YouTube2Text

Art of Teaching — A Masterclass for Teachers — Transcript

by Professor Dr Javed Iqbal · 16,572 words · 2,122 segments · language en · Watch on YouTube

Full transcript

  1. 0:00सदक्ला अज़म
  2. 0:04जजाक अल्लाह खैर बिस्मिल्लाह रहमानिर्रहीम
  3. 0:08प्लीज फिर कंफर्म कीजिएगा कि आपको मेरी
  4. 0:10स्क्रीन नजर आ रही है जिसप बिस्मिल्लाह
  5. 0:12रहमाहीम लिखा हुआ है और
  6. 0:14जी सर इट्स क्वाइट क्लियर सर एक मिनट मुझे
  7. 0:17और दे दीजिएगा एक अनाउंसमेंट कर दूं ओनली
  8. 0:20द पीपल हु वर पार्टिसिपेंट्स ऑफ द आर्ट ऑफ
  9. 0:23मीनिंगफुल टीचिंग प्रोग्राम दे कैन रेज
  10. 0:26देर हैंड्स वी हैव सम स्पेशल थिंग्स फॉर
  11. 0:29यू तो जैसे अफीफा मुजफ्फर साहिबा मुझे नजर
  12. 0:32आ रही है तो आप अपना हैंड रेज कर लीजिए
  13. 0:34ताकि हम देख सकेंगे वो पार्टिसिपेंट सामने
  14. 0:37आ जाए। ठीक है सर यू कैन बिगिन। थैंक यू
  15. 0:40सर।
  16. 0:40जी बहुत-बहुत शुक्रिया। हमारा ये शुरू में
  17. 0:43प्रोग्राम था कि ये तीन दिन की एक
  18. 0:45ट्रेनिंग वर्कशॉप करनी थी। मगर बावजूद हम
  19. 0:48उसको मुकम्मल तीन दिन का हमें मुझे बहुत
  20. 0:51ही अफसोस है इस बात का कि उसको कैंसिल
  21. 0:53करना पड़ा। तो फिर मैंने फैजान साहब से यह
  22. 0:56कहा कि लेकिन जिन दोस्तों ने रजिस्ट्रेशन
  23. 0:58कराई थी कम से कम हम इतना हमारा
  24. 1:01जिम्मेदारी बनती है कि हम उनके साथ कुछ ना
  25. 1:04कुछ बात करें और बात करके एटलीस्ट
  26. 1:08इंट्रोडक्शन ऑफ द टॉपिक जो है वो कर सकें।
  27. 1:11ये आप मुझे जानते ही हैं ऑलरेडी क्योंकि
  28. 1:14ये हमारी टीचिंग से मुतालिक है। मैंने कभी
  29. 1:17इस तरह के क्रेडेंशियल्स अपने शो नहीं किए
  30. 1:19लेकिन ये कि यहां शायद थोड़ा एक प्रोटोकॉल
  31. 1:22भी है कि मैंने एफसीपीएस पाकिस्तान से
  32. 1:24किया था। एफआरसीएस मैंने बर्तनानिया से
  33. 1:28किया था। और ये एफएसीएस जो है यह फेलो ऑफ
  34. 1:31अमेरिकन कॉलेज ऑफ सर्जन्स की डिग्री है।
  35. 1:34हिंदुस्तान मैं एक दफा गया था। जहां एक
  36. 1:36कॉन्फ्रेंस के अंदर मुझे उन्होंने स्टेट
  37. 1:38ऑफ आर्ट लेक्चर के लिए बुलाया था। तो दे
  38. 1:40गव मी एन ऑनरेरी फेलोशिप। दिस इज फेलोशिप
  39. 1:42ऑफ इंडियन कॉलेज ऑफ लेप्रोस्कोपिक सर्जरी।
  40. 1:44और यह एमसीपीएस एचपीई एजुकेशन की डिग्री
  41. 1:48है जो कि मास्टर डिग्री के इक्विवेलेंट
  42. 1:50है। और मैं कुछ इन सारी जगहों पर काम करता
  43. 1:53रहा हूं मुख्तलिफ जगहों पर। तो सबसे पहले
  44. 1:57मैंने असल में जितनी मैंने तीन दिन में
  45. 1:59आपके साथ बात करनी थी, मैंने कोशिश की है
  46. 2:01कि मैं एक खुलासा आपके साथ पेश करूं। आप
  47. 2:04में से कोई बता सकता है कि यह जो आपको नजर
  48. 2:06आ रहा है, यह क्या चीज है।
  49. 2:09कोई दोस्त बताएं कि आपके ख्याल में यह
  50. 2:11क्या है?
  51. 2:14खवातीन इसको बहुत जल्दी पिक कर लेंगी।
  52. 2:17ये दिल है।
  53. 2:18हार्ट
  54. 2:19जी हार्ट है मगर ये प्याला सा क्या है?
  55. 2:24खवातीन में से किसी ने आज तक केक बनाया
  56. 2:27है?
  57. 2:29बेकिंग पैन।
  58. 2:31जी। कि एक्चुअली ये मोल्ड है। आप जिस
  59. 2:34किस्म का केक बनाना चाहेंग ना आप उसकी
  60. 2:37बुनियादी शर्त ये है कि आपको उस किस्म का
  61. 2:39मोल्ड चाहिए होगा। अगर आपने केक इस तरह का
  62. 2:42बनाना है तो उसका मोल्ड इस तरह का होना
  63. 2:45बहुत जरूरी है। अगर मोल्ड इस तरह का नहीं
  64. 2:47होगा तो केक नहीं बन सकता। यह बात मैंने
  65. 2:50इसलिए शुरू की है कि यह बहुत जरूरी है कि
  66. 2:55हमें पता हो कि हम अपने स्टूडेंट्स को
  67. 2:56क्या बनाना चाहते हैं। तो मेरा यह ख्याल
  68. 2:59है यह तस्वीर मैंने एक यूनिवर्सल एक रोशनी
  69. 3:02के मंबबा की तस्वीर बनाई है। तो आप कुछ भी
  70. 3:04इमेजिन कर सकती हैं या कर सकते हैं। आप
  71. 3:07में से जो टीचर हैं कि आपकी क्लास में जो
  72. 3:10बच्चे बैठे हुए हैं आज से 25 साल के बाद
  73. 3:13आपके लिए प्राउड प्राइड क्या होगा कि वो
  74. 3:16बच्चे क्या बने हुए हो तो आप कहेंगे कमाल
  75. 3:19हो गया मेरी मेहनत जो है वो बिल्कुल
  76. 3:22रायगाह नहीं गई तो कोई दोस्त इसमें
  77. 3:25कंट्रीब्यूट करें आपके ख्याल में आपके
  78. 3:27बच्चों की अक्सरियत कैसी बन जाए तो आप
  79. 3:30कहेंगे कि भाई वाह वाह मैं तो बड़ा
  80. 3:32जबरदस्त हुआ
  81. 3:40कोई वालंटियर दोस्त बताइए बताएं प्लीज
  82. 3:46मेरा कनेक्शन कट गया था क्वेश्चन दोबारा
  83. 3:50करेंगे प्लीज सर
  84. 3:51सवाल ये है कि आज से 25 साल के बाद आपके
  85. 3:55स्टूडेंट्स
  86. 3:56क्या बने हुए हो तो आप कहें कि मैं मैं
  87. 3:59रायगांग नहीं गई मेरी मेहनत
  88. 4:04सर
  89. 4:07जी प्लीज
  90. 4:11जी बताइए
  91. 4:12इंसानियत की मदद कर रहे हो किसी भी सूरत
  92. 4:14में डॉक्टर या कुछ भी बनके
  93. 4:17वो इंसानियत की मदद कर रहे हो आपके ख्याल
  94. 4:20में उनमें क्या-क्या खूबियां हो चलिए ये
  95. 4:22मैं आसान कर देता हूं कि आप कि वो उस उनके
  96. 4:25अंदर ये वाले वर्चूस हो तो मैं ये कहूंगी
  97. 4:28कि भ या कहूंगा कि भाई मैं मैं अपने फर्ज
  98. 4:30में पूरी तरह कामयाब हो गया
  99. 4:34तो सब लोग एक-एक करके बता एक-एक बता सकते
  100. 4:36हैं कि भ मैं मैं शुरू करता हूं। मैं
  101. 4:38चाहूंगा कि मेरे मेरे जो स्टूडेंट्स हैं
  102. 4:42वो ईमानदार हो। प्लीज आप ऐड कीजिए।
  103. 4:47एम्पथी
  104. 4:48एम्पथी हो उनके अंदर। जी बिल्कुल।
  105. 4:54और कोई दोस्त भी बताते जाए। एक-एक करके
  106. 4:57बताते जाए।
  107. 5:01इंटेग्रिटी हो।
  108. 5:02इंटेग्रिटी हो।
  109. 5:05अच्छा मैं समझता हूं कि 25 साल उन्हें पता
  110. 5:07चल जाए कि मेरा जिंदगी में दुनिया में आने
  111. 5:10का मकसद क्या है। व्ह आई एम व्हाट आई हैव
  112. 5:12टू
  113. 5:13यानी यानी वो बाम ममकसद जिंदगी गुजार रहे
  114. 5:16हो। बिल्कुल सही।
  115. 5:18कॉन्फिडेंस हो उनके अंदर।
  116. 5:20उनके अंदर कॉन्फिडेंस हो।
  117. 5:23पांच बातें हो गई।
  118. 5:25सर अल्लाह की पहचान उनके दिल में आ जाए।
  119. 5:28अल्लाह की पहचान हो। छह बातें हो गई।
  120. 5:30सर वो इमोशनली स्टंग हो। इमोशनली स्ट्रांग
  121. 5:33हो सात बातें हो गई
  122. 5:36इंसाफ हो उनके अंदर
  123. 5:38माशा्लाह इंसाफ बा इंसाफ होम
  124. 5:44सीरत नबी सल्लल्लाहु अलह वसल्लम पे अमल
  125. 5:47करने वाला और चलने वाला हो
  126. 5:49वो सीरत नबी पर अमल करने वाले हो
  127. 5:52एक अच्छे इंसान हो मुआशरे के लिए
  128. 5:55एक मुआशरे के लिए अच्छे इंसान हो 10 हो गए
  129. 5:58पांच और बताइए प्लीज
  130. 6:00अगर वो बार-बार फेल हो जाए तो उन्हें
  131. 6:03दोबारा उठ के खड़े होने की और दोबारा से
  132. 6:06जीने की और मेहनत जीरो से शुरू करने की
  133. 6:09सलाहियत हो।
  134. 6:10माशा्लाह बहुत अच्छा उनका एडवर्सिटी को
  135. 6:13बहुत हाई हो। बिल्कुल सही कहा।
  136. 6:15सर पावर ऑफ डिसीजन मेकिंग एक आया हुआ है
  137. 6:17चैट में कॉन्फिडेंस और मेंटल पीस।
  138. 6:21बहुत खूब। बहुत-बहुत शुक्रिया। देखिए मैं
  139. 6:23आपको ना दोबारा से यह स्लाइड दिखाना चाहता
  140. 6:26हूं। आप यह बनाना चाहते हैं और यह आपके
  141. 6:30स्टूडेंट हैं और यह आप हैं। लिहाजा जो आप
  142. 6:35अपने स्टूडेंट को बनाना चाहते हैं, सबसे
  143. 6:38पहले आपको खुद वो बनना होगा। यह टीचर का
  144. 6:42पहला उसूल है। अगर टीचर सच बोलता है और
  145. 6:46टीचर ईमानदार है और टीचर दयानतदार है और
  146. 6:49टीचर में एडवर्सिटी कोशेंट बहुत हाई है।
  147. 6:52वो सीरत नबी पे अमल करता है। वह बाम मकसद
  148. 6:55जिंदगी गुजार रहा है। वो लालची नहीं है।
  149. 6:58वो लोगों का ख्याल रखता है। तो वो यह
  150. 7:00तवकको रख सकता है कि जो मोल्ड है इस मोल्ड
  151. 7:04के हिसाब से केक बनेगा।
  152. 7:06लेकिन अगर खुदा ना खास्ता वो तमाम सिफात
  153. 7:09जो हम अपने बच्चों के अंदर देखना चाहते
  154. 7:10हैं जब अपनी एनलिस्टिंग करें तो उसके अंदर
  155. 7:15वो चीजों में हमारे अपने नंबर 10 में से
  156. 7:1710 में से एक दो हो नंबर तो फिर ये बहुत
  157. 7:21मुश्किल है कि हम थ्यरेटिकल नॉलेज पढ़ाकर
  158. 7:24और उनको लब पे आती है दुआ बन के तमन्ना
  159. 7:27मेरी या इस तरह की कोई भी थ्योरेटिकल
  160. 7:29अखलाकियात की बातें पढ़ाकर हम उनको वैसा
  161. 7:32बना सकते हैं। तो यह पहली बात है। तो हम
  162. 7:35अपने हम अपने स्टूडेंट्स के लिए बहुत बड़ा
  163. 7:38विज़न रखते हैं। मतलब हमारा कुछ स्टूडेंट
  164. 7:40आके यह कहे मैं डॉक्टर क्योंकि मेडिकल
  165. 7:42पढ़ाता रहा हूं कि सर मैं आजकल प्रिंसिपल
  166. 7:44लगा मैं प्रोफेसर लगा हुआ हूं वहां एक
  167. 7:47कोलंबिया यूनिवर्सिटी में तो मेरे लिए वो
  168. 7:50इतनी फक्र की बात हो गई कि माशा्लाह ये
  169. 7:52बहुत जबरदस्त या ये कहे कि सर मैं वो हूं
  170. 7:55जिसने
  171. 7:56डीजी डेना गाजी खान के अंदर जो है सबसे
  172. 7:59पहले लेप्रोस्कोपिक सर्जरी शुरू की तो ये
  173. 8:01फक्र की बात होगी। तो यही मैं सबसे पहला
  174. 8:04यह बताना चाहता हूं कि प्लीज जो कुछ हम
  175. 8:07अपने स्टूडेंट्स को बनाना चाहते हैं सबसे
  176. 8:09पहले हमें देखना पड़ेगा कि हमारे अंदर वो
  177. 8:12खूबियां मौजूद है या नहीं है। अगर हमारे
  178. 8:15अंदर वो खूबियां मौजूद नहीं है तो फिर
  179. 8:18बहुत मुश्किल है कि हम अपने स्टूडेंट्स के
  180. 8:21अंदर उन चीजों को इंटरनलाइज करने की
  181. 8:26इंटरनलाइज कर के हो जाने की उम्मीद रखें।
  182. 8:30हां उनको याद कराई जा सकती है। उनको बताया
  183. 8:33जा सकता है सफाई के क्या उसूल हैं। उनको
  184. 8:36ईमानदारी सिखाई जा सकती है। सीरतुल नबी के
  185. 8:38उसूल सिखाए जा सकते हैं। लेकिन वो उसको
  186. 8:40इंटरनलाइज करेंगे वो उसी वक्त करेंगे जब
  187. 8:44वो टीचर से रोल मॉडलिंग के तहत पहुंचेंगे।
  188. 8:47अच्छा मैं इस बात का एतराफ करता हूं कि
  189. 8:50जिस तरह से हमने वो तीन दिन की वर्कशॉप
  190. 8:52प्लान की थी वो अगर हम करते तो फिर हम
  191. 8:55इसको एक-एक स्टेप को कुछ और तरीके से
  192. 8:57करते। लेकिन मैं आपको सिर्फ इसका एक टेस्ट
  193. 8:59देना चाहता हूं कि आजकल हम मॉडर्न एजुकेशन
  194. 9:03और टीचर फैकल्टी डेवलपमेंट में क्या करते
  195. 9:05हैं। अच्छा देखिए अगर आप टीचर की डेफिनेशन
  196. 9:10डिक्शनरी से देखें ना कि एक टीचर क्या
  197. 9:12होता है? तो ये मैंने आज ही निकाली है
  198. 9:15डेफिनेशन ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से हु
  199. 9:18कन्वेस दी आइडियाज इंफॉर्मेशन एंड फैक्ट्स
  200. 9:22इन अ फॉर्मल वे इन ऑर्डर टू एजुकेट। यह
  201. 9:26टीचर की डेफिनेशन है। अच्छा इस जगह पे कोई
  202. 9:29भी लफ्ज ऐसा नहीं है जो हमारे लिए मुश्किल
  203. 9:31हो। हु यानी मैं और आप कन्वेस यानी
  204. 9:35बताएगा। आइडियाज यानी ख्यालात,
  205. 9:38इंफॉर्मेशन, मालूमात, फैक्ट, हकीकतें,
  206. 9:41फॉर्मल वे यानी सुबह आइए, दोपहर को एक
  207. 9:44पीरियड होगा, फिर दूसरा पीरियड होगा, फिर
  208. 9:46करिकुलम होगा, फिर इम्तिहान होगा। किस
  209. 9:48लिए? टू एजुकेट। असल अब सवाल यह है कि
  210. 9:52एजुकेट। एजुकेशन का क्या मतलब है? तो यह
  211. 9:56जो मैं आपसे सवाल पूछ रहा हूं यह खुदा ना
  212. 9:58खास्ता किसी का इम्तिहान लेने के लिए नहीं
  213. 9:59पूछ रहा। मैं यह मैं यह असल में हम इंटक्ट
  214. 10:02इंटरेक्शन के लिए पूछ रहे हैं। तो मैं
  215. 10:04चाहूंगा कि आप तमाम दोस्तों में से कोई
  216. 10:06मुझे बताए कि एजुकेशन का क्या मतलब है?
  217. 10:12बाशूर होना।
  218. 10:14ओके। बाशूर होने का मतलब एजुकेटेड होना
  219. 10:17है। ओके। तो एक आदमी जिसने पीएचडी की हुई
  220. 10:21है वह एजुकेटेड होगा या अनएजुकेटेड?
  221. 10:26एजुकेटेड होगा।
  222. 10:27एजुकेटेड होगा। लेकिन अगर वो बाशूर ना हुआ
  223. 10:30तो
  224. 10:34क्या कोई आदमी पीएचडी करके भी बाशूर ऐसा
  225. 10:37हो सकता है कि वो बाशूर ना हो।
  226. 10:39बिल्कुल हो सकता है।
  227. 10:40तो फिर एजुकेशन से मुराद तो ये बाशूर होना
  228. 10:43तो ना हुआ।
  229. 10:45तो फिर एजुके फिर बा जरा प्लीज बताइएगा कि
  230. 10:48क्या डेफिनेशन आपके ख्याल में है?
  231. 10:53मेरे मुताबिक सर एजुकेटेड वो हो सकता है
  232. 10:56जिसको सही और गलत की पहचान हो जाए।
  233. 11:00ओके
  234. 11:02जिसको सही और गलत की पहचान हो जाए वो वो
  235. 11:06एजुकेटेड होता है।
  236. 11:08सर इसलिए इंसान ऐसे एजुकेशन इंसान के लिए
  237. 11:14ऐसे ही है जैसे हीरा जो है वो रॉ फॉर्म
  238. 11:19में मिलता है। देन इट इज कट टू साइज और एट
  239. 11:24एंगल्स
  240. 11:26जी
  241. 11:27बहुत अच्छे बहुत अच्छे आपने बहुत अच्छे
  242. 11:28तरीके से तमसील दी है। इनको आप किसी किसी
  243. 11:32अल्फाज में बयान कर सकते हैं कि हम
  244. 11:34एजुकेशन की डेफिनेशन क्या करेंगे?
  245. 11:41एजुकेशन जो है ना वो आपके दिमाग को एक खास
  246. 11:47सिमत में चलने का
  247. 11:51एक एक विज़ देती है। अगर हम एजुकेशन हासिल
  248. 11:55नहीं करते तो दिमाग बहुत ज्यादा मुंतशिर
  249. 11:57रहता है। मुख्तल
  250. 11:59इसका मतलब आप बताइए जिसने ग्रेजुएशन की है
  251. 12:01वो एजुकेटेड है।
  252. 12:06जिसने एजुकेटेड है कुछ ना कुछ तो
  253. 12:09तो फिर तो आप क्या हम कह सकते हैं कि हर
  254. 12:11वो शख्स जिसने बीए किया होगा आपकी
  255. 12:14डेफिनेशन के मुताबिक वो अब दिमाग जो आपने
  256. 12:17कहा था कि उसको सही तरीके से चलने का विज़
  257. 12:19मिल चुका होगा।
  258. 12:28समझे कि जो कुछ हम बीए और एमए करवा रहे
  259. 12:31हैं वो इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि
  260. 12:34वो आदमी एजुकेटेड होगा।
  261. 12:36जो हम करवा रहे हैं वो तो वाकई गारंटी
  262. 12:38नहीं है।
  263. 12:41फिर एजुकेशन क्या है?
