Amines Class 12 One Shot | CBSE 12th Chemistry Full Chapter 9 Revision | Tapur Ma'am — Transcript
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- 0:00हेलो एवरीबडी एंड वेलकम टू नेक्स्ट
- 0:02टॉपर्स। माय नेम इज तापुर उमर। योर
- 0:04केमिस्ट्री एजुकेटर, योर मिस एक्सेप्शन।
- 0:06एंड मैं आ चुकी हूं एक नए चैप्टर के वन
- 0:08शॉट के साथ व्हिच इज अमींस। अमींस का आज
- 0:11हम करेंगे वन शॉट पूरी तरीके से कवर। एंड
- 0:14वन शॉट का मतलब ये बिल्कुल भी नहीं होगा
- 0:15कि हम कोई टॉपिक छोड़ेंगे। हम पूरा ए टू
- 0:18जेड जितने भी इस चैप्टर में टॉपिक्स हैं
- 0:20वो सब पूरे कवर करने वाले हैं। तो प्लीज
- 0:22कॉपी और पेन लेके बैठना। ठीक है? और नोट्स
- 0:24साथ में बनाते हुए चलना। चलो। ये चैप्टर
- 0:26हमारे बोर्ड्स में पूछा जाता है टोटल
- 0:28सिक्स मार्क्स का और ये एक ऑर्गेनिक
- 0:31केमिस्ट्री का यू कैन से काफी अलर्ट दैट
- 0:35इजी बट हां बाकी चैप्टर्स से काफी आसान
- 0:38होने वाला है क्योंकि इसके दो रीज़न है।
- 0:40पहला रीज़न आप अभी तक तीन चैप्टर से
- 0:42ऑर्गेनिक पढ़ते हुए आए हो। तो आप बहुत सारी
- 0:44रिएक्शंस ऐसी देखोगे जो आपने ऑलरेडी थोड़ी
- 0:46बहुत जान चुके हो। ठीक है? दूसरी चीज यहां
- 0:49पे बहुत ज्यादा लें्थी टॉपिक्स नहीं है।
- 0:51मतलब टॉपिक्स ऐसा नहीं है कि बहुत लें्थी
- 0:53चैप्टर है। एज सच ए बहुत लेंदी नहीं है।
- 0:55बाकी ऑर्गेनिक केमिस्ट्री के चैप्टर्स की
- 0:57तरह। ठीक है? तो लेट्स गेट स्टार्टेड विद
- 0:58अमीनस। चलो। सबसे पहले अमीनस और डायजोनियम
- 1:02सॉल्ट। इसमें हम दोनों चीजें पढ़ते हैं। तो
- 1:03सबसे पहले हम अमीस को कवर करेंगे। फिर हम
- 1:06डायजोनियम सॉल्ट को कवर करेंगे। अब अमीस
- 1:08होता क्या है? अगर आप नाम से सोचो तो ये
- 1:10कुछ अमीन अमोनिया। एक मीन सा ग्रुप है ना?
- 1:13अमीन कैसा ग्रुप है? मीन सा ग्रुप है।
- 1:15नहीं। ये अमोनिया डेरिवेटिव ग्रुप है। अगर
- 1:18हम किसी अमोनिया को देखें, अमोनिया क्या
- 1:20होता है? NH3 अगर मैं NH3 में से एक
- 1:22हाइड्रोजन को बाहर निकाल दूं और उसकी जगह
- 1:24कोई भी अल्काइल ग्रुप अंदर भेज दूं तो जो
- 1:26ग्रुप बन के आता है दैट इज़ अमोनिया।
- 1:28अमोनिया का एक डेरिवेटिव व्हिच इज़ अमीन
- 1:30ग्रुप। ठीक है? तो RNH2 वाले जो ग्रुप्स
- 1:33होते हैं वही कहलाते हैं हमारे अमीन। R
- 1:35NH2 R
- 1:38N चल जा भाई। RN NH2 वाले ग्रुप्स। ठीक
- 1:42है? अब डिपेंड करता है आप कितने हाइड्रोजन
- 1:44हटा के कितने है कितने कार जितने आपके ये
- 1:48अल्काइल ग्रुप्स हैं वो अंदर ला रहे हो
- 1:49मतलब मतलब अगर मैं एक हाइड्रोजन हटा के एक
- 1:52अल्काइल ग्रुप अंदर ले आऊं तो वो हो गया
- 1:54हमारा प्राइमरी अमीन। अगर मैं दो
- 1:56हाइड्रोजन हटा के दो अल्काइल ग्रुप अंदर
- 1:59ले आऊं मतलब मैं बना दूं R2NH
- 2:02तो ये बन गया सेकेंडरी अमीन। और इसी की
- 2:04जगह अगर मैं अमोनिया में से तीनों
- 2:05हाइड्रोजन बाहर निकाल के तीनों अल्काइल
- 2:07ग्रुप ले आऊं तो वो बन जाएगा R3N जो की
- 2:10होगा हमारा टर्शरी अमीनस। तो इस तरीके से
- 2:12हाइड्रोजन को रिप्लेस करते हो आप एक
- 2:14अल्काइल ग्रुप से और आप अमोनिया का
- 2:16डेरिवेटिव यानी कि अमीन को बना लेते हो।
- 2:18ठीक है? तो अमीनस बेसिकली एक डेरिवेटिव है
- 2:20अमोनिया का जो कि बनता है जब हम हाइड्रोजन
- 2:23को रिप्लेस करते हैं उससे। ठीक है?
- 2:25अल्काइल ग्रुप से। नाउ अ वाइडली
- 2:27डिस्ट्रीब्यूटेड होता है ये नेचर में और
- 2:29बहुत अलग-अलग फॉर्म्स में पाया जा रहा
- 2:31होता है। जैसे कि प्रोटीनंस में, विटामिंस
- 2:32में, एल्कनइड्स में, हॉर्मोनस में बहुत
- 2:35अलग-अलग डिफरेंट-डिफरेंट जगह पे
- 2:36डिफरेंट-डिफरेंट तरीके से अपनी प्रॉपर्टी
- 2:38ये दिखा रहा होता है। ठीक है? अब अमीनस को
- 2:41बहुत सारे ऐसे अमीनस भी होते हैं जिनको आज
- 2:43के टाइम पे सिंथेसाइज भी किया जा रहा है।
- 2:45ठीक है? सो दे कैन बी सिंथेसाइज्ड। नाउ
- 2:47इनको एज अ पॉलीमर यूज़ करते हैं। इनको डाइस
- 2:49में यूज़ करते हैं। इनको ड्रग्स में यूज़
- 2:51करते हैं। ड्रग्स एज इफ लाइक मेडिसिंस
- 2:53वगैरह में बहुत सारी ऐसी मेडिसिंस हैं
- 2:54जिसमें अमीनस का यूज़ किया जाता है। जैसे
- 2:56कि एड्रनलीन एंड एपिड्रीन। ये दोनों के
- 2:59दोनों सेकेंडरी अमीनो ग्रुप्स कंटेन करने
- 3:02वाले ग्रुप है और इनको यूज़ करते हैं ब्लड
- 3:04प्रेशर को इनक्रीस करने के लिए। एज अ
- 3:06मेडिसिन यू कैन से दे आर यूज्ड। है ना? तो
- 3:09ब्लड प्रेशर इंक्रीस करने के लिए नोवोकेन
- 3:11नोवकेन एक सिरप टाइप ऑफ होती है। काइंड ऑफ
- 3:13ड्रग होती है। है ना? इसके लिए भी यूज़
- 3:15किया जाता है इसको और इसको सिंथेसाइज किया
- 3:17जाता है लैब्स में ही। लैब्स में ही ये
- 3:18बना दिया जाता है। प्राइमरी और टर्शरी
- 3:20अमीनो ग्रुप इसका यूज़ होता है यहां पे। और
- 3:22इसे एनस्थेटिक की तरह डेंटिस्ट लोग यूज़
- 3:25करते हैं। बेनाड्रिल ये भी एक एक ड्रग का
- 3:28ही नाम है। है ना? और इसमें टर्शरी अमीन
- 3:29होता है। कहां यूज़ होता है? ये भी यूज़
- 3:31होता है एंटीहिस्टेनेमिक ड्रग में। तो
- 3:33बहुत सारे ऐसे चीजें हैं जिसमें हमारा
- 3:35अमोनिया यूज होता है। क्वार्टनरी अमोनियम
- 3:37साल्ट्स बहुत जगह यूज होते हैं। जैसे कि
- 3:39सरफेक्टेंट्स वगैरह में तो बहुत जगह ये
- 3:41अमीनस वाइडली यूज किया जा रहा है और आज के
- 3:44टाइम पे एज़ आई सेड इसको सिंथेसाइज़ भी किया
- 3:46जा सकता है। ठीक है? आप स्क्रीनशॉट लेते
- 3:47चलना साथ में। आगे बढ़ते है। ऑर्गेनिक
- 3:50कंपाउंड्स में जिनमें भी नाइट्रोजन आ रहा
- 3:52है उन्हें हम बोल रहे है कि वो अमोनिया का
- 3:53डेरिवेटिव है या वी कैन से अमीन है। है
- 3:55ना? नाइट्रोजन एक बहुत इंपॉर्टेंट
- 3:57कॉन्स्टिट्यूएंट ग्रुप है जो कि बहुत सारे
- 3:59ऑर्गेनिक केमिस्ट्री की चीजों में यूज हो
- 4:01रहा है। ठीक है? जैसा मैंने आपको बताया
- 4:03प्रोटीनंस, अमीनो एसिड्स बहुत जगह पे इसका
- 4:05यूज किया जाता है। ठीक है? इस तरीके से
- 4:07नाइट्रोजन के बहुत सारे कंपाउंड्स भी यहां
- 4:09पे लगे हुए हैं। है ना? देखो अगर हम बोल
- 4:11रहे हैं अमीन तो वो कहां से आया है?
- 4:13हाइड्रोजन को रिप्लेस किया अल्काइल ग्रुप
- 4:15से। पर ऐसा नहीं है कि अमोनिया का कोई और
- 4:17डेरिवेटिव हो नहीं सकता। है ना? जैसे N
- 4:18ट्रिपल बॉन्ड C बहुत ज्यादा आपने सुना
- 4:20होगा। है ना? C ट्रिपल बॉन्ड, N साइनाइड,
- 4:22है ना? आइसोसाइनाइड, एन ट्रिपल बॉन्ड C
- 4:24बहुत सारे ऐसे अमीनस के ग्रुप हैं जो आज
- 4:26के टाइम पे यूज़ होते हैं। तो एक छोटी सी
- 4:28क्लियर इमेज लगा दी थी यहां पे ताकि आप
- 4:30समझ पाओ कि सिर्फ अमोनिया से अमीन ही नहीं
- 4:32बनता है। बहुत सारे डेरिवेटिव्स और भी बन
- 4:34सकते हैं। खैर अभी हम बात करते हैं कि
- 4:36अमीन का स्ट्रक्चर क्या होगा?
- 4:38हाइब्रिडाइजेशन क्या होगी? ठीक है? अगर आप
- 4:41अमोनिया के स्ट्रक्चर को देखो तो एक
- 4:43नाइट्रोजन से तीन हाइड्रोजन लगे होते हैं
- 4:45और नाइट्रोजन के पास प्रेजेंट होता है एक
- 4:46लोन पेयर ऑफ इलेक्ट्रॉन। है ना? हम चाहे
- 4:49अमीन की क्यों ना बात करें, अमीन में भी
- 4:50सेम कहानी होती है। अमीन में हाइड्रोजन को
- 4:53हटा के दो हाइड्रोजन केवल रह जाएंगे और एक
- 4:55अल्काइल ग्रुप आ जाएगा और अभी भी
- 4:57नाइट्रोजन के पास रहेंगे दो लोन पेयर मतलब
- 4:59एक लोन पेयर ऑफ इलेक्ट्रॉन व्हिच इज़
- 5:01बेसिकली टू इलेक्ट्रॉन्स। ठीक है? अब इससे
- 5:03क्या लेना देना मैम? क्योंकि यहां पे
- 5:05प्रेजेंट है। देखो इसकी हाइब्रिडाइजेशन
- 5:07निकल के आएगी sp3। इट इज़ sp3
- 5:09हाइब्रिडाइज्ड ग्रुप। ठीक है? ये sp3
- 5:11हाइब्रिडाइज्ड ग्रुप है। आपने पढ़ा होगा
- 5:13बसपन की क्लास में। है ना? पिछली क्लास
- 5:15में ही आपने पढ़ा है 11th में। sp3
- 5:17हाइब्रिडाइजेशन है तो इसकी जो ज्योमेट्री
- 5:19होगी जो शेप होगा वो होगा टेट्राहेड्रल है
- 5:21ना टेट्राहेड्रल ज्योमेट्री होगी जब किसी
- 5:24की ज्योमेट्री टेट्राहेड्रल होती है तो
- 5:25उसमें एक बॉन्ड एंगल होता है वो होता है
- 5:27109.5° का तो यहां पे अगर ये टेट्राहेड्रल
- 5:30है sp3 हाइब्रिडाइज्ड है तो इसका भी बॉन्ड
- 5:32एंगल 109.5 आना चाहिए पर इसका बॉन्ड एंगल
- 5:36हल्का सा कम आता है अराउंड अराउंड 108° के
- 5:38आसपास आता है लेकिन ऐसा क्यों हुआ होगा
- 5:40क्योंकि इसके स्ट्रक्चर की वजह से अगर हम
- 5:42इस स्ट्रक्चर को ध्यान से देखें तो इसमें
- 5:44प्रेजेंट है लोन पेयर ऑफ इलेक्ट्रॉन्स है
- 5:47ना? इसमें लोन पेयर ऑफ़ इलेक्ट्रॉन्स हैं।
- 5:49एंड हमने ये चीज पढ़ी है कि लोन पेयर लोन
- 5:51पेयर जब होते हैं तो उनमें रिपल्शन
- 5:53स्टार्ट होता है। है ना? यस मैम। तो अगर
- 5:55बेसिक से दो इलेक्ट्रॉन बैठे हैं लोन पेयर
- 5:57पर वो इलेक्ट्रॉन लोनली हैं। खाली हैं। वो
- 5:59किसी के साथ कोई रिएक्शन नहीं कर रहे हैं
- 6:01तो वो धक्कामुक्की करेंगे। भाई खाली दिमाग
- 6:03शैतान का घर। कुछ तो खुराफात करेंगे ही
- 6:05करेंगे। तो ये जो लोन पेयर ऑफ
- 6:07इलेक्ट्रॉन्स हैं इनमें थोड़ा सा रिपल्शन
- 6:09की वजह से इसका बॉन्ड एंगल हल्का सा कम हो
- 6:11जाता है। एंड देन वो हो जाता है 108° के
- 6:14आसपास। ठीक है? तो अगर मैंने ये अमोनिया
- 6:16डॉ किया इससे कोई भी तीन ग्रुप्स लगा दिए
- 6:18और ये है इसके लोन पेयर। ठीक? तो इनमें
- 6:21हल्का-हल्का सा रिपल्शन होगा जिसकी वजह से
- 6:23ये बॉन्ड एंगल हल्का सा पास आएगा और ये
- 6:26108° के आसपास दिखने लग जाएगा। तो हमेशा
- 6:29याद रखना कि ये है तो टेट्राहेड्रल sp3
- 6:31हाइब्रिडाइज्ड ग्रुप लेकिन इसका बॉन्ड
- 6:33एंगल 109.5° ना होते हुए 108 डिग्री निकल
- 6:37के आएगा। ठीक है? तो क्योंकि यहां पे
- 6:39प्रेजेंट है अनपेयर्ड इलेक्ट्रॉन्स,
- 6:41अनशेयर्ड इलेक्ट्रॉन्स या यू कैन सिंपली
- 6:43यूज़ द वर्ड लोन पेयर ऑफ इलेक्ट्रॉन। तो
- 6:45कार्बन, नाइट्रोजन और इलेक्ट्रॉन जो है
- 6:47उसका बॉन्ड एंगल थोड़ा सा कम हो जाता है
- 6:49इसी वजह से। अच्छा मूविंग फॉरवर्ड हम करते
- 6:51हैं क्लासिफिकेशन ऑफ अमीन। खैर मैंने आपको
- 6:53स्टार्टिंग में ही बता दिया बट फिर से सुन
- 6:55लो। अगर आप एक अमीन वाले ग्रुप में से
- 6:57अमीन क्या होता है? NH चलो अमोनिया ले लो
- 6:59पहले। NH3। अगर मैं इसमें एक हाइड्रोजन
- 7:02हटा दूं और एक अल्काइल ग्रुप दे दूं, तो
- 7:06ये क्या बन जाएगा? ये बन जाएगा RN H2 ठीक
- 7:10अगर मैं इसी में फर्दर एक और हाइड्रोजन
- 7:14हटा के इसको एक और अल्काइल ग्रुप दे दूं
- 7:16तो ये बन जाएगा R2 NH
- 7:20अगर मैं इसके आगे एक और एल हाइड्रोजन हटा
- 7:23दूं और अल्काइल ग्रुप दे दूं तो ये बन
- 7:26जाएगा R3N
- 7:28है ना इनफैक्ट इसके आगे भी आप बढ़ सकते हो
- 7:30है ना हो सकता है आप एक और हाइड्रोजन हटा
- 7:32दो है ना एक और अल्काइल ग्रुप रखने की
- 7:34कोशिश करो तो वो रख आप पूरा नहीं रख पाओगे
- 7:36वो R4NH
- 7:37समथिंग बन के आ सकता है। ठीक है?
- 7:39क्वार्टनरी अमोनियम साल्ट NH4 पॉजिटिव।
- 7:41ठीक है? खैर अभी उसकी हम बात नहीं कर रहे
- 7:43हैं। ठीक है? मैंने यहां पे N नहीं लगाया।
- 7:44क्या? N लगा देना भाई। R3N अच्छा। तो अगर
- 7:48बेटा यहां पे नाइट्रोजन से एक अल्काइल
- 7:51ग्रुप जुड़ा हुआ है। दैट इज़ 1° अमीन।
- 7:54प्राइमरी अमीन। जैसे आपने प्राइमरी कार्बन
- 7:57वाले ग्रुप्स पढ़े हैं ना? कार्बोटायन 1°,
- 7:592°, 3° तो क्या मतलब होता है उससे? हैलोजन
- 8:02जिस कार्बन से लगा है वो कितने कार्बन से
- 8:04लगा है वो उसकी डिग्री बताता था। सिमिलरली
- 8:06अमीनस में होगा। नाइट्रोजन कितने अल्काइल
- 8:09ग्रुप से लगा है वो उसकी डिग्री बता देगा।
- 8:11ठीक? अगर नाइट्रोजन डायरेक्टली
- 8:14इनडायरेक्टली की बात नहीं कर रहे
- 8:15डायरेक्टली। ठीक है? इनडायरेक्टली वाले
- 8:16कार्बन को नहीं देखते हो आप डिग्री
- 8:17निकालते टाइम। तो नाइट्रोजन डायरेक्टली
- 8:20अगर एक कार्बन से जुड़ा हुआ है तो वो 1
- 8:22डिग्री अमीन है। अगर ये नाइट्रोजन
- 8:24डायरेक्टली दो कार्बन से जुड़ा हुआ है तो
- 8:26ये हमारा ये नाइट्रोजन हमारा
- 8:292 डिग्री अमीन है। 2 डिग्री
- 8:34ये है 2 डिग्री अमीन। ठीक? 2 डिग्री। अगर
- 8:37ये तीन नाइट तीन अल्काइल ग्रुप से जुड़ा
- 8:40हुआ है तो ये बन जाएगा 3 डिग्री अमीन। तो
- 8:42डिपेंडिंग ऑन नाइट्रोजन के साथ कितने
- 8:44अल्काइल ग्रुप डायरेक्टली लगे हैं वो उसकी
- 8:46डिग्री बताएंगे। ठीक है? तो प्राइमरी भी
- 8:47हो सकता है, सेकेंडरी भी हो सकता है और
- 8:49टर्शरी भी हो सकता है। डिपेंड करेगा कितने
- 8:51नंबर अच्छा यहां पे नंबर ऑफ हाइड्रोजन
- 8:53लिखा है मैम। आप हाइड्रोजन के बेसिस से भी
- 8:54देख सकते हो। देखो बात तो एक ही है। अगर
- 8:57नाइट्रोजन से एक हाइड्रोज अगर नाइट्रोजन
- 9:00से दो हाइड्रोजन लगे हैं तो आप बोलोगे 1
- 9:02डिग्री। अगर नाइट्रोजन से एक हाइड्रोजन है
- 9:04तो 2 डिग्री और अगर एक भी हाइड्रोजन नहीं
- 9:07है तो 3 डिग्री। देखो बात तो वही है। दो
- 9:09हाइड्रोजन कब आएंगे? जब एक अल्काइल ग्रुप
- 9:10आएगा तो आप अल्काइल ग्रुप के अकॉर्डिंग भी
- 9:12देख सकते हो और आप हाइड्रोजन के अकॉर्डिंग
- 9:14भी देख सकते हो। ठीक है? तो एटम्स को जब
- 9:16आप रिप्लेस करते हो अल्काइल या अराइल
- 9:18ग्रुप से तो उस तरीके से यहां पे आपको
- 9:20अमीनस मिल जाते हैं। जैसे कि जैसे कि आप
- 9:22अराइल ग्रुप्स भी देख सकते हो। है ना? ये
- 9:25बेंजीन है। इससे डायरेक्टली लग जाए NH2।
- 9:27है ना? ये। तो नाइट्रोजन से डायरेक्टली
- 9:30यहां पे एक कार्बन जुड़ा है। सो दिस इज़
- 9:311°। हो सकता है इसी NH2 में यहां पे एक और
- 9:35कोई अल्काइल ग्रुप लगा दो। फिर इसको जोड़ो
- 9:38किसी से। तो नाइट्रोजन से डायरेक्टली एक
- 9:40और दो ग्रुप्स लगे हैं। तो ये 2° हो
- 9:43जाएगा। और इस तरीके से प्राइमरी, सेकेंडरी
- 9:45और टर्शरी अमीनस आप पढ़ सकते हो। ठीक? तो
- 9:48नाइट्रोजन में मैं तो अल्काइल ग्रुप
- 9:49बोलूंगी। याद रखना जितने अल्काइल ग्रुप
- 9:51लगे हो उसके हिसाब से उसकी डिग्री लिख
- 9:53देना। ठीक है? चलो। हाइड्रोजन के हिसाब से
- 9:55भी आप कर सकते हो सेम ही बात निकलेगी। अब
- 9:57सिंपल और मिक्स्ड दो टाइप के अमीनस होते
- 9:59हैं। नाम से ही समझ में आ रहा है? सिंपल
- 10:01अमीनस थोड़े सिंपल होंगे। मिक्स्ड अमीनस
- 10:02किसी के साथ मिले जुले होंगे। सिंपल अमीनस
- 10:05का मतलब होता है अगर नाइट्रोजन में जो
- 10:07अमीन वाला ग्रुप है नाइट्रोजन वाला ग्रुप
- 10:09है इससे जितने भी ग्रुप्स लगे हैं वो सारे
- 10:11एक जैसे हैं। दैट इज सिंपल अमीनस वापस से
- 10:14मैंने बोला अ मैंने बोला नाइट्रोजन है।
- 10:17ठीक है? और उसमें दो अल्काइल ग्रुप्स लगे
- 10:19और दोनों CH3 हैं। तो ये सिंपल अमीन की
- 10:21कैटेगरी में आ गया। ठीक? मैंने बोला कि एक
- 10:23नाइट्रोजन है। NH ग्रुप है। ठीक है? NH है
- 10:26ना? अ और मैंने दो हाइड्रोजन हटा के दो
- 10:28अल्काइल ग्रुप लगा दिए। पर दोनों सेम
- 10:30अल्काइल ग्रुप लगाए हैं। तो इसका नाम होगा
- 10:32इसके क्लासिफिकेशन कौन सा होगा? सिंपल
- 10:34अमीनस का उसी की जगह एक नाइट्रोजन है उससे
- 10:36हाइड्रोजन लगा है और बचे हुए दो हाइड्रोजन
- 10:38को रिप्लेस कर दिया मैंने दो अल्काइल
- 10:40ग्रुप से और इस बार मैंने जो अल्काइल
- 10:42ग्रुप लिए एक ले लिया CH3 और दूसरा ले
- 10:44लिया सपोज C2H5 तो ये दोनों क्योंकि अलग
- 10:46अल्काइल ग्रुप है तो हम बोलेंगे ये एक
- 10:48मिक्स्ड अमीन का एग्जांपल है तो अगर हमारे
- 10:51अमीन वाले ग्रुप से सेम टाइप ऑफ अल्काइल
- 10:53ग्रुप्स लग गए तो वो हो जाते हैं हमारे
- 10:55सिंपल अमीन और अगर डिफरेंट अल्काइल
- 10:57ग्रुप्स लग गए तो वो हो जाते हैं हमारे
- 10:58मिक्स्ड अमीनस ठीक है चलो तो सिंपल अमीनस
- 11:01में जितने भी ग्रुप्स लगे होते हैं
- 11:02नाइट्रोजन एटम एटम से है ना वो सारे के
- 11:05सारे कैसे होंगे? सेम हो जाएंगे। ठीक है?
- 11:07और मिक्स्ड अमीनस में सारे के सारे
- 11:09डिफरेंट ग्रुप्स लगे होते हैं नाइट्रोजन
- 11:11एटम से। जस्ट फॉर एन एग्जांपल मैंने बोला
- 11:14एक नाइट्रोजन है उससे दो CH3 लग गए। ये एक
- 11:17सिंपल अमीन की कैटेगरी में आएगा। एक
- 11:19नाइट्रोजन है उससे तीन सेम C6H5 देखो लग
- 11:21गए। तीनों सेम है लेकिन तो ये भी सिंपल
- 11:24अमीन में आएगा। सेम C2H5 लग गए, ये भी
- 11:26सिंपल अमीन में आएगा। ऑन द अदर हैंड, एक
- 11:29नाइट्रोजन है, उससे एक CH3 और दूसरा C2H5
- 11:32लग गया। ये आएगा हमारे मिक्स्ड की कैटेगरी
- 11:34में। एक CH3 और एक C2H5 लग गया मिक्स्ड की
- 11:37कैटेगरी में। है ना? एक CH3, एक C2H5 और
- 11:40एक C3H7 लग गया। ये भी आएगा मिक्स्ड अमीन
- 11:43में। तो ये सारे के सारे हमारे मिक्स्ड
- 11:46अमीनस के एग्जांपल्स थे। और ऊपर वाले सारे
- 11:48तीनों के तीनों हमारे सिंपल अमीनस के
- 11:50एग्जांपल हैं। ठीक है? तो सिंपल और
- 11:51मिक्स्ड अमीन। आई गेस समझ गए होगे। अब आते
- 11:53हैं हम नोमेनक्लेचर पे। नोमेनक्लेचर। देखो
- 11:56अमीनस का नोमेनक्लेचर बाकी ऑर्गेनिक
- 11:58कंपाउंड्स की तरह नहीं होता। है ना? मतलब
- 12:00बाकी के जो रूल्स हैं वो तो सब लगेंगे।
- 12:02मिथेन, इथेन, प्रोपेन तो दो कार्बन तो
- 12:04मैथ, फिर एथ मतलब एक कार्बन तो मैथ, दो
- 12:06कार्बन तो एथ एंड सो ऑन। वो सारे रूल सेम
- 12:08होंगे। पर फिर भी इनका नोमेनक्लेचर थोड़ा
- 12:11सा डिफरेंट होता है। क्या डिफरेंस होता है
- 12:12इनमें? तो हम इस स्लाइड में वापस से
- 12:14आएंगे। पहले हम इस स्लाइड को समझते हैं कि
- 12:15किस तरीके से इनका आईयूपीएसी सिस्टम में
- 12:17हम नेमिंग करते हैं। ठीक है? देखो, कॉमन
- 12:19नेम तो सिंपल है। एक अल्काइल ग्रुप लग गया
- 12:21अमीन से मिथाइल अमीन। दो लग गए। अह एक
- 12:24इथाइल ग्रुप लग गया तो इथाइल अमीन। है ना?
- 12:26दो इथाइल ग्रुप लग गए डाईथाइल अमीन। दो
- 12:29मिथाइल ग्रुप लग गए डाई मिथाइल अमीन। ये
- 12:31तो सिंपल तरीका हो गया। लेकिन आईयूपीएसी
- 12:33समझना पड़ेगा हमें। अगर हम प्राइमरी अमीनस
- 12:36का नाम लिखते हैं तो हमें एल्केन अमीन से
- 12:38लिखना होता है। मतलब मतलब अगर एक कार्बन
- 12:40वाला अमीन है सपोज CH3NH2 तो इसका नाम हो
- 12:43जाएगा मिथेन अमीन। है ना? अगर मेरा एक कोई
- 12:46अमीन है और वो एक प्राइमरी अमीन है। 1°
- 12:49वाला अमीन है। देखो इनका नोमेनक्लेचर 1°
- 12:512° 3° के बेसिस से ही होगा। ठीक है? अगर
- 12:54प्राइमरी अमीन लगा हुआ है तो उसका नाम हो
- 12:56जाएगा एल्केन अमाइन। उसका नोमेनक्लेचर
- 12:58होगा एल्केन अमाइन। सपोज़ मैंने बोला C2 H5
- 13:01अ NH2 तो ये क्या हो गया? इथेन अमाइन।
- 13:04ठीक? C3H7NH2
- 13:06प्रोपेन अमाइन। तो एल्केन अमाइन हो जाएगा
- 13:09इसका नाम अगर 1° वाला कार्बन है। ठीक है?
- 13:11अगर 2° वाला अमीन आ गया तो उसका नाम हो
- 13:14जाएगा एन एल्काइल एल्केन अमाइन। एन
- 13:17एल्काइल एल्केन अमाइन। 2° वाला। मतलब अगर
- 13:20एक नाइट्रोजन से CH3 भी लग गया और C2H5 भी
- 13:24लग गया। है ना? ये हमारा कोई ग्रुप है।
- 13:27अगर 2° ये 2° हो गया इस टाइम पे। है ना?
- 13:29चाहे हाइड्रोजन की तरफ से देख लो और चाहे
- 13:31आप अल्काइल ग्रुप की तरफ से देख लो। ये 2°
- 13:34वाला अमीन हो गया। ठीक? इसका नाम क्या
- 13:36होगा? क्योंकि यहां पे ये 2° है तो इसके
- 13:38आगे एन एल्काइल आप प्रीफिक्स हमेशा यूज़
- 13:41करोगे। इसका नाम होगा एन मिथाइल इथेन
- 13:43अमाइन। एन मिथाइल इथेन अमाइन। तो एन
- 13:46एल्काइल एल्केन अमाइन। है ना? अब ऑब्वियस
- 13:49सी बात है लॉन्ग चेन वाला जो है उसको आप
- 13:50मेन चेन में कंसीडर करोगे। मतलब एल्केन
- 13:52अमाइन बनाओगे और जो कम कार्बन वाला है
- 13:54उसको आप अल्काइल ग्रुप बनाओगे। अभी मैं
- 13:56आपको और भी एग्जांपल्स करा दूंगी। ठीक है?
- 13:58अब अगर टर्शरी आ गया बस एन एल्काइल वर्ड
- 14:00को याद रखना यहां पे। अगर टर्शरी आ गया तो
- 14:02आप इसको बोलोगे एन एल्काइल। फिर से एन
- 14:05एल्काइल एल्केन अमाइन। मतलब मैम नहीं समझ
- 14:07आया। चलो मैंने इसको इरेज़ कर दिया और
- 14:09मैंने यहां पे लगा दिया सपोज CH3। लेट्स
- 14:12से। ठीक? तो इसका नाम पता है क्या है?
- 14:14इसका नाम है एन मिथाइल एन मिथाइल इथेन
- 14:17अमाइन। एन मिथाइल एन इथाइल एन मिथाइल एन
- 14:20मिथाइल इथेन अमाइन। ठीक? अ जैसे कि इसको
- 14:23तो आप डाई मिथाइल भी बोल सकते थे। लेकिन
- 14:25इसकी जगह और कोई आ गया। सपोज मैंने बोल
- 14:26दिया C3H7 C3H7
- 14:30N मिथाइल एन इथाइल प्रोपेन अमाइन इसका नाम
- 14:33हो जाएगा। तो आप डिपेंड करेगा कि क्या चीज
- 14:35उसमें लगी हुई है उसके हिसाब से 1° है तो
- 14:38सिर्फ एल्केन अमाइन 2° है तो एन एल्काइल
- 14:41एल्केन अमाइन और 3° है तो एन एल्काइल फिर
- 14:44एन एल्काइल एल्केन अमाइन सिंपल इस तरीके
- 14:46से नोट कर लो नोट्स तो बना रहे हो ना यार
- 14:49नोट्स साथ में बनाते हुए चलना है वरना
- 14:50आपको मतलब आपको क्लेरिटी चाहे जितनी हो
- 14:52जाए पर आपको वो मजा नहीं आएगी पढ़ने में
- 14:53और कोशिश किया करो जब आप कोई भी वन शॉट
- 14:55देख रहे हो कुछ भी तो एनसीईआरटी भी सामने
- 14:57रख लिया करो ये छोटी-छोटी सी चीजें आपको
- 14:58बहुत हेल्प करती है आप आप उस कांसेप्ट को
- 15:01और ज्यादा समझने में ठीक है तो एनसीआरटी
- 15:03सामने रख सकते हो। है ना? उसमें हाईलाइट
- 15:05कर लो, नोट्स बना लो। तो दैट वुड बी
- 15:07हेल्पफुल फॉर यू ओनली। ठीक है? चलो तो
- 15:09वापस से वापस से नोमेनक्लेचर 1° है तो
- 15:12एल्केन अमाइन, 2° है एन एल्काइल एल्केन
- 15:14अमाइन और 3° है एन एल्काइल एन एल्काइल
- 15:17एल्केन अमाइन। ठीक है? तो इस तरीके से
- 15:19इसका नोमेनक्लेचर होगा। ठीक है? अगर किसी
- 15:22केस में अगर किसी केस में दो छोटे-छोटे
- 15:25अल्काइल ग्रुप्स लग गए नाइट्रोजन एटम से
- 15:27और वो सेम हैं तो आप उसको क्या बोलोगे?
- 15:30डाई अल्काइल एल्केन अमाइन। जो मैंने अभी
- 15:31आपको बताया था कि अगर मैं यहां पे C3H7
- 15:34होगा। ठीक है? जो मैंने आपको अभी बोला था
- 15:35कि अगर मैंने यहां पे CH3CH3 लगा दिया
- 15:37होता तो तो डाई वर्ड भी यूज़ कर सकते थे।
- 15:39है ना? तो ये वही लिखा है। तो एन एल्काइल
- 15:42जो आप लिख रहे हो उसको आप लिख सकते हो एन
- 15:44डाई अल्काइल एल्केन अमाइन। है ना? जो अभी
- 15:45हमने एग्जांपल लिया था। मैं दो CH3 सेम
- 15:47लगा दूं तो एन डाई मिथाइल एल्केन अमाइन जो
- 15:51भी वाला एल्केन अमाइन है। ठीक है? ये हो
- 15:53जाएगा। प्रीफिक्स जो n है कैपिटल n जो है
- 15:55वो शो करता है कि अल्काइल ग्रुप नाइट्रोजन
- 15:58एटम से लगे हुए हैं। इसीलिए मैंने बोला
- 16:00इसका नोमेनक्लेचर बाकी ऑर्गेनिक कंपाउंड
- 16:02के नोमेनक्लेचर से थोड़ा सा डिफरेंट है।
- 16:04अमीनस को आप कंसीडर करते हो डेरिवेटिव ऑफ़
- 16:06हाइड्रोकार्बन ऑफ लॉन्गेस्ट चेन के लिए।
- 16:08है ना? और पॉसिबल कार्बन चेन जितने हैं
- 16:10उसको यूज़ करते हो। छोटे-छोटे अल्काइल
- 16:12ग्रुप को आप यूज़ करते हो एज एन अल्काइल।
- 16:14जैसा हमने अभी एग्जांपल में देखा। अब
- 16:16आईयूपीएसी सिस्टम में अराल्किल अमाइन भी
- 16:19आप यूज़ कर सकते हो। अराल्किल अमाइन पोजीशन
- 16:21ऑफ़ एराइल ग्रुप मतलब एल्केन अमाइन हम एक
- 16:24स्ट्रेट चेन के लिए ले रहे हैं। एलीफैटिक
- 16:26ग्रुप के लिए ले रहे हैं। है ना? वहीं मैं
- 16:28बेंजीन के रिंग की बात करूं तो बेंजीन को
- 16:30एल्केन अमाइन तो नहीं बोल सकते। है ना? तो
- 16:32उसके लिए कोई अराइल ग्रुप आएगा। तो नाम हो
- 16:34जाएगा अराल्किल अमाइन। है ना? जैसे बेंजीन
- 16:37में NH2 लगा है उससे कौन-कौन लगा है? जैसे
- 16:39मिथाइल लग गया। तो एन मिथाइल अराल्किल
- 16:41अमाइन दैट कुड बी नेम। है ना? इनफैक्ट
- 16:43ऑनेस्टली बोलूं तो इसमें आप सीधा एनिलिन
- 16:45वर्ड को भी यूज़ कर लेते हो। क्योंकि अगर
- 16:47NH2 डायरेक्टली है तो एनिलिन भी आ जाता है
- 16:49वहां पे। पे ठीक है? इनडायरेक्टेड बाय द
- 16:51सूटेबल नंबर। अगर किसी नेम केस में कॉमन
- 16:54नेम है तो पोजीशन को आप इंडिकेट करोगे
- 16:55अल्फा, बीटा, गामा और डेल्टा पोजीशन से।
- 16:58मतलब मतलब डिपेंड करता है कि ये जो
- 17:00नाइट्रोजन है इसके बगल में कौन है? इसके
- 17:02जस्ट बगल वाले कार्बन को आप अल्फा कार्बन
- 17:04बोल सकते हो। उसके बगल में बीटा कार्बन
- 17:06फिर गामा और फिर डेल्टा। तो अगर आप अच्छा
- 17:09ये आप बात कर रहे हो कॉमन नेम्स की। आप
- 17:10आईयूपीएसी में भी मत यूज़ करना। कॉमन नेम
- 17:13के केस में आप पोजीशन को अगर आप या तो 1 2
- 17:153 4 देते हो पोजीशन या फिर आप अल्फा बीटा
- 17:17गामा भी यूज कर सकते हो कॉमन नेम्स में।
- 17:19अब एक बड़ा इंपॉर्टेंट सा छोटा सा पॉइंट
- 17:22होता है जो बहुत लोग मिस कर जाते हैं वो
- 17:23ये होता है कि अगर हमारा अमीनो ग्रुप जो
- 17:26है मोर देन वन अमीनो ग्रुप प्रेजेंट है
- 17:28डिफरेंट पोजीशन में पेरेंट चेन में। ठीक
- 17:30है? एक से ज्यादा हमारे पास अमीनो ग्रुप्स
- 17:33लगे हुए हैं। ठीक है? तो उनकी जो पोजीशन
- 17:34है वो स्पेसिफाई की जाती है उनके नंबर के
- 17:36हिसाब से बेयरिंग कार्बन एटम किस NH2 से
- 17:39लगा है। आप नहीं समझोगे आप एग्ज़ांपल
- 17:41समझना। तो 1 2 3 4 NH2
- 17:45NH2 अब अगर आप इस क्वेश्चन में ध्यान से
- 17:48देखो ये तो समझ गए कि मेन चेन है कार्बन
- 17:51की पर इसमें एक से ज्यादा अमीनो ग्रुप है
- 17:53दो अमाइन ग्रुप लगे हुए हैं। तो वो बोल
- 17:55रहे हैं इस केस में सूटेबल प्रीफिक्स आप
- 17:57डाई ट्राई एटसेट्रा यूज़ करोगे जो भी उस
- 18:00अमीन से लगे हुए हैं। है ना? जैसे ब्यूटेन
- 18:03डाई अमीन ये हो गया। है ना? दिस इज़
- 18:05ब्यूटेन
- 18:07डाई अमाइन। है ना? या ब्यूटेन में कौन से
- 18:11कार्ब्स हैं? 1 2 3 4 1 4 डाई अमाइन। ठीक?
