ज। यहां पे आपको
- 2:08:16न्यूक्लियर चार्ज को समझना होगा बहुत
- 2:08:18ध्यान से। बहुत ध्यान से। देखो, अभी हमने
- 2:08:22पीछे क्या किया था? अगर आपने नोटिस किया
- 2:08:24हो। हम मान लेते हैं थोड़ी देर के लिए। मैं
- 2:08:26यहां पे कुछ नंबर्स लिख रहा हूं। फिर मैं
- 2:08:28इसको हटा दूंगा। मान लेते हैं ये
- 2:08:30एलुमिनियम है तो इसके पास 13 ही प्रोटॉन्स
- 2:08:33हैं। आपको पता है और इसके पास 13 ही
- 2:08:35इलेक्ट्रॉन्स हैं। अगर इसने एक इलेक्ट्रॉन
- 2:08:37दे दिया तो इसके पास प्रोटॉन तो 13 ही रहे
- 2:08:41लेकिन इलेक्ट्रॉन इसके पास 12 हो गए। यहां
- 2:08:43पे एक और इलेक्ट्रॉन दे दिया तो प्रोटॉन
- 2:08:45तो 13 रहे लेकिन इलेक्ट्रॉन 11 हो गए।
- 2:08:48प्रोटॉन तो 13 रहे लेकिन इलेक्ट्रॉन 10 हो
- 2:08:51गए। बिकॉज़ आप सिर्फ क्या दे रहे हो?
- 2:08:52इलेक्ट्रॉन दे रहे हो। तो प्रोटॉन तो आपके
- 2:08:55पास उतने ही है। तो क्या रिलेटिवली
- 2:08:57प्रोटॉन्स जो हैं वो बढ़ते चले जा रहे
- 2:08:59हैं? बढ़ते चले जा रहे हैं। हां। हो क्या
- 2:09:02रहा है? आउटरमोस्ट शेल में से इलेक्ट्रॉन
- 2:09:04कम हो रहे हैं। लेकिन न्यूक्लियस में
- 2:09:06प्रोटॉन्स उतने ही हैं जिसकी वजह से
- 2:09:08रिलेटिवली वो बढ़ रहे हैं। यार एक बात
- 2:09:10बताओ इमेजिन करो। अभी देखो वैसे मेरे
- 2:09:12दोनों हाथ की जो लंबाई है वो बराबर है।
- 2:09:15ठीक है? मान लेते हैं कल को जब मैं दूसरा
- 2:09:17वन शॉट रिकॉर्ड कर रहा हूं और मेरा यह
- 2:09:19वाला हाथ बड़ा हो जाता है 2 4 5 सें.मी.
- 2:09:23अब मैं ऐसे रखता हूं तो मुझे नहीं लगता आप
- 2:09:25में से कोई भी मुझे बता पाएगा कि मेरा यह
- 2:09:27वाला हाथ बड़ा हुआ है या यह वाला छोटा हुआ
- 2:09:30है। अंटिल अनलेस अगर आपने मेरे हाथ के
- 2:09:32डायमेंशंस पहले निकाले हो और इससे कोई
- 2:09:34फर्क भी नहीं पड़ता। अगर ये हाथ बड़ा हुआ
- 2:09:36है तो ऐसे तो बोला ही जा सकता है कि यार
- 2:09:38ये वाला हाथ बड़ा हो गया। लेकिन ऐसे भी तो
- 2:09:40बोल सकता हूं ना कि यार ये वाला ये वाला
- 2:09:42हाथ इसके मुकाबले छोटा हो गया है और टू बी
- 2:09:45वेरी ऑनेस्ट मुझे भी नहीं पता होगा कि कोई
- 2:09:47ये वाला हाथ बड़ा हुआ है या ये वाला छोटा
- 2:09:49हुआ है क्योंकि मैंने भी कभी नापा तो नहीं
- 2:09:51है इनको तो एकद सेंटीमीटर में क्या पता
- 2:09:52चलेगा द पॉइंट इज़ द पॉइंट इज़ कि यार अगर
- 2:09:57न्यूक्लियस में प्रोटॉन और इलेक्ट्रॉन
- 2:10:00बराबर थे न्यूक्लियस में प्रोटॉन बराबर थे
- 2:10:02आसपास इलेक्ट्रॉन बराबर थे तो जब
- 2:10:03इलेक्ट्रॉन्स जा रहे हैं तो न्यूक्लियस
- 2:10:06में रिलेटिवली प्रोटॉन्स बढ़ रहे हैं और
- 2:10:09जब न्यूक्लियस में रिलेटिवली प्रोटॉन्स
- 2:10:11बढ़ते हैं तो न्यूक्लियस ताकतवर हो जाता
- 2:10:14है। उसका न्यूक्लियर चार्ज बढ़ने लग जाता
- 2:10:17है। उसका न्यूक्लियर चार्ज बढ़ने लग जाता
- 2:10:20है। उसका न्यूक्लियर चार्ज बढ़ने लग जाता
- 2:10:23है। न्यूक्लियर चार्ज का बढ़ने का मतलब है
- 2:10:26नंबर ऑफ प्रोटॉन्स का रिलेटिवली बढ़ना एज
- 2:10:30कंपेयर टू इलेक्ट्रॉन्स। नंबर ऑफ
- 2:10:32प्रोटॉन्स का रिलेटिवली बढ़ना एज कंपेयर
- 2:10:35टू इलेक्ट्रॉन्स। ये बात आपको ध्यान रखनी
- 2:10:38पड़ेगी कि न्यूक्लियर चार्ज का मतलब क्या
- 2:10:40है? चाहे तो मैं आगे वाले पॉइंट पे जाने
- 2:10:44से पहले यहां लिख देता हूं कि न्यूक्लियर
- 2:10:48चार्ज अगर किसी का बढ़ रहा है तो इसका
- 2:10:50मतलब क्या है? अगर किसी का न्यूक्लियर
- 2:10:52चार्ज बढ़ रहा है तो इसका मतलब है उसमें
- 2:10:54प्रोटॉन्स ज्यादा हो रहे हैं इलेक्ट्रॉन
- 2:10:57से। उसमें प्रोटॉन्स ज्यादा हो रहे हैं
- 2:10:59इलेक्ट्रॉन से। और अगर मैं कह रहा हूं कि
- 2:11:02किसी का न्यूक्लियर चार्ज कम हो रहा है तो
- 2:11:05न्यूक्लियर चार्ज कम हो रहा है मतलब उसके
- 2:11:07प्रोटॉन्स कम हो रहे हैं और इलेक्ट्रॉन
- 2:11:10ज्यादा हो रहे हैं। अब आप सबको पता है
- 2:11:11प्रोटॉन को तो प्रोटॉन का तो आना जाना इट
- 2:11:13इज़ वेरी डिफिकल्ट। तो ऑब्वियस सी बात है
- 2:11:15कौन ही आ जा रहा होगा इलेक्ट्रॉन। तो आप
- 2:11:17ऐसे भी कह सकते हो कि जब कोई इलेक्ट्रॉन
- 2:11:20लूज़ करता है तो न्यूक्लियर चार्ज बढ़ता है।
- 2:11:23और जब कोई इलेक्ट्रॉन गेन करता है तो
- 2:11:26न्यूक्लियर चार्ज कम होता है। तो आप ऐसे
- 2:11:28भी लिख सकते हो। देखो कि न्यूक्लियर चार्ज
- 2:11:30बढ़ता कब है? जब कोई लूज़ करता है लॉस ऑफ
- 2:11:34इलेक्ट्रॉन जहां होता है। और न्यूक्लियर
- 2:11:36चार्ज कम कब होता है? जब कोई गेन
- 2:11:40ऑफ इलेक्ट्रॉन करता है। अगर कोई
- 2:11:42इलेक्ट्रॉन गेन करेगा तो ऑब्वियस सी बात
- 2:11:44है ऐसा हो जाएगा और कोई लूज़ करेगा तो ऐसा
- 2:11:46हो जाएगा। ठीक है? अब न्यूक्लियर चार्ज के
- 2:11:48बढ़ने से न्यूक्लियस ताकतवर हो जाता है।
- 2:11:50जिसकी वजह से साइज में कॉन्ट्रैक्शन आता
- 2:11:53है। साइज में कॉन्ट्रैक्शन आता है। क्या
- 2:11:56लिखा हुआ है? देखो ग्रेटर द न्यूक्लियर
- 2:11:58चार्ज स्ट्रंगर इज द अट्रैक्शन फॉर
- 2:12:00इलेक्ट्रॉन एंड हेंस हायर इज़ द आयनाइजेशन
- 2:12:03एनर्जी। नहीं समझे तो आओ समझो। देखो अगर
- 2:12:06किसी का न्यूक्लियर चार्ज बढ़ रहा है तो
- 2:12:10मैंने बताया उसकी अट्रैक्शन बढ़ रही है।
- 2:12:13अट्रैक्शन बढ़ रही है तो साइज छोटा होगा।
- 2:12:17क्यों? न्यूक्लियस ताकतवर हो रहा है।
- 2:12:19न्यूक्लियर चार्ज बढ़ रहा है तो न्यूक्लियस
- 2:12:22ज्यादा ताकत से इलेक्ट्रॉन को खींचेगा।
- 2:12:24साइज छोटा होगा। साइज छोटा होगा तो
- 2:12:27आयनाइजेशन
- 2:12:28एनर्जी बढ़ जाएगी। आयनाइजेशन एनर्जी बढ़
- 2:12:32जाएगी। और ऐसे ही अगर किसी का न्यूक्लियर
- 2:12:36चार्ज न्यूक्लियर चार्ज कम हो रहा है तो
- 2:12:41इसका मतलब है अट्रैक्शन कम हो रही है तो
- 2:12:43साइज बढ़ेगा। जिसकी वजह से आयनाइजेशन
- 2:12:46एनर्जी कम हो जाएगी। अब आओ पीछे वापस से
- 2:12:49चलते हैं। मैंने यहां पे आपको क्या बताया
- 2:12:51था कि फर्स्ट वाली आयनाइजेशन एनर्जी,
- 2:12:53सेकंड वाली आयनाइजेशन एनर्जी, थर्ड वाली
- 2:12:55आयनाइजेशन एनर्जी में सबसे ज्यादा कौन सी
- 2:12:58वाली है? अब आप समझ गए क्यों? देखो कुछ कह
- 2:13:01रहा हूं तो सोच के कह रहा हूं ना। क्योंकि
- 2:13:03यहां पे न्यूक्लियर चार्ज सबसे ज्यादा है।
- 2:13:06न्यूक्लियर चार्ज बढ़ता कैसे है? जब कोई
- 2:13:08इलेक्ट्रॉन का लॉस होता है तो जैसे-जैसे
- 2:13:10इलेक्ट्रॉन का लॉस होता जा रहा है
- 2:13:12न्यूक्लियर चार्ज जो है वो बढ़े जा रहा है।
- 2:13:15जिसकी वजह से आयनाइज़ेशन एनर्जी बढ़े जा रही
- 2:13:18है। तो क्या यहां पे लिख सकते हैं कि फॉर
- 2:13:21एव्री एटम फॉर एव्री एटम आयनाइज़ेशन एनर्जी
- 2:13:28जनरली जनरली जनरली यहां पे एक एक्सेप्शनल
- 2:13:30केस है पढ़ा रहा हूं। फॉर एव्री एटम जनरली
- 2:13:35फॉर एव्री एटम जनरली आयनाइजेशन एनर्जी
- 2:13:39फर्स्ट आयनाइजेशन एनर्जी सेकंड और
- 2:13:42आयनाइजेशन एनर्जी थर्ड में थर्ड वाली सबसे
- 2:13:46ज्यादा होती है। दिस इज बिकॉज़
- 2:13:49दिस इज बिकॉज़
- 2:13:52ऑफ
- 2:13:54इंक्रीज
- 2:13:56इन
- 2:13:58न्यूक्लियर चार्ज इंक्रीज इन
- 2:14:02न्यूक्लियर चार्ज
- 2:14:05ड्यू टू लॉस ऑफ
- 2:14:08ड्यू टू
- 2:14:10लॉस ऑफ इलेक्ट्रॉन ईच टाइम लॉस ऑफ अरे लॉस
- 2:14:16लॉस ऑफ़ इलेक्ट्रॉन ईच टाइम। हर टाइम पे
- 2:14:21इलेक्ट्रॉन का लॉस हो रहा है। जिसकी वजह
- 2:14:23से न्यूक्लियर चार्ज बढ़ रहा है। तो
- 2:14:24आयनाइज़ेशन एनर्जी भी बढ़ जा रही है। बट
- 2:14:27इसके अंदर एक एक्सेप्शनल केस है। अब वो
- 2:14:30एक्सेप्शनल केस कैसे है? वो आप समझ पाओगे।
- 2:14:33जब हम आपको इलेक्ट्रॉनिक कॉन्फ़िगरेशन
- 2:14:35पढ़ाएंगे। मैंने कहा है आपको भैया सारी
- 2:14:37पढ़ाई रिलेटेड है आपस में और मजेदार भी है।
- 2:14:40चलो आओ। एक्स एक्सेप्शनल केस कैसे? मैंने
- 2:14:43क्या बोला? सबकी फर्स्ट वाली और सेकंड
- 2:14:45वाली में सेकंड वाली ज्यादा है एज़ कंपेयर
- 2:14:48टू फर्स्ट। लेकिन अभी मैं आपको पढ़ाऊंगा जो
- 2:14:50अल्कलाइन अर्थ मेटल है जो अल्कलाइन अर्थ
- 2:14:53मेटल्स हैं। अल्कलाइन अर्थ मेटल में
- 2:14:55फर्स्ट वाली आयनाइज़ेशन एनर्जी ज्यादा होती
- 2:14:58है सेकंड से। और ऐसा ही 15th ग्रुप में भी
- 2:15:02होगा। क्यों होगा? अभी बता रहा हूं। अभी
- 2:15:04बता रहा हूं। अभी बता रहा हूं। अभी बता
- 2:15:05रहा हूं। चलो ऐसा कर लें क्या? पहले वही
- 2:15:06कर लेते हैं। आ जाओ। क्योंकि फ्लो बनेगा।
- 2:15:08आओ पहले ये कर लेते हैं। क्या इलेक्ट्रॉन
- 2:15:11देखो अब न्यूक्लियर चार्ज ने और साइज ने
- 2:15:13तो आयनाइज़ेशन एनर्जी को अफेक्ट किया।
- 2:15:15बिल्कुल ऐसे ही क्या इलेक्ट्रॉनिक
- 2:15:17कॉन्फ़िगरेशन भी अफेक्ट करती है? क्या
- 2:15:19इलेक्ट्रॉनिक कॉन्फ़िगरेशन से भी अफेक्ट
- 2:15:22होता है आयनाइज़ेशन एनर्जी? आंसर है यस।
- 2:15:24क्या लिखा हुआ है? अगर आप अंग्रेजी पढ़ो और
- 2:15:26हमने स्ट्रक्चर ऑफ एटम में पढ़ा हुआ है जो
- 2:15:28हाफ फिल्ड और फुल्ली फिल्ड ऑर्बिटल्स होते
- 2:15:30हैं वो ज्यादा स्टेबल होते हैं। उनको
- 2:15:34डिस्टर्ब करना मुश्किल है। इसीलिए उनसे
- 2:15:36इलेक्ट्रॉन निकालना जो हाफ फिल्ड है या
- 2:15:39फुल्ली फिल्ड है उनसे इलेक्ट्रॉन को
- 2:15:41निकालना थोड़ा डिफिकल्ट होता है। जिसकी वजह
- 2:15:44से हाफ फील्ड और फुल्ली फील्ड में
- 2:15:46आयनाइज़ेशन एनर्जी बढ़ जाती है। और यह कॉमन
- 2:15:48सेंस की बात है कि हाफ फील्ड और फुल्ली
- 2:15:50फील्ड में अगर आपस में कंपैरिजन करेंगे तो
- 2:15:52फुल्ली फील्ड में ज्यादा बढ़ेगी बिकॉज़ वह
- 2:15:55हाफ फील्ड से भी ज्यादा स्टेबल होता है।
- 2:15:57तो जिसने स्ट्रक्चर ऑफ़ एटम का वन शॉट देखा
- 2:15:59है उसको पता है हाफ फिल्ड ऑर्बिटल्स और
- 2:16:01फुल्ली फील्ड ऑर्बिटल्स इनकंप्लीट से
- 2:16:03स्टेबल होते हैं। तो हाफ फील्ड फुली फील्ड
- 2:16:05की इनकंप्लीट से आयनाइज़ेशन एनर्जी ज्यादा
- 2:16:07होगी। क्योंकि उनसे इलेक्ट्रॉन निकालना
- 2:16:09मुश्किल है। लेकिन अगर हाफ फिल्ड और
- 2:16:10फुल्ली फील्ड को कंपेयर करें तो फुल्ली
- 2:16:12फील्ड की ऑब्वियस सी बात है ज्यादा होगी।
- 2:16:14तो एटम्स जिनकी स्टेबल इलेक्ट्रॉनिक
- 2:16:16कॉन्फ़िगरेशन है जैसे कि फुली फिल्ड या फिर
- 2:16:18हाफ फिल्ड। इनकी हायर आयनाइजेशन एनर्जी
- 2:16:21होती है। क्योंकि ये एक्स्ट्रा स्टेबल
- 2:16:23होते हैं। लेकिन इससे हमारा वो वाला आंसर
- 2:16:26कैसे बदलेगा? भाई साहब मैंने क्या कहा था
- 2:16:28आपको? मैं बीच-बीच में आपको क्वेश्चंस भी
- 2:16:30कराऊंगा। देखो ये चैप्टर थ्योरी बेस्ड है।
- 2:16:34तो साथ-साथ बीच-बीच में क्वेश्चंस होते
- 2:16:36चले जाएंगे। जैसे अभी हमने देखा जाए तो
- 2:16:38इनडायरेक्टली बहुत सारे क्वेश्चन पढ़ लिए
- 2:16:40हैं कि लेफ्ट टू राइट जाने पे साइज कम
- 2:16:43क्यों होता है? लेफ्ट टू राइट जाने पे
- 2:16:45आयनाइजेशन एनर्जी क्यों बढ़ती है? टॉप टू
- 2:16:47बॉटम आने पे आयनाइजेशन एनर्जी क्यों कम हो
- 2:16:50रही है? फर्स्ट आयनाइजेशन एनर्जी से सेकंड
- 2:16:53वाली हमेशा ज्यादा क्यों होती है? तो ये
- 2:16:56देखा जाए तो इनडायरेक्ट सवाल हम लोग
- 2:16:58साथ-साथ करे ही जा रहे हैं। ठीक है ना? वो
- 2:17:00तो हम कर ही रहे हैं। बाकी रिटन फॉर्म में
- 2:17:02भी ले आऊंगा। ज्यादा कुछ नहीं बदलेगा। अभी
- 2:17:04लास्ट में करा दूंगा। रिटन फॉर्म में भी
- 2:17:06करा दूंगा। ज्यादा कुछ नहीं बताइएगा। जैसे
- 2:17:08एक सवाल देखो बहुत ज्यादा छाया रहता है कि
- 2:17:11व्हाई फर्स्ट आयनाइजेशन एनर्जी ऑफ़
- 2:17:14अल्कलाइन अर्थ मेटल इज़ ग्रेटर दैन सेकंड?
- 2:17:17सबकी सेकंड वाली ज्यादा होती है। फर्स्ट
- 2:17:19से इसमें फर्स्ट वाली ज्यादा कैसे है? तो
- 2:17:22फॉर
- 2:17:26अल्कलाइन या अल्कली अर्थ मेटल्स
- 2:17:34फर्स्ट आयनाइजेशन एंथैल्पी इज़ ग्रेटर देन
- 2:17:39सेकंड। अब ऐसा क्यों भाई? ये तो ब्लंडर कर
- 2:17:43दिया आपने। आपने तो हमारी सारी पढ़ाई ही
- 2:17:46बदल दी। अभी आप कह रहे थे कि सेकंड वाली
- 2:17:49ज्यादा होती है फर्स्ट से। लेकिन अल्कलाइन
- 2:17:52अर्थ मेटल्स और 15th ग्रुप के लिए भी ऐसा
- 2:17:55ही होता है। दोनों के लिए आंसर सेम है। आओ
- 2:17:57पहले इसके लिए समझ लेते हैं। अब शायद आपको
- 2:17:59याद हो कि ऐसा इसलिए है क्योंकि फॉर
- 2:18:07अल्कलाइन अर्थ मेटल्स
- 2:18:10फॉर अल्कलाइन अर्थ मेटल्स
- 2:18:14फर्स्ट इलेक्ट्रॉन
- 2:18:17इज़
- 2:18:20रिमूव्ड फ्रॉम
- 2:18:23फ्रॉम
- 2:18:25NS2
- 2:18:28कॉन्फ कॉन्फ़िगरेशन ये समझो भाई
- 2:18:30कॉन्फ़िगरेशन
- 2:18:33वि
- 2:18:36इज़
- 2:18:37मोर
- 2:18:40स्टेबल
- 2:18:42अब यहां पे कह रहे हैं कि जो कोई भी एक
- 2:18:45अल्कली मेटल एग्जांपल में लेते हैं तभी
- 2:18:47समझ पाओगे आप। कोई भी एक अल्कली मेटल
- 2:18:49लेट्स से मैग्नीशियम
- 2:18:51मैग्नीशियम अल्कल कोई भी अल्कलाइन अर्थ
- 2:18:54मेटल सॉरी नॉट अल्कली मेटल कोई भी
- 2:18:57अल्कलाइन अर्थ मेटल लेते हैं। अल्कली मेटल
- 2:18:59के लिए नहीं है ये अल्कलाइन अर्थ मेटल के
- 2:19:01लिए। फॉर एग्जांपल मैग्नीशियम मैग्नीशियम
- 2:19:03के पास 12 इलेक्ट्रॉन हैं। तो इसकी
- 2:19:04कॉन्फ़िगरेशन शायद आपको पता है 1s2, 2s2,
- 2:19:072p6, 3s2 होती है। मैं लास्ट की बना रहा
- 2:19:10हूं बस 3s2। अब क्या 3s2 एक फुल्ली फिल्ड
- 2:19:13कॉन्फ़िगरेशन है?
- 2:19:15क्या 3s2 एक फुल्ली फिल्ड कॉन्फ़िगरेशन है?
