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Allahabad High Court Vacancy 2026 | AHC RO ARO Hindi | RO ARO Hindi Practice Set 09 | Shivani Ma’am — Transcript

by RWA Civil Services · 5,352 words · 726 segments · language en · Watch on YouTube

Full transcript

  1. 1:06करती हूं एकदम स्वस्थ मस्त जबरदस्त होंगे।
  2. 1:08अपना और अपने परिवार का ख्याल रख रहे
  3. 1:10होंगे। तो मैं आपसे कहना चाहती थी आज और
  4. 1:12आपका हिंदी का प्रैक्टिस सेट है। उसके बाद
  5. 1:14फिर नेक्स्ट वीक में होगा फिर क्योंकि कल
  6. 1:16से फिर इंग्लिश का प्रैक्टिस सेट है। आ गई
  7. 1:18आवाज मतलब एकदम ही चिल्ला उठते हो। सदाचार
  8. 1:22का संधि विच्छेद क्या है? जल्दी से बता
  9. 1:24दो। सदाचार का संधि विच्छेद क्या है?
  10. 1:28बताओ
  11. 1:30अभिनेता में क्या डाउट है?
  12. 1:35बताओ बताओ। तो हम कहेंगे सदा धन आचार नहीं
  13. 1:38भैया। सत धन अचार अच्छा अचार बना है। यह
  14. 1:41कहेंगे क्या? बताइए यह कहेंगे क्या? पूरा
  15. 1:44बोलो क्या पूछना चाहते हो? सत धन आचार
  16. 1:49बिल्कुल सही है। वो बिल्कुल ठीक था
  17. 1:51अभिनेता वाला कल वाला प्रश्न। ठीक है ना?
  18. 1:54सत धन आचार विल बी द करेक्ट आंसर। कचट तप
  19. 1:58के बाद क्या आता है? क
  20. 2:01च
  21. 2:03त
  22. 2:06और प के बाद क्या आता है? यदि आता है
  23. 2:10क्या? हम कहेंगे
  24. 2:14कोई सघोष कोई सघोष वर्ण सघोष
  25. 2:20वर्ण सिवाय पंचम वर्ण के सिवाय
  26. 2:25पंचम वर्ण के सिवाय पंचम वर्ण के
  27. 2:30पंचम वर्ण की तो क्या होता है? तो हम कहते
  28. 2:35हैं मैम यह जो का है यह बदल जाता है आप
  29. 2:39कहेंगे ग में। मतलब अपने ही तृतीय में। च
  30. 2:42किस में बदलेगा? च, छ, ज में। हम कहेंगे
  31. 2:46मैम ट किस में बदलेगा? तो ट, ठ, ड में। और
  32. 2:50हम कहेंगे त किस में बदलेगा? तो त, थ, द
  33. 2:52में। और प किस में बदलेगा? तो प, फ, ब
  34. 2:56में। तो ऐसा ही हुआ है यहां पर। यही
  35. 2:59व्यंजन संधि का नियम है
  36. 3:03बताइएगा मैम क्लास है
  37. 3:07क्लास चल रही है
  38. 3:26चौराहा शब्द में कौन सा समास वैसे तो
  39. 3:28चौराहा क्या है? चार राहों का समाहार हो
  40. 3:30रहा है भैया।
  41. 3:35बताइएगा। नहीं नहीं ऐसा नहीं है।
  42. 3:40चार राहों का समूह क्या कहलाता है? चौराहा
  43. 3:44कहलाता है। समाहार कर रहा है तो द्विगु
  44. 3:47समास है। आप क्या कहेंगे? क्या है? द्विगु
  45. 3:50समास। द्विगु द्विगु समास में क्या होता
  46. 3:52है? प्रथम पद संख्यावाची। प्रथम पद
  47. 3:56संख्यावाची।
  48. 3:58संख्या
  49. 3:59वाची
  50. 4:01और आप कहेंगे द्वितीय पद क्या करता है?
  51. 4:05समाहार करता है। दूसरा पद समाहार करेगा।
  52. 4:09समूह बनाएगा। अगर जो समूह नहीं बनाता है
  53. 4:12तो आप कहेंगे वो कुछ भी है द्विगु समास तो
  54. 4:15नहीं है। चाहे उसमें आप 10 लगा दो, 20 लगा
  55. 4:18दो, 50 लगा दो। जब तक समूह का बोध नहीं
  56. 4:21होगा, जब तक समाभार नहीं होगा, बताइएगा।
  57. 4:26बताइएगा, समझ गए? निम्नलिखित में से कौन
  58. 4:29सा शब्द तत्सम संस्कृत के मूल शब्द से आया
  59. 4:32है? ऐसे बहुत सारे शब्द आपसे पूछे जाते
  60. 4:35हैं। यह रहा अग्नि। अग्नि को तद्भव में आग
  61. 4:38कहते हैं। यह जो आंख है, यह तद्भव है।
  62. 4:42इसका तत्सम एक तो होता है अक्षी।
  63. 4:46कान का क्या होता है? कर्ण होता है।
  64. 4:49और जीव का क्या होता है? जीहवा होता है।
  65. 4:53क्या होता है? जीहवा होता है। समझे? जीव
  66. 4:57का क्या होता है? जीवा होता है। क्या आपको
  67. 4:59समझ में आ रहा है? अगर समझ में आ रहा है
  68. 5:01तो वेल एंड गुड। आगे बढ़ जाते हैं। अगला
  69. 5:03क्वेश्चन। जंगम का सही विलोम शब्द क्या
  70. 5:05है? जंगम का अर्थ होता है वह संपत्ति जो
  71. 5:09एक स्थान से दूसरे स्थान पर जा सके।
  72. 5:11संपत्ति के लिए प्रयोग होता है खासकर यह
  73. 5:13शब्द। जैसे आपकी कोई कार हो गई। तो कार एक
  74. 5:17जगह से दूसरी जगह ले जा सकते हो या नहीं
  75. 5:19ले जा सकते हो? तो मन में कह रहे होगे मैम
  76. 5:21कार ले जाने के लिए ही तो बनाई गई होती
  77. 5:23है। कहीं ले जाने के लिए ही तो कार का
  78. 5:25निर्माण होता है। खड़ी रहने के लिए थोड़ी
  79. 5:27होती है। बिल्कुल सही बात है। आभूषण आभूषण
  80. 5:30पहन के आप कहीं भी जा सकते हैं। आभूषण को
  81. 5:32आप एक जगह से दूसरी जगह ले जा सकते हैं।
  82. 5:34आप बोलेंगे ले जा सकते हैं। नगद रुपया
  83. 5:37बताओ दौलत जो आपके हाथ में है नगद कैश। आप
  84. 5:40ले जा सकते हैं। आप बोलेंगे हां आप बहुत
  85. 5:42महंगा फोन खरीद लें। क्या आप उसको एक जगह
  86. 5:44से दूसरी जगह ले जा सकते हैं? आप कहेंगे
  87. 5:46बिल्कुल ले जा सकते हैं। सोना चांदी क्या
  88. 5:49आपने कोई प्लॉट खरीदा आप उसको एक जगह से
  89. 5:52दूसरी जगह ले जा सकते हैं? बस हां या ना
  90. 5:54बता दो। आपने कोई घर खरीदा तो आप उसको एक
  91. 5:57जगह से दूसरी जगह ले जा सकते हैं। आप
  92. 5:59बोलोगे नहीं ले जा सकते। नहीं ले जा सकते।
  93. 6:01तो वो हो जाएगा स्थावर। विलोम होता है
  94. 6:05स्थावर। चंचल होता है गंभीर का विलोम।
  95. 6:10गंभीर का स्थिर चित्त का स्थिर चित्त का
  96. 6:14विलोम होता है। क्या? तो आप कहेंगे चंचल।
  97. 6:17यदि मैं बात करूं जड़। जड़ होता है
  98. 6:20महामूर्ख व्यक्ति। जड़ होता है जिसकी
  99. 6:22बुद्धि नहीं चल रही हो उसका क्या हो
  100. 6:24जाएगा? चेतन हो जाएगा विलोम। ठीक है ना?
