चार महीने सिर्फ Charts देखे तब समझ आया... | Ajay Meena | Trading Success | Josh Talks Hindi — Transcript
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- 0:00मैं पहला ट्रेड करता हूं। सीखने से पहले
- 0:02ट्रेड करने लग जाता हूं और वहां पर पहले
- 0:04ही ट्रेड में मेरे ₹80,000 का लॉस हो जाता
- 0:06है। मेरा पैसा भी नहीं है। मेरी वाइफ की
- 0:09उसकी सेविंग्स है पूरे सालों की। यह मेरी
- 0:11बहुत बड़ी गलती थी। मैंने एवरेज करता चला
- 0:13[संगीत] गया। वो ऑप्शन जो मैंने ₹300 पे
- 0:14खरीदा था ना मैंने उसको ₹3 पे भी एवरेज
- 0:16किया। मैंने ₹3 पे और खरीदा है कि शायद
- 0:18एवरेज हो के रिकवर कर जाऊंगा। कुछ काम जो
- 0:20उस टाइम चल रहे थे ना वो था Zomato
- 0:22डिलीवरी बॉय का। अब मुझे वहां पर स्कोप
- 0:23नजर आता है क्योंकि काफी छोटे मैंने काम
- 0:25किए थे तो मैं उस काम को छोटा नहीं मान
- 0:26रहा था। मैं जाता हूं, ट्रेनिंग लेता हूं,
- 0:28ज्वॉइ करता हूं, कपड़े लेकर आता हूं। सब
- 0:30कुछ के लिए मैं तैयार था। लेकिन मैं खुद
- 0:33से कुछ नहीं कर पाया। जो एक टर्म है ना कि
- 0:34सेल्फ मेड मैन।
- 0:37[संगीत]
- 0:44मेरी कहानी की शुरुआत होती है जब मैं 14
- 0:46साल का था। मैं एक लोअर मिडिल क्लास
- 0:47फैमिली से बिलोंग करता था। अब लोअर मिडिल
- 0:49क्लास फैमिली का जो बच्चा होता है ना उसको
- 0:51फाइनेंससेस के बारे में सोचने के लिए बचपन
- 0:53से ही मोटिवेट किया जाता है कि आप थोड़ा
- 0:54सोचो घर में कैसा खर्चा चल रहा है। तो 14
- 0:56साल की उम्र में जब 2 महीने की छुट्टियां
- 0:58पड़ती है स्कूल की सब पहाड़ों पर घूमने जा
- 1:00रहे थे। कोई रिलेटिव्स के घर पे जा रहा
- 1:01था। मैं 14 साल की उम्र में मोबाइल
- 1:03इंजीनियरिंग करता हूं। वहां से थोड़ा पैसा
- 1:05आने लगता है। स्कूल के दौरान ही जब लोग 18
- 1:0820 साल के बाद नौकरी करना शुरू करते हैं।
- 1:10मैंने अपने मोबाइल ठीक करना शुरू किए।
- 1:12मैंने आईडिया के सिम बेचे। मैंने काफी कॉल
- 1:14सेंटर्स में काम किया। कॉलेज की शुरुआत
- 1:17होती है। जॉब साथ में चलती ही रहती है
- 1:19क्योंकि फुल टाइम मैं पढ़ाई पर नहीं दे
- 1:20सकता था और ना मेरा पढ़ाई पर कुछ खास
- 1:22इंटरेस्ट था। मैं कुछ और करना चाह रहा था।
- 1:23बस अभी समझ नहीं आया था करना क्या है। तो
- 1:26यहां पर क्या होता है? जॉब चलती रहती है।
- 1:27और कॉलेज का लास्ट सेमेस्टर आ जाता है।
- 1:29कॉलेज के लास्ट सेमेस्टर में मुझे एक जॉब
- 1:31मिलती है डिलीवरी कंपनी में। इसमें हमारा
- 1:33काम होता था एक वेयर हाउस से दूसरे वेयर
- 1:35हाउस में सामान डिलीवर करना। एक दिन मुझे
- 1:37हमेशा याद रहने वाला है। एक दिन क्या होता
- 1:40है? वेयर हाउस के बाहर एक ट्रक लगता है।
- 1:42बहुत बड़ा ट्रक था जिसको देख के ही सब डर
- 1:44जाएंगे। हमें आर्डर मिलता है। हमें ना
- 1:46उसमें 900 मिक्सी को लोड करना है। अब आप
- 1:48सोच रहे हो 900 मिक्सी ग्राइंडर्स के इतने
- 1:50बड़े बॉक्स होते हैं। उसमें लोड कर रहे
- 1:51हैं। मैंने अपने मैनेजर को कॉल किया कि
- 1:53इसके लिए तो मैं अकेला नहीं कर पाऊंगा।
- 1:55किसी लोगों को हायर करना पड़ेगा। वो कहते
- 1:57हैं कि दो लेबर वहां पर आपके पास मिल
- 1:58जाएंगे। उनको हायर कर लो। मैंने उनसे पूछा
- 2:00कितने पैसे लोगे? उन्होंने कहा इस काम के
- 2:02लिए ना हम ₹900 लेने वाले हैं। अब मेरी उस
- 2:04टाइम पर सैलरी थी ₹9,000। मतलब मुझे 3 दिन
- 2:06की सैलरी एक दिन में मिल सकती थी। अगर वह
- 2:08₹900 मिक्स है। मैं खुद से लोड कर देता।
- 2:11मैंने वो काम किया और यह दिन मुझे इसलिए
- 2:12हमेशा याद रहेगा क्योंकि 900 मिक्सी जब
- 2:14लोड कर दी ना मैंने ट्रक में 4 घंटे लाके
- 2:16मेरे हाथों से खून बह रहा था। ऐसे करके
- 2:18मेरे कॉलेज लाइफ का लास्ट सेमेस्टर निकला
- 2:20और जैसे ही कुछ आखिरी 10 से 15 दिन बचे थे
- 2:22कॉलेज खत्म होते-होते ना एक बच्चे के