- 2:19:18यस। अब अगर मैं इससे एक इलेक्ट्रॉन
- 2:19:21निकालता हूं और इसको mg+ बनाता हूं। mg+
- 2:19:24बनाता हूं तो क्या ये 3s1 हो जाएगा? जो कि
- 2:19:28फुल्ली फिल्ड नहीं है। हां, ठीक है। हाफ
- 2:19:30फिल्ड है। ये भी काफी स्टेबल है। बट अभी
- 2:19:32तो इन दोनों को कंपेयर कर रहे हैं ना। तो
- 2:19:34क्या यानी कि जो पहला इलेक्ट्रॉन आपने
- 2:19:37निकाला होगा अगर उसमें आयनाइज़ेशन एनर्जी
- 2:19:40फर्स्ट लगी होगी। अब आप दूसरा इलेक्ट्रॉन
- 2:19:43अगर निकालना चाहते हो mg+ में से mg+ में
- 2:19:47से तो अब आप ये कहोगे कि सर न्यूक्लियर
- 2:19:49चार्ज भी तो बढ़ रहा होगा जो कि आपने पीछे
- 2:19:51बताया था कि न्यूक्लियर चार्ज बढ़ रहा
- 2:19:52होगा बढ़ रहा होगा न्यूक्लियर चार्ज बढ़
- 2:19:54रहा होगा लेकिन यहां पे बड़ा फैक्टर जो
- 2:19:56हावी हो गया है वो इलेक्ट्रॉनिक
- 2:19:58कॉन्फ़िगरेशन है। दोनों फैक्टर ने
- 2:20:00अपना-अपना काम दिखाया होगा बट जब हम
- 2:20:01कैलकुलेट करा हमने तो ओवरऑल इसका इफेक्ट
- 2:20:04ज्यादा ऑब्वियस सी बात है न्यूक्लियर
- 2:20:06चार्ज भी बढ़ रहा होगा लेकिन ये फुल्ली
- 2:20:08फिल्ड कॉन्फिगरेशन है। अब आपने जब अगला
- 2:20:10इलेक्ट्रॉन निकाला होगा तो किससे निकाला
- 2:20:12होगा? 3s1 से निकाला होगा और इसको 3s0
- 2:20:15किया होगा जो कि हाफ फील्ड है। और इसमें
- 2:20:18जो आपकी आयनाइज़ेशन एनर्जी लगी होगी वो
- 2:20:20सेकंड लगी होगी। और सेकंड वाली कम होगी
- 2:20:22बिकॉज़ सेकंड इलेक्ट्रॉन आपको 3s1 से
- 2:20:25निकालना है। है ना? तो इस केस में सेकंड
- 2:20:27वाले के मुकाबले फर्स्ट वाली आयनाइज़ेशन
- 2:20:30एनर्जी ज्यादा हो जाती है। ये बात ध्यान
- 2:20:33रखना। सिमिलरली 15th ग्रुप। सिमिलरली 15th
- 2:20:38ग्रुप एग्जैक्टली सेम 15th ग्रुप में भी
- 2:20:41होता है। कैसे होता है? 15th ग्रुप की
- 2:20:43इलेक्ट्रॉनिक कॉन्फ़िगरेशन क्या होती है?
- 2:20:45जा के देख लेना। इसकी कॉन्फ़िगरेशन होती है
- 2:20:47np3। नाइट्रोजन है तो 2p3 फास्फोरस है तो
- 2:20:513p3। अब P3 का मतलब क्या है भैया? P3 का
- 2:20:55मतलब क्या है? P3 का मतलब है हाफ फील्ड
- 2:20:57है। इसमें से आपको इलेक्ट्रॉन निकालना है
- 2:20:59हाफ फील्ड में से। तो पहला इलेक्ट्रॉन
- 2:21:02निकालना होगा वो हाफ फील्ड में से निकालना
- 2:21:03होगा। अगला वाला इनकंप्लीट से। तो हाफ
- 2:21:05फील्ड वाला ज्यादा स्टेबल होता है
- 2:21:07इनकंप्लीट से जिसकी वजह से आयनाइजेशन
- 2:21:09एनर्जी बढ़ जाएगी। ऐसे ही नोबल गैसेस के
- 2:21:12है नोबल गैसेस के सबको पता है कि फर्स्ट
- 2:21:14वाली आयन उनके साथ तो इलेक्ट्रॉन निकालना
- 2:21:16ही बड़ा मुश्किल है ना तो उनके लिए तो खैर
- 2:21:18हम ये पढ़ाई कर भी नहीं रहे हैं। ठीक है
- 2:21:19ना? तो ये इलेक्ट्रॉनिक कॉन्फ़िगरेशन भी
- 2:21:22कैसे अफेक्ट करती है आयनाइजेशन एनर्जी को?
- 2:21:25ये भी अपने आप में एक बड़ा प्यारा टॉपिक
- 2:21:27है। चलो। अब दो फैक्टर्स और बचते हैं
- 2:21:30हमारे पास जो कि अफेक्ट करते हैं
- 2:21:32आयनाइजेशन एनर्जी को। एक है शील्डिंग
- 2:21:35इफेक्ट और एक है पेनिट्रेशन इफेक्ट। दोनों
- 2:21:38एक दूसरे से ऑोजिट है। शील्डिंग इफेक्ट का
- 2:21:42मतलब पहले आप समझे। शील्डिंग इफेक्ट का
- 2:21:44मतलब क्या होता है? ये अगर हमारे पास
- 2:21:46न्यूक्लियस है। न्यूक्लियस है। न्यूक्लियस
- 2:21:49है। और ये हमारे पास पहला शेल है। ये
- 2:21:52हमारे पास दूसरा शेल है। ये हमारे पास
- 2:21:55तीसरा शेल है। ये हमारे पास चौथा शेल है।
- 2:21:57और ये हमारे पास पांचवा शेल है। आप सबको
- 2:22:00पता है अपना स्ट्रक्चर ऑफ़ एटम पढ़ा हुआ है।
- 2:22:02अब यहां पे मान लेते हैं एक इलेक्ट्रॉन
- 2:22:04बैठा हुआ है। ये इलेक्ट्रॉन चाहता है कि
- 2:22:06मैं न्यूक्लियस के अंदर घुस जाऊं। यस और
- 2:22:08नो। ये इलेक्ट्रॉन चाहता है कि मैं
- 2:22:10न्यूक्लियस के अंदर घुस जाऊं। लेकिन आप
- 2:22:12सबको पता है इसके पीछे बैठे होंगे। अ ये
- 2:22:15फोर्थ शेल है तो 4s बैठा होगा। 4p बैठा
- 2:22:18होगा। 4d बैठा होगा। 4f बैठा होगा। ऐसे ही
- 2:22:22इधर भी बैठे होंगे। 3s बैठा होगा। 3p बैठा
- 2:22:25होगा। 3d बैठा होगा। ऐसे ही 2s बैठा होगा।
- 2:22:282p बैठा होगा। ऐसे ही 1s बैठा होगा। अब ये
- 2:22:31सारे के सारे मिलके इस इलेक्ट्रॉन को धकेल
- 2:22:35रहे हैं कि वो न्यूक्लियस में ना जाए।
- 2:22:37क्यों? क्योंकि इन सब पे चार्ज नेगेटिव है
- 2:22:39और इलेक्ट्रॉन पे भी चार्ज नेगेटिव होता
- 2:22:41है। तो ये सारे मिलके धकेल रहे हैं। ये
- 2:22:44सारे मिलके हमें पागल ये सारे मिलके ये
- 2:22:48इसको
- 2:22:50मुझे एक आंटी जी की कमी ये सारे मिलके
- 2:22:52इनको धकेल रहे हैं। सारे मिलके धकेल रहे
- 2:22:54हैं। अब क्या ऐसा कह सकते हैं कि ये राजा
- 2:22:58है। ये भाई साहब मान लो कोई दुश्मन है। तो
- 2:23:00ये जो पिंक पिंक आप देख रहे हो ये शील्ड
- 2:23:02है। यह एक्चुअली में ये सारे इलेक्ट्रॉन्स
- 2:23:05इस इलेक्ट्रॉन को यहां जाने से रोक रहे
- 2:23:07हैं जो कि शील्डिंग कर रहे हैं। अब आप
- 2:23:09कहोगे सर यह भी तो इनको धकेल रहे होंगे।
- 2:23:11हां बेटा लेकिन अभी वैलेंस इलेक्ट्रॉन की
- 2:23:13बात हो रही है क्योंकि अभी हम आयनाइज़ेशन
- 2:23:15एनर्जी की बात करने जा रहे हैं। मोस्ट
- 2:23:17लूजली बाउंडेड इलेक्ट्रॉन की बात करने जा
- 2:23:19रहे हैं। तो ये वाले इलेक्ट्रॉन इसको धकेल
- 2:23:21रहे होंगे, शील्ड कर रहे होंगे। जब इनर
- 2:23:24शेल के इलेक्ट्रॉन्स रिपेल करते हैं
- 2:23:26वैलेंस शेल के इलेक्ट्रॉन्स को जिससे कि
- 2:23:29उनका एक तो न्यूक्लियस से अट्रैक्शन कम हो
- 2:23:31जाता है और अगर शील्डिंग ज्यादा हुई अगर
- 2:23:35शील्डिंग ज्यादा हुई तो भैया न्यूक्लियस
- 2:23:38से इसका अट्रैक्शन और कम होगा और इसको
- 2:23:41निकालना आसान होगा। इसको निकालना आसान
- 2:23:44होगा। अगर शील्डिंग ज्यादा हुई अगर ये लोग
- 2:23:46बेहतर तरीके से शील्ड कर रहे होंगे तो ये
- 2:23:49वाला इलेक्ट्रॉन इससे और दूर जाएगा। इससे
- 2:23:52इनका अट्रैक्शन और कम होगा और इसको
- 2:23:54निकालना आसान हो जाएगा। निकालना आसान हो
- 2:23:58जाएगा। आसान हो जाएगा। आयनाइजेशन एनर्जी
- 2:24:01कम हो जाएगी।
- 2:24:03और अगर ये लोग अच्छे से शील्डिंग नहीं कर
- 2:24:05रहे हैं। अगर ये लोग अच्छे से शील्डिंग
- 2:24:07नहीं कर रहे हैं। मान लो इनका शील्डिंग
- 2:24:09इफेक्ट अच्छा नहीं है। फिर क्या होगा? फिर
- 2:24:11ये जो इलेक्ट्रॉन है वो न्यूक्लियस के
- 2:24:12करीब आएगा। अगर ये न्यूक्लियस के करीब आए
- 2:24:15या इसका अट्रैक्शन बढ़ गया तो इसको निकालना
- 2:24:17मुश्किल हो जाएगा। मुश्किल हो जाएगा।
- 2:24:19मुश्किल हो जाएगा मतलब क्या होता है?
- 2:24:21मुश्किल हो जाएगा मतलब है ज्यादा एनर्जी
- 2:24:23लगेगी। तो यानी कि शील्डिंग इफेक्ट कहीं
- 2:24:27ना कहीं कनेक्टेड है आयनाइजेशन एनर्जी से।
- 2:24:30तो क्या यह कहना सही होगा अगर मैं यहां पे
- 2:24:33लिख दूं कि
- 2:24:35कि भाई अगर
- 2:24:37शील्डिंग
- 2:24:39इफेक्ट
- 2:24:41अगर शील्डिंग इफेक्ट ज्यादा हो रहा है। सर
- 2:24:45ज्यादा कैसे होता है शील्डिंग इफेक्ट? कम
- 2:24:47कैसे होता है? पांच मिनट तो बता रहा हूं।
- 2:24:49लेकिन अगर शील्डिंग इफेक्ट ज्यादा हो रहा
- 2:24:52है तो भैया यह तो पक्का है कि अट्रैक्शन
- 2:24:55कम होगी। न्यूक्लियस से अट्रैक्शन कम
- 2:24:57होगी। अट्रैक्शन कम होगी तो इलेक्ट्रॉन
- 2:25:00निकालना आसान हो जाएगा। इलेक्ट्रॉन
- 2:25:02निकालना आसान हो जाएगा तो आयनाइजेशन
- 2:25:05एनर्जी कम हो जाएगी। और बिल्कुल ऐसे ही
- 2:25:07अगर मैं बोलूं कि शील्डिंग इफेक्ट अगर मैं
- 2:25:10बोलूं कि शील्डिंग इफेक्ट अगर मैं एक
- 2:25:13सेकंड यार कोई आया है शायद बाहर। अगर मैं
- 2:25:16बोलूं कि शील्ड अरे मेरी क्लास चल रही है।
- 2:25:18कह रहा है साफ कर दूं।
- 2:25:19अरे यार देख रहे हो हमारे टीम में लोग
- 2:25:21कितने डेडिकेटेड हैं। मेरे अंदर वन शॉट चल
- 2:25:24रहा है। कह रहे बोर्ड साफ कर दो। चलो आओ।
- 2:25:27अगर शील्डिंग इफेक्ट ज्यादा हुआ। अगर
- 2:25:29शील्डिंग इफेक्ट ज्यादा हुआ तो भैया
- 2:25:31धकेलना ज्यादा होगा। इलेक्ट्रॉन का
- 2:25:33न्यूक्लियस से अट्रैक्शन कम हो जाएगा और
- 2:25:35इलेक्ट्रॉन निकालना आसान हो जाएगा।
- 2:25:37आयनाइज़ेशन एनर्जी कम हो जाएगी। और बिल्कुल
- 2:25:40ऐसे ही
- 2:25:42अगर शील्डिंग इफेक्ट बिल्कुल ऐसे ही अगर
- 2:25:45शील्डिंग इफेक्ट कम हुआ तो भैया उल्टा हो
- 2:25:48जाएगा हिसाब किताब आयनाइजेशन ज्यादा हो
- 2:25:50जाएगी। लेकिन शील्डिंग इफेक्ट ये कम और
- 2:25:53शील्डिंग इफेक्ट ये ज्यादा कैसे होता है?
- 2:25:55शील्डिंग इफेक्ट कम और ये शील्डिंग इफेक्ट
- 2:25:57ज्यादा कैसे होता है? आओ जरा इसको समझते
- 2:25:59हैं। आओ जरा इसको समझते हैं। सुनो।
- 2:26:02देखो
- 2:26:04अभी मैंने क्या बोला था? अंदर बैठा हुआ है
- 2:26:06s p d f और ये बैठा हुआ है इलेक्ट्रॉन ये
- 2:26:10सब मिलके इसको धकेल रहे हैं ना अंदर के सब
- 2:26:13तो इनमें सबसे अच्छा कौन धकेलेगा आप बताओ
- 2:26:16इनमें सबसे अच्छा कौन धकेलेगा याद रखना है
- 2:26:18याद रखना है s के पास दो इलेक्ट्रॉन होते
- 2:26:21हैं स्ट्रक्चर ऑफ एटम p में छह होते हैं
- 2:26:23डी में 10 होते हैं f में 14 होते हैं 14
- 2:26:25इलेक्ट्रॉन तो कौन ज्यादा धकेलेगा ये भाई
- 2:26:29साहब इतिहास गवाह है 16 17 साल हो गए
- 2:26:31पढ़ाते हुए जब भी ये सवाल क्लास में पूछता
- 2:26:34हूं उन बच्चों से जो ये टॉपिक पहली बार
- 2:26:36पढ़ रहे हैं। सबका आंसर होता है कि सर एफ
- 2:26:39ज्यादा धकेलेगा और शायद एक होशियार बच्चा
- 2:26:43जो ये टॉपिक पहली बार पढ़ रहा है वो यही
- 2:26:45बोलेगा बट आंसर गलत है। सबको लगता है कि f
- 2:26:49के पास 14 इलेक्ट्रॉन है जिसकी वजह से वो
- 2:26:52ज्यादा धकेल पाएगा। आप सही सोच रहे हो बट
- 2:26:55आपको ये नहीं पता है कि f के जो 14
- 2:26:58इलेक्ट्रॉन्स होते हैं वो बहुत ज्यादा
- 2:27:01दूर-दूर बैठे होते हैं। ये नहीं पता है
- 2:27:03आपको। लेकिन वहीं पे s के जो दो
- 2:27:06इलेक्ट्रॉन होते हैं भले ही दो होते हैं
- 2:27:07लेकिन बहुत कम जगह पे होते हैं। अगर आप
- 2:27:09मुझे बात बताओ अगर मैं यहां पे एक तकिया
- 2:27:13नहीं पड़ा है। अगर यहां पे कोई तकिया पड़ा
- 2:27:14और पूरी ताकत से तकिया आपके सर पे मारूं
- 2:27:17तो क्या होगा? हंस थोड़ा सा हिल जाओगे।
- 2:27:19थोड़ा बाल-वाल खराब हो जाएंगे आपके। दैट्स
- 2:27:21इट। लेकिन अगर मैं उसकी आधी से आधी ताकत
- 2:27:24से भी यह स्टाइलस आपके घुसेड़ दूं तो बहुत
- 2:27:26दर्द होगा आपको। समझ रहे हो आप? यानी कि
- 2:27:29ज्यादा ताकत लगाने से ज्यादा नुकसान होगा।
- 2:27:32जरूरी नहीं है ना। आपको पता है प्रेशर
- 2:27:34कैसे काम करता है। एरिया कम तो प्रेशर
- 2:27:36ज्यादा। इसी प्रकार से ज्यादा अच्छे से
- 2:27:40शील्ड कौन कर पाता है? जिसके पास कम से कम
- 2:27:43जगह पे ज्यादा से ज्यादा इलेक्ट्रॉन्स
- 2:27:45होते हैं। मैं आपको एक हल्की सी कहानी
- 2:27:47सुनाता हूं। एक हिंट देता हूं। इसको इन अ
- 2:27:49गुड वे लीजिएगा। प्लीज इन अ गुड वे
- 2:27:51लीजिएगा। मैं वैसे तो ऑफलाइन में किसी का
- 2:27:53एग्जांपल लेता हूं। बट अभी मैं खुद पे ले
- 2:27:55लेता हूं। कहीं आप वीडियो काट के इसको
- 2:27:57वायरल कर दो क्योंकि लोग फिर समझते नहीं
- 2:27:59है कि हम पढ़ा रहे थे कोई टॉपिक। को इसमें
- 2:28:01समझाया था। ये खैर इमेजिन करते हैं कि मैं
- 2:28:04एक शॉपिंग मॉल में जाता हूं और एक शॉपिंग
- 2:28:06मॉल में अ मुझे कोई छेड़ देता है। ठीक है?
- 2:28:11तो मैं उसको कहता हूं कि मुझे मत छेड़ो।
- 2:28:13तो वो कहता है क्यों नहीं छेड़ो? तो मैं
- 2:28:15कहता हूं कि मुझे इसलिए मत छेड़ो कि मेरे
- 2:28:1814 भाई हैं। मेरे 14 भाई हैं। मुझे मत
- 2:28:20छेड़ो। मेरे 14 भाई हैं। तो वो एक पल के
- 2:28:23तो डर जाता है कि इसके 14 भाई हैं। ये तो
- 2:28:25मुझे पेल-पल के मारेंगे। तो वो पूछता है
- 2:28:28कहां है तुम्हारे 14 भाई? तो मैं बदले में
- 2:28:30कहता हूं कि एक भाई मेरा अमेरिका में बैठा
- 2:28:32है। एक भाई मेरा कनाडा में बैठा है। एक
- 2:28:35भाई मेरा ऑस्ट्रेलिया में बैठा है। एक भाई
- 2:28:37मेरा ऊपर कहीं किसी जगह बैठा है। एक भाई
- 2:28:39मेरा कहां बैठा है? अलग-अलग देशों में
- 2:28:41मेरे 14 भाई बैठे हुए हैं। क्या उसको डर
- 2:28:43लगेगा आप मुझे बताओ। नहीं छेड़ने का
- 2:28:45प्रोसेस कितनी देर का है? 30 सेकंड का है।
- 2:28:48इतनी देर में तो कोई किसी का वीजा भी नहीं
- 2:28:50लगेगा यहां का। तो कहने का मतलब सिर्फ
- 2:28:52समझो वीजा क्यों चाहिए होगा? वो तो यहां
- 2:28:54के छोड़ो। कहने का मतलब है कि वो नहीं
- 2:28:56डरेगा यार। वहीं पे अगर वो मुझे छेड़े और
- 2:29:00मैं बोलूं मेरे सिर्फ दो भाई हैं। वो
- 2:29:01कहेगा बस दो और मेरे दो भाई मेरे पीछे से
- 2:29:04ऐसे निकल के आए। सलाम रॉकी भाई ऐसे निकल
- 2:29:07के आए तो क्या वो डर जाएगा? यस वो डर
- 2:29:11जाएगा। वो कहेगा यार उसके दो भाई तो साथ
- 2:29:12ही खड़े हैं। तो मेरे दो भाई देखो भाई
- 2:29:15ज्यादा भाई होने से क्या है जब काम ही ना
- 2:29:17आए। ओ हो गहरी बात पापा को समझाया। कहने
- 2:29:20का मतलब है बेटा इससे कोई फर्क नहीं पड़ता
- 2:29:23कि आपके 14 भाई हैं अगर वह हैं इतने
- 2:29:25दूर-दूर तो शील्ड नहीं कर पाएंगे। लेकिन
- 2:29:27वहीं पे
- 2:29:28अगर दो भाई भी हैं और बहुत करीब हैं तो वो
- 2:29:30बेहतर शील्डिंग कर पाएंगे। अब देखो यही
- 2:29:32फर्क होता है यार पेड बैच के अंदर ये जो
- 2:29:35टॉपिक है शील्डिंग इफेक्ट का अगर वो पेड
- 2:29:37बैच का बच्चा होगा तो बताएगा। सिर्फ
- 2:29:39शील्डिंग इफेक्ट चला था आधा घंटा। सिर्फ
- 2:29:41शील्डिंग इफेक्ट। क्योंकि हम बहुत सारे
- 2:29:43एग्जांपल्स, बहुत सारी कहानियां, किस्से
- 2:29:46बहुत सा अभी मुझे लगता है कि इतना बहुत
- 2:29:49होगा समझाना कि शील्डिंग इफेक्ट ज्यादा है
- 2:29:51तो आयनाइजेशन एनर्जी कम होगी। और शील्डिंग
- 2:29:54इफेक्ट का ऑर्डर क्या होता है?
