Badgumani || Ustad aur Shahgird Ka Sabaq Amoz Waqia By Maulana Wasi Hasan Khan — Transcript
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- 0:00उस्ताद शागिर की बात है
- 0:06एक दिन
- 0:08टारगेट ने देखा शागिर ने कोई हल्के फुल्के
- 0:11नहीं वो भी अम्मा में वाले हां पड़ी लिखी
- 0:13शख्सियत उनके उस्ताद उस्ताद को देखा
- 0:16उन्होंने आदि रात को
- 0:19बदनाम इलाका
- 0:20बदनाम मुसाफिरखाना
- 0:27साहब यानी उस्ताद
- 0:29पीछे-पीछे एक औरत कोई भी होगा
- 0:35है ना लेकिन दिन क्या कहता है
- 0:39जब तक उसने कोई सही सूरत निकाल शक्ति है
- 0:54तो उनको निकालने का रास्ता खुद बता दो
- 0:58ताकि वो कोई बहन बनाकर निकाल सके दिन ये
- 1:01सीखना है और हम यह है की हमारे सर पर मामा
- 1:04ए गया वसीयत हवा मेंबर मुझे जिसको
- 1:07क्या होगा सुनिए आप इसको तो सागर है
- 1:11[संगीत]
- 1:13आदि रात को उस्ताद बदनाम इलाका बदनाम
- 1:17मुसाफिरखाना उस्ताद के पीछे पीछे एक औरत
- 1:21वैसे आपने कहा ना दिमाग गलत ही जाए और
- 1:23शैतान तो लगा हुआ गलत ना आप ही लगाने के
- 1:25लिए
- 1:38अब क्या होगा यह इतना भजन हुए अपने उस्ताद
- 1:42से
- 1:43की इन्होंने उनके दर्श में जाना छोड़ दिया
- 1:46उनका नाम था
- 2:03बढ़िया है तो हमको क्लास में जान से क्या
- 2:06मतलब है
- 2:09यह वाक्य
- 2:17बैठ गया उस्ताद मोहल्ले में अखलाक थे डर
- 2:20से अखलाक
- 2:21इत्तेफाक देखिए अब वो मामूली आदमी तो नहीं
- 2:24हुए ना समझ के पड़ो है आज जो उन्होंने
- 2:27क्लास शुरू की डर शुरू किया ब़डजानी पर
- 2:33बड़गुमानी पर और इसी टाइप की मिसल बनाई
- 2:36मिश्रा आपने किसी को कहानी देखा गलत जगह
- 2:39के ऊपर आदि रात के ऊपर तो बड़ा गुमान ना
- 2:41होइए ये बयान करते हैं वो जितना दर्श देते
- 2:43जा रहे थे हदीस सुनते जा रहे थे मैं अपने
- 2:46दिल में का रहा था उस्ताद बड़गानी नहीं है
- 2:49उस्ताद महीने देखा है आपको
- 2:52क्या जरूरी है क्या आपके दिमाग में जो
- 2:54ख्याल आया है वो सही है
- 2:58खैर कुछ दोनों के बाद खबर आई के उस्ताद मा
- 3:01गए हवा से मैं देख तमाम का
- 3:04इंतकाल हो गया मैंने कहा ना की जो वाकई
- 3:08अल्लाह वाले होते हैं वहां
- 3:11ऊपर से हंसते रहते हैं की लोग बाद गुमान
- 3:13हो अंदर से खुदा वाले होते हैं
- 3:18अपना हिसाब वो देंगे खुदा के यहां यार
- 3:20हमसे क्या मतलब जनाजे में शिरकत का सवाब
- 3:23अपनी जगह उस्ताद है आपका चलो ये चले गए
- 3:26जनाजे
- 3:29आप लोगों ने भी जनाजे में शिरकत की होगी
- 3:32कभी होता की चले थे तो इनके साथ और कुछ
- 3:36दूर जान के बाद मौलाना शब्बीर साहब बगल
- 3:38में ए गए ऐसा हो जाता है
- 3:41की मैं चल रहा था तब तक उनके दूसरे शागिर
- 3:45वह भी मानी वाले मौलाना वह मेरे बगल में ए
- 3:48गए सामने लोगों के कंधे पर उसे दूसरे
- 3:52शागिर ने देखा
- 3:54अल्लामा खूबसूरत गए यार क्या चीज थे मैरून
