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Beggar Husband Episode 321 to 324 | Pocket FM Full Story | beggar husband today full episode | — Transcript

by k2k storys · 11,526 words · 1,419 segments · language en · Watch on YouTube

Full transcript

  1. 0:00शिप्रा को रिंग पसंद आई। यह [संगीत] देखकर
  2. 0:03नीलिमा भी खुश थी। अचानक उसकी नजर रिंग की
  3. 0:06कीमत पर गई। ₹16 लाख देखकर उसकी आंखें
  4. 0:11बड़ी हो गई। इतनी महंगी रिंग इसे लेने की
  5. 0:15क्या जरूरत थी? क्या भाभी अब भी आप इसकी
  6. 0:18कीमत देख रही हैं? [संगीत] यह कितनी भी
  7. 0:20कीमती हो लेकिन आपसे ज्यादा कीमती नहीं
  8. 0:23है। नीलिमा शिप्रा के दोनों गाल खींचते
  9. 0:26हुए बोली फिर भी [संगीत] इतनी महंगी रिंग
  10. 0:29की कोई जरूरत नहीं थी। शिप्रा विरोध करती
  11. 0:32हुई बोली तो ठीक है। [संगीत] फिर आप यही
  12. 0:35बात मां से कहना। फिर देखना वो क्या कहती
  13. 0:38हैं। नीलिमा बात [संगीत] अपनी मां पर
  14. 0:40डालते हुए बोली वो अच्छी तरह जानती थी कि
  15. 0:43शिप्रा अपनी सास से यह कहने की हिम्मत
  16. 0:45नहीं करेगी। रख लो भाभी आपको नहीं पता इस
  17. 0:49रिंग के पीछे कितनी बड़ी कहानी बनने वाली
  18. 0:51थी। मेघा शरारत भरे स्वर में बोली। शिप्रा
  19. 0:55बड़ी-बड़ी आंखों से मेघा की ओर देखते
  20. 0:57[संगीत] हुए बोली, "क्यों ऐसा क्या होने
  21. 1:00वाला था?
  22. 1:01क्या होने वाला था? आपको नहीं पता? कुणाल,
  23. 1:05प्रतीक, कुणाल की होने वाली वाइफ कनिका और
  24. 1:07उसकी बहन नंदिनी भी मार्केटिंग के लिए आई
  25. 1:10हुई थी। मजेदार बात यह है कि कनिका को भी
  26. 1:13यही रिंग पसंद आ गई थी। उन्होंने तो
  27. 1:15नीलिमा से यह तक कह दिया था कि [संगीत]
  28. 1:17क्या वो उनके लिए यह रिंग छोड़ सकती है?
  29. 1:20मेघा वहां घटी घटना को याद करते हुए बोली।
  30. 1:22कनिका के बारे में जानकर शिप्रा [संगीत]
  31. 1:24को भी आश्चर्य हुआ। उसने नीलिमा की ओर
  32. 1:27देखते हुए पूछा। कनिका से तुमने क्या कहा?
  33. 1:30कहना क्या था? मैंने मना कर दिया। मैंने
  34. 1:33[संगीत] बोल दिया कि मुझे अपने भैया भाभी
  35. 1:35के लिए बेस्ट चीज ही चाहिए। इसलिए मैं इस
  36. 1:38रिंग के जोड़े को छोड़ नहीं सकती। नीलिमा
  37. 1:41प्यार से शिप्रा को देखते हुए बोली।
  38. 1:43[नाक से की जाने वाली आवाज़] शिप्रा को यह
  39. 1:44जानकर आश्चर्य हुआ कि नीलिमा ने उसके लिए
  40. 1:46इस रिंग के जोड़े को छोड़ने से मना कर
  41. 1:48दिया था। वो जिज्ञासावश खुद को पूछने से
  42. 1:51रोक नहीं सकी। तो क्या कनिका तुम्हारी बात
  43. 1:53मान गई? उसने कुछ कहा [संगीत] नहीं? कुणाल
  44. 1:56भैया को तो थोड़ा बुरा लगा लेकिन कनिका
  45. 1:59भाभी मेरी भावना समझ गई। हां, उन्हें यह
  46. 2:02जानने की बड़ी जिज्ञासा
  47. 2:03[संगीत]
  48. 2:03थी कि शौर्य भैया की सगाई किसके साथ होने
  49. 2:06वाली है। नीलिमा सोचते हुए बोली, जब कनिका
  50. 2:10ने तुमसे पूछा कि शौर्य की सगाई किसके साथ
  51. 2:12होने वाली है? तो तुमने [संगीत] क्या कहा?
  52. 2:14शिप्रा की जिज्ञासा बढ़ती ही जा रही थी।
  53. 2:17मैंने कह दिया कि जब होगी [संगीत] तो सारी
  54. 2:20दुनिया को पता चल जाएगा। और उसमें आप भी
  55. 2:22तो आमंत्रित होंगी। उन्हें सबसे बड़ा झटका
  56. 2:25तो इस बात से लगा था कि एक दिन पहले ही
  57. 2:28उन्होंने शौर्य भैया को नापसंद किया था और
  58. 2:30फिर एक ही दिन में उन्होंने [संगीत] किस
  59. 2:32लड़की को अपने लिए पसंद कर लिया। नीलिमा
  60. 2:35कनिका की बात याद करके मजे ले रही थी।
  61. 2:37इसके बाद भी [संगीत] शिप्रा नीलिमा से
  62. 2:39कनिका के साथ हुई बातचीत की एक-एक बात
  63. 2:41पूछती रही। इतना कुछ हो गया है तो जरूर
  64. 2:45उसका फोन भी मेरे पास आएगा। शिप्रा सोचते
  65. 2:48हुए बोली नीलिमा ने हैरानी से शिप्रा की
  66. 2:50[संगीत] ओर देखा। आपके पास कनिका भाभी का
  67. 2:53फोन आएगा? क्या आप कनिका भाभी को पहले से
  68. 2:56जानती हैं? वो शक भरी नजरों से शिप्रा को
  69. 2:59देखने लगी। हम दोनों अच्छे दोस्त हैं। हम
  70. 3:02दोनों कोज के समय हॉस्टल में एक ही कमरे
  71. 3:05को शेयर करते थे। शिप्रा मुस्कुराते हुए
  72. 3:08बोली नीलिमा और मेघा दोनों को यह जानकर
  73. 3:11हैरानी हुई कि [संगीत] शिप्रा और कनिका एक
  74. 3:13दूसरे की दोस्त थी। अभी नीलिमा शिप्रा से
  75. 3:16कुछ और पूछती। तभी शिप्रा का फोन रिंग
  76. 3:18करने लगा। जैसा कि शिप्रा को उम्मीद थी
  77. 3:21फोन कनिका का ही था। [संगीत] उसने मोबाइल
  78. 3:23की स्क्रीन नीलिमा और मेघा को दिखा दी।
  79. 3:26दोनों को चुप रहने का इशारा करके शिप्रा
  80. 3:28ने फोन उठा लिया। हेलो हेलो शिप्रा मुझे
  81. 3:32तुमसे मिलना है
  82. 3:32के2 के स्टोरीज।
  83. 3:34तुम कब मिल सकती हो? कनिका ने फोन उठते ही
  84. 3:36पूछा। क्या बात है? सब [संगीत] ठीक तो है?
  85. 3:40अचानक तुम्हें मुझसे मिलने की क्या सूझी?
  86. 3:42शिप्रा अभी कनिका से मिलने से बचना चाहती
  87. 3:45थी। क्या [संगीत] तुमसे मिलने के लिए भी
  88. 3:47मुझे रिक्वेस्ट करनी पड़ेगी? कनिका
  89. 3:49नाराजगी भरे स्वर में बोली। [संगीत]
  90. 3:51अरे ऐसा कुछ नहीं है। ठीक है। अगर तुमको
  91. 3:55मिलना ही है तो कल सुबह मिलते हैं। बताओ
  92. 3:58कहां [संगीत] मिलना है? शिप्रा ने पूछा।
  93. 4:01ठीक है। फिर कल वहीं होटल पैराडाइज में
  94. 4:03मिलते हैं। कनिका ने जवाब दिया। इसके बाद
  95. 4:07शिप्रा [संगीत] ने फोन रख दिया। नीलिमा जो
  96. 4:10दोनों की बातचीत सुन रही थी। शिप्रा के
  97. 4:12फोन रखते ही पूछ बैठी। वो किस लिए आपसे
  98. 4:15मिलना चाहती हैं? उसके मन में यह शक भर
  99. 4:18गया होगा कि [संगीत] शौर्य से जिसकी सगाई
  100. 4:20होने वाली है वो लड़की कहीं मैं ही तो
  101. 4:22नहीं हूं। बस इसी बात को कंफर्म करने के
  102. 4:24लिए वो मुझसे मिलना चाहती होगी। शिप्रा
  103. 4:27मुस्कुराते हुए बोली पर कनिका भाभी को आप
  104. 4:30पर शक कैसे हुआ? नीलिमा के साथ-साथ मेघा
  105. 4:34के चेहरे पर भी असमंजस [संगीत]
  106. 4:35के भाव थे। इसके पीछे भी एक कहानी है।
  107. 4:39इसके बाद शिप्रा ने नीलिमा और मेघा को
  108. 4:41शुरुआत से सारी कहानी सुना दी कि किस तरह
  109. 4:44कनिका ने उसे चारे की [संगीत] तरह
  110. 4:45इस्तेमाल करने की सोची थी और कैसे उसका
  111. 4:48पहला प्लान शिप्रा को इस्तेमाल करके शौर्य
  112. 4:50से अपनी सगाई तुड़वाने [संगीत] का था।
  113. 4:52सारी बात सुनकर नीलिमा और मेघा आश्चर्य से
  114. 4:55शिप्रा को देखने लगी। आप कैसे यह [संगीत]
  115. 4:58दोहरी जिंदगी जी पा रही हैं भाभी? आप
  116. 5:00कनिका भाभी को सब सच क्यों नहीं बता देती?
  117. 5:03वो तो इसलिए था क्योंकि [संगीत] पापा जी
  118. 5:05ने शौर्य की हकीकत जाने बिना कनिका के
  119. 5:07दादाजी को शौर्य की शादी कनिका से करने का
  120. 5:10वचन दे दिया था। [संगीत] इसलिए मुझे कनिका
  121. 5:12से अपनी हकीकत छुपानी पड़ रही थी। लेकिन
  122. 5:15अब वैसी मजबूरी नहीं है। इसलिए अब
  123. 5:17धीरे-धीरे कनिका के सामने अपनी सच्चाई
  124. 5:19लानी है। एक बार कनिका की शादी कुणाल से
  125. 5:21हो जाएगी तो [संगीत] फिर हमारे रिश्ते की
  126. 5:23पर्देदारी की जरूरत भी नहीं रहेगी। शिप्रा
  127. 5:26ने नीलिमा को पूरी वास्तविकता से परिचित
  128. 5:28कराया। दूसरी तरफ नताशा एक कमरे की बालकनी
  129. 5:31में खड़ी आसमान में चमकते चांद को [संगीत]
  130. 5:33एक टक देखे जा रही थी। चांद की रोशनी में
  131. 5:36उसका चेहरा चमक रहा था। तभी शौर्य कमरे से
  132. 5:39निकल कर बालकनी में आया। उसने नताशा को
  133. 5:41चांद को घूरते देखा तो उसके बगल में खड़ा
  134. 5:44होकर पूछा। तुम यहां अकेले क्या कर रही
  135. 5:46हो? नीचे इतना हंगामा हो रहा है और तुम
  136. 5:49यहां हो। नीचे चलकर [संगीत] देखो। सब
  137. 5:52कितना मजा कर रहे हैं। नताशा शौर्य की ओर
  138. 5:54पलटी और उसकी आंखों में देखते हुए बोली,
  139. 5:57मजा तो उन लोगों के लिए है। मेरे लिए तो
  140. 5:59सजा है। फिर अपनी बात [संगीत] जारी रखते
  141. 6:02हुए उसने पूछा, "अच्छा मेरी छोड़ो।" तुम
  142. 6:05तो नीचे मजा कर सकते थे। फिर तुम क्यों
  143. 6:07यहां आ गए? वो वो तो तुमको नीचे नहीं
  144. 6:10देखा। [संगीत] इसलिए तुम्हें ढूंढता हुआ
  145. 6:12मैं यहां आ गया। शौर्य लड़खड़ाती जुबान
  146. 6:14में बोला। नताशा फीकी [संगीत] हंसी-हंसते
  147. 6:17हुए बोली, "तुम्हें तो झूठ बोलना भी नहीं
  148. 6:20आता। सीधे-सीधे [संगीत] यह क्यों नहीं
  149. 6:22कहते कि तुम्हें मेरी चिंता होने लगी थी
  150. 6:24कि मैं ठीक तो हूं या नहीं। इसीलिए तुम यह
  151. 6:26जांचने के लिए यहां आ गए। [संगीत]
  152. 6:28यह तुम कैसी बात कर रही हो? अकेले यहां
  153. 6:31रहने से अच्छा है तुम भी नीचे चलो। नीचे
  154. 6:33सबके बीच तुम्हारा मन लग जाएगा। बोलते हुए
  155. 6:36शौर्य के चेहरे पर [संगीत] गहरी संवेदना
  156. 6:38नजर आने लगी। नताशा उसकी ओर देखते हुए
  157. 6:41बोली। इस तरह मन को बहलाने से कहीं मन
  158. 6:43बहलता है? अगर तुम्हें सच में मेरी चिंता
  159. 6:46है तो मुझे यहां से दूर ले चलो। [संगीत]
  160. 6:48बहुत दूर जहां चाहकर भी कोई हमें ढूंढ ना
  161. 6:50पाए। बोलो करोगे ऐसा? इतनी [संगीत] हिम्मत
  162. 6:53है तुम्हें? बोलते हुए नताशा ने दोनों
  163. 6:56हाथों से शौर्य की शर्ट पकड़ ली। फिर उसके
  164. 6:59करीब जाकर उसकी आंखों में [संगीत] देखते
  165. 7:00हुए बोली, "मुझे तुम्हारी यह नकली संवेदना
  166. 7:03नहीं चाहिए। मुझे तुम्हारा साथ चाहिए।"
  167. 7:06शौर्य जड़व्वत [संगीत] सा खड़ा नताशा को
  168. 7:09देखता रह गया। उसकी आंखों में जैसे एक
  169. 7:11जलजला सा नजर आने लगा। अचानक उसके चेहरे
