CA Final SPOM Set A (Law): Appointment & Qualifications of Board of Directors by CA Hemant Somani — Transcript
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- 0:06हां जी हां जी हां जी हां जी हां जी हां
- 0:07जी मेरे प्यारेप्यारे सीए फाइनल वाले
- 0:09दोस्तों सुस्वागतम सर आज के अपनी लो
- 0:12स्पर्म की कक्षा में सर आप को लोगों वैसे
- 0:15पहले से पता होगा पर फिर भी जिनको नहीं
- 0:17पता सर अपनी फ्री वाला पूरा का पूरा
- 0:20स्पर्म का बैच आपको YouTube पे मिल जाएगा
- 0:24लो का सीए फाइनल सेट ए स्पर्म ऑफ कोर्स
- 0:27उसका सेट ए पूरा लो अपन YouTube पे करने
- 0:30वाले हैं फ्री ऑफ कॉस्ट और अपना टारगेट
- 0:32रहेगा कि अपन उस बैच को 30 टू 40 आवर्स के
- 0:36अंदर खत्म कर दे। 30 टू 40 आवर्स में वो
- 0:38बैच खत्म कर दे सर। हां जी। तो सर चलिए आज
- 0:41शुरू करते हैं चैप्टर नंबर वन दैट इज़
- 0:44अपॉइंटमेंट एंड क्वालिफिकेशन ऑफ़ बोर्ड ऑफ़
- 0:46डायरेक्टर। बाकी जो भी रिमेनिंग इस बैच की
- 0:48डिटेल्स है मतलब पूरा फ्री है वो सब कुछ।
- 0:49पर फिर भी पूरी बैच की जो डिटेल है
- 0:51स्पेसिफिक नंबर ऑफ़ आर्ट्स वगैरह और
- 0:52स्पेसिफिक उसकी एक मैंने सेपरेट
- 0:54इंट्रोडक्शन वीडियो डाली है। वो आपको
- 0:56प्लेलिस्ट में मिल जाएगी। वो आप देख ही
- 0:58लेना भाई साहब। ठीक है ना? और मैं एक और
- 1:00बात बता दूं जो बच्चे मेरे से ऑडिट पढ़े
- 1:02हुए हैं उनकी एक्सपेक्टेशन मुझसे कुछ और
- 1:04होगी। पर मैं यहां पे कराऊंगा कुछ और।
- 1:06देखो ऑडिट में अपन क्या करते हैं? देखो
- 1:07मैं ऑडिट में क्या कराता हूं? बार-बार चीज
- 1:09को समझा के बार-बार रटाता हूं। बार-बार
- 1:11चीज को समझाया बार-बार रटाया। पूरा अच्छे
- 1:12से जब तक दिमाग में ना घुल जाए समझाते
- 1:14जाएंगे। जब तक दिमाग मतलब दिमाग में ठूस
- 1:16नहीं जाए, फिट नहीं हो जाए तब तक रटते
- 1:18जाएंगे। ऑडिट में ही चलता है अपना अच्छे
- 1:20से बिल्कुल चलता है। इसमें ऐसा नहीं होगा।
- 1:22इसमें ऐसा नहीं होगा। ये चीज क्लियर रखना।
- 1:24मैं हर क्लास में शायद बताऊं या अभी एक
- 1:25बार बता रहा हूं। देख लेना मतलब कि भाई
- 1:28इसके अंदर तुम्हारा इसके कोई मार्क्स तो
- 1:30तुम्हारे जुड़ने नहीं है सीए फाइनल में तो
- 1:32इसको एक बहुत ही स्पेसिफिक उस लेवल पे
- 1:34पढ़ाई करनी है बिल्कुल एग्जाम ओरिएंटेड
- 1:37बोलो फास्ट ट्रैक बोलो उसको उस लेवल पे
- 1:38करनी है कि हम बस पास हो जाए अच्छे
- 1:40मार्क्स लाके और हमको नॉलेज मिल जाए बेसिक
- 1:43वाली हमको उसको वो करना है ये नहीं कि तुम
- 1:45मेरे से वो एक्सपेक्टेशन लेके बैठे हो
- 1:47ऑडिट जैसे कि उसे रटाते रहो समझाते रहो
- 1:49फिर भाई वो चली जाएगी 120 आवर्स की
- 1:51क्लासेस जो ना तुमको मजा आएगा फिर ना मुझे
- 1:53कि क्या ही हो रहा है फिर क्योंकि ये कोई
- 1:54वो लेवल की क्लास नहीं पढ़ानी कि सीए
- 1:56फाइनल में रिजल्ट में इसके मार्क्स
- 1:58जुड़ेंगे। वो तो सेंस नहीं है। तो उस पे
- 2:00बिल्कुल भी ध्यान मत देना। ट्रस्ट करना
- 2:02कुछ एक दो एक दो छोटे-मोटे टॉपिक में
- 2:04जल्दी उड़ा दूंगा। एक आधा कुछ छोडूंगा तो
- 2:06बस ट्रस्ट के साथ चलते रहना। कोई टेंशन
- 2:08नहीं है। वो ऐसे होते हैं ना जो क्लियर वो
- 2:10जो प्रोसेसरल होते हैं कि जिससे आई से कभी
- 2:12क्वेश्चन नहीं पूछेगा वो। देखो 100
- 2:13मार्क्स का तुम्हारे स्पर्म का पेपर होता
- 2:15है। उस 100 मार्क्स में से तुम मान लो मैं
- 2:17तुमको ऑन एन अप्रोक्स 94 मार्क्स का
- 2:21पढ़ाऊंगा। छह एक मार्क्स का मैं खुद छुड़ा
- 2:23दूंगा। ठीक है ना? उस 94 में भी तुम एक
- 2:26काम करना 75 मार्क्स ले आना काफी है।
- 2:28मार्क्स कितने चाहिए होते हैं सर? 50
- 2:30मार्क्स चाहिए होते हैं पास होने के लिए।
- 2:31मतलब सोचो और कितना टाइम डिवोट करना है
- 2:34तुम्हारा टाइम वेस्ट होगा। अदरवाइज तो
- 2:36इसको अपन पढ़ेंगे उसी हिसाब से पढ़ेंगे।
- 2:37ये चीज दिमाग में रखना। ऑडिट जैसे मत
- 2:39समझना सर जितने प्यार से आप ऑडिट पढ़ाते
- 2:40हो वैसे लोगे। पर सबको समझ में आएगा।
- 2:42टेंशन ना लो। और ये इंक्लूडिंग आपके जो
- 2:44आईबीएस के अंदर भी इसका पोर्शन आता है। जो
- 2:46अपना फाइनल जो है ना अपना पेपर सिक्स
- 2:48आईबीएस में भी इस लॉ का पोर्शन आता है। वो
- 2:50भी इसी से कवर अपना हो जाएगा। चलो सर अब
- 2:53बिना टाइम व्यर्थ करे अपन शुरू करते हैं
- 2:56चैप्टर नंबर वन सर दैट इज अपॉइंटमेंट एंड
- 2:58क्वालिफिकेशन ऑफ बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स
- 3:01सर ये चैप्टर वन नंबर वन है कंपनीज़ एक्ट
- 3:04का जिसके अंदर सर सेक्शन कवर है सेक्शन
- 3:06149 से सेक्शन 172 हालांकि तुमको सेक्शन
- 3:10याद नहीं करने कोई रिलेवेंट नहीं है मैं
- 3:11बस रेफरेंस के लिए बताते रहूंगा तुम्हारे
- 3:13लिए कोई रिलेवेंस नहीं है एमसीक्यू पेपर
- 3:14है सेक्शन नहीं आते इन जनरल तो सर चलो
- 3:17शुरू करते हैं इस चैप्टर को ज्यादा फालतू
- 3:19बातें नहीं करेंगे ज्यादा ब्रीफ वगैरह
- 3:20नहीं बनाते अपन दिमाग में कोई अपन एग्जाम
- 3:22वो वो वाले एग्जाम के लिए नहीं पढ़ रहे
- 3:23सीए फाइनल के लिए। इसलिए इसका मेरा अप्रोच
- 3:25बिल्कुल अलग रहेगा। ऑडिट्स पढ़ाता हूं
- 3:27उससे। सर सबसे पहले सर बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर
- 3:29क्या होता है? बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर क्या
- 3:30होता है? तो सर फालतू बातें कोई ध्यान मत
- 3:33कट मार दो। बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर कुछ नहीं
- 3:34है। सर बहुत सारे डायरेक्टर जितने भी
- 3:36कंपनीज़ के डायरेक्टर हैं। कंपनीज़ के जितने
- 3:38भी डायरेक्टर्स हैं उन सबको एक साथ मिला
- 3:40मिला देते हैं ना अपन कि इन सबको एक साथ
- 3:42मिला के क्या बोलेंगे? जितने भी उस कंपनी
- 3:44में डायरेक्टर्स हैं उन सबको एक साथ मिला
- 3:46के क्या बोलेंगे? बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर। बात
- 3:48खत्म। फालतू है। फालतू है। फालतू है। छोड़
- 3:50दो, छोड़ दो, छोड़ दो। सर अब वो सब छोड़ो।
- 3:52ये हमको डायरेक्टर या फिर बोर्ड ऑफ
- 3:54डायरेक्टर चाहिए क्यों होते हैं? मतलब
- 3:55डायरेक्टर या फिर बोर्ड ऑफ डायरेक्टर
- 3:57चाहिए क्यों होते हैं? अरे सर सिंपल सी
- 3:59बात है। अरे सर मैं बोल रहा हूं सिंपल सी
- 4:01बात है। अरे यार तुम देखो अब तुम किसी भी
- 4:03कंपनी की बात करो। लेट्स से कोई भी
- 4:05लिस्टेड कंपनी उठा लो। कोई भी लिस्टेड
- 4:07कंपनी उठा लो। X वZED ये एक लिस्टेड कंपनी
- 4:10है। अब इस लिस्टेड लिस्टेड अनलिस्टेड कुछ
- 4:13भी हो सकती है हालांकि पर मैं एक एग्जांपल
- 4:15समझाने के लिए बोल रहा हूं कि यार जब तक
- 4:17इसमें ना शेयरहोल्डर्स दो-तीन शेयरहोल्डर
- 4:20है, 10-15 शेयरहोल्डर है, 15 20
- 4:21शेयरहोल्डर है तब तक फिर भी कंपनी मैनेज
- 4:24कर सकती है शेयरहोल्डर्स। शेयरहोल्डर कौन
- 4:26होते हैं? कंपनी का मालिक। कंपनी का
- 4:28मालिक। तो अब यहां पे आप समझो अगर लिस्टेड
- 4:30कंपनी हो गई गलती से। वैसे नॉन लिस्टेड
- 4:32लिस्टेड सब में बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर,
- 4:34डायरेक्टर चाहिए होते हैं। पर मैं समझाने
- 4:35के लिए बोल रहा हूं। ठीक है ना? कि अब
- 4:37समझो ये xyz लिमिटेड लिस्टेड हो गई। अरे
- 4:39भाई इसके ना मान लो 20,000 20,000 शेयर
- 4:43होल्डर्स हैं। 20,000 शेयर होल्डर है। अब
- 4:46वो अपने हिसाब से बोल रहे हैं कि नहीं
- 4:47कंपनी में ऐसा नहीं ऐसा होना चाहिए। ऐसा
- 4:49नहीं ऐसा होना चाहिए। ऐसा नहीं ऐसा होना
- 4:51चाहिए। भाई मैंने भी Reliance के शेयर ले
- 4:53रखे हैं। मैं क्या Reliance को कंट्रोल
- 4:54करने चले जाऊंगा? मैं क्या Reliance के डे
- 4:56टू डे डिसीजन लूंगा? मैं क्या कर सकता हूं
- 4:58क्या? मतलब समझो वो चीज़। तो भाई इतने सारे
- 5:01शेयर होल्डर हो जाते हैं। इतने सारे चीज
- 5:03हो जाती है मतलब इतने सारे कि अब इस कंपनी
- 5:04को मैनेज कौन करेगा डे टू डे। तो ये
- 5:07शेयरहोल्डर क्या करते हैं? ये शेयरहोल्डर
- 5:09अपॉइंट कर देते हैं डायरेक्टर्स को। ये
- 5:11शेयरहोल्डर अपॉइंट कर देते हैं
- 5:12डायरेक्टर्स को। अब इन डायरेक्टर्स को बोल
- 5:15दिया जाता है कि डायरेक्टर भाइयों
- 5:16डायरेक्टर भाइयों तुमको इस कंपनी को मैनेज
- 5:19करना है। तुम डायरेक्टर भाइयों तुमको इस
- 5:22कंपनी को मैनेज करना है। समझ गए? डे टू डे
- 5:25बिजनेस डिसीजन जो भी होंगे डे डे डे इससे
- 5:27सेल करनी है। इसको परचेस करनी है। इससे ये
- 5:29एक्सपेंस करना है। इससे ये कॉन्ट्रैक्ट
- 5:30करना है। डे टू डे डे टू डे जो भी
- 5:32एक्टिविटीज है वो कौन करेगा? डायरेक्टर।
- 5:34तो शेयरहोल्डर क्योंकि डे टू डे ऑपरेशन
- 5:36में इन्वॉल्व नहीं हो पाते और बहुत सारे
- 5:38होते हैं वो। इसलिए वो डायरेक्टर को
- 5:39अपॉइंट कर देते हैं कि डायरेक्टर भाई तू
- 5:41अब इस कंपनी को मैनेज कर। तो इसीलिए ICI
- 5:44बोलता है। इसीलिए आईसीआई बोलता है कि जो
- 5:46डायरेक्टर है ना डायरेक्टर वो डायरेक्टर
- 5:48कंपनी का एजेंट भी है एज वेल एज वो एजेंट
- 5:52कंपनी का ट्रस्टी भी है। मतलब सर वो
- 5:56डायरेक्टर दोनों काम करता है कंपनी के
- 5:58लिए। कंपनी का एजेंट भी है, कंपनी का
- 6:00ट्रस्टी भी है। मतलब वो एजेंट मतलब कंपनी
- 6:02के बिहाफ पे वो काम करता है। कंपनी के
- 6:05बिहाफ पे क्योंकि कंपनी खुद से तो कोई काम
- 6:07नहीं कर सकती। कंपनी क्या है? एक
- 6:09आर्टिफिशियल पर्सन। कंपनी क्या है? एक
- 6:10आर्टिफिशियल पर्सन। तो कंपनी खुद से तो
- 6:12काम नहीं कर सकती। तो कंपनी के बिहाफ पे
- 6:15कौन काम करता है? डायरेक्टर। डायरेक्टर।
- 6:17तो इसीलिए कंपनी के बिहाफ पे डायरेक्टर
- 6:19काम करता है। वो एजेंट है। वो एजेंट है।
- 6:22और वो कंपनी के भले के लिए काम करता है।
- 6:25कंपनी की अच्छे के लिए कि कंपनी का हमेशा
- 6:28अच्छा ही हो। कंपनी का कभी कुछ बुरा नहीं
- 6:30हो। इसलिए वो ट्रस्टी भी है। वो कंपनी का
- 6:32ट्रस्टी भी है। ठीक है सर। ये एक बेसिक
- 6:34ओरियो डायरेक्टर वगैरह क्यों चाहिए होता
- 6:36है। फालतू बातें इसमें कोई भी मैंने मजे
- 6:38वाली बात नहीं कर दी कि एग्जाम में क्या
- 6:39आएगा। और ऐसी फालतू बातें मैं अभी कर दी
- 6:41पर मैं आगे नहीं करूंगा। देखो पूरा एग्जाम
- 6:43ओरिएंटेड बैच जाएगा। इतना समझाने वगैरह पे
- 6:45मतलब समझाऊंगा ऑफ कोर्स पर वो फोकस नहीं
- 6:47रहेगा कि भाई तुम्हारे खून में पूरी लोई
- 6:50घोल दी मैंने वो नहीं रहेगा भाई जो अपन
- 6:52ऑडिट में करते हैं उस लेवल का तो नहीं
- 6:53होगा यहां पे मैं पहले ही बता रहा हूं
- 6:55तुमको बार-बार बता रहा हूं तुम सोचो सर आप
- 6:56ऑडिट में तो इतना बढ़िया पढ़ाते हो और
- 6:57यहां पे नहीं यहां पे भी पढ़ाऊंगा बढ़िया
- 6:59वो दिक्कत नहीं है पर अप्रोच अलग होगी
- 7:01अप्रोच अलग होगी ठीक है ना क्योंकि यार ये
- 7:02स्पर्म है ऑनलाइन मॉडल देना है फटाफट दो
- 7:04और पास हो बात खत्म इस पे लोड मत लेना
- 7:06टाइम वेस्ट होगा तुम्हारा खुद का ध्यान
- 7:08रखें ठीक है ये फालतू बातें फालतू बातें
- 7:10पढ़ा दी मैंने तुमको अब सर सेक्शन 149
- 7:12बोलता है सब सेक्शन वन कि हर कंपनी को हर
- 7:15कंपनी में बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर होना
- 7:16कंपलसरी है। देखो मैं लिखाऊंगा भी कम
- 7:18कंपेरेटिवली इसलिए मैंने तुमको जो बुक दी
- 7:20है ना ये बुक ये पूरी वैसे ही चार्ट और
- 7:22टेबुलर फॉर्मेट में बड़े प्यार से बनाई है
- 7:24चार्ट और टेबल ताकि मेरा मेन एम था कि
- 7:26तुमको मैं लिखवाने में टाइम वेस्ट नहीं
- 7:27करो। अगर मैं लिखवाने में जाऊंगा तो फिर
- 7:28वो क्लासेस लंबी हो जाएगी। 100-100 घंटे
- 7:30की पहुंच जाएगी। कोई सेंस नहीं होगा उसका।
- 7:32ठीक है ना? ये मैं तुमको वैसे ही बता
- 7:34दूंगा। चलो सर। और ये बुक कैसे कहां
- 7:36मिलेगी पीडीएफ वगैरह वो मैं तुमको आगे बता
- 7:38दूंगा। अभी तुम वीडियो पूरी देखते रहना बस
- 7:39तुम्हें बता दूंगा सब। तो ठीक है। चलो सर
- 7:41कंपनी टू हैव अ बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर।
- 7:42सेक्शन 149 सब सेक्शन वन बोलता है कंपनी
- 7:44से कहा कि हर कंपनी में हर कंपनी बोर्ड ऑफ़
- 7:47डायरेक्टर होने ही होने चाहिए। हर कंपनी
- 7:49में बोर्ड डायरेक्टर होने ही चाहिए। और सर
- 7:52मजे की बात क्या है? यहां पर अगर एमसीक्यू
- 7:54पॉइंट बना ले वो कि भाई हर बोर्ड ऑफ़
- 7:56डायरेक्टर जो हो सकता है ना वो केवल
- 7:57इंडिविजुअल ही हो सकता है। बोर्ड ऑफ़
- 8:00डायरेक्टर केवल इंडिविजुअल ही हो सकता है।
- 8:04मतलब अदर दैन इंडिविजुअल। इंडिविजुअल के
- 8:06अलावा बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर नहीं बन सकते।
- 8:08सर मतलब कि लेस से ले कि मेरी कंपनी है
- 8:11xyz लिमिटेड मेरी कंपनी है xyz लिमिटेड
- 8:14उसके अंदर कोई एबीसी लिमिटेड आके बोल दे
- 8:17उसमें से कोई एबीसी लिमिटेड आके बोल दे कि
- 8:19मुझे आपकी कंपनी का डायरेक्टर बना दो मुझे
- 8:22आपकी कंपनी का डायरेक्टर बना दो तो क्या
- 8:24एबीसी लिमिटेड इंडिविजुअल है क्या एबीसी
- 8:27लिमिटेड इंडिविजुअल है क्या नहीं सर वो
- 8:28इंडिविजुअल नहीं है वो तो कंपनी है वो तो
- 8:31कंपनी है तो नहीं सर इसको डायरेक्टर नहीं
- 8:33बना सकते एक्स वzेड लिमिटेड है मतलब जो भी
- 8:35कंपनी है उसके अंदर डायरेक्टर केवल
- 8:37इंडिविजुअल को ही बनाया जाएगा। कोई भी
- 8:40पार्टनरशिप फर्म, कंपनी, एलएलपी कॉर्पोरेट
- 8:42इनको नहीं बनाया जाएगा। बात खत्म सर। अब
- 8:44सर डायरेक्टर होने कितने चाहिए कंपनी में?
- 8:47डायरेक्टर कितने होने चाहिए कंपनी के
- 8:50अंदर? सर देखो सबसे पहले तो अपन बोलते हैं
- 8:52कि मिनिमम कम से कम इतने डायरेक्टर होने
- 8:55चाहिए और ज्यादा से ज्यादा इतने डायरेक्टर
- 8:56होने चाहिए। एमसीक्यू पॉइंट्स बनते हैं
- 8:58इससे। एमसीक्यू पॉइंट बनते हैं। मैं बताते
- 8:59रहूंगा साथ-साथ में कहां से एमसीक्यू बनते
- 9:00हैं। और मैं कराता भी रहूंगा एमसीक्यू
- 9:02दूंगा। टेंशन ना लो। ठीक है ना? तो सर कम
- 9:04से कम इतने डायरेक्ट होने चाहिए। ज्यादा
- 9:06से ज्यादा इतने डायरेक्ट होने चाहिए। कम
- 9:07से कम इतने एक्ट है ज्यादा ज्यादा सर
- 9:09कितने होने चाहिए बता तो दो अरे भाई
- 9:10तुम्हारे सामने ही तो लिखा है देखो तीन
- 9:12तरह की कंपनी होती है ओपीसी प्राइवेट
- 9:14कंपनी ओपीसी क्या होता है वन पर्सन कंपनी
- 9:17वन पर्सन कंपनी तो यहां पे एक ही
- 9:19डायरेक्टर चाहिए यहां पे एक ही डायरेक्टर
- 9:21चाहिए एक डायरेक्टर प्राइवेट के अंदर बोला
- 9:23दो डायरेक्टर चाहिए तुमको मिनिमम मिनिमम
- 9:26दो डायरेक्टर चाहिए पब्लिक में बोल दिया
- 9:28तुमको मिनिमम तीन डायरेक्टर चाहिए पब्लिक
- 9:29में मिनिमम तीन डायरेक्टर चाहिए तो सर
- 9:31ओपीसी प्राइवेट पब्लिक ओपीसी प्राइवेट
- 9:33पब्लिक उसमें 1 2 3 करके डाल दिया उसमें
- 9:35वन टू थ्री करके डाल दिया कि ओपीसी में एक
- 9:37ही डायरेक्टर चाहिए। प्राइवेट में दो
- 9:39डायरेक्टर चाहिए। पब्लिक में तीन
- 9:40डायरेक्टर चाहिए। 1 2 3 ओपीसी के अंदर बोल
- 9:42दिया कि एक ही डायरेक्टर चाहिए हमको।
- 9:44प्राइवेट में बोल दिया हमको दो डायरेक्टर
- 9:46चाहिए। पब्लिक के अंदर बोल दिया हमको तीन
- 9:47डायरेक्टर चाहिए। तो 1 2 3 1 2 3 मिनिमम
- 9:50इतने-इतने डायरेक्टर आपके होने चाहिए। सर
- 9:52मैक्सिमम पे भी लिमिट है यहां पर। ध्यान
- 9:54रखना मैक्सिमम कि आप ज्यादा से ज्यादा आप
- 9:57ज्यादा से ज्यादा किसी भी कंपनी के अंदर
- 9:5915 डायरेक्टर रख सकते हो। ज्यादा से
- 10:01ज्यादा किसी भी कंपनी में 15 डायरेक्टर रख
- 10:03सकते हो। अगर आपको 15 से ज्यादा रखने हैं
- 10:05एमसीक्यू पॉइंट एमसीक्यू पॉइंट ध्यान
- 10:07रखना। अगर आपको 15 से ज्यादा डायरेक्टर
- 10:09रखने हैं किसी भी कंपनी को तो आपको स्पेशल
- 10:13रेजोल्यूशन पास करना पड़ेगा। आपको स्पेशल
- 10:17रेसोल्यूशन पास करना पड़ेगा। हां जी सर।
- 10:20जनरली कंपनीज़ एक्ट बोलता है कंपनी
- 10:22एमसीक्यू पॉइंट इसलिए कंपनीज़ एक्ट बोलता
- 10:24है कि आपको 15 डायरेक्टर ही आपकी कंपनी
- 10:27मैक्सिमम रख सकती है। अगर आपकी कंपनी को
- 10:2915 से ज्यादा डायरेक्ट रखने हैं। अगर आपकी
- 10:31कंपनी को 15 से ज्यादा डायरेक्टर रखने हैं
- 10:34तो आपको तो आपको स्पेशल रेोल्यूशन पास
- 10:38करना पड़ेगा। स्पेशल रेोल्यूशन पास करना
- 10:40पड़ेगा। देखो हो सकता है बहुत बच्चों को
- 10:42लग रहा है सर क्या इतनी जल्दी-जल्दी पढ़ा
- 10:43रहे हो। भाई समझो तुम मेरी अगर ऑडिट की
- 10:45क्लास देखे भी हो तो तुम समझ जाते हो कि
- 10:46मैं आराम से पढ़ाता हूं सब कुछ या फिर तुम
- 10:48देखोगे बाद में ऑडिट की क्लास लेना मेरे
- 10:50से अच्छा पढ़ाता हूं मैं है ना तो मतलब
- 10:52देखो ऑडिट में मैं मुझे पता है क्योंकि वो
- 10:54सीए फाइनल में आनी है तुमको लेंथ दिलानी
- 10:55है एक्सेंपशन दिलानी है एक-एक चीज प्यार
- 10:57से एक-एक वर्ड का पोस्टमार्टम होता है
- 10:59एक-एक चीज जब तक याद नहीं होगी तब तक
- 11:01रिवाइज भी बार-बार होगी वो तुम जानते हो
- 11:03ऑडिट में तुम जो जो मुझसे पढ़ा है वो
- 11:04ऑलरेडी जानते हो पर इसके अंदर सेंस है
- 11:07क्या वो टाइम डिवोट करने का तुम्हारा ही
- 11:08टाइम वेस्ट होगा मैं तो पढ़ा भी दूं तुमको
- 11:10खुद को है कि सर पास होना है फटाफट से
- 11:12फॉर्मेलिटी हमारे ली एग्जाम कि पास होना
- 11:14है ताकि सीए फाइनल के लिए एलिजिबल बन पाए
- 11:16तो उसको उसी हिसाब से पढ़ो और तुम टेंशन
- 11:18मत लो 110% पास हो जाओगे बस पढ़ लो जो
- 11:21चुपचाप पढ़ा रहे हो ठीक है ना थोड़ा जल्दी
- 11:23होगा तुम धीरे-धीरे कॉप अप कर लोगे देखो
- 11:25सीए फाइनल के अंदर तुमको तुम्हारा मतलब जो
- 11:27माइंड के मतलब माइंड को थोड़ा सा फास्ट
- 11:29प्रोसेसिंग करना सीखना पड़ेगा देखो सीए
- 11:31फाइनल है इतना ईजीली नहीं निकल सकते चीजें
- 11:33ध्यान दे ये चीज ध्यान रखो मैं माना मैं
- 11:34कुछ जल्दी पढ़ा रहा हूं पर तुमको तुम्हारा
- 11:36दिमाग थोड़ा सा तेज दौड़ाना पड़ेगा ठीक है
- 11:38ना जितना जल्दी चीजें समझना शुरू हो गया
- 11:40गैब करना शुरू हो गया उतना ईजीली सीए
- 11:42फाइनल निकलेगा ये जेन्युइन है भाई मेरे भी
- 11:43रैंक आई थी ऐसा मत ठीक है ना अच्छा मैंने
- 11:46मेरा इंट्रोडक्शन दे दिया था वैसे
- 11:47इंट्रोडक्शन वीडियो में बाकी मैं बता दूं
- 11:49माय नेम इज़ सीए हेमंत सोमानी मेनली आपकी
- 11:51ऑडिट की फैकल्टी और लो की फैकल्टी और सर
- 11:53आई हैव सी ऑल इंडिया रैंक 46 15 एंड एक
- 11:56आधी और थी ठीक है ना अलग-अलग लेवल पे
- 11:57अलग-अलग चीज़ चलो चलो सर अपन वापस से शुरू
- 12:01करते हैं। तो मैक्सिमम 15 डायरेक्टर चाहिए
- 12:02तो 15 से ज्यादा आपको अगर डायरेक्टर
- 12:04अपॉइंट करने हैं तो आपको स्पेशल रेोल्यूशन
- 12:06देना पड़ेगा। पर सर एक एक्सेप्शन है जो
- 12:08एमसीक्यू में आया भाई देखो मैंने एमसीक्यू
- 12:09यहां पे लिख दिया कि एक्सेप्शन मैंने यहीं
- 12:10पे लिख दिया कि तुम्हारा एमसीक्यू भी करो
- 12:12साथ में मैं तुमको एक एमसीक्यू बुकलेट भी
- 12:14दे दूंगा तुमको मैं सब कुछ दूंगा मैंने
- 12:15तुमको स्टार्टिंग में समझा दूंगा या फिर
- 12:17सब कुछ दूंगा मैं तुमको टेंशन ना लो सब
- 12:19कुछ दूंगा अभी मैं बीच में भी समझा दूंगा
- 12:20थोड़ी देर बाद बता दूंगा सब कुछ मिलेगा
- 12:22तुमको ये पर ये एमसीक्यू बुकलेट अलग से ही
- 12:24मिलेगा पर साथ में मैंने एमसीक्यू यहां पे
- 12:26भी डाल दिया कि कहां-कहां पर एमसीक्यू
- 12:27कैसे पूछे हुए बाकी अलग से मिल जाएगी अब
- 12:29एमसीक्यू में पूछा हुआ है इसका एक्सेप्शन
- 12:31कि सर मैक्सिमम 15 डायरेक्टर ही अपॉइंट हो
- 12:33सकते हैं पर ये एप्लीकेबल नहीं है ये 15
- 12:36डायरेक्टर की लिमिट एप्लीकेबल नहीं है।
- 12:39किस पे? गवर्नमेंट कंपनी और सेक्शन एट
- 12:41कंपनी। गवर्नमेंट कंपनी और सेक्शन एट
- 12:44कंपनीज़ पे जो गवर्नमेंट कंपनी और सेक्शन
- 12:47एट कंपनी जो गवर्नमेंट कंपनी और सेक्शन एट
- 12:50कंपनी टाइमली बेसिस पे मतलब उन्होंने कभी
- 12:53भी डिफॉल्ट नहीं करा। उन्होंने कभी भी
- 12:55डिफॉल्ट नहीं करा। सेक्शन 92 एंड 137 का।
- 12:58सर ये क्या होता है? बस तुम ये अभी हर जगह
- 13:00यही आएगा। हर जगह यही आएगा कि कभी भी कोई
- 13:03सेक्शन है ना वो अगर गवर्नमेंट सेक्शन एट
- 13:06पे एप्लीकेबल नहीं हो रहा गवर्नमेंट
- 13:07सेक्शन ए या बाकी कंपनी पे एप्लीकेबल नहीं
- 13:09हो रहा तो इन पे एप्लीकेबल नहीं करेंगे हम
- 13:11सेक्शन वो प्रोवाइडेड हम इन पे वो सेक्शन
- 13:14एप्लीकेबल नहीं करेंगे प्रोवाइडेड
- 13:16उन्होंने डिफॉल्ट नहीं करा हुआ उन्होंने
- 13:19डिफॉल्ट नहीं करा हुआ एनुअल रिटर्न
- 13:21फाइलिंग में और फाइनेंशियल स्टेटमेंट
- 13:23फाइलिंग में क्योंकि हर कंपनी को एनुअल
- 13:26रिटर्न और फाइनेंशियल स्टेटमेंट हर कंपनी
- 13:29को एनुअल रिटर्न टर्न और फाइनेंशियल
- 13:32स्टेटमेंट ये दो चीजें आरओसी को फाइल करनी
- 13:34पड़ती है। ये दो चीजें आरओसी को फाइल करनी
- 13:36पड़ती है। तो अगर इन कंपनी ने गवर्नमेंट
- 13:39कंपनी सेक्शन एट कंपनी ने इन्होंने आरओसी
- 13:41को फाइल कर दिया था टाइमली बेसिस पे। मतलब
- 13:43इनको डिफॉल्ट नहीं करा हुआ। इन्होंने
- 13:44डिफॉल्ट नहीं करा हुआ। इन्होंने अगर
- 13:46डिफॉल्ट नहीं करा तो हम इनको एग्जेंपशन
- 13:50देते। हम इनको एग्ेंपशन देते कि आप चाहो
- 13:53तो 15 से ज्यादा डायरेक्टर भी अपॉइंट कर
- 13:56सकते हो। 15 से ज्यादा डायरेक्टर भी
- 13:58अपॉइंट कर सकते हो विदाउट पासिंग स्पेशल
- 14:00रेोल्यूशन। आपको स्पेशल रेोल्यूशन की
- 14:02जरूरत नहीं है। ठीक है? यह एमसीक्यू आया
- 14:04हुआ है कि गवर्नमेंट कंपनी क्या गवर्नमेंट
- 14:06कंपनी 18 डायरेक्टर अपॉइंट कर सकती है? 18
- 14:08डायरेक्टर्स। क्या स्पेशल रेोल्यूशन
- 14:10चाहिए? नहीं सर कोई स्पेशल रेोल्यूशन नहीं
- 14:12चाहिए। बिल्कुल वो कर सकती है। बस ठीक है
- 14:15ना? बात खत्म। चलो सर।
- 14:19तो जहां-जहां मतलब एमसीक्यू पॉइंट है वो
- 14:21मैं तुमको अच्छे से करा दूंगा। और बाकी
- 14:22जहां मुझे पता है कि क्वेश्चन जनरल नहीं
- 14:23आना कभी और एक दो पांच नंबर के आ भी गए
- 14:26गलती से तो छोड़ के आ जाओ। क्यों लोड लेना
- 14:28है? पास होने के 50 मार्क्स चाहिए वो आ
- 14:30जाएंगे। इतना लोड नहीं लेना इस सब्जेक्ट
- 14:32में। बाकी सब्जेक्ट में ले लो तुम। बाकी
- 14:33जो सीए फाइनल के हैं इसमें नहीं लेना। ठीक
- 14:35है सर। तो मैक्सिमम सर 15 डायरेक्टर होने
- 14:37चाहिए। अगर 15 से ज्यादा कराने हैं तो
- 14:38आपको स्पेशल रेोल्यूशन पास करना पड़ेगा।
- 14:40पर ये एप्लीकेबल नहीं होता गवर्नमेंट
- 14:41कंपनी और सेक्शन एट कंपनीज़ के अंदर। और सर
- 14:44एक और चीज़ है कि कंपनी का जो एओए होता है
- 14:46ना आर्टिकल ऑफ़ एसोसिएशन। कंपनी का एओए
- 14:48आर्टिकल ऑफ़ एसोसिएशन वह बोल सकता है लोअर
- 14:51लिमिट। वह कोई लोअर लिमिट भी बोल सकता है
- 14:53कि सर इसका भी एमसीक्यू क्वेश्चन आ सकता
- 14:55है कि सर कभी मान लो कि एओए ने बोल दिया
- 14:57कंपनी का एओए जनरली लॉ क्या बोलता है?
- 14:59कंपनीज़ एक्ट बोलता है कि 15 डायरेक्टर हो
- 15:01सकते हैं। पर मान लो कि एओए ने बोल दिया
- 15:04कि इस कंपनी में हमारी कंपनी में मैक्सिमम
- 15:0710 डायरेक्टर ही होंगे। तो ठीक है। फिर
- 15:09मैक्सिमम 10 ही मानेंगे। मैक्सिमम 10 ही
- 15:11मानेंगे। तो अगर सर हमको 10 से ज्यादा
- 15:14अपॉइंट करने हैं। लेट्स से लेट्स से हमको
- 15:1610 से ज्यादा अपॉइंट करने हैं। हमको 12
- 15:17डायरेक्टर अपॉइंट करने हैं। हमको 12
- 15:19डायरेक्टर अपॉइंट करने हैं। तो क्या करें
- 15:20सर? तो सर हमको स्पेशल रेोल्यूशन पास करना
- 15:24पड़ेगा टू ऑल्टर द आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन।
- 15:28ये जो आर्टिकल ऑफ़ एसोसिएशन में लिखा होता
- 15:30है ना 10 डायरेक्टर। तो आर्टिकल एसोसिएशन
- 15:32तो 10 डायरेक्टर ही परमिट करता है। तो
- 15:33हमको पर करने हैं 12 डायरेक्टर अपॉइंट।
- 15:35उनको तो ज्यादा डायरेक्टर अपॉइंट करने
- 15:37हैं। तो एक काम करो आप पहले स्पेशल
- 15:39रेोल्यूशन पास कर दो टू ऑल्टर ताकि आप
- 15:42ऑल्टर कर दो आर्टिकल ऑफ़ एसोसिएशन। आर्टिकल
- 15:44ऑफ़ एसोसिएशन को ऑल्टर कर दो। और सर लेट्स
- 15:47से लेट्स से हमको 18 डायरेक्टर अपॉइंट
- 15:50करने हैं तो क्या करें? हमको 18 डायरेक्टर
- 15:52अपॉइंट करने हैं तो क्या करें? तो सर आपको
- 15:54वापस से एसआर पास करना पड़ेगा। पर दो
- 15:57स्पेशल रेोल्यूशन लगेंगे। दो स्पेशल
- 15:58रेोल्यूशन। तो दो क्यों लगेंगे? पहला
- 16:00स्पेशल रेोल्यूशन लगेगा आर्टिकल ऑफ
- 16:04एसोसिएशन को ऑल्टर करने का। आर्टिकल ऑफ
- 16:06एसोसिएशन को ऑल्टर करने का। दूसरा स्पेशल
- 16:08रेोल्यूशन लगेगा क्योंकि 15 डायरेक्टर से
- 16:12भी ज्यादा आप अपॉइंट कर रहे हो। क्योंकि
- 16:14आप 15 डायरेक्टर से भी ज्यादा आप अपॉइंट
- 16:17कर रहे हो।
- 16:19हां सॉरी मैंने फोन पॉज करा था। फोन आ गया
- 16:21था। हां। तो मैंने बोला 18 डायरेक्टर
- 16:23अपॉइंट करने हैं। तो सर एक तो एक स्पेशल
- 16:26रेोल्यूशन लगेगा क्योंकि आपको आर्टिकल ऑफ
- 16:28एसोसिएशन को अमेंड करना है। एक स्पेशल
- 16:30क्यों लग रहा है? क्योंकि आपको आर्टिकल ऑफ़
- 16:31एसोसिएशन को अमेंड करना है। आर्टिकल ऑफ़
- 16:33एसोसिएशन बोलता है 10 डायरेक्टर ही कर
- 16:34सकते हो तो हम तो 10 से ज्यादा कर रहे
- 16:36हैं। दूसरा स्पेशल रेोल्यूशन लगेगा
- 16:38क्योंकि हम 15 से भी ज्यादा कर रहे हैं।
- 16:41क्योंकि हम 15 डायरेक्टर से भी ज्यादा
- 16:43अपॉइंट कर रहे हैं। मैक्सिमम कंपनीज़ एक्ट
- 16:46कितना बोलता है कि आप 15 डायरेक्टर ही
- 16:47अपॉइंट कर सकते हो। उससे ज्यादा करना है
- 16:49तो स्पेशल रेोल्यूशन लगेगा। तो इसलिए दो
- 16:51स्पेशल रेोल्यूशन लग जाएंगे। जब एओए आपको
- 16:53कहीं पे भी रिस्ट्रिक्ट कर रहा है। तो अगर
- 16:54एओए ने बोला कि 10 कर सकते हैं अपन 12 ही
- 16:56कर रहे हैं तो तो ठीक है। एक एक केवल
- 16:58आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन को अमेंड करने के लिए
- 17:01स्पेशल रेोल्यूशन डाल दो। क्योंकि यहां पर
- 17:03ये जो 12 डायरेक्टर थे इज़ लेस देन 15
- 17:06डायरेक्टर। 15 डायरेक्टर मतलब कंपनीज़ एक्ट
- 17:08तो अलऊ करता है। कंपनीज़ एक्ट तो अलऊ करता
- 17:10है। तो एक ही स्पेशल रेोल्यूशन चाहिए। पर
- 17:11यहां पे 18 डायरेक्टर ये आर्टिकल ऑफ़
- 17:14एसोसिएशन भी परमिट नहीं कर रहा और कंपनीज़
- 17:16एक्ट भी परमिट नहीं कर रहा। तो दोनों
- 17:18परमिट नहीं कर रहे। तो इसलिए दो स्पेशल
- 17:19सॉल्यूशन ठीक है एमसीक्यू पॉइंट्स
- 17:23यार देखो मुझे पता है थोड़ा जल्दी करा
- 17:25जल्दी-जल्दी चल रहा है पर मेरे हिसाब समझ
- 17:27में तो आ ही रहा होगा सब कुछ अभी ठीक है
- 17:28ना मतलब क्योंकि अभी सब बच्चों के हिसाब
- 17:30से चलना होता है मैंने जितने ही बच्चों से
- 17:32पूछा था ना सर कि आपको बहुत ही डिटेल कैंप
- 17:34कराऊं उसको 110 आवर्स का बेच लूं 1120
- 17:36आवर्स का बेच लूं या फिर आपको मतलब 30 में
- 17:38फटाफट करा के करूंगा 30-40 घंटे में फटाफट
- 17:41करा दूं सबका ये आया 30 40 घंटे में से
- 17:43थोड़ा फटाफट करा दो अब तो मतलब मैक्सिमम
- 17:45का ये आया है तो यार मैक्सिमम विशेस के
- 17:47हिसाब से मुझे चलना पड़ेगा फिर भी जहां पे
- 17:49मतलब जहां टेक्निकल प्रोविज़न आएंगे मैं
- 17:51समझाऊंगा। ठीक है ना? बाकी तुम ऑडिट पढ़ना
- 17:53मुझे तुम समझ जाओगे कि सर थोड़ा जल्दी करो
- 17:56मतलब हो गया याद हो गया तुम खुद पीछे पड़
- 17:57जाओगे। सर याद हो गया समझ गए आगे चलो। मैं
- 17:59नहीं छोड़ता उस वक्त। ठीक है? चलो सर। तो
- 18:01ये अपन ने पढ़ लिया कि हर कंपनी में बोर्ड
- 18:03ऑफ़ डायरेक्टर होने चाहिए। इंडिविजुअल होना
- 18:04चाहिए। सर कितना पढ़ा अपन ने? मिनिमम
- 18:06डायरेक्टर कितने होने चाहिए सर? ओपीसी में
- 18:08एक, प्राइवेट में दो, पब्लिक में तीन।
- 18:10मैक्सिमम होने चाहिए 15। 15 के अंदर 15
- 18:12ज्यादा करने हैं तो आपको स्पेशल रेोल्यूशन
- 18:13लगेगा। आर्टिकल और आपको बता सकता है कि कम
- 18:15डायरेक्टर रखने हैं। आपको आर्टिकल बता
- 18:17सकता है। पर यह प्रोविजन एप्लीकेबल नहीं
- 18:18होगा। गवर्नमेंट कंपनी सेक्शन ए कंपनी
- 18:20जिन्होंने कभी भी जिन्होंने एनुअल रिटर्न
- 18:23और एफएस फाइलिंग में डिफॉल्टेड नहीं है।
- 18:25अब सर एक और बोल दिया कि रूल थ्री बोल
- 18:27दिया इसी के अंदर कि कुछ कंपनी को बोला
- 18:29कुछ बड़ी-बड़ी कंपनी को बोला। कुछ
- 18:31बड़ी-बड़ी कंपनी को बोला। बड़ी-बड़ी कंपनी
- 18:33सबको नहीं बोला केवल बड़ी-बड़ी कंपनी को
- 18:35बोला कि आपकी कंपनी में आपकी कंपनी में
- 18:37एटलीस्ट आपकी कंपनी में एटलीस्ट एक वुमेन
- 18:40डायरेक्टर होना कंपलसरी है। एटलीस्ट एक
- 18:42वुमेन डायरेक्टर होना कंपलसरी है।
- 18:44बड़ी-बड़ी कंपनी को बड़ी-बड़ी कंपनी में
- 18:46क्या बोला कि आपकी कंपनी में एटलीस्ट एक
- 18:48वुमेन डायरेक्टर होना कंपलसरी है। अभी
- 18:51क्यों बोला क्या बोला वो मुझे नहीं पता।
- 18:52क्यों बोला वो मुझे नहीं पता। मतलब
- 18:54मोस्टली तो वुमेन एंपावरमेंट के चक्कर में
- 18:55ही बोला। पर अब तो भाई लड़कियां बहुत आगे
- 18:57हो चुकी है। बराबर भी आ गई आगे भी हो गई।
- 18:59ठीक है पर वो चलो लॉ मेकर है उस पे नहीं
- 19:01जाऊंगा मैं। ठीक है ना भाई? तो एटलीस्ट एक
- 19:03वुमेन डायरेक्टर होना चाहिए बड़ी-बड़ी
- 19:05कंपनियों के अंदर। तो सर कौन-कौन सी
- 19:08बड़ी-बड़ी कंपनी का क्या मतलब है? इससे
- 19:09एमसीक्यू पॉइंट बहुत आते हैं। ध्यान रखना
- 19:11सर बड़ी कंपनी मतलब या तो आप लिस्टेड
- 19:14कंपनी हो या तो आप लिस्टेड कंपनी हो। तो
- 19:16आपको एक वुमेन डायरेक्टर रखना कंपलसरी है।
- 19:18या फिर आप पब्लिक कंपनी हो या फिर आप
- 19:21दूसरी पब्लिक कंपनी हो। दूसरी पब्लिक
- 19:23कंपनी हो जिसका पीटी जिसका पीटी पीटी मतलब
- 19:28पब्लिक
- 19:29सॉरी पेड अप शेयर कैपिटल या फिर टी मतलब
- 19:32टर्नओवर पेड अप शेयर कैपिटल या फिर
- 19:33टर्नओवर पे अप शेयर कैपिटल या टर्नओवर पेड
- 19:35अप शेयर कैपिटल या टर्नओवर पेड अप शेयर
- 19:36कैपिटल या टर्नओवर 100 300 हो 100 300 हो
- 19:39100 300 100 करोड़ या 300 करोड़ मतलब ग्रेटर
- 19:42दैन इक्वल टू 100 करोड़ और 3 करोड़ या तो एक
- 19:44भी कंडीशन कोई भी पूरी हो गई एक भी और लगा
- 19:47हुआ है कि या तो आपका पेड अप शेयर कैपिटल
- 19:49100 करोड़ उससे ज्यादा है या आपका टर्नओवर
- 19:50300 करोड़ उससे ज्यादा है तो 100300 पीटी
- 19:53पीटी 100300 पीटी 100300 पीटी 100300 पीटी
- 19:5510000 पीटी 10000 पीटी 100300 पीटी 100300
- 19:58पी पीटी 100 300 100 करोड़ 300 करोड़ पीटी
- 20:00100 300 पीटी 100 300 ठीक है तो अगर आपका
- 20:03ऐसा है तो आपको मिनिमम एक ना एक वुमेन
- 20:06डायरेक्टर रखना ही पड़ेगा और ये लिमिट कब
- 20:09चेक करते हैं सर ये लिमिट चेक करी जाती है
- 20:11लास्ट डेट ऑफ लेटेस्ट ऑडिटेड एफएस कब चेक
- 20:13करी जाती है लेटेस्ट ऑडिटेड फाइनेंसियल
- 20:16स्टेटमेंट है लेटेस्ट ऑडिटेड फाइनेंसियल
- 20:18स्टेटमेंट जो भी है आपके पास उसकी लास्ट
- 20:20डेट पे देख लो मतलब 31 मार्च की जो भी
- 20:22लास्ट वाला आपके पास ऑडिटेड फाइनेंसियल
- 20:23स्टेटमेंट है उस पे देख लो आप ठीक है मतलब
- 20:25जनरली पिछले साल का ही हो गया है एक तरीके
- 20:27से अगर तुम सोचो
- 20:30ठीक है सर। तो सर बड़ी-बड़ी कंपनी को एक
- 20:32वूमेन डायप्ट रखना कंपलसरी है। और
- 20:34बड़ी-बड़ी कंपनी के अंदर कौन इंक्लूड होता
- 20:35है? या तो लिस्टेड कंपनी या फिर पब्लिक
- 20:37कंपनी। मतलब प्राइवेट की बात नहीं करी है।
- 20:39प्राइवेट वालों को कंपलसरी नहीं होता
- 20:40रखना। प्राइवेट वालों को कंपलसरी नहीं
- 20:42होता रखना। किसको है कि या तो लिस्टेड है
- 20:43या फिर पब्लिक है। पब्लिक के अंदर पीटी पी
- 20:45टी पेड अप शेयर कैपिटल 100 करोड़ उससे
- 20:47ज्यादा। टी से टर्नओवर 300 करोड़ उससे
- 20:49ज्यादा। और सर कभी वो डायरेक्टर छोड़ के
- 20:52चले जाए। कभी वो डायरेक्टर छोड़ के चले
- 20:54जाए कि यार मैं तो छोड़ के जा रही हूं
- 20:56कंपनी। मैं तो छोड़ के जा रही हूं कंपनी।
- 20:58तो सर आपको उसकी वैकेंसी फुलफिल करनी
- 21:01पड़ेगी कि अगर आपके पास एक ही वुमेन
- 21:02डायरेक्टर है और आप पे ये प्रोविजन लग रहा
- 21:04है। आप पे ये प्रोविजन लग रहा है। आपने
- 21:06देखा कि यार वो वुमेन डायरेक्टर छोड़ के
- 21:07चली गई और हम पे तो ये प्रोविजन लग रहा
- 21:09है। हम पे तो ये प्रोविजन लग रहा है। तो
- 21:10हमको वापस से फटाफट से दूसरी वूमेन
- 21:13डायरेक्टर अपॉइंट करनी पड़ेगी ना कि कभी
- 21:15भी इंटरमिनेंट वैकेंसी आ जाए कि वो छोड़
- 21:17के चली गई वैकेंसी आ जाए। कैजुअल वैकेंसी
- 21:20टाइप आ जाए। तो हमको अपॉइंट करना है। कब
- 21:21अपॉइंट करना है? लेट्स से ये एक एग्जांपल
- 21:24मैंने नीचे लिखा हुआ है। वही बता देता
- 21:25हूं। 17 मार्च को कोई डायरेक्टर छोड़ के
- 21:28चले गए। अब पहले यह बताता हूं कब अपॉइंट
- 21:30करना है। मतलब आपको कब अपॉइंट करना है।
- 21:31आपको वह वैकेंसी फुलफिल करनी पड़ेगी। जैसे
- 21:33ही वह बंदी छोड़ के गई आपको वैकेंसी
- 21:35फुलफिल करनी पड़ेगी विथ इन 3 मंथ उसके
- 21:38छोड़ के जाने के 3 महीने के अंदर या फिर
- 21:40इमीडिएटली नेक्स्ट बोर्ड मीटिंग या फिर
- 21:42इमीडिएटली जब भी आपकी नेक्स्ट बोर्ड
- 21:44मीटिंग हो रही है। व्हिच एवर इज़ लेटर लेटर
- 21:47मतलब जो भी बाद में हो। जो भी बाद में हो।
- 21:50मतलब कोई भी डायरेक्टर आपकी छोड़ के गई तो
- 21:52उसके 3 महीने के अंदर या फिर जो भी
- 21:54नेक्स्ट बोर्ड मीटिंग है या फिर जो भी
- 21:55नेक्स्ट बोर्ड मीटिंग हो रही है अपनी
- 21:57व्हिच एवर इज रिलेटेड जो भी इन दोनों में
- 21:59से बाद में हो रहा है जब सर एग्जांपल दे
- 22:00के समझाओ हमको वैसे समझ नहीं आता समझ गया
- 22:02सर ये देखो 17 मार्च को वो बंदी छोड़ के
- 22:06गई 17 मार्च को छोड़ के गई तो अब उसको या
- 22:08तो 3 महीने कब होंगे 17 मार्च प्लस 3
- 22:11महीने कब होंगे 3 महीने होंगे सर
- 22:1416 मार्च अप्रैल मई जून 16 जून या तो आपको
- 22:1916 जून को अपॉइंट करना है या फिर मतलब
- 22:21व्हिच एवर इज़ लेटर या तो 16 जून की डेट
- 22:23देखोगे 3 महीने या फिर नेक्स्ट बोर्ड
- 22:26मीटिंग कब हो रही है आपकी? लेट्स से आपकी
- 22:28नेक्स्ट बोर्ड मीटिंग हो रही है 25 जून
- 22:31को। आपकी नेक्स्ट बोर्ड मीटिंग हो रही है
- 22:3325 जून को। तो सर व्हिच एवर इज़ लेटर बाद
- 22:36में क्या हो रहा है? 16 जून बाद में आ रही
- 22:38है, 25 जून बाद में आ रही है, सर 25 जून
- 22:40बाद में आ रहा है। तो आपको 25 जून तक आपको
- 22:4225th जून तक वो वुमेन डायरेक्टर वापस से
- 22:45दूसरी अपॉइंट कर लेनी है। वापस से अपॉइंट
- 22:48कर लेनी है। ठीक है? है तो जैसे इसने
- 22:49छोड़ा उसका 3 महीने या फिर नेक्स्ट बोर्ड
- 22:51मीटिंग व्हिच एवर इज़ लेटर व्हिच एवर इज़
- 22:53लेटर जो भी बाद में हो। ठीक है सर ये हो
- 22:56गया और ये फालतू पॉइंट है कि कोई भी
- 22:58न्यूली इनकर्पोरेटेड कंपनी है कोई मतलब
- 23:00ठीक है फालतू तो नहीं आ सकता है कोई भी
- 23:01न्यूली इनकर्पोरेटेड कंपनी है उसको ये
- 23:03प्रोविजन कंप्लाई करना पड़ेगा विद इन
- 23:05सिक्स मंथ कंपनी जैसे इनकर्पोरेट हुई उसके
- 23:076 महीने के अंदर उसको वो वूमेन डायरेक्टर
- 23:09लाना पड़ेगा और सर यहां पे मैंने वर्ड
- 23:10लिया है एक वुमेन डायरेक्टर होना चाहिए।
- 23:12अब ये बच्चों को बहुत कंफ्यूजिंग होता है।
- 23:14कभी कबार आईसीआई भी कंफ्यूज कर दें कि
- 23:16जरूरी नहीं है कि ये जो वुमेन डायरेक्टर
- 23:18है वो इंडिपेंडेंट डायरेक्टर हो। वो
- 23:20कंपलसरी नहीं होता। अभी अपन आगे और डिटेल
- 23:22में पढ़ेंगे। पर बस इतना ध्यान रखना कि
- 23:24जरूरी नहीं है कि ये जो वुमेन डायरेक्टर
- 23:25होनी चाहिए वो इंडिपेंडेंट हो। ऐसा जरूरी
- 23:28नहीं है। ऐसा जरूरी नहीं होता। बस आप
- 23:30वुमेन डायरेक्टर लाओ। इंडिपेंडेंट वुमेन
- 23:32डायरेक्टर लाने की जरूरत नहीं है। कंपलसरी
- 23:34नहीं है। लाना हो तो लाओ वरना देख। अब सर
- 23:36हर कंपनी के अंदर या तो वुमेन डायरेक्टर
- 23:38पढ़ा अपन ने। ठीक है? अभी तक क्या पढ़ा अपन
- 23:39ने कुछ काम की चीज़ नहीं पढ़ी। एक यह पढ़ा कि
- 23:41मैक्सिमम डायरेक्टर कितने होते हैं? वुमेन
- 23:42डायरेक्टर क्या होता है? उसके बाद बड़ी-बड़ी
- 23:45कंपनी में वूमेन डायरेक्टर चाहिए। ठीक है?
- 23:47सारी कंपनी में सारी कंपनी में एटलीस्ट एक
- 23:51रेजिडेंट डायरेक्टर होना चाहिए जो इंडिया
- 23:53का रेजिडेंट हो। इंडिया का रेजिडेंट हो।
- 23:55सारी कंपनी में एटलीस्ट एक रेजिडेंट
- 23:58डायरेक्टर होना ही होना चाहिए। सर
- 24:00रेजिडेंट डायरेक्टर मतलब क्या है? जो इस
- 24:02साल जो इस साल मोर दैन और इक्वल टू 182 डज़
- 24:06रहा है इंडिया के अंदर। इंडिया के अंदर इस
- 24:08साल ग्रेटर दैन इक्वल टू 182 डज़ रहा है।
- 24:11वह होता है रेजिडेंट डायरेक्टर। तो हर
- 24:12कंपनी में हर कंपनी में एटलीस्ट एक
- 24:14रेजिडेंट डायरेक्टर तो होना ही होना
- 24:16चाहिए। एमसीक्यू आया हुआ है स्टे ड्यूरिंग
- 24:18द प्रिसीडिंग ईयर। पिछले साल वो कितने
- 24:20टाइम के लिए स्टे करा उसने इंडिया में वो
- 24:22इररिलेवेंट है। पिछले साल का इंडिया में
- 24:24स्टे नहीं देखेंगे। इस साल का स्टे कितना
- 24:26है इंडिया में वो देखेंगे मोर दैन इक्वल
- 24:28टू 182 डेज। अब सर यही सेम जैसे मैंने
- 24:30तुम्हारे लिए अच्छी चीज ये करी कि जो
- 24:32स्टडी मटेरियल के क्वेश्चन थे बड़े-बड़े
- 24:33डिस्क्रिप्टिव वाले बड़े-बड़े
- 24:35डिस्क्रिप्टिव वाले वो स्टडी मटेरियल के
- 24:37क्वेश्चन भी मैंने तुम्हारे लिए इधर ही
- 24:39यहां पे दो-दो तीन-तीन लाइन में करके डाल
- 24:41दिया। अरे भाई बहुत मेहनत लगी है इस बुक
- 24:43को भी और वो भी तुमको फ्री में मैं दे
- 24:45दूंगा। ठीक है ना? वो भी तुमको मैं फ्री
- 24:46में Telegram चैनल वगैरह पे दे दूंगा। तो
- 24:48भाई बहुत मेहनत लगी है इस बुक को बनाने
- 24:50में भी और पूरा सब कुछ। पर ठीक है मैं
- 24:52अच्छा इंसान हूं। सब कुछ फ्री में दे देता
- 24:53हूं। और तुम जैसे खराब लोग भाई लाइक तो
- 24:56करके जाया करो। इतना सब कुछ फ्री में
- 24:58मिलेगा। लेक्चर बुक सब फ्री में मिलेगी
- 24:59तुमको। उसके बाद इतना एफर्ट डालने के बाद
- 25:01तुम लाइक नहीं करते। कैसे मोटिवेशन आएगा
- 25:03सामने वाले बंदे को? पत्थर दिल लोग हो
- 25:04क्या तुम? पत्थर दिल और सर मुझे कमेंट
- 25:06करके याद से बताना। कमेंट करके याद से
- 25:09बताएगा। कोई भी नहीं छूटेगा। भाई देख लो
- 25:10यार थोड़ा तो इज्जत कर लो। इतना बंदा
- 25:12मेहनत कर रहा है। तुम्हारा सीए फाइनल का
- 25:14अटेम्प्ट कौन सा है? मुझे जानना होता है
- 25:15कि जो बच्चे अभी मेरे टच में हैं मुझसे
- 25:17पढ़ रहे हैं उनका अटेम्प्ट कौन सा है?
