Brain Rot Is Real (And It’s Happening to You) — Transcript
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- 0:00राइट नाउ आपका ब्रेन स्लोली डैमेज हो रहा
- 0:02है। आप एक ऐसे हैबिट लूप में हो जिसकी वजह
- 0:05से आप अपने इंटेलिजेंस को खोते जा रहे हो।
- 0:08चलो एक छोटा सा थॉट एक्सपेरिमेंट करते
- 0:10हैं। सोचो रात के 12:00 बजे हैं। सोने से
- 0:14पहले आप Instagram स्क्रॉल कर रहे हो और
- 0:16आपको दिखता है एक फनी मीम, एक ट्रेंडिंग
- 0:19सॉन्ग का क्लिप, एक डांस वीडियो, एक मूवी
- 0:21का छोटा सा सीन, किसी एक्टर का इंटरव्यू,
- 0:24एक सॉन्ग, एक और फेस, एक और फनी जोक। और
- 0:27फिर आप रुकते हो। आप घड़ी में टाइम देखते
- 0:30हो 1:00 बज रहे हैं। अब आप अपने फोन को
- 0:33बंद करते हो और सोचते हो वो पहली वीडियो
- 0:35कौन सी थी जो मैंने देखी थी। कुछ याद आया?
- 0:39नहीं एक ब्लर इमेज है लेकिन आपको कुछ याद
- 0:41नहीं। पर ऐसा क्यों होता है? यह होता है
- 0:44क्योंकि जब आप बहुत सारा कंटेंट एक साथ
- 0:45कंज्यूम कर लेते हो तो आपका ब्रेन इनेशन
- 0:48को प्रोसेस नहीं कर पाता और स्लो हो जाता
- 0:50है। इसी वजह से 15% लोग ही हैं जो इस
- 0:53वीडियो को एंड तक देख पाएंगे। सोचो 80 टू
- 0:5690% लोगों का अटेंशन आज एक गोल्ड फिश
- 0:58जितना है। इसी को ब्रेन रट कहते हैं।
- 1:07अगले 10 मिनट्स मेरे साथ रहो। मैं आपको
- 1:09दिखाता हूं कि कैसे ये प्रॉब्लम आपके
- 1:11ब्रेन को रिवायर कर रहा है। आपका अटेंशन
- 1:14और फोकस छोटा कर रहा है और आपको स्लोली
- 1:16स्टूपिड बना रहा है। और सबसे इंपॉर्टेंट
- 1:19इसका क्योर क्या है। स्टार्ट करने से पहले
- 1:22मैं चाहूंगा कि आप अपने अटेंशन स्कोर को
- 1:24चेक कीजिए। आपको बस स्क्रीन पर दिए गए इन
- 1:27सवालों को यस या नो में आंसर करना है। हर
- 1:30यस का एक पॉइंट है। आप इस वीडियो को यहां
- 1:32पर पॉज कर सकते हो। आपका टोटल क्या निकला
- 1:35है? कमेंट योर स्कोर नाउ। अगर आपका स्कोर
- 1:38एक से तीन के बीच है तो आप इस वीडियो को
- 1:40यहीं पर छोड़ सकते हो। लेकिन अगर आपका
- 1:43स्कोर चार से ऊपर है तो यह वीडियो आपके
- 1:45लिए बहुत जरूरी है। सबसे पहले तो मैं आपको
- 1:48बता दूं कि ब्रेन रोड कोई मीम नहीं है।
- 1:50ऑक्सफोर्ड ने इसे वर्ल्ड ऑफ द ईयर डिक्लेअ
- 1:53किया था। ब्रेन र का मतलब होता है लो
- 1:55क्वालिटी और मीनिंगलेस कंटेंट को हद से
- 1:58ज्यादा कंज्यूम करना जो आपके दिमाग को
- 2:00कमजोर और स्लो बना देता है। एंड फ्रैंकली
- 2:02यह प्रॉब्लम आज हर उस इंसान के साथ है जो