  170. 7:14पर एक निश्चित इरादा कर लेने वाला [संगीत]
  171. 7:16भाव आया। उसने नताशा के दोनों कंधे थामते
  172. 7:19हुए कहा, सोच लो अगर एक बार [संगीत] इस
  173. 7:22रास्ते पर निकल गया तो फिर वापसी की कोई
  174. 7:24संभावना नहीं रहेगी। उसके बाद [संगीत]
  175. 7:27सारी दुनिया हमारी दुश्मन होगी। शौर्य की
  176. 7:30बातें सुनकर नताशा का चेहरा खिल उठा। वो
  177. 7:33एक झटके से शौर्य के गले लग गई। मुझे नहीं
  178. 7:36[संगीत] आना है वापस। जहां मेरी भावनाओं
  179. 7:38की कोई कद्र नहीं, वहां मैं वापस आकर
  180. 7:41करूंगी भी क्या? मुझे वापस नहीं आना। मुझे
  181. 7:44वापस नहीं आना। कट कट। तभी वहां रत्नाकर
  182. 7:48शेट्टी की आवाज गूंजी और तालियों की
  183. 7:50गड़गड़ाहट से पूरी बालकनी [संगीत] गूंज
  184. 7:52उठी। रत्नाकर शेट्टी शौर्य और नताशा के
  185. 7:55पास आया। क्या परफॉर्मेंस दी है आपने
  186. 7:57मिस्टर शौर्य? आपके चेहरे पर क्या भाव आया
  187. 8:00था? जवाब नहीं आपका। कोई आपके काम को
  188. 8:03देखकर यह नहीं कह सकता कि आपने पहली बार
  189. 8:05कैमरा फेस किया [संगीत] है। बस बस मिस्टर
  190. 8:08शेट्टी। अब इतना भी मुझे हवा में मत
  191. 8:10उड़ाइए कि मैं नीचे ही नहीं आ सकूं। शौर्य
  192. 8:13झेमता हुआ बोला। चलिए [संगीत] ठीक है। जब
  193. 8:16आप कहते हैं तो मैं ज्यादा नहीं बोलता।
  194. 8:18रत्नाकर शेट्टी मुस्कुराते हुए [संगीत]
  195. 8:19बोला। इसी बीच एक लाइटमैन उसके पास आकर
  196. 8:22बोला, दादा अब आगे कहीं और भी लाइट शिफ्ट
  197. 8:25करनी है क्या? नहीं
  198. 8:26[संगीत]
  199. 8:27ईशु, आज के लिए सभी का पैकअप है। रत्नाकर
  200. 8:29शेट्टी के पैकअप कहते ही बाकी क्रू
  201. 8:31मेंबर्स के चेहरों पर भी खुशी की लहर दौड़
  202. 8:34गई। नताशा शौर्य के पास आई और उससे बोली,
  203. 8:37"आकी तुम्हारी बेहतरीन परफॉर्मेंस के लिए
  204. 8:40तुम्हारी तरफ से पार्टी तो होनी चाहिए।
  205. 8:42अगर ऐसी बात है तो मुझे कोई आपत्ति नहीं
  206. 8:45है। शेट्टी साहब [संगीत] आज पूरी क्रू
  207. 8:47मेंबर को हमारी तरफ से पार्टी है।
  208. 8:49व्यवस्था आप कर दीजिए। शौर्य की इस
  209. 8:52दरियादिली पर एक बार फिर पूरी क्रू के बीच
  210. 8:55उसके लिए तालियां बजने लगी। अगले दिन सुबह
  211. 8:589:00 बजे शिप्रा समय से होटल पैराडाइज
  212. 9:01पहुंच गई। उसने कनिका को फोन किया। मैं
  213. 9:04होटल पहुंच गई हूं। बताओ कहां आना है? तीन
  214. 9:07नंबर कैबिन में आ जाऊं। कनिका ने
  215. 9:09संक्षिप्त सा जवाब दिया। शिप्रा तीन नंबर
  216. 9:12कैबिन में पहुंची। अंदर आते ही दो दिन
  217. 9:15पहले की यादें उसकी आंखों के सामने ताजा
  218. 9:17हो गई। शिप्रा के अंदर आते ही कनिका खड़ी
  219. 9:20हुई और उससे गले मिली। उसके बाद दोनों
  220. 9:23अपनी-अपनी जगह पर आकर बैठ गई। इसी बीच
  221. 9:25वेटर अंदर आया। कनिका से आर्डर [संगीत]
  222. 9:27लिया और चला गया। कनिका ने अपने पर्स से
  223. 9:30एक कार्ड निकाला और शिप्रा की तरफ बढ़ा
  224. 9:32दिया। यह क्या है? [संगीत] शिप्रा कार्ड
  225. 9:34हाथ में लेते हुए बोली। हाथ में है। देख
  226. 9:37लो। कनिका मुस्कुराते हुए बोली। शिप्रा ने
  227. 9:40कार्ड खोला। यह उसके बर्थडे का कार्ड था।
  228. 9:43[संगीत] साथ ही उसमें उसकी इंगेजमेंट के
  229. 9:45बारे में भी बताया गया था। फाइनली
  230. 9:48तुम्हारे मन की हो गई। अब कुणाल के साथ तो
  231. 9:50खुश हो? शिप्रा ने कार्ड से अपना ध्यान
  232. 9:53हटाकर कनिका की तरफ देखते हुए पूछा। हां,
  233. 9:56सब ठीक ही है। कनिका ने सादा सा जवाब
  234. 9:59दिया। अब बताओ क्या बात है? तुमने सिर्फ
  235. 10:02कार्ड देने के लिए तो मुझे मिलने के लिए
  236. 10:04नहीं बुलाया होगा। शिप्रा कनिका को गहरी
  237. 10:06नजरों से देखते हुए बोली। वैसे उसे उम्मीद
  238. 10:09तो थी कि कनिका ने उसे क्यों बुलाया है
  239. 10:12लेकिन वह कनिका के मुंह से ही सुनना चाहती
  240. 10:14थी। कल मैं कुणाल के साथ मार्केटिंग के
  241. 10:16लिए गई थी। पता है वहां मुझे कौन मिला था?
  242. 10:19कनिका भूमिका बनाते हुए बोली कौन मिली
  243. 10:22[संगीत] थी? शिप्रा अपनी आंखें सिकोड़ते
  244. 10:25हुए बोली। कल मुझे शौर्य की छोटी बहन
  245. 10:27नीलिमा मिली थी। तुम तो उसे जानती ही
  246. 10:30होगी। कनिका की निगाहें शिप्रा के चेहरे
  247. 10:32पर ही टिकी हुई थी। हां, अच्छी तरह जानती
  248. 10:35हूं। बहुत ही प्यारी लड़की है। शिप्रा
  249. 10:38नीलिमा की तारीफ करते हुए बोली, कल नीलिमा
  250. 10:41ने शौर्य की सगाई के लिए एक जोड़ी रिंग
  251. 10:43खरीदी थी। क्या तुम्हें पता है कि शौर्य
  252. 10:45की सगाई किससे हो रही है? बोलते हुए कनिका
  253. 10:48की नजरें गहरी हो गई। क्या शौर्य की भी
  254. 10:52सगाई हो रही है? [संगीत] यह कब हुआ?
  255. 10:54शिप्रा के चेहरे पर आश्चर्य नजर आया।
  256. 10:57कनिका की निगाहें उसके चेहरे पर ही टिकी
  257. 10:59थी। शिप्रा का आश्चर्य देखकर उसे लगा कि
  258. 11:02उसे इस बारे में सच में कुछ भी पता नहीं
  259. 11:04था। फिर भी अपनी तसल्ली के लिए उसने पूछा
  260. 11:07क्या तुम्हें इस बारे में कुछ नहीं पता
  261. 11:08है? मुझे भला कैसे पता होगा? अभी दो दिन
  262. 11:12पहले ही तो तुमने उसे सगाई करने से मना
  263. 11:14किया था। फिर एक दिन में ही उसने किसके
  264. 11:16साथ सगाई पक्की कर ली और [संगीत] सबसे
  265. 11:18बड़ी बात वैसे तो वह मुझे दिखाता है कि
  266. 11:21उसे मुझसे बहुत प्यार है।
  267. 11:23[संगीत]
  268. 11:23लेकिन उसने मुझे भी अंधेरे में रखा।
  269. 11:25शिप्रा ने कनिका के सामने यह जताने में
  270. 11:27कोई कसर नहीं छोड़ी कि शौर्य ने उससे अपने
  271. 11:29प्यार का इजहार कर दिया है। इससे कनिका का
  272. 11:32विश्वास शिप्रा पर और पक्का हो गया कि उसे
  273. 11:35सच में शौर्य की सगाई के बारे में कुछ पता
  274. 11:37नहीं था। फिर अचानक शिप्रा के दिमाग में
  275. 11:39कुछ आया। वो कनिका को घूरते हुए बोली।
  276. 11:43वैसे [संगीत] इस बात से तुम्हें क्यों
  277. 11:45फर्क पड़ रहा है कि शौर्य किससे सगाई कर
  278. 11:47रहा है? कनिका कुछ पल चुप रही। फिर दुखी
  279. 11:50मन [संगीत] से बोली। सच बात तो यह है कि
  280. 11:53मुझे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ना
  281. 11:54चाहिए। लेकिन यह बात मुझे बर्दाश्त नहीं
  282. 11:57हो रही है कि आज मैंने उसको यह कहा कि मैं
  283. 12:00उससे शादी नहीं कर सकती और दूसरे दिन पता
  284. 12:02चलता है कि वो सगाई कर रहा है। तुम्हें
  285. 12:05पता है [संगीत] इस बात से मैं खुद को
  286. 12:06कितना छोटा महसूस कर रही हूं। मुझे समझ
  287. 12:09नहीं आ रहा कि तुम इस बात [संगीत] से
  288. 12:11क्यों दुखी हो। शिप्रा आश्चर्य भरे स्वर
  289. 12:13में बोली। कनिका ने गहरी सांस ली [संगीत]
  290. 12:16और अपना दर्द प्रकट करते हुए बोली। मुझे
  291. 12:19लगा था कि मैं जब उसे यह बताऊंगी कि मैंने
  292. 12:21उसे पसंद नहीं किया है [संगीत] तो वह दुखी
  293. 12:23होगा। कुछ दिन तो उसके मन पर यह चोट काबिज
  294. 12:26रहेगी कि मैंने उसे ठुकरा दिया। [संगीत]
  295. 12:29लेकिन यह पता चलने पर कि ऐसा तो कुछ भी
  296. 12:31नहीं हुआ। उल्टे उसने एक [संगीत] ही दिन
  297. 12:33में किसी दूसरी लड़की से अपनी सगाई भी
  298. 12:35पक्की कर ली। सोचो [संगीत] मेरे मन पर
  299. 12:38क्या बीत रही होगी। कनिका की आंखों में
  300. 12:40छिपा दर्द देखकर शिप्रा कुछ पल उसे देखती
  301. 12:44रह गई। लेकिन असली सवाल अभी बाकी था।
  302. 12:47[संगीत] क्या कनिका शिप्रा के चेहरे से
  303. 12:49उसकी सच्चाई तक पहुंच पाएगी? अब क्या
  304. 12:52होगा? क्या कनिका जान पाएगी कि शिप्रा ही
  305. 12:55शौर्य की पत्नी है। कहते हैं इंसान अपने
  306. 12:58दुख से उतना दुखी नहीं होता जितना अपने
  307. 13:01दुश्मन को [संगीत] सुखी देखकर होता है।
  308. 13:04कुछ ऐसा ही इन दिनों कनिका के साथ भी हो
  309. 13:06रहा था। उसे शौर्य से शादी नहीं करनी थी
  310. 13:09और वो अपने [संगीत] इस मकसद में कामयाब भी
  311. 13:12हो गई थी। लेकिन उसकी जीत की खुशी ज्यादा
  312. 13:15[संगीत] देर तक कायम नहीं रह सकी क्योंकि
  313. 13:17सिर्फ एक दिन बाद ही उसे पता चल गया कि
  314. 13:20शौर्य तो उसे [संगीत] भूलकर जिंदगी में
  315. 13:22आगे बढ़ चुका है। उसने अपने लिए किसी
  316. 13:25दूसरी लड़की को पसंद भी कर लिया था। शौर्य
  317. 13:28का इतनी आसानी से उसे भुलाकर आगे [संगीत]
  318. 13:30बढ़ जाना कनिका को ऐसा लगा जैसे उसके गाल
  319. 13:33पर जोरदार थप्पड़ पड़ा हो। जिस इंसान को
  320. 13:36उसने ठुकराया था, वही इंसान इतनी [संगीत]
  321. 13:38जल्दी उसे भूल कैसे गया? यह बात कनिका के
  322. 13:42दिल को लगातार कचोट रही थी। शिप्रा भी
  323. 13:44कनिका के इस बदले हुए व्यवहार को देखकर
  324. 13:47हैरान थी। आखिर जब सब कुछ उसके मन के
  325. 13:49मुताबिक हो गया था तो फिर वो अब भी शौर्य
  326. 13:52के बारे में इतना क्यों सोच रही है? मुझे
  327. 13:54समझ नहीं आ रहा जब [संगीत] सब कुछ
  328. 13:56तुम्हारे मन के मुताबिक हो ही गया है तो
  329. 13:58अब तुम शौर्य के बारे में इतना क्यों सोच
  330. 14:00रही हो? शिप्रा ने उसे झिड़कते हुए कहा,
  331. 14:03कनिका [संगीत] के चेहरे पर गुस्सा साफ
  332. 14:05दिखाई दे रहा था। उसने अपने दांत भीते हुए
  333. 14:08कहा, "तुम्हें नहीं पता उस कमीने ने मुझसे
  334. 14:10कैसी बात की थी।" मैंने तो सीरियसली एक
  335. 14:13बार उसके साथ सगाई करने के बारे में सोच
  336. 14:15भी लिया था। लेकिन वो कमीना [संगीत] शादी
  337. 14:17से पहले ही मेरे साथ होटल के कमरे में
  338. 14:19जाना चाहता था। उसके लिए तो आज के मॉडर्न
  339. 14:22युग में यह एक साधारण सी बात थी। क्या?
