Bank Audit Revision with Questions | CA Final Audit | CA Shubham Keswani (AIR 8) — Transcript
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- 0:00हेलो व्हाट्स अप कैसे हैं आप सब? स्वागत
- 0:02है आप सबका आज के इस रिवीजन सेशन में जहां
- 0:04हम सर रिवाइज करेंगे बैंक ऑडिट। बैंक ऑडिट
- 0:06की वेटेज आप मान के चल सकते हो। आपके
- 0:07एग्जाम में रहेगी अराउंड सिक्स टू एट
- 0:09मार्क्स। इस चैप्टर को कैसे डील करना है?
- 0:11कैसे-कैसे आपने टॉपिक्स को गो थ्रू करना
- 0:13है। किस तरीके से आप बढ़िया-बढ़िया हर
- 0:16टॉपिक के नीचे चार से पांच पॉइंट्स आराम
- 0:17से रिवाइज कर सकते हो, समझ सकते हो। ये
- 0:19पूरी की पूरी गाइडेंस मैं आपको इस रिवीज़
- 0:21लेक्चर में देने वाला हूं। अलोंग विद द
- 0:23कांसेप्ट्स जितने भी आईसीआई के
- 0:24तड़कते-भड़कते क्वेश्चंस हैं आरटीपीस,
- 0:26एमटीपीस और पास एग्जाम्स वो सारे के सारे
- 0:28क्वेश्चंस मैं आपको इस रिवीजन में कवर
- 0:30कराने वाला हूं। ठीक है? तो वीडियो पे आगे
- 0:32बढ़ने से पहले मैं आपको बता दूं हम ये जो
- 0:33रिवीजन करेंगे हमारे बोर्ड नोट्स से
- 0:35करेंगे। ये जो बोर्ड नोट्स हैं आपको हमारे
- 0:37टेलीग्राम चैनल पे मिल जाएंगे। क्लियर सीए
- 0:39विद शुभम केसवानी। वहां से आप इनको
- 0:40डाउनलोड करके चल सकते हो। ठीक है सर। अब
- 0:43सर जो बैंक ऑडिट है इसको हमने चार पार्ट्स
- 0:45में बांट रखा है। सबसे पहले हम हम डिस्कस
- 0:48करेंगे इंट्रोडक्शन, इंटरनल कंट्रोल्स,
- 0:50आईटी सिस्टम्स, एसएलआर, सीआरआर के जो भी
- 0:53पॉइंट्स हैं। देन हम कवर करेंगे एडवांसेस,
- 0:56एसेट्स। फिर लायबिलिटीज़, कंटिंजेंट
- 0:59लायबिलिटीज़ एंड आखिरी में कवर करेंगे
- 1:00रिपोर्टिंग ऑन कॉन्करेंट ऑडिट। इस फ्लो
- 1:02में हमने आगे चलते जाना है। बड़ा मजा आएगा।
- 1:04साथ-साथ आप बने रहना। ठीक है, सर। सबसे
- 1:07पहले सर एक बात बताओ। जो हमारे बैंक्स
- 1:10होते हैं, इसमें खास बात क्या है? ठीक है?
- 1:12नॉर्मली हम और भी कंपनीज को ऑडिट करते हैं
- 1:14और भी एंटिटीज को ऑडिट करते हैं। बैंक में
- 1:17खास बात क्या है सर? बैंक में कई चीजें
- 1:19बहुत ज्यादा है। सबसे पहले बैंक के पास जो
- 1:21मॉनिटरी एसेट्स हैं जैसे कि कैश ये बहुत
- 1:23ज्यादा है। तो इनको सिक्यर्ड रखना बहुत
- 1:25जरूरी है। जो बैंक हैं इनकी ब्रांचेस बहुत
- 1:28ज्यादा हैं जो कि ज्योग्राफिकली डिसबर्स्ड
- 1:30है। यानी हर एरिया में आपको बैंक की
- 1:32ब्रांच मिल जाएगी। तो वो भी एक अलग बात
- 1:34है। तीसरा आप ऐसा कह सकते हो इनके
- 1:36ट्रांजैक्शंस बहुत ज्यादा है। बिकॉज़ हर
- 1:38कोई आजकल मोबाइल बैंकिंग यूज़ कर रहा है,
- 1:40नेट बैंकिंग यूज़ कर रहा है तो ट्रांजैक्शन
- 1:41भी ज्यादा है। तो तीन चीजें ज्यादा हो गई।
- 1:43कैश ज्यादा है, ब्रांचेस ज्यादा है,
- 1:45ट्रांजैक्शन ज्यादा है। सो दिस इज़ समथिंग
- 1:46व्हिच इज़ डिफरेंट अबाउट द बैंक्स। यही बात
- 1:49आपकी एक बुक में मैंने लिख रखी है। छोटा
- 1:51सा टॉपिक है कररेक्टरिस्टिक्स व्हिच आर
- 1:54डिस्टिंग्विशिंग अ बैंक फ्रॉम अदर
- 1:56कमर्शियल एंटरप्राइजेज़। सबसे पहले आप
- 1:58बोलते हो दे हैव अ कस्टडी ऑफ़ मेनी मॉनिटरी
- 2:00आइटम्स लाइक कैश। जिनकी फिजिकल सिक्योरिटी
- 2:03मेंटेन करना जरूरी है। यानी कैश ज्यादा
- 2:05है। कैश के अलावा मैंने कहा ट्रांजैक्शन
- 2:07ज्यादा है। लार्ज वॉल्यूम एंड वैरायटी ऑफ
- 2:10ट्रांजैक्शन। तीसरा आप बोलोगे ये
- 2:13ट्रांजैक्शंस क्यों हो पा रही हैं? बिकॉज़
- 2:15कस्टमर इन ट्रांजैक्शन को कर लेते हैं
- 2:17बिना बैंक के इंटरवेंशन के लिए। जैसे कि
- 2:20नेट बैंकिंग ट्रांजैक्शन, मोबाइल
- 2:22ट्रांजैक्शन या फिर एटीएम्स। एंड आखिरी
- 2:24में आप बोलोगे ब्रांचेस ज्यादा हैं।
- 2:26ज्योग्राफिकली डिसबर्स ब्रांचेस और
- 2:28डिपार्टमेंट्स। क्या यह प्यारा सा टॉपिक
- 2:29समझ में आया? हां सर।
- 2:31एक बार साथ में रिकॉल कराओ। सर
- 2:34ट्रांजैक्शंस ज्यादा हैं। ट्रांजैक्शंस
- 2:36कहां पर होती है? ब्रांचेस पे। ब्रांचेस
- 2:38ज्यादा हैं। ब्रांचेस पे क्या पड़ी है?
- 2:40कैश। कैश भी बहुत ज्यादा है। तो उसकी
- 2:42सिक्योरिटी इंपॉर्टेंट है। क्या ये बेसिक
- 2:44सा पॉइंट सबको समझ में आ गया? आ गया सर।
- 2:46अब आओ मेरे साथ। अगला पॉइंट डिस्कस करते
- 2:49हैं। स्पेशल ऑडिट कंसीडरेशन। फोर मार्क्स
- 2:51का ये टॉपिक आईसीआई ने पूछा था मे 2019
- 2:54एग्जाम में। सो इसको भैया इंपॉर्टेंट
- 2:56मार्क करके चलेंगे। अच्छे से कवर करेंगे।
- 2:58ठीक है सर। अगेन मेरे साथ आओ डिस्कस करते
- 3:00हैं। बहुत ही प्यारा टॉपिक है। सबसे पहले
- 3:02कहता है पर्टिकुलर नेचर ऑफ रिस्क
- 3:04एसोसिएटेड विद द ट्रांजैक्शन। अब सर ये
- 3:07रिस्क क्या है? आ जाओ समझते हैं। रिस्क ये
- 3:10है कि जो बैंकिंग ऑपरेशंस हैं इनका स्केल
- 3:13बहुत ज्यादा बढ़ गया है। बहुत ज्यादा
- 3:15ट्रांजैक्शंस हो रही हैं। एंड
- 3:17सिग्निफिकेंट एक्सपोज़र आ जाता है इन अ
- 3:19शॉर्ट पीरियड। यानी अभी जब मैं ये वीडियो
- 3:22बना रहा हूं, पिछले 1 मिनट में लाखों
- 3:25ट्रांजैक्शंस हो चुकी होंगी। क्या बात कर
- 3:26रहे हो सर? हां। हर गली में हर नुक्कड़ पे
- 3:29कोई चाय पी रहा है। चाय के साथ आईटीसी को
- 3:32कंज्यूम कर रहा है। हां सर व्हिच इज
- 3:35इंजुरियस टू हेल्थ। तो ये सारी पेमेंट्स
- 3:37किससे हो रही है? यूपीआई से हो रही हैं।
- 3:39तो जब इतनी सारी ट्रांजैक्शंस होंगी तो
- 3:41सिग्निफिकेंट एक्सपोज़र आएगा। तो आप बोलोगे
- 3:44पहले तो एक पर्टिकुलर नेचर ऑफ रिस्क है।
- 3:46वो रिस्क क्या है? स्केल ऑफ बैंकिंग
- 3:48ऑपरेशंस एंड सिग्निफिकेंट एक्सपोज़र इन अ
- 3:50शॉर्ट पीरियड। यह सिग्निफिकेंट एक्सपोज़र
- 3:53कैसे आ रहा है? बिकॉज़ ऑफ एववोल्यूशन ऑफ
- 3:55टेक्नोलॉजी एंड नेट बैंकिंग एंड मोबाइल्स।
- 3:59ठीक है सर। अब एक बात बताओ जैसे-जैसे
- 4:02टेक्नोलॉजी इवॉल्व कर रही है, नेट बैंकिंग
- 4:04हो रही है, क्या मैं बोल दूं नए-नए
- 4:06प्रोडक्ट्स और सर्विज आ रहे हैं? हां सर,
- 4:08जैसे कि यूपीआई। आज की डेट में मैं मोबाइल
- 4:10से शेयर्स को खरीद सकता हूं, बेच सकता
- 4:13हूं। दैट इज डीममेट अकाउंट्स। अब
- 4:15जैसे-जैसे प्रोडक्ट्स और सर्विज बढ़ रहे
- 4:17हैं, जो अकाउंटिंग और ऑडिटिंग प्रैक्टिसेस
- 4:20हैं, वो उस लेवल पे इवॉल्व नहीं कर रही।
- 4:22ठीक है सर? एंड ये सब चीजें किसके भरोसे
- 4:24हो पा रही हैं? आईटी। सो बैंक इज हाईली
- 4:27डिपेंडेंट ऑन द आईटी। आप ये मान के चलो
- 4:30अगर बैंक के सॉफ्टवेयर करप्ट हो जाए। अगर
- 4:34बैंक का जो बैक एंड आईटी सिस्टम है वो
- 4:36खराब हो जाए तो बैंक्स को बहुत सारा
- 4:38नुकसान हो सकता है। बिकॉज़ बैंकिंग
- 4:40ट्रांजैक्शंस नहीं हो पाएंगी। तो आपने
- 4:42एकदम इसी फ्लो में चलना है। सबसे पहले
- 4:44पर्टिकुलर नेचर ऑफ रिस्क। रिस्क क्या है?
- 4:46बहुत कम टाइम में बहुत ज्यादा
- 4:48ट्रांजैक्शंस हो रही हैं। हाई स्केल ऑफ
- 4:50ऑपरेशंस। हाई स्केल ऑफ ऑपरेशंस एंड
- 4:52सिग्निफिकेंट एक्सपोज़र इन अ शॉर्ट पीरियड।
- 4:55यह सिग्निफिकेंट एक्सपोज़र क्यों हो पा रहा
- 4:57है? बिकॉज़ ऑफ मोबाइल बैंकिंग। तो आप
- 4:58बोलोगे टेक्नोलॉजी एंड नेट बैंकिंग एंड
- 5:00मोबाइल्स। ठीक है? मोबाइल बैंकिंग ही बोल
- 5:02दो ना सीधा-सीधा। दूसरी चीज नेट बैंकिंग
- 5:05और मोबाइल्स में क्या हो रहे हैं? नए-नए
- 5:07प्रोडक्ट्स और सर्विसेस। जिस लेवल पे
- 5:09प्रोडक्ट्स और सर्विज डेवलप हो रहे हैं,
- 5:10उस लेवल पे अकाउंट्स और ऑडिट प्रैक्टिससेस
- 5:12डेवलप नहीं हो रही। और आखिरी में आप बस
- 5:14इतना बोलोगे बिकॉज़ ऑफ़ मोबाइल एंड नेट
- 5:16बैंकिंग, वी आर हैवीली डिपेंडेंट ऑन द
- 5:18आईटी। हाय डिपेंडेंस ऑन आईटी टू प्रोसेस द
- 5:21ट्रांजैक्शंस। अगेन द फ्लो इज़ क्लियर। यस
- 5:23सर। यही सेम टू सेम चीज यहां पे लिख रखी
- 5:26है। एक बार अगर आप चाहो तो रीड कर सकते हो
- 5:28वीडियो को पॉज करके। नाउ सर लेट्स
- 5:30अंडरस्टैंड द लीगल फ्रेमवर्क। इसको बस
- 5:32आपने रीड करके चलना है। कौन-कौन से एक्ट्स
- 5:33एप्लीकेबल है? तो अगर कोई बैंकिंग कंपनी
- 5:35है तो उस पे कंपनीज़ एक्ट 2013। बैंक्स पे
- 5:37लगता है बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949। प्लस
- 5:40अगर आप बैंक में कोई भी अकाउंट खुलवाते हो
- 5:42तो आपका केवाईसी होता है। तो वो क्यों
- 5:43होता है? बिकॉज़ ऑफ़ पमला। सर कौन सा पमला?
- 5:46पमला मतलब प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग
- 5:48एक्ट। कोई मनी लॉन्ड्रिंग तो नहीं हो रही।
- 5:50देन इन सबका कर्ताधर्ता आरबीआई। आरबीआई
- 5:52एक्ट 1934, एसबीआई या तो एसबीआई एक्ट 1955
- 5:56एंड क्योंकि सब टेक्नोलॉजी पे हो रहा है
- 5:58तो इनफेशन टेक्नोलॉजी एक्ट 200। तो ये
- 6:00बेसिक-बेसिक एक्ट्स आपको पता होने चाहिए।
- 6:02अब सर एक बात बताओ जो इनके फाइनेंसियल
- 6:04स्टेटमेंट्स हैं इनका फॉर्म एंड कंटेंट
- 6:06क्या होगा? तो कंपनीज़ का फॉर्म एंड कंटेंट
- 6:08क्या होता है? स्ेड्यूल थ्री। वैसे ही इन
- 6:10लोगों का है थर्ड स्केेड्यूल। तो जो
- 6:12बैलेंस शीट है वो फॉर्म ए में आती है। जो
- 6:14पीएनएल है वो फॉर्म बी में आता है। तो ये
- 6:16आपसे एमसीक्यू फॉर्म में पूछा जा सकता है।
- 6:18तो इसको बस थोड़ा सा ध्यान रखना। ठीक है
- 6:20सर। देन कम्स द नेक्स्ट टॉपिक कंटेंट्स ऑफ
- 6:23अपॉइंटमेंट लेटर। अब कंटेंट्स ऑफ
- 6:25अपॉइंटमेंट लेटर समझने के लिए एवरीवन
- 6:27प्लीज फोकस। जब एक बैंक होता है तो इसमें
- 6:29एक हेड ऑफिस होता है और कई सारी ब्रांचेस
- 6:32होती हैं। ठीक है सर? जो ब्रांच के ऑडिटर
- 6:34होते हैं उनको कहते हैं एसबीए। एसबीए बोले
- 6:36तो स्टचटरी ब्रांच ऑडिटर। ओके? जो हेड
- 6:40ऑफिस का ऑडिटर है उसका नाम क्या होता है?
- 6:42एससीए स्टचटरी सेंट्रल ऑडिटर। एक बंदा थक
- 6:47जाएगा मिलकर बोझ उठाना साथ ही हाथ बढ़ाना।
- 6:50यानी एक अकेला स्टचटरी ऑडिटर नहीं होता
- 6:53हेड ऑफिस पे। सर जनरली दीज़ आर थ्री और मोर
- 6:56जॉइंट ऑडिटर। कहीं ना कहीं यहां पे जॉइंट
- 6:59ऑडिटर होते हैं। तो एक हो गया, दो हो गया,
- 7:02तीन हो गया, चार हो गया। जनरली थ्री और
- 7:03मोर जॉइंट ऑडिटर होते हैं। तो यही बात
- 7:05यहां पे लिखी है। थ्री और मोर भी नहीं फोर
- 7:07और मोर। चलो फोर और मोर सीए फर्म्स आर
- 7:09अपॉइंटंटेड एज स्टचटरी सेंट्रल ऑडिटर्स
- 7:11बाय मोस्ट ऑफ द बैंक्स। अब इनके
- 7:13अपॉइंटमेंट लेटर में क्या-क्या आता है? सर
- 7:16बड़ा सिंपल है। मैं एक ऑडिटर हूं। मेरे
- 7:18साथ बाकी जॉइंट ऑडिटर हैं। तो इनके नाम
- 7:20लिखे होंगे। ठीक है सर। मैं एक ऑडिटर हूं।
- 7:23मेरे से पहले कुछ ऑडिटर रहे। हां सर। तो
- 7:26प्रीवियस ऑडिटर के नाम लिखे होंगे। बिकॉज़
- 7:27मुझे उनसे कम्युनिकेट करना है। क्लॉज़ एट
- 7:30कम्यनिकेट विद द प्रीवियस ऑडिटर।
- 7:32प्रोफेशनल एथिक्स का तड़का। ठीक है सर।
- 7:35इसके अलावा अपॉइंटमेंट लेटर में क्या लिखा
- 7:37होगा? सर मेरे एरियाज लिखे होंगे। किस तरह
- 7:39से वर्क डिवाइडेड होगा? मैं कौन से एरिया
- 7:40पे फोकस करूंगा? ठीक है? अपार्ट फ्रॉम दिस
- 7:44मेरी क्या फीस रहेगी? मुझे क्या
- 7:46प्रोसीजर्स करने हैं टू अ गेट इंटू दिस
- 7:49पोजीशन? ताकि मैं पोजीशन को एक्सेप्ट कर
- 7:51सकूं एज अ ऑडिटर। ये सब बेसिक-बेसिक बातें
- 7:54यहां पे लिखी होती हैं। तो सबसे पहले ये
- 7:55लोग लिखते हैं पीरियड ऑफ़ अपॉइंटमेंट।
- 7:57कितने सालों के लिए अपॉइंट किया गया?
- 7:58प्रीवियस ऑडिटर, बाकी सेंट्रल ऑडिटर। अब
- 8:01बाकी सेंट्रल ऑडिटर है तो डिवीज़ ऑफ़ वर्क
- 8:03भी होगा। तो डिवीज़ ऑफ़ वर्क के बारे में
- 8:05लिखेंगे। डिवीज़ ऑफ़ वर्क से पता चलेगा मेरा
- 8:08स्कोप क्या है? मुझे कितने एरियाज़ कवर
- 8:10करने हैं? स्कोप ऑफ द असाइनमेंट। कहीं कोई
- 8:12स्पेशल सर्टिफिकेट और रिपोर्ट्स तो नहीं
- 8:14देनी। देन सर मेरे को फीस कितनी मिलेगी?
- 8:18ट्रैवल और रिलेटेड अलाउंसेस कितने
- 8:20मिलेंगे? पैसे की बात करना भी इंपॉर्टेंट
- 8:21है। एंड अपार्ट फ्रॉम दिस जब मुझे
- 8:24असाइनमेंट को एक्सेप्ट करना है, तो
- 8:26क्या-क्या प्रोसीजरल रिक्वायरमेंट्स
- 8:27होंगी? इनको भी मुझे कंप्लाई करके चलना
- 8:29है। तो एक बार आ जाओ फटाफट रिकॉल करते
- 8:31हैं। क्या-क्या सीखा? सबसे पहले सर आएगा
- 8:32पीरियड ऑफ अपॉइंटमेंट। फिर साथ वाले
- 8:35ऑडिटर, पहला वाला ऑडिटर। साथ वाले यानी
- 8:37अदर सेंट्रल ऑडिटर्स। पहला वाला यानी
- 8:40प्रीवियस ऑडिटर्स। फिर जब मैं ऑडिट
- 8:42एक्सेप्ट कर रहा हूं तो क्या प्रोसीजरल
- 8:44रिक्वायरमेंट्स है? जैसे कि मैं लेटर ऑफ
- 8:45एक्सेप्टेंस दूंगा। डिक्लेरेशन ऑफ
- 8:47फिडिलिटी। सर फिडिलिटी मतलब लॉयल्टी कि
- 8:50भाई मैं बैंक का जब ऑडिट कर रहा हूं तो
- 8:52मैं कोई फ्रॉड वगैरह नहीं करूंगा। ठीक है।
- 8:54सीक्रेसी, कॉन्फिडेंशियलिटी बेसिक चीजों
- 8:56को मुझे कंप्लाई करके चलना है। ठीक है सर।
- 8:59फिर जब बाकी सेंट्रल ऑडिटर्स हैं जॉइंट
- 9:01ऑडिट है तो डिवीजन ऑफ वर्क भी रहेगा। दैट
- 9:03डिवीज़ ऑफ वर्क विल डिसाइड माय स्कोप ऑफ
- 9:05असाइनमेंट एंड अल्टीमेटली माय ऑडिट फीस
- 9:07एंड अलाउंससेस जो भी मुझे मिलने वाले हैं।
- 9:08तो मोटा-मोटी आपको चारप पॉइंट्स इसमें से
- 9:10पता होने चाहिए। अभी तक इस पे कभी भी
- 9:12क्वेश्चन नहीं आया बट ठीक है। फोर टू फाइव
- 9:14मार्क का क्वेश्चन ईजी-इजी बन सकता है।
- 9:16ठीक है सर। अब एक बात समझना। जितने भी
- 9:19स्टचटरी ब्रांच ऑडिटर हैं उनको भी एक
- 9:21सिमिलर अपॉइंटमेंट लेटर मिलेगा। एक्सेप्ट
- 9:24वहां पे जॉइंट ऑडिट नहीं होता तो वहां पे
- 9:27अदर ऑडिटर्स की डिटेल नहीं होंगी। एसबीए
- 9:29यानी ब्रांच ऑडिट इज डन बाय अ सिंगल फॉर्म
- 9:31ऑफ सीएस। अब सर एमसीक्यू वाला एक छोटा सा
- 9:34पॉइंट बता रहा हूं। ध्यान से समझना। ऐ इधर
- 9:36देखो। हां। पता नहीं ये लड़का बार-बार फोन
- 9:39में देखे जा रहा है। इधर देखो। हां सर। सर
- 9:41मैं लेक्चर भी फोन में ही देख रहा हूं।
- 9:42चलो इधर देखो। सबसे पहला पॉइंट कहता है
- 9:44बैंकिंग कंपनी के केस में ऑडिटर कौन
- 9:46अपॉइंट करेगा? तो मुझे बताओ कंपनी के केस
- 9:48में ऑडिटर कौन अपॉइंट करता है?
- 9:49शेयरहोल्डर्स। तो जो इनके शेयरहोल्डर्स
- 9:51हैं वो एजीएम पे अपॉइंट करेंगे। सर
- 9:53नेशनलाइज्ड बैंक के केस में कौन अपॉइंट
- 9:55करेगा? बोर्ड ऑफ डायरेक्टर खुद अपॉइंट
- 9:57करेंगे। तो जो कंसर्न बैंक है वो अपॉइंट
- 9:59करता है थ्रू द बोर्ड ऑफ डायरेक्टर। बट
- 10:01दोनों के दोनों केसेस में आपको आरबीआई का
- 10:03अप्रूवल लेना जरूरी है। तो ये छोटी सी बात
- 10:05आप एमसीक्यू पॉइंट ऑफ व्यू से ध्यान
- 10:07रखोगे। क्या यहां तक सारी बातें क्लियर
- 10:09है? क्लियर है सर? अब पानी के दो-दो घूंट
- 10:11लगाओ। नेक्स्ट टॉपिक पे चलते हैं। कंडक्ट
- 10:13ऑफ ऑडिट। इस एरिया से आज तक कभी कोई
- 10:16क्वेश्चन नहीं आया। अब कैसे इसके साथ डील
- 10:18करना है वो मैं आपको गाइड करता हुआ
- 10:19चलूंगा। साथ-साथ चलना। चलो सर
- 10:30एवरीवन ऑल सेट। यस सर। मेरे साथ आओ। सबसे
- 10:34पहले डिस्कस करते हैं
- 10:36[गला साफ़ करने की आवाज़] इनिशियल
- 10:37कंसीडरेशंस। इनिशियल कंसीडरेशंस का मतलब
- 10:40है कोई भी ऑडिट एक्सेप्ट करने से पहले
- 10:42आपने कुछ बातें कंसीडर करके चलनी है। सबसे
- 10:45पहले कहता है एक्सेप्टेंस एंड
- 10:46कंटीन्यूएंस। जब भी आप कोई ऑडिट एक्सेप्ट
- 10:49करोगे, कंटिन्यू करोगे तो आपने असेस करनी
- 10:52है इंगेजमेंट रिस्क प्रायर टू द
- 10:53एक्सेप्टेंस कि भाई क्या ऑडिट रिस्क है?
- 10:55कल को मैं गलत ओपिनियन दे दूंगा तो दिक्कत
- 10:57हो जाएगी। तो ये इंगेजमेंट रिस्क को असेस
- 10:58करके चलना। दूसरी चीज डिक्लेरेशन ऑफ
- 11:01इनडायरेक्टनेस। आपने एक रिटन कंफर्मेशन
- 11:04देनी है ना तो आप ना आपके कोई फैमिली
- 11:08मेंबर दे हैव नॉट बीन डिक्लेयर्ड एज
- 11:10विलफुल डिफॉल्टर ठीक है ये विलफुल
- 11:13डिफॉल्टर वाली बात हम कारो 2020 में भी
- 11:15करते हैं एक छोटी सी रेफरेंस दे रहा हूं
- 11:17जिसको समझ आई वेरी गुड जिसको नहीं आई कारो
- 11:202020 अच्छे से पढ़ लेना कारो 2020 में आता
- 11:22है क्लॉज़ नाइन पैरा थ्री कारो 2020 ठीक है
- 11:25सर अगर कोई भी कंपनी ठीक है विलफुल
- 11:30डिफॉल्टर बन जाती है तो उस कंपनी की कारो
- 11:32रिपोर्ट में क्लॉज़ नाइन पैरा थ्री कारो
- 11:342020 में आता है कि वेदर द कंपनी हैज़ बीन
- 11:36डिक्लेयर्ड एज अ विलफुल डिफॉल्टर। ठीक है?
- 11:38तो यहां पे भी हमको डिक्लेरेशन देनी है
- 11:40वेदर स्टचटरी ऑडिटर और हिज फैमिली मेंबर्स
- 11:43हैव बीन डिक्लेयर्ड एज अ विलफुल डिफॉल्टर।
- 11:46अगला पॉइंट कहता है इंटरनल असाइनमेंट। सर
- 11:49ये पॉइंट क्या है? अगर आप बैंक का कोई भी
- 11:51इंटरनल असाइनमेंट कर रहे हो सेम ईयर में
- 11:54ये कॉनकरेंट ऑडिट हो सकता है। स्टॉक ऑडिट
- 11:57हो सकता है ऑफ एनी बोरोअर। तो आप स्टचटरी
- 12:00ऑडिट नहीं कर सकते। इट इज़ एज गुड एज
- 12:02प्रोफेशनल एथिक्स में जब मैं बोलता था कि
- 12:04अगर आप किसी एंटिटी का इंटरनल ऑडिट कर रहे
- 12:06हो तो आप उसका स्टचटरी या टैक्स ऑडिट नहीं
- 12:08कर सकते। टर्म्स ऑफ ऑडिट इंगेजमेंट हमको
- 12:10पता है ऐसे 210 बताता है। कम्युनिकेशन विद
- 12:13प्रीवियस ऑडिटर क्लॉज़ एट कम्युनिकेट विद द
- 12:15प्रीवियस ऑडिटर। प्लानिंग का मतलब होता है
- 12:18नेचर टाइमिंग एंड एक्सटेंड ऑफ़ ऑडिट
- 12:19प्रोसीजर। प्लस आप प्लान को चेंज भी कर
- 12:21सकते हो व्हनेएवर नीडेड। एंड आखिरी में
- 12:24हमको इंगेजमेंट टीम चाहिए जो कि
- 12:26क्वालिफाइड हो एक्सपीरियंस्ड हो बैंक ऑडिट
- 12:28करने के लिए। तो ये कुछ इनिशियल
- 12:30कंसीडरेशंस हैं जिनको आप कंसीडर करके चल
- 12:33सकते हो। अब सर इनको कैसे याद रखना है?
- 12:35बड़ा सिंपल है। हम सबके दोस्तों में कोई
- 12:38ना कोई एक लड़का होता है जिसका नाम होता
- 12:39है आदित्य। ठीक है? हम आदित्य को प्यार से
- 12:42क्या बोलते हैं? आदि। तो मैं बोलूंगा
- 12:44इनिशियल कंसीडरेशन में आदि मेरा दोस्त
- 12:47पंजाबी है आदित्य अरोड़ा। तो मैं बोलूंगा
- 12:49आदि तुसी। ठीक है? आदि तुसी प्लानिंग टीम
- 12:53बताओ। आदि तुसी प्लानिंग टीम बताओ। सर आदि
- 12:57का क्या मतलब है? ए फॉर एक्सेप्टेंस एंड
- 12:58कंटिन्यूअंस डी फॉर डिक्लेरेशन ऑफ़
- 13:01इंडेटनेस आई फॉर इंटरनल असाइनमेंट अगर
- 13:04इंटरनल असाइनमेंट है तो स्टचटरी ऑडिट नहीं
- 13:06करूंगा तुसी सर तुस्सी का क्या मतलब है टी
- 13:09फॉर टर्म्स ऑफ इंगेजमेंट सी फॉर
- 13:10कम्युनिकेशन विद प्रीवियस ऑडिटर प्लानिंग
- 13:13टीम बताओ यानी प्लानिंग और इंगेजमेंट टीम
- 13:15शुड बी क्वालिफाइड एन एक्सपीरियंस। तो ये
- 13:17बेसिक-बेसिक पॉइंट्स आपको इस तरह से पता
- 13:19होने चाहिए। क्या गेम क्लियर है? हां सर।
- 13:22अब सर अंडरस्टैंडिंग वाले पॉइंट्स बड़े
- 13:24आसान से हैं। हमने अंडरस्टैंडिंग का मतलब
- 13:26पहले भी सीख रखा है। एसए 315 अंडरस्टैंड द
- 13:28एंटिटी एनवायरमेंट सो दैट आप असेस कर सको
- 13:31रिस्क ऑफ मटेरियल स्टेटमेंट। प्यार से
- 13:32बोलते हैं रिस्क असेसमेंट प्रोसीजर। सो
- 13:34अंडरस्टैंड द बैंक एंड इट्स एनवायरमेंट
- 13:36इंक्लूडिंग द इंटरनल कंट्रोल। साथ ही साथ
- 13:39हम समझेंगे बैंक का अकाउंटिंग प्रोसेस। अब
- 13:42इसमें एक इंपॉर्टेंट टॉपिक आ जाता है
- 13:44इन्होंने कुछ 8 9 साल पहले। 8 9 साल पहले
- 13:48ये टॉपिक पूछा था एग्जाम में कि कैसे हम
- 13:50अंडरस्टैंड करेंगे रिस्क मैनेजमेंट
- 13:52प्रोसेस। तो सर छोटे से बच्चे को भी मैं
- 13:55पूछूंगा रिस्क मैनेजमेंट क्या होती है? तो
- 13:56वो ये बोलेगा रिस्क और कंट्रोल। रिस्क है
- 14:00तो कंट्रोल है। वो टाइम चला गया जब हम
- 14:02बोलते थे रिस्क है तो इश्क है। अब हम
- 14:04बोलते हैं रिस्क है तो कंट्रोल है। तो
- 14:06रिस्क को मैनेज करने के लिए रिस्क और
- 14:08कंट्रोल होने चाहिए। अब सर सवाल आता है इस
- 14:10आंसर की फ्रेमिंग कैसे करनी है? दैट इज द
- 14:12मेन पॉइंट। आ जाओ आपको सिखाता हूं। तो
- 14:16हमने क्लास में सर ये प्यारा सा चार्ट
- 14:18बनाया था जिससे हमने पूरी गेम सीखी थी। एक
- 14:19बार इसको रिवाइज करते हैं। अंडरस्टैंडिंग
- 14:21द रिस्क मैनेजमेंट प्रोसेस। सबसे पहले सर
- 14:23बात करेंगे रिस्क की कि रिस्क को हमको
- 14:26आइडेंटिफाई करना है, मेजर करना है और
- 14:29मॉनिटर करना है अगेंस्ट प्री-अ्रूव्ड
- 14:32लिमिट्स और क्राइटेरिया। अगर आपने
- 14:34क्राइटेरिया बना रखा है कि इस पर्टिकुलर
- 14:35अमाउंट से ज्यादा एडवांस होगा तो इसको
- 14:38किसी हायर अथॉरिटी का अप्रूवल चाहिए तो वो
- 14:40आपको पता होना चाहिए। सो पहले रिस्क को
- 14:42आइडेंटिफाई करो, मेजर करो। अगर एक
- 14:44पर्टिकुलर अमाउंट से ज्यादा की रिस्क है
- 14:46तो आप इसको मॉनिटर करोगे। सो आईएमएम ऑफ द
- 14:50रिस्क आइडेंटिफिकेशन मेज़मेंट एंड
- 14:52मॉनिटरिंग ऑफ द रिस्क अगेंस्ट प्री
- 14:54अप्रूव्ड क्राइटेरिया। अगला पॉइंट बताओ
- 14:57क्या आएगा? रिस्क है तो कंट्रोल है। तो आ
- 15:01जाओ। बात करते हैं कंट्रोल एक्टिविटीज़ की।
- 15:03तो कंट्रोल एक्टिविटीज़ क्या-क्या होनी
- 15:05चाहिए? सेग्रगेशन ऑफ ड्यूटीज़। जो कैश है
- 15:07उसकी फिजिकल सिक्योरिटी। ठीक है? एंड जो
- 15:10भी आप ट्रांजैक्शंस कर रहे हो, एडवांसेस
- 15:11वगैरह दे रहे हो उसकी वेरिफिकेशन। तो
- 15:13सेग्रगेशन ऑफ ड्यूटीज हो गया,
- 15:16फिजिकल सिक्योरिटी ऑफ द एसेट्स हो गया। और
- 15:19जो भी ट्रांजैक्शंस हैं उनकी वेरिफिकेशन।
- 15:21ये दो-तीन पॉइंट्स आप ध्यान रख सकते हो।
- 15:23थर्ड पॉइंट क्या है सर? थर्ड पॉइंट है
- 15:28यहां से चुराया हुआ पॉइंट यानी मॉनिटरिंग
- 15:31एक्टिविटीज। ठीक है? याद नहीं आएगा। तो जो
- 15:33आईआईएमएम था आइडेंटिफिकेशन, मेज़रमेंट एंड
- 15:36मॉनिटरिंग ऑफ रिस्क। यहीं से मॉनिटरिंग
- 15:38उठा लेना। यहां का थर्ड पॉइंट निकल के आ
- 15:40जाएगा मॉनिटरिंग एक्टिविटीज़। अब एक बैंक
- 15:43में कौन मॉनिटर करेगा रिस्क को? एक रिस्क
- 15:45मैनेजमेंट यूनिट। बड़ा ही सिंपल पॉइंट है।
- 15:47यस सर। अब मॉनिटर करने के लिए इसको क्या
- 15:49चाहिए? इंफॉर्मेशन। ये इंफॉर्मेशन कहां से
- 15:52आएगी? फ्रॉम अ रिलायबल इनफेशन सिस्टम
- 15:54व्हिच प्रोवाइड्स द सीएफओ इनफेशन। सीएफओ
- 15:57का क्या मतलब है? कंप्लायंस फाइनेंसियल
- 15:59एंड ऑपरेशनल इनफार्मेशन। जो भी इनफार्मेशन
- 16:02हमको चाहिए कंप्लायंस विद लॉस। फाइनेंसियल
- 16:04इनफार्मेशन, क्या रेवेन्यू चल रहा है?
- 16:06क्या इंटरेस्ट चल रहा है? क्या एडवांसेस
- 16:07चल रहे हैं? क्या ऑपरेशनल इनफार्मेशन है?
- 16:10कितने एनपीएस वगैरह हो गए? ये सब
- 16:12इंफॉर्मेशनेशन हमको इंफॉर्मेशनेशन सिस्टम
- 16:14दे देगा। तो एकदम फ्लो में प्यारे-प्यारे
- 16:16तरीके से चारों पॉइंट्स को कनेक्ट करेंगे।
- 16:18पहले रिस्क फिर कंट्रोल। रिस्क का मतलब है
- 16:20आईएमएम ऑफ द रिस्क। आइडेंटिफिकेशन मेज़मेंट
- 16:23एंड मॉनिटरिंग ऑफ द रिस्क अगेंस्ट अ प्री
- 16:26अप्रूव्ड क्राइटेरिया। रिस्क है तो
- 16:28कंट्रोल है। कंट्रोल एक्टिविटीज़ जिसमें
- 16:30आपको जो कंट्रोल एक्टिविटीज़ दिमाग में आती
- 16:32हैं लिखो। सेग्रगेशन ऑफ ड्यूटीज़। ठीक है?
- 16:34कैश की सिक्योरिटी, फिजिकल सिक्योरिटी ऑफ़
- 16:36एसेट्स, अप्रूवल ऑफ ट्रांजैक्शंस
- 16:38एटसेट्रा। फिर मॉनिटरिंग से निकाला थर्ड
- 16:41पॉइंट मॉनिटरिंग एक्टिविटीज जिसमें हम
- 16:44मॉनिटर कौन करेगा? रिस्क मैनेजमेंट यूनिट।
- 16:46मॉनिटर करने के लिए इंफॉर्मेशन आएगी फ्रॉम
- 16:48अ रिलायबल इनेशन सिस्टम। सर लास्ट पॉइंट
- 16:51रह गया। मैंने कहा इस सब पे नजर कौन
- 16:53रखेगा? सर ऊपर वाला सब देख रहा है। TCWG
- 16:57सब देख रहा है। ओवरसाइड बाय द TCWG यानी
- 17:00जो कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स हैं
- 17:02सीईओ हैं यानी बैंक के। ये अपनी प्रॉपर
- 17:05रिस्क मैनेजमेंट पॉलिसीज बनाएंगे।
- 17:07क्वेश्चन भी क्या था? रिस्क मैनेजमेंट
- 17:08प्रोसेस। तो इस सब पे नजर रखेगा TCWG जो
- 17:11बनाएगा रिस्क मैनेजमेंट पॉलिसी। क्या पूरा
- 17:14का पूरा गेम क्लियर है? यस सर। एक बार आ
- 17:17जाओ फटाफट इसको बुक से गो थ्रू करते हैं।
- 17:18मजा आ जाएगा।
- 17:20ओवरसाइड बाय द टीसीWG बोर्ड ऑफ़
- 17:22डायरेक्टर्स और सीईओ शुड अप्रूव रिस्क
- 17:24मैनेजमेंट पॉलिसी। देन रिस्क और कंट्रोल।
- 17:27आइडेंटिफिकेशन मेज़मेंट एंड मॉनिटरिंग ऑफ द
- 17:29रिस्क अगेंस्ट प्री अप्रूव्ड लिमिट्स एंड
- 17:31क्राइटेरिया। कंट्रोल एक्टिविटीज़ का मतलब
- 17:33है सेग्रगेशन ऑफ़ ड्यूटीज़, वेरिफिकेशन ऑफ़
- 17:35ट्रांजैक्शन, फिजिकल सिक्योरिटी।
- 17:37मॉनिटरिंग कौन करेगा? रिस्क मैनेजमेंट
- 17:39यूनिट एंड इंफॉर्मेशन के लिए हमको चाहिए
- 17:41सीएफओ इनफेशन कंप्लायंस फाइनेंसियल एंड
- 17:43ऑपरेशनल इंफॉर्मेशन। ईजीपीजी ईजी सर। अब आ
- 17:46जाओ रिस्क असेसमेंट की बात करते हैं। इसको
- 17:48बस रीड करके चलना है। रिस्क असेसमेंट का
- 17:51मतलब है आइडेंटिफाइंग एंड असेसिंग द रिस्क
- 17:53ऑफ मटेरियल स्टेटमेंट एंड फाइनेंसियल
- 17:54स्टेटमेंट एंड असर्शन लेवल। हमको यहां पे
- 17:56रिस्क ऑफ फ्रॉड भी कंसीडर करनी है। लाइक
- 17:58मनी लॉन्ड्रिंग। इसके लिए आरबीआई ने
- 18:00गाइडलाइंस बना रखी हैं और केवाईसी नॉर्म्स
- 18:02बना रखे हैं। फिर जो स्पेसिफिक रिस्क है
- 18:04रिलेटेड टू बैंकिंग इंडस्ट्री एंड आईटी
- 18:06इसको कंसीडर करके चलना। कई बार बैंक अपनी
- 18:09एक्टिविटीज को आउटसोर्स करता है तो उसकी
- 18:11इंफॉर्मेशन भी बाहर चली जाती है। तो ये
- 18:13कॉस्ट तो कम करना चाहते हैं बट इसके साथ
- 18:15भी रिस्क एसोसिएटेड है कि इसकी इनेशन लीक
- 18:17हो सकती है। जब बात होती है एग्जीक्यूशन
- 18:20की तो इसमें कुछ खास मसाला नहीं है।
- 18:21इंगेजमेंट टीम्स में डिस्कशन होगी। आप
- 18:24रिस्पांस करोगे टू असेस रिस्क दैट इज
- 18:26फर्दर ऑडिट प्रोसीजर टेस्ट ऑफ कंट्रोल
- 18:28सब्सटेंटिव प्रोसीजर आप अपनी स्ट्रेटजी
- 18:30बनाओगे आप अपना ऑडिट प्लानिंग मेमोरेंडम
- 18:33बनाओगे ठीक है एक समरी डॉक्यूमेंट बनाओगे
- 18:35जहां पे आप लिखोगे नेचर टाइमिंग एंड
- 18:37एक्सटेंट ऑफ प्रोसीजर्स क्या-क्या
- 18:39सिग्निफिकेंट रिस्क है प्लस क्योंकि आपके
- 18:42पास एक डॉक्यूमेंट होगा तो आपके पास एक
- 18:44एविडेंस होगा कि आपने प्रॉपर्ली प्लानिंग
- 18:46करी है तो ये पॉइंट को भी एक बार थोड़ा सा
- 18:47देख के चलना बस रीड भी करोगे तो भी चलेगा
- 18:50फिर हमें अपनी मटेरियलिटी निकालनी है
- 18:51गोइंग कंसर्न असेस करना है तो ये बेसिक
- 18:53बेसिक-बेस पॉइंट्स हैं जो हम ओवरऑल ऑडिट
- 18:54में पढ़ते हैं। वही बातें इन्होंने यहां
- 18:56पे लिखी। रिपोर्टिंग वाली बात हम बाद में
- 18:58डिस्कस करेंगे। यहां पे आपका पूरा टॉपिक
- 19:00कंप्लीट। मुझे बताओ यहां तक सारी गेम
- 19:03क्लियर है? अरे यस और नो। यस सर। यहां तक
- 19:07हमको सारी की सारी बातें एकदम अच्छे से
- 19:10क्लियर है। अगेन पानी के दो-दो घूंट लगाओ।
- 19:13फिर मैं अगले 10 मिनट्स में आपको यह वाला
- 19:16टॉपिक पढ़ाता हूं। स्पेशल कंसीडरेशंस इन द
- 19:18आईटी एनवायरमेंट। एकदम प्यारा-प्यारा
- 19:20टॉपिक है। मजे से कवर करेंगे साथ में।
- 19:30ऑल सेट यस सर। अब आ जाओ आईटी एनवायरमेंट
- 19:33का गेम समझते हैं। मेरे साथ आओ मेरे
- 19:37दोस्तों।
- 19:38आईटी एनवायरमेंट पे चलो। टै ट
- 19:44आईटी एनवायरमेंट मैंने कब करवाया था? आई
- 19:47थिंक बाद की क्लासेस में कराया था। ये
- 19:48हमारे पास चार्ट ये रहा।
- 19:51सबसे पहले सर क्वेश्चन आता है इंफॉर्मेशन।
- 19:54ठीक है भाई? आईटी वाला टॉपिक है। थोड़ा सा
- 19:56थ्योरिटिकल टॉपिक है। अगेन जिस फील और
- 19:58फ्लो के साथ बताऊं उसके साथ-साथ चलना मजा
- 20:00आएगा। ठीक है? गेट रेडी। आ जाओ मेरे साथ।
- 20:04इंफॉर्मेशन अबाउट द आईटी सिस्टम ऑफ द बैंक
- 20:08टू बी शेयरर्ड विद द ऑडिटर। मतलब बैंक
- 20:09क्या-क्या आईटी इनेशन की सिस्टम आईटी
- 20:12सिस्टम की इनेशन ऑडिटर के साथ शेयर करेगा?
- 20:14ये सब हम डिस्कस करेंगे। सबसे पहले एक
- 20:17ऑडिटर क्या जानना चाहेगा सर? बैंक की आईटी
- 20:19पॉलिसी हम आईटी पॉलिसी के बारे में जानना
- 20:22चाहते हैं कि क्या आईटी सिस्टम्स हैं। ठीक
- 20:24है? इसका कौन है जो आईटी सिस्टम्स का
- 20:26ख्याल रख रहा है। ठीक है? इन आईटी
- 20:29सिस्टम्स का एक्सेस कैसे मिलता है? तो ये
- 20:31हमको पूरी की पूरी पॉलिसी जाननी है और
- 20:33हमको समझना है स्ट्रक्चर ऑफ द आईटी
- 20:35सिस्टम। अब सर इन आईटी सिस्टम में क्या
- 20:38फीड इन होता है? डेटा। द मेन गेम इन द
- 20:41आईटी इज द डेटा। समझ गए सर? तो डेटा को
- 20:44लेके आपने दो बातें सीखनी है। डेटा
- 20:46प्रोसेसिंग एंड इंटरफेस मतलब आज जब मैं
- 20:52बैंक की कोई भी ट्रांजैक्शन मोबाइल पे
- 20:54करता हूं तो क्या मेरा डेटा जाता है? जाता
- 20:56है। जब मैं डेटा यहां से डालता हूं तो ये
- 20:59बैंक के सिस्टम पे कैसे जाता है? चल के
- 21:01जाता है। तो जब वे द डेटा गेट्स
- 21:04ट्रांसफरर्ड फ्रॉम माय मोबाइल टू द बैंक
- 21:05सिस्टम दैट इज कॉल्ड इंटरफेस। उस रास्ते
- 21:08को कहते हैं इंटरफेस। सो डेटा प्रोसेसिंग
- 21:11एंड इंटरफेस। और जब ये डेटा मेरे मोबाइल
- 21:14से बैंक के पास जा रहा है तो बीच में ये
- 21:17डेटा लीक नहीं होना चाहिए। बीच में बीच
- 21:19में इस डेटा के साथ छेड़खानी नहीं होनी
- 21:22चाहिए। यानी हमें मेंटेन करनी है डेटा की
- 21:24इंटीग्रिटी और सिक्योरिटी। तो ध्यान से
- 21:26समझना डेटा प्रोसेसिंग एंड इंटरफेस। साथ
- 21:29ही साथ मेंटेन करेंगे इंटीग्रिटी और
- 21:31सिक्योरिटी। बात समझ आई? आई सर। अब सर
- 21:35आखिरी पॉइंट है रिलेटेड टू कंट्रोल्स।
- 21:37कंट्रोल्स कौन से? जो भी की एस्पेक्ट्स
- 21:40हैं बैंक के एक्सपेंस बुकिंग जो भी ये
- 21:42खर्चे वगैरह बुक करते हैं जो भी ये
- 21:44ओवरड्यू की आइडेंटिफिकेशन करते हैं एनपीएस
- 21:46की क्लासिफिकेशन की इसके लिए प्रॉपर
- 21:49कंट्रोल्स होने चाहिए साथ ही साथ जो भी ई
- 21:51बैंकिंग के प्रोडक्ट्स हैं इनको रिकॉर्ड
- 21:55करना ठीक है जो भी मैं ट्रांजैक्शंस कर
- 21:57रहा हूं नेट बैंकिंग की ट्रांजैक्शंस कर
- 21:58रहा हूं ये प्रॉपर्ली रिकॉर्ड हो इसके लिए
- 22:00भी प्रॉपर इंटरनल कंट्रोल्स होने चाहिए तो
- 22:02दो तरह के कंट्रोल्स हमने यहां पे सीखे जो
- 22:05भी की एस्पेक्ट्स हैं बैंक के लिए की
- 22:06एस्पेक्ट क्या होती है एनपीए क्लासिफिकेशन
- 22:08तो ओवरड्यू आइडेंटिफाई करो। ठीक है?
- 22:10एक्सपेंस को बुक करो। उसके अलावा जो भी ई
- 22:13बैंकिंग प्रोडक्ट्स हैं इनको प्रॉपर्ली
- 22:14रिकॉर्ड करो। तो अगर ये पांच पॉइंट्स भी
- 22:16आप प्रॉपर्ली करते हो दैट इज़ मोर दैन इनफ।
- 22:18आ जाओ एक बार वापस रिवाइज करते हैं। रिवीज़
- 22:20के अंदर रिवीज़। सबसे पहले मैंने क्या
- 22:22बोला? ओवरऑल आईटी पॉलिसी सीखेंगे। उसके
- 22:25बाद डेटा वाले दो पॉइंट। डेटा प्रोसेसिंग
- 22:27एंड डेटा इंटरफ़ेस। जब डेटा जा रहा है तो
- 22:29उसकी इंटीग्रिटी और सिक्योरिटी मेंटेन
- 22:31रहनी चाहिए। अब ये सिक्योरिटी कैसे मेंटेन
- 22:32रहेगी? कंट्रोल्स। कंट्रोल्स ओवर द की
- 22:35एस्पेक्ट्स और की एस्पेक्ट्स क्या-क्या
- 22:36थे? मैंने कहा की एस्पेक्ट्स है ओवरड्यू
- 22:39आइडेंटिफिकेशन कि ये एनपीए बन गया। ठीक है
- 22:41सर। उसके अलावा जो भी आप खर्चे बुक कर रहे
- 22:43हो और आखिरी में कंट्रोल्स ओवर द ई
- 22:45बैंकिंग ट्रांजैक्शन। अब सर एक बात बताओ
- 22:49ये जो आईटी पॉलिसी है इसका एक्सेस किसके
- 22:51पास रहता है? ये हेड ऑफिस के पास रहता है।
- 22:54ब्रांच के पास नहीं रहता। हेड ऑफिस के पास
- 22:56रहता है। सो आईटी पॉलिसी का एक्सेस इज़
- 22:58ऑलवेज विद द हेड ऑफिस लेवल। तो यहां पे
- 23:00क्या होता है? बड़ा सिंपल होता है। जो
- 23:02सेंट्रल ऑडिटर्स होते हैं, दे गाइड द
- 23:04ब्रांच ऑडिटर्स। फिर जो ब्रांच ऑडिटर है
- 23:06ये अपनी टेस्टिंग करते हैं, टेस्ट ऑफ
- 23:08कंट्रोल्स करते हैं। सब्सटेंटिव प्रोसीजर
- 23:09करते हैं। और जो भी इनके रिजल्ट्स होते
- 23:11हैं ये सेंट्रल ऑडिटर्स के साथ शेयर करते
- 23:12हैं। क्या ये बेसिक सी बात सबको समझ आई?
- 23:14हां सर इसमें तो कुछ भी नहीं था। अगला
- 23:16टॉपिक जो आईसीआई आपसे पूछ सकता है। ठीक
- 23:18है? चार से पांच नंबर में वो ये है की
- 23:21कंट्रोल एस्पेक्ट्स फॉर अ कंप्यूटराइज्ड
- 23:23बैंक।
- 23:25सर ये क्या है? की कंट्रोल एस्पेक्ट्स फॉर
- 23:27अ कंप्यूटराइज्ड बैंक। अगेन यहां पे भी
- 23:30स्टार्ट करेंगे डेटा के साथ। ऊपर भी
- 23:31स्टार्ट किया था ना डेटा के साथ। हां सर।
- 23:33पहले तो आईटी पॉलिसी थी। फिर था डेटा।
- 23:36यहां भी डेटा के साथ स्टार्ट करेंगे कि
- 23:38हमारा डेटा कैसा हो? ऑथोराइज्ड हो,
- 23:41एक्यूरेट हो, कंप्लीट हो। ठीक है?
- 23:43ऑथोराइज़्ड, एक्यूरेट एंड कंप्लीट डेटा।
- 23:45ओके सर। अब मान लो मैं डेटा फीड इन कर रहा
- 23:48हूं। अचानक लाइट चली गई। ठीक है? अचानक
- 23:51लाइट चली गई। तो जब भी मैं डेटा फीड इन कर
- 23:54रहा हूं और अचानक लाइट चली गई। मैं क्या
- 23:55चाहूंगा? सर आप चाहोगे कि जो सिस्टम
- 23:58रिस्टार्ट हो रहा है ना वो वहीं से हो
- 24:00जहां तक आपने डाटा एंट्री कंप्लीट करी है
- 24:02ताकि जो भी काम किया है वो वेस्ट ना हो।
- 24:04तो इन केस ऑफ़ पावर फेलियर द सिस्टम शुड
- 24:07रिस्टार्ट विदाउट अफेक्टिंग द कंप्लीशन ऑफ़
- 24:10एंट्रीज एंड रिकॉर्ड्स। ये बात समझ आई?
- 24:12हां सर। तो डेटा पावर फेलियर यानी ऑटो सेव
- 24:16फंक्शन वगैरह होना चाहिए। इसके अलावा सर
- 24:19और क्या-क्या है? मैंने कहा बड़ा सिंपल है।
- 24:22अगर आप चाहते हो आपके डेटा ऑथोराइज्ड हो।
- 24:26एक्यूरेट हो उसमें कोई भी गड़बड़े ना करें
- 24:28कंप्लीट हो तो सबसे पहले तो आपको मेंटेन
- 24:30करना है सेग्रगेशन ऑफ ड्यूटीज सेग्रगेशन
- 24:33ऑफ ड्यूटीज कब व्हेन यू आर ग्रांटिंग द
- 24:35सिस्टम एक्सेस टू द यूजर यानी एक बंदा लोन
- 24:39एप्लीकेशन को इनिशिएट करेगा दूसरा उसको
- 24:41अप्रूव करेगा तीसरा लोन को डिसबर्स करेगा
- 24:44तो जब आप यूज़र्स को एक्सेस दे रहे हो टू द
- 24:46आईटी सिस्टम वहीं पे सेग्रगेशन ऑफ ड्यूटीज़
- 24:48डाल दो। इसी से रिलेटेड अगला पॉइंट हो गया
- 24:51एक्सेस कंट्रोल। सेग्रगेशन ऑफ ड्यूटीज़
- 24:54व्हाइल ग्रांटिंग द एक्सेस राइट्स एंड देन
- 24:55एक्सेस कंट्रोल। सो जो भी एक्सेस कंट्रोल
- 24:58है दैट शुड मैच विद द स्टाफ्स
- 24:59रिस्पांसिबिलिटी। अब जब एक्सेस पे कंट्रोल
- 25:02होगा तो क्या अनऑथोराइज्ड एक्सेस होगी?
- 25:05नहीं। क्या अनऑथोराइज्ड चेंजेस होंगे?
- 25:08नहीं। सो दिस प्रिवेंट्स अन ऑथोराइज्ड
- 25:11अमेंडमेंट्स टू द प्रोग्राम। वाह सर क्या
- 25:14लिंक किया है? सबसे पहले सेग्रगेशन ऑफ़
- 25:17ड्यूटीज़ व्हाइल ग्रांटिंग द एक्सेस राइट।
- 25:19इससे क्या बन गया? एक्सेस कंट्रोल। अगर
- 25:21एक्सेस कंट्रोल है तो अनऑथोराइज्ड
- 25:23अमेंडमेंट्स टू द प्रोग्राम्स नहीं होंगे।
- 25:25नमस्ते। पांचों के पांचों पॉइंट्स
- 25:27कंप्लीट। सो वी वर डिस्कसिंग द टॉपिक ऑफ
- 25:30की कंट्रोल एस्पेक्ट्स इन अ कंप्यूटराइज्ड
- 25:32बैंक। एक बार आ जाओ लास्ट बार रिवाइज करा
- 25:33दो। सबसे पहले डेटा के पॉइंट। जो भी डेटा
- 25:36है वो ऑथोराइज्ड, एक्यूरेट और कंप्लीट
- 25:38डेटा होना चाहिए। अगर लाइट चली गई तो
- 25:39सिस्टम शुड रिस्टार्ट विदाउट अफेक्टिंग द
- 25:41कंप्लीशन ऑफ एंट्रीज। फिर इसके बाद मुझे
- 25:43फोटो याद आ रही है कि एक बंदा लोन इनिशिएट
- 25:46करेगा। दूसरा उसको अप्रूव करेगा। तीसरा
- 25:48पैसे डिसबर्स करेगा। यानी सेग्रगेशन ऑफ़
- 25:50ड्यूटीज़ व्हाइल ग्रांटिंग द एक्सेस
- 25:52राइट्स। इससे क्या होगा? एक्सेस कंट्रोल्स
- 25:54होंगे व्हिच शुड मैच विद देयर
- 25:55रिस्पांसिबिलिटी। एंड अगर एक्सेस कंट्रोल
- 25:58होगा तो अनऑथोराइज्ड अमेंडमेंट्स नहीं
- 26:00होंगे टू द प्रोग्राम्स।
- 26:02डील डन। डन सर। तो यहां आपके मोटा-मोटी
- 26:05मैं बताऊं ना कितने टॉपिक्स हो गए। बैंक
- 26:08शुड शेयर द आईटी इनेशन विद द ऑडिटर। ये
- 26:10आईटी इनफेशन मैंने कवर करा दी। करा दी सर।
- 26:13नोट वाला पॉइंट मैंने कवर करा दिया कि जो
- 26:15आईटी पॉलिसी है वो हेड ऑफिस पे होती है।
- 26:16ब्रांच ऑडिटर के पास एक्सेस नहीं होता। तो
- 26:19जो उनको गाइडेंस मिलती है उसके हिसाब से
- 26:20वो टेस्ट ऑफ कंट्रोल सब्सटेंटिव प्रोसीजर
- 26:22करते हैं और जो भी रिजल्ट्स हैं वो हेड
- 26:24ऑफिस के ऑडिटर के साथ शेयर करते हैं। की
- 26:26कंट्रोल एस्पेक्ट्स मैंने कवर करा दिए।
- 26:28डेटा, पावर फेलियर, एक्सेस कंट्रोल,
- 26:30सेग्रेशन ऑफ ड्यूटीज एंड अनअथराइज़्ड
- 26:31अमेंडमेंट्स। बस एक छोटा सा टॉपिक रह गया
- 26:34रिस्क बेस्ड इंटरनल ऑडिट। अब सर हम इतनी
- 26:38बार रिस्क बेस्ड ऑडिट की बात कर चुके हैं
- 26:39ना इतने-इतने सारे टॉपिक्स में।
- 26:44ऐसा लगता है यार आईसीआई क्यों इतने मजे
- 26:47लेते हो यार? ठीक है? क्यों इतने मजे लेते
- 26:48हो? हर जगह एक ही पॉइंट है। ठीक है?
- 26:50आइडेंटिफाई द रिस्क, इनहेरेंट रिस्क,
- 26:53कंट्रोल रिस्क। ठीक है? रिस्क मैट्रिक्स।
- 26:57ठीक है? गलत है यार ये। बट ठीक है। अब जो
- 27:00है सही है। हंसते खेलते खुशी-खुशी मन लाकर
- 27:02पढ़ते हैं। देखते हैं क्या चल रहा है।
- 27:03लेट्स अंडरस्टैंड द गेम ऑफ़ रिस्क बेस्ड
- 27:05इंटरनल ऑडिट। एवरीवन प्लीज फोकस। ठीक है
- 27:08सर। जब मैं बात कर रहा हूं रिस्क बेस्ड
- 27:10इंटरनल ऑडिट। बैंक का खुद का भी एक रिस्क
- 27:13असेसमेंट प्रोसेस होता है। ध्यान से समझना
- 27:15मजा आएगा। ठीक है? मैं हूं ना मजा आएगा।
- 27:17बैंक का खुद का भी एक रिस्क असेसमेंट
- 27:19प्रोसेस होता है। सर रिस्क असेसमेंट
- 27:20प्रोसेस में क्या होगा? बिना चीटिंग करे
- 27:22लॉजिकली मेरे को देख के बताओ ना। व्हाट डू
- 27:25यू थिंक विल बी देयर इन अ रिस्क असेसमेंट
- 27:27प्रोसेस? रिस्क को आइडेंटिफाई करेंगे,
- 27:29असेस करेंगे और उसके लिए कंट्रोल्स
- 27:31लगाएंगे। क्या यही होगा? हां सर, यही
- 27:33होगा। यही चीज़ यहां पे मोटा-मोटी हो रही
- 27:36है। सबसे पहले दे आइडेंटिफाई इनहेरेंट
- 27:39बिज़नेस रिस्क। ठीक है? जो इनहेरेंट बिजनेस
- 27:42रिस्क है एक बैंक की उसको आइडेंटिफाई करने
- 27:44की कोशिश करते हैं। ठीक है सर। फिर उन
- 27:46रिस्क के लिए जो कंट्रोल लगाया है उसकी
- 27:49इफेक्टिवनेस को असेस करते हैं। ठीक है सर।
- 27:51जब आपने इनहेरेंट रिस्क देख ली, कंट्रोल
- 27:54रिस्क देख ली। इफेक्टिवनेस से पता चल
- 27:56जाएगा कंट्रोल्स कितने रिस्की हैं। तो
- 27:58कंट्रोल रिस्क पता चल जाएगी। उसके बाद ये
- 28:01कहता है असेस द लेवल एंड डायरेक्शन ऑफ
- 28:06रिस्क एरियाज। देखो भैया, लेवल सबके
- 28:08निकलेंगे बट निकलेंगे उसके ही जो आखिरी तक
- 28:11खड़ा रहेगा। ठीक है? आखरी तक टिके रहना
- 28:14रुकना नहीं है। तो कहता है असेस द लेवल
- 28:16एंड डायरेक्शन ऑफ रिस्क। लेवल का मतलब है
- 28:19रिस्क ज्यादा है, मीडियम है या लो है?
- 28:22डायरेक्शन का मतलब है जो भी है क्या
- 28:24इंक्रीजिंग रिस्क है या डिक्रीजिंग रिस्क
- 28:27है। तो हो सकता है बैंक में जो डिफॉल्ट
- 28:29रिस्क है इट इज़ हाई एंड इंक्रीजिंग।
- 28:31डिफॉल्ट बढ़ते ही जा रहे हैं। एक तो हाई
- 28:33रिस्क है, ऊपर से बढ़ते ही जा रहे हैं। तो,
- 28:35आपने असेस करना है लेवल एंड डायरेक्शन ऑफ़
- 28:37द रिस्क। और आखिरी में जब आप पर्टिकुलर
- 28:40रिस्क के लिए कंट्रोल्स की टेबल बनाते हो,
- 28:42तो उसको कहते हैं रिस्क मैट्रिक्स। ठीक
- 28:45है? तो बड़े आसान से पॉइंट्स हैं। बस थोड़े
- 28:47से अलग तरीके से दे रखे हैं। तो सबसे पहले
- 28:49आइडेंटिफाई द इनहेरेंट रिस्क। देन कंट्रोल
- 28:52रिस्क मतलब असेस द इफेक्टिवनेस ऑफ़
- 28:55कंट्रोल। तीसरा जो रिस्क और कंट्रोल्स को
- 28:58कंसीडर करके आपको रिस्क दिख रही है दैट इज
- 28:59ओवरऑल रिस्क ऑफ मटेरियल मिस्टेटमेंट उसका
- 29:02आपने लेवल और डायरेक्शन देखना है। एंड
- 29:04लास्ट में कहता है जब रिस्क के लिए आप
- 29:06कंट्रोल्स की टेबल बनाते हो उसको कहते हैं
- 29:08रिस्क मैट्रिक्स। सो ड्रॉ द रिस्क
- 29:10मैट्रिक्स। ये आपके चारों के चारों
- 29:12पॉइंट्स हो गए। एक बार आ जाओ बुक से गो
- 29:13थ्रू करा देता हूं। आइडेंटिफिकेशन ऑफ
- 29:15इनहेरेंट रिस्क इन द ब्रांचेस दैट इज़ द
- 29:17बिनेस रिस्क। असेस द इफेक्टिवनेस ऑफ
- 29:20कंट्रोल्स दैट इज़ कंट्रोल रिस्क। फिर इनका
- 29:23आपने लेवल और डायरेक्शन देखना है। असेस द
- 29:26लेवल एंड डायरेक्शन ऑफ द रिस्क एरियाज।
- 29:28एंड आखिरी में जब आप इनहेरेंट रिस्क के
- 29:30लिए कंट्रोल्स लगाते हो तो उसको कहते हैं
- 29:32रिस्क मैट्रिक्स। ड्रॉ द रिस्क मैट्रिक्स।
- 29:36क्या यहां तक पूरी की पूरी गेम क्लियर है?
- 29:39अरे यस और नो। यस सर। तो कई सारे हमारे
- 29:42टॉपिक्स यहां पे कंप्लीट हो गए। अगर मैं
- 29:44आपको स्टार्टिंग की टेबल दिखाऊं तो हमने
- 29:46सर क्या-क्या पॉइंट्स यहां पे कवर करें।
- 29:48एवरीवन प्लीज फोकस। फिर हम आगे बढ़ेंगे
- 29:50आराम से।
- 29:52सर हमने यहां पर इंट्रोडक्शन कवर कर लिया।
- 29:54आईटी कवर कर लिया। अब हमारे इंटरनल
- 29:57कंट्रोल्स वाले टॉपिक आते हैं। वि इज अ
- 29:59वेरी वेरी इंटरेस्टिंग टॉपिक। तो मैं
- 30:01चाहता हूं एक बार आप यहां पे 5 मिनट का
- 30:03ब्रेक ले लो। ठीक है सर। देखो भाई मैं
- 30:05तुमको अच्छे से कवर कराते चलूंगा, रिवीजन
- 30:07कराते चलूंगा। बट फायदा तभी है दिमाग में
- 30:09चीजें तभी जाएंगी जब आप साथ-साथ ब्रेक
- 30:11लेते चलोगे। ठीक है? तो 5 मिनट का एक
- 30:13प्रॉपर सा ब्रेक ले लो। 5 मिनट के बाद अपन
- 30:16कंटिन्यू करते हैं। ठीक है? चलो
- 30:19अब आ जाओ इंटरनल कंट्रोल्स के साथ स्टार्ट
- 30:21करते हैं। सबसे पहले सर जो इंटरनल
- 30:23कंट्रोल्स है उसमें हमें कुछ जनरल पॉइंट्स
- 30:25कवर करके चलने हैं। ठीक है? सारे बच्चे
- 30:27बोर्ड पे फोकस करना, समझने पे फोकस करना।
- 30:29ठीक है? समझने के बाद मैं आपको बताऊंगा
- 30:31कौन से चारप पॉइंट्स हैं जिनको आप आराम से
- 30:33ध्यान रख सकते हो और इस पे क्या केस स्टडी
- 30:35बेस्ड क्वेश्चन है जो आईसीआई आपसे पूछ
- 30:37सकता है। सबसे पहले सर यह बात करता है जॉब
- 30:39रोटेशन की। जॉब रोटेशन का मतलब है जो बैंक
- 30:41का स्टाफ है दैट शुड बी शिफ्टेड फ्रॉम वन
- 30:43पोजीशन टू अनदर विदाउट एनी प्रायर नोटिस।
- 30:46मतलब क्वेश्चन में हो सकता है इसे लिख के
- 30:48दे दे कि बिना नोटिस के आपके स्टाफ को
- 30:51शिफ्ट कर दिया। यह सही है या गलत? तो
- 30:53बोलना यह एकदम सही है। क्योंकि हमेशा
- 30:55स्टाफ को शिफ्ट किया जाता है विदाउट एनी
- 30:57प्रायर नोटिस। दूसरी चीज एक बंदे का जो भी
- 31:00काम होगा वो कहीं ना कहीं दूसरा बंदा करके
- 31:02चेक करके चलेगा। इसको हम क्या कहते हैं?