- 18:16अब यहां पे मैंने एक गलती करी है। अभी मैं
- 18:18आपको बताऊंगी। इसमें गलती क्या है? ये
- 18:19बहुत छोटी सी मिस्टेक है। वो बहुत लोग कर
- 18:21देते हैं। अगर कभी भी इस तरीके से
- 18:23डायरेक्टली NH2 इससे लगा है। तो ये जो
- 18:25आपने ब्यूटेन लिखा है इसके इ को भी आप
- 18:27इंक्लूड करोगे। आपको इसके इ को इंक्लूड
- 18:30करना पड़ेगा। जो लेटर ई है उस सफिक्स का
- 18:32हाइड्रोकार्बन का वो रिटेन रहेगा इस केस
- 18:35में। वापस से। इन केस एक से ज्यादा अमीनो
- 18:37ग्रुप प्रेजेंट है डिफरेंट-डिफरेंट पोजीशन
- 18:39में। एक पेरेंट चेन में ही पेरेंट चेन में
- 18:41ही अलग से नहीं या नहीं कि ये एन है फिर
- 18:43इसके नीचे कोई लगा है। यहां पे लगते जा
- 18:45रही है चीजें। नहीं उसकी चेन में ही वो
- 18:47इंक्लूडेड है। ठीक है? तो उनकी पोजीशन को
- 18:49आप स्पेसिफिक नंबर से लिख दोगे। है ना?
- 18:50जहां पे भी वो आ रहा है। साथ ही साथ आप
- 18:52उसमें डाई ट्राई टेट्रा वर्ड का यूज़
- 18:54करोगे। डिपेंडिंग ऑन कितनी बार वो अमीन
- 18:56ग्रुप लगा हुआ है। ठीक है? और अगर ये
- 18:59डायरेक्टली इस तरीके से लगा है तो आप इस
- 19:00केस में जो ब्यूटेन जो हम बोलते नहीं थे
- 19:03बसपन की क्लासेस में कि यार प्रोपेन
- 19:06प्रोपेनोन लिखना है सपोज मुझे है ना कुछ
- 19:08भी ऐसा प्रोपेन अ प्रोपेन टू ओन लिखना है
- 19:11कुछ भी ऐसा तो ई को हम हटा देते थे है ना
- 19:13वो ई यहां पे रिटेन रहेगा यानी कि उस इ को
- 19:16आप यहां पे रिमूव नहीं करोगे तो यहां पे
- 19:17ब्यूटेन में हम पूरा ब्यूटेन लिखेंगे फिर
- 19:201 4 डाई अमीन लिखेंगे। ठीक है? तो इस
- 19:22तरीके से ये छोटा सा रूल था याद रखना। अब
- 19:25हम एक एग्जांप एक एक सिंपल से चार्ट से
- 19:27बहुत सारे अमीनस और उनके कॉमन नेम्स
- 19:29आईयूपीएसी सब जान लेते हैं। चलो। अगर एक
- 19:31स्ट्रेट चेन से दो कार्बन लगे हैं और NH2
- 19:34लगा है। तो इसका कॉमन नेम क्या हो जाएगा?
- 19:36क्योंकि C2H5H2 से लगा है, तो ये हो जाएगा
- 19:38प्राइमरी अमीन है ना? तो इथाइल अमीन इसका
- 19:41नाम हो जाएगा। ठीक है? अच्छा, इसका
- 19:42आईयूपीएसी क्या होगा? 1 डिग्री है 1° को
- 19:45तो एल्केन अमाइन बोलते हैं। क्या नाम
- 19:47होगा? इथेन अमाइन। ठीक है? फ़ास्ट तो नहीं
- 19:50लग रहा है। कुछ लोगों को फ़ास्ट लगता है
- 19:52यार मैम आप बहुत तेज़-तेज़ बोल रहे हो। ठीक
- 19:53है? स्लो मो लगा दो तुम ही। ठीक है? चलो
- 19:56आगे बढ़ते हैं। अगर मैं इस इस वाली कंडीशन
- 19:58को ले लूं मतलब तीन कार्बन NH2 से लगे
- 20:00हैं। प्रोपाइल अमाइन हो जाएगा कॉमन नेम।
- 20:02और 1° ही है तो एल्केन अमाइन यानी कि
- 20:05प्रोपेन अमाइन। ठीक है? तो प्रोपाइल अमाइन
- 20:07और प्रोपेन अमाइन। ठीक है? प्रोपेन अमाइन।
- 20:09ठीक है? अच्छा अगर इस कंडीशन में आप बात
- 20:11करोगे आइसोप्रोपाइल अमाइन। अब देखो कॉमन
- 20:14नेम तो आप इस तरीके से भी कर सकते हो। सब
- 20:15ने पता पढ़ा है आइसोनोट। एक शॉर्ट भी मैंने
- 20:17बनाया था 1 मिनट का इसी चैनल पे। आपने देख
- 20:19लिया होगा। है ना? भाई NH2 जिस कार्बन से
- 20:21लगा है वो दोनों सेम कार्बन से लगा है। वो
- 20:23दो सेम कार्बन ग्रुप से लगा है। तो ये
- 20:25आइसो वाला ग्रुप है। तो आइसोप्रोपाइल
- 20:27अमाइन बोल सकते हो। है ना? और अ कॉमन नेम
- 20:29वो क्या हो जाएगा? आईयूपीएसी तीन कार्बन
- 20:31है। कौन सा डिग्री है? 1 डिग्री है। मतलब
- 20:33एल्केन अमाइन ही रहेगा। तीन कार्बन है
- 20:35प्रोपेन टू अमाइन। प्रोपेन टू अमाइन।
- 20:38पोजीशन जरूर लिखना कि नाइट्रोजन किस
- 20:39कार्बन से लगा है। ठीक है? यस मैम। यहां
- 20:41पे वन सही था तो आप नहीं भी दिखाओगे तो
- 20:43चलेगा। बट अदरवाइज आप दिखा देना इस चीज़
- 20:45को। ठीक है? अच्छा अब इसको ध्यान से देखो।
- 20:47ये कार्ब एक नाइट्रोजन ग्रुप है। ये दो
- 20:49ग्रुप से लगा है। एक यहां पे और एक यहां
- 20:51पे। ये दो ग्रुप से लगा है। ये दिख रहा है
- 20:53ना सबको? एक नाइट्रोजन है। उससे एक CH3
- 20:56लगा है। एक C2H5 लगा है। ये तो 2° हो गया।
- 20:59अब अगर आपने एल्केन अमाइन लिख दिया आपका
- 21:01आंसर गलत हो जाएगा। अब हमें एक एन एल्काइल
- 21:03ग्रुप लाना पड़ेगा। नोमेनक्लेचर क्या होगा?
- 21:05एन एल्काइल एल्केन अमाइन। है ना? तो N
- 21:08मिथाइल इथेन अमाइन। एन मिथाइल इथेन अमाइन।
- 21:12और आईयू कॉमन नेम क्या हो जाएगा? मिथाइल
- 21:15इथाइल अमाइन है ना? अच्छा मिथाइल इथाइल
- 21:17नहीं इथाइल मिथाइल क्योंकि अल्फाबेटिकली
- 21:19चलते हो ई पहले आता है। है ना? तो कॉमन
- 21:21नेम के टाइम पे इथाइल मिथाइल अमाइन। ठीक
- 21:24है? अच्छा इसे देखो ये 3° आ गया। CH CH3
- 21:28हो गया यहां पे। ठीक है? CH3 CH3 CH3 लग
- 21:30गया इससे। क्या हो जाएगा? सोचो। एक
- 21:32नाइट्रोजन है उससे तीनों ग्रुप लगे हैं।
- 21:34यानी कि ये 3° वाला ग्रुप है। देखो डिपेंड
- 21:37करता है तीन एक स्ट्रेट चेन में है और फिर
- 21:39नाइट्रोजन से लगा है तो वो 1° है। और
- 21:42तीनों नाइट्रोजन से डायरेक्टली लगे हैं।
- 21:43तो ये तो 3° हो गया। 3° की कंडीशन में
- 21:46क्या होता है? हो होगा नाम एन एल्काइल एन
- 21:48एल्काइल एल्केन अमाइन क्या हो जाएगा? एन
- 21:51मिथाइल एन मिथाइल मिथाइल अमाइन ये हो सकता
- 21:54है। ठीक है? लेकिन अभी हमने एक और चीज़
- 21:56देखी कि यहां पे सारे के सारे सेम ग्रुप
- 21:57हैं। तो इसका कॉमन नेम हो जाएगा ट्राई
- 21:59मिथाइल एल्केन अमाइन। ट्राई मिथाइल सॉरी
- 22:02अमाइन। ठीक है? डायरेक्ट नाम हो जाएगा
- 22:03ट्राई अ ट्राई मिथाइल अमाइन। ठीक है? और
- 22:06आईयूपीएसी जो मैंने आपको बताया n डाई
- 22:09मिथाइल इथेन अमाइन। डाईथाइल सॉरी मिथेन
- 22:12अमाइन। क्यों मैम? क्योंकि हमने ये चीज
- 22:13पढ़ी थी कि ये है तो ठीक है। ये तो सही बात
- 22:15है। n मिथाइल N मिथाइल अ मिथेन अमाइन होना
- 22:19चाहिए नाम। है ना? पर N मिथाइल N मिथाइल
- 22:21दोनों सेम ही है। तो हम ये लिख सकते हैं
- 22:23डायरेक्टली N डाई मिथाइल। ठीक है? तो इस
- 22:26तरीके से इसका नाम हो जाएगा। लास्ट वाला
- 22:27देखो ये एक मेन चेन है देखो। है ना? ये एक
- 22:30मेन चेन है। फिर यहां पे कार्बन है और
- 22:32यहां पे कार्बन है। 3° वाला है। एन
- 22:34एल्काइल एन एल्काइल एल्केन अमाइन से नाम
- 22:37होना चाहिए। ठीक है? दो C2H5 और C2H5 लग
- 22:39गए। तो डाई वाला प्रीफिक्स यूज़ कर सकते
- 22:41हो। तो क्या बोलेंगे? n डाई इथाइल चार
- 22:44कार्बन है ब्यूटेन अमाइन n डाई इथाइल
- 22:47ब्यूटेन अमाइन ये हो गया इसका नाम और आप
- 22:49यहां पे इसका कॉमन नेम भी लिख सकते हो तो
- 22:51इस तरीके से आप करते हो आईयूपीएसी और कॉमन
- 22:54नेम्स ऑफ अमीनस मूविंग फॉरवर्ड नेक्स्ट इज़
- 22:56अपना नोमेनक्लेचर अगर मैं एरोमेटिक ग्रुप
- 22:58की बात करूं हम सभी को पता है एरोमेटिक
- 23:00ग्रुप में जितना ज्यादा इंपॉर्टेंट
- 23:02आईयूपीएसी होता है उससे थोड़ा सा ज्यादा
- 23:04या बराबर बोल लो उससे ज्यादाेंट होता है
- 23:07क्या कॉमन नेम कॉमन नेम इज़ वेरीेंट इन
- 23:09एरोमेटिक पूरी पूरी एरोमेटिक जो अपनी
- 23:12ब्रांच है ना ऑर्गेनिक में हर जगह उसमें
- 23:14कॉमन नेम बहुत ज्यादा फेमस होता है।
- 23:16आईयूपीएसी भी होता है बट कॉमन नेम हमेशा
- 23:18याद करने पड़ते हैं इनके। ठीक है? तो
- 23:20एरोमेटिक अमीनस के कॉमन नेम भी होते हैं,
- 23:21आईयूपीएसी भी होते हैं। कॉमन नेम की बात
- 23:23करें एराइल अमाइन आ जाएगा यहां पे। है ना?
- 23:25जो एनिलिन का डेरिवेटिव है। अगर बेंजीन से
- 23:27डायरेक्टली NH2 लग गया तो वो हमारा एनिलिन
- 23:29हो जाता है। है ना? अच्छा अगर मैं बोलूं
- 23:32कि आईयूपीएसी सिस्टम बताओ। तो अभी-अभी
- 23:33बताया एराल्किल अमाइन या अराइल अमाइन और
- 23:36अगर डायरेक्टली बेंजीन से है तो बेंजीन
- 23:37अमाइन बन जाता है। ठीक है? ये इंपॉर्टेंट
- 23:40है जानना कि एनलिन एक एक्सेप्टेड
- 23:41आईयूपीएसी नेम है जो मैं आपको बोल रही
- 23:43हूं। आईयूपीएसी में बहुत से कॉमन नेम
- 23:45एक्सेप्टेड हैं। जैसे टॉलीन अब टॉलीन को
- 23:48आप टॉलीन ही लिखते हो। आईयूपीएसी में भी
- 23:49लिखोगे तो भी वो एक्सेप्टेड है। जैसे
- 23:51एनिलिन आप कोई भी नोमेनक्लेचर करो आप
- 23:53एनिलिन लिख दो। कुछ गलत नहीं है। वो एकदम
- 23:55सही बात हो जाएगी। अदर जो हमारे एराइल
- 23:57अमाइंस होते हैं उन्हें आप बेंजीन अमीन के
- 23:59ही डेरिवेटिव की तरह बुलाते हो। ठीक है?
- 24:01एराल एराइलल अमाइन जो होते हैं हमारे वो
- 24:03मिक्स्ड अमाइंस होते हैं और आईयूपीएसी
- 24:05सिस्टम में इनको नेम किया जाता है एल्केन
- 24:07अमाइन से। तो ऐसे तो हमें रटना नहीं है।
- 24:09हम थोड़ा एग्जांपल से ही समझते हैं। चलो।
- 24:11ठीक है? तो अगर मैं इस एग्जांपल को देखूं
- 24:13तो बेंजीन से डायरेक्टली NH2 लग गया। तो
- 24:15बेंजीन क्या बनता है? एनिलिन। ठीक? एनिलिन
- 24:18इसका नाम हो जाएगा। अच्छा अगर आप बोलो
- 24:20बेंजीन अमाइन तो वो भी गलत नहीं है।
- 24:22बेंजीन अमाइन इज़ आल्सो करेक्ट। और एनिलिन
- 24:24इज़ आईयूपीएसी एक्सेप्टेड नेम। ठीक है? समझ
- 24:26गए? अच्छा। अब देखो मिथाइल ग्रुप लग गया
- 24:28और NH2 लग गया। तो जो NH2 लगा है वो क्या
- 24:30है? वो तो इसकी इसका एक मेन ग्रुप है। है
- 24:33ना? जैसे हम बोलते हैं कि जो NH2 लग गया
- 24:35वो तो एनिलिन की तरह ट्रीट कर सकते हैं।
- 24:37और क्या है? फर्स्ट कार्बन ये है अगर तो
- 24:39सेकंड कार्बन ये है। है ना? तो मिथाइल
- 24:41ग्रुप है। तो आप क्या बोल सकते हो? टू
- 24:43मिथाइल एनिलिन भी बोल सकते हो। और भी बहुत
- 24:45सारे नाम हैं। जैसे कि ऑर्थो मिथाइल
- 24:47एनिलिन आईयूपीएसी टू मिथाइल बेंजीन अमाइन
- 24:50आईयूपीएसी हो गया इसका। है ना? टॉलीन भी
- 24:53इसका पूरा एक नाम हो सकता है। जब टॉलीन से
- 24:54डायरेक्टली NH2 लग जाए। एनलिन लग जाए। ठीक
- 24:57है? और इसी तरीके से मेटाटोलीन या थ्री
- 24:59मिथाइल बेंजीन अमाइन। इस तरीके से इसके
- 25:02नाम हो जाएंगे। ठीक है? अगर दो CH3 एक साथ
- 25:05लग गए तो डाई मिथाइल वाला ग्रुप लगा देना।
- 25:07ब्रोमो एक साथ लग गए सब में तो
- 25:09ट्राईब्रोमो वाला ग्रुप लगा लेना। और इसी
- 25:11तरीके से इनका नोमेनक्लेचर हो जाएगा। कॉमन
- 25:14नेम्स आर मोर फेमस एज़ आई सेड। ठीक है?
- 25:16जैसे इस क्वेश्चन में देखो। यहां पे
- 25:18क्लोरो भी लगा है, NO भी लगा है और NHCH3
- 25:21लगा है। व्हाट डू अंडरस्टैंड बाय NHCH3
- 25:24मतलब एक हाइड्रोजन लगा है और नाइट्रोजन से
- 25:26दो ग्रुप्स लगे हैं। एक CH3 और नीचे
- 25:28बेंजीन लगा है। ये 2° वाला ग्रुप है। है
- 25:30ना? ठीक है? नाम क्या हो जाएगा? देखो ये
- 25:32तो मेन चेन मेन कार्बन हो गया इसका। है
- 25:34ना? और यहां पे क्लोरो भी लगा है और
- 25:35नाइट्रो भी लगा है। C पहले आता है। ये
- 25:37फर्स्ट कार्बन है। ये सेकंड कार्बन है। ये
- 25:39थर्ड। ये फोर्थ। फिर फिफ्थ सिक्स्थ इस
- 25:41तरीके से होंगे। थ्री पे क्लोरो लगा है।
- 25:43फोर पे क्या लगा है? NO ग्रुप। NO कौन सा
- 25:45ग्रुप होता है? नाइट्रो नहीं वो NO2 होता
- 25:48है। NO इज़ नाइट्रोसो तो इसका नाम क्या हो
- 25:51जाएगा? थ्री क्लोरोफोर नाइट्रोसो और फिर
- 25:53यहां पे क्योंकि ये 2° है तो N मिथाइल
- 25:56बेंजीन अमाइन वापस से कंफ्यूज नहीं होना
- 25:59हमें पता है 1° में एल्केन अमाइन यानी कि
- 26:01बेंजीन अमाइन बोल रहे थे। लेकिन वहीं 2° आ
- 26:03गया तो एन अ एल्काइल एल्केन अमाइन यानी कि
- 26:06एन अल्काइल बेंजीन अमाइन बोलना पड़ेगा
- 26:08आपको। तो आप यहां पे बोलोगे N मिथाइल
- 26:10बेंजीन अमाइन। तो इस तरीके से इसका
- 26:12नोमेनक्लेचर होगा। ठीक है? जैसे इसको
- 26:14देखो। ये कार्ब यह नाइट्रोजन है। अच्छा
- 26:17तीन बार कार्बन लगे हैं। किसी को 4° तो
- 26:19नहीं लग रहा है कि मैम यहां चौथा कार्बन
- 26:20नहीं डायरेक्टली केवल एक ही कार्बन है इधर
- 26:22पे। है ना? और दूसरा ये और तीसरा ये।
- 26:24अच्छा तो तीन बार लगा है। तो एन एल्काइल,
- 26:26एन एल्काइल मैम आप यही बताना चाह रहे हो
- 26:28ना? दो बार यूज़ होगा? बिल्कुल। ठीक है? तो
- 26:30एन पे इथाइल, एन पे मिथाइल और बेंजीन
- 26:34अमाइन। N पे इथाइल, N पे मिथाइल, एनिलिन
- 26:37या फिर N इथाइल, एन मिथाइल बेंजीन अमाइन।
- 26:39एनिलिन इज़ आल्सो एक्सेप्ट एक्सेप्टेड। तो,
- 26:41आप लिख सकते हो। ठीक है? ये क्या है भाई?
- 26:43OCH3 ईथर वाला ग्रुप डायरेक्टली लगा है।
- 26:45एनिसोल इसका नाम हो जाएगा। ठीक है? तो
- 26:47मेटा एनिसोल। फिर उसके बाद लास्ट में देखो
- 26:50क्या है? लास्ट में हमारे पास दो फिनाइल
- 26:52ग्रुप लग गए। है ना? दो फिनाइल लग गए
- 26:54किससे? NH से। तो क्या हो जाएगा?
- 26:56डाईफिनाइल एनि। ठीक है? तो इस तरीके से आप
- 26:59नोमेनक्लेचर करते हो अपने एरोमेटिक
- 27:01ग्रुप्स का। नाउ मूविंग फॉरवर्ड। नेक्स्ट
- 27:03इज़ अपना मेथड्स ऑफ़ प्रिपरेशन ऑफ़ अपने
- 27:06अमीनस। आखिर हम अमीनस को बनाते कैसे हैं?
- 27:08तो जल्दी समझते हैं इनके प्रिपरेशन मेथड।
- 27:10सबसे पहले सबसे पहले हम कर सकते हैं
- 27:12रिडक्शन ऑफ नाइट्रो ग्रुप। दिमाग लगाओ।
- 27:14अगर मैंने कोई भी आपको RNO2 ग्रुप दे
- 27:16दिया। अल्काइल ग्रुप के साथ NO2 ग्रुप है
- 27:18तो क्या बनाना है हमें? हम एनिलिन हम सॉरी
- 27:21अमीन बनाने जा रहे हैं। RNO2 NO2 नहीं
- 27:24RNH2 बनाने जा रहे हैं हम। तो RNO2 से
- 27:27RNH2 कैसे बनेगा? मैम एक ऑक्स ये जो
- 27:30ऑक्सीजन लगा है O2 इसको हटाना है और H2 को
- 27:33अंदर लाना है। अगर मैं बोल रही हूं रिमूवल
- 27:35ऑफ ऑक्सीजन करना है एंड एडिशन ऑफ
- 27:37हाइड्रोजन करना है। कुछ जाना पहचाना सा
- 27:39मेथड लग रहा है रिडक्शन मेथड। रिडक्शन तो
- 27:42होता है ना यार एडिशन ऑफ़ हाइड्रोजन रिमूवल
- 27:44ऑफ़ ऑक्सीजन। तो बस रिडक्शन कर देना है
- 27:47सिंपली। तो अगर मैंने एक नाइट्रो ग्रुप ले
- 27:49लिया RNO2 और उसको रिएक्ट करा दिया
- 27:51हाइड्रोजन के साथ। हाइड्रोजन के साथ
- 27:53डायरेक्ट तो रिएक्शन होगी नहीं। डायरेक्ट
- 27:54नहीं होगी। मतलब मतलब हाइड्रोजन का बॉन्ड
- 27:56हाइड्रोजन को उठाना है, ऑक्सीजन को हटाना
- 27:59है, रिप्लेस करना है, सब्सीट्यूट करना है।
- 28:01तो यहां पे एक आप कैटलिस्ट की प्रेजेंस
- 28:03में रिएक्शन करोगे जो कि प्लैटिनम हो सकता
- 28:05है, पैलेडियम हो सकता है, निकल हो सकता
- 28:07है। ठीक है? तो इस तरीके से आप कोई
- 28:09रिएजेंट की सॉरी कैटलिस्ट की प्रेजेंस में
- 28:11करोगे। तो आप RNO2 को उठाओ। H2 से रिएक्ट
- 28:14कराओ। तो O2 हट जाएगा। H2 अंदर चला जाएगा।
- 28:17ये वाला केस। ठीक है? तो H2 हमारा अंदर
- 28:20चला जाएगा। और H2 अंदर चला जाएगा और O2
- 28:24बाहर निकल जाएगा। तो RNH2 बन जाएगा। साथ
- 28:26ही साथ जो हाइड्रोजन बचेगा वो ऑक्सीजन को
- 28:28पकड़ लेगा तो H2O बाहर निकल जाएगा। इस
- 28:31तरीके का सेम मेथड आप साइनाइड के साथ भी
- 28:33लगा सकते हो। मैंने बोला RCN RCN में क्या
- 28:36होगा? सोचो सोचो। RCN मैम CN में C ट्रिपल
- 28:40बॉन्ड होता है। RC N ऐसे होता है। मैंने
- 28:44बोला मुझे अमीन बनाना है। मतलब ये बॉन्ड
- 28:46हटाने हैं दोनों। क्यों? दो बॉन्ड क्यों?
- 28:48क्योंकि यहां पे H2 भेजना है। अच्छा तो
- 28:50कार्बन नहीं मैम खाली हो जाएगा। ठीक है?
- 28:51कुछ ऐसा करो कार्बन को भी भेज दो
- 28:53हाइड्रोजन। तो ये कुछ ऐसा दिखेगा। R
- 28:54CH2NH2 है ना? ये बन जाएगी हमारी रिएक्शन।
- 28:58तो यहां पे हमें यहां पे भी हाइड्रोजन
- 29:00भेजने हैं। दो हाइड्रोजन मैं इसको देना
- 29:02चाहती हूं। दो हाइड्रोजन इसको देना चाहती
- 29:04हूं। तो रिडक्शन तो यहां पे भी होगा। इन द
- 29:05प्रेज़ेंस ऑफ़ अ कैटलिस्ट होगा। पर इस
- 29:07रिएक्शन में एक अलग सी चीज़ हमने देखी। अगर
- 29:09मुझे कोई भी कन्वर्ज़ में वो ऐसा कुछ दे दे
- 29:12यहां पे इनिशियली दो कार्बन थे रिएक्शन
- 29:14में। है ना? दो कार्बन थे रिएक्शन में। है
- 29:17ना? अ नहीं दो नहीं एक ही कार्बन था यहां
- 29:20पे। देखो एक ही अल्काइल ग्रुप था। इफ यू
- 29:21कैन सी बाकी तो C ट्रिपल ब्ड N एक साथ लगा
- 29:23हुआ था ना। पर रिएक्शन करने के बाद यहां
- 29:26पे दो कार्बन आ गए डायरेक्टली। तो यहां पे
- 29:28असेंट ऑफ चेन हुआ। क्या हुआ? असेंट ऑफ
- 29:31चेन। नंबर ऑफ़ कार्बन रिएक्शन होने के बाद
- 29:33बढ़ गए। दैट इज़ असेंट ऑफ चेन। आप ये मत
- 29:36बोलना मैम नंबर ऑफ़ कार्बन बराबर थे थे।
- 29:37पहले आप सही तो कह रहे थे। नहीं नहीं।
- 29:39पहली वाली बात सही नहीं थी। क्यों? वो C
- 29:41ट्रिपल बॉन्ड N है। पूरा एक साइनाइड ग्रुप
- 29:43है। वो कार्बन का कोई ग्रुप नहीं है। वो
- 29:44साइनाइड एक ग्रुप है पूरा। ठीक? तो अगर
- 29:47मुझे किसी रिएक्शन में वो ऐसा कोई दिख रहा
- 29:49हो कुछ भी कि मुझे अमीन जैसा कोई ग्रुप
- 29:51बनाना है। ऐसा ऐसा क्वेश्चन बहुत बार
- 29:52रिपीट हुआ है बोर्ड्स में। तो कुछ बोलेंगे
- 29:54अमीन जैसा कुछ बनाना है। चलो रिएक्शन करके
- 29:56दिखाओ और नंबर ऑफ कार्बन बढ़ा दे रहे हैं।
- 29:58जैसे इथेन अमाइन इथेन वाले ग्रुप से
- 30:00प्रोपेन जैसा कुछ बनाना है। समथिंग लाइक
- 30:02दिस। ठीक है? तो वहां पे एसेंट ऑफ चेन
- 30:04होता है। और उस कंडीशन में आप इस वाले
- 30:06कन्वर्जन को यूज़ कर सकते हो। तो अमीन को
- 30:08आप बनाते हो नाइट्रो वाले कंपाउंड से,
- 30:10साइनाइड से, अमाइड से, ऑक्साइन से, किसी
- 30:12को भी उठा लो और उन्हें रिड्यूस कर दो।
- 30:14ठीक है? ये सारी रिएक्शंस आपके सामने लिखी
- 30:16हैं। हम इस रिएक्शन को दोबारा पढ़ेंगे तो
- 30:18टेंशन मत लो। आएंगे इस पे। बाकी सारी
- 30:19रिएक्शन एज़ इट इज़ लिखी हैं। अच्छा क्योंकि
- 30:21आप ये रिएक्शन कराते हो तो आप एक
- 30:23रिड्यूसिंग एजेंट ले सकते हो या फिर जैसा
- 30:24मैंने आपको बताया कैटलिस्ट ले सकते हो।
- 30:26रिड्यूसिंग एजेंट जैसे कि लिथियम
- 30:28एलुमिनियम हाइड्राइड Li AlH2 लेकिन ये
- 30:31सॉरी H4। Li AlH4 एक काफी अच्छा
- 30:33रिड्यूसिंग एजेंट है। उसको आप इतनी बेसिक
- 30:35रिएक्शन में यूज़ नहीं करोगे। उसे आप अभी
- 30:37आगे यूज़ करोगे। ठीक है? यह रिएक्शन तो
- 30:39प्लैटिनम, पिलेडियम, निकल इनकी प्रेजेंस
- 30:41में भी हो जाती हैं। नंबर ऑफ कार्बन एटम
- 30:44जो पेरेंट में हैं वो फॉर्म हो जाएंगे और
- 30:46वो सेम रहेंगे बाकियों में। लेकिन इस वाले
- 30:48ग्रुप में अगर हम देखें तो नंबर ऑफ़ कार्बन
- 30:50बढ़ रहे होते हैं साइनाइड में। ठीक है? चलो
- 30:52तो पहला मेथड तो हमें समझ में आ गया। अब
- 30:54सेकंड मेथड क्या है? रिडक्शन कर सकते हैं।
- 30:56अच्छा, एक और चीज़। अभी आपने जो मेथड देखे
- 30:58ना, उससे आप लैब्स वगैरह में प्रिपेयर
- 31:01नहीं करते मींस को। एक प्रेफर्ड मेथड होता
- 31:03है। कौन सा मेथड होता है वो? वो होता है
- 31:05कि आप कोई नाइट्रो वाला ग्रुप ले लो। कोई
- 31:07भी नाइट्रो वाला ग्रुप ले लो। जैसे मैंने
- 31:08अरिंस का यहां पे एग्जांपल है तो अरिंस
- 31:10उठा लो। इसमें कोई नाइट्रो ग्रुप लगा है।
- 31:11ठीक है? आप इसकी रिएक्शन करा दो एक चीज की
- 31:14प्रेजेंस में। वो क्या है? जैसे कि आयरन।
- 31:15आयरन स्क्रैप। ठीक है? आयरन के छोटे-छोटे
- 31:17टुकड़े। आयरन स्क्रैप को उठा लो। बाकी सब
- 31:19कुछ सेम करो कि हाइड्रोजन को अंदर भेजना
- 31:22है। है ना? कुछ बाहर निकालना है। सब कुछ
- 31:24सेम रखो। बस उसको कर दो आयरन स्क्रैप की
- 31:26प्रेज़ेंस में। अच्छा, एक चीज़ याद रखना जब
- 31:28भी हम आयरन स्क्रैप लेते हैं या टिन लेते
- 31:30हैं मतलब ऐसा कोई मेटल की प्रेज़ेंस में
- 31:32करा रहे होते हैं, तो ये हमेशा एक एसिड की
- 31:34प्रज़ेंस में भी होगा। कंफ्यूज आना नहीं।
- 31:36वापस से सुनो। मैंने बोला आपको सेम
- 31:38रिएक्शन करानी है। NO2 है। O2 को हटाना
- 31:40है। H2 को लगाना है। पर ये रिएक्शन इस बार
- 31:42मैंने बोला एक मेटल के प्रेजेंस में कराओ।
- 31:43तो जब आप मेटल लोगे तो एसिड के साथ लेना
- 31:46हमेशा। जैसे कि टिन ओवर HCl आयरन ओवर HCl
- 31:49इस तरीके से इसको लेते है। ठीक है? बाकी
- 31:51सब कुछ सेम होगा। H2 जाएगा अंदर और लग
- 31:53जाएगा और ये बाहर निकल जाएगा। अच्छा। अब
- 31:55मैं बोलूं ये जितने भी मेथड आपको मैंने
- 31:57इतनी देर में बताए हैं उनमें सबसे अच्छा
- 31:59मेथड और प्रेफर्ड मेथड कौन सा होगा? जो
- 32:02लोग करना चाहेंगे एनिलिन बनाने के लिए या
- 32:04अमीन बनाने के लिए। तो आंसर है आयरन
- 32:06स्क्रैप वाला। क्यों? अगर मैंने बेंजीन को
- 32:09लिया है ना? जिससे NO2 ग्रुप जुड़ा हुआ
- 32:12है। इसकी मैंने रिएक्शन कराई। वही सेम
- 32:15कहानी करा। मैंने बोला H2 को मुझे जोड़ना
- 32:17है। पर मैं इसको जोडूंगी आयरन इन द
- 32:19प्रेजेंस ऑफ़ HCl। ठीक? मतलब मुझे ये
- 32:22रिएक्शन करानी है। आयरन इन द प्रेज़ेंस ऑफ़
- 32:23HCl। आयरन स्क्रैप की प्रेजेंस में जिसको
- 32:26हम बोल रहे हैं। तो क्या हो जाएगा? तो ये
- 32:27बेंजीन है। है ना? ये नाइट्रोजन है। इससे
- 32:31H2 लग जाएगा। है ना? जैसे यहां पे एनिलिन
- 32:33दिखा रहे हैं। आप एक एलीफैटिक ग्रुप भी ले
- 32:35सकते थे चलता। ठीक है? बट ये प्रेफर्ड वे
- 32:37क्यों है मैम? ये अच्छा वे क्यों है?
- 32:39क्योंकि इस रिएक्शन के दौरान बनता है
- 32:40FeCl2। FeCl2 पर FeCl2 के होने से ये
- 32:44प्रेफर क्यों किया गया? क्योंकि FeCl2 को
- 32:47जब फर्दर हाइड्रोलाइज करते हैं ना तो ये
- 32:49बना देता है HCL। HCL इससे क्या लेना
- 32:53देना? देखो इस रिएक्शन में हमने HCL को
- 32:55लिया था। है ना? इसलिए आज रिएक्शन में
- 32:58हमने HCL को यूज़ किया था और उसे हमें
- 33:00सिर्फ एक ही बार यूज़ करना पड़ा होगा।
- 33:01क्यों? क्योंकि उसके बाद तो हम उसको वापस
- 33:03से बना सकते हैं इसी रिएक्शन के दौरान। तो
- 33:05हम इसी रिएक्शन में वापस से HCL बना के
- 33:07वापस यूज़ कर सकते हैं। फिर तीसरी बार,
- 33:08चौथी बार। तो वो इस तरीके से वापस से HCL
- 33:11को हम रिसाइकल यू कैन से कर सकते हैं। है
- 33:13ना? तो हम जिस चीज़ की प्रेजेंस में
- 33:15रिएक्शन करा रहे थे आयरन के साथ वो तो
- 33:16बार-बार उस रिएक्शन से ही बन के मिल
- 33:18जाएगी। तो हमें वापस से बार-बार HCl को
- 33:20यूज़ भी नहीं करना होता। तो जो रिडक्शन है
- 33:22आयरन स्ट्रैप के साथ हाइड्रोक्लोरिक एसिड
- 33:24का उसको आप प्रेफर करोगे क्योंकि FeCl2 बन
- 33:27रहा है जिसे हाइड्रोलाइज करके फर्दर आप
- 33:29HCL को बाहर निकाल सकते हो। ठीक है? बहुत
- 33:32छोटे से अमाउंट में हाइड्रोक्लोरिक एसिड
- 33:33को आप यूज़ करते हो रिएक्शन को केवल शुरू
- 33:35करने के लिए। क्योंकि बाद में तो वो खुद
- 33:37ही बनता चला जाता है। तो ये एक रिएक्शन
- 33:39है। आप टिन भी ले सकते थे इसकी जगह बट
- 33:40आयरन इज़ द प्रेफर्ड मेथड। ठीक है? मूविंग
- 33:43फॉरवर्ड। नेक्स्ट। अमोनोलिसिस ऑफ़ अल्काइल
- 33:46हैलाइड। अब आप अल्काइल हैलाइड में
- 33:48अमोनोलिसिस करना चाह रहे हो। कुछ नहीं।
- 33:50नाम से सुनो। अमोनो अमोनिया समथिंग
- 33:53रिलेटेड लिसिस मतलब ब्रेकडाउन और अल्काइल
- 33:56हैलाइड मतलब आर एक्स की प्रेजेंस में
- 33:58अल्काइल हैलाइड की प्रेजेंस में अमोनिसिस
- 34:01करने जा रहे हो अमोनिया की प्रेजेंस में
- 34:03कुछ ब्रेक डाउन करने वाले हो अल्काइल
- 34:05हैलाइड का बेसिकली मतलब अगर मैंने बोला एक
- 34:07R एक्स वाला ग्रुप है हमारे पास तो इस बार
- 34:10एक अमोनिया हो सकता है ना अमोनिया के पास
- 34:13लोन पेयर ऑफ इलेक्ट्रॉन होते हैं और इसी
- 34:15रीज़न की वजह से ये वर्क करता है एज़ अ
- 34:17न्यूक्लियोफाइल है ना ये एज़ अ
- 34:19न्यूक्लियोफाइल काम करता है। अच्छा कार्बन
- 34:21हैलोजन के बॉन्ड में सबको पता है पार्शियल
- 34:23नेगेटिव पार्शियल पॉजिटिव चार्ज होता है।
- 34:26अगर ये अमोनिया के लोन पेयर ऑफ़ इलेक्ट्रॉन
- 34:28इसको देखते हैं तो ये इस पे अटैक कर सकते
- 34:30हैं। बिल्कुल कर सकते हैं। भाई
- 34:31न्यूक्लियोफाइल की तरह काम करेगा। तो ये
- 34:33क्या करेगा? ये जाके इसमें लगने की कोशिश
- 34:35करेगा। तो N R NH3X
- 34:40की तरह ये बन जाएगा। है ना? जिस पे R पे
- 34:42थोड़ा-थोड़ा पॉजिटिव और N पे थोड़ा-थोड़ा
- 34:44नेगेटिव चार्ज रह सकता। सॉरी सॉरी सॉरी X
- 34:47पे पॉजिटिव है ना? X पे सॉरी नेगेटिव है
- 34:49ना? और नाइट्रोजन पे पॉज़िटिव चार्ज रह
- 34:52सकता है। है ना? उस पे तो जो पॉज़िटिव था,
- 34:53वह तो इसी ने आके ख़ कर दिया। पर हैलोजन के
- 34:56पास जो नेगेटिव है, वह एक सॉल्ट की तरह
- 34:58वर्क बन जाएगा। ये एक सॉल्ट की तरह बन
- 35:00गया। देखो पॉजिटिव नेगेटिव दोनों ग्रुप
- 35:02प्रेजेंट हैं। अब फर्दर इसको आप रिएक्ट
- 35:04कराते हो जब अल्कोहलिक सॉल्यूशन में, तो
- 35:06ये बना के देता है अमीन। अगर आप फर्दर
- 35:08इसको रिएक्ट कराओगे अल्कोहलिक सॉल्यूशन
- 35:10में। अल्कोहलिक जैसे कि अल्कोहलिक एसिड
- 35:12लाइक की मतलब बेसिक सॉल्यूशन में। जैसे
- 35:13NaOH अगर आप इसी को फर्दर NaOH से रिएक्ट
- 35:16करा दोगे। है ना? तो क्या हो जाएगा? क्या
- 35:19हो जाएगा? ये जो Na वाला ग्रुप है वो X को
- 35:22लेके बाहर निकल सकता है। है ना? NaX बाहर
- 35:25निकल सकता है। Na निकल सॉरी Na निकल गया।
- 35:27X निकल गया। क्या बचा? R बचा NH3 बचा। ये
- 35:30बन जाएगा RNH2
- 35:33और साथ ही साथ NaX बाहर निकल गया। है ना?
