दस साल में क्या दुनिया में कम्युनिज्म आ जाएगा, क्या मार्क्स की भविष्यवाणी सही होने का समय आ गया? — Transcript
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- 0:00नमस्कार।
- 0:02अभी कुछ ऐसी जानकारियां नई निकल के आई
- 0:04हैं। कुछ ऐसी नई सूचनाएं आई हैं और
- 0:07टेक्नोलॉजी को लेकर जो भविष्यवाणियां हो
- 0:09रही हैं वो आपको बड़ी अजीबोगरीब टाइप की
- 0:12एक सोच की तरफ ले जाती हैं।
- 0:16जिन्होंने मार्क्सवाद पढ़ा है
- 0:20उनको इन सारी जानकारियों में एआई के विकास
- 0:24में और जिस तरह से तेजी से दुनिया विकसित
- 0:27हो रही है।
- 0:29इसमें एक चीज दिख रही है
- 0:33और वो यह कि साम्यवाद दुनिया में साम्यवाद
- 0:36की जो परिकल्पना
- 0:391875 में कार्ल मार्क्स ने की थी
- 0:45उसके लक्षण दिख रहे हैं।
- 0:50यह दिख रहा है कि किस तरह से
- 0:54दुनिया जिस तरफ जा रही है, वह वैसी ही
- 0:57जमीनी हालत है।
- 0:59पर जमीनी हालत होना एक बात है। और जब पूरी
- 1:05धरती के रिसोर्सेज कुछ मजबूत हाथों में
- 1:07होंगे अमेरिका जैसे देशों की सरकारें अगर
- 1:11वो मजबूत हाथ चला रहे होंगे
- 1:14तो क्या मार्क्स की जो परिकल्पना थी उसके
- 1:18हिसाब से 10 साल बाद साम्यवाद दुनिया में
- 1:21कम्युनिज्म आ जाएगा? अब ये सुनने में बड़ी
- 1:26रोचक बातचीत लगती है। परंतु कुछ लोगों के
- 1:29लिए यह बोरिंग भी हो सकती है। रोजमर्रा की
- 1:32खबरों की सनसनीखेज चीजों के बीच में एक
- 1:36फिलॉसफी पर बातचीत दर्शन पे और
- 1:39अर्थशास्त्र आर्थिक दर्शन पे बातचीत अपने
- 1:42आप में आपको चौंका सकती है। लेकिन कुछ
- 1:46जोखिम कभी लेना भी चाहिए। मैं हमेशा रहता
- 1:49हूं। और यह वीडियो लोग देखें ना देखें।
- 1:54पर एक
- 1:56पैटर्न मुझे दिख रहा है। मैं कम से कम आज
- 1:58इसको रजिस्टर करना चाहता हूं जो मुझे लगता
- 2:02है। सारी चीजें सिलसिलेवार तरीके से
- 2:05रखेंगे। बहुत सारी चीजों को साथ में लेंगे
- 2:08और समझने की कोशिश करेंगे कि क्या सचमुच
- 2:11उस दिन की कल्पना 1875 में एक आदमी ने सोच
- 2:14के रखा था कि कभी ऐसा होगा। क्या वो होने
- 2:17जा रहा है? 10 साल में ही होने जा रहा है।
- 2:20कौन कह रहा है होने जा रहा है? इस पे बात
- 2:22करेंगे। मैं हूं गिरजेश वशिष्ठ। आप देख
- 2:24रहे हैं नॉकिंग न्यूज़ का YouTube चैनल।
- 2:34देखिए जो लोग कार्ल मार्क्स के सिद्धांत
- 2:37को नहीं जानते हैं, मार्क्सवाद को नहीं
- 2:39जानते हैं। सबके लिए जानना जरूरी है कि वो
- 2:41क्या था। मार्क्सवाद को लेकर लोगों की एक
- 2:43छोटी सी धारणा है। एक समाजवाद होगा सब
- 2:45बराबर होंगे टाइप का। पर मार्क्सवाद यह
- 2:48नहीं है। मार्क्सवाद कहता है कि दुनिया
- 2:51में एक आदिम साम्यवाद होता था। पूरी धरती
- 2:54पर जंगल में आदमी रहता था। जो चाहिए वो
- 2:58प्रकृति से ले लेता था। जो मर्जी हो वो
- 3:01काम करता था। सब बराबर थे। कोई छोटा ना
- 3:04कोई बड़ा। उस आदिम साम्यवाद से दुनिया
- 3:08शुरू हुई। जैसा कि जंगलों में आज जानवरों
- 3:11के बीच में भी होता है। उस आदिम साम्यवाद
- 3:14से दुनिया जब आगे बढ़ती है तो उसमें कुछ
