8 'Boring' Businesses That Print Money While You Sleep (2026) — Transcript
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- 0:00शेयर मार्केट भूल जाओ, एसआईपी भूल जाओ,
- 0:02क्रिप्टो भूल जाओ। सबसे बोरिंग दिखने वाला
- 0:05बिजनेस सबसे तगड़ा पैसा बना रहा है और वो
- 0:08तुम्हारी गली में ही खड़ा है। तुमने उसे
- 0:11कभी गौर से देखा ही नहीं। एक ऐसा आदमी जो
- 0:14कभी शार्क टैंक में नहीं गया जिसे कोई
- 0:16फंडिंग नहीं मिली। जिसने कभी कोई लिंगन
- 0:19पोस्ट नहीं लिखी। फिर भी हर महीने चुपचाप
- 0:22उसके अकाउंट में पैसा आता रहता है। और
- 0:25सबसे मजेदार बात तुम रोज उस बिजनेस के
- 0:29सामने से गुजरते हो। शायद हफ्ते में एक
- 0:31बार उसका इस्तेमाल भी करते हो। फिर भी
- 0:34तुमने कभी सोचा नहीं कि इसमें पैसा कहां
- 0:37छुपा है। और जिस दिन यह राज तुम्हारे
- 0:39सामने खुलेगा, तुम खुद से पूछोगे कि इतने
- 0:42साल इसके सामने से यूं ही कैसे निकल गया।
- 0:45आज मैं तुम्हें आठ ऐसे बिजनेस बताऊंगा।
- 0:48इतने बोरिंग कि इन पर कोई YouTube वीडियोस
- 0:51नहीं बनता। कोई इन्हें स्टार्टअप नहीं
- 0:53कहता। लेकिन यह हर महीने चुपचाप पैसा
- 0:56छापते हैं। हर बिजनेस में मैं तुम्हें
- 0:59इन्वेस्टमेंट, मंथली कमाई और एक ऐसा सच
- 1:02बताऊंगा जो तुम्हें जानना बहुत जरूरी है।
- 1:04और आखिरी नंबर का बिजनेस वो इस पूरी लिस्ट
- 1:07में सबसे कम काम करने वाला और सबसे ज्यादा
- 1:10पैसिव इनकम देने वाला है। लेकिन उसके लिए
- 1:14वीडियो आखिर तक देखनी होगी। अगर तुम भी
- 1:17सोते हुए पैसा कमाना चाहते हो तो वीडियो
- 1:19को अभी लाइक कर दो और चैनल को सब्सक्राइब
- 1:22कर लो। चलो शुरू करते हैं। बिजनेस नंबर एक
- 1:26पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर डिस्ट्रीब्यूशन।
- 1:29एक सवाल तुमने आज तक जितना पानी पिया है,
- 1:32उसमें से कितना तुमने खरीद कर पिया है? 10
- 1:35साल पहले जवाब होता बहुत कम। आज हर घर में
- 1:39जार आ रहे हैं। हर दफ्तर में 20 लीटर की
- 1:42बोतल है। रेलवे स्टेशन से लेकर हॉस्पिटल
- 1:45तक। इंडिया का पैकेज्ड वाटर मार्केट आज
- 1:48लगभग ₹000 से ₹5,000 करोड़ का है और हर
- 1:51साल 10 से 14% की रफ्तार से बढ़ रहा है।
- 1:55अब बात करते हैं बिजनेस की। इसमें एंट्री
- 1:58के दो रास्ते हैं। पहला सिर्फ
- 2:01डिस्ट्रीब्यूशन जहां तुम किसी लोकल प्लांट
- 2:03से 20 लीटर के भरे जार खरीदते हो 12 से
- 2:06₹20 में और घरों दफ्तरों में 35 से ₹50
- 2:10में डिलीवर करते हो। इसमें इन्वेस्टमेंट
- 2:12सिर्फ एक से ₹ लाख है। जार खरीदने और एक
