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AI Complete OneShot Course for Beginners | Learn AI & ML Fundamentals from Scratch — Transcript

by Apna College · 14,897 words · 1,973 segments · language en · Watch on YouTube

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  1. 0:00हाई एवरीवन एंड वेलकम टु आवर कॉलेज एंड इन
  2. 0:01टुडे सेशन वी आर गोइंग टु कवर द कोर
  3. 0:03फंडामेंटल कॉन्सेप्ट्स ऑफ़ आर्टिफिशियल
  4. 0:05इंटेलिजेंस दैट इज़ एआई। टुडे इफ वी अनलॉक
  5. 0:08आवर फ़ोन विथ फेस आईडी एंड आस्क सीरी टु
  6. 0:09टेल अस द वेदर वी आर एक्चुअली यूज़िंग
  7. 0:12कंप्यूटर विज़न एंड एनएलपी। इफ वी आर
  8. 0:14इंटरक्टिंग विथ टूल्स लाइक चैट GP ओर JNI
  9. 0:16वी आर एक्चुअली यूजिंग एलएलएमस लार्ज
  10. 0:18लैंग्वेज मॉडल्स। आज के डेट में एव्री
  11. 0:20एप्लीकेशन इज फुल ऑफ रेकमेंडेशन्स। अगर हम
  12. 0:22Amazon Blinkket यूज़ करते हैं दे रेकमेंड
  13. 0:24अस व्हाट टू बाय। अगर हम Netflix YouTube
  14. 0:26यूज करते हैं दे रेकमेंड अस व्हाट टू वॉच।
  15. 0:28वी हैव एप्स लाइक Google Maps ओर Uber दैट
  16. 0:31डु ट्रैफिक प्रेडिक्शन फॉर अस। दे आल्सो
  17. 0:32डु अराइवल टाइम एस्टिमेशन एंड दैट टू विथ
  18. 0:34अ ग्रेट एक्यूरेसी। इवन इफ वी आर कोडिंग
  19. 0:37टुडे वी टेक हेल्प फ्रॉम टूल्स लाइक
  20. 0:38GitHub को पायलेट। सो इफ वी आर यूजिंग
  21. 0:41टेक्नोलॉजी टुडे देन वी आर एक्चुअली
  22. 0:43यूजिंग डिफरेंट मल्टीपल फॉर्म्स ऑफ़
  23. 0:45आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एव्री सिंगल डे।
  24. 0:47तो आज के सेशन के अंदर वी आर गोइंग टू कवर
  25. 0:50द कोर फंडामेंटल कॉन्सेप्ट्स ऑफ
  26. 0:51आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस। व्हाट आर द
  27. 0:53डिफरेंट टाइप्स? व्हाट आर द डिफरेंट
  28. 0:54सबसेट्स? व्हाट आर द डिफरेंट यूज़ केसेस ऑफ़
  29. 0:56एआई एंड मच मोर। सो टुडेज़ सेशन इज़ गोइंग
  30. 0:59टू हैव नो प्रीरक्व्विज़िट्स। मतलब एनीबडी
  31. 1:02हु वांट्स टू अंडरस्टैंड एआई एनीबडी हु
  32. 1:04वांट्स टू एक्सप्लोर मोर अबाउट
  33. 1:06आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कैन लर्न फ्रॉम
  34. 1:08दिस लेक्चर। तो आज के लेक्चर के बाद वी आर
  35. 1:10एक्चुअली गोइंग टू फील मोर कॉन्फिडेंट एंड
  36. 1:12वी आर एक्चुअली गोइंग टू अंडरस्टैंड मोर
  37. 1:14अबाउट द टर्म्स दैट आर रिलेटेड टू एआई।
  38. 1:16जैसे मशीन लर्निंग हो गई, रीइंफोर्समेंट
  39. 1:18लर्निंग हो गई, कंप्यूटर विज़न हो गई,
  40. 1:20एनएलपी हो गई, न्यूरल नेटवर्क्स हो गई एंड
  41. 1:22मेनी मोर एल्गोरिदम्स लाइक दिस। सो दिस
  42. 1:25विल बी अ सेशन अबाउट एआई दैट विल हेल्प अस
  43. 1:27अंडरस्टैंड इट एंड फील मोर कॉन्फिडेंट इन
  44. 1:29टुडेज़ टाइम। लेट्स स्टार्ट विथ द सेशन।
  45. 1:31सो, लेट्स स्टार्ट बाय अंडरस्टैंडिंग
  46. 1:32व्हाट एक्जेक्टली इज़ एआई, आर्टिफिशियल
  47. 1:34इंटेलिजेंस। एआई इज़ बेसिकली दैट
  48. 1:36टेक्नोलॉजी दैट अलाउज़ कंप्यूटरर्स और
  49. 1:38सिस्टम्स टू परफॉर्म टास्क दैट टिपिकली
  50. 1:40रिक्वायर ह्यूमन इंटेलिजेंस। फॉर एग्जांपल
  51. 1:43अगर हमारे कोई भी कंप्यूटरटर्स होते हैं,
  52. 1:45अगर हमारे कोई सिस्टम्स होते हैं जो ऐसे
  53. 1:46काम परफॉर्म करते हैं जिसके अंदर कुछ ना
  54. 1:49कुछ लेवल ऑफ ह्यूमन इंटेलिजेंस चाहिए तो
  55. 1:51वो काम वो परफॉर्म करते हैं विद द हेल्प
  56. 1:53ऑफ दिस टेक्नोलॉजी व्हिच इज़ एआई। अब ये
  57. 1:56कैसे काम हो सकते हैं? इसका एक एग्जांपल
  58. 1:58हो सकता है पैटर्न रिकॉग्निशन। हम एज
  59. 2:00ह्यूमंस डेटा को देखकर उसके अंदर पैटर्न
  60. 2:03रिकॉग्नाइज़ करने के अंदर बहुत अच्छे होते
  61. 2:05हैं। जैसे फॉर एग्जांपल एक सिंपल एग्जांपल
  62. 2:07लेते हैं। लेट्स सपोज़ हमें किसी ने डेटा
  63. 2:09दिया कि इनपुट वन के लिए आउटपुट वन होना
  64. 2:11चाहिए। इनपुट टू के लिए आउटपुट फोर होना
  65. 2:12चाहिए। इनपुट थ्री के लिए आउटपुट नाइन
  66. 2:14होना चाहिए। इनपुट फोर के लिए आउटपुट 16
  67. 2:16होना चाहिए। तो इस डेटा के अंदर हमें एक
  68. 2:17पैटर्न दिखेगा। एंड उस पैटर्न को एनालाइज
  69. 2:20करके हमें पता होगा कि अगर कोई इनपुट फाइव
  70. 2:22देता है तो उसके लिए आउटपुट 25 होना
  71. 2:24चाहिए। बिकॉज़ ऑल ऑफ़ दीज़ नंबर्स आर
  72. 2:26स्क्वायर्स ऑफ़ दीज़ नंबर्स। तो फाइव का भी
  73. 2:28हम स्क्वायर दे देंगे। तो दिस इज़ अ सिंपल
  74. 2:31एग्जांपल ऑफ़ व्हाट पैटर्न रिकॉग्निशन इज़।
  75. 2:33तो यही काम अगर हमें मशीन से परफॉर्म
  76. 2:35कराना है तो वो हम परफॉर्म करा सकते हैं
  77. 2:37विद द हेल्प ऑफ एआई। उसी तरीके से एक और
  78. 2:40एग्जांपल होगा ह्यूमन इंटेलिजेंस का स्पीच
  79. 2:43रिकॉग्निशन। हम एज ह्यूमंस एक दूसरे की
  80. 2:46अगर लैंग्वेज समझते हैं तो दूसरा व्यक्ति
  81. 2:48क्या कह रहा है हम उस बात को समझ सकते
  82. 2:49हैं। हम उसका मीनिंग समझ सकते हैं। हम उस
  83. 2:51बात का कॉन्टेक्स्ट उसके अंदर क्या इमोशंस
  84. 2:53हैं वो चीजें भी समझ सकते हैं। तो इसी
  85. 2:55तरीके की स्पीच रिकॉग्निशन अगर हम मशीन से
  86. 2:57कराना चाहते हैं तो वो हम कर सकते हैं विद
  87. 2:59द हेल्प ऑफ एआई। जैसे आज की डेट में हमारे
  88. 3:00पास Si है, हमारे पास Alexa है। इनफैक्ट
  89. 3:03विद टूल्स लाइक चैट जीपीटी और जेमिनाई
  90. 3:05हमारे पास वॉइस ऑप्शन होता है। तो हम इन
  91. 3:07टूल्स के साथ इंटरेक्ट कर सकते हैं विद
  92. 3:08आवर वॉइस। तो ये टूल्स कैसे रिकॉग्नाइज़
  93. 3:10करते हैं कि हम एग्जैक्टली बोल क्या रहे
  94. 3:12हैं? दिस इज़ हैपनिंग बिकॉज़ ऑफ़ स्पीच
  95. 3:14रिकॉग्निशन। इसके साथ में वी आल्सो हैव
  96. 3:16समथिंग कॉल्ड इमेज एनालिसिस। हम इमेजज़ को
  97. 3:19देखकर उनको एनालाइज़ कर सकते हैं कि इमेज
  98. 3:21के अंदर डिफरेंट ऑब्जेक्ट्स क्या हैं?
  99. 3:23इमेज के अंदर अगर कोई नंबर्स लिखे हुए हैं
  100. 3:25तो वो नंबर्स क्या हैं? इमेज के अंदर कौन
  101. 3:26सी चीज का क्या मतलब है? ये हम एज़ ह्यूमंस
  102. 3:28कर सकते हैं ह्यूमन इंटेलिजेंस को यूज़
  103. 3:30करके। जैसे फॉर एग्जांपल अगर हमें कोई कार
  104. 3:32की इमेज देगा तो उस कार की इमेज में हम
  105. 3:34रिकॉग्नाइज़ कर सकते हैं कि नंबर प्लेट
  106. 3:36कहां पर है और उस नंबर प्लेट पे क्या
  107. 3:37नंबर्स लिखे हुए हैं। अब यही काम अगर हमें
  108. 3:39कंप्यूटर से कराना है तो वो हम करेंगे वि
  109. 3:41द हेल्प ऑफ़ एआई। एंड ये ऐसा प्रैक्टिकल
  110. 3:43एग्जांपल है जो एक्चुअली एक्सिस्ट करता
  111. 3:45है। हमारे पास ट्रैफिक डिपार्टमेंट के
  112. 3:46अंदर ऐसे सिस्टम्स एक्सिस्ट करते हैं जो
  113. 3:48किसी भी व्हीकल के लिए उसका नंबर प्लेट
  114. 3:50डिटेक्ट कर सकते हैं एंड ऑटोमेटेड चालांस
  115. 3:52उन व्हीकल्स को सेंड कर सकते हैं। सो दीज़
  116. 3:54आर ऑल एग्जांपल्स ऑफ़ टास्क जिनके लिए कुछ
  117. 3:56ना कुछ ह्यूमन इंटेलिजेंस चाहिए और इन्हीं
  118. 3:58टास्क को हम एआई की हेल्प से परफॉर्म कर
  119. 4:00सकते हैं। अब एआई को हमने समझ लिया। एआई
  120. 4:03की एक ब्रांच को भी समझ लेते हैं। व्हिच
  121. 4:05इज़ कॉल्ड मशीन लर्निंग। इफ दिस इज़ एi तो
  122. 4:08एआई की सबसे इंपॉर्टेंट सबडोमेन होती है
  123. 4:12मशीन लर्निंग। मेजॉरिटी ऑफ एआई जो आज की
  124. 4:15डेट में हम देखते हैं। मेजॉरिटी ऑफ दैट
  125. 4:17एआई इज एक्चुअली मशीन लर्निंग। तो मशीन
  126. 4:19लर्निंग क्या होता है? मशीन लर्निंग आर
  127. 4:20बेसिकली दोज़ एल्गोरिद्स दैट लर्न फ्रॉम
  128. 4:22डेटा रादर देन प्रोग्रामिंग। तो मशीन
  129. 4:24लर्निंग के अंदर डेटा बहुत ज्यादाेंट हो
  130. 4:27जाता है। एंड इनफैक्ट दैट इज व्हाई इन द
  131. 4:29लास्ट वन टू टू डेकेड्स मशीन लर्निंग और
  132. 4:31ज्यादाेंट हुई है। और बहुत सारे ऐसे
  133. 4:33सिस्टम्स इमर्ज हुए हैं जो एक्चुअली मशीन
  134. 4:35लर्निंग को यूज़ करते हैं। बिकॉज़ जैसे ही
  135. 4:37इंटरनेट आया, जैसे ही सारे के सारे लोग्स
  136. 4:39इंटरनेट पर ऑनबोर्ड हुए तो वैसे ही हमारे
  137. 4:41पास बहुत सारा डेटा आने लगा। एंड आज की
  138. 4:43डेट में हर बड़ी कंपनी के पास बहुत सारा
  139. 4:45डेटा है। एंड दैट इज़ व्हाई वी आर एबल टू
  140. 4:47सी सो मेनी प्रैक्टिकल एप्लीकेशनेशंस ऑफ़
  141. 4:49मशीन लर्निंग एल्गोरिथ्म्स। अब सिंस मशीन
  142. 4:51लर्निंग इज़ अ सबडोमेन ऑफ़ एआई। हम यह कह
  143. 4:53सकते हैं कि सारी मशीन लर्निंग एआई होती
  144. 4:55है। बट सारी एआई मशीन लर्निंग नहीं होती।
  145. 4:58देयर आर सम पार्ट्स ऑफ़ एआई व्हिच आर नॉट
  146. 5:00मशीन लर्निंग। ये कैसे पार्ट्स हैं? जैसे
  147. 5:02फॉर एग्जांपल हमारे जो रूल बेस्ड सिस्टम्स
  148. 5:05होते हैं दे आर पार्ट ऑफ़ एआई। उनके अंदर
  149. 5:07कुछ ना कुछ लेवल ऑफ इंटेलिजेंस होती है।
  150. 5:08पर वो मशीन लर्निंग का पार्ट नहीं है।
  151. 5:10उनके अंदर हम प्रोग्रामिंग करते हैं रादर
  152. 5:12देन लर्निंग फ्रॉम डेटा। तो रूल बेस्ड
  153. 5:15सिस्टम्स के अंदर हम एआई को यूज़ करते हैं
  154. 5:18पर मशीन लर्निंग को यूज़ नहीं करते। वन मोर
  155. 5:20एग्जांपल कुड बी क्लासिकल रोबोटिक्स जिसके
  156. 5:22अंदर हम रूल बेस्ड प्रोग्रामिंग ही करते
  157. 5:23हैं। दैट इज आल्सो एआई बट दैट इज नॉट
  158. 5:25पार्ट ऑफ़ मशीन लर्निंग। हमारे पास कुछ
  159. 5:27एल्गोरिदम्स भी होती हैं जैसे वी हैव वन ए
  160. 5:28स्टार एल्गोरिदम व्हिच इज यूज्ड इन
  161. 5:30ग्राफ्स व्हिच इज़ पार्ट ऑफ एआई बट नॉट
  162. 5:31पार्ट ऑफ़ मशीन लर्निंग। उसके साथ में वी
  163. 5:33आल्सो हैव फजी लॉजिक सिस्टम्स जो हमारे घर
  164. 5:36के एसीस के अंदर फ्रिज के अंदर यूज़ होते
  165. 5:38हैं उन फ्रिज को प्रोग्राम करने के लिए
  166. 5:40उन्हें थोड़े बहुत लेवल ऑफ इंटेलिजेंस देने
  167. 5:42के लिए। बट दैट इज़ पार्ट ऑफ़ एआई बट नॉट
  168. 5:44पार्ट ऑफ़ मशीन लर्निंग। बट जो मेजॉरिटी
  169. 5:46एआई आज की डेट में हम देखते हैं एलएलएम्स
  170. 5:48के अंदर, Google Maps जैसी, Uber जैसी,
  171. 5:50Amazon जैसी, ब्लिंकिट जैसी एप्स के ऊपर,
  172. 5:52मेजॉरिटी ऑफ़ दैट एi इज़ मशीन लर्निंग। तो
  173. 5:55मशीन लर्निंग के अंदर हमारे पास बहुत सारी
  174. 5:56अलग-अलग एल्गोरिदम्स होती हैं जिनको हम
  175. 5:58आगे जाकर देखेंगे। जैसे लीनियर रिग्रेशन
  176. 6:00हो गया, लॉजिस्टिक रिग्रेशन हो गया,
  177. 6:01सपोर्ट वेक्टर मशीनंस हो गए, हमारी डिसीजन
  178. 6:03ट्रीज़ हो गए एंड सो मच मोर। अब मशीन
  179. 6:06लर्निंग की ही एक और सबडोमेन होती है
  180. 6:08जिसको हम कहते हैं डीप लर्निंग। एंड डीप
  181. 6:11लर्निंग इज़ वेरी पॉपुलर टुडे। डीप लर्निंग
  182. 6:14इज बेसिकली दैट सबडोमेन ऑफ मशीन लर्निंग
  183. 6:17जिसके अंदर हम न्यूरल नेटवर्क्स के साथ
  184. 6:19काम करते हैं। न्यूरल नेटवर्क्स को हम
  185. 6:21मशीनंस के थ्रू क्रिएट कर सकते हैं। एंड
  186. 6:23दीज़ नेटवर्क्स आर एक्चुअली इंस्पायर्ड
  187. 6:25फ्रॉम द ह्यूमन ब्रेन। ह्यूमन ब्रेन के
  188. 6:27अंदर न्यूरॉन्स होते हैं। एंड उन्हीं से
  189. 6:29इंस्पायर्ड हमारे न्यूरल नेटवर्क्स होते
  190. 6:31हैं। तो न्यूरल नेटवर्क से ही हमारी कई
  191. 6:33सारी डिफरेंट एल्गोरिदम्स निकल कर आती
  192. 6:34हैं। जैसे एफएन हो गई, फीड फॉरवर्ड न्यूरल
  193. 6:36नेटवर्क्स, आरएनए हो गए, रेकरेंट न्यूरल
  194. 6:38नेटवर्क्स, कन्वोल्यूशनल न्यूरल
  195. 6:39नेटवर्क्स। हमारे ट्रांसफॉर्मर्स हो गए जो
  196. 6:41आज की डेट में चैट जीपीटी जैसे टूल्स के
  197. 6:43अंदर यूज़ होते हैं। दे आर ऑल पार्ट ऑफ डीप
  198. 6:46लर्निंग। तो इनको भी आगे जाकर हम डिटेल
  199. 6:48में एक्सप्लोर करेंगे। एंड डीप लर्निंग का
  200. 6:50ही एक और एप्लीकेशन या एक और सबडोमेन इसको
  201. 6:52हम सोच सकते हैं व्हिच इज कॉल्ड जेन एआई।
  202. 6:55तो जेन एआई इज़ एट द सेंटर ऑफ़ दिस जिसका
  203. 6:59मतलब है जेरेटिव एआई। जनरेटिव एआई कहने का
  204. 7:01मतलब है कि जेन एआई के अंदर हम उन
  205. 7:03टेक्नोलॉजीस के साथ उन सिस्टम्स के साथ
  206. 7:05डील करते हैं जो नया टेक्स्ट, नई ऑडियो,
  207. 7:08नई वीडियो, नई इमेजेस को जनरेट करने का
  208. 7:10काम करते हैं। मतलब अभी तक जितनी भी एआई
  209. 7:12के साथ हम डील कर रहे थे वो बहुत नया
  210. 7:14कंटेंट नहीं जनरेट कर रहे थे। बट जब हम
  211. 7:16ऐसे एआई के साथ ऐसी टेक्नोलॉजीस के साथ
  212. 7:18एल्गोरिदम्स के साथ डील करना स्टार्ट करते
  213. 7:20हैं जो नया कंटेंट जनरेट करते हैं। देन वी
  214. 7:22आर टॉकिंग अबाउट द फील्ड ऑफ जेन एआई। तो
  215. 7:25इसको भी आगे जाकर हम डिटेल में देखने वाले
  216. 7:27हैं। तो जब भी हम एआई को सीखने की बात
  217. 7:29करते हैं, ये डिफरेंट टर्म्स हमें पता
  218. 7:30होनी चाहिए। प्लस जो मेजॉरिटी एआई
  219. 7:32फंडामेंटल कांसेप्ट्स को आज हम डिस्कस
  220. 7:34करेंगे, दे आर एक्चुअली मशीन लर्निंग एंड
  221. 7:36सबसेट्स ऑफ़ मशीन लर्निंग व्हिच इज़ डीप
  222. 7:38लर्निंग एंड जेएनएआई। तो एक बार डिटेल में
  223. 7:40समझते हैं। नाउ व्हाट एग्जैक्टली इज़ मशीन
  224. 7:42लर्निंग। एमएल के बारे में हम ऑलरेडी बात
  225. 7:44कर चुके हैं कि एमएल के अंदर हम ऐसे
  226. 7:45एल्गोरिदम्स को यूज़ करते हैं दैट लर्न
  227. 7:47फ्रॉम डेटा। तो इसका एक बहुत सिंपल सा
  228. 7:49एग्जांपल लेते हैं। हमें लाइफ में अगर कोई
  229. 7:51घर लेना होता है, कोई गाड़ी लेनी होती है,
  230. 7:52देन वी गो टू अ बैंक एंड वी कैन अप्लाई
  231. 7:54फॉर अ लोन। अब लेट्स सपोज हम एक बैंक के
  232. 7:56अंदर काम करते हैं और उस बैंक के अंदर
  233. 7:58बहुत सारे लोग हैं जो लोन एप्लीकेशन के
  234. 8:00लिए अप्लाई करते हैं। अब हमें एज अ बैंकर
  235. 8:03एक ऐसा सिस्टम बनाना है जो प्रेडिक्ट कर
  236. 8:05सके कि किसी भी एपिकेंट को लोन मिलना
  237. 8:07चाहिए या नहीं मिलना चाहिए। मतलब शुड द
  238. 8:10लोन बी एक्सेप्टेड और रिजेक्टेड बाय द
  239. 8:12बैंक। तो इस सिस्टम को हम कैसे डिज़ाइन
  240. 8:14करेंगे? तो इस सिस्टम को हम बेसिकली
  241. 8:16लॉजिकली अपने दिमाग से सोें तो दो स्टेप्स
  242. 8:18के अंदर डिजाइन कर सकते हैं। सबसे पहला तो
  243. 8:20हम पुराना डेटा देख सकते हैं कि अभी तक
  244. 8:21बैंक में कितने एपिकेंट्स ने अप्लाई किया
