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“गरीब बेसहारा लड़की की हालत देख पिघला करोड़पति का दिल, मदद के लिए बढ़ाया हाथ!” ❤️ — Transcript

by AI Story Tool · 5,504 words · 801 segments · language en · Watch on YouTube

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  1. 0:00है। मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं। इशिता
  2. 0:02पूरी जिंदगी तुम्हारे साथ बिताना चाहता
  3. 0:04हूं।
  4. 0:05लेकिन तुम्हारी पत्नी का क्या होगा?
  5. 0:13मां जी दर्द हो रहा है। मेरा पैर फिसल गया
  6. 0:15था।
  7. 0:17इस घर में सब कुछ [संगीत] सह कर रहना
  8. 0:19होगा। समझी?
  9. 0:20विक्रम, तुमने सच में मेरा सपना पूरा कर
  10. 0:23दिया। मैं बहुत खुश हूं।
  11. 0:25भाभी, पहले मेरी ये सैंडल साफ करो।
  12. 0:28विक्रम जी ये सब क्या है? आपके गले में
  13. 0:31वरमाला और ईशानी की मांग में सिंदूर निकल
  14. 0:33जा इस घर से। दोबारा इस दरवाजे पर अपना
  15. 0:35चेहरा मत दिखाना। आज मेरा अपना घर भी
  16. 0:38मुझसे छीन लिया गया।
  17. 0:39मैं तुम्हारी नौकरानी नहीं हूं कि तुम जब
  18. 0:40चाहो मुझे कोई भी काम करने का आदेश दे दो।
  19. 0:44तुमने ईशानी से इस तरह बदतमीजी करने की
  20. 0:46हिम्मत कैसे की?
  21. 0:48यहां तो काफी पैसे और गहने हैं। आज तो
  22. 0:52मेरी किस्मत ही खुल गई।
  23. 0:55मां।
  24. 0:58क्या तुम मुझसे शादी करोगी?
  25. 1:03नंदिनी मेरा नाश्ता तैयार हुआ या नहीं?
  26. 1:06मुझे ऑफिस के लिए देर हो रही है।
  27. 1:08जी अभी लाई बस दो मिनट रुक जाइए।
  28. 1:14ये खाना बनाया तो इसमें तो नमक ही नहीं
  29. 1:16है।
  30. 1:16जी मुझसे गलती हो गई। मैं अभी दूसरा बना
  31. 1:18देती हूं।
  32. 1:19रहने दो। तुमसे एक काम भी ढंग से नहीं
  33. 1:21होता। मुझे ऐसा खाना बिलकुल पसंद नहीं है।
  34. 1:24इसे उठाओ और दोबारा बनाओ। अभी साफ कर देती
  35. 1:27हूं।
  36. 1:27और जल्दी करो। मुझे ऑफिस जाना है।
  37. 1:30बहू मेरे बेटे को नाराज करने की हिम्मत
  38. 1:32कैसे हुई?
  39. 1:33मां सही कह रही है भाभी। आपको ढंग से खाना
  40. 1:35बनाना भी नहीं आता। माफ कर दीजिए मां जी।
  41. 1:38अब ऐसी गलती नहीं होगी।
  42. 1:41विक्रम जी आपका टिफिन। इसे साथ ले जाइए।
  43. 1:44मुझे नहीं चाहिए। तुम ही रखो इसे।
  44. 1:47लेकिन आपने सुबह से कुछ खाया भी नहीं है।
  45. 1:50पता नहीं उन्हें मेरा बनाया खाना क्यों
  46. 1:52पसंद नहीं आता। आज उनका पसंदीदा खाना
  47. 1:55बनाकर ऑफिस [संगीत] पहुंचा दूंगी। शायद तब
  48. 1:57उनका गुस्सा थोड़ा कम हो जाए। शायद मेरा
  49. 2:00बनाया खाना उन्हें आज पसंद आ जाए।
  50. 2:03बस एक बार वो मुझसे प्यार से बात कर लें।
  51. 2:07कहां चली बहू? घर के काम छोड़कर अब बाहर
  52. 2:09घूमने भी निकलोगी?
  53. 2:11मां जी, विक्रम जी का टिफिन देने ऑफिस जा
  54. 2:13रही हूं।
  55. 2:13घर का सारा काम तुम्हें ही करना है। गाय
  56. 2:16भैंस का गोबर भी साफ करना है।
  57. 2:18जी मां जी।
  58. 2:21आज बस विक्रम जी मेरा बनाया खाना प्यार से
  59. 2:23खा लें। शायद उन्हें एहसास हो जाए कि मैं
  60. 2:26उनकी कितनी परवाह करती हूं।
  61. 2:30मैं विक्रम जी की पत्नी हूं। वो आज अपना
  62. 2:32टिफिन घर पर भूल गए हैं। ओह, आप विक्रम सर
  63. 2:34की पत्नी हैं। सामने से लेफ्ट जाइए। उनका
  64. 2:36कैबिन वहीं है।
  65. 2:37जी धन्यवाद।
  66. 2:40शायद यही विक्रम जी का कैबिन है। मैं अंदर
  67. 2:43जाकर उन्हें टिफिन दे देती हूं। पता नहीं
  68. 2:45वो मुझे देखकर खुश होंगे या फिर नाराज हो
  69. 2:48जाएंगे। मां ने पता नहीं किस गवार से मेरी
  70. 2:50शादी कर दी। उसे देखते ही मेरा सारा मूड
  71. 2:52खराब हो जाता है। मैं तुमसे बहुत प्यार
  72. 2:54करता हूं इशिता। पूरी जिंदगी तुम्हारे साथ
  73. 2:56बिताना चाहता हूं।
  74. 2:57लेकिन तुम्हारी पत्नी का क्या होगा?
  75. 2:59तुम उसकी चिंता मत करो। आज नहीं तो कल मैं
  76. 3:02उसे घर से बाहर निकाल दूंगा।
  77. 3:03तो फिर तुम मेरे साथ ही रहोगे ना?
  78. 3:06वैसे भी मैं उसकी शक्ल तक नहीं देखना
  79. 3:07चाहता। मुझे उससे नफरत है।
  80. 3:09फिर [संगीत] देर किस बात की है? उसे अपनी
  81. 3:10जिंदगी से निकाल दो।
  82. 3:12बहुत जल्द मैं उसे अपने घर से भी निकाल
  83. 3:14दूंगा।
  84. 3:17[हांफने की आवाज़]
  85. 3:19तुम यहां?
  86. 3:21हां विक्रम जी मैं आपका टिफिन देने आई थी।
  87. 3:23अच्छा टिफिन देने आई थी। नंदिनी तुम जैसा
  88. 3:26सोच रही हो वैसा कुछ नहीं है। हम तो बस
  89. 3:28प्रोजेक्ट की बातें कर रहे थे।
  90. 3:30[नाक से की जाने वाली आवाज़]
  91. 3:30बस विक्रम जी आपको कोई सफाई देने की जरूरत
  92. 3:33नहीं है।
  93. 3:36मैंने सब कुछ अपनी आंखों से देख भी लिया
  94. 3:38है और सुन भी लिया है।
  95. 3:39नंदिनी मेरी बात तो सुनो। तुम गलत समझ रही
  96. 3:41हो।
  97. 3:41नहीं विक्रम जी मैं सब सही समझ रही हूं।
  98. 3:44आपको लगता है कि मैं गलत समझ रही हूं?
