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  1. 0:00हेलो फ्रेंड्स, स्वागत है आपका आपके अपने
  2. 0:01चैनल एचएससी स्टडी गाइड में। आज इस वीडियो
  3. 0:04में हम बात करने वाले हैं निबोश आईजीसी का
  4. 0:07जो यूनिट जीआईसी वन है उसमें जो एलिमेंट
  5. 0:10थ्री है मैनेजिंग रिस्क अंडरस्टैंडिंग
  6. 0:12पीपल एंड प्रोसेससेस इसके बारे में यहां
  7. 0:14पर हम डिटेल में बात करने वाले हैं। इसके
  8. 0:16पहले हमने एलिमेंट टू और एलिमेंट वन के
  9. 0:19ऊपर भी वीडियो बनाया है। साथ ही साथ इसका
  10. 0:22जो सिलेबस चेंज हुआ है 2026 में निवश
  11. 0:25आईजीसी का तो उसके ऊपर भी वीडियो बनाया है
  12. 0:27कि इसमें सिलेबस में क्या-क्या चेंजेस
  13. 0:29आपको देखने को मिलेंगे। साथ ही साथ यूनिट
  14. 0:31जीआईसी टू जो है जिसमें रिस्क असेसमेंट
  15. 0:34आपको सबमिट करना होता है। तो उसमें भी उस
  16. 0:36फॉर्मेट में स्लाइटली चेंजेस हुए हैं। तो
  17. 0:38वह क्या है? इन सभी टॉपिक के ऊपर हमने
  18. 0:40प्रीवियसली वीडियो बनाए हैं। तो अभी तक
  19. 0:43आपने उन वीडियो को नहीं वॉच किया है उसका
  20. 0:45लिंक आपको नीचे डिस्क्रिप्शन में मिल
  21. 0:46जाएगा। आप जरूर उसको वॉच कीजिए ताकि आपके
  22. 0:49मन में जो भी डाउट हो उसको आप क्लियर कर
  23. 0:51सको। इस एलिमेंट थ्री में हम यहां पर
  24. 0:55देखेंगे। इसमें हमें पढ़ने को मिलता है कि
  25. 0:58हज़ार्ड क्या है? रिस्क क्या होता है?
  26. 1:00डिफरेंट टाइप्स ऑफ़ हज़ार्ड्स क्या होते
  27. 1:02हैं? हज़ार्ड और रिस्क इन दोनों में क्या
  28. 1:04डिफरेंस होता है? एग्जांपल के साथ हम यहां
  29. 1:06पर समझने वाले हैं। रिस्क के कुछ एग्जांपल
  30. 1:08लेंगे। साथ ही साथ रिस्क असेसमेंट कैसे की
  31. 1:10जाती है? हिरारकी ऑफ़ कंट्रोल्स वो क्या
  32. 1:13होता है? उस साइड पर हम कंट्रोल्स कैसे कर
  33. 1:16सकते हैं? कंट्रोल मेज़र्स कैसे ले सकते
  34. 1:19हैं? अनसेप्ट एट अनसेप कंडीशंस क्या होते
  35. 1:21हैं? और सेफ सिस्टम ऑफ़ वर्क कैसे मैनेज की
  36. 1:24जाती है? ये सारी चीजें आज हम इस वीडियो
  37. 1:26में बात करने वाले हैं। तो एलिमेंट थ्री
  38. 1:29एग्जाम के लिए बहुत ही इंपॉर्टेंट है
  39. 1:31क्योंकि यहां पर रियल साइट वर्क आपके लिए
  40. 1:34होता है। मतलब रियल साइट वर्क के लिए यह
  41. 1:36काफी जरूरी होता है। तो चलिए इसे स्टेप
  42. 1:38बाय स्टेप समझते हैं इन सभी टॉपिक्स को और
  43. 1:41इस वीडियो की शुरुआत करते हैं। सबसे पहले
  44. 1:44दो बेसिक वर्ड्स आपको समझना बहुत ही जरूरी
  45. 1:47है। वह है हज़ार्ड और रेक्स। बहुत से
  46. 1:49स्टूडेंट और सेफ्टी ऑफिसर इन दोनों को
  47. 1:52कंफ्यूज कर देते हैं और निबोश एग्जाम में
  48. 1:55यह फेवरेट टॉपिक होता है। अब सबसे पहले
  49. 1:58बात करते हैं हज़ार्ड के बारे में। तो
  50. 1:59हज़ार्ड का मतलब होता है एनीथिंग व्हिच हैज़
  51. 2:02द पोटेंशियल टू कॉज हार्म, इंजरी और इल
  52. 2:05हेल्थ। मतलब ऐसी कोई भी चीज जिसमें
  53. 2:08पोटेंशियल है, क्षमता है कि जिसकी वजह से
  54. 2:10नुकसान हो सकता है या फिर इंजरी हो सकती
  55. 2:12है या फिर इल हेल्थ हो सकता है उसे हज़ार्ड
  56. 2:15कहा जाता है। हज़ार्ड तब तक हार्म नहीं
  57. 2:18करता है जब तक जब तक उस उसके साथ में कोई
  58. 2:22कांटेक्ट में ना आए। ठीक है? एग्जांपल से
  59. 2:25समझते हैं। जैसे कि इलेक्ट्रिसिटी हो गया।
  60. 2:27ये एक हज़ार्ड है। बरकेट हाइट, केमिकल्स,
  61. 2:30मूविंग मशीनरी, नॉइज़, स्ट्रेस ये सब
  62. 2:33हज़ार्ड्स हैं। अब बात करते हैं रिस्क की।
  63. 2:37तो रिस्क का मतलब होता है 1000 से
  64. 2:39एक्चुअली हार्म होने के जो चांसेस और वह
  65. 2:42हार्म कितना सीरियस हो सकता है उसे रिस्क
  66. 2:45कहा जाता है। अब रिस्क दो चीजों के ऊपर
  67. 2:48डिपेंड करता है। पहला है लाइकलीहुड यानी
  68. 2:50एक्सीडेंट होने के चांसेस और दूसरा है
  69. 2:53सेरिटी यानी इंजरी कितनी सीरियस हो सकती
  70. 2:56है। सिंपल लैंग्वेज में अगर समझे तो
  71. 2:59हज़ार्ड का मतलब डेंजर का सोर्स और रिस्क
  72. 3:02का मतलब उस डेंजर से नुकसान होने का चांस।
  73. 3:06ठीक है? समझ में आ गया? चलिए अभी इसे
  74. 3:08एग्जांपल से समझते हैं। तो इलेक्ट्रिसिटी
  75. 3:11एक हज़ार्ड है। अगर लाइव वायर एक्सपोज है
  76. 3:14तो इलेक्ट्रिक शॉक का रिस्क यहां पर हाई
  77. 3:16है। अगर वायर इंसुलेटेड है तो रिस्क यहां
  78. 3:19पर लो हो जाती है। लेकिन हज़ार्ड यानी
  79. 3:21इलेक्ट्रिसिटी फिर भी प्रेजेंट है। दूसरे