- 35:36प्लस हाइड्रोजन और OH बचा। H2O बाहर निकल
- 35:39गया। और इस रिएक्शन के हिसाब से हमने बना
- 35:41लिया 1° वाला अमीन। चलो वापस समझते हैं।
- 35:44है ना? आपने एक अल्काइल या बेंज़ाइल हैलाइड
- 35:46को लिया। इथ इथेनॉलिक सॉल्यूशन ऑफ अमोनिया
- 35:49लेके जाते हो। जो हमने अमोनिया लिया है ना
- 35:51जो हमने अमोनिया लिया है ना उसका आप
- 35:53इथेनॉलिक सॉल्यूशन लेके जाते हो
- 35:57इथेनॉलिक सॉल्यूशन थोड़ा सा इथेनॉल की
- 36:00प्रेजेंस में। क्यों? क्या रीज़न होगा
- 36:01इसका? ताकि ये अच्छे से अटैक कर पाए ताकि
- 36:03ये अच्छे से अटैक कर पाए और इसमें लग पाए।
- 36:06ठीक है? तो इसको आप यूज़ करते हो
- 36:07न्यूक्लियोफिलिक सब्सीट्यूशन यहां पे होता
- 36:09है। और जो हैलोजन एटम है उसे आप एक अमीन
- 36:11ग्रुप से रिप्लेस कर देते हो। ठीक है? यस
- 36:14मैम। ये होता है CX बॉन्ड को तोड़ते तोड़ने
- 36:16में और इसी मॉलिक्यूल को तोड़ने में आप
- 36:18बोलते हो अमोनिसिस। क्यों? क्योंकि
- 36:20अमोनिया की प्रेजेंस में इसका लिसिस हो
- 36:22गया। ब्रेक डाउन हो गया। तो अमोनोलिसिस
- 36:25इसका नाम हो जाता है। रिएक्शन को आप करते
- 36:27हो अराउंड 373 केल्विन टेंपरेचर पे और एक
- 36:29सील्ड ट्यूब में ट्यूब में ये रिएक्शन की
- 36:31जाती है ताकि बाहर से कोई भी एटमॉस्फेयर
- 36:34की गैसेस उसमें इन्वॉल्व ना हो पाए।
- 36:36प्राइमरी अमीनस को आप ऑब्टेन करते हो और
- 36:38ये एक न्यूक्लियोफाइल की तरह वर्क करता है
- 36:40हमारा अमोनिया। फर्दर रिएक्ट करेगा
- 36:42अल्काइल हैलाइड से और सेकेंडरी और टर्शरी
- 36:44भी बना सकता है। इनफैक्ट ये क्वार्टनरी
- 36:46अमोनियम साल्ट भी बना सकता है। अब वापस से
- 36:48थोड़ा कंफ्यूज हो आए होंगे। पर टेंशन मत
- 36:50लो। अभी हम इसी में समझेंगे ये बात को।
- 36:51पहले रिएक्शन देख लो। है ना? फर्दर जब
- 36:53मैंने इसको रिएक्ट कराया NaOH से तो
- 36:55RNH2H2O
- 36:56और NaX बन गया जो मैम ने आपको यहां पे
- 36:59बताया। ठीक है? अब ये रिएक्शन यहां पे
- 37:01रुकती नहीं है। ये रिएक्शन यहां पे रुकेगी
- 37:03नहीं। ये रिएक्शन फर्दर होगी। फर्दर कैसे
- 37:06होगी? ये फर्दर रिएक्ट कर जाएगा RX से।
- 37:09ठीक? और ये RX से रिएक्ट करके फिर सेम
- 37:12कहानी R 2 NH बना लेगा। है देखो दो
- 37:16अल्काइल ग्रुप लग गए। नाइट्रोजन लग गया।
- 37:18एक हाइड्रोजन रह गया। HX बाहर निकल गया।
- 37:21है ना? फिर ये अभी भी नहीं रुकेगा। ये
- 37:23वापस से RX से ये रिएक्शन करने लग जाएगा
- 37:26और बना लेगा R3N
- 37:29है ना? और वापस से HCl जो है वो HX जो है
- 37:31वो बाहर निकल जाएगा। है ना? HX बाहर निकल
- 37:34जाएगा। ठीक? तो R3N बन गया। ये रिएक्शन
- 37:37यहां पे भी नहीं रुकेगी। सोचो। ये रिएक्शन
- 37:39यहां पे भी नहीं रुकेगी। ये फर्दर रिएक्ट
- 37:41करेगा RX के साथ और ये अबकी बना लेगा। अब
- 37:45की देखो ये क्या बनाएगा? ये बना लेगा। चार
- 37:48अल्काइल ग्रुप है R4 एक नाइट्रोजन है N एक
- 37:52हैलोजन है X N + X- यानी कि ये क्या बना
- 37:55रहा है? अगर आप इस रिएक्शन को देखो तो ये
- 37:571° अमीन भी बना सकता है। यहीं पे ये 2°
- 38:00वाला अल्काइल अमीन 2° वाला भी अमामीन बना
- 38:03रहा है। इतना ही नहीं ये 3° वाला भी बना
- 38:05रहा है। और यहां पे भी ये ना रुकते हुए ये
- 38:07सीधा-सीधा क्वार्टनरी अमोनियम सॉल्ट बना
- 38:10रहा है। क्वार्टनरी
- 38:12क्वार्टनरी
- 38:15अमोनियम
- 38:17सॉल्ट। ठीक है? थोड़ा सा डॉक्टर वाली
- 38:19राइटिंग लिख दिया समझ जाना तो। इन शॉर्ट
- 38:21यहां पे चारों कार्बन को ये अंदर भेज सकता
- 38:23है और सारे हाइड्रोजन को बाहर निकाल सकता
- 38:25है। अच्छा अब थोड़ा सा दिमाग तो घूम गया
- 38:27मैम। अमोनोलिसिस हम समझ गए। अमोनोलिसिस
- 38:29में रिएक्शन रुकती नहीं है। वो रिएक्शन
- 38:31कहां तक हो सकती है? जब तक अमोनिया का
- 38:33साल्ट ना बन जाए। है ना? यस मैम। तो क्या
- 38:36हम कभी भी इससे एक अमीन नहीं ले सकते। आप
- 38:38ये कहना चाह रहे हो ना मैम कि एक अगर मुझे
- 38:40ये बनाना है कोई भी 1 डिग्री अमीन तो ये
- 38:41नहीं बन सकता। क्योंकि उसके बाद बहुत सारे
- 38:43प्रोडक्ट्स बनने लग जाएंगे। तो ये बन सकता
- 38:45है। पर उस केस में आपको क्या करना है?
- 38:47देखो ये जो प्रोडक्ट बने हैं ना बेटा इतने
- 38:49सारे ये इसीलिए बने हैं। देखो चार
- 38:50प्रोडक्ट्स हमने देखे बन गए। हमने देखा
- 38:53रिएक्शन में चार प्रोडक्ट्स बन गए। 1 2 3
- 38:564 ठीक? चार प्रोडक्ट्स कब बने? जब rx
- 39:00एक्सिस में लिया हो। ठीक? तो क्या ये
- 39:03रिएक्शन हम तब कर सकते? अगर हमें 1° बनाना
- 39:05है केवल। केवल एक प्रोडक्ट बनाना है। तो
- 39:07इस रिएक्शन में क्या किया जा सकता है कि
- 39:09RX को एक्सिस में ना लेते हुए आप आप NH
- 39:12वाले ग्रुप को जो NH2 वाला ग्रुप है उसको
- 39:14एक्सेस में रख दो। अमीन को एक्सेस में रख
- 39:17दो। है ना? तो उस कंडीशन में आप इस
- 39:19रिएक्शन को रोक भी सकते हो। चलो पूरी
- 39:21चीजें समझते हैं। एनसीआरटी में कैसे लिखी
- 39:23है। अमोनोलिसिस के पास क्या है?
- 39:25डिसएडवांटेज है कि यहां पे मिक्सचर ऑफ़
- 39:26प्राइमरी, सेकेंडरी, टर्शरी अमीन मिलते
- 39:28हैं और क्वार्टनरी अमोनियम साल्ट तक मिल
- 39:30जाते हैं। जिनको फिर सेपरेट वगैरह करना
- 39:32पड़ता है। हाउएवर प्राइमरी अमीन केवल अगर
- 39:34मुझे चाहिए मेजर प्रोडक्ट में तो मैं
- 39:36लार्ज एक्सेस में अमोनिया वाला ग्रुप उठा
- 39:38लूंगी। ये जो हमने ये स्टार्टिंग में
- 39:39अमोनिया लिया है ना ये। ये हम एक्सेस में
- 39:41उठा लेंगे इस बार। ठीक है? अमीन बोल लो,
- 39:43अमोनिया बोल लो, अमोनिया वाले ग्रुप को इस
- 39:45बार एक्सेस में लेना है हमें। तो इस
- 39:47कंडीशन में ये रिएक्शन हो जाएगी। अच्छा अब
- 39:50जैसे हम RX लिख रहे हैं उसमें सबसे अच्छा
- 39:52कौन सा हैलोजन हो सकता है? बताओ बताओ।
- 39:54देखो मुझे तो ऐसा लगता है आपने बता दिया
- 39:55होगा आंसर। है ना? सबसे अच्छा हैलोजन
- 39:57हमारा आयोडीन हो सकता है। देखो फ्लोरीन,
- 39:59क्लोरीन, ब्रोमीन, आयोडीन। जैसे-जैसे हम
- 40:01नीचे आते हैं जो हमारा सबसे नीचे आयोडीन
- 40:03होता है वो बहुत जल्दी रिएक्शन में लिविंग
- 40:05ग्रुप बन जाता है। भाई यहां पे लिविंग
- 40:06ग्रुप ही तो है। एक तरीके से इसको तोड़ना
- 40:08है। इसको हमें हटाना है। तो आयोडीन जो है
- 40:10वो एक साइज में बड़ा एटम होता है। तो वो
- 40:12तुरंत-तुरंत हट के निकल सकता है। तो
- 40:14आयोडीन सबसे अच्छे से ये रिएक्शन दिखाएगा।
- 40:16फिर ब्रोमीन और फिर क्लोरीन और लास्ट में
- 40:18फ्लोरीन तो बहुत ही कम रिएक्शन दिखाएगा।
- 40:20है ना? तो इस तरीके से इसका पूरा का पूरा
- 40:22मेथड यहां पे लिखा है। सेम चीज़ मैंने आपको
- 40:24बताई। क्वार्टिनरी अमोनियम साल्ट तक की
- 40:26हमें चीजें ऑब्टेन हो जाती हैं। किसमें?
- 40:28अमोनोलिसिस में। मूविंग फॉरवर्ड। क्या हम
- 40:30रिडक्शन कर सकते हैं? अभी मैंने बोला था
- 40:31वो रिएक्शन हम आगे पढ़ने वाले हैं। बस वही
- 40:33रिएक्शन सेम रिएक्शन। RCONH2 मैंने एक
- 40:36अमाइड उठा लिया और मैंने बोला मुझे ना
- 40:37अमाइन बनाना है। मतलब RNH2 बनाना है। अब
- 40:40यहां पे देखो क्या होगा? क्या होगा?
- 40:43RCONH2 को लो इन द प्रेज़ेंस ऑफ़ आप ले जाओ
- 40:46इसको एक रिड्यूसिंग एजेंट। तो ये रिड्यूस
- 40:48हो जाएगा। मतलब ये ग्रुप ऑक्सीजन का हटके
- 40:50इसको हाइड्रोजन दे देगा। H2 दे देगा। तो
- 40:53ये बन जाएगा RCH2NH2
- 40:56और यहां पे अमाइड से आप रिडक्शन करके
- 40:58अमाइंस को ऑब्टेन कर सकते हो। तो वो पहले
- 41:00पेज में भी लिखा था साइनाइड, अमाइड और और
- 41:02क्या था? और क्या था? नाइट्रो ग्रुप। किसी
- 41:04को भी आप रिडक्शन कर दो। ऑक्सीजन बाहर
- 41:07निकालो उसका हाइड्रोजन अंदर भेजो। तो आप
- 41:09बना सकते हो अमाइंस वाले ग्रुप। नेक्स्ट।
- 41:11क्या हम अमोनिया को किसी और तरीके से बना
- 41:13सकते हैं? तो बिलकुल। अमीन को हम और तरीके
- 41:15से बना सकते हैं? यस। एक बहुत फेमस मेथड
- 41:17है गैब्रियल थैलेमाइड सिंथेसिस। गैब्रियल
- 41:19साल्ट को लेके गैब्रियल को पहले का साल्ट
- 41:21बनाओ। फिर उसको सिंथेसाइज कर दो। ठीक? तो
- 41:24गैब्रियल थैलेमाइड सिंथेसिस पहले गैब्रियल
- 41:26थैलेमाइड इसमें क्या करते हो? थैलेमाइड को
- 41:28यूज़ करते हो। थैलेमाइड क्या होता है? अगर
- 41:30मैं एक बेंजीन को ले लूं उससे दो COCO
- 41:33ग्रुप लगा दूं। ठीक? एक बेंजीन ले लो। C
- 41:35डबल ब्ड O नीचे भी C डबल ब्ड O लगा दो। और
- 41:37दोनों को एक नाइट्रोजन हाइड्रोजन से जोड़
- 41:39दो। NH ग्रुप से जोड़ दो। तो ये बन जाता है
- 41:41हमारा थैलेमाइड। ठीक है? थैलेमाइड क्या
- 41:43होता है? बेंजीन लो। थैलेमाइड क्या होता
- 41:45है? बेंजीन लो। है ना? और अगर आप इस
- 41:49बेंजीन से दो लगा दो CO ग्रुप C डबल ब्ड O
- 41:53C डबल ब्ड O और N H ठीक इस रिएक्शन को अगर
- 41:57आप पास करोगे KOH से है ना पोटैशियम
- 42:00हाइड्रोक्साइड से तो ये थैलेमाइड सॉल्ट
- 42:03बनाता है अपना ये जो बेंजीन है बेंजीन में
- 42:06लगा था C डबल ब्ड O C डबल ब्ड O है ना और
- 42:10लगा है N है ना N के साथ क्या होगा ये H
- 42:14और ये OH आपस में मिलके H2O बाहर
- 42:17निकालेंगे। n k पॉजिटिव n नेगेटिव ये आपस
- 42:20में अंदर आ जाएंगे भाई n नेगेटिव कैसे बोल
- 42:22दिया मैम आपने लोन पेयर होते हैं ना इसलिए
- 42:24ठीक तो ये अंदर आ जाएगा ठीक है तो ये बन
- 42:27जाएगा nk nk पॉजिटिव नेगेटिव फर्दर आप अगर
- 42:32इसको रिएक्ट करा दोगे
- 42:34rx की प्रेजेंस में rx की प्रेजेंस में
- 42:37जिसमें आयोडाइड सबसे अच्छा रिएक्ट करेगा
- 42:38एंड सो ऑन सो ऑन ठीक है तो सेम कहानी ये
- 42:41क्या है नेगेटिव पॉजिटिव है ना ये अंदर आ
- 42:44जाएगा और kx आपस में बाहर निकल जाएंगे
- 42:47माइनस होगा KX और ये थैलेमाइड वाले ग्रुप
- 42:50जो था हमारा
- 42:52इससे क्या लग जाएगा? बेंजीन है।
- 42:55उस बेंजीन में C डबल ब्ड O C डबल ब्ड O
- 42:59यहां पे लगा है N और इसके साथ लग जाएगा R
- 43:02ग्रुप। है ना? इट कुड बी अल्काइल ग्रुप और
- 43:04एनी ऑफ़ द ग्रुप। ठीक है? अब फर्दर इसको आप
- 43:06रिएक्ट करते हो एक बेस के साथ। जैसे कि
- 43:08NaOH के साथ रिएक्ट कर सकते हो। ठीक है?
- 43:10अगर आप इसे फर्दर रिएक्ट करते हो, तो यह
- 43:13जो बेंजीन वाला ग्रुप है, यह जो बेंजीन
- 43:16वाला ग्रुप है, है ना? C डबल बॉन् = O, C
- 43:19डबल बॉन्ड ONa
- 43:21अंदर आएगा, ONa अंदर आएगा। है ना? ONa ONa
- 43:25टू टाइम्स आपने लिया ये जैसे। ठीक? तो ONa
- 43:28Na इसके अंदर चला जाएगा जो कि ये सॉल्ट बन
- 43:30जाएगा। इसकी जगह कई लोग वाटर भी लेते हो,
- 43:31उसको भी समझा दूंगी मैं। ठीक है? तो यहां
- 43:33पे O NaON Na अंदर चला जाएगा। बचा क्या
- 43:35सोचो? सोचो क्या बचा रिएक्शन में? रिएक्शन
- 43:37बचा NR बच गया मैम और H बच गया यहां पे
- 43:39दो। तो क्या बन गया? R N और दो H RNH2 तो
- 43:44रिएक्शन बच गया R NH2
- 43:47इस रिएक्शन से आप ऑब्टेन करते हो प्राइमरी
- 43:51अमीन
- 43:52है ना यहां पे आप प्राइमरी अमीन को ऑब्टेन
- 43:55करते हो। कौन सी रिएक्शन है? गैब्रियल
- 43:56थैलेमाइड सिंथेसिस रिएक्शन। नहीं समझ में
- 43:58आई तो वापस से सुनना। आप यहां पे थैलेमाइड
- 44:00लेते हो। ठीक है? यानी कि R जो भी एराइल
- 44:03ग्रुप है C डबल ब्ड O C डबल ब्ड O NH वाला
- 44:06ग्रुप। ठीक है? इसको पहले आप क्या करते
- 44:07हो? दिस n देखो n से को हटा के डायरेक्टली
- 44:10अल्काइल ग्रुप लगाना इज वेरी डिफरेंट
- 44:11डिफिकल्ट क्यों डिफिकल्ट है क्योंकि वो
- 44:13अल्काइल ग्रुप ही हाइड्रोजन को ले के बैठ
- 44:15जाएगा तो हम वो रिएक्शन नहीं कर पाएंगे तो
- 44:16पहले हम इसको पोटैशियम से रिप्लेस करेंगे
- 44:18पोटेशियम या आप सोडियम मिला सकते हो ठीक
- 44:20है तो हमने क्या किया पोटेशियम
- 44:22हाइड्रोक्साइड कर दिया ताकि पोटैशियम का
- 44:23एक सॉल्ट बने यहां पे अब फर्दर इसको
- 44:25अल्काइल है हेलाइड से रिएक्ट करवाओ तो
- 44:27क्या होगा ये पोटैशियम जो है ये बहुत ये
- 44:29एक बहुत एक्टिव मेटल है सबको पता है ये
- 44:31तुरंत तुरंत हैलोजन के साथ रिएक्शन करना
- 44:33चाहेगा तो KX बाहर निकल जाएगा और R वाला
- 44:36ग्रुप जो है वो अंदर चला जाएगा| ठीक है ये
- 44:37हमारा ग्रुप बन गया। फर्दर मैं इसको क्या
- 44:39बोलूंगी? सोडियम हाइड्रोक्साइड से पास कर
- 44:41दो। तो क्या होगा? ये जो RNH2 आप बना रहे
- 44:43हो ये बन गया ONaON इसमें लग गया। यानी कि
- 44:46एक थैलेमिक एक थैलेम थैले थैलिक एसिड जैसा
- 44:49ग्रुप बन गया। है ना? सोडियम थैलेमाइड बन
- 44:51गया। यहां पे H भी लग सकता था। थैलिक एसिड
- 44:54भी बना सकते थे जो मैंने आपको बताया। हो
- 44:55सकता है आप कई लोग यहां पे बोलेंगे HOH ले
- 44:58लो। मतलब मैंने पानी को HOH की तरह लिख
- 45:00दिया। ठीक है? टू टाइम्स HOH भी ले सकते
- 45:02थे। तो बेंजीन से डायरेक्टली क्या लगता?
- 45:03OHOH ग्रुप लग जाता जो की उसे थैलिक एसिड
- 45:06बना देता। और यहां पे H2 अंदर आ जाता तो
- 45:08वो OH भी आ सकता था। बाकी आप NaOH से भी
- 45:11OH को अंदर ला सकते हो। डिपेंडिंग कि आप
- 45:12क्या ले रहे हो। ठीक है? इस तरीके से आप
- 45:14ये रिएक्शन करते हो और प्राइमरी अमीन। अब
- 45:16एक क्वेश्चन आता है दिमाग में सेकेंडरी और
- 45:18टर्शरी। चलो ठीक है हटा दो। हां मैम दो
- 45:20हाइड्रोजन अंदर भेजेंगे तो प्राइमरी ही
- 45:22बनेगा केवल। दूसरी चीज़ क्या हम यहां पे
- 45:24अराइल वाली रिएक्शन भी कर सकते थे? मैं
- 45:26बोलती कि यार RX में ना ये एक अराइल ग्रुप
- 45:29ले लिया मैंने। तो क्या ये रिएक्शन होती?
- 45:30आंसर इज़ नो। ये रिएक्शन उस केस में नहीं
- 45:32होती। क्वेश्चन इज़ क्यों? आंसर इज़ नो। बट
- 45:34क्वेश्चन इज़ क्यों? यहां पे अगर हम अराइल
- 45:36ग्रुप लेते तो ये अंदर नहीं आ के लगता।
- 45:38क्यों? क्योंकि अराइल एक न्यूक्लियोफाइल
- 45:40है। है ना? अ सॉरी न्यूक्लियोफाइल कह रहे
- 45:42हैं। अराइल क्या है? उसमें रेजोनेंस है।
- 45:44उसमें क्या है? डीलोकलाइज्ड पाई
- 45:45इलेक्ट्रॉन है। आपने कितने लोगों ने मेरे
- 45:47साथ ये बात पढ़ी है। सच-सच बताना कमेंट
- 45:49सेक्शन में। क्या ये बात याद है? हमने
- 45:51पहले भी ये बात बोली है कि यार आप जो
- 45:53रिएक्शन कर रहे हो ना उसमें बेंजीन वाली
- 45:55जो रिंग है जो हैलो एअरिंस हमारे होते थे।
- 45:58हमारे हैलो एअरिंस जो होते थे। हमारे हैलो
- 46:01एअरिंस जो होते थे वो न्यूक्लियोफिलिक
- 46:03रिएक्शन नहीं दिखाते थे जल्दी। भाई वो खुद
- 46:05ही अपने पास इलेक्ट्रॉन के उससे परेशान
- 46:07है। इलेक्ट्रॉन घूमा जा रहा है। घूमा जा
- 46:09रहा है घूमर घूमर है ना तो वो इतनी जल्दी
- 46:12ये रिएक्शन नहीं दिखा सकते थे क्योंकि
- 46:13नाइट्रोजन में भी लोन पेयर ऑफ इलेक्ट्रॉन
- 46:15थे। तो वो रिएक्शन यहां पे नहीं होती।
- 46:17अराइल के साथ ये रिएक्शन नहीं होगी। ये उस
- 46:19पे अटैक करने ही नहीं जा पाएगा। क्यों
- 46:20नहीं जा पाएगा? यहां पे एक्चुअली में हो
- 46:22क्या रहा है? नाइट्रोजन अटैक कर रहा है।
- 46:23बॉन्ड को तोड़ रहा है और खुद अल्काइल
- 46:25ग्रुप को अंदर ले ले रहा है। kx को बाहर
- 46:26निकाल दे रहा है। पर ये नाइट्रोजन अराइल
- 46:28में कभी जाता ही नहीं। क्यों? क्योंकि
- 46:30अराइल में डीलोकलाइज्ड पाई इलेक्ट्रॉन है।
- 46:32बोर्ड में क्वेश्चन घुमाया गया इसलिए बता
- 46:33रही हूं। ठीक है? डीलोकलाइज्ड पाई
- 46:35इलेक्ट्रॉन है तो वो ये रिएक्शन कैसे
- 46:36करेगा? यहां पे तो न्यू ये जो नाइट्रोजन
- 46:38है वो खुद न्यूक्लियोफाइल है। तो
- 46:39न्यूक्लियोफाइल अटैक करना नहीं चाहेगा
- 46:41जल्दी बेंजीन पे। तो इसीलिए वो रिएक्शन
- 46:43नहीं होगी। थैलेमाइड। चलो भाई पढ़ते हैं
- 46:44एनसीआरटी क्या कह रही है हमारी? थैलेमाइड
- 46:46रिएक्ट करता है अल्कोहलिक पोटैशियम
- 46:48हाइड्रोक्साइड से और पोटैशियम थैलीमाइड
- 46:51बनाता है। दिस इज़ पोटेशियम थैलीमाइड।
- 46:53थैलामाइड नहीं थैलीमाइड। और ये अल्कोहलिक
- 46:55फॉर्म में लेना होता है। ठीक है? यस मैम।
- 46:57इट नाउ रिएक्ट्स विद अल्काइल हैलाइड। और
- 47:00इस तरीके से ये एन सब्स्टट्यूटेड थैलीमाइड
- 47:02बना देगा। वैसे मैंने आपको पूरी रिएक्शन
- 47:04बता दी। आप चाहो तो यहां पे देख सकते हो।
- 47:05देखो H2O के साथ कराओगे तो COOH वाला
- 47:07ग्रुप बनेगा। ठीक है? दिस ऑन हाइड्रोलिसिस
- 47:09कर दोगे आप इसको तो ये प्राइमरी अमाइन बना
- 47:12देगा। ठीक है? मतलब जो आप NaOH ले रहे हो
- 47:14उसको थोड़ा सा एसिड की प्रेजेंस में रखना।
- 47:16ठीक है? यस मैम। थ लिमिटेशन क्या है?
- 47:18अराइल हैलाइड डू नॉट अंडरगो
- 47:20न्यूक्लियोफिलिक सब्सीट्यूशन रिएक्शन। तो
- 47:22जो एनायन फॉर्म हो रहा है थैलेमाइड में वो
- 47:24यहां पे केवल प्राइमरी अमीन ही बना सकता
- 47:26है और कोई भी ग्रुप यहां पे नहीं फॉर्म
- 47:28होता है। ठीक है? तो इस तरीके से हमारी
- 47:30रिएक्शन हो गई। इसको आप यूज़ करते हो फॉर द
- 47:32प्रिपरेशन ऑफ प्राइमरी अमीन। थैलेमाइड को
- 47:34ट्रीट करते हो। इथेनॉलिक पोटैशियम
- 47:35हाइड्रोक्साइड। ये पूरा एज़ इट इज़ रिपीट
- 47:37करके लिखा हुआ है। यहां पे बस सोडियम वाली
- 47:39रिएक्शन दिखाई थी जो मैंने आपको दिखाई।
- 47:41ठीक है? तो आप इसको किसी भी तरीके से
- 47:42समझो। बेसिकली मैंने पूरा मेथड यहां पे
- 47:44आपको समझा दिया है। ऑलराइट। मूविंग
- 47:47फॉरवर्ड। हॉफमैन ब्रोमाइड डिग्रेडेशन
- 47:50रिएक्शन। और ये रिएक्शन बोर्ड्स में बहुत
- 47:52बार पूछी गई है। बहुत बार पूछी गई है। नेम
- 47:53रिएक्शन है। देखो मैं तो इसको बोलती हूं
- 47:55एक ट्रिक्स हमेशा याद रखो। मैं बोलती हूं
- 47:57इसको ऐसे याद ही मत करो। जैसे लोग आपको
- 47:59याद कराएं आप इसको वैसे याद मत करो। आप
- 48:01बोलो ये हॉफमैन इसका नाम है हॉफमैन।
- 48:06हॉफमैन बन जा भाई सही से। हॉफ मैन
- 48:12ब्रोमामाइड
- 48:16डिग्रेडेशन रिएक्शन।
- 48:20ठीक? अब नाम से समझो। देखो हॉफमैन
- 48:23ब्रोमाइड से तो कुछ समझ नहीं आया। लेकिन
- 48:24डिग्रेडेशन से कुछ समझ में आया। कुछ बाहर
- 48:26जा रहा है। ठीक है? अब सुनो पहले यहां पे
- 48:28आप क्या लेते हो? आप एक अमाइड ग्रुप लेते
- 48:29हो। आप एक अमाइड ग्रुप लेते हो। अमाइड
- 48:31मतलब RCONH2 वाला ग्रुप। R C O NH2
- 48:37वाला ग्रुप। इसको आप रिएक्ट कराते हो KOH
- 48:39की प्रेज़ेंस में और इन द प्रेज़ेंस ऑफ़
- 48:41CHCl3।
- 48:42ठीक है? इन द प्रेज़ेंस ऑफ़ सॉरी CHCl3 बोल
- 48:44रही हूं ब्रोमीन। KOH इन द प्रेज़ेंस ऑफ़
- 48:46ब्रोमीन।
- 48:48इन द प्रेज़ेंस ऑफ़ KOH। अब मैं बोलती हूं
- 48:51इस रिएक्शन का नाम ही बदल दूं। इसको बोलो
- 48:53खौफ मैन।
- 48:55खौफ मैन
- 48:58खौफ मैन मतलब मतलब ये जो हमारा एक मैन है
- 49:01ना इसको खौफ है किसी चीज से क्या मतलब है
- 49:03मैम इसका देखो इस पूरी रिएक्शन में इस
- 49:06पूरी रिएक्शन में ये जो CO वाला ग्रुप है
- 49:08C डबल ब्ड O इसको खौफ है। इसको क्या है?
- 49:12खौफ है। क्या है इसको? ये खौफ है इसको।
- 49:14किससे खौफ है? एक मैन से खौफ है। कौन है
- 49:16वो मैन? ये बोल रहा है यार मैं यहां पे
- 49:19बिल्कुल भी सेफ नहीं फील कर रहा हूं। मैं
- 49:20यहां पे सेफ नहीं हूं। है ना? समझ रहे हो?
- 49:23तो इसको बाहर निकालना है। खौफ मैन
- 49:25ब्रोमामाइड डिग्रेडेशन इसको डिग्रेड करने
- 49:28कोई आने वाला है। इसीलिए इसको खौफ है। खौफ
- 49:30है इसको किसको? CO ग्रुप को। बस इसी तरीके
- 49:33से इसको याद रखो। यहां पे खौफ है CO को।
- 49:35CO को क्या है? खौफ है। क्यों? क्योंकि वो
- 49:37डिग्रेड होने जा रहा है। तो उसको कोई बाहर
- 49:39निकालने आ रहा है। ठीक? तो पोटेशियम के
- 49:42साथ ये रिएक्शन होती है। और इस रिएक्शन
- 49:44में ये पोटेशियम इसको K2CO3 बना देता है।
- 49:47ठीक? मतलब पोटेशियम जाके उसके साथ लग
- 49:49जाएगा। ठीक है? साथ ही साथ पोटैशियम और
- 49:51ब्रोमाइड बचा तो KBr बनता है और H और OH
- 49:54बना तो H2O भी बनता है। पर मेन ग्रुप क्या
- 49:56बनेगा मैम? ध्यान से देखो इसको खौफ है तो
- 49:58इस पूरे ग्रुप को हटा दो। इस पूरे ग्रुप
- 50:01को हटा दो। ये हटा दोगे तो क्या बन जाएगा?
- 50:03बन जाएगा R NH2।
- 50:06तो ये आपके हॉफबैन ब्रोमाइड के प्रोडक्ट्स
- 50:10होते हैं। ठीक? तो यहां पे खौफ था। और
- 50:12यहां पे अगर आप देखोगे तो क्या हुआ? यहां
- 50:14पे हो गया डिसेंट ऑफ चेन।
- 50:17है ना? C डबल ब्ड O था पर रिएक्शन में
- 50:20यहां पे दो कार्बन है पर रिएक्शन के
- 50:22प्रोडक्ट में केवल और केवल एक कार्बन है।
- 50:24तो अगेन अगर आपको कम कार्बन वाला प्रोडक्ट
- 50:26चाहिए मतलब मैंने आपसे बोला मैंने आपसे
- 50:29बोला ये क्या है? ये एक अमाइड वाला ग्रुप
- 50:30है। है ना? मैंने बोला प्रोपेन अमाइड से
- 50:33बताओ कौन सा वाला अमीन बनता है? तो आप
- 50:35बोलोगे मैम उससे बनेगा इथेन अमाइन। मैंने
- 50:38बोला इथेन अमाइड से इथेन वाला अमाइड है तो
- 50:41कौन सा अमाइन बनाओगे? बोलो मिथेन अमाइन।
- 50:43मतलब एक कम कार्बन वाला आपको अमाइन ऑब्टेन
- 50:45होता है इस रिएक्शन में। ठीक है? चलो इस
- 50:47रिएक्शन को हम वापस समझते हैं। एक
- 50:48प्राइमरी अमाइड को उठाते हैं। उसको हीट
- 50:50करते हैं ब्रोमीन के साथ KOH की प्रेजेंस
- 50:52में। ठीक है? प्राइमरी अमीन जिसके पास एक
- 50:55कार्बन है वो कम कार्बन वाला एक अमाइड बना
- 50:57देगा। ठीक है? इन दिस रिएक्शन अमाइड
- 50:59ऑक्सीडाइज हो जाएगा प्राइमरी अमीन में।
- 51:01सेकेंडरी और टर्शरी अमाइंस इस रिएक्शन से
- 51:04आप नहीं बना सकते। तो याद रखना हॉफबैंड
- 51:06ब्रोमोमाइड मेथड सिर्फ और सिर्फ प्राइमरी
- 51:08अमीन में ही होता है। अच्छा आप पूछ सकते
- 51:10हो मैम क्यों नहीं होता सेकेंडरी या
- 51:11टर्शरी में? तो आप देख रहे हो यहां पे कि
- 51:13यहां पे पूरा CO ग्रुप हटेगा। तो अगर यहां
- 51:15पे भी कुछ लगा होगा तो वो रिएक्शन इतनी
- 51:17ईजीली नहीं हो पाएगी। सेकेंडरी एंड टर्शरी
- 51:19अमीनस आर नॉट फॉर्म्ड बाय दिस मेथड। तो
- 51:21RCNH2 लिया, ब्रोमीन लिया। फोर टाइम मैं
- 51:23तो बोलती हूं इसकी हमेशा बैलेंसिंग भी
- 51:25आपको याद ही होनी चाहिए। केमिस्ट्री में
- 51:26कुछ ऐसी चीजें होती हैं। अगर उसे याद कर
- 51:28लोगे ना तो आपका ये टाइम बचेगा एग्जाम के
- 51:31टाइम पे। ठीक है? तो यहां पे क्या होगा?
- 51:33खौफ मैन। ये CO को भाई साहब को खौफ है।
- 51:36क्या है? खौफ है। तो ये क्या करेगा? ये CO
- 51:39को पोटेशियम पकड़ेगा पोटैशियम ऑक्सीजन के
- 51:41साथ K2CO3 बना देगा। ठीक है? K2CO3 बना
- 51:44लेगा। पोटैशियम ब्रोमीन को भी पकड़ के
- 51:46निकलेगा और H2O बना लेगा और साथ ही साथ
- 51:47बचा हुआ ग्रुप अपना अमीन बन जाएगा। जब आप
- 51:50कन्वर्शन करते हो तो आपको बाय प्रोडक्ट की
- 51:51एज सच बहुत जरूरत भी नहीं पड़ेगी। ठीक है?
- 51:53और इसी तरीके से आप देखो बेंजीन में भी कर
- 51:54सकते थे ये रिएक्शन। पर याद रखना ये हमेशा
- 51:56प्राइमरी अमीनस के साथ होता है। चाहे कोई
- 51:58भी अमीन हो पर वो प्राइमरी होना चाहिए
- 52:00केवल। ठीक है? तो यस। तो इस तरीके से ये
- 52:02हमारी रिएक्शन हो गई। चलो भाई मूविंग
- 52:04फॉरवर्ड फिजिकल प्रॉपर्टीज ऑफ अमीनस। आखिर
- 52:07अमीनस किस तरीके के होते हैं? तो देखो जो
- 52:09हमारे इनिशियल अमीनस होते हैं यानी कि जो
- 52:11स्टार्टिंग के अमीनस होते हैं उनका कोई
- 52:13कलर नहीं होता। दे आर जनरली कलरलेस। लेकिन
- 52:15अमीनस की खुद की एक कैरेक्टरिस्टिक स्मेल
- 52:18टाइप की होती है। जिसे हम अब देखो स्मेल
- 52:19को हम एज़ सच कुछ समझा नहीं सकते। तो इसमें
- 52:21बोल दिया जाता है खुद की उसकी स्मेल है
- 52:23अमोनियकल स्मेल। इट इज़ काइंड ऑफ़ अमोनियकल
- 52:26स्मेल। अमोनिया की स्मेल। लोअर एलीफैटिक
- 52:28अमीनस जो स्टार्टिंग के अमीनस होते हैं वो
- 52:30कलरलेस होते हैं। गैसियस स्टेट में होते
- 52:32हैं और उनकी अमोनिया जैसी स्मेल होती है।
- 52:35और जैसे-जैसे आप आगे बढ़ोगे कलरलेस तो वो
- 52:37रहेंगे पर उनका स्टेट लिक्विड में हो
- 52:38जाएगा। है ना? और उनकी बहुत ही खराब स्मेल
- 52:41काइंड ऑफ फिश स्मेल। तो बहुत खराब सी उनकी
- 52:43एक खुद की स्मेल होती है। अगर हम बात करें
- 52:45सॉलुबिलिटी की तो सोचो अमीन सॉल्युबल होगा
- 52:47या नहीं? होगा। क्यों होगा? क्योंकि अमीन
- 52:50के पास है हाइड्रोजन और हाइड्रोजन है तो
- 52:52वो हाइड्रोजन बॉन्डिंग बना सकता है पानी
- 52:54के साथ। और इसीलिए ये सॉल्युबल होते हैं।
- 52:56अमीनस के पास हाइड्रोजन बॉन्ड बनाने की
- 52:58ताकत होती है वॉटर मॉलिक्यूल्स के साथ। तो
- 52:59वो सॉल्युबल होते हैं। अब आप खुद से सोचो
- 53:02किसी अमीन में मैं बोलूं नंबर ऑफ कार्बन
- 53:04बढ़ा दिए मैंने। बहुत सारे कार्बन लगा दिए।
- 53:06अब बताओ अब बताओ वो अमीन सॉल्युबल होगा या
- 53:08नहीं। तो हमें पता है उसकी सॉल्युबिलिटी
- 53:09कम हो जाएगी। हम 11th क्लास से ये चीज़
- 53:11पढ़ते हुए आ रहे हैं कि जैसे-जैसे
- 53:13हाइड्रोकार्बन पोर्शन बढ़ता है किसी में
- 53:15भी। मतलब कार्बन की चेन किसी भी किसी आप
- 53:17कोई भी हैलोल्केन, हेलो एरीन उठा लो, आप
- 53:19अल्कोहल उठा लो, आप फिनोल उठा लो, आप ईथर
- 53:21उठा लो, एल्डिहाइड उठा लो, कीटोन उठा लो,
- 53:24कार्बोक्सिलिक एसिड उठा लो, कोई भी कोई भी
- 53:26मैं बता रही हूं ग्रुप उठा लो। कोई भी
- 53:28ग्रुप। जैसे-जैसे हाइड्रोकार्बन का पोर्शन
- 53:30बढ़ेगा उसमें, वैसे-वैसे क्या होगा? उसकी
- 53:33सॉल्युबिलिटी पानी के साथ कम होने लगेगी।
- 53:35क्वेश्चन आता है क्यों? क्योंकि जो अपना
- 53:36हाइड्रोकार्बन पोर्शन होता है, वो नॉन
- 53:38पोलर होता है। और नॉन पोलर पानी जो कि
- 53:41पोलर है, उसमें सॉल्युबल नहीं होगा। ठीक
- 53:43है? तो जैसे-जैसे नंबर ऑफ़ कार्बन बढ़ाओगे
- 53:45तो सॉल्युबिलिटी कम होती जाएगी। ठीक है?