- 3:17लोग ऐसे रहे जो कबीले होते थे उस समय
- 3:20कबीलों के सादा संसाधन होते थे। फिर
- 3:23धीरे-धीरे कुछ शक्तिशाली लोगों ने दूसरे
- 3:26लोगों को गुलाम बनाना शुरू किया। उसके बाद
- 3:29आई दास प्रथा। मालिक और गुलाम। यह
- 3:34व्यवस्था आई। यह सामाजिक विकास का इतिहास
- 3:36है जो कार्ल मार्क्स ने बहुत अच्छी तरीके
- 3:38से आगे रखा है। उसकी फिलॉसफी कहां आती है
- 3:41इस पे हम आएंगे। इसके बाद आया सामंतवाद
- 3:44फ्यूडलिज्म जिसमें मजदूर
- 3:47और किसान सामंतों यानी जमींदारों के अंतर
- 3:50में रहते थे और उस बीच में मजदूरों के बीच
- 3:53में सामंतों के साथ संघर्ष का दौर चलता है
- 3:57और वह बदल जाता है कैपिटलिज्म में
- 3:59पूंजीवाद में। यानी पूरी दुनिया में बहुत
- 4:02सारी सामंतों को लोग उखाड़ के फेंक देते
- 4:04हैं। राजा महाराजाओं को खत्म करते चले
- 4:06जाते हैं। पूरी दुनिया में हमने देखा कि
- 4:08सामंत खत्म हो रहे हैं। भारत में भी खत्म
- 4:11हो गए हैं। अब भी कुछ लोग क्या करते हैं?
- 4:12वो पूंजीवाद के अंदर घुस के उसका आनंद ले
- 4:15रहे हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया टाइप के
- 4:17लोग और बहुत सारे लोग। पर यह फ्यूडलिज्म
- 4:20भी ज्यादा समय तक नहीं टिकेगा। क्योंकि
- 4:23पूंजीवाद मतलब जिसको हम आधुनिक उसमें
- 4:25लोकतंत्र भी कहते हैं वो आ जाएगा और उसके
- 4:28अंदर जो बड़े-बड़े थैली शाह पूंजीपति हैं
- 4:31अडानी अंबानी ईलॉन मस्क से लेके और
- 4:34डोनाल्ड ट्रंप के जैसे लोगों को जेब में
- 4:36रखने वाले बड़े-बड़े लोग पीटर टिल से लेके
- 4:38सब लोग दुनिया में पावरफुल हो जाएंगे। कभी
- 4:42बिल गेट्स हो जाता है। अभी ट्रंप आए हैं
- 4:44तो बिल गेट्स साइन में खड़ा हुआ है। पर
- 4:46पूंजीपति दुनिया को चला रहे हैं। उनके पास
- 4:48ताकत बढ़ती जा रही है। संसाधन सारे के
- 4:50सारे वो बटोरते जा रहे हैं। याद कीजिए दास
- 4:53प्रथा आई मालिक के पास साधन। सामंतवाद आए
- 4:56वो दासों से बड़े थे। वो जो जो है जो जो
- 5:00मालिक थे उससे बहुत ऊपर थे सामंत। सामंतों
- 5:02से बहुत ऊपर पूंजीपति आ गए। कई सामंतों को
- 5:05जेब में रखते हैं। और यह चलते-चलते
- 5:07मार्क्स कहता है कि जब इतना ज्यादा
- 5:09बंटवारा हो जाएगा तो आम आदमी के पास कुछ
- 5:11बचेगा ही नहीं। क्योंकि पूंजीपति सारा कमा
- 5:14लेंगे। तो एक संघर्ष होगा और उसके बाद में
- 5:17साम्यवाद की तरफ हम बढ़ेंगे और साम्यवाद
- 5:20से पहले एक दशा आएगी जिसको कहते हैं
- 5:22समाजवाद। एक ऐसे ऐसा समाज जिसमें सबको
- 5:25बराबर रखने की कोशिश की जाएगी। यानी सबको
- 5:29कम से कम मिनिमम एक नौकरी के लिए वेतन
- 5:32मिलेगा। रोटी, कपड़ा, मकान सबको मिलना
- 5:35चाहिए। शिक्षा, स्वास्थ्य सबको मिलना
- 5:36चाहिए। यह एक समाजवादी व्यवस्था जो हमने
- 5:39बहुत सारे देशों में देखी। हम मानते हैं
- 5:41कि चीन में भी है। हमने सोवियत संघ में
- 5:43देखी। हम उत्तर कोरिया में देख रहे हैं।
- 5:45और भी बहुत सारे देशों में समाजवादी
- 5:47व्यवस्था हमने देखी। लेकिन वो फेल हो गई।
- 5:49उसके फेल होने के पीछे कई लोगों का मानना