- 2:05रोज सोशल मीडिया पर शॉर्ट वीडियोस देखते
- 2:07हैं। यूसी इयरवाइन की रिसर्च कहती है 2004
- 2:10में एक एवरेज इंसान का ऑन स्क्रीन अटेंशन
- 2:12स्पैन लगभग 2 मिनट 30 सेकंड्स का था।
- 2:16लेकिन अब वो सिर्फ 47 सेकंड्स रह गया है।
- 2:19इसका मतलब है आपका ऑन स्क्रीन अटेंशन
- 2:22स्पैन पिछले 20 सालों में लगभग 70% ड्रॉप
- 2:25हुआ है। एंड इट इज गेटिंग मोर सीरियस। आज
- 2:28ग्लोबली एडल्ट्स ऑन एन एवरेज 6 1/2 घंटे
- 2:31से ज्यादा डेली अपने स्क्रीन पर स्पेंड
- 2:33करते हैं। और कुछ कंट्रीज में यह एवरेज 9
- 2:36घंटे से भी ज्यादा है। और टीनएजर्स के लिए
- 2:38नंबर और भी खराब है। वो लगभग 9 घंटे से भी
- 2:41ज्यादा डेली अपने स्क्रीन पे स्पेंड करते
- 2:43हैं। एंड ऑनेस्टली हम सब इस बात को जानते
- 2:45हैं कि इस टाइम का एक बड़ा हिस्सा कहां
- 2:47जाता है। लो क्वालिटी बकवास पे। जो
- 2:50बेसिकली किसी डिजिटल जंक फूड के जैसा है।
- 2:53क्या आपने यह फील किया है कि आजकल फोंस के
- 2:56बिना जिंदगी इनकंप्लीट लगती है? इवन जब
- 2:59हमें कोई नोटिफिकेशन नहीं आता तभी हमारा
- 3:01हाथ ऑटोमेटिकली फोन की तरफ चला जाता है।
- 3:03सच कहूं? मैं यह वीडियो इसलिए बना रहा हूं
- 3:06क्योंकि लेटली मुझे भी यह प्रॉब्लम फील हो
- 3:08रही है। पहले मैं बुक्स बहुत इजीली पढ़
- 3:10लेता था। लेकिन अब मुझे 10 पेजेस पढ़ना भी
- 3:13बहुत मुश्किल लगता है। एक मूवी कंप्लीट
- 3:15करने में कभी-कभी मुझे एक-द दिन लग जाते
- 3:17हैं। ऐसा लगता है जैसे हमारी सोचने की
- 3:19कैपेसिटी कम होती जा रही है। लेकिन सवाल
- 3:21यह है कि कुछ सिंपल वीडियोस हमारे ब्रेन
- 3:24को फिजिकली कैसे चेंज कर सकते हैं? जवाब
- 3:27है डिजिटल ब्रेन रिवायरिंग।
- 3:30[संगीत]
- 3:33यह है कोकोमेलन। हर बच्चे का फेवरेट
- 3:36YouTube शो।
- 3:381996 मिलियन सब्सक्राइबर्स और 200 मिलियन
- 3:41से ज्यादा व्यूज।
- 3:43[संगीत]
- 3:52ये बच्चों का रिएक्शन है कोकोमेलन की आवाज
- 3:55सुनते ही।
- 3:57[संगीत]
- 3:59कोकोमेलन के लगातार बदलते सीन्स, ब्राइट
- 4:01कलर्स और नॉनस्टॉप म्यूजिक एक ही चीज के
- 4:04लिए डिजाइन किए गए हैं। बच्चों के अंदर एक
- 4:06सडन रिस्पांस ट्रिगर करना जिसकी वजह से
- 4:08बच्चे लिटरली ट्रांस जैसे स्टेट में चले
- 4:10जाते हैं। पेरेंट्स ने ये नोटिस किया है
- 4:12कि बच्चे अक्सर इस तरह के वीडियोस देखने
- 4:14के बाद बहुत इरिटेटेड बिहेव करते हैं। इन
- 4:16बच्चों को अक्सर दूसरी एक्टिविटीज में
- 4:18फोकस शिफ्ट करने में मुश्किल होती है और
- 4:20कभी-कभी विड्रॉवल्स के सिम्टम्स भी दिखते