  80. 3:24एग्जांपल से समझते हैं। वर्क एट हाइट एक
  81. 3:26हज़ार्ड है। ओपन एज पर बिना गार्ड रेल्स का
  82. 3:29अगर आप काम करते हो तो यह हायर माना जाता
  83. 3:32है। ठीक उसी प्रकार अगर वहां पर गार्ड्स
  84. 3:34और सेफ्टी हारनेस प्रोवाइड की जाए और उसके
  85. 3:37साथ अगर आप काम करते हो तो इसका जो खतरा
  86. 3:39है वह लो रिस्क हो जाता है। और एक
  87. 3:42एग्जांपल से समझते हैं। केमिकल एसिड एक
  88. 3:44हज़ार्ड है। बिना ग्लोस के एसिड को अगर आप
  89. 3:47हैंडल करते हो तो यहां पर हाथ जलने का जो
  90. 3:49खतरा है वो बढ़ जाता है। हाई रिस्क कहलाता
  91. 3:52है। ठीक उसी प्रकार अगर यहां पर इस केस
  92. 3:54में अगर अब आप प्रॉपर पीपी के साथ उस
  93. 3:56केमिकल को हैंडल करते हो तो उसका जो खतरा
  94. 3:59है वह यहां पर कम हो जाता है। तो एग्जाम
  95. 4:02के लिए एक सिंपल लाइन आपने हमेशा याद रखिए
  96. 4:05कि हजार का मतलब क्या होता है कि हार्म
  97. 4:08यानी कि जो नुकसान है उस वो क्या कर सकता
  98. 4:11है? नुकसान क्या कर सकता है? हानि क्या हो
  99. 4:14सकती है? और रिस्क का मतलब होता है कि
  100. 4:16हार्म होने के चांसेस कितने हैं? ठीक है?
  101. 4:19तो यह आपको समझना है। अब कुछ प्रैक्टिकल
  102. 4:21रिस्क के एग्जांपल देखते हैं। सोचिए एक
  103. 4:24वेट फ्लोर है। हज़ार्ड क्या है यहां पर?
  104. 4:26वेट फ्लोर। तो रिस्क क्या है? वर्कर यहां
  105. 4:29पर स्लिप हो सकता है, गिर सकता है, इंजरी
  106. 4:31हो सकती है। अगर कोई वार्निंग साइन नहीं
  107. 4:34है तो यहां पर रिस्क का लेवल हाई है। अगर
  108. 4:36वार्निंग साइन लगा दिया और फ्लोर क्लीन कर
  109. 4:39लिया जाए तो यहां पर रिस्क का लेवल कम हो
  110. 4:42जाता है। मैनुअल हैंडलिंग के एग्जांपल से
  111. 4:44समझते हैं। हज़ार्ड है यहां पर हैवी लोड।
  112. 4:47रिस्क है यहां पर बैक इंजरी। तो बिना
  113. 4:50ट्रेनिंग अगर आप लोड उठाते हो तो यह हाई
  114. 4:52रिस्क है। ठीक उसी प्रकार अगर आप लोड को
  115. 4:54उठाने के लिए मैकेनिकल ऐड या फिर प्रॉपर
  116. 4:57ट्रेनिंग के साथ अगर लोड को उठाते हो तो
  117. 4:59रिस्क का यहां पर लेवल कम हो जाता है। वह
  118. 5:01लो रिस्क में आ जाता है। अब एक और एक
  119. 5:03एग्जांपल से समझते हैं। मशीन ऑपरेशंस का
  120. 5:06एग्जांपल लेते हैं। तो हज़ार्ड क्या है? तो
  121. 5:08रोटेटिंग मशीन पार्ट्स। यह एक हज़ार्ड है।
  122. 5:10रिस्क है यहां पर कि हाथ यहां पर फंस जाना
  123. 5:13और सीरियस इंजरी होना। बिना गार्ड के
  124. 5:16रिस्क यहां पर हाई हो जाता है। लेकिन अगर
  125. 5:18उसी मशीनंस को गार्ड के साथ अगर आप ऑपरेट
  126. 5:21करोगे तो रिस्क का लेवल यहां पर कम हो
  127. 5:23जाता है। इसका मतलब क्लियर है कि हज़ार्ड
  128. 5:26मोस्टली सेम रहते हैं। लेकिन रिस्क को
  129. 5:28यहां पर कंट्रोल किया जा सकता है। उसको
  130. 5:31हाई लेवल से लो लेवल तक कन्वर्ट किया जा
  131. 5:34सकता है। अब बात करते हैं हज़ार्ड्स के
  132. 5:37कितने टाइप्स होते हैं उसके बारे में। तो,
  133. 5:39इसके टोटल फाइव टाइप्स हैं। सबसे पहला है
  134. 5:42फिजिकल हज़ार्ड। दूसरा है केमिकल हज़ार्ड,
  135. 5:44तीसरा है बायोलॉजिकल हज़ार्ड, चौथा है
  136. 5:47इर्गोनॉमिक हज़ार्ड और पांचवा है
  137. 5:49साइकोलॉजिकल हज़ार्ड। अब इसे एक-एक करके
  138. 5:51थोड़ा डिटेल में समझते हैं कि इसका मतलब
  139. 5:53क्या होता है। सबसे पहले है फिजिकल
  140. 5:55हज़ार्ड। तो फिजिकल हज़ार्ड वो होते हैं जो
  141. 5:58फिजिकल कंडीशन से रिलेटेड होते हैं। जैसे
  142. 6:01नॉइज़, वाइब्रेशन, रेडिएशन, ज्यादा हीट या
  143. 6:05फिर कोल्ड, स्लिप्स, ट्रिप्स और फ़ज़। तो यह
  144. 6:08फिजिकल हज़ार्ड्स के एग्जांपल है। चलिए अब
  145. 6:10हम बात करते हैं केमिकल हज़ार्ड्स के बारे
  146. 6:12में। तो केमिकल हज़ार्ड्स हार्मफुल
  147. 6:14सब्सटेंस की वजह से होते हैं जो बॉडी में
  148. 6:16इन्हेल होने से या फिर स्किन कांटेक्ट से
  149. 6:19या फिर इंजेशन से एंटर कर सकते हैं। जैसे
  150. 6:23डस्ट, फ्यूम्स, वेपर्स, गैसेस, लिक्विड या
  151. 6:26फिर सॉल्वेंट। नेक्स्ट है बायोलॉजिकल
  152. 6:28हज़ार्ड। यह लिविंग ऑर्गेनिज्म से रिलेटेड
  153. 6:31होते हैं। जैसे बैक्टीरिया, वायरसेस, फंगी
  154. 6:34और ब्लड बोन, पैथोजों्स। नेक्स्ट है
  155. 6:37इर्कोनॉमिक हज़ार्ड्स। तो इर्गोनॉमिक
  156. 6:40हज़ार्ड्स पुअर वर्क प्लेस डिजाइन और गलत
  157. 6:43वर्क मेथड्स की वजह से होते हैं। जैसे
  158. 6:45मैनुअल हैंडलिंग, ऑकवर्ड पोश्चर, रिपीटिंग