- 31:04इंटरनल चेक। तीसरी चीज कहता है जो भी आप
- 31:06बुक्स ऑफ अकाउंट्स बना रहे हो। ठीक है?
- 31:08एरथमैटिकली क्या वो एक्यूरेट है? मतलब जो
- 31:10भी आपने एडिशन, सब्ट्रैक्शन,
- 31:12मल्टीप्लिकेशन, डिवीज़ कर रखी है वो प्रॉपर
- 31:13है कि नहीं? दैट नीड्स टू बी
- 31:15इंडिपेंडेंटली चेक्ड एवरीडे। फिर सर जो भी
- 31:18आपके बैंक फॉर्म्स हैं, बैंक फॉर्म्स का
- 31:20क्या मतलब है? चेक बुक, डिमांड ड्राफ्ट।
- 31:22ठीक है? ये किसकी पोज़ेशन में होने चाहिए
- 31:25सर? दे शुड बी इन अ पोज़ेशन ऑफ अ
- 31:27रिस्पांसिबल ऑफिसर। ठीक है सर। और दूसरा
- 31:29ऑफिसर जो है वो कहीं ना कहीं ये जो भी
- 31:32स्टेशनरी है, स्टेशनरी का मतलब है चेक
- 31:33बुक्स और डिमांड ड्राफ्ट। इसकी इशुंस और
- 31:36इसका स्टॉक चेक करके चलेगा। अब सर मान लो
- 31:39किसी और बैंक से आपके पास डिमांड ड्राफ्ट
- 31:41आता है। ठीक है? वो मेल कौन ओपन करेगा?
- 31:44दैट विल बी ओपन बाय अ रिस्पांसिबल ऑफिसर।
- 31:47ठीक है सर। अब वो मेल जेनुइन है या नहीं?
- 31:50ठीक है? उसके ऊपर सिग्नेचर चेक किया
- 31:52जाएगा। तो जो भी सिग्नेचर है ऑन द लेटर्स
- 31:54एंड एडवाइसेस रिसीव्ड फ्रॉम अदर बैंक्स
- 31:57दैट विल बी चेक्ड बाय अदर ऑफिसर जिसके पास
- 31:59क्या है? सिग्नेचर बुक। तो जिसके पास
- 32:01सिग्नेचर बुक है वही कहीं ना कहीं उस मेल
- 32:03के सिग्नेचर को चेक करेगा। अब सर सिग्नेचर
- 32:06बुक किसके पास होनी चाहिए? टेलीग्राफिक
- 32:08बुक किसके पास होनी चाहिए? ये कहीं ना
- 32:10कहीं रिस्पांसिबल ऑफिसर के पास होनी चाहिए
- 32:12और इसका एक्सेस आप सिर्फ एक ऑथोराइज्ड
- 32:15ऑफिसर को ही दोगे। फिर सर बैंक में कई
- 32:17सारे लॉस हो सकते हैं। लॉस ड्यू टू फायर,
- 32:19नेचुरल केमिटीज, कोई अर्थक्वेक आ गया, कोई
- 32:21फ्लड आ गया, कोई थफ्ट या एंप्लॉयड
- 32:24इनफेडिलिटी। इनफेडिलिटी का मतलब है कोई
- 32:26एंप्लई धोखाधड़ी कर गया। तो उस चोरी चकारी
- 32:28के अगेंस्ट भी आपने इंश्योरेंस लेना है।
- 32:30ठीक है सर। क्या इसके लिए इंश्योरेंस
- 32:32पॉलिसी होनी चाहिए? हां। इसके लिए सारे
- 32:34लॉसेस के लिए हमारे पास इंश्योरेंस पॉलिसी
- 32:37होनी ही चाहिए। एंड लास्ट में कहता है जो
- 32:40भी बैंक का हेड ऑफिस है। ठीक है? या बैंक
- 32:43की जो ब्रांचेस हैं यहां पे कुछ
- 32:45हैंकीपेंकी नहीं हो रहा। कोई गड़बड़ नहीं
- 32:47हो रही। इसको चेक करने के लिए सरप्राइज़
- 32:49इंस्पेक्शन होनी चाहिए। ये सरप्राइज
- 32:51इंस्पेक्शन कौन करेगा? इंटरनल ऑडिट
- 32:53डिपार्टमेंट। जो बैंक का इंटरनल ऑडिट
- 32:55डिपार्टमेंट है ये सरप्राइज़ इंस्पेक्शन
- 32:57करके चलेगा। तो एक बार आ जाओ पूरी समरी
- 32:59रिवाइज़ करा देता हूं। जो भी जॉब रोटेशन
- 33:02है वो होनी चाहिए। स्टाफ को शिफ्ट करना
- 33:04चाहिए फ्रॉम वन पोजीशन टू अनदर विदाउट एनी
- 33:06प्रायर नोटिस। एक बंदे का काम दूसरा बंदा
- 33:09चेक करेगा जिसको कहते हैं इंटरनल चेक। जो
- 33:11इनकी बुक्स ऑफ अकाउंट्स हैं उसकी
- 33:12एरथमैटिकल एक्यूरेसी इंडिपेंडेंटली चेक
- 33:14होनी चाहिए। जो भी बैंक के फॉर्म्स हैं
- 33:17फॉर्म्स का मतलब है चेकक्स डिमांड ड्राफ्ट
- 33:19ये रिस्पांसिबल ऑफिसर की कस्टडी में होने
- 33:22चाहिए और दूसरा ऑफिसर उसकी स्टेशनरी का
- 33:24ख्याल रखेगा। जो भी बैंक की मेल्स हैं वो
- 33:27एक रिस्पांसिबल ऑफिसर ओपन करेगा। उसका
- 33:29साइन चेक करेगा। ठीक है? साइन चेक करने के
- 33:31लिए जो सिग्नेचर बुक है, कोड बुक है, यह
- 33:33भी रिस्पांसिबल ऑफिसर के पास होगी। जितने
- 33:35भी लॉसेस हैं उसके अगेंस्ट इंश्योरेंस
- 33:37पॉलिसी होनी चाहिए। सरप्राइज चेक होना
- 33:39चाहिए बाय इंडिपेंडेंट ऑडिट डिपार्टमेंट
- 33:41या इंटरनल ऑडिट डिपार्टमेंट। तो मुझे लगता
- 33:43है इसमें से कोई भी चारप पॉइंट्स अगर आप
- 33:45ढंग से कर लेते हो चल जाएगा। एक बार आ जाओ
- 33:47साथ में रिवाइज करते हैं। जॉब रोटेशन,
- 33:50इंटरनल चेक। ठीक है? इंटरनल चेक के बाद आप
- 33:53इसमें वो फॉर्म्स वाले पॉइंट याद रख लो कि
- 33:55फॉर्म्स रिस्पांसिबल ऑफिसर की कस्टडी में
- 33:57होंगे। ठीक है? जब भी कोई मेल आएगा तो वो
- 33:59रिस्पांसिबल ऑफिसर चेक करेगा। उस पे जो
- 34:01सिग्नेचर होगा वो सिग्नेचर बुक से चेक
- 34:03होगा। सिग्नेचर बुक भी रिस्पांसिबल ऑफिसर
- 34:05के पास होगी। ठीक है? फिर आखिरी में
- 34:06इंश्योरेंस पॉलिसी और सरप्राइज चेक वाले
- 34:08पॉइंट्स हमने कवर करे। तो अगर आप इनको
- 34:10कॉनसेप्चुअली समझ के करते हो आराम से आप
- 34:12फोर फाइव पॉइंट्स रिकॉल करके चल सकते हो।
- 34:14सर क्या इस टॉपिक के ऊपर कोई क्वेश्चन है?
- 34:17आंसर इज़ यस। मेरे साथ आ जाओ। अगर आप आओगे
- 34:20क्वेश्चन बैंक पे, तो क्वेश्चन बैंक में
- 34:22क्वेश्चन नंबर टू है। ठीक है? आप अपने
- 34:24क्वेश्चन बैंक के हिसाब से देख लो। पीटर,
- 34:26प्रेम और प्राण वाला एक क्वेश्चन होगा।
- 34:27ठीक है सर। इस क्वेश्चन में क्या है? सारे
- 34:30बच्चे बोर्ड पे फोकस करना। एक बैंक की
- 34:32स्मॉल ब्रांच है। ठीक है? जहां पर सर एक
- 34:35मैनेजर है, एक कैशियर है और तीन अदर स्टाफ
- 34:37है। जिनका नाम है पीटर, प्रेम और प्राण।
- 34:40जब ये काम एलोकेट कर रहे थे तो पीटर एक
- 34:42पीयन है। जिस जो क्या करता है? ओपन करता
- 34:45है मेल को। मुझे बताओ मेल को क्या पीयन को
- 34:48ओपन करना चाहिए? सर नहीं। मेल की जो
- 34:51ओपनिंग है वो रिस्पांसिबल ऑफिसर को ओपन
- 34:52करना चाहिए। एंड ही फॉरवर्ड्स इट टू द
- 34:55कंसर्न पर्सन। कहीं ना कहीं कंसर्न पर्सन
- 34:57को दे देता है। ही डज़ नॉट हैव द सिग्नेचर
- 35:00बुक। जो भी बंदा मेल ओपन करेगा वो मेल पर
- 35:02सिग्नेचर चेक करेगा तो उसके पास सिग्नेचर
- 35:04बुक होनी चाहिए। सर इसके पास सिग्नेचर बुक
- 35:07है ही नहीं। ठीक है? प्रेम हैज़ द पोज़ेशन
- 35:09ऑफ ऑल द बैंक फॉर्म्स। ही मेंटेंस अ
- 35:12रिकॉर्ड मैटिकुलसली व्हिच यू हैव टेस्ट
- 35:15चेक आल्सो। नो स्टाफ रेगुलरली चेकक्स इट।
- 35:18अब मैंने कहा था एक बंदा बैंक फॉर्म्स
- 35:21मेंटेन करेगा। चेक बुक, डिमांड ड्राफ्ट
- 35:23बुक और दूसरा बंदा वो जो भी स्टेशनरी है
- 35:26उसका इशुंस और उसका स्टॉक चेक करेगा जो कि
- 35:28यहां पे कोई भी चेक नहीं कर रहा। बैंक
- 35:31कहता है कि ये एक स्मॉल ब्रांच है। यहां
- 35:32पे मैन पावर की कमी है। तो इट इज़ नॉट
- 35:34पॉसिबल टू चेक द वर्क एंड रिकॉर्ड्स। गिव
- 35:36योर कमेंट्स। तो आप क्या बोलोगे? सर, जो
- 35:39भी बातें मैंने आपको बताई, वही बातें आपने
- 35:41यहां पे लिखनी है और बोलना है इनके इंटरनल
- 35:43कंट्रोल्स इफेक्टिवली ऑपरेट नहीं कर रहे।
- 35:46तो एक बार आ जाओ आंसर कैसे देना है? बड़ा
- 35:48सिंपल है। सबसे पहले आपने लिखे फैक्ट्स ऑफ
- 35:51द केस और आपने यहां पर लिखना है मेल शुड
- 35:53बी ओपन बाय रिस्पांसिबल ऑफिसर। सिग्नेचर
- 35:55ऑन ऑल द लेटर्स एंड एडवाइसेस रिसीव्ड
- 35:58फ्रॉम अदर बैंक्स। ठीक है? दे शुड बी
- 36:00चेक्ड बाय द ऑफिसर विद सिग्नेचर बुक। ऑल द
- 36:02बैंक फॉर्म शुड बी इन द पोज़ेशन ऑफ़ एन
- 36:04ऑफिसर एंड अनदर रिस्पांसिबल ऑफिसर शुड
- 36:06वेरीफाई द इशू एंड स्टॉक ऑफ़ स्टेशनरी। फिर
- 36:09बोलना फैक्ट्स ऑफ द केस के हिसाब से ये सब
- 36:11चीजें नहीं हो रही। जो बैंक की कंटेंशन है
- 36:13कि हम तो छोटी-छोटी ब्रांच हैं। ये
- 36:15एक्सेप्टेबल नहीं है। दीज़ आर द लेप्स इन
- 36:18इंटरनल कंट्रोल। यहां पे फ्रॉड हो सकता
- 36:20है। सो ऑडिटर शुड रिपोर्ट अकॉर्डिंगली।
- 36:22कहीं ना कहीं आप इसको रिपोर्ट करके चलोगे।
- 36:25जनरली इस तरह के इंटरनल कंट्रोल्स के इशूज़
- 36:27एलएफएआर में रिपोर्ट हो जाते हैं। क्या ये
- 36:30बात समझ में आई? मजा आया सर। अब आ जाओ आगे
- 36:32चलते हैं। कैश की बात करते हैं। कैश है तो
- 36:36ऐश है। अब कैश का जो एरिया है इस पे आज तक
- 36:38कभी क्वेश्चन आया नहीं है। ठीक है? मैं
- 36:40आपको बताता चलूंगा जो जो इंपॉर्टेंट
- 36:41एरियाज हैं उसके अलावा सारे एरियाज को
- 36:43आपने बस समझ के चलना है। रीड करके चलना
- 36:45है। ठीक है सर। सबसे पहले आ जाओ कैश वाले
- 36:47एरिया को समझते हैं। कैश के लिए कहता है
- 36:50कि सर जो भी आपकी कैश है ये कितने ऑफिसर्स
- 36:52के पास होगी? दो ऑफिसर के पास। इट शुड बी
- 36:55इन द जॉइंट कस्टडी ऑफ टू रिस्पांसिबल
- 36:58ऑफिसर। ठीक है सर। फिर ये कहता है जो भी
- 37:01कैश है इसकी टेस्ट चेकिंग तो डेली होनी
- 37:03चाहिए और फुल काउंटिंग ओकेजनली होनी
- 37:06चाहिए। सर टेस्ट चेक का क्या मतलब है?
- 37:08देखो ये चीज आपने अपने आर्टिकलशिप में भी
- 37:10देखी होगी। अगर एक बैंक के पास ₹1 लाख कैश
- 37:12पड़ी है तो ये 1 लाख एक साथ नहीं होती।
- 37:15₹000 की पांच गड्डियां पड़ी होंगी। ठीक है
- 37:17सर। अब इन पांच में से आप तीन गड्डियां
- 37:20चेक कर लो कि एक्चुअल में 20,000 है कि
- 37:21नहीं। तो इससे आपको सैंपलिंग बेसिस पे
- 37:23अंदाजा लग जाएगा कैश प्रॉपर है या नहीं।
- 37:26वेरी गुड। तो इसको टेस्ट चेक तो रोज करना
- 37:28है और ओकेजनली फुल काउंटिंग कर सकते हो
- 37:30बाय रिस्पांसिबल ऑफिसर अदर देन द वन
- 37:33हैंडलिंग द कैश। तो ये दोनों तो कैश हैंडल
- 37:35करेंगे और कोई तीसरा बंदा कहीं ना कहीं
- 37:40इसको चेक करेगा। कहीं ना कहीं कोई तीसरा
- 37:42बंदा चेक करेगा। टेस्ट चेक तो डेली करेगा।
- 37:45ठीक है सर। और फुल काउंटिंग विल बी डन
- 37:48ओकेजनली। ओकेजनली इसकी फुल काउंटिंग वगैरह
- 37:51होगी। ठीक है सर। यह पहले दो पॉइंट्स तो
- 37:54हम समझ गए। जॉइंट कस्टडी टेस्ट चेक डेली
- 37:57फुल काउंटिंग ओकेजनली बाय द थर्ड पर्सन
- 38:00प्लस जो बंदा कैशियर है उसके पास एक्सेस
- 38:02नहीं होना चाहिए कस्टमर के लेजर अकाउंट का
- 38:04डे बुक का जिसको आप बोलते हो सेग्रगेशन ऑफ
- 38:06ड्यूटीज जिसके पास कस्टडी ऑफ कैश है उसके
- 38:08पास बुक्स ऑफ अकाउंट्स का एक्सेस नहीं
- 38:10होगा एंड लास्ट के दो पॉइंट्स बात करते
- 38:12हैं पेमेंट की जो भी पेमेंट है वो आप तभी
- 38:15करोगे जब आपका वाउचर या आप बोल दो चेक इट
- 38:18हैज़ पास्ड फॉर पेमेंट जब चेक पास हो गया
- 38:20तभी चेक की पेमेंट करना दूसरी चीज जितनी
- 38:23भी हाई वैल्यू कैश कैश रिसीप्ट्स हैं और
- 38:25पेमेंट्स चाहे कैश इनवर्ड है चाहे कैश
- 38:27पेमेंट है क्योंकि ये हाई वैल्यू है इनको
- 38:30आप हायर ऑफिसर को बताओगे कहीं ना कहीं दे
- 38:33विल बी वेरीिफाइड बाय हायर ऑफिसर या
- 38:35ब्रांच मैनेजर स्मॉल समरी इसकी सारे बच्चे
- 38:39फोकस करो जॉइंट कस्टडी ठीक है चेक तीसरा
- 38:42बंदा करेगा सेग्रगेशन ऑफ ड्यूटीज होनी
- 38:44चाहिए जिसके पास कैश की कस्टडी है उसके
- 38:46पास बुक्स ऑफ अकाउंट्स का एक्सेस नहीं
- 38:47होगा पेमेंट्स वाले दो पॉइंट पेमेंट तभी
- 38:50करेंगे जब वाउचर पास हो चुका है और जो भी
- 38:52हाई वैल्यू पेमेंट्स है उसके बारे में
- 38:54हायर ऑफिसर को बताया जाएगा। क्लियर है
- 38:56बॉस? अरे यस और नो। यस सर। अब आ जाओ
- 39:00नेक्स्ट कांसेप्ट पे चलते हैं। क्लियरिंग।
- 39:02क्लियरिंग के लिए हमने एग्जांपल लिया था
- 39:04मेरे दोस्त निशित का। इस एग्जांपल में
- 39:06क्या हुआ था? इत्मीनान से समझना। मजा आएगा
- 39:08डर। अब देखो क्या कहता है। मेरा एक दोस्त
- 39:11है निशित जिसने मुझे चेक दिया ₹8 लाख का।
- 39:14किसको? एसके को। ठीक है सर। अब जब मेरे
- 39:18पास चेक आया तो मैंने चेक कहां डिपॉजिट
- 39:19किया? ICICI बैंक में। ये इसने चेक दिया
- 39:22था HDFC बैंक का। ठीक है सर। जब मैंने
- 39:25ICICI बैंक को ये चेक दिया। अब ICICI को
- 39:27तो पता नहीं इसके चेक ठीक है कि नहीं। तो
- 39:29ICICI क्या करता है? इसका जो चेक होता है
- 39:31इसकी फोटो खींच के डिटेल्स के साथ भेजता
- 39:34है आरबीआई के क्लियरिंग हाउस को। आरबीआई
- 39:36का क्लियरिंग हाउस क्या करता है? HDFC
- 39:38बैंक को भेजता है जो इसका साइन चेक करता
- 39:40है, इंफॉर्मेशन चेक करता है और चेक को
- 39:42अप्रूव करता है। अब सर क्योंकि यह चेक ₹8
- 39:44लाख का था यानी इट वाज़ ₹5 लै एंड अबव। तो
- 39:48HDFC का कर्तव्य है कि वो निशित को कॉल
- 39:51करें या ईमेल करे टू कंफर्म उसने एक्चुअल
- 39:54में ये चेक दिया है या नहीं। ठीक है सर।
- 39:56अब ICICI बैंक ने आरबीआई को क्लियरिंग
- 39:59करने के लिए भेजा है तो इसको कहते हैं
- 40:00आउटवर्ड क्लियरिंग। HDFC के पास ये चेक
- 40:04चेक होने के लिए आया है तो इसको कहते हैं
- 40:05इनवर्ड क्लियरिंग। आरबीआई की तरफ से आया
- 40:07है इसको कहते हैं इनवर्ड क्लियरिंग। क्या
- 40:09पूरा प्रोविज़ समझ में आ गया? आ गया सर।
- 40:12मान लो यह चेक रिजेक्ट हो जाता तो ICICI
- 40:15बैंक क्या करेगा? इस चेक को कस्टमर को
- 40:17रिटर्न करेगा। या तो बुला के दे देगा या
- 40:19इसके एड्रेस पे पोस्ट कर देगा। क्या पूरा
- 40:22का पूरा गेम समझ में आया? अरे यस और नो।
- 40:24यस सर। यही बात आपकी किताब में लिखी है।
- 40:27एवरीवन प्लीज फोकस ऑन द बोर्ड। मजा आ
- 40:29जाएगा।
- 40:31चेक ट्रंकेशन सिस्टम। चेक ट्रंकेशन सिस्टम
- 40:34में कुछ नहीं होता। चेक की जो फोटो होती
- 40:35है, दैट इज ट्रांसमिटेड टू द पेइंग ब्रांच
- 40:38यानी HDFC थ्रू द क्लियरिंग हाउस ऑफ़
- 40:40आरबीआई। इसमें जो भी रेलेवेंट इंफॉर्मेशन
- 40:43है एमआईसीआर बैंड ये कोई टेक्निकल डिटेल
- 40:45है विद द डेट ऑफ प्रेजेंटेशन एंड
- 40:47प्रेजेंटिंग बैंक जाती है। एस पर आरबीआई
- 40:50हर ब्रांच का कर्तव्य है कि वो कॉल करें
- 40:53या ईमेल करें कस्टमर को अबाउट एनी चेक
- 40:56रिसीव्ड फॉर 5 लाख एंड अबव जब भी 5 लाख या
- 40:58उससे ऊपर का चेक आएगा एमसीक्यू पॉइंट ऑफ
- 41:00व्यू से ध्यान रखना। ये आपको कहीं ना कहीं
- 41:03कस्टमर को इसके बारे में बताना है। तो एज
- 41:04अ ऑडिटर आप इस चीज को टेस्ट चेक बेसिस पे
- 41:06चेक कर सकते हो। सामने वाले ब्रांच क्या
- 41:09चेक करेगी? साइन ऑफ द ड्रॉ चेक करेगी। ठीक
- 41:11है? अगर उसने वेरीफाई नहीं किया तो यह
- 41:13बैंक की लायबिलिटी हो जाएगी। एंड लास्ट
- 41:15में कहता है जितने भी अनपेड चेकक्स हैं
- 41:17आउटवर्ड क्लियरिंग में मतलब ICICI बैंक ने
- 41:21जितने भी अनपेड चेकक्स भेजे हैं आउटवर्ड
- 41:23क्लियरिंग में जो कहीं ना कहीं रिजेक्ट हो
- 41:24गए ये ये कस्टमर को रिटर्न करके चलेगा।
- 41:28यही बात यहां लिखी है। अनपेड चेकक्स इन द
- 41:30आउटवर्ड क्लियरिंग विल आइदर बी सेंट टू द
- 41:32कस्टमर एट देयर रिकॉर्डेड एड्रेस या फिर
- 41:34कस्टमर को इन्फॉर्म करो टू कलेक्ट फ्रॉम द
- 41:37ब्रांच। क्या चारों पॉइंट्स क्लियर हैं?
- 41:40पक्का आ जाओ इसकी भी एक समरी डिस्कस करते
- 41:42हैं। चेक ट्रंकेशन सिस्टम का मतलब बता
- 41:44देना। कॉल और ईमेल द कस्टमर इफ द चेक
- 41:47रिसीव्ड इज 5 लाख और अबव साइन वेरीफाई
- 41:49करोगे तभी चेक की पेमेंट होगी और अगर
- 41:52अनपेड चेक है तो ये कस्टमर को आप रिटर्न
- 41:54करके चलो। क्लियर है बॉस? क्लियर है सर?
- 41:58अब आ जाओ नेक्स्ट टॉपिक की ओर। चलते हैं।
- 42:00बिल्स फॉर कलेक्शन।
- 42:03मजा आ रहा है? हां सर। बढ़िया-बढ़िया
- 42:05कांसेप्ट दिमाग में जा रहे हैं। अब आ जाओ
- 42:07बिल्स फॉर कलेक्शन। मैं आपको समझाता हूं।
- 42:09बढ़िया-बढ़िया एग्जांपल के साथ रिवाइज
- 42:11करते हैं। इस कहानी के दो किरदार हैं। एक
- 42:14है सुंदरलाल जो है इंपोर्टर, एक है
- 42:16जेठालाल जो है एक्सपोर्टर। ठीक है सर।
- 42:19जेठालाल ने सुंदरलाल को गुड्स सेंड किए।
- 42:22ठीक है? सुंदरलाल ने इसकी पेमेंट अभी तक
- 42:25नहीं करी। तो अब जेठालाल को टेंशन है कि
- 42:27इन गुड्स की पेमेंट मैं कैसे रियलाइज़
- 42:29करूं? तो इसने जब गुड्स भेजे ना तो जो
- 42:32गुड्स का बिल था। ठीक है? जो उसके
- 42:34डॉक्यूमेंट्स थे वो डॉक्यूमेंट्स इसने
- 42:36नहीं दिए। क्योंकि अभी सुंदरलाल के पास
- 42:38डॉक्यूमेंट्स नहीं है तो वो गुड्स के ऊपर
- 42:40अपना ओनरशिप एक्सरसाइज नहीं कर सकता। तो
- 42:43जेठालाल क्या करता है? जो भी गुड्स के
- 42:45डॉक्यूमेंट्स हैं दैट इज द टाइटल टू द
- 42:47गुड्स अलोंग विद बिल्स फॉर कलेक्शन ये
- 42:49बैंक को दे देता है। ठीक है सर। फिर बैंक
- 42:52क्या करता है? बैंक के पास जो भी एजेंट या
- 42:55ब्रांच रहता है इंपोर्टर वाली कंट्री में
- 42:58ये इसको बिल्स फॉर कलेक्शन अलोंग विद द
- 43:00डॉक्यूमेंट्स भेज देता है। अब ये एजेंट और
- 43:03ब्रांच क्या करेगी? यह सुंदरलाल को
- 43:05डॉक्यूमेंट्स देगी और साथ-साथ पेमेंट
- 43:07कलेक्ट कर लेगी। यह दोनों चीजें हैंड टू
- 43:10हैंड हो जाएंगी। जैसे ही इसने पेमेंट
- 43:12कलेक्ट करी, एक्सपोर्टर का अकाउंट क्रेडिट
- 43:15हो जाएगा। कस्टमर का अकाउंट क्रेडिट हो
- 43:16जाएगा। जेठालाल का अकाउंट क्रेडिट हो
- 43:18जाएगा। क्या पूरी की पूरी गेम समझ में आ
- 43:20गई? पक्का? पक्का सर। अब इसमें एक छोटी सी
- 43:22बात ध्यान रखना। अगर 31 मार्च यानी क्लोज
- 43:26ऑफ द फाइनेंसियल ईयर बिल कलेक्ट नहीं
- 43:29होता। ठीक है सर। तो बैलेंस शीट में दो
- 43:32बिल्स फॉर कलेक्शन आ रहे हैं। एक तो जो
- 43:34मेन बैंक के पास आपने बिल्स फॉर कलेक्शन
- 43:36दिया था इसकी बुक्स में आ रहा है। दूसरा
- 43:38इस बैंक ने जो इस ब्रांच को बिल्स फॉर
- 43:40कलेक्शन दिया है इसकी बुक्स में भी आ रहा
- 43:42है। तो किसी ना किसी को तो रिवर्सल मारना
- 43:45पड़ेगा। वरना बुक्स में दो-दो बिल्स फॉर
- 43:47कलेक्शन आ रहे हैं। तो सर मेन बैंक तो यही
- 43:49था ना जिसने बिल्स फॉर कलेक्शन लिए है। ये
- 43:51तो रखेगा और ये जो रिसीविंग ब्रांच है ये
- 43:54इसकी रिवर्सल एंट्री मारेगी। ये कहीं ना
- 43:56कहीं इसकी रिवर्सल एंट्री मारेगी। तो यही
- 43:58बात लिखी है अगर क्लोज ऑफ द फाइनेंसियल
- 44:01ईयर पे बिल्स कलेक्ट नहीं होते बैलेंस शीट
- 44:03में दो-दो बिल्स फॉर कलेक्शन आएंगे तो
- 44:04देयर शुड बी अ रिसीवल रिवर्सल बाय द
- 44:08रिसीविंग ब्रांच रिसीविंग ब्रांच रिवर्सल
- 44:10मार के चलेगी क्लियर है बॉस क्लियर है सर
- 44:14अब एक बार आ जाओ किताब पे चारों के चारों
- 44:16पॉइंट्स साथ में रिवाइज कराता हूं
- 44:18डॉक्यूमेंट्स आर रिसीव्ड एंड एंटर्ड इन द
- 44:21रजिस्टर्ड बाय रिस्पांसिबल ऑफिसर। तो जैसे
- 44:23ही एक्सपोर्टर डॉक्यूमेंट्स देता है, ये
- 44:24रिस्पांसिबल ऑफिसर एंटर करेगा। दूसरी चीज
- 44:28एट द टाइम ऑफ डिस्पैच सारे डॉक्यूमेंट्स
- 44:30विल बी सेंट विद द बिल्स। तो जब बिल्स फॉर
- 44:34कलेक्शन भेजे जा रहे हैं इसके साथ
- 44:35डॉक्यूमेंट्स भी भेजे जाएंगे। तीसरी चीज
- 44:38कस्टमर का अकाउंट विल बी क्रेडिटेड ओनली
- 44:40आफ्टर द बिल इज़ कलेक्टेड और एडवाइस इज़
- 44:42रिसीव्ड फ्रॉम ब्रांच और एजेंट। सो जैसे
- 44:45ही पेमेंट कलेक्ट हुई कस्टमर का अकाउंट
- 44:47क्रेडिट हो जाएगा। एंड चौथी चीज आपने
- 44:50ध्यान रखनी है। बिल सेंट बाय वन ब्रांच टू
- 44:53अनदर शुड नॉट बी टेकन इन द बिल्स फॉर
- 44:55कलेक्शन ट्वाइस इन द अमेल्गमेटेड बैलेंस
- 44:57शीट। यानी जो आपकी रिसीविंग ब्रांच है
- 45:00उसको एंट्रीज रिवर्स करनी पड़ेंगी एट द
- 45:02एंड ऑफ द ईयर। सो डॉक्यूमेंट शुड बी
- 45:05रिसीव्ड एंड सेंट प्रॉपर्ली विद द बिल्स।
- 45:08कस्टमर का अकाउंट तभी क्रेडिट होगा जब बिल
- 45:10कलेक्ट हो चुका होगा। इसको आपने दो बार
- 45:12बैलेंस शीट में नहीं लेना। जो रिसीविंग
- 45:14ब्रांच है उसको रिवर्सल मारना पड़ेगा। यह
- 45:17आपके चारों के चारों पॉइंट्स डन डना डन डन
- 45:20क्लियर है बॉस क्लियर है सर अब आ जाओ
- 45:22बिल्स परचेस्ड की बात करते हैं
- 45:26बिल्स परचेस्ड वो कांसेप्ट है जो आप बचपन
- 45:28से पढ़ते आ रहे हो इन द नेम ऑफ बिल
- 45:30डिस्काउंटिंग अब सर बिल डिस्काउंटिंग में
- 45:32क्या होता था मैंने कहा कुछ नहीं होता था
- 45:34बड़ी सिंपल सी बात है बैंक के पास एक बंदा
- 45:37आता था जिसको अपना डाटा डिस्काउंट कराना
- 45:39होता था व्हिच इज़ ड्यू आफ्टर वन मंथ ठीक
- 45:42है सर बैंक उसमें से सबसे पहले एक
- 45:44सिक्योरिटी मार्जिन काटता है लेट से 20%
- 45:47तो ₹80,000 की अमाउंट बची। अब इस ₹80,000
- 45:50पे वो अपनी इंटरेस्ट कॉस्ट लगाएगा,
- 45:51डिस्काउंटिंग चार्ज लगाएगा। लेट्स से 12%
- 45:54के रेट पे इसने ₹800 का डिस्काउंटिंग
- 45:56चार्ज लगाया। अब क्या पूरा ₹800 इसकी इनकम
- 45:59है? आंसर इज़ नो। जो इसकी ₹800 की इनकम है
- 46:03उसमें कुछ पोर्शन इस साल के फाइनेंसियल
- 46:05ईयर को रिलेट करता है। कुछ पोर्शन अगले
- 46:07फाइनेंसियल ईयर को रिलेट करता है। सो 400
- 46:10जो इस फाइनेंसियल ईयर को रिलेट करता है
- 46:11उसको हम इनकम मानते हैं। और जो बचा हुआ
- 46:14400 है जो नेक्स्ट फाइनेंसियल ईयर को
- 46:15रिलेट करता है वो आपकी लायबिलिटी बन जाता
- 46:18है। दैट बिकम्स योर लायबिलिटी। तो ये एक
- 46:20छोटा सा कांसेप्ट है जो आपको ऑलरेडी
- 46:22अकाउंट्स में आपने बहुत बार सीख रखा है।
- 46:24इसी के बारे में आपकी बुक में लिखा है।
- 46:25देखो क्या कहता है। जब भी आप बिल
- 46:27डिस्काउंट करोगे सबसे पहले सारे
- 46:29डॉक्यूमेंट्स ऑफ टाइटल बैंक के नाम में
- 46:31करा देना। फिर जब आप पेमेंट करोगे तो
- 46:33उसमें एक सफिशिएंट मार्जिन रखना टू कवर द
- 46:35डिक्लाइन इन द वैल्यू ऑफ़ सिक्योरिटी।
- 46:37बिकॉज़ बैंक को डर है। बैंक को डर है कि कल
- 46:39को डेटर ने पैसे नहीं दिए तो दिक्कत हो
- 46:42जाएगी। तो मान लो ये डर असलियत में बदल
- 46:45गया। ये डर असलियत में बदल गया। एक्चुअल
- 46:47में बिल कलेक्ट नहीं हो पाया। तो इफ द बिल
- 46:50इज नॉट कलेक्टेड ऑन ड्यू डेट टेक द
- 46:52स्टेप्स टू रिकवर द अमाउंट। सारे बच्चे
- 46:54करेंगे मेरे साथ। टेक द स्टेप्स टू रिकवर
- 46:56द अमाउंट। सर अमाउंट रिकवर नहीं हो रही
- 46:58हेड ऑफिस को बताओ। अगर लगता है अमाउंट
- 47:00रिकवर नहीं हो रही इट इज़ अ इर्रेगुलर
- 47:02अकाउंट रिपोर्ट इट टू हेड ऑफिस। एंड लास्ट
- 47:04में कहता है अगर बिल परचेस आउटस्टैंडिंग
- 47:07है ईयर एंड में जो भी डिस्काउंटिंग इनकम
- 47:09है उसको 2 साल में आपने तोड़ के चलना है।
- 47:11तो जो इस साल से रिलेट करती है उस साल में
- 47:13इनकम बुक करो। जो अगले साल से रिलेट करे
- 47:15दैट विल बी अ लायबिलिटी। ठीक है? ठीक है
- 47:18सर। तो आ जाओ पांच पॉइंट्स कवर करते हैं।
- 47:20डॉक्यूमेंट्स ऑफ़ टाइटल इन द नेम ऑफ द
- 47:22बैंक। प्रॉपर मार्जिन मेंटेन करेंगे।
- 47:24मार्जिन क्यों? क्योंकि हमको डर है हम
- 47:26कलेक्ट नहीं कर पाएंगे। एक्चुअल में
- 47:28कलेक्ट ना कर पाओ तो स्टेप्स लेना टू
- 47:30कलेक्ट द अमाउंट। फिर भी कलेक्ट ना हो तो
- 47:32उसको इर्रेगुलर बोलेंगे। एंड लास्ट में इफ
- 47:33इट इज़ आउटस्टैंडिंग एट द ईयर एंड तो उसका
- 47:36डिस्काउंट आप 2 साल में बांट के चलो।
- 47:40क्लियर है? क्लियर है सर। अब आता है सबसे
- 47:42इंपॉर्टेंट टॉपिक। इसको तो भैया मिस आउट
- 47:44मत करना। लोंस एंड एडवांसेस।
- 47:48आरटीपी
- 47:49सेप्टेंबर 25 सबके कान खड़े हो गए। ओह माय
- 47:54गॉड इसको तो सर अच्छे से करना पड़ेगा। यस
- 47:58पानी के दो-दो घूंट लगाओ। गेट रेडी।
- 48:07आ जाओ मेरे साथ। लोंस एंड एडवांसेस का ये
- 48:10रायता पढ़ने से पहले मैं आपको इसका फ्लो
- 48:13रिवाइज करा देता हूं। सबसे पहले अगर मैं
- 48:15किसी को भी लोन दूंगा तो एरे गैरे न्थू
- 48:17खैरे किसी को भी लोन दे दूंगा। नहीं सर हम
- 48:20उसकी क्रेडिट वर्दीनेस चेक करेंगे। हम
- 48:22देखेंगे आदमी लायक है या नालायक है। अगर
- 48:25लायक होगा तभी उसको लोन देंगे वरना नहीं
- 48:27देंगे। सो चेक द क्रेडिट वर्दीनेस ऑफ द
- 48:29पर्सन एंड जो भी हायर अथॉरिटी है उनका
- 48:32सेंक्शन ले लेना। उनकी ऑथराइजेशन ले लेना।
- 48:35ठीक है सर? जब आपको क्रेडिट वर्दीनेस चेक
- 48:38हो गई, ऑथराइजेशन मिल गई। लोन देने से
- 48:40पहले डॉक्यूमेंटेशन पूरी करना। तो सेकंड
- 48:43पॉइंट कहता है जो भी डॉक्यूमेंटेशन है
- 48:44एग्रीमेंट लेटर ऑफ हाइपोथिकेशन जो भी आपने
- 48:47सिक्योरिटी वगैरह ली है इन्वेंटरी वगैरह
- 48:50ये सब डॉक्यूमेंट्स पूरे होने चाहिए। अब
- 48:52सर पैसे देने से पहले हम क्या लेंगे?
- 48:56सिक्योरिटी लेंगे। अब सिक्योरिटी में तीन
- 48:58बातें ध्यान रखना। सबसे पहले सिक्योरिटी
- 49:00में सफिशिएंट मार्जिन होना चाहिए।
- 49:02सफिशिएंट मार्जिन का मतलब है जितना अमाउंट
- 49:04का आप लोन दे रहे हो और जितनी आप
- 49:05सिक्योरिटी ले रहे हो उसमें अच्छा खासा
- 49:07गैप होनी चाहिए। अगर लोन दे रहे हो ₹100
- 49:09का तो सिक्योरिटी कम से कम ₹120 की होनी
- 49:12चाहिए। ठीक है? यानी सिक्योरिटी थोड़ी
- 49:14ज्यादा होनी चाहिए। ठीक है सर? सफिशिएंट
- 49:16मार्जिन। चौथा पॉइंट जो भी सिक्योरिटी
- 49:18रिसीव करेगा और रिटर्न करेगा वो एक
- 49:20रिस्पांसिबल ऑफिसर है। ठीक है सर। एंड द
- 49:24लास्ट पॉइंट अगर सिक्योरिटी की
- 49:25रजिस्ट्रेशन हो सकती है तो वो रजिस्ट्रेशन
- 49:28बैंक के नाम में हो जानी चाहिए। ठीक है?
- 49:30वो कहीं ना कहीं बैंक के नाम में हो जानी
- 49:32चाहिए। तो पांच पॉइंट शुभम सर ने क्या
- 49:33बताया? लोन देने से पहले क्या चेक करेंगे?
- 49:35क्रेडिट वर्दीनेस। ठीक है? और उसके बाद
- 49:37हायर अथॉरिटी का सेंशन। फिर जब भी लोन
- 49:40देंगे तो उससे पहले डॉक्यूमेंटेशन पूरी
- 49:42होनी चाहिए। और क्या लेंगे? सिक्योरिटी।
- 49:43सिक्योरिटी के तीन पॉइंट याद रखना।
- 49:45सफिशिएंट मार्जिन, रिसीव्ड एंड रिटर्न बाय
- 49:48रिस्पांसिबल ऑफिसर। और रिसीव करते ही
- 49:50किसके नाम में रजिस्टर होगी? बैंक के नाम
- 49:52में रजिस्टर होनी चाहिए। अब आ जाओ
- 49:54क्या-क्या पॉइंट्स आपके बुक में लिखे हैं।
- 49:56एक बार इनको गो थ्रू करते हैं।
- 49:59मेक द एडवांस ओनली आफ्टर वेरीिफाइंग द
- 50:01क्रेडिट वर्दीनेस एंड ऑब्टेनिंग द सेंशन
- 50:03फ्रॉम प्रॉपर अथॉरिटी। सेंशन वाला पॉइंट
- 50:05हो गया। नेसेसरी डॉक्यूमेंट्स, एग्रीमेंट,
- 50:08लेटर ऑफ हाइपोथिकेशन दे शुड बी
- 50:09एग्जीक्यूटेड बिफोर द एडवांस इज़ मेड। देयर
- 50:12शुड बी सफिशिएंट मार्जिन टू कवर द
- 50:14डिक्लाइन इन द सिक्योरिटी एंड कंप्लाई विद
- 50:16आरबीआई डायरेक्टिव। सिक्योरिटी विल बी
- 50:18रिसीव्ड एंड रिटर्न बाय द रिस्पांसिबल
- 50:20ऑफिसर। एंड इसको आप जॉइंट कस्टडी में रख
- 50:22के चलोगे। इट शुड बी रजिस्टर्ड इन द
- 50:24बैंक्स नेम ओनली। इसके बाद दो छोटे-छोटे
- 50:26पॉइंट ध्यान रखना एमसीक्यू पॉइंट ऑफ़ व्यू
- 50:28से। जो भी अकाउंट है दैट शुड बी केप्ट विद
- 50:32इन ड्रॉइंग पावर एंड सेंक्शन लिमिट। सर
- 50:35ड्रॉइंग पावर और सेंक्शन लिमिट क्या होती
- 50:37है? अभी रिवाइज कराता हूं। डोंट वरी। ऐसा
- 50:40मान लो लिमिट के अंदर रखना है। ठीक है सर।
- 50:42क्या हम एडिशनल टेंपरेरी लिमिट दे सकते
- 50:44हैं? हां 20% 20% एक्स्ट्रा लिमिट आप दे
- 50:48सकते हो। बट मैक्सिमम 90 डेज के लिए। सर
- 50:50क्यों? 90 डेज से ज्यादा मैनेज एंड बैंक
- 50:53को डर लगता है। जो 90 डेज होती है उसकी
- 50:56लिमिट से ज्यादा बैंक को डर लगता है कि
- 50:57आपने सुना होगा 90 डेज तक अगर ओवरड्यू रहे
- 51:00उसके बाद अकाउंट को एनपीए कह देते हैं।
- 51:03हां सर। सर तो 90 डेज से ज्यादा हम एडिशनल
- 51:05लिमिट नहीं देते। याद रहेगा? रहेगा सर। और
- 51:08आखिरी में कहता है जितने भी एडवांस
- 51:10अकाउंट्स हैं, ठीक है? जितने भी एडवांस
- 51:13अकाउंट्स हैं एडवांस अकाउंट यानी जिन भी
- 51:15लोगों को आपने लोन दिया है, ये एडवांस
- 51:18अकाउंट में प्रॉपर रिकवरी हो रही है कि
- 51:20नहीं। ठीक है? ये आप साल में कम से कम एक
- 51:22बार चेक करोगे। दैट शुड बी रिव्यूड
- 51:24एटलीस्ट वंस इन अ ईयर। सो क्रेडिट
- 51:27वर्दीनेस चेक करेंगे। डॉक्यूमेंटेशन पूरी
- 51:29करेंगे। सिक्योरिटी के तीन पॉइंट मार्जिन
- 51:31रिस्पांसिबल ऑफिसर रिसीव रिटर्न रजिस्टर्ड
- 51:34इन द नेम ऑफ द बैंक विद इन द ड्रॉइंग पावर
- 51:35सेंक्शन लिमिट एडिशनल लिमिट कितनी 20%
- 51:38कितने दिनों के लिए 90 डेज के लिए और हर
- 51:41अकाउंट का एनुअल रिव्यू होना ही होना
- 51:43चाहिए नमस्ते नमस्ते सर अब सर आपने कहा था
- 51:48ड्रॉइंग पावर और सेंक्शन लिमिट रिवाइज
- 51:50कराओगे तो आ जाओ मेरे साथ मैं दोनों का
- 51:52कांसेप्ट आपको कवर कराता हूं। सेंशन लिमिट
- 51:54का मतलब होता है ओवरऑल लिमिट। यानी जो
- 51:56आपकी नेटवर्थ है, जो आपका क्रेडिट स्कोर
- 51:58है, जो पास्ट क्रेडिट हिस्ट्री है, उस
- 52:00सबको ध्यान में रखते हुए आपको ओवरऑल लिमिट
- 52:02कितनी मिल सकती है? अब इस ओवरऑल लिमिट में
- 52:05से वर्किंग कैपिटल के लिए क्या लिमिट है?
- 52:08उसको कहते हैं ड्रॉइंग पावर। सर ये
- 52:10कैलकुलेट कैसे होती है? वर्किंग कैपिटल
- 52:12कैलकुलेट करनी आती है। हां। करंट एसेट
- 52:14माइनस करंट लायबिलिटी। ऐसे ही ड्रॉइंग
- 52:17पावर कैलकुलेट होती है। तो सबसे पहले आप
- 52:19क्या करोगे? आप अपने स्टॉक्स ले लो। ठीक
- 52:21है? उसमें से जो डैमेज स्टॉक है वो माइनस
- 52:23कर दो। तो इससे आपके पास प्रॉपर वैल्यू ऑफ
- 52:25स्टॉक्स आ जाएंगे। अब सर स्टॉक खरीदने के
- 52:27लिए कितना पैसा चाहिए? इतना। इसमें से
- 52:30कितना ऑलरेडी क्रेडिट पे मिल रहा है?
- 52:31जिसको क्रेडिटर कहते हैं उसको माइनस किया
- 52:33तो आपके पास पेड स्टॉक्स आ गए। अब इस पेड
- 52:36स्टॉक में से बैंक कुछ मार्जिन माइनस
- 52:38करेगा तो आपको स्टॉक्स के लिए वैल्यू पता
- 52:40चल जाएगी। कितनी आपको वर्किंग कैपिटल
- 52:42चाहिए। ठीक है सर। फिर आता है डेटर। डेटर
- 52:45में से भी आप कुछ इनएलिजिबल डेटर माइनस
- 52:47करोगे। सर इन एएलिजिबल का क्या मतलब है?
- 52:50हो सकता है बैंक का जो भी डेटर ओवरड्यू है
- 52:53फॉर मोर देन 90 डेज दैट इज इनएलिजिबल।
- 52:57जनरली आईसीआई अपने क्वेश्चंस में इसी को
- 52:58इनलिजिबल मानता है। तो इसको आप माइनस कर
- 53:01दो। अब जो एलिजिबल डेटर्स हैं उसमें से
- 53:03मार्जिन माइनस करेंगे तो आपके पास डेटर्स
- 53:06की वैल्यू आ जाएगी। तो स्टॉक की वैल्यू
- 53:08प्लस डेटर्स की वैल्यू दिस इज़ इक्वल टू
- 53:10ड्रॉइंग पावर। याद रहे ड्रॉइंग पावर
- 53:13सेंक्शन लिमिट से ज्यादा नहीं हो सकती। इट
- 53:15विल बी रिस्ट्रिक्टेड टू द सेंक्शन लिमिट।
- 53:18क्लियर है बॉस? क्लियर है सर? इसी के ऊपर
- 53:20मैंने आपके क्वेश्चन बैंक में एक क्वेश्चन
- 53:22डाला था। ठीक है? क्योंकि इससे सिमिलर
- 53:24क्वेश्चन इन बदमाशों ने पूछा मे 25
- 53:26एग्जाम्स में। आ जाओ साथ में सॉल्व करते
- 53:28हैं।
- 53:30इंटर का क्वेश्चन है। फाइनल में ऐसा कोई
- 53:32क्वेश्चन जनरली अवेलेबल नहीं है। आ जाओ
- 53:34पूरा कांसेप्ट रिवाइज़ कराता हूं। सीएपी इज़
- 53:36डूइंग द स्टॉक ऑडिट ऑफ अ बोरोअर अवेलिंग अ
- 53:38कैश क्रेडिट फैसिलिटी ऑफ़ 100 लाख। ठीक है?
- 53:41फ्रॉम अ ब्रांच ऑफ़ अ बैंक। कैश क्रेडिट
- 53:43फैसिलिटीज अगेंस्ट द सिक्योरिटी ऑफ पेड
- 53:46स्टॉक्स एंड डेटर्स अप टू 90 डेज। साफ-साफ
- 53:49दे दिया डेटर्स अप टू 90 डेज। मार्जिन
- 53:51कितना है? 25% फॉर द स्टॉक्स 40% फॉर द
- 53:54डेटर। कैलकुलेट द ड्रॉइंग पावर। तो कुछ
- 53:57नहीं करना। सबसे पहले वैल्यू ऑफ़ स्टॉक ले
- 53:59लो 125 लाख। ठीक है? इसमें से जो डैमेज
- 54:02स्टॉक है 5 लाख का इंक्लूडेड एंड अबव उसको
- 54:04माइनस करना। कितना आ गया? 120 लाख। अब
- 54:07इसमें से कितना पैसा हमको नहीं चाहिए? जो
- 54:09क्रेडिट पे मिल रहा है क्रेडिटर उसको
- 54:11माइनस किया। तो स्टॉक्स की वैल्यू आ गई 70
- 54:14मार्जिन कितना है स्टॉक पे 25% तो 70 का
- 54:1825% माइनस किया तो 52.5 ये आ गई हमारे पास
- 54:21स्टॉक्स की वैल्यू वेरी गुड अब आ जाओ
- 54:24डेटर्स की वैल्यू निकालते हैं। डेटर्स के
- 54:26केस में वैल्यू ऑफ़ डेटर्स इज़ 50 लाख। हमने
- 54:28यहां पे 50 लाख लिख लिया। इन एलिजिबल डेटर
- 54:31कितने हैं सर? डेटर्स एक्सीडिंग 90 डेज
- 54:34इंक्लूडेड इन अबव आर 10 लाख। तो हमने 10
- 54:36लाख माइनस किया। एलिजिबल डेटर्स की वैल्यू
- 54:39आ गई 40 लाख। इसमें से हमने मार्जिन माइनस
- 54:42किया 40% 40 लै का 40% माइनस करेंगे तो
- 54:45कितना आ जाएगा? 24 लैक्स वेरी वेरी गुड।
- 54:49अब 52.5 + 24 करोगे तो आ जाएगा 76.5
- 54:54दैट इज योर ड्रॉइंग पावर। ठीक है? वैसे तो
- 54:57ये इंटरमीडिएट का कांसेप्ट है। इंटर में
- 54:59हम बहुत सारे क्वेश्चन करते हैं इस पे। बट
- 55:01ये एक मास्टर क्वेश्चन है जिसमें हम सारी
- 55:03एडजस्टमेंट्स कवर कर ली। क्लियर है बॉस?
- 55:06क्लियर है सर? अब आ जाओ दोस्तों मेरे साथ।
- 55:09सेंशन लिमिट और ड्रॉइंग पावर दोनों के
- 55:11कांसेप्ट क्लियर हैं। पक्का प्रॉमिस पक्का
- 55:14सर। नाउ लेट्स मूव टू द नेक्स्ट टॉपिक
- 55:16डिमांड ड्राफ्ट। मैंने क्या बोला? लोंस
- 55:18एंड एडवांसेस इंपॉर्टेंट है। डिमांड
- 55:21ड्राफ्ट के केस में कुछ खास पॉइंट्स नहीं
- 55:22है। बेसिक-बेसिक पॉइंट्स ध्यान रखना कि
- 55:25डिमांड ड्राफ्ट का कांसेप्ट आई होप आपको
- 55:27पता है। नहीं सर हमको नहीं पता। रिवाइज़
- 55:29कराओ। ठीक है। मैं कौन हूं? एसके। मेरे को
- 55:32डिमांड ड्राफ्ट किसको देना है? आईसीएआई
- 55:34को। आज की डेट में कौन ये डिमांड ड्राफ्ट
- 55:37मांगता है? ठीक है? पुराने जमाने के जो
- 55:39इंस्टीटशंस होते हैं ना वही लोग जनरली
- 55:41डिमांड ड्राफ्ट लेते हैं। ऑनलाइन का जमाने
- 55:44में डिमांड ड्राफ्ट के कांसेप्ट्स पढ़ने
- 55:45पड़ रहे हैं। आ जाओ इधर देखो। तो भैया अगर
- 55:48मेरे को एसके हो के आईसीएआई को डिमांड
- 55:50ड्राफ्ट देना है तो मैं क्या करूंगा? मैं
- 55:52गया नोएडा ब्रांच पे। मैंने पैसे दिए
- 55:55डिमांड ड्राफ्ट लिया। ठीक है? अब ये
- 55:57डिमांड ड्राफ्ट किसके नाम का है? आईटीओ
- 55:58ब्रांच का। मैं गया दुबुक दुबुक दुबुक
- 56:01दुबुक ICI के पास। ICI ने डिमांड ड्राफ्ट
- 56:04दिया आईटीओ ब्रांच को और पैसे कलेक्ट करे।
- 56:07अब कौन किसको पैसे देगा सर? नोएडा ब्रांच
- 56:10आईटीओ ब्रांच को पैसे देगी। एक्चुअल में
- 56:12तो आईटीओ ब्रांच को कोई पैसा मिला ही
- 56:14नहीं। डिमांड ड्राफ्ट मिला है जो नोएडा
- 56:16ब्रांच ने इशू किया है और नोएडा मेरे से
- 56:18पैसे लेके बैठी है। तो नोएडा का कर्तव्य
- 56:20बनता है कि वो कहीं ना कहीं इसको पैसा
- 56:24ट्रांसफर करें। वो कहीं ना कहीं आईटीओ
- 56:26ब्रांच को पैसा ट्रांसफर करें। तो डिमांड
- 56:28ड्राफ्ट के केस में कुछ नहीं होता। ये जो
- 56:31एंटिटी है ये इसको क्रेडिट करती है अपनी
- 56:33बुक्स में कि पेएबल बैलेंस है। आईटीओ को
- 56:35इसको पैसा देना है। और जब भी आईटीओ इसको
- 56:38पैसा दे देती है आईसीआई को तो ये इसको
- 56:40अपनी बुक्स में डेबिट कर लेती है। अब देखो
- 56:42तीन पॉइंट्स क्या-क्या हैं?
- 56:45चेक द सिग्नेचर विद द सिग्नेचर बुक। मतलब
- 56:47जब आईटीओ के पास डिमांड ड्राफ्ट आएगा तो
- 56:49ये सिग्नेचर वगैरह चेक करेगी कि सिग्नेचर
- 56:51सही है या नहीं। ठीक है सर। दूसरी चीज़ जब
- 56:54भी डिमांड ड्राफ्ट सोल्वड होंगे या इशू
- 56:55होंगे बाय द ब्रांच। हमारे केस में नोएडा
- 56:57ब्रांच दे विल बी कंफर्म्ड बाय अ एडवाइस
- 57:00टू द पेइंग ब्रांच। पेइंग ब्रांच कौन है?
- 57:02आईटीओ ब्रांच। वेरी गुड। अगर पेइंग ब्रांच
- 57:04को कोई भी कंफर्मेशन या क्रेडिट नहीं
- 57:06मिलता तो फिर वो स्टेप्स लेगी टू असर्टेन
- 57:08द रीज़न। तो ये तीन पॉइंट्स बस आपने समझ के
- 57:10चलने हैं। अब आता है सर मेरा फेवरेट टॉपिक
- 57:13क्रेडिट कार्ड ऑपरेशंस। क्रेडिट कार्ड
- 57:16ऑपरेशंस में क्या होता है? एकदम लॉजिकल
- 57:19फ्लो है एंड अगेन इट इज़ इंपॉर्टेंट फ्रॉम
- 57:21एग्जाम पॉइंट ऑफ व्यू। अभी जो हमारे पास
- 57:23रिसेंटली एक एमटीपी आया सेप्टेंबर 25
- 57:26उसमें भी ICI ने इस पे क्वेश्चन पूछा। जब
- 57:29एग्जाम हुआ था नवंबर 19 का तब भी इसने इस
- 57:32पे आईसीआई ने क्वेश्चन पूछा था। तो ICI का
- 57:34फेवरेट टॉपिक है अच्छे से करके चलना।
- 57:36क्रेडिट कार्ड ऑपरेशन के केस में सबसे
- 57:38पहले क्या होती है सर? जो भी आप एप्लीकेशन
- 57:40देते हो उसकी स्क्रीनिंग होती है। ठीक है?
- 57:42सिंपल लोन जैसा ही है कि जैसे लोन में आप
- 57:45क्रेडिट वर्दीनेस चेक करते हो। यहां पे
- 57:46एप्लीकेशन की स्क्रीनिंग होती है। अब अगर
- 57:49आपकी एप्लीकेशन अप्रूव हो गई तो आपको
- 57:50क्रेडिट कार्ड मिलेगा। तो देयर शुड बी
- 57:53प्रॉपर कंट्रोल्स ओवर द स्टोरेज एंड इशू
- 57:55ऑफ़ क्रेडिट कार्ड। जब मेरे को क्रेडिट
- 57:57कार्ड मिला तो मैं गया McDonald's। अब
- 58:00McDonald जाके मैंने अपना मैकाal डिक्की
- 58:01बर्गर खाया। उसके लिए मैंने क्रेडिट कार्ड
- 58:03को स्वाइप किया। स्वाइप कर देना। हां सर।
- 58:06तो जैसे ही मैं स्वाइप करूंगा इसके बारे
- 58:09में सर क्या होना चाहिए? क्रेडिट कार्ड
- 58:10कंपनी को पता चल जाना चाहिए। प्र्प्ट
- 58:12रिपोर्टिंग भाई साहब हाथों हाथ प्र्प
- 58:16रिपोर्टिंग बाय द मर्चेंट ऑफ द सेटलमेंट
- 58:18एक्सेप्टेड जो भी उसने सेटलमेंट एक्सेप्ट
- 58:20करें हाथों हाथ ये क्रेडिट कार्ड कंपनी को
- 58:22बताएगा। अब सर जब मैं क्रेडिट कार्ड
- 58:24स्वाइप करता हूं ना मर्चेंट को पैसा नहीं
- 58:26मिलता। मर्चेंट को पैसा नहीं मिलता। कहीं
- 58:28ना कहीं जब मंथ एंड होता है तो मर्चेंट को
- 58:30सारा पैसा क्रेडिट कार्ड कंपनी से आता है।
- 58:32ठीक है सर। तो अब क्या होगा ना? जैसे ही
- 58:35मर्चेंट ने आपसे क्रेडिट कार्ड एक्सेप्ट
- 58:37किया उसको रिबर्समेंट मिलेगी फ्रॉम
- 58:39क्रेडिट कार्ड कंपनी। तो ये कहता है
- 58:41रिबर्समेंट टू द मर्चेंट्स चार्ज टू
- 58:44कस्टमर अकाउंट। जो भी इनको रिबर्समेंट
- 58:46मिली है वो कस्टमर को चार्ज करके चलो। अब
- 58:48मुझे बताओ हम जैसे कस्टमर से पैसा कैसे
- 58:50रियलाइज करते हैं सर स्टेटमेंट भेज के। हर
- 58:52महीने इनका क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट आता
- 58:54है जो आपको पे करना होता है। तो अगला
- 58:56पॉइंट कहता है स्टेटमेंट शुड बी सेंट
- 58:58रेगुलरली टू कस्टमर। और अगर कस्टमर बदमाश
- 59:00है। वो क्रेडिट कार्ड पे नहीं कर रहा तो
- 59:02उसके साथ फॉलो अप वगैरह करके चलो। तो ये
- 59:04फाइव स्टेप प्रोसेस आपने ध्यान रखना है।
- 59:06एक बार आ जाओ किताब से भी गो थ्रू करा
- 59:08देता हूं। फोकस
- 59:10इफेक्टिव स्क्रीनिंग ऑफ द एप्लीकेशन विद
- 59:12गुड क्रेडिट असेसमेंट। देन सर आप जब आप
- 59:15उसको दे रहे हो तो कंट्रोल ओवर स्टोरेज
- 59:17एंड इशू ऑफ द कार्ड। प्र्प रिपोर्टिंग बाय
- 59:19द मर्चेंट ऑफ ऑल द सेटलमेंट एक्सेप्टेड
- 59:21थ्रू द क्रेडिट कार्ड। अब जैसे ही
- 59:23सेटलमेंट एक्सेप्ट करी इसका चार्ज कौन
- 59:25किसको होगा? कस्टमर को। इंश्योर दैट
- 59:28स्टेटमेंट्स आर सेंट रेगुलरली एंड
- 59:29प्र्प्टली टू द कस्टमर एंड फॉलो अप द
- 59:32कस्टमर पेमेंट। आपने कस्टमर के पेमेंट्स
- 59:34को फॉलो अप वगैरह करके चलना है। क्लियर है
- 59:37बॉस? क्लियर है सर? बार-बार क्वेश्चन
- 59:40डायरेक्ट क्वेश्चन आता है। अच्छे से इसको
- 59:41करके चलना। क्या इंटरनल कंट्रोल्स के सारे
- 59:45कांसेप्ट्स क्लियर हैं? पक्का प्रॉमिस डन
- 59:47सर। अब इसके बाद हम अगला टॉपिक स्टार्ट
- 59:50करने वाले हैं। एसएलआर और सीआरआर
- 59:51रिक्वायरमेंट। अगेन आप ब्रेक ले सकते हो 5
- 59:54से 10 मिनट का। ठीक है? इसके बाद फिर आ
- 59:56जाओ एसएलआर सीआरआर स्टार्ट करते हैं। गेट
- 59:58रेडी एवरीवन।
- 1:00:00अब सर ये जो टॉपिक है हमारे पास एसएलआर और
- 1:00:03सीआरआर रिक्वायरमेंट्स का। ठीक है? इसमें
- 1:00:05कहीं ना कहीं आप सबको पता है अमेंडमेंट आई
- 1:00:07थी रिसेंटली। ठीक है सर। और इसके लिए
- 1:00:09मैंने आपको बढ़िया वाले ये बोर्ड नोट्स
- 1:00:11दिए थे। तो आई होप आपके पास यह बोर्ड
- 1:00:12नोट्स ऑलरेडी हैं। और अगर नहीं है आपने ये
- 1:00:14अमेंडमेंट कवर नहीं कर रखी तो मैं आपसे ये
- 1:00:16रिक्वेस्ट करूंगा जो अमेंडमेंट वाली
- 1:00:17वीडियो है उसको आप पहले रेफर कर लो। फिर
- 1:00:20यहां से एक बार क्विकली इस कांसेप्ट को
- 1:00:21रिवाइज़ कर लेना। ठीक है सर। सबसे पहले
- 1:00:23बोर्ड पे फोकस करते हुए चलना मजा आएगा। हम
- 1:00:26एक कांसेप्ट की बात कर रहे हैं स्टैचटरी
- 1:00:28लिक्विडिटी रेशियो। स्टचटरी लिक्विडिटी
- 1:00:30रेशियो ये कहता है कि जो भी आपके पास
- 1:00:32डिपॉजिट्स आते हैं। ठीक है? डिपॉजिट्स कैन
- 1:00:33बी इन द फॉर्म ऑफ़ करंट अकाउंट, सेविंग
- 1:00:35अकाउंट, डिमांड डिपॉजिट्स या फिर फिक्स्ड
- 1:00:38डिपॉजिट। उसका कुछ परसेंटेज आपको लिक्विड
- 1:00:41मेंटेन करना पड़ता है। ठीक है? उसका कुछ
- 1:00:43परसेंटेज आपको लिक्विड एसेट्स में मेंटेन
- 1:00:45करना पड़ता है। अब वो क्या परसेंटेज है?
- 1:00:47उसको कहते हैं एसएलआर यानी स्टचटरी
- 1:00:49लिक्विडिटी रेशियो। सो मेंटेन कैश, गोल्ड,
- 1:00:52गवर्नमेंट अप्रूव्ड सिक्योरिटी और अदर
- 1:00:53लिक्विड एसेट्स। तो सर एक ऑडिटर क्या चेक
- 1:00:56करेगा? सबसे पहले इनके डिपॉजिट्स, करंट,
- 1:00:58सेविंग और फिक्स्ड डिपॉजिट। जिनको आप
- 1:01:00प्यार से बोल सकते हो कि जो करंट अकाउंट
- 1:01:03और सेविंग अकाउंट है बंदा अपनी डिमांड पर
- 1:01:04पैसे ले सकता है तो इसको कहते हैं डिमांड
- 1:01:06लायबिलिटी। जो फिक्स्ड डिपॉजिट है वो एक
- 1:01:08पर्टिकुलर टाइम तक बैंक के पास रहते हैं।
- 1:01:10तो उसको कहते हैं टाइम लायबिलिटी। तो इनको
- 1:01:12हम कलेक्टिवली बोलेंगे डिमांड एंड टाइम
- 1:01:14लायबिलिटी। दैट इज डीटीएल। इसका कुछ
- 1:01:16परसेंटेज किस मेंटेन करना है? लिक्विड
- 1:01:18एसेट्स पे। तो हम दो चीजें चेक करेंगे।
- 1:01:20डीटीएल पोजीशन दैट इज़ डिमांड एंड टाइम
- 1:01:22लायबिलिटी। और जो बैंक के लिक्विड एसेट्स
- 1:01:25हैं। ठीक है सर। अब एज एन ऑडिटर मेरे को
- 1:01:28क्या-क्या देखना है? सबसे पहले तो आपने
- 1:01:30वेरीफाई कंपनी है कंप्लायंस विद द आरबीआई
- 1:01:32इंस्ट्रक्शंस और आरबीआई के गाइडलाइंस। ये
- 1:01:35कौन सी डेट्स पे चेक करनी है? साल में
- 1:01:37कितने महीने होते हैं? 12 महीने। तो उन 12
- 1:01:40महीने की कोई भी आप डेट्स उठा सकते हो।
- 1:01:41कोई भी डेज उठा सकते हो। बट याद रहे
- 1:01:43फ्राइडे नहीं होने चाहिए। सर बिकॉज़
- 1:01:45फ्राइडे में तो मूवी लगती है। ठीक है? हम
- 1:01:47मूवी देखने जाएंगे। अरे भैया वो लॉजिक
- 1:01:49नहीं है। लॉजिक क्या है मैं बताऊंगा। बट
- 1:01:51इसको याद रखना फ्राइडे के अलावा कोई और
- 1:01:54डेट्स आपने चूज़ करनी है। सो 12 ऑड डेट्स
- 1:01:56रैंडमली आप कोई भी उठा सकते हो। व्हिच शुड
- 1:01:58नॉट बी फ्राइडज़। अब सर हमारा काम बनता है
- 1:02:01कि हम ब्रांच ऑडिटर को बोले सुनो भैया
- 1:02:03हमको ट्रायल बैलेंस चाहिए तुम्हारी ब्रांच
- 1:02:06का फॉर कंसोलिडेशन पर्पस एट द हेड ऑफिस।
- 1:02:09ओके सर। कौन से दिनों का? फ्राइडे का एंड
- 1:02:12द डेट सिलेक्टेड बाय ऑडिटर। अब समझ में
- 1:02:14आया फ्राइडे क्यों नहीं? हां सर। क्योंकि
- 1:02:16फ्राइडे को ऑलरेडी ये चीज चेक होती है। तो
- 1:02:18फ्राइडे का तो लेंगे ही। साथ ही साथ द डेट
- 1:02:20सिलेक्टेड बाय द ऑडिटर। इन दिनों पे हम
- 1:02:22उसको बोलेंगे एग्जामिन द कैश बैलेंस ऑन
- 1:02:25सिलेक्टेड डेट। सर कैश बैलेंस क्यों? अरे
- 1:02:27भैया कौन सा रेश्यो चेक कर रहे हो?