- 53:47अब आप मुझे सोच के बताओ 10 सेकंड का टाइम
- 53:49लेना और तुरंत तुरंत बताना। ठीक है? मैंने
- 53:51बोला 1° 2° 3° तीन अमीन है। कौन सा वाला
- 53:54ज्यादा सॉल्युबल होगा? सोचो सोचो। सोच
- 53:57लिया? चलो आंसर है 1° वाला। क्यों?
- 53:59क्योंकि 3° में तीन कार्बन है, 2° में दो
- 54:02कार्बन है और 1° में केवल एक कार्बन है।
- 54:04और अभी-अभी मैंने बोला जैसे-जैसे कार्बन
- 54:06की चेन बढ़ती है या नंबर ऑफ कार्बन बढ़ते
- 54:08हैं। हाइड्रोकार्बन पोर्शन बढ़ता है तो
- 54:10सॉलीबिलिटी कम हो जाती है। तो 1° वाला
- 54:12सबसे ज्यादा सॉलुबल होगा। तो देयर फॉर
- 54:14अमीनस आर सॉल्युबल इन वाटर। सॉल्युबिलिटी
- 54:16कम होती जाती है। जैसे-जैसे आप बढ़ाते हो
- 54:19मॉलिक्यूलर मास। मतलब जो मैंने बोला नंबर
- 54:21ऑफ़ कार्बन। ठीक है? प्राइमरी अमीनस ज्यादा
- 54:23सॉल्युबल होते हैं सेकेंडरी और सेकेंडरी
- 54:25टर्शरी से ज्यादा सॉलुबल होते हैं। समझा
- 54:27दिया मैम ने? यस मैम। अल्कोहॉल्स अच्छा
- 54:30मैं बोलूं अल्कोहल ज्यादा पोलर है या फिर
- 54:32अमीन तो अल्कोहल वो बहुत स्टंग हाइड्रोजन
- 54:34बॉन्ड बनाता है। ठीक है? मोर पोलर दन
- 54:36अमीनस एंड फॉर्म स्ट्रंगर इंटरमॉलिक्यूलर
- 54:38हाइड्रोजन बॉन्ड्स दैन अमीनस। तो इनकी
- 54:40फिजिकल प्रॉपर्टी में अ सॉलीबिलिटी हो गई।
- 54:43नेक्स्ट बॉइलिंग पॉइंट। अमीनस का बॉइलिंग
- 54:45पॉइंट कैसा होता होगा? बोइलिंग पॉइंट बॉईल
- 54:48ऐसा टेंपरेचर ऐसा पॉइंट जिसमें कोई चीज
- 54:50बॉईल होना शुरू हो जाए। है ना? क्योंकि हम
- 54:52ये हाइड्रोजन बॉन्ड बनाते हैं। अच्छा एक
- 54:54तो नॉर्मल बॉन्ड जो बन रहे हैं कोवेलेंट
- 54:56बॉन्ड जो भी बाकी के बॉन्ड्स हैं वो तो है
- 54:57ही हैं। साथ ही साथ हाइड्रोजन बॉन्ड भी
- 54:59बना रहा है। तो बॉइलिंग पॉइंट थोड़ा सा
- 55:01ज्यादा हो जाएगा इसका। ठीक है? अब आप मुझे
- 55:03वापस से बताना। 10 सेकंड लो फटाफट से। 10
- 55:05सेकंड अपने आप ले लिया करो पॉज करके। ठीक
- 55:07है? आप सोचो कौन से वाले अमीन का बॉइलिंग
- 55:09पॉइंट ज्यादा होगा? प्राइमरी, सेकेंडरी या
- 55:11टर्शरी? सोच लिया? सोच लिया? तू कभी सोच
- 55:15ना सके। आई होप सो तू सोच सके। ठीक है?
- 55:17आपने सोच लिया होगा। तो चलो आंसर बताती
- 55:19हूं। प्राइमरी ऐ अमीन जो है वो ज्यादा
- 55:21बॉइलिंग पॉइंट रखते होंगे। लेकिन क्यों?
- 55:23क्योंकि उनमें हाइड्रोजन बॉन्ड ज्यादा
- 55:24होती है। अभी-अभी तो पढ़ा है ना? चलो वापस
- 55:27से बताती हूं इस बात को। अमीनस जो है वो
- 55:29पोलर होते हैं। पोलर मॉलिक्यूल होते हैं।
- 55:30और इस वजह से उनमें हाइड्रोजन बॉन्डिंग
- 55:32होती है। और यही रीज़न है कि अमीन का
- 55:34बॉइलिंग पॉइंट ज्यादा होता है। क्यों?
- 55:35क्योंकि हाइड्रोजन बॉन्ड बनाने लग जाते
- 55:37हैं। हाइड्रोजन बॉन्ड बनाने लग जाते हैं
- 55:39दूसरे दूसरे हाइड्रोजन मॉलिक्यूल के साथ।
- 55:41नाउ हाइड्रोकार्बं्स ऑफ़ कंपैरेबल
- 55:43मॉलिक्यूलर मास अगर आप है देखोगे तो
- 55:47टर्शरी अमीनस डू नॉट फॉर्म हाइड्रोजन
- 55:49बॉन्ड्स है ना एज़ देयर इज़ नो हाइड्रोजन
- 55:51एटम इन द नाइट्रोजन एटम देयर फॉर प्राइमरी
- 55:53एंड सेकेंडरी अमीनस हैव हायर बॉइलिंग
- 55:55पॉइंट देन टर्शरी अमीनस भाई आप 3° वाले को
- 55:59देखो तो उसमें तो हाइड्रोजन है ही नहीं वो
- 56:00हाइड्रोजन बॉन्ड क्या बनाएगा भाई साहब
- 56:02उसमें तो हाइड्रोजन ही नहीं है है ना तो
- 56:03वो तो बहुत ही कम बॉइलिंग पॉइंट का होता
- 56:05है पर सबसे ज्यादा किसका होगा क्योंकि
- 56:06सबसे ज्यादा हाइड्रोजन किसमें है सोचो
- 56:08प्राइमरी में RNH2 दो हाइड्रोजन है। 2°
- 56:12में RNH केवल एक हाइड्रोजन है और 3° में
- 56:15R3N है। एक भी हाइड्रोजन नहीं है। तो
- 56:17हाइड्रोजन के हिसाब से ही तो हाइड्रोजन
- 56:18बॉन्ड होगा। है ना? तो इसी वजह से जो
- 56:20ऑर्डर मैंने आपको बताया वो 1° में सबसे
- 56:22ज्यादा बॉइलिंग पॉइंट फिर 2° एंड लास्ट
- 56:24में 3°। ठीक है? अब आप देखो अगर किसी का
- 56:27मॉलिक्यूलर मास बढ़ता है। सबको पता है
- 56:29बॉइलिंग पॉइंट इज़ डायरेक्टली प्रोपोर्शनल
- 56:31टू इट्स मॉलिक्यूलर मास। ठीक? किसी का
- 56:32मॉलिक्यूलर मास बढ़ाओगे एटम का साइज
- 56:34बढ़ाओगे। है ना? तो वो क्या करेगा? उसका
- 56:36बॉइलिंग पॉइंट बढ़ जाएगा। लेकिन कई बार ऐसा
- 56:38होता है कि कंपेरेबल मॉलिक्यूलर मास है।
- 56:40मतलब मॉलिक्यूलर मास शायद बराबर है पर
- 56:42बॉइलिंग पॉइंट ज्यादा या कम हो रहा है।
- 56:44उसका रीज़न क्या होता है? उसका रीज़न होता
- 56:46है उनका अरेंजमेंट। जैसे आपने एक बात पढ़ी
- 56:48होगी कि अगर कोई स्ट्रेट चेन में लगा है
- 56:50तो उसका बॉइलिंग पॉइंट ज्यादा होता है।
- 56:51वहीं अगर कोई ब्रांच स्ट्रक्चर में लग गया
- 56:54तो उसका बॉइलिंग पॉइंट कम हो जाता है
- 56:55क्योंकि ब्रांच स्ट्रक्चर का सरफेस एरिया
- 56:57कम हो जाता है। ठीक है? तो इसी कंडीशन के
- 57:00हिसाब से यहां पे भी यही चीज़ है। देखो अगर
- 57:02मैं यहां पे कुछ ग्रुप्स उठाऊं। कुछ
- 57:03कंपाउंड्स देखो। 73 73 73 तीनों अमाइन है
- 57:06और तीनों क्या हैं? तीनों का बॉइलिंग
- 57:08मॉलिक्यूलर मास है 73 है ना? पर तीनों में
- 57:11डिफरेंस है। अरेंजमेंट देखो इस नाइट्रोजन
- 57:12से चार हाइड्रोजन लगे हैं। ठीक है? इस
- 57:14नाइट्रोजन से दो अल्काइल 2 डिग्री हो गया
- 57:17ये तो। ये तो 2 डिग्री हो गया। मास भले ही
- 57:18सेम है पर ये 2° वाला हो गया। ठीक है? और
- 57:21इससे क्या है? ये देखो C2 और CH3 दो CH3
- 57:24मतलब ये 3° हो गया। तो ये 1° है। ये 2°
- 57:28है। और ये 3° है। आप मॉलिक्यूलर मास देखो।
- 57:31350 1° का सबसे ज्यादा 2° का 329 3° का
- 57:35310 मॉलिक्यूलर मास सेम है पर देखो डिग्री
- 57:38होने की वजह से यहां पे क्या हुआ इसका अ
- 57:40बॉइलिंग पॉइंट कम या ज्यादा हो गया 1° में
- 57:42सबसे ज्यादा हाइड्रोजन बॉन्ड बना रहा होगा
- 57:44ना यार 2° में ठीक है ठीक है कम कम
- 57:46हाइड्रोजन बॉन्ड और थ्री में तो हाइड्रोजन
- 57:48ही नहीं है तो उसका सबसे कम बॉइलिंग पॉइंट
- 57:50ठीक है उसी तरीके से आप यहां पे कोई उठा
- 57:52लो 3° वाला है ना तो उसमें 300 अ इसका
- 57:54बॉइलिंग पॉइंट है केल्विन के आसपास अब आप
- 57:56देखो भाई अल्कोहल उठा लिया देखो मास
- 57:58ऑलमोस्ट सेम अरे दो कुछ कुछ किलोग्राम या
- 58:02ग्राम का फर्क है। आप यह देखो 90 90
- 58:05केल्विन बढ़ गया बोइलिंग पॉइंट। तो यहां पे
- 58:07देखो कितना डिफरेंस आ गया। क्यों? क्योंकि
- 58:09अल्कोहल में बहुत स्ट्रंग हाइड्रोजन बॉन्ड
- 58:11होती है। ये एक अल्कोहल है और उसमें बहुत
- 58:12स्ट्रंग हाइड्रोजन बॉन्ड होती है और इस
- 58:14वजह से इसका बॉइलिंग पॉइंट और ज्यादा हो
- 58:15गया। क्लियर हुआ? देखो क्लियर करने नहीं
- 58:18आए हो आप। आप करने आए हो क्लियर। तो अगर
- 58:20सेशन के बाद भी बता देना। क्लियर नहीं
- 58:23करने आए हो आप। तापुर मैम पढ़ा रही है तो
- 58:24आप क्लियर करने आए हो। अभी तक तो जान चुके
- 58:27होगे ना। तो कमेंट में जाते-जाते क्लियर
- 58:29भी लिख देना कि भाई क्या आपको ये सेशन
- 58:31बहुत अच्छे से समझ में आया। एक होता है
- 58:32अच्छे से समझना। एक होता है हायर लेवल का
- 58:35समझ लेना। तो बहुत अच्छे से समझ आना
- 58:36चाहिए। भले ही वन शॉट हो। ठीक है? चलो
- 58:38केमिकल प्रॉपर्टीज। अब जब हम केमिकल
- 58:40प्रॉपर्टीज की बात करते हैं। हम क्या कर
- 58:42रहे होते हैं? केमिकल रिएक्शंस। लेकिन
- 58:44अमीनस में केमिकल प्रॉपर्टी में आपको
- 58:46शुरुआत के 15 मिनट, 10 मिनट पता नहीं
- 58:48कितने मिनट तक चले। आपको पहले उसकी कुछ
- 58:50केमिकल प्रॉपर्टी समझनी होती है कि आखिर
- 58:52वो एसिडिक है वो बेसिक है। वो कैसे नेचर
- 58:55का है? कौन सा वाला ज्यादा बेसिक है? कौन
- 58:56सा वाला कम बेसिक है? क्या होने वाला है
- 58:58इसमें? ये पूरी चीजें हमें पहले समझनी
- 59:00होती है। ठीक है? तो केमिकल प्रॉपर्टीज
- 59:02क्योंकि आप जब अमीनस देखते हो तो
- 59:03नाइट्रोजन और हाइड्रोजन एटम है। सबको पता
- 59:05है नाइट्रोजन की इलेक्ट्रोनेगेटिविटी काफी
- 59:07ज्यादा होती है। तो इनके बीच में क्या है?
- 59:08इलेक्ट्रोनेगेटिविटी का डिफरेंस है। है
- 59:10ना? डिफरेंस है इनके बीच में
- 59:12इलेक्ट्रोनेगेटिविटी का। नाइट्रोजन और
- 59:14हाइड्रोजन एटम में। है ना? और यहां पे
- 59:16प्रेजेंट है सबसे बड़ी बात लोन पेयर ऑफ
- 59:18इलेक्ट्रॉन्स जो कि अमीनस को रिएक्टिव
- 59:21बनाते हैं। खफ खाली खाली बोल रही हूं।
- 59:24फालतू या खाली को मैं पता नहीं आजकल क्या
- 59:27करने लगी हूं। मैं दो वर्ड्स को जोड़ देती
- 59:28हूं। खाली और फालतू को मैं जोड़ के बोल रही
- 59:30हूं खाली। नया वर्ड मतलब मैं ऐसे खुशती
- 59:34रहती हूं। ठीक है? तो ये फालतू बैठे हैं
- 59:36और आपको पता है। देखो जो लोग खाली होते
- 59:38हैं ना उनसे ज्यादा फालतू काम कोई नहीं
- 59:40करता। अगर कोई इंसान खाली आप कभी देखते
- 59:42होंगे। एक बच्चे होते हैं जो पढ़ने में
- 59:44अच्छे होते हैं। एक बच्चे होते हैं जो
- 59:45दूसरे काम में अच्छे होते हैं। है ना? एक
- 59:47बच्चे होते हैं जो सब कुछ करते रहते हैं।
- 59:48पर वो ऐसे मतलब कहीं भी दिमाग लगाए रहते
- 59:50हैं। पर एक बच्चे होते हैं जो सिर्फ इधर
- 59:52के उधर कर रहे होते हैं। है ना? कि ऐसा
- 59:54किया आज उसने वैसा किया आज उसने होता है
- 59:56कि नहीं होता है। बस वही समझ लो। हां।
- 59:58वैसे ही बहुत सारे लोग होते हैं जो शायद
- 1:00:00ज्यादा काम नहीं कर रहे होते हैं। कुछ
- 1:00:02टीचर्स जैसे कि वो पढ़ाते हैं सब। पर कुछ
- 1:00:04टीचर्स दूसरे टीचर्स के बुराई करने में
- 1:00:05लगे होते हैं। ऐसे बहुत से टीचर्स हैं। है
- 1:00:07ना? बहुत से टीचर्स होते हैं भाई। टीचर का
- 1:00:10काम है पढ़ाना। बट कुछ टीचर्स क्या कर रहे
- 1:00:11होते हैं? वो किसी और टीचर का ना मतलब
- 1:00:13किसी को डिफेम करने की कोशिश कर रहे होते
- 1:00:15हैं। अरे वो फलाना टीचर उसको तो आता ही
- 1:00:17नहीं है। इसको तो आता ही नहीं है। वो तो
- 1:00:18ऐसा पढ़ाती है वैसा पढ़ाती है। तो मेरे
- 1:00:20ख्याल से जिसका जो काम है उसे वो करना
- 1:00:22चाहिए। है ना? पर जो फालतू लोग होते हैं
- 1:00:24उन्हें आप रोक नहीं सकते कभी भी। है ना?
- 1:00:26बेटर देन दैट आप अपना काम करने लग जाओ। तो
- 1:00:28फालतू लोगों को रोकना इज़ लाइक कि दीवार पे
- 1:00:30अपना ही सर मारना। है ना? तो इससे अच्छा
- 1:00:32आप बोल दो हां मैं हूं बुरी। है ना? तो
- 1:00:33ऐसे भी हैं हमारे ऑनलाइन में कुछ लोग। तो
- 1:00:35सिमिलरली वही तरीका है। जो खाली लोग होते
- 1:00:37हैं ना वो बहुत दूसरों में दिमाग लगा रहे
- 1:00:39होते हैं। ठीक है? ठीक है? खुद के पास
- 1:00:40क्योंकि उतना काम ही नहीं है। तो बस
- 1:00:41सिमिलर कहानी यहां पे होगी। यहां पे भी वो
- 1:00:43सेम कहानी पूरी की पूरी होती है। ठीक है?
- 1:00:46यहां पे क्या होता है? जो हमारे अमोनिया
- 1:00:47है नाइट्रोजन चाहे अमीन बोल लो चाहे
- 1:00:49अमोनिया बोल लो। दोनों ही कंडीशन में
- 1:00:51नाइट्रोजन के पास लोन पेयर ऑफ इलेक्ट्रॉन
- 1:00:53है। और जब लोन पेयर ऑफ इलेक्ट्रॉन है तो
- 1:00:55वो उसको रिएक्टिविटी बढ़ा रहे हैं उसकी।
- 1:00:56वो बोल रहे हैं भाई इससे भिड़ जाओ। उससे
- 1:00:58भिड़ जाओ, इससे लड़ जाओ। इससे रिएक्शन कर
- 1:01:01लो। क्यों? क्योंकि लोन पेयर खाली बैठे
- 1:01:03हुए हैं। लोन पेयर नाम ही है। वो किसी से
- 1:01:05रिएक्ट नहीं कर रहे हैं उस टाइम पे। वो
- 1:01:06अलग से बैठे हुए हैं। है ना? तो बस उसी
- 1:01:08वजह से यहां पे कुछ अलग-अलग केमिकल
- 1:01:10प्रॉपर्टीज देखने को मिलती है। नाउ जितने
- 1:01:12भी नंबर ऑफ हाइड्रोजन एटम अटैच होते हैं
- 1:01:14नाइट्रोजन से है ना वही डिसाइड करते हैं
- 1:01:17कि रिएक्शन ऑफ अमीन कैसी होने वाली है।
- 1:01:19जैसे कि प्राइमरी, सेकेंडरी, टर्शियरी। हर
- 1:01:21एक में अलग-अलग रिएक्शन देखने को मिलेगी।
- 1:01:23हर एक की प्रॉपर्टी अलग होगी। है ना? और
- 1:01:26यही नहीं। अमीनस जो हैं वो न्यूक्लियोफाइल
- 1:01:28की तरह बिहेव करते हैं। अगेन सेम कहानी
- 1:01:30लोन पेयर ऑफ इलेक्ट्रॉन। तो, हमने खैर, वह
- 1:01:32तो अमोनोलिसिस में ही देख लिया था।
- 1:01:33नाइट्रोजन के पास लोन पेयर है। वो रिएक वो
- 1:01:35क्या करेगा? वो बिहेव करेगा कि यार हम तो
- 1:01:38रिएक्शन करेंगे। हम तो न्यूक्लियोफाइल
- 1:01:40हैं। तो वो न्यूक्लियोफिलिक रिएक्शन भी
- 1:01:41दिखाना चाहेगा। और इस तरीके से बहुत सारी
- 1:01:43रिएक्शन आएंगी। अब आखिर अमीनस एसिडिक होते
- 1:01:46हैं या बेसिक होते हैं? खैर इतना समझने की
- 1:01:48जरूरत नहीं है। बहुत सारी रीज़ंस आप जानोगे
- 1:01:49पर बड़ी एक सिंपल सी बात से बोलूं। तो
- 1:01:51नाइट्रोजन के पास लोन पेयर है। लोन पेयर
- 1:01:53से क्या होगा? क्या वो H+ रिलीज़ करेंगे?
- 1:01:56नहीं नहीं नहीं। पॉजिटिव ग्रुप की बात कर
- 1:01:58रहे हो मैम। वो तो अट्रैक्ट करेंगे।
- 1:02:00एक्सेप्ट कर सकते हैं H+। और यही रीज़न है।
- 1:02:02एक बेसिक सा रीज़न मैंने आपको बता दिया कि
- 1:02:04हमारे अमीनस जो होते हैं वो बेसिक नेचर के
- 1:02:06होते हैं। ठीक है? तो अमीनस बीइंग बेसिक
- 1:02:09इन नेचर वो एसिड से रिएक्ट करके सॉल्ट बना
- 1:02:11सकते हैं। मतलब जो अभी हमने बात बोली क्या
- 1:02:13हम उसको साइंटिस्ट लोगों ने कभी ट्राई
- 1:02:15किया होगा वो चीज चेक करने का कि वो सच है
- 1:02:18या नहीं? तो बिल्कुल किया होगा। उन्होंने
- 1:02:19क्या हुआ किया होगा? इसको क्योंकि एक
- 1:02:21बेसिक कैरेक्टर का हम बोल रहे हैं। तो
- 1:02:23इसके साथ एक एसिड डाल दिया होगा। एसिड
- 1:02:25प्लस बेस एक न्यूट्रलाइजेशन रिएक्शन
- 1:02:26दिखाता है। तो अगर इसने सॉल्ट बना लिया है
- 1:02:29ना? तो ये एक बेस की तरह है। लेकिन अगर
- 1:02:31साल्ट नहीं बनाया तो ये एक बेस नहीं है।
- 1:02:33तो रिएक्शन करवाई गई। खैर आप ये रिएक्शन
- 1:02:35अभी-अभी कर चुके हो। RNH2 को HX से हमने
- 1:02:37रिएक्ट करा के देखा। तो सबको पता है क्या
- 1:02:39होता है? ये एक न्यूक्लियोफाइल की तरह
- 1:02:41होता है। रिएक्ट करता है। लिसिस कर देता
- 1:02:43है HX का। जैसे हम RX का कर रहे थे ना
- 1:02:45अमनोलिसिस यहां पे HX ले लिया। हैलोजन
- 1:02:48एसिड ले लिया। ठीक? तो ये H+ को पकड़ लेगा।
- 1:02:50RNH3+
- 1:02:52X- बना लेगा। ठीक है? सॉल्ट बना लेगा ये
- 1:02:54एक। व्हिच मींस कि ये एक बेस की तरह वर्क
- 1:02:57कर सकता है। ठीक है? यस मैम इसको आप जब
- 1:03:00ट्रीट करते हो NaOH के साथ है ना तो ये
- 1:03:02पेरेंट अमीन भी बना लेता है। सेम आपने
- 1:03:03अभी-अभी देखा था ना फर्दर आप रिएक्शन
- 1:03:05करोगे तो ये अमीन वाला ग्रुप बना लेता है।
- 1:03:07सेम हमने अभी अमोनोलिसिस में पढ़ा था। बस
- 1:03:09डिफरेंस क्या था वहां पे हम RX ले रहे थे।
- 1:03:11तो ये पूरी रिएक्शन से पता चलता है कि
- 1:03:13हमारा जो अमीन है वो एक बेसिक कैरेक्टर का
- 1:03:15है वापस से। क्यों? क्योंकि इसने H+ को
- 1:03:17एक्सेप्ट कर लिया। प्रोटॉन डोनर को आप
- 1:03:19बोलते हो एसिड पर प्रोटॉन एक्सेप्टर। H+
- 1:03:22एक्सेप्ट एक्सेप्टर आप बोलते हो उसको कि
- 1:03:24वो एक बेस है। और फिर रिएक्शन ने भी हमें
- 1:03:26ये चीज प्रूव कर दी। मूविंग फॉरवर्ड।
- 1:03:28बेसिक कैरेक्टर है अमोनिया का। है ना? अब
- 1:03:30और बातें जानते हैं। पानी में सॉलुबल,
- 1:03:32सॉलुबिलिटी और कुछ जानते हैं। अमीन के जो
- 1:03:34सॉल्ट्स होते हैं ना वो घुल जाते हैं पानी
- 1:03:36में जाके। अब पानी में कोई चीज़ सॉलुबल
- 1:03:38होती है तो वो पानी कैसा है? पोलर। कोई
- 1:03:41चीज़ पोलर में सॉलुबल है। मतलब वो नॉन पोलर
- 1:03:43में सॉल्युबल नहीं है। नॉन पोलर जैसे कि
- 1:03:44ईथर हो गए हमारे। है ना? तो ये ऑर्गेनिक
- 1:03:46सॉल्वेंट्स में सॉल्युबल नहीं होते हैं।
- 1:03:48अमीन के जो सॉल्ट होते हैं वो पानी में
- 1:03:50घुल जाते हैं। ठीक है? यस मैम। अब इस
- 1:03:52रिएक्शन से आपको क्या पता चल रहा है?
- 1:03:54सेपरेशन ऑफ़ अमीनस हो सकता है नॉन बेसिक
- 1:03:56ऑर्गेनिक कंपाउंड्स में। मतलब आप उसे
- 1:03:57सेपरेट कर सकते हो पानी के प्रेजेंस में।
- 1:03:59ठीक है? जो रिएक्शन होती है अमीनस की
- 1:04:01मिनरल एसिड्स के साथ वही उसको अमोनियम
- 1:04:03सॉल्ट बनाने में हेल्प करते हैं। रिएक्शन
- 1:04:06होती है। क्या बोल रहे हैं कि अगर आपने
- 1:04:07रिएक्शन करी अमीनस की मिनरल एसिड के साथ
- 1:04:10सेम आपने जो अभी-अभी पढ़ा वही चीज़ यहां पे
- 1:04:11एनसीईआरटी में लिखी है। ठीक है? तो इस
- 1:04:13तरीके से होता है। यानी कि हमें पता चल
- 1:04:14गया ये अमीनस जो है ये एक अनशेयर्ड पेयर
- 1:04:16ऑफ इलेक्ट्रॉन के साथ रिएक्ट करना चाह रहे
- 1:04:18हैं। है ना? अह जो उनके इलेक्ट्रॉन्स हैं
- 1:04:20अनशेयर्ड पेयर ऑफ़ इलेक्ट्रॉन उसकी वजह से
- 1:04:22रिएक्ट करना चाह रहे हैं। ड्यू टू व्हिच
- 1:04:24वो एक लुईस बेस की तरह रिएक्ट करते हैं।
- 1:04:26लुईस बेस और लुईस एसिड पता है। लुईस एसिड
- 1:04:28मतलब इलेक्ट्रॉन डेफिशिएंट ग्रुप और लुईस
- 1:04:31बेस मतलब वी कैन से इलेक्ट्रॉन डेफिशिएंट
- 1:04:33ग्रुप जिसके पास इलेक्ट्रॉन ज्यादा हैं वो
- 1:04:35लुईस बेस है। और हमें पता है यार अमोनिया
- 1:04:38अमीन नाइट्रोजन के पास लोन पेयर एक तो
- 1:04:40इलेक्ट्रॉन ऊपर से खाली वेले इलेक्ट्रॉन
- 1:04:43बैठे हुए हैं। तो यार ये तो हमारे एक बहुत
- 1:04:45अच्छे लुईस बेस की तरह काम करते हैं। ठीक
- 1:04:46है? और इनके बेसिक कैरेक्टर को हम बहुत
- 1:04:48अच्छे से समझ सकते हैं इनकी KB और PKB
- 1:04:50वैल्यू के हिसाब से। ठीक है? मैंने आपको
- 1:04:52KB और PKB पिछले चैप्टर में भी पढ़ाया है।
- 1:04:54है ना? यहां पे भी सुन लो। देखो KB और PKB
- 1:04:57है क्या? एसिडिक स्ट्रेंथ या बेसिक
- 1:04:59स्ट्रेंथ निकालने का तरीका। अब क्योंकि B
- 1:05:00लिखा है नीचे तो वो बेसिक स्ट्रेंथ की बात
- 1:05:02कर रहे हैं। है ना? पोटेंशियल ऑफ बेसिक
- 1:05:04स्ट्रेंथ एंड पोटेंशियल ऑफ बेसिक स्ट्रेंथ
- 1:05:06सॉरी। है ना? अ बेसिक कांस्टेंट। है ना?
- 1:05:09बेसिक कांस्टेंट डिसोसिएशन कांस्टेंट।
- 1:05:11जैसे एसिड डिसोसिएशन कांस्टेंट पढ़ते हो।
- 1:05:13KA वैसे ही बेस डिसोसिएशन कांस्टेंट इज़ KB
- 1:05:16है ना? और इसकी जो पावर देखते हो,
- 1:05:18पोटेंशियल देखते हो, दैट इज PKB. PKB और
- 1:05:20KB का रिलेशन पता है? PKB कुछ नहीं - log
- 1:05:23KB ही है। PKB और KB एक ही बात है। बस PKB
- 1:05:27- log KB है। KB की वैल्यू बहुत छोटी होती
- 1:05:29है। तो उसको PK KB के टर्म में लिखते हैं।
- 1:05:32ठीक है? और ये दोनों एक दूसरे के
- 1:05:33इन्वर्सली प्रोपोर्शनल होते हैं। PKB बढ़ता
- 1:05:35है तो KB कम होता है। ठीक है? चलो। और
- 1:05:37बेसिक स्ट्रेंथ जो है वो KB के डायरेक्टली
- 1:05:39प्रोपोर्शनल होती है। समझ में आ गया तो
- 1:05:40अच्छी बात है। वरना मैं समझा दूंगी अभी
- 1:05:42दोबारा। ठीक है? फिलहाल बाकी यहां पे तो
- 1:05:44कुछ नहीं लिखा। यहां पे तो वही चीज लिखी
- 1:05:45है जो हमने पिछले चैप्टर में भी पढ़ी थी
- 1:05:47कि अगर मैंने इस रिएक्शन की KB की वैल्यू
- 1:05:49या PKB की वैल्यू निकालनी है तो कैसे
- 1:05:51निकालोगे? रिएक्शन को लिख लो। RNH2 को
- 1:05:53पानी में डाल दो। तो ये RNH3 पॉजिटिव बना
- 1:05:56रहा है और OH नेगेटिव बना रहा है। ठीक है?
- 1:05:58अब जो बेस डिसोसिएशन कांस्टेंट KB जिसको
- 1:06:00हम बोल रहे हैं वो कैसे निकालते हो?
- 1:06:02प्रोडक्ट का कंसंट्रेशन डिवाइडेड बाय
- 1:06:04रिएक्टेंट का कंसंट्रेशन। पर रिएक्टेंट
- 1:06:06में पानी मत लेना क्योंकि पानी के
- 1:06:07प्रेजेंस से ही आप ये काम करवा रहे हो।
- 1:06:09मतलब यहां पे लिखा हुआ है पर इसको नीचे
- 1:06:10हटा दिया जाएगा। ठीक है? तो कुछ नहीं जो
- 1:06:12भी प्रोडक्ट है उसका कंसंट्रेशन।
- 1:06:14कंसंट्रेशन कैसे पता मैम आपको? क्योंकि
- 1:06:16यहां पे स्क्वायर बेस लगाए ब्रैकेट लगाने
- 1:06:18होंगे। स्क्वायर ब्रैकेट शोज़ द कंसंट्रेशन
- 1:06:20ऑफ़ पर्टिकुलर ग्रुप। ठीक है? और RNH2 और
- 1:06:22H2O पर H2O को आप हटा दो क्योंकि H2O को
- 1:06:24ही जब वहां पे लेके जाओगे तो वही KB
- 1:06:26कहलाता है। है ना? देखो इक्विलिब्रियम का
- 1:06:30कॉन्स्टेंट पढ़ा है सभी ने। नॉर्मल
- 1:06:31कांस्टेंट जब निकालते हो तो आप क्या करते
- 1:06:32हो? प्रोडक्ट का कंसंट्रेशन अपॉन
- 1:06:34रिएक्टेंट का कंसंट्रेशन। अब एसिड
- 1:06:36डिसोसिएशन कांस्टेंट या बेस डिसोसिएशन
- 1:06:38कांस्टेंट में आप वाटर की प्रेजेंस में
- 1:06:40लेके जाते हो उसको। तो इसी को आप बोलते हो
- 1:06:41KB तो वो क्या आ जाएगा? ये बचा हुआ ग्रुप।
- 1:06:44ठीक है? तो KB की यहां से एक वैल्यू आ
- 1:06:45जाएगी और PKB कुछ नहीं जो मैम ने आपको
- 1:06:47बताया - log KB ही होता है। ठीक है? चलो
- 1:06:51तो इस डेरिवेशन इस इस मेथड से हमने बताया
- 1:06:53कि KB और PKB होता क्या है? चलो अब आगे
- 1:06:56बढ़ते हैं। अब किसी के KB की वैल्यू जितनी
- 1:06:58ज्यादा ऐसे याद करो। KB की वैल्यू जितनी
- 1:07:02ज्यादा होती है, PKB की वैल्यू उतनी कम
- 1:07:05होती है और बेस की स्ट्रेंथ बेस की
- 1:07:09स्ट्रेंथ बेसिक स्ट्रेंथ जिसे आप बोलते हो
- 1:07:12बेसिक स्ट्रेंथ उतनी ज्यादा होती है। अब
- 1:07:15इस रिलेशन को अपने दिमाग में बैठा लो कि
- 1:07:17ये दोनों आपस में डायरेक्टली प्रोपोर्शनल
- 1:07:19और ये दोनों आपस में इन्वर्सली
- 1:07:21प्रोपोर्शनल है। ठीक है? PK भी इन दोनों
- 1:07:23के इन्वर्सली प्रोपोर्शनल है और ये दोनों
- 1:07:25आपस में डायरेक्टली प्रोपोर्शनल है। किसी
- 1:07:27की KB की वैल्यू जितनी छोटी होगी है ना?
- 1:07:30क्या लिखा है? ला सॉरी ज्यादा होगी। जितनी
- 1:07:32ज्यादा KB की वैल्यू उतनी छोटी PKB की
- 1:07:35वैल्यू। अभी-अभी बताया इन्वर्सली
- 1:07:36प्रोपोर्शनल। KB जितना ज्यादा PKB उतना
- 1:07:39कम। ठीक है? और उतना स्ट्रांग वो बेस बेस
- 1:07:42की स्ट्रेंथ उतनी ज्यादा। तो अगर इतना
- 1:07:43आपने लिख लिया ना तो आने वाली तीन स्लाइड
- 1:07:45आप समझ गए समझ लो। ठीक है? बस उसमें
- 1:07:47थोड़ी-थोड़ी एक्स्ट्रा चीजें होंगी। ठीक है?