- 2:24दिमाग में ये आ रहा होता है कुछ लोग होते
- 2:26हैं जो अपना फिगर आउट कर लेते हैं कि वो
- 2:28करियर में आगे क्या करने वाले हैं। मैं
- 2:29उनमें से था जो अभी तक फिगर आउट नहीं कर
- 2:31पाया था कि आगे मुझे क्या करने वाला हूं।
- 2:32मैं क्या करूंगा? तो वो जो लास्ट के 10-15
- 2:35दिन होते हैं ना उसमें आपको बहुत डर लग
- 2:36रहा होता है कि काम कैसे चलेगा? कहां पर
- 2:38जॉब मिलेगी। मैं तो कुछ करता ही नहीं।
- 2:40मेरे कॉलेज में प्लेसमेंट्स हो रही है।
- 2:42मैं उसमें बैठने के लायक नहीं क्योंकि
- 2:43मेरे मार्क्स कम आए हैं। ऐसे करते-करते
- 2:45कॉलेज खत्म हो जाता है। लेकिन एक चीज है
- 2:47मेरे घर में ना एक फायदा मुझे यह मिला।
- 2:49मेरे घर में पेट्रियोटिक मूवीज बहुत देखी
- 2:51जाती है। भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस इन
- 2:53सबके बारे में हमें शुरू से घर में बताया
- 2:55गया और मूवीज भी देखी जाती थी। तो
- 2:56देशभक्ति का जुनून मेरे अंदर शुरू से रहा
- 2:58है। यह जुनून मुझे लेकर आता है। कॉलेज
- 3:00खत्म होती ही यूपीएससी पे। क्योंकि
- 3:02यूपीएससी में क्या मिलता है? आपको जब आप
- 3:04एक आईपीएस बनते हैं जैसे मेरा गोल था मेरे
- 3:06को आईपीएस बनना है तो गोल होता है कि आपको
- 3:08पावर मिलती है। तो जब आप बड़े लेवल पे आते
- 3:09हो पावर का मतलब ये नहीं आप किसी को दबा
- 3:10रहे हो। पावर मतलब है आप ज्यादा लोगों को
- 3:12इंपैक्ट कर सकते हो। ज्यादा लोगों की मदद
- 3:14कर सकते हो। तो यहां पर मेरी 2016 में
- 3:16शुरुआत होती है यूपीएससी की जर्नी से। ये
- 3:18यूपीएससी की जर्नी जो होती है ना करीबन 8
- 3:20से 9 महीने चलती है। 2017 जून्स में मेरा
- 3:22प्रीलिम्स आता है। अब प्रीलिम्स मुझसे
- 3:25नहीं क्लियर हो पाता है। लेकिन उसके बाद
- 3:27अनअकडमी से ही मुझे आगे से ऑफर मिलता है
- 3:29कि मैं यहां पर एज एन एजुटर जॉइ कर सकता
- 3:31हूं। अब इसमें ना काफी सारे लोगों ने मुझे
- 3:32क्वेश्चन करा कि एक एज अ फेलियर टीच जो आप
- 3:35एस्पिरेंट रहे हो आपने यूपीएससी क्लियर
- 3:37नहीं किया। आप टीचर कैसे बन सकते हो? आप
- 3:38किसी को कैसे पढ़ा सकते हो? अब इसमें मैं
- 3:40एक चीज कहना चाहूंगा। यूपीएससी में ना
- 3:41सब्जेक्ट्स होते हैं जहां पर आप
- 3:42इकोनॉमिक्स पढ़ते हो, ज्योग्राफी पढ़ते
- 3:44हो, हिस्ट्री पढ़ते हो। बहुत सारी चीजें
- 3:46पढ़ते हो। है ना? मेरा ज्योग्राफी वीक था।
- 3:48मेरे करंट अफेयर्स वीक थे। इसलिए मेरा
- 3:50एग्जाम फेल हो गया। लेकिन मेरी हिस्ट्री
- 3:51और पिटी जिससे सबसे ज्यादा लोग डरते हैं
- 3:54ना वो मेरा बहुत स्ट्रांग था। क्योंकि ये
- 3:55दो लोग ना क्या करते हैं? इनको ना दो
- 3:57सब्जेक्ट ट्रीट करते हैं कि हिस्ट्री अलग
- 3:59से पढ़ना पड़ेगा और पिटी अलग से पढ़ना
- 4:01पड़ेगा। लेकिन मैं मानता हूं ये दोनों
- 4:02सब्जेक्ट एक ही हैं। क्योंकि मॉडर्न
- 4:04हिस्ट्री में आप पढ़ते हो कि कहानी क्या
- 4:06थी? वो आपको आजादी जो मिली है वो 90 साल
- 4:07की कहानी क्या थी? लेकिन पॉलिटी में आप
- 4:10क्या पढ़ते हो? उस 90 साल में जो आपकी
- 4:11पूरी कहानी है ना इसमें पॉलिसीज क्या-क्या
- 4:13बनी है। तो दोनों मिला के एक सब्जेक्ट
- 4:15नहीं बन जाता। ऐसे करके मेरी यूपीएससी की
- 4:17जर्नी खत्म होती है और मैं एज अ टीचर अपनी
- 4:19जर्नी की शुरुआत करता हूं। काफी सारे
- 4:21YouTube चैनल्स पे मैं पढ़ाना शुरू करता
- 4:22हूं। मुझे फीडबैक्स मिलने लगते हैं कि
- 4:24आपकी आवाज बहुत अच्छी है। उसके बाद मुझे
- 4:25अपना वॉइस ओवर्स के भी काफी प्रोजेक्ट्स
- 4:27मिलने लग जाते हैं। मैंने काफी सारी बुक्स
- 4:28पे वॉइस ओवर्स भी किए हैं। ऐसे करते-करते
- 4:31आता है 2018।
- 4:332018 नवंबर आप सभी को याद होगा मोदी जी
- 4:35टीवी पे आके अनाउंस करते हैं
- 4:37डीमोनेटाइजेशन।
- 4:38सारा देश एक बार में हिल जाता है। दो-दो
- 4:40ढाई हजार के लिए हमें पोस्ट ऑफिस की लाइन