- 1:02:29लिक्विडिटी रेश्यो। लिक्विडिटी में हम
- 1:02:31लिक्विड एसेट्स चेक करते हैं। हां सर।
- 1:02:33लिक्विड में कैश से ज्यादा लिक्विड तो कुछ
- 1:02:36नहीं होता। फिर कहता है टेस्ट बेसिस पे
- 1:02:38एग्जामिन करो बैंक की डीटीएल पोजीशन क्या
- 1:02:40है विद रिस्पेक्ट टू द ब्रांच रिटर्न्स।
- 1:02:42तो आपने ब्रांच पे कैश बैलेंस वगैरह चेक
- 1:02:44कर लिया। कंसोलिडेशन वगैरह कर ली हेड ऑफिस
- 1:02:46पे। ठीक है सर। उसके बाद आपने देखनी है
- 1:02:48इनकी डीटीएल पोजीशन क्या है? डिमांड एंड
- 1:02:50टाइम लायबिलिटी की पोजीशन क्या है? अब ये
- 1:02:52डीटीएल की जो कैलकुलेशन है इसमें कुछ
- 1:02:53बारीकियां ध्यान रखना। अमेंडमेंट है। हो
- 1:02:55सकता है आपसे एमसीक्यू वगैरह पूछ लें। ठीक
- 1:02:57है सर। एक आपको मैं तरीका बता रहा हूं।
- 1:03:01कॉनंसेप्चुअली जो ध्यान रखना है। इसमें
- 1:03:04सबसे पहले जो डिमांड एंड टाइम लायबिलिटी
- 1:03:07है सिर्फ वही डिटेल का पार्ट बननी चाहिए।
- 1:03:09ठीक है सर। तो अगर ऐसी कोई चीज है जो
- 1:03:11लायबिलिटी नहीं है तो वो एक्सक्लूड करो।
- 1:03:14अगर ऐसी कोई लायबिलिटी है जिसमें आपको कुछ
- 1:03:16कैश रिटर्न नहीं करनी वो भी एक्सक्लूड
- 1:03:19करो। और जिसकी नेचर डिटेल या डिपॉजिट्स की
- 1:03:22नेचर में नहीं आती उसको भी आप एक्सक्लूड
- 1:03:24करोगे। तो जो चीज लायबिलिटी नहीं है उसको
- 1:03:26एक्सक्लूड करो। जहां पे आपको पैसा रिटर्न
- 1:03:28नहीं करना उसको एक्सक्लूड करो। या जिसकी
- 1:03:31नेचर डिटेल की लायबिलिटी की नेचर वाली
- 1:03:33नहीं है उसको भी हम एक्सक्लूड करके
- 1:03:34चलेंगे। तो अगर ये सब चीजें क्वेश्चन में
- 1:03:37कह रखा है इंक्लूडेड है डिटेल में तो इन
- 1:03:39सबको एक्सक्लूड करना है। क्या ये बात समझ
- 1:03:41आई? आई सर एक-एक करके आ जाओ पॉइंट्स को
- 1:03:43समझते हैं। सबसे पहले जो पेड अप कैपिटल
- 1:03:46है, रिजर्व्स है, पीएनएल है, ये लायबिलिटी
- 1:03:47नहीं होती। इनको एक्सक्लूड करो। फिर जो
- 1:03:50आपने बड़े-बड़े लोंस ले रखे हैं,
- 1:03:51बड़े-बड़े बैंक्स हैं, आरबीआई, एक्सपोर्ट
- 1:03:54इंपोर्ट बैंक, नेशनल हाउसिंग बैंक,
- 1:03:56nबार्ड, सिडबी इन सबको भी हम एक्सक्लूड
- 1:03:59करके चलेंगे। ठीक है सर। फिर जो आपके पास
- 1:04:02पार्ट अमाउंट ऑफ रिकवरीज आई है फ्रॉम
- 1:04:03प्रोविजन फॉर डाउटफुल डेप्ट्स। अब
- 1:04:05प्रोविजन मेरी लायबिलिटी थी उसमें से
- 1:04:07ऑलरेडी अगर मैंने कुछ पैसा रिकवर करा, तो
- 1:04:09मैं उसको एक्सक्लूड करके चलूंगा। तीसरा
- 1:04:12कहता है, मार्जिनस इन द संड्री डिपॉजिट्स
- 1:04:15फॉर फंडेड फैसिलिटी। फिर आ जाओ नेक्स्ट
- 1:04:17पॉइंट क्या कहता है? अनएडजस्टेड डिपॉजिट्स
- 1:04:20और बैलेंससेस लाइंग इन द लिंक ब्रांच। ठीक
- 1:04:23है? टू द एक्सटेंट ये इसकी जो पेमेंट है
- 1:04:28किसी और ब्रांच ने कर दी है। एंड इट इज
- 1:04:30नॉट एडजस्टेड बाय द लिंक ब्रांच। सर इसका
- 1:04:32क्या मतलब है? हमको समझ में नहीं आया। इधर
- 1:04:34देखो सारे बच्चे बोर्ड पे फोकस करना।
- 1:04:37चार स्टेप का प्रोसेस है। एक एंटिटी है
- 1:04:41जिसका नाम है ITC लिमिटेड। ठीक है सर।
- 1:04:43इसने क्या किया? इसने जो भी डिविडेंड का
- 1:04:46पैसा था SBI की एक लिंक ब्रांच में डाल
- 1:04:48दिया कि भाई मैं SBI की लिंक ब्रांच को
- 1:04:50पैसा दे रहा हूं। ठीक है? यह जो ब्रांच है
- 1:04:53या तो डायरेक्टली शेयर होल्डर को पैसा
- 1:04:55क्रेडिट कर देगी या फिर यह डिविडेंड वारंट
- 1:04:58इशू कर सकती है। जिसके केस में अगर एक
- 1:05:00शेयर होल्डर के पास डिविडेंड वारंट आया तो
- 1:05:02वो बाकी ब्रांचेस में जाके भी पैसा ले
- 1:05:05सकता है। ठीक है सर। अब मैं एक शेयर
- 1:05:08होल्डर था। मेरे पास डिविडेंड वारंट आया।
- 1:05:10मैंने एक SBI की दूसरी ब्रांच को जाके
- 1:05:12डिविडेंड वारंट दे दिया। जब मैंने
- 1:05:14डिविडेंड वारंट दिया तो मेरे को क्या मिल
- 1:05:16गई? मेरे डिविडेंड की पेमेंट मिल गई। अब
- 1:05:19यह जो बदमाश ब्रांच थी इसने मुझे पेमेंट
- 1:05:22तो दी बट लिंक ब्रांच को इन्फॉर्म नहीं
- 1:05:25किया। इसने कहीं ना कहीं लिंक ब्रांच को
- 1:05:26इन्फॉर्म नहीं किया। अब सारे बच्चे एक बात
- 1:05:29बताओ जब लिंक ब्रांच को पता ही नहीं है कि
- 1:05:31शेयरहोल्डर को पैसे मिल गए तो क्या इसने
- 1:05:33एडजस्ट करें? सर इसने एडजस्ट नहीं करे।
- 1:05:36क्या इसकी बुक्स में पेएबल बैलेंस आ रहा
- 1:05:38होगा? हां सर पेएबल बैलेंस आ रहा होगा
- 1:05:40शेयर होल्डर को लेके। बट मुझे एक बात बताओ
- 1:05:43बैंक के केस में क्या इज़ देयर अ एक्चुअल
- 1:05:45लायबिलिटी? आंसर इज़ नो। बैंक के केस में
- 1:05:47कोई भी एक्चुअल लायबिलिटी नहीं है। सिंपल
- 1:05:50सी बात है इसको आप ऐसे समझो। आपके पापा के
- 1:05:53दो बच्चे हैं। एक आप और आपका भाई। आपको
- 1:05:57अपने एक दोस्त को पैसे देने थे तो आपकी
- 1:06:00लायबिलिटी थी। बट आपकी जगह अगर आपके भाई
- 1:06:03ने उस दोस्त को पैसे दे दिए तो क्या यह आज
- 1:06:05भी आपकी लायबिलिटी है? आंसर इज़ नो। आपकी
- 1:06:08लायबिलिटी नहीं है। ये आपकी लायबिलिटी
- 1:06:10नहीं है तो इसको आप एक्सक्लूड करोगे। तो
- 1:06:12ऐसे ही लिंक ब्रांच की जगह अगर किसी और
- 1:06:15ब्रांच ने पेमेंट कर दी तो क्या ये बैंक
- 1:06:17की लायबिलिटी है? आंसर इज़ नो। ये बैंक की
- 1:06:19लायबिलिटी नहीं है। तो अगर ऐसा कोई
- 1:06:21अनएडजस्टेड अमाउंट है। वापस बता रहा हूं।
- 1:06:23अगर ऐसा कोई अनएडस्टेड अमाउंट है जिसकी
- 1:06:26पेमेंट किसी और ब्रांच ने कर दी तो भैया
- 1:06:28उसको आप डीटीएल से एक्सक्लूड करोगे। तो
- 1:06:31यही बात लिखी है। देखो क्या कहता है।
- 1:06:33अनएडजस्टेड बैलेंस। ठीक है? जो लिंक
- 1:06:36ब्रांच की बुक्स में आ रहा है टू द
- 1:06:38एक्सटेंट इट इज़ पेड बाय द अदर ब्रांच। जो
- 1:06:41अनएडजस्टेड लायबिलिटी है उसकी पेमेंट किसी
- 1:06:43और ब्रांच ने कर दी। एंड इट वाज़ नॉट
- 1:06:45एडजस्टेड। अनएडस्टेड है मतलब एडजस्टेड
- 1:06:47नहीं है। तो क्या ये बैंक की लायबिलिटी
- 1:06:49है? मैंने कहा जब दूसरी ब्रांच ने पे कर
- 1:06:51दी तो ये बैंक की लायबिलिटी नहीं है। ठीक
- 1:06:53है? इंग्लिश थोड़ी सी इन लोगों ने
- 1:06:55कॉम्प्लिकेट कर रखी है तुमको परेशान करने
- 1:06:57के लिए। बट तुम मेरे स्टूडेंट हो। परेशान
- 1:06:59मत होना। बस ऐसा समझ लो तुम्हारी
- 1:07:01लायबिलिटी की पेमेंट अगर तुम्हारा भाई कर
- 1:07:03देता है तो ये फिर तुम्हारी लायबिलिटी
- 1:07:05नहीं है। इसको हम अपनी लायबिलिटी नहीं
- 1:07:07मानेंगे। क्लियर है बॉस? क्लियर है सर? तो
- 1:07:10ये एक अनएडजस्टेड वाला पॉइंट भी हो गया।
- 1:07:12इसके बाद भैया अलग अगला पॉइंट आता है। ये
- 1:07:15बड़ा मजेदार पॉइंट है। देखो क्या कहता है।
- 1:07:17अमाउंट रिसीव्ड इन रुपीज़ अगेंस्ट द
- 1:07:20इंपोर्ट बिल्स। इस पैसे को आपने संड्री
- 1:07:23डिपॉजिट्स में रख रखा है। सर, संड्री
- 1:07:26डिपॉजिट्स में क्यों रख रखा है? बिकॉज़
- 1:07:28फाइनल रेट पेंडिंग है। सर कुछ समझ में
- 1:07:30नहीं आया। एग्जांपल से समझाओ। देखो क्या
- 1:07:32कहता है। बैंक ने एक इंपोर्टर को $ पे
- 1:07:35करे। ठीक है? तो बैंक को कितने मिलेंगे?
- 1:07:37$100 वापस मिलने चाहिए। हां सर। इंपोर्टर
- 1:07:40ने इसको ₹80 का एक्सचेंज रेट लगा के $ *
- 1:07:4580 ₹8,000 दे दिए। अब जब ₹8,000 मिल गए तो
- 1:07:49तो लायबिलिटी एडजस्ट हो जानी चाहिए कि
- 1:07:51मैंने $ दिए थे बदले में ₹8,000 मिल गए 80
- 1:07:55के रेट के हिसाब से तो जो भी लायबिलिटी
- 1:07:57वगैरह है वो एडजस्ट हो जानी चाहिए। हां
- 1:07:59सर। बट बैंक कहता है ये जो ₹8,000 मिले
- 1:08:02हैं ना इससे मैं इंपोर्टर की लायबिलिटी
- 1:08:04एडजस्ट नहीं करूंगा। सर ये एडजस्ट क्यों
- 1:08:07नहीं कर रहा? यह कहता है कि मैं इस पैसे
- 1:08:09को रखूंगा संड्री डिपॉजिट्स में। क्योंकि
- 1:08:12यह पैसा मेरे पास आया है। मैं इसको एज अ
- 1:08:14संड्री डिपॉजिट रखूंगा। मैं इंपोर्टर की
- 1:08:16लायबिलिटी को सेट ऑफ नहीं करूंगा। क्यों
- 1:08:18नहीं करूंगा? क्योंकि फाइनल रेट पेंडिंग
- 1:08:20है। इसके हिसाब से फाइनल रेट पेंडिंग है।
- 1:08:22पागल बैंक है। ठीक है? सिंपल सी बात है।
- 1:08:24पागल बैंक है। फाइनल रेट पेंडिंग है। कहता
- 1:08:27है। तो कहता है क्योंकि हम इसको लेटर ऑन
- 1:08:29एडजस्ट करेंगे तो बाद में जाके कहीं ना
- 1:08:31कहीं एडजस्ट हो ही जाएगा। तो आप ऐसा मान
- 1:08:33के चलो अभी भी हम इसको डिटेल से एक्सक्लूड
- 1:08:35नहीं करेंगे। सर कितना पागल बना रहे हैं
- 1:08:37ना। मतलब कुछ भी नए-नए सिनेरियोस इन्होंने
- 1:08:39यहां पे ला डाल दिए हैं। अब आ जाओ नेक्स्ट
- 1:08:41केस क्या कहता है? बिल डिस्काउंटेड बाय द
- 1:08:43बैंक विद आरबीआई अप्रूव्ड फाइनेंसियल
- 1:08:46इंस्टीट्यूशन। बड़ी सिंपल सी बात है। अगर
- 1:08:49एक बैंक ने किसी के लिए बिल डिस्काउंट
- 1:08:53किया तो क्या वो जो बिल उसके पास बैंक के
- 1:08:55पास पड़ा है वो किसी और से भी जाके आगे
- 1:08:57डिस्काउंट करा सकता है? हां करा सकता है।
- 1:08:59तो जब बैंक जाके किसी और बैंक से बिल
- 1:09:02डिस्काउंट कराएगा तो बैंक की लायबिलिटी
- 1:09:04बनेगी। हां सर लायबिलिटी बनेगी। क्या ये
- 1:09:06वो लायबिलिटी है जिसको हम डिपॉजिट का नाम
- 1:09:09दे दें कि किसी कस्टमर का सेविंग अकाउंट,
- 1:09:11करंट अकाउंट या टाइम डिपॉजिट है? नहीं सर।
- 1:09:13ये डीटीएल की नेचर की लायबिलिटी नहीं है।
- 1:09:16तो अगर बैंक ने किसी और फाइनेंसियल
- 1:09:18इंस्टीट्यूशन के साथ अपना बिल डिस्काउंट
- 1:09:20वगैरह करा रखा है तो ये डीटीएल के नेचर की
- 1:09:23लायबिलिटी नहीं है। तो इसको भी यहां से
- 1:09:24एक्सक्लूड करके चलो। ठीक है सर। फिर देखो
- 1:09:27क्या कहता है। लायबिलिटी ड्यू टू द
- 1:09:29यूटिलाइजेशन ऑफ लिमिट अंडर बैंकर
- 1:09:33एक्सेप्टेंस फैसिलिटी। अब सर यह बैंकर
- 1:09:35एक्सेप्टेंस फैसिलिटी क्या है? सारे बच्चे
- 1:09:37फोकस करना मजा आएगा।
- 1:09:40इस पिक्चर में तीन किरदार हैं।
- 1:09:42एक्सपोर्टर, इंपोर्टर और बैंक। ओके सर
- 1:09:46फोटो से समझोगे दिमाग जिंदगी भर ये
- 1:09:48कांसेप्ट याद रहेगा। ठीक है सर।
- 1:09:50एक्सपोर्टर ने क्या किया? गुड्स दिए 90
- 1:09:53डेज के क्रेडिट पीरियड के साथ टू द
- 1:09:55इंपोर्टर। ठीक है सर। अब इंपोर्टर पैसे
- 1:09:58देगा या नहीं देगा? इसके लिए बैंक ने क्या
- 1:10:00किया? गारंटी दी। ठीक है? आपने सुना होगा
- 1:10:03ना कॉनसेप्ट लेटर ऑफ क्रेडिट यस सर इसी की
- 1:10:05तरह बैंक ने गारंटी दी अंडर द बैंकर
- 1:10:08एक्सेप्टेंस फैसिलिटी बैंकर एक्सेप्टेंस
- 1:10:11फैसिलिटी कहती है कि 90 डेज के अंदर-अंदर
- 1:10:14इंपोर्टर टाइम पे कर देगा। अगर इंपोर्टर
- 1:10:16ने डिफॉल्ट किया तो फिर ये लायबिलिटी बैंक
- 1:10:19की है। ये लायबिलिटी कहीं ना कहीं बैंक की
- 1:10:21है। तो मान लो एक्चुअल में इंपोर्टर
- 1:10:23डिफॉल्ट कर गया तो ये लायबिलिटी किसकी हो
- 1:10:26जाएगी? बैंक की हो जाएगी। बट क्या ये जो
- 1:10:28बैंक की लायबिलिटी है एक्सपोर्टर को पे
- 1:10:30करने की क्या ये डीटीएल की नेचर की
- 1:10:33लायबिलिटी है? क्या ये डिमांड एंड टाइम
- 1:10:35लायबिलिटी की नेचर की है? नहीं सर डीटीएल
- 1:10:37की लायबिलिटी तो अलग होती है। ये
- 1:10:39लायबिलिटी अलग है। तो क्योंकि ये
- 1:10:40लायबिलिटी अलग है। इसको यहां से एक्सक्लूड
- 1:10:43करो। तो 100 बात की एक बात समझना। इधर
- 1:10:45देखो इधर देखो। अगर एक बैंक को पेमेंट
- 1:10:48करनी पड़ जाए टू द एक्सपोर्टर। ड्यू टू द
- 1:10:51इंपोर्टर्स डिफॉल्ट अंडर बैंकर
- 1:10:53एक्सेप्टेंस फैसिलिटी। तो ये डिटेल के
- 1:10:55नेचर की लायबिलिटी नहीं है। इसको भी हम
- 1:10:57एक्सक्लूड करके चलेंगे। अभी आप बस
- 1:10:58कांसेप्ट समझने पे फोकस करो। याद मैं
- 1:11:00फटाफट करा दूंगा। ठीक है सर। क्या सारे के
- 1:11:03सारे एक्सक्लूडेड वाले पॉइंट यहां तक
- 1:11:04क्लियर हो गए? पक्का प्रॉमिस पक्का सर। एक
- 1:11:07बार क्विकली रिवाइज़ करा दूं? हां सर एक
- 1:11:08बार यहां तक रिवाइज़ करा दो। रिवीज़ के अंदर
- 1:11:10रिवीज़। सबसे पहले जो पेड अप कैपिटल है,
- 1:11:12रिज़र्व्स हैं, प्रोव रिज़र्व्स हैं। पीएनएल
- 1:11:14बैलेंस है, लायबिलिटी नहीं होते।
- 1:11:15एक्सक्लूड करो। फिर जो आपने लोन ले रखे
- 1:11:18हैं वो लायबिलिटी तो है बट डिटेल की नेचर
- 1:11:19की लायबिलिटी नहीं है। जो भी लोन ले रखे
- 1:11:21हैं बड़े-बड़े बैंक्स हैं। आरबीआई, एक्सिम
- 1:11:23बैंक, सिडबी, nबार्ड। ठीक है? जो आप बचपन
- 1:11:26से बैंक्स के नाम सुनते आ रहे हो इनको
- 1:11:28एक्सक्लूड कर दो। फिर जो पार्ट रिकवरीज है
- 1:11:31फ्रॉम द प्रोविजन एक्सक्लूड कर दो। फिर जो
- 1:11:33आपको मार्जिन मिलता है डिपॉजिट्स के केस
- 1:11:35में वो मार्जिन आगे जाके एडजस्ट हो जाता
- 1:11:37है। पेबक नहीं करना पड़ता। एक्सक्लूड कर
- 1:11:39दो। ठीक है सर। फिर एक ब्रांच की जो
- 1:11:41अनएडस्टजस्टेड पेमेंट है वो किसी और
- 1:11:44ब्रांच ने पे कर दी। एक्सक्लूड कर दो। फिर
- 1:11:47आपको इंपोर्ट बिल्स के अगेंस्ट जो पैसा
- 1:11:49मिला है जो बैंक एडजस्ट नहीं कर रहा है।
- 1:11:51संड्री डिपॉजिट में रख रहा है क्योंकि
- 1:11:52फाइनल रेट पेंडिंग है। एक्सक्लूड कर दो।
- 1:11:55फिर जो आप बिल डिस्काउंट करा रहे हो बाकी
- 1:11:57बैंक्स के साथ एक्सक्लूड कर दो। और बैंकर
- 1:12:00एक्सेप्टेंस फैसिलिटी के अंदर अगर आपने
- 1:12:02कोई भी लायबिलिटी आपको पे करनी पड़ रही
- 1:12:04है। ठीक है? कोई भी लायबिलिटी पे करनी पड़
- 1:12:06रही है टू द एक्सपोर्टर। ये लायबिलिटीज
- 1:12:08वाले केस भी आप एक्सक्लूड करके चलोगे।
- 1:12:10क्लियर है बॉस? क्लियर है सर? अब आ जाओ
- 1:12:13भैया मेरे साथ। अगर बैंक के पास कोई
- 1:12:15एडवांस इनकम आई है। ठीक है? कोई एनुअल
- 1:12:18फीस, कोई अदर चार्जेस वि इज नॉट रिफंडेबल।
- 1:12:20तो ये तो आपको पेबैक करना ही नहीं है। और
- 1:12:22मैंने कहा था जो लायबिलिटी पेबैक करने की
- 1:12:24जरूरत नहीं है। उसको एक्सक्लूड करेंगे।
- 1:12:26फिर जो आपने अमाउंट रिसीव करी है फ्रॉम द
- 1:12:28इंश्योरर्स लाइक डीआईसीजीसी, ईसीजीसी,
- 1:12:31इंश्योरेंस कंपनीज़ या किसी कोर्ट से आपके
- 1:12:33पास कोई पैसा वगैरह आया है। ठीक है? तो ये
- 1:12:35पैसा क्या होता है ना जनरली डिपॉजिट
- 1:12:37होल्डर्स के लिए आता है। तो ये पैसा आप
- 1:12:39अलग से रखते हो और डिपॉजिट होल्डर को दे
- 1:12:41देते हो। तो ये पैसा तो वैसे भी आप किसी
- 1:12:43को एज अ एडवांस दे ही नहीं सकते। तो जब आप
- 1:12:45इस पैसे को अलग से रखते हो टू द डिपॉजिटर
- 1:12:47के लिए तो अगेन आप इसको एक्सक्लूड करोगे
- 1:12:50फ्रॉम द डीटीएल की कैलकुलेशन। ठीक है सर?
- 1:12:53फिर आता है नेट अनरियलाइज्ड गेन या लॉस
- 1:12:56फ्रॉम द डेरिवेटिव ट्रांजैक्शन ड्यू टू
- 1:12:58ट्रेडिंग पोर्टफोलियो। तो जैसे आप लोगों
- 1:13:00ने सुना होगा फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस की
- 1:13:02ट्रेडिंग होती है। यस सर। तो अगर किसी
- 1:13:04फ्यूचर ऑप्शन की ट्रेडिंग में बैंक को लॉस
- 1:13:06हो रहा है। ठीक है? अनरियलाइज लॉस हो रहा
- 1:13:08है तो वो भी एक बैंक की लायबिलिटी होगी।
- 1:13:09बट क्योंकि ये डिटेल की नेचर की लायबिलिटी
- 1:13:11नहीं है। इसको भी हम एक्सक्लूड करेंगे।
- 1:13:13यहां पे गेन का वैसे पॉइंट नहीं है। लॉस
- 1:13:15का ही मेनली पॉइंट आना चाहिए। एंड लास्ट
- 1:13:17में कहता है जो भी बैंक का नेट इनकम टैक्स
- 1:13:20प्रोविजन है। इनकम टैक्स किसको देना है?
- 1:13:22डिपॉजिटर को देना है गवर्नमेंट को देना है
- 1:13:23सर गवर्नमेंट को देना है। तो ये भी कहीं
- 1:13:25ना कहीं डिटेल की नेचर का पार्ट नहीं है।
- 1:13:27इसको भी हम एक्सक्लूड करेंगे। सो इनकम
- 1:13:29टैक्स प्रोविजन जस्ट फॉर योर नॉलेज। करंट
- 1:13:31टैक्स लायबिलिटी प्लस डेफर्ट टैक्स
- 1:13:33लायबिलिटी माइनस योर टैक्स क्रेडिट। यह
- 1:13:35आपका इनकम टैक्स प्रोविजन होता है। तो जो
- 1:13:37नेट इनकम टैक्स प्रोविजन है दैट हैज़ टू बी
- 1:13:39एक्सक्लूडेड। क्लियर है? क्लियर है सर?
- 1:13:42पहली नजर में ये कांसेप्ट सारे
- 1:13:43कॉम्प्लिकेटेड हैं। बट इनको समझ के बस याद
- 1:13:46रख लो कि ये सारी चीजें एक्सक्लूड होंगी।
- 1:13:48बस आपको इतना पता होना चाहिए ये सब चीजें
- 1:13:50एक्सक्लूड होंगी क्योंकि इसका न्यूमेरिकल
- 1:13:51आएगा। और जब न्यूमेरिकल आएगा तो आपको पता
- 1:13:54होना चाहिए अच्छा ये सब मुझे एक्सक्लूड
- 1:13:55करके चलना है। तो इन सब चीजों को सर कैसे
- 1:13:58याद रखेंगे? बड़ी सिंपल सी टेक्निक है।
- 1:14:01पहले यहां पे एक्सक्लूजन की जो लिस्ट थी
- 1:14:03छोटी थी तो मैं बोलता था पीपी मुन्नी जो
- 1:14:05पीपी मुन्नी है उसको एक्सक्लूड कर दो। बट
- 1:14:08सर क्योंकि ये लिस्ट बड़ी हो गई है तो हम
- 1:14:10ऐसा कहते हैं मुन्नी बड़ी हो गई। जो हमारी
- 1:14:12मुन्नी है मुन्नी यस सर। अब कहीं ना कहीं
- 1:14:16जो पीपी मुन्नी है बहुत बड़ी हो गई है। तो
- 1:14:18आपने बोलना है पीपी मुन्नी जो बड़ी हो गई
- 1:14:21है उसको एक्सक्लूड करो। अब सर इसका क्या
- 1:14:23मतलब है? पीपी मुन्नी बड्डी हो गई है।
- 1:14:26सबसे पहले सर बात करते हैं पीपी की। पीपी
- 1:14:30का मतलब है पी फॉर पेड अप कैपिटल। जो भी
- 1:14:32पेड अप कैपिटल है, रिजर्व्स हैं,
- 1:14:34प्रॉफिट्स हैं, लोंस फ्रॉम बड़े-बड़े बैंक
- 1:14:36एक्सक्लूड। दूसरे पी का मतलब है प्रोविज़ंस
- 1:14:39के अगेंस्ट जो रिकवरीज आई है, उसको
- 1:14:40एक्सक्लूड। ठीक है? दो पीस तो हो गए सर।
- 1:14:44अब सर मुन्नी का क्या मतलब है? एम का मतलब
- 1:14:47है मार्जिनस। जो भी आपके पास मार्जिनस के
- 1:14:51मार्जिनस का पैसा आता है। ठीक है? जो भी
- 1:14:53आपके पास मार्जिनस का पैसा आता है फॉर
- 1:14:55फंडेड फैसिलिटी दैट हैज़ टू बी
- 1:14:56एक्सक्लूडेड। ओके सर। उन्नी का क्या मतलब
- 1:15:00है? उन का मतलब है अनएडजस्टेड डिपॉजिट। तो
- 1:15:03जो भी अनएडस्टेड डिपॉजिट और बैलेंस है इन
- 1:15:05अ ब्रांच जिसकी पेमेंट किसी और ब्रांच ने
- 1:15:08कर दी उसको भी एक्सक्लूड करो। एंड आई का
- 1:15:10मतलब है उन्नी। आई का मतलब है इंपोर्ट
- 1:15:13बिल्स। जहां भी इंपोर्ट बिल्स के केस में
- 1:15:16इंपोर्टर ने आपको पैसा रिटर्न कर दिया है।
- 1:15:18बट उस पैसे को आपने संड्री डिपॉजिट में
- 1:15:20रखा है क्योंकि फाइनल रेट पेंडिंग है।
- 1:15:22उसको भी हम एक्सक्लूड करेंगे। क्या पूरा
- 1:15:24पीपी मुन्नी क्लियर है? हां सर। अब मुन्नी
- 1:15:26बड़ी हो गई है। बी का मतलब है बिल
- 1:15:29डिस्काउंटेड। ठीक है? जो भी बिल
- 1:15:31डिस्काउंटेड कराए हैं आपने फ्रॉम अदर
- 1:15:32फाइनेंसियल इंस्टीट्यूशन वो लायबिलिटी
- 1:15:35डिटेल से एक्सक्लूड करेंगे। बट डी एक और
- 1:15:37बी है बैंकर एक्सेप्टेंस फैसिलिटी। बैंकर
- 1:15:40एक्सेप्टेंस फैसिलिटी में अगर आपकी लिमिट
- 1:15:42यूटिलाइज हो गई है क्योंकि इंपोर्टर ने
- 1:15:44पैसा नहीं दिया और आपको एक्सपोर्टर को
- 1:15:45पैसा देना पड़ रहा है। एक्सक्लूड करो। ठीक
- 1:15:47है सर। अब इसमें सर बी ए से क्या है?
- 1:15:51एडवांस इनकम। ठीक है? आई थिंक वही होना
- 1:15:53चाहिए। हां सर। एडवांस इनकम व्हिच इज नॉट
- 1:15:55रिटर्नेबल। इसको भी एक्सक्लूड करेंगे। एंड
- 1:15:58डीआई का क्या मतलब है? मैंने कहा डी से
- 1:16:00बोले तो डीआईसीजीसी, ईसीजीसी, इंश्योरेंस
- 1:16:02कंपनी कोर्ट रिसीवर। इनसे जो भी पैसा आता
- 1:16:04है डिपॉजिटर के लिए उसको अलग से रखना।
- 1:16:06एक्सक्लूड कर देना। ठीक है सर। उसके बाद
- 1:16:09डेरिवेटिव ट्रांजैक्शंस में जो भी लॉस
- 1:16:11वगैरह हैं नेट लॉ अ यू कैन से क्या बोलते
- 1:16:13हैं अनरियलाइज्ड लॉस उसको एक्सक्लूड
- 1:16:15करेंगे। एंड आई का मतलब है बड्डी आई का
- 1:16:18मतलब है जो भी नेट इनकम टैक्स प्रोविज़न है
- 1:16:20आई फॉर इनकम टैक्स जो भी इनकम टैक्स
- 1:16:23प्रोविज़न है दैट इज़ नॉट अ पार्ट ऑफ योर
- 1:16:25डीटीएल लायबिलिटी एक्सक्लूड करके चलो।
- 1:16:27क्लियर है बॉस? क्लियर है सर? थैंक्स टू
- 1:16:29पीपी मुन्नी। अब इसके बाद इंक्लूड वाले
- 1:16:31पॉइंट्स कवर करेंगे। 2 मिनट का एक ब्रेक
- 1:16:33ले लो भले ही। ठीक है? एक बार अगर आप चाहो
- 1:16:35तो वीडियो पॉज करके एक्सक्लूड वाले सारे
- 1:16:37पॉइंट्स रिवाइज करो। फिर मैं इंक्लूड वाले
- 1:16:38कराता हूं।
- 1:16:40चाहो तो भैया पानी के दो-दो घूंट लगा लो।
- 1:16:43मजा आ जाएगा।
- 1:16:58ऑल सेट। यस सर। अब सर इंक्लूड क्या-क्या
- 1:17:02होगा? बड़े प्यारे-प्यारे पॉइंट्स हैं।
- 1:17:04ध्यान से समझना। अगर कोई भी नेट क्रेडिट
- 1:17:06बैलेंस है इन द ब्रांच एडजस्टमेंट अकाउंट।
- 1:17:09ब्रांच एडजस्टमेंट अकाउंट यानी ये
- 1:17:10लायबिलिटी दैट यू ओवर टू योर अदर ब्रांचेस
- 1:17:13दैट इज़ टू द हेड ऑफिस एंड ऑल। वो आप डिटेल
- 1:17:16में इंक्लूड करोगे। और इसमें सर एक छोटी
- 1:17:19सी बात ध्यान रखना एमसीक्यू पॉइंट ऑफ व्यू
- 1:17:21से। जितनी भी कोई क्रेडिट एंट्रीज हैं
- 1:17:24व्हिच आर आउटस्टैंडिंग फॉर मोर देन फाइव
- 1:17:26इयर्स
- 1:17:28उनको आपने ग्रॉस लेवल पर कंसीडर करना है।
- 1:17:30सर इसका क्या मतलब है?
- 1:17:33जो भी रिसीवेबल की अमाउंट है ना वह उसमें
- 1:17:36से माइनस मत करना। फॉर एग्जांपल अगर आपका
- 1:17:38एक पेएबल बैलेंस है। पेएबल इज अ क्रेडिट
- 1:17:40एंट्री। यस सर। ₹100 का क्रेडिट बैलेंस है
- 1:17:43व्हिच इज आउटस्टैंडिंग फॉर सिक्स इयर्स।
- 1:17:46और आपका सेम ब्रांच से रिसीवेबल बैलेंस है
- 1:17:49₹40 का। तो आप बुक्स ऑफ अकाउंट्स में क्या
- 1:17:51बैलेंस लोगे सर? हम अपनी बुक्स ऑफ
- 1:17:53अकाउंट्स में लायबिलिटी दिखाएंगे ₹100 की।
- 1:17:56ओह माय गॉड। जो पेएबल बैलेंस है सीधा का
- 1:17:59सीधा लायबिलिटी में आएगा। किस पे? ग्रॉस
- 1:18:02बेसिस पे यह आपने ग्रॉस बेसिस पे लेना है।
- 1:18:05इसमें से रिसीवेबल माइनस मत करना। क्यों
- 1:18:07सर? बिकॉज़ इट इज़ आउटस्टैंडिंग फॉर सिक्स
- 1:18:09ईयर। तो अगर कोई क्रेडिट बैलेंस मोर देन
- 1:18:11फाइव ईयर से आउटस्टैंडिंग है। इसको हमको
- 1:18:14ग्रॉस बेसिस पे कंसीडर करना है। दिस पॉइंट
- 1:18:17वेंट इंटू योर हेड। यस सर। दिमाग में गया
- 1:18:19सर। फिर कहता है जो भी डिपॉजिट्स हैं उस
- 1:18:22पे इंटरेस्ट अक्रू होगा। मैं यहां पे ड्यू
- 1:18:24की बात नहीं कर रहा। अक्रू होगा ऑन अ
- 1:18:27फोर्ट नाइट बेसिस। तो हर दो हफ्ते में
- 1:18:29एव्री 14 डज़ इंटरेस्ट विल बी अक्रूड ऑन
- 1:18:31योर एडवांसेस। फिर सर कहता है जो भी आपको
- 1:18:34कैश कोलटरल मिला है रिसीव्ड अंडर
- 1:18:37कोलटरलाइज्ड डेरिवेटिव ट्रांजैक्शन
- 1:18:39क्योंकि ये जो कैश कोलटरल मिलता है इसको
- 1:18:41आपको रिटर्न करना पड़ता है क्योंकि ये
- 1:18:43पैसा रिटर्न करना पड़ेगा। दिस विल बी एडेड
- 1:18:46टू द डीटीआर। तो देखो क्या कहता है। एक
- 1:18:48कंपनी है उसने आपसे एक डेरिवेटिव खरीदा
- 1:18:52जिसका नाम था इंटरेस्ट रेट स्वैप। एएफएम
- 1:18:54की याद आ गई सर। उसने इंटरेस्ट रेट स्वैप
- 1:18:57खरीदा तो बदले में उसने आपको कैश कोलटरल
- 1:18:59दिया एज अ सिक्योरिटी। अब जब ये इंटरेस्ट
- 1:19:02रेट स्वैप का टाइम खत्म हो जाएगा क्या आप
- 1:19:04ये सिक्योरिटी रिफंड करोगे? हां सर
- 1:19:06क्योंकि आपको रिटर्न करनी पड़ेगी ये डिटेल
- 1:19:08में ऐड हो जाएगी। ओके सर। फिर उसके बाद
- 1:19:10कहता है जो भी आपने बोरोइंग्स करी है
- 1:19:12फ्रॉम द अब्रॉड एज अ इंडियन बैंक। दीज़ आर
- 1:19:15कंसीडर्ड एज अ लायबिलिटी टू द अदर एंड दी
- 1:19:18शुड बी कंसीडर्ड एट ग्रॉस लेवल। तो जो भी
- 1:19:20आपको अमाउंट पे करने हैं फॉरेन बैंक्स को
- 1:19:22उनको ग्रॉस लेवल पे आप कंसीडर करो। एंड
- 1:19:24अगर आपकी कोई लायबिलिटी है टू द इंडियन
- 1:19:26बैंक्स उनको आप नेट ऑफ कर सकते हो विद द
- 1:19:29एसेट्स। तो भैया एक बात समझना जितने भी
- 1:19:31फॉरेन बैंक्स की लायबिलिटीज हैं उनको तो
- 1:19:33ग्रॉस बेसिस पे कंसीडर करना है। बट जो
- 1:19:35इंडियन बैंक्स हैं उनको आप नेट बेसिस पे
- 1:19:37कंसीडर कर सकते हो। सर नेट बेसिस का मतलब
- 1:19:39है अगर कोई पेएबल बैलेंस है और कोई
- 1:19:41रिसीवेबल बैलेंस है दोनों को आप नेट ऑफ
- 1:19:43करके चल सकते हो। ठीक है सर। इसको हम कई
- 1:19:46बार एडवर्स बैलेंस ऑफ नोस्ट्रो अकाउंट भी
- 1:19:48कहते हैं। तो जो नोस्ट्रो अकाउंट का माइनस
- 1:19:50में बैलेंस आ रहा होता है, पेएबल बैलेंस आ
- 1:19:52रहा होता है, वो आपकी लायबिलिटी का पार्ट
- 1:19:53बनेगा, डिटेल का पार्ट बनेगा। ठीक है सर।
- 1:19:56इसके लिए हम क्या करें सर? स्क्रूटिनाइज
- 1:19:58करो नो थ्रो अकाउंट। जो इसका नोस्ट्रथो
- 1:20:00अकाउंट है वो स्क्रूटिनाइज़ करो। उसमें बस
- 1:20:02ये देखना जितनी भी इनवर्ड रेमिटेंसेस हैं
- 1:20:04कहीं उसमें कुछ अनकाउंटेड तो नहीं रह गया।
- 1:20:07इनवर्ड रेमिटेंस फॉर एनी कस्टमर्स और एनी
- 1:20:09ब्रोकर्स लाइक कॉन्स्टिटुएंट्स उनके लिए
- 1:20:11कोई इनवर्ड रेमिटेंस है तो बस देख लेना।
- 1:20:13कुछ अनकाउंटेड तो नहीं है। अगर अनकाउंटेड
- 1:20:15है तो उसको आपने लायबिलिटी कंसीडर करना है
- 1:20:18फॉर द बैंक। तो भैया सिंपल सी बात है। अगर
- 1:20:20आपके पास अपने बैंक में किसी भी कस्टमर के
- 1:20:24लिए कुछ पैसा आया है तो वो आपका पैसा नहीं
- 1:20:27है। कस्टमर का पैसा है। क्योंकि वो कस्टमर
- 1:20:29का पैसा है। बैंक की लायबिलिटी मानी
- 1:20:30जाएगी। उसको आप डिटेल का पार्ट बना देना।
- 1:20:33ठीक है सर। इसके अलावा इसमें बस छोटी सी
- 1:20:36बातें ध्यान रखना। एग्ेंप्टेड कैटेगरी में
- 1:20:38इन्होंने कुछ बातें डाल रखी हैं। अगर बैंक
- 1:20:40ने कोई भी बड़े-बड़े लोन लिए हैं। ठीक है?
- 1:20:42जिसको ये बोलते हैं मिनिमम एलिजिबल
- 1:20:44क्रेडिट या आउटस्टैंडिंग लॉन्ग टर्म
- 1:20:46बॉन्ड्स। सर ये लोंस क्यों लिए हैं? टू
- 1:20:49फाइनेंस द इंफ्रास्ट्रक्चर लोंस और
- 1:20:51हाउसिंग लोंस। तो ये जो भी इन्होंने लोंस
- 1:20:53लिए हैं मिनिमम एलिजिबल क्रेडिट
- 1:20:55आउटस्टैंडिंग लॉन्ग टर्म बॉन्ड ये सब
- 1:20:56एग्ेंप्टेड हैं। ठीक है सर। उसके बाद कहता
- 1:20:59है जो भी एलिजिबल अमाउंट है ऑफ द एफसीएआर
- 1:21:02बोरोइंग अकाउंट या फिर नॉन रेजिडेंट
- 1:21:06एक्सटर्नल डिपॉजिट अकाउंट एफसीएआर नाम से
- 1:21:09पता चल रहा है फॉरेन करेंसी नॉन रेजिडेंट
- 1:21:10अकाउंट होता है तो ये फॉरेन करेंसी में
- 1:21:12डिनॉमिनेटेड होते हैं इनको इंडियन करेंसी
- 1:21:13में कन्वर्ट करना पड़ता है एनआरई अकाउंट्स
- 1:21:16जो होते हैं एनआर डिपॉजिट होते हैं रुपीज
- 1:21:17में ही होते हैं। इनकी जो मैच्योरिटी होती
- 1:21:19है वो होती है 3 इयर्स एंड अबव। भैया जब
- 1:21:21मैच्योरिटी 3 साल या उससे ज्यादा है तो
- 1:21:24यहां पे आपको कुछ भी पोर्शन लिक्विडिटी
- 1:21:26में मेंटेन करने की जरूरत नहीं है। इसको
- 1:21:28अपन ने एक्सेंप्ट वैसे ही कर दिया। ठीक है
- 1:21:29सर। तो ये कहता है जितने भी आपके एफसीएआर
- 1:21:33बोरोइंग अकाउंट है और एनआरई डिपॉजिट्स है
- 1:21:36इसके केस में कुछ कहता है कि एनआरई
- 1:21:38डिपॉजिट्स के केस में जो लोंस रूपीस में
- 1:21:41हैं इसकी रिपोर्टिंग आप फॉर्म एक ही
- 1:21:43रिटर्न में करोगे। इस बात को बस एक बार
- 1:21:45ध्यान रख लेना फ्रॉम एमसीक्यू पॉइंट ऑफ
- 1:21:46व्यू। ठीक है सर। और जो फॉरेन करेंसी
- 1:21:49अकाउंट है ना इसमें अगर आपका जो डिपॉजिट
- 1:21:52है दैट इज इन डॉलर पाउंड यूरोस या जापानी
- 1:21:57ठीक है जापानी यन तो इसको तो आप आईएआर में
- 1:22:00कन्वर्ट करोगे एट आरबीआई रेफरेंस रेट बट
- 1:22:03अगर आपका जो फॉरेन करेंसी नॉन रेजिडेंट
- 1:22:05अकाउंट है ये बाकी करेंसीज में है मतलब
- 1:22:07डॉलर पाउंड यूरो या फिर जापानी के अलावा
- 1:22:11किसी और करेंसी में है तो आप सबसे पहले
- 1:22:13दूसरी करेंसी को न्यूयॉर्क रेट पे लेके
- 1:22:15आना ठीक है न्यूयॉर्क रेट यूज़ करके यूएसडी
- 1:22:18पे लाना। जैसे यूएसडी पे लाओगे आईएआर पे
- 1:22:21लाने के लिए आरबीआई का रेफरेंस रेट ले
- 1:22:23लेना। तो बड़ी सिंपल सी बात है। अगर कोई और
- 1:22:25करेंसी है। ठीक है? मान लो नेपाली रुपया।
- 1:22:28अगर नेपाली रुपया है तो नेपाली रुपए को
- 1:22:30पहले न्यूयॉर्क के रेट को यूज़ करके यूएसडी
- 1:22:32में ले जाओ। ठीक है सर। एक बार यूएसडी में
- 1:22:35आ गया तो यूएसडी से आईएआर लाने के लिए हम
- 1:22:37आरबीआई का रेफरेंस रेट यूज़ करेंगे। ये
- 1:22:39बेसिक सी बात समझ में आती है। हां सर। इस
- 1:22:41तरह से आपने इसके साथ डील करके चलना है।
- 1:22:43तो मैं आपको बताऊं ना 100 बात की एक बात
- 1:22:44एग्ेंप्टेड कैटेगरी को बस रीड कर लेना।
- 1:22:46जस्ट फॉर योर सेटिस्फेक्शन। इसको बस रीड
- 1:22:49कर लेना और कुछ करने की जरूरत नहीं है। बस
- 1:22:51आपको ये इंक्लूड वाले तीन-चार पॉइंट्स ढंग
- 1:22:53से पता होने चाहिए। क्लियर है? क्लियर है
- 1:22:56सर? इसका एक क्वेश्चन करा दूं क्या जिससे
- 1:22:58थोड़ी और आपको कॉन्फिडेंस आ जाए? हां सर
- 1:23:00करा दो। जस्ट गिव मी अ मोमेंट।
- 1:23:03तो आ जाओ मेरे साथ। कैलकुलेट करते हैं
- 1:23:05डीटेल की वैल्यू। ठीक है? कहते हैं डिटेल
- 1:23:07बैलेंस एज़ ऑन 30th सप्टेंबर 24 वाज़ 50000
- 1:23:10करोड़। 500 करोड़ का डिटेल बैलेंस था हमारे
- 1:23:12पास जिसमें यह सब इंक्लूडेड है। तो अब जब
- 1:23:15सारा का सारा मामला इंक्लूडेड है तो जो
- 1:23:17एक्सक्लूडेड वाली चीजें हैं उनको
- 1:23:18एक्सक्लूड करते हुए चलो। सबसे पहले सर
- 1:23:21पीपी मुन्नी बड़ी हो गई। पेड अप कैपिटल
- 1:23:23एक्सक्लूड करेंगे। रिजर्व्स एक्सक्लूड
- 1:23:25करेंगे। पीएनएल बैलेंस एक्सक्लूड करेंगे।
- 1:23:26लोन फ्रॉम बड़े-बड़े बैंक आरबीआई, एक्सिम
- 1:23:28बैंक, एनएचबी सब एक्सक्लूड करके चलो। फिर
- 1:23:31सर अगला पी था पार्ट अमाउंट ऑफ रिकवरी
- 1:23:33फ्रॉम द डेप्ट्स फॉर व्हिच वर कंसीडर्ड
- 1:23:36बैड एंड डाउटफुल। उसको भी हम एक्सक्लूड
- 1:23:37करके चलेंगे। नेट क्रेडिट बैलेंस इन द
- 1:23:40ब्रांच एडजस्टमेंट अकाउंट। जो ब्रांच
- 1:23:42एडजस्टमेंट अकाउंट का क्रेडिट बैलेंस था
- 1:23:43वो इंक्लूड होना चाहिए। तो इसको इग्नोर
- 1:23:45करो। इंटरेस्ट अक्रूड बट नॉट अकाउंटेड ये
- 1:23:48भी इंक्लूड होना चाहिए। तो इसको इग्नोर
- 1:23:50करो। मार्जिनस हेल्ड एंड केप्ट इन संड्री
- 1:23:52डिपॉजिट्स फॉर फंडेड फैसिलिटी। यह जो
- 1:23:54मार्जिनस होते हैं इनको हमको रिटर्न करने
- 1:23:56की जरूरत नहीं होती। एक्सक्लूड करेंगे।
- 1:23:58इनकम टैक्स प्रोविज़ बड़ी हो गई। आई फॉर
- 1:24:00इनकम टैक्स प्रोविज़ एक्सक्लूड करो। कैश
- 1:24:03कोलटरल रिसीव्ड फ्रॉम अ कस्टमर हु टूक
- 1:24:06इंटरेस्ट रेट स्वैप। मैंने कहा था कैश
- 1:24:07कोलटरल को रिटर्न करना पड़ेगा क्योंकि
- 1:24:09रिटर्न करना पड़ेगा। इंक्लूड होना चाहिए।
- 1:24:12ऑलरेडी इंक्लूडेड है। इग्नोर करो। अमाउंट
- 1:24:14रिसीव्ड फ्रॉम ईसीजीसी फॉर इनवर्किंग द
- 1:24:16गारंटी। सर डीसीजीसी हो या आईसीजीसी हो।
- 1:24:19ठीक है? उसके बाद आपका कोई कोर्ट रिसीवर
- 1:24:22से कोई पैसा आया हो वो सारा का सारा आपको
- 1:24:25लायबिलिटी का पार्ट अह नहीं बनता। वह एक
- 1:24:27डिफरेंट फॉर्म ऑफ लायबिलिटी होती है। उसको
- 1:24:29एक्सक्लूड करेंगे। एनुअल सेविंग अकाउंट
- 1:24:31फीस रिसीव्ड इन एडवांस। तो यह पैसा एडवांस
- 1:24:34में रिसीव हो चुका है। हम मान के चलते हैं
- 1:24:35रिटर्नेबल नहीं है। इसको भी हम एक्सक्लूड
- 1:24:38करके चलेंगे। एंड लायबिलिटी ड्यू टू द
- 1:24:40यूटिलाइजेशन ऑफ बैंकर एक्सेप्टेंस
- 1:24:42फैसिलिटी। बैंकर एक्सेप्टेंस फैसिलिटी
- 1:24:44यानी बड्डी हो गई। बी फॉर बैंकर
- 1:24:46एक्सेप्टेंस फैसिलिटी। अगेन ये एक्सक्लूड
- 1:24:48होगा। तो इन सब चीजों को एक्सक्लूड अगर आप
- 1:24:50करते हो 50000 करोड़ से तो क्या बैलेंस
- 1:24:52आता है? एक बार फटाफट कैलकुलेट करो और
- 1:24:53मुझे बताओ। एक बार आप चाहो तो वीडियो को
- 1:24:55पॉज कर लो। ठीक है? एंड कैलकुलेट फटाफट।
- 1:24:57सो मेरा अमाउंट आ गया है 18,700।
- 1:25:00ठीक है? अगर आपका बैलेंस 18,700 आ रहा है।
- 1:25:03वेरी गुड। आपको पूरा का पूरा कांसेप्ट
- 1:25:05क्लियर है। बस आपको एक्सक्लूजन की लिस्ट
- 1:25:07अच्छे से याद होनी चाहिए। क्लियर है बॉस?
- 1:25:09क्लियर है सर? अब वापस आ जाओ मेरे साथ
- 1:25:12पूरे के पूरे नोट्स पे। बैंक ऑडिट पे या
- 1:25:15हमारा सर एसएलआर सीआरआर कंप्लीट होता है।
- 1:25:18अब हम स्टार्ट करेंगे नेक्स्ट टॉपिक के
- 1:25:19साथ जिसका नाम है वेरिफिकेशन ऑफ़ एसेट्स।
- 1:25:22अगेन आई एम सेइंग इफ यू वांट टेक एन टेक अ
- 1:25:25ब्रेक ब्रेक ब्रेक ऑफ 5 मिनट्स। ठीक है? 5
- 1:25:28मिनट का ब्रेक ले लो। फिर वेरिकेशन ऑफ़
- 1:25:30एसेट्स के साथ स्टार्ट करते हैं।
- 1:25:32अब आता है सर हम सबका फेवरेट एरिया दैट इज़
- 1:25:35वेरिफिकेशन ऑफ़ एसेट्स। वेरफ़िकेशन ऑफ़
- 1:25:38एसेट्स में मैं बता दूं। आप कहोगे सर इतने
- 1:25:40सारे एसेट्स हैं। क्या सबको याद करके चलना
- 1:25:42है? आंसर इज़ नो। जहां-जहां मैं बताऊं रीड
- 1:25:44करके चलना। चुपचाप उनको रीड करके आगे
- 1:25:46निकलते जाओ। ठीक है सर। जहां-जहां मैं
- 1:25:48कहूं इंपॉर्टेंट टॉपिक है, वहां पे आपने
- 1:25:50चारप पॉइंट्स अच्छे से याद रख के चलने
- 1:25:52हैं। दिस शुड बी योर अप्रोच। क्लियर है?
- 1:25:54क्लियर है सर? सबसे पहले आ जाओ। कैश के
- 1:25:56साथ चलते हैं। एकदम रीड करके चलेंगे। कैश
- 1:25:58बड़ा ही सिंपल सा टॉपिक है। इसमें कुछ
- 1:26:00नहीं करना। जो भी कैश है उसको फिजिकली
- 1:26:01वेरीफाई करो। ठीक है? अब ये जो भी कैश
- 1:26:03बैंक के पास पड़ी है, ब्रांच में या जो
- 1:26:06फॉरेन करेंसी पड़ी है, ठीक है? जो कैश
- 1:26:08एटीएम पे पड़ी है, कैश डिपॉजिट मशीन पे,
- 1:26:09सबको आपने फिजिकली वेरीफाई करके चलना है।
- 1:26:12यह फिजिकल वेरिफिकेशन कब करनी है? एज
- 1:26:14क्लोज टू द बैलेंस शीट डेट एज़ पॉसिबल।
- 1:26:17फिजिकल वेरिफिकेशन से जो भी बैलेंस है,
- 1:26:19उसको अकाउंट से कंपेयर कर लेना। यानी जो
- 1:26:20भी कैश रजिस्टर है, कोर बैंकिंग सिस्टम का
- 1:26:23बैलेंस है, उसके साथ आप वेरीफाई करके
- 1:26:25चलोगे। फिर सर, बैलेंस विद आरबीआई। आरबीआई
- 1:26:27इज़ जस्ट लाइक अ थर्ड पार्टी। तो कुछ नहीं
- 1:26:29करना। जो भी लेजर बैलेंस है उससे किससे
- 1:26:31कंपेयर करेंगे? कन्फर्मेशन से। अब
- 1:26:33कन्फर्मेशन से बैलेंस मैच नहीं होता, तो
- 1:26:35इसकी हम मांगते क्या हैं? रिकंसिलेशन। अब
- 1:26:37जो रिकंसिलेशन है उसमें तीन चीजों पे आपने
- 1:26:39फोकस करना है। सबसे पहले कैश ट्रांजैक्शन
- 1:26:42व्हिच आर अनरिस्पॉनड जिस पे मैनेजमेंट ने
- 1:26:43कोई रिस्पांस नहीं दिया। रेवेन्यू आइटम्स
- 1:26:46जो आरबीआई आपके रेवेन्यू नहीं मान रहा।
- 1:26:48आरबीआई आपको पैसे नहीं दे रहा। तो उसको
- 1:26:50एडजस्ट करो, राइट ऑफ करो। जो करना है करो।
- 1:26:51ये आपने एज अ ऑडिटर देखना है। इसके अलावा
- 1:26:54कोई भी और क्रेडिट और डेबिट एंट्रीज हैं।
- 1:26:55ठीक है? जिसको लेके मैनेजमेंट रिस्पांस
- 1:26:57नहीं दे रहा फॉर मोर देन 15 डेज एमसीक्यू
- 1:27:00पॉइंट ऑफ व्यू से ध्यान रखना अगेन इस पे
- 1:27:02आपने फोकस करके चलना है। सो कैश
- 1:27:03ट्रांजैक्शंस व्हिच आर नॉट रिसोंडेड
- 1:27:05रेवेन्यू ट्रांजैक्शन व्हिच आर व्हिच
- 1:27:07रिक्वायर एडजस्टमेंट और राइट ऑफ या इसके
- 1:27:09अलावा कोई भी और क्रेडिट और डेबिट एंट्रीज
- 1:27:10है जिस पे मैनेजमेंट का कोई रिस्पांस नहीं
- 1:27:12है फॉर मोर देन 15 डेज देन अगेन आप इस पे
- 1:27:14फोकस करके चलोगे एज़ अ ऑडिटर। इसके बाद आता
- 1:27:17है सर बैलेंस विद अदर बैंक्स। अगेन इस पे
- 1:27:19कोई भी क्वेश्चन नहीं है क्वेश्चन बैंक पे
- 1:27:20तो सिर्फ रीड भी करके चलोगे तो मुझे लगता
- 1:27:22है आपके लिए काफी है। सिंपल सी बात है जो
- 1:27:25आरबीआई वाले प्रोसीजर्स थे ये सब तो आपने
- 1:27:27करने ही हैं। इसके अलावा आपने बस देखना है
- 1:27:29कोई भी चार्जेस या इंटरेस्ट आउटस्टैंडिंग
- 1:27:31नहीं होना चाहिए। तो अगर आपको लगता है
- 1:27:32आपको कोई चार्ज पीएनएल में डेबिट करना
- 1:27:35चाहिए तो देख लो दैट इज प्रॉपर्ली
- 1:27:36डेबिटेड। अगर कोई इंटरेस्ट इनकम है जिसका
- 1:27:38क्रेडिट होना चाहिए तो एज अ ऑडिटर देख
- 1:27:40लेना। वो प्रॉपर्ली क्रेडिट हो चुकी हो।
- 1:27:42उसके बाद जो हमने चेक ट्रंकेशन सिस्टम
- 1:27:45सीखा था कि एक बैंक बैंक क्लियरिंग में
- 1:27:47भेजता है दैट इज क्लियरिंग आउटवर्ड। एक
- 1:27:51बैंक के पास होती है क्लियरिंग इनवर्ड। तो
- 1:27:53कोई भी चेक आउटवर्ड या इनवर्ड क्लियरिंग
- 1:27:55में आउटस्टैंडिंग नहीं होना चाहिए। तीसरा
- 1:27:57टॉपिक हमने करा कवर किया था बिल सेंड फॉर
- 1:27:59कलेक्शन।
- 1:28:01तो जो भी बिल सेंड फॉर कलेक्शन है मान लो
- 1:28:03एज ऑन इन द लास्ट मंथ वीक ऑफ़ मार्च। मार्च
- 1:28:06के लास्ट वीक में कोई भी बिल सेंड फॉर
- 1:28:08कलेक्शन है तो देख लेना अप्रैल मंथ में
- 1:28:10कहीं ना कहीं वो बिल कलेक्ट हो चुका हो।
- 1:28:11इट इज़ प्रॉपर्ली कलेक्टेड एंड क्रेडिटेड
- 1:28:13सब्सक्वेंटली। एंड लास्ट में कहता है इंटर
- 1:28:16बैंक अकाउंट्स में कोई भी लार्ज
- 1:28:17ट्रांजैक्शन है तो वो भी आपने कंसीडर करके
- 1:28:19चलने हैं। तो बैंक के बीच में क्या होता
- 1:28:21है? चेक भेजते हैं, चेक लेते हैं, कोई
- 1:28:23इंटरेस्ट डेबिट करते हैं, कोई चार्जेस
- 1:28:25क्रेडिट वगैरह होते हैं। तो वो जो भी
- 1:28:27चीजें हैं बस आपने देखना है प्रॉपर्ली
- 1:28:28अकाउंटेड होनी चाहिए। ठीक है सर। अब आता
- 1:28:31है भैया इंपॉर्टेंट टॉपिक सारे बच्चे गेट
- 1:28:34रेडी। सर ये टॉपिक का नाम क्या है? मनी एट
- 1:28:37कॉल और शॉर्ट नोटिस। ये मनी एट कॉल एंड
- 1:28:40शॉर्ट नोटिस क्या गेम कहता है सर? एवरीवन
- 1:28:42लुक एट द बोर्ड। मनी एट कॉल एंड शॉर्ट
- 1:28:44नोटिस में कुछ नहीं होता भैया। एक बैंक
- 1:28:46होता है और एक बाकी बैंक्स होते हैं। यो
- 1:28:48ये क्या कर रहे हो सर? एक बैंक होता है एक
- 1:28:51बाकी बैंक्स होते हैं। बैंक क्या करता है?
- 1:28:53सामने वाले को पैसा देता है एट कॉल और
- 1:28:55शॉर्ट नोटिस। शॉर्ट नोटिस का मतलब है एक
- 1:28:58से 14 दिन। वन टू 14 डेज काफी शॉर्ट
- 1:29:00पीरियड के लिए मैंने इसको पैसा दिया। तो
- 1:29:02दैट्स व्हाई इट इज़ माय एसेट। ओके सर। अब
- 1:29:04इसमें चेक क्या करना है? एज अ ऑडिटर चेक
- 1:29:06करो। यह ऑथोराइज़्ड था। तभी पैसा जाए जब
- 1:29:08ऑथराइज हो। ठीक है सर। इसके अलावा आपने
- 1:29:11देखना है जब बैंक ने इसको पैसा दिया तो
- 1:29:15इसने इसको साथ में एक सर्टिफिकेट दिया
- 1:29:17होगा। दैट इज द बोरोअर सर्टिफिकेट। जब इस
- 1:29:20बैंक को पैसा रिसीव हुआ तो इसने कॉल लोन
- 1:29:22रिसीप्ट दी होगी। तो ये दोनों को साथ-साथ
- 1:29:24चेक करना। फिर जो भी पैसा आ रहा है
- 1:29:26फाइनेंसियल स्टेटमेंट में वो आपके जनरल
- 1:29:28लेजर से टैली होना चाहिए। तो ये तो दो
- 1:29:30डॉक्यूमेंट्स हो गए। दो डॉक्यूमेंट्स क्या
- 1:29:31हो गए? बोरोअर सर्टिफिकेट, कॉल लोन
- 1:29:33रिसीप्ट और जनरल लेजर से बैलेंस टेली करना
- 1:29:35चाहिए। फिर सर बदले में क्या मिलेगा?
- 1:29:38इंटरेस्ट मिलेगा, रीपेमेंट मिलेगी। तो एज
- 1:29:41अ ऑडिटर ये चेक कर लेना जो इंटरेस्ट है वो
- 1:29:43प्रॉपर्ली रिसीव हो रहा है। प्रॉपर्ली
- 1:29:45अकाउंट फॉर हुआ है करेक्टली। ठीक है सर।
- 1:29:47एंड जो भी रीपेमेंट आई है सब्सक्वेंट टू द
- 1:29:49बैलेंस शीट डेड वो भी आप चेक करके चलोगे।
- 1:29:51तो दो चीजें चेक करना। इंटरेस्ट इज़
- 1:29:53प्रॉपर्ली अक्रूड एंड अकाउंटेड एंड
- 1:29:54सब्सक्वेंट रीपेमेंट्स इनको आप चेक कर
- 1:29:57सकते हो टू वेरीफाई द ईयर एंड बैलेंस। तो
- 1:29:59इस तरह से आपके पांचों पॉइंट्स डन डन आर
- 1:30:01डन डन। एक बार आ जाओ किताब से गो थ्रू
- 1:30:03कराता हूं। मजा आ जाएगा।
- 1:30:05एग्जामिन इफ देयर इज़ अ प्रॉपर सिस्टम ऑफ
- 1:30:07ऑथोराइजेशन एंड कंप्लायंस विद द हेड ऑफिस
- 1:30:09इंस्ट्रक्शन। ऑथोराइज होगा तभी पैसे देना।
- 1:30:11डॉक्यूमेंट्स वाले दो पॉइंट थे। वेरीफाई द
- 1:30:13कॉल लोनस विद रिस्पेक्ट टू सर्टिफिकेट्स
- 1:30:15ऑफ द बोरोअर एंड कॉल लोन रिसीव्ड। तीसरा
- 1:30:17जो भी बैलेंस है इन द रजिस्टर्ड दैट शुड
- 1:30:19टेली विद द जनरल लेजर। अमाउंट रिसीव वाले
- 1:30:22अमाउंट थे। एग्जामिन द सब्सीक्वेंट
- 1:30:23रीपेमेंट्स फ्रॉम द बोरोइंग बैंक्स टू
- 1:30:25वेरीफाई द ईयर एंड बैलेंस। एक बात ध्यान
- 1:30:27रखना जो आप कॉल लोन दे रहे हो और जो आपने
- 1:30:29कॉल लोन रिसीव किए हैं इनको आप नेट ऑफ
- 1:30:31नहीं कर सकते। ठीक है? कॉल लोनस मेड कैट
- 1:30:34कांट बी नेट ऑफ विद द लोोंस रिसीव्ड। ये
- 1:30:36एक छोटी सी बारीक बात ध्यान रखना एंड
- 1:30:38वेरीफाई द इंटरेस्ट अक्रूड एंड अकाउंटेड
- 1:30:40एट द ईयर एंड। तो ये एक छोटी सी समरी है।
- 1:30:42इट शुड बी ऑथोराइज्ड। बोरोअर सर्टिफिकेट
- 1:30:45कॉल लोन रिसीप्ट दोनों को वेरीफाई करेंगे।
- 1:30:47रजिस्टर से बैलेंस टैली होना चाहिए। जो
- 1:30:49रजिस्टर और जीएल का बैलेंस है वो टैली
- 1:30:51होना चाहिए। चेक द सब्सीक्वेंट रीपेमेंट्स
- 1:30:53एंड इंटरेस्ट अकाउंटेड एंड अक्रूड। क्लियर
- 1:30:55है बॉस? क्लियर है सर? अब आता है सर
- 1:30:57इन्वेस्टमेंट वाला टॉपिक।
- 1:31:00ICI ने इन्वेस्टमेंट वाले टॉपिक में बहुत
- 1:31:02सारा रायता फैला रखा है। ठीक है? अभी इस
- 1:31:04टॉपिक के साथ कैसे डील करके चलना है मैं
- 1:31:06आपको समझाता चलूंगा। अगेन मेरा ये मानना
- 1:31:09है इस टॉपिक को अगर आप समझ के भी चलोगे ना
- 1:31:11जस्ट फ्रॉम अंडरस्टैंडिंग पॉइंट ऑफ व्यू
- 1:31:13रीड भी कर लोगे। मुझे नहीं लगता कोई
- 1:31:14दिक्कत की बात है। ठीक है? जो काम की बात
- 1:31:17होगी उस पे मैं थोड़ा सा एफसाइज़ कर दूंगा
- 1:31:18कि इस पे थोड़ा सा ध्यान ज्यादा दे देना।
- 1:31:20ठीक है सर। सबसे पहले इन्वेस्टमेंट्स की
- 1:31:22बात की जाए तो यहां पे जैसे आप बाकी
- 1:31:24एरियाज में करते हो इंटरनल कंट्रोल्स को
- 1:31:26इवैलुएट करो। ठीक है? और इनकी
- 1:31:28इन्वेस्टमेंट की पॉलिसी देखो।
- 1:31:29इन्वेस्टमेंट की पॉलिसी किसके हिसाब से
- 1:31:31होनी चाहिए? आरबीआई के हिसाब से होनी
- 1:31:32चाहिए। ठीक है? एंड आपने इनका
- 1:31:34इन्वेस्टमेंट का ऑब्जेक्टिव देखना है कि
- 1:31:35भैया हमको रिटर्न्स मैक्सिमाइज करने हैं
- 1:31:37या फिर हम इन्वेस्टमेंट होल्ड कर रहे हैं
- 1:31:39फॉर लिक्विडिटी टू मेंटेन प्रॉपर स्टचटरी
- 1:31:42लिक्विडिटी रेशियो। ठीक है सर। फिर देखना
- 1:31:44प्रॉपर रिकंसिलेशन ऑफ इन्वेस्टमेंट।
- 1:31:46रिकंसिलेशन का मतलब है जो भी इनका बैलेंस
- 1:31:49है ना वो टेली होना चाहिए किसी
- 1:31:51डॉक्यूमेंटेशन के साथ। तो अगर इनके पास
- 1:31:53कोई इन्वेस्टमेंट है इन द शेयर्स एंड
- 1:31:55सिक्योरिटीज। तो जो भी डिपॉजिटरी की
- 1:31:57रिपोर्ट्स आती है सीडीएसएल, एनएसडीएल इनकी
- 1:31:59डिपॉजिटरी की रिपोर्ट से शेयर्स का बैलेंस
- 1:32:01टेली होना चाहिए। फिर अगर इनके पास कोई
- 1:32:04गवर्नमेंट सिक्योरिटी है तो आपने एक सुना
- 1:32:05होगा एसजीएल करके होता है। ठीक है?
