BLA, TTP, The Afghan War and Balochistan update - Rafiullah Kakar - #TPE — Transcript
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- 0:00हेलो, अस्सलाम वालेकुम। बहुत वक्त हो गया
- 0:01है और बहुत कुछ बीत चुका है कि यह हमारी
- 0:04जो अह सॉर्ट ऑफ़ सेमी रेगुलर अपडेट्स होती
- 0:06हैं पॉडकास्ट वो अनफॉर्चूनेटली हमेशा मैं
- 0:10तारुफ़ में यही कहता हूं कि बुरे
- 0:12सरकमस्टैंसेस में ही होती है। बुरी खबरें
- 0:14आ रही होती है। तो फिर हम रफीला काकड़ को
- 0:15तंग करते हैं कि ये बुराई क्यों है? बिफोर
- 0:18दैट खुद आप बड़े स्मार्ट, बड़े डेपर बड़े यंग
- 0:22लग रहे हैं। तो खुद कैसे हैं सर आप?
- 0:24जी बहुत शुक्रिया। थैंक यू शहजाद। ये आपकी
- 0:27नजर का कमाल है। हम् ब्यूटी लाइज़ इन द आई
- 0:31ऑफ़ द बियर होल्डर। जी सर अह दुख भरी खबरें
- 0:35मैं खुद तो पर्सनली अपनी मेंटल हेल्थ के
- 0:37लिए न्यूज़ से बिल्कुल ही डिस्कनेक्टेड
- 0:39हूं। लेकिन बलचिस्तान से जो खबरें आ रही
- 0:41हैं वो तो बहुत ही ज्यादा
- 0:44ट्रबलिंग है। तो व्हाट इज द फॉर पीपल हु
- 0:46आर डिस्कनेक्टेड? जो न्यूज़ नहीं आ रही
- 0:48टीवी पे। व्हाट इज द लेटेस्ट सिचुएशन?
- 0:50क्या हो रहा है?
- 0:52जी बहुत शुक्रिया शहजाद जैसा कि आपको पता
- 0:55है बचिस्तान का कॉन्फ्लिक्ट लैंडस्केप।
- 0:59काफी पेचीदा है। दो बुनियादी किस्म के उस
- 1:04वक्त इस वक्त झगड़े चल रहे हैं और दोनों
- 1:07की शिद्दत में तेजी आई है। एक है बलोच
- 1:10असकरियत पसंदों ने जो रियासत पाकिस्तान के
- 1:14खिलाफ अपनी लड़ाई शुरू की हुई है जो कि
- 1:17पिछले एक दो साल से हम देख रहे हैं कि
- 1:19उसमें काफी शिद्दत आई है। तो उसमें पिछले
- 1:23एक दो महीने में आई थिंक नई उसमें
- 1:26डेवलपमेंट यह है के शहरों पे अटैक्स के
- 1:31साथ-साथ अब जो पाकिस्तान और ईरान का जो
- 1:37मेन तजारती शहरा है कोटा तफतान जो हाईवे
- 1:41है वहां पे तकरीबन पिछले दो-ती महीने में
- 1:45हमने देखा है के जो कॉनवाइज है ट्रक्स
- 1:51एलपीजी, मिनरल्स या कुछ भी ट्रांसपोर्ट
- 1:54करते हैं। तो उन पे हमलों में इतनी शिद्दत
- 1:58आई है कि वहां पे तकरीबन कारोबार ना होने
- 2:01के बराबर रह गया है। रास्ते में उन पे
- 2:03हमले होते हैं। इससे पहले जो है याद रखिए
- 2:07के मिनरल ट्रांसपोर्ट करने वाले उस पे
- 2:09पहले भी हमले होते रहते थे। बट अब ये
- 2:11स्कोप बढ़ गया है। ये भी अहम बात है कि
- 2:14पाकिस्तान अफगानिस्तान जो बॉर्डर है वो एक
- 2:17साल से ज्याद अरसे से मुकम्मल बंद है हर
- 2:19किस्म की तजारत के लिए। तो बूचिस्तान की
- 2:23मशत और इख्तसाद का इनसार जो है वो
- 2:26बुनियादी तौर पर बॉर्डर ट्रेड पर है। यहां
- 2:28पे क्योंकि इंडस्ट्री तो है नहीं। तो
- 2:31बॉर्डर ट्रेड में एक बॉर्डर मुकम्मल तौर
- 2:33पर बंद है। दूसरा ईरान के बॉर्डर के साथ
- 2:36जो भी थोड़ी बहुत इन
- 2:39ईरान पे बनवामी पाबंदियां मद्देनजर रख के
- 2:42तजारत होती थी वो भी सिग्निफिकेंटली
- 2:45रिड्यूस हो गई है। तो इससे आप अंदाजा
- 2:46लगाएं कि इसके माशी क्या असरात होंगे।
- 2:49दूसरी जो सबसे परेशानक और अहम खबर है वो
- 2:53पिछले
- 2:55तीन चार महीनों में बूचिस्तान का जो
- 2:58पश्तून इलाके हैं
- 3:01वहां पे टीटीपी का उभरना और इस शिद्दत के
- 3:06साथ कि कोटा के जो पहाड़ है तो कोटा एक
- 3:09वादी है उसके ईस्ट वेस्ट पे भी पहाड़ी
- 3:12सिलसिला साउथ में छोटी एक ओपनिंग है और
- 3:14शुमाल की तरफ भी तो शुमाल शुमाल जो है वो
- 3:18यह है जिधर पश्तून बेल्ट है तो शुमाल का
- 3:21जो पहाड़ी सिलसिला है वहां पे मुसला
- 3:24ग्रुप्स जो है उन्होंने पहाड़ी इलाकों को
- 3:27वहां पे कब्जा कर लिया है तीन चार महीनों
- 3:29से और एलेजडली वो तहरीक तालबान पाकिस्तान
- 3:34के नाम से दावा करते हैं और उन्होंने
- 3:36आहिस्ताआहिस्ता वहां पे जो पहाड़ी इलाके
- 3:40के आसपास जो गांव है देहात है वहां पे
- 3:44लोगों को तंग करना उठाने का सिलसिला शुरू
- 3:47हुआ है। पिछले दो-ती महीने से कई दफा
- 3:50प्रोटेस्ट हुए हैं। लोगों ने मुजायरे किए
- 3:52हैं। बदकिस्मती से कोई सरकार या रियासत की
- 3:56तरफ से उनको कोई बरव इमदाद या कुमक नहीं
- 4:00पहुंच सकी। और फिर उसका जो मेजर एस्केलेशन
- 4:05है वो आप पिछले हफ्ते आपने देखा। महीना
- 4:08पहले यहां पे एक किली है मंगला कोटा के
- 4:11पास ये कैंट से बिल्कुल 5 6 किलोमीटर के
- 4:14फासले पर है। यहां पे टीटीपी के इस तरह के
- 4:18वाक्यात हुए। वहां के जो गांव के बड़े हैं
- 4:20उनके बेटे और चंद और लोगों को आगाह किया
- 4:22गया। वो एक बंदे को रिहा किया गया। कुछ
- 4:26लोगों को मार दिया गया। फिर उसके बाद हना
- 4:30में वहां पे एक किली में किली बबई ये है
- 4:33जिसमें अभी मौजूदा वाकया भी वहां हुआ है।
- 4:36उधर भी कोई दो-तीन हफ्ते पहले इस तरह का
- 4:39वाकया हुआ था। लोगों ने एतजाज किए। तो अब
- 4:42जो लेटेस्ट एस्केलेशन हुई है वह यह हुई है
- 4:44कि एट द सेम टाइम
- 4:49यहां पर हना में इस गांव में जाके लड़ाई
- 4:52हुई है जिस पे लोग अपनी दफा में निकले
- 4:54हैं। फिर 11 लोगों को वहां से आगवा किया।
- 4:57तीन चार उसी वक्त शहीद हुए और साथ में यह
- 5:00पहाड़ी सिलसिला दूसरी साइड पे जियारत से
- 5:02कनेक्ट होता है। वहां पे मांगी डैम के नाम
- 5:05से एक प्रोजेक्ट पे काम भी चल रहा है।
- 5:07वहां पे भी एक लेवीज जो कि अब पुलिस में
- 5:10मर्ज हो चुकी है। उन पे हमला हुआ जिसमें
- 5:14बदकिस्मती से
- 5:1611 तो उसी मौके पे शहीद किए गए हैं। 21
- 5:20अगवा किए गए हैं। साथ उठा लिए गए हैं। और
- 5:23उन 21 लेवीज़ वालों को भी शहीद किया गया।
- 5:26और फिर एक दिन बाद वहां के जो मकामी कबायल
- 5:31है उन्होंने अपने असर और रसूख बैक डोर
- 5:34चैनल्स यूज़ करके और एक दूसरे से बेचारों
- 5:37ने चंदे इकट्ठे करके अपनी डेड बॉडीज वहां
- 5:40से जाके रिसीव की। कोटा को कराची से सॉरी
- 5:45कोटा को पंजाब और पश्तुखा से कनेक्ट करने
- 5:48वाला रोड बंद था धरना था। मेन कोटा
- 5:51एयरपोर्ट रोड बंद था। धरना था। एक और तीन
- 5:53धरने चल रहे थे जिसमें आज दूसरा धरना शायद
- 5:56खत्म हो गया। एक धरना अभी भी चल रहा है।
- 6:00तो यह एक सुरते हाल है कि आप देखें कि एक
- 6:04महीने में अच्छा इसके साथ तीसरी एक
- 6:06इंपॉर्टेंट भी ट्रेंड है वो ये है कि
- 6:08रियासत ने
- 6:11एलेजडली
- 6:13जो एक्स अफगान आर्मी है
- 6:16रिपब्लिक अफगान रिपब्लिक के वक्त में उनके
- 6:19बहुत सारे लोग जो सीनियर वो थे वो तो बाहर
- 6:21मुल्कों में चले गए। जो लोअर टियर के
- 6:23अफगान पुलिस आर्मी के लोग थे वो यह बॉर्डर
- 6:26जिलों में कुछ आके छुपे रहे तो अब उनको
- 6:30ऑर्गेनाइज किया गया है। मुसला शक्ल में वो
- 6:33कुछ लाख बलेली सरानान और ऐसी जगहों पर
- 6:37लाके बिठा दिया गया है और ये मर्सनरीज है
- 6:40जिनको रियासत पेट्रोनाइज करके अलेजिडली ये
- 6:44फ्रंट लाइन उसके तौर पे इस्तेमाल हो रहे
- 6:46हैं।
- 6:49टीटीपी या किसी और काउंटर सो कॉल्ड जो
- 6:52ऑपरेशंस है उनमें अब उससे क्या हुआ है कि
- 6:55पता नहीं रियासत के लिए तो ये कोई काम
- 6:57करते हैं कि नहीं वो तो हमें नहीं पता
- 6:59लेकिन इन लोगों ने जिन जहां पे ये आबाद
- 7:01किए गए हैं ये मर्सिनरीज आप समझे डेथ
- 7:03स्क्वाड समझे इन्ह नहीं वहां पे मकामी
- 7:06लोगों को तंग करना शुरू किया तो पिछले एक
- 7:09महीने में यह भी हुआ है कि इनके खिलाफ भी
- 7:10दो-तीन जगह कुछ लाख में लोग निकले वहां से
- 7:13फिर कुछ निकाले गए फिर सरलान में और आयरनी
- 7:16ये है कि जो इस वक्त आप अफगान रिफ्यूजीस
- 7:20के खिलाफ एक ड्राइव देख रहे हैं एक साल से
- 7:21कि जी उनको निकाले। जिधर से अफगान
- 7:24रिफ्यूजीस गरीब दहाड़ीदार मजदूर बेचारे
- 7:27अफगान को निकाला गया वहां पे इन मुसलत
- 7:30जतों को जाके बिठाया गया है और उनको बंदूक
- 7:34और वो देके उधर से लोग मकामी लोगों के साथ
- 7:37इनकी लड़ाईयां हुई तो उनके खिलाफ भी एक दो
- 7:39धरने हुए हैं। तो ये सब आप समझे ये पिछले
- 7:42सिर्फ एक महीने की रीसेंट डेवलपमेंट्स है
- 7:45जो बलचिस्तान में हो रही है। इसमें हमने
- 7:48अक्सर जब बात की है तो बीएएलए और टीटीपी
- 7:50का जो मुआजना किया जाता है उसमें आप कहते
- 7:53हैं कि कुछ वो एक दूसरे से सीख सकते हैं
- 7:56या टेक्निक्स कॉपी कर सकते हैं। बट एज सच
- 7:58कोई कोऑर्डिनेशन या उस तरह से नहीं है।
- 8:00लेकिन न्यूज़ में जिस तरह से रिपोर्ट किया
- 8:02जा रहा है वो तो एक बीएएलए और टीटीपी का
- 8:04नेक्सेस रिपोर्ट किया जा रहा है। अभी आपने
- 8:06जिस तरह बयान किया उसमें तो ऑलमोस्ट लगता
- 8:09है कि वो टेरिटरी के लिए आपस में एक दूसरे
- 8:11से ना लड़ना शुरू हो जाए। तो आप यह बीएएलए
- 8:14टीटीp के नेक्सेस को कैसे देखते हैं? वाकई
- 8:16नेक्सेस है।
- 8:18जी ये बहुत अहम सवाल है। देखें पहले यह
- 8:21समझना होगा कि टीटीपी किन इलाकों में है
- 8:23और बीएएलए किन इलाकों में है? बीएएलए
- 8:26प्राइमरली ऑपरेट करता है जो बलोच बेल्ट
- 8:29है।
- 8:30और टीटीपी प्राइममेरली ऑपरेट करता है
- 8:33पश्तून बेल्ट ऑफ बचिस्तान में। तो इनकी
- 8:37टेरिटोरियल एस सच कोई इनका एक दूसरे के
- 8:40साथ तसादुम नहीं है। यह पॉसिबिलिटी हो
- 8:43सकती है कि एक दूसरे के इलाके से कहीं पे
- 8:46कोई लॉजिस्टिकल एक दूसरे की मदद की जरूरत
- 8:49पड़े तो ये एक दूसरे को कर सकते हैं। बट
- 8:52ये एस सच टेरिटरी के लिए कमपीट नहीं करते।
- 8:54क्योंकि इन दोनों के जो ट्रेडिशनल
- 8:56स्ट्रांग होल्ड्स है वो काफी अलग है। हां
- 9:00अलबत्ता इस बात के इमकान को रद्द नहीं
- 9:03किया जा सकता कि फिर भी एक दूसरे के इलाके
- 9:07में अगर कोई हेल्प चाहिए होगी तो
- 9:08लॉजिस्टिकल सपोर्ट या वो एक दूसरे को दे
- 9:11सकते होंगे। मसलन अभी ये जो कोटा का
- 9:13नॉर्दन पहाड़ी सिलसिला है तकतु पहाड़ी
- 9:16सिलसिला है
- 9:17तो तकतू जाके एक एरिया है शाहबान वहां से
- 9:20कनेक्ट होता है जो आगे ट्रेडिशनल हरनाई और
- 9:24मरी पहाड़ी सिलसिला से कनेक्ट होता है तो
- 9:26उधर बीएलए की पहुंच है और तकतू वाले में
- 9:29टीटीपी अब जाके आबाद हो गई है तो इस तरह
- 9:32के यानी उनके इलाके हैं सरहद लगते हैं
- 9:35उनके जो टेरिटरीज है बट उन वो ऐसे एस सच
- 9:38कमपीट नहीं करते तो इसलिए कोई स्ट्रांग
- 9:40अलायंस
- 9:42बने या ना बने वो जरा इनकॉन्सिक्वेंशियल
- 9:44है। ज्यादा से ज्यादा यह हो सकता है कि
- 9:47कोई एक दूसरे के इलाके में कभी माइनर कोई
- 9:49लॉजिस्टिकल सपोर्ट अगर चाहिए होगी तो एक
- 9:52दोनों एक दूसरे को उसमें इट वुड मेक सेंस
- 9:54फॉर देम टू टू कोऑपरेट विद ईच अदर।
- 9:57तो जो एस्केलेशन हम देख रहे हैं जो
- 9:59कोऑर्डिनेशन की भी आप बात कर रहे हैं कि
- 10:02दोनों ऑलमोस्ट अगर एक साथ या आसपास अटैक्स
- 10:07हो रहे हैं तो फ्रॉम द आउटसाइड तो बिल्कुल
- 10:08ऐसा लगता है कि आप जो जर्नलिस्ट वगैरह या
- 10:12दूसरे ग्रुप्स में भी आप भी होंगे, मैं भी
- 10:14होंगे, मैं भी हऊंगा। तो वो जो अपडेट्स
- 10:17आती रहती हैं कि यहां अटैक हो गया, इतने
- 10:20लोग मर गए, यहां अटैक हो गया, इतने लोग मर
- 10:21गए। तो वो तो फौरन से आपको लगना शुरू हो
- 10:24जाता है कि पता नहीं कुछ क्या ही हो रहा
- 10:27है। इतना मेजर हो रहा है। तो ए की कोई
- 10:29कोऑर्डिनेशन को हम डिस्काउंट कर सकते हैं।
- 10:32बी जो रीसेंट एस्केलेशन है पिछले एकद
- 10:35हफ्तों में जो हमने देखा ये जो
- 10:37कॉन्फ्लिक्ट है इस पे हम कई पॉडकास्ट कर
- 10:39चुके हैं। हिस्ट्री भी बता चुके हैं। वो
- 10:41सारी बातें हमें रिपीट करने की जरूरत नहीं
- 10:42है। ये जो एस्केलेशन है एंड क्लियरली एक
- 10:45एस्केलेशन है। ये इस वक्त क्यों है?