- 2:29:57ऑर्डर ऑफ शील्डिंग सबसे बेहतर शील्डिंग
- 2:30:00कौन करता? आप चाहो तो कहीं पे लिख सकते
- 2:30:02हो। मैं इसका रीज़न भी बता दूंगा आपको। कि
- 2:30:05ऑर्डर ऑफ शील्डिंग में सबसे अच्छा एस
- 2:30:07शील्ड करता है। फिर पी करता है। फिर डी
- 2:30:10करता है। फिर एफ करता है। एफ के पास भले
- 2:30:12ही 14 इलेक्ट्रॉन हैं लेकिन वो सबसे घटिया
- 2:30:15शील्डर माना जाता है। क्योंकि उसके 14
- 2:30:17इलेक्ट्रॉन बहुत दूर-दूर बैठे हुए हैं। आप
- 2:30:19चाहो तो कहीं पे लिख सकते हो। एफ एंड डी
- 2:30:22मैं आपको बता दूं कि हम d और एफ वालों को
- 2:30:24बैड शील्डर बोलते हैं। इन दोनों को हम बैड
- 2:30:27शील्डर्स कहते हैं। बिकॉज़ यह उतना अच्छा
- 2:30:29शील्डिंग नहीं करते। और वहीं पर इन दोनों
- 2:30:32को हम गुड शील्डर्स भी कहते हैं।
- 2:30:34क्योंकि अच्छा खासा शील्डिंग करते हैं।
- 2:30:36ऑब्वियस सी बात है इनमें सबसे अच्छा s
- 2:30:38करता है। आप चाहो तो कहीं पर लिख सकते हो
- 2:30:40कि ऑलदो s कंटेन ओनली टू इलेक्ट्रॉन्स बट
- 2:30:44इलेक्ट्रॉन्स आर प्रेजेंट बट इलेक्ट्रॉन्स
- 2:30:47आर प्रेजेंट इन अ वेरी लेस इन अ वेरी लेस
- 2:30:51सरफेस। इतना बहुत होगा। वहीं पे उसके लिए
- 2:30:54फ्लोरीन फ्लोरीन कह रहा f के लिए उल्टा
- 2:30:58लिख सकते हो कि एफ सबशेल कंटेन 14
- 2:31:00इलेक्ट्रॉन्स ऑलदो ऑलदो प्रेजेंट ऑन अ
- 2:31:04वेरी लार्ज सरफेस जिसकी वजह से न्यूक्लियर
- 2:31:06डेंसिटी कम हो जाती है। डन। अब ये तो हुआ
- 2:31:08शील्डिंग इफ़ेक्ट। यानी अंदर के
- 2:31:10इलेक्ट्रॉन्स बाहर के इलेक्ट्रॉन्स को
- 2:31:11धकेलते कैसे हैं? लेकिन इसका बिल्कुल
- 2:31:14उल्टा है पेनिट्रेशन इफ़ेक्ट। अब
- 2:31:16पेनिट्रेशन का मतलब क्या है? पेनिट्रेशन
- 2:31:19का मतलब उल्टा है। अब क्या है? कि हमारे
- 2:31:22पास एक न्यूक्लियस है और ये हमारे पास चार
- 2:31:25शेल्स चार शेल्स हैं। ये s इसका ऑर्बिटल
- 2:31:28ये p ये d और ये f अब हम इनकी बात कर रहे
- 2:31:31हैं। अगर मान लेते हैं कि लास्ट शेल में
- 2:31:34sp df सब हैं। अभी तो हम क्या कह रहे थे?
- 2:31:37अंदर के इलेक्ट्रॉन्स बाहर को धकेल रहे
- 2:31:38थे। अब हम कह रहे हैं कि ये जो s वाला है
- 2:31:41ये न्यूक्लियस से कुछ प्यार करता होगा। ये
- 2:31:43p वाला न्यूक्लियस से प्यार करता होगा। ये
- 2:31:46d वाला न्यूक्लियस से प्यार करता होगा। ये
- 2:31:48f वाला भी न्यूक्लियस से प्यार करता होगा।
- 2:31:50क्यों करता होगा? क्योंकि f के पास भी
- 2:31:51इलेक्ट्रॉन है। इसके पास भी इलेक्ट्रॉन
- 2:31:53है। इसके पास भी इलेक्ट्रॉन है। इसके पास
- 2:31:54भी इलेक्ट्रॉन है। सबसे ज्यादा प्यार कौन
- 2:31:56करता होगा? बोलो बोलो। टेल टेल सबसे
- 2:31:58ज्यादा प्यार कौन करता होगा? आपको अगर लग
- 2:32:01रहा है f तो फिर आप अब गलत हो आप। अब आप
- 2:32:04डिर्व नहीं करते। अब आपको चांटा पड़ना
- 2:32:06चाहिए क्योंकि अब आपको बता दिया है मैंने
- 2:32:08कि एफ के पास भले ही 14 इलेक्ट्रॉन लेकिन
- 2:32:10वो बहुत दूर-दूर बैठे हैं। 14 भाई दूर
- 2:32:12बैठे हैं। काम के वक्त काम नहीं आए क्या
- 2:32:14प्यार नहीं। लेकिन s के पास भले ही दो
- 2:32:16इलेक्ट्रॉन हैं। बहुत पासपास बैठे हैं।
- 2:32:19छोटा घर के छोटे बच्चे से हमेशा ज्यादा
- 2:32:21प्यार रहता है। लेकिन छोटा गहरी बात बोल
- 2:32:23दी रोना मत अगर आप बड़े हो घर के तो।
- 2:32:25लेकिन s के पास भले ही दो इलेक्ट्रॉन हैं
- 2:32:28लेकिन वो बहुत कम जगह पे बैठे हैं ना। तो
- 2:32:30न्यूक्लियस s से सबसे ज्यादा प्यार करता
- 2:32:32है। प्यार का मतलब है पेनिट्रेशन। अपने
- 2:32:34पास बुलाना। जब अंदर के इलेक्ट्रॉन बाहर
- 2:32:37को धकेल रहे थे। उसको शील्डिंग इफेक्ट
- 2:32:39बोला था। लेकिन जब लास्ट शेल के
- 2:32:40इलेक्ट्रॉन्स न्यूक्लियस के तरफ आता आना
- 2:32:43चाहते हैं। इसको पेनिट्रेशन कहते हैं।
- 2:32:44अंदर के इलेक्ट्रॉन धकेल रहे होंगे। अब हम
- 2:32:46बाहर के इलेक्ट्रॉन के लिए बात कर रहे
- 2:32:48हैं। तो सबसे ज्यादा प्यार कौन करता है?
- 2:32:49एस। अगेन रीज़न सेम है। तो सबसे बेहतर
- 2:32:52पेनिट्रेशन यहां पहले से ही लिखा हुआ है।
- 2:32:54s का है। सबसे बेहतर पेनिट्रेशन s का है।
- 2:32:57सबसे घटिया f का है। अब बताओ अगर
- 2:32:59न्यूक्लियस सबसे ज्यादा प्यार s से करता
- 2:33:01होगा तो किससे इलेक्ट्रॉन निकालना सबसे
- 2:33:04मुश्किल होगा? अगर चारों में इलेक्ट्रॉन
- 2:33:06बैठे हैं तो। अगर इलेक्ट्रॉन S में भी है,
- 2:33:10P में भी है, D में भी है, F में भी है,
- 2:33:12तो आप मुझे बताओ किससे इलेक्ट्रॉन निकालना
- 2:33:14सबसे मुश्किल होगा? S से। क्योंकि s से
- 2:33:17न्यूक्लियस सबसे ज्यादा प्यार करता है और
- 2:33:19किससे इलेक्ट्रॉन निकालना सबसे ज्यादा
- 2:33:21डिफिकल्ट होगा? ऑब्वियस सी बात है एफ से।
- 2:33:24तो, क्या लिखा हुआ है? कि आर क्लोजर टू द
- 2:33:26न्यूक्लियस क्योंकि वो स्ट्रोंगली
- 2:33:27अट्रैक्टेड है। इलेक्ट्रॉन जो कि s
- 2:33:29ऑर्बिटल्स में हैं इनको बहुत मुश्किल है
- 2:33:31निकालना एज कंपेयर टू pd अगेन या फिर एफ
- 2:33:35क्योंकि एफ के पास सबसे कम पेनिट्रेशन
- 2:33:38इफेक्ट है। डन है? तो मुबारक हो। यहां पे
- 2:33:42हमारा आयनाइजेशन
- 2:33:44एनर्जी टॉपिक खत्म हो जाता है। ठीक है?
- 2:33:46इसके बाद हम मैं चाहूंगा कि आप सारे
- 2:33:49क्योंकि आपको आपने देखा है कि हमें
- 2:33:50आयनाइजेशन एनर्जी को पढ़ने में 40 मिनट लग
- 2:33:53गए। माय गॉड 40 के आसपास तो लग ही गए। ओह
- 2:33:55हो पर भाई क्या करें? डिटेल में पढ़ेंगे।
- 2:33:58ऐसा वैसा वन शॉट तो है नहीं। सुपर वन शॉट
- 2:34:00है। खैर देख लो। देख लो। वीडियो को पॉज
- 2:34:03करके देख लो। पॉज करके देख लो।
- 2:34:07देख लो। देख लो। ठीक है भाई? अब हम बात
- 2:34:11करते हैं इलेक्ट्रॉन गेन एंथैल्पी के बारे
- 2:34:14में जो कि हमारा सेकंड टॉपिक है।
- 2:34:16इलेक्ट्रॉन गेन एंथैल्पी को समझने के बाद
- 2:34:18आप कह सकते हो ऐसा कि मेजर मेजर हमारा
- 2:34:21चैप्टर खत्म हो जाएगा। फिर हमें बस
- 2:34:23इंफॉर्मेशनेशंस को इकट्ठा करना है जो हम
- 2:34:25पहले से ही देखा जाए तो जानते हैं या फिर
- 2:34:27थोड़ा सा एटॉमिक रेडियस के बारे में बात
- 2:34:29करेंगे और जो सवाल हैं वो साइड बाय साइड
- 2:34:32हमारे कवर होते ही जा रहे हैं और भी थोड़े
- 2:34:34से लास्ट में हम एनसीईआरटी क्वेश्चंस को
- 2:34:36गो थ्रू कर लेंगे ओरली बिकॉज़ ओरली ही सवाल
- 2:34:39सारे ज्यादातर हैं। लेकिन इलेक्ट्रॉन गेन
- 2:34:42एंथैल्पी की अगर बात करें जिसको हम लोग
- 2:34:44रिप्रेजेंट करते हैं ईजीई से।
- 2:34:48अब आप आयनाइजेशन एनर्जी को क्या समझे?
- 2:34:52आयनाइजेशन एनर्जी ऐसी एनर्जी है ना जो कि
- 2:34:54एक्चुअली में यूज़ होती है इलेक्ट्रॉन को
- 2:34:57निकालने के लिए एटम में से। तो इलेक्ट्रॉन
- 2:34:59गेन एंथैल्पी पढ़ के क्या लग रहा है? जब
- 2:35:02कोई एटम इलेक्ट्रॉन गेन करता होगा क्योंकि
- 2:35:06भैया नॉन मेटल्स तो इलेक्ट्रॉन गेन भी
- 2:35:08करते हैं। तो जब कोई मेटल इलेक्ट्रॉन गेन
- 2:35:11करता होगा तो कितनी एनर्जी वो रिलीज करता
- 2:35:15होगा या फिर एब्जॉर्ब करता होगा। हमने
- 2:35:19आयनाइज़ेशन एनर्जी में ऐसा नहीं बोला कि
- 2:35:21रिलीज़ करता होगा या एब्जॉर्ब करता होगा।
- 2:35:23हमने बोला कितनी एनर्जी रिक्वायर्ड होगी।
- 2:35:25क्योंकि इलेक्ट्रॉन को निकालने के लिए
- 2:35:27हमेशा एनर्जी लगती ही है। ऐसा नहीं हो
- 2:35:29सकता कि आप इलेक्ट्रॉन निकाल भी रहे हो और
- 2:35:31एनर्जी रिलीज़ भी हो रही है। तो एनर्जी तो
- 2:35:33निकले लगेगी ही। लेकिन इलेक्ट्रॉन गेन
- 2:35:36एंथैल्पी में जब कोई एटम इलेक्ट्रॉन गेन
- 2:35:38करता है और ज्यादा स्टेबल हो जाता है तो
- 2:35:41मैंने आपको बहुत बार पढ़ा रखा है कि स्टेबल
- 2:35:44होता है। स्टेबल कोई चीज होती है। 10थ में
- 2:35:46ही पढ़ा था हमने। तो वो एनर्जी रिलीज करती
- 2:35:48है एग्जोथर्मिक होती है और अगर वो
- 2:35:51अनस्टेबल हो रहा है मतलब जबरदस्ती वो
- 2:35:54इलेक्ट्रॉन गेन कर रहा है मतलब वो खुद
- 2:35:55नहीं कर रहा आप करवा रहे हो जबरदस्ती करवा
- 2:35:58रहे हो तो उस केस में इलेक्ट्रॉन वो
- 2:36:00एनर्जी जो है वो एब्जॉर्ब होती है तो इसी
- 2:36:02हिसाब से आप समझो एनर्जी एब्जॉर्ब भी हो
- 2:36:04सकती है और एनर्जी रिलीज़ भी हो सकती है।
- 2:36:07तो इलेक्ट्रॉन गेन एंथैल्पी इज़ द अमाउंट
- 2:36:09ऑफ़ एनर्जी रिलीज़्ड। रिलीज़ कब होगी? जब वो
- 2:36:12खुद से इलेक्ट्रॉन गेन करेगा और स्टेबल हो
- 2:36:14रहा होगा। जैसे कि नॉन मेटल्स। और
- 2:36:15एब्जॉर्ब कब होगी? जब आप जबरदस्ती उसको
- 2:36:18इलेक्ट्रॉन देना चाहोगे। एग्जांपल के तौर
- 2:36:20पे नोबल गैसेस या फिर मेटल्स। जब भी एक
- 2:36:23इलेक्ट्रॉन ऐड किया जाएगा ऑब्वियस सी बात
- 2:36:25है आइसोलेटेड गैस एटम में ताकि वो एक
- 2:36:28नेगेटिव आयन यानी कि एनायन बना दे। यानी
- 2:36:31कि वो एक एनायन बना दे। एग्जांपल के तौर
- 2:36:34पे अगर मेरे पास कोई मेटल है या नॉन मेटल
- 2:36:36है या कोई भी एक सब्सटेंस है मान लेते हैं
- 2:36:38अभी तो। मेटल नॉन-मेटल की बात यहां पे कर
- 2:36:40लेंगे। और वो अगर एक इलेक्ट्रॉन गेन करता
- 2:36:42है तो हम सब जानते हैं कि वो m आयन बन
- 2:36:45जाएगा। इस प्रोसेस में हमें लगेगी कुछ
- 2:36:48एनर्जी या हो सकता है एनर्जी रिलीज हो या
- 2:36:51हो सकता है एनर्जी एब्सॉर्ब हो। तो मान
- 2:36:53लेते हैं वो एनर्जी है। अभी इलेक्ट्रॉन
- 2:36:55गेन एंथैल्पी जो है वो हो सकती है प्लस
- 2:36:58में या फिर माइनस में x हो सकती है। प्लस
- 2:37:01में माइनस में x हो सकती है। एनर्जी रिलीज़
- 2:37:04होगी तो माइनस में होगी। एब्जॉर्ब होगी तो
- 2:37:06प्लस में होगी। अगेन इसकी जो यूनिट होगी
- 2:37:08वो फिर से वही जूल पर मोल होगी या फिर
- 2:37:12इसकी जो यूनिट है वो किलोजूल पर मोल होगी।
- 2:37:15s अगेन वही रीज़न si है तो जूल पर मोल होगी
- 2:37:18लेकिन कॉमन यूनिट जो है वो किलोजूल पर मोल
- 2:37:21रहती है। अब यहां पे क्या लिखा हुआ है?
- 2:37:23व्हेन द एडिशन ऑफ़ इलेक्ट्रॉन रिलीज़
- 2:37:25एनर्जी। जब एक एडिशन ऑफ़ इलेक्ट्रॉन से
- 2:37:28एनर्जी रिलीज़ हो रही होगी। एग्जांपल के
- 2:37:31तौर पे ऐसा कौन करता है? जैसे कि नॉन
- 2:37:33मेटल्स करते हैं। नॉन मेटल्स करते हैं।
- 2:37:37नॉन मेटल्स जब इलेक्ट्रॉन लेते हैं तो
- 2:37:39एनर्जी रिलीज़ होती है जनरली। तो
- 2:37:41इलेक्ट्रॉन गेन एंथैल्पी नेगेटिव होगी।
- 2:37:43नेगेटिव होगी क्योंकि एनर्जी रिलीज़ हो रही
- 2:37:45है। और वहीं पे जब एनर्जी रिक्वायर्ड
- 2:37:48होगी, रिक्वायर्ड होगी। जैसे कि मेटल्स
- 2:37:51यहां तो लिखा होना चाहिए ना कि नहीं लिखा
- 2:37:52हुआ? मैं लिख देता हूं। जैसे कि मेटल्स
- 2:37:56जैसे कि नोबल गैसेस। इनमें आपको
- 2:37:59इलेक्ट्रॉन जबरदस्ती उसमें डालना पड़ता
- 2:38:02है। ऐसे केस में जो इलेक्ट्रॉन गेन
- 2:38:04एंथैल्पी है ये पॉजिटिव हो जाती है। जो
- 2:38:07इलेक्ट्रॉन गेन एंथैल्पी है ये पॉजिटिव हो
- 2:38:10जाती है। डन है डन है समझ गए? ठीक है?
- 2:38:14यानी कब पॉजिटिव? कब नेगेटिव? मोटा-मोटा
- 2:38:16स्केल पे जब वो इलेक्ट्रॉन खुद से लेना
- 2:38:18चाह रहा है। उसकी इच्छा है तो वो एनर्जी
- 2:38:20रिलीज़ करेगा तो नेगेटिव हो जाएगी। और जब
- 2:38:22आप जबरदस्ती उसको इलेक्ट्रॉन देना चाह रहे
- 2:38:24हो तो वो पॉजिटिव हो जाएगी। तो अब आप आगे
- 2:38:27बढ़ने से पहले बिकॉज़ हम फैक्टर्स पढ़ने वाले
- 2:38:29हैं। खुद सोचो कि लेफ्ट टू राइट जाने पे
- 2:38:33क्या होगा। अभी हम आयनाइजेशन एनर्जी में
- 2:38:35ऐसे बोल रहे थे बढ़ेगी या कम होगी। अब हम
- 2:38:37बढ़ेगी या कम होगी वर्ड नहीं यूज़ करेंगे।
- 2:38:39हम बोलेंगे मोर नेगेटिव या फिर लेस
- 2:38:42नेगेटिव या फिर मोर पॉजिटिव। क्योंकि
- 2:38:44नेगेटिव पॉजिटिव को मेंशन करना पड़ेगा।
- 2:38:46बिकॉज़ आयनाइज़ेशन एनर्जी में हमेशा
- 2:38:48इलेक्ट्रॉन लगती ही थी। तो हमने वहां पे
- 2:38:49मेंशन नहीं किया। लेकिन यहां पे हमको
- 2:38:51नेगेटिव या पॉज़िटिव मेंशन करना पड़ेगा।
- 2:38:54जैसे कि अगर हम बात करें फैक्टर्स
- 2:38:56अफेक्टिंग इलेक्ट्रॉन गेन एंथैल्पी जिसमें
- 2:38:58सबसे पहले आ गया साइज। पढ़ना मत। आओ बात
- 2:39:00करते हैं आपस में। आप मुझे बताओ
- 2:39:03इलेक्ट्रॉन लेना कब बेहतर होगा? जब साइज
- 2:39:06छोटा होगा या बड़ा होगा? ये तो डिस्कस
- 2:39:08बहुत बार कर चुके हैं इस चैप्टर में। तो
- 2:39:10आंसर है जब साइज छोटा होगा। जब साइज छोटा
- 2:39:12होगा तो इलेक्ट्रॉन आसानी से गेन होगा।
- 2:39:14मतलब वो इलेक्ट्रॉन गेन करके खुश होगा।
- 2:39:16मतलब वो एनर्जी रिलीज़ करेगा। और एनर्जी
- 2:39:19रिलीज़ करेगा तो वो ज्यादा नेगेटिव हो
- 2:39:22जाएगी। एनर्जी रिलीज रिलीज करेगा तो
- 2:39:24ज्यादा नेगेटिव हो जाएगी। तो क्या ऐसा
- 2:39:27कहना ठीक हो सकता है कि अगर साइज जो है वो
- 2:39:30कम हो रहा है। अगर साइज जो है वो कम हो
- 2:39:33रहा है तो इलेक्ट्रॉन गेन करना आसान होगा।
- 2:39:37इलेक्ट्रॉन गेन करना आसान होगा। यानी वो
- 2:39:40इस इलेक्ट्रॉन गेन करने में खुश होगा।
- 2:39:42जिसकी वजह से इलेक्ट्रॉन गेन एंथैल्पी जो
- 2:39:46है ये मोर नेगेटिव होती चली जाएगी। जिसकी
- 2:39:50वजह से इलेक्ट्रॉन गेन एंथैल्पी जो है ये
- 2:39:53मोर नेगेटिव होती चली जाएगी। बिल्कुल इसी
- 2:39:56प्रकार से अगर जो साइज है वो बड़ा हो रहा
- 2:39:59है। अगर जो साइज है यानी रेडियस जो है
- 2:40:02बड़ा हो रहा है तो भैया इलेक्ट्रॉन गेन
- 2:40:05करना मुश्किल हो जाएगा। तो मैं इसको मोर
- 2:40:07नेगेटिव के बजाय लेस नेगेटिव भी लिख सकता
- 2:40:10हूं। और आप सबको पता है लेस नेगेटिव के
- 2:40:13बजाय मोर पॉजिटिव भी लिख सकता हूं। यानी
- 2:40:15पॉजिटिव की तरफ जाना। लेस नेगेटिव का मतलब
- 2:40:17पॉजिटिव की तरफ जाना होता है। तो मोर
- 2:40:19पॉजिटिव या लेस नेगेटिव भी लिख सकते हो।
- 2:40:22तो अगर ऐसा है तो लेफ्ट टू राइट चलते हैं
- 2:40:24नाउ। अगर मैं लेफ्ट टू राइट जाता हूं। अगर
- 2:40:27मैं लेफ्ट टू राइट जाता हूं तो लेफ्ट टू
- 2:40:31राइट जाने पे हमने पढ़ा है। आज बहुत बार
- 2:40:34आपको वैसे एक फैक्ट बताता हूं। ये जो वन
- 2:40:37शॉट है। ये मैंने कल रात को अभी आपको मेरी
- 2:40:40शायद आंखों से लग रहा हो पता नहीं। मैं
- 2:40:42आपको बताता हूं। यह वन शॉट ना आज जाना है।
- 2:40:44तो मैंने कल रात को कल शाम से रात तक इसको
- 2:40:47रिकॉर्ड करने का पूरा प्लान बनाया था। तो
- 2:40:49मैंने इसको आयनाइजेशन एनर्जी तक रिकॉर्ड
- 2:40:52भी कर लिया था। मैं इलेक्ट्रॉन गेन
- 2:40:54एंथैल्पी को रिकॉर्ड करने ही जा रहा था।
- 2:40:56मतलब एक्चुअली में मैंने बस स्लाइड ही कटक
- 2:40:59बदली थी। शायद आपको कट पे महसूस भी हुआ
- 2:41:01होगा। तो इस एरिया में लाइट चली गई। अब
- 2:41:04यहां पे यूपीएस तो है। इस कमरे के लाइट तो
- 2:41:07दे देता है वो। लेकिन यहां पे एसी नहीं
- 2:41:09चलता उससे। तो इससे प्रॉब्लम क्या हुई कि
- 2:41:11मैंने रिकॉर्ड करने की कोशिश भी की लेकिन
- 2:41:13भाई साहब मैं ऊपर से ले नीचे पूरा गीला हो
- 2:41:15गया और आपको पता है यहां पे कुछ बाहर कुछ
- 2:41:18प्रॉब्लम हो गई थी जिसकी वजह से पूरी रात
- 2:41:20लाइट नहीं आई और जब फोन-वोनोन मिलाया तो
- 2:41:22उन्होंने बताया कि लाइट जो है वो सुबह
- 2:41:24आएगी तो सुबह 6:00 6:30 बजे हमारे जो
- 2:41:27सिक्योरिटी गार्ड है उन्होंने बताया कि
- 2:41:29लाइट आ गई है तो मेरा घर पास में ही है तो
- 2:41:31फिर मैं 6:30 बजे उठाने बजे उठा और 7:00
- 2:41:35बजे आया और मुझे क्योंकि आज ही वन शॉट
- 2:41:37डालना है तो मैंने कहा भाई जल्दी से
- 2:41:39ब्रश-व्रश करते मैंने यहां पे अभी जस्ट बस
- 2:41:41जस्ट केला ही खाया है। मैं शो ऑफ नहीं कर
- 2:41:43रहा। मतलब बता रहा हूं कि मेरी आंखों से
- 2:41:44आपको ऐसा लगे कि मैं एकदम से नशे वाला
- 2:41:47कैसा हो गया। मैं जस्ट उठा हूं। लेकिन जोश
- 2:41:49में कोई कमी नहीं है। आप सबको पता है
- 2:41:51वेकअप सीरीज में भी हम ऐसे ही रहते थे
- 2:41:53थोड़ा-थोड़ा। है ना? बट ठीक है। कोई बात
- 2:41:56नहीं। हां। तो अगर मैं लेफ्ट टू राइट
- 2:41:58जाऊंगा। अगर मैं लेफ्ट टू राइट जाऊंगा।
- 2:42:00लेफ्ट टू राइट जाऊंगा तो साइज के साथ क्या
- 2:42:02होगा? लेफ्ट टू राइट जाने पे याद करो साइज
- 2:42:04छोटा होता है। साइज छोटा होता है। प्लीज
- 2:42:07नोबल गैस की बात नहीं कर रहे। नोबल गैसेस
- 2:42:09तो इलेक्ट्रॉन लेंगे ही नहीं। आपको पता है
- 2:42:10ना? तो एक्सेप्ट नोबल गैसेस लेफ्ट टू राइट
- 2:42:13जाऊंगा तो साइज़ छोटा होता चला जाएगा। छोटा
- 2:42:15होगा तो इलेक्ट्रॉन गेन करना आसान होगा।
- 2:42:18तो ये मोर नेगेटिव हो जाएगी। इलेक्ट्रॉन
- 2:42:21गेन एंथैल्पी मोर नेगेटिव हो जाएगी। और
- 2:42:23ऐसे अगर मैं टॉप टू बॉटम आता हूं। ऐसे अगर
- 2:42:26मैं टॉप टू बॉटम आता हूं। तो ऊपर से नीचे
- 2:42:30आने पे याद करेंगे साइज़ बढ़ता था। ऊपर से
- 2:42:33नीचे आने पे साइज़ बढ़ता था। अगर साइज बढ़ेगा
- 2:42:36तो इलेक्ट्रॉन लेना मुश्किल हो जाएगा। तो
- 2:42:38इलेक्ट्रॉन गेन एंथैल्पी लेस नेगेटिव कह
- 2:42:41लो या मोर पॉजिटिव कह लो। है ना?