  264. 12:43सर जो मेरा
  265. 12:46अपनी इंफॉर्मेशन
  266. 12:49या जो भी उसने हासिल किया उससे अपनी
  267. 12:51प्रैक्टिकल लाइफ को बेहतर बना सके या उसको
  268. 12:54अपनी इंफॉर्मेशन को नॉलेज बना सके।
  269. 12:58क्या आपको ऐसे कुछ लोग याद है कि जो एक
  270. 13:01दिन भी स्कूल नहीं गए लेकिन उन्होंने अपनी
  271. 13:03जिंदगी को और प्रैक्टिकल लाइफ को बेहतरीन
  272. 13:04बनाया हुआ है।
  273. 13:06जी जी सर बेशुमार तो फिर हमारे बुजुर्ग
  274. 13:10तो फिर तो फिर वो तो एजुकेशन की डेफिनेशन
  275. 13:12ना हुई ना तो वो तो फिर इसका मतलब है कि
  276. 13:15जो है एनीवेज मैं आपको मजीद इम्तिहान में
  277. 13:17नहीं डालता। मैं आपके सामने इसकी हिस्ट्री
  278. 13:20अर्ज करता हूं। मेरा मकसद यही था कि हम
  279. 13:22सारे लोग इसमें इन्वॉल्व हो जाए। देखिए
  280. 13:25एक जमाना था क्योंकि इंसानी शूर ने तरक्की
  281. 13:28की है हजारों सालों की एक पूरी जर्नी के
  282. 13:32बाद एक जमाना था कि एजुकेटेड आदमी वो था
  283. 13:36जिसके पास इल्म ज्यादा था नॉलेज बहुत
  284. 13:38ज्यादा था मसल मैं आपको मिसाल के तौर पे
  285. 13:40बताता हूं सुकरात सुकरात
  286. 13:44से आप जो भी सुकरात से पहले फर्ज करें
  287. 13:47सुकरात से पहले के लोगों की बात कर रहा
  288. 13:49हूं क्योंकि सुकरात ने एक एजुकेशन के अंदर
  289. 13:51एक टर्न दिया था
  290. 13:53यस लेकिन फिर भी उसके वो हर इलाके में एक
  291. 13:57बड़ा आदमी होता था जिसके पास नॉलेज होता
  292. 14:00था और आप उससे कुछ भी पूछ सकते थे। अगर
  293. 14:02आपकी आंखों आंखें दुखने आ गई है तो आप यह
  294. 14:05भी उनसे पूछ सकते थे। दांत के दर्द का भी
  295. 14:07इलाज पूछ सकते थे। उससे यह भी पूछ सकते थे
  296. 14:10कि मौत के बाद क्या होगा और यह भी पूछ
  297. 14:12सकते थे के जलजिले क्यों आते हैं? आप उससे
  298. 14:15सब कुछ पूछ सकते थे। अब आप यकीन करें कि
  299. 14:18सुकरात ने किसी वजह से यह कहा था के औरत
  300. 14:22के मुंह में 28 दांत होते हैं। जबकि मर्द
  301. 14:24के मुंह में 32 दांत होते हैं। तो सुकरात
  302. 14:27साहब की अपनी दो बैग में थी तो वो किसी
  303. 14:30वक्त भी मिज सुकरात सीनियर या मिज सुकरात
  304. 14:33जूनियर के मुंह खुलवा के गिन सकते थे कि
  305. 14:36कितने दांत हैं मगर वो उन्होंने नहीं
  306. 14:38गिने। और लोग सदियों तक इस बात पर बिलीव
  307. 14:41करते रहे कि औरत के मुंह में 28 दांत होते
  308. 14:44हैं। प्लीज अपना माइक बंद कर लीजिएगा।
  309. 14:46उसकी वजह से आवाज कुछ हो रही कि औरत के
  310. 14:47मुंह में 28 दांत होते हैं और मर्द के
  311. 14:49मुंह में 32 दांत होते हैं। तो एक जमाने
  312. 14:52में यही समझा जाने लगा और ये शुरू में कि
  313. 14:55जिसके पास इल्म ज्यादा होगा बस वो
  314. 14:57एजुकेटेड होगा और वही सबसे दाना समझा जाता
  315. 14:59था और उसी के साही उसी के गिर्द ही
  316. 15:02रिवॉल्व करती थी सारी विज़डम। फिर इंसानी
  317. 15:05शूर ने जैसे-जैसे तरक्की की तो इंसान को
  318. 15:08यह पता लगा कि नॉलेज के साथ-साथ एक और चीज
  319. 15:11भी चाहिए और वो है स्किल। सिर्फ यह नहीं
  320. 15:15कि आदमी जो है वह बस आलती मालती मार के
  321. 15:17बैठ के बातें करता रहे और चीजों के बारे
  322. 15:19में फलसफियाना ख्यालात का हामिल हो बल्कि
  323. 15:22उसके पास कुछ स्किल्स भी होनी चाहिए और
  324. 15:25फिर और शुरू में स्किल का मतलब यह था कि
  325. 15:27वो खाना पका सकता हो वो लकड़ी का काम कर
  326. 15:31सकता हो या लोहे का काम कर सकता हो फिर
  327. 15:33मशीनें इजाद हुई तो मशीनों का काम कर सकता
  328. 15:36हो यानी हाथ से भी कुछ करने का माहिर हो
  329. 15:38तो ये स्किल और कुछ अरसे के बाद फिर ये भी
  330. 15:40इंसानी शूर मैं जरा जर्नी को जरा फास्ट कर
  331. 15:43रहा हूं
  332. 15:44इंसानी शोर में जब यह तरक्की हुई तो फिर
  333. 15:47यह पता लगा कि स्किल्स सिर्फ हार्ड
  334. 15:49स्किल्स ही नहीं होती जो हमने अपने हाथ के
  335. 15:52जोर से या अपने मसल्स और यानी अपने
  336. 15:55जॉइंट्स के एंगल को ट्विस्ट करके सीखनी
  337. 15:58होती हैं। तो वो यही नहीं होती। इसके
  338. 16:00अलावा कुछ हमारी जेहनी लेवल की भी स्किल्स
  339. 16:03होती हैं। तो इसलिए स्किल्स को फिर दो में
  340. 16:05डिवाइड किया गया और कहा कि कुछ स्किल्स
  341. 16:07हार्ड स्किल्स होती हैं। जैसे के जैसे के
  342. 16:11ऑपरेशन करना जैसे के मोटरसाइकिल को पंक्चर
  343. 16:15लगाना जैसे कि इलेक्ट्रिशियन का बिजली के
  344. 16:18बल्ब को उतारना या उसको लगाना या कनेक्शंस
  345. 16:21नए लगाना। लेकिन कुछ सॉफ्ट स्किल्स होती
  346. 16:24हैं और वह स्किल्स होती हैं एंगर को कैसे
  347. 16:27मैनेज करना है, कम्युनिकेशन कैसे करनी है,
  348. 16:30कॉन्फ्लिक्ट को कैसे मैनेज करना है, इस
  349. 16:34तरह की स्किल्स को सॉफ्ट स्किल्स कहा गया
  350. 16:36और यह कहा गया कि मुकम्मल एजुकेटेड आदमी
  351. 16:39वो होगा जिसके पास नॉलेज होगा चीजों के
  352. 16:41बारे में और शुरू शुरू में ये नॉलेज जो था
  353. 16:44वो यूनिवर्सल नॉलेज था और इंसान जो है वो
  354. 16:49प्रोफेशंस के
  355. 16:51सेपरेट और सेग्रगेट होने का मोहताज नहीं
  356. 16:54था। दाना आदमी आपका इलाज भी कर कर सकता
  357. 16:58था। हड्डी को भी जोड़ लेता था और वो खाना
  358. 17:02भी पका लेता था। वो सारे काम खुद कर लेता
  359. 17:04था। वो अपनी वो जो उसका बैलगाड़ी होती थी
  360. 17:07उसको भी खुद रिपेयर कर सकता था। तो इंसान
  361. 17:10इस स्पेशलाइजेशन का मोहताज नहीं था। लेकिन
  362. 17:12फिर आहिस्ताआहिस्ता जब इंसानी शूर ने
  363. 17:14तरक्की की तो फिर ये जो स्किल्स थी सॉफ्ट
  364. 17:17स्किल्स और हार्ड स्किल्स के अंदर
  365. 17:20सेग्रगेशन होनी शुरू हो गई और कंपार्टमेंट
  366. 17:23बन गए और डिवीजंस बन गई और मुख्तलिफ किस्म
  367. 17:26के डोमेनस बन गए जिनमें स्किल्स आ गई।
  368. 17:28लेकिन फिर इंसानी शूर ने फदर तरक्की की तो
  369. 17:32यह पता लगा कि इन दोनों के हासिल कर लेने
  370. 17:35से एजुकेशन का अच्छा एजुकेशन की जो बेसिक
  371. 17:40डेफिनेशन है ना जी बुक डेफिनेशन कि
  372. 17:42एजुकेशन इज अ कंप्लीट
  373. 17:45सेट ऑफ वर्चूस व्हिच ट्रांसफॉर्म्स अ
  374. 17:50ह्यूमन बीइंग इट्स अ सेट ऑफ अ वर्चूस
  375. 17:53व्हिच ट्रांसफॉर्म्स अ ह्यूमन बीइंग यानी
  376. 17:56ये तवको है कि एजुकेटेड आदमी ट्रांसफॉर्म
  377. 17:59होगा उसकी निस्बत जो अनएजुकेटेड है या लेस
  378. 18:02एजुकेटेड है। तो फिर यह पता लगा कि यह दो
  379. 18:05चीजें तो पूरी तरह इंसान को ट्रांसफॉर्म
  380. 18:07नहीं करती। हमें तो कुछ और भी चाहिए। और
  381. 18:09वो जो तीसरी चीज थी उसका नाम एटीट्यूड था
  382. 18:13कि इल्म भी हो, स्किल भी हो और एटीट्यूड
  383. 18:17भी हो। हमारा रवैया कैसा है? रवय से मुराद
  384. 18:20यह है कि चीजों को एक डॉक्टर है तो डॉक्टर
  385. 18:23जब मरीज को देखता है इधर आओ बीवी बैठो
  386. 18:26कपड़ा ऊपर करो और ऐसे हाथ लगा के पुश करके
  387. 18:29उसको देख रहा है या वो आराम से कहता है
  388. 18:30सलाम वालेकुम तशरीफ रखिए मेरा नाम डॉक्टर
  389. 18:32जावेद है मैं जरा आपको देखना चाहता हूं ये
  390. 18:34देखिए मैं पर्दा कर देता हूं तो जरा थोड़ा
  391. 18:36सा कपड़ा हटाइएगा मुझे देखना है मुझे
  392. 18:38उम्मीद है कि आप इस बात को बुरा ना
  393. 18:40मनाएंगी और उसके बाद वो जेंटल तो यानी
  394. 18:42उसका एक एटीट्यूड चाहिए एक रवैया चाहिए अब
  395. 18:45ये टीचिंग के लिए भी है और यह इंजीनियरिंग
  396. 18:47के लिए भी है और और ये बैंकर के लिए भी
  397. 18:50है। तो ये बात आज से तकरीबन आप कह सकते
  398. 18:54हैं 30-40 साल पहले तक एजुकेशन को इस तीन
  399. 18:58में डिवाइड किया गया और उसको टिपिकल इसका
  400. 19:00एक नाम था केएसए
  401. 19:02नॉलेज स्किल एंड एटीट्यूड नॉलेज स्किल एंड
  402. 19:05एटीट्यूड। लेकिन
  403. 19:09हमारे प्रोफेशन में जो मेडिकल का प्रोफेशन
  404. 19:11है और बाकी तमाम प्रोफेशन में भी आप इसको
  405. 19:14अप्लाई कर सकते हैं।
  406. 19:17अगर कोई शख्स नॉलेजेबल हो, स्किलफुल हो और
  407. 19:21उसका एटीट्यूड भी ठीक हो तो क्या वो फिर
  408. 19:24भी मुकम्मल एजुकेटेड होगा? तो यह देखा गया
  409. 19:28कि मुआशरे में जो बिगाड़ आया
  410. 19:32उस बिगाड़ आने को जब स्टैटिस्टिकली
  411. 19:35कैलकुलेट किया तो जिन लोगों के पास ये तीन
  412. 19:38चीजें थी उन्होंने मुआशरे में ज्यादा
  413. 19:40बिगाड़ पैदा किया बनिस्बत उनके जिनको हमने
  414. 19:44बाय डेफिनेशन अनएजुकेटेड कहा। अभी भी
  415. 19:47देखिए जो बड़े-बड़े फ्रॉड करते हैं, जो
  416. 19:49बड़े-बड़े ओदों पर बैठकर करप्शन करते हैं,
  417. 19:52जो और जिनसे हमें शिकायतें रहती हैं, तो
  418. 19:56ऐसा तो नहीं कि उनको नॉलेज नहीं होता। ऐसा
  419. 19:58तो नहीं होता कि उनको स्किल नहीं होती। यह
  420. 20:00भी नहीं कि उनका एटीट्यूड ठीक नहीं होता।
  421. 20:03तो जो एजुकेशन की डेफिनेशन जो सदियों से
  422. 20:06ये चली आ रही थी कि वी हैव टू टीच नॉलेज,
  423. 20:09स्किल एंड एटीट्यूड। ये तो यह कहा गया कि
  424. 20:12पपस ऑफ ये मेरा ये मेरी ये डिक्शनरी के
  425. 20:16लफ्ज है कि पर्पस ऑफ एजुकेशन इज ओनली वन
  426. 20:19टू डेवप अ कररेक्टर। तो अगर आप इसको देखें
  427. 20:24एक शख्स को बिल्कुल पता है कि अपेंडिक्स
  428. 20:27की एनाटॉमी कहां होती है? अपेंडिक्स किस
  429. 20:30जगह होता है? अपेंडिक्स का दर्द हो तो किस
  430. 20:32जगह पर होगा? अगर अपेंडिक्स का दर्द हो तो
  431. 20:36कौन-कौन से टेस्ट के अंदर पॉजिटिव आएगा?
  432. 20:38अल्ट्रासाउंड पे क्या होगा? ऑपरेशन करना
  433. 20:41उसको बेहतरीन तरीके से आता है और वह बाकी
  434. 20:45कंसेंट लेता है। स्टेरलाइजेशन का ख्याल
  435. 20:47करता है। बाकी सब कुछ सही करता है। लेकिन
  436. 20:51उसका ऑपरेशन करता है जिसके ऑपरेशन की
  437. 20:55जरूरत ही नहीं थी।
  438. 20:57और उसका ऑपरेशन करता है जिसमें उसका पर्पस
  439. 21:00उसमें से पैसे कमाना था। तो इसका मतलब यह
  440. 21:03हुआ कि नॉलेज, स्किल और एटीट्यूड तीनों
  441. 21:06होने के बावजूद जो पर्पस था कि उसका
  442. 21:09कररेक्टर डेवलप हो वो सिर्फ इन तीन चीजों
  443. 21:12से डेवलप नहीं होगा। तो उसके लिए एक
  444. 21:17चौथी चीज भी चाहिए।
  445. 21:21और यह अब एजुकेशन की डेफिनेशन में आप जो
  446. 21:23टीचर सब बैठे हुए हैं। प्लीज एक याद रखिए
  447. 21:26कि आज अभी तक जो मैंने बातें बताई है
  448. 21:29उनमें से टेक होम मैसेज पहला यह था। जो
  449. 21:32खूबी आप अपने स्टूडेंट में पैदा करना
  450. 21:34चाहते हैं, अगर वह आपके अंदर मौजूद नहीं
  451. 21:37है, तो यह बात भूल जाइए कि अगर टीचर अंदर
  452. 21:40आता ही गुस्से के साथ शुरू होता है, तो आप
  453. 21:44तहम्मुल आपका बच्चा सीखेगा। यह नामुमकिन
  454. 21:47है। इट इज इंपॉसिबल।
  455. 21:49क्योंकि वो जो मोल्ड है वो मोल्ड उस वो
  456. 21:54डायमंड की शक्ल का है ही नहीं। वो हार्ट
  457. 21:56की शक्ल का है ही नहीं तो वो हार्ट नहीं
  458. 21:58कर सकेगा। वो कोई ना कोई कोना टेढ़ा रह
  459. 22:00जाएगा। और दूसरा जो टेक होम मैसेज है वह
  460. 22:03यह है कि प्लीज जो कुछ अपने स्टूडेंट्स को
  461. 22:06आप देने के लिए जा रहे हैं याद रखिएगा कि
  462. 22:09उसमें से ये तीन चीजें जो पिछले सदियों के
  463. 22:13साथ हमारे जेहन में है हम तो इसमें भी
  464. 22:16बहुत डेफिशिएंट है। हम तो इवन नॉलेज भी
  465. 22:18पूरा नहीं देते। हमारे हमारे सिस्टम के
  466. 22:20अंदर के जाए कि हम नॉलेज स्किल और
  467. 22:22एटीट्यूड दें यानी कॉग्निटिव कॉग्निटिव
  468. 22:26नॉलेज दें। उनको हार्ड स्किल्स भी सिखाएं,
  469. 22:30उनको सॉफ्ट स्किल्स भी सिखाएं, एंगर
  470. 22:32मैनेजमेंट भी सिखाएं, डिसिप्लिन भी
  471. 22:34सिखाएं, उनको सब चीजें सिखाएं और उनके
  472. 22:37एटीट्यूड के अंदर भी ये तमाम चीजें ले आए।
  473. 22:39मगर फिर भी एक चौथी चीज अगर नहीं होगी तो
  474. 22:42वो तो एजुकेशन का पर्पस पूरा नहीं होगा।
  475. 22:46अब मैं थोड़ा सा अपने वोकल कॉर्ड्स को
  476. 22:49रेस्ट देता हूं और अब दोबारा आपसे पूछता
  477. 22:52हूं कि प्लीज आप गेस कीजिए और मुझे बताइए
  478. 22:55कि वह चौथी चीज क्या होगी?
  479. 22:58जो सीखे बगैर जो जाने बगैर कोई शख्स
  480. 23:02एजुकेटेड नहीं होगा। मोरल वैल्यू एथिक्स
  481. 23:07एथिक्स ओके
  482. 23:13सर सर मोरालिटी
  483. 23:17मोरालिटी अब मोरालिटी लंबी बहस हो जाएगी
  484. 23:22मगर मोरालिटी फिलोसोफिकली अगर हम स्टडी
  485. 23:25करें ना जी तो मोरालिटी बहुत ही रिलेटिव
  486. 23:28टर्म है
  487. 23:31क्योंकि वो आपको पता है कि तो नतशे ने एक
  488. 23:34दफा कहा था नीचे जिसे कहते नीचे भी कहते
  489. 23:37हैं। उसने ये कहा था कि मोरालिटी इज अ
  490. 23:40क्राई ऑफ पुअर।
  491. 23:44इट इज नॉट अ प्रॉब्लम ऑफ इट इज नॉट द
  492. 23:46प्रॉब्लम ऑफ अ रिच। इट इज द क्राई ऑफ़ अ
  493. 23:49पुअर। गरीब आदमी कहता है इंसाफ होना
  494. 23:51चाहिए। यहां उसूल उसूल से चलना चाहिए।
  495. 23:54यहां कोई चीज नहीं चलेगी। एनीवेज हम इस
  496. 23:56बहस में नहीं पड़ते। बहन ने एक लफ्ज बोला
  497. 23:58था। प्लीज जरा अपने माइक बंद कर दीजिएगा।
  498. 24:01बहन ने एक लफज़ बोला था अभी तो उसमें से
  499. 24:03आधा लफज़ जो था वह वह लफज़ है और उसको कहते
  500. 24:07हैं वैल्यू सिस्टम।
  501. 24:09वैल्यू सिस्टम का मतलब यह है जिसको उर्दू
  502. 24:12में कहेंगे अकदार
  503. 24:15जिसका पूरा कनेक्शन होता है तहजीब के साथ
  504. 24:18और तरदुन के साथ कि जो भी बच्चा हम पढ़
  505. 24:22बच्चा या बच्ची जो हमारे हमारे उसमें से
  506. 24:25सिस्टम में से निकल के आ रहे हैं उनका
  507. 24:28नॉलेज स्किल एटीट्यूड और उनकी प्रायोरिटी
  508. 24:32लिस्ट सही बनी हुई है कि नहीं बनी हुई?
  509. 24:35वैल्यू सिस्टम का मतलब यह है कि उनके
  510. 24:37नजदीक पहले नंबर पर क्या चीज है, दूसरे
  511. 24:40नंबर पर क्या चीज है, तीसरे नंबर पर क्या
  512. 24:43चीज है? चौथे नंबर पर क्या चीज?