  340. 14:25कनिका की बात सुनते ही शिप्रा [संगीत] का
  341. 14:27मुंह खुला का खुला रह गया। कुछ पल के लिए
  342. 14:30तो उसे अपने कानों पर विश्वास ही नहीं
  343. 14:32हुआ। शौर्य ने कनिका से ऐसी डिमांड की थी।
  344. 14:35शिप्रा के मन में एक साथ कई सवाल उठ खड़े
  345. 14:37हुए। उसे विश्वास [संगीत] नहीं हो रहा था
  346. 14:39कि शौर्य ऐसा कुछ कर सकता है। लेकिन फिर
  347. 14:42अगले ही पल उसके मन ने दूसरा सवाल किया।
  348. 14:45कनिका आखिर उससे झूठ क्यों बोलेगी? क्या
  349. 14:48सच में शौर्य इतना कमीना था कि उसने कनिका
  350. 14:50से ऐसी डिमांड की थी। शिप्रा ने मन ही मन
  351. 14:53तय कर लिया कि इस [संगीत] बारे में वो
  352. 14:55शौर्य से जरूर पूछेगी। लेकिन अपने चेहरे
  353. 14:58पर उसने कोई भाव नहीं आने दिया। वो कनिका
  354. 15:00[संगीत] से पूरी बात जानना चाहती थी। उसने
  355. 15:03सहज बनने की कोशिश करते हुए पूछा, फिर
  356. 15:06तुमने [संगीत] क्या किया? कनिका की आंखों
  357. 15:08में उस पुराने वाक्य की नाराजगी फिर से
  358. 15:11उतर आई। मैंने उसी समय [संगीत] उसके गाल
  359. 15:13पर एक जोर का थप्पड़ रसीद कर दिया। थप्पड़
  360. 15:16खाते ही उसकी अकल ठिकाने आ गई। तुरंत हाथ
  361. 15:19जोड़कर माफी मांगने लगा। उसके बाद तो वो
  362. 15:21मेरे पैरों में गिरने को भी तैयार था।
  363. 15:23[संगीत] यहां तक कि कसम खा रहा था कि जब
  364. 15:25तक मैं नहीं चाहूंगी वो मेरे पास आने की
  365. 15:28कोशिश भी नहीं करेगा। कनिका [संगीत] के
  366. 15:30चेहरे पर शौर्य के लिए असीम नफरत थी।
  367. 15:33लेकिन उसकी बातें सुनकर शिप्रा [संगीत] के
  368. 15:35भीतर भी गुस्से की लपट उठ रही थी। उसकी
  369. 15:37मुट्ठियां अनजाने में भी गई। अगर शौर्य ने
  370. 15:41सच में ऐसा किया था तो [संगीत] वो उसे
  371. 15:43छोड़ने वाली नहीं थी। हालांकि इस समय वो
  372. 15:45कनिका के सामने कुछ जाहिर नहीं करना चाहती
  373. 15:48थी। शिप्रा ने खुद को संभालते हुए कहा जब
  374. 15:51तुमने [संगीत] उसी वक्त उसको सबक सिखा
  375. 15:53दिया था तो अब उसे भूल भी जाओ। क्यों उसे
  376. 15:56याद करके खुद को तकलीफ दे रही हो? कनिका
  377. 15:59कुछ पल चुप रही। फिर धीमे स्वर में अपनी
  378. 16:02परेशानी बताने लगी। मैं तो भूल ही गई थी।
  379. 16:05लेकिन जब लगता है कि अब उसका साया मेरे
  380. 16:08ऊपर कभी नहीं पड़ने वाला। तभी किसी ना
  381. 16:10किसी [संगीत] रूप में वो मेरे सामने हाजिर
  382. 16:12हो ही जाता है। कल की ही बात ले लो। मैं
  383. 16:15मार्केटिंग के लिए गई थी तो मुझे वहां
  384. 16:17उसकी बहन मिल गई। स्टोरीज
  385. 16:19और सबसे बड़ी बात, जो रिंग मुझे पसंद आई
  386. 16:21थी, उसी रिंग को मुझसे पहले उसकी बहन ने
  387. 16:24उसकी सगाई के लिए खरीद लिया था। कनिका की
  388. 16:27[संगीत] आवाज में शिकायत कम और पीड़ा
  389. 16:29ज्यादा थी। शिप्रा समझ रही थी कि बात
  390. 16:31सिर्फ रिंग की नहीं थी। असली चोट इस बात
  391. 16:34की थी कि जिस शौर्य को कनिका ने ठुकराया
  392. 16:37था वो इतनी जल्दी [संगीत] किसी दूसरी
  393. 16:39लड़की की तरफ बढ़ गया था। शिप्रा ने उसे
  394. 16:41सांत्वना देते हुए कहा अब छोड़ो भी उसकी
  395. 16:44बात। जितनी ज्यादा [संगीत] तुम उसकी चर्चा
  396. 16:47करोगी उतनी ही ज्यादा तुम्हें तकलीफ होगी।
  397. 16:50कनिका ने गहरी सांस ली और फिर अचानक
  398. 16:52शिप्रा की तरफ देखते हुए बोली ठीक है तुम
  399. 16:56बताओ [संगीत] तुम्हारा क्या चल रहा है
  400. 16:58मैंने तुम्हारे लिए भी परेशानी पैदा कर दी
  401. 17:00तुम्हें शौर्य के पीछे लगाकर शिप्रा हल्का
  402. 17:03सा मुस्कुराई ऐसा नहीं [संगीत] है मेरा
  403. 17:06अनुभव इतना भी बुरा नहीं रहा है मेरा तो
  404. 17:09उसके साथ पहले से ही खट्टामीठा अनुभव रहा
  405. 17:12है इसलिए मेरे लिए उसको हैंडल करना इतना
  406. 17:14भी मुश्किल नहीं है। [संगीत] शिप्रा ने
  407. 17:16जानबूझकर अपने शब्दों को ऐसा रखा था ताकि
  408. 17:18भविष्य में जब कनिका को शौर्य और उसके
  409. 17:21रिश्ते के बारे में पता चले तो उसे अपने
  410. 17:23इस बयान को लेकर कोई झूठ बोलने की जरूरत
  411. 17:26ना पड़े। [संगीत] कनिका ने शिप्रा को गौर
  412. 17:28से देखा। फिर अचानक उसने सवाल किया। क्या
  413. 17:32तुम अभी भी शौर्य के कांटेक्ट में हो?
  414. 17:34शिप्रा समझ गई कि यह सवाल साधारण नहीं था।
  415. 17:37कनिका की नजरें जैसे उसके चेहरे से कोई सच
  416. 17:40पढ़ लेना चाहती थी। शिप्रा ने संयम से
  417. 17:42जवाब दिया।
  418. 17:43[संगीत]
  419. 17:43देखो सच कहूं तो अभी मेरा मामला तुमसे
  420. 17:46जुदा है। ऐसा नहीं हो सकता ना कि एक बार
  421. 17:49उसको भरमाने के लिए उसके करीब गई [संगीत]
  422. 17:50और अब बिना किसी कारण के उससे दूर चली
  423. 17:53जाऊं। इसके लिए मुझे कोई ठोस कारण चाहिए
  424. 17:55होगा। [संगीत] कनिका ने तुरंत बात पकड़ी।
  425. 17:58क्या यह कारण काफी नहीं है कि उसने चुपके
  426. 18:00से किसी के साथ सगाई करने का फैसला कर
  427. 18:02लिया और [संगीत] तुम्हें इसकी खबर तक नहीं
  428. 18:04है? शिप्रा ने चेहरे पर कोई खास
  429. 18:06प्रतिक्रिया नहीं आने दी। यह [संगीत] तो
  430. 18:08मुझे तुमसे सुनने को मिला है। जब तक यह
  431. 18:10बात खुलकर हमारे सामने नहीं आएगी तब तक तो
  432. 18:12यह सिर्फ एक कोरी कल्पना ही है। कनिका को
  433. 18:15जैसे [संगीत] शिप्रा की बात पर यकीन ही
  434. 18:17नहीं हुआ। वो थोड़ा आगे झुकते हुए बोली
  435. 18:20क्या सच में तुम्हें [संगीत] लगता है कि
  436. 18:21यह कोरी कल्पना है? पता है उसकी बहन ने कल
  437. 18:24पूरे 16 लाख की रिंग खरीदी है। यह [संगीत]
  438. 18:27ऐसे ही तो नहीं हो सकता है। इस बार कनिका
  439. 18:30के स्वर में पूरा विश्वास था। शिप्रा के
  440. 18:32चेहरे पर अचानक हल्की सी मुस्कान आ गई।
  441. 18:34[संगीत] फिर तो बढ़िया है ना? जैसे ही यह
  442. 18:37बात सामने आएगी, मुझे उसको गलत साबित करने
  443. 18:39का मौका मिल जाएगा [संगीत] और मैं गलत भी
  444. 18:41साबित नहीं होऊंगी। कनिका को भी उसकी बात
  445. 18:44समझ में आ गई। वो कुछ पल चुप रही। फिर
  446. 18:47अपने भाई विराज के बारे में सोचते हुए
  447. 18:48बोली तुम्हें पता है [संगीत] 9 तारीख को
  448. 18:51मार्शल आर्ट चैंपियनशिप का आयोजन होने जा
  449. 18:53रहा है जिसमें स्टेट के टॉप 10 क्लब
  450. 18:56हिस्सा ले रहे हैं। समझ ही सकती हो कि
  451. 18:58इसमें विराज भाई भी पार्टिसिपेट कर रहे
  452. 19:00हैं। उन्होंने मुझे खासतौर पर तुम्हें भी
  453. 19:02इसे देखने के लिए आमंत्रित करने को कहा
  454. 19:04है। शिप्रा ने हैरानी से उसकी तरफ देखा।
  455. 19:07[संगीत] मुझे लेकिन मुझे इन सब में कहां
  456. 19:10इंटरेस्ट है? मैं तो वहां जाकर बोर ही
  457. 19:12होऊंगी। कनिका तुरंत बोली ऐसा नहीं
  458. 19:15[संगीत] है। तुम आकर तो देखना बहुत मजा
  459. 19:17आएगा। पूरे राज्य से ऐसे ऐसे धुरंधर
  460. 19:20मार्शल आर्टिस्ट इसमें पार्टिसिपेट करते
  461. 19:22हैं कि उनकी [संगीत] फाइट देखकर आंखें
  462. 19:24चकाचौंध हो जाएंगी। एक बार सामने से आकर
  463. 19:27इस फाइट को अनुभव तो करो। गारंटी [संगीत]
  464. 19:29करती हूं। फिर अगली बार खुद ही इसे देखने
  465. 19:31जाने की बात करोगी। शिप्रा ने ज्यादा
  466. 19:34दिलचस्पी ना दिखाते हुए आखिरकार हामी भर
  467. 19:36दी। अगर ऐसी बात है तो मैं कोशिश करूंगी।
  468. 19:40कनिका खुश हो गई। बहुत बढ़िया। [संगीत] अब
  469. 19:43मैं चलती हूं। तुमसे अब 9 तारीख को
  470. 19:45मुलाकात होगी। इतना कहकर कनिका अपनी जगह
  471. 19:48से उठ खड़ी हुई। वो जाने के लिए मुड़ी ही
  472. 19:50थी कि अचानक उसे कुछ याद आया। [संगीत] वो
  473. 19:53वापस पलटी और शिप्रा की तरफ देखकर बोली,
  474. 19:56हां, आयोजन शाम 7:00 बजे से शुरू होगी।
  475. 19:59इसलिए समय का ध्यान रखना। ठीक है। कनिका
  476. 20:03वहां से चली गई। शिप्रा भी होटल से निकल
  477. 20:05कर अपने ऑफिस के लिए रवाना हो गई। फैब्रिक
  478. 20:08ट्रेंड का काम करते हुए अब उसका मन लगने
  479. 20:11लगा था। [संगीत] उसने कंपनी के काम को
  480. 20:13अच्छी तरह समझ लिया था और कंपनी के लिए
  481. 20:15उठाए गए उसके कुछ कदम काफी प्रॉफिटेबल भी
  482. 20:18साबित हुए थे। अब शिप्रा [संगीत] को यह भी
  483. 20:20समझ में आ गया था कि आखिर राजा साहब ने
  484. 20:23उसे इस कंपनी का सीईओ क्यों बनाया था।
  485. 20:26क्योंकि वह शौर्य की लीगल पत्नी [संगीत]
  486. 20:28थी। इस तरह शौर्य के हिस्से की संपत्ति
  487. 20:31राजा साहब उसके जरिए [संगीत] शौर्य को
  488. 20:33सौंप रहे थे। यह सिर्फ कंपनी की
  489. 20:35जिम्मेदारी नहीं थी बल्कि एक तरह से
  490. 20:37शिप्रा के लिए शौर्य के परिवार में उसकी
  491. 20:40एक्सेप्टेंस [संगीत] भी थी। मतलब राजा
  492. 20:43साहब ने शिप्रा को अपने परिवार की बहू के
  493. 20:45रूप में स्वीकार कर लिया था। इसलिए शिप्रा
  494. 20:47[संगीत] को इससे कोई आपत्ति भी नहीं थी।
  495. 20:50बल्कि अब इस कंपनी के लिए काम करते हुए
  496. 20:53उसके मन में भावना ऐसी हो गई [संगीत] थी
  497. 20:55जैसे वह अपनी ही कंपनी के लिए काम कर रही
  498. 20:57हो। पिछले दिनों स्वर्णा जी ने अशोक
  499. 21:00सोलंकी के [संगीत] प्रपोजल को एक्सेप्ट
  500. 21:02करने का दबाव भी शिप्रा पर बनाया था।
  501. 21:04लेकिन शिप्रा ने अशोक सोलंकी की कंपनी
  502. 21:06[संगीत] के साथ काम करने से साफ मना कर
  503. 21:08दिया था। स्वर्णलत्ता जी ने राजा साहब के
  504. 21:10जरिए भी कोशिश की कि उनके दबाव में आकर
  505. 21:13शिप्रा उनकी बात [संगीत] मान जाए। लेकिन
  506. 21:15राजा साहब ने भी यह फैसला पूरी तरह शिप्रा
  507. 21:18के ऊपर छोड़ दिया। इस तरह स्वर्णलत्ता जी
  508. 21:20का शिप्रा पर कोई जोर नहीं चला। नतीजा यह
  509. 21:23[संगीत] निकला कि अब शिप्रा उन्हें और भी
  510. 21:25ज्यादा खटकने लगी थी। अब तो वह किसी भी
  511. 21:27तरह शिप्रा [संगीत] को इस कंपनी से
  512. 21:29निकलवाना चाहती थी। लेकिन इन सब बातों से
  513. 21:31बेखबर शिप्रा ऑफिस जाते हुए सिर्फ शौर्य
  514. 21:34के बारे में सोच रही थी। [संगीत] बार-बार
  515. 21:36कनिका की कही हुई बात उसके दिमाग में घूम
  516. 21:38रही थी। शौर्य ने [संगीत] उसे होटल के
  517. 21:40कमरे में चलने के लिए कहा था। यह ख्याल
  518. 21:43आते ही शिप्रा की मुट्ठियां भी गई। अगर
  519. 21:46शौर्य शूटिंग के लिए गया हुआ नहीं होता तो
  520. 21:48वो उसकी आज अच्छी तरह खबर लेती। अचानक
  521. 21:50उसके दिमाग में एक बात [संगीत] आई। शौर्य
  522. 21:53की शूटिंग तो विशालगढ़ के पास ही कहीं हो
  523. 21:55रही थी। तो क्यों ना वो बिना कोई सूचना
  524. 21:57दिए सीधे [संगीत] वहां पहुंच जाए। इस
  525. 21:59विचार के आते ही उसके चेहरे पर एक अलग ही
  526. 22:02भाव आ गया। आज ऑफिस खत्म करने के बाद वो
  527. 22:04सीधे शौर्य के पास जाएगी। लेकिन एक समस्या
  528. 22:07थी। उसे पता कैसे चलेगा कि शौर्य कहां
  529. 22:09ठहरा हुआ है? अचानक उसे कुछ याद आया और
  530. 22:12उसने तुरंत विक्रम को फोन लगा दिया।
  531. 22:14[संगीत] विक्रम ने फोन उठाया। हेलो विक्रम
  532. 22:16भैया। क्या आपको पता है कि शौर्य की
  533. 22:19शूटिंग कहां हो रही है? शिप्रा ने बिना
  534. 22:21किसी हाय हेलो के सीधे सवाल किया। शिप्रा
  535. 22:24का सवाल सुनकर विक्रम थोड़ा हिचकिचाया।
  536. 22:26शिप्रा ने तुरंत सफाई दी। दरअसल मैं उसे
  537. 22:29सरप्राइज़ देना चाहती हूं। इसलिए मैं उसे
  538. 22:31बिना [संगीत] बताए वहां जाना चाहती हूं।
  539. 22:33इसी वजह से मैंने आपको फोन किया है।
  540. 22:35शिप्रा की बात सुनकर विक्रम की हिचकिचाहट
  541. 22:38खत्म हो गई। उसने बताया [संगीत] विस्टा
  542. 22:40वैली में शूटिंग हो रही है। यहां से करीब
  543. 22:4265-70 कि.मी. की दूरी पर है। शिप्रा ने
  544. 22:45तुरंत अगला सवाल किया और वो ठहरा हुआ कहां
  545. 22:48है? विक्रम [संगीत] ने एक पल रुक कर जवाब
  546. 22:50दिया होटल ग्रैंड विस्टा में रूम नंबर 701
  547. 22:54शिप्रा के चेहरे [संगीत] पर हल्की मुस्कान
  548. 22:56आ गई थैंक यू भैया प्लीज आप शौर्य को
  549. 22:59बताइएगा नहीं ठीक है फोन कटते ही शिप्रा
  550. 23:02ने अपने मोबाइल [संगीत] में Google मैप
  551. 23:04खोला और होटल ग्रैंड विस्टा की लोकेशन
  552. 23:06सर्च कर ली अगले ही पल मैप पर लोकेशन
  553. 23:08[संगीत] सामने थी यहां से दूरी करीब 62
  554. 23:10किमी थी शिप्रा ने मन ही मन फैसला कर लिया
  555. 23:14आज रात वो शौर्य की अच्छी तरह खबर लेगी
  556. 23:17हालांकि उसके मन में एक चिंता भी थी। हो
  557. 23:19सकता है शूटिंग यूनिट के बाकी लोग भी उसी
  558. 23:22होटल में ठहरे हो। अगर वो वहां पहुंच गई
  559. 23:24और किसी ने उसे शौर्य के कमरे में देख
  560. 23:26लिया तो कहीं उनका रिश्ता पब्लिक ना हो
  561. 23:28जाए। कुछ सोचने के बाद उसने तय किया कि वो
  562. 23:31थोड़ा देर से जाएगी ताकि उस वक्त तक शायद
  563. 23:34होटल के ज्यादातर लोग सो चुके हो। उसे
  564. 23:36अपना विचार सही लगा [संगीत] और यह सोचते
  565. 23:39ही कि आज रात वो शौर्य के पास जाएगी। उसका
  566. 23:41हाथ अनजाने में अंगड़ाई लेने की मुद्रा
  567. 23:43में ऊपर [संगीत] उठ गया। अचानक उसे अपनी
  568. 23:45गलती का एहसास हुआ। वो इस वक्त कार चला
  569. 23:48रही थी। उसने झटके से दोनों हाथ स्टीयरिंग
  570. 23:50पर जमा दिए। यह मैं क्या करने [संगीत] जा
  571. 23:52रही थी? उसके मन में खुद से ही सवाल उठा।
  572. 23:55क्या वो शौर्य से रोमांस करने जा रही थी?