- 4:23हैं। अगर ध्यान से देखो तो यह किसी ड्रग
- 4:25एडिक्शन जैसा है। डॉक्टर जॉन न्यूटन की
- 4:28स्टडीज कहती है जिन बच्चों का स्क्रीन
- 4:30टाइम बहुत ज्यादा होता है उनके दिमाग का
- 4:32वो पार्ट वीक हो जाता है जो रीडिंग
- 4:34लैंग्वेज और डिसीजन मेकिंग के लिए
- 4:35रिस्पांसिबल होता है। एक्सपर्ट्स यह भी
- 4:37कहते हैं कि जिन बच्चों का डेली स्क्रीन
- 4:39टाइम 60 मिनट से ज्यादा होता है उनमें
- 4:42एडीएचडी के सिम्टम्स बढ़ने लगते हैं।
- 4:44लेकिन क्या आपने सोचा कि ऐसा क्यों होता
- 4:46है? एक्चुअली आपके ब्रेन का प्रीफ्रंटल
- 4:48कॉर्टेक्स जो आपके थिंकिंग और फोकस को
- 4:50हैंडल करता है वो ज्यादा स्क्रीन टाइम की
- 4:52वजह से डोपमिन से ओवरलोड हो जाता है और
- 4:55ब्रेन बैलेंस बनाए रखने के लिए अपना
- 4:57डोपमिन बेस लाइन बढ़ा देता है। इससे यह
- 5:00होता है कि आपको लाइफ की नॉर्मल चीजें
- 5:02बोरिंग लगने लगती हैं। और क्योंकि छोटे
- 5:04बच्चों का ब्रेन अभी फुल्ली डेवलप नहीं
- 5:06है। यह उनके लिए बहुत डेंजरस बन जाता है।
- 5:09इसीलिए 3 साल से छोटे बच्चों को स्क्रीन
- 5:11टाइम देना स्ट्रिक्टली अवॉयड करना चाहिए।
- 5:13इनफैक्ट एडल्ट्स भी इसे फील कर सकते हैं।
- 5:15जैसे जब वाई-फाई थोड़ा स्लो हो जाता है तो
- 5:17आप फ्रस्टेट हो जाते हो। कुछ लोगों को
- 5:19YouTube वीडियोस 1.2 एक्स स्पीड में देखना
- 5:22नॉर्मल लगता है। कभी-कभी नॉर्मल
- 5:23कन्वर्सेशंस के बीच आपको अचानक याद नहीं
- 5:26रहता कि मैं क्या बोलने वाला था। लेकिन
- 5:28प्रॉब्लम्स यहां खत्म नहीं होती। आजकल एक
- 5:30और प्रॉब्लम है जो बहुत फास्ट ग्रो कर रही
- 5:32है। जिसे कॉग्निटिव ऑफलोडिंग या फिर सिंपल
- 5:36भाषा में द Google इफेक्ट कहते हैं। मतलब
- 5:38यह कि जब आपके ब्रेन को लगता है कि कोई
- 5:40फैक्ट Google पर इजीली अवेलेबल है तो आपका
- 5:43दिमाग उस इंफॉर्मेशन को स्टोर करना जरूरी
- 5:46नहीं समझता और इसी वजह से आज हम नॉलेज के
- 5:49बजाय सिर्फ सर्चिंग स्किल्स को डेवलप कर
- 5:51रहे हैं। रिजल्ट हमारी मेमोरी वीक हो रही
- 5:53है और नॉलेज की डेप्थ खत्म। स्टडीज कहती
- 5:57है हमें क्रिएटिव आईडियाज तभी आते हैं जब
- 5:59हमारा ब्रेन पुरानी यादों को जोड़कर नए
- 6:02कनेक्शंस बनाता है। लेकिन अगर मेमोरी
- 6:04स्टोर नहीं होंगे तो क्रिएटिवली सोच पाना
- 6:07मुश्किल हो जाता है। और सबसे डेंजरस बात
- 6:09यह है कि रिवायरिंग सिर्फ सोच तक लिमिटेड
- 6:11नहीं है। कुछ स्टडीज ने दिखाया है कि
- 6:13ज्यादा स्क्रीन टाइम की वजह से ब्रेन का