  513. 24:46क्या उनकी और इसी से बेस करेगा उनका लेवल
  514. 24:50ऑफ स्पिरिचुअलिटी।
  515. 24:52यह स्पिरिचुअलिटी की टर्म को आप मजहब के
  516. 24:55साथ बिल्कुल भी इक्वेट ना करें। जहां जब
  517. 24:59मैं स्पिरिचुअलिटी का लफ्ज बोल रहा हूं
  518. 25:01यहां तो यहां यह मुराद नहीं है कि वह आदमी
  519. 25:03कितना मजहबी है। स्पिरिचुअलिटी से मुराद
  520. 25:06यह है कि वो जो काम कर रहा है वो वैल्यू
  521. 25:09सिस्टम की लेडर के ऊपर किस किस सीढ़ी के
  522. 25:14ऊपर खड़ा होकर वो काम कर रहा है उसका नाम
  523. 25:17वैल्यू सिस्टम है। और उन सीढ़ियों में से
  524. 25:20जो सबसे नीचे दर्जे की सीढ़ी है वह यह है
  525. 25:25वह चीजें जो पैसे से खरीदी जा सकती हैं।
  526. 25:28अगर किसी के वैल्यू सिस्टम में यह चीज
  527. 25:31पहले नंबर पर है तो वह बेचारा अपनी
  528. 25:33स्पिरिचुअलिटी में और अपनी एजुकेटेड होने
  529. 25:37में सबसे नीचे के लेवल के ऊपर है। उस
  530. 25:40सीढ़ी के से जो ऊपर की चीज है वह वह चीज
  531. 25:43है कि जिसमें आदमी अपनी
  532. 25:48अ
  533. 25:52ईगो को रखता है कि मेरी इज्जत मेरी
  534. 25:54बेइज्जती मेरा स्टेटस उसको देखता है। उससे
  535. 25:59ऊपर की सीढ़ी के ऊपर इंसान अपने इमोशनल
  536. 26:02रिलेशंस को देखता है कि भाई मेरे मेरे
  537. 26:05यानी मेरे मुझे लोग अच्छा समझते हैं कि
  538. 26:07नहीं समझते। लोग मेरे इर्दगिर्द मौजूद हैं
  539. 26:10कि नहीं मौजूद। उससे ऊपर की सीढ़ी पर
  540. 26:13इंसान जिस चीज के ऊपर होता है दरमियान में
  541. 26:17और भी बहुत सीढ़ियां हैं। मगर जो टॉप की
  542. 26:20सीढ़ी है उसे हम एक्चुअली कहते हैं सेल्फ
  543. 26:22एक्चुअलाइजेशन। जिसका मतलब यह होता है कि
  544. 26:26मैं सच बोलूंगा इसलिए कि सच बोलने के
  545. 26:31अलावा तो कोई और चारा ही नहीं है। आई एम
  546. 26:35गुड बिकॉज आई हैव टू बी गुड। यानी ऑनेस्टी
  547. 26:39इज अ बेस्ट पॉलिसी। यह नहीं कहेगा। यह
  548. 26:41पॉलिसी वो पॉलिसी नहीं है उसकी। ऑनेस्टी
  549. 26:45आई एम ऑनेस्ट बिकॉज़ देयर इज नो अदर चॉइस
  550. 26:48देन दैट ऑफ़ ऑनेस्ट। तो ये वैल्यू सिस्टम
  551. 26:50में ऊपर होगा। वो लोग जो हम में से
  552. 26:52मुसलमान हैं और क्योंकि हम ये ये
  553. 26:55वर्कशॉप्स वगैरह मैं इंटरनेशनलली भी कराता
  554. 26:58हूं और कई हमारे ऑडियंस इंटरनेशनल होते
  555. 27:01हैं बाज औकात और मुल्क से बाहर भी। तो
  556. 27:04इसलिए ऑल इंक्लूसिव होने के लिए मैं उसको
  557. 27:08सेल्फ एक्चुअलाइजेशन कहता हूं। लेकिन
  558. 27:11मुसलमानों के लिए एक बहुत जबरदस्त है जो
  559. 27:13ऊपर की सीढ़ी कि मैं जो भी काम कर रहा हूं
  560. 27:15ये मैं अल्लाह की रजा के लिए कर रहा हूं।
  561. 27:18चाहे वो काम देखने में जितना भी दुनियावी
  562. 27:20लग रहा है मगर मैं अपने अल्लाह की अल्लाह
  563. 27:22की रजा के लिए कर रहा हूं। देखिए मैं मैं
  564. 27:24सुबह से लेकर शाम तक मेहनत कर रहा हूं
  565. 27:26अपने बीवी बच्चों का पेट पालने के लिए।
  566. 27:27इसलिए कि मैं उनको रिज़्क हलाल खिला सकूं।
  567. 27:30इसलिए कि मैं उनको किसी का वो मोहताज ना
  568. 27:33हो। किसी के आगे हाथ ना फैलाना पड़े। उसकी
  569. 27:35इज्जत नफ्स मजरू ना हो। और यह मुझे अल्लाह
  570. 27:37ने हुक्म दिया है। यही बात किसी और
  571. 27:39इंटेंशन से भी की जा सकती है और वो इंसान
  572. 27:42के वैल्यू सिस्टम को नीचे ले जाएगी। तो
  573. 27:44मैंकि
  574. 27:46टाइम हमारे पास अभी तो देखिए हमने तमहीद
  575. 27:48ही बांधी थी तो आधा वक्त गुजर गया। तो बस
  576. 27:51तो ये मैं आपसे अर्ज करना चाहता हूं कि आप
  577. 27:53जितने असाजा हैं यहां मौजूद हैं पहली बात
  578. 27:56ये याद रखिएगा उस्ताद को अपने ऊपर मेहनत
  579. 28:00करने की बहुत जरूरत है। अगर इंसान अपने
  580. 28:03अंदर उसके उसके अंदर अपनी इनसिक्योरिटीज
  581. 28:06हैं और उसके अंदर अपनी कुछ कजियां हैं तो
  582. 28:08वो वही कजियां 10 से जर्ब खाकर उसके
  583. 28:11स्टूडेंट्स में ट्रांसफर होंगी। अच्छा
  584. 28:13दूसरी यह मैंने आपको एजुकेशन की एक
  585. 28:14डेफिनेशन बताई है कि यह चार चीजें हमने
  586. 28:17अपने बच्चों के अंदर इनकलकुलेट करनी है।
  587. 28:20चाहे हम उनको अल्लामा इकबाल का कोई मजमून
  588. 28:22पढ़ा रहे हैं। चाहे हम कोई फिजिक्स का
  589. 28:24फार्मूला पढ़ा रहे हैं। चाहे हम कोई
  590. 28:26अंग्रेजी की कोई उसको नजम पढ़ा रहे हैं या
  591. 28:28कुछ भी पढ़ा रहे हैं। तो ये चार चीजें अगर
  592. 28:31होगी तो उससे फिर एजुकेशन होगी। ये एक
  593. 28:35तारीफ है एजुकेशन की। हो सकता है आप लोग
  594. 28:38जो थ्योरी पे ज्यादा हो। मैंने इसके
  595. 28:39मुख्तलिफ रंगों में इसलिए रखा है और मैं
  596. 28:42इसको बहुत आहिस्ताआहिस्ता पढूंगा। तो इससे
  597. 28:44आपको ना एक्चुअली एजुकेशन का पूरा का पूरा
  598. 28:46सिस्टम समझ में आ जाएगा। यानी जो बैक एंड
  599. 28:49पे एजुकेशन क्या होती है? तो मैं
  600. 28:50आहिस्ताआहिस्ता पढ़ता हूं। एजुकेशन इज
  601. 28:53एक्वायरिंग
  602. 28:56एजुकेशन यह हासिल करना है। क्या न्यू
  603. 29:01मॉडिफाइंग
  604. 29:03और रीइंफोर्सिंग। एजुकेशन का मतलब है कुछ
  605. 29:07नया मिले कुछ जो पड़ा हुआ था वह मॉडिफाई
  606. 29:11हो जाए जो पहले से मौजूद था उसके बारे में
  607. 29:15हमें जरा ज्यादा यकीन हो जाए और वो क्या
  608. 29:18एकिस्टिंग नॉलेज यानी पहला नॉलेज
  609. 29:23बिहेवियर
  610. 29:25स्किल्स
  611. 29:26वैल्यूस
  612. 29:28एंड प्रेफरेंसेस
  613. 29:31यानी हमारी पहले से मौजूद इल्म पहले से
  614. 29:35मौजूद पहले से मौजूद इल्म हमारा रवैया
  615. 29:39हमारी स्किल हमारा वैल्यू सिस्टम और हम
  616. 29:43किस चीज को नंबर वन करते हैं नंबर दो करते
  617. 29:45हैं इन में कोई नई चीज शामिल हो जाए या ये
  618. 29:50पहले से मॉडिफाई हो जाए या रीइंफोर्स हो
  619. 29:53जाए जिसकी वजह से एज अ रिजल्ट ऑफ
  620. 29:56सिंथेसाइजिंग डिफरेंट टाइप ऑफ इन यानी जो
  621. 29:59हमें बाहर से डाटा मिल रहा है उस डाटा की
  622. 30:02वजह से हमारे हमारी ये वाली चीजें
  623. 30:06नई
  624. 30:08चीजें यानी हमें कुछ नई चीजें पता चले या
  625. 30:12पुरानी चीजें जो है मॉडिफाई हो जाए या
  626. 30:15रीइंफोर्स हो जाए और जो चीजें ये नई या
  627. 30:18पुरानी मॉडिफाई हो वो क्या हो हमारा पहले
  628. 30:20का नॉलेज पहले का बिहेवियर हमारा स्किल या
  629. 30:23वैल्यू और प्रेफरेंसेस बहरहाल ये एक
  630. 30:24थ्योरेटिकल डेफिनेशन है और इसके ऊपर जरा
  631. 30:27ज्यादा और तवज्जो से और तवज्जो से और
  632. 30:30मैंने मुख्तलिफ रंगों में आज ही इसको किया
  633. 30:32है ताकि मैं दोस्तों को यह अगर इसको यह
  634. 30:35देख लें तो इनको जो है वो अंदाजा होगा कि
  635. 30:38एक्चुअली एजुकेशन से क्या मुराद है और
  636. 30:40इंशा्लाह कल कल अगर आप जब अपनी क्लास में
  637. 30:42जाएंगे तो आपके ज़हन के अंदर ये होगा कि
  638. 30:44यार मेरी तो ये जिम्मेदारी है ये मैं करने
  639. 30:47जा रहा हूं और इसको मैं स्किप करता हूं।
  640. 30:49अच्छा अनफॉर्चूनेटली हमारा जो स्कूल
  641. 30:51सिस्टम है उसकी या जो हमारा एजुकेशन का
  642. 30:54करिकुलम सिस्टम है वो ये है कि हम एक सेट
  643. 30:57स्टैंडर्ड सेट करते हैं। हमारा मैट्रिक का
  644. 30:59एक स्टैंडर्ड है कि भ ये होना चाहिए।
  645. 31:00एफएससी का एक स्टैंडर्ड है कि यह पता होना
  646. 31:03चाहिए। फिर हम उसको वह स्टैंडर्ड पढ़ा
  647. 31:06देते हैं और पढ़ा देने के बाद फिर उसका
  648. 31:09इम्तिहान ले लेते हैं और इम्तिहान में अगर
  649. 31:12पास हो जाए तो फिर हम उसको सर्टिफिकेट
  650. 31:14देते हैं और फिर हम कहते हैं ले भाई तू
  651. 31:16अल्लाह के हवाले तू जा। होप फॉर द बेस्ट।
  652. 31:19यह हमारा सिस्टम है। यह सिस्टम आज से
  653. 31:23एग्जैक्ट
  654. 31:25कोई 120 30 साल पहले एक साहब थे जिनका नाम
  655. 31:30था फ्लेक्सनर।
  656. 31:32तो फ्लेक्सनर एक ब्यूरोक्रेट थे अमेरिका
  657. 31:35के अंदर। तो उस वक्त के प्रेसिडेंट ने
  658. 31:37उनको यह टास्क दिया कि जो हमारे ही वाज़
  659. 31:40नॉट एन एजुकेशनिस्ट एंड ही वाज़ नॉट अ
  660. 31:42डॉक्टर। तो उसको उन्होंने कहा कि आप भाई
  661. 31:45एजुकेशन के बारे में कोई हम रिफॉर्म्स
  662. 31:49करें और आज से कोई 140 साल 30 साल पहले यह
  663. 31:54जो मैंने आपके सामने डायग्राम बनाई है यह
  664. 31:56उनको दी गई कि हमारा भाई यह सिस्टम है कि
  665. 32:00हम सेट स्टैंडर्ड कर लेते हैं। स्टैंडर्ड
  666. 32:02के मुताबिक पढ़ा देते हैं। पढ़ा के
  667. 32:04इम्तिहान ले लेते हैं। फिर सर्टिफिकेट दे
  668. 32:06देते हैं। फिर हमें पता नहीं चलता कि वो
  669. 32:08कहां चला गया। तो इसके बारे में कुछ करें।
  670. 32:10फ्लेक्सनर की रिपोर्ट अगर आप देखना चाहे
  671. 32:12यह 1900 1901 में उन्होंने ये रिपोर्ट दी
  672. 32:15थी तो आप 1901 में या शायद 1904 में तो
  673. 32:20उन्होंने उसके बहुत सारी रिसर्च करने के
  674. 32:23बाद यह कहा कि ये जो लीनियर लाइन है ना यह
  675. 32:27बहुत खतरनाक है। इसको एक सर्कल में चेंज
  676. 32:31किया जाए।
  677. 32:32और सर्कल यह है कि स्टैंडर्ड सेट करने की
  678. 32:36बजाय गोल्स सेट की किए जाए कि हम एक्चुअली
  679. 32:41चाहते क्या हैं।
  680. 32:43मैं यहां टाइम को मद्देनजर रखते हुए
  681. 32:48क्योंकि ये तो
  682. 32:50मतलब एक लंबा लंबे कोर्स में यह बताया जा
  683. 32:52सकता है जो कई हफ्तों वगैरह में होगा।
  684. 32:55मुहीद एक मिनट जरा होल्ड कीजिएगा। एक
  685. 32:57जरूरी कॉल मुझे लेना है। अस्सलाम वालेकुम।
  686. 33:01अस्सलाम वालेकुम जी वालेकुम सलाम जी रशीद
  687. 33:04भाई
  688. 33:06मेहरबानी मेहरबानी मेहरबानी
  689. 33:11मैं असल जो एक सेशन
  690. 33:27सर आपकी आवाज नहीं आ रही।
  691. 33:34सर म्यूट है।
  692. 33:40सर आपकी आवाज नहीं आ रही है। प्लीज मैं
  693. 33:44इसको अनम्यूट भी करता हूं।
  694. 33:46अरे अल्लाह के बंदो सर कॉल अटेंड कर रहे
  695. 33:48हैं। हमें थोड़ी सुना रहे हैं कॉल।
  696. 34:01अब आवाज आ रही है आपको मेरी?
  697. 34:04जी जी जी
  698. 34:07जी सर आ रही है।
  699. 34:08जी ओके मैं जरा दोबारा स्क्रीन शेयर कर
  700. 34:11लूंगा। एक मिनट।
  701. 34:18जी।
  702. 34:20तो
  703. 34:23तो उन्होंने यह कहा अब आवाज आ रही है ना
  704. 34:25जनाब?
  705. 34:27जी जी सर बिल्कुल आ रही है
  706. 34:29कि हम हम एक गोल डिटरमिन करें और देखिए
  707. 34:32मैं आपसे अर्ज करना चाहता हूं कि हमारा 5
  708. 34:34साल का कोई ट्रीट कोई प्लान हो प्रोग्राम
  709. 34:37हो जैसे एमबीबीएस का चार साल का हो दो साल
  710. 34:42का हो जैसे आप कहें एफएससी या कोई छ महीने
  711. 34:46का कोर्स हो या कोई चार दिन की वर्कशॉप हो
  712. 34:50या आधे घंटे का लेक्चर हो उस लेक्चर के
  713. 34:54लिए पढ़ाने वाले के लिए एक गोल का तायु
  714. 34:58करना बहुत जरूरी है
  715. 35:01कि आप जो कुछ करने जा रहे हैं उसका गोल
  716. 35:03क्या है? इस आधे घंटे के बाद मेरे बच्चों
  717. 35:06को क्या होना क्या पता होना चाहिए? इस
  718. 35:09उन्होंने यह कहा कि गोल बनाया जाए और गोल
  719. 35:12बना के फिर उसके हिसाब से लर्निंग
  720. 35:15एक्सपीरियंस क्रिएट किया जाए। वह लर्निंग
  721. 35:18एक्सपीरियंस लेक्चर हो सकता है। कोई
  722. 35:20स्लाइडें हो सकती हैं। वह लेक्चर
  723. 35:22एक्सपीरियंस कोई वीडियो हो सकती है। वह
  724. 35:24कोई टूर हो सकता है। वो आप उनको कोई कोई
  725. 35:27एक रीडिंग मटेरियल दे सकते हैं। आप उनको
  726. 35:30सेल्फ स्टडी भी कर कहने को कर सकते हैं।
  727. 35:33एक लर्निंग एक्सपीरियंस क्रिएट किया जाए।
  728. 35:35और जब वो लर्निंग एक्सपीरियंस क्रिएट हो
  729. 35:38जाए तो फिर उसके हिसाब से जिसको हम
  730. 35:40इम्तिहान कहते हैं असेसमेंट की जाए कि
  731. 35:43क्या यह लर्निंग एक्सपीरियंस
  732. 35:46मैच करता है लर्निंग गोल के साथ और क्या
  733. 35:49वो स्टैंडर्ड अचीव हो गया है कि नहीं हो
  734. 35:51गया और यहां वो जगह थी जिसके आगे मैंने
  735. 35:55लिखा था के यहां से आगे के होप फॉर द
  736. 35:59बेस्ट होप फॉर द बेस्ट लेकिन वो फ्लेक्स
  737. 36:02साहब ने कहा कि नहीं असेसमेंट के बाद अब
  738. 36:04आप अवैलुएट करें। अब इवैल्यूएशन स्टूडेंट
  739. 36:08की नहीं है। इवैल्यूएशन पूरे सिस्टम की
  740. 36:11है। यानी जब इम्तिहान हो जाता है तो उसके
  741. 36:15बाद तो इंस्टीट्यूशन का असल काम शुरू होता
  742. 36:17है कि भाई जो कुछ हमने इसमें अचीव किया
  743. 36:20है। हम तो कहते हैं ना जी देख जी रिजल्ट
  744. 36:22बहुत बुरा आया। रिजल्ट 40% आ गया। अच्छा
  745. 36:24या रिजल्ट बहुत अच्छा आ गया। 90 95% आ
  746. 36:28गया। यहां से आगे स्कूल का काम शुरू होता
  747. 36:30है या कॉलेज का काम शुरू होता है कि सारे
  748. 36:33को इवैलुएट किया जाए कि क्या असेसमेंट का
  749. 36:36प्रोसेस ठीक था कि नहीं। क्या लर्निंग
  750. 36:39एक्सपीरियंस के अंदर कुछ मॉडिफिकेशन करने
  751. 36:42की जरूरत है या हमें लर्निंग गोल ही हमारे
  752. 36:44गलत बने हुए हैं। लर्निंग गोल्स को हमने
  753. 36:47हमें मॉडिफाई करना है। इसके हिसाब से
  754. 36:49फीडबैक तैयार की जाए और फिर यह सर्कल इसी
  755. 36:53तरीके से चलता रहे। जिसकी बेस पर यह कहा
  756. 36:56गया कि जो मॉडर्न एजुकेशन है ना वो
  757. 37:00कॉम्पिटेंसी बेस्ड होनी चाहिए बनिस्बत
  758. 37:03आउटकम बेस्ड के हम कहते हैं कि जी डिग्री
  759. 37:06आ गई नंबर आ गए 1100 में से 1058 तो हमने
  760. 37:10जबरदस्त प्रोडक्ट प्रोड्यूस कर दी स्कूल
  761. 37:13बड़े-बड़े बिल बोर्ड चौकों में लगा के
  762. 37:15अपने बच्चों और बच्चियों की तस्वीरें लगा
  763. 37:17देते हैं कि देखें जी हमने जो है ना यह
  764. 37:19हमारी आउटकम अचीव हो गई लेकिन इस आउटकम
  765. 37:22अचीव करने से ना सोसाइट पे कोई पॉजिटिव
  766. 37:25इंपैक्ट होता है ना इंडिविजुअल
  767. 37:29उस बा किरदार वैल्यू सिस्टम वाला इंसान
  768. 37:32बनता है इसलिए कि हमारा पूरा का पूरा
  769. 37:35सिस्टम गियर्ड ही आउटकम बेस्ड पर है।
  770. 37:38कॉम्पिटेंसी बेस्ड पर नहीं है कि वो क्या
  771. 37:41करने के काबिल है। लिहाजा हमें पता होना
  772. 37:44चाहिए कि प्राइमरी पास करने के बाद बच्चा
  773. 37:47क्या करने के काबिल होगा। मिडिल के बाद
  774. 37:50बच्चा क्या करने के काबिल होगा? एफए के
  775. 37:52बाद क्या करने के काबिल होगा? और बीए और
  776. 37:55वो क्या वो करने के काबिल है कि नहीं है
  777. 37:59यह असेस करेगा कि उसने वो एजुकेटेड है कि
  778. 38:02नहीं है और उस लेवल की एजुकेशन उसने अचीव
  779. 38:05की है कि नहीं की। तो मेरे बहुत ही प्यारे
  780. 38:07दोस्तों इसके लिए जिस तरीके से हम टीचिंग
  781. 38:11करते हैं उसको थोड़ा सा हमें एक्सपेंड
  782. 38:15करना पड़ेगा। हमें इंसान की जिंदगी के चार
  783. 38:19आस्पेक्ट हैं। उसकी बॉडी, उसका माइंड,
  784. 38:23उसका दिल और उसकी रूह। इन चारों के ऊपर
  785. 38:27काम करना पड़े। अगर हमारे सामने बैठे हुए
  786. 38:30स्टूडेंट्स को सिर्फ और सिर्फ हम उनकी
  787. 38:34माइंड्स पर काम कर रहे हैं
  788. 38:37और हमारे चारों बाकी आस्पेक्ट्स पर काम
  789. 38:39नहीं कर रहे तो वो डिजायर्ड आउटकम अचीव
  790. 38:42नहीं होगी जिसको हम एक्चुअली एजुकेशन कहते
  791. 38:46हैं। अब मैं यह भी चाहूंगा कि कुछ टाइम
  792. 38:49में कुछ टेक होम मैसेजेस के ये तो एक
  793. 38:52ओवरऑल मैंने पिक्चर आपको बताई है। मैं यह
  794. 38:54भी चाहूंगा कि कुछ ऐसी चीजें जिनको कल से
  795. 38:57हम अप्लाई कर सकते हो वह भी मैं आपको
  796. 38:59बताऊं इस सेशन में बिफोर हम क्वेश्चन एंड
  797. 39:04आंसर का सेशन करें तो देखिए बात ये है कि
  798. 39:08जिस वक्त हमारा बच्चा स्कूल में दाखिल
  799. 39:11होता है ना आता है वो बिल्कुल ऐसा ही होता
  800. 39:14है जैसे अंडे में से चूजा निकल के आ रहा
  801. 39:17होता है और जो ही वो मुझे आप खुद याद
  802. 39:22कीजिएगा कि आप में से कितने लोग ऐसे हैं
  803. 39:25कि जब स्कूल गए थे पहली दफा तो वो रोते
  804. 39:28हुए गए थे।
  805. 39:31अपना बचपन याद कीजिएगा।
  806. 39:36सर मैं मोहम्मद दाऊद
  807. 39:41रोते हुए गए थे ना?
  808. 39:42जी जी सर।
  809. 39:44कोई और भी था जो रोता हुआ गया था बचपन में
  810. 39:46जब पहली दफा स्कूल गए थे।
  811. 39:47यस मैं भी रोता हुआ गया था सर।
  812. 39:50कोई बहनों में से हमारी
  813. 39:54सर मैं रोते हुए तो नहीं गई थी लेकिन मुझे
  814. 39:57स्कूल आज तक भी बहुत बुरा लगता है।
  815. 40:00वाह वाह अच्छा और
  816. 40:05कोई और भी एक दो दोस्त अपने तजुर्बात
  817. 40:07बताएं।
  818. 40:07सर मैं रोते हुए तो कभी नहीं गई लेकिन
  819. 40:09हमेशा रुलाया जरूर।
  820. 40:12अब घर वालों को
  821. 40:15नहीं स्कूल वालों को।
  822. 40:17अच्छा स्कूल वालों को अच्छा देखिए बड़ी
  823. 40:19खुशी सा किया था स्कूल जहां जाहिर है हम
  824. 40:22सब मेरा मेरा अपना भी तजुर्बा ऐसा है कि
  825. 40:24यार मैं किस मुसीबत में पढ़ने लगा हूं
  826. 40:26उसकी वजह ये होती है कि जब हम मैं पता
  827. 40:29नहीं आपने हमारे पैरेंटिंग के कोर्सेज किए
  828. 40:31हुए हैं कि नहीं किए हुए मैं यहां थोड़ी
  829. 40:33सी कुछ लोग जो पहली दफा हमारे पास आए हैं
  830. 40:36या जिनसे पहला नहीं तो हमारे हमारा ना
  831. 40:39हमारी पूरी टीम का एक मेन जो हमारा
  832. 40:42फ्लैकशिप प्रोजेक्ट है ना वो है पैरेंटिंग
  833. 40:45जिसमें हमारे ना पैरेंटिंग के कोर्सेज हैं
  834. 40:47और उस कोर्स उसका लिंक भी फैजान आपको अगर
  835. 40:50पहले नहीं है तो दे देंगे कि जिसमें 20
  836. 40:52वीडियोस में हमने प्रिंसिपल्स ऑफ
  837. 40:53पैरेंटिंग डिस्कस किए हैं बहुत तफसील के
  838. 40:56साथ। इस तरीके से एक एंगर मैनेजमेंट का
  839. 40:58कोर्स है और एक हमारा जो कोर्स है वह
  840. 41:01फैमिली लाइफ का भी कोर्स है और इसके अलावा
  841. 41:05कुछ और भी यानी सर्विज हैं जो हम प्रोवाइड
  842. 41:08करते हैं और मेरी कुछ किताबें भी हैं
  843. 41:09जिनमें पैरेंटिंग की किताब भी आजकल
  844. 41:11मार्केट में है। अच्छा मैं यह सिर्फ अर्ज
  845. 41:13करना यह चाहता हूं कि जिस चीज को बच्चे के
  846. 41:18सामने वैशत के तौर पर प्रेजेंट किया जाएगा
  847. 41:21ना और इस तरीके से प्रेजेंट किया जाएगा जो
  848. 41:24उसके माहौल में मौजूद नहीं है मगर उसको
  849. 41:27करने को कहा जा रहा है तो बच्चा उससे
  850. 41:29हमेशा भागेगा और जिस जो चीज उसके माहौल
  851. 41:33में मौजूद है और बच्चे के ऊपर वैशत तारी
  852. 41:36नहीं होगी बच्चा उसको फरी तौर पे अडॉप कर
  853. 41:39लेगा हमारे स्कूल सिस्टम में आते ही सबसे
  854. 41:42पहले यह वाला अज़ाब शुरू हो जाता है कि फला
  855. 41:47तारीख तक यह पढ़ना है। फला तारीख तक ये
  856. 41:51पढ़ना है। बर्डन बर्डन ऑफ मेमोराइजेशन
  857. 41:56बर्डन ऑफ मेमोराइजेशन जो है और हम और ये
  858. 41:59तो हमारा हम इस बहुत सारे असाजा को इस बात
  859. 42:02पे हैरानी होगी कि ये क्या बात आपने कर
  860. 42:04दी। यानी किताबें ही ना पढ़ाएं उनको। उनको
  861. 42:06पढ़ाएं ही ना हम किताबें। लेकिन मैं बात यह
  862. 42:09अर्ज कर रहा हूं कि बच्चे के ऊपर मेमोरी
  863. 42:12का बर्डन इतना ज्यादा डल जाता है कि उसको
  864. 42:15उससे वैशत होना शुरू हो जाती है और जो
  865. 42:18उसके बाद एक बला उसके सामने आती है वो ये
  866. 42:21है। डर तो नहीं गए आप लोग?