- 5:52ये है कि जब सोवियत संघ में कैपिटलिज्म ही
- 5:54पूरी तरह से नहीं आया था। पूंजीवाद ही
- 5:56नहीं आया था। जब बीज ही नहीं बन पाता तो
- 5:59पेड़ कैसे बन जाता। इसलिए वो फेल हो गया।
- 6:01मैच्योर नहीं था। अब आती है बात साम्यवाद
- 6:04की जिसके ऊपर हमारा आज वीडियो है।
- 6:05साम्यवाद एक अंतिम अवस्था है। एक आदिम
- 6:09साम्यवाद था जिसमें मनुष्य के पास सारे
- 6:12संसाधन सारे लोगों के बराबर थे। इनका कहना
- 6:16यह है कि पूंजीवाद बढ़ेगा। समाजवाद एक बीच
- 6:19में थोड़े समय के लिए आएगा और फिर दुनिया
- 6:21साम्यवाद की ओर चली जाएगी। फिर वैसे ही
- 6:23जंगल में जैसे रहते थे वैसे लेकिन अब बहुत
- 6:26संसाधन होंगे। और बास् लिखता है कि सरकार
- 6:29की कोई जरूरत ही नहीं रह जाएगी। किसी तरह
- 6:32की कोई सरकार कहीं पर नहीं। एक पूरी तरह
- 6:35से जब सरकार नहीं होगी तो देश भी नहीं
- 6:37होंगे। एक वर्गहीन सिस्टम होगा, राज्यहीन
- 6:40सिस्टम होगा और शोषण मुक्त समाज होगा
- 6:44जिसमें कोई किसी का शोषण नहीं करेगा और
- 6:47प्रत्येक व्यक्ति देखिए ये जो लाइन है
- 6:49प्रत्येक व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार
- 6:51काम करता है और अपनी आवश्यकता के अनुसार
- 6:55प्राप्त करता है। ये लाइन बहुत अहम है।
- 6:59महत्वपूर्ण है और यही लाइन जो है वो इस
- 7:03स्थिति में समाज पहुंच रहा है जिसमें कि
- 7:08व्यक्ति थोड़ा सा काम भी करेगा उसका काम
- 7:11चल जाएगा उसकी जिंदगी चल जाएगी क्योंकि
- 7:14टेक्नोलॉजी और दूसरी चीजों का डेवलपमेंट
- 7:16हो रहा है और यही कार्ल मार्क्स लिख के गए
- 7:18थे कि जब ये तकनीकी मशीनें बाकी चीजें
- 7:21आगे-आगे बढ़ते जाएंगे तो ऐसी स्थिति आएगी
- 7:23कि सबको काम नहीं कराना पड़ेगा 18 घंटे ना
- 7:278-आ घंटे अपनी मर्जी जी से काम करेंगे
- 7:30थोड़ा बहुत काम बचेगा और वह सब काम लोग
- 7:32अपने आप कर लेंगे उसी से काम हो जाएगा और
- 7:33मनुष्य काम किए बगैर रह नहीं सकता। यहां
- 7:37पे मैं आपको पूरा कार्ल मार्क्स का
- 7:39सिद्धांत मोटी-मोटी समझा चुका हूं क्योंकि
- 7:41अब इसके आगे के हिस्से में जब हम जाएंगे
- 7:44तो आज के दौर में जो बातें सामने आ रही
- 7:46हैं उसको हम समझने की कोशिश करेंगे। लेकिन
- 7:49यह कार्ल मार्क्स के बारे में भी कुछ लोग
- 7:51मानते हैं कि उन्होंने दास कैपिटल में सब
- 7:52लिख दिया। गलत मानते हैं।
- 7:55दास कैपिटल में कार्ल मार्क्स ने इतने
- 7:58विस्तार से चीजें नहीं लिखी थी। कार्ल
- 8:02मार्क्स ने सब कुछ आलोचनात्मक व्याख्या तो
- 8:05की थी। ये ऐसा है वो वैसा है। लेकिन उनका
- 8:08सपनों का समाज या उनके सपनों का भी नहीं
- 8:11उनके हिसाब से समाज का विकास वो
- 8:13अर्थशास्त्री थे। आर्थिक रूप से कैसे
- 8:16होगा? कहां जाएगा? यह उन्होंने एक ही
- 8:19किताब में लिखी और वह किताब थी क्रिटिक ऑफ
- 8:22गोथा प्रोग्राम 1875।
- 8:27उस वक्त एक गोथा प्रोग्राम हुआ था। दो गुट
- 8:30थे।
- 8:32इनके बीच में ही आपस में एक एग्रीमेंट हुआ
- 8:35और वहां पर कुछ रेोल्यूशन प्राप्त हुए। उस
- 8:38रेोल्यूशन जब पास हुए कार्ल मार्क्स ने उस