- 25:19ताकि मैं उस हिसाब से तुम्हारे लिए और
- 25:20अच्छी चीजें प्लानिंग करूं। याद से बताना
- 25:22व्हाटएवर मे 26 मे 27 मे 28 मे 29 नवंबर
- 25:26जैन सितंबर जो भी मतलब जो भी है याद से
- 25:28बताना भाई प्लीज कोई इग्नोर नहीं करेगा
- 25:30भाई देख लो अभी कमेंट कर लो लाइक करो और
- 25:32कमेंट करो अभी चाहिए मुझे चलो सर सर उसके
- 25:35बाद ये देखो हमें नहीं बताना कि अभी मैंने
- 25:36तुमको क्वेश्चन ऑलरेडी करा दिया कि पहले
- 25:38डायरेक्टर की लिमिट आठ थी अब मैं उसको 16
- 25:41इनक्रीस करना चाहता हूं आर्टिकल ऑफ
- 25:42एसोसिएशन 10 ही बोलता है तो मैंने बोला दो
- 25:44स्पेशल एसोसिएशन लगेंगे वो वही बात हो गई
- 25:46ठीक है ये मिनट तो सर अपना ये वाला अरे
- 25:50चलो सर अब आ जाओ सर अब इंडिपेंडेंट
- 25:52डायरेक्टर पे आ जाते हैं। अब इंडिपेंडेंट
- 25:54डायरेक्टर क्या होता है सर? सेक्शन 149
- 25:56बोलता है सर स्पेसिफिकली सब सेक्शन सिक्स
- 25:58मतलब बहुत सारे पर हां ठीक है। सेक्शन 149
- 26:00बोलता है इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के लिए कि
- 26:02सर इंडिपेंडेंट डायरेक्टर क्या होता है?
- 26:04अब देखो होता क्या है कि जो बड़ी-बड़ी
- 26:06कंपनी चलती है ना वापस बड़ी-बड़ी कंपनी की
- 26:08बात कर रहा हूं। जो बड़ी-बड़ी कंपनी चलती
- 26:10है ताकि उसके अंदर कोई फ्रॉड ना हो। जैसे
- 26:12अब Reliance हो गया, अडानी हो गए। सो
- 26:14बड़ी-बड़ी कंपनियां जो हो गई अडानी जी की,
- 26:16टाटा अंबानी जी की जो Tata जी, अंबानी जी
- 26:18मतलब इनकी जो कंपनी चलती है बड़ी-बड़ी
- 26:19कंपनियां। अब इन बड़ी-बड़ी कंपनियों को
- 26:21बोल दिया कि यार तुम्हारी कंपनी के अंदर
- 26:23तुमने सारे घर के बंदे बिठा रखे हैं। ऊपर
- 26:25से इतनी बड़ी कंपनी है। तुमने पब्लिक का
- 26:28पैसा भी लिया हुआ है। तुमने पब्लिक का
- 26:30पैसा भी लिया हुआ है। मतलब इन कंपनी के
- 26:32शेयर लिस्टेड है ना कंपनी के शेयर लिस्टेड
- 26:34है या फिर बैंक से लोन वगैरह लिया हुआ है।
- 26:35व्हाटएवर इस तरह की चीजें तो जब तुम्हारी
- 26:37इतनी बड़ी कंपनी है। अगर तुम्हारी कंपनी
- 26:39में कोई फ्रॉड निकला तुम्हारी कंपनी डूब
- 26:41गई। तुमने कोई गलत डिसीजन ले लिया। तुमने
- 26:44कोई गलत डिसीजन ले लिया तो तुम तो डूबोगे
- 26:46साथ में बाकी जो शेयरहोल्डर बैंकर वगैरह
- 26:49जिन्होंने लोन दिया हुआ है इन्वेस्टर वो
- 26:51भी डूबेंगे वो भी डूबेंगे ठीक है ना सिंपल
- 26:54सी बात है तो इसीलिए तो इसीलिए आपकी कंपनी
- 26:59जो भी बड़ी कंपनी होगी आपकी बड़ी कंपनी के
- 27:01अंदर आपको इंडिपेंडेंट डायरेक्टर अपॉइंट
- 27:03करना कंपलसरी है कुछ इंडिपेंडेंट
- 27:06डायरेक्टर जो इंडिपेंडेंट हो आपकी कंपनी
- 27:08से मेलजोल ना रखते हो बिल्कुल अलग से
- 27:10इंडिपेंडेंट डायरेक्टर कि बाहर से कोई
- 27:12बंदा आएगा एक तरह से मान लो कि बिल्कुल
- 27:13बिल्कुल इंडिपेंडेंट प्रोफेशनल बंदा।
- 27:15इंडिपेंडेंट प्रोफेशनल बंदा तुम्हारी
- 27:17कंपनी से कोई भी लगाव नहीं है उसे।
- 27:19तुम्हारी कंपनी से तुमसे कोई भी लगाव नहीं
- 27:21है। कोई भी रिश्ता नहीं है। तुम्हारी
- 27:23कंपनी से कोई भी रिश्ता नहीं है उससे। ठीक
- 27:25है? रिश्ता नहीं है उसका। तो अब वो आएगा
- 27:27तुम्हारी कंपनी में एज अ स्ट्रिक्ट बंदा
- 27:29कि तुम कोई भी डिसीजन लोगे वो मना कर
- 27:30देगा। नहीं ये गलत डिसीजन है। इससे
- 27:32शेयरहोल्डर इंपैक्ट होंगे। नहीं ये गलत
- 27:33है। इससे बैंकर इंपैक्ट होंगे। तो उस तरह
- 27:35का एक इंडिपेंडेंट मतलब कुछ इंडिपेंडेंट
- 27:37डायरेक्टर चाहिए होंगे। तो सर बड़ी-बड़ी
- 27:40कंपनी कौन होती है और कितने डायरेक्टर
- 27:41चाहिए होंगे इंडिपेंडेंट वाले आ जाओ उसकी
- 27:44बात करते हैं। बड़ा सेक्शन है शांति रखना
- 27:46इसके अंदर थोड़ी कुछ टेक्निकल कॉम्प्लेक्स
- 27:48चीजें आएगी। लोड मत लेना। एक सेक्शन
- 27:50टेक्निकल आएगा। ये मैं बता दूं। मतलब
- 27:52टेक्निकल नहीं है दिमाग खाने वाला फालतू
- 27:54का। तो ठीक है मैं पढ़ाऊंगा पर थोड़ा
- 27:56जल्दी करूंगा। पर अभी चलो बताऊंगा ना
- 27:58पढ़ाते हुए बता दूंगा। एक ही सेक्शन है।
- 28:00तो थोड़ा दिमाग खोल के रखना। सारे ऐसे
- 28:02सेक्शन नहीं होते। कुछ-कुछ ही होते हैं।
- 28:03तो मैं पहले ही बता दूंगा। थोड़ा दिमाग
- 28:04खोल के रखना अभी। तो इंडिपेंडेंट
- 28:06डायरेक्टर चाहिए होता है। ठीक है ना?
- 28:07इंडिपेंडेंट है। यही चीज़ ऑडिट में पढ़ाता
- 28:09ना मैं तुमको तब तुमको समझ आता सर क्या
- 28:11पढ़ाया है मजा ही आ गया। सर मजा तो अभी भी
- 28:13आएगा पर वहां पर मुझे भी पता है कि मैं
- 28:14भयंकर ही अच्छा पढ़ाता हूं। मुझे ज्यादा ही
- 28:16पता है वहां पे। ठीक है ना? यहां पे तो
- 28:17मुझे जल्दी कराना पड़ेगा तुम्हारी इच्छा के
- 28:20अकॉर्डिंग जल्दी-जल्दी। चलो तो सर
- 28:22इंडिपेंडेंट एक्ट कितने चीज़ होते हैं? सर
- 28:24देखो वो डिपेंड करता है कंपनी कौन सी है?
- 28:26वो लिस्टेड कंपनी है या अनलिस्टेड पब्लिक
- 28:28कंपनी। पब्लिक की बात हो रही है अनलिस्टेड
- 28:30में भी। पब्लिक प्राइवेट को तो
- 28:33इंडिपेंडेंट डायरेक्ट रखना कंपलसरी नहीं
- 28:35है। वो तो प्राइवेट कंपनी है। तू डूबे मरे
- 28:37प्राइवेट कंपनी का कुछ भी हो हमको क्या
- 28:38मतलब उससे उससे ज्यादा मतलब नहीं है हमको
- 28:41इंडिपेंडेंट रखने नहीं रखने हो तू देख ले
- 28:43नहीं है कंपलसरी। बट सर यही अगर हम देखें
- 28:45लिस्टेड पब्लिक कंपनी या फिर अनलिस्टेड
- 28:47पब्लिक कंपनी या पब्लिक कंपनी मतलब या तो
- 28:49लिस्टेड हो या अनलिस्टेड हो या तो लिस्टेड
- 28:50हो या अनलिस्टेड हो। तो लिस्टेड कंपनी को
- 28:52बोला लिस्टेड कंपनी को बोला एटलीस्ट 1/3
- 28:55ऑफ़ द टोटल नंबर ऑफ़ डायरेक्टर आपके टोटल
- 28:58नंबर ऑफ़ डायरेक्टर जितने भी हैं आपके टोटल
- 29:00डायरेक्टर आपके पास जितने भी हैं उन टोटल
- 29:03डायरेक्टर का 1/3 एट लीस्ट मतलब कम से कम
- 29:061/3 आपको इंडिपेंडेंट डायरेक्टर रखने ही
- 29:09रखने पड़ेंगे, रखने ही रखने पड़ेंगे। सर
- 29:12लेट्स से लेट्स से अगर आपकी कंपनी में 10
- 29:15इंडिपेंडेंट डायरेक्टर हैं। आपकी सॉरी
- 29:17टोटल नंबर ऑफ डायरेक्टर आपकी कंपनी में 10
- 29:19हैं। टोटल नंबर ऑफ डायरेक्टर कितने हैं
- 29:20आपकी कंपनी में? 10 हैं। तो अब उसका 1/3
- 29:23कितना होगा? उसका 1/3 कर लो। उसका 1/3
- 29:26होगा सर 3.33 3.33 तो यहां पर जो भी
- 29:30फ्रैक्शन आएगा ना उसको राउंड ऑफ करके अपर
- 29:32राउंड ऑफ करना। उसको अपर राउंड ऑफ करना
- 29:34क्योंकि यहां पे वर्ड है एट लीस्ट कम से
- 29:36कम। तो 3.33.33
- 29:38में तो ऐसा नहीं है कि डायरेक्टर के हाथ
- 29:40पैर काट के लिया आए किसी के। ऐसा तो नहीं
- 29:42है तो पूरा रखना पड़ेगा। तो 033 को तुम
- 29:44बोल दो मतलब इसको पूरा मिला के बोल दो फोर
- 29:46पर राउंड ऑफ कर देना। अपर राउंड मैंने
- 29:48यहां पे लिखा भी है फ्रैक्शन इक्वल टू वन।
- 29:49बड़ी प्यारी बुक बनाई है भाई। बहुत मेहनत
- 29:51लगी है। तुम पढ़ोगे तब समझ आएगा तुमको कि
- 29:53सर इतनी मेहनत फ्री में आप कैसे कर सकते
- 29:54हो। पर तुम पत्थर दिल लोग मैं जान गया।
- 29:56ठीक है सर। देखो तो इसमें कहता है कि चार
- 30:00इंडिपेंडेंट डायरेक्टर रखना कंपलसरी है।
- 30:02टोटल नंबर ऑफ़ डायरेक्टर का मल्टीप्लाई 1/3
- 30:03कर लो। 3.33 3.33 का अपपर राउंड ऑफ चार
- 30:06इंडिपेंडेंट डायरेक्टर रखना कंपलसरी है।
- 30:08ठीक है? तो ये क्या है? लिस्टेड कंपनी।
- 30:10लिस्टेड कंपनी की बात होगी तब 1/3 लगाने
- 30:12लिस्टेड कंपनी की बात होगी तो 1/3 टोटल
- 30:15नंबर ऑफ़ डायरेक्टर का 1/3 डायरेक्टर टोटल
- 30:17नंबर ऑफ़ डायरेक्टर का 1/3 डायरेक्टर आपके
- 30:19इंडिपेंडेंट होने चाहिए। यही सर अनलिस्टेड
- 30:22पब्लिक कंपनी की बात होगी। अनलिस्टेड
- 30:24पब्लिक कंपनी तो उसमें भी आपको देखनी है
- 30:26बड़ी-बड़ी कंपनी सबको नहीं रखना।
- 30:28बड़ी-बड़ी कंपनी बड़ी-बड़ी कंपनी क्या
- 30:30होगी सर? टॉप क्या होगी? टॉप कंपनीज़। टॉप
- 30:33कंपनी टीओपी नीचे से चलो। टीओपी टॉप
- 30:36कंपनीज़। बड़ी-बड़ी कंपनी मतलब टॉप कंपनीज़।
- 30:39टॉप कंपनीज़ जो है ना उनको इंडिपेंडेंट
- 30:41डायरेक्टर रखना है अनलिस्टेड पब्लिक
- 30:42कंपनीज़ के अंदर। टॉप कंपनी टॉप के अंदर
- 30:44देख लो तुम। पहले नीचे से ऊपर चलो। टीओपी
- 30:48मतलब टर्नओवर आउटस्टैंडिंग लोन पेड अप
- 30:50शेयर कैपिटल। फिर अब ऊपर से नीचे चलो। 10
- 30:5350 10 50 100 10 50 10 50 10
- 31:0250 10 करोड़ 50 करोड़ 100 करोड़ 10 करोड़
- 31:0450 करोड़ 100 करोड़ 10 करोड़ 50 करोड़ 100
- 31:06करोड़ 10 करोड़ 50 करोड़ 100 करोड़ तो पेड
- 31:08अप शेयर कैपिटल जिसका ग्रेटर दैन इक्वल टू
- 31:1010 करोड़ हो आउटस्टैंडिंग लोन डिबेंचर
- 31:12डिपॉजिट मतलब सब कुछ मिला के आउटस्टैंडिंग
- 31:14जितने भी लोन डिबेंचर डिपॉजिट है वो 50
- 31:16करोड़ से ज्यादा हो टर्नओवर जिसका 100
- 31:18करोड़ या 100 करोड़ से ज्यादा हो टर्नओवर
- 31:20जिसका 100 करोड़ या 100 करोड़ से ज्यादा
- 31:21हो मतलब इनमें से कोई भी कंडीशन इनमें से
- 31:23कोई भी कंडीशन पूरी हो गई तो आपको
- 31:25इंडिपेंडेंट डायरेक्टर रखना पड़ेगा। अब ये
- 31:28ध्यान रखना एक तो दो चीज़ ध्यान रखो ये जो
- 31:30लिमिट देखी जाती है वो लास्ट ऑडिटेड
- 31:32फाइनेंसियल स्टेटमेंट जो भी लेटेस्ट होता
- 31:33है उसकी देखी जाती है लास्ट वाले की और
- 31:36साथ में ICI यहां पर भी टेस्ट करता है कि
- 31:39हर जगह जो लिमिट है ना पेड अप शेयर कैपिटल
- 31:41टर्नओवर वगैरह इन सब में हमेशा जनरली
- 31:43ग्रेटर दैन इक्वल टू ग्रेटर दैन इक्वल टू
- 31:45होती है पर इन जनरल मतलब कुछ एक्सेप्शन तो
- 31:47हमेशा होंगे पर इन जनरल जब भी कभी
- 31:49आउटस्टैंडिंग लोन डिबेंचर डिपॉजिट की बात
- 31:51होती है तो हमेशा ग्रेटर दैन 50 करोड़ है
- 31:54मतलब बाकी जगह तो ग्रेटर दैन इक्वल टू है
- 31:56ग्रेटर दैन इक्वल टू पर इस जगह ग्रेटर दैन
- 31:58है। इस जगह ग्रेटर दैन है। ठीक है सर। तो
- 32:01टॉप टॉप कंपनीज़ टीओपी टर्नओवर
- 32:03आउटस्टैंडिंग अ लोन एंड पेड अप शेयर
- 32:04कैपिटल। टीओपी नीचे से ऊपर फिर ऊपर से
- 32:06नीचे 10 50 100 10 50 100 10 50 100 ठीक
- 32:09है सर। चलो ये हो गया। और ये सेम लिमिट
- 32:12मैंने तुम्हारे पास एक बार रेफरेंस के लिए
- 32:14डाल दी। बाकी अपन फ्यूचर में जब पढ़ेंगे तब
- 32:16समझ आ जाएगा कि ऑडिट कमिटी किस-किस कंपनी
- 32:18को फॉर्म करनी होती है। उस पे भी सेम
- 32:20लिमिट लगती है। एनआरसी कमिटी होती है एक
- 32:23नॉमिनेशन एंड रिमुनरेशन कमिटी। उस पे भी
- 32:25सेम लिमिट लगती है। मैंने तुम्हें रेफरेंस
- 32:26के लिए डाली बाद में काम आएगा। रिवीज़ के
- 32:28टाइम पे अभी इग्नोर कर दो। ठीक है सर। तो
- 32:31सर कभी भी अगर ऐसा हो गया कि अनलिस्टेड
- 32:33पब्लिक कंपनी है उस पे ये कंडीशन पूरी हो
- 32:35गई। अनलिस्टेड पब्लिक कंपनी पे अगर कभी भी
- 32:37ये कंडीशन पूरी हो गई है तो उसको एटलीस्ट
- 32:40दो इंडिपेंडेंट डायरेक्टर रखने पड़ेंगे।
- 32:43उसको एटलीस्ट दो इंडिपेंडेंट डायरेक्टर
- 32:45रखने ही रखने पड़ेंगे। दो इंडिपेंडेंट
- 32:47डायरेक्टर रखने पड़ेंगे। तो लिस्टेड कंपनी
- 32:49के केस के अंदर तो सारी लिस्टेड कंपनी को
- 32:51रखने हैं। कितने? 1/3 1/3 ऑफ़ टोटल नंबर।
- 32:53नंबर वन थर्ड ऑफ़ टोटल नंबर अनलिस्टेड
- 32:55पब्लिक कंपनी में जो टॉप कंपनी है बड़ी
- 32:57कंपनी उनको रखने हैं एटलीस्ट दो उनको रखने
- 32:58हैं एटलीस्ट दो इंडिपेंडेंट डायरेक्टर ठीक
- 33:00है सर पर सर इसके अंदर ना एक और एक्सेप्शन
- 33:02है कि इन अनलिस्टेड पब्लिक कंपनी में भी
- 33:04अगर ये ये वाली कंपनीज़ हैं ये ये वाली
- 33:07कंपनीज़ तो इनको इंडिपेंडेंट डायरेक्टर
- 33:09रखना कंपलसरी नहीं है। इससे एमसीक्यू बन
- 33:11सकते हैं। मेरे हिसाब से इनको मतलब
- 33:14बनेंगे। इससे एमसीक्यू बनते हैं। इनको
- 33:16इंडिपेंडेंट डायरेक्ट रखना कंपलसरी नहीं
- 33:18है। मतलब कोई भी कंपनी जो जॉइंट वेंचर हो
- 33:21या फिर होली ऑन सब्सिडरी हो या फिर
- 33:22डोरमेंट कंपनी हो। जॉइंट वेंचर होली ऑन या
- 33:24फिर डोरेंट जॉइंट वेंचर होली ऑन डोरेंट
- 33:26जॉइंट वेंचर होली ऑन डोरेंट जॉइंट वेंचर
- 33:28होली ऑन डोरेंट जॉइंट वेंचर होली ऑन
- 33:31सब्सिडरी या फिर डोरेंट जॉइंट वेंचर होली
- 33:33ऑन सब्सिडरी हो फिर डोरमेट हो इन तीनों
- 33:35कंपनी पे कभी भी इंडिपेंडेंट डायरेक्टर
- 33:37रखना कंपलसरी नहीं होता। ठीक है हो गया
- 33:40सर। सर और प्राइवेट कंपनी का हमने पहले ही
- 33:41बोल दिया कि प्राइवेट कंपनी को कोई
- 33:42मैंडेटरी नहीं है। और सर एक बार आप पे ये
- 33:44लिमिट लग गई। एक बार आप पे ये लिमिट वगैरह
- 33:46लग गई मतलब कुछ भी ऐसा हो गया। एक बार आप
- 33:49पे ये लिमिट लग गई तो क्या आपको जिंदगी भर
- 33:51तक मतलब केवल उसी साल आपको इंडिपेंडेंट
- 33:53डायरेक्टर रखना है या जिंदगी भर तक
- 33:55इंडिपेंडेंट डायरेक्टर आपको रखते ही जाने
- 33:56हैं। अगर एक बार आप पे ये लिमिट लग गई तो
- 33:59आपको जब तक मतलब आपको इंडिपेंडेंट
- 34:01डायरेक्टर रखने पड़ेंगे। जब तक मतलब जब तक
- 34:053 साल तक कंटीन्यूअस आपकी ये लिमिट लिमिट
- 34:08क्रॉस ना हो। लिमिट क्रॉस ना हो कि मतलब
- 34:11लेट्स से
- 34:13लेट्स से
- 34:172000 मैं एक बार फटाफट समझा रहा हूं एक
- 34:18मतलब कुछ भी एग्जांपल ले 2022 के अंदर आप
- 34:20पे लिमिट क्रॉस हो गई तो आपको इस साल तो
- 34:22इंडिपेंडेंट डायरेक्टर रखने हैं अगले
- 34:24सालों में भी आपको इंडिपेंडेंट डायरेक्टर
- 34:26रखने नहीं रखने वो कैसे चेक करेंगे सर कि
- 34:28सर आपको तीन साल आगे देखने पड़ेंगे 2023
- 34:322024 2025 मतलब इस साल तो आपकी लिमिट
- 34:35ब्रीच हो गई थी 25 अब आपको आगे के
- 34:38क्सक्यूटिव 3 साल वो देखने मतलब लगातार
- 34:40कोई भी ऐसे तीन साल आ गए जब कोई भी ऐसे
- 34:43तीन साल आ गए जब आपकी लिमिट तीनों सालों
- 34:45में ब्रीच नहीं हुई हो। तीनों सालों में
- 34:47ब्रीच नहीं हुई है। 2023 में भी लिमिट
- 34:49ब्रीच नहीं हुई। 2024 में भी नहीं हुई
- 34:502025 में भी नहीं हुई। अगर तीनों सालों
- 34:52में लिमिट ब्रीच नहीं हुई मतलब यहां यहां
- 34:54पे तो इंडिपेंडेंट एक्टर रखने हैं। यहां
- 34:55यहां पे तो इंडिपेंडेंट डायरेक्टर रखने
- 34:56हैं। अगर तीनों सालों में ब्रीच नहीं हुई
- 34:58तो 2026 से आपको इंडिपेंडेंट डायरेक्टर
- 35:00नहीं रखना। 2026 से आपको इंडिपेंडेंट
- 35:02डायरेक्टर नहीं। तो मतलब नेक्स्ट 3 साल तो
- 35:04रखने ही रखने हैं। अगर आपकी लिमिट ब्रीच
- 35:06हो रही है लिमिट ब्रीच नहीं हो रही है तो
- 35:08भी लिमिट ब्रीच नहीं हो रही है तो भी तो
- 35:09आपको नहीं रखने कब नहीं रखने? जब लगातार
- 35:12तीन सालों तक वो लिमिट ब्रीच ना हो। ठीक
- 35:14है सर। चलो ये भी हो गया। उसके बाद ये
- 35:17फालतू पॉइंट है। अभी मैं इस पे नहीं
- 35:18जाऊंगा कि जैसे अपन ने पढ़ा मतलब एक बार
- 35:19ओवरव्यू दे रहा हूं बेसिक सा और दिमाग में
- 35:21रहे कि अभी अपन ने पढ़ा कि इंडिपेंडेंट
- 35:22डायरेक्टर कितने रखने हैं? या तो 1/3 रखने
- 35:24हैं या फिर दो इंडिपेंडेंट डायरेक्टर रखने
- 35:26हैं। ठीक है ना? पर सर अगर ऑडिट कमिटी और
- 35:28लिस्टेड कंपनी लिस्टेड कंपनी और ऑडिट
- 35:30कमिटी बोलता है कि आपको ज्यादा
- 35:32इंडिपेंडेंट डायरेक्टर रखने पड़ेंगे। आपको
- 35:34क्या बोलता है वो कि ज्यादा इंडिपेंडेंट
- 35:35डायरेक्टर रखने पड़ेंगे। तो यहां पर तो
- 35:38बोल रहा है कि आपको दो ही रखने हैं। पर
- 35:39अगर अस्यूम करो ऑडिट कमिटी बोल दे सात
- 35:41इंडिपेंडेंट डायरेक्टर रखने हैं तो तो उस
- 35:43केस में आपको व्हिच एवर इज़ हायर जो भी
- 35:45ज्यादा इंडिपेंडेंट डायरेक्टर रखने वाली
- 35:46लिमिट है वो लगेगी। तो आपको सात
- 35:48इंडिपेंडेंट डायरेक्टर रखने पड़ेंगे। तो
- 35:50व्हिच एवर इज़ हायर लग जाता है हमेशा। तो
- 35:51वो बाद में पढ़ा दूंगा अभी तुमको। लिस्टेड
- 35:53कंपनी क्या होता है सर? मैं क्रॉस कर जो
- 35:54क्योंकि मैंने अभी छोटा-छोटा क्रॉस लगाया
- 35:56है ना वो मैं नहीं पढ़ाऊंगा। एक बार तुमको
- 35:57वन टाइम रीड मारने की इच्छा हो तो मार
- 35:59लेना वरना इनसे भूल के भी क्वेश्चन नहीं आ
- 36:01सकता। ये बस मैंने तुमको बुक में डाल
- 36:02दिया। जिसको इच्छा हो कि नहीं सर हमको तो
- 36:04पढ़ना ही है तो पढ़ लो भाई। मैं तो मना ही
- 36:05नहीं कर रहा। बाकी मैं नहीं पढ़ा। लिस्ट
- 36:06कंपनी क्या होता है? अरे यार इंटरमिनेंट
- 36:09वैकेंसी क्या होता है कि सर कि सर कभी भी
- 36:11इंडिपेंडेंट डायरेक्टर छोड़ के चले गया।
- 36:12इंडिपेंडेंट डायरेक्टर छोड़ के चले गया तो
- 36:14उसको अपन को वापस से वैकेंसी हो गई ना।
- 36:16उसकी वैकेंसी हो गई। तो अपन को उसको वापस
- 36:18से लेना पड़ेगा। वापस से उसको लेना पड़ेगा
- 36:20किसी न किसी को उसके बदले में। तो उसकी
- 36:21वैकेंसी कैसे फुलफिल करनी है? सेम जो
- 36:23वुमेन डायरेक्टर में पढ़ा था। सेम जो वुमेन
- 36:25डायरेक्टर में पढ़ा था या तो 3 मंथ तीन
- 36:28उसके छोड़ के जाने के 3 महीने बाद या फिर
- 36:29नेक्स्ट बोर्ड मीटिंग या फिर नेक्स्ट
- 36:31बोर्ड मीटिंग व्हिच एवर इज़ लेटर व्हिच एवर
- 36:33इज़ लेटर बात खत्म सर
- 36:37इस सेक्शन पे आता हूं मैं अभी थोड़ा सा
- 36:38वैसे भी ये मतलब फालतू का क्या थोड़ा सा
- 36:40याद करने वाला हो गया बाकी और कुछ नहीं
- 36:41है। बाकी इस सेक्शन में कुछ नहीं है। बाकी
- 36:43उसमें भी बाकी पहले एक बार पढ़ लो या तुम
- 36:45बोलो पढ़ा ही दूं।
- 36:48नहीं पहले एक बार उसको बाद में पढ़ लेता
- 36:49हूं मैं एक पहले ये कर लो तो पहले छोटे
- 36:51वाला ले लो जो ईजी भी है औरेंट भी है।
- 36:53देखो अब सर कोई भी इंडिपेंडेंट डायरेक्टर
- 36:55जब आएगा कोई भी इंडिपेंडेंट डायरेक्टर जब
- 36:57आएगा तो वो इंडिपेंडेंट डायरेक्टर बार-बार
- 36:59चिल्ला-चिल्ला के बोलेगा मैं इंडिपेंडेंट
- 37:00हूं। वो इंडिपेंडेंट डायरेक्टर बार-बार
- 37:02चिल्ला-चिल्ला के बोलेगा मैं इंडिपेंडेंट
- 37:04हूं मैं इंडिपेंडेंट हूं। तो मतलब वो
- 37:06कंपनी को डिक्लेरेशन देगा। मतलब वो कंपनी
- 37:08को डिक्लेरेशन देगा बार-बार कि मैं
- 37:11इंडिपेंडेंट हूं, मैं इंडिपेंडेंट हूं। वो
- 37:13कब-कब डिक्लेरेशन देगा कंपनी को। वो कब-कब
- 37:15डिक्लेरेशन देगा कंपनी को वो डिक्लेरेशन
- 37:18देगा जब वो फर्स्ट बोर्ड मीटिंग में मतलब
- 37:20जैसे ही अपॉइंट हुआ जैसे ही वो अपॉइंट हुआ
- 37:22तो उसकी जो फर्स्ट बोर्ड मीटिंग होगी ना
- 37:24उसकी जो जो उसने फर्स्ट बोर्ड मीटिंग
- 37:25अटेंड करी वो उस बोर्ड मीटिंग में बोलेगा
- 37:28डिक्लेरेशन देगा कि मैं इंडिपेंडेंट हूं
- 37:30और हर साल की फर्स्ट बोर्ड मीटिंग हर साल
- 37:33की फर्स्ट बोर्ड मीटिंग एव्री फाइनेंसियल
- 37:35ईयर की फर्स्ट बोर्ड मीटिंग में भी वो
- 37:37बोलेगा कि मैं इंडिपेंडेंट हूं तो वो
- 37:38बार-बार बोलेगा कि वो कब बोलेगा जब जैसे
- 37:40ही वो अपॉइंट हुआ जैसे ही वो अपॉइंट हुआ
- 37:42उसके अपॉइंट होने के बाद जो फर्स्ट बोर्ड
- 37:43मीटिंग हुई उसके अपॉइंट के बाद जो फर्स्ट
- 37:45बोर्ड मीटिंग हुई या फिर या फिर जो हर साल
- 37:49की हर साल की फर्स्ट बोर्ड मीटिंग होगी जो
- 37:51हर साल की फर्स्ट बोर्ड मीटिंग होगी उस
- 37:53वक्त भी वो बोलेगा हर साल की फर्स्ट बोर्ड
- 37:54मीटिंग में भी जो वो बोलेगा कि मैं
- 37:55इंडिपेंडेंट हूं तो वो दोनों तीनों और
- 37:57जैसे उसका अगर कभी इंडिपेंडेंस का स्टेटस
- 37:59चेंज हुआ कि नहीं वो एकदम से इंडिपेंडेंट
- 38:01की जगह डिपेंडेंट हो गया तो वो बोलेगा फिर
- 38:04वो बताना पड़ेगा उसको कि मैं अभी
- 38:05इंडिपेंडेंट नहीं रहा ठीक है सर सर उसको
- 38:07क्या पैसों में क्या दिया जाएगा रिमुनरेशन
- 38:09में रिमुनरेशन में क्या दिया जाएगा सर
- 38:11एमसीक्यू पॉइंट उसको कभी भी ईसोप्स नहीं
- 38:13मिलेंगे उसको कभी भी ईसोप्स नहीं मिलेंगे।
- 38:15इसप क्या होता है सर? एंप्लई स्टॉक ऑप्शन
- 38:17प्लान। एंप्लई स्टॉक ऑप्शन प्लान उसको कभी
- 38:19भी नहीं मिलेगा। वरना उसकी इंडिपेंडेंस
- 38:21हार्म हो सकती है। इंडिपेंडेंस हार्म हो
- 38:23सकती है। क्योंकि उसको कंपनी के आपने शेयर
- 38:24दे दिए। उसको आपने कंपनी के शेयर्स दे
- 38:26दिए। तो जब उसके पास कंपनी के शेयर्स आ गए
- 38:28तो वो इंडिपेंडेंट कैसे रहा? भाई तुमने
- 38:30ऑडिट तो पढ़ी हुई है ना बचपन में ऑडिटर
- 38:31वाला तो उसके कंपनी के शेयर आ गए तो वो
- 38:33इंडिपेंडेंट कैसे रहा? सिंपल सी बात है।
- 38:35ठीक है सर। और उसको क्या-क्या दे सकते हो?
- 38:37उसको सर आप सीटिंग फीस दे सकते हो जो
- 38:39सेक्शन 197 सब सेक्शन फाइव बोलता है। सर
- 38:41सीटिंग फीस क्या होता है सर? सीटिंग ये
- 38:43होता है कि जब भी कोई डायरेक्टर बोर्ड
- 38:45मीटिंग अटेंड करने जाता है। जब भी कोई
- 38:47डायरेक्टर बोर्ड मीटिंग अटेंड करने जाता
- 38:48है तो उस बोर्ड मीटिंग अटेंड करने के उसको
- 38:50रुपए मिलते हैं। उस बोर्ड मीटिंग को अटेंड
- 38:53करने के उसको रुपए मिलते हैं। तो वो
- 38:54सीटिंग फीस उसको दे सकते हो। जो बोर्ड
- 38:56मीटिंग अटेंड करने के लिए उसने कोई
- 38:58एक्सपेंसेस करे जैसे उसके ट्रैवल का
- 39:00एक्सपेंडिचर हुआ, फ्लाइट टिकट हुआ, होटल
- 39:02का अकोमोडेशन हुआ क्योंकि वो बोर्ड मीटिंग
- 39:04अटेंड करने आ रहा था तो वो एक्सपेंसेस भी
- 39:06आपको रिबर्स करने पड़ेंगे। साथ में आप
- 39:08प्रॉफिट से लिंक कमीशन भी दे सकते हो। अगर
- 39:10मेंबर ने अप्रूव करा हुआ है कि लेट से 2%
- 39:12ऑफ़ प्रॉफिट 13, 1% ऑफ़ प्रॉफिट दे रहा,
- 39:14कंपनी का 1% ऑफ़ प्रॉफिट दे रहा। तो
- 39:16प्रॉफिट रिलेटेड आप कमीशन भी दे सकते हो।
- 39:18प्रॉफिट रिलेटेड कमीशन भी आप दे सकते हो।
- 39:22ठीक है सर? तो उसको क्या नहीं दे सकते?
- 39:23एमसीक्यू पॉइंट क्या सर? उसको नहीं दे
- 39:25सकते। अपन ईशॉप्स वगैरह कभी नहीं दे सकते।
- 39:26उसको ईप्ट्स वगैरह कभी भी अपन नहीं दे
- 39:28सकते। ठीक है ना? उसके बाद वो एलिजिबल
- 39:30होता है। क्या-क्या एलिजिबल होता? सीटिंग
- 39:31फीस दे दो। रिइबर्समेंट ऑफ़ एक्सपेंसेस दे
- 39:33दो आप उसको और साथ में प्रॉफिट रिलेटेड
- 39:35कमीशन जो है प्रॉफिट के जो लिंक रिले है
- 39:37कमीशन वो भी आप उसको दे सकते हो। अब सर
- 39:39इंडिपेंडेंट डायरेक्टर एक बार आ गया तो
- 39:41क्या जिंदगी भर के लिए आपकी कंपनी में
- 39:42रहेगा? नहीं सर। एक इंडिपेंडेंट डायरेक्टर
- 39:45मैक्सिमम 5 साल के लिए कंटीन्यूअस हो सकता
- 39:47है। कंटीन्यूअस 5 साल का उसका टर्म पीरियड
- 39:49होता है। जैसे ऑडिटर का तुमने पढ़ा है ना
- 39:51ऑडिटर को रोटेट करना पड़ता है। सेम
- 39:52इंडिपेंडेंट डायरेक्टर का भी वही है कि एक
- 39:54इंडिपेंडेंट डायरेक्टर मैक्सिमम 5 साल तक
- 39:57आपकी कंपनी में क्सक्यूटिव लगातार रह सकता
- 39:59है। कैन बी शॉर्टर मतलब शॉर्टर पीरियड भी
- 40:01हो सकता है। चलेगा। और क्या सर उसको आप
- 40:03इसे रीअपॉइंट कर सकते हैं? एक बार वो 5
- 40:05साल या 3 साल जो भी उसको एक बार के लिए
- 40:07अपॉइंट करा उसका वो पीरियड निकल गया। उसको
- 40:09आप इसे रीअपॉइंट कर सकते हैं। बिल्कुल कर
- 40:11सकते हो। पर उसको रीअपॉइंट करने के लिए
- 40:13आपको रीअपॉइंट करने के लिए उसको स्पेशल
- 40:16रेोल्यूशन देना पड़ेगा। प्लस आपकी बोर्ड
- 40:18रिपोर्ट में डिस्क्लोज़ करना पड़ेगा। आपकी
- 40:20जो बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की जो रिपोर्ट होती
- 40:22है उसमें डिस्क्लोज़ करना पड़ेगा कि हम सेम
- 40:25इंडिपेंडेंट डायरेक्टर को सेम इंडिपेंडेंट
- 40:28डायरेक्टर को हम रीअपॉइंट कर रहे हैं। तो
- 40:30यहां पे इंपॉर्टेंट पॉइंट है स्पेशल
- 40:31रेोल्यूशन लगेगा। अगर आपको एक बार
- 40:33इंडिपेंडेंट डायरेक्टर का पीरियड खत्म हुआ
- 40:35अगर आपको उसको रीअपॉइंट करना है वापस से
- 40:38तो आप कर सकते हो पर स्पेशल रेोल्यूशन
- 40:41लगेगा स्पेशल रेोल्यूशन लगेगा और मैं एक
- 40:44ही बार रीअपॉइंट कर सकते हो मतलब मैक्सिमम
- 40:45केवल वो दो टर्म्स ही आपके ऑफिस में निकाल
- 40:48सकता है एक ही बार रीअपॉइंट करोगे कि दो
- 40:50टर्म हो गए पहली बार जब आपने ओरिजिनली
- 40:51अपॉइंट करा था तब एक टर्म कंप्लीट हो गया
- 40:53फिर आपने उसको रीअपॉइंट करा तब एक टर्म
- 40:55कंप्लीट हो गया तो मैक्सिमम दो टर्म के
- 40:57लिए वह रह सकता है उसके बाद उसको 3 साल का
- 40:59कूलिंग पीरियड लेना पड़ेगा उसके बाद उसको
- 41:013 साल का कूलिंग पीरियड लेना पड़ेगा। 3
- 41:03साल का कूलिंग पीरियड लेना पड़ेगा कि वह 3
- 41:06साल में कंपनी के साथ किसी भी कैपेसिटी
- 41:09में एसोसिएट नहीं हो सकता। वो ना नॉर्मल
- 41:11डायरेक्टर बन सकता है ना एंप्लई बन सकता
- 41:13है कंपनी का कुछ भी नहीं। कुछ भी नहीं। उन
- 41:153 साल उसको पूरा प्रॉपर कूलिंग पीरियड
- 41:16देना पड़ेगा। फिर उसको वापस से अपॉइंट
- 41:18करना हो तो कर लेना। ठीक है सर। तो एक
- 41:20इंडिपेंडेंट डायरेक्टर मैक्सिमम 5 साल तक
- 41:21अपनी कंपनी में रह सकता है। उसको रीअपॉइंट
- 41:23कर सकते हैं। वापस से मैक्सिमम 5 साल के
- 41:25लिए। एक ही बार रीपॉइंट करेंगे। पर आप कर
- 41:26सकते हैं स्पेशल रेोल्यूशन प्लस बोर्ड ऑफ़
- 41:28डायरेक्ट रिपोर्ट में अपन को डिस्क्लोज़र
- 41:30देना है और उसके बाद जब उसके दो टर्म हो
- 41:32गए तो अपन को 3 साल का उसको कूलिंग पीरियड
- 41:34देना है। 3 साल का कूलिंग पीरियड देना है।
- 41:39फिर सर उसके बाद यह फालतू पॉइंट इतना
- 41:41इंपॉर्टेंट नहीं है। छोटा सा कट मार दो कि
- 41:42जैसे जनरली जनरली कभी भी कोई कंपनी में जो
- 41:44झपाटा हो जाता है। कंपनी में कोई भी जो
- 41:46झपाटा हो जाता है। तो जनरली कौन लायबल
- 41:47होता है? हमेशा एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एक
- 41:49होता है एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, एक होता
- 41:50है नॉन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर। एक होता
- 41:51है एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, एक होता है
- 41:52नॉन एग्जीक्यूट। सर दोनों में डिफरेंस
- 41:54क्या होता है? एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर जो
- 41:55कंपनी के डे टू डे ऑपरेशन में ऑपरेशन
- 41:57संभालता है जो एग्जीक्यूटिव असली में जो
- 41:59बड़े-बड़े डिसीजन लेता है जैसे Reliance
- 42:01Reliance है। Reliance के अंदर
- 42:02एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर कौन है सर? अंबानी
- 42:04जी। अंबानी जी सारी कंपनी का कंट्रोल तो
- 42:06उन अंबानी जी के पास ही है ना। ऐसा तो है
- 42:08ना अंबानी जी किसी थर्ड पर्सन को दे देंगे
- 42:10कंट्रोल। नहीं अंबानी जी उनकी फैमिली वही
- 42:12एग्जीक्यूटिव पर्सन है। नॉन एग्जीक्यूटिव
- 42:14पर्सन डायरेक्टर थोड़े बहुत छोटे-मोटे
- 42:16डिसीजन लेते हैं। थोड़े बहुत वोटिंग राइट
- 42:18होते हैं। पर ये ज्यादा डे टू डे ऑपरेशन
- 42:19में ये ज्यादा इन्वॉल्व नहीं होते। तो सर
- 42:21क्योंकि नॉन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर या
- 42:23फिर जो इंडिपेंडेंट डायरेक्टर होते हैं
- 42:24क्योंकि अब ये डे टू डे ऑपरेशन में सारे
- 42:26बिजनेस के डिसीजन तो ले नहीं रहे। सारे
- 42:28बिजनेस के डिसीजन ये लोग तो ले नहीं रहे
- 42:30हैं। तो भाई कभी भी कोई फ्रॉड वगैरह हो
- 42:32गया, कोई भी लायबिलिटी आ गई, कभी भी कोई
- 42:34फ्रॉड वगैरह हो गया, लायबिलिटी आई तो कौन
- 42:36कौन जिम्मेदार होगा? जनरली हमेशा
- 42:38एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ही जिम्मेदार होते
- 42:39हैं उन लायबिलिटी वगैरह के लिए। क्योंकि
- 42:40भाई सारे डिसीजन तो तुमने लिए। पर फिर भी
- 42:43नॉन एग्जीक्यूटिव और इंडिपेंडेंट
- 42:44डायरेक्टर तब ही लायबल होंगे। वो तब ही
- 42:47लायबल होंगे। कब कब लायबल होंगे? जब कोई
- 42:49भी डिसीजन कोई भी डिसीजन वगैरह जो भी कुछ
- 42:52भी गलत काम हुआ है वो उनकी मर्जी से हुआ
- 42:54है। मतलब उनको नॉलेज थी उस काम को लेके
- 42:56उनको पहले से नॉलेज थी कि हां भाई कोई गलत
- 42:58काम हो रहा है तो भी उन्होंने कुछ नहीं
- 42:59बोला तो वो फिर इंडिपेंडेंट डायरेक्टर और
- 43:01नॉन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर भी अप लायबल
- 43:04होंगे या फिर कोई बोर्ड प्रोसेस के थ्रू
- 43:07हो के कोई काम हुआ है। कोई भी काम हुआ है
- 43:08जो पूरा बोर्ड का प्रोसेस फॉलो करके हुआ
- 43:10है कि बोर्ड का प्रोसेस फॉलो करना मतलब
- 43:12कोई भी काम करने के पहले कोई भी काम करने
- 43:14के पहले बोर्ड में रेज़ोल्यूशन पास कराया
- 43:16गया था। रेोल्यूशन पास कराया गया था। तो
- 43:18उसमें वो लायबल होंगे या फिर उन्होंने
- 43:21उनकी कंसेंट से कोई भी काम हुआ है कि कोई
- 43:23भी काम करने के लिए उन्होंने कंसेंट दे दी
- 43:25थी और उन्होंने डिलीजेंटली या फिर कोई काम
- 43:27नहीं करा कोई भी ड्यू डिलीजेंस से काम
- 43:28नहीं करा। उन्होंने खुद ने हां कर दिया कि
- 43:30हां ये काम तू कर सकता है। ये काम तू कर
- 43:32सकता है। तो अगर कोई भी ऐसा काम है जो
- 43:33उनके नॉलेज से हुआ है। उन्होंने कंसेंट
- 43:34वगैरह दी हुई है। ऐसा कुछ तो वो भी लायबल
- 43:36होंगे। वो भी लायबल होंगे। ठीक है? और ये
- 43:39पॉइंट तुम्हारे रिवीज़ में काम आएगा कि जो
- 43:41इंडिपेंडेंट डायरेक्टर होते हैं वो कभी
- 43:43रोटेशन में नहीं लगता। भूल जाओ भूल अभी
- 43:44भूल जाओ। बाद में बाद में बताऊंगा। ठीक है
- 43:46ना? कि उन पे कभी रोटेशन नहीं लगता। बाद
- 43:48में देखें। ठीक है सर।
- 43:51अब सर अभी एक बार जो इंडिपेंडेंट
- 43:52डायरेक्टर का पढ़ा वो एक बार देख लेते हैं।
- 43:53फिर मैं तुमको बताता हूं कि इंडिपेंडेंस
- 43:55मतलब क्या होता है? इंडिपेंडेंट डायरेक्टर
- 43:56अपन ने क्या पढ़ा? सर बड़ी कंपनी लिस्टेड
- 43:58कंपनी को 1/3 ऑफ़ डायरेक्टर जो इंडिपेंडेंट
- 43:59होना चाहिए। अनलिस्टेड के अंदर जो टॉप
- 44:01कंपनीज़ है 10 50 100 वाली उसके अंदर से दो
- 44:03इंडिपेंडेंट डायरेक्टर होने चाहिए।
- 44:04प्राइवेट में ऐसा कोई भी कंपलसरी नहीं
- 44:06होता है। अगर कोई भी वैकेंसी हो गई तो 3
- 44:08महीने या फिर 3 महीने या फिर नेक्स्ट
- 44:10बोर्ड मीटिंग व्हिच एवर इज़ लेटर उसके बाद
- 44:11उसको आपको फिल करनी पड़ेगी। उसको
- 44:13डिक्लेरेशन देना पड़ेगा जब भी अपॉइंट हुआ
- 44:15उसकी फर्स्ट बोर्ड मीटिंग में और हर जनरल
- 44:16मीटिंग के अंदर हर सॉरी हर फाइनेंसियल ईयर
- 44:19की फर्स्ट बोर्ड मीटिंग के अंदर भी उसको
- 44:20बताना पड़ेगा उसको रिमुनरेशन में आप
- 44:22ईसोप्स नहीं दे सकते पर दे सकते हो आपको
- 44:24क्या दे सकते हो सीटिंग फीस दे सकते हो
- 44:25उसको प्रॉफिट रिलेटेड कमीशन दे सकते हो
- 44:27उसको या फिर रिबर्समेंट ऑफ़ एक्सपेंस दे
- 44:28सकते हो उसका टर्म कितना होगा कि सिर्फ 5
- 44:30साल एक और बार अपॉइंट हो सकता है मतलब दो
- 44:31टर्म के लिए अपॉइंट हो सकता है उसके बाद
- 44:32तीन साल कांगरिंग पीरियड लगेगा और आपको
- 44:34रीपॉइंट करने के लिए आपको हमेशा स्पेशल
- 44:36रिजर्वेशन पास करना पड़ेगा ठीक है देखो अब
- 44:38रिवाइज कितना जल्दी हो गया तो इसीलिए मतलब
- 44:41मस्त रहो तुम होता रहेगा सब चलता है अब सर
- 44:43यह वाला है जो थोड़ा लंबा सा आएगा मतलब
- 44:45लंबा तुम देख लेना चाहिए हिसाब से पढ़ना
- 44:47है मैं तो एक बार बता देता हूं तुमको ठीक
- 44:48है ना आए थे इससे क्वेश्चन भी आता है ऐसा
- 44:50नहीं है ठीक है क्वेश्चन आते हैं तो सर
- 44:51इंडिपेंडेंट डायरेक्टर का मतलब क्या होगा
- 44:52इंडिपेंडेंट डायरेक्टर का मतलब क्या होता
- 44:54है कि इंडिपेंडेंट डायरेक्टर कौन होता है
- 44:57जो एमडी डब्ल्यूटीडी नॉमिनी नहीं होता
- 45:00मतलब भूल जाओ कि जो मैनेजिंग डायरेक्टर
- 45:01नहीं है होल टाइम डायरेक्टर नहीं है एमडी
- 45:03मतलब मैनेजिंग होल टाइम डायरेक्टर है या
- 45:04नॉमिनी डायरेक्टर नहीं है ठीक है वो नहीं
- 45:06है तो इंडिपेंडेंट डायरेक्टर मतलब वो होता
- 45:08है इसके कुछ केसेस हैं कि जिस डायरेक्टर
- 45:10के पास इंटीग्रिटी एक्सपीरियंस ियंस हो
- 45:13बोर्ड के हिसाब से इंटीग्रिटी एक्सपीरियंस
- 45:14एक्सपर्ट हो कोई भी बोर्ड ऑफ़ डायरेक्ट कोई
- 45:17भी बंदा जिसके पास इंटीग्रिटी इंटीग्रिटी
- 45:18मतलब ऑनेस्ट तुमने ऑडिट में पढ़ा हुआ हो ना
- 45:20कि जो ऑनेस्ट बंदा है ऑनेस्ट बंदा कभी भी
- 45:23गलत काम ना करे वो प्लस उसके पास
- 45:25एक्सपीरियंस और एक्सपर्टाइज है
- 45:26एक्सपीरियंस और एक्सपर्टाइज वो प्लस ये
- 45:29सारी कंडीशन उसको फुलफिल करनी है सारी की
- 45:31सारी प्लस
- 45:33वो खुद से मतलब वो खुद से प्रमोटर नहीं हो
- 45:36कंपनी का मतलब अब यही है कि कंपनी के साथ
- 45:38उसका कोई भी रिश्ता नहीं होना चाहिए तो वो
- 45:40इंडिपेंडेंट कहलाएगा अगर वो किसी कंपनी का
- 45:42प्रमोट है तो क्या वो इंडिपेंडेंट
- 45:43डायरेक्टर हो सकता है? नहीं हो सकता। मतलब
- 45:44अगर मैं कंपनी कैश मतलब होगा कंपनी
- 45:47एसोसिएट सब्सिडरी होल्डिंग। कंपनी एसोसिएट
- 45:50सब्सिडरी होल्डिंग। कंपनी एसोसिएट
- 45:52सब्सिडरी होल्डिंग। ना तो वो प्रमोटर है
- 45:54अपनी खुद की कंपनी का। मतलब जो अपनी कंपनी
- 45:56है जिसके लिए अपन इंडिपेंडेंट डायरेक्टर
- 45:58अपॉइंट कर रहे हैं। ना उसकी एसोसिएट का,
- 46:00ना उसकी सब्सिडरी का, ना होल्डिंग का।
- 46:01मतलब अपनी कोई भी रिलेटेड वाली कंपनी का
- 46:03भी वह प्रमोटर नहीं है। ना ही वह प्रमोटर
- 46:06या फिर डायरेक्टर से रिलेटेड है। ना ही वह
- 46:09प्रमोटर और डायरेक्टर से रिलेटेड है कंपनी
- 46:11एसोसिएट सब्सिडरी होल्डिंग। ठीक है? तो ना
- 46:14तो वो प्रमोटर है ना या फिर और ना ही वो
- 46:16प्रमोटर डायरेक्टर से रिलेटेड है। ना तो
- 46:18वो प्रमोटर है ना प्रमोटर डायरेक्टर से
- 46:20रिलेटेड है। ठीक है? कैश का कंपनी एसोसिएट
- 46:22सब्सिड होल्डिंग। ठीक है? तो एक तो बंदे
- 46:23का इंटीग्रिटी होनी चाहिए। एक्सपीरियंस
- 46:25एक्सपर्टाइज होना चाहिए। साथ में ना तो
- 46:26मैं प्रमोटर हूं ना ही प्रमोटर या फिर
- 46:28डायरेक्टर से रिलेटेड हूं। ना तो मैं
- 46:30प्रमोटर हूं ना प्रमोटर डायरेक्टर का
- 46:31रिलेटिव हूं। यह भी नहीं है। साथ में मेरा
- 46:35कंपनी और उसके कंपनी और उसकी एसोसिएट
- 46:38सब्सिडरी होल्डिंग उसके प्रमोटर उसके
- 46:40डायरेक्टर कंपनी उसकी एसोसिएट सब्सिडरी
- 46:42होल्डिंग उसका प्रमोटर डायरेक्टर उसके साथ
- 46:45कोई भी मॉनिटरी रिलेशन मेरा जनरली नहीं
- 46:48है। मेरा कोई भी मॉनिटरी रिलेशन उस कंपनी
- 46:50के साथ नहीं है। कब-कब नहीं है? ना तो इस
- 46:53साल ना लास्ट के पिछले दो फाइनेंसियल ईयर
- 46:56में। मतलब करंट ईयर भी देखेंगे कि ना तो
- 46:58करंट ईयर में कोई भी कंपनी के साथ मेरा
- 46:59कोई मॉनिटरी रिलेशन है और ना लास्ट के जो
- 47:02पिछले दो साल हैं सा इसके जो पिछले 2 साल
- 47:04हैं उन 2 सालों में भी मेरा कंपनी के साथ
- 47:07कोई भी मॉनिटरी पैकुलरी रिलेशनशिप नहीं
- 47:10है। पैक्युलरी रिलेशनशिप मेरा कंपनी के
- 47:11साथ नहीं है। ना तो इस साल ना लास्ट के
- 47:14पिछले 2 साल। ना तो इस साल ना लास्ट के
- 47:16पिछले 2 साल मेरा इसके साथ कोई भी रिलेशन
- 47:17नहीं है। इसके कुछ एक्सेप्शन है कि
- 47:19गवर्नमेंट कंपनी में एप्लीकेबल नहीं होता।
- 47:20मतलब गवर्नमेंट कंपनी का अगर आपको
- 47:22इंडिपेंडेंट डायरेक्टर बनना है तो आपका
- 47:24पैक्यूनरी रिलेशनशिप भी चल जाएगा। आप में
- 47:26कंपनी को कोई उसको डायरेक्टर को कोई
- 47:28रिमुनरेशन दे देते हैं किसी के बिहाफ पे
- 47:29तो भी चल जाएगा। मतलब आप रिमुनरेशन दे
- 47:31सकते हो। मतलब वो डायरेक्टर बनाया है तो
- 47:32आप उसको रिमुनरेशन तो दोगे ना। रिमुनरेशन
- 47:35कोई पैक्युनरी बेनिफिट में काउंट थोड़ी ना
- 47:37होगा। अब वो डायरेक्टर बनेगा इंडिपेंडेंट
- 47:39डायरेक्टर बनेगा तो उसको रिमुनरेशन तो
- 47:41दोगे ना तुम लोग। सिंपल सी बात है। तो वो
- 47:43दे सकते हो। उसमें कोई दिक्कत नहीं। तो
- 47:44नहीं ये तो फालतू पॉइंट है। इसको इग्नोर
- 47:45कर दो। इसको इग्नोर कर दो। हां, यह वाला
- 47:47काम के। यह दो काम के पॉइंट है। दो। सर,
- 47:49दो काम के पॉइंट क्या है, सर? पहला पहला
- 47:51काम का पॉइंट यह है कि सर, कोई भी
- 47:54ट्रांजैक्शन मैंने कंपनी के साथ करा।
- 47:55मैंने उस कंपनी के साथ या ऐश या फिर
- 47:57प्रमोटर डायरेक्टर के साथ कोई भी ऐसा
- 47:58ट्रांजैक्शन करा जो आर्म्स लेंथ पे
- 48:01ऑर्डिनरी कोर्स ऑफ़ बिज़नेस में करा। आर्म्स
- 48:03लेंथ पे ऑर्डिनरी कोर्स ऑफ़ बिज़नेस में
- 48:04करा। सर, जैसे सर, जैसे मैं इलेक्ट्रिशियन
- 48:07था। मैंने मैं कोई इलेक्ट्रिशियन था। मैं
- 48:09कोई इलेक्ट्रिशियन था। अब यार कोई
- 48:10इलेक्ट्रिशियन था। मैं मैं डायरेक्टर भी
- 48:12हूं। मैं डायरेक्टर के साथ-सा मैं बड़ा
- 48:13एक्सपर्ट बंदा हूं। डायरेक्टर बन सकता
- 48:15हूं। पर मैं साथ में इलेक्ट्रिशियन भी
- 48:16हूं। शौक से करता हूं इलेक्ट्रिसिटी का
- 48:17काम। अब यार मैंने कभी मैंने क्या करा? इ
- 48:20कभी मैं इस डायरेक्टर के घर पे आके इस
- 48:23प्रमोटर के घर पे आके मैंने कभी कोई ₹500
- 48:25की इलेक्ट्रिसिटी का काम था। एक बटन लगाना
- 48:27था। फंक्का सही करना था फंक्का। वो फंका
- 48:29सही करके आ गया। ₹500 का था। ऑर्डिनरी
- 48:31मेरा बिज़नेस था कि मैं ₹500 का फंका सही
- 48:33करता हूं। मैं जनरली और मैंने आर्म्स लेंथ
- 48:35प्राइस पे करा। मतलब मैं इन जनरल भी लोगों
- 48:37से ₹500 ही लेता हूं। फंक्का सही करने के,
- 48:39फैन सही करने के और इस इंसान से भी ₹500
- 48:41ही दिए। मतलब मैंने मेरे ऑर्डिनरी कोर्स
- 48:43ऑफ़ बिज़नेस में वह काम करा। मैंने मेरी
- 48:44ऑर्डिनरी कोर्स ऑफ़ बिज़नेस में वो काम करा।
- 48:46तो उस केस के अंदर आप आपका कोई भी
- 48:49पैक्यूनरी बेनिफिट नहीं पैक्यूनरी
- 48:51रिलेशनशिप नहीं माना जाएगा। क्योंकि वो जो
- 48:53काम करा है आपने एक ऑर्डिनरी कोर्स ऑफ़
- 48:55बिज़नेस के अंदर करा है जो आर्म्स लेंथ
- 48:57प्राइस पे। ऑर्डिनरी कोर्स ऑफ़ बिज़नेस में
- 48:58एक आर्म्स लेंथ प्राइस पे आपने काम करा
- 49:00है। तो वो अलाउ होता है करना। या फिर आपने
- 49:03जो काम करा है वो ट्रांजैक्शन जो भी
- 49:06ट्रांजैक्शन का अमाउंट है वह अप टू 10% ऑफ़
- 49:08टोटल इनकम है। आपकी 10% ऑफ़ टोटल इनकम है।
- 49:10सर एग्जांपल बता दो ऐसे समझ नहीं आ रहा।
- 49:12तो मतलब कुल मिला के इस साल और लास्ट
- 49:15फाइनेंसियल लास्ट दो फाइनेंसियल ईयर में
- 49:16अगर आपने कंपनी के साथ कोई भी मॉनिटरी
- 49:18ट्रांजैक्शन करा है वो अगर अप टू 10% है
- 49:22वो अगर अप टू 10% ऑफ़ आपका इनकम है तो चल
- 49:25जाएगा सर मतलब अरे यार देखो
- 49:30मेरी कंपनी मेरी मेरी डायरेक्टर की बोल
- 49:32रहा हूं मेरी डायरेक्टर की टोटल इनकम
- 49:33लेट्स से 10 करोड़ की थी 10 करोड़ की थी
- 49:36तो 10 करोड़ का 10% कितना होता है 1 करोड़
- 49:4010 करोड़ का 10% कितना होता है 1 करोड़ तो
- 49:42मैंने कंपनी के साथ कोई सा भी ट्रांजैक्शन
- 49:44करा। मैंने कंपनी के साथ कोई सा भी
- 49:46ट्रांजैक्शन करा वह उस फाइनेंसियल ईयर में
- 49:49अप टू 1 करोड़ तक ही था। उस फाइनेंसियल
- 49:51ईयर में अप टू 1 करोड़ तक ही था। तो कोई
- 49:54भी इशू नहीं है। तो कोई भी इशू नहीं है।
- 49:56लेट्स से इसका एक एग्जांपल जो एमसीक्यू
- 49:58बाद में भी आया हुआ है। मतलब इसके लिए
- 49:59नहीं पर हां ऐसा ही सेम है। जैसे लेट्स से
- 50:01कि मैंने कंपनी के लिए करंट ईयर प्रीवियस
- 50:05ईयर वन प्रीवियस ईयर टू मैंने कंपनी को
- 50:09कोई प्रोडक्ट सेल करा। यहां पर मैंने 50
- 50:11लाख का प्रोडक्ट सेल करा। तो क्या यह 1
- 50:13करोड़ की लिमिट के अंदर है? बिल्कुल है।
- 50:15चलेगा कोई दिक्कत नहीं है। इसमें भी मैंने
- 50:17लेट्स से 80 लै का प्रोडक्ट सेल करा। क्या
- 50:191 करोड़ की लिमिट में है? बिल्कुल है। कोई
- 50:20दिक्कत नहीं। यहां पर मैंने प्रीवियस ईयर
- 50:23टू के अंदर मैंने 1.5 करोड़ का सेल कर
- 50:27दिया उसको। अब अब नहीं चलेगा सर। तो अब आप
- 50:30इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नहीं बन सकते। आप
- 50:32इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नहीं कर सकते।
- 50:33क्योंकि आपने जो आपकी टोटल इनकम थी, आपने
- 50:35जो आपकी टोटल इनकम थी, उसके 10% निकालो।
- 50:37उसका 10% निकालो। मतलब 1 करोड़ आया। तो
- 50:39आपने उससे भी ज्यादा का ट्रांजैक्शन कर
- 50:41दिया कंपनी के साथ वो अलाउ नहीं है। ठीक
- 50:44है सर तो ऐसे देखना है तुमको।
- 50:46ठीक है? ईजी है बस वही कि थोड़ा लिमिट
- 50:48वगैरह याद करनी है। बाकी मैंने वही कहा
- 50:49था। अब ये देखो लिमिट याद करने में तो मैं
- 50:52बीबी अभी तुम्हारी हेल्प नहीं कर सकता।
- 50:53यही ऑडिट की जो लिमिट होगी तुम मेरे से
- 50:54ऑडिट पढ़ोगे उसकी लिमिट तो मैं रटवा दूंगा
- 50:56तुमको ट्रिक वगैरह यूज़ लेके। मेरे पास
- 50:57ट्रिक यहां पे भी है याद कराने की। सब कुछ
- 50:59कराने की। पर इतना टाइम नहीं है जेनुइनली।
- 51:01कोई सेंस नहीं बनता। ठीक है ना? अभी इस
- 51:03पेपर में इतना टाइम देना। ऑडिट में बनेगा
- 51:05इसलिए मैं दूंगा क्योंकि तुम्हारी रैंक
- 51:06एग्ेंपशन उधर से ही दिलानी है मुझे। चलो
- 51:08सर तो सर अभी अपन ने क्या पढ़ा कि सर मेरे
- 51:10पास एक्सपीरियंस एक्सपर्ट इंटीग्रिटी है
- 51:12साथ में ना तो मैं प्रमोटर हूं ना प्रमोटर
- 51:14डायरेक्टर से रिलेटेड हूं ना प्रमोटर
- 51:15डायरेक्टर से रिलेटेड हूं साथ में मेरा
- 51:17कंपनी के साथ कोई मॉनिटरी रिलेशन भी नहीं
- 51:18था कोई पैकेरी रिलेशनशिप भी नहीं था कैश
- 51:20प्रमोटर डायरेक्टर से पर कितना अलाउ है अप
- 51:22टू 10% या फिर ऑर्डिनरी कोर्स अप टू 10%
- 51:24या फिर ऑर्डिनरी कोर्स अलाउ है इस साल और
- 51:25पिछले 2 साल इस साल और पिछले दो साल तो सर
- 51:28साथ में ये तो पढ़ा कि मैंने मेरा यहां पे
- 51:30देखा कि मैं मेरा मेरा देख रहा हूं कि मैं
- 51:32एक्सपीरियंस एक्सपर्टाइज हूं मैं प्रमोटर
- 51:34से रिलेटेड नहीं हूं मेरा कोई भी कंपनी के
- 51:36साथ रिलेशन नहीं है 10% से ज्यादा यह
- 51:38मैंने मेरा देखा। अब आप आपने आपका तो देख
- 51:40लिया। अब आपके रिलेटिव का देखो। अब आपके
- 51:42रिलेटिव का देखो। आपने आपका तो देख लिया।
- 51:44अब आपके रिलेटिव का देखो। आपने आपका तो
- 51:46देख लिया। अब आपके रिलेटिव का देखो कि
- 51:48आपका रिलेटिव आपका रिलेटिव
- 51:53या तो वही पिछले साल या या तो करंट ईयर या
- 51:56फिर पिछले साल के 2 साल या फिर पिछले 2
- 51:57साल। या तो करंट ईयर या फिर पिछले दो साल।
- 51:59या तो करंट ईयर या पिछले 2 साल। सेम जो
- 52:01यहां पे था जो अपने ऊपर लग रहा था वैसे
- 52:02सेम यहां पे भी है कि आपका रिलेटिव आपका
- 52:05रिलेटिव इस साल या फिर पिछले 2 साल। कोई
- 52:07भी कंपनी की मतलब कैश की कोई भी कैश कंपनी
- 52:10एसोसिएट सब्सिडरी होल्डिंग उसकी कोई भी
- 52:12सिक्योरिटी होल्ड नहीं करता हूं। सिंपल सी
- 52:14बात है जो अपन ने पढ़ा हुआ है कि कभी भी
- 52:16आपको कंपनी का ऑडिटर बनना है तो क्या होता
- 52:17है? आप कंपनी की सिक्योरिटी होल्ड नहीं कर
- 52:19सकते। कंपनी के अंदर इनडेटनेस नहीं हो
- 52:22सकता। कैश या फिर प्रमोटर डायरेक्टर से
- 52:23कैश या फिर प्रमोटर डायरेक्टर से इनडेटनेस
- 52:25नहीं हो सकते हैं। या फिर आपने कोई गारंटी
- 52:27सिक्योरिटी नहीं दे रखी उसको। कोई भी
- 52:29गारंटी सिक्योरिटी नहीं दे रखी। तो सिंपल
- 52:30सी बात है। कोई भी शेयर सिक्योरिटी होल्ड
- 52:32नहीं करते। इनडेटनेस नहीं हो गारंटी नहीं
- 52:34दे रखी। कोई शेयर सिक्योरिटी होल्ड नहीं
- 52:35कर सकते। इंडेटनेस में गारंटी नहीं मतलब
- 52:37आपके रिलेटिव आपके रिलेटिव ने आपके
- 52:38रिलेटिव ने ना तो सिक्योरिटी होल्ड करी
- 52:40हुई है ना इनडेटनेस है ना गारंटी दी हुई
- 52:42है ना इंडेटनेस है ना गारंटी दी हुई है
- 52:44ठीक है और उसके अलावा कोई भी पैक्युनरी
- 52:47रिलेशनशिप नहीं है मतलब ये जो पैकरी
- 52:48रिलेशनशिप पढ़ा था ना अपन ने उसके अलावा
- 52:50रिलेटिव का भी कोई भी पैकरी रिलेशनशिप
- 52:52नहीं है रिलेटिव रिलेटिव का भी कोई भी
- 52:54पैकरी रिलेशनशिप नहीं है तो ये वाली
- 52:56कंडीशन भी आपको देखनी पड़ेगी साथ के अंदर
- 52:58पर सर कुछ एक्सेप्शन भी है कि जो रिलेटिव
- 53:01है वह रिलेटिव फेस वैल्यू 50 लाख या या
- 53:05फिर 2% ऑफ़ पेड अप शेयर कैपिटल मतलब व्हिच
- 53:08एवर इज़ हायर व्हिच एवर इज़ हायर व्हिच एवर
- 53:10इज़ हायर कि या तो
- 53:1550 लाख या तो आपका रिलेटिव या तो 50 लाख
- 53:18या फिर 2% ऑफ़ पेड अप शेयर कैपिटल इतने
- 53:20शेयर्स होल्ड कर सकता है। इतने शेयर्स
- 53:22होल्ड कर सकता है। सेम जो इनडेटनेस और
- 53:24गारंटी है वो अप टू 50 लाख दे सकता है। अप
- 53:26टू 50 लाख ले सकता है। 50 लाख तक की
- 53:28गारंटी और सिक्योरिटी गारंटी और इंडेडनेस
- 53:30भी चलेगा। 50 लाख की गारंटी इंडेडनेस भी
- 53:32चलेगा। रिलेटिव ले सकता है। अपनी खुद की
- 53:33बात नहीं हो रही। रिलेटिव की हो रही है
- 53:34रिलेटिव की और जो सिक्योरिटी है वो भी 50
- 53:37लाख और 2% ऑफ़ पेड ऑफ़ शेयर कैपिटल होल्ड कर
- 53:38सकता है। 50 लाख और 2% पे शेयर कैपिटल
- 53:40होल्ड कर सकता है। एक्यूई रिलेशनशिप भी
- 53:43जनरली उसका नहीं हो सकता। पर वो ये है कि
- 53:44अप टू 2% ऑफ़ टर्नओवर जो खुद का टर्नओवर है
- 53:47जो खुद का टर्नओवर है रिलेटिव का खुद का
- 53:49टर्नओवर उसके 2% तक वो उसके कंपनी के साथ
- 53:52पैक्यूनरी रिलेशनशिप भी रख सकता है।
- 53:53पैक्यूनरी रिलेशनशिप भी वो रख सकता है।
- 53:56ठीक है? जैसे अपने पे लिमिट कितनी थी कि
- 53:58अपन 10% तक रख सकते हैं अपने उस कंपनी का।
- 54:00तो रिलेटिव 2% तक रख सकता है। ठीक है सर?