- 4:43में बाहर लगना पड़ता था कि आज शाम को
- 4:45₹2.500 कैश जो है हमारा नए नोट मिल जाएंगे
- 4:47जिससे हम खर्चा कर पाएंगे। आपके सामने कई
- 4:49बार ऐसे भी होता है कि 9:00 बजे पोस्ट
- 4:50ऑफिस खुलता है। आप लाइन के आखिरी में होते
- 4:52हो। 3:00 बजे पहुंचते-पहुंचते जब तक आपका
- 4:54नंबर आता है वो शटर बंद कर दिया जाता है
- 4:56आपके मुंह पे और आपको घर मायूओसी लौटना
- 4:57पड़ता है। एक दिन क्या होता है? मैं पोस्ट
- 5:00ऑफिस के बाहर से जा रहा था अपने दोस्त के
- 5:01साथ। मैं देखता हूं पोस्ट ऑफिस में ना
- 5:03करीबन 60 से 70 लोग खड़े हैं जिसमें 30 से
- 5:0540 औरतें रही होंगे और 30 से 40 लड़के लोग
- 5:08रहे होंगे। वो सब मिलके पोस्ट ऑफिस के
- 5:10शीशे तोड़ रहे थे। आपने एक चीज नोटिस करी
- 5:12होगी जब भी कहीं भीड़ लगती है ना तो भीड़
- 5:14में कुछ लोग ऐसे खड़े हो जाते हैं जिनका
- 5:16काम भीड़ जो एक मोटिवेशन के साथ खड़ी होती
- 5:19है कि हमारा कंसर्न यह है। हम यह करना
- 5:21चाहते हैं। हमें हमें यह रिजल्ट चाहिए।
- 5:22जैसे अब डीमोनेटाइजेशन था उस टाइम पे तो
- 5:24लोगों को था भ हमें नोट ला के दो। पोस्ट
- 5:25ऑफिस वाले कह रहे थे हमारे नोट खत्म हो
- 5:27चुके हैं। तो वो शीशे तोड़ने लग गए। देखो
- 5:29उनको नोट तो शीशे तोड़ने से नहीं मिलेंगे।
- 5:31ये कंसर्न मुझे ठीक नहीं लगा। मैंने दोस्त
- 5:32की बाइक रुकवाई। उसको बोला कि अंदर चलते
- 5:34हैं। मैं बात करने गया। भीड़ के बीच में
- 5:36घुसा। मेरे दोस्त ने रोका भी था कि मत कर
- 5:38कुछ गड़बड़ हो सकती है। लेकिन मैं फिर भी
- 5:39घुसा। मन था मेरा कि मैं शायद कुछ कर
- 5:41पाऊंगा यहां पर। मैं उनके बीच में घुसा।
- 5:43लेकिन कहानी यहां पर बदल जाती है। उनमें
- 5:46से एक लेडीज ना आगे बढ़कर आती है। मुझे
- 5:47लगा वो शायद मेरा सपोर्ट करेगी। लेकिन वो
- 5:49मुझे साइड में ले जाके एक लाइन बोलती है
- 5:51कि अगर मैं यहां पर अपने कपड़े फाड़ देती
- 5:53हूं ना तो तेरी पूरी जिंदगी बर्बाद मैं कर
- 5:54सकती हूं। वो लाइन ने ना मुझे बहुत ज्यादा
- 5:56हिट किया। मेरे दोस्त ने मुझे समझाया कि
- 5:58यहां पर तू फंस सकता है। तो हम ना पीछे
- 6:00हटे और कई बार ना सिचुएशन ऐसी हो जाती है।
- 6:02आप भीड़ से कभी नहीं लड़ सकते हो। आपको
- 6:04ऐसी सिचुएशन में पीछे हटना ही पड़ता है।
- 6:05मैं बाहर निकला पोस्ट ऑफिस से। मैंने सोचा
- 6:07मैं औरतों को कंपे कंट्रोल नहीं कर सकता
- 6:09हूं। मैं आदमियों को तो जरूर कर सकता हूं
- 6:11ना। मैं आदमियों के पास बढ़ा। उनको रोकने
- 6:13की कोशिश करी। उन्होंने भी नहीं सुनी
- 6:15क्योंकि उनका रीजन यह था। उनको मजा आ रहा
- 6:16था पत्थर मार के चीजें तोड़ने में। देखो
- 6:18आपने देखा होगा आप ये पोस्ट ऑफिस तोड़ते
- 6:20हो, बैंक तोड़ते हो अल्टीमेटली आपकी जेब
- 6:21से ये पैसा कटता है क्योंकि वो शीशे जब
- 6:23जुड़ेंगे ना तो आपसे ही टैक्स लिया जाएगा
- 6:24उन शीशों को दोबारा लगवाने में। अब ये चीज
- 6:26मैं उनको रियलाइज कराने की कोशिश ही कर
- 6:28रहा था। काफी सारे लड़के मेरे ऊपर जो है
- 6:29मुझे मारने के लिए लग गए। उस टाइम पर एक
- 6:32आदमी मेरे सामने हड़ जाता है और वो
- 6:33एटलीस्ट 10 से 12 लोगों से अकेला भिड़
- 6:35जाता है और मारता है। आप मैं यह नहीं कह
- 6:36रहा सिर्फ वो भिड़ गया जिसमें वो पिट रहा
- 6:38है। वो सबको मारता है। मैं उस आदमी से
- 6:40इतना इंस्पायर होता हूं। मैं उनको साइड
- 6:41में बुलाता हूं, थैंक यू हूं और फिर मैं
- 6:43उनसे पूछता हूं कि आप क्या करते हो? तो
- 6:45उन्होंने मुझे बताया था कि मैं गोर्खा
- 6:47रेजीमेंट से बिलोंग करता हूं और इस टाइम
- 6:48मैं छुट्टियों में आया हुआ हूं। तो आपने
- 6:49होली डे मूवी देखी होगी। उसमें बताया गया
- 6:51है अ सोल्जर इज नेवर ऑफ ड्यूटी। वो चीज
- 6:54मुझे वहां पर रियलाइज हुई और मैं इंडियन
- 6:56आर्मी से ना बहुत ज्यादा मोटिवेट हुआ। एक