- 8:41पे कुछ असहमतियां जताई थी। उन असहमतियों
- 8:44के आधार पर उस असहमति को जताते हुए
- 8:47उन्होंने यह बताया था कि भविष्य का समाज
- 8:50कैसा होगा जो 10 साल बाद होता हुआ अब दिख
- 8:54रहा है। क्यों दिख रहा है? चलते हैं ईलॉन
- 8:56मस्क के पास। ईलॉन मस्क ने लिखा कि 2030
- 9:00तक यानी ये 3 साल बाद की बात कर रहा है।
- 9:02मैं 10 साल बाद की बात कर रहा हूं। ईलॉन
- 9:05मस्क कहता है कि 2030 में जब रोबोट दुनिया
- 9:08पर कब्जा कर लेंगे।
- 9:11अब अगर रोबोट दुनिया पर कब्जा कर लेंगे यह
- 9:14धारणा आपके मन में आती है तो सबसे पहले
- 9:17आपको यह तस्वीरें देखनी चाहिए जो हाल में
- 9:21चीन में रोबोट्स का ओलंपियाार्ड हुआ इसके
- 9:25अंदर रोबोट्स ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए
- 9:28उससे बोल्ट का रिकॉर्ड तोड़ दिया और किस
- 9:31नेक्स्ट लेवल पर जाके रोबोट्स ने वहां पर
- 9:34परफॉर्म किया और इससे पता लगता है कि
- 9:36इंसानों के काम करने के लिए अब रोबॉट बहुत
- 9:39तैयार हो गए हैं। बॉर्डर पे लड़ने के लिए
- 9:42भी रोबोट काम आएंगे। यानी इंसानों की जाने
- 9:44नहीं जाएंगी। यानी हर तरफ से रोबोट्स
- 9:48इंसानों को रिप्लेस करने को तैयार हैं। और
- 9:50ईलॉन मस्क यही कह रहा है और वो यह कह रहा
- 9:53है कि दुनिया पर कब्जा कर लेंगे तब हम सभी
- 9:58को यह ईलॉन मस्क कह रहा है सर्वोत्तम
- 10:01चिकित्सा सेवा
- 10:04भोजन आवास और अन्य सभी चीजें
- 10:10उच्चतम
- 10:12सार्वभौमिक लेवल पर उच्चतम स्तर पर
- 10:14प्राप्त होंगे। यानी धरती के हर आदमी को
- 10:18रोटी, कपड़ा, मकान, इलाज जो कुछ भी है
- 10:23समान रूप से सबको बढ़िया क्वालिटी का
- 10:25मिलेगा जब रोबोट सारे काम करने लगेंगे। जब
- 10:29रोबोट की नौकरियां छीन लेंगे तो क्या
- 10:32होगा? इस बारे में ईलॉन मस्क ने विचार
- 10:35डाला है। उनका कहना है कि यह मामला
- 10:38इंटरनेट पर छाए रहने वाले चिंतन के बीच का
- 10:41नहीं है। वो यह कह रहे हैं कि मुझे इसकी
- 10:43कोई चिंता नहीं है
- 10:46वो हमेशा से कह रहे हैं कि उनको समाज को
- 10:53बुनियादी आय की ही आवश्यकता नहीं होगी।
- 10:55बल्कि इससे बड़ी चीजों की आवश्यकता होगी।
- 10:59सार्वभौमिक
- 11:00उच्च आय यूनिवर्सल हाई इनकम सबके पास बहुत
- 11:06सारे पैसे मिले उनको सबको दुनिया में यह
- 11:09चेतावनी तब आई है जब 2030 पर यह माना जा
- 11:14रहा है एक स्कॉट पैटर्सन है उन्होंने एक
- 11:18प्रोग्राम था एक्स पे उसमें ये दावा किया
- 11:21कि सभी नौकरियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
- 11:24और रोबोट द्वारा रिप्लेस कर दी जाएंगी तो
- 11:27मस्क ने जवाब दिया कि आपका अनुमान लगभग
- 11:30सही है। हालांकि मानव जैसे बुद्धिमान
- 11:34रोबोट की संख्या मनुष्यों की आबादी से
- 11:36ज्यादा नहीं होगी क्योंकि हर व्यक्ति अपना
- 11:39निजी R2, डी2 और C3 पीओ जाएगा और हर
- 11:44उद्योग में इंसान उत्पादन सेवाओं को
- 11:46प्राप्त करने के लिए रोबोट रखेंगे। यानी
- 11:49कुल मिला के डोनाल्ड ट्रंप का कहना यह है
- 11:52कि 2030 आते-आते धरती पर नौकरियां खत्म हो