  159. 6:49मूवमेंट्स और पुअर वर्क स्टेशन डिज़। और
  160. 6:52लास्ट है साइकोलॉजिकल हज़ार्ड्स। यह मेंटल
  161. 6:55हेल्थ और बिहेवियर से रिलेटेड होते हैं।
  162. 6:58जैसे वर्क रिलेटेड स्ट्रेस हो गया, फटीग,
  163. 7:01एक्सेसिव वर्क लोड, बुलिंग और हरासमेंट्स।
  164. 7:04तो, यह साइकोलॉजिकल हज़ार्ड्स के
  165. 7:06एग्ज़ांपल्स हैं। अब हम बात करते हैं रिस्क
  166. 7:10असेसमेंट्स के बारे में। तो, रिस्क
  167. 7:12असेसमेंट क्या होता है? तो, रिस्क
  168. 7:13असेसमेंट एक सिस्टमैटिक प्रोसेस है जिसमें
  169. 7:16हज़ार्ड्स आइडेंटिफाई किए जाते हैं। रिस्क
  170. 7:19इवैल्यूएट किया जाता है और सूटेबल कंट्रोल
  171. 7:22मेज़र्स डिसाइड किए जाते हैं। उसे रिस्क
  172. 7:24असेसमेंट कहा जाता है। तो, रिस्क असेसमेंट
  173. 7:27का पर्पस होता है एक्सीडेंट और ऑक्यूपेशनल
  174. 7:30इल हेल्थ को प्रिवेंट करना। मेजर रिस्क
  175. 7:33आइडेंटिफाई करना, इफेक्टिव कंट्रोल्स
  176. 7:36लगाना और लीगल रिक्वायरमेंट्स को फॉलो
  177. 7:38करना। रिस्क असेसमेंट मॉडल सेफ्टी सिस्टम
  178. 7:42का कोर पार्ट है। जैसे आईएसओ 4501। अब हम
  179. 7:45बात करते हैं कि रिस्क असेसमेंट में
  180. 7:47क्या-क्या स्टेप्स आती है? उसके बारे में।
  181. 7:49तो, रिस्क असेसमेंट के टोटल फाइव स्टेप्स
  182. 7:51होते हैं। उसमें सबसे पहला जो स्टेप है,
  183. 7:53वह है हज़ार्ड्स को आइडेंटिफाई करना। अब,
  184. 7:56यह हम कैसे करते हैं? हज़ार्ड को
  185. 7:57आइडेंटिफाई करते हैं? तो, बाय यूज़िंग
  186. 7:59इंस्ट्रक्शंस। यानी कि साइट पर जाकर विजिट
  187. 8:01करके आप इंस्पेक्शन से हज़ार्ड को
  188. 8:04आइडेंटिफाई कर सकते हो। ऑब्जरवेशन से आप
  189. 8:06हज़ार्ड को आइडेंटिफाई कर सकते हो।
  190. 8:07एक्सीडेंट का रिकॉर्ड चेक करके और वर्कर
  191. 8:10के साथ कंसल्टेशंस करके आप हज़ार्ड को
  192. 8:11आइडेंटिफाई कर सकते हो। दूसरा स्टेप आता
  193. 8:14है वो है कि हज़ार्ड को आइडेंटिफाई किया।
  194. 8:16अभी आपको आइडेंटिफाई करना होता है कि इस
  195. 8:18हज़ार्ड्स की वजह से किसको नुकसान हो सकता
  196. 8:22है। तो वैसे लोगों को आपको यहां पर
  197. 8:25आइडेंटिफाई करना होता है। तो आप किसे
  198. 8:27आइडेंटिफाई कर सकते हो? तो जैसे कि साइट
  199. 8:29पर एंप्लाइजज़ हो गए, कॉन्ट्रैक्टर्स हो
  200. 8:31गए, विजिटर्स, पब्लिक या फिर सारे वर्कर्स
  201. 8:34आ गए। ठीक है? तो, यह सब कंसीडर करना होता
  202. 8:37है इस सेकंड स्टेप में। ठीक है? यानी कि
  203. 8:40ऐसे लोगों को आपको आइडेंटिफाई करना है कि
  204. 8:43उनको हज़ार्ड्स की वजह से नुकसान हो सकता
  205. 8:45है। अब स्टेप थ्री आती है वो है कि आपको
  206. 8:48अभी रिस्क को इवैलुएट करना है और
  207. 8:50एकिस्टिंग कंट्रोल यहां पर लेने हैं। तो
  208. 8:53लाइकलीहुड और सेवरिटी चेक करनी होती है और
  209. 8:56उसके बदल ऊपर फिर आप उसका इस्तेमाल करके
  210. 9:00फिर आप रिस्क को इवैलुएट कर सकते हो। जैसे
  211. 9:02कि हमने इसके पहले भी जाना था कि रिस्क की
  212. 9:04कैटेगरी आती है क्या आती है? हाई, मीडियम
  213. 9:06और लो। तो सबसे पहले हमें देखना होता है
  214. 9:08कि हमारे पास क्या कंट्रोल्स हमने लिए हुए
  215. 9:11हैं। ठीक है? एग्जिस्टिंग कंट्रोल क्या
  216. 9:13है? और फिर एकिस्टिंग कंट्रोल लेने के बाद
  217. 9:16ये जो हजार हमने देखे हैं तो उसमें कोई
  218. 9:19उसकी वजह से क्या नुकसान हो रहा है? अगर
  219. 9:21वो हाई रिस्क रहता है तो उसको हमें लो
  220. 9:23रिस्क में कन्वर्ट करना होता है। आगे में
  221. 9:25हम एग्जांपल से इसको समझेंगे ही। स्टेप
  222. 9:28फोर आती है कि अभी हमें डिसाइड करना होता
  223. 9:30है कि एडिशनल कंट्रोल मेजर्स यहां पर हम
  224. 9:32क्या ले सकते हैं और बाय यूजिंग जो
  225. 9:34हिरारकी ऑफ कंट्रोल्स है उसके बदौलत हमें
  226. 9:36लेना होता है। अब ये हिरार्की ऑफ
  227. 9:38कंट्रोल्स क्या है? इसको भी हम आगे डिटेल
  228. 9:40में जानने वाले हैं। और स्टेप फाइव आती है
  229. 9:42वो है कि अभी हमें जो भी फाइंडिंग्स है
  230. 9:45उसका रिकॉर्ड मेंटेन करना होता है और उसको
  231. 9:46रिव्यू करना होता है। तो ये जनरली
  232. 9:48एक्सीडेंट के बाद या फिर कोई
  233. 9:52मेजर चेंज अगर हो गया है उसके बाद या फिर
  234. 9:55रेगुलरली आपको रिव्यू करना होता है। अब
  235. 9:58साइट एग्जांपल से समझते हैं ताकि आपको यह
  236. 10:00जो फाइव स्टेप्स हमने देखे हैं वह समझ में
  237. 10:02आए अच्छे से। तो कंस्ट्रक्शन साइट फॉर
  238. 10:04वर्क एट हाइट का काम हो रहा है। ठीक है?
