Are You Entering NIFTY Breakouts Too Early? | ORB Backtested Over 6 Years — Transcript
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- 0:00इमेजिन कीजिए एक ही घंटे में आपके
- 0:01ट्रेडिंग ग्रुप में तीन मैसेजेस आते हैं।
- 0:03पहला, निफ्टी में ब्रेकआउट आ गया, लॉन्ग
- 0:05ले लिया। फिर कुछ मिनट के बाद दूसरा मैसेज
- 0:07आता है। फॉल्स ब्रेकआउट था, अच्छा हुआ,
- 0:09वेट किया। और फिर तीसरा, वापस ऊपर जा रहा
- 0:12है, रीटेस्ट पर एंट्री ले ली। आप भी पूरे
- 0:14टाइम वही चार्ट देख रहे थे। लेकिन अब सोच
- 0:17रहे हैं कि क्या पहले ट्रेडर ने जल्दी
- 0:18एंट्री ले ली? क्या दूसरे ट्रेडर ने एक
- 0:20खराब ट्रेड अवॉइड कर लिया? या तीसरे
- 0:22ट्रेडर को बेटर एंट्री मिली? हर कुछ देर
- 0:25में कोई अलग ट्रेडर सही लग रहा है। लेकिन
- 0:27अगर रोज एक ही अप्रोच फॉलो करनी हो तो
- 0:29किसकी अप्रोच काम आएगी? जो ब्रेकआउट सुबह
- 0:3110:00 कन्विंसिंग लग रहा था, वही 10:15 पर
- 0:34ट्रैप लग सकता है। और 10:30 तक लग सकता है
- 0:37कि ट्रेड ले लेना चाहिए था। एक ही सुबह
- 0:39में सबको अपनी अप्रोच सही लगने की वजह मिल
- 0:41सकती है। इसलिए हमने यह डिस्कशन WhatsApp
- 0:44ग्रुप से निकाल कर निफ्टी के एक्चुअल डेटा
- 0:46पर टेस्ट किया। अराउंड 1,600 ट्रेडिंग
- 0:48सेशंस पर।
- 0:52[संगीत]
- 0:54आई एम ज़ैनब ज़ैदी और हम इस सीरीज़ में
- 0:56पॉपुलर ट्रेडिंग आइडियाज़ और मार्केट
- 0:58बिलीफ़्स को इंडियन मार्केट के पास डेटा
- 1:00पर टेस्ट करते हैं और देखते हैं कि कौन से
- 1:02आइडियाज़ डेटा में भी सही साबित होते हैं।
- 1:04अगर आपने कभी इंट्राडे ट्रेडिंग एक्सप्लोर
- 1:06करी होगी तो एक स्ट्रेटेजी आपने ज़रूर
- 1:08सुनी होगी ओपनिंग रेंज ब्रेकआउट। यानी
- 1:10ओआरबी। ये उन पॉपुलर स्ट्रेटेजीज़ में से
- 1:12है जिसके बारे में बिगिनर्स को ट्रेडिंग
- 1:14सीखते वक्त काफ़ी सुनने को मिलता है।
- 1:16लेकिन सवाल यह है क्या मार्केट के ओपनिंग
- 1:18रेंज का ब्रेकआउट ट्रेड करना एक्चुअली
- 1:20प्रॉफिटेबल है? और अगर है तो कौन सी
- 1:22ओपनिंग रेंज और एंट्री मेथड सबसे बेटर काम
- 1:24करती है? आज हम इसी स्ट्रेटेजी को डिटेल
- 1:26में समझेंगे और निफ्टी के 1,600 ट्रेडिंग
- 1:29सेशंस में टेस्ट करेंगे और देखेंगे कि
- 1:31हिस्टोरिकली कैसा परफॉर्म किया। तो सबसे
- 1:34पहले समझते हैं कि ओपनिंग रेंज ब्रेकआउट
- 1:35एक्चुअली कैसे काम करता है। जब मार्केट
- 1:37सुबह 9:15 पर ओपन होता है तो यूजुअली
- 1:40काफ़ी एक्टिविटी होती है। बायर्स और
- 1:41सेलर्स ओवरनाइट डेवलपमेंट्स पर रिएक्ट कर
- 1:43रहे होते हैं, ऑर्डर्स एग्जीक्यूट हो रहे