- 6:15सेरेब्रल कॉर्टेक्स पतला होने लगता है। यह
- 6:18वही लेयर होता है जो हायर लेवल थिंकिंग के
- 6:20लिए रिस्पांसिबल होता है। अभी इस पर और
- 6:22रिसर्च चल रही है कि एक्सैक्टली ऐसा क्यों
- 6:24होता है। लेकिन एक बात क्लियर है आपके
- 6:26डेली स्क्रोलिंग हैबिट्स लिटरली आपके
- 6:28ब्रेन का शेप बदल रहे हैं। अभी इस वक्त जब
- 6:31आप यह वीडियो देख रहे हो आपका ब्रेन
- 6:33रिवायर हो रहा है। फर्क सिर्फ इतना है कि
- 6:35इस बार आप समझ रहे हो कि हो क्या रहा है
- 6:38और यह समझना जरूरी है क्योंकि हमें यह
- 6:40समझना होगा कि हमारा ब्रेन इंफॉर्मेशन को
- 6:42प्रोसेस करने के लिए इवॉल्व कैसे हुआ।
- 6:44टाइम में थोड़ा पीछे जाते हैं। 3 लाख साल
- 6:47पहले जब पहले होमोसेपियंस आए तब हम बस
- 6:50हंटर गैदर्स थे। उसका ब्रेन हजारों लाखों
- 6:53सालों में एक ही चीज के लिए इवॉल्व हुआ।
- 6:55किस काम पर फोकस करना है और किसे इग्नोर
- 6:58करना है। डोपमिन को हम सब एडिक्शन से
- 7:00जोड़ते हैं। लेकिन एक्चुअली डोपामिन हमें
- 7:03सर्वाइवल के लिए सीखने और फोकस करने में
- 7:05मदद करता है। और यही फास्ट और सही डिसीजंस
- 7:08बनाने की एबिलिटी हमें खाना ढूंढने,
- 7:10एक्सप्लोर करने और सोशल बॉन्ड्स बनाने
- 7:12जैसे काम में मदद करता था। लेकिन फिर
- 7:1512,000 साल पहले सब कुछ बदल गया जब
- 7:17फार्मिंग शुरू हुई। सोसाइटी, साइंस और
- 7:20टेक्नोलॉजी ने एक नया वर्ल्ड क्रिएट किया।
- 7:22अगर हम 3 लाख साल की हिस्ट्री को एक साल
- 7:24के टाइम फ्रेम में देखें तो 1 जनवरी को
- 7:27होमोसेपियंस आए। लेकिन फार्मिंग शुरू हुई
- 7:29दो हफ्ते पहले। राइटिंग सिस्टम्स 5 दिन
- 7:32पहले। मॉडर्न साइंस 30 मिनट पहले आया और
- 7:35इंटरनेट और स्मार्टफोनोंस बस 4 सेकंड पहले
- 7:38आए। मतलब इंटरनेट लिटरली अभी इन्वेंट हुआ
- 7:40है। लेकिन हमारे ब्रेन का डिज़ाइन अभी भी
- 7:42पुराना है। हमारे ब्रेन को सर्वाइवल
- 7:44सिग्नल्स और एक फनी कैट वीडियो में कोई
- 7:46फर्क नहीं दिखता। इसीलिए अब नोटिफिकेशन,
- 7:48लाइक्स और स्वाइप पर भी हमारा ब्रेन
- 7:50डोपामिन रिलीज करता है। साइंटिस्ट ब्रेन
- 7:53की इसी रिवायरिंग को न्यूरोप्लास्टिसिटी
- 7:55कहते हैं। सिंपल वर्ड्स में पहले ब्रेन की
- 7:57रिवायरिंग को हजारों साल लगते थे। लेकिन
- 8:002007 के बाद स्मार्टफोनस और सोशल मीडिया
- 8:02ने इस प्रोसेस को फास्ट फॉरवर्ड कर दिया।
- 8:05सिर्फ 15 सालों में हमने अपने ब्रेन को
- 8:07ट्रेन कर दिया कॉन्सेंटली कुछ नया कंज्यूम
- 8:09करने के लिए। साइंटिस्ट इसे कॉग्निटिव