  99. 3:46नंदिनी तुम मेरी बात समझने की कोशिश करो।
  100. 3:48बात वैसी नहीं है।
  101. 3:49मैंने आप पर हमेशा भरोसा किया लेकिन आज
  102. 3:51आपने मेरा भरोसा तोड़ दिया।
  103. 3:54अगर आपको [नाक से की जाने वाली आवाज़]
  104. 3:55मेरे साथ यही सब करना था तो आपने मुझसे
  105. 3:57शादी क्यों की?
  106. 3:58नंदिनी ऐसी बात मत करो। मैंने तुम्हें कभी
  107. 4:00दुख देने के बारे में नहीं सोचा।
  108. 4:02लेकिन आपने मेरी पूरी जिंदगी बर्बाद कर दी
  109. 4:04है विक्रम जी। मैं तो सोचती थी आप काम की
  110. 4:07वजह से थोड़े चिड़चिड़े रहते हैं। मुझे
  111. 4:09नहीं पता था कि आप मुझसे इतनी नफरत करते
  112. 4:11हैं। अब मुझे समझ आ गया है कि इस रिश्ते
  113. 4:13में मेरी कोई जगह नहीं है।
  114. 4:16नंदिनी मेरी बात सुनो। तुम ऐसे मत जाओ।
  115. 4:19नहीं विक्रम जी अब मुझे यहां एक पल भी
  116. 4:20नहीं रुकना है।
  117. 4:23विक्रम अभी तो तुम मुझसे बड़ी-बड़ी बातें
  118. 4:25कर रहे थे। फिर अपनी बीवी के सामने इतना
  119. 4:27डर क्यों गए? तुमने तो कहा था कि उसे घर
  120. 4:29से निकाल दोगे। कहीं अपनी बात से मुकर तो
  121. 4:31नहीं जाओगे ना? अगर तुम अपनी बात से मुकर
  122. 4:33गए तो मैं तुम्हें कभी माफ नहीं करूंगी
  123. 4:34विक्रम। इशिता मैं तुम्हें धोखा नहीं दे
  124. 4:37रहा हूं। मैं बस नंदिनी के सामने बात
  125. 4:38संभाल रहा था।
  126. 4:40अपनी पत्नी के सामने इतनी नरमी दिखाने की
  127. 4:42क्या जरूरत? वो तुम्हारी पत्नी है। मालिक
  128. 4:44नहीं।
  129. 4:44मैंने ऐसा सिर्फ इसलिए किया ताकि वो घर
  130. 4:46जाकर कोई तमाशा ना करे। लेकिन अब मैं उसे
  131. 4:49सबक जरूर सिखाऊंगा।
  132. 4:50तुम्हारे घर में रहकर तुम्हें ही आंखें
  133. 4:51दिखाएगी तो उसे उसकी औकात याद दिलानी
  134. 4:54होगी।
  135. 4:54मैं समझ गया इशिता। अब मैं उसे अपने ऊपर
  136. 4:57हावी नहीं होने दूंगा।
  137. 4:59तुम्हें याद है [संगीत] ना? तुमने मुझसे
  138. 5:00कहा था कि तुम सिर्फ मेरे साथ जिंदगी
  139. 5:02बिताना चाहते हो? हां इशिता मैं आज भी
  140. 5:04तुमसे ही प्यार करता हूं। नंदिनी से मेरा
  141. 5:06कोई लगाव नहीं है।
  142. 5:09तो फिर मुझे भरोसा कैसे हो कि तुम सच में
  143. 5:11उसे अपनी जिंदगी से निकाल दोगे?
  144. 5:13मुझ पर भरोसा रखो इशिता। मैं जल्द ही
  145. 5:16नंदिनी को घर से बाहर कर दूंगा।
  146. 5:18ठीक है विक्रम। मैं तुम्हारी बात मान लेती
  147. 5:20हूं। लेकिन अब मुझे सिर्फ तुम्हारे वादे
  148. 5:21नहीं तुम्हारा फैसला चाहिए।
  149. 5:23तुम बस मुझ पर भरोसा रखो। मैं आज ही घर
  150. 5:24जाकर मां से नंदिनी को सबक सिखाने के लिए
  151. 5:26कहूंगा।
  152. 5:28अरे आ गई महारानी। इतनी देर कहां लगा दी?
  153. 5:32मां जी वो मैं आपसे
  154. 5:33चुप बहाने मत बनाओ। घर में बहुत काम पड़ा
  155. 5:35है। मेरी [नाक से की जाने वाली आवाज़]
  156. 5:36किस्मत में शायद यही लिखा है। पति की
  157. 5:38बेवफाई का दर्द भी सहूं और सबकी जिल्लत
  158. 5:41भी। [नाक से की जाने वाली आवाज़] फिर भी
  159. 5:42मैं किसी से कुछ नहीं कहूंगी। अपना दुख
  160. 5:44अपने तक ही रखूंगी। जिस घर को मैंने अपना
  161. 5:46समझ कर अपनाया उसी घर में आज मुझे शायद
  162. 5:50मेरी किस्मत में दुख ही लिखा है। अब और
  163. 5:53कितना दुख लिखा है मेरी किस्मत में।
  164. 5:57नंदिनी, पशुओं को चारा भी डाल देना। सारा
  165. 6:00दिन क्या सिर्फ गोबर ही साफ करती रहोगी?
  166. 6:02जी मां जी, अभी सबको चारा डाल देती हूं।
  167. 6:06और सुनो शाम होने वाली है। पशुओं का दूध
  168. 6:09भी निकालना है।
  169. 6:10जी मां जी मुझे याद है।
  170. 6:14सुबह से रात तक बस काम ही काम।
  171. 6:19या फिर मुझे इस घर में सिर्फ एक नौकरानी
  172. 6:21बनाकर लाया गया है।
  173. 6:24[अचानक ज़ोर से सांस लेने की आवाज़]
  174. 6:27यह दूध तेरे मायके से आया था क्या? तेरे
  175. 6:30मां-बाप ने इतना दूध कभी आंखों से देखा भी
  176. 6:32था?
  177. 6:34मां जी, दर्द हो रहा है, मेरा पैर फिसल
  178. 6:36गया था। मैंने जानबूझ कर दूध नहीं गिराया।
  179. 6:38चुप रह। बहाने मत बना। सारा दूध बर्बाद कर
  180. 6:42दिया। मां जी, मुझसे गलती हो गई। मुझे माफ
  181. 6:45कर दीजिए। मेरा पैर फिसल गया था। मैंने
  182. 6:47जानबूझ के नहीं किया। अब ऐसी गलती कभी
  183. 6:49नहीं होगी। मैं अभी सारा दूध साफ कर देती
  184. 6:51हूं।
  185. 6:51अब रोना-धोना बंद करो और सारा दूध साफ
  186. 6:53करो। मुझे दोबारा आंगन गंदा नहीं दिखना
  187. 6:55चाहिए।
  188. 6:56जी मां जी अभी सब साफ कर देती हूं।
  189. 6:58मां मां जल्दी बाहर आओ। मुझे तुमसे बहुत
  190. 7:00जरूरी बात करनी है।
  191. 7:02क्या हुआ?
