CA Foundation Business Laws: The Negotiable Instruments Act, 1881 | One Shot | CA Chaitanya Sir — Transcript
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- 0:00हेलो एवरीवन। कैसे हैं सभी लोग बॉयज एंड
- 0:03गर्ल्स? दिस इज सीजे और यह है कानून का
- 0:06जुनून जो आपके अंदर भी है, मेरे अंदर भी
- 0:09है। सो व्हाट आर वी वेटिंग फॉर? फटाफट सीए
- 0:13बनते हैं एवरीवन। कम ऑन, कम ऑन, कम ऑन।
- 0:15चलिए सभी का स्वागत है। सभी का वेलकम है
- 0:18इस शानदार वीडियो के अंदर। और यह है आप
- 0:20सभी लोगों के लिए चाणक्य बैच। एंड दिस इज
- 0:23चाणक्य 3.0।
- 0:26सो बहुत ही शानदार सीरीज चल रही है। आप
- 0:28लोगों ने बहुत ही अच्छे कंटेंट को कंज्यूम
- 0:31किया है और उसी सीरीज में बिजनेस लॉस में
- 0:34आपका सीजे आप लोगों के लिए कुछ और लेकर
- 0:38आया है। मोस्ट अवेटेड आप लोगों ने बहुत
- 0:40बार इस सब्जेक्ट के लिए इस स्पेसिफिक
- 0:43चैप्टर के लिए आप लोगों ने रिक्वेस्ट करी
- 0:46थी। एंड बॉयज एंड गर्ल्स दिस इज हियर। आज
- 0:48इस वन शॉट वीडियो के अंदर यानी कि सिंगल
- 0:52शॉट के अंदर हम लोग कवर करने वाले हैं द
- 0:54नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट 1881 जिसे
- 0:59मैं प्यार से बोलता हूं निया। निया ऐसा
- 1:01करने वाले हैं आज अपन। ठीक है? कि आपको
- 1:04एक-एक चीज यहां पर कवर होने वाली है।
- 1:06देखिए चाणक्य 3.0 का मैजिक क्या है? मैं
- 1:08आप लोगों को बताता हूं। इस बैच का मैजिक
- 1:11ये है कि आपको यहां पर वाईटी पे YouTube
- 1:14पे एवरीथिंग सभी सब कुछ चाहे वो कांसेप्ट
- 1:18हो चैप्टर का एक-एक मॉड्यूल के साथ में
- 1:21लाइन बाय लाइन कवरेज हो एग्जांपल्स हो
- 1:24मॉड्यूल के क्वेश्चंस हो क्वेश्चंस में भी
- 1:26नॉट जस्ट मॉड्यूल क्वेश्चंस बट प्रीवियस
- 1:29ईयर क्वेश्चंस एमटीपी आरटीपी सब कुछ टॉपिक
- 1:32के बाद में ही मैंने आप लोगों को हमेशा
- 1:34क्लास में भी करवाया है और वही चीज मैं
- 1:36यहां पर दिखाने वाला हूं। अब इसमें सबसे
- 1:39बेहतरीन चीज जिसका आप लोगों को इंतजार
- 1:41रहता है वो क्या है वो है आपके लिए थ्री
- 1:43स्टार शीट्स यानी कि ये पूरा जो मैं वन
- 1:46शॉट आप लोगों के लिए शूट कर रहा हूं इसमें
- 1:48हर एक टॉपिक के लिए जो जो मैंने समरी
- 1:51शीट्स बनाई है आपको आंसर फ्रेम करने में
- 1:53जो इजी रहेगी वो मैंने यहां पर रख दी है
- 1:56उसी से मैं पढ़ाने वाला हूं ताकि आपको
- 1:59रिवीजन करने में इजी रहेगा जो बच्चे मुझसे
- 2:01ऑलरेडी बैच के अंदर पढ़ चुके हैं और अगर
- 2:03आप यहां से ही पहली बार पढ़ रहे हैं इस
- 2:05चैप्टर को तो भी कोई इशू की बात नहीं है
- 2:07आपको ये थ्री स्टार शीट्स पॉज करके अच्छे
- 2:09से लिख लेना और आपका काम हो जाएगा। ठीक
- 2:12है? सो ये बस इतनी सी बात है। हम इस क्लास
- 2:16को यहां पर शुरू करते हैं। इस अटेम्प्ट के
- 2:18लिए आने वाले अटेम्प्ट के लिए नेगोशिएबल
- 2:21इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट आने वाले सारे
- 2:22अटेम्प्ट्स के लिए एप्लीकेबल है और आप
- 2:25लोगों के लिए रेलेवेंट रहेगा। तो आप इस
- 2:27वीडियो को बाद में भी कभी भी देख सकते
- 2:29हैं। तो आइए इसको एंजॉय करते हैं। द
- 2:31नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट 1881 को वन
- 2:34शॉट में कवर करते हैं। आ जाओ फटाफट। ओके
- 2:37गाइस, लेट्स स्टार्ट। कम ऑन। सो, एक टीचर
- 2:39का सबसे बड़ा वेपन होता है उसका कलम। तो वो
- 2:42कलम मैंने हाथ में ले लिया है और हम लोग
- 2:44फटाफट यहां पर स्टार्ट करते हैं। देखो,
- 2:46पहले मैं आपको बताता हूं थोड़ा सा ओवरव्यू
- 2:47कि ये चैप्टर कैसे फैला हुआ है। आपको बर्ड
- 2:50आई व्यू तो दे ही रहा हूं मैं चैप्टर के
- 2:51बारे में बता रहा हूं। एक्ट के बारे में
- 2:54थोड़ा सा हम लोग पहले देखेंगे। उसके बाद
- 2:56में मीनिंग ऑफ नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट हम
- 2:58लोगों को समझना रहेगा। यहां पर पहला
- 3:00सेक्शन इंट्रोड्यूस होगा जो है सेक्शन
- 3:02नंबर 13। सेक्शन नंबर 13 बाद में भी काम
- 3:04आने वाला है जब आप बेरर और ऑर्डर
- 3:07इंस्ट्रूमेंट मेरे साथ में समझोगे। इसके
- 3:09बाद में एसेंशियल एलिमेंट्स यानी कि
- 3:11नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट को नेगोशिएबल
- 3:12इंस्ट्रूमेंट बनाता कौन है? क्या एसेंशियल
- 3:15एलिमेंट्स हैं वो यहां पर समझेंगे। फिर
- 3:17आएगा ट्रांसफर ऑफ नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट।
- 3:19यानी कि सेक्शन नंबर 14 यहां पर
- 3:21इंट्रोड्यूस होगा और 14 के साथ में दो
- 3:23इंपॉर्टेंट सेक्शन इंट्रोड्यूस होते हैं
- 3:25जो है 47 एंड 48। ये दोनों आपको बताते हैं
- 3:29मोड ऑफ ट्रांसफर यानी कि नेगोशिएबल
- 3:31इंस्ट्रूमेंट को ट्रांसफर कैसे किया जाता
- 3:32है? आप लोग सोच रहे होंगे सर 47 48 कर
- 3:35दिया। 46 नहीं आएगा क्या? बेटा 46 तो
- 3:37इंपॉर्टेंट है क्योंकि उसमें बताया गया
- 3:39हैेंस ऑफ डिलीवरी।ेंस
- 3:42ऑफ़ डिलीवरी को 46 को आप यहां पर कवर
- 3:44करेंगे। डिलीवरी कितने टाइप्स की होती है
- 3:46वो भी यहां पर देखेंगे। और उसके बाद में
- 3:49एक इंपॉर्टेंट कांसेप्ट देखेंगे वो है
- 3:51होल्डर एंड होल्डर इन ड्यू कोर्स का। फिर
- 3:54अब आप लोग बोलोगे कि सर क्लासिफिकेशन भी
- 3:56बता दूं यानी कि नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट
- 3:58कितने टाइप के टाइप के तो बाद में देखेंगे
- 4:00पहले क्लासिफिकेशन बता दो मोटा-मोटा
- 4:02बंटवारा कैसे किया गया है क्लासिफिकेशन के
- 4:04लिए बेटा ऑर्डर और बैरर आप ऑलरेडी समझ
- 4:07चुके होंगे टाइम और डिमांड आपके मॉड्यूल
- 4:10में नहीं है बट थोड़ा सा मैं आपको समझाना
- 4:11चाहूंगा इनक कोएट और एम्बीगियस यहां पर आ
- 4:14जाएगा सेक्शन नंबर 13 से आपने शुरुआत करी
- 4:16थी तो 11 12 का क्या हुआ 11 12 इनलैंड और
- 4:19फॉरेन इंस्ट्रूमेंट के साथ में यहां पर
- 4:21कवर हो जाएंगे अब आएंगे टाइप टाइप्स ऑफ
- 4:23इंस्ट्रूमेंट तो हमारा चार अब पांच अ छह अ
- 4:27चार पांच छ मतलब एक दो तीन की गिनती नहीं
- 4:30है बेटा नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट चैप्टर के
- 4:31अंदर ये है आपकी चार पांच और छह यानी कि
- 4:34आपका प्रॉमिसरी नोट बिल ऑफ एक्सचेंज और
- 4:36आपका चेक ये देखने के बाद में इनके बीच के
- 4:39डिफरेंसेस को देखने के बाद में इंपॉर्टेंट
- 4:41सेक्शन आएगा 138
- 4:44डिसऑनर ऑफ चेक क्या होता है बाउंसिंग ऑफ
- 4:46चेक क्या होता है उससे रिलेटेड पेनल्टी
- 4:48क्या होती है सेक्शन 138 में समझाया जाएगा
- 4:50ठीक है आपको क्या हमेशा नेगोशिएबल
- 4:53इंस्ट्रूमेंट को प्रेजेंट करना जरूरी है
- 4:54क्या? क्या रिलेटेड प्रोविजंस हैं वो
- 4:56प्रेजेंटमेंट के कवर होंगे और लास्ट में
- 4:58एक सेक्शन कवर होगा 117 यानी कि कंपनसेशन
- 5:01से रिलेटेड। ये पूरा चैप्टर का ओवरव्यू
- 5:04है। अभी अपन लोग शुरुआत करते हैं
- 5:05नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट को। सर 1881 के
- 5:08अंदर आया है। सर 1881 के अंदर आया तो क्या
- 5:11सर उसके बाद में चेंजेस नहीं हुए? नहीं
- 5:13भेरे चेंजज़ हुए बेटा। बहुत बार। देखो क्या
- 5:15है ना अंग्रेजों के जमाने का भी पहले का
- 5:17ये एक्ट है 1881। है ना? और हम लोग का
- 5:19हमारा इतना जितना कुछ नहीं है उतना हमने
- 5:21बोरो किया है। है ना? हम लोग इंग्लिश लॉ
- 5:24को बहुत अच्छे तरीके से बोरो करके बैठे
- 5:25हैं और अपना तड़का लगाते हैं और हमारा लॉ
- 5:27बना के आगे चलते हैं। तो ऐसे ही हमने
- 5:29नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट जो इतना
- 5:32पुराना है। बहुत सारे प्रोविजन काम के भी
- 5:34नहीं थे। कुछ भी चीजें नहीं थी। चले आ रही
- 5:35थी। पर धीरे धीरे-धीरे अमेंड करते करते हम
- 5:39लोग आगे बढ़े हैं। तो ये जो एक्ट बेटा ये
- 5:421881 में आया। अमेंड होते-होते हमारे पास
- 5:44में पहुंचा है। यह जो एक्ट अप्लाई होता है
- 5:47पूरे होल ऑफ इंडिया को अप्लाई होता है। बट
- 5:49इसमें एक कैच है। वो कैच क्या है? वो है
- 5:52आरबीआई यानी कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया।
- 5:56रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने क्या करा है?
- 5:58रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने अपने खुद के
- 6:00एक्ट के अंदर सेक्शन 21 के अंदर एक बात
- 6:03लिखी है कि नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट
- 6:05हमारे ऊपर अप्लाई नहीं होगा। यानी कि
- 6:07आरबीआई के ऊपर अप्लाई नहीं होगा।
- 6:08जैसे-जैसे हम आगे बढ़ेंगे आपको इसका
- 6:10मीनिंग और समझ में आने वाला है कि ऐसा
- 6:12क्यों हुआ है। बट अभी के लिए आप इतनी बात
- 6:15सुन लीजिए। देखो अगर आपको देखना है
- 6:17विस्तार से तो ये बात कुछ इस तरीके से
- 6:19लिखी हुई है। आ जाओ मैं आपको बता देता
- 6:20हूं। ये बाद में कवर आने वाला था बट बताता
- 6:22हूं। दिस एक्ट अप्लाई टू द होल ऑफ इंडिया
- 6:25बट नथिंग इन दिस एक्ट अफेक्ट्स रिजर्व
- 6:28बैंक ऑफ इंडिया। मतलब रिजर्व बैंक ऑफ
- 6:30इंडिया का खुद का एक्ट है 1934 का। वो
- 6:32बोलता है कि जो भी चीजें वहां लिखी गई है
- 6:34नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट उन चीजों को
- 6:36बिल्कुल भी अफेक्ट नहीं करता है। सेक्शन
- 6:3821 प्रोवाइड्स दैट द बैंक टू हैव द राइट
- 6:42टू ट्रांजैक्ट गवर्नमेंट ट्रांजैक्शंस कर
- 6:45सकती है। गवर्नमेंट बिजनेस ट्रांजैक्शन
- 6:47आरबीआई ही करता है। तो उनको ये अथॉरिटी दी
- 6:49गई है। वो अपने हिसाब से कर सकता है।
- 6:51बिल्कुल मतलब उसके ऊपर इंपैक्ट नहीं आने
- 6:53वाला है। ऐसा सेक्शन 21 ने बताया है। ठीक
- 6:56है? चलो ये बातें हो गई है। अब आपको समझ
- 6:59में आ गया। ठीक है? कि ये जो एक्ट है इसके
- 7:02बारे में मोटी-मोटी बातें। इस एक्ट के
- 7:04अंदर आप क्या पढ़ने वाले हो? आप नेगोशिएबल
- 7:06इंस्ट्रूमेंट बहुत तरीके के होते हैं। बट
- 7:08आप पढ़ोगे चार, पांच और छह। आप पढ़ोगे
- 7:10प्रॉमिसरी नोट, आप पढ़ोगे बिल ऑफ
- 7:12एक्सचेंज। आप पढ़ोगे चेक। ये तीनों ही आप
- 7:14पढ़ोगे और इन तीनों के साथ में कनेक्टेड
- 7:16दो तरीके पढ़ोगे। एक होता है पेएबल टू
- 7:18ऑर्डर और एक होता है पेएबल टू बेरर। इन
- 7:21दोनों का मतलब समझोगे। मोटा-मोटा ये
- 7:23चैप्टर इसी बेसिक्स के ऊपर है। ठीक है?
- 7:26चलो अब आगे बढ़ते हैं अपन। मेरा प्रश्न ये
- 7:28आता है क्यों? आखिरकार इस एक्ट की जरूरत
- 7:31क्यों पड़ी? देखो यार मुझे एक बात बताओ जब
- 7:33भी गुड्स की बात आती है, बायर सेलर की बात
- 7:36आती है, बायर सेलर की बात आती है तो
- 7:38पेमेंट की बात आती है। दोनों के
- 7:40रेसिप्रोकल प्रॉमिससेस की बात आती है तो
- 7:42इंडियन कॉन्ट्रैक्ट एक्ट की बात आती है।
- 7:43है ना? कॉन्ट्रैक्ट एक्ट तो ऐसा एक्ट है
- 7:46जो पैरेलल सभी एक्ट्स के साथ में चलता है।
- 7:49सेल ऑफ गुड्स एक्ट ऐसा एक्ट बनाया जो हमने
- 7:51स्पेसिफिकली गुड्स के बारे में सेल के
- 7:54बारे में बात करने के लिए हमने सौगा को
- 7:55बनाया। मेरा कहना है गुड्स से रिलेटेड हो
- 7:58या दुनिया में कोई भी कॉन्ट्रैक्ट हो
- 8:00बच्चा मुझे एक बात बताओ पेमेंट रिलेटेड भी
- 8:02इश्यूज आते ही आते हैं। जब भी पेमेंट
- 8:04रिलेटेड इश्यूज आएंगे पेमेंट कैसे करना
- 8:06है? पेमेंट करने का तरीका क्या है? देखो
- 8:09दो तरीके से पेमेंट किया जा सकता है।
- 8:10ट्रांजैक्शन किए जा सकते हैं। एक तो कैश
- 8:12पे और एक क्रेडिट पे। अगर कैश पे किया है,
- 8:15लेनदेन करी, मुंह पे, सामान दिया, पैसा
- 8:17लिया, चल निकल। पतली रस्सी पतला रास्ता
- 8:20नाप। ठीक है? बट मुझे एक बात बताओ अगर कैश
- 8:23पे नहीं हो रहा है तो चीजें थोड़ी सी यहां
- 8:25पर गड़बड़ हो जाती है। गड़बड़ होने के
- 8:27चांसेस होते हैं। कोई कोई बंदा दूसरे बंदे
- 8:30से वादा करता है। कोई ये बोलता है मैं 15
- 8:32दिन बाद पैसे दूंगा। कोई बोलता है मैं मैं
- 8:34आपको 3 महीने के बाद में पैसा दूंगा। कोई
- 8:36बोलता है मैं इंस्टॉलमेंट्स करूंगा। अब
- 8:38यहां पर हमको चाहिए रूल्स और रेगुलेशन।
- 8:41यानी कि अगर आप पेमेंट कर रहे हो तो कैसे
- 8:44कर रहे हो? अगर आपने डिफॉल्ट कर दिया तो
- 8:46क्या करेंगे? आपका मीडियम क्या है? आपका
- 8:48मीडियम कैश है कि आपका मीडियम क्रेडिट है।
- 8:51आपको बात समझ में आ रही है? ये तमाम
- 8:53क्वेश्चन समझने के लिए और इसके डिफॉल्ट से
- 8:56रिलेटेड पेनल्टी समझने के लिए एक्ट की
- 8:59आवश्यकता थी अलग से। तो उसके लिए बनाया
- 9:01गया द नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट।
- 9:04क्योंकि इंडियन कॉन्ट्रैक्ट एक्ट सभी
- 9:06चीजों के लिए बनाया हुआ है। सेल ऑफ गुड्स
- 9:09एक्ट को बनाया गया है स्पेसिफिकली गुड्स
- 9:11के लिए। तो जैसे गुड्स के लिए एक एक्ट बना
- 9:13हुआ है। पेमेंट के लिए भी कोई एक्ट बनना
- 9:15चाहिए। और पेमेंट करने का जो जरिया है, जो
- 9:18कागज है, जिसको हम नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट
- 9:20बोलते हैं, उससे रिलेटेड रूल्स रेगुलेशन
- 9:22पढ़ने हम कहां जाएंगे? तो हम आएंगे निया
- 9:25के पास में यानी कि नेगोशिएबल
- 9:26इंस्ट्रूमेंट एक्ट के पास में। अब जरूरत
- 9:29क्या पड़ी? देखो यार, अगर कैश का
- 9:32ट्रांजैक्शन हो रहा है, मैं तो मैं मैं
- 9:34पता है क्या बोलूंगा? कैश का ट्रांजैक्शन
- 9:35हो रहा है तो हटाओ यार। आपको ना कोई भी
- 9:37दुविधा ही नहीं है। आपको कोई भी दुविधा
- 9:38नहीं है। लेकिन अगर क्रेडिट का
- 9:40ट्रांजैक्शन हो रहा है और क्रेडिट का
- 9:42ट्रांजैक्शन भी इस दुनिया के अंदर एक बार
- 9:44हो के खत्म नहीं होता है बेटा। ये आपको
- 9:45मिलियंस दिख रहे हैं। ये हम लोग मिलियंस
- 9:47हैं बेटा इस दुनिया के अंदर। है ना? देखो
- 9:49एक बंदा दूसरे बंदे के साथ में
- 9:51ट्रांजैक्शन करता है। मेरी बात समझना। ठीक
- 9:53है? इसने कुछ सामान खरीदा ₹10,000 का इस
- 9:55बंदे से। इस बंदे ने इससे खरीदा ₹10,000
- 9:58का और घूम फिर के पैसा वापस से यहां पर ही
- 10:00आ रहा है। तो मुझे एक बात बताओ। एक नॉर्मल
- 10:02ह्यूमन नहीं एक एक नॉर्मल मिनियन माइंड
- 10:06क्या बोलेगा? एक मिनियन माइंड ये बोलेगा
- 10:08कि यार तू मुझको देगा मैं इसको दूंगा। मैं
- 10:10एक काम करता हूं ना मैं इसी को डायरेक्टली
- 10:12दे देता हूं। मैं इसी को डायरेक्टली दे
- 10:15देता हूं। इसका मतलब क्या हुआ कि अगर किसी
- 10:17बंदे ने दूसरे बंदे को क्रेडिट पे कोई
- 10:20सामान बेचा है। उसने भी आगे किसी को
- 10:22क्रेडिट पे सामान बेचा है। और घूम फिर के
- 10:25यही चेन अगर चलती जाती है तो क्या हम एक
- 10:27ही कागज से इन सारे ट्रांजैक्शन को फुलफिल
- 10:30कर सकते हैं क्या? द आंसर इज़ यस। इसीलिए
- 10:33एक शब्द इंट्रोड्यूस कर रहा हूं वो है
- 10:34ट्रांसफर करना। और ट्रांसफर करना और कुछ
- 10:37नहीं है बेटा। ट्रांसफर करना मतलब होता है
- 10:39नेगोशिएशन। क्या होता है? नेगोशिएशन।
- 10:42नेगोशिएशन का मीनिंग होता है ट्रांसफर
- 10:44करना। अगर आप सोच रहे हो नेगोशिएशन ये वो
- 10:46वाला है बारगेन करने वाला। ये वो वाला
- 10:48बारगेन करने वाला नहीं है। बट क्वेश्चन
- 10:50अगला ये आता है हाउ मेनी टाइम्स? हाउ मेनी
- 10:53टाइम्स? क्या आप नेगोशिएशन कर सकते हो?
- 10:55किसका कर रहे हैं? हम नेगोशिएशन करना चाह
- 10:57रहे हैं इंस्ट्रूमेंट्स का। और ये
- 10:59इंस्ट्रूमेंट कौन-कौन से हैं? आपको पता
- 11:01है? चार, पांच और छह। यानी कि प्रॉमिसिव
- 11:04नोट, बिल ऑफ एक्सचेंज और चेक। ये तीन
- 11:06तरीके के नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट जो यहां
- 11:08पर हम पढ़ेंगे क्या उनको ट्रांसफर किया जा
- 11:10सकता है? पहला इस क्वेश्चन का हमको आंसर
- 11:12चाहिए। फिर चाहिए कितनी बार किया जा सकता
- 11:15है? यानी कि क्या अनलिमिटेड टाइम्स किया
- 11:18जा सकता है? तो यस, हमें इसका भी आंसर
- 11:20जानना रहेगा। एक काम करते हैं। मैं आपको
- 11:23एक एग्जांपल देता हूं। मेरी बात समझने की
- 11:24कोशिश करना। देखो तुम्हारे सीजे सर का
- 11:26बंगलो बन रहा है। अगर ये बंगलो बन रहा है
- 11:29तो मुझे लकड़ी चाहिए। मैंने पप्पू को
- 11:31बुलाया कि देख भाई मुझे फर्नीचर बनाना है।
- 11:33तो तू मेरा फर्नीचर बनाएगा क्या? तो बोला
- 11:35बनाऊंगा सर मैं बिल्कुल बनाऊंगा। मैं आपका
- 11:36फर्नीचर बनाऊंगा। ₹1 लाख लगेंगे। अच्छा
- 11:38ठीक है। फर्नीचर के लिए लकी लकड़ी चाहिए
- 11:40आपको ऑब्वियसली। तो वुडन लॉग्स चाहिए आप
- 11:43लोगों को। अच्छा ठीक है। वुडन लॉग्स अब
- 11:45पप्पू तो कोई लकड़ी बनाता नहीं है ना।
- 11:46पप्पू भी गांव में किसी से लकड़ी खरीद के
- 11:48लाता होगा। बराबर है। तो लेट्स से विलेज
- 11:51में एक बंदा है खड्डा नाम का। है ना? वो
- 11:53क्या करता है? लकड़ी को देता है। यह इसको
- 11:55टिमबर में कन्वर्ट करता है। फिर पप्पू के
- 11:58पास में आता है और यह चैन चलती जाती है।
- 12:00मैं पप्पू से कोई सर्विज ले रहा हूं।
- 12:02पप्पू और किसी से गुड्स एंड सर्विज ले रहा
- 12:04है। खड्डा और किसी से ले रहा है। ये पूरी
- 12:06चैन चलती जाती है। मैंने लेट्स से पप्पू
- 12:09को बोला। चलो आगे चलो। लेट्स से मैंने
- 12:11पप्पू से बोला कि तू मेरा फर्नीचर बना।
- 12:13मैं तुझे पैसा दूंगा 1 महीने के बाद में।
- 12:15भैया जबान-वबान की कीमत नहीं बची है। कागज
- 12:18चाहिए। कागज इसकी 12:00 बजाऊं। कागज
- 12:20चाहिए। आज का जमाना कागज का है भैया। पेपर
- 12:23पे अगर राइट्स लिखे हुए हैं ना तो ही है।
- 12:25हां, प्रॉपर्टी राइट्स भी खतरनाक हिल चुके
- 12:27हैं। आपने देखा होगा।
- 12:29लैंड की रजिस्ट्री दिखाओगे तो भी ऐसा ऐसा
- 12:33नहीं है कि आप उसके मालिक हो। अभी लेटेस्ट
- 12:35अमेंडमेंट है। है ना? अभी अपन टॉपिक से
- 12:37भटकते नहीं है। इधर आओ पहले। मेरी बात
- 12:38समझो। सीजे ने पप्पू से लेट्स से कोई
- 12:42सामान खरीदा क्रेडिट पे। तो मैंने एक कागज
- 12:45बनाया। अब देखना है कागज कैसे दिखता है।
- 12:48मैंने इस कागज पे लिखा कि सीजे प्रॉमिस
- 12:50करता है कि ₹1 लाख आपको एक महीने के अंदर
- 12:52देगा। मैंने आज की तारीख लिखी। मैंने
- 12:55पप्पू का नाम लिखा। मैंने खुद की सिग्नेचर
- 12:57करी। मैंने खुद का नाम लिखा। मतलब इस कागज
- 12:59के अंदर सारी इंफॉर्मेशन है। जैसे मेरा
- 13:02नाम है, अमाउंट है, डेट है, पप्पू का नाम
- 13:05है। यानी जिसको पैसा मिलने वाला है, मैं
- 13:07प्रॉमिस कर रहा हूं, तो मैंने लिखा है कि
- 13:09मैं प्रॉमिस कर रहा हूं। मैंने टाइम भी
- 13:11लिखा है कि मैं एक महीने के अंदर आपको
- 13:12पैसे दूंगा और मैंने सिग्नेचर भी करें
- 13:14हैं। अब ये कागज सिर्फ कोरा कागज ना रह
- 13:16जाए। इसके अंदर ताकत हो तो इस पे मैंने
- 13:19स्टैंप करा है। आपने देखा होगा कोर्ट के
- 13:21बाद में बाहर नोटरी होती रहती है। है ना?
- 13:23स्टैंप लगते रहते हैं। एक नॉर्मल कागज को
- 13:26गवर्नमेंट कागज बनाने के लिए ऑथराइज्ड
- 13:28कागज बनाने के लिए नोटराइज्ड किया जाता
- 13:30है। स्टैंप लगाया जाता है ताकि वो
- 13:33गवर्नमेंट रिकॉर्ड्स में आ जाए। क्या ये
- 13:35वो भी किया है मैंने? किया है। अब सुनना
- 13:37मेरी बात। पप्पू ने खड्डा सा खड्डे से
- 13:40लकड़ी खरीदी है तो उसने भी क्रेडिट पे
- 13:42खरीदी है। तो अब पप्पू भी क्या बोल रहा है
- 13:44कि मुझे पैसा आएगा तो ही मैं तुझे पैसा
- 13:46दूंगा ना। तो उसने भी एक कागज बना दिया।
- 13:48अब देखो अब पप्पू प्रॉमिस कर रहा है कि
- 13:50मैं तुझे 1 महीने के अंदर पैसे दूंगा।
- 13:52किसको दूंगा? खड्डा को दूंगा और पप्पू ने
- 13:55अपनी सिग्नेचर कर दी है। नाम है तेरा तेरा
- 13:59नाम है तेरा तेरा। नाम है भैया। नाम लिखा
- 14:02है उसने। मैंने पप्पू का लिखा था। पप्पू
- 14:04ने खड्डे का लिखा है। बहुत ही बढ़िया। अब
- 14:06सुनो आगे चलते हैं। लेट्स से खड्डा ने कोई
- 14:09सामान खरीदा है चड्डा से। इस बार खड्डा भी
- 14:12यहां पर एक कागज बना के देगा। देखो चलता
- 14:14रहेगा ना। ये तो जीवन का बेटा रीत है।
- 14:15जीवन की रीत है तो। अब खड्डा बोल रहा है
- 14:17मैं भी तुझे पैसे दूंगा। पर चड्डा बोल रहा
- 14:19है ऐ मेरा नाम मत लिखियो। मेरा नाम मत
- 14:22लिखियो। मेरा नाम मत लिखियो। तू तो सिर्फ
- 14:24कागज बना दे। सिर्फ कागज बना दे और तू
- 14:26प्रॉमिस कर दे कि मैं तुझे इतने पैसे
- 14:28दूंगा। क्यों? अरे यार मुझे ना आगे बहुत
- 14:31सारे काम है यार। मैंने मैंने ना मैं
- 14:33वेडिंग प्लानर हूं यार। तो मैंने ना हेयर
- 14:35कट के लिए, वेडिंग प्लानिंग सर्विज के लिए
- 14:38एक बंदे को हायर कर रखा है यार। उसकी फीस
- 14:40भी ना ₹- ₹1 लाख हो रही है। है ना? मैं
- 14:42उसको भी दे सकता हूं और किसी को भी दे
- 14:44सकता हूं। तो तू एक काम कर तू मेरा नाम मत
- 14:46लिख इसके ऊपर। मैं इसको आगे बढ़ा दूंगा।
- 14:48मैं इसको आगे बढ़ा दूंगा। आपको बात समझ
- 14:50में आ रही है? ये चेन चलती जाती है। क्या
- 14:52ये कागज बार-बार बनाने की जरूरत है?
- 14:55बार-बार मत बनाओ। ये कागज क्या हम एक ही
- 14:57बार बना सकते हैं? बना दो। अगर एक बार बना
- 14:59सकते हो तो। सर इसी को ट्रांसफर करना कहते
- 15:01हैं क्या? जी हां बेटा, इसी को ट्रांसफर
- 15:03करना कहते हैं। तो एक काम करते हैं सर। एक
- 15:05काम करते हैं। मैं एक बार कागज बनाता हूं।
- 15:07किसका? आए मतलब सीजे। सीजे ने पहली बार
- 15:10कागज बनाया। प्रॉमिस करा कि मैं एक महीने
- 15:13के अंदर मैं किसको दूंगा? मैं पप्पू को
- 15:15दूंगा या मैं खड्डा को दूंगा। करेक्ट है?
- 15:17अब मेरी बात सुनो। अगर इस इंसान को इसको
- 15:20आगे बढ़ाना है। तो वो क्या करेगा? यहां पर
- 15:23तो खड्डे का नाम है तेरा तेरा। नाम है
- 15:26भैया। खड्डे का नाम लिखा हुआ है। खड्डा कह
- 15:29रहा है। अब मुझे आगे बढ़ाना है। मतलब मुझे
- 15:31और किसी को पेमेंट करना है ना। चल मैं एक
- 15:33काम करता हूं। मैं इसी कागज के ऊपर अब
- 15:36सुनना लीगल शब्द इंट्रोड्यूस कर रहा हूं।
- 15:38इसी इंस्ट्रूमेंट के अंदर इसी के ऊपर इसी
- 15:41के पीछे मैं सिग्नेचर कर देता हूं। यहां
- 15:43पर खड्डा का नाम लिखा हुआ था। खड्डा ने
- 15:45बोला मुझे पैसा नहीं चाहिए। मैं अपनी
- 15:48सिग्नेचर कर रहा हूं। और मैं लिख देता हूं
- 15:50पे चड्डा। यानी कि मुझे पैसा नहीं चाहिए।
- 15:53मुझे आगे वैसे भी चड्डा को देना है। तो
- 15:54सीजे तू मुझे मत देना। तू डायरेक्टली
- 15:56चड्डा को दे देना। उसने पीछे खुद की
- 16:00सिग्नेचर करके किसी थर्ड पर्सन का नाम लिख
- 16:02दिया। चलो चड्डा के पास में आ गया। चड्डा
- 16:05बोल रहा है मुझे भी पैसा नहीं चाहिए। तो
- 16:06चड्डा ने अपनी सिग्नेचर करके लिख दिया पे
- 16:09डीजे। वाह भैया डीजे के पास में आ गया।
- 16:12डीजे बोल रहा है मुझे भी पैसा नहीं चाहिए।
- 16:14तो मैं भी सिग्नेचर कर देता हूं। मुझे और
- 16:16किसी को देना है। तो मैं लिख दूंगा यहां
- 16:17पर पे पीजे। आपको बात समझ में आ रही है?
- 16:20एंड दिस गोज़ ऑन फॉर एवर। यह चलता जाता है।
- 16:24इसे कहते हैं बहुत बड़ा कांसेप्ट।
- 16:26स्टार्टिंग के 15 मिनट में समझा दिया है
- 16:27मैंने। वो है इंडोर्समेंट।
- 16:30सिग्नेचर करने को बोलते हैं इंडोर्समेंट।
- 16:31अभी मेरे साथ में रहना। आपको कांसेप्ट
- 16:33बहुत अच्छे से समझ में आने वाला है और
- 16:35अच्छे से। एंडोर्समेंट की दोनों
- 16:36स्पेलिंग्स दिखेगी आपको। दोनों स्पेलिंग
- 16:38सही है। मेरी बात सुनो।
- 16:41नाम लिखना जरूरी है क्या? अगर नाम लिखोगे
- 16:44तो सिग्नेचर करके सामने वाले का नाम लिखना
- 16:47पड़ेगा। मैं कह रहा हूं एक काम करो। एक
- 16:49कागज बनाओ। उस पर लिखो कि आई प्रॉमिस टू
- 16:52पे ₹1 लाख बराबर है। उस पे कोई भी नाम
- 16:55नहीं लिखा हुआ है। भैया आप किसको प्रॉमिस
- 16:57कर रहे हो देने का हमें नहीं पता। हम तो
- 16:59सिग्नेचर करके छोड़ रहे हैं बस। हम तो
- 17:01यहां पर ये लिखकर छोड़ रहे हैं। सिग्नेचर
- 17:03करके छोड़ रहे हैं। अच्छा किसी का नाम
- 17:05नहीं है। किसी का नाम नहीं है। तो सर सुनो
- 17:07ना जिसके हाथ में वो कागज है, जिसके हाथ
- 17:09में वो इंस्ट्रूमेंट है वही उसका ओनर हुआ
- 17:12क्या? हां जी। वही उसका ओनर हुआ। तो सर अब
- 17:15मुझे आगे बढ़ाने के लिए क्या सिग्नेचर
- 17:17करने की जरूरत है क्या? ना जी। तो सर क्या
- 17:20करना है? बस हैंडओवर करते जाओ। यानी कि
- 17:22अगर खड्डा को देना है सिग्नेचर मत करो।
- 17:24खड्डा को चड्डा को देना है कोई सिग्नेचर
- 17:26की जरूरत नहीं है। डीजे को देना है कोई
- 17:28सिग्नेचर की जरूरत नहीं है। पीजे को देना
- 17:30है कोई सिग्नेचर की जरूरत नहीं है। क्यों?
- 17:32क्योंकि कोई भी नाम मेंशंड नहीं है। जब
- 17:35नाम मेंशन नहीं होता है तो आपको कोई
- 17:37एंडोर्समेंट की भी जरूरत नहीं है।
- 17:39इंडोर्समेंट यानी कि सिग्नेचर की आपको
- 17:41जरूरत नहीं है। तो सर फिर कैसे आगे
- 17:44बढ़ेगा? ये बढ़ेगा मात्र और मात्र डिलीवरी
- 17:48करने से। मेयर डिलीवरी सिर्फ डिलीवरी करने
- 17:51से आप इसको आगे बढ़ा सकते हो। बट एक शब्द
- 17:54मैंने यहां पर लिख रखा है वो है वंटरी
- 17:56यानी कि स्वेच्छा से अपनी इच्छा से इसका
- 17:59ऑपरेशन आगे होने वाला है। सो डू नॉट वरी
- 18:02अबाउट इट। ठीक है सर आपने इतनी बड़ी
- 18:04रामायण स्टार्टिंग में क्यों बता दी? इतनी
- 18:07बड़ी रामायण आपने स्टार्टिंग में क्यों
- 18:09बता दी? और हम ये सब कर क्यों रहे हैं? और
- 18:12हम नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट को ट्रांसफर
- 18:14क्यों कर रहे हैं? यह तो बताया आपने। पर
- 18:16सर यह ट्रांसफर करने का गेम कब तक चलता
- 18:18रहेगा? क्या एक्ट ने हमको बताया है क्या?
- 18:21अरे हां एक्ट ने बताया है कि नेगोशिएबल का
- 18:24मतलब ही होता है ट्रांसफरेबल। जो
- 18:26इनफाइनाइट टाइम्स ट्रांसफरेबल होता है उसे
- 18:28ही नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट बोलते हैं।
- 18:30मतलब सर कोई रुकावट नहीं होनी चाहिए
- 18:32ट्रांसफर करने में। यस। कोई रुकावट नहीं
- 18:34होनी चाहिए। इंस्ट्रूमेंट मतलब होता है
- 18:36आपका ये लीगल डॉक्यूमेंट। भाई साहब जो
- 18:40फ्रीली ट्रांसफरेबल रहता है। फ्रीली
- 18:42ट्रांसफरेबल मतलब बिना किसी कंडीशन के एक
- 18:45पर्सन से दूसरे पर्सन के पास दूसरे पर्सन
- 18:47से तीसरे पर्सन के पास उसे ही नेगोशिएबल
- 18:50इंस्ट्रूमेंट बोला जाता है। और सर कैसे
- 18:52करते हैं? तो आपने दो तरीके हमको
- 18:54एक्सप्लेन कर दिए हैं। मात्र डिलीवरी करके
- 18:57भी हो सकता है और इंडोर्समेंट के साथ में
- 19:01डिलीवरी करके भी हो सकता है। इसे मैं आगे
- 19:03किन नामों से बोलूंगा। यह है i + डी यानी
- 19:07कि इंडोर्समेंट प्लस डिलीवरी एंड दिस इज़
- 19:10जस्ट डी। यह हुआ हाउ। बट आप ट्रांसफर क्या
- 19:14कर रहे हो? मेरा आपसे क्वेश्चन ये है।
- 19:16व्हाट आर यू ट्रांसफरिंग? सर ये कागज
- 19:18ट्रांसफर कर रहे हो? क्या ये सिर्फ कागज
- 19:20है? अरे नहीं बच्चा ये कागज नहीं है। ये
- 19:22लीगल डॉक्यूमेंट है। आपको क्या लग रहा है?
- 19:24इसके अंदर कोई राइट या कोई प्रॉपर्टी है?
- 19:27हां जी। ये कागज के थ्रू मैं सिर्फ कागज
- 19:29नहीं ट्रांसफर कर रहा हूं। मैं
- 19:31इंस्ट्रूमेंट ट्रांसफर नहीं कर रहा हूं।
- 19:32उस इंस्ट्रूमेंट के अंदर जो प्रॉपर्टी है
- 19:34अब सुनना जो राइट टू रिसीव है राइट टू
- 19:38रिसीव मनी वो ट्रांसफर कर रहा हूं। किसको
- 19:41कर रहा हूं? बोनाफाइड ट्रांसफरी यानी कि
- 19:44कोई बोनाफाइड पर्सन को ट्रांसफर कर रहा
- 19:46हूं। कोई ऐसे पर्सन को जो एक्चुअली इस
- 19:49नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट को रिसीव कर रहा
- 19:51है फॉर सम वैल्यू यानी कि फॉर सम
- 19:54कंसीडरेशन।
- 19:56सर
- 19:58एक बात बताओ कब तक ट्रांसफर करोगे? कब तक
- 20:02ट्रांसफर करोगे? क्या ट्रांसफर करते
- 20:04जाओगे? करते जाओगे, करते जाओगे। कभी तो
- 20:06अंत आएगा कि नहीं आएगा? आएगा। आएगा। कभी
- 20:10ना कभी तो अंत आएगा। कभी ना कभी अंत आएगा।
- 20:13आपने इनफाइनाइट टाइम्स बोल दिया। अरे
- 20:15इनफाइनाइट टाइम्स मतलब इनफाइनाइट टाइम्स
- 20:17तो उसकी फ्रीक्वेंसी है फ्रीक्वेंसी। बट
- 20:20कहीं तो स्टॉप करना पड़ेगा ना। यहां से
- 20:22बनाने वाले ने इंस्ट्रूमेंट को बनाया। आप
- 20:24कह रहे हो इनफाइनाइट। इनफाइनाइट,
- 20:26इनफाइनाइट, इनफाइनाइट, इनफाइनाइट। तभी तो
- 20:28रुकेगा ना, कभी तो एंड होगा ना? होगा जब
- 20:31इसको इसका अंजाम मिल जाएगा और इसका अंजाम
- 20:34क्या है? या तो इस इंस्ट्रूमेंट की
- 20:36मैच्योरिटी आ जाए या इस इंस्ट्रूमेंट का
- 20:38जो काम था क्या काम था? पेमेंट। अरे
- 20:43इंस्ट्रूमेंट बनाया क्यों था कि जिस पर्सन
- 20:45को पैसा चाहिए उसको पैसा मिल जाए। अगर
- 20:48उसको उसका अंजाम तक पहुंचा दिया। या तो
- 20:50पेमेंट हो जाए या फिर मैच्योरिटी हो जाए।
- 20:53व्हाटएवर हैपेंस फर्स्ट। डन खत्म सर।
- 20:58यहां तक जब तक यह ना हो मैं क्या
- 21:01इनफाइनाइट टाइम्स ट्रांसफर कर सकता हूं? द
- 21:03आंसर इज यस। द आंसर इज यस। बिल्कुल। इस
- 21:06पॉइंट के पहले आप यहां पर कितनी बार भी
- 21:09ट्रांसफर करो। कितने भी लोग आ सकते हैं
- 21:12यहां पर? पप्पू, चप्पू, लप्पू, खड्डा,
- 21:14चड्डा, पंडा कोई भी आ सकता है यहां पर।
- 21:16बहुत ही बढ़िया। सर, इसको क्या बोलते हैं
- 21:18लीगल शब्दों में? इसे बोलते हैं
- 21:20सेटिस्फेक्शन ऑफ इंस्ट्रूमेंट। जब तक
- 21:23इंस्ट्रूमेंट सेटिस्फाई ना हो जाए आप
- 21:25इनफाइनाइट टाइम्स इंस्ट्रूमेंट को
- 21:27ट्रांसफर कर सकते हो। आई थिंक मुझे ऐसा लग
- 21:30रहा है सर कि आपने पूरी डेफिनेशन का
- 21:32ऑपरेशन करके हमारे सामने रख दिया है। द
- 21:34आंसर इज़ यस। अगर आपसे पूछा जाता है व्हाट
- 21:37इज अ नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट। थ्री स्टार
- 21:39शीट में आंसर यहां पर तैयार है दैट
- 21:41नेगोशिएशन मतलब ट्रांसफरेबल इंस्ट्रूमेंट
- 21:44मतलब लीगल डॉक्यूमेंट। क्या कर रहे हो आप?
- 21:46अ नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट इज़ एन
- 21:48इंस्ट्रूमेंट व्हिच इज़ फ्रीली
- 21:50ट्रांसफरेबल। अभी फ्रीली ट्रांसफरेबल का
- 21:52एसेंशियल एलिमेंट के अंदर ऑपरेशन किया
- 21:54जाएगा। फ्रीली ट्रांसफरेबल मतलब एक पर्सन
- 21:57से दूसरे पर्सन के पास में इनफाइनाइट
- 22:00टाइम्स के लिए अनलिमिटेड टाइम्स के लिए
- 22:02किस चीज के लिए कर रहे हो? वैल्यू के लिए
- 22:04कर रहे हो। कंसीडरेशन के लिए कर रहे हो।
- 22:07किसको कर रहे हो? टू हुम आप बोनाफाइड यानी
- 22:10कि किसी जेन्युइन परचेसर को परचेसर बोला
- 22:13गया है बयर और सेलर के हिसाब से।
- 22:16ट्रांसफरर और ट्रांसफररी बोला गया है
- 22:19ट्रांसफर के एंगल से। दोनों अलग-अलग नाम
- 22:21दिए गए हैं। कब तक करोगे?
- 22:24टिल टिल व्हेन टिल सेटिस्फेक्शन यानी कि
- 22:28या तो मैच्योरिटी आ जाए या फिर उसका
- 22:30पेमेंट हो जाए। व्हाटएवर हैपेंस फर्स्ट हम
- 22:33सेटिस्फेक्शन ना होने तक इनफाइनाइट टाइम्स
- 22:36हम ट्रांसफर करते जाएंगे। अब तरीका क्या
- 22:39है? हाउ टू ट्रांसफर? तो मैंने आपको सिर्फ
- 22:42अभी समझाया नहीं है। मैंने आपको ट्रेलर
- 22:45दिया है दो चीजों का कि डिलीवरी के थ्रू
- 22:48भी हो सकता है। यानी कि बिना सिग्नेचर के
- 22:50सिर्फ ट्रांसफर करते जाओ या फिर सिग्नेचर
- 22:54भी करना पड़ सकती है अगर किसी का नाम लिखा
- 22:57है तो। तो दो तरीके हैं बाय मियर डिलीवरी
- 23:00एंड बाय एंडोर्समेंट एंड डिलीवरी। और इसी
- 23:02के साथ में कांसेप्ट चिपका हुआ है बेरर का
- 23:06और ऑर्डर का। बहुत ही बढ़िया, बहुत ही
- 23:09बढ़िया। सर एक बात बताओ ये डेफिनेशन जो
- 23:12आपने इतनी सुंदर पढ़ाई है कहां पर दे रखी
- 23:13है? ऑब्वियसली सर नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट
- 23:16पढ़ रहे हैं तो उसी एक्ट के अंदर होगी।
- 23:18नहीं है। नहीं है।
- 23:21सर क्या बोल रहे हो? नहीं है। नेगोशिएबल
- 23:23इंस्ट्रूमेंट की डेफिनेशन नेगोशिएबल
- 23:25इंस्ट्रूमेंट एक्ट के अंदर नहीं है। तो सर
- 23:26फिर दो मिनट कुछ तो लिखा होगा। हां लिखा
- 23:28हुआ है। सेक्शन नंबर 13 के अंदर बस ये
- 23:30लिखा हुआ है कि तीन तरीके के नेगोशिएबल
- 23:32इंस्ट्रूमेंट होते हैं। प्रॉमिसरी नोट,
- 23:35बिल ऑफ एक्सचेंज और चेक। यह आपके सिलेबस
- 23:37के लिए सेक्शन नंबर 13 की डेफिनेशन ही
- 23:38यहां पर दी गई है। तो सर यह क्या है? यह
- 23:41क्या है? यह मीनिंग है जो हमने क्रिएट
- 23:43किया है। हमने मतलब एक्ट ने ही ऐसा बना के
- 23:46दिया है हमको। बट कहीं आप बोलोगे कि सर इस
- 23:48सेक्शन के अंदर ऐसी डेफिनेशन है तो नहीं
- 23:50है बच्चा। नहीं है। सिंपल सी बात है। ठीक
- 23:53है? ओके। चलो। तो ये पूरी डेफिनेशन आप
- 23:56लोगों के सामने यहां पर आ चुकी है। अब
- 23:58मेरी बात सुनो। तो सर आप बार-बार बोल रहे
- 24:00हो कि बहुत सारे नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट
- 24:01होते हैं। हम सिर्फ तीन पढ़ रहे हैं तो
- 24:03क्या-क्या होते हैं? देखो बेटा। हुंडी
- 24:05होता है, ट्रेजरी बिल्स होते हैं, बेरर
- 24:08डिबेंचर्स होते हैं, रेलवे रिसीप्ट। अरे
- 24:10यार मुझे एक बात बताओ कुछ एक शब्द पढ़ के
- 24:12आए हो कि नहीं पढ़ के आए हो? दूसरी जगह पढ़ा
- 24:15होगा, सेल ऑफ गुड्स एक्ट के अंदर पढ़ा
- 24:17होगा। पर आपने पढ़ा होगा डॉक्यूमेंट ऑफ
- 24:19टाइटल। डॉक्यूमेंट ऑफ टाइटल पढ़ा होगा ना
- 24:22आपने? हां। ऐसा कागज, ऐसा डॉक्यूमेंट जो
- 24:26टाइटल है अपने आप में। रेलवे के थ्रू
- 24:28सामान भेज रहे हो। रेलवे रिसीट बिल ऑफ
- 24:31लेडिंग बच्चा बिल ऑफ लेडिंग हां डिलीवरी
- 24:34का आर्डर यानी कि डीओ डिलीवरी ऑर्डर्स ये
- 24:37सब क्या है? ये सब ये सब डॉक्यूमेंट ऑफ
- 24:39टाइटल है। ये डॉक्यूमेंट ऑफ टाइटल नहीं
- 24:41है। दीज़ आर यूज्ड एज नेगोशिएबल
- 24:43इंस्ट्रूमेंट। जिसके पास में कागज होगा वो
- 24:46उसका मालिक होगा। उसने उसको आगे बढ़ा दिया
- 24:48तो वो मालिक है। उसने उसको बढ़ा दिया तो वो
- 24:50मालिक है। आपको बात समझ में आ रही है? तो
- 24:52ये भी कुछ एग्जांपल्स हैं। हुंडीज। हुंडीज
- 24:55क्या होता है? अनऑर्गेनाइज्ड लैंडिंग
- 24:57सेगमेंट है यह इंडिया के अंदर पूरी कंट्री
- 25:00में नहीं चलता पर्टिकुलर स्टेट्स के अंदर
- 25:02चलता है सर बैंक पैसा देते हैं तो मॉडगेज
- 25:05में सिक्योरिटी में कुछ मांगते हैं हमारे
- 25:07पास में नहीं है तो ये अनऑर्गेनाइज्ड
- 25:09सेक्टर है जहां पर भरोसे पे बात चलती है
- 25:11बीच में एजेंट और दलाल होता है एक पार्टी
- 25:14दूसरे पार्टी को पैसा देती है बिना किसी
- 25:16मॉडगेज के बिना किसी चीज के रिस्क तो है
- 25:19क्योंकि अनऑर्गेनाइज्ड है बट ये हुंडी है
- 25:22क्या यह हुंडी भी एक तरीके से नेगोशिएबल
- 25:24इंस्ट्रूमेंट है यस
- 25:26मैंने अगर ये हुंडी और किसी को दे दी तो
- 25:28अब वो क्लेम कर सकता है। उसके पास में
- 25:30राइट टू रिकवर है। ठीक है? आपके सिलेबस
- 25:33में नहीं है। क्यों? यही समझा रहा हूं। आप
- 25:35सिर्फ तीन पढ़ने वाले हो। बट दीज़ आर आल्सो
- 25:37कंसीडर्ड एज नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स।
- 25:40नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट। अलग-अलग कस्टम के
- 25:42हिसाब से, अलग-अलग जगह के हिसाब से
- 25:43अलग-अलग नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट होते हैं।
- 25:46ठीक है? आरबीआई का पॉइंट मैं आपको ऑलरेडी
- 25:48यहां पर क्लियर कर चुका हूं। ठीक है? इसका
- 25:50मतलब क्या हुआ? अगर मैं बफरकेट करना
- 25:52चाहूं, अगर मैं बफरकेट करना चाहूं तो हम
- 25:55ट्रांसफर क्या कर रहे हैं? नेगोशिएशन का
- 25:57फाइनल रिजल्ट क्या है बच्चा? राइट टू
- 25:59रिसीव मनी। हम ट्रांसफर कर रहे हैं एक ऐसे
- 26:02हक को जो उस कागज के थ्रू ट्रांसफर हो रहा
- 26:04है। दैट इज राइट टू ट्रांसफर मनी। करेक्ट
- 26:07है? अब राइट टू ट्रांसफर मनी यानी कि
- 26:09ट्रांसफर ऑफ़ प्रॉपर्टी हो रहा है।
- 26:11ट्रांसफर ऑफ़ प्रॉपर्टी का मतलब ये है कि
- 26:14हम बोल रहे हैं कि ये कागज मेरे पास था।
- 26:16मैं पैसे ले सकता था। अब तेरे पास आ गया
- 26:18तो तू ले सकता है। अच्छा मैंने जब उस
- 26:21पर्सन को ये इंस्ट्रूमेंट ट्रांसफर किया
- 26:23है। क्या मैंने फोकट में किया होगा? नहीं।
- 26:25मैंने वैल्यू के लिए किया होगा। मैंने
- 26:27कंसीडरेशन के लिए किया होगा। सामने वाला
- 26:29पर्सन बोनाफाइड है। सामने वाला पर्सन
- 26:32जेनुइन है। सामने वाला पर्सन गुड फेथ के
- 26:35अंदर मेरे साथ में बिजनेस कर रहा है। ये
- 26:37सारी चीजें आइडियल सिचुएशन के अंदर होती
- 26:40है। अगर नहीं हो सामने वाला पर्सन गुड फेथ
- 26:43वाला ना हो। सामने वाला पर्सन जेन्युइन ना
- 26:46हो। सामने वाला पर्सन बोनाफाइड ना हो तो
- 26:49क्या होता है वो आगे चैप्टर में कवर किया
- 26:51जाएगा। अब ये ट्रांसफर कितने तरीके से
- 26:53करना है? दो तरीके से हमको ट्रांसफर करना
- 26:56है। तो आओ दोस्तों अब एक काम करते हैं।
- 26:59यहां पर ट्रांसफर को हम आगे डिटेलिंग
- 27:01करेंगे। पहले एसेंशियल एलिमेंट्स देखते
- 27:03हैं। फिर एक-एक करके समझते हैं कि मात्र
- 27:05डिलीवरी करके ट्रांसफर कैसे हो सकता है।
- 27:08अभी तो हमको मोटा-मोटा समझ में सर ये आया
- 27:10है। आपने जो समझाया है कि अगर कोई नाम
- 27:12मेंशंड ना हो तो हम सिर्फ डिलीवर करके
- 27:16ट्रांसफर कर सकते हैं। सिर्फ डिलीवर करके
- 27:18एक हाथ दे। एक हाथ दे, एक हाथ ले, एक हाथ
- 27:20दे, एक हाथ ले। कुछ भी करने की जरूरत नहीं
- 27:22है। बाय मेयर डिलीवरी। लेकिन अगर किसी का
- 27:26इंस्ट्रूमेंट में नाम मेंशंड होता है तो
- 27:29वहां पर ऑब्वियसली हमको सिग्नेचर करनी
- 27:31पड़ती है। उस प्रोसेस को एंडोर्समेंट बोला
- 27:33जाता है और उसके साथ में हम किसी का नाम
- 27:36लिखते हैं। हो भी सकता है कि नाम ना लिखूं
- 27:39वो मैं आपको एंडोर्समेंट में आगे समझाने
- 27:41वाला हूं। बट इंडोर्समेंट कहो या
- 27:43एंडोर्समेंट कहो। यहां पर नेमिंग और
- 27:45साइनिंग होती है जब नाम मेंशन होता है। तो
- 27:48यहां पर सिर्फ और सिर्फ डी से काम हो सकता
- 27:51है और यहां पर आई प्लस डी के साथ में काम
- 27:54होता है।
- 27:55ठीक है? चलो। तो आई थिंक ये एकदम शानदार
- 27:58तरीके से हमने पूरी डेफिनेशन का ऑपरेशन
- 28:01किया है। और ये ऑपरेशन करने में भले ही हम
- 28:04लोगों को थोड़ा सा समय लगा होगा। है ना?
- 28:0615 मिनट हम लोगों को लगे हैं बट ये वर्थ
- 28:08इट थे। क्यों वर्थ इट थे? क्योंकि अब आपको
- 28:10एसेंशियल एलिमेंट्स को समझने में बिल्कुल
- 28:12भी दिक्कत नहीं आने वाली है। चलो आओ।
- 28:14एसेंशियल एलिमेंट्स में सबसे पहला एलिमेंट
- 28:17जो नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट के लिए होना
- 28:18जरूरी है वो है राइटिंग में होना चाहिए।
- 28:21ओरल नहीं होना चाहिए। राइटिंग में होना
- 28:23चाहिए और सिग्नेचर होना चाहिए। राइटिंग
- 28:25प्लस सिग्नेचर नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट का
- 28:28वरना मजा ही क्या है? दूसरा फ्रीली
- 28:30ट्रांसफरेबल होना चाहिए। क्या होना चाहिए?
