बाप-बेटे की जंग — 6 साल Pacific Island पर बिना किसी की मदद के — Transcript
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- 0:012011 की बात है जब दुनिया अभी सोशल मीडिया
- 0:04के नए-नए दौर में दाखिल हो रही थी। जब
- 0:06स्मार्टफोनस सिर्फ अमीर लोगों की जिंदगी
- 0:09का हिस्सा थे और जब एक आम मुंबई का आदमी
- 0:12अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती करने वाला
- 0:14था और उसे पता भी नहीं था। दिलीप सावंत
- 0:18उम्र 40 साल काम एक मिड साइज कंस्ट्रक्शन
- 0:22फर्म में प्रोजेक्ट सुपरवाइजर मुंबई के
- 0:24कुरला वेस्ट में एक छोटी सी चॉल में रहने
- 0:26वाला जहां सुबह 6:00 बजे से रात 10:00 बजे
- 0:29तक सिर्फ काम काम और काम। दिलीप कोई बुरा
- 0:32इंसान [संगीत] नहीं था लेकिन एक बुरा बाप
- 0:34जरूर बन गया था। बिना जाने बिना सोचे।
- 0:37उसका बेटा यश 14 साल का स्कूल से घर आता
- 0:40था तो घर खाली होता था। बाप या तो साइट पर
- 0:43होता था या फोन पर। यश ने कभी कंप्लेन
- 0:46नहीं की लेकिन उसकी आंखों में एक खामोशी
- 0:48रहती थी जो किसी ने नोटिस नहीं की क्योंकि
- 0:50दिलीप ने कभी ध्यान से देखा ही नहीं था।
- 0:532011 के जून में दिलीप के एक कोलीग ने उसे
- 0:56एक सस्ता टूरिस्ट पैकेज दिया पेसिफिक
- 0:58आइलैंड्स का। फीजी के पास एक छोटा सा
- 1:00स्टॉप [संगीत] ओवर टूर। दिलीप ने सोचा कि
- 1:03शायद यह एक मौका है। यश के साथ कुछ वक्त
- 1:06बिताओ। रिश्ते की उस दूरी [संगीत] को
- 1:07थोड़ा कम करो जो सालों से बनती आ रही थी।
- 1:10टिकट बुक हुआ, बैग्स पैक हुए और पहली बार
- 1:13बाप-बेटे ने एक ही फ्लाइट में साथ बैठे।
- 1:16लेकिन दोनों के बीच की खामोशी वहां भी
- 1:18काफी थी। फीजी के नजदीक जब उनकी बोट उस
- 1:21खुले समुद्र में आगे बढ़ी तो यश पहली बार
- 1:24समझा [संगीत] कि पैसिफिक ओशन का मतलब
- 1:26सिर्फ नीला पानी नहीं होता। यह पानी इतना
- 1:29गहरा था कि नीचे का [संगीत] रंग काला
- 1:30दिखता था और होराइजन पर आसमान और समुद्र
- 1:33एक हो जाते थे। दिलीप ने यश को बोट के
- 1:36किनारे बैठे देखा। हवा उसके बालों से खेल
- 1:39रही थी और उसके चेहरे पर एक [संगीत] ऐसी
- 1:41मुस्कान थी जो दिलीप ने पिछले कई सालों
- 1:43में नहीं देखी थी। उस पल दिलीप को लगा कि
- 1:46शायद यह ट्रिप एक सही फैसला था। टूअर
- 1:48ऑपरेटर का नाम था [संगीत] रातू एक बूढ़ा
- 1:51फिजियन आदमी जो टूटी फूटी हिंदी और
- 1:54इंग्लिश मिलाकर बात करता था। उसकी बोट का
- 1:57इंजन [संगीत] इतना पुराना था कि हर कुछ
- 1:59मिनट में एक अजीब सी खड़खड़ाहट आती थी।
- 2:01जैसे [संगीत] कोई थकी हुई मशीन आखिरी जोर
- 2:03लगा रही हो। दिलीप ने एक बार राटू से पूछा
- 2:07भी था कि बोट ठीक है ना? और राटू ने हंसते
- 2:10हुए जवाब दिया था, "स सब ठीक है भाई।