- 1:07:48PKB वैल्यू ऑफ़ अमोनिया। अब आपको कुछ नहीं
- 1:07:50पढ़ना है। आप ये देखो। PKB की वैल्यू देखो।
- 1:07:52PKB की वैल्यू देखो। किसी के PKB की
- 1:07:55वैल्यू आपको जितनी ज्यादा दिख रही होगी ना
- 1:07:57उसकी बेस की स्ट्रेंथ उतनी कम होगी। ठीक
- 1:07:59है? तो जो पीकेबी वैल्यू अमोनिया की निकल
- 1:08:01के आई वो 4.75 निकल के आई। एलीफैटिक अमीनस
- 1:08:04ज्यादा स्ट्रांग होते हैं अमीन अमोनिया से
- 1:08:06क्योंकि उनके पास प्लस आई इफेक्ट होता है
- 1:08:07अल्काइल ग्रुप होने की वजह से। है ना? और
- 1:08:09उनकी डेंसिटी जो है वो ज्यादा होती है। जो
- 1:08:12पीकेबी वैल्यू होती है। है ना? वो थ्री से
- 1:08:14लेकर के 4.22 के आसपास तक होती है। पीकेबी
- 1:08:17वैल्यू जो है वो लाई करती है अपने इस वाले
- 1:08:19केस में। थ्री से लेकर के 4.22 के आसपास
- 1:08:22ऑन दी अदर हैंड एरोमेटिक अमीनस जब आप
- 1:08:24देखते हो तो वो और वीक बेस होते चले जाते
- 1:08:27हैं। ठीक है? अगर आपसे कोई बोले अमोनिया
- 1:08:29और एरोमेटिक अमीन में कौन ज्यादा वीक बेस
- 1:08:32है? तो एरोमेटिक वाले ग्रुप। एरोमेटिक
- 1:08:34ग्रुप्स जो हैं वो और वीकर बेस बनते चले
- 1:08:36जाते हैं। ठीक है? अ वो H+ को और जल्दी
- 1:08:39एक्सेप्ट नहीं करते हैं। देन अमोनिया ड्यू
- 1:08:40टू द इलेक्ट्रॉन विथड्रॉइंग नेचर ऑफ़ अराइल
- 1:08:43ग्रुप। क्योंकि वो तो इलेक्ट्रॉन
- 1:08:44विथड्रॉइंग ग्रुप है। है ना? वो
- 1:08:46इलेक्ट्रॉन विद ड्रॉइंग ग्रुप है। इस वजह
- 1:08:48से ये रीज़न होता है इसका। खैर हम इसको और
- 1:08:50अच्छे से समझेंगे। टेंशन मत लो। एल्केन
- 1:08:52अमाइन वर्सेस अमोनिया पहले जानो। मैंने एक
- 1:08:53एल्केन अमाइन ले लिया। मतलब RNH2 वाला
- 1:08:56ग्रुप और एक अमोन अमोनिया ले लिया NH3
- 1:08:58वाला ग्रुप। ठीक है? अब अगर मैंने इन
- 1:09:00दोनों को कंसीडर किया तो देखो दोनों में
- 1:09:02क्या है? दोनों में होगा क्या? दोनों की
- 1:09:05कंडीशन में एक चीज़ तो मैम हम समझ गए कि ये
- 1:09:08दोनों ही लोन पेयर ऑफ इलेक्ट्रॉन को देना
- 1:09:10चाहेंगे या आप बोल लो H+ को एक्सेप्ट करना
- 1:09:12चाहेंगे और एक सॉल्ट बनाना चाहेंगे। है
- 1:09:14ना? तो ये भी यही काम करेगा और अमोनिया को
- 1:09:17लोगे तो वो भी सेम काम करेगा। पर दोनों
- 1:09:19में से ज्यादा बेसिक कौन होगा? कौन H+ को
- 1:09:22ईजीली एक्सेप्ट कर रहा होगा? सोचो सोचो
- 1:09:24सोचो सोचो। कौन होगा जो H+ को ईजीली
- 1:09:27एक्सेप्ट कर रहा होगा? तो क्योंकि यहां पे
- 1:09:29इलेक्ट्रॉन रिलीजिंग ग्रुप आप देखो
- 1:09:30अल्काइल ग्रुप का मतलब क्या है? R व्हेन
- 1:09:33आई से R NH2 आप अल्काइल ग्रुप का नेचर
- 1:09:37जानते हो क्या होता है? इंडक्टिव इफ़ेक्ट
- 1:09:39कौन सा वाला ये दिखाएगा? यह एक इलेक्ट्रॉन
- 1:09:42डोनेटिंग ग्रुप होता है। यह नाइट्रोजन को
- 1:09:44और इलेक्ट्रॉन दे रहा है। कभी भी अल्काइल
- 1:09:46ग्रुप का नेचर जानते हो? अल्काइल ग्रुप का
- 1:09:47नेचर होता है इलेक्ट्रॉन को और देना। वो
- 1:09:50और इलेक्ट्रॉन देना चाहता है। +i इफ़ेक्ट
- 1:09:52दिखा रहा है। अरे मुझसे ले लो इलेक्ट्रॉन
- 1:09:53कोई दिक्कत नहीं। कोई दिक्कत नहीं। मुझसे
- 1:09:54ले लो इलेक्ट्रॉन तुम। मुझसे ले लो
- 1:09:56इलेक्ट्रॉन। ठीक है? तो ये +i इफ़ेक्ट दिखा
- 1:09:58रहा है। मतलब ये इलेक्ट्रॉन को और ज्यादा
- 1:10:00डोनेट कर रहा है। इलेक्ट्रॉन की ताकत बढ़ती
- 1:10:02जा रही है। देखो ऑलरेडी वेले इलेक्ट्रॉन्स
- 1:10:04बैठे हैं खाली। ऊपर से और इलेक्ट्रॉन्स कह
- 1:10:06रहे हैं हां हां तुम तुम आगे बढ़ो। तो हम
- 1:10:09तुम्हारे साथ हैं। तो ये H+ को बहुत ईजीली
- 1:10:12ये H+ को बहुत ईजीली अपने पास लाना
- 1:10:15चाहेगा। वहीं आप अमोनिया का स्ट्रक्चर
- 1:10:17देखोगे HNH2 की तरह दिखता है या NH3 जिसे
- 1:10:20हम बोल रहे हैं ना वो भी H प्लस को लेने
- 1:10:22की कोशिश करेगा पर इसके बराबर की तेजी से
- 1:10:24नहीं। क्यों? क्योंकि इसके पास और
- 1:10:25इलेक्ट्रॉन्स है। और इलेक्ट्रॉन्स की ताकत
- 1:10:28है। वो कौन दे रहा है उसको ताकत? अल्काइल
- 1:10:29ग्रुप, वो ताकत उसको अल्काइल ग्रुप दे रहे
- 1:10:31हैं। तो, क्योंकि इलेक्ट्रॉन रिलीजिंग
- 1:10:33नेचर अल्काइल ग्रुप का है, वो इलेक्ट्रॉन
- 1:10:35देने की कोशिश करता है अल्काइल ग्रुप, तो
- 1:10:37वो पुश करता है इलेक्ट्रॉन को नाइट्रोजन
- 1:10:39की तरफ, है ना? और वो अनशेयर्ड पेयर ऑफ
- 1:10:41इलेक्ट्रॉन को और अवेलेबल करता है कि हां
- 1:10:43हां हम एसिड बना लेंगे हम H+ ले लेंगे। है
- 1:10:45ना? ये ये हम एसिड की तरफ जाएंगे। मोर ओवर
- 1:10:47जो सब्सीट्यूट अमोनियम सॉल्ट है। वो बन
- 1:10:50जाता है स्टेबलाइज़ हो जाता है। क्योंकि
- 1:10:51यहां पे +i इफ़ेक्ट लग रहा होता है जो
- 1:10:53मैंने आपको समझाया। आगे बढ़ते हैं। नेक्स्ट
- 1:10:56क्या लिखा है? हेंस। अल्काइल अमाइंस जो है
- 1:10:58वो स्ट्रंगर बेस होते हैं हमारे अमोनिया
- 1:11:00के कंपैरिजन में। ठीक है? तो जो बेसिक
- 1:11:02नेचर ये एलीफैटिक अमीनस की केवल बात कर
- 1:11:04रहे हैं हम। एलीफैटिक अमीनस में शुड
- 1:11:06इंक्रीज विद द इंक्रीस इन द नंबर ऑफ
- 1:11:09अल्काइल ग्रुप। अब 3° वाला आ जाए। अरे भाई
- 1:11:12साहब मज़ ही मज़ मतलब मज़ ही मज़। CH3 CH3 CH3
- 1:11:17सपोज़ लगा दिया नाइट्रोजन से और ये लोन
- 1:11:20पेयर है ना? सब इलेक्ट्रॉन देने बैठे हैं।
- 1:11:22बोल अरे भाई भाई H+ को बुलाओ हम है
- 1:11:24तुम्हारे साथ। अब ये तो और ईजीली अट्रैक्ट
- 1:11:26कर लेगा। और ईजीली अट्रैक्ट कर लेगा H+
- 1:11:29को। बोलेंगे आओ भाई आओ हमारे पास आओ। तो
- 1:11:30ये और ईजीली वो प्रोटॉन एक्सेप्टर वाले
- 1:11:34ग्रुप बन सकते हैं। और यही रीज़न है 3°
- 1:11:36वाला। अच्छा हम किस कंडीशन बात करें? बहुत
- 1:11:37सारी कंडीशन भी लगेंगी। तो नोट नहीं करोगे
- 1:11:39ना ये चीज़ हमेशा दिमाग से उड़ जाएगी। याद
- 1:11:41रखना। ठीक है? फिलहाल मैं आपको हर चीज़
- 1:11:43समझा भी रही हूं। इसलिए नहीं कि आप अगर रट
- 1:11:44लोगे ना तो भी आप कंफ्यूज होगे। पर दोनों
- 1:11:46चीजें करो। लर्न भी करो और सुनो भी और
- 1:11:48समझो भी। ठीक है? तो ये फॉलो होता है केवल
- 1:11:51गैसियस फज़ में। मतलब 3 डिग्री डिग्री वाला
- 1:11:55अमीन 3° वाला अमीन जिगरा वाला अमीन ठीक है
- 1:11:583° वाला जो हमारा अमीन होता है वो सबसे
- 1:12:00अच्छा एक यू कैन से बेस बनता है स्ट्रांग
- 1:12:03बेस फिर 2° फिर 1° कोई बोले क्या रीज़न है
- 1:12:06बोलना प्लस आई इफेक्ट दिखा रहा है भाई है
- 1:12:08ना प्लस आई इफेक्ट दिखा रहा है तो 3° सबसे
- 1:12:09ज्यादा दिखा सकता है फिर उसके बाद 2° फिर
- 1:12:13उसके बाद 1° कोई बोले क्यों बोलना अरे
- 1:12:14उसके पास तीन अल्काइल ग्रुप है 3° बस तीन
- 1:12:17अल्काइल ग्रुप है और अल्काइल ग्रुप
- 1:12:18इलेक्ट्रॉन विथड्रॉइंग स्प सॉरी
- 1:12:20इलेक्ट्रॉन डोनेटिंग स्पीशी रिलीजिंग
- 1:12:22स्पीशी होते हैं इलेक्ट्रॉन दे रहे होते
- 1:12:23तो H+ अट्रैक्ट हो जाएगा। फिर 2° फिर 1°
- 1:12:26पर ये पूरी कहानी सिर्फ और सिर्फ गैसियस
- 1:12:28स्टेट में है। और ये एक बहुत इंपॉर्टेंट
- 1:12:31चीज है जो आपको याद रखनी है। बिल्कुल भी
- 1:12:32मत भूलना। क्वेश्चन में कंफ्यूज किया जाता
- 1:12:34है। ठीक है? आपके एनसीईआरटी में भी बहुत
- 1:12:36से ऐसे क्वेश्चन दिए हुए हैं जिसमें एक्वस
- 1:12:37और गैसियस स्टेट में वो कोई ना कोई
- 1:12:39डिफरेंस करके क्वेश्चन पूछ रहे होते हैं।
- 1:12:41ठीक है? अगर मैं इसी को बोलूं एक्वस फेज
- 1:12:43में क्या होता है? तो एक्वस फेज में थोड़ी
- 1:12:45सी पानी की प्रज़ेंस की एक्वस मतलब पानी की
- 1:12:47प्रज़ेंस। और वॉटर की प्रेजेंस में ये
- 1:12:49कैरेक्टर थोड़ा सा बदल जाता है। और दो
- 1:12:51चीज़ें वापस से दो चीजें पढ़ोगे अभी आप।
- 1:12:52पहली चीज़ 2° का सबसे ज़्यादा यहां पे बेसिक
- 1:12:55करैक्टर हो जाएगा। 2° फिर उसके बाद 3° फिर
- 1:12:58उसके बाद 1°. ठीक है? पर यह भी आपके
- 1:13:00अल्काइल ग्रुप पे डिपेंड करेगा। मैं आपको
- 1:13:02सब कुछ समराइज़ कर दूंगी। पहले सुनो। ऑर्डर
- 1:13:04ऑफ़ बेसिसिटी जो अमीनस की है गैसियस फ़ज़ में
- 1:13:07वो क्या है? वो है मैम। वही जो आपने अभी
- 1:13:09बताया कि सबसे ज्यादा 3° फिर सेकंड डिग्री
- 1:13:11फिर 1° है ना? फिर अमोनिया। है ना? जो
- 1:13:13मैंने लिख दिया यहां पे। 3 डिग्री 2
- 1:13:14डिग्री 1 डिग्री फिर अमोनिया गैसियस फेज
- 1:13:16में। लेकिन लेकिन लेकिन लेकिन द ट्रेंड इज़
- 1:13:20नॉट रेगुलर इन द एक्वस स्टेट। एक्वस स्टेट
- 1:13:23में ये कहानी अलग हो जाएगी। है ना? तो PKB
- 1:13:26की वैल्यू से देखा गया होगा कि बेसिक
- 1:13:27स्ट्रेंथ ज्यादा है या कम है। PKB की
- 1:13:29वैल्यू ज्यादा आ गई होगी जिसमें उसकी
- 1:13:31बेसिक स्ट्रेंथ कम। जिसमें कम आई होगी
- 1:13:33उसकी बेसिक स्ट्रेंथ ज्यादा। तो हमारे जो
- 1:13:35एक्वस स्टेट में देखा गया उसमें 2° और 3°
- 1:13:39में से जो 3° वाला था उसका P के B की
- 1:13:41वैल्यू ज्यादा आ रही थी। मतलब उसकी बेसिक
- 1:13:43स्ट्रेंथ कम है 2° के कंपैरिजन में। ठीक
- 1:13:45है? तो इन द एक्वस फज़ अगर हम देखें तो जो
- 1:13:48सब्सीट्यूटेड अमोनियम कैटायंस है वो
- 1:13:51स्टेबलाइज़ नहीं होता है केवल इलेक्ट्रॉन
- 1:13:53रिलीजिंग इफेक्ट से अल्काइल ग्रुप के पर
- 1:13:55आल्सो उसमें सॉल्वेशन एनर्जी भी वर्क कर
- 1:13:57रही होती है। अब इस चीज़ में और कंफ्यूज
- 1:13:59हुए होगे कि मैम ये क्या आ गया? देखो यहां
- 1:14:01पे तो आपने रीज़न के साथ समझ लिया कि 3° 2°
- 1:14:031° क्यों हुआ? पर अब जो आप पढ़ने जा रहे हो
- 1:14:06उसमें 2° 3° 1° हो जाएगा। और एक कंडीशन
- 1:14:08में 2° 1° 3° हो जाएगा। तो ये कैसे हो
- 1:14:11सकता है? इसका रीज़न है वॉटर में सॉल्वेशन
- 1:14:13एनर्जी। जब आप गैसियस फज़ में बात कर रहे
- 1:14:15हो तो ये सब समझ गए। पर जब आपने एक्वस फज़
- 1:14:17ले लिया, पानी ले लिया। पानी के पानी की
- 1:14:19प्रेजेंस में आप क्या बोलोगे? आप बोलोगे
- 1:14:21यहां पे सॉल्वेशन एनर्जी भी लगने लग गई।
- 1:14:23व्हाट इज़ सॉल्व सॉल्वेशन एनर्जी? सॉल्यूट
- 1:14:25और सॉल्वेंट को जो घोलने के लिए एनर्जी
- 1:14:27चाहिए होती है। वैसे तो खैर इसकी बहुत
- 1:14:29सारी डेफिनेशनंस हैं। बहुत अलग-अलग तरीके
- 1:14:30से समझाया जाता है। इलेक्ट्रोलिसिस में
- 1:14:32अलग तरीके से समझाया जाता है। पर यहां पे
- 1:14:33बहुत बेसिक तरीके से अगर मैं बताऊं तो
- 1:14:35पूरे सॉल्यूट को ये कोशिश करेगी कि वो
- 1:14:37स्टेबलाइज हो जाए सॉल्वेंट में। जो
- 1:14:40सॉल्यूट है वो अच्छे से मिक्स हो जाए
- 1:14:42सॉल्यूट। अ सॉल्वेंट में तो वो होती है
- 1:14:44यहां पे जो एनर्जी है उसको वो जो एनर्जी
- 1:14:45है वो सॉल्वेशन एनर्जी के नाम से जानी
- 1:14:47जाती है। ठीक है? वैसे बहुत सारी एनर्जी
- 1:14:48इसको बहुत सारी डेफिनेशन से आप एक्सप्लेन
- 1:14:50कर सकते हो। ठीक है? बट फिलहाल यहां पे ये
- 1:14:52हम समझ सकते हैं। तो इससे क्या लेना देना
- 1:14:54मैम? जितना ज्यादा साइज होगा एक आयन का
- 1:14:56उतना कम होगी उसकी सॉल्वेशन एनर्जी और
- 1:14:58उतना लेस स्टेबलाइज्ड आयन हो जाएगा। तो
- 1:15:01यहां पे ऑर्डर ऑफ स्टेबिलिटी बदल जाएगी।
- 1:15:03मतलब एक्वस फेज में अगर आप बात करोगे
- 1:15:05एक्वस फेज में अगर आप बात करोगे तो आप बोल
- 1:15:07सकते हो यार 1° सबसे ज्यादा फिर 2° फिर 3°
- 1:15:10पर मैम अभी तो आप बार-बार 2° बोल रहे थे।
- 1:15:12वो अल्काइल ग्रुप बदलने पे हो जाएगा। ठीक
- 1:15:13है? उस पे भी आएंगे। डिक्रीजिंग ऑर्डर ऑफ
- 1:15:16एक्सटेंट ऑफ हाइड्रोजन बॉन्डिंग ऑर्डर ऑफ
- 1:15:18स्टेबिलिटी सॉल्वेशन की बढ़ जाएगी। जितना
- 1:15:20कम होगा ऑर्डर ऑफ हाइड्रोजन बॉन्ड का
- 1:15:22एक्सटेंट वाटर के साथ उतना ज्यादा उसका
- 1:15:24ऑर्डर ऑफ़ स्टेबिलिटी हो जाएगी। तो सबसे
- 1:15:26ज्यादा 1° में फिर 2° में फिर 3° में। तो
- 1:15:29गैसियस स्टेट में 3° 2° 1° है ना? और अगर
- 1:15:32हम बात करेंगे एक्वस स्टेट में तो 1°, 2°,
- 1:15:343° पर आगे एक और चीज आगे एक और चीज जितनी
- 1:15:37ज्यादा स्टेबिलिटी होगी सब्सीट्यूटेड
- 1:15:39अमोनियम कैटायन की उतना ज्यादा क्या होगा?
- 1:15:42करेस्पोंडिंग अमाइन एज अ बेस वर्क करेगा
- 1:15:44जो अभी हमने देखा है ना? तो प्राइमरी सबसे
- 1:15:46ज्यादा आ गया 2° फिर उसके बाद 3° व्हिच इज़
- 1:15:49ऑपोजिट टू द इंडक्टिव इफ़ेक्ट। तो यहां पे
- 1:15:521° 2° 3° किस केस में कोई बोलेगा? तो
- 1:15:55बोलना एक्वस फज़ में। गैसियस में 3 2 1 में
- 1:15:591 2 3 ठीक है? अब और सुनना। सेकंडली अगर
- 1:16:02कोई अल्काइल ग्रुप को देखो छोटा अल्काइल
- 1:16:04ग्रुप है। CH3 ग्रुप है। CH3 के कंडीशन
- 1:16:06में स्टेरिक हिंडरेंस लगने लग रहा है टू
- 1:16:08हाइड्रोजन बॉन्ड। ठीक है? और इस केस में
- 1:16:11अल्काइल ग्रुप बड़ा है CH3 ग्रुप से। देयर
- 1:16:13विल बी स्टेरिक हिंडरेंस टू हाइड्रोजन
- 1:16:15बॉन्ड। देयर फॉर चेंजज़ ऑफ़ नेचर ऑफ़ द
- 1:16:17अल्काइल ग्रुप। एग्जांपल दिस दिस रिजल्ट्स
- 1:16:19द चेंज ऑफ़ द बेसिक स्ट्रेंथ। अब सब कुछ
- 1:16:22भूल गएगे और बोल रहे हो अब तो मैम कुछ भी
- 1:16:24बोल रहे हो। बस बस हमारा हो गया। हम जा
- 1:16:25रहे हैं। हम जा रहे हैं। नहीं नहीं रुको
- 1:16:26रुको रुको रुको जरा सबर करो। समझो इस बात
- 1:16:29को।
- 1:16:30नेचर ऑफ अल्काइल ग्रुप पे भी फर्क पड़ता
- 1:16:32है। मतलब हम समझ गए। देखो अगर कोई एक ही
- 1:16:35जैसा नेचर है। एक ही अल्काइल ग्रुप उठा
- 1:16:36लिया। सपोज CH3 से इतनी देर से हम पढ़ रहे
- 1:16:38थे। तो CH3 के केस में हम देख रहे हैं तो
- 1:16:41गैसियस फज़ है तो 3° 2° 1° एक्वस फज़ है 1°
- 1:16:452° 3° अब ये CH3 लगा है। हो सकता है C2H5
- 1:16:49लगा दे कोई। हो सकता है कोई और ग्रुप लगा
- 1:16:51दे। तो मिथाइल और इथाइल के केस में ये
- 1:16:53ऑर्डर वापस से बदलेगा। ठीक है? स्टेरिक
- 1:16:55हिंडरेंस की वजह से। तो अगर कोई भी मिथाइल
- 1:16:57का इथाइल वाला केस ले लो पहले। इथाइल
- 1:16:59ग्रुप लगा है। यानी कि C2H5 वाले ग्रुप
- 1:17:01में। C2H5 वाले ग्रुप में ऑर्डर हो जाता
- 1:17:03है 2° 3° 1° और वहीं अगर मैं इथाइल मिथाइल
- 1:17:09ये इथाइल लिखा था सॉरी ये मिथाइल है ना?
- 1:17:11मिथाइल मिथाइल है ना? मिथाइल वाले केस में
- 1:17:152° 1° 3° ये हो जाएगा इसका ऑर्डर। 2° 1°
- 1:17:193° और 2° 3° 1° वापस से समराइज़ करके कॉपी
- 1:17:23में लिखना। गैसियस फज़ में ऑर्डर क्या है?
- 1:17:253° 2° 1° एक्वस फज़ में 1° 2° 3° मिथाइल
- 1:17:29अगर लग गया इसी में मिथाइल ग्रुप लग गया
- 1:17:31मिथाइल तो 2 1 3 और इथाइल लग गया इथाइल
- 1:17:35ऊपर वाला तो 2 3 1 ये इसका पूरा का पूरा
- 1:17:37ऑर्डर होगा। देयर इज़ अ सॉलुबल इंटरप्ले इन
- 1:17:40द इंडक्टिव इफ़ेक्ट। सॉल्वेशन इफ़ेक्ट एंड
- 1:17:42स्टेरिक हिंडरेंस। तीनों चीज़ों आ गई। अब
- 1:17:44पहले देखो सबसे पहले गैसियस में केवल और
- 1:17:47केवल क्या था? इंडक्टिव इफ़ेक्ट। फिर पानी
- 1:17:50आ गया एक्वस फेस। तो सॉल्वेशन एंथैल्पी।
- 1:17:52अब यहां पे आपने क्या लगा दिया? आप बोल
- 1:17:53रहे हो अल्काइल ग्रुप हम बढ़ा देंगे। तो
- 1:17:54स्टेरिक हिंडरेंस बढ़ेगा और उसकी वजह से एक
- 1:17:56और ऑर्डर आपको देखने को मिलेगा अल्काइल
- 1:17:58ग्रुप व्हिच डिसाइड्स द बेसिक स्ट्रेंथ ऑफ़
- 1:18:00द अल्काइल अमाइन। और इस तरीके से एक्वस फज़
- 1:18:03में ये चीजें लिखी हुई हैं। देखो मैंने
- 1:18:05सही लिखा है ना? देखो ये 2° वाला ग्रुप है
- 1:18:07फिर 3° फिर 1° फिर उसके बाद अमोनिया आता
- 1:18:10है। उसके बाद आता है आपका क्या? उसके बाद
- 1:18:12आता है अगर आपने क्या लगाया हुआ है? NH
- 1:18:14ग्रुप सेम अच्छा। फिर उसके बाद मिथाइल
- 1:18:16ग्रुप आ गया। तो मिथाइल में सबसे ज्यादा
- 1:18:18कौन है? सबसे ज्यादा कौन है? अ RNH2 वाला
- 1:18:20ग्रुप, है ना? मतलब 2° फिर 3° और फिर 1°
- 1:18:24अमोनिया वाला ग्रुप। ठीक है? 1°
- 1:18:272°
- 1:18:293° सही तो लिखा है ना मैंने। देखो यहां पे
- 1:18:33आ गया मिथाइल। इथाइल वाले केस में क्या
- 1:18:34है? C2H5NH फिर उसके बाद 3° वाला यानी कि
- 1:18:372° आ गया। 2° 2° ये रहा 2° है ना? फिर 3°
- 1:18:41आ गया। फिर 1° आ गया। सही लिखा है? 2° 3°
- 1:18:431° फिर अमोनिया आएगा। इसके बाद फिर
- 1:18:45अमोनिया से भी कम हो जाएगा दूसरा वाला। तो
- 1:18:47ये क्या है? CH3 होल ट्वाइस NH यानी कि 2°
- 1:18:50फिर उसके बाद CH3NH2 यानी कि 1° और फिर
- 1:18:54उसके बाद ये वाला एकदम सही ऑर्डर लिखा है
- 1:18:55और बीच में आएगा अमोनिया। ठीक है? तो ये
- 1:18:57ऑर्डर है इथाइल के केस में। ये ऑर्डर है
- 1:18:59मिथाइल के केस में। और ये इसकी केमिकल
- 1:19:01प्रॉपर्टी है। बहुत बहुत इंपॉर्टेंट
- 1:19:02केमिकल प्रॉपर्टी है। कोशिश करना इसको याद
- 1:19:05भी रखो और नोट भी कर लो। ठीक है? कोशिश
- 1:19:07करना है आपको कि आपको ये चीज़ याद भी रहे
- 1:19:08और आप इसको नोट भी कर लो। ठीक है? आगे बढ़
- 1:19:11जाए। मूविंग फॉरवर्ड। अब अराइल अमाइन में
- 1:19:15आ जाओ। क्या हम अराइल अमाइन की भी केमिकल
- 1:19:16प्रॉपर्टी बता सकते हैं मैम? बिल्कुल बता
- 1:19:18सकते हो। अराइल अमाइन में भी सेम कहानी
- 1:19:19है। पीकेबी की वैल्यू देखना। एनिलिन जो है
- 1:19:22उसके पीकेबी की वैल्यू और ज्यादा होती है।
- 1:19:24पीकेबी की वैल्यू ज्यादा बेसिक स्ट्रेंथ
- 1:19:27इन्वर्सली प्रोपोर्शनल थी यानी कि कम। यस।
- 1:19:30एनिलिन वाले जो ग्रुप है उनकी बेसिक
- 1:19:32स्ट्रेंथ और भी कम हो जाती है। ठीक है?
- 1:19:34क्यों? क्योंकि ऐसा इसलिए होता है क्योंकि
- 1:19:35एनिलिन जो है एराइल अमाइन उसमें NH2 ग्रुप
- 1:19:38अटैच्ड है बेंजीन रिंग से। भाई साहब उसके
- 1:19:40खुद ही के इलेक्ट्रॉन डीलोकलाइज्ड है। तो
- 1:19:42बेंजीन अपने क्या बना रहा है रेजोनेटिंग
- 1:19:44स्ट्रक्चर्स
- 1:19:46जो NH2 के ग्रुप्स हैं ना इलेक्ट्रॉन्स
- 1:19:48हैं वि जो फालतू के इलेक्ट्रॉन हैं है ना
- 1:19:50फालतू के लोगों को कुछ लोग तो कंट्रोल कर
- 1:19:52सकते हैं है ना जो उनको सुना देते हैं है
- 1:19:53ना कोई पलट के बोलते है भाई कम बोला फिर
- 1:19:55कर तो फिर वो बोलना कम हो जाते हैं ये
- 1:19:57देखा है सुनाते नहीं उसी को है जो सुन रहा
- 1:19:59होता है बस सेम कहानी सेम कहानी ये बेंजीन
- 1:20:01के इलेक्ट्रॉन देख रहे हैं अच्छा NH2 है
- 1:20:03NH2 के इलेक्ट्रॉन घूम रहे हैं हां हमारे
- 1:20:05होते हुए तो वो स्कूल आओ भाई इधर आओ तो वो
- 1:20:08आपस में इस तरीके से कुछ रेजोनेटिंग
- 1:20:10स्ट्रक्चर्स बना लेते हैं और वो जो
- 1:20:11इलेक्ट्रॉन जो फालतू के इलेक्ट्रॉन
- 1:20:13इलेक्ट्रॉन थे। है ना? वो बेंजीन के साथ
- 1:20:15जुड़ गए। मतलब बेंजीन में थोड़ा सा मतलब
- 1:20:17यू कैन से जुड़ गए इन द सेंस वो बेंजीन के
- 1:20:19साथ बिजी हो गए। और इस रीज़न की रीज़न की
- 1:20:21वजह से ये H+ को उतनी जल्दी अट्रैक्ट नहीं
- 1:20:23करते हैं। ठीक है? इट रिजल्ट इन द अनशयर्ड
- 1:20:25इलेक्ट्रॉन पेयर ऑन नाइट्रोजन एटम
- 1:20:26कंजुगेटेड बेंजीन रिंग के साथ मेकिंग लेस
- 1:20:29अवेलेबल फॉर प्रोटोोनेशन। बोलेंगे भाई
- 1:20:31प्रोटॉन और प्रोटॉन को बाद में पकड़ना। चलो
- 1:20:33पहले घूमो यहां पे। ठीक है? नाउ इफ यू
- 1:20:36राइट डिफरेंट रेजोनेटिंग स्ट्रक्चर्स ऑफ
- 1:20:38एनिलिन यू विल फाइंड दैट एनिलिन इज़ अ
- 1:20:40रेजोनेंस हाइब्रिड फॉलोइंग बाय फाइव
- 1:20:42स्ट्रक्चर्स। इस तरीके के पांच स्ट्रक्चर
- 1:20:43एनिलिन हमारा दिखाता है। ऑन दी अदर हैंड
- 1:20:46अगर मैं एनिलिनियम आयन से इसको कंपेयर
- 1:20:47करूं। एनिलिनियम आयन क्या होता है? बेंजीन
- 1:20:49पे NH3 पॉजिटिव चार्ज लग जाए। एनिलिनियम
- 1:20:52आयन बन जाए। इसका भी आपसे एक क्वेश्चन
- 1:20:53पूछा जा सकता है। ठीक है? तो प्रोटॉन कैन
- 1:20:55हैव ओनली टू रेजोनेटिंग स्ट्रक्चर्स। इसके
- 1:20:57पास केवल दो रेजोनेटिंग स्ट्रक्चर्स हैं।
- 1:20:59पर उससे क्या लेना देना मैम? जितने ज्यादा
- 1:21:01रेजोनेटिंग स्ट्रक्चर होते हैं उतना
- 1:21:02ज्यादा स्टेबल वो ग्रुप बन जाता है। है
- 1:21:04ना? वी नो ग्रेटर द नंबर ऑफ रेजोनेटिंग
- 1:21:07स्ट्रक्चर ग्रेटर इज़ द स्टेबिलिटी। वो
- 1:21:09उतना ही ज्यादा स्टेबिलिटी बन जाता है। है
- 1:21:11ना? तो हम बोल सकते हैं एनिलिन में पांच
- 1:21:12रेजोनेटिंग स्ट्रक्चर है तो वो ज्यादा
- 1:21:14स्टेबल है। एनिलियम आयन में केवल दो
- 1:21:16रेजोनेटिंग स्ट्रक्चर हैं वो कम स्टेबल
- 1:21:18है। तो प्रोटॉन एक्सेप्टेबिलिटी ऑन द
- 1:21:19बेसिक ऑफ़ बेसिक नेचर ऑफ़ एनिलिन और अदर
- 1:21:23एरोमैटिक अमीनस वुड बी लेस दैन दैट ऑफ़
- 1:21:25अमोनिया। मतलब अमोनिया से भी कम बेसिक
- 1:21:28नेचर होता है। ठीक है? यस मैम। इन केस ऑफ़
- 1:21:30सब्सीट्यूटेड एनिलिन लगा है तो भाई देख लो
- 1:21:32कि कोई विथड्रॉइंग ग्रुप है या डोनेटिंग
- 1:21:34ग्रुप है। कोई इलेक्ट्रॉन बाहर निकाल रहा
- 1:21:35है। है ना? तो वो H+ को कैसे अट्रैक्ट
- 1:21:38करेगा? और कोई इलेक्ट्रॉन अंदर दे रहा है
- 1:21:39तो वो H+ को कैसे निकालेगा? जैसे अगर
- 1:21:41इलेक्ट्रॉन रिलीजिंग ग्रुप है जैसे ईथर लग
- 1:21:43गया, CH3 लग गया। है ना? तो ये इंक्रीज़ कर
- 1:21:46देते हैं बेसिक स्ट्रेंथ। भाई, कोई बोल
- 1:21:47रहा है मैं तुमको इलेक्ट्रॉन दे रहा हूं,
- 1:21:49बेंजीन तुम दिक्कत मत लो। तो वो H+ को
- 1:21:51थोड़ा अट्रैक्ट कर लेगा। वहीं कोई उससे
- 1:21:52इलेक्ट्रॉन लेने वाला लग गया। है ना? NO2
- 1:21:54लग गया। SO3H लग गया कोई भी। तो ये क्या
- 1:21:56बोलेंगे भाई? हमको इलेक्ट्रॉन लाओ बेंजीन
- 1:21:58अपने। तो ये उतनी जल्दी H+ को अट्रैक्ट
- 1:22:01नहीं कर पाएगा। तो बेसिक स्ट्रेंथ कम हो
- 1:22:03जाएगी। ठीक है? सॉल्यूशन एनर्जी अगर आपको
- 1:22:04नहीं पता तो आप लिख लो। सॉल्यूशन एनर्जी
- 1:22:06एक एनर्जी होती है जो कि चेंज होती है।
- 1:22:08अकर्स व्हेन सॉल्यूट को आप एक सॉल्वेंट
- 1:22:10में घोल रहे हो। है ना? रिजल्टिंग फ्रॉम द
- 1:22:12इंटरेक्शंस बिटवीन सॉल्यूट एंड सॉल्वेंट
- 1:22:14मॉलिक्यूल। उनको आपस में रिएक्ट कराने में
- 1:22:16हेल्प करता है। चलो हेडिंग लगाइए। केमिकल
- 1:22:19प्रॉपर्टीज। अब मुझे 1 मिनट दे दो। मैं
- 1:22:20पानी भी पी लूं। ठीक है? केमिकल
- 1:22:22प्रॉपर्टीज ऑफ़ अमीनस।
- 1:22:32हम
- 1:22:35तो तो तो तो तो
- 1:22:38तो तो
- 1:22:40नेक्स्ट है हमारे पास केमिकल प्रॉपर्टीज
- 1:22:42ऑफ अमीनस केमिकल प्रॉपर्टीज कैसे
- 1:22:44रिएक्शनंस दिखाएगा देखो सबसे पहले
- 1:22:46अमोनोलिसिस बेंजीन को अगर मैं RX के साथ
- 1:22:49रिएक्ट करा दूं तो ये क्या करते हैं
- 1:22:50अमोनिया के डेरिवेटिव्स बनाने लग जाते हैं
- 1:22:52जैसे 1° भी मिल सकता है एक्सेस ऑफ़ RX में
- 1:22:54ले जाओ तो 2° भी फिर 3° भी और फिर
- 1:22:57क्वार्टनरी साल्ट भी मिल जाता है। ठीक है?
- 1:22:59सेकेंडरी अमीनस, टर्शरी अमीनस, क्वार्टनरी
- 1:23:01साल्ट सब कुछ बन सकते हैं क्योंकि अमोनिया
- 1:23:03एज अ न्यूक्लियोफाइल रिएक्ट करेगा और ये
- 1:23:05रिएक्शन दिखा देगा। हमने ये रिएक्शन कर ली
- 1:23:07तो हम दोबारा नहीं लिख रहे हैं इसको। चलो
- 1:23:09एसाइलेशन हमारा बेंजीन जो एनिलिन है।
- 1:23:12एनिलिन वाला ग्रुप या कोई भी अमीन वाला
- 1:23:14ग्रुप ये आप रिएक्ट करा सकते हो एसाइल
- 1:23:16ग्रुप के साथ। एसाइल क्या होता है? जैसे
- 1:23:18कि एसाइल क्लोराइड, एसाइल ब्रोमाइड। RCOCl
- 1:23:22वाला ग्रुप। RCOCl वाला ग्रुप अगर रिएक्ट
- 1:23:25कर जाएगा RNH2 से। RCOCl वाला ग्रुप अगर
- 1:23:28रिएक्ट कर जाएगा RNH2 से तो RNH2 का H और
- 1:23:32RCOCl का Cl ये HCl बना के बाहर निकल
- 1:23:34जाएंगे। बचे हुए ग्रुप को जोड़ दो। बन गई
- 1:23:36रिएक्शन। खत्म खत्म। रिएक्शन खत्म। ठीक?
- 1:23:38देखो मैंने बोला यहां पे लिख लो। RNH2
- 1:23:42मैं NH2 को ऐसे लिख दूं H और H ठीक?
- 1:23:45रिएक्ट करेंगे। RC
- 1:23:48मैं इसको ऐसे लिखती हूं। C ORCl
- 1:23:52है ना ताकि रिएक्शन समझा पाऊं। ये आपस में
- 1:23:54भाई साहब निकल जाएंगे। बचे हुए ग्रुप्स लग
- 1:23:56जाएंगे। तो बनेगा R N है ना? एक H ऑलरेडी
- 1:23:59लगा है। C लग जाएगा। डबल बॉन्ड O लग
- 1:24:02जाएगा। R ये वाला ग्रुप बन गया। है ना?
- 1:24:04क्या बना? देखो R NHCOR
- 1:24:07RNHCOR
- 1:24:09बन गया। तो सिंपल सी बात है। HCL बाहर
- 1:24:12निकलेगा। इट रेफर्स टू द रिप्लेसमेंट ऑफ़
- 1:24:14एक्टिव हाइड्रोजन एटम। ठीक है? व्हेन
- 1:24:16एसिटाइल ग्रुप इंट्रोड्यूस इट इज़ कॉल्ड
- 1:24:18एसिटाइलेशन। क्योंकि एसाइल ग्रुप मैंने
- 1:24:20बोला है ना एसाइलेशन क्या है? एसाइल ग्रुप
- 1:24:22का अंदर आना। इट इज़ डन इन द विद एसिड
- 1:24:24क्लोराइड और एसिड एनहाइड्राइड। है ना? या
- 1:24:27तो एसिड क्लोराइड ले लो, एसिड एनहाइड्राइड
- 1:24:28ले लो। RCONH2 भी ले सकते थे। है ना? तो
- 1:24:31भी H Cl के साथ रिएक्ट करता। ठीक है?
- 1:24:34RCONH2
- 1:24:35नहीं। उस केस में रिएक्शन अलग हो जाती है
- 1:24:37सॉरी। है ना? तो यहां पे क्या होगा? यहां
- 1:24:39पे क्या होगा? ओनली प्राइमरी एंड सेक
- 1:24:40सेकेंडरी अमाइंस गिव दिस रिएक्शन। क्यों
- 1:24:42मैम? टर्शरी का क्या कसूर? कसूर है भाई।
- 1:24:45देखो इस केस में दो हाइड्रोजन है। 1° अमीन
- 1:24:48लिया। है ना? 2° लेते तो भी एक हाइड्रोजन
- 1:24:50होता। पर 3° में तो हाइड्रोजन ही नहीं
- 1:24:52होता है। R3N
- 1:24:54इसमें आप रिएक्शन कराओ RCOCl
- 1:24:58तो इसके Cl के साथ कौन जाएगा भाई? तो ये
- 1:25:00रिएक्शन नहीं होगी। ये रिएक्शन सिर्फ और
- 1:25:03सिर्फ 1° 2° में होती है 3° में नहीं। तो
- 1:25:05अगर आपको कोई रिएक्शन में बोले कि चलो
- 1:25:07बताओ कि कौन सी रिएक्शन एक ग्रुप है? बताओ
- 1:25:093° है या नहीं? तो आप कैसे बताओगे रिएक्शन
- 1:25:11करा के? अगर ये रिएक्शन नहीं हुई तो वो 3°
- 1:25:13है। हो गई तो वन या 2° होगा वो। ठीक है?