- 8:11एवोल्यूशनरी मिसमैच कहते हैं। इसका मतलब
- 8:13यह है कि हमारा एनवायरमेंट तो बहुत तेजी
- 8:15से बदल रहा है बट हमारा ब्रेन अभी भी यह
- 8:18सोचता है कि हम जंगल में ही रहते हैं और
- 8:20शायद वो गलत नहीं है। क्योंकि आज का जो
- 8:22मॉडर्न जंगल है वो एल्गोरििदम्स है। 1964
- 8:26में एक कनेडियन थ्योरिस्ट मार्शल मैकलन ने
- 8:28एक फेमस लाइन कही थी। द मीडियम इज द
- 8:31मैसेज। मतलब एक्चुअल इंफॉर्मेशन से ज्यादा
- 8:34कम्युनिकेशन का मीडियम सोसाइटी की थिंकिंग
- 8:36को शेप करता है और आज के टाइम में यह बात
- 8:38बिल्कुल रेलेवेंट है। यह कोई नई बात नहीं
- 8:40कि आज सोशल मीडिया शॉर्ट अटेंशन स्पैम को
- 8:43टारगेट करता है। वर्टिकल वीडियोस, 15
- 8:45सेकंड क्लिप्स, ट्रेंडिंग हैशटैग्स इन
- 8:47सबका बस एक ही गोल है। इंगेजमेंट। हम सब
- 8:50सोचते हैं वी आर इन कंट्रोल्ड। लेकिन
- 8:53एक्चुअली एल्गोरििदम्स डिसाइड करते हैं कि
- 8:55हम सोचते कैसे हैं। कंटेंट क्रिएटर्स
- 8:57जिसमें मैं भी शामिल हूं। हम सब
- 8:59एल्गोरिदम्स के प्रेशर में बस एक ही चीज
- 9:01पर कमपीट करते हैं कि कैसे आपका अटेंशन
- 9:04होल्ड किया जाए। इसीलिए आजकल कुछ वीडियोस
- 9:07तो एक साथ दो क्लिप्स प्ले करते हैं। हां
- 9:09वही सर्वे सर्वर गेम प्ले टाइप वीडियोस
- 9:11ताकि आपके शॉर्ट अटेंशन स्पैन को
- 9:13एक्सप्लइट किया जा सके। एक स्टडी कहती है
- 9:15कि एक एवरेज यूजर का फिंगर 20 दिन में
- 9:18माउंट एवरेस्ट जितना स्क्रॉल करता है।
- 9:20क्योंकि लेट्स फेस इट। Instagram रिफ्रेश
- 9:22करना इज ऑलवेज गोइंग टू बी इजी।
- 9:26वी
- 9:32हैकर लाइक मसेल्फ कम विज़ यू आर
- 9:35एक्सप्लइटबिलिटी
- 9:38इन ह्यूमन साइकोलॉजी
- 9:39द यूनाइटेड नेशंस ऑफिस ऑन ड्रग्स एंड
- 9:42क्राइम के हिसाब से आज दुनिया भर में 292
- 9:45मिलियन लोग ड्रग एडिक्टेड हैं और सोशल
- 9:47मीडिया एडिक्शन से लगभग 210 मिलियन लोग
- 9:50सफर करते हैं। ड्रग कार्टल को इतना बड़ा
- 9:52बिज़नेस बनाने के लिए कई 100 साल लग गए।
- 9:55लेकिन डोपमिन कार्टल कुछ ही सालों में
- 9:57इतना ग्रो हो चुका है। आपको यह सब सुनके
- 9:59काफी डरावना लगता होगा और यह है भी। लेकिन
- 10:02कहानियां खत्म नहीं होती। जिस चीज ने इस
- 10:05वायरस को इतना पावरफुल बनाया है, वही इसका
- 10:07इलाज भी है। द सेम ब्रेन जो रिवायर हो
- 10:10चुका है, उसको हम रिवर्स भी कर सकते हैं।
- 10:12लेकिन फाइट बैक का तरीका समझने से पहले
- 10:14अगर आपको यह वीडियो पसंद आ रही है, तो
- 10:16लाइक एंड सब्सक्राइब कीजिए। इससे