  573. 23:58नहीं। [संगीत] वो तो उसे सबक सिखाने जा
  574. 24:00रही थी। आखिर उसने कनिका के साथ ऐसी गलत
  575. 24:03हरकत करने की कोशिश कैसे की? इस ख्याल के
  576. 24:06साथ शिप्रा अपने चेहरे पर सख्ती ले आई और
  577. 24:08कार ऑफिस की तरफ बढ़ाती रही। [संगीत] कुछ
  578. 24:10देर बाद वो अपने ऑफिस पहुंच गई और फिर काम
  579. 24:12में बिजी हो गई। दूसरी तरफ शौर्य अपनी
  580. 24:15शूटिंग में व्यस्त था। आज शूटिंग का दूसरा
  581. 24:18दिन था। [संगीत] मानना पड़ेगा रत्नाकर
  582. 24:20शेट्टी ने प्री प्रोडक्शन का काम इतने
  583. 24:22बेहतरीन तरीके से किया था कि उन्हें यह तय
  584. 24:24करने में बिल्कुल समय नहीं लग रहा [संगीत]
  585. 24:26था कि किस हिस्से की शूटिंग कब करनी है।
  586. 24:28उन्होंने काम का डिस्ट्रीब्यूशन इतनी
  587. 24:30अच्छी तरह किया था कि एक लोकेशन पर मौजूद
  588. 24:32सारे सीन वहीं [संगीत] एक साथ पूरे किए जा
  589. 24:35रहे थे ताकि दोबारा उस लोकेशन पर शूटिंग
  590. 24:37के लिए वापस ना आना पड़े। इससे काम की गति
  591. 24:40काफी [संगीत] बढ़ गई थी। शौर्य को भी अब
  592. 24:43लगने लगा था कि जिस काम के लिए उसने
  593. 24:45रत्नाकर शेट्टी [संगीत] को 10 दिन दिए थे,
  594. 24:47वह शायद 8 दिन में ही पूरा हो जाएगा और
  595. 24:50शौर्य इस बात से काफी खुश था। आखिरकार आज
  596. 24:53दूसरे दिन की शूटिंग भी खत्म हो गई। शौर्य
  597. 24:56रत्नाकर शेट्टी के साथ वापस होटल आ गया।
  598. 24:59रत्नाकर शेट्टी शौर्य के साथ इसलिए आया था
  599. 25:02ताकि अगले दिन होने वाली शूटिंग का
  600. 25:04डिस्कशन वह पहले ही शौर्य के साथ कर ले और
  601. 25:06उसे यह भी समझा दे कि वह उससे क्या चाहता
  602. 25:09है। इससे शौर्य को भी काफी मदद मिल जाती
  603. 25:11थी। शौर्य रत्नाकर शेट्टी से काफी
  604. 25:14प्रभावित हो चुका था। उन्हें अपने काम की
  605. 25:16बारीकियों की इतनी अच्छी समझ थी कि वह हर
  606. 25:19एक पहलू के बारे में पहले से ही विचार कर
  607. 25:21लेते थे। ऐसा लग रहा था जैसे उन्होंने
  608. 25:24पूरी फिल्म पहले ही टेबल पर तैयार कर ली
  609. 25:26हो। अब बस उसे अमली जामा पहनाने का काम
  610. 25:29बाकी था। जब रत्नाकर शेट्टी और शौर्य होटल
  611. 25:32में दाखिल हुए उस समय करीब 10:00 बजने
  612. 25:34वाले थे। होटल के लाउंज में शिप्रा पहले
  613. 25:37से ही वेटिंग एरिया में उसका इंतजार कर
  614. 25:39रही थी। इस समय शिप्रा येलो समर फ्लोरल
  615. 25:42रेगुलर ड्रेस में किसी परी की तरह [संगीत]
  616. 25:43लग रही थी। हालांकि उसने अपने चेहरे पर
  617. 25:46मास्क लगा रखा था। लेकिन जैसे ही उसकी नजर
  618. 25:48शौर्य के साथ रत्नाकर शेट्टी पर पड़ी,
  619. 25:51उसके चेहरे की खुशी अचानक गायब हो गई। वो
  620. 25:54चुपचाप उन्हें देखती [संगीत] रही। शायद
  621. 25:56उसे उम्मीद थी कि रत्नाकर शेट्टी थोड़ी
  622. 25:58देर में वापस चले जाएंगे लेकिन ऐसा नहीं
  623. 26:01हुआ। शौर्य और रत्नाकर शेट्टी लिफ्ट में
  624. 26:04दाखिल हुए और ऊपर चले गए। शिप्रा ने करीब
  625. 26:0710 मिनट और [संगीत] इंतजार किया। उसके मन
  626. 26:10में एक ख्याल आया। शायद रत्नाकर शेट्टी का
  627. 26:12कमरा भी इसी फ्लोर पर हो और वह ऊपर जाकर
  628. 26:15सीधे अपने कमरे में चले गए हो। अब नीचे
  629. 26:17बैठकर इंतजार करने का कोई फायदा नहीं था।
  630. 26:20शिप्रा भी लिफ्ट में दाखिल हुई। कुछ ही
  631. 26:22देर बाद वो सातवीं मंजिल पर पहुंच गई। वो
  632. 26:25लिफ्ट से बाहर निकली तो एक पल के लिए वहीं
  633. 26:27खड़ी रह गई। अब क्या करें? सीधे शौर्य के
  634. 26:31कमरे की बेल बजाए या रत्नाकर शेट्टी के
  635. 26:33बाहर आने का इंतजार करें? इन्हीं सवालों
  636. 26:36के बीच उसकी नजर गैलरी के आखिरी कॉर्नर पर
  637. 26:38पड़ी। वहीं 701 नंबर कमरा था। शिप्रा
  638. 26:42धीरे-धीरे उस तरफ बढ़ने लगी। उसका दिल भी
  639. 26:45अब पहले से तेज धड़क रहा था। वो अभी सोच
  640. 26:48ही रही थी कि बेल बजाए या नहीं कि [संगीत]
  641. 26:50तभी अचानक 701 का दरवाजा खुल गया। शिप्रा
  642. 26:53एक पल के लिए चौंकी। उसने तुरंत खुद को
  643. 26:56संभाला और बिना देर किए 701 के [संगीत]
  644. 26:58ठीक सामने मौजूद 711 नंबर कमरे के दरवाजे
  645. 27:01के पास जाकर खड़ी हो गई। उसने अपना पर्स
  646. 27:04टटोलना शुरू कर दिया जैसे वो इसी कमरे की
  647. 27:06चाबी [संगीत] तलाश रही हो। उसी वक्त
  648. 27:08रत्नाकर शेट्टी के साथ शौर्य भी कमरे से
  649. 27:11बाहर निकला। शौर्य ने जाते-जाते [संगीत]
  650. 27:13उचटती निगाह शिप्रा पर डाली। मांस की वजह
  651. 27:16से वो उसे पहचान नहीं पाया। शिप्रा ने भी
  652. 27:18अपना चेहरा नीचे कर लिया। रत्नाकर शेट्टी
  653. 27:21और शौर्य लिफ्ट की तरफ बढ़ने लगे। शौर्य
  654. 27:24शायद रत्नाकर शेट्टी को लिफ्ट तक छोड़ने
  655. 27:26जा रहा था। उसे वापस अपने कमरे में आना ही
  656. 27:29था इसलिए उसने [संगीत] कमरे का दरवाजा बंद
  657. 27:31नहीं किया था। लिफ्ट की तरफ बढ़ते हुए
  658. 27:33दोनों आपस में बातचीत कर रहे थे। शिप्रा
  659. 27:36ने उन्हें अपनी ओर से पूरी तरह [संगीत]
  660. 27:37दूर जाते देखा। उसकी नजरें कुछ पल तक
  661. 27:40शौर्य की पीठ पर टिकी रही। फिर उसने धीरे
  662. 27:43से 701 की तरफ देखा। दरवाजा [संगीत] अब भी
  663. 27:46खुला था। उसके चेहरे पर एक शरारती मुस्कान
  664. 27:49आ गई। उसने बिना कोई आवाज किए तेजी से कदम
  665. 27:52बढ़ाए और अगले ही पल [संगीत] शौर्य के
  666. 27:54कमरे के अंदर दाखिल हो गई। दरवाजा उसने
  667. 27:57धीरे से अपने पीछे खींच लिया। कमरे के
  668. 28:00अंदर आते ही शिप्रा के चेहरे पर अपनी
  669. 28:02[संगीत] इस कामयाबी की खुशी साफ दिखाई दे
  670. 28:04रही थी। वो आखिरकार शौर्य के कमरे में
  671. 28:07पहुंच चुकी थी। लेकिन उसे [संगीत] अभी
  672. 28:09क्या पता था कि जिस कमरे में वो शौर्य को
  673. 28:11सबक सिखाने के इरादे से चोरी छिपे दाखिल
  674. 28:14हुई है। उसी कमरे में कुछ ही देर बाद ऐसा
  675. 28:17क्या होने वाला है जो शायद शिप्रा के सारे
  676. 28:19हिसाब किताब उलट-पुलट कर देगा। क्या होगा
  677. 28:22शौर्य का रिएक्शन [संगीत] जब वो अपने कमरे
  678. 28:24में शिप्रा को मौजूद देखेगा। क्या शिप्रा
  679. 28:27शौर्य को कनिका वाली बात [संगीत] पर जमकर
  680. 28:29सबक सिखाएगी या फिर हालात कुछ ऐसे पलटेंगे
  681. 28:32कि खुद शिप्रा को ही शौर्य से माफी मांगनी
  682. 28:34पड़ेगी। [संगीत]
  683. 28:36और 9 तारीख की मार्शल आर्ट चैंपियनशिप में
  684. 28:38आखिर ऐसा क्या होने वाला है?
  685. 28:40गाइस एक छोटी सी इंफॉर्मेशन अगर आप इस
  686. 28:43स्टोरी के आने वाले एपिसोड्स या पुराने
  687. 28:46एपिसोड सुनना चाहते हैं तो हमारे tlegram
  688. 28:49चैनल K2 के स्टोरीज को ज्वाइन कर लो।
  689. 28:52स्क्रीन पर दिख रहा क्यूआर कोड स्कैन करके
  690. 28:54या चैनल के मोर में लिंक है और इस वीडियो
  691. 28:57के कमेंट में दिए लिंक से ज्वाइन कर सकते
  692. 28:59हैं। Telegram पर हमने काफी वायरल स्टोरी
  693. 29:02सीरीज ऐड करके स्टोरीज। बिल्कुल एपिसोड एक
  694. 29:05से एपिसोड कंप्लीट होने तक जो अभी ऑनगोइंग
  695. 29:08है उनके एपिसोड आते ही डाल देता हूं या
  696. 29:10फिर आप कोई कस्टम स्टोरी ऐड कराना चाहते
  697. 29:12हो तो वह भी फ्री ऑफ कॉस्ट हो जाइएगा और
  698. 29:15हमारे सभी एपिसोड फ्री होते हैं तो देर मत
  699. 29:18कीजिए अभी के2 के स्टोरीज को ज्वाइन कर
  700. 29:21लीजिए
  701. 29:22शिप्रा अपनी कामयाबी पर बहुत खुश थी उसने
  702. 29:25एक नजर कमरे में दौड़ाई [संगीत] कमरा बहुत
  703. 29:28बड़ा था और बेहद खूबसूरत ढंग से सजा हुआ
  704. 29:30था कमरे के अंदर आते ही शिप्रा सोफे पर
  705. 29:34जाकर बैठ गई। सोफा कमरे में इस तरह रखा
  706. 29:36हुआ था कि अंदर आते ही किसी की नजर उस पर
  707. 29:39बैठे व्यक्ति पर नहीं पड़ सकती थी। तभी
  708. 29:42दरवाजा खुलने की आवाज आई। अगले ही पल
  709. 29:44शौर्य कमरे के अंदर आया। वो बेड पर जाकर
  710. 29:47बैठा और इंटरकॉम उठाकर होटल में फोन लगा
  711. 29:50दिया। उसने अपने लिए खाने का आर्डर किया।
  712. 29:53अभी वो फोन रखने ही वाला था कि तभी उसके
  713. 29:55कानों में आवाज पड़ी। मैं भी हूं [संगीत]
  714. 29:58और मुझे भी खाना है। इसलिए दो लोगों का
  715. 30:00खाना मंगवाओ। फोन का रिसीवर शौर्य के हाथ
  716. 30:03से छूटते-छूटते बचा। उसने घबराकर आवाज की
  717. 30:06दिशा में देखा तो सामने सोफे पर बैठी
  718. 30:08शिप्रा एक टक [संगीत] उसी को देख रही थी।
  719. 30:11शौर्य को यह समझने में कुछ पल लग गए कि
  720. 30:13उसके सामने सचमुच शिप्रा ही बैठी हुई थी।
  721. 30:16उसने पहले अपना आर्डर रिवाइज करके दो
  722. 30:18लोगों का किया और फिर फोन रखने के बाद
  723. 30:20शिप्रा की
  724. 30:21[संगीत]
  725. 30:21ओर देखते हुए बोला। तुम्हारा इरादा क्या?