  192. 7:02मां नंदिनी आज सुबह मेरे ऑफिस आई थी।
  193. 7:05लेकिन वो टिफिन देने नहीं ऑफिस में हंगामा
  194. 7:07करने गई थी।
  195. 7:08क्या? नंदिनी ऑफिस में हंगामा करने गई थी।
  196. 7:11मां मैं इशिता के साथ कैबिन में बैठकर
  197. 7:12प्रोजेक्ट की बातें कर रहा था। तभी नंदिनी
  198. 7:14टिफिन लेकर वहां पहुंच गई। उसने हम दोनों
  199. 7:16को साथ देखा और बिना कुछ समझे हम दोनों पर
  200. 7:18लांछन लगाने लगी ऑफिस में तमाशा करने लगी।
  201. 7:21भाभी
  202. 7:22क्या हुआ? तेरी इतनी हिम्मत तूने मेरे
  203. 7:25बेटे के ऑफिस में हंगामा किया? तुझे शर्म
  204. 7:27नहीं आई? मां जी आपको सच्चाई नहीं पता है।
  205. 7:30मैंने ऐसा कुछ भी नहीं किया। मेरी बात तो
  206. 7:32सुनिए।
  207. 7:34इस घर में [संगीत] सब कुछ सह कर रहना
  208. 7:36होगा। समझी? नहीं तो अपना बोरिया बिस्तर
  209. 7:38उठा और निकल जा मेरे घर से।
  210. 7:43वाओ विक्रम इतना सुंदर नेकलेस आप मुझे सच
  211. 7:46में खुश [संगीत] कर दिया।
  212. 7:47तुम्हें खुश नहीं करूंगा तो किसे करूंगा?
  213. 7:49तुम्हारे लिए ही तो कमा रहा हूं।
  214. 7:52मेरा फोन भी खराब हो गया है। मैं कई दिनों
  215. 7:54से परेशान हूं।
  216. 7:55कोई बात नहीं इशिता। तुम चिंता मत करो।
  217. 7:57मैं तुम्हारे लिए नया फोन खरीद दूंगा।
  218. 7:59लेकिन विक्रम, अभी-अभी तो तुमने मुझे इतना
  219. 8:01महंगा नेकलेस गिफ्ट किया है।
  220. 8:02तुम इतनी चिंता क्यों कर रही हो? तुम्हारी
  221. 8:05जरूरत की चीज है। मैं तुम्हारे लिए फोन
  222. 8:06जरूर लूंगा।
  223. 8:09सच में विक्रम तुम मुझे नया फोन दिलाओगे?
  224. 8:12हां इशिता मैं आज ही तुम्हारे लिए नया
  225. 8:14iPhone खरीदूंगा। चलो मेरे साथ।
  226. 8:19विक्रम मुझे यही वाला iPhone चाहिए। बहुत
  227. 8:22सुंदर है।
  228. 8:23ठीक है इशिता। [संगीत] तुम्हें जो पसंद है
  229. 8:25वही ले लो। पेमेंट मैं कर देता हूं।
  230. 8:30विक्रम, तुमने सच में मेरा सपना पूरा कर
  231. 8:32दिया। मैं बहुत खुश हूं।
  232. 8:34तुम्हारी खुशी के लिए मैं कुछ भी कर सकता
  233. 8:36हूं इशिता। विक्रम यह सैंडल भी कितनी
  234. 8:39खूबसूरत है। क्या मैं इसे भी ले लूं?
  235. 8:41हां इशिता तुम्हें पसंद है तो ले लो।
  236. 8:44तुम्हें जो चाहिए सब खरीद लो।
  237. 8:46देखो ना ये घड़ी कितनी खूबसूरत है। मुझे
  238. 8:47यह बहुत पसंद आ गई है।
  239. 8:49तो फिर इसे ले लो इशिता। तुम्हें जो पसंद
  240. 8:51है उसकी कीमत मैं नहीं देखता। बस तुम्हारे
  241. 8:52चेहरे पे खुशी देखना चाहता हूं।
  242. 8:54विक्रम, तुम मेरे लिए इतना सब कुछ कर रहे
  243. 8:56हो, मैं तुम्हारा शुक्रिया अदा कैसे करूं?
  244. 8:59तुम्हें मेरा शुक्रियादा करने की जरूरत
  245. 9:00नहीं है इशिता। तुम्हारी हर इच्छा पूरी
  246. 9:02करना ही मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी है।
  247. 9:04विक्रम, यह सारे कपड़े मुझे बहुत पसंद आ
  248. 9:06रहे हैं। लेकिन इतने सारे कपड़े लेना ठीक
  249. 9:08रहेगा क्या?
  250. 9:09तुम्हारी पसंद की कोई चीज सिर्फ कीमत की
  251. 9:11वजह से नहीं छूटनी चाहिए।
  252. 9:13नंदिनी, यह सारे कपड़े अभी धोकर साफ कर
  253. 9:16दो। मुझे शाम तक एक भी कपड़ा गंदा नहीं
  254. 9:18दिखना चाहिए।
  255. 9:19जी मां जी, मैं अभी सारे कपड़े धो देती
  256. 9:21हूं।
  257. 9:24भाभी, मेरे ये कपड़े भी धो देना और ध्यान
  258. 9:27रखना इन पर जरा भी दाग नहीं रहना चाहिए।
  259. 9:29आपके कपड़े [संगीत] भी अच्छे से धो दूंगी।
  260. 9:32भाभी हम
  261. 9:33मेरा कमरा बिल्कुल चमकना चाहिए। अलमारी के
  262. 9:35नीचे भी अच्छी तरह साफ करना।
  263. 9:37जी मैं पूरा कमरा अच्छे से साफ कर देती
  264. 9:39हूं।
  265. 9:43भाभी पहले मेरी ये सैंडल साफ करो। बहुत
  266. 9:46गंदी हो गई है और मुझे अभी बाहर जाना है।
  267. 9:49जी अभी साफ कर देती हूं।
  268. 9:53नंदिनी, यह सारे बर्तन अभी साफ करो। मुझे
  269. 9:56रसोई में एक भी गंदा बर्तन नहीं चाहिए। जी
  270. 9:59मां जी, मैं सारे बर्तन अभी साफ कर देती
  271. 10:01हूं।
  272. 10:03इतनी देर क्यों लगा रही हो? काम करने आई
  273. 10:05हो या आराम करने?
  274. 10:07मां जी, मैं सुबह से लगातार काम कर रही
  275. 10:09हूं। बस थोड़ी देर में सारे बर्तन साफ हो
  276. 10:11जाएंगे।
  277. 10:13ये लो। इतने से काम से तुम्हारी छुट्टी
  278. 10:15नहीं होगी। यह कपड़े भी आज ही धोने हैं।
  279. 10:17और मेरे कपड़े भी इसमें रख दो भाभी। मुझे
  280. 10:19शाम तक सारे कपड़े साफ चाहिए।
  281. 10:22भाभी, रोने से काम जल्दी नहीं होगा।
  282. 10:25चुपचाप कपड़े धोती रहो।
  283. 10:26[नाक से की जाने वाली आवाज़] मैं रो नहीं
  284. 10:27रही सिया। बस आंखों में पानी आ गया था।
  285. 10:29मैं काम पूरा कर रही हूं।
  286. 10:31नंदिनी, कोने भी अच्छे से साफ करना। हमारे
  287. 10:34घर में सफाई के नाम पर कोई कमी नहीं होनी
  288. 10:36चाहिए। [गहरी सांस लेने की आवाज़]
  289. 10:37और भाभी मेरा कमरा भी दोबारा साफ कर देना।
  290. 10:40वहां अभी भी थोड़ी धूल दिखाई दे रही है।
  291. 10:41नंदिनी, रात का खाना बनाना शुरू करो।
  292. 10:44जी मां जी अभी जाती हूं। मैं खाना बना
  293. 10:46देती हूं। नंदिनी,
  294. 10:50[घंटी की आवाज़] दरवाजे की घंटी सुनाई
  295. 10:51नहीं दे रही क्या? जल्दी जाकर दरवाजा
  296. 10:53खोलो।
  297. 10:54जी मां जी अभी खोलती हूं।
  298. 10:58विक्रम जी यह सब क्या है? आपके गले में
  299. 11:01वरमाला और ईशानी की मांग में सिंदूर?