  101. 6:27आगे बढ़ जाते हैं। अरविंद शब्द का
  102. 6:30पर्यायवाची कौन सा है? अरविंद शब्द का
  103. 6:33पर्यायवाची शब्द कौन सा है? गुलाब है,
  104. 6:35कल्पवृक्ष है, कमल है, केवड़ा है? बताओ।
  105. 6:40बताओ।
  106. 6:41गुलाब, कल्पवृक्ष, कमल और केवड़ा। तो आप
  107. 6:44कहेंगे मैम केवड़ा तो है हो नहीं सकता।
  108. 6:47कल्पवृक्ष क्यों होगा? देखो गुलाब को तो
  109. 6:49हम पाटल कहते हैं। पाटल कहते हैं। ठीक है
  110. 6:53ना? कल्पवृक्ष को हम देवद्रुम कहते हैं।
  111. 6:56देव ध्रुम कहते हैं। पारिजात कहते हैं।
  112. 7:01पार जात कहते हैं। सुर तरु कहते हैं। देव
  113. 7:08तरु कहते हैं। देव तरु कहते हैं। समझ गए?
  114. 7:14लेकिन कल्पवृक्ष को हम और कुछ नहीं कहते।
  115. 7:22को हम क्या-क्या कहते हैं? बताइए कमल को
  116. 7:25हम क्या-क्या कहते हैं? तो लिख दो जल्दी
  117. 7:27से कमल के पर्यायवाची
  118. 7:34हम
  119. 7:37कमल अर्थात अरविंद
  120. 7:40अर्थात तामरस
  121. 7:43अर्थात शतदल
  122. 7:47अर्थात उत्पल।
  123. 7:50उत्पल
  124. 7:51अर्थात वारिज
  125. 7:54वारिज
  126. 7:56तोयज
  127. 7:59नीरज
  128. 8:02सरोज
  129. 8:05सरसज
  130. 8:07सरसज
  131. 8:10अंबुज
  132. 8:12अंबुज
  133. 8:16जलज
  134. 8:18जलज सरोवर की रूह होता है। ये ऐसे याद कर
  135. 8:22लो। सुंदर लगता है ना जो तालाब में कमल
  136. 8:24खिला हो। तो हम कहेंगे सरोरू है ये। सरो
  137. 8:29रूह है ये। तामरस तो लिखवा दिया। इंदवर है
  138. 8:34ये।
  139. 8:36इंदवर है ये। पुंडरीक है। पुंडरीक है।
  140. 8:42कोकनद है।
  141. 8:44कोक नद है। आप कहेंगे मैम कुवलय है।
  142. 8:51कुव लय है। कुकनद है। कुवलय है। बताएं।
  143. 8:58ठीक है। बताओ।
  144. 9:00हां। अंबुज है। वेरी गुड। वेरी गुड। कुवलय
  145. 9:03है, कुमुद है। ये सब हम किसे कहते हैं? ये
  146. 9:07सब हम कहते हैं पद्म है। ये सब हम कहते
  147. 9:11हैं किसे? तो हम कहते हैं कमल को। ठीक है
  148. 9:16ना? नेक्स्ट देख लीजिएगा। आगे बढ़ जाएंगे।
  149. 9:19शुद्ध वर्तनी वाला शब्द कौन सा है? शब्द
  150. 9:23शुद्ध वर्तनी वाला शब्द कौन सा है? तो
  151. 9:26देखो एक होते हैं कवि। एक होते हैं कवि।
  152. 9:30जब तक हम स्कूल में थे तो हम कवि की का
  153. 9:34स्त्रीलिंग समझते थे। कवित्री
  154. 9:38कवित्री
  155. 9:40इसी को मानते थे। कवित्री पर धीरे-धीरे
  156. 9:44भ्रम खत्म हुए। भ्रम खत्म हुए तो फिर इसे
  157. 9:47मानने लगे। सही। फिर इसका भी भ्रम खत्म हो
  158. 9:50गया। अब पता चल गया कब इत्री होगा। होता
  159. 9:53है या नहीं होता है? जी। है ना? तो जब हम
  160. 9:55पढ़ रहे होते हैं स्कूल में तो बहुत सी
  161. 9:57चीजों को हम गलत कर रहे होते हैं। हमें
  162. 9:59पता ही नहीं होता।
  163. 10:01बताइए क्लियर?
  164. 10:04हां जी। लेकिन अब भी ये जब कंपटीशन में आ
  165. 10:07गए तो हमें वर्तनी का महत्व पता चल रहा
  166. 10:09है। है ना? चल नेक्स्ट देखते हैं। पेड़ से
  167. 10:13पत्ता गिरा। इस वाक्य में से किस प्रकार
  168. 10:17का कारक है? जब भी अलगाव का बोध होगा। मैं
  169. 10:22घर से निकला। गंगा हिमालय से निकली। पत्ता
  170. 10:26पेड़ से गिरा। बच्चा घर से विद्यालय गया।
  171. 10:30तो जब भी आप क्या कहेंगे मैम? जब भी अलगाव
  172. 10:34का बोध हो रहा होगा। यह से पद जब भी अलगाव
  173. 10:39के बोध के लिए प्रयुक्त होगा।
  174. 10:44अलगाव का बोध होगा तो आप कहेंगे तब वह
  175. 10:49अपादान कारक का तब वह अपादान मैम पैट में
  176. 10:54पूछा गया था हां बिल्कुल सही अपादान कारक
  177. 10:57में आएगा करण कारक में यह क्या हो जाएगा
  178. 11:00आप कहेंगे जैसे ही यह जैसे ही यह साधन का
  179. 11:04बोध कराए क्या साधन है साधन है तो आप
  180. 11:09कहेंगे इसे हम क्या कहेंगे करण कारक
  181. 11:13कहेंगे कर्म कारक कौन है? कर्म क्या होता
  182. 11:15है? जिस पर क्रिया का प्रभाव पड़े। कर्ता
  183. 11:19या क्रिया दो ही
  184. 11:22दो ही वस्तुओं पर क्रिया का प्रभाव पड़ता
  185. 11:26है। एक तो कर्ता पे पड़ेगा। दूसरा तो करण
  186. 11:29कर्म पर पड़ेगा। अगर क्रिया सकर्मक है तो
  187. 11:32कर्म पे पड़ेगा। अगर क्रिया अकर्मक है तो
  188. 11:34कर्ता पे पड़ेगा। बिल्कुल सही बात है और
  189. 11:37संबंध आप जानते हैं। का की के रा री रे
  190. 11:42गवार शब्द का तत्सम रूप क्या होगा? गवार
  191. 11:45का तत्सम रूप क्या होगा? यह जो गामीर लिखा
  192. 11:48है, यह कोई शब्द नहीं है। यह जो गंभीर
  193. 11:51लिखा है, यह खुद तत्सम है। गहरा को कहते
  194. 11:54हैं। गंभीर किसे अह कहते हैं? हम गहरा को
  195. 11:58कहते हैं। अगर बात की जाए क्या? अगर तो
  196. 12:02बात की जाती है गवार मतलब ग्राड़ी। हमने
  197. 12:06सोच लिया गवार कोई गाली है। हम कोई
  198. 12:09व्यक्ति थोड़ा कम जानकार है उसे गवार कहने
  199. 12:11लगे। अरे इसके कपड़े देखना गवार कहीं का।
  200. 12:14गवार का मतलब गांव से संबंधित होता है।
  201. 12:18समझे?