  726. 30:24मुझे हार्ट अटैक देने का था जो यूं अचानक
  727. 30:26भूत की तरह टपक पड़ी। इरादा तो मेरा इससे
  728. 30:29भी खतरनाक है पर पहले खाना खा लूं क्योंकि
  729. 30:32मुझे भी तेज भूख लगी है। शिप्रा के चेहरे
  730. 30:35के भाव पूरी तरह उदासीन थे। शौर्य उठकर
  731. 30:38आया और शिप्रा के पास सोफे पर बैठ गया।
  732. 30:40उसने शिप्रा का हाथ अपने हाथ में ले लिया।
  733. 30:43पर अगले ही पल शिप्रा ने उसके हाथ से अपना
  734. 30:45हाथ खींच लिया और रूखे स्वर में बोली। मैं
  735. 30:48यहां तुमसे [संगीत] प्यार जताने नहीं आई
  736. 30:50हूं जो तुम मेरा हाथ यूं थाम रहे हो। ठीक
  737. 30:53है। तुम्हें नहीं जताना है तो मत जताओ। पर
  738. 30:55मुझे तो चाहिए। मैं तो अपनी खूबसूरत बीवी
  739. 30:58के पास रहते हुए भी उससे दूर नहीं रह
  740. 31:00सकता। शौर्य ने शिप्रा का हाथ दोबारा
  741. 31:03पकड़ते हुए कहा। शिप्रा ने फिर से अपना
  742. 31:06हाथ छुड़ाने की कोशिश की। लेकिन शौर्य की
  743. 31:08मजबूत पकड़ से वो अपना हाथ नहीं छुड़ा
  744. 31:10पाई। देखो [संगीत] जान क्यों फालतू में
  745. 31:13अपनी एनर्जी वेस्ट कर रही हो। तुम्हारी जो
  746. 31:15भी शिकायत होगी मैं सुनता हूं ना। पर
  747. 31:18मुझसे दूर होने की कोशिश मत करो। शिप्रा
  748. 31:20ने दूसरी बार शौर्य [संगीत] के मुंह से
  749. 31:22अपने लिए जान शब्द सुना था। उसके दिल में
  750. 31:25एक गुदगुदी सी हुई [संगीत] लेकिन उसने
  751. 31:27अपने दिल के उन उद्गारों को चेहरे पर नहीं
  752. 31:29आने दिया। अभी भी अपने हाथ को शौर्य की
  753. 31:32पकड़ से छुड़ाने का प्रयास करते [संगीत]
  754. 31:33हुए वो चुप रही। शौर्य को समझ नहीं आ रहा
  755. 31:36था कि जब वो शूटिंग के लिए आया था तब तो
  756. 31:39उन दोनों के बीच सब कुछ बढ़िया था। फिर एक
  757. 31:42ही दिन में अचानक ऐसा क्या हो गया कि
  758. 31:43शिप्रा उससे नाराज हो गई। उसने याद करने
  759. 31:46की कोशिश की कि हाल फिलहाल [संगीत] में
  760. 31:48उसने ऐसा क्या किया था जिससे शिप्रा नाराज
  761. 31:50हो सकती थी। लेकिन उसे कुछ समझ नहीं आया।
  762. 31:53[संगीत]
  763. 31:53तुम्हें मुझसे दूर ही रहना था तो तुम यहां
  764. 31:56आई क्यों? शौर्य सोफे पर अपना एक पैर ऊपर
  765. 31:59[संगीत] करके शिप्रा की तरफ घूमते हुए
  766. 32:01बोला, "तुमसे प्यार जताने तो नहीं ही आई
  767. 32:03हूं।" शिप्रा अपना चेहरा दूसरी तरफ फेरते
  768. 32:06हुए बोली, [संगीत] "क्या तुम बताओगी कि
  769. 32:09फिर तुम यहां क्यों आई हो?" अगर तुम्हें
  770. 32:11मुझसे लड़ाई ही करनी थी, तो मेरे वापस आने
  771. 32:13का इंतजार कर लेती। शौर्य उसकी आंखों में
  772. 32:16देखते हुए बोला, वो तो मैं बताऊंगी ही कि
  773. 32:19मैं यहां क्यों आई हूं। अभी शिप्रा आगे
  774. 32:22कुछ बोलती तभी कमरे की कॉल बेल बजने लगी।
  775. 32:25शौर्य को लगा कि शायद वेटर उसका खाना लेकर
  776. 32:27आ गया है। वो उठकर दरवाजे तक गया और
  777. 32:30दरवाजा खोल दिया। सामने वेटर [संगीत] एक
  778. 32:33ट्रॉली खींचते हुए कमरे के अंदर आया। उसने
  779. 32:36टेबल के पास जाकर उस [संगीत] पर दो
  780. 32:37प्लेटों में खाना लगाया और फिर वहां से
  781. 32:39चला गया। शौर्य आकर चेयर पर बैठ गया और
  782. 32:42शिप्रा की ओर देखते हुए बोला। आकर पहले
  783. 32:45खाना खा लो। फिर अपनी शिकायतें करती रहना।
  784. 32:48शिप्रा भी आकर अपनी चेयर पर बैठ गई। वो
  785. 32:51खामोशी से खाना खाने लगी। किसी बच्चे की
  786. 32:54तरह उसका [संगीत] मुंह फूला हुआ था। शौर्य
  787. 32:56के चेहरे पर हल्की सी मुस्कुराहट आ गई।
  788. 32:59कुछ सोच कर उसने पूछा, तुम्हें पता कैसे
  789. 33:02चला कि मैं यहां ठहरा हुआ हूं? यहां तक
  790. 33:05[संगीत] कि तुम्हें मेरा कमरा भी पता है?
  791. 33:07किसने तुम्हें बताया? लेकिन शिप्रा ने
  792. 33:09शौर्य की इस बात का कोई जवाब [संगीत] नहीं
  793. 33:11दिया। वो अपना खाना खाने में ही व्यस्त
  794. 33:14रही। जब शिप्रा से कोई जवाब नहीं मिला तो
  795. 33:16शौर्य ने अपना फोन निकालते हुए कहा जरूर
  796. 33:20यह काम विक्रम का ही होगा। मुझे उसकी खबर
  797. 33:22लेनी पड़ेगी। मुझसे बिना पूछे किसी
  798. 33:24[संगीत] को भी मेरी जानकारी दे देता है।
  799. 33:27शौर्य अभी विक्रम को फोन लगाने ही वाला था
  800. 33:30कि शिप्रा ने झपट कर उसके हाथ से फोन
  801. 33:32[संगीत] छीन लिया।
  802. 33:32के टू के स्टोर
  803. 33:33कोई जरूरत नहीं है उन्हें फोन करने की।
  804. 33:35तुम कुछ बताओगे नहीं तो मुझे कहीं से तो
  805. 33:37पता करना पड़ेगा। ओह हेलो। तुमने मुझसे कब
  806. 33:41पूछा कि मैं कहां ठहरा हुआ हूं और मैंने
  807. 33:42तुम्हें नहीं बताया।
  808. 33:44शौर्य अपना मोबाइल वापस लेने के लिए हाथ
  809. 33:46बढ़ाते हुए बोला, "मुझे विक्रम से पूछना
  810. 33:49ज्यादा आसान लगा। इसलिए मैंने उनसे पूछ
  811. 33:51लिया। फिर तुम्हें तकलीफ क्यों है कि
  812. 33:53मैंने यह बात विक्रम भैया से पूछ ली?
  813. 33:55तुम्हें तो मुझसे यह बात छुपानी भी नहीं
  814. 33:57थी ना? तो फिर क्या फर्क पड़ता है कि
  815. 33:59मैंने यह कैसे पता किया? शिप्रा व्यंग भरे
  816. 34:02स्वर में बोली। फिर भी मुझे उससे पूछना तो
  817. 34:05पड़ेगा। अगर वो किसी को मेरी जानकारी देता
  818. 34:08है तो कम से कम मुझे इनफॉर्म तो करना
  819. 34:10चाहिए ना। शौर्य शिप्रा से अपना फोन देने
  820. 34:12का इशारा करते हुए बोला, "पह तुम प्रॉमिस
  821. 34:15करो कि तुम इस बारे में विक्रम भैया से
  822. 34:17कुछ नहीं पूछोगे।" शिप्रा फोन वाला हाथ
  823. 34:20पीछे करते हुए बोली, "मैं कोई प्रॉमिस
  824. 34:22नहीं करता।" "तुम तो मुझसे यहां लड़ने आई
  825. 34:25हो तो फिर मैं तुम्हारी बात क्यों मानूं?"
  826. 34:27शौर्य ने भी तंज भरे स्वर [संगीत] में
  827. 34:29जवाब दिया। शिप्रा को शौर्य से ऐसे जवाब
  828. 34:32की उम्मीद नहीं थी। वो नाराजगी भरे चेहरे
  829. 34:34के साथ उसे घूरने लगी। तुम्हारे ऐसे घूरने
  830. 34:38से मैं डरने वाला नहीं हूं।
  831. 34:39[संगीत]
  832. 34:39मुझे अपना फोन चाहिए। शौर्य शिप्रा के और
  833. 34:42करीब होता हुआ बोला। मैंने कहा ना अगर तुम
  834. 34:46विक्रम भैया से कुछ नहीं बोलोगे [संगीत]
  835. 34:47तभी मैं फोन तुम्हें वापस करूंगी। शिप्रा
  836. 34:50एक बार फिर दृढ़ स्वर में बोली। शौर्य कुछ
  837. 34:53पल शिप्रा की तरफ देखता रहा। फिर धीरे से
  838. 34:56बोला। ठीक है मैं विक्रम को कॉल नहीं
  839. 34:59करूंगा। मेरा फोन वापस करो। शिप्रा ने एक
  840. 35:03पल के लिए शौर्य के चेहरे के भावों को गौर
  841. 35:05से देखा और [संगीत] फिर मोबाइल उसे वापस
  842. 35:07कर दिया। इसके बाद दोनों ने शांति से खाना
  843. 35:10खाया। जब तक खाना खत्म नहीं हो गया, दोनों
  844. 35:12में से किसी ने एक दूसरे से कुछ नहीं कहा।
  845. 35:15खाना खाने के बाद शिप्रा वापस सोफे पर
  846. 35:17जाकर बैठ गई। शौर्य उसके सामने वाले सोफे
  847. 35:20पर जाकर बैठ गया। [संगीत] इस बार उसने
  848. 35:22शिप्रा के पास बैठने की कोई कोशिश नहीं
  849. 35:24की। ठीक है। अब बताओ। तुम यहां इतनी रात
  850. 35:28को किस लिए आई हो? शौर्य भावहीन स्वर में
  851. 35:31बोला। जो शिप्रा अभी कुछ देर पहले शौर्य
  852. 35:34को खुद से दूर कर रही थी। अब उसे शौर्य का
  853. 35:36इतनी दूर बैठकर खुद से बात करना अच्छा
  854. 35:38नहीं लग रहा था। उसने अपने चेहरे के भाव
  855. 35:41सामान्य करते हुए कहा, यहां सोफे पर आ
  856. 35:44जाओ। यहीं बैठकर बात करते हैं। शिप्रा
  857. 35:47सोफे पर एक किनारे खिसकते हुए बोली, कोई
  858. 35:50बात नहीं, मैं यहीं ठीक हूं। तुम बोलो,
  859. 35:54तुम यहां यूं अचानक कैसे ऐसे आ गई? कुछ पल
  860. 35:57पहले शौर्य के चेहरे पर जो शिप्रा को लेकर
  861. 35:59शरारत थी, वो अब पूरी तरह गायब हो चुकी
  862. 36:02थी। शौर्य का यह उदासीन रवैया देखकर
  863. 36:04शिप्रा को बुरा लगा।
  864. 36:06उसे महसूस हुआ कि शायद वह शौर्य के साथ
  865. 36:09कुछ ज्यादा ही रूढ़ हो जाती है। वो सोफे
  866. 36:11से उठी और बेड पर शौर्य के करीब जाकर बैठ
  867. 36:14गई। शिप्रा के बेड पर बैठते ही शौर्य
  868. 36:17[संगीत] थोड़ा खिसक कर पीछे हो गया।
  869. 36:19शिप्रा ने उसकी तरफ देखते हुए पूछा।
  870. 36:22तुम्हें पता है? आज कनिका मुझसे मिली थी?
  871. 36:26तो क्या कहा उसने? शौर्य को लगने लगा कि
  872. 36:29जरूर कनिका ने ही कुछ कहा होगा। तभी
  873. 36:31शिप्रा उसके साथ लड़ने के मूड में आई है।
  874. 36:34जब वो तुमसे मिलने आई थी तो तुम दोनों के
  875. 36:36बीच क्या बातें हुई थी? शिप्रा गौर से
  876. 36:39शौर्य के चेहरे को देखते हुए बोली। वो
  877. 36:41उसके चेहरे के भाव पढ़ने की कोशिश कर रही
  878. 36:43थी। यह भी तुम ही बता दो। कनिका ने तो
  879. 36:46तुम्हें बताया ही होगा। शौर्य लापरवाह
  880. 36:49अंदाज में बोला। कुछ पल की खामोशी के बाद
  881. 36:52शिप्रा हिचकिचाते हुए बोली। क्या तुमने
  882. 36:55कनिका को तुम्हारे साथ होटल के कमरे में
  883. 36:57चलने के लिए कहा था?