- 2:16व्हीकल के लिए। शुरुआत में अगर 100 रेगुलर
- 2:19कस्टमर्स भी बन जाए तो सब खर्चा निकालकर
- 2:22महीने में 15 से ₹25,000 की नेट कमाई
- 2:25आसानी से होगी। और जब यही कस्टमर बेस 300
- 2:28से 400 तक पहुंच जाए तब तुम्हारी नेट कमाई
- 2:3180 से ₹90,000 तक जाएगी। दूसरा रास्ता खुद
- 2:35का छोटा आरओ प्लांट जिसमें 8 से ₹1 लाख
- 2:39लगते हैं और मार्जिन कहीं ज्यादा है
- 2:41क्योंकि रॉ वाटर की कॉस्ट लगभग जीरो है।
- 2:44पर इस बिजनेस की कड़वी हकीकत यह है कि यह
- 2:47पूरी तरह लॉजिस्टिक्स पर चलता है। रोज
- 2:50सुबह डिलीवरी करनी होगी। जार उठाने होंगे,
- 2:53वापस लाने होंगे, साफ करने होंगे। यह
- 2:56पैसिव नहीं है। लेकिन एक बार 300 रेगुलर
- 2:59कस्टमर्स बन जाए तो एक ट्रस्टेड स्टाफ को
- 3:01जिम्मेदारी देकर तुम पीछे हट सकते हो। एक
- 3:04जरूरी बात 2026 से एफएसएसएआई ने पानी को
- 3:09हाई रिस्क फूड कैटेगरी में डाल दिया है।
- 3:11इसलिए टेस्टिंग और एफएसएसएआई लाइसेंस बेहद
- 3:14सख्त हैं। हालांकि अब बीआईएस मार्क लेना
- 3:18कंपलसरी नहीं रहा। इस बिजनेस की सबसे बड़ी
- 3:20ताकत यह है कि इसका कोई सीजन नहीं होता।
- 3:23गर्मी हो, सर्दी हो, मसून हो, लोग रोज
- 3:26पानी पीते हैं और रोज ऑर्डर आता है।
- 3:30बिजनेस नंबर दो ऑटोमेटेड कार वॉश। एक
- 3:33जमाना था जब कार वॉश करने के लिए घर के
- 3:36बाहर बाल्टी और साबुन निकालते थे। आज
- 3:39दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु में हर मिडिल
- 3:41क्लास घर में कम से कम एक गाड़ी है। लोग
- 3:43अपनी वीकेंड को बाल्टी, साबुन में बर्बाद
- 3:46नहीं करना चाहते। प्रोफेशनल कार वॉश
- 3:48इंडस्ट्री इंडिया में तेजी से बढ़ रही है।
- 3:51इसीलिए इसमें अपॉर्चुनिटी है।
- 3:53इन्वेस्टमेंट की बात करें तो एक बेसिक
- 3:56एक्सप्रेस कार वॉश सेटअप 7 से ₹15 लाख में
- 3:59शुरू हो जाता है और प्रीमियम डिटेलिंग
- 4:01स्टूडियो के लिए 30 से ₹ लाख लगते हैं।
- 4:04एक्सप्रेस कार वॉश जैसी फ्रेंचाइजी ₹14
- 4:07लाख से शुरू होती है और उनके 200 से
- 4:10ज्यादा आउटलेट्स पहले से हैं। एक अच्छी
- 4:12लोकेशन पर जैसे रेजिडेंशियल कॉलोनी के पास
- 4:15पार्किंग लॉट के सामने हाईवे पर रोज 30 से
- 4:1850 गाड़ियां आना मुश्किल नहीं है। असली
- 4:21कमाई का हिसाब सुनो। एक बेसिक वॉश 200 से
- 4:24₹400 की है। डिटेलिंग ₹00 से ₹000 तक। अगर
- 4:29रोज 40 गाड़ियां ₹300 पर धुलती हैं तो
- 4:32महीने का रेवेन्यू 3.6 लाख। इसमें से
- 4:36बिजली, पानी, स्टाफ, फ्रेंचाइजी फी घटाओ