- 1:45होते हैं और मार्केट एक डायरेक्शन
- 1:47एस्टेब्लिश करने की कोशिश कर रहा होता है।
- 1:48अब इमीडिएटली ट्रेड लेने के बजाय ओआरबी
- 1:51स्ट्रेटेजी में हम वेट करते हैं कि
- 1:52मार्केट पहले एक प्राइस रेंज फॉर्म करें।
- 1:54फॉर एग्जांपल, मान लीजिए हम ट्रेडिंग सेशन
- 1:56के पहले 15 मिनट्स में निफ्टी ने 22,500
- 1:59का और 22,400 का लो बनाया। ये दो लेवल्स
- 2:03हमारी ओपनिंग रेंज बन जाते हैं। अब अगर
- 2:05निफ्टी 22,500 के ऊपर ब्रेकआउट करके क्लोज
- 2:08करता है तो हमें एक बुलिश सिग्नल मिलता है
- 2:10और अगर 22,400 के नीचे क्लोज करता है तो
- 2:12एक बेयरिश सिग्नल। इस स्ट्रेटजी के पीछे
- 2:14लॉजिक काफी सिंपल है। अगर मार्केट ओपनिंग
- 2:16मिनट्स में बनी हुई रेंज को ब्रेकआउट करता
- 2:18है तो पॉसिबल है कि वो उसी डायरेक्शन में
- 2:20आगे मूव करे। सुनने में काफी सिंपल लगता
- 2:23है लेकिन यहां एक प्रॉब्लम है। हम कितनी
- 2:25देर वेट करते हैं उसके हिसाब से ओपनिंग
- 2:27रेंज भी बदल जाती है। फॉर एग्जांपल अगर हम
- 2:295 मिनट ओपनिंग रेंज यूज कर रहे हैं तो
- 2:319:25 पे आने वाला ब्रेकआउट एक अच्छा
- 2:33ट्रेडिंग अपॉर्चੁनिटी लग सकता है। लेकिन
- 2:35कोई ट्रेडर अगर 1 आवर का ओपनिंग रेंज यूज
- 2:37कर रहा है तो उसके लिए वही मूव ब्रेकआउट
- 2:39भी नहीं होगा और यहीं पर एक इंटरेस्टिंग
- 2:41ट्रेड ऑफ आता है। अगर हम एक शॉर्टर ओपनिंग
- 2:43रेंज यूज करते हैं तो ट्रेड्स में जल्दी
- 2:45एंट्री मिल सकती है और मार्केट के मूव का
- 2:47एक बड़ा हिस्सा कैप्चर करने का चांस होता
- 2:49है। लेकिन फॉल्स ब्रेकआउट भी ज्यादा मिल
- 2:50सकते हैं। वहीं अगर हम लोंगर ओपनिंग रेंज
- 2:53का वेट करते हैं तो मार्केट की डायरेक्शन
- 2:55समझने के लिए ज्यादा इनफॉरमेशन मिलती है।
- 2:57लेकिन तब तक मूव का एक बड़ा हिस्सा मिस हो
- 2:59सकता है। तो एक्चुअली कौन सा अप्रोच बेटर
- 3:01काम करता है? यही हमने अपने पहले टेस्ट
- 3:03में फाइंड आउट किया। हमने चार ओपनिंग
- 3:05रेंजेस टेस्ट किए 5 मिनट्स, 15 मिनट्स, 30
- 3:07मिनट्स एंड 60 मिनट्स। सभी पर सेम
- 3:09ब्रेकआउट एंट्री और एग्जिट रूल्स अप्लाई
- 3:11किए ताकि हम कंपेयर कर सकें कि
- 3:13हिस्टोरिकली किस ओपनिंग रेंज ने बेटर
- 3:15परफॉर्मेंस दी। अब रिजल्ट्स देखने से पहले
- 3:17क्विकली समझ लेते हैं कि हमने बैक टेस्ट
- 3:19कैसे किया। जनवरी 2020 से सितंबर 2026 तक
- 3:22के निफ्टी के 1,668
- 3:24ट्रेडिंग सेशंस का डेटा लिया। हर दिन
- 3:26मार्केट ओपन होने के बाद पहले 5, 15, 30
- 3:28और 60 मिनट्स का हाई और लो मार्क किया। जब
- 3:31निफ्टी की 1 मिनट कैंडल ओपनिंग रेंज के
