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Are You Entering NIFTY Breakouts Too Early? | ORB Backtested Over 6 Years — Transcript

by Trading with Groww · 3,002 words · 408 segments · language en · Watch on YouTube

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  1. 0:00इमेजिन कीजिए एक ही घंटे में आपके
  2. 0:01ट्रेडिंग ग्रुप में तीन मैसेजेस आते हैं।
  3. 0:03पहला, निफ्टी में ब्रेकआउट आ गया, लॉन्ग
  4. 0:05ले लिया। फिर कुछ मिनट के बाद दूसरा मैसेज
  5. 0:07आता है। फॉल्स ब्रेकआउट था, अच्छा हुआ,
  6. 0:09वेट किया। और फिर तीसरा, वापस ऊपर जा रहा
  7. 0:12है, रीटेस्ट पर एंट्री ले ली। आप भी पूरे
  8. 0:14टाइम वही चार्ट देख रहे थे। लेकिन अब सोच
  9. 0:17रहे हैं कि क्या पहले ट्रेडर ने जल्दी
  10. 0:18एंट्री ले ली? क्या दूसरे ट्रेडर ने एक
  11. 0:20खराब ट्रेड अवॉइड कर लिया? या तीसरे
  12. 0:22ट्रेडर को बेटर एंट्री मिली? हर कुछ देर
  13. 0:25में कोई अलग ट्रेडर सही लग रहा है। लेकिन
  14. 0:27अगर रोज एक ही अप्रोच फॉलो करनी हो तो
  15. 0:29किसकी अप्रोच काम आएगी? जो ब्रेकआउट सुबह
  16. 0:3110:00 कन्विंसिंग लग रहा था, वही 10:15 पर
  17. 0:34ट्रैप लग सकता है। और 10:30 तक लग सकता है
  18. 0:37कि ट्रेड ले लेना चाहिए था। एक ही सुबह
  19. 0:39में सबको अपनी अप्रोच सही लगने की वजह मिल
  20. 0:41सकती है। इसलिए हमने यह डिस्कशन WhatsApp
  21. 0:44ग्रुप से निकाल कर निफ्टी के एक्चुअल डेटा
  22. 0:46पर टेस्ट किया। अराउंड 1,600 ट्रेडिंग
  23. 0:48सेशंस पर।
  24. 0:52[संगीत]
  25. 0:54आई एम ज़ैनब ज़ैदी और हम इस सीरीज़ में
  26. 0:56पॉपुलर ट्रेडिंग आइडियाज़ और मार्केट
  27. 0:58बिलीफ़्स को इंडियन मार्केट के पास डेटा
  28. 1:00पर टेस्ट करते हैं और देखते हैं कि कौन से
  29. 1:02आइडियाज़ डेटा में भी सही साबित होते हैं।
  30. 1:04अगर आपने कभी इंट्राडे ट्रेडिंग एक्सप्लोर
  31. 1:06करी होगी तो एक स्ट्रेटेजी आपने ज़रूर
  32. 1:08सुनी होगी ओपनिंग रेंज ब्रेकआउट। यानी
  33. 1:10ओआरबी। ये उन पॉपुलर स्ट्रेटेजीज़ में से
  34. 1:12है जिसके बारे में बिगिनर्स को ट्रेडिंग
  35. 1:14सीखते वक्त काफ़ी सुनने को मिलता है।
  36. 1:16लेकिन सवाल यह है क्या मार्केट के ओपनिंग
  37. 1:18रेंज का ब्रेकआउट ट्रेड करना एक्चुअली
  38. 1:20प्रॉफिटेबल है? और अगर है तो कौन सी
  39. 1:22ओपनिंग रेंज और एंट्री मेथड सबसे बेटर काम
  40. 1:24करती है? आज हम इसी स्ट्रेटेजी को डिटेल
  41. 1:26में समझेंगे और निफ्टी के 1,600 ट्रेडिंग
  42. 1:29सेशंस में टेस्ट करेंगे और देखेंगे कि
  43. 1:31हिस्टोरिकली कैसा परफॉर्म किया। तो सबसे
  44. 1:34पहले समझते हैं कि ओपनिंग रेंज ब्रेकआउट
  45. 1:35एक्चुअली कैसे काम करता है। जब मार्केट
  46. 1:37सुबह 9:15 पर ओपन होता है तो यूजुअली
  47. 1:40काफ़ी एक्टिविटी होती है। बायर्स और
  48. 1:41सेलर्स ओवरनाइट डेवलपमेंट्स पर रिएक्ट कर
