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Ameer Ladke Ko Hua Ghareeb Ladki Se Pyar | Emotional Love Story | New Pakistani Drama 2026 — Transcript

by Sunehri Qissay · 1,471 words · 260 segments · language en · Watch on YouTube

Full transcript

  1. 0:00या अल्लाह आज का दिन भी खैर से गुजर जाए।
  2. 0:11अस्सलाम वालेकुम अनाया। आज कुछ परेशान लग
  3. 0:14रही हो। वालेकुम अस्सलाम। नहीं बस थोड़ी
  4. 0:18थकन है।
  5. 0:24काम चाहे कितना भी मुश्किल हो इंसान को
  6. 0:27अपनी जिम्मेदारी पूरी करनी चाहिए।
  7. 0:32बेटी अल्लाह तुम्हें खुश रखे।
  8. 0:34आमीन। बहुत शुक्रिया। बहुत [संगीत]
  9. 0:36शुक्रिया।
  10. 0:43काश मेरे वालदैन की जिंदगी भी कुछ आसान हो
  11. 0:46जाए।
  12. 0:49तुम हर वक्त अपने वालदैन की फिक्र करती
  13. 0:52रहती हो।
  14. 0:54वह मेरे वालदैन हैं। उनकी फिक्र करना तो
  15. 0:56मेरा फर्ज है।
  16. 1:02अल्लाह का शुक्र है आज का काम भी खत्म
  17. 1:04हुआ।
  18. 1:19अस्सलाम वालेकुम अम्मी अब्बू वालेकुम
  19. 1:22अस्सलाम बेटी आ गई तुम जी अम्मी आप दोनों
  20. 1:26कैसे हैं
  21. 1:30बेटी अपने लिए भी कुछ सोच लिया करो
  22. 1:34अम्मी मेरे लिए आप दोनों ही सब कुछ हैं।
  23. 1:43बिस्मिल्लाह देखते हैं आज का दिन क्या
  24. 1:45दिखाता है।
  25. 1:49कभी-कभी एक मामूली मुलाकात भी इंसान को
  26. 1:53बहुत कुछ सोचने पर मजबूर कर देती है।
  27. 1:59अस्सलाम वालेकुम सर। वालेकुम अस्सलाम।
  28. 2:02कैसे हैं आप?
  29. 2:14यहां हर शख्स अपनी ही दुनिया में मशरूफ
  30. 2:17है।
  31. 2:18सर आपकी चाय
  32. 2:25शुक्रिया।
  33. 2:29आप बहुत जिम्मेदारी से अपना काम करती हैं।
  34. 2:32शुक्रिया सर। यह तो मेरी जिम्मेदारी है।
  35. 2:44इस लड़की में कोई ऐसी बात है जो आम नहीं
  36. 2:49क्या हुआ? किसको देख रही थी? किसी को नहीं
  37. 2:53बस ऐसे ही।
  38. 3:02अजीब बात है। एक छोटी सी मुलाकात जेहन से
  39. 3:05निकल ही नहीं रही।
  40. 3:13अगर इस मुलाकात में कोई भलाई है तो मेरे
  41. 3:15[संगीत] लिए आसान फरमा।
  42. 3:19मुझे सिर्फ यह जानना है कि वो कहां काम
  43. 3:22करती है।
  44. 3:29बाबा एक बात पूछनी थी।
  45. 3:33जी बेटा पूछो।
  46. 3:37अगर तुम अनाया की बात कर रहे हो तो वह उसी
  47. 3:40तरफ काम करती है।
  48. 3:43जी बहुत शुक्रिया बाबा।
  49. 3:49अब कम से कम इतना तो मालूम हो गया कि वो
  50. 3:52कहां मिल सकती है।
  51. 3:59अल्लाह आज अम्मी की दवा भी लेनी है।
  52. 4:08वही है।
  53. 4:18बस ये मालूम करना है कि वो किस इलाके में
  54. 4:20रहती है।
  55. 4:26आप यहां
  56. 4:29जी इत्तेफाक से यहां आ गया था।
  57. 4:34आप घबराएं नहीं। मैं आपको परेशान नहीं
  58. 4:37करना चाहता।
  59. 4:40जी ठीक है।
  60. 4:47अल्लाह बेहतर जानता है कि ये मुलाकातें
  61. 4:50कहां ले जाएंगी।
  62. 4:57अस्सलाम वालेकुम।
  63. 5:00वालेकुम अस्सलाम।
  64. 5:04अगर आपको एतराज ना हो तो एक मिनट बात कर
  65. 5:07सकता हूं।
  66. 5:09जी फरमाइए।
  67. 5:11मैं यहां आपका ही इंतजार कर रहा था।
  68. 5:15अनाया मैं जानता हूं आप परेशान हैं।
  69. 5:18आप मुझसे क्या बात करना चाहते हैं?