- 3:33हाई के ऊपर क्लोज करती है तो हम एक बुलिश
- 3:35ट्रेड लेते हैं और जब लो के नीचे क्लोज
- 3:37करती है तो एक बेयरिश ट्रेड। स्टॉप लॉस के
- 3:38लिए हमने ओपनिंग रेंज की अपोजिट बाउंड्री
- 3:40यूज की। यानी बुलिश ट्रेड में रेंज का लो
- 3:42और बेयरिश ट्रेड में रेंज का हाई। स्टॉप
- 3:44लॉस तब ट्रिगर होता है जब 1 मिनट कैंडल उस
- 3:47लेवल के बियोंड क्लोज करती है और अगर
- 3:48स्टॉप लॉस नहीं हिट हुआ तो ट्रेड को 3:29
- 3:51PM पर क्लोज किया। एक दिन में मैक्सिमम एक
- 3:53ब्रेकआउट ट्रेड लिया। तो अब देखते हैं
- 3:54रिजल्ट्स। 5 मिनट ओपनिंग रेंज ने 1,664
- 3:58ट्रेड्स दिए लेकिन टोटल रिजल्ट
- 3:59अप्रोक्सिमेटली 742 पॉइंट्स नेगेटिव था।
- 4:0215 मिनट रेंज पर रिजल्ट इम्प्रूव हुए।
- 4:05यहां एप्रोक्सीमेटली 3290 पॉइंट्स बने। 30
- 4:08मिनट्स रेंज ने और बेटर परफॉर्म किया।
- 4:10एप्रोक्सीमेटली 6739
- 4:12पॉइंट्स बने एंड विन रेट करीब 49% था।
- 4:15लेकिन 60 मिनट्स ओपनिंग रेंज सबसे आगे थी।
- 4:17इसने 1579
- 4:19ट्रेड्स में एप्रोक्सीमेटली 8346
- 4:22पॉइंट्स जेनरेट किए। इसका विन रेट भी सबसे
- 4:24ज्यादा था करीब 51% और प्रॉफिट फैक्टर
- 4:271.16 था। प्रॉफिट फैक्टर विनिंग ट्रेड्स
- 4:29के टोटल गेंस को लूजिंग ट्रेड्स के टोटल
- 4:31लॉसेस से कंपेयर करता है। यहां हर 1 पॉइंट
- 4:34के लॉस के अगेंस्ट विनिंग ट्रेड से 1.16
- 4:36पॉइंट्स आए ट्रेडिंग कॉस्ट डिडक्ट करने से
- 4:38पहले। तो हमने जो चार ओपनिंग रेंजेस टेस्ट
- 4:40किए उसमें ड्यूरेशन बढ़ाने के साथ टोटल
- 4:43पॉइंट्स और विन रेट दोनों इम्प्रूव हुए।
- 4:44लेकिन आपने नोटिस किया होगा कि ब्रेकआउट्स
- 4:46हमेशा सस्टेन नहीं होते। हमारे रिजल्ट्स
- 4:49में भी बेस्ट परफॉर्मिंग ओपनिंग रेंज का
- 4:50विन रेट एप्रोक्सीमेटली 51% था। तो क्या
- 4:53हो अगर हम पहले ब्रेकआउट पर ट्रेड करने के
- 4:55बजाय वेट करें कि उसके बाद प्राइस क्या
- 4:57करता है। अगर प्राइस ओपनिंग रेंज के अंदर
- 4:59वापस आता है तो दो पॉसिबिलिटीज हैं जिन पर
- 5:01हम स्ट्रेटजीज बना सकते हैं। पहली है
- 5:03रीटेस्ट। वही एग्जांपल लेते हैं। हमारी
- 5:05ओपनिंग रेंज का हाई 22,500 और लो 22,400।
- 5:09मान लीजिए प्राइस पहले 22,500 के ऊपर
- 5:12ब्रेकआउट करता है। हम इस फर्स्ट ब्रेकआउट
- 5:14पर ट्रेड नहीं लेंगे। हम वेट करेंगे कि एक
- 5:161 मिनट कैंडल वापस 22,400 से 22,500 के
- 5:20बीच क्लोज करें। उसके बाद अगर कोई 1 मिनट
- 5:23कैंडल दोबारा 22,500 के ऊपर क्लोज करती है
- 5:26तो हम एक बुलिश रीटेस्ट ट्रेड लेंगे। इस
- 5:28ट्रेड का स्टॉप लॉस ओपनिंग रेंज का लो
- 5:30यानी 22,400 होगा। कोई प्रॉफिट टारगेट