- 6:57तो मैं यूनिफार्म का क्रेज मेरे अंदर पहले
- 6:59से ही ज्यादा था और वहां पर उस दिन के बाद
- 7:01बहुत ज्यादा रिस्पेक्ट और बढ़ गई। अब 2018
- 7:03से 2020 आता है। कोविड आता है। मेरी जॉब्स
- 7:07छूट जाती है। अब बैक टू मुझे नॉर्मल अपने
- 7:10घर में पापा भी अनइंप्लॉयड है। वो काम
- 7:12नहीं कर पा रहे क्योंकि उनका सोफे पर्दे
- 7:13बनाने का काम है। अभी वो काम नहीं कर पा
- 7:14रहे। बाहर नहीं जा सकते। लॉकडाउन लग चुका
- 7:16है। और ऐसे बहुत सारे काम थे जो बंद हो
- 7:18चुके थे। कुछ काम जो उस टाइम चल रहे थे ना
- 7:20वो था जोatो डिलीवरी बॉय का। अब मुझे वहां
- 7:23पर स्कोप नजर आता है क्योंकि काफी छोटे
- 7:24मैंने काम किए थे तो मैं उस काम को छोटा
- 7:26नहीं मान रहा था। मैं जाता हूं, ट्रेनिंग
- 7:28लेता हूं, जॉइ करता हूं, कपड़े लेकर आता
- 7:30हूं। सब कुछ के लिए मैं तैयार था।
- 7:32लेकिन एक चीज देखी जाए यहां पर पॉजिटिव यह
- 7:35देखा जाए मेरी गर्लफ्रेंड जो एट अ टाइम
- 7:38मेरी वाइफ भी है देखो सबसे बड़ी बात यह है
- 7:39कि लोग यह मानते हैं कि लड़की जो होती है
- 7:41ना वो डिस्ट्रैक्शन होती है आपकी लाइफ में
- 7:42लड़की नहीं होनी चाहिए पहले सक्सेसफुल हो
- 7:44जाओ पहले पैसा कमा लो उसके बाद लड़की के
- 7:46बारे में सोचो मेरे लाइफ में अगर ये लड़की
- 7:48नहीं होती मेरी वाइफ नहीं होती मुझे
- 7:49सपोर्ट नहीं मिलता कभी जो आज मैं खड़ा हूं
- 7:51वो उसकी वजह से ही खड़ा हूं है ना वो मुझे
- 7:53बोलती है कि ये काम तू नहीं करेगा मेरे
- 7:56पास ₹1.5 लाख की सेविंग्स पड़ी है जो उसने
- 7:58कई साल मिलके जो है जोड़ी थी वो सेविंग्स
- 8:00अपनी सारी मेरे हाथ में रख देती है कि तू
- 8:01तू जा कुछ कर। उस टाइम पर मेरा एक दोस्त
- 8:04ट्रेडिंग कर रहा था और मेरे सामने उसने एक
- 8:06बहुत बड़ा ट्रेड करा था। ₹15,000 लगाकर
- 8:08उसने ₹4.5 लाख का प्रॉफिट किया था और हम
- 8:10साथ में जाकर एक गाड़ी लेकर आए थे। वो चीज
- 8:13ने मुझे काफी इंस्पायर किया और कभी भी
- 8:14आपने नोटिस किया होगा ना स्टॉक मार्केट
- 8:16में कोई भी ऐसे नहीं आता है कि चार्ट
- 8:18देखने में मुझे बहुत अच्छा लगता है। मुझे
- 8:19ना चार्ट देखना बहुत पसंद है। मुझे रिस्क
- 8:21मैनेजमेंट बहुत पसंद है। मुझे एफडी से बस
- 8:23थोड़ा ज्यादा पैसा कमा लूं। बस मुझे ये
- 8:25चीज़ पसंद है। कोई भी ये चीज़ सोच के नहीं
- 8:26आता। अंटिल अनलेस उसको कुछ बहुत बड़ा
- 8:28रिटर्न दिख जाता है ना कि उसके पैसे डबल
- 8:29हो रहे हैं, ट्रिपल हो रहे हैं। स्टॉक
- 8:30मार्केट में कोई भी एंटर नहीं करता है।
- 8:32स्टॉक मार्केट में लोग आते ही इसलिए हैं
- 8:34क्योंकि यहां पर बड़ा रिटर्न मिलता है।
- 8:35यही चीज देख के मैंने एंटर किया था और इस
- 8:37चीज का मुझे पेनल्टी भरना भी पड़ा। मैं
- 8:39पहला ट्रेड करता हूं। सीखने से पहले ट्रेड
- 8:41करने लग जाता हूं और वहां पर पहले ही
- 8:43ट्रेड में मेरे ₹80,000 का लॉस हो जाता
- 8:45है। मेरा पैसा भी नहीं है। मेरी वाइफ की
- 8:48उसकी सेविंग्स है पूरे सालों की। वो मैंने
- 8:50पहले दिन ही ₹80,000 50% खत्म कर दिए।
- 8:53यहां पर मुझे एक झटका लगता है। यहां से ना
- 8:55दो तरीके के लोग निकलते हैं। एक होते हैं
- 8:57जो रिकवरी के चक्कर में उस बचे हुए 70,000
- 9:00से और ट्रेड करते कि इसको मैं रिकवर
- 9:01करूंगा। इसको अगले ट्रेड में मैं डबल कर
- 9:03दूंगा। काइंड ऑफ इस माइंडसेट के अंदर एंटर
- 9:05करते। लेकिन एक चीज मेरे अंदर सही लगी
- 9:07मुझे। मैंने क्या किया? उस 70,000 को साइड
- 9:09रखा। मुझे समझ आ गया कि अगर मैं दोबारा
- 9:11ट्रेड करूंगा ना, मैं पैसा डूबा दूंगा।
- 9:13क्योंकि कभी स्कूल में भी हम जाते हैं।
- 9:14खाली स्कूल में भी अगर हमें बिठा दिया जाए
- 9:16ना, तो हम ए बी सी डी भी खुद से नहीं सीख
- 9:18सकते हैं दीवारें देख के। कोई ना कोई एक
- 9:19मेंटोर चाहिए जो आपको चीजें सिखाता है।