  49. 1:43रहे होते हैं, ऑर्डर्स एग्जीक्यूट हो रहे
  50. 1:45होते हैं और मार्केट एक डायरेक्शन
  51. 1:47एस्टेब्लिश करने की कोशिश कर रहा होता है।
  52. 1:48अब इमीडिएटली ट्रेड लेने के बजाय ओआरबी
  53. 1:51स्ट्रेटेजी में हम वेट करते हैं कि
  54. 1:52मार्केट पहले एक प्राइस रेंज फॉर्म करें।
  55. 1:54फॉर एग्जांपल, मान लीजिए हम ट्रेडिंग सेशन
  56. 1:56के पहले 15 मिनट्स में निफ्टी ने 22,500
  57. 1:59का और 22,400 का लो बनाया। ये दो लेवल्स
  58. 2:03हमारी ओपनिंग रेंज बन जाते हैं। अब अगर
  59. 2:05निफ्टी 22,500 के ऊपर ब्रेकआउट करके क्लोज
  60. 2:08करता है तो हमें एक बुलिश सिग्नल मिलता है
  61. 2:10और अगर 22,400 के नीचे क्लोज करता है तो
  62. 2:12एक बेयरिश सिग्नल। इस स्ट्रेटजी के पीछे
  63. 2:14लॉजिक काफी सिंपल है। अगर मार्केट ओपनिंग
  64. 2:16मिनट्स में बनी हुई रेंज को ब्रेकआउट करता
  65. 2:18है तो पॉसिबल है कि वो उसी डायरेक्शन में
  66. 2:20आगे मूव करे। सुनने में काफी सिंपल लगता
  67. 2:23है लेकिन यहां एक प्रॉब्लम है। हम कितनी
  68. 2:25देर वेट करते हैं उसके हिसाब से ओपनिंग
  69. 2:27रेंज भी बदल जाती है। फॉर एग्जांपल अगर हम
  70. 2:295 मिनट ओपनिंग रेंज यूज कर रहे हैं तो
  71. 2:319:25 पे आने वाला ब्रेकआउट एक अच्छा
  72. 2:33ट्रेडिंग अपॉर्चੁनिटी लग सकता है। लेकिन
  73. 2:35कोई ट्रेडर अगर 1 आवर का ओपनिंग रेंज यूज
  74. 2:37कर रहा है तो उसके लिए वही मूव ब्रेकआउट
  75. 2:39भी नहीं होगा और यहीं पर एक इंटरेस्टिंग
  76. 2:41ट्रेड ऑफ आता है। अगर हम एक शॉर्टर ओपनिंग
  77. 2:43रेंज यूज करते हैं तो ट्रेड्स में जल्दी
  78. 2:45एंट्री मिल सकती है और मार्केट के मूव का
  79. 2:47एक बड़ा हिस्सा कैप्चर करने का चांस होता
  80. 2:49है। लेकिन फॉल्स ब्रेकआउट भी ज्यादा मिल
  81. 2:50सकते हैं। वहीं अगर हम लोंगर ओपनिंग रेंज
  82. 2:53का वेट करते हैं तो मार्केट की डायरेक्शन
  83. 2:55समझने के लिए ज्यादा इनफॉरमेशन मिलती है।
  84. 2:57लेकिन तब तक मूव का एक बड़ा हिस्सा मिस हो
  85. 2:59सकता है। तो एक्चुअली कौन सा अप्रोच बेटर
  86. 3:01काम करता है? यही हमने अपने पहले टेस्ट
  87. 3:03में फाइंड आउट किया। हमने चार ओपनिंग
  88. 3:05रेंजेस टेस्ट किए 5 मिनट्स, 15 मिनट्स, 30
  89. 3:07मिनट्स एंड 60 मिनट्स। सभी पर सेम
  90. 3:09ब्रेकआउट एंट्री और एग्जिट रूल्स अप्लाई
  91. 3:11किए ताकि हम कंपेयर कर सकें कि
  92. 3:13हिस्टोरिकली किस ओपनिंग रेंज ने बेटर
  93. 3:15परफॉर्मेंस दी। अब रिजल्ट्स देखने से पहले
  94. 3:17क्विकली समझ लेते हैं कि हमने बैक टेस्ट
  95. 3:19कैसे किया। जनवरी 2020 से सितंबर 2026 तक
  96. 3:22के निफ्टी के 1,668
  97. 3:24ट्रेडिंग सेशंस का डेटा लिया। हर दिन
  98. 3:26मार्केट ओपन होने के बाद पहले 5, 15, 30
  99. 3:28और 60 मिनट्स का हाई और लो मार्क किया। जब
  100. 3:31निफ्टी की 1 मिनट कैंडल ओपनिंग रेंज के