- 2:12[संगीत] यह रूट मैंने सैकड़ों बार किया
- 2:14है। दिलीप ने मान लिया क्योंकि यश खुश था
- 2:16[संगीत] और फिलहाल यही उसके लिए काफी था।
- 2:20सुबह के 8:00 बजे निकले थे। आसमान साफ था।
- 2:23हवा हल्की थी और राटू ने कहा था कि 2 घंटे
- 2:26में वापस आ जाएंगे। लेकिन उस वक्त दिलीप
- 2:29को नहीं [संगीत] पता था कि यह आखिरी सुबह
- 2:31थी जब घर वापसी का रास्ता अभी भी खुला था।
- 2:34जब जिंदगी अभी भी उनके हाथ में थी और जब
- 2:37सब कुछ उतना सिंपल था जितना लग रहा था।
- 2:40बोट को [संगीत] निकले हुए करीब डेढ़ घंटा
- 2:42हो चुका था और राटू एक छोटे से अनइहैबिटेड
- 2:45आइलैंड के किनारे-किनारे बोट चला रहा था।
- 2:47जब [संगीत] पहली बार दिलीप को आसमान में
- 2:49कुछ अजीब लगा। पश्चिम की तरफ से एक गहरे
- 2:52भूरे रंग के [संगीत] बादलों की दीवार
- 2:54धीरे-धीरे उनकी तरफ बढ़ रही थी। इतनी तेजी
- 2:57से कि 5 मिनट पहले जो आसमान [संगीत]
- 2:59बिल्कुल साफ था, वह अब आधा ढक चुका था।
- 3:03राटू ने भी उसे [संगीत] देखा और पहली बार
- 3:05उसके चेहरे पर वो आत्मविश्वास नहीं था जो
- 3:07पहले था। यश अभी भी बोट के किनारे बैठा
- 3:10पानी देख रहा था जब [संगीत] दिलीप ने उसे
- 3:12अपने पास बुलाया। हवा अचानक तेज हो गई थी
- 3:15और लहरें जो पहले छोटी और शांत थी अब बोट
- 3:18के किनारों से टकराने लगी थी। पेसिफिक ओशन
- 3:21में इस तरह के ट्रॉपिकल स्टर्म्स बिना
- 3:24किसी बड़ी वार्निंग के आ सकते हैं।
- 3:25क्योंकि यहां गर्म पानी की सरफेस इतनी
- 3:27तेजी से हीट रिलीज करती है कि प्रेशर
- 3:30सिस्टम्स मिनटों में बदल जाते हैं और एक
- 3:32साफ दिन अचानक खतरनाक हो जाता है। राटू ने
- 3:35इंजन की स्पीड बढ़ाने की कोशिश की। लेकिन
- 3:38तभी एक तेज झटके के साथ इंजन की आवाज बंद
- 3:41हो गई। एकदम जैसे किसी ने स्विच ऑफ कर
- 3:44दिया हो। बोट अब बेकाबू [संगीत] थी।
- 3:46[गाना गाने की आवाज़] लहरों के साथ हिल
- 3:47रही थी और हवा उसे उस आइलैंड की तरफ धकेल
- 3:50रही [संगीत] थी जो उनके बिल्कुल करीब था।
- 3:52राटू चिल्लाया पकड़ो कुछ पकड़ो और दिलीप
- 3:56ने रिफ्लेक्सिवली यश का हाथ [संगीत] थाम
- 3:58लिया। शायद पहली बार इतने सालों में उसने
- 4:00अपने बेटे को इस तरह पकड़ा था मजबूती से
- 4:03बिना सोचे। बोट जब उस आइलैंड के किनारे से
- 4:06टकराई तो आवाज इतनी तेज थी कि यश के कान
- 4:09सुन्न हो गए। लहरों ने बोट को उस तरह
- 4:11उछाला जैसे वह कोई खिलौना हो और दिलीप
- 4:14किसी तरह यश को पकड़ कर उथले पानी में कूद
- 4:17गया। ठंडा खारा पानी उनके [संगीत] कपड़ों
- 4:19में घुस गया। पैरों के नीचे नुकीले पत्थर
- 4:22थे और हवा इतनी तेज थी कि सीधे खड़े रहना
- 4:25मुश्किल था। किसी तरह दोनों उस आइलैंड की
- 4:28जमीन पर पहुंचे और पीछे [संगीत] मुड़कर
- 4:30देखा तो राटू की बोट आधी टूट चुकी थी।