  867. 42:27जी सर बिल्कुल आप ठीक कह रहे हैं कि हम
  868. 42:30तालीम का जो तारुफ है वही बहुत गलत तरीके
  869. 42:32से बच्चे को करवाते हैं।
  870. 42:34और ये जो बला है ना सर इस बला का नाम
  871. 42:36इम्तिहान है एग्जामिनेशन।
  872. 42:40और यह जो भला बच्चे के सर के ऊपर खौफनाक
  873. 42:43जिस तरह यह तस्वीर नजर आती है तो
  874. 42:47एग्जामिनेशन का डर बच्चे को एग्जामिनेशन
  875. 42:51तो में जो फेल होता है ना बच्चा प्लीज आप
  876. 42:55याद रखिए वो बच्चा फेल नहीं होता वो पूरा
  877. 42:58सिस्टम फेल हो रहा होता है एक साल के लिए
  878. 43:01बच्चा एक मैं उसको हटा दूं एक साल के लिए
  879. 43:04बच्चा जो है वह एक साल के लिए बच्चा जो है
  880. 43:07वह एक सिस्टम में आता और उस सिस्टम में
  881. 43:10क्वालिफाइड लोगों के साथ एक साल गुजारता
  882. 43:13है और उसके बाद वह इम्तिहान में फेल हो
  883. 43:15जाता है और हम उसको कहते हैं बड़ा नालायक
  884. 43:18बच्चा है। यह बच्चा तो बहुत नालायक बच्चा
  885. 43:20है। एक्चुअली फेल तो टीचर हुआ है। फेल तो
  886. 43:24हेड मास्टर साहब हुए हैं। और फेल तो पूरा
  887. 43:27सिस्टम हुआ है। वो कैसे फेल हुआ है? वो तो
  888. 43:30अल्लाह ताला ने पूरी सलाहियतों के साथ
  889. 43:32उसको दुनिया में भेजा है। हमने हतुकान
  890. 43:35कोशिश करके उसकी सलाहियतों को इस तरीके से
  891. 43:39यानी कैपिटलाइज ही नहीं किया। हमने और वो
  892. 43:43इसलिए कैपिटलाइज नहीं किया। उसकी एक वजह
  893. 43:45मैं आगे आपसे अर्ज करूंगा कि हम यह समझते
  894. 43:48हैं कि एक ही लाठी के साथ सारे रेवड़ को
  895. 43:51हांका जा सकता है। हम यह समझते हैं कि एक
  896. 43:54बुनियान हम ले आएंगे तो घर के तमाम अफराद
  897. 43:57को वो बुनियान पूरी आ जाएगी। वन शर्ट
  898. 43:59फिट्स ऑल साइज होती है ना कुछ शर्टे लिखी
  899. 44:01होती है फिट्स ऑल जो मर्जी पहन ले वो जरा
  900. 44:03सुकड़ जाएगी किसी को तो हमारा ये ख्याल है
  901. 44:05कि जो एजुकेशन है ना जो सामने 50 बच्चे
  902. 44:07बैठे हैं ना तमाम बच्चों को हम और कुछ
  903. 44:10लड़के बड़ा अच्छा शाबाश ये बड़ा लायक है
  904. 44:12ये ये बड़ा लायक है ये बड़ा लायक है मुझे
  905. 44:14अच्छी तरह याद है कि हम जिस मैं स्कूल में
  906. 44:17इस्लामाबाद में पढ़ता था बहुत अच्छा स्कूल
  907. 44:19था बीच में एक हमारी फैमिली ट्रेजडी हो गई
  908. 44:21मेरे ताई जान का इंतकाल हो गया और मेरे
  909. 44:23वालिद साहब उनसे इतने अटैच थे कि वो
  910. 44:25इस्लामाबाद से छोड़ के मुल्तान आ गए जो
  911. 44:27हमारा पहले पुराना घर था और मेरे और मुझे
  912. 44:29उन्होंने ना बिल्कुल तवज्जो उस वक्त इतने
  913. 44:31मेंटल स्ट्रेस में थे कि उन्होंने कहा कि
  914. 44:33यार उसको जाके स्कूल में दाखिल करा दो तो
  915. 44:36इस्लामाबाद में बड़े अच्छे स्कूल में
  916. 44:37पढ़ता था तो मुझे ना एक वहां एमसी स्कूल
  917. 44:40कुछ था मसिपल कमेट कॉरपोरेशन स्कूल उसमें
  918. 44:42दाखिल करा दिया अच्छा अब उस स्कूल के अंदर
  919. 44:44मैं इस्लामाबाद से आया था कुछ दूसरी तीसरी
  920. 44:47जमात चौथी जमात का तो उस स्कूल के अंदर जो
  921. 44:50बुनियादी जो एक वस्फ था जिसकी बुनियाद पर
  922. 44:54मास्टर साहब जो है वो किसी को पसंद कम
  923. 44:56करते थे वो हैंड हैंडराइटिंग थी।
  924. 44:59हैंडराइटिंग और इसके अलावा ना उनको गाने
  925. 45:01सुनने का शौक था तो वहां जरका फिल्म आई थी
  926. 45:03तो एक लड़का था शकील जो मेरा दोस्त ही था
  927. 45:05बाद में मुझसे दो साल बाद डॉक्टर बना अभी
  928. 45:07भी डॉक्टर है डॉक्टर तो वो ना वो एक तो
  929. 45:11उसकी हैंडराइटिंग बड़ी अच्छी थी दूसरा वो
  930. 45:13या जर का गाना बड़ा अच्छा गाता था तो इसकी
  931. 45:16दो बुनियादों पर वो उन्होंने उस वो उनका
  932. 45:18बहुत फेवरेट स्टूडेंट था। अच्छा मैं पता
  933. 45:20नहीं मेरी हैंडराइटिंग इतनी अच्छी नहीं थी
  934. 45:22क्योंकि मेरे मुकद्दर में डॉक्टर लिखना
  935. 45:24बनना लिखा हुआ था तो मेरी तो उनकी एक
  936. 45:26खुशखती की कॉपी होती थी तो वो मेरी कॉपी
  937. 45:30मुझसे लिखवाने की बजाय शकील से लिखवाते थे
  938. 45:32और कहते थे कि तुम्हारी हैंडराइटिंग गंदी
  939. 45:34है तो तुम्हारी कॉपी शकील लिख दिया करेगा
  940. 45:36क्योंकि उसकी हैंडराइटिंग अच्छी है। अब
  941. 45:38मुझे बताइए मुझे क्या तरबियत होगी और
  942. 45:40दूसरी बात यह थी कि वो ना
  943. 45:43कोई बंदा गलत काम करे तो बहुत मारते थे और
  944. 45:47कोई बंदा अगर गलत काम ना करे तो फिर कम
  945. 45:50मारते थे लेकिन मारते सब कोई थे ये बेसिक
  946. 45:53ना प्रिंसिपल ऑफ एजुकेशन था वो मैं चार
  947. 45:56पांच महीने वहां पढ़ा था बेसिक
  948. 45:58प्रिंसिपल्स ऑफ एजुकेशन ये था अच्छा और
  949. 46:01फिर ये ना कि इम्तिहान की बुनियाद पर हम
  950. 46:03कैटेगराइज करना शुरू कर देते हैं कि ये
  951. 46:06अच्छा बच्चा है ये दुनिया दुनिया में
  952. 46:08जितने मॉडर्न सिस्टम है वो एग्जाम से
  953. 46:11ज्यादा प्रोसेस के ऊपर जोर देते हैं। वो
  954. 46:14आउटकम की बजाय प्रोसेस पर जोर देते हैं।
  955. 46:18जितनी बातें हमने पहले एजुकेशन में की है
  956. 46:20नॉलेज, स्किल, एटीट्यूड, वैल्यू सिस्टम
  957. 46:22एंड ऑल दोज़ थिंग्स इनका ताल्लुक आउटकम से
  958. 46:26ज्यादा प्रोसेस के साथ है। सुबह आप आए,
  959. 46:28आपने क्या किया? फिर पहले पीरियड में क्या
  960. 46:31किया? दूसरे पीरियड में क्या किया?
  961. 46:33लाइब्रेरी में जाकर क्या किया? टीचर ने
  962. 46:35दरमियान में बैठकर क्या किया? टीचर ने
  963. 46:37प्रॉब्लम सॉर्टिंग सॉर्ट कैसे किया? किसी
  964. 46:40डिफिकल्ट के उसमें क्या किया? इस सारे
  965. 46:43प्रोसेस में से गुजरने का नाम एजुकेट होना
  966. 46:47है। और वो जो आखिर में इम्तिहान है वो
  967. 46:50बिल्कुल गैर जरूरी है। अगर आपके प्रोसेस
  968. 46:55के ऊपर आपको पूरा एतबार है।
  969. 46:58अगर आपके प्रोसेस पर आपको पूरा एतबार है
  970. 47:01तो एग्जाम इसीलिए दसवीं जमात तक
  971. 47:06फॉर्मेट आपको शायद इस बात का पता होगा कि
  972. 47:08असेसमेंट दो तरह की होती है। एक फॉर्मेटिव
  973. 47:10एक समेटिव फॉर्मेटिव वो होती है जो आपके
  974. 47:13एंड रिजल्ट के ऊपर कोई असर अंदाज नहीं
  975. 47:16होती और समिट सबमिटिव वो होती है जो आखरी
  976. 47:18इम्तिहान होता है यानी बोर्ड का इम्तिहान
  977. 47:20या आपके स्कूल का जिसके ऊपर पास फेल का
  978. 47:22फैसला होता है तो 10 तकरीबन मिडिल स्टैंड
  979. 47:26यानी 10थ ग्रेड तक दुनिया के तमाम मॉडर्न
  980. 47:29सिस्टम्स के अंदर जो आजकल चलते हैं किसी
  981. 47:32किस्म की समेटिव असेसमेंट नहीं होती
  982. 47:34फॉरेटिव असेसमेंट होती है फॉरेस्टिव
  983. 47:37असेसमेंट के नतीजे में एरियाज ऑफ
  984. 47:40डेफिशिएंसी एरिया एरिया नहीं एरियाज ऑफ
  985. 47:43इंप्रूव पॉसिबल इंप्रूवमेंट उनको
  986. 47:46आइडेंटिफाई किया जाता है और वो अगले
  987. 47:48सेमेस्टर के अंदर उन एरिया ऑफ पॉसिबल
  988. 47:51इंप्रूवमेंट पर काम किया जाता है। बनिस्बत
  989. 47:53ये कि उसको फेल किया जाए। मेरी बात समझ
  990. 47:56रहे हैं ना आप? इसलिए इसलिए
  991. 47:59प्लीज और अच्छा यह बात याद रखिए प्लीज कि
  992. 48:03जिस बच्चे को अब आप पढ़ा रहे हैं उस बच्चे
  993. 48:06नेपी ट्रेनिंग बाद में ली है और कंप्यूटर
  994. 48:10लिटरेसी उसकी पहले आ गई है। उस बच्चे ने
  995. 48:15Google पहले उसको चलानी आती है। इससे पहले
  996. 48:18कि आप उसको दो का पहाड़ा याद कराएं। इस
  997. 48:21बच्चे से यह बच्चा चैट जीपीटी से जो कुछ
  998. 48:25आप पढ़ाने जा रहे हैं उससे बेहतर तरीके का
  999. 48:28पता चला के बैठा होगा आपके पढ़ाने से पहले
  1000. 48:30पहले। इसलिए यह बात आप याद रखिए कि अगर
  1001. 48:33उसी कन्वेंशनल तरीके से हम टीचर्स बच्चों
  1002. 48:36को पढ़ा पढ़ाना शुरू कर दें तो बच्चे बहुत
  1003. 48:39यानी हम बहुत ही गलतफहमी का हम शिकार
  1004. 48:42होंगे। तो अब मैं मुझे असल में ना थोड़ा
  1005. 48:45सम अप करते वक्त बड़ी दिक्कत हो रही है
  1006. 48:47क्योंकि यह टॉपिक बड़ा तो तो लिहाजा यह
  1007. 48:50तस्वीर एक्सप्लेन करती है। अगर मॉडर्न
  1008. 48:54टीचर वो नहीं है जो सख्ती से डंडा लेके
  1009. 48:56बैठा हुआ है और थोड़ी-थोड़ी देर बाद उसको
  1010. 48:58ख्याल आता है और वो पिटाई शुरू कर देता है
  1011. 49:00या थोड़ी-थोड़ी देर के बाद वो आकर डांटना
  1012. 49:02शुरू कर देता है या वो टीचर वो है कि
  1013. 49:04जितना काम स्टूडेंट कर रहा है टीचर उससे
  1014. 49:06ज्यादा काम कर रहा है। टीचर उससे ज्यादा
  1015. 49:09काम कर रहा है। जब तक वह रोल मॉडल नहीं
  1016. 49:11बनेगा टीचर उस वक्त तक स्टूडेंट्स
  1017. 49:14इंपॉसिबल है कुछ करना। मैं अब यह
  1018. 49:16जल्दी-जल्दी कुछ आपको बातें बता बताता
  1019. 49:18हूं। फिर हम मुझे पता है कि ये गुफ्तगू
  1020. 49:20तशना रहेगी लेकिन ये कि फिर हम इंशाल्लाह
  1021. 49:23इसको आगे किसी और वक्त में करेंगे। देखिए
  1022. 49:25ये वो तरीका है जिससे मैं और आप पड़े हुए
  1023. 49:27हैं। इस अप्रोच को कहते हैं बिहेवियरिस्ट
  1024. 49:31अप्रोच। और यह अप्रोच यह होती है कि ये जो
  1025. 49:34लाल कपड़ों में साहब खड़े हैं ना इनको सब
  1026. 49:36कुछ पता है। और जो नीले कपड़ों में खड़े
  1027. 49:38हैं
  1028. 49:39यह बिल्कुल यह इनकी अपनी कोई अकल नहीं है।
  1029. 49:43तो लिहाजा यह जो यह कहेंगे वह इनको मानना
  1030. 49:47पड़ेगा। लिहाजा
  1031. 49:49दो 2 * 1 = 2 2 * 2 = 4 2 * 3 = 6 2 * 4के
  1032. 49:558 तो इनको सात-सात वही कहना पड़े पड़ेगा।
  1033. 49:57मुझे अच्छी तरह याद है मैट्रिक के अंदर
  1034. 49:59हमने जो पढ़ा वो एकजेक्टली
  1035. 50:02की तरह है
  1036. 50:05एकजेक्टली इसी मुझे अच्छी तरह अल्फाज़ याद
  1037. 50:07है हमारे वो इंग्लिश पढ़ा कहते व्हेन द
  1038. 50:09मुस्लिम केम टू द सबक्टिनेंट दे नॉट ओनली
  1039. 50:13कंकरर्ड द लैंड दे आल्सो कंकरर्ड द हार्ट
  1040. 50:16ऑफ द पीपल सुना भाई कहता है व्हेन द
  1041. 50:19मुस्लिम केम द हार्ट नहीं बैठ जाओ फिर
  1042. 50:22क्या है व्हेन द मुस्लिम केम टू द
  1043. 50:24सबक्टिनेंट दे नॉट ओनली कंकरर्ड द लैंड बट
  1044. 50:28दे आल्सो कंकर द हार्ट ऑफ़ द तो सों को याद
  1045. 50:31करा दिया और उन्होंने कहा कि मैंने बड़ा
  1046. 50:32अच्छा काम किया। देखिए ये जो बिहेवियरिस्ट
  1047. 50:34अप्रोच है ये ये बहुत अरसा तक करती रही और
  1048. 50:38ये आपने वो पैवलफ का एक्सपेरिमेंट शायद
  1049. 50:40याद हो आप में से मुझे कुत्ते और घंटी
  1050. 50:43वाला तो पैवलोफ ने ये कहा था कि असल मकसद
  1051. 50:46तो स्टूडेंट को बिहेवियर सिखाना होता है।
  1052. 50:48कैसे सिखाना है इससे क्या फर्क पड़ता है?
  1053. 50:50आप उसको बार-बार कह के सिखा दें। आप उसको
  1054. 50:52बोल-बोल के सिखा दें। आप उसको जैसे कर
  1055. 50:54दें। तो लेकिन बाद में पता लगा कि
  1056. 50:56बिहेवियर अप्रोच से आप टेम कर सकते हैं।
  1057. 51:00आप ट्रेंड नहीं कर सकते। आप एक बंदर को जो
  1058. 51:04है ना वो तार के ऊपर चलना सिखा सकते हैं।
  1059. 51:08आप एक
  1060. 51:11बंदर को और एक रीच को जो है वो स्टूल पर
  1061. 51:14बैठना सिखा सकते हैं। लेकिन एक इंसान के
  1062. 51:18अंदर पूरे रवय में तब्दीली जो है
  1063. 51:20बिहेवियरस्ट अप्रोच से नहीं होती। लेकिन
  1064. 51:22अनफॉर्चूनेटली बहुत ही मैं दुख के साथ
  1065. 51:25ऐलान करता हूं। इस बात को शेयर करता हूं
  1066. 51:28कि हमारे यहां अभी भी बिहेवियरिस्ट अप्रोच
  1067. 51:32के जरिए से ही टीचर्स स्टूडेंट्स को अमूमी
  1068. 51:36तौर पर पढ़ाते हैं।
  1069. 51:40लाइक दिस।
  1070. 51:42उसके बाद यह ना ट्रांसफॉर्मेशन हुई।
  1071. 51:45यह भी सदियों पर सफर था और यह कहा गया कि
  1072. 51:48एक्चुअली
  1073. 51:50हम एक और अप्रोच को फॉलो करते हैं जिसे
  1074. 51:52कंस्ट्रक्टिविस्ट अप्रोच कहते हैं। और
  1075. 51:55कंस्ट्रक्टिविस्ट अप्रोच का मतलब यह है कि
  1076. 51:58टीचर इनमें से एक टीचर है। ये जो ब्लू
  1077. 52:01बैठे हैं इनमें से एक टीचर है। टीचर भी
  1078. 52:03एक्चुअली एक तरह का लर्नर है। मगर वो
  1079. 52:05एडवांस लर्नर है। वो साथ बैठ जाए और मिलके
  1080. 52:10ना हम और इस इसके पास भी कुछ ना कुछ है।
  1081. 52:13इसके पास भी कुछ है। के पास भी इनके पास
  1082. 52:15जो कुछ है टीचर उनकी मदद करे और इसके ऊपर
  1083. 52:19कंस्ट्रक्शन होनी शुरू हो जाए तो इसको हम
  1084. 52:21कंस्ट्रक्टिविस्ट अप्रोच कहते थे। अब मैं
  1085. 52:24वक्त की वजह से इसको स्किप करता हूं।
  1086. 52:25हालांकि इस पर बहुत सी बात हो सकती है। एक
  1087. 52:28बात बड़ी अहम है कि कंस्ट्रक्टिविस्ट
  1088. 52:30अप्रोच का मतलब यह है कि जब भी आप नया
  1089. 52:34नॉलेज किसी को देंगे तो उसको नया नॉलेज उस
  1090. 52:37वक्त तक नहीं दे सकते जब तक उसके
  1091. 52:40एकिस्टिंग नॉलेज का आपको पता नहीं होगा।
  1092. 52:44यानी यह कि स्टूडेंट का प्रायर नॉलेज
  1093. 52:48डिटेक्ट करके और उस प्रायर नॉलेज की बेस
  1094. 52:51पर नया नॉलेज कंस्ट्रक्ट किया जा सकता है।
  1095. 52:54अब ये फिलोसोफिकली थोड़ी सी डीप बात हो गई
  1096. 52:56है। जब हम वो बड़ी वर्कशॉप तीन-चार दिन
  1097. 52:59वाली हम अरेंज करेंगे तो इस बात को मैं
  1098. 53:01मजीद खोलूंगा और इस पर इंशा्लाह हम बात
  1099. 53:04करेंगे। फिर आहिस्ता-आहिस्ता ये पता चला
  1100. 53:07कि ये स्कूल में जो मर्जी पढ़ लो। अल्लामा
  1101. 53:09इकबाल की नज़्में पढ़ लो। कायदे आजम के 14
  1102. 53:12नकात पढ़ लो। आप में से कायदे आजम के 14
  1103. 53:14नकात किस किसिस ने पढ़े हुए हैं?