- 28:32फ्रीली ट्रांसफरेबल फ्रॉम वन पर्सन टू
- 28:34अनदर। मुझे एक बात बताओ। मुझे एक बात
- 28:37बताओ। अगर मैंने एक इंस्ट्रूमेंट बनाया और
- 28:39मैंने उस पे ऐसा लिख दिया कि मैं तुझे ही
- 28:42पैसा दूंगा। क्या बोला मैंने? मैं तुझे ही
- 28:45पैसा दूंगा। देखो ये मैंने एक एग्जांपल
- 28:46लिखा है। आई प्रॉमिस टू पे ओनली सीजे
- 28:49टुमारो। मैं मैं कल पैसे दूंगा तो सिर्फ
- 28:52सीजे को दूंगा। मुझे एक बात बताओ आपने
- 28:54ट्रांसफर करने का कोई गैप छोड़ा है क्या?
- 28:57आपने ट्रांसफर करने का कोई गैप छोड़ा है
- 28:59क्या? नहीं। आपने बोला कि मैं सिर्फ सीजे
- 29:01को ही पैसे दूंगा। अच्छा 2 मिनट। डीजे को
- 29:05मिलेगा नहीं मिलेगा। पीजे को ट्रांसफर कर
- 29:07सकते हो? नहीं कर सकते हो। क्या इनफाइनाइट
- 29:09टाइम्स ट्रांसफर हो सकता है? नहीं हो
- 29:10सकता। अगर इनफाइनाइट टाइम्स फ्रीली
- 29:12ट्रांसफरेबल नहीं है तो वो नेगोशिएबल
- 29:14इंस्ट्रूमेंट ही नहीं है। मैं ये मना नहीं
- 29:15कर रहा हूं कि ये इंस्ट्रूमेंट नहीं है।
- 29:17ये इंस्ट्रूमेंट तो है पर ये नेगोशिएबल
- 29:19इंस्ट्रूमेंट नहीं है। मतलब ये फ्रीली
- 29:21ट्रांसफरेबल नहीं होने की वजह से दिस इज़
- 29:23नॉट अ नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट। अच्छा। तो
- 29:26सिर्फ तेरे लिए का कांसेप्ट नहीं चलता है।
- 29:29जन्नत सजाई सिर्फ तेरे लिए। ना ना मुन्ना।
- 29:32ऐसा नहीं है। ऐसा नहीं है। तो भैया ऐसा
- 29:34चाहिए हमको कि जिसको हम एनी नंबर ऑफ
- 29:37टाइम्स ट्रांसफर कर सकें। इसीलिए अगर आपने
- 29:40ध्यान दिया हो तो जब मैंने आपको डेफिनेशन
- 29:42पढ़ाई ना मैंने नीचे एक लाइन लिखी है।
- 29:44क्या लिखी मैंने एक लाइन दैट इट शुड नॉट
- 29:46कंटेन एनी वर्ड्स प्रोहिबिटिंग ट्रांसफर।
- 29:49इसके अंदर ऐसे कोई भी शब्द नहीं होना
- 29:51चाहिए जो इसके ट्रांसफर को प्रोहिबिट करे
- 29:53यानी कि रोके। ऐसा कुछ भी नहीं होना
- 29:56चाहिए। ठीक है भैया? आगे और एग्जांपल
- 29:57देखते जाएंगे। चलो तीसरा
- 30:01होल्डर्स टाइटल शुड बी फ्री फ्रॉम
- 30:03डिफेक्ट। सही बात है ना यार। तुम्हारे पास
- 30:04में टाइटल होगा तो ही तुम बेचोगे ना यार।
- 30:06कैसी बातें कर रहे हो? मतलब आगे जब आप
- 30:09टाइटल आप क्या कर रहे हो? आप किसी को राइट
- 30:11ट्रांसफर कर रहे हो ना तो वो राइट पहले
- 30:12आपके पास तो होना चाहिए। मतलब जो होल्ड
- 30:15करता है पहले सीजे के पास में था तो सीजे
- 30:17होल्डर है। फिर डीजे के पास में तो डीजे
- 30:19होल्डर है। फिर पीजे के पास में तो पीजे
- 30:21होल्डर है। भाई तो तू होल्डर होना चाहिए।
- 30:23हम ये बोलना चाह रहे हैं तू होल्डर होना
- 30:25चाहिए। होल्डर का मतलब क्या है? आगे
- 30:27बताएंगे। होल्डर का मतलब आगे क्या है? पर
- 30:29होल्डर अगर आपके पास में टाइटल नहीं तो आप
- 30:31ट्रांसफर क्या कर रहे हो? गलत बात है। ठीक
- 30:34है? आगे आओ। आगे एसेंशियल एलिमेंट समझना
- 30:38अनकंडीशनल होना चाहिए। अभी देखो घूम फिर
- 30:41के बात कहां पर आ रही है? अनकंडीशनल होना
- 30:43चाहिए। कोई भी ऐसे शब्द नहीं होना चाहिए
- 30:45जो आपके ट्रांसफर को प्रोहिबिट करे।
- 30:47एग्जांपल देखना। अगर मैं एक प्रॉमिसरी नोट
- 30:50बनाऊं जहां पर मैं लिखूं कि आई प्रॉमिस टू
- 30:52पे राजीव 10,000 इफ ही पाससेस इन हिज़ 12th
- 30:55एग्जाम।
- 30:57बताओ क्या ऐसा कर पाओगे? सर क्या दिक्कत
- 31:01है? मैं प्रॉमिस कर रहा हूं। सर मेरा
- 31:03प्रॉमिस कैसे भी हो सकता है? हां सर आपका
- 31:05क्या जा रहा है? मैंने प्रॉमिस किया है कि
- 31:07मैं राजीव को पैसा दूंगा। अगर वो 12th
- 31:09एग्जाम में पास हो जाता है तो मेरी बात
- 31:11सुन। यह तेरे और राजीव के बीच का पर्सनल
- 31:14मैटर है जिस पे तूने कागज बनाया है। ये
- 31:16इंस्ट्रूमेंट तो है पर ये नेगोशिएबल
- 31:18इंस्ट्रूमेंट नहीं होगा। क्योंकि अगर यह
- 31:2012th में पास नहीं हुआ तो आप आगे आप आगे
- 31:24ट्रांसफर किसी को कर भी दोगे तो वो आगे
- 31:26वाले पर्सन को तो पैसा मिलेगा ही नहीं ना।
- 31:29क्योंकि पहले इस कंडीशन को तो फुलफिल करो।
- 31:31और यह कैसी कंडीशन है जो हो भी सकती नहीं
- 31:34भी हो सकती है। गंदी बात है। इसके आगे एक
- 31:37एक्सेप्शन आने वाला है। आगे एक एक्सेप्शन
- 31:40आने वाला है। पहले लिख देता हूं। हां
- 31:42एक्सेप्शन
- 31:45टू बी कवर्ड बाद में। टू बी कवर्ड बाद
- 31:48में। पर अभी की बात सुनो।
- 31:51आप ऐसा कोई भी कंडीशन नहीं लगा सकते जो
- 31:54सर्टेन ही नहीं है। हो भी सकती है, नहीं
- 31:57भी हो सकती है। क्योंकि अगर आपने ऐसी
- 31:59कंडीशन लगा दी तो आपने रोक दिया। किसको
- 32:01रोक दिया? आपने ट्रांसफर को रोक दिया। अब
- 32:03ये आगे नहीं बढ़ेगा। क्योंकि 12th में पास
- 32:05होगा तो उसको मिलेगा राजीव को। राजीव को
- 32:08मिलेगा तो आगे ट्रांसफर होगा। बट भैया ऐसी
- 32:10कंडीशन आप नहीं लगा सकते। दो ही चीजें हो
- 32:13सकती है। या तो अनकंडीशनल प्रॉमिस होगा तो
- 32:16प्रॉमिसरी नोट के अंदर काउंट होगा। और
- 32:18अनकंडीशनल ऑर्डर होगा। ऑर्डर मतलब हुक्म
- 32:20होगा तो वो होगा बिल ऑफ एक्सचेंज के अंदर
- 32:23या चेक के अंदर या चेक के अंदर। अगला
- 32:27एसेंशियल एलिमेंट है हमें सिर्फ आप बात
- 32:30करना रोकड़े की। पैसा है पैसा है। पैसा है
- 32:34पैसा भैया। मैं अगर एक ऐसा प्रॉमिसी नोट
- 32:37बनाऊं। आई प्रॉमिस टू पे 5 किलो ऑफ गोल्ड
- 32:40टू सीजे। क्या प्रॉमिसी नोट के अंदर आएगा?
- 32:43नहीं आएगा। क्या नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट
- 32:45के अंदर आएगा? नहीं आएगा। क्योंकि सिर्फ
- 32:47और सिर्फ मनी ओनली सिर्फ एंड सिर्फ मनी
- 32:50ओनली सिर्फ पैसे का ही यहां पर नेगोशिएबल
- 32:53इंस्ट्रूमेंट बन सकता है हमें और कोई
- 32:55चीजों का मेटल्स का कोई भी दूसरी कमोडिटी
- 32:59का हमको यहां पर नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट
- 33:01हम नहीं बना सकते हैं। ठीक है? चलो आगे
- 33:04चलें। अब बताओ तीन बड़े प्रश्न किसको देना
- 33:08है यानी कि व्यक्ति का नाम होना चाहिए। कब
- 33:11देना है यानी कि समय होना चाहिए और कितना
- 33:14रोकड़ा देना है यह भी तो बताओ। मतलब हमको
- 33:17सारी चीजें सर्टेन चाहिए। देखो भैया
- 33:20नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट बना रहे हो ना
- 33:21एकदम सटीक चीजें होनी चाहिए। तभी तो सामने
- 33:24वाला पर्सन उसको बिना किसी कंडीशन के
- 33:26एक्सेप्ट करेगा। आप तो ये समझ के चलो आप
- 33:29एक नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट नहीं आप एक
- 33:31करेंसी बना रहे हो। आप ये मान के चलो आप
- 33:33एक करेंसी बना रहे हो। मतलब आप एक ऐसा
- 33:35कागज बना रहे हो जो सामने वाला पर्सन फट
- 33:38से एक्सेप्ट कर ले। भाई तूने खाना खिलाया
- 33:40यह कागज ले। हां मैं नहीं दे रहा हूं। वो
- 33:43मुझे उससे लेने थे। वो तुझे दे देगा।
- 33:44अच्छा रेस्टोरेंट वाला बाल कटवाने गया।
- 33:47अरे मेरे पास पैसे नहीं है। तू एक काम कर
- 33:48ये कागज रख। ये क्या है? अरे वो वो भाई
- 33:51साहब आएंगे वो आपको पैसे दे देंगे। वो जो
- 33:53भाई साहब है ना उनकी सिग्नेचर है। ये देखो
- 33:54ये सिग्नेचर है। ये सिग्नेचर है। आप समझो
- 33:57सामने वाला पर्सन बिना कोई इफ और बट के जो
- 34:00चीज एक्सेप्ट कर पाए वैसा कागज चाहिए। तो
- 34:02सर फिर भी कुछ सर्टेनिटी दो ना। पहले आप
- 34:06बताओ ना सर कि किसको पैसा देना है वो उसके
- 34:08अंदर लिखा होना चाहिए। पर्सन का नाम वहां
- 34:10पर लिखा होना चाहिए। पेई पेई यानी कि
- 34:12जिसको पैसा मिलने वाला है पेई उसका नाम
- 34:15वहां पर लिखा हुआ होना चाहिए। मैं एक
- 34:17एग्जांपल बनाता हूं। आई प्रॉमिस्ड टू पे
- 34:18अंजलि और राहुल। अंजलि और राहुल। ए भैया
- 34:21अंजलि को देना है कि राहुल को देना है?
- 34:23तेरा पेई तो डिसाइडेड ही नहीं है। ये सही
- 34:25नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट नहीं है बच्चा।
- 34:28पेयर देने वाला होता है और पेई लेने वाला
- 34:30होता है। समय की बात करो। टाइम ऑफ़ पेमेंट।
- 34:33टाइम ऑफ पेमेंट के अंदर एक अच्छी बात यह
- 34:35है कि टाइम ऑफ पेमेंट निश्चित होना चाहिए।
- 34:37पर बहुत सारे लोग हैं जो टाइम नहीं लिखते
- 34:39हैं कभी-कभी। आई प्रॉमिस टू पे 10,000 टू
- 34:42सीजे। सर टाइम नहीं लिखा कोई बात नहीं।
- 34:45अगर टाइम नहीं लिखा है तो हम उसको मान
- 34:47लेते हैं पेएबल ऑन डिमांड। हम मान लेते
- 34:49हैं उसका पेएबल ऑन डिमांड। चलो सर ये भी
- 34:51आगे कवर होगा। बट सर आप ये बताओ कितना
- 34:53पैसा? पैसा तो एकदम परफेक्ट होना चाहिए
- 34:55ना। लिखा होना चाहिए। 5,000 दोगे, 10,000
- 34:57दोगे। आप लिख दो कि आई प्रॉमिस्ड टू पे
- 34:59सर्टेन सम ऑफ मनी। अरे भाई कितना सम ऑफ
- 35:02मनी? क्या देना चाहता है? कितना देना
- 35:04चाहता है? ये तो बता। अच्छा एक काम करो सर
- 35:08ऐसा हो सकता है क्या? क्या अगर हम
- 35:10कैलकुलेट कर पाए तो अगर कैलकुलेबल है तो
- 35:14यानी कैलकुलेट कर पाए तो मैंने ऐसा बोला
- 35:16आई प्रॉमिस टू पे 10,000 एंड 12% इंटरेस्ट
- 35:20ऑन इट एंड 12% इंटरेस्ट ऑन इट। सर ये
- 35:23सर्टेन है क्या? हां ये सर्टेन है।
- 35:25क्योंकि आप इसको कैलकुलेट कर सकते हो। अगर
- 35:27आप कैलकुलेट कर सकते हो ना तो चीजें फिर
- 35:29भी आपके कंट्रोल में हैं। बट अगर
- 35:31कैलकुलेबल नहीं है। हां तो फिर वो सर्टेन
- 35:34सम ऑफ मनी नहीं होगा। ठीक है? इसीलिए आपको
- 35:36इस बात का ध्यान रखना है कि ये तीनों
- 35:38प्रश्नों का जो आंसर है वो सर्टेन होना
- 35:41चाहिए। ओके? चलो। तो एसेंशियल एलिमेंट्स
- 35:45में यहां तक तो पहुंच गए हम लोग। अब आखिरी
- 35:47पॉइंट बहुत अच्छा समझना यहां पर। क्या
- 35:48होना चाहिए? इट शुड बी डिलीिवर्ड।
- 35:51डिलीिवर्ड का मतलब होता है बेटा कि उसकी
- 35:53डिलीवरी होना चाहिए। मैंने आपको पहले भी
- 35:55बताया है। डिलीवरी का मतलब ये होता है कि
- 35:57वेंटरीली आपको उसको डिलीवर करना आना चाहिए
- 36:00या होना चाहिए। देखो इसका एक छोटा सा
- 36:02एग्जांपल ये है कि सिर्फ ड्रॉ करने से कुछ
- 36:05नहीं होता है। यानी कि मैंने एक
- 36:06इंस्ट्रूमेंट बनाया आई प्रॉमिस टू पे
- 36:08वगैरह वगैरह वगैरह और मैंने इसको मेरी
- 36:10एलरा के अंदर रख दिया। ए भैया मेरी बात
- 36:12सुन। सीजे ने प्रॉमिस किया कि मैं डीजे को
- 36:15मैं डीजे को पे करूंगा ₹10,000। अरे यार
- 36:18अलक सर अलक सर रोज बेटा प्रॉमिस करते हैं
- 36:20मुझे।
- 36:22हां कि मैं सीजे को ₹5 करोड़ दूंगा और वो
- 36:25रोज एक चेक बनाकर अगर अलमारी में रख देते
- 36:27हैं और देते ही नहीं है। देते ही नहीं है।
- 36:29अरे देते नहीं है। मतलब मेरे तक पहुंचता
- 36:31ही नहीं है। भैया जब पहुंचा ही नहीं है।
- 36:33जब डिलीवरी नहीं हुई है तो कोई लायबिलिटी
- 36:35भी क्रिएट नहीं हुई है। इसीलिए एक
- 36:36एसेंशियल एलिमेंट है। एक एसेंशियल एलिमेंट
- 36:38है। क्या एलिमेंट है कि वो डिलीवर होना
- 36:41चाहिए। सिर्फ ड्रॉ करने से कुछ भी नहीं
- 36:43होता। ड्रॉ करने से कोई भी लायबिलिटी
- 36:45क्रिएट नहीं होती है। ठीक है? इसका मतलब
- 36:47ये है कि देखो आप ये सारे एसेंशियल
- 36:50एलिमेंट्स हैं। राइटिंग में करो, साइन
- 36:53करो, फ्रीली ट्रांसफरेबल रखो। है ना? कोई
- 36:55भी ऐसे वर्ड्स मत डालो जो कोई ना कोई
- 36:58कंडीशन क्रिएट करें। नहीं, अनकंडीशनल होना
- 37:01चाहिए। किसी भी डिफेक्ट से फ्री होना
- 37:03चाहिए। टाइटल रिलेटेड डिफेक्ट्स भी नहीं
- 37:05होना चाहिए। सिर्फ और सिर्फ रोकड़े का
- 37:07होगा। तीन चीजें आपको सर्टेन करनी पड़ेगी।
- 37:10यानी कि सबसे पहले पर्सन का नाम कि आप
- 37:14किसको कर रहे हैं? टाइम यानी कि कब कब तक
- 37:17पेमेंट करेंगे और कितना पैसा करेंगे। इसे
- 37:20बोलता हूं बेटा पीटीएम। क्या बोलता हूं
- 37:21मैं? Paytm है ना? Paytm, paytm कुछ भी
- 37:24बोल सकते हो। पर्सन, टाइम एंड मनी। ठीक
- 37:26है? ये सब चीजें सर्टेन होना चाहिए। एंड द
- 37:28लास्ट पॉइंट इज़ डिलीवर्ड होना चाहिए मात्र
- 37:31ड्रॉ करने से लायबिलिटी क्रिएट नहीं होती
- 37:33है। ठीक है? अगर कुछ क्वेश्चंस की बात
- 37:35करूं तो देखो ये क्वेश्चन ऑलरेडी सॉल्वड
- 37:37है। मैं इसको यहां पर डिस्कस करना
- 37:39चाहूंगा। क्योंकि मैंने ऑलरेडी एग्जांपल
- 37:40के अंदर सब कुछ कवर तो कर लिया है वैसे।
- 37:42बट फिर से हम एक बार देख लेते हैं। अगर
- 37:44कोई पर्सन दूसरे पर्सन को प्रॉमिस करता है
- 37:46कि मैं तुझे गोल्ड दूंगा तो नहीं होगा
- 37:48बेटा। गोल्ड यानी कि सिर्फ मनी का ही
- 37:50चाहिए। नो बिकॉज़ ओनली मनी होना चाहिए। एक
- 37:53पर्सन प्रॉमिसी नोट पे लिखता है कि मैं
- 37:56तुझे 20,000 दूंगा। ओनली टू राघव। ओनली
- 37:58शब्द आ गया। मतलब वो फ्रीली ट्रांसफरेबल
- 38:01नहीं है। तो ये भी नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट
- 38:03नहीं होगा। एक पर्सन बिल ऑफ एक्सचेंज
- 38:05बनाता है। बोलता है कि मैं 8,000 रमेश को
- 38:07दूंगा। ओनली इफ ही पाससेस इन हिज़ फाइनल
- 38:10एग्जाम। फाइनल एग्जाम में पास होना या ना
- 38:12होना कोई सर्टेन कंडीशन नहीं है। हम इसको
- 38:15बाहर निकालेंगे और ये भी अनकंडीशनल नहीं
- 38:18होने की वजह से ये भी नेगोशिएबल
- 38:20इंस्ट्रूमेंट नहीं है। एक बंदा चेक लिखता
- 38:22है कि क्या लिख रहा है? पे बेयरर चेक पे
- 38:25लिखा रहता है बेयर शब्द। पे बेयरर द सम ऑफ
- 38:28₹10,000। क्या यह सही है? ये सही है। यह
- 38:32सही है। आपने देखा होगा कभी-कभी ब्लैंक
- 38:34चेक बनते हैं। सिग्नेचर कर दी, अमाउंट लिख
- 38:36दिया। किसी का नाम नहीं लिखा। मतलब ये चेक
- 38:38जिसके पास में जाएगा वो इसका मालिक होगा।
- 38:41क्या ऐसा हो सकता है? हो सकता है। हो सकता
- 38:44है। और आगे सेक्शन नंबर सिक्स के अंदर
- 38:46आपको पता चलेगा चेकक्स आर ऑलवेज ऑन
- 38:48डिमांड। आप बैंक के पास में चेक ले जाते
- 38:49हो तो बैंक ऐसा बोलता है अच्छा ठीक है चार
- 38:51दिन बाद पेमेंट करूंगा। तीन दिन बाद
- 38:53करूंगा। नहीं बेटा जब बैंक को पैसा देना
- 38:55है मतलब देना है। जब प्रेजेंट करोगे तब
- 38:57पैसा मिलना है। तो चेक आर ऑलवेज पेएबल ऑन
- 39:00डिमांड। ठीक है? लास्ट वाला अंजलि और अमन
- 39:02वाला मैंने एग्जांपल दिया था। पे ईदर
- 39:04अंजलि और अमन भैया क्या कर रहे हो यार आप
- 39:07स्पेसिफाई नहीं कर रहे हो आपका पेई ही
- 39:10सर्टेन नहीं है तो ये भी नेगोशिएबल
- 39:12इंस्ट्रूमेंट नहीं है। ठीक है? ये कुछ
- 39:14एग्जांपल थे, क्वेश्चन थे। डायरेक्ट
- 39:16क्वेश्चन ऐसा आ सकता है। पहले भी एमटीपी
- 39:18और आरटीपी में ऐसा क्वेश्चन आया है कि
- 39:20नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट क्या है? उसके
- 39:22एसेंशियल कैरेक्टरिस्टिक्स क्या है? तो
- 39:23नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट से आप मेरी थ्री
- 39:25स्टार शीट पूरी यूज़ कर सकते हो। सेक्शन
- 39:27नंबर 13 आप यहां पर लिख के आना। तीन तरीके
- 39:30के नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट चार पांच छह
- 39:31लिख के आना। और ये सारे कैरेक्टरिस्टिक्स
- 39:34आप लोग लिख के आ सकते हो। ठीक है? अब हम
- 39:37चर्चा चालू करते हैं ट्रांसफर एंड मोड्स
- 39:39ऑफ ट्रांसफर की। यानी कि अब यहां पर आपके
- 39:42सामने आएगा 14,
- 39:44आपके पास में आएगा 47 और आपके पास में
- 39:47आएगा 48। ये टोटल तीन सेक्शन का यहां पर
- 39:51एकदम त्रिवेणी बनने वाली है बेटा
- 39:53त्रिवेणी। जरा इस पेज को अगर आप ध्यान से
- 39:55पढ़ोगे। ठीक है? तो मैंने इस पेज को यहां
- 39:57पर बनाया है कि नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट को
- 39:59ट्रांसफर किया जाता है। ये तो हमको समझ
- 40:01में आ गया। ट्रांसफर फ्रीली होना चाहिए।
- 40:03ये भी हमको समझ में आ गया। लेकिन यह
- 40:06ट्रांसफर करना कैसे? मोड मतलब होता है
- 40:08बेटा। मोड मतलब होता है तरीका। मोड मतलब
- 40:11होता है तरीका। है ना? तो क्या तरीका है?
- 40:14तो उन्होंने कहा सेक्शन नंबर 14 के पास
- 40:15में आना। 14 ने हमको ये समझाया कि 47 और
- 40:1948 का सहारा लेना। जब सिर्फ डिलीवरी से
- 40:22काम हो जाएगा तो 47 के पास आना। जब
- 40:25इंडोर्समेंट और डिलीवरी दोनों चाहिए तो 48
- 40:27के पास में आना। अच्छा। तो सर इसके लिए
- 40:30थोड़े से कुछ एग्जांपल अब हमारे माइंड में
- 40:32डाल दो। डाल देंगे? बिल्कुल डाल देंगे।
- 40:34उसके पहले आप ये पढ़ो। सेक्शन नंबर 14 अगर
- 40:36आपको भरोसा नहीं हो रहा है ये चार्ट अगर
- 40:38आपको लग रहा है कि ज्यादा एकदम सर एकदम
- 40:40ऐसा निचोड़ कैसे निकल गया ऐसा निचोड़ यहां
- 40:43से निकला है बेटा 14 ने बोला है नेगोशिएशन
- 40:46ट्रांसफर कैसे किया जाता है व्हेन अ
- 40:48नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट इज़ ट्रांसफर टू
- 40:49एनी पर्सन विद अ व्यू टू कंस्टीट्यूट द
- 40:52अदर पर्सन होल्डर आप ट्रांसफर क्यों कर
- 40:54रहे हो आप सामने वाले पर्सन को होल्डर
- 40:56बनाना चाहते हो तो इंस्ट्रूमेंट को हम
- 40:58नेगोशिएटेड मानेंगे कब मानेंगे भैया जब
- 41:02ट्रांसफर ऑफ ओनरशिप होगा ट्रांसफर ऑफ ऑफ
- 41:05ओनरशिप होगा बराबर है। कैसे होगा ट्रांसफर
- 41:07ऑफ़ ओनरशिप? दो तरीके से होगा। ऐसा सेक्शन
- 41:10नंबर 14 ने बोला है। 14 के अंदर 47 और 48
- 41:13नहीं है। ये तो अपनी पढ़ाने की स्टाइल है।
- 41:1647 48 ने यही बातें बोली है आगे जाके।
- 41:19इसलिए मैंने साथ में उनको लिख दिया है।
- 41:21क्या बोला है 14 ने? कि दो तरीके से अगर
- 41:24आप नेगोशिएशन करते हो तो ओनरशिप ट्रांसफर
- 41:26हो जाएगी। इट विल बी डीम्ड कि ओनरशिप
- 41:29ट्रांसफर हो चुकी है। कब? पहला तरीका
- 41:31सिर्फ डिलीवरी करके। दूसरा तरीका
- 41:33इंडोर्समेंट प्लस डिलीवरी करके बराबर है।
- 41:37इसके लिए आपको समझना पड़ेगा बेर क्या होता
- 41:40है और ऑर्डर क्या होता है। तो अब हम इस
- 41:42पड़ाव पर आ चुके हैं। अब हम इस पड़ाव पर आ
- 41:45चुके हैं कि हमको समझना पड़ेगा व्हाट इज अ
- 41:48बेरर इंस्ट्रूमेंट एंड व्हाट इज एन ऑर्डर
- 41:50इंस्ट्रूमेंट। जब तक आपको बेर और ऑर्डर
- 41:53समझ में नहीं आएगा तब तक आपको ये समझ में
- 41:55नहीं आएगा कि सेक्शन नंबर 14 आपसे क्या
- 41:58बोलना चाह रहा है। तो आओ दोस्तों पहले इन
- 42:00दोनों को समझते हैं। तो बेर शब्द का मतलब
- 42:03क्या है और ऑर्डर शब्द का मतलब क्या है?
- 42:05चलो देखते हैं। पहले देखेंगे कांसेप्ट
- 42:06बिल्डिंग शीट से पेएबल टू बेरर। बेयरर
- 42:10बेयर करता हो। बेयर करना मतलब आपके पास
- 42:12में होना। मैं बोल रहा हूं कि आई आई बेर द
- 42:16रिस्पांसिबिलिटी। आई बेयर द
- 42:18रिस्पांसिबिलिटी मतलब मैं रिस्पांसिबिलिटी
- 42:20अपने ऊपर लेता हूं। मेरे पास में रखता
- 42:22हूं। बेयर करना मतलब आपके पास में होना।
- 42:24जब ऐसा इंस्ट्रूमेंट होता है जिसको
- 42:27ट्रांसफर करने के लिए आपको किसी का नाम
- 42:30लिखने की जरूरत नहीं है। इसका ऑपरेशन करते
- 42:32हैं। देखो इधर आओ। एक पर्सन दूसरे पर्सन
- 42:34को बोल रहा है। देखो मेरी बात समझना। इसने
- 42:37₹00 का माल बेचा। इसने बोला कि मैं
- 42:40प्रॉमिस करता हूं कि मैं आपको ₹00 दूंगा।
- 42:43बराबर है। अब मेरी बात समझने की कोशिश
- 42:45कोशिश करना। दो केसेस हैं बेयर
- 42:48इंस्ट्रूमेंट के। पहले उसने एक
- 42:49इंस्ट्रूमेंट बनाया। आई प्रॉमिस टू पे
- 42:51डैश। आई प्रॉमिस टू पे डैश। अरे डैश मतलब
- 42:54नाम नहीं लिखा हुआ है। डैश मतलब नाम नहीं
- 42:57लिखा हुआ है। डैश उसका नाम नहीं है। ठीक
- 42:59है? आई प्रॉमिस्ड टू पे डैश और उसने
- 43:01सिग्नेचर कर दी। अगेन एक डिस्क्लेमर है।
- 43:04कुछ बच्चे होशियार हैं। वो कहते हैं सर ये
- 43:06प्रॉमिसरी नोट हो ही नहीं सकता। इसके अंदर
- 43:08सारे एलिमेंट्स नहीं है। बेटा ये सिर्फ
- 43:10एग्जांपल के लिए बनाए गए हैं। दीज़ आर नॉट
- 43:11कंप्लीट नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स। प्लीज़
- 43:14हां कमेंट सेक्शन में तहलका मत मचाना। ठीक
- 43:16है? अभी मेरी बात सुनो। क्या यहां पर
- 43:18प्रॉमिस किया जा रहा है? यस किया जा रहा
- 43:20है। देने वाले ने अपना नाम लिखा होगा।
- 43:22उसने डेट लिखी होगी। उसने अमाउंट लिखा
- 43:24होगा। उसने सिग्नेचर करी होगी। उसने
- 43:26स्टैंप लगवाया होगा। अस्यूम करो कि इसमें
- 43:29सारी कैरेक्टरिस्टिक्स है एक प्रॉमिसरी
- 43:31नोट वैलिड होने की। बस इसमें पेई का नाम
- 43:35नहीं है। किसका नाम नहीं है बेटा? पेई और
- 43:36मैंने पेई बताया आपको जिसको पैसे मिलने
- 43:39वाले हैं तो पेई का नाम यहां पर नहीं है।
- 43:41बराबर है। जब पेई का नाम नहीं होता है ऐसे
- 43:44इंस्ट्रूमेंट को बेर इंस्ट्रूमेंट बोला
- 43:45जाता है। क्यों? क्योंकि ये इंस्ट्रूमेंट
- 43:47जिसके पास में जाएगा जो इसको बेयर करेगा
- 43:50वो इसका मालिक होगा। अच्छा दूसरा केस क्या
- 43:53है? सर कभी-कभी नाम लिख दिया जाता है।
- 43:55देखो आई प्रॉमिस टू पे बी और बेयरर। आ हा
- 44:00हा हा बेयर शब्द आया तो है पर बयर शब्द के
- 44:04साथ में बी का नाम भी लिखा सॉ पेई का नाम
- 44:07आ गया सर पेई का नाम आ गया सर बेर नहीं है
- 44:11बेयर नहीं है अरे शांति रख भाई शांति रख
- 44:13क्या कर रहा है यार क्या कर रहा है सुन
- 44:15पेई का नाम तो मेंशंड है मतलब ए बोल रहा
- 44:19है कि मैं B को तो पैसा दूंगा पर B आगे
- 44:22किसी को भी पैसा दे सकता है। मतलब बी को
- 44:26आगे इसको ट्रांसफर करने के लिए नेगोशिएट
- 44:29करने के लिए कुछ भी करने की जरूरत नहीं
- 44:31है। सर ऐसा क्यों बोल रहे हो? क्योंकि
- 44:32मैंने बी भी लिखा है यानी मैंने पे का नाम
- 44:35भी लिखा है। बट मैंने एक वर्ड मेंशन कर
- 44:38दिया है बेरर। बेरर वर्ड लिखा होगा। अगर
- 44:42बेर वर्ड लिखा हुआ है या फिर पेई का नाम
- 44:46नहीं है। ये दोनों केसेस होते हैं बेटा जो
- 44:49पेएबल टू बेर इंस्ट्रूमेंट को बनाते हैं।
- 44:52तो इससे उल्टा क्या होता है? इससे उल्टा
- 44:54होता है बेटा पेएबल टू ऑर्डर। चलो अब
- 44:56ऑर्डर को समझते हैं। ऑर्डर के लिए टोटल
- 44:58तीन केसेस हमारे पास में हैं। तो सर एक
- 45:01बात तो पक्की है। अगर बेयरर वो है जहां पर
- 45:05पेई का नाम नहीं है या बेरर शब्द लिखा हुआ
- 45:08है तो ऑर्डर वो होगा जहां पर पेई का नाम
- 45:11होगा। सही कह रहे हो। आई प्रॉमिस टू पे
- 45:13बी। पेई का नाम लिखा हुआ है। स्पेसिफिक
- 45:16नाम मेंशंड है। ऑर्डर इंस्ट्रूमेंट है।
- 45:18अच्छा सर ऐसा भी लिख सकते हैं। आपने पीछे
- 45:21बताया था बी और बेयरर तो वो बेर
- 45:25इंस्ट्रूमेंट था। दो मिनट। अब एक काम
- 45:27करें। बी और हिज ऑर्डर आ
- 45:32सर। मतलब या तो पैसा बी को मिलेगा या बी
- 45:36के ऑर्डर को मिलेगा। बी जिसको देने के लिए
- 45:38बोलेगा उसको मिलेगा। अच्छा इसका मतलब बी ऑ
- 45:43टू इज़ ऑर्डर सर पेई का नाम मेंशंड है। पेई
- 45:47का नाम मेंशंड है और साथ में ऑर्डर भी
- 45:50मेंशंड है। ऑर्डर शब्द भी लिखा हुआ है। ये
- 45:53भी पेएबल टू ऑर्डर इंस्ट्रूमेंट की पहचान
- 45:55है। तीसरा है थोड़ा सा अंग्रेजी के साथ में
- 45:58इसकी 12:00 बजाऊं। कैसे? तीसरे में लिखा
- 46:01हुआ है आई प्रॉमिस्ड टू पे बीज़ ऑर्डर। अरे
- 46:06सर ये ये क्या हो गया सर? ये तो सेम लग
- 46:08रहा है सर। सेकंड और थर्ड तो सेम लग रहा
- 46:10है। इधर आ। इधर आ। ज़ूम करके देख। ज़ूम करके
- 46:12देख। इधर आ। बी ऑ टू हिज़ ऑर्डर या फिर बीज़
- 46:16ऑर्डर। अच्छा कभी बचपन में ऐसा कभी हां
- 46:19दिस इज़ साक्षीस बुक। साक्षी मतलब
- 46:22एपॉस्टोफी एस उसकी। मैं बोल रहा हूं। दिस
- 46:26इज़ दिस इज़ सीजेस द क्लास। यानी कि ये सीजे
- 46:29सर की क्लास है। का या की उसका या उसकी।
- 46:34मेरी बात सुनो। ऊपर मैं दो ऑप्शन दे रहा
- 46:36था कि या तो मैं बी को पेमेंट करूंगा या
- 46:39बी के ऑर्डर को पेमेंट करूंगा। यहां पर
- 46:42पता है क्या लिखा हुआ? डायरेक्टली मैं बी
- 46:43के ऑर्डर को पेमेंट करूंगा। क्यों? बी और
- 46:46उसका एपॉस्टोफी एस लिखा हुआ है। यानी कि
- 46:48बीस ऑर्डर। तो पेई का ऑर्डर भी डायरेक्टली
- 46:51लिखा हुआ हो सकता है। वो भी अगर
- 46:54डायरेक्टली लिखा हुआ है तो भी वो पेएबल टू
- 46:56ऑर्डर ही होता है। सो टोटल तीन केसेस हैं
- 46:59पेएबल टू ऑर्डर के। आई होप आपको समझ में
- 47:01आया होगा। और पेएबल टू बेयरर इंस्ट्रूमेंट
- 47:03को पहचानने के दो तरीके हैं। अगर आपको
- 47:05एग्जांपल चाहिए तो आप देखो
- 47:08आप देखो मेरे साथ में पे सीजे नाम लिखा
- 47:11हुआ है पेई का ऑर्डर पे ब्लैंक नाम नहीं
- 47:16है तो बेर पे सीजे और बेर बेर शब्द आ गया
- 47:20बेरर
- 47:22पे सीजे और टू हिज ऑर्डर ऑर्डर शब्द आ गया
- 47:25पेई का नाम भी है ऑर्डर डायरेक्टली लिखा
- 47:28हुआ है पे सीजेस ऑर्डर कोई बात नहीं सीजे
- 47:31के ऑर्डर को डायरेक्टली देंगे तो यह भी
- 47:32ऑर्डर है ये भी ऑर्डर है ठीक है ये क्लियर
- 47:35हो गया आप लोगों को? चलो अभी आपको पेएबल
- 47:37टू बेर समझ में आ गया। आपको पेएबल टू
- 47:39ऑर्डर समझ में आ गया है ना? तो अभी आपको
- 47:41समझ में आएगा इनकी डेफिनेशन बहुत खतरनाक
- 47:44दे रखी है। ये बेरर की डेफिनेशन है। बेयर
- 47:46डेफिनेशन क्या लिखा हुआ है? नेगोशिएबल
- 47:48इंस्ट्रूमेंट इज़ पेएबल टू बेयर व्हेन इट
- 47:50इज़ एक्सप्रेस टू बी पेएबल। यानी कि ऐसा
- 47:53लिखा हुआ है कि बेरर को पे करो। ये पूरी
- 47:55डेफिनेशन लिखी हुई है। है ना? आप पढ़ सकते
- 47:57हो। ये ऑर्डर की डेफिनेशन लिखी हुई है। ये
- 47:59आप पढ़ सकते हो। पर मेरी गारंटी है आप
- 48:01पढ़ोगे तो आप आपको ज्यादा अंदर उतरेगा
- 48:03नहीं। ठीक है? आपको अंदर कैसे उतरेगा
- 48:06बेटा? आपको ऐसे उतरेगा। आपको ऐसे उतरेगा।
- 48:10आओ। अभी मैंने पूरा ऑपरेशन कर दिया। एक
- 48:13तरफ बेर, एक तरफ ऑर्डर। अब देखो बेरर में
- 48:16क्या लिखा हुआ है? बेर में क्या लिखा हुआ
- 48:17है? नेम ऑफ़ पे इज़ ब्लैंक। कवर्ड डन। ये
- 48:20अपन ने कवर कर लिया। ठीक है? नेम इज़
- 48:24स्पेसिफाइड विद द वर्ड बेर। नाम स्पेसिफाई
- 48:26किया गया है। मतलब नाम भी है और बेरर भी
- 48:29लिखा हुआ है। गुड। यह भी हमने कवर कर
- 48:31लिया। डन। चलो इधर आओ ऑर्डर पेई नेम इज
- 48:37मेंशंड डन कवर कर लिया हमने सीजे लिखा हुआ
- 48:39है तो है ना या फिर नेम लिखा हुआ है एंड
- 48:43टू हिज ऑर्डर लिखा हुआ है डन ये भी हमने
- 48:45कवर कर लिया या फिर डायरेक्टली पेस ऑर्डर
- 48:48लिखा हुआ है ये भी हमने कवर कर लिया बहुत
- 48:50ही बढ़िया ध्यान रखना सेक्शन 14 पढ़ रहे
- 48:53थे हम सेक्शन 14 का 47 और 48 47 48
- 48:59ट्रांसफर करने का तरीका है ट्रांसफर करने
- 49:02का तरीका समझने के लिए बेरर और ऑर्डर को
- 49:04समझना जरूरी है। तो हम बेर और ऑर्डर को
- 49:07समझने आए हैं। हां, बेर ऑर्डर को समझ के
- 49:10सेक्शन नंबर 14 के पास में जाऊंगा। 14
- 49:12मुझे ले जाएगा 47 48 के पास में। इस बात
- 49:14का ध्यान रखना। हां, नालायकों। ये वन शॉट
- 49:16है। आप लोग सोच रहे हो कि वन शॉट मैं पढ़ा
- 49:18पढ़ा के निकल जाऊंगा। मतलब मैं कांसेप्ट
- 49:20नहीं समझाऊंगा। ऐसा नहीं होगा बेटा।
- 49:22कांसेप्ट भी समझाऊंगा। अभी क्वेश्चन भी चल
- 49:23रहे हैं अपने साथ-साथ में। ये पूरी
- 49:25डेफिनेशन के अंदर अगर आपको समझ में आ रहा
- 49:28हो हमारा लास्ट पॉइंट दोनों में रह गया
- 49:31है। लास्ट पॉइंट इन दोनों में रह गया है
- 49:33क्योंकि ये दोनों पॉइंट एंडोर्समेंट के
- 49:36बारे में बात करते हैं। सर एंडोर्समेंट
- 49:38शब्द सुना-सुना लग रहा है। सुना-सुना
- 49:40लगेगा बेटा क्योंकि एंडोर्समेंट तुम मेरे
- 49:41से सुन के आए हो। एंडोर्समेंट तुम मेरे से
- 49:44सुन के आए हो। ठीक है? एक काम करते हैं
- 49:46बेरर और ऑर्डर की डेफिनेशन को समझने के
- 49:48लिए एंडोर्समेंट का काम खत्म कर दें क्या
- 49:50समझने के लिए? हां? खत्म कर दें? चलो। सर
- 49:53इंडोर्समेंट मतलब क्या था? इंडोर्समेंट
- 49:56मतलब ये था कि जब भी आप एक इंस्ट्रूमेंट
- 49:58बनाते हो, ठीक है? जब भी आप एक
- 50:00इंस्ट्रूमेंट बनाते हो, हां तो आई
- 50:03प्रॉमिस्ड टू पे लेट्स से मैंने लिखा आई
- 50:05प्रॉमिस टू पे
- 50:08सीजे और मैंने यहां पर सिग्नेचर कर दिया।
- 50:11हां, एक काम करो इसको डीजे कर दो क्योंकि
- 50:13मैं ही सिग्नेचर कर रहा हूं। हां। आई
- 50:14प्रॉमिस टू पे डीजे और मैंने यहां पर
- 50:16सिग्नेचर कर दी। जब डीजे को पैसे नहीं
- 50:18चाहिए। डीजे को पैसे नहीं चाहिए। तो डीजे
- 50:22के पास में जब ये इंस्ट्रूमेंट आता है तो
- 50:23डीजे बोलता है मैं मेरी सिग्नेचर करता हूं
- 50:25और मैं यहां पर लिख देता हूं पे पप्पू
- 50:28बराबर है। पप्पू के पास में जब ये
- 50:31इंस्ट्रूमेंट आता है पप्पू बोलता है मुझे
- 50:32भी पैसे नहीं चाहिए। पप्पू अपनी सिग्नेचर
- 50:35करता है और वो लिख देता है लप्पू।
- 50:38लप्पू के पास में जब इंस्ट्रूमेंट आता है
- 50:40वो बोलता है मुझे भी पैसे नहीं चाहिए।
- 50:41मुझे और किसी को देना है तो तू मुझे पे मत
- 50:43कर। तू और किसी को पे कर। पे झप्पू। यह जो
- 50:47सिग्नेचर करने का काम है ना इसे
- 50:48इंडोर्समेंट कहते हैं। क्या बोलते हैं?
- 50:50इंडोर्समेंट कहते हैं। पर सर इंडोर्समेंट
- 50:52का भी कोई अंत आएगा कि नहीं आएगा?
- 50:55इंडोर्समेंट का भी अंत आता है जिसे लास्ट
- 50:57इंडोर्समेंट कहते हैं। अब एंडोर्समेंट की
- 51:00पूरी सीरीज समझने के लिए आपके लिए एक
- 51:02खतरनाक एग्जांपल लाता हूं। जिससे आपको
- 51:04एंडोर्समेंट यानी कि साइनिंग
- 51:07कैसे होती है और एंडोर्समेंट एक
- 51:09इंस्ट्रूमेंट का भाग्य बदल देता है। हां,
- 51:12सुनना अभी बताऊंगा। एक टाइप ऑफ
- 51:14इंडोर्समेंट आपके इंस्ट्रूमेंट का नेचर
- 51:18बदल सकता है। कम ऑन लेट्स सी। दो तरीके के
- 51:21इंडोर्समेंट हम लोगों के पास में है। एक
- 51:23एंडोर्समेंट का तरीका होता है बेटा ब्लैंक
- 51:26एंडोर्समेंट। क्या बोलते हैं? ब्लैंक
- 51:27एंडोर्समेंट और एक होता है फुल
- 51:30एंडोर्समेंट। दो शब्द समझना है। इंडोर्स
- 51:33करने वाला इंसान जो साइनिंग करता है उसे
- 51:35बोलते हैं इंडोर्सर। और जो साइन करके
- 51:38जिसको दिया जाता है इंडोर्स जिसके नाम पर
- 51:42किया जाता है वो होता है इंडोर्स। दोनों
- 51:44शब्द समझ गए? इंडोर्सर और इंडोर्स समझ गए?
- 51:48ब्लैंक इंडोर्समेंट समझेंगे और फुल
- 51:50इंडोर्समेंट समझेंगे। तभी जाके ऑर्डर और
- 51:53बैर की डेफिनेशन का आखिरी पॉइंट जो है
- 51:55इंडोर्समेंट का वो हमको समझ में आएगा। ठीक
- 51:57है? अभी पूरा सर्कल क्लोज करने वाला हूं
- 51:59मैं धीरे से। सेक्शन 14 तक अपन को क्लोज
- 52:02करना है। ठीक है? बिल्कुल घबराना मत। पर
- 52:03इसके पहले मैं ये एक एग्जांपल दूं आपको।
- 52:06उसके पहले मुझे आपको एक चीज बतानी है।
- 52:09देखो जब इंस्ट्रूमेंट बनता है वो पहली
- 52:12स्टेज होती है। उसे बोलते हैं
- 52:14इंस्ट्रूमेंट की मेकिंग स्टेज। क्या बोलते
- 52:16हैं बेटा? मेकिंग स्टेज।
- 52:18यहां पर यहां पर सीजे ने प्रॉमिस किया है
- 52:22कि वो डीजे को ₹10,000 देगा और यहां पर
- 52:26मैंने सिग्नेचर कर दिए। बेटा ये मैंने
- 52:28इंस्ट्रूमेंट बनाया है। ये इंस्ट्रूमेंट
- 52:31सीजे ने बनाकर किसको दिया है बेटा? ये
- 52:33डीजे को दिया है। दिस इज द फर्स्ट स्टेज
- 52:36जिसे हम मेकिंग की स्टेज कहते हैं। मेकिंग
- 52:39की स्टेज। बट बात सुनो। यहां पर तो
- 52:42इंडोर्समेंट का कोई भी रोल ही नहीं है।
- 52:44यहां पर इंडोर्समेंट का कोई रोल नहीं है।
- 52:46इंडोर्समेंट का रोल कब आता है? जब
- 52:48इंस्ट्रूमेंट को ट्रांसफर करना होता है।
- 52:50अब बात सुनना। अगर डीजे को पैसा नहीं
- 52:53चाहिए तो डीजे इसके ऊपर क्या करेगा? डीजे
- 52:56इसके ऊपर यहां पर खुद की सिग्नेचर करेगा
- 52:59और वो लिखेगा पे पप्पू पे पप्पू जब उसने
- 53:04सिग्नेचर करी है बेटा ये जो सिग्नेचर करी
- 53:06है उसने ये एंडोर्समेंट है ये एंडोर्समेंट
- 53:10है और जब उसने सिग्नेचर करके किसी का नाम
- 53:13लिखा है तो वो फुल एंडोर्समेंट है लेकिन
- 53:16इसी जगह अगर डीजे सिग्नेचर तो करता अगर
- 53:21डीजे सिग्नेचर तो करता लेकिन वो किसी का
- 53:24नाम नहीं लिखता। वो किसी का नाम नहीं
- 53:27लिखता। तो साइनिंग तो अभी भी हुई है।
- 53:30इंडोर्समेंट तो अभी भी हुआ है लेकिन किसी
- 53:33का नाम नहीं लिखा है। तो ये हो जाता है
- 53:36ब्लैंक इंडोर्समेंट।
- 53:39ये हो जाता है ब्लैंक एंडोर्समेंट। मतलब
- 53:41मेकिंग स्टेज तो अलग ही हो गई बेटा।
- 53:43मेकिंग में तो अभी सिर्फ बनाया है मैंने।
- 53:44मैंने ट्रांसफर थोड़ी ना किया है। जब
- 53:46ट्रांसफर करने की बात आती है तो
- 53:47इंडोर्समेंट आता है। अच्छा एंडोर्समेंट
- 53:50में इस पर्सन ने एंडोर्समेंट करके साइनिंग
- 53:53करके किसी का नाम लिख दिया तो फुल
- 53:54एंडोर्समेंट। अगर किसी का नाम नहीं लिखा
- 53:57तो ब्लैंक एंडोर्समेंट। अब सुनना ब्लैंक
- 53:59और फुल से जो मैं बात कह रहा था ब्लैंक और
- 54:02फुल से बेटा पूरी स्थिति बदल जाती है। आ
- 54:04जाओ। पूरी स्थिति बदल जाती है। एग्जांपल
- 54:07ऑलरेडी लिखा हुआ है। मेरे वर्ड्स को फॉलो
- 54:09करना। कंफ्यूज मत होना। मैंने चेन बनाई
- 54:11है। ए बी सी डी ई एफ। मैंने पूरी चेन बनाई
- 54:15है बेटा। ठीक है? कॉन्सेप्ट बिल्डिंग शीट
- 54:17है। इसको कोई लिखने की जरूरत नहीं है। आप
- 54:18लोग ध्यान से सुनना मेरी बात। सुनना। बी
- 54:20ने कुछ सामान बेचा ए को। ए ने प्रॉमिसी
- 54:23नोट बनाया और ए ने लिखा पे बी। चलो
- 54:27कांसेप्ट पे आ जाओ। किसी का नाम लिखा हुआ
- 54:29है। किसी का नहीं पेई का नाम लिखा हुआ है।
- 54:32मतलब ऑर्डर इंस्ट्रूमेंट है। क्या है?
- 54:34ऑर्डर इंस्ट्रूमेंट है। ठीक है? डन। समझ
- 54:36में आ गया? ये मेकिंग स्टेज है। हेलो।
- 54:39हेलो ये मेकिंग स्टेज है। अभी सुनना ये
- 54:42पैदा कैसे हुआ था और मरेगा कैसे?
- 54:46ये पैदा कैसे हुआ है और ये मरेगा कैसे?
- 54:48सुनना मेरी बात अभी। बना कैसा है? ऑर्डर
- 54:51इंस्ट्रूमेंट। बराबर है। क्यों? क्योंकि
- 54:53यहां पर पेई का नाम लिखा हुआ है। बी ने
- 54:56बोला मैंने तुझे सामान बेचा है। तू
- 54:58प्रॉमिस कर रहा है कि तू मुझे पैसा देगा।
- 54:59मुझे पैसा नहीं चाहिए। मुझे आगे इसको
- 55:02इंडोर्स करना है। अब इंडोर्समेंट का काम
- 55:03चालू हो गया। मेकिंग स्टेज से हम लोग बाहर
- 55:05आ गए। हम इंडोर्समेंट की स्टेज पे आ गए।
- 55:07चलो। इंडोर्समेंट की स्टेज पे आ गए। तो
- 55:09यहां पर बी ने क्या करा? बी ने इसके
- 55:11पिछवाड़े पे यानी कि इंस्ट्रूमेंट के पीछे
- 55:14यहां पर बी ने अपनी सिग्नेचर करी और उसने
- 55:16लिख दिया सी। बी ने क्या बोला? मुझे पैसा
- 55:19नहीं चाहिए। आप सी को देना। आ हा हा मतलब
- 55:22उसने पेई का नाम लिख दिया। बहुत बढ़िया।
- 55:24इंडोर्समेंट करा। आय आय करा। देखो ऑर्डर
- 55:27इंस्ट्रूमेंट को सिर्फ डिलीवर करके काम
- 55:30नहीं होगा। ऑर्डर इंस्ट्रूमेंट था तो आपको
- 55:32आई प्लस डी करना पड़ेगा। आपको बात समझ में
- 55:34आ रही है? दो तरीके बताए थे। सिर्फ
- 55:36डिलीवरी करके कहां पर ट्रांसफर होता था?
- 55:38बेयरर इंस्ट्रूमेंट को। सिर्फ डिलीवरी
- 55:40करके बेयरर इंस्ट्रूमेंट होता है। पर जब
- 55:42ऑर्डर इंस्ट्रूमेंट होता है तो आपको
- 55:43इंडोर्स भी करना पड़ता है और आपको डिलीवर
- 55:45भी करना पड़ता है। मेरी बात सुनो।
- 55:47इंडोर्समेंट करा डिलीवरी करी। क्यों?