  101. 3:33हाई के ऊपर क्लोज करती है तो हम एक बुलिश
  102. 3:35ट्रेड लेते हैं और जब लो के नीचे क्लोज
  103. 3:37करती है तो एक बेयरिश ट्रेड। स्टॉप लॉस के
  104. 3:38लिए हमने ओपनिंग रेंज की अपोजिट बाउंड्री
  105. 3:40यूज की। यानी बुलिश ट्रेड में रेंज का लो
  106. 3:42और बेयरिश ट्रेड में रेंज का हाई। स्टॉप
  107. 3:44लॉस तब ट्रिगर होता है जब 1 मिनट कैंडल उस
  108. 3:47लेवल के बियोंड क्लोज करती है और अगर
  109. 3:48स्टॉप लॉस नहीं हिट हुआ तो ट्रेड को 3:29
  110. 3:51PM पर क्लोज किया। एक दिन में मैक्सिमम एक
  111. 3:53ब्रेकआउट ट्रेड लिया। तो अब देखते हैं
  112. 3:54रिजल्ट्स। 5 मिनट ओपनिंग रेंज ने 1,664
  113. 3:58ट्रेड्स दिए लेकिन टोटल रिजल्ट
  114. 3:59अप्रोक्सिमेटली 742 पॉइंट्स नेगेटिव था।
  115. 4:0215 मिनट रेंज पर रिजल्ट इम्प्रूव हुए।
  116. 4:05यहां एप्रोक्सीमेटली 3290 पॉइंट्स बने। 30
  117. 4:08मिनट्स रेंज ने और बेटर परफॉर्म किया।
  118. 4:10एप्रोक्सीमेटली 6739
  119. 4:12पॉइंट्स बने एंड विन रेट करीब 49% था।
  120. 4:15लेकिन 60 मिनट्स ओपनिंग रेंज सबसे आगे थी।
  121. 4:17इसने 1579
  122. 4:19ट्रेड्स में एप्रोक्सीमेटली 8346
  123. 4:22पॉइंट्स जेनरेट किए। इसका विन रेट भी सबसे
  124. 4:24ज्यादा था करीब 51% और प्रॉफिट फैक्टर
  125. 4:271.16 था। प्रॉफिट फैक्टर विनिंग ट्रेड्स
  126. 4:29के टोटल गेंस को लूजिंग ट्रेड्स के टोटल
  127. 4:31लॉसेस से कंपेयर करता है। यहां हर 1 पॉइंट
  128. 4:34के लॉस के अगेंस्ट विनिंग ट्रेड से 1.16
  129. 4:36पॉइंट्स आए ट्रेडिंग कॉस्ट डिडक्ट करने से
  130. 4:38पहले। तो हमने जो चार ओपनिंग रेंजेस टेस्ट
  131. 4:40किए उसमें ड्यूरेशन बढ़ाने के साथ टोटल
  132. 4:43पॉइंट्स और विन रेट दोनों इम्प्रूव हुए।
  133. 4:44लेकिन आपने नोटिस किया होगा कि ब्रेकआउट्स
  134. 4:46हमेशा सस्टेन नहीं होते। हमारे रिजल्ट्स
  135. 4:49में भी बेस्ट परफॉर्मिंग ओपनिंग रेंज का
  136. 4:50विन रेट एप्रोक्सीमेटली 51% था। तो क्या
  137. 4:53हो अगर हम पहले ब्रेकआउट पर ट्रेड करने के
  138. 4:55बजाय वेट करें कि उसके बाद प्राइस क्या
  139. 4:57करता है। अगर प्राइस ओपनिंग रेंज के अंदर
  140. 4:59वापस आता है तो दो पॉसिबिलिटीज हैं जिन पर
  141. 5:01हम स्ट्रेटजीज बना सकते हैं। पहली है
  142. 5:03रीटेस्ट। वही एग्जांपल लेते हैं। हमारी
  143. 5:05ओपनिंग रेंज का हाई 22,500 और लो 22,400।
  144. 5:09मान लीजिए प्राइस पहले 22,500 के ऊपर
  145. 5:12ब्रेकआउट करता है। हम इस फर्स्ट ब्रेकआउट
  146. 5:14पर ट्रेड नहीं लेंगे। हम वेट करेंगे कि एक
  147. 5:161 मिनट कैंडल वापस 22,400 से 22,500 के
  148. 5:20बीच क्लोज करें। उसके बाद अगर कोई 1 मिनट
  149. 5:23कैंडल दोबारा 22,500 के ऊपर क्लोज करती है
  150. 5:26तो हम एक बुलिश रीटेस्ट ट्रेड लेंगे। इस
  151. 5:28ट्रेड का स्टॉप लॉस ओपनिंग रेंज का लो
  152. 5:30यानी 22,400 होगा। कोई प्रॉफिट टारगेट