- 5:33नहीं रखेंगे। अगर स्टॉप लॉस ट्रिगर नहीं
- 5:35हुआ तो ट्रेड को 3:29 PM पर क्लोज कर
- 5:37देंगे। दूसरी पॉसिबिलिटी है रिवर्सल। अब
- 5:39इसी ओपनिंग रेंज में एक अलग सिनेरियो
- 5:42देखते हैं। प्राइस पहले 22,500 के ऊपर
- 5:44ब्रेकआउट करता है लेकिन फिर वापस रेंज के
- 5:46अंदर आ जाता है। इस बार दोबारा ऊपर जाने
- 5:49के बजाय प्राइस नीचे मूव करता है और जब एक
- 5:511 मिनट कैंडल 22,400 के नीचे क्लोज करती
- 5:55है तो हम एक बेयरिश रिवर्सल ट्रेड लेंगे।
- 5:57इस ट्रेड का स्टॉप लॉस है रेंज का हाई
- 5:59यानी 22,500। यहां भी कोई टारगेट नहीं
- 6:01होगा और स्टॉप लॉस ट्रिगर नहीं हुआ तो
- 6:033:29 PM पर ट्रेड क्लोज कर देंगे। सबसे
- 6:06पहले रीटेस्ट के रिजल्ट देखते हैं। याद है
- 6:08हमारे ट्रेडिंग ग्रुप का वो ट्रेडर जिसने
- 6:10रीटेस्ट का वेट किया था। 5 मिनट ओपनिंग
- 6:12रेंज में उस वेट से रिजल्ट्स में काफी
- 6:14डिफरेंस आया। पहले ब्रेकआउट पर ट्रेड लेने
- 6:16से अप्प्रोक्सिमेटली 742 पॉइंट्स का लॉस
- 6:19हुआ था। प्राइस की रेंज में वापस आने के
- 6:21बाद दोबारा ब्रेकआउट देने पर ही लगभग 6101
- 6:24पॉइंट्स बने। ओपनिंग रेंज वही थी, बदला
- 6:27सिर्फ एंट्री लेने का रूल। रीटेस्ट के
- 6:28चारों वर्जन्स में टोटल स्पॉट पॉइंट्स
- 6:30पॉजिटिव थे। 30 मिनट रेंज ने सबसे ज्यादा
- 6:33पॉइंट्स जेनरेट किए। 1381
- 6:35ट्रेड्स में अप्प्रोक्सिमेटली 7336
- 6:38पॉइंट्स। 60 मिनट रीटेस्ट का विन रेट सबसे
- 6:40ज्यादा था लेकिन टोटल पॉइंट्स 30 मिनट
- 6:42वर्जन्स से कम थे। यानी सिर्फ ज्यादा बार
- 6:45प्रॉफिटेबल होने से कोई सेटअप बेस्ट
- 6:46परफॉर्मर नहीं बन जाता। अब देखते हैं कि
- 6:48ओपनिंग रेंज की अपोजिट साइड पर रिवर्सल
- 6:50ट्रेड लेने से क्या रिजल्ट्स मिले।
- 6:52पॉइंट्स देखने से पहले ट्रेड्स की काउंट
- 6:54पर एक बार ध्यान दीजिए। इनिशियल ब्रेकआउट
- 6:56में हर ओपनिंग रेंज पर हमें लगभग 1600
- 6:59ट्रेड्स मिले। रीटेस्ट का वेट करने के बाद
- 7:01भी 1300 से 1400 ट्रेड्स मिले। यानी
- 7:04प्राइस का रेंज के अंदर वापस आना और फिर
- 7:06ओरिजिनल डायरेक्शन में दोबारा ब्रेकआउट
- 7:08देना काफी कॉमन था। लेकिन पूरी रेंज क्रॉस
- 7:11करके अपोजिट साइड पर ब्रेकआउट देना उतना
- 7:13कॉमन नहीं था और यहां ओपनिंग रेंज की
- 7:15ड्यूरेशन से काफी डिफरेंस आया। 5 मिनट
- 7:17रेंज में अप्प्रोक्सिमेटली 53% इनिशियल
- 7:20ब्रेकआउट्स के बाद रिवर्सल सिग्नल मिला।
- 7:2115 मिनट रेंज में यह घटकर 42% हो गया। 30
- 7:25मिनट में 32% और 1 आर रेंज में सिर्फ 22%
- 7:28रह गया। यानी 5 मिनट रेंज में लगभग हर दो