- 4:39तो नेट प्रॉफिट ₹80,000 से ₹1.5 लाख तक
- 4:42निकल सकता है। सबसे अच्छी बात मशीनंस खुद
- 4:45काम करती हैं। एक या दो स्टाफ काफी है। इस
- 4:48बिजनेस का सबसे बड़ा रिस्क क्या है? यह
- 4:51पूरी तरह लोकेशन पर डिपेंड करता है। एक
- 4:54गलत जगह और सारा इन्वेस्टमेंट फंसा रह
- 4:56जाएगा। इसलिए शुरू करने से पहले उस एरिया
- 4:59में ट्रैफिक काउंट करो। कमपीट करने वाले
- 5:02वॉश चेक करो और तभी फैसला लो। रिपीट
- 5:05कस्टमर इस बिजनेस की जान है। एक बार कोई
- 5:08तुम्हारे यहां आ गया तो हर महीने वापस
- 5:10आएगा। बिजनेस नंबर तीन सेल्फ स्टोरेज या
- 5:14मिनी वेयर हाउस। यहां एक सवाल है। जब कोई
- 5:17शहर में नया घर लेता है और पुराना खाली
- 5:19करना होता है तो सामान कहां जाएगा? जब कोई
- 5:22ऑफिस शिफ्ट करता है? जब किसी को फर्नीचर
- 5:25स्टोर करना है 6 महीने के लिए। पहले जवाब
- 5:28था किसी रिश्तेदार के घर में ठूंस दो। आज
- 5:31जवाब है सेल्फ स्टोरेज। यह इंडिया में अभी
- 5:34शुरुआती स्टेज पर है। सेफ स्टोरेज जैसी
- 5:37कंपनियां 12 से ज्यादा सिटीज में हैं और
- 5:40डिमांड तेजी से बढ़ रही है। तुम्हारे पास
- 5:42अगर अपनी खुद की कोई खाली कमर्शियल
- 5:45प्रॉपर्टी है, वेयर हाउस है या बड़ा
- 5:47ग्राउंड फ्लोर है तो उसे इंडिविजुअल
- 5:50लॉकेबल यूनिट्स में कन्वर्ट करके किराए पर
- 5:52दे सकते हो। एक यूनिट का मंथली रेंट 3000
- 5:56से ₹15,000 तक होता है। साइज और लोकेशन के
- 5:59हिसाब से। सेटअप कॉस्ट कितनी होगी? अगर
- 6:02स्पेस पहले से है तो सिर्फ पार्टीशनिंग और
- 6:04लॉकिंग सिस्टम में 5 से ₹15 लाख लग सकते
- 6:08हैं। अगर तुम्हें जगह भारी किराए पर लेनी
- 6:10पड़ी तो रेंट ही सारा मार्जिन खा जाएगा।
- 6:13इसलिए खुद की जगह होना जरूरी है। एक 2000
- 6:16स्क्वायर फुट की प्रॉपर्टी में 15 से 20
- 6:19यूनिट्स बन सकते हैं। 70% ऑक्यूुपेंसी पर
- 6:22भी यानी 12 से 14 यूनिट्स भरे हो तो महीने
- 6:26में 40 से ₹80,000 रेंट इनकम हो सकती है।
- 6:29पर असली पेंच यहां है। यह बिजनेस शहरी
- 6:32इलाकों में चलेगा। छोटे शहरों में नहीं।
- 6:35मेट्रो और बड़े टियर दो शहरों में जहां
- 6:38लोग बार-बार घर बदलते हैं, वहां यह काम
- 6:40करेगा। और सबसे जरूरी बात सिक्योरिटी सबसे
- 6:43बड़ी सेलिंग पॉइंट है। सीसीटीवी, प्रॉपर
- 6:46लॉकिंग, 24 घंटे एक्सेस यह सब होना चाहिए।
- 6:50नहीं तो कस्टमर ट्रस्ट नहीं बनता। बिजनेस
- 6:53नंबर चार, पार्किंग लॉट मैनेजमेंट। यह
- 6:56इंडिया का सबसे इग्नोर्ड और सबसे ऑब्वियस
- 6:58बिजनेस है। हर शहर में प्रॉब्लम यही है।