- 11:55जाएंगी।
- 11:56और जो बचेंग नौकरियां वह धीरे-धीरे खत्म
- 11:59होने की बात कर रहा है। 10 साल पूरे खत्म
- 12:01होते होते एकदम ही खत्म हो जाएंगे। जो
- 12:04बचेंग नौकरियां
- 12:06वो नौकरियां
- 12:09सिर्फ ब्लू कलर जॉब के लिए होंगी। जैसे
- 12:13प्लंबर का काम जैसे कुछ और काम लेकिन यह
- 12:17हमेशा के लिए नहीं रहेंगे। क्योंकि इन
- 12:20कामों को करने के लिए भी कंप्यूटर क्योंकि
- 12:23जो चीज पहले से तय पैटर्न पर की जा सकती
- 12:25है वह मशीन से की जा सकती है आराम से। तो
- 12:29ये जो सिचुएशन आ रही है आप कार्ल मार्क्स
- 12:31के सिद्धांत पे अगर जाएं तो टेक्नोलॉजी
- 12:34इतनी डेवलप हो जाएगी कि इंसान के पास में
- 12:36पर यहां पर आड़े आएगी एक चीज। उस चीज का
- 12:40उपाय यहां कार्ल मार्क्स के हिसाब से कुछ
- 12:42मुझे दिखाई नहीं दे रहा है। वो चीज है एक
- 12:46खतरनाक बात।
- 12:48और वो यह कि यह जो पूंजीपति हैं आपको लगता
- 12:52है टेक्नोलॉजी आएगी तो उसका अडानी अंबानी
- 12:54खुद फायदा लेना नहीं चाहेंगे
- 12:57क्या वो उस पे कब्जा नहीं करेंगे क्या वो
- 13:00उस पूरी टेक्नोलॉजी को ओवरपावर करके हमको
- 13:03बाहर निकाल के नहीं फेंक देंगे और यहां पे
- 13:06ही मार्स का समाजवाद से पहले का सिद्धांत
- 13:08आता है जहां पर वह कहता है कि गरीब बहुत
- 13:11गरीब हो जाएगा और किसी के पास उत्पादन का
- 13:14कोई साधन नहीं रहेगा यानी धरती पे कोई भी
- 13:17उत्पादन करना है तो आप पूंजीपति में
- 13:20निर्भर रहेंगे। मशीनें उसके पास होंगी।
- 13:23आपके पास एक कुदाल भी नहीं होगी। वह भी
- 13:25उसके पास होगी और आप उसकी नौकरी करने,
- 13:28उसकी मशीनें चलाने के लिए अभिशप्त होंगे।
- 13:31यह पूंजीवाद की चरम अवस्था है जो कार्ल
- 13:33मार्क्स कहता है। उसके बाद दुनिया के गरीब
- 13:37और मजदूर लोग जब उनके सारे संसाधन छीन
- 13:40जाएंगे
- 13:42तो वह अपने संसाधन छीनने के बाद में और
- 13:44गुलामी की परम अवस्था पर पहुंचेगा मामला।
- 13:48तो जैसे सामंतवाद खत्म हुआ था वैसे
- 13:50पूंजीवाद खत्म होगा। यानी हर व्यवस्था में
- 13:53एक द्वंद होगा। आपस में लोग लड़ेंगे,
- 13:55बदलाव आएगा और ऊपर के स्तर पे जाएंगे। तो
- 13:58इस तरह से पूंजीवाद खत्म हो के समाजवाद
- 14:00आएगा और सबके पास बराबर-बराबर होगा और एक
- 14:02स्थिति वो आएगी। सरकार की भी जरूरत नहीं
- 14:04पड़ेगी। तो मुझे लगता है एलन मस्क का
- 14:06इशारा जो है वो मार्क्स के समाजवाद की तरफ
- 14:09है। और ये एकदम फिलॉसफिकल वीडियो है। ये
- 14:11पॉलिटिकल वीडियो नहीं है। इसलिए उसको उस
- 14:13नजरिए से मत देखिएगा। सपना देखते रहो।
- 14:16मुझे नहीं देखना है सपना। चार, मैं नहीं
- 14:18चाह रहा हूं कि आ जाए। मैं सिर्फ यह बता
- 14:20रहा हूं कि ऐसा लग रहा है एक फिलॉसफी जो
- 14:24किसी जमाने में लिखा गया था तब ऐसा कुछ भी
- 14:26नहीं था दुनिया में। तब दुनिया में ऐसा
- 14:29कुछ भी नहीं था। 1875 में जब वो लिखा गया
- 14:32और आज तक वो दुनिया उसी हिसाब से होती आ
- 14:35रही है। तो ये रोचक तो है। ये जानना बहुत
- 14:38रोचक है। क्या होगा, क्या नहीं होगा?