- 2:42:43इलेक्ट्रॉन गेन एंथैल्पी लेस नेगेटिव कह
- 2:42:45लो या मोर पॉजिटिव कह लो। तो मैं लेस
- 2:42:48नेगेटिव कह देता हूं। एक ही बात है। ठीक
- 2:42:50है ना? तो इस तरीके से बात करनी है। इसके
- 2:42:53बाद न्यूक्लियर चार्ज। याद करो भैया सब
- 2:42:55जोड़ते चले जाओ। क्या पढ़ा न्यूक्लियर
- 2:42:57चार्ज में हमने? हमने न्यूक्लियर चार्ज
- 2:42:59में पढ़ा कि जितना ज्यादा न्यूक्लियर चार्ज
- 2:43:01होगा, जितना ज्यादा प्रोटॉन्स पे चार्ज
- 2:43:03होगा ज्यादा एज कंपेयर टू इलेक्ट्रॉन्स।
- 2:43:05मतलब प्रोटॉन्स का नंबर जब बढ़ता है एज़
- 2:43:07कंपेयर टू इलेक्ट्रॉन्स तो उसको
- 2:43:09न्यूक्लियर चार्ज बढ़ना बोलते हैं। यानी कि
- 2:43:12जब कोई इलेक्ट्रॉन डोनेट करता है तो
- 2:43:13न्यूक्लियर चार्ज बढ़ता है। रिवाइज़ करा रहा
- 2:43:15हूं। अब न्यूक्लियर चार्ज बढ़ता था तो याद
- 2:43:17करो इलेक्ट्रॉन निकालना मुश्किल हो रहा
- 2:43:19था। लेकिन इलेक्ट्रॉन डालना तो आसान होगा
- 2:43:21ना। बिकॉज़ न्यूक्लियर चार्ज बढ़ रहा है। तो
- 2:43:24इलेक्ट्रॉन का आना इलेक्ट्रॉन का आना आसान
- 2:43:27हो जाएगा। बिकॉज़ न्यूक्लियस और आसानी से
- 2:43:29खींचेगा। है ना? तो यहां पे भी देखो ये
- 2:43:31लिखा हुआ था लार्जर द एटॉमिक साइज लेसर
- 2:43:34अट्रैक्शन एंड द इनकमिंग इलेक्ट्रॉन। देयर
- 2:43:37फॉर इलेक्ट्रॉन गेन एंथैल्पी बिकम लेस
- 2:43:38नेगेटिव। तो यहां पे क्या लिखा हुआ है?
- 2:43:40जितना ज्यादा न्यूक्लियर चार्ज होगा उतना
- 2:43:42ज्यादा अट्रैक्शन होगा। फॉर इनकमिंग
- 2:43:44इलेक्ट्रॉन। सो इलेक्ट्रॉन गेन एंथैल्पी
- 2:43:46बिकम्स मोर नेगेटिव। जितना ज्यादा
- 2:43:49न्यूक्लियर चार्ज इसको अगर ऐसे लिखो जितना
- 2:43:53ज्यादा न्यूक्लियर चार्ज जितना ज्यादा
- 2:43:55न्यूक्लियर चार्ज ये तो आसान है। उतना
- 2:43:58आसान इलेक्ट्रॉन को गेन करना उतना आसान
- 2:44:01इलेक्ट्रॉन को गेन करना तो उतनी
- 2:44:03इलेक्ट्रॉन गेन एंथैल्पी मोर नेगेटिव हो
- 2:44:06जाएगी। मोर नेगेटिव हो जाएगी। समझे? यानी
- 2:44:10कि मान लो कोई कैटायन है और कोई नॉर्मल है
- 2:44:13तो कैटायन के लिए इलेक्ट्रॉन गेन करना
- 2:44:15आसान होगा। एग्जांपल के तौर पे अगर कोई
- 2:44:17Na+ है और Na है। अब इसमें इलेक्ट्रॉन गेन
- 2:44:21एंथैल्पी इसकी इलेक्ट्रॉन गेन एंथैल्पी
- 2:44:25मोर नेगेटिव होनी चाहिए। क्यों याद करो
- 2:44:28मोर नेगेटिव क्यों होनी चाहिए? क्योंकि
- 2:44:30Na+ के पास न्यूक्लियर चार्ज ज्यादा है।
- 2:44:33न्यूक्लियर चार्ज भूल गए क्या? पीछे जा के
- 2:44:35देखो ना। अभी तो कराया। मतलब मैंने कल
- 2:44:36कराया था। लेकिन अभी तो मैं ये बोलूंगा ना
- 2:44:38अभी कराया। तो न्यूक्लियर चार्ज
- 2:44:40न्यूक्लियर चार्ज ज्यादा है इसका।
- 2:44:42न्यूक्लियर चार्ज ज्यादा है तो मोर
- 2:44:43नेगेटिव। और इसकी जो इलेक्ट्रॉन गेन
- 2:44:45एंथैल्पी है वो लेस नेगेटिव है। और फैक्ट
- 2:44:48तो ये है कि ये एक मेटल है। तो इसकी तो
- 2:44:50हाइली पॉजिटिव है जिसको हम लेस नेगेटिव कह
- 2:44:52रहे हैं। बट अभी के लिए अगर मैं इन दोनों
- 2:44:53को कंपेयर करूं तो Na+ आसानी से
- 2:44:56इलेक्ट्रॉन गेन कर लेगा। हम सब जानते हैं
- 2:44:57Na+ करता भी है। लेकिन Na बहुत मुश्किल से
- 2:45:00करेगा। इतनी मुश्किल से करेगा कि हमने आज
- 2:45:02तक Na को इलेक्ट्रॉन गेन नहीं करवाया।
- 2:45:04आपने Na - नहीं सुना होगा। क्योंकि इसका
- 2:45:06न्यूक्लियर चार्ज काफी ज्यादा है। ठीक है?
- 2:45:09अब वही शील्डिंग। शील्डिंग इफेक्ट याद
- 2:45:11करो। हमने क्या पढ़ा था? आयनाइजेशन एनर्जी
- 2:45:13में शील्डिंग इफेक्ट ज्यादा होगा तो साइज
- 2:45:15बढ़ेगा। साइज बढ़ेगा तो इलेक्ट्रॉन गेन
- 2:45:18करना। अब यहां पे मुश्किल हो जाएगा ना?
- 2:45:20वहां हम आयनाइज़ेशन एनर्जी के रिस्पेक्ट से
- 2:45:22क्या पढ़ा था? शील्डिंग इफ़ेक्ट ज्यादा होगा
- 2:45:24तो साइज़ बढ़ेगा। इलेक्ट्रॉन निकालना आसान
- 2:45:27हो जाएगा तो आयनाइज़ेशन एनर्जी कम हो
- 2:45:29जाएगी। लेकिन यहां पे क्या है? शील्डिंग
- 2:45:31इफ़ेक्ट बढ़ेगा तो इलेक्ट्रॉन गेन करना
- 2:45:33मुश्किल हो जाएगा। मुश्किल हो जाएगा तो
- 2:45:35इलेक्ट्रॉन गेन एंथैल्पी लेस नेगेटिव हो
- 2:45:38जाएगी। आओ पढ़ते हैं। मोर इनर इलेक्ट्रॉन
- 2:45:41शील्ड द न्यूक्लियस उससे इसका अट्रैक्शन
- 2:45:45जो है वो कम होगा। जितना ज्यादा शील्डिंग
- 2:45:47होगा उतना अट्रैक्शन कम होगा। और अगर
- 2:45:49अट्रैक्शन कम होगा तो जो इलेक्ट्रॉन आ रहा
- 2:45:51है उसका आना मुश्किल हो जाएगा। और अगर
- 2:45:54उसका आना मुश्किल हो जाएगा तो फिर या भैया
- 2:45:56वो कम एनर्जी रिलीज़ करेगा। कम एनर्जी
- 2:45:58रिलीज़ करेगा तो लेस नेगेटिव हो जाएगी। है
- 2:46:00ना? तो जितनी ज्यादा शील्डिंग इफ़ेक्ट होगा
- 2:46:03उतनी लेस नेगेटिव हो जाएगी। मैं हर एक को
- 2:46:06देखो एक-एक पॉइंटर के फॉर्म में भी लिख
- 2:46:08रहा हूं ताकि अगर आप इतनी लंबी लाइन नोट्स
- 2:46:11में ना लिख के ऐसे भी लिख सकते हो कि अगर
- 2:46:13शील्डिंग इफेक्ट बढ़ेगा
- 2:46:16तो भैया साइज बढ़ेगा अट्रैक्शन कम होगी
- 2:46:19इलेक्ट्रॉन का आना मुश्किल होगा इसका मतलब
- 2:46:21है इलेक्ट्रॉन गेन एंथैल्पी लेस नेगेटिव
- 2:46:25हो जाएगी इलेक्ट्रॉन गेन एंथैल्पी लेस
- 2:46:27नेगेटिव हो जाएगी ठीक है और ये तो मेरे
- 2:46:29हिसाब से बहुत सिंपल है इलेक्ट्रॉनिक
- 2:46:31कॉन्फ़िगरेशन अगर इलेक्ट्रॉनिक कॉन्फ़िगरेशन
- 2:46:33पहले से स्टेबल है यानी फुल्ली फुल्ली
- 2:46:35फील्ड या हाफ फिल्ड है तो इलेक्ट्रॉन गेन
- 2:46:37करना मुश्किल है। बिकॉज़ वो कहीं ना कहीं
- 2:46:39पहले ही स्टेबल कॉन्फ़िगरेशन में बैठा हुआ
- 2:46:41है। जिसकी वजह से अगेन लेस नेगेटिव हो
- 2:46:43जाएगा। तो एटम जिनकी स्टेबल कॉन्फ़िगरेशन
- 2:46:45है जैसे कि नोबल गैसेस ये आसानी से
- 2:46:48इलेक्ट्रॉन एक्सेप्ट नहीं करेंगे। इन
- 2:46:50केसेस में इनकी इलेक्ट्रॉन गेन एंथैल्पी
- 2:46:52पॉजिटिव कह लो या लेस नेगेटिव कह लो हो
- 2:46:55जाएगी क्योंकि ये इलेक्ट्रॉन गेन करना
- 2:46:56पसंद नहीं करते हैं। एज़ सिंपल एज़ दैट। डन
- 2:46:59है। ठीक है? अब यहां पे दो शब्द हैं जो आप
- 2:47:02बच्चों को कंफ्यूज कर सकते हैं। एक
- 2:47:04इलेक्ट्रोनेगेटिविटी जो कि हमने पढ़ा है
- 2:47:06पीछे टेंडेंसी टू गेन इलेक्ट्रॉन और एक
- 2:47:10इलेक्ट्रॉन गेन एंथैल्पी। दोनों भावनाएं
- 2:47:13सेम रिप्रेजेंट करते हैं लेकिन दोनों अलग
- 2:47:17है। इलेक्ट्रोनेगेटिविटी
- 2:47:20प्लीज यहां से मत पढ़ो। पहले मुझसे बात
- 2:47:21करो। इलेक्ट्रोनेगेटिविटी
- 2:47:24इलेक्ट्रॉन गेन करने की क्षमता को कहते
- 2:47:27हैं। टेंडेंसी को कहते हैं। लेकिन जब आप
- 2:47:30एक इलेक्ट्रॉन गेन कर लेते हो तो कितनी
- 2:47:33एनर्जी रिलीज करते हो या एब्सॉर्ब करते हो
- 2:47:37उसको इलेक्ट्रॉन गेन एंथैल्पी कहते हैं।
- 2:47:40अब आप सोचो अगर आपको इलेक्ट्रॉन से प्यार
- 2:47:43है तो बेसिकली आपको इलेक्ट्रॉन से कितना
- 2:47:45प्यार है उसको इलेक्ट्रोनेगेटिविटी कहते
- 2:47:48हैं। लेकिन इलेक्ट्रॉन पा लेने के बाद
- 2:47:51इलेक्ट्रॉन गेन कर लेने के बाद आप कितनी
- 2:47:54एनर्जी रिलीज करते हो? अगर आपको प्यार है
- 2:47:57तो ऑब्वियस सी बात है आप रिलीज ही करोगे।
- 2:47:59आप कितनी एनर्जी रिलीज़ करते हो? इसे कहा
- 2:48:02जाता है इलेक्ट्रॉन गेन एंथैल्पी। आप मुझे
- 2:48:04बताओ अगर ये प्यार है तो प्यार को नापा
- 2:48:07थोड़ी ना जा सकता। अगर मैं आपसे पूछूं एक
- 2:48:09बड़ा प्यारा सवाल पूछता हूं। ठीक है? अगर
- 2:48:11मैं आपसे पूछूं कि यार आउट ऑफ फाइव आप
- 2:48:14अपने मदर से अपने फादर से कितना प्यार
- 2:48:17करते हैं? तो मोस्ट ऑफ द बच्चों ने अपने
- 2:48:19मन में बोला होगा सर ये क्या बकवास सवाल
- 2:48:21आपने बोला है आउट ऑफ फाइव तो मैं उनसे
- 2:48:23फाइव ही प्यार करता हूं। तो आपने ये आंसर
- 2:48:26कैसे दिया? आपने कुछ मेजर थोड़ी ना किया।
- 2:48:28आपने देखा कि यार मैं दुनिया में सबसे
- 2:48:30ज्यादा प्यार उन्हीं से करता हूं शायद। तो
- 2:48:32मैंने उनको फाइव में से फाइव दे दिया। बट
- 2:48:34इमेजिन करो कि फ्यूचर में आपके जीवन में
- 2:48:37कोई एक ऐसा इंसान आ जाए जिनसे आप अपने
- 2:48:40पेरेंट्स से भी ज्यादा प्यार करो। अरे
- 2:48:42नहीं नहीं मैं किसी और इंसान की बात कर
- 2:48:45रहा हूं। क्या पता वह आपका बच्चा हो जो आप
- 2:48:48बच्चा पैदा करो। जैसे अभी एट प्रेजेंट मैं
- 2:48:50अपने लाइफ़ में अपने बच्चों से मतलब मेरा
- 2:48:53एक बच्चा मेरा है। एक उषांग सर का हम सब
- 2:48:55एक ही फैमिली में एक ही घर में रहते हैं।
- 2:48:56तो मेरे जीवन में एट प्रेजेंट जो लिविंग
- 2:48:59इंसान जिससे मैं सबसे ज्यादा प्यार करता
- 2:49:01हूं वो दोनों बच्चे। लेकिन उनसे पहले मैं
- 2:49:04अपनी मां से, अपनी वाइफ से, अपने भाई से
- 2:49:06ज्यादा प्यार करता था ना। लेकिन अब मेरे
- 2:49:09लिए प्रायोरिटी बदल गई है। तो क्या पता
- 2:49:11आपके लिए भी ऐसा हो कि आपके जीवन में चाचा
- 2:49:13मां मां बुआ बुआ से तो खैर मुश्किल है
- 2:49:16लेकिन क्या पता आपके खुद के बच्चे क्या
- 2:49:18पता आपका लाइफ पार्टनर जिनसे आप अपने
- 2:49:20पेरेंट्स से थोड़ा सा ज्यादा प्यार करो यू
- 2:49:22नेवर नो हो सकता है पर अगर ऐसा हुआ मान
- 2:49:25लेते हैं ऐसा हुआ नहीं हुआ तो ठीक है पर
- 2:49:27हुआ तो अब आप उन्हें पांच में से कितना
- 2:49:29नंबर दोगे क्योंकि पांच में से पांच तो आप
- 2:49:32पेरेंट्स को दे चुके हो तो फिर ऑटोमेटिकली
- 2:49:34हो सकता है आप अपने पेरेंट्स को बोलो कि
- 2:49:35यार मैं 4 1/2 दूंगा लेकिन अपने बेटे को
- 2:49:37अपनी बेटी को मैं पांच दूंगा हो सकता है
- 2:49:39है ना ऐसा तो ये प्यार नापा नहीं जाता। यह
- 2:49:43कंपैरेटिव होता है। प्यार कभी भी मेजर
- 2:49:45नहीं किया जा सकता है। यह कंपैरेटिव होता
- 2:49:47है। यह बात ध्यान रखनी है। अब अगर ये
- 2:49:49कंपैरेटिव होता है तो इसीलिए
- 2:49:52इलेक्ट्रोनेगेटिविटी
- 2:49:54को हमने नापा नहीं है। ये देखो ये टेबल
- 2:49:57है। ऑब्वियस सी बात है ये टेबल आपको याद
- 2:49:58नहीं करनी। अगेन ये हमारी बुकलेट में से
- 2:50:01स्क्रीनशॉट है। ओएसआर में से। मैं आपको
- 2:50:03बता रहा हूं। एक-एक टॉपिक को हम एक-एक
- 2:50:05घंटा पढ़ते हैं। जब हम लोग इन्हें पेड बैच
- 2:50:08में पढ़ते हैं। तो है ना? अभी मुझे लग रहा
- 2:50:09है वैसे ही ऑलरेडी वन शॉट बहुत ज्यादा
- 2:50:11बड़ा हो चुका है। ठीक है? अब सुबह-सुबह
- 2:50:13रिकॉर्ड कर रहा हूं तो कोई आए जा रहा है
- 2:50:16बार-बार बाहर। है ना? हां। चलो खैर। लेकिन
- 2:50:19ये जो टेबल है इस टेबल को आपको याद नहीं
- 2:50:21करना। ऑब्वियस सी बात है। बट हां इस टेबल
- 2:50:24को एक बारी करीब से देखते हैं। क्या कहना
- 2:50:26चाह रही है। अगर आप नोटिस करो तो यहां पे
- 2:50:28हर एक एलिमेंट की इलेक्ट्रोनेगेटिविटी
- 2:50:31लिखी हुई है। ये लिथियम है। हर एक एलिमेंट
- 2:50:33की इलेक्ट्रोनेगेटिविटी लिखी हुई है। तो
- 2:50:36अगर आप देखेंगे तो इसमें मेटल्स की
- 2:50:39इलेक्ट्र पहली बात तो इलेक्ट्रोनेगेटिविटी
- 2:50:41को ज़ीरो से पांच में नापा जाता है। इसको
- 2:50:44ज़ीरो से पांच में नापा जा सकता है। ये तो
- 2:50:46कोई भी वैल्यू हो सकती है। अभी देखा था
- 2:50:48हमने प्लस भी हो सकती है, माइनस भी हो
- 2:50:49सकती है। माइनस है। तो मतलब इलेक्ट्रॉन
- 2:50:51गेन करते हुए एनर्जी रिलीज हो रही है।
- 2:50:53प्लस है तो एब्जॉर्ब हो रही है। लेकिन ये
- 2:50:55जो वैल्यू है ये 0 से पांच में ही नापी
- 2:50:58जाती है। अब अगर आप ध्यान दें तो मेटल्स
- 2:51:00इलेक्ट्रॉन से ज्यादा प्यार नहीं करते
- 2:51:02हैं। इसलिए उनका जो नंबर है वो बहुत छोटा
- 2:51:05है। एक से भी छोटा है या एक है। देख सकते
- 2:51:07हो आप। है ना? लेकिन वहीं पे जो नॉन
- 2:51:09मेटल्स हैं उनके लिए इसकी वैल्यू काफी
- 2:51:12ज्यादा हो रही है। जैसे फ्लोरीन है,
- 2:51:15क्लोरीन है। अगर आप Google पे सर्च करेंगे
- 2:51:17ऑक्सीजन वगैरह जैसे सॉरी यहां पे भी है
- 2:51:193.5। इन शॉर्ट कहने का मतलब ये है कि
- 2:51:22इलेक्ट्रॉन ऑब्वियस सी बात है न्यूक्लियस
- 2:51:23से नॉन मेटल्स इलेक्ट्रॉन से ज्यादा प्यार
- 2:51:27करते हैं। जिसकी वजह से उनकी इलेक्ट्रॉन
- 2:51:29नेगेटिविटी बहुत ज्यादा है। पांच से सबसे
- 2:51:33ज्यादा किसकी है? अगर आप ध्यान दें तो इस
- 2:51:36पूरी टेबल में सबसे ज्यादा इलेक्ट्रॉन
- 2:51:39नेगेटिविटी जो है वो फ्लोरीन की आपको
- 2:51:42मिलेगी जो कि एक बड़ा विचित्र आंसर है।
- 2:51:45क्यों है विचित्र? आओ जरा इसके ऊपर बात
- 2:51:47करें। मैंने आपसे पूछा कि आप अपने
- 2:51:49पेरेंट्स से कितना प्यार करते हो? तो आप
- 2:51:51सभी ने आंसर में कहा फाइव। बट हमारी पढ़ाई
- 2:51:55तो होशियार है। उसने कहा यार देखो पांच
- 2:51:57किसी को नहीं देते। भविष्य का पता नहीं
- 2:52:00कोई पांच से ज्यादा कैसे देंगे फिर? तो
- 2:52:03हमने कहा दुनिया में अभी फिलहाल सबसे
- 2:52:05ज्यादा इलेक्ट्रॉन से प्यार कौन करता है?