- 10:49जी देखें अगेन एस आई सेड मैं इन दोनों
- 10:52कॉन्फ्लिक्ट को अलग देखता हूं। इन दोनों
- 10:54की ट्रेजेक्टरी डायनामिक्स भी अलग है। जो
- 10:56बलोच कॉन्फ्लिक्ट है उसमें तो कोई ऐसी
- 10:59अब्रप्ट सडन एस्केलेशन नहीं आई। वह हम
- 11:02पिछले एकद साल से देख रहे हैं। वह
- 11:04एस्केलेट ऑलरेडी हुआ हुआ है पिछले 1 साल
- 11:07से और उसकी आई थिंक कलमिनेशन जाफर
- 11:10एक्सप्रेस पे जो हमला था उसमें हुई है और
- 11:12उसके बाद वो उसी ट्रेंड पे उसी पेस पे चल
- 11:15रहा है। सो देयर इज़ नथिंग पर्टिकुलरली
- 11:17न्यू अबाउट द बलोच कॉन्फ्लिक्ट।
- 11:20दो हफ्तों में बढ़े तो हैं। मतलब वो जो 18
- 11:22पुलिस ऑफिसर्स किए फिर लेविस पे अटैक
- 11:25किया। आई नो खबरें रोज आ रही होती थी बट
- 11:28नंबर्स भी अगर हम देखें तो पिछले दो हफ्ते
- 11:31में एक एक अपटिक तो आया है इन टर्म्स ऑफ
- 11:34नहीं लेकिन वो जो अपटिक है वो जो पुलिस या
- 11:36लेवीज पे हमले वो अक्सर टीटीपी वाले हैं।
- 11:38बलोच कॉन्फ्लिक्ट वो चल रहा है लेकिन वो
- 11:41पहले भी इसी इंटेंसिटी के साथ चल रहा था।
- 11:43सिर्फ ये कि वो मीडिया में पाकिस्तान
- 11:46प्रॉपर की मीडिया में क्योंकि सेंसर सेंसर
- 11:49करते हैं। अब जब दोनों मिक्स हो के आ रहे
- 11:51हैं तो वो ज्यादा लग रहा है। उसमें बलोच
- 11:53कॉन्फ्लिक्ट अपने उसी पेस से जा रहा है और
- 11:55नथिंग न्यू अभी मसलन महीना डेढ़ पहले कोटा
- 11:58में बॉम्बिंग हर महीने में किसी ने किसी
- 12:00शहर पे कब्जा करना कल चाही शहर के पार्ट्स
- 12:03पे कब्जा किया। तो इस तरह का किसी पुलिस
- 12:05स्टेशन वो चलता रहता है जो ये अपटिक है ये
- 12:08पर्टिकुलर ये सारा टीटीपी वायलेंस है। ये
- 12:10जो 21 पुलिस के शहीद एक दिन हुए हैं 11
- 12:13अगले दिन हुए हैं ये सारे टीटीपी रिलेटेड
- 12:16वायलेंस में है जो कि कोटा के पिश्तून
- 12:19बेल्ट में है। तो अब इस पे आते हैं कि
- 12:21इसकी टाइमिंग या ऐसी क्या वजूहात है कि ये
- 12:24हुआ है। अगर मैं इसको ब्रीफली समराइज करूं
- 12:28टीटीपी का स्ट्रांग होल्ड वजीरस्तान और
- 12:33पार्ट्स ऑफ पॉकेट्स ऑफ सदर्न पश्तूनखा में
- 12:36थे। पिछले तीन चार साल में जब से तालिबान
- 12:39अफगानिस्तान में इ्तेदार में आए हैं। हमने
- 12:41आहिस्ताआहिस्ता देखा कि बलूचिस्तान के
- 12:43पश्तून इलाकों में भी टीटीपी के नाम से
- 12:47किए जाने वाले हमलों में इजाफा होता गया।
- 12:49लेकिन उसकी एक यूनिक बात थी। एक वो थे
- 12:52टारगेटेड एट सिक्योरिटी फर्सेस और एफसी और
- 12:57कंटोनमेंट्स और इन पे हमले थे। दूसरा उसकी
- 13:00ज्योग्राफिकल भी एक ट्रेंड था। दो जिले जो
- 13:03खैबर पख्तून के साथ बलोचिस्तान के लगते
- 13:05हैं और अफगान बॉर्डर के साथ भी है लेकिन
- 13:07खैबर पश्तून ख्वा के साथ लगते हैं वो योप
- 13:09और किला सैफुला उधर टारगेटेड हमले थे और
- 13:12एक किला अब्दुल्ला जो के इधर कोटा के पास
- 13:16है अफगान बॉर्डर के साथ जिला है। तो इन
- 13:18तीनों में स्माल स्केल टारगेटेड हमले होते
- 13:21थे। अब यह एस्केलेशन हुई है और उसकी जो
- 13:26ट्रेंड मुझे बनता हुआ नजर आता है वो यू है
- 13:28कि पिछले मेरे ख्याल से एक साल में जो
- 13:32नॉर्थ ऑफ बचिस्तान जो किला सैफुल्ला जिधर
- 13:36आहिस्ताआहिस्ता वहां पे भी उनका
- 13:37इन्फ्लुएंस बढ़ा और वहां से मेरे ख्याल से
- 13:40वहां से भी और शायद किला अब्दुल्ला से भी
- 13:42उन्होंने इस कोएटा के पहाड़ी सिलसिला में
- 13:45ये एक तरह से किसी भी गोरिल्ला वारफेल के
- 13:48लिए बड़ी आइडियल जगह है। आपको तीनों तरफ
- 13:51से एक्सेस है जियारत साइड से कुचलाक साइड
- 13:54से और कोटा आपके रेडार आपके उसमें आ जाता
- 13:57है। तो इधर ये अचानक आ गए हैं। लेकिन
- 14:00परेशानी वाली या हैरानक बात ये कि ये चारप
- 14:04महीने से मेरे जैसे आम आदमी सबको पता था
- 14:06कि ये इधर आ गए हैं। और इस चार महीने में
- 14:10या 5 महीने में अह मैं हैरान होता हूं कि
- 14:13रियासत ने ना सिर्फ यह कि कोई एक्शन नहीं
- 14:16लिया बल्कि जो लोग मुतासिर हुए हैं
- 14:19उन्होंने धरने दिए हैं। अब शहरी यही कर
- 14:22सकते हैं। आवाज उठा सकते हैं। धरना दे
- 14:23सकते हैं। दो-दो तीन-तीन दिन पूरे मेन
- 14:26इशारा बंद किए और रियासत आके झूठी तसलियां
- 14:29देके वापस चला जाता है। और उसके बाद कोई
- 14:32एक्शन नहीं हुआ और उसका आप समझे ड्रॉप सीन
- 14:34अभी जो पिछले हफ्ता हुआ है। एंड
- 14:38दिस इज वन मेजर रीजन के शहजाद आप हैरान हो
- 14:42गए आपने पडकास्ट में आपने उससे पहले दिया
- 14:45था ड्रॉप योर क्वेश्चंस आपने नीचे अगर
- 14:47सवालात देखे हो बलचिस्तान वालों के 80%
- 14:50सवालात तो ये कि लोग ये मानने के लिए
- 14:52तैयार ही नहीं है कि कोई टीटीपी है भी वो
- 14:54समझते हैं ये सब रियासत का क्या अपना क्या
- 14:57करना है और ये एक ड्रामा रचाया जा रहा है
- 14:59क्योंकि फॉर देम इट इज ट्रू बैड टू बी
- 15:02ट्रू के कोटा के 5 किमी पहाड़ी सिलसिले
- 15:06में एक मुसल्ला ग्रुप
- 15:095 चार महीने से आबाद हो। दो-ती महीने से
- 15:12मकामी लोग प्रोटेस्ट कर रहे हो और आप कुछ
- 15:14ना कर सकें और आप कहें कि जी हमने इंडिया
- 15:17को हरा दिया है, फला को हरा दिया है और
- 15:19इधर 5 किलोमीटर में आपके साथ यह हो रहा है
- 15:22और लोग आपको दो-ती महीनों से वॉर्न भी कर
- 15:25रहे हैं और आप कुछ नहीं कर पा रहे हैं। तो
- 15:28वो उसने इस तासुर को जन्म दिया है कि वहां
- 15:30पे लोग इस बात को यकीन करने के लिए तैयार
- 15:33ही नहीं है कि ये कोई ऑर्गेनिक चीज भी है।
- 15:35इसमें जब सरदार अस्तर इसमें जब सरदार
- 15:37अख्तर मंगल आए थे पडकास्ट पर वह इस तरह की
- 15:39बातें कर रहे थे कि चार पांच जिले छोड़कर
- 15:42बाकी जो जिले हैं वहां जब हमारी फर्सेस
- 15:44जाती हैं तो वो प्रोटोकॉल के साथ जाती हैं
- 15:46और बीएलए घूमती है तो वो खुली घूमती है तो
- 15:49अगर तो हम ये अस्यूम करें कि हमारी
- 15:51इंटेलिजेंस हमारी आर्मी कंप्लीट उनका
- 15:53कंट्रोल है और कंस्परेसी थ्योरी है तो वो
- 15:57तो फिर बीएएलए से भी निपट सकते तो वहां
- 15:59नहीं निपट सक रहे वो एक वैक्यूम है कि वो
- 16:03लोग अगर इन इलाकों में जा भी रहे हैं तो
- 16:06खुद भी प्रोटोकॉल उसके साथ जाते हैं तो आई
- 16:08डोंट थिंक एक उस तरह से परमानेंट प्रेजेंस
- 16:10वो बना सक रहे हैं तो जब वो आप खुला छोड़
- 16:12देते हैं तो कितना मुश्किल है टीटीपी का
- 16:15आई गेट द द कंस्परेसी थ्योरीस एज वेल
- 16:20क्योंकि पाकिस्तान ने हिस्टोरिकली
- 16:22मर्सिनरीज को इस्तेमाल किया है लेकिन जो
- 16:24बूचिस्तान के हालात आप हो गए अक्सर मैंगल
- 16:26हो गए जितने भी मुझे एक्सपर्ट्स ने बताया
- 16:28मुझे तो कोई इतना ताज्जुब नहीं हो रहा के
- 16:31अगर आप इस तरह से वैक्यूम छोड़ेंगे और
- 16:34आपकी आपकी पुलिसिंग की एबिलिटी इतनी पुअर
- 16:36होगी तो कितना ही मुश्किल है टीटीपी का इन
- 16:38रोड्स बनाना।
- 16:40जी देखिए मेरी तो अपनी असेसमेंट है वो मैं
- 16:43आपसे शेयर करता हूं। आम लोगों का जो
- 16:45परसेप्शन है
- 16:46वो मैंने शेयर किया और उसको उसका रीजन मैं
- 16:49समझाना चाह रहा था कि यानी लोग ऐसा क्यों
- 16:51समझ रहे हैं? तो ये एक उसकी एक रीज़न है।
- 16:54दूसरी ऑफ कोर्स रियासत की लेजिटिमेसी और
- 16:58इधर क्राइसिस में फिर मैटर करता है कि
- 17:00रियासत की लेजिटिमेसी क्या है?
- 17:03क्योंकि रियासत की लेजिटसी खत्म हो गई है
- 17:06बचिस्तान में। अगर 50 में से दो बातें वह
- 17:09ठीक भी करें लोग उसका उलट मतलब लेंगे कि
- 17:12ये अगर यह कह रहे हैं तो फिर तो जरूर
- 17:14इसमें कोई ना कोई गड़बड़ है। अब मैं अपनी
- 17:17जो मेरी नाकिस राय है, मेरी अंडरस्टैंडिंग
- 17:19है टीटीपी या उसकी। देखिए पहले तो
- 17:22फ्रैंकली स्पीकिंग आई एम नॉट सरप्राइज्ड।
- 17:25और आपसे पहले पडकास्ट में भी यह डिस्कस
- 17:27हुआ है और मैं एक अदना तालबम के तौर पर यह
- 17:31जो टीटीपी वाला मामला है शहजाद बोथ पीएलए
- 17:34टीटीपी आई थिंक इसमें से कोई ऐसी बात नहीं
- 17:36है जो मेरे जैसे अदना तालबेम ने पिछले 10
- 17:38साल में 10 दफा किसी डॉन या द न्यूज़ के
- 17:42ना लिखी हो। पहला टीटीपी के मामले पे मुझे
- 17:46बड़ी इस बात में क्लेरिटी है कि पिछले 40
- 17:50साल अमूमी और पिछले 20 साल खुसूसी तौर पर
- 17:54हमने जो तालिबान तालबनाइजेशन का प्रोजेक्ट
- 17:58पाकिस्तान के पश्तून बेल्ट में चलाया है
- 18:01उसमें स्ट्रेटेजिक डेप्थ के चक्कर में
- 18:03अफगानिस्तान को काबू करने के चक्कर में
- 18:06उसके जो जड़ है वो इतने मजबूत हो गए हैं
- 18:10के अब वो ऑर्गेनिक प्रोजेक्ट जो है वो
- 18:14सेल्फ सस्टेन कर सकता है। आपने इधर पूरा
- 18:17उसका
- 18:20फैक्ट्रियां बनाई है इस सोच की। तो अब
- 18:23तालिबान के इ्तेदार में आने के साथसाथ अब
- 18:27उनको एक रिवर्स स्ट्रेटेजिक डेप्थ भी मिल
- 18:30गया है। अब इनको उल्टा स्ट्रेटजिक डेप्थ
- 18:32मिल गया है कि ये जब चाहे वहां पे जाके
- 18:35वापस इधर रीगप करके इधर इस तरह की
- 18:38गोरिल्ला कारवाइयां कर सकते हैं। ये वो
- 18:40लोग हैं जो फमिलियर है इटरियन के साथ जो
- 18:43रियासत के इत्तहादी रहे हैं। जिनके इधर
- 18:46लॉजिस्टिकल चैनल्स वो सब बने हुए हैं। तो
- 18:50नंबर वन बिकॉज़ ऑफ़ दिस हिस्ट्री पाकिस्तान
- 18:52हिस्ट्री ऑफ़ स्पोंसरिंग इस्लामिक
- 18:54मिलिटेंसी बोथ इज़ अ डूल ऑफ़ फॉरेन पॉलिसी
- 18:56एंड डोमेस्टिक पॉलिसी आई एम नॉट
- 18:58सरप्राइज्ड। दूसरा एक इसमें अहम बात यह
- 19:02समझने वाली है
- 19:04वह और यह मेरे ख्याल से पार्शियली जो
- 19:07लोगों की ये स्केप्टिसिज्म है उसका जवाब
- 19:10भी है
- 19:12के अगर रियासत ने खुद नहीं किया तो फिर
- 19:14व्हाट एक्सप्लेंस ये इतना डिले और टीटीपी
- 19:175 किलोमीटर पहाड़ों तक पहुंच जाती है और
- 19:20रियासत की तरफ से एक्शन नहीं होता उसकी एक
- 19:22बुनियादी वजह है और ये शहजाद परेशानक बात
- 19:24है कि जो रियासत का इस वक्त जो काउंटर
- 19:27टेररिज्म अप्रोच है उसमें बुनियादी खला यह
- 19:31है कि एक वो रिएक्टिव है और दूसरा उसमें
- 19:35एक कास्ट सिस्टम बना हुआ है। वो कास्ट
- 19:37सिस्टम क्या है
- 19:40के फ्रंट लाइन पे बेसहारा और बेमदगार
- 19:45लीवीज को छोड़ दिया गया है कि आप जी
- 19:48मुकाबला करें। लीवीज वाज़ नेवर मेंट टू बी
- 19:51अ काउंटर इनजेंसी फोर्स। वो एक कम्युनिटी
- 19:54पुलिसिंग मॉडल था जो डे टू डे लॉ एंड
- 19:58ऑर्डर सिचुएशन के लिए होता था और आपको पता
- 20:00है क्लेमस वाले के पास उस बेचारे को पांच
- 20:04से 10 राउंड दिए जाते हैं उस पे उसने अपना
- 20:08हिफाजत करनी होती है। लॉ एंड ऑर्डर मेंटेन
- 20:10करना होता है। अब क्या किया? हुआ यू कि यह
- 20:13जब कैजुअल्टीज बढ़ी पैरामिलिट्री एफसी और
- 20:16आर्मी पर जब प्रेशर आया तो यह जो लेवीज को
- 20:18मर्ज करने का प्लान था पुलिस में उसके
- 20:20पीछे बुनियादी वजह ये थी कि जी इनसे
- 20:22काउंटर इंसजेंसी का हम काम ले लें तो पहले
- 20:25तो ये आईडिया गलत था लेवीज वास नेवर मेंट
- 20:27टू बी अ काउंटर इंसर्जेंसी फोर्स और अगर
- 20:29आपने काउंटर इंसर्जेंसी में यूज़ करना भी
- 20:31था तो भाई फिर उनको वो इक्विपमेंट दें
- 20:34उनकी वो तरबियत करें अभी ये जो मांगी डैम
- 20:37में हुआ है आपको पता है सारा दिन ये लेवीज
- 20:40लड़ी है पूरा दिन लड़ के इनकी सपोर्ट के
- 20:43लिए ना एफसी पहुंच सकी ना आर्मी पहुंच सकी
- 20:4611 व शहीद हुए 21 को ले जा के जानवरों की
- 20:49तरह उधर मारा गया शहीद किया गया और अब इन
- 20:52विचारों को आगे से जिनसे लड़ रहे हैं उनके
- 20:54पास जदीद असला है और इन विचारों के पास
- 20:58मैंने आपको बताया रिवायती चेक पोस्ट में
- 21:00लेवीज वाले के पास 10 राउंड्स या पांच
- 21:01राउंड छोड़ दिए जाते हैं। तो ये बेसिकली
- 21:04कुर्बानी के बकरों की तरह आपने इनको छोड़
- 21:06दिया है। क्योंकि जो भ्रमण है सिक्योरिटी
- 21:09इंफ्रास्ट्रक्चर में उनकी कैजुअल्टीज जो