- 7:00गाड़ी कहां खड़ी करूं? हॉस्पिटल के बाहर,
- 7:03मॉल के आसपास, मार्केट में, रेलवे स्टेशन
- 7:06के पास। इंडिया का पार्किंग मैनेजमेंट
- 7:08मार्केट 17% सीएजीआर से बढ़ रहा है और तुम
- 7:11इसे बिना ₹1 इन्वेस्ट किए भी शुरू कर सकते
- 7:14हो। दो तरीके हैं। पहला अगर तुम्हारे पास
- 7:17खाली प्लॉट है तो उसे पेड पार्किंग में
- 7:19कन्वर्ट करो। कोई बड़ा कंस्ट्रक्शन नहीं
- 7:21चाहिए। बस एक बैरियर, एक अटेंडेंट और एक
- 7:24क्यूआर कोड पेमेंट सिस्टम। रोज 50
- 7:27गाड़ियां ₹50 पर डे पर आए तो महीने में
- 7:30₹75,000 ग्रॉस। घटाव अटेंडेंट सैलरी और
- 7:33बिजली और हाथ में 40 से ₹00 नेट। दूसरा
- 7:37तरीका किसी हॉस्पिटल, मॉल या मार्केट से
- 7:40कॉन्ट्रैक्ट लो उनकी पार्किंग मैनेज करने
- 7:42का। वह तुम्हें मंथली फिक्स्ड अमाउंट
- 7:44देंगे। यहां रियल मनी आवरली और इवेंट
- 7:48बेस्ड पार्किंग में है। किसी बड़े फंक्शन
- 7:50के दिन वेडिंग सीजन में इलेक्शन रैली में
- 7:52एक अच्छी लोकेशन का पार्किंग लॉट एक दिन
- 7:55में ही 10 से ₹00 कमा सकता है। इलेक्ट्रिक
- 7:58व्हीकल्स का बढ़ना इस बिजनेस को और
- 8:00प्रॉफिटेबल बनाएगा क्योंकि पार्किंग प्लस
- 8:02ईवी चार्जिंग कॉम्बो एक पावरफुल मॉडल है।
- 8:05इसकी ग्राउंड रियलिटी यह है कि खाली प्लॉट
- 8:08के बिना यह बिजनेस शुरू नहीं होता। जमीन
- 8:10ओनरशिप या लंबी लीज जरूरी है। लेकिन अगर
- 8:13जमीन है तो यह शायद सबसे कम एफर्ट वाला
- 8:16फिजिकल बिजनेस है जो तुम शुरू कर सकते हो।
- 8:19एक बार सेटअप हो जाए तो एक अटेंडेंट सब
- 8:21संभाल लेता है।
- 8:24बिजनेस नंबर पांच टेंट हाउस और इवेंट
- 8:27रेंटल। इंडिया सेलिब्रेट्स यह हमारे डीएनए
- 8:30में है। शादी, जन्मदिन, पूजा, पॉलिटिकल
- 8:34रैली, स्कूल फंक्शन, कोई भी ओकेजन हो,
- 8:36शमीयन और कुर्सियां चाहिए। और यही इस
- 8:39बिजनेस की ताकत है। डिमांड कभी बंद नहीं
- 8:41होती। शहर हो या गांव, अमीर हो या मिडिल
- 8:44क्लास, हर कोई टेंट हाउस वाले को कॉल करता
- 8:47है। यह एक शानदार इन्वेस्टमेंट बिजनेस है।
- 8:50एक बार लोहे का स्ट्रक्चर, जनरेटर और
- 8:52कुर्सियां खरीद लो तो 10 से 15 साल चलते
- 8:55हैं। लेकिन टेंट के कपड़े, कालीन और डेकोर
- 8:58को हर 2 से 3 साल में अपडेट करना पड़ता
- 9:00है। बेसिक सेटअप ₹4 लाख से शुरू होता है।
- 9:04एक प्रोफेशनल सेटअप जिसमें एलईडी लाइटिंग,
- 9:07डिजाइनर शमियाना, जनरेटर भी हो 10 से ₹15
- 9:10लाख तक जाता है। और अगर प्रीमियम वेडिंग
- 9:12मार्केट में जाना है तो 50 से 60 लाख का
- 9:15सेटअप भी होता है। कमाई कितनी होगी?