  202. 12:20हां। और गवार होना इसका मतलब ग्रामीण होना
  203. 12:23है और ग्रामीण होना कोई मतलब
  204. 12:27जरा सी भी शर्म की बात नहीं है। भारत तो
  205. 12:29गांव में बसता है। महात्मा गांधी ने कहा
  206. 12:31था। नेक्स्ट देखेंगे जो मापा ना जा सके।
  207. 12:35अब यहां दो शब्द हैं। अपरंपार। तो आप
  208. 12:39कहेंगे अपरंपार का अर्थ होता है बहुत
  209. 12:42ज्यादा।
  210. 12:43बहुत
  211. 12:45ज्यादा जिसका पार ना पाया जा सके। है ना
  212. 12:50ज्यादा जिसका पार ना पाया जा सके मतलब
  213. 12:54अंदाजा ना लगाया जा सके जिसका
  214. 12:58पार ना
  215. 13:00पाया जा सके पाया जा सके उसे हम अपरंपार
  216. 13:07कहते हैं। ठीक है? अपरिमेय तो क्या
  217. 13:11कहेंगे? इसे मापा नहीं जा सकता। अन
  218. 13:13अपेक्षित जिसकी अपेक्षा ना की गई हो।
  219. 13:16जिसकी
  220. 13:19अपेक्षा ना की गई हो। अपेक्षा
  221. 13:23ना की गई हो। ना की गई हो।
  222. 13:29ठीक है ना? बताएं। अमापित कोई शब्द तो है
  223. 13:32नहीं। बताएं। आगे बढ़ेंगे। अंधे की लाठी
  224. 13:36मुहावरे का अर्थ क्या है? अंधे की लठी या
  225. 13:39अंधे की लकड़ी। तो कोई व्यक्ति ऐसा होता
  226. 13:42है जिसका कोई एक ही सहारा होता है। अंधे
  227. 13:45व्यक्ति के पास एक ही लाठी है। वो लाठी के
  228. 13:48सिवा किस पर निर्भर हो सकता है? आंखें तो
  229. 13:50उसकी है नहीं जिससे वह चल पाए। जिससे वह
  230. 13:52देखकर आगे बढ़ पाए तो वो लाठी के सहारे
  231. 13:54आगे चढ़ता है। तो लाठी के सहारे चलना नहीं
  232. 13:57होगा। इसका अर्थ शाब्दिक अर्थ नहीं निकलते
  233. 13:59हैं। मुहावरे और लोकोक्तियों के कभी
  234. 14:02शाब्दिक अर्थ नहीं निकलते। निकलते हैं
  235. 14:04सांकेतिक अर्थ रास्ता दिखाना नहीं। अनपढ़
  236. 14:07होना नहीं। एकमात्र सहारा। एकल सहारा। ठीक
  237. 14:11है ना? एकमात्र सहारा या एकल सहारा हम इसे
  238. 14:14कह देंगे। आगे बढ़ेंगे। गरीबों को वस्त्र
  239. 14:17दो। इस वाक्य में कौन सा कारक है? किसी को
  240. 14:20कुछ देना है। देना मतलब दान का भाव।
  241. 14:26दान का भाव और दान का भाव बराबर अपादान।
  242. 14:31सॉरी संप्रदान। प्रदान दान का भाव
  243. 14:34संप्रदान। संप्रदान कारक के लिए दो चीजें
  244. 14:37प्रयुक्त होती हैं। एक तो दान का भाव और
  245. 14:40दूसरा जिसके लिए क्रिया की जाए जिसके लिए
  246. 14:46क्रिया की जाए क्रिया
  247. 14:49की जाए
  248. 14:50की
  249. 14:52जाए उसे भी हम क्या कहेंगे? उसे भी हम
  250. 14:56संप्रदान कारक कहेंगे। नायक शब्द का सही
  251. 15:00संधि विच्छेद क्या होगा? नायक शब्द का सही
  252. 15:03संधि विच्छेद क्या होगा? मैम इतने आसान
  253. 15:05बेटा आपने कर रखे हैं इसलिए आपको आसान लग
  254. 15:08रहे हैं। पता नहीं क्यों आप क्यों यह
  255. 15:10सोचते हो कि मतलब पेपर आउट ऑफ द बॉक्स ही
  256. 15:13आएगा। मतलब ये क्यों मान के बैठे हो पेपर
  257. 15:16इतना टफ आएगा कि मुझे नहीं आता होगा।
  258. 15:19क्योंकि आपको आता है इसलिए आपको यह आसान
  259. 15:22लग रहे हैं। यह आसान नहीं है क्योंकि आपको
  260. 15:24आते हैं इसलिए आपको यह आसान लग रहे हैं।
  261. 15:27है ना? नायक शब्द का
  262. 15:30बताओ।
  263. 15:37ओ
  264. 15:42चलो आप कहेंगे न धन अक न धन अक
  265. 15:48तो हम कहेंगे
  266. 15:51हम कहेंगे मैम अयादि संधि कहती है ए या ऐ
  267. 15:56के बाद क्या आता है अन्य स्वर आता है अन्य
  268. 16:00स्वर
  269. 16:01कोई भी स्वर पर आपने जो बोला मेरा दिमाग
  270. 16:04हिल गया उससे कोई स्वर आता है क्या आता है
  271. 16:07कोई स्वर आता है यदि इसके बाद तो यह ए और
  272. 16:12ऐ किस में बदल जाता है ये दोनों बदल जाते
  273. 16:15हैं बेटा यह बदलेगा ऐ में ऐ में ऐसे करके
  274. 16:21और यह बदलेगा आय में आय में अब यहां क्या
  275. 16:25हुआ ना पर से यह हटे यह क्या बदलेगा आय
  276. 16:29में बदलेगा ठीक है और इधर अक लिखा लिखा है
  277. 16:33अक लिखा है क्योंकि न स्वर रहित है ना को
  278. 16:36बड़ा आ मिलेगा ना पूरा हो जाएगा या स्वर
  279. 16:40रहित है या को या मिलेगा तो आ मिलेगा तो
  280. 16:42यह हो जाएगा तो यह बनेगा नायक
  281. 16:46ये बनेगा नायक समझ गए कि नहीं समझे अगर
  282. 16:51समझे समझ गए तो बहुत बढ़िया तो कौन सा हो
  283. 16:54जाएगा न धन अक बी विल बी द करेक्ट आंसर
  284. 16:57बताएं बी विल बी द करेक्ट आंसर नयन में ए
  285. 17:01ऑप्शन होगा। हां, ए ऑप्शन क्या था? ने धन