- 21:12है वो मिनिमाइज करनी है और यह जो अछूत है
- 21:16इनको आपने फ्रंट लाइन पे बेरो मददगार
- 21:18कुर्बानी के बकरों की तरह छोड़ दिया है।
- 21:21अब अच्छा होता क्या है के एफसी की भी कुछ
- 21:25इनफॉर्मल एसओपीस है। एसओपी क्या और ये
- 21:28सिर्फ टीटीपी में नहीं बलोच बेल्ट में भी
- 21:30अक्रॉस सिर्फ तब पहुंचते हैं जब वाकया
- 21:33खत्म हो जाता है। यानी बीएलए ने कहीं
- 21:35कब्जा कर लिया रोड बंद कर लिया। स्नैप
- 21:38चेकिंग हुई कहीं किसी कैंप पे हमला किया।
- 21:40जी तीन घंटे चार घंटे बाद एफसी पहुंचेगी।
- 21:44इसी तरह लेवीज पे कहीं हमला हुआ। हमला
- 21:47होके सब नुकसान डैमेज हो जाता है। उसके
- 21:49बाद वो पहुंचते हैं। अच्छा आर्मी तो आती
- 21:52ही नहीं है। उनकी एसओपी शायद यह है कि बस
- 21:53वो जब तक फॉर्मल फुल प्लेज मिलिट्री
- 21:56ऑपरेशन ना हो। वो नहीं पहुंच सकते। तो इस
- 22:00इस जो काउंटर इंसर्जेंसी इंस्टीट्यूशनल
- 22:03स्ट्रक्चर में ये जो कास्ट सिस्टम है ये
- 22:06जो जो भी गलत एसओपी के तहत ये बनाया गया
- 22:08है और उसमें जो सबसे ज्यादा फ्रंट लाइन पे
- 22:11बर्डन ले रहा है वो लीस्ट इक्विप्ड है
- 22:14उसकी वजह से मेरे ख्याल से ये आगे बढ़ेंगे
- 22:17और ये जो मांगी जिस तरह का खतरनाक और
- 22:20अफसोसनाक सानिया हुआ है ये भी पेश होता
- 22:23रहेगा और आम आदमी को कास्परेसी थरी के लिए
- 22:26आप खूब खूब मवा दे रहे हैं के चल उधर तो
- 22:29आप नहीं पहुंच सके यार। यह आपको किसने मना
- 22:31किया? क्या आपको रोकता था कि आप डेथ
- 22:34स्क्वाड के लीडर आपके पसंदीदा उसके लिए
- 22:37एयर एंबुलेंस और हेलीकॉप्टर बेचते रहते
- 22:39हैं। और इधर 21 लाशें पड़ी रही। आपका
- 22:41एंबुलेंस नहीं पहुंच सका। उनके लवायकी ने
- 22:44चंदा इकट्ठा करके
- 22:4676 86 मॉडल गाड़ियां और डार्टसन जो है
- 22:51पिकअप उनकी बॉडीज में जानवरों की तरह ओडेड
- 22:55बॉडीज को लाया गया। तो इससे आप अंदाजा
- 22:57करें वो मैं एक वीडियो देख रहा था मुझे
- 22:59बड़ा उस पे मेरे आंसू गिरे एक लिवीज वाला
- 23:02बेचारा 40 5000 की तनख्वाह वो जब उसकी
- 23:06सारी लड़ाई करके उसका असला खत्म हो गया
- 23:08होगा उसने एक पर्ची पे अपना जिन लोगों पे
- 23:12का उसप उधार था वो लिखा है अपने लवक कील
- 23:15के लिए 2000 परचून वाले से उधार लिया है
- 23:18उसने 28000 किसी और दुकानदार से उधार लिया
- 23:22है और वो खून आलूद वो पर्ची बची हुई है
- 23:24उसकी जेब में खून आलूद जो उसमें में उस
- 23:26बेचारे ने तो मैं समझता हूं यह जो
- 23:28डॉक्ट्रिन है कि जिसमें आपने लेवीज को
- 23:30पुलिस में मर्ज करके सैक्रिफिशियल लैंप्स
- 23:33की तरह उनको उधर छोड़ दिया है ना इक्विप
- 23:35करते हैं ना मदद के लिए आते हैं और ना बाद
- 23:38में आप उनको यह तासुर देते हैं कि ये
- 23:40रियासत इनको भी अपने बच्चों की तरह ट्रीट
- 23:43करती है। उसका नतीजा आ रहा है। सिर्फ
- 23:45जियारत डिस्ट्रिक्ट में पिछले दो दिन में
- 23:47300 से ज्यादा लेवी जलकारों ने इस्तीफा दे
- 23:49दिया के भाई 400 के लिए क्यों हम अपनी जान
- 23:53खतरे में डालें। इसमें आपने जब टीटीपी
- 23:56वाला शुरू किया था उसमें हमने
- 23:57आईडियोलॉजिकल बेसिस की बात की थी। 40 साल
- 24:00का एक आईडियोलॉजिकल प्रोजेक्ट तो है वो
- 24:02जियाउल हक सारी उसकी तारीख हम मल्टीपल दफा
- 24:04बता चुके हैं। पर इसमें थोड़ी हमें तफरीक
- 24:07करने की जरूरत नहीं है कि जो बीएएलए अब
- 24:09लोग माने ना माने कितना सपोर्ट है नहीं
- 24:12है। रिगार्डलेस इतना तो अनडिनायबल है कि
- 24:15थोड़ा बहुत आईडियोलॉजिकल सपोर्ट तो है। तो
- 24:17जो बलोच आवाम है वो आईडियोलॉजिकली भी
- 24:20सपोर्ट करती है कॉज को। वेयर एज माय
- 24:22अंडरस्टैंडिंग फ्रॉम अ फार ऑब्वियसली आई
- 24:24एम नॉट एन एक्सपर्ट इसके वो टीटीपी की उस
- 24:27तरह से ग्रास रूट सपोर्ट नहीं है जब ये
- 24:30वापस भी रिसेटल हो रहे थे सवा में हमने
- 24:32अक्रॉस पार्टी लाइंस अपार्ट फ्रॉम पीटीआई
- 24:35प्रोटेस्ट्स देखी जमात इस्लामी तक ने
- 24:37प्रोटेस्ट की सेंटर मुस्ताक भी पहुंचे हुए
- 24:39थे के भाई नहीं हमें टीटीपी चाहिए टीटीपी
- 24:42को जब यह डील्स के तहत भी लाते हैं तो भी
- 24:45नहीं आते तो टीटीपी का उस तरह से
- 24:47आईडियोलॉजिकल सपोर्ट नेटवर्क तो नहीं है
- 24:49खैबर पुख्ता में राइट बिल्कुल भी नहीं है।
- 24:52देखिए ना सिर्फ यह कि खैबर पख्तून ख्वा
- 24:54में नहीं है। बचिस्तान के पश्तून बेल्ट
- 24:57में भी टीटीपी का ऐसा कोई वो नहीं है। यही
- 25:00तो वजह है कि उनकी पहली लड़ाई कम्युनिटी
- 25:02के साथ हुई कि कम्युनिटी ने उनको रेिस्ट
- 25:04किया अपनी मदद आपके तहत। ऐसा अब ये कोटा
- 25:06के जो शुमाल में जिन गांव में यह बबरी
- 25:09गांव में जिधर लोगों ने निकल के लड़ाई की
- 25:11है ये ऐसे शरीफ लोग हैं बेचारों के पास एक
- 25:13छुरी भी नहीं है खंजर भी नहीं है वो आगे
- 25:16स्नाइपर वालों के साथ लड़ाई कर रहे हैं तो
- 25:18अब्सोलुटली यू आर स्पॉट ऑन और यही
- 25:20बुनियादी फर्क है बीएएलए और टीटीपी के इस
- 25:23कॉन्फ्लिक्ट में कि बीएएलए एक पॉपुलर
- 25:25इंसजेंसी लीड कर रही है और टीटीपी की जो
- 25:28इंसजेंसी है उसके कोई पॉपुलर रूट्स नहीं
- 25:30है। प्रिसाइजली इसी वजह से उसकी पहली जो
- 25:33कैजुअल्टी है वो भी आम लोग हैं और उसके
- 25:36खिलाफ जो मुजामत आपको नजर आती है बोथ
- 25:38बचिस्तान में एस वेल एस खैबर पख्तून खान
- 25:41उसकी वजह यही है कि इसकी आम आदमी या लोगों
- 25:44में कोई ऐसी सपोर्ट बेस है
- 25:46एंड सारा जो अभी हो रहा है आप इसको
- 25:48बिल्कुल नहीं लिंक करेंगे जो ईरान यूएसए
- 25:51या ग्लोबल सिचुएशन है या कोई लिंक बनता है
- 25:54नहीं मैं बिल्कुल ईरान या उसके
- 25:57कॉन्फ्लिक्ट के साथ तो मुझे इसका कोई ऐसा
- 25:58लिंक नजर नहीं आता अलबत्ता मुझे पार्शियली
- 26:02अफगानिस्तान के साथ जरा जरूर ये लिंक नजर
- 26:05आता है के पाकिस्तान ने जो अपने उधर मसल
- 26:09फ्लेक्स किए अफगानिस्तान में बमबारी होती
- 26:11है। मैं मेरा अंदाजा है जो मैंने ग्राउंड
- 26:14में हालात देखे हैं कि शायद अफगान तालिबान
- 26:17भी अब एसिमिट्रिक वारफेयर की तरफ आ गई है।
- 26:20यह बिलकुल रिवर्स हो गई है इंडिया
- 26:22पाकिस्तान की सिचुएशन
- 26:24हम
- 26:24के इंडिया क्योंकि ट्रेडिशनल मिलिट्री
- 26:27पावर में अपने आप को तगड़ी समझती है तो
- 26:29हमने 1990 ऑनवर्ड एसिमिट्रिक वारफेयर
- 26:32प्रॉक्सीस के थ्रू लड़ाई जारी रखी तो मुझे
- 26:35अब ये समझ आ गई है कि इसी तरह पाकिस्तान
- 26:37अफगानिस्तान में रोल रिवर्स हो गए कि
- 26:39पाकिस्तान में लेटरली तगड़ा है तो वो
- 26:42बमारिया करके
- 26:45ब्रूटल फोर्स इस्तेमाल करके तो तालिबान अब
- 26:47उसमें ये प्रॉक्सी वारफेयर में भी आगे बढ़
- 26:51रहे हैं और हमने भी माशा्लाह से जो फिर
- 26:54अपने प्रॉक्सीस गुड तालिबान की रीपकेजिंग
- 26:56है वो ये एक एक्स अफगान आर्मी के जो लश्कर
- 27:00है उनको भी हम मोबिलाइज कर रहे हैं और ये
- 27:03वो बात है शहजाद ये हमने पिछले पॉडकास्ट
- 27:05में की थी और ये मैं जरूर हाईलाइट करना
- 27:07चाहूंगा जब हम जैसे लोग कहते हैं ना के
- 27:10अफगान पॉलिसी और रियासत की गलत पॉलिसियां
- 27:13और हम कहते हैं कि यह मूव ऑन वाली बात
- 27:15इतनी आसान नहीं है। में बात क्यों एफसाइज
- 27:18हम किस बात पे करते हैं कि भाई वो माजी की
- 27:20गलतियां क्यों हुई ये तो कोई बड़ी बात थी
- 27:23कि रफ्यूला काकड़ को समझ आ रही थी कि
- 27:25अफगान पॉलिसी के नतीजा ये निकलेगा
- 27:27इस्लामाबाद पिंडी में इतने बड़े-बड़े
- 27:29काबिल जहीन लोग बैठे उनको नहीं समझ आ रही
- 27:31थी समझ आ रही थी फिर भी गलती क्यों हुई
- 27:35क्योंकि अफगान पॉलिसी दो तीन जनरल उसका
- 27:37फैसला करते हैं और ये असल में रूट कॉज है
- 27:41जब तक आगे भी दो तीन लोग पूरे मुल्क के
- 27:45मुस्तकबिल का फैसला करेंगे। अभी ट्रेड की
- 27:47मैंने आपको बताई यार आपने पूरे पश्तूनखा
- 27:50वतन की मईत बंद कर दी एक साल से अफगान
- 27:53ट्रेड रोक के
- 27:54अच्छा इसका क्या सेंस बनता है? अभी इसी
- 27:57पॉलिसी को ले लें। मैं आपको यकीन से कहता
- 28:00हूं छोड़े पश्तून लीडरशिप बलोच लीडरशिप
- 28:03अख्तर मैगल महमूद खान चकजाई को छोड़े। आप
- 28:06पंजाब पीपीपी जिसकी हुकूमत है। आप बिलावल
- 28:09साहब आप शबाज शरीफ साहब इन सब से पूछे कि
- 28:12उनको पता भी है के रियासत ने जी अफगान
- 28:16एक्स आर्मी के उनको ऑर्गेनाइज करके असला
- 28:19दिया हुआ है और उनको एस मशीनरीज यूज़ कर
- 28:21रहे हैं और अगर उनको पता है क्या वो ऐसी
- 28:23पॉलिसी की सपोर्ट करेंगे नेवर
- 28:26लेकिन फिर भी बन रही है और ये माउथ पीस बन
- 28:29जाते हैं
- 28:30तो जब तक ये प्रोसेस रहेगा ये गलतियां
- 28:33होती रहेंगी नई-नई शक्ल में ये मर्शीरीज
- 28:37ये न्यू ये गुड तालिबान की नई रीपैकेजिंग
- 28:40है ये उसकी कंटिन्यूएशन है इन अ न्यू
- 28:42फॉर्म
- 28:42हम ये तो अब हमारा एक रेगुलर रोल प्ले हो
- 28:46गया है। तो रफी साहब आपको हमने बुला लिया
- 28:49है आप पारा। तो अब मैं बैठा हुआ हूं
- 28:52सितारे लगाकर। आज मैं लग भी रहा हूं कोर्ट
- 28:54के साथ। अ सर बहुत अच्छी बातें करते हैं।
- 28:57आप बहुत अच्छी आपकी समझ है। लेकिन आप जो
- 28:59कह रहे हैं कि ये हमारे बदले में हुआ। हम
- 29:02आप अच्छे इंसान हैं। तो आपको लगता है सब
- 29:05लोग अच्छे हैं। बट दुनिया अच्छी नहीं है।
- 29:08आपको अभी हम इनेशन दिखाएं। हमारे पास
- 29:10फाइलें हैं। हम करते ना करते इन्होंने यही
- 29:13करना था क्योंकि अफगानिस्तान को सपोर्ट
- 29:15मिलता है इंडिया से और इस सबके पीछे
- 29:17इंडिया है और इंडिया ने तो ये डिक्लेअर
- 29:19किया हुआ है कि भाई हम 1000 कट्स करेंगे।
- 29:21अजीत दोह ने तो ये बोला हुआ है
- 29:23अफगानिस्तान इंडिया अफगान तालिबान और
- 29:25इंडिया तो झप्पे मार रहे हैं। अब हमारी भी
- 29:27गलतियां हैं। हम मानते हैं उसमें गलतियां
- 29:29हैं। लेकिन हम अभी करें ना करें। रिसोंड
- 29:32ना करें। यह फैसला हो चुका है दिल्ली में
- 29:35कि अफगान तालिबान को इस्तेमाल किया जाएगा
- 29:37पाकिस्तान के अंदर। अ फसाद करने के लिए
- 29:44तो अब सर आप मेरी क्या मेरी असेसमेंट मांग
- 29:47रहे हैं या मशवरा मांग रहे हैं क्या
- 29:49आपका मैं बता रहा हूं मिर्ची डंडा तैयार
- 29:55जी जी
- 29:56पहले ही
- 29:57जी देखें मैं तो इसमें ये कहूंगा के
- 30:02इंडिया ये करे इस पे तो आपको हैरत नहीं
- 30:04होनी चाहिए इंडिया के साथ आपकी दुश्मनी है
- 30:08तो आप भी इंडिया को जहां पे नुकसान
- 30:10पहुंचाते हैं, कोशिश करते हैं, वो भी आपको
- 30:12पहुंचाएंगे। सवाल यह है कि पिछले 50 साल
- 30:15में अफगान कम्युनिस्ट्स, अफगान सेुलर
- 30:19नेशनलिस्ट्स,
- 30:20अफगान इस्लामिस्ट्स, अफगान रिपब्लिकनंस,
- 30:24अफगान तालिबान इनमें से किसी के साथ आपकी
- 30:28अगर नहीं बन सकी और इंडिया के साथ इनमें
- 30:31से अक्सर की कोई तारीख रवाबेत ना होने की
- 30:34बजाय अगर बन जाती है तो सर कहीं कुछ गलती
- 30:37आपके एंड पे फिर इसका मतलब है कि आपकी तो
- 30:40किसी के साथ नहीं बन रही। जिनको आप समझते
- 30:41हैं आपने 25 साल पाला उनके साथ भी नहीं बन
- 30:44रही। जिनके साथ जिनके खिलाफ आप प्रॉक्सीस
- 30:47लड़ाते रहे उनके साथ नहीं बनती वो तो तो
- 30:49अगर अफगान में देयर इज नॉट इवन अ सिंगल
- 30:52पॉलिटिकल फैक्शन जो आपके लिए काबिल कबूल
- 30:54है तो इसका मतलब है आपकी पॉलिसी में कोई
- 30:57गलती है जिसको फंडामेंटली रिवजिट करने की
- 30:59जरूरत है और इंडिया इंडिया से सीखें
- 31:04इंडिया के पास क्या ऐसे जादू की चिड़ी है
- 31:06कि जो उनके मुखालिफ रहते हैं वो भी साथ
- 31:08मिल जाते हैं। आप भी मिलाए बजाय के उनको
- 31:10आप इंडिया के की तरफ धकेल देते हैं। सर
- 31:13मान ली सारी गलती है सारी गलती हमारी है
- 31:15सब मान लिया लेकिन अब क्या करना है अब अगर
- 31:17इंडिया यह कर रहा है तो हमने रोकना है या
- 31:20आगे हो ना कैरेक्टर में आ गए हो व्हाट आर