  1104. 53:18सबने पढ़े हुए हैं। सर
  1105. 53:20जी जी उस कायदे आजम के 14 नुकात का आपके
  1106. 53:24एक अच्छा इंसान बनने और जिंदगी गुजारने
  1107. 53:27में कोई अमल दखल आपने आज तक फायदा हुआ
  1108. 53:31आपको उसका
  1109. 53:33सर मुझे तो वो याद ही नहीं है। याद ही
  1110. 53:36नहीं हुए। जी हमारा मेरा मेरा कजन है
  1111. 53:38शहजाद तो वो वो कहता है जब हम नौवीं जमात
  1112. 53:41में पढ़ते थे तो हमें मास्टर साहब ने कहा
  1113. 53:43कि 14 नुकात जरूर आएंगे 14 नुकातात जरूर
  1114. 53:45कहते वो इतना प्रेशर पड़ा कि हमने ना बहुत
  1115. 53:47मेहनत करके 14 नुकातात याद कर लिए तो उसके
  1116. 53:50एक दोस्त को इतने याद हुए इतने कि जब उसने
  1117. 53:53लिखे ना जल्दी से सवाल आया और बाद में
  1118. 53:56गिने तो वो 16 थे
  1119. 53:59तो वो एकदम घबरा गया कि अब क्या करूं कहता
  1120. 54:02है फिर कहता है फिर मैंने नीचे वाले दो
  1121. 54:03काट दिए लेकिन नंबर मेरे 100 10 में से 10
  1122. 54:05ही आ गए तो अच्छा अब यह है कि यह पता चला
  1123. 54:09कि सिर्फ कंस्ट्रक्टिव अप्रोच नहीं है
  1124. 54:12काफी।
  1125. 54:14असल तो चीज ये है कि वो चीज सोसाइटी में
  1126. 54:16काबिले अमल है कि नहीं। मैं माफी चाहता
  1127. 54:18हूं। हम अभी यहीं खड़े हैं। हमारा सिस्टम
  1128. 54:21प्रीडमिनेंटली अभी यहीं खड़ा है। यह वो
  1129. 54:25बातें हैं जो 50 60 साल पहले होके गुजर भी
  1130. 54:27चुकी हैं। कंस्ट्रक्टिविज्म और फिर ये
  1131. 54:30उन्होंने कहा कि नहीं सोशल
  1132. 54:32कंस्ट्रक्टिविज्म
  1133. 54:34एक बच्चा जो है ना उसको आप ना ए जैकेट
  1134. 54:37करके उसको एक ही यूनिफार्म पहना के और
  1135. 54:39उसको सुबह लाइनें बना के और उसको यूं करने
  1136. 54:41की बजाय आप इन सबको एक सोसाइटी एक सोशल
  1137. 54:46ग्रुप के तौर पर डेवलप करें। इनको बाहर
  1138. 54:48सोसाइटी में भेजें। टीचर वहां बैठी हुई
  1139. 54:51मॉनिटर करती रहे। और एक सोशल कस्ट सोशल
  1140. 54:56कंस्ट्रक्टिविस्ट थ्योरी जो है वो वो
  1141. 55:00इमर्ज हुई कि पढ़ाने के लिए एक्चुअली ये
  1142. 55:03वाली चीजें चाहिए कि सोसाइटी के साथ
  1143. 55:05इंटरेक्शन हो। ठीक है ना? अब इसकी भी लंबी
  1144. 55:07तफसील है। मैं फिर आपसे अर्ज करूंगा। और
  1145. 55:10अब इस वक्त जब 2025 में हम बैठे हैं
  1146. 55:13एजुकेशन की सबसे मॉडर्न थ्योरी यह है जिसे
  1147. 55:16कनेक्टिविज्म कहते हैं। मैंने स्पेलिंग
  1148. 55:17सॉरी गलत लिखे हुए हैं। कनेक्टिविज्म वो
  1149. 55:20इसलिए कि अब आपके पास इतने पैसे हो गए
  1150. 55:23हैं। इतने पैसे हो गए हैं कि वो सारे पैसे
  1151. 55:26अपनी जेब में नहीं आप रख सकते। थैले में
  1152. 55:28ले घूम नहीं सकते। अब आप उसका क्रेडिट
  1153. 55:30कार्ड बना लीजिए। वह आप क्रेडिट कार्ड से
  1154. 55:32जब निकालने हो एटीएम मशीन से उसको निकाल
  1155. 55:35लिया कीजिए या मोबाइल से ही आप पैसे
  1156. 55:37ट्रांसफर कर दिया कीजिए। तो इल्म को भी इस
  1157. 55:40तरीके से अब इतना फैल चुका है कि बेसिकली
  1158. 55:43आपको स्टूडेंट को सारा याद करवाने की कोई
  1159. 55:46जरूरत नहीं है। कोई याद कराने की जरूरत
  1160. 55:48नहीं कि 14 नुकातात क्या थे क्योंकि वो एक
  1161. 55:50सेकंड में 14 नुकात और ना सिर्फ उसका
  1162. 55:53इंपैक्ट वो सारा का सारा वहां से देख सकता
  1163. 55:55है। तो यह वो थ्योरी है जिसके तहत आजकल
  1164. 55:59एजुकेशन की जाती है और हम इस थ्योरी से कम
  1165. 56:02से कम हमारे अमूमी स्कूल कम से कम पांच
  1166. 56:08पांच सीढ़ियां नीचे खड़े हुए हैं और इसको
  1167. 56:12यहां आने के लिए हमें कितनी देर लगेगी
  1168. 56:14उसमें सबसे अहम स्टेप जो है वो हमारी
  1169. 56:17फैकल्टी डेवलपमेंट और टीचर डेवलपमेंट है।
  1170. 56:20अब ये सिंगल नेशनल करिकुलम बनाया
  1171. 56:22गवर्नमेंट ने बड़ा अजी मेहनत की बहुत कुछ
  1172. 56:26किया। लेकिन वो नया एक जेएफ थंडर बनाकर जो
  1173. 56:31सुजुकी चलाने वाले के हाथ में पकड़ा दिया।
  1174. 56:34जो पैरेलल फैकल्टी डेवलपमेंट होने की
  1175. 56:36जरूरत थी वो तो साथ हुई ही नहीं। तो यह
  1176. 56:39मेरी एक हमंबल कोशिश है पिछले 101 साल से
  1177. 56:42मैं मेडिकल कॉलेजेस के अंदर तो
  1178. 56:44अल्हम्दुलिल्लाह मैं ये मास्टर
  1179. 56:46प्रोग्राम्स को पढ़ाता हूं। तो मैंने इनके
  1180. 56:48इनके साथ फैजान के साथ मिलके ये कोशिश की
  1181. 56:51थी कि मैं एक टीचर डेवलपमेंट का अगर कोई
  1182. 56:54सरकारी सतह पर भी होते हैं सारी
  1183. 56:56वर्कशॉप्स। लेकिन मैं अपनी हम्ल कैपेसिटी
  1184. 56:58में जो मुझे कोई अलफ थोड़ा बहुत पता है
  1185. 57:01अबजद तो वो मैं अपने दोस्तों के साथ इस
  1186. 57:04तरह से शेयर कर सकूं और शेयर करके ये
  1187. 57:07मैंने आपको एक थोड़ा सा टेस्ट देने की
  1188. 57:08कोशिश की है। अब वो आगे बहुत सी और बातें
  1189. 57:11हैं कि जो मैं जल्दी से आपको बताता हूं कि
  1190. 57:14भाई टीच हमें ये हमारी जर्नी है। टीचिंग
  1191. 57:17से हमें लर्निंग की तरफ जाना पड़ेगा। यह
  1192. 57:19अहम नहीं है कि क्या आप कितने अच्छे टीचर
  1193. 57:21हैं। अहम यह है कि जिसने सीखा है उसने
  1194. 57:23सीखा कि नहीं सीखा। इसी तरीके से फैक्ट
  1195. 57:26भेजने फैक्ट बताने की बजाय स्टूडेंट को
  1196. 57:30खुद नॉलेज को कंस्ट्रक्ट कंस्ट्रक्ट करना
  1197. 57:32सिखाने की जरूरत है। इसी तरह उसको याद
  1198. 57:34करवाने की बजाय एनालिसिस की जरूरत है। आप
  1199. 57:37आपको याद होगा ना कि हम कहते थे के ये ये
  1200. 57:41मजमून है मेरा माय बेस्ट फ्रेंड मॉर्निंग
  1201. 57:45वॉक और क्या-क्या होते थे?
  1202. 57:51विजिट टू द ज
  1203. 57:53ज अच्छा
  1204. 57:56और
  1205. 57:58माय लास्ट
  1206. 58:00जी अच्छा अब ये सारे
  1207. 58:02ये आपने 15 मजमून याद कर लिए और अब कहा कि
  1208. 58:04उनमें से कोई एक आ जाएगा अब इस ये है
  1209. 58:07मेमोराइजेशन ऑफ द इनेशन इसकी बजाय आप उनको
  1210. 58:10ये क्यों नहीं कहते कि आप अपनी मर्जी के
  1211. 58:14किसी सब्जेक्ट पर एक मजमून लिखिए
  1212. 58:17दैट्स इट अब ये क्या अब जो वो मजमून
  1213. 58:19लिखेगा वो होगा एनालिसिस सिंथेसिस
  1214. 58:22इवैल्यूएशन एंड एप्लीकेशन ऑफ दी
  1215. 58:24इंफॉर्मेशन हम अपने बच्चे को मेमोराइजेशन
  1216. 58:26ऑफ दी और फिर एक ऐसे भी कुछ बाजार से
  1217. 58:29टेस्ट पेपर मिलते थे कि जिसमें दरमियान
  1218. 58:32में ना सिर्फ एक-एक लफज़ चेंज करना होता था
  1219. 58:34वो माय बेस्ट टीचर माय बेस्ट फ्रेंड और और
  1220. 58:38आठ 10 और तरह के मजमूनों को एक ही मजमून
  1221. 58:40में आप याद कर लिया करते थे। तो ये है कि
  1222. 58:44दुनिया दुनिया अब ये मेमोराइजेशन ऑफ़ देखिए
  1223. 58:46ना कितना आसान है। ये कहने की बजाय कि आप
  1224. 58:49मॉर्निंग वॉक पे मजमून लिखें। आप उसको यह
  1225. 58:52कहें कि आप किसी भी किसी भी मौजू पर एक
  1226. 58:55मजमून लिखें। अब आप देखिए अब स्टूडेंट्स
  1227. 58:58का एनालिसिस सिंथेसिस इवैल्यूएशन
  1228. 58:59एप्लीकेशन कितनी ज्यादा उसकी आएगी। इसी
  1229. 59:02तरह ये सब बातें हैं रोड यानी रट्टा लगाने
  1230. 59:04की बजाय अप्लाइड नॉलेज दिया जाए और
  1231. 59:06कैटेगराइजेशन देखिए ना एक है माशती आलूम
  1232. 59:10एक है फिजिक्स एक है केमिस्ट्री। ये
  1233. 59:12कंपार्टमेंट्स हैं। मगर जिंदगी
  1234. 59:14कंपार्टमेंट्स में नहीं है। जिंदगी
  1235. 59:16इंटेग्रेटेड है। यानी दीनियाद पढ़ाते वक्त
  1236. 59:20फिजिक्स उसको समझ में आ रही हो। फिजिक्स
  1237. 59:22समझते हुए उसको अल्लाह का दीन समझ में आ
  1238. 59:25रहा हो। केमिस्ट्री के जरिए उसको यू नो
  1239. 59:28कुरान की आयतों की तौजीह मिल रही है और
  1240. 59:30कुरान की आयतों से उसको यानी जिसको हम
  1241. 59:32यानी इंटीग्रेशन कहते हैं। इंटीग्रेशन एक
  1242. 59:35पूरा का पूरी साइंस है जिसको हम वर्टिकल
  1243. 59:38इंटीग्रेशन, हॉरिजॉन्टल इंटीग्रेशन,
  1244. 59:40स्पायरल इंटीग्रेशन कहते हैं। जिसके जरिए
  1245. 59:43जिंदगी पढ़ाई जाती है। सब्जेक्ट नहीं
  1246. 59:46पढ़ाए जाते। तो ये ये एक पूरा एक जर्नी है
  1247. 59:49जो के किया गया है। स्कूलिंग की बजाय लाइफ
  1248. 59:53लॉन्ग लर्निंग। हमारे बहुत से दोस्त कहते
  1249. 59:54हैं आज यार मैंने एमबीबीएस कर लिया है ना
  1250. 59:57आज से मैंने पढ़ाई से इतनी तौबा कर ली है
  1251. 59:59कि मैंने इंशा्लाह अखबार भी नहीं पढ़ा
  1252. 1:00:01करना जबकि स्कूलिंग जबकि एजुकेशन का मकसद
  1253. 1:00:04तो लाइफ लॉन्ग लर्नर बनाना है और इनको
  1254. 1:00:09जी हां तो बहाल मैं ये तमाम स्लाइडों को
  1255. 1:00:12स्किप करता हूं लेकिन हमारा डलेमा ये है
  1256. 1:00:16मेरे प्यारे बहनों और भाइयों के देयर इज
  1257. 1:00:20नो डिफरेंस बिटवीन एन एजुकेटेड एंड
  1258. 1:00:21अनएजुकेटेड पर्सन एक्सेप्ट फॉर दी जॉब
  1259. 1:00:24पोटेंशियल।
  1260. 1:00:26बस
  1261. 1:00:28एक मोटरसाइकिल एक गाड़ी के ऊपर एक आदमी
  1262. 1:00:30बैठा हुआ है। उसकी एक मोटरसाइकिल से टकरा
  1263. 1:00:32गया। बत्तियां टूट गई। एक और आदमी गाड़ी
  1264. 1:00:35में बैठा हुआ है। उस वो भी मोटरसाइकिल से
  1265. 1:00:37टकरा गया। उसकी बत्तियां टूट गई। जो पहली
  1266. 1:00:39वाली गाड़ी में बैठा हुआ है। वो बेचारा ना
  1267. 1:00:42उसकी वजह से दुकान गाड़ी है उसके पास
  1268. 1:00:44लेकिन उसकी ना धोबियों की दुकान है। एक
  1269. 1:00:46अच्छी दुकान चलती है। ड्राई क्लीनिक की
  1270. 1:00:48दुकान है। जो दूसरी गाड़ी में बैठा हुआ
  1271. 1:00:50है। वो शहर का सबसे बड़ा वकील है।
  1272. 1:00:53आप ईमानदारी से बताएं जब वकील की गाड़ी
  1273. 1:00:55लगेगी मोटरसाइकिल पर और उस यानी ड्राई
  1274. 1:00:58क्लीनर की जिसकी दुकान थी उसकी मोटरसाइकिल
  1275. 1:01:01पर लगी थी कौन सा बंदा ज्यादा बदतमीजी
  1276. 1:01:03करेगा
  1277. 1:01:08सर वकील
  1278. 1:01:10तो वो तो बहुत एजुकेटेड होता है वो कहेगा
  1279. 1:01:13मुझे तुम जानते नहीं हो मैं कौन हूं
  1280. 1:01:16बस सर वो वहां पे सोर्स का वो करेंगे अपना
  1281. 1:01:20तुम्हारे तो फिर इसका मतलब ये है कि
  1282. 1:01:22एजुकेशन और एजुकेशन ने तो कुछ भी नहीं
  1283. 1:01:23किया। तो इस इसका मतलब यह हुआ कि हमारा जो
  1284. 1:01:27सिस्टम है वो फौ्टी है और सिस्टम को रन
  1285. 1:01:30करने वाले मैं और आप हैं जो टीचर्स हैं वो
  1286. 1:01:31सिस्टम को रन करने वाले हैं। अगर हम अपनी
  1287. 1:01:33फैकल्टी डेवलप अपने आप को डेवलप नहीं
  1288. 1:01:35करेंगे। अपने आप को हम नहीं आगे नहीं ले
  1289. 1:01:38हम हम इन बातों को नहीं सीखेंगे तो वो जो
  1290. 1:01:40हमारे सामने गुंदे हुए आटे की तरह 25
  1291. 1:01:43मासूम से बिठा दिए हमारे सामने हम उनको
  1292. 1:01:46वही कुछ बना के भेजेंगे ना जो कुछ हम खुद
  1293. 1:01:48बने हुए हैं। जिस तरीके से हमारी अपनी
  1294. 1:01:50ए्जायटीज है। हमारी अपनी घर में लड़ाईयां
  1295. 1:01:54हो रही है। जैसे हमारे अपने मुशरती हालात
  1296. 1:01:55है। जिस तरीके से हम एक दूसरे के खिलाफ
  1297. 1:01:57मुकदमे करते हैं और अपनी प्रमोशन के लिए
  1298. 1:01:59और उसकी प्रमोशन के लिए और इधर और फिर
  1299. 1:02:02हमें पैसे देने पड़ते हैं और कहीं पैसे
  1300. 1:02:04लेने पड़ते हैं। तो हमारे बच्चे भी ऐसे ही
  1301. 1:02:05करेंगे और 70 75 साल से यही हुए जा रहा है
  1302. 1:02:08जिसकी वजह से वो रट ब्रेक ही नहीं हो रही।
  1303. 1:02:11तो खैर एनीवेज मैं ना माफी चाहता हूं मुझे
  1304. 1:02:14यहां रुकना पड़ेगा। मुझे यहां रुकना
  1305. 1:02:16पड़ेगा और ये मैंने कोशिश तो मेरा ख्याल
  1306. 1:02:19था शायद ये मैं पूरी की पूरी कर सकूं और
  1307. 1:02:22हां जी। तो तो ये ये देखिए ना मैं आपको ये
  1308. 1:02:25जो टीचर के लिए क्या स्किल्स चाहिए? तो ये
  1309. 1:02:28मैंने एक बनाया था। एक जल्दी से मैं पढ़
  1310. 1:02:30देता हूं। उसको ना इफेक्टिवली अपने
  1311. 1:02:32स्टूडेंट से कम्युनिकेट करना आना चाहिए और
  1312. 1:02:35टीचिंग इफेक्टिवली आना चाहिए यानी
  1313. 1:02:37डिलीवरिंग लेक्चर स्मॉल ग्रुप डिस्कशन
  1314. 1:02:39कंडक्टिंग टीचिंग इन ऑल सेटिंग्स कांसेप्ट
  1315. 1:02:41को क्लेरिफाई करना आना चाहिए फीडबैक देनी
  1316. 1:02:44आनी चाहिए एंग्री लोगों को काबू करना आना
  1317. 1:02:46चाहिए कन्फ्लिक्ट मैनेजमेंट आनी चाहिए
  1318. 1:02:48स्ट्रेस मैनेजमेंट आनी चाहिए टाइम
  1319. 1:02:50मैनेजमेंट प्रमोटिंग द कल्चर ऑफ रिसर्च
  1320. 1:02:52आना चाहिए मेंटर बनना चाहिए इनकल्केटिंग
  1321. 1:02:55वैल्यूस मैं बस आखरी बात यह करना चाहता
  1322. 1:02:58हूं कि प्लीज आप याद रखिए के जो पढ़ाने
  1323. 1:03:01वाला है ना उसके तीन दर्जे हैं। वह है
  1324. 1:03:05उस्ताद, मुदरस
  1325. 1:03:08और मुरब्बी।
  1326. 1:03:11मुरब्बी कहते हैं मेंटोर को। मेंटोर जो
  1327. 1:03:14बच्चे को पूरे के पूरे को ट्रांसफॉर्म कर
  1328. 1:03:17देता है। आप अपने हाई स्कूल के टीचर्स
  1329. 1:03:22किसी एक ऐसे टीचर को याद कीजिए जो टीचर
  1330. 1:03:26जिसका नाम भी आपको याद है और अभी तक आपका
  1331. 1:03:30उसके साथ ताल्लुक है। अगर आपकी जिंदगी में
  1332. 1:03:33ऐसा कोई टीचर मौजूद है मैट्रिक वाला तो
  1333. 1:03:36इसका मतलब है कि वह टीचर आपका मेंटोर था
  1334. 1:03:40और बाकी सारे गए या नहीं वो आपका मुरब्बी
  1335. 1:03:42था और बाकी जो सारे के सारे थे वो
  1336. 1:03:47वो वो बस वो बस सिर्फ टीचर थे तो मैं बस
  1337. 1:03:50यहां ये बाकी चीजों को छोड़ के वो मैंने
  1338. 1:03:52प्रेजेंटेशन तो बहुत लंबी सी बनाई थी तो
  1339. 1:03:55इंशा्लाह फैजान मेरा ये ख्याल है के हम जो
  1340. 1:03:58वो जो तीन दिन वाली है ना फिर जब हमारे
  1341. 1:04:01मैं मैं आपको ऑनेस्टली बताऊं मेरे बहनों
  1342. 1:04:03और भाइयों, प्यारे बहनों और भाइयों
  1343. 1:04:04ऑनेस्टली बताऊं हम रिक्वायर्ड बंदों को
  1344. 1:04:08अचीव ही नहीं कर सके। तीन दिन के लिए
  1345. 1:04:10जितनी एफर्ट करनी पड़ती इस वर्कशॉप को
  1346. 1:04:13डिजाइन करने के लिए और उसका ये करने के
  1347. 1:04:17लिए उसके ब कदर लोगों का इंटरेस्ट ही
  1348. 1:04:19डेवलप नहीं हुआ। और छह सात लोगों के अलावा
  1349. 1:04:22हमारे पास है। तो हमारे लिए फिर उन्होंने
  1350. 1:04:25हमने ये कहा कि इसको मौकूफ कर दें। फिर
  1351. 1:04:27मैंने कहा नहीं कम से कम मैं एक दिन तो एक
  1352. 1:04:29घंटा बात करूं। कम से कम वो लोग तो बुरा
  1353. 1:04:32ना महसूस करें जिन्होंने इसके लिए पे किया
  1354. 1:04:34था। बट एनीवेज
  1355. 1:04:36हम इंशा्लाह आइंदा भी अनाउंस करेंगे। अपने
  1356. 1:04:38तौर पर मैं कोशिश करता रहता हूं कि मैं
  1357. 1:04:41यानी इन पर्सन भी ये वर्कशॉप्स करवाऊं और
  1358. 1:04:44मैं कुछ इंस्टीटश हैं जिनके साथ मैं ये
  1359. 1:04:46करवाता रहता हूं। यूनिवर्सिटीज के साथ भी
  1360. 1:04:48करवाता रहता हूं। बहाल अगर ऑनलाइन
  1361. 1:04:50इंटरेस्टेड लोग होंगे तो मैं फिर भी तैयार
  1362. 1:04:52हूं। तो अब अगर अगले 510 मिनट में कुछ
  1363. 1:04:54सवालात पूछे जा सकते हैं।
  1364. 1:04:57असलाम वालेकुम। एक मिनट जी
  1365. 1:05:01जी इन पर्सन का आप सवाल कर ले उसके बाद
  1366. 1:05:04मैं कर लूंगा माजा थैंक यू वेरी मच सर एक
  1367. 1:05:07तो मैं चाह रहा था कि अगर ये प्रेजेंटेशन
  1368. 1:05:10मिल जाए नंबर एक और नंबर दो अगर इन पर्सन
  1369. 1:05:12वर्कशॉप हो तो वो बहुत ज्यादा इफेक्टिव हो
  1370. 1:05:14सकती है आई विल बी वैरी ग्रेटफुल अगर कोई
  1371. 1:05:16ऐसा मौका हो तो आई लव टू बी पार्ट ऑफ दैट
  1372. 1:05:19यस वी कैन ब्रिंग प्रोफेसर जावेद टू योर
  1373. 1:05:22इंस्टट्यूशन इफ यू इफ एनीवन इंटरेस्टेड दे
  1374. 1:05:25कैन कांटेक्ट मी इंशा्लाह इसके ऊपर हम बात
  1375. 1:05:28कर सकते हैं डॉक्टर साहब आप है यहां कॉल
  1376. 1:05:31पे जी थैंक यू
  1377. 1:05:33अच्छा जी साहब मेरा मेरा सबसे पहले ये
  1378. 1:05:36सवाल था एस अ टीचर के मैं ये चाहता हूं
  1379. 1:05:39आपसे पूछना के
  1380. 1:05:42जब हम किसी चेंज की बात कर रहे होते हैं
  1381. 1:05:44तो जो हमारे सोसाइटी के अंदर जो एक
  1382. 1:05:47प्रॉब्लम होती है जो एक टीचर यानी कि मैं
  1383. 1:05:50अपने कोलीग के साथ भी जब टीचिंग स्पेस में
  1384. 1:05:52काम कर रहा होता हूं तो कुछ लोग कहते हैं
  1385. 1:05:54कि यार ये चेंज नहीं हो सकता यार ये ऐसे
  1386. 1:05:56ही है ये अब नहीं चेंज हो हो सकता है ये
  1387. 1:05:59एडमिनिस्ट्रेशन नहीं मानेगी। ये इतने
  1388. 1:06:00क्रेजी आईडियाज अप्रूव नहीं होंगे। तो
  1389. 1:06:03मुझे काफी ज्यादा ना इसके अंदर बेचैनी सी
  1390. 1:06:06महसूस होती है। और अगर तो इसके ऊपर आप जरा
  1391. 1:06:09इन टीचर से ना मुझे ऐसा लगता है कि टीचिंग
  1392. 1:06:11में थोड़े से ना जरा नौकरी कर रहे होते
  1393. 1:06:15हैं बहुत ज्यादा लोग और इसके अंदर जो है
  1394. 1:06:17ना वो वो स्टैंड नहीं लेते। तो उसके ऊपर
  1395. 1:06:20आप थोड़े से जरा रिफ्लेक्शन कर देंगे तो
  1396. 1:06:21बहुत फायदा हो जाएगा। देखिए यह बात तो
  1397. 1:06:24बिल्कुल दुरुस्त है कि जब हम ऊपर से कोई
  1398. 1:06:27चीज आती है ना टॉप टू द बॉटम तो वह बहुत
  1399. 1:06:30जल्दी हालात चेंज बहुत जल्दी हालात चेंज
  1400. 1:06:32हो जाते हैं। हस उमर बिन अब्दुल अजीज जब
  1401. 1:06:34मुल्क के हुक्मरान बने तो अगले दिन ही
  1402. 1:06:36मुल्क के हालात चेंज होना शुरू हो गए। आते
  1403. 1:06:39मतलब सारे लोग जो है ना वो एकदम हो गए
  1404. 1:06:41क्योंकि ऊपर से ट्रिकल करके आया। इसमें तो
  1405. 1:06:43कोई शक नहीं है। लेकिन बात यह है कि ऊपर
  1406. 1:06:46से चेंज होने का निजाम अल्लाह मोजजे तो
  1407. 1:06:49दिखा सकता है लेकिन जो नबवी तरीका चेंज
  1408. 1:06:52होने का है ना वो बॉटम टू टॉप ही है। जिस
  1409. 1:06:55वक्त नबी करीम सल्ला वसल्लम ने मदीना के
  1410. 1:06:58अंदर एक रियासत का कयाम किया उससे पहले की
  1411. 1:07:00जो मक्की और मक्की और मदीना के अर्ली डेज
  1412. 1:07:04की जो एफर्ट थी उसके बगैर वो अचीव नहीं हो
  1413. 1:07:07सका। और दूसरी बात यह है कि प्लीज आप हम
  1414. 1:07:09समझते हैं हमारी हुकूमतों ने कुछ गड़बड़
  1415. 1:07:12कर दिया। हमारी हुक बिल्कुल सही है। मैं
  1416. 1:07:14मैं इस बात को इख्तलाफ नहीं करता। उनके
  1417. 1:07:17पार्ट पर भी बहुत सी कोताही हुई है। लेकिन
  1418. 1:07:19मैंने और आपने एज एन इंडिविजुअल क्या
  1419. 1:07:21किया? मैं जिस जगह पर मौजूद था, मैं एक
  1420. 1:07:24चमकदार सितारे की तरह से क्यों नहीं था?