- 9:21लाइफ में गाइड करता है। तो यहां पर मेरा
- 9:23मेंटोर बता वही दोस्त। मैं उसी दोस्त के
- 9:25पास जाता हूं कि मुझे ट्रेडिंग करनी है।
- 9:26मैं भी अपने थोड़े खर्चे संभालना चाहता
- 9:28हूं। अपने पैरों पे खड़ा होना चाहता हूं।
- 9:29फैमिली को सपोर्ट करना चाहता हूं। वो मुझे
- 9:31सिखाता है। कैसे सिखाता है यहां पर सारा
- 9:33खेल है। वो मुझे सबसे पहले बोलता है चार्ट
- 9:36खोलेगा कल तो 9.5 और 3:30 से पहले वो
- 9:38चार्ट बंद नहीं होंगे। पूरे टाइम तू चार्ट
- 9:40देखेगा। अब पहली बार कोई जो स्टॉक मार्केट
- 9:42में चार्ट देखता है ना उसको ईसीसी रिपोर्ट
- 9:44नजर आती है। कभी ईसीसी रिपोर्ट दिखी होगी
- 9:46ऊपर नीचे ऊपर नीचे। कुछ इस तरीके का ही
- 9:48लगता है। वो मैं देखता हूं। मैं उसको
- 9:50बोलता हूं यार कुछ भी समझ नहीं आ रहा है।
- 9:51आगे क्या करूं? उसने बोला तू चार्ट
- 9:52देखेगा। हो गए 3 मैंने उसको बोला अब क्या
- 9:55करूं? उसने बोला अगले दिन भी तू सेम काम
- 9:57करने वाला है। करीबन 15 से 20 दिन उसने
- 9:58मुझसे यही काम करवाया। जब 20 दिन बाद
- 10:01मुझसे एक चीज समझ आ गई कि धीरे-धीरे चीजें
- 10:03मैं खुद से रिकॉग्नाइज़ कर पा रहा हूं।
- 10:05कुछ मैं पैटर्न पकड़ पा रहा हूं।
- 10:06धीरे-धीरे मुझे चीजें समझ आ रही है।
- 10:07स्टॉक्स की न्यूज़ मैं धीरे-धीरे खुद से
- 10:09ही चेक करने लगा कि अगर यह कैंडल हरी बन
- 10:11रही है और यह बढ़ रहा है। क्यों बढ़ रहा
- 10:12है? मैं उसके पीछे की रिसर्च करने खुद से
- 10:14लगा ना 20 दिन बाद परेशान हो के। तब मेरा
- 10:16दोस्त मेरे पास वापस आता है कि मैंने तेरे
- 10:18अंदर ना दो चीज डेवलप कर दी है। पेशेंस और
- 10:20डिसिप्लिन वो चीज जो मैं इंडियन आर्मी को
- 10:23देखकर पहले ही मोटिवेट हुआ था। अब ये चीज
- 10:25मेरे अंदर ट्रेडिंग के लिए फिर से एक बार
- 10:26जो है उसने जगा दी थी कि अगर ट्रेडिंग भी
- 10:28करनी है ना तो दो ही चीज लगने वाली है।
- 10:30पेशेंस और डिसिप्लिन पैसा उतना मैटर नहीं
- 10:32करता। पैसा धीरे-धीरे लोग कमा लेते हैं।
- 10:34डिसिप्लिन और पेशेंस सिखाने के बाद उसने
- 10:36मुझे एक्चुअल चीजें सिखाना शुरू करी।
- 10:38चार्ट पैटर्न्स कैसे बनते हैं? रिस्क
- 10:39मैनेजमेंट क्या होता है? ये सारी चीजें
- 10:40उसने कवर करना शुरू करी। अब मेरे को
- 10:42ट्रेडिंग धीरे-धीरे समझ आने लगा था। अब
- 10:44उसने फिर भी एक चीज बोली कि ट्रेडिंग तू
- 10:46अभी भी नहीं करेगा। वह ₹70,000 तेरे बैंक
- 10:48से हिलने नहीं चाहिए। अक्सर स्टॉक मार्केट
- 10:50में जब हम एंटर करते हैं ना तो हम एकदम से
- 10:52पैसा लगा देते हैं कि जल्दी से पैसा बनाना
- 10:54है, जल्दी रिटर्न बनाना है। लेकिन हर चीज
- 10:55का एक प्रोसेस होता है। डॉक्टर बनना है, 5
- 10:57साल देने हैं। सीए बनना है, 5 साल देने
- 10:58हैं। ऐसे हर चीज का ना एक टाइम होता है।
- 11:00लेकिन हम स्टॉक मार्केट में जल्दी से पता
- 11:01नहीं क्यों पैसा लगा देते हैं। ये गलती
- 11:03मैं कर चुका हूं। तो इसमें मेरे दोस्त ने
- 11:05मुझे रोक के रखा। हमने काफी टाइम पेपर
- 11:07ट्रेडिंग की। काफी टाइम हमने थ्योरी पढ़ी।
- 11:09काफी टाइम हमने चार्ट देखे। ऐसे करते-करते
- 11:114 से 5 महीना निकल गया। और उस टाइम पर
- 11:14फाइनेंस मैनेज करने के लिए ना मेरी
- 11:15गर्लफ्रेंड ने थ्रू आउट दिस पांच से छ
- 11:16महीने की जर्नी में मुझे फंड किया है। मैं
- 11:19खुद से कुछ नहीं कर पाया। जो एक टर्म है
- 11:20ना कि सेल्फ मेड मैन मैं ऐसा जिंदगी में
- 11:23मानता हूं कोई भी ऐसा आदमी नहीं होगा जो
- 11:25सेल्फ मेड होगा। आप एक चीज है आप आपके
- 11:27पीछे जो लोग खड़े हैं ना आप उनको इग्नोर
- 11:29कर रहे हो जो आपको लेकर आया ना यहां तक
- 11:31पहुंचा पाया। आप उनको इग्नोर कर रहे हो।
- 11:32मेरे काफी सारे दोस्त थे। अब जैसे मुझे
- 11:34अनअकडमी पे जॉब मिली। उसके बाद काफी सारे
- 11:36YouTube में चैनल में जॉब मिली। ठीक है?