- 55:50क्योंकि ऑर्डर इंस्ट्रूमेंट था और
- 55:52इंडोर्समेंट करके नाम भी लिखा। मैंने अभी
- 55:54बताया आपको। अगर इंडोर्समेंट करके नाम
- 55:56लिखते हो आप तो फुल इंडोर्समेंट होता है।
- 55:58क्या होता है? फुल इंडोर्समेंट। आगे बढ़े।
- 56:02सी ने भी इसको आगे एंडोर्स कर दिया। सी ने
- 56:05इंस्ट्रूमेंट के पिछवाड़े पर अपनी
- 56:07सिग्नेचर करी। अब उसने जब सिग्नेचर करी
- 56:10है, उसने किसी का नाम नहीं लिखा है। आई
- 56:14प्लस डी तो हुआ है। इंडोर्स तो किया है।
- 56:17डिलीवर भी कर रहे हैं लेकिन यहां पर पेई
- 56:20का नाम नहीं है। अब इंडोर्स करने के बाद
- 56:22में अगर आप पेई का नाम नहीं लिखते हो वो
- 56:25बन जाता है ब्लैंक इंडोर्समेंट। क्या बन
- 56:28जाता है? ब्लैंक इंडोर्समेंट। समझ में
- 56:30आया? इन भाई साहब ने करा फुल इंडोर्समेंट।
- 56:32इन भाई साहब ने करा ब्लैंक इंडोर्समेंट और
- 56:35आगे चलें आ जाओ। अब डी भेजेगा आगे ई को।
- 56:39डी भेजेगा आगे ई को। मेरा कहना है डी के
- 56:41पास में इंस्ट्रूमेंट जो आया है वो कैसा
- 56:43आया है? डी के पास में जब इंस्ट्रूमेंट
- 56:46आया है तो डी के जैसे इंस्ट्रूमेंट लिया
- 56:50उसने पीछे पलटाया तो उसने देखा कि किसी का
- 56:53नाम नहीं लिखा हुआ है। मतलब सी ने सिर्फ
- 56:57सिग्नेचर करके छोड़ रखी है। सी ने सिर्फ
- 57:00सिग्नेचर करके छोड़ रखी है। तो यार डी का
- 57:04थोड़ा सा दिमाग घूमा और डी का दिमाग यह
- 57:06घूमा कि अगर किसी का नाम नहीं लिखा हुआ है
- 57:09इसका मतलब मुझे सिग्नेचर करने की जरूरत
- 57:12नहीं है। मतलब मुझे एंडोर्समेंट करने की
- 57:15जरूरत नहीं है। देखो एंडोर्समेंट करने की
- 57:18जरूरत नहीं है। डी के पास में जब
- 57:22इंस्ट्रूमेंट आया है। इंस्ट्रूमेंट में
- 57:24एंडोर्समेंट तो है। ऑब्वियसली सिग्नेचर तो
- 57:26है सी की पर किसी का नाम नहीं लिखा है।
- 57:29इसका मतलब अगर डी को आगे और किसी को
- 57:32ट्रांसफर करना है ही डस नॉट हैव टू
- 57:35एंडोर्स इट। ही विल जस्ट सिंपली डिलीवर
- 57:38इट। वो सिर्फ डिलीवर कर देगा मियर
- 57:40डिलीवरी। मियर डिलीवरी।
- 57:43आप देखो क्या हुआ है? कितनी बड़ी बात हुई
- 57:45है। एक ऑर्डर इंस्ट्रूमेंट था। ऑर्डर
- 57:48इंस्ट्रूमेंट मतलब जिसका नाम लिखा हुआ
- 57:50रहता है। और ऑर्डर इंस्ट्रूमेंट को
- 57:52ट्रांसफर करने का तरीका क्या है? इंडोर्स
- 57:54करना पड़ता है। शुरुआत हुई थी ऑर्डर
- 57:57इंस्ट्रूमेंट की। लेकिन एक ब्लैंक
- 57:59इंडोर्समेंट ने इसकी नेचर चेंज कर दी। एक
- 58:03ब्लैंक इंडोर्समेंट ने इस ऑर्डर
- 58:05इंस्ट्रूमेंट को कन्वर्ट कर दिया है बेरर
- 58:08इंस्ट्रूमेंट के नेचर में। यानी कि अब जब
- 58:10डी इसको आगे ट्रांसफर कर रहा है ही इज़
- 58:13सिंपली डिलीवरिंग इट। ही इज़ नॉट
- 58:15एंडोर्सिंग इट। अब मान के चलो लेट्स
- 58:18अस्यूम कि एफ
- 58:21ये जो एफ है, ये आखिरी पर्सन है इस चेन के
- 58:24अंदर। ठीक है? तो ये जो आखिरी ये पिंक
- 58:26बॉक्स दिख रहा है ना पिंक बॉक्स ये होगा
- 58:29आखिरी इंडोर्समेंट। अब सुनना ये आखिरी
- 58:32इंडोर्समेंट तय करेगा कि ये पैदा हुआ था
- 58:35ऑर्डर इंस्ट्रूमेंट ये मरेगा कैसे? ये
- 58:38इंस्ट्रूमेंट मरेगा कैसे? यानी कि इसका
- 58:40सेटिस्फेक्शन कैसे होगा? सेटिस्फेक्शन
- 58:43मैच्योरिटी पेमेंट जो भी दोनों में से कोई
- 58:45एक चीज है ना? बना था ऑर्डर इंस्ट्रूमेंट।
- 58:47अब डी के पास में जब ये आया था तो ये बेरर
- 58:50इंस्ट्रूमेंट था। इसने सिर्फ डिलीवरी कर
- 58:52दी। अब जब ये ई के पास में आया अब ई के
- 58:56पास में दो ऑप्शन है। ई जब एफ को देगा तो
- 58:59या तो वो भी ब्लैंक छोड़ सकता है इंडोर्स
- 59:02करके या वो फुल एंडोर्समेंट कर सकता है।
- 59:05अब सुनना मेरी बात। अगर ई ने जब एफ को ये
- 59:10इंस्ट्रूमेंट ट्रांसफर करा, एंडोर्स करा,
- 59:13सिग्नेचर करी लेकिन उसने किसी का नाम नहीं
- 59:16लिखा। इसका मतलब
- 59:19लास्ट इंडोर्समेंट क्या है? लास्ट
- 59:21एंडोर्समेंट ब्लैंक एंडोर्समेंट है। और जब
- 59:26लास्ट इंडोर्समेंट ब्लैंक एंडोर्समेंट
- 59:28होता है ना तो ऑर्डर इंस्ट्रूमेंट कन्वर्ट
- 59:31हो जाता है बेरर इंस्ट्रूमेंट में।
- 59:34पर अगर
- 59:36ई जब ट्रांसफर करता एफ को इंडोर्स करता और
- 59:41नाम लिख देता एफ का इसे कहते हैं फुल
- 59:44इंडोर्समेंट। अगर आखिरी इंडोर्समेंट आपका
- 59:47विद नेम होता है, फुल इंडोर्समेंट होता
- 59:50है, ऑर्डर इंस्ट्रूमेंट रहता है। अब आपको
- 59:53समझ में आया लास्ट एंडोर्समेंट कितना
- 59:55इंपॉर्टेंट है। लास्ट इंडोर्समेंट कितना
- 59:58इंपॉर्टेंट है आपको समझ में आया? देखो इधर
- 1:00:00आओ। ब्लैंक एंडोर्समेंट एंड फुल
- 1:00:04एंडोर्समेंट। ब्लैंक एंडोर्समेंट जब किसी
- 1:00:06का नाम मेंशन नहीं होता है और जब किसी का
- 1:00:09नाम मेंशन होता है तो फुल एंडोर्समेंट
- 1:00:11होता है। मतलब व्हेन एंडोसीज नेम इज नॉट
- 1:00:14मेंशंड मैंने सिग्नेचर तो करी है। मैंने
- 1:00:17इंडोर्स तो किया है बट मैंने ब्लैंक छोड़
- 1:00:19दिया है। और व्हेन इंडोर्स नेम इज मेंशंड
- 1:00:24यानी कि मैंने इंडोर्स भी किया और मैंने
- 1:00:26किसी का नाम भी लिख दिया। मतलब इट इज़ फुल
- 1:00:28इंडोर्समेंट। करेक्ट? इसे कहते हैं
- 1:00:31इंडोर्समेंट का ब्लैंक होना और
- 1:00:33इंडोर्समेंट का फुल होना। हमें
- 1:00:35इंडोर्समेंट नहीं समझना था। हमें लास्ट
- 1:00:38इंडोर्समेंट समझना था। क्योंकि लास्ट
- 1:00:40एंडोर्समेंट तय करेगा कि इंस्ट्रूमेंट का
- 1:00:42नेचर क्या है। अगर लास्ट इंस्ट्रूमेंट
- 1:00:45आपका ब्लैंक इंस्ट्रूमेंट है। एंडोर्समेंट
- 1:00:48है सॉरी अगर लास्ट इंडोर्समेंट आपका
- 1:00:51ब्लैंक इंडोर्समेंट है बेरर इंस्ट्रूमेंट।
- 1:00:55और अगर आपका लास्ट इंडोर्समेंट विद नेम है
- 1:00:59विद इंडोर्सीज नेम है तो ये फुल
- 1:01:02इंडोर्समेंट होगा। इट मींस ऑर्डर
- 1:01:04इंस्ट्रूमेंट। आई बात समझ में? ये देखो।
- 1:01:08कैन वी कन्वर्ट एन ऑर्डर इंस्ट्रूमेंट
- 1:01:11इंटू अ बेरर इंस्ट्रूमेंट? द आंसर इज़ यस।
- 1:01:15कैसे हो सकता है? लास्ट इंडोर्समेंट के
- 1:01:18थ्रू हो सकता है। अगर इंडोर्स करते करते
- 1:01:21सर इंडोर्स क्यों कर रहे थे? ऑर्डर
- 1:01:22इंस्ट्रूमेंट है। हां। अगर इंडोर्स करते
- 1:01:24करते
- 1:01:26आखिरी इंडोर्समेंट बिना नाम के चले गया
- 1:01:29ब्लैंक चले गया इट इज एज गुड एज अ बेरर
- 1:01:32इंस्ट्रूमेंट बॉयज एंड गर्ल्स ब्लैंक होगा
- 1:01:35लास्ट इंडोर्समेंट तो आपका इंस्ट्रूमेंट
- 1:01:37बेर होगा और अगर फुल होगा तो ये ऑर्डर
- 1:01:40होगा। आई होप आपको ये समझ में आ गया होगा।
- 1:01:42हमने ये बात क्यों पढ़ी थी? भूलना मत
- 1:01:44राजा। हमने ये बात क्यों पढ़ी थी? भूलना
- 1:01:46मत। हमने पढ़ी थी लास्ट पॉइंट को कवर करने
- 1:01:49के लिए। अब आप बेरर और ऑर्डर की डेफिनेशन
- 1:01:52पढ़ो।
- 1:01:53पॉइंट नंबर वन टू कवर्ड थे। वन टू एंड
- 1:01:57थ्री कवर्ड थे। अब जरा लास्ट सेंटेंस पढ़ो
- 1:01:59कि बेरर इंस्ट्रूमेंट और कौन सा होता है?
- 1:02:02बेर इंस्ट्रूमेंट वो होता है जिस जिस जिस
- 1:02:04इंस्ट्रूमेंट का लास्ट इंडोर्समेंट ब्लैंक
- 1:02:07होता है।
- 1:02:09अब समझ में आया ना आपको? इंडोर्समेंट
- 1:02:11समझना पड़ा। हां। ऑर्डर इंस्ट्रूमेंट ये ये
- 1:02:14और ये तो होता ही है। पर जिसका लास्ट
- 1:02:17इंडोर्समेंट फुल होता है। मतलब लास्ट वाले
- 1:02:20जो दो पॉइंट है ना ये इंडोर्समेंट के एंगल
- 1:02:23से हैं। ये लास्ट इंडोर्समेंट के एंगल से
- 1:02:25हैं। अगर आपको और क्लेरिटी चाहिए ना तो
- 1:02:28मैं आपको एक और अच्छी शीट दिखाता हूं।
- 1:02:29इससे आपको और क्लेरिटी आएगी। देखो आप बेरर
- 1:02:33के लिए मैंने एट द टाइम ऑफ़ मेकिंग बनाया
- 1:02:36और मैंने एट द टाइम ऑफ़ नेगोशिएशन बनाया।
- 1:02:38एट द टाइम ऑफ मेकिंग मतलब जब आप बना रहे
- 1:02:41हो आपने पेई का नाम नहीं लिखा तो बेर है।
- 1:02:44जब पेई का नाम लिख के मैंने बेरर बना दिया
- 1:02:47तो बेरर ही है। आपको हो सकता है आपको
- 1:02:49रेपिटेटिव लगे बट मेरे साथ में रिवाइज
- 1:02:50करो। अलग-अलग तरीके से आपको सिखा रहा हूं
- 1:02:52मैं। हां। ऑर्डर इंस्ट्रूमेंट है। कैसे?
- 1:02:55बनाते वक्त आपने पेई का नाम लिख दिया।
- 1:02:57ऑर्डर। पेई के नाम के साथ में ऑर्डर लिख
- 1:03:00दिया। ऑर्डर। डायरेक्टली पेई का ऑर्डर लिख
- 1:03:02दिया। ऑर्डर। यह सब मेकिंग के टाइम पे
- 1:03:04हैं। अगले एंगल से देखो नेगोशिएशन के
- 1:03:07पर्सपेक्टिव से आखिरी पॉइंट था। नेगोशिएशन
- 1:03:10मतलब इंडोर्समेंट। इंडोर्समेंट के एंगल से
- 1:03:12जब लास्ट इंडोर्समेंट ब्लैंक होता है,
- 1:03:15इंडोर्स का नाम नहीं होता है तो बेरर
- 1:03:17इंस्ट्रूमेंट और जब लास्ट इंडोर्समेंट फुल
- 1:03:20होता है, इंडोर्स का नाम होता है तो वो
- 1:03:22ऑर्डर इंस्ट्रूमेंट होता है लेडीज एंड
- 1:03:24जेंटलमैन। इसी के साथ में हमने क्या करा
- 1:03:26है? हमने पूरी की पूरी सर्कल को क्लोज कर
- 1:03:29दिया है। देखो हमने पूरा सर्कल कैसे क्लोज
- 1:03:31किया बेटा? बेर और ऑर्डर को समझते। अगर आप
- 1:03:34बेर और ऑर्डर की ये डेफिनेशन पढ़ते बेटा
- 1:03:36तो बेर ऑर्डर की डेफिनेशन में आपको ये
- 1:03:39लास्ट एंडोर्समेंट वाला पॉइंट यहां पर
- 1:03:41दिखता और आपको समझ में नहीं आता। इन्होंने
- 1:03:44लिख रखा है कि जब लास्ट एंडोर्समेंट
- 1:03:46ब्लैंक होता है तो वो बेर होता है। देखो
- 1:03:48इन्होंने लिखा है ऑर्डर इंस्ट्रूमेंट के
- 1:03:50अंदर कि जहां पर लास्ट इंडोर्समेंट लास्ट
- 1:03:53इंडोर्समेंट यहां पर क्या होता है? विद
- 1:03:56नेम होता है तो यह फुल होता है और आपको i
- 1:03:58+ डी करना पड़ता है। i + डी आपको करना
- 1:04:00पड़ता है। करेक्ट है? इसी बात को हमने
- 1:04:02पूरा कंप्लीट करा है। मेरी बुक के अंदर
- 1:04:04मैंने कुछ इस तरीके से डेफिनेशन बना रखी
- 1:04:06है। एक-एक पॉइंट हमने यहां पर कवर कर लिया
- 1:04:08है। इसका मतलब क्या सेक्शन नंबर 14 हमको
- 1:04:11समझ में आ चुका है। द आंसर इज़ यस। सेक्शन
- 1:04:14नंबर 14 ने तरीके की बात करी थी। मोड्स की
- 1:04:18बात करी थी। दोनों मोड आपको पता है। मतलब
- 1:04:2247 और 48 अब आपको पता है। 47 ने बोला था
- 1:04:26कि आप बेयरर इंस्ट्रूमेंट को मात्र डिलीवर
- 1:04:29करके नेगोशिएट कर सकते हो और 48 ने बोला
- 1:04:32है कि आप ऑर्डर इंस्ट्रूमेंट को मात्र
- 1:04:35डिलीवरी से काम नहीं चलेगा। हमको
- 1:04:37एंडोर्समेंट भी साथ में लगेगा। इसीलिए
- 1:04:41आपका ये जो चार्ट है बहुत रेलेवेंट है।
- 1:04:43सेक्शन नंबर 14 ने दो तरीके बताए हैं। बेर
- 1:04:47इंस्ट्रूमेंट को सिर्फ डिलीवरी करके आप
- 1:04:50ट्रांसफर कर सकते हो। ऑर्डर इंस्ट्रूमेंट
- 1:04:52को आप i + डी करके आप यहां पर इंडोर्स
- 1:04:56सॉरी आप यहां पर इसको नेगोशिएट कर सकते
- 1:04:59हो। सर इस चार्ट के अंदर एक छोटी सी लाइन
- 1:05:01हमको दिख रही है। आपने लिखा है सब्जेक्ट
- 1:05:04टू सेक्शन 58 ये क्या बोल रहा है सर? ये
- 1:05:07क्या बोल रहा है? देखो क्योंकि डेफिनेशन
- 1:05:09जब आप पढ़ोगे 47 और 48 की आपको ये ब्लॉक
- 1:05:12दिखेगा।
- 1:05:13सब्जेक्ट टू दी प्रोविज़न ऑफ़ सेक्शन 58।
- 1:05:16सब्जेक्ट टू दी प्रोविज़न ऑफ़ सेक्शन 58।
- 1:05:18अरे भाई ये बोल रहा है अनलॉफुल काम करने
- 1:05:21के लिए इंस्ट्रूमेंट नहीं बनाया जाता और
- 1:05:23बनाया है तो हम उसकी डिलीवरी और नेगोशिएशन
- 1:05:25की बात नहीं कर रहे हैं। मतलब एक पर्सन ने
- 1:05:27बोला कि मैं प्रॉमिस करता हूं मैं तुझे
- 1:05:30पैसे दूंगा किसको? बी को। बी को प्रॉमिस
- 1:05:33कर रहा है कि मैं तुझे पैसे दूंगा। अगर तू
- 1:05:35सी का मर्डर कर देता है। अगर तू सी का
- 1:05:38मर्डर कर देता है। मेरी बात सुनो। आपका
- 1:05:40ऑब्जेक्ट ही अनलॉफुल है। सेक्शन 58 इस काम
- 1:05:43को करने के लिए मना करता है। तो 47 और 48
- 1:05:46ने भी ये बोला कि हम आपको नेगोशिएशन करने
- 1:05:48के लिए बोल रहे हैं कि आप डिलीवरी करके
- 1:05:50नेगोशिएट कर सकते हो। डिलीवरी करके
- 1:05:52नेगोशिएट कर सकते हो। बट एक बात का ध्यान
- 1:05:54रखना सब्जेक्ट टू सेक्शन 58। आपका जो
- 1:05:56इंस्ट्रूमेंट है वो अनलॉफुल तरीके से लिया
- 1:05:59हुआ या अनलॉफुल तरीके से बनाया हुआ नहीं
- 1:06:02होना चाहिए। आपका कंसीडरेशन भी अनलॉफुल
- 1:06:05नहीं होना चाहिए। इसीलिए मैंने यहां पर
- 1:06:07मेंशन कर दिया है सब्जेक्ट टू सेक्शन 58
- 1:06:10अनलॉफुल मींस नहीं होना चाहिए। अनलॉफुल
- 1:06:12कंसीडरेशन भी नहीं होना चाहिए। इसी के साथ
- 1:06:15में सेक्शन नंबर 13, सेक्शन नंबर 14,
- 1:06:19सेक्शन नंबर 47, सेक्शन नंबर 48 आपका यहां
- 1:06:22पर कवर होता है और साथ में बेरर और ऑर्डर
- 1:06:25इंस्ट्रूमेंट भी हम लोगों ने यहां पर कवर
- 1:06:27कर लिया है। आई होप आप लोगों को समझ में
- 1:06:29आया होगा। ठीक है? यहां पर इस एग्जांपल के
- 1:06:33थ्रू आपको सारी चीजें समझ में आ जाएगी। एक
- 1:06:35बार आप इसको पढ़ सकते हैं। पप्पू को पे
- 1:06:37करना है ऑर्डर है। पप्पू और उसके ऑर्डर को
- 1:06:40पे करना है। ऑर्डर है। सिर्फ पप्पू के
- 1:06:42ऑर्डर को पे करना है। ऑर्डर है। और अगर ये
- 1:06:44ऑर्डर इंस्ट्रूमेंट है तो इसको ट्रांसफर
- 1:06:46करने का तरीका क्या है? आई + डी यानी
- 1:06:49सेक्शन 48। मैं साथ में लिख रहा हूं। यानी
- 1:06:52कि सेक्शन 48। अगर ब्लैंक है पेई का नाम
- 1:06:55नहीं है तो बेर है। अगर डायरेक्टली पेई का
- 1:06:58नाम लिखा है और साथ में बेर भी लिखा है,
- 1:07:00तो भी बेर है। यह देखो यह वाला ऑप्शन और
- 1:07:02यह वाला ऑप्शन। ये तीनों बेयरर हैं। इनको
- 1:07:05ट्रांसफर करने का तरीका क्या है बेटा?
- 1:07:07सिर्फ और सिर्फ डिलीवरी से और यहां पर
- 1:07:09आएगा सेक्शन 47। अब जा के आपकी पूरी सील
- 1:07:13लगी होगी 47 और 48 के साथ में और ये मेरी
- 1:07:16हैंड रिटन शीट है। आप इससे अपने नोट्स बना
- 1:07:19सकते हो कि सेक्शन 14 आपको क्या समझाने की
- 1:07:22कोशिश कर रहा था? लास्ट एंडोर्समेंट क्या
- 1:07:24है और फर्स्ट एंडोर्समेंट क्या है। ये बात
- 1:07:26हमने यहां पर कवर करी है। अब मैं आपको ले
- 1:07:28चलता हूं अगले टॉपिक की तरफ। चलिए। सो अब
- 1:07:31आपने सेक्शन 47 को समझ लिया है। तो 47
- 1:07:35अह के साथ में एक छोटा सा ना एक्सेप्शन
- 1:07:38आता है। इतना इंपॉर्टेंट नहीं है एग्जाम
- 1:07:40पर्सपेक्टिव से। अ बट कांसेप्ट के लिए
- 1:07:42इंपॉर्टेंट है। तो मैं 2 मिनट के अंदर कवर
- 1:07:44कर देता हूं। देखो 47 ने आपको क्या बोला
- 1:07:46है कि आप डिलीवरी करते जाओ और आप नेगोशिएट
- 1:07:48करते जाओ। ठीक है? डिलीवरी करो, नेगोशिएट
- 1:07:50करो, डिलीवरी करो, नेगोशिएट करो। पर इसका
- 1:07:52ये मतलब नहीं है कि हम किसी भी
- 1:07:54इंस्ट्रूमेंट को नेगोशिएट कर देंगे
- 1:07:56डिलीवरी करके। कैसे? किसी को भी क्यों बोल
- 1:07:58रहे हो? देखो मैं आपको बताता हूं। 47 ने
- 1:08:00बोला डिलीवरी करके आप नेगोशिएट कर सकते
- 1:08:02हो। एसेंशियल एलिमेंट के अंदर हमने पढ़ा
- 1:08:05कि अनकंडीशनल होना चाहिए। एक प्रॉमिस नोट
- 1:08:08है जहां पर लिखा हुआ है कि मैं ₹2 लाख
- 1:08:10दूंगा अगर इंडिया जीत जाती है पाकिस्तान
- 1:08:12के अगेंस्ट में। ये अनसर्टेन है बच्चा।
- 1:08:14अनसर्टेन है। इंडिया का पाकिस्तान के
- 1:08:16अगेंस्ट में जीतना ना जितनातना अनसर्टेन
- 1:08:18है। अनसर्टेन इवेंट कभी भी नेगोशिएबल
- 1:08:22इंस्ट्रूमेंट का एसेंशियल एलिमेंट नहीं बन
- 1:08:23सकता। बट कुछ सर्टेन इवेंट्स बन सकते हैं।
- 1:08:26सर्टेन इवेंट्स जैसे डेथ आपने बोला कि मैं
- 1:08:28तुझे ₹2 लाख दूंगा गांधी जी की डेथ पे।
- 1:08:30देखो भैया किसी ना किसी की डेथ तो
- 1:08:31अनएविटेबल है। आप उसको अवॉइड नहीं कर
- 1:08:34सकते। कब होगी हमें ये नहीं पता पर होगी
- 1:08:36ये निश्चित है। ऐसी चीज को हम सर्टेन
- 1:08:38इवेंट बोलते हैं। तो सेक्शन 47 का कहना है
- 1:08:41कि ऐसे इवेंट्स स्पेशल नेचर के नेगोशिएबल
- 1:08:45इंस्ट्रूमेंट बन सकते हैं जो बेस्ड होते
- 1:08:48हैं किसी सर्टेन इवेंट पे। यानी कि जो
- 1:08:50होना निश्चित है। मतलब वैसे तो कंडीशनल
- 1:08:53नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट नहीं होना चाहिए।
- 1:08:55बट इफ इट इज़ बेस्ड ऑन अ सर्टेन इवेंट
- 1:08:58व्हिच इज़ बाउंड टू हैपन नाउ लेटर व्हेन वी
- 1:09:03डोंट नो बट इट इज़ बाउंड टू हैपन लाइक
- 1:09:04एग्जांपल डेथ तो आप उसको कैसे नेगोशिएट
- 1:09:08करोगे वो समझाने के लिए यहां पर पॉइंट है।
- 1:09:10अगर ऐसा कोई सर्टेन कंडीशन पे बना हुआ
- 1:09:14नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट होता है तो 47 का
- 1:09:17एक एक्सेप्शन है। एक एक्सटेंशन है वो ये
- 1:09:20बताता है कि ऐसे नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट
- 1:09:22को आप तब तक नेगोशिएट नहीं कर सक कर कर
- 1:09:25सकते जब तक वो सर्टेन इवेंट हो ना जाए। तो
- 1:09:29अगर कोई इंस्ट्रूमेंट कोई सर्टेन इवेंट पे
- 1:09:32डिपेंडेंट है तो आप उसको कब तक नेगोशिएट
- 1:09:35नहीं कर सकते आप उसको नेगोशिएट नहीं कर
- 1:09:37सकते अंटिल द इवेंट हैपेंस। जब तक वो
- 1:09:40इवेंट होता नहीं है तब तक आप उसको
- 1:09:42नेगोशिएट नहीं कर सकते। यू कैन नॉट
- 1:09:45नेगोशिएट। मैं आपको एग्जांपल देता हूं।
- 1:09:47जैसे
- 1:09:49एक पर्सन ने दूसरे पर्सन को प्रॉमिस किया
- 1:09:51कि मैं तुझे ₹5 लाख दूंगा। बराबर है। उसने
- 1:09:53नाम नहीं लिखा। उसने नाम नहीं लिखा। बेयर
- 1:09:56इंस्ट्रूमेंट हो गया। अब ये किसी सर्टेन
- 1:09:58कंडीशन के ऊपर आधारित है। वो कंडीशन क्या
- 1:10:01है? ओनली आफ्टर डेथ हैपेंस। लेट्स से
- 1:10:04उन्होंने कोई डेथ की कंडीशन लगा दी। तो
- 1:10:06वैसे तो बेर इंस्ट्रूमेंट है। तो हम उसको
- 1:10:08डिलीवरी करके हम आगे 47 सेक्शन को यूज़
- 1:10:11करके सिर्फ मियर डिलीवरी करके आगे किसी को
- 1:10:13भी ट्रांसफर कर सकते हैं। बट आप नहीं कर
- 1:10:15पाओगे। कब नहीं कर पाओगे? जब तक वो कंडीशन
- 1:10:19फुलफिल नहीं हो जाती है। देखो मेरी बात
- 1:10:21सुनो। सर्टेन इवेंट है डेथ का। तो आप ऐसा
- 1:10:25कंडीशनल नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट बना रहे
- 1:10:27हो जो किसी सर्टेन इवेंट पे आधारित है। तो
- 1:10:29इस इवेंट का होने का इंतजार करना। जब तक
- 1:10:32ये इवेंट नहीं होता तब तक इस पर्सन का
- 1:10:36राइट टू रिसीव राइट टू रिसीव नहीं बनेगा।
- 1:10:39जब तक B के अभी देखो B के पास में ये राइट
- 1:10:42टू रिसीव नहीं है। B के पास में राइट टू
- 1:10:44रिसीव मनी कब आएगा? जब ये इवेंट होगा। ये
- 1:10:47इवेंट जैसे ही एक बार हो जाए आप उसके बाद
- 1:10:50में आप इसको ट्रांसफर करना। बट बिफोर दी
- 1:10:53इवेंट हैपेंस यू कैन नॉट ट्रांसफर। यू कैन
- 1:10:56नॉट ट्रांसफर। बट सर अगर ऐसी स्थिति के
- 1:10:59अंदर B अगर ट्रांसफर कर दे तो इवेंट होने
- 1:11:03के पहले किसी को ट्रांसफर कर दे तो जैसे D
- 1:11:06को ट्रांसफर कर दिया तो। तो बेटा फिर डी
- 1:11:08जो होता है ना अगर ऐसे इंसान को डी जैसे
- 1:11:12इंसान को कोई इंस्ट्रूमेंट मिला है जो
- 1:11:14कंडीशनल था कोई इवेंट होने पे होना चाहिए
- 1:11:17था बट इवेंट होने के पहले ही अगर उसको मिल
- 1:11:19गया है और उसने अगर इस चीज के नॉलेज के
- 1:11:23बिना उस इंस्ट्रूमेंट को रिसीव किया है
- 1:11:25फॉर वैल्यू तो वो होल्डर इन ड्यू कोर्स
- 1:11:28होता है और होल्डर इन ड्यू कोर्स कौन होता
- 1:11:31है कौन होता है होल्डर इन ड्यू कोर्स वो
- 1:11:33इंसान है जो बिना किसी नॉलेज ऑफ हिस्ट्री
- 1:11:36उसको उसको हिस्ट्री का कोई नॉलेज नहीं है।
- 1:11:38उसको डिफेक्ट का कुछ पता नहीं इस
- 1:11:40इंस्ट्रूमेंट के अंदर। उसने पैसा देके
- 1:11:42कंसीडरेशन के लिए, वैल्यू के लिए,
- 1:11:44जेन्युइन तरीके से उसने इंस्ट्रूमेंट को
- 1:11:46रिसीव किया है। वो सिर्फ होल्डर नहीं है।
- 1:11:48वो होल्डर इन ड्यू कोर्स है। और होल्डर इन
- 1:11:51ड्यू कोर्स को ये इंस्ट्रूमेंट मिल गया
- 1:11:53है। मतलब डी को। तो मेरी बात सुनो। क्या ए
- 1:11:56मना कर पाएगा? नहीं। ए को पेमेंट करना
- 1:11:58पड़ेगा डी को क्योंकि डी होल्डर इन ड्यू
- 1:12:00कोर्स है। तो आपने क्या सीखा? आपने सीखा
- 1:12:0347 का एक्सेप्शन। 47 का एक्सेप्शन क्या है
- 1:12:06बेटा? कि वैसे तो एक बेयरर इंस्ट्रूमेंट
- 1:12:09को नेगोशिएट किया जा सकता है मेयर डिलीवरी
- 1:12:12से। बट अगर कोई सर्टेन कंडीशन है तो
- 1:12:16नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट को आप ट्रांसफर
- 1:12:18नहीं कर सकते अंटिल दैट इवेंट हैपेंस। बट
- 1:12:22दूसरा बर्ड आ गया। दूसरा बट आ गया।
- 1:12:24एक्सेप्शन का एक्सेप्शन है। एक्सेप्शन का
- 1:12:27एक्सेप्शन। बट अगर ऐसा नेगोशिएबल
- 1:12:29इंस्ट्रूमेंट नेगोशिएट हो गया किसी ऐसे
- 1:12:32इंसान को जो होल्डर इन ड्यू कोर्स है यानी
- 1:12:35कि वो ऐसा इंसान है जिसको नॉलेज नहीं है
- 1:12:38ऐसी कंडीशन लगी हुई थी और उसने गुड फेथ के
- 1:12:41अंदर उस इंस्ट्रूमेंट को रिसीव कर लिया तो
- 1:12:44फिर उसके पास में अच्छा टाइटल रहेगा हिज
- 1:12:46टाइटल विल बी फ्री फ्रॉम ऑल दी डिफेक्ट्स
- 1:12:49ही हिज मतलब देखो होल्डर इन ड्यू कोर्स
- 1:12:52राजा बेटा है यहां का तो अपन को होल्डर
- 1:12:54एंड होल्डर इन ड्यू कोर्स को यहां पर
- 1:12:56समझना पड़ेगा थोड़ी थोड़ी देर से समझेंगे।
- 1:12:58थोड़ी देर समझेंगे। उसके पहले मुझे आप
- 1:13:00लोगों को समझाना है एक इंपॉर्टेंट चीज 46
- 1:13:04यानी किेंस ऑफ डिलीवरी। पर एक काम करते
- 1:13:08हैं। 46 को पढ़ने से पहले होल्डर एंड
- 1:13:10होल्डर इन ड्यू कोर्स को हम लोग खत्म कर
- 1:13:11देते हैं। ठीक है? क्योंकि अभी ये बात
- 1:13:13निकली है तो हम समझ लेंगे कि होल्डर कौन
- 1:13:16होता है? होल्डर इन ड्यू कोर्स कौन होता
- 1:13:17है? ये भी आपके मॉड्यूल में तो नहीं है पर
- 1:13:19आप इसको समझो क्योंकि आगे आपको जब आप
- 1:13:22क्लासिफिकेशन और आप टाइप्स क्लासिफिकेशन
- 1:13:24और नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट पढ़ोगे ना तो
- 1:13:26आपको ये वर्ड्स पता होना चाहिए। देखो
- 1:13:28होल्डर वो इंसान होता है जैसे मैं आपको
- 1:13:30बताता हूं। लेट्स से जेके जेके
- 1:13:35बिजनेस पार्टनर हैं। दादाजी बिजनेस
- 1:13:38पार्टनर हैं। दोनों ने यहां पर बिजनेस
- 1:13:41पार्टनर हैं। जेके ने दादाजी को ₹5 लाख का
- 1:13:45चेक दिया है। मेरी बात सुनो। दोनों बिज़नेस
- 1:13:47पार्टनर्स हैं। जेके ने दादाजी को ₹5 लाख
- 1:13:50का चेक बनाकर दिया है। मेरी बात समझने की
- 1:13:52कोशिश करना। दादाजी ने उनके पोते को उनके
- 1:13:56पोते का नाम है पप्पू। वो सीए फाउंडेशन
- 1:13:58पास हो गया है। वो उनका ग्रैंडसन है।
- 1:14:00बराबर है। ग्रैंडसन को ये चेक उन्होंने दे
- 1:14:04दिया है। ये चेक उन्होंने आगे दे दिया है।
- 1:14:06बहुत ही बढ़िया। दादा जी कह रहे हैं कि
- 1:14:08मेरा पोता सीए फाउंडेशन पास हो गया। इसको
- 1:14:10अभी से ₹5 लाख दो। अभी से ₹5 लाख दो।
- 1:14:13उन्होंने यही चेक आगे ग्रैंडसन को दे दिया
- 1:14:15और वह भी गिफ्ट कर दिया। हमारा क्वेश्चन
- 1:14:18यह है क्या यह ग्रैंडसन क्या यह पोता
- 1:14:20होल्डर है कि नहीं है? द आंसर इज़ यस। ये
- 1:14:23होल्डर है। क्योंकि होल्डर बनने के लिए दो
- 1:14:26प्रश्नों का आपको समाधान करना पड़ता है।
- 1:14:28आपके पास आंसर दोनों प्रश्नों का यस आना
- 1:14:30चाहिए। क्या? क्या पप्पू के पास में राइट
- 1:14:34टू पज़ेस? राइट टू पज़ेस यानी कि क्या उस
- 1:14:38इंस्ट्रूमेंट को रखने का हक है? लीगली? द
- 1:14:41आंसर इज़ यस। उसको अपने दादाजी से गिफ्ट
- 1:14:43मिला है। उसको उसके दादाजी से गिफ्ट मिला
- 1:14:45है। तो वो राइट टू पज़ेस तो है। उसका आंसर
- 1:14:47आ गया यस। दूसरे क्वेश्चन का आंसर क्या
- 1:14:50उसके पास में राइट टू रिसीव मनी है? मतलब
- 1:14:53क्या अगर यह चेक लेकर वो बैंक जाएगा तो
- 1:14:56क्या बैंक उसको ₹5 लाख देगा कि नहीं देगा?
- 1:15:00द आंसर इज़ यस। द आंसर इज़ यस। तो राइट टू
- 1:15:03पज़ेस है एंड राइट टू रिसीव। एक और शब्द
- 1:15:07लिखने दो मुझे। राइट टू रिसीव एंड रिकवर
- 1:15:10मनी है। दोनों चीज़ें उसके पास में हक़ है।
- 1:15:14तो वह पर्सन होल्डर तो है। वो होल्डर तो
- 1:15:16है। बट आगे चलते हैं। होल्डर आपको समझ
- 1:15:19गया। मतलब होल्डर बनने के लिए आपको कुछ
- 1:15:22नहीं करना है। होल्डर बनने के लिए आप
- 1:15:24लीगली एंटाइटल्ड होने चाहिए पज़ेशन रखने के
- 1:15:28लिए और पैसा रिसीव और रिकवर करने के लिए।
- 1:15:31इन दोनों का आंसर अगर यस आता है तो आप
- 1:15:33होल्डर बन सकते हो। इसका मतलब सिंपल है।
- 1:15:36मैं अगर एग्जांपल दूं अगर मेरा चेक रास्ते
- 1:15:38में गिर गया और किसी इंसान ने उठा लिया और
- 1:15:41वह चले गया बैंक के पास में क्या वो
- 1:15:43होल्डर है? वो होल्डर नहीं है। क्योंकि
- 1:15:45उसने सड़क पे गिरा हुआ चेक उठाया है तो वो
- 1:15:48होल्डर नहीं है। क्यों? क्या राइट टू पज़ेस
- 1:15:50है? नहीं है। क्या वो लीगली एंटाइटल्ड है
- 1:15:53उसका पज़ेशन रखने के लिए? नहीं। क्या वो
- 1:15:55लीगली एंटाइटल्ड है पैसा रिसीव करने के
- 1:15:57लिए, रिकवर करने के लिए? नहीं। तो वो
- 1:15:59होल्डर ही नहीं है। जो पर्सन होल्डर ही
- 1:16:01नहीं है। होल्डर इन ड्यू कोर्स तो बहुत
- 1:16:03दूर की बात है बेटा। ठीक है? तो आपको
- 1:16:04होल्डर समझ में आ गया। अब एक काम करते
- 1:16:06हैं। अब एक काम करते हैं। होल्डर तो ठीक
- 1:16:09है। ये दोनों चीजें होती है। बराबर है।
- 1:16:12राइट टू पजेशन होता है एंड राइट टू रिसीव
- 1:16:15एंड रिकवर मनी होता है। पर होल्डर इन ड्यू
- 1:16:17कोर्स उससे एक कदम आगे है। होल्डर इन ड्यू
- 1:16:20कोर्स को मैं हमेशा बोलता हूं राजा बेटा
- 1:16:21या राजा या रानी बेटी। मेरी रानी बेटियां
- 1:16:24भी बुरा मान जाती है। इसलिए रानी बेटी भी
- 1:16:26बोलता हूं मैं। हां। ड्यू कोर्स। ड्यू
- 1:16:28कोर्स मतलब सही रास्ता। एक ने दूसरे को
- 1:16:31दिया, दूसरे ने तीसरे को दिया। तीसरे नहीं
- 1:16:32चौथे ये ट्रांसफर चल रहा है ना इस
- 1:16:34ट्रांसफर में ड्यू कोर्स में होल्डर है वो
- 1:16:37यानी कि वो कोई इधर-उधर का इंसान नहीं है।
- 1:16:39वो एकदम लाइन में चलता हुआ सीधा बच्चा है।
- 1:16:42लाइन में चलता हुआ सीधा बच्चा वो लाइन से
- 1:16:43बाहर नहीं जा रहा है। मतलब आई एम
- 1:16:45एंटाइटल्ड। क्यों? होल्डर इन ड्यू कोर्स
- 1:16:48होल्डर तो होता है पर वो इंस्ट्रूमेंट
- 1:16:50रिसीव करता है कंसीडरेशन और वैल्यू के
- 1:16:53लिए। बहुत इंपॉर्टेंट पॉइंट है। यही पॉइंट
- 1:16:55होल्डर एंड होल्डर इन ड्यू कोर्स के बीच
- 1:16:57में डिफरेंस क्रिएट करता है। होल्डर जैसे
- 1:17:00ये इंसान था। पप्पू ने जो चेक लिया था, वह
- 1:17:04ऐज़ अ गिफ्ट लिया था। क्या कोई कंसीडरेशन
- 1:17:06इनवॉल्व था? नहीं था। तो, यह होल्डर तो
- 1:17:08था। पर अगर इसको वो चेक किसी काम के लिए
- 1:17:13मिलता, कोई वैल्यू के लिए मिलता, तो वो
- 1:17:15होल्डर इन ड्यू कोर्स भी हो जाता। दूसरा
- 1:17:17पॉइंट होल्डर इन ड्यू कोर्स हमेशा गुड फेथ
- 1:17:20में अच्छे इनोसेंट, अच्छे इंटेंशन के साथ
- 1:17:23में रिसीव करता है। एंड तीसरा उसको कोई भी
- 1:17:26नॉलेज नहीं होता, कोई भी नोटिस नहीं होता
- 1:17:29डिफेक्ट के बारे में। जैसे हमने अभी देखा
- 1:17:30पीछे सेक्शन 47 के एक्सेप्शन में कि अगर
- 1:17:33आपने कोई इंस्ट्रूमेंट रिसीव किया है।
- 1:17:35आपको उसकी हिस्ट्री नहीं मालूम कि ये
- 1:17:37इंस्ट्रूमेंट कहां-कहां मुंह काला करवा के
- 1:17:39आया है। उसको डिफेक्ट के बारे में नहीं
- 1:17:42पता। उसको कोई नोटिस नहीं है। कोई नॉलेज
- 1:17:44नहीं है। उसने गुड फेथ के अंदर उस
- 1:17:45इंस्ट्रूमेंट को लिया है। वैल्यू
- 1:17:47कंसीडरेशन के लिया है। ही इज होल्डर इन
- 1:17:49ड्यू कोर्स। ये होल्डर एंड होल्डर इन ड्यू
- 1:17:52कोर्स के बीच में डिफरेंस होता है। ठीक
- 1:17:54है? अगर एक छोटा सा क्वेश्चन है। अगर आपको
- 1:17:56देखना हो तो आप देख लो। जैसे गिफ्ट से चेक
- 1:17:59मिला तो होल्डर है। यस। एक इंसान है जिसको
- 1:18:03चेक मिला है। हु इज प्रोहिबिटेड बाय द
- 1:18:05कोर्ट। अब मेरी बात सुनना। ए द पेई ए द
- 1:18:09पेई ऑफ द चेक। यानी कि जिसको चेक से
- 1:18:12पेमेंट मिलना है। हु इज प्रोहिबिटेड बाय द
- 1:18:15कोर्ट। कोर्ट ने ऑर्डर दिया है कि आप पैसा
- 1:18:18रिसीव नहीं कर सकते। क्या वो होल्डर है? द
- 1:18:20आंसर इज़ नो। वेरीेंट क्वेश्चन। क्योंकि जब
- 1:18:23कोर्ट ने मना कर दिया यू आर नॉट लीगली
- 1:18:25एंटाइटल्ड टू रिसीव मनी। आप होल्डर नहीं
- 1:18:27हो सकते। कोर्ट ने प्रोहिबिट कर रखा है
- 1:18:29आपको। तीसरा ऐसा इंसान जिसको चेक रास्ते
- 1:18:32में मिला है? नहीं। रोड पे मिला है। नहीं।
- 1:18:35अब सबसे इंपॉर्टेंट और चौथा पॉइंट एक ऐसा
- 1:18:39एजेंट एक पर्सन है बी जो सी का एजेंट है।
- 1:18:44सी का अब देखो प्रिंसिपल और एजेंट का
- 1:18:46रिश्ता पता है ना आपको? हां। प्रिंसिपल को
- 1:18:48के बिहाफ पे एजेंट ट्रांजैक्शन करता है।
- 1:18:51प्रिंसिपल एजेंट को सारी अथॉरिटी देता है
- 1:18:53कि आप मेरे बिहाफ पे पैसा दो, पैसा लो,
- 1:18:56चेक बनाओ, चेक ड्रॉ करो, चेक एनकैश करो।
- 1:19:00आप मेरे बिहाफ पे बिज़नेस ट्रांजैक्शन करो।
- 1:19:02व्हाटएवर इज़ रिक्वायर्ड फॉर द बिज़नेस।
- 1:19:03एजेंट प्रिंसिपल के बिहाफ पे वो कर सकता
- 1:19:06है। अब आपको सुनने में क्या लगेगा? एजेंट
- 1:19:10जो प्रिंसिपल के बिहाफ पर इंटरेस्टेड है
- 1:19:13उसको इंस्ट्रूमेंट मिला है। उसको
- 1:19:15इंस्ट्रूमेंट मिला है। ठीक है? क्या
- 1:19:20जो ओनर है वो तो पे ही है। उसको पैसा
- 1:19:23मिलना चाहिए। पर प्रिंसिपल को नहीं मिला
- 1:19:25है। ओनर को नहीं मिला है। उसके एजेंट को
- 1:19:27मिला है। तो क्या एजेंट यहां पर होल्डर है
- 1:19:30क्या? आपसे ये पूछा जा रहा है। आपको ऐसे
- 1:19:32समझ में नहीं आएगा बेटा। आपको ऐसे समझ में
- 1:19:34नहीं आएगा। होल्डर बनने के लिए दो चीजें
- 1:19:36जरूरी है। लीगल राइट होना चाहिए पज़ेस करने
- 1:19:39का। यस। क्या एजेंट के पास में है? यस।
- 1:19:43एजेंट के पास में देखो यार मेरी बात
- 1:19:46सुनना। मुंबई और दिल्ली का मैंने एग्जांपल
- 1:19:48लिया है। मेरी बात सुनना। ये जो बी है ये
- 1:19:51दिल्ली में बैठा हुआ है। ये एजेंट है।
- 1:19:52इसका प्रिंसिपल सी है जो मुंबई में बैठा
- 1:19:55हुआ है। प्रिंसिपल बराबर है। ये मेरे
- 1:19:57बिहाफ पे बिनेस कर रहा है। मेरी बात
- 1:19:58सुनना। मैंने इंटरेस्ट कर रखा है। मैंने
- 1:20:00इसके ऊपर भरोसा कर रखा है। यह क्या करता
- 1:20:02है? ये कस्टमर से पैसा लेता है। कस्टमर से
- 1:20:05पैसा लेगा। सामान बेचेगा तो ऑब्वियसली
- 1:20:08नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स तो बीच में
- 1:20:09आएंगे ना। चेक बना कर देगा, रिसीव करेगा,
- 1:20:11सारी चीजें करेगा। बराबर है। मुझे एक बात
- 1:20:13बताओ। प्रिंसिपल के बिहाफ पे ये धंधा कर
- 1:20:16रहा है। चेकक्स सारे ट्रांजैक्शन
- 1:20:20प्रिंसिपल के नाम पे हो रहे हैं। इसके नाम
- 1:20:21पे नहीं हो रहा है। क्या ये लीगली
- 1:20:23एंटाइटल्ड है? लीगली एंटाइटल्ड है पज़ेशन
- 1:20:27रखने के लिए। क्योंकि प्रिंसिपल ने इसको
- 1:20:28परमिशन दी है कि तू मेरे बिहाफ पर
- 1:20:30नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट ला सकता है, रख
- 1:20:33सकता है, पज़ेस तो कर सकता है। क्या ये
- 1:20:36बैंक में जाकर पैसा ले सकता है, ले सकता
- 1:20:38है। बैंक में जाके यह पैसा रिसीव भी कर
- 1:20:41सकता है। रिसीव भी कर सकता है। क्यों?
- 1:20:44डायरेक्टली प्रिंसिपल के अकाउंट में पैसा
- 1:20:45जाएगा। बट दूसरा इंपॉर्टेंट शब्द अगर आपको
- 1:20:48याद हो तो मैंने यहां पर ऐड किया था।
- 1:20:50मैंने यहां पर ऐड किया था। अगर आपको याद
- 1:20:52हो तो। मैंने रिसीव के साथ में रिकवर भी
- 1:20:55लिख रखा है सब जगह। देखो एक शब्द से कैसा
- 1:20:57मामला पूरा खतरनाक चेंज हो जाता है। हर
- 1:20:59जगह लिखा हुआ है रिसीव के साथ में रिकवर।
- 1:21:02रिसीव के साथ में रिकवर। मुझे एक बात बताओ
- 1:21:04अगर कस्टमर पैसा नहीं देता है तो क्या
- 1:21:07एजेंट केस कर सकता है?
- 1:21:10क्या एजेंट सु कर सकता है? एजेंट रिसीव तो
- 1:21:13कर सकता है पर रिकवर नहीं कर सकता। एजेंट
- 1:21:16कैन नॉट स्यू। केस कौन करेगा? प्रिंसिपल
- 1:21:20करेगा। प्रिंसिपल के नाम पे केस होगा।
- 1:21:22प्रिंसिपल सु करेगा। प्रिंसिपल ही करेगा।
- 1:21:25तो सर 2 मिनट मतलब एजेंट के पास में पूरा
- 1:21:29इंटरेस्टेड है, पूरी पावर है, पूरी
- 1:21:31अथॉरिटी है। फिर भी क्या वो होल्डर नहीं
- 1:21:33है? वो होल्डर नहीं होगा। वो होल्डर नहीं
- 1:21:36होगा। ठीक है? आपको बात समझ में आ गई?
- 1:21:38देखो नो, बी इज़ नॉट अ होल्डर। व्हाइल दी
- 1:21:41एजेंट मे रिसीव दी पेमेंट। वो पेमेंट
- 1:21:43रिसीव कर सकता है। जो चेक के अंदर लिखा
- 1:21:45हुआ है। येट ही कैन नॉट बी कॉल्ड दी
- 1:21:48होल्डर देयर ऑफ बिकॉज़ ही हैज़ नो राइट टू
- 1:21:51सु ऑन दी इंस्ट्रूमेंट। वो इंस्ट्रूमेंट
- 1:21:53पे सु नहीं कर सकता। ये आपका फोर्थ का
- 1:21:56आंसर था। इंपॉर्टेंट था इसलिए मैंने आपको
- 1:21:57बताया है। और लास्ट में अगर कोई ब्लैंक
- 1:22:00चेक चोरी कर लेता है तो क्या वो इंसान
- 1:22:01होल्डर होगा? द आंसर इज़ नो। ठीक है? ये
- 1:22:04मैंने आपको क्वेश्चन बताया है। अगर आपको
- 1:22:06प्रैक्टिस करनी है तो आप ये प्रैक्टिस
- 1:22:08करने के लिए ये क्वेश्चन भी देख सकते हैं।
- 1:22:12ये क्वेश्चन भी दे सकते हैं। चोरी किया है
- 1:22:14तो होल्डर तो आप नहीं होंगे। ये बात तो
- 1:22:16पक्की है। और एक इंसान जो प्रोहिबिटेड बाय
- 1:22:18कोर्ट है वो भी होल्डर नहीं होगा। सेम
- 1:22:21क्वेश्चन है। सेम क्वेश्चन है। और
- 1:22:23क्वेश्चन देखना है तो आप देख लो। मिस्टर
- 1:22:25बी इज अ होल्डर इन ड्यू कोर्स एस पर दी
- 1:22:27नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट। क्या
- 1:22:29क्वेश्चन है? मिस्टर वी ने ड्रॉ किया है
- 1:22:31चेक ₹11,000 का और उसने मिस्टर बी को दे
- 1:22:35दिया है बाय वे ऑफ़ गिफ्ट। गिफ्ट से मिला
- 1:22:37है तो होल्डर इन ड्यू कोर्स नहीं होंगे।
- 1:22:39आप मात्र होल्डर होंगे। क्यों? क्योंकि
- 1:22:42वैल्यू और कंसीडरेशन यहां पर नहीं है। ठीक
- 1:22:44है? क्लियर है? बट, क्या वह पैसा रिसीव कर
- 1:22:47सकता है? द आंसर इज़ यस। क्योंकि वो होल्डर
- 1:22:50है। तो ये सारे कुछ क्वेश्चन है जो मैंने
- 1:22:52आपको बताए हैं। ठीक है? अब होल्डर एंड
- 1:22:53होल्डर इन ड्यू कोर्स का टॉपिक हमने पढ़
- 1:22:55लिया है। तो हम आगे चल सकते हैं सेक्शन 46
- 1:22:58के ऊपर। क्योंकि हमने शुरुआत से ये चर्चा
- 1:23:01करी है कि डिलीवरी बहुत ही ज्यादा
- 1:23:03इंपॉर्टेंट आस्पेक्ट है।ेंस ऑफ़ डिलीवरी।
- 1:23:06देखो आपने पढ़ा बेर इंस्ट्रूमेंट हो तो
- 1:23:09डिलीवरी इंपॉर्टेंट है। आपने पढ़ा कि अगर
- 1:23:11ऑर्डर इंस्ट्रूमेंट है तो इंडोर्समेंट के
- 1:23:14साथ में डिलीवरी इंपॉर्टेंट है। सभी जगह
- 1:23:16डिलीवरी इंपॉर्टेंट है। क्यों? क्योंकि
- 1:23:18बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा हुआ है कि जब
- 1:23:21तक डिलीवरी नहीं होती, जब तक डिलीवरी नहीं
- 1:23:24होती, जो कॉन्ट्रैक्ट है वो इनकंपीट होता
- 1:23:27है और रिवोकेबल होता है। रिवोकेबल मतलब आप
- 1:23:30उसको वापस ले सकते हो। वापस ले सकते हो।
- 1:23:33बड़ा-बड़ा लिखा है बेटा। आंसर में लिख के
- 1:23:34आना है अपन को। द कॉन्ट्रैक्ट ऑन
- 1:23:36नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट अंटिल डिलीवरी
- 1:23:39हैपेंस। इट इज़ इनकंप्लीट एंड इट इज़
- 1:23:41रिवोकेबल। आप उसको वापस ले सकते हो। बहुत
- 1:23:44ही इंपॉर्टेंट चीज है। देखो बेटा, डिलीवरी
- 1:23:47इज़ेंट क्योंकि हमने ये सेंटेंस लिखा।
- 1:23:49डिलीवरी वेंटरी होनी चाहिए। डिलीवरी क्यों
- 1:23:52होती है? फॉर दी पर्पस ऑफ ट्रांसफरिंग द
- 1:23:54प्रॉपर्टी। प्रॉपर्टी ट्रांसफर करना है तो
- 1:23:56ऑब्वियसली इच्छा से होना चाहिए। तो वेंटरी
- 1:23:58होना है। डिलीवरी दो तरीके की होती है
- 1:24:00बेटा। एक्चुअल डिलीवरी और कंस्ट्रक्टेड
- 1:24:03डिलीवरी। एक्चुअल डिलीवरी जब फिजिकली
- 1:24:06हैंड्स चेंज होते हैं। फिजिकली एक बंदा
- 1:24:08इंस्ट्रूमेंट दूसरे बंदे को देता है तो वो
- 1:24:11एक्चुअल डिलीवरी होती है। बट कंस्ट्रक्टेड
- 1:24:13डिलीवरी क्या होती है? जब पर्सन टू पर्सन
- 1:24:16तो नहीं हो रहा है डायरेक्टली बट
- 1:24:18इनडायरेक्टली हो रहा है। मतलब डिलीवरी
- 1:24:20यहां पर हो रही है थ्रू एजेंट, थ्रू
- 1:24:23सर्वेंट, थ्रू क्लर्क, थ्रू एनी ऑथराइज्ड
- 1:24:27पर्सन, एनी ऑथराइज्ड पर्सन। मतलब यह
- 1:24:30डिलीवरी कब होती है? जब मेरे बिहाफ पे कोई
- 1:24:33दूसरा पर्सन एकनॉलेज कर देता है तो उसको
- 1:24:36मैं कंस्ट्रक्टिव डिलीवरी मानता हूं।
- 1:24:38कंस्ट्रक्टिव मतलब होता है अस्यूम करना,
- 1:24:42डीम्ड मानना। ठीक है? यही हमने पढ़ा है
- 1:24:44कंस्ट्रक्ट डिलीवरी। टाइप्स ऑफ़ डिलीवरी
- 1:24:46नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट के हिसाब से अलग
- 1:24:48है। सेल ऑफ गुड्स एक्ट के हिसाब से अलग
- 1:24:51है। ध्यान रखना। यहां पर दो ही बताया है।
- 1:24:53एक्चुअल और कंस्ट्रक्टिव। भाई वहां पर
- 1:24:56एक्चुअल कंस्ट्रक्टिव सिंबॉलिक तीनों बताए
- 1:24:58हैं। सिंबॉलिक कंस्ट्रक्टिव में इंक्लूडेड
- 1:25:01है यहां पर। पर वहां पे सोगा के अंदर आपको
- 1:25:05सिंबॉलिक भी अलग से दिखाया गया है। याद
- 1:25:06रखना इस बात को। तो हमेशा क्वेश्चन पढ़ना
- 1:25:09पहले। अगर डिलीवरी पे क्वेश्चन आ जाए तो
- 1:25:12देखना एस पर सोगा है कि एस पर आपका एनआईए
- 1:25:15है या एस पर इंडियन कॉन्ट्रैक्ट एक्ट है।
- 1:25:18ये भी ध्यान रखना आप। ठीक है? चलो। तो
- 1:25:20एक्चुअल और कंस्ट्रक्टिव अलग-अलग होता है।
- 1:25:22एक्चुअल जब फिजिकली डिलीवरी होती है और
- 1:25:25कंस्ट्रक्टिव डायरेक्ट तो नहीं होती बट
- 1:25:27एजेंट के थ्रू इनडायरेक्ट होती है। इसके
- 1:25:29ऊपर ना मेरे पास तीन केसेस हैं। तीन केसेस
- 1:25:32हैं। देखो कैसे अभी एजेंट की बात आई है ना
- 1:25:35तो तीन केसेस को हम यहां पर समझते हैं।
- 1:25:36कंस्ट्रक्टिव डिलीवरी मतलब नोटिस में आना।
- 1:25:38बराबर है नॉलेज में आना। कैसे आएगा नॉलेज
- 1:25:41में? देखो A ने B को ना दिया पर B के
- 1:25:44एजेंट को दे दिया। चलेगा कंस्ट्रक्टिव
- 1:25:46डिलीवरी है। ठीक है? केस नंबर टू। A ने तो
- 1:25:50नहीं दिया। B ने भी नहीं लिया। दोनों के
- 1:25:53एजेंट ही खेल रहे हैं। A का एजेंट और B का
- 1:25:56एजेंट। एजेंट टू एजेंट यहां पर
- 1:25:58ट्रांजैक्शन चल रहा है और दोनों के एजेंट
- 1:26:01अलग-अलग हैं। क्या ये भी कंस्ट्रक्टेड
- 1:26:03डिलीवरी है? द आंसर इज़ यस। तीसरा
- 1:26:07सुनना। यहां पर एजेंट डिफरेंट थे। अब यहां
- 1:26:11पर एजेंट सेम है। यानी कि कॉमन एजेंट है।
- 1:26:15ऐसी स्थिति में क्या होगा? A का एजेंट और
- 1:26:18B का एजेंट सेम पर्सन है। अगर ऐसी स्थिति
- 1:26:21होती है तो A B को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट
- 1:26:25ट्रांसफर कर रहा है और उनका एजेंट कॉमन
- 1:26:28है। लेट्स से ICICI बैंक उनका कॉमन बैंकर
- 1:26:31है। उनका कॉमन एजेंट है। तो यहां पर कब
- 1:26:34होगा? जब यहां पर जो बैंकर है वो एकनॉलेज
- 1:26:38कर देगा। मतलब जो बैंकर है वो ए को बोलेगा
- 1:26:42कि सुनो अब जो आपकी प्रॉपर्टी मेरे पास
- 1:26:45में थी अब वो मैं आपके बिहाफ पर होल्ड
- 1:26:47करता था अब मैं इनके बिहाफ पे होल्ड कर
- 1:26:49रहा हूं दैट्स इट। तो जब एकनॉलेजमेंट हो
- 1:26:52जाता है ये तीनों केसेस बेटा एजेंट का
- 1:26:54ऑपरेशन किया हमने ना एजेंट नॉर्मल डिफरेंट
- 1:26:56एजेंट्स एंड कॉमन एजेंट्स। ठीक है? ये
- 1:26:59कंस्ट्रक्टिव डिलीवरी के अंदर हम लोगों ने
- 1:27:00यहां पर चालू किया है। अब यहां पर एक बहुत
- 1:27:03ही इंपॉर्टेंट टॉपिक छिड़ने वाला है और वो
- 1:27:06टॉपिक है बेटा सेक्शन 57।
- 1:27:10अब यहां पर पेन कहां गया यार? हां। अब
- 1:27:13यहां पर हम लोग देखने वाले हैं सेक्शन 57।
- 1:27:16यहां पर आएगा एक खतरनाक टॉपिक। 57 एक
- 1:27:21खतरनाक एक्सेप्शन हमारे सामने यहां पर
- 1:27:23निकल के आता है। ठीक है? जब आप सेक्शन 46
- 1:27:26पढ़ते हो, आप डिलीवरी के बारे में पढ़ते
- 1:27:29हो, तो आपको लगता है कि हमने डिलीवरी के
- 1:27:31बारे में सब कुछ पढ़ लिया है और हमको समझ
- 1:27:33में आ चुका है। डिलीवरी इंपॉर्टेंट है,
- 1:27:35हमको समझ में आ गया। डिलीवरी करनी पड़ती
- 1:27:37है। हमको समझ में आ गया। तो आपको क्या लग
- 1:27:40रहा है? आपको क्या लग रहा है? 46 ने बोला
- 1:27:42कि डिलीवरी करो और काम खत्म करो। बराबर
- 1:27:45है। डिलीवरी करो और काम खत्म करो। आपको लग
- 1:27:48रहा है डिलीवरी करेंगे मात्र। कब? बेयरर
- 1:27:51के केस में। है ना? और आपको लग रहा है कि
- 1:27:54इंडोर्समेंट के साथ में हम डिलीवरी कर
- 1:27:56देंगे। इंडोर्समेंट के साथ में हम डिलीवरी
- 1:27:58कर देंगे ऑर्डर के केस में। करेक्ट है? अब
- 1:28:01मेरा ये कहना है आपको मेरा ये कहना है
- 1:28:04लेट्स से एंडोर्समेंट हो गया और डिलीवरी
- 1:28:07नहीं हुई तो आप क्या बोलोगे? सर गलत है।
- 1:28:09नेगोशिए नेगोशिएशन कंप्लीट नहीं हुआ है।
- 1:28:11क्योंकि ऑर्डर इंस्ट्रूमेंट के केस में
- 1:28:13एंडोर्समेंट भी होना चाहिए और डिलीवरी भी
- 1:28:15होना चाहिए। करेक्ट है। करेक्ट है? तो सर
- 1:28:18इंडोर्समेंट तो हो गया। अगर डिलीवरी नहीं
- 1:28:21हुई तो हमारा नेगोशिएशन कंप्लीट नहीं
- 1:28:23होगा। तो अब आप 46 को यूज़ करोगे। पर आप
- 1:28:26क्या बोलोगे? तो डिलीवरी कर दो ना। अच्छा
- 1:28:28पर डिलीवरी कौन करेगा? क्या ऐसा कोई रूल
- 1:28:31है कि जो बनाने वाला इंसान है यानी कि जो
- 1:28:35इंडोर्सर है। सुनना मेरी बात। क्या ऐसा
- 1:28:39कोई रूल है कि जिसने इंडोर्स किया है वही
- 1:28:42डिलीवरी करेगा? क्या ऐसा कोई रूल है? फिर
- 1:28:45से बोलता हूं। जिसने इंडोर्स किया है क्या
- 1:28:47वही डिलीवरी करेगा? ऐसा कोई रूल है क्या?