- 7:30में से एक इनिशियल ब्रेकआउट के बाद
- 7:32रिवर्सल मिला। जबकि 1 आर रेंज में हर पांच
- 7:35में से एक बार। तो अपॉर्चुनिटीज कम हो गई।
- 7:37अब देखते हैं टोटल पॉइंट्स पर क्या इफेक्ट
- 7:39पड़ा। 5 मिनट रिवर्सल ने 883 ट्रेड्स में
- 7:42अप्प्रोक्सिमेटली 4069 पॉइंट्स जेनरेट
- 7:44किए। 15 मिनट वर्जन ने ऑलमोस्ट उतने ही
- 7:47अप्प्रोक्सिमेटली 4030 पॉइंट्स। 182 कम
- 7:49ट्रेड्स में बनाए। 30 मिनट रिवर्सल में
- 7:51अप्प्रोक्सिमेटली 2889
- 7:53पॉइंट्स बने। 1 आर वर्जन का टोटल 2955
- 7:57पॉइंट्स था और इसका विन रेट रिवर्सल सेटअप
- 7:59में सबसे ज्यादा था। करीब 52% लेकिन 1 आर
- 8:02वर्जन में पूरे टेस्टिंग पीरियड में सिर्फ
- 8:04342 ट्रेड्स मिले। टोटल पॉइंट्स और ट्रेड
- 8:07काउंट दोनों 5 मिनट रिवर्सल सबसे आगे था।
- 8:10अब तक हमने अलग-अलग ओपनिंग रेंजेस और
- 8:11ट्रेड लेने के तीन तरीके कंपेयर किए।
- 8:14लेकिन इन बेसिक रूल्स के हिसाब से जितने
- 8:16भी सिग्नल्स मिले हमने सब पर ट्रेड लिया।
- 8:18तो क्या थोड़ा सिलेक्टिव होने से रिजल्ट्स
- 8:20इम्प्रूव हो सकते हैं? यही पर फिल्टर्स का
- 8:22रोल आता है। यानी कुछ एडिशनल कंडीशंस
- 8:24जिसके बेसिस पर हम डिसाइड कर सकें कि कौन
- 8:26सा सिग्नल लेना है और कौन सा स्किप करना
- 8:28है। इनिशियल ब्रेकआउट के लिए हम 60 मिनट्स
- 8:30ओपनिंग रेंज सेलेक्ट करेंगे। इसने
- 8:32अप्प्रोक्सिमेटली 8,346
- 8:35पॉइंट्स जनरेट किए। चारों टाइम फ्रेम्स
- 8:36में सबसे ज्यादा। रीडर्स के लिए 30 मिनट्स
- 8:39रेंज लेंगे। इसने 1,381
- 8:41ट्रेड्स में अप्प्रोक्सिमेटली 7,336
- 8:44पॉइंट्स जनरेट किए। रिवर्सल के लिए हम 5
- 8:46मिनट रेंज सेलेक्ट करेंगे। इसके टोटल
- 8:48पॉइंट्स सबसे ज्यादा थे। अप्प्रोक्सिमेटली
- 8:494,069 और 883 ट्रेड्स के साथ फिल्टर्स
- 8:53टेस्ट करने के लिए सबसे बड़ा सैंपल भी था।
- 8:55आगे के टेस्ट में हमने एक मिनिमम रखा।
- 8:57फिल्टर्स लगाने के बाद भी हर सिलेक्टेड
- 8:59सेटअप में कम से कम 500 ट्रेड्स होने
- 9:02चाहिए। इससे कर्व फिटिंग का रिस्क
- 9:03एलिमिनेट नहीं होता लेकिन बहुत छोटे सैंपल
- 9:06के बेसिस पर किसी सेटअप को सेलेक्ट करने
- 9:08से बच सकते हैं। सबसे पहले 60 मिनट
- 9:10ब्रेकआउट को लेते हैं। कुछ दिन निफ्टी
- 9:11पहले एक घंटे में बहुत कम मूव करता है और
- 9:14कुछ दिन ब्रेकआउट आने से पहले ही काफी
- 9:16बड़ी रेंज कवर कर चुका होता है। तो क्या
- 9:18दोनों सिचुएशंस में मिलने वाला ब्रेकआउट
- 9:20को एक जैसा ट्रीट करना चाहिए? यही से आता
- 9:22है हमारा पहला फिल्टर ओपनिंग रेंज का
- 9:24साइज। वही एग्जांपल लेते हैं। हाई 22,500
- 9:27और लो 22,400 यानी ओपनिंग रेंज 100