- 14:41उसमें क्या अच्छाइयां होंगी, बुराइयां
- 14:42होंगी? इसके बारे में हम क्यों एक ही आदमी
- 14:45पर भरोसा करें? पर ये बेंगा बाबा की
- 14:47भविष्यवाणी पे आप भरोसा कर सकते हो।
- 14:49ऑक्टोपस की भविष्यवाणी को रोचक तरीके से
- 14:52ले सकते हो। नेस्टडमस पे खेल सकते हो। तो
- 14:55ये तो साइंटिफिक बात कर रहा है भाई।
- 14:58तो इसके बारे में भी रोचक जानकारियां लेने
- 15:00में कोई बुराई नहीं है। अब एक और खतरनाक
- 15:03भविष्यवाणी आई है। वह इंसान और मानवता को
- 15:06खत्म कर देने की चेतावनी देती है। और यह
- 15:10कहीं पर भी कार्ल मार्क्स ने भी कल्पना
- 15:13नहीं की थी। अब आते हैं एक खतरनाक बयान
- 15:16पे। वो भी कह रहा है और वो ज्यादा खतरनाक
- 15:21बात कह रहा है। जैकब कॉक्सन।
- 15:25जैकब कॉक्सन एंथ्रोपिक में काम करते हैं
- 15:28और रिसर्च डिपार्टमेंट में रहे हैं और वह
- 15:33अब एंथ्रोपिक से इस्तीफा देने का ऐलान कर
- 15:38चुके हैं और इस्तीफा देने का ऐलान करने के
- 15:41साथ उन्होंने Twitter पे एक लंबा थ्रेड
- 15:44लिखा है। थ्रेड वो होता है बहुत सारे
- 15:46ट्वीट को साथ में जोड़ के लगा दिया जाता
- 15:48है। जिनको नहीं पता उनके लिए बता रहा हूं।
- 15:50जिनको पता है वो यह मत समझिएगा कि उनको
- 15:52बच्चा समझ रहे हैं। तो बहुत सारी ट्वीट
- 15:55लगातार उसने जारी की हैं और उसने यह कहा
- 15:59कि ओपन एआई और एंथ्रोपिक के बीच में ये
- 16:01ओपन एआई में भी काम कर चुका है।
- 16:04जिस तरह का नेक्स्ट लेवल का कंपटीशन चल
- 16:08रहा है। गला काट फोड़ चल रही है। ऐसी
- 16:12स्थिति में बहुत अचरज की बात नहीं होगी कि
- 16:16बहुत जल्दी एआई इंसान के ऊपर छा जाए।
- 16:21इंसान के ऊपर कब्जा कर ले। उनका कहना यह
- 16:24है कि एआई को यह जो कंपटीशन की दौड़ जो है
- 16:27दोनों पार्टियों की ये पूंजीपति जो है
- 16:30मार्स ने लिखा था फिर मार्क्स आ जाता है
- 16:32कि पूंजीपति अपने प्राण भी दांव पे लगा
- 16:35सकता है। मुनाफे के लिए मानवता को दांव पे
- 16:37लगा सकता है। कुछ भी कर सकता है। मुनाफे
- 16:39के अलावा कुछ नहीं दिखता उसको। ये
- 16:41कररेक्टरिस्टिक तब लिख के गया वो आदमी। तो
- 16:43यह जो एंथ्रोपिक वाला कह रहा है कि ये
- 16:45एंथ्रोपिक और चैट जीपीटी यानी ओपन एआई ये
- 16:48दोनों चैट जीपीटी ओपन एआई का प्रोडक्ट है।
- 16:51ये दोनों इस तरह से कंपटीशन कर रहे हैं और
- 16:53इतनी जल्दी में हैं ज्यादा से ज्यादा
- 16:55बढ़िया और नईनई चीज लाने के कि अब ऐसा लग
- 16:59रहा है कि एआई जिस तेजी से लर्न कर रहा है
- 17:02और वो अपने आप एक एक दूसरे खुद से ही खुद
- 17:05को सिखा रहा है उससे वो इंसानों से आगे
- 17:07निकल जाएगा और सिर्फ आगे ही नहीं निकलेगा।
- 17:10वो इंसानों के ऊपर कब्जा भी जमा लेगा। हो
- 17:15सकता है वह इंसानों को कंट्रोल करना शुरू
- 17:17कर दे। हो सकता है कि इंसानों को उंगलियों
- 17:20पर नचाए या कोई भी खतरनाक कल्पना आप कर
- 17:23सकते हैं। वो यह कह रहा है यह आम है। हम
- 17:28लोग जो सार्वजनिक रूप से बात करते हैं जब
- 17:30एआई इंडस्ट्री से जुड़े हुए लोग ये वो
- 17:32आदमी है जो एआई बनाने वाला है। रिस्चर है।
- 17:34ये छोटा-मोटा कर्मचारी नहीं है। ये दुनिया