- 11:38मैंने वॉइस ओवर के काम किए। वो मुझे खुद
- 11:39से नहीं आती है। कंपनी आपके पास खुद से
- 11:41नहीं आती कि काम ले लो। आपको उनके पास
- 11:42जाना पड़ता है। तो वहां पर बीच में जो
- 11:44कनेक्शन लगते हैं ना तो काफी सारे लोग
- 11:45वहां पर भी रहे हैं। तो मैं अपने को कभी
- 11:47भी एक सेल्फ मेड मैन नहीं मानता हूं। 6
- 11:49महीने की ये जर्नी चलती है। मैं ट्रेडिंग
- 11:51करने की शुरुआत करता हूं। अभी होने लगते
- 11:53हैं मेरे 70000 से ₹300 के लॉस। ₹500 के
- 11:56लॉस। तो एक चीज मैं यहां पर सीख गया था कि
- 11:58एटलीस्ट जो आपके हाथ में पैसा है ना उसको
- 11:59बचाना कैसे है? नहीं तो ₹80,000 जहां जा
- 12:02सकते हैं 70,000 कोई बड़ी बात नहीं है ना
- 12:03एक दिन में डूबाना। धीरे-धीरे छोटे लॉस
- 12:05होने लगते हैं। धीरे-धीरे वो मुझे और
- 12:07चीजें सिखाता है। कहां पर ट्रेड नहीं करना
- 12:08है। हमारा काम क्या होता है? हम मार्केट
- 12:10खुलेगी 9:15 बजे 10:00 बजे तक हमारे हाथ
- 12:12में एक ट्रेड कंप्लीट हो जाना चाहिए।
- 12:14लेकिन काम ऐसे नहीं चलता है। उसने मुझे
- 12:15सिखाया कि एक-एक हफ्ता भी कभी खाली बैठना
- 12:17भी पड़ सकता है। कभी ट्रेड नहीं मिलेगा।
- 12:19आपने एक मगरमच्छ की कहानी सुनी होगी जिसको
- 12:21स्टॉक मार्केट से बहुत अच्छे से रिलेट
- 12:22किया जाता है। मगरमच्छ कभी भी अपना शिकार
- 12:24करता है तो वो भागता नहीं रहता। मगरमच्छ
- 12:26कहां भागता है? मगरमच्छ एक जगह शांत हो
- 12:29जाता है। बिल्कुल भी मूवमेंट नहीं करता
- 12:31है। लेकिन जब उसको एक अपॉर्चुनिटी मिलती
- 12:32है ना वो तुरंत एक मूवमेंट करता है और
- 12:34अपना शिकार पकड़ लेता है। तो शेयर मार्केट
- 12:36में भी अगर किसी को कामयाब होना है तो
- 12:37मगरमच्छ बनना ही पड़ता है। आपको ना 90 से
- 12:3995% टाइम सिर्फ बैठ के चार्ट्स को देखना
- 12:41होता है। बहुत बोरिंग प्रोसेस है। बहुत
- 12:43पेशेंस लगता है। चार्ट को देखकर ना सबके
- 12:45अंदर एक उतावलापन जागने लग जाता है कि
- 12:46नहीं भाई मुझे ट्रेड करना है। आज का खर्चा
- 12:48निकालना है। आज शाम को मेरे को घूमने जाना
- 12:50है तो मुझे ₹5,000 कमाने है। ये सारी
- 12:51चीजें काम नहीं करती। मार्केट में जो
- 12:53चार्ट चल रहे हैं ना मार्केट जो चल रही है
- 12:55वो नहीं जानती। आपको आज ₹5,000 देने हैं।
- 12:57आज आपको ₹2000 देने हैं। मार्केट अपने
- 12:58हिसाब से चलने वाली है। अल्टीमेटली आपको
- 13:00मार्केट को ही फॉलो करना है। और इसलिए मैं
- 13:03कह रहा हूं कि एक-एक हफ्ता अगर आप खाली
- 13:04बैठना सीख जाते हो ना, कोई ट्रेड आपको
- 13:06नहीं बन रहा है। तब आप असली ट्रेडिंग
- 13:08सीखते हो। डेली ट्रेड करने वाला कहीं भी
- 13:10आपको असली ट्रेडर नहीं मिलेगा। और आजकल तो
- 13:12वैसे भी कहना बहुत मुश्किल है। असली
- 13:13ट्रेडिंग कौन कर रहा है? और डेमो ट्रेड
- 13:14कौन कर रहा है। उसके बाद प्रॉफिट की कहानी
- 13:16शुरू होती है। मेरे प्रॉफिट बनने लगते
- 13:18हैं। 400, 500, 1000 कई महीने तक मेरी
- 13:20जर्नी ऐसे ही चलती रही है। छोटे-छोटे
- 13:22प्रॉफिट से। फिर मैं अपने एक ट्रेडिंग में
- 13:24ना रूल होता है। कभी भी ना क्वांटिटी बढ़ा
- 13:27के आप एकदम से बड़ा प्रॉफिट नहीं कर सकते।
- 13:28आप सोचो कि मेरे पास मैं आज 100 शेयर ले
- 13:30रहा हूं। मैं कल 10,000 शेयर ले लूंगा तो
- 13:34मैं एकदम से लाखों रुपए का प्रॉफिट कर
- 13:35लूंगा। नहीं बहुत सारी चीजें देखनी पड़ती
- 13:37है। आपको ना 100 से 105 पे भी जंप लेना
- 13:39होता है ना क्वांटिटी में तो उसमें भी
- 13:40आपको देखना होता है आपकी पिछली परफॉर्मेंस
- 13:42कैसी रही है। लोग क्या करते हैं? लॉस में
- 13:43चल रहे होते हैं। सोचते हैं लॉस जल्दी
- 13:45रिकवर करना है ना तो मुझे क्वांटिटी बढ़ा
- 13:47लेनी चाहिए। लेकिन क्वांटिटी बढ़ाने का एक
- 13:48सिंपल सा रूल होता है। क्वांटिटी तब
- 13:50बढ़ाते हैं जब आप प्रॉफिटेबल होते हो। और
- 13:52लॉस में क्या होता है? लोग क्या करते हैं?