- 10:18एल्गोरििदम को यह सिग्नल मिलता है कि आपको
- 10:20ऐसा कंटेंट चाहिए जो आपको बेटर बनाता है।
- 10:22ब्रेन रोड को रिवर्स करने का सीक्रेट हम
- 10:24पहले ही इस वीडियो में डिस्कस कर चुके
- 10:26हैं। मैं बात कर रहा हूं
- 10:27न्यूरोप्लास्टिसिटी की जिसको हमने
- 10:29एवोल्यूशन ऑफ ब्रेन में कवर किया था। यही
- 10:31वो एबिलिटी है जिससे आपका दिमाग अपने
- 10:33कनेक्शंस को रिवायर करता रहता है। और इसी
- 10:35मैकेनिज्म को यूज़ करके आप अपने फोकस को
- 10:38दोबारा पा सकते हो। आगे मैं आपको वही
- 10:40सॉलशंस बताऊंगा जो अभी तक मैं खुद ट्राई
- 10:42कर रहा हूं और जो मेरे लिए अभी तक वर्क
- 10:43किया है। एडमिटिंग द प्रॉब्लम। एक एवरेज
- 10:46आदमी पूरे दिन में अपने फोन को 96 टाइम्स
- 10:49चेक करता है। ऑनेस्टली यह नॉर्मल नहीं है।
- 10:51इसको ठीक करने का सबसे पहला स्टेप है यह
- 10:54एडमिट करना कि हां मुझे प्रॉब्लम है।
- 10:56क्योंकि जब तक आप प्रॉब्लम को साफ-साफ
- 10:58नहीं देख सकते तब तक आप उसे सॉल्व नहीं कर
- 11:00सकते। प्रोग्रेसिव ओवरलोड फॉर अटेंशन।
- 11:03आपका ब्रेन भी एक मसल है। अगर आपने अपने
- 11:05ब्रेन को ट्रेन किया है 30 सेकंड रील्स
- 11:07देखने के लिए तो आप यह एक्सपेक्ट नहीं कर
- 11:09सकते कि कल से आप एक 500 पेजेस की बुक एक
- 11:12ही बार में पढ़ लेंगे। स्टार्ट स्मॉल। फोन
- 11:14साइड में रखिए और सिर्फ 10 मिनट एक रियल
- 11:17बुक पढ़िए। कल 15, नेक्स्ट वीक 20। यह
- 11:20ग्रेजुअल इंक्रीस आपके न्यूरल पाथवेज को
- 11:22स्लोली रिबिल्ड करेंगे। हो सके तो यूज़ अ
- 11:24फिजिकल टाइमर एंड अवॉयड मल्टीटास्किंग।
- 11:27एनवायरमेंटल डिजाइन। सिर्फ विल पावर से
- 11:30कुछ नहीं होता। अगर आपका फोन डेस्क पर रखा
- 11:33है तो चांसेस ज्यादा है कि आप उसे यूज़
- 11:34करेंगे। अपने एनवायरमेंट को ऐसे डिजाइन
- 11:37कीजिए कि फोकस करना इजी हो। जितना हो सके
- 11:39अपने स्टडी या वर्क टेबल से डिस्ट्रैक्शंस
- 11:41को दूर रखें। फ्रिक्शन क्रिएट करना काफी
- 11:44पावरफुल होता है। स्टार्ट योर मॉर्निंग
- 11:46राइड। आपके दिन का पहला घंटा पूरे दिन के
- 11:48टोन को सेट करता है। अगर आप दिन की शुरुआत
- 11:51ही रील्स और शॉट स्वाइप करके करते हो तो
- 11:53आप पूरे दिन उसी डोपामिन को चस करते हो।
- 11:55इसके बजाय आप दिन की शुरुआत कीजिए लो
- 11:58स्टिमुलेटिंग एक्टिविटीज से। जैसे कि
- 12:00मेडिटेशन, बिना फोन के वॉक पर जाना या कोई
- 12:03बुक पढ़ना। और कुछ भी नहीं तो आप बस
- 12:05साइलेंस में बैठकर अपने पूरे दिन को प्लान