- 1:32:07सब्सिडरी जनरल लेजर। तो इससे आपको
- 1:32:09गवर्नमेंट सिक्योरिटीज का अंदाजा लग जाएगा
- 1:32:11कि वो बैलेंस मैच हो रहा है कि नहीं। ठीक
- 1:32:13है सर। फिर जो भी इनके रजिस्टर्स का
- 1:32:15बैलेंस है इन्वेस्टमेंट के रजिस्टर्स वो
- 1:32:17कहीं ना कहीं इनके फाइनेंसियल स्टेटमेंट
- 1:32:19से मैच होना चाहिए। तो ये बेसिक सी बात
- 1:32:20समझना। ओके सर। फिर आते हैं सर
- 1:32:23इन्वेस्टमेंट के फंक्शनंस। तो मैं बताऊं
- 1:32:25ना इन्वेस्टमेंट के तीन फंक्शनंस होते
- 1:32:26हैं। फ्रंट ऑफिस, मिडिल ऑफिस, बैक ऑफिस।
- 1:32:29इनके बीच में होनी चाहिए सेग्रगेशन ऑफ
- 1:32:31ड्यूटीज़। फ्रंट ऑफिस का काम क्या है? मैं
- 1:32:34बताता हूं। बड़ा सिंपल है। जो आपका फ्रंट
- 1:32:37ऑफिस है ना दैट टेक्स द डिसीजन ऑफ
- 1:32:39एग्जीक्यूटिंग। बोर्ड पे फोकस करो। फ्रंट
- 1:32:42ऑफिस क्या करता है? एग्जीक्यूट करता है।
- 1:32:44यानी वो डिसाइड करता है कौन से शेयर्स में
- 1:32:45इन्वेस्ट करना है। ठीक है सर। जो आपका
- 1:32:49मिडिल ऑफिस है। ठीक है? जो आपका मिडिल
- 1:32:52ऑफिस है, मिडिल ऑफिस का काम है एम फॉर
- 1:32:55मिडिल ऑफिस का काम है एम फॉर मॉनिटर करना
- 1:32:57कि जो भी शेयर में मैंने इन्वेस्टमेंट करी
- 1:32:59है क्या वो कंप्लाई कर रही है आरबीआई
- 1:33:01गाइडलाइंस के साथ क्या वो कंप्लाई कर रही
- 1:33:04है हेड ऑफिस के इंस्ट्रक्शंस के साथ और वो
- 1:33:06इन्वेस्टमेंट कैसा परफॉर्म कर रही है क्या
- 1:33:08वो प्रॉपर रिटर्न्स दे रही है कि नहीं और
- 1:33:10आखिरी में जो हमारे पास बैक ऑफिस बचता है
- 1:33:12बैक ऑफिस बस देखते हैं क्या जो
- 1:33:14इन्वेस्टमेंट में मैंने पैसा लगाया था
- 1:33:15उसकी डिलीवरी मिल गई शेयर्स की डिलीवरी
- 1:33:18मिल गई और इसकी प्रॉपर अकाउंटिंग हो हो
- 1:33:20रही है कि नहीं? तो तीन ऑफिस हैं फ्रंट,
- 1:33:22मिडिल और बैक। और ये सिंपल काम करते हैं।
- 1:33:25ट्रेड्स को एग्जीक्यूट करते हैं, मॉनिटर
- 1:33:27करते हैं, अकाउंटिंग करते हैं और आखिरी
- 1:33:29में इसकी सेटलमेंट वगैरह देखते हैं।
- 1:33:32क्लियर है? क्लियर है? बस समझ के चलना है।
- 1:33:34ठीक है सर? फिर आता है एग्जामिनेशन ऑफ
- 1:33:36डॉक्यूमेंट्स। कहीं ना कहीं आप
- 1:33:38डॉक्यूमेंट्स वगैरह एग्जामिन कर सकते हो
- 1:33:39कि जो इन्वेस्टमेंट थी उसके लिए आपने
- 1:33:41प्रॉपर अथॉरिटी का सेंक्शन लिया। ठीक है?
- 1:33:43दैट वाज़ ऑथोराइज्ड। फिर जब आप इन्वेस्ट
- 1:33:46करते हो तो आपको कुछ टर्म्स एंड कंडीशन से
- 1:33:48कंप्लाई करना पड़ता है। कोवनेंट्स यानी
- 1:33:50टर्म्स एंड कंडीशन से कंप्लाई करना पड़ता
- 1:33:51है। तो चेक करो आपने कंप्लाई किया कि
- 1:33:53नहीं। मान लो किसी इन्वेस्टमेंट का मिनिमम
- 1:33:55होल्डिंग पीरियड है फाइव इयर्स तो आपने
- 1:33:57इससे कंप्लाई किया कि नहीं। ठीक है सर।
- 1:33:59फिर जो भी इन्वेस्टमेंट्स आपने एक्वायर
- 1:34:02करी हैं या फिर सेल करी है, डिस्पोज ऑफ
- 1:34:04करी हैं। इसको एक ऑडिटर कैसे चेक कर सकता
- 1:34:06है? ब्रोकर के कॉन्ट्रैक्ट नोट से। ठीक
- 1:34:08है? अगर आपने डिस्पोज करी तो आपके पास कोई
- 1:34:10रिसीप्ट होगी मनी की रिसीट तो वो रिसीट्स
- 1:34:12आप चेक कर लो। ठीक है? अगर आपने एक्वायर
- 1:34:14करी तो आपने कोई कॉस्ट वगैरह पे करी
- 1:34:16होंगी। कॉस्ट होती है ना बेचने और खरीदने
- 1:34:18में शेयर्स की तो वो बिल्स देख लो। तो ये
- 1:34:20सब डॉक्यूमेंट्स एक ऑडिटर देख के चल सकता
- 1:34:22है। क्या इसको भी सिर्फ समझ के चल? हां
- 1:34:24सिर्फ इसको भी अंडरस्टैंड करके चलो। ठीक
- 1:34:26है सर। फिर आते हैं सर फिजिकल वेरिफिकेशन।
- 1:34:29मैं बताऊं ना ये नाम का फिजिकल वेरिफिकेशन
- 1:34:31है। यहां पे करनी तो आपने ओवरऑल
- 1:34:33वेरिफिकेशन ही है। अब इस ओवरऑल वेरिफिकेशन
- 1:34:35में क्या होगा? सारे बच्चे बोर्ड पे फोकस
- 1:34:37करना।
- 1:34:38सबसे पहले जो आपके पास फिजिकल फिजिकली
- 1:34:41शेयर्स अवेलेबल है, फिजिकल इन्वेस्टमेंट्स
- 1:34:43अवेलेबल है उनको तो फिजिकली देख लो। कई
- 1:34:45सारी चीजें ना आपके पास इलेक्ट्रॉनिकली
- 1:34:47अवेलेबल होती है। तो जो भी इन्वेस्टमेंट
- 1:34:49है विद द आरबीआई या कोई कस्टोडियन या कोई
- 1:34:52डिपॉज़िटरी जैसे मैंने बोला था सीडीएसएल,
- 1:34:54एनएसडीएल इन सब थर्ड पार्टीज से ना जनरली
- 1:34:57स्टेटमेंट्स आते हैं। ठीक है? स्टेटमेंट
- 1:34:59ऑफ होल्डिंग्स। तो बैलेंस शीट डेट पे जो
- 1:35:01भी स्टेटमेंट ऑफ होल्डिंग है उसको आप देख
- 1:35:03सकते हो। ठीक है सर? क्योंकि यह थर्ड
- 1:35:05पार्टीज हैं। हम इससे इंडिपेंडेंट बैलेंस
- 1:35:08कंफर्मेशन भी ले सकते हैं। एस पर एसए 505।
- 1:35:10अगर सर कंफर्मेशन नहीं मिले तो आप
- 1:35:12अल्टरनेट प्रोसीजर कर सकते हो। फॉर
- 1:35:14एग्जांपल अगर आपने इन्वेस्ट कर रखा है
- 1:35:16गवर्नमेंट सिक्योरिटीज पे तो गवर्नमेंट
- 1:35:18सिक्योरिटीज के लिए एक पोर्टल होता है
- 1:35:20जिसका नाम होता है ई कुबेर पोर्टल। सर
- 1:35:22क्या नाम है? ई कुबेर पोर्टल। तो कुछ मत
- 1:35:24करना। जो ऑडिटर है उसकी प्रेजेंस में बैंक
- 1:35:28का एक बंदा ई कुबेर पोर्टल से
- 1:35:30इन्वेस्टमेंट स्टेटमेंट को डाउनलोड कर
- 1:35:32लेगा। ठीक है? तो सिंपल सी बात है एक बात
- 1:35:34समझना क्योंकि थर्ड पार्टी है तो थर्ड
- 1:35:37पार्टी से हम कंफर्मेशन तो ले ही सकते हैं
- 1:35:39बट जो गवर्नमेंट सिक्योरिटी है उसके लिए ई
- 1:35:41कुबेर पोर्टल है तो आप खड़े रहना अपनी
- 1:35:43निगरानी में ठीक है अपनी निगरानी में अपनी
- 1:35:45प्रेजेंस में आप क्या करना बैंक के बंदे
- 1:35:48को बोलना सुन लॉग इन कर ई ई कुबेर पोर्टल
- 1:35:51पे और फटाफट इन्वेस्टमेंट का जो भी
- 1:35:53स्टेटमेंट है उसको डाउनलोड कर ले मैं फिर
- 1:35:54अपनी इन्वेस्टमेंट यहां से वेरीफाई कर
- 1:35:56लूंगा तो अभी तक तीन चीजें मैंने क्या
- 1:35:58बताई ओवरऑल वेरिफिकेशन में जो फिजिकल
- 1:36:00इन्वेस्टमेंट्स है उसको फिजिकली वेरीफाई
- 1:36:02करो जो इलेक्ट्रॉनिक इन्वेस्टमेंट है
- 1:36:04आरबीआई कस्टोडियन या किसी डिपॉज़िटरी के
- 1:36:06साथ उसके स्टेटमेंट देख लो या आप उससे
- 1:36:07कंफर्मेशन ले सकते हो। अगर कंफर्मेशन नहीं
- 1:36:10आती ई कुबेर पोर्टल से डाउनलोड कर लो। फिर
- 1:36:12सर जो फोर्थ पॉइंट है अभी इसको इग्नोर
- 1:36:14करो। लास्ट पॉइंट कहता है अगर आपकी कुछ
- 1:36:16सिक्योरिटी नॉमिनी के नाम में है तो
- 1:36:19नॉमिनी के नाम में सिक्योरिटी तभी जाती है
- 1:36:21जब प्रॉपर ट्रांसफर डीड हो। तो वो
- 1:36:23ट्रांसफर डीड ऑडिटर चेक कर सकता है। प्लस
- 1:36:25नॉमिनी से अंडरटेिंग ले लेना। नॉमिनी से
- 1:36:28अंडरटेिंग ले लेना कि ये इन्वेस्टमेंट
- 1:36:30उसकी नहीं है। वो होल्ड कर रहा है बैंक के
- 1:36:32बिहाफ पे। कहीं ना कहीं वो सिक्योरिटी को
- 1:36:34बैंक के बिहाफ पे होल्ड कर रहा है। तो
- 1:36:36मुझे बस ऐसा लगता है फिजिकल वेरिफिकेशन
- 1:36:38वाला थोड़ा इंपॉर्टेंट पॉइंट है। इसको
- 1:36:39आपने अच्छे से करके चलना है। ठीक है? ठीक
- 1:36:41है सर। ये सर आपने पॉइंट क्यों छुड़वाया?
- 1:36:43मेरे को आपको एक कांसेप्ट रिवाइज़ कराना
- 1:36:45है। इसलिए सर कौन सा कांसेप्ट है? जस्ट
- 1:36:48गिव मी अ मोमेंट।
- 1:36:52बीआर और एसजीएल का कांसेप्ट है। एवरीवन
- 1:36:55प्लीज फोकस। देखो क्या होता है।
- 1:36:58मैंने जब आपको स्टचटरी लिक्विडिटी रेशियो
- 1:37:00बताया था तो मैंने आपको ऐसा कुछ बताया था
- 1:37:02कि हमको कुछ लिक्विड एसेट्स मेंटेन करने
- 1:37:04हैं। हां सर। अब वो लिक्विड एसेट्स कैसे
- 1:37:06होते हैं? या तो आप कैश मेंटेन कर लो या
- 1:37:08आप इन्वेस्ट कर सकते हो गवर्नमेंट
- 1:37:10सिक्योरिटीज में। ठीक है सर। अब मान लो
- 1:37:12किसी बैंक का एसएलआर कम हो रहा है। ठीक
- 1:37:14है? मान लो जो बैंक y है इसका एसएलआर कम
- 1:37:17हो रहा है। इसके लिक्विड एसेट्स कम हो रहे
- 1:37:18हैं। तो ये क्या करता है ना? बैंक x को
- 1:37:20बोलता है भैया फटाफट मेरे को गवर्नमेंट
- 1:37:22सिक्योरिटीज ट्रांसफर कर दे। फटाफट मेरे
- 1:37:25को गवर्नमेंट सिक्योरिटीज ट्रांसफर कर दे।
- 1:37:26बैंक कहता है यार मैं तेरे को हाथों हाथ
- 1:37:28कैसे ट्रांसफर करूं गवर्नमेंट
- 1:37:30सिक्योरिटीज। ठीक है? एक काम करता हूं तू
- 1:37:32मेरे को 50 करोड़ दे दे। मैं तेरे को 7.1%
- 1:37:36गवर्नमेंट सिक्योरिटीज ट्रांसफर तो नहीं
- 1:37:38कर रहा बट मैं तेरे को कमिटमेंट दे रहा
- 1:37:40हूं थ्रू अ बैंक रिसीप्ट। मैं तेरे को
- 1:37:43बैंक रिसीप्ट लिख के दे रहा हूं। तू ऐसा
- 1:37:45मान ये जो बैंक रिसीट है ना, यह
- 1:37:46सिक्योरिटीज़ रिप्रेजेंट कर रही है। तो,
- 1:37:48बैंक रिसीप्ट में क्या होता है? जो
- 1:37:50गवर्नमेंट सिक्योरिटीज़ हैं, दे विल बी
- 1:37:52ट्रांसफर्ड ऑन अ लेटर डेट। यह एक लेटर डेट
- 1:37:55पे इसको ट्रांसफर कर पाएगा। ठीक है सर? अब
- 1:37:57जब यह लेटर डेट पे देगा ऑब्वियस सी बात है
- 1:37:59इसको कुछ अक्रूड इंटरेस्ट में ट्रांसफर
- 1:38:01करना पड़ेगा। तो बैंक रिसीप्ट आप ऐसे मान
- 1:38:03लो एक प्रॉमिस है। ये एक प्रॉमिस है कि
- 1:38:05थोड़े दिनों बाद बैंक एक्स बैंक व को
- 1:38:08गवर्नमेंट सिक्योरिटीज ट्रांसफर कर देगा।
- 1:38:10ठीक है सर। अब सर इस केस में ना क्या हो
- 1:38:13रहा था? गफलेबाजी हो रही थी। बैंक एक्स
- 1:38:16बैंक व को गवर्नमेंट सिक्योरिटी एक्चुअल
- 1:38:18में ट्रांसफर कर ही नहीं रहा था और भर-भर
- 1:38:20के बैंक रिसीट्स दिए जा रहा था। इसके पास
- 1:38:23गवर्नमेंट सिक्योरिटी एक्चुअल में होती
- 1:38:25नहीं थी। पर यह भर-भर के बैंक रिसीप्ट
- 1:38:27देते रहता था और यहां पर सर फ्रॉड वगैरह
- 1:38:30होते थे। तो इन्होंने कहा बैंक रिसीप्ट के
- 1:38:32कांसेप्ट को गोली मारो और नया कांसेप्ट
- 1:38:34आया सब्सिडरी जनरल लेजर जिसको कहते हैं
- 1:38:36एसजीएल फैसिलिटी। एसजीएल इज जस्ट लाइक अ
- 1:38:39डीममेट अकाउंट ऑफ गवर्नमेंट सिक्योरिटी।
- 1:38:41यानी यहां पे सर जो डिलीवरी है ना
- 1:38:43गवर्नमेंट सिक्योरिटी की हाथों हाथ होगी।
- 1:38:46T + 1 सेटलमेंट होती है। जिस दिन
- 1:38:48ट्रांजैक्शन हुई उसके एक दिन के अंदर-अंदर
- 1:38:49एक बैंक को दूसरे बैंक को गवर्नमेंट
- 1:38:51सिक्योरिटी ट्रांसफर करनी है। वाओ सर मजा
- 1:38:53आ गया सर। अब यहां पे सर जो भी फंड
- 1:38:55ट्रांसफर या सेटलमेंट है वो थ्रू आरबीआई
- 1:38:57सेटलमेंट सिस्टम होता है। तो 100 बात की
- 1:38:59एक बात ये है कि अगर एज अ ऑडिटर आपको कोई
- 1:39:02बैंक रिसीप्ट वगैरह मिलती है तो आप बैंक
- 1:39:04रिसीप्ट के जो भी डॉक्यूमेंट्स है वो चेक
- 1:39:06कर लो। अगर कहीं पे एसजीएल फैसिलिटी
- 1:39:09अवेलेबल है तो वहां फिर बैंक रिसीप्ट का
- 1:39:11कोई पॉइंट नहीं है। बैंक रिसीप्ट वेरीफाई
- 1:39:12करने की जरूरत नहीं है। तो यही बात आपके
- 1:39:14फोर्थ पॉइंट में लिखी है। अब देखो देखो
- 1:39:16एकदम बढ़िया तरीके से समझ आएगी। देखो क्या
- 1:39:18कहता है। फॉर द बैंक रिसीट्स इशूड बाय अदर
- 1:39:21बैंक्स एंड व्हिच आर इन हैंड। आप दूसरे
- 1:39:23बैंक से कंफर्मेशन ले सकते हो कि तुमने
- 1:39:25बैंक रिसीट दी थी या नहीं दी थी। वेयर द
- 1:39:27बैंक रिसीट्स आर आउटस्टैंडिंग फॉर अ लॉट
- 1:39:29ऑफ़ पीरियड। टेक अ रिटर्न एक्सप्लेनेशन
- 1:39:31फ्रॉम द मैनेजमेंट कि भैया मामला क्या है?
- 1:39:33जहां बैंक रिसीप्ट इशू नहीं हो रही वहां
- 1:39:35पे एसडीएल फैसिलिटी अवेलेबल होती है। तो
- 1:39:37वहां से आप कंफर्मेशंस ले सकते हो। क्लियर
- 1:39:40है बॉस? क्लियर है सर? तो फिजिकल
- 1:39:42वेरिफिकेशन में अगेन मैं पांचों पॉइंट
- 1:39:43रिवाइज करा रहा हूं। सारे बच्चे फोकस
- 1:39:44करना। जो फिजिकली अवेलेबल है उसको फिजिकली
- 1:39:47चेक करो। जो बैलेंससेस है विद आरबीआई
- 1:39:48कस्टोडियन या डिपॉजिटरी उनसे हमने
- 1:39:50एक्सटर्नल कंफर्मेशन ले ली। अगर एक्सटर्नल
- 1:39:52कंफर्मेशन नहीं है तो अल्टरनेट प्रोसीजर
- 1:39:54है। खड़े रहो। अपनी प्रेजेंस में बैंक
- 1:39:56वाले को बोलो कि तू ई कुबेर पोर्टल से
- 1:39:58स्टेटमेंट डाउनलोड करके दे। ठीक है सर।
- 1:40:00इसके बाद बीआर के केस में आप बीआर के केस
- 1:40:02में जिस भी बैंक से बीआर आया है उससे
- 1:40:04कन्फर्मेशन लो तूने बीआर इशू किया है कि
- 1:40:05नहीं? अगर बीआर बहुत टाइम से आउटस्टैंडिंग
- 1:40:07है मैनेजमेंट से एक्सप्लेनेशन मांगो और
- 1:40:09अगर बीआर नहीं है तो एसडीएल फैसिलिटी
- 1:40:10अवेलेबल होगी। एंड लास्ट में मैंने आपको
- 1:40:12क्या बताया सर लास्ट में जो आपने बताया सर
- 1:40:14भी भूल गए। लास्ट में बड़ा सिंपल सी पॉइंट
- 1:40:16है। अगर नॉमिनी के नाम पे है तो भैया
- 1:40:18नॉमिनी के नाम पे जो भी ट्रांसफर डीड है
- 1:40:20वो आप देख सकते हो। और नॉमिनी से एक
- 1:40:22रिटर्न कन्फर्मेशन ले लो कि उसने जो
- 1:40:24सिक्योरिटी होल्ड करी है वो बैंक के बिहाफ
- 1:40:26पे होल्ड कर रखी है। दैट्स ऑल दैट नीड टू
- 1:40:28डू एज़ अ ऑडिटर। क्लियर है बॉस? क्लियर है
- 1:40:30सर? फिर सर इसके बाद दो-तीन टाइम पास वाले
- 1:40:32पॉइंट्स दे रखे हैं। इनको एक बार अच्छे से
- 1:40:33समझ के चलते हैं। देखो क्या कहता है। कहते
- 1:40:34हैं जो भी बैंक की सिक्योरिटीज हैं,
- 1:40:36इन्वेस्टमेंट्स हैं, तीन क्लासिफिकेशन में
- 1:40:38आती है। एचटीएम, एचएफटी, एएफएस सर कुछ समझ
- 1:40:40में नहीं आया। एचएफटी का मतलब है यहां पे
- 1:40:43एचटीएफ। यहां पे एचडीएम आना चाहिए। ठीक
- 1:40:45है? एचडीएम। एचटीएम का मतलब है हेल्ड टू
- 1:40:48मैच्योरिटी। यानी इस सिक्योरिटी को मैं
- 1:40:49नहीं बेचूंगा। मैच्योरिटी तक होल्ड
- 1:40:51करूंगा। एचएफटी का मतलब नाम से ही पता चल
- 1:40:53रहा है। हेल्ड फॉर ट्रेडिंग। यानी मैं
- 1:40:55इसको ट्रेडिंग पर्पस के लिए यूज़ करता हूं।
- 1:40:57जहां प्रॉफिट मिला बेच दूंगा। एंड एएफएस
- 1:41:00का मतलब है अवेलेबल फॉर सेल। कभी भी मुझे
- 1:41:02लिक्विडिटी की इशू आएगी तो मैं इसको
- 1:41:04बेचूंगा। वरना मुझे इसको बेचने का कोई
- 1:41:06इरादा नहीं है। तो आप ऐसा मान सकते हो ये
- 1:41:09सबसे ज्यादा लिक्विड होती है। ये उससे कम
- 1:41:11लिक्विड होती है और ये सबसे ज्यादा कम
- 1:41:13लिक्विड होती है। इसको हम मैच्योरिटी तक
- 1:41:15होल्ड करते ही करते हैं। ठीक है? अब बस
- 1:41:18इतना ध्यान रखना ये भी आपके रेगुलेशंस और
- 1:41:19पॉलिसी के हिसाब से होनी चाहिए। और अगर आप
- 1:41:22किसी भी सिक्योरिटी को अवेलेबल फॉर सेल से
- 1:41:24हेल्ड टू मैच्योरिटी में क्लासिफाई करते
- 1:41:26हो। ठीक है? अवेलेबल फॉर सेल से हेल्ड टू
- 1:41:28मैच्योरिटी यानी आप उसकी लिक्विडिटी कम कर
- 1:41:31रहे हो। आप उसको ज्यादा टाइम तक होल्ड
- 1:41:32करना चाहते हो। तो यह सब आपने
- 1:41:34क्लासिफिकेशन में जो शिफ्टिंग वगैरह करनी
- 1:41:36है अगेन इसके लिए बोर्ड का अप्रूवल लेना
- 1:41:38पड़ेगा। रीड करके आगे बढ़ो। ठीक है सर।
- 1:41:42फिर आता है सर डीलिंग इन द सिक्योरिटी ऑन
- 1:41:44बिहाफ ऑफ अदर्स। आपको अगर आईडिया रहे कई
- 1:41:46बार आप बैंक्स को इस चीज के लिए वो दे
- 1:41:49देते हो। सर किस चीज के लिए क्या दे देते
- 1:41:51हैं? रोहित शर्मा आ गया मेरे अंदर। ठीक
- 1:41:52है? कई बार आप बैंक्स को ना अप्रूवल दे
- 1:41:55देते हो कि आपके बिहाफ पे ट्रेडिंग कर ले।
- 1:41:57कहीं ना कहीं आप बैंक्स को बोल देते हो
- 1:41:58आपके बिहाफ पे ट्रेडिंग कर ले। सो व्हेन
- 1:42:00यू गिव द अप्रूवल टू द बैंक्स फॉर शेयर
- 1:42:02ट्रेडिंग तो इसके लिए आपको एज अ ऑडिटर
- 1:42:04दो-तीन चीजें चेक करनी है कि क्या बैंक्स
- 1:42:05के पास प्रायर अप्रूवल है टू डील इन द
- 1:42:07सिक्योरिटी। फिर उसके बाद जो भी इनकम है
- 1:42:10फ्रॉम दिस सर्विस क्या वो प्रॉपर्ली
- 1:42:12रिकॉर्डेड है? और मान लो बैंक को जो
- 1:42:15इंस्ट्रक्शंस दिए गए थे बैंक ने उसको फॉलो
- 1:42:17नहीं किया। देयर वाज़ अ ब्रीच ऑफ ड्यूटी।
- 1:42:19तो ये जो ब्रीच ऑफ ड्यूटी है इसकी वजह से
- 1:42:21क्या कोई मटेरियल अनडिस्क्लोज्ड लायबिलिटी
- 1:42:23तो नहीं है फ्रॉम द बैंक। तो वो आपने
- 1:42:24दो-तीन बातें बस समझ के चलनी है। क्लियर
- 1:42:27है? क्लियर है सर? लास्ट में आ जाओ।
- 1:42:29वैल्यू्यूएशन की बात करते हैं। बहुत ही
- 1:42:30ईजी टॉपिक है। अकाउंटिंग की बात कर रखी
- 1:42:32है। जो आप बेसिक अकाउंट्स पढ़ते हो वही
- 1:42:34बातें यहां पे लिख रखी हैं। आ जाओ एक बार
- 1:42:36रीड करें। देखो क्या कहता है। हमें सर
- 1:42:38मेथड ऑफ़ अकाउंटिंग देखना है। दैट शुड बी
- 1:42:40एप्रोप्रियट। इन्वेस्टमेंट शुड बी
- 1:42:42प्रॉपर्ली क्लासिफाइड इन थ्री कैटेगरीज़।
- 1:42:44जैसी कैटेगरी होगी वैसी इसकी अकाउंटिंग
- 1:42:46होगी। कैटेगरी का क्या मतलब है? हेल्ड टू
- 1:42:48मैच्योरिटी। हेल्ड फॉर ट्रेडिंग अवेलेबल
- 1:42:49फॉर सेल। हमें आरबीआई गाइडलाइन से कंप्लाई
- 1:42:52करना है। अगर आपकी इन्वेस्टमेंट नॉन
- 1:42:54परफॉर्मिंग इन्वेस्टमेंट बन जाती है। जैसे
- 1:42:55नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स होते हैं। हां सर।
- 1:42:57वैसे ही अगर ये नॉन परफॉर्मिंग
- 1:42:58इन्वेस्टमेंट बन जाती है तो अगेन आपने
- 1:43:00इसकी प्रॉपर क्लासिफिकेशन करनी है। नॉन
- 1:43:02परफॉर्मिंग इन्वेस्टमेंट तभी बनती है
- 1:43:04व्हेन द इंटरेस्ट और प्रिंसिपल इज़ ओवरड्यू
- 1:43:06फॉर मोर देन 90 डेज। तो इसका आपको प्रॉपर
- 1:43:08प्रोविज़न बनाना पड़ेगा। जैसे एनपीए का
- 1:43:10बनाते हो वैसे इसका ही प्रोविज़न बनेगा। अब
- 1:43:12इसमें जो भी इनकम है प्रॉपर्ली अकाउंट
- 1:43:13होनी चाहिए। और अगर आप इसकी सेल पे कोई
- 1:43:15पीएनएल वगैरह देखते हो तो उसकी भी प्रॉपर
- 1:43:17अकाउंटिंग होनी चाहिए।
- 1:43:19बड़े नॉर्मल से पॉइंट्स नहीं थे ये। हां
- 1:43:22सर। इसमें कोई दिक्कत थोड़ी है। अकाउंटिंग
- 1:43:23आरबीआई गाइडलाइंस के हिसाब से करो। प्रॉपर
- 1:43:25क्लासिफिकेशन करो। अगर नॉन परफॉर्मिंग
- 1:43:27इन्वेस्टमेंट है तो उस पे प्रॉपर प्रोविजन
- 1:43:29बनाओ। इनकम की प्रॉपर अकाउंटिंग करो।
- 1:43:32पीएनएल ऑन सेल की प्रॉपर अकाउंटिंग करो।
- 1:43:33बेसिक-बेसिक पॉइंट्स हैं। बस रीड करके
- 1:43:35चलना। क्लियर है? क्लियर है सर? देखो
- 1:43:38कांसेप्ट आपको आते हैं। बट अब अगर हर चीज
- 1:43:40का आप रट्टा लगाने जाओगे, उसको याद करने
- 1:43:41जाओगे, इट विल बिकम वेरी हैवी फॉर यू। तो
- 1:43:43जैसे-जैसे मैं गाइड कर रहा हूं वैसे-वैसे
- 1:43:45उसको फॉलो करते हुए चलो। अब आता है सर
- 1:43:48नेक्स्ट टॉपिक स्पेशल पर्पस सर्टिफिकेट्स
- 1:43:50रिलेटेड टू इन्वेस्टमेंट। ये अच्छा टॉपिक
- 1:43:52है। इंपॉर्टेंट टॉपिक है। ध्यान रखना।
- 1:43:55क्या कहता है सर ये टॉपिक? बोर्ड पे फोकस
- 1:43:57करो। कहता है आपने करनी है सेपरेट
- 1:44:00अकाउंटिंग फॉर इन्वेस्टमेंट। तीन तरह की
- 1:44:02इन्वेस्टमेंट होती है। एक तो खुद खुद की
- 1:44:04आपकी इन्वेस्टमेंट। एक आप कुछ क्लाइंट्स
- 1:44:06को देते हो पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विज।
- 1:44:08पोर्टफोलियो मैनेजमेंट मतलब आपने क्लाइंट
- 1:44:09से पैसा ले लिया। अब आप खुद डिसाइड करते
- 1:44:11हो कौन-कौन से शेयर्स और सिक्योरिटीज में
- 1:44:13इन्वेस्ट करना है। ठीक है सर? एंड तीसरा
- 1:44:15आप इन्वेस्टमेंट्स होल्ड करते हो फॉर सम
- 1:44:16ब्रोकर्स एंड ऑल जिसको आप कहते हो अदर्स।
- 1:44:19अब अपनी इन्वेस्टमेंट की अलग अकाउंटिंग
- 1:44:21करना। पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विज की
- 1:44:24अलग अकाउंटिंग करना और जो ब्रोकर्स वाली
- 1:44:26इन्वेस्टमेंट है उसकी अलग अकाउंटिंग करना।
- 1:44:28सबका सेम अकाउंट मत बना देना। ठीक है सर।
- 1:44:31प्लस जिन क्लाइंट्स को आप पोर्टफोलियो
- 1:44:34मैनेजमेंट सर्विस दे रहे हो उनके लिए जो
- 1:44:35इन्वेस्टमेंट होल्ड कर रहे हो उसका एक
- 1:44:37सेपरेट ऑडिट भी होगा। वाओ सर। वो कौन
- 1:44:40करेगा? एक्सटर्नल ऑडिटर। टू मेंटेन द
- 1:44:43इंडिपेंडेंस। हम यहां पर किससे कराएंगे?
- 1:44:46एक्सटर्नल ऑडिटर से कराएंगे। इंटरनल से
- 1:44:48नहीं कराएंगे। ये चीज आईसी एमसीक्यू वगैरह
- 1:44:50में पूछ लेता है। ध्यान रखना। सेपरेट ऑडिट
- 1:44:52ऑफ द पीएमएस इन्वेस्टमेंट्स विल बी डन बाय
- 1:44:55एक्सटर्नल ऑडिटर। क्या ये पॉइंट क्लियर
- 1:44:57है? क्लियर है सर? यही बात आपकी किताब में
- 1:45:00ले रखी है। सारे बच्चे फोकस करना।
- 1:45:01एग्जामिन दैट द बैंक मेंटेन सेपरेट अकाउंट
- 1:45:04फॉर इन्वेस्टमेंट ऑन ओन अकाउंट पीएमएस
- 1:45:05क्लाइंट्स एंड अदर्स दैट इज़ द ब्रोकर्स।
- 1:45:07एस पर आरबीआई गाइडलाइन सेपरेट ऑडिट शुड बी
- 1:45:10डन ऑफ इन्वेस्टमेंट्स अंडर द पीएमएस बाय द
- 1:45:12एक्सटर्नल ऑडिटर। अब यहां पे दो नोट्स आप
- 1:45:14रेफर करो। फिर मैं आपको इसका एक बढ़िया
- 1:45:15वाला क्वेश्चन कराऊंगा। ओके सर कहता है जो
- 1:45:18भी इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियोस हैं इनका
- 1:45:20हाफ ईयरली रिव्य्यू होना चाहिए। दैट इज़ ऑन
- 1:45:2130th सप्टेंबर एंड 31st मार्च लॉजिकल है।
- 1:45:24हम कहीं ना कहीं जो इन्वेस्टमेंट
- 1:45:26ट्रांजैक्शन है जिसको कहते हैं ट्रेजरी
- 1:45:27ट्रांजैक्शंस इसका कॉनकरेंट ऑडिट इंटरनल
- 1:45:29ऑडिट कराएंगे एंड इसके रिजल्ट्स विल बी
- 1:45:32शेयरर्ड विद द सीएमडी दैट इज़ द चीफ
- 1:45:33मैनेजिंग डायरेक्टर एव्री मंथ। वंस इन
- 1:45:35एव्री मंथ दिस विल बी डन। ठीक है?
- 1:45:37एमसीक्यू पॉइंट ऑफ व्यू से दो बातें ध्यान
- 1:45:39रखनी है। अब सर इसका क्वेश्चन क्या है?
- 1:45:41क्वेश्चन के ऊपर अगर हम बात करें तो हमारे
- 1:45:43पास एक बढ़िया वाला क्वेश्चन है। क्वेश्चन
- 1:45:45नंबर फाइव। सारे बच्चे क्वेश्चन रीड
- 1:45:47करेंगे मजा आएगा। बैंक इज़ प्रोवाइडिंग
- 1:45:49पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विज टू द कस्टमर
- 1:45:51फॉर व्हिच इट टूक प्रायर अप्रूवल ऑफ़
- 1:45:53आरबीआई। हमारी फर्म को अपॉइंट किया गया एज़
- 1:45:56अ स्टैचरी ऑडिटर टू अ फॉर द फाइनेंसियल
- 1:45:59स्टेटमेंट्स ऑफ़ द ईयर 2425। योर सीनियर
- 1:46:02हैज़ इंस्ट्रक्टेड यू टू वेरीफाई द पीएमएस
- 1:46:04ट्रांजैक्शन। आपने इस ट्रांजैक्शन को
- 1:46:07वेरीफाई करते हुए देखा। बैंक हैज़ नॉट
- 1:46:09मेंटेंड अ सेपरेट रिकॉर्ड ऑफ पीएमएस
- 1:46:11ट्रांजैक्शन सेपरेटली फ्रॉम इट्स ओन
- 1:46:13इन्वेस्टमेंट। तो मुझे बताओ करना क्या
- 1:46:14चाहिए था? सर इसको सेपरेट अकाउंटिंग करनी
- 1:46:16चाहिए थी। अपनी इन्वेस्टमेंट, पोर्टफोलियो
- 1:46:18मैनेजमेंट, सर्विज और अदर्स तीनों की
- 1:46:21सेपरेट अकाउंटिंग करनी चाहिए। इन लोगों ने
- 1:46:22सेपरेट अकाउंट मेंटेन ही नहीं किया। एज अ
- 1:46:24स्टैचरी ऑडिटर, व्हाट मेथोडोलॉजी यू विल
- 1:46:26अडॉप्ट इन वेरिफिकेशन ऑफ़ पीएमएस
- 1:46:28ट्रांजैक्शन? तो भैया कुछ नहीं करना। आप
- 1:46:30सबसे पहले बोलोगे सेपरेट अकाउंट होना
- 1:46:31चाहिए। एंड एस पर आरबीआई गाइडलाइंस जो
- 1:46:33पीएमएस इन्वेस्टमेंट है उसका सेपरेट ऑडिट
- 1:46:36भी होना चाहिए बाय द एक्सटर्नल ऑडिटर। यही
- 1:46:38गाइडेंस हम इन लोगों को देंगे। इनको
- 1:46:40बोलेंगे सेग्रगेट करो पीएमएस को फ्रॉम
- 1:46:42देयर ओन इन्वेस्टमेंट और अगर बैंक ऐसा
- 1:46:43नहीं करता तो ऑडिटर इसके बारे में रिपोर्ट
- 1:46:46करके चलेगा। क्लियर है बॉस? क्लियर है सर?
- 1:46:48तो इसके ऊपर क्वेश्चन आरटीपी नवंबर 20 में
- 1:46:50भी है और आई थिंक आपके स्टडी मटेरियल में
- 1:46:52भी दिया हुआ है। डील डन डन सर। अब आ जाओ
- 1:46:56सर सबसे इंपॉर्टेंट टॉपिक के पास दैट इज
- 1:46:59एडवांसेस।
- 1:47:01यहां पे तो भैया कोई काम चोरी नहीं चलेगी।
- 1:47:03इसको तो एकदम शिद्दत के साथ करना है। पानी
- 1:47:06के दो-दो घूंट लगाओ एंड गेट रेडी।
- 1:47:24ऑल सेट यस सर मजा आ रहा है नहीं आ रहा
- 1:47:27भैया पहले सिंपल बता दो देखो अगर मैं
- 1:47:29सिर्फ लाइनों को रीड करता रहूंगा समझाऊंगा
- 1:47:31नहीं मजा नहीं आएगा फटाफट रिवीजन कंप्लीट
- 1:47:33कर दूंगा तुम्हारे दिमाग में कुछ जाएगा
- 1:47:35नहीं बैठेगा नहीं क्या क्या क्या फील लोगे
- 1:47:38बैंक ऑडिट की ठीक है अभी बढ़िया मीठे-मीठे
- 1:47:41का कॉन्सेप्ट भी समझ आ रहे हैं पता भी चल
- 1:47:42रहा है कि भाई हां किस-किस को रीड करके
- 1:47:43फटाफट आगे निकल सकते हैं दिस आई थिंक इट्स
- 1:47:46द मजेदार थिंग ठीक है चलो चलो लेट्स
- 1:47:49कंटिन्यू। अब सर एडवांसेस के केस में जैसा
- 1:47:52मैंने कहा अब ध्यान देना है। ठीक है?
- 1:47:53जैसा-जैसे मैं इंस्ट्रक्शन दूं फॉलो करते
- 1:47:55हुए चलना। यू विल एंजॉय। ओके सर। सबसे
- 1:47:58पहले कहता है ऑडिटर इज़ कंसर्न विद
- 1:48:00ऑब्टेनिंग द एविडेंस अबाउट द फॉलोइंग।
- 1:48:02हमें किन चीजों के बारे में एविडेंस
- 1:48:04चाहिए? तो आप सबसे पहले बोलोगे हमें
- 1:48:05एविडेंस चाहिए अबाउट द असशंस। अकाउंट
- 1:48:08बैलेंस में चार असर्शनशंस होती है।
- 1:48:10ईआरसीवी एग्ज़िस्टेंस, राइट, कंप्लीटनेस,
- 1:48:13वैल्यू्यूएशन। सबसे पहले एग्ज़िस्टेंस चेक
- 1:48:16करते हैं। आप बोलोगे जो भी अमाउंट
- 1:48:18इंक्लूडेड है इन द बैलेंस शीट फॉर एडवांस
- 1:48:20यह एग्ज़िस्ट करती है। एग्ज़िस्ट करती है
- 1:48:22यानी इट इज़ आउटस्टैंडिंग ऑन द बैलेंस शीट
- 1:48:24डेट। ठीक है सर। फिर सर आप बोलोगे इस पे
- 1:48:26हमारी राइट है। राइट कब होगी? व्हेन द
- 1:48:28अमाउंट इज़ ड्यू टू द बैंक। कैसे पता
- 1:48:30चलेगा? इट शुड बी सपोर्टेड बाय द लोन
- 1:48:32डॉक्यूमेंट। तो तीन पॉइंट हो गए। एग्ज़िस्ट
- 1:48:33ऑन द बैलेंस शीट डेट। इट इज़ ड्यू टू द
- 1:48:36बैंक। और इसके लिए हमारे पास लोन
- 1:48:37डॉक्यूमेंट है। कंप्लीटनेस का मतलब है कुछ
- 1:48:39भी अनरकॉर्डेड एडवांस नहीं है। देन वी विल
- 1:48:41चेक द वैल्यू्यूएशन। अब जो बेसिस ऑफ
- 1:48:43वैल्यू्यूएशन है वो एप्रोप्रियट होना
- 1:48:44चाहिए और इसके अंदर रिकवरेबिलिटी
- 1:48:46इनकर्पोरेट होनी चाहिए। अगर रिकवरेबरेबल
- 1:48:48नहीं है क्या? अगर रिकवरेबल नहीं है तो हम
- 1:48:51इस पे क्या क्रिएट करते हैं? प्रॉपर
- 1:48:52प्रोविजन। तो रिकवरेबिलिटी कैसे
- 1:48:54इनकर्पोरेट करते हैं? प्रॉपर प्रोविजन
- 1:48:56करके। तो इसी तरह से आपने पांचों पॉइंट्स
- 1:48:58ध्यान रखने हैं यूजिंग द असर्शनशंस। ठीक
- 1:49:00है सर। अब आता है नेक्स्ट टॉपिक
- 1:49:02सब्सटेंटिव ऑडिट प्रोसीजर। अच्छा मैं आपको
- 1:49:04एक बात बता देता हूं। अगर आपको लगता है सर
- 1:49:06हमको इस टॉपिक पे थोड़ा सा और टाइम लगाना
- 1:49:08है। पॉज का बटन है। ठीक है? आप वीडियो को
- 1:49:11पॉज करके फटाफट खुद पांचों पॉइंट्स रिकॉल
- 1:49:13करके आगे बढ़ सकते हो। मैं आपको पूरी
- 1:49:15अप्रोच डिस्कस करूंगा। कांसेप्ट डिस्कस
- 1:49:17करूंगा। याद कैसे रखना है ये भी डिस्कस
- 1:49:18करूंगा। अगर नीड लगती है तो पॉज करके एक
- 1:49:20बार फटाफट रिवाइज़ करके आगे बढ़ते जाना।
- 1:49:23ठीक है? ठीक है सर। अब आता हूं। अब आ जाओ
- 1:49:25सब्सटेंड प्रोसीजर डिस्कस करते हैं। इसके
- 1:49:28लिए हमने आई थिंक क्लास में बहुत ही
- 1:49:29प्यारा खूबसूरत चार्ट बनाया था।
- 1:49:33मेरे साथ आओ मेरे दोस्तों। चार्ट से
- 1:49:36रिवाइज करें। ट ट ट ट
- 1:49:40कहां गया सर चार्ट? मैं भी वही ढूंढ रहा
- 1:49:43हूं। यह रहा। सबसे पहले सर सब्सटेंटिव
- 1:49:46प्रोसीजर में हम इसको तीन एरियाज में
- 1:49:47बांटेंगे। मास्टर डाटा, प्रॉब्लम
- 1:49:49अकाउंट्स, बेसिक्स। मास्टर डेटा में हम
- 1:49:51देखेंगे जो भी एडवांसेस का मास्टर डेटा ये
- 1:49:53करेक्ट होना चाहिए। मास्टर डेटा का मतलब
- 1:49:55होती है एडवांसेस की जो भी डिटेल्स हैं
- 1:49:56दैट इज़ द ईएमआई, रेट ऑफ इंटरेस्ट, लोन
- 1:49:58टेन्योर ये सब करेक्ट मास्टर डेटा होना
- 1:50:00चाहिए। अब इसी मास्टर डेटा में देख लेना
- 1:50:03हर कस्टमर का एक सिंगल कस्टमर आईडी होना
- 1:50:06चाहिए फॉर ऑल द अकाउंट्स। मतलब एक कस्टमर
- 1:50:08के 1000 अकाउंट हो सकते हैं। बट उसका
- 1:50:10कस्टमर आईडी एक ही होना चाहिए जो सारे
- 1:50:12अकाउंट्स के साथ मैप्ड है। सर ऐसा क्यों?
- 1:50:14मान लो एक आदमी है जिसका नाम है धनिया
- 1:50:16लाल। अब सर धनिया लाल ने दो लोन ले रखे
- 1:50:19हैं। हाउसिंग लोन कार लोन। हाउसिंग लोन की
- 1:50:21जो ईएमआई है वो टाइम पे पे कर रहा है। कार
- 1:50:23लोन की जो ईएमआई है दैट इज ओवरड्यू फॉर
- 1:50:26मोर दैन 90 डेज। हरि ओम। सर ये तो एनपीए
- 1:50:29बन गया। मैंने कहा यही नहीं ये भी एनपीए
- 1:50:31बन गया। सर मतलब अगर आपका एक अकाउंट एनपीए
- 1:50:35बन जाता है तो आपके सारे अकाउंट एनपीए बन
- 1:50:36जाता है। एनपीए क्लासिफिकेशन इज बोरोअर
- 1:50:39वाइज नॉट एडवांस वाइज। तो आपने ये बात
- 1:50:42ध्यान रखनी है अगर धनियाल का एक अकाउंट
- 1:50:44एनपीए बना तो सारे अकाउंट एनपीए ट्रीट किए
- 1:50:46जाते हैं। तभी ये कहा जाता है हर कस्टमर
- 1:50:48के लिए सिंगल कस्टमर आईडी होनी चाहिए। समझ
- 1:50:51गए? समझ गए सर? सो मास्टर डेटा करेक्ट
- 1:50:53होना चाहिए। और मास्टर डेटा से ही रिलेटेड
- 1:50:55एक और पॉइंट हर कस्टमर के लिए सिंगल
- 1:50:57कस्टमर आईडी। अब आ जाओ प्रॉब्लमेटिक
- 1:50:59अकाउंट्स की बात करते हैं। प्रॉब्लमेटिक
- 1:51:01अकाउंट्स होते हैं सबसे पहले एसएमए वन,
- 1:51:03एसएमए टू बोरोअर्स जो एनपीए बने नहीं है
- 1:51:06बट बनने वाले हैं। यानी दे आर ओवरड्यू फॉर
- 1:51:0831 टू 90 डेज। एसएमए वन यानी 31 टू 60
- 1:51:11डेज। एसएमए टू यानी 61 टू 90 डेज। तो अगर
- 1:51:13एसएमए वन, एसएमए टू बोरोअर्स हैं इन पे
- 1:51:15फोकस करके चलना। ठीक है सर। उसके बाद जिन
- 1:51:18अकाउंट्स को एडवर्सली कमेंट किया है।
- 1:51:20एडवर्सली मतलब गंदे गंदे कमेंट्स हैं।
- 1:51:22गंदे गंदे कमेंट्स किसने दिए हैं?
- 1:51:23कॉनकरेंट ऑडिटर ने, आरबीआई ने या इंटरनल
- 1:51:26इंस्पेक्शन टीम पे? इस पे फोकस करो। जो
- 1:51:28अकाउंट्स रिस्ट्रक्चर हुए हैं। ठीक है?
- 1:51:30रिस्ट्रक्चर यानी सामने वाला आता है बैंक
- 1:51:32बैंक प्लीज मेरा लोन माफ कर दो। प्लीज
- 1:51:34मेरा इंटरेस्ट कम कर दो। क्या ये
- 1:51:36प्रॉब्लमेटिक अकाउंट है? हां सर इसके ऊपर
- 1:51:38भी फोकस करो।
- 1:51:40ओके। एंड आखिरी में आता है क्विक और अर्ली
- 1:51:43मोटैलिटी अकाउंट। मोटेलिटी यानि अकाउंट मर
- 1:51:46गया। नॉन परफॉर्मिंग हो गया। तो सर, क्विक
- 1:51:49नॉन-परफॉर्मिंग मतलब यह अकाउंट
- 1:51:51नॉन-परफॉर्मिंग बन गया विथिन 12 मंथ्स ऑफ
- 1:51:54द सेंक्शन। सो इफ अकाउंट बिकम्स एनपीए विद
- 1:51:56इन 12 मंथ्स ऑफ द सेंशन हम उसको क्विक
- 1:51:58मोटलिटी अकाउंट कहते हैं। तो आपको सारे
- 1:52:01मोटल अकाउंट्स पे फोकस करना है। सारे का
- 1:52:04क्या मतलब है? बोर्ड पे फोकस करो। एस फॉर
- 1:52:06एसएमए वन एसएमए टू अकाउंट। ए फॉर एडवर्सली
- 1:52:09कमेंटेड। रे फॉर रिस्ट्रक्चरर्ड अकाउंट्स।
- 1:52:12मल मतलब मोटलिटी अकाउंट्स। सारे मोटल
- 1:52:14अकाउंट्स पे फोकस करना। दीज़ आर द प्रॉब्लम
- 1:52:16अकाउंट्स। एंड आखिरी में आते हैं बेसिक्स।
- 1:52:19जितने भी लार्ज एडवांसेस हैं सबको देख
- 1:52:21लेना। बाकियों को आप सैंपल बेसिस पे
- 1:52:23देखोगे। एडवांस पे क्या मिलता है?
- 1:52:24इंटरेस्ट, उसकी कंप्लीटनेस और एक्यूरेसी
- 1:52:26देखना। एंड लास्ट में एनालिटिकल प्रोसीजर।
- 1:52:28एनालिटिकल प्रोसीजर में कुछ नहीं है। जो
- 1:52:30भी इंटरेस्ट है वो देख लेना। प्रॉपर्ली पे
- 1:52:32हो रहा है या नहीं? उसको आप कंपेयर वगैरह
- 1:52:34कर सकते हो। ठीक है? ठीक है सर। ये आपके
- 1:52:36सारे सब्सटेंटिव ऑडिट प्रोसीजर हो जाते
- 1:52:38हैं। ये के यहां पे दे रखे हैं। एक बार
- 1:52:40इसको चाहो तो पॉज करके रीड कर लेना। अब
- 1:52:42आता है सर नेक्स्ट टॉपिक रिकवरेबिलिटी ऑफ़
- 1:52:45एडवांस। मुझे बताओ पैसा रिकवर होगा या
- 1:52:47नहीं? ये किस पे डिपेंड करता है? अगेन सर
- 1:52:49दो चीजों पे।
- 1:52:50चार नंबर का क्वेश्चन आ सकता है। ध्यान से
- 1:52:52सब कवर करना। ठीक है? और ये वाला भी जो
- 1:52:54क्वेश्चन मैंने बताया इस पे एमसीक्यू
- 1:52:55आईसीआई ने पूछा है मे 25 में। ठीक है? तभी
- 1:52:58मैंने इसको आपको बहुत ज्यादा एकदम डिटेल
- 1:53:00में बताया। भैया इसको हल्के में मत लेना।
- 1:53:03ठीक है सर। अब आ जाओ रिकवरेबिलिटी की बात
- 1:53:05करते हैं। चार नंबर का इस पे क्वेश्चन आ
- 1:53:07सकता है। ध्यान देना। सबसे पहले स्पेसिफिक
- 1:53:09पॉइंट्स जो आपको बताएंगे पैसा रिकवर होगा
- 1:53:11कि नहीं? सर अगर सामने वाला पैसा टर्म्स
- 1:53:14एंड कंडीशंस के हिसाब से यूज कर रहा है तो
- 1:53:16तो पैसा रिकवर हो जाएगा। अरे सिंपल सी बात
- 1:53:18है ना इधर देखो अगर मैंने एक कंपनी को
- 1:53:21पैसा दिया है फैक्ट्री लगाने के लिए
- 1:53:24मशीनरी खरीदने के लिए तो देखो ना कि क्या
- 1:53:26वो फैक्ट्री लगा रही है क्या वो मशीनरी
- 1:53:28खरीद रही है या फिर बढ़िया सिंगापुर की
- 1:53:31ट्रिप एंजॉय कर रहा है बंदा ठीक है तो अगर
- 1:53:33टर्म्स एंड कंडीशन से कंप्लाई कर रहा है
- 1:53:35पैसा रिकवर हो जाएगा तो यही बात यहां पे
- 1:53:37दे रखी है फोकस करो हम लेंगे पीरियडिक
- 1:53:39स्टेटमेंट फॉर कंप्लायंस विद टर्म्स एंड
- 1:53:41कंडीशन दूसरी चीज उसने सिक्योरिटी दी होगी
- 1:53:44हां रिपोर्ट ऑन इंस्पेक्शन ऑफ सिक्योरिटी
- 1:53:47तो लोन से स्पेसिफिक दो पॉइंट देख लेना।
- 1:53:49टर्म्स एंड कंडीशन से कंप्लायंस और
- 1:53:51सिक्योरिटी का इंस्पेक्शन।
- 1:53:53उसके बाद सामने वाले की जो इनकम है उससे
- 1:53:56पता लगेगा पैसा वापस आएगा कि नहीं। तो
- 1:53:58इनकम पता चलेगी फाइनेंसियल स्टेटमेंट और
- 1:54:00फाइनेंसियल स्टेटमेंट पे तभी भरोसा करेंगे
- 1:54:01जब होगी एनुअल रिपोर्ट। ऑडिट रिपोर्ट। ठीक
- 1:54:04है? एनुअल नहीं ऑडिट रिपोर्ट। तो यही
- 1:54:07चारों पॉइंट्स आपको यहां पे मिलेंगे।
- 1:54:08एवरीवन प्लीज फोकस। सबसे पहले स्पेसिफिक
- 1:54:11पॉइंट्स पीरियडिक स्टेटमेंट ऑफ़ कंप्लायंस
- 1:54:13विद टर्म्स एंड कंडीशन। रिपोर्ट ऑन
- 1:54:14इंस्पेक्शन ऑफ़ सिक्योरिटी। पैसे का कैसे
- 1:54:17पता चलेगा? फाइनेंसियल स्टेटमेंट और उस पे
- 1:54:19ऑडिट रिपोर्ट। क्लियर है बॉस? क्लियर है
- 1:54:21सर? नेक्स्ट टॉपिक आता है प्रोविजन ऑफ
- 1:54:24एनपीए। प्रोविजनिंग ऑफ एनपीए में क्या
- 1:54:26करना है? मैंने कहा बड़ा सिंपल है। हम
- 1:54:28एनपीए का प्रोविजन कैसे बनाते हैं? ये
- 1:54:31हमने एनबीएफसी में ऑलरेडी सीख रखा है।
- 1:54:33सबसे पहले एडवांसेस को क्लासिफाई करो।
- 1:54:36स्टैंडर्ड, सबस्टैंडर्ड, डाउटफुल, लॉस। उस
- 1:54:39पे कुछ परसेंटेज लगा के प्रोविजन बनता है।
- 1:54:42अगर आपको ये प्रोसेस आता है। इसी में से
- 1:54:44मैं आपको दिखाऊंगा चार पॉइंट्स कैसे
- 1:54:45निकालने हैं। सबसे पहला पॉइंट ये जो
- 1:54:47क्लासिफिकेशन है स्टैंडर्ड सबस्टैंडर्ड
- 1:54:49डाउटफुल लॉस ये कोई बंदा नहीं करता। ये एक
- 1:54:52ऑनगोइंग प्रोसेस होता है ऑफ द कोर बैंकिंग
- 1:54:54सिस्टम। ठीक है सर। हमको ये देखना है कि
- 1:54:56ये जो क्लासिफिकेशन कर रहा है दैट इज
- 1:54:58एप्रोप्रियट और नॉट। ओके। तीसरी चीज जो
- 1:55:02प्रोविजन बनता है ना डाउटफुल अकाउंट पे वो
- 1:55:06डिपेंड करता है कि अकाउंट सिक्यर्ड है या
- 1:55:08अनसिक्यर्ड उसके हिसाब से परसेंटेज लगती
- 1:55:10है। तो जो इसकी फर्दर क्लासिफिकेशन है
- 1:55:12इंटू सिक्यर्ड एंड अनसिक्यर्ड ये करेक्ट
- 1:55:14होनी चाहिए। ठीक है सर? एंड लास्ट पॉइंट
- 1:55:17में हम इन एनपीएस को कवर करेंगे कि जो भी
- 1:55:19एनपीए की डेट थी इन द करंट ईयर और
- 1:55:21प्रीवियस ईयर स्टेटमेंट इसको आप कंपेयर
- 1:55:23करो। अगर इसमें कोई भी चेंज है तो उसका
- 1:55:26रीज़न आपने कंसीडर करना है। वापस सर चारों
- 1:55:28पॉइंट बताओ। जो भी क्लासिफिकेशन है इसका
- 1:55:31ऑनगोइंग प्रोसेस होगा कोर बैंकिंग सिस्टम।
- 1:55:33देख लेना ये एप्रोप्रियट है कि नहीं।
- 1:55:34फर्दर क्लासिफिकेशन इनू सिक्यर्ड और
- 1:55:36अनसिक्यर्ड शुड बी करेक्ट। और आखिरी पॉइंट
- 1:55:38इज़ रिलेटेड टू द एनपीएस। करंट ईयर और
- 1:55:41प्रीवियस ईयर के स्टेटमेंट्स कंपेयर करना।
- 1:55:42अगर कोई चेंज है तो उसके रीज़ंस आप कंसीडर
- 1:55:44करके चलोगे। क्लियर है? आ जाओ। चारों के
- 1:55:48चारों पॉइंट्स एक बार बुक से रीड करते
- 1:55:49हैं। बैंक शुड हैव अ ऑनगोइंग सिस्टम ऑफ़
- 1:55:51आइडेंटिफिकेशन एंड क्लासिफिकेशन ऑफ़
- 1:55:53एडवांसेस थ्रू द सीबीएस। अब जो भी
- 1:55:55क्लासिफिकेशन है दैट शुड बी एप्रोप्रियट।
- 1:55:57फर्दर क्लासिफिकेशन इंटू सिक्यर्ड एंड
- 1:55:59अनसिक्यर्ड शुड बी करेक्ट एंड उसी से
- 1:56:01प्रोविजन कैलकुलेट होगा। और लास्ट पॉइंट
- 1:56:03था एनपीए वाला रिव्यू एंड कंपेयर द डेट ऑफ़
- 1:56:06एनपीए इन द करंट ईयर विद द प्रीवियस ईयर।
- 1:56:08और अगर कोई चेंज है तो उसका रीज़न कंसीडर
- 1:56:10कर लेना। ठीक है? ठीक है सर। फिर सर इसके
- 1:56:14बाद एक और कांसेप्ट आता है। अकाउंट्स
- 1:56:16रेगुलराइज़्ड नियर द बैलेंस शीट डेट। सर ये
- 1:56:19कांसेप्ट क्या कहता है? प्लीज फोकस ऑन द
- 1:56:21बोर्ड।
- 1:56:26ये तो बहुत ही नॉटी कांसेप्ट है सर। यहां
- 1:56:29क्या होगा? यहां एक आदमी है जिसका नाम है
- 1:56:32वीएम। डू यू नो वीएम? यस सर। विजय माल्या।
- 1:56:35अब विजय मालिया करके जो आदमी है ना इसने
- 1:56:38क्या किया था सर? SBI से 5000 करोड़ का लोन
- 1:56:41लिया। ओ अब सर जब 5000 करोड़ का लोन लिया
- 1:56:45ना तो इसकी एक इंस्टॉलमेंट थी 400 करोड़
- 1:56:48की। दैट वाज़ ओवरड्यू फॉर मोर देन 90 डेज।
- 1:56:51अब कितनी अमाउंट एनपीए क्लासिफाई होती है?
- 1:56:53तो मैंने आपको बताया था पूरा एडवांस ही
- 1:56:55एनपीए क्लासिफाई होगा। सिर्फ 400 करोड़
- 1:56:57नहीं 5000 करोड़ का एनपीए बनेगा। क्या
- 1:57:00एसबीआई चाहेगा 5000 करोड़ का एनपीए उसकी
- 1:57:02बैलेंस शीट डेट में दिखे? द आंसर इज़ नो।
- 1:57:05एसबीआई कभी भी 5000 करोड़ का एनपीए दिखाना
- 1:57:07नहीं चाहेगा। तो ऐसे केस में एसबीआई क्या
- 1:57:10करता है? वीएम के साथ सेटिंग कर लेता है।
- 1:57:12वीएम के साथ सेटिंग क्या करता है कि भैया
- 1:57:14तू एक काम कर मेरे को मेरे जो 400 करोड़
- 1:57:16का ओवरड्यू है 29 मार्च को दे दे। मैं
- 1:57:19तेरे को बैलेंस शीट डेट के ठीक 2 दिन बाद
- 1:57:212 अप्रैल को 5 करोड़ ऐड करके 5 करोड़ ऐड
- 1:57:25करके पैसा लौटा दूंगा। तो इससे क्या होगा
- 1:57:27सर? इससे 31 मार्च को कुछ भी ओवरड्यू नहीं
- 1:57:30रहेगा। 5000 करोड़ का एनपीए नहीं बनेगा और
- 1:57:32हम उसको एज अ स्टैंडर्ड एसेट बोल देंगे।
- 1:57:35बट आरबीआई कहता है ऐसे कैसे? आरबीआई कहता
- 1:57:38है ऐसे कैसे? मेरे को उल्लू समझा है क्या?
- 1:57:40हम इसको डीम्ड एनपीए मानेंगे। वी विल
- 1:57:43कंसीडर इट एज अ डीम्ड एनपीए। तो सर ये
- 1:57:45कांसेप्ट क्या कहता है? सारे बच्चे एक बात
- 1:57:47समझना। जब भी ऐसे कुछ आपको ट्रांजैक्शंस
- 1:57:50दिखती हैं जहां पर एक अकाउंट रेगुलराइज हो
- 1:57:52रहा है। रेगुलराइज यानी एनपीए से आप उसको
- 1:57:55एक स्टैंडर्ड अकाउंट बना रहे हो। रेगुलर
- 1:57:57अकाउंट बना रहे हो तो यहां पे आपने देखना
- 1:57:59है कि जो भी पेमेंट इस आदमी ने करी 400
- 1:58:01करोड़ की दैट शुड बी फ्रॉम जेन्युइन
- 1:58:03सोर्सेस। अगर ये जेन्युइन सोर्सर्सेस से
- 1:58:06है डोंट क्लासिफाई एज़ एनपीए। ठीक है सर।
- 1:58:09बट अगर सब्सीक्वेंटली बैलेंस शीट डेड के
- 1:58:12बाद ठीक है बैंक लेंड्स टू द बोरोअर देन
- 1:58:16यू नीड टू चेक द जेन्युइननेस ऑफ द पेमेंट
- 1:58:18अगर जेन्युइन नहीं है तो दया कुछ गड़बड़
- 1:58:20है अकाउंट इंडिकेट्स इनहेरेंट वीकनेस इफ
- 1:58:23इट इज़ अ इनहेरेंट वीकनेस इट इज़ डीम्ड एज अ
- 1:58:25एनपीए क्या तीनों पॉइंट समझ में आ गए आ गए
- 1:58:28सर अब ये जो एनपीए क्लासिफिकेशन है ये
- 1:58:30पोजीशन एज ऑन डेट को होती है कि आज की डेट
- 1:58:32में देखो पैसा कितने टाइम से ओवरड्यू है
- 1:58:34तो जितने भी स्टैंडर्ड अकाउंट्स हैं सबको
- 1:58:36आपको रिव्यू करना चाहिए ऑन द बैलेंस शीट
- 1:58:38डेट क्या पता कोई एनपीए ना बन गया हो। ठीक
- 1:58:40है सर। अच्छा क्या सिर्फ एनपीए बैलेंस शीट
- 1:58:42डेट पे बनेंगे? नहीं। साल में कभी भी किसी
- 1:58:46भी पल पल पल पल पल हर पल किसी भी पल किसी
- 1:58:51भी क्षण अकाउंट एनपीए बन सकता है। श्री
- 1:58:53स्टॉप मैं इतना भी अच्छा नहीं गा रहा था।
- 1:58:55कम ऑन श्री ओके श्री स्टॉप। यस जो एनपीए
- 1:58:59की क्लासिफिकेशन होती है दैट इज़ ऑन पास
- 1:59:01ड्यू एंड ओवरड्यू कांसेप्ट नॉट बेस्ड ऑन
- 1:59:03बैलेंस शीट डेट। सो देयरफ़ कभी भी आप एनपीए
- 1:59:06क्लासिफाई कर सकते हो। नॉट ओनली ऑन बैलेंस
- 1:59:08शीट डेट। तो कंफ्यूज मत हो जाना। पहला
- 1:59:10कांसेप्ट बस ये कह रहा है कि बैलेंस शीट
- 1:59:12डेट पे सारे स्टैंडर्ड अकाउंट्स देख लेना।
- 1:59:14क्या पता कोई एनपीए बन गया हो। और सिर्फ
- 1:59:16सेकंड कांसेप्ट कहता है बैलेंस शीट डेट पे
- 1:59:18नहीं देखना। सिर्फ बैलेंस शीट डेट पे नहीं
- 1:59:20देखना। साल में किसी भी पल कोई भी अकाउंट
- 1:59:22एनपीए बन सकता है। सो इट इज़ बेस्ड ऑन
- 1:59:24पास्ड और ओवरड्यूसेप्ट नॉट बेस्ड ऑन
- 1:59:26बैलेंस शीट डेट। सो अकाउंट्स शुड बी चेक्ड
- 1:59:29कि वो एनपीए बन रहे हैं कि नहीं एट एनी
- 1:59:31टाइम ड्यूरिंग द ईयर। ठीक है? बिकॉज़ इट इज़
- 1:59:33बेस्ड ऑन पास्ड और ओवरड्यू कांसेप्ट नॉट
- 1:59:35बेस्ड ऑन बैलेंस शीट डेट। तो कभी भी साल
- 1:59:37में आप इसको एनपीए बना सकते हो। बस इतनी
- 1:59:38सी बात यहां पे कहने की कोशिश है। क्लियर
- 1:59:40है? क्लियर है सर? सर इस टॉपिक पे आप इतना
- 1:59:43दिमाग क्यों खराब कर रहे हो? ये टॉपिक
- 1:59:45इतनाेंट क्यों है? क्योंकि भैया ये मेरे
- 1:59:46एग्जाम में आया था। ठीक है। नवंबर 20 में
- 1:59:48जब मैंने एग्जाम दिया था बैंक ऑडिट का तब
- 1:59:50सर ये मेरे एग्जाम में आया था और आईसीआई
- 1:59:52ने क्वेश्चन पूछा था। क्या बात कर रहे हो
- 1:59:54सर? हां। अगर आप देखोगे क्वेश्चन नंबर
- 1:59:56सिक्स। दिस इज़ अ डायरेक्ट क्वेश्चन। कहता
- 1:59:59है ऑडिट प्रोसीजर बताओ। विद स्पेशल फोकस
- 2:00:02ऑन द क्लासिफिकेशन ऑफ़ एडवांस एंड
- 2:00:04प्रोविजनिंग फॉर नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स।
- 2:00:06और इससे पहले इसने एक बात और लिखी। यू
- 2:00:08ऑब्जर्व दैट सम बोरोअर अकाउंट्स हैव बीन
- 2:00:10रेगुलराइज्ड बिफोर द बैलेंस शीट डेट। तो
- 2:00:12ये इतने बदमाश है ना इन्होंने एक तो
- 2:00:13रेगुलराइजेशन वाले तीनों पॉइंट्स लिख दिए।
- 2:00:16ठीक है सर। उसके बाद इन्होंने क्या किया?