- 1:28:50आओ समझते हैं। आओ समझते हैं। यहां पर
- 1:28:53सेक्शन 57 आप लोगों के सामने आएगा। एकदम
- 1:28:57तहलका मचाएगा। मैं टोटल तीन केसेस आपसे
- 1:28:59डिस्कस करना चाहता हूं। केस नंबर वन,
- 1:29:03केस नंबर टू, एंड केस नंबर थ्री। मैं टोटल
- 1:29:08तीन केसेस आपको यहां पर समझाना चाहता हूं।
- 1:29:10हमें फर्स्ट केस से लेकर तीसरे केस तक आना
- 1:29:13है और तीनों बड़े ही शानदार एग्जांपल है।
- 1:29:16उसके बाद में कंक्लूजन निकल के आएगा। उसके
- 1:29:19बाद में कंक्लूजन निकल के आएगा। ठीक है?
- 1:29:21चलो अभी स्टार्ट करते हैं। एग्जांपल मेरे
- 1:29:23सामने समझना। पप्पू और खड्डा।
- 1:29:27देखो आपने क्या बोला? डिलीवरी इंपॉर्टेंट
- 1:29:29है। डिलीवरी दोनों जगह इंपॉर्टेंट है।
- 1:29:32डिलीवरी बनाते टाइम भी इंपॉर्टेंट है एट द
- 1:29:34टाइम ऑफ मेकिंग।
- 1:29:37और डिलीवरी इंपॉर्टेंट है एट द टाइम ऑफ
- 1:29:39नेगोशिएशन आल्सो कैसे मैं आपको बताता हूं।
- 1:29:42पप्पू ने खड्डा के नाम पे एक चेक बनाया
- 1:29:46₹00 का। अब मेरी बात सुनो। ₹00 का चेक
- 1:29:50बनाया। मैंने आपको एग्जांपल दिया था
- 1:29:52एसेंशियल एलिमेंट के टाइम पे भी। आपने चेक
- 1:29:54बनाया काफी है क्या? जस्ट ड्रॉइंग इज़ इनफ
- 1:29:56और व्हाट? क्या ड्रॉइंग से लायबिलिटी
- 1:29:58क्रिएट हो जाती है क्या? नहीं। अंटिल
- 1:30:00डिलीवर्ड लायबिलिटी क्रिएट नहीं होती है।
- 1:30:02अगर आपने ₹00 का चेक बना भी दिया और आपने
- 1:30:05ड्रर में रख दिया यानी आपने अपनी एलमीरा
- 1:30:07में रख दिया मतलब डिलीवरी नहीं हुई।
- 1:30:10डिलीवरी नहीं हुई मतलब कुछ भी नहीं हुआ।
- 1:30:12कुछ भी नहीं हुआ। मुझे एक बात बताओ मेरे
- 1:30:15ड्रर में एक रखा हुआ चेक कोई दूसरा पर्सन
- 1:30:19भी अगर निकाल ले तो क्या वो होल्डर बनेगा?
- 1:30:22नहीं बनेगा। क्योंकि डिलीवरी नहीं हुई है।
- 1:30:24डिलीवरी नहीं हुई है। करेक्ट है? मतलब
- 1:30:26उसके पास में लीगल राइट ही नहीं है। उसके
- 1:30:28पास में लीगल राइट टू पज़ेस भी नहीं है।
- 1:30:30लीगल राइट टू रिसीव भी नहीं है। लीगल राइट
- 1:30:32टू रिकवर भी नहीं है। कुछ भी नहीं है। तो
- 1:30:34एक बात तो हमको समझ में आई कि मेकिंग के
- 1:30:37टाइम पे भी अगर आप चेक या नेगोशिएबल
- 1:30:39इंस्ट्रूमेंट किसी के नाम पे बना रहे हो,
- 1:30:41आपको डिलीवर करना पड़ेगा ताकि उसका इफेक्ट
- 1:30:44आए। ठीक है? केस नंबर वन सिंपल था। केस
- 1:30:47नंबर वन मेकिंग के टाइम पे था। अब सुनना
- 1:30:49केस नंबर टू। केस नंबर टू समझने की कोशिश
- 1:30:52करना। ये है एट द टाइम ऑफ़ नेगोशिएशन। अब
- 1:30:56कहानी सुनना
- 1:30:58पप्पू खड्डा सेम बात है चेक बनाया ₹00 का
- 1:31:04बराबर है ठीक है खड्डा के नाम का बनाया
- 1:31:07करेक्ट है बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया खड्डा
- 1:31:10के पास में लेट्स से ये चेक आ गया अब
- 1:31:13सुनना मेकिंग की स्टेज हमने क्रॉस कर दी
- 1:31:16है खड्डा के पास में ये चेक आ चुका है ठीक
- 1:31:18है खड्डा के पास में जैसे ही ये चेक आया
- 1:31:21₹50 का पप्पू ने खड्डा को दिया खड्डा का
- 1:31:24ऐसा कहना है कि मुझे पैसा नहीं चाहिए।
- 1:31:26मुझे तो चड्डा को इंडोर्स करना है। उसने
- 1:31:29इंडोर्स भी कर दिया। कर दिया। इंडोर्स कर
- 1:31:32दिया। तो हमारा इंडोर्सर कौन हो गया?
- 1:31:34हमारा इंडोर्सर हो गया खड्डा। अब खड्डा ने
- 1:31:37इंडोर्स कर दिया यानी कि सिग्नेचर कर दी।
- 1:31:39और उसने फुल इंडोर्समेंट करा। यानी कि
- 1:31:42उसने नाम भी लिख दिया है चड्डा का। उसने
- 1:31:44चड्डा का नाम भी लिख दिया है और रात को वो
- 1:31:48यह सारा काम करके इंडोर्स विंडोज़ करके
- 1:31:51सिग्नेचर करके चड्डा का नाम लिख के वो सो
- 1:31:54गया और उसने कहां पर रखा उसने ये
- 1:31:57इंस्ट्रूमेंट अपनी दराज में रखा यानी कि
- 1:31:59ड्रर में रखा और सुबह वो उठ नहीं पाया। 2
- 1:32:03मिनट का मौन रखो खड्डा के लिए। खड्डा
- 1:32:05खड्डे में चले गया। सॉरी बैड जोक सुनना
- 1:32:09मेरी बात। तो खड्डा की डेथ हो जाती है।
- 1:32:12अभी नेगोशिएशन की स्टेज की बात की बात कर
- 1:32:14रहा हूं। मेकिंग की स्टेज की बात नहीं कर
- 1:32:16रहा हूं। मेकिंग की बात तो खत्म हो गई।
- 1:32:18मेकिंग में तो खड्डा तक पहुंचा ही नहीं
- 1:32:20था। अब नेगोशिएशन की बात आ गई है।
- 1:32:23नेगोशिएशन में खड्डा के पास में ₹00 का
- 1:32:26चेक आ गया है। उसने इंडोर्स भी कर दिया
- 1:32:28है। सिग्नेचर कर दी थी। नाम लिख दिया था।
- 1:32:31वो सोया लेकिन वो सुबह उठा नहीं। उसकी डेथ
- 1:32:33हो गई। अब मेरा यह कहना है। चड्डा उसकी
- 1:32:36मयत पे आया। और मयत पर आकर जब उसके कमरे
- 1:32:40में गया और चड्डा को वो उसकी एल्मरा में
- 1:32:44या उसकी ड्रर में चेक मिल गया। मेरा
- 1:32:46क्वेश्चन है क्या वो होल्डर है? आप क्या
- 1:32:48बोलोगे? आपको आंसर पता है इसका। आपका कहना
- 1:32:51है कि सर कैसी बातें कर रहे हो? ये एक
- 1:32:54ऑर्डर इंस्ट्रूमेंट था। ये एक ऑर्डर
- 1:32:56इंस्ट्रूमेंट था। ऑर्डर इंस्ट्रूमेंट के
- 1:32:59लिए हमको इंडोर्समेंट प्लस डिलीवरी लगती
- 1:33:01है। एंडोर्समेंट प्लस डिलीवरी लगती है।
- 1:33:04एंडोर्समेंट तो यहां पर कंप्लीट है बट
- 1:33:06यहां पर डिलीवरी नहीं है। तो सर यह होल्डर
- 1:33:09नहीं होगा। हमको समझ में आ गया है कि
- 1:33:10नेगोशिएशन कंप्लीट नहीं हुआ है क्योंकि
- 1:33:13डिलीवरी नहीं हुई।
- 1:33:15आपको समझ में आया कैसे मेकिंग के टाइम भी
- 1:33:18डिलीवरी इंपॉर्टेंट है और कैसे नेगोशिएशन
- 1:33:21के टाइम भी डिलीवरी इंपॉर्टेंट है। सर अभी
- 1:33:23तक सेक्शन 57 कहां आ रहा है हमको समझ में
- 1:33:26नहीं आ रहा है। लाता हूं। आपको डिलीवरी
- 1:33:29चाहिए ना। आपको डिलीवरी चाहिए ना? करवा
- 1:33:31देते हैं ना डिलीवरी। सर वो तो मर गया।
- 1:33:35अरे इंडोर्स करने वाला तो मर गया। कोई बात
- 1:33:37नहीं और किसी से करवा देंगे। एग्जांपल दो
- 1:33:39सर कोई बात नहीं। तीसरे केस पे अपन आ गए।
- 1:33:42अब एग्जांपल है बड़े बच्चन का। कोई हंसेगा
- 1:33:44नहीं बेटा। बड़े बच्चन जी के लिए बड़ी इज्जत
- 1:33:47है हमारे मन में। समझे ना आप? बड़े बच्चन
- 1:33:49जी और छोटे बच्चन जी का एग्जांपल है। चलो
- 1:33:51एक काम करो। उसी एग्जांपल को कंटिन्यू
- 1:33:53करते हैं। कैरेक्टर चेंज करते हैं। बड़े
- 1:33:55बच्चन जी के पास में एक चेक है।
- 1:33:59उन्होंने उस चेक को इंडोर्स कर दिया जया
- 1:34:01के नाम पर।
- 1:34:03उन्होंने उस चेक के पीछे अपनी सिग्नेचर
- 1:34:06करी और उन्होंने जया बच्चन के नाम पर
- 1:34:08इंडोर्स कर दिया। बड़े बच्चन जी ने
- 1:34:11इंडोर्स तो करा
- 1:34:13लेकिन वो डिलीवरी करते
- 1:34:16उसके पहले ही अब बात समझ रहे हो आप? बात
- 1:34:20समझ रहे हो आप? सैड सैड चेहरा समझ बोलूंगा
- 1:34:22नहीं। मैं बोलूंगा नहीं। पर यही हुआ है
- 1:34:24बच्चा। अरे बड़े बच्चन जी ने इंडोर्समेंट
- 1:34:27कर दिया। जया बच्चन के नाम का सिग्नेचर कर
- 1:34:30दी। नाम लिख दिया।
- 1:34:34यह बात अगले दिन सुबह सारा कार्यक्रम होने
- 1:34:37के बाद में पता चली। किसको? जूनियर बच्चन
- 1:34:40को। जूनियर बच्चन का कहना है कोई बात
- 1:34:42नहीं। मेरे पिताजी जो काम अधूरा करके गए
- 1:34:44थे उसको मैं पूरा कर देता हूं।
- 1:34:47मैं उनका लीगल रिप्रेजेंटेटिव हूं। अरे
- 1:34:49इसकी 12 बजाऊं। क्या बोल दिया? अरे मैं
- 1:34:52उसका लीगल रिप्रेजेंटेटिव हूं। लीगल
- 1:34:54रिप्रेजेंटेटिव।
- 1:34:56पिताजी जो चेक बनाकर गए थे, मैं उस चेक को
- 1:35:00कंप्लीट कर देता हूं। मैं कंप्लीट कर देता
- 1:35:03हूं। इंडोर्स नहीं बेटा। इंडोर्स नहीं।
- 1:35:05इंडोर्स नहीं। मैं उसको डिलीवर कर देता
- 1:35:08हूं। मैं उसको डिलीवर कर देता हूं। करेक्ट
- 1:35:10है? हां। यहां पर भी डिलीवरी आएगी बेटा।
- 1:35:12डिलीवरी
- 1:35:14इंडोर्स नहीं आएगा। मैं उसको डिलीवर कर
- 1:35:17देता हूं। और यहां पर भी इंडोर्स करने के
- 1:35:20नहीं डिलीवर करने के। यह गलत लिखा हुआ है।
- 1:35:22डिलीवर करने के
- 1:35:25डिलीवर करने के पहले उनकी डेथ हो गई।
- 1:35:27जूनियर बच्चन ने कहा कि वो इंडोर्स करके
- 1:35:30गए हैं। मैं इसको डिलीवर कर देता हूं।
- 1:35:32क्या वो कर पाएगा? पॉसिबल नहीं है।
- 1:35:35बट सर मैं तो लीगल रिप्रेजेंटेटिव हूं।
- 1:35:37मुझे करने दो ना। नहीं। लीगल
- 1:35:39रिप्रेजेंटेटिव डिलीवरी नहीं कर सकता। सर
- 1:35:43यही एक्सेप्शन है क्या? हां। क्योंकि आपने
- 1:35:4546 में बोला कि डिलीवरी इंपॉर्टेंट है।
- 1:35:48आपने बोला डिलीवरी करवाना है। हम करवा
- 1:35:50देते किसी से भी। पर आप हर किसी को करने
- 1:35:52का मौका नहीं दे रहे हो आप। हम बोल रहे
- 1:35:54हैं डेथ वाले केस में लीगल रिप्रेजेंटेटिव
- 1:35:57डिलीवरी नहीं कर सकता। डिलीवरी कौन करेगा?
- 1:35:59अरे जो करने वाला था वह तो चले गया।
- 1:36:02क्यों? रीज़न दो। लीगल रिप्रेजेंटेटिव
- 1:36:05एजेंट नहीं होता है। लीगल रिप्रेजेंटेटिव
- 1:36:08डिसीज्ड का यानी कि जो आदमी जा चुका है
- 1:36:10उसका एजेंट नहीं होता है। सर इस केस को
- 1:36:12क्या बोलते हैं? ये केस है आपका। आपका
- 1:36:15नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट इंडोर्स्ड तो है
- 1:36:17बट डिलीवर्ड बाय लीगल रिप्रेजेंटेटिव है।
- 1:36:20तो यह नहीं हो सकता। मतलब एग्जीक्यूटेड
- 1:36:23है, इंडोर्स्ड है बट डिलीवर्ड नहीं है। तो
- 1:36:27सर 2 मिनट आप क्या बोलना चाह रहे हो? लीगल
- 1:36:29रिप्रेजेंटेटिव नहीं कर सकता तो क्या
- 1:36:31एजेंट कर सकता है? तो क्या एजेंट कर सकता
- 1:36:34है? बिल्कुल कर सकता है। बिल्कुल कर सकता
- 1:36:37है। हमें तो बात ही समझ में नहीं आ रही
- 1:36:39सर। सेक्शन 57 को क्यों लिया है? अभी तो
- 1:36:41बताया 57 को इसीलिए लाए हैं कि डिलीवरी के
- 1:36:44बिना कुछ भी नहीं हो सकता। आपने बोला
- 1:36:47बराबर है। नेगोशिएशन इनकंप्लीट रहेगा।
- 1:36:49बराबर है। आपने बोला 47 से सिर्फ डिलीवरी
- 1:36:52करके हम नेगोशिएशन कंप्लीट कर सकते हैं।
- 1:36:54बेरर हो तो आपने कहा ऑर्डर हो तो i + डी
- 1:36:57कर देंगे। हमने इंडोर्समेंट कर दिया। हमने
- 1:37:00इंडोर्समेंट कर दिया। हम यहां पर डिलीवरी
- 1:37:02नहीं कर पाए। तो ऐसे केस में हम लोग क्या
- 1:37:04करेंगे? डिलीवरी अगर हम लोग नहीं कर पाए
- 1:37:06तो हां तो सर एक काम करते हैं सिंपल सा।
- 1:37:10हमें हमें आप कंप्लीट करने दो। हम डिलीवर
- 1:37:12कर देते हैं। तो ऐसी स्थिति में उसको
- 1:37:15रोका। ऐसी स्थिति में उसको रोका यहां पर
- 1:37:17हम लोगों ने तो ठीक है। कंप्लीट करने के
- 1:37:20लिए हमारे पास में कौन आया? कंप्लीट करने
- 1:37:22के लिए उन्होंने बोला कि इंडोर्सर जो
- 1:37:24बनाने वाला था, इंडोर्स करने वाला था उसकी
- 1:37:26डेथ हो गई है। तो लीगल रिप्रेजेंटेटिव ने
- 1:37:28बोला कि मुझे करने दो। हमने मना कर दिया
- 1:37:30कि लीगल रिप्रेजेंटेटिव आप नहीं कर सकते।
- 1:37:32तो ठीक है। फिर एक बात बताओ। क्या एजेंट
- 1:37:35कर सकता है? क्या एजेंट डिलीवरी करके इसको
- 1:37:38कंप्लीट कर सकता है? बच्चे पूछते हैं सर
- 1:37:40लीगल रिप्रेजेंटेटिव नहीं कर सकता तो क्या
- 1:37:42एजेंट कर सकता है? द आंसर इज़ यस। क्यों?
- 1:37:44क्योंकि लीगल रिप्रेजेंटेटिव और एजेंट जो
- 1:37:47है वो अलग-अलग इंसान होते हैं। देखो लीगल
- 1:37:50रिप्रेजेंटेटिव एजेंट नहीं होता है। हां
- 1:37:52लीगल रिप्रेजेंटेटिव एजेंट नहीं होता है।
- 1:37:54आप इस बात को मत समझो। आप बेसिक रूल तो
- 1:37:56आपको समझ में आ गया। आई प्लस डी कंप्लीट
- 1:37:58करना पड़ेगा। आई प्लस डी नहीं हुआ तो
- 1:38:00नेगोशिएशन कंप्लीट नहीं होगा। मेरी बात
- 1:38:02सुनो। लीगल रिप्रेजेंटेटिव को आप पसंद
- 1:38:05नहीं करते हो। आप चूज़ नहीं करते हो। लीगल
- 1:38:06रिप्रेजेंटेटिव आपका होता है। बाय
- 1:38:09डिफॉल्ट। बाय डिफ़ॉल्ट लीगल रिप्रेजेंटेटिव
- 1:38:12इज़ अ पर्सन व्हिच इज़ चोजन ऑलरेडी। करेक्ट।
- 1:38:14एजेंट ऐसा इंसान है जिसको आप चूज़ करते हो।
- 1:38:17एजेंट वो इंसान है जिसको आप बिजनेस के लिए
- 1:38:20राइट्स देते हो। बिजनेस के लिए अथॉरिटी
- 1:38:22देते हो। एजेंट आपके बिहाफ पे सारे काम कर
- 1:38:26सकता है। एजेंट आपका इंडोर्स किया हुआ
- 1:38:29नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट को डिलीवर कर सकता
- 1:38:31है। बट लीगल रिप्रेजेंटेटिव नहीं कर सकता।
- 1:38:34बिकॉज़ बोथ ऑफ़ देम आर डिफरेंट पर्सन। ठीक
- 1:38:37है? तो सेक्शन 57 ने क्या बोला हम लोगों
- 1:38:40को? सेक्शन 57 ने बोला कि अगर इंडोर्समेंट
- 1:38:44हो चुका है और डिलीवरी के प्रायर इंडोर्सर
- 1:38:46की डेथ हो जाती है तो लीगल रिप्रेजेंटेटिव
- 1:38:49डिलीवरी नहीं कर सकता। तो कौन कर सकता है?
- 1:38:52क्या एजेंट कर सकता है? कर सकता है। ऐसा
- 1:38:55लिखा हुआ नहीं है। ये अपना इंटरप्रिटेशन
- 1:38:57है। ये अपना इंटरप्रिटेशन है। ऐसा लिखा
- 1:38:59हुआ नहीं है कि एजेंट कर सकता है। लीगल
- 1:39:01रिप्रेजेंटेटिव नहीं कर सकता। एजेंट में
- 1:39:03फर्क है। इसीलिए एक तीसरा केस और आता है
- 1:39:06पता है? तीसरा केस और आता है। यह क्वेश्चन
- 1:39:08के ऊपर बेस्ड है। बहुत बार क्वेश्चन पूछा
- 1:39:10गया है। ये ना आधा-आधा आधा-आधा नेगोशिएबल
- 1:39:14इंस्ट्रूमेंट का एक क्वेश्चन है कि जब आधा
- 1:39:17इंस्ट्रूमेंट डिलीवर होता है तो क्या हम
- 1:39:20उसको कंप्लीट डिलीवरी बोलते हैं? द आंसर
- 1:39:22इज़ नो। ये पॉइंट भी मैंने यहां पर क्यों
- 1:39:24लिखा है? मैं आपको बताता हूं। क्योंकि
- 1:39:26डायरेक्ट क्वेश्चन यहां पर आता है। देखो
- 1:39:29एक पर्सन दूसरे पर्सन को पैसे ओ करता है
- 1:39:32तो उसने प्रॉमिसरी नोट बनाया दूसरे पर्सन
- 1:39:35के फेवर में और ट्रांसमिशन के सेफ्टी के
- 1:39:37लिए उसने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट को
- 1:39:39आधे-आधे टुकड़े में फाड़ दिया। मतलब उसने
- 1:39:42इंस्ट्रूमेंट को आधा कर दिया। ये ये हाफ
- 1:39:45ये सेकंड हाफ। अब ट्रांसमिशन में कोई इसका
- 1:39:48दुरुपयोग नहीं कर रहा। आपने बॉलीवुड की
- 1:39:49पुरानी मूवीज में देखा होगा। आधा नोट देते
- 1:39:51हैं। फिर उसको मिलाते हैं। फिर डिलीवरी
- 1:39:52होती है। बराबर है। ही कट्स दी नोट इन हाफ
- 1:39:56एंड पोस्ट वन हाफ टू उमेश। ठीक है? बहुत
- 1:39:59बार आया है क्वेश्चन। ये बहुत बार आया है।
- 1:40:00ठीक है? फिर उसका माइंड चेंज हो गया। उसने
- 1:40:02कहा अरे नहीं यार मुझे तो वो करना ही नहीं
- 1:40:04है। मुझे नेगोशिएशन नहीं करना है। तो वो
- 1:40:06फोन करके बोलता है कि सुन तेरे पास में जो
- 1:40:09आधा आया है ना तू वो मुझे वापस भेज दे। तो
- 1:40:12तू मुझे वापस भेज दे। तो दूसरा पर्सन और
- 1:40:14शाणा वह बोल रहा है नहीं मेरे पास में आधा
- 1:40:17हिस्सा तो आ चुका है मतलब डिलीवरी कंप्लीट
- 1:40:19हो चुकी है तू मुझे बचा हुआ हिस्सा भी भेज
- 1:40:21दे क्योंकि अब मेरे पास में डिलीवरी आ गई
- 1:40:23है तो कंप्लीट हो चुका है नेगोशिएशन इस
- 1:40:25क्वेश्चन में हमने ये बोला कि भैया आधा
- 1:40:28नोट डिलीवर होना कंस्ट्रक्टिव डिलीवरी
- 1:40:31नहीं होती है कंप्लीट डिलीवरी नहीं होती
- 1:40:33है कोई भी प्रॉपर्टी ट्रांसफर नहीं हुई है
- 1:40:36हाफ इंस्ट्रूमेंट को हम लोग इसमें नहीं
- 1:40:38काउंट करते हैं। ठीक है? तो यही बात यहां
- 1:40:41पर लिखी हुई है। इसी क्वेश्चन का यह
- 1:40:42प्रोविज़न है और यह एनालिसिस है क्या? कि
- 1:40:47जो मनोज है उसका कहना सही है। हां, वो
- 1:40:50अपना आधा नोट वापस मांग रहा है। क्यों?
- 1:40:52उसने अपना माइंड चेंज कर लिया। कोई बात
- 1:40:54नहीं। क्या वो मांग सकता है? द आंसर इज़
- 1:40:57यस। क्यों? डिलीवरी अभी भी कंप्लीट नहीं
- 1:41:00हुई है। डिलीवरी अभी भी कंप्लीट नहीं हुई
- 1:41:02है। ठीक है? द मेकिंग ऑफ प्रॉमिसरी नोट इज़
- 1:41:06कंप्लीटेड बाय डिलीवरी एक्चुअल और
- 1:41:08कंस्ट्रक्टिव। एंड द डिलीवरी ऑफ द होल
- 1:41:11इंस्ट्रूमेंट डिलीवरी ऑफ द होल
- 1:41:13इंस्ट्रूमेंट चाहिए हमको नॉट मेयरली अ
- 1:41:17पार्ट ऑफ इट सिर्फ एक छोटा सा पार्ट आधा
- 1:41:19पार्ट ये सब चिंदी सा क्वेश्चन है बट ठीक
- 1:41:22है आता है तो आप लोगों को मैंने यहां पर
- 1:41:23कवर करवा दिया है। एनीवे सेक्शन 57 हमारा
- 1:41:26यहां पर कंप्लीट होता है। यही क्वेश्चन
- 1:41:28स्टडी मटेरियल के अंदर भी दे रखा है। आप
- 1:41:30इसको प्रैक्टिस कर सकते हैं। ये इसका यहां
- 1:41:32पर आंसर है। सेक्शन 46 को लिख के आना इसके
- 1:41:35अंदरेंस और डिलीवरी को लिख के आना। उसके
- 1:41:37साथ में आप बताना एक्चुअल और कंस्ट्रक्टेड
- 1:41:39डिलीवरी होती है और फिर बताना कि यार ऐसा
- 1:41:42पूरा होल डॉक्यूमेंट डिलीवर होना चाहिए।
- 1:41:44होल डॉक्यूमेंट यहां पर डिलीवर होना
- 1:41:46चाहिए। ठीक है? आओ 57 मैं आपको दिखा देता
- 1:41:48हूं। तीनों केसेस मैंने आपको दिखा दिए।
- 1:41:51देखो डिलीवरी। डिलीवरी इज़ेंट एट द टाइम ऑफ़
- 1:41:55मेकिंग एंड एट द टाइम ऑफ़ नेगोशिएशन बोथ।
- 1:41:5757 इंडोर्स्ड बट नॉट डिलीिवर्ड। क्या
- 1:42:00बोला? इंडोर्स्ड बट नॉट डिलीिवर्ड। ठीक
- 1:42:02है? अगर एक इंसान इंडोर्स कर देता है और
- 1:42:06बिफोर ही कुड डिलीवर अगर इंडोर्सर की
- 1:42:08मृत्यु हो जाती है तो जो लीगल
- 1:42:10रिप्रेजेंटेटिव है डिसीज्ड पर्सन का वो ना
- 1:42:13तो डिलीवर कर सकता है ना नेगोशिएट कर सकता
- 1:42:15है ना उसको कंप्लीट कर सकता है। ठीक है?
- 1:42:18क्यों? क्योंकि लीगल रिप्रेजेंटेटिव एजेंट
- 1:42:20नहीं होता है। ये कब होता है? दिस हैपेंस
- 1:42:24व्हेन नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट इज़ पेएबल ऑन
- 1:42:26ऑर्डर। पेएबल ऑन ऑर्डर था। ये मैंने
- 1:42:28सिंपलीफाइड लैंग्वेज में डाला। और डिसीज्ड
- 1:42:31पर्सन जो है जो इंडोर्स कर रहा था उसने
- 1:42:34इंडोर्स तो कर दिया बट अब लीगल
- 1:42:36रिप्रेजेंटेटिव उसको डिलीवर करना चाहता है
- 1:42:38तो वो नहीं हो सकता है। वो मियर डिलीवरी
- 1:42:41करके उसको कंप्लीट नहीं कर सकता है। सो
- 1:42:43लेडीज़ एंड जेंटलमैन दिस वाज़ सेक्शन 57 फॉर
- 1:42:46अस। दिस वाज़ सेक्शन 57 फॉर अस। ठीक है?
- 1:42:49चलो ये इसके ऊपर एक क्वेश्चन है। सेम
- 1:42:52क्वेश्चन है। एक बंदे ने चेक ड्रॉ किया है
- 1:42:55₹ लाख का n के ऊपर डिलीवर करना है। ठीक
- 1:42:59है? रिसीट ऑफ दी चेक उस पर्सन ने आगे
- 1:43:02इंडोर्स कर दिया है सी को पर उसने अपने
- 1:43:04लॉकर में रख लिया है और कुछ टाइम के बाद
- 1:43:07में इंडोर्स करने के बाद में उसकी डेथ हो
- 1:43:09जाती है। उस पर्सन ने चेक उसको मिला है
- 1:43:12उसके लॉकर में से क्या वो होल्डर होगा? द
- 1:43:15आंसर इज़ नो। एकदम एग्जैक्ट अपना जो
- 1:43:18एग्जांपल है उसी के ऊपर क्वेश्चन है।
- 1:43:20क्यों? होल्डर क्यों नहीं होगा? सेक्शन
- 1:43:2248। 48 ने क्या बोला? ऑर्डर इंस्ट्रूमेंट
- 1:43:25को नेगोशिएट करने के लिए i + डी चाहिए। आय
- 1:43:29तो हो गया और डी नहीं हुआ और और डी नहीं
- 1:43:33हुआ है तो प्रॉपर्टी ट्रांसफर नहीं हुई
- 1:43:35है। सिंपल सी बात है। ये भी क्वेश्चन है
- 1:43:37और ये एकदम शानदार और सिंपल सा क्वेश्चन
- 1:43:40है जो मैंने आपको यहां पर कवर करवाया है।
- 1:43:42ठीक है? चलो अब हम आगे चलते हैं एकदम
- 1:43:45शानदार तरीके से आगे बढ़ रहे हैं हम लोग।
- 1:43:47और अब हम आ चुके हैं हमारे टॉपिक पे
- 1:43:50जिसमें क्लासिफिकेशन ऑफ नेगोशिएबल
- 1:43:52इंस्ट्रूमेंट है। ठीक है? देखो एक बार
- 1:43:55देखें क्या आगे चल के अपन कहां तक आ गए
- 1:43:57अपन हां अपने यहां पर आते हैं ठीक है देखो
- 1:44:01बर्ड आई व्यू हो गया अबाउट दी एक्ट हो गया
- 1:44:05मीनिंग हो गया मतलब सेक्शन नंबर 13 हो गया
- 1:44:07कैरेक्टरिस्टिक्स हो गया सेक्शन नंबर 14
- 1:44:10हो गया यानी कि ट्रांसफर हो गया उसके साथ
- 1:44:12में 47 हो गया उसके साथ में 48 हो गया
- 1:44:15ऑर्डर इंस्ट्रूमेंट का 13 के अंदर बेयरर
- 1:44:18और ऑर्डर हमने कंप्लीट कर लियाेंस ऑफ
- 1:44:21डिलीवरी हमने सेक्शन 46 के अंदर कवर कर
- 1:44:23लिया एंड एंड टाइप्स ऑफ डिलीवरी हमने कवर
- 1:44:25कर लिया। होल्डर एंड होल्डर इन ड्यू कोर्स
- 1:44:28भी हमने कवर कर लिया। अब एक काम करते हैं।
- 1:44:30क्लासिफिकेशन को शुरू करते हैं। तो
- 1:44:32क्लासिफिकेशन का टाइम एंड डिमांड भी कवर
- 1:44:35कर देते हैं। तो ये पहली शीट यानी कि ये
- 1:44:3712 टॉपिक अपने एकदम शानदार तरीके से कवर
- 1:44:40हो जाएंगे। ठीक है? अब देखो टाइम और जो
- 1:44:43डिमांड है, क्लासिफिकेशन की बात चल रही है
- 1:44:46बेटा। हम टाइप्स की बात नहीं कर रहे हैं।
- 1:44:48इस बात का ध्यान रखना। टाइप्स के अंदर
- 1:44:50सेक्शन नंबर फोर, सेक्शन नंबर फाइव और
- 1:44:52सेक्शन नंबर सिक्स आएगा। ठीक है? ये तीन
- 1:44:55सेक्शंस अलग है। ये तीन सेक्शंस अलग हैं।
- 1:44:58रुको मैं पहुंच रहा हूं बस। मैं पहुंच रहा
- 1:45:00हूं। दो मिनट बस मैं आ गया हूं। ये आ गया
- 1:45:04मैं यहां पर। हां। टाइप्स के अंदर क्या
- 1:45:06है? टाइप्स के अंदर आएगा सेक्शन नंबर फोर।
- 1:45:10सेक्शन नंबर फाइव, सेक्शन नंबर सिक्स।
- 1:45:12यानी कि प्रॉमिसरी नोट, बिल ऑफ़ एक्सचेंज
- 1:45:15और चेक। ठीक है? उसके पहले आएगा
- 1:45:18क्लासिफिकेशन। क्लासिफिकेशन के अंदर
- 1:45:21क्या-क्या है? ऑर्डर एंड बेरर तो ऑलरेडी
- 1:45:24डन है। ये ऑलरेडी डन है आपका। अपन ने पूरा
- 1:45:27कवर कर लिया सेक्शन नंबर 13 के साथ में।
- 1:45:29टाइम और डिमांड आपके पास में मॉड्यूल में
- 1:45:32तो नहीं है बट इसको भी अपन पहले खत्म कर
- 1:45:34देते हैं। फिर अपन देखेंगे इनको एंबगियस
- 1:45:38इनलैंड और फॉरेन इंस्ट्रूमेंट। इसके बाद
- 1:45:40में हम लोग देखेंगे। देखो टाइम और डिमांड
- 1:45:43इंस्ट्रूमेंट को समझने के लिए ज्यादा अकल
- 1:45:45नहीं चाहिए। बहुत बेसिक चीज है। इसको अपन
- 1:45:48समझते हैं। देखो मैंने एक तरफ लिख रखा है
- 1:45:50टाइम इंस्ट्रूमेंट, एक तरफ लिख रखा है
- 1:45:51डिमांड इंस्ट्रूमेंट। मैंने आपको कांसेप्ट
- 1:45:53शुरुआत में सिखाते हुए भी डिमांड
- 1:45:55इंस्ट्रूमेंट का एक एग्जांपल मैंने आप
- 1:45:56लोगों को दे दिया था कि जैसे लिखा हुआ है
- 1:45:59आई प्रॉमिस टू पे ₹10,000 मतलब आपने टाइम
- 1:46:01मेंशन नहीं किया है तो वो पेएबल ऑन डिमांड
- 1:46:04हो जाता है। ठीक है? या तो टाइम मेंशन ना
- 1:46:07हो या फिर ऐसे शब्द लिखे हुए हो ऑन डिमांड
- 1:46:10तो वो डिमांड इंस्ट्रूमेंट हो जाता है। जब
- 1:46:12भी डिमांड इंस्ट्रूमेंट की बात आएगी ना
- 1:46:14बच्चा तो ऑब्वियस सी बात है कि ग्रेस डज़
- 1:46:17की बात नहीं आती है। जो थ्री डेज ग्रेस
- 1:46:19मिलते हैं काउंटिंग के अंदर वो डिमांड
- 1:46:21इंस्ट्रूमेंट के अंदर हम लोग नहीं लेते
- 1:46:23हैं। ठीक है? बट अगर टाइम इंस्ट्रूमेंट की
- 1:46:25मैं बात करूं बच्चा तो टाइम इंस्ट्रूमेंट
- 1:46:26के अंदर अलग-अलग पॉसिबिलिटी हो सकती है।
- 1:46:29जैसे आपने अ टाइम प्रेजेंट है मतलब टाइम
- 1:46:32आपने मेंशन कर रखा है तो टाइम
- 1:46:33इंस्ट्रूमेंट है जाहिर सी बात है। अच्छा
- 1:46:35कभी-कभी आप कुछ इवेंट डालते हो। जैसे डेथ
- 1:46:37वाला इवेंट था सर्टेन इवेंट है ना? तो
- 1:46:39सर्टेन इवेंट डालना भी एक तरीके से टाइम
- 1:46:41का दर्शाना है। मतलब आप बता रहे हो कि ये
- 1:46:44डेथ जब तक नहीं होगी तब तक मैं पेमेंट
- 1:46:46नहीं करूंगा। जब तक ये इवेंट नहीं होगा तब
- 1:46:48तक मैं पेमेंट नहीं करूंगा। करेक्ट है? तो
- 1:46:49ये सर्टेन इवेंट भी होती है। बेसिकली टाइम
- 1:46:52इंस्ट्रूमेंट में मैच्योरिटी होती है।
- 1:46:54डिमांड इंस्ट्रूमेंट में मैच्योरिटी का
- 1:46:56कांसेप्ट इसलिए नहीं है क्योंकि वो पेएबल
- 1:46:58ऑन डिमांड होता है। तो यहां पर डेज ऑफ
- 1:47:00ग्रेस मिलेंगे। यहां पर डज़ ऑफ ग्रेस नहीं
- 1:47:02मिलेंगे। ये तो एक नॉर्मल सा मीनिंग हुआ।
- 1:47:06ठीक है? टाइम इंस्ट्रूमेंट और डिमांड
- 1:47:07इंस्ट्रूमेंट का। मैच्योरिटी डेट इज़
- 1:47:09प्रेजेंट इन टाइम इंस्ट्रूमेंट। टाइम दे
- 1:47:12रखा है या इवेंट लिख रखा है। बट डिमांड के
- 1:47:15अंदर थोड़ी अलग-अलग सिचुएशन आ सकती है।
- 1:47:17उसके लिए आपको कुछ शब्द सीखना पड़ेगा। वो
- 1:47:20शब्द क्या है बेटा? हां वो शब्द क्या है?
- 1:47:22एट साइट आफ्टर साइट। ये सारी चीजें आपको
- 1:47:26समझनी पड़ेगी। अब मेरी बात समझने की कोशिश
- 1:47:28करना। ठीक है? एट साइट मतलब क्या होता है?
- 1:47:31हम आपको बोल रहे हैं साइट मतलब दिखाना।
- 1:47:33साइट मतलब दिखाना। आप दिखाओ, दर्शन करवाओ
- 1:47:36और पैसे ले जाओ। आप दिखाओ, दर्शन करवाओ और
- 1:47:39पैसे ले जाओ। मतलब जब भी एट साइट लिखा
- 1:47:42रहता है ना दैट इज ऑन डिमांड ऑन डिमांड बट
- 1:47:45जब भी ऐसा लिखा हुआ रहता है आफ्टर साइट या
- 1:47:49आफ्टर डेट आफ्टर साइट या आफ्टर डेट इसका
- 1:47:52मतलब ये होता है कि आप जब हमको वो
- 1:47:54इंस्ट्रूमेंट प्रेजेंट करोगे उसके बाद में
- 1:47:56इतने टाइम में हम लोग आपको पेमेंट करेंगे
- 1:47:58वहां पर डेज ऑफ ग्रेस भी कैलकुलेट करे
- 1:48:01जाएंगे। ठीक है? तो ये आफ्टर साइट और
- 1:48:03आफ्टर डेट जब भी लिखा हो या इवेंट लिखा हो
- 1:48:07या टाइम मेंशंड हो तो वो टाइम
- 1:48:09इंस्ट्रूमेंट होता है और जब डिमांड वर्ड
- 1:48:11लिखा हो टाइम मेंशंड ना हो या एट साइट
- 1:48:14लिखा हो तो वो डिमांड इंस्ट्रूमेंट के
- 1:48:16अंदर आता है और वो टाइम इंस्ट्रूमेंट के
- 1:48:18अंदर आता है। तो ये एक सिंपल सा टाइम एंड
- 1:48:20डिमांड इंस्ट्रूमेंट का मैंने आप लोगों को
- 1:48:22नॉलेज दिया है। इससे ज्यादा इसका कोई
- 1:48:24कवरेज करने से कोई मतलब नहीं है। ठीक है?
- 1:48:26कोई कवरेज करने से मतलब नहीं है। बस आपको
- 1:48:28याद रखना है डज़ ऑफ ग्रेस कहां पर मिल रहा
- 1:48:30है? टाइम इंस्ट्रूमेंट में मिल रहा है।
- 1:48:32डिमांड इंस्ट्रूमेंट में नहीं मिल रहा है।
- 1:48:34ठीक है? और जब भी पेएबल एट साइट लिखा
- 1:48:37रहेगा 2 मिनट जस्ट अ सेकंड। पेएबल एट साइट
- 1:48:40लिखा रहेगा। कोई टाइम मेंशन नहीं है या
- 1:48:43फिर एट साइट लिखा हुआ है तो वो डिमांड
- 1:48:44इंस्ट्रूमेंट है। डिमांड इंस्ट्रूमेंट है।
- 1:48:46एट साइट का आपको ध्यान रखना है। मतलब जैसे
- 1:48:48ही आप प्रेजेंट करोगे वो पेएबल है।
- 1:48:51व्हनेवर इट इज़ प्रेजेंटेड इट नी इट नीड्स
- 1:48:53टू बी पेड। मतलब कि वो ऑन डिमांड रहता है।
- 1:48:55ठीक है? तो ये आपका टाइम एंड डिमांड
- 1:48:57कंप्लीट होता है। अब हम देखेंगे इनको
- 1:49:00इंस्ट्रूमेंट और ए्बिगियस इंस्ट्रूमेंट।
- 1:49:02ठीक है? दोनों इंपॉर्टेंट इंस्ट्रूमेंट है
- 1:49:04इनको एंड एंबगियस। और उसके बाद में सेक्शन
- 1:49:07नंबर 11 और 12 आएगा जो बात करेगा लोकेशन
- 1:49:10के हिसाब से क्लासिफिकेशन किया गया है।
- 1:49:12देखो अलग-अलग नाम दिए गए हैं। यह लोकेशन
- 1:49:14के हिसाब से इनलैंड और फॉरेन है। ये
- 1:49:16वैलिडिटी के हिसाब से इनक कोएट और एंबीगस
- 1:49:19है। ये टाइम पेमेंट के हिसाब से टाइम और
- 1:49:22डिमांड है। और ये पेई के हिसाब से कि आप
- 1:49:24किसको दे रहे हो ऑर्डर और पेई है। तो हम
- 1:49:26यहां तक आ चुके हैं। अब हम देखते हैं इनको
- 1:49:28इंस्ट्रूमेंट क्या होता है और एम्बीगस
- 1:49:30इंस्ट्रूमेंट क्या होता है। चलिए इनको
- 1:49:33इंस्ट्रूमेंट। ठीक है? ठीक है? इन कोविएट
- 1:49:34और एम्बीगस चालू कर रहे हैं हम लोग। यानी
- 1:49:36कि हम बात कर रहे हैं ऑन द बेसिस ऑफ
- 1:49:38वैलिडिटी के बारे में। ठीक है? अब देखो
- 1:49:40वैलिडिटी के हिसाब से मतलब कि ये
- 1:49:41इंस्ट्रूमेंट कैसे और कब तक और कितने
- 1:49:44अमाउंट तक वैलिड रहेगा। इसमें से कुछ
- 1:49:47चीजें तो आपको ऑलरेडी पता है। बट हमें ये
- 1:49:49जानना है कि क्या नेचर ऑफ इंस्ट्रूमेंट भी
- 1:49:51अलग-अलग हो सकता है। तो कुछ
- 1:49:54इंस्ट्रूमेंट्स ऐसे होते हैं जिनको
- 1:49:55इनक्वएट नाम से जाना जाता है। अब देखो
- 1:49:58इनक्वएट मतलब होता है एक तो हिंदी में
- 1:50:00लिखा है मैंने इनको। इनचोएट नहीं है। आपका
- 1:50:02प्रोनाउंसिएशन आप सही कर लेना। ठीक है? ये
- 1:50:04ए्बिगियस है। मैंने लिख रखा है। ठीक है?
- 1:50:06इनक कोएट मतलब होता है इनकंप्लीट। ये
- 1:50:09इनकंप्लीट क्यों है? मैं हमेशा एग्जांपल
- 1:50:10देता हूं। लेट्स से मैंने सीए वाला को
- 1:50:13स्टूडियो सेटअप करने के लिए एक सिक्योरिटी
- 1:50:16डिपॉजिट के लिए चेक बनाया। तो मैंने लिखा
- 1:50:18पे सीए वाला। ये मेरा सिक्योरिटी डिपॉजिट
- 1:50:20का चेक है। अब मेरी बात समझने की कोशिश
- 1:50:22करना। उन्होंने बोला कि सर स्टूडियो सेटअप
- 1:50:25करना है। कर दे क्या? सर वैसे तो कोई
- 1:50:26दिक्कत की बात नहीं है सर ऐसी कोई बात
- 1:50:28नहीं है। एक काम करते हैं सर डिपॉजिट का
- 1:50:30चेक ले लेते हैं। मैंने कहा चलो ठीक है
- 1:50:31यार डिपॉजिट का चेक ले लो। क्यों? अरे सर
- 1:50:33कुछ ऊपर नीचे हो गया, कुछ टूटा फूटी हो
- 1:50:35गई, कुछ ये हो गया तो एक डिपॉजिट के लिए
- 1:50:37हम लोग लेते हैं। जरूरत तो नहीं पड़ती है।
- 1:50:39चलो ठीक है भैया। मैंने ₹1 लाख का चेक बना
- 1:50:41दिया। ठीक है? टोटल ₹1 लाख का मैंने चेक
- 1:50:43बना दिया। सीए वाला ने कहा कि सर आप
- 1:50:45सिग्नेचर आप डेट मत करना। आप डेट मत
- 1:50:47लिखना। ठीक है? आप सिग्नेचर कर दो।
- 1:50:49सिग्नेचर तो मस्ट है। सिग्नेचर के बिना
- 1:50:51अथॉरिटी नहीं आएगी स्टूडियो सेटअप के लिए।
- 1:50:53मैं हूं। यानी कि मैं बना रहा हूं। मैं
- 1:50:55ड्रॉअर हूं। मैं मेकर हूं। मैंने क्या करा
- 1:50:58है? डिपॉजिट के लिए चेक बनाया है। और
- 1:50:59मैंने डेट को आधा छोड़ दिया है। यानी कि
- 1:51:02अधूरा छोड़ दिया है। अब देखो क्या होता
- 1:51:04है? कुछ इंस्ट्रूमेंट्स ऐसे होते हैं
- 1:51:05जिसमें कुछ इंफॉर्मेशन मिसिंग होती है। या
- 1:51:08तो वो ब्लैंक चेक हो सकता है। ठीक है?
- 1:51:11मैंने अमाउंट छोड़ दिया हो। ऐसा भी हो
- 1:51:13सकता है। हो सकता है कि मैंने डेट छोड़ दी
- 1:51:15हो। है ना? हो सकता है कि मैंने अमाउंट
- 1:51:17छोड़ दिया हो। इसका मतलब पता है क्या है?
- 1:51:19सीए वाला कह रहा है कि सर आप एक काम करो।
- 1:51:21आप एक काम करो। आप डेट मत डालो। जिस दिन
- 1:51:24हमको लगेगा हम डेट डाल लेंगे क्योंकि आगे
- 1:51:26जाके आपको मालूम चलेगा सेक्शन नंबर सिक्स
- 1:51:28के अंदर चेक की जो वैलिडिटी होती है वो 3
- 1:51:30मंथ्स की वैलिडिटी होती है। तो सर जैसे ही
- 1:51:32जरूरत पड़ेगी ना हम लोग आगे हमारे हिसाब
- 1:51:34से डेट डाल लेंगे। हम डेट डाल लेंगे ऐसा
- 1:51:37उनका कहना है। चलो भैया ठीक है। तो मैंने
- 1:51:39क्या करा? मैंने चेक में सारी इंफॉर्मेशन
- 1:51:41डाली पर मैंने डेट नहीं डाली है। ये होता
- 1:51:46है इनकंप्लीट इंस्ट्रूमेंट। जिसका दूसरा
- 1:51:48नाम है इनक्वएट इंस्ट्रूमेंट। इसका मतलब
- 1:51:51यह है कि मैं सामने वाले पर्सन को यानी
- 1:51:53जिसके पास में चेक गया है जो होल्डर है
- 1:51:55मैं उस होल्डर को पीडब्ल्यू को ये अथॉरिटी
- 1:51:58दे रहा हूं कि आप इसको फ्यूचर में कंप्लीट
- 1:52:01कर लीजिएगा। तो इनको मतलब होता है
- 1:52:04इनकंप्लीट यानी कि अधूरा इंस्ट्रूमेंट जिस
- 1:52:07पे सिग्नेचर तो होती है ये बात पक्की है
- 1:52:09पर उसको मैं अधूरा छोड़ सकता हूं। कोई ना
- 1:52:11कोई इंफॉर्मेशन उसके अंदर अधूरी रहती है।
- 1:52:13और मैं पावर देता हूं। किसको पावर देता
- 1:52:16हूं मैं? मैं होल्डर को पावर देता हूं।
- 1:52:17होल्डर को होल्डर को पावर देता हूं कि आप
- 1:52:20इसको कंप्लीट कर लीजिए। अब देखो नेसेसिटीज़
- 1:52:23क्या है इसके अंदर? साइन और डिलीवर होना
- 1:52:25चाहिए। यह नेसेसिटी है। ठीक है? होली
- 1:52:28ब्लैंक भी हो सकता है, पूरा भी ब्लैंक हो
- 1:52:31सकता है या आधे अधूरे तरीके से भी
- 1:52:32इनकंप्लीट हो सकता है। और हम ऑथॉरिटी दे
- 1:52:35रहे हैं कंप्लीट करने की सामने वाले
- 1:52:38होल्डर को। पर इसको आगे समझने के लिए आपको
- 1:52:40एक हल्का सा आज बेस अभी समझना पड़ेगा। आगे
- 1:52:44जाओगे सेक्शन चार, पांच और छह समझोगे। बट
- 1:52:46उससे पहले आपको प्रॉमिसरी नोट का और बिल
- 1:52:49ऑफ एक्सचेंज का आपको आज बेसिक्स थोड़े से
- 1:52:52यहीं पर क्लियर होना चाहिए। यहीं पर
- 1:52:54क्लियर होना चाहिए। देखो प्रॉमिसरी नोट जो
- 1:52:57है उसमें दो ही पार्टीज होती है। एक बंदा
- 1:52:59प्रॉमिस करने वाला होता है जो बनाता है
- 1:53:02उसको प्रॉमिसर बोलना है तो प्रॉमिसर बोल
- 1:53:04दो। बट इंस्ट्रूमेंट की दृष्टि से उसे
- 1:53:06बोला जाता है मेकर। यानी कि जो बना रहा है
- 1:53:09मेकर और सामने वाली जो पार्टी होती है वो
- 1:53:11होती है पेई जिसको पैसा मिलने वाला है।
- 1:53:14बराबर है तो प्रॉमिस प्रॉमिसरी नोट के
- 1:53:17अंदर बहुत सिंपल सा गेम है। सिर्फ दो ही
- 1:53:19पार्टीज होती हैं। थोड़ा सा बेसिक समझो।
- 1:53:21मैं डिटेलिंग में नहीं जा रहा हूं। जा रहा
- 1:53:23हूं बट मैं आगे जाऊंगा। है ना? अब बिल ऑफ
- 1:53:26एक्सचेंज क्या चीज है? बिल ऑफ एक्सचेंज के
- 1:53:29अंदर तीन पार्टीज होती है। एक बनाने वाला
- 1:53:31होता है यानी जिसे हम ड्रअर बोलते हैं। एक
- 1:53:34जिसके ऊपर बनाया जाता है यानी कि जो
- 1:53:36पेमेंट देगा वो ड्रॉई होता है। देखो इसको
- 1:53:40क्या बोला? ड्रॉअर बनाने वाला जिसके ऊपर
- 1:53:43बनाया है वो ड्रॉई और जिसको पैसा मिलेगा
- 1:53:46वो तो सेम ही होता है पेई जिसको पैसा
- 1:53:48मिलेगा। अब यहां पर होता है बेटा
- 1:53:51अनकंडीशनल प्रॉमिस और यहां पर होता है
- 1:53:54अनकंडीशनल ऑर्डर। ऑर्डर क्यों होता है?
- 1:53:56क्योंकि यहां पर ये पर्सन इस पर्सन को
- 1:53:59ऑर्डर कर रहा है कि चल भाई पेमेंट दे। तू
- 1:54:03पेमेंट दे इस वाले बंदे को। अब ये बिल ऑफ
- 1:54:05एक्सचेंज है। सर आपने बिल ऑफ एक्सचेंज का
- 1:54:08कांसेप्ट बीच में क्यों लिया है? और सर
- 1:54:10चेक कहां पर दिखेगा? अरे चेक जो है ना इट
- 1:54:12इज़ आल्सो अ टाइप ऑफ बिल ऑफ एक्सचेंज। चेक
- 1:54:15के अंदर भी तीन पार्टीज होती है। मेरी बात
- 1:54:17समझो। जब मैंने चेक बनाया। बनाने वाला
- 1:54:20कौन? सीजे। सीजे कौन है? ड्रॉअर। मैंने
- 1:54:23किसके ऊपर बनाया? मैंने मेरे HDFC बैंक के
- 1:54:26ऊपर बनाया। मैंने ये चेक बनाया होगा ना तो
- 1:54:29मैंने ये HDFC बैंक के ऊपर बनाया होगा।
- 1:54:31करेक्ट? तो मैंने क्या करा? मैंने ऑर्डर
- 1:54:33दिया। मैं ड्रॉअर और मेरा ड्रई कौन है?