- 13:53एवरेज डाउन करते हैं। मैं इस कहानी पर
- 13:55लेकर आता हूं। मेरे प्रॉफिट जो है अब
- 13:56धीरे-धीरे 500 1 लाख डेढ़ लाख तक पहुंच
- 13:59चुके थे। एक दिन मार्केट बहुत जबरदस्त
- 14:01ट्रेंड में रहता है। मेरा प्रॉफिट
- 14:02₹2,97,000 चला जाता है। बहुत खुशी की बात
- 14:05थी अब तक का सबसे बड़ा प्रॉफिट था। अब मैं
- 14:07सोचता हूं कि ₹2,97,000 यह प्रॉफिट जब चला
- 14:09ही गया है, तो यह 33,000 और चला जाएगा।
- 14:11राउंड फिगर हो जाएगी ₹3 लाख बन जाएंगे।
- 14:13मैं एक और ट्रेड लेता हूं। अगला ट्रेड
- 14:15लेती हूं उसमें मुझे ₹18,000 का झटका लगता
- 14:17है। पहले ₹3,000 चाहिए थे। अब मुझे 3 लाख
- 14:20करने के लिए ₹21,000 चाहिए। मैं ऐसे
- 14:22करते-करते अगला ट्रेड लगाता हूं। उसमें
- 14:24मुझे 70,000 का लॉस हो जाता है। लेकिन अब
- 14:26ना मेरे अंदर एक ईगो डेवलप हो गई थी कि
- 14:28अगर मैं ₹2,91,000 कमा सकता हूं। ₹97,000
- 14:31कमा सकता हूं तो मैं ₹3 लाख भी कमा सकता
- 14:34हूं। है ना? मैं 70,000 के लॉस के बाद भी
- 14:37जब वो ₹90,000 जाता है, ₹1,10 जाता है।
- 14:39कभी भी लॉस ऐसा नहीं होता ना। आपका
- 14:41मार्केट में आपने सुना होगा 1 करोड़ का
- 14:42किसी ने लॉस किया तो वो खरीदते ही 1 करोड़
- 14:44नहीं बना होगा। वो कभी 1 लाख पे भी आया
- 14:46होगा। वो 5 लाख पे भी गया होगा। वो 10 लाख
- 14:48में भी गया होगा। ऐसे करते-करते मेरा
- 14:5070,000 का लॉस 1 लाख पे गया। फिर मेरे
- 14:52दिमाग में आया अगर मैं इसमें क्वांटिटी और
- 14:54बढ़ा लूंगा ना तो मैं शायद जल्दी रिकवर कर
- 14:56सकता हूं। यह मेरी बहुत बड़ी गलती थी।
- 14:58मैंने एवरेज करता चला गया। वो ऑप्शन जो
- 15:00मैंने ₹300 पे खरीदा था ना मैंने उसको ₹3
- 15:03पे भी एवरेज किया। मैंने ₹3 पे और खरीदा
- 15:04है कि शायद एवरेज हो के रिकवर कर जाऊंगा।
- 15:06उस दिन वो ₹2,97,000 भी मैंने डूबाए और
- 15:09प्लस ₹10,000 माइनस मैंने वो दिन को क्रॉस
- 15:12किया। तो उस दिन मैंने सीखा एवरेज जो होती
- 15:14है ना जो क्वांटिटी बढ़ाने का सारा खेल है
- 15:15जो मुझे दोस्त ने सिखाया था उसने हमेशा
- 15:17कहा था प्रॉफिट में क्वांटिटी बढ़ानी है।
- 15:19लेकिन होता क्या है ना जब हम ट्रेड खरीद
- 15:21लेते हैं एक ट्रेड एनालिसिस करने वाला
- 15:23आदमी एक ट्रेड में एंटर होने के बाद वाला
- 15:25आदमी वो दोनों अलग पर्सनालिटी होते हैं।
- 15:27जब आप ट्रेड ले लेते हो ना और आपका
- 15:29प्रॉफिट लॉस आपके सामने मूव कर रहा होता
- 15:31है तो उस टाइम पर आपकी साइकोलॉजी बिगड़
- 15:33जाती है। आप एक अलग इंसान बन जाते हो।
- 15:34आपके अंदर ग्रीड आने लग जाता है कि अभी
- 15:365000 चल रहा है, 10,000 चल रहा है तो आपके
- 15:38अंदर ग्रीड आने लगता है। वो ग्रीड ही सारा
- 15:40काम खराब कर देती है। जैसे मैंने आपको
- 15:41समझाया उसने मेरा भी काम खराब किया। लेकिन
- 15:43लाइफ में ना आपने कभी सुना हो आदमी पैसा
- 15:45कमाना चाहता है या पढ़ता है कुछ भी करता
- 15:47है ना तो वो चाहता है कि वो स्टेबल होके
- 15:49शांत हो के पैसा बनाए। अपनी जिंदगी में ना
- 15:51पेशेंस होना बहुत जरूरी है। है ना? अर्ली
- 15:53रिटायरमेंट का कांसेप्ट भी यहीं से आता
- 15:55है। फाइनेंसियल का फाइनेंसियल फ्रीडम का
- 15:56कांसेप्ट भी यहीं से आता है। अब ये चीज़
- 15:58मुझे भी चाहिए थी। मैंने एक डिसीजन लिया
- 16:00कि अब से हम इंट्राडे ट्रेड बहुत कम कर
- 16:02देंगे। अगर मैं ₹1 लाख से इंट्राडे
- 16:04ट्रेडिंग कर रहा हूं ना, मैंने डिसीजन
- 16:06लिया कि आप सिर्फ ₹1 लाख से इंट्राडे
- 16:07ट्रेड करेंगे। वो भी कभी-कभी करेंगे।
- 16:09फ्रीक्वेंसी कम करेंगे। ₹9 लाख का मैं
- 16:11इस्तेमाल करने वाला हूं स्विंग ट्रेड में।
- 16:13स्विंग ट्रेड में आप क्या करते हो? आज
- 16:14किसी ट्रेड को खरीदते हो ना तो उसको
- 16:16तीन-चार हफ्ते के लिए होल्ड रखते हो।
- 16:18उसमें क्या होता है? आपके इमोशंस का काम
- 16:19खत्म हो जाता है। आपको रोज-रोज़ मार्केट को
- 16:21ट्रैक नहीं करना। आपने लेवल्स बनाए, अपना
- 16:23एनालिसिस किया और आप तीन हफ्ते के लिए
- 16:25शांत बैठ जाते हो। इसमें क्या है ना आपका
- 16:26बीपी भी ऊपर नीचे नहीं होता है और साथ ही
- 16:28साथ जो आपके इमोशन जो आपका जिसकी वजह से
- 16:30आपका लॉसेस बढ़ रहे हैं आपके पैसे डूब रहे
- 16:32हैं वो सारी चीजों का रोल भी बाहर हो जाता
- 16:33है। यहां पर आप प्योर ट्रेडिंग सीख पाते
- 16:35हो। उस एक दिन ने मुझे बहुत कुछ सिखाया और
- 16:37उसके बाद कहानी बदली और यह मैंने एवरेज
- 16:40करने का जो रूल था ना इसको हटाया और
- 16:42धीरे-धीरे अपनी ट्रेडिंग पे काम करना शुरू
- 16:44किया। जो 3 लाख का मुझे राउंड नंबर चाहिए