- 17:37में सबसे खतरनाक एआई जो है एंथ्रोपिक उसको
- 17:40उसके अंदर काम करता था। कह रहे हैं कि
- 17:44सार्वजनिक रूप से सारी कंपनियां कुछ भी
- 17:46आदेश आ बयान दे देती हैं। अंदर काम करने
- 17:49वाले ज्यादातर लोग इस बात से सहमत हैं कि
- 17:53ये हमने भस्मासुर निकाल के खड़ा कर दिया
- 17:55है। भस्मासुर के बारे में आपने नाम शब्द
- 17:58सुना होगा। जो लोग हिंदू माइथोलॉजी नहीं
- 18:00जानते हैं वो जान ले। भस्मासुर एक ऐसा
- 18:02राक्षस था जिसके पास में यह पावर थी। यह
- 18:05वरदान उसको मिल गया था कि वो जिस चीज को
- 18:08छुएगा वो राख हो जाएगी। भस्म हो जाएगी और
- 18:13वह करते-कर करतेकरते उसने लोगों को एक-एक
- 18:15करके सारे देवताओं को ठिकाने लगाना शुरू
- 18:17कर दिया। आखिर में जाके शायद वो विष्णु जी
- 18:20के पास या शंकर जी के पास में पहुंचा।
- 18:22जहां तक मुझे याद है शंकर जी के पास में
- 18:25और फिर शंकर जी ने भस्मासुर को किसी तरह
- 18:27से काबू किया। उससे कहा डांस करें। कुछ
- 18:30लीला रची और भस्मासुर डांस करते-करते उसने
- 18:33अपने सिर पे ही हाथ रख लिया और वो भस्म हो
- 18:34गया। यह कथा है। लेकिन जैसे भस्मासुर ने
- 18:38खुद को नष्ट कर लिया था। इसलिए भस्मासुर
- 18:40का हम मुहावरा इस्तेमाल करते हैं। उसी तरह
- 18:43से ये एआईबी भस्मासुर बन रही है और यह
- 18:46मानवता को ही नष्ट कर लेगी। ये वो गुण मिल
- 18:49गया है मानव को। इस तरह से वो बार-बार कह
- 18:52रहे हैं कि ये मार्केटिंग स्टंट नहीं है।
- 18:55एआई कंपनियों के अधिकारी पब्लिकली कुछ भी
- 18:57कहे अंदर से निजी बातचीत में डरे रहते
- 19:00हैं। वी नो हाउ टू कंट्रोल न्यूक्लियर
- 19:03वेप्स प्रीटी मच। वी डोंट नो हाउ टू
- 19:05कंट्रोल एआई। दिस
- 19:08टेक्नोलॉजी
- 19:14बी डिस्टोरन
- 19:18एक्टिविटी हैज़ बीन इन द पास्ट जब ने ट्वीट
- 19:22किया
- 19:23तो एआई इंडस्ट्री के लोग उसके सपोर्ट में
- 19:25आ गए हैं। इवान हविंगर इवान हविंगर जो है
- 19:30वो एंथ्रोपिक के एक अधिकारी हैं। इवान
- 19:33हविंगर और उन्होंने पब्लिकली आके इस बात
- 19:37से सहमति जताई और उनका उनका कहना यह है कि
- 19:41मैं यह मानता हूं कि यह जो खतरा एआई इंसान
- 19:45को
- 19:46काबू कर लेगा। इंसान को नुकसान पहुंचा
- 19:49सकता है। उसके पैसे जो चाहे वो कर सकता
- 19:51है। बैंक-वैंक लूट सकता है। जैसा उसका मन
- 19:54कर जाए। आप कल्पना भी नहीं कर सकते। और
- 19:56इसकी संभावना कितनी है पता है? 10% बताई
- 19:59है उसने। 10% इस बात की प्रोबेबिलिटी है
- 20:02कि वो कर लेगा। क्यों? क्योंकि जब वो आप
- 20:04उसको डेवलप कर रहे हैं तो उस प्रोसेस में
- 20:07पूंजीवादी व्यवस्था अंधे कंपटीशन में
- 20:12उन सारे सेफ गार्ड्स को ही लगने नहीं दे
- 20:14रही। सबको लग रहा है जल्दी से बाहर निकाल
- 20:16के बढ़िया वाला ले आओ और ये खतरनाक स्थिति
- 20:19बनती जा रही है। तो कुल मिला के जब ये
- 20:21चीजें आ रही हैं तो ये फिर संकेत वही दे
- 20:25रही हैं कि भैया इंसान के पास करने को कुछ
- 20:29नहीं होगा। इंसान के हाथ में कुछ नहीं
- 20:32होगा। यानी इंसान थोड़ा सा कुछ करेगा अपने
- 20:36आप सब हो जाएगा। टेक्नोलॉजी के उस शीर्ष
- 20:38स्थल पर अगर मैं जब मैंने पहली बार पढ़ा