- 4:32लहरें उसे और अंदर खींच रही थी। राटू कहां
- 4:35था यह दिलीप को उस वक्त नहीं पता था। उसने
- 4:38आवाज लगाई राटू राटू लेकिन तूफान की आवाज
- 4:41में उसकी आवाज दब गई। यश दिलीप के बिल्कुल
- 4:44पास खड़ा था। उसके हाथ कांप रहे थे और
- 4:47आंखें उस टूटी हुई बोट को देख रही थी।
- 4:50दिलीप ने उसके कंधे पर हाथ रखा और कहा ठीक
- 4:53है सब ठीक हो जाएगा। लेकिन वह खुद जानता
- 4:56था कि यह सिर्फ शब्द थे। हकीकत कुछ
- 4:58[संगीत] और थी। तूफान करीब 2 घंटे तक चला।
- 5:02वह दोनों आइलैंड के किनारे [संगीत] एक
- 5:03बड़े पेड़ के नीचे बैठे रहे। एक दूसरे से
- 5:06सटे हुए बिना कुछ बोले। जब बारिश रुकी और
- 5:09हवा थोड़ी शांत हुई तो [संगीत] दिलीप ने
- 5:12अपनी जेब चेक की। एक वाटरप्रूफ पाउच में
- 5:14उसका पासपोर्ट था। थोड़े से फिजियन
- 5:17[संगीत] डॉलर्स और एक बेसिक फोन जिसकी
- 5:19स्क्रीन क्रैक हो चुकी थी। सिग्नल था ही
- 5:21नहीं। उसने चारों तरफ [संगीत] नजर दौड़ाई।
- 5:24घना जंगल, ऊंचे पेड़ और दूर तक फैला हुआ
- 5:27वही बेरहम समुद्र। यश ने धीरे से पूछा,
- 5:30पापा, हम कहां हैं? और दिलीप के पास उस
- 5:33सवाल का कोई जवाब [संगीत] नहीं था। सूरज
- 5:35तेजी से नीचे जा रहा था और दिलीप को पहली
- 5:38बार समझ आया कि उनके पास कितना [संगीत] कम
- 5:40वक्त है। दिन की रोशनी में यह आइलैंड पहले
- 5:43से ही अनजाना और डरावना लग रहा था। रात
- 5:46में यह और भी खतरनाक हो [संगीत] जाएगा।
- 5:48उसने यश को वहीं रुकने को कहा और खुद
- 5:51किनारे की तरफ गया। यह देखने के लिए कि
- 5:53राटू का कोई निशान है या नहीं। टूटी हुई
- 5:56बोट के कुछ टुकड़े किनारे पर आ चुके थे।
- 5:58एक पुरानी रोप, प्लास्टिक का एक डब्बा और
- 6:01एक छोटा सा मेटल का टुकड़ा। रातू का कोई
- 6:04अता-पता नहीं था और दिलीप [संगीत] ने मन
- 6:06ही मन दुआ की कि वह किसी तरह सेफ हो। वापस
- 6:09आकर दिलीप ने उन टुकड़ों को इकट्ठा
- 6:11[संगीत] किया जो उन्हें मिले थे। यश चुप
- 6:14था। उसकी आंखें थकी हुई थी, लेकिन नींद
- 6:16उससे कोसों दूर थी। दिलीप ने पहली बार
- 6:19अपने बेटे को ध्यान से देखा। उसके चेहरे
- 6:22पर डर था, लेकिन रोना नहीं था और इस बात
- 6:24ने [संगीत] दिलीप को अंदर से हिला दिया।
- 6:2714 साल के बच्चे को इस तरह मजबूत नहीं
- 6:29होना चाहिए था। यह [संगीत] मजबूती जरूरत
- 6:31से पैदा होती है और यश को यह जरूरत उसी घर
- 6:34में पड़ गई थी जहां बाप हमेशा मौजूद नहीं
- 6:37रहता था। ट्रॉपिकल जंगलों में रात का
- 6:40तापमान दिन के मुकाबले काफी तेजी से गिरता
- 6:43है। क्योंकि घने पेड़ों की छांव दिन में
- 6:45सूरज की हीट को जमीन तक पहुंचने नहीं देती
- 6:48और रात में यही छांव गर्मी को बाहर जाने
- 6:51से नहीं रोकती। जिससे अचानक ठंडक और नमी