  1421. 1:07:26मेरे स्कूल के अंदर मैं अब उसकी मिसाल
  1422. 1:07:29देता हूं। मैं नाम ले लेता हूं। आप मिसबा
  1423. 1:07:31को जानते हैं। मिस्बा जो हमारी बिटिया
  1424. 1:07:34हमारे साथ थी। पहले काम करती थी। वो एक
  1425. 1:07:37स्कूल की टीचर थी। तो जब उसका एक स्कूल
  1426. 1:07:39में ट्रांसफर हुआ तो उसने जा के उसको कुछ
  1427. 1:07:42जरूरत हुई या उसने देखा तो उसने टीचर से
  1428. 1:07:45कहा के वाशरूम कहां है? तो उसने कहा कि
  1429. 1:07:48तुम ये मेरे वाले ऑफिस का वाशरूम यूज़ कर
  1430. 1:07:50लो। तो उसने कहा कि मैडम वो अपना बच्चों
  1431. 1:07:53के लिए वाशरूम कहां है? उन्होंने कहा
  1432. 1:07:56बच्चों का वाशरूम तो वो थे वो खराब हुए
  1433. 1:07:59हुए हैं। आपको पता तो है कि यहां स्वीपर
  1434. 1:08:01की तो वो पोस्ट थी। वो पोस्ट खत्म हो गई
  1435. 1:08:03है। तो वहां गई तो दो कमरे थे जिसमें कुछ
  1436. 1:08:05कुमोड़ सा लगा और गंदा और बदबू और गंध से
  1437. 1:08:09फैला हुआ था और उसमें अजीब तो स्कूल के
  1438. 1:08:12अंदर वाशरूम नहीं था सरकारी स्कूल के
  1439. 1:08:14अंदर। अच्छा उसने ये किया कि उसने अपने घर
  1440. 1:08:19के जब स्वीपर को यह कहा कि तुम आके यह
  1441. 1:08:22बाथरूम पहले साफ करो। एक दिन इतवार के दिन
  1442. 1:08:25जाके उसने सारे बाथरूम साफ करवाए। साफ
  1443. 1:08:27करवाने के बाद उसने कहा तुम्हारा कोई
  1444. 1:08:29जानने वाला ऐसा हो जो के यानी रोजाना आकर
  1445. 1:08:33यहां काम कर ले तो उसको मैं पैसे दे
  1446. 1:08:35दूंगी। अच्छा अब एक उसकी उसकी अपनी
  1447. 1:08:38तनख्वाह कितनी थी? कुछ 60 हजार उसकी
  1448. 1:08:39तनख्वाह थी। तो उसने 15,000 के ऊपर एक
  1449. 1:08:42बंदा रखा जो आके वहां उसके ऊपर सफाई
  1450. 1:08:45करेगा। उसको देखते ही बाकी टीचरों ने कहा
  1451. 1:08:48कि तुम पागल हो। 60 हजार में से 15,000 के
  1452. 1:08:52ऊपर तुमने स्कूल में मुलाजिम रख दिया।
  1453. 1:08:54उसने कहा फिर बहन आप सारी मेरी मदद कर दो।
  1454. 1:08:56थोड़े-थोड़े पैसे आप भी डाल दो। इसके
  1455. 1:08:5815,000 हम दे देंगे। और वह सों ने पैसे
  1456. 1:09:01डाल दिए और वह बाथरूम बिल्कुल साफ हो गया।
  1457. 1:09:04और उसके बाद एकदम ये खबर वहां पहुंची और
  1458. 1:09:08वो उसने जो जो सेक्रेटरी एजुकेशन थे
  1459. 1:09:10उन्होंने कहा कि एक स्कूल के अंदर एक टीचर
  1460. 1:09:12ने ये किया, इसने वो किया, वो किया। तो
  1461. 1:09:14उसने उन्होंने वहां से आर्डर किया पता करो
  1462. 1:09:17सारे स्कूलों के अंदर कि वहां बाथरूमों के
  1463. 1:09:19ये हालात है। तो उन्होंने कहा कि जी हां
  1464. 1:09:21जी ये हालात है। उन्होंने कहा सों के अंदर
  1465. 1:09:23अपॉइंटमेंट करो जमादारों की उनकी करो
  1466. 1:09:25अपॉइंटमेंट करो। अब देखिए ना वो एक एक
  1467. 1:09:27लड़की ने एक इंडिविजुअल ने अपने हिस्से का
  1468. 1:09:30काम करके ना उसको इर ये फिनोमना ऑफ
  1469. 1:09:32रेडिएशन होता है। इस तरह हमारे मुआशरे में
  1470. 1:09:34ना हमारी गली गंदी है ना। अब उस गली में
  1471. 1:09:37आके शबाज शरीफ कहां से झाड़ू दे मुझे
  1472. 1:09:39बताइए। उस गली के लिए तो मुझे ही मस्जिद
  1473. 1:09:41में खड़े होकर कहना पड़ेगा यार जुमे की
  1474. 1:09:44नमाज के बाद इमाम साहब से इजाजत ले कि यार
  1475. 1:09:46थोड़ा सा मैं आपसे अर्ज करना चाहता हूं
  1476. 1:09:4850-50 हम डाल दिया करें और डाल के इस गली
  1477. 1:09:52के लिए ना कुछ हम बंदोबस्त करें और थोड़ा
  1478. 1:09:53अपने घर में अपने बच्चों को कहें कि
  1479. 1:09:55मेहरबानी करके खान नीचे तो अपने काम तो
  1480. 1:09:57हमें खुद ही करने पड़ते हैं और पूरी
  1481. 1:09:59मोहज्जब दुनिया में अपने काम हम खुद ही
  1482. 1:10:01करते हैं। देखिए ना आप में से जो टीचर हैं
  1483. 1:10:03आपके पास 30 बच्चे आए हुए हैं। ठीक है ना?
  1484. 1:10:06तो आप तो उनके उनके साथ उस तरह का सलूक ना
  1485. 1:10:09करें ना। आप एक चीज मैं बताना बड़ा भूल
  1486. 1:10:12गया कि मुझे मुझे बताएं आप मेरा कहना कब
  1487. 1:10:16मानेंगे? आप मेरा कहना तब मानेंगे जब मुझे
  1488. 1:10:19आप इस काबिल समझेंगे कि मैं कि मेरा कहना
  1489. 1:10:22माना जा सकता है। इन अदर वर्ड्स आप मेरी
  1490. 1:10:25रिस्पेक्ट क्यों करेंगे? अगर मैं
  1491. 1:10:26रिस्पेक्टेबल हुआ। रिस्पेक्टेबल का मतलब
  1492. 1:10:28है इस काबिल हुआ कि आप मेरी इज्जत करेंगे।
  1493. 1:10:32अगर मैं इस काबिल ना हुआ तो आप मेरी इज्जत
  1494. 1:10:35करना छोड़ देंगे। मेरी बात मानना छोड़
  1495. 1:10:37देंगे। टीचर को रिस्पेक्टेबल बनना पड़ेगा।
  1496. 1:10:41तो फिर टीचर की बात को वह ऐसे मानेगा
  1497. 1:10:45ऐसे मानेगा कि जिस तरीके से खुदा कोई मतलब
  1498. 1:10:49है ये हुक्म इलाही है। इस तरीके से
  1499. 1:10:51मानेगा। मैं एक वाक्या मैं बताए बगैर अब
  1500. 1:10:54मैं मुझे ना रेजिस्ट नहीं हो रहा। मुझे
  1501. 1:10:56अच्छी तरह याद है कि मैं स्कूल में पढ़ता
  1502. 1:10:59था। वहां उसका नाम था आलमदार किंडर गार्डन
  1503. 1:11:04स्कूल। तो वहां
  1504. 1:11:06सर्दियों में या गर्मियां थी शायद तो वो
  1505. 1:11:08उसमें ये था कि
  1506. 1:11:11क्लास के सामने एक बड़ा सा वो बरामदा सा
  1507. 1:11:15था जो कि स्टेज के तौर पर भी इस्तेमाल
  1508. 1:11:17होता था और सामने जो है वो ग्राउंड था तो
  1509. 1:11:19टीचर रिसेस में वहां बैठ जाती थी और हम
  1510. 1:11:22ग्राउंड में खेलते थे तो मैं वो खेल रहा
  1511. 1:11:24था निककर पहनी हुई थी तो वहां मैं गिरा और
  1512. 1:11:27मेरे घुटने के ऊपर बहुत रगड़ लगी और खून
  1513. 1:11:29हो गया तो जो हमारे स्कूल की टीचर थी मेरी
  1514. 1:11:32क्लास टीचर थी उनका नाम मिस फरत था मुझे
  1515. 1:11:34उनका नाम मुझे उनका उनका चेहरा याद नहीं
  1516. 1:11:35है। वो भागी भागी आई। उन्होंने मुझे देखा
  1517. 1:11:38कि मैं तो उनको कुछ समझ में नहीं आया। तो
  1518. 1:11:40उन्होंने अपने दुपट्टे को यूं करके फाड़
  1519. 1:11:42के और वो दुपट्टे को मेरे घुटने के साथ
  1520. 1:11:45लपेट दिया। मुझे नहीं याद कि कोई नमाज ऐसी
  1521. 1:11:49हो जिसमें मैंने मिसफरद के लिए दुआ ना
  1522. 1:11:51मांगी हो। हालांकि मुझे उनका चेहरा याद
  1523. 1:11:54नहीं है। मतलब टीचर हैज़ टू डू अ स्टेप
  1524. 1:11:58अहेड।
  1525. 1:12:00टीचर को दो कदम आगे बढ़ना पड़ेगा नौकरी
  1526. 1:12:03से। वो अपने आप को एक मुलाजिम ना समझे। वो
  1527. 1:12:05अगली जनरेशन का निगेबान समझे और उसकी रजा
  1528. 1:12:09को अल्लाह से मुतवको। तो इसलिए मुझे
  1529. 1:12:11बिल्कुल भी नाउदी नहीं है। जो मर्जी इसमें
  1530. 1:12:15कोई शक नहीं है कि टीचर की कदर नहीं हो
  1531. 1:12:17रही। मुशरे में टीचर को वो मुकाम नहीं मिल
  1532. 1:12:20रहा। उसको तनख्वाह नहीं मिल रही। वो ये
  1533. 1:12:22मैं इन तमाम बातों के लिए जो कोशिश करनी
  1534. 1:12:24चाहिए वो हमें करनी चाहिए। लेकिन मायूसी
  1535. 1:12:27तो नहीं है। बिल्कुल सब कुछ हो सकता है।
  1536. 1:12:35जी थैंक यू वेरी मच डॉक्टर साहब वी हैव
  1537. 1:12:39आई थिंक यू हैव डन योर पार्ट इफ समवन
  1538. 1:12:42वांट्स टू आस्क क्वेश्चन देन दे कैन
  1539. 1:12:45बट इट हैज़ टू बी वेरी वेरी
  1540. 1:12:47वालेकुम अस्सलाम
  1541. 1:12:49सर एक तो कुछ बुक्स बता दें टीचिंग
  1542. 1:12:52टेक्निक्स और मॉडर्न टीचिंग टेक्निक्स के
  1543. 1:12:54हवाले से जो हम खुद मुतालिया कर सकें और
  1544. 1:12:57पैरेंटिंग के हवाले से मैं आजकल आपकी बुक
  1545. 1:12:59पढ़ रहा हूं बड़ा मजा आ रहा तो इससे
  1546. 1:13:02रेलेवेंट कोई और बुक्स जो मतलब जिनको
  1547. 1:13:04कंसल्ट किया जा सकता है तो वो बुक्स बता
  1548. 1:13:07दें प्लीज। और थर्डली एक जो सवाल मेरा है
  1549. 1:13:09वो ये है कि अभी मैं एक स्कूल का ओनर भी
  1550. 1:13:12हूं और गवर्नमेंट स्कूल को में टीचिंग भी
  1551. 1:13:15कर रहा हूं। तो मेरे पास जो प्ले नर्स
  1552. 1:13:18प्रेफ वन टू का बच्चा है वो आज से तकरीबन
  1553. 1:13:2120 साल बाद 15 साल बाद वो मार्केट में जॉब
  1554. 1:13:24के लिए जाएगा। क्योंकि आपका मॉडर्न चीजों
  1555. 1:13:28को लेकर के बड़ा मुतालिया है। तो आज के 20
  1556. 1:13:31साल बाद के लिए आज मैं बच्चे को तैयार कर
  1557. 1:13:35रहा हूं। तो मुझे क्या स्किल सिखाने की
  1558. 1:13:37जरूरत है कि मेरा बच्चा आज के 20 साल बाद
  1559. 1:13:41अपनी मार्केट में अपनी जगह बना सके।
  1560. 1:13:43क्योंकि आपके सारा लेक्चर बहुत मजे का था।
  1561. 1:13:47वो सारी चीजें बिल्कुल अपनी जगह पे बहुत
  1562. 1:13:50वैलिड है। लेकिन ऑन दी अदर हैंड जो इस
  1563. 1:13:54वक्त तालीम को समझा जा रहा है कि वो जरिया
  1564. 1:13:58मुश भी है और मुआशरे की बेहतरी भी उसमें
  1565. 1:14:01आए। तो दोनों चीजों को मिला के एस अ
  1566. 1:14:03इंस्टट्यूट हमें काम करने की जरूरत है। तो
  1567. 1:14:06प्लीज इसलिए
  1568. 1:14:07आई विश कि जो आपने बात कही है वो दोनों
  1569. 1:14:10बातें इसी तरीके से हमारे जेहन में हो। आई
  1570. 1:14:13विश। लेकिन आप ईमानदारी से बताइए कि जब
  1571. 1:14:16बच्चा स्कूल में दाखिल होने के लिए आता है
  1572. 1:14:18ना बच्चे के जेहन में ना उसके मां-बाप के
  1573. 1:14:21जेहन में ना टीचर के ज़हन में और ना ही
  1574. 1:14:25स्कूल के ओनर के ज़हन में ना ही पूरी
  1575. 1:14:28सोसाइटी के ज़हन में यह होता है कि हम एक
  1576. 1:14:30बा किरदार इंसान बनाने के लिए इसको स्कूल
  1577. 1:14:32में दाखिल करने जा रहे हैं। काश ऐसा होता
  1578. 1:14:35कि जो आपने बात फरमाई है कि हमारे ज़हन में
  1579. 1:14:38उनके ज़हन में सिर्फ एक ही होता कि इस
  1580. 1:14:40स्कूल के रिजल्ट बड़े अच्छे आते हैं। यह
  1581. 1:14:42लोग एमडीकड में फिर उसका रिजल्ट अच्छे
  1582. 1:14:44क्योंकि आते हैं तो इनको दाखिला मेडिकल
  1583. 1:14:46कॉलेज मिल जाए तो मेरा बेटा डॉक्टर बन
  1584. 1:14:48जाएगा या इंजीनियर बन जाएगा या लम्स में
  1585. 1:14:50दाखिला हो जाएगा या फला में दाखिला हो
  1586. 1:14:51जाएगा। देखिए ना हमारी इसी का नाम वैल्यू
  1587. 1:14:54सिस्टम है। हमारे दिमाग में पहला वैल्यू
  1588. 1:14:57सिस्टम द फर्स्ट ग्रेटर गोल ऑफ पेरेंटिंग
  1589. 1:15:00इज कि ये पैसा कमाने की मशीन अच्छी बन
  1590. 1:15:02सकता है कि नहीं बन सकता। ठीक है ना? चलिए
  1591. 1:15:04ये बहस तो है अपनी जगह पर। दूसरा जो आपने
  1592. 1:15:07पूछा है ना कि उनको मैं कैसी स्किल
  1593. 1:15:09सिखाऊं। देखिए बात ये है कि अगला अगले
  1594. 1:15:12पांच से सात साल जो है ना वो पंजाबी में
  1595. 1:15:16एक लफ्ज है उसका मुतबादल उर्दू में पता
  1596. 1:15:18नहीं क्या होगा अंग्रेजी में भी नहीं मुझे
  1597. 1:15:20मिला होगा कोई ना कोई उसे कहते हैं
  1598. 1:15:21कचांबड़ा कचाड़ा का मतलब होता है कुछ समझ
  1599. 1:15:25में नहीं आ रहा क्या चीज है अगले पांच सात
  1600. 1:15:27साल में किसी को नहीं पता कि क्या होने जा
  1601. 1:15:29रहा है। कौन-कौन से प्रोफेशन खत्म होने जा
  1602. 1:15:32रहे हैं। कौन-कौन से प्रोफेशन रिप्लेस
  1603. 1:15:34होने जा रहे हैं। क्योंकि आर्टिफिशियल
  1604. 1:15:36इंटेलिजेंस का हाथी जो है ना वह सबको
  1605. 1:15:38रौंदता हुआ गुजर के जा रहा है। जिस वक्त
  1606. 1:15:41मैं डॉक्टर बना था एक स्किल सेट के साथ आप
  1607. 1:15:44पूरी जिंदगी गुजार सकते थे। एक आदमी मोची
  1608. 1:15:46है ना सारी जिंदगी मोची रहकर वो गुजारा कर
  1609. 1:15:49सकता था। एक आदमी जो है वो ड्राफ्ट्समैन
  1610. 1:15:52है। सारी जिंदगी ड्राफ्ट्समैन बनके गुजारा
  1611. 1:15:54कर सकता था। अब एक स्किल सेट के साथ आप
  1612. 1:15:58पूरी जिंदगी अपने रोजगार को इंश्योर नहीं
  1613. 1:16:01कर सकते। लिहाजा एज अ एज अ टीचर एज अ टीचर
  1614. 1:16:06एंड एज अ ओनर ऑफ अ स्कूल रिस्पांसिबल फॉर
  1615. 1:16:09द न्यू जनरेशन आप अपने बच्चे को क्या
  1616. 1:16:12पढ़ाएं यह दुनिया का कोई बंदा नहीं सिखा
  1617. 1:16:15सकता। आप जो पढ़ाएं वो यह चीजें होनी
  1618. 1:16:19चाहिए। आपका बच्चा इमोशनली इंटेलिजेंट हो।