  286. 17:04अन था। ने धन अकनयक होगा ना? अन थोड़ी लिखा
  287. 17:08है नयन में होगा। बताओ पीतांबर में कौन सा
  288. 17:11समास है? पीला है अंबर जिसका तो पीला है
  289. 17:14अंबर जिसका लगाओगे तो बहुव्रीहि
  290. 17:17दो बनते हैं। अगर समास विग्रह दिया जाए
  291. 17:20पीला है अंबर जिसका। है अंबर जिसका तो यह
  292. 17:25बहुव्रीहि होगा। अंबर जिसका तो यह क्या
  293. 17:28है? बहुव्रीहि क्योंकि अर्थात विष्णु
  294. 17:31अर्थात
  295. 17:33विष्णु और आपसे बोल दिया जाए पीला है जो
  296. 17:37अंबर मतलब पीले रंग का वस्त्र अगर आपसे
  297. 17:40बोला जाए पीला है
  298. 17:43है जो अंबर मतलब पीले रंग का वस्त्र उसे
  299. 17:48हम क्या बोलेंगे तो उसे हम बोलते हैं उसे
  300. 17:54हम बोलते हैं कौन सा समास तो आप कहेंगे
  301. 17:56मैम कर्मधारय समास अगर अगर इसमें होता तो
  302. 17:59ये होता कर्मधारय कर्मधारय
  303. 18:02तो हमें समास विग्रह भी देखना है। अब
  304. 18:05इसमें तो ऑप्शन में ही कर्मधारय नहीं दिखा
  305. 18:07है। अब तो इसमें कर्मधारय ऑप्शन में भी
  306. 18:10नहीं है। तो क्या करेंगे? तो थोड़ी ना
  307. 18:12कर्मधारय लगाएंगे। तब तो आगे बढ़ेंगे। आगे
  308. 18:14बढ़ो। निम्नलिखित में से कौन सा शब्द
  309. 18:16स्त्रीलिंग है? बताओ।
  310. 18:19हम कहेंगे उत्साह। मुझे उत्साह आ रहा है।
  311. 18:23किसी कार्य का उत्साह हो रहा है। तो आप
  312. 18:26कहेंगे
  313. 18:30हम समझ गई हूं मैं बेटा समझ रही हूं समझ
  314. 18:32रही हूं अलका
  315. 18:36चक्रव्यूह रचा जा रहा है संकल्प लिया जा
  316. 18:39रहा है
  317. 18:41यही तो बात है
  318. 18:44ईश्वर की रजा हमें पता नहीं चलती कि क्या
  319. 18:46है लेकिन बस ईश्वर परिवार को सब्र दे है
  320. 18:50ना हम कहेंगे उत्साह बिल्कुल सही बात है
  321. 18:53चक्रव्यूह बिल्कुल सही बात है पुल्लिंग है
  322. 18:56संकल्प लिया बिल्कुल सही बात है। मृत्यु
  323. 18:59हुई तो यह क्या है? स्त्रीलिंग है। मृत्यु
  324. 19:02हुई क्या है? नहीं मैं संकल्प लेती हूं तो
  325. 19:05अपने लिए बोला है संकल्प। संकल्प लेती हूं
  326. 19:08तो वो तो तुम हो ना स्त्रीलिंग इसलिए ले
  327. 19:10रही हो और कोई लड़का है तो मैं संकल्प
  328. 19:12लेता हूं। है ना? संकल्प तो लिया जाता है।
  329. 19:15संकल्प ली थोड़ी जाती है। उत्कर्ष शब्द का
  330. 19:17सही विलोम क्या है? उत्कर्ष का क्या होगा?
  331. 19:20अपकर्ष होगा। क्या होगा? अपकर्ष होगा।
  332. 19:23उत्थान का विलोम क्या होता है? पतन होता
  333. 19:26है। उत्थान का विलोम क्या होता है? पतन
  334. 19:29होता है। अवनति उन्नति का विलोम है।
  335. 19:32उन्नति का विलोम क्या है? अवनति है।
  336. 19:34भ्रष्ट का विलोम क्या होगा? सदाचारी।
  337. 19:37सदाचारी।
  338. 19:39ईमानदार।
  339. 19:42ईमानदार।
  340. 19:45बताओ।
  341. 19:47आगे बढ़ेंगे।
  342. 19:49सूर्य का पर्यायवाची निम्नलिखित में से
  343. 19:51कौन सा नहीं है? बताओ।
  344. 19:54हम
  345. 19:59तो हम कहेंगे दिनकर है दिवाकर है महेंद्र
  346. 20:02थोड़ी ना है दिनकर है दिवाकर है इसके आगे
  347. 20:05की देखना अंशुमाली है
  348. 20:08अंशुमाली है मार्तंड है मार्तंड है
  349. 20:15सविता है
  350. 20:18तरणी है यह नए हैं जो आपसे यह दोनों
  351. 20:22बिल्कुल नए हैं जो आप लोग नहीं समझते और
  352. 20:25यह बार-बार पूछ भी लिए जा रहे हैं। आजकल
  353. 20:27ट्रेंड बदल चुका है। हम कहेंगे आदित्य है।
  354. 20:31आदित्य है। दिनकर है, दिवाकर है, प्रभाकर
  355. 20:35है, भास्कर है। भास्कर की वर्तनी सही लिखी
  356. 20:38हुई है। देख लेना। प्रभाकर है, रवि है,
  357. 20:41अर्क है, भानु है। रवि है, अर्क है, भानु
  358. 20:44है। भानु भानु है। समझ गए? यह किसके
  359. 20:48पर्यायवाची हैं? तो कहेंगे सूर्य के
  360. 20:50पर्यायवाची हैं। बताइएगा।
  361. 20:54बहुत बढ़िया। नेक्स्ट देखेंगे।
  362. 20:58ऊंट के मुंह में जीरा का अर्थ क्या है?
  363. 21:00बताओ। ऊंट के मुंह में जीरा का अर्थ आप
  364. 21:03बता दोगे। ऊंट को बीमारी होना, बड़े
  365. 21:05प्राणी को कम भोजन देना, बहुत कम मात्रा
  366. 21:07में वस्तु मिलना, पेट खराब होना। तो आप
  367. 21:09कहना अवश्य बड़े प्राणी को कम भोजन देना
  368. 21:12नहीं। ये भी नहीं। ये नहीं। आप कहेंगे
  369. 21:15बहुत कम मात्रा में वस्तु मिलना। तो अब ये
  370. 21:18आ गया ये ऑप्शन। वैसे क्या आ जाएगा?