  245. 8:23है फॉर द लोन। उन एप्लिकेंट्स के हम
  246. 8:25डिफरेंट-डिफरेंट कैरेक्टरिस्टिक्स फिगर
  247. 8:27आउट करने की कोशिश कर सकते हैं। बेसिकली
  248. 8:29हम पुराना डेटा देखेंगे एंड उसमें देखेंगे
  249. 8:31कि किन एपिकेंट का लोन एक्सेप्ट हो गया है
  250. 8:33और कौन से एपिकेंट का लोन रिजेक्ट हो गया
  251. 8:35है। तो जब हम इस डेटा को एनालाइज़ करेंगे
  252. 8:37तो हमें कुछ कॉमन पैटर्न्स दिखेंगे। कुछ
  253. 8:39कॉमन कैरेक्टरिस्टिक्स दिखेंगे। जैसे फॉर
  254. 8:41एग्जांपल क्रेडिट स्कोर इज समथिंग जो हमें
  255. 8:44दिखेगा कि क्रेडिट स्कोर की एग्जैक्टली
  256. 8:45ऐसी क्या वैल्यू है कि लोन एक्सेप्ट या
  257. 8:47रिजेक्ट हो जाए। उसके साथ में हम हो सकता
  258. 8:49है अपने एपिकेंट्स की सैलरी के बेसिस पर
  259. 8:52भी कुछ पैटर्न हमें दिखाई दे। हो सकता है
  260. 8:54एजुकेशन लेवल के बेसिस पर भी हमें कुछ
  261. 8:56पैटर्न दिखाई दे। उसके साथ में हो सकता है
  262. 8:58कि कोलटरल क्या है? उसके बेसिस पर भी हमें
  263. 9:00कुछ पैटर्न दिखाई दे। तो इस तरीके से वी
  264. 9:02विल फाइंड मल्टीपल कैरेक्टरिस्टिक्स जिससे
  265. 9:04हम अपने दिमाग में कुछ एक लॉजिक फॉर्म कर
  266. 9:06सकते हैं कि किसी भी एप्लीेंट के लिए लोन
  267. 9:08को रिजेक्ट करना है या एक्सेप्ट करना है।
  268. 9:10नाउ दिस इज़ द फर्स्ट स्टेप जो मशीन
  269. 9:13लर्निंग एल्गोरिथम्स भी करती हैं व्हिच इज़
  270. 9:15कॉल्ड ट्रेनिंग। दिस इज़ द ट्रेनिंग स्टेप।
  271. 9:18ट्रेनिंग बेसिकली मींस लर्निंग फ्रॉम
  272. 9:20डेटा। अब एक बार हमने अपने दिमाग में
  273. 9:22ट्रेनिंग कर ली। अपना लॉजिक फॉर्म कर
  274. 9:23लिया। उसके बाद आता है हमारा सेकंड स्टेप
  275. 9:25कि कोई भी अगर न्यू एपिकेंट अब हमारे पास
  276. 9:28आएगा तो उस एपिकेंट के लिए हम उसके
  277. 9:30पैरामीटर्स को एनालाइज करेंगे और चेक
  278. 9:32करेंगे कि लोन एक्सेप्ट होना चाहिए यस और
  279. 9:35नो। तो इस तरीके से नाउ वी आर एबल टू मेक
  280. 9:38अ प्रेडिक्शन। तो फर्स्ट स्टेप वास
  281. 9:40ट्रेनिंग एंड द सेकंड स्टेप इज एक्चुअली
  282. 9:42कॉल्ड मेकिंग प्रेडिकशंस या इसी स्टेप को
  283. 9:46हम इनफरेंस भी कहते हैं। इनफ्रेंस कहने का
  284. 9:48मतलब है कि ट्रेनिंग से हमने जो लॉजिक
  285. 9:50ढूंढा मतलब ट्रेनिंग से हमने जो मॉडल
  286. 9:52बनाया कि किसका लोन एक्सेप्ट होना चाहिए,
  287. 9:54किसका रिजेक्ट होना चाहिए। उस मॉडल को अब
  288. 9:57हम यूज़ कर रहे हैं टू मेक द प्रेडिकशंस।
  289. 9:59एंड यही दोनों स्टेप्स हैं जो मेजॉरिटी
  290. 10:00मशीन लर्निंग मॉडल्स फॉलो करते हैं। यानी
  291. 10:02मशीन लर्निंग मॉडल्स सबसे पहले स्टेप के
  292. 10:05अंदर अपने पास्ट डेटा पर ट्रेनिंग करते
  293. 10:07हैं। एंड उसके बाद जैसे ही वो ट्रेन कर
  294. 10:09लेते हैं हमारे पास एक तरीके से मॉडल
  295. 10:11प्रिपेयर हो जाता है। मॉडल इज़ द लॉजिक जो
  296. 10:13हमने प्रिपेयर किया है आफ्टर एनालाइजिंग द
  297. 10:15पास्ट डेटा। एंड सेकंड स्टेप में जो भी
  298. 10:17न्यू डेटा होता है, न्यू इनपुट होता है,
  299. 10:19उसके बेसिस पर हम प्रेडिक्शंस करते हैं
  300. 10:20व्हिच इज़ आल्सो कॉल्ड इनफेरेंस। तो यही
  301. 10:23दोनों स्टेप्स सारी मशीन लर्निंग
  302. 10:24एल्गोरिदम्स परफॉर्म करती हैं। अब यहां
  303. 10:26बैंकिंग के अलावा भी हम और डिफरेंट
  304. 10:27एग्जांपल्स ले सकते हैं जहां पर इसकी
  305. 10:28एप्लीकेशन है। जैसे फॉर एग्जांपल इफ वी आर
  306. 10:30वर्किंग इन द मेडिकल फील्ड और हमारे पास
  307. 10:32बहुत सारे पेशेंट्स के एक्सरेज़ हैं। तो उस
  308. 10:35डेटा पर हम अपने मॉडल को ट्रेन कर सकते
  309. 10:36हैं। एंड हम एक ऐसा मॉडल प्रिपेयर कर सकते
  310. 10:38हैं जो किसी भी नए एक्सरे को देखकर
  311. 10:40डिटेक्ट कर सकता है कि इफ कैंसर एक्सिस्ट
  312. 10:42ऑ नॉट। इसके अलावा Gmail इज़ आल्सो अ
  313. 10:43सर्विस जिसको हम डे टू डे बेसिस पर यूज़
  314. 10:45करते हैं। तो जितने भी ईमेल्स हमारे पास
  315. 10:47आते हैं ऑटोमेटिकली Gmail उनके लिए
  316. 10:49डिटेक्ट कर लेता है कि हमारे पास यह जो
  317. 10:50ईमेल आया है इज़ दिस स्पैम और इज़ दिस नॉन
  318. 10:52स्पैम? तो Gmail ने बहुत सारे ईमेल्स के
  319. 10:55डेटा पर अपने जो मॉडल है उसको ट्रेन किया
  320. 10:58होगा। एंड अब वो जो मॉडल है वो बहुत अच्छे
  321. 10:59से प्रिडिक्ट कर पाता है इफ द ईमेल इज़ अ
  322. 11:02स्पैम ईमेल ऑर नॉट। एंड इसी सेम तरीके से
  323. 11:04वी डू क्रेडिट कार्ड फ्रॉड डिडक्शन या फिर
  324. 11:06स्विगी Zomato जैसी एप्लीकेशनेशंस जो
  325. 11:08डिलीवरी टाइम को एस्टिमेट करती हैं। वहां
  326. 11:10पर भी हम इन्हीं दो स्टेप्स को यूज़ करते
  327. 11:12हैं। नाउ इफ आई समराइज़ व्हाट मशीन लर्निंग
  328. 11:14इज़ मशीन लर्निंग इज़ द प्रोसेस ऑफ़ टीचिंग
  329. 11:16कंप्यूटरटर्स टू लर्न पैटर्न्स फ्रॉम
  330. 11:18डेटा। दिस इज़ ट्रेनिंग एंड मेक डिसीजंस
  331. 11:20बेस्ड ऑन दोज़ पैटर्न्स, दिस इज़ इनफरेंस।
  332. 11:22अब नेक्स्ट हमारे दिमाग में सवाल आ सकता
  333. 11:24है। ठीक है, हमने मशीन लर्निंग को समझ
  334. 11:25लिया। बट हाउ आर मशीन लर्निंग एल्गोरिदम्स
  335. 11:28डिफरेंट फ्रॉम नॉर्मल कंप्यूटर साइंस
  336. 11:29एल्गोरिथ्म्स? तो थोड़ा बहुत भी अगर हमें
  337. 11:32प्रोग्रामिंग आती है या थोड़ा बहुत भी अगर
  338. 11:33हम कोड को समझते हैं तो हमें एक बेसिक
  339. 11:35सेंस पता होगा कि कंप्यूटर साइंस के अंदर
  340. 11:37प्रोग्राम्स या एल्गोरिदम्स क्या काम करते
  341. 11:39हैं। ट्रेडिशनल कंप्यूटर साइंस के अंदर
  342. 11:40जनरली कोई भी प्रोग्राम होता है वो कोई
  343. 11:42इनपुट लेता है एंड उस प्रोग्राम के अंदर
  344. 11:45कुछ ना कुछ लॉजिक लिखा होता है। एंड बेस्ड
  345. 11:47ऑन दैट लॉजिक वो कुछ आउटपुट प्रोड्यूस
  346. 11:49करता है। तो इस तरीके से हमारा एक नॉर्मल
  347. 11:52कंप्यूटर साइंस की एल्गोरिदम जो होती है
  348. 11:53वो वर्क करती है। अब मशीन लर्निंग
  349. 11:55एल्गोरिथ्म्स कैसे वर्क करती हैं? मशीन
  350. 11:57लर्निंग के अंदर जो एल्गोरिदम्स होती हैं
  351. 12:00वो एल्गोरिदम इनपुट एंड आउटपुट दोनों लेती
  352. 12:04हैं। जो हम डेटा भेजते हैं मशीन लर्निंग
  353. 12:06एल्गोरिदम्स को उसके अंदर इनपुट एंड
  354. 12:07आउटपुट दोनों होते हैं। जैसे अगर हम अपनी
  355. 12:09बैंक लोन एप्लीकेशन का एग्जांपल लें तो
  356. 12:11उसमें हमें सारे एपिकेंट्स का डेटा देना
  357. 12:13पड़ेगा व्हिच इज़ बेसिकली द इनपुट। एंड उन
  358. 12:15सारे डेटा के लिए बताना पड़ेगा इफ द लोन
  359. 12:17वाज़ अप्रूव्ड ऑ नॉट। दिस इज़ बेसिकली
  360. 12:20आउटपुट। तो यहां पर जो हम डेटा सेंड
  361. 12:21करेंगे उसके अंदर इनपुट आउटपुट दोनों
  362. 12:23होंगे। अब हर मशीन लर्निंग इनपुट आउटपुट
  363. 12:25दोनों पैरामीटर्स को नहीं लेती। मशीन
  364. 12:26लर्निंग के अंदर भी डिफरेंट टाइप्स होते
  365. 12:28हैं जिनको आगे जाकर हम पढ़ेंगे। बट दिस इज़
  366. 12:30अ सिंपल एग्जांपल जिसको यूज़ करके हम बेसिक
  367. 12:32सेंस समझ सकते हैं कि कोई भी मशीन लर्निंग
  368. 12:34एल्गोरिदम इनपुट आउटपुट दोनों लेती है एंड
  369. 12:36उसके बेसिस पर वो लॉजिक को प्रोड्यूस करती
  370. 12:38है। एंड दिस लॉजिक इज़ एक्चुअली व्हाट द
  371. 12:41मशीन लर्निंग मॉडल इज़। वो बेसिकली इस डेटा
  372. 12:43को एनालाइज़ करती है कि कौन से इनपुट से
  373. 12:45कौन सा आउटपुट प्रोड्यूस हुआ। एंड उसी
  374. 12:47लॉजिक को हम अपना मॉडल कह देते हैं। और एक
  375. 12:50बार अब हमारे पास ये लॉजिक आ गया। तो इसी
  376. 12:52लॉजिक को हम अपना न्यू इनपुट फीड करते
  377. 12:55हैं। तो उसके बेसिस पर ये हमें आउटपुट
  378. 12:57प्रेडिक्शंस करके देता है। सो दिस इज़ हाउ
  379. 12:59अ नॉर्मल मशीन लर्निंग एल्गोरिदम इज़
  380. 13:01डिफरेंट फ्रॉम अ ट्रेडिशनल कंप्यूटर साइंस
  381. 13:03एल्गोरिदम। तो बेसिकली जो भी हमारी मशीन
  382. 13:05लर्निंग एल्गोरिदम्स हो रही हैं जिनकी हम
  383. 13:06बात कर रहे हैं वो किसी भी डेटा को इनपुट
  384. 13:09लेती हैं और वो हमारे लिए एक मॉडल
  385. 13:10प्रोड्यूस करके देती हैं। ऐसा मॉडल जो अब
  386. 13:13नए डेटा के लिए प्रेडिक्शनंस कर सकता है।
  387. 13:15नए डेटा के लिए आउटपुट को प्रोड्यूस कर
  388. 13:16सकता है। सो इफ वी टॉक अबाउट द टाइप्स ऑफ़
  389. 13:19मशीन लर्निंग। मशीन लर्निंग के प्राइमरीली
  390. 13:20तीन मेन टाइप्स होते हैं। वन इज़
  391. 13:22सुपरवाइज़्ड लर्निंग, वन इज़ अनसपरवाइज़
  392. 13:24लर्निंग एंड थर्ड इज़ रीइंफोर्समेंट
  393. 13:25लर्निंग। इन तीनों को एक बार डिटेल में
  394. 13:27समझते हैं। सबसे पहले हम बात करते हैं
  395. 13:29अबाउट सुपरवाइज़्ड लर्निंग। सुपरवाइज़
  396. 13:31लर्निंग इज़ बेसिकली व्हेन आवर मॉडल्स लर्न
  397. 13:33फ्रॉम लेबल्ड डेटा। अब लेबल्ड डेटा का
  398. 13:36क्या मतलब है? एग्जांपल के लिए अपना स्पैम
  399. 13:38डिटेक्शन वाले सिस्टम का एग्जांपल लेते
  400. 13:40हैं। हमारे स्पैम डिटेक्शन वाले सिस्टम को
  401. 13:42अगर हम Gmail के अंदर काम करते हैं और
  402. 13:44हमें Gmail को या Yahoo को ट्रेन करना है
  403. 13:46टू डिटेक्ट स्पैम। तो उसके लिए उसे हमें
  404. 13:48कुछ डेटा पर ट्रेन करना पड़ेगा। वो डेटा
  405. 13:50कुछ ऐसा दिखाई देगा। दिस इज़ द ट्रेनिंग
  406. 13:52डेटा। इस ट्रेनिंग डेटा के अंदर हमारे पास
  407. 13:54ईमेल हो सकता है कि एग्जैक्टली क्या ईमेल
  408. 13:56आया। उसके साथ में हमारे पास सेंडर ईमेल
  409. 13:58हो सकता है। तो हम देखेंगे सेंडर ईमेल में
  410. 14:00फेक वेबसाइट, प्रमोशन, सेल्स इस तरीके के
  411. 14:02कीवर्ड्स होंगे जब भी स्पैम आएगा। हम
  412. 14:04देखेंगे कोई एक्सटर्नल लिंक है क्या?
  413. 14:06जनरली स्पैम ईमेल्स के साथ एक लिंक हमारे
  414. 14:08पास होता है। कितने एक्सक्लेमेशन मार्क्स
  415. 14:10हैं। दिस कुड ऑल्सो बी एन एग्जांपल ऑफ़ हाउ
  416. 14:12वी डिटेक्ट स्पैम। क्योंकि स्पैम ईमेल्स
  417. 14:14जो होती हैं वो जनरली बहुत अनप्रोफेशनल
  418. 14:16होती हैं। एंड इन सारे के सारे
  419. 14:17एट्रिब्यूट्स के बेसिस पर हम डिसाइड
  420. 14:19करेंगे इफ आवर ईमेल इज़ गोइंग टू बी स्पैम
  421. 14:21ऑर नॉट। तो अपनी ईमेल को हम एक लेबल दे
  422. 14:23देंगे इफ इट इज़ स्पैम ऑर नॉट स्पैम। तो इस
  423. 14:25तरीके के डेटा को हम लेबल डेटा कहते हैं।
  424. 14:27लेबल डेटा इज़ बेसिकली दैट डेटा जिसके अंदर
  425. 14:30इनपुट आउटपुट दोनों अच्छे से एग्ज़िस्ट
  426. 14:32करते हैं। एंड दे आर इन अ वेल
  427. 14:34स्ट्रक्चरर्ड मैनर। जैसे यहां पर ये जो
  428. 14:36पूरा का पूरा इनपुट हमारे पास है, इसको
  429. 14:39ट्रेनिंग में हम अपना इनपुट कहते हैं इस
  430. 14:41डेटा को। एंड दिस इज़ रिप्रेजेंटेड बाय x।
  431. 14:43एंड ये जो हमारा लेबल है, दिस इज़ बेसिकली
  432. 14:46आवर आउटपुट व्हिच इज़ रिप्रेजेंटेड बाय Y।
  433. 14:49एंड इनपुट में ये जो हमारे डिफरेंट कॉलम्स
  434. 14:51हैं, इन सबको डेटा के अंदर हम कहते हैं
  435. 14:53हमारे फीचर्स। तो सुपरवाइज लर्निंग में
  436. 14:55बेसिकली हम प्रिडिक्ट करने की कोशिश करते
  437. 14:57हैं कि x में इनपुट में ऐसे क्या
  438. 14:59कैरेक्टरिस्टिक्स हो, ऐसी क्या प्रॉपर्टीज
  439. 15:01हो जिसके बेसिस पर हम अपने y को प्रेडिक्ट
  440. 15:04कर दें। तो इसको मैथमेटिकल टर्म्स में अगर
  441. 15:06सिंपलेस्ट टर्म्स में हम लिखना चाहें तो
  442. 15:07बेसिकली व्हाट वी वांट टू डू हम अपने y को
  443. 15:10अपने आउटपुट को प्रेडिक्ट करना चाहते हैं
  444. 15:12ऑन द बेसिस ऑफ़ सम बिहेवियर्स ऑफ़ x. तो
  445. 15:15इसको हम सिंपल मैथमेटिकल टर्म्स में कह
  446. 15:18सकते हैं y = fx वेयर x इज़ द इनपुट y इज़ द
  447. 15:21आउटपुट। और यहां पर हम बताना चाहते हैं कि
  448. 15:23हाउ y इज़ अ फंक्शन ऑफ़ x एंड ये जो फंक्शन
  449. 15:26होता है, ये जो लॉजिक होता है, दिस इज़
  450. 15:27एग्जैक्टली व्हाट आवर मशीन लर्निंग
  451. 15:29एल्गोरिदम इज़ गोइंग टू जनरेट आफ्टर
  452. 15:31ट्रेनिंग। तो यही फंक्शन हमारे एक्चुअली
  453. 15:33मॉडल के अंदर स्टर्ड होता है जो सारे के
  454. 15:34सारे प्रेडिक्शनंस करता है। क्योंकि एक
  455. 15:36बार हमने बिहेवियर समझ लिया, एक बार हमने
  456. 15:38समझ लिया कि कैसे x के ऊपर क्या फंक्शन
  457. 15:40अप्लाई करना है कि y की वैल्यू आ जाए। तो
  458. 15:42हम उसी फंक्शन को किसी भी नए इनपुट पर भी
  459. 15:44अप्लाई कर सकते हैं। तो हमारे पास नए
  460. 15:45आउटपुट की, नई प्रेडिक्शन की हमारे पास
  461. 15:48वैल्यू आ जाएगी। तो हमारे बैक ऑफ द माइंड
  462. 15:49पे हमें पता होना चाहिए। जब हम मशीन
  463. 15:50लर्निंग की बात कर रहे हैं। डेफिनेटली हम
  464. 15:52अभी प्रैक्टिकल एप्लीकेशनेशंस की बात कर
  465. 15:53रहे हैं। पर बैकग्राउंड में बहुत सारा मैथ
  466. 15:56है जो एल्गोरिदम्स के अंदर लिखा जाता है,
  467. 15:57कंप्यूट होता है जो वर्क करता है। अब
  468. 15:59सुपरवाइज लर्निंग को यूज़ करके हम मशीन
  469. 16:01लर्निंग की दो डिफरेंट टाइप्स ऑफ़
  470. 16:02प्रॉब्लम्स को सॉल्व करते हैं। तो अभी तक
  471. 16:04हमने क्या बात की? अभी तक हमने बात की कि
  472. 16:06वी हैव मशीन लर्निंग। मशीन लर्निंग के
  473. 16:08अंदर हमारे पास मल्टीपल टाइप्स ऑफ़ मशीन
  474. 16:10लर्निंग होती है। जिसमें से वन टाइप इज़
  475. 16:12सुपरवाइज़ लर्निंग। सुपरवाइज़ लर्निंग के
  476. 16:14अंदर ही हम दो तरीके की प्रॉब्लम्स को
  477. 16:15सॉल्व करते हैं। जिसमें से सबसे पहली होती
  478. 16:17है क्लासिफिकेशन प्रॉब्लम। एंड सेकंड
  479. 16:20कैटेगरी होती है रिग्रेशन प्रॉब्लम्स।
  480. 16:22दोनों को ही हम डिटेल में स्टडी करने वाले
  481. 16:24हैं। सबसे पहले बात करते हैं क्लासिफिकेशन
  482. 16:25प्रॉब्लम्स की। क्लासिफिकेशन प्रॉब्लम्स
  483. 16:27वो होते हैं जहां पर बेस्ड ऑन द इनपुट हम
  484. 16:29अपने इनपुट को मैप करते हैं टू प्रीडफाइंड
  485. 16:33कैटेगरीज़
  486. 16:34और क्लासेस। जैसे फॉर एग्जांपल हमारे पास
  487. 16:37ईमेल्स हैं। तो डिपेंडिंग अपॉन ईमेल स्पैम
  488. 16:40है या नहीं है। हम उसको स्पैम या नॉट
  489. 16:43स्पैम दो कैटेगरीज़ के अंदर डिवाइड कर सकते