  239. 10:07तो ये एक्टिविटी हमने ली। तो अभी हमें
  240. 10:09सबसे पहला जो स्टेप था वो क्या था?
  241. 10:11हज़ार्ड्स का कि हज़ार्ड्स हमें इसमें देखना
  242. 10:13है। हज़ार्ड्स हम क्या देखेंगे वर्क एट
  243. 10:14हाइट पर? तो ओपन एज हो सकते हैं। अगर नीचे
  244. 10:18गिरने का वर्क एट हाइट से नीचे गिरने का
  245. 10:20खतरा हो सकता है और ऊपर से जो है नीचे
  246. 10:22टूल्स भी गिर सकते हैं। फालिंग ऑब्जेक्ट
  247. 10:24हो सकता है। फालिंग टूल्स हो सकता है। यह
  248. 10:26हमने हज़ार्ड आइडेंटिफाई कर लिया। यानी कि
  249. 10:28हमारी फर्स्ट स्टेप कंप्लीट हो गई। दूसरी
  250. 10:30स्टेप है कि अभी हमें इसकी वजह से किसको
  251. 10:32नुकसान हो सकता है वह देखना है। तो
  252. 10:34कंस्ट्रक्शन साइड पर वर्कर्स है जो ऊपर
  253. 10:36में काम कर रहे हैं। नीचे में जो वर्कर्स
  254. 10:38काम कर रहे हैं और जो सुपरवाइज़र्स हैं
  255. 10:40उनको यहां पर नुकसान हो सकता है। वो हमने
  256. 10:42यहां पर स्टेप टू कंप्लीट कर ली। थर्ड
  257. 10:44स्टेप है हमारी एग्जिस्टिंग कंट्रोल
  258. 10:47नहीं है। ठीक है? तो अगर एग्जिस्टिंग
  259. 10:50कंट्रोल नहीं है तो रिस्क का लेवल यहां पर
  260. 10:53हाई है। तो हम यहां पर कंट्रोल्स लेंगे।
  261. 10:55यानी कि गार्डर्स वहां पर लगाएंगे। ठीक
  262. 10:57है? हारनेस
  263. 10:59जो वर्क एट हाइट पर काम कर रहे हैं उनको
  264. 11:01देंगे। सुपरविजन वहां पर प्रोवाइड करेंगे।
  265. 11:04यह सारी स्टेप हम लेंगे। फिर रिस्क
  266. 11:06असेसमेंट का जो है रिकॉर्ड इसका रखेंगे कि
  267. 11:10हमने वर्क एट हाइड के लिए यह हमारा रिस्क
  268. 11:12असेसमेंट है। जैसे कि आपने देखा होगा कि
  269. 11:14हीरा हम प्रिपेयर करते हैं। यानी कि रिस्क
  270. 11:16असेसमेंट हमें उस पर्टिकुलर एक्टिविटी का
  271. 11:18करना होता है। उसमें सारी चीजें मेंशंस
  272. 11:21होती है कि यह एक्टिविटी करते वक्त इसमें
  273. 11:23क्या हज़ार्ड्स हो सकते हैं। इसके लिए
  274. 11:25हमारे पास क्या एकिस्टिंग कंट्रोल है?
  275. 11:27एडिशनल कंट्रोल हमने क्या लिए हैं? पहले
  276. 11:29यह रिस्क हाई थी और अभी हमने इसको लो में
  277. 11:31कैसे कन्वर्ट किया है? क्या कंट्रोल
  278. 11:33मेजर्स हमें लेने जरूरी होते हैं? यह सारी
  279. 11:35चीजें आपको उस हीरा में देखने को मिलती
  280. 11:38है। इसलिए हीरा काफी जरूरी होता है।
  281. 11:40हज़ार्ड आइडेंटिफिकेशन, रिस्क असेसमेंट।
  282. 11:42तो, वह हमें करना होता है। और लास्टली जब
  283. 11:45यह सारी चीजें आप कर लेते हो, तो इसका
  284. 11:46रिकॉर्ड आपके पास होना चाहिए और फिर इसको
  285. 11:48आपको रिव्यू करना होता है। या आप किस
  286. 11:51स्टेज में रिव्यु कर सकते हो? तो जैसे कि
  287. 11:52मैंने इसके पहले भी आपको बताया कि साइट पर
  288. 11:55अगर कोई
  289. 11:56बड़ा हादसा हो जाता है, एक्सीडेंट हो जाता
  290. 11:58है या फिर कोई बड़े से चेंजेस हो जाते
  291. 12:01हैं। साइट पर कोई नए इक्विपमेंट आना या
  292. 12:03फिर कोई बदलाव अगर हो जाता है जो काम करने
  293. 12:06का जो तरीका है वह चेंज हो जाता है। ठीक
  294. 12:08है? और वैसे भी आपको रेगुलरली इसको चेंज
  295. 12:11करते रहना होता है। तो, यह एक प्रैक्टिकल
  296. 12:13एग्जांपल्स है जिसकी बदौलत आपको यह समझ
  297. 12:15में आ गया होगा कि आप यह फाइव स्टेप्स
  298. 12:18कैसे कंप्लीट कर सकते हो। अब हम बात करते
  299. 12:20हैं एक बहुत ही इंपॉर्टेंट कांसेप्ट के
  300. 12:22बारे में, हिरारकी ऑफ़ कंट्रोल्स के बारे
  301. 12:24में। सेफ्टी मैनेजमेंट में यह कांसेप्ट
  302. 12:26बैकबोन की तरह काम करता है। हिरारकी ऑफ
  303. 12:29कंट्रोल्स एक स्ट्रक्चर मेथड है जिससे हम
  304. 12:31यह डिसाइड करते हैं कि रिस्क को कंट्रोल
  305. 12:34करने का सबसे इफेक्टिव तरीका क्या होगा।
  306. 12:37इसका मतलब सिंपल है हर कंट्रोल मेजर्स
  307. 12:39इक्वल नहीं होता। कुछ कंट्रोल मेजर्स
  308. 12:41ज्यादा इफेक्टिव होते हैं तो कुछ कम होते
  309. 12:44हैं। इसलिए कंट्रोल्स को एक स्पेसिफिक
  310. 12:46ऑर्डर में अप्लाई करना बहुत ही जरूरी हो
  311. 12:48जाता है। तो इसमें सबसे पहला आता है
  312. 12:50इलिमिनेशंस। दूसरा आता है सब्सीटशंस।
  313. 12:54तीसरा आता है इंजीनियरिंग कंट्रोल, चौथा