- 1:25:16टर्शरी अमाइंस डू नॉट कंटेन इन एक्टिव
- 1:25:18हाइड्रोजन तो वो रिएक्शन नहीं दिखाएंगे।
- 1:25:20परन व्हिच इज़ अ वेरी स्ट्रांग बेस देन
- 1:25:21अमीन इज़ एडेड। इट रिमूव्स HCL। आप इसको
- 1:25:24पाइरेडीन की प्रेजेंस में कराते हो तो वो
- 1:25:26HCL को हटा देता है और फॉरवर्ड डायरेक्शन
- 1:25:28में रिएक्शन प्रोसीड करता है। वरना हो
- 1:25:29सकता है बैकवर्ड भी बनने लग जाए। तो यहां
- 1:25:31पे आप HCL की पैरेडीन की प्रेजेंस में ये
- 1:25:33रिएक्शन कराते हो। मूविंग फॉरवर्ड आप
- 1:25:35इसमें एनिलिन भी ले सकते थे। वो भी 1° 2°
- 1:25:38वाला रिएक्शन दिखाता। ठीक है? तो इस तरीके
- 1:25:40से यहां पे अटैक करना चाहेगा। ऑक्सीजन
- 1:25:41इलेक्ट्रॉन्स अपने खींचना चाहेगा। और
- 1:25:43पैरेडीन की प्रेजेंस में यह प्रोडक्ट बनके
- 1:25:45हमारे पास आ जाएगा। फ़दर ये इस तरीके से
- 1:25:47रिएक्शन करके आपके में एज़ सच कोई इसका
- 1:25:49मैकेनिज़्म पूछेगा नहीं। बट आपको थोड़ा
- 1:25:51समझाने के लिए यहां पे इस तरीके से लिखा
- 1:25:52है कि ये ये कहानी यहां पे हो रही होती
- 1:25:54है। अदरवाइज़ अगर आपने ये समझ लिया तो आप
- 1:25:56ये रिएक्शन बहुत इज़ली कर लोगे। मूविंग
- 1:25:58फॉरवर्ड नेक्स्ट इज़ बेंज़ोइलेशन। कोई बड़ी
- 1:26:00बात नहीं। कोई बड़ी बात नहीं है। RCOCl में
- 1:26:03जो R वाला ग्रुप है वो इस बार बेंजीन का
- 1:26:04उठा लो। हो गया कहानी। वही HCL को बाहर
- 1:26:07निकालो और बेंजीन वाला ग्रुप बस ले लेना।
- 1:26:08RCOCl में। तो बस बन गया। वही सेम ग्रुप
- 1:26:11बन गया। देखो H हटा देना, Cl हटा देना,
- 1:26:13बचा हुआ ग्रुप जोड़ देना। बस जो आपने इस
- 1:26:15बार COCL लिया उसमें बेंजीन वाला ग्रुप ले
- 1:26:17लेना। हो गई रिएक्शन। डन विद बेंज़ोइल
- 1:26:19क्लोराइड इन द प्रेज़ेंस ऑफ़ अ बेस एक्वस
- 1:26:21NaOH या वही पडीन ले लो एक ही बात है। ठीक
- 1:26:23है? बेंज़ोइलेशन कंपाउंड कंटेन करता है एक
- 1:26:26हाइड्रोजन एटम। ठीक है? जैसे कि अल्कोहल,
- 1:26:28फिनोल, अमीनस कोई भी ऐसा हो सकता है। वो
- 1:26:30इस रिएक्शन में क्या करेंगे? इस रिएक्शन
- 1:26:32में HCl को बाहर निकाल देंगे। ठीक है? विद
- 1:26:34बेंज़ोइल क्लोराइड अगर आप करवा रहे हो इन द
- 1:26:36प्रेज़ेंस ऑफ़ अ बेस तो इसका एक स्पेसिफिक
- 1:26:38नाम भी होता है व्हिच इज़ स्कॉटर बोमैन
- 1:26:40रिएक्शन। स्कॉटन बोमन रिएक्शन के नाम से
- 1:26:42यह जानी जाती है। ठीक है? बट रिएक्शन बड़ी
- 1:26:44सिंपल है यार। H हटा दो, Cl हटा दो।
- 1:26:46रिएक्शन हो गई। खत्म। ठीक है? चलो आगे
- 1:26:48बढ़ते हैं। कार्बल अमीन रिएक्शन इसको आप
- 1:26:50साइन आइसोसाइनाइड टेस्ट भी बोलते हो या
- 1:26:53कार्बिल अमीन टेस्ट भी बोलते हो। ठीक है?
- 1:26:56ये रिएक्शन क्या होती है? आपको एक
- 1:26:57प्राइमरी अमीन उठाना है। अब सिर्फ
- 1:26:59प्राइमरी ही उठाना है और यही एक टेस्ट की
- 1:27:01तरह भी काम करेगा। ठीक है? प्राइमरी अमीन
- 1:27:03उठाना है। क्लोरोफॉर्म से रिएक्ट कराना
- 1:27:04है। क्लोरोफॉर्म। क्लोरोफॉर्म से रिएक्ट
- 1:27:06कराना है। पर क्लोरोफॉर्म के साथ थोड़ा सा
- 1:27:08एक और चीज़ लेनी है। वो है एक पोटैशियम
- 1:27:10हाइड्रोक्साइड। ठीक है? अब क्लोरोफॉर्म ले
- 1:27:12लिया, RNH2 ले लिया। आप केमिकल प्रॉपर्टी
- 1:27:15पढ़ रहे हो। तो ये क्या करेंगे? ये अमीन को
- 1:27:16लेके और क्लोरोफॉर्म आपस में है। ठीक है?
- 1:27:18क्लोरोफॉर्म तो जानते हो ना वो शायद सुन
- 1:27:20लो तो बेहोश हो जाते हो वो वाला ग्रुप।
- 1:27:22ठीक है? तो इस रिएक्शन में ये क्या
- 1:27:23करेंगे? क्लोरोफॉर्म का जो कार्बन है वो
- 1:27:24जाके नाइट्रोजन से लग जाएगा। क्लोरोफॉर्म
- 1:27:26का जो कार्बन है वो जाके नाइट्रोजन से लग
- 1:27:28जाएगा। मतलब R NH2
- 1:27:33CHCl3 ले लिया। KOH ले लिया। इस रिएक्शन
- 1:27:37में क्या होगा? इस रिएक्शन में क्या होगा?
- 1:27:40ये क्लोरोफॉर्म आएगा और इसका कार्बन
- 1:27:42नाइट्रोजन से लगना चाहेगा। ठीक है? तो ये
- 1:27:44बोलेगा सारे हाइड्रोजन जो तुम हो तुम बाहर
- 1:27:46निकलो यहां से। तो क्या बन जाएगा?
- 1:27:48प्रोडक्ट जो मेन है वो है R, N और C। R,
- 1:27:53N. R के साथ क्या लगा है? N लगा है। और N
- 1:27:56के साथ तीन बॉन्ड से लग जाएगा C। ये बना
- 1:27:59क्या? आइसोसाइनाइड।
- 1:28:04इसके बाद खराब सी स्मेल होती है। फाउल
- 1:28:05स्मेल अजीब सी खराब सी बहुत अजीब सी
- 1:28:10हॉस्पिटल लाइक स्मेल। बहुत अजीब सी स्मेल
- 1:28:11होती है इसकी। ठीक है? तो इससे रिएक्ट
- 1:28:13करके ये N ट्रिपल बॉन्ड C बनाएगा। और ये
- 1:28:15रिएक्शन केवल और केवल दिखाते हैं।
- 1:28:16प्राइमरी अमीन केवल और केवल प्राइमरी अमीन
- 1:28:20ये रिएक्शन दिखाएंगे आपको। मैम 2° 3°
- 1:28:23क्यों नहीं दिखाएंगे? ये बता दो। देखो n
- 1:28:25के साथ तीन बॉन्ड कार्बन को बनाने होते
- 1:28:27हैं इस रिएक्शन में। है ना? अगर n एक
- 1:28:29ग्रुप से लगा है
- 1:28:32तो तो ये रिएक्शन हो जाएगी। सपोज़ करो n दो
- 1:28:34ग्रुप से लगा है। दो अल्काइल ग्रुप से लगा
- 1:28:36है। तो ये ट्रिपल बॉन्ड C के साथ कैसे
- 1:28:38बनाएगा? बना ही नहीं सकता। ये तो C के साथ
- 1:28:40ट्रिपल बॉन्ड बना ही नहीं सकता। तो उस
- 1:28:41कंडीशन में ये रिएक्शन नहीं होगी। अब सोचो
- 1:28:43तीन बॉन्ड से लगा है नाइट्रोजन ऑलरेडी। तो
- 1:28:46ये ट्रिपल बॉन्ड कैसे बनाएगा? 10 बॉन्ड
- 1:28:48थोड़ी बना लेगा अपना नाइट्रोजन जबरदस्ती।
- 1:28:49है ना? तो ये रिएक्शन सिर्फ़ और सिर्फ
- 1:28:51प्राइमरी अमीन में देखने को मिलती है
- 1:28:53आइसोसाइनाइड टेस्ट के नाम से या कार्बन
- 1:28:54अमीन टेस्ट के नाम से भी आप इसे जानते हो।
- 1:28:56बाय प्रॉडक्ट लिखना लिख देना ना। क्या बन
- 1:28:58जाएगा? पोटैशियम बचा।
- 1:29:01अह थ्री टाइम ले लो, है ना? क्योंकि तीन
- 1:29:02बार क्लोरीन है। तो, थ्री टाइम्स ऑफ़ KCL
- 1:29:04बनेगा और H2O बन जाएगा। बैलेंस कर लेना।
- 1:29:07H2O में भी थ्री आ रहा होगा मेरे ख्याल से
- 1:29:08ना? देख लेना। ठीक है? चलो क्या लिखा है?
- 1:29:11HNO कहां गया? ये। एमैटिक एंड एरोमेटिक
- 1:29:14प्राइमरी अमीन हीटिंग करेंगे क्लोरोफॉर्म
- 1:29:16के साथ। इथेनॉलिक पोटैशियम हाइड्रोक्साइड
- 1:29:18लेके आइसोसाइनाइड या कार्बिल अमीन आएगा।
- 1:29:20फाउल स्मेल होगी। खराब सी स्मेल होगी।
- 1:29:22सेकेंडरी एंड टर्शरी अमीन। ये रिएक्शन
- 1:29:24नहीं दिखाएंगे। दिस रिएक्शन इज़ नोन फॉर
- 1:29:26कार्बिल अमीन रिएक्शन एंड आइसोसाइनाइड
- 1:29:28टेस्ट। क्यों? क्योंकि यहां पे केवल और
- 1:29:30केवल प्राइमरी अमीनस बनते हैं। तो ये
- 1:29:32हमारा कार्बिल अमीन टेस्ट हो गया। आई होप
- 1:29:34सो कार् कार्बिल अमीन टेस्ट भी समझ में आ
- 1:29:36गया होगा। बहुत इंपॉर्टेंट टेस्ट है ये।
- 1:29:37और इससे बहुत बार बोर्ड में क्वेश्चन पूछा
- 1:29:39जाता है। अच्छा अब एक और रिएक्शन। खैर ये
- 1:29:41जो रिएक्शन अच्छा ये रिएक्शन आपके एनिलिन
- 1:29:43भी दे सकते थे। पर प्राइमरी वाले केवल।
- 1:29:45ठीक है? एनिलिन भी दे सकते थे। अच्छा। अब
- 1:29:48रिएक्शन करो नाइट्रस एसिड से। HNO2 के
- 1:29:50साथ। खैर नाइट्रस एसिड से तो जो रिएक्शन
- 1:29:52है बहुत ही इंपॉर्टेंट है। पर ये वाली
- 1:29:53नहीं। एलीफैटिक वाली नहीं एरोमेटिक वाली।
- 1:29:56ठीक है? वो तो डायरेक्ट आपसे पूछी जाएगी
- 1:29:57और वो तो जरूर पूछी जाएगी। ठीक है? वो हर
- 1:29:59ऑर्गेनिक के चैप्टर में है। ठीक है? तो
- 1:30:01फिलहाल हम समझते हैं नाइट्रस एसिड। देखो
- 1:30:03अगर आप नाइट्रस एसिड से अमीन को रिएक्ट
- 1:30:05कराते हो तो वो N2 + Cl- जैसा एक ग्रुप
- 1:30:07बनाते हैं या N2 + X- जैसा एक ग्रुप बनाते
- 1:30:10हैं जो डायजोनियम सॉल्ट कहलाता है। पर जब
- 1:30:13आप एलीफैटिक ग्रुप में करा रहे हो मतलब
- 1:30:15ओपन चेन वाले ग्रुप्स में करा रहे हो तो
- 1:30:16वो इतना हाइली अनस्टेबल होता है कि वो
- 1:30:18बनते ही उड़ जाता है और अल्कोहल में
- 1:30:19कन्वर्ट हो जाता है। तो इधर पे अगर आप
- 1:30:22नाइट्रस एसिड से रिएक्शन कराओ। अगर आपने
- 1:30:24अमीन लिया, नाइट्रस एसिड लिया और रिएक्शन
- 1:30:25कराने की कोशिश करी तो एक्चुअली में उसके
- 1:30:27अंदर थोड़ा सा डायजोनियम साल्ट जैसा बनने
- 1:30:29की कोशिश हुई होगी पर बनता नहीं है। वो
- 1:30:32मतलब तुरंत अनस्टेबल है। बहुत अनस्टेबल
- 1:30:34है। वो अल्कोहल में कन्वर्ट हो जाता है।
- 1:30:35तो डायरेक्टली हम बोलेंगे अल्कोहल बन गया।
- 1:30:37मतलब मतलब अगर मैंने आपसे बोला कि मैंने
- 1:30:40क्या किया? मैंने क्या किया? मैंने RNH2
- 1:30:43वाला एक ग्रुप उठा लिया। RNH2 वाला एक
- 1:30:44ग्रुप उठा लिया। ठीक? तो, RNH2 हमें क्या
- 1:30:47दे रहा है? ROH वाला ग्रुप दे रहा है।
- 1:30:49अल्कोहल बना दे रहा है। RNH2 को HNO2 से
- 1:30:51रिएक्ट कराया। तो बनना क्या चाहिए? बनना
- 1:30:53चाहिए जैसे R N2+ Cl- है ना या Cl- यहां
- 1:30:59पे नहीं दिख रहा होगा। आप बोलोगे क्या
- 1:31:00मैम? HCL की प्रेजेंस में कराते हैं। ठीक
- 1:31:01है? तो इसलिए बोल रहे थे Cl- ऐसा कुछ पर
- 1:31:03वो बनता ही नहीं है। वो बहुत अनस्टेबल
- 1:31:05होता है। वो डायरेक्टली अल्कोहल में बदल
- 1:31:07जाएगा। ROH फिर N2 गैस और वाटर बाहर निकल
- 1:31:09जाएगा। तो ये याद रखना कि आप खैर ये
- 1:31:11रिएक्शन तो इतनी एज़ सच इंपॉर्टेंट नहीं
- 1:31:13है। जो इंपॉर्टेंट इंपॉर्टेंट मतलब मतलब
- 1:31:15ये आपसे डायरेक्ट नहीं पूछी जाएगी कभी भी।
- 1:31:17डायरेक्ट आपसे जो पूछा जाएगा वो एरोमेटिक
- 1:31:19में होगा नाइट्रस एसिड के साथ। ठीक है?
- 1:31:21HNO2 एक बहुत ही ज्यादा अनस्टेबल कंपाउंड
- 1:31:24होता है। बहुत ज्यादा अनस्टेबल बनते ही
- 1:31:26खत्म हो जाता है। ठीक है? तो इसे प्रिपेयर
- 1:31:28करते हैं Nano2 ओवर HCl के साथ। प्राइमरी,
- 1:31:30सेकेंडरी, टर्शरी अमीनस हमको प्रोडक्ट
- 1:31:32दिखाता है। क्या हो गया भाई? अनस्टेबल
- 1:31:35कंपाउंड के साथ। तो यहां पे क्या होता है?
- 1:31:37प्राइमरी पीएसटी मतलब प्राइमरी, सेकेंडरी,
- 1:31:39टर्शरी। तीनों हमें प्रोडक्ट्स देते हैं।
- 1:31:41तीनों हमें अल्कोहल बनाते हैं। ठीक है?
- 1:31:43इसको आप यूज़ भी कर सकते हो 1°, 2 डिग्री,
- 1:31:453 डिग्री को डिफरेंशिएट करने में। ठीक है?
- 1:31:47प्राइमरी अमीनस कैसे यूज़ कर सकते हो?
- 1:31:49प्राइमरी अमीनस आपको अल्कोहल देते हैं और
- 1:31:50साथ में नाइट्रोजन गैस को बाहर निकालते
- 1:31:52हैं। वहीं ये रिएक्शन प्रोसीड करती है
- 1:31:54थ्रू द फॉर्मेशन ऑफ़ अनस्टेबल डजोनियम
- 1:31:56सॉल्ट और वापस से डीकंपोज हो के अल्कोहल
- 1:31:58बना देता है जो मैंने आपको बताया।
- 1:32:00तुरंत-तुरंत ये अल्कोहल बना देगा। ये
- 1:32:01रिएक्शन रुकती ही नहीं है। आगे बढ़ते हैं।
- 1:32:04अराइल वाले ग्रुप के साथ। अराइल वाले
- 1:32:06ग्रुप के साथ अभी हम फिर से पढ़ेंगे। पर आप
- 1:32:07यहीं पे पढ़ लो। हम डायजोनियम साल्ट में भी
- 1:32:09पढ़ेंगे। आप यहां पे भी पढ़ लो। अगर आपने एक
- 1:32:11अमीन ले लिया एनिलिन। हम डायरेक्ट समझते
- 1:32:13हैं। चलो। मैंने एक बेंजीन लिया। उसमें
- 1:32:15लगा है NH2 एनिलिन। ठीक? अगर मैंने इस
- 1:32:19एनिलिन को पास कर दिया विद विद NO2
- 1:32:25ओवर HCl जिसे कई जगह HNO2 नाइट्रस एसिड की
- 1:32:28तरह भी लिखा जाता है। ठीक है? अगर आप इसकी
- 1:32:30रिएक्शन कराते हो तो एक टेंपरेचर फिक्स
- 1:32:32होता है। वो होता है 0° से 5° के आसपास।
- 1:32:34जिसे आप 273 से 27 8 केल्विन के आसपास भी
- 1:32:38बोल सकते हो। ठीक है? 0 से 5° सेल्सियस
- 1:32:41में क्या होता है? बेंजीन है।
- 1:32:44बेंजीन है। बेंजीन पे लग जाता है। क्या
- 1:32:47लगेगा? देखो नाइट्रोजन ऐसे ही रहेगा। यहां
- 1:32:49पे बन जाएगा। N2 + Cl- ये कहलाता है डाई
- 1:32:53अजोनियम सॉल्ट। अ वेरी वेरी वेरी
- 1:32:56इंपॉर्टेंट ऑर्गेनिक कंपाउंड एरोमेटिक
- 1:32:58कंपाउंड। डाई अजोनियम
- 1:33:01सॉल्ट। जिसके बारे में आप अभी आगे पढ़ोगे
- 1:33:03भी बहुत कुछ। डाईजोनियम सॉल्ट। साथ ही साथ
- 1:33:05नाइट्रोजन गैस वगैरह बाहर निकलती है।
- 1:33:07फिलहाल ये पूरी रिएक्शन जो है इस रिएक्शन
- 1:33:09का नाम है डाई एजोटाइजेशन रिएक्शन।
- 1:33:13वेरी वेरी वेरी इंपॉर्टेंट रिएक्शन।
- 1:33:16ठीक? हर चैप्टर में ये रिएक्शन है। पूछी
- 1:33:18ही जाएगी। क्या होता है? अब क्योंकि क्यों
- 1:33:20पूछी जाएगी पता है? क्योंकि बेंजीन एक बार
- 1:33:21ये डायजोनियम सॉल्ट बन जाता है ना।
- 1:33:23मल्टीपल एरोमेटिक ग्रुप बन जाता है। आपने
- 1:33:25हैलोल्केन, हैलोरीन में पढ़ा है। अल्कोहल,
- 1:33:27फिनोनोलॉल ईथर में पढ़ा है। एल्डिहाइड,
- 1:33:28कीटोन, कार्बोक्सिलिक एसिड में पढ़ा है।
- 1:33:30अमीनस में पढ़ रहे हो। पांच चैप्टर हैं
- 1:33:31ऑर्गेनिक में जिनमें से चारों चैप्टर में
- 1:33:33आप ये रिएक्शन देखोगे। वेरीेंट रिएक्शन
- 1:33:35डाजोटाइजेशन एनिलिन को उठाओ ना Nano2 ओवर
- 1:33:38से पास कराओ इन द टेंपरेचर 0 टू 5°
- 1:33:40सेल्सियस आप NaO2 HCl की जगह HNO2 भी लिख
- 1:33:43दोगे तो भी चलेगा ठीक है तो इस रिएक्शन
- 1:33:45में हमें मिलता है क्या डाईजोनियम सॉल्ट
- 1:33:46ये डाई एजो ग्रुप है N2+ जो लगा है Cl- के
- 1:33:49साथ वो डाई अजो ग्रुप है इसका। ठीक है? तो
- 1:33:51ये फॉर्म करते हैं डाजोनियम सॉल्ट 273 से
- 1:33:54270
- 1:33:56फॉर्म करते हैं एरोमेटिक डाज़ोनियम साल्ट
- 1:33:58इस टेंपरेचर पे। है ना? रिएक्शन
- 1:34:00डजोटाइजेशन रिएक्शन होती है। इंपॉर्टेंट
- 1:34:02टू नो दैट ओनली प्राइमरी अमीनस डजोटाइज 2°
- 1:34:06नहीं होंगे। क्यों नहीं होंगे मैम? 2°
- 1:34:07होंगे तो वो H2 यहां पे क्या होता है?
- 1:34:09देखो NH2 था तो वो H2 हटा के है ना? N2 +
- 1:34:13Cl- बन जाता है। अब आप बोलो नहीं नहीं
- 1:34:15नहीं नाइट्रोजन से अल्काइल ग्रुप लगे हैं।
- 1:34:17तो अल्काइल ग्रुप थोड़ी इतनी जल्दी हटेंगे।
- 1:34:19हाइड्रोजन हट सकता है। तो ये रिएक्शन ये
- 1:34:21नहीं दिखाएंगे। डायरेक्टली अटैच टू
- 1:34:22एरोमेटिकली। ठीक है? एनिलिन डज़ोनियम साल्ट
- 1:34:25बन जाता है। सेम रिएक्शन मैंने आपको बताई।
- 1:34:26बाकी लिख दो। क्या बनेगा? NaCl बनेगा। H2O
- 1:34:30बनेगा। है ना? है ना? मैंने शायद N2 गलती
- 1:34:33से बोल दिया था। NaCl बनेगा। ठीक है? तो
- 1:34:35इस तरीके से ये पूरी रिएक्शन होती है।
- 1:34:37वेरी वेरी वेरीेंट रिएक्शन। डाई
- 1:34:39एजोटाइजेशन रिएक्शन। आगे बढ़ते हैं।
- 1:34:41रिएक्शन विद अराइल सल्फोनिल क्लोराइड।
- 1:34:45सल्फोनिल क्लोराइड वाली रिएक्शन तो बहुत
- 1:34:47इंपॉर्टेंट है। देखो वेरी वेरीेंट। चलो अब
- 1:34:50इस रिएक्शन को बहुत ध्यान से सुनना। मैंने
- 1:34:51बेंजीन ले लिया। सल्फोनिल क्लोराइड क्या
- 1:34:54होता है?
- 1:34:55S O2Cl है ना? सल्फोनिल क्लोराइड बनाना है
- 1:35:00तो ऐसे बनाओ। मैं इसको ऐसा करता हूं। ऐसे
- 1:35:02बना देती हूं। ऐसे करके ऐसा कोई दिक्कत
- 1:35:05नहीं है। बट थोड़ा सही दिखेगा ग्रुप। ठीक
- 1:35:08है? S O2
- 1:35:11Cl
- 1:35:13इस पे ऐसा करते हैं सर्कल बना लेते हैं।
- 1:35:16ठीक? ये ले लिया। हम अब मैं कोई प्राइमरी
- 1:35:18ऐन उठाऊंगी। ठीक है? चलो इसको इसी कलर से
- 1:35:20लिख दूंगी मैं। मैं बोलूंगी प्राइमरी अमीन
- 1:35:22उठाने जा रही हूं। प्राइमरी अमीन मतलब R
- 1:35:25NH2 मैं ऐसे लिखती हूं। H N उससे एक और H
- 1:35:29फिर R है ना और लोन पेयर लगे होते हैं।
- 1:35:32ठीक है? इस रिएक्शन में होगा क्या? ये
- 1:35:33बहुत इंपॉर्टेंट टेस्ट टू डिस्टिंग्विश
- 1:35:35है। ठीक है? HCL बाहर निकलेगा। HCL हमारा
- 1:35:38बाहर निकलेगा। ठीक है? मैम क्या बन जाएगा
- 1:35:40रिएक्शन में? देखो मैम? बेंजीन बनेगा। है
- 1:35:44ना? जो था ऐसे इस तरीके से उसमें सल्फोनिल
- 1:35:46लगा है। SO2 दिस इज़ सल्फोनिल ग्रुप। ठीक
- 1:35:48है? SO2 है मैम। और उससे आके नाइट्रोजन
- 1:35:51लगेगा जिससे एक हाइड्रोजन लगा है जिससे एक
- 1:35:53अल्काइल ग्रुप लगा है और एक हाइड्रोजन चला
- 1:35:55गया। ठीक है? यह ग्रुप बन गया। अब इस
- 1:35:57ग्रुप में आप देखो एक खासियत है। इसमें H
- 1:35:59लगा हुआ है। उससे क्या लेना देना मैम?
- 1:36:00अच्छा बाय प्रोडक्ट चाहो तो लिख दो ना
- 1:36:02HCL। ठीक है मैम। इससे क्या लेना देना?
- 1:36:05अगर इसमें H लगा है तो ये इस H को रिलीज़
- 1:36:07कर सकता है। इसके पास लोन पेयर भी होंगे।
- 1:36:08ये इस H को रिलीज़ कर सकता है। रिलीज़ कर
- 1:36:11सकता है। है ना? तो ये एक एसिड की तरह
- 1:36:13बिहेव करेगा। ठीक है? तो ये हमने देखा कि
- 1:36:16जब इसको अल्कली में घोला ये सॉलुबल है
- 1:36:19अल्कली में। सॉलुबल
- 1:36:23इन अल्कली।
- 1:36:27जब हमने 1° अमीन को उठाया। दिस इज़ व्हाट?
- 1:36:29दिस इज़ 1 डिग्री अमीन।
- 1:36:321° अमीन के साथ रिएक्शन कराई, तो एक ऐसा
- 1:36:34प्रोडक्ट बन के आया जो कि अ किस में घुल
- 1:36:37गया? अल्कली में घुल गया। चलो सेम रिएक्शन
- 1:36:40वापस। सेम रिएक्शन उठाते हैं। बेंजीन
- 1:36:42उठाया।
- 1:36:44ठीक? सल्फोनिल ग्रुप लगा दो। SO2Cl
- 1:36:46सल्फोनिल क्लोराइड। ठीक? रिएक्शन कराओ 2°
- 1:36:49के साथ इस बार। यानी कि H N R
- 1:36:54ठीक? 2° ग्रुप वापस से ये HCL बनाएगा। ठीक
- 1:36:58है मैम? समझ गए? ये HCL बनाएगा।
- 1:37:02ठीक? और प्रोडक्ट हमारे पास क्या बन के
- 1:37:03आएगा? देखना। प्रोडक्ट देखना क्या बनेगा?
- 1:37:06बेंजीन
- 1:37:08SO2
- 1:37:10Cl की जगह लग गया N जिससे लगा अल्काइल
- 1:37:12ग्रुप अल्काइल ग्रुप। ठीक? इस प्रोडक्ट को
- 1:37:15जब देखा, इस प्रोडक्ट को जब देखा, इट इज़
- 1:37:18इनसॉलीबल इन अल्कली।
- 1:37:21क्यों मैम? देखो आप आंसर समझ गए। इसीलिए
- 1:37:23मैंने ऊपर रीज़न समझा दिया था। वो H+ डोनेट
- 1:37:25कर सकता था। इसके पास तो है ही नहीं H+।
- 1:37:27तो ये रिएक्शन नहीं हुई। अब सुनो। अब
- 1:37:29मैंने 3° उठाया। मैंने सेम रिएक्शन कराई।
- 1:37:31मैंने बोला ये रहा हमारा सल्फोनिल ग्रुप।
- 1:37:33सल्फोनिल क्लोराइड है ना? बेंज़ील सल्फोनिल
- 1:37:36क्लोराइड। ठीक है? रिएक्शन कराई R3N से।
- 1:37:40NR
- 1:37:41ठीक है। अ मैम ये अरे अरे अरे अरे अरे अरे
- 1:37:46हम नहीं होगी। रिएक्शन विल नॉट प्रोसीड।
- 1:37:49तो आपको कोई बोले प्राइमरी सेकेंडरी
- 1:37:52टर्शरी को डिफरेंशिएट करके दिखाइए।
- 1:37:53प्राइमरी सेकेंडरी टर्शरी को डिफरेंशिएट
- 1:37:56करके दिखाइए। बोल ना बेंजीन सल्फोनल
- 1:37:58क्लोराइड लगाओ। है ना? पहला जो ग्रुप बना
- 1:38:01वो क्या बना? वो एक प्रोडक्ट बना जिसमें
- 1:38:03जो पानी अल्कली में घुल गया। दूसरा
- 1:38:05प्रोडक्ट जो 2° के साथ बना। दिस वाज़ 2°
- 1:38:07दिस वाज़ 2° अमीन। 2° अमीन में इस रिएक्शन
- 1:38:11में जो प्रोडक्ट बना वो अल्कली में नहीं
- 1:38:13घुला। वहीं जब 3° उठा लिया तो रिएक्शन ही
- 1:38:16नहीं हुई। तो कोई मेरे पास तीन अमीन लेके
- 1:38:17आ गया। उसने बोला बताओ 1°, 2°, 3° क्या
- 1:38:20है? तो मैंने बेंजीन, सल्फोनल क्लोराइड
- 1:38:21उठाया। तीनों को एक-एक बार घोल दिया
- 1:38:23अलग-अलग वेसल में सपोज। ठीक है? 1 2 3 ठीक
- 1:38:25है? अब एक को मैंने उठाया। मैंने कहा
- 1:38:27तीनों एक जैसे लग रहे हैं। अल्कली में डाल
- 1:38:29दिया। रिएक्शन हो गई। ये 1° ऐमीन था ये
- 1:38:31वाला। फिर उसके बाद अल्कली में डाला।
- 1:38:33रिएक्शन नहीं हुई। 2° फिर उसके बाद देखा
- 1:38:35कि जो स्टार्टिंग में तीसरे वाले को घुला
- 1:38:37था ना वो तो घुला ही नहीं। है ना? मतलब वो
- 1:38:39तो रिएक्शन ही नहीं कर रहा। तो वो 3° अमीन
- 1:38:41है। तो आप इसको डिफरेंशिएट कर सकते हो। ये
- 1:38:43बहुत इंपॉर्टेंट टेस्ट होता है। बेंजीन
- 1:38:45सल्फोनिल क्लोराइड है ना? आल्सो नोन ऐज़
- 1:38:47हिंसबर्ग रिएजेंट टेस्ट। आप यहां पे लिख
- 1:38:49भी लो। दिस इज़ दिस इज़ हिंसबर्ग
- 1:38:54रिएजेंट टेस्ट।
- 1:38:58प्रोडक्ट्स ऑब्टेंड जो होंगे हम उनको
- 1:39:01डिफरेंशिएट कर सकते हैं। है ना? बाकी आप
- 1:39:03नाम वगैरह लिख लेना इसका। है ना? मैंने
- 1:39:04पूरी चीजें आपको बता दी। मैंने आपको सारी
- 1:39:06चीजें बता दी। सॉलीबल है। अल्कली में एक
- 1:39:08नहीं है। अल्कली में सॉलीबल और एक रिएक्शन
- 1:39:09ही नहीं दिखा रहा। मैंने आपको पूरी
- 1:39:11रिएक्शन बता दी। सब कुछ बता दिया। ठीक है?
- 1:39:12सेकंड में क्या होगा? एंड ये प्रोडक्ट
- 1:39:14फॉर्म होगा। है ना? इनसॉलीबल होगा अल्कली
- 1:39:16में 3° वाला रिएक्शन नहीं दिखाएगा। तो
- 1:39:19प्रॉपर्टी से हम तीनों को क्या कर सकते
- 1:39:20हैं? सेपरेट कर सकते हैं। ठीक है? तो ये
- 1:39:23एक पूरी कहानी हो गई। आगे बढ़ते हैं।
- 1:39:24इलेक्ट्रोफिलिक सब्स्टट्यूशन रिएक्शन सबको
- 1:39:26पता है एनिलिन जो है उसमें बेंजीन है।
- 1:39:29बेंजीन में इलेक्ट्रॉन डीलोकलाइज़्ड हैं।
- 1:39:31तो वो न्यूक्लियोफिलिक नहीं दिखाते। पर वो
- 1:39:33इलेक्ट्रोफिलिक रिएक्शन तो दिखा सकते हैं।
- 1:39:35भाई एक इलेक्ट्रोफाइल से तो वो रिएक्ट
- 1:39:36करके दिखा सकते हैं। 1 घंटे 39 मिनट। ठीक
- 1:39:39है? ठीक है? ठीक है? हो जाएगा चैप्टर। 2
- 1:39:40घंटे के आसपास हो जाएगा। ठीक है? चलो।
- 1:39:43मेरी क्लास भी है इसके बाद। पता है मेरी
- 1:39:45इसके बाद क्लास भी है। तुम्हें कैसे पता
- 1:39:47होगा? चलो तो एनिलिन को आप नाइट्रेट भी कर
- 1:39:49सकते हो, हैलोजनेट भी कर सकते हो,
- 1:39:51सल्फोनेट भी कर सकते हो। मतलब सल्फोनिक
- 1:39:52एसिड से भी रिएक्शन करा सकते हो।
- 1:39:54हैलोजिनेशन भी करा सकते हो। हैलोजन।
- 1:39:55नाइट्रेशन भी करा सकते हो। सब कर सकते हो।
- 1:39:57एक इलेक्ट्रोफाइल आएगा। इलेक्ट्रोफ़ाइल
- 1:39:59मतलब जिसपे पॉजिटिव चार्ज है। वो पॉजिटिव
- 1:40:01चार्ज वाला ग्रुप आएगा। अटैक करेगा और लग
- 1:40:03जाएगा। ठीक है? जो एनलिन होता है वो ऑर्थो
- 1:40:05और पैराडाइरेक्टिंग ग्रुप है। मतलब
- 1:40:07इनकमिंग इलेक्ट्रोफ़ाइल को कोई उससे लगने आ
- 1:40:09रहा है, तो बोलेगा, सुनो, सुनो, ऑर्थो पे
- 1:40:10लगो। चलो, पैरा पे लगो। मेटा डायरेक्टिंग
- 1:40:12नहीं है। ऑर्थो और पैराडायरेक्टिंग ग्रुप
- 1:40:14है। ठीक है? तो एनिलिन को आप नाइट्रेट कर
- 1:40:16सकते हो। हैलोजनेट सल्फोनेट करके देखेंगे
- 1:40:18तीनों चीजें। है ना? ऑर्थो और
- 1:40:19पैराडायरेक्टिंग ग्रुप है और रिंग को
- 1:40:21एक्टिवेट करने में हेल्प करता है। क्योंकि
- 1:40:23इसके पास रेजोनेंस होता है तो ये ऑर्थो
- 1:40:25पैरा को बहुत हाई इलेक्ट्रॉन डेंसिटी देता
- 1:40:27है। जो हमने रेजोनेटिंग स्ट्रक्चर्स देखे
- 1:40:28थे ना। तो इस तरीके से कोई भी इलेक्ट्रो
- 1:40:30फाइल जो आएगा पॉजिटिव चार्ज वाला वो अटैक
- 1:40:32करेगा तो ये उसको ऑर्थो और पैरा पोजीशन पे
- 1:40:34भेज देते हैं। है ना? तो इस तरीके से इसका
- 1:40:36रेजोनेटिंग स्ट्रक्चर है। तो ऑर्थो और
- 1:40:37पैरा पे इलेक्ट्रॉन डेंसिटी हाई होती है।
- 1:40:39ठीक है? अब एनिलिन रिएक्ट करें अगर हम
- 1:40:41ब्रोमीन वाटर से तो पानी डाल दो, ब्रोमीन
- 1:40:44डाल दो, एक्वस स्टेट में। अब यहां पे बहुत
- 1:40:45इंपॉर्टेंट बातें समझाने जा रही हूं।
- 1:40:47मैंने क्या किया? एनिलिन उठाया, ब्रोमीन
- 1:40:49उठाया, रिएक्शन कराई। ठीक है? ये रिएक्शन
- 1:40:52कराई। ब्रोमीन एक्वस स्टेट में है। ठीक
- 1:40:54है? पानी के साथ। तो इस रिएक्शन में
- 1:40:55क्योंकि इलेक्ट्रॉन डेंसिटी बहुत ज्यादा
- 1:40:57कर देता है ये एनिलिन ग्रुप। बेंजीन की
- 1:40:59इलेक्ट्रॉन डेंसिटी ऑर्थो और पैरा पोजीशन
- 1:41:01पे बहुत ज्यादा बढ़ा देता है एनिलिन।
- 1:41:03एनिलिन खुद भी अपने इलेक्ट्रॉन दे रहा है।
- 1:41:05ले लो ले लो इलेक्ट्रॉन ले लो। और ऑलरेडी
- 1:41:06इलेक्ट्रॉन डीलोकलाइज्ड है। तो ऑर्थो और
- 1:41:08पैरा पे बहुत हाई इलेक्ट्रॉन डेंसिटी होने
- 1:41:10की वजह से जो इनकमिंग इलेक्ट्रोफाइल है वो
- 1:41:12सारी पोजीशन में लग जाएगा। ऑर्थो की भी
- 1:41:14दोनों पोजीशन पे ब्रोमीन और पैरा में भी
- 1:41:16ब्रोमीन। तो ये क्या बन जाएगा? 2 4 6
- 1:41:20ट्राई ब्रोमो एनिलिन। ये बन गया। ठीक? ये
- 1:41:24ग्रुप बन गया। ट्राईब्रोमो एनिलिन वाला
- 1:41:26ग्रुप बन गया। ठीक है? रूम टेंपरेचर में
- 1:41:28आपने ये रिएक्शन कराई। वाइट प्रेसिपिटेट
- 1:41:29इसके निकलते हैं। इसके वाइट प्रेसिपिटेट
- 1:41:32निकलते हैं।
- 1:41:33वाइट प्रेसिपिटेट। ठीक है? मेन प्रॉब्लम
- 1:41:36यहां पे क्या आती है? इलेक्ट्रोफिलिक
- 1:41:37सब्सीट्यूशन डू एरोमैटिक रिंग दैट इट इज़
- 1:41:40वेरी हाई रिएक्टिविटी। है ना? पूरे ऑर्थो
- 1:41:43और पैरा पे लग गया। अब सोचो मुझे केवल
- 1:41:44पैरा वाला ग्रुप चाहिए। पहले मैं समझाती
- 1:41:46हूं फिर आप देखना। मैंने बोला नहीं। नहीं
- 1:41:48मजा मज़ा नहीं आया। अरे मजा नहीं आया और
- 1:41:52कुछ कराओ। मैंने बोला यार मुझे ना चाहिए
- 1:41:54कि ये बेंजीन में केवल एक पोजीशन पे आइए।
- 1:41:57ब्रोमीन और ऐसे NH2 लगा रहे हैं। तो आप
- 1:42:00सोचो ब्रोमीन को सारी पोजीशन में भेज कौन
- 1:42:03रहा है? कौन भेज रहा है? एनिलिन भेज रहा
- 1:42:05है। कोई ऐसी रिएक्शन देखो कुछ भी ऐसा लगाओ
- 1:42:07इसमें जिससे ये NH2 बिजी हो जाए। अगर ये
- 1:42:10NH2 किसी और के साथ बिजी हो जाएगा तो ये
- 1:42:11रिएक्शन ऐसे नहीं होगी। तो यहां पे आप
- 1:42:13लेके आते हो एसिड एनहाइड्राइड। एसिड
- 1:42:15एनहाइड्राइड। ठीक है? एनहाइड्राइड की
- 1:42:18प्रेज़ेंस में ये रिएक्शन कराओगे। तो
- 1:42:19एनहाइड्राइड और NH2 आपस में बिजी हो
- 1:42:21जाएंगे और ब्रोमीन केवल एक पोजीशन पे जाके
- 1:42:23लगेगा। समझ में आ गया तो अच्छी बात? नहीं
- 1:42:25आया तो चलो एनसीईआरटी के हिसाब से समझाती
- 1:42:26हूं मैं। अगर हमने बोला कि हमें
- 1:42:28मोनोसिट्यूटेड एनिलिन डेरिवेटिव चाहिए।
- 1:42:30मुझे नहीं चाहिए कि ब्रोमीन हर जगह लगे।
- 1:42:32ठीक है? तो NH2 ग्रुप को कंट्रोल किया जा
- 1:42:34सकता है। किया जा सकता है। प्रोटेक्ट कर
- 1:42:36सकते हैं हम NH2 को बाय एसिटाइलेशन। है
- 1:42:39ना? कोई एसिड एनहाइड्राइड उठा लाओ। कोई
- 1:42:41कोई एसिटाइल ग्रुप ले आओ। उससे क्या होगा?