- 2:52:06याद है फ्लोरीन? लेफ्ट टू राइट जाओ तो
- 2:52:09प्यार नॉन मेटलिक कररेक्टर ऊपर से नीचे
- 2:52:11जाओ तो कम होता है। लेफ्ट टू राइट जाओ तो
- 2:52:14बढ़ता है। तो फ्लोरीन सबसे अच्छा नॉन मेटल
- 2:52:16था और फ्रांशियम सबसे अच्छा मेटल था। तो
- 2:52:19सबसे अच्छा नॉन मेटल अगर फ्लोरीन है तो
- 2:52:21फ्लोरीन सबसे आसानी से इलेक्ट्रॉन गेन
- 2:52:22करेगा, प्यार करेगा तो चार है। हमने इसको
- 2:52:25पांच में से पांच नहीं बोला। बिकॉज़ हमें
- 2:52:26पता है कि भविष्य में कोई ऐसा एलिमेंट आ
- 2:52:28गया ये है। तो समझो बात को। बट हां
- 2:52:31इलेक्ट्रोनेगेटिविटी बस एक नंबर है जो
- 2:52:34प्यार को रिप्रेजेंट करता है। ठीक है ना?
- 2:52:36तो आओ अब डिफरेंस को पढ़ते हैं। अब ये
- 2:52:38डिफरेंस क्या कह रहा है? तो इट इज़ दी
- 2:52:40एनर्जी चेंज जब एक इलेक्ट्रॉन को ऐड किया
- 2:52:44जाता है। अब वो एनर्जी चेंज पॉजिटिव भी हो
- 2:52:46सकती है, नेगेटिव भी हो सकती है। बट ये
- 2:52:48टेंडेंसी है। मतलब इलेक्ट्रॉन के गेन करने
- 2:52:52की क्षमता है। इसको नापा जाता है जूल पर
- 2:52:55मोल या किलोजूल पर मोल में। लेकिन ये एक
- 2:52:57रिलेटिव वैल्यू है जिसको पॉलिंग स्केल पे
- 2:53:00नापा गया था। पोलिंग जी ने एक स्केल बनाया
- 2:53:02था। अभी उसके बारे में बात नहीं करेंगे।
- 2:53:04केमिकल बॉन्डिंग में करेंगे। लेकिन
- 2:53:05उन्होंने ये स्केल बनाया था। यानी इसको
- 2:53:07ज़ीरो से फाइव के बीच में नापते हैं।
- 2:53:09बिटवीन ज़ीरो टू फाइव। ठीक है? वो मैंने
- 2:53:11ऊपर लिख ही दिया। ये रेफर किया जाता है जब
- 2:53:14कोई गैस स्टेट में है और आइसोलेटेड है
- 2:53:17जिसकी बात हो चुकी है। लेकिन यहां पे हम
- 2:53:20इसको बॉन्डेड स्टेट में भी कैलकुलेट कर
- 2:53:22सकते हैं कि कोई इसके साथ बॉन्ड बना रहा
- 2:53:24है तो कितनी वैल्यू होगी। को इसके साथ
- 2:53:25बनाना तो किसकी वैल्यू होगी? ठीक है? ये
- 2:53:28पॉजिटिव और नेगेटिव कुछ भी हो सकती है।
- 2:53:30लेकिन ये हमेशा पॉजिटिव होगी। जितना
- 2:53:32ज्यादा टेंडेंसी होगी इलेक्ट्रॉन गेन करने
- 2:53:34की उतनी ज्यादा वैल्यू बढ़ेगी। जितनी कम
- 2:53:37होगी उतनी कम होगी। लेकिन नेगेटिव में
- 2:53:40नहीं जाएगी। इस टेबल से बस आपको इतना
- 2:53:42देखना है कि फ्लोरीन जो है ये मोस्ट
- 2:53:46इलेक्ट्रोनेगेटिव है। ये मोस्ट
- 2:53:49इलेक्ट्रोनेगेटिव है। मेटल्स लेस
- 2:53:51इलेक्ट्रोनेगेटिव हैं। नॉन मेटल्स मोर
- 2:53:53इलेक्ट्रोनेगेटिव हैं। बस इतना
- 2:53:54बेसिक-बेसिक देखना है। अब इस टेबल से एक
- 2:53:57सवाल एग्जाम में बहुत ज्यादा आता है। बहुत
- 2:54:00ज्यादा आता है और वो है कि फ्लोरीन और
- 2:54:03क्लोरीन जरा ध्यान से देखना। एग्जाम का
- 2:54:06सवाल है। मैंने कहा था मैं आपको सवाल भी
- 2:54:07साथ-साथ कराऊंगा। फ्लोरीन और क्लोरीन
- 2:54:11दोनों में फ्लोरीन की इलेक्ट्रॉन
- 2:54:14नेगेटिविटी ज्यादा है। बट फिर भी
- 2:54:18इलेक्ट्रॉन गेन एंथैल्पी क्लोरीन की
- 2:54:22ज्यादा नेगेटिव है। आप मेरी बात समझ पा
- 2:54:24रहे हो? देखो आप मुझे बताओ कि फ्लोरीन और
- 2:54:28क्लोरीन में इलेक्ट्रॉन से ज्यादा प्यार
- 2:54:30कौन कर रहा है? तो आंसर है फ्लोरीन कर रहा
- 2:54:33है। लेकिन अब अगर वह ज्यादा प्यार कर रहा
- 2:54:36है तो उसको इलेक्ट्रॉन जब मिलेगा तो उसको
- 2:54:39ज्यादा खुश भी होना चाहिए। उसको ज्यादा
- 2:54:41एनर्जी भी निकालनी चाहिए। उसको ज्यादा
- 2:54:43स्टेबल भी होना चाहिए। बट एक्चुअली में
- 2:54:46ऐसा नहीं होता है। एक्सेप्शनल केस है।
- 2:54:49अक्सर सब में ऐसा होता है जो ज्यादा प्यार
- 2:54:51करता है। पा लेने के बाद ज्यादा खुश भी
- 2:54:53होता है। ज्यादा एनर्जी भी निकालता है।
- 2:54:55लेकिन एक गहरी बात करने जा रहा हूं। जरूरी
- 2:54:57नहीं है कि अगर आप किसी चीज से प्यार करो
- 2:55:00तो उसको पा लेने के बाद आपको खुशी भी हो।
- 2:55:04बिकॉज़ प्यार करना और पा लेना में बहुत
- 2:55:07फर्क होता है। बेटा गहरी बात बोलिए रोना
- 2:55:10नहीं है। सुनो ध्यान से। अब फ्लोरीन तो
- 2:55:13ज्यादा प्यार करता है। देखो पांच में से
- 2:55:15चार करता है। क्लोरीन सिर्फ तीन करता है।
- 2:55:17तो फिर तब भी एनर्जी रिलीज ज्यादा क्लोरीन
- 2:55:20क्यों कर रहा है? क्योंकि फ्लोरीन का जो
- 2:55:22साइज है वो इतना छोटा होता है। आपको पता
- 2:55:26ही है लेफ्ट टू राइट में टॉप टू बॉटम में
- 2:55:28सबसे कोने पे बैठा हुआ है। इतना छोटा साइज
- 2:55:31है इसका कि इलेक्ट्रॉन के लिए आने के लिए
- 2:55:34जगह ही नहीं है। ये इलेक्ट्रॉन से प्यार
- 2:55:36तो बहुत करता है। लेकिन जब इलेक्ट्रॉन आता
- 2:55:38है तो वो इलेक्ट्रॉन को बैठने की जगह नहीं
- 2:55:41मिलती। तो इंटर इलेक्ट्रॉनिक रिपल्शन होता
- 2:55:44है। इंटर इलेक्ट्रॉनिक रिपल्शन होता है।
- 2:55:47इलेक्ट्रॉन इलेक्ट्रॉन को ही रिपेल करने
- 2:55:49लग जाता है। जिसकी वजह से उतनी एनर्जी
- 2:55:52नहीं रिलीज होती जितनी क्लोरीन में एनर्जी
- 2:55:55रिलीज होती है। तो यहां पे मुझे लगता है
- 2:55:58कि मुझे ये पॉइंट के बारे में बात करनी
- 2:56:00चाहिए। एक्चुअली दो पॉइंट्स के बारे में
- 2:56:02बात करनी है। अगर मैं आपसे पूछूं कि मोस्ट
- 2:56:06इलेक्ट्रोनेगेटिव एलिमेंट्स कौन है? काम
- 2:56:08आएगा ये। तो दुनिया का सबसे
- 2:56:10इलेक्ट्रोनेगेटिव एलिमेंट फ्लोरीन है। फिर
- 2:56:12ऑक्सीजन है और फिर नाइट्रोजन और क्लोरीन
- 2:56:15लगभग बराबर है। अगर आप देखो तो सबसे
- 2:56:17इलेक्ट्रोनेगेटिव फ्लोरीन है चार। फिर
- 2:56:19ऑक्सीजन है 3.5
- 2:56:22और फिर नाइट्रोजन है थ्री और क्लोरीन भी
- 2:56:24थ्री ही है। लगभग-लगभग बराबर है। तो ये
- 2:56:26सबसे इलेक्ट्रोनेगेटिव हो गए इसके। ठीक
- 2:56:28है? अब इसी के अलावा एक और क्वेश्चन
- 2:56:32वो क्या है भैया? कि अगर मैं बोलूं कि
- 2:56:34फ्लोरीन
- 2:56:36इज
- 2:56:38मोर
- 2:56:40इलेक्ट्रोनेगेटिव देन
- 2:56:44क्लोरीन
- 2:56:45बट
- 2:56:48इलेक्ट्रॉन गेन एंथैल्पी
- 2:56:51ऑफ फ्लोरीन
- 2:56:54इज़
- 2:56:56लेस नेगेटिव
- 2:56:59देन क्लोरीन इज़ लेस नेगेटिव देन एंड
- 2:57:03क्लोरीन बिकॉज़ ऑफ
- 2:57:07बिकॉज़ ऑफ
- 2:57:10स्मॉलर साइज
- 2:57:13एंड
- 2:57:16इन कमिंग
- 2:57:19इलेक्ट्रॉन सफर्स
- 2:57:23रिपल्शन।
- 2:57:28यानी इलेक्ट्रॉन से ज्यादा प्यार तो
- 2:57:30फ्लोरिंग करता है लेकिन इलेक्ट्रॉन को पा
- 2:57:33लेने के बाद फ्लोरीन इलेक्ट्रॉन को पा
- 2:57:36लेने के बाद फ्लोरीन उतना खुश नहीं होता
- 2:57:38है क्योंकि उसका साइज छोटा है। ये सवाल
- 2:57:41एग्जाम के लिए बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट है।
- 2:57:44हां जी सर। हां जी।
- 2:57:45बुक ग्रीन
- 2:57:46अच्छा अच्छा ओके सर। ये सवाल एग्जाम के
- 2:57:49लिए अरे नहीं नहीं कोई नहीं। ये सवाल
- 2:57:51एग्जाम के लिए काफी ज्यादा इंपॉर्टेंट है
- 2:57:54कि इलेक्ट्रॉन से ज्यादा प्यार एक्चुअली
- 2:57:56में कौन करता है? इलेक्ट्रॉन से ज्यादा
- 2:57:58प्यार एक्चुअली में कौन करता है? अ
- 2:58:00फ्लोरीन। लेकिन इलेक्ट्रॉन को पा लेने के
- 2:58:03बाद ज्यादा खुश एक्चुअली में क्लोरीन हो
- 2:58:06रहा है क्योंकि उसका साइज काफी छोटा है।
- 2:58:08एग्जाम के लिए काफी इंपॉर्टेंट सवाल है
- 2:58:10ये। डन है। चलो अब अगर आगे बात करें बेटा
- 2:58:13तो काइंड ऑफ मैंने आपको कहा था कि चैप्टर
- 2:58:16का मेजर हिस्सा जो है वो निकल चुका है। अब
- 2:58:18हमें क्या पढ़ना है? अगर आपको याद हो पूरी
- 2:58:20पीरियडिक टेबल में चार ब्लॉक्स हैं। एस
- 2:58:22ब्लॉक, पी ब्लॉक, डी ब्लॉक और एफ ब्लॉक।
- 2:58:25अब हमारे 11th क्लास के सीबीएसई के सिलेबस
- 2:58:30में पहले एस ब्लॉक और एक पी ब्लॉक करके
- 2:58:35चैप्टर हुआ करता था। बहुत सारे एंट्रेंस
- 2:58:38एग्जाम में अभी भी आता है। लेकिन सीबीएसई
- 2:58:40में यानी एनसीईआरटी में से ये चैप्टर हटा
- 2:58:42दिया गया है। अगर सबके पास नई वाली
- 2:58:44एनसीईआरटी है तो उनको पता ही होगा। लेकिन
- 2:58:46पहले एस ब्लॉक करके एक पूरा चैप्टर होता
- 2:58:49था जिसमें पूरा एस ब्लॉक पढ़ते थे। फिर पी
- 2:58:51ब्लॉक करके एक चैप्टर होता था जिसमें हम
- 2:58:53पी ब्लॉक के 13th और 14th ग्रुप को पढ़ते
- 2:58:56थे। 13th और 14th ग्रुप को पढ़ते थे। फिर
- 2:58:5912th क्लास में हमारे पास पी ब्लॉक फिर से
- 2:59:02आता था जिसमें हम लोग 15, 16, 17 और 18
- 2:59:08ग्रुप को पढ़ते थे बचे हुए को 12th में।
- 2:59:11और 12th में एक चैप्टर होता था और ये अभी
- 2:59:14भी है डी एंड एफ ब्लॉक जहां पे हम डी के
- 2:59:17बारे में और एफ के बारे में मिलके एक
- 2:59:19चैप्टर बनाया गया था। बिकॉज़ आपको पता है
- 2:59:21एस और पी वाले ये और ये वाले
- 2:59:23रिप्रेजेंटेटिव एलिमेंट्स हैं। इनके बारे
- 2:59:25में बहुत अच्छी-अच्छी पढ़ाई हम करते हैं।
- 2:59:27लेकिन ये और ये बदतमीज़ हैं थोड़े से जिसकी
- 2:59:29वजह से इनकी ज्यादा पढ़ाई नहीं होती है।
- 2:59:31मतलब होती है। हमें नहीं पढ़नी होती है 10थ
- 2:59:34तक 12थ तक। इसलिए डीएनएफ करके एक चैप्टर
- 2:59:36है। ये अभी भी है। ये अभी भी है। ये अभी
- 2:59:38भी है। लेकिन ये वाले चैप्टर्स हमारे
- 2:59:40सिलेबस से 11th और 12th से हटा दिए गए
- 2:59:43हैं। इसीलिए ये जो पढ़ाई है अब उतनी ज्यादा
- 2:59:48मजेदार नहीं रही है। बिकॉज़ अब हमें बस
- 2:59:50उनको ऊपर ऊपर से पढ़ना है। एस ब्लॉक को
- 2:59:52बेसिक-बेसिक लेवल पे पढ़ना है। आओ शुरू
- 2:59:54करते हैं। पी ब्लॉक को पढ़ना है, डी को
- 2:59:56पढ़ना है, एफ को पढ़ना है। बेसिक लेवल पे
- 2:59:58उठाते हैं आ जाओ उनको। ठीक है? एस ब्लॉक
- 3:00:01एलिमेंट्स। एलिमेंट जिनका लास्ट
- 3:00:03इलेक्ट्रॉन s ऑर्बिटल में गिरेगा उन्हें s
- 3:00:05ब्लॉक एलिमेंट कहा जाएगा। द जनरल
- 3:00:08इलेक्ट्रॉनिक कॉन्फ़िगरेशन इलेक्ट्रॉनिक
- 3:00:10कॉन्फ़िगरेशन s ब्लॉक वालों की क्या होगी?
- 3:00:12अगर ये समझ में आ रहा है नहीं तो यहां पे
- 3:00:14थोड़ा सा हर जगह पे गड़बड़ होगी। मैं इसको
- 3:00:17ठीक कर दूंगा। मतलब ये ऊपर उबड़ खाबड़ हो
- 3:00:19गया। लेकिन s ब्लॉक वालों की जो जनरल
- 3:00:21इलेक्ट्रॉनिक कॉन्फ़िगरेशन होगी वो क्या
- 3:00:24होगी? ऑब्वियस सी बात है s ब्लॉक वालों की
- 3:00:26जनरल इलेक्ट्रॉनिक कॉन्फ़िगरेशन में s में
- 3:00:28या तो एक इलेक्ट्रॉन होगा या तो दो होगा।
- 3:00:31और ns क्यों कह रहे हैं? ऑब्वियस सी बात
- 3:00:33है ns इसलिए कह रहे हैं क्योंकि n की
- 3:00:35वैल्यू 1s2 भी हो सकती है। 2s2 भी हो सकती
- 3:00:39है, 3s2 भी हो सकती है, 4s2 भी हो सकती
- 3:00:41है। s ब्लॉक वालों अभी जो हमने पीछे
- 3:00:43लोकेशन वाले क्वेश्चंस किए थे उनमें आपको
- 3:00:45पता ही है इनमें लास्ट इलेक्ट्रॉन s में
- 3:00:47गिरता है। अब s ब्लॉक वालों की कुछ जनरल
- 3:00:50कररेक्टर्स, कुछ जनरल प्रॉपर्टीज़ होती
- 3:00:52हैं। इनमें से कुछ प्रॉपर्टीज़ आपको पता
- 3:00:54है। कुछ आपको काइंड ऑफ याद करनी पड़ेंगी।
- 3:00:57मैं समझाने की कोशिश करूंगा। बट इनमें से
- 3:01:00बहुत सारी प्रॉपर्टीज आपको धीरे-धीरे आगे
- 3:01:01सीखनी थी उन डिटेल्ड चैप्टर्स में। बट
- 3:01:04हमारी सीबीएसई ने वो चैप्टर हटा दिया।
- 3:01:06बहुत दुख भरी बात है। खैर ये सारे के सारे
- 3:01:08बहुत सॉफ्ट मेटल्स हैं। इनका मेल्टिंग और
- 3:01:11बॉइलिंग पॉइंट बहुत लो है। चाहे वो अल्कली
- 3:01:14मेटल हो, चाहे वो अल्कलाइन अर्थ मेटल हो।
- 3:01:16आप सबको पता है। ns1 वाले कौन है? फर्स्ट
- 3:01:19ग्रुप वाले जिनको हम लोगों ने क्या नाम
- 3:01:21दिया है? अल्कली मेटल। ये हम पढ़ चुके हैं
- 3:01:25यार। शायद तीसरी चौथी बार पढ़ रहे हैं इसी
- 3:01:26चैप्टर में। और NH2 जो है उनको हमने बोला
- 3:01:29है एल्कलाइन अर्थ मेटल। अब आप इनमें से
- 3:01:33कोई भी आप मेटल को उठाओ। फर्स्ट ग्रुप
- 3:01:35वाले तो खासकर बहुत ही सॉफ्ट है। फर्स्ट
- 3:01:37ग्रुप वाले तो इतने सॉफ्ट है कि चाकू से
- 3:01:39कट जाते। है ना? सेकंड वाले भी बहुत
- 3:01:41ज्यादा हार्ड नहीं है। ठीक है? इनकी
- 3:01:43आयनाइजेशन एनर्जी बहुत लो है। अब तो आपको
- 3:01:46पता है। अब मैं शुरू में ही पढ़ा देता
- 3:01:48आपको। तो आयनाइज़ेशन का ही मतलब नहीं पता।
- 3:01:51अब तो पता है इनका साइज सबसे बड़ा है।
- 3:01:53पूरे पीरियडिक टेबल में s ब्लॉक वाले सबसे
- 3:01:56बड़े हैं। उनमें भी फर्स्ट ग्रुप वाले
- 3:01:57सबसे बड़े हैं। तो s ब्लॉक वालों का साइज
- 3:01:59सबसे बड़ा है। इलेक्ट्रॉन निकालना सबसे
- 3:02:01आसान है। आयनाइज़ेशन एनर्जी सबसे लो है।
- 3:02:04इसके बाद ये यूनिवैलेंट यानी +1 की
- 3:02:07वैलेंसी शो करते हैं। अल्कली मेटल और
- 3:02:09अल्कलाइन अर्थ मेटल बायवेलेंट यानी +2 की
- 3:02:11वैलेंसी शो करते हैं। ठीक है? ठीक है? ठीक
- 3:02:13है। यह बहुत अच्छे रिड्यूसिंग एजेंट्स भी
- 3:02:16होते हैं। यह अपनी ऑक्सीडेशन करके दूसरों
- 3:02:19की बहुत अच्छे से रिडक्शन करते हैं।
- 3:02:21सोडियम बहुत जल्दी ऑक्सीडाइज होता है। आप
- 3:02:24सबको पता है सोडियम ऑक्साइड कितनी जल्दी
- 3:02:26बनाता है पोटैशियम ऑक्साइड। तो इसलिए बहुत
- 3:02:28अच्छे रिड्यूसिंग एजेंट भी हैं। बाकी
- 3:02:30रेडॉक्स में भी ये आएगा। इनमें से
- 3:02:32ज्यादातर लोग अगर फ्लेम पे रख दिए जाएं,
- 3:02:35आग पे रख दिए जाएं तो कलर्स देते हैं।
- 3:02:37कलर्स। यहां पे थोड़ा बहुत आप याद करो
- 3:02:39स्ट्रक्चर ऑफ एटम इलेक्ट्रॉन एक्साइट होते
- 3:02:42हैं वापस आते हैं तो विजिबल रेज निकालते
- 3:02:44हैं जिसकी वजह से कलर आते हैं। ठीक है?