- 54:03तो ये हो गया तो सर वही है फर्स्ट मैं जो
- 54:06होना चाहिए मैं इंडि मैं इंडिपेंडेंट
- 54:08डायरेक्टर का बनूंगा मैं इंटीग्रिटी
- 54:09एक्सपीरियंस एक्सपर्टाइज होना चाहिए साथ
- 54:11में मैं प्रमोटर डायरेक्टर नहीं होना
- 54:12चाहिए उनसे रिलेटेड भी नहीं होना चाहिए
- 54:13मैं पेरी रिलेशनशिप मॉनिटरी रिलेशनशिप
- 54:15कंपनी से नहीं रख सकता एक्सेप्ट 10% ऑफ़
- 54:17मेरी इनकम तक रख सकता हूं मेरे रिलेट मेरा
- 54:18रिलेटिव अब मैं देखूंगा कि मेरा रिलेटिव
- 54:20अब मैं देखूंगा मेरा रिलेटिव भी कंपनी की
- 54:21सिक्योरिटी इंडेडनेस गारंटी नहीं होल्ड कर
- 54:23सकता पर सिक्योरिटी अलाउ है 50 लाख और 2%
- 54:25ऑफ़ पेड अप शेयर कैपिटल और इंडेडनेस गारंटी
- 54:2750 लाख तक अलाउड है और पैक रिलेशनशिप 2%
- 54:29ऑफ़ टर्नओवर तक अलाउ है। अब ना तो मैं खुद
- 54:32और ना मेरा रिलेटिव। यहां पर मैंने पहला
- 54:34केस मैंने क्या बात करी थी? यह तीन केस थे
- 54:36मेरे। यह तीन केस थे मेरे। फिर यह वाला
- 54:40केस था रिलेटिव का। मेरे रिलेटिव का। अब
- 54:43यहां पे आ गया दोनों का ना तो मैं ना तो
- 54:47मैं और ना मेरा रिलेटिव। ना तो मैं ना
- 54:50मेरा रिलेटिव। ना तो मैं ना मेरा रिलेटिव।
- 54:52और यहां पर अपन ने जो जनरली पढ़ा था यहां
- 54:55पे क्या पढ़ा था? पिछ करंट ईयर और लास्ट
- 54:58के दो साल। करंट ईयर और लास्ट के दो साल।
- 55:00यहां पे भी पढ़ा था। करंट ईयर और लास्ट
- 55:01केयर 2 साल। अब जब दोनों की बात आ जाएगी
- 55:03ना कि ना मैं और ना मेरा रिलेटिव तो वहां
- 55:05पर जनरली ये दो का टाइम लगेगा। करंट ईयर
- 55:07और लास्ट के 3 साल। करंट ईयर और लास्ट के
- 55:093 साल। करंट ईयर और लास्ट के 3 साल। पहले
- 55:112 साल था अब यहां पे 3 साल हो गए। तो अब
- 55:13क्या ना तो मैं ना मेरा रिलेटिव। ना तो
- 55:15मैं ना मेरा रिलेटिव ना तो उस कंपनी का
- 55:17उसके एसोसिएट सब्सिडी वगैरह का ना तो
- 55:19केएमपी बन सकता हूं ना एंप्लई। केएमपी
- 55:20क्या होता है सर? की मैनेजरियल पर्सन। की
- 55:23मैनेजरियल पर्सन मतलब कंपनी का सीईओ सीएफओ
- 55:26जो बड़ी-बड़ी पोस्ट होती है वो। तो ना तो
- 55:27मैं ना मेरा रिलेटिव कंपनी का एंप्लई या
- 55:29फिर केएमपी नहीं बन सकता। एम्प्लई केएमपी
- 55:31नहीं बन सकता। पर फिर भी रिलेटिव को छूट
- 55:33दी हुई है रिलेटिव को कि रिलेटिव कंपनी का
- 55:35एंप्लई बन सकता है लास्ट के तीन सालों
- 55:37में। कोई दिक्कत नहीं। अगर रिलेटिव कंपनी
- 55:39का एंप्लई बन सकता है लास्ट के तीन सालों
- 55:40में। करंट ईयर में नहीं होना चाहिए। लास्ट
- 55:42के तीन सालों में एंप्लई था तो चलेगा। कोई
- 55:44दिक्कत नहीं है। साथ में ये इंपॉर्टेंट
- 55:46है। इससे क्वेश्चन आया हुआ है। जो मैंने
- 55:47तुमका एग्जांपल दिया था ना वो 10% ऑफ़ इनकम
- 55:49वाला वो इधर से आया हुआ है कि साथ में आप
- 55:52या आपका रिलेटिव आप या आपका रिलेटिव ना तो
- 55:55एंप्लई ना प्रोपराइटर ना पार्टनर ना तो
- 55:57एंप्लई ना प्रोपराइटर ना पार्टनर नहीं
- 55:59होना चाहिए इन सब में इन सब में कि भाई जो
- 56:02भी कंपनी का ऑडिटर है वो आप कंपनी के
- 56:04ऑडिटर कंपनी सेक्रेटरी या फिर कॉस्ट ऑडिटर
- 56:07नहीं हो सकते। आप उस कंपनी के ऑडिटर,
- 56:09कॉस्ट, कॉस्ट ऑडिटर, ऑडिटर, कॉस्ट ऑडिटर
- 56:12या फिर कंपनी सेक्रेटरी नहीं हो सकते।
- 56:13मतलब ना तो आप उस फर्म के जो ऑडिटर है,
- 56:16ऑडिटर की फर्म है। तो ऑडिटर की फर्म के ना
- 56:18तो आप उसके पार्टनर हो, ना आप उसके
- 56:19प्रोपराइटर हो, ना मैं उस ऑडिटर फर्म का
- 56:21एंप्लई हूं, ना मैं उस ऑडिटर फर्म का
- 56:22एंप्लई हूं। तो मतलब आप उस कंपनी के कुल
- 56:24मिला के आप या फिर आपका रिलेटिव उस उस
- 56:26फर्म के कुल मिला के ऑडिटर, कंपनी
- 56:28सेक्रेटरी और कॉस्ट ऑडिटर नहीं हो सकते।
- 56:30या फिर या फिर अगर कोई लीगल और कंसल्टिंग
- 56:34फर्म है। कोई लीगल और कंसल्टिंग फर्म है।
- 56:36लेट्स से लॉयर की फर्म है जिस या फिर
- 56:38जिससे मैं कोई कंसलटेंसी लेता हूं जिससे
- 56:40वो कोई कंपनी उससे कंसलटेंसी लेती है। कोई
- 56:42लॉयर एडवोकेसी फर्म ऐसी कोई भी कंसलटेंसी
- 56:44फर्म है। तो आप उस कंसल्टिंग फर्म में
- 56:48एंप्लई प्रोपराइटर पार्टनर नहीं हो सकते।
- 56:50अगर अगर वो कंसलटेंसी फर्म का वो सेम जो
- 56:54सेम मैंने ऊपर पढ़ाया था प्रोपराइटर वाला
- 56:56सेम मैंने ऊपर पढ़ाया था कि जो कंसलटेंसी
- 56:57फर्म है ना कंसलटेंसी फर्म उसके टोटल
- 57:01ग्रॉस टर्नओवर का उसके टोटल ग्रॉस टर्नओवर
- 57:04जो है उसका टोटल ग्रॉस टर्नओवर है लेट्स
- 57:06से 100 करोड़ उसका टोटल ग्रॉस टर्नओवर
- 57:09कितना है जो कंसलटेंसी फर्म है 100 करोड़
- 57:11तो उसका 10% निकालो उसका 10% निकालो 10%
- 57:16कितना हुआ 10 करोड़ 10% कितना हुआ 10
- 57:19करोड़ तो अगर अगर कोई भी ट्रांजैक्शन मतलब
- 57:23उस साल आपने उसको जो फीस दी है मतलब आपने
- 57:25जो ट्रांजैक्शन हुआ है अपनी कंपनी के साथ
- 57:27अपनी कंपनी के साथ 10 करोड़ या फिर उससे
- 57:30ज्यादा का ट्रांजैक्शन हुआ है 10 करोड़ या
- 57:32उससे ज्यादा का ट्रांजैक्शन हुआ है तो वो
- 57:34इंडिपेंडेंट नहीं कहलाएगा 10 करोड़ उससे
- 57:36ज्यादा का ट्रांजैक्शन हुआ है तो
- 57:37इंडिपेंडेंट नहीं कहलाएगा नहीं कहलाएगा तो
- 57:41यहां पर ग्रेटर दैन और इक्वल टू 10 करोड़
- 57:4310% है वहां पर केवल यहां पे भी ग्रेटर
- 57:45दैन इक्वल टू 10% था ठीक है कि अप टू 10%
- 57:48यहां पे अलाउ था कि 10% % तक अलाउ है।
- 57:50यहां पर 10% तक भी अलाउ नहीं है। यहां पर
- 57:54है कि जैसे ही 10% हो गया, जैसे ही 10% हो
- 57:58गया, वैसे ही आप डिसक्वालीफाई हो जाओगे।
- 58:00वैसे ही आप डिसक्वालीफाई हो जाओगे। ठीक
- 58:02है? वहां पे 10% तक अलाउ था। यहां पे 10%
- 58:04तक अलाउ नहीं है। मतलब कि 10% से नीचे है
- 58:06तब तक ठीक है। पर 10% जैसे टच हुआ वैसे
- 58:08अलाउ नहीं। सर इसका क्वेश्चन आया एक बाउ
- 58:10देख ही लो यार तुमको देखना हो तो।
- 58:13ये देखो मैं नीचे दिया हुआ है एमसीक्यू कि
- 58:14मैं लीगल एडवाइजर हूं किसी कंपनी का। उसकी
- 58:16प्रोफेशनल फीस एग्जिट कर रही। मैं अपॉइंट
- 58:18नहीं हो सकता इंडिपेंडेंट डायरेक्टर। मैं
- 58:20इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नहीं बन सकता। अगर
- 58:22मैं उस फर्म का मतलब लीगल एडवाइजर का जो
- 58:24लीगल एडवाइजर कौन है? कोई जैसे PWC है
- 58:27जैसे PWC नहीं ले सकते अपन अ कोई लॉयर है
- 58:31कोई लॉयर एंड एलएलपी है लॉयर एंड एलएलपी
- 58:34वो Reliance को वो Reliance को कंसलटेंसी
- 58:37देती है वो Reliance को कंसलटेंसी देती है
- 58:39तो अब इसका जो टर्नओवर है इसका टर्नओवर है
- 58:42लास्ट के 3 साल देखेंगे वो सेम लास्ट के 3
- 58:44साल और करंट ईयर तो वो सेम देखेंगे
- 58:47अह कि मेरा टर्नओवर पहले 40 लाख था फिर 50
- 58:50लाख है फिर 45 लाख है 3 साल का पिछले 3
- 58:53साल देखे मैंने 40 लाख 50 लाख 30 उसमें से
- 58:56मुझे Reliance से कितनी-कितनी फीस मिली?
- 58:58ये तो मेरा टोटल टर्नओवर है। 40 लाख, 50
- 59:00लाख, 45 लाख। अब उसमें से मुझे Reliance
- 59:02से कितनी-कितनी फीस मिली हर साल? Reliance
- 59:04से पहले मुझे 20 लाख मिली, फिर 10 लाख
- 59:06मिली। फिर व्हाटएवर यहां पे ज़ीरो मिली।
- 59:08यहां पे बिल्कुल भी फीस नहीं मिली। ठीक
- 59:09है? तो अब यहां पे मैं देखूंगा कि मेरा
- 59:1110% टच हो रहा है। नहीं हो रहा? 10% टच हो
- 59:14रहा है नहीं हो रहा? ये देखो। यहां पे 10%
- 59:16टच नहीं हुआ। मतलब 20 लाख मिला। आउट ऑफ़ 40
- 59:18लाख। 5% ही है। कोई दिक्कत नहीं। अलाउ था।
- 59:20अलऊ था। पर यहां पर देखो यहां पे 20% हो
- 59:23गया। 10 अह 10 लाख मिला 50 लाख से व्हाट
- 59:26एवर मतलब अभी कैलकुलेशन में मत जाना कुल
- 59:27मिला के यहां पे 20% हो गया तो अलाउ नहीं
- 59:30होगा तो अलाउ नहीं होगा क्योंकि करंट ईयर
- 59:32या फिर पिछले 3 सालों में कभी भी 10% टच
- 59:34हो गया आपकी रेवेन्यू कि आपको Reliance ने
- 59:36बहुत सारा पैसा दिया है तो आप उसके
- 59:38इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नहीं बन सकते
- 59:41ठीक है चलो तो बस ये याद करने का गेम है
- 59:44यार बाकी तो कुछ नहीं इसलिए मैंने बोला था
- 59:45ये वाला सेक्शन केवल एक ये एक आधा सब
- 59:47सेक्शन ऐसा आ जाता है पर इतना लोड मत लो
- 59:49हो जाएगा ठीक है अब सर वही है कि ना मैं
- 59:51ना मेरा रिलेटिव या तो केएमपी एंप्लई हो
- 59:53सकते आपके एंप्लई प्रोपोराइटर एक्ट हो
- 59:54सकते हैं ऑडिटर फर्म के कॉस्ट ऑडिटर फर्म
- 59:56के या सीएस फर्म के ठीक है वो भी नहीं हो
- 59:57सकते और या फिर कंसल्टिंग फर्म जिसका 10%
- 1:00:00ऑफ़ रिवन्यू सामने वाली कंपनी से ही आ रहा
- 1:00:02है। सामने वाली कंपनी से ही आ रहा है। ना
- 1:00:04मैं ना मेरा एंप्लई ना मैं ना मेरा एंप्लई
- 1:00:07सॉरी ना मैं ना मेरा रिलेटिव मोर दैन
- 1:00:10इक्वल टू 10% ऑफ वोटिंग पावर ऑफ कंपनी
- 1:00:12होल्ड कर सकते हैं कि मतलब ना मैं ना मेरा
- 1:00:14एंप्लई 2% से ज्यादा टू मतलब 2% 2% से 2%
- 1:00:19या 2% से ज्यादा उस कंपनी के उस कंपनी के
- 1:00:23शेयर होल्डिंग होल्ड नहीं कर सकते शेयर
- 1:00:24होल्डिंग होल्ड नहीं कर सकते 2% उससे
- 1:00:26ज्यादा नहीं कर सकते ठीक है और साथ में
- 1:00:30मैं किसी एनपीओ का सीईओ डायरेक्टर हूं
- 1:00:33मतलब मैं किसी एनपीओ का सीईओ एंड
- 1:00:35डायरेक्टर हूं। यहां पे कोई एनजीओ चल रही
- 1:00:36है नॉन गवर्नमेंट ऑर्गेनाइजेशन। मैं उस
- 1:00:38एनजीओ का सीईओ या फिर डायरेक्टर हूं। मैं
- 1:00:41उस एनजीओ का सीईओ डायरेक्टर हूं। तो मैं
- 1:00:44कभी भी Reliance का Reliance का
- 1:00:47इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नहीं बन पाऊंगा।
- 1:00:49अगर मैं कभी भी Reliance का इंडिपेंडेंट
- 1:00:51डायरेक्टर नहीं बन पाऊंगा। अगर Reliance
- 1:00:53जो है ना Reliance वो इस एनजीओ को बहुत
- 1:00:56सारा पैसा देता है। वो इस एनजीओ को बहुत
- 1:00:59सारा पैसा देता है। मैं इस एनजीओ का सीईओ
- 1:01:01डायरेक्टर हूं तो मैं Reliance का
- 1:01:02इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नहीं बन पाऊंगा।
- 1:01:04अगर मैं अगर ये Reliance इस एनजीओ को ये
- 1:01:06Reliance इस एनजीओ को बहुत सारा पैसा देता
- 1:01:08है। बहुत सारा पैसा। बहुत सारा पैसा मतलब
- 1:01:10कि यह जो एनजीओ का जितना भी पैसा मिलता है
- 1:01:12ना उसका 25% या फिर उससे ज्यादा उसका 20
- 1:01:16एनजीओ को जितना भी पैसा मिला है आज तक सब
- 1:01:18लोगों से मिलाके सब लोगों से मिला के उसका
- 1:01:2025% या उससे ज्यादा उसका 25% या उससे
- 1:01:23ज्यादा Reliance दे रहा है उसको Reliance
- 1:01:25दे रहा है या फिर मैंने या फिर इस एनजीओ
- 1:01:30ने या फिर इस एनजीओ ने Reliance की इस
- 1:01:33एनजीओ ने इस Reliance की 2% ऑफ़ वोटिंग
- 1:01:36पावर होल्ड करी हुई है। 2% ऑफ़ वोटिंग पावर
- 1:01:38होल्ड करी हुई। ठीक है? तो जहां पे भी
- 1:01:40वोटिंग पावर वाला पॉइंट आ रहा है वहां पे
- 1:01:41सब जगह 2% है। अगर तुमने नोटिस करा हो
- 1:01:43यहां पे भी 2% था। यहां पे भी 2% है और
- 1:01:45रिलेटिव कंपनी के शेयर होल्ड कर सकता है
- 1:01:46अप टू 2% ऑफ़ पेड अप शेयर कैपिटल। तो हर
- 1:01:49जगह टू कम। ठीक है सर। तो ये है इसका।
- 1:01:55ठीक है सर।
- 1:01:57चलो ये सेक्शन मुझे पता था। ये वाला थोड़ा
- 1:01:58बड़ा हो गया। इसमें मैंने तुमको पहले से
- 1:01:59इंटिमेशन दे दिया था। ऐसा इस चैप्टर में
- 1:02:01एक और सेक्शन आएगा बस। बाकी फिर ऐसा कुछ
- 1:02:03नहीं है। तो इंडिपेंडेंट डायरेक्टर
- 1:02:05कौन-कौन हो सकता है सर? पहले खुद का
- 1:02:06देखेंगे। ये खुद के तीन पॉइंट थे कि जो
- 1:02:07मेरे पास इंटीग्रिटी एक्सपीरियंस एक्सपर्ट
- 1:02:09वगैरह होना चाहिए। इंटीग्रिटी एक्सपीरियंस
- 1:02:10एक्सपर्ट वगैरह होना चाहिए। उसके बाद ना
- 1:02:12तुम्हें प्रमोटर होना चाहिए ना प्रमोटर से
- 1:02:13रिलेट रिलेटेड होना चाहिए हूं। साथ में
- 1:02:15मेरा कोई भी पैक मॉनिटरी रिलेशनशिप नहीं
- 1:02:17है कंपनी से इस साल और लास्ट के 2 साल के
- 1:02:19अंदर। पर अप टू 10% ऑफ़ मेरी इनकम चल
- 1:02:21जाएगा। मेरा रिलेटिव ना तो कंपनी के शेयर
- 1:02:23होल्ड कर सकता है ना इंडेटनेस ना गारंटी
- 1:02:25दे सकता है। पर शेयर कितने होल्ड कर सकता
- 1:02:26है? 50 लाख या फिर 2% ऑफ़ पेड अप शेयर
- 1:02:28कैपिटल। और गारंटी वगैरह कितने दे सकता
- 1:02:29है? 50 लाख का। कोई दिक्कत नहीं है। ठीक
- 1:02:32है ना? और उसके बाद ना में ना मेरा
- 1:02:35रिलेटिव कंपनी के अंदर एंप्लई के एमपी
- 1:02:36नहीं हो सकते पर रिलेटिव कंपनी का एंप्लई
- 1:02:38हो सकता है लास्ट के तीन सालों के अंदर
- 1:02:40ठीक है और ना में ना में ना मेरा पार्ट एम
- 1:02:42रिलेटिव एंप्लई पार्टनर डायरेक्टर एंप्लई
- 1:02:44पार्टनर प्रोपराइटर नहीं हो सकते जो
- 1:02:46Reliance की ऑडिट कर रहा हो मतलब ऑडिटर
- 1:02:48सीएस हो या फिर कॉस्ट ऑडिटर उसका मैं नहीं
- 1:02:50हो सकता पार्टनर एंप्लई वगैरह ठीक है साथ
- 1:02:52में या फिर कोई लीगल कंसल्टिंग फर्म है
- 1:02:53जिसको 10% या फिर उससे ज्यादा 10% या उससे
- 1:02:55ज्यादा Reliance से ही मिल रहा है तो मैं
- 1:02:57उसका फिर इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नहीं बन
- 1:02:58सकता हूं उसका मैं मैं खुद और मेरे
- 1:03:00रिलेटिव के साथ मिलाकर 2% होल्ड नहीं कर
- 1:03:02सकता हूं कंपनी का और साथ में कोई भी
- 1:03:04एनपीओ का अगर मैं मैं कोई ऐसे एनपीओ का
- 1:03:06सीईओ डायरेक्टर हूं जिस एनपीओ को 25% या
- 1:03:09उससे ज्यादा Reliance से मिल रहा है तो
- 1:03:10नहीं हो सकता या फिर वोटिंग पावर 2% होल्ड
- 1:03:12करी हुई है तो भी मैं इंडिपेंडेंट एक्टर
- 1:03:13नहीं बन सकता डन सर चलो टाइम लग गया
- 1:03:17सेक्शन में थोड़ा सा बढ़ा था ठीक है अब सर
- 1:03:18ये ठीक ठीक-ठाक पॉइंट है मतलब कभी बार आ
- 1:03:20जाता है तो इसको थोड़ा जल्दी भी कर लेते
- 1:03:21हैं सर अब सेक्शन 150 बोलता है
- 1:03:23इंडिपेंडेंट डायरेक्टर का डाटा बैंक
- 1:03:24इंडिपेंडेंट डायरेक्टर का डाटा बैंक बस सर
- 1:03:25इतनी बार बोल दिया अपन ने कि इंडिपेंडेंट
- 1:03:27डायरेक्टर चाहिए चाहिए चाहिए चाहिए आपको
- 1:03:29रखना पड़ेगा पर वो इंडिपेंडेंट डायरेक्टर
- 1:03:31कैसे ढूंढे ढूंढ ढूंढ के कैसे लाया? तो सर
- 1:03:33ऐसा बोल दिया कि सेंट्रल गवर्नमेंट ने
- 1:03:34सेंट्रल गवर्नमेंट ने एक सेंट्रल
- 1:03:36गवर्नमेंट क्या नाम था? उसका मैं नाम भूल
- 1:03:37गया नाम हां आईका माने आईका मानेसर आईका
- 1:03:41मानेश्वर आईका मानेश्वर आईका मानेसर
- 1:03:43सेंट्रल गवर्नमेंट ने बोला सेंट्रल
- 1:03:45गवर्नमेंट ने बोला कि जिस-जिस को भी
- 1:03:46इंडिपेंडेंट डायरेक्टर बनना है सेंट्रल
- 1:03:48गवर्नमेंट ने एक पोर्टल बना दिया मतलब कुल
- 1:03:49मिला के कि जिस-जिसको भी इंडिपेंडेंट
- 1:03:51डायरेक्टर बनना है या फिर जो ऑलरेडी
- 1:03:52इंडिपेंडेंट डायरेक्टर है मतलब जिस-जिस को
- 1:03:54भी इंडिपेंडेंट डायरेक्टर बनना है या फिर
- 1:03:56जो ऑलरेडी इंडिपेंडेंट डायरेक्टर है उसके
- 1:03:58लिए एक ऑनलाइन पोर्टल बना दिया। उसके लिए
- 1:04:00एक ऑनलाइन पोर्टल बना दिया जो अभी कौन
- 1:04:01मैनेज कर रहा है? सेंट्रल गवर्नमेंट ने
- 1:04:02बोला है उसको मैनेज करेगा। अभी कौन मैनेज
- 1:04:04कर रहा है? आईका
- 1:04:06मानेगर ऐसा कुछ नाम है मानेसर वगैरह। ठीक
- 1:04:08है? मानेसर वगैरह आईका मानेसर एक
- 1:04:10ऑर्गेनाइजेशन है कुल मिला के वो मैनेज कर
- 1:04:11रही है। तो एक ऑनलाइन पोर्टल है। तो जो जो
- 1:04:13भी इंडिपेंडेंट डायरेक्टर ऑलरेडी है मतलब
- 1:04:16कहीं पे भी इंडिपेंडेंट डायरेक्टर है वो
- 1:04:17या फिर जिसको भी इंडिपेंडेंट डायरेक्टर
- 1:04:19बनना है या फिर जिसको भी इंडिपेंडेंट
- 1:04:20डायरेक्टर बनना है वो आके इस पोर्टल में
- 1:04:22रजिस्टर हो जाओ। वो आके इस पोर्टल में
- 1:04:24रजिस्टर हो जाओ। तो इस डाटा बेस ये क्या
- 1:04:27हो गया? एक डाटा बैंक हो गया। डाटा बैंक
- 1:04:28नहीं होता कि जैसे तुम एग्जांपल लो कि
- 1:04:30एमसीए जैसे एमसीए है एमसीए आरओसी उनके पास
- 1:04:34कंपनीज़ जितनी भी कंपनीज़ एक्सिस्ट करती है
- 1:04:36सबका डाटाबेस होता है। आईसीएआई है
- 1:04:38इंस्टट्यूट ऑफ़ चार्टर्ड अकाउंटेंट उनके
- 1:04:40पास उनके सारे स्टूडेंट सारे चार्टर्ड
- 1:04:41अकाउंटेंट का डाटाबेस होता है। वैसे सेम
- 1:04:43आईका मानेसर है। जितने भी इंडिपेंडेंट
- 1:04:45डायरेक्टर हैं उनका डाटाबेस इसके पास है।
- 1:04:46उनका डाटाबेस इसके पास है। तो अब कंपनीज़
- 1:04:48क्या करेगी? एक डाटाबेस मिल गया उन सबको।
- 1:04:50तो कंपनी जाएगी आईका मानेर के पोर्टल पे
- 1:04:53और वहां पे देखेगी कि कौन-कौन बंदे
- 1:04:55इंडिपेंडेंट डायरेक्टर बनने के लिए रेडी
- 1:04:58है। मतलब सा एक तो एलिजिबल भी है और
- 1:05:00विलिंग भी है। तो यहां पर रजिस्टर कौन
- 1:05:02होगा? यहां पर वो बंदा रजिस्टर होगा जो
- 1:05:04इंडिपेंडेंट डायरेक्टर बनने के लिए
- 1:05:06एलिजिबल भी है। मतलब ऊपर जो अपन ने कंडीशन
- 1:05:08पढ़ी वो एलिजिबल भी है, एक्सपर्ट है,
- 1:05:10इंटीग्रिटी है, सब कुछ है। साथ में
- 1:05:12एलिजिबल है। साथ में विलिंग भी है। मतलब
- 1:05:14उसकी इच्छा भी है कि हां मेरे को
- 1:05:15इंडिपेंडेंट डायरेक्टर कहीं पे बनना है।
- 1:05:17तो वो यहां पे आके रजिस्टर हो जाएगा। फिर
- 1:05:19कंपनी इधर से डाटा उठा लेगी। जो भी उसको
- 1:05:21लगा कि हां ये वाला बंदा अच्छा है, यह
- 1:05:23वाला बंदा अच्छा है, यह वाला बंदा अच्छा
- 1:05:24है। उनका डाटा उठा लेगी। का डाटा उठा लेगी
- 1:05:26और फिर उसको इंडिपेंडेंट डायरेक्टर वो
- 1:05:28चाहे तो बना सकती है। कंपनी चाहे तो इधर
- 1:05:30से वो डाटा उठा के उसको इंडिपेंडेंट
- 1:05:32डायरेक्टर वो बना सकती है। तो मतलब कुल
- 1:05:34मिला के एक पोर्टल हो गया एक तरह से जॉब
- 1:05:35पोर्टल मान लो ईजीली याद रखना जॉब पोर्टल
- 1:05:37है कि यहां पर आके रजिस्टर हो जाओ। जिसको
- 1:05:39भी इंडिपेंडेंट डायरेक्टर तुमको बनाना
- 1:05:40होगा वो तुमको इंडिपेंड वहां से सेलेक्ट
- 1:05:43करके तुमको इंडिपेंडेंट डायरेक्टर बना
- 1:05:45देगा खुद की कंपनी के अंदर। सिंपल सा
- 1:05:46पॉइंट है। ठीक है ना? पर हां एक चीज ध्यान
- 1:05:49रखना कि यहां पर रजिस्टर तो हो जाएगा बंदा
- 1:05:52पर जब बोर्ड ऑफ डायरेक्टर जब इसको
- 1:05:53इंडिपेंडेंट डायरेक्टर बनाएंगे तो जो भी
- 1:05:55ड्यू डिलीजेंस करना होगा असली में बंदा
- 1:05:58अच्छा है या नहीं बुरा तो नहीं है
- 1:06:00इंटीग्रिटी है नहीं है एक्सपर्ट है नहीं
- 1:06:02है वो हमेशा कंपनी खुद इसे चेक करेगी ऐसा
- 1:06:04नहीं कि वो आईका माने सर के माथे पड़
- 1:06:05जाएगी नहीं नहीं तेरे यहां पे रजिस्टर था
- 1:06:07देख भाई रजिस्टर तो मेरे यहां पे बहुत से
- 1:06:09लोग हैं। तुझे अपॉइंट करना है तो तुझे खुद
- 1:06:10को थोड़ा दिमाग लगा के करना पड़ेगा। ठीक
- 1:06:12है? तो उस कंपनी को थोड़ा बहुत दिमाग लगा
- 1:06:14के करना पड़ेगा।
- 1:06:19और वो सामने वाला बंदा रजिस्टर कैसे हो
- 1:06:21सकता है? मतलब रजिस्टर कितने साल के लिए
- 1:06:22हो सकता है? तो एक तो रजिस्टर होना
- 1:06:25कंपलसरी होगा। जो भी इंडिपेंडेंट
- 1:06:26डायरेक्टर ऑलरेडी या फिर जिसको
- 1:06:27इंडिपेंडेंट डायरेक्टर बनना है यहां पे
- 1:06:28रजिस्टर होना कंपलसरी है। साथ में वो
- 1:06:29रजिस्टर की फीस लगती है। कुल मिला के फीस
- 1:06:32लगती है रजिस्ट्रेशन की। जिसको भी यहां पे
- 1:06:33रजिस्टर होना है। तो या तो वो एक साल के
- 1:06:35लिए रजिस्टर हो सकता है फीस देके या फिर 5
- 1:06:37साल के लिए रजिस्टर हो सकता है फीस देके
- 1:06:39या फिर लाइफ टाइम के लिए भी वह फीस दे
- 1:06:41सकता है और एक ही बार में रजिस्टर हो सकता
- 1:06:42है। लाइफ टाइम के लिए फीस देके एक ही बार
- 1:06:43में रजिस्टर हो सकता है। ठीक है? तीन
- 1:06:45ऑप्शन है उसके पास।
- 1:06:49यह देखो इंडिपेंडेंट डायरेक्टर आप सेलेक्ट
- 1:06:51कर सकते हो डाटा बैंक से जो भी कोई भी
- 1:06:52वहां पे रजिस्टर हो सकता है जो एलिजिबल और
- 1:06:54विलिंग हो इंडिपेंडेंट डायरेक्टर बनने के
- 1:06:55लिए। सेंट्रल गवर्नमेंट टाइम टू टाइम
- 1:06:57इंस्टट्यूट बताती रहेगी कि कौन वो डाटा
- 1:06:59मैनेज करेगा। अभी कौन मैनेज कर रहा है? वो
- 1:07:00आईक मैनेजर मैनेज कर रहा है। पर कंपनी
- 1:07:02रिस्पांसिबल होगी ड्यू रिलीजंस करने के
- 1:07:04लिए कि अगर किसी को भी आपको उधर से डाटा
- 1:07:05लेके इंडि आईडी बनाना है, इंडिपेंडेंट
- 1:07:07डायरेक्टर बनाना है तो कंपनी को ध्यान
- 1:07:09रखना पड़ेगा। ठीक है? तो किस-किस को इस
- 1:07:11डाटा बैंक में रजिस्टर होना कंपलसरी है?
- 1:07:12जो भी एग्ज़िस्टिंग इंडिपेंडेंट डायरेक्टर
- 1:07:14है उनको भी उधर रजिस्टर होना है। जो जो भी
- 1:07:16इंडिपेंडेंट डायरेक्टर बनना चाहते हैं
- 1:07:17उसको भी होना है और इवन अभी तक तुम्हारे
- 1:07:19पास डीन नहीं है मतलब वो बाद में पढ़ेंगे।
- 1:07:21इवन अभी तक तुम्हारे पास डीन नहीं है तो
- 1:07:22भी तुम रजिस्टर हो सकते हो। क्योंकि तुमको
- 1:07:25ऑनलाइन ही होना है आईका मानिसर से। ठीक है
- 1:07:27सर। और छोड़ दो ये अभी कोई काम का नहीं है।
- 1:07:31मतलब अभी वो हो गया। ये ट्रांजिशन
- 1:07:33प्रोविज़न था। अभी कोई काम का नहीं है।
- 1:07:34ट्रांजिशन हो गया। वैलिडिटी उसको बतानी
- 1:07:36पड़ेगी। मैं एक साल के लिए रजिस्टर होना
- 1:07:37चाहता हूं। 5 साल के लिए लाइफ टाइम के
- 1:07:38लिए। मैंने बोला वही कि रेशियो बताना
- 1:07:40पड़ेगा। मैं 1 साल, 5 साल लाइफ टाइम। कितने
- 1:07:41के लिए रेश्यो हो ना उतनी फीस तुमको देनी
- 1:07:43पड़ेगी और एक बार जैसे लेट्स से कि लाइफ
- 1:07:46टाइम के अंदर तो वैलिडिटी लाइफ टाइम है तो
- 1:07:47बात खत्म हो गई। पर अगर तुम 1 साल या 5
- 1:07:49साल के लिए रजिस्टर हुए। अगर तुम 1 साल या
- 1:07:515 साल के लिए रजिस्टर हुए तो तुम्हारे
- 1:07:53जैसे 1 साल या 5 साल खत्म होने में आ गया।
- 1:07:55एक साल या 5 साल खत्म होने में आ गया। तो
- 1:07:57जैसे ही एक्सपायरी होगी ना एक्सपायरी तो
- 1:07:59एक्सपायर होने के विद इन 30 डेज एक्सपायर
- 1:08:01होने के विद इन 30 डेज आपको वापस से अपना
- 1:08:03नाम रिन्यू करवा लेना है। एक्सपायर होने
- 1:08:05के विथ इन 30 डेज आपको अपना नाम रिन्यू
- 1:08:07करा लेना है। अगर आपने रिन्यू नहीं कराया
- 1:08:09तो आपका नाम उधर से रिमूव कर दिया जाएगा।
- 1:08:11आपका नाम उधर से रिमूव कर दिया जाएगा। ठीक
- 1:08:14है? अब सर ऐसे तो इंडिपेंडेंट डायरेक्टर
- 1:08:16कोई भी बन सकता है क्या? फिर तो कोई भी आ
- 1:08:18जाएगा कि मेरे को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर
- 1:08:19बनाओ। नहीं सर कोई भी इंसान इंडिपेंडेंट
- 1:08:22डायरेक्टर नहीं बन सकता। जो एक्सपर्ट बंदा
- 1:08:24है वही कर सकता है। इसीलिए उनको बोला कि
- 1:08:26आप एक्सपर्टाइज हो या नहीं। आप एक्सपर्ट
- 1:08:28हो या नहीं इसके लिए आपको एक टेस्ट देना
- 1:08:30पड़ेगा। ओसेट बोलते हैं उसको अपन क्या
- 1:08:32बोलते हैं? ओपीसेट। ओपीसेट ऑनलाइन
- 1:08:34प्रोफिशिएंसी सेल्फ असेसमेंट टेस्ट।
- 1:08:36ऑनलाइन प्रोफिशिएंसी सेल्फ असेसमेंट
- 1:08:37टेस्ट। मतलब
- 1:08:39मतलब आप एक बार एक बार तो आप चाहो तो ये
- 1:08:43जो था ना डाटा बैंक इस डाटा बैंक के अंदर
- 1:08:45आप एक बार तो रजिस्टर हो जाओ। आप एक बार
- 1:08:48रजिस्टर हो जाओ। पर जैसे ही आप इसमें
- 1:08:50रजिस्टर हो गए। जैसे ही आप इस डाटा बैंक
- 1:08:52में रजिस्टर हो गए, आप इस डाटा बैंक में
- 1:08:53जैसे ही रजिस्टर हो गए, इस रजिस्ट्रेशन के
- 1:08:56विथिन टू इयर्स में इस रजिस्ट्रेशन के
- 1:08:59विथिन टू इयर्स में आपको ये ओपीसेट नाम का
- 1:09:02टेस्ट पास करना पड़ेगा। ऑनलाइन
- 1:09:04प्रोफिशिएंसी सेल्फ असेसमेंट टेस्ट ऑनलाइन
- 1:09:05प्रोफिशियल सेल्फ असेसमेंट टेस्ट ये एक
- 1:09:07ऑनलाइन टेस्ट होता है। ऑनलाइन टेस्ट देना
- 1:09:08पड़ेगा आपको विथ इन टू इयर्स मतलब जैसे ही
- 1:09:10आप डाटा बैंकिंग में रजिस्टर हुए विथ इन
- 1:09:12टू ईयर आपको ये ओपीसेट टेस्ट पास करना
- 1:09:15पड़ेगा। करना ही करना पड़ेगा। और पास करने
- 1:09:17के लिए वो सेम है। जैसे तुम्हारा ये स्पोम
- 1:09:19वाला पेपर है ना सेल्फ असेसमेंट ऑनलाइन
- 1:09:20पेपर सेम वैसे ही 50% पासिंग मार्क्स
- 1:09:23चाहिए 50% और अनलिमिटेड अटेम्प्ट है कि
- 1:09:25मतलब इन 2 सालों में आप अनलिमिटेड
- 1:09:27अटेम्प्ट देते हो। जितने अटेम्प्ट देने
- 1:09:28उतने देते रहो कोई दिक्कत नहीं। ठीक है?
- 1:09:30तो 2 साल के अंदर पास करना सर 2 साल के
- 1:09:32अंदर अगर पास नहीं हो पाए तो क्या करना
- 1:09:34है? 2 साल में पास नहीं हो पाए। तो भाई
- 1:09:36आपका नाम इधर से हटा दिया जाएगा। अगर आप 2
- 1:09:39साल में पास नहीं हो पाए तो आपका नाम इस
- 1:09:41जो डाटा बैंक है ना डाटा बैंक से हटा दिया
- 1:09:43जाएगा। फिर आपको वापस शुरू से पूरी की
- 1:09:45पूरी एप्लीकेशन देनी पड़ेगी। शुरू से पूरा
- 1:09:46प्रोसेस देना पड़ेगा। शुरू से पूरी की
- 1:09:48पूरी फीस वापस देनी पड़ेगी। सारा प्रोसेस
- 1:09:50शुरू से होगा। आपका नाम इस डाटा बैंक से
- 1:09:51हटा दिया जाएगा। फिर भी कुछ एक्सेप्शन दिए
- 1:09:54है। कुछ भी फिर भी बोला है कि भाई चलो
- 1:09:55तुमने 2 साल के अंदर 2 साल के अंदर अगर
- 1:09:58तुमने पास नहीं करा है। माना तुमने 2 साल
- 1:10:00में पास नहीं कराया तो एक काम करो 2 साल
- 1:10:02कंप्लीट होने के बाद ₹1000 दे दो। ₹1000
- 1:10:05दे दो। हम तुमको 1 साल का टाइम पीरियड
- 1:10:07वापस से और दे देंगे। ₹1000 दो। हम तुमको
- 1:10:101 साल का टाइम पीरियड वापस से दे देंगे।
- 1:10:12एक साल का टाइम पीरियड दे देंगे कि उस
- 1:10:14वापस से एक साल के अंदर 1 साल के अंदर तुम
- 1:10:17वापस से टेस्ट पास कर लो। जो टेस्ट है वो
- 1:10:21पास कर लो। आपको एक साल का टाइम दे दिया
- 1:10:24जाएगा कि आप एक साल के अंदर वापस से टेस्ट
- 1:10:25पास कर लो। तो अगर आपने एक साल के अंदर
- 1:10:28टेस्ट पास कर लिया कि हां भाई आपको वापस
- 1:10:30एक साल दे दिए थे। 2 + 1 ईयर हो गए। अगर
- 1:10:32आपने 1 साल में टेस्ट पास कर लिया तो सब
- 1:10:34कुछ ठीक है। जो आपने पहले फीस भरी थी लाइफ
- 1:10:36टाइम के लिए भरी थी। 5 साल के लिए भरी थी।
- 1:10:381 साल के लिए मतलब 5 साल लाइफ टाइम के लिए
- 1:10:40जो भी फीस भरी थी वो कंटिन्यू होगी। मतलब
- 1:10:42आपको वापस से फीस देने की जरूरत नहीं है।
- 1:10:43मतलब जो ओरिजिनल आपने जो भी फॉर्म भरा था
- 1:10:45वो वैलिड माना जाएगा। लाइफ टाइम फीस भरी
- 1:10:47थी लाइफ टाइम के लिए आप बन गए। ठीक है?