  490. 16:46हैं। दिस इज़ एन एग्जांपल ऑफ़ क्लासिफिकेशन।
  491. 16:48तो जब भी हमारे पास आउटपुट में कुछ
  492. 16:50फिक्स्ड नंबर ऑफ कुछ फाइनाइट नंबर ऑफ
  493. 16:52कैटेगरीज होती हैं, क्लासेस होती हैं,
  494. 16:53उसको हम कहते हैं क्लासिफिकेशन। जैसे एक
  495. 16:55और एग्जांपल होगा हमारे लोन अप्रूवल के
  496. 16:57लिए। हमें पता है कोई भी एप्लीेंट है या
  497. 16:59तो उसका लोन अप्रूव्ड होगा यस या लोन
  498. 17:00अप्रूव्ड नहीं होगा। नो। सो देयर आर
  499. 17:02प्रीडफाइंड क्लासेस जो आउटपुट के अंदर
  500. 17:04एग्ज़िस्ट कर सकती हैं। ऐसा नहीं है कि
  501. 17:05आउटपुट कुछ भी हो सकता है। वैल्यू कुछ भी
  502. 17:07हो सकती है। मतलब जैसे अगर हम Google
  503. 17:08मैप्स के ऊपर ट्रेवल टाइम देखें तो ट्रेवल
  504. 17:10टाइम की वैल्यू कुछ भी हो सकती है।
  505. 17:12डिपेंडिंग अपॉन हमने कहा कि लोकेशन डाली।
  506. 17:14लेकिन लोन एपिकेंट के लिए आंसर सिर्फ यस
  507. 17:16या नो ही हो सकता है। बहुत इनफाइनाइट नंबर
  508. 17:19ऑफ वैल्यू्यूज नहीं है कि वैल्यू कुछ भी आ
  509. 17:20जाएगी। उसी तरीके से लेट्स सपोज इफ वी आर
  510. 17:22डूइंग इमेज क्लासिफिकेशन। अगर हमारे पास
  511. 17:24बहुत सारी इमेजज़ हैं और सारी इमेजज़ के
  512. 17:26अंदर हमारे पास दो ही कैटेगरी हैं कैट्स
  513. 17:28एंड डॉग्स। तो या तो हमारी इमेज एक कैट की
  514. 17:30इमेज हो सकती है या फिर हमारी इमेज एक डॉग
  515. 17:32की इमेज हो सकती है। तो वी हैव फाइनाइट
  516. 17:34नंबर ऑफ़ क्लासेस व्हिच आर अवेलेबल फॉर अस।
  517. 17:36तो क्लासिफिकेशन के अंदर ही हमारे पास दो
  518. 17:38तरीके का क्लासिफिकेशन होता है। वन इज़
  519. 17:41बाइनरी क्लासिफिकेशन। बाइनरी क्लासिफिकेशन
  520. 17:43के ये सब एग्जांपल्स हैं। बाइनरी
  521. 17:45क्लासिफिकेशन मतलब जब आउटपुट में दो ही
  522. 17:47वैल्यूज़ हो सकती हैं। आइदर इट कैन बी यस
  523. 17:49और नो। आइदर इट कैन बी स्पैम ऑ नॉट स्पैम।
  524. 17:51आइदर इट कैन बी कैट और डॉग। सो दिस इज़
  525. 17:53कॉल्ड बाइनरी क्लासिफिकेशन। इसके अलावा एक
  526. 17:55और टाइप ऑफ़ क्लासिफिकेशन होता है व्हिच इज़
  527. 17:57कॉल्ड मल्टी क्लास क्लासिफिकेशन। जब
  528. 17:59आउटपुट के अंदर मल्टीपल मोर देन टू
  529. 18:01कैटेगरीज़ होती हैं। दैट इज़ कॉल्ड मल्टी
  530. 18:03क्लास क्लासिफिकेशन। जैसे इसका एक
  531. 18:05एग्ज़ांपल होगा सेंटीमेंट एनालिसिस। फॉर
  532. 18:07एग्जांपल हम अपने टेक्स्ट पर सेंटीमेंट
  533. 18:09एनालिसिस करते हैं कि हम उसका इमोशन फाइंड
  534. 18:11आउट करने की कोशिश करते हैं। किसी ने एक
  535. 18:13सेंटेंस लिखा दिस इज़ अ बैड डे। दिस इज़ अ
  536. 18:17सेंटेंस। अब इफ वी आर बिल्डिंग एमएल मॉडल
  537. 18:19जो किसी भी सेंटेंस को तीन कैटेगरीज़ के
  538. 18:21अंदर डिवाइड करता है बेस्ड ऑन द
  539. 18:22सेंटीमेंट। कि सेंटीमेंट पॉजिटिव है,
  540. 18:25सेंटीमेंट नेगेटिव है या फिर सेंटीमेंट
  541. 18:28न्यूट्रल है। तो हमें पता है फॉर दिस
  542. 18:30सेंटेंस द सेंटीमेंट वुड बी नेगेटिव। किसी
  543. 18:32के लिए पॉजिटिव हो सकता है, किसी के लिए
  544. 18:33न्यूट्रल हो सकता है। तो आउटपुट में कितनी
  545. 18:35कैटेगरीज़ आ सकती हैं? आउटपुट में सिर्फ
  546. 18:37तीन ही कैटेगरीज़ आ सकती हैं। या तो
  547. 18:39सेंटीमेंट पॉजिटिव होगा, नेगेटिव होगा या
  548. 18:40न्यूट्रल होगा। तो हमारे पास क्योंकि मोर
  549. 18:42देन टू क्लासेस हैं। सो दिस इज़ आल्सो एन
  550. 18:44एग्जांपल ऑफ़ मल्टी क्लास क्लासिफिकेशन। हम
  551. 18:46एक और एग्जांपल ले सकते हैं व्हिच इज़ अ
  552. 18:48वेरी पॉपुलर एग्जांपल इन मल्टी क्लास
  553. 18:50क्लासिफिकेशन। लेट्स सपोज़ हम एक ऐसा
  554. 18:52सिस्टम बनाना चाहते हैं। एक ऐसा ML मॉडल
  555. 18:54बनाना चाहते हैं जो हम कुछ भी हाथ से
  556. 18:56लिखें। लेट्स सपोज मैंने यहां पर हाथ से
  557. 18:57सेवन लिख दिया। तो वो इसको डिटेक्ट करके
  558. 18:59बता दे कि ये कौन सा डिजिट है। तो ये मॉडल
  559. 19:01बनाने के लिए हम क्या डेटा यूज़ करेंगे? हम
  560. 19:03इस तरीके का हैंड रिटन डिजिट्स का डेटा
  561. 19:05सेट यूज़ कर सकते हैं जिसके अंदर बहुत सारी
  562. 19:07पिक्चर्स हैं ऑफ डिजिट्स फ्रॉम ज़ीरो टू न।
  563. 19:10इस डेटा पर हमारा जो मॉडल है वो ट्रेन हो
  564. 19:12जाएगा। उसके बाद इस नई पिक्चर को देखेगा
  565. 19:14और वो डिटेक्ट कर पाएगा व्हिच क्लास इज़
  566. 19:16दिस। तो हमारे पास इस डेटा के बेसिस पर
  567. 19:19कितने डिजिट्स हैं? हमारे पास 10 डिजिट्स
  568. 19:21हैं। वी हैव 10 डिजिट्स इन द डेटा। तो
  569. 19:23हमारा आउटपुट भी क्या आ सकता है? 10
  570. 19:25डिफरेंट कैटेगरीज़ हो सकती हैं। तो वी कैन
  571. 19:27से दैट वी हैव 10 डिफरेंट क्लासेस फॉर दिस
  572. 19:30पर्टिकुलर एग्जांपल। तो ये भी एग्जांपल हो
  573. 19:32गया मल्टी क्लास क्लासिफिकेशन का जहां पर
  574. 19:35हमारे पास 10 कैटेगरीज हैं एज आउटपुट। नाउ
  575. 19:37लेट्स लुक एट सम क्लासिफिकेशन एल्गोरिदम्स
  576. 19:39जिसमें हमारे लीनियर क्लासिफायर्स हो गए,
  577. 19:40लॉजिस्टिक रिग्रेशन हो गया, केएन हो गया,
  578. 19:42केनियरेस्ट नेबर्स। हमारी सपोर्ट वेक्टर
  579. 19:44मशीन हो गई। इसी का एक वेरिएशन है
  580. 19:46रेलेवेंस वेक्टर मशीन। दिस इज़ एन
  581. 19:47एल्गोिम्मद दैट हैव एक्चुअली यूज़्ड इन वन
  582. 19:49ऑफ़ माय प्रोजेक्ट्स। उसके साथ में वी हैव
  583. 19:50रैंडम फॉरेस्ट, वी हैव एक्सजी बूस्ट। तो
  584. 19:52इस तरीके से हमारे पास बहुत सारी
  585. 19:53क्लासिफिकेशन एल्गोरिदम्स होती हैं जो
  586. 19:54एग्ज़िस्ट करती हैं। अब सुपरवाइज़ लर्निंग
  587. 19:57के अंदर ही एक और टाइप होता है व्हिच आर
  588. 19:59कॉल्ड रिग्रेशन प्रॉब्लम्स। तो अभी तक
  589. 20:01हमने मशीन लर्निंग के अंदर अपनी सुपरवाइज
  590. 20:04लर्निंग में क्लासिफिकेशन को देख लिया है।
  591. 20:05क्लासिफिकेशन के डिफरेंट टाइप्स देख लिए
  592. 20:07हैं। अब हम रिग्रेशन को समझने वाले हैं।
  593. 20:09रिग्रेशंस आर प्रॉब्लम्स जिसके एंड पर वी
  594. 20:12बेसिकली ट्राई टू प्रिडिक्ट अ न्यूमेरिकल
  595. 20:14आउटपुट। यहां पर कोई कैटेगरीज नहीं है
  596. 20:16जिसमें हमें डेटा को डिवाइड करना है। यहां
  597. 20:18पर कोई न्यूमेरिकल आउटपुट है जिसको हम
  598. 20:21प्रेडिक्ट करने की कोशिश करते हैं। जैसे
  599. 20:23लेट्स सपोज हमारे पास Zomato, स्विगी
  600. 20:24ब्लिंकिट जैसी एप्लीकेशनेशंस हैं जहां पर
  601. 20:26हमारा एक डिलीवरी टाइम प्रेडिक्ट होता है।
  602. 20:28अब डिलीवरी टाइम एक न्यूमेरिकल वैल्यू है
  603. 20:30और इसकी वैल्यू कुछ भी हो सकती है
  604. 20:32डिपेंडिंग अपॉन द लोकेशन। अब लोकेशन अगर
  605. 20:34पास में है द टाइम कुड बी 9 मिनट्स, द
  606. 20:36टाइम कुड बी 15 मिनट्स, 20 मिनट्स दूर है,
  607. 20:38तो इट कुड बी 43 मिनट्स, 50 मिनट्स, 1
  608. 20:40ऑवर। तो यहां पर जो मॉडल्स यूज़ हो रहे
  609. 20:42हैं, वहां पर बेसिकली हम एक टाइम को एक
  610. 20:44न्यूमेरिकल वैल्यू को एट द एंड प्रेडिक्ट
  611. 20:45करने की कोशिश कर रहे हैं। और ये हम कैसे
  612. 20:47कर पाते हैं? ये हम कर पाते हैं विद द
  613. 20:48हेल्प ऑफ़ पास्ट डिलीवरीज डेटा। पुरानी
  614. 20:50डिलीवरीज का राइडर्स का हमारे पास डेटा
  615. 20:51होता है एंड उसके बेसिस पर हमारे
  616. 20:53प्रेडिकशंस हो पाते हैं। सो दिस इज़ एन
  617. 20:55एग्जांपल ऑफ़ रिग्रेशन प्रॉब्लम। उसके साथ
  618. 20:57में वी आल्सो हैव स्टॉक प्राइस
  619. 20:59फॉरकास्टिंग। वी आल्सो हैव प्रॉपर्टी
  620. 21:01प्राइस फॉरकास्टिंग। तो ये सब भी अपने
  621. 21:03पुराने डेटा को एनालाइज करते हैं एंड उसके
  622. 21:05बेसिस पर कोई प्राइस की वैल्यू कोई
  623. 21:06न्यूमेरिकल वैल्यू है जिसको एल्गोरिदम
  624. 21:08प्रेडिक्ट करती है। तो इन प्रॉब्लम के
  625. 21:10अंदर भी वी बेसिकली ट्राई टू प्रिडिक्ट द
  626. 21:12रिलेशनशिप बिटवीन द इनपुट एंड द आउटपुट।
  627. 21:15अब यहां पर जो हमारा इनपुट होता है उसे हम
  628. 21:17अपना इंडिपेंडेंट वेरिएबल कहते हैं। एंड
  629. 21:19हमारा जो आउटपुट होता है उसे हम अपना
  630. 21:21डिपेंडेंट वेरिएबल कहते हैं। एंड
  631. 21:22इंडिपेंडेंट एंड डिपेंडेंट वेरिएबल हम इन
  632. 21:24दोनों के बीच का रिलेशन प्रिडिक्ट करने की
  633. 21:26कोशिश करते हैं। तो दिस रिलेशन विल ऑल्सो
  634. 21:28बी अ फंक्शन। तो इसको भी हम कह सकते हैं y
  635. 21:30= fx। अब मैथमेटिकली रिग्रेशन को और थोड़ा
  636. 21:33सा डिटेल में समझने की कोशिश करते हैं।
  637. 21:35लेट्स सपोज एक सिंपल सा एग्जांपल ले रहे
  638. 21:37हैं। हमारे पास बहुत सारे लोगों के हाइट
  639. 21:38एंड वेट का डेटा है। हाइट इज द इनपुट एंड
  640. 21:42वेट इज़ द आउटपुट जिसको हम ले रहे हैं। तो
  641. 21:44हमारे पास इनपुट के अंदर एक सिंगल फीचर है
  642. 21:46जो एग्ज़िस्ट करता है। व्हिच इज़ द हाइट ऑफ़
  643. 21:48द पर्सन। एंड इस हाइट के बेसिस पर हमारे
  644. 21:50पास कुछ डेटा है जिसमें हमें एनालाइज़ करना
  645. 21:52है कि कौन सी हाइट पर कौन सा वेट आना
  646. 21:54चाहिए। तो ये कुछ लोगों के हाइट वेट का
  647. 21:56डेटा हमारे पास ऑलरेडी गिवेन है व्हिच इज
  648. 21:58द इनपुट डेटा एंड इसके बेसिस पर हम अपने
  649. 22:00एमएल मॉडल को ट्रेन करेंगे। अब रिग्रेशन
  650. 22:02में हमें पता है दैट आर डिपेंडेंट वेरिएबल
  651. 22:04विल बी सम फंक्शन ऑफ द इंडिपेंडेंट
  652. 22:06वेरिएबल। सो y = fx का कुछ रिलेशन होगा।
  653. 22:09एंड सबसे सिंपलेस्ट रिलेशन इस पूरे
  654. 22:11पर्टिकुलर डेटा के लिए क्या हो सकता है?
  655. 22:13कि y = ax + b दिस इज़ वन ऑफ़ द सिंपलेस्ट
  656. 22:17रिलेशन जिसको हम प्रेडिक्ट कर सकते हैं।
  657. 22:19जिसका मतलब है अपने वेट एंड हाइट ग्राफ के
  658. 22:21अंदर हम एक सिंगल लाइन ड्रॉ कर लेंगे। एक
  659. 22:24ऐसी लाइन ड्रॉ करेंगे जो मेजॉरिटी डेटा
  660. 22:26पॉइंट्स के थ्रू होकर जाएगी। एंड अगर ये
  661. 22:29मेजॉरिटी डेटा पॉइंट्स के थ्रू होकर जा
  662. 22:30रही है मतलब मेजॉरिटी जो डेटा पॉइंट्स हैं
  663. 22:32वो इसी लाइन के ऊपर लाई करेंगे या इसके
  664. 22:34पास में लाई करेंगे। सो व्हाट इज़ दिस
  665. 22:36लाइन? दिस लाइन इज़ बेसिकली आवर फंक्शन। इट
  666. 22:38रिप्रेजेंट्स द रिलेशनशिप बिटवीन द इनपुट
  667. 22:41एंड द आउटपुट वैल्यूज़। तो ये वन ऑफ़ द
  668. 22:43सिंपलेस्ट रिलेशनशिप है जिसको हम
  669. 22:44प्रिडिक्ट कर सकते हैं व्हिच इज़ अ स्ट्रेट
  670. 22:45लाइन। एंड स्ट्रेट लाइन की इक्वेशन होती
  671. 22:47है y = ax + b जहां पर a इज़ गोइंग टू बी द
  672. 22:50स्लोप ऑफ द लाइन। मतलब कौन से एंगल पर
  673. 22:52हमारी लाइन है एंड B इज़ गोइंग टू बी द
  674. 22:54इंटरसेप्ट कि X एक्सिस पर हमारी ये जो
  675. 22:57लाइन है ये कहां पर टच कर रही है? दिस
  676. 22:58पॉइंट इज़ व्हाट वी कॉल B तो मैथमेटिकली अब
  677. 23:01अगर हमारे पास कोई नया इनपुट आएगा व्हिच
  678. 23:03कुड बी X डैश तो उसके लिए हम नया आउटपुट
  679. 23:05प्रोड्यूस कर पाएंगे बेस्ड ऑन दिस
  680. 23:07पर्टिकुलर फंक्शन वैल्यू व्हिच वुड बी Y
  681. 23:09डैश। तो इस तरीके से हमारी रिग्रेशन
  682. 23:11प्रॉब्लम्स वर्क करती हैं कि हम अपने
  683. 23:12फंक्शन को प्रोड्यूस करते हैं। फिर नए
  684. 23:14इनपुट पर हम उस फंक्शन को अप्लाई करते हैं
  685. 23:16और अपना एक नया प्रेडिक्शन या नया आउटपुट
  686. 23:18जनरेट करते हैं। इफ वी टॉक अबाउट सम
  687. 23:20रिग्रेशन एल्गोरिदम्स तो वी हैव लीनियर
  688. 23:22रिग्रेशन, वी हैव लैसो रिग्रेशन, वी हैव
  689. 23:23मल्टीवेरिएंट रिग्रेशन। एंड इसके अलावा भी
  690. 23:26बहुत सारी अलग-अलग रिग्रेशन एल्गोरिदम्स
  691. 23:28हैं जो एग्ज़िस्ट करती हैं। नेक्स्ट टाइप
  692. 23:29ऑफ़ मशीन लर्निंग इज़ कॉल्ड अनसुपरवाइज़्ड
  693. 23:31लर्निंग। अनसपरवाइज़्ड लर्निंग में आर
  694. 23:33मॉडल्स लर्न फ्रॉम अनलेबल डेटा। मतलब
  695. 23:36हमारे पास एक तरीके से रॉ डेटा आता है
  696. 23:38जिसके अंदर हम पैटर्न्स रिकॉग्नाइज करने
  697. 23:40की कोशिश करते हैं। एंड बेस्ड ऑन द फीचर्स
  698. 23:42दैट आर प्रेजेंट इन द डेटा। हम इस डेटा को
  699. 23:45डिवाइड करते हैं इंटू क्लस्टर्स।
  700. 23:47क्लस्टर्स कहने का मतलब है कि हम रिलेटेड
  701. 23:49डेटा को ग्रुप करने की कोशिश करते हैं।
  702. 23:52जैसे यहां पर ये सारे डॉट पॉइंट्स जो हैं
  703. 23:54वो एक तरफ लाई कर रहे हैं तो वी कैन ग्रुप
  704. 23:56दिस डेटा। ये डॉट्स एक तरफ लाई कर रहे
  705. 23:58हैं। हम इस डेटा को ग्रुप कर सकते हैं। ये
  706. 24:00डॉट एक तरफ लाई कर रहे हैं। हम इस डेटा को
  707. 24:02ग्रुप कर सकते हैं। तो इस तरीके के
  708. 24:03ग्रुप्स को हम क्लस्टर्स कहते हैं। एंड
  709. 24:05दिस इज़ हाउ वी ट्राई टू फाइंड पैटर्न्स इन
  710. 24:08आवर डेटा। अब इसका एक काफी प्रैक्टिकल
  711. 24:09एग्जांपल होगा। लेट्स सपोज हमारे पास बहुत
  712. 24:11सारे न्यूज़ आर्टिकल्स हैं। हमारे पास
  713. 24:12ऑनलाइन जितने भी न्यूज़ आर्टिकल्स हैं, उन
  714. 24:14सबका हमारे पास डेटा है। अब इस डेटा को हम
  715. 24:17कैटेगराइज़ करने की कोशिश कर सकते हैं। हम
  716. 24:19इन आर्टिकल्स को डिवाइड कर सकते हैं इंटू
  717. 24:20डिफरेंट कैटेगरीज़। जैसे हमारे पास जितने
  718. 24:23भी टेक रिलेटेड आर्टिकल्स होंगे उनको हम
  719. 24:25अलग ग्रुप में डालने की कोशिश करेंगे।
  720. 24:27जितने भी हमारे पास पॉलिटिक्स रिलेटेड
  721. 24:29आर्टिकल होंगे उनको अलग ग्रुप में डालने
  722. 24:31की कोशिश करेंगे। जितने भी स्पोर्ट्स
  723. 24:32रिलेटेड आर्टिकल्स होंगे उनको हम अलग
  724. 24:34ग्रुप में डालने की कोशिश करेंगे। तो इन
  725. 24:36अनसपरवाइज्ड लर्निंग हमारे पास कोई
  726. 24:37फिक्स्ड कैटेगरीज नहीं होती क्योंकि हमारे
  727. 24:39पास अनलेबल डेटा है। पर फिर भी पैटर्न्स
  728. 24:41को रिकॉग्नाइज करके हम अपने डेटा को
  729. 24:43क्लस्टर्स के अंदर या ग्रुप्स के अंदर
  730. 24:45ऑर्गेनाइज करके उसके अंदर कुछ कैटेगरीज
  731. 24:47बनाने की कोशिश करते हैं। अब जब भी हम
  732. 24:49अपने डेटा से इन क्लस्टर्स को फॉर्म करने
  733. 24:51की कोशिश करते हैं, देयर माइट बी सम डेटा
  734. 24:53पॉइंट्स व्हिच आर नॉट पार्ट ऑफ़ एनी
  735. 24:55क्लस्टर। जैसे फॉर एग्जांपल यहां पर इफ वी