- 31:22यू सजेस्टिंग यू शुड लेट आवर पीपल डाई
- 31:25नहीं आप कह रहे हैं हम दरवाजे खोल दें
- 31:27हमारी गलती थी तो आप आगे हमारे लोग मार
- 31:29सकें नेवर
- 31:32नहीं सर आप बिल्कुल दरवाजे ना खोलें लोग
- 31:35ना मारे आप वही गलतियां रिपीट ना करें जो
- 31:38माजिब में हुई है तो उसके लिए आपको
- 31:41बदकिस्मती से आज से 20 साल पहले अगर आप
- 31:44घुटनों तक घुटनों तक इस दलदल में फंसे हुए
- 31:47थे। आज आप यहां तक इस दलदल में फंस गए हैं
- 31:49तो अब आपके लिए इजी वे आउट है।
- 31:52इस मीटिंग इस मीटिंग के बाद आप भी घुटनों
- 31:54पे होंगे। आप रुके तो
- 31:56खुलकर बातें कर रहे हैं ना आप
- 31:58नहीं मैं तो आपके आपकी फलाह के लिए आपकी
- 32:02बेहतरी के लिए
- 32:03जी सॉरी बताएं क्या
- 32:05के लिए तो आप नंबर वन आई अंडरस्टैंड के आप
- 32:09इजी सिचुएशन में नहीं है आप दलदल में फंसे
- 32:12हुए हैं ना आराम से निकल सकते हैं ना पीछे
- 32:13वापस जा सकते हैं तो उसके लिए आपको बड़े
- 32:18कंसेशंस देने होंगे बड़े मेजर स्टेप्स
- 32:21लेने होंगे अगर आप वाकई स्ट्रेटेजिक
- 32:22ऑब्जेक्टिव के हालात ठीक करने हालात ठीक
- 32:26करने के लिए सबसे पहले अंदरूनी तौर पर जो
- 32:29चैलेंजेस है उनको हमें एड्रेस करना होगा।
- 32:32फिर हम बाहर के दुश्मन का मुकाबला करेंगे।
- 32:34अंदरूनी तौर पर क्या है? नंबर वन जिस तरह
- 32:37हम पहले कहते रहे आप
- 32:39जब तक अफगान पॉलिसी जब तक इंडिया पॉलिसी
- 32:43जब तक इंटरनल सिक्योरिटी पॉलिसी दो-तीन
- 32:47लोग किसी बंद कमरे में कमरे में बैठ के
- 32:50बनाते रहेंगे और बाकी सिविलियन लीडर्स
- 32:53तोतों की तरह रिपीट करते जाएंगे बात आगे
- 32:56नहीं बढ़ सकती। तो सबसे पहले तो इसको
- 32:58जमूरी
- 33:00ओवरसाइट के अंदर ले आए। अब उसके लिए
- 33:03जमूरियत चाहिए होगी।
- 33:06सो दूसरा वो यह है कि जमूरियत अब जमूरियत
- 33:09क्यों जरूरी है? देखिए यह बलचिस्तान में
- 33:10मैंने आपको मिसाल दी ये आपने कहा ना ये
- 33:13कांस्परेसी थरी आप जरा ना मैंने आपका वो
- 33:16शेयर किया है कि ड्रॉप योर क्वेश्चंस 90%
- 33:20सवालात ये है।
- 33:23और अब वो क्यों है? आपने इतने जेली लोगों
- 33:27को बैठाया हुआ है कि जिनको यानी जेली
- 33:30तरीके से हुकूमत बनाने का भी कोई वो कहते
- 33:32हैं देयर इज अ मेथड टू मैडनेस
- 33:3421 लोग अगवा हुए हैं और इन्होंने
- 33:37सेलिब्रिटी ट्वीट्स देना शुरू किए कि
- 33:39ऑपरेशन का कामयाबी से खात्मा हुआ है और
- 33:42इतने फितना हिंदुस्तान के वो हलाक हो चुके
- 33:44हैं। ओ भाई आपके 21 लोग अभी उधर हैं।
- 33:48तो
- 33:51शहजाद कैन यू बिलीव दिस बलचिस्तान को सूबा
- 33:54बने हुए कितने यह 57 55 साल होते हैं।
- 34:0055 साल की तारीख में उससे पहले कॉलोनियल
- 34:03पीरियड में 100 200 साल की तारीख में इतने
- 34:06बुरे हालात बचिस्तान की तारीख में कभी
- 34:08नहीं आए। और दो-तीन लोग बैठ के
- 34:14जिनके ऊपर वो है वो इस पूरे निजाम को
- 34:18बलचिस्तान को यहां तक पहुंचा चुके हैं।
- 34:20आपको याद है हुकूमत आने से ये हुकूमत आने
- 34:22से पहले ही हमारे एक दो पॉडकास्ट में
- 34:24मैंने आपको कहा था कि ये इंशाल्लाह ये
- 34:26कहां लेके जाएंगे? तो अब यह उधर ले जा रहे
- 34:29हैं। तो रियासत की लेजिटसी इसलिए जरूरी है
- 34:32कि एक तो वह जो जमूरी आपके पॉलिसी आपके
- 34:34उसप अब कोई आम आदमी ट्रस्ट करने के लिए
- 34:36तैयार ही नहीं है। ये एक बात याद रखें के
- 34:40थोड़ा सॉरी मुझे मैं थ्योराइज कर रहा हूं
- 34:41बट ये इंपॉर्टेंट बात है। रियासती पावर पे
- 34:43एक बहुत पावरफुल थ्योरी आई थी माइकल मैन
- 34:47उसका एक कांसेप्ट था कि रियासत की दो तरह
- 34:49की पावर होती है। एक डिस्पॉटिक पावर है,
- 34:51एक इंफ्रास्ट्रक्चरल पावर है। या इसको
- 34:53ग्राम टर्म्स में हम कहते हैं कि जी आप
- 34:57मजलूम तबके को मजलूम तबके को गुलामी में
- 35:00सिर्फ ताकत के जोर पे नहीं रखते। आप उनका
- 35:03कंसेंट मैन्युफैक्चर करते हैं। उनकी
- 35:05रजामंदी लेते हैं उस गुलामी में।
- 35:08अब मैं यह कहना चाह रहा हूं
- 35:11कि ये
- 35:14आपको जिन इंसजेंसीज के साथ आपको सामना है।
- 35:18एक के तारीख रूट से एक पॉपुलर है। ये आप
- 35:22सिर्फ डिस्पोटॉटिक फोर्स यूज करके आप कभी
- 35:26भी नहीं जीत सकते। आपको चाहिए आवामी
- 35:28सपोर्ट, आपको चाहिए इंफ्रास्ट्रक्चरल पावर
- 35:32का एक मतलब यह या कॉसेंट या उसका मतलब यह
- 35:35है कि आवाम की वो आपके साथ होनी चाहिए। अब
- 35:39आवाम पे आपने ऐसे बंदे मुसलत किए जिनको
- 35:42देख के वो पुट ऑफ हो जाते हैं। देयर इज नो
- 35:44वे यू आर गोइंग टू विन दिस वॉर इन जैसे
- 35:47जेली लोगों के साथ। सो दूसरा यू हैव टू
- 35:50डेमोक्रेटाइज द पॉलिटिकल स्पेस। आपको
- 35:53हकीकी आवामी उसको लाना होगा। अफगान पॉलिसी
- 35:56ये उसके सहाय तले लानी होगी। फिर जाके
- 35:59बिल्कुल मवाद पे जब हम आएंगे ये बात हो
- 36:01सकती है कि अब अफगान तालिबान के साथ करना
- 36:03क्या है। देखिए मेरे जैसे आदमी की राय तो
- 36:05ये है मैं इस बात पे कन्विंस्ड हूं के
- 36:09अफगान तालिबान के होते हुए पाकिस्तान में
- 36:13और पश्तूनखा वतन में इन पर्टिकुलर टीटीपी
- 36:16या टीटीपी के नाम पे इन जैसे और
- 36:18एक्सट्रीमिस्ट ग्रुप्स का उभरना जो है वो
- 36:21लाजमी है।
- 36:23तो आप अफगान तालिबान की सपोर्ट विड्र
- 36:26करें। जो भी आपके पास प्रेशर टैक्टिक्स है
- 36:29वो यूज़ करें। बट ये जो आजमाए हुए नाकाम
- 36:33तरीके हैं कि जी आप उधर आप रिजीम चेंज आप
- 36:35कौन होते हैं रिजीम चेंज लाने वाले आपने
- 36:38जो माजी की गलतियां की। अब थोड़ा पेशेंस
- 36:40दिखाएं और वो पेशेंस ये है लेट दी अफगान
- 36:42पीपल डिसाइड कि उनको क्या चाहिए। हां आप
- 36:45अपने
- 36:48कैरेट एंड स्टिक की पॉलिसी यूज करें।
- 36:51लेकिन वो जो अभी आप यूज़ कर रहे हैं वो
- 36:53कैरेट एंड स्टिक नहीं है। आपने 20 लाख
- 36:56अफगान रिफ्यूजीस भेजे। ऐसे बुरे हालात में
- 36:58भेजे। वो सब टीटीपी के पोटेंशियल सोल्जर्स
- 37:01बन जाएंगे।
- 37:02तो मैं समझता हूं बिल्कुल अफगान तालिबान
- 37:05के साथ आपको अपनी पॉलिसी चेंज करनी होंगी।
- 37:07आपको सख्त इदामात लेने होंगे। लेकिन आपको
- 37:10साथ में पेशेंस भी दिखानी होगी। जिस तरह
- 37:12आपने 20 साल 40 साल कल्टीवेट किए। ये
- 37:15सॉफ्टवेयर नहीं एक दिन अपडेट होगा। इस तरह
- 37:17हम जो आपको बताते रहे कि ये गुड एंड बैड
- 37:19एक है। उनके पास भी सॉफ्टवेयर नहीं है कि
- 37:21वो एक दिन में ये ठीक कर सकें। वो उनका
- 37:24पूरा निजाम इस पे चलता है। उन्होंने 20
- 37:26साल 25 साल लड़ाई इसी बात पे की है। तो
- 37:28आपको बड़े ट्रैक्टफुली आगे बढ़ना होगा और
- 37:31उसके लिए मेरे ख्याल से पहले बुनियादी
- 37:33प्रीरिजिट डोमेस्टिक फ्रंट पे जो आपको
- 37:35स्पेस ओपन करना होगा। डेमोक्रेटाइज करना
- 37:37होगा। इन पॉलिसी को हकीकी आवामी नुमाइंदों
- 37:39को साथ लाना होगा। पश्तून ख्वा के आवाम को
- 37:42इन पर्टिकुलर आपको पार्टनर बनाना होगा। यह
- 37:45नहीं हो सकता कि सरानान में 500 साल से
- 37:47रहने वाला एक मकामी बाशिंदा को एक एफ एक्स
- 37:50अफगान आर्मी का सोल्जर आके घर में बंदूक
- 37:53के जोर पे मारे डिक्टेट करे। बबरी में
- 37:55रहने वाले को एक इसी तरह का मुसल्ला जता
- 37:58आके डिक्टेट करे तो फिर लोग आपके साथ नहीं
- 38:01रहेंगे।
- 38:02देखिए कैरेट एंड स्टिक पॉलिसी तो आपको अब
- 38:04पता चलेगी जो आप बातें कर रहे हैं।
- 38:06तो वो तो आपने
- 38:09क्यों मुझे हवाले कर रहे हैं। मुझे पहले
- 38:11ही सीएम बचिस्तान ने पहले ही मुझे बड़ा
- 38:14खतरनाक जो है लोगों की लिस्ट में करार दे
- 38:17दिया है। तो भाई हम तो सिर्फ
- 38:19सर आपको तो पता है ना कि वो पाकिस्तान
- 38:21एक्सपीरियंस तो एस्टैब्लिशमेंट आउट
- 38:23पडकास्ट है ना हम। तो हमें हमारी पडकास्ट
- 38:25से किसको मसला हो सकता है। हम तो
- 38:27एस्टैब्लिशमेंट और पता नहीं क्या-क्या
- 38:29इल्जाम जो हम पर लगते हैं। इसमें जो आप
- 38:32टीटीपी की बात कर रहे हैं। अफगान तालिबान
- 38:35को छोड़ के अगर हम टीटीपी स्पेसिफिक आए।
- 38:37इफ्तार फिरदौस भी आए थे तो उनसे मैंने यही
- 38:39पूछा था कि यू नो जब दुनिया भर में होता
- 38:41है लेट्स से अगर इजराइल हमास होता है तो
- 38:43मेरी बड़ी एक नवांस पोजीशन होती है। मैं
- 38:46कहता हूं कि भाई मिलिटरीली कुछ भी नहीं
- 38:48होता। यह वो ये वो बट मे बी बिकॉज़ आई हैव
- 38:50आल्सो सफर्ड एट द हैंड्स ऑफ़ टीटीp। आई हैव
- 38:52ग्रोन अप इन द एरो ऑफ़ टीटीपी। मुझे तो
- 38:55टीटीपी रिडीमबल लगते ही नहीं। यह जो डीलें
- 38:58भी हो रही थी, रिसेटलमेंट भी हो रही थी,
- 39:01मेरी तो समझ से बाहर था। तो जो लोकल
- 39:03टीटीपी है या जो लोकल टीटीपी स्ट्रांग
- 39:05होल्ड हैं अगर आवाम की भी कंसरेसी थ्योरीज
- 39:08यही बन रही हैं कि स्टेट करवा रही है
- 39:10इसलिए स्टेट होने दे रही है तो एट दिस
- 39:12पॉइंट मतलब
- 39:14पडन माय फ्रेंच बट टीटीबी में घुस के पटने
- 39:18तो और कुछ ऑप्शन तो नहीं है मतलब ऑप्शन हो
- 39:23भी तो यही नहीं करना चाहिए
- 39:26किसको
- 39:27बॉयज को हमारे
- 39:30हां नहीं देखिए मैं इसमें मुझे तो कोई शक
- 39:33नहीं है के टीटीपी के साथ कोई डायलॉग किसी
- 39:38भी मानीज या रिस्पेक्टेबल टर्म्स पे हो
- 39:41नहीं सकती। पिछले 20 साल का जो तजुर्बा है
- 39:46वह हमें यही बताता है। अब जब डायलॉग हो
- 39:49नहीं सकती उसके बाद मेरे ख्याल से कैरेट
- 39:54एंड स्टिक के जो मेजर्स है कि आपको
- 39:55काइनेटिक मेजर्स के थ्रू भी डील करना है
- 39:58और फिर आपको वो नॉन काइनेटिक मेजर्स भी
- 40:01लेने हैं जिसकी वजह से ये मजबूत होते हैं
- 40:04और थोड़ा सा प्रोएक्टिव जिस तरह मैंने कहा
- 40:07ना ये रिएक्टिव नेचर ऑफ द पॉलिसी कि जी
- 40:09कोटा के 5 किलोमीटर में आके चार महीने रह
- 40:12के 50 लेवीज वाले की शहादत के बाद आपको
- 40:16होश आता है तो प्रोएक्टिव सिर्फ और वो
- 40:19मेरे ख्याल से उसकी भी यही वो पार्शियली
- 40:21वो पिटिकल बात दोबारा चली जाती है। आपको
- 40:23मारंग अख्तर मंगल या
- 40:27लशरी रेसानी या महमूद खान नाचकजई इनको
- 40:30इनसे फुर्सत मिलेगी तो फिर आपको इस तरफ
- 40:33टाइम मिलेगा। आप तो ईमान मजारी और पीसफुल
- 40:36एक्टिविस्ट के पीछे पड़े हुए हैं और ये
- 40:38काम आपने छोड़ दिया है। तो शॉर्ट ऑफ़ दैट
- 40:41आई थिंक मैं बिल्कुल मैं इस पे आपसे
- 40:43फुल्ली एग्री करता हूं। बट इट हैज़ टू बी
- 40:46सस्टेनेबल सशन यह है कि इट हैज़ टू बी अ
- 40:48कॉम्बिनेशन ऑफ़ काइनेटिक एंड नॉन काइनेटिक
- 40:50मेजर्स ताकि फॉर एवर इसके वो जड़ जो है वो
- 40:54आप काट सके। ये नहीं कि एक जड़ एक के शाख
- 40:57काट रहे हैं। दूसरा पौधा नया उगा रहे हैं।
- 41:00जो जो कि हमने पिछले 30-40 साल में किया
- 41:02है।
- 41:03हादी ईमान की इनकासिरेशन को 115 116 दिन
- 41:06हो गए हैं। हम थ्रू आउट कंडेम करा करते आ
- 41:09रहे हैं। कैन नॉट कंडेम द फैसिज्म इनफ। दे
- 41:11शुड बी रिलीज़्ड एस सून एस पॉसिबल।
- 41:13समुद्दीन बलोच ने भी रिसेंटली ट्वीट किया
- 41:15था कि उनको हरास किया जा रहा है। उनके घर
- 41:18पे उनको हरास किया जा रहा है। कैन नॉट बी
- 41:20कंडेम्ड इनफ। लोगों ने बहुत सवाल भेजे थे।
- 41:21जिस तरह से आपने लूड किया है कि 900 सवाल
- 41:25आ चुके हैं। तो देखते हैं उसका कितना टाइम
- 41:27है। बट महारंग की जो सेंटेंस अनाउंस हुई
- 41:30है वी गो एबल टू डू अ पॉडकास्ट देन। तो
- 41:32आपकी क्या मतलब सबको ही पता है क्या राय
- 41:34है। दे दे। नहीं मेरे ख्याल से इंतहाई
- 41:37अफसोसनाक और शर्मनाक है और सबसे खतरनाक
- 41:41बात ये कि आपने यह पैगाम दे दिया है बलोच
- 41:44नौजवानों को के आपके लिए पुर अमन सियासी
- 41:48तरीके से जद्दोजहद करने का ऑप्शन अवेलेबल
- 41:51नहीं है।
- 41:52अब उसके बाद क्या ऑप्शन रह जाते हैं वो अब
- 41:55मैं उस पे तत्सरा नहीं करना चाहता। लेकिन
- 41:58उसकी जिम्मेदारी रियासत और इस निजाम पे