- 1:10:49अगर आपने टेस्ट पास कर लिया। पर अगर आप
- 1:10:51यहां पे एक साल के अंदर भी वापस से टेस्ट
- 1:10:52पास नहीं कर पाए तो भूल जाओ आप। अब भूल
- 1:10:55जाओ अब आपका नाम इधर से रिमूव कर देंगे।
- 1:10:58अब अगर आपको वापस से इंडिपेंडेंट
- 1:10:59डायरेक्टर बनना है तो आपको शुरू से फ्रेश
- 1:11:02एप्लीकेशन देनी पड़ेगी। चाहे आप पहले लाइफ
- 1:11:04टाइम फीस भर चुके हो। पहले आप लाइफ टाइम
- 1:11:06फीस भर चुके हो तो भी आपको वापस से लाइफ
- 1:11:08टाइम फीस वापस से भरनी पड़ेगी। मतलब वापस
- 1:11:09से आपको सब कुछ फ्रेश करना पड़ेगा। ठीक है
- 1:11:12सर। तो अगर आपकी दो ईयर की डेडलाइन मिस हो
- 1:11:14गई है तो आप ₹1000 देके वापस से रिस्टोर
- 1:11:15करा सकते हो आपका नाम। आपका नाम एक साल तक
- 1:11:17अपीयर होगा। रिस्टोर्ड कैटेगरी नाम से
- 1:11:19कहीं पे अपीयर होगा। आपको एक साल के अंदर
- 1:11:21पास करना पड़ेगा। अगर एक साल में पास नहीं
- 1:11:23करे तो आपका नाम वापस से रिमूव हो जाएगा
- 1:11:24और आपको फ्रेश रजिस्ट्रेशन लेना पड़ेगा।
- 1:11:27ठीक है? तो सिंपल-सिंपल प्रोविज़न है। बस
- 1:11:29वही है। ठीक है? ठीक है? तो मतलब जनरली
- 1:11:31आपको 2 साल के अंदर करना है। 2 साल के
- 1:11:32अंदर अगर आप नहीं कर पाए तो आप ₹1000 देके
- 1:11:34एक साल का टाइम पीरियड आपको और मिल जाता
- 1:11:36है। और जैसे ही आपका नाम आपका एक्सपायरी
- 1:11:39होने वाली हो एक साल 5 साल की तो विद इन
- 1:11:4030 डेज आपको वापस से रिन्यू करवाना
- 1:11:42पड़ेगा। ठीक है? और पास होने के लिए क्या
- 1:11:44चाहिए होता है? विद इन टू ईयर पास होना
- 1:11:46पड़ेगा। एटलीस्ट 50% या और अनलिमिटेड
- 1:11:47अटेम्प्ट आपको दे सकते हैं। 50% मार्क्स
- 1:11:49चाहिए होंगे और फिर अनलिमिटेड अटेम्प्ट आप
- 1:11:51दे सकते हो। पर सर कुछ एक्सेंपशन दिए हुए
- 1:11:54हैं कि किन-किन को टेस्ट नहीं देना। अब
- 1:11:55भाई समझो कि बहुत बड़ी-बड़ी कंपनी के
- 1:11:57ऑलरेडी डायरेक्टर एक्सिस्ट करते हैं। जैसे
- 1:11:58मान लो कि रतन टाटा जी थे, अंबानी जी है,
- 1:12:01मुकेश अंबानी जी थे, बिरला जी मतलब जो भी
- 1:12:04बहुत बड़े-बड़े बिरला जी सब बड़े-बड़े
- 1:12:05पहले से डायरेक्टर है बड़ी-बड़ी कंपनियों
- 1:12:07के। अब भाई वो उनकी इज्जत नहीं है क्या
- 1:12:10कोई? वो बोलेंगे कि यार मेरे को
- 1:12:11इंडिपेंडेंट डायरेक्टर बनना है। मैं इतना
- 1:12:12एक्सपीरियंस बंदा, मैं इतना बड़ा बंदा,
- 1:12:14तुम मुझे ये टेस्ट दिलाओगे। तुम मुझे ये
- 1:12:16टेस्ट दिलाओगे। तुम्हारे में इतनी हिम्मत
- 1:12:18आ गई। भाई इतने बड़े आदमी को टेस्ट दिला
- 1:12:20रहे हो तुम। मैं कोई टेस्ट फेस नहीं
- 1:12:21दूंगा। सिंपल सी बात है। तो उनको बोला ठीक
- 1:12:23है सर जो बड़ी-बड़ी कंपनी है ना बड़ी-बड़ी
- 1:12:26कंपनी के डायरेक्टर जो ऑलरेडी हैं मतलब
- 1:12:27बड़े-बड़े लोग जो ऑलरेडी हैं उन बड़े-बड़े
- 1:12:29लोगों को टेस्ट नहीं देना। उन बड़े-बड़े
- 1:12:30लोगों को टेस्ट नहीं देना। आप चुपचाप आकर
- 1:12:32रजिस्टर हो जाओ। हम मान लेंगे आप अच्छे
- 1:12:34आदमी हो। हम मान लेंगे आप अच्छे आदमी हो।
- 1:12:36तो बड़े-बड़े कौन माना जाएगा? बड़ा-बड़ा
- 1:12:38वो माना जाएगा जो इन तीनों में ग्रेटर दैन
- 1:12:42इक्वल टू 3 इयर्स सर्व कर चुके हो। ग्रेटर
- 1:12:44दैन इक्वल टू 3 ईयर सर्व कर चुके हो। इन
- 1:12:46तीनों में से किसी में भी कि या तो वो
- 1:12:48ऑलरेडी या तो वो ऑलरेडी किसी लिस्टेड
- 1:12:52कंपनी के डायरेक्टर के एमपी थे। मतलब वो
- 1:12:54या तो वो डायरेक्टर के एमपी थे या तो किसी
- 1:12:55लिस्टेड कंपनी के या फिर अनलिस्टेड कंपनी
- 1:12:58जिसका पेड अप शेयर कैपिटल 10 करोड़ या
- 1:13:00उससे ज्यादा हो। या तो वो पहले से लिस्टेड
- 1:13:01कंपनी का डायरेक्टर है। 3 साल या 3 साल से
- 1:13:03ज्यादा वो पहले से लिस्टेड कंपनी का
- 1:13:05डायरेक्टर है। या फिर अनलिस्टेड कंपनी
- 1:13:06जिसका पेड ऑफ शेयर कैपिटल 10 करोड़ या 10
- 1:13:08करोड़ से ज्यादा है। या फिर कोई भी
- 1:13:09लिस्टेड कंपनी कोई लिस्टेड कंपनी इवन जो
- 1:13:11आउटसाइड इंडिया लिस्ट हुई हुई है। इवन जो
- 1:13:13आउटसाइड इंडिया इनकर्पोरेट हुई हुई है
- 1:13:15जिसका पेड अप शेयर कैपिटल 2 मिलियन यूएसडी
- 1:13:17से ज्यादा है। जिसका पेड ऑफ़ शेयर कैपिटल 2
- 1:13:18मिलियन यूएसडी या 2 मिलियन यूएसडी से
- 1:13:20ज्यादा है। जैसे ईलॉन मस्क मान लो ईलॉन
- 1:13:22मस्क आ गया। वो इंडिया के बाहर टेस्ला
- 1:13:24संभालता है। वो आ गया। इंडिया में मुझे
- 1:13:25कहीं पे इंडिपेंडेंट डायरेक्टर बनना है।
- 1:13:26तो उसको थोड़ी ना बोलेंगे तू टेस्ट दे।
- 1:13:28नहीं भाई तू पहली बाहर की बड़ी कंपनी का
- 1:13:29डायरेक्टर था तो चलेगा तो वो अगर
- 1:13:31डायरेक्टर या एमपी था किसी लिस्टेड कंपनी
- 1:13:33का अनलिस्टेड कंपनी जिसका 10 करोड़ या
- 1:13:35उससे ज्यादा का टर्नओवर है मतलब जो
- 1:13:36बड़ी-बड़ी कंपनी है ठीक है या फिर कोई
- 1:13:38स्टचटरी कॉरपोरेशन जैसे एलआईसी वगैरह उनका
- 1:13:40पहले से डायरेक्टर का एमपी था तो तुम्हें
- 1:13:42ये टेस्ट देने की जरूरत नहीं है या फिर या
- 1:13:45फिर वो ऑलरेडी डायरेक्टर या फिर उसकी
- 1:13:46इक्विवेलेंट पोस्ट पे था वो डायरेक्टर या
- 1:13:48फिर उसकी इक्विवेलेंट पोस्ट पे था कोई भी
- 1:13:50सेंट्रल गवर्नमेंट या स्टेट गवर्नमेंट की
- 1:13:52मिनिस्ट्री जो भी सेंट्रल गवर्नमेंट और
- 1:13:53स्टेट गवर्नमेंट की मिनिस्ट्री नहीं होती
- 1:13:55जैसे कॉमर्स मिनिस्ट्री होती है फाइनेंस
- 1:13:57मिनिस्ट्री होती है कॉप अफेयर मिनिस्ट्री
- 1:13:58होती है। ऐसी अलग-अलग मिनिस्ट्री होती है
- 1:14:00गवर्नमेंट की। गवर्नमेंट की अलग-अलग
- 1:14:01मिनिस्ट्री होती है। तो उन गवर्नमेंट की
- 1:14:02अलग-अलग मिनिस्ट्री में ऑलरेडी वो
- 1:14:03डायरेक्टर या फिर इक्विवेलेंट पोजीशन पे
- 1:14:05था। तो उसको ये टेस्ट पास करने की जरूरत
- 1:14:07नहीं है। या फिर वो चीफ जनरल मैनेजर या
- 1:14:09फिर अबव चीफ जनरल मैनेजर या फिर अबव था।
- 1:14:10किसका? सेबी आई आरबीआई आईआरडीए पीएफ आरडीए
- 1:14:14मतलब इनका मतलब कुल मिला के सेबी का
- 1:14:15आरबीआई का आईआरडीए का, पीएफआरडीए का इनका
- 1:14:17ऑलरेडी वो पहले से ही बहुत चीफ जनरल
- 1:14:19मैनेजर या फिर उससे ज्यादा था या फिर उससे
- 1:14:21ज्यादा बड़ी वाली पोजीशन पे था। तो तुमको
- 1:14:23फिर वो ये टेस्ट देने का कंपलसरी नहीं है।
- 1:14:26ठीक है? तो 3 साल या तीन साल से ज्यादा
- 1:14:27पहले से किसी बड़ी कंपनी में डायरेक्टर के
- 1:14:29एमपी थे लिस्टेड अनलिस्टेड जिसकी पैराशिप
- 1:14:3110 करोड़ है या फिर आप 3 साल से ज्यादा
- 1:14:33किसी सीजीएफ स्टेट गवर्नमेंट के कोई
- 1:14:35मिनिस्ट्री वगैरह के अंदर आप बड़ी पोजीशन
- 1:14:37पे थे डायरेक्टर उसके के एमपी या फिर आप
- 1:14:39चीफ जनरल मैनेजर और अबाउट थे आरबीआई से भी
- 1:14:41वगैरह ठीक है या तो ये हो गया कि 3 साल या
- 1:14:43तीन साल से ज्यादा आप पहले ही डायरेक्टर
- 1:14:44के एमपी वगैरह थे या फिर या फिर कोई ऐसे
- 1:14:48प्रोफेशनल्स या फिर कोई ऐसे प्रोफेशनल जो
- 1:14:5010 साल से ज्यादा प्रैक्टिस के अंदर है।
- 1:14:5210 साल से ज्यादा प्रैक्टिस के अंदर
- 1:14:54कौन-कौन कि सर एडवोकेट हो गया, चार्टर्ड
- 1:14:56अकाउंटेंट हो गया, कॉस्ट अकाउंटेंट हो
- 1:14:58गया, कंपनी सेक्रेटरी हो गया, चार्टर्ड
- 1:15:00अकाउंटेंट, कॉस्ट अकाउंटेंट, कंपनी
- 1:15:01सेक्रेटरी एडवोकेट मतलब जो भी ये
- 1:15:02प्रोफेशनल्स हो गए चारों वो 10 साल से
- 1:15:05ज्यादा प्रैक्टिसिंग जिनके पास सर्टिफिकेट
- 1:15:07ऑफ़ प्रैक्टिस है जो प्रैक्टिस के अंदर है,
- 1:15:08अपनी-अपनी दुकान खोल के बैठे हैं। मतलब
- 1:15:10अपना-अपना ऑफिस खोल के बैठे हैं। तो 10
- 1:15:11साल से ज्यादा अगर आप प्रैक्टिस के अंदर
- 1:15:13हो, कोर्ट के अंदर चार्टर्ड अकाउंटेंट,
- 1:15:14कॉस्ट अकाउंटेंट, कंपनी सेक्रेटरी,
- 1:15:15चार्टर्ड अकाउंटेंट, कॉस्ट अकाउंटेंट,
- 1:15:16कंपनी सेक्रेटरी, एडवोकेट। अगर 10 साल से
- 1:15:18ज्यादा आप प्रैक्टिस के अंदर हो, 10 साल
- 1:15:19से ज्यादा आप प्रैक्टिस के अंदर हो तो भी
- 1:15:21आप डायरेक्ट इंडिपेंडेंट डायरेक्टर बन
- 1:15:23सकते हो बिना कोई टेस्ट दिए, बिना कोई
- 1:15:25टेस्ट दिए। ठीक है सर? तो ये रहा अपना ओपी
- 1:15:28सेट वाला पूरा प्रोविज़न कंप्लीट हो गया।
- 1:15:30ठीक है? क्वेश्चन भी अपने साथ में हो गया।
- 1:15:35चलो सर अब आ जाओ अपॉइंटमेंट ऑफ
- 1:15:36डायरेक्टर्स पे। और हां तुमको ये वैसे
- 1:15:38मैंने बता दिया था। तुमको ये अब देखते हैं
- 1:15:40देखो नोट्स बुक्स वगैरह कब मिलेगी। अभी
- 1:15:42मैं नहीं बता सकता तुमको। ये मतलब मिल
- 1:15:43जाएगा तुमको। ये चैप्टर वाइज़ करके मिल
- 1:15:45जाएंगे। मोस्टली ये Telegram चैनल पे देख
- 1:15:47लेना एक तुम Telegram चैनल पे डाल दूंगा
- 1:15:48हर चैप्टर वाइज़ मिलते जाएंगे पूरी बुक एक
- 1:15:50साथ बाद में दूंगा मतलब कुछ-कुछ मैं आगे
- 1:15:52चीज़ चेंज करता जा रहा हूं और अच्छी बनाता
- 1:15:53जा रहा हूं मतलब एक-एक चीज़ चैप्टर वाइज़
- 1:15:55मिलती आएगी तुमको तो तुम Telegram चैनल पे
- 1:15:57देख लेना तुमको मिल जाएगा मोस्टली तो ये
- 1:15:59और बाकी तो चलो आगे चलते हैं Telegram
- 1:16:02चैनल देख लेना तुम सीए हेमंत सोानी नाम से
- 1:16:05तुम सर्च कर लेना ग्लोबल सर्च करके तुमको
- 1:16:06मिल जाएगा वहां पे कमेंट सेक्शन में 10
- 1:16:08बार मत पूछना बुक का है बुक का प्रो नोट्स
- 1:16:09का मत पूछना कोई भी प्लीज वो भाई पता नहीं
- 1:16:12तुम क्यों पूछते हो इतनी बार क्लियर करने
- 1:16:13के बाद भी तुम वहां पे जाओगे telegam में
- 1:16:15फाइल सेक्शन होता है ऊपर। फाइल सेक्शन में
- 1:16:16देखोगे मैंने जो जो भी फाइल्स शेयर करी
- 1:16:18हुई है मेरी तो वहां तुमको मिल जाएगा यार।
- 1:16:19क्या करते हो तुम बार-बार सेम चीज पूछते
- 1:16:21रहते हो। चलो आ जाओ।
- 1:16:24अपॉइंटमेंट ऑफ़ डायरेक्टर पे आते हैं अब
- 1:16:25अपन। सेक्शन 152
- 1:16:29सर सेक्शन 152 क्या बोलता है सर? सबसे
- 1:16:31पहले सेक्शन 152 बोलता है कि भाई अब मतलब
- 1:16:33डायरेक्टर अपॉइंट करने का मतलब एक छोटा सा
- 1:16:35प्रोसेस बताता है। ये सबसे पहले एक आता है
- 1:16:36एमसीक्यू में कभी आ जाए कि फर्स्ट
- 1:16:38डायरेक्टर क्या होता है? फर्स्ट डायरेक्टर
- 1:16:39मतलब कंपनी भी नई-नई इनकर्पोरेट हुई है।
- 1:16:41फर्स्ट डायरेक्टर मतलब कंपनी अभी नई-नई
- 1:16:43इनकर्पोरेट हुई है। तो उस केस के अंदर
- 1:16:45फर्स्ट डायरेक्टर जो पहले डायरेक्टर बने
- 1:16:47जाएंगे कंपनी के वो सारे फर्स्ट डायरेक्टर
- 1:16:48कहलाएंगे। तो फर्स्ट डायरेक्टर कौन होता
- 1:16:50है? कि या तो जब भी नई-नई कंपनी बनती है
- 1:16:52तो अपन एओए के अंदर नाम लिख दें। एओए के
- 1:16:55अंदर अपन लिख दें कि ये ये बंदा फर्स्ट
- 1:16:56डायरेक्टर कहलाएगा। ये ये बंदा फर्स्ट
- 1:16:59डायरेक्टर कहलाएगा तो वही बंदे को फर्स्ट
- 1:17:01डायरेक्टर कहेंगे कि फर्स्ट डायरेक्टर कौन
- 1:17:02होगा? कि जिसका अपन ने नाम एओए में लिख
- 1:17:04दिया कि ये फर्स्ट डायरेक्टर है। तो वो
- 1:17:06फर्स्ट डायरेक्टर है। बात खत्म। पर अगर
- 1:17:07अपन ने एओए के अंदर नाम नहीं लिखा अगर अपन
- 1:17:10ने एओए के अंदर नाम नहीं लिखा कि फर्स्ट
- 1:17:12डायरेक्टर कौन है तो जो जो भी इंडिविजुअल
- 1:17:15बंदा जो जो भी इंडिविजुअल बंदा जो भी
- 1:17:19इंडिविजुअल बंदा एमओए को एमओए को
- 1:17:24सब्सक्राइब करे जो भी इंडिविजुअल बंदा
- 1:17:26एमओए को सब्सक्राइब कर देगा वो डीम्ड
- 1:17:29फर्स्ट डायरेक्टर मान लिया जाएगा वो डीम्ड
- 1:17:31फर्स्ट डायरेक्टर मान लिया जाएगा डीम्ड कि
- 1:17:33जैसे या तो पहला कंडीशन पहला क्या है या
- 1:17:35तो अपन देखेंगे एओए में अगर इसका का नाम
- 1:17:37लिखा है तो वो फर्स्ट डायरेक्टर है। पर
- 1:17:38अगर नहीं सर एओए में किसी का नाम नहीं
- 1:17:40लिखा तो एमओए देखेंगे मेमोरेंडम एसोसिएशन
- 1:17:42जो भी इंडिविजुअल डायरेक्टर्स हैं जो भी
- 1:17:44इंडिविजुअल बंदे सब्सक्राइबर हैं एमओए के
- 1:17:46जो भी इंडिविजुअल सब्सक्राइबर हैं एओए के
- 1:17:48एमओए के एमओए के उसको अपन डीम्ड फर्स्ट
- 1:17:51डायरेक्टर मान लेंगे कि यही हमारे फर्स्ट
- 1:17:52डायरेक्टर हैं कंपनी के। ठीक है सर। और
- 1:17:56ओपीसी के अंदर वही है कि एक इंडिविजुअल एक
- 1:17:57ही अकेला मेंबर होता है तो उसी को फर्स्ट
- 1:17:59डायरेक्टर मान लिया जाता है। और इसका
- 1:18:00टेन्योर क्या होगा? फर्स्ट डायरेक्टर जो
- 1:18:02फर्स्ट बार कंपनी का डायरेक्टर अपॉइंट हो
- 1:18:03गया। मतलब एक तरह से ऑटोमेटिक हो गया। वो
- 1:18:05कब तक होल्ड करेगा ऑफिस? मतलब कब तक
- 1:18:06डायरेक्टर बना रहेगा? जब तक जनरल मीटिंग
- 1:18:09में जब तक अपन नेक्स्ट जनरल मीटिंग के
- 1:18:10अंदर असली वाले डायरेक्टर अपॉइंट ना कर
- 1:18:12दें। असली वाले डायरेक्टर अपॉइंट ना कर
- 1:18:14दें। अब जैसे सर एमसीक्यू आया हुआ है इसके
- 1:18:16अंदर आठ एओए के अंदर कोई भी नाम नहीं लिखा
- 1:18:18हुआ था। तो अब आठ सब्सक्राइबर थे एमओए के।
- 1:18:21उसमें से एक कंपनी थी। इन आठ सब्सक्राइबर
- 1:18:24थे जो एमओए के उसमें से एक कंपनी थी। तो
- 1:18:26कौन-कौन फर्स्ट डायरेक्टर होंगे? सर जो
- 1:18:28सात इंडिविजुअल है सेवन वो ही होंगे।
- 1:18:30क्योंकि मैंने यहां पे क्या बोल रहा था
- 1:18:31वर्ड? इंडिविजुअल। कंपनी ने अगर
- 1:18:33सब्सक्राइब करा है एमओए को, तो कंपनी को
- 1:18:35फर्स्ट डायरेक्टर नहीं गिने जाएंगे। केवल
- 1:18:37जो इंडिविजुअल बंदे हैं उन्हीं को गिना
- 1:18:39जाएगा फर्स्ट डायरेक्टर। तो, जो सेवन
- 1:18:41इंडिविजुअल थे, वह फर्स्ट डायरेक्टर मान
- 1:18:43लिए जाएंगे। और जनरली उसके बाद डायरेक्टर
- 1:18:45कैसे अपॉइंट होते हैं? जनरली कि जैसे
- 1:18:46फर्स्ट डायरेक्टर तो अपॉइंट हो गया। अब
- 1:18:48उसके बाद कभी भी किसी डायरेक्टर को अपॉइंट
- 1:18:50करना है तो जनरली डायरेक्टर्स को कौन
- 1:18:51अपॉइंट करता है? सीधी बात है शेयरहोल्डर
- 1:18:53अपॉइंट करते हैं। डायरेक्टर को जनरली
- 1:18:54शेयरहोल्डर अपॉइंट करते हैं जनरल मीटिंग
- 1:18:56में। तो जनरली ऑर्डिनरी रेोल्यूशन पास
- 1:18:59होता है। जनरली हमेशा ऑर्डिनरी रेोल्यूशन
- 1:19:01पास होता है। अनलेस अदरवाइज स्पेसिफाइड कि
- 1:19:03मतलब स्पेशल रेोल्यूशन जब तक नहीं बोला
- 1:19:05गया हो तब तक आपको ऑर्डिनरी रेोल्यूशन ही
- 1:19:08पास करना पड़ेगा। किसी को भी डायरेक्टर
- 1:19:10बनना है तो उस डायरेक्टर बनने वाले उस
- 1:19:12बंदे को डायरेक्टर आइडेंटिफिकेशन नंबर डिन
- 1:19:15होना कंपलसरी है। अगर किसी को भी तुमको
- 1:19:17किसी कंपनी का डायरेक्टर बनना है तो
- 1:19:19तुम्हारे पास एक डायरेक्टर आइडेंटिफिकेशन
- 1:19:20नंबर डिन जिसको बोलते हैं डायरेक्टर
- 1:19:22आइडेंटिफिकेशन नंबर जो सेंट्रल गवर्नमेंट
- 1:19:24अलॉट करती है जो सेंट्रल गवर्नमेंट अलॉट
- 1:19:26करती है। तुमको पहले सेंट्रल गवर्नमेंट से
- 1:19:28डिन लेना पड़ेगा। डायरेक्टर आइडेंटिफिकेशन
- 1:19:30नंबर उसके बाद ही तुम डायरेक्टर बन सकते
- 1:19:31हो। उसके बाद तुम डायरेक्टर बन सकते हो।
- 1:19:33वैसे सिंपल सी बात है सर माइनर को कभी भी
- 1:19:35डिन नहीं मिलता। जो भी माइनर होते हैं 18
- 1:19:36साल से छोटे तो कभी डायरेक्टर नहीं बन
- 1:19:38सकते। छोटे-छोटे-छोटे पॉइंट है। ठीक है?
- 1:19:40और साथ में वो डिक्लेरेशन देता है।
- 1:19:41डायरेक्टर क्या देता है? डायरेक्टर एक
- 1:19:42डिक्लेरेशन और एक कंसेंट देता है।
- 1:19:44डायरेक्टर कुल मिला के एक कंसेंट देगा कि
- 1:19:45मैं डायरेक्टर बनने के लिए एलिजिबल हूं।
- 1:19:47और मैं बनना चाहता हूं। मैं डायरेक्टर
- 1:19:49बनना चाहता हूं। वो कंसेंट देगा। वो
- 1:19:51डायरेक्टर कंसेंट देगा। तो पहले मैंने
- 1:19:52तुमको चार्ट फॉर्मेट में बता दिया। जैसे
- 1:19:54डायरेक्टर जो है वो कंसेंट देगा कंपनी को।
- 1:19:56डायरेक्टर कम कंसेंट देगा कंपनी को। किस
- 1:19:58में? डीआईआर टू नाम का फॉर्म होता है।
- 1:20:00डीआईआर टू नाम का फॉर्म होता है।
- 1:20:02डायरेक्टर कंसेंट देगा कंपनी को डीआईआर टू
- 1:20:05नाम के फॉर्म के अंदर। कि डायरेक्टर
- 1:20:06कंसेंट दे रहा है कि हां भाई मैं
- 1:20:08डायरेक्टर बनने का इच्छुक हूं। मैं
- 1:20:09डायरेक्टर बनना चाहता हूं। मैं डायरेक्टर
- 1:20:11बनना चाहता हूं। मैं डायरेक्टर बनना चाहता
- 1:20:12हूं। तो डायरेक्टर कंसेंट देगा कंपनी को
- 1:20:14डीआईआर टू के अंदर। अब वो डीआईआर टू के
- 1:20:16अंदर जैसे उसने कंसेंट दी। अब कंपनी आरओसी
- 1:20:20को बताएगी। कंपनी आरओसी को बोलेगी विथ इन
- 1:20:2330 डेज ऑफ़ अपॉइंटमेंट। विथ इन 30 डेज ऑफ़
- 1:20:25अपॉइंटमेंट कि हमने डायरेक्टर अपॉइंट कर
- 1:20:27लिया है और यह ली उसकी कंसेंट। और यह रही
- 1:20:29उसकी कंसेंट। यह रही उसकी कंसेंट। तो
- 1:20:32डायरेक्टर अगर कभी भी डायरेक्टर बनना चाह
- 1:20:34रहा है किसी कंपनी में तो डायरेक्टर उस
- 1:20:35कंपनी को कंसेंट देगा डीआईआर टू के अंदर।
- 1:20:38फिर कंपनी आरओसी को बताएगी अपॉइंटमेंट के
- 1:20:40बाद अपॉइंटमेंट के 30 डेज के अंदर डीआईआर
- 1:20:4212 के अंदर। ठीक है? तो बस यही लिखा हुआ
- 1:20:44है अपॉइंटेड डायरेक्टर वो कंसेंट देगा
- 1:20:46कंपनी को ऑन और बिफोर अपॉइंटमेंट। फिर
- 1:20:48उसके बाद कंपनी आरओसी को देगी डीआई 12 में
- 1:20:50विद फीस। और यही सर अगर इंडिपेंडेंट
- 1:20:52डायरेक्टर होता नॉर्मली तो तो यह कंसेंट
- 1:20:54तो देता ही देता। साथ में एक डिक्लेरेशन
- 1:20:57भी देता। अगर वो इंडिपेंडेंट डायरेक्टर
- 1:20:59बनना चाह रहा है तो साथ में एक डिक्लेरेशन
- 1:21:01भी देता है कि मैं इंडिपेंडेंट हूं। मैं
- 1:21:03इंडिपेंडेंट हूं। तो स्टेटमेंट फॉर बोर्ड
- 1:21:05काव्या हां ठीक है कि इंडिपेंडेंट
- 1:21:07डायरेक्टर फुलफिल कर रहा है या नहीं कर
- 1:21:09रहा।
- 1:21:11ठीक है। साथ में बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर भी एक
- 1:21:12स्टेटमेंट लिख के देंगे कि ये बंदा
- 1:21:14इंडिपेंडेंट है या नहीं है। सर एक और चीज
- 1:21:16हां
- 1:21:18अह जैसे सर यहां पे उसने कंसेंट दी है कि
- 1:21:20कोई भी कंपनी का कभी भी मैं कंपनी का अगर
- 1:21:22डायरेक्टर बनना चाहता हूं तो मैं यहां पे
- 1:21:24इसको कंपनी को कंसेंट दूंगा। मैं कंपनी को
- 1:21:25कंसेंट दूंगा। ठीक है ना मैं यहां पे
- 1:21:26कंसंटेंट लूंगा डीआई टू के अंदर डीआई टू
- 1:21:28के अंदर पर सर अगर कभी भी वो ऐसा बंदा हो
- 1:21:30कोई भी वो ऐसा बंदा हो वो बंदा जो इंडिया
- 1:21:35का ना हो इंडिया का ना हो जो इंडिया के
- 1:21:37लैंड बॉर्डर जो शेयर करता है ना इंडिया का
- 1:21:39जो बॉर्डर है लैंड का बॉर्डर है उससे कोई
- 1:21:41भी उस कंट्री का बंदा हो कोई भी उस कंट्री
- 1:21:43का बंदा हो जैसे पाकिस्तान हो गया अफगान
- 1:21:45पाकिस्तान हो गया बांग्लादेश हो गया
- 1:21:48अफगानिस्तान भी शेयर करता है क्या बॉर्डर
- 1:21:49मतलब हां जो जो भी थोड़े-थोड़े करते हैं
- 1:21:50कुल मिला के तो ये ये जो जो बंदे हैं जो
- 1:21:52जो इंडिया के साथ बॉर्डर शेयर करते हैं
- 1:21:54पाकिस्तान बांग्लादेश हो गया अगर वो वो
- 1:21:56उधर का बंदा हो तो वो बंदा अगर अपनी कंपनी
- 1:21:58में डायरेक्टर बनना चाह रहा हो तो तो
- 1:22:00डीआईआर टू के साथ उसको एक सिक्योरिटी
- 1:22:02क्लीयरेंस होता है। एक सिक्योरिटी
- 1:22:04क्लीयरेंस जो मिनिस्ट्री ऑफ़ होम अफेयर
- 1:22:05देती है जो मिनिस्ट्री ऑफ़ होम अफेयर देती
- 1:22:07है। तो उसको एक सिक्योरिटी क्लीयरेंस भी
- 1:22:10कंपनी को देना पड़ेगा कि भाई जो मिनिस्ट्री
- 1:22:12ऑफ़ होम अफेयर देती है जो अपने अमित शाह जी
- 1:22:14है ना वो क्लियर करते हैं कि हां भाई तू
- 1:22:15बिल्कुल सही है। तू बिल्कुल सही है। तू
- 1:22:17खराब बंदा नहीं है। कुछ गलत काम करने नहीं
- 1:22:18आया। तू कोई गलत काम करने नहीं आया। तो जो
- 1:22:20सिक्योरिटी क्लीयरेंस उसको पहले
- 1:22:22मिनिस्ट्री ऑफ़ होम अफेयर से लेना पड़ेगा।
- 1:22:24तो वो डायरेक्टर साथ में कंपनी को
- 1:22:25सिक्योरिटी क्लीयरेंस भी देगा। तो ये रहा
- 1:22:28कि अगर वो कोई भी नेशनल है किसी कंट्री का
- 1:22:30जो लैंड बॉर्डर शेयर करता है इंडिया के
- 1:22:32साथ जैसे चाइना, पाकिस्तान, नेपाल,
- 1:22:33बांग्लादेश तो उसको सिक्योरिटी क्लीयरेंस
- 1:22:35भी लेना पड़ेगा मिनिस्ट्री ऑफ़ होम अफेयर
- 1:22:36से और कंसेंट के साथ-साथ वो सिक्योरिटी
- 1:22:37क्लीयरेंस भी देना पड़ेगा। ठीक है? ये
- 1:22:40अमेंडमेंट था कुछ टाइम पहले तो शायद इसलिए
- 1:22:42आ जाए। बाकी तो कितना काम का लग नहीं रहा
- 1:22:43था। अब सर डीआईआर थ्री केवाईसी बहुत सिंपल
- 1:22:47फालतू सा है। कट कर दो छोटा सा। मतलब एक
- 1:22:49एमसीक्यू पर्पस से आ जाए तो आज एमसीक्यू
- 1:22:50तो आइए। ठीक है? एक बार पढ़ लो। कुल मिला
- 1:22:52के जो भी बंदा डायरेक्टर है जिसके पास डिन
- 1:22:54है जिसके पास डिन है जिसके पास डायरेक्टर
- 1:22:56आइडेंटिफिकेशन नंबर एग्जिस्ट करते हैं 31
- 1:22:58मार्च को जिस जो भी बंदा जिसके पास
- 1:23:00डायरेक्टर आइडेंटिफिकेशन नंबर एग्जिस्ट
- 1:23:02करते हैं 31 मार्च को उन सबको हर साल मतलब
- 1:23:05वो डायरेक्टर है मतलब वो डायरेक्टर है उन
- 1:23:07सबको हर साल अपनी केवाईसी मतलब केवाईसी
- 1:23:09कंफर्म करनी पड़ेगी उन सबको हर साल आरओसी
- 1:23:12को एक फॉर्म फाइल करना पड़ेगा कौन सा
- 1:23:13फॉर्म है या तो उसको डीआर केवाईसी बोल
- 1:23:15सकते हैं या फिर ऑनलाइन फाइल कर रहे हो तो
- 1:23:17डीआर केवाईसी वेब बोल सकते हैं कब तक फाइल
- 1:23:20करना है उन उन बंदों को उन डायरेक्टर को
- 1:23:2230th सितंबर ऑफ़ फॉलोइंग ईयर। 30थ सितंबर
- 1:23:24ऑफ़ फॉलोइंग ईयर। जैसे 31 मार्च तक अगर वह
- 1:23:27डायरेक्टर थे किसी में तो 30थ सितंबर मतलब
- 1:23:29जो भी नेक्स्ट 30 सितंबर आएगी ना फॉलोइंग
- 1:23:31ईयर की फॉलोइंग फाइनेंसियल ईयर की उसमें
- 1:23:33कि लेट से 31 मार्च 2000 25 को वो
- 1:23:36डायरेक्टर थे। तो फॉलोइंग ईयर क्या हो
- 1:23:38गया? 2025 26 ही हुआ वो तो। तो तो 30
- 1:23:41सितंबर 2025 30 सितंबर 2025 तक उन
- 1:23:44डायरेक्टर्स को आरओसी को फाइल फाइल करना
- 1:23:46पड़ेगा। फॉर्म कौन सा? डीआर3 केवाईसी या
- 1:23:48फिर डीआर केवाईसी वेब। अगर आपने डीआरसी
- 1:23:50केवाईसी डीआरसी केवाईसी वेब फाइल नहीं करा
- 1:23:51तो आपका डिन डायरेक्ट आइडेंटिफिकेशन नंबर
- 1:23:53डीएक्टिवेट कर दिया जाएगा। डिन डीएक्टिवेट
- 1:23:55कर दिया जाएगा। मतलब आपको सारी डायरेक्टर
- 1:23:57पोजीशन से हटना पड़ जाएगा। ठीक है ना? सर
- 1:24:00ये रो रिटायर बाय रोटेशन ये भी एक अच्छा
- 1:24:03टॉपिक है। इसको अपन बिल्कुल एंड में
- 1:24:04लेंगे। अभी ये भी छोड़ो इसको। मतलब पहले
- 1:24:05तुमको बाकी चीजें पढ़ा दूं। अच्छा टॉपिक
- 1:24:07है। इसको बाद में लेंगे अपन। सर अब उसके
- 1:24:10बाद सेक्शन 151 लेते हैं अपन। इसमें और
- 1:24:11शेयर होल्डर। सेक्शन 151 क्या है? स्मॉल
- 1:24:14शेयर होल्डर के लिए डायरेक्टर। स्मॉल
- 1:24:16शेयरहोल्डर के लिए डायरेक्टर। सर मतलब जो
- 1:24:18छोटे-छोटे शेयर होल्डर होते हैं छोटे-छोटे
- 1:24:19शेयर होल्डर वो चाहते हैं कि यार हमारे
- 1:24:21लिए भी कोई एक बंदा हो जो हमारे लिए आवाज
- 1:24:22बने। हमारे लिए आवाज बने क्योंकि हम स्माल
- 1:24:24शेयर होल्डर हैं क्योंकि हम छोटे शेयर
- 1:24:25होल्डर हैं। तो हमारी भी तो कोई सुने।
- 1:24:27हमारी भी तो कोई सुने। हमारी तरफ से भी एक
- 1:24:28बंदा डायरेक्टर बनाओ। हमारी तरफ से भी एक
- 1:24:30बंदा तुम डायरेक्टर बनाओ। हमारी तरफ से जो
- 1:24:32हमारे भले के लिए सोचे। हमारे भले के लिए
- 1:24:34सोचे। तो एक एक डायरेक्टर होता है जो
- 1:24:36स्मॉल शेयर होल्डर अपॉइंट कर दे। कंपलसरी
- 1:24:38नहीं होता। यहां पर है कि मे वर्ड यूज़
- 1:24:41लिया हुआ है कि कंपनी चाहे तो उसे अपॉइंट
- 1:24:44कर सकती है। कंपलसरी नहीं होता। जो स्मॉल
- 1:24:46शेयर होल्डर के डायरेक्टर सबसे पहले स्मॉल
- 1:24:47शेयर होल्डर कौन होते हैं सर? स्मॉल शेयर
- 1:24:49होल्डर वो होते हैं जो कंपनी के शेयर
- 1:24:51होल्ड करते हैं। नॉमिनल वैल्यू मैंने क्या
- 1:24:53बोला? नॉमिनल वैल्यू मार्केट वैल्यू नहीं
- 1:24:55बोला नॉमिनल वैल्यू अप टू ₹2000 अप टू
- 1:24:58₹2000 जिसज भी बंदे के पास नॉमिनल वैल्यू
- 1:25:01अप टू ₹2000 के शेयर होल्डर शेयर्स हैं वो
- 1:25:04स्मॉल शेयर होल्डर है वो स्मॉल शेयर
- 1:25:05होल्डर है वो स्मॉल तो अब इन लोगों के लिए
- 1:25:08इन लोगों के लिए केवल लिस्टेड कंपनी में
- 1:25:10एप्लीकेबल होता है केवल लिस्टेड कंपनी में
- 1:25:11एप्लीकेबल होता है तो लिस्टेड कंपनी चाहे
- 1:25:14तो मतलब कंपलसरी नहीं है कंपलसरी नहीं है
- 1:25:17तो लिस्टेड कंपनी चाहे तो अपॉइंट कर सकती
- 1:25:20है या फिर वो स्मॉल शेयर होल्डर खुद खुद
- 1:25:23चला के बोल दे वो स्मॉल शेयर होल्डर खुद
- 1:25:25चला के बोल दे कि हमारे लिए एक डायरेक्टर
- 1:25:27अपॉइंट करो हमारे लिए एक डायरेक्टर अपॉइंट
- 1:25:30करो तो कंपनी अपॉइंट कर सकती है कंपलसरी
- 1:25:32तो तो भी नहीं है कर सकती है वो चाहे तो
- 1:25:34तो लिस्टेड कभी भी ये स्मॉल शेयर होल्डर
- 1:25:36बोल दे कितने स्मॉल शेयर होल्डर बोले या
- 1:25:38तो मतलब कंपनी ने खुद ने ही बोल दिया कि
- 1:25:40हां ठीक है मैं तुम्हारे लिए एक कंपनी ने
- 1:25:43खुद ने बोल दिया सुमोटो कि मैं तुम्हारे
- 1:25:45लिए चलो एक स्मॉल शेयर होल्डर डायरेक्टर
- 1:25:46अपॉइंट कर देती हूं या तो यह केस हो गया
- 1:25:48या फिर या फिर एट लीस्ट एटलीस्ट
- 1:25:541000 स्मॉल शेयर होल्डर बोल दें
- 1:25:581000 स्मॉल शेयर होल्डर ने एप्लीकेशन दी
- 1:26:00कि हमारे लिए एक डायरेक्टर दो या फिर या
- 1:26:04फिर वन 10थ ऑफ टोटल स्मॉल शेयरहोल्डर वन
- 1:26:0810थ ऑफ़ टोटल स्मॉल शेयरहोल्डर व्हिच एवर
- 1:26:11इज़ लोअर व्हिच एवर इज़ लोअर व्हिच एवर इज़
- 1:26:14लोअर कि या तो 1000 शेयरहोल्डर या फिर वन
- 1:26:1610थ ऑफ़ टोटल नंबर ऑफ़ शेयर होल्डर। लेट्स
- 1:26:18से सर टोटल नंबर ऑफ शेयरहोल्डर आपके
- 1:26:19एक्सिस्ट करते हैं 5000 टोटल नंबर ऑफ टोटल
- 1:26:22शेयर होल्डर कितने एक्सिस्ट करते हैं
- 1:26:24स्मॉल शेयर होल्डर टोटल नंबर ऑफ स्मॉल
- 1:26:25शेयर होल्डर 5000 तो 5000 का 110 क्या हुआ
- 1:26:28सर 500 कितना हुआ 500 तो 500 और 1000
- 1:26:33व्हिच एवर इज़ लोअर 500 और 1000 व्हिच एवर
- 1:26:35लोअर तो 5000 लोअर कितना हुआ 500 तो 500
- 1:26:38स्मॉल शेयर होल्डर अगर बोल दे कि हमको एक
- 1:26:40डायरेक्टर अपॉइंट करना है हमारे लिए हमको
- 1:26:41एक डायरेक्टर अपॉइंट करना है हमारे लिए तो
- 1:26:43आपको अपॉइंट कर देंगे हम तो वह एक अपॉइंट
- 1:26:46कर सकती है कंपनी वाला कंपलसरी नहीं है।
- 1:26:48ठीक है? तो या तो सुमोटो कंपनी खुद अपॉइंट
- 1:26:51कर सकती है या फिर 1000 स्मॉल शेयर होल्डर
- 1:26:53बोल दे या फिर 110 टोटल नंबर ऑफ़ स्मॉल
- 1:26:54शेयर होल्डर बोल दे व्हिच एवर इज़ लोअर तो
- 1:26:56कंपनी शायद उसे अपॉइंट कर सकती है। पर है
- 1:26:59ना वही है कि सीधी बात है अगर ये
- 1:27:01एप्लीकेशन आप दे रहे हो कि हमको एक स्मॉल
- 1:27:02शेयर होल्डर डायरेक्टर चाहिए तो वो मीटिंग
- 1:27:04जब भी मीटिंग होने वाली है उसके एटलीस्ट
- 1:27:0614 दिन पहले तो तुम दे ही देना। एटलीस्ट
- 1:27:0814 दिन पहले तो दे ही देना कि तुम किसको
- 1:27:10डायरेक्टर बनाना चाह रहे हो। तुम्हारा जो
- 1:27:11भी प्रपोज्ड बंदा है ना उस प्रपोज्ड बंदे
- 1:27:13का नाम दे देना। नाम, एड्रेस वगैरह वो सब
- 1:27:14बता देना कि उसका नाम, एड्रेस वगैरह वो सब
- 1:27:16क्या है? वो तुम बता देना कि यार यह बंदा
- 1:27:18है। हम इसको डायरेक्टर बनाना चाह रहे हैं।
- 1:27:20यह बंदा हम इसको डायरेक्टर बनाना चाह रहे
- 1:27:21हैं। और सीधी बात है एक और चीज़ ध्यान रखना
- 1:27:23बच्चों कंफ्यूजन होता है कि जरूरी नहीं है
- 1:27:25जो ये डायरेक्टर अपन बनाएंगे ना इस मोर
- 1:27:26शेयर होल्डर वाला डायरेक्टर कि वो
- 1:27:28शेयरहोल्डर हो कंपनी का। नहीं जरूरी नहीं
- 1:27:31है कि वो बंदा चाहे शेयर होल्डर हो या
- 1:27:33नहीं हो उससे कोई फर्क नहीं पड़ता। वो
- 1:27:35किसी थर्ड पर्सन को भी डायरेक्टर बना सकते
- 1:27:36हैं। थर्ड पर्सन को डायरेक्टर बना सकते
- 1:27:38हैं। ठीक है सर। चलो तो आप आप कंपनी को
- 1:27:41नोटिस दे देना एटलीस्ट 14 डेज बिफोर
- 1:27:43मीटिंग कि जब भी मीटिंग होने वाली है यह
- 1:27:44मीटिंग होने वाली है कोई तो उस मीटिंग के
- 1:27:46एटलीस्ट 14 डेज पहले एटलीस्ट 14 डेज पहले
- 1:27:50आप कंपनी को बता देना कि हम इस बंदे को
- 1:27:52डायरेक्टर बनाना प्रपोज करना चाह रहे हैं।
- 1:27:54ठीक है?
- 1:27:56चलो सर साथ में तुम जो प्रपोजल दोगे कि
- 1:27:58हमको इस बंदे को डायरेक्टर बनाना है तो जो
- 1:28:00भी बंदे का तुम नाम बता रहे हो कि हमको
- 1:28:02इसको डायरेक्टर बनाना है उसका डिन बता
- 1:28:03देना डायरेक्ट आइडेंटिफिकेशन नंबर साथ में
- 1:28:05यह भी बता देना कि वो डिसक्वालीफाई तो
- 1:28:07नहीं है ना और साथ में उस बंदे का कंसेंट
- 1:28:09भी अटैच कर देना कि वो एग्री कर रहा है कि
- 1:28:11वो डायरेक्टर बनना चाह रहा है। उसका
- 1:28:13कंसेंट भी तुम अटैच कर देना। इस क्वेश्चन
- 1:28:16पे ज्यादा डीप में मत जाना। क्या स्मेल
- 1:28:17शेयर होल्डर इंडिपेंडेंट डायरेक्टर होता
- 1:28:19है क्या? मत जाओ डीप में। इस पे पूरी
- 1:28:21रामायण हो सकती है। इसके इतने बड़े-बड़े
- 1:28:22पैराग्राफ इतनी बहस हुई हुई है। क्या
- 1:28:23स्मॉल शेर डायरेक्टर इंडिपेंडेंट
- 1:28:25डायरेक्टर होता है क्या? अभी के लिए इतना
- 1:28:28देख लो तुम। मैं इतना डीप में नहीं जाऊंगा
- 1:28:29कि हां भाई वो होता है क्योंकि क्योंकि
- 1:28:32मतलब नहीं असली में नहीं होता है। पर
- 1:28:34आईसीआई उसको मानती है। आईसीआई उसको मानती
- 1:28:36है इसलिए कि क्या स्मॉल शेयर डायरेक्टर
- 1:28:38इंडिपेंडेंट डायरेक्टर होता है क्या? हां
- 1:28:39होता है। ठीक है। अभी बात खत्म करो।
- 1:28:40क्योंकि सेक्शन 149 सब सेक्शन सिक्स किससे
- 1:28:42डील करता है? इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के
- 1:28:44लिए। तो भाई अगर वो इंडिपेंडेंट डायरेक्टर
- 1:28:45नहीं है तो मतलब उसको ऑफिस ऑफिस वेकेट
- 1:28:47करना पड़ेगा। ऑफिस कब वेकेट कर देगा वो
- 1:28:49स्मॉल शेयर होल्डर डायरेक्टर जब वो
- 1:28:50इंडिपेंडेंट नहीं रहा या फिर उसका वेकेशन
- 1:28:52हो गया फिर डिसक्वालीफाई हो गया या फिर वो
- 1:28:53डिसक्वालीफाई हो गया ये बाद में पढ़ लेंगे
- 1:28:55ठीक है छोड़ो इसको तो इसलिए इस पे लंबी
- 1:28:58बहस मत करो कुल मिला के ठीक है
- 1:29:01और साथ में इसको रोटेशन नहीं होता अभी तुम
- 1:29:04बाद में आ जाएगा तुमको समझ में अभी रुक
- 1:29:05जाओ टेन्योर क्या होता है सर इसका सर ये
- 1:29:08तीन क्सक्यूटिव तीन क्सक्यूटिव इयर्स के
- 1:29:10लिए ये हो सकता है उसके बाद रीअपॉइंट कभी
- 1:29:12भी नहीं होगा तीन क्सक्यूटिव इयर्स के लिए
- 1:29:14बन सकता है ये अपनी कंपनी में स्मॉल शेयर
- 1:29:15होल्डर्ड डायरेक्ट उसके बाद यह रीअपॉइंट
- 1:29:17कभी भी भी नहीं होगा। उसके बाद उसको
- 1:29:18कूलिंग पीरियड लेना पड़ेगा 3 साल का।
- 1:29:20कूलिंग पीरियड लेना पड़ेगा 3 साल का। सर
- 1:29:21यही अपन ने पढ़ा था इंडिपेंडेंट
- 1:29:23डायरेक्टर। इंडिपेंडेंट डायरेक्टर
- 1:29:24मैक्सिमम 5 साल के लिए हो सकता है। प्लस
- 1:29:26एक और बार पांच साल के लिए रीअपॉइंट भी हो
- 1:29:27सकता है। एक और बार पांच साल के लिए
- 1:29:29रीअपॉइंट भी हो सकता है। उसके बाद उसको
- 1:29:30कूलिंग पीरियड लेना होता है। उसके बाद
- 1:29:32उसको कूलिंग पीरियड लेना होता है। पर यहां
- 1:29:33पर वो केवल तीन क्सक्यूटिव ईयर के लिए ही
- 1:29:35होगा। वो वापस से रीअपॉइंट नहीं हो सकता।
- 1:29:37फिर उसका मतलब 3 साल का उसको कूलिंग
- 1:29:38पीरियड लेना पड़ेगा। 3 साल का कूलिंग
- 1:29:40पीरियड लेना पड़ेगा। सो यहां पे
- 1:29:41रिस्ट्रिक्शन दी हुई है जो इंपॉर्टेंट भी
- 1:29:43है कि एक स्मॉल शेयरहोल्डर डायरेक्टर
- 1:29:45मैक्सिमम दो ही कंपनी का एट एट अ सिंगल
- 1:29:48पॉइंट ऑफ टाइम एट अ सिंगल पॉइंट ऑफ टाइम
- 1:29:49मैक्सिमम दो ही कंपनी का वो स्मॉल
- 1:29:52शेयरहोल्डर डायरेक्टर बन सकता है। स्मॉल
- 1:29:53शेयर होल्ड डायरेक्टर वो मैक्सिमम दो ही
- 1:29:55कंपनी में बन सकता है। और वो भी ध्यान
- 1:29:56रखना जो दो कंपनी है लेट्स से A लिमिटेड
- 1:29:58और B लिमिटेड दो कंपनी के लिए मैक्सिमम वो
- 1:30:00स्मॉल शेयर होल्डर शेयर होोहोल्डर
- 1:30:02डायरेक्टर बन सकता है। और वो भी ध्यान
- 1:30:03रखना कि ये दो दो कंपनी है ना वो आपस में
- 1:30:05कोई भी कंपिटिटिव बिज़नेस नहीं कर रही है
- 1:30:07कि एक दूसरे का कंपिटिटिव या क्फ्लिक्टिंग
- 1:30:09बिजनेस है।
- 1:30:12कैसे तुम कोई भी देख लो कि Reliance भी
- 1:30:14सुपर मार्केट में और अडानी भी सुपर
- 1:30:16मार्केट में है। दोनों मान लो कि दोनों
- 1:30:18सुपर मार्केट में है तो वो दोनों का एक
- 1:30:19साथ वो कभी भी स्मॉल शेयर होल्डर
- 1:30:21डायरेक्टर नहीं बन सकता। तो कभी भी वो दो
- 1:30:22कंपनी है वो कॉन्फ्लिक्टिंग या फिर
- 1:30:24कॉम्पिटिटिव बिज़नेस में वो नहीं होने
- 1:30:26चाहिए।
- 1:30:27ठीक है सर। तो कुल मिला के सर स्मॉल शो
- 1:30:29होल्डर डायरेक्टर 151 क्या बोलता था सर कि
- 1:30:30लिस्टेड कंपनी चाहे तो बना सकती है और
- 1:30:32स्मॉल शो होल्डर कौन होते हैं? 20,000
- 1:30:34नॉमिनल वैल्यू से कम या अप टू 20,000 अप
- 1:30:36टू 20,000 तक सर। तो सर या तो वो सुमोटो
- 1:30:38खुद बना देगी स्मॉल शेयर होल्ड डायरेक्टर
- 1:30:39या फिर एप्लीकेशन आ जाए 1000 स्मॉल शेयर
- 1:30:41होल्ड डायरेक्टर से या स्मॉल शेयरहोल्डर
- 1:30:43से या फिर 1थ ऑफ टोटल नंबर ऑफ सर तो इनसे
- 1:30:45आ जाए तो वो स्मॉल होल्ड डायरेक्टर बना
- 1:30:47सकती है और नोटिस कब देना है एटलीस्ट 14
- 1:30:48डेज बिफोर आपको देना पड़ेगा और उसके अंदर
- 1:30:50बताना पड़ेगा कि उसका डीन क्या है उसकी
- 1:30:52कंसेंट देनी पड़ेगी कि हां भाई वो एग्री
- 1:30:54कर रहा है डायरेक्टर बनने के लिए और
- 1:30:54डिसक्वालीफाई भी नहीं है और रोटेशन इस पे
- 1:30:56एप्लीकेबल नहीं होता अभी भूल जाओ कुल मिला
- 1:30:58के उसके बाद 3 साल तक वो पीरियड होल्ड कर
- 1:31:00सकता है 3 साल बाद रीपॉइंट नहीं होगा उसको
- 1:31:01कूलिंग पीरियड लेना पड़ेगा 3 साल का
- 1:31:04रिस्ट्रिक्शन दे दिया कि एक बंदा अकेला
- 1:31:05मैक्सिमम दो साल दो कंपनी का ही एट अ
- 1:31:08सिंगल पॉइंट ऑफ़ टाइम वो स्माल शोल्डर
- 1:31:09डायरेक्टर बन सकता है और अदरवाइज़ और साथ
- 1:31:12में दो कंपनी भी वो जो दो कंपनी है वो
- 1:31:13कॉन्फ्लिक्टिंग बिज़नेसमैन नहीं होनी
- 1:31:15चाहिए। ठीक है सर चलो
- 1:31:18और सर ये वही है कि एक बेसिक सा एग्जांपल
- 1:31:20है कि 50 टोटल नंबर ऑफ़ शेयर होल्डर कितने
- 1:31:21स्मॉल शेयर होल्डर 50000 है तो मिनिमम
- 1:31:23नोटिस कितना चाहिए होगा? या तो 5000 मतलब
- 1:31:25110 तो 50000 कितना हुआ? 110 तो 50000 हुआ
- 1:31:285000 या फिर 1000 व्हिच एवर इज़ लोअर।
- 1:31:30व्हिच एवर लोअर में 1000 हो गया। ठीक है?
- 1:31:32तो अगर 750 शेयरहोल्डर ने एप्लीकेशन दी है
- 1:31:34तो वो इनवैलिड है। इनवैलिड है कि एटलीस्ट
- 1:31:361000 शेयर होल्डर को तो देनी ही चाहिए थी।
- 1:31:39चलो सर अब डिन रिलेटेड अपन देख लेते हैं।
- 1:31:41डिन रिलेटेड अपने पास जो भी सेक्शन है अपन
- 1:31:43एक बार वो देख लेते हैं। डिनर रिलेटेड
- 1:31:44क्या-क्या है अपने पास? सर देखो कुल मिला
- 1:31:47के डिनर रिलेटेड है कि मैंने बोला था कि
- 1:31:49हर एक डायरेक्टर को हर एक डायरेक्टर को
- 1:31:50जिसको भी डायरेक्टर बनना है उसको डायरेक्ट
- 1:31:51आइडेंटिफिकेशन नंबर चाहिए होगा। तो उस
- 1:31:54बंदे को मेरे को अगर डायरेक्टर बनना है तो
- 1:31:55मैं डायरेक्टर नहीं बन सकता। तो मेरे पास
- 1:31:57डीआईआर नहीं हो। तो ये जो सेक्शन तो ये
- 1:31:59बड़ा है। ये सेक्शन तो इतना बड़ा है। ठीक है
- 1:32:00ना? इसके जो भी की पॉइंट थे ना मैंने
- 1:32:02तुम्हारे लिए उसके लिए चार्ट बना दिए।
- 1:32:03दो-तीन चार्ट बना लिए। दो चार्ट है
- 1:32:05छोटे-छोटे। मेनली तुम चाहो तो ये देख सकते
- 1:32:07हो। नीचे वाला मैं थोड़ा बहुत पढ़ा दूंगा।
- 1:32:08बाकी इग्नोर कर सकते हो। ठीक है? क्योंकि
- 1:32:10भाई सेलेक्टिव पढ़ना पड़ेगा इस वाले के
- 1:32:12अंदर। यहां पे तुम स्पोम पेपर दे रहे हो।
- 1:32:14इतनी बार बोला ऑडिट नहीं पढ़ा रहा मैं
- 1:32:15तुमको जो हर एक चीज डीप के अंदर याद करा
- 1:32:17के रटा हूं। तुमको पास होना है। टाइम
- 1:32:19वेस्ट मत करो तुम्हारा बस फटाफट। चलो आ
- 1:32:20जाओ। तो सर क्या होता है? सर बहुत सिंपल
- 1:32:22है। कुछ नहीं है। हर एक डायरेक्टर जिसको
- 1:32:25भी
- 1:32:26डायरेक्टर बनना है। मतलब हर एक बंदा जिसको
- 1:32:28भी डायरेक्टर बनना है। डिन नहीं होगा।
- 1:32:29यहां पे इंडिवि नाम ले लो। तुम इंडिविजुअल
- 1:32:30नाम ले सकते थे। पर चलो ठीक है मैंने
- 1:32:32डायरेक्टर लिख दिया। अभी छोड़ो कि मतलब जो
- 1:32:33भी बंदा है वो सेंट्रल गवर्नमेंट को
- 1:32:35एप्लीकेशन देगा डीआईआर थ्री के अंदर। वो
- 1:32:37सेंट्रल गवर्नमेंट को एप्लीकेशन देगा डीआर
- 1:32:38थ्री के अंदर कि सर सेंट्रल गवर्नमेंट सर
- 1:32:40सेंट्रल गवर्नमेंट सर मुझे डीन अलॉट कर दो
- 1:32:42ना मुझे डीन अलॉट कर दो ना। वो अपनी सारी
- 1:32:44डिटेल वगैरह देगा। तो उसके बाद सेंट्रल
- 1:32:47मतलब ऑनलाइन एप्लीकेशन होगी सब कुछ।
- 1:32:49ऑनलाइन एप्लीकेशन देने के बाद एक
- 1:32:50एप्लीकेशन नंबर जनरेट हो जाते हैं। सिंपल
- 1:32:52सी बात है। एक यूनिक आईडी नंबर जनरेट हो
- 1:32:53जाते हैं उस वक्त। ठीक है? वह तो एक
- 1:32:54रेफरेंस नंबर होते हैं। ठीक है? वह अलग
- 1:32:56चीज है।
- 1:32:59ठीक है?