  300. 11:02[संगीत]
  301. 11:03तुम्हें दिख नहीं रहा नंदिनी? मैंने ईशानी
  302. 11:05से शादी कर ली है।
  303. 11:06आप देख रही हैं ना विक्रम जी ईशानी से
  304. 11:08शादी करके घर आए हैं। क्या आपको इस बात से
  305. 11:10कोई फर्क नहीं पड़ता?
  306. 11:11इसमें हैरान होने वाली क्या बात है बहू?
  307. 11:13हमें तो पहले से पता था कि विक्रम ईशानी
  308. 11:16को पसंद करता है।
  309. 11:18मां जी, अगर आपको सब पता था तो मेरी
  310. 11:20जिंदगी बर्बाद करके मुझे इस घर में क्यों
  311. 11:22लाई?
  312. 11:23[हंसी]
  313. 11:23तुझे बहू बनाकर नहीं घर का सारा काम
  314. 11:25करवाने के लिए लाए थे। अब इसे समझा दो कि
  315. 11:28इस घर में इसकी कोई जगह नहीं है। मैं इसे
  316. 11:29एक पल भी बर्दाश्त नहीं करूंगी।
  317. 11:31नंदिनी ईशानी मेरी पत्नी है। इसलिए अब वही
  318. 11:34तय करेगी कि इस घर में कौन रहेगा। [संगीत]
  319. 11:35ईशानी मैंने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है।
  320. 11:38मुझे इस तरह घर से निकालने की जिद मत करो।
  321. 11:40तुमने कुछ नहीं बिगाड़ा। बस [संगीत] अब
  322. 11:42तुम्हारा यहां रहना मुझे पसंद नहीं है।
  323. 11:44इसलिए निकल जाओ।
  324. 11:45मां जी मुझे मत निकालिए। मैंने इस घर के
  325. 11:48लिए अपना सब कुछ छोड़ दिया है। बहुत हो
  326. 11:50गया तेरा रोना-धोना। अपना सामान उठा और
  327. 11:52अभी इसी वक्त घर से निकल जा।
  328. 11:56मां जी, मेरा इस दुनिया में कोई नहीं है।
  329. 11:59मैं कहां जाऊंगी? मुझे मत निकालिए।
  330. 12:01अब ये रोना बंद करो भाभी। जहां जाना है
  331. 12:03जाओ। हमें तुम्हारी कोई चिंता नहीं है।
  332. 12:05निकल जाओ इस घर से। दोबारा इस दरवाजे पर
  333. 12:08अपना चेहरा मत दिखाना। हां। अब ये घर मेरा
  334. 12:11है। तुम्हारा नहीं। इसलिए चुपचाप यहां से
  335. 12:14चली जाओ। आज मेरा अपना घर भी मुझसे छीन
  336. 12:17लिया गया। अब मैं आखिर जाऊं तो जाऊं कहां?
  337. 12:20मैंने तो सबको अपना समझा था।
  338. 12:24मेरे [संगीत] साथ इतना बड़ा धोखा हुआ। फिर
  339. 12:27भी मैंने कभी किसी का बुरा नहीं चाहा।
  340. 12:30लेकिन आज मेरे पास ना घर है ना कोई अपना।
  341. 12:32मैं किसके सहारे जिऊंगी।
  342. 12:35[नाक से की जाने वाली आवाज़]
  343. 12:37[संगीत]
  344. 12:38मुझे नहीं पता आज की रात कहां गुजारूंगी।
  345. 12:46आप इतनी रात में अकेली और इस हालत में
  346. 12:48यहां क्यों घूम रही हैं?
  347. 12:49मैं बहुत मुसीबत में हूं। मेरे पास जाने
  348. 12:51के लिए कोई जगह नहीं है।
  349. 12:53आप परेशान मत होइए। पहले मुझे बताइए कि
  350. 12:56आपके साथ हुआ क्या है?
  351. 12:58मेरे पति ने दूसरी शादी कर ली। मुझे घर से
  352. 13:00निकाल दिया।
  353. 13:01घबराइए मत। कोई ना कोई रास्ता जरूर निकल
  354. 13:03आएगा। आप चाहे तो आज रात मेरे घर चल सकती
  355. 13:06हैं। मैं वहां अकेला रहता हूं।
  356. 13:09लेकिन मैं आपको जानती भी नहीं हूं। किसी
  357. 13:11अजनबी के साथ मैं कैसे जा सकती हूं।
  358. 13:14आप सही कह रही हैं। मैं आपके लिए अजनबी
  359. 13:17हूं। लेकिन रात में सड़क पर रहना आपके लिए
  360. 13:19सुरक्षित नहीं है। [संगीत]
  361. 13:22आज रात मेरे साथ चलिए। सुबह आपको जो सही
  362. 13:25लगे वो कर लीजिएगा।
  363. 13:27ठीक है। आज रात के लिए मैं आपके साथ चलती
  364. 13:30हूं।
  365. 13:30चलिए आप बिल्कुल चिंता मत कीजिए। मैं आपको
  366. 13:33सुरक्षित अपने घर ले चलता हूं।
  367. 13:38इतना बड़ा और खूबसूरत
  368. 13:41जी यही मेरा घर है। आप अंदर चलिए।
  369. 13:46इतना बड़ा घर और आप यहां अकेले रहते हैं?
  370. 13:50जी मैं यहां अकेला ही रहता हूं।
  371. 13:53आपका घर बहुत सुंदर और भव्य है। मैंने
  372. 13:56इतना बड़ा घर पहले कभी नहीं देखा।
  373. 13:58जी आपको मेरा घर पसंद आया? आपको आपके
  374. 14:01ससुराल वालों ने घर से निकाल दिया। क्या
  375. 14:03आपके मायके में कोई नहीं है?
  376. 14:06जी नहीं। मेरे मायके [संगीत] में भी अब
  377. 14:08कोई नहीं है। मेरी मां का बहुत पहले निधन
  378. 14:11हो गया था और मेरे पिताजी [संगीत] भी अब
  379. 14:14इस दुनिया में नहीं है। मुझे मेरे मायके
  380. 14:17की बहुत याद आती है।
  381. 14:19ठीक है, आप परेशान मत होइए। [संगीत] अब आप
  382. 14:21खुद को अकेला मत समझिए।
  383. 14:25आपके घर में इतने सारे नौकर हैं। आप अकेले
  384. 14:28रहते हैं। फिर इतने लोगों की जरूरत पड़ती
  385. 14:29है?
  386. 14:29जी। इसकी साफ सफाई और देखरेख के लिए रखने
  387. 14:32पड़ते हैं।
  388. 14:34आपने कुछ खाया है? आपको [संगीत] जरूर भूख
  389. 14:36लगी होगी। चलिए पहले खाना खा लेते हैं।
  390. 14:38जी चलिए।
  391. 14:41आप अकेले रहते हैं तो खाना भी क्या आप
  392. 14:42अकेले ही खाते हैं?