- 2:00:18इन्होंने एनपीए वाले पॉइंट लिखे कि एनपीए
- 2:00:20वाले सारे पॉइंट लिखे और फिर लिखा कि जो
- 2:00:24स्टैंडर्ड अकाउंट्स हैं सबको बैलेंस शीट
- 2:00:26डेट पे चेक किया करो। कहीं एनपीए तो नहीं
- 2:00:28बन गए? और एनपीए शुड बी रिकॉग्नाइज़्ड ओनली
- 2:00:30ऑन द बेसिस ऑफ़ ओवरड्यूसेप्ट नॉट ऑन द
- 2:00:32बैलेंस शीट डेट। सिर्फ बैलेंस शीट डेट पे
- 2:00:34एनपीए नहीं बनाना। बाकी साल में भी कभी भी
- 2:00:36जब भी कोई अकाउंट ओवरडी होगा फॉर मोर दैन
- 2:00:3890 डेज वो एनपीए बन सकता है। क्लियर है
- 2:00:41बॉस? क्लियर है सर? तो इस पे डायरेक्ट
- 2:00:42क्वेश्चन आपके पास आ सकता है। ध्यान रखना
- 2:00:44भैया। ठीक है सर। फिर आता है सर अगला
- 2:00:47कांसेप्ट जिसका नाम है ड्रॉइंग पावर
- 2:00:48कैलकुलेशन।
- 2:00:50सर अभी तो सिखाई थी आपने थोड़ी देर पहले
- 2:00:52कि ड्रॉइंग पावर कैसे कैलकुलेट करते हैं।
- 2:00:54हां।
- 2:00:56अब इसकी जो थ्योरी है ना यार इस पे
- 2:00:58क्वेश्चन आना थोड़ा कम चांस है। ठीक है?
- 2:01:00फिर भी मैं आपको बताता हूं कैसे डील करके
- 2:01:01चलते हैं। ओके सर। पानी के दोद डोंट लगा
- 2:01:04लो। चलो चिल पिल ब्रो रिलैक्स।
- 2:01:16कांसेप्ट तो भैया बहुत आसान है। बस दिमाग
- 2:01:19खुला रखना है। टेक अ डीप ब्रेथ इन एंड
- 2:01:22ब्रीथ आउट। बेबी का काम डाउन। डाउन। चलो
- 2:01:27अब आओ मेरे साथ।
- 2:01:30पहले कुछ कांसेप्ट बताता हूं। फिर उसके
- 2:01:32बाद पढ़ेंगे ऐसे ने क्या रायता फैला रखा
- 2:01:34है। ठीक है सर। सबसे पहले मुझे एक बात
- 2:01:36बताना ड्रॉइंग पावर क्या होता है?
- 2:01:40ऐसे क्या देख रहे हो? बस फटाफट बताओ।
- 2:01:41व्हाट इज़ ड्रॉइंग मीन बाय ड्रॉइंग पावर?
- 2:01:43रिवीज़ चल रही है। एग्जाम आने वाले हैं।
- 2:01:44ठीक है? क्लास में ऑलरेडी कांसेप्ट डिस्कस
- 2:01:46कर चुके हैं। ऐसे-से कैसे देख रहे हो? सर
- 2:01:48ड्रॉइंग पावर का मतलब होता है वर्किंग
- 2:01:50कैपिटल के लिए बैंक से कितना लोन चाहिए
- 2:01:51अपने को? हमको वर्किंग कैपिटल्स के लिए
- 2:01:54बैंक से कितना लोन चाहिए? ठीक है सर। अब
- 2:01:56सर कंस्ट्रक्शन कंपनी की अगर बात की जाए
- 2:01:58तो आपको तो पता ही यार बड़ी-बड़ी बिल्डिंग
- 2:02:00बनाने के लिए बहुत सारा लोन लगेगा। हां सर
- 2:02:02बहुत सारा वर्किंग कैपिटल चाहिए। तो ये
- 2:02:04कहते हैं कंस्ट्रक्शन कंपनी सबसे पहले
- 2:02:06डिसाइड करे कितनी वर्किंग कैपिटल की
- 2:02:08रिक्वायरमेंट है। अब सर जब भी कोई
- 2:02:09कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट होता है तो जितने
- 2:02:11भी कस्टमर होते हैं वो कुछ एडवांस तो देते
- 2:02:13ही हैं। तो क्या जितना पैसा मेरे पास एज अ
- 2:02:15एडवांस आ गया वो मुझे बैंक से लेना
- 2:02:17पड़ेगा? नहीं। जितनी मेरी नीड है उसमें से
- 2:02:20कुछ पैसा तो मेरे पास कस्टमर से आ गया एज
- 2:02:22अ मोबिलाइजेशन एडवांस। इसको क्या कहते
- 2:02:24हैं? मोबिलाइजेशन एडवांस तो जितना पैसा
- 2:02:27मोबिलाइजेशन एडवांस में आ गया उसको
- 2:02:28रिड्यूस करो तो आपको पता चलेगा कि ड्रॉइंग
- 2:02:31पावर कितनी है। समझ गए? समझ गए सर? तो
- 2:02:34कंस्ट्रक्शन कंपनी की कुछ नीड है वर्किंग
- 2:02:35कैपिटल की उसमें से मोबिलाइजेशन एडवांस
- 2:02:37माइनस करेंगे क्योंकि इतना पैसा तो कस्टमर
- 2:02:40से ऑलरेडी मिल गया। इतनी तो मेरी नीड
- 2:02:42ऑलरेडी मीट हो गई। तो जो बची हुई पैसे हैं
- 2:02:44वो हम बैंक से ले सकते हैं। ठीक है सर। एक
- 2:02:47और कांसेप्ट बताता हूं। आपने बचपन में एक
- 2:02:49कांसेप्ट पढ़ा होगा कि भैया बचपन यानी
- 2:02:51इंटर में जब तीन बैंक मिलके यानी एक से
- 2:02:55ज्यादा बैंक मिलके एक बोरोअर को सेटिस्फाई
- 2:02:58करते हैं। एक बोरोअर को लोन देते हैं तो
- 2:02:59सर इसको क्या कहते हैं? इसको कहते हैं
- 2:03:01कंसोर्टियम एडवांस। यानी एक से ज्यादा
- 2:03:04बैंक मिलके बोरोअर को पैसा दे रहे हैं। अब
- 2:03:06जिस बैंक का सबसे ज्यादा शेयर होता है
- 2:03:08जैसे B1 का मान लो 60% या B2 का 30%, B3
- 2:03:11का 10% जिस बैंक का सबसे ज्यादा शेयर होता
- 2:03:14है उसको क्या कहते हैं? लीड बैंक विद द
- 2:03:15हाईएस्ट शेयर। ठीक है सर। तो ये ड्रॉइंग
- 2:03:18पावर कौन कंप्यूट करता है? ड्रॉइंग पावर
- 2:03:20इज कंप्यूटेड बाय द लीड बैंक। और वो
- 2:03:22एलोकेट करता है बैंक वाइज कितनी-कितनी
- 2:03:25ड्रॉइंग पावर होगी कि बोरोअर B1 से कितना
- 2:03:27ड्रॉ करेगा? B2 से कितना ड्रॉ करेगा? B3
- 2:03:29से कितना ड्रॉ करेगा? दैट इज़ डिसाइडेड बाय
- 2:03:31द लीड बैंक। क्लियर है? क्लियर है सर? अब
- 2:03:34पढ़ लो भैया। अब तुम्हें खुली छूट है जो जो
- 2:03:36ICI ने लिख रखा है। आ जाओ रीड करते हैं।
- 2:03:38मजा आएगा। सबसे पहले कहता है इसकी
- 2:03:40कैलकुलेशन विल बी एस पर द एक्सटेंड
- 2:03:42गाइडलाइंस। एक्सटेंड गाइडलाइंस बोले तो
- 2:03:44क्रेडिट पॉलिसी ऑफ द बैंक जो बोर्ड ने बना
- 2:03:46रखी है। एंड कहीं ना कहीं स्टचटरी ऑडिटर
- 2:03:48ने भी एग्री कर रखा है। सही है। अब यहां
- 2:03:50पे ड्रॉइंग पावर की कैलकुलेशन अगर आपको
- 2:03:52याद हो तो इसमें से क्रेडिटर माइनस होता
- 2:03:54था, स्टॉक ऐड होता था। हां, इनको देख लेना
- 2:03:56ठीक से यूज़ हुआ है। व्हाइल कैलकुलेटिंग द
- 2:03:59ड्रॉइंग पावर। जो भी स्टॉक्स हैं, इसके
- 2:04:02अंदर आप संड्री क्रेडिटर को माइनस करके
- 2:04:03चलोगे। ठीक है? फॉर द गुड्स या फिर कोई
- 2:04:06लेटर ऑफ क्रेडिट या गारंटी के क्रेडिटर
- 2:04:07हैं, वो भी माइनस हो जाएंगे। ठीक है सर।
- 2:04:09जो आपके डेटर्स हैं उसमें आपने नेट वैल्यू
- 2:04:12लेनी है। नेट वैल्यू का मतलब है जो भी
- 2:04:14आपके एलिजिबल डेटर्स हैं लेस द बिल्स वि
- 2:04:17आर डिस्काउंटेड विद द बैंक। क्योंकि जो
- 2:04:19डेटर आपने बैंक से डिस्काउंट करा लिया वो
- 2:04:21तो फिर आपका डेटर है ही नहीं। उसके लिए तो
- 2:04:23आपको ऑलरेडी पैसे मिल चुके हैं। तो आपने
- 2:04:25सिर्फ एलिजिबल नेट डेटर्स लेने हैं। एंड
- 2:04:28दिस शुड बी नेट ऑफ द मार्जिन मार्जिन
- 2:04:31माइनस करके चलना। जो कंसोडियम अकाउंट है
- 2:04:33उसकी ड्रॉइंग पावर कैलकुलेट और एलोकेट कौन
- 2:04:35करेगा? लीड बैंक करेगा। यह वाला जो
- 2:04:38कांसेप्ट बताया था। ठीक है सर। फिर कहता
- 2:04:41है कैलकुलेट इट केयरफुली फॉर द वर्किंग
- 2:04:44कैपिटल एडवांस टू द कंपनीज़ इन कंस्ट्रक्शन
- 2:04:46बिनेस। यहां पे क्या होगा? इसका वर्क इन
- 2:04:48प्रोग्रेस आपको प्रॉपर्ली कैलकुलेट करना
- 2:04:50पड़ेगा। और जो पैसा आपको कस्टमर से एडवांस
- 2:04:53में मिल गया दैट इज़ मोबिलाइजेशन एडवांस।
- 2:04:55दैट इज़ रिड्यूस टू कैलकुलेट द ड्रॉइंग
- 2:04:56पावर। एंड लास्ट में कहता है जहां भी आपका
- 2:04:59फंडेड एक्सपोज़र इज़ मोर देन द लिमिट। इंटर
- 2:05:02वाले बुक में तो लिमिट दे रखी है 5 करोड़
- 2:05:04की। यही लिमिट हम कारो 2020 में भी यूज़
- 2:05:06करते हैं। तो अगर आपने जो सामने वाले को
- 2:05:08फंडिंग दे रखी है, दैट इज़ मोर देन द लिमिट
- 2:05:11तो स्टॉक ऑडिट कराना जरूरी है। स्टॉक ऑडिट
- 2:05:14से क्या होगा? आपको स्टॉक्स की वैल्यू पता
- 2:05:16लगेगी और फिर पता चलेगा कि ड्रॉइंग पावर
- 2:05:18प्रॉपर्ली कैलकुलेट हुई है या नहीं। तो एक
- 2:05:20छोटी सी समरी दे रहा हूं। एवरीवन प्लीज
- 2:05:22फोकस ऑन द बोर्ड। सर समरी क्या है? मैंने
- 2:05:25कहा सबसे पहले ड्रॉइंग पावर की आप
- 2:05:26कैलकुलेशन देख लेना। एज़ पर द एक्सटेंड
- 2:05:28गाइडलाइन। ठीक है? इट शुड बी एज़ पर द
- 2:05:30बैंक्स क्रेडिट पॉलिसी। ओके सर। फिर उसमें
- 2:05:32कर देना माइनस प्लस। माइनस प्लस का मतलब
- 2:05:35है प्रॉपर रिपोर्टिंग ऑफ द क्रेडिटर्स एंड
- 2:05:37प्रॉपर रिपोर्टिंग ऑफ द स्टॉक। थोड़ी बहुत
- 2:05:38डेटर्स की बातें भी लिख देना। ठीक है सर।
- 2:05:41फिर हम बात करेंगे कंस्ट्रक्शन बिनेस। दो
- 2:05:43चीजों पे फोकस करना है। वर्क इन प्रोग्रेस
- 2:05:45प्रॉपर्ली वैल्यू हो। मोबिलाइजेशन एडवांस
- 2:05:47माइनस हो। एंड आखिरी में स्टॉक ऑडिट तब
- 2:05:49होगा जब फंडेड एक्सपोज़र इज़ मोर देन द
- 2:05:51लिमिट। तो ये एक छोटा सा चार्ट आप अपने
- 2:05:53दिमाग में रख सकते हो।
- 2:05:56क्लियर है बॉस? अरे यस और नो। यस सर। एकदम
- 2:05:59अच्छे से क्लियर है सर। फिर सर इसके बाद
- 2:06:01जो बातें दे रखी है ना इनको बस रीड करके
- 2:06:03चलना। अगर किसी अकाउंट में कोई टेंपरेरी
- 2:06:05डेफिशिएंसी है। सर टेंपरेरी डेफिशिएंसी का
- 2:06:07मतलब है कुछ पर्टिकुलर टाइम के लिए मान लो
- 2:06:09ड्रॉइंग पावर अवेलेबल नहीं है। ठीक है?
- 2:06:10क्योंकि इनके स्टॉक स्टेटमेंट में स्टॉक्स
- 2:06:12की वैल्यू अचानक गिर गई है। या फिर आपको
- 2:06:14लगता है उसका जो बैलेंस है ना ये थोड़ा सा
- 2:06:16लिमिट से ज्यादा हो गया टेंपरेरी। तो आपको
- 2:06:18याद है मैंने बताया था लिमिट से ज्यादा
- 2:06:20बैलेंस कितने दिनों के लिए दे सकते हैं?
- 2:06:2290 डेज के लिए। कितना परसेंटेज एक्स्ट्रा
- 2:06:24दे सकते हैं? चलो कमेंट सेक्शन में बताओ।
- 2:06:26मैं नहीं बता रहा। हर चीज मैं ही बताऊंगा।
- 2:06:27तो फिर तो पेपर भी मैं ही दे आता हूं। ठीक
- 2:06:29है? जल्दी से बताओ। जो लिमिट है उससे हम
- 2:06:31कितना एक्स्ट्रा एडवांस दे सकते हैं?
- 2:06:33कितना परसेंट एडवांस एक्स्ट्रा दे सकते
- 2:06:34हैं वो आपने बताना है। मैंने 90 डेज की
- 2:06:36लिमिट तो बता दी। आप कितना परसेंट दे सकते
- 2:06:37हो वो कमेंट सेक्शन में बताना। ठीक है सर।
- 2:06:39या फिर जो उनकी लिमिट है वो ड्यू डेट पे
- 2:06:41रिन्यू नहीं करी आपने। ठीक है? तो ये कुछ
- 2:06:43बातें हैं। ये टेंपरेरी डेफिशिएंसी होती
- 2:06:45है। तो टेंपरेरी डेफिशिएंसी में आप उसको
- 2:06:47एनपीए मत बनाना। ठीक है सर। अब सर जो
- 2:06:49स्टॉक स्टेटमेंट है ये कितना पुराना होना
- 2:06:51चाहिए? वैसे तो रीसेंट होना चाहिए। बट
- 2:06:53मैक्सिमम 3 महीने पुराना चल जाएगा। तो ये
- 2:06:56कहता है इट शुड नॉट बी ओल्डर देन 3 मंथ्स।
- 2:06:58बट अगर आपकी ड्रॉइंग पावर इज़ कैलकुलेटेड
- 2:07:00फ्रॉम अ स्टॉक स्टेटमेंट ओल्डर देन 3
- 2:07:02मंथ्स तो भैया हम इसको इर्रेगुलर अकाउंट
- 2:07:04मान लेंगे। इस तरह से आपने ध्यान रखना है।
- 2:07:07ठीक है सर। अब कहता है लिमिट का रिन्यू कब
- 2:07:09होना चाहिए? देखो भैया जो लिमिट है वो
- 2:07:11ड्यू डेट पे रिव्यू हो जानी चाहिए। मैंने
- 2:07:13आपको बताया था साल में एनुअली हमको कहीं
- 2:07:16ना कहीं अकाउंट्स को अ रिव्यू करना चाहिए।
- 2:07:19जो भी अकाउंट है उसके जो ऑपरेशंस हैं उसकी
- 2:07:21जो लिमिट्स हैं साल में एक बार रिव्य्यू
- 2:07:22करनी चाहिए। हां सर। तो जो भी ड्यू डेट है
- 2:07:24उस पे रिव्य्यू हो जानी चाहिए। बट अगर
- 2:07:27आपने ड्यू डेट से 6 महीने तक रिव्यू नहीं
- 2:07:30करी। फिर से बोल रहा हूं डबल कर दी भैया
- 2:07:32लिमिट। यहां 3 महीने थी। यहां पे 6 महीने
- 2:07:34कर दी। 6 महीने यानी 180 डेज। अगर आपने
- 2:07:37180 डेज तक रिव्य्यू नहीं करी तो सर क्या
- 2:07:40होगा? हम उस अकाउंट को एनपीए मान लेंगे।
- 2:07:43ठीक है सर। और ये भी देख लेना रिव्यु
- 2:07:44रिपीटेटिव बेसिस पे भी नहीं होना चाहिए कि
- 2:07:46रोज-रोज़ ही रिव्यु कर रहे। इसका मतलब
- 2:07:47अकाउंट में कोई गड़बड़ है। अब एसेट
- 2:07:49क्लासिफिकेशन कैसे होती है? बोरोअर वाइज़
- 2:07:51होती है। फैसिलिटी वाइज़ नहीं होती। मतलब
- 2:07:53अगर एक अकाउंट एनपीए बन गया तो हम सारे
- 2:07:56अकाउंट्स को एनपीए मानते हैं। ये बात
- 2:07:57मैंने ऑलरेडी आपको सिखा दी। अब आता है सर
- 2:08:00मेरा फेवरेट टॉपिक गवर्नमेंट गारंटीड
- 2:08:01एडवांस। ये तो बड़ा ही सिंपल टॉपिक है।
- 2:08:04गवर्नमेंट गारंटीड एडवांस क्या कहता है?
- 2:08:06एवरीवन प्लीज फोकस ऑन द बोर्ड। मान लो एक
- 2:08:10बैंक है। इसने दिया मिस्टर अडानी को। अब
- 2:08:13ये अडानी कौन है? मुझे क्या पता है? सर
- 2:08:15नाम है अडानी। सुन अच्छा लगा मैंने लिख
- 2:08:16दिया। इसने दिया अडानी जी को 4000 करोड़
- 2:08:20का लोन। ठीक है सर। अब सर अडानी को 4000
- 2:08:23करोड़ का लोन क्यों दिया? क्योंकि भैया
- 2:08:25सेंट्रल गवर्नमेंट की गारंटी थी। जो
- 2:08:27सेंट्रल गवर्नमेंट ने गारंटी दी बैंक को
- 2:08:29कि भाई मैं दे रहा हूं गारंटी मित्रों लोन
- 2:08:33दो। मैंने कहा ठीक है। अब सर यहां पे जो
- 2:08:35इंस्टॉलमेंट है दैट इज ओवरड्यू फॉर मोर
- 2:08:37देन 90 डेज। हो तो क्या मैं इसको एनपीए
- 2:08:41मानूं? मैंने कहा नहीं मोदी जी नाराज हो
- 2:08:44जाएंगे। तो ये कहता है कि भाई एज अ
- 2:08:46एक्सेप्शन हम इसको एनपीए नहीं मानेंगे। हम
- 2:08:48इसको स्टैंडर्ड एसेट मान के चलेंगे। तो यह
- 2:08:51आपने एक बात ध्यान रखनी है। अब एक बात
- 2:08:54समझना स्टैंडर्ड मानने के लिए दो कंडीशंस
- 2:08:57पूरी होनी चाहिए। सर क्या? सबसे पहले जो
- 2:08:59सेंट्रल गवर्नमेंट की गारंटी है वो इनवोक
- 2:09:01नहीं हुई है। यानी बैंक ने उसको एक्सरसाइज
- 2:09:03नहीं किया है। और अगर एक्सरसाइज किया है
- 2:09:06तो सेंट्रल गवर्नमेंट ने इसको रेपुडेट
- 2:09:08नहीं किया है। उसने रिफ्यूज नहीं किया है।
- 2:09:10ठीक है? तो अगर गारंटी इज़ नॉट नॉट इनवॉक्ड
- 2:09:13एंड रेपुडेटेड देन ओनली इट विल बी
- 2:09:15कंसीडर्ड टू बी अ स्टैंडर्ड एसेट। अब सर
- 2:09:18एक बात समझना अगर गारंटी को बैंक इनवोक ही
- 2:09:21नहीं कर रहा एक्सरसाइज ही नहीं कर रहा
- 2:09:22काफी समय से तो आप इसके रीज़ंस को रिपोर्ट
- 2:09:25करोगे इन द लॉन्ग फॉर्म ऑडिट रिपोर्ट। तो
- 2:09:27ये एक छोटी सी बात आपने ध्यान रखनी है।
- 2:09:28अच्छा सर एक बात बताओ ये जो एक्सेप्शन है
- 2:09:30क्या सिर्फ ये क्लासिफिकेशन के लिए? आंसर
- 2:09:32इज़ यस। इस केस में हम इसको स्टैंडर्ड तो
- 2:09:35मान रहे हैं बट इनकम जो होगी क्योंकि इट
- 2:09:37इज़ ओवरड्यू फॉर मोर देन 90 डेज। इट विल बी
- 2:09:39रिकॉग्नाइज़्ड ऑन रियलाइज़ेशन बेसिस। इनकम
- 2:09:41को आप रियलाइज़ेशन बेसिस पे ही रिकॉर्ड
- 2:09:43करके चलोगे। तो यही बात यहां लिख रखी है
- 2:09:46इफ द एडवांस इज़ ओवरड्यू फॉर मोर देन 90
- 2:09:48डेज सेंट्रल गवर्नमेंट की गारंटी है तो आप
- 2:09:50इसको एनपीए तभी मानना अगर सेंट्रल
- 2:09:52गवर्नमेंट ने गारंटी को रेपुटेट कर दिया
- 2:09:53है व्हेन इनवोक इनकम रिकॉग्निशन विल बी ऑन
- 2:09:56रियलाइजेशन बेसिस अगर आपने गारंटी को
- 2:09:59गारंटी को इनवोक नहीं किया है फॉर लॉन्ग
- 2:10:01इसके बारे में एलएफएआर में रिपोर्ट करना
- 2:10:03पड़ेगा स्टेट गवर्नमेंट के लिए कोई भी
- 2:10:04एक्सेप्शन नहीं है यानी अगर अकाउंट
- 2:10:06ओवरड्यू है फॉर मोर दैन 90 डेज आप उसको
- 2:10:08एनपीए क्लासिफाई करोगे इनकम को रियलाइजेशन
- 2:10:10बेसिस पे ही रिकॉर्ड करोगे अब आता है सर
- 2:10:12हमारा फेवरेट टॉपिक एग्रीकल्चरल एडवांस
- 2:10:15एवरीवन फोकस ऑन द बोर्ड। दो तरह की
- 2:10:17क्रॉप्स होती हैं। आपने इंटर में पढ़ा था।
- 2:10:19लॉन्ग ड्यूरेशन, शॉर्ट ड्यूरेशन। जो लॉन्ग
- 2:10:22ड्यूरेशन क्रॉप्स हैं, उसका मतलब है क्रॉप
- 2:10:23सीजन इज़ मोर देन वन ईयर। यानी जब आप बीज
- 2:10:26बोते हो और उसके बाद जो हार्वेस्टिंग करते
- 2:10:27हो उसको एक साल से ज्यादा लगता है। शॉर्ट
- 2:10:29ड्यूरेशन क्रॉप्स के केस में क्रॉप सीजन
- 2:10:31इज़ अप टू वन ईयर। अब सर ये एनपीए कैसे
- 2:10:34बनेगी? अगर लॉन्ग ड्यूरेशन के केस में
- 2:10:35इंस्टॉलमेंट इज़ ओवरड्यू फॉर वन क्रॉप सीज़
- 2:10:37तो एनपीए। एसडीसी के केस में, शॉर्ट
- 2:10:40ड्यूरेशन के केस में इफ इट ओवरड्यू फॉर टू
- 2:10:41क्रॉप सीज़, इट इज़ अ एनपीए। तो यानी इसका
- 2:10:44एक इसके दो के बराबर है। अब सर यह क्रॉप
- 2:10:47सीजन कौन डिसाइड करता है? एसएलबी कमेटी।
- 2:10:50एसएलबी यानी संजय लीला भंसाली। नहीं सर
- 2:10:53एसएलबी कमेटी का मतलब है स्टेट लेवल बैंकर
- 2:10:56कमेट। उसके साथ-साथ आपको एक बात ध्यान
- 2:10:58रखनी है। एग्रीकल्चरल एडवांसेस वही
- 2:11:00एडवांसेस है जिसके बारे में मेंशंड है इन
- 2:11:02द मास्टर सर्कुलर ऑफ लैंडिंग टू
- 2:11:04प्रायोरिटी सेक्टर। यानी अगर कोई एडवांस
- 2:11:06ऐसा है जिसका इसमें मेंशन नहीं है हम उसको
- 2:11:10ट्रीट करेंगे नॉन एग्रीकल्चरल एडवांस और
- 2:11:12उसका एनपीए प्रोविजनिंग फिर इस हिसाब से
- 2:11:14नहीं होगा। ठीक है सर तो एक बार आ जाओ
- 2:11:17वापस एक बार बोर्ड से बुक से रिवाइज कराता
- 2:11:19हूं रिवीजन के अंदर रिवीज़
- 2:11:22एनपीए नॉर्म्स मेन पॉइंट यहां से ये सारा
- 2:11:24इंटर का रिवीज़ है। एनपीए नॉर्म्स विल बी
- 2:11:27एस पर द क्रॉप सीज़ डिसाइडेड बाय स्टेट
- 2:11:29लेवल बैंकर कमेटी ऑफ़ ईच स्टेट। इट इज
- 2:11:31एप्लीकेबल टू द डायरेक्ट एग्रीकल्चरल
- 2:11:32एडवांस व्हिच आर मेंशंड इन मास्टर सर्कुलर
- 2:11:35ऑफ लेंडिंग टू द प्रायोरिटी सेक्टर। जो
- 2:11:37एग्रीकल्चरल लोंस हैं अदर देन द सर्कुलर
- 2:11:40उनके एनपीएस उसी बेसिस पे बनेंगे जैसे नॉन
- 2:11:42एग्रीकल्चरल एडवांस का बनता है। फिर सर एक
- 2:11:45छोटा सा टॉपिक है। बस रीड करके चलना है।
- 2:11:47प्रोविजनिंग टुवर्ड्स द स्टैंडर्ड एसेट।
- 2:11:49आरबीआई का सर्कुलर फॉलो करना। स्टैंडर्ड
- 2:11:51एसेट पे भी प्रोविज़न रिक्वायर्ड है एज़ पर
- 2:11:53आरबीआई नॉर्म। इसको डिटेल में आपने चेक
- 2:11:54करना है विद द स्टेटमेंट ऑफ़ एडवांसेस। फिर
- 2:11:56जो स्टैंडर्ड एसेट है उनकी बफरकेशन देख
- 2:11:58लेना। एसएमए, एसएमए वन, एसएमए टू में। ठीक
- 2:12:01है? और देख लेना इट इज़ प्रॉपर्ली
- 2:12:02सर्टिफाइड। इन चारों पॉइंट्स को बस रीड
- 2:12:04करके चलो और आगे बढ़ो। अब आता है सर बढ़िया
- 2:12:07शानदार टॉपिक जिसका नाम है रिस्ट्रक्चरर्ड
- 2:12:09एडवांस। अगेन अ वेरी इंपॉर्टेंट टॉपिक
- 2:12:12फ्रॉम एग्जाम पॉइंट ऑफ व्यू।
- 2:12:13रिस्ट्रक्चरर्ड एडवांस में सबसे पहले इसका
- 2:12:15मीनिंग समझना पड़ेगा। रिस्ट्रक्चरिंग का
- 2:12:17मतलब मैंने आपको पहले भी बताया था कि सर
- 2:12:20जब भी मार्केट में कोई दिक्कत आ जाती है,
- 2:12:22कोई कैलेमिटी आ जाती है कि भैया सूखा पड़
- 2:12:26गया या बारिश बहुत ज्यादा हो गई तो क्रॉप
- 2:12:28खराब हो गई या फिर कोई महामारी आ गई। ठीक
- 2:12:31है? जैसे कोरोना वगैरह आ जाता है। जब भी
- 2:12:34इस तरह की कोई कैलेमिटी आती है जहां पे
- 2:12:35बोरोअर लोन रीप नहीं कर पा रहा। और
- 2:12:38क्योंकि वो लोन रीप नहीं कर पा रहा तो जो
- 2:12:40बैंक है उसको कुछ कंसेशंस देता है। इसको
- 2:12:42क्या कहते हैं? उन्हीं कंसेशंस को कहते
- 2:12:44हैं रीस्ट्रक्चरिंग ऑफ़ एडवांस। सो
- 2:12:46रिस्ट्रक्चरिंग का मतलब है कंसेशंस फ्रॉम
- 2:12:48द लेंडर टू द बोरोअर फॉर द फाइनेंशियल
- 2:12:51डिफिकल्टी ड्यू टू इकोनमिक और लीगल रीज़ंस।
- 2:12:53अब सर ये कंसेशंस में होता क्या है?
- 2:12:56बेसिकली इट इनवॉल्व्स मॉडिफिकेशन ऑफ
- 2:12:58टर्म्स यानी ऑल्टरेशन ऑफ इंस्टॉलमेंट्स या
- 2:13:00फिर आप इंक्रीस कर दो रीपेमेंट पीरियड।
- 2:13:02ठीक है? इंस्टॉलमेंट्स को कम कर दो।
- 2:13:04रीपेमेंट पीरियड को बढ़ा दो। रेट ऑफ
- 2:13:06इंटरेस्ट को कम कर दो। इस तरह की चीजें आप
- 2:13:08कर सकते हो। ऑडिटर क्या करेगा सर? सर
- 2:13:11ऑडिटर के पास सिंपल काम है। जो भी आरबीआई
- 2:13:13का सर्कुलर है उससे कंप्लायंस चेक करेगा।
- 2:13:15अब सर्कुलर में तीन स्टेजेस कवर्ड हैं।
- 2:13:17बिफोर रिस्ट्रक्चरिंग, ड्यूरिंग
- 2:13:19रीस्ट्रक्चरिंग और आफ्टर रीस्ट्रक्चरिंग।
- 2:13:21इस तरह से आप अपने माइंड में इसका
- 2:13:22स्ट्रक्चर बना सकते हो। ठीक है सर? बिफोर
- 2:13:24रिस्ट्रक्चरिंग का मतलब है सबसे पहले तो
- 2:13:27ये डिसाइड करो कौन से एडवांसेस हैं जिनकी
- 2:13:29रीस्ट्रक्चरिंग हो सकती है। तो ये कहता है
- 2:13:31जो भी स्टैंडर्ड है, सबस्टैंडर्ड है और
- 2:13:34डाउटफुल है।
- 2:13:36आप सिर्फ इन्हीं को रीस्ट्रक्चर कर सकते
- 2:13:38हो। मतलब जो लॉस एसेट है उसको रिस्ट्रक्चर
- 2:13:41नहीं कर सकते। फिर सर जो रीस्ट्रक्चरिंग
- 2:13:43है वह रेट्रोस्पेक्टिवली नहीं होगी।
- 2:13:45प्रोस्पेक्टिवली होगी। ठीक है सर। अब
- 2:13:47ड्यूरिंग रीस्ट्रक्चरिंग मुझे बताओ जिस
- 2:13:49अकाउंट की रीस्ट्रक्चरिंग हो रही है क्या
- 2:13:51वो बहुत स्ट्रांग अकाउंट है? नहीं सर इट
- 2:13:53इज़ इंट्रिंसिकली वीक अकाउंट। तो जब भी
- 2:13:55एप्लीकेशन आएगी फॉर रीस्ट्रक्चरिंग इट इज़
- 2:13:57अ इंट्रेंसिकली वीक अकाउंट। तो उस पे
- 2:13:58प्रॉपर प्रोविज़ बनना चाहिए। एंड
- 2:14:00रीस्ट्रक्चरिंग के बाद कहता है अकाउंट को
- 2:14:03डाउनग्रेड कर दो। यानी अगर कोई स्टैंडर्ड
- 2:14:06है तो उसको सबस्टैंडर्ड पे ले आओ। और जो
- 2:14:08एनपीएस हैं वह सेम कैटेगरी में रहेंगे।
- 2:14:11स्टैंडर्ड तो सबस्टैंडर्ड में चले जाएगा
- 2:14:13रीस्ट्रक्चरिंग के बाद बट जो सबस्टैंडर्ड
- 2:14:15है वह सबस्टैंडर्ड में ही रहेगा। डाउटफुल
- 2:14:18है वो डाउटफुल में रहेगा। लॉस एसेट अरे
- 2:14:20लॉस एसेट की तो रीस्ट्रक्चरिंग हो ही नहीं
- 2:14:22सकती ना यार। कैसी-कसी बातें करते हो। तो
- 2:14:24ये आप तीन तरह का स्ट्रक्चर बना के इसको
- 2:14:26दिमाग में रख सकते हो। क्लियर है बॉस?
- 2:14:29क्लियर है सर? तो यही बात यहां पे लिख रखी
- 2:14:31है। एक बार अगर आप चाहो तो इसको एक बार
- 2:14:33इसी तरह से गो थ्रू कर लेना। अब सर आता है
- 2:14:36अगला पॉइंट अपग्रेडेशन ऑफ अकाउंट। बड़ा
- 2:14:37सिंपल से पॉइंट्स हैं। आ जाओ रीड करके
- 2:14:39चलते हैं। सबसे पहले कहता है चेक ऑल द
- 2:14:41अकाउंट्स व्हिच हैव बीन अपग्रेडेड फ्रॉम
- 2:14:43एनपीए टू द स्टैंडर्ड कैटेगरी। दिस शुड बी
- 2:14:45एस पर द आरबीआई गाइडलाइन। हो सकता है
- 2:14:48पार्शियल रिकवरीज के केस में। ठीक है? जब
- 2:14:51पूरा का पूरा पैसा वापस नहीं आया तो इन
- 2:14:53लोगों ने इनकरेक्ट अपग्रेडेशन कर दी हो।
- 2:14:55ऐसा भी हो सकता है कि जो रिकवरी है वो 31
- 2:14:57मार्च के बाद हुई थी और इन्होंने 31 मार्च
- 2:15:00पे अपग्रेड कर दिया। तो इस तरह की
- 2:15:02गड़बड़ों को आपने ध्यान में रख के चलना
- 2:15:04है। अब आता है सर आईसीआई का फेवरेट टॉपिक
- 2:15:06सेल एंड परचेस ऑफ़ एनपीए। सेल एंड परचेस ऑफ़
- 2:15:09एनपीए के लिए क्या-क्या ध्यान रखना है?
- 2:15:11अगेन प्लीज फोकस। इसके लिए सर प्रॉपर
- 2:15:14बोर्ड की पॉलिसी होनी चाहिए। यहां पे यह
- 2:15:16भी कहा जाता है जो एनपीए आपके बुक्स में
- 2:15:18मिनिमम 2 साल तक था उसी को आप सेल कर सकते
- 2:15:21हो। उसके अलावा कोई भी एनपीए आप नहीं बेच
- 2:15:23सकते। अब जो भी आप सेल करोगे कैश बेसिस पे
- 2:15:25करोगे क्रेडिट बेसिस? सर मम्मी ने सिखाया
- 2:15:28था। दूध का जला छाछ भी फूंक-फूंक के पीता
- 2:15:31है। एक बार हमने क्रेडिट पर पैसा देने की
- 2:15:34कोशिश की थी वो एनपीए बन गया। वो हम रिकवर
- 2:15:36ही नहीं कर पा रहे। तो अब जब आप एनपीए को
- 2:15:38सेल करोगे उसको क्रेडिट बेसिस पे मत सेल
- 2:15:41करना। उसको आप कैश बेसिस पे बेचना। कैश
- 2:15:43बेसिस का मतलब है हम इसको वापस परचेस बैक
- 2:15:46नहीं करेंगे। इट विल बी ऑन नॉन रिकॉर्ड्स
- 2:15:48बेसिस। जितनी रिस्क है सब इस एनपीए के साथ
- 2:15:51ट्रांसफर कर देंगे। एनपीए को बोल देंगे
- 2:15:53दोबारा अपनी शक्ल मत दिखाना। ठीक है सर।
- 2:15:55तो ये आपने सेल ऑफ एनपी के लिए पांच छह
- 2:15:57पॉइंट ध्यान रखने हैं। बोर्ड पॉलिसी कम से
- 2:16:00कम 2 साल तक जो आपकी बुक्स में एनपीए है
- 2:16:02उसी को बेचोगे। जब बेच रहे हो तो कैश
- 2:16:03बेसिस पे बेचना नॉन रिकॉर्ड्स बेसिस पे कि
- 2:16:05वापस इसको परचेस मत करना। जितनी रिस्क है
- 2:16:08एनपीए के साथ स्वाहा। अब सर इसमें एक छोटी
- 2:16:11सी बात तीन केसेस लेते हैं। जो मैंने
- 2:16:14एनपीए बेचा वो ₹80 में बेचा। ₹100 में
- 2:16:17बेचा ₹120 में बेचा। बुक वैल्यू थी 100
- 2:16:19100। अगर 80 में बेचा बुक वैल्यू 100 थी।
- 2:16:2120 का जो लॉस है पीएनएल में बुक करना। अगर
- 2:16:24₹100 में बेचा ₹100 की बुक वैल्यू थी। कोई
- 2:16:26कुछ नहीं करना। अगर 120 में बेचा वैल्यू
- 2:16:28थी 100 तो कितना गेन हुआ? 20। क्या इसको
- 2:16:31पीएनएल में बुक करना है? नहीं। हम इसको
- 2:16:34रिटेन करेंगे टू मीट द लॉस ऑन द सेल ऑफ़
- 2:16:36अदर एनपीए। बाकी एनपीए जो आगे जाके आप
- 2:16:38बेचोगे उस पे अगर कोई लॉस हुआ तो उसको मीट
- 2:16:41करने के लिए हम इस गेन को रिटेन करेंगे।
- 2:16:44इसको हम बुक नहीं करेंगे। ठीक है? ठीक है
- 2:16:46सर। यही बातें आपकी बुक में लिखी है। एक
- 2:16:48बार आ जाओ रिवाइज़ कर लेते हैं। बोर्ड ऑफ़
- 2:16:50डायरेक्टर की पॉलिसी आप देख लेना। एनपीए
- 2:16:52शुड हैव रिमेन इन द बुक्स फॉर एटलीस्ट टू
- 2:16:54इयर्स बिफोर इट कैन बी सोल्ड विदाउट
- 2:16:56रिकॉर्ड्स बेचेंगे यानी एंटायर क्रेडिट
- 2:16:57रिस्क विल बी ट्रांसफर टू द परचेजिंग
- 2:16:59बैंक। हम कोई भी रिस्क अस्यूम नहीं
- 2:17:01करेंगे। कैश बेसिस पे करेंगे। कंटिंजेंट
- 2:17:03प्राइस नहीं होगा। कभी भी जो एनपीए बिक
- 2:17:05गया उसको वापस नहीं खरीदेंगे। ठीक है सर।
- 2:17:08कुछ स्पेशल पॉइंट्स ध्यान रखना। जब बेच
- 2:17:10दिया तो बुक्स में से हटा देना। इफ सेल इज़
- 2:17:12लेस देन द नेट बुक वैल्यू चार्ज टू पीएनएल
- 2:17:14अकाउंट। अगर सेल ज्यादा है तो जो भी
- 2:17:16एक्सेस आपको मिला है उससे प्रोविजन रिवर्स
- 2:17:18मत करना। इट विल बी रिटेन टू मीट द लॉस ऑफ़
- 2:17:21अदर एनपीए। अब अगर मैंने एनपीए परचेस किया
- 2:17:23है तो क्या होगा? जो आपकी बुक्स में
- 2:17:26क्लासिफिकेशन स्टेटस है उसको फॉलो करके
- 2:17:28चलो। ठीक है? कोई भी अगर आप रिकवरी करते
- 2:17:30हो तो पहले कॉस्ट से मीट करना। उसके बाद
- 2:17:32जो एक्सेस रिकवरी है उसको आप प्रॉफिट मान
- 2:17:34सकते हो। कैपिटल एडिक्वसी कैलकुलेट करते
- 2:17:36हुए आप इसको 100% रिस्क वेट दोगे फॉर द
- 2:17:38एनपीएस व्हिच हैव बीन परचेस्ड फ्रॉम अदर
- 2:17:40बैंक। इन तीनों पॉइंट्स को बस रीड कर
- 2:17:42लेना। ठीक है सर। सर इसका एक क्वेश्चन करा
- 2:17:45दो। तो मैंने कहा आओ मेरे साथ प्यारा
- 2:17:47प्यारा न्यारा न्यारा क्वेश्चन करेंगे
- 2:17:50सारे बच्चे मेरे साथ क्वेश्चन नंबर नाइन
- 2:17:53अप्रैल 2025 का महीना था ठीक है बैंक ने
- 2:17:56कुछ एनपीए सेलेक्ट करे फॉर द पर्पस ऑफ़ सेल
- 2:17:58एस वी ए वीवी एम एंड डीजी ठीक है ये एनपीए
- 2:18:02कब से हैं वो साल भी यहां पे दे रखा है
- 2:18:04इनकी अमाउंट भी दे रखी है कह रहा है बीइंग
- 2:18:06द इंटरनल ऑडिटर यू आर रिक्वायर्ड टू
- 2:18:07स्क्रूटिनाइज़ द प्रपोजल एंड गिव द
- 2:18:09स्पेसिफिक पॉइंट्स टू बी कंसीडर्ड अब क्या
- 2:18:11स्पेसिफिक पॉइंट्स कंसीडर करने हैं इसमें
- 2:18:13से आप कोई भी चार से पांच पॉइंट चलो चलो
- 2:18:15कम हो गया। पांच पॉइंट मिनिमम इसमें से
- 2:18:17ध्यान रख के चलना जो पॉइंट्स मैंने आपको
- 2:18:18अभी बताए हैं। ठीक है सर बहुत आसान है।
- 2:18:21फिर बताओ कौन सा एनपीए है जो बिक नहीं
- 2:18:23सकता? सर जो सबसे नया-नया एनपीए है ना एमए
- 2:18:26आयरन वक्स का 2023 से 2024 इसको 2 साल अभी
- 2:18:30नहीं हुए हैं। अगर हम देखें अप्रैल 2025
- 2:18:32में इसको 2 साल नहीं हुए हैं। इसको 2 साल
- 2:18:35कब होंगे? 2026 के अराउंड। 2026 के अंदर
- 2:18:39इसको 2 साल होंगे। तो अभी इसको 2 साल नहीं
- 2:18:41हुए। तो इसको बेचना सही नहीं है। तो आपने
- 2:18:43कुछ नहीं करना। पॉइंट्स लिखने हैं और
- 2:18:44आखिरी में कंक्लूड करना है। बैंक कैन सेल
- 2:18:46ऑल द एनपीएस एक्सेप्ट एमए आयरन वर्क्स
- 2:18:49व्हिच हैज़ रिमेन इन द बुक्स फॉर लेस देन
- 2:18:50टू ईयर। इसको अभी तक 2 साल बुक्स में नहीं
- 2:18:53हुए।
- 2:18:54क्लियर है बॉस? पक्का प्रॉमिस। यस सर।
- 2:18:58देखो भाई ये क्वेश्चन वरना तुम करोगे ही
- 2:19:00नहीं। मैं अगर साथ-साथ रिवीज़ के नहीं
- 2:19:01कराऊंगा ना तो क्वेश्चन बैंक तो छोड़ देंगे
- 2:19:03सर। करने का मन ही नहीं है सर हमारा।
- 2:19:05शाबाश मित्रों। अब आ जाओ फिक्स्ड एसेट्स
- 2:19:08की ओर चलते हैं। मैं वैसे तुमको सीधा-सीधा
- 2:19:10बताऊं। ये फिक्स्ड एसेट से लेके
- 2:19:13यहां तक बस रीड करके चलना है। एक क्विक
- 2:19:15रीड ले लें। पक्का पक्का सर आ जाओ। लेट्स
- 2:19:19डू इट। मैं अगेन ये टॉपिक्स बस सेफ्टी के
- 2:19:21लिए कवर करा रहा हूं। ठीक है? सेफ्टी के
- 2:19:23लिए इट इज़ वेरीेंट टू अंडरस्टैंड एंड गो
- 2:19:25थ्रू दीज़ टॉपिक्स। कल को मान लो क्वेश्चन
- 2:19:26आ भी गया। स्टिल वी विल बी एबल टू हैंड डू
- 2:19:28समथिंग अबाउट इट। ठीक है सर। फिक्स्ड एसेट
- 2:19:30में अपने को क्या ध्यान रखना है? सबसे
- 2:19:32पहले प्रिमाइसेस। प्रिमाइससेस यानी
- 2:19:33बिल्डिंग। देखो कैसे अपने को इसको कवर
- 2:19:36करना है। कहां गया? कहां गया? फिक्स्ड
- 2:19:38एसेट वाला पॉइंट कहां गया? ये रहा सर देखो
- 2:19:41भाई फिक्स्ड एसेट का आपको पता है रजिस्टर
- 2:19:43बनता है ओपनिंग बैलेंस एडिशंस डिलीशंस एंड
- 2:19:46क्लोजिंग बैलेंस यस सर जो भी फिक्स्ड एसेट
- 2:19:48का बैलेंस है सबसे पहले देख लो क्या आ रहा
- 2:19:50है लेजर और फाइनेंसियल स्टेटमेंट में वो
- 2:19:51मैच हो रहा है कि नहीं फिर आ जाओ ओपनिंग
- 2:19:53बैलेंस चेक करते हैं ओपनिंग बैलेंस कहां
- 2:19:56से मिलेगा फार से अपन आर्टिकलशिप में
- 2:19:58बोलते हैं ना फार फिक्स्ड एसेट रजिस्टर
- 2:20:00यहां से ओपनिंग बैलेंस देख लो और लेजर से
- 2:20:01ओपनिंग बैलेंस देख लो ठीक है सर अब जो
- 2:20:03एडिशंस है दो तरह की हो सकती है
- 2:20:05एक्विजिशंस और सेल्फ कंस्ट्रक्शन जो भी
- 2:20:08एक्विजिशन हुई है देखना इसके लिए प्रॉपर
- 2:20:09पर ऑथोराइजेशन होनी चाहिए। ठीक है? टाइटल
- 2:20:11डीड्स देख लेना बैंक के नाम पे होने चाहिए
- 2:20:13और इनवॉइसेसेस भी बैंक के नाम पे होने
- 2:20:15चाहिए। अगर आपने खुद कंस्ट्रक्ट कराया है
- 2:20:17अगेन यहां पे ऑथोराइजेशन होगी। वाओ सर ये
- 2:20:20पॉइंट मैच कर गया। हां। अब आपने जब
- 2:20:23कंस्ट्रक्ट कराया तो किसी कॉन्ट्रक्टर से
- 2:20:24कराया होगा तो उसके बिल वगैरह देख लो।
- 2:20:26यहां पे नॉर्मल इनवॉइसेस यहां पे
- 2:20:27कॉन्ट्रैक्टर के बिल। क्या एडिशंस क्लियर
- 2:20:30है? हां सर। अब मैं एक ब्रांच का ऑडिट कर
- 2:20:32रहा था। वो कहती है टाइटल डीड हेड ऑफिस पे
- 2:20:34पड़ा है। कोई बात नहीं। बीइंग अ ब्रांच
- 2:20:36ऑडिटर आप इसका रिटर्न रिप्रेजेंटेशन ले
- 2:20:38लो। तो यही आपको पांच पॉइंट्स कवर करने
- 2:20:39हैं। बैलेंस शुड बी चेक फ्रॉम लेजर
- 2:20:41फाइनेंसियल स्टेटमेंट। ओपनिंग बैलेंस को
- 2:20:43फार और लेजर से देख लेना। एक्विजिशन सेल्फ
- 2:20:46कंस्ट्रक्शन दोनों ऑथोराइज्ड होने चाहिए।
- 2:20:47इसके लिए इनवॉइस इसके लिए बिल एंड आखिरी
- 2:20:49में अगर टाइटल डेट हेड ऑफिस पे पड़ी है तो
- 2:20:51बीइंग द ब्रांच ऑडिटर यू कैन टेक द रिटन
- 2:20:53रिप्रेजेंटेशन। क्लियर क्लियर सर। अब आ
- 2:20:56जाओ नेक्स्ट टॉपिक पे। इंटर ऑफिस ब्रांच
- 2:20:59अकाउंट। सर ये क्या होता है? प्लीज फोकस
- 2:21:01ऑन द बोर्ड। मान लो दो ब्रांच हैं। ब्रांच
- 2:21:04एक्स और ब्रांच y। ठीक है सर। ब्रांच x ने
- 2:21:08क्या किया? डिमांड ड्राफ्ट इशू किया इन द
- 2:21:10नेम ऑफ ब्रांच y। तो जब ब्रांच एक्स ने
- 2:21:12डिमांड ड्राफ्ट इशू किया तो पैसे लिए। ठीक
- 2:21:14है? और क्रेडिट किसको किया? ब्रांच y को।
- 2:21:16जब ब्रांच y ने पेमेंट करी उस डिमांड
- 2:21:18ड्राफ्ट की तो बैंक क्रेडिट किया। डेबिट
- 2:21:20किसको किया? ब्रांच एक्स को। तो ब्रांच
- 2:21:23एक्स के लिए ब्रांच व क्रेडिटर है। और
- 2:21:25ब्रांच y के लिए ब्रांच एक्स डेटर है। अब
- 2:21:28ये जो टाइम पास हो रहा है क्रेडिट और
- 2:21:30डेबिट का इसको सेट ऑफ कौन करेगा? हेड ऑफिस
- 2:21:32इसको सेट ऑफ करके चलता है। इसी को क्या
- 2:21:35कहते हैं सर? इसी को कहते हैं इंटर ब्रांच
- 2:21:37अकाउंट। वाओ व्हाट अ कांसेप्ट सर। तो हमको
- 2:21:40बस ये देखना है कि इंटर ब्रांच अकाउंट्स
- 2:21:42आर रिकंसाइल्ड एट हेड ऑफिस लेवल। ठीक है?
- 2:21:45फिर ये भी देख लो कौन से दिन तक सारे के
- 2:21:48सारे ब्रांच अकाउंट्स रिकंसाइल हो चुके
- 2:21:50हैं। और अगर रिकंसाइल नहीं हुए तो कुछ
- 2:21:52आउटस्टैंडिंग एंट्रीज होंगी। नंबर एंड
- 2:21:54अमाउंट ऑफ आउटस्टैंडिंग एंट्रीज। एंड अगर
- 2:21:56कोई भी डिस्क्रिपेंसीज़ हैं, दीज़ आर
- 2:21:58प्रॉपर्ली डेल्ट इन द बुक्स। तो, ये चार
- 2:22:00पॉइंट्स बस समझ के चलना। रिकंसिलेशन एट
- 2:22:02हेड ऑफिस लेवल, डेट अप टू व्हिच इट इज़ इफ
- 2:22:04इट इज़ नॉट डन सी आउटस्टैंडिंग एंट्रीज एंड
- 2:22:06डिस्क्रिपेंसी शुड बी प्रॉपर्ली डेल्ट इन
- 2:22:07द बुक्स। प्रिमाइससेस भी हो गया। इंटर
- 2:22:11ऑफिस अकाउंट्स या ब्रांच अकाउंट्स भी हो
- 2:22:13गया। अब सर इंटरेस्ट अक्रूड की बात करते
- 2:22:15हैं। आपने बस ये देखना है कि जो भी
- 2:22:17इंटरेस्ट है सब लोंस एंड एडवांसेस पे
- 2:22:19अक्रू होते रहना चाहिए। ठीक है? स्पेशल
- 2:22:21फोकस किस पे देना है? टू द बिल
- 2:22:23डिस्काउंटेड। सर इसमें क्या होता था? अगर
- 2:22:25ये ईयर एंड पे आउटस्टैंडिंग होता था। तो
- 2:22:27कुछ इंटरेस्ट करंट ईयर से रिलेट करता था।
- 2:22:30कुछ नेक्स्ट फाइनेंसियल ईयर से रिलेट करता
- 2:22:32था। हां। हां तो ये आपने बस बात ध्यान
- 2:22:34रखनी है। ओनली द इंटरेस्ट दैट कैन बी
- 2:22:37रियलाइज्ड। इसी को आप एएस9 में रेवेन्यू
- 2:22:39रिकॉग्नाइज करोगे। जो रियलाइज नहीं हो
- 2:22:40सकता उस पे इंटरेस्ट अक्रू मत करना। मतलब
- 2:22:42मेरा आप सबसे सवाल क्या एनपीए पे आप
- 2:22:45इंटरेस्ट अक्रू करोगे? नहीं सर ये बेसिक
- 2:22:47सी बात बस समझनी है। अब आ जाओ नेक्स्ट
- 2:22:50पॉइंट पे। टैक्स पेड इन एडवांस या टीडीएस?
- 2:22:52ये तो आपको आता ही है। तो जो भी टीडीएस है
- 2:22:55उसके लिए 26 एएस के सर्टिफिकेट देख लेना।
- 2:22:57इनकम टैक्स के रिटर्न देख लेना। बस इतनी
- 2:22:58सी बात आपने समझनी है। ठीक है? फिर कहता
- 2:23:00है जो आपने टीडीएस कलेक्ट किया वो आपका
- 2:23:03एसेट है भाई। अब मेरे हिसाब से तो वो
- 2:23:05लायबिलिटी होना चाहिए। तो ये जो पॉइंट
- 2:23:07आईसीआई ने लिख रखा है मेरे हिसाब से गलत
- 2:23:08है। ठीक है सर। इसके बाद आता है स्टेशनरी
- 2:23:12एंड स्टेम्स। इसमें बस छोटी सी बात ध्यान
- 2:23:14रखनी है फोकस करना बोर्ड पे। जो भी
- 2:23:16स्टेशनरी एंड स्टेम्स है ये रोजमर्रा का
- 2:23:18खर्चा होता है। हां सर एवरीडे एक्सपेंस है
- 2:23:20तो इट शुड बी चार्ज टू पीएनएल। अब सर कई
- 2:23:22लोग स्टेशनरी चुरा लेते हैं। तो उसके लिए
- 2:23:24इंटरनल कंट्रोल्स देख लेना। फिजिकल
- 2:23:25वेरिफिकेशन प्रॉपर्ली होनी चाहिए। अब
- 2:23:27एमसीक्यू पॉइंट ऑफ व्यू से बस एक बात
- 2:23:29ध्यान रखना कि जो एक्सेप्शनल आइटम्स हैं
- 2:23:31लाइक बल्क परचेस ऑफ सिक्योरिटी पेपर इनको
- 2:23:33आप ओवर अ पीरियड ऑफ टाइम राइट ऑफ करोगे
- 2:23:35जैसे-जैसे आप इसको कंज्यूम करते जा रहे
- 2:23:37हो। ठीक है? बस इतनी सी बात आपने यहां पे
- 2:23:39समझ के चलनी है और आगे बढ़ जाना है। अब आ
- 2:23:41जाओ सर इंपॉर्टेंट टॉपिक डिस्कस कर लेते
- 2:23:43हैं। ठीक है? ये टॉपिक इन लोगों ने वैसे
- 2:23:46मे 25 में अभी रिसेंटली पूछा भी है। तो
- 2:23:48अगेन इसको अच्छे से समझ के चलो। फ्लो
- 2:23:50समझना कैसे डील करना है। बोर्ड पे फोकस
- 2:23:52करेंगे एवरीवन? यस सर।
- 2:23:54अगला टॉपिक कहता है नॉन बैंकिंग एसेट्स
- 2:23:57एक्वायर्ड इन सेटिस्फेक्शन ऑफ क्लेम।
- 2:24:00आगे बढ़ने से पहले पानी के दो-दो घूंट लगा
- 2:24:02लो।
- 2:24:12बहुत बढ़िया। अब सर अगेन प्लीज बोर्ड पे
- 2:24:14फोकस करना। जिस फील्ड और फ्लो के साथ ले
- 2:24:16जा रहा हूं साथ-साथ चलते चलो। सबसे पहले
- 2:24:19इसका मीनिंग आएगा। नॉन बैंकिंग एसेट्स
- 2:24:21एक्वायर्ड इन सेटिस्फेक्शन ऑफ क्लेम का
- 2:24:23मतलब क्या है? इधर देखो
- 2:24:27मान लो एक बोरोअर है और मैं कौन हूं आप
- 2:24:29शुभम सर हो नहीं मैं बैंक हूं ठीक है मेरा
- 2:24:32नाम है बैंक मैं हूं बैंक एक है बोरोअर अब
- 2:24:35सर एक बोरोअर जो है वो मेरे से पैसे ले
- 2:24:38गया ठीक है एडवांस दिया मैंने उसको बदले
- 2:24:41में उसने मुझे दी थी एक बड़ी सी बिल्डिंग
- 2:24:43वाओ सर मजा आ गया सर अब बोरोअर वापस आया
- 2:24:46ही नहीं मैं वेट करता रह गया बोरोअर कब
- 2:24:49आएगा कब आएगा कब आएगा बोरोअर आया ही नहीं
- 2:24:53अब सर बोरोअर का अकाउंट एनपीए बन गया।
- 2:24:57मैंने एक साल वेट किया। मैंने 2 साल वेट
- 2:25:00किया। मैं थक गया। फिर मैंने सोचा कि जो
- 2:25:03इसने बिल्डिंग रखवाई थी एज अ सिक्योरिटी
- 2:25:05मैं इसको बेच देता हूं। मैं इसको बेच देता
- 2:25:08हूं। तो इसी को क्या कहते हैं? नॉन
- 2:25:11बैंकिंग एसेट्स एक्वायर्ड इन सेटिस्फेक्शन
- 2:25:13ऑफ क्लेम। यानी जो मेरा क्लेम था टू द
- 2:25:15बोरोअर कि ये मेरे पैसे नहीं दे रहा।
- 2:25:17मैंने क्या किया? मैंने इसकी बिल्डिंग उठा
- 2:25:19ली। तो जो मैंने बिल्डिंग उठाई क्या वो
- 2:25:21मेरा एसेट था? नहीं। दैट वाज अ नॉन
- 2:25:23बैंकिंग एसेट। जो मैंने एक्वायर किया टू
- 2:25:26सेटिस्फाई माय क्लेम। तो अब इस बिल्डिंग
- 2:25:28को मेरा काम है बेचूं और अपना पैसा
- 2:25:30रियलाइज करूं। अब इस चीज को ऑडिटर कैसे
- 2:25:32चेक करेगा? सर अगर मैं बिल्डिंग एक्वायर
- 2:25:34करने जाऊंगा तो बोरोअर केस वगैरह फाइल
- 2:25:36करेगा। बोरोअर के साथ डिस्प्यूट होंगे तो
- 2:25:39ऑडिटर क्या कर सकता है? केस के
- 2:25:40डॉक्यूमेंट्स देख सकता है। हां सर। इसी
- 2:25:43तरह से आपने इन चीजों को वेरीफाई करना है।
- 2:25:44एवरीवन प्लीज फोकस। नॉन बैंकिंग एसेट्स
- 2:25:47एक्वायर्ड इन सेटिस्फेक्शन ऑफ क्लेम्स का
- 2:25:48मतलब है इमूवेबल प्रॉपर्टी या टजेबल
- 2:25:51एसेट्स व्हिच आर एक्वायर्ड टू सेटिस्फाई द
- 2:25:53डे्स ड्यू विद द इंटेंशन टू डिस्पोज ऑफ
- 2:25:55मैं इनको मार्केट में बेच दूंगा इसके लिए
- 2:25:57मैं क्या डॉक्यूमेंट्स वेरीफाई करूं कोर्ट
- 2:25:59का ऑर्डर अगर आर्बिट्रेशन हुआ है तो उसका
- 2:26:01क्या अवार्ड है इससे पता चलेगा कि जो
- 2:26:03ओनरशिप है क्या वो बैंक के पास है या फिर
- 2:26:05इस पे डिस्प्यूट चल रहा है और अगर
- 2:26:07डिस्प्यूट चल रहा है तो हो सकता है इसको
- 2:26:08कुछ पेनल्टी वगैरह पे करनी पड़े तो उसका
- 2:26:10प्रोविजन बनना चाहिए एज़ पर एएस 29 एएस 29
- 2:26:13से क्या राइम होता है सेक्शन नाइन अब
- 2:26:15सेक्शन नाइन कहता है इस तरह की प्रॉपर्टी
- 2:26:17को आप होल्ड नहीं कर सकते फॉर मोर देन से
- 2:26:19ईयर फ्रॉम द डेट ऑफ एक्स एक्विजिशन
- 2:26:22एक्सेप्ट फॉर ओन यूज़। खुद यूज़ करना है तो
- 2:26:24कर लो। बट अगर आपका बेचने का इंटेंशन है
- 2:26:26तो 7 साल के अंदर-अंदर बेच दो। उससे
- 2:26:28ज्यादा आप इसको होल्ड नहीं कर सकते। एंड
- 2:26:30लास्ट में हम बात करेंगे वैल्यू्यूएशन की।
- 2:26:32वैल्यू्यूएशन शुड बी डन एट द लोअर ऑफ।
- 2:26:34लोअर ऑफ़ नेट बुक वैल्यू ऑफ़ एडवांस। नेट
- 2:26:37बुक वैल्यू यानी एडवांस माइनस प्रोविज़ और
- 2:26:39एनआरवी ऑफ़ द एसेट। एनआरवी का मतलब है जो
- 2:26:42भी मार्केट वैल्यू है उस पे आपने इसको
- 2:26:43वैल्यू करना है। सो नेट बुक वैल्यू ऑफ़
- 2:26:45एडवांस और एनआरवी ऑफ़ एसेट व्हिच एवर इज़
- 2:26:47लोअर। लास्ट बार मीनिंग डॉक्यूमेंट्स
- 2:26:50वेरीफाई करेंगे टू चेक द ओनरशिप। अगर
- 2:26:52ओनरशिप बैंक के पास नहीं है तो चेक द
- 2:26:53प्रोविज़न एज़ पर एएस 29। एएस 29 का राइमिंग
- 2:26:56सेक्शन नाइन और आखिरी में वैल्यू्यूएशन।
- 2:27:00डन डना डन डन डन डारा। ईजी था यह टॉपिक।
- 2:27:04फ्लो समझ में आ गया? हां सर। वेरी गुड।
- 2:27:07सबसे अच्छे बच्चे किसके पास? शुभम सर के
- 2:27:09पास। तो पहले मीनिंग फिर डॉक्यूमेंट्स फिर
- 2:27:11ओनरशिप फिर सेक्शन नाइन एएस 29 के बाद
- 2:27:14सेक्शन नाइन एंड लोअर ऑफ एनबीवी ऑफ द
- 2:27:16एडवांस और एनआरवी ऑफ द एसेट नमस्ते
- 2:27:21अब सर इसके बाद ये क्या दे रखा है सर ये
- 2:27:24ये सारा का सारा भैया रीड करके चलो दो-दो
- 2:27:26पॉइंट है तीन-तीन पॉइंट एक हाय इसमें पांच
- 2:27:28नंबर का क्वेश्चन बनेगा ठीक है तो अगेन
- 2:27:30जस्ट फॉर मजे-मजे पर्पस सेफ्टी पर्पस इसको
- 2:27:32रीड करके चलते हैं नॉन इंटरेस्ट बियरिंग
- 2:27:34स्टाफ एडवांस स्टाफ एडवांस का मतलब आपको
- 2:27:36पता होगा एंप्लाइजज़ को दिया जाता है तो जो
- 2:27:38भी एंप्लॉयज़ को एडवांस दिया उसकी
- 2:27:39डॉक्यूमेंटेशन देख लो, बैंक की पॉलिसी देख
- 2:27:41लो। उसके लिए जो सिक्योरिटी मिली है वो आप
- 2:27:42देख लेना। बस यह देख लेना ये जो भी
- 2:27:44एंप्लाइजज़ हैं बैंक के पेरोल पे होने
- 2:27:46चाहिए। फिर कई बार आप लोन दे सकते हो टू द
- 2:27:48सीनियर ऑफिशियल्स और उनके रिलेटिव्स। तो
- 2:27:50जब भी आप किसी ऑफिशियल को लोन दोगे तो
- 2:27:52उससे जो ऊपर अथॉरिटी है उसका सेंक्शन ले
- 2:27:54लेना। अब अगर आपने कोई सीनियर ऑफिसर को
- 2:27:56लोन दिया है। ठीक है? या उसके ऊपर किसी
- 2:27:58ऑफिसर को कोई लोन दिया है। इस तरह की जो
- 2:27:59अमाउंट्स है वो बोर्ड ऑफ डायरेक्टर को आप
- 2:28:01रिपोर्ट करोगे। कई बार आप सिक्योरिटी
- 2:28:03डिपॉजिट रखवाते हो किसके साथ? टेलीफोन
- 2:28:05कंपनी, इलेक्ट्रिसिटी कंपनी या फिर आपने
- 2:28:07कोई जगह रेंट पे ली है तो उसके जो भी
- 2:28:09डॉक्यूमेंट्स हैं, रेंट एग्रीमेंट है वो
- 2:28:10देख लेना। बस देख लेना डिपॉजिट ड्यू ना
- 2:28:12हो। अगर ड्यू है तो देख लेना रिकवरेबल है।
- 2:28:15अगर रिकवरेबल नहीं तो प्रॉपर प्रोविजन
- 2:28:16बनना चाहिए। वेरी ईजी। फिर कुछ पैसा
- 2:28:19सस्पेंस अकाउंट में पड़ा होना चाहिए। पड़ा
- 2:28:21होना नहीं चाहिए। हो सकता है पड़ा हो। तो
- 2:28:23अगर कोई ओल्ड आउटस्टैंडिंग एंट्रीज है तो
- 2:28:24देख लेना क्या रीज़न है। क्यों है सस्पेंस
- 2:28:26अकाउंट में। ठीक है? अगर कोई डेबिट बैलेंस
- 2:28:28आ रहा है तो हो सकता है उसका राइट ऑफ वाइट
- 2:28:29ऑफ मारना पड़े। तो देख लेना दैट इज़ रिटर्न
- 2:28:31ऑफ। फिर आते हैं सर प्रीपेड एक्सपेंस।
- 2:28:33पैसा तो आज पे किया है बट इसका बेनिफिट
- 2:28:35आपको अगले फाइनेंसियल ईयर में मिलेगा। तो
- 2:28:36जो भी आपने एलोकेशन कर रखी है टू डिफरेंट
- 2:28:38पीरियड्स दैट शुड बी रीज़नेबल। फिर सर कहता
- 2:28:41है जो भी आपके एलोकेशन है ऑफ डिस्काउंटिंग
- 2:28:43चार्जेस दैट शुड बी डन टू डिफरेंट
- 2:28:45अकाउंटिंग पीरियड एज़ पर अकाउंटिंग पॉलिसी।
- 2:28:47फॉर एग्जांपल मैं एक बैंक हूं। मैंने
- 2:28:49डिस्काउंटिंग चार्ज पे किया 15 मार्च को।
- 2:28:51द बिल इज़ ड्यू आफ्टर 1 मंथ। ठीक है? अगर 1
- 2:28:54महीने बाद बिल ड्यू है तो आधा पैसा तो इस
- 2:28:57फाइनेंसियल ईयर को रिलेट करता है। आधा
- 2:28:58अगले फाइनेंसियल ईयर को। तो जो ₹100 आपने
- 2:29:00पे किए हैं, ₹50 इस फ़ाइनेंसियल ईयर को
- 2:29:02रिलेट करेंगे। 50 नेक्स्ट फाइनेंसियल ईयर
- 2:29:04को। क्योंकि 50% पीरियड इस फाइनेंसियल ईयर
- 2:29:07में 50% अगले फाइनेंसियल ईयर में। ठीक है
- 2:29:10सर? ये बस समझाने के लिए था। आगे बढ़ते
- 2:29:13चलना। मिसलेनियस डेबिट बैलेंस विद द
- 2:29:15गवर्नमेंट अकाउंट। अगर आपका गवर्नमेंट
- 2:29:16अकाउंट से कोई रिसीवेबल है, तो उसका आपने
- 2:29:18एजिंग देखना है। ठीक है? उससे पता चलेगा
- 2:29:20पैसा रिकवरेबल होगा कि नहीं। फिर उसके बाद
- 2:29:23देखना कि जो भी क्लेम्स हैं क्या आपने डाल
- 2:29:25रखे हैं बैंक से पैसा सॉरी गवर्नमेंट से
- 2:29:28पैसा रिकवर करने के लिए। अगर लगता है
- 2:29:30पिछले साल की फिगर से बहुत ज्यादा वेरियंस
- 2:29:32है तो उसके रीज़न आपने रिव्यू करके चलने
- 2:29:34हैं। तो जैसा मैंने बताया था इन टॉपिक्स
- 2:29:35में कुछ खास दम नहीं है। बस एक बार रीड
- 2:29:37रिव्य्यू करके चलना। फिर आता है सर
- 2:29:40वेरिफिकेशन ऑफ कैपिटल। अगेन यहां पे भी
- 2:29:42कोई खास प्रैक्टिकिटीज़ नहीं है।
- 2:29:44बेसिक-बेसिक थ्योरी दे रखी है। रीड करके
- 2:29:46चलो। कैपिटल एडिक्वसी रेशियो आपको पता है।
- 2:29:48कैपिटल फंड्स डिवाइडेड बाय रिस्क वेटेड
- 2:29:49एसेट्स * 100 इंक्लूडिंग द ऑफ बैलेंस शीट
- 2:29:52आइटम। मिनिमम 9% सीआरआर होना चाहिए।
- 2:29:54एमसीक्यू पॉइंट ऑफ व्यू से ध्यान रखना। अब
- 2:29:56बैंक के पास इतनी कैपिटल होनी चाहिए कि कल
- 2:29:58को मान लो डिफॉल्ट्स भी हो जाए लोोंस पे
- 2:30:00तो भी वो बोरोअर्स को पैसा दे पाए या फिर
- 2:30:03अपने डिपॉजिट होल्डर्स को पैसा दे पाए।
- 2:30:05ठीक है सर। फिर उसके बाद क्या कहते हैं?