  314. 12:56आता है एडमिनिस्ट्रेटिव कंट्रोल और पांचवा
  315. 12:59आता है पीपी। तो ऐसे फाइव हिरार्की ऑफ़
  316. 13:01कंट्रोल्स होते हैं। और आपने हमेशा ध्यान
  317. 13:03देना है कि इसका जो सीक्वेंस है वो हमेशा
  318. 13:05आपने इसी तरीके से मेंटेन करना है। चलिए
  319. 13:08एक-एक करके इसको समझते हैं। सबसे पहला और
  320. 13:11सबसे पावरफुल कंट्रोल होता है इलिमिनेशंस।
  321. 13:14इलिमिनेशंस का मतलब है हज़ार्ड को जड़ से
  322. 13:17खत्म करना, कंप्लीटली रिमूव कर देना। अगर
  323. 13:20हज़ार्ड ही नहीं रहेगा तो रिस्क भी नहीं
  324. 13:22रहेगा। एग्जांपल के लिए अगर कोई काम बहुत
  325. 13:26डेंजरस है तो उस हज़ार्डस एक्टिविटी को बंद
  326. 13:29कर देना इलिमिनेशंस है। यह बेस्ट सशंस है
  327. 13:32क्योंकि प्रॉब्लम को रूट से यह खत्म कर
  328. 13:34देता है। जड़ से खत्म कर देता है। अगर
  329. 13:37इलिमिनेशन पॉसिबल नहीं है तो नेक्स्ट
  330. 13:40स्टेप होता है सब्सीटशंस। सब्स्टटशंस का
  331. 13:43मतलब है हज़ार्डस मटेरियल या प्रोसेससेस को
  332. 13:46किसी लेस हज़ार्डस ऑप्शन से रिप्लेस करना।
  333. 13:49जैसे सॉल्वेंट बेस्ड पेन की जगह हम वाटर
  334. 13:52बेस पेन का इस्तेमाल करते हैं। तो यहां पर
  335. 13:54हम रिप्लेसमेंट कर रहे हैं। यानी कि
  336. 13:57सब्स्टटशंस कर रहे हैं। काम वही है लेकिन
  337. 14:00रिस्क यहां पर कम हो जाता है। सब्स्टटशंस
  338. 14:03हज़ार्ड को रिड्यूस करता है सोर्स पर ही।
  339. 14:06नेक्स्ट लेवल है इंजीनियरिंग कंट्रोल्स।
  340. 14:09यह फिजिकल चेंजेस होते हैं जो लोगों को
  341. 14:11हज़ार्ड से आइसोलेट करते हैं। जैसे मशीन
  342. 14:14गार्ड लगाना, वेंटिलेशन सिस्टम इंस्टॉल
  343. 14:16करना या इंक्लोज़र बनाना। फॉर एग्जांपल
  344. 14:20रोटेटिंग मशीन पर गार्ड लगाना। इससे
  345. 14:22डायरेक्ट कांटेक्ट प्रिवेंट होता है।
  346. 14:24इंजीनियरिंग कंट्रोल्स इफेक्टिव होते हैं
  347. 14:26क्योंकि यह ह्यूमन बिहेवियर पर डिपेंड
  348. 14:29नहीं करते। अब आते हैं एडमिनिस्ट्रेटिव
  349. 14:32कंट्रोल पर। यह कंट्रोल्स लोगों के काम
  350. 14:34करने के तरीके को चेंज करते हैं। जैसे
  351. 14:37प्रोसीजर्स बनाना, ट्रेनिंग देना, वर्क
  352. 14:39परमिट इशू करना, वार्निंग साइंस लगाना। यह
  353. 14:43इंपॉर्टेंट है। लेकिन यह लोगों के
  354. 14:45डिसिप्लिन पर भी डिपेंड करता है। इसलिए यह
  355. 14:48इंजीनियरिंग कंट्रोल से थोड़े कम इफेक्टिव
  356. 14:51होते हैं। और लास्ट लेवल होता है पीपीई
  357. 14:54यानी पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट। जैसे
  358. 14:56हेलमेट, ग्लोस, रेस्पिरेटर, सेफ्टी शूज।
  359. 15:00पीपीई वर्कर को प्रोटेक्ट करता है। लेकिन
  360. 15:02एक बात आपको यहां पर याद रखनी है कि पीपीई
  361. 15:05लास्ट लाइन ऑफ डिफेंस होती है। यह हज़ार्ड
  362. 15:07को रिमूव नहीं करता। सिर्फ इंजरी की जो
  363. 15:10सेविरिटी है, उसको रिड्यूस करता है अगर
  364. 15:12एक्सीडेंट हो जाए तो। इसलिए कभी भी सिर्फ
  365. 15:16पीपीई पर आपको डिपेंड नहीं रहना चाहिए। अब
  366. 15:20इस हिरारकी ऑफ कंट्रोल्स को हम हमारे साइड
  367. 15:23पर कैसे इंप्लीमेंट कर सकते हैं? उसके लिए
  368. 15:25एक एग्जांपल लेते हैं। एग्जांपल है कि हम
  369. 15:29स्टील कटिंग यहां पर करना करते हैं एंगल
  370. 15:32ग्राइंडर से। ठीक है? तो यहां पर यह हमारा
  371. 15:35यहां पर एग्जांपल बन जाता है। अब इसके
  372. 15:37जरिए हम स्टेप बाय स्टेप समझेंगे कि
  373. 15:39हिरारकी ऑफ कंट्रोल्स हमारी साइट पर कैसे
  374. 15:41इंप्लीमेंट कर सकते हैं। तो चलिए हिरार्की
  375. 15:44अप्लाई करते हैं स्टेप बाय स्टेप। सबसे
  376. 15:46पहले है एलिमिनेशंस। अगर पॉसिबल हो तो
  377. 15:49साइड पर कटिंग अवॉइड करो और प्री कट जो
  378. 15:53मटेरियल है उसे ऑर्डर करो। हज़ार्ड
  379. 15:55कंप्लीटली यहां पर रिमूव हो जाएगा। तो इसे
  380. 15:57हम इलिमिनेशंस कहेंगे। अगर इलुमिनेशंस
  381. 16:00पॉसिबल नहीं है तो फिर हमें सब्स्टटशंस
  382. 16:02करना होगा। तो लो स्पार्क कटिंग जो टूल है
  383. 16:05यूज़ करो अह इंस्टेड ऑफ़ ग्राइंडर। ग्राइंडर
  384. 16:09के बदले जो कम स्पार्क जनरेट करें वैसे आप
  385. 16:11कटिंग टूल का इस्तेमाल कर सकते हो। होती