  884. 36:59तो यह बात है। इसके गुस्से का कारण यही
  885. 37:01है। शौर्य ने मन ही मन सोचा और फिर बोला,
  886. 37:05हां, मैंने कहा था। शौर्य की बात सुनकर
  887. 37:08शिप्रा के चेहरे पर अविश्वास के भाव उभर
  888. 37:11आए। क्या कहा? तुमने कनिका को तुम्हारे
  889. 37:14साथ होटल के कमरे में जाने को कहा। हां,
  890. 37:18साथ में मैंने यह भी कहा था कि आज के
  891. 37:20मॉडर्न जमाने में तो यह आम बात है। शौर्य
  892. 37:23ने बिना घबराए पूरी बात बता दी। जबकि
  893. 37:25शिप्रा के दिमाग में बस यही चल रहा था। यह
  894. 37:28कितना बेशर्म है। कितनी ढिठाई से अपनी बात
  895. 37:31कबूल भी [संगीत] कर रहा है। तुम्हें पता
  896. 37:33है कि तुम क्या बोल रहे हो? शिप्रा को
  897. 37:35अपना दिल बैठता सा महसूस हुआ। वही जो
  898. 37:37तुमने सुना है। कनिका [संगीत] ने तुमसे जो
  899. 37:39बात कही है वो सच है। उसने तो मुझे इस बात
  900. 37:42पर थप्पड़ भी जड़ दिया था। तुमने [संगीत]
  901. 37:44उस दिन मेरे गाल पर थप्पड़ का निशान देखा
  902. 37:45भी था। शौर्य ने बिना किसी झिझक के अपनी
  903. 37:48बात कही। तुम तो अभी भी इस बात को कितने
  904. 37:50गर्व से कबूल कर रहे हो। जैसे कितना बड़ा
  905. 37:52काम किया है। शिप्रा शौर्य पर तंज कसते
  906. 37:55हुए बोली। तो तुम ही बताओ कि उस समय मुझे
  907. 37:57क्या करना चाहिए था। शौर्य को शिप्रा के
  908. 37:59चेहरे की उड़ती रंगत देखकर बुरा लगा।
  909. 38:01लेकिन उसके दिमाग से गलतफहमी निकालने के
  910. 38:03लिए यह [संगीत] बात करना जरूरी था। ऐसा तो
  911. 38:06नहीं ही बोलना चाहिए था जैसा तुमने उससे
  912. 38:08कहा। बोलते हुए शिप्रा के चेहरे पर कठोरता
  913. 38:10आ गई। अगर ऐसा नहीं बोलता तो क्या होता?
  914. 38:13शौर्य [संगीत] के चेहरे पर बोलते हुए
  915. 38:14मुस्कान आ गई। क्या होता यह भी तुम ही बता
  916. 38:17दो। शिप्रा व्यंग [संगीत] से बोली,
  917. 38:19तुम्हें पता है उस दिन कनिका मुझसे क्या
  918. 38:21सोच कर मिलने आई थी? शौर्य उसकी आंखों में
  919. 38:24देखते हुए बोला। शिप्रा को ध्यान आया कि
  920. 38:26कनिका ने कहा था कि वह तो शौर्य से सगाई
  921. 38:28करने को तैयार [संगीत] भी हो गई थी। लेकिन
  922. 38:30शौर्य की घटिया सोच ने उसके दिल में उसके
  923. 38:32लिए नफरत भर दी। अचानक शिप्रा के दिमाग को
  924. 38:34जैसे एक झटका [संगीत] लगा। शौर्य आगे
  925. 38:36बोला, तुम्हें पता होना चाहिए कि उस दिन
  926. 38:38कनिका तैयार होकर आई थी कि वह मुझसे शादी
  927. 38:41करने को तैयार है। मैं इतने दिनों से जो
  928. 38:43प्रयास कर रहा था कि वह अपनी तरफ से इस
  929. 38:45रिश्ते से इंकार कर दे। मेरी सारी कोशिशें
  930. 38:47बेकार हो गई थी। उस आखिरी समय में मेरे
  931. 38:50दिमाग ने सही से काम किया और मैंने उससे
  932. 38:52डिमांड कर दी [संगीत] कि जब हम शादी करने
  933. 38:54ही जा रहे हैं तो क्यों ना कुछ अच्छे पल
  934. 38:56साथ में बिताएं। मैंने उसे ऑफर किया कि
  935. 38:58अगर वह तैयार हो जाए तो इसी होटल में मैं
  936. 39:00अपने लिए एक [संगीत] कमरा बुक कर सकता
  937. 39:02हूं। इतने दिनों में मैं उसके बारे में
  938. 39:03इतना तो समझ ही गया था कि आजकल के जमाने
  939. 39:06की होने के बाद भी वह [संगीत] कुछ बातों
  940. 39:08को लेकर रूढ़िवादी सोच रखती है। जैसे ही
  941. 39:10मैंने उसे प्रपोजल दिया और थोड़ा सा उसके
  942. 39:12पास जाने की कोशिश की। नतीजा यह हुआ कि
  943. 39:15मेरे गाल पर उसका झन्नाटेदार थप्पड़ पड़ा।
  944. 39:17एक मिनट भी नहीं बीता था कि मुझसे [संगीत]
  945. 39:19शादी करने का जो प्लान बनाकर वह आई थी,
  946. 39:21उसे भी तोड़कर चली गई। इतना ही नहीं मुझे
  947. 39:24आगे के लिए धमका कर गई कि मैं कभी उसके
  948. 39:26सामने आने की कोशिश ना करूं। [संगीत]
  949. 39:28शौर्य ने विस्तार से शिप्रा को अपनी पूरी
  950. 39:30बात बता दी। शिप्रा को अब समझ आ गया था कि
  951. 39:32शौर्य ने कनिका से होटल के कमरे में चलने
  952. 39:34के लिए क्यों कहा था। उसे अपनी ही बेवकूफी
  953. 39:36पर तरस आया कि इतनी छोटी सी बात उसकी समझ
  954. 39:39में क्यों नहीं आई। वह शौर्य से आंखें
  955. 39:41मिलाने का साहस नहीं कर पाई। शौर्य उसकी
  956. 39:43मनस्थिति समझ पा रहा था। अब उसने भी थोड़ा
  957. 39:46शिप्रा को छेड़ने का मन बना लिया। वह बेड
  958. 39:48से खड़ा होते हुए बोला, "तुम्हारी बात
  959. 39:50शायद समाप्त हो गई है या अभी भी कुछ पूछने
  960. 39:52को रह गया है। मुझे लगता है कि तुम्हें
  961. 39:55शायद वापस भी जाना होगा। तो चलो, मैं नीचे
  962. 39:57चलकर तुम्हें छोड़ आता हूं। शौर्य ने यह
  963. 40:00बात बेहद उदासीन भाव से कही। शिप्रा की
  964. 40:02भौहें उठ गई। वह हैरानी से शौर्य को देखने
  965. 40:05लगी और उसके करीब जाकर बोली, "क्या
  966. 40:07[संगीत] अभी? इतनी रात को मैं वापस कहां
  967. 40:09जाऊंगी?" मैं अभी कहीं नहीं जा रही। तो
  968. 40:11फिर तुम कहां ठहरोगी? मुझे उम्मीद है मुझ
  969. 40:14जैसे कमीने के साथ तो तुम रूम शेयर नहीं
  970. 40:16करोगी। चलो [संगीत] चलकर तुम्हारे लिए
  971. 40:18दूसरा कमरा बुक कर देता हूं। शौर्य दरवाजे
  972. 40:21की तरफ इशारा करते हुए बोला। शिप्रा समझ
  973. 40:23गई कि शौर्य अब उससे बदला ले रहा है। वह
  974. 40:26उसके सामने अपने कान पकड़ कर खड़ी हो गई
  975. 40:28और मासूम सा चेहरा बनाकर बोली सॉरी। शौर्य
  976. 40:31ने एक नजर शिप्रा की तरफ देखा और फिर पीछे
  977. 40:33हटते हुए बोला, "अगर तुम यहीं रहना चाहती
  978. 40:36हो तो ठीक है। तुम सोफे के ऊपर सो सकती
  979. 40:38हो।" शिप्रा की आंखें बड़ी हो गई। उसने
  980. 40:41सोचा क्या सच में वह सोफे पर सोएगी?
  981. 40:43[संगीत]
  982. 40:43तभी उसने देखा कि शौर्य जाकर बेड पर बैठ
  983. 40:46गया था। वह भी जाकर उसके पास बैठ गई।
  984. 40:48शिप्रा को सामने बैठते देखकर शौर्य खिसक
  985. 40:50कर थोड़ा पीछे हो गया। शिप्रा ने कहा,
  986. 40:53"मेरे पास चेंज करने के लिए कपड़े नहीं
  987. 40:55है। मैं तुम्हारी इसमें कोई मदद नहीं कर
  988. 40:57सकता। मेरे पास लेडीज के कोई कपड़े नहीं
  989. 40:59है। शौर्य अपनी नजरें चुराते हुए बोला,
  990. 41:02"तुम्हारे पास तुम्हारा तो नाइट ड्रेस
  991. 41:04एक्स्ट्रा होगा। मैं वह पहन सकती हूं।"
  992. 41:06कहती हुई शिप्रा ने शौर्य का हाथ थाम
  993. 41:08लिया।
  994. 41:09[संगीत]
  995. 41:09शौर्य ने झटके से अपना हाथ वापस खींच लिया
  996. 41:13और अलमारी की ओर इशारा करते हुए बोला
  997. 41:15[संगीत]
  998. 41:15उसमें देख लो जो पसंद आए वो पहन लो।
  999. 41:18शिप्रा ने अलमारी में से शौर्य का ही एक
  1000. 41:20नाइट ड्रेस निकाला और बाथरूम [संगीत] में
  1001. 41:22चली गई। कुछ पल बाद वो बाथरूम से बाहर
  1002. 41:25निकली। उसने शौर्य की नाइट ड्रेस की शर्ट
  1003. 41:28तो पहन ली थी लेकिन नीचे की पजामी नहीं
  1004. 41:30पहनी थी। [संगीत]
  1005. 41:31शर्ट भी उसके शरीर पर बहुत ढीली थी और
  1006. 41:34उसके टकनों तक आ रही थी। पजामी शायद
  1007. 41:36ज्यादा ही ढीली थी। इसलिए शिप्रा ने उसे
  1008. 41:39पहना ही नहीं। वो चलती हुई शौर्य के सामने
  1009. 41:41आकर खड़ी हो गई। शौर्य की नजर शिप्रा पर
  1010. 41:44जाकर ठहर गई। उसे अपना गला सूखता हुआ
  1011. 41:47महसूस हुआ। उसने शिप्रा के घुटनों की तरफ
  1012. 41:50देखते हुए पूछा, [संगीत]
  1013. 41:51पजामी कहां गई? वो ज्यादा ही ढीली थी
  1014. 41:54इसलिए आई नहीं। शिप्रा शौर्य के सामने तन
  1015. 41:57कर खड़ी होते हुए बोली। [संगीत] शौर्य
  1016. 41:59उससे ज्यादा देर तक आंखें नहीं मिला सका।
  1017. 42:02उसने तुरंत अपनी नजर दूसरी तरफ फेर ली।
  1018. 42:05शिप्रा ने शरारत से मुस्कुराते हुए कहा,
  1019. 42:08"यह तुम कहां देख रहे हो?" मेरी तरफ देखकर
  1020. 42:10तो बताओ कि यह ड्रेस ठीक है या नहीं या
  1021. 42:13इसको भी उतार दूं? क्या? शौर्य का मुंह
  1022. 42:16खुला रह गया। तुम इसको भी उतारने की बात
  1023. 42:19कर रही हो? क्या फर्क पड़ता है? यहां
  1024. 42:22हमारे अलावा कोई और तो है नहीं। [संगीत]
  1025. 42:24तुमने कौन सा पहले मुझे बिना कपड़ों के
  1026. 42:26नहीं देखा है? शिप्रा लापरवाही से बोली।
  1027. 42:30नहीं नहीं यह ठीक है। तुम जाकर सोफे पर सो
  1028. 42:33जाओ। शौर्य ने शिप्रा से अपनी नजरें हटाते
  1029. 42:35हुए कहा, तो क्या तुम इस रात को ऐसे ही
  1030. 42:38बर्बाद करने वाले हो? शिप्रा शौर्य के
  1031. 42:41एकदम पास जाकर बोली। शौर्य पीछे हटना
  1032. 42:44चाहता था। लेकिन शिप्रा ने उसका हाथ पकड़
  1033. 42:46कर अपने गाल पर रख लिया। दूसरे हाथ से
  1034. 42:49अपना कान पकड़ते हुए वो मासूमियत [संगीत]
  1035. 42:51से बोली। सॉरी बोल तो रही हूं ना? अब माफ
  1036. 42:54कर दो। शौर्य उससे और ज्यादा बेरुखी नहीं
  1037. 42:58दिखा [संगीत] पाया। उसने शिप्रा को खींच
  1038. 43:00कर अपनी बाहों में भर लिया। अब सवाल यह था
  1039. 43:03कि आगे क्या होगा? क्या होगा जब शौर्य
  1040. 43:06मार्शल आर्ट चैंपियनशिप में जाएगा? शिप्रा
  1041. 43:08और शौर्य का रिश्ता क्या यूं ही अटूट
  1042. 43:10रहेगा [संगीत] या आने वाला है कोई ऐसा
  1043. 43:12तूफान जो दोनों की जिंदगी हमेशा कहते हैं
  1044. 43:16समय किसी के लिए नहीं रुकता। दिन बीतते गए
  1045. 43:19[संगीत] और हर कोई अपनी-अपनी जिंदगी में
  1046. 43:21व्यस्त होता चला गया। शौर्य अपनी शूटिंग
  1047. 43:23में व्यस्त रहा। शिप्रा अपने काम में लगी
  1048. 43:26रही [संगीत] और कनिका कुणाल अपनी सगाई की
  1049. 43:28तैयारियों में। लेकिन इस भागती हुई जिंदगी