  371. 21:21आवश्यकता से आवश्यकता से अधिक आवश्यकता से
  372. 21:27कम मिलना आवश्यकता से बहुत कम
  373. 21:32से बहुत कम
  374. 21:35बहुत कम ठीक है ना चलिए आगे बढ़ जाएंगे
  375. 21:40नेक्स्ट देखेंगे रामायण शब्द में मूल रूप
  376. 21:43से कौन सी संधि है अरे इसको बता दो यह एक
  377. 21:46नया क्वेश्चन है
  378. 21:50रामायण शब्द में
  379. 21:54कौन सी संधि है?
  380. 22:00देखो इसमें संधि बन जाती है तीन संधि।
  381. 22:04तीन संधि इसमें लगती हैं। दो बताऊंगी मैं
  382. 22:06तीसरी नहीं बताऊंगी।
  383. 22:09एक संधि मानी जाती है
  384. 22:13राम धन आयन जो कि सबसे ज्यादा सही है।
  385. 22:17मतलब विच्छेद तो इसका यही होगा। विच्छेद
  386. 22:21तो इसका यही होगा। ठीक? हम कहेंगे इधर आ
  387. 22:25है मा में इधर आ है बड़ा आ बनेगा। ठीक है?
  388. 22:28तो यह बनना चाहिए था रामा यन।
  389. 22:32लेकिन ना क्यों बदला? अगर न से पहले ऋ
  390. 22:38या श में से कुछ हो इन तीनों व्यंजनों में
  391. 22:41से यदि कोई भी पहले वर्ण में आता है तो ना
  392. 22:45किस में बदलता है ना ण में बदलता है यह
  393. 22:48नियम किसका है व्यंजन संधि का व्यंजन संधि
  394. 22:52का नियम है जो कि यहां पे लग रहा है और जब
  395. 22:55लग रहा है तो यह संधि व्यंजन में भी आ
  396. 22:58जाती है पर हमसे पूछी जाएगी तो दीर्घ ही
  397. 23:01लगाएंगे मूल रूप से क्यों कहा इन्होंने
  398. 23:04इन्होंने सीधे क्यों नहीं कहा रामायण में
  399. 23:06कौन सी संधि है? इन्होंने मूल रूप से
  400. 23:09क्यों पूछा? क्योंकि इसमें संधि कोई दूसरे
  401. 23:12भी बनने की संभावना हो रही है। समझे? हम
  402. 23:21सज्जन का सही संधि विच्छेद सज्जन नहीं।
  403. 23:24सद्यजन नहीं। सात धनजन नहीं। सत धनजन है।
  404. 23:28सज्जन का सही संधि विच्छेद क्या होगा?
  405. 23:31सज्जन होगा। सत धन जन होगा। आगे बढ़े। बताओ
  406. 23:35कल से तो आपकी इंग्लिश की क्लास होगी। कल
  407. 23:37से तो आपकी इस टाइम पे इंग्लिश की क्लास
  408. 23:39होगी। यथाशक्ति में कौन सा समास है? तो
  409. 23:42यथाशक्ति का अर्थ होता है शक्ति के
  410. 23:44अनुसार।
  411. 23:46रिमोट दे जाओ। है ना? हां।
  412. 23:50शक्ति के अनुसार। और शक्ति के अनुसार का
  413. 23:53मतलब हो गया यथा यहां क्या है? अव्यय है।
  414. 23:56तो ये तो आपने बहुत बार कर लिया। ये तो
  415. 23:58जबरदस्ती आ जाता है। बीच में आ जाता है ये
  416. 24:00क्वेश्चन। हां। अब बताओ मिठास कौन सी
  417. 24:03संज्ञा है? मिठास, खटास, कड़वाहट
  418. 24:07बताओ। खट्टापन, मीठापन
  419. 24:11बताओ।
  420. 24:14तीखापन ये सब कौन सी संज्ञाएं हैं? ये
  421. 24:17सारी की सारी संज्ञाएं कौन सी हैं?
  422. 24:20भाववाचक संज्ञाएं हैं। मिठास क्या है?
  423. 24:23भाववाचक संज्ञा है। वहीं पूछा जाए मीठा
  424. 24:26क्या है? तो कहना विशेषण है। मीठा क्या
  425. 24:29है? विशेषण है।
  426. 24:31बताओ अगर आपसे पूछा जाए मिठाई क्या है?
  427. 24:36मिठाई क्या है? तो आप कहेंगे जातिवाचक
  428. 24:39संज्ञा है। जाति
  429. 24:42वाचक
  430. 24:44संज्ञा है। बताओ जातिवाचक
  431. 24:49संज्ञा है। क्लियर? हां जी।
  432. 24:53नेक्स्ट देखेंगे।
  433. 24:55घड़ो पानी पढ़ना मुहावरे का सही अर्थ क्या
  434. 24:58है? घड़ो पानी पन्ना। खड़ों पानी पड़ गया
  435. 25:03बताओ तो जब कभी ऐसा होता है
  436. 25:07तो एकदम से लज्जा आ जाए तो कहते हैं ना
  437. 25:09मैंने उनसे जरा सी मदद मांगी और उन्होंने
  438. 25:13मुझसे साफ मना कर दिया घड़ो पानी पड़ गया
  439. 25:15मैंने कल आपको एक बताया था ना किसी के
  440. 25:17यहां बिना बुलाए पहुंच जाओ और उसके यहां
  441. 25:19चल रहा हो फंक्शन तो घड़ो पानी पड़ जाता
  442. 25:22है ना तो घड़ों पानी पड़ना बहुत ज्यादा
  443. 25:26लज्जित हो जाना है ना नेक्स्ट देखेंगे आशी
  444. 25:30आशीर्वाद का शुद्ध वर्तनी रूप क्या है?