  393. 14:44जी मैं अक्सर अकेले ही खाना [संगीत] खाता
  394. 14:46हूं। लेकिन आज आप मेरे साथ हैं तो अच्छा
  395. 14:48लग रहा है। आप बहुत थक गई हैं। अब आप जाइए
  396. 14:50और आराम कीजिए।
  397. 14:52जी।
  398. 14:52आज रात आप किसी बात की चिंता मत कीजिए।
  399. 14:54सुबह बैठकर आराम से सोचेंगे कि आगे क्या
  400. 14:57करना है।
  401. 14:58ठीक है। धन्यवाद। आपने आज मेरी बहुत मदद
  402. 15:00की है।
  403. 15:01अब तुम्हें ऑफिस जाने की कोई जरूरत नहीं
  404. 15:03है। तुम्हारी इच्छा हो तो नौकरी करो नहीं
  405. 15:05तो घर पे आराम से रहो। [संगीत]
  406. 15:08ठीक है विक्रम तुम ऑफिस जाओ। मैं घर पे
  407. 15:10आराम से रहूंगी और तुम्हारा इंतजार
  408. 15:12करूंगी।
  409. 15:14सिया मेरे लिए एक कप चाय बनाकर लाओ और हां
  410. 15:17चाय अच्छी बनाना। मुझे फीकी चाय बिल्कुल
  411. 15:19पसंद नहीं है। लेकिन भाभी आप खुद भी तो
  412. 15:22चाय बना सकती हैं।
  413. 15:26तो क्या हुआ?
  414. 15:28तुम घर में बैठकर आखिर करती ही क्या हो?
  415. 15:30शादी भी नहीं हुई है फिर घर का काम कौन
  416. 15:32करेगा? तुम मुझे इस तरह हुक्म नहीं दे
  417. 15:35सकती। मैं इस घर की बेटी हूं और पहले कभी
  418. 15:38किसी ने मुझसे ऐसे बात नहीं की। मैं
  419. 15:40तुम्हारी नौकरानी नहीं हूं कि तुम जब चाहो
  420. 15:42मुझे कोई भी काम करने का आदेश दे दो।
  421. 15:45बहू तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरी बेटी
  422. 15:49से इस तरह बात करने की? तुम नई-नई आई हो।
  423. 15:52अपनी हद में रहो। मेरी बेटी से इस तरह बात
  424. 15:54करने की दोबारा कोशिश मत करना।
  425. 15:58मां जी मुझे अपनी हद अच्छी तरह पता है
  426. 16:01लेकिन अब इस घर में मेरी भी चलेगी। मैं
  427. 16:04आपकी वो अनपढ़ गवार बहू नहीं हूं जो आपकी
  428. 16:06बातें सुनकर चुप रहूंगी। और सिया [संगीत]
  429. 16:08यहां खड़ी होकर मेरा मुंह क्या देख रही
  430. 16:10हो? जाओ मेरे लिए चाय बनाकर लाओ। मैं
  431. 16:12तुम्हारी नौकरानी नहीं हूं जो तुम मुझे
  432. 16:14कोई भी काम करने का हुक्म दोगी। बहुत
  433. 16:16बोलने लगी हो सिया अभी चाय बनाओ। वरना
  434. 16:19तुम्हें पता नहीं मैं क्या कर सकती हूं।
  435. 16:21तुम [संगीत] मुझे धमका नहीं सकती। मैं
  436. 16:23तुम्हारे सामने सिर झुका कर रहने वाली
  437. 16:25नहीं हूं। तुम दोनों को क्या लगता है तुम
  438. 16:28मेरे सामने ज्यादा होशियार बनोगी? मुझे 2
  439. 16:31मिनट नहीं लगे थे नंदिनी को इस घर से बाहर
  440. 16:33निकलवाने में।
  441. 16:35याद रखना मैं [संगीत] जो कहूंगी विक्रम
  442. 16:37वही करेगा। अगर इस घर में रहना चाहती हो
  443. 16:40तो मेरे हुक्म का पालन करना सीख लो। मैंने
  444. 16:42तुम्हें पहले ही बता दिया है। मेरे सामने
  445. 16:44यह अकड़ और चालाकी नहीं चलेगी। चुपचाप
  446. 16:47मेरा कहा मानो वरना अगली बार घर से बाहर
  447. 16:49कौन जाएगा यह तय करने में मुझे देर नहीं
  448. 16:51लगेगी। अब मेरा ज्यादा वक्त खराब मत करो।
  449. 16:53पहले सिया मेरे लिए चाय बनाएगी और उसके
  450. 16:56बाद मेरा कमरा साफ करेगी। ठीक है लेकिन यह
  451. 16:59बात याद रखना मैं तुम्हारे हर हुक्म को
  452. 17:01नहीं सहूंगी। मुझे धमकी देने की कोशिश मत
  453. 17:04करो। अब इस घर में मेरी मर्जी चलेगी।
  454. 17:06समझी? अब खड़ी-खड़ी मेरा मुंह क्या देख
  455. 17:08रही हो? मेरे लिए चाय बनाकर लाओ। एक बार
  456. 17:10में तुम्हें सुनाई नहीं देता है। सुनाई दे
  457. 17:12रहा है। इतनी जोर से बोलने की जरूरत नहीं
  458. 17:13है। बना देती हूं चाय।
  459. 17:17लो भाभी। तुम्हारी चाय बना दी है। अब बताओ
  460. 17:21और कौन सा काम करवाना है?
  461. 17:25अब मेरा कमरा साफ करो। बहुत धूल जमा हो गई
  462. 17:28है। सिया अच्छे से साफ करना। मुझे एक भी
  463. 17:30कोने में धूल दिखाई दी ना तो दोबारा पूरा
  464. 17:32कमरा साफ करवाऊंगी।
  465. 17:34कर रही हूं। बार-बार हुकुम चलाने की जरूरत
  466. 17:36नहीं है। मां जी किचन में इतने सारे गंदे
  467. 17:39बर्तन पड़े हैं। मुझे गंदे बर्तन बिल्कुल
  468. 17:41पसंद नहीं है। जाइए अभी सारे बर्तन धोके
  469. 17:43साफ कर दीजिए।
  470. 17:44बहू, मैं बर्तन धुल लूंगी। तुम मुझसे काम
  471. 17:46कैसे करवा सकती हो?
  472. 17:48हां मां जी आप ही बर्तन धोएंगी। दिन भर
  473. 17:50बैठी-बैठी करती ही क्या है? आपके पास कोई
  474. 17:51कामधाम तो है नहीं।
  475. 17:53तुम भी तो खाली बैठी हो। तुम इस घर की बहू
  476. 17:56हो। तुम्हारा फर्ज [संगीत] है कि तुम किचन
  477. 17:58का काम संभालो।
  478. 18:02[संगीत]
  479. 18:03क्यों? आपका फर्ज क्या है? सिर्फ हुक्म
  480. 18:06चलाना। चुपचाप [संगीत]
  481. 18:07जाइए और बर्तन साफ करिए। मुझसे जबान मत
  482. 18:10चलाइए।
  483. 18:15ठीक है बहू। धो देती हूं। लेकिन तुम हमारे
  484. 18:18साथ बहुत गलत कर रही हो।
  485. 18:24यह कपड़े पकड़िए। सारे कपड़े साफ होने
  486. 18:26चाहिए और एक भी दाग दिखाई नहीं देना
  487. 18:28चाहिए।
  488. 18:29बहू, तुम यह कैसा व्यवहार कर रही हो हमारे
  489. 18:31साथ?