- 2:30:08बेसिल थ्री के नॉर्म्स कहते हैं प्रॉपर
- 2:30:09कैपिटल एडिक्वसी होना चाहिए ताकि इससे जो
- 2:30:12भी शॉक्स होते हैं इकॉनमी में वो अब्सॉर्ब
- 2:30:14कर पाए। प्रॉपर रिस्क मैनेजमेंट हो,
- 2:30:15प्रॉपर ट्रांसपेरेंसी हो और डिस्क्लोज़र
- 2:30:17हो। जो भी कैपिटल वगैरह है वो आप
- 2:30:19डिस्क्लोज़ करके चलो। प्रॉपर कैपिटल है या
- 2:30:21नहीं। ठीक है? तो अगेन बहुत ही बेसिक
- 2:30:23थ्योरिटिकल बातें हैं। बस रीड करके चलो।
- 2:30:25अब आ जाओ भैया नेक्स्ट टॉपिक पे। दैट इज़
- 2:30:27वेरिफिकेशन ऑफ लायबिलिटी। बस अब ये चैप्टर
- 2:30:30अपनी आखिरी सांसे ले रहा है। मुझे नहीं
- 2:30:32लगता अब यहां पे कुछ खास कॉम्प्लेक्सिटी
- 2:30:34मिलेंगी। फटाफट आपका रिवीजन कंप्लीट हो
- 2:30:36जाएगा। तो यहां पे अगर आप चाहते हो तो
- 2:30:38भैया एक बढ़िया 15 मिनट का ब्रेक ले लो।
- 2:30:40मुझे ऐसा लगता है एक प्रॉपर आप 15-20
- 2:30:42मिनट्स का ब्रेक ले सकते हो। वीडियो को
- 2:30:43पॉज कर लो। एंड नाउ कंटिन्यू विद द
- 2:30:45लायबिलिटीज़ वाला पार्ट। चलो अब आ जाओ भैया
- 2:30:48मेरे साथ वेरिफिकेशन ऑफ लायबिलिटीज़ के
- 2:30:51साथ। सबसे बड़ी लायबिलिटी एक बैंक के लिए
- 2:30:53क्या होती है सर? वो होती है डिपॉजिट्स।
- 2:30:55ठीक है? जो भी बैंक आपसे डिपॉजिट्स लेता
- 2:30:56है सेविंग अकाउंट, करंट अकाउंट, फिक्स्ड
- 2:30:58डिपॉजिट वो बैंक के लिए सबसे बड़ी
- 2:31:00लायबिलिटी होती है। तो सबसे पहले अपन कवर
- 2:31:02करेंगे करंट एंड सेविंग अकाउंट।
- 2:31:04सर, एमटीपी नवंबर 24। एमटीपी नवंबर 24 का
- 2:31:08डायरेक्ट क्वेश्चन है। आ जाओ साथ में कवर
- 2:31:10करते हैं। करंट अकाउंट और सेविंग अकाउंट
- 2:31:12में क्या-क्या आएगा।
- 2:31:14सबसे पहले अगर मैं बात करूं करंट अकाउंट
- 2:31:16और सेविंग अकाउंट यहां पे आपने वेरीफाई
- 2:31:18करना है सैंपल बेसिस पे। सर सैंपल बेसिस
- 2:31:20पे क्या वेरीफाई करना है? सबसे पहले जो भी
- 2:31:22अकाउंट ड्यूरिंग द ईयर ओपन हुए उसमें चेक
- 2:31:25करो वेदर दे हैव कंपल्ड विद केवाईसी
- 2:31:27नॉर्म। तो ये चीज तो आपने देखी होगी जब भी
- 2:31:29हम अकाउंट ओपन कराते हैं तो वो अपना
- 2:31:30अंगूठा लगवाते है। हां सर। उससे हमारा वो
- 2:31:32जो भी आधार से डिटेल्स वगैरह होती है उनको
- 2:31:35मिल जाता है। तो इसको कहते हैं केवाईसी।
- 2:31:36केवाईसी यानी नो योर कस्टमर। यह इंश्योर
- 2:31:39करने के लिए जो भी बंदा अकाउंट ओपन कर रहा
- 2:31:41है वो जेन्युइन इंसान है। ठीक है? कहीं
- 2:31:43यहां पे कोई मनी लॉन्ड्रिंग एक्टिविटीज या
- 2:31:45हैंकीप बैंक की एक्टिविटीज नहीं हो रही।
- 2:31:46तो केवाईसी कराना जरूरी है। तो जितने भी
- 2:31:49अकाउंट्स ओपन हुए हैं ड्यूरिंग द ईयर उनके
- 2:31:50केवाईसी नॉर्म्स के साथ कंप्लायंस आप चेक
- 2:31:52करो। अब इसमें एक छोटी सी बात याद रखना जो
- 2:31:54सेविंग अकाउंट है वो इंडिविजुअल्स एचयूएफ
- 2:31:56ये सब लोग खुलवाते हैं। और जो करंट अकाउंट
- 2:31:58है ये बिजनेस एंटिटीज खुलवाती है फॉर
- 2:32:00बिजनेस ट्रांजैक्शन। ठीक है सर। अब जब
- 2:32:02अकाउंट ओपन हो गए उसके बाद हम क्या चेक
- 2:32:04करेंगे? नॉर्मल चीज बैलेंस इन द
- 2:32:06इंडिविजुअल अकाउंट। जो भी इंडिविजुअल
- 2:32:08अकाउंट है उसके बैलेंससेस को आप सैंपल
- 2:32:10बेसिस पे चेक कर सकते हो। अब सर सेविंग
- 2:32:12अकाउंट है उस पे इंटरेस्ट मिलता है। तो
- 2:32:14इंटरेस्ट की कैलकुलेशन देख लेना प्रॉपर्ली
- 2:32:16हुई है। एक बात ध्यान रखना जितने भी करंट
- 2:32:18अकाउंट है उस पे कोई भी इंटरेस्ट नहीं
- 2:32:20मिलेगा। एंड आखिरी में आता है बैलेंस
- 2:32:22कंफर्मेशन। बैंक्स का इंटरनल प्रोसीजर
- 2:32:25होता है कि जितने भी बड़े-बड़े अकाउंट्स
- 2:32:26हैं उनके लिए वो बैलेंस कंफर्मेशन वगैरह
- 2:32:28ले लेते हैं। तो जो भी बैलेंस कंफर्मेशन
- 2:32:30बैंक्स को मिली है एस पर देर इंटरनल
- 2:32:31प्रोसीजर उनको भी आप सैंपल बेसिस पे देख
- 2:32:33सकते हो। तो एक बार आ जाओ वापस समझते हैं।
- 2:32:36अकाउंट्स ओपन ड्यूरिंग द ईयर। उसके बाद उन
- 2:32:38अकाउंट्स के बैलेंसेस, उस पे इंटरेस्ट और
- 2:32:40बैलेंस कंफर्मेशन ये सब आप सैंपल बेसिस पे
- 2:32:42देखोगे। अब एक बात समझना। अगर किसी करंट
- 2:32:46अकाउंट में डेबिट बैलेंस आ रहा है। डेबिट
- 2:32:48बैलेंस यानी बैंक का एसेट है। अगर यह बैंक
- 2:32:50का एसेट है तो क्या इसको एसेट साइड पे
- 2:32:53दिखाना चाहिए या लायबिलिटी साइड पे? सर
- 2:32:55इसको एसेट साइड पे दिखाएंगे। तो ध्यान
- 2:32:57रखना अगर डेबिट बैलेंस आ रहा है मतलब दिस
- 2:32:58इज़ अ ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी। बैंक ने सामने
- 2:33:00वाले को पैसा दे रखा है। तो ये आपके
- 2:33:02एडवांसेस का पार्ट बनेगा। इट विल नॉट बी
- 2:33:05नेट ऑफ फ्रॉम द लायबिलिटी। आप इसको
- 2:33:06लायबिलिटी से नेट ऑफ नहीं करोगे। ठीक है
- 2:33:08सर। इसके अलावा एक और कांसेप्ट आता है
- 2:33:11इनऑपरेटिव अकाउंट। इनऑपरेटिव नाम से ही
- 2:33:13पता चल रहा है। इस अकाउंट में कोई भी
- 2:33:14ऑपरेशन नहीं हो रहे। कोई क्रेडिट कोई
- 2:33:16डेबिट नहीं हो रहे। अगर किसी अकाउंट में
- 2:33:18कोई भी ट्रांजैक्शन नहीं है फॉर अ पीरियड
- 2:33:20ऑफ़ 2 ईयर। 2 साल तक अगर कोई भी
- 2:33:22ट्रांजैक्शन नहीं है तो उसको इनऑपरेटिव
- 2:33:23अकाउंट बोल दिया जाता है। अब सर अगर आपको
- 2:33:25इस अकाउंट को बंद कराना है या इसमें से
- 2:33:27पैसा विथड्रॉ करना है। ठीक है? अगर आपको
- 2:33:29इस अकाउंट को रिन्यू करना है या इसमें से
- 2:33:30पैसा विथड्रॉ करना है। इसके अंदर हायर
- 2:33:32अथॉरिटी की सेंक्शन लगेगी। तो ये कहता है
- 2:33:35जब भी इस अकाउंट का रिवाइवल होता है या
- 2:33:36क्लोज़र होता है। इसको आप सैंपल बेसिस पे
- 2:33:38देखो। दैट शुड बी ऑथराइज्ड। ये कहीं ना
- 2:33:40कहीं ऑथोराइज्ड होना चाहिए। तो एक बार आ
- 2:33:43जाओ फटाफट बुक से गो थ्रू करते हैं।
- 2:33:44क्या-क्या पॉइंट्स लिखे हैं? मजा आ जाएगा।
- 2:33:47सबसे पहला हमारा पॉइंट क्या था? अकाउंट्स
- 2:33:49व्हिच हैव ओपन ड्यूरिंग द ईयर। वेरीफाई ऑन
- 2:33:51सैंपल बेसिस द करंट एंड सेविंग अकाउंट ओपन
- 2:33:53ड्यूरिंग द ईयर। क्या वो केवाईसी नॉर्म से
- 2:33:55कंप्लाई कर रहे हैं? उसके बाद आप इनके
- 2:33:57बैलेंससेस चेक करोगे सैंपल बेसिस पे।
- 2:33:59वेरीफाई द बैलेंससेस ऑफ दिस अकाउंट्स ऑन
- 2:34:02सैंपल बेसिस। अब इन अकाउंट्स पे क्या
- 2:34:04मिलेगा? इंटरेस्ट। सो चेक द इंटरेस्ट
- 2:34:06कैलकुलेशन ऑन टेस्ट चेक बेसिस। करंट
- 2:34:08अकाउंट पे कोई इंटरेस्ट नहीं मिलेगा। देन
- 2:34:10सर बैंक का अपना एक प्रोसीजर होता है
- 2:34:11बैलेंस कंफर्मेशन लेने का। उसको भी आप
- 2:34:13सैंपल बेसिस पर चेक करके चल सकते हो। अब
- 2:34:15ध्यान रखना किसी करंट अकाउंट में अगर
- 2:34:17डेबिट बैलेंस आ रहा है तो उसको आप
- 2:34:18लायबिलिटी साइड पे नेट ऑफ नहीं करोगे। हम
- 2:34:20उसको एडवांसेस में दिखाएंगे एज अ एसेट।
- 2:34:23फिर लास्ट में आता है कॉनंसेप्ट ऑफ
- 2:34:24इनऑपरेटिव अकाउंट। एमसीक्यू पॉइंट ऑफ व्यू
- 2:34:26से इसको प्लीज ध्यान रखना। ये एक हाई
- 2:34:28रिस्क एरिया होता है ऑफ फ्रॉड्स। एस पर
- 2:34:31आरबीआई अगर कोई भी ट्रांजैक्शन नहीं है
- 2:34:33फॉर अ पीरियड ऑफ़ टू इयर्स तो उसको
- 2:34:34इनऑपरेटिव अकाउंट्स माना जाएगा। या आप
- 2:34:36इसको डोरमेंट भी बोल सकते हो। हम इनको
- 2:34:39सैंपल बेसिस पे चेक करेंगे। कौन-कौन से
- 2:34:40अकाउंट्स रिवाइव और क्लोज हुए हैं। याद
- 2:34:42रहे रिवाइवल तभी होगा, क्लोज तभी होगा जब
- 2:34:44प्रॉपर अथॉरिटी का सेंक्शन होगा। तो ये एक
- 2:34:46शॉर्ट समरी आ जाती है। अकाउंट्स ओपन,
- 2:34:48बैलेंससेस, इंटरेस्ट, कन्फर्मेशन, डेबिट
- 2:34:50बैलेंस शोड एज अ एडवांस एंड इनऑपरेटिव
- 2:34:53अकाउंट जो 2 साल तक कोई ट्रांजैक्शन नहीं
- 2:34:55है। अब सर ये क्या केस स्टडी दे रखी है? आ
- 2:34:57जाओ मैं आपको ये भी पूरा कांसेप्ट समझाता
- 2:34:59हूं। देखो क्या हो रहा है। मेरे साथ आओ
- 2:35:02मेरे दोस्तों, तुमको केस स्टडी पढ़ाएं।" ट
- 2:35:06ट ट ट सर एक है हमारे पास बैंक एक है
- 2:35:09हमारे पास अकाउंट होल्डर इस अकाउंट होल्डर
- 2:35:11की जो सेंक्शन लिमिट है वो है ₹5 करोड़
- 2:35:14यानी यह ₹5 करोड़ तक बैंक से पैसा विड्रॉ
- 2:35:16कर सकता है अब सर पूरे साल पूरा साल बीत
- 2:35:20गया इसने कोई भी पैसा विथड्रॉ नहीं किया
- 2:35:23बट पता नहीं इसको साल के एंड में कैसे याद
- 2:35:25आया कि मुझे पैसा विथड्रॉ करना है तो बैंक
- 2:35:27से एडवांस लेता है 4.98 करोड़ 5 करोड़ की
- 2:35:30फैसिलिटी थी ऑलमोस्ट इसने पूरी फैसिलिटी
- 2:35:33यूज़ कर ली अब अगले ही दिन जाता है और
- 2:35:36बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट करा देता है
- 2:35:374.98 करोड़ का। एक दिन लोन लेता है, अगले
- 2:35:41दिन डिपॉजिट कराता है। सर ये चल क्या रहा
- 2:35:43है? सर ये चल क्या रहा है? मैंने कहा कुछ
- 2:35:46नहीं है। बैंक अपनी बैलेंस शीट को इनफ्लेट
- 2:35:48करना चाहता है। कहीं ना कहीं इससे बैंक के
- 2:35:50एडवांसेस बढ़ेंगे, डिपॉजिट बढ़ेंगे। दे आर
- 2:35:53जस्ट आर्टिफिशियली बूस्टिंग और इनफ्लेटिंग
- 2:35:55द बैलेंस शीट जिसको आप बोल सकते हो विंडो
- 2:35:57ड्रेसिंग। अब ऑडिटर क्या करेगा? देखेगा इस
- 2:35:59केस में कोई पीनल एक्शन की रिक्वायरमेंट
- 2:36:01है। एज़ पर बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949।
- 2:36:03दूसरी चीज इसके बारे में ऑडिट रिपोर्ट में
- 2:36:05रिपोर्ट करेगा। प्लस एक और रिपोर्ट की हम
- 2:36:06बार-बार बात करते हैं। एलएफएआर लॉन्ग
- 2:36:09फॉर्म ऑडिट रिपोर्ट वहां पे ही इसके बारे
- 2:36:11में रिपोर्ट करेगा। इसकी हमने लास्ट में
- 2:36:12बात कब की थी? जब मैंने कहा था सेंट्रल
- 2:36:14गवर्नमेंट की गारंटी लॉन्ग टाइम से बैंक
- 2:36:16इनवोक नहीं कर रहा तो एलएफएआर में रीज़ंस
- 2:36:18रिपोर्ट करते हो। यही एलएफएआर के बारे में
- 2:36:20आपने यहां पे भी लिखना है। ठीक है? तो अगर
- 2:36:22आप अपने क्वेश्चन बैंक पे आते हो। सर कौन
- 2:36:24क्वेश्चन बैंक में कौन सा क्वेश्चन आप
- 2:36:26हमको कराने वाले हो? क्वेश्चन बैंक में आई
- 2:36:28थिंक
- 2:36:30क्वेश्चन नंबर हम
- 2:36:35हम
- 2:36:37दिस क्वेश्चन नंबर 23 एमटीपी नवंबर 22 यही
- 2:36:41सेम टू सेम क्वेश्चन आपके मैंने बुक में
- 2:36:43दे रखा है केस स्टडी फॉर्मेट में यही
- 2:36:45बातें जो अभी डिस्कस करी यही की यही आपने
- 2:36:47यहां पे कवर करके चलनी है। ठीक है? ठीक है
- 2:36:49सर। अब आ जाओ टर्म डिपॉजिट्स की बात करते
- 2:36:51हैं। करंट अकाउंट सेविंग अकाउंट हो गया।
- 2:36:53अब हम फिक्स्ड डिपॉजिट्स की बात करेंगे।
- 2:36:54फिक्स्ड डिपॉजिट्स के केस में क्या है सर?
- 2:36:56एक बार वो भी बता दो। देखो अगेन यहां पर
- 2:36:59आपने सैंपल बेसिस पर कुछ चार बातें चेक
- 2:37:01करनी है। सबसे पहला पॉइंट वही है जो ऊपर
- 2:37:02पढ़ाया था अकाउंट्स ओपन ड्यूरिंग द ईयर।
- 2:37:04ठीक है सर? दूसरी चीज जो ऊपर था रेट ऑफ
- 2:37:07इंटरेस्ट सेविंग अकाउंट में वैसे ही हमारे
- 2:37:08फिक्स्ड डिपॉजिट पे भी रेट ऑफ इंटरेस्ट
- 2:37:10होता है। तो उसकी करेक्टनेस चेक कर लो। और
- 2:37:12ये आपने जो करेक्टनेस है सबकी तो चेक करनी
- 2:37:14है सैंपल बेसिस पे। बट साथ ही साथ आपने
- 2:37:16इसको चेक करना है फॉर बल्क डिपॉजिट। अब सर
- 2:37:19ये बल्क डिपॉजिट कौन से होते हैं? जिनकी
- 2:37:20लिमिट होती है ग्रेटर दैन इक्वल टू 2
- 2:37:22करोड़। जब भी आपने किसी को डिपॉजिट दे रखा
- 2:37:24है सर डिपॉजिट दे नहीं रखा होता है ले रखा
- 2:37:26होता है सॉरी जो भी आपने डिपॉजिट दे रखा
- 2:37:28है फॉर ग्रेटर दैन इक्वल टू 2 करोड़ उसको
- 2:37:30कहते हैं बल्क डिपॉजिट तो उसके केस में भी
- 2:37:31आप इंटरेस्ट चेक करके चलोगे फिर सर अब तीन
- 2:37:35दो चीजें हो गई ओपनिंग एंड रेट ऑफ
- 2:37:38इंटरेस्ट इसके साथ सर अब एक छोटी सी बात
- 2:37:40ध्यान रखना क्लोज़र ओपनिंग के बाद क्लोज़र
- 2:37:42भी है तो आपको ये बात पता होगी कि अगर
- 2:37:45मेरी एफडी मान लो 5 साल की है और 5 साल से
- 2:37:48पहले मैं एफडी को तुड़वा देता हूं तो मुझे
- 2:37:49बैंक को पेनल्टी पे करनी पड़ती है हां सर
- 2:37:52तो आपने ये देखना है कि जो बैंक को
- 2:37:53पेनल्टी पे होती है उसको कहते हैं फोर
- 2:37:54क्लोज़र पेनल्टी। फोर क्लोज़र मतलब पहले ही
- 2:37:56अगर आपने अकाउंट क्लोज करा है तो आपको ये
- 2:37:58पेनल्टी पे करनी पड़ेगी जिसको कहते हैं फोर
- 2:38:00क्लोज़र पेनल्टी। ठीक है सर? दैट विल बी
- 2:38:02डिडक्टेड फ्रॉम द इंटरेस्ट पेएबल। एंड
- 2:38:04लास्ट में ध्यान रखना इसके लिए आप कुछ
- 2:38:06डॉक्यूमेंट्स चेक कर सकते हो। जो भी
- 2:38:07डिपॉजिट की रिसीट्स एंड सर्टिफिकेट्स हैं
- 2:38:09दे शुड बी इशूड इन अ सीरियल मैनर। तो 1 2
- 2:38:123 4 करके जो सीरियल जो भी इनका मैनर रहता
- 2:38:14होगा उस हिसाब से ये डिपॉजिट रिसीट्स एंड
- 2:38:16सर्टिफिकेट होने चाहिए। बस ये अलग से
- 2:38:18पॉइंट है। तो तीन चार पॉइंट्स तो मेरे
- 2:38:19हिसाब से आपके दिमाग में बैठ गए। अकाउंट्स
- 2:38:21ओपन ड्यूरिंग द ईयर इंटरेस्ट दैट शुड बी
- 2:38:23प्रॉपर। तीसरा क्लोज़र के लिए फोर क्लोज़र
- 2:38:25पेनल्टी लगेगी। जिसको जो भी आप इंटरेस्ट
- 2:38:27देने वाले हो उसमें से डिडक्ट कर लेना। जो
- 2:38:29भी पेनल्टी है एंड आखिरी में आपने इसके
- 2:38:30लिए जो भी डिपॉजिट रिसीट्स एंड
- 2:38:32सर्टिफिकेट्स हैं देखने हैं कि जो भी
- 2:38:33सर्टिफिकेट्स हैं सीरियल मैनर में आने
- 2:38:35चाहिए। क्लियर है? क्लियर है सर? एक बार आ
- 2:38:38जाओ। बुक से भी गो थ्रू करा देता हूं।
- 2:38:39वेरीफाई द डिपॉजिट्स ऑन सैंपल बेसिस फॉर द
- 2:38:41अकाउंट्स ओपन ड्यूरिंग द ईयर। फिर उसके
- 2:38:43बाद मैंने आपको बोला था रेट ऑफ इंटरेस्ट
- 2:38:45वगैरह देख लेना। रेट ऑफ इंटरेस्ट ऑन द
- 2:38:46टर्म डिपॉजिट्स ऑन सैंपल बेसिस। यह
- 2:38:48इंटरेस्ट आपने देखना है फॉर बल्क
- 2:38:50डिपॉजिट्स दैट इज 2 करोड़ एंड अबव फॉर
- 2:38:52स्ेड्यूल कमर्शियल बैंक। क्लोज के केस में
- 2:38:55फोर क्लोज़र जो भी पेनल्टी है उसको टेस्ट
- 2:38:57चेक करेंगे। एंड आखिरी में जो भी डिपॉजिट
- 2:38:59रिसीट्स हैं, कैश सर्टिफिकेट्स हैं, ये
- 2:39:00सीरियली रजिस्टर में आपके अकाउंट फॉर होने
- 2:39:02चाहिए। क्या टर्म डिपॉजिट्स पूरा का पूरा
- 2:39:04क्लियर है? यस सर। अब आ जाओ अगले टॉपिक के
- 2:39:06ऊपर चलते हैं। डिपॉजिट्स डेजिग्नेटेड इन द
- 2:39:09फॉरेन करेंसी। यस सर। आ जाओ मेरे साथ। अगर
- 2:39:13मैं बात करूं डिपॉजिट डेजिग्नेटेड इन
- 2:39:15फॉरेन करेंसी। इसका क्या मतलब है? भैया
- 2:39:18डिपॉजिट बैंक के पास है। बट ये किस करेंसी
- 2:39:20में है सर? ये डॉलर्स में है। तो अगर डॉलर
- 2:39:23वाले अकाउंट हैं तो अगेन दो पॉइंट्स तो
- 2:39:25हमारे मिलतेजुलते जान पहचान के मिल गए।
- 2:39:28अकाउंट्स ओपन ड्यूरिंग द ईयर। इनको आप
- 2:39:29सैंपल बेसिस पे चेक कर लो। और एक बात आपने
- 2:39:32देखनी है। इंटरेस्ट जो भी इन पे अक्रू
- 2:39:33होगा दैट विल बी बेस्ड ऑन 360 डेज इन अ
- 2:39:36ईयर। सर, यही चीज़ हम एएफएम में भी करते
- 2:39:39हैं। एएफएम में भी जब आप इंटरेस्ट की
- 2:39:40कैलकुलेशन कर रहे होते हो फॉरेन एक्सचेंज
- 2:39:42वगैरह में, उसमें आप डिनोमिनेटर में जनरली
- 2:39:44360 डेज लेते हो। यस सर। तो यही चीज
- 2:39:46आरबीआई ने यहां पे बोल रखी है। दो चीजें
- 2:39:48हमको एज अ ऑडिटर देखनी है। सर क्या-क्या
- 2:39:50अकाउंट्स ओपन ड्यूरिंग द ईयर एंड इंटरेस्ट
- 2:39:52ऑन 360° बेसिस। अब सर यहां पे स्पेशल बात
- 2:39:54क्या है? ये फॉरेन अकाउंट डिपॉजिट्स हैं।
- 2:39:56फॉरेन करेंसी डिपॉजिट है। तो जब आप अपनी
- 2:39:59बैलेंस शीट बनाओगे वो तो आईएआर में
- 2:40:00बनाओगे। तो आपको फॉरेन करेंसी से आईएआर
- 2:40:03में कन्वर्ज़ करना पड़ेगा। सो दे विल बी
- 2:40:05कन्वर्टेड इन द आईएआर एट द रेट व्हिच इज़
- 2:40:07नोटिफाइड बाय द हेड ऑफिस। होगा आरबीआई
- 2:40:10वाला ही रेट। ठीक है? होगा आरबीआई वाला
- 2:40:12रेट। बट मेरे को एज अकाउंटिंग डिपार्टमेंट
- 2:40:14कौन सा रेट यूज़ करना है? जो मेरा हेड ऑफिस
- 2:40:16मेरे को गाइड करके चलेगा। ठीक है सर। अब
- 2:40:18जब भी आप कन्वर्ज़ करते हो फॉरेन करेंसी से
- 2:40:21आईएआर में तो उससे कुछ इंक्रीज डिक्रीज आ
- 2:40:23सकता है। हां सर। तो जो भी इंक्रीज और
- 2:40:25डिक्रीज आएगा इन द वैल्यू दैट विल बी टेकन
- 2:40:27टू द पीएनएल। उसको आप पीएनएल में कहीं ना
- 2:40:29कहीं लेके जाओगे। क्या ये बात क्लियर है?
- 2:40:31क्लियर है सर? तो चार बातें हो गई।
- 2:40:33अकाउंट्स ओपन ड्यूरिंग द ईयर इंटरेस्ट
- 2:40:34अक्रू ऑन द बेसिस ऑफ़ 360 डेज इन अ ईयर। जब
- 2:40:36मैं डॉलर से रुपए में कन्वर्ट करूंगा, तो
- 2:40:38वो किस रेट में करूंगा जो हेड ऑफिस मेरे
- 2:40:40को बताएगा और उससे जो भी इंक्रीज डिक्रीज
- 2:40:42आएगा मेरी बैलेंस शीट वैल्यू में दैट विल
- 2:40:43बी टेकन टू द पीएनएल। उसको आप पीएनएल में
- 2:40:45लेके चलोगे। यही बातें यहां पे चारप बातें
- 2:40:48यहां पे दे रखी है। अब सर इसके साथ-साथ
- 2:40:50कुछ नोट्स हैं जिनको आपने बस रीड करना है।
- 2:40:52ये कहता है कि भाई जो आपके नॉन रेजिडेंट
- 2:40:54अकाउंट होते हैं ना दो तरह के होते हैं।
- 2:40:55एक होते हैं एनआरई, एक होते हैं एनआरओ।
- 2:40:57एनआरई मतलब नॉन रेजिडेंट एक्सटर्नल
- 2:40:59अकाउंट। एनआरओ यानी नॉन रेजिडेंट ऑर्डिनरी
- 2:41:01अकाउंट। एक्सटर्नल अकाउंट नाम से पता चल
- 2:41:04रहा है कि ये पैसा आपने कहां कमाया है?
- 2:41:06फॉरेन एक्सचेंज में। ठीक है? ये आपने
- 2:41:08फॉरेन एक्सचेंज में इंडिया के बाहर कमाया
- 2:41:10है। जिसको आप इंडिया में लेके आ रहे हो।
- 2:41:12ठीक है सर। नॉन रेजिडेंट ऑर्डिनरी अकाउंट
- 2:41:14क्या होता है? जो पैसा आपने इंडिया में
- 2:41:15कमाया आपकी इंडियन इनकम है बट आप हो बाहर
- 2:41:18वाले आदमी। ठीक है सर। सिंपल सी बात है ये
- 2:41:21आपकी फॉरेन अर्निंग्स के लिए है। ये आपकी
- 2:41:22इंडियन इनकम के लिए है। अब ये कहते हैं इन
- 2:41:24अकाउंट्स को भी आप सैंपल बेसिस पे देखो।
- 2:41:26इसमें क्या क्रेडिट है, क्या डेबिट है और
- 2:41:27क्या वो एस पर आरबीआई गाइडलाइंस है या
- 2:41:29नहीं। ठीक है सर। अब एक बात समझना क्योंकि
- 2:41:31ये पैसा आपने बाहर से कमाया था तो ये
- 2:41:33रीपट्रिएबल है। इसको आप बाहर ले जा सकते
- 2:41:35हो। बल्कि जो आपका एनआरओ अकाउंट है वो
- 2:41:37इंडियन इनकम है। उसको आप रीपेट्रिएट वगैरह
- 2:41:39नहीं कर सकते। दे आर नॉट रीपैट्रिएबल। ठीक
- 2:41:41है सर। फिर एक बात ध्यान रखना जो भी
- 2:41:43इंटरेस्ट अक्रू हो रहा है बट ड्यू नहीं है
- 2:41:45हम उसको डिपॉजिट्स का पार्ट नहीं बनाते सर
- 2:41:47वो किसका पार्ट बनता है देखो है तो वो भी
- 2:41:49आपकी लायबिलिटी इंटरेस्ट अक्रू हो गया बट
- 2:41:51ड्यू नहीं है तो इसका क्या मतलब है वो
- 2:41:52लायबिलिटी नहीं है सर लायबिलिटी है
- 2:41:54डिपॉजिट्स का पार्ट नहीं बनाएंगे हम उसको
- 2:41:56बनाते हैं एज अ पार्ट ऑफ अदर लायबिलिटी
- 2:41:58एंड प्रोविजन एमसीक्यू पॉइंट ऑफ व्यू से
- 2:42:00बेसिक सी बात ध्यान रखना अब आखिरी में बस
- 2:42:02आपने देखना है केवाईसी एंटीमनी लॉन्ड्रिंग
- 2:42:04इन सब चीजों के साथ बैंक अप्लाई करके चल
- 2:42:05रहा है तो ये बात को बस रीड करके चलेंगे
- 2:42:08अब आता है सर बोरोइंग्स अब एकदम मरियल
- 2:42:10मरियल टॉपिक्स हैं सारे बच्चे वोट पे फोकस
- 2:42:12करना। देखो बोरिंग्स के केस में कुछ भी
- 2:42:13खास नहीं है। आपने पैसा किसी थर्ड पार्टी
- 2:42:16से ले रखा है तो कोई कंफर्मेशन होगी। तो
- 2:42:17जो बैंक का इंटरनल कंफर्मेशन प्रोसीजर है
- 2:42:19उसके हिसाब से कंफर्मेशन सर्टिफिकेट देख
- 2:42:21लो। एज अ ऑडिटर भी आप ऐसे 505 लगा के
- 2:42:24एक्सटर्नल कंफर्मेशन ले सकते हो। तो दो तो
- 2:42:25हो गए कंफर्मेशन वाले पॉइंट्स। ठीक है सर।
- 2:42:28फिर बोरोइंग में एक बात ध्यान रखना। देयर
- 2:42:29शुड बी अ प्रॉपर डिस्टिंशन बिटवीन
- 2:42:31रीिडिस्काउंटिंग एंड रिफाइनेंसिंग। जो आप
- 2:42:34रीडिसकाउंटिंग करते हो ना वो बोरोइंग्स का
- 2:42:37पार्ट नहीं बनता। वो आपकी अदर लायबिलिटीज
- 2:42:38का पार्ट बनता है। तो मान लो एक एक बंदा
- 2:42:41आया अपना डेटर आपसे डिस्काउंट करा के चला
- 2:42:43गया। सेम डेटर को आपने किसी और फाइनेंसियल
- 2:42:46इंस्टीट्यूशन से डिस्काउंट करा लिया तो
- 2:42:47उसको कहते हैं रीडिसकाउंटिंग। तो वो भी
- 2:42:49आपकी लायबिलिटी है। बट वो जो
- 2:42:50रीडिसकाउंटिंग है वो इस हेड का पार्ट नहीं
- 2:42:53बनेगा। उसको आपने किसी और हेड का पार्ट
- 2:42:54बनाना है। बट अगर आप रिफाइनेंसिंग करते हो
- 2:42:57रिफाइनेंसिंग का मतलब है आपने किसी बंदे
- 2:43:00को लोन दिया। ठीक है? और आपने खुद भी उस
- 2:43:03लोन को फाइनेंस करने के लिए किसी और से
- 2:43:05लोन लिया। तो जब आप लोन को फाइनेंस करने
- 2:43:08के लिए किसी और इंस्टीट्यूशन से लोन ले
- 2:43:10रहे हो तो दैट इज कॉल्ड रिफाइनेंसिंग। तो
- 2:43:12क्या रिफाइनेंसिंग बोरोइंग का पार्ट
- 2:43:14बनेगा? जी हां, रिफाइनेंसिंग बोरोइंग का
- 2:43:16पार्ट बनता है। एंड आखिरी में कहता है जो
- 2:43:18भी आप बोरोइ कर रहे हो कॉल एंड शॉर्ट
- 2:43:19नोटिस पे दैट शुड बी प्री प्रॉपर्ली
- 2:43:20ऑथोराइज। तो अगर आपने कुछ पैसा उठाया है
- 2:43:23फॉर वन टू 14 डेज। ठीक है? ऐसे केस में
- 2:43:26आपने देखना है इसके लिए प्रॉपर ऑथराइजेशन
- 2:43:28आपने लेनी है। तो चार बातें क्या-क्या हो
- 2:43:29गई? सर सबसे पहले दो कंफर्मेशन वाले
- 2:43:31पॉइंट। जो भी बैंक का कंफर्मेशन
- 2:43:32सर्टिफिकेट है वो देख लो। आप खुद भी
- 2:43:34एक्सटर्नल कंफर्मेशन ले सकते हो। फिर एक
- 2:43:35स्पेशल पॉइंट बताया था रीडिसकाउंटिंग और
- 2:43:37रिफाइनेंसिंग। जो रीडिसकाउंटिंग है वो अदर
- 2:43:40लायबिलिटीज में जाएगा। इसका पार्ट नहीं
- 2:43:41बनेगा। बट जो रिफाइनेंसिंग है जो आपने लोन
- 2:43:43लिया है वो बोरोइंग का पार्ट बनता है। और
- 2:43:45आखिरी में मैंने आपको क्या बताया सर अगर
- 2:43:47आपने छोटी-छोटी बोरोइंग करी है शॉर्ट टर्म
- 2:43:49बोरोइंग करी है एट कॉल एंड शॉर्ट नोटिस
- 2:43:51देन सर दैट शुड बी ऑथराइज्ड। फिर आता है
- 2:43:53सर हमारा बढ़िया कांसेप्ट बिल्स पेएबल।
- 2:43:55एमटीपी अक्टूबर 19 में आया था बहुत जमाने
- 2:43:58पहले लगभग इसको हो गए छ सात साल। ठीक है?
- 2:44:00बट सर ये सारा मामला क्या है? एक बार हमको
- 2:44:03अच्छे से समझा दो तो मजा आ जाएगा। पानी के
- 2:44:05दो-दो घूंट लगाओ एंड गेट रेडी। लास्ट
- 2:44:07लायबिलिटी यह हमारी लास्ट लायबिलिटी है।
- 2:44:09इसके बाद और कोई लायबिलिटी नहीं है। अगर
- 2:44:12आपको ये डायग्राम समझ में आ गया तो फिर ये
- 2:44:14सारी अंग्रेजी की कहानी समझ आ जाएगी।
- 2:44:18चलो।
- 2:44:35यस एवरीवन। आपको मैंने एक कांसेप्ट बताया
- 2:44:38था डिमांड ड्राफ्ट वाला। हां सर। उसी में
- 2:44:41से निकलता है बिल्स पेएबल। मतलब मैं
- 2:44:44[नाक से की जाने वाली आवाज़] कौन हूं?
- 2:44:45एसके। मैंने नोएडा ब्रांच को पैसे दिए और
- 2:44:48इससे डिमांड ड्राफ्ट लिया। ठीक है? अभी
- 2:44:49डिमांड ड्राफ्ट की बात कर रहे हैं।
- 2:44:50टेलीग्राफिक ट्रांसफर को भूल जाओ। मैंने
- 2:44:52इनसे डिमांड ड्राफ्ट लिया। फिर मैंने
- 2:44:54डिमांड ड्राफ्ट किसको दिया? ICI को दिया।
- 2:44:56ICI ने डिमांड ड्राफ्ट दिया। आईटीओ ब्रांच
- 2:44:58को पैसे ले लिए। ठीक है। अब एक बात बताओ
- 2:45:01नोएडा ब्रांच को पैसे मिल गए। हां सर।
- 2:45:04क्या आईटीओ ब्रांच को पैसे मिल गए? मैंने
- 2:45:06कहा नहीं। आईटीओ ब्रांच ने पैसे दिए हैं
- 2:45:09बट इसको मिले नहीं है। तो कौन किसको पैसे
- 2:45:12देगा? सर एक्चुअल में नोएडा ब्रांच का
- 2:45:14बनता है कि वो आईटीओ ब्रांच को पैसे दे।
- 2:45:16तो नोएडा ब्रांच के लिए जो डिमांड ड्राफ्ट
- 2:45:18इशू कर रही है दैट उसके लिए ये बिल्स
- 2:45:21पेएबल हो गया। उसके लिए बिल्स पेएबल हो
- 2:45:23गया। सर बिल्स पेएबल क्यों हो गया?
- 2:45:25क्योंकि भैया नोएडा ब्रांच को पैसे तो मिल
- 2:45:27गए। बदले में इसने पैसे थोड़ी दिए हैं।
- 2:45:29इसने डिमांड ड्राफ्ट दिया है। तो ये जो
- 2:45:31डिमांड ड्राफ्ट ये इशू कर रहा है फॉर
- 2:45:32आईटीओ ब्रांच दैट इज द बिल्स पेएबल।
- 2:45:35एक्चुअली यही बिल्स पेएबल है। अब सर
- 2:45:38डिमांड ड्राफ्ट तो ऐसा होता है डोमेस्टिक
- 2:45:40ट्रांजैक्शंस के लिए यूज़ हो जाता है।
- 2:45:41इंटरनेशनल ट्रांजैक्शंस के लिए क्या? तो
- 2:45:44उसके लिए एक अलग चीज यूज़ होती है जिसको
- 2:45:45कहते हैं टेलीग्राफिक ट्रांसफर टीटी। तो
- 2:45:48दो चीजें यूज़ होती है डीडी और टीटी। इन
- 2:45:50दोनों का काम बड़ा सिंपल है। आप पैसा
- 2:45:52ट्रांसफर करने के लिए यूज़ कर सकते हो।
- 2:45:53डीडी जनरली डोमेस्टिक ट्रांजैक्शंस के लिए
- 2:45:55यूज़ होता है। और टीटी किसके लिए यूज़ होता
- 2:45:57है? दैट इज़ यूज़्ड फॉर इंटरनेशनल
- 2:45:58ट्रांजैक्शन। अब आ जाओ पूरा गेम समझाता
- 2:46:01हूं। सबसे पहले तो आप इसके इंटरनल
- 2:46:03कंट्रोल्स इवैलुएट करो। इंटरनल कंट्रोल्स
- 2:46:05को भी हमने टुकड़ों में बांट दिया। सबसे
- 2:46:07पहले हम फॉर्म्स की बात करेंगे। जो भी
- 2:46:09डिमांड ड्राफ्ट है दैट शुड बी इशूड इन
- 2:46:11स्टैंडर्ड फॉर्म्स। और अगर कोई अनयूज्ड
- 2:46:13फॉर्म्स हैं तो ऐसा नहीं खुले में पड़े हुए
- 2:46:15हैं। नो नो नो नो नो। दे शुड बी अंडर द
- 2:46:18कस्टडी ऑफ रिस्पांसिबल ऑफिसर। कहीं ना
- 2:46:20कहीं ये रिस्पांसिबल ऑफिसर की कस्टडी में
- 2:46:22होने चाहिए। ठीक है सर। फिर आती है बात
- 2:46:24ऑथेंटिकेशन की। मैं एक डिमांड ड्राफ्ट पे
- 2:46:27कैसे रिलाई करूं? ठीक है? मान लो एसके ने
- 2:46:30ICI को कोई डिमांड ड्राफ्ट दिया और मैंने
- 2:46:32खुद ही अपने फोटोशॉप करके एक डिमांड
- 2:46:35ड्राफ्ट बना लिया और आईटीओ ब्रांच के पास
- 2:46:37डिमांड ड्राफ्ट चला गया। आईटीओ ब्रांच को
- 2:46:40कैसे पता ये डिमांड ड्राफ्ट असली है या
- 2:46:41नकली? सर सिग्नेचर चेक होगा। इसके ऊपर
- 2:46:44प्रॉपर सिग्नेचर वगैरह चेक होगा। इसके पास
- 2:46:46प्रॉपर एडवाइस वगैरह आनी चाहिए। तो ये कह
- 2:46:49रहा है हम इसकी ऑथेंटिकेशन कैसे करते हैं?
- 2:46:50सिग्नेचर से। सिग्नेचर इज़ चेक्ड बाय द
- 2:46:53रिस्पांसिबल ऑफिसर विद द सिग्नेचर बुक। सर
- 2:46:56टेलीग्राफिक ट्रांसफर को कैसे चेक करते
- 2:46:58हैं? इसके लिए एक प्राइवेट कोड होता है।
- 2:47:01तत तू तू तू तू तारा। ठीक है? तो जब मैं
- 2:47:03बोलूंगा तू तू तू तू तारा सामने वाला
- 2:47:05सुनेगा। अच्छा ततू तू तारा मतलब ये कोड
- 2:47:07मैच हो गया। ठीक है? बैड जोक कुछ और कोड
- 2:47:10होगा। ठीक है? अब जो भी कोडवड होता है वो
- 2:47:12रिस्पांसिबल ऑफिसर को पता। अच्छा अच्छा
- 2:47:14यही कोड है। हां ये मेरे को पता था ये कोड
- 2:47:16सही है। सो प्राइवेट कोड इज़ जनरली देयर
- 2:47:18व्हिच इज़ नोन टू द रिस्पांसिबल ऑफिसर व्ह
- 2:47:20इज़ यूज़्ड फॉर कोडिंग एंड डिकोडिंग ऑफ द
- 2:47:22टेलीग्राफिक ट्रांसफरर्स। ठीक है सर। एंड
- 2:47:25इसके साथ-साथ सर इसको और कैसे यकीन होगा
- 2:47:27कि डिमांड ड्राफ्ट एक्चुअल में नोएडा
- 2:47:29ब्रांच ने इशू किया है। तो एक बात समझना
- 2:47:31जब भी नोएडा ब्रांच डिमांड ड्राफ्ट इशू
- 2:47:33करेगी इसका कर्तव्य बनता है कि ये एडवाइस
- 2:47:35भेजेगी टू द आईटीओ ब्रांच कि तुम्हारे पास
- 2:47:37डिमांड ड्राफ्ट आने वाला है। और जब आईटीओ
- 2:47:39ब्रांच पेमेंट करे तो ये बदले में नोएडा
- 2:47:42ब्रांच को एक डेबिट एडवाइस भेजेगी कि
- 2:47:44मैंने कहीं ना कहीं पेमेंट कर दी है। तो
- 2:47:46एक बात ध्यान रखना ऑल द टेलीग्राफिक
- 2:47:48ट्रांसफरर्स एंड डिमांड ड्राफ्ट्स व्हिच
- 2:47:50आर इशूड बाय द ब्रांच दे शुड बी कंफर्म्ड
- 2:47:53बाय एडवाइस टू द अदर ब्रांचेस ऑन द पेमेंट
- 2:47:56पेइंग ब्रांच विल सेंड अ डेबिट एडवाइस टू
- 2:47:58द ओरिजिनेटिंग ब्रांच मतलब ये जो पेइंग
- 2:48:00ब्रांच है इस ब्रांच को बोलेगी मैंने अपनी
- 2:48:02बुक्स में तेरे को डेबिट कर दिया है
- 2:48:04क्योंकि मेरा पैसा तेरे से रिसीवेबल है।
- 2:48:06क्या पूरा का पूरा गेम समझ में आया? हां
- 2:48:08सर। थैंक यू गॉड फॉर दिस अमेजिंग
- 2:48:10डायग्राम। एक ही डायग्राम से हमने सारे
- 2:48:12पॉइंट्स कवर कर लिए। सबसे पहले फॉर्म्स
- 2:48:14वाले पॉइंट। फॉर्म्स वाले पॉइंट बड़े
- 2:48:16सिंपल थे कि सर जो भी फॉर्म्स हैं वो
- 2:48:17स्टैंडर्ड फॉर्म्स होने चाहिए डिमांड
- 2:48:19ड्राफ्ट के लिए। जो अनयूज्ड फॉर्म्स हैं
- 2:48:20वो रिस्पांसिबल ऑफिसर की कस्टडी में होने
- 2:48:22चाहिए। अब आईटीओ ब्रांच को कैसे भरोसा
- 2:48:25होगा कि डिमांड ड्राफ्ट सही है? सिग्नेचर
- 2:48:27चेक करेंगे। टेलीग्राफिक ट्रांसफर के लिए
- 2:48:28कोडिंग होती है। कोडिंग डिकोडिंग के लिए
- 2:48:30एक प्राइवेट कोड होता है जो सबको नहीं
- 2:48:31बताया जाता। सिर्फ रिस्पांसिबल ऑफिसर को
- 2:48:33पता होता है। और आईटीओ ब्रांच को कैसे पता
- 2:48:35चलेगा कि डिमांड ड्राफ्ट इशू हुआ है? सर
- 2:48:37एडवाइस के थ्रू। जब भी एक ब्रांच डिमांड
- 2:48:39ड्राफ्ट इशू करेगी तो वो सामने वाले को
- 2:48:41एडवाइस भेजेगी और जब आईटीओ ब्रांच पेमेंट
- 2:48:43करेगी तो वो भी इसको डेबिट एडवाइस भेजेगी।
- 2:48:46क्या प्यारा-प्यारा मीठा-मीठा कांसेप्ट
- 2:48:49सबको क्लियर है सर मजा आ गया। अब आ जाओ सर
- 2:48:52इसके बाद दो छोटी-छोटी बातें जो भी आपके
- 2:48:55आउटस्टैंडिंग डिमांड ड्राफ्ट्स हैं। ठीक
- 2:48:56है? पे बिल्स पेएबल है। इसको ऑडिटर सैंपल
- 2:48:59बेसिस पे देख सकता है विद द रजिस्टर। फिर
- 2:49:01जो भी कम्युनिकेशंस हुई है विद द अदर
- 2:49:03ब्रांचेस। ठीक है? आफ्टर द ईयर एंड उसको
- 2:49:06आप देख सकते हो फॉर लार्ज वैल्यू आइटम। तो
- 2:49:08इस तरह से आपने पॉइंट्स कवर करने हैं।
- 2:49:09यहां आपका बिल्स पेएबल वाला टॉपिक डन डना
- 2:49:12डन डन एमटीपी अक्टूबर 19 का क्वेश्चन भी
- 2:49:14हो गया। अब आ जाओ कंटिंजेंट लायबिलिटी।
- 2:49:17पानी के दो-दो घूंट लगाओ। गेट रेडी।
- 2:49:30रेडी है सर। सबसे पहले एक इंपॉर्टेंट
- 2:49:33टॉपिक आता है रिटन रिप्रेजेंटेशन का। इसके
- 2:49:35ऊपर भी आईसीआई ने डायरेक्ट क्वेश्चन पूछा
- 2:49:36था आपके मे 22 एग्जाम्स में तोेंट फ्रॉम
- 2:49:40एग्जाम पॉइंट ऑफ व्यू सारे बच्चे समझना
- 2:49:42रिटर्न रिप्रेजेंटेशन क्या लेंगे सबसे
- 2:49:44पहले सर जो आपकी कंटेंजेंट लायबिलिटी है
- 2:49:46आपको एक आईडिया रहेगा ये बैलेंस शीट का
- 2:49:48पार्ट नहीं बनती इट इज़ अ ऑफ बैलेंस शीट
- 2:49:49ट्रांजैक्शन ठीक है तो हम सीधा बोलेंगे ऑल
- 2:49:51द ऑफ बैलेंस शीट ट्रांजैक्शन दे शुड बी
- 2:49:54प्रॉपर्ली अकाउंटेड इन द बुक्स ऑफ़ अकाउंट
- 2:49:56ये लाइन ना वैसे इनहेरेंटली गलत है
- 2:49:59कंटिंजेंट लायबिलिटी की अकाउंटिंग थोड़ी
- 2:50:01होती है ठीक है ये अकाउंट फॉर नहीं होती
- 2:50:04तभी तभी तो ये पीएनएल और बैलेंस शीट का
- 2:50:06पार्ट नहीं बनती। हां सर। बट इन्होंने
- 2:50:08कहीं ना कहीं लिख रखा है तो अपने को भी
- 2:50:09कंसीडर करना पड़ेगा। दे आर अकाउंटेड इन द
- 2:50:11बुक्स ऑफ़ अकाउंट्स। ठीक है सर। दूसरी चीज
- 2:50:13जब आप अकाउंट कर रहे हो दिस शुड बी डन
- 2:50:15आफ्टर द ड्यू प्रोसीजर। जो भी इनके
- 2:50:17प्रोसीजर्स हैं वो फॉलो करके करो। अब सर
- 2:50:19कोई भी ऐसी एवी ट्रांजैक्शन नहीं होनी
- 2:50:21चाहिए। दैट शुड बी प्रॉपर्ली सपोर्टेड बाय
- 2:50:23द डॉक्यूमेंट्स। तो तीन बातें बता दो।
- 2:50:24अकाउंटेड आफ्टर फॉलोइंग ड्यू प्रोसीजर
- 2:50:26सपोर्टेड बाय द डॉक्यूमेंट। फिर उसके बाद
- 2:50:28जो काम की चीज़ है वो यहां से शुरू होती
- 2:50:29है। कंटिंजेंट लायबिलिटी एक्चुअल में होती
- 2:50:31है डिस्क्लोज़्ड। ठीक है? ये आपको पता है
- 2:50:33कि कंटिंजेंट लायबिलिटी का हमको
- 2:50:34डिस्क्लोज़र देना पड़ता है। तो डिस्क्लोज़र
- 2:50:37में दो चीजें ध्यान रखना। एक जो डिस्क्लोज़
- 2:50:40नहीं होगी, एक जो डिस्क्लोज़ होगी।
- 2:50:43सर डिस्क्लोज़ क्या नहीं होगी? जो
- 2:50:45क्रिस्टलाइज़ लायबिलिटी है दैट इज द
- 2:50:47एक्चुअल लायबिलिटी उसको डिस्क्लज़ मत करना।
- 2:50:49ठीक है सर। और कंटिंजेंट लायबिलिटी में आप
- 2:50:52क्या डिस्क्लज़ करते हो? एस्टीिमेटेड
- 2:50:54अमाउंट ऑफ़ फाइनेंशियल इफ़ेक्ट। तो मान लो
- 2:50:56बैंक के ऊपर कोई पेनल्टी लग सकती है। तो
- 2:50:58उस पेनल्टी का क्या फाइनेंशियल इफ़ेक्ट
- 2:51:00होगा? वह आप कहीं ना कहीं अमाउंट डिस्क्लज़
- 2:51:02करके चलते हो। बेस्ड ऑन द बेस्ट एस्टीमेट
- 2:51:04दैट शुड बी डिस्क्लोज़। तो, वापस एक बार आ
- 2:51:06जाओ। फ़्लो कवर करते हैं। अकाउंटिंग और
- 2:51:08डिस्क्लोज़र। ठीक है? ऐसे याद रखना। ऑल द
- 2:51:10ऑफ़ बैलेंस शीट ट्रांजैक्शन शुड बी
- 2:51:11अकाउंटेड एंड डिस्क्लोज़। अगर अकाउंटेड और
- 2:51:13डिस्क्लोज़्ड याद रहेगा आप पूरे के पूरे
- 2:51:15पॉइंट्स फ्रेम कर लोगे। अकाउंटेड इन द
- 2:51:17बुक्स ऑफ़ अकाउंट्स आफ्टर फॉलोइंग ड्यू
- 2:51:19प्रोसीजर एंड सपोर्टेड बाय द डॉक्यूमेंट।
- 2:51:21एक बार और अकाउंटेड इन द बुक्स ऑफ़
- 2:51:23अकाउंट्स आफ्टर फॉलोइंग ड्यू प्रोसीजर्स
- 2:51:24एंड सपोर्टेड बाय द डॉक्यूमेंट।
- 2:51:27डिस्क्लोज़र में एक डिस्क्लोज़ होगा। एक
- 2:51:29डिस्क्लोज़ नहीं होगा। क्या डिस्क्लोज़ नहीं
- 2:51:30होंगी? क्रिस्टलाइज़ लायबिलिटी। और क्या
- 2:51:32डिस्क्लोज़ होगा भैया? सर डिस्क्लोज़ होंगे
- 2:51:35फाइनेंसियल इफ़ेक्ट व्हिच इज़ बेस्ड ऑन द
- 2:51:36बेस्ट एस्टीमेट। यही के यही पॉइंट्स आपके
- 2:51:39यहां पे कवर हो जाते हैं। क्लियर है बॉस?
- 2:51:41क्लियर है सर? अब आ जाओ कंटिंजेंट
- 2:51:43लायबिलिटी की प्रेजेंटेशन। इसमें कुछ भी
- 2:51:44नहीं है। इनके नाम दे रखे हैं। क्लेम्स
- 2:51:46अगेंस्ट द बैंक व्हिच आर नॉट एकनॉलेज्ड एस
- 2:51:48डे। लायबिलिटी ड्यू टू फॉरवर्ड एक्सचेंज
- 2:51:50कॉन्ट्रैक्ट्स जो आउटस्टैंडिंग है। गारंटी
- 2:51:52जो इन लोगों ने दे रखी है फॉर देयर
- 2:51:53सब्सिडरीज, ब्रांचेस विद इन इंडिया,
- 2:51:55आउटसाइड इंडिया। लायबिलिटी फॉर पार्टली
- 2:51:57पेड अप इन्वेस्टमेंट। पार्टली पेड अप मतलब
- 2:51:58₹10 की फेस वैल्यू पे अगर आपने ₹6 पे कर
- 2:52:00रखा है तो कंटेंजेंट लायबिलिटी है ₹4 की
- 2:52:02जो कभी भी सामने वाला मंगा सकता है। फिर
- 2:52:04आते हैं एईओ एक्सेप्टेंस एंडोर्समेंट अदर
- 2:52:07ऑब्लिगेशन। बेसिकली मान लो लेटर ऑफ
- 2:52:09क्रेडिट का दूसरा नाम है एंड अदर आइटम्स।
- 2:52:11तो ये सारे के सारे कंटिंजेंट लायबिलिटी
- 2:52:12है। अब इनको कैसे चेक करना है इसके
- 2:52:14प्रोसीजर डिस्कस करेंगे। अब इन प्रोसीजर
- 2:52:16में से भी जो इंपॉर्टेंट प्रोसीजर होंगे
- 2:52:17ना मैं बताता चलूंगा। उन पे तो बिल्कुल
- 2:52:19काम चोरी मत करना। ठीक है सर? सबसे पहले
- 2:52:22कंटिंजेंट लायबिलिटी मेरे को लगता है यही
- 2:52:23इंपॉर्टेंट है। इसको सबसे पहले करेंगे।
- 2:52:25इसमें भी आपने चारप पॉइंट्स अच्छे से याद
- 2:52:27रख के चलने हैं। बिकॉज़ काफी आपको
- 2:52:29सिमिलर-सिमिलर पॉइंट्स मिलेंगे। ठीक है
- 2:52:31सर? सबसे पहले कंटिंजेंट लायबिलिटी के केस
- 2:52:33में अपन कवर करेंगे इंटरनल कंट्रोल। जो भी
- 2:52:35कंटिंजेंट लायबिलिटीज़ हैं इसके लिए
- 2:52:36इंश्योर करना जो भी ट्रांजैक्शन है दीज़ आर
- 2:52:38ऑथराइज्ड। अब कंटिंजेंट लायबिलिटी में
- 2:52:40कौन-कौन सी ट्रांजैक्शन आती है? आप कोई
- 2:52:42फॉरवर्ड एक्सचेंज कॉन्ट्रैक्ट कर रहे हो,
- 2:52:43कोई लेटर ऑफ क्रेडिट दे रहे हो, कोई लेटर
- 2:52:44ऑफ कंफर्ट दे रहे हो। ये सब चीजें कहीं ना
- 2:52:46कहीं ऑथराइज़्ड होनी चाहिए बाय द हायर
- 2:52:48अथॉरिटी। ठीक है सर? फिर ये दो पॉइंट्स
- 2:52:51एकदम सिमिलर हैं। कंप्लीटनेस और
- 2:52:52रीज़नेबलनेस। कहीं ना कहीं जितनी भी
- 2:52:54कंटेंजेंट लायबिलिटीज है सब डिस्क्लोज्ड
- 2:52:55होनी चाहिए। इसकी रीज़नेबलनेस भी देख लेना
- 2:52:58बाय कंपेयरिंग विद द प्रीवियस ईयर। ठीक है
- 2:52:59सर। अब इसमें दो लेटर वाले पॉइंट कवर हो
- 2:53:02जाएंगे। सर ये दो लेटर वाले पॉइंट क्या
- 2:53:03है? लेटर ऑफ क्रेडिट। ठीक है? इसके लिए
- 2:53:05अगर आप कोई पेमेंट वगैरह कर रहे हो दैट
- 2:53:07शुड बी एस पर द टर्म्स ऑफ लेटर ऑफ
- 2:53:08क्रेडिट। इसी तरह बैंक कई बार इशू करता है
- 2:53:11कंफर्ट लेटर। ये गारंटी नहीं होते। बट
- 2:53:13कंफर्ट लेटर का ये मतलब है कि सामने वाली
- 2:53:15एंटिटी ने अगर पैसा नहीं दिया तो भैया मैं
- 2:53:17देख लूंगा। बट यहां पे कोई कॉन्ट्रक्चुअल
- 2:53:19ऑब्लिगेशन नहीं है। ठीक है? तो कंफर्ट
- 2:53:21लेटर भी अगर कोई दे रखे हैं तो दे शुड
- 2:53:22आल्सो बी इंक्लूडेड इन द कंटिंजेंट
- 2:53:24लायबिलिटी। तो ये पांच पॉइंट आपने ध्यान
- 2:53:26रखने हैं। इंटरनल कंट्रोल, कंप्लीटनेस,
- 2:53:28रीज़नेबलनेस। कम ऑन। इंटरनल कंट्रोल,
- 2:53:30कंप्लीटनेस, रीज़नेबलनेस और आखिरी में दो
- 2:53:32लेटर्स लेटर ऑफ क्रेडिट एंड कंफर्ट लेटर।
- 2:53:35इनके पॉइंट्स कवर कर लेना। ठीक है सर। फिर
- 2:53:37आते हैं सर, क्लेम्स अगेंस्ट द बैंक नॉट
- 2:53:39एकनॉलेज्ड एस डे। इसका क्या मतलब है? मान
- 2:53:42लो बैंक के जो वर्कर्स हैं, एंप्लाइजज़
- 2:53:44हैं, इन्होंने बैंक के खिलाफ कुछ केस कर
- 2:53:45दिया कि भाई बैंक ने हमारी आउटस्टैंडिंग
- 2:53:48वेजेस पे नहीं करी। ठीक है? या बैंक ने
- 2:53:50हमारी आउटस्टैंडिंग सैलरीज पे नहीं करी।
- 2:53:52बैंक ने हमको बोनस नहीं दिया। तो जब भी इस
- 2:53:54तरह के केसेस हो जाते हैं बैंक के अगेंस्ट
- 2:53:56तो ये केसेस चलते रहते हैं। तो इसकी
- 2:53:57कंटेंजेंट लायबिलिटी बुक करनी चाहिए कि
- 2:53:59बैंक को कितना पैसा देना पड़ सकता है। तो
- 2:54:01एज अ ऑडिटर मैं कैसे चेक करूं सर एज अ
- 2:54:03ऑडिटर आप इसका जो भी रेलेवेंट एविडेंस है
- 2:54:06ना वो ले सकते हो कि जो भी बैंक के
- 2:54:08अगेंस्ट क्लेम आया है क्यों आया है? तो
- 2:54:10इसके लिए जो भी लॉयर्स के साथ डिस्कशन हो
- 2:54:12रही है, वर्कर्स ऑफिसर्स के साथ डिस्कशन
- 2:54:13हो रही है वो सब आप कॉरेस्पोंडेंस वगैरह
- 2:54:15देख लो। फिर आप इसके बारे में देखो
- 2:54:17मैनेजमेंट का क्या सोचना है? मैनेजमेंट की
- 2:54:20मीटिंग्स में क्या डिस्कशन हो रही है? तो
- 2:54:21वेरीफाई द मिनट्स ऑफ द मीटिंग और जो भी
- 2:54:23वर्कर्स के कॉन्ट्रैक्ट्स और एग्रीमेंट्स
- 2:54:25हैं इनको आप देख लेना। तो रेलेवेंट
- 2:54:27एविडेंस में क्या हो गया? लॉयर के साथ
- 2:54:28डिस्कशन, वर्कर्स और ऑफिसर के साथ
- 2:54:30डिस्कशन। फिर इस डिस्कशन में कितना ये
- 2:54:33डिस्कशन का बेसिकली आप ऐसा बोल सकते हो इस
- 2:54:35डिस्कशन के बारे में भी एनटीटी में
- 2:54:37डिस्कशन हो रही होगी। ठीक है? तो जो
- 2:54:39मिनट्स ऑफ द मीटिंग्स हैं और
- 2:54:40कॉन्ट्रैक्ट्स हैं ये सब डॉक्यूमेंट्स आप
- 2:54:42देख सकते हो। ठीक है सर? एंड इसके बाद आप
- 2:54:44मैनेजमेंट से खुद पूछो कि इन लीगल केसेस
- 2:54:47का स्टेटस क्या चल रहा है? सो असर्टेन
- 2:54:49फ्रॉम द मैनेजमेंट द स्टेटस एट द ईयर एंड
- 2:54:52और कई बार सर ऐसा होता है ईयर एंड के बाद
- 2:54:55कोई केस का वो आ जाता है जजमेंट। तो उस
- 2:54:58जजमेंट में देखो एंटीटी केस जीती या हारी।
- 2:55:01तो यानी आप देख सकते हो सब्सीक्वेंट
- 2:55:03इवेंट्स। अयो सब्सीक्वेंट इवेंट्स फॉर द
- 2:55:06एविडेंस अबाउट द कंप्लीटनेस एंड द
- 2:55:08वैल्यू्यूएशन। तो ये चार चीजें अपने को
- 2:55:09कवर करनी है। रेलेवेंट एविडेंस, मिनट्स ऑफ
- 2:55:12द मीटिंग्स और कॉन्ट्रैक्ट। मैनेजमेंट से
- 2:55:13पूछो स्टेटस एट द ईयर एंड एंड आफ्टर द ईयर
- 2:55:16एंड के लिए आप सब्सक्वेंट इवेंट्स को
- 2:55:17कंसीडर करोगे। क्लियर है? क्लियर है सर?