  736. 24:58लुक एट दिस डेटा पॉइंट। तो ये क्या है? ये
  737. 25:00मेजॉरिटी ग्रुप से थोड़ा सा अलग जाकर है।
  738. 25:02या अगर हम इस डेटा पॉइंट को देखें तो ये
  739. 25:04भी मेजॉरिटी ग्रुप से थोड़ा सा अलग जाकर
  740. 25:06है। तो इस तरीके के जो हमारे डेटा के अंदर
  741. 25:09पॉइंट्स होते हैं दिस पॉइंट और मे बी दिस
  742. 25:12पॉइंट इन पॉइंट्स को हम कहते हैं
  743. 25:14आउटलाइयर्स। इन्हें हम आउटलायर्स भी कह
  744. 25:16सकते हैं या इन्हें हम एनॉमली कह सकते
  745. 25:18हैं। तो अनसपरवाइज्ड लर्निंग से हम
  746. 25:20आउटलाइयर डिटेक्शन या एनॉमली डिटेक्शन को
  747. 25:22भी परफॉर्म कर सकते हैं। व्हिच इज़ वेरी
  748. 25:24यूज़फुल इन द फील्ड ऑफ फाइनेंस इन मेडिकल
  749. 25:27फील्ड एंड उसके साथ में इवन साइबर
  750. 25:29सिक्योरिटी फील्ड। जैसे एग्जांपल के लिए
  751. 25:30हमारी साइबर सिक्योरिटी टीम किसी वेबसाइट
  752. 25:32को एनालाइज़ कर रही है। अब उस वेबसाइट पर
  753. 25:34बहुत सारे यूज़र्स हैं जो लॉग इन कर रहे
  754. 25:36हैं। पर हम एक पर्टिकुलर यूजर के लिए
  755. 25:38डिटेक्ट करते हैं दैट दिस यूजर अंडर 1
  756. 25:41मिनट के अंदर कोई एक पर्टिकुलर यूजर है
  757. 25:43जिसने फाइव डिफरेंट सिटीज से लॉग इन किया
  758. 25:45है। तो व्हाट इज़ दिस? दिस इज़ समथिंग व्हिच
  759. 25:47इज़ डिफरेंट फ्रॉम नॉर्मल डेटा। सो दिस इज़
  760. 25:48एनॉमली जिसको हमारा सिस्टम डिटेक्ट कर
  761. 25:50सकता है। अब जब भी हम अनसपरवाइज्ड लर्निंग
  762. 25:52की बात करते हैं, उसके अंदर भी वी हैव
  763. 25:54मल्टीपल टाइप्स ऑफ़ प्रॉब्लम्स दैट वी कैन
  764. 25:56सॉल्व। जैसे सुपरवाइज लर्निंग के अंदर हम
  765. 25:58क्लासिफिकेशन एंड रिग्रेशन प्रॉब्लम्स को
  766. 26:00सॉल्व करते थे। वैसे ही अनसुपरवाइज्ड
  767. 26:02लर्निंग के अंदर मेन दो टाइप्स की
  768. 26:03प्रॉब्लम्स हैं जिनको हम सॉल्व करते हैं।
  769. 26:05क्लस्टरिंग प्रॉब्लम्स एंड एसोसिएशन
  770. 26:07प्रॉब्लम्स। क्लस्टरिंग प्रॉब्लम्स
  771. 26:09बेसिकली वो प्रॉब्लम्स होती हैं जिसमें
  772. 26:10अपने डेटा के अंदर हम कुछ क्लस्टर्स या
  773. 26:13कुछ ग्रुप्स बनाने की कोशिश करते हैं।
  774. 26:15जैसे दिस इज़ आवर अनलेबल डेटा। पर इसके
  775. 26:17अंदर हमने कुछ डिफरेंट-डिफरेंट ग्रुप्स
  776. 26:19बना दिए। एंड सारे डेटा पॉइंट्स को हमने
  777. 26:21मल्टीपल क्लस्टर्स के अंदर डिवाइड कर
  778. 26:23दिया। सो डिफरेंट कलर्स इन दिस ग्राफ
  779. 26:25रिप्रेजेंट डिफरेंट क्लस्टर्स। तो इसका
  780. 26:27एग्जांपल हमने ऑलरेडी देख लिया है कि
  781. 26:29हमारे पास मल्टीपल न्यूज़ आर्टिकल्स हैं।
  782. 26:30तो उनको हम डिफरेंट क्लस्टर्स या डिफरेंट
  783. 26:32कैटेगरीज़ में डिवाइड कर सकते हैं। फाइनेंस
  784. 26:34हो गया, टेक हो गया, स्पोर्ट्स हो गया,
  785. 26:35पॉलिटिक्स हो गया। वी कैन डिवाइड द डेटा
  786. 26:37इंटू मल्टीपल क्लस्टर्स। नाउ बेस्ड ऑन द
  787. 26:39प्रॉब्लम वी कैन डू टू टाइप्स ऑफ़
  788. 26:40क्लस्टरिंग। एक क्लस्टरिंग होती है हमारी
  789. 26:43पार्टीशनल क्लस्टरिंग। पार्टीशनल
  790. 26:45क्लस्टरिंग कहने का मतलब है हमारा कोई भी
  791. 26:48जो डेटा पॉइंट है जो हमारे डेटा के अंदर
  792. 26:49एग्जिस्ट करता है वो किसी भी एक क्लस्टर
  793. 26:52को बिलोंग कर सकता है। तो अगर हम न्यूज़
  794. 26:53आर्टिकल्स की बात करें तो न्यूज़ आर्टिकल
  795. 26:55या तो स्पोर्ट्स कैटेगरी का होगा या
  796. 26:57फाइनेंस कैटेगरी का होगा या पॉलिटिक्स
  797. 26:58कैटेगरी का होगा वो एक ही कैटेगरी का हो
  798. 27:00सकता है। मतलब हमारे पास सारे डेटा
  799. 27:02पॉइंट्स डिफरेंट-डिफरेंट क्लस्टर्स के
  800. 27:03अंदर अवेलेबल होते हैं। सेकंड टाइप ऑफ़
  801. 27:05क्लस्टरिंग इज़ कॉल्ड हायरार्किकल
  802. 27:07क्लस्टरिंग। हायरार्किकल क्लस्टरिंग में
  803. 27:09सिंगल डेटा पॉइंट कैन बिलॉन्ग टू मल्टीपल
  804. 27:11क्लस्टर्स। फॉर एग्जांपल हमारे पास एक
  805. 27:13न्यूज़ आर्टिकल है अबाउट टैक्सेशन ऑन
  806. 27:15बिटकॉइन इन इंडिया। तो ये पॉलिटिकल
  807. 27:17आर्टिकल भी हो जाता है। तो ये पॉलिटिक्स
  808. 27:19क्लस्टर में भी आ सकता है। ये साथ में
  809. 27:20फाइनेंस क्लस्टर में भी आ सकता है और साथ
  810. 27:22में टेक क्लस्टर में भी आ सकता है। तो इस
  811. 27:23तरीके की प्रॉब्लम्स में सिंगल डेटा पॉइंट
  812. 27:25कैन बिलॉन्ग टू मल्टीपल क्लस्टर्स। तो ये
  813. 27:27तो हो गई हमारी क्लस्टरिंग प्रॉब्लम्स।
  814. 27:29उसके साथ में वी आल्सो हैव एसोसिएशन
  815. 27:31प्रॉब्लम्स। एसोसिएशन प्रॉब्लम्स के अंदर
  816. 27:32वी ट्राई टू फाइंड रिलेशनशिप्स बिटवीन
  817. 27:35डिफरेंट एंटिटीज़। और इसका एक काफी पॉपुलर
  818. 27:37एग्जांपल है मार्केट
  819. 27:40बास्केट।
  820. 27:42एनालिसिस
  821. 27:44जैसे फॉर एग्जांपल Amazon जैसी या कोई भी
  822. 27:46और ई-कॉमर्स प्लेटफार्म है। इन वेबसाइट्स
  823. 27:48के पास यूज़र्स कैसे शॉप करते हैं? कौन-कौन
  824. 27:51से आइटम्स खरीदते हैं? उसका बहुत सारा
  825. 27:52डेटा होता है। तो उस डेटा को एनालाइज करके
  826. 27:55ये वेबसाइट्स ये एनालाइज कर सकती हैं कि
  827. 27:57एक तरीके के आइटम के साथ कौन सा दूसरा
  828. 27:59आइटम है जो क्लब करके परचेस किया जाता है।
  829. 28:02फॉर एग्जांपल किसी भी स्टोर के अंदर बहुत
  830. 28:03सारे कस्टमर्स इफ दे आर परचेसिंग ब्रेड।
  831. 28:06तो ब्रेड के साथ वो कस्टमर्स मिल्क को भी
  832. 28:08साथ में परचेस करना प्रेफर करते हैं। नाउ
  833. 28:10दिस इज अ प्रैक्टिकल एग्जांपल ऑफ मार्केट
  834. 28:13बास्केट एनालिसिस एंड दिस इज़ समथिंग दैट अ
  835. 28:15लॉट ऑफ़ वेबसाइट्स लाइक Amazon एंड blink
  836. 28:16यूज़्ड टू सजेस्ट टू द यूज़र्स व्हाट अदर
  837. 28:18आइटम्स दे शुड बाय। तो Amazon पे कई बार
  838. 28:21हमने देखा होगा आइटम्स बोट टुगेदर एक
  839. 28:24सजेशन आता है कि ये आप आइटम खरीद रहे हो।
  840. 28:26इसके साथ जनरली ये चीज और हैं जो यूज़र्स
  841. 28:28खरीदते हैं। सो दैट इज़ एन एसोसिएशन
  842. 28:30प्रॉब्लम अंडर अनसुपरवाइड लर्निंग। इफ वी
  843. 28:32टॉक अबाउट सम अनसुपरवाइज्ड लर्निंग
  844. 28:33एल्गोरिदम्स, देन वी हैव के मींस
  845. 28:35क्लस्टरिंग, वी हैव हायरार्कल क्लस्टर, वी
  846. 28:37आल्सो हैव प्रिंसिपल कॉम्पोनेंट एनालिसिस,
  847. 28:39पीसीए। वी आल्सो हैव डेंसिटी बेस्ड स्पेशल
  848. 28:41क्लस्टरिंग ऑफ एप्लीकेशंस विद नॉइज़ व्हिच
  849. 28:43इज़ इन शॉर्ट कॉल्ड डीबी स्कैन। तो इस
  850. 28:45तरीके की बहुत सारी पॉपुलर एल्गोरिदम्स
  851. 28:47हैं जो अनसुपरवाइज्ड लर्निंग के अंदर आती
  852. 28:49हैं। नेक्स्ट वी आर गोइंग टू लर्न अबाउट द
  853. 28:50थर्ड टाइप ऑफ लर्निंग व्हिच इज़ कॉल्ड
  854. 28:52रीइंफोर्समेंट लर्निंग। अभी तक हमने
  855. 28:54सुपरवाइज़्ड लर्निंग को देख लिया। हमने
  856. 28:56मशीन लर्निंग के अंदर अनसपरवाइज़्ड लर्निंग
  857. 28:58को देख लिया। अब हम इसके फाइनल मेन टाइप
  858. 29:00को पढ़ने वाले हैं। व्हिच इज
  859. 29:01रीइंफोर्समेंट लर्निंग। रीइंफोर्समेंट
  860. 29:04लर्निंग इज वेरी सिमिलर टू ट्रेनिंग आवर
  861. 29:06डॉग। हमें अपने डॉग को ट्रेन करना है कि
  862. 29:08जब हम उसे सेट बोले तो वो बैठ जाए। तो हम
  863. 29:10में से किसी के पास भी अगर कोई पेट है तो
  864. 29:12हमें पता होता है। वो हमारी बात मानते हैं
  865. 29:13तो हम उन्हें कुछ ट्रीट्स देते हैं। हम
  866. 29:15उन्हें कुछ रिवॉर्ड्स देते हैं। तो इसी
  867. 29:17तरीके से हम अपनी रीइंफोर्समेंट लर्निंग
  868. 29:20के अंदर भी अपने मॉडल को ट्रेन करते हैं।
  869. 29:21तो रीइंफोर्समेंट लर्निंग के अंदर हमारे
  870. 29:23पास वी हैव द एजेंट व्हिच इज़ बेसिकली द
  871. 29:25मॉडल दैट लर्न्स टू मेक डिसीजंस बाय
  872. 29:28इंटरेक्टिंग विद एन एनवायरमेंट। हमारा एक
  873. 29:30एजेंट होता है जो एनवायरमेंट के साथ
  874. 29:32इंटरेक्ट करता है। मतलब ये एक एजेंट कुछ
  875. 29:33प्रेडिक्शनंस करता है और डिपेंडिंग अपॉन
  876. 29:36प्रेडिक्शन सही है या गलत उसको रिवॉर्ड्स
  877. 29:38या पेनल्टीज मिलते हैं फॉर इट्स एकशंस।
  878. 29:41एक्शंस आर बेसिकली प्रेडिकशंस। रिवॉर्ड्स
  879. 29:43मिलने का मतलब है हम अपने एजेंट को अपने
  880. 29:45मॉडल को कुछ पॉजिटिव वैल्यू फीड करेंगे।
  881. 29:48पेनल्टीज मिलने का मतलब है हम अपने एजेंट
  882. 29:50को नेगेटिव वैल्यू को फीड करेंगे। तो
  883. 29:52हमारी रीइंफोर्समेंट लर्निंग में एजेंट का
  884. 29:55जो पर्पस होता है, जो फाइनल पर्पस होता
  885. 29:57है, दैट इज नॉट टू मेक करेक्ट
  886. 29:59प्रेडिक्शनंस। एजेंट का पर्पस होता है टू
  887. 30:01मैक्सिमाइज द रिवॉर्ड्स दैट इट इज़
  888. 30:04रिसीविंग। और रिवॉर्ड्स कब मिलेंगे? जब
  889. 30:06करेक्ट प्रेडिक्शनंस होंगे। तो जनरली
  890. 30:08रीइंफोर्समेंट लर्निंग में जरूरी नहीं है
  891. 30:09एक सिंगल प्रेडिक्शन होगी। रीइंफोर्समेंट
  892. 30:11लर्निंग के अंदर हम एक सेट ऑफ
  893. 30:13प्रेडिक्शनंस करते हैं और अपने आउटपुट को
  894. 30:15मैक्सिमाइज करते हैं। रीइंफोर्समेंट
  895. 30:17लर्निंग का जो काफी ज्यादा यूज़ होता है वो
  896. 30:18गेम्स के अंदर यूज़ होता है। जैसे चेस हमें
  897. 30:21खेलना है, गो हमें खेलना है तो चेस खेलने
  898. 30:23के लिए एक सिंगल मूव काफी नहीं है। हमें
  899. 30:25बहुत सारे मल्टीपल मूव्स करने पड़ेंगे। हो
  900. 30:27सकता है हमें बीच में अपने किसी स्मॉल
  901. 30:29प्लेयर को सैक्रिफाइस करना पड़े। बट द
  902. 30:31पर्पस और द गोल ऑफ़ द एजेंट विल बी टू
  903. 30:33मैक्सिमाइज़ द रिवॉर्ड। तो ठीक है बीच में
  904. 30:35एक दो पेनल्टी हो सकती हैं। पर ओवरऑल हम
  905. 30:37गेम को जीतेंगे तब जब हमारे रिवॉर्ड्स
  906. 30:39मैक्सिमाइज़ होंगे। तो हमारे एजेंट का गोल
  907. 30:41होता है टू मैक्सिमाइज़ द रिवॉर्ड्स बाय
  908. 30:43मेकिंग करेक्ट प्रेडिक्शनंस। तो
  909. 30:44रीइंफोर्समेंट लर्निंग एग्जैक्टली कैसे
  910. 30:46वर्क करती है? हमारे पास एक एजेंट होता है
  911. 30:48जो बेसिकली एक्शंस लेता है मतलब
  912. 30:50प्रेडिक्शंस करता है। तो द एजेंट
  913. 30:51इंटरेक्ट्स विद द एनवायरमेंट। और
  914. 30:54डिपेंडिंग अपॉन द एक्शन अगर वो एक्शन
  915. 30:56करेक्ट है तो उस केस में हमें रिवॉर्ड
  916. 30:58मिलता है व्हिच इज़ द पॉजिटिव वैल्यू। पर
  917. 31:00एक्शन अगर गलत है तो उस केस में रिवॉर्ड
  918. 31:01की जगह हमें पेनल्टी मिलती है। तो
  919. 31:03रीइंफोर्समेंट लर्निंग का एक बहुत सिंपल
  920. 31:05सा एग्जांपल हम ले सकते हैं कि लेट्स सपोज
  921. 31:07हमें एक ऐसा मॉडल बनाना है जो स्नेक एंड
  922. 31:10लैडर्स गेम के अंदर हमें जिता सके। तो इस
  923. 31:13गेम को जीतने के लिए हम रीइंफोर्समेंट
  924. 31:15लर्निंग को यूज़ कर सकते हैं। तो लेट्स
  925. 31:16सपोज गेम के अंदर हमने स्नेक को एनकाउंटर
  926. 31:18किया। मतलब कोई नंबर, कोई डाइस रोल हुआ,
  927. 31:20कोई नंबर प्रोड्यूस हुआ, स्नेक एनकाउंटर
  928. 31:22हुआ तो वहां पर हमें पेनल्टी मिलेगी।
  929. 31:24बिकॉज़ दैट इज़ नॉट अ गुड थिंग फॉर द
  930. 31:26प्लेयर। पर कभी भी लैडर एनकाउंटर हुआ तो
  931. 31:28वहां पर हमें रिवॉर्ड मिलेगा। इवेंचुअली
  932. 31:30गेम के अंदर हम चाहते हैं ज्यादा से
  933. 31:31ज्यादा लैडर्स को हम क्लाइम करें और एंड
  934. 31:33पॉइंट तक पहुंच जाएं। तो बेसिकली द
  935. 31:34ऑब्जेक्टिव इज टू विन द गेम। अब ये तो खैर
  936. 31:37प्रैक्टिकली ये वाला गेम रियल लाइफ के
  937. 31:38अंदर काफी ज्यादा लक बेस्ड होता है। पर
  938. 31:40जैसे चेस हो गया या गो हो गया। इस तरीके
  939. 31:42के गेम्स जो होते हैं वो स्किल बेस्ड होते
  940. 31:45हैं या वो पैटर्न बेस्ड होते हैं। तो वहां
  941. 31:46पर गेम को विन करने के लिए हम
  942. 31:48रीइंफोर्समेंट लर्निंग को यूज़ कर सकते
  943. 31:49हैं। इसके अलावा भी रीइंफोर्समेंट लर्निंग
  944. 31:51की काफी सारी प्रैक्टिकल एप्लीकेशनेशंस
  945. 31:52हैं। जैसे इट इज़ यूज़्ड इन सेल्फ ड्राइविंग
  946. 31:54कार्स। इट इज़ आल्सो यूज्ड इन रोबोटिक्स।
  947. 31:57रोबोट्स किस तरीके से मूव करते हैं, वॉक
  948. 31:59करते हैं, किस तरीके से ऑब्जेक्ट्स को पिक
  949. 32:00करते हैं, वहां पर रीइंफोर्समेंट लर्निंग
  950. 32:02का काफी ज्यादा यूज़ होता है। एंड इफ वी
  951. 32:04टॉक अबाउट रीइंफोर्समेंट लर्निंग
  952. 32:05एल्गोरिथ्म्स, तो हमारे पास क्यू लर्निंग
  953. 32:07है, वी हैव डीप क्यू नेटवर्क्स, वी हैव
  954. 32:08पॉलिसी ग्रेडियंट मेथड्स एंड प्रॉक्सिल
  955. 32:10पॉलिसी ऑप्टिमाइजेशन। एंड इसके अलावा भी
  956. 32:12और भी काफी सारे हमारी रीइंफोर्मेंट
  957. 32:14लर्निंग के एल्गोरिथ्म्स होते हैं। तो अभी
  958. 32:16तक हमने मशीन लर्निंग के अंदर सुपरवाइज्ड,
  959. 32:18अनसुपरवाइज्ड एंड रीइंफोर्समेंट लर्निंग
  960. 32:20को डिटेल के अंदर कवर कर लिया है। अब यहां
  961. 32:22तक हमने कांसेप्ट्स को पढ़ लिया है।
  962. 32:23एप्लीकेशनेशंस को पढ़ लिया है। डिफरेंट
  963. 32:25एल्गोरिदम्स के नाम पढ़ लिए हैं। पर
  964. 32:26एक्चुअली प्रैक्टिकली इन डिफरेंट
  965. 32:28एल्गोरिदम्स को हम इंप्लीमेंट कैसे करते
  966. 32:30हैं? तो इन डिफरेंट एल्गोरिथ्म्स को
  967. 32:31इंप्लीमेंट करने के लिए देयर आर मल्टीपल
  968. 32:33टूल्स दैट वी नीड टू यूज़। इन टूल्स के
  969. 32:35अंदर सबसे पहली तो हमारी प्रोग्रामिंग
  970. 32:37लैंग्वेज एक हमें आनी चाहिए। तो उसके अंदर
  971. 32:39Python इज़ वन ऑफ द मोस्ट पॉपुलर
  972. 32:40प्रोग्रामिंग लैंग्वेज जिसको यूज़ करके
  973. 32:42हमारी हम मशीन लर्निंग एल्गोरिदम्स को
  974. 32:44लिखते हैं। डेटा पर ट्रेन करते हैं
  975. 32:45एल्गोरिदम को और प्रेडिकशंस करते हैं। आर
  976. 32:48इज़ आल्सो अनदर पॉपुलर लैंग्वेज। पर
  977. 32:50मेजॉरिटी केसेस में आपको पाइथन ही यूज़
  978. 32:52होते हुए दिखेगी इंडस्ट्री के अंदर भी एंड
  979. 32:54एकेडमिक्स के अंदर भी। वी हैव अ टूल व्हिच
  980. 32:56इज़ कॉल्ड जुपिटर नोटबुक। जुपिटर नोटबुक के
  981. 32:58अंदर हम अपना डिफरेंट पाइथन का कोड लिखते
  982. 33:00हैं। वी हैव मल्टीपल लाइब्रेरीज़ एंड
  983. 33:02मॉड्यूल्स जिनको एमएल के अंदर हम यूज़ करते
  984. 33:04हैं। जैसे नमपाई एंड बांडाज़ को हम यूज़