- 1:33:02फिर उसके बाद सेंट्रल गवर्नमेंट जैसे ही
- 1:33:04अपन ने एप्लीकेशन दी सेंट्रल गवर्नमेंट को
- 1:33:05तो विथ इन वन मंथ विथ इन वन मंथ सेंट्रल
- 1:33:08गवर्नमेंट अब डिसाइड करेगी विथ इन वन मंथ
- 1:33:10अब सेंट्रल गवर्नमेंट डिसाइड करेगी कि उस
- 1:33:12एप्लीकेशन को एक्सेप्ट करना है या रिजेक्ट
- 1:33:14करना है। उस एप्लीकेशन को एक्सेप्ट करना
- 1:33:15है रिजेक्ट करना है। मतलब मैंने सेंट्रल
- 1:33:17गवर्नमेंट को एप्लीकेशन दी। अब सेंट्रल
- 1:33:18गवर्नमेंट को एप्लीकेशन दी डीआर 3 में। अब
- 1:33:20उसके बाद विथ इन वन मंथ सेंट्रल गवर्नमेंट
- 1:33:22देखेगी। विथ इन वन मंथ सेंट्रल गवर्नमेंट
- 1:33:24देखेगी कि इस एप्लीकेशन को एक्सेप्ट करा
- 1:33:26जाए या रिजेक्ट करा जाए। इस एप्लीकेशन को
- 1:33:27एक्सेप्ट करा जाए या रिजेक्ट करा जाए। अगर
- 1:33:29वो एक्सेप्ट कर लिया कि हां भाई सब कुछ
- 1:33:30सही है तो विथ इन वन मंथ वो आपको आपके जो
- 1:33:33डिन है वो अलॉट कर देगी कैसे? विद थ्रू
- 1:33:36पोस्ट पोस्ट ऑफिस नहीं होता। पोस्ट ऑफिस
- 1:33:38के थ्रू आपको घर पे डिन भेज दिया जाएगा।
- 1:33:40बात खत्म। पर सर अगर उसने रिजेक्ट कर दी।
- 1:33:42कोई भी एप्लीकेशन में कमी थी, कुछ भी
- 1:33:43खराबी थी उसने रिजेक्ट कर दी। तो उसने
- 1:33:45रिजेक्ट कर दी तो वो कोई भी डिफेक्ट था
- 1:33:47मतलब आपके एप्लीकेशन में कोई भी डिफेक्ट
- 1:33:49था तो वो यूजर को बोलेगी। वो यूजर को
- 1:33:51बोलेगी कि इस इस डिफेक्ट को तू विथ इन 15
- 1:33:54डज़ विथ इन 15 डेज रेक्टिफाई कर दे कि मतलब
- 1:33:58उसने एप्लीकेशन रिजेक्ट उसने एप्लीकेशन
- 1:34:00रिजेक्ट कर दी ना क्योंकि आपकी एप्लीकेशन
- 1:34:02में कुछ तो कमी थी। आपकी एप्लीकेशन में
- 1:34:03कुछ तो डिफेक्ट था। तो वो बोलेगी विथ इन
- 1:34:0515 डेज यूजर को बोलेगी कि इस एप्लीकेशन को
- 1:34:07तू रेक्टिफाई कर दे। विद इन 15 डेज वो
- 1:34:09क्या बोलेगी कि 15 दिन के अंदर-अंदर इस
- 1:34:11एप्लीकेशन इस डिफेक्ट को तू रेक्टिफाई कर
- 1:34:13दे। उसको टाइम दे देगी सामने वाले को। ठीक
- 1:34:15है? तो अगर उस बंदे ने अगर उस बंदे ने वो
- 1:34:18रेक्टिफाई भी कर दिया और गवर्नमेंट को लगा
- 1:34:20कि हां अब सब कुछ सही है अब सब कुछ सही है
- 1:34:21तो डिनर अलोड कर दिया जाएगा पर उसने
- 1:34:24डिफेक्ट रिमूव नहीं करा उसने डिफेक्ट
- 1:34:25रिमूव नहीं करा कि नहीं मैंने तो नहीं करा
- 1:34:27रिमूव उसने कहा कि बात छोड़ो ना यार भाड़
- 1:34:28में जाओ मैं तो नहीं करा रिमूव तो आपकी
- 1:34:30एप्लीकेशन इनवैलिड हो जाएगी बात खत्म और
- 1:34:32आपने जो डिफेक्ट आपका जो डिफेक्ट था ना वो
- 1:34:35आपने पार्शियली रेक्टिफाई करा है
- 1:34:37पार्शियली पूरा कि मतलब दो चीज में
- 1:34:39डिफेक्ट था आपने आपने एक चीज़ सही कर दी
- 1:34:41दूसरी चीज़ सही नहीं करी एक चीज़ सही कर दी
- 1:34:43दूसरी सही नहीं करी पार्शियली रेक्टिफाई
- 1:34:45करा तो भी आपकी एप्लीकेशन रिजेक्ट हो
- 1:34:47जाएगी। मतलब यहां पर तो इनवैलिड ही मान ली
- 1:34:48कि आपने इफेक्ट रिमूव नहीं करा और यहां पर
- 1:34:50है कि आपने पार्शियली सही करा तो उसको
- 1:34:52रिजेक्ट। ठीक है? बस एमसीक्यू में पॉइंट आ
- 1:34:53सकती है वर्डिंग वाला बाकी डीप में मत
- 1:34:55जाओ।
- 1:34:57ठीक है सर? तो ये है डील लेने का एक तरह
- 1:34:59से प्रोसेस हो गया। डील लेने का एक
- 1:35:01प्रोसेस हो गया। सिंपल प्रोसेस था सर।
- 1:35:03चार्ट के थ्रू अपन को इज़ली समझ में आ गया
- 1:35:04होगा। डायरेक्टर सेंट्रल गवर्नमेंट को
- 1:35:06बोलेगा डीआर थ्री में मुझे डीलन दे दो।
- 1:35:07सेंट्रल गवर्नमेंट 1 महीने के अंदर देखेगी
- 1:35:09कि उसे एप्लीकेशन एक्सेप्ट करनी है।
- 1:35:10रिजेक्ट करनी है। एक्सेप्ट कर ली तो ठीक
- 1:35:11है। पोस्ट ऑफिस के थ्रू आपको डीन भेज
- 1:35:13देगी। रिजेक्ट करनी है तो रिजेक्ट करनी है
- 1:35:14तो कोई डिफेक्ट होगा इसलिए रिजेक्ट कर रहे
- 1:35:16हो। तो अगर कोई भी डिफेक्ट है तो वो यूजर
- 1:35:17को बताएगी कि हां भाई 15 दिन के अंदर तू
- 1:35:19इसको वापस सही कर दे। अगर तूने सही कर
- 1:35:20दिया तो डिन अलॉट कर देंगे। नहीं सही करा
- 1:35:22तो इनवैलिड मान लेंगे और पार्शियली सही
- 1:35:23करा तो रिजेक्ट कर देंगे। बात खत्म। अब जब
- 1:35:26उसके पास डिन मिल गया। अब जब उसको डिन मिल
- 1:35:28गया। अगर उसको डिन मिल गया तो अगर उसको
- 1:35:30डिन मिल गया तो वो डायरेक्टर कंपनी को
- 1:35:32इंटिमेट करेगा जो भी उसका डिन नंबर होगा।
- 1:35:35अगर उसको डिन मिल गया तो वह डायरेक्टर
- 1:35:37कंपनी को इंटिमेट करेगा उसका डिन नंबर। तो
- 1:35:39डायरेक्टर कंपनी को इंटिमेट करेगा।
- 1:35:42डायरेक्टर कंपनी को इंटिमेट करेगा डिन
- 1:35:44नंबर विद इन 30 डेज। जैसे ही उसको डिन
- 1:35:46मिला उसके 30 दिन के अंदर-अंदर डीआईआर 3B
- 1:35:49यह देखो विद इन 30 डेज डीआईआर 3B के अंदर
- 1:35:51डीआईआर 3B नाम का फॉर्म यहां पे डीआईआर 3
- 1:35:53था। अब नीचे आ गया डीआईआर 3B कि अब जैसे
- 1:35:55ही उसको डिन मिला डायरेक्टर को तो
- 1:35:57डायरेक्टर कंपनी को इंटिमेट कर देगा विथ
- 1:35:59इन 30 डेज। विथ इन 30 डेज बोल देगा कि
- 1:36:01मेरे को ये डिन है। ये डिन नंबर है मेरा।
- 1:36:03ये डिन नंबर है मेरा। और जैसे ही कंपनी के
- 1:36:05पास ये इंटिमेशन आ गया। जैसे ही कंपनी के
- 1:36:07पास ये इंटिमेशन आ गया। कंपनी आरओसी को
- 1:36:09बता देगी। कंपनी आरओसी को बता देगी 15 दिन
- 1:36:12के अंदर-अंदर 15 दिन के अंदर-अंदर कि मेरे
- 1:36:14यह वाले डायरेक्टर का यह डीन है। मेरे यह
- 1:36:16वाले डायरेक्टर का यह डीन है। कितने दिन
- 1:36:19में? विद इन 15 डेज। विद इन 15 डेज डीआईआर
- 1:36:213C में। डीआईआर 3C कैंप। ठीक है सर। तो सब
- 1:36:24जगह लगभग-लगभग 30-30 30-15 दिन की
- 1:36:28गाइडलाइन है कि जनरली सेंट्रल गवर्नमेंट
- 1:36:30एक महीने के अंदर आपको एप्लीकेशन रिजेक्ट
- 1:36:32वगैरह कर 1 महीने के अंदर बता देगी आपको
- 1:36:34डन दे रही है या नहीं दे रही है। उसके बाद
- 1:36:35डायरेक्टर के पास जैसे ही डन मिला तो एक
- 1:36:37मतलब वो 30 दिन एक महीना मतलब 30 दिन यहां
- 1:36:38पे 30 दिन में बोल रहा हूं। यहां पर एक
- 1:36:40महीना है। ठीक है ना? अलग-अलग फर्क होता
- 1:36:41है। अभी लो के अंदर तो फर्क होता है। ठीक
- 1:36:42है? अब उसके बाद 1 महीने के अंदर सेंट्रल
- 1:36:44गवर्नमेंट ने बता देगी। उसके बाद
- 1:36:45डायरेक्टर को जैसे ही डील मिला 30 दिन के
- 1:36:47अंदर वह कंपनी को बता देगा। डीआर 3B के
- 1:36:48अंदर कंपनी आरओसी को बता देगी 15 दिन के
- 1:36:50अंदर डीआर 3 सी के अंदर। बात खत्म। यह मेन
- 1:36:53अपना प्रोसेस था। और सर अभी एक और है कि
- 1:36:55कभी आ जाता है कि अगर कोई भी डीन के अंदर
- 1:36:56चेंजेस हुए। डन के अंदर कोई भी चेंजेस हुए
- 1:36:58लेट्स से आपका एड्रेस बदल गया, आपका
- 1:37:00मोबाइल नंबर बदल गया, कुछ भी बदल गया।
- 1:37:01डायरेक्ट आइडेंटिफिकेशन नंबर में आपको कोई
- 1:37:03भी अपडेशन कराना है डायरेक्टर को कि मेरे
- 1:37:05को कोई डिटेल चेंज करानी है। कोई भी डिटेल
- 1:37:07चेंज करानी है। तो वो डायरेक्टर वापस से
- 1:37:0930 डेज के अंदर जैसे ही कोई चेंज हुआ,
- 1:37:11लेट्स से आपने आपका नाम बदला लिया
- 1:37:13कभी-कहीं पे आपका एड्रेस बदल गया
- 1:37:14व्हाटएवर। तो जैसे ही वो चेंज हुआ, जैसे
- 1:37:16ही आपने कोई चेंज हुआ, आपने आपके एड्रेस
- 1:37:18में चेंज करा, कुछ भी करा, तो उस चेंज के
- 1:37:2030 दिन के अंदर-अंदर सेंट्रल गवर्नमेंट को
- 1:37:22बता दो। उस चेंज के 30 दिन के अंदर-अंदर
- 1:37:24सेंट्रल गवर्नमेंट को बता दो। डायरेक्टर
- 1:37:2730 दिन के अंदर-अंदर-अंदर सेंट्रल
- 1:37:28गवर्नमेंट को बता देगा। और जैसे ही वो
- 1:37:30चेंज हो गया, जैसे ही वो चेंज हो गया कि
- 1:37:32हां भाई सेंट्रल गवर्नमेंट ने भी वो चेंज
- 1:37:33एक्सेप्ट कर लिया है। तो, वह सेंट्रल
- 1:37:35गवर्नमेंट अह उस डायरेक्टर को मतलब
- 1:37:37डायरेक्टर को बता देगा और आरओसी को भी बता
- 1:37:38देगा। डायरेक्टर और आरओसी दोनों को बता
- 1:37:40देगा कि हां यह चेंज मैंने एक्सेप्ट कर
- 1:37:41लिया। यह चेंज मैंने एक्सेप्ट कर लिया। और
- 1:37:43जैसे ही ऊपर वाला चेंज हो गया, जैसे ही
- 1:37:45सेंट्रल गवर्नमेंट ने ये चेंज एक्सेप्ट कर
- 1:37:47लिया, सेंट्रल गवर्नमेंट ने चेंज एक्सेप्ट
- 1:37:49कर लिया, तो उसके वििन 15 डेज उसके विथिन
- 1:37:5315 डेज डायरेक्टर कंपनी को भी बता देगा।
- 1:37:55डायरेक्टर कंपनी को भी बता देगा कि मेरे
- 1:37:57दिन में कुछ अपडेशन है। मेरे दिन में कुछ
- 1:37:59अपडेशन है जो सेंट्रल गवर्नमेंट ने अप्रूव
- 1:38:00कर दिया। सेंट्रल गवर्नमेंट ने अप्रूव कर
- 1:38:02दिया। ठीक है? देखो मुझे पता है टाइम लाइन
- 1:38:04है। थोड़ा बहुत तुमको याद करना पड़ेगा।
- 1:38:05उससे ईजी है यार। और सब कुछ मैंने
- 1:38:07तुम्हारे लिए चार्ट फॉर्मेट में इतने
- 1:38:08अच्छे से बनाई हुई है। तुम्हारे लिए तो और
- 1:38:09ईजी हो रही होगी अभी। बाकी इसका तो कोई
- 1:38:11क्या ही कर सकता है। सिंपल सी बात है। ठीक
- 1:38:13है? तुम एक दो बार नजर फेरोगे ईजी-ईजी समझ
- 1:38:15में आ जाएगा। तो इसलिए तो इतनी प्यारी तरह
- 1:38:16से नोट्स बनाए हुए हैं भाई मैंने तुम्हारे
- 1:38:17लिए ऐसे।
- 1:38:20ठीक है? कोई भी चेंजेस है तो अगर चेंजेस
- 1:38:22के 30 दिन के अंदर सेंट्रल गवर्नमेंट को
- 1:38:23बता दो। और जैसे ही वो चेंजज़ सेंट्रल
- 1:38:24गवर्नमेंट ने एक्सेप्ट कर लिए उसके 15 दिन
- 1:38:26के अंदर आप कंपनी को भी बता दो कि हां ये
- 1:38:27चेंजेस मेरे हैं। हो गया। ठीक है सर। चलो
- 1:38:30मेन प्रोविज़न अपना खत्म हो गया। अब ये मैं
- 1:38:32तुमको फटाफट बता देता हूं। अभी अभी मैं इस
- 1:38:34पे ज्यादा टाइम वेस्ट नहीं करूंगा। कुछ
- 1:38:35होगा तो बता दूंगा। पर मेन प्रोविज़न अपना
- 1:38:37हो गया जो ऊपर पढ़ना था। देखो सीधी बात है।
- 1:38:38हर एक पर्सन जो डायरेक्टर बनना चाहता है
- 1:38:40उसके पास डिन होने चाहिए। डिन के लिए
- 1:38:41सेंट्रल गवर्नमेंट को अप्रोच करना आपको
- 1:38:43अप्रोच करना पड़ेगा। डिन के लिए डीआईआर
- 1:38:45थ्री के अंदर आपको अप्रोच करना पड़ेगा। अह
- 1:38:47अब ये कभी एमसीक्यू में गलती से आ जाए तो
- 1:38:49आ जाए। डीपीआईए एक होता है जो पार्टनरशिप
- 1:38:52फर्म के लिए होता है एलएलपी के लिए अंदर।
- 1:38:54तो अगर कभी अब एलएलपी के पास आपके पास
- 1:38:56डीपीआईएन है तो डीओ और डीपीआईएन को सेम
- 1:38:58माना जा सकता है। डीओ और डीपीआई को सेम
- 1:38:59माना जा सकता है। बात खत्म। बाकी तुम लोड
- 1:39:01मत लो। एलएलपी के अंदर डीपीआई एन बोलते
- 1:39:03हैं। डायरेक्टर पार्ट डायरेक्टर
- 1:39:05पार्टनरशिप आइडेंटिफिकेशन नंबर। ठीक है
- 1:39:07ना? तो डीन और डीपीआई को इक्वल माना जा
- 1:39:09सकता है। बात खत्म। अब इतना लोड मत लो। और
- 1:39:11अब फालतू बात है यार कि तुमको अब यही कुछ
- 1:39:13नहीं आने हैं। ये सब पहले भी नहीं आते थे।
- 1:39:15अभी तो क्या खा के आएंगे कि तुमको कभी भी
- 1:39:16डीन अप्लाई करना है तो डीन में क्या
- 1:39:18करोगे? तुम्हारे पास डीआर थ्री में अप्लाई
- 1:39:19करोगे। तुम्हारा आइडेंटी प्रूफ रेजिडेंस
- 1:39:21प्रूफ फोटोग्राफ वगैरह दोगे। वो फॉर्म
- 1:39:23सर्टिफाई कराओगे सीएस से या फिर एमडी
- 1:39:25डायरेक्टर सीओ सीएफओ कंपनी से सर्टिफाई
- 1:39:26कराओगे। ठीक है? फालतू बातें हैं। या फिर
- 1:39:29स्पाइस फॉर्म। कभी होता है ना कि तुम डीआर
- 1:39:30थ्री ना भर के जब कंपनी तुमने पढ़ा होगा
- 1:39:32सीए इंटर में स्पाइस फॉर्म होता है। इतना
- 1:39:34लोड मत लो। मैं भी ध्यान से नहीं पढ़ा
- 1:39:35रहा। इतना लोड मत लो इस पे। मैंने
- 1:39:37छोटे-छोटे क्रॉस करे हुए हैं। इतना लोड मत
- 1:39:38लो। आज तक आए नहीं एग्जाम में। अभी पहले
- 1:39:40नहीं आए इतने सालों से तो अभी क्या आ
- 1:39:41जाएंगे तुम्हारे इस फॉर्म में? स्पाइस
- 1:39:43फॉर्म नहीं होता था क्या? सिंपल वाला
- 1:39:44फॉर्म कि कंपनी कभी भी इनकर्पोरेट करती है
- 1:39:46तो स्पाइस फॉर्म से फटाफट इनकर्पोरेट हो
- 1:39:47सकती है। तो अगर तुम्हारे पास डिन नहीं है
- 1:39:49तो तो एक काम करो जो कंपनी फॉर्म हो रही
- 1:39:51है कंपनी फॉर्म हो रही है तो उस स्पाइस
- 1:39:53फॉर्म के अंदर तुम तुम्हारा नाम डाल दो कि
- 1:39:55मैं कंपनी का डायरेक्टर हूं। मुझे डिन दे
- 1:39:57दो। मुझे डिन दे दो। तो कंपनी इनकर्पोरेट
- 1:39:59भी हो जाएगी और तुमको डिन भी मिल जाएंगे।
- 1:40:00एक ही फॉर्म से दोनों काम हो जाएंगे। पर
- 1:40:02मैक्सिमम तीन डायरेक्टर ही तुम इससे डिन
- 1:40:05ले सकते हैं। तीन डायरेक्टर ही मैक्सिमम
- 1:40:06से डिन ले सकते हैं।
- 1:40:09ठीक है? फिर कुल मिला के फिर सीजी एक
- 1:40:11महीने के अंदर आपको डन अलॉट कर देगी। जैसे
- 1:40:12ही आप फीस सबमिट करोगे, ऑनलाइन फॉर्म
- 1:40:14सबमिट करोगे, आपको एक एप्लीकेशन नंबर
- 1:40:16जनरेट हो जाएगा। फिर सीजी उसको अप्रूव कर
- 1:40:18देगी। एक महीने के अंदर अप्रूव रिजेक्ट कर
- 1:40:20देगी। ठीक है? और वही सिंपल सी बात है कि
- 1:40:22वो जो मैंने पहले भी बोला था कि अगर कोई
- 1:40:24भी ऐसा नेशनल है, कोई भी ऐसा नेशनल है
- 1:40:26जिसको डायरेक्ट डीन चाहिए। मतलब सेंट्रल
- 1:40:28गवर्नमेंट से डीन चाहिए जिसको इंडिया से
- 1:40:30जो लैंड बॉर्डर शेयर करता हो। इंडस लैंड
- 1:40:32बोर्ड शेयर करता है पाकिस्तान,
- 1:40:33बांग्लादेश, चाइना वगैरह उन सबको एक मिन
- 1:40:35होम मिनिस्ट्री से सिक्योरिटी क्लीयरेंस
- 1:40:37भी देनी पड़ेगी। तो मतलब सेंट्रल
- 1:40:38गवर्नमेंट को वो भी सबमिट होगा। वही
- 1:40:40डिफेक्ट है तो 15 दिन के अंदर सही करने
- 1:40:42हैं। नहीं हुआ, सही हुआ या नहीं हुआ वो सब
- 1:40:43चीजें। ये एक आईसीआई का एमसीक्यू था कि
- 1:40:46अगर कभी भी आपने डिन अप्लाई करा है। कभी
- 1:40:47भी आपने डिन अप्लाई करा और वहां पर एक
- 1:40:49सामने वाला सेंट्रल गवर्नमेंट का सेंट्रल
- 1:40:51गवर्नमेंट ने एक वहां पर लिख दिया पुट
- 1:40:53अंडर रीसमिशन। इसका मतलब क्या होगा? इसका
- 1:40:56मतलब है उसको कुछ एडिशनल डॉक्यूमेंट
- 1:40:57चाहिए। उसको कुछ एडिशनल डॉक्यूमेंट चाहिए।
- 1:40:59अभी तक आपकी लीप मतलब आपकी एप्लीकेशन में
- 1:41:01कोई डिफेक्ट है। उसको कुछ एडिशनल
- 1:41:03डॉक्यूमेंट चाहिए। आपकी एप्लीकेशन रिजेक्ट
- 1:41:04नहीं हुई है। रिजेक्ट नहीं चाहिए। उसको
- 1:41:06रिजेक्ट नहीं हुई है। उसको एक एडिशनल
- 1:41:07डॉक्यूमेंट चाहिए। ठीक है? हां ये चीज़ फिर
- 1:41:09भी इंपॉर्टेंट है। कभी एमसीक्यू में आ जाए
- 1:41:10कि एक बंदा एक ही दिन रख सकता है। एक से
- 1:41:12ज्यादा नहीं रख सकता। ध्यान रखना ये
- 1:41:13चीज़ेंट है। मोस्टेंट है। वो फ्रॉड तरह से
- 1:41:16काउंट होता है। अदरवाइज़ कि एक बंदा एक ही
- 1:41:17दिन रख सकता है। एक बंदे के पास एक ही दिन
- 1:41:19हो सकता है।
- 1:41:22फिर ये मैंने तुमको टाइमलाइन वगैरह बता ही
- 1:41:24दी है। फालतू बातें पेनल्टी वगैरह इतनी
- 1:41:26कोई काम की है नहीं। अब ये फालतू बात है
- 1:41:28यार। इसमें भी कोई काम का है नहीं। छोटा
- 1:41:30सा कट मारो। फटाफट करा देता हूं कि कभी भी
- 1:41:32सेंट्रल गवर्नमेंट चाहे तो वो डीएक्टिवेट
- 1:41:34कर सकती है तुम्हारा डिन। या फिर तुम मतलब
- 1:41:35किस-किस किस-किस बिहाफ पे तुम्हारा डिन
- 1:41:37कैंसिल हो सकता है। तुमने डुप्लीकेट डिन
- 1:41:39ले लिया। मैंने बोला ना एक बंदा एक ही डिन
- 1:41:40ले सकता है। तो तुम्हारा डिन कैंसिल कर
- 1:41:41देंगे अगर तुमने एक से ज्यादा लिया। तुमने
- 1:41:43फ्रॉडलेंट मैनर के अंदर डिन लिया हुआ है।
- 1:41:45तुम्हारी डेथ हो गई। तुम पागल हो गए।
- 1:41:46तुम्हारा दिवालिया निकल गया। तुम पागल हो
- 1:41:48गए। तुम्हारा दिवालिया निकल गया। तुम पागल
- 1:41:49हो गए। तुम्हारा दिवालिया निकल गया। तुम
- 1:41:50अनसाउंड माइंड हो गए। इनसॉल्वेंट हो गए।
- 1:41:52तो तुम्हारा डीन कैंसिल हो सकता है या फिर
- 1:41:54तुमने खुद ने सरेंडर की एप्लीकेशन दे दी
- 1:41:55डीआर फाइव में कि मुझे सरेंडर कराना है।
- 1:41:57साथ में डीआर 33 केवाईसी पढ़ाया था। हर
- 1:41:59साल आपको 30 सितंबर के पहले पहले जो
- 1:42:01डायरेक्टर है उसको डीआर3 केवाईसी फॉर्म
- 1:42:02फाइल करना होता है। अगर तुमने डीआईआर 3
- 1:42:04केवाईसी फॉर्म फाइल नहीं करा तो भी
- 1:42:06तुम्हारा डिन कैंसिल हो जाएगा। बट हां अगर
- 1:42:09तुमने वापस से डीआर3 केवाईसी जब फाइल कर
- 1:42:11दिया तो वापस से रीएक्टिवेट भी हो जाता है
- 1:42:12उस केस में।
- 1:42:14कोई चेंज है तो मैंने बता दिया। सेंट्रल
- 1:42:15गवर्नमेंट को बताना पड़ेगा। वो भी मैंने
- 1:42:17बता दिया। अब ये डीआर3 केवाईसी मैंने बता
- 1:42:19दिया 30 सितंबर तक तुमको भरना पड़ेगा। अगर
- 1:42:21तुमको कभी भी कोई तुम्हारी इंफॉर्मेशनेशन
- 1:42:23अपडेट करानी है। अगर तुमको कभी भी कोई
- 1:42:24तुम्हारी इनेशन अपडेट करानी है कि
- 1:42:26तुम्हारा मोबाइल नंबर चेंज हो गया, ईमेल
- 1:42:28एड्रेस चेंज हो गया, कुछ भी चेंज हो गया।
- 1:42:29तो जब तुम डीआर केवाईसी फाइल करते हो ना
- 1:42:3130 सितंबर को तुम जब वो एप्लीकेशन फाइल
- 1:42:34तुम जब वो क्या
- 1:42:37तुम वहां पे अपडेशन लिख सकते हो कि मेरा
- 1:42:39ये वाली चीज मुझे अपडेट करानी है। ये वाली
- 1:42:41चीज मुझे अपडेट करनी है। तुम वहां पर बता
- 1:42:43सकते हो। डीआर3 केवाईसी भरते हो। मोबाइल
- 1:42:44नंबर ईमेल आईडी जब अपडेट करा सकते हो।
- 1:42:46उसके बाद भी चाहो मतलब 30 सितंबर के बाद
- 1:42:48भी तुम चाहो तो अपडेट कर सकते हो। तो बस
- 1:42:50उस वक्त ₹500 की फीस लगेगी। सीधी बात है।
- 1:42:53अब सर सेक्शन 160 आता है कैंडिडेचर ऑफ़
- 1:42:56डायरेक्टर। कैंडिडे नेचर डायरेक्टर देखो
- 1:42:58मैं वापस बता दूं। तुमको लग रहा होगा कि
- 1:42:59शायद थोड़ा सा जल्दी चल रहा हूं। मैं उस
- 1:43:01हिसाब से तुमको लग रहा होगा। भाई वापस
- 1:43:05बिलीव करो कि तुम जब मेरे से ऑडिट पढ़ोगे
- 1:43:06ना जब तुमको समझ में आ जाएगा। मैं बहुत
- 1:43:08सही से आराम से चलना होता है। बहुत आराम
- 1:43:10से प्यार से पढ़ाता हूं मैं। पर्सन ना
- 1:43:12दिक्कत ये है वही बोल रहा हूं मैं तुमको।
- 1:43:14अभी तुम इतना टाइम वेस्ट मत करो। इतना
- 1:43:17टाइम वेस्ट करने की तुम्हारी कोई भी जरूरत
- 1:43:19नहीं है। मतलब क्योंकि यह पेपर स्पर्म है।
- 1:43:21सेल्फ बेस ऑनलाइन मॉड्यूल वाला। इतना माथे
- 1:43:23फोड़ोगे ना पागलस तो कुछ सेंस नहीं बनने
- 1:43:25वाला उसका। ठीक है ना? तुमको बस पास होना
- 1:43:27है उतना होना है और समझ में आ रहा होगा।
- 1:43:28आई होप मैं बोल रहा हूं जल्दी चल रहा हूं।
- 1:43:29पर ठीक है। तुमको सीए फाइनल में आने के
- 1:43:31बाद मतलब अभी तुम हो सकता है शायद सीए
- 1:43:32इंटर से निकल के आए हो। सीए फाइनल में आए
- 1:43:34हो। जस्ट तुमको तुम्हारा एनालिटिकल स्किल
- 1:43:37तुम्हारा माइंड थोड़ा सा इंक्रीस करना
- 1:43:38पड़ेगा कि तुम चीजें जल्दी कॉप अप कर पाओ।
- 1:43:40बट सिलेबस बहुत बड़ा है। ठीक है? और अभी
- 1:43:42तो मैं फिर भी थोड़ा जल्दी पढ़ा रहा हूं।
- 1:43:44आई नो
- 1:43:46चलो सर तो अब चलते हैं सेक्शन नंबर 160
- 1:43:48कैंडिचर फॉर डायरेक्टरशिप मतलब सर देखो
- 1:43:52सिंपल सी बात है कि कोई भी बंदा कोई भी
- 1:43:54बंदा बोल दे कि मुझे आके कंपनी का
- 1:43:56डायरेक्टर बनाओ कोई भी एरा गैरा नत्थू
- 1:43:58गहरा आके बोल सकता है क्या कि मुझे कंपनी
- 1:43:59का डायरेक्टर बनाओ ऐसा तो नहीं है ना कि
- 1:44:01अगर आपको कंपनी का डायरेक्टर बनना है मतलब
- 1:44:03आपको कंपनी को बताना पड़ेगा कि मैं
- 1:44:05डायरेक्टर बनना चाहता हूं मैं डायरेक्टर
- 1:44:07बनना चाहता हूं ऐसे तो लाखों करोड़ों लोग
- 1:44:09आके बोल देंगे मैं डायरेक्टर बनना चाहता
- 1:44:10हूं मैं डायरेक्टर बनना चाहता हूं मैं
- 1:44:11डायरेक्टर बनना चाहता हूं सिंपल सी बात है
- 1:44:13ना तो इसीलिए एक रूल रूल बनाया कि जिसको
- 1:44:16भी कंपनी का डायरेक्टर बनना है जिसको भी
- 1:44:18कंपनी का डायरेक्टर बनना है अदर दैन
- 1:44:19रिटायरिंग डायरेक्टर जो डायरेक्टर ऑलरेडी
- 1:44:21था मतलब उसकी बात नहीं हो रही जो
- 1:44:23डायरेक्टर पहले से था बस वो रिटायर हो रहा
- 1:44:25है जो डायरेक्टर पहले से था वो रिटायर हो
- 1:44:27नहीं हो रहा रोटेशन मतलब रिटायरिंग
- 1:44:29डायरेक्टर वो अपन ने पढ़ा भी वापस से
- 1:44:30पढ़ेंगे भी कि वो जैसे इंडिपेंडेंट
- 1:44:32डायरेक्टर एग्जांपल ले लो कि उसके 5 साल
- 1:44:34के बाद उसको वापस से अपन रीअपॉइंट कर सकते
- 1:44:36हैं। 5 साल बाद रीपॉइंट कर सकते तो वो तो
- 1:44:38रिटायर हो रहा था उसको वापस से रीअपॉइंट
- 1:44:40कर रहे हैं अपन तो उसमें ये सेक्शन नहीं
- 1:44:42लगेगा ये बाकियों के लिए कि जो फर्स्ट बार
- 1:44:45पहली बार नया डायरेक्टर बनना चाहता है
- 1:44:46अपनी कंपनी में फर्स्ट बार नया डायरेक्टर
- 1:44:49बनना चाहता है अदर दैन रिटायरिंग
- 1:44:50डायरेक्टर तो भाई उसके लिए कोई रूल बना
- 1:44:52दिया उसके लिए रूल बना दिया कि भाई हर कोई
- 1:44:54आके ऐसा ना बोल दे कि मुझे डायरेक्टर बनाओ
- 1:44:56मुझे डायरेक्टर बनाओ मुझे डायरेक्टर बनाओ
- 1:44:57तो भाई जिसको भी डायरेक्टर बनना है जिसको
- 1:45:00भी डायरेक्टर बनना है जिसको भी डायरेक्टर
- 1:45:02बनना है तो या तो या तो वह खुद या तो वह
- 1:45:06खुद या फिर उसके बिहाफ पे कोई दूसरा मेंबर
- 1:45:09या तो उसके बिहाफ पे कोई दूसरा मेंबर
- 1:45:10कंपनी का जो मेंबर होता है वह तो या तो वह
- 1:45:13खुद या फिर उसके बिहाफ पे कोई कंपनी का
- 1:45:15मेंबर वो कंपनी को बताएगा वो कंपनी को
- 1:45:20बोलेगा एटलीस्ट 14 दिन पहले मीटिंग के
- 1:45:24एटलीस्ट 14 दिन पहले मीटिंग के एटलीस्ट 14
- 1:45:27डेज पहले एटलीस्ट 14 डेज पहले वो बंदा
- 1:45:31कंपनी को बताएगा मीटिंग के एटलीस्ट 14 डेज
- 1:45:34पहले कि भाई मैं डायरेक्टर बनना चाहता हूं
- 1:45:38या फिर यह बंदा डायरेक्टर बनना चाहता है
- 1:45:40या फिर यह डायरेक्टर मतलब या तो वह बंदा
- 1:45:42खुद भी बता सकता है कि मैं डायरेक्टर बनना
- 1:45:43चाहता हूं या फिर कोई मेंबर प्रपोज कर रहा
- 1:45:45है या फिर कोई मेंबर प्रपोज कर रहा है कि
- 1:45:47इसको डायरेक्टर बनाओ इसको डायरेक्टर बनाओ
- 1:45:50तो वो कंपनी को बोलेगा एटलीस्ट 14 डेज
- 1:45:52पहले पर क्योंकि मैंने बोला कि ऐसे तो एरा
- 1:45:54गैरा नत्थू गैरा हर कोई आ जाएगा मुझे
- 1:45:55डायरेक्टर बनाओ मुझे डायरेक्टर बनाओ इसलिए
- 1:45:57बोल दिया कि आप जब यह कंपनी को एप्लीकेशन
- 1:45:58दोगे कि डायरेक्टर बनना है तब आपको साथ
- 1:46:01में ₹1 लाख की डिपॉजिट भी रखनी पड़ेगी
- 1:46:05₹1 लाख की डिपॉजिट भी आपको देनी पड़ेगी।
- 1:46:09₹1 लाख की डिपॉजिट भी आपको हमेशा देनी
- 1:46:11पड़ेगी। ₹1 लाख की डिपॉजिट आपको देनी
- 1:46:14पड़ेगी सर। ठीक है। अब सर उसके बाद जैसे
- 1:46:17ही कंपनी के पास एप्लीकेशन आई कि यह बंदा
- 1:46:19बोल रहा है इसको डायरेक्टर बनना है। यह
- 1:46:21बंदा बोल रहा है इसको डायरेक्टर बनना है।
- 1:46:22तो वो बाकी सारे मेंबर को बाकी सारे मेंबर
- 1:46:27को बताएगी। जितने भी कंपनी के शेयर होल्डर
- 1:46:29हैं ना बचे हुए बाकी जितने भी कंपनी के
- 1:46:30शेयर होल्डर हैं उनको एटलीस्ट से डज़ पहले
- 1:46:34मतलब मीटिंग के एटलीस्ट से डेज पहले
- 1:46:36मीटिंग के एटलीस्ट सेवन डेज पहले उनको
- 1:46:38बताएगी कि ये देखो इस बंदे की एप्लीकेशन
- 1:46:40आई है इसको डायरेक्टर बनना है। ये इस बंदे
- 1:46:42की एप्लीकेशन आई है। इसको डायरेक्टर बनना
- 1:46:44है। ये बंदे की एप्लीकेशन आई है। इसको
- 1:46:45डायरेक्टर बनना है। ठीक है? तो ये इसका एक
- 1:46:48बेसिक प्रोसेस होता है।
- 1:46:52ठीक है? चलो तो सर ये पढ़ो। अब एक बार पढ़
- 1:46:55लो इसके कुछ एक्सेप्शन भी। चलो पहले क्या?
- 1:46:56हां चलो एक्सेप्शन पढ़ लेते हैं। एक्सेप्शन
- 1:46:58पहले देख लेते हैं कि सर अपन ने बोला कि
- 1:47:00जो भी बंदे को डायरेक्टर बनना है या तो वो
- 1:47:02बंदा हिमसेल्फ। ठीक है? या फिर कोई दूसरा
- 1:47:05बंदा उसके बिहाफ पे प्रपोज़ कर सकता है।
- 1:47:07प्रपोज़ कर सकता है कंपनी को कि इसको
- 1:47:08डायरेक्टर बनाओ। 14 डेज का उसको नोटिस
- 1:47:10देना पड़ेगा कंपनी को। ठीक है ना? एटलीस्ट
- 1:47:12मतलब मीटिंग के 14 डेज पहले उसको ये बताना
- 1:47:15पड़ेगा। एटलीस्ट 14 डज़ पहले उसको बताना
- 1:47:17पड़ेगा। डिपॉज़िट 1 लाख देनी पड़ेगी। डिपॉज़िट
- 1:47:191 लाख देनी पड़ेगी। पर सर यहां पे
- 1:47:20एक्सेंपशन दे दिया। यहां पर एक्सेंपशन दे
- 1:47:22दिया कि आपको डिपॉजिट नहीं देनी है। आपको
- 1:47:24डिपॉजिट नहीं देनी है। 1 लाख की डिपॉजिट
- 1:47:26आपको नहीं देनी है। कब नहीं देनी है ये 1
- 1:47:28लाख की डिपॉजिट? आपको 1 लाख की डिपॉजिट
- 1:47:29नहीं देनी है। जब आप या तो इंडिपेंडेंट
- 1:47:32डायरेक्टर बन रहे हो या फिर जब आप या तो
- 1:47:35इंडिपेंडेंट डायरेक्टर बन रहे हो या फिर
- 1:47:37एनआरसी कमेटी होती है। एक नॉमिनेशन
- 1:47:39रिमुनरेशन कमिटी मतलब कंपनी के अंदर ही एक
- 1:47:42कमेटी होती है नॉमिनेशन रिमुनरेशन कमिटी।
- 1:47:44वो नॉमिनेशन रिमुनरेशन कमिटी प्रपोज कर
- 1:47:47रही है। वो नॉमिनेशन रिमुनरेशन कमिटी
- 1:47:49प्रपोज कर रही है कि मिस्टर एक्स को
- 1:47:51डायरेक्टर बनाया जाए। मिस्टर एक्स को
- 1:47:53डायरेक्टर बनाया जाए। तो जब एनआरसी कमिटी
- 1:47:56खुद प्रपोज करती है किसी को खुद प्रपोज
- 1:47:58करती है उस वक्त डिपॉजिट नहीं देनी होती।
- 1:48:00उस वक्त डिपॉजिट नहीं देनी होती। और अगर
- 1:48:02वही है कि सर अगर एर एनआरसी कमिटी उस
- 1:48:03कंपनी के अंदर एप्लीकेबल ही नहीं है। मतलब
- 1:48:05कि उस कंपनी के अंदर एनआरसी कमेटी
- 1:48:07एग्ज़िस्ट ही नहीं करती तो एनआरसी की जगह
- 1:48:09बोर्ड मान लो। एनआरसी की जगह बोर्ड मान लो
- 1:48:11कि बोर्ड जब प्रपोज कर रहा है कि इस बंदे
- 1:48:14को डायरेक्टर बनाया जाए। बोर्ड जब प्रपोज
- 1:48:16कर रहा है कि इस बंदे को डायरेक्टर बनाया
- 1:48:18जाए तो उस वक्त भी डिपॉजिट नहीं लगेगी। जब
- 1:48:21एनआरसी कमेटी एक्सिस्ट नहीं करती तो बोर्ड
- 1:48:23के आ जाएगा वहां पे कि बोर्ड जब प्रपोज कर
- 1:48:24रहा है कि इस बंदे को डायरेक्टर बनाया जाए
- 1:48:26तो डिपॉजिट की रिक्वायरमेंट नहीं है। तो
- 1:48:28डिपॉजिट की रिक्वायरमेंट नहीं है। ठीक है
- 1:48:30सर। तो कब-कब डिपॉज़िट नहीं देनी जब आप या
- 1:48:32तो इंडिपेंडेंट डायरेक्टर अपॉइंट कर रहे
- 1:48:33हो। या तो जब आप इंडिपेंडेंट डायरेक्टर
- 1:48:35प्रोपोज इंडिपेंडेंट डायरेक्टर अपॉइंट कर
- 1:48:36रहे हो या फिर वो डायरेक्टर एनआरसी ने
- 1:48:38प्रपोज करा या फिर वो डायरेक्टर एनआरसी ने
- 1:48:40प्रोपोज करा है वो डायरेक्टर एनआरसी ने
- 1:48:41प्रपोज करा है और अगर एनआरसी नहीं है तो
- 1:48:43बोर्ड ने प्रपोज करा है तो उसको डिपॉजिट
- 1:48:45की जरूरत नहीं होती डिपॉजिट की जरूरत नहीं
- 1:48:46होती ठीक है तो वो बंदा 14 डेज के अंदर
- 1:48:48विद ₹1 लाख कंपनी को नोटिस देगा और कंपनी
- 1:48:50मेंबर को बताएगी 7 दिन के अंदर कंपनी
- 1:48:53मेंबर को बताएगी 7 दिन के अंदर कंपनी
- 1:48:55मेंबर को बताएगी 7 दिन के अंदर राइट है ना
- 1:48:57एट मतलब सॉरी एटलीस्ट से डज़ बिफोर मीटिंग
- 1:49:00कंपनी मेंबर को बताएगी एटलीस्ट से ज़ बिफोर
- 1:49:01मीटिंग तो कंपनी मेंबर को इनफॉर्म करेगी
- 1:49:03एटलीस्ट सेवन डेज बिफोर द मीटिंग। सबको
- 1:49:05एक-एक को हर एक बंदे को इंडिविजुअली नोटिस
- 1:49:07भेजेगी। या तो ईमेल पे या राइटिंग में हर
- 1:49:09एक बंदे को बताएगी कि यह बंदा डायरेक्टर
- 1:49:11बनना चाह रहा है। ये बंदा डायरेक्टर बनना
- 1:49:13चाह रहा है। ठीक है ना? वो हर एक को
- 1:49:14बताएगी। इंडिविजुअल नोटिस भेजेगी साथ में
- 1:49:17वेबसाइट पे भी डालेगी। साथ में वेबसाइट पे
- 1:49:18भी डालेगी। ठीक है? सबको इंडिविजुअल नोटिस
- 1:49:21भेजने की जरूरत नहीं है। सबको इंडिविजुअल
- 1:49:23नोटिस भेजने की जरूरत नहीं है। अगर कमिट
- 1:49:26अगर वो कंपनी अगर वो कंपनी सबको
- 1:49:28इंडिविजुअल नोटिस भेजने की जरूरत नहीं है।
- 1:49:30अगर वो कंपनी उसको जो भी बंदा डायरेक्टर
- 1:49:33बनना चाह रहा है उसके कैंडिडेचर को उसके
- 1:49:35कैंडिडेचर को न्यूज़पेपर में एडवरटाइज कर
- 1:49:37दे। न्यूज़पेपर में एडवरटाइज कर दे
- 1:49:40एटलीस्ट सेवन डेज बिफोर। तो या तो आप
- 1:49:41इंडिविजुअल नोटिस भेजो या फिर उसको
- 1:49:43न्यूज़पेपर में एडवर्टाइज कर दो कि यह
- 1:49:45बंदा हमारी कंपनी में डायरेक्टर बनना चाह
- 1:49:47रहा है। तो जहां पे भी न्यूज़पेपर में
- 1:49:48एडवरटाइजमेंट की बात आएगी तो दो जगह दो
- 1:49:50न्यूज़पेपर में एडवरटाइजमेंट करना है।
- 1:49:51कहां पे? दो एडवर्टाइजमेंट दो न्यूज़पेपर
- 1:49:53में एडवर्टाइज करना है। एक तो इंग्लिश
- 1:49:54न्यूज़पेपर में साथ में एक वर्नाकुलर
- 1:49:57न्यूज़पेपर में। में वर्नाकुलर जो मतलब उस
- 1:49:59एरिया का लोकल लैंग्वेज होती है। उस एरिया
- 1:50:01की लोकल लैंग्वेज होती है। तो उसमें आपको
- 1:50:04उसमें आपको एडवर्टाइज कर देना है। तो एक
- 1:50:05एक को इंडिविजुअल नोटिस देने की जरूरत
- 1:50:07नहीं है। एक को इंडज़ नोटिस देने की जरूरत
- 1:50:09नहीं है। ठीक है? अब सर एक दो पॉइंट और
- 1:50:12हैं डिपॉजिट के लिए और इसके लिए कि सर
- 1:50:14देखो अब सर 1 लाख का डिपॉजिट दिया तो
- 1:50:17रिफंड होगा नहीं होगा। सीधी बात है
- 1:50:18डिपॉजिट तो वर्ड रिफंड होगा ही होगा। का
- 1:50:20डिपॉजिट वर्ड है। पर वो डिपॉजिट तब ही
- 1:50:22होगा जब या तो जो कैंडिडेट था ना वो इ हो
- 1:50:26जाए तो उसको पैसा रिफंड कर दिया जाएगा। या
- 1:50:29फिर इ नहीं हुआ। माना इ नहीं हुआ। पर
- 1:50:31एटलीस्ट उसको 25% से ज्यादा वोट मिल गए।
- 1:50:34एटलीस्ट उसको 25% से ज्यादा वोट मिल गए।
- 1:50:38माना इ नहीं हुआ। वो डायरेक्टर नहीं बन
- 1:50:40पाया। फाइनली फेल हो गया। उसको मेंबर ने
- 1:50:42नहीं बनाया। पर उसको कम 25% से ज्यादा वोट
- 1:50:45मिल गए। तो इन दोनों में से कोई भी केस
- 1:50:46हुआ तो उसको डिपॉजिट रिफंड कर दी जाएगी।
- 1:50:48वरना डिपॉजिट रिफंड नहीं होगी। या तो वो इ
- 1:50:50हो गया 25% ज्यादा वोट मिल गए। या तो इ हो
- 1:50:52गया 25% ज्यादा वोट मिल गए। ठीक है? तो ये
- 1:50:56इसकी पूरी की पूरी कहानी थी कि जो भी बंदा
- 1:50:58बनेगा वो एक 14 दिन पहले एटलीस्ट मीटिंग
- 1:51:00के ₹1 लाख डिपॉज़िट करके कंपनी को बता
- 1:51:01देगा। कंपनी 7 दिन पहले मेंबर को बता
- 1:51:03देगी। पर डिपॉज़िट नहीं देनी जब या तो
- 1:51:05इंडिपेंडेंट डायरेक्टर या फिर एनआरसी खुद
- 1:51:06भी प्रपोज करे। एनआरसी खुद ही प्रपोज कर
- 1:51:07रही है। वो डिपॉज़िट कब रिफंड होगी? या तो
- 1:51:09वो इ हो जाए या फिर 25% से ज्यादा उसको
- 1:51:11वोट मिल जाए। तो यहां पे जनरली 1 लाख की
- 1:51:13डिपॉजिट नहीं देनी होती जब इंडिपेंडेंट
- 1:51:14डायरेक्टर या फिर प्रपोज एनआरसी बोर्ड कर
- 1:51:16रही है। सर एक और चीज है कि अगर वो निधि
- 1:51:18कंपनी है तो ₹1 लाख की जगह ₹10,000 होंगे।
- 1:51:20₹1 लाख की जगह ₹10,000 डिपॉजिट देना है।
- 1:51:22निधि कंपनी है तो 1 लाख की जगह ₹10,000
- 1:51:23डिपॉजिट करना है। निधि कंपनी है तो लाख की
- 1:51:25जगह ₹10,000 डिपॉजिट करने हैं। और वही सर
- 1:51:27जैसे आपको डिपॉजिट रिफंड होगी नहीं होगी?
- 1:51:29कब होगी? जब या तो वो इ हो जाए या फिर 25%
- 1:51:31से ज्यादा उसको वोट मिल जाए। पर इसका एक
- 1:51:33और एक्सेप्शन है कि जो सेक्शन एट कंपनी है
- 1:51:35सेक्शन एट कंपनी जो होती है अंडर सेक्शन
- 1:51:36एट कंपनी एनजीओ एनपीओ उस केस के अंदर
- 1:51:39बोर्ड के डिस्क्रीशन पे है। बोर्ड के
- 1:51:41डिस्क्रीशन पे है कि उसकी इच्छा होगी तो
- 1:51:43रिफंड कर दे। उसकी इच्छा होगी तो रिफंड ना
- 1:51:46करे। चाहे उसको 25% वोट नहीं मिले। 25%
- 1:51:48वोट नहीं मिले तो भी वो चाहे तो रिफंड कर
- 1:51:50सकती है। तो भी वो चाहे तो फॉरफिट कर सकती
- 1:51:52है। सब बोर्ड के ऊपर है। ठीक है? तो 1 लाख
- 1:51:55की जगह 10,000 होगा निधि कंपनी में और
- 1:51:57यहां पे 25% पे रिफंड होना चाहिए। पेपर
- 1:51:58सेक्शन कंपनी के अंदर उनकी खुद के हिसाब
- 1:52:00से चलता है। ठीक है? और बाकी ये एक्सेंपशन
- 1:52:03है। इसको इतना लोड मत लो। हर जगह एक्सेंशन
- 1:52:05आएगी। अगर याद रह जाए तो ठीक है। एमसीक्यू
- 1:52:06आ जाते हैं। मैं नहीं बोला कि नहीं आएंगे।
- 1:52:08पर भाई चारप मार्क्स तो तुमको छोड़ के आने
- 1:52:09ही हैं। इतना लोड मत लो भाई। 50 मार्क्स
- 1:52:11लाने आ जाएंगे। पर ठीक है एक्सेंप्शन याद
- 1:52:13रह जाए तो कि ये जो ऊपर वाला प्रोविज़न है
- 1:52:14ना 1 लाख का 1 लाख का डिपॉजिट नोटिस देना
- 1:52:16पड़ेगा 14 दिन पहले 7 दिन पहले। वो सब
- 1:52:18एप्लीकेबल नहीं होता। प्राइवेट कंपनी
- 1:52:20सेक्शन एट कंपनी के अंदर जहां पे बैलेट से
- 1:52:22इलेक्शन हो या फिर 100% गवर्नमेंट कंपनी।
- 1:52:24मतलब प्राइवेट कंपनी और गवर्नमेंट कंपनी
- 1:52:25मेनली। ये प्राइवेट कंपनी और गवर्नमेंट
- 1:52:26कंपनी इनको 1 लाख का डिपॉजिट नोटिस होता
- 1:52:29नहीं। अब सर सेक्शन 161 पढ़ते हैं। अपन
- 1:52:32सेक्शन 161 पढ़ते हैं। कुछ डिफरेंट-डिफरेंट
- 1:52:35टाइप ऑफ डायरेक्टर हैं जो बोर्ड ऑफ
- 1:52:36डायरेक्टर अपॉइंट करते हैं। मैंने क्या
- 1:52:38बोला अभी? बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर अपॉइंट करते
- 1:52:40हैं। जनरली अपन ने जो अभी पढ़ा था
- 1:52:42डायरेक्टर कौन अपॉइंट करता है? डायरेक्टर
- 1:52:43शेयरहोल्डर अपॉइंट करता है जनरल मीटिंग के
- 1:52:45अंदर। डायरेक्टर शेयरहोल्डर अपॉइंट करता
- 1:52:46है। पर यहां पे कुछ डिफरेंट टाइप ऑफ़
- 1:52:48डायरेक्टर्स हैं जो बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर
- 1:52:50अपॉइंट्स करते हैं। जो बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर
- 1:52:52मतलब डायरेक्टर अपॉइंट नहीं कर रहा। बोर्ड
- 1:52:54ऑफ डायरेक्टर अपॉइंट मतलब सॉरी शेयरहोल्डर
- 1:52:56अपॉइंट नहीं कर रहा। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर
- 1:52:57अपॉइंट करते हैं। तो 161 सब सेक्शन वन 161
- 1:53:00सब सेक्शन टू 161 सब सेक्शन थ्री 16 सब
- 1:53:02सेक्शन फोर। इतना लोड मत लो। सेक्शन नंबर
- 1:53:04याद करने नहीं है। पर ठीक है मैं बता रहा
- 1:53:05हूं रेफरेंस के लिए। सर सबसे पहले बात
- 1:53:07करते हैं अपन एडिशनल डायरेक्टर की। एडिशनल
- 1:53:09डायरेक्टर क्या होता है सर? मतलब ये सारे
- 1:53:11डायरेक्टर बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर अपॉइंट करते
- 1:53:13हैं। शेयरहोल्डर अपॉइंट नहीं करते। एडिशनल
- 1:53:15डायरेक्टर ऐसा होता है कि सर कभी भी ऐसी
- 1:53:17अर्जेंट नीड पड़ जाए कि यार हमको किसी
- 1:53:19डायरेक्टर की जरूरत है। तो हम ना जनरल
- 1:53:22मीटिंग तक का वेट नहीं करेंगे कि भाई जनरल
- 1:53:24मीटिंग कब होगी? कब उसको अपॉइंट करेंगे।
- 1:53:26इतना वेट नहीं करना। मुझे अर्जेंट किसी
- 1:53:28डायरेक्टर की जरूरत है। मुझे अर्जेंट किसी
- 1:53:29डायरेक्टर की जरूरत है। तो भाई अगर आपको
- 1:53:33आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन परमिट करता है। मैंने
- 1:53:36वर्ड क्या बोला? आर्टिकल ऑफ़ एसोसिएशन।
- 1:53:38मतलब आर्टिकल ऑफ़ एसोसिएशन में
- 1:53:39एक्सप्लसिटली लिखा हुआ होना चाहिए।
- 1:53:41आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन में एक्सप्लसिटली
- 1:53:43लिखा हुआ होना चाहिए कि एडिशनल डायरेक्टर
- 1:53:45आप अपॉइंट कर सकते हो। एडिशनल डायरेक्टर
- 1:53:46आप अपॉइंट कर सकते हो। तो मतलब एमसीक्यू
- 1:53:48पॉइंट है ध्यान रखना। मतलब अगर आर्टिकल ऑफ़
- 1:53:49एसोसिएशन में लिखा हुआ है कि आप आर्टिकल
- 1:53:51कि आप बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर जो है वो एडिशनल
- 1:53:54डायरेक्टर अपॉइंट कर सकते हैं तो वो कर
- 1:53:56सकते हैं बिना जनरल मीटिंग का वेट करके।
- 1:53:58जनरल मीटिंग कब होगी, कैसे होगी? सब भूल
- 1:54:00जाओ। उस पे ध्यान मत दो। उस पे ध्यान मत
- 1:54:02दो। तो बोर्ड डायरेक्टर की अगर इच्छा हुई
- 1:54:04तो वो अपॉइंट कर सकते हैं। उनको लगा कि
- 1:54:05यार अब अभी हमको अर्जेंटली किसी
- 1:54:07डायरेक्टर्स की जरूरत है, कुछ डिसीजन लेने
- 1:54:08हैं, काम ज्यादा बढ़ गया या व्हाटएवर? तो
- 1:54:10वो अपॉइंट कर सकते हैं। तो वो कब तक कब तक
- 1:54:14वो टेन्योर क्या होगा? उनका टेन्योर का
- 1:54:16होगा कब तक बोर्ड ऑफ़ वो जो एडिशनल
- 1:54:17डायरेक्टर अपॉइंट करा वो कब तक रहेगा अपने
- 1:54:19ऑफिस के अंदर? जब तक नेक्स्ट एजीएम नहीं
- 1:54:22हो जाती। मतलब नेक्स्ट एजीएम में आप चाहो
- 1:54:23तो उसको फिर एडिशनल डायरेक्टर से नॉर्मल
- 1:54:26डायरेक्टर बना दो। क्योंकि एजीएम के अंदर
- 1:54:28शेयरहोल्डर आ जाएंगे। शेयरहोल्डर से
- 1:54:29परमिशन ले लो कि ये जो नॉर्मल डायरेक्टर
- 1:54:31हैं मतलब अभी एडिशनल डायरेक्टर इसको
- 1:54:32नॉर्मल डायरेक्टर बना दो कर सकते हो वो कर
- 1:54:35सकते हो तो या व्हिच एवर इज़ अर्लियर व्हिच
- 1:54:37एवरी या तो जब भी नेक्स्ट एजीएम आपकी हो
- 1:54:39जाए या फिर लास्ट ड्यू डेट जो भी थी ना
- 1:54:41एजीएम की लास्ट ड्यू डेट व्हिच एवर इज़
- 1:54:43अर्लियर तो व्हिच एवर इज़ अर्लियर कि हो अब
- 1:54:45जैसे अस्यूम करो नेक्स्ट एजीएम आपकी हुई
- 1:54:50है एड्जर्न हो गई मतलब एजीएम हो ही नहीं
- 1:54:52पा रही एजीएम हो नहीं पा रही एजीएम हो ही
- 1:54:54नहीं पा रही लास्ट एजीएम की लास्ट ड्यू
- 1:54:56डेट थी मतलब आरओसी ने एक्सटेंड कर दी तो
- 1:54:57भी चलेगा आरओसी ने एक्सटेंड कर दी तो भी
- 1:54:58चलेगा। पर कुल मिला के लास्ट ड्यू डेट
- 1:55:00आरओसी की एक्सटेंड के बाद थी लेट्स से 30
- 1:55:02अक्टूबर। 30 अक्टूबर तक आपको एजीएम कर ही
- 1:55:04देनी चाहिए थी। पर आपने एजीएम आपने एजीएम
- 1:55:07करी है 31 दिसंबर को। 31 दिसंबर को तो
- 1:55:08व्हिच एवर अर्लियर क्या हो गया सर? कि
- 1:55:10एजीएम कब तक हो जानी चाहिए थी? एजीएम कब
- 1:55:12तक हो जानी चाहिए थी? वो 30 अक्टूबर तक हो
- 1:55:15जानी चाहिए थी। तो अगर आपने 30 अक्टूबर तक
- 1:55:17एजीएम नहीं करी तो उसका टेन्योर तो यहां
- 1:55:18पर खत्म हो गया। उसको यहां से निकलना
- 1:55:20पड़ेगा। उसको यहां से जाना पड़ेगा। उसको
- 1:55:22यहां से जाना पड़ेगा। बात खत्म। ठीक है?
- 1:55:26चलो।
- 1:55:29तो रेोल्यूशन कैसे आप आपको जब भी इसको
- 1:55:31अपॉइंट करना है तो आपको सीधी बात है आपको
- 1:55:33जब इस एडिशनल डायरेक्टर को अपॉइंट करना है
- 1:55:34तो बोर्ड आपस में अपॉइंट करेगा ना तो
- 1:55:36रेोल्यूशन पास करना पड़ेगा बोर्ड अपना
- 1:55:37रेोल्यूशन पास करेगा तो बोर्ड या तो बोर्ड
- 1:55:39मीटिंग बुला के रेोल्यूशन पास कर सकता है
- 1:55:41या फिर होता है एक आरबीसी रेोल्यूशन बाय
- 1:55:43सर्कुलेशन रेोल्यूशन बाय सर्कुलेशन इतना
- 1:55:45ध्यान मत दो अपन बाद में पढ़ेंगे पर अब
- 1:55:46इतना ध्यान मत दो तो या तो वो बोर्ड
- 1:55:47मीटिंग के अंदर सब लोगों को एक साथ
- 1:55:49बुलाएगा बोर्ड मीटिंग में और बोलेगा कि
- 1:55:51मैं इसको एडिशनल डायरेक्टर अपॉइंट करना
- 1:55:52चाहता हूं तो बोर्ड देख लेगी इसको अपॉइंट
- 1:55:54करना है या नहीं करना या फिर रेोल्यूशन
- 1:55:55बाय सर्कुलेशन मतलब कि एक जो प्लेट होता
- 1:55:57है मतलब एक नोटिस होता है वो सबको
- 1:55:59सर्कुलेट कर दिया जाएगा। मीटिंग मत बुलाओ।
- 1:56:01सबको सर्कुलेट कर दो और उनसे पूछ लो कि
- 1:56:03इसको अपॉइंट करें या नहीं करें। दोनों
- 1:56:04अलाउ है। दोनों अलऊ है।
- 1:56:08ठीक है? पर एक चीज ध्यान रखना एक चीज
- 1:56:10इनएलिजिबल होता है कि किसी को भी अपन
- 1:56:11एडिशनल डायरेक्टर नहीं बना सकते। कब नहीं
- 1:56:13बना सकते कि अपन ने कोशिश करी थी। अपन ने
- 1:56:16जनरल मीटिंग में शेयर होल्डर को बोला था।
- 1:56:18अपन ने कभी ना कभी पहले कभी ना कभी पहले
- 1:56:20अपन ने जनरल मीटिंग में शेयरहोल्डर को
- 1:56:22बोला था कि इसको हमें डायरेक्टर बनाना है।
- 1:56:24इसको हमें डायरेक्टर बनाना है। पर
- 1:56:26शेयरहोल्डर ने उसे रिजेक्ट कर दिया था।
- 1:56:28शेयरहोल्डर ने उसे रिजेक्ट कर दिया था। तो
- 1:56:30भाई जब कभी ना कभी आप उस शेयरहोल्डर उसको
- 1:56:32पहले रिजेक्ट कर चुके हैं तो उसको आप अभी
- 1:56:34डायरेक्टर नहीं बना सकते। उसको एडिशनल
- 1:56:36डायरेक्टर नहीं बना सकते। तो पर्सन हु फेल
- 1:56:38टू गेट अपॉइंटंटेड ऐज़ डायरेक्टर इन जनरल
- 1:56:40मीटिंग। तो उसको आप डायरेक्टर नहीं बना
- 1:56:42सकते।
- 1:56:44ठीक है? और बस सिंपल अब नॉर्मल पॉइंट के
- 1:56:46कुछ ज्यादाेंट पॉइंट है कि जो
- 1:56:47एमडीब्यूटीडी होते हैं मैनेजिंग डायरेक्टर
- 1:56:48एंड होल टाइम डायरेक्टर उनको भी उनके लिए
- 1:56:50भी अपन एडिशनल डायरेक्टर बना सकते हैं।
- 1:56:52एडिशनल डायरेक्टर का टेन्योर खत्म होने के
- 1:56:54बाद मैंने बोला कि आप एडिशनल डायरेक्टर का
- 1:56:56टेन्योर जैसे ही खत्म हुआ आप उसको नॉर्मल
- 1:56:57डायरेक्टर बना सकते हो। मतलब शेयर होल्डर
- 1:56:59को अप्रूवल वगैरह ले लूं आके। ठीक है? और
- 1:57:01आप सेम पर्सन को बार-बार रीअपॉइंट भी कर
- 1:57:03सकते हो। अभी एडिशनल डायरेक्टर है। आप
- 1:57:04वापस उसको रीपॉइंट कर लो। एडिशनल
- 1:57:05डायरेक्टर टेन्योर खत्म हुआ वापस एडिशनल
- 1:57:07डायरेक्टर बना लो। टेन्योर खत्म हुआ वापस
- 1:57:08एडिशनल डायरेक्टर बना लो। कोई
- 1:57:09रिस्ट्रिक्शन उस पे नहीं है। ठीक है? यह
- 1:57:12सब बाद में बता दूंगा। उसमें फिर लोड मतलब
- 1:57:14ठीक है सर तो ये हो गया अपना एडिशनल
- 1:57:17डायरेक्टर सीधी बात है एओए के अंदर
- 1:57:18एक्सप्लस परमिशन होनी चाहिए कभी भी अगर
- 1:57:20एओए नहीं बोलता एओ ऑथराइज नहीं करता तो
- 1:57:22क्या मेंबर बोल दे तो अपन कर सकते हैं
- 1:57:24क्या अपॉइंट कि एओए तो नहीं बोलता कि अपन
- 1:57:26एडिशनल डायरेक्टर बना सकते हैं पर मेंबर
- 1:57:28ने रेोल्यूशन पास कर दिया मेंबर ने
- 1:57:29रेोल्यूशन पास कर दिया कि तुम एडिशनल
- 1:57:31डायरेक्टर ले आओ तुम एडिशनल डायरेक्टर
- 1:57:32लिया आओ तो भी हम नहीं ला सकते भाई एओए के
- 1:57:35अंदर आपको पहले लिखना पड़ेगा यह चीज़ ठीक
- 1:57:37है यह हो गया एडिशनल डायरेक्टर अब सर उसके
- 1:57:39बाद अल्टरनेट डायरेक्टर उसके बाद अल्टरनेट
- 1:57:41डायरेक्टर सर अल्टरनेट डायरेक्टर क्या
- 1:57:42होता अल्ट्रा डायरेक्टर से लेट्स से फॉर
- 1:57:44एन एग्जांपल कि कभी भी कोई ऐसा होता है कि
- 1:57:46कोई डायरेक्टर है कोई डायरेक्टर है वो 3
- 1:57:48महीने या 3 महीने से ज्यादा वो 3 महीने या
- 1:57:503 महीने से ज्यादा आउट ऑफ इंडिया चले गया
- 1:57:52ग्रेटर दैन इक्वल टू 3 मंथ वो अब्रॉड चले
- 1:57:55गया आउट ऑफ इंडिया चले गया तो यार वो 3
- 1:57:57महीने से ज्यादा है या 3 महीने या 3 महीने
- 1:57:58से ज्यादा जब आउट ऑफ इंडिया चले गया हमको
- 1:58:00तो हमारा काम धंधे कराने हैं हमको तो
- 1:58:01हमारे काम धंधे कराने हैं हमको तो देखना
- 1:58:03है ना कि यार बंदा अपॉइंट हो या नहीं मतलब
- 1:58:04कि वो तो छुट्टियां मना रहा है आराम से
- 1:58:06मस्त रह के तो हमको कोई दूसरा बंदा चाहिए
- 1:58:08होगा सीधी बात है तो एक तरह से टेंपरेरी
- 1:58:10डायरेक्टर लिया आते हैं अल्टरनेट
- 1:58:12डायरेक्टर उसके इसके लिए वो टेंपरेरी
- 1:58:13डायरेक्टर ले आते हैं। अल्टेड डायरेक्टर
- 1:58:14जो इसके इसके लिए काम करेगा। ठीक है? तो
- 1:58:17वो एक टेंपरेरी डायरेक्टर ले आते हैं कि
- 1:58:19इसकी जगह ले आते हैं। वो इसकी जगह ले आते
- 1:58:21हैं। तो ये टेन्योर कब तक होल्ड करेगा? ये
- 1:58:23टेन्योर कब तक होल्ड करेगा? सर सीधी बात
- 1:58:25है। या तो जो ओरिजिनल डायरेक्टर ओडी मैंने
- 1:58:28लिखा है उसका मतलब है ओरिजिनल डायरेक्टर।
- 1:58:29ओरिजिनल डायरेक्टर कि या तो जो ओरिजिनल
- 1:58:32डायरेक्टर का जो भी पीरियड है कि ओरिजिनल
- 1:58:34डायरेक्टर लेट्स से कि 5 साल के लिए था।
- 1:58:36मतलब लेट्स से कि उसका 31 मार्च 2027 तक
- 1:58:39के लिए है। ओरिजिनल डायरेक्टर कब तक के
- 1:58:41लिए? 31 मार्च 2027 तक के लिए तो यह वाला
- 1:58:44बंदा भी 31 मार्च 2027 तक रहेगा कंपनी में
- 1:58:47या फिर जब तक या फिर ओरिजिनल डायरेक्टर
- 1:58:49अगर इंडिया नहीं आ जाए ओरिजिनल डायरेक्टर
- 1:58:52इंडिया आ गया ओरिजिनल डायरेक्टर इंडिया आ
- 1:58:54गया व्हिच एवर इज़ अर्लियर व्हिच एवर इज़
- 1:58:56अर्लियर कि या तो ओरिजिनल डायरेक्टर
- 1:58:58इंडिया ना आ जाए तब तक वो बंदा काम करेगा
- 1:59:01या फिर उसका जब टेन्योर ओरिजिनल डायरेक्टर
- 1:59:02का खुद का टेन्योर ही खत्म हो गया तो इस
- 1:59:04वाले डायरेक्टर को अल्टरनेट डायरेक्टर को
- 1:59:06भी हटाना पड़ेगा अल्टरनेट डायरेक्टर को भी
- 1:59:07हटाना पड़ेगा तो व्हिच एवर इज़ अर्लियर या
- 1:59:10तो ओरिजिनल डायरेक्टर जब इंडिया आ जाए या
- 1:59:11फिर जो ओरिजिनल डायरेक्टर का असली में जो
- 1:59:13टेन्योर था तो अल्टरनेट डायरेक्टर अपॉइंट
- 1:59:16करने के लिए कौन बोलता है? या तो आर्टिकल
- 1:59:17ऑफ़ एसोसिएशन बोल सकता है या फिर यहां पर
- 1:59:19जनरल मीटिंग में अगर शेयर होल्डर ने ओआर
- 1:59:21पास कर दिया ऑर्डिनरी रेोल्यूशन तो भी
- 1:59:23बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर अपॉइंट कर सकते हैं
- 1:59:24किसी अल्टरनेट डायरेक्टर को। कब अपॉइंट
- 1:59:26करते हैं? जब ओरिजिनल डायरेक्टर आउटसाइड
- 1:59:27इंडिया जाता है ग्रेटर दैन इक्वल टू 3
- 1:59:29मंथ। उसका टेन्योर क्या होता है? कि जो
- 1:59:30ओरिजिनल डायरेक्टर का टेन्योर है लेट्स से
- 1:59:3230 अक्टूबर
- 1:59:342027 तक उसका टेन्योर था। या फिर ओरिजिनल
- 1:59:37डायरेक्टर इंडिया आ गया। इंडिया आ गया
- 1:59:38लेट्स से वो आ गया। इंडिया पहले आ गया 30
- 1:59:41जुलाई 2027 तक आ गया। तो व्हिच एवर इज़
- 1:59:43अर्लियर कि जो भी पहले हो गया जब तक जो भी
- 1:59:46पहले हो गया उस वक्त अपन इसको निकाल
- 1:59:48देंगे। अल्टरनेट डायरेक्टर को निकाल
- 1:59:49देंगे। तो वो 30 जुलाई 2027 यहां पे पहले
- 1:59:51होगी। ठीक है? तो ये भी बोर्ड मीटिंग में
- 1:59:53या फिर आरबीसी में अपन अपॉइंट कर सकते
- 1:59:54हैं। दोनों केस यहां पे भी चल जाएंगे। कोई
- 1:59:56दिक्कत नहीं है। हां। यहां पर एक चीज है
- 1:59:59कोई डायरेक्टर लेट्स से मिस्टर ए कोई बंदा
- 2:00:02है जो Reliance LED में ऑलरेडी डायरेक्टर
- 2:00:04है। Reliance LED में ऑलरेडी डायरेक्टर
- 2:00:06है। एक मिस्टर B नाम का बंदा है। ठीक है?