- 3:02:46इनमें ज्यादातर सभी के सभी आयनिक
- 3:02:48कंपाउंड्स बनाते हैं सिवाय लिथियम और
- 3:02:51बेरिलियम के। क्योंकि इनका साइज बहुत छोटा
- 3:02:53होता है ना। ऊपर से नीचे आओ तो साइज़ बढ़ता
- 3:02:55है। ये दोनों सबसे पहले लोग हैं। यहां पे
- 3:02:57लिथियम है। यहां पे बेरिलियम है। सबसे
- 3:02:59पहलेपले लोग हैं। इनसे इलेक्ट्रॉन निकालना
- 3:03:02थोड़ा सा मुश्किल हो जाता है। इसीलिए ये
- 3:03:04लोग कोवेलेंट कंपाउंड्स बनाने में ज्यादा
- 3:03:06खुश है। बट बाकी सब तो बढ़िया आयनिक
- 3:03:08कंपाउंड्स बनाते हैं। ठीक है? एस ब्लॉक के
- 3:03:10बारे में बात हुई। अब पी ब्लॉक के बारे
- 3:03:12में बात करते हैं। अगेन पी ब्लॉक कौन है
- 3:03:16भैया? पी ब्लॉक वो है जो कि भैया लास्ट
- 3:03:18इलेक्ट्रॉन अपना पी में लेके जाते हैं।
- 3:03:20यानी यहां के लोग। अब पी ब्लॉक की जनरल
- 3:03:22इलेक्ट्रॉनिक कॉन्फ़िगरेशन क्या होगी? तो
- 3:03:25भैया पी ब्लॉक वालों की जनरल इलेक्ट्रॉनिक
- 3:03:27कॉन्फ़िगरेशन होगी n p एक से लेके छह
- 3:03:32कितने भी इलेक्ट्रॉन आ सकते हैं p में। अब
- 3:03:34क्योंकि np में एक से लेकर छह आएंगे तो
- 3:03:37उससे पहले ns भी तो होगा ना। जैसे 4s2
- 3:03:414p 3s2 3p 2s2 2p कुछ तो होगा ना। तो
- 3:03:47इसलिए हम इसको ns 2 भी बोल देते हैं इसके
- 3:03:50आगे। तो ns2 np एक से लेकर छह इसकी
- 3:03:53कॉन्फ़िगरेशन होती है। कौन है पी ब्लॉक
- 3:03:56जिनका लास्ट इलेक्ट्रॉन p में गिरेगा?
- 3:03:58अच्छा अब कररेक्टर्स के बारे में बात करें
- 3:04:01तो इसमें सब आ जाते हैं। जैसे एस ब्लॉक
- 3:04:03वालों में तो सिर्फ मेटल्स थे
- 3:04:04स्ट्रिक्टली। इसमें मेटल्स भी आ सकते हैं,
- 3:04:07नॉन मेटल्स भी आ सकते हैं। इवन मेटलॉइड्स
- 3:04:10भी हैं और लास्ट वाले में तो नोबल गैसेस
- 3:04:12भी हैं। पी ब्लॉक वालों में सबकी
- 3:04:14कॉन्फ़िगरेशन ऐसी होती है सिवाय हीलियम के।
- 3:04:17याद रखना है। यह पढ़ाया जा चुका है।
- 3:04:19एक्सेप्ट हीलियम। हीलियम की कॉन्फ़िगरेशन
- 3:04:22अलग है। है ना भाई? ठीक है। इसके बाद इनके
- 3:04:25बारे में अगर बात करें तो लेफ्ट टू राइट
- 3:04:27जाने पे इनमें नॉन मैटेलिक करैक्टर और
- 3:04:30बढ़ता है और ऊपर से नीचे आने पे मैटेलिक
- 3:04:32करैक्टर बढ़ता है। इसके बाद अगर बात करें
- 3:04:34इनकी आयनाइज़ेशन एनर्जी S ब्लॉक वालों के
- 3:04:37मुकाबले ज्यादा होती है। होनी भी चाहिए।
- 3:04:39लेफ्ट टू राइट जाने पे साइज़ छोटा हो रहा
- 3:04:40है। इलेक्ट्रॉन निकालना मुश्किल हो रहा
- 3:04:42है। तो आयनाइज़ेशन एनर्जी ऑब्वियस सी बात
- 3:04:44है बढ़ जाती है। इसके बाद दे फॉर्म मोस्टली
- 3:04:47कोवेलेंट कंपाउंड्स। क्योंकि यहां पे
- 3:04:49ज्यादातर लोग नॉन मेटल्स हैं और अगर कोई
- 3:04:51मेटल है भी तो उसकी आयनाइज़ेशन एनर्जी
- 3:04:54थोड़ी ज्यादा है क्योंकि इस तरफ है। तो ये
- 3:04:55लोग ज्यादातर कोवेलेंट कंपाउंड बनाने में
- 3:04:58खुश बेहतर रहते हैं। ठीक है? इनका एक से
- 3:05:01ज्यादा ऑक्सीडेशन स्टेट है। ऑक्सीडेशन
- 3:05:04स्टेट का एक्चुअल मतलब आप रेडॉक्स चैप्टर
- 3:05:08में पढ़ोगे। आई होप आपको पता है पूरा का
- 3:05:10पूरा एक चैप्टर है आपका रेडॉक्स रिएक्शन
- 3:05:12करके। उस चैप्टर में आप इसका एक्चुअल मतलब
- 3:05:16सीखोगे। अभी के लिए अभी के लिए आप इसका
- 3:05:19मतलब वैलेंसी मान सकते हो मान सकते हो।
- 3:05:22ऑलदो वैलेंसी और ऑक्सीडेशन नंबर में फर्क
- 3:05:25होता है। बट अभी के लिए आप ऐसा मान सकते
- 3:05:27हो कि दे शो वेरिएबल वैलेंसीज वेरिएबल
- 3:05:30ऑक्सीडेशन स्टेट्स। जैसे आपको पता है
- 3:05:33इसमें फास्फोरस आता है। अब फास्फोरस में
- 3:05:35आपने PCL3 का नाम भी सुना होगा और PCL5 का
- 3:05:38भी सुना होगा। दोनों ही फास्फोरस के
- 3:05:41कंपाउंड्स हैं। एक में फास्फोरस +3 शो
- 3:05:43करता है। एक में +5 ऐसे ही यहां पे और भी
- 3:05:46लोग हैं। ऑक्सीजन भी है। बहुत सारे लोग
- 3:05:48हैं जो अलग-अलग ऑक्सीडेशन स्टेट यानी
- 3:05:50वैलेंसी शो कर सकते हैं। इसके बाद जैसे एस
- 3:05:54ब्लॉक वाले रिड्यूसिंग एजेंट थे। ये वाले
- 3:05:57लोग ऑक्सीडाइजिंग एजेंट हैं। बिकॉज़ ये
- 3:05:59अपनी रिडक्शन बहुत बेहतर तरीके से कर लेते
- 3:06:02हैं। अब एलिमेंट और एस ब्लॉक और पी ब्लॉक
- 3:06:05वालों को मिला के रिप्रेजेंटेटिव कहा जाता
- 3:06:07है। ये हमने पढ़ लिया था। क्योंकि ये लोग
- 3:06:09और ये लोग हमारी प्रॉपर्टीज को अच्छे से
- 3:06:12रिप्रेजेंट करते हैं। एलिमेंट जो कि लास्ट
- 3:06:15ग्रुप में 18 उनकी इलेक्ट्रॉनिक
- 3:06:17कॉन्फ़िगरेशन ns2 np6 होती है। इनको नोबल
- 3:06:19गैस कहते हैं। ग्रुप 17 वालों को हैलोजंस
- 3:06:22और 16 वालों को कैलकुजंस कहते हैं। ये हम
- 3:06:24पहले ही पढ़ चुके हैं। डन है ये तो हमने
- 3:06:26चैप्टर के शुरू में ही पढ़ लिया था। आ जाओ
- 3:06:29भाई। अब डी ब्लॉक वालों के बारे में बात
- 3:06:31कर लेते हैं। अब डी ब्लॉक वालों के बारे
- 3:06:33में क्या बात करें? डी ब्लॉक वाले जो है
- 3:06:37वो बीच में आते हैं S और P के है ना S और
- 3:06:39P के बीच में आते हैं। अब इनमें कुछ बातें
- 3:06:41जान लेते हैं हम। सबसे पहले तो इनकी जनरल
- 3:06:44इलेक्ट्रॉनिक कॉन्फ़िगरेशन जान लेते हैं जो
- 3:06:46कि यहां पे बहुत ही अजीब तरीके से लिखी
- 3:06:48हुई है जो कि अगेन मैं यहां से हटा रहा
- 3:06:51हूं। अब इनकी जनरल इलेक्ट्रॉनिक
- 3:06:54कॉन्फ़िगरेशन
- 3:06:56कैसे लिखेंगे? देखो थोड़ा ध्यान से देखना
- 3:06:58पड़ेगा आपको इनकी जनरल इलेक्ट्रॉनिक
- 3:07:00कॉन्फ़िगरेशन को। ये तो पक्का है कि इनका
- 3:07:03जो लास्ट इलेक्ट्रॉन गिरेगा वो d में
- 3:07:05गिरेगा। अब d में कितने इलेक्ट्रॉन हो
- 3:07:08सकते हैं? d में एक से लेके 10 कितने भी
- 3:07:11इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं। d में एक से लेके
- 3:07:1410 कितने भी इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं।
- 3:07:17लेकिन जो d होता है वो n - 1d होता है।
- 3:07:23यानी कि अगर आप पांचवें शेल में खड़े होते
- 3:07:26हो तो आप d में तो चौथे में आते हो ना।
- 3:07:28भूलो मत। 1s2 2s2 2p6 3s2 3p6 4s2 3d10 तो
- 3:07:344s में जाने के बाद आप 3d में जाते हो या
- 3:07:37फिर 5s में जाने के बाद आप 4d में जाते हो
- 3:07:40यानी कि आप 6s में जाओगे तो 5d में जाओगे
- 3:07:43तो d में n हमेशा ही कम होगा और उसके आगे
- 3:07:45बैठा होगा ns है ना जैसे 4s2
- 3:07:493d 10 या नाइन जो भी है। तो ये फोर है और
- 3:07:53ये थ्री है। तो अगर ये n है तो ये n - 1
- 3:07:56होता है ना? अब s में कितने इलेक्ट्रॉन आ
- 3:07:58सकते हैं? आंसर है दो। तो आपका मन कर रहा
- 3:08:00होगा कि मैं ऐसे लिखूं ns2 n - 1 d एक से
- 3:08:05लेके 10। क्यों? क्योंकि d में 10
- 3:08:09इलेक्ट्रॉन आते हैं और s में दो आएंगे तभी
- 3:08:10तो यहां जाएंगे। बट याद करो क्रोमियम और
- 3:08:13कॉपर का एक्सेप्शनल केस अगर आपने सेकंड
- 3:08:15चैप्टर पढ़ा है तो। तो क्रोमियम में आप
- 3:08:174s1 और 3d5 लिखते हो। और कॉपर में आप 4s1
- 3:08:223d10 लिखते हो। यानी आप s में एक्चुअली
- 3:08:26में एक ही इलेक्ट्रॉन भरते हो क्योंकि वो
- 3:08:27जंप करता है अगर आपने सेकंड चैप्टर पढ़ा है
- 3:08:30तो। तो यानी जो s है उसमें जरूरी नहीं है
- 3:08:33दो इलेक्ट्रॉन ही आएंI ऐसा भी हो सकता है
- 3:08:35कि s में सिर्फ एक इलेक्ट्रॉन आए और आप
- 3:08:38आगे जाओI तो इसलिए ns में भी हम एक से
- 3:08:40लेके दो लिखेंगे और N - 1d एक से 10
- 3:08:44लिखेंगे। लेकिन पी में हमने ऐसा नहीं
- 3:08:46किया। p में कभी ऐसा नहीं होता है। p में
- 3:08:48आप s में दो इलेक्ट्रॉन ही भरोगे और फिर p
- 3:08:51में जाओगे।
- 3:08:53लेकिन यहां पर s में आप एक या दो भी भर
- 3:08:55सकते हो। उसके बाद आप d में जाते हो। ठीक
- 3:08:57है? तो भैया ये जो n - 1 यानी जब एक शेल
- 3:09:01कम में आते हैं हम इसे कहा जाता है
- 3:09:03पेनल्टीमेट शेल। जब एक शेल कम में आते हैं
- 3:09:06इसे क्या कहा जाता है? पेनल्टीमेट शेल।
- 3:09:08पेनल्टीमेट शेल। तो एक्चुअली में इसमें
- 3:09:10लास्ट इलेक्ट्रॉन डी में भरते हैं और एक
- 3:09:12शेल कम में भरते हैं जिसको पेनल्टीमेट शेल
- 3:09:14भी कहते हैं। ठीक है? डी ब्लॉक के लोगों
- 3:09:16को ट्रांजिशन कहते हैं। इसमें अलग-अलग
- 3:09:19सीरीज होती है। 3D सीरीज, 4D सीरीज, 5D
- 3:09:22सीरीज। है ना? अगर आपको पीरियडिक टेबल याद
- 3:09:25हो तो मतलब मैंने कहा तो था वैसे खोल के
- 3:09:27रख लेना। लेकिन 3D सीरीज, 4D सीरीज, 5D
- 3:09:30सीरीज अगर ये याद है, तो इसमें ये वाली
- 3:09:32सीरीज़ कौन सी है? 3d यहां से शुरू हो रहे
- 3:09:34हैं ये। स्कैडियम। स्कैंडियम की
- 3:09:36इलेक्ट्रॉनिक कॉन्फ़िगरेशन क्या है?
- 3:09:394s2 3d1 4s2 3d2 तो इसमें सब में
- 3:09:44इलेक्ट्रॉन आप 3d में भर रहे हो। इसलिए
- 3:09:46इसको 3d सीरीज कहते हैं। ये 4d सीरीज है।
- 3:09:48ये 5d सीरीज है और ये 6d सीरीज है। है ना?
- 3:09:51ऐसे इन अलग-अलग सीरीज का नाम है। ठीक है।
- 3:09:54ठीक है। ठीक है। डन है जी। डन है जी। डन
- 3:09:57है। ठीक है। अब आगे इनके बारे में अगर
- 3:10:00पढ़ें तो पहली सीरीज वही मैंने आपको बता
- 3:10:02दिया। ये याद नहीं करना है। बस नॉलेज के
- 3:10:03लिए बताया है कि जो पहली सीरीज है वो
- 3:10:05स्कैंडियम से लेके जिंक तक है। ये याद
- 3:10:08नहीं करना है। ऐसी अगली सीरीज आपके पास
- 3:10:10फिर अगली सीरीज फिर अगली सीरीज। ये नॉलेज
- 3:10:12के लिए बताया हुआ है कि पहली सीरीज जो 3D
- 3:10:15सीरीज है वो 21 से 30 तक है। 21 से 30 तक
- 3:10:18है। यानी कि स्कैंडियम से जिंक तक है।
- 3:10:21मेरे को भी आगे की याद नहीं है। मेरे को
- 3:10:22भी यही तक याद है। ये तक इसलिए याद है
- 3:10:24बिकॉज़ 30 तक हमने याद करना ही है। उसके
- 3:10:27आगे मेरे को भी याद नहीं है। आपको भी नहीं
- 3:10:28करना है। बस बताया जा रहा है कि ऐसा होता
- 3:10:30है। ठीक है? इसके बाद डी ब्लॉक वालों के
- 3:10:32कुछ जनरल कररेक्टर्स पढ़ लेते हैं आओ।
- 3:10:34सबसे पहला सारे के सारे बहुत स्ट्रांग
- 3:10:37मेटल्स हैं। हाई मेल्टिंग और बॉइलिंग
- 3:10:40पॉइंट है इनका। अगेन मरकरी वगैरह
- 3:10:42एक्सेप्शनल केसेस हैं। ज्यादातर यहां पे
- 3:10:44बनाते हैं कलर्ड कंपाउंड्स। ये जब रिएक्ट
- 3:10:47होते हैं किसी के साथ तो करण कंपाउंड्स
- 3:10:49फॉर्म करते हैं। इनके पास कॉम्प्लेक्स
- 3:10:52बनाने की यानी एक नए प्रकार के बॉन्ड
- 3:10:54जिसको हम कोऑर्डिनेट बॉन्ड बोलते हैं ये
- 3:10:57बनाने की बहुत ही अच्छी क्षमता है जो कि
- 3:11:00आप सीखोगे धीरे-धीरे। आई होप आपको याद हो
- 3:11:0310थ में मैंने बताया था कि बॉन्ड तीन
- 3:11:05प्रकार का होता है। आयनिक बॉन्ड, कोवलेंट
- 3:11:07बॉन्ड और कोऑर्डिनेट। तो कोऑर्डिनेट बॉन्ड
- 3:11:09तो आपने पढ़ा भी नहीं है अभी। तो इससे आप
- 3:11:11ये तो नहीं समझ पाओगे बस इतना समझ लो कि
- 3:11:13ये बहुत अच्छे से कोऑर्डिनेट बॉन्ड बना
- 3:11:15लेते हैं। है ना? अभी के लिए आप इसको छोड़
- 3:11:17सकते हो। बट आप आगे जाके पढ़ोगे धीरे-धीरे
- 3:11:20कि आयनिक बॉन्ड तो आप सबको पता है। कोवेंट
- 3:11:23बॉन्ड जैसे फर्स्ट ग्रुप वाले आयनिक बॉन्ड
- 3:11:24बना रहे हैं। S ब्लॉक वाले पी वाले
- 3:11:26कोवलेंट बना रहे हैं। ये लोग कोवेलेंट भी
- 3:11:29बनाते हैं, आयनिक भी बनाते हैं। लेकिन ये
- 3:11:31लोग कोऑर्डिनेट भी बना सकते हैं। एक नए
- 3:11:34प्रकार का बॉन्ड होता है। अगेन अभी अपनी
- 3:11:36मुश्किलें बढ़ाओ मत। ये वाले लोग
- 3:11:38पैरामैग्नेटिक होते हैं। पैरामैग्नेट का
- 3:11:41मतलब होता है
- 3:11:43अट्रैक्टेड बाय मैग्नेट। ये आसानी से
- 3:11:45मैग्नेट से अट्रैक्ट हो जाते हैं। ठीक है
- 3:11:48ना? अट्रैक्टेड बाय अ मैग्नेट। ये मैग्नेट
- 3:11:51से अट्रैक्ट हो जाते हैं। ठीक है? इनके
- 3:11:54पास भी बहुत सारी ऑक्सीडेशन स्टेट है। अभी
- 3:11:57के लिए ऑक्सीडेशन स्टेट का मतलब वैलेंसी
- 3:11:59समझ सकते हो। अब मोस्ट ऑफ द ट्रांजिशन
- 3:12:01एलिमेंट जैसे कि मैंगनीज, निक, कोबाल्ट,
- 3:12:04क्रोमियम, वेलनिडियम, प्लेटिनम ये सब बहुत
- 3:12:06अच्छे कैटेलिस्ट्स हैं। ये बहुत अच्छे
- 3:12:09कैटेलिस्ट के रूप में काम आते हैं।
- 3:12:11रिएक्शंस को फास्ट करने में हेल्प करते
- 3:12:14हैं। डन है? फिर आते हैं हमारे पास एफ
- 3:12:17ब्लॉक एलिमेंट्स। देख के डरना मत। कुछ भी
- 3:12:20नहीं लिखा हुआ है। आओ। एफ ब्लॉक एलिमेंट
- 3:12:22की सबसे पहले तो जनरल इलेक्ट्रॉनिक
- 3:12:25कॉन्फ़िगरेशन लिख लेते हैं। ठीक है? लेकिन
- 3:12:27एफ ब्लॉक के बारे में यहां पे क्या-क्या
- 3:12:29लिखा हुआ है? देखो भाई डरने वाली बात ही
- 3:12:31नहीं है। ज्यादा पढ़ना ही नहीं है इनके
- 3:12:33बारे में। द एलिमेंट जिसमें लास्ट
- 3:12:35इलेक्ट्रॉन f में गिरेगा। इन्हें f ब्लॉक
- 3:12:36एलिमेंट कहेंगे हम लोग। ठीक है? इन्हें f
- 3:12:38ब्लॉक एलिमेंट कह देंगे। लास्ट इलेक्ट्रॉन
- 3:12:41जो है वो ऐड होता है नीचे के दो शेल में।
- 3:12:44जैसे ns2
- 3:12:46में हम d में एक कम जाते हैं ना। d में एक
- 3:12:49कम जाते हैं ना? हम एफ में एक और कम जाते
- 3:12:53हैं। यानी अगर आप 7s में खड़े हो तो आप 6d
- 3:12:57में तो जाओगे ही लेकिन आपको 5f में जाना
- 3:13:01होगा। आप कॉन्फ़िगरेशन कर लो अफबाऊ जी के
- 3:13:04हिसाब से आपने आज तक मुझे लगता है जब से
- 3:13:06कॉन्फ़िगरेशन करना सीखा है। आपने f में
- 3:13:09इलेक्ट्रॉन कहीं भरा ही नहीं जिसकी वजह से
- 3:13:10आपको ये बात शायद समझ में नहीं आ रही है।
- 3:13:12बट अगर आप 7s में खड़े हो तो एक्चुअली में
- 3:13:16आपको फाइवf में जाना होता है। तो d में आप
- 3:13:18एक कम में जाते हो। लेकिन एफ में तो आप दो
- 3:13:21कम में चले जाते हो। दो कम में जाते हो।
- 3:13:24यस। s में आप अगर n में हो तो d में आप n
- 3:13:29- 1 जाते हो और f में आपको n - 2 जाना
- 3:13:32होता है। और n - 2 जाने को जैसे n - 1
- 3:13:36जाने को हमने पेनल्टीमेट शेल कहा। ऐसे ही
- 3:13:39n - 2 जाने को हम एंटी पेनल्टीमेट शेल
- 3:13:42कहते हैं। एंटी पेनल्टीमेट शेल कह देते
- 3:13:45हैं। ठीक है? इसमें दो लोग आते हैं। आपको
- 3:13:48पता है लैंथेनम से आगे वाले जिनको
- 3:13:51लैंथेनॉइड बोला गया। यह हम पढ़ चुके हैं।
- 3:13:53और फिर इनको रेयर अर्थ एलिमेंट भी कहते
- 3:13:56हैं। और फिर ऑक्टेनियम के बाद आने वाले
- 3:13:59जिनको ऑक्टेनाइड कहा जाता है। ऑक्टेनाइड्स
- 3:14:02या ऑक्टेनाइड्स ऐसे भी स्पेलिंग है इनकी।
- 3:14:04और यह रेडियोएक्टिव होते हैं। डन है? यह
- 3:14:07हम पढ़ चुके हैं सब सिवाय इसके कि इनमें जो
- 3:14:10इलेक्ट्रॉन है वो n - 2 में भरा जाता है
- 3:14:12और उसे एंटी पेनल्टीमेट शेल कहते हैं। अब
- 3:14:15इनकी जनरल इलेक्ट्रॉनिक कॉन्फ़िगरेशन
- 3:14:17ऑब्वियस सी बात है ऐसी हो जाएगी। अब इसको
- 3:14:19ऐसे लिख लो चाहे ऐसे लिख लो। अगेन ऐसे
- 3:14:22लिखने पे कंफ्यूजन होती है। तो मैं तो
- 3:14:24इसके खिलाफ रहता हूं। मैं तो अफबाऊ जी के
- 3:14:27हिसाब से हमेशा लिखता हूं। कैसे? कैसे?