- 9:30पॉइंट्स की है। मान लीजिए निफ्टी 22,450
- 9:33पर ओपन हुआ तो 100 पॉइंट्स को ओपनिंग
- 9:35प्राइस से डिवाइड करके 100 से मल्टीप्लाई
- 9:37करने पर रेंज का साइज अप्प्रोक्सिमेटली
- 9:390.45% आता है। इसी तरह हमने हर दिन की
- 9:42ओपनिंग रेंज को परसेंटेज में मेजर किया और
- 9:44दो ग्रुप्स बनाए। 0.5% या उससे कम और 0.5%
- 9:48से ज्यादा। अब देखते हैं कि इन दोनों के
- 9:50बाद आने वाले ब्रेकआउट ने कैसे परफॉर्म
- 9:52किया। 0.5% या उससे छोटी रेंजेस में आने
- 9:54वाले ब्रेकआउट ने 731 ट्रेड्स में
- 9:57अप्प्रोक्सिमेटली 892 पॉइंट्स जनरेट किए।
- 9:59वहीं 0.5% से बड़ी रेंजेस ने 848 ट्रेड्स
- 10:03में अप्प्रोक्सिमेटली 7,454
- 10:05पॉइंट्स जनरेट किए। यानी लगभग 54% ट्रेड्स
- 10:08बड़ी रेंज वाले ग्रुप में थे लेकिन टोटल
- 10:11पॉइंट्स का करीब 89% इसी ग्रुप से आया।
- 10:13इसलिए आगे हम 0.5% से बड़ी ओपनिंग रेंज
- 10:16वाले ब्रेकआउट्स पर फोकस करेंगे। रेंज का
- 10:18साइज हमें बताता है कि पहले एक घंटे में
- 10:20कितना मूवमेंट हुआ। एक और चीज है जो हर
- 10:23सिग्नल में अलग हो सकती है। ब्रेकआउट आया
- 10:25कब? वन आवर ओपनिंग रेंज 10:15 AM पर
- 10:27कंप्लीट हो जाती है। प्राइस उसके बाद कुछ
- 10:29मिनट्स के बाद ब्रेकआउट दे सकता है या फिर
- 10:31कई घंटे रेंज के अंदर रह सकता है और
- 10:33क्योंकि हम हर बचा हुआ ट्रेड 3:29 PM पर
- 10:36क्लोज कर देते हैं तो जल्दी आने वाले
- 10:38ब्रेकआउट को आगे मूव करने में ज्यादा वक्त
- 10:40मिलता है। लेकिन क्या इसका फायदा रिजल्ट्स
- 10:42में भी दिखा? इसको चेक करने के लिए हमने
- 10:440.5% से बड़ी रेंज वाले 848 ट्रेड्स को दो
- 10:48ग्रुप्स में डिवाइड किया। एंट्रीज 12 ओ
- 10:50क्लॉक से पहले और एंट्रीज 12 ओ क्लॉक के
- 10:52बाद। 12:00 से पहले की 648 एंट्रीज ने
- 10:55अप्प्रोक्सिमेटली 7021 पॉइंट्स जनरेट किए।
- 10:57वहीं 12:00 या उसके बाद की 200 एंट्रीज से
- 11:00433 पॉइंट्स जनरेट हुए। तो 60 मिनट
- 11:03ब्रेकआउट के लिए हमारी कंडीशंस हैं कि
- 11:05ओपनिंग रेंज निफ्टी के ओपनिंग प्राइस के
- 11:070.5% से बड़ी हो और एंट्री 12:00 से पहले
- 11:10मिले। दोनों फिल्टर्स के बाद ट्रेड्स 1579
- 11:13से घटकर 648 रह गए। टोटल पॉइंट्स 8346
- 11:18से घटकर 7021 हुए। यानी आधे से भी कम
- 11:21ट्रेड्स लेकर ओरिजिनल टोटल के
- 11:23अप्प्रोक्सिमेटली 84%। अब 30 मिनट रीटेस्ट
- 11:26को देखते हैं। इनिशियल ब्रेकआउट में बड़ी
- 11:27ओपनिंग रेंज ने बेटर परफॉर्म किया। लेकिन
- 11:30जब हम प्राइस के रीटेस्ट का वेट करते हैं
- 11:32तो क्या तब भी बड़ी रेंज बेटर होती है?