  153. 5:33नहीं रखेंगे। अगर स्टॉप लॉस ट्रिगर नहीं
  154. 5:35हुआ तो ट्रेड को 3:29 PM पर क्लोज कर
  155. 5:37देंगे। दूसरी पॉसिबिलिटी है रिवर्सल। अब
  156. 5:39इसी ओपनिंग रेंज में एक अलग सिनेरियो
  157. 5:42देखते हैं। प्राइस पहले 22,500 के ऊपर
  158. 5:44ब्रेकआउट करता है लेकिन फिर वापस रेंज के
  159. 5:46अंदर आ जाता है। इस बार दोबारा ऊपर जाने
  160. 5:49के बजाय प्राइस नीचे मूव करता है और जब एक
  161. 5:511 मिनट कैंडल 22,400 के नीचे क्लोज करती
  162. 5:55है तो हम एक बेयरिश रिवर्सल ट्रेड लेंगे।
  163. 5:57इस ट्रेड का स्टॉप लॉस है रेंज का हाई
  164. 5:59यानी 22,500। यहां भी कोई टारगेट नहीं
  165. 6:01होगा और स्टॉप लॉस ट्रिगर नहीं हुआ तो
  166. 6:033:29 PM पर ट्रेड क्लोज कर देंगे। सबसे
  167. 6:06पहले रीटेस्ट के रिजल्ट देखते हैं। याद है
  168. 6:08हमारे ट्रेडिंग ग्रुप का वो ट्रेडर जिसने
  169. 6:10रीटेस्ट का वेट किया था। 5 मिनट ओपनिंग
  170. 6:12रेंज में उस वेट से रिजल्ट्स में काफी
  171. 6:14डिफरेंस आया। पहले ब्रेकआउट पर ट्रेड लेने
  172. 6:16से अप्प्रोक्सिमेटली 742 पॉइंट्स का लॉस
  173. 6:19हुआ था। प्राइस की रेंज में वापस आने के
  174. 6:21बाद दोबारा ब्रेकआउट देने पर ही लगभग 6101
  175. 6:24पॉइंट्स बने। ओपनिंग रेंज वही थी, बदला
  176. 6:27सिर्फ एंट्री लेने का रूल। रीटेस्ट के
  177. 6:28चारों वर्जन्स में टोटल स्पॉट पॉइंट्स
  178. 6:30पॉजिटिव थे। 30 मिनट रेंज ने सबसे ज्यादा
  179. 6:33पॉइंट्स जेनरेट किए। 1381
  180. 6:35ट्रेड्स में अप्प्रोक्सिमेटली 7336
  181. 6:38पॉइंट्स। 60 मिनट रीटेस्ट का विन रेट सबसे
  182. 6:40ज्यादा था लेकिन टोटल पॉइंट्स 30 मिनट
  183. 6:42वर्जन्स से कम थे। यानी सिर्फ ज्यादा बार
  184. 6:45प्रॉफिटेबल होने से कोई सेटअप बेस्ट
  185. 6:46परफॉर्मर नहीं बन जाता। अब देखते हैं कि
  186. 6:48ओपनिंग रेंज की अपोजिट साइड पर रिवर्सल
  187. 6:50ट्रेड लेने से क्या रिजल्ट्स मिले।
  188. 6:52पॉइंट्स देखने से पहले ट्रेड्स की काउंट
  189. 6:54पर एक बार ध्यान दीजिए। इनिशियल ब्रेकआउट
  190. 6:56में हर ओपनिंग रेंज पर हमें लगभग 1600
  191. 6:59ट्रेड्स मिले। रीटेस्ट का वेट करने के बाद
  192. 7:01भी 1300 से 1400 ट्रेड्स मिले। यानी
  193. 7:04प्राइस का रेंज के अंदर वापस आना और फिर
  194. 7:06ओरिजिनल डायरेक्शन में दोबारा ब्रेकआउट
  195. 7:08देना काफी कॉमन था। लेकिन पूरी रेंज क्रॉस
  196. 7:11करके अपोजिट साइड पर ब्रेकआउट देना उतना
  197. 7:13कॉमन नहीं था और यहां ओपनिंग रेंज की
  198. 7:15ड्यूरेशन से काफी डिफरेंस आया। 5 मिनट
  199. 7:17रेंज में अप्प्रोक्सिमेटली 53% इनिशियल
  200. 7:20ब्रेकआउट्स के बाद रिवर्सल सिग्नल मिला।
  201. 7:2115 मिनट रेंज में यह घटकर 42% हो गया। 30
  202. 7:25मिनट में 32% और 1 आर रेंज में सिर्फ 22%
  203. 7:28रह गया। यानी 5 मिनट रेंज में लगभग हर दो