  985. 33:05करते हैं फॉर डेटा प्री प्रोसेसिंग। वी
  986. 33:07यूज़ सीबॉर्न एंड मैट प्लॉट लिब फॉर डेटा
  987. 33:09विजुअलाइज़ेशन। वी यूज़ लाइब्रेरीज़ लाइक
  988. 33:11स्काईट लर्न एंड एक्सजी बूस्ट टू ट्रेन
  989. 33:13आवर मशीन लर्निंग मॉडल्स। तो इन डिफरेंट
  990. 33:15टूल्स की हेल्प से जितनी भी एल्गोरिदम्स
  991. 33:16की अभी तक हमने बात की है, हम उनको
  992. 33:18इंप्लीमेंट करते हैं। नेक्स्ट वी आर गोइंग
  993. 33:20टू लर्न अबाउट द डिफरेंट कॉन्सेप्ट्स
  994. 33:22रिलेटेड टू डीप लर्निंग। सो डीप लर्निंग
  995. 33:24इज़ द सबसेट ऑफ़ मशीन लर्निंग जिसके अंदर वी
  996. 33:26स्टडी ऑल अबाउट न्यूरल नेटवर्क्स।
  997. 33:30अभी तक जितनी भी मशीन लर्निंग हमने की है
  998. 33:33उसे हम कहते हैं स्टैटिस्टिकल मशीन
  999. 33:35लर्निंग। स्टैटिस्टिकल मशीन लर्निंग
  1000. 33:37एल्गोरिदम्स को जनरली हम अपने स्ट्रक्चर
  1001. 33:39डेटा के ऊपर अप्लाई करते हैं। स्ट्रक्चर
  1002. 33:41डेटा मतलब जो भी टैबुलर डाटा हमारे पास
  1003. 33:42होता है टेबल की फॉर्म में जितने भी डेटा
  1004. 33:45को अभी तक हमने देखा है वो सारा का सारा
  1005. 33:46हमारा ऑलमोस्ट टैबुलर डेटा होता था। तो इस
  1006. 33:49डेटा पर स्टैटिस्टिकल मशीन लर्निंग बहुत
  1007. 33:51अच्छा परफॉर्म करती है। पर जब भी हमारे
  1008. 33:53पास अनस्ट्रक्चरर्ड डेटा आ जाता है वहां
  1009. 33:55पर हमारी स्टैटिस्टिकल मशीन लर्निंग
  1010. 33:56एल्गोरिथ्म्स उतना अच्छा परफॉर्म नहीं
  1011. 33:58करती। अनस्ट्रक्चर डेटा के केस में डीप
  1012. 34:00लर्निंग एल्गोरिदम स्टैटिस्टिकल मशीन
  1013. 34:02लर्निंग से काफी ज्यादा बेटर परफॉर्म करती
  1014. 34:04हैं। क्योंकि उन केसेस के अंदर
  1015. 34:05स्टैटिस्टिकल मशीन लर्निंग में हमें बहुत
  1016. 34:07ज्यादा ह्यूमन इंटरवेंशन करना पड़ता है।
  1017. 34:09नाउ व्हाट एग्जैक्टली डू वी मीन बाय
  1018. 34:10अनस्ट्रक्चरर्ड डेटा। अनस्ट्रक्चर डेटा के
  1019. 34:12एग्जांपल्स हैं। जैसे हमारे पास बहुत सारे
  1020. 34:14कैमरा की रिकॉर्डिंग है या फिर हमारे पास
  1021. 34:16बहुत सारी वीडियो रिकॉर्डिंग्स हैं। फॉर
  1022. 34:18एग्जांपल हम YouTube के अंदर काम करते हैं
  1023. 34:19और YouTube के लिए हमें कोई मशीन लर्निंग
  1024. 34:21मॉडल बिल्ड करना है जो YouTube की ही
  1025. 34:23वीडियोस के डेटा को एज इनपुट लेता है। अब
  1026. 34:26YouTube की जो वीडियोस का डेटा है दैट इज़
  1027. 34:27नॉट टैबुलर डेटा। दैट इज़ अनस्ट्रक्चर्ड
  1028. 34:29डेटा। क्योंकि उसके अंदर बहुत सारे
  1029. 34:31डिफरेंट पैरामीटर्स हैं। या फिर हमारे पास
  1030. 34:33बहुत सारी इमेजेस का डेटा है, हमारे पास
  1031. 34:35बहुत सारी ऑडियो फाइल्स हैं, तो दैट कैन
  1032. 34:36आल्सो बी अनस्ट्रक्चरर्ड डेटा। या फिर अगर
  1033. 34:38हमारे पास किसी एप्लीकेशन के बहुत सारे
  1034. 34:40चैट मैसेजेस हैं व्हिच आर नॉट इन अ
  1035. 34:42फिक्स्ड फॉर्मेट। सो दीज़ आर ऑल एग्जांपल्स
  1036. 34:44ऑफ अनस्ट्रक्चरर्ड डेटा जिसके ऊपर हमारी
  1037. 34:46डीप लर्निंग एल्गोरिदम्स काफी बेटर
  1038. 34:48परफॉर्म करती हैं। जैसे फॉर एग्जांपल अगर
  1039. 34:50हमारे पास कोई भी मॉडल है लेट्स सपोज़ उस
  1040. 34:52मॉडल के अंदर हम बहुत सारी इमेजज़ को फीड
  1041. 34:54करना चाहते हैं। एंड दीज़ आर ऑल ह्यूमन
  1042. 34:56फसेस। तो इस तरीके की एक इमेज का हम
  1043. 34:58एग्जांपल ले सकते हैं जिसमें देयर इज़ अ
  1044. 35:00फेस। अब इस तरीके की इमेज अगर हम किसी
  1045. 35:02नॉर्मल स्टैटिस्टिकल मशीन लर्निंग मॉडल को
  1046. 35:04फील करेंगे तो वहां पर मॉडल का काम होगा
  1047. 35:06टू एनालाइज दिस इमेज। अब इस इमेज को
  1048. 35:09एनालाइज करने के लिए मॉडल को पता होना
  1049. 35:11चाहिए कि आईज एग्जैक्टली होती क्या है? एक
  1050. 35:14नोज एग्जैक्टली क्या होता है? एक माउथ
  1051. 35:16एग्जैक्टली क्या होता है? इस तरीके की
  1052. 35:18चीजें हमें इन टर्म्स ऑफ़ फीचर्स अपने मॉडल
  1053. 35:21को डिफाइन करके बतानी पड़ेंगी। एंड दैट इज़
  1054. 35:23समथिंग व्हिच कैन बी डिफिकल्ट। जैसे फॉर
  1055. 35:25एग्जांपल हम एक मशीन लर्निंग मॉडल को कैसे
  1056. 35:27बताएं एज अ ह्यूमन कैसे प्रोग्राम करें
  1057. 35:29उसके अंदर कि दिस इज एन आई। क्या हम उसे
  1058. 35:32ये बताएं कि फेस के ऊपर जो भी राउंड शेप
  1059. 35:34हो दैट इज़ एन आई बट दैट इज़ नॉट कंप्लीटली
  1060. 35:37एक्यूरेट बिकॉज़ माउथ कैन आल्सो बी राउंड।
  1061. 35:39इनफैक्ट दी एंटायर शेप ऑफ द फेस कैन आल्सो
  1062. 35:42बी राउंड। तो अनस्ट्रक्चरर्ड डेटा के जो
  1063. 35:44फीचर्स होते हैं, वो किसी भी मॉडल के अंदर
  1064. 35:46प्रोग्राम करना कैन बी क्वाइट डिफिकल्ट।
  1065. 35:48तो यहां पर हमारे डीप लर्निंग मॉडल्स बहुत
  1066. 35:50ज्यादा यूज़फुल होते हैं। क्योंकि डीप
  1067. 35:52लर्निंग मॉडल स्पेशलाइज करते हैं इन
  1068. 35:54एक्सट्रैक्टिंग इंफॉर्मेशनेशन फ्रॉम रॉ
  1069. 35:56डेटा। वो बहुत आसानी से इस तरीके के डेटा
  1070. 35:59से जो यूज़फुल इनेशन है उसको एक्सट्रैक्ट
  1071. 36:01कर पाते हैं। एंड हाउ डू दे डू दैट? हाउ
  1072. 36:03डू डीप लर्निंग मॉडल्स वर्क? दे बेसिकली
  1073. 36:06यूज़ न्यूरल नेटवर्क्स। न्यूरल नेटवर्क्स
  1074. 36:08आर नेटवर्क्स व्हिच आर इंस्पायर्ड फ्रॉम द
  1075. 36:10ह्यूमन ब्रेन। हमारे ह्यूमन ब्रेन के अंदर
  1076. 36:12हमारे पास न्यूरॉन्स होते हैं और हमारी
  1077. 36:14ब्रेन के अंदर न्यूरॉन्स के नेटवर्क होते
  1078. 36:16हैं। तो इसी तरीके के आर्टिफिशियल नेटवर्क
  1079. 36:19जब हम बनाते हैं तो उसको कंप्यूटर साइंस
  1080. 36:21के अंदर हम न्यूरल नेटवर्क्स कहते हैं।
  1081. 36:23एंड यही न्यूरल नेटवर्क्स आर एट द कोर ऑफ
  1082. 36:25डीप लर्निंग। इन न्यूरल नेटवर्क्स के अंदर
  1083. 36:27बहुत सारी हिडन लेयर्स होती हैं जो डेटा
  1084. 36:29को बहुत अच्छे तरीके से प्रोसेस करती हैं।
  1085. 36:31लेट्स लर्न इन डेप्थ अबाउट व्हाट न्यूरल
  1086. 36:34नेटवर्क्स आर। तो न्यूरॉन नेटवर्क्स को जब
  1087. 36:35हम विजुअलाइज़ करते हैं, हम उन्हें कुछ इस
  1088. 36:37तरीके से विजुअलाइज़ कर सकते हैं। हमारे
  1089. 36:39पास डिफरेंट-डिफरेंट न्यूरॉन्स होते हैं।
  1090. 36:41हर एक जो सर्कल यहां पर हमें दिख रहा है,
  1091. 36:43दिस इज़ अ न्यूरॉन। दिस इज़ ऑल्सो अ न्यूरॉन
  1092. 36:47एंड दिस इज़ आल्सो अ न्यूरॉन। हर एक जो
  1093. 36:49सर्कल हमें यहां पर दिख रहा है इस नेटवर्क
  1094. 36:52के अंदर, इस एग्जांपल के अंदर, हर एक
  1095. 36:53सर्कल इज़ अ न्यूरॉन। एंड इन न्यूरॉन्स के
  1096. 36:56डिफरेंट-डिफ़ेंट कनेक्शंस होते हैं विद ईच
  1097. 36:58अदर। एंड इन कनेक्शन से ही हमारा प्रॉपर
  1098. 37:00एक न्यूरल नेटवर्क फॉर्म होता है। अब इस
  1099. 37:02न्यूरल नेटवर्क के अंदर डिफरेंट-डिफरेंट
  1100. 37:04लेयर्स होती हैं। जैसे हमारे नेटवर्क के
  1101. 37:06अंदर हमारी जनरली जो इनेशन होती है वो इस
  1102. 37:08डायरेक्शन के अंदर फ्लो करती है। तो जब भी
  1103. 37:10हम अपना इनपुट अपने मॉडल को अपने न्यूरल
  1104. 37:12नेटवर्क को पास करते हैं वो हम पास करते
  1105. 37:14हैं थ्रू द फर्स्ट लेयर एंड दिस फर्स्ट
  1106. 37:17लेयर इज़ कॉल्ड द इनपुट लेयर। ये जो हमारी
  1107. 37:21पूरी लेयर है दिस इज़ कॉल्ड द इनपुट लेयर।
  1108. 37:23एंड हमारी जो लास्ट लेयर है जो फाइनली
  1109. 37:25हमारे लिए आउटपुट को प्रेडिक्ट करती है।
  1110. 37:27कुछ हमारे लिए प्रेडिक्शन देती है। कुछ
  1111. 37:29रिजल्ट देती है। दिस लेयर इज कॉल्ड द
  1112. 37:31आउटपुट लेयर। एंड बीच वाली जितनी भी
  1113. 37:33लेयर्स हैं इनको हम अपनी हिडन लेयर्स कहते
  1114. 37:35हैं। हमारे पास एक नेटवर्क के अंदर कितनी
  1115. 37:37भी हिडन लेयर्स हो सकती हैं। हमने यहां पे
  1116. 37:39सिंगल हिडन लेयर का एग्जांपल लिया है।
  1117. 37:41क्योंकि हमने एक बहुत छोटा न्यूरल नेटवर्क
  1118. 37:42रखा है। पर न्यूरल नेटवर्क्स के अंदर रियल
  1119. 37:44प्रैक्टिकल लाइफ के अंदर मिलियंस,
  1120. 37:46बिलियंस, इवन ट्रिलियंस कनेक्शंस हैं जो
  1121. 37:48एग्ज़िस्ट कर सकते हैं। बट दिस इज़ व्हाट द
  1122. 37:50न्यूरल नेटवर्क लुक्स लाइक इन इट्स
  1123. 37:51सिंपलेस्ट फॉर्म। अब यह तो हमने समझ लिया
  1124. 37:53कि हमारा न्यूरल नेटवर्क दिखता कैसा है।
  1125. 37:55बट हाउ डस दी न्यूरल नेटवर्क एग्जैक्टली
  1126. 37:57वर्क? उसके लिए हम एक सिंपल सा एग्जांपल
  1127. 38:00लेंगे। लेट्स सपोज हम एक कॉलेज के टीचर
  1128. 38:02हैं एंड एज अ टीचर हमें स्टूडेंट्स के लिए
  1129. 38:04उनका सीजीपीए कैलकुलेट करना है। तो हम सब
  1130. 38:07ने देखा होगा, स्कूल के अंदर देखा होगा,
  1131. 38:08कॉलेज के अंदर देखा होगा हमारे डिफरेंट
  1132. 38:10सेट्स ऑफ एग्जाम्स होते हैं और हर एग्जाम
  1133. 38:12के मार्क्स पर हमारे सीजीपीए जो होते हैं
  1134. 38:14वो कैलकुलेट होते हैं। जैसे एग्जांपल के
  1135. 38:16लिए हमारे कॉलेज के अंदर एक हमारे मिड
  1136. 38:18सेमेस्टर्स होते हैं। एक हमारे एंड
  1137. 38:20सेमेस्टर्स होते हैं। तो उसके कुछ मार्क्स
  1138. 38:23हैं और एक हमारे पास होते हैं हमारे कुछ
  1139. 38:25क्लास टेस्ट्स। तुम्हारे कॉलेज ने क्या
  1140. 38:28किया है? हर एक एग्जाम को कुछ ना कुछ
  1141. 38:30वेटेज दिया है। जैसे हो सकता है कॉलेज ने
  1142. 38:33सीजीपीए कैलकुलेशन के लिए मिड सेमेस्टर्स
  1143. 38:35को वेटेज दिया है 0.4 का। हमारे एंड
  1144. 38:38सेमेस्टर्स को भी वेटेज दिया है 0.4 का।
  1145. 38:40क्लास टेस्ट को वेटेज दिया है 0.2 का। तो
  1146. 38:43मिड सेमेस्टर में हमारे जितने भी मार्क्स
  1147. 38:45आते हैं उसको टोटल मार्क्स उसको हम 0.4 से
  1148. 38:47मल्टीप्लाई करेंगे। एंड सेमेस्टर वालों को
  1149. 38:490.4 से मल्टीप्लाई करेंगे। क्लास टेस्ट
  1150. 38:50वालों को 2 से मल्टीप्लाई करेंगे। एंड इस
  1151. 38:52तरीके से कुछ ना कुछ कैलकुलेशन होगी जिसके
  1152. 38:54बाद हमारी सीजीपीए कैलकुलेट होगी। सो दिस
  1153. 38:56इज़ हाउ वी आर ट्राइंग टू कैलकुलेट आ
  1154. 38:58जीपीए। अब इस वेटेज को देखकर काफी सारे
  1155. 39:00स्टूडेंट्स सोचते हैं कि क्लास टेस्ट की
  1156. 39:01तो काफी कम वेटेज है। तो हम क्या करेंगे?
  1157. 39:03मिड सेमेस्टर एंड सेमेस्टर के अंदर तैयारी
  1158. 39:05कर लेंगे और क्लास टेस्ट को स्किप कर लेते
  1159. 39:07हैं। तो जब क्लास टेस्ट को स्टूडेंट्स ने
  1160. 39:09स्किप करना स्टार्ट किया तो स्टूडेंट्स की
  1161. 39:10अटेंडेंस काफी लो हो गई। उससे टीचर्स ने
  1162. 39:12देखा कि स्टूडेंट्स क्लासेस ही नहीं अटेंड
  1163. 39:14कर रहे। तो उन्होंने क्या डिसाइड किया कि
  1164. 39:15हम क्या करेंगे? क्लास टेस्ट की वेटेज हम
  1165. 39:17इंक्रीस कर देंगे। तो इस तरीके से एक
  1166. 39:19पर्टिकुलर पैरामीटर की वेटेज भी इंक्रीस
  1167. 39:22हो सकती है सीजीपीए कैलकुलेट करने के लिए।
  1168. 39:23तो उन्होंने इस वेटेज को इंक्रीस करके कर
  1169. 39:26दिया 0.3 अब इसको इंक्रीस किया है एंड
  1170. 39:28इसको काउंटर करने के लिए मिड सेमेस्टर की
  1171. 39:30वेटेज को डिक्रीज कर दिया टू 0.3 तो अब
  1172. 39:33क्लास टेस्ट की भी काफी अच्छी खासी वेटेज
  1173. 39:36है जिससे टीचर्स को लगा कि नाउ द
  1174. 39:37स्टूडेंट्स आर अटेंडिंग क्लासेस एंड द
  1175. 39:39अटेंडेंस इज़ गोइंग अप। सो नाउ दे आर
  1176. 39:41सेटिस्फाइड। तो इस तरीके का एक सिस्टम
  1177. 39:43हमारे कॉलेज ने डिजाइन किया जिसमें हर एक
  1178. 39:46टाइप ऑफ टेस्ट के लिए एक पर्टिकुलर सेट ऑफ
  1179. 39:48वेटेज है। मिड सेमेस्टर्स की 30% वेटेज
  1180. 39:51है। क्लास टेस्ट की भी 30% वेटेज है।
  1181. 39:53एनसीएम्स की भी 40% वेटेज है। तो ये जो
  1182. 39:56पूरा प्रोसेस अभी हमने डिस्कस किया जिसमें
  1183. 39:58एक कॉलेज के टीचर्स ने लॉजिकली एक
  1184. 40:00ग्रेडिंग सिस्टम बनाने की कोशिश की। हमारे
  1185. 40:02न्यूरल नेटवर्क्स कुछ इसी तरीके से वर्क
  1186. 40:04करते हैं। तो इस प्रोसेस के अंदर कुछ
  1187. 40:06इनपुट गया जो हमारे स्टूडेंट्स के
  1188. 40:07डिफरेंट-डिफरेंट एग्जाम्स में मार्क्स
  1189. 40:09हैं। तो ऐसे ही हमारे न्यूरल नेटवर्क के
  1190. 40:11अंदर भी हम डिफरेंट-डिफरेंट इनपुट्स हैं
  1191. 40:13जिनको पास करते हैं। एंड हर एक जो इनपुट
  1192. 40:16नेक्स्ट लेवल पर पास होता है उसके लिए
  1193. 40:17उसका कुछ पर्टिकुलर वेटेज होता है। तो इफ
  1194. 40:20दीज़ आर आर इनपुट न्यूरॉन्स। हमारी ये जो
  1195. 40:22वैल्यू्यूज हैं जिसको हम वेटेज कह रहे थे
  1196. 40:24अभी तक हमारे न्यूरल नेटवर्क के अंदर इसको
  1197. 40:26हम वेट पैरामीटर कहते हैं। और वेट
  1198. 40:29पैरामीटर बताता है कि ये जो इनपुट वैल्यू
  1199. 40:31है ये कितनी इंपॉर्टेंट है हमारे आउटपुट
  1200. 40:33को कैलकुलेट करने के लिए या फिर नेक्स्ट
  1201. 40:35न्यूरॉन के लिए। तो हमारे न्यूरल
  1202. 40:37नेटवर्क्स में कनेक्शंस के साथ हमारे पास
  1203. 40:38एसोसिएटेड वेट्स होते हैं। और जैसे हमने
  1204. 40:40ये ग्रेडिंग सिस्टम डेवलप किया। हमने काफी
  1205. 40:42ज्यादा ट्रायल एंड एरर यूज़ किया। हमारे
  1206. 40:44पास हो सकता है पहले हमने कोई मिस्टेक कर
  1207. 40:46दी। गलत वैल्यू ले ली। उसके बाद हमने अपने
  1208. 40:48वेट को अपडेट किया। हमने कुछ एडजस्टमेंट्स
  1209. 40:50किए। इसी तरीके से हमारे आर्टिफिशियल
  1210. 40:52न्यूरल नेटवर्क्स भी वर्क करते हैं। मतलब
  1211. 40:54मशीनंस के अंदर जो हम न्यूरल नेटवर्क्स
  1212. 40:55करते हैं उसमें भी हम काफी ज्यादा ट्रायल
  1213. 40:57एंड एरर करते हैं। कई बार हम गलत वेट ले
  1214. 40:59लेते हैं। उसको हम थोड़ा सा करेक्ट करने
  1215. 41:00की कोशिश करते हैं और इवेंचुअली अपने
  1216. 41:02नेटवर्क को इस तरीके से डिजाइन करते हैं
  1217. 41:04कि एट दी एंड हमारे पास जो प्रेडिक्शन आई,
  1218. 41:06जो आउटपुट आई वो एज क्लोज टू द
  1219. 41:09एक्सपेक्टेड वैल्यू हो एज क्लोज एज
  1220. 41:11पॉसिबल। मतलब जितना सही आउटपुट हो सके,
  1221. 41:14जितनी हाई उसकी एक्यूरेसी हो सके, उतना
  1222. 41:16अच्छा हम न्यूरल नेटवर्क बिल्ड करने की
  1223. 41:17कोशिश करते हैं। तो ये हमारा बेसिक आईडिया
  1224. 41:19है अबाउट हाउ डू न्यूरल नेटवर्क्स वर्क?