- 1:54:36मेरा ड्रई बैंक है। और वो पेमेंट किसको
- 1:54:39करेगा? पेई को। और पेई कौन है? सीए वाला।
- 1:54:42तो बिल ऑफ एक्सचेंज और चेक में बेसिक
- 1:54:45अंडरस्टैंडिंग कांसेप्ट के लिए थोड़ा
- 1:54:46डिफरेंस बता दो सर हमको अभी। वो ये है
- 1:54:49बच्चा। बेसिक डिफरेंस यह है कि चेक के
- 1:54:52अंदर जो आपका ड्रई होता है वह फिक्स्ड है।
- 1:54:55यानी जिसके ऊपर आप ड्रॉ कर रहे हो यह
- 1:54:58पर्सन बैंक ही रहता है। यह पर्सन हमेशा
- 1:55:01बैंक ही रहता है। ये चेक के अंदर होता है।
- 1:55:04ये चेक के अंदर होता है। तो बिल ऑफ
- 1:55:07एक्सचेंज और चेक में यही सबसे बड़ा
- 1:55:09डिफरेंस है। एक डिफरेंस है। आगे और
- 1:55:11डिफरेंसेस मैं आपको बताऊंगा। सर अचानक से
- 1:55:13आप ये क्यों बताने लग गए? अचानक से मैं
- 1:55:15इसलिए बताने लग गया क्योंकि
- 1:55:17यहां पर एक कंडीशन है इनको इंस्ट्रूमेंट
- 1:55:20के अंदर और वो कंडीशन है बेटा स्टैंप यानी
- 1:55:23कि उसको स्टैंप्ड होना पड़ेगा। क्या होना
- 1:55:25पड़ेगा? स्टैंप्ड होना पड़ेगा। और चेक के
- 1:55:28अंदर स्टैंपिंग की जरूरत नहीं पड़ती। चेक
- 1:55:31के अंदर स्टैंपिंग की जरूरत नहीं पड़ती।
- 1:55:32आप इस इस कांसेप्ट को समझो। स्टैंप क्यों
- 1:55:34लगाया जाता है? स्टैंप इसलिए लगाया जाता
- 1:55:36है कि उसकी प्रोटेक्शन के लिए उसका मिसयूज
- 1:55:39ना हो। उसकी एक वैल्यू निर्धारित हो जाए
- 1:55:42कि इस कागज की इतनी कीमत है, इतनी औकात
- 1:55:45है। जितने का स्टैंप है उतने का
- 1:55:47ट्रांजैक्शन होगा इस इंस्ट्रूमेंट के थ्रू
- 1:55:49उससे ज्यादा का ट्रांजैक्शन नहीं होगा। तो
- 1:55:52अगर मुझे स्टैंप की आपको गणित सिखानी है
- 1:55:56तो मुझे आपको बिल ऑफ एक्सचेंज बताना था।
- 1:55:58तो बिल ऑफ एक्सचेंज का मैंने आपको बेसिक
- 1:56:00बताया। तो क्या अब वापस से आओ मेरे साथ
- 1:56:03में इनको में। इन कोएट एक तो सिग्नेचर
- 1:56:06वाला होता है। प्रॉपर वॉलंटरी डिलीवरी
- 1:56:09करते हैं हम लोग क्योंकि वो भी बेटा बेसिक
- 1:56:10है। डिलीवरी तो होनी चाहिए। सिग्नेचर करके
- 1:56:13डिलीवरी करो। स्टैंप उसके ऊपर लगा होना
- 1:56:16चाहिए। वो आधा अधूरा खाली रह सकता है और
- 1:56:19आप सामने वाले को अथॉरिटी दे रहे हो कि तू
- 1:56:21इसको कंप्लीट कर दे। चलो सर ये बात तो
- 1:56:24हमको समझ में आ गई। ठीक है? ये बात हमको
- 1:56:25समझ में आ गई। आप एक बात बताओ हमको।
- 1:56:29आप हमको एग्जांपल दो। चलो एग्जांपल देता
- 1:56:32हूं मैं। मैं आपको एग्जांपल देता हूं।
- 1:56:33इनकोएट इंस्ट्रूमेंट मतलब होता है या तो
- 1:56:36पूरी तरीके से अधूरा है या फिर कहीं-कहीं
- 1:56:40से आपने कुछ-कुछ फील्ड्स को आपने आधा छोड़
- 1:56:42रखा है। बराबर है डेट नहीं है, अमाउंट
- 1:56:44नहीं है, जो भी है पर स्टैंप रहेगा,
- 1:56:46स्टैंप्ड रहेगा। देखो भैया बाहुबली और
- 1:56:49भल्लाल देव का ट्रांजैक्शन है। बाहुबली
- 1:56:51बोल रहा है कि देख भाई क्या कर रहा है तू
- 1:56:52यार? भल्लाल देव तू हमेशा नालायक करता है।
- 1:56:55तू हमेशा बहुत अड़ंगे लगाता है। तू मेरी
- 1:56:57बात सुन। इस राज्य के बारे में हम लोगों
- 1:56:59को सोचना है। है ना? और इस राज्य के लिए
- 1:57:01तू भी जानता है। मैं भी जानता हूं। मैं ही
- 1:57:03सबसे योग्य राजा हूं यहां के लिए। तो मेरी
- 1:57:05बात सुन। तू मुझे प्रॉमिस कर कि तू राज्य
- 1:57:08गद्दी के लिए बीच में नहीं आएगा। तू लड़ाई
- 1:57:10नहीं करेगा। जब भी राजमाता कहेगी तू साइड
- 1:57:12में हट जाएगा। इसने कहा चल ओके मैं
- 1:57:14करूंगा। तो इसने बोला तू क्या करेगा मेरे
- 1:57:16लिए? बल बाहुबली ने कहा कि मैं प्रॉमिस
- 1:57:19करता हूं। मैं प्रॉमिस करता हूं। मैं तुझे
- 1:57:21₹50 लाख दूंगा। ओ भैया 50 करोड़ हो गए
- 1:57:23बेटा। इसको हटाओ। 50 करोड़ ज्यादा हो गए
- 1:57:25बेटा। 50 करोड़ थोड़े से ज्यादा हो गए।
- 1:57:28हां इसको हटाओ। दो ज़ीरो हटा दो। हां
- 1:57:35हां तो कहां पर थे अपन कहां पर थे अपन
- 1:57:37उसने बोला उसने बोला बाहुबली ने बाहुबली
- 1:57:40ने बोला भलाल देव को कि देख भाई मैं तुझे
- 1:57:43₹50 लाख दूंगा कितने दूंगा ₹50 लाख बराबर
- 1:57:46है ठीक है उसका इंटेंशन कितना है ₹50 लाख
- 1:57:49का इंटेंशन है पर क्या होता है सेफ्टी के
- 1:57:51लिए थोड़ा बहुत ऊपर नीचे हो तो अपन क्या
- 1:57:53करते हैं जब बिल ऑफ एक्सचेंज ड्रॉ करते
- 1:57:55हैं या प्रॉमिस नोट ड्रॉ करते हैं अपन कुछ
- 1:57:57भी करते हैं ठीक है तो अपन उसके ऊपर
- 1:57:59स्टैंप लगाते हैं स्टैंप की वैल्यू वैल्यू
- 1:58:01थोड़ी सी ज्यादा भी हो सकती है। तो लेट्स
- 1:58:03से उसने स्टैंप लगा दिया ₹70 लाख का। इस
- 1:58:06पे डेट नहीं लिखी हुई है। उस पे बाहुबली
- 1:58:08ने सिग्नेचर कर रखी है। खत्म हो गया। खत्म
- 1:58:10हो गया। ठीक है? ओके। अब मेरी बात सुनना।
- 1:58:13यहां पर इंटेंशन कितना है बेटा? ₹50 लाख
- 1:58:15का है। स्टैंप वैल्यू कितनी है? ₹000 लाख
- 1:58:17की है। ये इनक्व कोएट इंस्ट्रूमेंट के लिए
- 1:58:19अच्छी चीज बता रहा हूं मैं आपको। ठीक है?
- 1:58:21तो जैसे-जैसे आपका इंस्ट्रूमेंट आगे बढ़ता
- 1:58:23जाएगा जो भी होल्डर है जो भी होल्डर है वो
- 1:58:27₹50 लाख के लिए इस इंस्ट्रूमेंट को यूज कर
- 1:58:29सकता है। ₹50 लाख के लिए इस इंस्ट्रूमेंट
- 1:58:32को यूज़ कर सकता है। अब इस एग्जांपल को अगर
- 1:58:34मैं आगे बढ़ाऊं तो लेट्स से राजमाता आती
- 1:58:36है भल्लाल देव के पास में। राजमा आती
- 1:58:39राजमाता आती है भल्लाल देव के पास में और
- 1:58:42राजमाता भल्लालदेव को बोलती है कि पड़ोसी
- 1:58:44राष्ट्र जो है वो हमारे लिए बहुत हेल्प कर
- 1:58:47चुका है और आज हमको भी उनकी हेल्प करनी
- 1:58:49पड़ेगी और हमको उनको कुछ ना कुछ सहायता
- 1:58:51करनी पड़ेगी। तो भलालदेव बोलता है कि एक
- 1:58:53काम करो राजमाता मेरे पास में मेरे पास
- 1:58:55में एक इंस्ट्रूमेंट रखा हुआ है। आप वो
- 1:58:58इनको दे दो तो उनकी मदद हो जाएगी। तो
- 1:59:00राजमाता कहती है अरे वाह यार बहुत ही
- 1:59:01बढ़िया। और राजमाता ने इंस्ट्रूमेंट को
- 1:59:03हाथ में लिया और इंस्ट्रूमेंट टोटल ₹70
- 1:59:05लाख का था। टोटल ₹70 लाख का था। राजमाता
- 1:59:08को वो इंस्ट्रूमेंट मिल गया। अब राजमाता
- 1:59:10को 50 लाख के इंटेंशन के बारे में नहीं
- 1:59:13मालूम है। राजमाता कौन है? होल्डर इन ड्यू
- 1:59:15कोर्स है। क्योंकि उन्होंने गुड फेथ में
- 1:59:18बिना किसी नॉलेज के बिना किसी चीज के
- 1:59:21उन्होंने यहां पर
- 1:59:24अ इस इंस्ट्रूमेंट को लिया है। बराबर है।
- 1:59:26और हम अस्यूम कर रहे हैं इस एग्जांपल में
- 1:59:27कि कुछ वैल्यू ट्रांजैक्शन भी हुआ होगा।
- 1:59:29तो हम अस्यूम करते हैं कि वो होल्डर इन
- 1:59:30ड्यू कोर्स पूरी तरीके से है। पूरी तरीके
- 1:59:33से है। अब मेरी बात सुनने की कोशिश करना
- 1:59:35कि जो राजमाता है जो होल्डर इन ड्यू कोर्स
- 1:59:38है होल्डर इन ड्यू कोर्स है क्या वो इस
- 1:59:41इंस्ट्रूमेंट को ₹0 लाख तक के लिए यूज़ कर
- 1:59:43सकती है कि वो भी इंटेंशन अमाउंट पे उसको
- 1:59:46रुकना पड़ेगा। तो अच्छी बात ये है कि इन
- 1:59:49कोएट इंस्ट्रूमेंट की जो वैल्यू होती है
- 1:59:51वो सारे होल्डर्स के लिए तो सिर्फ और
- 1:59:54सिर्फ इंटेंडेड अमाउंट तक होती है पर
- 1:59:57होल्डर इन ड्यू कोर्स के लिए वो होती है
- 1:59:59₹70 लाख यानी कि पूरी स्टैंप वैल्यू तक
- 2:00:02होती है। तो भल्लाल देव यहां पर होल्डर
- 2:00:04है। वो इंटेंडेड अमाउंट तक यूज़ कर पाएगा।
- 2:00:07लेकिन अगर ये इंस्ट्रूमेंट घूमते फिरते
- 2:00:09किसी होल्डर इन ड्यू कोर्स के पास में
- 2:00:10पहुंच जाता है तो वो होल्डर इन ड्यू कोर्स
- 2:00:13स्टैंप वैल्यू तक जा सकते हैं। स्टैंप
- 2:00:15वैल्यू तक जा सकते हैं। देखो इसको थोड़ा
- 2:00:18और और समझना आगे इनकोड इंस्ट्रूमेंट है।
- 2:00:20थोड़ा और समझना इसको। हां। मैंने बनाया
- 2:00:23मैं ड्रॉअर हूं। अगर प्रॉमिसरी नोट है तो
- 2:00:25मेकर हूं। अगर मैं बिल ऑफ एक्सचेंज बना
- 2:00:27रहा हूं तो मैं ड्रॉअर हूं। ठीक है? अब
- 2:00:28मेरी बात सुनना। मैंने पीडब्ल्यू को चेक
- 2:00:30बना कर दिया। बिल ऑफ एक्सचेंज बना के
- 2:00:32दिया। प्रॉमिसरी नोट बना के दिया। सुनना
- 2:00:34मेरी बात। हां। यहां पे स्टैंप लगाया
- 2:00:37मैंने ₹15 लाख का। तो मैक्सिमम अमाउंट
- 2:00:39कितना यूज़ हो सकता है? ₹15 लाख का। मेरा
- 2:00:42इंटेंशन कितना है? ₹1 लाख तक का। ₹1 लाख
- 2:00:45तक का है। पीडब्ल्यू ने ये इंस्ट्रूमेंट
- 2:00:48आगे बढ़ा दिया पप्पू को। पप्पू ने आगे बढ़ा
- 2:00:51दिया खड्डा को। अब देखना ये सब होल्डर है।
- 2:00:54ये सब होल्डर है। ये सब होल्डर है। मतलब
- 2:00:56ये इंस्ट्रूमेंट को ₹1 लाख तक ही यूज़ कर
- 2:00:59पाएंगे। ये सब सिर्फ ₹1 लाख तक ही इसको
- 2:01:02होल्ड कर पाएंगे और इसको यूज़ कर पाएंगे।
- 2:01:04बराबर है। लेकिन अगर ये इंस्ट्रूमेंट
- 2:01:06घूमते-घूमते खड्डा के पास से चड्डा पे आ
- 2:01:09गया और ये चड्डा अपना निकला होल्डर इन
- 2:01:11ड्यू कोर्स। होल्डर होल्डर इन ड्यू कोर्स
- 2:01:13मतलब अपनी राजा बेटा और अपनी रानी बेटियां
- 2:01:16दोनों लिख देता हूं। गुस्सा मत हो। है ना?
- 2:01:17राजा बेटा और रानी बेटी। ये होल्डर इन
- 2:01:20ड्यू कोर्स है। इसको कोई नॉलेज नहीं है
- 2:01:21पीछे इंटेंशन अमाउंट का। इसको कोई भी
- 2:01:23हिस्ट्री का पता नहीं है। इसने कंसीडरेशन
- 2:01:26के लिए लिया है। इसने अ इसने वैल्यू
- 2:01:29कंसीडरेशन के लिए बिना किसी नॉलेज के अपने
- 2:01:32पास में ये इंस्ट्रूमेंट लिया है। होल्डर
- 2:01:34इन ड्यू कोर्स है। ये होल्डर इन ड्यू
- 2:01:36कोर्स ₹1 लाख तक का नहीं यह ₹15 लाख तक
- 2:01:40यानी कि मैक्सिमम मैक्सिमम स्टैंप वैल्यू
- 2:01:43तक वो यूज़ कर सकता है। वो यूज़ कर सकता है।
- 2:01:45क्योंकि उसने गुड फेथ में लेकर वो होल्डर
- 2:01:48इन ड्यू कोर्स बनके स्टैंप वैल्यू तक जा
- 2:01:50सकता है। तो स्टैंप वैल्यू के ऊपर तो कोई
- 2:01:53भी नहीं जा सकता पर मैक्सिमम स्टैंप
- 2:01:55वैल्यू तक यूज़ कर सकता है होल्डर इन ड्यू
- 2:01:57कोर्स और जो सिर्फ होल्डर्स हैं सिर्फ
- 2:01:59होल्डर्स हैं उनको तो पता है बेटा इंटेंशन
- 2:02:02अमाउंट उनको बोला गया है 10 लाख 10 लाख 10
- 2:02:04लाख तो वो 10 लाख तक ही इसको यूज़ कर
- 2:02:06पाएंगे। ठीक है? तो ये बात आपको समझनी है
- 2:02:09कि मुझे मुझे यहां पर जब भी चड्डा मेरे
- 2:02:13पास में आएगा तो यार अगर मुझे ₹15 लाख
- 2:02:16देने पड़ेंगे क्योंकि वो होल्डर इन ड्यू
- 2:02:17कोर्स है तो मुझे देने पड़ेंगे। ठीक है? बट
- 2:02:19सर ₹1 लाख की बात हुई थी और हमारे
- 2:02:22एग्जांपल में ₹50 लाख की बात हुई थी। तो
- 2:02:24क्या हम लीगल एक्शन ले सकते हैं? स्यू कर
- 2:02:26सकते हैं? अगर ये इंटेंडेड अमाउंट से ऊपर
- 2:02:29चले जाता है तो द आंसर इज़ यस। बिल्कुल कर
- 2:02:32सकते हो। मतलब आप ये समझ जाओ। आप ये समझ
- 2:02:34जाओ कि अगर इंटेंशन मेरा ₹1 लाख का है।
- 2:02:37ऐसे ही एग्जांपल बनाया मैंने। अगर इंटेंशन
- 2:02:39मेरा ₹1 लाख का है तो सारे के सारे होल्डर
- 2:02:42₹1 लाख तक इसको यूज कर सकते हैं। होल्डर
- 2:02:45इन ड्यू कोर्स जो है वो ₹15 लाख तक का
- 2:02:49यानी कि अगर मेरा स्टैंप वैल्यू ₹15 लाख
- 2:02:51तक की है तो होल्डर इन ड्यू कोर्स ₹15 लाख
- 2:02:54तक मैक्सिमम अमाउंट है। मतलब वो ₹1 लाख के
- 2:02:56लिए भी यूज़ कर सकता है। ₹1 लाख के लिए भी
- 2:02:58यूज़ कर सकता है। बट ये चीज सिर्फ और सिर्फ
- 2:03:01होल्डर इन ड्यू कोर्स के लिए है। सिंपल सी
- 2:03:02बात है। ₹1 लाख के बिय्ड तो बेटा कोई भी
- 2:03:05नहीं कर सकता। 15 लाख के बियों्ड तो उस
- 2:03:08इंस्ट्रूमेंट की औकात ही नहीं है। नेवर
- 2:03:10नेवर बेटा अबव स्टैंप वैल्यू नेवर 17 लाख
- 2:03:14ना होल्डर कर पाएगा ना होल्डर इन ड्यू
- 2:03:16कोर्स कर पाएगा कर पाएगा। कोई भी नहीं कर
- 2:03:18पाएगा। ठीक है? तो इसीलिए सेक्शन नंबर 20
- 2:03:21ने इन कोएट इंस्ट्रूमेंट आप लोगों को
- 2:03:24समझाया है कि इट इज़ एन इंस्ट्रूमेंट व्हिच
- 2:03:26इज़ इनकंप्लीट होली और पार्शियली इन सर्टेन
- 2:03:29आस्पेक्ट्स।
- 2:03:31यह जो इंस्ट्रूमेंट है यह साइन होता है।
- 2:03:33डिलीवर होता है। कौन? मेकर प्रॉमिसी नोट
- 2:03:37के केस में ड्रॉअर जो होता है वो बिल ऑफ
- 2:03:40एक्सचेंज के केस में इंडोर्सर भी कर सकता
- 2:03:42है क्योंकि वो इंडोर्स करते-करते आगे
- 2:03:44बढ़ाएगा और एक्सेप्टर इसको एक्सेप्ट
- 2:03:46करेगा। तो जिस भी पर्सन के पास में ये आता
- 2:03:48जा रहा है ये अधूरा इंस्ट्रूमेंट है और यह
- 2:03:51आगे बढ़ता जा रहा है। ठीक है? होल्डर जो
- 2:03:54है उसके पास में अथॉरिटी है कि वो इसको
- 2:03:56कंप्लीट कर सकता है। बराबर है वो उसको
- 2:03:58कंप्लीट कर सकता है। बट जैसे अमाउंट नहीं
- 2:04:01लिखा हुआ है तो वो उसके ऊपर अमाउंट लिख
- 2:04:03सकता है बाय राइटिंग द अमाउंट। बट जो
- 2:04:05अमाउंट लिखा जाएगा वो विद इन द लिमिट्स
- 2:04:07लिखा जाएगा। क्या लिमिट्स के अंदर लिखा
- 2:04:09जाएगा? मैक्सिमम स्टैंप जितना अफिक्स्ड है
- 2:04:12उससे नीचे या उस तक उस तक स्टैंप अफिक्स्ड
- 2:04:16वैल्यू तक वो जा सकता है। ठीक है? अच्छा
- 2:04:19लायबिलिटी की बात करते हैं। सर लायबिलिटी
- 2:04:21मतलब बनाने वाले की लायबिलिटी क्या है?
- 2:04:24चैतन्य जैन की लायबिलिटी क्या है? जो ड्रर
- 2:04:26है उसकी लायबिलिटी क्या है? जो मेकर है
- 2:04:28उसकी लायबिलिटी क्या है? तो देखो मेरी
- 2:04:30लायबिलिटी होल्डर के लिए अलग होगी और
- 2:04:32होल्डर इन ड्यू कोर्स के लिए अलग होगी।
- 2:04:34मैंने आपको बताया मेरी लायबिलिटी टुवर्ड्स
- 2:04:37पीडब्ल्यू वो सिर्फ होल्डर है। वो सिर्फ
- 2:04:39होल्डर है। देखो पीडब्ल्यू सिर्फ होल्डर
- 2:04:41है। टुवर्ड्स पप्पू टुवर्ड्स खड्डा इन
- 2:04:44सबके प्रति मेरी जो लायबिलिटी है वो
- 2:04:46इंटेंडेड अमाउंट तक की है। लेकिन जो
- 2:04:49होल्डर इन ड्यू कोर्स है होल्डर इन ड्यू
- 2:04:52कोर्स कितना रिकवर कर सकता है? होल्डर एंड
- 2:04:54ड्यू कोर्स कैन रिकवर अप टू स्टैंप्ड
- 2:04:56अमाउंट। अप टू स्टैंप्ड अमाउंट। ठीक है?
- 2:04:58आई होप आप लोगों को इनको इंस्ट्रूमेंट
- 2:05:00अच्छे से गले के नीचे उतर गया होगा और
- 2:05:03आपको समझ में भी आ गया होगा। ये उसकी
- 2:05:05डेफिनेशन है यहां पर। ठीक है? अब ये जो
- 2:05:08इनक्वएट इंस्ट्रूमेंट है जो मैंने स्टार
- 2:05:10शीट आपको दिखाई है इसको आप इग्नोर कर सकते
- 2:05:11हो। ये चलता है बेटा प्रिंसिपल ऑफ एस्टेपल
- 2:05:15के ऊपर। किसके ऊपर चलता है बेटा ये? ये
- 2:05:17चलता है प्रिंसिपल ऑफ एस्टेपल के ऊपर।
- 2:05:19प्रिंसिपल ऑफ़ एस्टेपल मतलब क्या होता है?
- 2:05:21जब आप किसी एक पर्सन को कि जब किसी सामने
- 2:05:24वाले पर्सन को आप अपने कंडक्ट के थ्रू
- 2:05:26अपने एक्शन के थ्रू आप कोई काम करने के
- 2:05:29लिए बोलते हो बराबर है। आप कोई अथॉरिटी
- 2:05:31देते हो तो अब आप उससे पीछे नहीं हट सकते।
- 2:05:35ठीक है? इफ यू हैव कन्विंस्ड दी अदर पर्सन
- 2:05:37थ्रू योर कंडक्ट, थ्रू योर वर्ड्स, थ्रू
- 2:05:40योर एक्शंस दैट दिस शुड बी डन अ सर्टेन
- 2:05:43वे, देन यू कैन नॉट टेक अ स्टेप बैक। आप
- 2:05:45पीछे नहीं आ सकते। इसे कहते हैं प्रिंसिपल
- 2:05:48ऑफ़ एस्टपल। ठीक है? तो प्रिंसिपल ऑफ़
- 2:05:51एस्टपल यहां पर कैसे अप्लाई हो रहा है? इन
- 2:05:53कोएट इंस्ट्रूमेंट में बनाने वाले ने
- 2:05:56होल्डर को बनाने वाले ने होल्डर को बोला
- 2:05:59है कि आप इसको कंप्लीट करना। तो अब वो
- 2:06:01कंप्लीट करेगा। अब आप होल्डर को ये नहीं
- 2:06:03बोल सकते। ए तू नहीं करेगा। मैं नहीं मान
- 2:06:05रहा। मैं नहीं मान रहा। तूने अमाउंट क्यों
- 2:06:06डाला? मैं नहीं मान रहा। नहीं। चैतन्य जैन
- 2:06:09ने पीडब्ल्यू को बोला है कि आप अपने हिसाब
- 2:06:11से अमाउंट डाल लेना। तो अपने हिसाब से डाल
- 2:06:13लेना। बराबर अब मैं मना नहीं कर सकता। हां
- 2:06:17वो स्टैंप वैल्यू के नीचे रहेगा। वो मेरी
- 2:06:18प्रोटेक्शन के लिए है। सो प्रिंसिपल ऑफ़
- 2:06:21एस्ट्रपल इन कोर्ट इंस्ट्रूमेंट इज़ बेस्ड
- 2:06:23ऑन दिस प्रिंसिपल इटसेल्फ। जब ड्रॉअर या
- 2:06:26मेकर अथॉरिटी देता है होल्डर को कंप्लीट
- 2:06:29करने के लिए इंस्ट्रूमेंट इन अ सर्टेन वे
- 2:06:31देन सच ड्रर या मेकर कैन नॉट डिनाई। अब वो
- 2:06:34मना नहीं कर सकता या स्टॉप नहीं कर सकता द
- 2:06:37अदर पार्टी। वो उसको मना नहीं कर सकता। तो
- 2:06:40ठीक है। आपको ये समझना है कि जो वादा किया
- 2:06:42है वो निभाना पड़ेगा।
- 2:06:44ठीक है? चलो अब मेरे ख्याल से इनकोड
- 2:06:47इंस्ट्रूमेंट आपका पूरी तरीके से यहां पर
- 2:06:48कंप्लीट हुआ है। अब सुनना अगला
- 2:06:50इंस्ट्रूमेंट है बेटा एंबगियस
- 2:06:52इंस्ट्रूमेंट।
- 2:06:54ए्बिगस इंस्ट्रूमेंट वो इंस्ट्रूमेंट होता
- 2:06:56है जो कंफ्यूज्ड प्राणी है। कंफ्यूज्ड
- 2:06:59प्राणी है मतलब इसके अंदर ना दोनों तरीके
- 2:07:02की कैरेक्टरिस्टिक्स है। ए्बिगस मतलब होता
- 2:07:04है नॉट क्लियर यानी कि वेग। वेग बोलो या
- 2:07:07अनक्लियर बोलो। इसके अंदर प्रॉमिसरी नोट
- 2:07:10की भी कैरेक्टरिस्टिक्स है। ये प्रॉमिसरी
- 2:07:14नोट भी हो सकता है। ये बिल ऑफ एक्सचेंज भी
- 2:07:16हो सकता है। तो सर फिर इसको क्या मानेंगे?
- 2:07:19जो होल्डर चाहे वो मान सकता है। होल्डर को
- 2:07:23इसको एज अ प्रॉमिस नोट ट्रीट करना है तो
- 2:07:25एज अ प्रॉमिसरी नोट कर। होल्डर को अगर
- 2:07:28इसको एज अ बिल ऑफ एक्सचेंज ट्रीट करना है
- 2:07:30तो वैसे कर। बट होल्डर को बोल दिया कि
- 2:07:32बेटा ये मेला दिलों का नहीं है कि जब
- 2:07:34लगेगा तुम आ जाओगे। एक बार डिसाइड कर लो
- 2:07:37फिर चेंज मत करना। अगर आपने एक बार डिसाइड
- 2:07:40कर लिया तो फिर आप चेंज नहीं कर पाओगे।
- 2:07:42आपने इसको प्रॉमिस नोट माना है तो प्रॉमिस
- 2:07:44नोट मानो। बिल ऑफ एक्सचेंज माना है तो बिल
- 2:07:46ऑफ एक्सचेंज मानो। क्योंकि फिर हम उससे
- 2:07:48रिलेटेड प्रोविज़न आप लोगों के सामने यहां
- 2:07:49पर लगाएंगे। तो इनको सेक्शन नंबर 20 के
- 2:07:52अंदर था ए्बिगस थोड़ा सा खतरनाक सेक्शन है।
- 2:07:55तो 17 पे खतरा रहता है बेटा। एम्बीगियस
- 2:07:58मतलब ऐसा इंस्ट्रूमेंट जिसके अंदर
- 2:08:00प्रॉमिसी नोट और बिल ऑफ एक्सचेंज दोनों की
- 2:08:02प्रॉपर्टीज हैं। ये वेग होता है मतलब
- 2:08:05क्लियर नहीं होता है। इट कैन नॉट बी
- 2:08:08क्लियरली आइडेंटिफाइड इदर एज प्रॉमिसी नोट
- 2:08:11और बिल ऑफ एक्सचेंज। ठीक है? तो ऐसी
- 2:08:13स्थिति में क्या होता है? इन सच सिनेरियो
- 2:08:15जो होल्डर होता है वो अपने डिस्क्रीशन पे
- 2:08:17यानी कि अपनी इच्छा से इस इंस्ट्रूमेंट को
- 2:08:20अपने अकॉर्डिंगली ट्रीट कर सकता है। बट
- 2:08:23आफ्टर ही हैज़ एक्सरसाइज्ड आफ्टर ही हैज़
- 2:08:26एक्सरसाइज्ड एक बार उसने इस ऑप्शन को
- 2:08:29एक्सरसाइज कर लिया तो फिर वो चेंज नहीं कर
- 2:08:32सकता। अनदर इंस्ट्रूमेंट जैसे उसको ट्रीट
- 2:08:34नहीं कर सकता। एज़ सिंपल एज़ दैट। सर इसका
- 2:08:37एग्जांपल क्या है? इसका एग्जांपल है बच्चा
- 2:08:39लोग डीडी यानी कि डिमांड ड्राफ्ट। कभी
- 2:08:42आपने कभी क्या आपने अभी तो सब आप ऑनलाइन
- 2:08:44पेमेंट करते हो इंस्टट्यूट को आईसीआई को
- 2:08:46वरना हम लोग तो डीडी बना बना के भेजते थे
- 2:08:48पहले बराबर है अब डीडी में और चेक में
- 2:08:50क्या डिफरेंस है मैं आपको बताता हूं जब आप
- 2:08:52चेक बना कर देते हो ना तो चेक के बाउंस
- 2:08:55होने के चांसेस होते हैं आपने चेक बना के
- 2:08:57दिया इंस्टट्यूट इंस्टट्यूट ने चेक लगाया
- 2:08:59आपके अकाउंट में पैसे थे उस टाइम तो अब
- 2:09:01नहीं है तो बाउंस हो गया आगे पढ़ेंगे
- 2:09:03सेक्शन 138 के अंदर तो इंस्टट्यूट को ऐसा
- 2:09:06रिस्क नहीं चाहिए या किसी को भी ऐसा रिस्क
- 2:09:08नहीं चाहिए तो डिमांड ड्राफ्ट डिमांड
- 2:09:11ड्राफ्ट मतलब होता है डिमांड पे पैसे
- 2:09:13चाहिए बट उसका ड्राफ्ट ऑलरेडी बना हुआ है।
- 2:09:15पैसे मुझे ऑलरेडी मिल चुके हैं। यह सिर्फ
- 2:09:18ड्राफ्ट है। यह सिर्फ ड्राफ्ट है जो मैं
- 2:09:20डिमांड पे शो कर रहा हूं। पैसे तो मुझे
- 2:09:22गारंटी से मिलेंगे ही मिलेंगे। सर ऐसा
- 2:09:25क्यों बोल रहे हो? डिमांड ड्राफ्ट के अंदर
- 2:09:27एक प्रॉमिसरी नोट का भी फीचर है और इसके
- 2:09:30अंदर बिल ऑफ़ एक्सचेंज के फीचर्स भी है।
- 2:09:33कैसे? मैं आपको बताता हूं। देखो आओ।
- 2:09:36क्लास में एग्जांपल दिया था मैंने। तो मैं
- 2:09:38उसी एग्जांपल को ले आया हूं। अपनी बच्ची
- 2:09:39थी क्लास में कृपाली नाम की। ठीक है? ओके।
- 2:09:42इंटर में आ गई बच्ची। है ना? अब सुनना
- 2:09:44मेरी बात। कृपाली नाम की बच्ची थी। मुंबई
- 2:09:46का स्टूडेंट है। है ना? इंस्टट्यूट अपना
- 2:09:48बैठा हुआ है दिल्ली के अंदर। बराबर है।
- 2:09:50ठीक है। अब देखो कृपाली को पेमेंट करना है
- 2:09:52इंस्टट्यूट को। ठीक है? पहली बात डिमांड
- 2:09:54ड्राफ्ट जो होता है ना वो प्रीपेड होता
- 2:09:55है। इसका पेमेंट ऑलरेडी हो चुका होता है।
- 2:09:57कैसे मैं आपको बताता हूं। जब कृपाली को
- 2:10:00पेमेंट कर रहा है ना हां। तो वो अपने बैंक
- 2:10:02के पास में गई HDFC के पास में। HDFC कौन
- 2:10:05है? इशूइंग बैंक है। HDFC बैंक क्या बोल
- 2:10:07रहा है? क्या हो गया? तो कृपाली ने बोला
- 2:10:09कि मुझे पेमेंट करना है ICI को। अच्छा ठीक
- 2:10:11है। तो ICI ने क्या बोला कि मेरा जो बैंकर
- 2:10:14है मेरा जो बैंकर है वो SBI है। मेरा जो
- 2:10:17बैंकर है वो SBI है। ठीक है। तो HDFC बैंक
- 2:10:20ने क्या करा? कृपाली के बैंक से 9200
- 2:10:24डेबिट कर लिए। पहले ही बैंक के पास में
- 2:10:27पहले ही पैसा पहुंच गया। मेरे बैंक के पास
- 2:10:29में जब मैंने मेरे बैंक को बोला कि मुझे
- 2:10:32आप पैसा ट्रांसफर करो इंस्टट्यूट को तो
- 2:10:35उसने बोला मैं काम करता हूं। मैं डिमांड
- 2:10:36ड्राफ्ट बनाता हूं। डिमांड ड्राफ्ट बनाने
- 2:10:38के लिए आपका बैंक आपके अकाउंट से पहले ही
- 2:10:41पैसे काट लेता है। अब आपके अकाउंट से पहले
- 2:10:44ही पैसे कट गए। तो रिस्क खत्म हो गई। अब
- 2:10:46ये बैंक क्या करेगा? एक पेपर बनाएगा
- 2:10:48डिमांड ड्राफ्ट। उसके अंदर लिखेगा पेएबल
- 2:10:51टू आईसीआई और वहां पर ब्रांच का नाम
- 2:10:54लिखेगा कि कौन सी ब्रांच को पैसा देना है।
- 2:10:56बोले SBI ब्रांच को पैसा देना है। तो एक
- 2:10:58बैंक दूसरे बैंक पे डिमांड ड्राफ्ट ड्रॉ
- 2:11:00करता है और वो क्या करेगा? वो क्या करेगा?
- 2:11:03वो यहां पर इसको पेमेंट कर देगा। वो इसको
- 2:11:05पेमेंट कर देगा। तो सिंपल सी बात है बैंक
- 2:11:08टू बैंक ट्रांजैक्शन हो रहा है। इसके पास
- 2:11:10तो ऑलरेडी मेरे अकाउंट से पैसे आ गए थे।
- 2:11:12मतलब कृपाली के अकाउंट से इसके पास में
- 2:11:14पैसे आ जाएंगे तो गारंटीड 9200 इंस्टट्यूट
- 2:11:18को मिलेंगे। तो हुआ क्या? ये जो डिमांड
- 2:11:20ड्राफ्ट बन रहा है ना इसके अंदर दो
- 2:11:21ट्रांजैक्शन हो रहे हैं। आपको समझ में
- 2:11:22नहीं आ रहा है। देखो प्रॉमिसरी नोट कैसे
- 2:11:24हुआ? मैं आपको बताता हूं। प्रॉमिसी नोट
- 2:11:26कैसे हुआ? देखो एमबीगएस इंस्ट्रूमेंट कैसे
- 2:11:29हो रहा है? मैं आपको बताता हूं। प्रॉमिसी
- 2:11:31नोट में यहां पर HDFC बैंक है। HDFC बैंक
- 2:11:34जो कृपाली का बैंक है वो प्रॉमिस कर रहा
- 2:11:36है। वो प्रॉमिस कर रहा है इंस्टट्यूट को
- 2:11:37कि मैं आपको पैसे दिलवा दूंगा। मतलब यहां
- 2:11:40पर HDFC बैंक प्रॉमिस कर रहा है पेई को।
- 2:11:43पेई कौन है? इंस्टट्यूट। तो प्रॉमिस नोट
- 2:11:45में दो पार्टीज होती है। बराबर है। तो
- 2:11:47यहां पर भी दो ही हो रहा है। एसेंशियली हो
- 2:11:49क्या रहा है? कृपाली नहीं कर रही है। HDFC
- 2:11:51बैंक प्रॉमिस कर रहा है कि मैं आपको पैसे
- 2:11:53दूंगा 9200। तो प्रॉमिसी नोट का फीचर हो
- 2:11:56गया। बिल ऑफ़ एक्सचेंज का फीचर कैसा है?
- 2:11:58तीन पार्टी चाहिए। तो आ जाओ तीन पार्टी
- 2:12:00दिखाते हैं। ड्रॉअर कौन है? HDFC मुंबई।
- 2:12:02मुंबई के बैंक ने HDFC बैंक ने ड्रॉ किया।
- 2:12:06ड्रई कौन है? बैंक टू बैंक। यानी कि SBI
- 2:12:09के पास में ड्रॉ किया जा रहा है। SBI
- 2:12:13ब्रांच को बोला जा रहा है कि तू
- 2:12:14इंस्टट्यूट को पैसे देना यानी कि पेई। ये
- 2:12:17देखो। ये देखो। इसके अंदर भी तीन लोग हो
- 2:12:19गए। तो बिल ऑफ एक्सचेंज की प्रॉपर्टीज भी
- 2:12:21है, प्रॉमिसी नोट की प्रॉपर्टीज भी है।
- 2:12:23दोनों की प्रॉपर्टीज है। इसलिए डिमांड
- 2:12:26ड्राफ्ट को बोला जा सकता है कि ये अपने आप
- 2:12:28में एक एंबिगियस इंस्ट्रूमेंट है। आपको
- 2:12:31जैसे ट्रीट करना हो करो बट एक बार ट्रीट
- 2:12:33कर लिया तो फिर आप उसको चेंज नहीं कर सकते
- 2:12:35हो। ठीक है? ये सिंपल सा टॉपिक था आपका ऑन
- 2:12:38द बेसिस ऑफ़ वैलिडिटी। अब हम देखेंगे ऑन द
- 2:12:41बेसिस ऑफ़ लोकेशन। इनलैंड इंस्ट्रूमेंट और
- 2:12:43फॉरेन इंस्ट्रूमेंट।
- 2:12:45बहुत ही सुंदर कांसेप्ट है। इनलैंड और
- 2:12:47फॉरेन इंस्ट्रूमेंट। यह अह आप लोगों के
- 2:12:50लिए मैं एक शीट लाया हूं। आपको और कुछ
- 2:12:52रिफर करना ही नहीं है। आपको सिर्फ इसी शीट
- 2:12:54को देखना है। देखिए इसको समझने के अलग-अलग
- 2:12:56तरीके हैं। हमने जो तरीका बनाया है वो
- 2:12:58एकदम सिंपल है। अह ऐसा कहीं बुक में लिखा
- 2:13:00हुआ नहीं है। प्रोविज़न ऐसा कुछ बोलता नहीं
- 2:13:02है कि जो टर्म्स मैंने यहां पर दी है।
- 2:13:04मैंने टर्म दी है बेटा कंपलसरी कंडीशन और
- 2:13:07मैंने दी है सेकेंडरी कंडीशन। ठीक है? अ
- 2:13:09तो सीसी आपको दिखेगा कंपलसरी कंडीशन के
- 2:13:12लिए और एससी आपको दिखेगा सेकेंडरी कंडीशन
- 2:13:14के लिए। अब इनलैंड और फॉरेन इंस्ट्रूमेंट
- 2:13:16समझने के पहले इन दोनों में सबसे पहले हम
- 2:13:19समझते हैं फॉरेन इंस्ट्रूमेंट क्या है?
- 2:13:21देखो फॉरेन इंस्ट्रूमेंट की डेफिनेशन अगर
- 2:13:23आप देखोगे ना तो लिखा हुआ है कि जो इनलैंड
- 2:13:26नहीं है वो फॉरेन है। क्या लिखा हुआ है?
- 2:13:28जो इनलैंड नहीं है वो फॉरेन है। बहुत ही
- 2:13:30बढ़िया यार। मतलब हमको क्या करना पड़ेगा?
- 2:13:32फर्स्ट वी हैव टू सेटिस्फाई। हां। फर्स्ट
- 2:13:34वी हैव टू सेटिस्फाई एंड गो टू इनलैंड
- 2:13:37कंडीशन इनलैंड इंस्ट्रूमेंट की कंडीशंस के
- 2:13:39पास में। हमको पहले इनलैंड इंस्ट्रूमेंट
- 2:13:42देखना पड़ेगा कि वो है कि नहीं है। अगर
- 2:13:44इनलैंड नहीं है तो ऑटोमेटिकली फॉरेन
- 2:13:46इंस्ट्रूमेंट ही होगा। देखो इंग्लिश में
- 2:13:48भी लिखा हुआ है अ फॉरेन इंस्ट्रूमेंट इज
- 2:13:50वन व्हिच इज नॉट एन इनलैंड इंस्ट्रूमेंट।
- 2:13:52तो ये तो एक नेगेटिव डेफिनेशन हो गई।
- 2:13:55फॉरेन इंस्ट्रूमेंट की बेसिकली कोई
- 2:13:56डेफिनेशन है ही नहीं। जो इनलैंड नहीं है
- 2:13:58वो फॉरेन है। तो हमको इनलैंड के पास में
- 2:14:00जाना पड़ेगा। चलो तो इनलैंड कोई भी
- 2:14:02इंस्ट्रूमेंट को इनलैंड इंस्ट्रूमेंट
- 2:14:04बनाने के लिए आपके पास में दो स्टेप हैं।
- 2:14:06आपके पास में दो स्टेप हैं। पहली कंपलसरी
- 2:14:08स्टेप क्या है? कंपलसरी कंडीशन क्या है?
- 2:14:11अगर कंपलसरी कंडीशन को आप अ सेटिस्फाई
- 2:14:14करते हो तो ही आप सेकेंडरी पे आना।
- 2:14:16कंपलसरी कंडीशन क्या है? कि अगर कोई भी
- 2:14:18इंस्ट्रूमेंट इंडिया के अंदर बना है। बना
- 2:14:22क्यों बोल रहे हैं? प्रॉमिसी नोट के लिए
- 2:14:23हम मेड बोलते हैं, मेकर बोलते हैं
- 2:14:25वगैरह-वगैरह। और ड्रॉन बोलते हैं हम बिल
- 2:14:28ऑफ एक्सचेंज के लिए और चेक के लिए। बराबर
- 2:14:30है। अगर कोई भी इंस्ट्रूमेंट इंडिया के
- 2:14:33अंदर बना है या ड्रॉ हुआ है तो पहली
- 2:14:36कंपलसरी कंडीशन उसने टिक कर दी है। उसने
- 2:14:40सेटिस्फाई कर दी है। बहुत अच्छी बात है।
- 2:14:42मतलब इन इंस्ट्रूमेंट की चेकिंग उसके ऊपर
- 2:14:44करी जा सकती है। सर क्या बोल रहे हो? अब
- 2:14:46चेकिंग करेंगे। अरे भैया यहां से शुरुआत
- 2:14:49होती है। अगर इंडिया के अंदर बना ही नहीं
- 2:14:51है। इंडिया में ड्रॉ नहीं हुआ है तो फिर
- 2:14:54बात ही खत्म हो गई ना। फिर तो वो फॉरेन
- 2:14:56इंस्ट्रूमेंट के केस में चले गया। मतलब
- 2:14:58इनलैंड नहीं है तो ऑटोमेटिकली फॉरेन
- 2:15:00इंस्ट्रूमेंट ही होगा वो। ये बात तो हमको
- 2:15:02पता है। सर अगर पहली कंपलसरी कंडीशन
- 2:15:05फुलफिल हो गई तो फिर हम क्या करेंगे? फिर
- 2:15:08आप आना सेकेंडरी कंडीशन के अंदर। अब
- 2:15:10सेकेंडरी कंडीशन के अंदर दो कंडीशंस हैं।
- 2:15:14यहां पर दो कंडीशंस हैं। इनमें से कोई भी
- 2:15:17एक आपको फुलफिल करना है। कोई भी एक, कोई
- 2:15:19भी एक आपको फुलफिल करना है। अब आप बताओ
- 2:15:22इंडिया के अंदर ड्रॉ हुआ है। बराबर है।
- 2:15:24इंडिया के अंदर बना है। ठीक है? आगे या तो
- 2:15:29या तो मैंने हिंदी में बताया क्या है?
- 2:15:31इसको याद करने का तरीका क्या है? या तो
- 2:15:34हिसाब अपने देश में हो या तो हिसाब अपने
- 2:15:38देश में हो या फिर अपना बंदा हिसाब करे या
- 2:15:42तो अपना बंदा हिसाब करे। देखो मतलब या तो
- 2:15:45आप किसी रेसिडेंट ऑफ इंडिया के ऊपर ड्रॉ
- 2:15:48करो। सुरेश, रमेश, महेश आप अपने किसी बंदे
- 2:15:52के ऊपर ड्रॉ करो। है ना? या फिर आप उसका
- 2:15:56पेमेंट इंडिया के अंदर करवाओ। यानी कि
- 2:15:58पेएबल इन इंडिया। मतलब या तो मेरी धरती
- 2:16:01में हिसाब होगा या मेरा बंदा हिसाब करेगा।
- 2:16:04दोनों में से कोई भी एक चीज करो। ऊपर की
- 2:16:07कंपलसरी कंडीशन फुलफिल करो और इन दोनों
- 2:16:09में से कोई भी एक करो। अगर ऐसा हो जाता है
- 2:16:12तो हम उसको इनलैंड इंस्ट्रूमेंट बोलेंगे।
- 2:16:14देखो जब तक आप एग्जांपल नहीं देखोगे ना तब
- 2:16:16तक आपको मजा नहीं आएगा। तब तक आपको मजा
- 2:16:18नहीं आएगा। पर ये टेबल देख लो। कंपलसरी
- 2:16:20कंडीशन क्या है? ड्रॉन और मेड इन इंडिया
- 2:16:23होना चाहिए। कंपलसरी कंडीशन नंबर वन। इसको
- 2:16:25फुलफिल करने के बाद में यहां पर आना और
- 2:16:28इनमें से कोई भी एक फुलफिल कर लेना। पेबल
- 2:16:30इन इंडिया हो या तो इंडिया के अंदर उसका
- 2:16:33पेमेंट हो रहा हो या फिर इट इज ड्रॉन ऑन अ
- 2:16:36पर्सन व्हिच इज रेजिडेंट इन इंडिया। ठीक
- 2:16:38है? अगर ये हो जाता है इन दोनों में से
- 2:16:41कोई भी एक और ये पक्का तो फिर हम आपको
- 2:16:44इनलैंड इंस्ट्रूमेंट की कैटेगरी के अंदर
- 2:16:46डाल देंगे। चलो अभी देखो एक एग्जांपल
- 2:16:48देखो। एग्जांपल देखो क्वेश्चन भी दिखाऊंगा
- 2:16:51मैं आप लोगों को क्वेश्चन भी दिखाऊंगा ठीक
- 2:16:53है देखो पहला केस है चेक ड्रॉन इन
- 2:16:57ऑस्ट्रेलिया हां एक काम करो इसको मत बनाओ
- 2:17:00पहले पहले इसको बनाओ हां चेक ड्रॉन इन
- 2:17:03इंडिया
- 2:17:05इंडिया के अंदर चेक को ड्रॉ किया गया है
- 2:17:07तो मुझे एक बात बताओ क्या पहली कंपलसरी
- 2:17:09कंडीशन यस यस कंपलसरी कंडीशन अच्छी है तो
- 2:17:12सेकेंडरी की तरफ जाएंगे चलो देखते हैं
- 2:17:14सेकेंडरी के अंदर इनेशन क्या दे रखा है
- 2:17:16इंडिया के अंदर ड्रॉ तो हुआ लेकिन किसके
- 2:17:19ऊपर ड्रॉ हुआ है? मैथ्यूस के ऊपर ड्रॉ हुआ
- 2:17:22है जो जापान का बंदा है। जापान जापान का
- 2:17:25बंदा है। ड्रॉन अपॉन मैथ्यूस इन जापान और
- 2:17:29पेमेंट कहां हो रहा है? पेमेंट हो रहा है
- 2:17:31ऑस्ट्रेलिया में। पेमेंट हो रहा है
- 2:17:33ऑस्ट्रेलिया में। चलो भैया। हमारी
- 2:17:35सेकेंडरी कंडीशन में से कोई भी एक फुलफिल
- 2:17:37करनी थी। क्या? पेएबल इन इंडिया होना
- 2:17:40चाहिए। हो रहा है क्या? नहीं हो रहा है।
- 2:17:42पेएबल इन ऑस्ट्रेलिया है। अच्छा। ड्रॉन
- 2:17:45अपॉन अ पर्सन रेजिडेंट इन इंडिया। क्या
- 2:17:48हमारे रेजिडेंट के ऊपर ड्रॉ हुआ है क्या?
- 2:17:50नहीं। मैथ्यूस के ऊपर हुआ है जो जापान का
- 2:17:52है। क्या सेकेंडरी कंडीशन कोई भी फुलफिल
- 2:17:54हो रही है क्या? नहीं। तो क्या ये मेरा
- 2:17:57इंग्लैंड इंस्ट्रूमेंट होगा क्या? नहीं।
- 2:17:59ये आपका फॉरेन इंस्ट्रूमेंट होगा सर।
- 2:18:02लेकिन कंपलसरी कंडीशन तो फुलफिल हो गई थी।
- 2:18:04कंपलसरी कंडीशन फुलफिल हो भी गई होगी तो
- 2:18:07भी सेकेंडरी में से हमको कोई एक तो चाहिए
- 2:18:09ही चाहिए। तो आपको लग रहा है कि सिर्फ
- 2:18:11इंडिया में बनने से इनलैंड इंस्ट्रूमेंट
- 2:18:14बन जाएगा? नहीं। इंडिया में बनने के बाद
- 2:18:16में इन दोनों में से कोई एक आपको
- 2:18:17सेटिस्फाई करना पड़ेगा। अब जैसे सेकंड
- 2:18:19वाला केस ये वाला
- 2:18:22ड्रॉन इन ऑस्ट्रेलिया। लो भैया ये तो बना
- 2:18:25ही ऑस्ट्रेलिया के अंदर है। ये तो बना ही
- 2:18:27ऑस्ट्रेलिया के अंदर है। अब क्या करोगे?
- 2:18:29कंपलसरी कंडीशन ही फुलफिल नहीं हो रही है।
- 2:18:32अब अगर ये जयपुर में पेएबल हो या कोई
- 2:18:34इंदौर के बंदे के ऊपर पप्पू के ऊपर आपने
- 2:18:37ड्रॉ किया हो। सेकेंडरी कंडीशन दोनों
- 2:18:39फुलफिल हो रही हो तो भी कोई मतलब नहीं है।
- 2:18:41तो भी कोई मतलब नहीं है क्योंकि इट इज
- 2:18:43ड्रॉन आउटसाइड इंडिया। इट इज ड्रॉन इन
- 2:18:46ऑस्ट्रेलिया। ऑस्ट्रेलिया में ड्रॉ हो रहा
- 2:18:47है तो सेकेंडरी कंडीशन में आके करोगे
- 2:18:49क्या? कंपलसरी कंडीशन से ही बाहर हो गए
- 2:18:51अपन। आपको बात आई समझ में? चलो अभी मैं
- 2:18:54आपको क्वेश्चन दिखाता हूं। देखो आओ।
- 2:18:56क्वेश्चन दिखाता हूं मैं आपको। ये वाला
- 2:18:57क्वेश्चन देखो आप। ये मैंने सॉल्व कर रखा
- 2:18:59है। मैं डायरेक्टली लाया हूं। रिलायबल
- 2:19:01लिमिटेड एक इंडियन कंपनी है। तो एक बात तो
- 2:19:04जाहिर हो गई कि इंडियन कंपनी ने ड्रॉ किया
- 2:19:06होगा तो इंडिया के अंदर किया होगा। बराबर
- 2:19:08है। अब देखो क्या करा है इन लोगों ने?
- 2:19:10इनको पेमेंट करना है यूएसए बेस्ड कंपनी
- 2:19:12को। ये यूएसए को पेमेंट करना है। है ना?
- 2:19:14जो एक्सपोर्टर है। तो इन्होंने क्या करा
- 2:19:16है? एक बिल ऑफ एक्सचेंज ड्रॉ किया है। तो
- 2:19:18बिल ऑफ एक्सचेंज ड्रॉ कहां किया है?
- 2:19:20इंडिया के अंदर किया है। क्यों? इंडियन
- 2:19:22कंपनी ने इंडिया के अंदर किया है। कंपलसरी
- 2:19:24कंडीशन तो फुलफिल हो चुकी है। बराबर है।
- 2:19:26सेकेंडरी कंडीशन चेक करना। किसके ऊपर ड्रॉ
- 2:19:29किया है? एक रेजिडेंट ऑफ इंडिया है मनीष
- 2:19:32जो मुंबई के अंदर रहता है। देखो भैया पहली
- 2:19:34कंडीशन पहली कंडीशन क्या मनीष के ऊपर ड्रॉ
- 2:19:37किया है? क्या ऐसे पर्सन के ऊपर ड्रॉ किया
- 2:19:39है जो रेजिडेंट इन इंडिया है? यस। दूसरी
- 2:19:41कंडीशन देखो ही मत। एक ही एक ही चाहिए थी
- 2:19:43अपन को तो। फिर भी देख लेते हैं। पेएबल
- 2:19:45कहां पर है? पेएबल कहां पर है भैया? पेएबल
- 2:19:48है यूएसए के अंदर। पेएबल है यूएसए के
- 2:19:50अंदर। चलो कोई बात नहीं। कोई एक कंडीशन तो
- 2:19:52फुलफिल हो गई ना। तो कंपलसरी कंडीशन
- 2:19:54फुलफिल हो गई। सेकेंडरी में से एक कंडीशन
- 2:19:56फुलफिल हो गई। तो ये हमारा इनलैंड
- 2:19:58इंस्ट्रूमेंट होगा। ठीक है? वेरी सिंपल।
- 2:20:02ऐसा एक क्वेश्चन है। टोटल चार क्वेश्चन है
- 2:20:04इसके अंदर। नवंबर 21 के अंदर आया था।
- 2:20:07नवंबर 21 के अंदर आया था। ठीक है? देखो
- 2:20:10राम ने बिल ऑफ एक्सचेंज ड्रॉ किया दिल्ली
- 2:20:12के अंदर। चलो कंपलसरी कंडीशन पे टिक कर
- 2:20:14दो। आगे बढ़ो। किसके ऊपर? श्याम के ऊपर जो
- 2:20:17रेजिडेंट ऑफ जयपुर है। हो गया। सेकेंडरी
- 2:20:19कंडीशन में से एक कंडीशन फुलफिल हो गई।
- 2:20:21थाईलैंड में पेमेंट हो रहा है। कोई फर्क
- 2:20:23नहीं पड़ता। थाईलैंड में पेमेंट होना है
- 2:20:24तो होन दे। अपनी सेकेंडरी में से एक हो गई
- 2:20:26इंडियन इंस्ट्रूमेंट। दूसरा रमेश ने ड्रॉ
- 2:20:29किया बिल ऑफ एक्सचेंज मुंबई में। बहुत
- 2:20:31बढ़िया। कंपलसरी कंडीशन फुलफिल हो गई।
- 2:20:33सुरेश के ऊपर किया जो रेजिडेंट इन
- 2:20:35ऑस्ट्रेलिया है। अच्छा ठीक है। सेकेंडरी
- 2:20:37कंडीशन में एक तो गया। दूसरा देखते हैं।
- 2:20:39पेएबल इन चेन्नई हो गया हो गया हो गया हो
- 2:20:41गया। हो गया हो गया हो गया। सेकेंडरी में
- 2:20:43से ये वाला मिल गया। इंडियन इंस्ट्रूमेंट।
- 2:20:45इंडियन इंस्ट्रूमेंट। चलो आओ। अजय ने ड्रॉ
- 2:20:48किया बिल ऑफ एक्सचेंज कैलिफोर्निया के
- 2:20:50अंदर। बाहर कर दो। आउटसाइड
- 2:20:52निकाल दो। आगे पढ़ना ही मत। आगे पढ़ना ही
- 2:20:55मत। कैलिफोर्निया में ड्रॉ किया है ना बिल
- 2:20:57ऑफ एक्सचेंज। चल निकल बाहर का बाहर।
- 2:20:58कंपलसरी कंडीशन से ही बाहर हो गया तू।
- 2:21:00हां। नॉट सेटिस्फाइड कंपलसरी कंडीशन बाहर
- 2:21:03फॉरेन इंस्ट्रूमेंट। मुकेश ने ड्रॉ किया
- 2:21:06है बिल ऑफ एक्सचेंज लखनऊ में। चलो ठीक है।
- 2:21:08कंपलसरी कंडीशन फुलफिल हो गई। किसके ऊपर?