- 12:06कीजिए। डोपामिन रिबैलेंसिंग। दिन में आपको
- 12:10बस एक बार अपने लिए एक घंटा निकालना है
- 12:13जिसमें यू इंटेंशनली डू नथिंग। नो फोन, नो
- 12:16टीवी, नो YouTube, नो पडकास्ट, इवन
- 12:19म्यूजिक भी नहीं। बस आप और आपके थॉट्स। यह
- 12:22लो स्टिमुलेटिंग पीरियड आपके डोपेमिन
- 12:24रिसेप्टर्स को रिसेट करता है। और
- 12:26धीरे-धीरे नॉर्मल एक्टिविटीज आपको अच्छी
- 12:28लगने लगती है। रिमूविंग अनवांटेड
- 12:30ट्रिगर्स। आपका फोन किसी स्लॉट मशीन की
- 12:33तरह है। नोटिफिकेशन बेल्स, फ्लैशिंग कलर्स
- 12:35आपको बार-बार उसकी तरफ अट्रैक्ट करता है।
- 12:37हम सबके फोन के डेवलपर सेटिंग्स में
- 12:39डिस्प्ले को ग्रे स्केल करने का ऑप्शन
- 12:41होता है। आपको बस उसे एक्टिवेट करना है।
- 12:43ब्राइट कलर्स के हटते ही आपका फोन बोरिंग
- 12:45बन जाता है। बिल्कुल जैसा उसे होना चाहिए।
- 12:48एक बार जस्ट ट्राइड फॉर 60 सेकंड्स एंड
- 12:50नीचे कमेंट कीजिए कि अगर आपको कुछ डिफरेंट
- 12:52फील हुआ। और दूसरा आप अपने फोन के ऑल
- 12:55नोटिफिकेशंस को ऑफ कर दीजिए। और सिर्फ
- 12:57कॉल्स और इंपॉर्टेंट मैसेजेस अलव कीजिए।
- 12:59ट्रस्ट मी, आपको इतने सारे शॉपिंग एप्स के
- 13:01नोटिफिकेशंस की जरूरत नहीं है। डू मोर
- 13:04थिंग्स दैट मेक यू प्रेजेंट। अपनी लाइफ
- 13:06में ऐसी एक्टिविटीज इंक्लूड कीजिए जो आपको
- 13:08रियल वर्ल्ड में रखती है। जैसे मैं
- 13:09क्रिकेट खेलता हूं, जिम जाता हूं,
- 13:11फोटोग्राफी करता हूं। आप भी स्पोर्ट्स,
- 13:14जिम, कुकिंग, ट्रैकिंग या गिटार सीखने
- 13:16जैसे ऑप्शंस ट्राई कर सकते हो। ये चीजें
- 13:18आपको प्रेजेंट में रखती हैं क्योंकि यह
- 13:20स्क्रोलिंग का ठीक ऑोजिट है। इन कामों में
- 13:23फोकस, कोऑर्डिनेशन और प्रॉब्लम सॉल्विंग
- 13:25की जरूरत होती है। यह आपके ब्रेन का
- 13:26वर्कआउट है। आपकी भी हॉबीज क्या है? कमेंट
- 13:29कीजिए माइंडफुल कंसमशन। जैसे दिन भर आप
- 13:31सिर्फ जंक फूड नहीं खा सकते वैसे ही अपने
- 13:33माइंड को ट्रीट कीजिए। नेक्स्ट टाइम किसी
- 13:35भी ऐप को ओपन करने से पहले थोड़ा
- 13:37माइंडफुली खुद से पूछिए कि मेरा इंटेंशन
- 13:40क्या है? क्या मुझे कुछ सीखना है? किसी के
- 13:42साथ कनेक्ट करना है या बस बोर्डम इसकी वजह
- 13:44है। जंग कंटेंट को रिप्लेस कीजिए ऐसे
- 13:47कंटेंट से जो आपके ब्रेन को नरिश करती है।
- 13:50एक बार क्विकली रिकैप करते हैं। सबसे पहले
- 13:52प्रॉब्लम एडमिट कीजिए। दूसरा अपने फोकस को
- 13:55किसी मसल की तरह स्लोली ट्रेन कीजिए।
- 13:58थर्ड, अपने सराउंडिंग्स को फोकस के लिए