  1619. 1:16:25आपका बच्चा एडवर्स सिचुएशन के अंदर
  1620. 1:16:30ए्जायटी का शिकार ना हो बल्कि दोबारा
  1621. 1:16:32एफर्ट करने के काबिल हो। आपके बच्चे के
  1622. 1:16:36अंदर फ्लेक्सिबिलिटी हो। आपके बच्चे के
  1623. 1:16:40अंदर क्फ्लिक्ट रेजोल्यूशन की एबिलिटी हो।
  1624. 1:16:43आपका बच्चा अपने से मुख्तलिफ ख्यालात के
  1625. 1:16:48लोगों के साथ होने के बावजूद उनके साथ
  1626. 1:16:52कोलैबोरेटर के तौर पर काम कर सकता हो। ये
  1627. 1:16:56पांच और उसकी कम्युनिकेशन स्किल बहुत हो।
  1628. 1:16:58ये पांच चीजें आप अपने बच्चे को बता और
  1629. 1:17:01इंटेग्रिटी हो जिसमें ईमानदारी सच्चाई ये
  1630. 1:17:04पांच छह चीजें आप अपने बच्चे को सिखा दें।
  1631. 1:17:07उसके बाद वह चाहे जो मर्जी भी पढ़ लेगा वह
  1632. 1:17:11अपना कुछ ना कुछ कर लेगा। दूसरी बात यह है
  1633. 1:17:15के एआई सबको पढ़ने की जरूरत नहीं है। जो
  1634. 1:17:19कुछ वो पढ़ रहे हैं उसके सबको एआई में
  1635. 1:17:23जाने की जरूरत नहीं है। मगर जो कुछ वो पढ़
  1636. 1:17:25रहे हैं उसके अंदर एआई के लाए बगैर गुजारा
  1637. 1:17:28नहीं होगा। लिहाजा डे वन से आपके बच्चे के
  1638. 1:17:32अंदर प्र्प इंजीनियरिंग उसको सिखानी
  1639. 1:17:34चाहिए। उसको आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के
  1640. 1:17:37टूल्स के जरिए से अपने काम कराने सिखाने
  1641. 1:17:39चाहिए। और जो मैंने छह बातें आपको बताई
  1642. 1:17:41हैं, वह छह बातें उनके अंदर आप पैदा कर
  1643. 1:17:44दें। आप बिल्कुल गारंटी नहीं दे सकते कि
  1644. 1:17:47अगर आपने उनको मेडिकल कॉलेज में दाखिला
  1645. 1:17:49करा दिया तो वो कामयाब होगा इंजीनियरिंग
  1646. 1:17:51कॉलेज में। और शायद आखिरी बात आप यह भी कर
  1647. 1:17:53सकते हैं कि उस बच्चे को सुब डे वन से
  1648. 1:17:56डालें कि बेटा तुमने जॉब के लिए नहीं
  1649. 1:18:00करना। तुम जॉब लेने वाले नहीं बनना। तुम
  1650. 1:18:05जॉब देने वाले बनना। यानी
  1651. 1:18:07एंटरप्रेन्योरशिप
  1652. 1:18:08आपको डे वन से अपने बच्चे को सिखाना
  1653. 1:18:11चाहिए। ये यही मिस्बा जिसका मैं आपको
  1654. 1:18:13जिक्र कर रहा हूं। यह अपने बच्चों को
  1655. 1:18:15एंटरप्रेन्योरशिप सिखाती थी। तो इसका बेटा
  1656. 1:18:17एक दिन उसके बेटे ने ₹18 कमाए जब वो क्लास
  1657. 1:18:22थ्री में पढ़ता था। तो मुझे वो नाना अब्बू
  1658. 1:18:24कहता है। कहता है नानाब्बू मैंने पता है
  1659. 1:18:26क्या कमाए? वो यह होता है कि टीचर कहती है
  1660. 1:18:28कि भाई वो पिक्चर तुम ले आना छोटी-छोटी
  1661. 1:18:30पिक्चर मतलब मीनार पाकिस्तान की कायदे आजम
  1662. 1:18:33के मजार की फला की तो वो चार्ट मिलता है
  1663. 1:18:35₹2 का तो मैं वो ₹2 से ना काट के वो
  1664. 1:18:38पिक्चरें रख लेता था और मुझे पता था जब वो
  1665. 1:18:40टीचर कहती थी कि अभी अगले पीरियड में वो
  1666. 1:18:42पिक्चरें आपने लगानी है तो लोगों के पास
  1667. 1:18:44होती नहीं थी तो मैं कहता था कि भ जिसने
  1668. 1:18:46मुझसे लेनी है ₹1 ₹1 की ले लो तो वो कहता
  1669. 1:18:49जी मैंने ₹18 कमा के लाया हूं तो वो बल्कि
  1670. 1:18:52इतना वो हुआ कि हम हम डर गए कि ये तीन साल
  1671. 1:18:55इस क्लास में इस तरीके से करने लगा है तो
  1672. 1:18:57इसको किसी तरीके से हम थोड़ा कंट्रोल
  1673. 1:18:59करें। तो बच्चों को ना एंटरप्रेन्योरशिप
  1674. 1:19:01पॉजिटिव प्रिंसिपल्स ऑफ बिजनेस और किस
  1675. 1:19:04तरीके से हमें कम्युनिकेट करना है कैसे
  1676. 1:19:07हमें कनेक्टिव कनेक्शंस कैसे बनाने हैं
  1677. 1:19:09पॉजिटिवली इस तरह की चीजें सिखाने की
  1678. 1:19:11जरूरत है। पता नहीं मैं सवाल का जवाब दे
  1679. 1:19:13सका हूं कि नहीं।
  1680. 1:19:15मे बी वन और वन और टू मोर क्वेश्चन एंड
  1681. 1:19:18देन कॉल इट अ
  1682. 1:19:21प्लीज वो बुक्स किया था। हां किताबें
  1683. 1:19:24देखिए किताबें तो डिपेंड करता है कि आपने
  1684. 1:19:27किस लेवल का किस लेवल का इल्म हासिल करना
  1685. 1:19:30है। तो मुझे तो जो सबसे अच्छी किताब लगती
  1686. 1:19:32है उसका नाम कॉग्निटिव साइकोलॉजी बाय
  1687. 1:19:35ब्रूनिंग है। लेकिन ये है कि ये ये उसके
  1688. 1:19:38लिए है जिसने पूरी पॉलिसी एजुकेशन की
  1689. 1:19:40बनानी है। तो मैं तो मैंने मैं तो उस
  1690. 1:19:42किताब का हाफिज हूं। एक्चुअली कॉग्निटिव
  1691. 1:19:44साइकोलॉजी ब्रूनिंग। अच्छा तो लेकिन ये है
  1692. 1:19:47कि
  1693. 1:19:49और बहुत सी किताबें है। एक एक किताब है
  1694. 1:19:52जिसका नाम है सिंट्रोक्स एस वाई एन टी आर
  1695. 1:19:55ओ एक्स सिंट्रोक्स तो सिंट्रोक्स भी एक
  1696. 1:19:58एजुकेशन के ऊपर बहुत ही अच्छी किताब है।
  1697. 1:20:00इसके अलावा पाकिस्तान की एक बुक है जिसका
  1698. 1:20:04नाम कॉग्निटिव साइकोलॉजी है। वह जिन्होंने
  1699. 1:20:06लिखी है उनका नाम है डॉक्टर डॉक्टर
  1700. 1:20:09शुगुफ्ता अख्तर एंड शी इज प्रोफेसर ऑफ
  1701. 1:20:12एजुकेशन इन फौजी फाउंडेशन यूनिवर्सिटी
  1702. 1:20:14पिंडी वो वो मेरा ख्याल है इन तमाम को
  1703. 1:20:16छोड़ के वो जो उनकी किताब है ना कॉग्निटिव
  1704. 1:20:19साइकोलॉजी बाय डॉक्टर शुगुफ्ता अख्तर वो
  1705. 1:20:22वो टीचर्स के लिए बहुत अच्छी किताब होगी।
  1706. 1:20:24कॉग्निटिव साइकोलॉजी बाय शुगुफ्ता अख्तर
  1707. 1:20:27तो ये है वैसे फैजान मेरा ख्याल है हम
  1708. 1:20:31अगली किताब अगली किताब हम उर्दू में
  1709. 1:20:33टीचर्स के लिए लिखें
  1710. 1:20:35जी बिल्कुल सर बहुत फायदा होगा और ये
  1711. 1:20:37इसके ऊपर काम करेंगे
  1712. 1:20:39जी बिल्कुल ऐसा ही है और ये जो अभी लास्ट
  1713. 1:20:41सवाल हुआ था ये बहुत ही जबरदस्त था उससे
  1714. 1:20:44बहुत ज्यादा रायें खुली बहुत फायदा हुआ
  1715. 1:20:47डॉक्टर साहब तो आई थिंक सर दिस इज इट
  1716. 1:20:52आप कुछ अनाउंसमेंट कर दीजिए
  1717. 1:20:53एक क्वेश्चन अनाउंसमेंट जी फरमाइए सिदरा
  1718. 1:20:57जी सर काइंडली आप रिपीट कर सकते हैं जो
  1719. 1:20:59आपने सिक्स
  1720. 1:21:02चीजें बताई है जो कि होनी चाहिए आपने कहा
  1721. 1:21:04कि वैल्यूस होना चाहिए इंटेग्रिटी
  1722. 1:21:06आपके बच्चे के अंदर आपके बच्चे के अंदर
  1723. 1:21:09इमोशनल इंटेलिजेंस होनी चाहिए उसको अचानक
  1724. 1:21:12गुस्सा ना आ जाए उसकी बे उसको बेइज्जती ना
  1725. 1:21:15हो जाए वो ये होने मेरी बेइज्जती हो गई
  1726. 1:21:16मेरी बेइज्जती उसने मेरी बेइज्जती कर दी
  1727. 1:21:18उसके अंदर इमोशनल इंटेलिजेंस हो वो अपने
  1728. 1:21:20जज्बात के इज़हार करने के काबिल हो री री
  1729. 1:21:23करके रोने की बजाय यह कहे कि मैं हर्ट हुआ
  1730. 1:21:26हूं। वो कहे कि मुझे दुख हुआ है। इमोशनल
  1731. 1:21:28इंटेलिजेंस हो। नंबर दो हां नंबर एक। नंबर
  1732. 1:21:32दो उसके अंदर फ्लेक्सिबिलिटी हो।
  1733. 1:21:36जिद ना हो। अड़ ना जाए। जिद ना हो।
  1734. 1:21:38फ्लेक्सिबिलिटी सिखाइए उसको। हालात के
  1735. 1:21:40मुताबिक मोल्ड होना सिखाइए उसको। नंबर
  1736. 1:21:43तीन।
  1737. 1:21:44नंबर तीन मैंने ये कहा है कि उसके अंदर
  1738. 1:21:47आपके बच्चे के अंदर एडवर्सिटी कोशेंट बहुत
  1739. 1:21:50हाई हो। उसका मतलब है जब बुरे हालात आए तो
  1740. 1:21:52बुरे हालात में गिर ना जाए। बिल्कुल फेल
  1741. 1:21:54हो जाए तो गिर ना जाए। यह सिखाइए। चौथा
  1742. 1:21:57उसको मैंने यह बताया कि अप्टेबिलिटी
  1743. 1:21:59सिखाइए जो कि फ्लेक्सिबिलिटी से मिलती
  1744. 1:22:01जुलती ही एक सिफ्त है। अप्ट करना नए हालात
  1745. 1:22:04के अंदर अडप्ट करना। फिर उसको कम्युनिकेशन
  1746. 1:22:06स्किल सिखाइए। कम्युनिकेशन स्किल्स सिखाइए
  1747. 1:22:08कि वो ना लोगों से बात कर सके। और फिर
  1748. 1:22:11आखिरी मैंने आपको बताया कि इंटेग्रिटी।
  1749. 1:22:12इंटेग्रिटी एक ब्रॉड है। यानी आपके बच्चे
  1750. 1:22:15के बारे में कोई ये कह ना सके कि इसने झूठ
  1751. 1:22:17बोला। आप कह मेरे ये ये झूठ बात ये मेरे
  1752. 1:22:19बेटे ने नहीं बोली बेईमान नहीं बेईमानी
  1753. 1:22:22मेरे बेटे ने नहीं की होगी किसी और ने की
  1754. 1:22:24होगी मेरे स्टूडेंट्स ने नहीं की हुई होगी
  1755. 1:22:25लोग कहें कि ये
  1756. 1:22:27मास्टर फैजान अकरम साहब का स्टूडेंट है ये
  1757. 1:22:30झूठ नहीं बोल सकता ये टीचर फैजान का है ये
  1758. 1:22:33ये इंपॉसिबल है ये इंपॉसिबल ये नहीं कर
  1759. 1:22:35सकता तो ये इंटेग्रिटी पैदा करे और ये तभी
  1760. 1:22:37मुमकिन होगा जब ये इंटीग्रिटी हमारे अंदर
  1761. 1:22:39होगी अगर हम हमारी आपस में लड़ाईयां हो
  1762. 1:22:41रही हैं लेकिन हमारे मेडिकल कॉलेज में
  1763. 1:22:43हमेशा मैंकि हेड रहा हूं एक इदारे का जब
  1764. 1:22:46लॉबियां बनी हो मतलब उस असोसिएट प्रोफेसर
  1765. 1:22:49के लोगों ने अपनी लॉबियां बनाई हुई है तो
  1766. 1:22:51आपके ख्याल में उनके नीचे काम करने वाले
  1767. 1:22:53बच्चे जो हैं वो क्या करेंगे?
  1768. 1:22:55टीचरें आपस में लड़ रही हैं और स्टाफ रूम
  1769. 1:22:58में लड़ाईयां हो रही हैं और प्रमोशन के
  1770. 1:22:59बारे में लड़ाईयां हो रही हैं। तो फिर
  1771. 1:23:01बच्चों बच्चे तो बड़े मजे लेते हैं इस बात
  1772. 1:23:03पर।
  1773. 1:23:05सर मैं इसमें जस्ट एक पॉइंट ऐड कर आई एम
  1774. 1:23:08आल्सो एजुकेशनिस्ट और यह आपने बात बिल्कुल
  1775. 1:23:10ठीक की है कि समटाइ्स सुपरवाइजर्स के
  1776. 1:23:13दरमियान आपस में होती है चिपकलिश और
  1777. 1:23:15स्टूडेंट्स उसका फायदा उठा के वो आपस में
  1778. 1:23:18एक मोनोपोली बना लेते हैं ये चीजें बहुत
  1779. 1:23:22गलत है अगर खुदा ना खास्ता ऐसा हो जाए
  1780. 1:23:23टीचर्स के दरमियान ये हो रहा हो मैं ये
  1781. 1:23:25नहीं कह रही सब टीचर्स ऐसे होते हैं बट
  1782. 1:23:27अनफॉर्चूनेटली जिन इंस्टट्यूट्स में ये
  1783. 1:23:29होता है वहां पे स्टूडेंट्स की आपस में
  1784. 1:23:31सिर्फ इस वजह से हो जाती है कि उन्होंने
  1785. 1:23:33टीचर्स को ये करते हुए देखा होता है।
  1786. 1:23:35नॉट ओनली दैट सिरा जहां मैंने
  1787. 1:23:37नॉट ओनली दैट स्टूडेंट्स जो है ना वो उन
  1788. 1:23:40दोनों को देखकर एक सबकॉन्शियसली गुड कॉप
  1789. 1:23:44बैड कॉप भी बना लेते हैं। दोनों में से एक
  1790. 1:23:46को गुड कॉप बना लेते हैं। एक को बैड कॉप
  1791. 1:23:48बना लेते हैं और फिर वो मैनपुलेटिव एक्शन
  1792. 1:23:50भी लेना शुरू कर देते हैं।
  1793. 1:23:53यस सर एक्सक्टली। और सर इमोशनल इंटेलिजेंस
  1794. 1:23:56पे बस मैं एक बात सर इमोशनल इंटेलिजेंस पे
  1795. 1:23:58जस्ट मैंने एक बात कहनी है कि आपने कहा है
  1796. 1:24:01कि वो हर अपने इमोशन को एक्सप्रेस करना
  1797. 1:24:04सीखे सर अनफॉर्चूनेटली ये काम तो बड़ों ने
  1798. 1:24:06ना आज तक सीखा है ना उन्हें किसी ने
  1799. 1:24:08सिखाया है वो आगे कैसे सिखाए
  1800. 1:24:10आज से हम शुरू करेंगे
  1801. 1:24:11की वर्कशॉप्ट है
  1802. 1:24:13जी आप आप शुरू एंगर मैनेजमेंट वाली
  1803. 1:24:16वर्कशॉप आप जरूर लीजिए जितने जरूर लीजिए
  1804. 1:24:20देखो बेटा बात ये है
  1805. 1:24:21एक फिकरा मैंने सिदरा सुना वो फिकरा ये है
  1806. 1:24:24कि द बेस्ट टाइम टू डू दिस वर्क वाज़
  1807. 1:24:28यस्टरडे। फैजान आपकी तवज्जो चाहिए। फैजान
  1808. 1:24:32दी बेस्ट टाइम टू डू दिस वर्क वाज़ यस्टरडे
  1809. 1:24:36एंड द सेकंड बेस्ट टाइम इज टुडे।
  1810. 1:24:41मेरी बात समझ में आई है ना? अगर हम आज भी
  1811. 1:24:44नहीं करना चाहते।
  1812. 1:24:46अगर हम हम में से बड़ों ने किसी को नहीं
  1813. 1:24:48सिखाई। आज से हम शुरू कर दें। और मैं तो
  1814. 1:24:52आपसे गुजारिश करता हूं कि आप 51 लोग हैं
  1815. 1:24:54इस वक्त 51 है ना आप एक हम एक फैमिली हैं।
  1816. 1:24:59हम एक टीम का हिस्सा बन चुके हैं। एक टीम
  1817. 1:25:03का हम एक एक टीम है और
  1818. 1:25:06लोगों को ना थोड़ा सा एतराज होता है। कुछ
  1819. 1:25:09चीजें पेड क्यों है? एंगर मैनेजमेंट के
  1820. 1:25:12₹3000 क्यों कितने पता नहीं कितनी है यार?