  70. 5:24मैं सिर्फ यह कहना चाहता हूं कि उस दिन
  71. 5:27आपने जिस तरह एक बुजुर्ग मेहमान की मदद की
  72. 5:31वो बात मुझे अच्छी लगी।
  73. 5:35मैंने तो सिर्फ अपना फर्ज अदा किया था।
  74. 5:44मुझे काम पर जाना है। इजाजत दीजिए।
  75. 5:47जी। अल्लाह हाफिज।
  76. 5:55आखिर वो मुझसे यह सब क्यों कह रहा था?
  77. 6:05अनाया तुम आज वाकई कुछ बदली बदली लग रही
  78. 6:07हो।
  79. 6:09ऐसी कोई बात नहीं तुम काम करो।
  80. 6:16मुझे खुद नहीं मालूम कि मैं इसके बारे में
  81. 6:18इतना क्यों सोच रहा हूं।
  82. 6:25बेटी किसी बात की परेशानी है?
  83. 6:28नहीं अम्मी बस आज काम कुछ ज्यादा था।
  84. 6:35अस्सलाम वालेकुम।
  85. 6:37क्या मैं अंदर आ सकता हूं?
  86. 6:44अस्सलाम वालेकुम।
  87. 6:45वालेकुम अस्सलाम बेटा। आओ अंदर आओ।
  88. 6:51बहुत शुक्रिया चाचा।
  89. 6:54बेटा तुम अनाया को कहां से जानते हो? चाचा
  90. 6:58वो जहां काम करती हैं वहीं हमारी मुलाकात
  91. 7:02हुई थी।
  92. 7:09बेटा तुम बैठो घर समझ कर बैठो।
  93. 7:14बहुत शुक्रिया। आपने बहुत इज्जत दी।
  94. 7:21अरे बेटा तकलीफ क्यों की? चाचा यह तो मेरा
  95. 7:24फर्ज है।
  96. 7:28आजकल के जमाने में लोगों के पास दूसरों के
  97. 7:31लिए वक्त नहीं होता। चाचा इंसान की असल
  98. 7:35पहचान यही है कि वो दूसरों के काम आए।
  99. 7:41शायद मैंने उन्हें शायद मैंने उन्हें गलत
  100. 7:44समझा था।
  101. 7:47[संगीत]
  102. 7:47अल्लाह तुम्हें हमेशा खुश रखे बेटा।
  103. 7:50आमीन। आप भी मेरे लिए दुआ कीजिएगा।
  104. 7:58कुछ रिश्ते खून से नहीं एहतराम से बनते
  105. 8:01हैं।
  106. 8:05[संगीत]
  107. 8:08वो लड़का मुझे अच्छा लगा।
  108. 8:11मुझे भी उसकी बातों में खुलूस महसूस हुआ।
  109. 8:18बेटी, इसने तुम्हारे अब्बू की जिस तरह
  110. 8:20इज्जत की, बहुत अच्छा लगा।
  111. 8:23जी अम्मी मुझे भी।
  112. 8:29अल्लाह तुम्हें खुश रखे बेटी।
  113. 8:31आमीन अब्बू।
  114. 8:34[संगीत]
  115. 8:35अस्सलाम वालेकुम चाचा।
  116. 8:37वालेकुम अस्सलाम बेटा आओ।
  117. 8:44चाचा आज मौसम बहुत अच्छा है। सोचा आप
  118. 8:47दोनों को बाहर ले चलूं।
  119. 8:48बेटा हमारी इतनी फिक्र क्यों करते हो?
  120. 8:50क्योंकि आप मेरे लिए काबिल एहतराम हैं।
  121. 8:54कुछ देर पार्क में बैठेंगे तो दिल भी खुश
  122. 8:56हो जाएगा।
  123. 8:57अल्लाह तुम्हें खुश रखे बेटा।
  124. 9:03[हंसी]
  125. 9:08अल्लाह आप सबको अपनी हिफाजत में रखे।
  126. 9:15बेटा तुमने हमें अपने बच्चों की तरह समझ
  127. 9:18लिया है। चाचा बुजुर्गों की खिदमत से बड़ी
  128. 9:22खुशनसीबी क्या होगी?