  204. 7:30में से एक इनिशियल ब्रेकआउट के बाद
  205. 7:32रिवर्सल मिला। जबकि 1 आर रेंज में हर पांच
  206. 7:35में से एक बार। तो अपॉर्चुनिटीज कम हो गई।
  207. 7:37अब देखते हैं टोटल पॉइंट्स पर क्या इफेक्ट
  208. 7:39पड़ा। 5 मिनट रिवर्सल ने 883 ट्रेड्स में
  209. 7:42अप्प्रोक्सिमेटली 4069 पॉइंट्स जेनरेट
  210. 7:44किए। 15 मिनट वर्जन ने ऑलमोस्ट उतने ही
  211. 7:47अप्प्रोक्सिमेटली 4030 पॉइंट्स। 182 कम
  212. 7:49ट्रेड्स में बनाए। 30 मिनट रिवर्सल में
  213. 7:51अप्प्रोक्सिमेटली 2889
  214. 7:53पॉइंट्स बने। 1 आर वर्जन का टोटल 2955
  215. 7:57पॉइंट्स था और इसका विन रेट रिवर्सल सेटअप
  216. 7:59में सबसे ज्यादा था। करीब 52% लेकिन 1 आर
  217. 8:02वर्जन में पूरे टेस्टिंग पीरियड में सिर्फ
  218. 8:04342 ट्रेड्स मिले। टोटल पॉइंट्स और ट्रेड
  219. 8:07काउंट दोनों 5 मिनट रिवर्सल सबसे आगे था।
  220. 8:10अब तक हमने अलग-अलग ओपनिंग रेंजेस और
  221. 8:11ट्रेड लेने के तीन तरीके कंपेयर किए।
  222. 8:14लेकिन इन बेसिक रूल्स के हिसाब से जितने
  223. 8:16भी सिग्नल्स मिले हमने सब पर ट्रेड लिया।
  224. 8:18तो क्या थोड़ा सिलेक्टिव होने से रिजल्ट्स
  225. 8:20इम्प्रूव हो सकते हैं? यही पर फिल्टर्स का
  226. 8:22रोल आता है। यानी कुछ एडिशनल कंडीशंस
  227. 8:24जिसके बेसिस पर हम डिसाइड कर सकें कि कौन
  228. 8:26सा सिग्नल लेना है और कौन सा स्किप करना
  229. 8:28है। इनिशियल ब्रेकआउट के लिए हम 60 मिनट्स
  230. 8:30ओपनिंग रेंज सेलेक्ट करेंगे। इसने
  231. 8:32अप्प्रोक्सिमेटली 8,346
  232. 8:35पॉइंट्स जनरेट किए। चारों टाइम फ्रेम्स
  233. 8:36में सबसे ज्यादा। रीडर्स के लिए 30 मिनट्स
  234. 8:39रेंज लेंगे। इसने 1,381
  235. 8:41ट्रेड्स में अप्प्रोक्सिमेटली 7,336
  236. 8:44पॉइंट्स जनरेट किए। रिवर्सल के लिए हम 5
  237. 8:46मिनट रेंज सेलेक्ट करेंगे। इसके टोटल
  238. 8:48पॉइंट्स सबसे ज्यादा थे। अप्प्रोक्सिमेटली
  239. 8:494,069 और 883 ट्रेड्स के साथ फिल्टर्स
  240. 8:53टेस्ट करने के लिए सबसे बड़ा सैंपल भी था।
  241. 8:55आगे के टेस्ट में हमने एक मिनिमम रखा।
  242. 8:57फिल्टर्स लगाने के बाद भी हर सिलेक्टेड
  243. 8:59सेटअप में कम से कम 500 ट्रेड्स होने
  244. 9:02चाहिए। इससे कर्व फिटिंग का रिस्क
  245. 9:03एलिमिनेट नहीं होता लेकिन बहुत छोटे सैंपल
  246. 9:06के बेसिस पर किसी सेटअप को सेलेक्ट करने
  247. 9:08से बच सकते हैं। सबसे पहले 60 मिनट
  248. 9:10ब्रेकआउट को लेते हैं। कुछ दिन निफ्टी
  249. 9:11पहले एक घंटे में बहुत कम मूव करता है और
  250. 9:14कुछ दिन ब्रेकआउट आने से पहले ही काफी
  251. 9:16बड़ी रेंज कवर कर चुका होता है। तो क्या
  252. 9:18दोनों सिचुएशंस में मिलने वाला ब्रेकआउट
  253. 9:20को एक जैसा ट्रीट करना चाहिए? यही से आता
  254. 9:22है हमारा पहला फिल्टर ओपनिंग रेंज का
  255. 9:24साइज। वही एग्जांपल लेते हैं। हाई 22,500