  445. 25:33ऐसा भी हो सकता है कई बार यह सही देकर ही
  446. 25:36सही पूछ लें। तो इसका एक तरीका बता दे रही
  447. 25:38हूं मैं। मैं कहूंगी
  448. 25:43निर्दोष
  449. 25:44निर् दोष। यह ऐसे लिखा समझ में आ रही है।
  450. 25:48आवाज मुझे इसकी निर्दोष पढ़ने में आ रही
  451. 25:51है। या निर्भय
  452. 25:53मैं ऐसे ही तो पढ़ रही हूं। तो बस एक चीज
  453. 25:57याद रखनी है बेटा। यह जो रा की ध्वनि जहां
  454. 26:01आ रही है यह उससे अगले वाले पर बैठेगा। ये
  455. 26:04उससे अगले वाले स्वर पर बैठेगा। बैठेगा भी
  456. 26:08किस पे? स्वर पे। तो इसीलिए यह निरष हो
  457. 26:13जाता है। निरष हो जाता है। समझे? इसीलिए
  458. 26:17निरभय हो जाता है। हम कहते हैं आ शीरवाद आ
  459. 26:24शीरवाद
  460. 26:26आ शीर वाद तो इसका मतलब ये जो ब के ऊपर आ
  461. 26:31है उसके ऊपर बैठेगा आ शीर
  462. 26:35वाद यहां पर इस व के ऊपर बैठेगा श पर नहीं
  463. 26:39बैठेगा यह एक नियम है। दूसरी दूसरी बात
  464. 26:42बता दूं आपको मैं इससे एक सिद्धांत निकल
  465. 26:45के आता है। कि अगर कोई आपसे लिख दे
  466. 26:48निर्दोष निर्दोष तो देखने में ये बड़ा
  467. 26:51अच्छा लग सकता है लेकिन रेफ कभी पहले वर्ण
  468. 26:54पर नहीं लगती। मतलब आप क्या कहेंगे? र कहो
  469. 26:59स्वर रहित होगा। जब स्वर रहित रहित हो
  470. 27:05तो वह तो वह प्रथम वर्ण पर प्रथम वर्ण पर
  471. 27:11नहीं लगेगा। वर्ण पर नहीं आ सकता। पर नहीं
  472. 27:18आ सकता क्योंकि आ सकता क्योंकि ऐसा तो
  473. 27:23होगा नहीं कि निर ही तो पढ़ोगे इसे ऋण तो
  474. 27:26पढ़ोगे नहीं। ऋणी ही तो पढ़ोगे नहीं। तो
  475. 27:28इसलिए इसको समझने वाली बात है। है ना? तो
  476. 27:31ए ही शुद्ध है और पहले से ही शुद्ध ही दे
  477. 27:34रखा था। ए ही शुद्ध है और पहले से भी क्या
  478. 27:38दे रखा था? जी शुद्ध ही दे रखा था मैम।
  479. 27:42हां जी।
  480. 27:44वह धीरेधीरे चल रहा है। मतलब उसकी जो चाल
  481. 27:49है उसका जो चलना है उसकी विशेषता क्या है?
  482. 27:51उसकी जो चाल है वो जो चल रहा है उसकी
  483. 27:54विशेषता क्या है?
  484. 27:58बताओ। तो आप कहेंगे मैम यह है क्रिया
  485. 28:03विशेषण। क्रिया की तो विशेषता बताई जा रही
  486. 28:06है। क्रिया की तो विशेषता बताई जा रही है
  487. 28:08कि क्रिया कैसे चल रही? तो रीतिवाचक
  488. 28:11क्रियाविशेण है। रीतिवाचक क्रियाविशेण है।
  489. 28:14इतनी सी बात है। रीतिवाचक क्रियाविशेण है।
  490. 28:18ठीक? बहुत बढ़िया। नेक्स्ट देखेंगे जो सब
  491. 28:21कुछ उदारता से जानता है। धन्यवाद जी। जो
  492. 28:25सब कुछ उदारता से जानता है उसे हम क्या
  493. 28:28कहें? देना जानता है। बताओ तो एक तो बड़ी
  494. 28:32मुश्किल बात है। अपनी हर व्यक्ति की आदत
  495. 28:34होती है। आज के टाइम में वह एक ऐड आ रहा
  496. 28:36है। अपना मारियो बचा लेता। हमारा मारियो
  497. 28:40उड़ा देता। तो व्यक्ति दूसरों की तो हर
  498. 28:42चीज उड़ाने पे लगा रहता है। अपनी हर चीज
  499. 28:44बचाने पे लगा रहता है। ऐसे समय में कोई
  500. 28:46ऐसा मिल जाए जो सब कुछ उदारता से देना
  501. 28:49जानता हो। मतलब दूसरों पर न्योछावर करना
  502. 28:52जानता हो। उसे हम क्या कहेंगे? दानी
  503. 28:53कृपालु आधार दाता परोपकारी।
  504. 28:56बी क्यों बता रहे हो?
  505. 28:59कृपालु तो कृपा करने वाला उदारता से देना
  506. 29:02चाहता है। औदार्य से देना चाहता है। हृदय
  507. 29:05बड़ा कर लेता है। औदार्य दाता कहलाएगा
  508. 29:08भैया वो औदार्य दाता। क्या कहलाएगा?
  509. 29:11औदार्य दाता। दाता दानी नहीं। दानी कौन
  510. 29:14होता है? दान देने वाला।
  511. 29:17दान देने वाला। देने
  512. 29:21वाला। कृपालु कौन कहलाता है? कृपा करने
  513. 29:25वाला। कृपा करने वाला करने
  514. 29:31वाला परोपकारी दूसरों परोपकार करने वाला
  515. 29:35सी विल बी द करेक्ट आंसर धन्यवाद सर हां
  516. 29:38जी
  517. 29:44इस क्वेश्चन का आंसर दो
  518. 30:09कार का सही संधि विच्छेद क्या है?
  519. 30:12ऊपर आ जाना और भी सब
  520. 30:14हां अब बस अभी कर लूं मैं।
  521. 30:17जी अलंकार का सही संधि विच्छेद क्या है?
  522. 30:21अलम धनकार अलम धनकार
  523. 30:26इज़ अलंकार अलंकार नहीं अलकार नहीं अलंकार
  524. 30:31नहीं अलम धनकार ये मा ही बदल जाएगा किस
  525. 30:34में अनुस्वार में मा किस में बदलेगा बेटा
  526. 30:38अनुस्वार में बदलेगा अलम धन कार हो जाता
  527. 30:40है अलंकार पाप पुण्य में कौन सा समास है
  528. 30:44पाप पुण्य में कौन सा समास है पाप पुण्य
  529. 30:48मतलब पाप और पुण्य
  530. 30:50पाप पाप और पुण्य। पाप या पुण्य। पाप या
  531. 30:55पुण्य। व्यक्ति एक ही काम कर सकता है। सब
  532. 30:58कुछ तो कर नहीं सकता। द्वंद्व समास है।
  533. 31:00द्वंदव में भी कौन सा है बेटा? विकल्प
  534. 31:02द्वंद है। यहां भी कौन सा समास है? विकल्प
  535. 31:05द्वंद है। विकल्प
  536. 31:08द्वंदव है।
  537. 31:11विकल्प द्वंदव है। समझे ना?
  538. 31:17आगे बढ़ जाते हैं। द्विगु तो है नहीं।
  539. 31:20क्षणिक का सही विलोम शब्द क्या है? क्षणिक
  540. 31:23होता है जरा देर का। अल्प शाश्वत सनातन या
  541. 31:26अमर। अमर तो होगा विलोम नश्वर का। अमर तो
  542. 31:30विलोम होगा नश्वर का। नश्वर का। ठीक है?
  543. 31:34सनातन विलोम किसका होगा? वो भी नश्वर का
  544. 31:37हो जाएगा। क्षणिक होता है सदावर सदा रहने
  545. 31:41वाला। सॉरी जरा देर में खत्म होने वाला।
  546. 31:43शाश्वत होता है सदा रहने वाला। अल्प का
  547. 31:46विलोम अति होता है। अल्प का विलोम क्या
  548. 31:50होता है? अति बहुत ज्यादा। दूध का दूध
  549. 31:52पानी का पानी होने का अर्थ क्या है? है
  550. 31:55ना? कहते हैं सामने आ जाओ। दूध का दूध
  551. 31:59पानी का पानी हो जाएगा। तो ऐसा थोड़ी ना
  552. 32:02है कि मतलब दूध और पानी अलग किया जाता है।
  553. 32:05शाब्दिक अर्थ थोड़ी निकालोगे। शाब्दिक
  554. 32:08अर्थ थोड़ी निकालोगे। बताओ
  555. 32:11क्या होगा?