  1225. 41:21उसके अंदर हम कुछ इनपुट पास करते हैं।
  1226. 41:23अपने वेट्स को एडजस्ट करते हैं। एक
  1227. 41:24फार्मूला बनाने की कोशिश करते हैं। और फिर
  1228. 41:26फाइनली नेक्स्ट टाइम जितने भी इनपुट
  1229. 41:28आएंगे, उसके हिसाब से हम अपनी करेक्ट
  1230. 41:29प्रेडिक्शनंस को कैलकुलेट करेंगे। नाउ
  1231. 41:31लेट्स अंडरस्टैंड द इन डेप्थ प्रोसेस ऑफ़
  1232. 41:34ट्रेनिंग अ न्यूरल नेटवर्क। जब भी न्यूरल
  1233. 41:36नेटवर्क्स को हम ट्रेन करते हैं, उसके
  1234. 41:38अंदर दो इंपॉर्टेंट स्टेप्स हैं जो
  1235. 41:39परफॉर्म होते हैं। सबसे पहला इज फॉरवर्ड
  1236. 41:41प्रोपगेशन व्हिच इज मूविंग फॉरवर्ड इन द
  1237. 41:44न्यूरल नेटवर्क एंड सेकंड स्टेप इज़
  1238. 41:46बैकवर्ड प्रोपगेशन व्हिच इज़ मूविंग
  1239. 41:48बैकवर्ड्स इन द न्यूरल नेटवर्क। तो
  1240. 41:50फॉरवर्ड प्रोपगेशन व्हिच इज़ द फर्स्ट
  1241. 41:52स्टेप। फॉरवर्ड प्रोपगेशन के अंदर हमारे
  1242. 41:54न्यूरल नेटवर्क का काम होता है टू मेक अ
  1243. 41:56गेस या गेस कह सकते हैं इसको या फिर
  1244. 41:59प्रेडिक्शन कह सकते हैं। मतलब बेस्ड ऑन द
  1245. 42:01इनपुट हमारा जो न्यूरल नेटवर्क होता है वो
  1246. 42:03हमारे लिए एक आउटपुट एक प्रेडिक्शन होता
  1247. 42:05है जिसको प्रोड्यूस करता है। सो दिस इज़
  1248. 42:06आवर आउटपुट लेयर जहां से हमारे पास एक
  1249. 42:08प्रेडिक्शन आएगा आंसर आएगा। और सेकंड
  1250. 42:10स्टेप होता है बैकवर्ड प्रोपगेशन। बैकवर्ड
  1251. 42:12प्रोपगेशन में जो भी हमारा प्रेडिक्शन था
  1252. 42:14हम उसको कंपेयर करते हैं विद द
  1253. 42:15एक्सपेक्टेड वैल्यू कि सही आंसर क्या होना
  1254. 42:17चाहिए था। एंड उस हिसाब से अपने नेटवर्क
  1255. 42:20के अंदर हम एडजस्टमेंट्स करते हैं। हम
  1256. 42:22अपने नेटवर्क को एडजस्ट करते हैं। या
  1257. 42:24बेसिकली बैकवर्ड प्रोपगेशन में वी आर
  1258. 42:27लर्निंग फ्रॉम आवर मिस्टेक्स। वी आर
  1259. 42:30लर्निंग फ्रॉम आवर मिस्टेक्स। तो इनिशियली
  1260. 42:32जब हम अपने न्यूरल नेटवर्क को ट्रेन करना
  1261. 42:34स्टार्ट करते हैं। हर एक जो न्यूरॉन होता
  1262. 42:36है एक्सेप्ट फॉर द इनपुट लेयर। हर एक
  1263. 42:38न्यूरॉन के पास अपनी एक स्पेशल वैल्यू
  1264. 42:40होती है। व्हिच इज़ कॉल्ड बायस वैल्यू। तो
  1265. 42:42हर एक न्यूरॉन के पास अपनी एक बायस वैल्यू
  1266. 42:44होती है। लेट्स सपोज एक सिंगल न्यूरॉन का
  1267. 42:46एग्जांपल लेते हैं। लेट्स सपोज दिस इज द
  1268. 42:48न्यूरॉन और इसकी जो बायस वैल्यू है दैट इज
  1269. 42:50b. अब इस न्यूरॉन के पास कहां-कहां से
  1270. 42:52इनेशन आ रही है? एक ये इनपुट वैल्यू है जो
  1271. 42:55यहां पर जा रही है। हम अपने इनपुट्स को
  1272. 42:56कुछ वैल्यूज़ ले लेते हैं। लेट्स सपोज यहां
  1273. 42:58पर x1 इनपुट है। यहां पर x2 इनपुट है।
  1274. 43:00यहां पर x3 इनपुट है। ये सिंगल इनपुट के
  1275. 43:02मल्टीपल पैरामीटर्स हैं जो हम अपने न्यूरल
  1276. 43:04नेटवर्क को फीड कर सकते हैं। तो x1 इनपुट
  1277. 43:06इस चैनल के थ्रू इस कनेक्शन के थ्रू हमारे
  1278. 43:08इस न्यूरॉन तक पहुंचेगा। तो लेट्स सपोज ये
  1279. 43:11जो कनेक्शन है इसका कोई वेट है व्हिच इज़
  1280. 43:13W1 सिमिलरली X2 में भी कुछ एक वेट है फॉर
  1281. 43:17दिस पर्टिकुलर कनेक्शन व्हिच इज़ W2 X3 में
  1282. 43:19भी कुछ वेट है फॉर दिस पर्टिकुलर कनेक्शन
  1283. 43:22व्हिच इज़ W3 तो इस सिंगल न्यूरॉन तक ये
  1284. 43:25तीन डिफरेंट इनपुट्स की जो इनफेशन है वो
  1285. 43:28यहां तक रीच कर रही है। जैसे इस न्यूरॉन
  1286. 43:30के अंदर इनेशन जा रही है वैसे ही
  1287. 43:32इंफॉर्मेशन का फ्लो फॉरवर्ड डायरेक्शन में
  1288. 43:34होता है इन द फर्स्ट स्टेप व्हिच इज़
  1289. 43:35फॉरवर्ड प्रोपगेशन। तो हर एक न्यूरॉन क्या
  1290. 43:37करता है? अपने लेवल पर कुछ ना कुछ
  1291. 43:39कंप्यूटेशंस को परफॉर्म करता है। सबसे
  1292. 43:41जनरल कंप्यूटेशन क्या परफॉर्म होती है? एक
  1293. 43:42न्यूरल नेटवर्क के अंदर। बेसिकली फर्स्ट
  1294. 43:44स्टेप के अंदर एक वेटेड सम होता है जो
  1295. 43:47कैलकुलेट होता है हर एक सिंगल न्यूरॉन के
  1296. 43:49लिए। वेटेड सम कहने का मतलब है अगर हम इस
  1297. 43:50न्यूरॉन का एग्जांपल लें तो हर एक इनपुट
  1298. 43:52का हम वेटेड सम कैलकुलेट करेंगे। व्हिच
  1299. 43:54विल बेसिकली बी x1 * w1 + x2 * w2 + x3 *
  1300. 44:00w3 एंड इस पूरे वेटेड सम के अंदर हम अपनी
  1301. 44:03बायस को भी ऐड कर देते हैं। तो इस तरीके
  1302. 44:05से हमारे पास एक वेटेड सम होता है एंड फिर
  1303. 44:07इस वैल्यू को हम पास करते हैं टू अ स्पेशल
  1304. 44:09फंक्शन व्हिच इज़ कॉल्ड एन एक्टिवेशन
  1305. 44:11फंक्शन। तो ये f कोई भी एक्टिवेशन फंक्शन
  1306. 44:14हो सकता है। हमारे पास मल्टीपल एक्टिवेशन
  1307. 44:16फंक्शनंस हैं जो एग्जिस्ट करते हैं। इनमें
  1308. 44:17से एक काफी कॉमन एक्टिवेशन फंक्शन है
  1309. 44:19हमारा सिग्मोइड फंक्शन व्हिच इज़ बेसिकली 1
  1310. 44:21/ 1 + e टू दी पावर ज़ वी हैव अनदर
  1311. 44:24एक्टिवेशन फंक्शन व्हिच इज़ रेल यू
  1312. 44:26रेक्टिफाइड लीनियर यूनिट। तो इस तरीके से
  1313. 44:28हमारे पास मल्टीपल एक्टिवेशन फंक्शनंस
  1314. 44:29होते हैं। डिपेंडिंग अपॉन हम किस तरीके की
  1315. 44:31प्रॉब्लम है जिसको सॉल्व कर रहे हैं। किस
  1316. 44:33तरीके का मॉडल है जिसको हम बिल्ड कर रहे
  1317. 44:34हैं। तो वेटेड सम को हम कैलकुलेट करके
  1318. 44:36एक्टिवेशन फंक्शन में पास करते हैं। और जो
  1319. 44:38फाइनल वैल्यू आती है फिर उसको हम अपनी
  1320. 44:40नेक्स्ट लेयर की तरफ पास ऑन करते हैं। तो
  1321. 44:42इस तरीके से हर एक जो न्यूरॉन होता है
  1322. 44:44अपने लिए अपनी वैल्यूज़ को कैलकुलेट करता
  1323. 44:46है। कुछ कंप्यूटेशंस, कुछ लॉजिक को
  1324. 44:47परफॉर्म करता है और अपने नेक्स्ट लेवल पर
  1325. 44:49वैल्यूज़ को पास ऑन करता है। तो इस तरीके
  1326. 44:51से एव्री सिंगल न्यूरॉन इज़ मेकिंग सम
  1327. 44:54कंप्यूटेशंस। अ लॉट ऑफ़ कंप्यूटेशंस आर
  1328. 44:55हैपनिंग इन द न्यूरल नेटवर्क। और फाइनली
  1329. 44:57आउटपुट लेयर हमारे लिए कुछ प्रेडिक्शन
  1330. 44:59परफॉर्म करती है। कुछ आउटपुट को जनरेट
  1331. 45:02करती है। सो दिस इज़ फॉरवर्ड प्रोपगेशन
  1332. 45:04जिसमें हमने कुछ इनपुट पास किया और फाइनली
  1333. 45:06हमें कुछ कंप्यूटेशंस के बाद अपना
  1334. 45:08प्रेडिक्शन मिल गया। अब बैकवर्ड प्रोपगेशन
  1335. 45:10में क्या होता है? बैकवर्ड प्रोपगेशन में
  1336. 45:12इस प्रेडिक्शन को हम कंपेयर करते हैं विद
  1337. 45:14व्हाट द एक्सपेक्टेड वैल्यू वाज़। अभी हम
  1338. 45:16ट्रेन कर रहे हैं मॉडल को। मॉडल को जब हम
  1339. 45:18ट्रेन कर रहे हैं, हमारे पास पुराना डेटा
  1340. 45:20है। पुराने डेटा के बेसिस पर हमें पता है
  1341. 45:21कि एक्सपेक्टेड वैल्यू क्या होनी चाहिए।
  1342. 45:23एंड इफ आवर प्रेडिक्शन वाज़ रॉन्ग तो एक
  1343. 45:25तरीके से हम क्वांटिफाई करने की कोशिश
  1344. 45:27करते हैं। ठीक है? हमारा प्रेडिक्शन गलत
  1345. 45:29था पर कितना गलत था। हम बेसिकली अपना लॉस
  1346. 45:32कैलकुलेट करने की कोशिश करते हैं विद अ
  1347. 45:34स्पेशल फंक्शन व्हिच इज़ कॉल्ड अ लॉस
  1348. 45:36फंक्शन। तो लॉस फंक्शन से हम क्वांटिफाई
  1349. 45:39करते हैं कि ठीक है हमारे मॉडल ने गलत
  1350. 45:40प्रेडिक्शन दिया। कंप्लीटली एक्यूरेट
  1351. 45:42प्रेडिक्शन नहीं दिया। क्योंकि कंप्लीटली
  1352. 45:44एक्यूरेट दे देता तो तब तो हमारा मॉडल
  1353. 45:45फुल्ली ट्रेन हो गया। पर हर एक इनपुट के
  1354. 45:47लिए कंप्लीटली एक्यूरेट प्रेडिक्शन नहीं
  1355. 45:49आता। तो प्रेडिक्शन अगर एक्यूरेट नहीं है
  1356. 45:51तो हमें कैलकुलेट करना पड़ेगा कितनी
  1357. 45:52इनक्यूरेसी है। जितनी भी हमारे पास
  1358. 45:54इनक्यूरेसी आएगी मतलब जितना हमारा मॉडल
  1359. 45:56गलत है उसी हिसाब से हम अपने बायस एंड
  1360. 45:58अपने वेट्स को अपडेट करेंगे। एडजस्ट कर
  1361. 46:01देंगे। जैसे हमने अपने सीजीपीए वाले
  1362. 46:03एग्जांपल के अंदर एडजस्टमेंट किए थे वैसे
  1363. 46:05ही हम अपने न्यूरल नेटवर्क के अंदर अपने
  1364. 46:06वेट्स को अपडेट करते हैं। अपनी बायस को
  1365. 46:09एडजस्ट करते हैं। तो अब हम क्या करेंगे?
  1366. 46:11बैकवर्ड प्रोपगेशन में लॉस फंक्शन से वी
  1367. 46:12विल कैलकुलेट आवर लॉस। एंड बैकवर्ड्स हम
  1368. 46:15मूव करेंगे फ्रॉम द आउटपुट लेयर टू द हिडन
  1369. 46:17लेयर्स। मल्टीपल हिडन लेयर्स और हर एक
  1370. 46:20लेवल पर हम अपने वेट्स को बायसेस को
  1371. 46:21एडजस्ट करते हुए चले जाएंगे। पर यह जो
  1372. 46:23एडजस्टमेंट है यह इनपुट लेयर के लिए नहीं
  1373. 46:25होता क्योंकि इनपुट में तो फिक्स्ड इनपुट
  1374. 46:26है जो पास होता है। तो बाकी सारी लेयर्स
  1375. 46:28के लिए हम बैकवर्ड प्रोपगेशन करते हैं और
  1376. 46:30अपनी वैल्यूज को एडजस्ट करते हैं। एंड यही
  1377. 46:32जो फॉरवर्ड बैकवर्ड प्रोपगेशन का प्रोसेस
  1378. 46:34है इसको हम हर एक सिंगल डेटा एंट्री के
  1379. 46:37लिए अपने नेटवर्क के अंदर रिपीट करते हैं।
  1380. 46:38अगर हमारे पास बहुत सारा डेटा है। एक
  1381. 46:40सिंगल एंट्री के लिए फॉरवर्ड प्रोपगेशन भी
  1382. 46:41होगा, बैकवर्ड भी होगा। थोड़ा सा वेट
  1383. 46:43एडजस्ट करेंगे। फिर नेक्स्ट डेटा एंट्री
  1384. 46:44के लिए दोबारा फॉरवर्ड बैकवर्ड प्रोपगेशन
  1385. 46:46होगा। थोड़ा सा एडजस्टमेंट करेंगे। तो इस
  1386. 46:48तरीके से हर बार इस तरीके से हम
  1387. 46:49एडजस्टमेंट करते हैं कि लॉस फंक्शन में जो
  1388. 46:51डेविएशन कैलकुलेट हो रहा है, वी ट्राई टू
  1389. 46:53मिनिमाइज दैट वैल्यू। सो दैट वी कैन गेट
  1390. 46:55मोर एंड मोर करेक्ट प्रेडिक्शन या मोर एंड
  1391. 46:58मोर एक्यूरेट प्रेडिक्शंस। इसीलिए न्यूरल
  1392. 47:00नेटवर्क्स को हम जितना ज्यादा डेटा फीड
  1393. 47:02करते हैं, उतना ज्यादा वो करेक्ट
  1394. 47:04प्रेडिक्शनंस करते हैं। क्योंकि हर बार
  1395. 47:06जैसे-जैसे एक डेटा एंट्री हमारे न्यूरल
  1396. 47:08नेटवर्क को ट्रेन करती है, वैसे-वैसे
  1397. 47:09हमारा मॉडल जो है वो और ज्यादा एक्यूरेट
  1398. 47:12होना स्टार्ट हो जाता है। सो दिस इज़ हाउ
  1399. 47:14वी ट्रेन आवर न्यूरल नेटवर्क। और एक बार
  1400. 47:16ये नेटवर्क ट्रेन हो गया। नेटवर्क ट्रेन
  1401. 47:17होने का मतलब है हमने वेट वैल्यूज़ को फिगर
  1402. 47:20आउट कर लिया। हमने बायस की करेक्ट वैल्यूज़
  1403. 47:21को फिगर आउट कर लिया। उसके बाद वी कैन यूज़
  1404. 47:23दिस मॉडल टू मेक प्रेडिक्शनंस फॉर द न्यू
  1405. 47:25डेटा। तो जैसे हमने ग्रेडिंग सिस्टम
  1406. 47:27डिज़ाइन किया था वैसे ही हम अपने न्यूरल
  1407. 47:29नेटवर्क्स को डिज़ाइन करते हैं। फिर वो नई
  1408. 47:30प्रेडिक्शनंस करते हैं एंड नए कैलकुलेशंस
  1409. 47:32करते हैं। अब व्हाट आर द डिफरेंट टूल्स
  1410. 47:34दैट वी यूज़्ड टू वर्क विद न्यूरल
  1411. 47:35नेटवर्क्स। उसमें दो मेन लाइब्रेरीज़ हमारे
  1412. 47:37पास आ जाती हैं। टेंसर फ्लो एंड पाई
  1413. 47:39टॉर्च। पाई टॉर्च जो है इसको मेटा ने
  1414. 47:41बनाया है। टेंसर फ्लो को Google ने बनाया
  1415. 47:43है। तो ये काफी दो सबसे पॉपुलर लाइब्रेरीज़
  1416. 47:45हैं। टूल्स हैं जिनको हम यूज़ करते हैं
  1417. 47:46न्यूरल नेटवर्क्स के साथ वर्क करने के
  1418. 47:48लिए। इसमें पाई टॉर्च इज़ मोर एकेडमिक एंड
  1419. 47:51टेंसर फ्लो इज़ मोर इंडस्ट्रियल इन नेचर।
  1420. 47:53तो इट इज़ माज़ माय पर्सनल सजेशन कि अगर हम
  1421. 47:55डीप लर्निंग एल्गोरिदम्स को सीख रहे हैं,
  1422. 47:56देन वी शुड स्टार्ट लर्निंग इट विद पाईटच
  1423. 47:58बिकॉज़ इट विल बी मोर सिंपलर एंड मोर
  1424. 48:00इंट्यूटिव फॉर अस एज़ अ बिगिनर। इसके साथ
  1425. 48:02में वी आल्सो हैव अनदर प्लेटफार्म व्हिच
  1426. 48:04इज़ कैगल। कैगल को हम डिफरेंट डेटा सेट्स
  1427. 48:06के लिए यूज़ करते हैं। क्योंकि मशीन
  1428. 48:08लर्निंग एल्गोरिथ्म्स को डीप लर्निंग
  1429. 48:09एल्गोरिथम्स को बहुत सारा डेटा चाहिए होता
  1430. 48:10है। तो ये डेटा एक काफी पॉपुलर वेबसाइट है
  1431. 48:13जिसके ऊपर अवेलेबल होता है। मल्टीपल डेटा
  1432. 48:14सेट्स हैं जिनको हम यूज़ कर सकते हैं। तो
  1433. 48:16कैगल इज़ समथिंग जिसको हम डीप लर्निंग के
  1434. 48:18लिए भी यूज़ करते हैं एंड जिसको हम
  1435. 48:19स्टैटिस्टिकल मशीन लर्निंग के लिए भी यूज़
  1436. 48:20कर सकते हैं। अब उसके साथ में डीप लर्निंग
  1437. 48:22के अंदर क्योंकि बहुत सारा डेटा यूज़ होता
  1438. 48:24है। तो नॉर्मल CPU के अंदर इतना डेटा
  1439. 48:26स्टोर करना पॉसिबल नहीं है। तो जब भी हम
  1440. 48:28न्यूरॉन नेटवर्क्स को ट्रेन करते हैं या
  1441. 48:30तो हमें अपने सिस्टम के अंदर एक्स्ट्रा
  1442. 48:31GPU चाहिए होता है। नहीं तो हम क्लाउड पर
  1443. 48:34मशीनंस हैं जिनको ओरेंट कर सकते हैं। वी
  1444. 48:36कैन यूज़ डिफरेंट प्लेटफॉर्म्स। वी कैन गेट
  1445. 48:38मशीनंस एंड ट्रेन आवर मॉडल्स ऑन क्लाउड।
  1446. 48:40सो दीज़ आर द डिफरेंट टूल्स दैट वी यूज़।
  1447. 48:42नेक्स्ट वी आर गोइंग टू लर्न अबाउट द
  1448. 48:43डिफरेंट न्यूरल नेटवर्क आर्किटेक्चर्स।
  1449. 48:45न्यूरल नेटवर्क्स के अंदर वी हैव मल्टीपल
  1450. 48:47आर्किटेक्चर्स। जैसे एफएनएन हो गए फीड
  1451. 48:49फॉरवर्ड न्यूरल नेटवर्क, रेकरेंट न्यूरल
  1452. 48:50नेटवर्क्स हो गए, आरएनए, सीएनएन हो गए,
  1453. 48:52कॉन्वोल्यूशनल न्यूरल नेटवर्क्स एंड हमारे
  1454. 48:54ट्रांसफार्मर्स हो गए। दीज़ आर द फोर मोस्ट
  1455. 48:57पॉपुलर एंड मोस्ट यूज़फुल न्यूरल
  1456. 48:58नेटवर्क्स। पर इसके अलावा भी और बहुत सारे
  1457. 49:00यूज़फुल नेटवर्क्स होते हैं। जैसे रेन
  1458. 49:02न्यूरल नेटवर्क्स का ही एक एडवांस्ड वर्जन
  1459. 49:04हमारे पास होते हैं। लॉन्ग शॉर्ट टर्म
  1460. 49:05मेमोरी नेटवर्क्स। उसके अलावा वी आल्सो
  1461. 49:08हैव गैंस व्हिच आर जनरेटिव एडवर्सियल
  1462. 49:10नेटवर्क्स। तो वी हैव अ लॉट ऑफ न्यूरल
  1463. 49:12नेटवर्क टाइप्स। हम चार पॉपुलर नेटवर्क
  1464. 49:14टाइप्स को पढ़ने वाले हैं। सबसे पहले
  1465. 49:16नेटवर्क टाइप है फीड फॉरवर्ड न्यूरल
  1466. 49:18नेटवर्क। एक बार हमारा न्यूरल नेटवर्क
  1467. 49:20ट्रेन हो गया। तो प्रेडिक्शन के टाइम पर
  1468. 49:22जिन नेटवर्क्स के अंदर इंफॉर्मेशन एक ही
  1469. 49:24सिंगल फ्लो के अंदर मूव करती है एंड देयर
  1470. 49:27आर नो लूप्स, नो साइकिल्स। इस तरीके के
  1471. 49:29न्यूरल नेटवर्क्स को हम फीड फॉरवर्ड
  1472. 49:31न्यूरल नेटवर्क कहते हैं एफएन। तो इस
  1473. 49:33न्यूरल नेटवर्क में एक बार हमने अपने डेटा
  1474. 49:35को प्रोसेस किया तो डेटा पाससेस थ्रू
  1475. 49:37मल्टीपल लेयर्स और फाइनली हमारे पास एक
  1476. 49:38प्रेडिक्शन निकल कर आ जाता है। दीज़ टाइप
  1477. 49:40ऑफ़ न्यूरल नेटवर्क्स आर नॉट गुड फॉर
  1478. 49:42सीक्वेंशियल डेटा और टाइम डिपेंडेंट डेटा।
  1479. 49:44तो इन्हें हम जो हमारे सिंपल प्रेडिक्शनंस
  1480. 49:46होते हैं उनके लिए यूज़ करते हैं। जैसे हम