- 2:55:20फिर इसके बाद ये वाला जो पॉइंट है बस रीड
- 2:55:22करके चलना। ये क्या कहता है सर? एवरीवन
- 2:55:24प्लीज फोकस। आउटस्टैंडिंग फॉरवर्ड
- 2:55:26एक्सचेंज कॉन्ट्रैक्ट्स और डेरिवेटिव
- 2:55:28कॉन्ट्रैक्ट इसके बारे में आप एएफएम वगैरह
- 2:55:29में पढ़ते हो। तो इसके लिए आपको कुछ नहीं
- 2:55:32करना भैया। आप इसके लिए बैंक से जो भी
- 2:55:33कंप्यूटराइज स्टेटमेंट है फ्रॉम द
- 2:55:35अकाउंटिंग सिस्टम वो डाउनलोड करवा लो। अब
- 2:55:38कहीं ना कहीं जब ये फॉरवर्ड एक्सचेंज
- 2:55:40कॉन्ट्रैक्ट हुआ होगा तो इसका एग्रीमेंट
- 2:55:41वगैरह बना होगा। हां सर। तो जो भी
- 2:55:43रेलेवेंट डॉक्यूमेंट्स हैं एग्रीमेंट
- 2:55:45वगैरह या कंफर्मेशन लेना है फ्रॉम पार्टीज
- 2:55:46तो वो आप ले सकते हो फॉर एकिस्टेंस ऑफ सच
- 2:55:48कॉन्ट्रैक्ट। अब जो आपके डेरिवेटिव
- 2:55:51कॉन्ट्रैक्ट है फ्यूचर्स, ऑप्शंस,
- 2:55:52इंटरेस्ट रेट, स्वैप्स जो भी इसके
- 2:55:54कॉन्ट्रैक्ट्स हैं इनको आप वेरीफाई करना।
- 2:55:56तो कुछ नहीं है। डॉक्यूमेंट्स और
- 2:55:57कॉन्ट्रैक्ट्स वेरीफाई करोगे तो इसका
- 2:55:58अंदाजा लग जाएगा। ईजी ईजी सर। अब गारंटी
- 2:56:01गिवन ऑन बिहाफ ऑफ कॉन्स्टिटुएंट ये
- 2:56:03इंपॉर्टेंट टॉपिक है। अगेन इसमें हमको
- 2:56:05पांच पॉइंट्स अच्छे से कवर करने हैं। सबसे
- 2:56:07पहले सर इंटरनल कंट्रोल्स ओवर द इशू ऑफ़
- 2:56:10गारंटी। तो कंटिंजेंट लायबिलिटी में भी
- 2:56:12इंटरनल कंट्रोल वाला पॉइंट था और गारंटी
- 2:56:14में भी यही पॉइंट आ गया। ठीक है सर। अब
- 2:56:16गारंटी में दो चीजों पे फोकस करना है।
- 2:56:18फॉर्म्स और रजिस्टर। सारे बच्चे बोलो मेरे
- 2:56:21साथ। जो जो बच्चा बोलेगा एग्जाम में सब
- 2:56:23याद आएगा। फॉर्म्स और रजिस्टर। जो भी
- 2:56:25अनयूज्ड गारंटी फॉर्म्स हैं ये भी खुले
- 2:56:28में नहीं पड़े होने चाहिए। दे शुड बी अंडर
- 2:56:29द कस्टडी ऑफ रिस्पांसिबल ऑफिसर। ठीक है
- 2:56:32सर। अब गारंटी रजिस्टर की दो बातें हैं।
- 2:56:34जो गारंटी एक्सपायर हो गई उसको मार्क ऑफ
- 2:56:37करो। जो भी गारंटी रजिस्टर में गारंटी आ
- 2:56:39रही है सब डिस्क्लोज़्ड होनी चाहिए। उसके
- 2:56:41अलावा सब डिस्क्लोज्ड होनी चाहिए। और अगर
- 2:56:43कोई गारंटी पे क्लेम आ गया तो हमें प्रॉपर
- 2:56:45प्रोविज़ बनाना है एस पर एएस 29। एएस 29 के
- 2:56:48हिसाब से प्रोविज़ बनेगा। क्या पांचों
- 2:56:50पॉइंट्स का फ्लो क्लियर है? यस सर। अब आ
- 2:56:52जाओ नेक्स्ट टॉपिक पे। एईओ
- 2:56:56भैया ये एईओ के नाम पे मत जाना। ये कुछ
- 2:56:59नहीं है। लेटर ऑफ क्रेडिट है। ठीक है? अब
- 2:57:01लेटर ऑफ क्रेडिट के रिगार्डिंग इन्होंने
- 2:57:03चार बातें लिख रखी हैं। सबसे पहले वही
- 2:57:04इंटरनल कंट्रोल। तो इंटरनल कंट्रोल वाला
- 2:57:06पॉइंट कहां-कहां पे आ गया सर? गारंटी में
- 2:57:08आ गया। कंटिंजेंट लायबिलिटी में आ गया।
- 2:57:10इंटरनल कंट्रोल ओवर द इशू ऑफ़ लेटर ऑफ
- 2:57:12क्रेडिट एंड कस्टडी ऑफ़ अनयूज्ड एलसी
- 2:57:13फॉर्म्स। उसके बाद यहां पे भी हम रजिस्टर
- 2:57:15वगैरह देख लेंगे कि ठीक है? कि रजिस्टर के
- 2:57:17हिसाब से कितने लेटर ऑफ क्रेडिट होने
- 2:57:18चाहिए और उसमें क्या-क्या पेमेंट्स करने
- 2:57:20की जरूरत है। [नाक से की जाने वाली आवाज़]
- 2:57:21जब भी मैं किसी को लेटर ऑफ क्रेडिट दूंगा
- 2:57:23तो बदले में सिक्योरिटी लूंगा। तो चेक द
- 2:57:25सिक्योरिटी फॉर इशूइंग द लेटर ऑफ क्रेडिट
- 2:57:27दैट शुड बी प्रॉपर्ली वेरीिफाइड। और आखिरी
- 2:57:29में कहता है क्या हमारी फाइनेंशियल
- 2:57:31ऑब्लिगेशन कुछ हो सकती है पेमेंट करने की?
- 2:57:33अगर हां तो उसके लिए कंटिंजेंट लायबिलिटी
- 2:57:35में डिस्क्लोज़र दो। तो चार बातें ध्यान
- 2:57:37रखना इंटरनल कंट्रोल, प्रॉपर रजिस्टर।
- 2:57:39रजिस्टर के साथ-साथ आप देखो कहीं इसमें
- 2:57:41कोई सिक्योरिटी आपने ली है तो वो वेरीफाई
- 2:57:43कर लेना। और अगर कोई क्लेम आता है तो वो
- 2:57:44भी आप इसको देख के चलोगे। ठीक है? ये वाला
- 2:57:46टॉपिक पे आज तक का भी कोई क्वेश्चन नहीं
- 2:57:48है। तो एक बार रीड भी करके चलोगे काम चल
- 2:57:49जाएगा। फिर आता है सर बिल्स फॉर कलेक्शन।
- 2:57:52अगेन ये वैसा ही टॉपिक है। नो क्वेश्चन
- 2:57:53टिल नाउ बट अगेन जस्ट ट्रेड इट फॉर
- 2:57:55सेफ्टी। कहता है जो भी बिल ड्रॉ करें हैं
- 2:57:57ऑन अदर ब्रांचेस व्हिच आर नॉट इंक्लूडेड
- 2:58:00इन बीएफसी। सर क्या मतलब है?
- 2:58:02[नाक से की जाने वाली आवाज़]
- 2:58:03बिल्स फॉर कलेक्शन वाला टॉपिक हमने पहले
- 2:58:05कवर किया था। याद है? सर कब कवर किया था?
- 2:58:08अरे भाई वो जेठालाल ने दिया था ना बिल फॉर
- 2:58:10कलेक्शन। हां सर। तो जो बिल आप ड्रॉ करते
- 2:58:12हो बाकी ब्रांचेस पे दिस इज नॉट इंक्लूडेड
- 2:58:15इन बिल फॉर कलेक्शन। मतलब जो आपने जो
- 2:58:18इंडियन बैंक ने फॉरेन ब्रांच को बिल फॉर
- 2:58:21कलेक्शन वगैरह भेजा था वो कहीं ना कहीं
- 2:58:22बिल फॉर कलेक्शन का पार्ट नहीं बनता। ठीक
- 2:58:24है सर। फिर कहता है जो भी आउटवर्ड बिल फॉर
- 2:58:27कलेक्शन उसको आप रजिस्टर से देखो कि जो भी
- 2:58:28बैंक ने दूसरी ब्रांच को बिल फॉर कलेक्शन
- 2:58:30भेजे हैं वो रजिस्टर का पार्ट बनने चाहिए।
- 2:58:32ठीक है सर। फिर कहता है जो भी कलेक्शंस
- 2:58:35हुई है सब्सक्वेंट टू बैलेंस शीट डेट उसको
- 2:58:36आप देख सकते हो कि प्रॉपर्ली चीजें कलेक्ट
- 2:58:38हो गई है। देन चेक द प्रोसीजर फॉर
- 2:58:40क्रेडिटिंग द पार्टी फॉर हुम द बिल इज़
- 2:58:42कलेक्टेड। यानी जेठालाल का अकाउंट
- 2:58:43प्रॉपर्ली क्रेडिट हो जाना चाहिए जब बिल
- 2:58:45कलेक्ट होता है। और आखिरी में कहता है
- 2:58:47क्योंकि आप जेठालाल के लिए बिल कलेक्ट कर
- 2:58:49रहे हो तो आप उससे कमीशन भी चार्ज करके
- 2:58:51चलोगे व्हेन द बिल इज़ कलेक्टेड। तो बढ़िया
- 2:58:52सिंपल सा पॉइंट है। हम जेठालाल का अकाउंट
- 2:58:54क्रेडिट भी करेंगे, डेबिट भी करेंगे।
- 2:58:56क्रेडिट किसके लिए जो बिल कलेक्ट हुआ और
- 2:58:58डेबिट किसके लिए जो कमीशन हुई। ठीक है? अब
- 2:59:00इसके रिगार्डिंग आपने बस देखना है जो भी
- 2:59:01बिल फॉर कलेक्शन है वो रजिस्टर का पार्ट
- 2:59:03बन जाने चाहिए। ओके सर एंड जो भी कलेक्शंस
- 2:59:06हुई है सब्सक्वेंट टू द बैलेंस शीट डेट
- 2:59:07उससे आपको पता चलेगा बिल प्रॉपर्ली कलेक्ट
- 2:59:09हुआ है या नहीं। तो अगेन बड़ा सिंपल सा
- 2:59:11टॉपिक है रीड करके चलना। अब आ जाओ सर ऑडिट
- 2:59:14रिपोर्ट की बात करते हैं। इंटरेस्टिंग
- 2:59:16टॉपिक ये कहता है जो भी आपके नेशनलाइज्ड
- 2:59:19बैंक्स हैं। ठीक है? इसके लिए आप रिपोर्ट
- 2:59:21किसको करोगे? सर नेशन की गवर्नमेंट जिसका
- 2:59:23नाम है सेंट्रल गवर्नमेंट। हम सेंट्रल
- 2:59:25गवर्नमेंट को रिपोर्ट देंगे। और सबसे
- 2:59:27[नाक से की जाने वाली आवाज़] पहले तो
- 2:59:27बेसिक पॉइंट देखना। हम रिपोर्ट में क्या
- 2:59:29लिखते हैं? फाइनेंसियल स्टेटमेंट गिव अ
- 2:59:30ट्रू एंड फेयर व्यू। तो बैलेंस शीट के केस
- 2:59:32में कहेंगे बैलेंस शीट गिव अ ट्रू एंड
- 2:59:33फेयर व्यू। पीएनएल के केस में कहेंगे ट्रू
- 2:59:35एंड फेयर व्यू। अब सर पता कैसे चला ट्रू
- 2:59:37एंड फेयर व्यू है? हमने कहीं ना कहीं
- 2:59:39इनफेशन एक्सप्लेनेशन ली होगी। हां सर। तो
- 2:59:41अगले पॉइंट यही बोलना इफ द ऑडिटर कॉल्ड
- 2:59:44फॉर एनी इनेशन और एक्सप्लेनेशन वेदर इट
- 2:59:47वाज़ गिवन एंड वेदर इट वाज़ सेटिस्फेक्टरी।
- 2:59:49ठीक है सर। अब इसी इंफॉर्मेशनेशन
- 2:59:51एक्सप्लेनेशन के साथ एक पॉइंट और आता है
- 2:59:53कि जिन ब्रांचेस को आप विजिट नहीं कर पाए
- 2:59:55वहां से समराइज्ड रिटर्न्स आती हैं। हां
- 2:59:57सर। तो जो भी वो समराइज्ड रिटर्न्स थे
- 2:59:59उनके अकाउंट्स थे वो प्रॉपर्ली आपको मिले
- 3:00:01कि नहीं वेदर ऑ नॉट द रिटर्न्स फ्रॉम द
- 3:00:03ऑफिसिसेस एंड ब्रांचेस वर एडिक्वेट एंड
- 3:00:06लास्ट में आपका फेवरेट पॉइंट एनी अदर मैटर
- 3:00:08कोई भी और मैटर है जो आपको लगता है
- 3:00:10सेंट्रल गवर्नमेंट को पता होना चाहिए तो
- 3:00:12ये आप कवर कर सकते हो तो मुझे लगता है
- 3:00:13इतने पांच पॉइंट काफी हैं सबसे पहले
- 3:00:15फाइनेंसियल स्टेटमेंट गिव अ ट्रू एंड फेयर
- 3:00:17व्यू वेरी गुड पता कैसे चला हमने
- 3:00:19इनफार्मेशन एक्सप्लेनेशन मांगी और
- 3:00:21ब्रांचेस से रिटर्न्स मांगी ठीक है सर एंड
- 3:00:23लास्ट में एनी अदर मैटर एक और पॉइंट अगर
- 3:00:25आप चाहते हो तो कवर कर लेना आपकी मर्जी कि
- 3:00:27जो ट्रांजैक्शन है ये बैंक की पावर्स में
- 3:00:29थी एस पर द मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन। इसके
- 3:00:32बाद जो नोट दे रखा है इसको बस रीड करके
- 3:00:34चलना। एवरीवन प्लीज फोकस। ये नोट बस इतनी
- 3:00:37सी बात कहता है कि कई सारी ब्रांचेस हो
- 3:00:39सकता है अनऑडिटेड हो। तो जो भी अनऑडिटेड
- 3:00:41ब्रांचेस हैं इसकी डिटेल ऑडिट रिपोर्ट में
- 3:00:43आनी चाहिए कि ठीक है? कितनी ब्रांचेस हैं
- 3:00:45जो अनऑडिटेड है और उसके बाद वहां पे कितने
- 3:00:47अमाउंट ऑफ एडवांसेस हैं, डिपॉजिट्स हैं,
- 3:00:49इंटरेस्ट हैं। ये सारी बातें आप अपनी ऑडिट
- 3:00:51रिपोर्ट में मेंशन करके चलो। ध्यान रखना
- 3:00:53कारो 2020 बैंकिंग कंपनी पर एप्लीकेबल
- 3:00:56नहीं है। और जो हम सेक्शन पढ़ते हैं 143
- 3:00:58सब सेक्शन 3 जे यह भी बैंकिंग कंपनी के
- 3:01:01ऊपर एप्लीकेबल रहेगा। फिर से लॉन्ग फॉर्म
- 3:01:03ऑडिट रिपोर्ट बस इसको रीड करके चलो। मुझे
- 3:01:05नहीं लगता कुछ खास मसाला है। ये कौन देता
- 3:01:07है? ब्रांच ऑडिटर और सेंट्रल ऑडिटर। मेनली
- 3:01:10ब्रांच ऑडिटर इसको भरते हैं। सारे ब्रांच
- 3:01:12ऑडिटर सेंट्रल ऑडिटर को देते हैं। फिर वो
- 3:01:14कहीं ना कहीं बैंक के मैनेजमेंट को देते
- 3:01:15हैं और जो आगे सबमिट करती है ऑडिट कमेटी
- 3:01:17बोर्ड को। ठीक है सर। दिस इज इन द
- 3:01:19क्वेश्चनयर फॉर्म जहां पर जो भी आपकी आपको
- 3:01:22गड़बड़ें मिलती हैं इन द कैश इन्वेस्टमेंट
- 3:01:25एडवांसेस वो सब आप रिपोर्ट करते हो।
- 3:01:27ब्रांच ऑडिटर सेंट्रल ऑडिटर को सबमिट करते
- 3:01:29हैं। इसकी कंसोलिडेशन कहां होती है? हेड
- 3:01:32ऑफिस लेवल पे होती है। जहां पे सेंट्रल
- 3:01:34ऑडिटर मैनेजमेंट को देते हैं। मैंने आपको
- 3:01:35ये बात बता दी। फिर उसके बाद ये रखी जाती
- 3:01:37है ऑडिट कमेटी के सामने। ठीक है सर। अब एक
- 3:01:40बात ध्यान रखना हमें इसको आरबीआई को भी
- 3:01:43सबमिट करना है। कितने टाइम में? विद इन 60
- 3:01:45डेज ऑफ द सबमिशन ऑफ एलएफआर बाय द स्टचटरी
- 3:01:47ऑडिटर। तो यानी जिस दिन स्टचटरी ऑडिटर ने
- 3:01:50मैनेजमेंट को दे दी यहां से 60 डेज के
- 3:01:52अंदर-अंदर ये आरबीआई के पास पहुंच जानी
- 3:01:55चाहिए। विद इन 60 डेज इट शुड रीच आरबीआई।
- 3:01:57एमसीक्यू पॉइंट ऑफ व्यू से आप इस बात को
- 3:01:59ध्यान रखोगे। ठीक है सर? फिर सर हमने एक
- 3:02:02और टॉपिक कवर किया था। ये आपका सेम टू सेम
- 3:02:04टॉपिक आप इंटर में भी पढ़ते हो कि
- 3:02:06क्या-क्या एडिशनल रिपोर्टिंग आपको करनी
- 3:02:08पड़ती है एज अ सेंट्रल ऑडिटर। तो ये
- 3:02:10बेसिक-बेसिक बातें आपको ऑलरेडी पता है। एक
- 3:02:12बार आ जाओ गो थ्रू करते हैं। रेडी रेडी
- 3:02:14सर। सबसे पहले आ जाती है हमारी रिपोर्ट ऑफ
- 3:02:16आईसीएफआर जिसकी हम बात करते हैं सेक्शन
- 3:02:18143 सब सेक्शन 3 आई में आई फॉर इंटरनल
- 3:02:21फाइनेंसियल कंट्रोल फिर एलएफएआर लॉन्ग
- 3:02:23फॉर्म ऑडिट रिपोर्ट फिर आती है एसएलआर
- 3:02:24स्टचटरी लिक्विडिटी रेशियो पे रिपोर्टिंग
- 3:02:26फिर सर रिपोर्ट ऑन इनकम रिकॉग्निशन एसेट
- 3:02:28क्लासिफिकेशन और प्रोविजनिंग कि जैसी
- 3:02:30क्लासिफिकेशन होगी वैसी प्रोविजनिंग होगी
- 3:02:32एस पर आरबीआई गाइडलाइन इस पे भी आपको
- 3:02:34रिपोर्ट करना पड़ता है। फिर बैंक के अंदर
- 3:02:35आपको कोई बड़ा फ्रॉड मिल गया कोई सीरियस
- 3:02:37इरेगुलरिटी मिल गई जैसे कि फ्रॉड ग्रेटर
- 3:02:40दैन इक्वल टू 1 करोड़ तो उसके बारे में
- 3:02:41सेंट्रल गवर्नमेंट को बताना है एस पर
- 3:02:42सेक्शन 143 सब सेक्शन 12 फिर आप रिपोर्ट
- 3:02:45करते हो बैंक के ट्रेजरी ऑपरेशंस यानी
- 3:02:47उसके इन्वेस्टमेंट्स पे एस पर आरबीआई
- 3:02:48इंस्ट्रक्शन एंड देन सर दो कमेटी है घोष
- 3:02:50कमेटी और जिलानी कमेटी घोष कमेटी किसकी
- 3:02:53बात करती है फ्रॉड के बारे में और जिलानी
- 3:02:55कमेटी बात करती है इंटरनल कंट्रोल्स के
- 3:02:56बारे में तो क्या बैंक ने इन कमिटीज की
- 3:02:58गाइडलाइन से कंप्लाई किया है कि नहीं उस
- 3:03:00पे भी आप रिपोर्ट करके चलते हो वैसे तो आज
- 3:03:02तक इस पे कभी कोई क्वेश्चन आया नहीं बट
- 3:03:03अगर पांच नंबर का क्वेश्चन आ गया तो मुझे
- 3:03:05लगता है ये पांच पॉइंट्स आपको अच्छे से
- 3:03:06पता होने चाहिए तो सबसे पहले तीन पॉइंट्स
- 3:03:09तो आप आराम से याद रख सकते हो राइमिंग
- 3:03:10राइमिंग करके राइमिंग राइमिंग का मतलब है
- 3:03:12आईसीएफआर एलएफएआर एसएलआर बोलो मेरे साथ
- 3:03:15आईसीएफआर एलएफएआर एसएलआर वेरी गुड अब सर
- 3:03:18जब राइमिंग राइमिंग करे तो बैठ के करेंगे
- 3:03:20बैठ के यानी सीट सीट का मतलब है सीरियस इन
- 3:03:22रेगुलरिटी इनकम रिकॉग्निशन एसेट
- 3:03:24क्लासिफिकेशन प्रोविजनिंग और ट्रेजरी
- 3:03:25ऑपरेशन एंड सर बैठ के क्या किया मैंने कहा
- 3:03:28बैठ के हमने बात करी घोष की और जिलानी
- 3:03:30जलजीरा की सर घोष का क्या मतलब है मैंने
- 3:03:33कहा जब भी कोई लोग घोश खाते हैं ठीक है वो
- 3:03:35घोष वो रोगन घोष की बात कर रहा हूं ठीक है
- 3:03:37आई एम अ वेजिटेरियन बट टेक्निक के लिए सर
- 3:03:39इट इजेंट तो अगर कोई बंदा घोष वगैरह खा
- 3:03:42रहा है तो सर बकरे के साथ क्या हुआ मैंने
- 3:03:43कहा बकरे के साथ तो बेचारे के साथ फ्रॉड
- 3:03:45हो गया। मस्त उसको चारावारा डाल रहे थे।
- 3:03:47फिर अचानक उसका गायब कर दिया। तो घोष के
- 3:03:50साथ क्या हो गया सर? फ्रॉड हो गया। अब जो
- 3:03:52लोग ये सब खाते हैं सर ये कोई पचाना आसान
- 3:03:55तो नहीं होता। तो उसके बाद क्या पीना
- 3:03:56पड़ता है? जिलानी जलजीरा। तो मैंने कहा
- 3:03:58जिलानी जलजीरा पी के आपका पेट किस में
- 3:04:00रहता होगा? कंट्रोल में। तो ये बात ध्यान
- 3:04:02रखना। घोष कमेटी इज़ रिलेटेड टू फ्रॉड एंड
- 3:04:04जिलानी कमेटी इज़ रिलेटेड टू इंटरनल
- 3:04:06कंट्रोल सिस्टम। अब अगर किसी का सरनेम घोष
- 3:04:08है ना तो भैया मैं पहले से ही सॉरी बोल
- 3:04:09रहा हूं। कल को नाराज मत हो जाना। ठीक है?
- 3:04:11तो इस तरह से आपने पांचों छहों पॉइंट आराम
- 3:04:13से आप याद रख सकते हो। ठीक है? राइमिंग
- 3:04:14राइमिंग के तीन पॉइंट बैठ के राइमिंग
- 3:04:16राइमिंग करेंगे। फिर बैठ के हम बात करेंगे
- 3:04:17घोष और जिलानी कमेटी की। क्लियर है बॉस?
- 3:04:20क्लियर है सर? क्या अतरंगी ट्रिक है। अब
- 3:04:22सर सब बच्चों के चेहरे पे मुस्कान। मैंने
- 3:04:25कहा क्यों? लास्ट टॉपिक। लास्ट टॉपिक का
- 3:04:27नाम है कॉनकरेंट ऑडिट।
- 3:04:28[नाक से की जाने वाली आवाज़] अब सर
- 3:04:29कॉन्करेंट ऑडिट में कुछ नहीं है। जितनी
- 3:04:31चीजें हमने अभी तक डिस्कस करी ये सब
- 3:04:32कॉन्करेंट ऑडिट का पार्ट बनती है। कैश,
- 3:04:34डिपॉजिट, एडवांसेस, इन्वेस्टमेंट, फॉरेन
- 3:04:35एक्सचेंज, हाउसकीपिंग और अदर आइटम्स। अब
- 3:04:37सर ये जो भी स्कोप होता है कॉनकरेंट ऑडिट
- 3:04:39का पहली बात तो ये बताओ कॉनकरेंट ऑडिट कोई
- 3:04:41हाईफाई चीज है? मैंने कहा नहीं जो इंटरनल
- 3:04:43ऑडिट का कांसेप्ट है ना वही आपने बस बैंक
- 3:04:46पे लगा के चलना है। जैसे एक इंटरनल ऑडिट
- 3:04:48होता है नॉर्मल एंटिटी का जब आप बैंक का
- 3:04:50इंटरनल ऑडिट करते हो तो उसको आप कॉनकरेंट
- 3:04:52ऑडिट का नाम दे देते हो। ठीक है सर। अब सर
- 3:04:55[नाक से की जाने वाली आवाज़] इसमें
- 3:04:55क्या-क्या एरियाज पे हमको फोकस करना है।
- 3:04:57ये अब हम यहां पे कवर करके चलेंगे। अब
- 3:04:59आपको लगेगा सर ये तो कैश की बात तो हमने
- 3:05:02पहले भी कर ली। इन्वेस्टमेंट की बात हम
- 3:05:03पहले भी कर चुके। डिपॉजिट्स एडवांसेस की
- 3:05:05बात हम पहले भी कर चुके हैं। तो क्या वापस
- 3:05:07इन पॉइंट्स को याद करना है? देखो मैं अगर
- 3:05:10स्टूडेंट होता तो मैं करता नहीं। ठीक है?
- 3:05:12मैं इनको एक बार बस कॉनंसेप्चुअली रीड
- 3:05:14करता। ठीक है? बट कुछ ऐसे एरियाज हैं जो
- 3:05:17यहां पे नए हैं। जैसे कि फॉरेन एक्सचेंज।
- 3:05:19इस पे बार-बार ऐसे सवाल पूछते हैं। तो
- 3:05:21इसको मैं अच्छे से याद करके चलता। ठीक है?
- 3:05:22सो दिस इज़ व्हाट आई वुड डू एंड दिस व्हाट
- 3:05:24आई वुड आल्सो गाइड यू। तो आ जाओ पहले
- 3:05:26एक-एक करके अच्छे से पॉइंट्स को समझते
- 3:05:28हैं। कैसे इनके साथ खेलना है। आर यू पीपल
- 3:05:30रेडी? यस सर।
- 3:05:32चलो जी अब बात करते हैं कैश की। कैश के
- 3:05:35केस में बस कुछ नहीं करना। सबसे पहले जो
- 3:05:37भी डेली कैश ट्रांजैक्शन है कॉनकरेंट ऑडिट
- 3:05:38मतलब साथ-साथ हर चीज आप चेक करते चलोगे।
- 3:05:41ठीक है? सो डेली जो भी कैश ट्रांजैक्शंस
- 3:05:42है उसमें देखो कहीं कोई ज्यादा एबनॉर्मल
- 3:05:45या हाई वैल्यू रिसीट्स और पेमेंट्स तो
- 3:05:47नहीं है। ठीक है? जहां भी लगता है बहुत
- 3:05:48ज्यादा हाई वैल्यू की रिसीट्स और पेमेंट्स
- 3:05:49हैं। उस पे एक ऑडिटर फोकस करके चलेगा कि
- 3:05:51यहां पे कोई गड़बड़ तो नहीं है। ठीक है
- 3:05:52सर। उसके बाद आप देखोगे प्रॉपर अकाउंटिंग
- 3:05:55होनी चाहिए। जो भी इनवर्ड और आउटवर्ड कैश
- 3:05:57रेमिटेंसेस हैं। बेसिकली जो भी आपकी
- 3:05:58रिसीट्स और पेमेंट्स हैं। ठीक है? प्लस जो
- 3:06:01भी आप करेंसी चेस ट्रांजैक्शन कर रहे हो,
- 3:06:03करेंसी चेस्ट ट्रांजैक्शन होती है जो
- 3:06:04ट्रांजैक्शंस आप आरबीआई के साथ करते हो।
- 3:06:06ठीक है? सो जो भी करेंसी चेस्ट
- 3:06:08ट्रांजैक्शन है दे शुड बी प्रॉपर
- 3:06:09रिपोर्टिंग टू द आरबीआई। एंड लास्ट में सर
- 3:06:11ये क्या कहता है?
- 3:06:13एक्सपेंसेस जो भी आपने करें हैं बाय कैश
- 3:06:16पेमेंट। जहां भी कोई साइज़बल अमाउंट है,
- 3:06:18बहुत ज्यादा अमाउंट है। अगेन उस पे
- 3:06:19कॉनकरेंट ऑडिटर फोकस करके चलेगा। तो बड़े
- 3:06:22प्यारे से पॉइंट हैं। पहले दोनों पॉइंट्स
- 3:06:24तो इनवर्ड और आउटवर्ड वाले ही हैं।
- 3:06:25रिसीट्स और पेमेंट्स वाले ही हैं। जहां भी
- 3:06:27हाई वैल्यू रिसीट्स और पेमेंट्स हैं उस पे
- 3:06:29फोकस करो। उसको आप दूसरे तरीके से कह सकते
- 3:06:31हो इनवर्ड एंड आउटवर्ड ट्रांजैक्शन। ठीक
- 3:06:33है? तीसरा पॉइंट क्या है? करेंसी चेस्ट।
- 3:06:35करेंसी चेस्ट कुछ नहीं होती यार एक
- 3:06:37फैसिलिटी होती है आरबीआई की जहां पे आप
- 3:06:38स्टोर कर सकते हो कैश वगैरह। ठीक है? तो
- 3:06:40जो भी उसकी प्रॉपर ट्रांजैक्शंस उसकी
- 3:06:42प्रॉपर अकाउंटिंग होनी चाहिए। एंड आखिरी
- 3:06:44में मैंने क्या बताया सर? आखिरी में आपने
- 3:06:45इतना बताया कि जो भी हमारे कैश के खर्चे
- 3:06:49हैं। ठीक है? यहां पे रिसीट्स एंड
- 3:06:50पेमेंट्स में से पेमेंट्स वाला पॉइंट
- 3:06:52लास्ट में बस ध्यान रख लेना कि जो भी कैश
- 3:06:54पेमेंट्स हैं जिनकी अमाउंट थोड़ी सी
- 3:06:56ज्यादा है। उसको आप फोकस करके चलोगे। वैसे
- 3:06:59हाई वैल्यू पेमेंट्स यहां पर कवर हो गया
- 3:07:00था। वापस इसका पॉइंट डालने का कोई पॉइंट
- 3:07:02नहीं था। बट फिर भी इन्होंने डाल दिया। अब
- 3:07:04आ जाओ इन्वेस्टमेंट्स की बात करते हैं।
- 3:07:06इन्वेस्टमेंट में बस ये कहता है जो भी आप
- 3:07:07परचेस और सेल कर रहे हो आप सिक्योरिटी वो
- 3:07:09किसके हिसाब से होनी चाहिए? एस पर द हेड
- 3:07:12ऑफिस इंस्ट्रक्शन। हम हमेशा उसी रेट पे
- 3:07:14बाय करेंगे, सेल करेंगे जो हमारे लिए
- 3:07:15बेनिफिशियल होगा। ठीक है सर। जो भी बुक्स
- 3:07:19में सिक्योरिटीज़ आ रही है वो फिजिकली भी
- 3:07:20होनी चाहिए। या तो फिजिकली बोल दो या
- 3:07:22डीममेट फॉर्म में होनी चाहिए। एंड आपने
- 3:07:24आरबीआई और हेड ऑफिस के गाइडलाइन से
- 3:07:26कंप्लाई करना है। तो बेसिक-बेसिक पॉइंट
- 3:07:27है। आरबीआई से कंप्लाई करो, हेड ऑफिस की
- 3:07:29गाइडलाइन से कंप्लाई करो। जो सिक्योरिटीज
- 3:07:31है वो फिजिकली भी अवेलेबल होनी चाहिए।
- 3:07:32आपने जिन रेट्स पे बाय करना है, सेल करना
- 3:07:35है दैट शुड बी बेनिफिशियल। अब आते हैं सर
- 3:07:37डिपॉजिट्स की बात करते हैं। डिपॉजिट्स के
- 3:07:39केस में वही कह रहा है जो भी आपने डिपॉजिट
- 3:07:41रिसीव करे या रीप करे उसकी ट्रांजैक्शंस
- 3:07:43को चेक कर लेना। अब जब मैं डिपॉजिट्स को
- 3:07:45रीप करता हूं तो इंटरेस्ट भी देता हूं। तो
- 3:07:47चेक द परसेंटेज ऑफ़ इंटरेस्ट पेड ऑन द
- 3:07:49डिपॉजिट। फिर वही जो हम बात करते हैं न्यू
- 3:07:51करंट अकाउंट्स ओपन उसमें ऑपरेशंस वगैरह
- 3:07:53सही चल रहे हैं। कोई अनयूजुअल ट्रांजैक्शन
- 3:07:55तो नहीं है। बेसिक-बेसिक चीजें आप देख के
- 3:07:56चलोगे। जो मैंने आपको डिपॉजिट्स के मेन
- 3:07:58पॉइंट पढ़ाए हैं ना वही ज्यादाेंट है। इनको
- 3:08:00आप एक बार बस समझ के चलो। अब आ जाता है सर
- 3:08:02एडवांसेस का पॉइंट। एडवांसेस के केस में
- 3:08:05अगेन जो इंटरनल कंट्रोल्स हैं फॉर
- 3:08:07एडवांसेस वी हैव ऑलरेडी कवर्ड। और वही
- 3:08:09क्वेश्चन आईसीआई ने आरटीपी सेप्टेंबर 25
- 3:08:11में भी पूछा। ये वाला पार्ट अगेन बस आप
- 3:08:14समझ के चलना कि जो भी एडवांसेस हैं सेम
- 3:08:16पॉइंट्स मिलेंगे कि इसका प्रॉपर सेंक्शन
- 3:08:17होना चाहिए फ्रॉम हायर अथॉरिटी। जब भी आप
- 3:08:19किसी को पैसा दोगे तो उससे आप सिक्योरिटी
- 3:08:21लोगे तो सिक्योरिटी शुड बी रिसीव्ड एंड
- 3:08:23रजिस्टर्ड इन द बैंक्स नेम। अब जब आपने
- 3:08:25सामने वाले को एडवांस दे दिया उसके बाद आप
- 3:08:27चेक करो कि वो प्रॉपर्ली उसको यूटिलाइज कर
- 3:08:29रहा है कि नहीं। पोस्ट डिसबर्समेंट,
- 3:08:31सुपरविजन एंड फॉलो अप। तो ये तीन पॉइंट्स
- 3:08:33तो आपके फ्लो फ्लो में कवर हो जाते हैं।
- 3:08:35अब दो तरह के एडवांसेस होते हैं व्हिच आर
- 3:08:38यू कैन से नॉन फंडेड एडवांस। इसमें कोई
- 3:08:41ट्रांसफर ऑफ फंड्स नहीं होता। इसको कहते
- 3:08:43हैं लेटर ऑफ क्रेडिट और बैंक गारंटी। तो
- 3:08:45दो एग्जांपल ध्यान रखना। लेटर ऑफ क्रेडिट
- 3:08:47और बैंक गारंटी। जो लेटर ऑफ क्रेडिट है वो
- 3:08:49डेलीगेटेड पावर के अंदर होना चाहिए और जो
- 3:08:51बैंक गारंटी है इट शुड बी प्रॉपर्ली
- 3:08:53वर्डेड एंड रिकॉर्डेड इन द रजिस्टर जो भी
- 3:08:55क्लासिफिकेशन है एडवांसेस की स्टैंडर्ड
- 3:08:57सबस्टैंडर्ड डाउटफुल लॉस एसेट वो आपने
- 3:08:59आरबीआई की गाइडलाइंस के हिसाब से करनी है
- 3:09:01और आखिरी में कहता है अगर आपने कोई
- 3:09:03क्लेम्स करें हैं टू ईसीजीसी डीआईसीजीसी
- 3:09:05दे शुड बी सबमिटेड इन टाइम जो भी क्लेम्स
- 3:09:08वगैरह करते हो आप इंश्योरर्स को ये लोग
- 3:09:10इंश्योरेंस फैसिलिटी देते हैं फॉर द
- 3:09:11डिपॉजिट्स ठीक है इसको अगर आपने कोई क्लेम
- 3:09:14करें तो ये सबमिट करने हैं इन टाइम अब ये
- 3:09:15जो इंश्योरेंस फैसिलिटी है ना यह
- 3:09:17डिपॉजिट्स के लिए होती है। जो बैंक के
- 3:09:19डिपॉजिट्स होते हैं उसके लिए होती है। बट
- 3:09:20पता नहीं इन्होंने एडवांसेस के अंदर ये
- 3:09:21पॉइंट दे रखा है। तो इसको अलग से एक बार
- 3:09:23देख लेना। फिर आता है सर फॉरेन एक्सचेंज।
- 3:09:26द बेस्ट पार्ट अबाउट दिस टॉपिक इज़ ये
- 3:09:28आईसीआई का फेवरेट टॉपिक है। ठीक है सर।
- 3:09:30एंड कहीं ना कहीं इस टॉपिक को आप इजीली
- 3:09:33हैंडल कर सकते हो अपने एएफएम के
- 3:09:34कांसेप्ट्स को यूज़ करके। मुझे बताओ जब
- 3:09:36आपने एएफएम पढ़ा तो उसमें फॉरेन एक्सचेंज
- 3:09:38में किस तरह के क्वेश्चन आते हैं? सर एक
- 3:09:40तो लेटर ऑफ क्रेडिट वाला क्वेश्चन आता है।
- 3:09:42हां। उसके अलावा एक क्वेश्चन आता है हमारा
- 3:09:44फेवरेट होता है जो फॉरवर्ड एक्सचेंज
- 3:09:45कॉन्ट्रैक्ट होता है उसकी एक्सटेंशन और
- 3:09:47कैंसिलेशन वाला जिसमें आप पकड़ते हो स्पॉट
- 3:09:49रेट क्या आएगा नया रेट क्या ले पुराना रेट
- 3:09:51क्या ले हां सर बड़े मजेदार क्वेश्चन होते
- 3:09:53हैं वो वाली चीज आती है फिर आपके
- 3:09:55क्वेश्चंस आते हैं नोस्त्रो अकाउंट
- 3:09:57वस्त्रो अकाउंट आई होप आपको पता है
- 3:09:58नोस्ट्रो अकाउंट मतलब हमारा बैलेंस आपके
- 3:10:00पास और वस्त्रो अकाउंट होता है कि जो कोई
- 3:10:03फॉरेन बैंक है उसका बैलेंस हमारे पास तो
- 3:10:06नोस्ट्रो वस्त्रो अकाउंट के भी बढ़िया
- 3:10:07मजेदार क्वेश्चन आप एएफएम में करते रहते
- 3:10:09हो अब उन्हीं टॉपिक्स को यूज़ करके हम
- 3:10:11इसके चारप पॉइंट्स बना देंगे मजा आ जाएगा।
- 3:10:13देखो सारे बच्चे फोकस करना। फॉरेन
- 3:10:16एक्सचेंज के केस में सबसे पहले आप लेटर ऑफ
- 3:10:17क्रेडिट के केस में आप ये बोलोगे चेक द
- 3:10:20फॉरेन बिल्स व्हिच आर नेगोशिएटेड अंडर
- 3:10:22लेटर ऑफ क्रेडिट। लेटर ऑफ क्रेडिट आपने
- 3:10:23कौन से फॉरेन बिल्स के लिए इशू किया वो
- 3:10:25देखना। दूसरा जो फॉरवर्ड कॉन्ट्रैक्ट वाला
- 3:10:27पॉइंट होता है चेक द एक्सटेंशन एंड
- 3:10:29कैंसिलेशन ऑफ़ फॉरवर्ड कॉन्ट्रैक्ट फॉर
- 3:10:31परचेस और सेल ऑफ़ फॉरेक्स। फिर इंश्योर दैट
- 3:10:34बैलेंस ऑफ नोस्ट्रो अकाउंट जो भी आपने
- 3:10:36फॉरेन बैंक्स के साथ होल्ड कर रखा है दैट
- 3:10:38इज विद इन द लिमिट एंड देन वेरीफाई द
- 3:10:40नोस्ट्रो एंड वस्त्रो अकाउंट फॉर द
- 3:10:42ट्रांजैक्शन एंड बैलेंस जो भी उसके
- 3:10:43ट्रांजैक्शन एंड बैलेंससेस है सब आप
- 3:10:44वेरीफाई करके चलोगे एंड आखिरी में कहता है
- 3:10:47ये सारी चीजों में आपने उस चीज से कंप्लाई
- 3:10:50करना है जिसके लिए जो ऐसा कहता है कॉमन
- 3:10:51पॉइंट है कॉमन पॉइंट क्या है आपने कंप्लाई
- 3:10:53करना है विद आरबीआई एंड हेड ऑफिस की
- 3:10:55गाइडलाइन जो भी आरबीआई और हेड ऑफिस की
- 3:10:56गाइडलाइन है उसके साथ कंप्लाई करके चलना
- 3:10:59तो चार तो आपने टॉपिक लिख दिए लेटर ऑफ
- 3:11:01क्रेडिट एक्सटेंशन कैंसिलेशन ऑफ फॉरवर्ड
- 3:11:04कॉन्ट्रैक्ट नोस्ट्रो अकाउंट का बैलेंस
- 3:11:05शुड बी विद इन द लिमिट ट्रांजैक्शंस ऑफ
- 3:11:07बैलेंससेस ऑफ नस्ट्रो नोस्ट्रो अकाउंट एंड
- 3:11:08कंप्लाई विद द आरबीआई एंड हेड ऑफिस
- 3:11:10इंस्ट्रक्शंस ये आपका टॉपिक भी डन डना डन
- 3:11:13डन अब सर इसके बाद हाउस कीपिंग में कुछ भी
- 3:11:15नहीं है जो डेली आपकी एक्टिविटीज होती है
- 3:11:17वही सब हाउस कीपिंग का पार्ट बनती है कि
- 3:11:19जो भी अकाउंट्स हैं लेजर्स हैं ये प्रॉपर
- 3:11:21होने चाहिए ठीक है जितनी भी बड़ी-बड़ी
- 3:11:22एंट्रीज है उसकी प्रॉपर एडजस्टमेंट होनी
- 3:11:24चाहिए जो स्टाफ अकाउंट्स है उसकी
- 3:11:26ट्रांजैक्शंस को चेक कर लिया ठीक है जो आप
- 3:11:28डिस्काउंट दे रहे हो इंटरेस्ट दे रहे हो
- 3:11:30कमीशन है एक्सचेंज है इसकी परसेंटेज पेज
- 3:11:32देख ली कि सब सही लगा रखे हैं कि नहीं।
- 3:11:33प्लस जो भी आपने इनवर्ड और आउटवर्ड
- 3:11:35रेमिटेंसेस कर रखे हैं, डिमांड ड्राफ्ट,
- 3:11:37मनी ट्रांसफरर्स, टेलीग्राफिक ट्रांसफरर्स
- 3:11:39इनको देख लेना ये प्रॉपर्ली हो रहे हैं कि
- 3:11:40नहीं। ठीक है? तो जो डेली ट्रांजैक्शंस
- 3:11:42हैं उसके बारे में इन्होंने यहां पे
- 3:11:43डिस्कशन कर दी। अब सर एक बढ़िया टॉपिक आता
- 3:11:45है अपॉइंटमेंट ऑफ द कॉन्करेंट ऑडिटर।
- 3:11:47एमसीक्यू पॉइंट ऑफ व्यू से ध्यान रखना।
- 3:11:49सबसे पहले सर कॉनकरेंट ऑडिटर की अगर मैं
- 3:11:51बात करूं तो ये कौन होगा? जैसे एक इंटरनल
- 3:11:54ऑडिटर होता है कि वो एंटीटी का एंप्लई भी
- 3:11:56हो सकता है या कोई एक्सटर्नल स्टाफ भी हो
- 3:11:58सकता है। ऐसे ही कॉनकरेंट ऑडिटर भी इंटरनल
- 3:12:00एंप्लई हो सकता है या कोई एक्सटर्नल हो
- 3:12:02सकता है। ये बैंक की अपनी चॉइस है। अब अगर
- 3:12:05अपना खुद का बंदा है तो ध्यान रहे ये बंदा
- 3:12:07एकदम एक्सपीरियंस्ड होना चाहिए, ट्रेंड
- 3:12:09होना चाहिए और सीनियर बंदा होना चाहिए।
- 3:12:10ठीक है? प्लस ही शुड बी इंडिपेंडेंट ऑफ द
- 3:12:13ब्रांच वेयर द ऑडिट इज़ डन। तो जिस भी
- 3:12:15ब्रांच का ये कॉनकरेंट ऑडिट कर रहा है, ये
- 3:12:17उसका एंप्लई नहीं होना चाहिए। ही शुड बी द
- 3:12:19एंप्लई आइदर ऑफ़ द हेड ऑफिस और सम अदर
- 3:12:21ब्रांच। ठीक है सर। अगर एक्सटर्नल ऑडिटर
- 3:12:24है तो ये कौन डिसाइड करेगा? ऑडिट कमेटी
- 3:12:26डिसाइड करेगी एक्सटर्नल ऑडिटर की
- 3:12:27अपॉइंटमेंट और उसका कितना टेन्योर होगा ये
- 3:12:29भी ऑडिट कमेटी डिसाइड करेगी। अब उसका
- 3:12:32टेन्योर रिमुनरेशन ऑडिट कमेटी ने तो
- 3:12:34डिसाइड किया बट ध्यान रहे 5 साल से ज्यादा
- 3:12:37ये बैंक का कॉनकरेंट ऑडिटर नहीं बन सकता।
- 3:12:39और अगर मैं किसी ब्रांच की बात करूं तो 3
- 3:12:41साल से ज्यादा ये ब्रांच का कॉनकरेंट ऑडिट
- 3:12:43नहीं कर सकता। तो क्या मैं ऐसा कह सकता
- 3:12:45हूं टोटल लिमिट इसके कॉनकरेंट ऑडिट की है
- 3:12:475 साल जो एक्सटर्नल ऑडिटर है उसमें से भी
- 3:12:50अगर मैं ब्रांच वाइज लिमिट की बात करूं तो
- 3:12:52वो 3 साल है। 3 साल से ज्यादा आप कभी किसी
- 3:12:54ब्रांच का कॉनकरेंट ऑडिट नहीं कर सकते।
- 3:12:56बात समझ में आई? आई सर। इसके बाद कहता है
- 3:12:59अगर ऑडिटर से कोई भी गड़बड़ हुई तो हम
- 3:13:00आरबीआई को बताएंगे। आईसीआई को बताएंगे एंड
- 3:13:02उसकी जो अपॉइंटमेंट है फिर वो कैंसिल हो
- 3:13:04सकती है। सिंपल सा टॉपिक था। सिंपल सा। अब
- 3:13:06सर लास्ट टॉपिक आता है रिपोर्टिंग
- 3:13:08सिस्टम्स इन केस ऑफ कॉनकरेंट ऑडिट। इसमें
- 3:13:10हमको क्या-क्या चीजें ध्यान रखनी है?
- 3:13:11एवरीवन गेट रेडी।
- 3:13:14तो भैया इसमें आपने बस एक छोटा सा
- 3:13:17डायग्राम ध्यान रखना है। सर क्या कॉनकरेंट
- 3:13:19ऑडिट में जो भी आपको गड़बड़ें मिली हैं,
- 3:13:21ठीक है? जो भी आपकी फाइंडिंग्स हैं वो सब
- 3:13:23आप प्रॉपर्ली रिपोर्ट करके चलोगे। अब ये
- 3:13:24रिपोर्ट कैसे करना है? प्रॉपर
- 3:13:26स्ट्रक्चरर्ड फॉर्मेट में। जैसे हम इंटरनल
- 3:13:28ऑडिट रिपोर्ट भी बनाते हैं ना कि सबसे
- 3:13:29पहले इंट्रोडक्शन आएगा, एग्जीक्यूटिव समरी
- 3:13:31आएगी, क्या स्कोप था? क्या ऑब्जेक्टिव था?
- 3:13:34क्या फाइंडिंग्स मिली? उस पे क्या आपकी
- 3:13:36रिकमेंडेशन है? क्या फॉलो अप एक्शन है?
- 3:13:38प्रॉपर फॉर्मेट में आपने रिपोर्ट करके
- 3:13:40चलना है। सो दिस शुड बी डन इन अ वेरी
- 3:13:41स्ट्रक्चरर्ड फॉर्मेट। और ये रिपोर्ट
- 3:13:43किसको करेंगे? हमेशा की तरह ऑडिट कमेटी
- 3:13:45को। तो जो भी ऑडिट कमेटी बोर्ड है उसको आप
- 3:13:46ये रिपोर्ट सबमिट करोगे। अब सर ये जो
- 3:13:48रिपोर्टिंग है ये ज़ोन वाइज रिपोर्टिंग
- 3:13:50होनी चाहिए। तो जैसे आपका आईसीआई में होता
- 3:13:52है ना नॉर्थ ज़ोन, साउथ ज़ोन, ईस्ट ज़ोन,
- 3:13:54वेस्ट ज़ोन, सेंट्रल ज़ोन वैसे ही हम भी
- 3:13:56यहां पे ज़ोन वाइज़ रिपोर्टिंग करेंगे।
- 3:13:57किस-किस ज़ोन में क्या-क्या दिक्कतें चल
- 3:13:59रही हैं। ठीक है सर। अब यह रिपोर्ट देने
- 3:14:01से पहले ऑडिट कमेट को जो भी आपका लोकल
- 3:14:03मैनेजर है, ब्रांच मैनेजर है, उसके साथ
- 3:14:05डिस्कस कर लेना कि मेरे को यह इश्यूज मिले
- 3:14:07हैं। तो अगर उन इशूज़ पे उसको बेचारे को
- 3:14:09कोई क्लेरिफिकेशन देनी होगी तो वो
- 3:14:11क्लेरिफिकेशन दे देगा। सो बिफोर सबमिशन
- 3:14:13डिस्कस द इशूज़ विद द ब्रांच मैनेजर। ठीक
- 3:14:15है सर? अगर कोई माइनर इर्रेगुलैरिटीज़ है
- 3:14:17वो तो आप फटाफट सॉर्ट आउट कर लोगे। बट अगर
- 3:14:20कोई सीरियस इर्रेगुलरिटी है। मान लो कोई
- 3:14:22फ्रॉड वगैरह मिल गया तो उसके बारे में हेड
- 3:14:23ऑफिस को बताना। तो इसी से रिलेटेड है
- 3:14:25फिफ्थ पॉइंट फ्रॉड। तो अगर कोई फ्रॉड
- 3:14:27मिलता है तो सबसे पहले आप बताओगे आईएडी
- 3:14:29को। आईएडी बोले तो इंस्पेक्शन एंड ऑडिट
- 3:14:31डिपार्टमेंट। फिर जैसे कंपनी में सीईओ
- 3:14:33होता है, सीएफओ होता है वैसे ही एक और
- 3:14:35बंदा होता है जिसका नाम होता है सीवीओ।
- 3:14:36चीफ विजिलेंस ऑफिसर। इसको भी बता देना। और
- 3:14:39जो ब्रांच मैनेजर है उसको बता देना। अनलेस
- 3:14:41ब्रांच मैनेजर ने ही फ्रॉड किया है। तो हम
- 3:14:43फ्रॉड के बारे में किसको बताएंगे? हेड
- 3:14:45ऑफिस का आईआईटी डिपार्टमेंट, इंस्पेक्शन
- 3:14:46एंड ऑडिट डिपार्टमेंट, सीवीओ यानी चीफ
- 3:14:48विजिलेंस ऑफिसर को और ब्रांच मैनेजर को।
- 3:14:50और आखिरी में जो भी आपने रिपोर्टिंग करी
- 3:14:52है उस पे आप फॉलो अप एक्शन लोगे कि
- 3:14:54प्रॉपर्ली आपने जो जो रिकमेंडेशन दी थी वो
- 3:14:56इंप्लीमेंट हुई या नहीं तो इसी फ्लो में
- 3:14:58चलना स्ट्रक्चर फॉर्मेट ज़ोन वाइज
- 3:15:00रिपोर्टिंग सबमिट करने से पहले इशूज़ को
- 3:15:02ब्रांच मैनेजर से डिस्कस कर लेना फिर दो
- 3:15:04तरह की रेगुलैरिटी आप बताओगे माइनर और
- 3:15:06सीरियस सीरियस का एग्जांपल है फ्रॉड वो इन
- 3:15:08तीन लोगों को बताना है और आखिरी में आप
- 3:15:10लोगे फॉलो अप एक्शन यही प्यारी-प्यारी
- 3:15:12मीठी-मीठी बातें यहां पे दे रखी है और
- 3:15:14इसमें आपको कुछ भी नया नहीं मिलेगा। यहां
- 3:15:16पे हमारा थ्योरी वाला पार्ट कंप्लीट होता
- 3:15:17है। बट कुछ अच्छे-अच्छे क्वेश्चंस हैं जो
- 3:15:19मैं आपके साथ डिस्कस करना चाहता हूं। एक
- 3:15:20बार अपने क्वेश्चन बैंक पे आ जाओ। ठीक है
- 3:15:23सर? टेस्ट योर अंडरस्टैंडिंग के साथ
- 3:15:24स्टार्ट करते हैं। जितने भी डायरेक्ट
- 3:15:26क्वेश्चंस हैं वो तो ऑलरेडी आपके नोट्स के
- 3:15:29साथ निपट गए। कुछ तड़कतेक भड़कते
- 3:15:31क्वेश्चंस एक बार रिवाइज कर लेते हैं।
- 3:15:33सबसे पहले सर क्वेश्चन नंबर वन डिस्कस
- 3:15:34करते हैं। आप लोगों को एडवांस देते हो तो
- 3:15:37वहां पे क्या पकड़ा ऑडिटर ने कि जो लोन
- 3:15:39एप्लीकेशनेशंस है वो प्रॉपर्ली फिल नहीं
- 3:15:41हो रही। ठीक है? उसमें कई सारी डिटेल्स
- 3:15:42मिसिंग है। ठीक है सर। कहीं ना कहीं आपने
- 3:15:45लोगों की कैश क्रेडिट लिमिट भी एनहांस करी
- 3:15:47है। बट इसके कोई भी रिकॉर्ड नहीं है कि
- 3:15:49आपने उसको प्रॉपर्ली असेस किया हो। कोई
- 3:15:52असेसमेंट और वर्किंग बैंक नहीं कर रहा। अब
- 3:15:55ये जो पांच अकाउंट हैं ये सेटिस्फेक्टरीली
- 3:15:57ऑपरेट कर रहे हैं। मतलब इनसे रिकवरीज टाइम
- 3:15:59पर हो रही है। बट क्या मैं ऐसा कह सकता
- 3:16:01हूं जो लोन एप्लीकेशनेशंस हैं वो प्रॉपर
- 3:16:02नहीं है। कैश क्रेडिट लिमिट आप ऐसे ही
- 3:16:04बढ़ा देते हो बिना चीजें चेक करे। तो यहां
- 3:16:06पे जो इंटरनल कंट्रोल्स हैं वो कमजोर हैं।
- 3:16:08अब जो इंटरनल कंट्रोल्स हैं वो कमजोर हैं।
- 3:16:10इसके बारे में आपने रिपोर्ट करना है
- 3:16:12एलएफएआर में। तो बस यही चीज आपने यहां पे
- 3:16:14सीखी। इंटरनल कंट्रोल्स कमजोर हैं तो उसके
- 3:16:16बारे में एलएफएआर में रिपोर्ट कर दो और
- 3:16:17कुछ करने की जरूरत नहीं है। क्या अकाउंट
- 3:16:19को एनपीए क्लासिफाई करना चाहिए? मैंने कहा
- 3:16:21नहीं अगर अकाउंट प्रॉपर्ली आपको पैसे देता
- 3:16:23जा रहा है। आप प्रॉपर्ली टाइम पर पैसा
- 3:16:25रिकवर कर रहे हो तो आप उसको एनपीए
- 3:16:27क्लासिफाई नहीं करोगे। आप उसको स्टैंडर्ड
- 3:16:29ही मानोगे। ठीक है? इट विल बी कंसीडर्ड एज
- 3:16:31अ स्टैंडर्ड एसेट। ठीक है? ठीक है सर। अब
- 3:16:34एक बार आ जाओ क्वेश्चन नंबर टू। क्वेश्चन
- 3:16:36नंबर टू भी जब आपने किया होगा तो आपको
- 3:16:38इससे पूछता है फाइव एरियाज बताओ जहां पे
- 3:16:41आपको ये एश्योर करना है कोई भी रेवेन्यू
- 3:16:43लीक ना हो। अब ये जो फाइव एरियाज है ना
- 3:16:45आपको अपना दिमाग नहीं लगाना। ठीक है? जो
- 3:16:47क्वेश्चन में पॉइंट्स दे रखे हैं उसी में
- 3:16:49से पॉइंट्स निकालो।
- 3:16:51ये कहता है आप कॉनकरेंट ऑडिट कर रहे हो।
- 3:16:53एक ब्रांच का। ठीक है? जिसमें ढेर सारे
- 3:16:55एडवांसेस हैं। अब मुझे बताओ एडवांसेस के
- 3:16:58केस में जो रेवेन्यू है वो कहां से आता
- 3:17:00है? सर सबसे पहले आप जब भी किसी को लोन
- 3:17:02देते हो तो लोन प्रोसेसिंग फीस है। तो
- 3:17:04देखना लोन प्रोसेसिंग फीस प्रॉपर्ली आप
- 3:17:06चार्ज कर रहे हो कि नहीं? ठीक है? जब मैं
- 3:17:08लोन दूंगा तो उससे क्या लूंगा? इंटरेस्ट
- 3:17:10रेट। तो इंटरेस्ट रेट करेक्ट होना चाहिए।
- 3:17:12सेंक्शन लेटर के हिसाब से होना चाहिए।
- 3:17:13वेरी गुड। इसके अलावा कहता है एक्सपोर्ट
- 3:17:16एडवांस। एक्सपोर्ट एडवांस के रिगार्डिंग
- 3:17:18एक और पॉइंट दे रखा है कि जो भी आपने
- 3:17:21एक्सपोर्ट एडवांसेस दिए हैं
- 3:17:24कहां गया? कहां गया? यहीं पे था। जस्ट गिव
- 3:17:27मी अ मोमेंट। ये देखो यहां पे इन्होंने
- 3:17:29एक्सपोर्ट से रिलेटेड पॉइंट बना रखा है।
- 3:17:31वेरिफिकेशन ऑफ ओवरड्यू इंटरेस्ट। यहां भी
- 3:17:34इंटरेस्ट वाले पॉइंट वापस डाल दिया। ऑन द
- 3:17:36एक्सपोर्ट बिल्स दैट दे हैव परचेस्ड एंड
- 3:17:39पैकिंग क्रेडिट फैसिलिटीज़ फॉर ओवरड्यू
- 3:17:41पीरियड। तो यहां पे आपने जो भी एक्सपोर्ट
- 3:17:43के रिगार्डिंग इनको फैसिलिटीज़ वगैरह दी है
- 3:17:45या जो भी इंटरेस्ट है वो सब आपका
- 3:17:46प्रॉपर्ली अकाउंट फॉर होना चाहिए। उसके
- 3:17:49बाद लेटर ऑफ क्रेडिट की बात की है तो लेटर
- 3:17:51ऑफ क्रेडिट के लिए जो भी आपने इनसे कमीशन
- 3:17:53वगैरह चार्ज किया है वेरीफाई द चार्जेस और
- 3:17:55कमीशन फॉर लेटर ऑफ क्रेडिट वो भी बैंक के
- 3:17:57सर्कुलर के हिसाब से होना चाहिए प्रॉपर
- 3:17:58होना चाहिए। अब लास्ट में सर जब भी आप
- 3:18:01देते हो वर्किंग कैपिटल एडवांस। हां जब भी
- 3:18:04आप इनको देते हो ड्रॉइंग पावर तो आपको पता
- 3:18:07है इनका स्टॉक स्टेटमेंट देखना पड़ता है।
- 3:18:09हां सर फटाफट एक बार कमेंट सेक्शन में लिख
- 3:18:11दो कि जो स्टॉक स्टेटमेंट है कितना महीने
- 3:18:14पुराना चल जाएगा। ठीक है? कितना महीने
- 3:18:16पुराना चल जाएगा? मैं पांच तक चलो गिनता
- 3:18:19हूं। बताना 1 2 3 4 5 सर 3 महीने पुराना
- 3:18:23चल जाएगा। ठीक है? कमेंट सेक्शन में भी
- 3:18:25लिख दिया तो बहुत बढ़िया। मुझे बहुत अच्छा
- 3:18:26लगेगा। अभी तक आप वीडियो देख रहे हो और
- 3:18:28एकदम अच्छे से देख रहे हो। वेरी गुड। तो
- 3:18:30यह भी आपने चीज देखनी है कि अगर स्टॉक
- 3:18:32स्टेटमेंट उन्होंने टाइम पर सबमिट नहीं
- 3:18:33किया तो कंपनी उस पर पीनल इंटरेस्ट
- 3:18:35लगाएगी। बैंक उस पे पीनल इंटरेस्ट लगाएगा
- 3:18:36तो वो भी रेवेन्यू रिकॉग्नाइज होना चाहिए।
- 3:18:38तो इन पॉइंट्स का रट्टा लगाने से बेटर है
- 3:18:40कॉनंसेप्चुअली इनको क्वेश्चन से लिंक करके
- 3:18:42चलो। उसी में से आपके पांच पॉइंट बन
- 3:18:44जाएंगे। क्या अप्रोच और सोच क्लियर है?