- 42:02आती है। इस मसनई हुकूमत पे आती है जो
- 42:04जानबूझ के नौजवानों को धकेल रही है
- 42:08मिलिटेंसी की तरफ और फिर गिला करते हैं
- 42:10केचिस्तान के हालात क्यों खराब हो रहे तो
- 42:12मैं समझता हूं इंतहाई अफसोसनाक है और जो
- 42:15भी जुडिशियल प्रोसेस था वो एक शम ट्रायल
- 42:18था और
- 42:2026वीं 27वीं तरमीम के बाद अदिलिया का जो
- 42:22मजाक रह गया है उसकी मेरे ख्याल से एक और
- 42:25वाज़ मिसाल ईमान और उसकी तरह डॉक्टर मारंग
- 42:28बलोच का ये केस है
- 42:30सर रैपिड फायर
- 42:32अस्सलाम वालेकुम रफी भाई वंस यू सेड इन अ
- 42:34पॉडकास्ट दैट वीएल एंड टीटीपी को अलायंस
- 42:36अगेंस्ट द सेम एनएबी पाकिस्तान आंट वी
- 42:38सींग दिस हैपनिंग इन फुल एक्शन इन हना
- 42:40उराक आई थिंक हमने ये तो डिस्कस कर लिया
- 42:43है अ हु आर द हु आर द टेररस्ट किलिंग
- 42:46लोकल्स इन हना एंड जियारत आर दे रियली
- 42:48प्रॉप्स फ्रॉम द मिलिट्री एस मेजोरिटी ऑफ़
- 42:50द लोकल्स बिलीव सो दैट द पार्क आर्मी कैन
- 42:52गैब द लैंड और आर दे एक्चुअल टीटीपी एंड
- 42:54बीएलए लाइक द मिलिट्री क्लेम्स
- 42:56अच्छा ये एक अहम सो जो जो लोकल थ्यरी है
- 42:59वो ये है कि कि ये रियासत इसलिए कर रही है
- 43:02कि वहां पे
- 43:05जो
- 43:06मादिनियात है उन पे कब्जा किया जा सके और
- 43:09मकामी कबाइल की जमीनों पे कब्जा किया जा
- 43:11सके। अब अगेन रियासत ने ऑलरेडी मादिनियात
- 43:16पर कब्जा कर लिया है और लोगों की जो
- 43:18स्केपिसिज्म है वो बिला वजह नहीं है।
- 43:21पहले डीएचए के नाम पे इधर जमीनें जो है वह
- 43:25हथिया ली गई हड़प की गई और फिर यह जो कोटा
- 43:29के नॉर्दन इलाके हैं कैंट के करीब इधर
- 43:32मकामी कबायल
- 43:35खासतौर पर बाजई कबायल है उनकी जमीनें जो
- 43:38है वो कब्जा की गई और इसके अलावा
- 43:41मादिनियाद जो है आपको पता है जो मादिनियात
- 43:44बिल बलचिस्तान असेंबली से पास हुआ है
- 43:47और उसके बाद एक और जो मूवमेंट है इस वक्त
- 43:50बलचिस्तान में एक और तहरीक बड़ी जोर शोर
- 43:52से चल रही है लेकिन वो इतने हैपनिंग सीन
- 43:55में जरा सामने नहीं आ रही वो यह है के जोप
- 43:58से लेके वाशुक तक रियासत ने बचिस्तान के
- 44:03मसनूई हुकूमत ने 8 लाख एकड़ से ज्यादा
- 44:06मकामी कबाइल की जमीन जो है वो अलॉट कर दी
- 44:10है कॉरपोरेट सेक्टर कंपनीज़ को
- 44:13एक्सप्लोरेशन लीज़ दिए हुए हैं और फेडरल
- 44:17स्टेट ऑन एंटरप्राइजेस को विदाउट जो मकामी
- 44:19कबाबल बचिस्तान में ये याद रखिए अनलाइक
- 44:22एनी अदर पार्ट ऑफ़ पाकिस्तान बलचिस्तान में
- 44:24कोई 70-80% लैंड अनसेटल्ड है। अब क्योंकि
- 44:27वो सरकार ने सेटल करनी थी नहीं की लेकिन
- 44:30उसका मतलब ये नहीं कि उन जमीनों का मालिक
- 44:32कोई नहीं है। वो मकामी कबायल मालिक है। तो
- 44:34अब आप उनकी जमीनें जो है लाखों लाखों एकड़
- 44:37अलॉटमेंट कर रहे हैं और उनसे पूछ नहीं
- 44:39रहे। उनको पता भी नहीं है। तो ये जो लोगों
- 44:42की स्केपिसिज्म है वो इन बातों से है कि
- 44:44मादिनियात पे ऑलरेडी कब्जा हो गया है। 8
- 44:46लाख एकड़ के करीब आपने जमीन लौट की किसी
- 44:48को पता तक नहीं। अच्छा डीएचए के नाम पे
- 44:51जमीनों पे कब्जा तो लोग इससे लिंक कर रहे
- 44:53हैं कि शायद ये कब्जा मजीद बढ़ाने के लिए
- 44:56ये लोगों को तंग किया जा रहा है ताकि ये
- 44:57यहां से ये इलाके छोड़ दें। मैं मेरी अपनी
- 45:00राय ये है कि जी वो कब्जा ऑलरेडी हो गया
- 45:03है। उसके लिए इतने बड़े ड्रामे की जरूरत
- 45:05नहीं है। जो काम बड़े आसानी से हो सकता
- 45:07था। फॉर्म 47 के हुकूमत ने असेंबली में
- 45:10बिल पास करवाया। फिर अलॉटमेंट्स की तो वो
- 45:13वो तो तब जरूरत पड़ती जब कोई मेजर कोई
- 45:15रेजिस्टेंस आती इस वक्त तो फिर कोई
- 45:17बिलीवेबल होता। तो इसलिए मैं मेरी मेरा
- 45:20पैगाम यह है कि जी वो कब्जा ऑलरेडी हो
- 45:22चुका है। उसके लिए इतनी तकलीफ की जरूरत
- 45:24नहीं है।
- 45:25द रीसेंट रिपोर्ट ऑफ़ वर्ल्ड बैंक ऑन
- 45:26पाकिस्तान फिस्कल फेडरेशन डिमांड द
- 45:28डिटेल्ड सेशन विथ हिम। ठीक है सर। मेनी
- 45:31पीपल इन बलूचिस्तान आर लूजिंग ट्रस्ट इन द
- 45:33स्टेट एंड एन अलार्मिंग लेट रेट आर
- 45:35बिकमिंग इंक्रीजिंगली एंग्री विथ इट एट द
- 45:37सेम टाइम इंसर्जनेंट ग्रुप्स अपीयर टू बी
- 45:39गेनिंग मोर सपोर्ट सपोर्ट फ्रॉम लोकल
- 45:41कम्युनिटीज़। एंड द रीसेंट रिपोर्ट सजेस्ट
- 45:43दैट इन इंक्रीजिंग नंबर ऑफ़ यंग पीपल आर
- 45:46जॉइनिंग। सवाल क्या है कि कोई होप है?
- 45:51बदकिस्मती से मुझे कोई उम्मीद नजर नहीं
- 45:54आती
- 45:54बल्कि मुझे हालात मजीद खराबी की तरफ जाते
- 45:58हुए नजर आता है।
- 46:00अ
- 46:02व्हाट वर दी इकोनमिक एक्ट? वो कहते हैं कि
- 46:05आप अक्सर बातें करते हैं कि इकोनमिक
- 46:06ओपोरर्चुनिटीज़ नहीं मिलती बलचिस्तान के
- 46:08लोगों को। तो इकोनमिक एक्टिविटीज इन
- 46:10बलचिस्तान पाकिस्तान बनने से पहले क्या ही
- 46:13थी जो उसको सस्टेन कर रही थी और पपुलेशन
- 46:16को
- 46:17देखें पाकिस्तान बनने से पहले भी
- 46:20बूचिस्तान में कोई ऐसी खास इकोनमिक
- 46:22एक्टिविटीज नहीं थी और पाकिस्तान बनने से
- 46:26पहले बलचिस्तान पे अंग्रेज साम्राज्य
- 46:29हुकूमत कर रहा था। तो अगर आपकी
- 46:31अंडरस्टैंडिंग ये है कि पाकिस्तान बनने के
- 46:33बाद भी अंग्रेज साम्राज्य ही हुकूमत कर
- 46:34रहा है या कोई साम्राज्य हुकूमत कर रहा है
- 46:36तो इसलिए फिर तो गिला नहीं बनता। फिर मैं
- 46:38मानता हूं और बदकिस्मती से मैं पहुंचा भी
- 46:41इसी नतीजे पे हूं कि जी हुकूमत साम्राज्य
- 46:43ही की है और बूचिस्तान को एक कॉलोनी के
- 46:46तर्ज पे चलाया जाता है जिस तरह अंग्रेज
- 46:48चला रहा था। तो बचिस्तान से इस कॉलोनियल
- 46:52माइंडसेट के सिर्फ दो ही मकासिद है।
- 46:54स्ट्रेटेजिक कि बचिस्तान के थ्रू अपना
- 46:57स्ट्रेटेजिक इंटरेस्ट कैसे आगे बढ़ाया जा
- 46:59सकता है। दूसरा एक्सट्रैक्टिव के जिस तरह
- 47:02अंग्रेज करता था कि जिधर से कोई आप
- 47:04मिनरल्स वगैरह एक्सट्रैक्ट करें। बाकी
- 47:06बचिस्तान के लोग बचिस्तान की आवाम उनकी
- 47:09फलाह और बेबूद इस रियासत को नजर नहीं आती।
- 47:11बस वहां के पहाड़ वहां का साहिल वहां का
- 47:13समंदर नजर आता है। तो आपने उन्होंने
- 47:16अनइटेंशनली जो सवाल पूछा है वो मैं तो एक
- 47:19तरह से एग्री करता हूं कि जी बिल्कुल ये
- 47:20कॉलोनियल हुकूमत है। नियो कॉलोनियल। विल
- 47:23अफगान तालिबान एवर स्टॉप सपोर्टिंग टीटीपी
- 47:26एंड बीएलए शुड सपोर्ट एनआरएफ और अदर एंटी
- 47:30तालिबान ग्रुप्स इन अफगानिस्तान टू
- 47:31प्रेशराइज एंड फोर्स अफगान तालिबान टू टेक
- 47:34एक्शन अगेंस्ट टीटीपी
- 47:36विल दे स्टॉप द कॉन्फ्लिक्ट और ओनली
- 47:38एक्सपेंड इट?
- 47:40जी मेरे ख्याल से तो अफगान तालिबान के लिए
- 47:42भी टीटीपी को मुकम्मल डिसऑन करना बहुत
- 47:45मुश्किल काम होगा। हां हो जरूर सकता है
- 47:48लेकिन वो तब हो सकता है जब अफगान तालिबान
- 47:51अफगानिस्तान में एक जदीद रियासत का
- 47:54बुनियाद डालेंगे। इससे क्या होगा ये
- 47:56इंपॉर्टेंट बात है। मलिशिया जब हुकूमत
- 47:59चलाती है उसका लॉन्ग टर्म इंस्टीट्यूशनल
- 48:01बिल्डिंग में स्टेक नहीं होता। जब आपका
- 48:03लॉन्ग टर्म इंस्टिट्यूशन बिल्डिंग में
- 48:04स्टेक नहीं है। आपका नेबर्स के साथ या
- 48:06किसी उसके साथ पुरन ताल्लुकात या उसके भी
- 48:09मकासिद या इंटरेस्ट नहीं होते। जब आप
- 48:11रियासत बनाते हैं, आपके लॉन्ग टर्म विज़ और
- 48:14इंटरेस्ट आ जाते हैं, तो फिर आपके
- 48:17इंटरेस्ट में सेल्फ इंटरेस्ट में ये होता
- 48:19है कि जी आप अफगानिस्तान को चाहे वो
- 48:21टीटीपी और फॉर दैट मैटर कोई और
- 48:22एक्सट्रीमिस्ट ग्रुप है उसके लिए आप उसको
- 48:25एक गढ़ ना बनने दें। तो मैं समझता हूं ये
- 48:29हो सकता है अगर अफगानिस्तान
- 48:32तालिबान के अंडर एक रियासत स्टेट बिल्डिंग
- 48:34की तरफ जाए और उसके लिए भी पाकिस्तान को
- 48:37मौजूदा जो सिर्फ हॉकिश अप्रोच है उससे
- 48:40नहीं चलेगा। आपको कैरेट एंड स्टिक कंबाइन
- 48:43यूज़ करना होगा टू ब्रिंग तालिबान टू द
- 48:45पॉइंट। क्योंकि ये कोई सॉफ्टवेयर वाली बात
- 48:47नहीं है कि आपने बटन दबाया और वो अपडेट हो
- 48:49गया।
- 48:50गाजर या केला दी डेज टेंशन एंड वर्बल
- 48:53क्लशेस बिटवीन पीटीएम एंड अदर पश्तून
- 48:55नेशनल पार्टीज एएनपी पीकेएम एपी एंड
- 48:57एनडीएम आर आल्सो एट देयर पीक ऑन सोशल
- 49:00मीडिया एंड ओपिनियन व्हाट इज द मेन रीज़न
- 49:01बिहाइंड दिस ग्रोइंग डिवाइड एंड हु ब्र
- 49:04ग्रेटर रिस्पांसिबिलिटी फॉर द एस्केलेटिंग
- 49:06टेंशन
- 49:07जी ये बड़ा अच्छा सवाल है जिसने भी किया है
- 49:10ये तल्ख हकीकत है
- 49:12हनीफ खान
- 49:13जी हनीफ खान ने बड़ा अच्छा सवाल किया ये
- 49:16तल्ख हकीकत है और मैं समझता हूं इस हवाले
- 49:19से शायद पश्तून खून जो है पाकिस्तान की
- 49:20बदकिस्मत तरीन कौमों में उसका शुमार भी
- 49:23होता है इस हवाले से और वो मैं इसलिए कह
- 49:25रहा हूं के मसलन बलोच उसमें जब
- 49:28कॉन्फ्लिक्ट होता है तो बलोच कुमबरस्त या
- 49:31उस फिक्र के जो हमदर्द है वो कम से कम ये
- 49:34कहते हैं कि जी अगर लोग लोगों की जाने जा
- 49:36रही है वो किसी कॉज के लिए तो जा रही है
- 49:39तो पश्तून बेल्ट में तो और यह आई थिंक वो
- 49:44रियासत ने जो डेकेड्स की पॉलिसी है पहले
- 49:47अंग्रेज ने पश्तून क्योंकि इतना तकसीम
- 49:50फिर वो तकसीम इंस्टीट्यूशनलाइज हुई है।
- 49:52फिर रियासत का जो तालबनाइजेशन प्रोजेक्ट
- 49:54है सोशल इंजीनियरिंग उसका नतीजा यह है
- 49:57बदकिस्मती से कि मरने वाले साइड पे भी
- 49:59पश्तून खड़े हैं, मरने वाले साइड पे भी
- 50:01पश्तून खड़े हैं। और यही एक्सप्लेन करता
- 50:04है कि पश्तून पॉलिटिकल वो इतना
- 50:07पोलराइज्ड क्यों है? क्योंकि दोनों साइड
- 50:10पर पश्तून खड़े हैं। अब टीटीपी जो है
- 50:14अफगान तालिबान वो भी पश्तून है। मर जो रहे
- 50:18हैं पुलिस वाले खैबर पख्तून खान में
- 50:19रोजाना वो भी पश्तून है। और रियासत और
- 50:23उसकी पॉलिसियां सारी जिम्मेदार है। लेकिन
- 50:25फ्रंट पे ये जो लड़ रहे हैं। तो इसलिए इन
- 50:28हालात में से ऑफ़ माइंड रखना और
- 50:31ऑब्जेक्टिविटी के साथ कोई पोजीशन लेना वो
- 50:35आसान काम नहीं है। क्योंकि दोनों साइड पे
- 50:37आपके ही बंदे हैं। तो आप जो भी पोजीशन
- 50:40लेते हैं कोई ना कोई वो नाराज होता है। और
- 50:43इसलिए मैं समझता हूं पश्तून जो कोपरस
- 50:46जमाते हैं और पीटीएम है वो उनका एक पेज पे
- 50:50आना वो जरा मुश्किल भी इसीलिए लगता है
- 50:52क्योंकि वो रियासती प्रोजेक्ट अर्बनाइजेशन
- 50:56का इतना कामयाब हो गया है कि अब मारने
- 50:59वाला मरने वाला दोनों सरफ में पश्तून खड़ा
- 51:01है। तो अब मुश्किल यह है कि आप मजलूम वाले
- 51:04उसमें जब खड़े होंगे मसलन मजलूम वाला तो
- 51:07यह है कि कली बबरी या जो पश्तून खान में
- 51:09हर रोज दहशतगर्दी होती है उनके लवाकीन के
- 51:12साथ जब आप खड़े होंगे तो जब आप उनके साथ
- 51:14खड़े होंगे आपको रियासत के खिलाफ खड़ा
- 51:17होना होगा व्हिच इज पश्तून नेशनलिस्ट
- 51:19पोजीशन से इजी पोजीशन है वो फिर भी ले ले
- 51:21लेते हैं लेकिन उसके साथ टीटीपी और अफगान
- 51:23तालबान के भी खिलाफ खड़ा होगा ना वो कुछ
- 51:26लोग लेने के लिए तैयार नहीं है वो
- 51:27कंफर्टेबल पोजीशन नहीं है अच्छा उसमें
- 51:29जेन्युइन रिस्क इनवॉल्वड है वो वो
- 51:31प्रॉक्सिमिटी है वो लोगों की तो बहुत सारे
- 51:33सियासी पार्टियां ये भी एतियात करते हैं
- 51:36और फिर रियासत की गलत पॉलिसी की वजह से ये
- 51:38कंफ्यूजन भी जो कांस्परेसी थ्यरी वाली
- 51:40आपने बात की वो फैक्टर्स भी आ जाते हैं।
- 51:43साइम जफर आपने 15 सवाल भेजे हैं बट आज के
- 51:46डिस्कशन से एक भी रेलेवेंट नहीं है। डस
- 51:48रियली बलोच पीपल हैव सॉफ्ट कॉर्नर फॉर
- 51:51बीएएलए इवन आफ्टर सीइंग देयर अटैक्स ऑन
- 51:53देयर ओन पीपल?