- 1:42:43एसिटिक एनहाइड्राइड के साथ रिएक्शन करोगे
- 1:42:46तो यहां पे डिजायर्ड सब्स्टट्यूट मिलेगा
- 1:42:47हाइड्रोलिसिस करने पे और हमारे पास एक कोई
- 1:42:51सिंगल सब्स्टट्यूटेड एनिलिन मिल जाएगा
- 1:42:53हमें। चलो जैसे समझ में आ गया अभी भी
- 1:42:55अच्छी बात। और नहीं आया तो और एक तरीके से
- 1:42:57रिएक्शन में देखो। देखो मैंने क्या बोला?
- 1:43:00मैंने बोला यार एनिलिन उठा लो। है ना? और
- 1:43:02यहां पे RCO ऐसे उठा लो। आ एसिड
- 1:43:05अनहाइड्राइड पता है क्या होता है? R C O
- 1:43:10है ना? RC
- 1:43:13OOCOR
- 1:43:15ये इस तरीके से एसिड एनहाइड्राइड कुछ इस
- 1:43:17तरीके से दिख रहा होता है। ठीक है? तो
- 1:43:19हमने उठा लिया इसको। ठीक है? इससे क्या
- 1:43:21लेना देना मैम? हमने बोला R CO ट्वाइस O
- 1:43:23है ना? RCO का होल ट्वाइस। देखो दो बार है
- 1:43:27और O इसको मैंने उठा लिया। इससे लेने से
- 1:43:29क्या होगा? ये जो CO वाला ग्रुप है इसका
- 1:43:31जो ये वाला ग्रुप है एक ग्रुप जो है वो
- 1:43:33जाके इससे रिएक्ट करेगा NHCOCH3
- 1:43:36बन जाएगा। ठीक है? पर उससे भी क्या लेना
- 1:43:38देना मैम? अब ब्रोमीन को रिएक्शन करो। अब
- 1:43:40ब्रोमीन से रिएक्शन कराओ। साथ ही साथ
- 1:43:41CH3COOH उससे बाहर निकल गया होगा। ठीक है?
- 1:43:44अब रिएक्शन करेंगे तो ब्रोमीन केवल एक जगह
- 1:43:46पे लगेगा। ये एज़ इट इज़ रह जाएगा। लेकिन
- 1:43:48मैम हम तो एनिलिन के साथ लगाना चाह रहे
- 1:43:50थे। ये तो NCOCH3
- 1:43:53के साथ लग गया। तो तो कुछ नहीं। बाद में
- 1:43:55इसको H+ OH के साथ भेज दो। तो ये पूरा
- 1:43:57ग्रुप वापस से निकल जाएगा और ये एज इट इज़
- 1:43:59बन जाएगा। H अंदर आ जाएगा इसके। फिर ये बन
- 1:44:02जाएगा। तो अगर आपको एक जगह पे केवल कोई
- 1:44:05बोले यार हमें ना ब्रोमिनेशन कराना है।
- 1:44:07अभी अभी आप ऐसी बहुत सी रिएक्शन देखोगे
- 1:44:09सल्फोनेशन या कुछ भी। तो आपसे कोई बोले
- 1:44:11यार एक ही जगह पे लगाना है ये ग्रुप को।
- 1:44:12तो बोलना कोई ऐसा ग्रुप लो। ये NH2 की वजह
- 1:44:14से हो रहा है। NH2 यहां पे रीज़न है कि वो
- 1:44:17क्यों ऑर्थो और पैरा सारी पोजीशन पे लग
- 1:44:18रहा है इनकमिंग इलेक्ट्रोफाइल। तो NH2 को
- 1:44:20बिजी कर दूं। किसके साथ? एसिड एनहाइड्राइड
- 1:44:22के साथ। जब ये उसके साथ बिज़ी हो जाएगा तो
- 1:44:24एसिड एनहाइड्राइड जैसा एक ग्रुप बनेगा। अब
- 1:44:26मुझे नहीं लगता ये समझाने की जरूरत है।
- 1:44:27भाई N के साथ CO अ R वाला ग्रुप अंदर आ
- 1:44:31जाएगा। COR वाला ग्रुप अंदर आ जाएगा। ठीक
- 1:44:33है? लग गया और नीचे ब्रोमीन लग गया। अब
- 1:44:35इसको हटाने के लिए हाइड्रोलाइज कर दो।
- 1:44:36वाटर इन द प्रेज़ेंस ऑफ़ एसिड भेजो। तो ये
- 1:44:39COR वाला ग्रुप बाहर N के साथ एक H आ गया
- 1:44:42वापस। NH2 और Br वाला ग्रुप बन गया। सो
- 1:44:44लोन पेयर ऑफ इलेक्ट्रॉन्स ऑन और नाइट्रोजन
- 1:44:46एसिटाइलन इंटरेक्ट करते हैं ऑक्सीजन एटम
- 1:44:48के साथ रेजोनेंस की वजह से। और ये लोन
- 1:44:50पेयर जो हैं नाइट्रोजन के ये अ कम अवेलेबल
- 1:44:53होते हैं। डोनेशन ऑफ़ डोनेशन ऑफ़ बेंजीन
- 1:44:55रिंग बाय रेजोनेंस। ठीक है? फॉर डोनेशन टू
- 1:44:58बेंजीन रिंग सॉरी। मतलब इलेक्ट्रॉन को
- 1:44:59इतना बेंजीन में नहीं देख देंगे। बोलेंगे
- 1:45:01ठीक है? ठीक है? जहां इलेक्ट्रॉन तुम्हारे
- 1:45:02हैं वहीं रखो। तो एक ग्रुप एक
- 1:45:04सब्सीट्यूटेड ग्रुप वाला भी हम बना सकते
- 1:45:06हैं अपना हैलोजन वाला एनिलिन। ठीक है?
- 1:45:09नेक्स्ट आते हैं सल्फोनेशन। सल्फोनेशन
- 1:45:11सबको पता है क्या होता है? कोई भी ग्रुप
- 1:45:13में जैसे बेंजीन ले लिया, एनिलिन ले लिया
- 1:45:15यहां पे। है ना? रिएक्शन कराएंगे
- 1:45:16सल्फ्यूरिक एसिड। कंसंट्रेटेड सल्फ्यूरिक
- 1:45:19एसिड इन द प्रेज़ेंस ऑफ कंसंट्रेटेड
- 1:45:21नाइट्रिक एसिड। अगर ये रिएक्शन कराते हैं
- 1:45:22तो सल्फोनिक एसिड जो है उससे SO3H वाला
- 1:45:25ग्रुप अंदर आ जाता है अटैक करने। तो वही
- 1:45:27सेम कहानी ऑर्थ तो पैरा पोजीशन पे आ सकता
- 1:45:29है वो। ठीक है? तो इस तरीके से ये पैरा
- 1:45:31पोजीशन पे लग गया। है ना? तो इट इज़ डन इन
- 1:45:33द ड्रास्टिक कंडिशन। 47 53 से 473 केल्विन
- 1:45:37में सल्फेलिक एसिड बनता है सबसे पहले।
- 1:45:39सबसे पहले HSO4 अंदर जाता है इस रिएक्शन
- 1:45:41में। HSO4। फिर फर्दर आप इसको एक हाई
- 1:45:43टेंपरेचर से पास करते हो। तो यहां पे NH2
- 1:45:46और SO3H बन जाता है। अब सबको पता है NH3
- 1:45:49के पास लोन पेयर होते हैं। है ना? जो NH2
- 1:45:52लगा है सॉरी NH3 बोल दिया। है ना? इसके
- 1:45:54पास लोन पेयर होते हैं। ये बेंजीन है।
- 1:45:56यहां पे SO3H लगा है। SO3H ठीक? सबको पता
- 1:46:00है इसके पास लोन पेयर है। तो ये इस H+ को
- 1:46:01देख रहा है। H+ को बोल रहा है भाई मेरे
- 1:46:03पास आ जाओ। तो ये क्या करेगा? ये NH2, NH3
- 1:46:06पॉजिटिव बन सकता है और इसको SO3 नेगेटिव
- 1:46:08बना सकता है। यानी कि एक साइड पूरा
- 1:46:10पॉजिटिव आयन, एक साइड पूरा नेगेटिव आयन
- 1:46:12इकट्ठा हो सकता है बार-बार। और इसीलिए
- 1:46:13इसको हम ज्विटर आयन बोलते हैं। मतलब
- 1:46:15सेपरेटेड बाय अ पॉजिटिव एंड नेगेटिव आयन।
- 1:46:18इट इज़ नोन ऐटर आयन। स्वेटर आयन। ठीक है?
- 1:46:20जनरली आप बोल सकते हो SO3H लग गया, NH2 लग
- 1:46:22गया। पर उसके अंदर एक खुद ही रिएक्शन
- 1:46:24बार-बार करते हैं। H पॉजिटिव ऊपर चला जाता
- 1:46:26है और उसको नीचे नेगेटिव चार्ज दे देता
- 1:46:28है। तो ये एक स्वीटर आयन की तरह बनता है।
- 1:46:29एनिलिन डज़ नॉट अंडरगो फ्रिडल क्राफ्ट
- 1:46:32अल्काइलेशन रिएक्शन। वेरीेंट। एनिलिन कभी
- 1:46:34भी फ्रिडल क्राफ्ट अल्काइलेशन एसाइलेशन
- 1:46:37नहीं दिखाएगा। क्या होता है? फ्रिडल
- 1:46:38क्राफ्ट अल्काइलेशन एसाइलेशन पता है ना?
- 1:46:40पता है ना? भूले तो नहीं हो? बताओ। भूल गए
- 1:46:42तो पिटाई हो जाएगी बहुत गंदी। ऐसे
- 1:46:44कंप्यूटर से निकल के तुमको मारूंगी मैं।
- 1:46:46ठीक है? तो ये क्या होता है? यहां पे
- 1:46:48बेसिकली आप रिएक्शन करा रहे हो तो जैसे
- 1:46:50मैंने बोला क्लोरीन को अंदर भेजना है। इन
- 1:46:52द प्रेजेंस ऑफ़ एनहाइड्रस एलुमिनियम
- 1:46:54क्लोराइड या आयरन क्लोराइड। इसकी प्रेजेंस
- 1:46:55में जो लुईस एसिड की तरह काम करता है। है
- 1:46:57ना? तो वो क्लोरीन पॉजिटिव को अंदर भेज
- 1:46:59देता है। पर यहां पे वो रिएक्शन कभी भी
- 1:47:00नहीं होगी। क्योंकि जो सॉल्ट फॉर्मेशन
- 1:47:03होने लग जाता है नहीं समझ में आया? मैं
- 1:47:05बताती हूं। रुको। इसको मत पढ़ो। मैं और
- 1:47:06कंफ्यूज हो जाओगे। होता क्या है? फ्रीडल
- 1:47:08ग्राफ अल्काइलेशन और एसाइलेशन में आपने एक
- 1:47:10सपोज एनिलिन उठा लिया। आपने रिएक्शन कराई
- 1:47:12Cl2 से इन द प्रेज़ेंस ऑफ़ एनहाइड्रस AlCl3
- 1:47:15या एनहाइड्रस FeCl3 कुछ भी। तो रिएक्शन
- 1:47:18में क्या होता है? इनिशियली क्या होना
- 1:47:19चाहिए कि एनहाइड्रस AlCl3 जो है वो Cl
- 1:47:22नेगेटिव को पकड़ लेता था और Cl पॉजिटिव जो
- 1:47:24बचता था वो अंदर अटैक करता था। पर यहां पे
- 1:47:26ऐसा नहीं होगा। यहां पे जो बेंजीन की रिंग
- 1:47:28है, है ना? ये जो बेंजीन की रिंग है
- 1:47:30जिसमें NH2 लगा है। वो NH2 है। उसके पास
- 1:47:33इलेक्ट्रॉन है। वो AlCl3 को देखेगा।
- 1:47:35बोलेगा तुम इलेक्ट्रॉन डेफिशिएंट हो ना?
- 1:47:37तुम मेरे पास आ जाओ। तो वो क्लोरीन को
- 1:47:39तोड़ के Cl पॉजिटिव बनाने की जगह आपस में
- 1:47:42ही रिएक्शन शुरू कर देंगे। मतलब वो NH2 और
- 1:47:44ये AlCl3 जो एरो के ऊपर लगा होगा वो अपने
- 1:47:47में ही रिएक्शन कर रहे हैं। क्योंकि वो
- 1:47:48इलेक्ट्रॉन डेफिशिएंट था। तो वो क्लोरीन
- 1:47:50को तोड़ना चाह रहा था। पर ये बोल रहा है
- 1:47:51भाई तुम इलेक्ट्रॉन डेफिशिएंट हो। देख
- 1:47:53नहीं रहे हो किसके सामने खड़े हो। मेरे
- 1:47:54पास इलेक्ट्रॉन ही इलेक्ट्रॉन है। आ जाओ
- 1:47:56आजा मेरी गाड़ी में बैठ जा। तो फिर वो आ
- 1:47:58गया। ठीक है? तो वो आपस में रिएक्शन कर दे
- 1:48:00रहे हैं। तो बीच में जो क्लोरीन टूटना था
- 1:48:02वो हुआ ही नहीं। तो फ्रीडल क्राफ्ट
- 1:48:03अल्काइलेशन एसाइलेशन नहीं होगा इसमें। ठीक
- 1:48:05है? लुईस एसिड रिएक्शन हो जाएगा।
- 1:48:07कैटेलिस्ट की तरह जो वर्क कर रहा है वो
- 1:48:09खुद ही रिएक्शन में काम करने लग जाएगा और
- 1:48:11ये रिएक्शन नहीं होगी। ठीक है? चलो आगे
- 1:48:13बढ़ते हैं। नाइट्रेशन नाइट्रेशन के बारे
- 1:48:14में समझो। नाइट्रेशन में क्या होगा?
- 1:48:16नाइट्रेशन होता क्या है? मैंने आई गेस
- 1:48:18सल्फोनेशन में बोल दिया था कि नाइट्रिक
- 1:48:20एसिड और सल्फ्यूरिक एसिड दोनों लेते हैं।
- 1:48:21उसको करेक्ट कर लेना एक बार। उसमें सिर्फ
- 1:48:23सल्फ्यूरिक एसिड लेते हैं। कंसंट्रेटेड
- 1:48:25नाइट नाइट्रेशन में सल्फ्यूरिक और
- 1:48:27नाइट्रिक दोनों लेते हैं। ठीक है? तो उसको
- 1:48:28एक बार करेक्ट कर लेना। अब अगर मैं
- 1:48:30नाइट्रेशन की बात करूं। नाइट्रेशन में
- 1:48:32क्या होगा? नाइट्रेशन में कंसंट्रेटेड
- 1:48:34सल्फ्यूरिक एसिड। कंसंट्रेटेड नाइट्रिक
- 1:48:36एसिड की प्रेजेंस में रिएक्शन कराते थे।
- 1:48:37जिससे NO3 पॉजिटिव बनता था और वो जाके
- 1:48:40अटैक कर देता था। NO2 पॉजिटिव बनता था
- 1:48:42सॉरी और वो जाके अटैक कर देता था। ठीक है?
- 1:48:44तो नाइट्रेट वाला ग्रुप बन जाता था। पर
- 1:48:46यहां पे एक बहुत अजीब सी कहानी देखोगे आप।
- 1:48:48देखो आइडियली होना क्या चाहिए? NO2
- 1:48:50पॉजिटिव ऑर्थो और पैरा पे लगना चाहिए। पर
- 1:48:52ऐसा नहीं होता। यहां पे ऑर्थो वाला ग्रुप
- 1:48:55तो एकदम नाक की तरह बनता है। देखो
- 1:48:56मैक्सिमम तो पैरा बन जाता है 51% के
- 1:48:58आसपास। पर 47% के आसपास मेटा नाइट्रो
- 1:49:02ग्रुप बन जाता है। लाइक क्या हो रहा है
- 1:49:04भाई? मैं जिंदा क्यों हूं? नहीं नहीं नहीं
- 1:49:06समझाती हूं। रीज़न देती हूं तुम्हारे जिंदा
- 1:49:08होने का। तो कंफ्यूज नहीं होना। देखो हमने
- 1:49:10जब एनिलिन लिया हमने उसकी रिएक्शन कराई ये
- 1:49:13सोच के कि यार नाइट्रो वाला ग्रुप है
- 1:49:14ऑर्थो और पैरा पे लग जाएगा सल्फ्यूरिक
- 1:49:16एसिड की प्रेजेंस में। लेकिन आपने देखा कि
- 1:49:18हम ये रिएक्शन जब भी कराते हैं किसी के भी
- 1:49:20साथ कराओ तो नाइट्रेशन में हमेशा नाइट्रिक
- 1:49:22एसिड सल्फ्यूरिक एसिड दोनों लेते हैं।
- 1:49:23प्लीज करेक्ट कर लेना उसको। फिर तुम लोग
- 1:49:25बोलते हो कि मैम आपको यह नहीं पढ़ाया। मैं
- 1:49:27कभी-कभी थोड़ा ऐसे-ऐसे हो जाता है। मैं
- 1:49:29बोल देती हूं गलती से कुछ चीजें तो थोड़ा
- 1:49:31करेक्ट कर लेना। और मे बी मैंने सही बोला
- 1:49:33पता नहीं मुझे ऐसा लग रहा है मैंने शायद
- 1:49:35वहां दोनों चीजें बोल दी। ठीक है? तो
- 1:49:36प्लीज करेक्ट कर लेना। ठीक है? चलो तो
- 1:49:38मैंने ये रिएक्शन करी। अच्छा तो यहां पे
- 1:49:40होना क्या चाहिए? आइडियली NO2 पॉजिटिव
- 1:49:42होगा। वो ऑर्थो और पैरा पे लगेगा। पर यहां
- 1:49:44पे क्या हो रहा है? यहां पे ये मेटा पे भी
- 1:49:45लग जा रहा है। ऐसा कैसे हो सकता है? तो
- 1:49:47मेटा डायरेक्टिंग है ही नहीं। NH2 करेक्ट।
- 1:49:50NH2 मेटा डायरेक्टिंग नहीं है। पर
- 1:49:51एनिलिनियम आयन मेटा डायरेक्टिंग है। अब
- 1:49:54एनिलियम आयन का क्या लेना देना मैम यहां
- 1:49:56से? अगर मैंने ये रिएक्शन ली। मैंने
- 1:49:58बेंजीन लिया। उसमें मैंने बोला है NH2 लगा
- 1:50:02है। ठीक? मैंने रिएक्शन कराई इसकी। मैंने
- 1:50:06इसकी करा दी रिएक्शन। किसकी प्रेजेंस में?
- 1:50:08कंसंट्रेटेड HNO3
- 1:50:11कंसंट्रेटेड सल्फ्यूरिक एसिड।
- 1:50:14तो इस रिएक्शन में बनता है यहां से NO2
- 1:50:18पॉजिटिव जो कि अटैक करेगा ऑर्थो और पैरा
- 1:50:21पे NH2 के हिसाब से। ठीक? लेकिन ये इतना
- 1:50:25ज्यादा एसिडिक ग्रुप हम उठा रहे हैं बेटा।
- 1:50:27इतना ज्यादा एसिडिक ग्रुप ये हाइली एसिडिक
- 1:50:29ग्रुप है।
- 1:50:32सबको पता है? यस माम। और NH2 कैसा है? एक
- 1:50:35बेसिक ग्रुप है। तो इस रिएक्शन में होता
- 1:50:38क्या है? इस रिएक्शन में होता क्या है? हम
- 1:50:40तो देख रहे हैं कि रिएक्शन में ऐसा बन रहा
- 1:50:41है प्रोडक्ट। देखो, आपको ऐसा लिख के
- 1:50:43दिखाएंगे। यह बेंजीन है, NH2 लगा है। ठीक?
- 1:50:46मैं इसको थोड़ा कॉपी कर देती हूं।
- 1:50:49ठीक है? तो, आपको बोलेंगे कि ये हमारे पास
- 1:50:51NH2 है। तीन प्रोडक्ट दिखे ऐसे इस तरीके
- 1:50:55से मतलब। ठीक है? अ एक बार यहां पे आके लग
- 1:50:57गया NO2 ऑर्थो पे। है ना? एक बार मेटा पे
- 1:51:02और एक बार पैरा पे।
- 1:51:05ये बन गया। ये देखो ऑर्थो मेटा पैरा तीनों
- 1:51:08बन गए। ऑर्थो मेटा पैरा तीनों बन गए। ठीक
- 1:51:10है माम? ठीक है? कहां गया? ये रहा है ना
- 1:51:12ये बन गए तीनों ठीक है अब ऑर्थो वाला
- 1:51:15कितना बना अराउंड अराउंड 2% के आसपास बना
- 1:51:182% के आसपास बना मेटा वाला कितना बना 47%
- 1:51:22के आसपास बन गया पैरा कितना बना 51% के
- 1:51:25आसपास बन गया पर ये मेटा बना क्यों
- 1:51:27क्योंकि इस रिएक्शन में एक और चीज शुरू हो
- 1:51:29गई होगी ये जो बेंजीन है जिससे NH2 लगा है
- 1:51:33यानी कि एनिलिन यह इस एसिड को देख के पागल
- 1:51:36हो गया इसने बोला भाई एसिड तुम तो हाइली
- 1:51:38एसिडिक हो मुझे H+ दो चलो मेरे साथ
- 1:51:40रिएक्शन करो| तो बेंजीन हमें तो लग रहा है
- 1:51:42कि हम एनिलिन से रिएक्शन करा रहे हैं पर
- 1:51:44अंदर जाके वो एनिलिनियम आयन से रिएक्शन हो
- 1:51:47रही है। एनिलिनियम आयन से रिएक्शन हो रही
- 1:51:50है। दिस इज़ एनिलिनियम आयन
- 1:51:54एंड एनिलिनियम आयन होता है मेटा
- 1:51:57डायरेक्टिंग।
- 1:52:00तो आपको लग रहा है कि रिएक्शन होनी चाहिए।
- 1:52:02ये फलाना फलाना ऑर्थो पैरा नहीं वो
- 1:52:04एनिलिनियम आयन अंदर बना रहा है। और ये
- 1:52:05इसको बनाने में हेल्प कर रहा है मेटा
- 1:52:07ग्रुप को। तो ये ओवरऑल इसकी रिएक्शन होती
- 1:52:10है। समझ ही गया? समझ ही गया गोपी बहु
- 1:52:13बताओ। डायरेक्ट नाइट्रेशन ऑफ एनिलिन इज़
- 1:52:17नॉट यूज़फुल। लेकिन 1 मिनट हम अभी सही
- 1:52:19करेंगे उसको। ठीक है? परेशान मत होना।
- 1:52:21हाउएवर एनिलिन कैन बी नाइट्रेटेड अंडर
- 1:52:23कंट्रोलोल्ड कंडीशन। ठीक है? गुड यील्ड
- 1:52:25में ऑर्थो और पैरा मिल सकता है। मेटा भी
- 1:52:27मिल जाता है इन द स्ट्रोंगली एसिडिक
- 1:52:29मीडियम। एनिलिन प्रोटोनेटेड हो जाता है और
- 1:52:31एनिलिनियम आयन बनाता है। प्रोटॉन एक्सेप्ट
- 1:52:33कर लेगा और इस वजह से ये मेटा डायरेक्टिंग
- 1:52:35ग्रुप को भी बना देता है। ठीक है? क्या
- 1:52:38मैम कंट्रोल किया जा सकता है? बिल्कुल। ये
- 1:52:40सारी कहानी किसकी वजह से हो रही है?
- 1:52:41क्योंकि NH2 है जो कि हाइली बेसिक है।
- 1:52:43उसको बिजी कर दो। एसिड आयनहाइड्राइड लगा
- 1:52:45दो। सेम कहानी। एसिड आयनहाइड्राइड वाला
- 1:52:47ग्रुप बनेगा। फिर रिएक्शन में NO2 अंदर आ
- 1:52:49जाएगा। अब उसको हटाने के लिए वापस से H+
- 1:52:51और OH नेगेटिव को ले जाना। तो सेम रिएक्शन
- 1:52:53को हम वापस से कंट्रोल भी कर सकते हैं।
- 1:52:55Okay? लास्ट टॉपिक है आज का। मतलब लास्ट
- 1:52:57स्लाइड लास्ट नहीं है। इसके आगे और भी है।
- 1:52:59बट डायजोनियम साल्ट हम पढ़ चुके हैं पूरा
- 1:53:01का पूरा अपना पूरा का पूरा एनिलिन के बारे
- 1:53:04में चीजें। मतलब अमीन के बारे में चीजें।
- 1:53:06अब डायजोनियम सॉल्ट क्या होता है? बेंजीन
- 1:53:09से डायरेक्टली N2+ और Cl- जब भी दिख जाए
- 1:53:11तो समझ जाना वो है डाईजोनियम सॉल्ट। ठीक
- 1:53:13है? ठीक है? Cl- हम बोल रहे हैं Cl- की
- 1:53:16जगह कोई हैलोजन भी हो सकता है यहां पे।
- 1:53:18BF4 भी हो सकता है यहां पे। SO4- भी हो
- 1:53:20सकता है। बहुत सारे ग्रुप्स हो सकते हैं।
- 1:53:21बट आप ज्यादातर सल् क्लोरीन वाला ग्रुप ही
- 1:53:24पढ़ोगे। बेंजीन, डायजोनियम, क्लोराइड सबसे
- 1:53:26ज्यादा ज्यादा पढ़ोगे। तो इसलिए मैं
- 1:53:27बार-बार उसको बोल दे रही हूं। ठीक है?
- 1:53:29डायजोनियम सॉल्ट जो है उनका जनरल फार्मूला
- 1:53:31क्या होता है? RNH2X- ठीक है? जनरल
- 1:53:34फार्मूला होता है R,
- 1:53:37R, NH, N2+ X- सॉरी, R, N2 पॉजिटिव X-
- 1:53:42जहां पे R होता है अल्काइल या अराइल
- 1:53:43ग्रुप। अल्काइल या अराइल। एक बताओ ना।
- 1:53:46अराइल ग्रुप। अल्काइल तो बहुत ही अनस्टेबल
- 1:53:48होता है। वो तो अल्कोहल बन जाता है
- 1:53:49तुरंत-तुरंत। ठीक है? अल्काइल ग्रुप। और
- 1:53:51X- हमारा इनमें से कुछ भी हो सकता है।
- 1:53:53क्लोरीन, ब्रोमीन, HSO4- BF4- ठीक है? कुछ
- 1:53:56भी। दे आर नेम्ड एज़ सफिक्सिंग द डायजोनियम
- 1:53:58ऑफ़ द पेरेंट हाइड्रोकार्बन फ्रॉम व्हिच दे
- 1:54:00आर फॉर्म्ड। एंड दिस दिस दिस कुछ नहीं। ये
- 1:54:03देख बताती हूं मैं। मैंने बोला बेंजीन है।
- 1:54:06N2+ है। Cl- नाम बताओ। तो सबसे पहले आप
- 1:54:11बेंजीन का नाम लिखते हो जो पेरेंट
- 1:54:12हाइड्रोकार्बन की चेन है। है ना? फिर ये
- 1:54:15जो N2+ है ये डाई एजो ग्रुप है। तो डाई
- 1:54:18एजो ग्रुप है ना? डाई एजो क्योंकि ये
- 1:54:21डाईजोनियम ग्रुप यू कैन से डाई अजोनियम
- 1:54:23ग्रुप है ना पॉजिटिव चार्ज है डाई अजोनियम
- 1:54:25आयन जैसा है पॉजिटिव चार्ज और उसके बाद जो
- 1:54:28भी हैलाइड लगा है क्लोराइड
- 1:54:30तो क्या करते हो सबसे पहले एक पेरेंट
- 1:54:32हाइड्रोकार्बन का नाम लिखा फिर उसमें जो
- 1:54:33डायजोनियम ग्रुप है वो लगाया और फिर जो भी
- 1:54:35हैलोजन है या हैलाइड ग्रुप है वो लगाया तो
- 1:54:37ये इसका नाम हो जाता है ठीक है तो इस
- 1:54:39तरीके से इसका नाम होगा बेंजीन डायजोनियम
- 1:54:41क्लोराइड एंड सो ऑन सो ऑन ठीक है तो इस
- 1:54:43तरीके से इसका नाम हो सकता है ये इसके
- 1:54:45रेजोनेटिंग स्ट्रक्चर्स होते हैं भाई इस
- 1:54:46तरीके से ये चार रेजोनेटिंग स्ट्रक्चर्स
- 1:54:49हमें बता बनाता हुआ दिखता है। नेक्स्ट
- 1:54:51मेथड क्या है? किस तरीके से हम डजोनियम
- 1:54:53साल्ट को प्रिपेयर करते हैं? कोई नई बात
- 1:54:55नहीं। अभी सेम मेथड पढ़ा था। भूल जाओ
- 1:54:57स्लाइड में क्या लिखा है? सिंपल सी बात।
- 1:54:58एनलिन को उठाओ। R मतलब बेंजीन C6H5 NH2
- 1:55:02रिएक्शन कराओ। Nano2 ओवर HCl जिसे HNO2 भी
- 1:55:05बोल सकते थे। टेंपरेचर हमेशा याद रखना 0
- 1:55:07से 5° बहुत लो टेंपरेचर। और इसको हमेशा C2
- 1:55:09में फॉर्म करते हैं। मतलब जैसे ही फॉर्म
- 1:55:11किया तुरंत यूज़ कर लेते हैं। अनस्टेबल है
- 1:55:13ना थोड़ा सा। ठीक है? ठीक है? तो रिएक्शन
- 1:55:16कराई हमने। अब ये रिएक्शन हुई आगे। क्या
- 1:55:18बनेगा? बेंजीन पे NH2 की जगह N2+ Cl- बन
- 1:55:21जाएगा। साथ ही साथ दो बाय प्रोडक्ट भी
- 1:55:23बनते हैं। NaCl और H2O तो आप वो भी लिख
- 1:55:25सकते हो। ठीक है? तो ये हमारी रिएक्शन हो
- 1:55:27गई। प्राइमरी अराइल अमाइन जो है वो रिएक्ट
- 1:55:30करते हैं Nano2 और HCl एंड सो ऑन सो ऑन सो
- 1:55:33ऑन। डजोनियम सॉल्ट बनाते हैं। दीज़
- 1:55:35कंपाउंड्स कैन बी डाई एजोटाइज्ड। कैसे? जब
- 1:55:37एनिलिन से रिएक्शन कराते हो। सोडियम
- 1:55:39नाइट्राइट इज़ अ सोर्स ऑफ़ नाइट्रस एसिड। ये
- 1:55:42वो वो ये डायरेक्ट लिख दिया हमने। ठीक है?
- 1:55:44कोई दिक्कत नहीं है। अच्छा आपसे ये भी बोल
- 1:55:47सकते हैं बेंजीन से पहले डायजोनियम सॉल्ट
- 1:55:49बना के दिखाओ। तो बेंजीन से पहले आपको
- 1:55:50एनिलिन बनाना पड़ेगा। फिर आप डायजोनियम
- 1:55:52सॉल्ट बना सकते हो। ठीक है? तो मेथड ऑफ़
- 1:55:54प्रिपरेशन में सबसे मेन मेथड बस
- 1:55:55डायजोटाइजेशन है जो अभी-अभी मैम ने आपको
- 1:55:57करके दिखाया था। ठीक है? वही स्लाइड थी
- 1:55:59डजोटाइजेशन की जो कह रहे थे इंपॉर्टेंट
- 1:56:01है। ठीक है? चलो अब आते हैं इनकी फिजिकल
- 1:56:03प्रॉपर्टीज में। तो कलर तो इनका होता नहीं
- 1:56:04है। दे आर जनरली कलरलेस। दे आर कलरलेस
- 1:56:07क्रिस्टलाइन सॉलिड होते हैं। ठीक है?
- 1:56:09अच्छा डायजोनियम साल्ट जो है जैसा हमने
- 1:56:11बताया बहुत हाइली रिएक्टिव होते हैं।
- 1:56:13मॉइस्चर पानी किससे भी रिएक्ट कर जाते
- 1:56:14हैं। इनको बहुत टाइट कंटेनर में स्टोर
- 1:56:17करके रखा जाता है। बहुत बल्कि जनरली तो
- 1:56:18मैंने बताया ना स्टोर ही नहीं करते। इन
- 1:56:20सीतू फॉर्म करते है और तुरंत तुरंत यूज़ कर
- 1:56:21लेते हैं। ठीक है? स्टेबल होते हैं कोल्ड
- 1:56:23में बट पानी के साथ बहुत जल्दी रिएक्ट
- 1:56:25करते हैं। अगर पानी गर्म है तो बहुत ही
- 1:56:27ईज़ली रिएक्शन हो जाएगी इनकी। ठीक है?