  1481. 49:47इन्हें मेडिकल डायग्नोसिस के लिए यूज़ कर
  1482. 49:49सकते हैं या फिर इफ वी हैव अ लोन अप्रूवल
  1483. 49:51एप्लीकेशन तो उस तरीके के मॉडल्स को बिल्ड
  1484. 49:53करने के लिए हम एफएन को यूज़ कर सकते हैं।
  1485. 49:56सेकंड टाइप ऑफ न्यूरल नेटवर्क्स आर
  1486. 49:57रेकरेंट न्यूरल नेटवर्क्स। रेकरेंट न्यूरल
  1487. 50:00नेटवर्क्स के अंदर देयर इज़ अ स्पेशल थिंग
  1488. 50:03दैट कम्स अप व्हिच इज़ मेमोरी। तो आरएनए जो
  1489. 50:06होते हैं दे रिमेंबर द इनफेशन फ्रॉम
  1490. 50:08प्रीवियस स्टेप्स एंड दैट इनेशन इज़ यूज्ड
  1491. 50:10टू इन्फ्लुएंस द करंट स्टेप्स आउटपुट। तो
  1492. 50:13आरएनएस के अंदर हम लूप बैक कर सकते हैं टू
  1493. 50:15रीयूज द इनफेशन। एंड इसीलिए इन नेटवर्क्स
  1494. 50:17को हम रेकरेंट कहते हैं। तो आरएनएस को
  1495. 50:19हैवली हम सीक्वेंशियल डेटा के लिए यूज़ कर
  1496. 50:21सकते हैं। जहां पर कॉन्टेक्स्ट मैटर करता
  1497. 50:23है। जैसे फॉर एग्जांपल हमारे पास
  1498. 50:24टेक्सचुअल डेटा है। टेक्सचुअल डेटा के
  1499. 50:26अंदर हमारे पास एक सेंटेंस है राज इज़
  1500. 50:28हैप्पी। तो इस तरीके का जो डेटा है इसको
  1501. 50:30हम सीक्वेंशियल डेटा कहेंगे। अब इस डेटा
  1502. 50:32में हमें अगर कॉन्टेक्स्ट ढूंढना है कि
  1503. 50:33ठीक है समबडी इज़ हैप्पी बट वी वांट टू
  1504. 50:35फाइंड आउट द कॉन्टेक्स्ट हु इज़ हैप्पी। तो
  1505. 50:37अगर हमें फिगर आउट करना है हु एग्जैक्टली
  1506. 50:39इज़ हैप्पी। तो उसके लिए हमें प्रीवियस
  1507. 50:41इनेशन की जरूरत पड़ेगी कि राज अ पर्सन इज़
  1508. 50:44द पर्सन हु इज़ हैप्पी इन दिस सेंटेंस। तो
  1509. 50:47इस तरीके का डेटा जहां पर कॉन्टेक्स्ट
  1510. 50:49काफी ज्यादा मैटर करता है वहां पर हम अपने
  1511. 50:51आरएनएस को यूज़ करते हैं। तो आरएनएस को हम
  1512. 50:53लैंग्वेज ट्रांसलेशन के लिए यूज़ कर सकते
  1513. 50:54हैं। स्पीच रिकॉग्निशन के लिए यूज़ कर सकते
  1514. 50:56हैं। इनफैक्ट स्टॉक प्रेडिक्शनंस के लिए
  1515. 50:58भी यूज़ कर सकते हैं। क्योंकि स्टॉक के
  1516. 50:59अंदर हमें पुराना डेटा चाहिए होता है टू
  1517. 51:01मेक सम प्रेडिक्शनंस। अब आरएस का ड्रॉबैक
  1518. 51:04इज़ दैट दे आर गुड इट सीक्वेंसेस बट दे आर
  1519. 51:05बैड एट लॉन्ग टर्म मेमोरी। तो इन्हीं का
  1520. 51:07हम एक एडवांस्ड वर्जन यूज़ करते हैं व्हिच
  1521. 51:08इज़ लॉन्ग शॉर्ट टर्म मेमोरी नेटवर्क। तो
  1522. 51:10इस नेटवर्क को लॉन्ग टर्म मेमोरी के लिए
  1523. 51:12हम ज्यादा यूज़ करते हैं एज़ कंपेयर टू
  1524. 51:13ट्रेडिशनल आरएनएस। थर्ड टाइप ऑफ़ न्यूरल
  1525. 51:16नेटवर्क्स आर कॉनवोल्यूशनल न्यूरल
  1526. 51:17नेटवर्क्स। अब सीएनएन को वैसे इन डेप्थ
  1527. 51:19में समझने में थोड़ा सा टाइम लग सकता है
  1528. 51:20बिकॉज़ दे आर कॉम्प्लेक्स नेटवर्क्स। बट वी
  1529. 51:22विल ट्राई टू गेट एन ओवरव्यू आईडिया ऑफ़
  1530. 51:24व्हाट सीएनएस आर। सीएनएन कॉन्वोल्यूशनल
  1531. 51:27न्यूरल नेटवर्क्स जो होते हैं इनको हम
  1532. 51:28डेडिकेटेडली स्पेशली यूज़ करते हैं फॉर आवर
  1533. 51:31इमेजज़, फॉर आवर वीडियोस। तो इस तरीके का
  1534. 51:33जो डेटा होता है जो ग्रिड की फॉर्म में
  1535. 51:35ग्रिड की फॉर्म में रिप्रेजेंट हो सकता है
  1536. 51:37उस डेटा के लिए सीएनएन बहुत अच्छा परफॉर्म
  1537. 51:39करते हैं। जैसे एक एग्जांपल लेते हैं।
  1538. 51:41लेट्स सपोज़ हमारे पास एक ब्लैक एंड वाइट
  1539. 51:44इमेज है। हमारे पास कोई डेटा है जो ब्लैक
  1540. 51:47एंड वाइट इमेजज़ की फॉर्म में है। और उस
  1541. 51:49डेटा को हम रिप्रेजेंट करते हैं इन द
  1542. 51:51फॉर्म ऑफ़ अ 6/6 ग्रिड। तो हमारी वो ग्रिड
  1543. 51:53कैसी दिखेगी? वो हमारी ग्रिड ऐसी दिखेगी।
  1544. 51:56अब जितनी भी हमारे पास ब्लैक एंड वाइट
  1545. 51:57फोटो होती हैं हमें पता है उन फोटोस को
  1546. 51:59अगर हमें किसी भी नेटवर्क को फीड करना है
  1547. 52:01या अगर हम कंप्यूटर को सिस्टम को अपनी कोई
  1548. 52:03इमेजेस फीड करना चाहते हैं या वीडियोस को
  1549. 52:05भी फीड करना चाहते हैं। अब क्योंकि
  1550. 52:07कंप्यूटरटर्स के पास तो हमारी तरह आईज
  1551. 52:08नहीं होती तो कंप्यूटरटर्स इमेजज़ को
  1552. 52:10वीडियोस को कैसे रीड करता है? वो उन्हें
  1553. 52:12रीड करता है इन द फॉर्म ऑफ़ ग्रिड्स। जैसे
  1554. 52:14इफ दिस एस इफ आई टेक दिस एस एज़ अ पिक्चर
  1555. 52:17तो इस पिक्चर को मेरा जो कंप्यूटर है वो
  1556. 52:20एज़ अ ग्रिड ऑफ़ पिक्सल्स की फॉर्म में रीड
  1557. 52:22करेगा। तो ऐसे ही हम ब्लैक एंड वाइट जो
  1558. 52:24इमेज हैं उनको उनकी एक पिक्सल्स की ग्रिड
  1559. 52:27है उसे इमेजिन कर सकते हैं। अब इस ग्रिड
  1560. 52:28के ऊपर लेट्स सपोज हमारे बहुत सारे नंबर्स
  1561. 52:30हैं। हमने एक फोटो फीड की एंड हमारी जो
  1562. 52:32पिक्चर है उसके ऊपर हमने एक नंबर लिखा हुआ
  1563. 52:34है व्हिच इज़ इक्वल टू वन। तो इस तरीके से
  1564. 52:36वी कैन इमेजिन दिस टू बी अ ब्लैक एंड वाइट
  1565. 52:38पिक्चर जिसके ऊपर एक वन लिखा हुआ है। तो
  1566. 52:41जब हमारी इमेज हमारे सिस्टम के अंदर फीड
  1567. 52:43होगी। इस ग्रिड के अंदर जिन भी पिक्सल्स
  1568. 52:45पर नंबर आ रहा है, दोज़ पिक्सल्स कैन बी
  1569. 52:48डिप्टेड विद वैल्यू वन। कि इन पिक्सल्स
  1570. 52:50में तो ग्रिड के अंदर वैल्यू वन होगी और
  1571. 52:52बाकी सारे पिक्सल्स क्योंकि खाली हैं, तो
  1572. 52:54वो सारे के सारे हमारी वैल्यू ज़ीरो होंगी।
  1573. 52:57तो इस तरीके से हमारी जो ब्लैक एंड वाइट
  1574. 52:58इमेजज़ हैं उनको हम सिस्टम को फीड करते
  1575. 53:00हैं। अब लेट्स सपोज ये जो इमेज का डेटा है
  1576. 53:02इसको हम किसी नॉर्मल न्यूरल नेटवर्क को
  1577. 53:04फीड करना चाहते हैं। तो हमें हर एक पिक्सल
  1578. 53:06का डेटा अपने न्यूरल नेटवर्क को देना
  1579. 53:08पड़ेगा। तो अगर इफ वी हैव अ 6/6 ग्रिड तो
  1580. 53:11हमारे पास कितने पिक्सल्स हो जाएंगे जो
  1581. 53:13हमें फीड करने पड़ेंगे? वी विल हैव 36
  1582. 53:14वैल्यूज़। तो इसके लिए हमें 36 डिफरेंट
  1583. 53:16इनपुट पॉइंट्स चाहिए होंगे टू फीड दिस
  1584. 53:19डेटा टू द नेटवर्क। अब रियल लाइफ के अंदर
  1585. 53:21जो हमारा एक सिंगल इमेज होती है, 6/6 साइज
  1586. 53:24बहुत छोटा होता है उसके अंदर हम इमेज को
  1587. 53:27नहीं लेके आ सकते। हम बहुत बड़ी-बड़ी इमेजज़
  1588. 53:30के साथ डील करते हैं रियल लाइफ के अंदर।
  1589. 53:31तो अगर हम एक बड़ी वैल्यू का भी एग्जांपल
  1590. 53:33लें तो उसमें लेट्स सपोज हमारी जो इमेज का
  1591. 53:35साइज है दैट इज 1000/ 1000 तो उस केस में
  1592. 53:38हमें कितने डिफरेंट इनपुट्स चाहिए होंगे
  1593. 53:39हमें 10 टू दी पावर सिक्स एंड यहां पर ये
  1594. 53:41समझना बहुत जरूरी है कि जब हम 10 टू दी
  1595. 53:43पावर सिक्स वाले नंबर की बात कर रहे हैं
  1596. 53:44जब हमने फॉरवर्ड एंड बैकवर्ड प्रोपगेशन की
  1597. 53:46बात की थी तो हमने देखा था कि किसी भी
  1598. 53:48न्यूरल नेटवर्क के अंदर हिडन लेयर में
  1599. 53:50सिंगल न्यूरॉन के लिए सारे के सारे इनपुट
  1600. 53:52वैल्यूज़ के लिए एक कंप्यूटेशन होता है जो
  1601. 53:54परफॉर्म होता है। तो बिकॉज़ ऑफ़ दिस 10 टू
  1602. 53:56दी पावर सिक्स वैल्यू अ सिंगल न्यूरॉन इन
  1603. 53:58द हिडन लेयर इज गोइंग टू कंप्यूट 10 टू दी
  1604. 54:01पावर सिक्स टाइम्स। तो 10 टू दी पावर
  1605. 54:03सिक्स कंप्यूटेशंस सिर्फ एक सिंगल न्यूरॉन
  1606. 54:05के लिए होंगी। और नेटवर्क के अंदर तो बहुत
  1607. 54:07सारे न्यूरॉन्स हैं जो अलग-अलग
  1608. 54:09कंप्यूटेशंस करती हैं। तो द साइज ऑफ
  1609. 54:11कंप्यूटेशंस इज़ गोइंग टू बी अ लॉट। और ये
  1610. 54:13तो सिर्फ हमने ब्लैक एंड वाइट इमेज का
  1611. 54:15एग्जांपल लिया। यहां पर अगर हमारे पास एक
  1612. 54:16कलर्ड इमेज होती। कलर्ड इमेजज़ को सिस्टम
  1613. 54:19कैसे रिकॉग्नाइज़ करता है? उसके लिए हम
  1614. 54:21आरजीबीस को यूज करते हैं। जैसे अगर हमें
  1615. 54:24कंप्यूटरटर्स को कलर्ड इमेज फीड करनी होती
  1616. 54:26है तो उसके लिए एक सिंगल ग्रिड की जगह
  1617. 54:28ब्लैक एंड वाइट पिक्सल्स की जगह हम रेड,
  1618. 54:31ग्रीन एंड ब्लू तीन अलग-अलग ग्रिड्स हैं
  1619. 54:33जो अपने कंप्यूटर को पास ऑन करते हैं। तो
  1620. 54:35वहां पर ये जो साइज हो जाएगा दिस विल बी 3
  1621. 54:38* 10 टू दी पावर 6। तो हमारी जो नंबर ऑफ
  1622. 54:40कंप्यूटेशंस हैं वो कलर्ड इमेजज़ के लिए और
  1623. 54:42ज्यादा बढ़ गई। और ये तो सिर्फ हमने इमेजज़
  1624. 54:44का एग्जांपल लिया है। अगर हमारे पास
  1625. 54:45वीडियोस हैं तो वीडियोस को हम पास करते
  1626. 54:47हैं इन द फॉर्म ऑफ डिफरेंट फ्रेम्स। हर एक
  1627. 54:49फ्रेम अपने आप में एक बड़ी कलर्ड इमेज
  1628. 54:51होती है। तो इतना सारा डेटा अगर हम नॉर्मल
  1629. 54:53न्यूरल नेटवर्क्स को पास करते हैं, देन
  1630. 54:55दैट इज़ गोइंग टू बी वेरी इंप्रैक्टिकल।
  1631. 54:57एंड यहां पर हमारे सीएनएस हमें बहुत
  1632. 54:59ज्यादा हेल्प करते हैं बाय प्रोसेसिंग ऑल
  1633. 55:01द इमेजज़ एंड प्रोसेसिंग ऑल द वीडियोस इन अ
  1634. 55:03मोर ऑप्टिमाइज्ड फैशन। सीएनएस बेसिकली
  1635. 55:06क्या करते हैं? हमारी इमेज के एक स्मॉल
  1636. 55:08पैच को एक बार में एनालाइज़ करते हैं। उसके
  1637. 55:10अंदर पैटर्न्स देखने की कोशिश करते हैं।
  1638. 55:12रिगार्डिंग कॉर्नर्स, रिगार्डिंग एजेस,
  1639. 55:14रिगार्डिंग शेप्स। एंड उस तरीके से वो
  1640. 55:16इनपुट साइज को रिड्यूस करते हैं जिसकी वजह
  1641. 55:18से डेटा बेटर ऑप्टिमाइज्ड वे में प्रोसेस
  1642. 55:20हो पाता है। सो दैट इज व्हाई वी यूज़
  1643. 55:23सीएनएस एंड दैट इज़ व्हाई सीएनए आर वेरीेंट
  1644. 55:25इन मॉडर्न एप्लीकेशनेशंस ऑफ़ एआई। तो
  1645. 55:26सीएनएस ट्राई टू लुक एट अ स्मॉल पैच ऑफ़ द
  1646. 55:29इमेज एंड दे ट्राई टू एनालाइज़ द ओवरव्यू
  1647. 55:31पिक्चर फ्रॉम इट। अब वी टॉक अबाउट द
  1648. 55:32सीएनएन आर्किटेक्चर, तो वो कुछ इस तरीके
  1649. 55:34का दिखता है जिसके अंदर वी हैव मल्टीपल
  1650. 55:36लेयर्स। तो वी कैन लुक एट द डायग्राम कि
  1651. 55:38यहां पर हमारी जो इमेज है उसके लिए एक
  1652. 55:40स्मॉल पैच को एनालाइज़ किया जा रहा है एट अ
  1653. 55:42टाइम। एंड दिस इज़ डन विथ द हेल्प ऑफ़
  1654. 55:44कर्नल। तो हमारे पास मल्टीपल लेयर्स होती
  1655. 55:45हैं। वी हैव द पुूलिंग लेयर, वी हैव द
  1656. 55:47फुल्ली कनेक्टेड लेयर, वी हैव द
  1657. 55:48कॉन्वोल्यूशन लेयर। एंड इस तरीके से हमारा
  1658. 55:50जो आर्किटेक्चर है वो वर्क करता है। अब वी
  1659. 55:52आर नॉट गोइंग टू डाइव डीप इंटू दिस लेक्चर
  1660. 55:54राइट नाउ बट इफ यू वांट अ डिटेल लेक्चर ऑन
  1661. 55:56हाउ सीएनएन वर्क्स। किस तरीके से
  1662. 55:58आर्किटेक्चर कंप्लीटली वर्क करता है? यू
  1663. 56:00कैन लेट मी नो इन द कमेंट्स एंड वी विल
  1664. 56:01हैव अ सेपरेट लेक्चर अबाउट दिस। तो सीएनएस
  1665. 56:03को हम बहुत हैवीली यूज़ करते हैं फॉर
  1666. 56:05ऑब्जेक्ट क्लासिफिकेशन, फॉर ऑब्जेक्ट
  1667. 56:06डिटेक्शन एंड फॉर वीडियो एनालिसिस।
  1668. 56:08नेक्स्ट टाइप ऑफ न्यूरल नेटवर्क्स जो काफी
  1669. 56:10ज्यादा इंपॉर्टेंट होते हैं। इनफैक्ट आज
  1670. 56:12की डेट में इनका हम काफी ज्यादा यूजेज
  1671. 56:14देखते हैं। दोज़ आर कॉल्ड ट्रांसफॉर्मर्स।
  1672. 56:16ट्रांसफॉर्मर्स बहुत इंपॉर्टेंट टाइप ऑफ
  1673. 56:18न्यूरल नेटवर्क आर्किटेक्चर होते हैं।
  1674. 56:19इनफैक्ट दे आर द ड्राइविंग फोर्स बिहाइंड
  1675. 56:22जीपीटी। जीपीटी की फुल फॉर्म है जनरेटिव
  1676. 56:26प्रीटेंड
  1677. 56:29ट्रांसफॉर्मर।
  1678. 56:31सो जीपीटी बेसिकली बिहाइंड द सीन
  1679. 56:33ट्रांसफॉर्मर्स को ही यूज़ करता है टू बी
  1680. 56:35एबल टू इंटरेक्ट विद अस। तो
  1681. 56:37ट्रांसफॉर्मर्स को स्पेशली डिजाइन किया
  1682. 56:39गया है टू एनालाइज सीक्वेंशियल डेटा
  1683. 56:41विदाउट आरएनएस। ट्रांसफॉर्मर्स कैसे डिफर
  1684. 56:43करते हैं? ट्रांसफॉर्मर्स हमारे पास इस
  1685. 56:44तरीके का कोई सीक्वशियल डेटा होता है।
  1686. 56:46उसको स्टेप बाय स्टेप एनालाइज़ नहीं करते।
  1687. 56:48वो ओवरऑल डेटा को देखते हैं। एंड फिर
  1688. 56:51बिकॉज़ ऑफ़ अ मैकेनिज़्म व्हिच इज़ कॉल्ड
  1689. 56:53अटेंशन। देयर इज़ अ स्पेशल मैकेनिज़्म इन
  1690. 56:55ट्रांसफॉर्मर्स व्हिच इज़ कॉल्ड अटेंशन। वो
  1691. 56:58डिसाइड करते हैं ओवरऑल डेटा के अंदर कि
  1692. 57:00कौन से पार्ट पर स्पेशल फोकस देना है।
  1693. 57:02व्हाट इज़ गोइंग टू बी मोर रेलेवेंट।
  1694. 57:05बेसिकली न्यूरल नेटवर्क्स के पास अगर कोई
  1695. 57:07भी टेक्स्ट आता है, कोई भी स्ट्रिंग आती
  1696. 57:08है, तो सबसे पहले दिस थिंग इज कनवर्टेड
  1697. 57:10इनू टोकंस। तो कोई भी टेक्स्ट होता है,
  1698. 57:12इसके अंदर हम मल्टीपल टोकंस क्रिएट करते
  1699. 57:15हैं। ये अलग टोकन हो जाएगा, ये अलग टोकन
  1700. 57:16हो जाएगा। तो इस तरीके से एक स्ट्रिंग के
  1701. 57:18अंदर से मल्टीपल टोकंस डिराइव होते हैं।
  1702. 57:20एंड देन फॉर ऑल द टोकंस वी कंप्यूट समथिंग
  1703. 57:22कॉल्ड दी अटेंशन स्कोर। सो फॉर ऑल द टोकंस
  1704. 57:25वी ट्राई टू कैलकुलेट देयर अटेंशन स्कोर
  1705. 57:27विथ ईच अदर। तो उससे हमारे पास जो
  1706. 57:29सीक्वेंशियल डेटा होता है उससे हमारे पास
  1707. 57:30जो टेक्स्ट होता है उसके अंदर हमें
  1708. 57:32कॉन्टेक्स्ट एंड मीनिंग समझने में बहुत
  1709. 57:34ज्यादा हेल्प होती है। जैसे फॉर एग्जांपल
  1710. 57:36यहां पर इफ वी हैव अ सेंटेंस जिसमें द डॉग
  1711. 57:39चज़ द कैट बिकॉज़ इट वाज़ स्केर्ड। तो अगर हम
  1712. 57:41जानना चाहते हैं यहां पर इट कौन है तो
  1713. 57:43उसके लिए कॉन्टेक्स्ट एंड मीनिंग ऑफ़ द
  1714. 57:46डेटा मैटर्स अ लॉट। तो हमें एनालाइज़ करके
  1715. 57:49पता चलेगा इट बेसिकली इज़ रिलेटिंग विथ दिस
  1716. 57:52डॉग कीवर्ड। तो ट्रांसफॉर्मर्स गिव अस अ
  1717. 57:54स्ट्रांग सेंस ऑफ़ द मीनिंग एंड
  1718. 57:56कॉन्टेक्स्ट बिहाइंड द डेटा। इफ वी टॉक
  1719. 57:58अबाउट द आर्किटेक्चर तो ट्रांसफॉर्मर्स का
  1720. 57:59आर्किटेक्चर कुछ ऐसा होता है। इस
  1721. 58:01आर्किटेक्चर को भी अभी हम डिटेल में कवर
  1722. 58:03नहीं करेंगे। इफ यू वांट अ स्पेशल
  1723. 58:05डेडिकेटेड सेशन अबाउट ट्रांसफॉर्मर्स देन
  1724. 58:07यू कैन लेट मी नो इन द कमेंट्स एंड वी विल
  1725. 58:08ब्रिंग अनदर लेक्चर जिसके अंदर वी कैन
  1726. 58:10डेडिकेटेडली टॉक अबाउट द आर्किटेक्चर ऑफ़
  1727. 58:12ट्रांसफॉर्मर्स। सो दिस वाज़ ऑल अबाउट
  1728. 58:13न्यूरल नेटवर्क आर्किटेक्चर्स। नेक्स्ट वी
  1729. 58:15आर गोइंग टू लर्न अबाउट जनरेटिव एआई। तो
  1730. 58:18अभी तक हमने ओवरव्यू के अंदर अपने एआई की
  1731. 58:21बात की थी। एंड एआई के अंदर हमने मशीन
  1732. 58:23लर्निंग को डिटेल में स्टडी किया। मशीन
  1733. 58:26लर्निंग के अंदर हमने एक और उसके सबडोमेन
  1734. 58:28को डिटेल में डिस्कस किया व्हिच वाज़ डीप
  1735. 58:30लर्निंग जिसमें वी टॉक्ड अबाउट न्यूरल
  1736. 58:32नेटवर्क्स। कैसे उन्हें ट्रेन करते हैं?