  556. 32:13तो आप कहेंगे मिलावट करना, धोखा देना, सही
  557. 32:16न्याय करना या झगड़ा शांत करना
  558. 32:22बताएं।
  559. 32:27मिलावट करना, धोखा देना। नहीं, सही-सही
  560. 32:30न्याय करना। मतलब उचित न्याय करना। यहां
  561. 32:33आप क्या लिख सकते हो? उचित न्याय करना।
  562. 32:36उचित न्याय करना। क्या होगा? उचित न्याय
  563. 32:42करना। ठीक है? बताइए। आगे बढ़ जाते हैं।
  564. 32:46निम्नलिखित में से बादल का पर्यायवाची
  565. 32:48शब्द कौन सा है? अंबुज, नीरज, वारिज,
  566. 32:51पयोज। पयोध बताओ। अंबुज, नीरज, वारिज,
  567. 32:55पयोज। अयोध
  568. 32:59[हंसी]
  569. 33:00वरना हां वरना संसार के सभी दूध वाले
  570. 33:03पकड़े जाते हैं। क्योंकि यह माना जाता है
  571. 33:06यह कहावत है कि आपको दुनिया में हर चीज
  572. 33:10प्योर मिल सकती है। दूध प्योर मिल ही नहीं
  573. 33:12सकता। यह पता नहीं क्या नेचर बन जाता है।
  574. 33:16कितना भी महंगा आप दूध ले लो थोड़ी बहुत
  575. 33:18मिलावट करके ही देते हैं वह। वो आपको
  576. 33:21प्योर नहीं देंगे। यह तो है वह घी प्योर
  577. 33:24दे देंगे आपको भले ही पर दूध प्योर नहीं
  578. 33:26दे सकते बताओ अंबुज नीरज बारिश पयोध बताओ
  579. 33:31तो अंबुज क्या है आप कहेंगे मैम कमल है
  580. 33:33बारिश क्या है कमल है नीरज है कमल है पयोध
  581. 33:36क्या है पयोध बादल है पयोध हो गया पयोधर
  582. 33:39हो गया पयो धर हो गया जलधर हो गया जल धर
  583. 33:47हो गया वारी धर हो गया वारी
  584. 33:52धर हो गया है ना हम कहेंगे नीरत हो गया
  585. 33:56नीरद है तोयद है
  586. 34:00तोयद है अंबुद है अंबुद है ये सब क्या हैं
  587. 34:05ये सब हैं किसके मेघ अर्थात बादल के
  588. 34:09पर्यायवाची इसे हम मेघ भी कह देते हैं इसे
  589. 34:13हम मेह भी कह देते हैं। मेघ भी कह देते
  590. 34:17हैं और मेह भी कह सकते हैं। हां जी। मान
  591. 34:21नहीं सकते। हां। कभी जीवन में यह मानेंगे
  592. 34:23नहीं कि हमने पानी मिलाया है। ना प्योर।
  593. 34:26कसम खा के कहते हैं प्योर। बिल्कुल प्योर।
  594. 34:29एक बूंद भी नहीं। कमल के पर्यायवाची मैंने
  595. 34:32लिखवा चुकी हूं। अब ऐसा ही हो कि जल का
  596. 34:35पर्यायवाची हो और उसमें मिला लगा मिले
  597. 34:37क्या? घी। तो उसे हम क्या कहेंगे? समुद्र
  598. 34:40कहेंगे। समुद्र कहेंगे। बताइए। ठीक है ना?
  599. 34:44नेक्स्ट देखते हैं। उत्कृष्ट का सही विलोम
  600. 34:47क्या है? उत्कृष्ट ऊपर उठा ऊंचा। बताइए तो
  601. 34:50क्या हो जाएगा? निकृष्ट हो जाएगा।
  602. 34:53उत्कृष्ट का सही विलोम क्या है? तो आप
  603. 34:56कहेंगे मैम निकृष्ट हो जाएगा। विकृष्ट
  604. 34:58नहीं अवनत किसका विलोम है? उन्नत का है।
  605. 35:01उन्नत का है। अधम किसका विलोम है? उत्तम
  606. 35:04का है। उत्तम का विलोम है। अधम बताइए।
  607. 35:11अन्वेषण का सही संधि विच्छेद क्या है?
  608. 35:14अन्वेषण का सही संधि विच्छेद क्या है?
  609. 35:18बताएं अन्वेषण बोलते किसे हैं? यह पता है
  610. 35:21आपको? खोज पड़ताल करना। है ना? आपने पढ़ा
  611. 35:26है ना छिद्रान्वषण।
  612. 35:28छिद्रावेशन तो जांच पड़ताल को कहते हैं
  613. 35:31अन्वेषण।
  614. 35:34क्या हो जाएगा? अन्न धन्वषण। नहीं भाई अनु
  615. 35:37धन एषण। वेरी गुड। मैं जो भी ए बता रहा है
  616. 35:42मुंडी मोडूंगी। अनु धन ओके नाराज हो गया
  617. 35:46यह तो बालक
  618. 35:50अनु धन ईशण हम बोलेंगे ना के साथ जो उ लगा
  619. 35:54लगा है ना के साथ लगा है उ और ये है ईशण
  620. 35:58ये उ किस में बदलेगा आप कहोगे मैम व में
  621. 36:01बदलेगा ठीक है व में बदलेगा न अधूरा रह
  622. 36:05गया हम कहेंगे बिल्कुल व को ए की मात्रा
  623. 36:08मिल गईण हो गया यह अन्वेषण हो गया बताओ
  624. 36:13यही तो आएगा। यही तो आएगा। अगर ठीक है तो
  625. 36:16बहुत अच्छी बात है। नहीं तो आगे बढ़ते
  626. 36:18हैं। नीलकंठ में कौन सा समास है? नीलकंठ
  627. 36:22में कौन सा समास है? द्विगु है, अव्ययीभाव
  628. 36:25है, बहुव्रीहि है। नीलकंठ का अर्थ हो गया
  629. 36:27नीला है कंठ जिसका। नीलकंठ का अर्थ हो गया
  630. 36:31नीला है कंठ जिसका। नीला है कंठ जिसका कभी
  631. 36:36यह नहीं आएगा। नीला है कंठ जो नहीं कंठ
  632. 36:39जिसका यह होता है इसका समास विग्रह
  633. 36:42किन-किन के लिए प्रयोग होता है तो मुख्यता
  634. 36:45तो यह शिव के लिए प्रयोग होता है क्यों
  635. 36:47शिव ने हला हलाहल विष पी लिया है और दूसरा
  636. 36:50यह प्रयोग किसके लिए होता है तो मोर के
  637. 36:53लिए होता है मोर के लिए होता है किसके लिए
  638. 36:56होता है मोर के लिए होता है तो क्या हो
  639. 36:58जाएगा बहुव्रीहि समास हो जाएगा बताइए क्या
  640. 37:02हो जाएगा बहुव्रीहि समास हो जाएगा ठीक है
  641. 37:06है ना? बताएं।
  642. 37:09आगे बढ़ेंगे। नेक्स्ट देखेंगे। शुद्ध वाक्य
  643. 37:13का चयन कीजिए। सीता ने गीत गाई। अब गीत
  644. 37:17स्त्रीलिंग है या पुल्लिंग है? बस इतना
  645. 37:19बता दो। गीत स्त्रीलिंग है या पुल्लिंग
  646. 37:21है?