  256. 9:27और लो 22,400 यानी ओपनिंग रेंज 100
  257. 9:30पॉइंट्स की है। मान लीजिए निफ्टी 22,450
  258. 9:33पर ओपन हुआ तो 100 पॉइंट्स को ओपनिंग
  259. 9:35प्राइस से डिवाइड करके 100 से मल्टीप्लाई
  260. 9:37करने पर रेंज का साइज अप्प्रोक्सिमेटली
  261. 9:390.45% आता है। इसी तरह हमने हर दिन की
  262. 9:42ओपनिंग रेंज को परसेंटेज में मेजर किया और
  263. 9:44दो ग्रुप्स बनाए। 0.5% या उससे कम और 0.5%
  264. 9:48से ज्यादा। अब देखते हैं कि इन दोनों के
  265. 9:50बाद आने वाले ब्रेकआउट ने कैसे परफॉर्म
  266. 9:52किया। 0.5% या उससे छोटी रेंजेस में आने
  267. 9:54वाले ब्रेकआउट ने 731 ट्रेड्स में
  268. 9:57अप्प्रोक्सिमेटली 892 पॉइंट्स जनरेट किए।
  269. 9:59वहीं 0.5% से बड़ी रेंजेस ने 848 ट्रेड्स
  270. 10:03में अप्प्रोक्सिमेटली 7,454
  271. 10:05पॉइंट्स जनरेट किए। यानी लगभग 54% ट्रेड्स
  272. 10:08बड़ी रेंज वाले ग्रुप में थे लेकिन टोटल
  273. 10:11पॉइंट्स का करीब 89% इसी ग्रुप से आया।
  274. 10:13इसलिए आगे हम 0.5% से बड़ी ओपनिंग रेंज
  275. 10:16वाले ब्रेकआउट्स पर फोकस करेंगे। रेंज का
  276. 10:18साइज हमें बताता है कि पहले एक घंटे में
  277. 10:20कितना मूवमेंट हुआ। एक और चीज है जो हर
  278. 10:23सिग्नल में अलग हो सकती है। ब्रेकआउट आया
  279. 10:25कब? वन आवर ओपनिंग रेंज 10:15 AM पर
  280. 10:27कंप्लीट हो जाती है। प्राइस उसके बाद कुछ
  281. 10:29मिनट्स के बाद ब्रेकआउट दे सकता है या फिर
  282. 10:31कई घंटे रेंज के अंदर रह सकता है और
  283. 10:33क्योंकि हम हर बचा हुआ ट्रेड 3:29 PM पर
  284. 10:36क्लोज कर देते हैं तो जल्दी आने वाले
  285. 10:38ब्रेकआउट को आगे मूव करने में ज्यादा वक्त
  286. 10:40मिलता है। लेकिन क्या इसका फायदा रिजल्ट्स
  287. 10:42में भी दिखा? इसको चेक करने के लिए हमने
  288. 10:440.5% से बड़ी रेंज वाले 848 ट्रेड्स को दो
  289. 10:48ग्रुप्स में डिवाइड किया। एंट्रीज 12 ओ
  290. 10:50क्लॉक से पहले और एंट्रीज 12 ओ क्लॉक के
  291. 10:52बाद। 12:00 से पहले की 648 एंट्रीज ने
  292. 10:55अप्प्रोक्सिमेटली 7021 पॉइंट्स जनरेट किए।
  293. 10:57वहीं 12:00 या उसके बाद की 200 एंट्रीज से
  294. 11:00433 पॉइंट्स जनरेट हुए। तो 60 मिनट
  295. 11:03ब्रेकआउट के लिए हमारी कंडीशंस हैं कि
  296. 11:05ओपनिंग रेंज निफ्टी के ओपनिंग प्राइस के
  297. 11:070.5% से बड़ी हो और एंट्री 12:00 से पहले
  298. 11:10मिले। दोनों फिल्टर्स के बाद ट्रेड्स 1579
  299. 11:13से घटकर 648 रह गए। टोटल पॉइंट्स 8346
  300. 11:18से घटकर 7021 हुए। यानी आधे से भी कम
  301. 11:21ट्रेड्स लेकर ओरिजिनल टोटल के
  302. 11:23अप्प्रोक्सिमेटली 84%। अब 30 मिनट रीटेस्ट
  303. 11:26को देखते हैं। इनिशियल ब्रेकआउट में बड़ी
  304. 11:27ओपनिंग रेंज ने बेटर परफॉर्म किया। लेकिन
  305. 11:30जब हम प्राइस के रीटेस्ट का वेट करते हैं
  306. 11:32तो क्या तब भी बड़ी रेंज बेटर होती है?