- 51:55जी यह इनको वही मेरे ख्याल से समझ नहीं आई
- 51:57है। देखिए एक आम बलोच के नजर में बीएएलए
- 52:00अपने लोगों पर हमले नहीं करती और आई थिंक
- 52:03यह तो उनका दावा है। लेकिन बीएलए ने
- 52:06रिलेटिव क्रेडिबिलिटी के साथ यह तासुर
- 52:10कन्विंसिंगली बलोच आवाम के ज़हनों में
- 52:13बिठाया है। वो टारगेटेड अटैक्स करते हैं
- 52:15और इवन सरकारी लोगों को भी सिविलियंस को
- 52:18वो टू द एक्सटेंट पॉसिबल वो नहीं मारते
- 52:22हैं। तो बलोचों के केस में, बीएलए के केस
- 52:26में दिस इज़ डजंट होल्ड ट्रू। यह डिबेटेबल
- 52:30है। लेकिन मैं आम बलोच का परसेप्शन आपको
- 52:32बता रहा हूं। टीटीपी के केस में यह
- 52:34बिल्कुल ठीक बात है। और बट टीटीपी डजंट
- 52:37काउंट ऑन पब्लिक सपोर्ट द वे बीएलए डज़।
- 52:40अ व्हाट कुड बी द रीज़न दैट अकॉर्डिंग टू
- 52:42फ्रेंच मीडिया, डॉ. मारंग बलोच हैज़ बीन
- 52:44नॉमिनेटेड फॉर द नोबेल प्राइज़ इन यूरोप।
- 52:46नॉट जस्ट वंस, बट नाउ फॉर अ सेकंड टाइम
- 52:48व्हाइल इन पाकिस्तान शी हैज़ बीन सेंटेंस
- 52:49टू लाइफ एंड प्रिजनमेंट?
- 52:52देखिए यह तो मुझे नहीं पता रीजन जिनसे
- 52:55उनसे ही पूछे लेकिन मैं इतना कह सकता हूं
- 52:57जिन लोगों को नोबेल प्राइज के लिए नॉमिनेट
- 53:00किया जाता रहा है तो मेरे ख्याल से डॉक्टर
- 53:02महारंग बलोच किसी भी हिसाब से उनसे तगड़ी
- 53:05कैंडिडेट है कम कैंडिडेट नहीं है बट ऑफ
- 53:08कोर्स नोबेल प्राइज की अपनी पॉलिटिक्स है
- 53:10अपने वेस्टर्न एजेंडा है वो एक किसी और
- 53:13दिन के लिए छोड़ देते उस बहस को। तैमूर
- 53:15बंगल आपका सवाल तो रिड्रेस हो चुका है।
- 53:18व्हाट्स इज ब्लूप्रिंट फॉर अ न्यू सोशल
- 53:19कॉन्ट्रैक्ट अमंग द पीपल एंड द स्टेट
- 53:21स्पेशली इन द कांटेक्ट ऑफ बलचिस्तान। आई
- 53:23थिंक हमारी जो 18थ अमेंडमेंट पे पॉडकास्ट
- 53:25है वो देख लें। बट कुछ शॉर्ट कहना चाहेंगे
- 53:28आप?
- 53:29जी शॉर्ट कुछ नहीं है। मैं इतनी बात
- 53:32करूंगा। 20 साल पहले जिन शरायत पे
- 53:35बलचिस्तान का मसला सियासी तौर पर हल हो
- 53:37सकता था आज नहीं हो सकता। 20 10 साल पहले
- 53:41जिन शरायत पे हल हो सकता था आज नहीं हो
- 53:43सकता। आज आपको ज्यादा कंसेशंस देने होंगे।
- 53:46मसनूई लोगों की सरपरस्ती छोड़नी होगी।
- 53:49वसायल लोगों के साइल वसाइल पे उनका हक
- 53:51तस्लीम करना होगा। आज अभी भी जिन मेजर
- 53:54कंसेशन में बलोचिस्तान के मसले का सियासी
- 53:56हल मौजूद है। आज से 10 साल बाद इन ये भी
- 54:01नाकाफी होंगे। और ये मैं एक पॉइंट ऐड करना
- 54:04चाहूंगा। ये अफसोसनाक बात है। ये ख्वाजा
- 54:06आसिफ साहब, राणा सनाला साहब मीडिया
- 54:08पार्लियामेंट में खड़े होके ना बड़े मासूम
- 54:11बन जाते हैं। इल्जाम लगाते हैं कि जी माजी
- 54:13में जो हुआ है हम सबकी उसमें गलती है। आज
- 54:15हालात अरे भाई माजी में हुआ है उसको आप
- 54:17छोड़ दें। आज के दिन में आप वो हर हरकत कर
- 54:20रहे हैं जिससे माजी में यह कॉन्फ्लिक्ट
- 54:23बढ़ा है जिसकी वजह से यह कॉन्फ्लिक्ट शुरू
- 54:24हुआ है। मसलन साइलोस पर कब्जा आज आप कर
- 54:28रहे हैं। आप मिनरल बिल पास करवा रहे हैं।
- 54:29आप लाखों एकड़ अलॉट करवा रहे हैं। पीपीएल
- 54:32के गैस का 18वीं तरमीम ने जो हक दिया था
- 54:34वो आपने वापस ले लिया। मसनुई पॉलिटिकल
- 54:37इंजीनियरिंग जिसकी वजह से रिवायती तौर पर
- 54:40कॉन्फ्लिक्ट बढ़ा है। आज आप वो कर रहे
- 54:41हैं। बलचिस्तान की तारीख की बदतरीन मसनूई
- 54:44हुकूमत आपने मुसल्लत की है। तो तो ये जो
- 54:47मासूम बनके ना कहते हैं माजी में जो हुआ
- 54:49है तो भाई माजी को छोड़े। आज आप वो काम ना
- 54:53करें जिससे ये कॉन्फ्लिक्ट मज़द बढ़े तो तब
- 54:56भी ये हालात शायद बेहतर हो जाए।
- 54:58व्हाई कांट द पाकिस्तानी गवर्नमेंट वी कैन
- 55:00रिड्यूस कैपेबिलिटीज ऑफ़ मिलिटेंट ग्रुप्स
- 55:02लाइक टर्की डिड?
- 55:04यह तो मुझे नहीं पता टर्की ने क्या किया
- 55:06है तो मैं कोई टर्की का एक्सपर्ट नहीं
- 55:09हूं। शहजाद प्लीज मस्ट आस्क दिस क्वेश्चन
- 55:11ऑन वि डिस्ट्रिक्ट्स बीएएलए हैज़ कंट्रोल
- 55:13करेंटली इन बलचिस्तान वेयर दे कैन असेंबली
- 55:15फ्रीली इवन इन द सिटीज वि डिस्ट्रिक्ट
- 55:18स्टेट हैज़ लॉस्ट द रिट
- 55:21मेरे ख्याल से तो देख के तल्ख हकीकत ये है
- 55:23के कोटा में कोटा सिटी कैंट रेड ज़ोन और
- 55:29बाकी कंटोनमेंट्स जिधर है वो कंटोनमेंट के
- 55:32हद तक स्टेट का रिट है उसके बियों्ड स्टेट
- 55:35का रिट बहुत कमजोर हो चुका है बेले का जब
- 55:37जिधर दिल करता है निकल पड़ते हैं प्लीज
- 55:39आस्क हिम हैज ही सीन गुजराती मेंस डूइंग
- 55:42ओल्ड गारबा डांस इज द सेम डांस आई सॉ हिम
- 55:45डूइंग इन ह ओल्ड वीडियोस ये कौन सी आपकी
- 55:48डांसिंग वीडियोस लीक हो रही है
- 55:49ये वैसे सही बात कर रहा है ये पश्तो अतन
- 55:51जो है पश्तो अतन इज रिमारकेबली सिमिलर टू
- 55:55गुजराती डांस और वो गुजराती डांस भी मैंने
- 55:57देखा है इसलिए मुझे पता है मेरा एक दोस्त
- 55:59है जब मैं अमेरिका पढ़ता था तो उसके घर
- 56:01में शादी थी उसने शादी पे बुलाया था तो
- 56:03मैं जब शादी पे गया वो डांस कर रहे हैं
- 56:06मैंने देखा यार ये तो बड़ा सिमिलर डर लग
- 56:08रहा है। तो मैंने जब जॉइ किया सो द
- 56:10स्टेप्स वर एक्सक्टली द सेम। अतन के जो
- 56:12पश्तो अतन के स्टेप्स है बिल्कुल ये जिसने
- 56:15भी कहे सही कह रहा है। उसके पांव के स्टेप
- 56:18सेम है। बाकी मूव्स उसके अलग है। तो ये
- 56:21गुजराती डांस है। आई डोंट नो उसकी क्या
- 56:23रीज़न है। बट हां बिल्कुल सिमिलरिटी है
- 56:24पशोवांड की।
- 56:26शुड पाकिस्तान हैव टू चेंज इट्स डांस
- 56:28टुवर्ड्स यूएई। चेंज तो वैसे ही हो गया
- 56:30है। हम करें ना करें।
- 56:33जी देखिए पाकिस्तान का यूएई के ये जो अभी
- 56:37ईरान जंग के बाद की सुरते हाल बनी है।
- 56:40मेरे ख्याल से वो इनविटेबल है और मैं
- 56:42समझता हूं पाकिस्तान ने सही मौकफ लिया है।
- 56:44यूएई जो है वो उसका मौकफ गलत है।
- 56:48पाकिस्तान को साथ कोशिश करनी चाहिए फॉर ऑल
- 56:50द राइट और रोंग रीज़ंस। बहुत बड़ी तादाद में
- 56:54हमारा गरीब तबका अनस्किल्ड लेबर यूएई में
- 56:58वो काम करते हैं। तो एक तरह से जिस तरह से
- 57:01उनप ये नजला गिरा है उन बेचारों पे। तो
- 57:04उसका भी रियासत को कुछ सोचना चाहिए और
- 57:06सफारती लेवल पर उनके लिए इदामात उठाने
- 57:08चाहिए।
- 57:09इन रीसेंट इयर्स हाउ इज द यूनिटी ऑफ़
- 57:11डिफरेंट पीपल इन कोटा और एनी अदर मल्टी
- 57:14एथेनिक सिटी ऑफ़ बलचिस्तान हैज़ बीन
- 57:16अफेक्टेड बाय दी बीएलए एंड टीएलपी टीटीपी
- 57:20इंसर्जेंसीज।
- 57:22जी ये दिलचस्प सवाल है। मेरे ख्याल से जो
- 57:24एथेनिक फौल्ट लाइंस है वो कोई ज्यादा
- 57:28मुतासिर नहीं हुई। एक तरह से यूनिटी आई
- 57:30है। हां, यह काम जरूर हुआ है। पिछले एक
- 57:34साल छ महीनों में यह जो बीएएलए के एलेजली
- 57:39बीएलए के जो अटैक्स है खासतौर पर जो
- 57:42ट्रक्स पे है अब ट्रांसपोर्ट और ट्रक
- 57:45इंडस्ट्री में यहां पे पश्तून की बड़ी
- 57:48तादाद है। और बॉर्डर ट्रेड में भी पश्तून
- 57:51काफी बड़ी तादाद में है। तो उस पे जो
- 57:53अटैक्स है उससे ये ग्रीवेंस यहां पे बड़ी
- 57:57है। लेकिन उसमें कुछ की जिम्मेदारी बीएलए
- 58:00कबूल करती है, कुछ की नहीं करती। तो उससे
- 58:02थोड़ा पिछले चंद महीनों में पांच छ महीनों
- 58:06में पश्तून बलोच जरा उसकी हद तक वो तल्ख
- 58:10हुए हैं बयानात को परस्तों या उसके बट कोई
- 58:13ऐसी मेजर फौल्ट लाइन नहीं है बल्कि वो एक
- 58:16तरह से इनडिसक्रिमिनेट है तो लोग एक तरह
- 58:20से इकट्ठे ज्यादा हुए हैं। खास तौर पर
- 58:21नौजवान नस्ल जो है वो एथनिक लाइन से बिय्ड
- 58:24मुताहिद हुए हैं।
- 58:25एंड पाकिस्तान गेट रेड ऑफ़ अ ह्यूज चंक ऑफ़
- 58:27डेड आफ्टर द सक्सेस ऑफ़ रिकोडेक एंड सीपक
- 58:29इन कमिंग डेकेड्स। ये सक्सेस तो हो पहले
- 58:32थे तो
- 58:34हां नहीं कोई सक्सेस नहीं है अभी तक तो जब
- 58:37होगा फिर देखेंगे
- 58:38कैन वी सॉल्व द बलचिस्तान इशज़ विथ द
- 58:40माइंडसेट सिंगल डायमेंशन ऑफ़ फोर्स वी आर
- 58:42ट्राइंग टू सॉल्व फ्रॉम द लास्ट डेकेड मैं
- 58:43आपका टाइम बचा लेता हूं नो
- 58:46आस्क हिम इज इट द लास्ट पुश और द रिस
- 58:48रिसर्जेंस
- 58:52नहीं लास्ट पुश तो नहीं है टीटीपी की तो
- 58:55क्लियरली एक रिसर्जेंस है और बाकी आई थिंक
- 58:59बीएलए जो है उसने ने तो बड़ी स्टडीली अपनी
- 59:01एक कैपेसिटी मेंटेन की है।
- 59:03हम अ ये तो पूरी-पूरी पडकास्ट टॉपिक्स मैं
- 59:08आपको बता रहा हूं अगली पॉडकास्ट की। हाउ
- 59:10टू कंट्रोल ह्यूमन राइट्स वायलेशन इन
- 59:11पाकिस्तान? हाउ कैन वी पॉसिबबली कंट्रोल
- 59:14मिलिट्री इंटरवेंशन इन पाकिस्तानी
- 59:15पॉलिटिक्स? व्हाट आर द सलूशंस टू मल्टी
- 59:17फैसिनेट बचिस्तान।
- 59:19तो आपके पास बड़े जवाब आते हैं। हर सवाल
- 59:20के जवाब में दो-दो आपके पॉडकास्ट होंगे।
- 59:22बस उनके नाम लेते जाएं।
- 59:24सिंस द गवर्नमेंट्स हैव ऑल बट फेल टू
- 59:26गवर्न एंड डिलीवर सर्विसेस इज इट अ गुड
- 59:28आईडिया टू प्राइवेटाइज स्कूल्स एंड
- 59:29हॉस्पिटल्स नो
- 59:32आपका क्या रहे है इस बार
- 59:35नहीं मैं बिल्कुल भी प्राइवेटाइजेशन के हक
- 59:38में नहीं हूं
- 59:39और उसकी बुनियादी वजह ये है कि पब्लिक
- 59:43हेल्थ सिस्टम पब्लिक स्कूलिंग सिस्टम
- 59:45नाकाम क्यों होता है उसकी बुनियादी वजह ये
- 59:48है कि सरकारी निजाम में अकाउंटेबिलिटी का
- 59:51कंप्लीट फेलियर एंडप्स हुआ हुआ है। अब जिन
- 59:55पॉलिटिकल इकॉनमी कॉनंस्ट्रेंट्स की वजह से
- 59:57सरकारी इदारों में अकाउंटेबिलिटी नहीं हो
- 1:00:00सकती। प्रिसाइजली फॉर दोज़ रीज़ंस। आप
- 1:00:03प्राइवेटाइज तब कर सकते हैं या अच्छी
- 1:00:05प्राइवेटाइजेशन का फायदा तब मिलता है जब
- 1:00:08आप प्राइवेट प्राइवेट उसको रेगुलेट कर
- 1:00:11सकते हैं। तो जब आप अपने इदारों की
- 1:00:13अकाउंटेबिलिटी कर नहीं सकते, रेगुलेट कर
- 1:00:16नहीं सकते। तो उन्हीं इदारों से आप क्या
- 1:00:18तवकको रखते हैं कि वो कॉर्पोरेट सेक्टर को
- 1:00:20रेगुलेट कर लेंगे। तो इसकी मिसाल आप ले
- 1:00:23लें। ये जो लो कॉस्ट मसल हेल्थ एजुकेशन
- 1:00:26में लो कॉस्ट प्राइवेट स्कूलों में कुछ
- 1:00:28सक्सेस स्टोरीज है। लेकिन वो भी अक्सर नॉन
- 1:00:30प्रॉफिट जिस तरह लेट्स से टीसीएफ है द
- 1:00:33सिटीजन फाउंडेशन जहां पे आप कॉर्पोरेट
- 1:00:35सेक्टर को इन्वॉल्व कर लें। आपकी
- 1:00:37रेगुलेटरी कैपेसिटी जो है वो बड़ी महदूद
- 1:00:39है। तो आई थिंक जहां पे जरूरत भी होगी
- 1:00:42बड़ी टारगेटेड आपको करनी होगी। वरना ये
- 1:00:44आपके अ आपको गले पड़ जाएगा। एक मिसाल देना
- 1:00:48चाहता हूं। 1990 में पाकिस्तान में
- 1:00:51बैंकिंग्स की प्राइवेटाइजेशन हुई। इस
- 1:00:53उम्मीद के साथ कि जी ये सरकारी उसमें ये
- 1:00:56इनफिशिएंट है। ये क्रेडिट नहीं देते हैं।
- 1:00:58बिनेस बिनेसेस को लोन नहीं देते हैं। तो
- 1:01:01प्राइवेटाइज होगा तो बड़ा क्रेडिट होगा।
- 1:01:03इंडस्ट्री बढ़ेगी। आज आप देखें क्रेडिट जो
- 1:01:06है एक्सेस टू फाइनेंस का कोई इंडिकेटर
- 1:01:08इंप्रूव होने की बजाय वो वहीं के वहीं