  490. 18:32वही व्यवहार कर रही हूं जो आप दोनों डिर्व
  491. 18:34करती हैं। ज्यादा सवाल जवाब मत करिए। जाइए
  492. 18:36कपड़े धो लीजिए।
  493. 18:40[नाक से की जाने वाली आवाज़]
  494. 18:40मां, यह सब देखकर मुझे बहुत गुस्सा आ रहा
  495. 18:43है।
  496. 18:44चुप रह बेटी। पहले यह काम पूरा कर लेते
  497. 18:47हैं।
  498. 18:51सिया मेरा कमरा साफ हो गया। हां भाभी पूरा
  499. 18:55कमरा अच्छे से [संगीत] साफ कर दिया है।
  500. 18:57ठीक है। अब ये मेरा सैंडल देखो कितना गंदा
  501. 19:00हो गया है। इसे अच्छी तरह साफ करो।
  502. 19:02बिल्कुल चमकना चाहिए।
  503. 19:08ये आंसू क्यों बहा रही हो? मैंने तो सिर्फ
  504. 19:10सैंडल साफ करने के लिए कहा है। इसमें रोने
  505. 19:12वाली क्या बात है? ज्यादा नाटक मत करो।
  506. 19:15समझी?
  507. 19:19वरना मेरा दिमाग खराब होगा तो मैं सारी
  508. 19:21विक्रम से कह दूंगी।
  509. 19:24चुपचाप मैंने जो कहा है वो करो।
  510. 19:29हम चलो अब निकलो यहां से जाकर मेरे लिए
  511. 19:32कुछ नाश्ता बनाओ।
  512. 19:33ठीक है भाभी नाश्ता बना देती हूं।
  513. 19:36और उसके बाद शाम का खाना तुम दोनों खुद
  514. 19:39बनाकर खा लेना। याद है ना? मैं शाम को
  515. 19:41विक्रम के साथ डिनर पर जा रही हूं।
  516. 19:47आइए नंदिनी जी बैठिए।
  517. 19:49आपने आगे के बारे में क्या सोचा है?
  518. 19:51अर्जुन जी मैं अब अपने पैरों पर खड़ा होना
  519. 19:54चाहती हूं।
  520. 19:55अगर आप चाहें तो कुछ दिन यहां रह सकती
  521. 19:57हैं। अभी आपके पास कोई रिश्तेदार भी नहीं
  522. 19:59है।
  523. 20:00लेकिन अर्जुन जी मैं इस तरह किसी के सहारे
  524. 20:02नहीं रहना चाहती। मुझे खुद कुछ करना है।
  525. 20:04ठीक है। तो आप क्या करना चाहती हैं? अगर
  526. 20:07कोई रोजगार करना चाहती हैं तो मैं आपकी
  527. 20:09मदद कर सकता हूं।
  528. 20:10जी मुनाफा होने के बाद आपका सारा [संगीत]
  529. 20:12पैसा वापस कर दूंगी। ठीक है। आप परेशान मत
  530. 20:14होइए। पहले बताइए आपको क्या करना पसंद है?
  531. 20:18अर्जुन जी मुझे पढ़ाई करना बहुत पसंद था।
  532. 20:21मन तो आज भी करता है लेकिन अब समझ नहीं
  533. 20:24आता कि मैं आगे क्या करूं?
  534. 20:27अच्छा तो पढ़ाई करके आप क्या बनना चाहती
  535. 20:30थी? आपका कोई सपना था?
  536. 20:32जी। मेरा सपना था कि मैं यूपीएससी का
  537. 20:34एग्जाम दूं [संगीत] और एक अधिकारी बनूं।
  538. 20:36आप यूपीएससी का एग्जाम देना चाहती हैं?
  539. 20:40यह तो बहुत [संगीत] अच्छी बात है। फिर
  540. 20:41रोजगार के बारे में मत सोचिए। पहले आप
  541. 20:43पढ़ाई पर ध्यान दीजिए।
  542. 20:47आप पढ़ाई की चिंता मत करिए। खर्च की
  543. 20:49जिम्मेदारी मेरी है।
  544. 20:51लेकिन अर्जुन जी, मैं आप पर इतना बोझ कैसे
  545. 20:53डाल सकती हूं?
  546. 20:54इसे बोझ मत समझिए। आप बस मन लगा के पढ़ाई
  547. 20:57करिए और अपने सपने को पूरा करिए।
  548. 20:59ठीक है अर्जुन जी। मैं पूरी मेहनत करूंगी।
  549. 21:02[संगीत]
  550. 21:04नंदिनी जी, यह सारी किताबें आपकी पढ़ाई के
  551. 21:06लिए हैं। अब आप मन लगाकर पढ़ाई शुरू करिए।
  552. 21:09अर्जुन जी, आपने मेरे लिए इतना सब किया।
  553. 21:11आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।
  554. 21:13नंदिनी जी, बीच-बीच में थोड़ा आराम भी कर
  555. 21:16लिया करिए। लगातार पढ़ना ठीक नहीं है।
  556. 21:18नहीं अर्जुन जी, मैंने बहुत आराम कर लिया
  557. 21:20है। अब मुझे सिर्फ पढ़ाई करनी है।
  558. 21:22क्या हुआ ईशानी? तुम रो क्यों रही हो?
  559. 21:24किसी ने तुम्हें कुछ कहा है क्या?
  560. 21:25[नाक से की जाने वाली आवाज़]
  561. 21:26विक्रम, मैंने तो मां जी से बस इतना कहा
  562. 21:28था कि आप बर्तन धो लीजिए। फिर मैंने सिया
  563. 21:30से कहा कि वह अपने लिए चाय बना रही है तो
  564. 21:32मेरे लिए भी एक कप बना दे। उसने मुझसे कहा
  565. 21:34कि क्या मैं तुम्हारी नौकरानी हूं?
  566. 21:36विक्रम, तुम ही [संगीत] बताओ मैंने एक कप
  567. 21:38चाय मांगकर क्या गलत कर दिया?
  568. 21:40तुमने बिल्कुल गलत नहीं किया ईशानी।
  569. 21:42[संगीत] तुम चिंता मत करो मैं सब ठीक कर
  570. 21:43दूंगा।
  571. 21:45[नाक से की जाने वाली आवाज़]
  572. 21:45तुम्हारे ऑफिस जाने के बाद सिया और
  573. 21:48[संगीत] मांजी दोनों ने मिलकर मुझसे बहुत
  574. 21:50लड़ाई की। मैंने तो किसी से कुछ गलत भी
  575. 21:53नहीं कहा था।
  576. 21:55विक्रम तुम ही बताओ [संगीत]
  577. 21:57अगर मैंने घर का कोई काम करने के लिए कह
  578. 21:59दिया तो क्या मैंने कोई गलती कर दी?
  579. 22:01मां
  580. 22:02मां जल्दी बाहर आओ। सिया सिया कहां हो?
  581. 22:06विक्रम [संगीत] तुम गुस्सा मत करो। मुझे
  582. 22:07नहीं चाहिए कि मेरी वजह से घर में कोई
  583. 22:09झगड़ा हो। क्या हुआ बेटा? इतनी जोर से
  584. 22:13क्यों चिल्ला रहे हो? क्या हुआ भैया? आपने
  585. 22:14हमें क्यों बुलाया?
  586. 22:16सिया
  587. 22:19तुमने ईशानी से इस तरह बदतमीजी करने की
  588. 22:21हिम्मत कैसे की?
  589. 22:22भैया मैंने ऐसा कुछ नहीं किया। पहले मेरी
  590. 22:24बात तो सुनिए। विक्रम तुम्हारी इतनी
  591. 22:27हिम्मत कि तुमने सिया पर हाथ उठाया? यह
  592. 22:29कैसी हरकत है?