- 2:21:11दिनेश। दिनेश चाइना में रहता है। चलो एक
- 2:21:15और कंडीशन देखते हैं। एक्सेप्टेड टू बी
- 2:21:17पेएबल इन चाइना। आ सेकेंडरी में से एक भी
- 2:21:20फुलफिल नहीं हुआ। सेकेंडरी में से एक भी
- 2:21:22फुलफिल नहीं हुआ। रेसिडेंट भी चाइना का है
- 2:21:25और पेमेंट भी चाइना के अंदर हो रहा है।
- 2:21:27अरे यार बना लखनऊ के अंदर है। कोई बात
- 2:21:29नहीं तो भी फॉरेन नहीं होगा। तो भी फॉरेन
- 2:21:31नहीं होगा। सिंपल सी बात है। ठीक है?
- 2:21:34क्लियर है? चलो बढ़िया। ये क्वेश्चन है।
- 2:21:36आपको काफी क्लेरिटी मिल गई होगी इसके साथ
- 2:21:38में। ठीक है? अब सेक्शन 11 12 जब भी आप
- 2:21:41पढ़ते हो। है ना? 11 12 सेक्शन की जो थ्री
- 2:21:44स्टार शीट है वो कुछ इस तरीके से। देखो 11
- 2:21:47एनआईए इंस्ट्रूमेंट मेड और ड्रॉन इन
- 2:21:50इंडिया एंड कंपलसरी कंडीशन फुलफिल करना और
- 2:21:53इसलिए लिखा है मैंने एंड मेड पेएबल इन
- 2:21:56इंडिया सेकेंडरी में से दो है तो कोई भी
- 2:21:58एक करो और ड्रॉन अपॉन अ पर्सन रेजिडेंट इन
- 2:22:01इंडिया ये सेकेंडरी कंडीशन है। ऐसा होता
- 2:22:03है तो इनलैंड इंस्ट्रूमेंट होगा। सेक्शन
- 2:22:0512 बोलता है फॉरेन इंस्ट्रूमेंट के बारे
- 2:22:07में कि जो इनलैंड नहीं होता वो फॉरेन होता
- 2:22:09है। ये क्लियर हो गया आपको। नोट मैंने
- 2:22:11क्या लिख रखा है आप देख लो। ऑलवेज चेक फॉर
- 2:22:14इनलैंड इंस्ट्रूमेंट। आप सबसे पहले इनलैंड
- 2:22:16इंस्ट्रूमेंट की कंडीशंस चेक करो। अगर वो
- 2:22:19इनलैंड नहीं है तो वो ऑटोमेटिकली फॉरेन
- 2:22:21इंस्ट्रूमेंट ही होगा। और अगर वो कंपलसरी
- 2:22:24कंडीशन में फिट नहीं बैठता है तो आपको आगे
- 2:22:27जाने के आगे जाके सेकेंडरी कंडीशन चेक
- 2:22:30करने की कोई जरूरत नहीं है। कोई जरूरत
- 2:22:32नहीं है। एंड प्लीज लिख दिया है। डू नॉट
- 2:22:34यूज़ दीज़ वर्ड्स कंपलसरी एंड सेकेंडरी
- 2:22:36कंडीशन इन योर आंसर्स। यह सिर्फ
- 2:22:38अंडरस्टैंडिंग के लिए मैंने बनाई है। अब
- 2:22:40सेक्शन 11 12 जो पढ़ा है क्वेश्चन जो आपने
- 2:22:43करा है, इसमें एक सेक्शन इसके साथ में
- 2:22:46जुड़ा हुआ है बेटा वो जुड़ा हुआ है 134।
- 2:22:50134 बात करता है लायबिलिटी के बारे में कि
- 2:22:53बनाने वाली की लायबिलिटी कैसी है? देखो
- 2:22:55आपको याद आ रहा है इनको के अंदर भी हमने
- 2:22:57लायबिलिटी डिस्कस करी थी। इन कोएट के अंदर
- 2:22:59मेरी लायबिलिटी होल्डर के लिए अलग थी।
- 2:23:01होल्डर एंड ड्यू कोर्स के लिए अलग थी।
- 2:23:03मतलब ड्रॉअर की, मेकर की, इंडोर्सर की,
- 2:23:06एक्सेप्टर की जो भी इंसान हो जैसा भी केस
- 2:23:09हो सकता है। इनकी लायबिलिटी क्या रहेगी?
- 2:23:11इनकी लायबिलिटी क्या रहेगी? बराबर है।
- 2:23:14एक्सेप्टर मतलब जो बिल ऑफ एक्सचेंज को
- 2:23:16एक्सेप्ट करता है कि मैं पेमेंट करूंगा।
- 2:23:18है ना? जैसे अपना जैसे अपना बैंक है। बैंक
- 2:23:21एक्सेप्ट करता है कि मैं पेमेंट करूंगा।
- 2:23:23तो वो एक्सेप्ट कर लेता है ना तो वो
- 2:23:25एक्सेप्टर के अंदर काउंट हो जाता है। ये
- 2:23:27आगे आपको बिल ऑफ एक्सचेंज में समझ में आ
- 2:23:29जाएगा। ठीक है? बात ये है कि सेक्शन 134
- 2:23:3211 और 12 के साथ में चिपका हुआ है। 134
- 2:23:35बात करता है लायबिलिटी के बारे में कि
- 2:23:37बनाने वाले की लायबिलिटी कितनी रहेगी। पर
- 2:23:40यहां पर दो इंसान अलग-अलग है बेटा। एक
- 2:23:42बनाने वाला इंसान अलग है और पेमेंट करने
- 2:23:46वाला इंसान अलग है। जो बनाने वाला इंसान
- 2:23:49है वो मेकर है, ड्रॉअर है और जो पेमेंट
- 2:23:53करने वाला इंसान है जिसने एक्सेप्ट किया
- 2:23:55है वो एक्सेप्टर है या फिर इंडोर्सर है
- 2:23:57जिसने इंडोर्स किया है। ठीक है? इन दोनों
- 2:24:01की लायबिलिटी अलग-अलग रहेगी। पर मेरा यह
- 2:24:04कहना है लायबिलिटी क्यों चेक कर रहे हैं?
- 2:24:07क्योंकि देखो अगर फॉरेन बिल है, अगर फॉरेन
- 2:24:10बिल है तो मुझे यह पता होना चाहिए कि मुझे
- 2:24:14कौन सी कंट्री का रूल मेरे ऊपर एप्लीकेबल
- 2:24:17होगा। तो देखो बनाने वाले के ऊपर मेकर और
- 2:24:21ड्रॉअर के ऊपर जो लायबिलिटी आती है वो पता
- 2:24:24है कौन से लैंड की आती है? वो उस लैंड की
- 2:24:28आती है जहां पर वो बना है। जहां पर वो बना
- 2:24:32है। इफ इट इज मेड इन इंडिया तो इंडिया का
- 2:24:35लॉ एप्लीकेबल होगा और इनके ऊपर पेनल्टी
- 2:24:37लगेगी। इफ इट इज मेड इन चाइना तो फिर
- 2:24:40चाइना की पेनल्टी इनके ऊपर लगेगी। तो
- 2:24:43बनाने वाले पे जाहिर सी बात है आपने जहां
- 2:24:45पर ड्रॉ किया है, किस कंट्री के अंदर ड्रॉ
- 2:24:47किया है, जिस कंट्री के अंदर ड्रॉ किया
- 2:24:49है, उस कंट्री के रूल आपको फॉलो करने
- 2:24:51पड़ेंगे। वहां की लायबिलिटी आपके ऊपर
- 2:24:52एप्लीकेबल हो जाएगी। ठीक है? तो ये तो
- 2:24:55बनाने वाले की बात हो गई। एक्सेप्टर की
- 2:24:57बात करते हैं। एक्सेप्टर यानी कि जो
- 2:24:59पेमेंट करने वाला था। पेमेंट करने वाले थे
- 2:25:02ना आप तो पेमेंट कहां करते? तो जहां आप
- 2:25:04पेमेंट करने वाले हो जहां वो इंस्ट्रूमेंट
- 2:25:08पेएबल है वहां का लॉ ऑफ द लैंड आपके ऊपर
- 2:25:11एप्लीकेबल होगा। लॉ ऑफ द लैंड। मुझे नहीं
- 2:25:14पता ये ऑफ हिंदी में क्यों लिखा है मैंने।
- 2:25:17ये ऑफ अकेला हिंदी में बैठा हुआ है। ठीक
- 2:25:19है? हां। तो पेमेंट करने वाले इंसान के
- 2:25:23ऊपर जहां पर पेएबल है उस कंट्री का और
- 2:25:26बनाने वाले के ऊपर जहां पर वो बना है उस
- 2:25:28कंट्री का लॉ एप्लीकेबल होता है। अब इसके
- 2:25:31लिए मैंने यही बात यहां पर लिख रखी है।
- 2:25:35लायबिलिटी ऑफ़ मेकर और ड्रॉर विल बी
- 2:25:38रेगुलेटेड बाय द लॉ ऑफ द कंट्री वेयर इट
- 2:25:41इज़ बीन ड्रॉन और मेड। एंड एक्सेप्टर और
- 2:25:44इंडोर्सर के ऊपर। ये रेगुलेट किया जाएगा
- 2:25:46उस कंट्री के लॉ से जहां पर इंस्ट्रूमेंट
- 2:25:49पेएबल है। देखो एग्जांपल देता हूं। एग्जाम
- 2:25:51एग्जांपल आपके मॉड्यूल के अंदर भी है।
- 2:25:54अच्छे से एक्सप्लेन किया है। पहले पेपर
- 2:25:55में भी आ चुका है। मैंने यहां पर लिख रखा
- 2:25:57है। देखना एक बिल ऑफ एक्सचेंज ड्रॉ किया
- 2:26:00गया।
- 2:26:01एक बिल ऑफ एक्सचेंज ड्रॉ किया गया है
- 2:26:03मिस्टर ए के ऊपर। ठीक है? मिस्टर ए के
- 2:26:07ऊपर। मिस्टर ए के ऊपर। हां। ठीक है।
- 2:26:08मिस्टर ए ने किया है। वो ड्रॉअर है। सॉरी।
- 2:26:11मिस्टर ए ने किया है वो ड्रर है। कहां पर
- 2:26:14ड्रॉ किया उन्होंने? कैलिफोर्निया के
- 2:26:15अंदर। यूएसए। अब देखो बनाने वाला मिस्टर
- 2:26:18ए। ड्रॉ कहां किया गया है? कैलिफोर्निया
- 2:26:21के अंदर। यानी कि यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ
- 2:26:22अमेरिका के अंदर। ठीक है? बिल ऑफ एक्सचेंज
- 2:26:25को एक्सेप्ट किया गया है। किसने एक्सेप्ट
- 2:26:27किया? मिस्टर बी ने। तो मिस्टर बी कौन बन
- 2:26:30गए? एक्सेप्टर। इन्होंने कहां पर एक्सेप्ट
- 2:26:32किया है? इंग्लैंड के अंदर। इंग्लैंड के
- 2:26:35अंदर। और पेएबल इन इंग्लैंड ने। यानी कि
- 2:26:38इंग्लैंड के अंदर एक्सेप्ट किया और पेमेंट
- 2:26:40भी इंग्लैंड के अंदर होना है। इंग्लैंड
- 2:26:42कहां पर है? यूनाइटेड किंगडम्स के अंदर
- 2:26:43है। यूनाइटेड किंगडम्स के अंदर है। अब
- 2:26:46मेरी बात सुनना। इंस्ट्रूमेंट है। इंडोर्स
- 2:26:49होते होते आगे बढ़ जाता है। बी ने
- 2:26:52एक्सेप्ट किया था। आगे बढ़ता गया, बढ़ता
- 2:26:54गया, बढ़ता गया, बढ़ता गया। वो इंडोर्स
- 2:26:57होते-होते लेट्स से इंडिया के अंदर आ गया।
- 2:26:59लेट्स से वो इंडिया के अंदर आ गया और
- 2:27:01इंडिया में आके डिसऑनर हो गया। अब
- 2:27:03क्वेश्चन यह पूछ रहा है डिसऑनर अगर हो गया
- 2:27:06है तो यहां पर किसके ऊपर कितनी पेनल्टी
- 2:27:09लगेगी? कितनी लायबिलिटी होगी? तो अब आ
- 2:27:11जाते हैं अपन सेक्शन 134 के पास में। अपन
- 2:27:14को दो इंसान पकड़ना है। बनाने वाला अलग है
- 2:27:17और पेमेंट करने वाला अलग है। बनाने वाला
- 2:27:19मिस्टर ए है। मिस्टर ए ने बनाया तो जिस
- 2:27:22कंट्री में बनाया है उस कंट्री का रूल
- 2:27:24एप्लीकेबल होगा। अच्छा। यूएसए के अंदर
- 2:27:26इंटरेस्ट रेट है 15 टका। इंग्लैंड के अंदर
- 2:27:30यानी यूके के अंदर इंटरेस्ट रेट है 6 टका
- 2:27:33और इंडिया के अंदर इंटरेस्ट रेट है 12 टका
- 2:27:36यानी 12%
- 2:27:38बताओ किसके ऊपर कितनी पेनल्टी लगेगी तो
- 2:27:41मिस्टर ए बीइंग द ड्रर पहली वाली सिनेरियो
- 2:27:44के अंदर है वो वो ड्रर है उन्होंने बनाया
- 2:27:46है जिस कंट्री में ड्रॉ किया है किस
- 2:27:48कंट्री में ड्रॉ किया है कैलिफोर्निया
- 2:27:50यूएसए यूएसए के अंदर उन्होंने ड्रॉ किया
- 2:27:53है बराबर है तो उनके ऊपर लगेगा 15% की
- 2:27:56पेनल्टी उनके ऊपर लगेगा 15% की पेनल्टी
- 2:27:58िटी और जो पेमेंट करने वाला था यानी कि
- 2:28:01एक्सेप्टर था मिस्टर बी। मिस्टर बी ने
- 2:28:03पेमेंट नहीं करा वो कहां करने वाले थे?
- 2:28:06इंग्लैंड के अंदर। मतलब कि यूके के अंदर।
- 2:28:08तो इनके ऊपर पेनल्टी लगेगी यूके के हिसाब
- 2:28:11से 6%। सर इंडिया का क्या रोल है? कोई रोल
- 2:28:13नहीं है यहां पर। इंडोर्स होते-होते वो
- 2:28:16कहीं पर भी पहुंच जाए। हमें उससे फर्क
- 2:28:17नहीं पड़ता। हमें ये देखना है बना कहां है
- 2:28:20और पेएबल कहां है। हमें इन दो बातों को
- 2:28:22ध्यान रखना है। ये है आपके लिए सेक्शन 134
- 2:28:25जो बताता है किस तरीके से आपको यहां पर
- 2:28:27डिसाइड करना है किसके ऊपर कितनी लायबिलिटी
- 2:28:30होगी। ठीक है? किसके ऊपर कितनी लायबिलिटी
- 2:28:32होगी। यही बात मैंने लिखी पॉइंट नंबर वन
- 2:28:34की जो यहां ऊपर लिखी हुई है। और एक्सेप्टर
- 2:28:36और इंडोर्सर के पास में मैंने पॉइंट नंबर
- 2:28:38टू यहां पर लिख रखा है। ठीक है? ओके। आई
- 2:28:41होप आप लोगों को समझ में आ गया होगा। कुछ
- 2:28:43क्वेश्चंस भी थे वो भी हमने कर लिए हैं
- 2:28:45बेटा। क्वेश्चन हमने रिलायबल लिमिटेड का
- 2:28:47देख लिया है और ये वाला क्वेश्चन भी हमने
- 2:28:49देख लिया है। बराबर है इनको लिखना कैसे?
- 2:28:51अगर आपको देखना है तो आप यहां से देख सकते
- 2:28:53हो। इनको लिखने का तरीका ये वाला है। ठीक
- 2:28:56है? चलो अब अपन चलते हैं आगे। अपने तीन
- 2:28:59इंपॉर्टेंट सेक्शंस आएंगे। क्लासिफिकेशन
- 2:29:01आपका खत्म हो चुका है। क्लासिफिकेशन ऑफ
- 2:29:04इंस्ट्रूमेंट्स आपका खत्म हो चुका है। अब
- 2:29:06हमारा टाइप्स ऑफ इंस्ट्रूमेंट चालू होगा।
- 2:29:08तो सेक्शन नंबर चार आएगा। सेक्शन नंबर
- 2:29:10पांच आएगा। सेक्शन नंबर छह आएगा। ध्यान
- 2:29:12रखना ये टाइप्स ऑफ इंस्ट्रूमेंट है।
- 2:29:14क्लासिफिकेशन तो हम ऑलरेडी खत्म कर चुके
- 2:29:16हैं। टोटल आठ थे। दो ऑर्डर बेयरर, दो टाइम
- 2:29:20और डिमांड, दो इनक्वएट और एम्बीगियस और दो
- 2:29:24इनलैंड और फॉरेन बराबर है। 11 12 1720 11
- 2:29:2912 1720 टाइम और डिमांड तो साइड में रख
- 2:29:31दो। ऑर्डर बेयरर 13 के अंदर अपन ने
- 2:29:33कंप्लीट कर लिया था। ये थे बेटा
- 2:29:35क्लासिफिकेशन। अब आ रहे हैं आपके पास में
- 2:29:38टाइप्स ऑफ नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट। 4 5 6
- 2:29:424 5 6 यह क्या है? प्रॉमिसिव नोट बिल ऑफ़
- 2:29:46एक्सचेंज और चेक। इन सबके बारे में
- 2:29:48क्या-क्या टॉपिक कवर होते हैं? इनकी
- 2:29:49डेफिनेशन कवर होती है। इनके एसेंशियल
- 2:29:51एलिमेंट्स कवर होते हैं। इनके एसेंशियल
- 2:29:53एलिमेंट्स में इसलिए ज्यादा दिमाग नहीं
- 2:29:55लगता क्योंकि ऑलमोस्ट सिमिलर टू योर
- 2:29:57नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट के जो एसेंशियल
- 2:29:59एलिमेंट्स हमने शुरुआत में पढ़े थे। जाहिर
- 2:30:01सी बात है जो नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट के
- 2:30:04नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट के एसेंशियल
- 2:30:05एलिमेंट्स होंगे वही तो इनके भी होंगे। बट
- 2:30:08थोड़ा सा इनके हिसाब से उसको ट्विस्ट किया
- 2:30:10गया है। तो जो अलग पॉइंट है वो हम यहां पर
- 2:30:12कवर कर लेंगे। ठीक है? और इसके अलावा
- 2:30:15पार्टीज कितनी होती है? तो वो मैं आपको
- 2:30:17ऑलरेडी अंडरस्टैंडिंग दे चुका हूं।
- 2:30:19प्रॉमिसरी नोट के अंदर दो ही पार्टीज होती
- 2:30:21है। बिल ऑफ एक्सचेंज और चेक के अंदर
- 2:30:23तीन-तीन पार्टीज होती है। ये टॉपिक कवर
- 2:30:26करेंगे और इनका डिफरेंस देखेंगे इन सभी के
- 2:30:28बीच में। तो आपका काम यहां पर तमाम हो
- 2:30:30जाएगा। ठीक है? तो सबसे पहला टाइप ऑफ
- 2:30:33प्रॉमिसरी नोट जो हम कवर करने वाले हैं वो
- 2:30:35है प्रॉमिसरी नोट। चलिए, देखते हैं।
- 2:30:36सेक्शन नंबर फोर है प्रॉमिसरी नोट का।
- 2:30:39इसको स्टार्ट करते हैं। अब मेरी बात सुनने
- 2:30:41की, समझने की, कोशिश करना। प्रॉमिसरी नोट
- 2:30:43की अच्छी डेफिनेशन दे रखी है। करेक्ट है?
- 2:30:46हां। हमने भी हमारी डेफिनेशन और हमारा पेज
- 2:30:49बना रखा है। क्या है? थ्री स्टार शीट।
- 2:30:52थोड़ा सा अच्छे से पढ़ेंगे। है ना? देखो
- 2:30:53भैया। प्रॉमिसरी नोड प्रॉमिस शब्द इसके
- 2:30:56अंदर आया है। तो एक बात तो पक्की है कि ये
- 2:30:58एक ऐसा इंस्ट्रूमेंट है। अब देखो
- 2:31:00जहां-जहां आपको ये रेड फ्लैग दिख रहे हैं
- 2:31:02बेटा। इन रेड फ्लैग को अपन ग्रीन फ्लैग
- 2:31:04में कन्वर्ट करेंगे। है ना? रेड फ्लैग
- 2:31:06ग्रीन फ्लैग में कन्वर्ट करने का अपना काम
- 2:31:08है बेटा। है ना? क्योंकि अपन ही सबसे बड़े
- 2:31:09ग्रीन फ्लैग हैं। सुनो
- 2:31:12ये एक इंस्ट्रूमेंट है जो राइटिंग में
- 2:31:14होता है जो साइन होता है। मेकर उसको करता
- 2:31:17है। नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट के जो
- 2:31:20एसेंशियल एलिमेंट्स हैं वो यहां पर आपको
- 2:31:21दिखने वाले हैं। तो ऑब्वियसली नेगोशिएबल
- 2:31:23इंस्ट्रूमेंट के एसेंशियल एलिमेंट में
- 2:31:25सबसे पहला था कि राइटिंग और साइन होना
- 2:31:26चाहिए। तो ये भी राइटिंग और साइन रहेगा
- 2:31:28बनाने वाले को। तो दो पार्टीज होती है।
- 2:31:30बनाने वाला मेकर होता है। तो मेकर उसको
- 2:31:33बनाएगा और उसको साइन करेगा। अब इसके अंदर
- 2:31:36अनकंडीशनल अंडरटेिंग होती है। अंडरटेिंग
- 2:31:38का मतलब होता है प्रॉमिस। करेक्ट है? तो
- 2:31:40जनरल रूल तो यही है बेटा कि अनकंडीशनल
- 2:31:43होना चाहिए। बट आगे जैसे हम एसेंशियल
- 2:31:45एलिमेंट में बढ़ेंगे और हम पहले भी पढ़ के
- 2:31:47आ चुके हैं। सेक्शन 47 के साथ में हमने
- 2:31:50देखा था कि कभी-कभी एक सर्टेन इवेंट की
- 2:31:52कंडीशन लगाई जा सकती है। इसलिए मैंने साइड
- 2:31:54में ब्लॉक लगा के आपके लिए लिखा है यहां
- 2:31:56पर। क्या कि जनरल रूल तो यही है कि
- 2:31:58अनकंडीशनल अंडरटेिंग होनी चाहिए। लेकिन
- 2:32:00सर्टेन कंडीशंस व्हिच आर बाउंड टू हैपन इन
- 2:32:04एक्सपीरियंस ऑफ ऑर्डिनरी मैनकाइंड
- 2:32:07एग्जांपल डेथ। मतलब ऑर्डिनरी मैनकाइंड में
- 2:32:09जो चीजें हो सकती है जैसे डेथ है तो वो
- 2:32:11अपने आप में एक सर्टेन इवेंट है। वो लगा
- 2:32:13के इंस्ट्रूमेंट को बनाया जा सकता है।
- 2:32:16हालांकि थोड़ा सा बुकिश चीज है। ठीक है?
- 2:32:18थोड़ी सी बुकिश चीजें कैसे होती है रियल
- 2:32:20लाइफ का? तो अपन बेटा एक अलग सेशन लेना
- 2:32:21पड़ेगा अपन को। है ना? बट जो कंटेंट अभी
- 2:32:24सिलेबस के हिसाब से अपन को वही पढ़ना है।
- 2:32:26ठीक है ना? चलो। तो अनकंडीशनल अंडरटेकिंग
- 2:32:28का रेड फ्लैग बनाया था। उसको ग्रीन फ्लैग
- 2:32:30में अपन ने कन्वर्ट कर दिया। ठीक है? अब
- 2:32:32आगे बढ़ते हैं। सर्टेन शब्द हमारे बीच में
- 2:32:34आया था कि सर्टेन सम ऑफ मनी होगा। सर्टेन
- 2:32:37पर्सन होगा। करेक्ट है? दोनों चीजें हैं।
- 2:32:39ओके। अभी टाइम की बात नहीं करी है। अगर
- 2:32:42आपको याद हो सर्टेन के साथ में अपन तीन
- 2:32:43चीजें बात करते हैं। अपन टाइम की बात करते
- 2:32:45हैं। हां, अपन Paytm Paytm की बात करते
- 2:32:48हैं ना। पर्सन, टाइम और मनी। इन्होंने
- 2:32:50सर्टेन पर्सन बोला है और मनी बोला है। ठीक
- 2:32:52है? कोई दिक्कत की बात नहीं है। पर्सन और
- 2:32:54टू हिज ऑर्डर। इसका मतलब आप क्या कहना चाह
- 2:32:57रहे हो? आप क्या कहना चाह रहे हो कि
- 2:32:58प्रॉमिसरी नोट ऑर्डर इंस्ट्रूमेंट हो सकता
- 2:33:00है ना? हां, हो सकता है। लिखा उन्होंने
- 2:33:02सर्टेन पर्सन और टू हिज ऑर्डर। आगे क्या
- 2:33:05लिखा हुआ है? और टू बेरर ऑफ द
- 2:33:07इंस्ट्रूमेंट। ओह भाई साहब। मतलब इस
- 2:33:09डेफिनेशन से तो हमको पता चल रहा है।
- 2:33:10किससे? नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट के सेक्शन
- 2:33:12नंबर फोर से। नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट
- 2:33:14के सेक्शन नंबर फोर से हमको मालूम चल रहा
- 2:33:16है कि जो प्रॉमिसरी नोट है वो ऑर्डर भी हो
- 2:33:19सकता है वो बेर भी हो सकता है। लेकिन सर
- 2:33:21आपने यहां पर भी रेड फ्लैग लगा रखा है। आ
- 2:33:23जाओ बच्चों आ जाओ। क्यों? क्योंकि
- 2:33:26नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट के हिसाब से
- 2:33:28तो ये अलाउड है। लेकिन किंतु परंतु बंधु
- 2:33:30आरबीआई एक्ट यहां पर बीच में आ जाता है।
- 2:33:32आरबीआई एक्ट का ये कहना है कि सुनो हमारे
- 2:33:35पास में एक सेक्शन 31 है। 331 आगे जो
- 2:33:39बताया था वो 21 था। 21 आरबीआई एक्ट का एक
- 2:33:43सेक्शन था जो उसको पावर दे रहा था कि भैया
- 2:33:45हमारे पास में एनआईए एप्लीकेबल नहीं होगा
- 2:33:48हमारे ऊपर। वह 21 था बेटा कंफ्यूज मत
- 2:33:50होना। यह 31 है। अब 31 नई बात निकाल के
- 2:33:53लाया। 31 का कहना है कि नेगोशिएबल
- 2:33:56इंस्ट्रूमेंट में प्रॉमिसरी नोट जो है वो
- 2:33:59एक बेर इंस्ट्रूमेंट बन तो सकता है लेकिन
- 2:34:02उसको बनाने की जो औकात है और जो पावर है
- 2:34:05वो सिर्फ हमारे पास में है इन कंसल्टेशन
- 2:34:07विद सेंट्रल गवर्नमेंट।
- 2:34:10आरबीआई एक्ट का सेक्शन 31 कहता है ओनली
- 2:34:13आरबीआई और सेंट्रल गवर्नमेंट कैन मेक अ
- 2:34:15प्रॉमिसरी नोट पेएबल टू बेरर। सर कुछ
- 2:34:19तहलका मचा दिया आपने। ये वाली बात बोल के
- 2:34:21आपने तहलका मचा दिया सर। आप बोलना क्या
- 2:34:23चाह रहे हो? हम ये बोलना चाह रहे हैं हम
- 2:34:26ये बोलना चाह रहे हैं कि अगर आप
- 2:34:28क्लासिफिकेशन की बात करोगे तो ऑर्डर
- 2:34:30इंस्ट्रूमेंट होते हैं और बेरर
- 2:34:32इंस्ट्रूमेंट होते हैं। अगर आप प्रॉमिसरी
- 2:34:34नोट की बात कर रहे हो। प्रॉमिसरी नोट
- 2:34:36पेएबल टू बेर हो सकता है कि नहीं हो सकता
- 2:34:38है? ऑर्डर में तो कोई दिक्कत की बात नहीं
- 2:34:40है। अब देखो ऑर्डर इंस्ट्रूमेंट भी टाइम
- 2:34:42और डिमांड पे हो सकता है। बेर
- 2:34:44इंस्ट्रूमेंट भी टाइम और डिमांड पे हो
- 2:34:45सकता है। ठीक है? ये तो नॉर्मल
- 2:34:47क्लासिफिकेशन हुआ। प्रॉमिसरी नोट
- 2:34:49क्या-क्या हो सकता है? आपको प्रॉमिसरी नोट
- 2:34:52ऑर्डर बनाना है। जैसे बनाना हो वैसे बनाओ।
- 2:34:55आपको ऑर्डर इंस्ट्रूमेंट टाइम पे बनाना
- 2:34:56है। डिमांड पे बनाना है। जैसे बनाना हो
- 2:34:58बनाओ। अलाउड है। कोई दिक्कत की बात नहीं
- 2:35:01है। लेकिन दिक्कत कहां आती है? प्रॉमिसरी
- 2:35:03नोट को जब आप पेएबल टू बेरर बनाने की बात
- 2:35:05करते हो तो वो बिल्कुल भी अलाउड नहीं है।
- 2:35:08वो बिल्कुल भी अलाउड नहीं है। देखो ना
- 2:35:10टाइम पे अलाउड है ना डिमांड पे अलाउड है।
- 2:35:12नॉट अलाउड नॉट अलाउड। क्यों? क्योंकि
- 2:35:14सिर्फ आरबीआई के पास में ही ऐसी पावर है।
- 2:35:16सर ये हाथों हाथ क्लियर कर दो। हाथों हाथ
- 2:35:19क्लियर कर दो सर। क्योंकि आगे ना हमको एक
- 2:35:21टॉपिक आता है जहां वो हमको याद है सर।
- 2:35:23हमसे सब लोग पूछते हैं सर कि हमारी जो
- 2:35:25करेंसीज है वो क्या है? हमारी जो करेंसीज
- 2:35:27है वो क्या है सर? देखो भैया आपकी जो
- 2:35:29करेंसीज है ना जो आपका 500 का नोट है। है
- 2:35:33ना? आपका 2000 का नोट है। ये क्या है? तो
- 2:35:35देखो सर प्रॉमिसी नोट है कि नहीं है? एक
- 2:35:38बार चलो चेक करते हैं अपन। एक बार चेक
- 2:35:40करते हैं। प्रॉमिसी नोट बनने के लिए हमको
- 2:35:41क्या-क्या चाहिए? जरा देखो। क्या अ इस पे
- 2:35:45नाम लिखा हुआ है? नोट पे। 500 के नोट पे
- 2:35:47किसी का नाम लिखा रहता है कि मैं चैतन्य
- 2:35:48जैन को पे करने वाला हूं? नहीं। नाम तो
- 2:35:50नहीं लिखा है। तो ये बेरर इंस्ट्रूमेंट
- 2:35:52है। अच्छा ठीक है। क्या यहां पर मेकर के
- 2:35:54सिग्नेचर है? है बेटा। गवर्नर यहां पर
- 2:35:56लिखता है गवर्नर। गवर्नर क्या बोलता है कि
- 2:35:59मैं मैं धारक को मैं धारक को ₹500 या उसकी
- 2:36:04वैल्यू अदा करने का वचन देता हूं या करता
- 2:36:06हूं जो भी है। है ना? मैं एग्जैक्ट
- 2:36:08सेंटेंस तो नहीं बोल रहा हूं। ऐसा लिखा
- 2:36:09रहता है। लिखा है। हां। अब ये जो सेंटेंस
- 2:36:11लिखा हुआ है और नीचे गवर्नर की सिग्नेचर
- 2:36:13है। मतलब वहां पर जो मेकर है उसकी
- 2:36:16सिग्नेचर है। बराबर है और वचन करता हूं
- 2:36:18यानी कि प्रॉमिस करता हूं यानी कि अंडरटेक
- 2:36:20कर रहे हैं। यानी कि अनकंडीशनल प्रॉमिस
- 2:36:22है। ₹500 आपके पास में तो ₹500 आपका ही
- 2:36:24है। है ना? कोई कंडीशन लगी हुई नहीं है
- 2:36:26उसके ऊपर। ठीक है? प्रॉमिस है, अनकंडीशनल
- 2:36:28है, टाइम तो हो ही नहीं है भैया। डिमांड
- 2:36:30पे है। नोट मिला कि पैसा आपका, वैल्यू
- 2:36:33आपकी एकदम खतरनाक। स्टैंप वगैरह की जरूरत
- 2:36:35नहीं है। क्यों? क्योंकि खुद आरबीआई
- 2:36:36गवर्नर बना रहा है। है ना? सर्टेन मनी
- 2:36:38क्या? ₹500 लिखा हुआ है एकदम निश्चित रूप
- 2:36:40से। सर सारे फीचर्स लग रहे हैं। सर, ये जो
- 2:36:44करेंसी है हमारी, ये हमारा प्रॉमिसरी नोट
- 2:36:47लग रहा है, सर। ये प्रॉमिसरी नोट ऐसा लग
- 2:36:50रहा है जो पेएबल टू बेयरर है। सर। किसी का
- 2:36:52नाम नहीं लिखा हुआ है। और सर क्या ऐसा
- 2:36:54प्रॉमिसरी नोट पेएबल टू बेरर हो सकता है
- 2:36:56क्या? सुनो नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट के
- 2:36:58हिसाब से प्रॉमिसरी नोट ऑर्डर पे और बेरर
- 2:37:01पे दोनों हो सकता है। बट सिर्फ आरबीआई बना
- 2:37:04सकता है। लेकिन सिर्फ ऐसी करेंसी आरबीआई
- 2:37:06बना सकता है। अगर आप बना दोगे आप कागज पे
- 2:37:08किसी का नाम नहीं लिखोगे। आप टाइम भी नहीं
- 2:37:10लिखोगे। पेई का नाम भी नहीं लिखोगे। आई
- 2:37:12प्रॉमिस टू पे ₹50,000 टू द बेयरर। मतलब
- 2:37:15आप एक करेंसी बना रहे हो। और आप उसको आगे
- 2:37:17फॉरवर्ड कर सकते हो। नहीं। ये आपके और
- 2:37:19मेरे पास में पावर नहीं है। ये सिर्फ
- 2:37:20आरबीआई के पास में पावर है। तो इसीलिए
- 2:37:23यहां पर लिख दिया हमने साफ-साफ। क्या लिख
- 2:37:25दिया हमने यहां पर साफ-साफ? हां। हमने
- 2:37:26यहां पर साफ-साफ लिख दिया है देखो।
- 2:37:30क्या हो गया? रुको 2 मिनट। हां। हमने यहां
- 2:37:33पर साफ-साफ लिख दिया है प्रॉमिसरी नोट कैन
- 2:37:36नॉट बी मेड पेएबल टू द बेयरर। सेक्शन 31
- 2:37:39ऐसा बोलता है कि सिर्फ रिजर्व बैंक ऑफ
- 2:37:41इंडिया के पास में सेंट्रल गवर्नमेंट के
- 2:37:43साथ में पेएबल टू बेयरर बनाने की उनके पास
- 2:37:45में ही पावर है। दैट्स इट। ठीक है? चलो,
- 2:37:49अब आगे बढ़ते हैं। हमने बड़ी-बड़ी बातें तो
- 2:37:51यहां पर कर ली है। बड़ी-बड़ी बातें से
- 2:37:52मतलब हमने देखो, प्रॉमिसरी नोट की पूरी
- 2:37:55डेफिनेशन पढ़ ली। हमने पूरा चार्ट समझ
- 2:37:57लिया। प्रॉमिसी नोट ऑर्डर पे तो बन सकता
- 2:37:59है। कोई दिक्कत की बात नहीं है। टाइम
- 2:38:00डिमांड एवरीथिंग बेरर पे नहीं बन सकता।
- 2:38:02किसी भी टाइप का बेर इंस्ट्रूमेंट आप
- 2:38:04प्रॉमिसिव नोट नहीं बना सकते। ना टाइम पे,
- 2:38:06ना डिमांड पे। ओनली आरबीआई कैन मेक इट।
- 2:38:08सेक्शन 37 के 31 के हिसाब से बात हो चुकी
- 2:38:11है। ठीक है? अभी अपन देखते हैं प्रॉमिसिव
- 2:38:13नोट क्या ऐसा दिखता है क्या? हां। सारी
- 2:38:15एसेंशियल कंडीशंस है क्या? देख लेते हैं।
- 2:38:17सर्टेन सम ऑफ मनी है। 3 महीना लिखा हुआ
- 2:38:20है। प्रॉमिस यानी अंडरटेिंग है। टाइम
- 2:38:22इंस्ट्रूमेंट है। वर्ड्स में लिखा हुआ है।
- 2:38:25डेट है। पेई का नाम है। ऑर्डर लिखा है तो
- 2:38:28ऑर्डर इंस्ट्रूमेंट है। स्टैंप लगा हुआ
- 2:38:30है। मेकर के सिग्नेचर है राम के। जिसको
- 2:38:33पैसा मिलना है वो रमेश है। रमेश का नाम
- 2:38:35लिखा हुआ है। एड्रेस लिखा हुआ है।
- 2:38:36एवरीथिंग इज़ अवेलेबल। सारे एसेंशियल
- 2:38:38एलिमेंट्स यहां पर अवेलेबल हैं। ठीक है?
- 2:38:40तो अपन एक काम करते हैं। अपन एक काम करते
- 2:38:42हैं। एसेंशियल एलिमेंट्स के अपन लिस्ट देख
- 2:38:45लेते हैं। राइटिंग वाली ओरल नहीं चलेगा।
- 2:38:48सफिशिएंट है ओरल? नहीं। सिग्नेचर चाहिए
- 2:38:50बिल्कुल चाहिए। सिग्नेचर नहीं होगा तो
- 2:38:52इनफेक्टिव हो जाएगा। प्रॉमिस टू पे चाहिए।
- 2:38:54एकनॉलेजमेंट नहीं हो सकता। देखो मेरे मेरे
- 2:38:56को एक बात बताओ। मेरे को एक बात बताओ। अगर
- 2:38:58मैं सिर्फ ऐसा लिख दूं। आई हैव टू पे
- 2:39:0010,000 टू पप्पू। मैं एकनॉलेज कर रहा हूं।
- 2:39:03मैं बोल रहा हूं मुझे पप्पू को ₹10,000
- 2:39:05देने हैं। भैया आई प्रॉमिस टू पे पप्पू।
- 2:39:08आप समझो सिर्फ एकनॉलेजमेंट जिसे हम बोलते
- 2:39:10हैं ना आई ओ यू आई डॉट डॉट यू उसका फुल
- 2:39:13फॉर्म है आई ओ यू यानी कि मैं आपको ओ करता
- 2:39:17हूं मैं आपको ओ करता हूं करेक्ट है मेरी
- 2:39:20बात सुनो ये आई ओ यूस जो होते हैं ना
- 2:39:22एकनॉलेजमेंट जो होता है ना ये प्रॉमिस
- 2:39:24नहीं होता इसलिए यहां पर हमने लिख रखा है
- 2:39:26कि सिर्फ एकनॉलेजमेंट से काम नहीं चलेगा
- 2:39:28सिर्फ एकनॉलेजमेंट सफ्फिशियंट नहीं होता
- 2:39:30है अंडरटेकिंग होना चाहिए ठीक है
- 2:39:33अनकंडीशनल अंडरटेकिंग होना चाहिए उसका
- 2:39:35एक्सेप्शन हमने डेथ वाला ऑलरेडी डिस्कस कर
- 2:39:37लिया है सर्टेन सम ऑफ़ मनी होना चाहिए।
- 2:39:40इसके ऊपर थोड़ा सा ऑपरेशन कर सकते हैं हम
- 2:39:42लोग। इधर आओ।
- 2:39:44देखो इधर आओ।
- 2:39:48सर्टेन सम ऑफ़ मनी। ये देखो। सर्टेन सम ऑफ़
- 2:39:51मनी मतलब होना चाहिए कि सम मनी नहीं
- 2:39:53चलेगा। आप बताओ कितना पैसा? आप बताओ कितना
- 2:39:55पैसा? तो कभी-कभी ना कैलकुलेबल होता है।
- 2:39:58असर्टेनेबल होता है। आप उसको कैलकुलेट कर
- 2:40:01सकते हो। मैंने पहले भी लेक्चर में आपको
- 2:40:03बताया है। मैं ऐसा लिख रहा हूं। आई
- 2:40:04प्रॉमिस्ड टू पे 50,000 एंड अदर सम्स
- 2:40:07ड्यू। नहीं ये गलत है। 50000 एंड अदर सम्स
- 2:40:10क्या होता है? टोटल अमाउंट तो हमको समझ
- 2:40:12में नहीं आया। हमारा सर्टेन सम ऑफ़ मनी
- 2:40:14सर्टेन नहीं हुआ। है ना? अदर सम्स ऐसा
- 2:40:17नहीं होना चाहिए। पर अगर ऐसा लिखा है
- 2:40:1950,000 विद सिंपल इंटरेस्ट ऑफ़ 6% हां ये
- 2:40:22असर्टेनेबल है। आप इसको कैलकुलेट कर सकते
- 2:40:24हो। दिस इज़ अ वैलिड प्रॉमिसरी नोट। नो
- 2:40:26इशूज़ एट ऑल। नो इशूज़ एट ऑल। ठीक है? व्हाट
- 2:40:29इफ दी अमाउंट इज़ असर्टेनेबल? यस। बिल्कुल।
- 2:40:31वो प्रॉमिसरी नोट एकदम बराबर होगा। ठीक
- 2:40:34है? चलो, अब आ जाओ अपने पास में। इधर कहां
- 2:40:36तक पहुंचे अपन?
- 2:40:39एसेंशियल एलिमेंट्स में हम लोग आ गए हैं
- 2:40:41यहां तक। अब पर्सन मेकर पेई की बात कर
- 2:40:43लेते हैं। डिफरेंट-डिफरेंट पर्सन होना
- 2:40:44चाहिए। ऑब्वियसली दो ही लोग हैं। बनाने
- 2:40:46वाला अलग और पैसे लेने वाला पर्सन अलग।
- 2:40:48टाइम एकदम सर्टेन होना चाहिए और स्टैंड्ड
- 2:40:51होना चाहिए। स्टैंप्ड ना बेटा जब भी लगता
- 2:40:53है ना उसके ऊपर याद है? सिग्नेचर करवाते
- 2:40:55हैं। आधा सिग्नेचर ऊपर, आधा सिग्नेचर
- 2:40:57नीचे। करेक्ट है? इसका मतलब क्या है? कि
- 2:41:00वो स्टैंप को हम रीयूज़ ना कर पाए। तो
- 2:41:02स्टैंप्ड होना चाहिए और स्टैंप्ड हमारे ही
- 2:41:04सिग्नेचर से इनिशियल से थंब इंप्रेशन से
- 2:41:06कैंसिल्ड होना चाहिए ताकि हम उसका रीयूज
- 2:41:09नहीं कर पाए। ये सारे एसेंशियल एलिमेंट्स
- 2:41:11हैं प्रॉमिसरी नोट के जिसका ऑपरेशन हम
- 2:41:13लोगों ने किया है। ठीक है? सो प्रॉमिसरी
- 2:41:15नोट से रिलेटेड सारी बातें हमारी यहां पर
- 2:41:17कवर हो गई है। एसेंशियल कैरेक्टरिस्टिक्स
- 2:41:19हम लोगों ने देख ली है। डेफिनेशन देख ली
- 2:41:21है। हमने पेएबल टू बैरन नहीं बना सकते।
- 2:41:24हमने ये भी देख लिया है। एक आधी क्वेश्चन
- 2:41:26देख लेते हैं। यार क्या बोलते हो? हां
- 2:41:28क्वेश्चन देख लेते हैं। एक मेजर माइनर के
- 2:41:29साथ में क्वेश्चन आता है कि एक मनोज नाम
- 2:41:32का बंदा है। वो वो बेटा मेजर है और उसने
- 2:41:35प्रीत नाम की बच्ची है जो माइनर है। उन
- 2:41:37दोनों ने मिलकर प्रॉमिस नोट एग्जीक्यूट
- 2:41:39किया है। पहली बात क्या ऐसा हो सकता है?
- 2:41:41मेजर और माइनर मिलके जॉइंटली प्रॉमिसी नोट
- 2:41:43को एग्जीक्यूट कर सकते हैं? कर सकते हैं।
- 2:41:46इसमें कौन बाउंड रहेगा? इसमें जो बाउंड
- 2:41:48रहेगा वो मेजर ही रहेगा। माइनर बाउंड नहीं
- 2:41:50रहेगा। एक्चुअली ये सेक्शन 26 है। हां।
- 2:41:52हां वैसे तो आपको इसमें एग्जाम पर्सेक्टिव
- 2:41:54से इतना इंपॉर्टेंट नहीं है बट पार्टनरशिप
- 2:41:56एक्ट के हिसाब से देखने लायक है कि मेजर
- 2:41:59याद हो अगर आपको याद हो पार्टनरशिप एक्ट
- 2:42:00में मैंने बताया था माइनर के पास में
- 2:42:02क्या-क्या चीजें हैं तो माइनर नेगोशिएबल
- 2:42:05इंस्ट्रूमेंट ड्रॉ कर सकता है इंडोर्स कर
- 2:42:06सकता है सब कुछ कर सकता है पर वो लायबल
- 2:42:08नहीं होता है आपको याद हो तो है ना ठीक है
- 2:42:11चलो अब आगे चलते हैं सेक्शन नंबर फाइव के
- 2:42:13पास में सेक्शन नंबर फाइव में बिल्स ऑफ
- 2:42:16एक्सचेंज है। बिल्स ऑफ एक्सचेंज यानी कि
- 2:42:18बी ओई ये भी अपने आप में एक नेगोशिएबल
- 2:42:21इंस्ट्रूमेंट है। अब इसकी डेफिनेशन देखते
- 2:42:23हैं। आपको सारी चीजें कॉमन मिलेगी। सारी
- 2:42:25चीजें कॉमन मिलेगी। जैसे अपनी शीट खोलते
- 2:42:27हैं अपन। सारी डेफिनेशन और एसेंशियल
- 2:42:30एलिमेंट्स सेक्शन नंबर फोर के हिसाब से एज
- 2:42:32इट इज़ है। एक्सेप्ट फ्यू थिंग्स। कुछ
- 2:42:35चीजें अलग है बिल ऑफ एक्सचेंज के अंदर।
- 2:42:37बाकी सब चीजें सिमिलर है। देख लो आप
- 2:42:38डेफिनेशन देख लो। इंस्ट्रूमेंट है,
- 2:42:40राइटिंग में है, अनकंडीशनल है। वहां पर
- 2:42:43प्रॉमिस था तो यहां पर क्या है? ऑर्डर है।
- 2:42:45देखो मैंने भी लिख रखा है कि यहां पर
- 2:42:46अनकंडीशनल ऑर्डर मिलेगा। अनकंडीशनल ऑर्डर
- 2:42:49मतलब यहां पर हम डायरेक्शन दे रहे हैं।
- 2:42:51वहां पर दो पार्टीज होती है तो यहां पर
- 2:42:53तीन पार्टीज हैं। वहां पर दो पार्टीज हैं
- 2:42:55तो यहां पर तीन पार्टीज हैं। अब अच्छी बात
- 2:42:57सुनना। एक शीट मेरे पास में है जिसमें हम
- 2:43:01समझ रहे हैं ड्रई और पेई के बारे में कि
- 2:43:04कैसे अलग-अलग होता है प्रॉमिसरी नोट के
- 2:43:06अंदर और बिल ऑफ एक्सचेंज के अंदर। थोड़ा
- 2:43:08सा मुझे ऊपर जाना पड़ेगा। ठीक है? बट वो
- 2:43:11शीट मैं लाया था वो शायद आगे वाले टॉपिक
- 2:43:13के यहां पर होगी। बट हमको मिल जाएगी।
- 2:43:15एम्बिगस इंस्ट्रूमेंट के पहले लाया था मैं
- 2:43:17आप लोगों को बताने के लिए। यस दिस इज द
- 2:43:20शीट। देखो प्रॉमिसिव नोट के अंदर
- 2:43:23कंपलसरीली पे मेकर और पेई को अलग-अलग ही
- 2:43:26होना पड़ेगा। मेकर और पेई को अलग-अलग ही
- 2:43:28होना पड़ेगा। कंपलसरी प्रॉमिसिव नोट के
- 2:43:30अंदर क्योंकि दो पार्टीज तो चाहिए ना
- 2:43:32राजा। दो पार्टीज तो चाहिए ना। बिल ऑफ
- 2:43:34एक्सचेंज के अंदर क्या-क्या पॉसिबिलिटी
- 2:43:36है? मैं आपको बताता हूं। बिल ऑफ एक्सचेंज
- 2:43:38के अंदर वैसे तीन पार्टीज होती है। ड्रर
- 2:43:40है, ड्रई है और पेई है। ड्रर वो इंसान है
- 2:43:44जो ड्रॉ कर रहा है। ड्रई जिसके ऊपर ड्रॉ
- 2:43:46किया जा रहा है, जिसको डायरेक्ट किया जा
- 2:43:48रहा है कि तू पेमेंट कर। जैसे ही ड्रई
- 2:43:51एक्सेप्ट करता है वो एक्सेप्टर बन जाता है
- 2:43:53और पेई वो इंसान होता है जिसको पैसा मिलने
- 2:43:56वाला है। अब इसमें यह नेसेसरी नहीं है कि
- 2:43:59तीनों के तीनों इंसान अलग-अलग हो। मतलब
- 2:44:02नॉट नेसेसरी दैट ऑल दी पार्टीज आर डिफरेंट
- 2:44:05पर्संस। नो इट इज़ नॉट नेसेसरी। क्यों?
- 2:44:08पॉसिबिलिटी है कि इसमें जो ड्रॉअर है यानी
- 2:44:11कि बनाने वाला इंसान है बनाने वाला इंसान
- 2:44:14जो है वो सामने वाले को डायरेक्ट करे कि
- 2:44:17भाई तू मुझे पेमेंट दे। तू मुझे पेमेंट
- 2:44:19दे। देखो मैं आपको एग्जांपल देता हूं।
- 2:44:20दुकानदार की दृष्टि से देखना।
- 2:44:24प्रॉमिसरी नोट कौन बनाता है? कस्टमर
- 2:44:25बनाएगा। प्रॉमिसरी नोट कस्टमर बनाएगा। भाई
- 2:44:28साहब मैं एसी खरीद के ले जा रहा हूं। मैं
- 2:44:30प्रॉमिस करता हूं। मैं आपको 1 महीने के
- 2:44:32अंदर पैसे दूंगा। मेरी बात सुनो। प्रॉमिसी
- 2:44:34नोट के लिए आपको डिपेंडेंट होना पड़ेगा
- 2:44:36कस्टमर के ऊपर। एंगल समझना यार अगर कस्टमर
- 2:44:40कुछ नहीं कर रहा है तो मैं क्या करूं? मैं
- 2:44:42क्या करूं? मैं खुद ही बिल ऑफ एक्सचेंज
- 2:44:44बना दूंगा। McDonald वाला। McDonald वाला
- 2:44:46क्या कर रहा है? McDonald वाला या MCD या
- 2:44:48Domino या जो भी रेस्टोरेंट वाला है वो
- 2:44:50क्या कर रहा है? वो बिल बना रहा है। वो
- 2:44:52बिल बना रहा है। वो बिल बना के आपको दे
- 2:44:54रहा है कि आप मुझे पेमेंट करो। तो ये है
- 2:44:56क्या? यही तो है बिल ऑफ एक्सचेंज के अंदर
- 2:44:58जो बनाने वाला है डोमिनोज वाला वो ड्रॉअर
- 2:45:01है आपको दे रहा है अब आपको एक्सेप्ट करना
- 2:45:04है क्योंकि यार हर किसी के ऊपर ड्रॉ कर
- 2:45:06दोगे तो हर कोई पैसा देते रहेगा क्या
- 2:45:07मैंने खाना खाया तो मैं पैसा दूंगा तो तू
- 2:45:10बनाएगा डोमिनोज वाला मैं उसको देखूंगा मैं
- 2:45:13उसको एक्सेप्ट करूंगा डायरेक्शन किसको
- 2:45:15दिया है मुझे दिया है ड्रॉअर कौन है
- 2:45:18डोमिनोज ड्रई कौन है कस्टमर कस्टमर को
- 2:45:21क्या बोला पेमेंट कर मैंने एक्सेप्ट कर
- 2:45:23लिया मैं बन गया एक्सेप्टर मैं पेमेंट
- 2:45:25करूंगा डोमिनोज बनाने वाला और जिसको पैसा
- 2:45:27मिल रहा है सेम पर्सन है। यानी कि ड्रॉवर
- 2:45:30और पेई कुड बी द सेम पर्सन। कुड बी हो
- 2:45:32सकते हैं। जरूरी नहीं कि हमेशा होंगे।
- 2:45:34जरूरी नहीं कि हमेशा होंगे। ठीक है? तो
- 2:45:36मुझे आपको यही बतानी थी क्योंकि ये एक
- 2:45:38इंपॉर्टेंट चीज है बेटा। मैं थोड़ा स्पीड
- 2:45:39से नीचे जाता हूं क्योंकि पार्टीज को
- 2:45:41समझना बहुत जरूरी है। पार्टीज को समझना
- 2:45:44बहुत जरूरी है। ठीक है? चलो आओ प्रॉमिस
- 2:45:46नोट अपना कंप्लीट हो गया। अब आ गए थे अपन
- 2:45:48बिल ऑफ़ एक्सचेंज के ऊपर। तो डेफिनेशन अपनी
- 2:45:50ऑलमोस्ट सेम चल रही है। कुछ चीजें अलग-अलग
- 2:45:52है। जैसे यहां पर लिखा हुआ है ड्रॉअर एंड
- 2:45:54पेई कुड बी और मे बी द सेम पर्सन। ठीक है?
- 2:45:57कुड बी और मे बी द सेम पर्सन। वेरी वेरी
- 2:45:59वेरी वेरी सिंपल। ठीक है? चलो अब आ जाओ
- 2:46:02आगे वाली बात। जैसे प्रॉमिसरी नोट के अंदर
- 2:46:06आपने बिल ऑफ़ सॉरी प्रॉमिसरी नोट के अंदर
- 2:46:08आपने बोल दिया था कि पेएबल टू बेयरर इज़
- 2:46:10नॉट अलाउड। आपने मना कर दिया ना पेएबल टू
- 2:46:13बेयरर इज़ नॉट अलाउड। बिल ऑफ़ एक्सचेंज में
- 2:46:15भी ऐसा कुछ है क्या? तो बिल ऑफ एक्सचेंज
- 2:46:17में भी ऐसा कुछ है। पहले आप इसको पढ़ना
- 2:46:20मेरे साथ में। बिल ऑफ एक्सचेंज कैन नॉट बी
- 2:46:23मेड पेएबल टू बेयरर। अरे अरे दो मिनट रुक
- 2:46:25जाओ। इसने भी मना कर दिया कि आप भी पेएबल
- 2:46:27टू बेर नहीं बना सकते। सर क्या बोल रहे
- 2:46:29हो? हमने तो इतने सारे एग्जांपल देखे हैं
- 2:46:30सर। बिल ऑफ़ एक्सचेंज भी पेएबएलबल टू बेरर
- 2:46:32नहीं बना सकते। पूरा पढ़ो। अब आओ। बिल ऑफ़
- 2:46:34एक्सचेंज वी कैन नॉट बी मेड पेबल टू बेयरर
- 2:46:37ऑन डिमांड टुगेदर। मतलब आप क्या नहीं कर
- 2:46:41सकते? बीड़ी जल ले जिगर से पिया। बीड़ी। आप
- 2:46:46पेएबल टू बेयरर एंड ऑन डिमांड टुगेदर नहीं
- 2:46:49कर सकते। नहीं कर सकते। कौन बोल रहा है?