- 9:17नॉर्मल महीनों में 25 से ₹00 शादी के सीजन
- 9:21में यानी नवंबर से जनवरी और अप्रैल मई के
- 9:24कुछ हिस्से में यही बिजनेस 1 से ₹ लाख
- 9:27महीना तक कमा सकता है। नेट प्रॉफिट
- 9:29मार्जिन 20 से 44% तक रहता है। एक अच्छे
- 9:32सेटअप में सालाना 5 से ₹8 लाख की कमाई
- 9:35रियलिस्टिक है। इस बिजनेस का डार्क साइड
- 9:38यह प्योरली सीजनल बिजनेस है। साल के 5 से
- 9:41छ महीने बहुत अच्छे होंगे। बाकी में इनकम
- 9:44कम रहेगी। इसलिए पीक सीजन की कमाई में से
- 9:47ऑफ सीजन के खर्च निकालकर कैलकुलेट करो और
- 9:50एक लोकल नेटवर्क बनाना जरूरी है। इवेंट
- 9:53प्लानर्स, डायरेक्टरीज, कैटरिंग वालों से
- 9:55वो लोग रेफर करते रहेंगे। बिजनेस नंबर छह
- 9:59प्रोफेशनल ल्ड्री और ड्राई क्लीनिंग
- 10:01फ्रेंचाइजी। एक वर्किंग वूमन सोचती है रोज
- 10:04घर आकर कपड़े धोऊं या ऑफिस का काम करूं।
- 10:07एक बैचलर सोचता है संडे को 4 घंटे कपड़े
- 10:10धोने में बर्बाद करूं। यही सोच इस बिजनेस
- 10:13को चला रही है। इंडिया में ऑर्गेनाइज्ड
- 10:16ल्ड्री मार्केट पहले अनऑर्गेनाइज्ड धोबीज
- 10:18और लोकल धुलाई वालों में था। अब यह शिफ्ट
- 10:21हो रहा है ऐप बेस्ड पिकअप डिलीवरी,
- 10:23प्रोफेशनल मशीनंस, ड्राई क्लीनिंग सब एक
- 10:26छत के नीचे। यूक्l, ल्ड्रीवा, टंबल ड्राई,
- 10:30वॉशमार्ट जैसे फ्रेंचाइज़ ब्रांड्स इस
- 10:33सेक्टर में बड़े हो रहे हैं। इन्वेस्टमेंट
- 10:35की रेंज है ₹1 लाख से ₹25 लाख फ्रेंचाइज़
- 10:39के हिसाब से। टंबल ड्राई के 1000 से
- 10:42ज्यादा आउटलेट्स हैं। यूक्लन 80 से ज्यादा
- 10:44सिटीज में हैं। एक 250 से 300 स्क्वायर
- 10:47फीट की जगह काफी है। ल्ड्री वाला जैसे कुछ
- 10:50ब्रांड्स 12 महीने तक 0% रॉयल्टी भी देते
- 10:54हैं जब तक आरओआई ना मिल जाए। मंथली
- 10:56प्रॉफिट पोटेंशियल क्या है? ल्ड्री वाला
- 10:591.5 से ₹ लाख महीना क्लेम करता है अच्छी
- 11:03लोकेशन पर। कंजर्वेटिव एस्टीमेट में 50 से
- 11:06₹80,000 नेट प्रॉफिट एक एस्टैब्लिश्ड
- 11:09आउटलेट से निकाल सकते हो। पेबैक पीरियड 12
- 11:12से 18 महीने का है अगर लोकेशन सही हो।
- 11:15सबसे इंपॉर्टेंट बात यह डेली डिमांड वाला
- 11:18बिजनेस है। कोई सीजन नहीं। पर्दे के पीछे
- 11:21का सच यह है कि यह बिजनेस पूरी तरह लोकेशन
- 11:24और कैचमेंट एरिया पर डिपेंड करता है।
- 11:26पीजी, हॉस्टल्स, वर्किंग प्रोफेशनल्स की
- 11:29डेंस पॉपुलेशन के पास बेस्ट चलता है। अगर
- 11:32तुम्हारे 500 मीटर के दायरे में 200 से
- 11:35300 वर्किंग सिंगल्स या यंग फैमिलीज नहीं
- 11:37है तो स्ट्रगल करोगे। क्वालिटी भी
- 11:40क्रिटिकल है। एक कपड़ा खराब हुआ तो कस्टमर
- 11:43वापस नहीं आएगा। बिजनेस नंबर सात, कूरियर
- 11:46फ्रेंचाइजी। हर दिन भारत में करोड़ों