- 14:00डिजाइन कीजिए। सिर्फ विल पावर से कुछ नहीं
- 14:02होता। फोर्थ, दिन की शुरुआत लो
- 14:04स्टिमुलेटिंग रूटीन के साथ कीजिए। दिन में
- 14:06एक घंटा जरूर निकालिए टू डू नथिंग। अपने
- 14:08फोन से सारे ट्रिगर्स को रिमूव कीजिए और
- 14:11फोन यूज़ करना बोरिंग बनाइए। उसके बाद रियल
- 14:13वर्ल्ड में इंगेज कीजिए जो आपको प्रेजेंट
- 14:15में रखती है। और फाइनली माइंडफुल कंजमशन
- 14:18प्रैक्टिस कीजिए। यह आठ स्टेप्स आपको आपका
- 14:21फोकस और कंट्रोल वापस दिलाती है। अगर आप
- 14:23अभी इस वीडियो के एंड तक पहुंच चुके हो
- 14:25देन समझ लो यू आर ऑलरेडी इन द टॉप 15% एंड
- 14:29आप सीरियसली अपने अटेंशन स्पैन को इंप्रूव
- 14:31करना चाहते हो। चैलेंज ये है कि आपको आज
- 14:34से स्टार्ट करना है एंड नेक्स्ट सेवन डेज
- 14:36तक आपको अपने अटेंशन को रिलीजियसली ट्रैक
- 14:39करना है। हमने वीडियो के स्टार्टिंग में
- 14:40जो अटेंशन स्कोर चेक किया था वो आपका डे
- 14:43ज़ीरो का स्कोर है। सेवन डेज चैलेंज पूरा
- 14:45करने के बाद आप वापस आकर अपना स्कोर शेयर
- 14:47करना। मुझे आपके कमेंट का इंतजार रहेगा।
- 14:49ब्रेन रट एक रियल प्रॉब्लम है। लेकिन यह
- 14:52सिर्फ एक नेचुरल रिएक्शन है उस दुनिया का
- 14:54जो डिजाइन ही इसलिए किया गया है कि आपका
- 14:56अटेंशन लॉक्ड रहे। लेकिन गुड न्यूज़ यह है
- 14:59कि हमारा ब्रेन एक फ्लेक्सिबल सिस्टम है
- 15:00जो हमेशा चेंज हो सकता है। ऑफ कोर्स इजी
- 15:03नहीं होगा। थोड़ा डिसिप्लिन लगेगा। थोड़ा
- 15:05बोर्डम भी टोलरेट करना पड़ेगा। लेकिन सोचो
- 15:08अगर आप इन सात दिनों में थोड़ा भी
- 15:10इंप्रूवमेंट देख सकते हो तो अगले सात
- 15:12महीनों में वो कितना शिफ्ट होगा। और शायद
- 15:14आपको अभी लगे कि 7 दिन के रिसेट से क्या
- 15:16होगा? लेकिन ट्रुथ यह है कि छोटी-छोटी
- 15:19विक्ट्रीज ही बड़े ट्रांसफॉर्मेशन का बेस
- 15:21होती है और अब चॉइस आपकी है। कमेंट कीजिए
- 15:23वो क्या चीज है जो आप अपनी लाइफ में अभी
- 15:25चेंज करने वाले हो। शायद आपकी स्टोरी भी
- 15:27किसी और को एक्शन लेने के लिए इंस्पायर
- 15:29करे। थैंक यू एंड आई विल सी यू इन द
- 15:31नेक्स्ट वन।
About this transcript
This page contains the full transcript of Brain Rot Is Real (And It’s Happening to You) by Seriously Deep, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 2,939 words across 386 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.
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