  1821. 1:25:144000 ये क्यों देने पड़ते हैं? फला के
  1822. 1:25:17क्यों देने पड़ते हैं? अच्छा अब इसके लिए
  1823. 1:25:19ना यह बात मुझे शर्म आती है कहते हुए
  1824. 1:25:22लेकिन मैं फिर भी आपके साथ यह वाला
  1825. 1:25:24कांसेप्ट ना हमारा बड़ा अजीब है। हमें
  1826. 1:25:25लगता है के ये क्या बात हुई जनाब डॉक्टर
  1827. 1:25:28साहब आप इल्म को फैलाएं आप वो करें इसके
  1828. 1:25:32साथ कम से कम 15 से 20 लोग बैक एंड के ऊपर
  1829. 1:25:35काम कर रहे हैं जिनका सारा रोजगार घर का
  1830. 1:25:38सारा इसके ऊपर चल रहा है। नंबर एक उस
  1831. 1:25:41ऑर्गेनाइजेशन को रन करने के लिए देयर हैस
  1832. 1:25:43टू बी एन एक्सपेंडिचर फॉर दैट। नंबर दो
  1833. 1:25:47पूरी दुनिया के अंदर सबसे महंगी चीज जो है
  1834. 1:25:50वह इंफॉर्मेशन और इलम है। मुझे आप यह
  1835. 1:25:52बताइए 42 पाकिस्तान को अगर आज 10 बिलियन
  1836. 1:25:57डॉलर मिल जाए 10 बिलियन डॉलर तो पाकिस्तान
  1837. 1:26:01की बल्लेबले हो जाएगी एकदम और ईलॉन मस्क
  1838. 1:26:04ने 42 बिलियन डॉलर की एक चीज खरीदी है
  1839. 1:26:07जिसके साइज जो है ना यह मेरे बटन के बराबर
  1840. 1:26:10भी नहीं है। और उसका नाम है एक्स जिसको
  1841. 1:26:13Twitter कहते हैं। वो 42 बिलियन डॉलर का
  1842. 1:26:16क्या लिया है उसने? वो उसने इंफॉर्मेशन ली
  1843. 1:26:19है। वो उसने डाटा लिया है। तो इस वक्त
  1844. 1:26:22दुनिया में सबसे अमीर लोग कौन है? जो
  1845. 1:26:24कारें बनाते हैं? नहीं। जो जहाज बनाते हैं
  1846. 1:26:27नहीं। दुनिया में अमीर तरीन वो लोग हैं जो
  1847. 1:26:30इंफॉर्मेशन को हेल्ड करते हैं। Google का
  1848. 1:26:33मालिक अमीर आदमी है। दुनिया का सबसे बड़ा
  1849. 1:26:35या Facebook का मालिक सबसे बड़ा है जो जो
  1850. 1:26:37कि वैसे सारी मालूमात को होती भी गैर
  1851. 1:26:39जरूरी है उसमें से अक्सर। तो इसलिए और
  1852. 1:26:42जितने यानी आप पूरी दुनिया के ये देखिए
  1853. 1:26:45उसके मुकाबले में ना दिस इस वेरी नॉमिनल
  1854. 1:26:47फीस जो और वो वो और दूसरा मैं ये
  1855. 1:26:50डिस्क्लेमर भी आपके सामने कई दफा मैं
  1856. 1:26:52दोस्तों को बता चुका हूं। एस फ एस आई एम
  1857. 1:26:54कंसर्न इससे जितने पैसे आते हैं मैं अपनी
  1858. 1:26:57जात पर खर्च नहीं करता। एक और एक किसी का
  1859. 1:27:01अज़ाब है जिससे जान छुड़ाने के लिए उसको
  1860. 1:27:03खर्च करना पड़ रहा है। पड़ता है। तो यानी
  1861. 1:27:06किसी बड़े काम के लिए खर्च कर रहे हैं। तो
  1862. 1:27:08इसलिए अगर आपको इसके साथ थोड़ा सा एक ना
  1863. 1:27:10वो फाइनेंसियल लगता है तो देखिए ना बर्गर
  1864. 1:27:12खाने जाते हैं अभी कराची का कोई होटल है।
  1865. 1:27:15कौन सा है दो दरिया? वहां चार लोग जाके तो
  1866. 1:27:18कभी आप खाना खा के आए होंगे ना। तो उस
  1867. 1:27:21खाने के बाद मतलब मैं तो जितनी दफा गया
  1868. 1:27:24हूं तो बदहजमी और फ्लैजिल की जरूरत के
  1869. 1:27:27अलावा और कुछ नहीं हुआ। तो अगर आप थोड़े
  1870. 1:27:30से हम पैसे जो है अपने इल्म के उसमें खर्च
  1871. 1:27:32करेंगे और एक जमाना था कि लोग ना तोहफे
  1872. 1:27:36में लोग किताबें दिया करते थे। मेरी बहन
  1873. 1:27:38ने मुझे तोहफे में नुमान अली खान साहब का
  1874. 1:27:42अलबना सब्सक्राइब करके दिया। मैं आयरलैंड
  1875. 1:27:45उससे मिलने गया। उसने कहा भाईजान मेरी तरफ
  1876. 1:27:47से ये गिफ्ट है। उसने मुझे स्वेटर नहीं
  1877. 1:27:48लेके दिया। उसने मुझे अलबना की एक साल की
  1878. 1:27:51सब्सक्रिप्शन लेके दी। तो आप मेहरबानी
  1879. 1:27:54करके इस तरह के रिवाज डालिए और मैं आपको
  1880. 1:27:56यकीन दिलाता हूं कि इससे जो हमारी टीम के
  1881. 1:27:58पास पैसे आएंगे वो आप वो आपके पैसे किसी
  1882. 1:28:01कार खैर में ही लग रहे होंगे इंशा्लाह
  1883. 1:28:02अजीज। तो बहाल ये मुझे थोड़ा सा
  1884. 1:28:04डिस्क्लेमर मैंने किया फैजान इससे पहले कि
  1885. 1:28:06मैं इजाजत लूं आप अपने जो जितनी हम सर्विज
  1886. 1:28:10ऑफर करते हैं वो प्लीज सारे इनको बता
  1887. 1:28:11दीजिए। जी
  1888. 1:28:13ये डॉक्टर साहब की तरफ से आज एक
  1889. 1:28:15कॉम्प्लीमेंट्री सेशन था सबसे पहले तो और
  1890. 1:28:18थैंक यू वेरी मच डॉक्टर साहब फॉर शोइंग अप
  1891. 1:28:21और थैंक यू वेरी मच फॉर ऑल ऑफ दिस ये
  1892. 1:28:24अम्मी जरा मुझे आवाज अब आपने आवाज बंद
  1893. 1:28:26करनी पड़ेगी सॉरी सो सॉरी अच्छा दूसरी बात
  1894. 1:28:30ये है कि डॉक्टर साहब की जो वेबसाइट है
  1895. 1:28:32प्रोफ डॉक्टर जावेद तो आप वहां पर जाके
  1896. 1:28:35डॉक्टर साहब की तमाम सर्विज अेल भी कर
  1897. 1:28:37सकते हैं डॉक्टर साहब की बुक भी है वो भी
  1898. 1:28:39वहां पे लिंक अपडेट है आप वो भी इस्तेमाल
  1899. 1:28:42कर सकते हैं। और अगर कोई शख्स चाहे कि वो
  1900. 1:28:44वन टू वन कंसल्टेशन या अपना कोई आईडिया
  1901. 1:28:47डिस्कस करना चाहे तो दैट इज आल्सो एन
  1902. 1:28:48ओपोरर्चुनिटी दैट यू कैन अेल। द हाईली
  1903. 1:28:51रिकमेंडेड थिंग जो डॉक्टर साहब सबको
  1904. 1:28:53रेकमेंड करते हैं व्हिच इज द पैरेंटिंग
  1905. 1:28:55कोर्स दैट इज द मोस्ट एसेंशियल थिंग दैट
  1906. 1:28:57एवरीवन शुड गो थ्रू। तो वो आप जरूर उसको
  1907. 1:28:59देख ले और बहुत सारे लोग जो इस वैसे महफिल
  1908. 1:29:03में बैठे हुए हैं दे आर वेरी वेरी क्लोज
  1909. 1:29:05टू आवर हार्ट। वो सब वो लोग हैं जिन्होंने
  1910. 1:29:08हमारी इन सर्विज से फायदा उठाया हुआ है।
  1911. 1:29:10तो दिस इज व्हाट वी आर ऑफरिंग और बस दुआओं
  1912. 1:29:15की दरखास्त है पैसे और ये सारी चीजें
  1913. 1:29:17सेकेंडरी बात है। डॉक्टर साहब से हमने यही
  1914. 1:29:19सीखा है। तो इंशा्लाह इंशा्लाह आप सबको हम
  1915. 1:29:23कनेक्टेड भी रखेंगे और कोई भी इस तरह की
  1916. 1:29:26ओपोरर्चुनिटी होगी तो दैट इज अवेलेबल फॉर
  1917. 1:29:28एवरीवन हु इस अराउंड अस इन द कम्युनिटी।
  1918. 1:29:32थैंक यू वेरी मच। सर एनीथिंग दैट यू वांट
  1919. 1:29:35टू ऐड और दैट इज कंक्लूडिंग फ्रॉम
  1920. 1:29:36मायसेल्फ। थैंक यू।
  1921. 1:29:38बस मैं आखिर में यही कहना चाहता हूं कि
  1922. 1:29:40मेरे बहुत ही प्यारे बहनों और भाइयों हम
  1923. 1:29:42ना मायूसी को जेहन से निकाले और आज की
  1924. 1:29:46सारी में ना एक बात
  1925. 1:29:49हम सोच के जाएं कि आज के बाद ना हमने
  1926. 1:29:53परेशान नहीं होना।
  1927. 1:29:56हालात हमारे जैसे भी हैं ना हमने परेशान
  1928. 1:29:59नहीं होना। परेशान होके क्या कर लेंगे?
  1929. 1:30:01हमने यह देखना है कि मैं परेशानी की तरफ
  1930. 1:30:04हूं या मैं प्रॉब्लम सॉल्विंग की तरफ हूं।
  1931. 1:30:08आप एक लिस्ट बनाएं। आपके जो जो प्रॉब्लम
  1932. 1:30:11है उन प्रॉब्लम्स को लिख के कहें कि यार
  1933. 1:30:14इस प्रॉब्लम का क्या हो सकता है और उसका
  1934. 1:30:16जो हो सकता है उसके लिए कोशिश करना शुरू
  1935. 1:30:18कर दें। परेशान होना आज के बाद छोड़ दें।
  1936. 1:30:21और दूसरी बात यह देखिए कि हमारी
  1937. 1:30:22जिम्मेदारी सिर्फ मेरी मेरे बीवी बच्चों
  1938. 1:30:24की और मेरे स्पाउस की इनकी जिम्मेदारी
  1939. 1:30:27नहीं है। सिर्फ हम सारे के सारे ना नबी के
  1940. 1:30:30उम्मती होने की वजह से पूरी उम्मत पर
  1941. 1:30:33निगेबान बनाकर भेजे गए हैं।
  1942. 1:30:36हम साया-ए
  1943. 1:30:38जिब्रील अमी बंदा खाकी
  1944. 1:30:44ये मिश्रा समझ में आया? इंसान जो है ना यह
  1945. 1:30:47बंदा खाकी यह हजरत जिब्राइल सलाम का
  1946. 1:30:50नेक्स्ट डोर नेबर है। हम साया जिब्रील अमी
  1947. 1:30:54बंदा खाकी है इसका नशेमन ना बुखारा ना
  1948. 1:30:58बदखशा प्लीज हम अपने आप को अंडरएस्टीमेट
  1949. 1:31:02ना करें। देयर इज नो डाउट दैट ऑल ऑफ अस आर
  1950. 1:31:06टाइनी डॉट्स। लेकिन दुनिया की कोई लाइन
  1951. 1:31:10ऐसी नहीं है जो डॉट्स के बगैर बनी हो।
  1952. 1:31:13लेकिन उन डॉट्स का कनेक्ट होना जरूरी है।
  1953. 1:31:17अगर डॉट्स नॉन अनकनेक्टेड पड़े हुए हो तो
  1954. 1:31:19वह कभी भी लाइन नहीं बन सकते और वह
  1955. 1:31:21बिल्कुल कुछ भी नहीं होते। तो हम अपने
  1956. 1:31:24ग्रुप्स बनाएं। देखिए हमें एक दूसरे से
  1957. 1:31:26हमने कुछ मफाद नहीं लेना अपना जाती। लेकिन
  1958. 1:31:29हम कम से कम इकट्ठे हो। हम कनेक्ट हो। मैं
  1959. 1:31:32ऑफर करता हूं आपका उम्र में बड़ा होने की
  1960. 1:31:34हैसियत से कि जितनी हमारी कम्युनिटी है
  1961. 1:31:37महीने में एक दफा हम मिले और वह जो हमारा
  1962. 1:31:40ग्रुप हो वो फ्री ऑफ द कॉस्ट है। कोई
  1963. 1:31:42उसमें पैसे वैसे का कोई रोला नहीं है।
  1964. 1:31:44पैसे की जो प्रोडक्ट्स है वो हमने आपको
  1965. 1:31:46बता दी है और इसके अलावा हम सब मिले और
  1966. 1:31:49मिलके अपने-अपने डोमेन में अपने-अपने
  1967. 1:31:52डोमेन में हम चमकता हुआ सितारा बने। जिस
  1968. 1:31:56स्कूल में आप पढ़ाते हैं, जिस कॉलेज में
  1969. 1:31:58आप पढ़ाते हैं, वहां के जो भी आपका नाम
  1970. 1:32:00है, सैयद मोहम्मद अरीब आपका नाम वो कहे
  1971. 1:32:02यार टीचर तो सारे ही हैं। सैयद मोहम्मद
  1972. 1:32:05अरीब जैसा तो कोई भी नहीं है। उनिया निसार
  1973. 1:32:10जो भी आप जिस काम अफीफा मुजफ्फर
  1974. 1:32:14काश मैं अफीफा मुजफ्फर से पढ़ सकता। काश
  1975. 1:32:17मैं सिदरा नासिर से पढ़ सकता। काश मैं
  1976. 1:32:20शहीर युसरा से पढ़ सकता। यानी हम या जिस
  1977. 1:32:24भी शोबे हम में हम मौजूद हैं हम वहां एक
  1978. 1:32:26ना चमकते हुए सितारे की तरह हो और फिर उस
  1979. 1:32:29चमकने को अपने लिए गुरूर का जरिया बनाने
  1980. 1:32:31की बजाय अल्लाह के सामने एक आजजी
  1981. 1:32:35का स्टेप बनाएं और तो इंशा्लाह अजीज आप
  1982. 1:32:38देखिएगा देखिए मैं आप में से उम्र में
  1983. 1:32:40शायद सबसे ज्यादा हो लेकिन मुझे यकीन है
  1984. 1:32:43कि मेरे इस दुनिया से जाने से पहले पहले
  1985. 1:32:45मुझे चेंज नजर आएगी जरूर नजर आएगी और अगर
  1986. 1:32:48नहीं नजर आई तो कोई बात नहीं हम अपना
  1987. 1:32:51हिस्सा तो डाले बाकी हमारे हमारी नस्लें
  1988. 1:32:54आने वाली नस्लें इंशा्लाह फायदा उठाएंगी।
  1989. 1:32:55तो बहुत-बहुत शुक्रिया।
  1990. 1:32:59थैंक यू वेरी मच डॉक्टर साहब।
  1991. 1:33:01आपकी वजह से बहुत चेंज आ रहा है सर। माशरे
  1992. 1:33:03में सबसे बड़ा चेंज मेरे अंदर आ रहा है।
  1993. 1:33:06थैंक यू वेरी मच।
  1994. 1:33:08दुआ करें मेरे अंदर भी आ जाए।
  1995. 1:33:11हेलो सर। अस्सलाम वालेकुम।
  1996. 1:33:13वालेकुम
  1997. 1:33:15सर सर सर
  1998. 1:33:17जी जी हम ले ले बात कर ले।
  1999. 1:33:19सर सर लाइन पे है।
  2000. 1:33:21जी
  2001. 1:33:22सर कीपिंग माय पर्सनल थिंग साइड आई जस्ट
  2002. 1:33:24वांट टू आस्क यू वन क्वेश्चन कैन यू प्लीज
  2003. 1:33:26टेल मी द आर्ट ऑफ व्हाट इज द प्रोसेस ऑफ़ द
  2004. 1:33:29आर्ट ऑफ द लेटिंग गो नेगेटिव थॉट इट कमिंग
  2005. 1:33:32इन माय माइंड
  2006. 1:33:35मेरे हिसाब से सर ये जो प्रॉब्लम है सर
  2007. 1:33:37ज्यादातर बहुत लोगों की है कोई नेगेटिव है
  2008. 1:33:39किसी ने कुछ गलत कह दिया
  2009. 1:33:43आप चलिए आप चलिए बस मैं इनका जवाब देके
  2010. 1:33:45बंद कर दूंगा आप चलिए अरीब आप माइक अपना
  2011. 1:33:48बंद कर दीजिए ताकि आवाज ना गूंजे मैं
  2012. 1:33:49बताता हूं आपको
  2013. 1:33:52सवाल
  2014. 1:33:52देखिए हम हम किसी भी थॉट को लेट गो इसलिए
  2015. 1:33:57नहीं कर सकते कि हम उस थॉट के साथ अपने आप
  2016. 1:34:00को आइडेंटिफाई कर लेते हैं। हम उस थॉट को
  2017. 1:34:04अपना आप समझना शुरू कर देते हैं। आप
  2018. 1:34:07गुस्से वाली थॉट आई आप कहते हैं मैं
  2019. 1:34:09गुस्से में हूं। आप खुद वो थॉट बन जाते
  2020. 1:34:12हैं। थॉट को लेट गो करने का तरीका सिर्फ
  2021. 1:34:15यह है कि आप आराम से बैठ के उस थॉट को
  2022. 1:34:18विजुअलाइज करें।
  2023. 1:34:21और थोड़ी सी मेहनत के बाद वह थॉट आपको इस
  2024. 1:34:24तरह नजर आएगी जैसे आपके सामने चलता हुआ एक
  2025. 1:34:26आदमी है। यह मैं आपको किसी किताब में पढ़ी
  2026. 1:34:29हुई बात नहीं कर रहा। ये मैं जाती तजुर्ब
  2027. 1:34:31से बता रहा हूं। जब भी आपको कोई थॉट आए आप
  2028. 1:34:35उस थॉट अपने आप को कहे कि ये थॉट मेरे
  2029. 1:34:39जेहन में आ रही है। थॉट को विजुअलाइज करना
  2030. 1:34:42शुरू कर दें। द मोमेंट यू विजुअलाइज अ थॉट
  2031. 1:34:46यू विल स्टार्ट फीलिंग अ डिस्टेंस बिटवीन
  2032. 1:34:48यू एंड थॉट। और जो ही आप अपने आप को थॉट
  2033. 1:34:51से अलग समझते हैं तो आप एक तरह के तमाशा
  2034. 1:34:55ही बन जाते हैं उस थॉट का और आप उससे
  2035. 1:34:58इफेक्ट नहीं होते और जब आप इतने कंट्रोल
  2036. 1:35:01में होते हैं तो उस थॉट को किसी और उसको
  2037. 1:35:04रिप्लेस करते हैं। हमारी थॉट अमूमन लोगों
  2038. 1:35:06के बारे में होती है ना तो आप पॉसिबिलिटी
  2039. 1:35:10आपके ज़हन में कि ये शख्स बड़ा झूठा है। तो
  2040. 1:35:13आप उस थॉट को विजुअलाइज करके अपने आप को
  2041. 1:35:15बता सकते हैं। हो सकता है इसने झूठ इस वजह
  2042. 1:35:18से बोला हो। अपने आप को पॉसिबिलिटीज दूसरी
  2043. 1:35:22पॉसिबिलिटीज के बारे में सोचना शुरू कर
  2044. 1:35:24देंगे। तो लिहाजा आपके सवाल का मुख्तसर
  2045. 1:35:26जवाब यह है स्टार्ट्स विजुअलाइजिंग द थॉट
  2046. 1:35:29एंड द मोमेंट्स यू विल फील दैट यू आर
  2047. 1:35:31डिफरेंट थॉट इज डिफरेंट। आपकी
  2048. 1:35:33आइडेंटिफिकेशन ऑफ़ सेल्फ वि द थॉट खत्म हो
  2049. 1:35:36जाएगी और वो थॉट आपके लिए मैनेज करनी बहुत
  2050. 1:35:38आसान हो जाएगी। चलिए अब वी हैव टू कॉल इट
  2051. 1:35:42डे। हां। अल्लाह हाफ।
  2052. 1:35:43सलाम वालेकुम सर। एक छोटा सा क्वेश्चन है।
  2053. 1:35:45जी
  2054. 1:35:47सर ये मैंने आपका एंगल मैनेजमेंट का कोर्स
  2055. 1:35:49करा है। उस हवाले से मेरा क्वेश्चन है
  2056. 1:35:51एंगल मैनेजमेंट के हवाले से। तो ये
  2057. 1:35:54क्वेश्चन है कि अब जैसे हम शॉप पे जाते
  2058. 1:35:56हैं तो हमारे जो मुलाजमीन होते हैं हमारी
  2059. 1:35:58बात समझते नहीं है। अक्सर हम उनको समझाते
  2060. 1:36:00रहते हैं आराम से प्यार से। मगर वो समझते
  2061. 1:36:02नहीं है। तो एट सम पॉइंट हमें लगता है कि
  2062. 1:36:05यार हमें उनको गुस्सा करना पड़ेगा ताकि वो
  2063. 1:36:07हमारी बात समझे। तो एक तरफ की बात है।
  2064. 1:36:10तो क्या वो समझ जाते हैं बात फिर?
  2065. 1:36:14मतलब एट अ टाइम तो उस वक्त के लिए तो
  2066. 1:36:16ओबिडेंट हो जाते हैं वो जो हम बोल रहे
  2067. 1:36:18होते हैं फिर कर रहे होते हैं दो चार दिन
  2068. 1:36:19तक तो असर रहता है फिर उसका फिर लेकिन वो
  2069. 1:36:22दोबारा अपने उस पर आ जाते हैं ट्रैक पे आ
  2070. 1:36:23जाते हैं जो पहले कर रहे होते हैं दोबारा
  2071. 1:36:25उसको स्टार्ट कर देते हैं
  2072. 1:36:27जी तो आप गुस्से ना हो ट्रेन करें ना उनको
  2073. 1:36:32एंग्री होने से ब्लेम करने से पहले ट्रेन
  2074. 1:36:35करें जो बात आप उनसे करवाने के लिए कह रहे
  2075. 1:36:37हैं क्या आपने उनकी जॉब डिस्क्रिप्शन में
  2076. 1:36:40उनको पहले सिखाई हुई है हम जी सर
  2077. 1:36:45जी
  2078. 1:36:46अब बहुत सारी दफा ऐसा होता है कि चीजें
  2079. 1:36:49रिपीट हो रही होती है उनके नॉलेज में होती
  2080. 1:36:50है बट वो गलतियां कर रहे होते हैं मतलब वो
  2081. 1:36:52लिख के लिख के दें उनको लिख के दें उनकी
  2082. 1:36:55जॉब डिस्क्रिप्शन लिख कर दें उनको कि बेटा
  2083. 1:36:58आप शॉप में हो तो आपके ये 10 काम है ये
  2084. 1:37:01जरा शाबाश याद रखना इन 10 में से कोई काम
  2085. 1:37:04नहीं खत्म होना चाहिए तो जॉब डिस्क्रिप्शन
  2086. 1:37:07उनको लिख के दे दे जॉब डिस्क्रिप्शन अगर
  2087. 1:37:09वो उस जॉब डिस्क्रिप्शन के अलावा हवा किसी
  2088. 1:37:12बात पर आप डांट रहे हैं तो वो फिर आपका
  2089. 1:37:14कसूर है। और अगर वो जॉब डिस्क्रिप्शन नहीं
  2090. 1:37:17कर रहा तो उसके साथ एक उसूल बना लें कि जो
  2091. 1:37:20एक जॉब डिस्क्रिप्शन में से एक वाला काम
  2092. 1:37:23तीन दफा नहीं करेगा तो हम उसको नौकरी से
  2093. 1:37:25निकाल देंगे। मिसाल के तौर पर हम उसको
  2094. 1:37:29ट्रांसफर कर देंगे। हम उसको डिमोट कर
  2095. 1:37:31देंगे। डांटें फिर भी ना उसको डांटें ना।
  2096. 1:37:34उसको डॉक्यूमेंट कर दें और फिर उसकी उसको
  2097. 1:37:37आप मॉनिटर करें कि यह जो डॉक्यूमेंट किया
  2098. 1:37:39है ये कर रहा है कि नहीं कर रहा।
  2099. 1:37:44ठीक है। सही से सही सर मैं समझ रहा हूं
  2100. 1:37:47आपकी बातें। बट वो मैंने डिस्कस करी बात
  2101. 1:37:49तो अपने भाइयों से उन्होंने ये बोला यार
  2102. 1:37:51इतना छोटा सेटअप है उसमें किस तरीके से ये
  2103. 1:37:53होगा। मतलब जो कॉर्पोरेट्स होती हैं उसमें
  2104. 1:37:56ये चीज़ समझ में आती हैं। हमारा छोटा छोटे
  2105. 1:37:58से क्या है? छोटे से कागज पे लिख दें।
  2106. 1:38:00बेटा तुम्हारा काम ये है कि तुमने 8:00
  2107. 1:38:02बजे दुकान खोलनी है। तुमने 12:00 बजे
  2108. 1:38:04दुकान बंद करनी है। तुमने दुकान में झाड़ू
  2109. 1:38:06देना है। और तुमने जब कोई ग्राहक आएगा तो
  2110. 1:38:08अपने ये करना है तो उसको लिख के दे दें।
  2111. 1:38:10इसमें ऐसी क्या बात है?
  2112. 1:38:12सही सही।
  2113. 1:38:13उसको लिख उसको लिख के इसलिए दे रहे हैं
  2114. 1:38:15बेटा कि अगर तुम याद रहे तुम्हें भूल ना
  2115. 1:38:16जाए।
  2116. 1:38:18हम
  2117. 1:38:19उसूल तो एक ही होते हैं ना। छोटे काम बड़े
  2118. 1:38:21काम के एक ही उसूल होते हैं ना।
  2119. 1:38:23जी सर बिल्कुल ऐसा ही है।
  2120. 1:38:24उसूल एक ही होते हैं। ठीक है जी। अल्लाह
  2121. 1:38:27हाफिज। अब बहुत देर हो गई। हां। अल्लाह
  2122. 1:38:29हाफ।

About this transcript

This page contains the full transcript of Art of Teaching — A Masterclass for Teachers by Professor Dr Javed Iqbal, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 16,572 words across 2,122 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.

What you can do with it

Use the transcript to take notes, quote the speaker, build a study guide, generate a summary with ChatGPT or Claude via the YouTube Summary tool, or export it as a timed subtitle file with YouTube to SRT. You can also re-open it in the transcriber to translate the transcript into 100+ languages.

Free YouTube transcript tool

YouTube2Text is a free YouTube transcript generator — no signup, no daily limit. Paste any YouTube link and get the full transcript instantly, with timestamps, click-to-jump, translation to 100+ languages, AI prompts for ChatGPT, Claude, and Gemini, and exports to TXT, SRT, VTT, or Markdown.