- 11:34हमने वही कंपैरिजन किया। निफ्टी के ओपनिंग
- 11:36प्राइस के हिसाब से 0.5% या उससे छोटी
- 11:39ओपनिंग रेंजेस और 0.5% से बड़ी रेंजेस। 30
- 11:43मिनट रीटेस्ट में छोटी रेंजेस से ज्यादा
- 11:45टोटल पॉइंट्स आए। 0.5% या उससे छोटी
- 11:47रेंजेस ने 857 ट्रेड्स में
- 11:49अप्प्रोक्सिमेटली 6291
- 11:52पॉइंट्स जनरेट किए। वहीं 0.5% से बड़ी
- 11:55रेंजेस ने 524 ट्रेड्स में
- 11:57अप्प्रोक्सिमेटली 1045 पॉइंट्स जनरेट किए।
- 12:00यानी छोटी रेंज वाले ग्रुप में लगभग 62%
- 12:03ट्रेड्स थे लेकिन टोटल पॉइंट्स का करीब
- 12:0586% इसी से आया। इसलिए इस सेटअप में आगे
- 12:08हम 0.5% या उससे छोटी ओपनिंग रेंजेस पर
- 12:11फोकस करेंगे। अब हमने देखा कि रीटेस्ट आने
- 12:13में कितना वक्त लगा। कभी प्राइस ब्रेकआउट
- 12:15देता है, रेंज के अंदर वापस आता है और कुछ
- 12:18ही देर में दोबारा ब्रेकआउट दे देता है।
- 12:19लेकिन कुछ दिन उस सेकंड सिग्नल के लिए कई
- 12:22घंटे वेट करना पड़ता है। तो क्या ज्यादा
- 12:23वेट करने से कोई बेटर एंट्री मिली या
- 12:25जल्दी आने वाले रीटेस्ट ने बेटर परफॉर्म
- 12:27किया? इसको चेक करने के लिए हमने इनिशियल
- 12:29ब्रेकआउट से रीटेस्ट एंट्री तक का टाइम
- 12:31मेजर किया। फॉर एग्जांपल, अगर पहला ब्रेक
- 12:33आउट 10:00 आया और रीटेस्ट एंट्री 10:40 पर
- 12:36मिली, तो बीच का गैप 40 मिनट्स था। वहीं
- 12:38एंट्री अगर 11:20 पर थी, तो गैप 80 मिनट्स
- 12:41था। यहां टाइम मार्केट ओपन होने से नहीं,
- 12:43पहले ब्रेकआउट से काउंट हो रहा है और
- 12:45सेकंड ब्रेकआउट पर हमारी एंट्री आने तक
- 12:47मेजर किया जा रहा है। हमने छोटी रेंज वाले
- 12:49इन 857 ट्रेड्स को दो ग्रुप्स में डिवाइड
- 12:51किया। रीटेस्ट एंट्री पहले ब्रेकआउट से 60
- 12:53मिनट्स के अंदर मिली या उसमें 60 मिनट्स
- 12:55से ज्यादा लगा। पहले ब्रेकआउट के 60
- 12:57मिनट्स के अंदर एंट्री लेने पर 713
- 13:00ट्रेड्स से अप्रोक्सिमेटली 6,487
- 13:03पॉइंट्स बने। उसके बाद की 144 एंट्रीज का
- 13:05कंबाइंड रिजल्ट 196 पॉइंट्स नेगेटिव था।
- 13:08तो 30 मिनट रीटेस्ट के लिए हमारी कंडीशंस
- 13:10हैं ओपनिंग रेंज 0.5% या उससे छोटी हो और
- 13:13रीटेस्ट एंट्री पहले ब्रेकआउट के 60
- 13:15मिनट्स के अंदर मिले। दोनों फिल्टर्स के
- 13:17बाद ट्रेड्स 1,381
- 13:19से घटकर 713 रह गए। टोटल पॉइंट 7,336 से
- 13:236,487
- 13:25पॉइंट्स हुए। यानी लगभग आधे ट्रेड्स लेकर
- 13:27ओरिजिनल टोटल के करीब 88 पॉइंट्स रिटेन
- 13:29हुए। अब 5 मिनट रिवर्सल में एंट्री
- 13:31टाइमिंग का इफेक्ट देखते हैं। हमने
- 13:33ट्रेड्स को दो ग्रुप्स में डिवाइड किया
- 13:3512:00 से पहले और 12:00 या उसके बाद। यहां
- 13:38टाइम रिवर्सल एंट्री का है, इनिशियल
- 13:40ब्रेकआउट का नहीं। 12:00 से पहले की