  307. 11:34हमने वही कंपैरिजन किया। निफ्टी के ओपनिंग
  308. 11:36प्राइस के हिसाब से 0.5% या उससे छोटी
  309. 11:39ओपनिंग रेंजेस और 0.5% से बड़ी रेंजेस। 30
  310. 11:43मिनट रीटेस्ट में छोटी रेंजेस से ज्यादा
  311. 11:45टोटल पॉइंट्स आए। 0.5% या उससे छोटी
  312. 11:47रेंजेस ने 857 ट्रेड्स में
  313. 11:49अप्प्रोक्सिमेटली 6291
  314. 11:52पॉइंट्स जनरेट किए। वहीं 0.5% से बड़ी
  315. 11:55रेंजेस ने 524 ट्रेड्स में
  316. 11:57अप्प्रोक्सिमेटली 1045 पॉइंट्स जनरेट किए।
  317. 12:00यानी छोटी रेंज वाले ग्रुप में लगभग 62%
  318. 12:03ट्रेड्स थे लेकिन टोटल पॉइंट्स का करीब
  319. 12:0586% इसी से आया। इसलिए इस सेटअप में आगे
  320. 12:08हम 0.5% या उससे छोटी ओपनिंग रेंजेस पर
  321. 12:11फोकस करेंगे। अब हमने देखा कि रीटेस्ट आने
  322. 12:13में कितना वक्त लगा। कभी प्राइस ब्रेकआउट
  323. 12:15देता है, रेंज के अंदर वापस आता है और कुछ
  324. 12:18ही देर में दोबारा ब्रेकआउट दे देता है।
  325. 12:19लेकिन कुछ दिन उस सेकंड सिग्नल के लिए कई
  326. 12:22घंटे वेट करना पड़ता है। तो क्या ज्यादा
  327. 12:23वेट करने से कोई बेटर एंट्री मिली या
  328. 12:25जल्दी आने वाले रीटेस्ट ने बेटर परफॉर्म
  329. 12:27किया? इसको चेक करने के लिए हमने इनिशियल
  330. 12:29ब्रेकआउट से रीटेस्ट एंट्री तक का टाइम
  331. 12:31मेजर किया। फॉर एग्जांपल, अगर पहला ब्रेक
  332. 12:33आउट 10:00 आया और रीटेस्ट एंट्री 10:40 पर
  333. 12:36मिली, तो बीच का गैप 40 मिनट्स था। वहीं
  334. 12:38एंट्री अगर 11:20 पर थी, तो गैप 80 मिनट्स
  335. 12:41था। यहां टाइम मार्केट ओपन होने से नहीं,
  336. 12:43पहले ब्रेकआउट से काउंट हो रहा है और
  337. 12:45सेकंड ब्रेकआउट पर हमारी एंट्री आने तक
  338. 12:47मेजर किया जा रहा है। हमने छोटी रेंज वाले
  339. 12:49इन 857 ट्रेड्स को दो ग्रुप्स में डिवाइड
  340. 12:51किया। रीटेस्ट एंट्री पहले ब्रेकआउट से 60
  341. 12:53मिनट्स के अंदर मिली या उसमें 60 मिनट्स
  342. 12:55से ज्यादा लगा। पहले ब्रेकआउट के 60
  343. 12:57मिनट्स के अंदर एंट्री लेने पर 713
  344. 13:00ट्रेड्स से अप्रोक्सिमेटली 6,487
  345. 13:03पॉइंट्स बने। उसके बाद की 144 एंट्रीज का
  346. 13:05कंबाइंड रिजल्ट 196 पॉइंट्स नेगेटिव था।
  347. 13:08तो 30 मिनट रीटेस्ट के लिए हमारी कंडीशंस
  348. 13:10हैं ओपनिंग रेंज 0.5% या उससे छोटी हो और
  349. 13:13रीटेस्ट एंट्री पहले ब्रेकआउट के 60
  350. 13:15मिनट्स के अंदर मिले। दोनों फिल्टर्स के
  351. 13:17बाद ट्रेड्स 1,381
  352. 13:19से घटकर 713 रह गए। टोटल पॉइंट 7,336 से
  353. 13:236,487
  354. 13:25पॉइंट्स हुए। यानी लगभग आधे ट्रेड्स लेकर
  355. 13:27ओरिजिनल टोटल के करीब 88 पॉइंट्स रिटेन
  356. 13:29हुए। अब 5 मिनट रिवर्सल में एंट्री
  357. 13:31टाइमिंग का इफेक्ट देखते हैं। हमने
  358. 13:33ट्रेड्स को दो ग्रुप्स में डिवाइड किया