  386. 16:13है। यह हमारा सब्स्टटशंस यहां पर हो जाता
  387. 16:15है जिससे हम रिस्क को यहां पर कम कर सकते
  388. 16:18हैं। नेक्स्ट है इंजीनियरिंग कंट्रोल। तो
  389. 16:20ग्राइंडर गार्ड प्रॉपर्ली फिटेड होना
  390. 16:23चाहिए। यह चीज हमें वहां वहां पर देखनी
  391. 16:25होगी। स्पार्क शील्ड इंस्टॉल करो ताकि
  392. 16:27नियर बाय वर्कर्स वहां पर सेफ रहें।
  393. 16:29नेक्स्ट है एडमिनिस्ट्रेटिव कंट्रोल। तो
  394. 16:32इसके लिए हम परमिट टू वर्क जो है वो इशू
  395. 16:34कर करना होगा आपको। सिर्फ ट्रेन जो ऑपरेटर
  396. 16:36रहेगा उसे ही आपको अलऊ करना होगा और सिर्फ
  397. 16:39और प्रोसीजर्स को फॉलो करना होगा। और
  398. 16:41फाइनली है पीपीई। तो इसके लिए हम फेस
  399. 16:44शील्ड, ग्लोस, सेफ्टी शूज मैंडेटरी यह
  400. 16:46होना चाहिए और यह पहनने ही चाहिए ऑपरेटर
  401. 16:49ने। अब आप क्लियरली देख सकते हो कि
  402. 16:52कंट्रोल्स को हमने कैसे टॉप से लेकर बॉटम
  403. 16:54तक अप्लाई किया है। स्ट्रांगेस्ट कंट्रोल
  404. 16:57से आपको हमेशा स्टार्ट करना है। वह है
  405. 16:59एलिमिनेशन से और लास्ट में आता है पीपी।
  406. 17:02वहां तक आपको पहुंचना है। तो प्रोफेशनल
  407. 17:04सेफ्टी प्रैक्टिस में कभी भी डायरेक्टली
  408. 17:07आपको पीपी से स्टार्ट नहीं करना चाहिए।
  409. 17:10हमेशा हिरार्की को आपको फॉलो करना होगा।
  410. 17:13यही है सेफ और सिस्टेटिक अप्रोच। तो इस
  411. 17:16तरीके से आपको यहां पर कंप्लीटली समझ में
  412. 17:18आ गया होगा कि हिरारकी ऑफ कंट्रोल्स क्या
  413. 17:20होते हैं और उसको हम साइट पर कैसे
  414. 17:22इंप्लीमेंट कर सकते हैं। अब अनसेप एक्ट और
  415. 17:24अनसेप कंडीशंस क्या होता है उसके बारे में
  416. 17:26जानते हैं। तो अनसेपैक्ट वो होते हैं जो
  417. 17:30लोग गलत काम करते हैं। यानी कि आदमी के
  418. 17:32द्वारा किया गया गलत काम वो अनसेपैक्ट
  419. 17:35कहलाता है। जैसे पीपी ना पहनना उनको
  420. 17:38हेलमेट दिया गया है। उन्होंने नहीं पहना।
  421. 17:40सेफ्टी डिवाइसेस बायपास करना। प्रोसीजर्स
  422. 17:43को इग्नोर करना। तो यह अनसेप एक्ट के
  423. 17:45एग्जांपल्स हैं। अब बात करते हैं अनसेप
  424. 17:47कंडीशंस के। तो अनसेप कंडीशंस वर्क प्लेस
  425. 17:50की फिजिकल प्रॉब्लम्स होती है। जैसे जो
  426. 17:53इक्विपमेंट है वो डिफेक्टिव है या फिर
  427. 17:55लाइटिंग की कंडीशंस पुअर है। स्लिप
  428. 17:58स्लिपरी फ्लोअर है और गार्डल्स नहीं है या
  429. 18:01फिर मशीन का जो है गार्डल नहीं है।
  430. 18:03स्कैफोल्डिंग का गार्डल्स नहीं है या फिर
  431. 18:05मशीन में गार्ड नहीं है। ठीक है? तो ये
  432. 18:07अनसेप कंडीशंस के एग्जांपल्स हैं। तो
  433. 18:09ज्यादातर जो एक्सीडेंट्स हैं वो अनसेप
  434. 18:11एक्ट और अनसेप कंडीशंस दोनों की वजह से
  435. 18:13होते हैं। अब हम एक इंपॉर्टेंट कांसेप्ट
  436. 18:16पर आते हैं जिसका नाम है सेफ सिस्टम ऑफ
  437. 18:18वर्क। सेफ सिस्टम ऑफ वर्क का सिंपल मतलब
  438. 18:21है एक फॉर्मल प्रोसीजर जो क्लियरली बताता
  439. 18:24है कि कोई भी टास्क सेफली कैसे परफॉर्म
  440. 18:27करना है। जब हज़ार्ड को कंप्लीटली एलिमिनेट
  441. 18:30नहीं किया जा सकता तब सेफ सिस्टम ऑफ वर्क
  442. 18:33यूज़ किया जाता है। एग्जांपल के लिए
  443. 18:35कंस्ट्रक्शन साइड पर हाइट को एलिमिनेट
  444. 18:37नहीं किया जा सकता। इलेक्ट्रिकल वर्क में
  445. 18:40इलेक्ट्रिसिटी को रिमूव नहीं कर सकते। तो
  446. 18:43क्या करते हैं? हम एक स्ट्रक्चर मेथड
  447. 18:46बनाते हैं जिससे काम सेफली हो सके। इसी
  448. 18:49स्ट्रक्चर मेथड को सेफ सिस्टम ऑफ वर्क
  449. 18:51कहते हैं। सेफ सिस्टम ऑफ वर्क में इंक्लूड
  450. 18:54होता है मेथड स्टेटमेंट, परमिट टू वर्क
  451. 18:57सिस्टम्स, स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर्स।
  452. 18:59यह डॉक्यूमेंट्स क्लियरली डिफाइन करते
  453. 19:01हैं। टास्क का स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस
  454. 19:04क्या है? कौन-कौन से हज़ार्ड्स हमें यहां
  455. 19:06पर देखने को मिल सकते हैं। कौन से
  456. 19:08हज़ार्ड्स इसमें इन्वॉल्व है? कौन से
  457. 19:10कंट्रोल मेज़र्स अप्लाई करने होते हैं? और
  458. 19:12किस-किस की क्या रिस्पांसिबिलिटी होती है?