- 2:46:52अगेन सेक्शन 31 बोल रहा है। सिंपल सी बात
- 2:46:54है। मतलब बीडी इज नॉट अलाउड। बीडी इज़ नॉट
- 2:46:58अलाउड। मतलब आप पेई का नाम भी नहीं लिख
- 2:47:01रहे हो और आप समय भी नहीं लिख रहे हो। नॉट
- 2:47:04अलाउड। बीडी इज़ नॉट अलाउड। तो सर क्या हम
- 2:47:07पेएबल टू बेयरर मतलब पेई का नाम ना लिखे
- 2:47:10पर समय लिखे तो चलेगा? चलेगा। बीटी इज़
- 2:47:12अलाउड। बीटी इज़ अलाउड। ये बेरर के एंगल से
- 2:47:16बेर के एंगल से अगर आप डिमांड के एंगल से
- 2:47:18देखोगे अगर आप डिमांड के एंगल से देखोगे
- 2:47:20कोई आपसे पूछेगा कि बिल ऑफ एक्सचेंज को
- 2:47:22पेएबल ऑन डिमांड बना सकते हैं क्या? तो
- 2:47:24आपको क्या जवाब देना है? यस। आप ऑन डिमांड
- 2:47:27बना तो सकते हो। आप ऑन डिमांड बना तो सकते
- 2:47:30हो पर ऑर्डर पे ही बना सकते हो। मतलब अगर
- 2:47:33आपको पेएबल ऑन डिमांड बिल ऑफ एक्शन बनाना
- 2:47:35है तो आपको पेई का नाम लिखना पड़ेगा। आप
- 2:47:38पेएबल ऑन डिमांड बेर के साथ में नहीं बना
- 2:47:40सकते। एंगल चेंज किया। ऊपर वाली लाइन बेर
- 2:47:43के एंगल से थी। नीचे वाली लाइन डिमांड के
- 2:47:45एंगल से थी। यानी कि टाइम के एंगल से थी।
- 2:47:47देखो मैं आपको बता देता हूं। एक सिंगल
- 2:47:48चार्ट से दोनों चीजें आपकी क्लियर हो
- 2:47:50जाएगी। एक तरफ प्रॉमिस नोट है और एक तरफ
- 2:47:52बिल ऑफ एक्सचेंज है। क्या है शीट? पेएबल
- 2:47:55टू बेयरर के केस में शीट है। बिल ऑफ
- 2:47:57एक्सचेंज के लिए यहां पर है। प्रॉमिस नोट
- 2:47:59के लिए यहां पर है। प्रॉमिसरी नोट ने
- 2:48:01ऑर्डर के लिए हां कर रखी है। और यहां पर
- 2:48:04भी हां है। देखो ऑर्डर में कभी कोई इशू
- 2:48:06नहीं है। ऑर्डर इंस्ट्रूमेंट आपको जैसे
- 2:48:08बनाना है बनाओ। दिक्कत आती है पेएबल टू
- 2:48:10बेयरर में। तो प्रॉमिसिव नोट तो पेएबल टू
- 2:48:12बेयरर अलाउड ही नहीं है। किसी भी तरीके से
- 2:48:14अलाउड नहीं है। बट बिल ऑफ एक्सचेंज को
- 2:48:17आपको क्या अलाउड किया गया है? आपको सिर्फ
- 2:48:19बीडी करने के लिए मना किया है। मतलब बीडी
- 2:48:22इज़ नॉट अलाउड। बेरर बनाओगे टाइम के साथ
- 2:48:25में इट इज़ अलाउड। ये चीजें अलाउड है। ये
- 2:48:28एक ही सिंगल शीट से आपका कांसेप्ट पूरा
- 2:48:30सुपर क्लियर हो गया होगा। मैं हट जाता
- 2:48:32हूं। आप लोग देख लो आराम से। ठीक है? ओके?
- 2:48:34चलो ये काम अपना तमाम हो गया यहां पर। अभी
- 2:48:38अपन देख लेते हैं। अपनी शीट भी डन हो गई
- 2:48:41क्या? अपनी शीट भी डन हो गई। बिल ऑफ़
- 2:48:42एक्सचेंज कुछ ऐसा दिखता है बेटा। अगर आपको
- 2:48:44देखना है देख लो। ये स्टैंप को क्रॉस किया
- 2:48:46जाता है सिग्नेचर के साथ में। जरा देख लो।
- 2:48:48क्या यहां पर स्टैंप्ड है? यस। क्या
- 2:48:50अमाउंट सर्टेन है? यस। क्या 60 डेज का
- 2:48:53टाइम लिखा हुआ है? यस। जिसको पैसा मिलना
- 2:48:55है वो लिखा हुआ है। यस। बनाया किसने?
- 2:48:58राजेश पाटिल ने बनाया है। क्या डेट लिखी
- 2:49:00हुई है? यस। ये डेट से टाइम कैलकुलेट करने
- 2:49:02में इजी रहेगा। क्या ऑर्डर है कि क्या है?
- 2:49:04देखो लिखा हुआ है ऑर्डर है। ठीक है। बहुत
- 2:49:06बढ़िया। बहुत बढ़िया। ऑर्डर इंस्ट्रूमेंट
- 2:49:08है। अच्छा किसके ऊपर ड्रॉ कर रहे हो?
- 2:49:10राजनाथ के ऊपर। मतलब राजेश ने राजनाथ के
- 2:49:12ऊपर ड्रॉ किया। अब राजनाथ को एक्सेप्ट
- 2:49:14करना रहेगा। क्या उसने एक्सेप्ट करा? करा।
- 2:49:16उसने एक्सेप्ट करके अपनी सिग्नेचर करी
- 2:49:18करी। किस तारीख को एक्सेप्ट किया? वो भी
- 2:49:20उसने डाला है। है ना? और पेमेंट किसको
- 2:49:22मिलने वाला है? वसुंधरा जोशी को। तो ये
- 2:49:24हमारे पे ही हो गए। और यहां पर बनाने वाली
- 2:49:26ये ड्रॉअर की भी सिग्नेचर हो गई। बहुत ही
- 2:49:28बढ़िया। पूरा कंप्लीट अपना बिल ऑफ
- 2:49:30एक्सचेंज है यहां पर। बहुत ही सुंदर है।
- 2:49:32बहुत ही सुंदर। ठीक है? चलो तो ये अपना
- 2:49:34कंप्लीट होता है। अब जरा एक क्वेश्चन देख
- 2:49:36लो। क्वेश्चन तो क्या है? मैंने एक ऐसे ही
- 2:49:38बनाया। ऐसे ही बनाया मैंने। देखो मतलब
- 2:49:40अलाउड है कि नहीं अलाउड है? ऑर्डर और बैर
- 2:49:43के हिसाब से बना दिया। टाइम और डिमांड के
- 2:49:45हिसाब से बना दिया। देखो आई प्रॉमिस टू पे
- 2:49:48डीजे और टू हिज ऑर्डर 10,000 ऑन डिमांड।
- 2:49:51पहली बात ये ऑर्डर है और ये डिमांड पे है।
- 2:49:54क्या ओडी अलाउड है। देखो ऑर्डर तो सभी
- 2:49:56अलाउड रहेगा। ऑर्डर में कोई भी इशू नहीं
- 2:49:58आएगा। ये प्रॉमिसी नोट था। अलाउड है ऑर्डर
- 2:50:01पे। ये प्रॉमिसी नोट है। आफ्टर वन मंथ
- 2:50:03आफ्टर साइट। मतलब उन्होंने बोला आफ्टर
- 2:50:06साइट पेमेंट करेंगे मतलब टाइम डाल दिया
- 2:50:08ऑर्डर है तो ये भी अलाउड रहेगा। आई
- 2:50:10प्रॉमिस्ड टू पे डीजे ऑर्डर ₹10000 मतलब
- 2:50:14हमने कुछ भी टाइम नहीं लिखा यहां पर तो ये
- 2:50:16ओडी हो गया। फिर से ओडी हो गया। देखो
- 2:50:18डिमांड बनाने का क्या तरीका है? डिमांड
- 2:50:20बनाने का तरीका या तो ऑन डिमांड लिखो या
- 2:50:22टाइम मत लिखो। तो दोनों चीजें मैंने यहां
- 2:50:24पर इंक्लूड कर ली। ऊपर के तीन ऑर्डर के
- 2:50:27हैं तो सब कुछ अलाउड है बेटा। बेरर है अगर
- 2:50:30कुछ भी अलाउड नहीं होगा। ये प्रॉमिसरी नोट
- 2:50:33के प्रैक्टिकल क्वेश्चंस हैं। अगर
- 2:50:35प्रॉमिसरी नोट बेर लिखा हुआ है, बेरर लिखा
- 2:50:39हुआ है, डीजे और बेरर लिखा हुआ है। किसी
- 2:50:42भी तरीके का बेर इंस्ट्रूमेंट अगर
- 2:50:45प्रॉमिसी नोट होगा अलाउड नहीं है। नॉट
- 2:50:48अलाउड। यही मैं इस शीट से आपको समझाना चाह
- 2:50:50रहा हूं। ठीक है? चलो डिफरेंस बिटवीन
- 2:50:53प्रॉमिसी नोट एंड बिल ऑफ एक्सचेंज। ये याद
- 2:50:55करने का मैंने तरीका निकाल रखा है कि
- 2:50:57डेफिनेटली जो तुम लोगों का नेचर है ना
- 2:51:00राजा पार्टी करने का है ना इसको एक्सेप्ट
- 2:51:03कर लो कि ये गलत है वरना रिजल्ट ऐसा आएगा
- 2:51:06ना कि तुम बेयर नहीं कर पाओगे टोटल पांच
- 2:51:08पॉइंट है प्रॉमिस नोट और बिल ऑफ एक्सचेंज
- 2:51:11को याद करने का पहला डेफिनेटली मतलब
- 2:51:13डेफिनेशन दूसरा नेचर यानी कि नेचर ऑफ
- 2:51:15इंस्ट्रूमेंट तीसरा पार्टी करने का यानी
- 2:51:18कि दो पार्टी और तीन पार्टी एक्सेप्टेंस
- 2:51:20यानी कि प्रॉमिस नोट में एक्सेप्टेंस की
- 2:51:22जरूरत नहीं है बिल ऑफ एक्सचेंज के अंदर
- 2:51:23है। अह बेयर यानी कि पेएबल टू बेयर के साथ
- 2:51:26में अलग-अलग केस होते हैं। प्रॉमिसी नोट
- 2:51:28पेबल टू बेयर अलाउड नहीं है और वहां पर बी
- 2:51:30डी अलाउड नहीं है बिल ऑफ़ एक्सचेंज के
- 2:51:32अंदर। ठीक है? तो ये प्रॉमिसी नोट और बिल
- 2:51:34ऑफ एक्सचेंज के बीच का डिफरेंस है। मैं
- 2:51:36आपको दिखा देता हूं। ये तीन पॉइंट है और
- 2:51:38ये दो पॉइंट है। चलो अब इसी के साथ में
- 2:51:40हमारा ये भी टॉपिक कंप्लीट होता है। अ कुछ
- 2:51:42क्वेश्चन है। ये आप खुद ही सेल्फ सॉल्व कर
- 2:51:44सकते हो। मैं आप लोगों के लिए यहां पर
- 2:51:46लाया हूं। ठीक है? देख लेना आप। ओके? चलो
- 2:51:48अब आ जाओ। चेक का अगला टॉपिक है। देखो
- 2:51:51सेक्शन नंबर सिक्स। है ना? सेक्शन नंबर
- 2:51:54सिक्स में चेक बोला है। तो सबसे पहले आप
- 2:51:56लोगों को पता है कि चेक इज नथिंग बट अ बट
- 2:51:59अ टाइप ऑफ बिल ऑफ एक्सचेंज। बट अ टाइप ऑफ
- 2:52:01बिल ऑफ एक्सचेंज। कुछ तो डिफरेंस होगा ना?
- 2:52:03है देखो चेक कुछ ऐसा दिखता है। चेक कुछ
- 2:52:05ऐसा दिखता है। हां। यहां पर लिखा हुआ है
- 2:52:08पे। मतलब किसको पे करना है? तो यहां पर
- 2:52:09पेई का नाम आएगा। यहां पर पेई का नाम
- 2:52:12आएगा। ये बैंक है जिसके ऊपर ड्रॉ किया गया
- 2:52:15है। तो ये मेरा ड्रई है क्योंकि ड्रई के
- 2:52:17ऊपर मैंने ड्रॉ किया है। ये मेरा अमाउंट
- 2:52:19लिखा हुआ है। यहां पर बनाने वाले की
- 2:52:21सिग्नेचर होती है। यहां पर अकाउंट नंबर
- 2:52:24लिखा हुआ होता है। करेक्ट है? यहां पर चेक
- 2:52:26नंबर होता है। ये सारी चीजें यहां पर
- 2:52:28अवेलेबल होती है। अब समझने वाली बात ये है
- 2:52:31कि चेक की वैलिडिटी क्या होती है? चेक की
- 2:52:34वैलिडिटी होती है बेटा 3 मंथ्स। कब से? जब
- 2:52:37से वो बना है। तो यहां पर जो डेट लिखी
- 2:52:40होती है यहां पर जो चेक बनाते टाइम डेट
- 2:52:41लिखी होती है। जैसे ये डेट लिखी हुई है
- 2:52:43यहां पर 1 जनवरी 2020 लिखी हुई है। ऐसे
- 2:52:46मैंने लिखा है यहां पर 10 जनवरी 2025
- 2:52:49बराबर है। तो जरूरी नहीं है कि मैं आज की
- 2:52:52डेट डालूं। जो चेकक्स होते हैं ना जैसे आज
- 2:52:54की डेट अगर 1 जनवरी 2025 है तो मैं 10
- 2:52:57तारीख का चेक बना के दे सकता हूं। इसे हम
- 2:52:59बोलते हैं पीडीसी यानी कि पोस्ट डेटेड
- 2:53:01चेक। अब पोस्ट डेटेड चेक में 3 महीने कहां
- 2:53:04से कैलकुलेट करेंगे? हम 3 महीने 1 जनवरी
- 2:53:06से आज की डेट से कैलकुलेट नहीं करेंगे। हम
- 2:53:0810 जनवरी से 90 दिन कैलकुलेट करेंगे। और
- 2:53:12इस 90 दिन के पीरियड के अंदर अब बच्चे
- 2:53:14कंफ्यूज होते हैं कि सर अगर वैलिडिटी है
- 2:53:16तो पेएबल ऑन डिमांड कैसे हुआ? अरे बच्चा
- 2:53:19इस 90 दिन के पीरियड के अंदर आप कभी भी
- 2:53:21प्रेजेंट करो उसका आपको पेएबल ऑन डिमांड
- 2:53:24मिलेगा। मतलब कि ऑन डिमांड आपको उसका
- 2:53:27पेमेंट मिलेगा। ठीक है? तो एक तो मैंने ये
- 2:53:29बेसिक कांसेप्ट आप लोगों का सही किया। अब
- 2:53:32जहां तक चेक रिलेटेड बात है, चेक भी अपने
- 2:53:35आप में एक बिल ऑफ एक्सचेंज है। जो चेक है,
- 2:53:38उसमें और बिल ऑफ एक्सचेंज में सबसे बड़ा
- 2:53:40फर्क ये है कि चेक के अंदर जो ड्रई है वो
- 2:53:44हमेशा बैंक होता है और वो फिक्स्ड होता
- 2:53:46है। हमेशा फिक्स्ड होता है। बिल ऑफ
- 2:53:49एक्सचेंज के अंदर एक्सेप्टेंस की जरूरत
- 2:53:51होती है। पर चेक के अंदर एक्सेप्टेंस की
- 2:53:53जरूरत नहीं होती है। ना ही स्टैंपिंग की
- 2:53:56जरूरत होती है। क्योंकि ऑलरेडी बैंक बना
- 2:53:57रहा है। सो बिल ऑफ एक्सचेंज तो है पर बिल
- 2:54:00ऑफ एक्सचेंज से तीन बड़ी-बड़ी चीजें उसमें
- 2:54:02अलग है। क्या है मेजर चेंजेस? कि बिल ऑफ
- 2:54:05एक्सचेंज में तो ड्रॉ ही कोई भी हो सकता
- 2:54:06है। पर चेक के अंदर सिर्फ बैंकर रहेगा।
- 2:54:09बिल ऑफ एक्सचेंज जो है हां वो टाइम और
- 2:54:12डिमांड दोनों पे बनता है। पर चेक हमेशा
- 2:54:14डिमांड पे बनेगा। बिल ऑफ एक्सचेंज में
- 2:54:17स्टैंपिंग जरूरी है। चेक के अंदर
- 2:54:19स्टैंपिंग जरूरी नहीं है। बिल ऑफ एक्सचेंज
- 2:54:22के अंदर आपको एक्सेप्टेंस की जरूरत होती
- 2:54:24है। पर चेक के अंदर नहीं है। टोटल ये चार
- 2:54:27डिफरेंस हैं जो मैंने आपको चेक और बिल ऑफ
- 2:54:29एक्सचेंज के बीच में दिखाए हैं। ये आप
- 2:54:31यहां से डायरेक्टली देख भी सकते हो।
- 2:54:32वेरीेंट वेरीेंट। बड़े-बड़े चारों डिफरेंस
- 2:54:35मैंने यहां पर लिख रखे हैं। डिफरेंस
- 2:54:37बिटवीन बिल ऑफ एक्सचेंज एंड चेक। ठीक है?
- 2:54:39ये आप देख लीजिएगा। अभी अपन वापस यहां पर
- 2:54:41आ जाते हैं। देखो आओ अगला पॉइंट क्या है?
- 2:54:45चेक आर ऑलवेज पेएबल ऑन डिमांड। यस एंड चेक
- 2:54:48कैन बी पोस्ट डेटेड चेकक्स आल्सो। मैंने
- 2:54:50आपको बता दिया है। वैलिडिटी 3 मंथ्स की
- 2:54:52होती है। ठीक है? अब मेरी बात सुनने की
- 2:54:54कोशिश करना। जब आप चेक बनाते हो तो चेक
- 2:54:57बनाया आपने तो जरूरी नहीं है जैसे मैंने
- 2:54:59पे लिखा पे सीए वाला यानी कि मैं सीए वाला
- 2:55:02को पेमेंट कर रहा हूं। पर कभी-कभी मैं
- 2:55:04मुझे भी पैसे की जरूरत होती है। होती है।
- 2:55:06तो क्या मैं सेल्फ का चेक बना सकता हूं?
- 2:55:08बिल्कुल बना सकते हो। आप लिख सकते हो पे
- 2:55:10सेल्फ। यहां पर देखो मैं आपको बताऊं। आप
- 2:55:12ऐसे लिख सकते हो। आप इसकी जगह ना आप इसकी
- 2:55:14जगह लिखोगे पे सेल्फ। जब भी आप पे सेल्फ
- 2:55:17लिखते हो मतलब आप खुद को पेमेंट करना चाह
- 2:55:19रहे हो। आप बैंक जाकर चेक दोगे तो आपको वो
- 2:55:21पैसा दे देगा। आपके अकाउंट से पैसा दे
- 2:55:23देगा। इसका मतलब क्या है? जो पेई है पेई
- 2:55:26बैंक चेक के अंदर जो पेई होता है ना पेई
- 2:55:29वो ड्रॉअर भी हो सकता है और कोई थर्ड
- 2:55:32पर्सन भी हो सकता है। ड्रॉर मतलब बनाने
- 2:55:34वाला। मैं खुद का नाम भी लिख सकता हूं,
- 2:55:36सेल्फ भी लिख सकता हूं और कोई थर्ड पर्सन
- 2:55:38भी हो सकता है। ये भी एक अच्छी बात है।
- 2:55:40ठीक है? अब चकि बिल ऑफ एक्सचेंज एक बड़ी
- 2:55:42टर्म है तो सारे चेक बिल ऑफ एक्सचेंज तो
- 2:55:45होते हैं बट सारे बिल्स चेक नहीं होते। इस
- 2:55:47बात का आप ध्यान रखना। और बिल ऑफ एक्सचेंज
- 2:55:49के जितने भी एसेंशियल एलिमेंट्स हम लोगों
- 2:55:51ने पढ़े हैं वो सब यहां पर प्रेजेंट होते
- 2:55:53हैं। एक्सेप्ट दीज़ टू। एक्सेप्ट दीज़ टू जो
- 2:55:57मैंने आपको ऑलरेडी बताया है। ठीक है? अब
- 2:56:00चेक दो तरीके के हो सकते हैं। एक
- 2:56:02ट्रंकेटेड चेक होता है और एक इलेक्ट्रॉनिक
- 2:56:04चेक होता है। देखो ट्रंकेटेड चेक क्या
- 2:56:08होता है? मैं आपको बताता हूं। इस
- 2:56:09ट्रंकेटेड चेक का जन्म तो फिजिकली हुआ है।
- 2:56:12यह बना तो कागज पे ही है। बना तो कागज पे
- 2:56:14ही है। क्या होता है कि अलग-अलग बैंक्स के
- 2:56:17चेकक्स आते हैं। ठीक है? HDFC के पास में
- 2:56:21हजारों चेकक्स इकट्ठे होते हैं। मैंने
- 2:56:23आपको पेमेंट किया। आपका अकाउंट SBI के
- 2:56:26अंदर है। मेरा HDFC के अंदर है। मैंने
- 2:56:28मेरे अकाउंट का चेक आपको दिया। आपने जाके
- 2:56:30अपने SBI ब्रांच में दे दिया। अब SBI
- 2:56:32ब्रांच के पास में HDFC इकट्ठा हो गया।
- 2:56:34ICICI इकट्ठा हो गया। पंजाब का इकट्ठा हो
- 2:56:37गया। सारे बैंक्स इकट्ठे हो गए। करेक्ट?
- 2:56:40अब क्या होता है? क्लियरिंग करनी पड़ती
- 2:56:43है। क्लियरिंग मतलब सारे बैंक्स डे एंड पे
- 2:56:46बोलते हैं कि यार चलो तुझे कितना लेना है?
- 2:56:48तेरे पास ₹ लाख के चेक आए मेरे। अच्छा
- 2:56:50मेरे पास ₹4 लाख के चेक आए ICICI के तो
- 2:56:53सेटलमेंट होता है। क्लियरिंग होता है।
- 2:56:56पुराने जमाने में क्लियरिंग हाउस फिजिकल
- 2:56:58होता था। सारे चेक जाते थे। वहां पर सब
- 2:57:00सॉर्ट आउट होते थे वगैरह-वगैरह वगैरह।
- 2:57:02मैनुअल काम काफी होता था। तो तीन दिन लगते
- 2:57:05थे चेक को क्लियर होने के अंदर। इन्होंने
- 2:57:08सोचा फिजिकली क्यों करें? एक काम करते
- 2:57:10हैं। ये जो चेक आया है इसकी फोटो खींचते
- 2:57:12हैं। इसको इलेक्ट्रॉनिक में कन्वर्ट कर
- 2:57:14देते हैं। है ना? तो ये जो क्लियरिंग
- 2:57:16प्रोसेस के अंदर फिजिकल चेक को स्कैन किया
- 2:57:20जाता है। इसको बोला जाता है ट्रंकेट करना।
- 2:57:23इसीलिए इसका नाम रखा गया ट्रंकेटेड चेक।
- 2:57:26यानी कि फिजिकल चेक की इलेक्ट्रॉनिक कॉपी।
- 2:57:29ओरिजिनली फिजिकली बना है। बट लेटर हमने
- 2:57:32उसको कन्वर्ट कर दिया है इमेज के अंदर।
- 2:57:35क्यों?
- 2:57:37प्रोसेस को ईजी करने के लिए, क्लियरिंग
- 2:57:38प्रोसेस को ईजी करने के लिए। ठीक है? अब
- 2:57:41यह स्टार्टिंग से कंप्यूटर पे नहीं बना
- 2:57:43है। यह स्टार्टिंग से कंप्यूटर पे नहीं
- 2:57:45बना है। ये स्टार्टिंग से इलेक्ट्रॉनिक
- 2:57:46नहीं है बेटा। स्टार्टिंग से इलेक्ट्रॉनिक
- 2:57:48तो ये है। आप वेबसाइट पे जाओगे HDFC ICICI
- 2:57:51की वहां पर आपको एक ऑप्शन मिलेगा ई चेक
- 2:57:53बनाने का। ई चेक मतलब उस पे सिग्नेचर भी
- 2:57:55स्याही की नहीं होती बेटा। उस पे सिग्नेचर
- 2:57:57भी इलेक्ट्रॉनिक ही होती है, डिजिटल ही
- 2:57:59होती है। सो इलेक्ट्रॉनिक चेक वो होते हैं
- 2:58:01जो आप बैंक की वेबसाइट से ई चेक पे क्लिक
- 2:58:04करके पूरी ऑनलाइन तरीके से स्टार्टिंग से
- 2:58:06जो कंप्यूटर पे बना है ये कभी पेपर पे आया
- 2:58:09ही नहीं है। वो इलेक्ट्रॉनिक चेक होते
- 2:58:10हैं। सो इलेक्ट्रॉनिक एंड ट्रंकेटेड चेक
- 2:58:13दोनों तरीके के चेक होते हैं। उनको
- 2:58:14डेफिनेशन के अंदर इंक्लूड किया गया है।
- 2:58:17ठीक है? चलो ये आपकी
- 2:58:20चेक से रिलेटेड सारी बातें हो गई। एक ही
- 2:58:22पेज के अंदर मैंने आपको सब कुछ बता दिया
- 2:58:24है। ठीक है? चलो अब हमारा अगला और खतरनाक
- 2:58:28टॉपिक आता है वो आता है चेक के बाउंसिंग
- 2:58:30से रिलेटेड जिसे हम बोलते हैं सेक्शन 138
- 2:58:33के साथ में बाउंसिंग और डिसऑनर ऑफ चेक।
- 2:58:37सेक्शन 138 से लेकर हम लोग 142 तक इस
- 2:58:41सीरीज को कंप्लीट करेंगे। अ मेजरली इस
- 2:58:44टॉपिक के बाद में आपका चैप्टर मेजर तरीके
- 2:58:46से तो खत्म हो जाएगा। सिर्फ यहां पर एक आध
- 2:58:48छोटे-मोटे टॉपिक बचे रहेंगे। वो मैं इसके
- 2:58:50बाद में कंप्लीट कर दूंगा। बट 138 से लेकर
- 2:58:54142 तक यहां पर हम लोग देखने वाले हैं।
- 2:58:56लेट्स स्टार्ट। देखो क्या है? बाउंसिंग या
- 2:59:00फिर डिसऑनर। तो डिसऑनर जो वर्ड है डिसऑनर
- 2:59:04जो वर्ड है मतलब आपने किसी इंस्ट्रूमेंट
- 2:59:07को प्रेजेंट किया बट बट वो ऑनर नहीं हो
- 2:59:11पाया। इसीलिए वर्ड आया है डिसऑनर। इसीलिए
- 2:59:14वर्ड आया डिसऑनर। अब हम स्पेसिफिकली बात
- 2:59:16कर रहे हैं यहां पर ऐसे इंस्ट्रूमेंट की
- 2:59:18जो चेक है। तो चेक का डिसऑनर होना यानी कि
- 2:59:22बैंक का चेक को रिटर्न करना। करेक्ट है?
- 2:59:24अब बैंक चेक को क्यों रिटर्न कर रही है?
- 2:59:26पर उससे पहले मेरा क्वेश्चन यह है कि आपने
- 2:59:29जो चेक दिया था वो किस पर्पस के लिए दिया
- 2:59:32था? अगर आप सेक्शन 138 ऑनवर्ड्स सेक्शन को
- 2:59:35अगर आप अप्लाई करना चाहते हो और आप
- 2:59:37पेनल्टी लगाना चाहते हो तो सबसे पहली बात
- 2:59:39तो ये है कि इंडिया के अंदर चेक बाउंसिंग
- 2:59:42जो है वो क्रिमिनल ऑफेंस है। क्रिमिनल
- 2:59:44ऑफेंस को हल्के में नहीं लिया जाता है।
- 2:59:47आपको इंप्रज़नमेंट भी यहां पर देखने के लिए
- 2:59:49मिलेगा और आपको फाइन भी देखने के लिए यहां
- 2:59:50पर मिलेगा। दोनों चीजें आपको यहां पर
- 2:59:52देखने के लिए मिलने वाली है। अब मेरी बात
- 2:59:54सुनना कि अगर किसी बंदे ने किसी बंदे को
- 2:59:57पेमेंट किया है और वो चेक अगर बैंक के पास
- 3:00:00में पहुंचा है और बैंक ने उस चेक को
- 3:00:02रिटर्न कर दिया है यानी कि वो चेक डिसऑनर
- 3:00:04हो चुका है। हो सकता है कि सीजे ने पप्पू
- 3:00:08से सोफा खरीदा हो और उसने ₹00 का चेक दिया
- 3:00:11हो। हो सकता है सीजे ने पप्पू से लोन लिया
- 3:00:16हो और पप्पू को वह पैसा रिटर्न करने के
- 3:00:19लिए उसने पेमेंट किया हो। आप जरा बात
- 3:00:21समझना।
- 3:00:22ये दोनों ही ऊपर वाले जो केसेस हैं ये
- 3:00:25दोनों आते हैं डेप्ट और लायबिलिटी के लिए।
- 3:00:27यानी कि अगर आपने चेक का इस्तेमाल किया था
- 3:00:30किसी डेप्ट को चुकाने के लिए, किसी
- 3:00:32लायबिलिटी को खत्म करने के लिए, तो हम इन
- 3:00:35यानी कि 138 सेक्शन और आगे के सेक्शन को
- 3:00:38अप्लाई करेंगे।
- 3:00:40वरना कुछ ऐसी सिचुएशंस हैं जहां पर 138 को
- 3:00:44बिल्कुल भी अप्लाई नहीं किया जाता है।
- 3:00:46जैसे उनमें से एक सिचुएशन है सीजे ने
- 3:00:49पप्पू को अगर ₹00 का चेक गिफ्ट किया है।
- 3:00:52इट इज नॉट कवर्ड अंडर सेक्शन 138। तो सबसे
- 3:00:56पहले इस सेक्शन को 138 को शुरुआत करने के
- 3:00:59पहले ही मैं आपको बता देना चाहता हूं कि
- 3:01:01इन केसेस के ऊपर यह सेक्शन अप्लाई नहीं
- 3:01:04होता है। जिसके लिए मैंने शॉर्ट फॉर्म बना
- 3:01:06रखा है मिस गिफ्ट डोनेशन। हमारी मिस को
- 3:01:09गिफ्ट का बड़ा शौक है और डोनेशन का बड़ा
- 3:01:11शौक है भैया। गिफ्ट के लिए अगर आपने किसी
- 3:01:14को चेक दिया है वो डिसऑनर हो गया है। आप
- 3:01:17138 की पेनल्टी लगाना चाहोगे नहीं लगेगी।
- 3:01:20आपने डोनेट किया है। चेक बाउंस हो गया है।
- 3:01:22आप 138 के अंदर पेनल्टी लगाना चाहोगे?
- 3:01:24नहीं लगेगी। आपने सिक्योरिटी के लिए चेक
- 3:01:27दिया है। बाउंस हो गया है? नहीं लगेगी।
- 3:01:29आपने कोई मोरल ऑब्लिगेशन यानी हस्बैंड ने
- 3:01:32वाइफ को चेक दिया है किसी पर्पस के लिए?
- 3:01:34नहीं लगेगी। इललीगल काम के लिए तो बेटा
- 3:01:36काम ही इललीगल है। आप पेनल्टी क्या लगा
- 3:01:38रहे हो? उसके लिए तो बड़ी पेनल्टी लगने
- 3:01:39वाली है। इन पांच केसेस के अंदर आपको 138
- 3:01:43को अप्लाई नहीं करना है। तो सर हमें फिर
- 3:01:45किसके अंदर अप्लाई करना है? 138 पेनल्टी
- 3:01:49या फिर जेल हो सकती है चेक डिसऑनर होने के
- 3:01:52लिए। जब एक पर्सन चेक ड्रॉ करता है बैंकर
- 3:01:55के ऊपर। और ओनली एंड ओनली। कौन से पर्पस
- 3:01:59के लिए? सिर्फ और सिर्फ डिस्चार्ज ऑफ
- 3:02:02डेप्ट या डिस्चार्ज ऑफ लायबिलिटी के लिए
- 3:02:04होना चाहिए। मतलब विद द राइटफुल पर्पस
- 3:02:07होना चाहिए। अगर ऐसा है अगर आपने पूरा
- 3:02:12मतलब 500 की लायबिलिटी थी तो 500 का चेक
- 3:02:14दिया होगा। कम का भी दे सकते हैं। है ना?
- 3:02:16तो अगर आपने लायबिलिटी को डिस्चार्ज करने
- 3:02:18के लिए होली या पार्टली तरीके से आपने डे
- 3:02:21को डिस्चार्ज करने के लिए आपने चेक दिया।
- 3:02:24और आपने इन पर्पस के लिए नहीं दिया। मिस
- 3:02:27गिफ्ट डोनेशन के लिए आपने नहीं दिया।
- 3:02:29बराबर है। तो, क्या रीज़न था कि आपका चेक
- 3:02:33बाउंस हो गया, चेक डिसऑनर हो गया। अब
- 3:02:35रीज़ंस के ऊपर क्वेश्चन अच्छा आता है बेटा।
- 3:02:37रीज़न हो सकता है ड्यू टू इनसफिशिएंसी ऑफ़
- 3:02:39फंड्स। यानी कि सबसे बेहतरीन एकदम एकदम
- 3:02:42इज्जत के काकरे करने वाला जो रीज़न है वो
- 3:02:45क्या है? कि आपके अकाउंट में पैसा नहीं
- 3:02:48है। आ रही है बात समझ में? अब मुझे एक बात
- 3:02:51बताओ। अगर पैसा नहीं है, इनसफिशिएंसी ऑफ़
- 3:02:53फंड्स हो गया। आपने ₹00 का चेक दिया,
- 3:02:55अकाउंट में सिर्फ ₹5,000 पड़े हुए हैं, तो
- 3:02:57बेटा, फिर तो डिसऑनर होना ही है ना? फिर
- 3:02:59तो डिसऑनर होना ही है ना। अच्छा अब मेरी
- 3:03:00बात सुनो या फिर किसी भी तरीके का
- 3:03:04अरेंजमेंट है आपका बैंक के साथ में। क्या
- 3:03:06है? आजकल बेटा बहुत सारी तरीके की चीजें
- 3:03:08होती है। आपने बैंक को ऐसा आप एप्लीकेशन
- 3:03:11के थ्रू भी मैनेज कर सकते हो। आपने लिमिट
- 3:03:13सेट कर दी ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की, चेक
- 3:03:15केयर ट्रांजैक्शन की। आपने चेक
- 3:03:16ट्रांजैक्शन पे लिमिट डन कर दी कि 2 लाख
- 3:03:18से ऊपर का मेरा ट्रांजैक्शन मत करना। आपके
- 3:03:20इस अरेंजमेंट की वजह से आपने ₹.5 लाख का
- 3:03:22चेक दिया और वो बाउंस हो गया। क्योंकि
- 3:03:24आपका अरेंजमेंट है बैंक के साथ में। आपने
- 3:03:26बैंक को इंस्ट्रक्शन दे रखे हैं। जैसे एक
- 3:03:28स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन होता है कभी-कभी तो
- 3:03:30ये लिमिट वाला आ जाता है। कभी-कभी इमीडिएट
- 3:03:33इंस्ट्रक्शन होता है जिसे हम कहते हैं
- 3:03:34स्टॉप पेमेंट। क्या कहते हैं हम जिसको?
- 3:03:36स्टॉप पेमेंट। भैया भैया अरे बैंक को फोन
- 3:03:38किया अरे आपके पास में एक चेक 5251 आएगा।
- 3:03:41उसका पेमेंट मत करना। उसको स्टॉप कर देना।
- 3:03:43मतलब आपने पेमेंट करने से बैंक को रोक
- 3:03:45दिया। तो अगर आपका बैंक के साथ में किसी
- 3:03:48टाइप का अरेंजमेंट है, कोई एग्रीमेंट है,
- 3:03:50कोई इंस्ट्रक्शन है, कोई स्टैंडिंग
- 3:03:52इंस्ट्रक्शन है, जैसे लिमिट सेट करना,
- 3:03:54जैसे स्टॉप पेमेंट और कभी-कभी टेक्निकल
- 3:03:56इश्यूज भी होते हैं। हां, टेक्निकल इशूज़
- 3:03:59भी होते हैं। यानी कि 31 अप्रैल का चेक
- 3:04:02बना के दे दिया। गधेड़े। 31 अप्रैल का चेक
- 3:04:05बनाएगा तो बाउंस हो के वापस ही आएगा।
- 3:04:07सिग्नेचर मैच नहीं हो रही है। अ वर्ड्स
- 3:04:09में जो फिगर वर्ड्स में जो अमाउंट लिखा है
- 3:04:12और जो फिगर में अमाउंट लिखा है वो मैच
- 3:04:13नहीं हो रहा है। टेक्निकल इश्यूज भी होते
- 3:04:15हैं। तो यहां पर चेक बाउंस हो सकता है। तो
- 3:04:18अब मेरी बात समझने की कोशिश करना। अगर चेक
- 3:04:21इन दोनों रीज़ंस की वजह से इस पर्पस के लिए
- 3:04:24दिया गया था। इसके लिए नहीं दिया गया था।
- 3:04:26इन दोनों में से किसी एक रीज़न की वजह से
- 3:04:29अगर बाउंस हो जाता है, डिसऑनर हो जाता है।
- 3:04:31ड्यू टू अबव रीज़ंस 138 शैल अप्लाई और
- 3:04:35पेनल्टी लगेगी। और ये होगा क्रिमिनल
- 3:04:37ऑफेंस। ये आपकी सुंदर सी शीट है जहां से
- 3:04:40आपका सेक्शन 138 का आंसर बनेगा। बात ये है
- 3:04:44कि पेनल्टी कितनी लगने वाली है? 138 के
- 3:04:46अंदर पेनल्टी लगेगी बेटा। 2 साल की
- 3:04:48इंप्रज़मेंट हो सकती है और अप टू 2 इयर्स
- 3:04:52है और पेनल्टी लग सकती है डबल अमाउंट की।
- 3:04:55मतलब चेक अगर ₹ लाख का था तो ₹4 लाख की
- 3:04:58पेनल्टी आपके ऊपर लग सकती है या फिर दोनों
- 3:05:00लग सकते हैं। इंप्रज़नमेंट भी और फाइन भी।
- 3:05:03अब मेरा कहना है कि इतना संगीन अपराध तो
- 3:05:06मुझे तो नहीं लग रहा यार। कभी-कभी
- 3:05:07जेनुइनली भी चेक बाउंस हो जाते हैं। आपने
- 3:05:10जब चेक दिया है ना आपके अकाउंट में पैसा
- 3:05:13था, कुछ पेमेंट हो गया, ईएमआई कट गई और
- 3:05:16चेक बाउंस हो गया यार। इसमें कौन सी बड़ी
- 3:05:18बात है यार? तो सर क्या एकदम इमीडिएटली
- 3:05:20जेल ही भेज दोगे क्या? हमने तो ऐसा होते
- 3:05:22हुए देखा नहीं है। क्योंकि तीन कंडीशन है
- 3:05:24जो आपको फुलफिल करनी पड़ती है। कंडीशन
- 3:05:26नंबर वन, कंडीशन नंबर टू, कंडीशन नंबर
- 3:05:28थ्री। बेटा देखो सब कुछ मैं यहां पर लाया
- 3:05:31तो हूं। ये 138 दिखेगा आपको रीजन दिखेगा
- 3:05:34आपको। आपको ये सब दिखेगा आपको फाइन
- 3:05:37दिखेगा। आपको कंडीशन ए दिखेगी। कंडीशन बी
- 3:05:40दिखेगी। आपको कंडीशन सी दिखेगी। बेटा सब
- 3:05:42कुछ आपको यहां पर दिखेगा तो सही। पर क्या
- 3:05:44है? अपना कमाल ही बेटा थ्री स्टार शीट का
- 3:05:46है ना? तो पूरा निचोड़ अपन ने यहां पर डाल
- 3:05:48रखा है। तो अपन इसी से पढ़ रहे हैं। है ना?
- 3:05:50अपना वन शॉट है तो अपन इसी से पढ़ रहे हैं।
- 3:05:52अब मेरी बात सुनो। सबसे पहली चीज आपको
- 3:05:54क्या फुलफिल करनी है? सबसे पहली चीज समय
- 3:05:57पर चेक को प्रेजेंट किया जाए। 3 महीने के
- 3:05:59अंदर-अंदर। 3 महीने के समय के अंदर आप चेक
- 3:06:02को प्रेजेंट कर दो। प्रेजेंट द चेक टू द
- 3:06:04बैंक विद इन 3 मंथ्स। वैलिडिटी के अंदर
- 3:06:06क्या किया आपने? हां, कर दिया। चलो
- 3:06:08बढ़िया। तो आपने प्रेजेंट कर दिया चेक।
- 3:06:10मतलब सामने वाली पार्टी के लिए है। है ना?
- 3:06:12मैंने सीए वाला को चेक दिया था। सीए वाला
- 3:06:14ने जाके बैंक को 3 महीने के अंदर लगा
- 3:06:16दिया। कोई दिक्कत की बात नहीं है। अब मेरी
- 3:06:18बात सुनो। बैंक का फोन आ गया। हां। बैंक
- 3:06:20का फोन आ गया। एक काम करो ना यार। इसको
- 3:06:22एग्जांपल से समझते हैं। इधर आओ। आई थिंक
- 3:06:24मैं एग्जांपल लाया हूं। हां। ये देखो। ये
- 3:06:26देखो। तो चेक बनाया 1 जनवरी का। अब 1
- 3:06:29जनवरी का चेक है तो 3 महीने की वैलिडिटी
- 3:06:31है। है ना? तो ये आपका जनवरी, फरवरी और
- 3:06:34मार्च हो गया आपका। बराबर है। अब ये पूरा
- 3:06:36मार्च मैंने लंबा लिया थोड़ा सा। तो मार्च
- 3:06:38तक की वैलिडिटी है आपकी। 31 मार्च। करेक्ट
- 3:06:40है? 3 महीने की वैलिडिटी है। क्या आपने
- 3:06:42पहली कंडीशन फुलफिल करी? हां जी हमने करी।
- 3:06:44पप्पू ने चेक प्रेजेंट कर दिया 21 फरवरी
- 3:06:47को। उसने 21 फरवरी को प्रेजेंट कर दिया।
- 3:06:49कोई बात नहीं। उसने 30 और 21 उसने अ हां
- 3:06:5351 डेज में प्रेजेंट किया उसने पर कर दिया
- 3:06:56उसने। कर दिया। 90 डेज के अंदर-अंदर उसने
- 3:06:58कर दिया। ठीक है? पहली कंडीशन फुलफिल हो
- 3:06:59गई। अब जब उसने प्रेजेंट किया चेक को बैंक
- 3:07:02ने बैंक ने 25 तारीख को बोला उसको 4 दिन
- 3:07:06बाद। बैंक ने 4 दिन के बाद में बोला भैया
- 3:07:08चेक बाउंस हो गया है। चेक बाउंस हो गया
- 3:07:10है। पप्पू बोला अरे क्या बात कर रहे हो
- 3:07:11यार? सीजे सर का चेक था यार बाउंस तो नहीं
- 3:07:13होना चाहिए था पर बाउंस हो गया। अब पप्पू
- 3:07:15क्या करेगा? पप्पू क्या करेगा कि यार जब
- 3:07:17बैंक ने उसको 25 तारीख को इन्फॉर्म किया
- 3:07:19है ना यहां से यहां से उसको क्या करना है?
- 3:07:23मुझे एक डिमांड नोटिस भेजना है। उसको एक
- 3:07:26डिमांड नोटिस भेजना है मुझे। कितने दिन के
- 3:07:28अंदर? 30 डेज के अंदर। 25 फरवरी को जब से
- 3:07:30बैंक ने इनफॉर्म किया है उसके 30 डेज में
- 3:07:33वो 25 मार्च तक एप्रोक्स डेट्स लिखी
- 3:07:36मैंने। 25 मार्च तक वो मुझे इनफॉर्म करेगा
- 3:07:38कि सीजे सर वो सुनो ना वो आपका चेक बाउंस
- 3:07:41हो गया। नया चेक बना के दे दो। क्या करना
- 3:07:42है बता दो। आपका चेक बाउंस हो गया। 30 दिन
- 3:07:45का डिमांड नोटिस वो मुझे देगा। मैक्सिमम
- 3:07:4730 डेज में उसको डिमांड नोटिस देना
- 3:07:49पड़ेगा। वो जल्दी भी दे सकता है। वो अगले
- 3:07:51दिन भी दे सकता है। वो 25 को बैंक ने बोला
- 3:07:53ना फरवरी को वो 26 फरवरी को भी मुझे नोटिस
- 3:07:55दे सकता है। पर मैक्सिमम कितने दिन तक दे
- 3:07:58सकता है? वो 30 दिन तक दे सकता है। बराबर
- 3:08:00है? जैसे ही उसका फोन आएगा, जैसे ही वो
- 3:08:03मुझे डिमांड नोटिस देगा, फोन से मतलब
- 3:08:04डिमांड नोटिस आएगा उसका मैं उसके नेक्स्ट
- 3:08:0815 दिनों के अंदर मैं उसके नेक्स्ट 15
- 3:08:10दिनों के अंदर तो लेट्स से 25 फरवरी को
- 3:08:13बैंक ने उसको बताया और 1 मार्च को 1 मार्च
- 3:08:17को उसने मुझे बताया तो 1 मार्च से मुझे 15
- 3:08:20दिन मिलेंगे। मुझे 15 दिन मिलेंगे पेमेंट
- 3:08:24करने के लिए। यह दूसरा बार मौका दिया गया
- 3:08:27है चैतन्य जैन को पेमेंट करने के लिए। तो
- 3:08:29टोटल तीन कंडीशंस क्या हो गई कि एकदम से
- 3:08:32जेल मत भेजो। पहले 3 महीने के अंदर
- 3:08:34प्रेजेंट करो। फिर सामने वाली पार्टी को
- 3:08:3630 डेज के अंदर-अंदर डिमांड नोटिस भेजो।
- 3:08:38फिर उसके बाद में 15 दिन का आपको टाइम
- 3:08:40मिलेगा पेमेंट करने के लिए। कुछ लोग बोलते
- 3:08:42हैं कि सर 45 डेज मिलते हैं। बेटा 45 डेज
- 3:08:44नहीं है। 45 डेज तो मैक्सिमम डेज है। है
- 3:08:47ना? उसके अंदर-अंदर भी काम हो सकता है। और
- 3:08:50आपके 15 दिन 30 डेज के बाद काउंट नहीं
- 3:08:52होंगे। जब से आप डिमांड नोटिस भेजोगे तब
- 3:08:54से 15 दिन आपके काउंट होंगे। इस बात का आप
- 3:08:56ध्यान रखना। ठीक है? चलो आओ। ये मैंने
- 3:08:58एग्जांपल दिया। उसी के साथ में आपको यहां
- 3:09:00पर समझ में आ गया होगा। ये देखो
- 3:09:04कंडीशन नंबर वन वैलिडिटी के अंदर दो।
- 3:09:06कंडीशन नंबर टू पेई जो है जिसको पैसा
- 3:09:09मिलना था पप्पू वो ड्रॉअर को यानी कि सीजे
- 3:09:11को डिमांड नोटिस बना कर देगा 30 दिन के
- 3:09:14अंदर-अंदर जब से बैंक ने उसको इन्फॉर्म
- 3:09:16किया है। अब जब से जब से वो मुझे डिमांड
- 3:09:20नोटिस देगा। ठीक है? मैं उसके 15 दिनों के
- 3:09:22अंदर-अंदर जब से डिमांड नोटिस आया है तब
- 3:09:24से 15 दिनों के अंदर-अंदर मुझे यहां पर
- 3:09:27पेमेंट करना पड़ेगा। अगर मैं 15 दिनों के
- 3:09:29अंदर पेमेंट नहीं करता हूं। अब जाके 138
- 3:09:31सेक्शन की पेनल्टी लगेगी। अब जाके पेनल्टी
- 3:09:35लगेगी। इट मींस अ पीरियड ऑफ़ मैक्सिमम 45
- 3:09:38डेज आपको दिया गया है 30 और 15 दिन। बट वो
- 3:09:40जरूरी नहीं कि 45 डेज होगा। वो उससे कम भी
- 3:09:43हो सकता है। होता ही है। चलो ठीक है? ये
- 3:09:46भी क्लियर हो गई बात अपनी। आपको सारी
- 3:09:48कंडीशन समझ में आ गई। ठीक है? अब अगला
- 3:09:50सेक्शन आता है बेटा 139। 138 तो आपको समझ
- 3:09:54में आ गया। अगला सेक्शन आता है 139। 139
- 3:09:56ये बोलता है कि अगर कोई एक पर्सन जिसके
- 3:10:02जिसको चेक दिया था और चेक बाउंस हो गया।
- 3:10:04है ना? वो होल्डर है। मतलब पप्पू अपने
- 3:10:07वाले एग्जांपल में होल्डर हुआ। सीजे ने
- 3:10:09उसको चेक दिया था और चैरिस ऑनर हो गया। है
- 3:10:12ना? पप्पू जब जाके बोलेगा कि देखो भाई
- 3:10:14साहब सीजे को मैंने मौका दिया था। मैंने
- 3:10:18डिमांड नोटिस भी दिया। 15 दिन भी हो गए।
- 3:10:20इसने पेमेंट नहीं करा है। इसके ऊपर
- 3:10:21पेनल्टी लगाओ। तो हमेशा कोर्ट पता है क्या
- 3:10:24बोलता है? कोर्ट बोलता है कि हम हमेशा
- 3:10:26प्रिज्यूम करेंगे कि आपने किस पर्पस के
- 3:10:28लिए चेक दिया था या लिया था? सीजे ने चेक
- 3:10:32दिया था डेप्ट को और लायबिलिटी को
- 3:10:34डिस्चार्ज करने के लिए। तो हमेशा बैंक
- 3:10:37प्रिज्यूम करता है। ये प्रिजंपशन है। क्या
- 3:10:40प्रिजंपशन है? कि आपने 138 वाले पर्पस के
- 3:10:43लिए ही चेक दिया होगा। बट सर कैसी बात कर
- 3:10:45रहे हो? अगर हो सकता है मैंने गिफ्ट के
- 3:10:47लिए दिया हो। हो सकता है मैंने डोनेशन के
- 3:10:49लिए दिया हो। हो सकता है मैंने मोरल
- 3:10:50ऑब्लिगेशन के लिए दिया हो। हां तो भैया आप
- 3:10:52चैलेंज कर दो ना। अगर आपको लगता है आप
- 3:10:54चैलेंज कर दो। पप्पू कोर्ट के पास में
- 3:10:56जाएगा। पप्पू सबसे पहले पेनल्टी लगवाने
- 3:10:59जाएगा तो भैया पहले तो पप्पू के फेवर में
- 3:11:01ही बोला जाएगा। कि हां पप्पू तू सही बोल
- 3:11:03रहा है। 130 रिप्लाई करेंगे। इसने डे
- 3:11:05लायबिलिटी के लिए दिया होगा सीजे ने। सीजे
- 3:11:07का कहना है कि नहीं नहीं नहीं नहीं। मैंने
- 3:11:09तो डोनेशन किया था। तो भैया सीजे को
- 3:11:11बोलेंगे तू एक काम कर इसको चैलेंज कर दे
- 3:11:12और तू उसको गलत प्रूफ कर दे। इसको बोलते
- 3:11:14हैं 139 वाले प्रिजमशन को बोलते हैं
- 3:11:17रेब्यूटेबल प्रज़मशन। क्या बोलते हैं बेटा?
- 3:11:19रेब्यूटेबल प्रिजंपशन। रेब्यूटेबल मतलब
- 3:11:21होता है चैलेंज करना। चैलेंज करना। ठीक
- 3:11:24है? आओ अपनी थ्री स्टार शीट से पढ़ते हैं
- 3:11:26अपन। कोर्ट विल ऑलवेज प्रिज्यूम दैट द
- 3:11:29डिसऑनर चेक वाज़ गिवन टू डिस्चार्ज डेप्ट
- 3:11:32और लायबिलिटी हमेशा। कोर्ट यही प्रिज्यूम
- 3:11:35करेगा। अब जो ड्रॉअर है सीजे है बनाने
- 3:11:37बनाने वाला जो पर्सन है क्या वो चैलेंज कर
- 3:11:40सकता है इस प्रिज़मशन को? वो बिल्कुल कर
- 3:11:41सकता है। प्रूफ किसको करना पड़ेगा?
- 3:11:43ऑब्वियसली आपको ही प्रूफ करना पड़ेगा।
- 3:11:45ड्रर को प्रूफ करना पड़ेगा। जो अक्यूज़्ड
- 3:11:47है उसको प्रूफ करना पड़ेगा। उसको एविडेंस
- 3:11:49देना पड़ेगा। ठीक है? अच्छा 138 हो गया।
- 3:11:52139 हो गया। अगला सेक्शन आता है 140 क्या
- 3:11:56आप मासूम बन सकते हो? मैं तो इस सेक्शन को
- 3:11:58ऐसे ही बोलता हूं। नहीं नहीं नहीं नहीं
- 3:11:59नहीं नहीं सर मुझे सर मैं कसम से कह रहा
- 3:12:02हूं सर। जब सर मैंने चेक दिया था ना सर
- 3:12:05कसम से सर अकाउंट में ₹51,000 थे सर। सर
- 3:12:08देखो ना स्टेटमेंट देखो ना सर एक दिन पहले
- 3:12:10पैसा आया था सर वो ईएमआई कट गई सर। क्या
- 3:12:12करूं सर? सर मेरी मेरे मेरे पास में कोई
- 3:12:15रीजन ही नहीं था सर ये बिलीव करने के लिए
- 3:12:17कि सर मेरा चेक कभी डिसऑनर हो सकता है। ए
- 3:12:19भैया हो गया ना? चुप
- 3:12:23139 138 139 अब 140 पे आ गए हम लोग। तू
- 3:12:28सुन ले। तू मासूम नहीं बन सकता। तू इस बात
- 3:12:31को एज अ डिफेंस यूज़ नहीं कर सकता। हम
- 3:12:34डिफेंस अलाउ नहीं करेंगे। किस बात का?
- 3:12:36ड्रर ये नहीं बोल सकता कि अरे अरे अरे
- 3:12:38सुनो सुनो सुनो मेरे पास में कोई रीज़न ही
- 3:12:41नहीं था। ये बिलीव करने के लिए कि मेरा
- 3:12:43चेक मेरा चेक जो है वो मतलब जब मैं इशू कर
- 3:12:46रहा था इशू करते टाइम तो सब कुछ बढ़िया ही
- 3:12:48था। सब कुछ बढ़िया था। ऐसा हो ही नहीं
- 3:12:50सकता था कि चेक डिसऑनर हो जाए। हो गया तो
- 3:12:52अब मैं क्या करूं? नहीं ये आप यूज़ नहीं कर
- 3:12:54सकते। तो अगर आपका क्वेश्चन डिसऑनर ऑफ़ चेक
- 3:12:58के ऊपर आता है। आपको 138 139 140 तक जाना
- 3:13:03है आपको। कब? जब आपका क्वेश्चन थोड़ा सा
- 3:13:06बड़े मार्क्स के लिए है। फोर टू सेवन
- 3:13:08मार्क्स के लिए अगर क्वेश्चन आता है
- 3:13:09डिसऑनर के ऊपर बिंदास 138 अकेला मत लिखना।
- 3:13:12139 140 भी लिख के आ जाना कोई दिक्कत की
- 3:13:15बात नहीं है। ठीक है? इस बात का ध्यान
- 3:13:17रखना। चलो क्वेश्चन मैं बहुत सारे लाया
- 3:13:20हूं यहां पर। स्टॉप पेमेंट अगर लिखा हुआ
- 3:13:22है तो बेटा 138 अप्लाई होगा। 138 अप्लाई
- 3:13:25होगा। मैंने हाईलाइट कर रखा है बेटा। आप
- 3:13:27देखते जाना। आप देखते जाना। अगर गिफ्ट
- 3:13:30लिखा हुआ है तो आपको समझ में आ जाएगा।
- 3:13:32पहले पहले भैया पर्पस पढ़ लेना। गिफ्ट है
- 3:13:35पढ़ना ऐसा नहीं धड़ाधड़ बाउंसिंग पढ़ के
- 3:13:37डिसऑनर पढ़ के अपन एकदम 138 लगा के आ जाए
- 3:13:39नहीं बोलना बेटा कि ऑफेंस नहीं है 138 का
- 3:13:42क्योंकि गिफ्ट के पर्पस के लिए है ये
- 3:13:44गिफ्ट के पर्पस के लिए ठीक है ओके अच्छा
- 3:13:46ये मैं हमेशा होमवर्क में देता हूं है ना
- 3:13:48क्योंकि सेम स्टॉप पेमेंट वाला ही
- 3:13:50क्वेश्चन है ये इसको भी आगे बढ़ाओ आप एक
- 3:13:52मुझे अच्छा क्वेश्चन बताना है ये वाला अब
- 3:13:54इस क्वेश्चन में क्या होता है बेटा सबसे
- 3:13:55अच्छी बात क्या है यहां पर लिखा हुआ है
- 3:13:57ड्यू टू इनसफिशिएंसी ऑफ़ फंड्स लिखा हुआ है
- 3:14:00तो बच्चा क्या करता है इनसफिशिएंसी ऑफ़
- 3:14:02फंड्स है सही रीज़न है चेक डिस डिसऑनर हुआ
- 3:14:04है। बिल्कुल सही बात है। पर वो इस बात पे
- 3:14:06ध्यान नहीं देता है कि इस पर्सन ने
- 3:14:08डायरेक्टली स्यू कर दिया है। डायरेक्टली
- 3:14:10स्यू कर दिया है। मुझे यहां से दिक्कत है
- 3:14:12बेटा। डायरेक्टली आप उसके अगेंस्ट में केस
- 3:14:14नहीं कर सकते। आप बात समझो। आपको तीनों
- 3:14:17कंडीशन फुलफिल करनी पड़ेगी। तीनों कंडीशन
- 3:14:20फुलफिल करनी पड़ेगी। पहले 3 महीने में
- 3:14:22प्रेजेंट करो। क्या किया उसने? किया होगा
- 3:14:24उसने। डिमांड नोटिस नहीं भेजा उसने 30 दिन
- 3:14:27का। उसने वापस से 15 दिन नहीं दिए उसको
- 3:14:29पेमेंट करने के लिए। उसने दोनों कंडीशन
- 3:14:31फुलफिल नहीं करी। तो मेरी बात सुनो। ये जब
- 3:14:34भी हुआ है बेटा कब हुआ है ये? उसने चेक
- 3:14:36इशू किया है 14th ऑफ जून को। बैंक ने
- 3:14:40इनफॉर्म किया 19th ऑफ जून को। बैंक ने अगर
- 3:14:4219th ऑफ जून को इनफॉर्म किया है ना राजा?