- 3:18:47हां सर एकदम बढ़िया तरीके से। अब आ जाओ
- 3:18:49क्वेश्चन नंबर थ्री पे। क्वेश्चन नंबर
- 3:18:51थ्री पे सर क्या था? बड़ा सिंपल सा
- 3:18:53क्वेश्चन था। सीए सीमा को अपॉइंट किया गया
- 3:18:55था एज अ स्टॉक ऑडिटर। स्टॉक ऑडिटर का कोई
- 3:18:57काम नहीं होता। बस उसको बैंक जो है वो
- 3:18:59भेजता है। ठीक है? और बोलता है कि जो भी
- 3:19:01उसका बोरोअर है बैंक का उसका स्टॉक
- 3:19:03वेरीफाई कर और रिपोर्ट सबमिट कर कि उसका
- 3:19:05स्टॉक प्रॉपर है कि नहीं। अब सर जो बोरोअर
- 3:19:08था ना उसके पास पड़े थे चावल और पैडी। ठीक
- 3:19:10है? चावल और पैडी भरे पड़े थे 20,000
- 3:19:13क्विंटल एंड इसके 8,000 जो बैग्स थे वो
- 3:19:17प्रिमाइससेस के अंदर पड़े हुए थे। इसके
- 3:19:18बेसिस पे इसने ड्रॉइंग पावर कैलकुलेट करी।
- 3:19:20अब जब कोई और इंस्पेक्टर वहां पर गया तो
- 3:19:22उसको पता चला 8000 में से जो 5000 बैग थे
- 3:19:26वहां पे सर जो पैडी था चावल था व्हाटएवर
- 3:19:29बी इट उस पे फंगस लगी हुई थी तो मुझे बताओ
- 3:19:32क्या इसने अपना स्टॉक ऑडिट तमीज से किया
- 3:19:34नहीं सर अगर स्टॉक ऑडिट करने जा रही है तो
- 3:19:37बैग्स थोड़े खुलवा के देख ले सैंपल बेसिस
- 3:19:39पे बैग्स खुलवा सकती थी और देख सकती थी कि
- 3:19:41इस पे फंगस लगी है या नहीं या चावल प्रॉपर
- 3:19:44है कि नहीं तो क्योंकि 8000 में से 5000
- 3:19:46बैग में दिक्कत मिली है तो यहां पे आप
- 3:19:48इतना बोलोगे कि क्या इसने अपना इतना काम
- 3:19:50तमीज से किया। आप बोलो काम तमीज से नहीं
- 3:19:52किया। इसको थोड़े बहुत बैग्स ओपन करवा
- 3:19:54लेने चाहिए थे। तो बस इतना सा ही कांसेप्ट
- 3:19:55था। एक बार आ जाओ रिवाइज़ कर लेते हैं।
- 3:19:57दिस श्योर दैट स्टॉक ऑडिट इज़ नॉट
- 3:19:59परफॉर्म्ड डलिजेंटली। शी शुड हैव
- 3:20:00वेरीिफाइड द कंडीशन ऑफ़ द स्टॉक।
- 3:20:02थोड़े-थोड़े राइस बैग्स ओपन करा लेने
- 3:20:04चाहिए थे ऑन टेस्ट चेक बेसिस ताकि फंगस के
- 3:20:06बारे में पता चल जाता। अब जो भी ये राइस
- 3:20:08खराब हो चुके हैं, इसको हम एक्सक्लूड
- 3:20:09करेंगे व्हाइल कैलकुलेटिंग द ड्रॉइंग
- 3:20:11पावर। ठीक है? शी हैज़ फेल टू डू द वर्क
- 3:20:13प्रॉपर्ली। दिस इज़ नॉट प्रॉपर। क्लियर है
- 3:20:16बॉस? क्लियर है सर? अब आ जाओ भैया मेरे
- 3:20:18साथ आगे बढ़ते हैं। ठीक है? क्योंकि क्या
- 3:20:20है ना मैं अगर यह तड़कते भड़कते क्वेश्चन
- 3:20:22नहीं कराऊंगा तुम करोगे ही नहीं। बोलोगे
- 3:20:24सर टाइम कम था सर छोड़ गए सर। अभी मेरे
- 3:20:26साथ 15 मिनट बैठ जाओगे। मैं सारेेंट
- 3:20:28पॉइंट्स गो थ्रू करा दूंगा। ठीक है सर। और
- 3:20:30सर कौन से केस स्टडी बेस्ड क्वेश्चन है
- 3:20:32हमारे पास? एक ये क्वेश्चन नंबर फोर है। आ
- 3:20:33जाओ इसको भी गो थ्रू करा देता हूं। बहुत
- 3:20:35ही सिंपल क्वेश्चन है स्टडी मटेरियल का।
- 3:20:37कहता है आप बने हो सेंट्रल स्टचटरी ऑडिटर
- 3:20:40ऑफ़ अ नेशनलाइज़्ड बैंक। बैंक फॉलो करता है
- 3:20:42फाइनेंसियल ईयर को एज अकाउंटिंग ईयर।
- 3:20:44मैनेजर बोलता है बैंक हैज़ रिकॉग्नाइज्ड ऑन
- 3:20:46अक्रूअल बेसिस
- 3:20:48इनकम फ्रॉम द डिविडेंड एंड ऑन द
- 3:20:51सिक्योरिटी एंड यूनिट्स ऑफ़ म्यूच्यूल फंड
- 3:20:54एट द एंड ऑफ़ फाइनेंसियल ईयर। दीज़
- 3:20:56डिविडेंड्स वर डिक्लेयर्ड आफ्टर द एंड ऑफ़
- 3:20:58फाइनेंसियल ईयर। मुझे बताओ ये हमारे पास
- 3:21:01फाइनेंसियल ईयर है। ये है हमारे पास डेट
- 3:21:0331 मार्च
- 3:21:052025। मान लो 14 अप्रैल 2025 को डिविडेंड
- 3:21:10डिक्लेअ हुआ। ठीक है? क्या मैं इसको यहां
- 3:21:12पे इनकम मान सकता हूं? फटाफट बताओ। आंसर
- 3:21:15इज नो। सर, हम इसको इनकम क्यों नहीं मान
- 3:21:17सकते? भाई तुम्हारा इनकम डिक्लेअ डिविडेंड
- 3:21:19डिक्लेअर ही नहीं हुआ। ये जो पीरियड है
- 3:21:22यहां तक कोई भी डिविडेंड डिक्लेअ नहीं
- 3:21:24हुआ। डिविडेंड कब डिक्लेअ हुआ सर? आफ्टर द
- 3:21:26ईयर एंड। तो अगर डिविडेंड डिक्लेअ हुआ है
- 3:21:28आफ्टर द ईयर एंड आप इसको अपनी इनकम नहीं
- 3:21:30मान सकते। हम इसको अपनी इनकम तभी मानते
- 3:21:32व्हेन इट वुड हैव बीन डिक्लेयर्ड बिफोर द
- 3:21:34ईयर एंड। तो आप बस इतना बोलो कि इनकम
- 3:21:37फ्रॉम डिविडेंड ऑन द शेयर्स ऑन इज डन
- 3:21:40कैलकुल इज अकाउंटेड ऑन अक्रूअल बेसिस
- 3:21:43व्हेन इट इज़ डिक्लेयर्ड बाय द कॉर्पोरेट
- 3:21:44बॉडी एज़ पर एएस तो ये जो रिकॉग्निशन इन
- 3:21:47लोगों ने करी है दिस इज़ नॉट इन ऑर्डर। ठीक
- 3:21:49है? ये आपने ध्यान रखना है इट इज़ नॉट इन
- 3:21:51ऑर्डर। अगर ये डिक्लेअर हो जाता बिफोर द
- 3:21:53ईयर एंड तो हम इसको अकाउंट फॉर कर सकते
- 3:21:55थे। तो बड़ा सिंपल सा कांसेप्ट है अक्रूल
- 3:21:56बेसिस का। जब डिविडेंड डिक्लेअर होगा तभी
- 3:21:58आपको इसको अकाउंट करना है। तो क्योंकि ये
- 3:22:00अगले साल में डिक्लेअ हुआ है तो आप इसको
- 3:22:02नेक्स्ट फाइनेंसियल ईयर में ही इनकम
- 3:22:03मानोगे। क्लियर है बॉस? क्लियर है सर? फिर
- 3:22:06उसके बाद आ जाओ क्वेश्चन नंबर फाइव। तो
- 3:22:09मेरे को लगता है ईजी था। हमने कर लिया
- 3:22:10ऑलरेडी। क्वेश्चन नंबर सिक्स ऑल वी हैव
- 3:22:13डिस्कस। सेवन हमने डिस्कस कर लिया। एक बार
- 3:22:16भैया आ जाओ। क्वेश्चन नंबर एट डिस्कस करते
- 3:22:18हैं। ठीक है? एवरीवन फोकस ऑन द बोर्ड। इस
- 3:22:20क्वेश्चन में सर इन्होंने क्या पूछा है?
- 3:22:22बड़ा सिंपल है। जो आपका अकाउंट है वो
- 3:22:24रिन्यू होना चाहिए ऑन द ड्यू डेट। है वो
- 3:22:27कहीं ना कहीं ड्यू डेट पे रिव्य्यू होना
- 3:22:28चाहिए। दैट वाज़ फर्स्ट सप्टेंबर 24। मैंने
- 3:22:30आपको कहा था कि अगर ड्यू डेट से 180 डेज
- 3:22:33के अंदर भी रिव्यु ना हो तो हम इसको क्या
- 3:22:35मानेंगे? सर हम इसको एनपीए का नाम दे
- 3:22:37देंगे। तो ये कहता है कि 31 मार्च आ गया।
- 3:22:40बैलेंस शीट डेट आ गई और ये रिन्यू नहीं
- 3:22:42हुआ। तो क्या मैं बोल दूं 180 डेज से
- 3:22:44ज्यादा हो गए। हां सर यहां पे 180 डेज से
- 3:22:46ज्यादा हो गए। तो इसको क्या मान लो? एनपीए
- 3:22:48मान लो। बट सर इस रिन्यू ना होने के पीछे
- 3:22:51एक वजह थी। मैंने कहा वजह क्या थी? अगर आप
- 3:22:54पूरा क्वेश्चन ढंग से पढ़ोगे तो आपको समझ
- 3:22:55आएगा। वजह ये थी कि जो बोरोअर था वो अपनी
- 3:22:59ऑडिट रिपोर्ट सबमिट नहीं कर पा रहा था।
- 3:23:01बिकॉज़ ऑडिटर कहीं ना कहीं किसी रीज़न की
- 3:23:03वजह से ऑडिटर के केस में ना कुछ दिक्कत आ
- 3:23:06गई थी। क्या दिक्कत आई थी? ये भी यहां पे
- 3:23:08लिखा था। कहां गया? कहां गया? कहां गया
- 3:23:10बदमाश? [नाक से की जाने वाली आवाज़] हां।
- 3:23:12ऑडिटर मर ही गया। बताओ। बेचारे का ऑडिटर
- 3:23:14मर गया। ठीक है? और उसको नया ऑडिटर अपॉइंट
- 3:23:17करना पड़ा। तो नया ऑडिटर अपॉइंट करते-करते
- 3:23:19बेचारे की जो ऑडिट रिपोर्ट थी वो लोग
- 3:23:21सबमिट नहीं कर पाए टाइम पे। और क्योंकि वो
- 3:23:22सबमिट नहीं कर पाए तो ड्रॉइंग पावर आपकी
- 3:23:25बैलेंस शीट डेट तक रिन्यू हो ही नहीं पाई।
- 3:23:27ठीक है सर। बट बैलेंस शीट डेट से ठीक 10
- 3:23:31दिन के बाद ड्रॉइंग पावर रिन्यू हो गई।
- 3:23:33ऑडिट रिपोर्ट आ गई। तो क्या मैं ऐसा कह
- 3:23:35सकता हूं दिस इज़ अ इवेंट आफ्टर द बैलेंस
- 3:23:37शीट डेट टिल द डेट ऑफ़ ऑडिट रिपोर्ट। जो
- 3:23:39कहीं ना कहीं आपको इंफॉर्मेशन दे रहा है
- 3:23:42कि बोरोअर के केस में कोई दिक्कत नहीं है।
- 3:23:44उसकी ड्रॉइंग पावर एकदम प्रॉपर है। हां
- 3:23:46सर। तो हम इसको बोल सकते हैं एडजस्टिंग
- 3:23:48इवेंट। और क्योंकि ये एडजस्टिंग इवेंट हो
- 3:23:50गया तो हम इस अकाउंट को एनपीए नहीं
- 3:23:52मानेंगे। हम इसको एज अ स्टैंडर्ड एसेट
- 3:23:54क्लासिफाई करेंगे। तो सिंपल सी बात है
- 3:23:56ड्यू डेट पे रिन्यू होना चाहिए था। अब
- 3:23:58क्योंकि 180 डेज तक रिन्यू नहीं हुआ तो
- 3:24:00इसको हम जनरली एनपीए बोलते हैं। बट
- 3:24:02क्योंकि यहां पे एक एडजस्टिंग इवेंट हो
- 3:24:03गया 10th अप्रैल को जहां पे ड्रॉइंग पावर
- 3:24:05इसकी रिन्यू हो गई। तो हम इस केस में इसको
- 3:24:08स्टैंडर्ड एसेट क्लासिफाई कर सकते हैं।
- 3:24:10यही बात यहां लिखी है। इट शुड बी
- 3:24:12क्लासिफाइड एज़ एनपीए इफ रिन्यूल इज़ नॉट डन
- 3:24:14विद इन 180 डज़। बिकॉज़ बट यहां पे जो
- 3:24:17ऑपरेशंस है वो एक्सीलेंट है। बैंक ने एक
- 3:24:19लेटर भी दिया है ड्यू टू सर्टेन रीज़ंस
- 3:24:21ऑडिटेड फाइनेंसियल स्टेटमेंट्स वर डिलेड।
- 3:24:23सो लिमिट कुड नॉट बी रिन्यूड बिफोर द
- 3:24:25साइनिंग ऑफ ऑडिट रिपोर्ट। दस
- 3:24:29बट जो लिमिट है सॉरी मैं गलत बोल दिया। बट
- 3:24:31जो लिमिट है दैट हैज़ बीन रिन्यूड बिफोर द
- 3:24:33साइनिंग ऑफ़ रिपोर्ट। ये 10 अप्रैल को
- 3:24:35लिमिट रिन्यू हो गई। सो इवन इफ सेंक्शन
- 3:24:38वाज़ इशूड आफ्टर द बैलेंस शीट डेट इट
- 3:24:40रिलेट्स टू द पोजीशन एज़ ऑन बैलेंस शीट
- 3:24:42डेट। देयर फॉर इट इज़ अ एडजस्टिंग इवेंट एज़
- 3:24:44पर AS4 गोइंग बाय द सब्सटेंस ओवर फॉर्म हम
- 3:24:46इसको स्टैंडर्ड एसेट मानेंगे। ठीक है? ये
- 3:24:48आपने कांसेप्ट यहां पे अप्लाई करना है।
- 3:24:50वेरी गुड। क्वेश्चन नाइन वी हैव डिस्कस्ड।
- 3:24:53क्वेश्चन 10 भी एक अच्छा क्वेश्चन है बट
- 3:24:56मेरे को लगता है आप इसको ईजीली मैनेज कर
- 3:24:58लोगे। ठीक है?
- 3:24:59एक बार रिवाइज़ करा दूं। हां सर। कहते हैं
- 3:25:01वन ऑफ़ द एनपीए वाज़ सोल्ड एट अ वैल्यू हायर
- 3:25:03देन द नेट बुक वैल्यू। प्रॉफिट वाज़ नॉट
- 3:25:06रिकॉग्नाइज़्ड बट एक्सेस प्रोविज़न हैज़ बीन
- 3:25:08रिवर्स्ड। क्या एक्सेस प्रोविज़न को रिवर्स
- 3:25:10करना चाहिए था? नहीं। जो भी प्रॉफिट है
- 3:25:12हमें उसको रिटेन करना है टू मीट द लॉस ऑन
- 3:25:15द सेल ऑफ अदर एनपीए। फिर कहते हैं
- 3:25:18इंटरेस्ट इन द स्टेट गवर्नमेंट गारंटेड
- 3:25:19एडवांस हैज़ बीन टेकन टू इनकम इवन दो
- 3:25:22एडवांस इज़ ओवरड्यू फॉर मोर देन 90 डेज।
- 3:25:25क्या इसको इनकम रिकॉग्नाइज़ करना चाहिए?
- 3:25:26नहीं। जब ये अमाउंट रियलाइज़ होगी। जब ये
- 3:25:29इनकम रियलाइज़ होगी तभी हम इसको इनकम
- 3:25:31मानेंगे। हम अक्रूअल बेसिस पे इनकम
- 3:25:33रिकॉग्नाइज़ नहीं करेंगे। बिकॉज़ यह एनपीए
- 3:25:35बन चुका है। देयर इज़ अकाउंट फॉर व्हिच
- 3:25:38एडहॉक लिमिट इज़ नॉट रिव्यूड फॉर 180 डज़।
- 3:25:41ठीक है? एंड अकाउंट इज़ ट्रीटेड एज अ
- 3:25:42परफॉर्मिंग एसेट। गलत। अगर 180 डेज तक
- 3:25:44लिमिट रिव्य्यू नहीं होती, तो हम उसको
- 3:25:46एनपीए मानते हैं। फिर कहता है ऑन
- 3:25:49वेरिफिकेशन ऑफ़ आउटस्टैंडिंग फॉरवर्ड
- 3:25:51एक्सचेंज कॉन्ट्रैक्ट। द नेट पोजीशन ये
- 3:25:53अच्छा पार्ट है। फोकस करना। नेट पोजीशन इन
- 3:25:56रिस्पेक्ट ऑफ़ वन ऑफ़ द फॉरेन करेंसी वाज़
- 3:25:58नॉट स्क्वायर्ड एंड इट वाज़ अनकवर्ड बाय अ
- 3:26:01सब्सटेंशियल अमाउंट। सर यह क्या कहना
- 3:26:04चाहता है? एवरीवन प्लीज फोकस ऑन द बोर्ड।
- 3:26:11मान लो एक बैंक है। ठीक है? इसने कुछ
- 3:26:14फॉरवर्ड एक्सचेंज कॉन्ट्रैक्ट्स एंटर कर
- 3:26:16रखे हैं।
- 3:26:20और जो फॉरवर्ड एक्सचेंज कॉन्ट्रैक्ट्स
- 3:26:22हैं, इसमें इसकी जो पोजीशन है, वह है नेट
- 3:26:25बाय। ठीक है? जो भी इसके कस्टमर्स हैं
- 3:26:28उसके साथ इसकी पोजीशन है नेट बाय ऑफ लेट्स
- 3:26:31से $000
- 3:26:33अब सर जो इसने फॉरवर्ड एक्सचेंज
- 3:26:35कॉन्ट्रैक्ट कर रखे हैं लेट्स से आफ्टर वन
- 3:26:37मंथ और इसकी जो नेट पोजीशन है वो है नेट
- 3:26:40बाय ऑफ $1000 क्या इसको
- 3:26:44डॉलर जब इसने नेट बाय की एक पोजीशन ले रखी
- 3:26:47है ठीक है तो इसके पास डॉलर सेल का भी
- 3:26:50कॉन्ट्रैक्ट होना चाहिए हां सर कहीं ना
- 3:26:53कहीं इस कॉन्ट्रैक्ट को सेट ऑफ करने के
- 3:26:55लिए इसके पास एक सेल
- 3:27:00$000 का भी कॉन्ट्रैक्ट होना चाहिए। अगर
- 3:27:03इसके पास यह सेल $000 का कॉन्ट्रैक्ट नहीं
- 3:27:05है, मतलब इस पोजीशन को इसने कवर नहीं कर
- 3:27:09रखा। इस पोजीशन को इसने कवर नहीं कर रखा।
- 3:27:11ठीक है भैया? ऑडिट फैकल्टी बनना मतलब
- 3:27:13मजेदार चीज तो है। आप थोड़ा-थोड़ा बीच में
- 3:27:16एएफएम के साथ भी खेल तो लेते हो। तो यही
- 3:27:18पॉइंट है। अगर आपकी नेट बाय पोजीशन है
- 3:27:20कस्टमर के साथ $000 की तो सेल $000 भी
- 3:27:22होनी चाहिए। अगर नहीं है इसका मतलब आपकी
- 3:27:24पोजीशन कवर्ड नहीं है। तो क्या पोजीशन को
- 3:27:26कवर करना चाहिए? आंसर इज़ यस कवर करना
- 3:27:28चाहिए। वरना दिक्कत आ जाएगी। तो यही बात
- 3:27:30यहां पे लिख रखी है। सारे बच्चे बोर्ड पे
- 3:27:32फोकस करना मजा आएगा। ये कहता है दिस नेट
- 3:27:34पोजीशन वाज़ अनकवर्ड बाय सब्सटेंशियल
- 3:27:37अमाउंट। तो आप सिंपल सी बात है इस केस में
- 3:27:39क्या बोलोगे? द नेट पोजीशन शुड बी
- 3:27:42स्क्वायर्ड ऑफ एंड गेट कवर्ड बाय
- 3:27:43सब्सटेंशियल अमाउंट। यानी आपको इसका कवर
- 3:27:46ले लेना चाहिए। आपके पास सेल $000 का भी
- 3:27:48कॉन्ट्रैक्ट होना चाहिए। क्या एग्जांपल से
- 3:27:51पूरा गेम क्लियर हो गया? हो गया सर। लास्ट
- 3:27:53पॉइंट पे आ जाओ। लास्ट पॉइंट देखो क्या
- 3:27:54कहता है इस क्वेश्चन में? क्वेश्चन फिफ्थ
- 3:27:56पॉइंट कहता है इन केस ऑफ़ वन ऑफ द अकाउंट्स
- 3:27:58एडिशनल टेंपरेरी लिमिट इज़ सेंशंड एट 25%
- 3:28:01फॉर 1820 डेज। पहली बात तो ये 20% होता है
- 3:28:05और ये होता है 90 डेज। क्लियर है? क्लियर
- 3:28:08है सर। शाबाश।
- 3:28:10मेरे साथ आओ मेरे दोस्तों। मजा आया? नहीं
- 3:28:14आया? आया सर। आरटीपी मे 25 नवंबर 21 दैट्स
- 3:28:18व्हाई आई फेल्ट कि भाई इसको थोड़ा अच्छे से
- 3:28:19कर लेते हैं। ठीक है सर। भैया जितने
- 3:28:21तड़कते-भड़कते क्वेश्चन है सब कराऊंगा। डोंट
- 3:28:23वरी। अब सर ये वाला जो क्वेश्चन है
- 3:28:25क्वेश्चन नंबर 11। ठीक है? मैं चाहूंगा
- 3:28:27अगर आप चाहो तो भले ही वीडियो को 2 मिनट
- 3:28:28पॉज कर लो। एक बार रीड थ्रू कर लो एंड देन
- 3:28:30फिर गो अहेड विद दिस रिवीज़। इस क्वेश्चन
- 3:28:33में सर कुछ भी नहीं है। इस क्वेश्चन में
- 3:28:34जो मेन कांसेप्ट हमने सीखा था वो यही था
- 3:28:36कि यहां पे सर टेंपरेरी डेफिशिएंसीज़ है।
- 3:28:40टेंपरेरी डेफिशिएंसीज़ का क्या मतलब है?
- 3:28:42इसको कहीं ना कहीं 50 करोड़ की लिमिट मिल
- 3:28:44रखी है। ठीक है? बट जो इसका बैलेंस है इन
- 3:28:47द ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी दैट वाज़ 55.65
- 3:28:49करोड़। इसने थोड़ा लिमिट से ज़्यादा ले रखा
- 3:28:51है। ठीक है? बस 1 महीना ऐसा हुआ है। फिर
- 3:28:55जो इसके बुक और स्टॉक स्टेटमेंट है, वह
- 3:28:57मंथली यह देता है। जो लेटेस्ट स्टॉक
- 3:29:00स्टेटमेंट है वो फरवरी का अवेलेबल है। तो
- 3:29:01कोई बात नहीं 3 महीने पुराना तक चल जाता
- 3:29:03है। फरवरी का अवेलेबल है इन द मंथ ऑफ़
- 3:29:05मार्च चलेगा। वो कहता है इसकी ड्रॉइंग
- 3:29:07पावर है 48.5 करो। तो मैंने आपको ये बात
- 3:29:09सिखाई थी कि अगर ड्रॉइंग पावर मान लो कभी
- 3:29:11किसी महीने में कम अवेलेबल होती है। इट इज़
- 3:29:13अ टेंपरेरी प्रॉब्लम। हम इसको एनपीए
- 3:29:15क्लासिफाई नहीं करेंगे। फिर सर जो स्टॉक
- 3:29:18ऑडिटर था उसने प्रॉपर इसको ड्रॉइंग पावर
- 3:29:20दी थी 31 दिसंबर में बट उसने इसकी
- 3:29:22डिक्लाइनिंग टर्नओवर पर कमेंट किया है।
- 3:29:24क्या डिक्लाइनिंग टर्नओवर पे कमेंट मांगा
- 3:29:25था उससे किसी ने? नहीं दिस इज़ इररेलेवेंट
- 3:29:28फॉर कंसीडरिंग द एनपीए क्लासिफिकेशन। फिर
- 3:29:30कहता है इसका जो रिन्यूल था दैट वाज़ ड्यू
- 3:29:32ऑन 20th अक्टूबर। ठीक है? एंड कहीं ना
- 3:29:35कहीं वो रिन्यूल नहीं हुआ। तो हम अगर
- 3:29:37देखें 20th अक्टूबर से लेके 31 मार्च।
- 3:29:39क्या यहां तक 180 डेज कंप्लीट हो गए? सर
- 3:29:41180 डेज कंप्लीट नहीं हुए। तो अभी हम इसको
- 3:29:43एनपीए क्लासिफाई नहीं करेंगे। तो ब्रांच
- 3:29:45ने इसको स्टैंडर्ड एसेट मान रखा है। तो
- 3:29:47क्या आपके हिसाब से सही है? तो आपने बस ये
- 3:29:48सारी बातें लिखनी है और जो भी रेलेवेंट
- 3:29:51प्रोविजन है कि 180 डेज तक हो जाना चाहिए
- 3:29:53क्योंकि अभी लेस दैन 180 डेज है तो कोई
- 3:29:55प्रॉब्लम नहीं है। ये सब टेंपरेरी
- 3:29:57डेफिशिएंसीज हैं। ये सब मेंशन करके आप बस
- 3:29:59इतना बोलोगे जो इन्होंने क्लासिफिकेशन करी
- 3:30:01है वो प्रॉपर है। सीए प्राची शुड एक्सेप्ट
- 3:30:04द क्लासिफिकेशन ए स्टैंडर्ड एसेट। कोई
- 3:30:05दिक्कत की बात नहीं है। क्या ये पॉइंट
- 3:30:07क्लियर है? क्लियर है सर? अब आ जाओ
- 3:30:09क्वेश्चन नंबर 12 पे। एक और प्यारा
- 3:30:11क्वेश्चन है। एवरीवन प्लीज फोकस। क्वेश्चन
- 3:30:1312 समझने से पहले आपको एक कांसेप्ट समझना
- 3:30:15पड़ेगा। एवरीवन प्लीज फोकस। देखो ये क्या
- 3:30:18कहता है? मान लो एक बोरोअर है जिसको तीन
- 3:30:20बैंक्स ने पैसा दिया। B1, B2, B3। ठीक है?
- 3:30:22B1 कौन था? हमारा लीड बैंक था। अब सर जो
- 3:30:25B3 है ना B1 और B2 को तो अपना पैसा टाइम
- 3:30:28पे मिल रहा है बोरोअर से। बट B3 के केस
- 3:30:30में एक इंस्टॉलमेंट है व्हिच इज़ ओवरड्यू
- 3:30:31फॉर मोर दैन 90 डेज। तो B3 के पास लीड
- 3:30:34बैंक से एक सर्टिफिकेट आता है कि तू
- 3:30:35अकाउंट को स्टैंडर्ड क्लासिफाई कर। तो
- 3:30:38क्या ऐसे सर्टिफिकेट के बेसिस पे
- 3:30:39क्लासिफिकेशन होती है? आंसर इज़ नो। हम
- 3:30:42इसको एनपीए मानेंगे बिकॉज़ इट इज ओवरड्यू
- 3:30:44फॉर मोर दैन 90 डेज। तो B3 की बुक्स में
- 3:30:45ये एनपीए बनेगा। हम एनपीए करते हैं
- 3:30:48क्लासिफाई बेस्ड ऑन द रिकॉर्ड ऑफ रिकवरी
- 3:30:50नॉट ऑन द बेसिस ऑफ सर्टिफिकेट ऑफ द लीड
- 3:30:52बैंक। तो यही कांसेप्ट अप्लाई करके आपने
- 3:30:54इस क्वेश्चन में खेलना है। देखो क्या कहता
- 3:30:56है। कंसोडियम कैश क्रेडिट फैसिलिटी है 75
- 3:30:58करोड़ की। उसमें बैंक का शेयर है 15 करोड़।
- 3:31:01अब बैंक ने इंटरेस्ट डेबिट कर रखा था
- 3:31:04अकाउंट में फॉर लास्ट टू क्वार्टर। छ
- 3:31:06महीनों से इसका एक रिसीवेबल था 2.25 करोड़
- 3:31:09का। मिला कितना है? ₹1.75 करोड़। तो क्या
- 3:31:12मैं ऐसा बोल सकता हूं? ₹50 लै ₹50 लै इज़
- 3:31:16ओवरड्यू फॉर सिक्स मंथ्स। यस सर दैट इज़
- 3:31:18मोर दैन 90 डज़। तो ये जो ₹50 लै है इसको
- 3:31:21एनपीए बनाना चाहिए या परफॉर्मिंग एसेट? सर
- 3:31:23ये ₹50 लैस बनेंगे एनपीए। तो ये कहता है
- 3:31:26इन लोगों ने क्लासिफाई कर दिया अकाउंट को
- 3:31:28एज अ परफॉर्मिंग एसेट बेस्ड ऑन लीड बैंक
- 3:31:30सर्टिफिकेट। सर दिस इज़ नॉट एक्सेप्टेबल।
- 3:31:32हम इसको एनपीए बनाएंगे। अब ये आंसर कैसे
- 3:31:35लिखना है? प्लीज फोकस ऑन द बोर्ड। कहता है
- 3:31:38जब भी सेवरल बैंक्स फॉर्म अ ग्रुप अंडर द
- 3:31:40लीडरशिप ऑफ लीड बैंक एंड गिव एडवांस टू
- 3:31:42लार्ज कस्टमर उसको क्या कहते हैं?
- 3:31:43कंसोडियम एडवांस। ईच बैंक विल क्लासिफाई द
- 3:31:46एडवांस बेस्ड ऑन देयर ओन एक्सपीरियंस ऑफ
- 3:31:48रिकवरी। फिर फैक्ट्स लिख के कंक्लूजन देना
- 3:31:51है। सिंस इन द लास्ट टू क्वार्टर अमाउंट
- 3:31:53इज़ आउटस्टैंडिंग एंड द इंटरेस्ट अमाउंट
- 3:31:56शुड बी रिवर्स्ड। जो आपने इंटरेस्ट अक्रू
- 3:31:59कर रखा है उसको रिवर्स करो। ठीक है? वो
- 3:32:00रिसीवेबल नहीं है। एंड ये जो सर्टिफिकेट
- 3:32:04ऑफ़ लीड बैंक इसको इग्नोर करो। अकाउंट शुड
- 3:32:06बी क्लासिफाइड एज अ नॉन परफॉर्मिंग एसेट।
- 3:32:08मैंने यहां पे समरी भी दे रखी है क्योंकि
- 3:32:10कोई पेमेंट नहीं मिली है फॉर मोर देन 90
- 3:32:11डज़। इट शुड बी क्लासिफाइड एज़ एनपीए।
- 3:32:13सर्टिफिकेट ऑफ़ लीड बैंक इज़ जस्ट देयर टू
- 3:32:15कंफ्यूज द स्टूडेंट। क्वेश्चन 13 ईजी है।
- 3:32:17इसको एक बार गो थ्रू कर सकते हो। डायरेक्ट
- 3:32:19क्वेश्चन है। अब आ जाओ क्वेश्चन नंबर 14
- 3:32:21पे। गेट रेडी एवरीवन।
- 3:32:24देखो भैया इस क्वेश्चन ने क्या कहा है।
- 3:32:26ठीक है? आरटीपी मे 24 का क्वेश्चन है। ये
- 3:32:28जो कांसेप्ट है आपके स्टडी मटेरियल में
- 3:32:29नहीं है। ठीक है? बट इन लोगों ने टेस्ट कर
- 3:32:32रखा है। तो मैं भी आपको ये क्वेश्चन एकदम
- 3:32:33बढ़िया तरीके से करा रहा हूं। ऑलरेडी वी
- 3:32:34हैव कवर्ड इन क्लास आल्सो। देखो क्या कहता
- 3:32:36है। कहता है बैंक ने कुछ इंटरनल कंट्रोल्स
- 3:32:39डिज़ाइन कर रखे हैं ओवर द एडवांसेस। जस्ट
- 3:32:41गिव मी अ मोमेंट।
- 3:32:47हां जी। बैंक ने कुछ इंटरनल कंट्रोल्स
- 3:32:49डिजाइन कर रखे हैं ओवर द एडवांसेस। ठीक
- 3:32:51है? जिसमें ये लोग क्लासिफिकेशन करते हैं।
- 3:32:53मैंने आपको बताया था ना जो भी
- 3:32:54क्लासिफिकेशन है वो बैंक का सिस्टम करता
- 3:32:56है कि कौन सा अकाउंट एनपीए बनेगा? एनपीए
- 3:32:58में कौन बनेगा? एसएमए वन, एसएमए टू फिर
- 3:33:01एसएमए टू के बाद एनपीए ये सारी
- 3:33:03क्लासिफिकेशन बैंक का सिस्टम करता है। ठीक
- 3:33:05है सर। अब यहां पे सर एक छोटा सा कांसेप्ट
- 3:33:07है बस वो आपने समझना है। एवरीवन फोकस ऑन द
- 3:33:09बोर्ड। ये क्या कर रहे हैं? कहते हैं जब
- 3:33:11भी ड्यूस आर नॉट रिसीव्ड ऑन अ पर्टिकुलर
- 3:33:13डेट अकाउंट इज़ इमीडिएटली कंसीडर्ड एज
- 3:33:16ओवरड्यू ऑन द वेरी नेक्स्ट डे। अब आरबीआई
- 3:33:19की जो गाइडलाइन है जो इन्होंने स्टडी
- 3:33:21मटेरियल में नहीं दे रखी। वो गाइडलाइन
- 3:33:23कहती है नेक्स्ट डे तक जाओ ही मत। अगर
- 3:33:25पैसा आज रिसीव होना था और आज रिसीव नहीं
- 3:33:28हुआ तो आज का जो डे एंड है ना ठीक है आज
- 3:33:31का जो डे एंड है उस पे आपने इसको ओवरड्यू
- 3:33:34मानना है आपने नेक्स्ट डे पे जाना ही नहीं
- 3:33:36तो ये कहता है सपोज मान लो ड्यू डेट ऑफ द
- 3:33:38लोन इज़ 31 मार्च 2024 एंड ड्यूस आर नॉट
- 3:33:41रिसीव्ड ऑन 31 मार्च 24 ये कहता है हम लोग
- 3:33:44क्लासिफाई करते हैं एज़ ओवरड्यू ऑन 1
- 3:33:46अप्रैल जो कि गलत है। हमें 1 अप्रैल तक
- 3:33:48जाना ही नहीं। हम इसको 31 मार्च के डे एंड
- 3:33:51पे ओवरड्यू मान लेंगे। ठीक है सर। फिर
- 3:33:53कहता है एसएमए वन कब मानेंगे? तो मैंने
- 3:33:55कहा था एसएमए वन इज़ डन ऑन द 31 डे। जो
- 3:33:58आपका 30 डेज के बाद होता है उसमें हम
- 3:34:00एसएमए वन मानते हैं। तो मुझे बताओ 31st
- 3:34:02मार्च के बाद 30 डेज कब कंप्लीट हो रहे
- 3:34:04हैं? सर 30 अप्रैल को। तो जो 30 अप्रैल का
- 3:34:07डे एंड है उस पे हम एसएमए वन मानेंगे। अब
- 3:34:10एसएमए टू कब से शुरू होगा? 30 दिन बाद से।
- 3:34:13तो जो एसएमए टू है उसके लिए अगेन आपने 30
- 3:34:16डेज ऐड करने हैं। तो जैसे ही आप 30 डेज ऐड
- 3:34:18करोगे 30th अप्रैल में कितना आता है? 30th
- 3:34:21मई। 30th मई के डे एंड पे एसएमए टू बनेगा।
- 3:34:2331 मई को नहीं 30th मई के डे एंड पे और
- 3:34:26वहां से अगर आप 30 डज़ एंड ऐड करोगे तो 90
- 3:34:28डेज हो जाएंगे। तो यानी 90 डेज के एंड पे
- 3:34:31हम बनाएंगे एनपीए। तो 30th मई में अगर मैं
- 3:34:3330 डेज ऐड करूं तो एक दिन तो मई का चला
- 3:34:35गया। ठीक है? और 29 डेज जून के। तो 29th
- 3:34:39जून जून का जो डे एंड होगा उस पे क्या
- 3:34:42बनेगा? उस पे हम एनपीए बनाएंगे। तो गेम
- 3:34:44बड़ी सिंपल है। बस आपने ये समझना है। जो
- 3:34:47अकाउंट ओवरड्यू होता है। ठीक है? जिस दिन
- 3:34:49उसकी ड्यू डेट है उसी के डे एंड पे आप
- 3:34:51ओवरड्यू मानोगे। आप उसको नेक्स्ट डे पे
- 3:34:52नहीं ले जाओगे। तो यही बात इन्होंने लिख
- 3:34:54रखी है। बताओ कंट्रोल डिज़ाइन सही है कि
- 3:34:56नहीं? तो आप बोलोगे कंट्रोल डिज़ाइन गलत
- 3:34:57है। दिस इज़ नॉट एज़ पर द आरबीआई गाइडलाइन।
- 3:35:00यह कहता है अकाउंट इज़ ओवरड्यू इफ इज़ नॉट
- 3:35:02पेड ऑन द ड्यू डेट। हम इसको ओवरड्यू
- 3:35:04बनाएंगे एट द डे एंड प्रोसेस ऑफ़ द ड्यू
- 3:35:07डेट। क्लासिफिकेशन एज़ अ पार्ट ऑफ़ द डे एंड
- 3:35:09प्रोसेस फॉर द रेलेवेंट डेट। इसके हिसाब
- 3:35:11से आपको करना चाहिए। क्लासिफिकेशन डेट इज़
- 3:35:14द कैलेंडर डेट फॉर व्हिच द डे एंड प्रोसेस
- 3:35:16इज़ रन। इन अदर वर्ड्स एसेट क्लासिफिकेशन
- 3:35:19ऑफ द अकाउंट एट द डे एंड ऑफ द कैलेंडर डेट
- 3:35:22शुड बी कंसीडर्ड। तो फैक्ट्स ऑफ द केस के
- 3:35:24हिसाब से कहता है अगर ड्यू डेट आपकी 31
- 3:35:26मार्च है एंड ड्यूस आर नॉट रिसीव्ड बिफोर
- 3:35:29इट रंस द डे एंड प्रोसेस तो आप इसकी
- 3:35:31ओवरड्यू डेट 31 मार्च ही मानोगे यानी 31
- 3:35:34मार्च का डे एंड नॉट 1 अप्रैल। अब इसमें
- 3:35:36जब मैं 30 डेज ऐड करता हूं तो क्या आ जाता
- 3:35:38है? 30th अप्रैल। तो एसएमए वन की डेट हो
- 3:35:40जाएगी 30th अप्रैल। इसमें 30 डज़ ऐड करूंगा
- 3:35:43तो क्या आएगा? 30th में। तो एसएमए टू की
- 3:35:44डेट हो जाएगी 30थ में। और इसमें अगर आप 30
- 3:35:47डेज ऐड करोगे तो एनपीए बन जाएगा। दैट विल
- 3:35:49बी 29th जून। तो बड़ा सिंपल सा कांसेप्ट
- 3:35:51था। बस कुछ नया था। ठीक है सर। अब आ जाओ
- 3:35:54क्वेश्चन नंबर 15। क्वेश्चन नंबर 15 तो सर
- 3:35:56बड़ा ही प्यारा क्वेश्चन है। सारे बच्चे
- 3:35:58अगेन प्लीज बोर्ड पे फोकस करना। मजा आ
- 3:36:01जाएगा। ठीक है सर। क्वेश्चन नंबर 15 कहता
- 3:36:04है कि मान लो आपका एक एंटिटी है जिसका नाम
- 3:36:08है बॉट लिमिटेड। इसने कैश क्रेडिट
- 3:36:10फैसिलिटी ले रखी है नरिमन पॉइंट से। ठीक
- 3:36:12है? नरिमन पॉइंट एक ब्रांच है ऑफ द knबी
- 3:36:15बैंक। ओके सर। अब फॉर प्रैक्टिकल
- 3:36:17कंसीडरेशन इन लोगों ने सब लिमिट सेट कर
- 3:36:19रखी है फॉर डिफरेंट ब्रांचेस। सोलापुर,
- 3:36:22पुणे एंड नासिक ब्रांच ऑफ द सेम बैंक। ठीक
- 3:36:25है सर। फिर उसके बाद कहता है मैनेजर ऑफ द
- 3:36:28सोलापुर ब्रांच। इसने नोटिस किया कि कोई
- 3:36:31भी क्रेडिट ट्रांजैक्शन नहीं है इन द
- 3:36:33सबमिट अकाउंट फॉर मोर दैन 90 डेज एज ऑन 31
- 3:36:36मार्च। डिस्कस द अप्रोच ऑफ सीए मुन्नी द
- 3:36:39स्टचटरी ब्रांच ऑडिटर ऑफ नरिमन पॉइंट इन द
- 3:36:43एसेट क्लासिफिकेशन ऑफ द बोरोअर अकाउंट। सर
- 3:36:46ये क्वेश्चन कह क्या रहा है? हमको तो समझ
- 3:36:48में ही नहीं आ रहा। जस्ट गिव मी अ मोमेंट।
- 3:36:51देखो भैया ये है क्वेश्चन की फोटोग्राफ।
- 3:36:53क्वेश्चन की फोटोग्राफ कहती है एक बैंक है
- 3:36:55जिसका नाम है
- 3:36:57KNB बैंक। ठीक है? हमारे पास एक बढ़िया
- 3:37:01बैंक है जिसका नाम है KNB बैंक। ब्रांच
- 3:37:03क्या लिख दिया? ये है KNB बैंक। ठीक है
- 3:37:06सर। अब ये जो KNB बैंक है, इसकी चार
- 3:37:09ब्रांचेस हैं। एक है नरिमन पॉइंट, एक है
- 3:37:12सोलापुर, एक है पुणे ब्रांच, एक है नाशिक
- 3:37:15ब्रांच। अब यहां पे जो मेन ब्रांच है
- 3:37:18जिसको आप बोल सकते हो स्टार ब्रांच वो है
- 3:37:20नरिमन पॉइंट। अब नरिमन पॉइंट ने क्या किया
- 3:37:22है? 100 करोड़ की लोन फैसिलिटी दी है एक
- 3:37:25बोरोअर को जिसका नाम है बॉट लिमिटेड। अब
- 3:37:27सर ये जो 100 करोड़ है ऐसा नहीं है कि 100
- 3:37:29करोड़ आपने नरिमन पॉइंट से लेने हैं। इन
- 3:37:31ब्रांच इन बैंक्स की जो ब्रांचेस हैं
- 3:37:33उन्होंने अपनी खुद के इंटरनल पर्पस के लिए
- 3:37:35सब लिमिट सेट कर दी है कि मैं 25 करोड़ तक
- 3:37:38दे सकती हूं। मैं 25 करोड़ मैं 25 करोड़ मैं
- 3:37:4025 करोड़ इन्होंने अपनी-अपनी लिमिट सेट कर
- 3:37:42दी। अब जो सोलापुर ब्रांच है वो कहती है
- 3:37:46यार मेरे अकाउंट में बोरोअर ने कोई पैसा
- 3:37:48क्रेडिट नहीं किया है। जो मेरी ब्रांच है
- 3:37:50उस पे बोरोअर ने कोई पैसा क्रेडिट नहीं
- 3:37:52किया है। तो ऐसे केस में यह जो है कौन?
- 3:37:55सीए मुन्नी
- 3:37:57मुन्नी हां नाम भी ऐसे रखते हैं ना बदमाश
- 3:38:01जो हमारी सीए मुन्नी है ठीक है शी इज़ द
- 3:38:04स्टचटरी ब्रांच ऑडिटर ऑफ नरिमन पॉइंट ठीक
- 3:38:07है ये बताओ बोरोअर की एसेट क्लासिफिकेशन
- 3:38:10कैसे करेगी ये कहता है यहां पे है हमारे
- 3:38:12पास मुन्नी सारे बच्चे मुन्नी को देखो हां
- 3:38:16सर ये है हमारे पास सीए मुन्नी एंड शी इज़
- 3:38:19द ब्रांच ऑडिटर ऑफ नरिमन पॉइंट ये कहीं ना
- 3:38:22कहीं नरिमन पॉइंट की ब्रांच ऑडिटर है तो
- 3:38:25ये कहता है कि इस बोरोअर का एसेट
- 3:38:27क्लासिफिकेशन कैसे होना चाहिए? तो क्या
- 3:38:29मैं ऐसा बोल दूं जो बोरोअर है वो तो बैंक
- 3:38:32का बोरोअर है। ठीक है? वो ब्रांच का
- 3:38:33बोरोअर तो नहीं है। तो आप अगर एसेट
- 3:38:36क्लासिफिकेशन कर रहे हो तो एसेट
- 3:38:38क्लासिफिकेशन शुड बी ऑन द बेसिस ऑफ़ ओवरऑल
- 3:38:41बेसिस। ठीक है? जो इसका ओवरऑल केस है मतलब
- 3:38:45आप यहां पे सारी ब्रांचेस को एक साथ
- 3:38:47कंसीडर करो कि सारी ब्रांचेस को ओवरऑल
- 3:38:49उसने कितनी पेमेंट करी है। तो अगर ओवरऑल
- 3:38:52लेवल पे वो अपना सारा पैसा टाइम पे पे कर
- 3:38:54चुका है तो हम उसको एनपीए क्लासिफाई नहीं
- 3:38:56करेंगे। तो आप इसको ब्रांच वाइज कंसीडर मत
- 3:38:59करना। आप इसको ओवरऑल कंसीडर करना कि ओवरऑल
- 3:39:02इसने बैंक को पैसे दिए हैं कि नहीं। अगर
- 3:39:04ये ओवरऑल बैंक को पूरे पैसे दे चुका है।
- 3:39:06टोटल बेसिस पे बैंक को पूरे पैसे दे चुका
- 3:39:08है तो फिर कोई दिक्कत की बात नहीं है। हम
- 3:39:10इसको एनपीए क्लासिफाई नहीं करेंगे। तो यही
- 3:39:12बात इन्होंने यहां पर दे रखी है। देखो
- 3:39:14क्या कहता है। कस्टमर इज सेंशंड अ कैश
- 3:39:16क्रेडिट लिमिट एट वन ब्रांच एंड ही कैन
- 3:39:18यूटिलाइज इट फ्रॉम अदर ब्रांचेस आल्सो।
- 3:39:21डिटरमिनेशन ऑफ द स्टेटस ऑफ द एनपीए इज़
- 3:39:24डिसाइडेड बाय द लिमिट सेंशनिंग ब्रांच।
- 3:39:26लिमिट सेंशनिंग यानी नरिमन पॉइंट डिसाइड
- 3:39:28करेगा इसकी क्लासिफिकेशन कैसे होनी चाहिए।
- 3:39:30ठीक है सर। विद रेफरेंस टू द ओवरऑल लिमिट
- 3:39:33एंड नॉट बाय द लिमिट ऑफ ईच ब्रांच। हमको
- 3:39:36ईच ब्रांच को कंसीडर करने की जरूरत नहीं
- 3:39:38है। हम ओवरऑल बेसिस पे देखेंगे एसेट
- 3:39:39क्लासिफिकेशन कैसे होगी। ठीक है सर। ऑडिटर
- 3:39:42ऑफ द नरिमन ब्रांच जो हमारी सीएम मुन्नी
- 3:39:45थी शी रिसीव्स द पर्टिकुलर्स ऑफ ऑल द
- 3:39:47ट्रांजैक्शन वो सारी ट्रांजैक्शन लेगी और
- 3:39:49फिर इसकी टोटल पोजीशन देखेगी। अब अगर टोटल
- 3:39:52पोजीशन के हिसाब से सब कुछ ठीक है कोई
- 3:39:54दिक्कत नहीं है। और अगर सब कुछ गड़बड़ है
- 3:39:57तो फिर वो एनपीए बना देगी। ये जो सिंगल
- 3:40:00मैटर है कि कोई ट्रांजैक्शन नहीं हुई है
- 3:40:01फॉर मोर दैन 90 डेज एट सोलापुर ब्रांच।
- 3:40:03दैट इज़ इररेलेवेंट। ठीक है? सोलापुर
- 3:40:05ब्रांच पे क्या हो रहा है क्या नहीं हो
- 3:40:07रहा है वो इर्रेलवेंट है। हम टोटल पोजीशन
- 3:40:08देखेंगे टोटल पोजीशन के हिसाब से बोरोअर
- 3:40:10कैसा परफॉर्म कर रहा है। ठीक है? सो
- 3:40:12कीपिंग इन व्यू ऑफ़ अबव सीएम मुन्नी शुड
- 3:40:14कंसीडर एसेट क्लासिफिकेशन कंसीडरिंग द
- 3:40:16टोटल पोजीशन ऑफ द अकाउंट एट ऑल द
- 3:40:18ब्रांचेस। मैं बताऊं ना समरी अगर इस
- 3:40:20क्वेश्चन की है तो यही है। हमें अगर एसेट
- 3:40:22क्लासिफिकेशन देखनी है तो हमें कहीं ना
- 3:40:24कहीं टोटल पोजीशन देखनी है फॉर द बोरोअर।
- 3:40:27क्या ये पॉइंट क्लियर है? क्लियर है सर?
- 3:40:28क्वेश्चन का सेकंड पार्ट देखो क्या कहता
- 3:40:30है? फर्स्ट पार्ट तो सर हम अच्छे से समझ
- 3:40:32गए। सेकंड पार्ट कहता है आल्सो डिस्कस द
- 3:40:35कंसीडरेशन फॉर क्लासिफाइंग द सेड अकाउंट
- 3:40:38एट सोलापुर ब्रांच। कहता है सोलापुर
- 3:40:40ब्रांच पे यह अकाउंट कैसे क्लासिफाई होगा?
- 3:40:42तो पहले मुझे एक बात बताओ क्या सोलापुर
- 3:40:44ब्रांच क्लासिफाई करेगा? मैंने कहा नहीं
- 3:40:46क्लासिफिकेशन तो नरिमन पॉइंट ही डिसाइड
- 3:40:48करता है। यानी जिस ब्रांच ने पैसा सेंशन
- 3:40:51किया है जिस ब्रांच ने फैसिलिटी सेंशन करी
- 3:40:54है वो डिसाइड करती है। सोलापुर ब्रांच ये
- 3:40:55डिसाइड नहीं करेगा। तो अगर आप बोर्ड पे
- 3:40:57देखोगे तो यही बात यहां पे इन लोगों ने
- 3:40:59लिख रखी है। रिगार्डिंग द सबमिटेड
- 3:41:01ब्रांचेस क्लासिफिकेशन व्हिच विल बी
- 3:41:03अडॉप्टेड बाय लिमिट सेंशनिंग ब्रांच। यानी
- 3:41:06जो नरिमन पॉइंट डिसाइड करेगा वही
- 3:41:08क्लासिफिकेशन सोलापुर ब्रांच को फॉलो करनी
- 3:41:11है। यह डिसाइड नहीं करेगा। क्लियर है बॉस?
- 3:41:14अरे यस और नो। यस सर। आई होप फोटोग्राफ से
- 3:41:18सारी चीजें क्लियर हो गई। चलो भैया अब आगे
- 3:41:22बढ़ते हैं। मेरे को लगता है वैसे
- 3:41:23क्वेश्चंस हमारे ऑलमोस्ट सारे कवर हो ही
- 3:41:25गए हैं। कुछ खास बचा नहीं होगा। करंट
- 3:41:27अकाउंट सेविंग अकाउंट का डायरेक्ट
- 3:41:28क्वेश्चन ऑलरेडी डिस्कस्ड। बिल्स पेबल
- 3:41:30ऑलरेडी डिस्कस्ड। कंटिंजेंट लायबिलिटी
- 3:41:31मैनेजमेंट रिप्रेजेंटेशन डिस्कस्ड।
- 3:41:33कंटिंजेंट लायबिलिटी ऑफ़ बैंक के नाम
- 3:41:34डिस्कस्ड। गारंटी वाले पॉइंट डिस्कस्ड।
- 3:41:38क्वेश्चन 21 ईजी आप मैनेज कर लोगे। कारो
- 3:41:412020 की रिपोर्टिंग नहीं होती बैंक में।
- 3:41:43आपको ऑलरेडी पता है। ठीक है? डायरेक्ट
- 3:41:45क्वेश्चन था। फिर फॉरेन एक्सचेंज को लेके
- 3:41:47कॉनकरेंट ऑडिटर क्या करता है? डायरेक्ट
- 3:41:48क्वेश्चन है डिस्कस्ड क्वेश्चन 23
- 3:41:51डिस्कस्ड क्वेश्चन 24 आ जाओ चलो डिस्कस कर
- 3:41:53लेते हैं अच्छा क्वेश्चन है एमटीपी मे 24
- 3:41:55आरटीपी नवंबर 23 शायद से आपके स्टडी
- 3:41:57मटेरियल में भी है देखो क्या कहता है इन
- 3:42:00[नाक से की जाने वाली आवाज़] द अबव
- 3:42:01कॉन्टेक्स्ट व्हाट डू यू अंडरस्टैंड बाय
- 3:42:03ग्रॉस एनपीए नेट एनपीए मैं आपको सिंपल सी
- 3:42:05भाषा में बताऊं ग्रॉस एनपीए कुछ नहीं होता
- 3:42:08ग्रॉस एनपीए इज़ बेसिकली द नॉर्मल एनपीए
- 3:42:10जिसमें से आप प्रोविज़ माइनस नहीं करते तो
- 3:42:12कुछ नहीं करना ओपनिंग बैलेंस ऑफ़ एनपीए ले
- 3:42:14लो उसमें जो नए एनपीएज़ ऐड हुए हैं वो वो
- 3:42:16ऐड कर लो अगर कोई अकाउंट अपग्रेड हो गया
- 3:42:18टू स्टैंडर्ड उसको माइनस कर दो। कोई
- 3:42:20रिकवरी हो गई उसको माइनस कर दो। कोई राइट
- 3:42:21ऑफ हो गया उसको माइनस कर दो। तो इससे आपका
- 3:42:23ग्रॉस एनपीए का बैलेंस आ जाता है। अब इसी
- 3:42:25ग्रॉस एनपीए में से जब मैं प्रोविज़न मैनेज
- 3:42:26करता हूं तो नेट एनपीए आ जाता है। सिंपल
- 3:42:28कांसेप्ट है। क्लियर है? क्लियर है सर?
- 3:42:30फिर उसके बाद कहता है एस द ऑडिटर ऑफ के
- 3:42:33एनओ बैंक? बाकी बैंक्स को भूल जाओ। हम के
- 3:42:36एनओ बैंक पे फोकस कर रहे हैं। व्हाट
- 3:42:38इनफेंस वुड यू ड्रॉ बाय कंपेयरिंग द
- 3:42:41रेशियो ऑफ़ नेट एनपीए टू नेट एडवांसेस विद
- 3:42:44अदर पब्लिक बैंक्स? कहता है KNO बैंक के
- 3:42:46ऊपर फोकस करके बताओ इसका जो रेशियो है ऑफ
- 3:42:48नेट एनपीए टू नेट एडवांसेस यह बाकी बैंक्स
- 3:42:51के कंपैरिजन में कैसा है? तो क्या मैं बोल
- 3:42:53दूं बहुत ज्यादा है? हां सर ये बहुत
- 3:42:54ज्यादा है। अब बैंक का रेश्यो ज्यादा कब
- 3:42:57होता है? सर जब आप रेश्यो निकाल रहे हो
- 3:43:02किसका?
- 3:43:04नेट एनपीए
- 3:43:07डिवाइडेड बाय नेट एडवांस। ठीक है? ये
- 3:43:10ज्यादा कब होगा? मैंने कहा या तो
- 3:43:12न्यूमैरेटर ज्यादा है या फिर डिनोमिनेटर
- 3:43:15ज्यादा है। ठीक है? दोनों में से कोई एक
- 3:43:16चीज हो सकती या फिर डिनोमिनेटर कम है। या
- 3:43:19तो डिनोमिनेटर कम है या न्यूमैरेटर ज्यादा
- 3:43:21है। क्या नेट एडवांस हमारे हाथ में होता
- 3:43:23है? मैंने कहा नहीं। बट जो नेट एनपीए है
- 3:43:25वो आपके हाथ में होता है। क्योंकि इसमें
- 3:43:27आप डिसाइड करते हो प्रोविज़न कितना बनेगा?
- 3:43:29तो अगर इसका न्यूमैरेटर ज्यादा है वो कब
- 3:43:32होगा? सर जब आप इसमें प्रोविजन कम बनाओगे।
- 3:43:35अगर प्रोविज़न कम बनेगा तो ऑटोमेटिकली
- 3:43:37न्यूमैरेटर ज्यादा हो जाएगा।
- 3:43:40सर प्रोविजन कम बनेगा तो नेट एनपीए ज्यादा
- 3:43:43कैसे हो जाएगा? अरे भाई नेट एनपीए की
- 3:43:45कैलकुलेशन कैसे होती है? एनपीए
- 3:43:48माइनस [नाक से की जाने वाली आवाज़]
- 3:43:49प्रोविजन अगर मैं प्रोविजन कम माइनस
- 3:43:52करूंगा ठीक है प्रोविजन कम बनाऊंगा तो नेट
- 3:43:54एनपीए ज्यादा बनेगा ना? हां सर। तो यहां
- 3:43:57पे आपने बस इतना ही बोलना है कि जो नेट
- 3:43:59एनपीए टू नेट एडवांस का रेशियो है इट इज़
- 3:44:01हायर फॉर केएनओ बैंक। सो देयर इज़ अ रिस्क
- 3:44:03दैट दे हैव नॉट मेड प्रॉपर प्रोविज़न फॉर
- 3:44:05एस पर आरबीआई गाइडलाइन। सो देयर इज़ अ
- 3:44:06रिस्क ऑफ़ अंडर प्रोविजनिंग। उसको ऑडिटर
- 3:44:08चेक करके चलेगा। बस इतनी सी बात थी। ठीक
- 3:44:11है सर। क्वेश्चन 25 एक जनरल क्वेश्चन है।
- 3:44:15इसमें कुछ खास आपको वैसे मिलेगा नहीं।
- 3:44:17एकदम अलग सा ही क्वेश्चन इन्होंने कुछ
- 3:44:18बनाया हुआ। आरटीपी नवंबर 23 में था। कहते
- 3:44:21हैं व्हाइल डूइंग द इंटरनल कंट्रोल
- 3:44:22टेस्टिंग ऑफ एडवांसेस। ठीक है? आपको कुछ
- 3:44:25एरियाज चेक करने हैं। क्रेडिट अप्रेजल और
- 3:44:27क्रेडिट मॉनिटरिंग। तो बताओ क्या चार
- 3:44:29स्पेसिफिक कंट्रोल आप चेक करोगे? अगेन
- 3:44:31यहां पे आपको ज्यादा दिमाग नहीं लगाना।
- 3:44:33ठीक है? सबसे पहले क्रेडिट अप्रेजल की मैं
- 3:44:35बात करूं तो किसी भी पर्सन जो हमसे लोन
- 3:44:38लेने आता है तो हम उसकी क्रेडिट रेटिंग
- 3:44:40देखते हैं। तो ये क्रेडिट रेटिंग कौन
- 3:44:41निकालता है? क्रेडिट रेटिंग एजेंसीज होती
- 3:44:43हैं। तो सबसे पहला पॉइंट ध्यान रखना हम
- 3:44:44थर्ड पार्टी सोर्सेस जैसे क्रेडिट रेटिंग
- 3:44:46एजेंसीज होती हैं उनसे इंफॉर्मेशन लेंगे।
- 3:44:49ठीक है? एट द सेंक्शन स्टेज ताकि कोई
- 3:44:51मिसरप्रेजेंटेशन या फ्रॉड का स्कोप ना
- 3:44:53रहे। पहला पॉइंट समझ में आया? आया सर।
- 3:44:55दूसरा पॉइंट इन लोगों ने लिख रखा था कि
- 3:44:58हमको कहीं ना कहीं प्रिवेंट करना है एंड
- 3:45:01रिड्यूस करना है। रिस्क ऑफ द लोन एसेट
- 3:45:04बिकमिंग अ नॉन परफॉर्मिंग एसेट। तो मुझे
- 3:45:05बताओ नॉन परफॉर्मिंग से पहले वो लोन क्या
- 3:45:07बनता है? एसएमए बनता है। ठीक है? एसएमए
- 3:45:09वन, एसएमए टू। तो ये कहता है बैंक में
- 3:45:11प्रॉपर क्लासिफिकेशन होनी चाहिए एसएमए,
- 3:45:13एसएमए टू की। क्लासिफिकेशन ऑफ द अकाउंट्स
- 3:45:16एज स्पेशल मेंशन अकाउंट ताकि आप इसको
- 3:45:18अर्ली रिकॉग्नाइज कर लो कि कहां पे
- 3:45:20कौन-कौन सी दिक्कतें हैं एंड आप टाइमली
- 3:45:22एक्शन ले सको ताकि ये एनपीए ना बने। अब सर
- 3:45:25जब भी कोई अकाउंट एसएमए बनता है तो ये
- 3:45:27कहता है सिग्नल आने चाहिए टू द बैंक
- 3:45:29सब्सक्वेंटली। कहीं ना कहीं बैंक के पास
- 3:45:30सिग्नल आने चाहिए। तो सिग्नल को लेके भी
- 3:45:33इन्होंने यहां पे एक पॉइंट लिख रखा है।
- 3:45:34देखो अर्ली वार्निंग सिग्नल देयर शुड बी
- 3:45:37ऑटोमेटेड अर्ली वार्निंग सिस्टम। ठीक है?
- 3:45:40जो कहीं ना कहीं ट्रिगर करे जब भी कोई
- 3:45:42दिक्कतें हो और एनपीएस बनने से रोक पाए।
- 3:45:44वेरी गुड।
- 3:45:47और लास्ट पॉइंट कहता है जैसे थर्ड पार्टी
- 3:45:49सोर्सेस ने आपकी मदद करी आप भी थर्ड
- 3:45:51पार्टी सोर्सेस की मदद करो। जो भी बोरोअर
- 3:45:53का रीपेमेंट बिहेवियर है इसके बारे में
- 3:45:55क्रेडिट इनेशन एजेंसीज को बताओ ताकि वो
- 3:45:58इसके बारे में कंसीडर करके चलें। जो भी
- 3:46:00इंफॉर्मेशन है कंसीडर करें। यू शुड शेयर द
- 3:46:03इनेशन विद अदर्स। आपको भी दूसरों की मदद
- 3:46:05करनी चाहिए। तो चार पॉइंट्स हो गए। थर्ड
- 3:46:07पार्टी सोर्सेस से मदद ली। एसएमए अकाउंट
- 3:46:10बनाए। जैसे ही एसएमए अकाउंट बनेगा
- 3:46:12इंफॉर्मेशन सिस्टम में घंटी बजेगी। भैया
- 3:46:14एसएमए बन गया एनपीए बनने वाला है। फोकस
- 3:46:16करके चलो। ठीक है? एंड लास्ट में आप
- 3:46:18दूसरों की मदद करोगे। यू विल रिपोर्ट द
- 3:46:20बिहेवियर ऑफ द बोरोअर टू क्रेडिट इनेशन
- 3:46:22कंपनीज़। अगेन इस पे कांसेप्ट स्टडी
- 3:46:24मटेरियल में नहीं है। बट इन बदमाशों ने
- 3:46:26क्योंकि आरटीपी में पूछा तो मुझे आपको
- 3:46:28यहां पे कवर कराना जरूरी है। ठीक है। ठीक
- 3:46:30है सर। अब आ जाओ लास्ट में आई थिंक एक ही
- 3:46:33क्वेश्चन रह गया है। क्वेश्चन नंबर 26
- 3:46:36जनरल क्वेश्चन है। आपके एडवांसेस में कुछ
- 3:46:38आपने एडवांसेस दे रखे हैं अगेंस्ट लाइफ
- 3:46:40इंश्योरेंस पॉलिसी जहां पे आपने लाइफ
- 3:46:42इंश्योरेंस पॉलिसी को लिया है एज अ
- 3:46:43सिक्योरिटी। तो अब इस ऑडिट प्रोग्राम में
- 3:46:45आप क्या चीजों का ध्यान रखोगे? तो मेन
- 3:46:47आपका लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी एज अ
- 3:46:49सिक्योरिटी आपने ली है। तो इसी पॉलिसी को
- 3:46:51इंस्पेक्ट करो कि इट इज़ प्रॉपर्ली असाइन
- 3:46:54टू द बैंक एंड इट इज़ रजिस्टर्ड विद द
- 3:46:56इंश्योरर। अब इस पॉलिसी की वैल्यू तभी है
- 3:46:58जब इस पे प्रीमियम पे हो। तो मेक श्योर
- 3:47:00प्रीमियम इज़ पेड ऑन द पॉलिसी एंड इट इज़
- 3:47:02वैलिड पॉलिसी। इट इज़ इन फोर्स। कई बार
- 3:47:04पॉलिसी का पैसा तब मिलता है जब आप कुछ
- 3:47:07पैसा पे करते हो। तो उसकी सरेंडर वैल्यू
- 3:47:09देख लेना। और अगर सरेंडर वैल्यू इज़
- 3:47:11सब्जेक्ट टू सर्टेन प्रीमियम तो प्रीमियम
- 3:47:13शुड बी डिडक्टेड फ्रॉम द सरेंडर वैल्यू टू
- 3:47:15कैलकुलेट द सिक्योरिटी।
- 3:47:18ठीक है? तो यही चार पॉइंट देखने हैं।
- 3:47:20इंस्पेक्ट द पॉलिसी। इट इज़ रजिस्टर्ड विद
- 3:47:22द इंश्योर इन द नेम ऑफ द बैंक। प्रीमियम
- 3:47:24पेड है मतलब पॉलिसी चल रही है। अब पॉलिसी
- 3:47:27से कितना पैसा मिलेगा उसको देखते हैं
- 3:47:29सरेंडर वैल्यू और उस पैसे को लेने के लिए
- 3:47:30अगर कोई प्रीमियम पे करना है तो उसको
- 3:47:32डिडक्ट करो फ्रॉम द सरेंडर वैल्यू।
- 3:47:35क्लियर है बॉस? क्लियर है सर? तो यहां
- 3:47:37आपकी बैंक ऑडिट की पूरी रिवीजन भैया
- 3:47:39कंप्लीट होती है। जितने भी कांसेप्ट्स थे,
- 3:47:41जितने भी क्वेश्चन थे, सब मैंने आपको
- 3:47:42रिवाइज़ करा दिए हैं। सिर्फ यही नहीं
- 3:47:44बताया, क्या-क्या याद रखना है, ये भी
- 3:47:46बताया। क्या-क्या रीड करके चलना है ताकि
- 3:47:47आपके लिए चैप्टर एकदम हल्का रहे। ठीक है?
- 3:47:49जितना डिटेल में हो सकती थी, आई ट्राइड
- 3:47:51माय बेस्ट कि हम एकदम इसको अच्छे से करके
- 3:47:54चलें। ऑब्वियसली जब हम क्लास में पढ़ते
- 3:47:56हैं तो लगभग चार बड़ी-बड़ी क्लासेस लग
- 3:47:58जाती हैं इस चैप्टर को कंप्लीट करने में।
- 3:47:59बट अभी मेरी कोशिश थी जितना कंसाइज करके
- 3:48:01जितना प्रेम पूर्वक तरीके से मैं रिवाइज
- 3:48:03करा सकूं आई ट्राइड माय बेस्ट। ठीक है?
- 3:48:05वीडियो अच्छी लगे तो डू गिव इट अ लाइक।
- 3:48:06कमेंट सेक्शन में अपना फीडबैक जरूर बताना।
- 3:48:08और आखिरी में एक बात हमेशा याद रखना। वंस
- 3:48:10यू बिकम फियरलेस, लाइफ बिकम्स लिमिटलेस।
- 3:48:13तो डरने का नहीं है, घबराने का नहीं है।
- 3:48:16बस अपना बेस्ट परफॉर्म करते रहने का है।
- 3:48:18बिकॉज़ क्या होता है ना जब आप डर जाते हो,
- 3:48:19आप घबरा जाते हो, आप कभी भी अपना बेस्ट
- 3:48:21नहीं दे पाते। ठीक है? आप आप हमेशा अपने
- 3:48:23आप को रोकते हो एंड यू आर नॉट एबल टू डू द
- 3:48:27बेस्ट। और क्योंकि आप अपना बेस्ट नहीं कर
- 3:48:28पाते तो फिर आपको बेस्ट रिजल्ट्स भी नहीं
- 3:48:30मिलते हैं। तो अभी तक हमेशा आपके मन में
- 3:48:33डर रहता था। जब आप फिफ्थ क्लास में थे कि
- 3:48:34सिक्स्थ क्लास कैसे क्लियर होगी? 10थ
- 3:48:36क्लास में थे तो 11th क्लास कैसे क्लियर
- 3:48:38होगी? 12th जब पास करी तो ऐसे मन में था
- 3:48:41फाउंडेशन कैसे होगा? इंटर कैसे होगा? बट
- 3:48:43आपने धीरे-धीरे सारे डर पे काबू पाया और
- 3:48:46आपने चीजें अचीव कर ली। ऐसा ही है सीए
- 3:48:48फाइनल। अपने डर पे बस काबू पा लो। वो करो
- 3:48:50जो आपके हाथ में है। जिसको कहते हैं मेहनत
- 3:48:52और मुझे पता है आप मेहनत अच्छे से कर रहे
- 3:48:54हो। अभी तक अगर आपने वीडियो देखी है,
- 3:48:55पार्टिसिपेट किया है डेफिनेटली यू आर
- 3:48:57वर्किंग हार्ड। ठीक है? तो इसी तरह से मन
- 3:48:58लगा के मेहनत करते जानी है। एंड डेफिनेटली
- 3:49:01आपको पॉजिटिव रिजल्ट्स मिल जाएंगे एंड योर
- 3:49:02लाइफ विल बी लिमिटलेस। सो ऑन दिस पॉजिटिव
- 3:49:05नोट रैपिंग अप दिस सेशन राइट नाउ। थैंक यू
- 3:49:06सो मच एवरीवन फॉर जॉइनिंग इट। एंड या स्टे
- 3:49:09सब्सक्राइब टू द चैनल फॉर मोर सच वीडियोस।
- 3:49:10खुशी से पढ़ेंगे तभी आगे बढ़ेंगे।
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