- 1:56:29डीकंपोज़ कर जाते हैं बहुत ईजीली ड्राई
- 1:56:31स्टेट में। ठीक है? अगर ड्राई स्टेट में
- 1:56:32तो ये टूट जाएंगे जैसा मैंने आपको बताया।
- 1:56:34ठीक है? पानी में ऑलमोस्ट ऑलमोस्ट सॉलुबल
- 1:56:36होते हैं। रेडली अच्छे खासे सॉल्युबल होते
- 1:56:38हैं। जैसा हमने देखा। पर एक एक्सेप्शन
- 1:56:39होता है इसका वो होता है बेंजीन,
- 1:56:41डायजोनियम, फ्लोरोबोरेट। ये जो ग्रुप है
- 1:56:43ये रूम टेंपरेचर पे स्टेबल होता है। ठीक
- 1:56:45है? ये रूम टेंपरेचर पे स्टेबल होता है।
- 1:56:47जबकि हमने देखा बाकी सब रिएक्शन कर देते
- 1:56:49हैं। ऑक्सीजन से रिएक्शन मतलब रूम
- 1:56:51टेंपरेचर में जो ऑक्सीजन है उससे भी
- 1:56:52रिएक्शन हो जाती है डायजोनियम सॉल्ट की।
- 1:56:54जो मैंने आपको बताया। पर इसका एक
- 1:56:56एक्सेप्शन है बेंजीन, डायजोनियम,
- 1:56:57फ्लोरोबोरेट एंड स्टेबल एट रूम टेंपरेचर।
- 1:57:00ठीक? जल्दी पानी से भी रिएक्ट नहीं करता
- 1:57:02और रूम टेंपरेचर पे भी थोड़ा स्टेबल होता
- 1:57:04है। अगर इनके केमिकल प्रॉपर्टीज की बात
- 1:57:06करें तो ये दो तरीके की रिएक्शनंस
- 1:57:07दिखाएंगे। पहली रिएक्शन जिसमें आप
- 1:57:08नाइट्रोजन को ले रहे हो और उस नाइट्रोजन
- 1:57:11को रिप्लेस कर रहे हो किसी ग्रुप के साथ।
- 1:57:13है ना? नाइट्रोजन ग्रुप N2+ वाला जो ग्रुप
- 1:57:15है उसे रिप्लेस कर रहे हो किसी के साथ। और
- 1:57:17दूसरी रिएक्शन जिसमें इस नाइट्रो NO2 N2+
- 1:57:20ग्रुप को रख रहे हो। दोनों रिएक्शन देखना।
- 1:57:22देखो बेंजीन डायजोनियम साल्ट है। बेंजीन
- 1:57:24पे N2+ Cl-
- 1:57:27तो एक रिएक्शन आप देखोगे जिसमें N2+ को
- 1:57:29बाहर निकाल दोगे और देख एक देखोगे जिसमें
- 1:57:31दोनों चीजें हैं। दो रिएक्शन देखेंगे हम।
- 1:57:34तो सबसे पहले देखते हैं जिसमें N2+ को
- 1:57:35रिप्लेस किया जा सकता है। अब इसमें बहुत
- 1:57:37सारी नेम रिएक्शन आती हैं। हेलोएल्केन,
- 1:57:38हेलोरीन में भी पढ़ी है। सैंडमियर रिएक्शन,
- 1:57:40गैटरमैन रिएक्शन, गैरमैन कॉस्ट रिएक्शन,
- 1:57:42बाजस्केमिन रिएक्शन। बहुत सारी रिएक्शन
- 1:57:44आएंगी। ठीक है? तो चलो समझते हैं। अब पहले
- 1:57:47क्या है? पहले हमारे पास है सैंडमियर
- 1:57:48रिएक्शन। मतलब देखो एक बार डायजोनियम
- 1:57:50साल्ट बन गया ना तो आपने एरोमेटिक में सब
- 1:57:52बना लिया लगभग समझ लो डायजोनियम साल्ट बना
- 1:57:55डाला तो एरोमेटिक की कहानी तो भाई झेंगा
- 1:57:58डाला ठीक है मतलब इट्स लाइक कि मतलब
- 1:58:00ऑलमोस्ट कहानी आसान हो गई सारी सारी कहानी
- 1:58:02हमने आसान कर ली तो अब अब मान लो मैंने
- 1:58:04डायजोनियम साल्ट लगाया ठीक है मैंने बोला
- 1:58:06मुझे लगाना है मुझे बनाना है क्लोरो
- 1:58:08बेंजीन बनाना है ठीक है लेट से मुझे
- 1:58:09क्लोरो बेंजीन लगाना है तो आप बोलोगे
- 1:58:11अच्छा मतलब आपको क्लोरीन को अंदर ले के
- 1:58:13आना है तो आपने आपने डायजोनियम साल्ट
- 1:58:15उठाया क्लोरीन लगाना है ना मैम बड़ा आसान
- 1:58:17है मैम बहुत आसान है N2 को बाहर निकालना
- 1:58:19है, क्लोरीन को अंदर लाना है। अ कॉपर
- 1:58:21क्लोराइड की प्रेजेंस में ले जाओ ये
- 1:58:22कहानी। ठीक है? मैं इसको करके दिखाती हूं।
- 1:58:24आपने बोला एक बेंजीन है।
- 1:58:27है ना? यहीं पे चलो दो-तीन रिएक्शन समझ
- 1:58:28लेते हैं। फिर रीड कर लेंगे। N2 + Cl- है।
- 1:58:32ठीक? मैंने बोला चलो भाई क्लोरीन लगाना है
- 1:58:34अंदर। तो आप बोलोगे मैम कॉपर क्लोराइड की
- 1:58:36प्रेज़ेंस में करा दो इन द प्रेज़ेंस ऑफ़
- 1:58:37HCl। ठीक? इन द प्रेज़ेंस ऑफ़ HCl क्या हो
- 1:58:40जाएगा? बेंजीन है। N2 को रिप्लेस वाली
- 1:58:44रिएक्शन है। N2 को रिप्लेस कर देगा। ठीक
- 1:58:46है? इससे आके क्लोरीन लग जाएगा। देखो
- 1:58:48क्लोरीन अंदर लग जाएगा और N2 को रिप्लेस
- 1:58:50बाहर निकाल दिया। नाइट्रोजन को बाहर निकाल
- 1:58:53दिया। कौन सी रिएक्शन है? सैंडमियर
- 1:58:55रिएक्शन।
- 1:58:58सैंडमियर रिएक्शन। एक और रिएक्शन देखना।
- 1:59:01अच्छा जैसे हमने CuCl लिया। आप Cubr ओवर
- 1:59:03HBr ले सकते हो। तो ब्रोमीन अंदर चला
- 1:59:05जाता। Cu2Cl2 भी ले सकते थे ओवर HCL तो भी
- 1:59:08रिएक्शन हो जाती। है ना? लेकिन अब इसकी
- 1:59:10जगह मैं थोड़ा सा चेंजेस करूंगी। देखना
- 1:59:12मैं थोड़े से चेंजज़ करूंगी। मैंने बोला
- 1:59:14यही यही सेम हमारे पास डायजोनियम सॉल्ट
- 1:59:16है। ठीक है?
- 1:59:19डायजोनियम सॉल्ट है।
- 1:59:23रुकना हां
- 1:59:25डायजोनियम सॉल्ट है। ठीक है? मैंने
- 1:59:27रिएक्शन कराई इस बार। इस बार मैंने
- 1:59:28रिएक्शन कराई कॉपर ओवर। कॉपर पाउडर
- 1:59:34पाउडर के फॉर्म में कॉपर ले लिया। कॉपर
- 1:59:36क्लोराइड या Cu2Cl2 नहीं लिया। कॉपर पाउडर
- 1:59:39के फॉर्म में ले लिया। इस कंडीशन में भी
- 1:59:40सेम प्रोडक्ट बनेगा।
- 1:59:44बेंजीन, क्लोरीन N2 बाहर पर इस रिएक्शन का
- 1:59:47नाम है गैटरमैन रिएक्शन।
- 1:59:53दिस इज़ गैटरमैन रिएक्शन। अच्छा आपसे कोई
- 1:59:56बोले सैंडवियर और गैटरमैन में प्रोडक्ट तो
- 1:59:58सेम है। किसमें ज्यादा अच्छा यील्ड में
- 1:59:59प्रोडक्ट निकलता है? सैंडमियर। सैंडमियर
- 2:00:02में मोर यील्ड में
- 2:00:06है ना? बढ़िया यील्ड। मतलब ज्यादा ज्यादा
- 2:00:08अच्छे से ज्यादा ईज़ली निकल जाता है। ये एक
- 2:00:09मॉडिफिकेशन ही था। गैरमैन इज़ नथिंग बट द
- 2:00:11मॉडिफिकेशन ऑफ़ सैंडमियर रिएक्शन। दोनों
- 2:00:13सेम है। पर दोनों में बस क्लोरीन का
- 2:00:15डिफरेंस देखो। कॉपर क्लोराइड यहां पे केवल
- 2:00:17कॉपर पाउडर। वहां पे कॉपर ब्रोमाइड यहां
- 2:00:20पे केवल कॉपर ओवर HBr तो ब्रोमीन भी अंदर
- 2:00:22जा सकता है। बस पाउडर है यहां पे और यहां
- 2:00:24पे कॉपर क्लोराइड के साथ है। ठीक है? तो
- 2:00:26ये हमारी सैंडियर रिएक्शन हो गई। ब्रोमीन
- 2:00:28भी भेज सकते हो। साइनाइड भी भेज सकते हो।
- 2:00:29कुछ भी कर सकते हो ऐसा। ठीक है? मतलब
- 2:00:31जनरली सैंडमियर मतलब क्लोरीन और ब्रोमीन
- 2:00:33को भेजना। ठीक है? कैटरमैन मतलब क्लोरीन
- 2:00:34और ब्रोमीन को भेजना। ठीक? कॉपर पाउडर ले
- 2:00:36लिया। सैंडवियर रिएक्शन यील्ड ऑफ सैंडवियर
- 2:00:39रिएक्शन फाउंड बेटर देन द गैटरमैन रिएक्शन
- 2:00:42उसमें ज्यादा अच्छे से यील्ड होती है। ठीक
- 2:00:43है? चलो अच्छा आयोडीन मैम गैटरमैन और
- 2:00:46सैंडवियर में वही आयोडाइड लगा देते नहीं
- 2:00:48कॉपर आयोडाइड नहीं ले सकते या कॉपर ओवर
- 2:00:50एचi नहीं ले सकते वो रिएक्शन नहीं होती
- 2:00:52है। यहां पे स्पेसिफिकली आयोडीन से
- 2:00:54रिएक्शन कराने के लिए आपको पोटैशियम
- 2:00:55आयोडाइड लेके जाना पड़ता है। ठीक है?
- 2:00:57पोटैशियम आयोडाइड की प्रेजेंस में जब आप
- 2:00:58ये रिएक्शन कराओगे तो ही आयोडीन अंदर लगता
- 2:01:00है। पोटैशियम लिविंग ग्रुप अच्छा था। सॉरी
- 2:01:03आई एम सेइंग पोटैशियम। आयोडीन लिविंग
- 2:01:04ग्रुप अच्छा था। ईजीली लग नहीं रहा है
- 2:01:06यहां पे। तो लगाने के लिए पोटैशियम
- 2:01:08आयोडाइड लेके आना पड़ता है। ठीक है? तो आप
- 2:01:09वार्म डजोनियम साल्ट के साथ वर्म्ड
- 2:01:12पोटेशियम आयोडाइड लेके जाते हो तो यहां पे
- 2:01:14ये रिएक्शन होती है। कॉपर की प्रेजेंस में
- 2:01:15रिएक्शन नहीं होगी और ना ही ये कोई नेम्ड
- 2:01:17रिएक्शन होती है। नेक्स्ट फ्लोराइड के साथ
- 2:01:19रिएक्शन डालस्िन रिएक्शन। फ्लोराइड के साथ
- 2:01:21रिएक्शन ईजी नहीं है। ईजी लगता है। ईजी
- 2:01:23नहीं है। देखो बेंजीन डाईजोनियम सॉल्ट को
- 2:01:25लो। उसके साथ लगा दो HBF4। क्या लगा दो?
- 2:01:28HBF4।
- 2:01:30जिसे आप बोलते हो फ्लोरोबोिक एसिड। HBF4
- 2:01:33में ये जो N2+ Cl- है ना ये क्या बन
- 2:01:36जाएगा? ये ग्रुप बन जाता है। क्या बनता
- 2:01:37है? ये बनता है नाइट्रोजन वाला ग्रुप था।
- 2:01:40उसकी जगह ये लग जाएगा BF4- जाके। जो N2+
- 2:01:43है उसके साथ क्या लगा है? Cl- वो Cl- हटा
- 2:01:45के BF4- अंदर चला जाएगा। बोरेट वाला ग्रुप
- 2:01:48BF4 वाला ग्रुप अंदर चला जाएगा। फिर एंड
- 2:01:51में सारे ग्रुप्स बाहर निकलेंगे। BF3 बाहर
- 2:01:53निकल जाएगा। नाइट्रोजन बाहर निकल जाएगा।
- 2:01:54सब हो जाएगा और फ्लोरीन अंदर रह जाएगा।
- 2:01:56आपको पता है फ्लोरीन वाली रिएक्शन इज़ नॉट
- 2:01:58ईजी। हमने देखो क्लोरीन बनाना सीखा,
- 2:01:59ब्रोमीन बनाना सीखा, आयोडीन बनाना सीखा।
- 2:02:01फ्लोरीन इतनी आसानी से नहीं बनता। फ्लोरीन
- 2:02:03तो यार दो ही रिएक्शन थे पूरे कोर्स में
- 2:02:05फ्लोरीन की। एक एक कौन सी? कौन सी जिसमें
- 2:02:09हम अल्काइल ग्रुप से अल्काइल फ्लोराइड बना
- 2:02:11रहे थे। ठीक है? तो एक वो रिएक्शन थी। और
- 2:02:14एक रिएक्शन जिसमें अराइल फ्लोराइड बना रहे
- 2:02:16हैं। मुझे चैट बॉक्स में बताना जरूर। मुझे
- 2:02:17पता है सब बता लेंगे। सब बता लेंगे। मैंने
- 2:02:19शायद पहले भी ये क्वेश्चन पूछा होगा। अगर
- 2:02:21मैंने एक R वाले ग्रुप के साथ फ्लोरीन लगा
- 2:02:23दिया। तो इस रिएक्शन की प्रिपरेशन का नाम
- 2:02:26क्या होता था? जैसे सैंडमियर रिएक्शन है,
- 2:02:28गैटरमैन रिएक्शन है, अल्काइल क्लोराइड,
- 2:02:30ब्रोमाइड बन रहे हैं। वैसे ही अल्काइल
- 2:02:31आयोडाइड केवल एक ही मेथड से बनता है। वो
- 2:02:33एक मेथड का नाम बताना। ठीक है? फिलहाल
- 2:02:35अराइल फ्लोराइड जो एक मेथड से बनता है वो
- 2:02:37है बाल स्किमिन रिएक्शन।
- 2:02:40बालस्कीमेन
- 2:02:43रिएक्शन। क्या होगा इसमें? आपको बेंजीन
- 2:02:46लेना है। डायजोनियम साल्ट। आपको एनिलिन से
- 2:02:47भी ये रिएक्शन करने को दे सकते हैं। ठीक
- 2:02:49है? तो पहले एनिलिन को डायऑजोडाइज करा के
- 2:02:51डायजोनियम सॉल्ट बना लेना। अब इस
- 2:02:52डायजोनियम सॉल्ट को उठाना। HBF4 से रिएक्ट
- 2:02:54कराना। फ्लोरोबोरिक एसिड। ठीक है? HBF4
- 2:02:57उठाया। BF4 जो है जो BF4 है वो अंदर
- 2:03:00जाएगा। N2+ के साथ लगेगा। तो N बेंजीन
- 2:03:03उसमें N2+ BF4- लग गया। N2+ BF4- लग गया।
- 2:03:07अब ये BF4- को मुझे बाहर निकालना है और
- 2:03:09मुझे इसकी सॉरी। अब मुझे क्या करना है?
- 2:03:11BF4 में से केवल एक फ्लोरीन अंदर रखना है।
- 2:03:13बाकी सब कुछ बाहर निकालना है। तो N2 गैस
- 2:03:15बाहर निकल गई। BF4 में से एक फ्लोरीन रोक
- 2:03:17दो। BF3 बाहर निकल गया। एक फ्लोरीन अंदर
- 2:03:20लग जाएगा। फ्लोराइड अराइल फ्लोराइड बन
- 2:03:22जाएगा। नाइट्रोजन और BF3 बाहर हो जाएगा।
- 2:03:24ठीक है? फ्लोरोबोरेट आर ऑब्टेंड दीज़ आर
- 2:03:26सेपरेटेड अ देन हीटेड टू ड्रनेस। और इस
- 2:03:29तरीके से हम ये रिएक्शन करते हैं जिस
- 2:03:31व्हिच इज़ नोन ऐज़ पैल्स स्केमिन रिएक्शन।
- 2:03:33ठीक है? तो ये होती है फ्लोरोबोरेट वाली।
- 2:03:35अब रिप्लेसमेंट बाय हाइड्रोजन ग्रुप। ठीक
- 2:03:37है? मैंने बोला कि हाइड्रोजन हटाना है या
- 2:03:40बोल लो ऐसे हाइड्रोजन लगाना है। मतलब
- 2:03:42बेंजीन है। मुझे उसमें N2+ Cl- हटा के
- 2:03:46हाइड्रोजन लगाना है। एक सेकंड। मतलब
- 2:03:48बेंजीन बना देना है इसको। एनिलिन से सॉरी
- 2:03:50डायजोनियम साल्ट से N2 + Cl- को हटाओ और
- 2:03:53हाइड्रोजन लगाओ। मतलब बेंजीन में
- 2:03:56हाइड्रोजन लगाना है। तो बेंजीन बन गया ना
- 2:03:58वो तो भाई आपने C6H5 में हाइड्रोजन जोड़
- 2:04:01दिया तो C6H6 ही तो बनेगा। यस। तो बेंजीन
- 2:04:03बनाना है। तो बेंजीन बनाने का तरीका क्या
- 2:04:05है? हाइपोफॉस्फोरस एसिड लेके जाओ।
- 2:04:07हाइपोफॉस्फोरस एसिड H3PO3 H सॉरी H3PO2
- 2:04:11हाइपोफॉस्फोरस एसिड। H3PO2 की प्रेज़ेंस
- 2:04:14में रिएक्शन कराते हो। रिएक्शन हमेशा याद
- 2:04:15रखना ये वाली। अब बोर्ड्स में इससे
- 2:04:17रिलेटेड बहुत चीजें पूछते हैं। ठीक है?
- 2:04:18मतलब कन्वर्जन में आती है ये। ठीक है? तो
- 2:04:20एनिलिन लिया उसको डायऑजोइज़ करके डायजोनियम
- 2:04:23सॉल्ट बनाया। डायजोनियम साल्ट से कोई बोल
- 2:04:25रहा है भाई बेंजीन बना दो। बेंजीन बना दो।
- 2:04:27बेंजीन कैसे बनेगा? इसको रिएक्ट कराओ
- 2:04:29H3PO2 हाइपोफॉस्फोरस एसिड हाइपोफॉस्फोरस
- 2:04:32एसिड। तो H अंदर जाएगा। पानी के प्रेजेंस
- 2:04:34में लेते हैं ये चीजें। तो H अंदर चला
- 2:04:36जाएगा। बाकी सारी चीजें बाहर निकल जाएंगी।
- 2:04:38है ना? N2H3PO3 HCl सब बाहर निकल जाएगा।
- 2:04:41C6H6 बन जाएगा। डायजोनियम साल्ट को आप
- 2:04:44रिड्यूस कर सकते हो हाइपोफोस्फोरस एसिड के
- 2:04:46साथ। रिप्लेसमेंट हो जाता है NH2 ग्रुप का
- 2:04:49डायजोनियम साल्ट से। ठीक है? हाइड्रोजन और
- 2:04:51डी अमिनेशन इसको बोलते हैं। अमीन ग्रुप
- 2:04:53पूरा हट गया। डी अमिनेशन कर दिया। फॉर डी
- 2:04:55अमिनेशन ऑफ़ NH2 ग्रुप इट इज़ फर्स्ट
- 2:04:57डजोटाइज्ड। भाई डजोटाइजेशन में ही तो डी
- 2:05:00अमिनेशन कर रहे हो। अमीन हटा रहे हो पूरा।
- 2:05:01ठीक है? फिर डज़ो ग्रुप को रिप्लेस करते हो
- 2:05:03हाइड्रोजन एटम से। डी अमिनेशन ऑफ़ NH2
- 2:05:06ग्रुप मे बी डन बाय वन स्टेप आल्सो।
- 2:05:08प्राइमरी अराइल अमीन को ट्रीट कर दो। NO2
- 2:05:10ओवर H3PO2 H3PO2 हाइपोफॉस्फोरस एसिड।
- 2:05:14डजोटाइजिंग एजेंट है ये। डजोटाइजेशन और
- 2:05:16रिडक्शन एक साथ हो जाएगा। हाइड्रोजन इसका
- 2:05:18अंदर आ जाएगा। यह पूरा ग्रुप बाहर
- 2:05:21निकलेगा। ठीक? हाइड्रोजन अंदर आ गया। C6H6
- 2:05:23बन गया। ठीक? नाइट्रोजन बाहर निकला N2 के
- 2:05:25फॉर्म में। है ना? H3PO2।
- 2:05:28ठीक? तो ये बन गया इसका ऑक्सीजन लेके
- 2:05:30H3PO3 और इसका HCL के साथ जाके HCL बन
- 2:05:33गया। तो ये पूरी रिएक्शन होती है। अ वेरी
- 2:05:35इंपॉर्टेंट रिएक्शन एज़ इट इज़ इसको लिख
- 2:05:37लेना। और ये आपको बहुत बार बोली जाएगी।
- 2:05:39क्यों? क्योंकि वो बोलेंगे बेंजीन से आपको
- 2:05:41बहुत सारे ग्रुप्स बनाने को पूछता है। तो
- 2:05:43बेंजीन कहां से बनता है? हाइपो फास्फोरस
- 2:05:44एसिड से बनता है। H3PO2 से रिएक्ट करने पे
- 2:05:47बनता है। ठीक है? चलो नेक्स्ट क्या है?
- 2:05:49रिप्लेसमेंट बाय OH ग्रुप। OH लगाना है।
- 2:05:51पानी की प्रेज़ेंस में करा दो। पानी से तो
- 2:05:52रिएक्शन भी होती है जल्दी। डजोनियम
- 2:05:54सॉल्यूशन को बॉईल कर दो पानी के साथ। थोड़ा
- 2:05:56सा सल्फ्यूरिक एसिड डालो ताकि पानी जो है
- 2:05:58वो HOH में टूट के OH को अंदर भेज पाए।
- 2:06:00ठीक है? अब ये N2+ वाला ग्रुप हटेगा। Cl-
- 2:06:03वाला ग्रुप हटेगा। OH ग्रुप अंदर आ जाएगा।
- 2:06:05फिनोल बन जाएगा। है ना? एसिडिक कंडीशन
- 2:06:07प्रिवेंट करता है इस रिएक्शन को होने से।
- 2:06:09इफ द टेंपरेचर ऑफ़ डजोनियम सॉल्ट सॉल्यूशन
- 2:06:11अलाउ कर दो ज्यादा हाई टेंपरेचर में, तो
- 2:06:13ये हाइड्रोलाइज हो के जैसा हमने बोला
- 2:06:15फिनोल बन जाएगा। ठीक है? एसिड नहीं डालोगे
- 2:06:17तो रिएक्शन ऐसे नहीं होगी। फिनोल फॉर्म्ड
- 2:06:19इन द रिएक्शन मे अंडरगो कपलिंग रिएक्शन
- 2:06:21विद डायजोनियम साल्ट इफ एसिड इज़ नॉट एडेड।
- 2:06:24एसिड नहीं डालोगे तो ये रिएक्शन सेम नहीं
- 2:06:26होगी। कपलिंग दिखाएगी जो हम अभी करके
- 2:06:28देखने वाले हैं। ठीक है? तो ये हो गया
- 2:06:29रिप्लेसमेंट। ठीक है? फ्लोरोबोरेट वाला
- 2:06:31मैंने आपको बता दिया। सपोज़ आपसे कोई बोल
- 2:06:33रहा है फ्लोरोबोरेट वाला कोई ग्रुप है।
- 2:06:35मतलब मतलब नाइट्रो ग्रुप को अंदर भेजना है
- 2:06:37इन शॉर्ट। NO2 ग्रुप को अंदर भेजना है। तो
- 2:06:40NO2 ग्रुप एनिलिन में डायरेक्ट नहीं जाके
- 2:06:42लगेगा। डायरेक्ट नहीं लगेगा। NO2 ग्रुप
- 2:06:44कैसे लगेगा? डायजोनियम साल्ट को लो। है
- 2:06:47ना? पहले उसको क्या बना दो? डजोनियम
- 2:06:49फ्लोरोबोरेट बना दो। हमेशा याद रखना।
- 2:06:51फ्लोरोबोरेट को फर्दर NO2 ओवर कॉपर ट्रीट
- 2:06:54करोगे तो फिर NO2 अंदर जाएगा। तो अगर आपको
- 2:06:57कभी भी ये कराना है तो डजोनियम
- 2:06:58फ्लोरोबोरेट को डीकंपोज़ करते हो। अगेन ये
- 2:07:01भी आपको कन्वर्ज़ में पूछी जा सकती है। कोई
- 2:07:03बोले कि आपको बनाना है 2 घंटे 7 मिनट। ठीक
- 2:07:06है? ठीक है। तो आपको अगर बनाना है नाइट्रो
- 2:07:09वाला ग्रुप, तो कुछ नहीं करना होगा। इस
- 2:07:11रिएक्शन में आपको Nano2 वाले ग्रुप में
- 2:07:13पूरी रिएक्शन बस याद रखो। फ्लोरो वाला
- 2:07:15ग्रुप फ्लोरोबोरेट लेके जाना पड़ेगा तभी
- 2:07:17आप नाइट्रो वाला ग्रुप अंदर भेज पाते हो।
- 2:07:19चलो अब आते हैं अगर ऐसी रिएक्शन नाइट्रोजन
- 2:07:21रिप्लेस करने वाला देख लिया हमने अंदर
- 2:07:23हैलोजन लगा के देखा क्लोरीन ब्रोमीन
- 2:07:25आयोडीन भी लगाया फ्लोरीन भी लगाया नाइट्रो
- 2:07:27ग्रुप भी लगाया हाइड्रोजन भी लगाया OH भी
- 2:07:29लगाया सातों रिएक्शन पढ़ ली यस मैम अब आते
- 2:07:31हैं कि अगर हम इसको हटाए ही ना हम नहीं
- 2:07:33हटाना चाहते N2 + Cl- को या हम ऐसे नहीं
- 2:07:36हटाना चाहते जैसे आप सोच रहे हो हम
- 2:07:37नाइट्रो N2 वाला ग्रुप सॉरी डायजोनियम
- 2:07:40वाला ग्रुप हम उसको रखा रहना देना चाहते
- 2:07:41हैं। क्या आप रिएक्शन कर सकते हो? आंसर इज़
- 2:07:44यस। अब होगी कपलिंग रिएक्शन। चलो तो पहले
- 2:07:46हम रिएक्शन समझते हैं। फिर रीडिंग करेंगे
- 2:07:48एनसीआरटी में। हेडिंग लगाइए कपलिंग
- 2:07:49रिएक्शन।
- 2:07:52मस्त सी रिएक्शन है ये। देखो एज द नेम
- 2:07:54सजेस्ट। अरे भाई भाई भाई ओ भाई भाई भाई
- 2:07:56भाई ये रिएक्शन तो मैम हम समझ जाएंगे। ये
- 2:07:58तो हमारे मतलब की है। कपलपल वाली बात हो
- 2:08:00रही है। दो कपल फॉर्म होते हैं हमेशा।
- 2:08:03आपको बेंजीन उठाना है। डजोनियम साल्ट वाला
- 2:08:05मतलब N2 + Cl-
- 2:08:08ठीक? ठीक है? इसको उठा लिया। इसके रिएक्शन
- 2:08:11कराओ। एक तो एनिलिन वाले ग्रुप से भी हो
- 2:08:12सकती है। ठीक है? और एक यह फिनोल के साथ
- 2:08:14भी हो सकती है। सपोज फ़िनोल उठा दिया।
- 2:08:18फिनोल
- 2:08:23कैसे भी बना दो बेंजीन। ये थोड़ा रिएक्शन
- 2:08:25समझाने के लिए बना रही हूं मैं ऐसे। ठीक?
- 2:08:26हर बेंजीन से हाइड्रोजन लगा होता है। यस
- 2:08:28नो। दो कपल बनाओ। पहला कपल HCl वाला
- 2:08:31ग्रुप। ये कपल बनेगा। और दूसरा कपल
- 2:08:34नाइट्रोजन और ये बेंजीन वाले बना लेंगे।
- 2:08:36भाई साहब प्यार ही प्यार है इस रिएक्शन
- 2:08:38में। समझ रहे हो? समझ रहे हो या नहीं समझ
- 2:08:41रहे हो? बता दो। सच-सच। कपल बनेंगे भाई।
- 2:08:43कपल वो भी दो-दो। कौन-कौन बन गया? देखो
- 2:08:46लिखने के तरीके से बस याद रखो हमेशा। ठीक
- 2:08:48है? तो एक बेंजीन लिया मैम आपने। उससे लगा
- 2:08:51था N2 मैम। उससे आपने एक और बेंजीन लगा
- 2:08:54दिया अभी।
- 2:08:55ठीक? ये रिएक्शन हो गई। है ना? इससे OH भी
- 2:08:58लगा है। और क्या है? और HCL दिस इज़ अ
- 2:09:01कपलिंग रिएक्शन। दिस इज़ अ कपलिंग रिएक्शन।
- 2:09:04आप एनिलिन भी ले सकते थे। है ना? देखो,
- 2:09:07आपको दो रिएक्शन करने को दी जाएगी। आपको
- 2:09:09दो रिएक्शन करने को दी जाएगी। मैं यहां पे
- 2:09:10लिखती हूं। कहां गया? यह। ठीक? मैं सेम
- 2:09:12रिएक्शन उठा लूं। मैं इसको एकदम सेम कर
- 2:09:14दूं। चलो ऐसा करते हैं। सेम कर ही देते
- 2:09:15हैं। इसको उठा लूं मैं। एकदम सेम
- 2:09:18डुप्लीकेट कर दिया। और नीचे लिख दिया
- 2:09:20इसको।
- 2:09:22ऐसे यहां पे लिख देती हूं। ठीक है? यहां
- 2:09:24पे लिख दिया।
- 2:09:29ठीक है? अब देखना।
- 2:09:32अ इस पूरे का पहले कलर चेंज कर देती हूं।
- 2:09:35कलर कलर कलर कौन सा कर दूं? ग्रीन कर दूं।
- 2:09:38ठीक है? अरे यार अपना दिल तो रेड से ही
- 2:09:40समझ में आता है ना। दिलविल तो रेड से ही
- 2:09:42समझ में आता है। तो एक दिल यहां पे बन रहा
- 2:09:45है इन दोनों के बीच में और एक दिन दिल बन
- 2:09:48रहा है इन दोनों के बीच में। ठीक है भाई?
- 2:09:49दो हार्ट बनेंगे। पर हम बोल रहे हैं इस
- 2:09:51बार एनिलिन। तो बस इसमें NH2 लगा दो। कुछ
- 2:09:53नहीं। कुछो नहीं करना है भाई। एज़ इट इज़।
- 2:09:56एज़ इट इज़ देखो। मैम ने कुछ भी नहीं किया।
- 2:09:59है ना? और इसको कॉपी कर लो यहां से।
- 2:10:02यहां पे ले आओ। भाई साहब का रंग बदल दो।
- 2:10:05है ना? इसका रंग बदल दो। बदल दिया मैम। और
- 2:10:09यहां पे OH की जगह NH2 लगा दो और साथ-साथ
- 2:10:12HCL निकाल दो। हो गई कपलिंग रिएक्शन।
- 2:10:14कपलिंग रिएक्शन में दो कपल बनते हैं। और
- 2:10:16ये पता है एज अ डाई यूज़ करते हैं आप इसको
- 2:10:18डाई की तरह। ठीक है? बालों वालों में जो
- 2:10:20लगाते हैं वैसे डाई एग्जैक्ट बालों में
- 2:10:22नहीं लगाने लगोगे निकाल के। बट हां वैसे
- 2:10:24डाई वो वाला डाई। ठीक है? तो यहां पे क्या
- 2:10:26होते हैं? कपल्स बनते हैं। कपल किसके बीच
- 2:10:27में बनता है? बस ये याद रखना हमेशा। एक H
- 2:10:29और Cl आपस में पकड़ते हैं एक दूसरे को। और
- 2:10:31N2 और बेंजीन आपस में पकड़ते हैं। और ये दो
- 2:10:33हमारे पास कपल बन जाते हैं। है ना? देखो
- 2:10:35ये क्या है? जैसे पैरा हाइड्रोक्सी है ना
- 2:10:38एक ग्रुप बन गया डजोनियम साल्ट जैसा और वो
- 2:10:40पैरा अमीन वाला एक ग्रुप बन गया है ना
- 2:10:42पैरा हाइड्रोक्सी कहां गया लिख ही देते
- 2:10:45हैं लिख ही देते हैं ये क्या बन गया पैरा
- 2:10:47पोजीशन पे लगा पैरा हाइड्रोक्सी
- 2:10:51और ये अजो ग्रुप बन गया N2 से जब दो रिंग
- 2:10:54लग गई अजो अजो बेंजीन
- 2:10:58और यह क्या है पैरा
- 2:11:02अमीनो अजो बेंजीन
- 2:11:08ठीक है? यह दो ग्रुप्स हमारे पास बन गए।
- 2:11:10अजो प्रोड्यूस ऑब्टेंड हैव द एक्सटेंडेड
- 2:11:12कंजूगेट सिस्टम n डबल बॉन्ड n लग जाता है।
- 2:11:14मतलब ये जो आपका ग्रुप है ना ये जो n वाला
- 2:11:17ग्रुप है ना n डबल बॉन्ड n ये एक बॉन्ड
- 2:11:19इससे और एक बॉन्ड इससे बना लेता है। ठीक
- 2:11:20है? दीज़ कंपाउंड्स आर ऑफेन कलर्ड एंड आर
- 2:11:23यूज्ड एज़ डाइस। कलरिंग रिएजेंट डाइस की
- 2:11:26तरह यूज़ किए जाते हैं। ठीक है? बेंजीन
- 2:11:28डाजोनियम क्लोराइड रिएक्ट करता है फिनोल
- 2:11:30के साथ जिससे फिनोल मॉलिक्यूल बनता है।
- 2:11:32पैरा पोजीशन पे लगा होता है OH ग्रुप और
- 2:11:34ये बन जाता है और एक पैरा हाइड्रोक्सी एजो
- 2:11:36बेंजीन बन जाता है। दिस टाइप ऑफ रिएक्शन
- 2:11:38को हम कपलिंग रिएक्शन बोलते हैं। सिमिलरली
- 2:11:40रिएक्शन हम एनिलिन के साथ भी करा सकते
- 2:11:42हैं। पैरा अमीनो एजो बेंजीन बनेगा। और ये
- 2:11:44एक एग्जांपल इलेक्ट्रोफिलिक सब्सीट्यूशन
- 2:11:46रिएक्शन का ही है। ठीक है? तो सारे वही
- 2:11:48हैं। सेम रिएक्शन देखो यहां पे लिखी है।
- 2:11:50अच्छा एक चीज़ और याद रखना। कहां गया? एक
- 2:11:52चीज़ और याद रखना। यह वाला जो बनता है, यह
- 2:11:54ऑरेंज कलर का बनता है। मैं इसका कलर चेंज
- 2:11:56कर दे रही हूं ताकि आप याद रख पाओ। यह
- 2:11:58बनता है ऑरेंज कलर का।
- 2:12:01और ये जो अमीनो वाला ग्रुप है, अमीनो वाला
- 2:12:03ग्रुप, येलो कलर का बनता है।
- 2:12:08ये येलो कलर का बनता है। ठीक है? तो इन
- 2:12:10दोनों का कलर भी आपसे पूछा जा सकता है।
- 2:12:12कलर के थ्रू आपसे रिएक्शन पूछी जा सकती
- 2:12:13है। ऑन द अदर हैंड जो आपका ये अ
- 2:12:16हाइड्रोक्सी OH ग्रुप है क्योंकि OH ग्रुप
- 2:12:18लगा है तो ये थोड़ा सा बेसिक कैरेक्टर पीए
- 2:12:19न से 10 के बीच में आती है। बेसिक
- 2:12:21कैरेक्टर का होता है और इसकी पीए फोर से
- 2:12:22फाइव आती है। थोड़ा एसिडिक कैरेक्टर का
- 2:12:24होता है यहां पे। ठीक है? बाकी तो मैंने
- 2:12:26आपको करके ही दिखा दिया। चलो भाई आज की
- 2:12:28लास्ट स्लाइड डजोनियम साल्ट इंपॉर्टेंट
- 2:12:29क्यों है? क्योंकि ये बहुत अच्छे
- 2:12:30इंटरमीडिएट होते हैं। इसमें फ्लोरीन
- 2:12:32लगाया, क्लोरीन, ब्रोमीन, आयोडीन,
- 2:12:35H+, OH- कुछ भी कोई भी प्रोडक्ट बनाना है
- 2:12:38आपने देखा सब कुछ बन गया डायजोनियम साल्ट
- 2:12:40से। मतलब डायजोनियम साल्ट बनाया
- 2:12:41डायजोडाइजेशन से। उसके बाद कुछ भी लगा दो,
- 2:12:44क्लोरीन लगा दो, ब्रोमीन लगा दो, फ्लोरीन
- 2:12:46लगा, कोई भी हैलोजन लगा दो, SO3 लगा, कुछ
- 2:12:48भी उठा के लगा दो, कुछ भी उठा के लगा दो।
- 2:12:50बहुत ईज़ली रिएक्शन दिखा सकता है। है ना?
- 2:12:52यानी कि ये बहुत अच्छे इंटरमीडिएट होते
- 2:12:55हैं एरोमैटिक ग्रुप में किसी एक किसी भी
- 2:12:57एक ग्रुप को इंट्रोड्यूस करने के लिए। ठीक
- 2:12:59है? डजोनियम सॉल्ट बहुत ज्यादा यूज़फुल
- 2:13:02होते हैं बहुत सारे एरोमेटिक कंपाउंड की
- 2:13:03प्रिपरेशन में जो कि हम बना ही नहीं सकते
- 2:13:05इसके बिना। है ना? हम सोचे हम बेंजीन को
- 2:13:07उठाए और हम उसमें क्लोरीन लगा दें। पॉसिबल
- 2:13:09ही नहीं है। आता ही नहीं है कोई उसके
- 2:13:10अंदर। वो रिएक्शन इतनी जल्दी नहीं
- 2:13:12दिखाएगा। तो इसीलिए डायजोनियम सॉल्ट बनता
- 2:13:14है। तो हम क्या करते हैं? हम डायजोनियम
- 2:13:16सॉल्ट बनाते हैं। डायजोडाइजेशन करा के
- 2:13:18डायजोनियम सॉल्ट बना लेते हैं। जिससे कि
- 2:13:20ये रिएक्शन हमारी होने लग जाती है। एंड
- 2:13:22दैट्स इट। ये था हमारा चैप्टर। अमीनस। आई
- 2:13:24होप सो आपको बहुत अच्छे से समझ में आया
- 2:13:26होगा। मैंने सब कुछ आपको समझा दिया। जो भी
- 2:13:28आपकी एनसीईआरटी में था एक-एक वर्ड टू वर्ड
- 2:13:30लिखा है। आपने एनसीआरटी खोली होगी तो आपको
- 2:13:31पता होगा भाई हम एकदम लाइन वाइज़ चले हैं।
- 2:13:33एंड ये सारे टॉपिक्स बहुतेंट है। आई होप
- 2:13:36सो आज का सेशन आपको क्लियर नहीं हुआ होगा।
- 2:13:38मतलब मैम अरे मतलब क्लियर हो गया होगा
- 2:13:40यार। और एंड तक रुके हो तो चैट बॉक्स में
- 2:13:42क्लियर जरूर लिख देना। ठीक है? पता भी चले
- 2:13:44मुझे कौन-कौन एंड तक है। सब तो होंगे
- 2:13:46नहीं। ठीक है? सो दैट्स इट फॉर टुडे।
- 2:13:47दैट्स ऑल अबाउट अमीनस। आई होप सो बहुत से
- 2:13:49समझ में आ गया होगा। हमारा पूरा कोर्स
- 2:13:51खत्म होने वाला है। खुशी ही खुशी है। और
- 2:13:52मेरी क्लास भी है। 15 मिनट बाद मेरी क्लास
- 2:13:55भी है। सो दैट्स इट ऑल अबाउट अमीनस। आई
- 2:13:57होप सो अच्छे से क्लियर किया होगा आपने
- 2:13:59खत्म टाटा बाय-बाय हो चुका है आज के सेशन
- 2:14:01का अब हम मिलेंगे नेक्स्ट चैप्टर के वन
- 2:14:02शॉट के साथ जो कि एक ही बचा है
- 2:14:04बायोमॉलिक्यूल सी ऑल इन द नेक्स्ट वीडियो
- 2:14:05बाय-ब टेक केयर कीप स्टडिंग साथ ही साथ
- 2:14:08चैप्टर समझ में आ गया तो क्लियर लिख देना
- 2:14:10और कौन से और टॉपिक्स पे आपको वीडियो
- 2:14:12चाहिए उसके लिए भी कमेंट में बता जरूर
- 2:14:13देना चलो भाई सी ऑल इन द नेक्स्ट वीडियो
- 2:14:15बाय-ब टेक केयर कीप स्टडिंग कीप लर्निंग
- 2:14:17थैंक यू सो मच एवरीवन बाय
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