  593. 22:30हां, मैंने हाथ उठाया है क्योंकि तुम
  594. 22:32दोनों ने ईशानी को [संगीत] परेशान किया
  595. 22:34है। मां, अगर ईशानी ने सिया से सिर्फ एक
  596. 22:36कप चाय मांग ली तो उसने क्या गलत कर दिया?
  597. 22:39आप दोनों ने मिलकर उससे लड़ाई क्यों की?
  598. 22:41[संगीत]
  599. 22:43नहीं बेटा तू जैसा सोच रहा है वैसा कुछ भी
  600. 22:46नहीं है। हम लोगों ने तो बहू की हर बात
  601. 22:49मानी है। [संगीत]
  602. 22:52मुझे सब पता है। नंदिनी के साथ भी आप लोग
  603. 22:55ऐसा ही व्यवहार करते थे। आप लोगों को आदत
  604. 22:57हो गई है। बहू से नौकरों की तरह काम
  605. 23:00करवाने की।
  606. 23:02नहीं बेटा ऐसी कोई बात नहीं है। बहू ने जो
  607. 23:06भी काम कहा हमने तो उसका सारा काम किया
  608. 23:08है।
  609. 23:10तो काम कर दिया तो कौन सा बहुत बड़ा एहसान
  610. 23:12कर दिया? घर में हो तो घर का काम भी करना
  611. 23:14पड़ेगा।
  612. 23:18तुम दोनों घर में हो तो तुम्हें भी काम
  613. 23:20करना पड़ेगा।
  614. 23:21लेकिन बेटा हमने तो कभी बहू का बुरा नहीं
  615. 23:23चाहा।
  616. 23:25ईशानी मेरी पत्नी है और मैं इससे बहुत
  617. 23:26प्यार करता हूं। मैं इसकी आंखों में एक भी
  618. 23:28आंसू बर्दाश्त नहीं कर सकता। आइंदा किसी
  619. 23:30ने इसे परेशान किया तो मैं बिल्कुल
  620. 23:32बर्दाश्त नहीं करूंगा। सिया कान खोल कर
  621. 23:36सुन लो। आइंदा तुम ईशानी से बदतमीजी नहीं
  622. 23:38करोगी। समझी?
  623. 23:39ठीक है भैया मैं समझ गई।
  624. 23:43नंदिनी जी आपकी पढ़ाई कैसी चल रही है? अब
  625. 23:46तो आपका एग्जाम भी करीब आ गया है।
  626. 23:48जी तैयारी अच्छी चल रही है। मैं पूरी
  627. 23:50मेहनत कर रही हूं।
  628. 23:53आपने काफी अच्छी तैयारी कर ली है। बस अब
  629. 23:55परीक्षा तक इसी तरह मेहनत करती रहिए। जी
  630. 23:58मैं कोई कमी नहीं छोडूंगी। यह मेरा सबसे
  631. 24:01बड़ा सपना है।
  632. 24:02ईशानी [संगीत] तुम्हें परेशान होने की कोई
  633. 24:04जरूरत नहीं है। अब से तुम्हें इस घर में
  634. 24:06कोई कुछ नहीं कहेगा।
  635. 24:08थैंक यू विक्रम। मुझे पता था कि तुम मेरा
  636. 24:10साथ जरूर दोगे।
  637. 24:12मां ईशानी कितनी चालाक निकली। सारी
  638. 24:15गलतियां खुद की और हमारे ऊपर इल्जाम लगा
  639. 24:16के भैया के सामने खुद अच्छी बन गई। एक दिन
  640. 24:18में ही उसने भैया को हमारे खिलाफ कर दिया।
  641. 24:21मां, अब समझ में आ रहा है कि नंदिनी भाभी
  642. 24:24हम सबके लिए [संगीत] कितना कुछ सहती थी।
  643. 24:28अब समझ में आ रहा है कि हमारे साथ जो हो
  644. 24:30रहा है वो [संगीत] हमारे ही कर्मों का फल
  645. 24:32है। हां मां हमने उसके साथ जो किया था आज
  646. 24:35वही हमारे साथ हो रहा है।
  647. 24:38नंदिनी जी आज आपका एग्जाम है। घबराइए मत।
  648. 24:41आपने बहुत मेहनत की है।
  649. 24:43जी अर्जुन जी मैं पूरी कोशिश करूंगी।
  650. 24:50आज मेरी मेहनत की असली परीक्षा है। मुझे
  651. 24:52पूरा विश्वास है कि मैं अच्छा करूंगी।
  652. 24:59यह तो वही सवाल हैं जिनकी मैंने अच्छी तरह
  653. 25:01तैयारी की थी। मुझे पूरा भरोसा है कि मैं
  654. 25:04यह पेपर अच्छा करूंगी।
  655. 25:08मुझे अपने सपने के लिए पूरी मेहनत करनी
  656. 25:10है। मैं इस मौके को हाथ से नहीं जाने
  657. 25:12दूंगी।
  658. 25:19पेपर बहुत अच्छा गया। ज्यादातर ज्यादातर
  659. 25:21सवाल वही थे जिनकी मैंने तैयारी की थी।
  660. 25:24मुझे पहले से भरोसा था कि आपकी मेहनत जरूर
  661. 25:26रंग लाएगी। अब बस रिजल्ट का इंतजार करिए।
  662. 25:30जी अर्जुन जी अब मुझे भी उम्मीद है कि
  663. 25:32मेरा सपना जरूर पूरा होगा। विक्रम मुझे
  664. 25:34कुछ पैसे चाहिए। मुझे शॉपिंग पर जाना है।
  665. 25:37मुझे थोड़े पैसे दे दो।
  666. 25:39ईशानी अभी मेरे पास पैसे नहीं है।
  667. 25:41अब तुम्हारे पैसे जा कहां रहे हैं? कहीं
  668. 25:43ऑफिस में फिर से किसी और के साथ चक्कर तो
  669. 25:45नहीं चल रहा?
  670. 25:46नहीं ईशानी ऐसी कोई बात नहीं है। तुम मुझ
  671. 25:48पर भरोसा करो।
  672. 25:52शादी से पहले तुम मेरे लिए बिना सोचे कुछ
  673. 25:54भी खरीद देते थे। अब अचानक पैसे की कमी
  674. 25:56कैसे हो गई?
  675. 25:57ईशानी इस बार सैलरी आने दो फिर मैं
  676. 25:59तुम्हें पैसे दे दूंगा। मेरे पास जितनी
  677. 26:01सेविंग्स थी वो शादी से पहले तुम्हारी
  678. 26:03जरूरतों में ही खर्च हो गई।
  679. 26:06तो शादी से पहले मुझे इतनी शॉपिंग क्यों
  680. 26:08कराते थे?