  459. 19:15तो इसका फायदा क्या है? तो इसका फायदा यह
  460. 19:18है कि वर्कर को पहले ही पता चल जाता है कि
  461. 19:20आने वाली स्टेप क्या होती है। वह
  462. 19:22प्रोसीजर्स को फॉलो करता है। कंफ्यूजन
  463. 19:25उसके मन का जो भी रहता है वह दूर हो जाता
  464. 19:27है और शॉर्टकट यहां पर अवॉइड हो जाते हैं
  465. 19:30क्योंकि उसको प्रॉपर स्टेप पता होती है।
  466. 19:32सिंपल वर्स में कहा जाए तो सेफ सिस्टम ऑफ
  467. 19:34पर बताता है कि काम सेफली कैसे करना है
  468. 19:37स्टेप बाय स्टेप। अब स्पेसिफिकली बात करते
  469. 19:40हैं परमिट टू वर्क की क्योंकि यह एग्जाम
  470. 19:43और रियल साइड्स दोनों में बहुत इंपॉर्टेंट
  471. 19:45है। परमिट टू वर्क एक फॉर्मल रिटन सिस्टम
  472. 19:48है जो हायर रिस्क एक्टिविटीज को कंट्रोल
  473. 19:50करता है। यह सिर्फ एक पेपर नहीं होता है
  474. 19:53बल्कि यह एक कंट्रोल मैकेनिज्म होता है।
  475. 19:55हायर रिस्क एक्टिविटीज जैसे हॉट वर्क,
  476. 19:58कनफाइन स्पेस एंट्री, इलेक्ट्रिकल वर्क,
  477. 20:00वर्क एट हाइड इन सब काम को स्टार्ट करने
  478. 20:02से पहले परमिट इशू किया जाता है। परमिट
  479. 20:05इंश्योर करता है कि हज़ार्ड्स प्रॉपर्ली
  480. 20:08आइडेंटिफाई हो गए हैं या फिर नहीं।
  481. 20:10रिक्वायर्ड कंट्रोल्स यहां पर लग चुके
  482. 20:12हैं। यह भी हमें यह बताता है। साथ ही साथ
  483. 20:14रिस्पांसिबल पर्संस ने ऑथराइजेशंस दे दिया
  484. 20:18है क्या? वह भी हमें इस परमिट से पता चलता
  485. 20:20है। वर्क मॉनिटर हो रहा है। यह भी हमें
  486. 20:22पता चलता है। एग्जांपल्स लेते हैं हॉट
  487. 20:25वर्क का। अगर वेल्डिंग करनी है तो परमिट
  488. 20:28चेक करेगा कि फ्लैमेबल मटेरियल वहां से
  489. 20:31रिमूव किया गया है या फिर नहीं। फायर
  490. 20:33एक्सटिंग्विशर अवेलेबल है या फिर नहीं।
  491. 20:35फायर वॉच असाइन किया गया है या फिर नहीं।
  492. 20:38यह सारी चीजें हमें परमिट से पता चलती है।
  493. 20:41अगर परमिट सिस्टम फॉलो नहीं किया गया तो
  494. 20:43स्मॉल स्पार्क भी मेजर फायर बन सकती है।
  495. 20:46इसलिए हमेशा याद रखिए कि परमिट टू वर्क
  496. 20:49पेपर वर्क नहीं है। यह लाइफ सेविंग
  497. 20:52कंट्रोल सिस्टम है। अब हम एक और एक
  498. 20:55इंपॉर्टेंट टॉपिक को समझते हैं यहां पर जो
  499. 20:57बहुत ऑर्गेनाइजेशंस इग्नोर कर देते हैं।
  500. 21:00वह है ह्यूमैन फैक्टर्स। ह्यूमन फैक्टर्स
  501. 21:02का मतलब है लोग अपने काम, इक्विपमेंट और
  502. 21:05सिस्टम के साथ कैसे इंटरेक्ट करते हैं।
  503. 21:08चाहे आपके पास परफेक्ट प्रोसीजर्स हो फिर
  504. 21:11भी एक्सीडेंट हो सकता है। अगर ह्यूमन
  505. 21:13बिहेवियर को समझा नहीं गया तो। ह्यूमन
  506. 21:16फैक्टर्स डायरेक्टली सेफ्टी परफॉर्मेंस को
  507. 21:18अफेक्ट करते हैं। इसमें इंक्लूड होता है
  508. 21:21फिजिकल कैपेबिलिटी, मेंटल वर्क लोड, फटीग,
  509. 21:24स्ट्रेस, ट्रेनिंग और कॉम्पिटेंस। सोचिए
  510. 21:27अगर वर्कर थका हुआ है तो मिस्टेक करने का
  511. 21:30चांस यहां पर ज्यादा होगा। अगर वर्कर
  512. 21:32स्ट्रेस में है तो वह प्रोसीजर्स इग्नोर
  513. 21:35कर सकता है। अगर ट्रेनिंग प्रॉपर नहीं है
  514. 21:37तो इक्विपमेंट गलत यूज़ हो सकता है। इसलिए
  515. 21:40सेफ्टी सिर्फ मशीन और रूल्स का गेम नहीं
  516. 21:43है। सेफ्टी लोगों का भी इशू है। अगर
  517. 21:45ह्यूमन फैक्टर्स इग्नोर कर दिए तो
  518. 21:47एक्सीडेंट रिस्क ऑटोमेटिकली इनक्रीस हो
  519. 21:49जाती है। अब बात करते हैं मैनेजिंग चेंज
  520. 21:52की। वर्क प्लेस कभी स्टैटिक नहीं होता है।
  521. 21:56हर वक्त कुछ ना कुछ चेंज होते रहता है और
  522. 21:59हर चेंज नए खतरे को इंट्रोड्यूस कर सकता
  523. 22:02है। जैसे कि आप देख सकते हो कि साइट पर नए
  524. 22:04कभी-कभी इक्विपमेंट आ जाते हैं। नई
  525. 22:06प्रोसेस से हमें काम करना पड़ता है। नए
  526. 22:09मटेरियल्स आ जाते हैं। नए पर्संस भी आ
  527. 22:11जाते हैं। नए वर्कर्स आ जाते हैं। अगर यह
  528. 22:13जो चेंजेस है अगर होते हैं सडनली तो इसके
  529. 22:16बदौलत हमें नए खतरे भी देखने को मिल सकते
  530. 22:19हैं। एग्जांपल के लिए अगर नया मशीन
  531. 22:22इंट्रोड्यूस किया गया और वर्कर्स को
  532. 22:24ट्रेनिंग नहीं दी गई तो एक्सीडेंट का भी
  533. 22:26यहां पर रिस्क बढ़ जाता है क्योंकि वर्कर
  534. 22:28को उस नए मशीन के बारे में पता ही नहीं