- 11:49पार्सल डिलीवर होते हैं। Amazon,
- 11:51Flipkart, Meesho, MNTRa और अब कॉमर्स,
- 11:54blink, Zptotो सब डिलीवरी पर चल रहे हैं।
- 11:57और इस पूरे चेन की सबसे छोटी लेकिन सबसे
- 12:00जरूरी कड़ी है लोकल कूरियर पॉइंट। वही
- 12:03छोटा काउंटर जहां से तुम्हारा पार्सल
- 12:05पिकअप होता है या डिलीवर होता है। डीटीसी
- 12:08की 15,000 से ज्यादा सर्विस सेंटर्स हैं
- 12:11और डिलीवरी के 3,200 से ज्यादा पार्टनर
- 12:14स्टोर्स। इन्वेस्टमेंट डीटीसी में ₹00 से
- 12:19₹ लाख टियर के हिसाब से प्लस रिफंडेबल
- 12:22सिक्योरिटी डिपॉजिट 3 से ₹1 लाख डिलीवरी
- 12:25में बेसिक पार्टनर मॉडल ₹00 से शुरू होता
- 12:29है। स्पेस चाहिए 100 से 300 स्क्वायर फीट।
- 12:33कमाई की बात करें तो एक स्मॉल बुकिंग
- 12:35काउंटर 15 से ₹400 महीना कमाता है। एक
- 12:39मीडियम डिलीवरी सेंटर 30 से ₹0000 और हाई
- 12:42वॉल्यूम हब जहां 500 से 1000 से ज्यादा
- 12:45पार्सल्स रोज आते हो वहां एक से 1.5 लाख
- 12:50तक की कमाई होती है। इंडिया का
- 12:52लॉजिस्टिक्स मार्केट 12 से 15% सीएजीआर से
- 12:55बढ़ रहा है। ब्रेक इवन 6 से 18 महीने में
- 12:59हो जाता है। अब ध्यान से सुनो इसका सबसे
- 13:02बड़ा कैच। यह बिजनेस पूरी तरह वॉल्यूम का
- 13:05गेम है। जितने पार्सल्स उतनी कमाई। एक लो
- 13:08ट्रैफिक लोकेशन में कूरियर पॉइंट खोला तो
- 13:10वॉल्यूम नहीं मिलेगा। इसलिए रेजिडेंशियल
- 13:13एरिया, मार्केट या कमर्शियल हब के पास ही
- 13:16इसे खोलो और कस्टमर सर्विस क्रिटिकल है।
- 13:19एक पार्सल खोया तो ट्रस्ट खत्म। बिजनेस
- 13:22नंबर आठ अमूल या मदर डेरी मिल्क बूथ। अमूल
- 13:27या मदर डेरी का मिल्क बूथ भारत का सबसे
- 13:30रिसेशन प्रूफ बिजनेस है। लोग रिसेशन में
- 13:33लग्जरी छोड़ सकते हैं। दूध नहीं छोड़
- 13:35सकते। इन्वेस्टमेंट अमूल का बेसिक कओस्क
- 13:39सिर्फ ₹ लाख में शुरू होता है। एपीओ यानी
- 13:42अमूल प्रेफर्ड आउटलेट 3 से 6 लाख में। मदर
- 13:46डेरी बूथ भी इसी रेंज में है। जीरो
- 13:48रॉयल्टी कोई परसेंटेज नहीं देना। तुम्हारी
- 13:51सारी प्रॉफिट मार्जिन तुम्हारी कमाई कितनी
- 13:54होगी? AUL के हिसाब से एक अच्छी लोकेशन के
- 13:57आउटलेट की मंथली सेल्स 5 से ₹1 लाख है।
- 14:00नेट प्रॉफिट इसमें से ₹00 से ₹1 लाख
- 14:04निकलता है। लोकेशन और प्रोडक्ट मिक्स के
- 14:06हिसाब से। दूध पर मार्जिन भले ही कम हो
- 14:09लेकिन आइसक्रीम जैसे प्रोडक्ट्स पर 50% तक
- 14:12मार्जिन है। मदर डेयरी मिल्क बूथ पर 7000
- 14:16से ₹15,000 नेट और सफल फुल स्टोर पर
- 14:19₹25,000 से ₹0000 ब्रेक इवन 6 से 11 महीने
- 14:24में। इस बिजनेस की सबसे बड़ी शर्त क्या
- 14:26है? यह लोकेशन पर जीता मरता है। घनी
- 14:29रेजिडेंशियल कॉलोनी स्कूल के पास ऑफिस