- 3:14:45हां। तो आप वहां से मान के चलो अगर
- 3:14:47मैक्सिमम 45 डेज भी काउंट कर लेता हूं
- 3:14:49मैं। है ना? तो उसको 18th जुलाई तक जाना
- 3:14:52पड़ेगा। देखना कैलकुलेट कर लेना बेटा। आगे
- 3:14:54पीछे हो सकता है। 19 जून से हां 19 जुलाई
- 3:14:57बराबर है। हां। 19 जुलाई तक तो उसको
- 3:15:00डिमांड नोटिस देना था और उसके बाद 15 दिन
- 3:15:03बाद उसको और टाइम मिलता तो बेटा फिर ना
- 3:15:06यार ऐसा मत करो यार आपने दो कंडीशन तो
- 3:15:08फुलफिल करी नहीं है और आपने डायरेक्टली सु
- 3:15:10कर दिया है नहीं होगा तो ये क्वेश्चन आपसे
- 3:15:12पूछ रहा है क्या रीज़न दो क्या सूट
- 3:15:14मेंटनेबल है इसका आंसर होगा कि सूट
- 3:15:16मेंटनेबल नहीं है बेटा इस बात का ध्यान
- 3:15:18रखना थोड़ा अलग क्वेश्चन है थोड़ा अलग
- 3:15:20क्वेश्चन है इसलिए जल्दी-जल्दी में गलत मत
- 3:15:22कर देना ठीक है चलो ये डिसऑनर आपका यहां
- 3:15:24पर एंड होता है अब चालू होगा अपना एक और
- 3:15:27बड़ा टॉपिक जो है प्रेजेंट मेंट का
- 3:15:29प्रेजेंटमेंट में बच्चे घबराते हैं
- 3:15:30क्योंकि पता नहीं प्रेजेंटमेंट के अंदर
- 3:15:32क्या लिखना है, कैसे लिखना है। बहुत सारे
- 3:15:33सेक्शंस हैं। बट अगेन कोई टेंशन की बात
- 3:15:35नहीं है। तसल्ली से प्रेजेंटमेंट आपको
- 3:15:37पढ़ाऊंगा। थोड़ा अलग स्टाइल से पढ़ाऊंगा। आइए
- 3:15:39देखते हैं। चलिए अब प्रेजेंटमेंट की बात
- 3:15:42क्या है? देखो समझना जरा। प्रेजेंट करना
- 3:15:45यानी कि ऑब्वियसली जिसके लिए ये चैप्टर
- 3:15:47एंड तक पहुंचा है। यानी कि आपने बोला हमने
- 3:15:51नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट बनाया। अब लाइए
- 3:15:52पेमेंट। तो प्रेजेंटमेंट का जो पूरा सीरीज
- 3:15:55है वो 61 टू 77 लंबा है। इसमें काम के
- 3:15:58सेक्शंस दो-तीन हैं जो आपको याद रखने लायक
- 3:16:00हैं वो मैंने यहां पर लिख रखे हैं। सबसे
- 3:16:02पहले आपको दो सेक्शन पे ध्यान देना है। 61
- 3:16:05और 64 ये आपको समझने के लिए मैंने यहां पर
- 3:16:08चार्ट बनाया है। देखो प्रेजेंटमेंट कौन
- 3:16:10करता है? पेमेंट के लिए प्रेजेंटमेंट कौन
- 3:16:12करेगा? ऑब्वियसली वो करेगा जिसको पेमेंट
- 3:16:14चाहिए। तो पेई है। अब पेई पेमेंट के लिए
- 3:16:17प्रेजेंट करेगा। हर केस में देख लो।
- 3:16:20प्रॉमिसरी नोट के लिए वो मेकर को प्रेजेंट
- 3:16:22करेगा। बिल ऑफ एक्सचेंज के लिए वो
- 3:16:25एक्सेप्टर को जिसने एक्सेप्ट किया है वो
- 3:16:27पेमेंट करने वाला है उसको प्रेजेंट करेगा।
- 3:16:29चेक के केस में वो ड्रई यानी कि बैंक को
- 3:16:32प्रेजेंट करेगा कि लाओ भैया मेरा पेमेंट
- 3:16:33लाओ। तो सेक्शन 64 बहुत सिंपल है। वो बोल
- 3:16:37रहा है पेमेंट के लिए प्रेजेंटमेंट ऐसे
- 3:16:39किया जाता है। और अगर पेमेंट नहीं होता
- 3:16:43है। पेमेंट अगर हो गया तो भैया सब कुछ
- 3:16:45बढ़िया है। नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट
- 3:16:47डिस्चार्ज हो जाएगा। बट अगर पेमेंट नहीं
- 3:16:50हुआ है, ठीक है? तो फिर वो नॉन पेमेंट की
- 3:16:53वजह से डिसऑनर हो जाता है। ये तो सिर्फ
- 3:16:56पेमेंट की सिचुएशन है सेक्शन 64 के अंदर।
- 3:16:59बट कभी-कभी प्रेजेंटमेंट किया जाता है फॉर
- 3:17:02एक्सेप्टेंस। ये 61 के अंदर है। अब
- 3:17:05एक्सेप्टेंस के लिए प्रेजेंट करना सिर्फ
- 3:17:07बिल ऑफ एक्सचेंज के केस में होगा। ओनली इन
- 3:17:10केस ऑफ़ बिल ऑफ एक्सचेंज। कैसे? आपको सिंपल
- 3:17:12सा पता है। पहले तो आप प्रेजेंट करते हो
- 3:17:15कि भैया ड्रई तू एक्सेप्ट कर लेना। दे दे
- 3:17:18भाई एक्सेप्ट कर ले। ठीक है? तो
- 3:17:20एक्सेप्टेंस के लिए आपने पहले
- 3:17:22प्रेजेंटमेंट नंबर वन किया। फिर जब पेमेंट
- 3:17:26चाहिए होता है तो जो पेई होता है वो
- 3:17:28एक्सेप्टर को बोलता है यानी कि जो पहले
- 3:17:31ड्रई था कि लाभ ही पैसे दे दे। ठीक है? तो
- 3:17:34दो तरीके से प्रेजेंटमेंट हो रहा है। तो
- 3:17:36एक एडिशनल लेयर ऑफ़ प्रेजेंटमेंट क्या ऐड
- 3:17:38हो रही है? एडिशनल लेयर ऑफ़ प्रेज़ेंट ऐड हो
- 3:17:41रही है किसके अंदर? ओनली इन केस ऑफ़ बिल ऑफ़
- 3:17:44एक्सचेंज। तो अगर एक्सेप्टर एक्सेप्ट कर
- 3:17:47लेता है तो बढ़िया वो पेमेंट कर देगा। पहली
- 3:17:49स्टेज तो क्लियर हो गई। बट अगर वो
- 3:17:51एक्सेप्ट ही नहीं करता है डिसऑनर। डिसऑनर
- 3:17:55फॉर नॉन एक्सेप्टेंस। डिसऑनर फॉर नॉन
- 3:17:57एक्सेप्टेंस। और अगर वो पेमेंट नहीं करता
- 3:17:59है तो वो यहां पर आ गया। पेमेंट वाला तो
- 3:18:02यहां पर आ गया ना। बिल ऑफ एक्सचेंज के केस
- 3:18:04में अगर एक्सेप्टर पेमेंट नहीं करता है तो
- 3:18:06वो यहां पर आ गया। 61 के हिसाब से डिसऑनर
- 3:18:08हो जाएगा। तो एक्सेप्टेंस का डिसऑर्डर
- 3:18:10यहां पर है। पेमेंट का डिसऑर्नर यहां पर
- 3:18:12है। अब क्या इनसे रिलेटेड कुछ रूल्स है
- 3:18:15क्या? देखो प्रेजेंटमेंट से रिलेटेड कुछ
- 3:18:17बातें हैं। जैसे बेसिक रूल, जनरल रूल। एक
- 3:18:21काम करो। इससे मत पढ़ो। डायरेक्टली अपन
- 3:18:24समरी शीट से पढ़ते हैं। इधर आओ। हां। ये
- 3:18:26रही समरी शीट। समरी फॉर प्रेजेंटमेंट।
- 3:18:29प्रेजेंटमेंट फॉर पेमेंट 64 मैंने बता
- 3:18:31दिया। पे ही करेगा मेकर को, एक्सेप्टर को,
- 3:18:34ड्रई को। अब 61 मैंने आपको पढ़ाया। 61 के
- 3:18:37अंदर एक्सेप्टेंस के लिए होता है। ओनली इन
- 3:18:39केस ऑफ बिल ऑफ एक्सचेंज। अब इससे रिलेटेड
- 3:18:42रूल्स थोड़े से समझना। अगर आप एक्सेप्टेंस
- 3:18:45के लिए अगर आप एक्सेप्टेंस के लिए
- 3:18:47प्रेजेंट कर रहे हो। अच्छा पहली बात प्लेस
- 3:18:50क्या होगी? समय क्या होगा? टाइम, प्लेस,
- 3:18:53डेट क्या होगी? डेट छोड़ो। देखो भैया, इफ
- 3:18:57प्लेस ऑफ़ प्रेजेंटमेंट इज़ स्पेसिफिक, देन
- 3:18:59फॉलो दैट। आपको क्या करना है? देखो, मैं
- 3:19:01हमेशा यही बोलता हूं। मैं हमेशा यही बोलता
- 3:19:03हूं। अगर अगर बोला गया है इंस्ट्रक्शन है
- 3:19:06कि इट इज टू बी प्रेजेंटेड एट अ पर्टिकुलर
- 3:19:09प्लेस। अगर उसने बोला है घोपचे में आके दे
- 3:19:11ना तो घोपचे में आके देने का ना। सिंपल सी
- 3:19:15बात है। ठीक है? तो प्रेजेंटमेंट आपको
- 3:19:17स्पेसिफिक तरीके से करना पड़ेगा। अगर कुछ
- 3:19:19भी मेंशन नहीं किया है तो आपको रीज़नेबल
- 3:19:22टाइम फॉलो करना पड़ेगा। बिजनेस आवर्स में
- 3:19:24जाना पड़ेगा। बिजनेस डे को सेलेक्ट करना
- 3:19:27पड़ेगा और आप जाना उसके घर पे मत। उसके
- 3:19:30प्लेस ऑफ बिजनेस पे जाना। अगली बात क्या
- 3:19:34प्रेजेंट करते ही हाथों हाथ उसके सिर पर
- 3:19:37बैठ जाओगे? पैसा ला पैसा ला पैसा ला पैसा
- 3:19:38ला। ए भैया शांति रख ले यार क्या कर रहा
- 3:19:41है भाई? थोड़ा समय तो दे। आजा क्या करना
- 3:19:43है? 48 आवर्स देने पड़ेंगे। 48 घंटे आपको
- 3:19:47देने पड़ेंगे। ऐसा कौन बोल रहा है? सेक्शन
- 3:19:4963 बोल रहा है। सेक्शन 63 ने बोला है कि
- 3:19:52आपको होल्डर को एक्सेप्ट करने के बाद में
- 3:19:5548 आवर्स देना पड़ेगा। किस चीज के लिए?
- 3:19:59पेमेंट करने के लिए। ठीक है? एक्सेप्ट
- 3:20:01करने के लिए बेसिकली कि भैया चलो मैं मैं
- 3:20:03आपको पेमेंट करूंगा। ठीक है? आप मुझे 48
- 3:20:04आवर्स दो। इसमें पब्लिक हॉलिडेज़ आपको
- 3:20:07एक्सक्लूड करने हैं। पब्लिक हॉलिडज़ आपको
- 3:20:10एक्सक्लूड करने हैं। ठीक है? सो अलाउ 48
- 3:20:12आवर्स टू द होल्डर टू एक्सेप्ट दी बिल।
- 3:20:15ओके? अब आगे बढ़ो। सर, अगर बहुत ढूंढने के
- 3:20:18बाद में, जांच पड़ताल करने के बाद में,
- 3:20:21रीज़नेबल सर्च करने के बाद में अगर वो बंदा
- 3:20:23नहीं मिलता है, तो क्या बिल डिसऑनर हो
- 3:20:25जाएगा? बिल डिसऑनर हो जाएगा। और अगर
- 3:20:28प्रेजनमेंट के अंदर ही डिफॉल्ट हो गया तो
- 3:20:30भैया फिर तो बात ही खत्म हो गई ना। दोनों
- 3:20:32की दोनों पार्टीज लायबल नहीं रहेगी
- 3:20:34क्योंकि प्रेजनमेंट ही यहां पर बराबर ढंग
- 3:20:36से नहीं हुआ है। यही सारे जो पॉइंट्स हैं
- 3:20:38वो मैंने यहां पर लिख रखे हैं। 1 2 3 4
- 3:20:41स्पेसिफिक है तो फॉलो दैट। अगर नहीं है तो
- 3:20:44प्लेस ऑफ बिनेस पे जाना। रीज़नेबल टाइम में
- 3:20:46जाना, बिनेस आवर्स में जाना, उसी बिनेस डज़
- 3:20:49पे जाना। रीज़नेबल सर्च के बाद भी अगर ड्रई
- 3:20:53नहीं मिल रहा है, ड्रई कैन नॉट बी फाइंड
- 3:20:55तो बिल डिसऑनर हो जाएगा। और अगर प्रेजेंट
- 3:20:57में डिफॉल्ट हुआ तो नो पार्टी इज लायबल।
- 3:21:00ठीक है? सेक्शन 63 61 से कनेक्टेड है। 63
- 3:21:03ने क्या बोला? 48 घंटे कि होल्डर विल अलाउ
- 3:21:0648 आवर्स टू ड्रई टू एक्सेप्ट द बिल।
- 3:21:09होल्डर बोल रहा है कि मैंने ड्रई को बोला
- 3:21:11है कि भैया चल तू पेमेंट ला। मैंने जाके
- 3:21:13दिखा दिया तुझको। ये ले यार। चल पेमेंट
- 3:21:15कर। 48 घंटे देना। वो समझेगा करेगा पेमेंट
- 3:21:18करेगा। शांति रखना। ठीक है? इसमें पब्लिक
- 3:21:20हॉलिडेज एक्सक्लूड किए गए हैं। चलो अब आता
- 3:21:23है 62। 62 स्पेसिफिक बात करता है
- 3:21:26प्रॉमिसरी नोट के बारे में। प्रॉमिसरी नोट
- 3:21:28के बारे में भी सारी चीजें सिमिलर चलती
- 3:21:30है। अगर प्रॉमिसरी नोट आफ्टर साइट बनाया
- 3:21:33गया है, ऑन साइट बनाया गया है। इसका मतलब
- 3:21:36क्या है? कि तू दिखाएगा दर्शन करवाएगा
- 3:21:38उसके बाद में हम टाइम पीरियड कैलकुलेट
- 3:21:40करेंगे। तो देखो सिंपल सी बात है।
- 3:21:42प्रॉमिसरी नोट जो है उसको अगर आफ्टर साइड
- 3:21:45बनाया गया है तो आपको प्रेजेंट भी करना
- 3:21:47पड़ेगा इन रीज़नेबल टाइम। इन रीज़नेबल। अब
- 3:21:50देखो रीज़नेबल तो बहुत अलग है यार। रीज़नेबल
- 3:21:52का क्राइटेरिया तो बहुत अलग है बच्चा यार।
- 3:21:54तुम बोलोगे सर रीज़नेबल टाइम कितना होना
- 3:21:56चाहिए? बताऊं मैं आपको सही से बताऊं?
- 3:21:57प्रैक्टिकल नहीं है। रीज़नेबल टाइम तो फिर
- 3:21:59टाइम बाद डेट के हिसाब से चलता है। मुझे
- 3:22:01एक बात बताओ। 3 साल का टाइम दिया गया है
- 3:22:03टाइम बाद डेट के लिए। अब मुझे एक बात बताओ
- 3:22:05क्या करना है? क्या 3 साल तक रोक के रखोगे
- 3:22:07क्या? तो रीज़नेबल टाइम तो बेटा सब्जेक्टिव
- 3:22:09मैटर है। सब्जेक्टिव मैटर है। ठीक है? तो
- 3:22:12आपका डेप्ट कब तक सही हो सकता है? बट
- 3:22:14वैलिडिटी होनी चाहिए। अगर चेक है तो मामला
- 3:22:15खत्म हो जाएगा। मैच्योरिटी बिल ऑफ़
- 3:22:18एक्सचेंज की आ जाएगी। तो भैया आपने बिल ऑफ
- 3:22:20एक्सचेंज कब तक आप इनफाइनाइट टाइम्स उसको
- 3:22:22ट्रांसफर करोगे जब तक उसकी मैच्योरिटी
- 3:22:24नहीं आएगी। ठीक है? अब मेरी बात सुनना।
- 3:22:26यहां पर आना। इतना अंदर मत जाओ। इस टॉपिक
- 3:22:28में इतना अंदर नहीं जाने का है। आपने
- 3:22:29सेक्शन समझने का है। 64 पेमेंट के लिए 61
- 3:22:33आपका एक्सेप्टेंस के लिए। 63 साथ में
- 3:22:36जुड़ा हुआ है। उसने बोला 48 आवर्स देना।
- 3:22:3962 प्रॉमिसरी नोट के लिए है। प्रॉमिसरी
- 3:22:41नोट के लिए आपको बोला गया है कि आप मेकर
- 3:22:43को रीज़नेबल टाइम में प्रेजेंट कर देना।
- 3:22:45वही बिज़नेस आवर्स, बिज़नेस डेज़, प्लेस
- 3:22:48वगैरह-वगैरह वगैरह सब कुछ चीजें सेम हैं।
- 3:22:50वही चीज़ें रिपीट हो रही है कि अगर वो नहीं
- 3:22:52मिलता है तो प्रॉमिसी नोट भी डिसऑनर हो
- 3:22:54जाएगा। ये पॉइंट तो रिपीट मोड में चलेंगे
- 3:22:56और अगर डिफॉल्ट हुआ यानी कि ढंग से
- 3:22:58प्रेजेंट नहीं हुआ तो कोई भी पार्टी लायबल
- 3:23:00नहीं है। ये आप देखो ये वाले पॉइंट और ये
- 3:23:02वाले पॉइंट आपको सिमिलर मिलेंगे। बस
- 3:23:04प्रॉमिसिव नोट के लिए सेक्शन अलग से बनाया
- 3:23:06गया है। ठीक है? ये हो गया आपका 61, 62,
- 3:23:1063 और 64। ये आपके चार सेक्शंस यहां पर
- 3:23:13कंप्लीट होते हैं। अब मेरी बात सुनना। 64
- 3:23:16के केस में उन्होंने एक छोटा सा एक्सेप्शन
- 3:23:19दिया है। पर पता है क्या है? मैं इस
- 3:23:20एक्सेप्शन को क्रॉस करना चाहता हूं।
- 3:23:22इन्होंने पता है क्या एक्सेप्शन दिया है?
- 3:23:24कि अगर कोई प्रॉमिसरी नोट पेएबल टू पेएबल
- 3:23:27पेएबल ऑन डिमांड है। क्या बोला बेटा? क्या
- 3:23:30बोला? अगर कोई प्रॉमिसरी नोट पेएबल ऑन
- 3:23:33डिमांड है। ठीक है? क्रॉस मैं इसलिए कर
- 3:23:34रहा हूं कि चलो ठीक है। छोड़ो आप इसको पर
- 3:23:36पढ़ लो।
- 3:23:38अगर कोई प्रॉमिसरी नोट पेएबल ऑन डिमांड है
- 3:23:40एंड इट इज नॉट पेएबल एट अ स्पेसिफाइड
- 3:23:44प्लेस। मतलब कोई स्पेसिफाइड प्लेस भी नहीं
- 3:23:46बोली गई है। उन्होंने नहीं बोला है कि
- 3:23:48भैया आप हमको यहां पर आके प्रेजेंट करना
- 3:23:50ऐसे प्रेजेंट करना और प्रॉमिसी नोट है।
- 3:23:52पेएबल ऑन डिमांड है। अब मुझे एक बात बताओ
- 3:23:56पेएबल ऑन डिमांड क्या प्रॉमिस नोट आप बना
- 3:23:58सकते हो। तो आपको पता होना चाहिए पेएबल ऑन
- 3:24:00डिमांड प्रॉमिसी नोट बन सकता है बट पेएबल
- 3:24:03टू ऑर्डर ही बन सकता है। ऑब्वियस सी बात
- 3:24:04है। करेक्ट है? पेएबल टू बेयरर तो प्रॉमिस
- 3:24:07नोट हम लोग बना ही नहीं सकते ना। बेरर तो
- 3:24:09बन ही नहीं सकता। तो पेएबल टू ऑर्डर ही
- 3:24:11बनेगा। चलो पेएबल टू ऑर्डर अगर बनाया है
- 3:24:14मतलब मैंने बोला है मैंने प्रॉमिस करा है
- 3:24:17सीजे ने डीजे को कि मैं तुझे ₹1 लाख
- 3:24:19दूंगा। मैं ये प्रॉमिस करता हूं। कब?
- 3:24:22मैंने टाइम नहीं लिखा। मैंने ये भी नहीं
- 3:24:24लिखा कि ऑन डिमांड है। कुछ भी नहीं। मैंने
- 3:24:26टाइम ही नहीं लिखा तो ऑटोमेटिकली ऑन
- 3:24:27डिमांड हो गया वो। अच्छा ठीक है। एंड नॉट
- 3:24:29पेएबल एट अ स्पेसिफाइड प्लेस। मतलब कोई
- 3:24:32स्पेसिफाइड प्लेस पे मैंने पेएबल होने की
- 3:24:34उस पे कोई रिक्वायरमेंट भी नहीं डाली है।
- 3:24:36तो इनका कहना है उस सिचुएशन के अंदर आपको
- 3:24:38प्रेजेंटमेंट करना जरूरी नहीं है। ऐसी
- 3:24:41सिचुएशन में आपको प्रेजेंटमेंट करना जरूरी
- 3:24:42नहीं है। देखो इस एक्सेप्शन के ऊपर ना
- 3:24:45शायद तक एक क्वेश्चन आया हुआ है। ये देखो
- 3:24:47ये वाला क्वेश्चन देखो आप। एक बंदे ने
- 3:24:49दूसरे बंदे से वॉच पर परचेस करी। उसने
- 3:24:51प्रॉमिस नोट इशू करा पेएबल ऑन डिमांड बट
- 3:24:54कोई भी स्पेसिफिक प्लेस उसने पेमेंट के
- 3:24:57लिए नहीं बोली। मेंशन नहीं करा मैच्योरिटी
- 3:24:59होने के ऊपर। अब मैच्योरिटी होने के ऊपर
- 3:25:01देखो आपने प्लेस तो बोला नहीं था। आपने
- 3:25:03पेएबल ऑन डिमांड बोला है। तो अब क्या आप
- 3:25:05इंतजार करोगे? मैं आके आपको प्रेजेंट
- 3:25:06करूं। अरे भैया जब तूने बोला एक महीने के
- 3:25:08अंदर तू पैसा देगा। कोई प्लेस फेस स्पेश
- 3:25:11स्पेशली मेंशन नहीं है तो तू पैसा दे दे
- 3:25:13ना फिर। वही बोल रहे हैं। बी ने प्रेजेंट
- 3:25:15नहीं करा प्रॉमिसरी नोट को। अब एज द
- 3:25:18प्रॉमिसरी नोट वाज़ नॉट ड्यूली प्रेजेंटेड।
- 3:25:19अब इन भाई साहब का कहना है कि जब
- 3:25:21प्रेजेंटमेंट पे डिफॉल्ट आ गया तो कोई भी
- 3:25:23पार्टी लायबल नहीं होगी और मैं मेरी
- 3:25:24लायबिलिटी से डिस्चार्ज हो जाऊंगा। इसका
- 3:25:26आंसर आएगा बेटा नो। इसका आंसर आएगा नो।
- 3:25:29सेक्शन 64 तो आप लिखोगे। 64 के साथ में
- 3:25:32आपको यह वाली बात भी लिखनी है कि अगर
- 3:25:34प्रॉमिसी नोट पेएबल ऑन डिमांड होता है,
- 3:25:36कोई स्पेसिफाइड प्लेस पे नहीं होता है, तो
- 3:25:38प्रेजेंटमेंट की जरूरत यहां पर आपको नहीं
- 3:25:40है। हेंस ए वुड नॉट बी डिस्चार्ज फ्रॉम
- 3:25:42हिज़ लायबिलिटी इफ द नॉन प्रेजेंटमेंट बाय
- 3:25:44बी एज़ द प्रॉमिसी नोट वाज़ पेएबल ऑन डिमांड
- 3:25:48एंड नो स्पेसिफाइड डेट वाज़ प्लेस वाज़
- 3:25:50मेंशंड। ठीक है? ये एक छोटा सा एक्सेप्शन
- 3:25:53है। नॉट सोेंट फॉर योर एग्जामिनेशन। बट
- 3:25:56ठीक है। चलो। अब मुझे एक बात बताओ। सर
- 3:25:59क्या पेमेंट से रिलेटेड कोई रूल्स है
- 3:26:01क्या? पेमेंट से रिलेटेड रूल्स बहुत ही
- 3:26:03ज्यादा सिमिलर है बेटा। बहुत ही ज्यादा
- 3:26:04सिमिलर है। मैं आपको बता देता हूं। देखो
- 3:26:07स्पेसिफाइड प्लेस बोल रखी है तो
- 3:26:09स्पेसिफाइड प्लेस पे करना।
- 3:26:12इट मस्ट बी प्रेजेंटेड फॉर पेमेंट एट अ
- 3:26:15स्पेसिफाइड प्लेस। वहां पर भी यही था।
- 3:26:17यहां पर भी यही है। पेमेंट के लिए भी यही
- 3:26:19बात चलेगी। ठीक है? व्हाई? इन ऑर्डर टू
- 3:26:22चार्ज। चार्ज मतलब करना होता है स्यू
- 3:26:24करना। इन ऑर्डर टू चार्ज दी मेकर और द
- 3:26:26ड्रॉ। अगर आप चाहते हो कि आप सामने वाले
- 3:26:28के ऊपर स्यू कर सको तो अगर उसने
- 3:26:30स्पेसिफाइड प्लेस बोला है तो आप
- 3:26:31स्पेसिफाइड प्लेस पे ही उसको प्रेजेंट
- 3:26:33करना पेमेंट के लिए। ठीक है? अगर कोई भी
- 3:26:36एक्सक्लूसिव प्लेस नहीं है तो आपको उसके
- 3:26:38बिजनेस प्लेस पे जाना है। वैसे तो अगर
- 3:26:41प्लेस ऑफ बिनेस नहीं है, उसका कोई यूजुअल
- 3:26:43प्लेस ऑफ रेजिडेंस है, आप वहां पर भी जा
- 3:26:46सकते हो अगर कोई प्लेस ऑफ़ बिज़नेस नहीं है
- 3:26:47तो। ठीक है? ओके। अब मेरी बात सुनना।
- 3:26:51अगर मेकर का कोई भी नोन प्लेस ऑफ बिजनेस
- 3:26:55नहीं है, कोई रेजिडेंस भी नहीं है, हमको
- 3:26:57पता ही नहीं है। तो वह जहां मिले वहां पर
- 3:26:59पकड़ के धो देना उसको। मतलब इट मे बी मेड
- 3:27:03टू हिम इन पर्सन वेयरवर ही कैन बी फाउंड।
- 3:27:06जहां पर भी वो मिले उसको कर देना। जहां भी
- 3:27:08जहां पर भी मिले उसको कर देना। ठीक है?
- 3:27:10बाकी अगर ये सब चीजें ना हो तो आपको
- 3:27:13रीज़नेबल वाला तरीका फॉलो करना है। दैट इज
- 3:27:15दैट इज डिमांड इंस्ट्रूमेंट हमेशा रीज़नेबल
- 3:27:19टाइम पर जाएगा। हमेशा रीज़नेबल टाइम पर
- 3:27:21जाएगा डिमांड इंस्ट्रूमेंट। तो ठीक है? और
- 3:27:23टाइम इंस्ट्रूमेंट जो होता है वो
- 3:27:25मैच्योरिटी पर जाएगा। ये बातें भी क्लियर
- 3:27:27है हमको। ठीक है? आवर्स हमेशा आपके बिजनेस
- 3:27:30आवर्स होंगे। ठीक है? उन्होंने अगली बात
- 3:27:32बोली कि सर कभी-कभी प्रॉमिस नोट पेएबल
- 3:27:34होता है इंस्टॉलमेंट के अंदर। इंस्टॉलमेंट
- 3:27:36के अंदर मतलब मैंने पहले बोला कि मैं आपको
- 3:27:39₹5,000 फर्स्ट जनवरी को दूंगा। फिर ₹5,000
- 3:27:42मैं 1 फरवरी को दूंगा। तो उन्होंने बोला
- 3:27:44कि कुछ नहीं है अगर इंस्टॉलमेंट पे भी है
- 3:27:46ना तो इन सबके अंदर तीन-तीन दिन तीन-तीन
- 3:27:49दिन ग्रेस के ऐड कर लेना। ग्रेस के थ्री
- 3:27:53थ्री-थ्री डेज ऐड कर लेना। बस इतनी सी बात
- 3:27:55चल रही है। ये सब चिंदी बातें बेटा। मेन
- 3:27:57बात तो ये वाली है। क्या हम एक्सेप्टेंस
- 3:28:00के लिए और पेमेंट के लिए उस बंदे को
- 3:28:02प्रेजेंट ना करके क्या हम उसके एजेंट को
- 3:28:04प्रेजेंट कर सकते हैं? द आंसर इज़ यस। अगर
- 3:28:07डेथ हो गई है तो क्या लीगल रिप्रेजेंटेटिव
- 3:28:09को प्रेजेंट कर सकते हैं? द आंसर इज़ यस।
- 3:28:11अगर कोई बंदा इनसॉल्वेंट हो गया है और
- 3:28:14कोर्ट ने ऑफिशियल असाइनी उसके लिए रखा है
- 3:28:16तो क्या हम उस असाइनी को प्रेजेंट कर सकते
- 3:28:18हैं? द आंसर इज़ यस। बिल्कुल कर सकते हो।
- 3:28:20एजेंट को, लीगल रिप्रेजेंटेटिव को, असाइनी
- 3:28:23को आप प्रेजेंट कर सकते हो। ऐसा सेक्शन 75
- 3:28:26ने बोला है। पर 75 को मैं कनेक्ट करना
- 3:28:28चाहूंगा सेक्शन 57 के साथ में। इस शीट को
- 3:28:31बोलता हूं मैं 57 एंड 75। क्यों? बहुत
- 3:28:35ध्यान से सुनना। लीगल रिप्रेजेंटेटिव की
- 3:28:37अगर बात आ रही है तो सेक्शन 57 पर मैं
- 3:28:39आपको ले जाना चाहूंगा जो आगे हमने पढ़ा
- 3:28:41था। अगर आपको याद हो तो बड़े बच्चन और
- 3:28:43छोटे बच्चन का एग्जांपल अपन ने लिया था।
- 3:28:45वहां पर अपन ने कहा था कि लीगल
- 3:28:47रिप्रेजेंटेटिव
- 3:28:49डिलीवरी करके नेगोशिएट नहीं कर सकता। यानी
- 3:28:53कि ट्रांसफर नहीं कर सकता कंप्लीट नहीं कर
- 3:28:56सकता। वहां पर जो बात बोली गई है ना बेटा
- 3:28:58वो अलग है। वहां पर जो बात बोली गई थी वो
- 3:29:01बोली गई है डिलीवरी से रिलेटेड। डिलीवरी
- 3:29:04हमेशा होती है पेयर के पॉइंट ऑफ व्यू से।
- 3:29:06यानी कि जो पेमेंट करने वाला है, पेमेंट
- 3:29:10करने वाला है। मेरी बात सुनो। अमिताभ
- 3:29:13बच्चन ने बड़े बच्चन ने सिग्नेचर करके
- 3:29:16इंडोर्स करके रखा था। इंडोर्स्ड था पर
- 3:29:19डिलीवरी नहीं हुई थी। अब यहां पर लीगल
- 3:29:21रिप्रेजेंटेटिव कह रहा है कि मैं डिलीवरी
- 3:29:23कर दूंगा और मैं उसको कंप्लीट कर दूंगा।
- 3:29:25नहीं बेटा ये गलत है। ये सेक्शन 57 है। बट
- 3:29:2975 क्या बोल रहा है? 75 जो है वो
- 3:29:33प्रेजेंटमेंट के एंगल से है। और
- 3:29:34प्रेजेंटमेंट किसके एंगल से होता है? पेई
- 3:29:37के एंगल से होता है। पेई के एंगल से मतलब
- 3:29:39जिसको पैसा चाहिए वो प्रेजेंट करता है ना।
- 3:29:42अरे प्रेजेंटमेंट कौन कर रहा है?
- 3:29:43प्रेजेंटमेंट वो कर रहा है जिसको पैसा
- 3:29:45चाहिए। तो पैसा चाहिए तो भाई मैं गया
- 3:29:48प्रेजेंट करने के लिए। सिंपल सी बात है।
- 3:29:50हां। तो मैं प्रेजेंट कर रहा हूं। आप नहीं
- 3:29:52हो। आपके लीगल रिप्रेजेंटेटिव हो तो हम कर
- 3:29:55सकते हैं। क्या दिक्कत की बात है? ठीक है?
- 3:29:57सो पेई कैन प्रेजेंट दी इंस्ट्रूमेंट टू
- 3:30:00एलआर। ये बात तो पक्की है। हम एलआर से
- 3:30:03पैसे ले तो सकते हैं। कोई दिक्कत की बात
- 3:30:05नहीं है। हम उसको प्रेजेंट करके बोल सकते
- 3:30:07हैं कि भैया बड़े बच्चन का पैसा था तुम
- 3:30:08मुझको दो। छोटे बच्चों को आप जाके
- 3:30:10प्रेजेंट कर सकते हो फॉर पेमेंट। बट एलआर
- 3:30:13कैन नॉट डिलीवर। ये आपका सेक्शन 57 है। तो
- 3:30:17एलआर डिलीवरी तो नहीं कर सकता पर एलआर को
- 3:30:20आप प्रेजेंट कर सकते हो। ये 57 और 75 की
- 3:30:24जुगलबंदी है बेटा जो आपको ध्यान यहां पर
- 3:30:26रखनी है। ठीक है? अब एक छोटा सा सेक्शन है
- 3:30:2975 ए। 75 ए ने ये बोला है क्या ऐसा कोई
- 3:30:33एक्सक्यूज क्या ऐसा कोई एक्सक्यूज चलेगा
- 3:30:36जो आपके किसी के भी कंट्रोल में नहीं है?
- 3:30:38आइए वो देखते हैं। देखो इस सेक्शन का यह
- 3:30:41कहना है एक्सक्यूज जैसे हम क्यों मान रहे
- 3:30:43हैं इसको? क्योंकि डिले जो हुआ है ना इट
- 3:30:45इज़ नॉट अंडर दी कंट्रोल ऑफ बोथ दी
- 3:30:47पार्टीज। कुछ सरकमस्ट्ससेस ऐसे हुए हैं जो
- 3:30:51बिय्ड आर कंट्रोल है। मतलब दोनों पार्टी
- 3:30:54का ना तो कोई मिसकंडक्ट है ना कोई
- 3:30:55नेगिजेंस है। इसका आंसर आता है कोविड
- 3:30:57जैसे। कोविड की सिचुएशन में बैंक्स वगैरह
- 3:30:59बंद हो गए। सारी सिचुएशन ऐसी हो गई। तो
- 3:31:01भैया क्या इसको एज एन एक्सक्यूज माना जा
- 3:31:03सकता है? द आंसर इज़ यस। कोई इशू की बात
- 3:31:06नहीं है। ठीक है? इसी के साथ में आपका
- 3:31:08प्रेजेंटमेंट का टॉपिक 75 सेक्शन तक यहां
- 3:31:10पर कंप्लीट होता है। अब 76 एक सेक्शन है
- 3:31:13जो बोलता है डायरेक्टली थ्योरिटिकल
- 3:31:15क्वेश्चन जहां से आने के चांसेस रहते हैं
- 3:31:17बेटा कि जहां पर प्रेजेंटमेंट अननेसेसरी
- 3:31:20यानी कि जरूरत ही नहीं है। मैंने इसको
- 3:31:22डिवाइड कर रखा है बेटा बहानेबाजी वाले
- 3:31:24रीज़ंस और जेन्युइन रीज़ंस। देखो भैया
- 3:31:27बहानेबाजी वाले रीज़न क्या है? सामने वाली
- 3:31:29पार्टी जो है वो इंटेंशनली प्रिवेंट कर
- 3:31:33रही है। इंटेंशनली प्रिवेंट कर रही है। कल
- 3:31:34आना, परसों आना, ये करना, वो करना। भैया
- 3:31:36बहानेबाजी कर रही है। मतलब उसने बोला
- 3:31:38प्लेस ऑफ बिनेस पे आओ। मैं जब भी जा रहा
- 3:31:40हूं वहां पर शटर गिरा हुआ है। वहां पर जब
- 3:31:42भी जाऊं मैं शटर गिरा हुआ है। उसने बोला
- 3:31:44कि यार आप वो वाले रेजिडेंस पे आना और
- 3:31:46वहां पर मैं जाता हूं। वो बोलते हैं कि
- 3:31:48वहां पर वो बंदा मिलेगा और मुझे कोई मिलता
- 3:31:50ही नहीं है। उस प्लेस को कोई अटेंड ही
- 3:31:52नहीं करता है। उस जगह कोई मिलता ही नहीं
- 3:31:53है। मतलब इतना रीज़नेबल ढूंढने के बाद भी
- 3:31:56वो बंदा मिल ही नहीं रहा है। उसने बोला
- 3:31:58जाना मामा जी से पैसे लेके आ। भैया मामा
- 3:32:00जी मिलते ही नहीं है। मामा जी मिलते ही
- 3:32:03नहीं है। टोटल जो पांच रीज़ंस हैं ये
- 3:32:05बहानेबाजी वाले रीज़न हैं। अगर ये रीज़ंस
- 3:32:08हैं प्रेजेंटमेंट इज़ अननेसेसरी। आपने अगर
- 3:32:11प्रेजेंटमेंट नहीं भी करा है तो भी हम
- 3:32:12उसको एक्सक्यूज कर देंगे। कोई दिक्कत की
- 3:32:14बात नहीं है। पर कुछ रीज़ंस जेन्युइन होते
- 3:32:16हैं। जैसे सामने वाला इंसान भला आदमी
- 3:32:19निकला। उसने मैच्योरिटी के पहले ही पार्ट
- 3:32:22पेमेंट कर दिया और उसने बाकी पेमेंट करने
- 3:32:24के लिए प्रॉमिस कर दिया। भला इंसान है
- 3:32:26यार। मैं प्रेजेंट करता उससे पहले तो उसने
- 3:32:28पेमेंट कर दिया यार। कितनी अच्छी बात है
- 3:32:30यार। कितनी अच्छी बात है। तो बहुत बहुत
- 3:32:32बढ़िया बात है। अच्छा कभी-कभी किसी किसी
- 3:32:34चीज में कोई-कोई आदमी संत भी होता है।
- 3:32:36देखो संत आदमी क्या होता है? उसका कह रहा
- 3:32:38है कि सुन भाई अगर तू प्रेजेंट नहीं करता
- 3:32:41है मेरे पास में राइट्स हैं। पर सुन मैं
- 3:32:44उस राइट को वेव ऑफ कर रहा हूं। मैं वेव कर
- 3:32:47रहा हूं अपने राइट को। मैं तेरे ऊपर सु भी
- 3:32:50नहीं करूंगा। कुछ भी नहीं करूंगा। छोड़
- 3:32:51बेटा कोई दिक्कत की बात नहीं। आई एम
- 3:32:52वेविंग ऑफ दिस राइट इन केस यू डिफॉल्ट इन
- 3:32:55प्रेजेंटिंग द इंस्ट्रूमेंट। कोई दिक्कत
- 3:32:57की बात नहीं है। और आखिरी केस होता है कि
- 3:33:01अगर इंस्ट्रूमेंट ढंग से प्रेजेंट नहीं भी
- 3:33:04होता है तो भी उस पर्सन को कोई डैमेजेस
- 3:33:07नहीं होने वाले हैं। ही वुड नॉट सफर एनी
- 3:33:09डैमेजेस। तो वो कह रहा है कि इट्स ओके।
- 3:33:11इट्स ओके। कोई दिक्कत की बात नहीं है। जब
- 3:33:13डैमेजेस नहीं होने वाले थे तो नॉन
- 3:33:14प्रेजेंटमेंट भी चलेगा। तो ये पांच और ये
- 3:33:17तीन रीज़ंस मिलाकर ये सारे रीज़ंस हैं जो
- 3:33:20मैंने यहां पर लिख रखे हैं। जब मेकर है,
- 3:33:23ड्रई है, एक्सेप्टर है, जिसको पेमेंट करना
- 3:33:26है वो इंटेंशनली प्रिवेंट करे तो
- 3:33:27प्रेजेंटमेंट अननेसेसरी है। प्लेस ऑफ
- 3:33:30बिनेस बंद मिले हमेशा हम बिजनेस आवर्स में
- 3:33:33जाते हैं। अननेसेसरी। उस प्लेस पे जाओ।
- 3:33:36वहां पर कोई मिलेगा। बिजनेस आवर्स में हम
- 3:33:38जाते हैं। कोई अटेंड नहीं करता है उस
- 3:33:40प्लेस पे। अननेसेसरी।
- 3:33:42बहुत ढूंढने के बाद में भी नहीं मिल रहा
- 3:33:45है। अननेसेसरी। कोई दूसरी पार्टी पेमेंट
- 3:33:48करेगी वो नहीं करती है अननेसेसरी। पार्ट
- 3:33:51पेमेंट ऑलरेडी हो चुका है। प्रेजेंटमेंट
- 3:33:53के पहले ही अननेसेसरी।
- 3:33:55अपना खुद का राइट उसने वेव ऑफ कर दिया है।
- 3:33:58अननेसेसरी। और अगेंस्ट दी ड्रर है कि अगर
- 3:34:02प्रेजेंटमेंट नहीं भी होता है तो ड्रअर को
- 3:34:05यानी कि बनाने वाले को इफ द ड्रर कुड नॉट
- 3:34:08सफर एनी डैमेज फ्रॉम दी वांट ऑफ सच
- 3:34:11प्रेजेंटमेंट। अगर प्रेजेंटमेंट ना भी करो
- 3:34:13तो उसका कोई नुकसान नहीं हो रहा है तो फिर
- 3:34:14ठीक है प्रेजेंटमेंट इज़ नॉट नेसेसरी। ये
- 3:34:17ऑलरेडी आठ रीज़ंस हैं जो 76 हमको बताता है।
- 3:34:22अब आखिरी सेक्शन है 77। 77 ने एक छोटी सी
- 3:34:26बात बोली है।
- 3:34:28बैंकर की लायबिलिटी होगी अगर बैंकर की
- 3:34:30गलती की वजह से मेरा इंस्ट्रूमेंट डिसऑनर
- 3:34:34हो जाता है तो और जिसमें मेरी कोई गलती
- 3:34:37नहीं थी। प्रेजेंटमेंट के लिए आपको
- 3:34:39प्रेजेंट किया गया। बैंकर की गलती है।
- 3:34:41बैंकर नेगिजेंट था तो फिर बैंकर को उसकी
- 3:34:45रिस्पांसिबिलिटी लेनी पड़ेगी और उसको
- 3:34:47कंपनसेेट करना पड़ेगा होल्डर को फॉर सच
- 3:34:51लॉस। क्यों? इंपॉर्टेंट वर्ड है कि बैंकर
- 3:34:53ने यहां पर नेग्लिजेंटली यहां पर एक्ट
- 3:34:56किया है। इंप्रोपर तरीके से उसने एक्ट
- 3:34:59किया है और उसने वापस से चेक रिटर्न कर
- 3:35:02दिया, डिसऑनर कर दिया। तो इसमें बैंकर
- 3:35:04लायबल होगा। ये है सेक्शन 77। नाउ द लास्ट
- 3:35:08सेक्शन व्हिच कम्स इज़ सेक्शन 117।
- 3:35:12सेक्शन 117 है। कंपनसेशन का सेक्शन है।
- 3:35:15इंपॉर्टेंट है। इंस्टट्यूट ने पहले भी
- 3:35:17बहुत बार क्वेश्चन पूछा है। अभी भी
- 3:35:19इंस्टट्यूट पूछ सकता है। कोई दिक्कत की
- 3:35:21बात नहीं है। इसलिए ऐसा मत सोचना कि बहुत
- 3:35:23बार आ चुका है तो अब नहीं आएगा। आ सकता
- 3:35:26है। बात है कंपनसेशन की। वेरीेंट फॉर
- 3:35:29एग्जाम। मेरी बात सुनो। ड्रअर है, मेकर है
- 3:35:32मिस्टर ए। मिस्टर बी के पास में आगे गया।
- 3:35:36मिस्टर सी के पास में आगे गया। मिस्टर डी
- 3:35:38के पास में आगे गया। मिस्टर ई के पास में
- 3:35:40आगे गया। मिस्टर ई ने बोला कि चलो भैया
- 3:35:42मुझे पेमेंट चाहिए। इन भाई साहब ने जाकर
- 3:35:45ये दिया ड्रॉअर को मेकर को कि लाइए भैया
- 3:35:48मुझे पेमेंट कर दीजिए। ड्रर मेकर ने
- 3:35:50पेमेंट नहीं करा। नहीं करा। अब जो पर्सन
- 3:35:54यहां पर मिस्टर ई गया था। मिस्टर ई को तो
- 3:35:57ये बात पता है कि भैया जो मैंने
- 3:35:59इंस्ट्रूमेंट है वो मेरा डिसऑनर हो गया
- 3:36:00है। बीच वाले लोगों को तो नहीं पता है ना।
- 3:36:03तो सारे बीच वाले लोगों को ये
- 3:36:05इंस्ट्रूमेंट प्रेजेंट करना पड़ता है कि
- 3:36:07सुन भाई डिसऑनर हो गया है। सुन भाई डिसऑनर
- 3:36:10हो गया है। सुन भाई डिसऑनर हो गया है।
- 3:36:12क्योंकि ये सारे बीच वाले जो लोग हैं ये
- 3:36:14भी तो उस चेन का हिस्सा है भैया। ई का
- 3:36:17कहना है मुझे डी से मिला है। डी का कहना
- 3:36:19है सी से मिला है। सी का कहना है बी से
- 3:36:21मिला है। तो भैया मुझे तो पेमेंट नहीं
- 3:36:23मिला ना। तो बाकी सारे लोगों को बोलने में
- 3:36:26खर्चा लगता है। भैया नोटिंग करवाई जाती
- 3:36:29है। हां प्रोटेस्ट किया जाता है और
- 3:36:32प्रोटेस्ट नोट नोट नोटिंग करके प्रोटेस्ट
- 3:36:35करके इन सब चीजों में खर्चा आता है। तो
- 3:36:37भैया हमारा यह कहना है हमारा यह कहना है
- 3:36:40हमको कंपनसेशन किन-किन चीजों का मिलेगा?
- 3:36:43तो अगर डिसऑनर हो जाता है प्रॉमिसी नोट
- 3:36:46बिल ऑफ एक्सचेंज या चेक बाय एनी पार्टी
- 3:36:48लायबल टू दी होल्डर देन कंपनसेशन शैल बी
- 3:36:53डिटरमाइंड बाय दी फॉलोइंग क्या-क्या है
- 3:36:55117 का कहना है कि पहले तो ड्यू अमाउंट
- 3:36:58आपको मिला मिलेगा फिर आपको एनपीपी के
- 3:37:01एक्सपेंसेस मिलेंगे यानी कि आपको मिलेगा
- 3:37:04नोटिंग का खर्चा प्रेजेंटिंग का खर्चा और
- 3:37:07प्रोटेस्टिंग का खर्चा यानी कि एनपीपी का
- 3:37:10आपको पैसा मिलेगा उसके बाद में आपको और भी
- 3:37:13कुछ नेसेसरी एक्सपेंसेस अगर आपके हुए हैं
- 3:37:16जैसे एडवोकेट एक्सपेंसेस हुए हैं आपके तो
- 3:37:19आपको वो भी मिलेगा। एड एडवोकेट एक्सपेंसेस
- 3:37:22भी आपको मिलेगा। अगर
- 3:37:24रेट ऑफ एक्सचेंज वाला कुछ लफड़ा है यानी
- 3:37:27कि प्लेस अलग-अलग है। प्लेसेस अलग-अलग है।
- 3:37:31इसका मतलब ये है कि अगर इफ दैट पर्सन
- 3:37:34रिसाइड्स एट सम अदर प्लेस व्हिच इज
- 3:37:37डिफरेंट फ्रॉम योर कंट्री तो वहां के
- 3:37:39लेट्स से वो ऑस्ट्रेलिया में है। तो
- 3:37:41ऑस्ट्रेलिया के रेट ऑफ एक्सचेंज में और
- 3:37:43यहां के एक्सचेंज रेट में अगर कुछ डिफरेंस
- 3:37:46आ रहा है तो जो डिफरेंस का अमाउंट है ₹5
- 3:37:49का जो डिफरेंस है एग्जांपल दिया है मैंने
- 3:37:51वो ₹5 का डिफरेंस भी आपको मिलेगा एंड
- 3:37:54लास्ट बट नॉट द लीस्ट आपको 18 टका मिलेगा
- 3:37:57पर एनम इंटरेस्ट मिलेगा आपको कब से मिलेगा
- 3:38:01जब से आपको पेमेंट मिलना चाहिए था और जब
- 3:38:03तक नहीं मिला है उस दौरान आपको 18% पर एनम
- 3:38:06आपको इंटरेस्ट भी मिलेगा तो टोटल ये चार
- 3:38:09चीजें आप लोगों को मिलेगी ऐसा सेक्शन 117
- 3:38:13ने हम लोगों को बताया है। ठीक है? अब 117
- 3:38:16के लिए क्वेश्चंस आ जाते हैं डायरेक्टली।
- 3:38:19ठीक है? जैसे ये वाला क्वेश्चन है। इस
- 3:38:21बंदे ने 1000 किलो राइस खरीदा है सौरभ से
- 3:38:24₹1.5 लाख के लिए 3 महीने के क्रेडिट पे
- 3:38:26खरीदा है। इसके लिए सचिन ने प्रॉमिसरी नोट
- 3:38:29इशू करा है सौरभ को जो 3 महीने के बाद में
- 3:38:31पेएबल है। जब मैच्योरिटी आती है।
- 3:38:33प्रॉमिसरी नोट डिसऑनर हो जाता है। सौरभ
- 3:38:35सूट फाइल कर देता है रिकवरी के लिए। प्लस
- 3:38:38एडवोकेट की फीस भी लगती है। बताओ हमको
- 3:38:40कितना पैसा मिलेगा भैया? सेक्शन 117 के
- 3:38:43हिसाब से पैसा मिलेगा। अब आपको एक बात
- 3:38:45समझनी है। सेक्शन 117 जब भी आता है बेटा
- 3:38:48कंपनसेशन की बात करी गई है। सेक्शन 117
- 3:38:51सिर्फ चेक के लिए नहीं है बेटा। सेक्शन
- 3:38:53117 सारे नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट के लिए
- 3:38:55है। इस बात का ध्यान रखना। बिल ऑफ
- 3:38:57एक्सचेंज, प्रॉमिस नोट, चेक सबके लिए
- 3:38:59सेक्शन 117 यहां पर बनाया गया है। अगर
- 3:39:02क्वेश्चन में अंटिल एंड अनलेस चेक लिखा हो
- 3:39:05और डिसऑनर लिखा हो तब तक आप 138 के पास
- 3:39:08में मत जाना। अगर कंपनसेशन रिलेटेड टू
- 3:39:11नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट इन जनरल पूछा है
- 3:39:13तो 117 आपके पास में आएगा। इस बात का आप
- 3:39:16ध्यान रखना। ठीक है? ओके? रूल्स ऑफ कॉन्व
- 3:39:19देखो अब लिखा हुआ है। क्या लिखा हुआ है?
- 3:39:21आप रूल एस टू कंपनसेशन बताइए रिलेटेड टू
- 3:39:25डिसऑनर ऑफ प्रॉमिसी नोट बिल ऑफ एक्सचेंज
- 3:39:28एंड चेक क्लियर कट सबका पूछा है ना सेक्शन
- 3:39:30117 आपका अप्लाई होगा सारे रूल्स आपको लिख
- 3:39:33के आने हैं। ठीक है चलो इसी के साथ में
- 3:39:35आपका पूरा ये चैप्टर कंप्लीट होता है।
- 3:39:38करेक्ट है और हमने यहां पर एक-एक टॉपिक
- 3:39:40कंप्लीट कर लिए हैं। एक बार अपन आ जाते
- 3:39:42हैं और अपन देख लेते हैं अपने अ
- 3:39:47यहां पर देखो ये सारे टॉपिक्स अपन ने पहली
- 3:39:49शीट पहले ही कंप्लीट कर ली थी। अब आगे की
- 3:39:51शीट जो हमारी थी ये देखो हां ये सब कुछ
- 3:39:54कंप्लीट हो गया था। उसके बाद में हमने
- 3:39:56क्लासिफिकेशन ऑफ नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट
- 3:39:58को कंप्लीट करा। फिर टाइप्स ऑफ नेगोशिएबल
- 3:40:00को हम लोगों ने यहां पर कंप्लीट करा। फिर
- 3:40:02डिफरेंसेस देखे। फिर हमने डिसऑनर देखा।
- 3:40:04फिर हमने प्रेजेंटमेंट देखा और फिर हमने
- 3:40:06सेक्शन 117 भी देखा है। ठीक है? तो इस
- 3:40:09तरीके से हमारा पूरा जो ये वन शॉट है बेटा
- 3:40:12ये पूरा कंप्लीट होता है। ठीक है? आई होप
- 3:40:15आप लोगों को मजा आया होगा। सो दिस इज इट
- 3:40:19फ्रॉम माय साइड बॉयज एंड गर्ल्स। आई होप
- 3:40:21आप लोगों को मजा आया होगा। एंड थोड़ी सी
- 3:40:24आप लोगों के लिए मेहनत कर रहे हैं। हम लोग
- 3:40:26कोई दिक्कत की बात नहीं है। बट हमारी
- 3:40:27कोशिश यानी कि मेरी ऐसी कोशिश रहती है
- 3:40:29बिजनेस लॉस में कि अब मैं आपको ऐसे नोट्स
- 3:40:32प्रोवाइड करूं जो आपको आंसर राइटिंग में
- 3:40:34हकीकत में एग्जामिनेशन में आपको मेरा
- 3:40:36चेहरा दिखे, मेरे नोट्स दिखे। आपको मेरी
- 3:40:38आवाज सुनाई दे। ठीक है? सो यही मेरी
- 3:40:42शुभकामनाएं आप सभी लोगों के लिए। इसी
- 3:40:44तरीके से और भी चैप्टर लाते रहेंगे। ये
- 3:40:46चाणक्य 3.0 के बैच के जितने भी नोट्स हैं
- 3:40:49अगर आपको ये चाहिए तो आपको PW ऐप पर जाना
- 3:40:53है। चाणक्य 3.0 बैच के अंदर जाना है और ये
- 3:40:55आपको सब कुछ वहां पर मिल जाएंगे। पर आप ऐप
- 3:40:57पे जब तक नहीं जाओगे आपको नोट्स नहीं
- 3:40:59मिलेंगे बेटा। ठीक है? सो रीच आउट फॉर दी
- 3:41:01स्पेशल नोट्स। ये आपको वहां पर मिल
- 3:41:03जाएंगे। दिस इज इट फ्रॉम माय साइड एंड आई
- 3:41:05होप आप लोगों को मजा आया होगा। मैंने
- 3:41:07कोशिश करी है ज्यादा क्रिस्प भी ना रखूं,
- 3:41:09ज्यादा डिटेल्ड भी ना रखूं। आपके लिए एंपल
- 3:41:11अमाउंट ऑफ टाइम मिले जिससे आप रिवीजन कर
- 3:41:13पाए। ठीक है? मुझे कमेंट सेक्शन में
- 3:41:15बताइएगा हाउ डिड यू लाइक द वीडियो एंड आप
- 3:41:18लोग आगे और क्या देखना चाहते हैं मुझे यह
- 3:41:20भी बताइएगा। सो दिस इज इट। थैंक यू सो मच
- 3:41:22गाइस। दिस इज सीजे साइनिंग ऑफ फॉर टुडे
- 3:41:24एंड आई विल सी यू इन द नेक्स्ट वीडियो विद
- 3:41:27अ डिफरेंट टॉपिक एंड विथ अ लॉट मोर
- 3:41:29एनर्जी। थैंक यू सो मच। अंटिल देन थैंक
- 3:41:31यू। बाय बाय एंड लव यू ऑल। बाय गाइस। थैंक
- 3:41:33यू सो मच। बाय बाय।
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This page contains the full transcript of CA Foundation Business Laws: The Negotiable Instruments Act, 1881 | One Shot | CA Chaitanya Sir by CA Wallah by PW, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 42,958 words across 5,395 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.
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