  647. 37:23हम कहेंगे मैम पुल्लिंग है। पुल्लिंग है
  648. 37:24तो इसे काट दो। इसे काट दो। अब मुझे यह
  649. 37:27बताओ गीत सजीव कर्म है या निर्जीव कर्म
  650. 37:30है। बताओ। गीत सजीव कर्म है या निर्जीव
  651. 37:35कर्म है? सीता गीत को गाया। नहीं भाई सीता
  652. 37:38ने गीत क्या है? निर्जीव कर्म है। निर्जीव
  653. 37:43कर्म है। वाक्य किस में हो रहा है? पास्ट
  654. 37:46में हो रहा है। पास्ट में हो रहा है तो ने
  655. 37:47लगेगा। तो सीता ने गीत गाया। बताओ
  656. 37:53बताओ। क्लियर? हां जी। सामान्य भूत।
  657. 38:01खग का सही पर्यायवाची शब्द क्या होगा?
  658. 38:04बताओ। वृक्ष को हम क्या बोलते हैं? तो हम
  659. 38:07बोलते हैं बेटा पेड़।
  660. 38:09हम इसे बोलते हैं विटप।
  661. 38:12विटप। हम इसे बोलते हैं तरु। हम इसे बोलते
  662. 38:16हैं क्या? गाज। हम इसे बोलते हैं गाछ। हम
  663. 38:20इसे बोलते हैं ध्रुम। हम इसे बोलते हैं
  664. 38:22शाल। यह हम किसे बोलते हैं? वृक्ष को बोल
  665. 38:26देते हैं। यह हम किसे बोल देते हैं? वृक्ष
  666. 38:28को बोल देते हैं। मृग और पशु एक ही बात
  667. 38:31है। यह हम जानवर को बोलते हैं। जानवर
  668. 38:34ठीक है ना? बताओ हम पक्षी को क्या बोलते
  669. 38:38हैं? पक्षी को क्या बोलते हैं? बताइए।
  670. 38:42पक्षी को हम खग बोलते हैं। इसके और
  671. 38:44पर्यायवाची बताना मैम। इसे हम खेचर
  672. 38:47बोलेंगे। खेचर बोलेंगे। नवभचर बोलेंगे।
  673. 38:52नवभचर बोलेंगे। ये दो बार जन्म लेता है।
  674. 38:55एक बार अपनी मां के उदर से एक बार अंडे से
  675. 38:58तो अंडज भी बोल सकते हैं मैम। हां कह सकते
  676. 39:01हैं। पखेरू बोल सकते हैं मैम। पखेरू बोल
  677. 39:05सकते हैं मैम। बताइए पंछी बोल सकते हैं
  678. 39:09हम। बताओ बिल्कुल बोल सकते हैं। पंछी बोल
  679. 39:12सकते हैं। बिल्कुल बोल सकते हैं। शंकुत
  680. 39:15बोल सकते हैं। बताओ शंकुत बोल सकते हैं।
  681. 39:18बिल्कुल बोल सकते हैं। आगे बढ़े?
  682. 39:21हां जी। ये सब तो बोल ही सकते हैं ना।
  683. 39:24हां। और क्या हो जाएगा? गगनचर कह दो।
  684. 39:28गगनचर कह दो। गगनचर कह दो। ये सब हम किसे
  685. 39:32कहते हैं? पक्षी को कहते हैं। देखिएगा
  686. 39:35तिरियाचरित मुहावरे का सही अर्थ क्या होता
  687. 39:38है? यह बता दो जरा। तिरियाचरित
  688. 39:42मुहावरे का अर्थ क्या होता है? मृग हिरण
  689. 39:45को भी बोल देते हैं। बेटा मृग सभी पशुओं
  690. 39:48को भी बोल देते हैं। जब हम बोलते हैं किसे
  691. 39:52मृगेंद्र जब हम बोलते हैं मृगेंद्र किसे
  692. 39:55सिंह को तो वहां यह मृग किसका बोध कराता
  693. 39:59है? सभी पशुओं का बोध कराता है। मृग हम
  694. 40:02किसे कहते हैं? मृग हम हिरण को भी कह देते
  695. 40:05हैं। मैं एक बार नहीं बहुत बार लिखवा चुकी
  696. 40:07हूं। ये आपको पता होना चाहिए। ठीक है?
  697. 40:09महिलाओं का स्वभाव नहीं। नखरे या छल कपट
  698. 40:14करना। मुख्यत यह छल कपट के लिए प्रयुक्त
  699. 40:17होता है। जिस व्यक्ति के स्वभाव में छल
  700. 40:19कपट आदि ज्यादा होता है, तो वह क्या
  701. 40:22कहलाता है? तिरियाचरित कहलाता है। आगे
  702. 40:25बढ़ते हैं। जिसकी आशा ना की गई हो
  703. 40:27वाक्यांश के लिए एक शब्द जिसकी आशा ना की
  704. 40:30गई हो। अचानक किसे कहते हैं? आकस्मिक।
  705. 40:35आकस्मिक है ना? एकदम
  706. 40:39एकदम कुछ हो जाना।
  707. 40:41एकदम कुछ हो रहा है। है ना?
  708. 40:44बताओ अप्रत्याशित क्या है? जिसकी आशा ना
  709. 40:48की गई हो। आशातीत का अर्थ है आशा से अधिक।
  710. 40:53आशा से अधिक
  711. 40:59निराशा मतलब आशा ना रहने का भाव। आशा ना
  712. 41:04रहने का भाव। आशा ना रहना। ठीक है ना?
  713. 41:10बताइए। आगे बढ़ते हैं। श्रोता शब्द का सही
  714. 41:13विलोम शब्द क्या होगा? श्रोता हम बोलते
  715. 41:15हैं सुनने वाले को। तो हम क्या कह देंगे?
  716. 41:18वक्ता हो जाएगा। बोलने वाला। भैया जब कोई
  717. 41:21सुनने वाला होता है, कोई बोलने वाला भी
  718. 41:23होता है। अगले दो क्वेश्चन आपको मैं
  719. 41:25होमवर्क में देती हूं। ईमानदारी में कौन
  720. 41:27सी संज्ञा है और
  721. 41:31स्वागत में कौन सा उपसर्ग लगा है? यह आप
  722. 41:35मुझे बताइएगा। मेरी छोटी सी एक मीटिंग है।
  723. 41:37अगली मेरी क्लास भी है इसलिए मैं थोड़ा सा
  724. 41:39दो 5 मिनट पहले ही छोड़ रही हूं। थैंक यू।
  725. 41:41थैंक यू सो मच। हैव अ गुड डे। बाय-ब।
  726. 41:43धन्यवाद।

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