  681. 26:11ईशानी बात समझने की कोशिश करो। तुम जानती
  682. 26:14हो मेरी तनख्वाह कितनी है? मैं जो तुम्हें
  683. 26:16पहले शॉपिंग कराता था वो पैसे मैंने पहले
  684. 26:18से सेव करके रखे थे।
  685. 26:22मां सुबह से बर्तन धोते-धोते मैं बहुत थक
  686. 26:25गई हूं। बेटी अभी तो पूरे घर की सफाई भी
  687. 26:29करनी है।
  688. 26:31सिया जल्दी से पोछा भी लगा दो।
  689. 26:34हां मां मैं अभी पूरा पोछा लगा देती हूं।
  690. 26:39मां इतने सारे कपड़े भी धोने हैं।
  691. 26:42बेटी आज तो दिन भर काम करते-करते कमर टूट
  692. 26:45गई। हां मां पहले कभी हमें इतनी मेहनत
  693. 26:48नहीं करनी पड़ती थी। बेटी नंदिनी के साथ
  694. 26:51हमने भी कभी ऐसा ही व्यवहार किया था। मां
  695. 26:54अब मुझे अपनी गलती समझ आ रही है।
  696. 26:56नंदिनी जी देखते-देखते [संगीत] इतने महीने
  697. 26:58बीत गए।
  698. 26:59हां अर्जुन जी पता ही नहीं चला।
  699. 27:03हां नंदिनी जी रिजल्ट आ गया है।
  700. 27:05चलिए अब देर मत करिए रिजल्ट देखते हैं।
  701. 27:07नंदिनी जी आप यूपीएससी पास हो गई हैं।
  702. 27:12नंदिनी मैंने कहा था ना तुम्हारी मेहनत
  703. 27:14जरूर रंग लाएगी।
  704. 27:15जब विक्रम मुझे पैसे ही नहीं दे सकता तो
  705. 27:18अब इस घर में मेरा क्या काम है? मुझे यहां
  706. 27:21से निकलना ही होगा।
  707. 27:26मां जी भी सो गई हैं।
  708. 27:35सिया भी सो रही है।
  709. 27:37[संगीत]
  710. 27:41यही है लॉकर की चाबी।
  711. 27:44अब ये चाबी मेरे बहुत काम आएगी।
  712. 27:48हां, यहां तो काफी पैसे और गहने हैं। आज
  713. 27:51तो मेरी किस्मत ही खुल गई।
  714. 27:55[संगीत]
  715. 27:56बस अब यहां कुछ भी नहीं बचा। अब मुझे यहां
  716. 27:59रुकने की जरूरत नहीं है। अब मुझे इस घर से
  717. 28:02हमेशा के लिए जाना होगा। किसी को पता चले
  718. 28:05उससे पहले मुझे यहां से निकलना होगा।
  719. 28:10ईशानी कहां गई? कमरे में भी नहीं है। मां
  720. 28:14आपने ईशानी को कहीं देखा है?
  721. 28:15नहीं बेटा, मैंने तो सुबह से उसे नहीं
  722. 28:17देखा।
  723. 28:18अजीब बात है। कहां चली गई?
  724. 28:19मां।
  725. 28:22जल्दी इधर आओ। घर में चोरी हो गई है। लॉकर
  726. 28:27में कुछ भी नहीं है। सारे पैसे और गहने
  727. 28:29गायब हैं।
  728. 28:31हे भगवान अब हम क्या करेंगे?
  729. 28:33मां, रात को घर में कोई आया था क्या?
  730. 28:36नहीं बेटा, [संगीत] रात को घर में कोई
  731. 28:38नहीं आया था। फिर ये सारे पैसे और गहने गए
  732. 28:41कहां?
  733. 28:42रुको मां, मैं अभी ईशानी को फोन लगाता
  734. 28:44हूं।
  735. 28:46शायद उसे इस बारे में कुछ पता हो।
  736. 28:53ईशानी फोन नहीं उठा रही है।
  737. 28:56बेटा एक बार फिर से फोन लगा कर देख।
  738. 29:02ईशानी का सारा सामान भी यहां से गायब है।
  739. 29:04भैया उनका फोन भी बंद आ रहा है। कहीं
  740. 29:07ईशानी ने ही तो यह सब नहीं किया। वो इतने
  741. 29:09दिन से सिर्फ पैसों के लिए इस घर में थी।
  742. 29:12उसे चोरी करने का मौका चाहिए था। मौका
  743. 29:14मिलते ही सारे पैसे और गहने लेकर भाग गई।
  744. 29:18मां, मुझे भी नहीं पता था कि यह लड़की चोर
  745. 29:20निकलेगी।
  746. 29:22हम इतने दिनों से एक चोर को अपने ही घर
  747. 29:24में रखे हुए थे।
  748. 29:26[संगीत]
  749. 29:27हे भगवान हम तो लुट गए, बर्बाद हो गए। अब
  750. 29:31क्या होगा?
  751. 29:32मां, शांत हो जाओ, परेशान [संगीत] मत हो।
  752. 29:37यह सब तेरी वजह से हुआ है।
  753. 29:40तू ही उस लड़की को इस घर में लेकर आया था।
  754. 29:44तूने उसे सिर पर चढ़ा कर रखा था। तभी उसने
  755. 29:47हमारा सब कुछ लूट लिया।
  756. 29:51मां मुझे माफ कर दो। मुझसे बहुत बड़ी गलती
  757. 29:54हो गई। हमने नंदिनी के साथ बहुत अन्याय
  758. 29:56किया। उसी की सजा हमें मिल रही है।
  759. 30:00[संगीत]
  760. 30:00हां बेटा तू सही कह रहा है। हम तीनों ने
  761. 30:03नंदिनी के साथ बहुत बुरा व्यवहार किया था।
  762. 30:06लेकिन अब हम किसी के साथ ऐसा नहीं करेंगे।
  763. 30:09अब हम अपने आप को सुधारेंगे और अच्छे
  764. 30:11इंसान बनेंगे। हां मां। अब हम कभी किसी के
  765. 30:15साथ अन्याय नहीं करेंगे।
  766. 30:19इस मामले [संगीत] की पूरी जानकारी मुझे आज
  767. 30:21ही चाहिए और ध्यान रहे किसी निर्दोष के
  768. 30:24साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।
  769. 30:29ठीक है। अब इस काम में बिल्कुल लापरवाही
  770. 30:31नहीं होनी चाहिए।
  771. 30:33जी मैडम मैं पूरा ध्यान रखूंगा।
  772. 30:36नंदिनी आज ऑफिस में दिन कैसा रहा?
  773. 30:39बहुत अच्छा रहा। आज काम भी जल्दी खत्म हो
  774. 30:41गया। तो चलो अब घर चलते हैं।
  775. 30:44हां चलिए।
  776. 30:45नंदिनी मैं तुमसे एक बात कहना चाहता हूं।
  777. 30:48हां अर्जुन जी बोलिए।
  778. 30:49क्या तुम मुझसे शादी करोगी?
  779. 30:51क्या आप सच में मुझसे शादी करना चाहते
  780. 30:53हैं?
  781. 30:53हां नंदिनी मैं अपनी पूरी जिंदगी तुम्हारे
  782. 30:56साथ बिताना चाहता हूं।
  783. 30:58हां अर्जुन जी।
  784. 31:00[संगीत]
  785. 31:00नंदिनी आज से मैं हमेशा तुम्हारे साथ
  786. 31:03रहूंगा।
  787. 31:04अर्जुन जी मैं भी हमेशा आपका साथ दूंगी।
  788. 31:08[संगीत]
  789. 31:10नंदिनी आज से हमारी जिंदगी एक साथ शुरू
  790. 31:13हुई है।
  791. 31:14हां अर्जुन जी मैं बहुत खुश हूं कि आप
  792. 31:17मेरे जीवन साथी बने।
  793. 31:19दोस्तों अगर आपको हमारी यह कहानी पसंद आई
  794. 31:22हो तो हमारे चैनल को लाइक और सब्सक्राइब
  795. 31:24जरूर करें।
  796. 31:24और ऐसी ही खूबसूरत कहानियों के लिए हमारे
  797. 31:27चैनल से जुड़े रहिए। कमेंट करके बताइए कि
  798. 31:30आपको कहानी कैसी लगी और इसे अपने दोस्तों
  799. 31:32के साथ शेयर जरूर करें।
  800. 31:34और ऐसी ही नई कहानियों के लिए बेल आइकन
  801. 31:36दबाना बिल्कुल मत भूलिए।

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