- 3:14:32तो भाई अगर मैं ns में खड़ा हुआ हूं तो n
- 3:14:36- 1 d में रहूंगा। अब d में आ तो 10 सकते
- 3:14:41हैं लेकिन आपको पता है d में आ तो 10 सकते
- 3:14:44हैं लेकिन हमें 10 तक का वेट तो करना ही
- 3:14:46नहीं है। अगर आपको याद हो कि हमने इन्हें
- 3:14:47कहां से निकाला हुआ है। तो हमने इन्हें
- 3:14:49यहां से निकाला हुआ है। यहां से याद करो।
- 3:14:51तो D या तो शुरू होते हैं या तो नहीं
- 3:14:54होते। या तो D ज़ीरो है या तो D वन है। तो
- 3:14:57D आगे नहीं जाना है। आगे 3 4 5 6 नहीं
- 3:15:00जाना है। तो D में या तो ज़ीरो है या तो वन
- 3:15:02है। जनरली ज़ीरो ही होते हैं। वन
- 3:15:04एक्सेप्शनल केसेस में आते हैं। बढ़ाते हैं।
- 3:15:06ठीक है? वो बाद की बात है। अभी हम जनरल
- 3:15:08कररेक्टर्स पढ़ रहे हैं। एक्सेप्शनल केस तो
- 3:15:10बहुत दूर की बात है। कहां गया? हां। तो
- 3:15:12यानी कि ns2 है और d में जो कि n - 1 होगा
- 3:15:16उसमें ज़ीरो या फिर एक इलेक्ट्रॉन रहेगा।
- 3:15:19लेकिन हां n - 2 ये पेनल्टीमेट शेल ये
- 3:15:23एंटी पेनल्टीमेट शेल f में एक से लेके 14
- 3:15:26कितने भी इलेक्ट्रॉन आ सकते हैं। डन हो
- 3:15:29गया क्या? अब एफ ब्लॉक वालों के बारे में
- 3:15:32कुछ छोटी-मोटी बातें हो जाए। ज्यादा नहीं
- 3:15:34पढ़ना है। ये हैवी मेटल्स हैं। इनकी भी
- 3:15:36हाई मेल्टिंग और बॉइलिंग पॉइंट है। ये भी
- 3:15:38वेरिएबल ऑक्सीडेशन स्टेट मतलब वेरिएबल
- 3:15:40वैलेंसी शो करते हैं। ये भी कलर्ड आयंस
- 3:15:43बनाते हैं। कलर्ड आयंस रंग बिरंगे आयंस
- 3:15:46बनाते हैं। एंड ऑक्टेनाॉइड्स रेडियोएक्टिव
- 3:15:48है। पढ़ लिया। डन है। क्या हो गया? कुछ भी
- 3:15:51नहीं है। डन। लंबी सांस लो। 40 मिनट हो गए
- 3:15:55पढ़ते हुए हमें
- 3:15:58इलेक्ट्रॉन गेन एंथैल्पी से। हम
- 3:16:03बस
- 3:16:05मैक्सिमम
- 3:16:0710 से ले 15 मिनट मैक्सिमम 15 से ले 20
- 3:16:10मिनट का काम रह गया बस ठीक है आओ
- 3:16:13लंबी-लंबी सांस ले लो ले लिया ले लिया चलो
- 3:16:18अब बात करते हैं किसके बारे में एक छोटा
- 3:16:20सा ऐसे ही नाम ट्रांस यूरेनियम एलिमेंट
- 3:16:24हमारी केमिस्ट्री ने पता नहीं क्यों ऐसा
- 3:16:25किया मेरे को तो आज तक कभी जरूरत नहीं
- 3:16:27पड़ी क्या पता आगे पढ़ती हो कहीं मुझे
- 3:16:29पड़ी नहीं है लेकिन यूरेनियम के बाद
- 3:16:31पीरियडिक टेबल में यूरेनियम के बाद जितने
- 3:16:35भी एलिमेंट्स आए उनको ट्रांस यूरेनियम
- 3:16:38एलिमेंट्स कहा गया। छोटा सा काम है। एक आध
- 3:16:41नंबर में पूछ सकते हैं। कोई टेंशन नहीं
- 3:16:43है। छोटा सा एक आध नंबर में पूछ सकते हैं।
- 3:16:45आओ अब इस पेज पे पढ़ते हैं अलग-अलग प्रकार
- 3:16:48के एटॉमिक रेडियस ओरली। और फिर यहां पे हम
- 3:16:52लोग लॉन्ग फॉर्म ऑफ़ पीरियडिक टेबल जो हम
- 3:16:55पढ़ रहे थे उसके फायदे। और यहां पे उसके
- 3:16:57नुकसान पढ़ के चैप्टर को खत्म कर लेंगे। आ
- 3:17:00जाओ। चलो आओ खुश हो जाओ। चलो सबसे पहले
- 3:17:04बात तो जो हमारे पास एटॉमिक रेडियस है।
- 3:17:10एटॉमिक रेडियस है।
- 3:17:15एटॉमिक रेडियस तो पता ही है आपको क्या?
- 3:17:17एटम
- 3:17:19में जो न्यूक्लियस है और जो आउटरमोस्ट शेल
- 3:17:22है उसके बीच का गैप इसे हम एटॉमिक रेडियस
- 3:17:24कहते हैं। लेकिन एटॉमिक रेडियस जो होता है
- 3:17:28ये कितने प्रकार का हो सकता है? एटॉमिक
- 3:17:31रेडियस जो है ये कितने प्रकार का हो सकता
- 3:17:33है? तो आंसर है ये चार प्रकार का हो सकता
- 3:17:36है।
- 3:17:38पहला होता है हमारे पास आयनिक रेडियस। फिर
- 3:17:43होता है हमारे पास कोवेलेंट रेडियस। फिर
- 3:17:45होता है हमारे पास मैटेलिक रेडियस और फिर
- 3:17:48होता है हमारे पास वंडर वाल रेडियस।
- 3:17:50कौन-कौन सा रेडियस भैया? आयनिक, कोवेलेंट,
- 3:17:54मैटेलिक और वंडर वाल। आओ एक-एक करके पढ़ते
- 3:17:56हैं। कोवेलेंट रेडियस।
- 3:18:02कोवेलेंट रेडियस।
- 3:18:05जब मैं दो एटम में से जब मैं रेडियस को
- 3:18:08कैलकुलेट करना चाहूंगा। मान लो मुझे किसी
- 3:18:10एटम का रेडियस कैलकुलेट करना है। तो क्या
- 3:18:13प्रोसेस होगा? अगर उसने कोवेलेंट बॉन्ड
- 3:18:16बना रखा होगा तो अब अगर उसने कोवेंट बॉन्ड
- 3:18:19बना रखा होगा तो वो ओवरलैप हो रखा होगा।
- 3:18:22ठीक है? तो उनके जो न्यूक्लियस होंगे उनके
- 3:18:26बीच में एक डिस्टेंस होगा। लेट अस सपोज वो
- 3:18:29डिस्टेंस x है। तो अगर मुझे कोवेलेंट
- 3:18:32रेडियस निकालना होगा
- 3:18:35तो कोवेलेंट रेडियस निकालने के लिए मैं इस
- 3:18:40x को टू से डिवाइड कर दूंगा। तो मुझे एक
- 3:18:42एटम का रेडियस मिल जाएगा। और आप जो सोच
- 3:18:44रहे हो बिल्कुल सही सोच रहे हो कि
- 3:18:46कोवेलेंट रेडियस अगर मैं निकालूंगा तो वो
- 3:18:48मेरे एक्चुअल एटम के रेडियस से छोटा आएगा
- 3:18:51या बड़ा आएगा? तो मेरे एक्चुअल एटम के
- 3:18:54रेडियस से वो छोटा आएगा। बिकॉज़ यहां पे
- 3:18:57कुछ डिस्टेंस कॉमन भी है जो हमने कंसीडर
- 3:18:59नहीं किया है। एंड वो हम कंसीडर कर भी
- 3:19:02नहीं सकते।
- 3:19:03यानी कि अगर मुझे कोवेलेंट रेडियस निकालना
- 3:19:07है तो दो एटम जिन्होंने आपस में कोवेलेंट
- 3:19:09बॉन्ड बनाया हुआ है जो कि सेम है उनके
- 3:19:11न्यूक्लियस के बीच के डिस्टेंस को डिवाइड
- 3:19:14बाय टू कर देना है। बट आप इतना ध्यान रखना
- 3:19:16कि जो कोवेलेंट रेडियस है वो एक्चुअल
- 3:19:19रेडियस से छोटा ही आता है। कोवेलेंट
- 3:19:23रेडियस
- 3:19:25स्मॉलर होता है एक्चुअल रेडियस से। क्यों
- 3:19:28स्मॉलर होता है? क्योंकि
- 3:19:32यहां पे आपने इस कॉमन डिस्टेंस को तो
- 3:19:34कंसीडर ही नहीं किया है। ठीक है ना? फिर
- 3:19:36आता है हमारे पास आयनिक रेडियस। अब आयनिक
- 3:19:40रेडियस में दो रेडियस होते हैं। मान लेते
- 3:19:43हैं कि भैया दो लोगों ने आयनिक बॉन्ड बना
- 3:19:45रखा है। एक कैटायन है और एक एनायन है। अब
- 3:19:49कैटायन और एनायन में कौन बड़ा होता है?
- 3:19:51इसके लिए आपको न्यूक्लियर चार्ज याद करना
- 3:19:54होगा बेटा। हमने पीछे पढ़ा न्यूक्लियर
- 3:19:57चार्ज। न्यूक्लियर चार्ज जब बढ़ता है तो
- 3:20:02साइज छोटा होता है। यह मैं आपको सिखा चुका
- 3:20:05हूं। अब न्यूक्लियर चार्ज बढ़ता कैसे? जब
- 3:20:09कोई इलेक्ट्रॉन डोनेट करता है ये भी मैं
- 3:20:11आपको सिखा चुका हूं। तो क्या इसका मतलब ये
- 3:20:14हो गया कि अगर एक आयनिक कंपाउंड बना हुआ
- 3:20:16है तो आयनिक रेडियस दो प्रकार के हो गए।
- 3:20:19एक हो गया कैटायनिक रेडियस
- 3:20:24और एक हो गया एनायनिक रेडियस। है ना? अब
- 3:20:28कैटायनिक रेडियस में जो कैटायन होता है
- 3:20:32उसका साइज हमेशा छोटा होता है अपने पेरेंट
- 3:20:36एटम से। यानी कि Na+ का साइज हमेशा Na से
- 3:20:42छोटा होगा। अब ऐसा क्यों कह रहे हैं हम?
- 3:20:44बताओ। Na+ का साइज Na से हमेशा छोटा होगा।
- 3:20:48बताओ ऐसा क्यों कह रहे हैं? ऐसा इसलिए कह
- 3:20:50रहे हैं एग्जाम में पूछ लेंगे भैया आप।
- 3:20:52ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि इलेक्ट्रॉन
- 3:20:57इलेक्ट्रॉन
- 3:21:00के लॉस से न्यूक्लियर चार्ज इलेक्ट्रॉन के
- 3:21:05लॉस से न्यूक्लियर चार्ज बढ़ जाता है और
- 3:21:08न्यूक्लियर चार्ज के बढ़ने से साइज कम हो
- 3:21:11जाता है। जिसकी वजह से कैटायंस का साइज
- 3:21:14हमेशा अपने पेरेंट से छोटा होता है। अब
- 3:21:17अगर मान लो कोई ज्यादा
- 3:21:21नंबर ऑफ इलेक्ट्रॉन्स डोनेट कर सकता है।
- 3:21:23जैसे एलुमिनियम है। उसने तीन इलेक्ट्रॉन
- 3:21:26डोनेट किए हुए हैं। उसने दो इलेक्ट्रॉन
- 3:21:28डोनेट किए हुए हैं। उसने एक इलेक्ट्रॉन
- 3:21:30डोनेट किया हुआ है और उसने एक भी नहीं
- 3:21:32किया हुआ है। तो आई होप आपको पता है कि
- 3:21:34जितना ज्यादा इलेक्ट्रॉन लूज़ करते चले
- 3:21:37जाओगे उतना न्यूक्लियर चार्ज बढ़ता चला
- 3:21:39जाएगा और साइज छोटा होता चला जाएगा। तो
- 3:21:42यानी सबसे बड़ा एलुमिनियम है। फिर
- 3:21:44एलुमिनियम प्लस है और फिर एलुमिनियम +2 और
- 3:21:46एलुमिनियम +3 सबसे छोटा हो गया इनमें।
- 3:21:50और एनायन में आई होप आप समझ ही गए सब कुछ
- 3:21:53उल्टा होगा। एनायन में सब कुछ उल्टा होगा।
- 3:21:56एनायन का साइज अपने पेरेंट से बड़ा होगा।
- 3:22:00अगेन रीज़ बिल्कुल उल्टा है। बट एग्जांपल
- 3:22:04के तौर पे
- 3:22:06Cl- का साइज बड़ा होगा Cl से। रीज़न वही है
- 3:22:10कि अगर आपने इलेक्ट्रॉन गेन किया है
- 3:22:14इलेक्ट्रॉन
- 3:22:16गेन किया है तो न्यूक्लियर चार्ज
- 3:22:20न्यूक्लियर चार्ज
- 3:22:23आपका कम हो गया होगा जिसकी वजह से साइज बढ़
- 3:22:27गया होगा और सेम रीज़न अगर वहां पे वापस आए
- 3:22:30तो अगर कोई तीन इलेक्ट्रॉन गेन कर रहा है
- 3:22:32मान लो नाइट्रोजन -3 है। मान लो नाइट्रोजन
- 3:22:35-2 है। मान लो नाइट्रोजन है। माइनस और
- 3:22:39नाइट्रोजन है। तो इनमें जितना ज्यादा
- 3:22:41इलेक्ट्रॉन गेन करते चले जाओगे न्यूक्लियर
- 3:22:44चार्ज कम होगा। साइज बढ़ेगा। तो सबसे बड़ा
- 3:22:47साइज यहां पे n - 3 फिर n - 2 फिर n - और
- 3:22:51फिर n का हो जाएगा। एज़ सिंपल एज दैट। फिर
- 3:22:55आता है मैटेलिक रेडियस। मैटेलिक रेडियस
- 3:22:57कुछ भी नहीं है। मैटेलिक रेडियस का मतलब
- 3:23:00है जब
- 3:23:03मैटेलिक रेडियस का मतलब है जब मेटल्स ने
- 3:23:05मटेलिक बॉन्ड बना रखा होता है तो वो एक
- 3:23:08एटम दूसरे एटम के साथ बैठा होता है। साथ
- 3:23:11बैठा होता है। साथ बैठा होता है। साथ बैठा
- 3:23:13होता है। साथ बैठा होता है। लैटिस बना हुआ
- 3:23:16बोलते हैं। लैटिस को हम अगले चैप्टर में
- 3:23:18पढ़ेंगे। है ना? अब मुझे अगर मैटेलिक
- 3:23:20रेडियस निकालना है तो मैं कैसे निकालूंगा?
- 3:23:22ये सारे एटम्स के बीच के डिस्टेंस को
- 3:23:25जितने भी एटम्स हैं उनसे डिवाइड कर दूंगा।
- 3:23:27मान लो यहां पे 1 2 3 4 पांच एटम्स हैं।
- 3:23:32अब पांच एटम्स
- 3:23:34का बीच का डिस्टेंस निकाल लिया। ठीक है?
- 3:23:37मान लो ये x ये टोटल जो डिस्टेंस है वो x
- 3:23:40आया। ये टोटल जो डिस्टेंस है वो x आया। तो
- 3:23:43यहां से मुझे अगर डायमीटर निकालना होगा।
- 3:23:46इतनी मैथ्स तो आती है आपको। करना आपको कुछ
- 3:23:48भी नहीं है। तो बस समझना है। तो अगर आपको
- 3:23:50डायमीटर निकालना होगा तो पांचों एटम
- 3:23:54की लंबाई x है। उसको पांच से डिवाइड कर
- 3:23:56देंगे तो एक का डायमीटर आ जाएगा। एक का
- 3:23:59डायमीटर आया तो उससे रेडियस भी। आपको करना
- 3:24:01कुछ भी नहीं है। इन सब में सवाल सिर्फ
- 3:24:03यहीं से आएगा कि बताओ कैटायन का साइज अपने
- 3:24:06पेरेंटल एटम से बड़ा क्यों होता है? और
- 3:24:08छोटा क्यों होता है? और एनायन का साइज
- 3:24:10बड़ा क्यों होता है? यही वाला सवाल आएगा।
- 3:24:12चलो मान लो क्वेश्चन आया व्हाई साइज ऑफ़
- 3:24:15कैटायन? मान लो क्वेश्चन आ गया व्हाई साइज
- 3:24:18ऑफ कैटायन इज स्मॉलर देन इट्स पैरेंटल
- 3:24:21एटम? साइज ऑफ कैटायन अपने पैरेंटल एटम से
- 3:24:24छोटा क्यों होता है? मान लो ये क्वेश्चन आ
- 3:24:26गया। तो क्या आंसर दोगे? छोटा क्यों होता
- 3:24:29है? तो आंसर है साइज ऑफ़ कैटायन इज़ स्मॉलर
- 3:24:32देन इट्स पैरेंटल एटम। बिकॉज़ व्हाई?