  535. 22:30होता है। अगर नया केमिकल यूज़ किया गया और
  536. 22:33सेफ्टी डाटा अपडेट नहीं किया गया तो
  537. 22:35एक्सपोज़र रिस्क यहां पर बढ़ेगा क्योंकि
  538. 22:37वर्कर को उसके बारे में नहीं पता होगा।
  539. 22:39अगर नए वर्कर्स हायर किए गए और उनको
  540. 22:42इंडक्शंस नहीं दिया गया। उनको बताया नहीं
  541. 22:44कि साइड की कंडीशंस क्या है? क्या काम
  542. 22:47होने वाला है या फिर क्या खतरे हो सकते
  543. 22:49हैं तो अनसेप एक्ट का बढ़ना यहां पर और
  544. 22:52ज्यादा हो जाएगा। आदमी की गलती यहां पर
  545. 22:54बढ़ सकती है क्योंकि उनको नॉलेज नहीं
  546. 22:56रहेगा। इसलिए जब भी कोई चेंज होता है तो
  547. 22:59रिस्क असेसमेंट को रिव्यू करना मैंडेटरी
  548. 23:02हो जाता है। बिफोर चेंज भी और आफ्टर चेंज
  549. 23:05भी। मैनेजिंग चेंज को इग्नोर करना मतलब
  550. 23:08फ्यूचर एक्सीडेंट को इनवाइट करना होता है।
  551. 23:11अब एक रियल लाइफ एग्जांपल देखते हैं। एक
  552. 23:14वेयर हाउस ने न्यू रैकिंग सिस्टम इंस्टॉल
  553. 23:16किया। लेआउट चेंज हो गया लेकिन अ उन्होंने
  554. 23:20रिस्क असेसमेंट नहीं किया। फोरक्लिप रूट
  555. 23:23फोरक्लिप का जो रूट है वो डिज़ नहीं किया।
  556. 23:26वर्कर्स को ट्रेनिंग यहां पर नहीं दी गई।
  557. 23:28कुछ टाइम बाद फोर क्लिप न्यू रैकिंग से
  558. 23:32टकरा गया और वहां पर कुछ चीजें जो है वो
  559. 23:35गिर गई। एक वर्कर वहां पर इंजोअर भी हो
  560. 23:38गया। प्रॉपर्टी डैमेज भी हो गई। अब
  561. 23:40इन्वेस्टिगेशन में पता चला कि कंपनी ने
  562. 23:43यहां पर हज़ार्ड आइडेंटिफाई नहीं किया था।
  563. 23:45वह करने में असमर्थ रही थी। फिर उसके बाद
  564. 23:48पता चला कि रिस्क असेस भी वहां पर नहीं
  565. 23:51किया गया। वर्कर्स को यहां पर ट्रेनिंग
  566. 23:52नहीं दी गई। उसकी भी कमी थी और चेंज मैनेज
  567. 23:56भी यहां पर करने में वह कमी थी। यानी कि
  568. 23:58जो भी नए चेंजेस यहां पर हुए थे उनको
  569. 24:00इंट्रोड्यूस नहीं किया गया था सबके साथ
  570. 24:02में। तो ये एक्सीडेंट का यहां पर मेन कॉज
  571. 24:05यहां पर देखने को मिलता है। तो यह
  572. 24:07एक्सीडेंट लक की वजह से नहीं हुआ है। यह
  573. 24:09पुअर रिस्क मैनेजमेंट की वजह से हुआ है।
  574. 24:12इस एग्जांपल से क्लियर होता है कि सेफ्टी
  575. 24:14को सिस्टेटिकली मैनेज करना कितना जरूरी
  576. 24:16होता है। सेफ्टी ऑटोमेटिक नहीं होती। उसको
  577. 24:19प्लान, कंट्रोल और मॉनिटर करना पड़ता है।
  578. 24:22अब आपके लिए कुछ एग्जाम प्रैक्टिस
  579. 24:24क्वेश्चंस है जिसका आंसर्स आपको देना है।
  580. 24:27आपको बताना है कि हज़ार्ड क्या है? रिस्क
  581. 24:29क्या है? वो भी एग्जांपल के साथ में। साथ
  582. 24:31ही साथ हज़ार्ड और रिस्क इन दोनों में क्या
  583. 24:33डिफरेंस है? उसको आपको एक्सप्लेन करना है।
  584. 24:35इट्स असेसमेंट की फाइव स्टेप्स क्या है?
  585. 24:37उसको डिस्क्राइब कीजिए। साथ ही साथ
  586. 24:39हिरारकी ऑफ़ कंट्रोल्स क्या है? उसको
  587. 24:40एग्जांपल के साथ में आपको एक्सप्लेन करना
  588. 24:43है। अनसेपैक्ट और अनसेप कंडीशंस यानी कि
  589. 24:45क्या होता है? उन दोनों में क्या डिफरेंस
  590. 24:47होता है? इन सभी क्वेश्चंस के आंसर्स आपको
  591. 24:50लिखने हैं। यानी कि ये अगर सभी क्वेश्चंस
  592. 24:52के आंसर्स अगर आपको आते हैं, इसका मतलब यह
  593. 24:54है कि एलिमेंट थ्री आपको अच्छे से समझ में
  594. 24:57आ गया है। एलिमेंट वन ने हमें बताया था कि
  595. 24:59सेफ्टी क्यों जरूरी है। एलिमेंट टू ने
  596. 25:01हमें बताया था कि सेफ्टी कैसे मैनेज की
  597. 25:04जाती है और एलिमेंट थ्री ने हमें यह बताया
  598. 25:07है कि साइट फॉर सेफ्टी प्रैक्टिकली कैसे
  599. 25:09अप्लाई होती है। तो इस तरीके से आपको
  600. 25:12एलिमेंट थ्री अच्छे से समझ में आ गया
  601. 25:14होगा। और भी अगर आपका कोई अगर डाउट हो तो
  602. 25:16नीचे में आप कमेंट करके मुझे बता सकते हो
  603. 25:18और निवोश आईसीसी के ऊपर हमने ई-बुक बनाई
  604. 25:21है। उसको अगर आपने अभी तक डाउनलोड नहीं
  605. 25:23किया है तो आप डाउनलोड कर सकते हो ताकि
  606. 25:25एग्जाम को पास करने में वह आपके लिए काफी
  607. 25:27मददगार साबित हो सकती है। तो बस आज के लिए
  608. 25:30इतना ही मिलते हैं नेक्स्ट वीडियो में एक
  609. 25:31नए टॉपिक के साथ में। तब तक के लिए टेक
  610. 25:32केयर। बाई बाय।

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