- 6:54एक साथ महसूस होती है। दिलीप ने यश को
- 6:57अपने पास बिठाया। बोट की रोप से एक तरफ को
- 6:59बांधा और प्लास्टिक शीट को ऊपर तानने की
- 7:02कोशिश की ताकि कम से कम ओस से बचाव हो
- 7:05सके। यह कोई प्रॉपर शेल्टर नहीं था। लेकिन
- 7:07फिलहाल यही उनके पास था और उस रात दोनों
- 7:10ने पहली बार सालों बाद एक दूसरे [संगीत]
- 7:13के इतने करीब बैठकर वक्त गुजारा। बिना
- 7:15किसी फोन के बिना किसी काम के सिर्फ एक
- 7:18दूसरे के साथ। दूसरे दिन की सुबह जब दिलीप
- 7:21की आंख खुली तो पहला एहसास [संगीत] पेट की
- 7:23जलन का था। रात भर कुछ नहीं खाया था और
- 7:26शरीर अब मांग कर रहा था। यश अभी भी सो रहा
- 7:30था। उसका चेहरा थका हुआ था [संगीत] लेकिन
- 7:32शांत था और दिलीप कुछ देर उसे देखता रहा।
- 7:36मुंबई में यश सुबह उठता था तो दिलीप या तो
- 7:39जा चुका होता था या जाने की तैयारी में
- 7:41होता था। पहली बार दिलीप ने अपने बेटे को
- 7:43सोते हुए इस तरह देखा था और इस छोटे से
- 7:46लम्हे में उसे एहसास हुआ कि वह कितना कुछ
- 7:49मिस करता रहा था। यश की आंख खुली तो दिलीप
- 7:52[संगीत] पहले से ही किनारे पर था। यह
- 7:54देखने के लिए कि खाने के लिए कुछ मिल सकता
- 7:56है। पेसिफिक के इन आइलैंड्स पर कोकोनट के
- 7:59पेड़ आमतौर पर मिलते हैं और कोकोनट
- 8:02सर्वाइवल के लिए इसलिए इतना जरूरी होता है
- 8:04क्योंकि इसके अंदर का पानी बॉडी को
- 8:06इलेक्ट्रोलाइट्स देता है जो पसीने और थकान
- 8:09से खो जाते हैं और इसका वाइट फ्लश
- 8:11कार्बोहाइड्रेट्स और फैट दोनों एक साथ
- 8:14प्रोवाइड करता है जो शरीर को एनर्जी देने
- 8:17के लिए जरूरी है। दिलीप को थोड़ी दूर पर
- 8:19एक गिरा हुआ कोकोनट मिला। उसने उसे एक
- 8:22नुकीले पत्थर से तोड़ा और यश को आवाज
- 8:25लगाई। यश दौड़ता हुआ आया और जब उसने वह
- 8:28कोकोनट देखा तो उसकी आंखों में [संगीत] एक
- 8:30अजीब सी राहत थी।
- 8:32दोनों ने उसे आधा-आधा बांटा बिना किसी
- 8:34[संगीत] बात के, बिना किसी आर्ग्यू के।
- 8:37मुंबई में यश और दिलीप एक ही टेबल पर
- 8:40बैठकर खाना कम ही खाते थे। दिलीप का
- 8:42स्केेड्यूल इतना टाइट था कि [संगीत] साथ
- 8:44बैठने का वक्त ही नहीं निकलता था। लेकिन
- 8:46उस आइलैंड पर एक टूटे हुए कोकोनट को
- 8:49आधा-आधा बांटना शायद उनके रिश्ते का सबसे
- 8:52ऑनेस्ट मोमेंट था जो अब तक हुआ था। यश ने
- 8:55खाते-खाते [संगीत]
- 8:56धीरे से कहा पापा यह बुरा नहीं है और
- 8:59दिलीप को समझ [संगीत] नहीं आया कि यश
- 9:01कोकोनट की बात कर रहा था या कुछ और। तीसरे
- 9:04दिन दिलीप ने फैसला किया कि किनारे पर
- 9:06बैठे रहने से काम नहीं चलेगा। रेस्क्यू
- 9:09आएगा या नहीं, यह उन्हें नहीं पता था।
- 9:11लेकिन खाना और पानी ढूंढना [संगीत] जरूरी
- 9:13था और उसके लिए जंगल के अंदर जाना पड़ेगा।