  1050. 43:30के बीच एक ऐसा दिन भी आ गया जिसका [संगीत]
  1051. 43:33इंतजार ना जाने कितने लोगों को था। आज
  1052. 43:36होने वाला था मार्शल आर्ट चैंपियनशिप का
  1053. 43:39सबसे बड़ा मुकाबला। शौर्य ने रत्नाकर
  1054. 43:41शेट्टी से बात करके अपनी शूटिंग समय से
  1055. 43:44पहले पूरी करवा ली थी।
  1056. 43:45शूटिंग खत्म होते ही वो ग्रैंड विस्टा से
  1057. 43:47सीधे ब्रह्मा स्टेडियम के लिए निकल पड़ा।
  1058. 43:50उधर ब्रह्मा स्टेडियम कई घंटों पहले ही
  1059. 43:52दर्शकों से खचाखच भर चुका था। चारों तरफ
  1060. 43:55शोर [संगीत] था, उत्साह था और एक अजीब सी
  1061. 43:58बेचैनी थी। ऐसा लग रहा था जैसे कोई खेल
  1062. 44:01नहीं बल्कि कोई बहुत बड़ा उत्सव होने वाला
  1063. 44:03हो। टिकट की कीमत अच्छी खासी थी। लेकिन
  1064. 44:06इसके बावजूद स्टेडियम के बाहर से लेकर
  1065. 44:08अंदर तक लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा था।
  1066. 44:10फाइट में हिस्सा लेने वाले अलग-अलग क्लबों
  1067. 44:13के लड़कों के बैठने के लिए अलग-अलग
  1068. 44:14[संगीत] गलियारे बनाए गए थे। उनके पीछे
  1069. 44:17टिकट लेकर आए दर्शकों के बैठने की
  1070. 44:19व्यवस्था थी। जिस गलियारे [संगीत] को जिस
  1071. 44:21क्लब के लिए अलॉट किया गया था, उसके सामने
  1072. 44:23उसी क्लब का नाम साफ-साफ लिखा हुआ था।
  1073. 44:26शैडो बॉक्सर क्लब के लड़के अपनी जगह संभाल
  1074. 44:28[संगीत] चुके थे। वहीं आयरन फिस्ट क्लब भी
  1075. 44:30इस चैंपियनशिप का हिस्सा था और उसकी तरफ
  1076. 44:33से विराज उनका मेन फाइटर था। विराज भी
  1077. 44:36अपने क्लब के लिए अलॉटेड गैलरी में आकर
  1078. 44:38बैठ चुका था। अपनी पहुंच की वजह से उसके
  1079. 44:40भाई-बहन भी उसी गैलरी के पीछे वाली रो में
  1080. 44:42क्लब के लड़कों के साथ बैठे हुए थे। करण,
  1081. 44:46नंदिनी, कनिका [संगीत] और रुद्र। सबकी
  1082. 44:49निगाहें अब उस जगह पर थी जहां कुछ ही देर
  1083. 44:51बाद मुकाबला शुरू होने वाला था। विराज ने
  1084. 44:54एक बार कनिका की तरफ देखा। [संगीत] फिर
  1085. 44:56अचानक उससे पूछा, "तुम्हारी दोस्त शिप्रा
  1086. 44:59अभी तक नहीं आई?" कनिका ने स्टेडियम के
  1087. 45:01गेट की तरफ देखा। मैं फोन करके पूछती हूं।
  1088. 45:04उसने तुरंत अपना फोन निकाला और शिप्रा का
  1089. 45:06नंबर डायल कर दिया। कुछ ही सेकंड बाद
  1090. 45:09दूसरी तरफ से शिप्रा ने फोन उठा लिया।
  1091. 45:11कनिका ने बिना समय गवाए पूछा। [संगीत]
  1092. 45:14कहां रह गई तुम? अब कुछ ही देर में फाइट
  1093. 45:16शुरू होने वाली है और तुम्हारा अभी तक कोई
  1094. 45:18पता नहीं है। शिप्रा ने जल्दी से जवाब
  1095. 45:20दिया। बस 5 मिनट अभी आ रही हूं। कनिका ने
  1096. 45:24शोर के बीच अपनी आवाज साफ सुनाने के लिए
  1097. 45:26एक हाथ से अपना मुंह ढक लिया। तुम
  1098. 45:29स्टेडियम पहुंचकर फोन करना। मैं [संगीत]
  1099. 45:30तुम्हें लेने बाहर आ जाऊंगी। अंदर आने के
  1100. 45:32लिए पास की जरूरत होगी। शिप्रा ने बिना
  1101. 45:35ज्यादा कुछ सोचे जवाब दिया। अगर ऐसा है तो
  1102. 45:38तुम आ ही जाओ। मैं तो बस पहुंच ही [संगीत]
  1103. 45:40गई हूं। कनिका ने फोन रख दिया। शिप्रा
  1104. 45:43स्टेडियम के अंदर पहुंच चुकी थी और अगले
  1105. 45:45ही पल उसकी नजर किसी ऐसे शख्स पर पड़ने
  1106. 45:47[संगीत] वाली थी जिसकी यहां मौजूदगी की
  1107. 45:49उसने कल्पना तक नहीं की थी। शिप्रा की कार
  1108. 45:52स्टेडियम के अंदर दाखिल हुई ही थी [संगीत]
  1109. 45:54कि अचानक उसकी नजर एक जाने पहचाने चेहरे
  1110. 45:56पर जाकर टिक गई। उसने तुरंत कार धीमी कर
  1111. 45:59दी। वो चेहरा दूर से साफ दिखाई नहीं दे
  1112. 46:02रहा था। लेकिन जैसे ही शिप्रा की नजर उस
  1113. 46:04शख्स पर पूरी तरह पड़ी, [संगीत]
  1114. 46:06उसके चेहरे के भाव बदल गए। उसके होठों से
  1115. 46:08अनायास ही निकला। शौर्य और यहां शौर्य एक
  1116. 46:13टैक्सी से बाहर निकल रहा था। वो टैक्सी
  1117. 46:15वाले को पेमेंट कर रहा था और उसे जरा भी
  1118. 46:17अंदाजा नहीं था कि कुछ ही दूरी पर खड़ी
  1119. 46:19शिप्रा की नजर उस पर पड़ चुकी है। शिप्रा
  1120. 46:22ने तुरंत अपनी कार के लिए खाली जगह देखी
  1121. 46:24और उसे पार्क [संगीत] कर दिया। अगले ही पल
  1122. 46:26वो तेज कदमों से शौर्य की तरफ बढ़ गई।
  1123. 46:29शौर्य ने टैक्सी वाले को पेमेंट [संगीत]
  1124. 46:31किया और जैसे ही पीछे पलटा उसके सामने
  1125. 46:33शिप्रा खड़ी थी। दोनों हाथ बांधे हुए
  1126. 46:36[संगीत] चेहरे पर साफ गुस्सा। शौर्य एक पल
  1127. 46:39के लिए जैसे जम सा गया उसे बिल्कुल उम्मीद
  1128. 46:41नहीं थी कि इस तरह [संगीत] अचानक उसका
  1129. 46:43सामना शिप्रा से हो जाएगा। उसने तुरंत
  1130. 46:46नजरें उठाकर आसपास देखा जैसे वो यह
  1131. 46:48सुनिश्चित [संगीत] करना चाहता हो कि कोई
  1132. 46:50उन्हें देख तो नहीं रहा। लेकिन वहां
  1133. 46:52शिप्रा के अलावा उसे कोई जाना पहचाना
  1134. 46:54चेहरा नजर नहीं आया। शिप्रा ने उसकी
  1135. 46:57घबराहट भांप ली। उसने रूखे स्वर में पूछा।
  1136. 47:00तुम बताओगे कि तुम यहां कैसे हो? तुम तो
  1137. 47:02अपनी शूटिंग पर थे ना? शौर्य ने तुरंत
  1138. 47:04सफाई दी। अरे अभी मैं सीधा वहीं [संगीत]
  1139. 47:07से तो आ रहा हूं। शिप्रा ने आंखें तड़ दी।
  1140. 47:11वो तो ठीक है कि तुम वहीं से आ रहे हो।
  1141. 47:13लेकिन अगर तुम्हें यहां आना ही था तो
  1142. 47:14तुमने मुझे पहले बताया क्यों नहीं? शौर्य
  1143. 47:17ने हल्की झुंझुलाहट के साथ कहा, "अब क्या
  1144. 47:19तुम मुझसे इस बात पर भी लड़ोगी?" "अरे यार,
  1145. 47:22एक क्लब है जिसमें मेरे कुछ दोस्त हैं।"
  1146. 47:24वो आज की फाइट में हिस्सा ले रहे हैं।
  1147. 47:26उन्होंने आने की जिद की इसलिए मुझे आना
  1148. 47:29पड़ा। फिर अचानक उसकी नजर शिप्रा पर गई।
  1149. 47:32वो खुद से सवाल करने लगा। जब शिप्रा यहां
  1150. 47:34आ सकती है तो वो यहां क्यों नहीं हो सकता?
  1151. 47:37उसने तुरंत पूछा मुझे तो बोल रही हो कि
  1152. 47:40मैं यहां तुम्हें बिना बताए आ गया। लेकिन
  1153. 47:42तुमने भी तो मुझे नहीं बताया था कि तुम
  1154. 47:44यहां आने वाली हो। शिप्रा ने शिकायत भरे
  1155. 47:46लहजे में कहा। वो इसलिए [संगीत] क्योंकि
  1156. 47:48मैं तो यहीं थी। तुम बाहर गए हुए थे ना।
  1157. 47:51मैं तो यह सोच ही नहीं सकती थी कि तुम शहर
  1158. 47:53में आने वाले हो। अगर [संगीत] मुझे पहले
  1159. 47:55से पता होता कि तुम आने वाले हो तो मैं
  1160. 47:57अपनी प्लानिंग उसी हिसाब से करती। वो एक
  1161. 48:00पल के लिए रुकी। [संगीत] फिर उसकी आवाज
  1162. 48:02में उलझन साफ नजर आने लगी। मुझे इस बात से
  1163. 48:05थोड़ी शिकायत है कि तुम क्यों आए? अगर
  1164. 48:07मुझे पहले से पता होता तो मैं फिर किसी और
  1165. 48:10के साथ क्यों जाती। अब समझ नहीं आ रहा कि
  1166. 48:12कनिका को कैसे मना करूं कि मैं उसके साथ
  1167. 48:14नहीं जा सकती। शौर्य उसकी बात समझ चुका
  1168. 48:17था। असल परेशानी यह नहीं थी कि वो [संगीत]
  1169. 48:19यहां क्यों आया था। परेशानी यह थी कि
  1170. 48:22शिप्रा उसके साथ समय बिताना चाहती थी। 5
  1171. 48:25दिनों बाद दोनों मिले थे। और अब इतने पास
  1172. 48:28होने [संगीत] के बाद भी दोनों एक दूसरे से
  1173. 48:30गले नहीं मिल सकते थे। शौर्य का मन हुआ कि
  1174. 48:33वह बिना [संगीत] कुछ सोचे शिप्रा को अपनी
  1175. 48:34बाहों में भर ले। लेकिन आसपास मौजूद लोगों
  1176. 48:37की भीड़ देखकर [संगीत] उसकी हिम्मत नहीं
  1177. 48:39हुई। शिप्रा ने बेचैनी से पूछा। अब तुम ही
  1178. 48:43कोई रास्ता बताओ [संगीत] कि मैं कनिका को
  1179. 48:44कैसे मना करूं कि मैं उसके साथ नहीं जा
  1180. 48:47सकती। शौर्य ने उसे समझाते हुए कहा लेकिन
  1181. 48:50तुमको मना क्यों करना है?
  1182. 48:52तुमको कनिका के साथ ही जाना चाहिए। शिप्रा
  1183. 48:54के चेहरे पर तुरंत नाराजगी [संगीत] आ गई।
  1184. 48:57एक तो आज पांच दिनों के बाद मिले हो और
  1185. 48:59उसके बाद भी मुझसे [संगीत] दूर जाने की
  1186. 49:01सोच रहे हो। तुम्हारा कभी मन भी करता है
  1187. 49:03कि तुम मेरे साथ कुछ क्वालिटी टाइम
  1188. 49:05बिताऊं? शौर्य ने उसका हाथ पकड़ लिया।
  1189. 49:08क्यों नहीं करता? आज मौका [संगीत] मिला है
  1190. 49:10तो फाइट खत्म होने के बाद कल सुबह तक
  1191. 49:12तुम्हारे साथ ही तो रहूंगा। शिप्रा ने
  1192. 49:15उसकी बाह में अपनी बाहें फंसा ली। लेकिन
  1193. 49:17तब [संगीत] तक मैं कनिका और उसके भाइयों
  1194. 49:19को कैसे झेलूंगी? और यह जानने के बाद कि
  1195. 49:22तुम यहीं आसपास हो। शौर्य के चेहरे पर
  1196. 49:24शरारती मुस्कान आ गई। कुछ नहीं होता। मुझे
  1197. 49:28भी शैडो बॉक्सर क्लब के साथ होना है। उस
  1198. 49:30समय तुम्हारा मेरे साथ होना ठीक भी नहीं
  1199. 49:32है। इसलिए हम फाइट खत्म होने के बाद
  1200. 49:34मिलेंगे। वैसे भी मैं कार लेकर नहीं आया
  1201. 49:37हूं और तुम्हें भी तो एक ड्राइवर चाहिए
  1202. 49:39होगा। शिप्रा ने उसे घूरा। हा ये इतना भी
  1203. 49:43फनी नहीं था कि इस बात पर और ज्यादा हंस
  1204. 49:45सकूं। शिप्रा अभी और कुछ कहती कि तभी उसका
  1205. 49:48[संगीत] फोन बज उठा। उसने स्क्रीन की तरफ
  1206. 49:51देखा। कनिका का नाम देखकर उसके चेहरे के
  1207. 49:54भाव अचानक बदल गए। उसने तुरंत शौर्य की
  1208. 49:56[संगीत] बाह छोड़ दी और बेचैनी से इधर-उधर
  1209. 49:58देखने लगी। शौर्य चौंक गया। क्या हुआ?