- 3:58गुमान है उन्होंने अपने दिल में क्या जी
- 4:01आपको क्या पता है
- 4:03तीन क्या शिखा रहा है हम क्या पगड़ी लगा
- 4:06के कर रहे हैं
- 4:07फिर वो दूसरा साजिद खाने लगा की यार अभी
- 4:09तो कब्रिस्तान दूर है
- 4:12कहो तो इनका ये किस्सा जो मेरे साथ गुजर
- 4:14है तुमको
- 4:18वक्त भी कट जाएगा अरे सुनाइए
- 4:20अभी दोनों सागर डॉग ना एक दूसरे को शेर कर
- 4:23रहे हैं अपना एक्सपीरियंस
- 4:25में फलन जगह अय्या में फटी मियां की मजलिस
- 4:29चल रही थी अशर पूरा
- 4:36कमेटी वालों ने जमाई वालों ने अंधा चंदा
- 4:38करके अपना लिफाफा अच्छा बड़े जाकिर्ट थे
- 4:41तो लिफाफा भी इस हिसाब से था अल्लाह के
- 4:44उन्होंने मौलाना साहब को लिफाफा दे दिया
- 4:45चाय वे पीली इतना बड़ा अलीम गाड़ी उनके
- 4:49पास नहीं शागिर के पास कर है उस्ताद के
- 4:52पास कर भैया खर्चा आपका इस तरह के बता रहा
- 4:55हूं घर जाना जब खर्चा आपका इस तरह का है
- 4:58तो कहां से आपके पास कर होगी
- 5:00कर ले सब लिफाफा रख लिया मुझको बुलाया
- 5:03दूसरा वाला शादी दिन को सुना रहा है पहले
- 5:04वाले बाद गुमान को
- 5:07गाड़ी है कई हुजूर गाड़ी है हमें निकालो
- 5:09थोड़ा बस्ती करके आते हैं ये देखिए निक
- 5:12लोग इस तरह मस्ती करके आते हैं आज परेशान
- 5:15है ना चलो मस्ती करते हैं तो मैं समझा
- 5:18नहीं मैंने कहा अरे दादा आपकी मस्ती में
- 5:21भी ले लाहियत है और सवाब है कहो मैं बैठा
- 5:25गाड़ी पर लेक आया वो भी आगे बैठ गए जी
- 5:28कहां वहीं चलो
- 5:31ये दूसरे वाले से गिरने आदि रात को जहां
- 5:34देखा था अपने उस्ताद को औरत के साथ
- 5:45पैसा मिला चलो कुछ मस्ती करते हैं
- 5:49की मैं आगे कुछ बहस नहीं कर पाया
- 5:56वो लड़की देख रहे हो जो सामने बैठी है
- 6:01मैंने कहा तुमसे जब तक करो
- 6:18हमें देखो अब लगाओ उधर नहीं इधर सामने आओ
- 6:20सामने आओ अभी अभी ताज ताज 15 मिनट पहले जो
- 6:25अंजुमन ने लिफाफा दिया था ना उसे बंदे
- 6:28खुदा ने पूरा लिफाफा ऐसे ही उतार निकाला
- 6:31का बेटा मेरी ये पगड़ी देख रही हो हम क्या
- 6:35सोचते हैं और आदमी अंदर से क्या है इसीलिए
- 6:38दिन कहकर लाख तक हो मां लाई से लगा बही
- 6:42मीनल खबरदार जब तक 100% यकीन ना हो जाए तब
- 6:47तक
- 6:49कान मत डरो की इन्हें संभल वर्ल्ड
- 6:55स्कूल
- 7:00सबसे पूछा जाएगा खबरदार बड़गुमानी मत करना
- 7:24चुपके
- 7:31बस की बात नहीं है अच्छा खास लड़का निकाला
- 7:34है नमाज पढ़ने के लिए इटवा कल इधर जी
- 7:39अब तो नहीं पढ़ेंगे
- 7:45रसूल अल्लाह की तारीफ इसी बात पे की है
- 7:48लोगों को
- 7:52पैगंबर अगर आप टुंड मिजाज होते एक आपके
- 7:55पास ना टिकता
- 7:56तबलीग अपना ओनर है तो उन्होंने कहा मैं
- 7:59क्या हूं सैयद समझती हो ना यानी मैं
- 8:02फातिमा की औलाद हूं इमोशनल जुमला
- 8:07ये जो मैं लिफाफा है ना इसको रख लो मैंने