- 13:41एंट्रीज ने अप्रोक्सिमेटली 5,424 पॉइंट्स
- 13:44जनरेट किए। लेकिन लेटर एंट्रीज ने
- 13:46अप्रोक्सिमेटली 1,355 पॉइंट्स का लॉस
- 13:49किया। दोनों ग्रुप्स का विन रेट लगभग 44%
- 13:51था। यानी डिफरेंस ज्यादा बार सही होने से
- 13:53नहीं, विनिंग ट्रेड्स में बने पॉइंट्स और
- 13:55लूजिंग ट्रेड्स में गए पॉइंट्स से आया।
- 13:57इसलिए 5 मिनट रिवर्सल के लिए हम सिर्फ
- 13:5912:00 से पहले वाली एंट्री सेलेक्ट
- 14:00करेंगे। इस फिल्टर ने ट्रेड्स 883 से घटकर
- 14:03599 रह गए। लेकिन टोटल पॉइंट्स 4,069 से
- 14:07बढ़कर 5,424
- 14:09पॉइंट्स हो गए। तो ब्रेकआउट और रीटेस्ट
- 14:11में कम ट्रेड्स लेकर हमने ओरिजिनल पॉइंट्स
- 14:13का एक बड़ा हिस्सा रिटेन किया। में 284
- 14:16ट्रेड्स कम लेने के बावजूद टोटल पॉइंट्स
- 14:19अप्रोक्सिमेटली 1355 बढ़ गए। अब तीनों
- 14:22फिल्टर्ड सेटअप्स को एक साथ देखते हैं। 60
- 14:24मिनट ब्रेकआउट ने 648 ट्रेड्स में
- 14:26अप्रोक्सिमेटली 7021 पॉइंट्स जेनरेट किए।
- 14:29तीनों में सबसे ज्यादा। 30 मिनट रीटेस्ट
- 14:32में 713 ट्रेड्स से 6487
- 14:35पॉइंट्स और 5 मिनट रिवर्सल में 599
- 14:38ट्रेड्स से 5424
- 14:40पॉइंट्स बने। इस सिलेक्टेड सेटअप्स के लिए
- 14:41कंडीशंस अलग निकली। 60 मिनट ब्रेकआउट में
- 14:440.5% से बड़ी रेंज और नून से पहले एंट्री।
- 14:4730 मिनट रीटेस्ट में 0.5% या उससे छोटी
- 14:50रेंज और पहले ब्रेकआउट के 60 मिनट्स के
- 14:52अंदर एंट्री और 5 मिनट रिवर्सल में नून से
- 14:54पहले एंट्री। तो अब एक बार अपने ट्रेडिंग
- 14:56ग्रुप में वापस चलते हैं। उसी पहले मैसेज
- 14:58पर किसी का रिप्लाई आता है बाइंग कॉल्स।
- 15:01ब्रो स्ट्रैडल बाय कर या फिर मैंने तो
- 15:03स्प्रेड लिया है। और अब ग्रुप में एक नई
- 15:05डिस्कशन शुरू हो गई। एंट्री कब लेनी है इस
- 15:07पर सब अग्री भी कर लें तो भी ट्रेड्स
- 15:09अलग-अलग हो सकते हैं। निफ्टी का मूव सबके
- 15:12लिए सेम होगा लेकिन क्या सबके रिजल्ट्स भी
- 15:14सेम होंगे? अब तक हमने निफ्टी का बिहेवियर
- 15:16स्टडी किया और रिजल्ट स्पॉट पॉइंट्स में
- 15:18कंपेयर किए। हर सेटअप के लिए कौन सा ऑप्शन
- 15:20स्ट्रक्चर बेटर परफॉर्म करता है यही हम
- 15:22नेक्स्ट वीडियो में एक्सप्लोर करेंगे। तो
- 15:24आपको क्या लगता है कमेंट्स में बताइए और
- 15:25पार्ट टू के लिए ट्रेडिंग विद ग्रो को
- 15:27सब्सक्राइब कीजिए।
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This page contains the full transcript of Are You Entering NIFTY Breakouts Too Early? | ORB Backtested Over 6 Years by Trading with Groww, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 3,002 words across 408 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.
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