- 9:16यश ने तुरंत कहा कि वह भी साथ जाएगा और इस
- 9:18बार दिलीप ने मना नहीं किया क्योंकि उसे
- 9:20यश को अकेला [संगीत] छोड़ना सही नहीं लगा।
- 9:23दोनों ने बोट के टुकड़ों से एक-एक छोटी
- 9:25लकड़ी उठाई और जंगल की तरफ बढ़ने लगे।
- 9:28अंदर घुसते [संगीत] ही माहौल बदल गया।
- 9:30बाहर की तेज धूप यहां पेड़ों की घनी छांव
- 9:33में दब गई थी और हवा में एक अजीब सी नमी
- 9:35[संगीत] थी जो सांस लेने पर भारी लगती थी।
- 9:38जमीन पर जड़ों का जाल था और हर कदम सोच
- 9:41समझ कर रखना पड़ता था। यश आगे-आगे चल रहा
- 9:44था और दिलीप को पहली बार अपने बेटे में एक
- 9:47अलग तरह [संगीत] की समझदारी दिखी। वह
- 9:49रुकता था, देखता था और फिर आगे बढ़ता था
- 9:52बिना घबराए। ट्रॉपिकल जंगलों में पानी
- 9:54ढूंढने का सबसे रिलायबल तरीका यह होता है
- 9:57कि बड़े पत्तों वाले पेड़ों को ध्यान से
- 9:59देखो क्योंकि इन पत्तों की शेप ऐसी होती
- 10:01है कि बारिश का पानी उनमें जमा रहता है और
- 10:04अगर पत्ते का रंग गहरा हरा हो तो इसका
- 10:07मतलब है कि उस पेड़ की जड़े नीचे किसी
- 10:09वाटर सोर्स के करीब हैं। यश की नजर एक
- 10:12बड़े पत्ते पर पड़ी जिसमें साफ पानी जमा
- 10:15था। उसने दिलीप को दिखाया [संगीत] और
- 10:17दिलीप की आंखों में एक अजीब सी चमक आई। यह
- 10:20पानी था, साफ था और सबसे जरूरी यह यश ने
- 10:24ढूंढा था। उस पल दिलीप को एहसास हुआ कि
- 10:26उसका बेटा जितना कमजोर वह सोचता था, उससे
- 10:29कहीं ज्यादा मजबूत था और यह मजबूती उसने
- 10:32खुद बनाई थी। अकेले बिना बाप की मदद के।
- 10:35पहला हफ्ता किसी बुरे सपने की तरह गुजरा।
- 10:38हर सुबह दिलीप उठता था तो एक पल के लिए
- 10:40भूल जाता था कि वह कहां है। फिर जंगल की
- 10:43आवाजें नमी और [संगीत] यश का सोता हुआ
- 10:45चेहरा उसे याद दिलाता था कि यह सपना नहीं
- 10:48है। उन्होंने धीरे-धीरे एक रूटीन बनाई।
- 10:51सुबह पानी इकट्ठा करना, किनारे पर जाकर
- 10:54किसी बोट या प्लेन का इंतजार करना और शाम
- 10:56को जंगल से खाना ढूंढकर लाना। यह रूटीन
- 10:59छोटी थी, लेकिन इसी ने उन दोनों को मेंटली
- 11:02टिकाए रखा क्योंकि जब इंसान के पास करने
- 11:04को कुछ होता है, तो दिमाग उतना नहीं
- 11:07टूटता। दूसरे हफ्ते तक दिलीप ने आइलैंड के
- 11:10किनारे पर बड़े-बड़े पत्थरों से हेल्प
- 11:13लिखा [संगीत] था इतना बड़ा कि ऊपर से कोई
- 11:15प्लेन देख सके। यश ने उसमें मदद की थी और
- 11:18जब वह काम पूरा हुआ तो [संगीत] दोनों ने
- 11:20पीछे हटकर उसे देखा। यश ने कहा, पापा अगर
- 11:24कोई आया तो यह जरूर दिखेगा। दिलीप ने हां
- 11:27कहा लेकिन उसके मन में एक सवाल था जिसका
- 11:30जवाब उसे नहीं पता था कि [संगीत] क्या कोई
- 11:32इस तरफ आएगा भी। ह्यूमन बॉडी बिना खाने के
- 11:36तीन हफ्ते तक सर्वाइव कर सकती है। लेकिन