- 2:00:09तो मिस्टर A ऑलरेडी Reliance LED का
- 2:00:11डायरेक्टर है। मिस्टर A ऑलरेडी Reliance
- 2:00:13LED का डायरेक्टर है। अब मिस्टर बी आउट ऑफ
- 2:00:16इंडिया चले गया। मिस्टर बी आउट ऑफ इंडिया
- 2:00:18चले गया। तो क्या मिस्टर B के लिए भी
- 2:00:20मिस्टर A को अपॉइंट कर सकते हैं क्या कि
- 2:00:22तू इसका अल्टरनेट डायरेक्टर बन जा। नहीं
- 2:00:24नहीं नहीं। जो बंदा पहले ही अपनी कंपनी
- 2:00:26में डायरेक्टर है, जो बंदा पहले ही अपनी
- 2:00:28कंपनी में डायरेक्टर है, वो किसी अपनी
- 2:00:30कंपनी में किसी दूसरे डायरेक्टर के लिए
- 2:00:32अपनी ही कंपनी में किसी दूसरे डायरेक्टर
- 2:00:33के लिए अल्टरनेट डायरेक्टर नहीं बनेगा।
- 2:00:35अल्टरनेट डायरेक्टर नहीं बनेगा। सिंपल सी
- 2:00:37बात है।
- 2:00:43ठीक है? और साथ में सिंपल सी बात है कि वो
- 2:00:45दो डायरेक्टर के लिए भी अकेला नहीं बन
- 2:00:46सकता कि लेट्स से B भी छोड़ के चले गया,
- 2:00:48सी भी चले गया। दोनों आउट ऑफ इंडिया चले
- 2:00:50गए। जो ए नाम का बंदा था वो B और C दोनों
- 2:00:52के लिए अल्टरनेट डायरेक्टर नहीं बन पाएगा
- 2:00:54या तो B के लिए बनेगा या C के लिए दो के
- 2:00:55लिए एक साथ नहीं बन पाएगा। ये वही चीजें
- 2:00:57लिखी है मैंने यहां पे। ठीक है?
- 2:01:00और सीधी बात है अगर कोई जो अल्टरनेट जो
- 2:01:02ओरिजिनल डायरेक्टर था जो इंडिया से बाहर
- 2:01:04गया अगर वो इंडिपेंडेंट डायरेक्टर था तो
- 2:01:05अगर आप उसके लिए अल्टरनेट डायरेक्टर ला
- 2:01:07रहे हो तो वो भी इंडिपेंडेंट ही होना
- 2:01:09चाहिए। सिंपल सी बात है वो।
- 2:01:12ठीक है? और सर सीधी बात है ओरिजिनल
- 2:01:14डायरेक्टर जैसे रीपॉइंट ऑटोमेटिक हो जाता
- 2:01:16है। इतना इंपॉर्टेंट नहीं है। मतलब ठीक है
- 2:01:17कभी आ जाए तो आ जाए। ये अभी ये थोड़ा डीप
- 2:01:19पॉइंट जा रहे हैं कि ओरिजिनल डायरेक्टर तो
- 2:01:20ऑटोमेटिक रीपॉइंट हो जाता है। मानना कि
- 2:01:22ओरिजिनल डायरेक्टर जो था जो इंडिया के
- 2:01:23बाहर गया उसका जैसे ही टेन्योर खत्म हुआ
- 2:01:25वो ऑटोमेटिक रीपॉइंट हो जाएगा। वो
- 2:01:26ऑटोमेटिक रीपॉइंट हो जाएगा। अगर ऐसा कुछ
- 2:01:28है तो वो केस अल्टरनेट डायरेक्टर पे नहीं
- 2:01:30होगा। वो ऑटोमेटिक रीपॉइंट नहीं होगा। साथ
- 2:01:32में जो अल्टरनेट डायरेक्टर होता है वो कोई
- 2:01:34प्रॉक्सी नहीं होता कि जो ओरिजिनल
- 2:01:36डायरेक्टर बोलेगा वही वो काम करे। ऐसा
- 2:01:38नहीं होता कि ओरिजिनल डायरेक्टर बोलेगा
- 2:01:40वही काम उसको अल्टरनेट डायरेक्टर को करने
- 2:01:41पड़ेंगे। ना ऐसा नहीं होता। ओरिजिनल
- 2:01:43डायरेक्टर अलग है। अल्टरनेट डायरेक्टर अलग
- 2:01:46है। माना उसकी जगह पर तुम्हें अपॉइंट करा
- 2:01:48हुआ है। पर अल्टरनेट डायरेक्टर खुद का
- 2:01:50अपना दिमाग चलाएगा। खुद के डिसीजन खुद
- 2:01:52लेगा। ओरिजिनल डायरेक्टर कुछ भी बोले हमको
- 2:01:54फर्क नहीं पड़ता उससे। वो खुद का दिमाग
- 2:01:56लगाएगा। ठीक है ना? और ये सबसे मोस्टेंट
- 2:01:58पॉइंट यहां पे एमसीक्यू में बहुत कंफ्यूज
- 2:02:00करता है कि ऑल्टरनेट डायरेक्टर अपॉइंट कौन
- 2:02:02करेगा? भाई ऑल्टरनेट डायरेक्टर अपॉइंट
- 2:02:03करता है बोर्ड ऑफ डायरेक्टर। अब क्वेश्चन
- 2:02:06बार-बार क्या बोलता है कि लेट्स से मिस्टर
- 2:02:07बी नाम का बंदा था डायरेक्टर। वो इंडिया
- 2:02:09के बाहर गया। वो इंडिया के बाहर गया 3
- 2:02:11महीने तीन महीने से ज्यादा तो मिस्टर बी
- 2:02:13खुद मिस्टर बी खुद मिस्टर ए को अल्टरनेट
- 2:02:17डायरेक्टर अपॉइंट करके चले गया। मिस्टर बी
- 2:02:19खुद मिस्टर ए को अल्टरनेट डायरेक्टर
- 2:02:21अपॉइंट करके चले गया। तो ये अलाउ नहीं है।
- 2:02:24मिस्टर बी मिस्टर ए को अपॉइंट नहीं कर
- 2:02:26सकता। जो बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर है वो अपॉइंट
- 2:02:28कर सकती है। बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर अपॉइंट
- 2:02:30करेगी।
- 2:02:32ठीक है ना?
- 2:02:35चलो सर।
- 2:02:37ये भी हो गया। अब सर नॉमिनी डायरेक्टर
- 2:02:38नॉमिनी डायरेक्टर क्या होता है सर? बहुत
- 2:02:40सिंपल है। नॉमिनी डायरेक्टर्स अगर आर्टिकल
- 2:02:41एसोसिएशन में लिखा है तो आप अपॉइंट कर
- 2:02:42सकते हो। वो डायरेक्टर अपॉइंट कर सकते हो।
- 2:02:43नॉमिनी मतलब क्या हो गया सर? बहुत सिंपल
- 2:02:45है सर। कहीं पे भी है कि अगर अपन ने किसी
- 2:02:46से बैंक से लोन लिया। कभी कबार ऐसा होता
- 2:02:48है कि बैंक से लोन लिया। तो बैंक से अगर
- 2:02:50अपन जब बहुत बहुत बड़ा लोन ले लेते हैं ना
- 2:02:51तो बैंक क्या बोलती है कि भाई तुमको हमने
- 2:02:53बहुत बड़ा लोन दिया है। तो तुम्हारा धंधा
- 2:02:55थोड़ा बहुत अब हम भी संभालेंगे। तुम्हारा
- 2:02:57जो बिज़नेस है ना थोड़ा बहुत बिज़नेस अब हम
- 2:02:58भी संभालेंगे। थोड़ा बहुत धंधा हम भी
- 2:03:00देखेंगे। तो हमारी तरफ से हमारी तरफ से हम
- 2:03:03एक नॉमिनी डायरेक्टर अपॉइंट करेंगे
- 2:03:04तुम्हारी बोर्ड में। हमारी तरफ से हम एक
- 2:03:06नॉमिनी डायरेक्टर अपॉइंट करेंगे तुम्हारी
- 2:03:08बोर्ड में क्योंकि हमने तुमको बहुत बड़ा
- 2:03:09लोन दिया है। अब हमारा बंदा भी तुम्हारा
- 2:03:11डायरेक्टर होगा। उस तरह से कोई भी ऐसा हो
- 2:03:13तो नॉमिनी डायरेक्टर है कि उसको लो कि लॉ
- 2:03:15ने बोला है कोई एग्रीमेंट था कि सामने
- 2:03:17वाले के साथ एग्रीमेंट हुआ कि सामने वाला
- 2:03:19एक डायरेक्टर बनाएगा अपनी कंपनी में।
- 2:03:20सेंट्रल गवर्नमेंट स्टेट गवर्नमेंट ने
- 2:03:22बोला ऐसा कुछ भी है तो बनाना पड़ेगा। तो
- 2:03:23बोर्ड मीटिंग और या फिर आरबीसी दोनों में
- 2:03:25से किसी के भी थ्रू हो सकता है। कौन सा
- 2:03:27लास्ट वाला है कैजुअल वैकेंसी। कैजुअल
- 2:03:29वैकेंसी जैसे अपन ने ऊपर पढ़ा था ना
- 2:03:30इंटरमिनेंट वैकेंसी वुमेन डायरेक्टर चली
- 2:03:32गई या फिर इंडिपेंडेंट डायरेक्टर चले गया
- 2:03:35तो अपन को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर और वुमेन
- 2:03:36डायरेक्टर के केस के अंदर नहीं था कि 3
- 2:03:38मंथ या फिर 3 मंथ या फिर नेक्स्ट बोर्ड
- 2:03:41मीटिंग व्हिच एवर इज़ अर्लियर उसमें आपको
- 2:03:42जॉइ आपको लेना पड़ता है कब-कब इंडिपेंडेंट
- 2:03:45डायरेक्टर और वुमेन डायरेक्टर के केस में
- 2:03:46पर कैजुअल वैकेंसी सेम यहां पे भी ऐसा ही
- 2:03:48कैजुअल वैकेंसी भी वही हो गया कि कभी भी
- 2:03:50कोई डायरेक्टर बीच में छोड़ के चले गया
- 2:03:52डेथ हो गई रिजाइन करके चले गया व्हाटएवर
- 2:03:53कुछ भी हुआ तो उस केस के अंदर उस केस के
- 2:03:57अंदर बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर खुद से बोर्ड ऑफ़
- 2:03:59डायरेक्टर खुद से किसी भी डायरेक्टर को
- 2:04:01टेंपरेरी ला सकते हैं। किसी भी डायरेक्टर
- 2:04:02को टेंपरेरी ला सकते हैं। पर वो टेंपरेरी
- 2:04:05लाएंगे। पर जैसे ही नेक्स्ट एजीएम होगी ना
- 2:04:08जैसे ही नेक्स्ट एजीएम होगी ना नेक्स्ट
- 2:04:10जनरल मीटिंग जो भी होगी उस जनरल मीटिंग
- 2:04:13में शेयर होल्डर का अप्रूवल चाहिए होगा।
- 2:04:15तभी वह कंटिन्यू कर पाएगा। वरना उसको
- 2:04:17निकालना पड़ जाएगा बाद में। वरना उसको बाद
- 2:04:19में निकालना पड़ जाएगा। तो एक बार तो
- 2:04:20बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर ले आएंगे कि यार एक
- 2:04:22बार तो वो बंदा छोड़ के चले गया। डेथ हो
- 2:04:23गई उस डायरेक्टर की। तो एक बार तो बोर्ड
- 2:04:25ऑफ़ डायरेक्टर अर्जेंटली में किसी को ले
- 2:04:26आएंगे। कैजुअल वैकेंसी वाले डायरेक्टर को
- 2:04:28पर जैसे ही नेक्स्ट जनरल मीटिंग होगी
- 2:04:30उसमें शेयर होल्डर का अप्रूवल लेना
- 2:04:31पड़ेगा। शेयरहोल्डर का अप्रूवल लेना पड़े।
- 2:04:34ये रहा
- 2:04:37कहां गया?
- 2:04:40ये देखो नीड सब्सकुएंट अप्रूवल फ्रॉम द
- 2:04:43मेंबर इन द नेक्स्ट जनरल मीटिंग। नेक्स्ट
- 2:04:45जनरल मीटिंग में उसका अप्रूवल लेना
- 2:04:47पड़ेगा। और एक और इंपॉर्टेंट पॉइंट है सर।
- 2:04:50एक तो ये हो गया।
- 2:04:53और उसका टेन्योर क्या होगा सर? सर सीधी
- 2:04:55बात है अगर जनरल मीटिंग में उसको अप्रूव
- 2:04:57कर दिया तो जो बंदा छोड़ के गया था तो
- 2:04:59उसका जो टेन्योर था जो बंदा छोड़ के गया
- 2:05:01था उसका जो टेन्योर था सेम टेन्योर उसका
- 2:05:03भी हो जाएगा कि पिछले वाला लेट्स से 31
- 2:05:05मार्च 2028 तक के लिए था 31 मार्च 2028 तक
- 2:05:08के लिए था तो जो हमने कैजुअल डायरेक्टर
- 2:05:09अपॉइंट करा उसको शेयर ने अगर अप्रूव कर
- 2:05:11दिया तो वो भी 31 मार्च तक रहेगा और सर ये
- 2:05:14वाला जो प्रोविजन लगता है ना कैजुअल
- 2:05:15वैकेंसी का वो केवल उन्हीं डायरेक्टर पे
- 2:05:18लगता है वो केवल उन्हीं डायरेक्टर पे लगता
- 2:05:19है जिन डायरेक्टर को जिन डायरेक्टर को
- 2:05:23शेयरहोल्डर ने अप्रू अपॉइंट करा हुआ
- 2:05:25शेयरहोल्डर ने अपॉइंट करा है सर सर मतलब
- 2:05:26कि लेट्स से मिस्टर ए नाम का बंदा था वो
- 2:05:29डायरेक्टर था जो जनरली डायरेक्टर कौन
- 2:05:30अपॉइंट करता है शेयरहोल्डर ही करता है ना
- 2:05:31जनरल मीटिंग में तो मिस्टर ए नाम का बंदा
- 2:05:33था शेयरहोल्डर शेयर होल्डर ने उसे अपॉइंट
- 2:05:35करा था शेयर होल्डर ने उसे अपॉइंट करा था
- 2:05:37डायरेक्टर था अब वो रिजाइन करके चले गया
- 2:05:39डेथ हो गई व्हाटएवर केस वो रिजाइन कर तो
- 2:05:42यहां पर बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर नए बंदे को ले
- 2:05:44आएगा लेट्स से मिस्टर बी यहां पे किस नए
- 2:05:46बंदे को ले आएगा लेट से मिस्टर बी मिस्टर
- 2:05:49बी को ले आया ठीक है बोर्ड डायरेक्टर यहां
- 2:05:50पे ला सकता है उसको पर लेट्स से मिस्टर बी
- 2:05:52ने भी रिजाइन कर दिया मिस्टर B ने भी
- 2:05:55रिजाइन कर दिया। तो क्या बोर्ड ऑफ
- 2:05:57डायरेक्टर वापस से ले आएगा? क्या इसको
- 2:05:59कैजुअल वैकेंसी मान के? बोर्ड ऑफ
- 2:06:00डायरेक्टर वापस से ले आएगा क्या? नहीं।
- 2:06:03यहां पर नहीं ला पाएगा। क्यों नहीं ला
- 2:06:05पाएगा? क्योंकि मैंने वही बोला कि जो
- 2:06:07डायरेक्टर शेयरहोल्डर ने अपॉइंट करा होता
- 2:06:08है केवल उसी के बिहाफ पे मतलब केवल उसी
- 2:06:11डायरेक्टर के लिए बोर्ड ऑफ डायरेक्टर
- 2:06:13कैजुअल वैकेंसी फिल कर सकते हैं। तो ये
- 2:06:15डायरेक्टर तो शेयरहोल्डर ने अपॉइंट करा।
- 2:06:16इसलिए बोर्ड ऑफ डायरेक्टर ने फिल कर दिया।
- 2:06:18पर ये जो मिस्टर बी है ये जो मिस्टर बी है
- 2:06:21मिस्टर बी को तो अपॉइंट ही बोर्ड ऑफ
- 2:06:23डायरेक्टर ने करा है। मिस्टर बी को तो
- 2:06:25अपॉइंट ही बोर्ड ऑफ डायरेक्टर ने करा है।
- 2:06:27तो जब बोर्ड ऑफ डायरेक्टर ने अपॉइंट करा
- 2:06:29है तो अगर ये छोड़ के चले गया ये छोड़ के
- 2:06:31चले गया तो यहां पर बोर्ड ऑफ डायरेक्टर
- 2:06:33वापस से कैजुअल वैकेंसी फिल नहीं कर सकता।
- 2:06:35अब वापस से शेयरहोल्डर को ही करना पड़ेगा।
- 2:06:38एमसीक्यू पॉइंट।
- 2:06:42ठीक है सर। तो ये हो गए सर अपने चार तरह
- 2:06:44के डिफरेंट टाइप ऑफ डायरेक्टर। एडिशनल
- 2:06:46डायरेक्टर, अल्ट्रा डायरेक्टर, नॉमिनी
- 2:06:47डायरेक्टर, कैजुअल वैकेंसी डायरेक्टर। सर
- 2:06:49सबके अंदर ध्यान रखना सबके अंदर बोर्ड
- 2:06:51मीटिंग या फिर आरबीसी किसी के भी अंदर आप
- 2:06:53अपॉइंट कर सकते हो डायरेक्टर को। पर यहां
- 2:06:55पर जो कैजुअल वैकेंसी है वो केवल बोर्ड
- 2:06:57मीटिंग में जाएगी। आरबीसी रिज़ोल्यूशन बाय
- 2:06:58सर्कुलेशन से नहीं जाएगी। ठीक है सर। और
- 2:07:02एडिशनल डायरेक्टर के लिए एओ अप्रूवल लगती
- 2:07:03है। नॉमिनी डायरेक्टर के लिए भी एओए
- 2:07:05अप्रूवल लगती है। पर अल्टरनेट डायरेक्टर
- 2:07:07है उसके अंदर एओए या फिर ओ ओआर कुछ भी लग
- 2:07:09सकता है। एडिशनल डायरेक्टर कब तक रहेगा?
- 2:07:10जब तक नेक्स्ट एजीएम की ड्यू डेट ना आ
- 2:07:13जाए। या फिर या तो ड्यू डेट या तो ड्यू
- 2:07:15डेट तक आपने एजीएम कर दी या फिर एक्चुअल
- 2:07:16एजीएम कर दी व्हिच एवर इज़ अर्लियर व्हिच
- 2:07:18एवर इज़ अर्लियर जब तक रहेगा। कौन सा
- 2:07:19डायरेक्टर एडिशनल डायरेक्टर में अपॉइंट
- 2:07:20नहीं कर सकते? आप कौन सा डायरेक्टर एडिशनल
- 2:07:22डायरेक्टर में अपॉइंट नहीं करोगे?
- 2:07:27जो डायरेक्टर जो डायरेक्टर ऑलरेडी अपन ने
- 2:07:29जनरल मीटिंग में प्रपोज करा था अपॉइंट
- 2:07:31करने के लिए पर फेल हो गए। अपन अपॉइंट
- 2:07:32नहीं कर पाए। अपन फेल हो गए। अपॉइंट नहीं
- 2:07:34कर पाए। उसको नहीं कर सकते। ठीक है ना? और
- 2:07:37और और और और और और और और और और और और यह
- 2:07:41हो गया तो अल्टरनेट डायरेक्टर कब तक ऑफिस
- 2:07:42होल्ड करता है? अल्टरनेट डायरेक्टर 3
- 2:07:43महीने से बाहर अगर चले गया कोई बंदा तो
- 2:07:45अल्टरनेट डायरेक्टर बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर
- 2:07:46अपॉइंट करेगा। वो कब तक ऑफिस होल्ड करेगा
- 2:07:47जो ओरिजिनल डायरेक्टर का टेन्योर था या
- 2:07:49फिर 3 मंथ या फिर या फिर जब तक वो इंडिया
- 2:07:51ना जाए या फिर जब तक वो इंडिया ना आ जाए।
- 2:07:53बात खत्म मेन इसके यही पॉइंट है।
- 2:07:59ये देखो एडिशनल डायरेक्टर था वो ऑफिस कब
- 2:08:01तक ले सकता है? जब तक नेक्स्ट एजीएम
- 2:08:02कंडक्ट हो जानी चाहिए थी। अब नेक्स्ट
- 2:08:04एजीएम की ड्यू डेट आ गई। फिर भी वो एडजन
- 2:08:06होती जा रही है, एडजन होती जा रही है। तो
- 2:08:07एडिशनल डायरेक्टर को ऑफिस खाली करना
- 2:08:09पड़ेगा। ठीक है? एजीएम के अंदर एडिशनल
- 2:08:11डायरेक्टर आप अपॉइंट नहीं कर सकते। मतलब
- 2:08:12एनुअल जनरल मीटिंग में मेंबर अपॉइंट नहीं
- 2:08:14कर सकते। वो केवल बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर ही
- 2:08:16अपॉइंट कर पाएंगे। और जब एओए उसको परमिट
- 2:08:18कर रहा है। एओएस को परमिट कर रहा है।
- 2:08:21बोर्ड ऑफ़ डायरेक्ट ये वही क्वेश्चन है कि
- 2:08:23बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर ने एक डायरेक्टर को
- 2:08:24अपॉइंट करा था। उसकी डेथ हो गई। वापस से
- 2:08:27कैजुअल वैकेंसी आ गई। तो क्या बोर्ड ऑफ
- 2:08:28डायरेक्टर वापस से अपॉइंट कर सकते हैं?
- 2:08:30नहीं। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर वापस से अपॉइंट
- 2:08:31नहीं कर सकते हैं।
- 2:08:35इन्होंने कैजुअल वैकेंसी फिल करी और
- 2:08:37कैजुअल वैकेंसी जैसे कैजुअल वैकेंसी फिल
- 2:08:38करी और उसके अंदर बोला कि हम 3 साल के लिए
- 2:08:40इसको अपॉइंट कर रहे हैं। इस डायरेक्टर को
- 2:08:423 साल के लिए अपॉइंट कर रहे हैं। यहां पे
- 2:08:43कैजुअल वैकेंसी होगी। इसको हम 3 साल के
- 2:08:45लिए अपॉइंट कर रहे हैं। नहीं भाई गलत है।
- 2:08:47तुम कभी भी ऐसा नहीं बोल सकते। हम इसको 3
- 2:08:48साल के लिए अपॉइंट कर रहे हैं। 2 साल के
- 2:08:49लिए 1 साल के लिए। जब तक जो डायरेक्टर
- 2:08:52वेकेट करके गया मतलब जो डायरेक्टर चले गया
- 2:08:54था उसका जो टेन्योर था वही टेन्योर के लिए
- 2:08:56आप उसको अपॉइंट कर सकते हो। चाहे वो एक
- 2:08:58साल हो, 2 साल, 3 साल हो, 5 साल हो कुछ
- 2:08:59भी। ठीक है ना? वही
- 2:09:06और वही है कि एडिशनल डायरेक्टर अपॉइंट
- 2:09:07करने के लिए आपको एक्सप्लसिटली एओए परमिट
- 2:09:09करना चाहिए।
- 2:09:12अल्टरनेट डायरेक्टरशिप मैंने बोला था कि
- 2:09:13आप मैक्सिमम एक बंदे की ही होल्ड कर सकते
- 2:09:15हो अल्टरनेट डायरेक्टरशिप।
- 2:09:18डन सर। ये भी अपना हो गया। अभी कुछ
- 2:09:20छोटे-छोटे सेक्शन है। इसके बाद दो बड़े
- 2:09:22सेक्शन बचेंगे। एक तो डिसक्वालीिफिकेशन
- 2:09:23वाला है और एक जो मैंने उनको रोटेशन वाला
- 2:09:25छोटा रखा है। यह दो ही बड़े सेक्शन है।
- 2:09:27बाकी अब कुछ सब छोटा-छोटा है। दो बड़े
- 2:09:29सेक्शन है बस अपने पास।
- 2:09:33चलो सर
- 2:09:40सर सेक्शन 162 क्या बोलता है? सेक्शन 162
- 2:09:43बोलता है कि आपको एक डायरेक्टर अगर आपको
- 2:09:45कोई भी डायरेक्टर अपॉइंट करना है तो हर
- 2:09:47डायरेक्टर अपॉइंट करने के लिए आपको एक
- 2:09:48रिज़ोल्यूशन पास करना पड़ेगा। हर एक
- 2:09:50डायरेक्टर अपॉइंट करने के लिए एक
- 2:09:50रिज़ोल्यूशन पास करना पड़ेगा। हर एक
- 2:09:52डायरेक्टर अपॉइंट करने के लिए एक
- 2:09:52रिजल्यूशन पास करना पड़ेगा। मतलब आपको ए
- 2:09:55बी सी तीन डायरेक्टर अपॉइंट करने हैं।
- 2:09:57मतलब आपको ए बी सी तीन डायरेक्टर अपॉइंट
- 2:09:59करने हैं।
- 2:10:05ठीक है? तो हां सॉरी कहां पे था मैं?
- 2:10:08मैंने पॉज करा था वीडियो। हां। अब मान लो
- 2:10:10कि अपन को A, B, C तीन डायरेक्टर अपॉइंट
- 2:10:11करने हैं। तो तीनों डायरेक्टर के लिए
- 2:10:13एक-एक सेपरेट रेज़ोल्यूशन आपको अलग-अलग पास
- 2:10:15करना पड़ेगा। ऐसा नहीं कि तुमने एक ही
- 2:10:17रेज़ोल्यूशन सबके लिए पास कर दिया। वो नहीं
- 2:10:18चलेगा। इसको अपॉइंट करने के लिए एक
- 2:10:20रेज़ोल्यूशन, इसको अपॉइंट करने के लिए एक
- 2:10:21रेज़ोल्यूशन, इसको अपॉइंट करने के लिए एक
- 2:10:22रेज़ोल्यूशन। मतलब तीन रेज़ोल्यूशन आपको
- 2:10:24उनको अलग-अलग पास करने पड़ेंगे। ठीक है ना
- 2:10:27सर? तो सिंपल सा बात है सर। वन रेोल्यूशन
- 2:10:29वन डायरेक्टर वन एक रेोल्यूशन आपको पास
- 2:10:31करना पड़ेगा एक डायरेक्टर के लिए सबके लिए
- 2:10:32अनलेस एवरीवन एग्रीज़ अनलेस एवरीवन एग्रीज़
- 2:10:35कि अगर आपको अगर आपको ए बी सी तीनों को एक
- 2:10:38साथ अपॉइंट करना है तो उसके लिए सबसे पहले
- 2:10:40आपको एक यूनेनिमस रेज़ोल्यूशन पास करना
- 2:10:43पड़ेगा। अगर आप चाहते हो कि नहीं हम एक ही
- 2:10:44रेज़ोल्यूशन से सबको पास कर दें। तो ये जो
- 2:10:46आप करना चाह रहे हो ना इसके लिए सबसे पहले
- 2:10:48आप एक यूननिस रेोल्यूशन आपको पास करना
- 2:10:51पड़ेगा। यूननिमस रेोल्यूशन मतलब कि कोई भी
- 2:10:53सारे के सारे बंदे फेवर के अंदर हो। सारे
- 2:10:56के सारे बंदे जो प्रेजेंट है उस वक्त उस
- 2:10:57मीटिंग में प्रेजेंट है। जो भी बंदे उस
- 2:10:59मीटिंग में प्रेजेंट है वो सारे इसके फेवर
- 2:11:02में हो। वो सारे इसके फेवर में हो कि कोई
- 2:11:04भी एक सिंगल वोट भी एक सिंगल वोट भी
- 2:11:07अगेंस्ट में नहीं होना चाहिए। अगेंस्ट में
- 2:11:10नहीं होना चाहिए। के मतलब अगर सारे बंदे
- 2:11:12एग्री कर जाए कि हां भाई हम तीनों को एक
- 2:11:14ही साथ अपॉइंट करने के लिए एग्री है।
- 2:11:15तीनों को एक ही साथ अपॉइंट करने के लिए
- 2:11:16एग्री है। तो पहले आप यूननिस रेोल्यूशन
- 2:11:18पहले पास कर दो। वो कर दो। तो पहला स्टेप
- 2:11:21आपका यूनेस रेोल्यूशन। फिर सेकंड स्टेप
- 2:11:23आपका जो भी ओआर या एसआर जो भी लग रहा है
- 2:11:25वह आप पास कर दो। तो यह स्टेप आप फॉलो कर
- 2:11:28सकते हो। ठीक है सर।
- 2:11:32तो सर ये वही है कि ए्री डायरेक्टर मस्ट
- 2:11:33बी अपॉइंटंटेड बाय सेपरेट रेोल्यूशन सबका
- 2:11:35होना चाहिए ईच वन इंडिविजुअली। पर
- 2:11:36एक्सेप्शन है कि अगर आपने पहले एक प्रपोजल
- 2:11:38पास कर दिया कि मैं सबको एग्री एग्री कर
- 2:11:40गए सारे के सारे कि आप सबको एक साथ पास कर
- 2:11:43सकते हो तो। ठीक है? मतलब सबको एक साथ
- 2:11:44अपॉइंट कर सकते हो तो। ठीक है? पर हां, एक
- 2:11:47चीज़ ध्यान रखना। पॉइंट टू नॉट मैंने यहां
- 2:11:48पे डाल दिया है कि ये वाला किसके लिए
- 2:11:50एप्लीकेबल है? यह वाला एप्लीकेबल है। ओनली
- 2:11:52वो डायरेक्टर जो जनरल मीटिंग में अपॉइंटेड
- 2:11:54है। ओनली वो डायरेक्टर जो जनरल मीटिंग में
- 2:11:57अपॉइंटेड है कि मतलब एक एक डायरेक्टर
- 2:12:00अपॉइंट करने के लिए एक रेज़ोल्यूशन लगेगा।
- 2:12:02ये केवल जो जनरल मीटिंग में अपॉइंट करने
- 2:12:04हैं उन्हीं डायरेक्टर के लिए जो अपन ने
- 2:12:05अभी ऊपर पढ़े थे ना 161 में अल्टरनेट
- 2:12:07एडिशनल डायरेक्टर वो ग्राफ वो तो बोर्ड ऑफ़
- 2:12:09डायरेक्टर अपॉइंट करते हैं। मतलब उस पे ये
- 2:12:11एप्लीकेबल नहीं होता। आप चाहो आप चाहो तो
- 2:12:14एक रेज़ोल्यूशन से दो अल्टरनेट डायरेक्टर
- 2:12:16अपॉइंट कर सकते हो। एक रेज़ोल्यूशन से दो
- 2:12:18एडिशनल डायरेक्टर अपॉइंट कर सकते हो। तो
- 2:12:20बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर पे वो चल जाएगा। पर यह
- 2:12:22बोलता है लॉ। लॉ तो ऐसा ही बोलता है। पर
- 2:12:25आईसीआई कभी कबार कंट्राडिक्ट कर जाता है।
- 2:12:27आईसीआई कभी बोल देता है कि नहीं नहीं हम
- 2:12:28तो इसको भी नहीं करने देंगे। तो आईसीआई
- 2:12:30पागल है। अब इसका मैं कुछ नहीं कह सकता और
- 2:12:31क्या करना है। ठीक है? इसका मैं कुछ नहीं
- 2:12:33कह सकता। हां लॉ यही बोलता है कि केवल
- 2:12:34जनरल मीटिंग वाले पे ही ये लगता है
- 2:12:36प्रोफेसर।
- 2:12:39ये मैं बिल्कुल नहीं पढाऊंगा। तुमको
- 2:12:40प्रपोर्शन रिप्रेजेंटेशन क्या होता है?
- 2:12:41मैं छोटा सा कट मारा। इसको भूल जाओ। बस
- 2:12:43अभी कुछ नहीं समझाऊंगा मैं इसके अंदर।
- 2:12:44ध्यान दिमाग में लगाना ही मत। भाई इतना
- 2:12:46देख लो कि आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन है ना वो
- 2:12:48चाहे तो बोल सकता है कि एटलीस्ट 2 थर्ड ऑफ़
- 2:12:50टोटल नंबर ऑफ़ डायरेक्टर। बस इतना देख लो
- 2:12:52कि फिगर याद रख लो कि कभी गलती से
- 2:12:54एमसीक्यू आ जाए तो फिगर आ जाए कि एटलीस्ट
- 2:12:562/3 ऑफ़ टोटल नंबर ऑफ़ डायरेक्टर कि जो टोटल
- 2:12:58नंबर ऑफ़ डायरेक्टर है उसके एटलीस्ट 2/3
- 2:13:00डायरेक्टर उसके एटलीस्ट
- 2:13:032/3 डायरेक्टर उसके एटलीस्ट 2 थर्ड
- 2:13:05डायरेक्टर प्रपोशननेट रिप्रेजेंटेशन से
- 2:13:08अपॉइंट होने चाहिए। प्रोपोर्शन
- 2:13:09रिप्रेजेंटेशन से अप्रूव अपॉइंट होने
- 2:13:11चाहिए। और वो प्रोपोर्शननेट रिप्रेजेंटेशन
- 2:13:13हर 3 साल में एक बार होगा। हर 3 साल में
- 2:13:16एक बार होगा। बस बात खत्म। इससे ज्यादा
- 2:13:17कुछ याद नहीं करना। ये जो न्यूमेरिकल
- 2:13:19लिमिट और फिगर है ना इस पे ज्यादा ध्यान
- 2:13:20देना। आई से इधर से एमसीक्यू बहुत पूछता
- 2:13:22है। न्यूमेरिकल लिमिट फिगर्स इन सब से
- 2:13:24ज्यादा पूछता है। ठीक है? सिर्फ
- 2:13:26डिसक्वालीफिकेशन कि कोई भी डायरेक्टर
- 2:13:28डिसक्वालीफाई होगा। डायरेक्टर
- 2:13:29डिसक्वालीफाई होगा। स्टार मार्क कर लो
- 2:13:31इसको भी। थोड़ा बड़ा है, एक ये बड़ा है,
- 2:13:33एक ये वाला है और फिर एक उसके बाद एक ही
- 2:13:35बड़ा है। वो जो मैंने तुमको अभी छुड़ा रखा
- 2:13:36है वो वाला। बस ये दो ही बचे हुए हैं
- 2:13:38बड़े-बड़े।
- 2:13:41164 बोलता है डिसक्वालीफिकेशन कि
- 2:13:43डायरेक्टर डिसक्वालीफाई होगा। डायरेक्टर
- 2:13:45अब डायरेक्टर नहीं रह पाएगा कंपनी के
- 2:13:46अंदर। कब? डायरेक्टर जब पागल हो गया उसका
- 2:13:49दिवालिया निकल गया। पागल हो गया उसका
- 2:13:51दिवालिया निकल गया। पागल हो गया उसका
- 2:13:52दिवालिया निकल गया। मतलब वो अनसाउंड माइंड
- 2:13:54पागल हो गया। दिवालिया निकल गया मतलब
- 2:13:56इनसॉल्वेंट। इनसॉल्वेंट अब वो इनसॉल्वेंट
- 2:13:58हो गया। तो वो डायरेक्टर नहीं बन सकता। तो
- 2:14:00या तो वो अनसाउंड माइंड हो गया जो किसी
- 2:14:01कंपटेंट कोर्ट ने मतलब किसी कोर्ट ने बोल
- 2:14:03दिया कि ये बंदा अनसाउंड माइंड है। पागल
- 2:14:05है या फिर उसका दिवालिया निकल गया।
- 2:14:07इनसॉल्वेंट है तो वो डायरेक्टर नहीं बन
- 2:14:09सकता। पागल हो गया दिवालिया निकल गया। या
- 2:14:11फिर इनसॉल्वेंसी की उसकी कोई एडजुडिकेशन
- 2:14:13अभी पेंडिंग चल रही है। उसने एप्लीकेशन दी
- 2:14:15है इनसॉल्वेंसी की वो अभी पेंडिंग चल रही
- 2:14:17है। ठीक है? वो पेंडिंग चल रही है। तो भी
- 2:14:19वो नहीं बन सकता डायरेक्टर तो वो पागल हो
- 2:14:20गया, दिवाली निकल गया। पागल हो गया,
- 2:14:21दिवाली निकल गया। पागल हो गया, दिवाली
- 2:14:23निकल गया। पागल हो गया, दिवाली निकल गया।
- 2:14:24तो वो डिसक्वालीफाइड डायरेक्टर नहीं बन
- 2:14:26सकता। डायरेक्टर नहीं बन सकता। पागल हो
- 2:14:27गया या फिर दिवाली निकल गया। या फिर उसको
- 2:14:31जेल में गया। वो उसको कन्विक्ट करा। उसको
- 2:14:33जेल में डाला। उसको कन्विक्ट करा और उसको
- 2:14:34इंप्रज़ करा। जेल में डाला। कितने टाइम के
- 2:14:36लिए उसको जेल में डाला? उसको अगर 6 महीने
- 2:14:39से ज्यादा के लिए 6 महीने या फिर 6 महीने
- 2:14:41से ज्यादा के लिए आपने उसको जेल में डाला
- 2:14:43तो 5 साल के लिए वह डिसक्वालीफाई है। छ
- 2:14:46येेंट पॉइंट है ध्यान रखना डी वाला। डी
- 2:14:48वालाेंट पॉइंट है और एमसीक्यू में आ जाता
- 2:14:49है कि उसको 6 महीने या 6 महीने से ज्यादा
- 2:14:51के लिए जेल पे डाला। 6 महीने या छ महीने
- 2:14:53से ज्यादा के लिए अगर आपने उसको जेल में
- 2:14:55डाला तो वो 5 साल के लिए डिसक्वालीफाई है।
- 2:14:57मतलब 5 साल बाद वापस से डायरेक्टर बन सकता
- 2:14:59है। पर 5 साल के लिए डिसक्वालीफाई है। और
- 2:15:01अगर आपने उसको 7 साल या 7 साल से ज्यादा
- 2:15:04के लिए जेल में डाल दिया। आपने अगर उसको 7
- 2:15:05साल या 7 साल से ज़्यादा के लिए जेल में
- 2:15:07डाल दिया तो तो वह लाइफ़ टाइम डिसक्वालीफ़ाई
- 2:15:09है। तो वह लाइफ़ फ़ॉर एवर डिसक्वालीफ़ाई है।
- 2:15:12कभी भी वह फिर डायरेक्टर नहीं बन सकता है।
- 2:15:157 साल या सात साल से ज्यादा कि मतलब उसने
- 2:15:16कोई बहुत बड़ा क्राइम करा होगा ना 7 साल के
- 2:15:18लिए तभी तो उसको जेल में डाला। कुछ तो
- 2:15:20उसने खून खराबा करा होगा। कुछ गंदे काम
- 2:15:21करे होंगे। तो इसलिए उसको भाई तू जिंदगी
- 2:15:23भर के लिए डिसक्वालीफाई। तो 6 महीने या 6
- 2:15:25महीने से ज्यादा के लिए अगर उसको करा है
- 2:15:26तो वो 5 साल के लिए डिसक्वालीफाई है। 7
- 2:15:28साल 7 साल से ज्यादा के लिए जेल में डाला
- 2:15:30है तो वो लाइफ टाइम के लिए डिसक्वालीफाई
- 2:15:32है। या फिर कोर्ट ने उसको कोई ऑर्डर पास
- 2:15:34कर दिया कि यह बंदा डिसक्वालीफाई है। तो
- 2:15:36जितने भी टाइम के लिए बोला कोर्ट ने बोला
- 2:15:37कि 2 साल के लिए डिसक्वालीफाई तीन साल के
- 2:15:39लिए डिसक्वालीफाई तब तक वो डिसक्वालीफाई।
- 2:15:40सिंपल सी बात है। वो तो ठीक है नॉर्मल।
- 2:15:42आपने कभी उससे कॉल्स के रुपए मांगे कि कोई
- 2:15:45शेयर नहीं होता। शेयर के लिए कुछ पैसे
- 2:15:46पेंडिंग होते हैं कि लेट्स से ₹10 पे करने
- 2:15:48थे। उसने अभी तक ₹4 पे करे हैं। अब ₹6 और
- 2:15:51पेंडिंग है। ₹6 और पेंडिंग है। तो मतलब जो
- 2:15:54डायरेक्टर के पास कोई शेयर्स है।
- 2:15:55डायरेक्टर के पास कोई शेयर्स हैं। ठीक है?
- 2:15:57सिंपल सी बात है।
- 2:16:01डायरेक्टर के पास कोई शेयर्स हैं। सिंपल
- 2:16:03सी बात है। तो डायरेक्टर के पास कोई शेयर
- 2:16:05है जो मतलब अब उसके पास उसने कोई पैसा
- 2:16:07नहीं दिया। उसने कोई पैसा नहीं दिया। अब
- 2:16:09भाई सामने वाली कंपनी पैसे मांग रही है।
- 2:16:11सामने वाली कंपनी पैसे मांग रही है। उसने
- 2:16:13बोल दिया कि इस डेट तक इस डेट तक तो आप
- 2:16:16पैसे दे ही देना। इस डेट तक तो आप पैसे दे
- 2:16:18ही देना। सामने वाली कंपनी ने बोला फिर भी
- 2:16:19यह डेट पार हो गई और 6 महीने से ज्यादा हो
- 2:16:22गए। जो लास्ट डेट फिक्स करी थी ना कि इस
- 2:16:24डेट तक पैसे दे देना उससे भी 6 महीने
- 2:16:26ज्यादा हो गए। उससे भी 6 महीने ज्यादा हो
- 2:16:28गए और आपने पैसा नहीं भरा। आपने पैसा नहीं
- 2:16:31भरा। उस केस के अंदर आप डिसक्वालीफाई हो
- 2:16:34जाओगे। उस केस में आप डिसक्वालीफाई हो
- 2:16:36जाओगे।
- 2:16:39ठीक है? या फिर कभी भी आपने कोई रिलेटेड
- 2:16:41पार्टी ट्रांजैक्शन होते हैं। सेक्शन 188
- 2:16:42कंप्लाई करना पड़ता है। बाद में पढ़ेंगे
- 2:16:44अपन। बाद में दो तीन क्लास के बाद लेंगे
- 2:16:46वो थर्ड चैप्टर में या सेकंड चैप्टर में
- 2:16:47वो तो रिलेटेड बाय ट्रांजैक्शन होता है उस
- 2:16:49केस के अंदर आपने कोई जोल झपाटा कर दिया
- 2:16:50कोई फ्रॉड वगैरह कर दिया कुछ इस केस के
- 2:16:52अंदर तो 5 साल के लिए वही डिसक्वालीफाई
- 2:16:53बोला है लास्ट पांच सालों में आपने कभी
- 2:16:54कोई रिलेटेड पार्टी का जोल झपाटा करा है
- 2:16:56तो आप डिसक्वालीफाई हो या फिर आपके पास
- 2:16:58डिन नहीं है डिन का कोई प्रोविज़न आपने
- 2:16:59कंप्लाई नहीं करा या फिर एक मैक्सिमम नंबर
- 2:17:01ऑफ डायरेक्टरशिप वाला भी प्रोविजन है जो
- 2:17:03अपन बाद में पढ़ेंगे कि मतलब सिंपल सी बात
- 2:17:04है कि एक बंदा मैक्सिमम 20 कंपनी में
- 2:17:06डायरेक्टर बन सकता है। एक बंदा मैक्सिमम
- 2:17:0820 कंपनी में डायरेक्टर बन सकता है। उसके
- 2:17:10बाद 21वीं कंपनी के लिए 21 कंपनी के लिए
- 2:17:13वो डिसक्वालीफाई है वो नहीं बन पाएगा 21
- 2:17:15कंपनी का डायरेक्टर सिंपल सी बात है
- 2:17:20ठीक है सर तो सिंपल ही था ये थोड़ा सा
- 2:17:22हल्का सा बड़ा है अभी एक एक चीज और पढ़ानी
- 2:17:23नहीं है पर मतलब एस सिंपल है इसमें कुछ है
- 2:17:25नहीं सच तो बेसिक चीज तो सर या तो वो पागल
- 2:17:28हो गया दीवार निकल के अनसाउंड माइंड हो
- 2:17:29गया इनसॉल्वेंट हो गया ऐसा कुछ हो गया फिर
- 2:17:30उसको जेल में डाल दिया 6 महीने तक के लिए
- 2:17:32जेल में डाला है 6 महीने या 6 महीने से
- 2:17:33ज्यादा के लिए जेल में डाला है तो 5 साल
- 2:17:34के लिए डिसक्वालीफाई है 7 साल या सात साल
- 2:17:36से ज्यादा के लिए डाला है तो लाइफ टाइम
- 2:17:37डिसक्वालीफाई है ठीक है ना अब या फिर डि
- 2:17:39या फिर उसने उसने कॉल्स मांगी कि कॉल
- 2:17:41मांगी थी 6 महीने तक आपने जो लास्ट डेट थी
- 2:17:43उसके बाद भी आपने कॉल शेयर की कॉल नहीं
- 2:17:45भरी और उसके बाद सेक्शन 188 के अंदर आपने
- 2:17:485 साल के लिए आप डिसक्वालीफाई हो गए
- 2:17:49सेक्शन 188 के अंदर आपने कोई भी फ्रॉड
- 2:17:51वगैरह करा रिलेटेड बाय ट्रांजैक्शन तो या
- 2:17:53फिर डिन वगैरह आपने कंप्लाई नहीं करा
- 2:17:54मैक्सिमम डायरेक्टरशिप आ गई तो उसके पर एक
- 2:17:56चीज़ ध्यान रखना डीईजी वाले पॉइंट है मतलब
- 2:17:58जहां-जहां पर भी आपको जेल में डालने वाली
- 2:17:59बात हो रही है इंप्रज़नमेंट की बात हो रही
- 2:18:01है डीईजी जहां-जहां आपको जेल में डालने की
- 2:18:03बात हो रही है कि सेक्शन 188 में आपको जेल
- 2:18:05में डाला जा रहा था रिलेटेड पार्टी
- 2:18:06ट्रांजैक्शन में कोई फ्रॉड करा कन्विक्ट
- 2:18:08कर रहे थे आपको इंप्रज़ कर रहे थे या कोर्ट
- 2:18:10ने आप पे कोई डिसक्वालीिफिकेशन का ऑर्डर
- 2:18:11पास करा तो ऐसा कोई भी ऑर्डर पास करा तो
- 2:18:13उस केस के अंदर जब तक अपील पेंडिंग है तब
- 2:18:17तक भी हम आपको डिसक्वालीफाई मानेंगे कि
- 2:18:19मतलब लेट्स से किसी की अपील उसने अपील कर
- 2:18:20दी उस ऑर्डर के अगेंस्ट कि उसको जेल में
- 2:18:22डाल रहे हैं उसने अपील कर दी उस बंदे को
- 2:18:24क्या कर रहे उस बंदे को जेल में डाल रहे
- 2:18:25हैं कि हम तेरे को जेल में डाल रहे हैं तो
- 2:18:27उसने अपील कर दी कि मेरे को जेल में मत
- 2:18:29डालो मैं तो सब सही हूं मैं तो सब सही
- 2:18:30उसने अपील कर दी कहीं पे तो अभी तक तो
- 2:18:32अपना डायरेक्टर वो बना नहीं है। अभी तक तो
- 2:18:34अपना डायरेक्टर बना नहीं है। तो, जब तक
- 2:18:35अपील डिस्पोज़ ऑफ़ ना हो जाए, जब तक अपील
- 2:18:38डिस्पोज़ ऑफ नहीं हो जाए कि अपील का फाइनल
- 2:18:40डिसीज़न ना आ जाए, तब तक उसे डायरेक्टर
- 2:18:42नहीं बनाएंगे। मतलब फाइनल डिसीजन में अगर
- 2:18:44आ गया कि नहीं सब कुछ अच्छा इंसान है। सब
- 2:18:45कुछ अच्छा इंसान है। तो तो उसे डायरेक्टर
- 2:18:47बना लेंगे। पर फाइनल डिसीजन में अगर ऐसा आ
- 2:18:49गया कि नहीं नहीं ये तो खराब इंसान है। तो
- 2:18:51ऑफ़ कोर्स नहीं बनाएंगे। उसको डायरेक्टर
- 2:18:52नहीं बनाएंगे। तो जब तक अपील पेंडिंग है
- 2:18:54ना तब तक भी हम उसे डायरेक्टर नहीं
- 2:18:55बनाएंगे। जब तक अपील पेंडिंग है उसने कहीं
- 2:18:57पे अपील करी हुई है तो भी हम उसे
- 2:18:59डायरेक्टर नहीं बनाएंगे। जब तक उसका फाइनल
- 2:19:00डिसीजन अच्छे वाले फेवर में ना आ जाए।
- 2:19:02सीधी बात है सर। यह तो था 164 सब सेक्शन
- 2:19:06वन वाला। यह तो क्या 164 सब सेक्शन वन
- 2:19:08वाला। अब सेम पढ़ते हैं अपन 164 सब सेक्शन
- 2:19:10टू। 164 सब सेक्शन टू सर 16 सब सेक्शन टू
- 2:19:14क्या होता है? यहां पर था कि कंपनी ने
- 2:19:16क्या डायरेक्टर ने कोई जो झपाटा कर दिया।
- 2:19:18डायरेक्टर ने कोई जो झपाटा डायरेक्टर खराब
- 2:19:20निकला। यहां पे एक कंपनी खराब निकली। यहां
- 2:19:22पर क्या है कि कंपनी खराब निकली। कंपनी की
- 2:19:24गलती। 164 सब सेक्शन टू क्या है? कंपनी की
- 2:19:26गलती। कंपनी की गलती हो गई। कंपनी की क्या
- 2:19:29गलती हो गई? कि उसने मतलब अगर ये वाली
- 2:19:32गलतियां हो गई कंपनी की ये दो गलती हो गई
- 2:19:34तो डायरेक्टर 5 साल के लिए 5 साल के लिए
- 2:19:37डिसक्वालीफाई होगा वो किसी भी कंपनी में 5
- 2:19:40साल के लिए डिसक्वालीफाई होगा वो किसी भी
- 2:19:42कंपनी में किसी भी कंपनी में वो डायरेक्टर
- 2:19:44नहीं बन सकता 5 साल के लिए क्या-क्या उसने
- 2:19:47गलती कर दी उसने गलती कर दी सर कंपनी ने
- 2:19:50गलती कर दी कि उसने तीन कंटीन्यूअस
- 2:19:53फाइनेंसियल ईयर तक तीन कंटीन्यूअस
- 2:19:55फाइनेंसियल ईयर तक फाइनेंसियल स्टेटमेंट
- 2:19:58या फिर एनुअल रिटर्न फाइल नहीं करा फाइन
- 2:19:59फाइनेंसियल स्टेटमेंट या फिर एनुअल रिटर्न
- 2:20:01फाइलिंग करनी होती थी आरओसी को। तो उसने
- 2:20:03तीन कंटीन्यूअस साल तक फाइनेंसियल
- 2:20:04स्टेटमेंट या फिर एनुअल रिटर्न फाइल नहीं
- 2:20:06करा। उसने तीन कंटीन्यूअस ईयर तक तीन
- 2:20:08कंटीन्यूअस ईयर तक फाइनेंसियल स्टेटमेंट
- 2:20:09या फिर एनुअल रिटर्न फाइल नहीं करा। तीन
- 2:20:11कंटीन्यूअस ईयर तक फाइनेंसियल स्टेटमेंट
- 2:20:12या फिर एनुअल रिटर्न फाइल नहीं करा। या
- 2:20:14फिर और उसने डी डी डी डीडी के अंदर
- 2:20:18डिफ़ॉल्ट कर दिया। डी डीडी तीन बार डी डी
- 2:20:21डी डी डिपॉजिट डिबेंचर डिविडेंड। डिपॉजिट
- 2:20:24डिविडेंड डिपॉजिट डिबेंचर डिविडेंड कि कोई
- 2:20:26भी डिपॉजिट या फिर उसका इंटरेस्ट कोई भी
- 2:20:28डिबेंचर या फिर उसका इंटरेस्ट वो उसको पे
- 2:20:30करना था ड्यू डेट पे उसने पे नहीं करा
- 2:20:32ड्यू डेट पे उसने पे नहीं करा या फिर कोई
- 2:20:34डिक्लेअ कोई डिविडेंड उसने डिक्लेअ कर
- 2:20:36दिया था कोई डिविडेंड उसने डिक्लेअ कर
- 2:20:38दिया था तो भी उसने पे नहीं करा तो जो भी
- 2:20:40इनकी ड्यू डेट आ गई थी ना डिपॉजिट डिबेंचर
- 2:20:43डिविडेंड मतलब इसकी या इसको रिडीमशन की या
- 2:20:45फिर इनके इंटरेस्ट पेमेंट की या फिर इनके
- 2:20:47इंटरेस्ट पेमेंट की डीडी डिपॉजिट डिबेंचर
- 2:20:49डिविडेंड तो उस ड्यू डेट से आपने 1 साल या
- 2:20:52उससे ज्यादा तक पे नहीं करा उस ड्यू डेट
- 2:20:54से लेट्स से यह ड्यू डेट थी। यहां पर ये
- 2:20:56ड्यू डेट थी कि यहां तक डिबेंचर का
- 2:20:58इंटरेस्ट दे देना था। डिबेंचर रिडीम कर
- 2:20:59देना था। व्हाटएवर उसके 1 साल तक तो भी
- 2:21:02आपको टाइम दिया कि चलो ड्यू डेट के बाद भी
- 2:21:04आप एक साल तक आप आपको पे कर दो चलेगा। पर
- 2:21:06उसके 1 साल तक भी जब आपने पे नहीं करा तो
- 2:21:09यहां पर आप डिसक्वालीफाई हो। यहां पर आप
- 2:21:11डिसक्वालीफाई हो। ठीक है? सारी कंपनी के
- 2:21:13लिए डिसक्वालीफाई हो। सारी कंपनी के लिए।
- 2:21:19ठीक है? चलो।
- 2:21:28ठीक है। और
- 2:21:31हां एक और है कि हां भाई कोई भी नया-नया
- 2:21:33डायरेक्टर बना के जैसे लेट्स से कि कोई भी
- 2:21:34कंपनी का फाइनेंसियल स्टेटमेंट डिब्ेंस
- 2:21:36डिपॉज़िट वगैरह में कोई भी करा हुआ है कि
- 2:21:39डीडी ये मतलब या तो ये करा हुआ है कि डीडी
- 2:21:40एक साल तक पे नहीं करा या फिर एनुअल
- 2:21:42रिटर्न फाइनेंसियल स्टेटमेंट तीन साल या
- 2:21:43फिर फाइनेंसियल स्टेटमेंट 3 साल तक फाइल
- 2:21:45नहीं करा। फिर अगर कोई भी नया डायरेक्टर
- 2:21:46अपॉइंट हुआ, कोई भी नया डायरेक्टर अपॉइंट
- 2:21:48हुआ ऐसी कोई कंपनी में जहां पे पहले से
- 2:21:49डिफॉल्ट चल रहा है, जहां पे पहले से वो
- 2:21:51डिफॉल्ट चल रहा है। तो भाई कोई भी नया
- 2:21:52डायरेक्टर अपॉइंट होगा तो वो थोड़ा सा
- 2:21:54डिसक्वालीफाई हो जाएगा कि वो अभी तो आया
- 2:21:55और अभी तुमने डिसक्वालीफाई कर दिया। तो
- 2:21:57नहीं उसको 6 महीने का मौका दिया जाएगा।
- 2:21:59जैसे ही कोई डायरेक्टर अपॉइंट हुआ ऐसी
- 2:22:00गंदी कंपनी में कि लेट्स से कि फाइनेंसियल
- 2:22:02स्टेटमेंट फाइल नहीं है उसके। तो उसको 6
- 2:22:03महीने का मौका दिया जाएगा कि तू जैसे ही
- 2:22:05अपॉइंट हुआ उसके 6 महीने के अंदर तू कोशिश
- 2:22:07कर कि तू सारे के सारे जो भी तामझाम हुए
- 2:22:09हुए हैं वो संभाल के सब कुछ सही कर दे। तू
- 2:22:11सब कुछ सही कर दे। पर हां तू अगर 6 महीने
- 2:22:13में सही नहीं कर पाया इनको 6 महीने में
- 2:22:15सही नहीं कर पाया इनको तो तू भी
- 2:22:17डिसक्वालीफाई तू भी डिसक्वालीफाई तो वो ये
- 2:22:19रहा क्योंकि न्यूली अपॉइंट डायरेक्टर है
- 2:22:20वो इनकर नहीं उसको डिसक्वालीिफिकेशन इंकर
- 2:22:22नहीं होगी 6 महीने के में
- 2:22:26ठीक है सर
- 2:22:29और तो कुछ नहीं है भाई आर्टिकल जो
- 2:22:31प्राइवेट कंपनी है प्राइवेट कंपनी केवल
- 2:22:32प्राइवेट कंपनी की बात चल रही है केवल
- 2:22:33प्राइवेट कंपनी प्राइवेट कंपनी कोई दूसरा
- 2:22:35एडिशनल ग्राउंड भी लगा सकती है कि जैसे इन
- 2:22:37सबके अलावा इन सबके अलावा प्राइवेट कंपनी
- 2:22:40बोल सकती है कि नहीं एडिशनल ग्राउंड लगा
- 2:22:42देगी कोई डिसक्वालीिफिकेशन का कि अगर बंदा
- 2:22:44यह है तो डिसक्वालीिफाइड है कि लेट से वो
- 2:22:45कुछ भी बोल दे वो बोल दे कि अगर किसी बंदे
- 2:22:47के पास 10 ईयर का एक्सपीरियंस नहीं है
- 2:22:49डायरेक्टर का तो मैं डिसक्वालीफाई करता
- 2:22:50हूं। मैं डिसक्वालीफाई करता हूं। तो
- 2:22:51प्राइवेट कंपनी अपने एओए में कुछ भी ऐसा
- 2:22:53लिख सकती है। केवल प्राइवेट कंपनी की बात
- 2:22:54हो रही है। ठीक है? अब सर यहां पे देखो कि
- 2:22:58अगर किसी भी कंपनी ने लोन डिफॉल्ट कर
- 2:23:00दिया। एक साल तक लोन रीपेमेंट नहीं करा
- 2:23:02ड्यू डेट के बाद तो क्या वो डिसक्वालीफाई
- 2:23:04है? नहीं सर लोन के केस में वो
- 2:23:06डिसक्वालीफाई नहीं है। लोन तो बहुत कंपनी
- 2:23:09डिफॉल्ट करती है। आए दिन कंपनी डिफॉल्ट
- 2:23:11करती है। लोन से हमको फर्क नहीं पड़ता।
- 2:23:12हमको केवल पड़ता है डीडी से डिपॉजिट
- 2:23:14डिबेंचर डिविडेंड। लोन डिफॉल्ट करा तो
- 2:23:15उससे आप डिसक्वालीफाई नहीं होने वाले।
- 2:23:20और फालतू बात है कि अगर कोई भी बंदा
- 2:23:22डिसक्वालीफाई है मतलब इतनाेंट नहीं है। पर
- 2:23:24एक बार मैं बस यूं ही बता रहा हूं।
- 2:23:25इतनाेंट नहीं है। तो अगर कोई भी डायरेक्टर
- 2:23:27डिसक्वालीफाई है तो वो डायरेक्टर उसकी
- 2:23:29सारी कंपनीज़ को बता देगा डीआईआर 8 के अंदर
- 2:23:32कि भाई मैं डिसक्वालीफाई हूं। डायरेक्टर
- 2:23:33सबको बता देगा। और सेम अगर कंपनी ने
- 2:23:35डिफॉल्ट करा है सेक्शन 164 सब सेक्शन टू
- 2:23:37में मतलब एफएस वगैरह फाइल नहीं करा तो वो
- 2:23:39भी आरओसी को बता देगा। वो भी आरओसी को बता
- 2:23:41देगा विद इन 30 डेज कि भाई मैंने डिफॉल्ट
- 2:23:43करा है और मेरे डायरेक्टर की लिस्ट ये ये
- 2:23:44है। मेरे डायरेक्टर की लिस्ट ये है।
- 2:23:45इतनाेंट नहीं है। इग्नोर कर दो। ठीक है?