  129. 9:24बेटा तुम्हारी वालिदा तुम पर जरूर फक्र
  130. 9:28करती होंगी।
  131. 9:29अम्मी हमेशा यही सिखाती थी कि किसी का दिल
  132. 9:32ना दुखाना।
  133. 9:35आप दोनों बहुत खुश लग रहे हैं। बेटी हमजा
  134. 9:39हमें बहुत खूबसूरत जगह लेकर गया था।
  135. 9:42[संगीत]
  136. 9:47जो चीज वाकई जरूरत की है वही लेनी चाहिए।
  137. 9:56अल्लाह इन चीजों को उनके लिए बाईसे आसानी
  138. 9:59बनाए।
  139. 10:05बेटा यह सब क्या है? मां जी कुछ जरूरी
  140. 10:09सामान है।
  141. 10:10जरूरी सामान है।
  142. 10:14तुमने इतनी जहमत क्यों की? चाचा इसमें
  143. 10:18जहमत की कोई बात नहीं।
  144. 10:26ये सब क्या है?
  145. 10:34[संगीत]
  146. 10:34हमजा साहब आपने यह सब क्यों खरीदा?
  147. 10:41[संगीत]
  148. 10:43हमें किसी पर इतना बोझ डालने की जरूरत
  149. 10:45नहीं।
  150. 10:48यह बोझ नहीं सिर्फ एक छोटी सी मदद है।
  151. 10:55बेटी इसने हमारे लिए मोहब्बत से किया है।
  152. 10:59उसे बुरा मत समझो।
  153. 11:04मैंने यह किसी एहसान के लिए नहीं किया। बस
  154. 11:07दिल ने कहा कि अगर किसी के काम आ सकता हूं
  155. 11:10तो पीछे नहीं हटना चाहिए।
  156. 11:15मुझे माफ कर [संगीत] दीजिए।
  157. 11:17शायद मैंने आपको गलत समझा।
  158. 11:21कभी-कभी इंसान किसी को समझे बगैर ही फैसला
  159. 11:25कर लेता है।
  160. 11:30आओ बेटा तुम्हारा ही इंतजार।
  161. 11:32सलाम वालेकुम चाचा।
  162. 11:36मैं आपसे एक बात पूछना चाहती हूं।
  163. 11:38जी जरूर।
  164. 11:40आप हमारे लिए इतना कुछ क्यों कर रहे हैं?
  165. 11:42क्योंकि आपके वालदैन
  166. 11:45मुझे अपने वालदैन जैसे महसूस होते हैं और
  167. 11:48उनकी मदद करना मुझे अच्छा लगता है।
  168. 11:57अब मुझे आपकी बात समझ आ रही है।
  169. 12:02बेटी हर इंसान को उसके अमल से पहचानना
  170. 12:06चाहिए।
  171. 12:07जी अम्मी आप ठीक कहती हैं।
  172. 12:12बेटा
  173. 12:14चाय पिए बगैर कहां जा रहे हो? अगर आप कहें
  174. 12:18तो जरूर रुक जाता हूं। [हंसी]
  175. 12:22लीजिए चाय।
  176. 12:24शुक्रिया।
  177. 12:26बेटा अब तो तुम हमारे घर के फर्द लगते हो।
  178. 12:29ये मेरे लिए बहुत बड़ी बात है चाचा।
  179. 12:33[हंसी]
  180. 12:36अल्लाह ने शायद वाकई मेरे वालदैन के लिए
  181. 12:39किसी [संगीत] को वसीला बनाया है।
  182. 12:42अल्लाह हाफिज अपना ख्याल रखिएगा।
  183. 12:49अनाया तुम्हें अपने काम में मजीद एहतियात
  184. 12:52करनी होगी।
  185. 12:54जी सर मैं पूरी कोशिश करूंगी।
  186. 12:58यहां एक छोटी सी गलती भी बहुत बड़ा मसला
  187. 13:00बन सकती है।
  188. 13:04मैं समझ गई सर।
  189. 13:08अब तुम बताओ असल बात क्या हुई थी?
  190. 13:12सर मेरी नियत में कोई गलती नहीं थी। मैं
  191. 13:15सिर्फ मेहमान की मदद कर रही थी।
  192. 13:22यहां क्या हो रहा है?