  1210. 50:02तुमने अचानक [संगीत] मेरा हाथ क्यों छोड़
  1211. 50:04दिया? शिप्रा ने धीमी आवाज में कहा, कनिका
  1212. 50:07मुझे ढूंढती [संगीत] हुई यहीं कहीं है।
  1213. 50:09उसने अगर हम दोनों की नजदीकी देख ली तो
  1214. 50:12प्रॉब्लम तुम्हें ही होगी। शौर्य ने
  1215. 50:14[संगीत] तुरंत तंज कसा। मुझे भला क्यों
  1216. 50:16प्रॉब्लम होगी? तुम सच क्यों नहीं बोलती
  1217. 50:19कि तुम खुद उसकी नजरों में शरीफ दिखना
  1218. 50:20[संगीत] चाहती हो इसलिए मुझे छोड़कर दूर
  1219. 50:22हो गई। शिप्रा की आंखों में चुनौती चमक
  1220. 50:25उठी। अच्छा तो तुम यह कह रहे हो कि
  1221. 50:28तुम्हें इस बात से कोई प्रॉब्लम नहीं है।
  1222. 50:30[संगीत] यह मैं अपने लिए कर रही हूं तो
  1223. 50:32फिर ठीक है। मुझे क्या पड़ी है किसी को
  1224. 50:34कुछ गलत दिखाने की? जब तुम्हें कोई दिक्कत
  1225. 50:37ही [संगीत] नहीं है तो फिर मैं क्यों
  1226. 50:38तुमसे दूर होने का दिखावा करूं? इतना कहकर
  1227. 50:41उसने दोबारा [संगीत] शौर्य की बाह पकड़
  1228. 50:43ली। अब तो वो अगर आ भी जाती है तब भी मैं
  1229. 50:46तुम्हारी बाह नहीं छोडूंगी। शौर्य उसे
  1230. 50:48देखकर हैरान रह गया। लेकिन अगले ही पल
  1231. 50:51उसने जल्दी से अपनी बाह छुड़ा ली। मैं मान
  1232. 50:54गया तुम [संगीत] सही में बहुत तेज हो। अभी
  1233. 50:57मैं यह रिस्क नहीं ले सकता। बस कुछ दिनों
  1234. 50:59की बात है। उसके बाद तो तुम अगर चाहोगी भी
  1235. 51:02तब भी मैं तुम्हें नहीं छोडूंगा। शिप्रा
  1236. 51:04के चेहरे पर शरारती मुस्कान फैल गई। वो
  1237. 51:07शौर्य के सामने आकर उसका रास्ता रोकते
  1238. 51:09[संगीत] हुए बोली। बस इतने में ही निकल गई
  1239. 51:12हवा। अगर मेरा बस चलता तो मैं सारी दुनिया
  1240. 51:15को चीख-चीख कर कहती [संगीत] यह देख लो यह
  1241. 51:18मेरा पति है। कोई इसकी तरफ भूल कर भी अपनी
  1242. 51:21नजर मत उठाना। शौर्य उसे देखता रह गया।
  1243. 51:25उसकी बातों [संगीत] ने उसके दिल को छू
  1244. 51:27लिया था। लेकिन उसी पल उसे यह भी महसूस
  1245. 51:30हुआ कि उसकी वजह से शिप्रा को अपने ही
  1246. 51:33रिश्ते को छिपाने का इतना बड़ा ड्रामा
  1247. 51:35करना पड़ रहा था। वो भावुक होकर बोला,
  1248. 51:38"सॉरी, तुम्हें मेरे कारण यह सब ड्रामा
  1249. 51:40करना पड़ रहा है। शिप्रा भी भावुक हो गई।
  1250. 51:44यह तुम्हारे कारण नहीं है। यह हमारे लिए
  1251. 51:46है। और फिर मैंने तो कुछ भी नहीं किया है।
  1252. 51:49तुमने जितना मेरे लिए सहा है, उसके सामने
  1253. 51:51तो यह कुछ भी नहीं है। कुछ पल के लिए
  1254. 51:54दोनों के बीच खामोशी छा गई। आसपास हजारों
  1255. 51:57लोगों का शोर [संगीत] था। लेकिन उस पल
  1256. 51:59जैसे दोनों को कुछ सुनाई नहीं दे रहा था।
  1257. 52:01शौर्य अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पा
  1258. 52:04रहा था। वो शिप्रा को देखते हुए धीरे से
  1259. 52:06बोला, "मेरा मन अभी तुम्हें अपनी बाहों
  1260. 52:09में भर लेने का कर रहा है।" शिप्रा के
  1261. 52:11होठों पर मुस्कान आई। उसने शौर्य को
  1262. 52:14चुनौती दी। मुझे इससे कोई दिक्कत नहीं है।
  1263. 52:16मैं तो तैयार हूं। क्या तुम में इतनी
  1264. 52:18[संगीत] हिम्मत है कि तुम मुझे यहां सबके
  1265. 52:20सामने अपनी बाहों में भर सको। शौर्य समझ
  1266. 52:23गया था कि शिप्रा जानबूझकर उसे उकसा
  1267. 52:25[संगीत] रही है। उसे पता था कि शौर्य यहां
  1268. 52:28सबके सामने ऐसा कुछ नहीं कर सकता। शौर्य
  1269. 52:31ने खुद को संभालते हुए कहा, तुम बहुत तेज
  1270. 52:33हो। तुम्हें पता है कि मैं अभी ऐसा कुछ भी
  1271. 52:36नहीं कर सकता। इसलिए तुम मुझे चैलेंज कर
  1272. 52:38रही हो। कोई बात नहीं, मेरा भी समय
  1273. 52:41[संगीत] आएगा। शिप्रा एक कदम उसकी तरफ
  1274. 52:43बढ़ी। कोई बात नहीं। अगर तुम ऐसा नहीं कर
  1275. 52:46सकते तो मुझे बोलो। मैं अपनी तरफ से यह
  1276. 52:49काम कर देती हूं। शौर्य तुरंत एक कदम पीछे
  1277. 52:52हट गया। [संगीत] उसे सच में डर लग गया था
  1278. 52:54कि कहीं शिप्रा सबके सामने उसे अपनी बाहों
  1279. 52:56में ना भर ले। शिप्रा ने उसे देखकर ताना
  1280. 52:59मारा। खुद में तो हिम्मत है नहीं और मुझसे
  1281. 53:02बड़ी-बड़ी बातें करते रहते हो। तभी शौर्य
  1282. 53:06का फोन बज उठा। स्क्रीन पर जहांगीर खान का
  1283. 53:08नाम था। शौर्य ने तुरंत फोन उठाया। मैं
  1284. 53:11स्टेडियम के बाहर ही हूं मास्टर। अंदर
  1285. 53:13[संगीत] कैसे आना है? मेरे पास तो कुछ है
  1286. 53:15नहीं। दूसरी तरफ से जहांगीर खान की आवाज
  1287. 53:18आई। मैं अभी रुबिया को बाहर भेजता हूं।
  1288. 53:21[संगीत] वो तुम्हें लेकर अंदर आ जाएगी।
  1289. 53:23शौर्य ने फोन रख दिया। शिप्रा उसकी बात
  1290. 53:25सुन चुकी थी। उसने उत्सुकता से पूछा,
  1291. 53:28किसका फोन था? शैडो बॉक्सर क्लब के मास्टर
  1292. 53:31का। वो किसी को बाहर भेज रहे हैं मुझे
  1293. 53:33अंदर ले जाने के लिए। [संगीत]
  1294. 53:35शौर्य ने सहजता से जवाब दिया। लेकिन दोनों
  1295. 53:38में से किसी ने ध्यान नहीं दिया कि कनिका
  1296. 53:40का फोन शिप्रा के मोबाइल पर दोबारा आकर कट
  1297. 53:42चुका था। शिप्रा ने फोन की तरफ देखा। मुझे
  1298. 53:46लगता है कि कनिका भी मुझे ढूंढ रही होगी।
  1299. 53:48मैंने उसका फोन भी नहीं उठाया। और तभी
  1300. 53:51जैसे उसकी बात सच होने का इंतजार कर रही
  1301. 53:54हो। कनिका अचानक उनके सामने आकर खड़ी हो
  1302. 53:56गई।
  1303. 53:56के टू के
  1304. 53:57तुम मेरा फोन क्यों नहीं उठा रही? शिप्रा
  1305. 54:00कुछ कह पाती उससे पहले ही कनिका की नजर
  1306. 54:02[संगीत] शौर्य पर पड़ी। उसकी आंखें सिकुड़
  1307. 54:04गई। कुछ सेकंड तक वो बिना पलक झपकाए शौर्य
  1308. 54:07को देखती रही। फिर उसके मुंह से निकला। यह
  1309. 54:10यहां क्या कर रहा है? शौर्य ने तुरंत अपने
  1310. 54:13चेहरे पर एक सामान्य मुस्कान लाई। [संगीत]
  1311. 54:15हेलो कैसी हो तुम? कई दिनों के बाद तुमसे
  1312. 54:18मिलना हुआ। कनिका ने उसकी मुस्कान का कोई
  1313. 54:21जवाब नहीं दिया। [संगीत] उसकी निगाहें अभी
  1314. 54:23भी शौर्य पर टिकी थी। तुम यहां क्या कर
  1315. 54:26रहे हो? शौर्य ने हल्के अंदाज में कहा,
  1316. 54:29"क्यों? मेरे यहां आने पर प्रतिबंध लगा
  1317. 54:31हुआ है क्या जो मैं यहां नहीं आ सकता?
  1318. 54:33लगता है तुम अभी भी मुझ पर गुस्सा हो
  1319. 54:35[संगीत] इसलिए ऐसा बोल रही हो।" कनिका ने
  1320. 54:37व्यंग से कहा, "तुम इस लायक नहीं हो कि
  1321. 54:40मैं तुम पर गुस्सा करके बेवजह अपनी एनर्जी
  1322. 54:42वेस्ट करूं।" शौर्य ने बात संभालने
  1323. 54:44[संगीत] की कोशिश की। यह गुस्सा ही तो है
  1324. 54:47जो तुम ऐसे बात कर रही हो। अब तो तुम्हारी
  1325. 54:49शादी कुणाल के साथ फिक्स हो गई है। मुझसे
  1326. 54:52ऐसे गुस्सा करके [संगीत] तुम्हें कुछ
  1327. 54:53मिलने से तो रहा। अब कम से कम एक दोस्त की
  1328. 54:55तरह व्यवहार तो कर सकते हैं। लेकिन कनिका
  1329. 54:58का गुस्सा कम नहीं हुआ। उसने तमतमा
  1330. 55:00[संगीत] कर कहा। मुझे ऐसे घटिया दोस्त की
  1331. 55:03कोई जरूरत नहीं है। फिर उसने शिप्रा की
  1332. 55:05[संगीत] तरफ देखा। तुम इसे यहां लेकर
  1333. 55:07क्यों चली आई हो? इस आदमी को देखते ही
  1334. 55:09मेरा पारा हाई हो जाता है। शौर्य ने तुरंत
  1335. 55:12सफाई दी। मुझे यह [संगीत] यहां लेकर नहीं
  1336. 55:15आई है। मैं तो यहां अकेला आया हूं। शिप्रा
  1337. 55:18तो मुझे अचानक यहां मिल गई। [संगीत] कनिका
  1338. 55:20ने शिप्रा का हाथ पकड़ लिया। तुम चलो यहां
  1339. 55:23से। शिप्रा ने पीछे मुड़कर शौर्य की तरफ
  1340. 55:25देखा। उसके चेहरे [संगीत] पर संकोच था।
  1341. 55:28लेकिन इसे यहां अकेले छोड़कर जाना ठीक है
  1342. 55:31क्या? कनिका ने शौर्य को तिरछी नजरों
  1343. 55:33[संगीत] से देखा। क्या तुम इसे यहां लेकर
  1344. 55:35आई हो? नहीं ना? तो फिर तुम इसकी चिंता
  1345. 55:38क्यों करती हो? शिप्रा कुछ कहती उससे पहले
  1346. 55:41कनिका की नजर अचानक किसी और पर जा [संगीत]
  1347. 55:44टिक गई। एक लड़की तेज कदमों से शौर्य की
  1348. 55:46तरफ आ रही थी। कनिका ने बाहे से कूड़ ली।
  1349. 55:49वो लड़की कौन थी और वो सीधे शौर्य की तरफ
  1350. 55:52क्यों आ रही थी? अगले ही पल वो लड़की
  1351. 55:54[संगीत] शौर्य के पास पहुंची। उसने बिना
  1352. 55:56किसी झिझक के शौर्य का हाथ पकड़ लिया। तुम
  1353. 56:00यहां हो और मैं तुम्हें कहां-कहां नहीं
  1354. 56:02ढूंढ रही थी। चलो जल्दी से चलते हैं। और
  1355. 56:04इससे पहले कि शौर्य या कोई और कुछ समझ
  1356. 56:06पाता। [संगीत] वो लड़की शौर्य का हाथ
  1357. 56:08पकड़े उसे स्टेडियम के दरवाजे की तरफ
  1358. 56:10खींचते हुए आगे बढ़ गई। शिप्रा और कनिका
  1359. 56:13दोनों वहीं खड़ी उसे देखती रह गई। लेकिन
  1360. 56:16सबसे ज्यादा हैरानी कनिका के चेहरे पर थी।
  1361. 56:19उसने कभी नहीं सोचा था कि इतनी खूबसूरत
  1362. 56:21लड़की इस तरह शौर्य का हाथ पकड़ कर उसे
  1363. 56:23अपने साथ ले जाएगी। [संगीत] एक पल के लिए
  1364. 56:26उसके दिल में अजीब सी बेचैनी उठी। उसे तो
  1365. 56:28लगा था कि शौर्य शायद यहां शिप्रा के
  1366. 56:30भरोसे आया होगा। [संगीत] लेकिन यह लड़की
  1367. 56:33आखिर थी कौन? कनिका की नजरें कुछ पल तक
  1368. 56:36शौर्य और उस लड़की का पीछा करती रही।
  1369. 56:38[संगीत] फिर उसने धीरे से शिप्रा की तरफ
  1370. 56:40देखा। कौन थी यह लड़की? शिप्रा भी उसी
  1371. 56:43दिशा में देख रही थी जिधर शौर्य उस लड़की
  1372. 56:45के साथ गया था। उसने अनजान बनने की कोशिश
  1373. 56:48करते हुए कहा, "मुझे नहीं पता। [संगीत]
  1374. 56:50मैंने तो उसे आज से पहले कभी देखा भी
  1375. 56:52नहीं। लेकिन अगले ही पल शिप्रा के दिमाग
  1376. 56:55में जैसे कोई बंद दरवाजा अचानक खुल गया।
  1377. 56:57उसने उस लड़की को पहले देखा था। हां, यही
  1378. 57:00तो [संगीत] वो लड़की थी। वही लड़की जो एक
  1379. 57:03बार शौर्य और उसका पीछा कर रही थी। वही
  1380. 57:06लड़की जिसे शौर्य ने छगन मगन की मदद से
  1381. 57:08पकड़वाकर कैद कर लिया था। तो फिर आज यह
  1382. 57:12दोनों इतने करीब कैसे आ गए? शिप्रा की
  1383. 57:14आंखों में सवाल उभरने [संगीत] लगे और तभी
  1384. 57:16कनिका की आवाज ने उसकी सोच को रोक दिया।
  1385. 57:19कहीं यही तो वो लड़की नहीं है जिसे
  1386. 57:21[संगीत] शौर्य ने अपने लिए पसंद किया है।
  1387. 57:23शिप्रा ने धीरे-धीरे कनिका की तरफ देखा।
  1388. 57:26उसके चेहरे पर अचानक आए भावों को देखकर
  1389. 57:28खुद कनिका भी समझ नहीं पाई कि उसने सिर्फ
  1390. 57:30एक सवाल पूछा था या अनजाने में शौर्य और
  1391. 57:33शिप्रा के बीच छिपे रिश्ते पर हाथ रख दिया
  1392. 57:35था। [संगीत] स्टेडियम के अंदर फाइट शुरू
  1393. 57:38होने वाली थी। लेकिन असली मुकाबला शायद
  1394. 57:40अभी शुरू भी नहीं हुआ था। क्योंकि अब सवाल
  1395. 57:43सिर्फ यह नहीं था कि चैंपियनशिप कौन
  1396. 57:45जीतेगा? [संगीत] सवाल यह था कि शौर्य की
  1397. 57:47जिंदगी में आई यह रहस्यमई लड़की आखिर कौन
  1398. 57:50थी? क्या शिप्रा शौर्य [संगीत] की इस नई
  1399. 57:52दोस्त के पीछे छिपी सच्चाई जान पाएगी?
  1400. 57:54रुबिया को देखकर कनिका के दिल में आखिर
  1401. 57:56कैसी हलचल मची थी? और सबसे बड़ा सवाल
  1402. 58:00[संगीत] क्या इस फाइट चैंपियनशिप के दौरान
  1403. 58:02शौर्य और शिप्रा का छिपा हुआ रिश्ता किसी
  1404. 58:04के सामने आने वाला था। गाइस एक छोटी सी
  1405. 58:06इंफॉर्मेशन अगर आप इस स्टोरी के आने वाले
  1406. 58:09एपिसोड्स या पुराने एपिसोड सुनना चाहते
  1407. 58:12हैं तो हमारे tlegram चैनल K2 के स्टोरीज
  1408. 58:16को ज्वाइन कर लो। स्क्रीन पर दिख रहा
  1409. 58:18क्यूआर कोड स्कैन करके या चैनल के मोर में
  1410. 58:20लिंक है और इस वीडियो के कमेंट में दिए
  1411. 58:23लिंक से ज्वाइन कर सकते हैं। Telegram पर
  1412. 58:25हमने काफी वायरल स्टोरी सीरीज ऐड करके रखी
  1413. 58:28है। बिल्कुल एपिसोड एक से एपिसोड कंप्लीट
  1414. 58:31होने तक जो अभी ऑनगोइंग है उनके एपिसोड
  1415. 58:34आते ही डाल देता हूं। या फिर आप कोई कस्टम
  1416. 58:36स्टोरी ऐड कराना चाहते हो तो वह भी फ्री
  1417. 58:39ऑफ कॉस्ट हो जाइएगा। और हमारे सभी एपिसोड
  1418. 58:42फ्री होते हैं। तो देर मत कीजिए। अभी के
  1419. 58:452K के स्टोरीज को ज्वाइन कर लीजिए।

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This page contains the full transcript of Beggar Husband Episode 321 to 324 | Pocket FM Full Story | beggar husband today full episode | by k2k storys, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 11,526 words across 1,419 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.

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