- 1:01:09खड़े हैं और बैंक जो है प्राइवेटाइज हो के
- 1:01:11वो उनके प्रॉफिट जो है अपने वो बढ़ते जा
- 1:01:14रहे हैं। लेकिन ये सवाल पूछने वाला कोई
- 1:01:16नहीं। इसमें मेरे हमारे कैंब्रिज के जो
- 1:01:19कमाल मुनीर साहब है उनका बड़ा अच्छा
- 1:01:21एकेडमिक काम भी है। तो मैं मैं समझता हूं
- 1:01:24इस पे बड़े कॉशन और एतियात के साथ चलना
- 1:01:26चाहिए।
- 1:01:28व्हाट डू यू थिंक द ट्राइबल पीपल ऑफ
- 1:01:30बचिस्तान
- 1:01:32पीपल गो फॉर
- 1:01:35डेपटेशन आर्बिट्रेशन विद टीटीपी और
- 1:01:37एस्टैब्लिशमेंट बिकॉज़ दिस इज़ द डिश मेड
- 1:01:39एस्टैब्लिशमेंट व्हिच इज़ हैपन आई थिंक वही
- 1:01:42अ जो
- 1:01:44कि लोग क्या चाहते हैं आर्बिट्रेशन और
- 1:01:48टीटीपी के साथ या डेपुटेशन
- 1:01:51इसका सादा सा जवाब ये है कि टीटीपी और फद
- 1:01:53मैटर कोई भी नॉन स्टेट एक्टर अगर वायलेंट
- 1:01:56उसमें इंगेज पेश है तो लोगों का काम नहीं
- 1:01:58है कि वो उनके खिलाफ लश्कर बनाए। उनके
- 1:02:00खिलाफ लड़े। यह रियासत की जिम्मेदारी है।
- 1:02:02रियासत को करने दें।
- 1:02:03इस टीटीपी रियली अ चैलेंज टू द पशून
- 1:02:05डिस्ट्रिक्ट इन पाकिस्तान इज़ रियली एन
- 1:02:07ऑर्गेनाइजेशन दैट द पाकिस्तानी फोर्सेस
- 1:02:08कैन नॉट कंफ्रंट वही स्केपिसिज्म आई थिंक
- 1:02:11हर जगह से आ रहा है। अ
- 1:02:15और उसकी वजह ये जो मैंने आपको बताई
- 1:02:18हम
- 1:02:18बट मैं नहीं समझता हूं कि टीटीपी इतनी
- 1:02:20बड़ी है कि रियासत अगर चाहे उसको काउंटर
- 1:02:22नहीं कर सकती। आई थिंक
- 1:02:24प्लीज प्लीज आस्क हिम टू एनालाइज़ द रीसेंट
- 1:02:26पुलिसमैन किडनैपिंग इन जियारत एंड उरक आई
- 1:02:28थिंक यह तो हमने कर लिया एंडलेस यू वांट
- 1:02:29टू ऐड समथिंग अह
- 1:02:31इफ पाकिस्तान इस हैविंग जेन्युइन थ्रेट
- 1:02:33फ्रॉम नेबरिंग कंट्रीज एस द स्टेट मीडिया
- 1:02:35एंड पॉलिसी मेकर्स क्लेम व्हाई आरंट द
- 1:02:37पॉलिसी मेकर्स ब्रिंगिंग स्टेबिलिटी एंड
- 1:02:39ट्राइंग जेनुइनली टू ब्रिंग स्टेबिलिटी इन
- 1:02:41पश्तून खान एंड बूचिस्तान एटलीस्ट दे डोंट
- 1:02:44हैव टू फाइट इंटरनल थ्रेट्स एस वेल सही
- 1:02:46बात हम क्या इससे डिस्कस करें
- 1:02:50प्लीज आस्क हिम अबाउट द लॉन्ग टर्म
- 1:02:51स्ट्रेटजी और लॉन्ग टर्म गोल दैट
- 1:02:53एस्टैब्लिशमेंट और आर्मी इज़ ट्राइंग टू
- 1:02:55गेट बाय सपोर्टिंग तालिबान एवरीवेयर इन
- 1:02:58खैबर बख्तू खान एंड बलचिस्तान इज़ द
- 1:03:01ऑब्जेक्टिव टू गिव द होल रीजन टू द
- 1:03:02तालिबान इन द लॉन्ग टर्म नहीं भाई
- 1:03:06तालिबान को क्यों देंगे रीज़
- 1:03:11हेलो
- 1:03:12हां नहीं मैं
- 1:03:13हां ओके
- 1:03:14नहीं ये तो हम डिस्कस कर चुके हैं मैं
- 1:03:17अ इज़ इज द इशू ऑफ़ बचिस्तान सो सिंपल एंड
- 1:03:21स्ट्रेट फॉरवर्ड एस द गवर्नमेंट एंड
- 1:03:23पब्लिक रेप्स
- 1:03:25और आर दे मेनी एलिमेंट्स हियर वर्किंग
- 1:03:26बिहाइंड द सीन्स? ऑफ कोर्स दे मेनी
- 1:03:28एलिमेंट्स तो सेवरल फोर्सर्सेस फाइटिंग तो
- 1:03:32है ये इज़ बलूचिस्तान नॉट अ टारगेट फॉर
- 1:03:35इंटरनेशनल लोकल एंड नेशनल सेल्फ
- 1:03:36इंटरेस्टेड पार्टीज सही बात है। होगा आई
- 1:03:39गेस वो यही पूछ रहे हैं कि जो इंटरनेशनल
- 1:03:40फैक्टर भी तो है ना इसके अंदर उसको इग्नोर
- 1:03:43तो नहीं किया जा सकता। अगर वो साद भी हो
- 1:03:46सकता है
- 1:03:48इंटरनेशनल फैक्टर बिल्कुल किसी भी जिस तरह
- 1:03:51के ख्ते में हम रह रहे हैं। उसके इमकान को
- 1:03:53रूल आउट नहीं किया जा सकता। तो मैं इस पे
- 1:03:56कोई एतराज नहीं कर रहा। बिल्कुल होगा।
- 1:03:58सवाल यह होता है कि क्यों वो इंटरनेशनल
- 1:04:00फैक्टर जो है लाहौर में क्यों कामयाब नहीं
- 1:04:02होता? वो कोटा या
- 1:04:04पेशावर में या डीआई खान में ही सिर्फ
- 1:04:07क्यों कामयाब होता है?
- 1:04:09वॉर लॉर्ड्स इन पश्तून एरियाज ईच ट्राइब
- 1:04:11अह घबेजई, काकोजाई, काकर्स, तरीनंस
- 1:04:13एक्सेक्टरा एक्सेक्ट्रा, आर हेली सपोर्टेड
- 1:04:15विथ व्हीकल्स एंड वेपन्स। अ वेयर दैट विल
- 1:04:19लैंड एंड व्हाट फदर कॉन्सिक्वेंसेस दैट
- 1:04:21विल हैव?
- 1:04:22हां, ये बड़ा उसने लोकल सवाल पूछा है। सवाल
- 1:04:24ठीक है। सो अगेन ये वो जो मैं कह रहा हूं
- 1:04:27रियासत की स्केपिसिज्म उसका एक पिलर ये भी
- 1:04:29है के वहां पे बड़ी तादाद में लोकल
- 1:04:32छोटे-मोटे कबायली लीडर शहजाद 3030 गनों
- 1:04:38गाड़ियों के कॉनवाई में और अक्सर यही एक्स
- 1:04:41अफगान आर्मी के वो उनके मुसल्ला गार्ड्स
- 1:04:43होते मलेशिया छोटे-छोटे और यह बगैर किसी
- 1:04:46उसके
- 1:04:48कोटा और बलचिस्तान में फिर रहे हैं और
- 1:04:51रियासत जो है रियासत की पेट्रोनेज इनको
- 1:04:54हासिल है और फिर जब रियासत वो तो लोग जो
- 1:04:57है वो हैरान है कि भाई कैसे ये हो रहा है
- 1:05:00तो वो बिल्कुल ये लोग जो है इनको रियासत
- 1:05:02की सपोर्ट हासिल है और इसी वजह से फिर
- 1:05:04हालात खराब होते हैं और फिर अगर रियासत
- 1:05:08दावा करे कि हालात की वजह ये तो लोग मानने
- 1:05:10के लिए तैयार नहीं है कि सारे तो आपके लोग
- 1:05:12हैं। सर आई से दिस विद रिस्पेक्ट आपकी
- 1:05:15ऑक्सफोर्ड इंग्लिश हमारे बियों्ड
- 1:05:17अंडरस्टैंडिंग है। आप उर्दू में लिखें
- 1:05:21ताकि कॉमन पश्तून और बलोच ट्राइब्स भी
- 1:05:24आपको समझ सके। सर उर्दू में लिखना शुरू कर
- 1:05:26दें। पपी कल्टीिवेशन पीक पर है। इसको
- 1:05:29क्यों सपोर्ट किया जा रहा है? ये तो
- 1:05:30बर्बादी लाएगा।
- 1:05:34जी देखें इसमें इसमें भी कोई शक नहीं है।
- 1:05:37यह
- 1:05:39इन इलाकों में पॉपिक कल्टीिवेशन पीक परे
- 1:05:41क्योंकि वो उसकी इकोनॉमिक्स है और
- 1:05:43इकोनॉमिक्स की रीजन जो है वो एक तो मैंने
- 1:05:46आपको बता दी के आपने हलाल रोजगार के तमाम
- 1:05:51हवाके बंद कर दिए हैं और फिर पॉपी
- 1:05:53कल्टीिवेशन होती है और पपी कल्टीिवेशन भी
- 1:05:55इसलिए होती है कि रियासत के अंदर सर्टेन
- 1:05:58सेगमेंट्स है जो होने देती है। तो बस वह
- 1:06:00फिर बिजनेस जो है वह तो पानी की तरह है।
- 1:06:03जिधर रास्ता मिलेगा अपना रास्ता बनाएगा।
- 1:06:06लेकिन यह सारी मतलब रियासत ही उससे हो रही
- 1:06:08है।
- 1:06:09इज देयर एनी होप टू ब्रिंग द बलोच यूथ बैक
- 1:06:12अंडर द शैडो ऑफ़ द कॉन्स्टिट्यूशन?
- 1:06:16उम्मीद तो हमेशा है एस आई सेड लेकिन उसके
- 1:06:18लिए बहुत मेजर सब्सटेंशियल कंसेशन दे रहे
- 1:06:21होंगे तब जाके कोई इमकानात बन सकते हैं।
- 1:06:24अ व्हनेवर एनी क्वेश्चन इज़ आस्क्ड फ्रॉम द
- 1:06:27गवर्नमेंट एंड लॉ इनफोर्समेंट एजेंसी
- 1:06:28रिगार्डिंग द करंट सिचुएशन इन बलचिस्तान
- 1:06:31एंड केपी आंसर इज़ ब्रीफ बिहाइंड दिस इज़ द
- 1:06:33फितना ऑफ़ द पीपल ऑफ़ द वर्ल्ड एंड फितना ऑफ़
- 1:06:35द खवारेज। इज़ इट इनफ टू जस्ट आंसर दैट दीज़
- 1:06:38टू फितनाज़ आर बिहाइंड इट?
- 1:06:41नहीं मेरे ख्याल से हर चीज को हम
- 1:06:43एक्सटर्नलाइज करते हैं और यही हमारा
- 1:06:44प्रॉब्लम है। कुछ तो अंदरूनी मसाइल होंगे।
- 1:06:47व्हाट कैन व्हाट रोल कैन या आपके फेलो
- 1:06:50काकड़ हैं। नसीर खान काकड़ व्हाट रोल कैन
- 1:06:53बलूचिस्तान यूथ प्ले इन शेपिंग द
- 1:06:55प्रोविंसेस फ्यूचर बियों्ड पॉलिटिक्स एंड
- 1:06:57प्रोटेस्ट?
- 1:07:01यह मुश्किल सवाल है। देखें पहले तो मैं
- 1:07:03नहीं समझता कि पॉलिटिक्स या प्रोटेस्ट कोई
- 1:07:05गलत काम है। यह पार्ट है। आप जिस समाज में
- 1:07:08रह रहे हैं रोजाना लाशें उठेंगी तो
- 1:07:10प्रोटेस्ट तो होंगे। हां हर किसी ने अपने
- 1:07:12हिस्से के मुताबिक उसमें अपना किरदार अदा
- 1:07:14करना है। जो नौजवान है जो पढ़ रहे हैं वो
- 1:07:16पढ़ें। स्किल सीखें, हुनर सीखें। आपके पास
- 1:07:19कोई हुनर होगा तो अपने इलाके, अपने कौम के
- 1:07:21किसी काम आएंगे?
- 1:07:24क्या हम
- 1:07:26बगैर मंसब और
- 1:07:30जहीन कौम बनने एक मुनजम और ताकतवर मुखालिफ
- 1:07:35का मुकाबला कर सकते और फिलोसोफिकल सवाल है
- 1:07:38कि हम जहीन और मुनजम हुए बगैर मुकाबला कर
- 1:07:41सकते हैं।
- 1:07:44बताएं भाई
- 1:07:45मुझे नहीं पता क्या सवाल है
- 1:07:48जहीन और मुनजम होने किसी का मुकाबला नहीं
- 1:07:51कर सकता
- 1:07:54यू आर्ग्यू दैट स्टेट्स बिगेस्ट ब्लंड इन
- 1:07:55बलचूचिस्तान इस सफोकेटिंग पीसफुल ऑर्गेनिक
- 1:07:58पॉलिटिकल एक्सप्रेशन फॉलोइंग द जून 2026
- 1:08:00लाइफ इन प्रेजनमेंट सेंटेंस हैंडेड टू डॉ
- 1:08:03मोहन बलोच एंड अ क्लोज्ड जेल ट्रायल हैज़
- 1:08:05इन द स्टेट ऑफिशियली स्लैम्ड द डोर ऑन
- 1:08:07कॉन्स्टिट्यूशनल एक्टिविज़्म बाय
- 1:08:08क्रिमिनलाइजिंग द प्रॉमिसेस मोस्ट
- 1:08:10प्रोमिनेंट नॉन वायलेंट मूवमेंट जी भाई
- 1:08:14अह जी मैं 100 फीसद एग्री करता हूं।
- 1:08:17बिल्कुल आपने जो बात लिखी है आई कैन नॉट
- 1:08:19एग्री मोर।
- 1:08:21अ व्हाई इज द स्टेट डीलिंग विथ द
- 1:08:23मिलिटेंसी इन केपी एंड बूचिस्तान इन द सेम
- 1:08:26वे इवन व्हेन वी नो द रीज़न बिहाइंड बोथ आर
- 1:08:28कंप्लीटली डिफरेंट। ठीक बात है यार।
- 1:08:31अलग-अलग होनी चाहिए।
- 1:08:33जी बिल्कुल। ये ऐसा ही है जैसे आपकी आपकी
- 1:08:37गाड़ी का टायर पंचर हो जाए रिप्लेस करवाना
- 1:08:39पड़े। तो आप कोई भी टायर जो मिले लगा देंगे
- 1:08:42या जहां के उसी गाड़ी की स्पेसिफिक कोई
- 1:08:44टायर होगी वो ढूंढेंगे या आपको कोई बीमारी
- 1:08:47हम
- 1:08:48जी जी जी
- 1:08:49हां आपको कोई बीमारी हो तो आप कोई भी जो
- 1:08:51सामने मेडिसिन है वो तो नहीं लेंगे ना जो
- 1:08:53बीमारी होगी तशकीद करेंगे उसके
- 1:08:54मुताबिकेंगे ये बात इसलिए जरूरी है के
- 1:08:57बलचिस्तान में जो मसनूई लोग हैं
- 1:09:00उनकी एक कोशिश ये है कि वो
- 1:09:05सेंटीमेंट और नैरेटिव ऐसा बना है कि जी ये
- 1:09:07दोनों एक कॉन्फ्लिक्ट है और एक ही तरह से
- 1:09:10डील किए जाने चाहिए क्योंकि वो लोग खुद
- 1:09:12बेनिफिशरी है। तो मैं बिल्कुल नहीं समझता
- 1:09:14कि ये दोनों एक जैसे हैं। इन दोनों को अलग
- 1:09:16नेचर के हैं और अलग तरीके से डील किया
- 1:09:18जाना चाहिए।
- 1:09:19आपने वो एचआईवी टॉस हॉस्पिटल वाली
- 1:09:21डॉक्यूमेंट्री देखी है? जी बीबीसी भाई
- 1:09:24हां हां पाकिस्तान मेरे ख्याल से हर मसला
- 1:09:25इसी तरह डील करता है ना कि बस इंजेक्शन
- 1:09:28रखे हुए हैं जो मसला आ रहा है ठीक है चलो
- 1:09:31चलो ठीक डालो चलो इसीलिए हम पूरी कौम को
- 1:09:35एचआईवी हुआ है व्हाट कॉम्प्रिहेंसिव
- 1:09:38पॉलिसी फ्रेमवर्क वुड यू प्रोपोज टू
- 1:09:39एड्रेस द इंटरकनेक्टेड चैलेंज समी काकर
- 1:09:42मल्टीपल पडकास्ट है ये तो बहुत ही एक लंबा
- 1:09:45जवाब होगा व्हाट आर द ड्राइवर्स ऑफ द करंट
- 1:09:47इंसर्जेंसी इन बलूचिस्तान एंड हाउ इज
- 1:09:49डिफरेंट फ्रॉम प्रीवियस इंटर इंसर्जेंसीज
- 1:09:51आई थिंक इस पे भी हो गई है बट ब्रीफली अगर
- 1:09:53आप कुछ कहना चाहे
- 1:09:55नहीं मेरे ख्याल से ये अच्छे सवालात है
- 1:09:57लेकिन इन सब पे हम अलग-अलग पडकास्ट कर
- 1:09:59चुके हैं
- 1:10:00साथ इंसाफ नहीं कर सकता मैं
- 1:10:03जी
- 1:10:05अ
- 1:10:07जब स्टेट जो है वो मिनरल रिच लैंड्स के
- 1:10:10ऊपर कंट्रोल नहीं छोड़ेगा तो लोकल लोग
- 1:10:13क्या करें?