- 16:46था ना मैं उससे भी बड़ा नंबर अचीव किया।
- 16:48उस एक दिन ने मुझे काफी कुछ सिखाया। सबसे
- 16:51पहली चीज कभी भी लॉस में एवरेज नहीं करते
- 16:53हैं। हम क्वांटिटी बढ़ाते हैं हमेशा लॉस
- 16:55में बढ़ाते हैं। इसलिए हमारे लॉसेस बढ़ते
- 16:57चले जाते हैं। जबकि ट्रेडिंग का रूल होता
- 16:58है क्वांटिटी आपको हमेशा प्रॉफिट में
- 17:00बढ़नी चाहिए। दूसरी चीज 9:15 पे मार्केट
- 17:03खुलती है। 9:14 पे आपकी ईगो मार्केट के
- 17:05बाहर पहले ही हो जानी चाहिए। तीसरी चीज जब
- 17:08भी हम चार्ट को एक तरफ भागता हुआ देखते
- 17:10हैं ना कि ट्रेंडिंग मार्केट दिख रहा है
- 17:11तो हम उसमें तुरंत एंटर कर जाते हैं कि
- 17:13हमें दिखता है कि यार यह तो अभी इतना बढ़
- 17:15चुका है तो अभी तो और बढ़ने वाला है। अगर
- 17:17आज अडानी का शेयर 3% बढ़ा है तो 2% और बढ़
- 17:20ही जाएगा। मैं एंटर कर जाता हूं। जबकि
- 17:21हमें यह देखना होता है अगर एक शेयर इतना
- 17:23बड़ा मोमेंटम सिंगल डे में कर रहा है तो
- 17:25सेकंड हाफ में वहां पर प्रॉफिट बुकिंग आ
- 17:27सकती है। जो बयर खरीद रहा है प्रॉफिट
- 17:29बनाने के लिए वो बायर बेचेगा भी तो सही
- 17:31अपना प्रॉफिट बुक करने के लिए और होता
- 17:32क्या है फिर शेयर नीचे गिरता है और उस
- 17:34टाइम पर आपको नुकसान भी लेना पड़ सकता है।
- 17:36यह सभी गलतियां थी जो मैंने उस एक दिन में
- 17:37सीखी और मैंने डिसीजन लिया। यह गलतियां
- 17:39मैं कभी रिपीट नहीं करने वाला हूं। और
- 17:41उसके बाद मैंने कभी पीछे मुड़ के नहीं
- 17:42देखा। जो मैंने कभी ₹3 लाख का लॉस किया था
- 17:45ना उसको अपने प्रॉफिट में बदला और कहानी
- 17:47ये आगे बढ़ती चली जा रही है। जब मेरे
- 17:49कंसिस्टेंट प्रॉफिट बनने लगे उस दिन मैंने
- 17:51एक चीज रियलाइज करी कि मैं एक ऐसे फील्ड
- 17:53में काम कर रहा हूं ऐसे फील्ड में पैसा
- 17:54कमा पा रहा हूं जहां पर 99% लोग स्ट्रगल
- 17:57कर रहे हैं। सिर्फ टॉप के 1% लोग ही यहां
- 17:59पर अच्छा पैसा बना पाते हैं। तो उस दिन
- 18:00मैंने एक डिसीजन लिया कि जो नॉलेज मेरे
- 18:03पास है, जो गलतियां मैंने करी है वो रिपीट
- 18:05आपको ना करनी पड़े। मैंने यहां पर अपना एक
- 18:07सेबी रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट का यहां
- 18:09पर लाइसेंस लिया जिससे पूरे लीगल
- 18:10गवर्नमेंट रेगुलेशंस के साथ मैं आपको ये
- 18:12सारी चीजें सिखा पाऊं। ट्रेडिंग ना सबको
- 18:14एक्साइटमेंट वाला प्रोसेस लगता है कि घर
- 18:16होगा, गाड़ी होगा, बंगला होगा ऐसा लगता
- 18:18है। लेकिन जब आप ट्रेड एक्चुअल में करने
- 18:20लगते हो और जो असल में पैसा कमा रहा है
- 18:21उससे अगर आप रिव्यु लोगे ना तो आपको
- 18:23बताएगा ट्रेडिंग एक बहुत बोरिंग प्रोसेस
- 18:25है और यही बोरिंग प्रोसेस मैं आपको अपने
- 18:26कंटेंट के थ्रू बताने की कोशिश करता हूं।
- 18:28तो ये थी मेरी एक छोटी सी कहानी जो कि
- 18:30मैंने जो स्टॉक्स के प्लेटफार्म पे आपके
- 18:31साथ शेयर करी। आशा करता हूं जो सारी
- 18:33गलतियां मैंने करी है जो मैंने आपके साथ
- 18:35शेयर की है उसको आप नहीं दोहराएंगे। अगर
- 18:37आप एक सक्सेसफुल ट्रेडर बनना चाहते हैं और
- 18:39अभी आपकी शुरुआत है। आपको पता ही नहीं कि
- 18:40आप एक सक्सेसफुल ट्रेडर बनेंगे या नहीं।
- 18:42उसका एक तरीका होता है। आपको ना एक 30 डेज
- 18:44चैलेंज लेना है। उसमें आप दिन में तीन बार
- 18:47खाना खाते हैं। तीनों टाइम आप बॉयल्ड फूड
- 18:49खाएंगे। अब वो वेजिटेरियन या नॉन
- 18:50वेजिटेरियन आपकी चॉइस रहने वाली है। लेकिन
- 18:52तीनों मील सेम रहेगी। 30 दिन तक [संगीत]
- 18:53सेम रहेगी। अगर आप सक्सेसफुली इस 30 दिन
- 18:56के चैलेंज को पूरा कर पाते हैं तो आप अपने
- 18:58अंदर एक क्वालिटी आइडेंटिफाई कर पाएंगे जो
- 18:59कि है डिसिप्लिन और ट्रेडिंग में ना सबसे
- 19:01ज्यादा जोेंट चीज होती है जो मैं कहानी की
- 19:03शुरुआत से आपको बताता हूं। डिसिप्लिन और
- 19:05पेशेंस। अगर आप इस चैलेंज को 30 दिन तक
- 19:07पूरा कर पाते हैं तो आपने पेशेंस और
- 19:09डिसिप्लिन को ओवरकम कर लिया है तो
- 19:11कांग्रेचुलेशंस। आप एक सक्सेसफुल ट्रेडर
- 19:13बन सकते हैं। [संगीत]
- 19:19ओम
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This page contains the full transcript of चार महीने सिर्फ Charts देखे तब समझ आया... | Ajay Meena | Trading Success | Josh Talks Hindi by जोश Talks, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 5,095 words across 612 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.
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