  359. 13:3512:00 से पहले और 12:00 या उसके बाद। यहां
  360. 13:38टाइम रिवर्सल एंट्री का है, इनिशियल
  361. 13:40ब्रेकआउट का नहीं। 12:00 से पहले की
  362. 13:41एंट्रीज ने अप्रोक्सिमेटली 5,424 पॉइंट्स
  363. 13:44जनरेट किए। लेकिन लेटर एंट्रीज ने
  364. 13:46अप्रोक्सिमेटली 1,355 पॉइंट्स का लॉस
  365. 13:49किया। दोनों ग्रुप्स का विन रेट लगभग 44%
  366. 13:51था। यानी डिफरेंस ज्यादा बार सही होने से
  367. 13:53नहीं, विनिंग ट्रेड्स में बने पॉइंट्स और
  368. 13:55लूजिंग ट्रेड्स में गए पॉइंट्स से आया।
  369. 13:57इसलिए 5 मिनट रिवर्सल के लिए हम सिर्फ
  370. 13:5912:00 से पहले वाली एंट्री सेलेक्ट
  371. 14:00करेंगे। इस फिल्टर ने ट्रेड्स 883 से घटकर
  372. 14:03599 रह गए। लेकिन टोटल पॉइंट्स 4,069 से
  373. 14:07बढ़कर 5,424
  374. 14:09पॉइंट्स हो गए। तो ब्रेकआउट और रीटेस्ट
  375. 14:11में कम ट्रेड्स लेकर हमने ओरिजिनल पॉइंट्स
  376. 14:13का एक बड़ा हिस्सा रिटेन किया। में 284
  377. 14:16ट्रेड्स कम लेने के बावजूद टोटल पॉइंट्स
  378. 14:19अप्रोक्सिमेटली 1355 बढ़ गए। अब तीनों
  379. 14:22फिल्टर्ड सेटअप्स को एक साथ देखते हैं। 60
  380. 14:24मिनट ब्रेकआउट ने 648 ट्रेड्स में
  381. 14:26अप्रोक्सिमेटली 7021 पॉइंट्स जेनरेट किए।
  382. 14:29तीनों में सबसे ज्यादा। 30 मिनट रीटेस्ट
  383. 14:32में 713 ट्रेड्स से 6487
  384. 14:35पॉइंट्स और 5 मिनट रिवर्सल में 599
  385. 14:38ट्रेड्स से 5424
  386. 14:40पॉइंट्स बने। इस सिलेक्टेड सेटअप्स के लिए
  387. 14:41कंडीशंस अलग निकली। 60 मिनट ब्रेकआउट में
  388. 14:440.5% से बड़ी रेंज और नून से पहले एंट्री।
  389. 14:4730 मिनट रीटेस्ट में 0.5% या उससे छोटी
  390. 14:50रेंज और पहले ब्रेकआउट के 60 मिनट्स के
  391. 14:52अंदर एंट्री और 5 मिनट रिवर्सल में नून से
  392. 14:54पहले एंट्री। तो अब एक बार अपने ट्रेडिंग
  393. 14:56ग्रुप में वापस चलते हैं। उसी पहले मैसेज
  394. 14:58पर किसी का रिप्लाई आता है बाइंग कॉल्स।
  395. 15:01ब्रो स्ट्रैडल बाय कर या फिर मैंने तो
  396. 15:03स्प्रेड लिया है। और अब ग्रुप में एक नई
  397. 15:05डिस्कशन शुरू हो गई। एंट्री कब लेनी है इस
  398. 15:07पर सब अग्री भी कर लें तो भी ट्रेड्स
  399. 15:09अलग-अलग हो सकते हैं। निफ्टी का मूव सबके
  400. 15:12लिए सेम होगा लेकिन क्या सबके रिजल्ट्स भी
  401. 15:14सेम होंगे? अब तक हमने निफ्टी का बिहेवियर
  402. 15:16स्टडी किया और रिजल्ट स्पॉट पॉइंट्स में
  403. 15:18कंपेयर किए। हर सेटअप के लिए कौन सा ऑप्शन
  404. 15:20स्ट्रक्चर बेटर परफॉर्म करता है यही हम
  405. 15:22नेक्स्ट वीडियो में एक्सप्लोर करेंगे। तो
  406. 15:24आपको क्या लगता है कमेंट्स में बताइए और
  407. 15:25पार्ट टू के लिए ट्रेडिंग विद ग्रो को
  408. 15:27सब्सक्राइब कीजिए।

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