- 11:38यह तभी पॉसिबल होता है जब पानी मिलता रहे
- 11:41और एनर्जी को अननेसेसरीली वेस्ट ना किया
- 11:44जाए। क्योंकि शरीर धीरे-धीरे अपने स्टर्ड
- 11:46फैट को एनर्जी में कन्वर्ट करना शुरू कर
- 11:49देता है जिसे कीटोसिस कहते हैं। लेकिन इस
- 11:51प्रोसेस में मसल्स भी कमजोर होने लगती हैं
- 11:54और दिमाग की डिसीजन मेकिंग स्लो हो जाती
- 11:56है। दिलीप को यह नहीं पता था लेकिन उसका
- 11:58शरीर यही कर रहा [संगीत] था और इसीलिए
- 12:01तीसरे हफ्ते के आखिर तक उसके हाथ-पांव
- 12:04पतले होने [संगीत] लगे थे और यश की आंखों
- 12:06के नीचे काले घेरे आ गए थे। लेकिन दोनों
- 12:09में से किसी ने इसके बारे में बात नहीं
- 12:11की। जैसे दोनों ने बिना कहे [संगीत] तय कर
- 12:13लिया था कि कमजोरी को जबान नहीं देनी है।
- 12:16तीसरे महीने की शुरुआत में एक रात यश को
- 12:18अचानक तेज बुखार आया। दिलीप उस वक्त
- 12:20किनारे पर था जब यश की आवाज आई धीमी,
- 12:23कमजोर और अजीब तरह से थकी हुई। दिलीप
- 12:26दौड़ता हुआ वापस आया और यश को देखकर उसका
- 12:29दिल एक पल के लिए रुक गया। यश जमीन पर
- 12:32लेटा था। उसका चेहरा लाल था और उसकी सांसे
- 12:35तेज थी। दिलीप ने उसके माथे पर हाथ रखा तो
- 12:38हाथ जलने लगा। यह सिर्फ थकान नहीं थी। यह
- 12:41कुछ और था। दिलीप के दिमाग [संगीत] में उस
- 12:43रात हजार ख्याल आए। मुंबई में जब यश छोटा
- 12:46था, तब एक बार उसे बुखार आया था और दिलीप
- 12:49ऑफिस में था। घर पर यश की मां [संगीत] थी
- 12:51जो उसे डॉक्टर के पास ले गई थी और दिलीप
- 12:54रात को घर आया था तो यश सो चुका था। उसने
- 12:57सोचा था कि कल देख लूंगा लेकिन कल भी साइट
- 12:59का काम था। वो कल कभी आया ही नहीं था और
- 13:02आज उसी [संगीत] बेटे का बुखार उसके हाथों
- 13:05में था। कोई डॉक्टर नहीं, कोई दवाई नहीं।
- 13:07सिर्फ वह और उसकी बेबसी। ट्रॉपिकल
- 13:10आइलैंड्स पर बुखार अक्सर डिहाइड्रेशन या
- 13:12किसी इनफेक्टेड पानी या खाने की वजह से
- 13:15आता है। क्योंकि इन जगहों पर बैक्टीरिया
- 13:17और पैरासाइट्स बहुत तेजी से पनपते हैं।
- 13:20खासकर गर्म और नम माहौल में जहां टेंपरेचर
- 13:23हमेशा हाई रहता है और इंसानी शरीर की
- 13:25इम्यूनिटी धीरे-धीरे कमजोर होती जाती है।
- 13:28दिलीप ने जो सबसे पहला काम किया वह था साफ
- 13:31[संगीत] पानी लाना। उसने पत्तों में जमा
- 13:33पानी इकट्ठा किया और यश के माथे पर ठंडे
- 13:36पानी की पट्टियां रखने लगा। यश बीच-बीच
- 13:39[संगीत] में आंखें खोलता था और दिलीप को
- 13:41देखता था। कुछ नहीं कहता था। बस देखता था
- 13:44और दिलीप पहली [संगीत] बार पूरी रात अपने
- 13:46बेटे के पास बैठा रहा। कहीं नहीं गया। कुछ
- 13:49नहीं सोचा। बस यश के माथे पर हाथ फेरता
- 13:52रहा। और मन ही मन वह [संगीत] सारी दुआएं