- 1:10:16जी मेरे ख्याल से
- 1:10:18मुनासिब सवाल है। लोकल लोगों के पास
- 1:10:21मुजामत और सियासी एतजाज के अलावा कोई
- 1:10:24ऑप्शन नहीं है कि वो पुरामन सियासी तरीके
- 1:10:26से
- 1:10:27इस रियासत के एक्सप्लइटेटिव मुहिम को जो
- 1:10:31है उसको उसको रोके और हर सियासी और आईनी
- 1:10:34तरीके से उसकी मुखालफत करें।
- 1:10:36आई थिंक स्टेट के लोग सुनते तो हैं हमारी
- 1:10:39सारी पॉडकास्ट। तो आप लोग जाके जरा
- 1:10:41क्वेश्चन सेक्शन देख लें कि आप थोड़ा भी
- 1:10:42अगर ओपोरर्चुनिटी देते हैं लोगों को बोलने
- 1:10:44की तो क्या सवाल आते हैं? लोग क्या बोलते
- 1:10:46हैं? इट इज़ क्वाइट एविडेंट दैट देयर इज़
- 1:10:48वर्चुअली नो रियल डेमोक्रेसी इन
- 1:10:49बलचिस्तान। अह व्हाट पीसफुल एंड
- 1:10:51प्रैक्टिकल पाथ्स कैन दे पर्सू टू ओवरकम
- 1:10:53दीज़ चैलेंजेस एंड इमर्ज फ्रॉम द डार्कनेस।
- 1:10:56मेनी बलोच यूथ्स हैव ऑलरेडी चोजन द पाथ ऑफ़
- 1:10:58आर्म स्ट्रगल बिलीविंग इट टू बी द वे टू
- 1:11:00अचीव देयर गोल। सही बात है।
- 1:11:04ये तो परेशानी वाली बात है और बलोच उसमें
- 1:11:07तो मेरे ख्याल से अब पश्तून यूथ में भी आप
- 1:11:09उनको जिस तरह से पुश कर रहे हैं आप यही
- 1:11:11पैगाम दे रहे हैं कि भाई आप पुरमन
- 1:11:13जद्दोजहद का रास्ता नहीं है और ये यही
- 1:11:15खतरनाक बात है।
- 1:11:16मेनी डिस्ट्रिक्ट्स अक्रॉस द कंट्री आर
- 1:11:18एक्सपीरियंसिंग पॉवर्टी विदाउट
- 1:11:19प्रोड्यूसिंग आर्म्ड इंसजेंसी व्हाट मेक्स
- 1:11:21बलोच बेल्ट डिफरेंट। अगेन आई थिंक मल्टीपल
- 1:11:23पॉडकास्ट हमारी जो हैं वो पढ़ लें। व्हाई
- 1:11:28हैज़ द पाकिस्तानी स्टेट्स रिसोंड टू द
- 1:11:30रीसेंट पश्तून सिटेंस बीन सीन बाय मेनी एस
- 1:11:34सो हार्श एंड अनरिसिव?
- 1:11:37देखिए मेरे ख्याल से सिर्फ ये नहीं ये जो
- 1:11:39मौजूदा हुकूमत है इसका किसी भी प्रोटेस्ट
- 1:11:43और उसको जनरली रिस्पांस जो है वो बड़ा हारश
- 1:11:45है।
- 1:11:46जमन बॉर्डर पे डेढ़ दो साल धरना बैठा रहा।
- 1:11:51एक भी डिमांड ना सुना किसी ने ना पूरा
- 1:11:54किया। अह डॉक्टर मारंग बलोच के एतेजाज
- 1:11:57बाकी भी तो मैं समझता हूं यह इस रिजीम की
- 1:12:00एक डिफाइनिंग फीचर है के अह प्रोटेस्ट को
- 1:12:03इसी तरह ब्रूटल इंडफरेंस के साथ डील करना
- 1:12:06और अब तो कश्मीर में गिलगित में हमें यही
- 1:12:09नजर आता है।
- 1:12:11इज डॉक्टर महारंग बलोचस लाइफ इंप्रजनमेंट
- 1:12:13अ पैराडाइम शिफ्ट इन स्टेट सोसाइटी
- 1:12:16रिलेशंस इन बूचिस्तान।
- 1:12:19नहीं कोई पैराडाइम शिफ्ट तो नहीं है।
- 1:12:20कंटिन्यूएशन है। पैराडाइम शिफ्ट तो कब का
- 1:12:22एक हमें नजर आता है। यह उसकी कंटिन्यूएशन
- 1:12:24है।
- 1:12:27अ
- 1:12:29बचिस्तान में लोगों ने जो स्टेट के
- 1:12:32नुमाइंदे मिनिस्टरर्स हैं उनको एरिया में
- 1:12:35नहीं आकर आने दिया। उससे बड़ा रेजिस्टेंस
- 1:12:38दिखाई। क्या आपको लगता है कि पश्तून बेल्ट
- 1:12:40में भी ऐसा पॉलिटिकल रिस्पांस आएगा?
- 1:12:44जी देखिए पश्तून बेल्ट में भी जो इस वक्त
- 1:12:47फार्म 47 के मसनुई नुमाइंदे बैठे हुए हैं
- 1:12:51उसके खिलाफ भी ये मुजाहमत आएगा लेकिन ये
- 1:12:54आहिस्ताआहिस्ता होगा बलोच बेल्ट में तो वो
- 1:12:56अपने इलाकों में जा भी नहीं सकते हैं।
- 1:12:59पॉलिटिकल गवर्नेंस में क्या मेजर बॉटल
- 1:13:02नेक्स हैं बलचिस्तान और खैबर में
- 1:13:06अब ये फिर इस पे तो किताबें लिखी जा सकती
- 1:13:08है।
- 1:13:09आई थिंक हम सारी जो पुरानी पडकास्ट है ना
- 1:13:11उसकी जरा क्लिप्स विप्स बनाकर रीपोस्ट कर
- 1:13:15देते हैं। लोगों के अयोर
- 1:13:20व्यू हाउ शुड द रिस्पांसिबिलिटी एंड
- 1:13:22प्रोग्रेस एंड चैलेंजेस ऑफ़ द पश्तून
- 1:13:24कम्युनिटी बी डिवाइडेड बिटवीन द पश्तूून
- 1:13:26देमसेल्व्स एंड द स्टेट्स? इफ यू हैड टू
- 1:13:28गिव अ परसेंटेज व्हाट रेशियो वुड इट बी?
- 1:13:31सॉरी ये जरा पहला पार्ट रिपीट करें।
- 1:13:34हाउ शुड द रिस्पांसिबिलिटी फॉर द
- 1:13:36प्रोग्रेस एंड चैलेंजेस ऑफ द पुश्तून
- 1:13:38कम्युनिटी बी डिवाइडेड बिटवीन द पश्तून
- 1:13:40देमसेल्व्स एंड द स्टेट? सर जिसको करना है
- 1:13:43कर ले। आई गेस मैं क्या एडिट?
- 1:13:44नहीं मुझे ओवर सिंपलीफाइड बात है। ये
- 1:13:47स्ट्रक्चरल स्ट्रक्चरल मसाइल होते हैं कि
- 1:13:50जो एक पर्टिकुलर बिहेवियर को इंसेंटिवाइज
- 1:13:54करते हैं और दूसरे को डिसरेज करते हैं। तो
- 1:13:57मैं इस तरह की कोई ओवर सिंपलीफाइड बाइनरीज
- 1:14:00में नहीं जाना चाहता। लेकिन टीटीपी या जो
- 1:14:03तालबनाइजेशन पिछला 40-50 साल का प्रॉब्लम
- 1:14:06है। प्राइमरली उस वक्त की अमकी साम्राज्य
- 1:14:09और फिर हमारा जो रियासत की अफगान पॉलिसी
- 1:14:11है, मैं उसको बुनियादी तौर पर जिम्मेदार
- 1:14:14ठहराता हूं।
- 1:14:14कैन वी रियली ब्रिंग अबाउट द चेंज व्हेन
- 1:14:17देयर आर सो मेनी डिफरेंट आईडियोलॉजीस एंड
- 1:14:18पॉलिटिकल नैरेटिव्स। आई मीन कैन पॉलिटिकल
- 1:14:21पार्टीज क्रिएट मीनिंगफुल चेंज अंडर दी
- 1:14:22सरकमस्टेन्स? महमूद खान अचकजाई हैज़ सेड
- 1:14:25दैट ही वांट्स वन पर्सन फ्रॉम एव्री
- 1:14:27हाउसहोल्ड टू जॉइन अ नेशनल कौमी लश्कर
- 1:14:29बिकॉज़ द सिचुएशन इज़ बिकमिंग क्रीज़िली
- 1:14:31डिफिकल्ट टू कंट्रोल्ड। यू सपोर्ट द
- 1:14:33आईडिया ऑफ फॉर्मिंग अ कौमी लश्कर? अह इफ
- 1:14:36ऑलवेज दिस इज़ अक्रॉस बलचिस्तान बट टू शट
- 1:14:39डाउन वन टू मंथ्स। डू थिंक इट कुड हेल्प
- 1:14:40अचीव पीस बाय पुटिंग ग्रेट प्रेशर ऑन द
- 1:14:43गवर्नमेंट एंड द एस्टैब्लिशमेंट। बेचारे
- 1:14:44लोग भूखे मर जाएंगे यार।
- 1:14:46देखिए हमारा और आई एम श्योर अचक द साहब का
- 1:14:49भी यही मानना है के
- 1:14:53रियासत की वायलेंस पर मोनोपोली रियासत की
- 1:14:57होनी चाहिए और बतरे शहरी हम रियासत के
- 1:15:01आईनी फ्रेमवर्क के अंदर पुरामर तरीके से
- 1:15:03अपनी जद्दोजहद और वो करेंगे और जारी
- 1:15:05रखेंगे जो अचकजाई साहब की बात है ये बात
- 1:15:09जो मुझे उनकी समझ आई है वो मेरे ख्याल से
- 1:15:11कोई आर्म्ड मिलिशा की बात उन्होंने नहीं
- 1:15:13की है वो एक सियासी उसकी बात करते हैं
- 1:15:16लेकिन अगर जो भी उसका मतलब है तो मैं नहीं
- 1:15:19समझता हूं कोई आर्म्ड या ऐसे लश्करों की
- 1:15:22जरूरत है। लश्करों ने तो बेड़ा गर्क किया
- 1:15:24हुआ है। हमें जो है एक मॉडर्न रियासत की
- 1:15:26तरह शहरी और रियासत का ताल्लुक होना
- 1:15:29चाहिए। मोनोपोली और वायलेंस रियासत की है।
- 1:15:32में तो लूट लिया मिलके लश्कर वालों ने
- 1:15:37ये सारे तो हालात है यही लश्करों और छतों
- 1:15:40की वजह से यहां तक पहुंचे।
- 1:15:41आप समझे नहीं ये बड़ा फिलोसोफिकल गाना था।
- 1:15:43ये एंटी कॉलोनियल गाना था कि हमें तो लूट
- 1:15:45लिया। गोरे-गोरे गालों ने कॉलोनियलिज्म।
- 1:15:49कलोनियलिज्म आप लोग पहचानते नहीं है। सर
- 1:15:52बहुत सारे सवाल हैं लेकिन आखरी आपके भाई
- 1:15:55का ही सवाल ले लेते हैं। अब्दुल बारीक आकर
- 1:15:58आपकी फैमिली हैं। मतलब ट्राइब्स हैं। पूछ
- 1:16:01रहे हैं व्हाट्स द वे फॉरवर्ड फॉर पीस इन
- 1:16:02बलचिस्तान?
- 1:16:05देखें इसी पे कंक्लूड भी कर लेते हैं।
- 1:16:08इसमें बहुत दफा बात हो चुकी है।
- 1:16:10आपको एक कॉम्प्रहेंसिव बट डिफरशिएटेड
- 1:16:13स्ट्रेटजी चाहिए। आपको टीटीपी और दायश
- 1:16:17जैसी मिलिटेंसी को डील करने के लिए अलग
- 1:16:20स्ट्रेटजी चाहिए जो जिसमें काइनेटिक
- 1:16:23मेजर्स के साथ-साथ लॉन्ग टर्म प्रिवेंटिव
- 1:16:26मेजर्स की तरफ जाना होगा और आपकी फॉरेन
- 1:16:30पॉलिसी में जो चेंजेस रिक्वायर्ड है वो
- 1:16:32करने होंगे। जो बलोच इंसजेंसी है उसके लिए
- 1:16:36आपको प्राइमरली मेजर पॉलिटिकल कंसेशन की
- 1:16:39तरफ जाना होगा और लोगों के अपने मकामी
- 1:16:42वसाइल पे हक को तस्लीम करना होगा। मैं
- 1:16:45समझता हूं शॉर्ट ऑफ दी हमारे हालात मजीद
- 1:16:49खराब होंगे और अब तो बलोच बेल्ट के साथसाथ
- 1:16:52ये वसाइल के कब्जे पश्तून इलाकों में भी
- 1:16:54शुरू हो गए हैं। तो अगर हालात यही रहे तो
- 1:16:57मुझे कोई ज्यादा उम्मीद की किरण दिखाई
- 1:17:00नहीं देती।
- 1:17:01सर 10 मिनट में स्पेन बेल्जियम में कौन
- 1:17:04जीतेगा?
- 1:17:06मैं फुटबॉल का इतना फैन हूं नहीं। क्रिकेट
- 1:17:09मैं शौक से फॉलो करता हूं। उस पे कभी आपसे
- 1:17:12डिस्कशन हुई नहीं। तो स्पेन बेल्जियम का
- 1:17:14मुझे नहीं पता। मुझे लगता है स्पेन जीत
- 1:17:16जाएगा अगर मुझे तुक्का लगाना हो तो।
- 1:17:19आपसे फिर कभी हम क्रिकेट पे आपको तंग
- 1:17:21करेंगे। देखेंगे कि आपकी
- 1:17:23नहीं क्रिकेट आप आए यूके आपको क्रिकेट
- 1:17:25खिलाते हैं। इधर तो हम जबरदस्त
- 1:17:27खेलने वाले तो अब मेरे हालात रहे नहीं।
- 1:17:29नहीं नहीं कोई बात नहीं इस मुल्क में आपसे
- 1:17:31बड़े आप तो आप उनके सामने बहुत फिट
- 1:17:33लगेंगे। एक एक वो वॉकिंग क्रिकेट भी
- 1:17:35इंट्रोड्यूस किया है ना 60 साल के ऊपर
- 1:17:37बुड्ढों के लिए यूके में होती है
- 1:17:38सर वॉकिंग नहीं सिर्फ
- 1:17:42ओवर अंडर 60 की अलग लीग चल रही है
- 1:17:4560 साल 50 साल के दरमियान डेकेड वाले 6070
- 1:17:49की अलग लीग चल रही होती है और बाकी 50 से
- 1:17:52नीचे तो सब खेल रहे होते हैं तो बहुत ही
- 1:17:55इंक्लूसिव माहौल है। आप कभी आए आपको अपना
- 1:17:57टैलेंट डिस्कवर कर लेंगे।
- 1:17:5950 से ऊपर वाली लीग में मैं जरा अपने
- 1:18:01फोर्स डॉक्यूमेंट्स बनाता हूं ताकि ये 50
- 1:18:04से ऊपर 60 से ऊपर बुड्ढों को आउटवाउट हम
- 1:18:07कर सकें। आते हैं सर आते हैं। अब तो आई
- 1:18:09थिंक आना ही पड़ेगा जैसी आप बातें करते
- 1:18:11हैं उसके।
- 1:18:14आपने मुझे लगता है मेरा दाखला तो उधर बंद
- 1:18:16करवा देना है।
- 1:18:19पाकिस्तान में।
- 1:18:20आप सर छुप के आते हैं। छुप के चले जाते
- 1:18:23हैं। किसी को पता नहीं चलता। अ थैंक यू
- 1:18:26एवरीबडी। थैंक यू वाचिंग। टेक केयर। खुदा
- 1:18:28हाफिज।
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