  193. 13:28हां
  194. 13:29अगर इजाजत हो तो मैं भी एक बात कहना
  195. 13:32चाहूंगा।
  196. 13:34आप फरमाइए।
  197. 13:36मैंने खुद देखा है कि अनाया हमेशा अपनी
  198. 13:39जिम्मेदारी पूरी करती हैं। किसी गलतफहमी
  199. 13:42की बुनियाद पर उनके साथ सख्ती मुनासिब
  200. 13:44नहीं होगी।
  201. 13:51हमजा साहब [संगीत]
  202. 13:56ठीक है अनाया अपनी जिम्मेदारी जारी रखें।
  203. 13:59आइंदा ज्यादा एहतियात करें।
  204. 14:01जी सर शुक्रिया।
  205. 14:08आप ठीक हैं?
  206. 14:11जी अब ठीक हूं। शुक्रिया।
  207. 14:17आप मेरा इंतजार कर रहे थे।
  208. 14:20बस यह देखना चाहता था कि आप खैरियत से घर
  209. 14:22जाएं।
  210. 14:24[संगीत]
  211. 14:26हमजा साहब आपने मेरे वालदैन के लिए जो कुछ
  212. 14:29किया मैं शायद कभी भूल ना सकूं।
  213. 14:31इसका बदला शुक्रिया नहीं सिर्फ दुआ की
  214. 14:33सूरत में दे दीजिएगा। बस तुम खुश रहा करो।
  215. 14:39मैं दिल [संगीत] से आपके लिए दुआ करूंगी।
  216. 14:47बस अल्लाह से यही दुआ है। कि वह हमारे लिए
  217. 14:50जो बेहतर हो वही फैसला फरमाए।
  218. 14:56या अल्लाह मेरे वालदैन को हमेशा सलामत
  219. 14:59रखना और हमारी जिंदगी में आसानियां पैदा
  220. 15:02फरमाना।
  221. 15:05मैंने हमजा से बात की है। बेटी क्या
  222. 15:08तुम्हें उस पर एतमाद है? जी अम्मी। अब
  223. 15:12मुझे उसके खुलूस पर यकीन है।
  224. 15:16आओ बेटा। तुम्हारा इंतजार था। अस्सलाम
  225. 15:18वालेकुम।
  226. 15:21बेटा, तुमने हमारा जो साथ दिया है, अल्लाह
  227. 15:25तुम्हें उसका बेहतरीन अजर दे।
  228. 15:28चाचा, आपकी दुआ ही मेरे लिए काफी है।
  229. 15:33अल्लाह तुम दोनों के लिए आसानियां पैदा
  230. 15:35करे। आमीन।
  231. 15:36आमीन, या रब्बुल आलमीन।
  232. 15:43आज मुझे लगता है जैसे हमारी जिंदगी में एक
  233. 15:45नई उम्मीद आई है।
  234. 15:47उम्मीद हमेशा अल्लाह से रखनी चाहिए।
  235. 15:51अल्लाह ने हमें जो रास्ता दिखाया है, दुआ
  236. 15:54है कि उसे हमेशा खैर वाला बनाए।
  237. 15:56आमीन। और अल्लाह हमारे वालदैन को हमेशा
  238. 15:58हमारे सरों पर सलामत रखे।
  239. 16:02मैंने यह बात [संगीत] सबसे छुपाई कि मैं
  240. 16:04इस होटल का मालिक हूं। मैं चाहता था कि
  241. 16:07लोग मुझे मेरे किरदार से [संगीत] जाने।
  242. 16:09मेरे ओहदे से नहीं। यह होटल मेरा है। और
  243. 16:12मैंने यह बात जानबूझकर सबसे छुपाई थी।
  244. 16:15[संगीत]
  245. 16:17सर मुझे बिल्कुल अंदाजा नहीं था।
  246. 16:22अब तुम अनाया के घर जाओ। उससे अपनी गलती
  247. 16:24की माफी मांगो।
  248. 16:27जी सर मैं अभी जाती हूं।
  249. 16:30अनाया मैं आपसे दिल से माफी मांगने आई
  250. 16:33हूं।
  251. 16:35अगर आप वाकई अपनी गलती तस्लीम करते हैं
  252. 16:37[संगीत] तो मैं आपकी माफी कबूल करती हूं।
  253. 16:41हमजा मुझे समझ नहीं आ रहा कि यह सब क्या
  254. 16:44हो रहा है।
  255. 16:45बस थोड़ा सा इंतजार करो अनाया आज सब कुछ
  256. 16:48तुम्हारे सामने वाज़ हो जाएगा। आज [संगीत]
  257. 16:50से इस होटल की इंचार्ज अनाया होगी और आज
  258. 16:53से हर शख्स अनाया की बात पर अमल करेगा।
  259. 16:55जी सर हमें मंजूर है। मैं आपका एतमाद कभी
  260. 16:58टूटने नहीं दूंगी।

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