- 2:23:47मैंने बस बता दिया। मेरा फर्ज बनता था वो।
- 2:23:51ठीक है? और सर अब इस केस के अंदर एक चीज़
- 2:23:53देखना। अभी नीचे मैं पढ़ाऊंगा। नीचे आएगा
- 2:23:55ऐसे पॉइंट पर यही देख लो। सारी कंपनी के
- 2:23:57अंदर अगर वो डिसक्वालीफाई होगा। जब कंपनी
- 2:24:00ने या तो फाइनेंसियल स्टेट में एनुअल
- 2:24:01रिटर्न नहीं भरा हुआ 3 साल तक कंटीन्यूअस
- 2:24:03या फिर डीडी में डिफॉल्ट करा तो सर लेट्स
- 2:24:05से वो डायरेक्टर था मिस्टर एक्स था ना
- 2:24:08मिस्टर एक्स दो कंपनी में डायरेक्टर है एक
- 2:24:10तो xyz लिमिटेड में और एक एबीसी लिमिटेड
- 2:24:13में तो xyz ने क्या करा xyz ने डिफॉल्ट कर
- 2:24:16दिया ये 164 सब सेक्शन टू वाला मतलब उसने
- 2:24:18एफएस फाइल नहीं करे तीन साल तो उसने यहां
- 2:24:20पे डिफ़ॉल्ट कर दिया वो यहां पर भी
- 2:24:21डायरेक्टर है यहां पे भी डायरेक्टर है दो
- 2:24:22कंपनी में डायरेक्टर है मिस्टर x कोई
- 2:24:24दिक्कत नहीं हो सकता तो उसने यहां पे
- 2:24:26डिफॉल्ट कर दिया तो अब उसको ना जैसे ही
- 2:24:29डिफ़ॉल्ट हो गया मतलब जैसे ही डिसक्वालीफाई
- 2:24:30हो गया वो जैसे ही डिसक्वालीफाई हो गया तो
- 2:24:33एबीसी नाम की कंपनी जो है ना दूसरी मतलब
- 2:24:35डिफॉल्ट किस कंपनी में हुआ एक्स व जेड में
- 2:24:38डिफॉल्ट हुआ एक्स व जेड में एबीसी में तो
- 2:24:39सब कुछ अच्छा चल रहा है एबीसी में अच्छा
- 2:24:40चल रहा है पर एबीसी कंपनी में तो उसे ऑफिस
- 2:24:43हाथों हाथ वेकेट करना पड़ेगा मतलब उधर से
- 2:24:45छोड़ना पड़ेगा इधर ना तो वो अपॉइंट हो ना
- 2:24:48तो अब वो किसी नई कंपनी में अपॉइंट हो
- 2:24:50सकता है ना रीअपॉइंट हो सकता है नहीं कोई
- 2:24:52भी नई कंपनी में अपॉइंट रीपॉइंट नहीं हो
- 2:24:54सकता वो इवन जो एग्जिस्टिंग कंपनी है उधर
- 2:24:56से भी वेकेट होना पड़ेगा उसको छोड़ना
- 2:24:57पड़ेगा डायरेक्टर की पोजीशन पर एक्सेप्शन
- 2:25:00यहां पर एक है कि जो xyz लिमिटेड है ना कि
- 2:25:03मतलब जिस कंपनी में डिफॉल्ट हुआ है जिस
- 2:25:06कंपनी में डिफॉल्ट हुआ है उस कंपनी में तो
- 2:25:10वो अपॉइंटेड रहेगा उस कंपनी में वो
- 2:25:13अपॉइंटंटेड रहेगा वो ऑफिस को वेकेट नहीं
- 2:25:16करेगा उस कंपनी में ऑफिस को वेकेट नहीं
- 2:25:18करेगा कि लेट्स से उसका टेन्योर था 30
- 2:25:23मार्च 2028 तक का तो 30 मार्च 2028 तक इस
- 2:25:26कंपनी में तो वह रहेगा ही रहेगा। इधर से
- 2:25:29वो वेकेट नहीं करेगा। इधर से वो वेकेट
- 2:25:32नहीं करेगा। ठीक है ना? क्यों नहीं करेगा
- 2:25:35सर इधर से वेकेट? क्योंकि भाई तू
- 2:25:36डायरेक्टर है इस कंपनी का। तूने ही तो
- 2:25:37एनुअल रिटर्न फाइनेंसियल स्टेटमेंट फाइल
- 2:25:39नहीं करे। तूने ही फाइल नहीं करे और तू
- 2:25:40कंपनी अब छोड़ के जा रहा है। भाई चुपचाप
- 2:25:42पहले इस कंपनी को सुधार के जा। इसके एनुअल
- 2:25:44रिटर्न फाइनेंसियल स्टेटमेंट फाइल कर
- 2:25:45चुपचाप। उसके बाद छोड़ के जाना। ऐसा ओवरऑल
- 2:25:46इसका ये मतलब था। ठीक है? तो इस कंपनी के
- 2:25:48अंदर वो रहेगा जब तक इसका टेन्योर है। बट
- 2:25:51हां इस कंपनी में वापस से रीअपॉइंट नहीं
- 2:25:52हो पाएगा। वापस से रीपॉइंट किया कि वz के
- 2:25:55अंदर भी डिफॉल्ट करा तब तक वो कंटिन्यू तो
- 2:25:56करेगा पर जैसे इसका ये पीरियड निकला उसके
- 2:25:59बाद वो कभी रीअपॉइंट नहीं हो पाएगा 5
- 2:26:01सालों तक सीधी बात है रीअपॉइंट नहीं हो
- 2:26:03पाएगा मतलब अपॉइंटंटेड है तो तो रहेगा
- 2:26:04रीअपॉइंट नहीं होगा
- 2:26:07तो यहां पे यही दिया हुआ था कि वो
- 2:26:09रीअपॉइंट नहीं हो सकता सेम कंपनी के अंदर
- 2:26:11सेम कंपनी में रीअप नहीं हो सकता और बाकी
- 2:26:13किसी भी कंपनी में अपॉइंट नहीं हो सकता 5
- 2:26:14सालों तक डिफॉल्ट जैसे ही डिफॉल्ट हो गया
- 2:26:16मतलब जैसे ही यहां पे डिसक्वालीफाई हो गया
- 2:26:18वो डिसक्वालीफाई के पांच सालों तक वो मतलब
- 2:26:20वो डिसक्वालीफाई होल जैसे ही वो हो गया
- 2:26:22पांच सालों तक डिसक्वालीफाई है पर सेम
- 2:26:23कंपनी के अंदर वह कंटिन्यू करेगा अपनी
- 2:26:25पोजीशन बस उस पे रीअपॉइंट नहीं हो पाएगा 5
- 2:26:27सालों तक
- 2:26:30और बाकी जितनी भी दूसरी कंपनी है उधर से
- 2:26:31ऑफिस को वेकेट करने पड़ेंगे। अब सेम
- 2:26:33मिलताजुलता प्रोविज़न है सेक्शन 164 के
- 2:26:35साथ-साथ 167 ये रहा कि वही है कि अगर कभी
- 2:26:37बंदा डिसक्वालीफाई हो जाए तो उसको ऑफिस
- 2:26:39वेकेट करना पड़ेगा कि मतलब कोई भी
- 2:26:40डायरेक्टर डिसक्वालीफाई हो जाए। तो वो तो
- 2:26:42था ऊपर वाला था कि वो डायरेक्टर बन ही
- 2:26:44नहीं पाएगा। यहां पर क्या था कि वो
- 2:26:46डायरेक्टर बन ही नहीं पाएगा। ठीक है? यहां
- 2:26:49पर है कि वो डायरेक्टर ऑलरेडी कहीं पे है।
- 2:26:50ऑलरेडी कहीं पे वो डायरेक्टर है तो भी उसे
- 2:26:52ऑफिस खाली करना पड़ेगा। तो भी उसे ऑफिस
- 2:26:54खाली पड़ाना पड़ेगा। कब खाली करना पड़ेगा?
- 2:26:56जब वो ये कि अपन ने जो ऊपर पढ़ा
- 2:26:57डिसक्वालीिफिकेशन उस पे आ जाए। जो सेम
- 2:26:59मैंने पढ़ा है ना तुमको वही चीज़ है कि
- 2:27:00एग्जिस्टिंग कंपनी में कंटिन्यू करेगा बस
- 2:27:02रीपॉइंट नहीं हो पाएगा वो। तो या तो वो
- 2:27:04डिसक्वालीफाई हो जाए। ठीक है? या फिर उसको
- 2:27:06ऑफिस वेकेट करना पड़ेगा या फिर उसको ऑफिस
- 2:27:08वेकेट करना पड़ेगा। इंपॉर्टेंट पॉइंट कि
- 2:27:11जितनी भी बोर्ड मीटिंग हुई 12 महीने के
- 2:27:13अंदर 12 महीने के अंदर जितनी भी बोर्ड
- 2:27:15मीटिंग हुई वो सारी मीटिंग से एब्सेंट था।
- 2:27:18वो सारी मीटिंग से एब्सेंट था। उसने कोई
- 2:27:20भी मीटिंग अटेंड नहीं करी। उसने सारी
- 2:27:21मीटिंग से एब्सेंट था। उसने कोई भी मीटिंग
- 2:27:23अटेंड नहीं करी। जब उसने कोई भी मीटिंग्स
- 2:27:26अटेंड नहीं करी तो उसको उसका ऑफिस खाली
- 2:27:28करना पड़ेगा कि भाई तू ऐसी मीटिंग तो
- 2:27:30अटेंड कर नहीं रहा। तू ऑफिस छोड़ के चले
- 2:27:31जा। तू हमको छोड़ के चले जा। तू जा भाई तू
- 2:27:33चले जा तू छोड़ के चले जा। कोई दिक्कत
- 2:27:35नहीं है हमको। तो उसको एब्सेंट है वो सारी
- 2:27:39बोर्ड मीटिंग से फॉर द 12 मंथ तो उसको
- 2:27:41खाली करना पड़ेगा। अब चाहे उसने लीव की
- 2:27:44परमिशन ली थी या नहीं ली थी उससे फर्क
- 2:27:45नहीं पड़ता कि उसने परमिशन लेके अटेंड
- 2:27:47नहीं करी परमिशन नहीं ली उससे फर्क नहीं
- 2:27:48पड़ता बस उसने मिला के अटेंड नहीं करी
- 2:27:49तुम्हें बात खत्म या तो वो डिसक्वालीफाई
- 2:27:51हो गया तो उसको ऑफिस छोड़ना पड़ेगा 12
- 2:27:52महीने तक उसने मीटिंग अटेंड नहीं करी तो
- 2:27:53छोड़ना पड़ेगा या फिर सेक्शन 184 एक बोलता
- 2:27:56है जो बाद में पढ़ेंगे किसी कोई भी कंपनी
- 2:27:58कोई कॉन्ट्रैक्ट कर रही है कंपनी कोई भी
- 2:27:59कॉन्ट्रैक्ट कर रही है जहां पे वो
- 2:28:01डायरेक्टर पर्सनली इंटरेस्टेड है कि उस
- 2:28:03डायरेक्टर का पर्सनली कहीं पे फायदा हो
- 2:28:04सकता है या पर्सनली कुछ इंटरेस्टेड है वो
- 2:28:06और उसने वो कंपनी को डिस्क्लोज ही नहीं
- 2:28:08करा कंपनी को डिस्क्लोज ही नहीं करा ठीक
- 2:28:10है ना तो वो कि उसने डिस्क्लोज ही नहीं
- 2:28:12करा 184 का कंडीशन या फिर उसने वह
- 2:28:14कॉन्ट्रैक्ट कर लिया बिना रूल्स को फॉलो
- 2:28:16करे कि रूल्स तो होते हैं कि 184 के अगर
- 2:28:18आपको कॉन्ट्रैक्ट करने हैं तो कुछ एक
- 2:28:20स्पेसिफिक प्रोसीजर फॉलो करना पड़ेगा जहां
- 2:28:22पे मतलब कहीं पे कंपनी Reliance Reliance
- 2:28:25LED किसी कॉन्ट्रैक्ट के अंदर एंटर हो रही
- 2:28:27है पर वहां पे Reliance LED के किसी
- 2:28:29डायरेक्टर का इंटरेस्ट है। Reliance LED
- 2:28:31के किसी डायरेक्टर का इंटरेस्ट है तो यह
- 2:28:32पूरा प्रोसेसर होता है कि आपको यह फॉलो
- 2:28:34करना पड़ेगा। अगर आपने वह फॉलो नहीं करा तो
- 2:28:36डिसक्वालीफ़ाई हो। आपने अपना डिस्क्लोज़र
- 2:28:37आपको बताना पड़ता है। आपको Reliance को
- 2:28:39बताना पड़ेगा कि मैं इन जगह पे इंटरेस्ट
- 2:28:42है। इन जगह पे मेरा इंटरेस्ट है। तो आपको
- 2:28:44Reliance को डिस्क्लोज़ करना पड़ेगा। अगर
- 2:28:46आपने नहीं करा तो आप डिसक्वालीफाई हो। या
- 2:28:47फिर कोर्ट ने आपको डिसक्वालीफाई कर दिया।
- 2:28:49वो ये 6 महीने से या 6 महीने 6 महीने से
- 2:28:50ज्यादा आपको डिसक्वालीफाई कर मतलब आपको
- 2:28:52कन्विक्ट कर दिया जेल में डाल दिया। आपको
- 2:28:54रिमूव कर दिया सेक्शन 169 के अंदर रिमूव
- 2:28:56कर देते हैं तब या फिर से यह जो एच वाला
- 2:28:59बोलता है एच वाला पॉइंट यह बोलता है कि
- 2:29:01लेट्स से कि आप किसी होल्डिंग कंपनी के आप
- 2:29:03किसी होल्डिंग कंपनी के डायरेक्टर थे आप
- 2:29:06किसी होल्डिंग कंपनी के डायरेक्टर थे या
- 2:29:10एंप्लई थे व्हाटएवर डायरेक्टर थे एंप्लई
- 2:29:13थे ऐसा कुछ थे क्योंकि आप होल्डिंग कंपनी
- 2:29:15के डायरेक्टर एंप्लई वगैरह थे इस वजह से
- 2:29:17इन्होंने क्या बोला कि एक काम कर इस
- 2:29:19सब्सिडरी थोड़ी अच्छी नहीं चल रही है इस
- 2:29:21सब्सिडरी का भी डायरेक्टर बन जा इस
- 2:29:23सब्सिडरी का डायरेक्टर बन जाए। इस
- 2:29:25सब्सिडरी का डायरेक्टर बन जाओ। तो क्योंकि
- 2:29:28आप होल्डिंग कंपनी के डायरेक्टर एंप्लई
- 2:29:30थे। इस वजह से आपको सब्सिडरी का डायरेक्टर
- 2:29:33बनाया गया। क्योंकि आप होल्डिंग कंपनी के
- 2:29:36एंप्लई या डायरेक्टर थे। इस वजह से आपको
- 2:29:38सब्सिडरी का डायरेक्टर बनाया गया था। ठीक
- 2:29:40है? तो अब अस्यूम करो अगर आपने इस
- 2:29:42होल्डिंग कंपनी में डायरेक्टर की पोजीशन
- 2:29:44छोड़ दी। एंप्लई की पोजीशन छोड़ दी। मतलब
- 2:29:45इनकी पोजीशन छोड़ दी। तो भाई जब आपने
- 2:29:47होल्डिंग में डायरेक्टर, एंप्लई वगैरह
- 2:29:49इनकी पोजीशन छोड़ दी तो आपको सब्सिडरी के
- 2:29:51डायरेक्टर की पोजीशन भी छोड़नी पड़ेगी।
- 2:29:53सब्सिडरी के डायरेक्टर पोजीशन सब्सिडरी के
- 2:29:55डायरेक्टर की पोजीशन भी छोड़नी पड़ेगी।
- 2:29:57क्योंकि आपको बनाया इसलिए गया था यहां पर
- 2:29:59डायरेक्टर क्योंकि आप होल्डिंग में
- 2:30:00डायरेक्टर या फिर एंप्लाइजस कुछ हो।
- 2:30:06ये रहा। सेम पॉइंट है। और यहां पे बस एक
- 2:30:08चीज़ ध्यान रखना ई और एफ। ई और एफ वाला
- 2:30:10पॉइंट। सिंपल सा पॉइंट है। कुछ नहीं है। ई
- 2:30:12और एफ वाला पॉइंट कि जब भी आपको कोर्ट
- 2:30:14आपको डिसक्वालीफाई कर रही है या फिर
- 2:30:15कन्विक्ट कर रही है। तो अपन ने जब ऊपर
- 2:30:16पढ़ा था कि आप कोई भी नई कंपनी में
- 2:30:19डायरेक्टर नहीं बन पाओगे। अगर आप पे कोई
- 2:30:20केसवेस चल रहा है। माना अपील पेंडिंग है।
- 2:30:22मतलब 6 महीने के लिए आपको जेल भेज आपने
- 2:30:24अपील कर दी। आपने अपील कर दी। जब तक अपील
- 2:30:26चल रही है तब तक भी आपको डायरेक्टर नहीं
- 2:30:28बनाया जाएगा। तब तक भी आपको डायरेक्टर
- 2:30:29नहीं बनाया जाएगा। सिंपल सा पॉइंट है कि
- 2:30:31आपको किसी भी नई कंपनी में डायरेक्टर नहीं
- 2:30:32बना पाएगा। पर आप ऑलरेडी किसी कंपनी में
- 2:30:35डायरेक्टर हो। आप ऑलरेडी किसी कंपनी में
- 2:30:38डायरेक्टर एग्जिस्ट करते हो। और अब आपको
- 2:30:40जेल भेजा जा रहा है। अब आपको जेल भेजा जा
- 2:30:42रहा है। तो उस केस के अंदर ऐसा बोला है कि
- 2:30:45कोई बात नहीं उस केस के अंदर हम आपको अपील
- 2:30:48करने का मौका देंगे। आप जब तक अपील कर रहे
- 2:30:50हो जब तक आप सामने आपकी अपील पेंडिंग चल
- 2:30:52रही है तब तक आप डायरेक्टर रहो। जब तक
- 2:30:54आपकी अपील पेंडिंग चल रही है तब तक आप
- 2:30:56डायरेक्टर रहो तब तक हम आपको नहीं
- 2:30:58निकालेंगे। नहीं निकालेंगे। ठीक है? यह
- 2:31:01वही वाला पॉइंट है ईरf के अंदर।
- 2:31:05यह देखो ग्रेस पीरियड दिया है आपको 30 दिन
- 2:31:07का कि 30 दिन के अंदर अगर आप अपील कर रहे
- 2:31:09हो मतलब 30 दिन दे दिए जैसे आपको कोर्ट ने
- 2:31:11जजमेंट सुनाया कि आपको 6 महीने से ज्यादा
- 2:31:12के लिए जेल भेज रहे हैं 6 महीने 6 महीने
- 2:31:14ज्यादा के लिए ज्यादा के लिए जेल भेज तो
- 2:31:15आपको 30 दिन देंगे आपको कि आप ऑलरेडी उस
- 2:31:16कंपनी के डायरेक्टर हैं आपको 30 दिन देगी
- 2:31:1830 दिन में अगर आप अपील प्रेफर कर रहे हो
- 2:31:2030 दिन में अगर आप अपील प्रेफर कर रहे हो
- 2:31:23तो भाई जब तक अपील डिस्पोज ऑफ नहीं हो
- 2:31:25जाती तब तक आप उसके डायरेक्टर रह सकते हो
- 2:31:27और मानो कि यह वाली अपील के 7 दिन मतलब
- 2:31:30जैसे ही कोई अपील का फेवर डिसीजन आ गया वो
- 2:31:32आपके फेवर में आ गया तो सब कुछ अच्छा है
- 2:31:34तो कोई दिक्कत नहीं है। पर कि अपने एडवर्स
- 2:31:36में आ गया। वो डिसीजन अपने एडवर्स में आ
- 2:31:38गया कि आपको सजा ही सुनाई। फाइनली आपको
- 2:31:40सजा सुना दी तो भी आपको 7 दिन और देंगे।
- 2:31:42ये जो अपील हुई ना अपील का जो भी फाइनल
- 2:31:44डिसीजन आया उससे आपको 7 दिन और देंगे।
- 2:31:46उससे आपको 7 दिन और देंगे कि इस 7 दिन के
- 2:31:48अंदर आप फर्दर अपील करना चाहते हो तो
- 2:31:50फर्दर अपील और कर दो। तब तक भी हम आपको
- 2:31:53डायरेक्टर बना के रखेंगे। और कब तक
- 2:31:55रखेंगे? जब तक वो फर्दर अपील भी डिस्पोज
- 2:31:57ऑफ नहीं हो जाती। फर्दर अपील भी डिस्पोज
- 2:31:59ऑफ़ नहीं।
- 2:32:01ठीक है? आई नो देखो मुझे पता है वैसे तो
- 2:32:03मुझे सब सब सही चल रहा होगा इतना मतलब तेज
- 2:32:05नहीं चल रहा हालांकि थोड़ा तेज मैं चल रहा
- 2:32:07हूं मैंने कहा था इसमें कोई ज्यादा अपन को
- 2:32:08मार्क्स ऐसे नहीं लाने बेसिक समझ में आ
- 2:32:10गया एमसीक्यू सॉल्व करके आने हैं 50
- 2:32:11मार्क्स लाने हैं इतना लोड मत लो तुम्हारे
- 2:32:13कोई पेपर में मार्क्स जुड़ने नहीं वाले इन
- 2:32:15सारी चीजों के बाकी तुम जब ऑडिट पढ़ोगे
- 2:32:16मुझसे तब समझ आ जाएगा तुमको कि सर एक-एक
- 2:32:18चीज को जब अपन पोस्टमार्टम करेंगे एक-एक
- 2:32:20चीज याद करेंगे दिमाग में डालेंगे समझेंगे
- 2:32:22ऑडिट अलग तरह से पढ़ाते हो मतलब ये तो
- 2:32:23100% अलग अप्रोच है मेरा दोनों पढ़ाने का
- 2:32:26ठीक है ना उसमें तो तुमको सब कुछ समझा के
- 2:32:28एक-एक चीज रटा के डालेंगे इसमें तो मुझे
- 2:32:29पता है कुछ चीजें ऊपर से जा रही है पर फिर
- 2:32:31भी सब कुछ मेरे हिसाब से कवर हो रहा है
- 2:32:32अच्छे से और इसके अलावा और कुछ मत देखना।
- 2:32:35पागल हो जाओगे तुम जबरदस्ती टाइम वेस्ट
- 2:32:36करोगे अपनी।
- 2:32:39चलो सर और सर कुछ फालतू बातें इसके अंदर
- 2:32:41कि वो ये है कि जब भी आप डायरेक्टर को
- 2:32:42निकालोगे तो उसको अपॉर्चुनिटी ऑफ़ बीइंग
- 2:32:44हर्ट तुम नहीं दे पाओगे। बोर्ड कभी भी कोई
- 2:32:46वेकेशन को कोई भी मतलब कभी भी ना कि बोर्ड
- 2:32:48बोल दे कि नहीं नहीं हम तो इस डायरेक्टर
- 2:32:49को रखेंगे। चाहे डिसक्वालीफाई हो गया तो
- 2:32:51भी हम रखेंगे। नहीं ऐसा बोर्ड नहीं कर
- 2:32:52सकता है। ठीक है ना? एमसीक्यू में पेनल्टी
- 2:32:54आई हुई है। हालांकि मैं पेनल्टी पे ज्यादा
- 2:32:56कुछ जो इंपॉर्टेंट पेनल्टी है उसके मैं
- 2:32:58अलग से लिस्ट दे दूंगा। हां मैं एक तुमको
- 2:32:59बता देता हूं मैं एक एमसीक्यू बुकलेट
- 2:33:01एमसीक्यू एंड टाइम न्यूमेरिकल बुकलेट कि
- 2:33:04जितनी भी टाइम न्यूमेरिकल लिमिट है लॉ के
- 2:33:06अंदर जितने भी एमसीक्यू है उनकी समरी करके
- 2:33:08उनकी समरी करके जितनी भी टाइम न्यूमेरिकल
- 2:33:11लिमिट है जितनी भी एमसीक्यू है सब उनकी
- 2:33:12समरी करके चैप्टर वाइज मैंने तुमको पीडीएफ
- 2:33:15टेलीग्राम चैनल पे शेयर कर दी है अप्रोक्स
- 2:33:17100 पेजेस के अंदर सारे एमसीक्यू की समरी
- 2:33:20बड़े-बड़े एमसीक्यू नहीं जो भी बड़े-बड़े
- 2:33:21एमसीक्यू थे उसके क्रक्स निकाल के उसका
- 2:33:23क्रक्स निकाल के कि हां भाई ये एमसीक्यू
- 2:33:25आएगा तो ये आंसर ये एमसीक्यू आएगा तो ये
- 2:33:27आंसर है वरना तुम इतने सारे एमसीक्यू नहीं
- 2:33:28कर पाओगे 500000 मैंने बहुत छोटे-छोटे
- 2:33:30तरीके से उनको डाल दिया तो सबको कुछ सॉल्व
- 2:33:31हो जाएगा और जितनी भी टाइम न्यूमेरिकल
- 2:33:32लिमिट है वो मैंने तुमको एक जगह चैप्टर
- 2:33:34वाइज़ समराइज़ करके दे दी है हर चैप्टर वाइज़
- 2:33:36उसकी पीडीएफ तुमको Telegram चैनल पे मिल
- 2:33:38जाएगी मेरे सीए हेमंत सोमानी Telegram
- 2:33:39चैनल तुम सर्च कर लेना Telegram पे मिल
- 2:33:41जाएगा सीए हेमंत सोानी सर्च कर लेना
- 2:33:42Telegram पे मिल जाएगा और उसमें भी तुम
- 2:33:45बार-बार मत पूछना कमेंट में सर कहां है
- 2:33:46कहां है कहां रे भाई कुत्तों को बताऊं मैं
- 2:33:48एक-एक बार में बता दिया ना उसमें तुम
- 2:33:50Telegram चैनल पे मेरे जाओगे तो फाइल
- 2:33:52सेक्शन स्क्रॉल करना फाइल सेक्शन में
- 2:33:53तुमको मिल जाएगा थोड़ा सा तो मेहनत करो
- 2:33:55थोड़ा सा देखो कहां है ठीक है ना मिल
- 2:33:57जाएगा ऑलरेडी
- 2:33:58ऑलरेडी पड़ा हुआ है वहां पे ही है Telegram
- 2:34:00पे ले सकते हो तुम तो बाकी जितनी
- 2:34:03इंपॉर्टेंट पेनल्टी है मैं तुमको अलग से
- 2:34:04बता दूंगा बाकी सारी पेनल्टी अब तुम याद
- 2:34:06नहीं कर सकते हो बहुत सारी है बहुत सारी
- 2:34:08तो इसका एमसीक्यू आया है कि डायरेक्टर ने
- 2:34:10ऑफिस वेकेट नहीं करा हुआ है तो पेनल्टी 1
- 2:34:12लाख से 5 लाख तक उस पे लग जाएगी और
- 2:34:14प्राइवेट कंपनी मैंने कहा कि एडिशनल
- 2:34:16ग्राउंड बता सकती है डिसक्वालीफिकेशन के
- 2:34:17वेकेशन के
- 2:34:21तो ये हो गया सर अपना डिसक्वालीफाई कब हुआ
- 2:34:24वेकेट कब होगा एक बड़ा प्रोविज़न हो गया अब
- 2:34:25छोटे-छोटे प्रोविज़न है बस एक और जरूर आएगा
- 2:34:27मैंने कहा जो रोटेशन वाला है वो अभी मैंने
- 2:34:29तुमको स्किप कराया हुआ था ऊपर वो मैं
- 2:34:30बढ़ाऊंगा वो एक बड़ा है बाकी सब छोटे-छोटे
- 2:34:32सर सेक्शन 165 सेक्शन 165 क्या बोलता है
- 2:34:34सर वो ये जो मैंने बोला था कि सर आपके जो
- 2:34:37अपन को डायरेक्टर बनना है ना आप किसी
- 2:34:39कंपनी में डायरेक्टर बन सकते हो उसकी
- 2:34:40मैक्सिमम लिमिट भी दी एक बंदा एक बंदा
- 2:34:43मैक्सिमम 20 कंपनी के अंदर ही डायरेक्टर
- 2:34:45बन सकता है। एक बंदा मैक्सिमम 20 कंपनीज़
- 2:34:48के अंदर ही डायरेक्टर बन सकता है और उसके
- 2:34:52अंदर भी मैक्सिमम 10 पब्लिक कंपनी हो सकती
- 2:34:54है। उसके अंदर भी मैक्सिमम 10 पब्लिक
- 2:34:56कंपनी हो सकती है। तो मैक्सिमम आप 20
- 2:34:58कंपनी में डायरेक्टर बन सकता है। एक बंदा
- 2:35:00मैक्सिमम 20 कंपनी में डायरेक्टर बन सकता
- 2:35:02है। उसमें भी मैक्सिमम 10 पब्लिक कंपनी ही
- 2:35:05हो सकती है। बात खत्म। पर अब इस लिमिट के
- 2:35:09अंदर कुछ एडिशनल क्लेरिफिकेशन दिया हुआ
- 2:35:11है। जो 20 कंपनीज़ है ना उसके अंदर
- 2:35:13एक्सक्लूड करो डोरेंट कंपनी और सेक्शन एट
- 2:35:15कंपनी। मतलब इसमें तो आप अनलिमिटेड
- 2:35:17डोरमेंट कंपनी और अनलिमिटेड सेक्शन एट
- 2:35:19कंपनीज़ में डायरेक्टर बन सकते हो। उसको 20
- 2:35:21की लिमिट में नहीं देखा जाएगा। उसको 20
- 2:35:24लिमिट में नहीं देखा जाएगा। और जो पब्लिक
- 2:35:26कंपनी है ना इसमें कुछ इंक्लूड करा उसमें
- 2:35:29इंक्लूड करा कि कोई भी प्राइवेट कंपनी है
- 2:35:32कोई भी प्राइवेट कंपनी है उसकी या तो
- 2:35:35होल्डिंग
- 2:35:36या फिर उसकी सब्सिडरी या तो उसकी होल्डिंग
- 2:35:40या फिर सब्सिडरी। दोनों में से कोई भी
- 2:35:42पब्लिक है। दोनों में से कोई भी पब्लिक
- 2:35:45है। तो इस प्राइवेट कंपनी को भी हम पब्लिक
- 2:35:48ही मान लेंगे। इस प्राइवेट कंपनी को भी हम
- 2:35:51पब्लिक कंपनी ही मान लेंगे। मतलब कोई भी
- 2:35:53प्राइवेट कंपनी कोई भी प्राइवेट कंपनी
- 2:35:55जिसकी या तो होल्डिंग या सब्सिडरी पब्लिक
- 2:35:57कंपनी हो तो उसको हम पब्लिक कंपनी मान
- 2:35:59लेंगे और उसको 10 की लिमिट में देखेंगे कि
- 2:36:0110 से ज्यादा आप होल्ड नहीं कर सकते
- 2:36:02पब्लिक कंपनी। ठीक है? ये इग्नोर कर दो।
- 2:36:05बहुत ही ज्यादा ए्बिगेटिव टॉपिक है। मैं
- 2:36:07नहीं जाऊंगा इस पे। बिल्कुल नहीं जाऊंगा।
- 2:36:08अभी नहीं जाऊंगा। मैं अगर ऐसा ले रहा होता
- 2:36:10100 150 घंटे की क्लास में जा रहा होता तो
- 2:36:12बात अलग है। यहां पर ए्बिगेटिव पॉइंट है।
- 2:36:14बहुत डिस्कशन चलते हैं। सब लोगों के
- 2:36:15अलग-अलग ओपिनियन है इसके अंदर। लोगों ने
- 2:36:17कुछ क्लेरिफाई नहीं करा हुआ। तो इसको अभी
- 2:36:18तो इग्नोर कर दो। कट मार दो इसको। मैंने
- 2:36:20येलो इसलिए करा था कि तुम कट मार देना इस
- 2:36:21पे। ठीक है? कुछ बच्चों के डाउट आएंगे,
- 2:36:23बातें थी इसलिए मैंने पहले ही बुक में डाल
- 2:36:24दिया है। बाकी तुम बस मेरे से कोई डाउट
- 2:36:26नहीं पूछोगे इन चीजों के। चलो छोड़ो।
- 2:36:30सर अब इसका एक एग्जांपल देख लो। ये देखो
- 2:36:34सर लेट्स से ये मैंने नीचे तो एमसीक्यू को
- 2:36:37ही डाल दिया। अब इसको ठीक है यही कर लेते
- 2:36:38हैं। एमसीक्यू भी हो जाएगा इसमें। एक
- 2:36:40डोरेंट कंपनी है, दो सेक्शन कंपनी है। आठ
- 2:36:42पब्लिक कंपनी है। नौ प्राइवेट कंपनी है।
- 2:36:44उसमें से दो की सब्सिडरी पब्लिक है। दो की
- 2:36:46सब्सिडरी पब्लिक है। तो पहले देखो टोटल
- 2:36:47कितने हो गए? नौ सॉरी 8 9 10 और 9 10 20
- 2:36:52तो टोटल 20 कंपनी हो गई उसमें से एक
- 2:36:53डोरमेंट दो सेक्शन 8 आठ पब्लिक कंपनी नौ
- 2:36:56प्राइवेट कंपनी उन नौ प्राइवेट कंपनी में
- 2:36:59से भी दो की सब्सिडरी पब्लिक है दो की
- 2:37:01सब्सिडरी पब्लिक है तो मैक्सिमम 20 कंपनी
- 2:37:04है चलेगा पर हालांकि 20 भी ये पूरी नहीं
- 2:37:06हुई 20 भी पूरी क्यों नहीं हुई क्योंकि
- 2:37:08डोरमेंट अनलिमिटेड हो सकती है और सेक्शन
- 2:37:10एट अनलिमिटेड हो सकती है तो 20 की लिमिट
- 2:37:12में अभी कितना हुआ ये 17 तो इन दो कंपनी
- 2:37:14को हटा दो और इस एक कंपनी को हटाओ मतलब
- 2:37:16तीन कंपनी हटा दो तो 20 की लिमिट में मतलब
- 2:37:18अभी तक अपन ने केवल 17 की लिमिट ही
- 2:37:20एग्जॉस्ट करी। सब कुछ सही है। वही सेम अब
- 2:37:22अपन देखेंगे पब्लिक कंपनी का। पब्लिक
- 2:37:24कितनी हो सकती है अपने पास? मैक्सिमम 10
- 2:37:26हो सकती है। उसमें से आठ पब्लिक ये ऑलरेडी
- 2:37:29है अपने पास। और इधर भी ये दो पब्लिक में
- 2:37:32ही काउंट होगी। क्योंकि कोई भी प्राइवेट
- 2:37:33कंपनी जिसकी सब्सिडरी या फिर होल्डिंग
- 2:37:35पब्लिक है वो पब्लिक में ही काउंट होगी।
- 2:37:37तो आठ पब्लिक यहां पे ऑलरेडी है। दो
- 2:37:39पब्लिक भी यहां पर है। तो कितनी होगी? 10।
- 2:37:4110 मतलब विथ इन द लिमिट 10 हो सकती है। तो
- 2:37:44यह 10 यहां पर भी 10 है। तो दोनों जगह अपन
- 2:37:46लिमिट में यहां पर सब कुछ सही है। बस
- 2:37:49खत्म।
- 2:37:50हां। और सर ठीक है। कोई भी कंपनी ये फालतू
- 2:37:53पॉइंट है कि मतलब कोई भी कंपनी चाहे तो ये
- 2:37:55लिमिट को 20 10 की लिमिट को रिड्यूस कर
- 2:37:58सकता है पर इंक्रीस नहीं कर सकता कि कोई
- 2:38:00भी कंपनी बोल दे कि मेरे पास जो डायरेक्टर
- 2:38:01है वो मैक्सिमम मैक्सिमम 15 कंपनी के अंदर
- 2:38:05ही डायरेक्टर हो सकते हैं। तो ठीक है
- 2:38:07मानना पड़ेगा। स्पेशल रेोल्यूशन पास करके
- 2:38:08आपको यह बता सकता है कोई भी कंपनी। बात
- 2:38:10खत्म। ठीक है? पर उस लिमिट को इंक्रीज़
- 2:38:12नहीं कर सकते कि 20 की जगह 25 कर दी। नहीं
- 2:38:14नहीं 15 कर सकते हो, कम कर सकते हो।
- 2:38:17सर फालतू पॉइंट ड्यूटी क्या होती है?
- 2:38:18डायरेक्टर की ड्यूटी क्या होती है? फालतू
- 2:38:19पॉइंट मैं ध्यान नहीं दूंगा। कट भी करा
- 2:38:20हुआ है कि आर्टिकल ऑफ़ एसोसिएशन के हिसाब
- 2:38:22से काम करे। गुड फेथ में काम करे। कुछ भी
- 2:38:24गलत काम नहीं करे। अनड्यू एडवांटेज ना ले।
- 2:38:26कहीं भी खुद के फायदे के लिए काम नहीं
- 2:38:27करे। कंपनी के फायदे के लिए काम करे। कभी
- 2:38:28भी खुद का ऑफिस वो किसी दूसरे बंदे को
- 2:38:30असाइन ना करे कि जो डायरेक्टर है तो ऐसा
- 2:38:32नहीं कि खुद चारप दिन के लिए छुट्टियों पे
- 2:38:35गया। किसी दूसरे बंदे को बोल के चले गया
- 2:38:36कि तू मेरे डायरेक्टर की पोजीशन संभाल ले।
- 2:38:38ऐसा नहीं।
- 2:38:43बस सर होने वाला है चैप्टर फिर एक ही
- 2:38:45प्रोविजन बचेगा उसके बाद वो भी करेंगे और
- 2:38:47आज ही करेंगे वो भी
- 2:38:49ये हो गया वेकेशन हो गया उसके बाद
- 2:38:51रेजिग्नेशन सर रेगिशन भी बहुत सिंपल है
- 2:38:53रेिग्नेशन कुछ नहीं है सर कोई भी
- 2:38:55डायरेक्टर है ना सीधी बात है रेिग्नेशन दे
- 2:38:57सकता है उस छोड़ के जा सकता है तो
- 2:38:59रेिग्नेशन कैसे देगा वो डायरेक्टर नोटिस
- 2:39:01दे देगा राइटिंग में कंपनी को ये चार्ट
- 2:39:03देखो चार्ट से तुम्हारा आधा काम वैसे ही
- 2:39:04सॉल्व हो जाएगा वो डायरेक्टर रेजिग्नेशन
- 2:39:07दे सकता है कंपनी को नोटिस के थ्रू वो
- 2:39:09नोटिस के थ्रू दे सकता है। बात खत्म। अब
- 2:39:11उसके बाद जैसे ही उसने नोटिस दिया कि मैं
- 2:39:13रिजाइन कर रहा हूं तो वो रेज़िग्नेशन के
- 2:39:16रेज़िग्नेशन के इफेक्टिव डेट से मतलब
- 2:39:17रेजिग्नेशन जब भी उसका हो गया उस
- 2:39:19रेज़िग्नेशन के 30 दिन के अंदर-अंदर कंपनी
- 2:39:21आरओसी को बताएगी डीआईआर 12 के अंदर। उस
- 2:39:24रेज़िग्नेशन मतलब जब भी डायरेक्टर ने
- 2:39:25रिजाइन कर दिया उसका रिजाइन हो गया तो उस
- 2:39:27कंपनी आरओसी को बता देगी 30 दिन के
- 2:39:29अंदर-अंदर। तो डायरेक्टर कंपनी को बताएगा।
- 2:39:31कंपनी आरओसी को बताएगी। डायरेक्टर कंपनी
- 2:39:32को बताएगा कंपनी आरओसी को बताएगी डीआईआर
- 2:39:3512 में। डीआईआर 12 में 30 दिन के
- 2:39:36अंदर-अंदर। पर ऑप्शनल है ऑप्शनल है पर
- 2:39:39डायरेक्टर चाहे तो डायरेक्टर चाहे तो
- 2:39:43डायरेक्टर चाहे तो क्या कर सकता है वो
- 2:39:45डीआईआर 11 से खुद भी आरओसी को बता सकता है
- 2:39:48वो खुद भी आरओसी को बता सकता है विथ इन 30
- 2:39:51डेज 30 दिन के अंदर-अंदर रिजाइन के 30 दिन
- 2:39:53के अंदर-अंदर वो आरओसी को खुद भी बता सकता
- 2:39:56है ठीक है बाकी ये ऑप्शनल है डायरेक्टर
- 2:39:58खुद को बताना बाकी डायरेक्टर कंपनी को
- 2:39:59बताएगा कंपनी आरओस को बताएगी कंपनी आरएस
- 2:40:01को डीआर 12 में बताएगी 30 दिन के अंदर
- 2:40:04अंतर
- 2:40:05और सर यही अगर डायरेक्टर अगर फॉरेन
- 2:40:07डायरेक्टर होता, फॉरेन वाला डायरेक्टर
- 2:40:09होता जो इंडिया में नहीं है। तो फॉरेन
- 2:40:11वाला डायरेक्टर क्या कर सकता है? वो किसी
- 2:40:12भी दूसरे डायरेक्टर को किसी भी दूसरे
- 2:40:15डायरेक्टर को या फिर किसी सीए सीएस
- 2:40:17एडवोकेट इनको सीएसी सीएस एडवोकेट इनको
- 2:40:20इनको अपना ऑथोराइज रिप्रेजेंटेटिव बना
- 2:40:22सकता है। इनको अपना ऑथराइज रिप्रेजेंटेटिव
- 2:40:24बना सकता है और वो इनको बोल सकता है और वो
- 2:40:27इनको बोल सकता है
- 2:40:32वो डायरेक्टर वो इनको बोल सकता है मतलब जो
- 2:40:35फॉरेन डायरेक्टर है वॉर्मल डायरेक्टर को
- 2:40:36या फिर सीएसी या सीएमए को बोल सकता है कि
- 2:40:38तुम मेरे बिहाफ पे आरओसी को फॉर्म फाइल कर
- 2:40:40दो। तो तुम मेरे बिहाफ पे डीआर 11 आरओसी
- 2:40:42का फॉर्म फाइल कर दो।
- 2:40:46ठीक है ना? ये और सर एक और काम की चीज
- 2:40:49इसके अंदर क्या है कि डायरेक्टर की
- 2:40:51इफेक्टिव रेज़िग्नेशन की डेट क्या मानी
- 2:40:52जाएगी? लेट्स से डायरेक्टर ने रिजाइन करा।
- 2:40:55डायरेक्टर ने रिजाइन का नोटिस जो भेला
- 2:40:57कंपनी को जब नोटिस मिला वो डेट कंपनी को
- 2:41:00जब भी नोटिस रिसीव हुआ। कंपनी को जब भी
- 2:41:03नोटिस रिसीव हुआ या फिर
- 2:41:07डेट
- 2:41:09मेंशंड
- 2:41:11इन नोटिस
- 2:41:13वि एवर इज लेटर जो भी बाद में होगा जो भी
- 2:41:17बाद में होगा जो भी बाद में होगा या तो
- 2:41:19कंपनी को जो नोटिस मिला कि कंपनी को लेट्स
- 2:41:22से नोटिस कि मैंने मैंने बोला कि मैं
- 2:41:23रिजाइन कर रहा हूं। मैंने बोला कि मैं
- 2:41:24रिजाइन कर रहा हूं। कब से रिजाइन कर रहा
- 2:41:26हूं? मैंने नोटिस में लिख के दिया कि भाई
- 2:41:27मैं
- 2:41:2912 फरवरी
- 2:41:312028 को रिजाइन कर रहा हूं। 2028 से मैं
- 2:41:33रिजाइन कर रहा हूं। ठीक है ना? सीधी बात
- 2:41:35है। पर मुझे नोटिस कब मिला? असली में?
- 2:41:37कंपनी को नोटिस रिसीव कब हुआ? कंपनी को
- 2:41:39नोटिस ही रिसीव हुआ 15 फरवरी 2028 को। तो
- 2:41:43भाई जब तक कंपनी को पता ही नहीं पड़ा कि
- 2:41:45वो रिजाइन कर रहा है तो ऐसे छोड़ तो नहीं
- 2:41:46सकता ना जब तक पता नहीं पड़े। तो व्हिच
- 2:41:48एवर इज़ लेटर बाद में कब हुआ कि कंपनी को
- 2:41:50नोटिस कब रिसीव हुआ? 15 फरवरी 2028। तो 15
- 2:41:52फरवरी 2028 की रेज़िग्नेशन डेट मानी जाएगी
- 2:41:56कि रिजाइन 15 फरवरी को करना है। 12 फरवरी
- 2:41:58को नहीं। ठीक है सर।
- 2:42:24तो सर ठीक है अब बस मेन मेनमेन वाला पॉइंट
- 2:42:26हो गया अब देख लेते हैं एक बार कुछ नहीं
- 2:42:27अब कुछ खास बचा है क्या इसके अंदर
- 2:42:28डायरेक्टर रिटर्न नोटिस देके उसको भेजेगा
- 2:42:31डायरेक्टर चाहे तो खुद से खुद से वो चाहे
- 2:42:33तो डीआई 11 भर सकता है। आरओसी को 30 डेज
- 2:42:35के अंदर में बता दिया। फॉरेन डायरेक्टर है
- 2:42:37तो वह सीए, सीए, सीएमए, एडवोकेट या फिर
- 2:42:38दूसरे रेजिडेंट डायरेक्टर को बता सकता है।
- 2:42:40कंपनी की ड्यूटी है कि बस कंपनी की क्या
- 2:42:42ड्यूटी होगी? जैसे रिजाइन करा वो इस चीज
- 2:42:43को नोट में ले ले। मतलब वो खुद से नोट कर
- 2:42:45ले कि हां भाई इस डायरेक्टर ने रिजाइन कर
- 2:42:46दिया है। डीआई 12 आरओसी को भर देगा 30 दिन
- 2:42:49के अंदर-अंदर। साथ में कंपनी की वेबसाइट
- 2:42:51पे भी बता देगा। कंपनी की वेबसाइट पे बता
- 2:42:52देगा, बोर्ड रिपोर्ट में बता देगा कि इसने
- 2:42:54रिजाइन कर दिया है। ठीक है? तो मेन आरओसी
- 2:42:56को बता देगा, कंपनी की वेबसाइट पे बता
- 2:42:58देगा, बोर्ड रिपोर्ट में बता देगा। कंपनी
- 2:42:59की वेबसाइट बोर्ड में बता देगा किसने
- 2:43:00रिजाइन कर दिया। इफेक्टिव डेट क्या होगी?