- 20:41था तो शायद मैं 18 19 साल का रह रहाऊंगा
- 20:45तब मैंने मास्को पढ़ा था और तब मुझे कभी
- 20:48विश्वास नहीं हुआ कि ऐसा भी धरती पर हो
- 20:50सकता है। आज हम देखें भारत में पूंजीवाद आ
- 20:53गया उस वक्त नहीं था। दुनिया में पूंजीवाद
- 20:56आ गया उस वक्त नहीं था। सोवियत संघ के
- 20:59समाजवाद को गिरते हुए देखा तो और विश्वास
- 21:01हो गया। तो अब ये जो सिचुएशन है ये जो
- 21:03खतरनाक स्थिति है जो सब लोग बयान कर रहे
- 21:06हैं ये उस भविष्यवाणी से मिलती जुलती है
- 21:08जो कार्ल मार्क्स ने की थी। अंतर सिर्फ
- 21:10इतना है कि अभी 10 साल की बात कर रहे हो
- 21:13आप 5 साल की बात कर रहे हो इतने पांच या
- 21:1610 साल में पूंजीवाद उतना मैच्योर हो जाए
- 21:20सारे अभी तो मिडिल क्लास है ना धरती पे ये
- 21:23मिडिल क्लास खत्म हो जाएगी तब जाके वो
- 21:26सिचुएशन बनेगी तो 10 साल में कैसे होगा 10
- 21:30साल में पूंजीवाद कैसे खत्म हो पाएगा कैसे
- 21:33समाजवादी क्रांति की स्थितियां बन जाएंगी
- 21:35वो सब होता मुझे दिख नहीं रहा है पर ईलॉन
- 21:38मस्क और इन सब की जो भविष्यवाणी है इनको
- 21:40आप नजरअंदाज नहीं कर सकते। ईलॉन मस्क वो
- 21:42आइटम है जो सारी बात पहले बता देता है। और
- 21:45वो आदमी है जिसने जिंदगी में बड़े-बड़े
- 21:47जोखिम लिए हैं। सब कुछ झोंक दिया। तबाह
- 21:50बर्बाद हो के सड़क पर आने वाला था। तीन
- 21:54रॉकेट फेल हो गए थे। चौथा रॉकेट।
- 21:57दुनिया कह रही थी भाई अगर इसमें तूने
- 21:58लगाया पैसा तू खत्म।
- 22:01लगाया उसने। सब कुछ लगा दिया और कामयाब हो
- 22:05गया। तो वह उसकी भविष्यवाणी या उसने दिमाग
- 22:08को कंट्रोल करने वाली चिप बनाई कि नहीं
- 22:09बनाई? तो इसलिए
- 22:13भविष्य के बारे में हम कुछ नहीं जानते
- 22:14हैं। लेकिन साइंस जिस तरह जा रही है जिस
- 22:17दिशा में जा रही है तो ये पूरी जानकारी
- 22:19बड़ी रोचक हो जाती है। मैं यहां पे
- 22:21कंफर्मेशन नहीं कर रहा हूं जो मार्स ने
- 22:23कहा। मैं उस रोचक कहानी और रोचर फिलॉसफी
- 22:25को उस अंजाम तक पहुंचते हुए देख रहा हूं
- 22:28जहां पे आके एक कैपिटलिस्ट
- 22:31एक टेक्नोलॉजी का शहंशाह और मास की
- 22:34विचारधारा जो वैज्ञानिक विचारधारा मानी
- 22:37जाती है विज्ञान के आधार पर है उनके बीच
- 22:40में एक मिलन हो रहा है संगम हो रहा है और
- 22:43यह जानना ही रोचक है और यह रोचकता ही आपसे
- 22:46साझा करना लक्ष्य है इसका कोई और मकसद
- 22:49नहीं है। उम्मीद करता हूं वीडियो आपको
- 22:51अच्छा लगा होगा। अच्छा लगा हो तो ज्यादा
- 22:53से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं। लोगों को
- 22:55जानने को मिलेगा, समझने को मिलेगा। चैनल
- 22:58को सब्सक्राइब कर लें। नमस्कार। जय हिंद।
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This page contains the full transcript of दस साल में क्या दुनिया में कम्युनिज्म आ जाएगा, क्या मार्क्स की भविष्यवाणी सही होने का समय आ गया? by GIRIJESH VASHISTHA, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 3,741 words across 475 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.
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