- 3:24:35व्हाई? बिकॉज़ बिकॉज़ ऑफ़ हायर न्यूक्लियर
- 3:24:38चार्ज। एंड हायर न्यूक्लियर चार्ज की वजह
- 3:24:40से देयर इज़ मोर अट्रैक्शन एंड डिक्रीज इन
- 3:24:44साइज अकर्स। और कॉन्ट्रैक्शन इन साइज
- 3:24:46अकर्स सिंपल है।
- 3:24:49डन है। यहीं से सवाल आएगा और कुछ नहीं है।
- 3:24:52फिर आएगा हमारे पास एक और रेडियस वंडर वाल
- 3:24:54रेडियस। अब वंडर वाल रेडियस क्या होता है
- 3:24:58भैया? वंडरवाल रेडियस होता है उन लोगों
- 3:25:01में नापा जाता है जिनमें कोई बॉन्ड नहीं
- 3:25:04होता है। जैसे कि नोबल गैसेस। वंडर वाल
- 3:25:08रेडियस नापा जाता है फॉर नोबल गैसेस।
- 3:25:13जिनमें कोई बॉन्ड नहीं बनता जो ना तो
- 3:25:16कोवेंट बॉन्ड बना के बैठे ना ही आयनिक
- 3:25:19बॉन्ड बना के बैठे और ना ही वो मैटेलिक
- 3:25:22बॉन्ड बना के बैठे। वो इनमें से कोई भी
- 3:25:24बॉन्ड नहीं बना के बैठे। उस केस में हम
- 3:25:26लोग नाप लेते हैं कौन सा रेडियस? वंडर वाल
- 3:25:29रेडियस। उसमें क्या होता है? अगर उनके बीच
- 3:25:31में कोई बॉन्ड नहीं है तो भैया उनके
- 3:25:34पार्टिकल्स तो एक दूसरे से बहुत दूर
- 3:25:36होंगे। जैसे आपको पता है नोबल गैसेस।
- 3:25:38कोवलेंट में क्या है? ओवरलैप हो गए। आयनिक
- 3:25:40में क्या है? ये अगर कैटायन है तो ये
- 3:25:43एनायन है। दोनों चिपक के बैठते हैं। बिकॉज़
- 3:25:45इनके बीच में स्ट्रांग इलेक्ट्रोस्टेटिक
- 3:25:47अट्रैक्शन होती है। मेटल्स में भी आपको
- 3:25:49सबको पता है टाइटली पैक्ड होते हैं। लेकिन
- 3:25:51कोवलेंट में ओ वंडर वाल में जिसमें नोबल
- 3:25:55गैस नापते हैं उनमें तो कोई अट्रैक्शन
- 3:25:57नहीं है। तो उनमें तो पार्टिकल्स बहुत
- 3:25:59दूर-दूर होंगे। अब मान लो दूर-दूर है और
- 3:26:01मैंने इनके बीच का डिस्टेंस निकाला x आया।
- 3:26:04अब अगर मुझे वंडर वाल रेडियस नापना है मान
- 3:26:07लो। मान लो मुझे नापना है वंडर वाल
- 3:26:10रेडियस। अब वंडर वाल रेडियस नापने के लिए
- 3:26:13मैं क्या करूंगा? आंसर है मैं x को टू से
- 3:26:16डिवाइड कर दूंगा। आंसर है मैं x को टू से
- 3:26:19डिवाइड कर दूंगा। यस और नो। अब अगर मैं x
- 3:26:21को टू से डिवाइड करूंगा तो जरा कंपेयर करो
- 3:26:23इसको। कोवेलेंट रेडियस को भी तो हमने x से
- 3:26:26टू से डिवाइड किया था। बट यहां पे x को टू
- 3:26:29से डिवाइड करने पे x को टू से डिवाइड करने
- 3:26:32पे आंसर छोटा आया था। यहां पे छोटा आएगा,
- 3:26:35बड़ा आएगा? जल्दी बताओ काइंड ऑफ ये आखिरी
- 3:26:38सवाल ही है आप समझ लो आज के वन शॉट का तो
- 3:26:40जल्दी बताओ इसमें जो x/ 2 करूंगा इसमें जो
- 3:26:44वंडर वाल रेडियस आएगा वो एक्चुअल रेडियस
- 3:26:46से छोटा आएगा या बड़ा आएगा इतना तो बता
- 3:26:49सकते हो यार एक्चुअल रेडियस से छोटा आएगा
- 3:26:52बड़ा आएगा
- 3:26:54यस यानी कि क्योंकि गैप बहुत ज्यादा होता
- 3:26:58है यानी कि जो वंडर वाल रेडियस आता है जो
- 3:27:03वंडर वाल रेडियस आता है। यह एक्चुअल
- 3:27:07रेडियस से काफी बड़ा आता है। और यही रीजन
- 3:27:11है कि नोबल गैसेस का जो साइज है वो हमने
- 3:27:15जो नापा है वो एक्चुअल साइज से काफी बड़ा
- 3:27:18नापा हुआ है। एंड अभी हमारे पास देयर इज़
- 3:27:21नो अदर ऑप्शन आल्सो। इसके बारे में कभी और
- 3:27:24बात करेंगे। वन शॉट वैसे भी बहुत बड़ा हो
- 3:27:26चुका है। सिर्फ इस पे ध्यान दो कि हमने
- 3:27:28वंडरवाल रेडियस को कैसे नापा। वंडर वाल एक
- 3:27:31इंसान का नाम है। इन्होंने वंडरवाल फोर्स
- 3:27:33ऑफ अट्रैक्शन दिया था। इसके बारे में भी
- 3:27:35पढ़ना है हमें। लेकिन नोबल गैसेस में वंडर
- 3:27:38वाल रेडियस नापते हैं। दो के बीच में गैप
- 3:27:40होता है। क्योंकि उनमें कोई अट्रैक्शन
- 3:27:41नहीं है इन जैसा। तो जो रेडियस है वो
- 3:27:44एक्चुअल रेडियस से काफी ज्यादा बड़ा आता
- 3:27:47है। बट हमारे पास कोई और ऑप्शन भी नहीं
- 3:27:50है। और यही रीज़न है कि नोबल गैसेस का साइज
- 3:27:53उनके एक्चुअल साइज से बड़ा नापा गया है। तो
- 3:27:57एग्जाम में क्वेश्चन अभी मैं ओरली
- 3:27:58क्वेश्चन डिस्कस कर रहा हूं आपसे। थोड़े
- 3:28:00बहुत एनसीईआरटी से थोड़े बहुत यहां से। डन
- 3:28:02है। चलो फिलहाल ये हमारे पास अलग-अलग
- 3:28:05प्रकार के रेडियस हो गए। चैप्टर खत्म करते
- 3:28:07हैं। लॉन्ग फॉर्म ऑफ पीरियडिक टेबल के
- 3:28:10फायदे क्या है भैया? बहुत सारे फायदे हैं।
- 3:28:12सबसे पहला तो यह बेस्ड है किस पे? एक बहुत
- 3:28:15अच्छी फंडामेंटल प्रॉपर्टी पे जो कि
- 3:28:16एटॉमिक नंबर है। मॉडर्न टेबल में
- 3:28:19आइसोटोप्स को भी लगा पाए जो कि मेंडलीफ जी
- 3:28:22के टेबल में नहीं लगा पाए थे। एलिमेंट्स
- 3:28:24की पोजीशन इलेक्ट्रॉनिक कॉन्फ़िगरेशन से
- 3:28:27पता लगाए जा सकते हैं जो कि बहुत आसान है।
- 3:28:30ये पहली टेबल है जिसने ग्रुप और पीरियड के
- 3:28:32अलावा हमें ब्लॉक्स भी दिए। हमें ब्लॉक्स
- 3:28:35भी दिए। ऑब्वियस सी बात है। अच्छा। अब
- 3:28:37यहां पे आती है कंट्रोवर्सी। कंट्रोवर्सी
- 3:28:39कैसे? हमने टेबल से एफ और एफ ब्लॉक वालों
- 3:28:43को बाहर निकाला। अच्छा पता है हमने टेबल
- 3:28:46से एफ वालों को बाहर क्यों निकाला? पढ़ना
- 3:28:47तो नहीं है लेकिन अब आप इसका आंसर दे सकते
- 3:28:49हो। हमने एफ वालों को टेबल से बाहर इसलिए
- 3:28:52निकाला बिकॉज़ एफ वाले बैड शील्डर्स होते
- 3:28:55हैं। याद है बैड शील्डर्स? जिसकी वजह से
- 3:28:58उनके साइज में बहुत ज्यादा कॉन्ट्रैक्शन आ
- 3:29:00जाता है क्योंकि वो अच्छे से शील्ड नहीं
- 3:29:02कर पाते। और साइज में कॉन्ट्रैक्शन आता है
- 3:29:04जिसकी वजह से प्रॉपर्टीज में बहुत बदलाव आ
- 3:29:07गया। डेंसिटी बढ़ गई। आयनाइजेशन एनर्जी हद
- 3:29:10से ज्यादा बढ़ गई जिसकी वजह से और प्लस वो
- 3:29:12रेडियोएक्टिव भी है। जिसकी वजह से उनकी
- 3:29:14प्रॉपर्टीज इतनी गंदी हो गई कि उनको टेबल
- 3:29:16से बाहर निकालना पड़ा मजबूरन। ठीक है? बट
- 3:29:19अभी के लिए आप मुझे बताओ एडवांटेज में ये
- 3:29:22लिखा गया है कि टेबल से बाहर निकाला गया
- 3:29:25लैंथेनाॉइड और ऑक्टेनॉइड्स को ताकि बाकी
- 3:29:27सारी प्रॉपर्टीज मैच हो जाए। और बड़ी
- 3:29:29क्रेजी बात ये है कि इसको अगर एडवांटेज
- 3:29:32में लिखा हुआ है तो इसी को डिसएडवांटेज
- 3:29:35में भी लिखा हुआ है कि लैंथेनाइड्स और
- 3:29:36ऑक्टेनाइड को टेबल से बाहर निकाला। और बात
- 3:29:38सही भी है यार। देखो अगर एक क्लास रूम में
- 3:29:41120 बच्चे पढ़ रहे हैं और टीचर उनमें से
- 3:29:4528 बच्चों को बाहर निकाल दे कि बेटा बहुत
- 3:29:47बदतमीज हो बाहर चले जाओ। तो ये अच्छी बात
- 3:29:49भी है ताकि बाकी बच्चे पढ़ पाए। और ये
- 3:29:51बुरी भी है क्योंकि एक अच्छे टीचर एक
- 3:29:54अच्छा क्लासरूम कैसा हो कि किस कुछ भी
- 3:29:56करके टीचर उनको भी वहां अकोमोडेट कर दे।
- 3:29:59है ना? है ना? भले वो बदतमीज हो लेकिन
- 3:30:01थोड़ा बहुत तो पढ़ लेना। बिल्कुल ऐसे ही
- 3:30:03आप समझो ये एक फायदे में भी डाला गया है
- 3:30:06और ये एक नुकसान में भी डाला गया है। ठीक
- 3:30:08है? और हां सेकंड नुकसान तो आपको पता ही
- 3:30:10होना चाहिए जो कि मैं आपको बता चुका हूं
- 3:30:12कि आज तक भी हम हाइड्रोजन की पोजीशन को
- 3:30:15फिक्स नहीं कर पाए हैं। डन हो गया। तो
- 3:30:19बच्चों मुबारक हो हमारा वन शॉट फाइनली
- 3:30:22फाइनली खत्म हुआ है। ये शायद बहुत रेयर वन
- 3:30:26शॉट्स में से एक है जिसको मैंने एक रात और
- 3:30:28एक सुबह में रिकॉर्ड किया है। हां हम हम
- 3:30:33चलिए अब कुछ सवालों के बारे में बात करते
- 3:30:36हैं जो कि एग्जाम में काफी आते हैं। जैसे
- 3:30:39कि ओरली बात कर लेंगे। जैसे कि पहला सवाल
- 3:30:42व्हाई साइज ऑफ़ कैटायन इज़ स्मॉलर देन इट्स
- 3:30:44पेरेंटल एटम? बिकॉज़ ऑफ़ द फ़ैक्ट दैट
- 3:30:48कैटायंस हैव हायर न्यूक्लियर चार्ज एंड
- 3:30:52ड्यू टु हायर न्यूक्लियर चार्ज देयर इज़
- 3:30:54कॉन्ट्रैक्शन इन साइज़। सेम उल्टा सवाल आता
- 3:30:57है एनायंस के लिए। ठीक है? अगला क्वेश्चन।
- 3:31:00व्हाई नोबल गैसेस हैव एक्सेप्शनली लार्ज
- 3:31:02साइज़। बिकॉज़ इन द केस ऑफ नोबल गैसेस वी
- 3:31:05मेजर वंडरवाल रेडियस व्हिच इज़ एक्चुअली
- 3:31:08ग्रेटर देन ऑल दी अदर रेडियस ड्यू टू लेस
- 3:31:11फोर्स ऑफ़ अट्रैक्शन और नो फोर्स ऑफ़
- 3:31:13अट्रैक्शन बिटवीन दी पार्टिकल्स जिसकी वजह
- 3:31:15से गैप आ जाता है जिसकी वजह से गैप आ जाता
- 3:31:18है। एक सवाल मैंने आपको यहां पे दे अच्छा
- 3:31:21जनरल इलेक्ट्रॉनिक कॉन्फ़िगरेशन के ऊपर
- 3:31:23बहुत सवाल आते हैं। आपको जनरल
- 3:31:25इलेक्ट्रॉनिक कॉन्फ़िगरेशन दे रखी होगी और
- 3:31:27आपको पहचानना होगा वो कौन है। तो इसलिए
- 3:31:29आपको ये वाली कॉन्फ़िगरेशन आपको ये वाली
- 3:31:32कॉन्फ़िगरेशन
- 3:31:34D की आपको F की कॉन्फ़िगरेशन और S की तो
- 3:31:37बहुत ही आसान है। ये कॉन्फ़िगरेशन आनी
- 3:31:39चाहिए। इनके ऊपर सवाल आ सकते हैं। ऐसे भी
- 3:31:41सवाल आते हैं कि आपको कुछ तीन-चार
- 3:31:43कररेक्टर्स दे देंगे और आपको पहचानना होगा
- 3:31:45कि ये एस ब्लॉक का है, पी ब्लॉक का है, डी
- 3:31:48ब्लॉक का है। जैसे मैं बोल दूं कि ये मेटल
- 3:31:49है। इसकी आयनाइज़ेशन एनर्जी बहुत लो है।
- 3:31:54तो आपको समझ जाना है कि ये एस ब्लॉक का
- 3:31:56है। ये मेटल तो है लेकिन इसकी आयनाइज़ेशन
- 3:32:00एनर्जी भी ठीक है, लेकिन ये बहुत हार्ड है
- 3:32:01और इनका हाई मेल्टिंग पॉइंट है। तो ये एस
- 3:32:04ब्लॉक नहीं हो सकते। अब ये डी ब्लॉक है।
- 3:32:06है ना? तो ऐसे आपको कुछ जनरल कररेक्टर्स
- 3:32:09के ऊपर भी सवाल पूछे जा सकते हैं। ये वाला
- 3:32:12सवाल तो भाई साहब बहुत ही पूछा जाता है कि
- 3:32:14फ्लोरीन की मोर इलेक्ट्रोनेगेटिविटी है बट
- 3:32:17फिर भी उसकी इलेक्ट्रॉन गेन एंथैल्पी
- 3:32:19ज्यादा नेगेटिव क्यों नहीं है? ठीक है ना?
- 3:32:22आओ एक बार कुछ सवाल अगर हम दो-चार सवाल ही
- 3:32:25सही बट एनसीईआरटी से देख लें। बाकी एक बार
- 3:32:28आप चैप्टर को पूरा पढ़ लीजिएगा। उसके बाद
- 3:32:30मुझे लगता है एनसीईआरटी पे आना बहुत
- 3:32:32ज्यादा बेहतर रहेगा। बट फिर भी आओ एक बार
- 3:32:34एनसीईआरटी खोल लेते हैं। पीरियडिक
- 3:32:37एनसीईआरटी कुछ इंपॉर्टेंट सवालों पे आ
- 3:32:40जाते हैं। कुछ इंपॉर्टेंट सवाल जो हमारे
- 3:32:43एग्जाम में जनरली पूछे जा सकते हैं। जैसे
- 3:32:45पूछा हुआ है 120 का आईयूपीएसी नेम दो। तो
- 3:32:48120 का आईयूपीएसी नेम बताया था ना अन बाय
- 3:32:51नीिलियम और फिर उसका सिंबल-विंबल जो भी
- 3:32:54आपसे पूछ लेंगे। तो ऐसे वाले सवाल तो मतलब
- 3:32:56कर ही लोगे। मैं अगर एनसीईआरटी के
- 3:32:57एक्सरसाइज पे आऊं तो पूछ रहे हैं कि आपके
- 3:33:01हिसाब से एक ग्रुप में केमिकल प्रॉपर्टीज
- 3:33:06और फिजिकल प्रॉपर्टी में से क्या सेम
- 3:33:07रहेगा? तो एक ग्रुप में क्या सेम होता है?
- 3:33:09तो एक ग्रुप में सेम होता है वैलेंस
- 3:33:11इलेक्ट्रॉन वैलेंसी जिसकी वजह से केमिकल
- 3:33:14प्रॉपर्टी सेम हो जाती हैं। मेटल है तो
- 3:33:16मेटल है ना? तो केमिकल प्रॉपर्टीज लेकिन
- 3:33:18फिजिकल प्रॉपर्टी अलग-अलग होती हैं। ठीक
- 3:33:20है? इसके बाद एक और क्वेश्चन पूछा गया है।
- 3:33:23कि NOE कैटायन का साइज छोटा क्यों है?
- 3:33:25लेकिन एक क्वेश्चन है कि आय जो हमारी
- 3:33:28आयनाइजेशन एनर्जी है उसमें आइसोलेटेड गैस
- 3:33:31एटम का क्या मतलब है और वहां पे ग्राउंड
- 3:33:34स्टेट का क्या मतलब है? तो आइसोलेटेड गैस
- 3:33:36एटम क्यों बोल रहे हैं? क्योंकि हम चाहते
- 3:33:38हैं कि हमारा जो एटम है वो अकेला हो ताकि
- 3:33:41आसपास दूसरे एटम उस पे इन्फ्लुएंस ना लगा
- 3:33:44पाए। है ना? और ग्राउंड स्टेट क्यों?
- 3:33:47बिकॉज़ इलेक्ट्रॉन मस्ट बी प्रेजेंट
- 3:33:50अकॉर्डिंग टू द आउटबाऊ प्रिंसिपल।
- 3:33:52इलेक्ट्रॉन मस्ट बी प्रेजेंट ऑन इट्स
- 3:33:53इनिशियल एनर्जी स्टेट। अगर वो पहले से ही
- 3:33:56एक्साइटेड है हायर जगह पे मान लो एक
- 3:33:58इलेक्ट्रॉन जिसको थर्ड शेल में होना चाहिए
- 3:34:00था और आपने आयनाइजेशन एनर्जी निकाली और वो
- 3:34:03आई 1000 किलजूल पर मोल पर अगर वो
- 3:34:07एक्साइटेड था और वो फोर्थ शेल में था तो
- 3:34:091000 से तो कम ही आएगी ना। अब आपने तो
- 3:34:11निकाल ली 800 क्योंकि वो तो न्यूक्लियस से
- 3:34:13दूर बैठा हुआ है। अब आपने निकाल लिया 800
- 3:34:15बट एक्चुअली में आंसर 800 से ज्यादा है तो
- 3:34:18गलत आ जाएगा। इसलिए इलेक्ट्रॉन का ग्राउंड
- 3:34:20स्टेट पे होना बहुत ज्यादा जरूरी है। बहुत
- 3:34:23ज्यादा जरूरी है। एक और सवाल है कि
- 3:34:26आयनाइजेशन एनर्जी आपके हिसाब से सोडियम और
- 3:34:28सोडियम प्लस में किसकी ज्यादा होगी? और
- 3:34:31ऐसे ही आपसे पूछा हुआ है कि मैग्नीशियम और
- 3:34:34मैग्नीशियम प्लस में किसकी ज्यादा होगी?
- 3:34:36बहुत प्यारा सवाल है। बहुत प्यारा सवाल
- 3:34:38है। क्योंकि दोनों में आंसर अलग-अलग है।
- 3:34:41अब सोडियम और सोडियम प्लस में तो ज्यादा
- 3:34:43सोडियम प्लस की होगी। बिकॉज़ फर्स्ट
- 3:34:45आयनाइज़ेशन एनर्जी से सेकंड वाली हमेशा
- 3:34:48ज्यादा होती है।
- 3:34:50लेकिन याद करो अल्कली अर्थ मेटल में
- 3:34:53एक्सेप्शनल केस था जो कि मैंने कराया।
- 3:34:55मैंने आपको सारे इंपॉर्टेंट क्वेश्चंस तो
- 3:34:57ऑलरेडी क्लास में करा दिए। अब एक सवाल
- 3:35:00पूछते हैं कि mg+ में से और mg में से
- 3:35:03किसकी ज्यादा होगी? तो ज्यादातर बच्चे ऐसे
- 3:35:04लिख देते हैं। बट आंसर है ये। क्योंकि
- 3:35:07अल्कलाइन अर्थ मेटल में फर्स्ट वाली
- 3:35:10आयनाइजेशन एनर्जी ज्यादा होती है एज
- 3:35:13कंपेयर टू सेकंड। रीज़न बताओ क्योंकि उनमें
- 3:35:17पहला इलेक्ट्रॉन निकलता है फुल्ली फील्ड
- 3:35:19से जो कि ज्यादा स्टेबल है। तो ये वाले
- 3:35:22क्वेश्चन मेजरली ध्यान रखना है। बाकी तो
- 3:35:24ट्रेंड्स वगैरह के ऊपर है। मैं सलाह दूंगा
- 3:35:26ये थ्योरी बेस्ड चैप्टर है। ऐसा करो आराम
- 3:35:28से आप इस चैप्टर को पूरा का पूरा एक बार
- 3:35:30गो थ्रू कर लो। और पूरा गो थ्रू करने के
- 3:35:34बाद आप इसकी एनसीईआरटी कर लो। आराम से कर
- 3:35:37लो। और एनसीईआरटी करने के बाद क्योंकि
- 3:35:40थ्योरी बेस्ड है। तो जिसका भी आंसर आपको
- 3:35:41ना मिल रहा हो एक बार Google पे सर्च करके
- 3:35:43देखो वो क्या कह रहा है और उसके बाद ही आप
- 3:35:46आगे बढ़ना। ये थ्योरी का चैप्टर है।
- 3:35:48न्यूमेरिकल इसमें कोई नहीं है। आपको आराम
- 3:35:50से पहले थ्योरी को पूरा ढंग से पढ़ लेना
- 3:35:52है। उसके बाद क्वेश्चंस पे आओ। उन सारे
- 3:35:54क्वेश्चंस को एक अलग जगह पे लिख लो। जो
- 3:35:56मैंने आपको एक्सेप्शनल केसेस करवाए हैं।
- 3:35:59जो भी मैंने आपको एक्सेप्शनल केसेस या जो
- 3:36:01भी मैंने आपको बीच-बीच में क्वेश्चन कराए
- 3:36:02वो तो हीरा क्वेश्चन है। हीरा क्वेश्चन डन
- 3:36:04है। बाकी अगर ये वन शॉट आपको अच्छा लगा है
- 3:36:07जिसमें मैंने पूरे दिल और दिमाग से पढ़ाया
- 3:36:09है। सुबह उठ के पढ़ाया है तो उसमें आप ढंग
- 3:36:11एक बढ़िया सा कमेंट छोड़ के जाओ। अभी
- 3:36:13अभी-अभी एक लाइक छोड़ो। वो देखो लाइक बटन
- 3:36:16यहां कहीं होगा। और क्योंकि इससे ज्यादा
- 3:36:18बच्चों तक पहुंचेगा और आपको हमसे आगे और
- 3:36:21क्या चाहिए वो बताने लेकिन एक प्यारा सा
- 3:36:22कमेंट और लाइक। ठीक है? बाकी बैच 2.0 में
- 3:36:25आप जुड़ सकते हैं। अभी एक-एक आधा-आधा
- 3:36:28चैप्टर ही हुआ है और जल्दी ही मिलते हैं
- 3:36:30आपसे YouTube पे। लव यू।
About this transcript
This page contains the full transcript of Class 11th Chemistry | Classification of Elements | Periodicity in Properties One shot by Ashu Sir by Ashu Ghai 11th & 12th, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 39,504 words across 5,085 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.
What you can do with it
Use the transcript to take notes, quote the speaker, build a study guide, generate a summary with ChatGPT or Claude via the YouTube Summary tool, or export it as a timed subtitle file with YouTube to SRT. You can also re-open it in the transcriber to translate the transcript into 100+ languages.
Free YouTube transcript tool
YouTube2Text is a free YouTube transcript generator — no signup, no daily limit. Paste any YouTube link and get the full transcript instantly, with timestamps, click-to-jump, translation to 100+ languages, AI prompts for ChatGPT, Claude, and Gemini, and exports to TXT, SRT, VTT, or Markdown.