- 13:54मांगता रहा जो उसने शायद पहले कभी नहीं
- 13:56मांगी थी। यश का बुखार तीन दिन बाद उतरा
- 14:00और जब उसने पहली बार ठीक से आंखें खोली तो
- 14:02दिलीप वहीं बैठा था। उसी जगह वैसे ही यश
- 14:06ने देखा और कुछ नहीं कहा लेकिन उसने दिलीप
- 14:09का हाथ पकड़ लिया। वह छोटा सा जेस्चर
- 14:11दिलीप के लिए किसी भी शब्द से बड़ा था।
- 14:14मुंबई में सालों तक जो दूरी थी, वह उस एक
- 14:17पल में कहीं पिघल गई। बिना किसी बड़ी बात
- 14:19के, बिना किसी माफी के, सिर्फ एक बेटे के
- 14:22हाथ [संगीत] की गर्माहट से। महीने बीतते
- 14:24गए और धीरे-धीरे उनकी जिंदगी उस आइलैंड के
- 14:27हिसाब से ढलने लगी। दिलीप ने पत्थरों और
- 14:30लकड़ियों से एक छोटा सा शेल्टर बनाया जो
- 14:33बारिश से बचाता था। यश ने [संगीत] जंगल के
- 14:36उन हिस्सों को पहचानना सीख लिया जहां खाने
- 14:38लायक चीजें मिलती थी। दोनों ने मिलकर एक
- 14:41सिस्टम बनाया। कौन क्या करेगा? कब [संगीत]
- 14:44करेगा और कैसे करेगा। यह सिस्टम किसी
- 14:47प्लानिंग से नहीं बना था। यह जरूरत से बना
- 14:49[संगीत] था और जरूरत से बनी हर चीज मजबूत
- 14:52होती है। जब पूरा एक साल गुजर गया तो एक
- 14:54रात दिलीप और यश किनारे पर बैठे थे और
- 14:57आसमान में [संगीत] तारे देख रहे थे।
- 14:59पेसिफिक ओशन के इस हिस्से में लाइट
- 15:01पोल्यूशन बिल्कुल नहीं है। इसलिए रात का
- 15:03आसमान इतना [संगीत] साफ होता है कि मिल्की
- 15:06वे की पूरी गैलेक्सी नंगी आंखों से दिखती
- 15:09है। करोड़ों तारे एक साथ [संगीत] जैसे
- 15:11किसी ने काले कपड़े पर चांदी की धूल बिखेर
- 15:13दी हो। यश ने ऊपर देखते हुए पूछा। पापा
- 15:17आपको लगता है कोई हमें ढूंढ रहा है?
- 15:19दिलीप ने एक पल रुक कर जवाब दिया। हां
- 15:22लेकिन उसकी आवाज में जो थी वह यकीन नहीं
- 15:25था। [संगीत] वह एक बाप की जिद थी कि बेटे
- 15:27की उम्मीद टूटने नहीं देगा। चाहे खुद का
- 15:29यकीन कितना भी डोल रहा हो। छ साल 2011 में
- 15:33जो दो लोग उस आइलैंड पर पहुंचे थे, वह और
- 15:36यह दो लोग बिल्कुल [संगीत] अलग थे। दिलीप
- 15:38की दाढ़ी बढ़ चुकी थी। बाल सफेद होने लगे
- 15:41थे और उसके हाथों पर उन छह सालों के निशान
- 15:43थे जो कभी नहीं जाएंगे। यश अब [संगीत] 14
- 15:46साल का बच्चा नहीं था। वह 20 साल का एक
- 15:49नौजवान था जिसने अपनी जवानी उस जंगल में
- 15:52गुजारी थी जिसने [संगीत] कभी स्कूल नहीं
- 15:53देखा। कभी दोस्तों के साथ नहीं घूा और
- 15:56जिसकी पूरी दुनिया उस आइलैंड की चार
- 15:58दीवारी तक सिमटी हुई थी। लेकिन उसकी आंखों
- 16:00में एक गहराई थी जो उम्र से नहीं तजुर्बे
- 16:03से आती है। उन छ सालों में दोनों ने बहुत
- 16:06कुछ सीखा था। दिलीप ने सीखा था कि बाप
- 16:09होना सिर्फ पैसे कमाना नहीं होता और
- 16:12[संगीत] यश ने सीखा था कि इंसान जितना