- 2:43:02मैंने बोला कि या जब कंपनी को वो रिसीप्ट
- 2:43:04मिला नोटिस या फिर जो डेट मेंशन है उसके
- 2:43:06अंदर वो होगी उसके अंदर। ठीक है? और सर
- 2:43:10लायबिलिटी क्या होगी? जो डायरेक्टर छोड़
- 2:43:11के चले गया। अब उसके बाद तो उसकी कोई
- 2:43:13लायबिलिटी नहीं है। पर कोई भी ऐसा काम कि
- 2:43:15लेट से वो छोड़ के यहां पर गया था। छोड़
- 2:43:17के वो यहां पर गया था। पर यहां पर जो जो
- 2:43:19काम करे यहां पर जो जो भी उसने काम करे
- 2:43:21उसके लिए तो वो हमेशा आगे भी लायबल रहेगा।
- 2:43:23उसके लिए तो हमेशा आगे भी लायबल रहेगा।
- 2:43:25क्योंकि भाई जब तू डायरेक्टर था तब तूने
- 2:43:26वो काम करे थे।
- 2:43:29और सर फालतू पंड के अगर सारे के सारे
- 2:43:31डायरेक्टर ने रिजाइन कर दिया तो क्या
- 2:43:32होगा? तो प्रमोटर या फिर सेंट्रल
- 2:43:34गवर्नमेंट प्रमोटर या तो प्रमोटर खुद
- 2:43:36डायरेक्टर बन जाएगा उस कंपनी का या फिर
- 2:43:37सेंट्रल गवर्नमेंट अपॉइंट कर देगा
- 2:43:38डायरेक्टर को। ठीक है? और एक और पॉइंट कभी
- 2:43:41भी ये रेज़िग्नेशन को सामने वाले कंपनी की
- 2:43:43अप्रूवल नहीं लगेगी कि सामने कंपनी बोलेगी
- 2:43:45नहीं नहीं मैं तो अप्रूव नहीं कर रहा तेरा
- 2:43:47रेिग्नेशन। अप्रूवल की जरूरत ही नहीं है।
- 2:43:49अप्रूवल की जरूरत ही नहीं है। सामने वाले
- 2:43:50ने बोला रिजाइन मतलब है रिजाइन। बात खत्म।
- 2:43:52अप्रूवल की जरूरत नहीं। ठीक है? तो ये हो
- 2:43:54गया सर रेज़िग्नेशन। उसके बाद सर रिमूव ऑफ
- 2:43:57डायरेक्टर। यहां पर अपन ने पढ़ा रेिग्नेशन।
- 2:43:59अब अपन पढ़ रहे हैं सर रिमूव। रेज़िग्नेशन
- 2:44:01के बाद पढ़ रहे हैं अपन रिमूवल। तो अपन
- 2:44:04चाहे तो डायरेक्टर को निकाल सकते हैं।
- 2:44:05सिंपल सी बात है। तो डायरेक्टर को कौन
- 2:44:07निकालेगा? सीधी बात है। जनरल मीटिंग के
- 2:44:09अंदर शेयरहोल्डर निकालेंगे डायरेक्टर को।
- 2:44:11जनरल मीटिंग के अंदर शेयरहोल्डर निकालेंगे
- 2:44:13डायरेक्टर को। तो भाई सिंपल सी बात है।
- 2:44:19कैसे निकालेंगे? एक ब्रॉड ओवरव्यू देखो
- 2:44:20तुम। सबसे पहले ब्रॉड ओवरव्यू कि लेट्स से
- 2:44:22कि बहुत सारे मेंबर्स को जम नहीं रहा है
- 2:44:23कि यार ये डायरेक्टर होना चाहिए हमारा। तो
- 2:44:25ये जो बहुत सारे मेंबर थे ना बहुत सारे
- 2:44:27मेंबर या फिर एक अकेला मेंबर व्हाटएवर एक
- 2:44:29अकेला मेंबर बड़ा मेंबर ऐसे हर कोई नहीं
- 2:44:31बोल सकता बड़ा मेंबर मतलब बताऊंगा तुमको
- 2:44:32बड़ा मेंबर कौन होता है उस बंदे ने कंपनी
- 2:44:34को नोटिस दिया उस बंदे ने कंपनी को नोटिस
- 2:44:38दिया कि भाई मीटिंग बुलाई जाए मेरे को इस
- 2:44:40डायरेक्टर को निकालना है मीटिंग बुलाई जाए
- 2:44:42मेरे को इस डायरेक्टर को निकालना है
- 2:44:44मीटिंग बुलाओ मेरे को इस डायरेक्टर को
- 2:44:46निकालना है कि 14 डेज पहले होती है ना यह
- 2:44:47वाली हां 14 डेज पहले होती है यह वाली
- 2:44:49मीटिंग
- 2:44:56हम तो वो क्या बोलेगा वो एटलीस्ट जब भी
- 2:44:58मीटिंग होने वाली है उसके 14 डेज बिफोर
- 2:45:00एटलीस्ट 14 डेज बिफोर वो ये बंदा बोल देगा
- 2:45:03मतलब जो मेंबर है शेयरहोल्डर को बोल देगा
- 2:45:05कि मेरे को कंपनी को नोटिस देगा कि यार
- 2:45:07मेरे को इस डायरेक्टर को निकालना है। ठीक
- 2:45:09है? तो वो कंपनी क्या करेगी? कंपनी क्या
- 2:45:12करेगी? अब कंपनी
- 2:45:15जित अब कंपनी उस डायरेक्टर को बताएगी।
- 2:45:17कंपनी उस डायरेक्टर को बताएगी कि देख भाई
- 2:45:19तेरे को तेरे को निकालने के लिए मेरे पास
- 2:45:21नोटिस आया है। तेरे को निकालने के लिए
- 2:45:22मतलब रेोल्यूशन आया है कि डिस्कस करेंगे
- 2:45:24जनरल मीटिंग में कि तेरे को निकाला जाए या
- 2:45:26नहीं निकाला जाए। तेरे को निकालने के लिए
- 2:45:27आया भाई ये तो उस डायरेक्टर को बताएगी वो।
- 2:45:29ठीक है? सिंपल सी बात है। डायरेक्टर को
- 2:45:30बताएगी। अब डायरेक्टर अपना एक
- 2:45:32रिप्रेजेंटेशन देगा। अपॉर्चुनिटी ऑफ़ बीइंग
- 2:45:34हर्ड मिलेगी। उसको अपॉर्चुनिटी ऑफ़ बीइंग
- 2:45:36हर्ड। अपॉर्चुनिटी ऑफ़ बीइंग हर्ड उसको
- 2:45:37मिलेगी। वो एक रिप्रेजेंटेशन देगा। मतलब
- 2:45:39एक लिख के लेटर देगा। एक लिख के लेटर देगा
- 2:45:42कि मैंने कंपनी के लिए इतना अच्छा अच्छा
- 2:45:43करा है। मैंने सब कुछ करा है। मुझे मत
- 2:45:45निकालो। मैं विलिंग हूं। वो कंपनी
- 2:45:46डायरेक्टर वो डायरेक्टर ऐसा मतलब बोलेगा
- 2:45:49सबको डायरेक्टर एक लिख के देगा। अब जो भी
- 2:45:51ये नोटिस है प्लस ये रिप्रेजेंटेशन है ये
- 2:45:54जो भी नोटिस है प्लस ये जो रिप्रेजेंटेशन
- 2:45:56है ये दोनों सारे मेंबर्स को सर्कुलेट हो
- 2:45:59जाएंगे। सारे सारे मेंबर्स को सर्कुलेट हो
- 2:46:04जाएगा। सारे मेंबर्स को सर्कुलेट हो
- 2:46:06जाएगा। क्या सर्कुलेट हो जाएगा कि भाई कम
- 2:46:08ये जो नोटिस था ना कि इसको निकालने के लिए
- 2:46:10प्रपोजल आया है। प्लस इसको निकालने के लिए
- 2:46:12प्रपोजल आया और यह बंदा ये रिप्रेजेंटेशन
- 2:46:14दे रहा है। वो दोनों सारे मेंबर को कंपनी
- 2:46:16सर्कुलेट कर देगी। कंपनी सारे मेंबर को
- 2:46:19सर्कुलेट कर देगी कि ये इस बंदे ने
- 2:46:20निकालने के लिए बोला है और ये डायरेक्टर
- 2:46:22इसके लिए ये बोल रहा है। सबको सर्कुलेट कर
- 2:46:24देगी। फिर फाइनली मीटिंग में जो भी डिसीजन
- 2:46:26होगा वो होगा। बात खत्म। ये इसका इन जनरल
- 2:46:29प्रोसेस होता है। ठीक है? और हां हो सकता
- 2:46:31है कि कभी कबभार वो सर्कुलेट ना कर पाए।
- 2:46:34ये जो नोटिस होता है ना हो सकता है कभी
- 2:46:36कबार ये सर्कुलेट ना कर पाए कि जो एक सॉरी
- 2:46:38डायरेक्टर ने जो रिप्रेजेंटेशन दिया है वो
- 2:46:39सब कुछ सर्कुलेट ना हो पाए। सबको नोटिस के
- 2:46:41साथ ना जा पाए। हो सकता है ऐसा कभी कबार
- 2:46:42हो जाए। तो उस केस के अंदर जो भी जनरल
- 2:46:45मीटिंग होगी ना उसके अंदर उस उस
- 2:46:47रिप्रेजेंटेशन को पढ़ के सुना दिया जाएगा।
- 2:46:49जनरल मीटिंग होगी उसमें रिप्रेजेंटेशन को
- 2:46:51पढ़ के सुना दिया जाएगा कि डायरेक्टर ये
- 2:46:53ये बोल रहा है। डायरेक्टर ये ये बोल रहा
- 2:46:54है कि उसे क्यों नहीं निकाले। क्यों नहीं
- 2:46:56निकालें? डायरेक्टर यही बोल रहा है। सिंपल
- 2:46:58सी बात है। तो ऐसा भी हो सकता है कि अगर
- 2:47:00सब सब लोगों को सर्कुलेट नहीं हुआ तो
- 2:47:02रिप्रेजेंटेशन। तो सब लोगों को अगर
- 2:47:04सर्कुलेट नहीं हुआ तो वो जो रिप्रेजेंटेशन
- 2:47:06है वो पढ़ के सुना दो। और हालांकि ये भी
- 2:47:08हो सकता है कि ट्रिब्यूनल मना कर दे।
- 2:47:10ट्रिब्यूनल मना कर दे। ट्रिब्यूनल मना कर
- 2:47:13दे कि ये जो रिप्रेजेंटेशन डायरेक्टर ने
- 2:47:15दिया है ना तो वो किसी को सर्कुलेट होगा
- 2:47:17ना तो वो किसी को सर्कुलेट होगा ना एजीएम
- 2:47:19मतलब जनरल मीटिंग में पढ़ के सुनाया
- 2:47:21जाएगा। ट्रिब्यूनल चाहे तो बोल सकता है जब
- 2:47:23भी उसको ऐसा लगे कि ये जो डायरेक्टर है ना
- 2:47:24वो कुछ डिफेमेटरी रिमार्क दे रहा है। मतलब
- 2:47:27कि वो कुछ लोगों के लिए बुराई कर रहा है
- 2:47:29कि ये खराब इंसान है वो खराब इंसान है।
- 2:47:30अगर ऐसा कहीं पे लग गया तो ऐसी गंदी गंदी
- 2:47:32चीजें नेगेटिविटी हम ना तो वहां पे एजीएम
- 2:47:34में पढ़ेंगे और ना सर्कुलेट करेंगे। ऐसा
- 2:47:36कुछ नहीं करेंगे। अगर ट्रिब्यूनल ऐसा बोल
- 2:47:38दे तो नहीं। ठीक है सर। ये रहा। अब सर एक
- 2:47:41दो पॉइंट और देख लो स्पेसिफिकली
- 2:47:44कि हां इसको निकालना है तो वो ये है कि
- 2:47:46कोई ना कोई मेंबर आके नोटिस देगा कंपनी को
- 2:47:49कि हमको इसको निकालना है मीटिंग बुलाओ
- 2:47:51वगैरह तो 14 डेज बिफोर मीटिंग उसको देना
- 2:47:53पड़ेगा कि 14 दिन के पहले तो दे देना पर 3
- 2:47:56महीने से भी पहले मत दे देना 14 दिन से
- 2:47:58पहले दे देना पर 3 महीने से भी पहले मत दे
- 2:48:00देना कि जब भी मीटिंग होने वाली है जब भी
- 2:48:03मीटिंग होने वाली है मीटिंग यहां पे होने
- 2:48:04वाली है मीटिंग यहां पे होने वाली है तो
- 2:48:06एटलीस्ट आप 14 डेज बिफोर दे दो एटलीस्ट आप
- 2:48:0914 डेज बिफोर फोर दे दो। पर यहां पर 3
- 2:48:12महीने हो गए। एटलीस्ट थ्री तीन महीने हो
- 2:48:14गए। तो ये नहीं कि आप 3 महीने से भी पहले
- 2:48:16देके बैठ गए नोटिस। भाई जब तक तो भूल ही
- 2:48:18जाएगा इंसान। जब तक तो भूल ही जाएगा कि
- 2:48:19इतने पुराना नोटिस देके बैठो तुम। तो तीन
- 2:48:21एटलीस्ट 3 महीने मतलब 14 दिन पहले तो दे
- 2:48:24देना तुम नोटिस पर 3 महीने से भी पहले मत
- 2:48:26दे देना। ठीक है? और अब ये बंदा मतलब हर
- 2:48:29कोई मैंने बोला ना हर कोई थोड़ी ना बोल
- 2:48:30सकता है इस डायरेक्टर को निकालो।
- 2:48:31डायरेक्टर को निकालो। इसका कुछ तो होगा कि
- 2:48:33कब निकालें? कब बोलेंगे? तो या तो वो बंदा
- 2:48:36या तो वो बंदा 1% ऑफ वोटिंग पावर हेल्ड
- 2:48:40करता है या फिर वो ₹5 लाख के शेयर हेल्ड
- 2:48:43करता है। तो वो बंदा बोल सकता है कि इसको
- 2:48:44निकालो। वो बंदा बोल सकता है इसको निकालो।
- 2:48:46ठीक है? मतलब प्रपोज कर सकता है। फिर
- 2:48:48फाइनली तो देखेंगे सारे मेंबर एग्री हो
- 2:48:49रहे हैं नहीं हो रहे। ऑर्डिनरी रेोल्यूशन,
- 2:48:51जनरल स्पेशल रेोल्यूशन जो भी पास होगा तो
- 2:48:53कौन बोल सकता है निकालने के लिए? 1% ऑफ़
- 2:48:55वोटिंग पावर या फिर ₹5 लाख की शेयर
- 2:48:57कैपिटल। 1% वोटिंग पावर या ₹5 लाख की शेयर
- 2:48:59कैपिटल तो वह बोल
- 2:49:01सकता है।
- 2:49:05ठीक है सर। चलो अब यह लगभग हो गया
- 2:49:06तुम्हारा। अब यह वाला हमारा सेक्शन में
- 2:49:07कुछ था नहीं। मेनली यही वाली चीज है। अब
- 2:49:08फटाफट देख लो इसको कि सर सिंपल सी बात है।
- 2:49:10जनरली आपको उसको उसको निकालना है किसी भी
- 2:49:12नॉर्मल डायरेक्टर को तो ऑर्डिनरी रिलेशन
- 2:49:13लगेगा और अपॉर्चुनिटी ऑफ़ बीइंग गड देनी
- 2:49:15पड़ेगी कि सामने वाला क्या बोलना चाह रहा
- 2:49:16है। डायरेक्टर को बिना कुछ बोले मत
- 2:49:18निकालो। उसको भी बोलने का मौका दो कुल
- 2:49:20मिला के। फिर अगर इंडिपेंडेंट डायरेक्टर
- 2:49:22को निकालना है उसके सेकंड टर्म में।
- 2:49:24इंडिपेंडेंट डायरेक्टर को निकालना है उसके
- 2:49:26सेकंड टर्म में। अगर इंडिपेंडेंट
- 2:49:28डायरेक्टर को फर्स्ट टर्म में ही निकालना
- 2:49:29है तो ऑर्डिनरी रेोल्यूशन लगेगा। पर
- 2:49:31इंडिपेंडेंट डायरेक्टर को उसके सेकंड टर्म
- 2:49:33में निकालना है। तो भाई सेकंड टर्म में जब
- 2:49:35इंडिपेंडेंट डायरेक्टर को आपको अपॉइंट
- 2:49:37करना होता है ना सेकंड टर्म के लिए जब
- 2:49:38आपको इंडिपेंडेंट डायरेक्टर को अपॉइंट
- 2:49:40करना होता है तो हमेशा स्पेशल रेोल्यूशन
- 2:49:42लगता है। सेकंड टर्म के लिए जब आपको
- 2:49:43इंडिपेंडेंट डायरेक्टर को अपॉइंट करना है
- 2:49:45तो सेम जब आपको रिमूव करना है ना सेकंड
- 2:49:47टर्म के लिए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर को तो
- 2:49:49भी स्पेशल रेोल्यूशन लगेगा। तो मतलब
- 2:49:51अपॉइंट करने के लिए जहां पे ओआर लग रहा है
- 2:49:52वहां पे ओआर लगेगा। जहां रिमूव करने के
- 2:49:54लिए और जहां अपॉइंट करने के लिए एसआर लगा
- 2:49:55है वहां भी एसआर लगेगा रिमूव करने के लिए।
- 2:49:57तो सेकंड टर्म में अगर आपको इंडिपेंडेंट
- 2:49:58डायरेक्टर को निकालना है तो एसआर लगेगा और
- 2:50:00साथ में अपॉर्चुनिटी ऑफ़ बीइंगर तुम दे
- 2:50:02देना।
- 2:50:03अब वो ये है कि आपको स्पेशल नोटिस देना
- 2:50:05पड़ेगा। सबको सारे लोगों को स्पेशल नोटिस
- 2:50:07भेजना पड़ेगा कि हम डायरेक्टर को रिमूव
- 2:50:09करना चाह रहे हैं और या फिर उसकी जगह किसी
- 2:50:10और को अपॉइंट करना चाह रहे हैं। ऐसा
- 2:50:12लगेगा। वो जो नोटिस आपको देना पड़ेगा।
- 2:50:14नोटिस मस्ट बी गिवन एटलीस्ट 14 डेज बिफोर
- 2:50:16मीटिंग। आपको चार 14 डेज बिफोर मीटिंग
- 2:50:18आपको देना पड़ेगा। बट नॉट अर्लियर दैन 3
- 2:50:20मंथ बट नॉट अर्लियर देन 3 मंथ। 3 मंथ से
- 2:50:22पहले आप नहीं दे सकते। बाय हुम कौन देगा
- 2:50:26नोटिस जिसके पास मेंबर एटलीस्ट 1% ऑफ
- 2:50:29वोटिंग पावर हेल्ड करता हो या फिर ₹5 लाख
- 2:50:30हेल्ड करता हो वह नोटिस देगा और जैसे ही
- 2:50:33कंपनी को वो नोटिस मिला जैसे ही कंपनी को
- 2:50:35वो नोटिस मिला तो मैंने बोला कंसर्न
- 2:50:36डायरेक्टर को डायरेक्टर को बताएगी कि भाई
- 2:50:38देख तेरे को निकालने की बात चल रही है तो
- 2:50:40वो एक रिटन रिप्रेजेंटेशन लिख के देगा
- 2:50:41रिटन रिप्रेजेंटेशन अपन सबको भेजेंगे सबको
- 2:50:43भेजेंगे रिटन रिप्रेजेंटेशन एव्री मेंबर
- 2:50:45को भेजेंगे अगर सबको नहीं भेज पाए तो हम
- 2:50:47मीटिंग के अंदर उसको पढ़ के सुनाएंगे
- 2:50:48हालांकि ट्रिब्यूनल मना कर सकता है कि ना
- 2:50:50तो उसको सर्कुलेट करना है ना उसको पढ़ के
- 2:50:53सुनाना है ना सर्कुलेट करना है जब कोई भी
- 2:50:55डिफेमेटरी रिमार्क वगैरह वो ऐसी बात
- 2:50:56पकड़ी। ठीक है? अब वो डायरेक्टर तो चले
- 2:50:59गया। अब वो डायरेक्टर तो चले गया। अब उसकी
- 2:51:00वैकेंसी कैसे फुलफिल होगी? अगर स्पेशल
- 2:51:03स्पेशल नोटिस जो आपने भेजा था उस स्पेशल
- 2:51:05नोटिस में ही आपने बता रखा था कि हम कोई
- 2:51:06न्यू डायरेक्टर अपॉइंट करना चाहते हैं। उस
- 2:51:08स्पेशल नोटिस में ही अगर आपने लिखा होता
- 2:51:10है हम कोई न्यू डायरेक्टर अपॉइंट करना
- 2:51:11चाहते हैं। तो उस सेम मीटिंग में ही आप
- 2:51:13न्यू डायरेक्टर को अपॉइंट कर सकते हो। सेम
- 2:51:14मीटिंग में न्यू डायरेक्टर को अपॉइंट कर
- 2:51:15सकते हो। अदरवाइज़ आप कैजुअल वैकेंसी की
- 2:51:17तरह बाद में फुलफिल कर लेना। कैजुअल
- 2:51:19वैकेंसी की तरह बाद में फुलफिल कर लेना।
- 2:51:21कोई दिक्कत नहीं है। ठीक है? और जो भी
- 2:51:23न्यू डायरेक्टर आप अपॉइंट करोगे वो
- 2:51:25ओरिजिनल डायरेक्टर जो निकाला उसका वाला
- 2:51:26पीरियड तक वो रहेगा और साथ में कौन-कौन से
- 2:51:29डायरेक्टर नहीं निकाले जा सकते फालतू
- 2:51:31पॉइंट है कट कर दो कि जो भी डायरेक्टर
- 2:51:32ट्रिब्यूनल ने अपॉइंट करे वो नहीं निकाले
- 2:51:33जा सकते प्रपोशननेट रिप्रेजेंटेशन से कोई
- 2:51:35भी डायरेक्टर अपॉइंट हुआ उसको नहीं निकाला
- 2:51:36जा सकता नोमिनी डायरेक्टर को निकाला नहीं
- 2:51:38जा सकता फालतू पॉइंट है एक बार बस पढ़
- 2:51:40लेना बाकी इग्नोर मत और सर उसमें
- 2:51:41इंपॉर्टेंट पॉइंट दो इंपॉर्टेंट पॉइंट जो
- 2:51:43एमसीक्यू आ सकते हैं आप जब डायरेक्टर को
- 2:51:45निकालोगे जो नोटिस दे रहे हो ना निकालने
- 2:51:47का नोटिस दे रहे हो सबको निकालने के लिए
- 2:51:49उस नोटिस के अंदर रीज़ देना कंपलसरी नहीं
- 2:51:52है LIC सी वर्सेस एस कोर्ट का कोर्ट केस
- 2:51:54हुआ था कि रीज़ ऑफ रिमूवल देना कंपलसरी
- 2:51:57नहीं है। आप बिना रीज़ को मेंशन करे भी
- 2:51:59उसको निकाल सकते हो। बिना रीज़न को मेंशन
- 2:52:00करे भी उसको निकाल सकते हो। बात खत्म। और
- 2:52:03निकालने के बाद ऐसा होता है ये फिर भी तुम
- 2:52:05पढ़ लो कि कंपनसेशन ऑफ़ लॉस ऑफ़ ऑफिस फिर भी
- 2:52:07आपको देना पड़ेगा कि जब भी आप किसी
- 2:52:08डायरेक्टर को निकालते हो ना, तो जनरली
- 2:52:09उसको कुछ पैसे देने पड़ते हैं। तो आपको
- 2:52:11देने ही पड़ेंगे। अगर वह एलिजिबल है उसके
- 2:52:13लिए तो देने ही पड़ेंगे।
- 2:52:16ठीक है? तो विदाउट रीज़न भी अपन निकाल। यह
- 2:52:18हो गया अपना कंप्लीट।
- 2:52:23ठीक है सर। तो यह डायरेक्टर रिमूवल भी
- 2:52:25अपना हो गया कंप्लीट। अब सर यह फालतू
- 2:52:28पॉइंट है। इसको स्किप मार दो। मैं तो मतलब
- 2:52:30नहीं पढ़ाऊंगा। मतलब कोई सेंस ही नहीं है
- 2:52:31इसके अंदर। तुम भी इग्नोर करके जाना। कुल
- 2:52:32मिला के हर एक कंपनी को हर एक कंपनी को
- 2:52:34अपने पास मेंटेन रखना पड़ेगा। जो भी
- 2:52:36डायरेक्टर रजिस्टर है ना डायरेक्टर का कि
- 2:52:37उसके कंपनी के पास कौन-कौन डायरेक्टर है।
- 2:52:39डायरेक्टर की सारी डिटेल उसका एक रजिस्टर
- 2:52:40मेंटेन करके रखना पड़ेगा। वो रजिस्टर अपने
- 2:52:42रजिस्टर ऑफिस पे रखेगी। और जब भी कोई
- 2:52:44चेंजेस होगा कि कोई नया डायरेक्टर आया या
- 2:52:46गया तो वो आरओसी को बताएगी विद इन 30 डज़।
- 2:52:47फालतू पॉइंट है और यह जो यह जो था ना यह
- 2:52:50रजिस्टर वो मेंबर कभी भी इंस्पेक्ट कर
- 2:52:52सकते हैं बिज़नेस आर्ट्स के अंदर। बिज़नेस
- 2:52:53आर्ट के अंदर इंस्पेक्ट कर सकते हैं या
- 2:52:54फिर एजीएम के अंदर भी उस रजिस्टर को रखना
- 2:52:56पड़ेगा। कोई भी बंदा अगर उसकी कॉपी मांग
- 2:52:58रहा है कि मेरे को इस रजिस्टर की कॉपी दो
- 2:53:00तो फ्री ऑफ कॉस्ट कंपनी को देनी पड़ेगी विथ
- 2:53:01इन 30 डेज। किसी भी मेंबर ने बोला कि मेरे
- 2:53:03को ये डायरेक्टर के रजिस्टर की कॉपी दो तो
- 2:53:05विथ इन 30 डेज आपको देनी पड़ेगी। बात खत्म।
- 2:53:08और अगर आपने कुछ भी कंप्लाई नहीं करा ऊपर
- 2:53:09वाले कंपनीज़ एक्ट के अंदर तो 5,000 की
- 2:53:11पेनल्टी वगैरह लग जाएगी। फालतू पॉइंट है।
- 2:53:12छोड़ दो।
- 2:53:16फेल टू रीप डिपॉज़िट। अगर आप डिपॉजिट रीप
- 2:53:18करने के लिए फेल हो गए 10 अप्रैल 2018 से
- 2:53:205 मई 2019 तक आपने पे नहीं करा मतलब एक
- 2:53:22साल से ऊपर हो गया एक साल से ऊपर हो गया
- 2:53:23तो वही डायरेक्टर 5 साल के लिए
- 2:53:25डिसक्वालीफाई हो जाएगा बाकी कंपनी में सेम
- 2:53:27कंपनी में कंटिन्यू करेगा आपने साल के
- 2:53:30अंदर पांच बोर्ड मीटिंग हुई आपने एक भी
- 2:53:31बोर्ड मीटिंग अटेंड नहीं करी तो आपको
- 2:53:33वेकेट करना पड़ेगा ऑफिस ठीक है तो सर अपना
- 2:53:36चैप्टर लगभग कंप्लीट हो गया बस एक टॉपिक
- 2:53:38बाकी है बस एक सेक्शन बाकी है अपना रोटेशन
- 2:53:41कौन सा बाकी है सर रोटेशन ऑफ डायरेक्टर
- 2:53:48यह रहा
- 2:53:50रिटायरमेंट बाय रोटेशन सेक्शन 152 सब
- 2:53:52सेक्शन सिक्स सेक्शन 152 सब सेक्शन सिक्स
- 2:53:54जो नहीं लगता है अनलिस्टेड गवर्नमेंट
- 2:53:56कंपनी और उसकी सब्सिडरी मतलब अनलिस्टेड
- 2:53:58गवर्नमेंट कंपनी और उसकी सब्सिडी उस पे
- 2:54:00नहीं लगता मतलब उसमें रोटेशन नहीं होता सर
- 2:54:02क्या है इसका मतलब पहले एक बार ये बता दो
- 2:54:07देखो डायरेक्टर को अपन को ना दो पार्ट में
- 2:54:09तोड़ना है हमेशा डायरेक्टर को दो पार्ट
- 2:54:10में तोड़ना है सर कैसे दो पार्ट में
- 2:54:12तोड़ना है जो भी टोटल डायरेक्टर है
- 2:54:18जो भी टोटल डायरेक्टर है टोटल डायरेक्टर
- 2:54:21है उन डायरेक्टर को तोड़ो कि उन डायरेक्टर
- 2:54:25में से 2/3 डायरेक्टर जो होंगे उन
- 2:54:28डायरेक्टर में से 2/3 डायरेक्टर जो होंगे
- 2:54:30वो 2/3 डायरेक्टर होंगे रोटेशनल डायरेक्टर
- 2:54:34कि हर एजीएम के अंदर वो छोड़ के जाएंगे या
- 2:54:37नया आएगा छोड़ के जाएंगे नया आएगा छोड़ के
- 2:54:38जाएंगे नया आएगा ऐसा कुछ होगा रोटेशनल
- 2:54:41डायरेक्टर कि 2/3 डायरेक्टर खाली होते
- 2:54:43जाएंगे कचरा साफ साफ होता जाएगा कचरा साफ
- 2:54:45कचरा नया पुराना कचरा गया नया आया पुराना
- 2:54:47कचरा गया नया साया तो कुल मिला के टू थर्ड
- 2:54:48डायरेक्टर रोटेशनल होंगे ठीक है वो
- 2:54:51रोटेशनल कैटेगरी में आएंगे और बाकी जो
- 2:54:54रिमेनिंग वन रिमेनिंग डायरेक्टर है वो
- 2:54:56होंगे नॉन रोटेशनल रिमेनिंग क्या होंगे
- 2:54:59नॉन रोटेशनल जैसे अंबानी जी की कंपनी है
- 2:55:03जैसे अंबानी जी की कंपनी Reliance कंपनी
- 2:55:04है तो अंबानी जी किसमें आएंगे रोटेशनल
- 2:55:06होंगे नॉन रोटेशनल होंगे सीधी बात है वो
- 2:55:07तो भाई नॉन रोटेशनल में ही आएंगे वो थोड़ी
- 2:55:08ना कभी कंपनी छोड़ के जाएंगे सीधी बात है
- 2:55:10Reliance में वो थोड़ी ना छोड़ के जाएंगे
- 2:55:11तो बाकी जो भी है कि टू थर्ड डायरेक्टर
- 2:55:13डिसाइड हो जाएगा कि 2/3 डायरेक्टर रोटेशनल
- 2:55:15डायरेक्टर है। वो पहले से डिसाइड हो
- 2:55:16जाएगा। अब सर
- 2:55:20ये जो रोटेशनल डायरेक्टर है ये जो रोटेशनल
- 2:55:23डायरेक्टर है ये तो है कि 2/3 ऑफ़
- 2:55:24डायरेक्टर रोटेशनल है। 2/3 डायरेक्टर
- 2:55:27रोटेशनल है। उस 2/3 में से भी 1/3 को हर
- 2:55:31साल निकाल के लाया नया लाया जाएगा। उन 2/3
- 2:55:35में से 1/3 उन 2/3 में से भी 1/3
- 2:55:38डायरेक्टर जो होंगे उनको हर साल निकाला
- 2:55:40जाएगा। हर हर जनरल मीटिंग के अंदर हर
- 2:55:42एजीएम के अंदर उनको निकालेंगे। वापस से
- 2:55:44उन्हीं चाहे आप चाहो तो उन्हीं को
- 2:55:46रीअपॉइंट कर लो या फिर नए वालों को
- 2:55:47रीपॉइंट करो। आप चाहो तो उन्हीं को
- 2:55:48रीपॉइंट कर लो या नए वालों को रीपॉइंट कर
- 2:55:50लो। सर फॉर एन एग्जांपल फॉर एन एग्जांपल
- 2:55:54टोटल नंबर ऑफ़ डायरेक्टर। टोटल नंबर ऑफ़
- 2:55:56डायरेक्टर अगर आपके थे। लेट्स से
- 2:55:5910 टोटल डायरेक्टर कितने हैं आपके? रेड से
- 2:56:02लिख लेता हूं। 10 टोटल नंबर ऑफ़ डायरेक्टर
- 2:56:04कितने हैं? 10 डायरेक्टर हैं आपके। ठीक है
- 2:56:07ना?
- 2:56:08अब इस 10 डायरेक्टर के अंदर अब इस 10
- 2:56:12डायरेक्टर के अंदर
- 2:56:16हां 10 डायरेक्टर के अंदर आपको रोटेशनल
- 2:56:20डायरेक्टर कितने हुए आपके 10 के अंदर से
- 2:56:2223 इसका कर लो इसका 23 कितना आएगा 3.33
- 2:56:24होता है 1/3 तो ये हो गया 6.66 तो 6.66
- 2:56:29डायरेक्टर क्या हो गए आपके रोटेशनल कि छह
- 2:56:32डायरेक्टर छह इसको हमेशा अपर राउंड ऑफ
- 2:56:33करेंगे ये वाले को हमेशा अपर राउंड ऑफ
- 2:56:35करते हैं तो 6.66 को क्या लिखना है यहां
- 2:56:36पे सात 6.66 को लिखना है सात। तो 10
- 2:56:39डायरेक्टर टोटल है। उसमें से सात हो गए
- 2:56:41रोटेशनल डायरेक्टर। सात हो गए रोटेशनल
- 2:56:44डायरेक्टर। अब उन सात में से भी उन सात
- 2:56:48में से भी 1/3 निकालो। सात में से भी 1/3
- 2:56:50निकालो। 3 * 2 = 6 2.33 2.33
- 2:56:562.33
- 2:56:58तो 2.33 डायरेक्टर हर साल छोड़ के जाएंगे।
- 2:57:022.33 हर साल छोड़ के जाएंगे। तो 2.33 को
- 2:57:05क्या करना है? यहां पर तो हमेशा अपर राउंड
- 2:57:07ऑफ होता है। जैसे अपन ने इंडिपेंडेंट
- 2:57:08डायरेक्टर पढ़ा था 1/3 होने चाहिए। तो वहां
- 2:57:10पे अपपर राउंड ऑफ था। यहां पे भी अपर
- 2:57:12राउंड ऑफ है। पर इस जगह जो है ना 1/3
- 2:57:14निकालेंगे। यहां पर मैक्स वाला रूल है। जो
- 2:57:16भी मैक्स वाला रूल नहीं होता नियरेस्ट
- 2:57:18नंबर वाला वहां पे लिया। तो नियरेस्ट नंबर
- 2:57:19क्या है? 2.33 का टू नियरेस्ट नंबर है टू।
- 2:57:23तो दो डायरेक्टर को हर साल निकलना पड़ेगा।
- 2:57:26हर साल निकलना पड़ेगा। तो टोटल 10
- 2:57:29डायरेक्टर थे। उसके 2/3 सेवन हो गए। सेवन
- 2:57:31रोटेशन डायरेक्टर होगा। और उसके अंदर से
- 2:57:32अब वापस से 1/3 निकालो। मतलब टू आ गया। टू
- 2:57:35जो होगा वो उसको हर साल निकलना पड़ेगा। ये
- 2:57:38रोटेशनल है और ये है जो हर साल एक्चुअल
- 2:57:40में रोटेट होंगे। ठीक है सर। अब आ जाओ तुम
- 2:57:46कि पब्लिक कंपनी के अंदर जनरली ये लगता है
- 2:57:482/3 1/3 वाला रूल। अनलेस अनलेस ये केवल
- 2:57:52पब्लिक कंपनी बोला मैंने उनको जो भी
- 2:57:54प्राइवेट वगैरह उनको फॉलो करना जरूरी नहीं
- 2:57:56होता। तो अनलेस पब्लिक कंपनी के अगर
- 2:57:58आर्टिकल ऑफ़ एसोसिएशन में ऐसा ना लिख दे।
- 2:58:00ऐसा ना लिख दे कि ऑल डायरेक्टर आर आरबीआर।
- 2:58:03ओ डायरेक्टर आरबीआई रोटेशन रिटायरमेंट बाय
- 2:58:06रोटेशन रिटायरमेंट बाय रोटेशन अगर ऐसा लिख
- 2:58:08दिया कि आर्टिकल एसोसिएशन ने लिख दिया
- 2:58:09पब्लिक कंपनी के कि सारे के सारे
- 2:58:11डायरेक्टर ही रोटेट होंगे हमारे तो तो बात
- 2:58:12ही खत्म फिर तो सारे होंगे पर अगर ऐसा
- 2:58:14नहीं लिखा हुआ तो जनरल रूल क्या है भाई
- 2:58:16पब्लिक कंपनी के केस के अंदर एटलीस्ट टू
- 2:58:19थर्ड डायरेक्टर जो होंगे वो लायबल फॉर
- 2:58:21रोटेशन होंगे पर वही मैंने बोला था मतलब
- 2:58:23अच्छा मैंने बताया नहीं था वो उस वक्त
- 2:58:24मैंने तुमको बताया था बाद में अब तुमको
- 2:58:26काम आएगा कि इंडिपेंडेंट डायरेक्टर कभी भी
- 2:58:28रोटेट नहीं होगा स्मॉल शेयरहोल्डर
- 2:58:30डायरेक्टर वो कभी भी रोटेट नहीं होगा मतलब
- 2:58:31वो रोटेशनल डायरेक्टर नहीं होते ठीक है
- 2:58:33ना? इसका मैंने एक फाइनल क्रक्स बता दिया।
- 2:58:35तो लोग बाग बहुत कंफ्यूज करते हैं इसमें।
- 2:58:37मैं तुमको एक फाइनल कंक्लूजन दे दूंगा।
- 2:58:38इतना लोड मत लेना तुम। बस बात खत्म करो।
- 2:58:40बस जो कुछ स्पेशल डायरेक्टर है ना वो कभी
- 2:58:42रोटेट नहीं होते। स्पेशल डायरेक्टर जनरली
- 2:58:43रोटेट नहीं होते। तो बस इतना देख लेना।
- 2:58:45अभी मैं बता दूंगा फाइनल कलक्स।
- 2:58:47अब उसके बाद उसके
- 2:58:51बाद अब अपन देखें
- 2:58:54हम हम
- 2:58:55इन 2/3 के अंदर से भी 1/3 जो होंगे वो हर
- 2:58:58एक एजीएम पे रोटेट होंगे। हर एजीएम पे
- 2:59:00रोटेट होंगे। और फिर उसके बाद उनकी
- 2:59:02वैकेंसी को फुलफिल करा जाएगा। वैकेंसी को
- 2:59:03फुलफिल करा जाएगा। यह मैं अभी बताऊंगा। यह
- 2:59:05वाला भी रोज छोड़ो। यह मैंने तुमको फाइनल
- 2:59:07क्रक्स दे दिया। लोग बाग बहुत कंफ्यूज
- 2:59:08करते हैं। मैंने बड़ा ही दिमाग लगा के
- 2:59:10बड़े ही मुश्किल से भाई ये चार्ट बनाया
- 2:59:11है। ठीक है ना? चलो ये मैं बाद में बता
- 2:59:13दूंगा आपको अभी रुको। और कुल मिला के जो
- 2:59:15वो 2/3 डायरेक्टर छोड़ के जा रहे हैं। 1/3
- 2:59:182/3 का भी 1/3 डायरेक्टर जो छोड़ के जा
- 2:59:20रहे हैं। मतलब कितने डायरेक्टर थे? अपने
- 2:59:22दो डायरेक्टर अपने छोड़ के जा रहे थे। तो
- 2:59:24वो डायरेक्टर
- 2:59:26जनरली जब भी वो डायरेक्टर जाएगा जब भी वो
- 2:59:29डायरेक्टर जाएगा। नहीं यार एक और था ना
- 2:59:32हां यह रहा ना हु रिटायर कि रिटायर कौन
- 2:59:34होगा रिटायर कौन होगा कि लेट्स से कि जो
- 2:59:37भी अह रिटायर हो रहा है तो रिटायर कौन
- 2:59:39होगा कि दो डायरेक्टर अपन ने चुन तो लिया
- 2:59:40दो डायरेक्टर रिटायर हो गए अपन दो में से
- 2:59:42भी कौन रिटायर है अपने पास तो टोटल कितने
- 2:59:44सात डायरेक्टर थे सात में से दो को
- 2:59:46निकालना है तो किन दो को निकाले जो भी
- 2:59:48फर्स्ट ऑफिस होल्ड कर रहा है ना फीफो
- 2:59:49बेसिस लगेगा फीफो बेसिस जो लंबे टाइम से
- 2:59:52ऑफिस होल्ड करके बैठा है उसको निकालो जो
- 2:59:54लंबे टाइम से ऑफिस होल्ड करके बैठा है
- 2:59:55उसको निकालो ठीक है नहीं ऐसा अगर पर कोई
- 2:59:58सेम डे पे किसी ने ऑफिस जॉइन करा कि लेट्स
- 3:00:00से चार डायरेक्टर ने सेम डे पे ऑफिस जॉइन
- 3:00:02करा हुआ है। चार डायरेक्टर ने सेम डे पे
- 3:00:04ऑफिस करा हुआ है जॉइ तो भाई अब लॉन्गेस्ट
- 3:00:05कैसे निकाले? सेम सेम डे पे ऑफिस जॉइन करा
- 3:00:07हुआ है उन्होंने। तो उस केस के अंदर
- 3:00:09देखेंगे कि क्या इन चारों के बीच में पहले
- 3:00:10से कोई म्यूचुअल अंडरस्टैंडिंग म्यूचुअल
- 3:00:12एग्रीमेंट है क्या पहले से? कि इन चारों
- 3:00:14ने पहले ही सोचा हुआ है कि तुम दो पहले
- 3:00:15निकलोगे फिर हम दो बाद में निकलेंगे। ऐसा
- 3:00:17कुछ सोचा हुआ है। या तो ऐसा है। ऐसा भी
- 3:00:19नहीं है। तो हम लॉटरी सिस्टम निकालेंगे
- 3:00:21लॉटरी सिस्टम कि जिन दो का नाम है उनको
- 3:00:23निकाल देंगे। जिन दो का नाम है उनको निकाल
- 3:00:24देंगे। तो जनरली कौन रिटायर होगा कि जो
- 3:00:26लंबे टाइम से ऑफिस में बैठा है वो। और अगर
- 3:00:28सेम डे पे अगर है तो कोई उनमें म्यूचुअल
- 3:00:30एग्रीमेंट है क्या? म्यूचुअल एग्रीमेंट
- 3:00:31नहीं है तो जो लंबे टाइम से उसमें बैठा है
- 3:00:32वो। अब सर फिर वापस से 152 सब सेक्शन से आ
- 3:00:35गया कि अब जब मीटिंग होगी जब मीटिंग होगी
- 3:00:39कि जब हम उनको रिमूव करेंगे हर एजीएम पे
- 3:00:41अपन उनको रिमूव करते हैं ना तो अपन जब
- 3:00:42उसको मीटिंग में अब जब उनको रिमूव करा उन
- 3:00:44दो डायरेक्टर को अपन ने रिमूव कर दिया। अब
- 3:00:47उन दो डायरेक्टर की जगह अपन को इस
- 3:00:49एक्सप्लसिटली एक्सप्लसिटली कुछ ना कुछ तो
- 3:00:52करना पड़ेगा। क्या करेंगे अपन? या तो अपन
- 3:00:54उन्हीं डायरेक्टर को रीअपॉइंट कर लेंगे।
- 3:00:56या तो अपन उन्हीं डायरेक्टर को रीअपॉइंट
- 3:00:57कर लें या फिर उनकी जगह नए डायरेक्टर को
- 3:01:00लिया है। या तो उनकी जगह नए डायरेक्टर को
- 3:01:02लिया है। या फिर हम एक्सप्लसिटली बोल दें।
- 3:01:04हम एक्सप्लसिटली बोल दें कि हम इस वैकेंसी
- 3:01:06को फुलफिल नहीं करेंगे। इस वैकेंसी को
- 3:01:08फुलफिल नहीं करेंगे। हम एक्सप्लसिटली ऐसा
- 3:01:11बोल दें। तो इन तीनों में से कुछ भी आप
- 3:01:13करो कि या तो सेम डायरेक्टर जो निकाले
- 3:01:15उन्हीं को रीअपॉइंट कर लो या फिर नए
- 3:01:17डायरेक्टर को रीअपॉइंट लो। सेम डायरेक्टर
- 3:01:19जिनको निकाला उन्हीं को रीपॉइंट कर लो। नए
- 3:01:20डायरेक्टर को रीअपॉइंट कर लो। या फिर अपन
- 3:01:23ने स्पेसिफिक रेज़ोल्यूशन पास कर दिया।
- 3:01:24स्पेसिफिक रेज़ोल्यूशन पास कर दिया कि हम
- 3:01:26इस वैकेंसी को फुलफ़िल नहीं करेंगे। तो इन
- 3:01:29तीनों में से आपको कुछ ना कुछ तो करना ही
- 3:01:31करना पड़ेगा।
- 3:01:33कुछ ना कुछ तो पढ़ना ही पड़ेगा। ठीक है? अह
- 3:01:37और अगर समझो कि अगर कभी भी एड्जॉइन कर दी
- 3:01:40मीटिंग कि वैकेंसी इज़ नॉट फुलफिल इन द
- 3:01:41एजीएम कि एजीएम ये जो एजीएम हुई उसके अंदर
- 3:01:44वैकेंसी को फुलफिल नहीं करा। ये जो मीटिंग
- 3:01:46के अंदर आपने कुछ नहीं करा मतलब ना तो
- 3:01:48आपने उनको बोला कि उनको रीअपॉइंट करेंगे
- 3:01:50ना नए डायरेक्टर को लाए ना यह बोला कि हम
- 3:01:52रीअपॉइंट नहीं करेंगे मतलब कि हम अपॉइंट
- 3:01:53नहीं करेंगे इनमें से कुछ नहीं बोला और
- 3:01:55एजीएम एडज्ज कर दी कि ये सब बाद में
- 3:01:57डिसाइड करेंगे ये सब बाद में डिसाइड
- 3:01:58करेंगे एड्जॉइन हो गए एजीएम एजीएम एडज्जन
- 3:02:01हो गए एड्जॉइन मतलब कि इस अभी नहीं हो के
- 3:02:02बाद में वापस से होगी एजीएम अभी हो गई
- 3:02:04वापस एक और बार करेंगे इसी को कंटिन्यू
- 3:02:06रखेंगे उस एजीएम को तो अगर ऐसा हो गया तो
- 3:02:08वो एडज्जन मीट एडज्जन वाली जो मीटिंग होगी
- 3:02:11वो कब होगी नेक्स्ट वीक के सेम टाइम सेम
- 3:02:14प्लेस पे नेक्स्ट नेक्स्ट वीक में सेम
- 3:02:16टाइम सेम प्लेस पे नेक्स्ट वीक में सेम
- 3:02:18टाइम सेम प्लेस पे पर अगर नेक्स्ट वीक में
- 3:02:20सेम टाइम सेम प्लेस पे अगर हॉलिडे है
- 3:02:21छुट्टी है तो फिर उसके अगले दिन कर लेंगे
- 3:02:24उसके अगले दिन कर लेंगे जब हॉलिडे ना हो
- 3:02:25तो हॉलिडे ना हो ठीक है पर सर एड्जॉइन
- 3:02:29मीटिंग के अंदर भी एड्जॉइन मीटिंग के अंदर
- 3:02:32भी हमने इन तीनों में से कोई डिसीजन नहीं
- 3:02:34लिया एड्जॉइन मीटिंग के अंदर भी हमने इन
- 3:02:36तीनों में से कोई डिसीजन नहीं लिया तो फिर
- 3:02:38क्या करेंगे तो उस केस में हम उनको
- 3:02:40ऑटोमेटिक रीअपॉइंटंटेड मान लेंगे उस केस
- 3:02:43के हम उनको ऑटोमेटिक रीपॉइंट ेंडेंट मान
- 3:02:45लेंगे कि जो बंदा छोड़ के गया था जो बंदा
- 3:02:48छोड़ के गया था वो ऑटोमेटिक रीअपॉइंट हो
- 3:02:50गया ऑटोमेटिक ऐसा थोड़ी ना बार-बार ही
- 3:02:52एडजॉइन करते जाएंगे एडजन करते जाएंगे
- 3:02:53एडजॉइन करते जाएंगे ऐसा नहीं तुमको एक
- 3:02:55मौका दिया था पहले एक बार मौका दिया था कि
- 3:02:57तुम्हारी जो मीटिंग है उसमें कर लो नहीं
- 3:02:58करा ठीक है कोई बात नहीं एडजॉर्न वाली में
- 3:03:00कर लेना पर अब एक बार एडज्ज हो गई तो बात
- 3:03:03खत्म अब उस एड्जॉइन मीटिंग को भी तुम वापस
- 3:03:05एडज्ज नहीं करोगे जो बंदा छोड़ के गया था
- 3:03:07उसको डीम्ड मान लेंगे कि वो ऑटोमेटिक
- 3:03:09रीपॉइंट हो गया ऑटोमेटिक रीपॉइंट हो गया
- 3:03:11अनलेस अनलेस वो बंदा डिसक्वालीफाई है वो
- 3:03:14वो बंदा डिसक्वालीफाई है तो तो कैसे
- 3:03:15ऑटोमेटिकली अपॉइंट मानेंगे उसको? या फिर
- 3:03:17वो खुद ही मना कर रहा है अनविलिंगनेस कि
- 3:03:19नहीं भाई मैं तो अपॉइंट नहीं होना चाहता
- 3:03:21तो तो फिर कैसे अपॉइंट कर लेंगे? जबरदस्ती
- 3:03:22तो नहीं कर सकते ना कि वो बंदा
- 3:03:24डिसक्वालीफाई है या फिर उसने खुद ने बोल
- 3:03:25दिया कि मैं अपॉइंट नहीं होना चाहता। या
- 3:03:27फिर अपन ने पहले पहले अपन ने मीटिंग में
- 3:03:30बोला था। पहले अपन ने मीटिंग में बोला था
- 3:03:32कि इसको अपॉइंट करो। इसको रीअपॉइंट करो।
- 3:03:35पर लोगों ने मना कर दिया था। लोगों ने मना
- 3:03:37कर दिया था। जब लोगों ने मना कर दिया तो
- 3:03:39यार बात खत्म। फिर अपन उसको वापस से
- 3:03:41रीपॉइंट नहीं कर सकते। मतलब पहले अपन ने
- 3:03:42बोला था कि इस बंदे को रीअपॉइंट करो पर
- 3:03:44लोगों ने मना कर दिया था। सो रेोल्यूशन
- 3:03:46फॉर ह अपॉइंटमेंट वाज़ लॉस्ट कि पहले अपन
- 3:03:48ने रेोल्यूशनल दिया था पर वो लॉस्ट हो
- 3:03:50गया। तो इस केस के अंदर अपन वापस से
- 3:03:51रीअपॉइंट नहीं माना जाएगा। बाकी जनरली यही
- 3:03:53माना जाएगा एडजॉइन मीटिंग में भी अगर
- 3:03:55तुमने अपॉइंट नहीं करा तो यह माना जाएगा
- 3:03:56जो बंदे छोड़ के गए वही रीपॉइंट हो गए। पर
- 3:03:58अनलेस डिसक्वालीफाई है उसने खुद ने मना कर
- 3:04:00दिया फिर उसका रेोल्यूशन जो था अपॉइंट
- 3:04:02करने का वो लॉस्ट हो गया।
- 3:04:04ठीक है? ठीक है? और भी कुछ एक दो केस है
- 3:04:06कि जहां पे एक रिजर्वेशन से एक ही
- 3:04:07डायरेक्टर अपॉइंट हो सकता है। सिंपल सी
- 3:04:08बात है। या फिर कहीं पे भी एसआई कि कहीं
- 3:04:10पे भी ओआर या फिर एसआर चाहिए। किसी भी
- 3:04:12डायरेक्टर को अपॉइंट करने के लिए ओआर एसआर
- 3:04:13चाहिए तो उस पे ऑटोमेटिकली अपॉइंटमेंट
- 3:04:14नहीं है। सर अगर एजीएम ही हेल्ड नहीं हुई
- 3:04:18तो कि जो ड्यू डेट थी लास्ट ड्यू डेट पे
- 3:04:21एजीएम हेल्ड ही नहीं करी। लास्ट ड्यू डेट
- 3:04:23पे एडज्ज ही हमने लास्ट ड्यू डेट पे हमने
- 3:04:26एजीएम को हेल्ड ही नहीं करा। तो उस केस
- 3:04:28में क्या होगा? तो जो भी ये डायरेक्टर थे
- 3:04:30ना ये वाले मतलब जो थे उनको वेकेट करना
- 3:04:32पड़ेगा ऑफिस जो अपन ने निकाल थे वन थर्ड
- 3:04:34डायरेक्टर उनको ऑफिस वेकेट करना पड़ जाएगा
- 3:04:36उनको ऑफिस वेकेट करना पड़ जाएगा भाई तुम
- 3:04:38जाओ तुम जाओ
- 3:04:40ठीक है सर
- 3:04:43ये फालतू पॉइंट तुमको एक बार रीड मारना हो
- 3:04:45तो मार लेना कि कुल मिला के कंपनी अगर
- 3:04:48एजीएम हेल्ड करने से फेल हो गई तो कंपनी
- 3:04:50ने बोला कि एंड लेट से मेरी 30 सितंबर की
- 3:04:51ड्यू डेट है एजीएम हेडल्ड करने की मैं
- 3:04:53नहीं कर पा रहा 30 सितंबर तक एजीएम है तो
- 3:04:55कोई बात नहीं आरओसी ने अगर एक्सटेंड कर
- 3:04:56दिया अगर आरओसी ने एक्सटेंड कर लिया 30
- 3:04:58अक्टूबर बोल दिया तो कोई बात नहीं हम जो
- 3:04:59लास्ट ड्यू डेट मानेंगे वो 30 अक्टूबर मान
- 3:05:01लेंगे। फिर हम 30 अक्टूबर मान लेंगे
- 3:05:02क्योंकि आरओसी ने एक्सटेंड कर दिया। तो
- 3:05:03अगर 30 अक्टूबर तक भी अगर एजीएम नहीं हुई
- 3:05:05तो उसको वेकेट करना पड़ेगा ऑफिस।
- 3:05:13तो सर अपन ने क्या पढ़ा अभी देखो
- 3:05:162/3 डायरेक्टर होने चाहिए। टू थर्ड
- 3:05:17डायरेक्टर जो टोटल नंबर ऑफ़ डायरेक्टर के 2
- 3:05:19थर्ड डायरेक्टर रोटेशनल होंगे। ठीक है?
- 3:05:20पब्लिक कंपनी की बात कर रहे हैं। उन 2/3
- 3:05:22के अंदर से भी जो 1/3 डायरेक्टर हैं वो हर
- 3:05:23साल एजीएम के अंदर निकाला जाएगा। उनको
- 3:05:26कैसे निकाला जाएगा? जो लंबे टाइम से ऑफिस
- 3:05:27में बैठे हुए हैं या फिर अगर सेम टाइम पे
- 3:05:29ऑफिस के अंदर है तो उसको बीच में कोई
- 3:05:31म्यूचुअल एग्रीमेंट है या फिर म्यूचुअल
- 3:05:32एग्रीमेंट भी नहीं है तो लॉटरी सिस्टम
- 3:05:33करके अपन निकाल लिया जाएगा। फिर अब उसके
- 3:05:35बाद अपन उसको उसी एजीएम के अंदर उसी
- 3:05:37मीटिंग के अंदर अपन उसी को रीपॉइंट
- 3:05:38करेंगे। किसी नए को अपॉइंट करेंगे या फिर
- 3:05:40अपन बोल देंगे कि हमको किसी को अपॉइंट
- 3:05:41नहीं करना है। पर अगर नहीं हुआ इन तीनों
- 3:05:43में से कोई डिसीजन नहीं लिया तो वो एजीएम
- 3:05:45एडजन हो जाएगी नेक्स्ट वीक के सेम टाइम
- 3:05:47सेम प्लेस पे। और अगर एडजन में भी अगर
- 3:05:49तुमने अपॉइंट नहीं करा तो वो ऑटोमेटिक
- 3:05:51ऑटोमेटिक उन्हीं को रीपॉइंट कर दिया
- 3:05:52जाएगा। एक्सेप्शन कुछ दे दिए थे उसके
- 3:05:54अंदर। ठीक है? और एजीएम अगर लास्ट ईयर तक
- 3:05:56हेल्ड नहीं हुई है तो अपन ये मान लेंगे कि
- 3:05:57उन बंदों को ऑफिस वेकेट कराना है मतलब
- 3:05:59वेकेट कराना पड़ेगा। ठीक है? अब सर ये कुछ
- 3:06:01पॉइंट है। ये तुमको बस और कोई दिमाग नहीं
- 3:06:04लगाना। कुछ दिमाग नहीं लगाओगे तुम 1% भी
- 3:06:05सर ऐसा हुआ ऐसा हुआ। ये फाइनल कंक्लूजन
- 3:06:07है। अभी कोई वो लंबी वाली क्लासेस नहीं कि
- 3:06:09मैं तुमको सबको एक-एक करके बताने। बस ये
- 3:06:11फाइनल कंक्लूजन है। तुमको ये ध्यान में
- 3:06:13रखना है। ये फाइनल कंक्लूजन है कि जब अपन
- 3:06:16निकालते हैं ना दो केस हैं। टोटल नंबर ऑफ़
- 3:06:19डायरेक्टर निकालने। टोटल नंबर ऑफ़
- 3:06:20डायरेक्टर जो अपन लेते हैं ना। क्यों लेते
- 3:06:21हैं?
- 3:06:2223 ऑफ टोटल नंबर ऑफ डायरेक्टर। 2/3 ऑफ
- 3:06:26टोटल नंबर डायरेक्टर। तो यहां पर टोटल
- 3:06:27नंबर ऑफ डायरेक्टर देखने होते हैं। उसके
- 3:06:28अंदर ये ये डायरेक्टर इंक्लूड होंगे या
- 3:06:30एक्सक्लूड होंगे वो देखना है। फिर उनमें
- 3:06:32से रोटेशनल कब होगा? रोटेशनल में क्या
- 3:06:33देखते हैं? 1/3 ऑफ रोटेशनल डायरेक्टर जो 2
- 3:06:37निकाला ना उन 2/3 का भी 1/3 निकालते हैं
- 3:06:40अपन वापस से। उन 2/3 का भी अपन वापस से
- 3:06:421/3 निकालते हैं। निकालते हैं ना? तो
- 3:06:45उसमें ये डायरेक्टर इंक्लूड होंगे या नहीं
- 3:06:47होंगे? वो वो अपन को देखना है। कि मतलब
- 3:06:49वापस से उनको रोटेट करना है या नहीं करना?
- 3:06:51उनको रोटेट करना है या नहीं करना। उनको यह
- 3:06:54देखना है कुल मिला के अपन को यहां पे कि
- 3:06:55वो रोटेट उनको असली में इंडक्ट्रो करना है
- 3:06:57या नहीं करना है।
- 3:07:04तो ये कंक्लूजन है सर सिंपल बात ये है कि
- 3:07:08भाई केवल ये वाले नॉर्मल डायरेक्टर जो
- 3:07:11होते हैं ना नॉर्मल डायरेक्टर वो नॉर्मल
- 3:07:12डायरेक्टर ही रोटेशनल होते हैं। पहले
- 3:07:14रोटेशनल पे देखो इधर मत पहले केवल इधर
- 3:07:16देखो रोटेशनल पे जो केवल नॉर्मल डायरेक्टर
- 3:07:18होते हैं ना केवल वो ही रोटेशनल होते हैं।
- 3:07:20उसके अलावा जो इस नए-नए तरह के डायरेक्टर
- 3:07:22होते हैं उनमें से कोई भी रोटेशनल नहीं
- 3:07:24होता उनको आप नहीं निकाल सकते ऐसे
- 3:07:25रिटायरमेंट रोटेशन बाय रिटायरमेंट से नहीं
- 3:07:27निकाल जैसे स्मॉल शेयर होल्डर डायरेक्टर
- 3:07:28जो अपन ने पढ़ा था एडिशनल डायरेक्टर
- 3:07:30नॉमिनी डायरेक्टर कैजुअल डायरेक्टर
- 3:07:31अल्टरनेट डायरेक्टर इंडिपेंडेंट डायरेक्टर
- 3:07:33स्मॉल एडिशनल कैजुअल नॉमिनी और नॉमिनी
- 3:07:35डायरेक्टर ये सब आप जनरली इनको नहीं निकाल
- 3:07:37सकते जनरली आप इनको नहीं निकाल सकते हो
- 3:07:40ठीक है मतलब रोटेशनल ऐसे नहीं होते पर जब
- 3:07:42टोटल नंबर ऑफ़ डायरेक्टर आप निकाल रहे होते
- 3:07:44ना 23 निकालने के लिए 2/3 ऑफ़ टोटल नंबर
- 3:07:46डायरेक्टर उस केस के अंदर आपको क्या-क्या
- 3:07:50इंक्लूड करना है। क्या-क्या नहीं करना?
- 3:07:51क्या-क्या इंक्लूड करना है? क्या-क्या
- 3:07:52इंक्लूड नहीं करना। तो उस केस के अंदर
- 3:07:54सारे डायरेक्टर इंक्लूड होते हैं।
- 3:07:56एक्सेप्ट तीन एक्सेप्ट तीन अल्टरनेट
- 3:08:00इंडिपेंडेंट नॉमिनी डायरेक्टर
- 3:08:03नॉमिनी डायरेक्टर जिसको किसी फाइनेंशियल
- 3:08:05इंस्टीट्यूशन ने अपॉइंट करा है या फिर
- 3:08:07एलआईसी वगैरह ने अपॉइंट करा हुआ है। मतलब
- 3:08:09अल्टरनेट इंडिपेंडेंट और नॉमिनी नॉमिनी भी
- 3:08:11कौन सा जिसको किसी फाइनेंसियल
- 3:08:12इंस्टीट्यूशन ने अपॉइंट करा है या फिर
- 3:08:13एलआईसी ने अपॉइंट करा है। तो जब भी आप 2/3
- 3:08:16ऑफ़ टोटल नंबर ऑफ़ डायरेक्टर निकालोगे तो इन
- 3:08:18टोटल नंबर ऑफ़ डायरेक्टर में से पहले जितने
- 3:08:20भी आपके पास अल्टरनेट इंडिपेंडेंट नॉमिनी
- 3:08:22डायरेक्टर हैं वह माइनस कर दो। लेट्स से
- 3:08:2310 टोटल नंबर ऑफ़ डायरेक्टर थे। 10 में से
- 3:08:25चार डायरेक्टर तो अल्टरनेट इंडिपेंडेंट
- 3:08:27वगैरह यही थे। तो 10 - 4 कर दो। बचे
- 3:08:29कितने? छह। बचे कितने? छह। तो छह का 2 / 3
- 3:08:31करो। छह का 2 / 3 करो।
- 3:08:35ठीक है?
- 3:08:37तो माना ये रोटेट नहीं हो सकते। माना ये
- 3:08:39रोटेट नहीं हो सकते। अल्टरनेट इंडिपेंडेंट
- 3:08:41नोनी। पर जब टोटल नंबर ऑफ़ डायरेक्टर
- 3:08:43निकालोगे तब इनको इंक्लूड करना है। तब
- 3:08:44इनको इंक्लूड करना है। ये फाइनल क्लक्स
- 3:08:46क्रक्स से भाई बहुत मुश्किल से निकाला है
- 3:08:48तुमको। बहुत मुश्किल लगी थी इसको मुझे ये
- 3:08:50बनाने में जेन्युइनली। तो सर रोटेशनल केवल
- 3:08:53नॉर्मल डायरेक्टर ही होते हैं। जो एमडी के
- 3:08:54एमपी नॉर्मल डायरेक्टर होते हैं वो होते
- 3:08:55हैं। बाकी स्मॉल शेयर होल्डर एडिशनल
- 3:08:57नॉमिनी इंडिपेंडेंट डायरेक्टर अल्टरनेट
- 3:08:59डायरेक्टर। इंडिपेंडेंट अल्टरनेट कैश और
- 3:09:01ये रोटेट नहीं होते हैं। ठीक है? रोटेट
- 3:09:04नहीं होते पर फिर भी इनको टोटल नंबर ऑफ़
- 3:09:05डायरेक्टर में इंक्लूड करना होता है।
- 3:09:06एक्सेप्ट तीन एक्सेप्ट तीन कौन? अल्टरनेट
- 3:09:08इंडिपेंडेंट और नॉमिनी अल्टरनेट
- 3:09:09इंडिपेंडेंट नोमिनी। अल्टरनेट इंडिपेंडेंट
- 3:09:11नॉमिनी इन तीनों को इंक्लूड नहीं करना
- 3:09:12बाकी को तो टोटल नंबर में इंक्लूड करना ही
- 3:09:14है। अल्टरनेट इंडिपेंडेंट नॉमिनी अल्टरनेट
- 3:09:16इंडिपेंडेंट नॉमिनी अल्टरनेट इंडिपेंडेंट
- 3:09:17नॉमिनी नॉमिनी भी जो फाइनेंसियल
- 3:09:19इंस्टिट्यूशन है ने किसी ने अपॉइंट करा है
- 3:09:20बैंक को ने अपने पास या एलएससी ने कराया
- 3:09:23तो सर अपना ये चैप्टर हो गया इसके अंदर
- 3:09:25कुछ क्वेश्चन है करने लायक ये देखो टोटल
- 3:09:27नंबर ऑफ़ डायरेक्टर थे 12 उसमें से दो थे
- 3:09:29इंडिपेंडेंट डायरेक्टर दो थे इंडिपेंडेंट
- 3:09:31डायरेक्टर एक था नॉमिनी डायरेक्टर तो क्या
- 3:09:33टोटल नंबर ऑफ़ डायरेक्टर में अल्टरनेट
- 3:09:34नॉमिनी काउंट होते हैं अल्टरनेट नॉमिनी
- 3:09:36इंडिपेंडेंट नहीं होते तो 12 में से पहले
- 3:09:38आप तीन को माइनस करो दो माइनस तो 12 में
- 3:09:40तीन माइनस किया तो कितने बचे नौ अब नौ का
- 3:09:42निकालो तुम 23 थर्ड नौ नौ का क्या निकालो?
- 3:09:452थर्ड। नौ का 2/3 आया सिक्स। 9 का 2 आया
- 3:09:48सिक्स। अभी सिक्स में से 1/3 सिक्स में से
- 3:09:521/3 मतलब दो। दो दो को तुमको रिटायर करना
- 3:09:56है। ठीक है? और जो दो रिटायर करोगे उस उन
- 3:09:59रिटायरमेंट के अंदर कभी भी आप इंडिपेंडेंट
- 3:10:00या फिर अल्टरनेट नोन वगैरह को रिटायर नहीं
- 3:10:02कर सकते। और ये वही है राउंड ऑफ कैसे
- 3:10:05होगा? उसका एग्जांपल मैंने तुमको पहले ही
- 3:10:06बता दिया था। और वही कभी भी आपने एड्ज हो
- 3:10:09गई मीटिंग की एडजॉइन कर दी मीटिंग और कोई
- 3:10:11भी रिजोल्यूशन पास नहीं करा तो अगले
- 3:10:12मीटिंग में रीपॉइंटमेंट रीपॉइंट वो
- 3:10:14ऑटोमेटिक हो जाएंगे ऑटोमेटिक वो रीपॉइंट
- 3:10:16माने जाएंगे पर वही एक्सेप्शन कि कभी भी
- 3:10:18मैंने रिजल्यूशन दिया था कि इसको अपॉइंट
- 3:10:19करो और वो रिजोल्यूशन लॉस्ट हो गया तो वो
- 3:10:22रीअपॉइंटमेंट ऑटोमेटिक नहीं होगा ठीक है
- 3:10:25एजीएम अगर हेल्ड नहीं हुई ड्यू डेट तक तो
- 3:10:28भाई उन बंदों को वेकेट करना पड़ेगा ऑफिस
- 3:10:31डन सर तो सर ये चैप्टर होता है अपना
- 3:10:34समाप्त ठीक है मुझे पता है मैं थोड़ा
- 3:10:36जल्दी जल्दी-जल्दी जा रहा हूं। पर सारी
- 3:10:38एक-एक चीजें अपनी कवर हुई है और मेरे
- 3:10:39हिसाब से ठीक हुई। थोड़ा जल्दी था पर सब
- 3:10:41कुछ अपन ने कवर करा लॉजिकल मैनर के अंदर।
- 3:10:43अब वही मैंने बोला भाई इतना टाइम वेस्ट
- 3:10:45नहीं कर सकते। अभी तुम जब मेरे से ऑडिट
- 3:10:46पढ़ोगे तब समझ में आ जाएगा टाइम वेस्ट। तो
- 3:10:47मैं हालांकि जब भी नहीं करता हूं ऐसा नहीं
- 3:10:49है। पर उसके अंदर एक-एक अपन ऑडिट पढ़ते
- 3:10:51हैं। तुमको पता है वो जो बच्चे मेरे से
- 3:10:52पढ़े हुए हैं। एक-एक लाइन का पोस्टमार्टम
- 3:10:53होगा। एक-एक लाइन दिमाग में खिसकी जाएगी।
- 3:10:55कहीं से भी ऐसे ही क्वेश्चन पूछ लो। फिर
- 3:10:57एंड में सब कुछ बार-बार रिवाइज़ करते हैं।
- 3:10:58बार-बार पढ़ते हैं। बार-बार रिवाइज। अब
- 3:11:00मैं तुमको बार-बार रिवाइज नहीं करा सकता।
- 3:11:01अभी रेगुलर क्लासेस में ऑडिटोग्राम में
- 3:11:03करा देता हूं। इसमें कोई सेंस ही नहीं है
- 3:11:04इतना टाइम वेस्ट करने का। ठीक है ना? समझ
- 3:11:06गए होंगे तुम। इसलिए ऑडिट वगैरह मैं
- 3:11:07बार-बार रिवाइज़ कराता हूं, बार-बार याद
- 3:11:08कराता हूं, बार-बार समझाता हूं, बार-बार
- 3:11:10ऊपर से नीचे एंड तक चलता रहता हूं
- 3:11:11बार-बार। ठीक है? तो ऑडिट की बात अलग है।
- 3:11:12अभी अपन यहां पे नहीं कर सकते। ये इसको
- 3:11:14इसी वे में पढ़ना है कि बस 50 मार्क्स की
- 3:11:15बात करूं। ठीक है सर। और पत्थर दिल लोगों
- 3:11:18को इतनी मेहनत करने के बाद भी तुम वीडियो
- 3:11:19लाइक नहीं करते और तुम ऊपर से कमेंट मुझे
- 3:11:20याद में कमेंट में तुम्हारे कमेंट सेक्शन
- 3:11:22में बता के जाना तुम्हारा अटेम्प्ट कौन सा
- 3:11:23है। ठीक है सर। बाकी मैंने तुमको नोट्स
- 3:11:25वगैरह के लिए बता ही दिया है। बाकी पूरी
- 3:11:26क्लासेस तुमको अवेलेबल मिल जाएगी। फ्री ऑफ
- 3:11:28कॉस्ट। यह रहेगी सब कुछ। चलो सर टाटा
- 3:11:30बाय-ब सी।
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