- 8:09अपना टेलीफोन नंबर लिख दिया इसके ऊपर
- 8:11जब कभी तुमको जरूर पद जाए पैसों की मुझे
- 8:15फोन कर लेना मगर खुदा यह कम छोड़ दो
- 8:21मेरे ताल्लुकात है मुझको लोग जानते हैं
- 8:23बहुत से मैं देखूंगा कोई ढंग का रिश्ता
- 8:26मिल जाएगा तुम्हारी शादी करवा दूंगा
- 8:30[संगीत]
- 8:33और बेटा जानती हो यह मेरा पैसा भी नहीं है
- 8:37आशूरा चल रहा था
- 8:39उनके चने वालों ने उनके नाम पर इकट्ठा
- 8:42करके मुझको दिया की मेरा थोड़ी है वो तो
- 8:44उन्हें का पैसा है ना फातिमा का पैसा
- 8:46तुमको दे रहा हूं और फातिमा का वास्ता
- 8:48तुमको दे रहा हूं बेटा
- 8:52बात खत्म हो गई
- 8:56मैं इसको पूरा करूंगा लेकिन यह चीज रुक
- 9:00करके कहता चलो ये शागिर बड़गुमान थे अपने
- 9:02उस्ताद पर
- 9:03लेकिन दफन से पहले दूसरा शागिर दिन के बगल
- 9:08में खुद से ए गया
- 9:15अल्लाह हूं अल्लाह जो अल्लाह का हो जाए
- 9:18अल्लाह उसका हो जाएगा लाख दुनिया बेइज्जत
- 9:21करना चाहे जब तक मैं तुम्हारी इज्जत साफ
- 9:24नहीं कर दूंगा दफन नहीं होने दूंगा सलाह
- 9:27और मोहम्मद
- 9:32कर्बला हमको शिखा रही है
- 9:35कर्बला से सीखे आदमी से अमल क्या होता है
- 9:39अभी बात निकले
- 9:42सता कैसे तरक्की देता है
- 9:46बात खत्म
- 9:58मॉर्डन मन की हाजत रवाई हर अमल से बढ़कर
- 10:03अगर ये फॉर्मेट हैं मैं जियारत में था हर
- 10:07में अमीरुल मोमिनीन में जियारत स्टार्ट की
- 10:09जब तक एहसास में कोई मेरे बगल में खड़ा है
- 10:12मुझको ये फूल हुआ की पता नहीं बेचारे को
- 10:15क्या जरूर है मेरे जियारत के चक्कर में
- 10:18खड़ा रहेगा फिर पढ़ सकता हूं मैंने किताब
- 10:21जी भैया फरमाइए कोई कम है आपको ये वो लोग
- 10:24करेंगे जिनको पता है की इमाम ने कहा हाई
- 10:27यात्रा भाई हरमल से बाढ़ गया है
- 10:29फरमाइए कोई सामने खातून बुला रही है आपको
- 10:35तब भी मैंने गलत नहीं शुरू होगी पहले पता
- 10:38नहीं क्या जरूर है बेचारी
- 10:40बाहर निकाल गया वो एक लड़की गॉड में बच्चा
- 10:43सलाम वालेकुम मौलाना साहब
- 10:46पहचाना आपने मुझको
- 10:50याद है मौलाना साहब एक बार आप रात में आए
- 10:54थे आपने पूरा लिफाफा हमको पड़ा दिया था
- 10:57आश्चर्य का
- 11:01पता नहीं आपकी जुबान का क्या असर हुआ इस
- 11:05रात मैंने तौबा कर ली
- 11:07और फिर आपकी जुबान का असर के आप तक आने की
- 11:11जरूर नहीं पड़ी अल्लाह ने रिश्ता भेज दिया
- 11:15यह जो आपको बुलाने गया था यह मेरा शहर है
- 11:17यह गॉड में मेरा बच्चा है
- 11:21आए थे की अल्लाह ने गुना के दलदल से
- 11:23निकाला चलो जियारत करके अपना गुना और कुछ
- 11:26धुले तब तक आप पर नजर पद गई मैंने कहा
- 11:29मौला तुम्हारी जियारत बाद में करूंगी
- 11:31जिसने मुझको गुना से बचाया है पहले उसका
- 11:34शुक्रिया
- 11:36सुभान अल्लाह
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