- 14:32कॉम्प्लेक्स के बाहर यह सबसे अच्छी जगह
- 14:34हैं। एक पुअर लोकेशन पर बिजली का बिल भी
- 14:37नहीं निकलेगा। और अगर तुम खुद वहां नहीं
- 14:40बैठना चाहते तो एक ट्रस्टेड स्टाफ रखो।
- 14:43लेकिन डेली अकाउंट्स चेक करो। यही एक
- 14:46डिसिप्लिन है जो इस बिजनेस को ट्रूली
- 14:48पैसिव बनाती है। इस पूरी लिस्ट में मिल्क
- 14:50बूथ एकमात्र ऐसा बिजनेस है जहां ब्रांड
- 14:53नेम पहले से बना बना है। सप्लाई चेन पहले
- 14:56से है। कस्टमर लॉयल्टी पहले से है।
- 14:59तुम्हें सिर्फ एक अच्छी जगह और एक अच्छा
- 15:01स्टाफ चाहिए। बाकी अमूल और मदर डेरी की
- 15:05ताकत तुम्हारे लिए काम करती है। तो अब
- 15:07सवाल यह है कि इन आठ में से कौन सा बिजनेस
- 15:10तुम्हारे लिए है? सुनो ध्यान से। कोई एक
- 15:13यूनिवर्सल आंसर नहीं है। लेकिन मैं
- 15:15तुम्हें एक फ्रेमवर्क दे सकता हूं। अगर
- 15:17तुम्हारे पास जमीन या खाली प्रॉपर्टी है
- 15:20तो पार्किंग लॉट या सेल्फ स्टोरेज सबसे कम
- 15:22एफर्ट में सबसे ज्यादा पैसिव इनकम देंगे।
- 15:25अगर तुम्हारे पास एक अच्छी लोकेशन पर
- 15:28कमर्शियल स्पेस है तो मिल्क बूथ या कूरियर
- 15:30फ्रेंचाइज शुरू करो। ब्रांड की ताकत
- 15:33तुम्हारे साथ है। अगर तुम पहली बार बिजनेस
- 15:35शुरू कर रहे हो और बजट 2 से 5 लाख है तो
- 15:38वाटर डिस्ट्रीब्यूशन या मिल्क बूथ सबसे
- 15:41सेफ एंट्री है। अगर थोड़ा ज्यादा इन्वेस्ट
- 15:44कर सकते हो 15 से 25 लाख और लंबे गेम पर
- 15:47हो तो ल्ड्री फ्रेंचाइज या कार वॉश में
- 15:50जाओ। लेकिन एक बात जो हर बिजनेस में कॉमन
- 15:52है इनमें से कोई भी बिजनेस पहले महीने से
- 15:55पैसा नहीं देगा। इन सभी को 6 से 18 महीने
- 15:58का समय चाहिए एस्टैब्लिश होने में। जो इस
- 16:01पेशेंस को मेंटेन कर सकते हैं उनके लिए यह
- 16:04बिजनेसेस लाइफ टाइम की इनकम बन जाती हैं।
- 16:07तो दोस्तों, इन आठ में से कौन सा बिजनेस
- 16:09तुम्हें सबसे ज्यादा प्रैक्टिकल लगा? मुझे
- 16:12कमेंट्स में उस बिजनेस का नाम और वजह
- 16:14लिखकर बताओ। और अगर तुम भी अपनी 9 टू फाइव
- 16:17जॉब के साथ एक तगड़ी पैसिव इनकम बनाना
- 16:19चाहते हो तो इस वीडियो को अपने उस दोस्त
- 16:21के साथ शेयर करो जिसके साथ तुम पार्टनरशिप
- 16:24कर सकते हो। चैनल को सब्सक्राइब कर लो।
- 16:26मिलते हैं अगली वीडियो में।
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This page contains the full transcript of 8 'Boring' Businesses That Print Money While You Sleep (2026) by Rahul Explains Money, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 2,644 words across 341 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.
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