  1737. 58:33व्हाट आर द डिफरेंट आर्किटेक्चर्स। एंड
  1738. 58:35इसी की अब एक सबसेट या सबडोमेन या
  1739. 58:37एप्लीकेशनेशंस के बारे में हम डिटेल में
  1740. 58:39बात करने वाले हैं। व्हिच इज़ कॉल्ड जेन
  1741. 58:42एआई। दैट इज़ जनरेटिव एआई। जनरेटिव एआई इज
  1742. 58:45दैट पार्ट ऑफ एआई जिसके अंदर हम टेक्स्ट
  1743. 58:48को, ऑडियो को, वीडियो को, इमेजज़ को जनरेट
  1744. 58:50करने का काम करते हैं। तो अभी तक जितनी भी
  1745. 58:52ट्रेडिशनल मशीन लर्निंग को हमने डिस्कस
  1746. 58:54किया वहां पर हम कुछ ना कुछ इनपुट के
  1747. 58:56बेसिस पर अपनी कुछ क्लासिफिकेशंस कर रहे
  1748. 58:58थे। कुछ हम प्रेडिक्शनंस कर रहे थे बेस्ड
  1749. 58:59ऑन द पैराटर्स। बट जेरेटिव एआई के अंदर हम
  1750. 59:02कोई नई चीज जनरेट करने की कोशिश करते हैं।
  1751. 59:04एंड दैट इज़ हाउ जेन एआई इज़ स्पेशल। एंड आज
  1752. 59:07की डेट में देयर आर अ लॉट ऑफ़ एआई टूल्स
  1753. 59:09व्हिच यूज़ जेन एआई बिहाइंड द सीन्स। इसमें
  1754. 59:11चैट जीपीटी इज़ अ वेरी पॉपुलर एग्जांपल
  1755. 59:13जिसको हम अपने होमवर्क्स सॉल्व करने के
  1756. 59:15लिए यूज़ कर सकते हैं। GitHub कोपायलट इज़
  1757. 59:17आल्सो अनदर पॉपुलर एग्जांपल जो हमारे लिए
  1758. 59:19कोड को जनरेट करता है। सोरा इज़ अनदर
  1759. 59:21पॉपुलर एग्जांपल जो हमारे लिए वीडियोस को
  1760. 59:23जनरेट करता है। तो इस तरीके से वी हैव
  1761. 59:24मल्टीपल टूल्स इन द मार्केट व्हिच जनरेट
  1762. 59:26डिफरेंट काइंड्स ऑफ़ डेटा फॉर अस। सो इफ वी
  1763. 59:28लुक एट ऑल द डिफरेंट टूल्स फॉर जनरेटिव
  1764. 59:30एआई। टेक्स्ट के लिए वी हैव जीपीटी।
  1765. 59:32जीपीडी इज़ क्रिएटेड बाय ओपन एआई एंड ओपन
  1766. 59:34एआई इज़ फंडेड बाय Microsoft. देन वी हैव
  1767. 59:36क्लॉड व्हिच इज़ बिल्ट बाय अ कंपनी कॉल्ड
  1768. 59:38एंथ्रोपिक व्हिच इज़ फंडेड बाय Amazon. देन
  1769. 59:40वी हैव जेमिनाई व्हिच इज़ बिल्ट बाय
  1770. 59:42Google, वी हैव लामा व्हिच इज़ बिल्ट बाय
  1771. 59:44मेटा। एंड इसके अलावा भी बहुत सारी टूल्स
  1772. 59:46हमारे पास अवेलेबल हैं। इमेजेस में वी हैव
  1773. 59:48मिड जर्नी। वी हैव डैली, वी हैव स्टेबल
  1774. 59:50डिफ्यूज़। इसके अंदर स्टेबल डिफ्यूज़न इज़
  1775. 59:52ओपन सोर्स एंड रेस्ट आर क्लोज सोर्स।
  1776. 59:54ऑडियो के लिए वी हैव 11 लैब्स, बार्क,
  1777. 59:56म्यूजिक जैन। वीडियोस के लिए वी हैव सोरा,
  1778. 59:58रनवे, वेहेन। कोड के लिए वी हैव गेट हब को
  1779. 1:00:00पायलट, वी हैव कोड लामा, वी हैव कोड
  1780. 1:00:02विस्पर बाय Amazon व्हिच इज़ स्पेसिफिकली
  1781. 1:00:04फोकस्ड ऑन एडब्ल्यूएस एंड क्लाउड
  1782. 1:00:06डेवलपमेंट। तो इस तरीके से आज की डेट में
  1783. 1:00:08देयर आर अ लॉट ऑफ जनरेटिव एआई टूल्स व्हिच
  1784. 1:00:11आर अवेलेबल इन द मार्केट एंड दैट वी कैन
  1785. 1:00:13यूज़ टू जनरेट न्यू काइंड्स ऑफ़ कंटेंट। अब
  1786. 1:00:15जब भी हम जनरेटिव एआई को समझना चाहते हैं,
  1787. 1:00:17दो और इंपॉर्टेंट टर्म्स हैं जिनको समझना
  1788. 1:00:19बहुत जरूरी है। व्हिच आर एनएलपी एंड
  1789. 1:00:21एलएलएम्स। अब सिंस दीज़ आर बिग कॉन्सेप्ट्स
  1790. 1:00:23वी कांट रियली अंडरस्टैंड एवरीथिंग इन
  1791. 1:00:26डेप्थ अबाउट देम इन अ शॉर्ट पीरियड ऑफ़
  1792. 1:00:27टाइम। बट वी विल ट्राई टू अंडरस्टैंड द
  1793. 1:00:29ओवरव्यू मीनिंग ऑफ एनएलपी एंड एलएलएम्स।
  1794. 1:00:32ताकि नेक्स्ट टाइम जब किसी कन्वर्सेशन के
  1795. 1:00:33अंदर, किसी सेशन के अंदर हम एनएलपी या
  1796. 1:00:35एलएलएम वर्ड्स को सुने तो उनके मतलब उनके
  1797. 1:00:38एक्चुअल इंट्यूशन हमारे अंदर हो। सबसे
  1798. 1:00:40पहले बात करते हैं अबाउट एनएलपी। एनएलपी
  1799. 1:00:42स्टैंड्स फॉर नेचुरल
  1800. 1:00:44लैंग्वेज
  1801. 1:00:46प्रोसेसिंग। एनएलपी इज अ फील्ड इज अ डोमेन
  1802. 1:00:50ऑफ मशीन लर्निंग जिसके अंदर हम लैंग्वेज
  1803. 1:00:53के साथ डील करते हैं। सो दिस इज़ अ फील्ड
  1804. 1:00:55ऑफ मशीन लर्निंग व्हेयर वी टीच मशीनंस टू
  1805. 1:00:57अंडरस्टैंड, इंटरप्रेट एंड जनरेट ह्यूमन
  1806. 1:00:59लैंग्वेजज़। जैसे इंग्लिश हो गई, हिंदी हो
  1807. 1:01:01गई या फ्रेंच हो गई। तो जब भी हम इस तरीके
  1808. 1:01:04के सिस्टम्स के साथ डील करते हैं या इस
  1809. 1:01:05तरीके के मॉडल्स के साथ डील करते हैं जो
  1810. 1:01:07ह्यूमन लैंग्वेज से रिलेट करते हैं।
  1811. 1:01:09ह्यूमन लैंग्वेज को जनरेट करने का काम
  1812. 1:01:11करते हैं। ह्यूमन लैंग्वेज को इंटरप्रेट
  1813. 1:01:13करने का, अंडरस्टैंड करने का काम करते
  1814. 1:01:14हैं। तो बैक ऑफ द माइंड पे हमें ये याद
  1815. 1:01:16रखना है वहां पर हम एनएलपी को यूज़ कर रहे
  1816. 1:01:18हैं व्हिच इज़ नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग।
  1817. 1:01:20एंड एलएलएम्स आर वन टाइप ऑफ़ मॉडल्स व्हिच
  1818. 1:01:22कैन बी यूज़्ड टू सॉल्व एनएलपी टास्क। तो
  1819. 1:01:24एलएलएम्स की फुल फॉर्म होती है लार्ज
  1820. 1:01:27लैंग्वेज मॉडल्स। अब ऐसा नहीं है कि सिर्फ
  1821. 1:01:31एलएलएम्स हैं जो एनएलपी टास्क को सॉल्व
  1822. 1:01:33करने में हेल्प करते हैं। इसके अलावा भी
  1823. 1:01:34हमारे पास काफी सारे मॉडल्स होते हैं जो
  1824. 1:01:36एनएलपी टास्क को सॉल्व करते हैं। व्हिच आर
  1825. 1:01:37नॉट एलएलएम्स। पर एलएलएम्स आर वन ऑफ़ द
  1826. 1:01:40मोस्ट पॉपुलर मॉडल्स इन टुडेज़ टाइम।
  1827. 1:01:42क्योंकि जब भी हम जीपीटी की बात करते हैं,
  1828. 1:01:44जब भी हम क्लॉड की बात करते हैं, वी आर
  1829. 1:01:45बेसिकली यूज़िंग एलएलएम्स। अगर हम जीपीटी
  1830. 1:01:48की बात करें, जीपीटी फोर की बात करें, दिस
  1831. 1:01:49इज़ एन एलएलएम। अगर हम क्लॉड की बात करें,
  1832. 1:01:51दिस इज़ एन एलएलएम। अगर हम लामा की बात
  1833. 1:01:53करें, दिस इज़ एन एलएलएम। तो वी आर
  1834. 1:01:55एक्चुअली यूजिंग अ लॉट ऑफ एलएलएम्स इन द
  1835. 1:01:58फील्ड ऑफ एआई और इन टर्म्स ऑफ़ प्रैक्टिकल
  1836. 1:02:00कंज्यूमर फेसिंग टेक्नोलॉजीस टुडे। तो
  1837. 1:02:02लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स बहुत ज्यादा
  1838. 1:02:03इंपॉर्टेंट टाइप ऑफ टूल होते हैं जिनको हम
  1839. 1:02:05एनएलपी इस फील्ड के अंदर यूज़ करते हैं। तो
  1840. 1:02:08लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स को हम लार्ज क्यों
  1841. 1:02:10कहते हैं? बिकॉज़ एक तो इनके अंदर बहुत
  1842. 1:02:12ज्यादा लार्ज डेटा फीड होता है टू ट्रेन
  1843. 1:02:15देम। दे हैव अ लॉट ऑफ़ डेटा व्हिच दे आर
  1844. 1:02:17ट्रेंड ऑन। अगर हम सिर्फ टेक्स्ट की बात
  1845. 1:02:19करें तो किसी भी एलएलएम को ट्रेन करने के
  1846. 1:02:21लिए हम बहुत सारा इंटरनेट पर जो टेक्स्ट
  1847. 1:02:23अवेलेबल है उसको यूज करते हैं, बुक्स को
  1848. 1:02:25यूज़ करते हैं, आर्टिकल्स को यूज़ करते हैं।
  1849. 1:02:26सो देयर इज़ अ लॉट ऑफ़ डेटा दैट इज़
  1850. 1:02:28कंज्यूम्ड इन ट्रेनिंग दीज़ मॉडल्स। प्लस
  1851. 1:02:30ये जो मॉडल्स होते हैं इनके अंदर लार्ज
  1852. 1:02:32नंबर ऑफ पैराटर्स होते हैं। अगर हम वेट्स
  1853. 1:02:34की बात करें, अगर हम बायसेस की बात करें,
  1854. 1:02:36अगर हम न्यूरॉन्स की बात करें, तो ये जो
  1855. 1:02:37एलएलएम्स के पूरे नेटवर्क होते हैं, बहुत
  1856. 1:02:39बड़े-बड़े नेटवर्क्स होते हैं जिसके अंदर
  1857. 1:02:41बिलियंस एंड इनफैक्ट ट्रिलियंस ऑफ
  1858. 1:02:42पैरामीटर्स भी यूज़ हो सकते हैं। एंड दैट
  1859. 1:02:44इज व्हाई दीज़ मॉडल्स आर कॉल्ड लार्ज
  1860. 1:02:46लैंग्वेज मॉडल्स। तो जब भी हम कहते हैं कि
  1861. 1:02:48हम जेएनएआई को यूज़ कर रहे हैं फॉर
  1862. 1:02:49टेक्स्ट रिलेटेड टास्क। तो वी कैन ऑलमोस्ट
  1863. 1:02:51से विद श्योरिटी कि वहां पर एनएलपी एंड
  1864. 1:02:54एलएलएम्स को यूज किया जा रहा है। सो दैट
  1865. 1:02:56वी आर एबल टू जनरेट टेक्स्चुअल कंटेंट। अब
  1866. 1:02:59जब भी हम एलएलएम्स को यूज़ करने की बात
  1867. 1:03:01करते हैं ऐसा नहीं है कि सिर्फ हमने एक
  1868. 1:03:02सिंगल मॉडल बना लिया। एंड उसके बाद हमारा
  1869. 1:03:04जो मॉडल है हमारा जो एंड यूजर फेसिंग
  1870. 1:03:05प्रोडक्ट है वो प्रिपेयर हो जाता है।
  1871. 1:03:07मल्टीपल कंपनीज़ मल्टीपल डिफरेंट टेक्निक्स
  1872. 1:03:09होती हैं जो एलएलएम्स के साथ में एंप्लॉय
  1873. 1:03:11करती हैं टू मेक देम बेटर एज़ एन एंड यूजर
  1874. 1:03:14फेसिंग प्रोडक्ट। जैसे व्हेन ओपन एआई
  1875. 1:03:16क्रिएटेड चैट जीपीटी तो यह दे यूज़्ड
  1876. 1:03:18समथिंग कॉल्ड आरएलएचएफ व्हिच इज़
  1877. 1:03:20रीइंफोर्समेंट लर्निंग विथ ह्यूमन फ़ीडबैक।
  1878. 1:03:23बेसिकली हमें नहीं पता कि एलएलएम्स
  1879. 1:03:25एक्चुअली क्या आउटपुट है जिसको प्रोड्यूस
  1880. 1:03:27करने वाले हैं क्योंकि इतने सारे
  1881. 1:03:28पैरामीटर्स हो जाते हैं तो उसको कंट्रोल
  1882. 1:03:30करना सारी चीजों को एनालाइज़ करना इज़ नॉट
  1883. 1:03:32वेरी ईजी। तो ओपन एआई ने एक डेडिकेटेड टीम
  1884. 1:03:34रखी जो एलएलएम्स जो भी आउटपुट प्रोड्यूस
  1885. 1:03:36करते हैं उसको एनालाइज़ करने के लिए कि इफ
  1886. 1:03:38दिस आउटपुट इज़ रेलेवेंट और इफ द आउटपुट इज़
  1887. 1:03:41नॉन टॉक्सिक और इट इज़ सूटेबल फॉर द एंड
  1888. 1:03:44यूज़र्स। जैसे फॉर एग्जांपल अगर हम एलएलएम
  1889. 1:03:45को ट्रेन कर रहे हैं और हम उसे कहते हैं
  1890. 1:03:47टू टेल अस अ जोक एंड इफ इट टेल्स अस एन
  1891. 1:03:49ऑफेंसिव जोक जो किसी लेट्स सपोज एथेनिक
  1892. 1:03:52ग्रुप के अगेंस्ट जा रहा है व्हिच इज़
  1893. 1:03:54हर्टिंग द सेंटीमेंट्स ऑफ़ पीपल। तो हमें
  1894. 1:03:56ह्यूमन फीडबैक देना पड़ेगा टू द एलएलएम टू
  1895. 1:03:58रिमूव सच कंटेंट। तो इस तरीके से मल्टीपल
  1896. 1:04:00प्रोसेससेस लाइक रीइंफोर्समेंट लर्निंग
  1897. 1:04:02विद एडिशनल फीडबैक इज़ आल्सो समथिंग दैट
  1898. 1:04:04कैन बी यूज्ड इन द ट्रेनिंग ऑफ़ एलएलएम्स।
  1899. 1:04:06सो दिस वाज़ ऑल अबाउट एनएलपीस एंड
  1900. 1:04:08एलएलएम्स। अब जैसे एनएलपी इज अ फील्ड ऑफ
  1901. 1:04:11मशीन लर्निंग जिसके अंदर हम लैंग्वेजज़ के
  1902. 1:04:12साथ डील करते हैं। वैसे ही वी हैव अनदर
  1903. 1:04:15एआई की ब्रांच एआई की फील्ड जिसके अंदर हम
  1904. 1:04:17इमेजज़ के साथ हम वीडियोस के साथ डील करते
  1905. 1:04:19हैं। व्हिच इज़ कॉल्ड कंप्यूटर विज़न।
  1906. 1:04:21कंप्यूटर विज़न के अंदर वी अलाउ द
  1907. 1:04:23कंप्यूटरटर्स और द सिस्टम्स टू सी एंड
  1908. 1:04:25इंटरप्रेट इमेजज़। जैसे हम अपनी ह्यूमन आईज
  1909. 1:04:28से देखते हैं। तो कंप्यूटर विज़न के अंदर
  1910. 1:04:30जो भी डेटा होता है मेजॉरिटी डेटा जिसके
  1911. 1:04:32साथ डील किया जाता है वो हमारी इमेजज़ होती
  1912. 1:04:35हैं। वो हमारी वीडियोस होती हैं। तो
  1913. 1:04:37बेसिकली ये ऐसा डेटा होता है जिसको हम
  1914. 1:04:38रियल लाइफ के अंदर देखते हैं। तो कंप्यूटर
  1915. 1:04:40विज़न के अंदर सीएनएस आर वेरी पॉपुलर। हमने
  1916. 1:04:43पहले भी बात की थी कि कन्वोल्यूशन एंड
  1917. 1:04:44न्यूरल नेटवर्क्स काफी अच्छे होते हैं एट
  1918. 1:04:46प्रोसेसिंग इमेजेस एंड वीडियोस। तो सीएनएस
  1919. 1:04:49का बहुत ज्यादा रोल होता है कंप्यूटर विज़न
  1920. 1:04:51के अंदर। एंड कंप्यूटर विज़न इज़ अनदर
  1921. 1:04:52ब्रांच ऑफ़ मशीन लर्निंग जिसके अंदर
  1922. 1:04:54डेडिकेटेडली वी टॉक अबाउट द विजुअल्स एंड
  1923. 1:04:56द विजुअल इंटरप्रिटेशंस। तो कंप्यूटर विज़न
  1924. 1:04:58के भी काफी सारे प्रैक्टिकल रियल लाइफ
  1925. 1:04:59एप्लीकेशंस हैं जैसे फेस रिकॉग्निशन हो
  1926. 1:05:01गया या सेल्फ ड्राइविंग कार्स के अंदर भी
  1927. 1:05:03बहुत ज्यादा यूज़ होता है टू एक्चुअली सी द
  1928. 1:05:05रोड टू इंटरप्रेट कि रोड पर क्या-क्या
  1929. 1:05:07ऑब्जेक्ट्स हैं, वेयर आर द पेडेस्ट्रिंस।
  1930. 1:05:09तो इस तरीके की जो इनेशन होती है, उसको हम
  1931. 1:05:11कंप्यूटर विज़न के थ्रू प्रोसेस करते हैं।
  1932. 1:05:12सो नाउ वी हैव रेड अ पॉइंट व्हेयर वी कैन
  1933. 1:05:14कलनेट दिस सेशन। तो आज के सेशन के अंदर आज
  1934. 1:05:16के लेक्चर के अंदर हमने बहुत सारे
  1935. 1:05:18कॉन्सेप्ट्स के बारे में डिटेल में बात
  1936. 1:05:19की। वी स्टार्टेड विद आर्टिफिशियल
  1937. 1:05:21इंटेलिजेंस। उसके बाद हमने मशीन लर्निंग
  1938. 1:05:23को डिटेल में डिस्कस किया। मशीन लर्निंग
  1939. 1:05:24के कौन-कौन से डिफरेंट टाइप्स होते हैं?
  1940. 1:05:26उनके अंदर कौन सी सब प्रॉब्लम्स होती हैं
  1941. 1:05:28जिनको हम सॉल्व करते हैं। उसके बाद वी
  1942. 1:05:29डिस्कस्ड अबाउट डीप लर्निंग। डीप लर्निंग
  1943. 1:05:31में न्यूरल नेटवर्क्स क्या होते हैं? कैसे
  1944. 1:05:33ट्रेन होते हैं? व्हाट आर द डिफरेंट
  1945. 1:05:34आर्किटेक्चर्स एंड देन वी लर्नड अबाउट
  1946. 1:05:36टर्म्स लाइक जनरेटिव एआई, एनएलपी,
  1947. 1:05:38कंप्यूटर विज़न एंड एलएलएम्स। तो आई होप कि
  1948. 1:05:41आज के लेक्चर से हमें डिटेल में समझ में
  1949. 1:05:43आया होगा कि व्हाट एग्जैक्टली इज एi एंड
  1950. 1:05:45हाउ आर द डिफरेंट थिंग्स द डिफरेंट टूल्स
  1951. 1:05:47द डिफरेंट एल्गोरिदम्स व्हिच आर वर्किंग
  1952. 1:05:49इन द फील्ड ऑफ एi एंड किस तरीके से जो भी
  1953. 1:05:52टूल्स जो भी एप्लीकेशनेशंस को आज की डेट
  1954. 1:05:53में हम यूज़ कर रहे हैं जो बैक एंड में एआई
  1955. 1:05:55को मशीन लर्निंग को यूज़ करते हैं वो
  1956. 1:05:57एक्चुअली किस तरीके से वर्क करते हैं और
  1957. 1:05:58उनके बैक एंड में कैसा-कसा लॉजिक है जो
  1958. 1:06:00अप्लाई होता है। तो आई हैव ट्राइड माय
  1959. 1:06:02बेस्ट टू एक्सप्लेन ऑल ऑफ़ द डिफरेंट
  1960. 1:06:03कॉन्सेप्ट्स इन दिस शॉर्ट अमाउंट ऑफ़ टाइम।
  1961. 1:06:05अब इसके अलावा अगर किसी और कॉन्सेप्ट पर
  1962. 1:06:06हमें डेडिकेटेड सेशन चाहिए तो उसके लिए यू
  1963. 1:06:08कैन लेट मी नो इन द कमेंट्स। एंड उसके साथ
  1964. 1:06:10में यू कैन आल्सो लेट मी नो व्हाट वाज़ द
  1965. 1:06:11मोस्ट रेलेवेंट पार्ट फॉर यू इन टुडे
  1966. 1:06:13सेशन। कौन सा पार्ट है? कौन से
  1967. 1:06:14कॉन्सेप्ट्स हैं जिनको सीखने में आज के
  1968. 1:06:16सेशन में हमें सबसे ज्यादा मजा आया एंड
  1969. 1:06:17व्हिच वर मोस्ट यूज़फुल एंड रेलेवेंट टू
  1970. 1:06:19यू। यू कैन लेट मी नो अबाउट देम इन द
  1971. 1:06:21कमेंट टू। आज के लिए इतना ही। मिलते है
  1972. 1:06:22नेक्स्ट सेशन के अंदर। टिल देन कीप
  1973. 1:06:23लर्निंग एंड कीप एक्सप्लोरिंग।

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