- 16:14कमजोर खुद को समझता है उससे कहीं ज्यादा
- 16:17मजबूत [संगीत] होता है। उन्होंने उस
- 16:18आइलैंड पर जो वक्त गुजारा वह किसी सजा
- 16:21जैसा था। [संगीत] लेकिन उसी सजा ने उन्हें
- 16:23वो दिया जो मुंबई की भागदौड़ में कभी नहीं
- 16:26मिल सका था। एक दूसरे को सच में जानने का
- 16:28मौका। उस सुबह दिलीप रोज की तरह किनारे पर
- 16:32गया था आसमान [संगीत] देखने के लिए
- 16:34क्योंकि यह उसकी आदत बन चुकी थी। तभी उसे
- 16:36दूर एक आवाज सुनाई दी। इंजन की आवाज।
- 16:39लेकिन यह [संगीत] बोट का इंजन नहीं था। यह
- 16:41ऊपर से आ रही थी। उसने आसमान की तरफ देखा
- 16:44और उसका दिल एक पल के लिए रुक गया। एक
- 16:47हेलीकॉप्टर था। धीरे-धीरे उनकी तरफ आ रहा
- 16:50था। दिलीप ने पीछे मुड़कर पूरी ताकत से
- 16:52आवाज [संगीत] लगाई। यश यश आजा। और यश जब
- 16:56दौड़ता हुआ किनारे पर पहुंचा तो उसने भी
- 16:58वह हेलीकॉप्टर देखा। दोनों ने एक साथ अपने
- 17:01कपड़े हवा में लहराए। चिल्लाए और उस पल जो
- 17:04आंसू आए वह डर के नहीं थे। राहत के थे। 6
- 17:07साल की थकान के थे और शायद उस सब कुछ के
- 17:10थे जो वह दोनों एक दूसरे से कहना चाहते थे
- 17:13लेकिन कभी कह नहीं पाए थे। हेलीकॉप्टर जब
- 17:16उनके करीब आया तो उसमें एक फिजियन [संगीत]
- 17:19कोस्ट गार्ड टीम थी जो एक रूटीन एरियल
- 17:21सर्वे कर रही थी। उन्होंने किनारे पर लिखा
- 17:24हुआ हेल्प देखा था जो दिलीप और यश ने 6
- 17:27साल पहले पत्थरों से बनाया था और जो आज भी
- 17:30वहीं था थोड़ा धुंधला लेकिन अभी भी पढ़ने
- 17:33लायक। हेलीकॉप्टर लैंड नहीं कर सकता था
- 17:35इसलिए एक छोटी रेस्क्यू बोट भेजी गई और जब
- 17:38वह बोट किनारे पर पहुंची तो रेस्क्यू टीम
- 17:40के लोग दिलीप और यश को देखकर एक पल के लिए
- 17:43रुक गए। दो इंसान कमजोर जख्मी लेकिन खड़े
- 17:48हुए अपने पैरों पर बिना किसी के सहारे के।
- 17:51जब दिलीप और यश को फीजी [संगीत] के एक
- 17:53हॉस्पिटल में लाया गया तो डॉक्टर्स ने जो
- 17:55देखा उसे उन्होंने मेडिकल मिरेकल कहा।
- 17:58[संगीत] छ साल बिना प्रॉपर न्यूट्रिशन के
- 18:00बिना किसी मेडिकल हेल्प के एक 40 साल के
- 18:02आदमी और एक 14 साल के बच्चे ने उस आइलैंड
- 18:05पर सर्वाइव किया था। बाद में जब
- 18:07जर्नलिस्ट्स ने दिलीप से पूछा कि आपने यह
- 18:10कैसे किया? तो दिलीप ने सिर्फ यश की तरफ
- 18:12देखा और कहा अकेले नहीं किया। और यश ने
- 18:16पहली बार उन तमाम [संगीत] लोगों के सामने
- 18:18अपने बाप को गले लगाया। उस गले मिलने में
- 18:21वह सारे साल थे जो वह दोनों एक ही शहर में
- 18:23रहकर भी एक दूसरे से दूर गुजारे थे। मुंबई
- 18:27वापस आने के बाद दिलीप ने कंस्ट्रक्शन
- 18:29फर्म [संगीत] की जॉब छोड़ दी। उसने एक
- 18:31छोटा सा काम शुरू किया घर के पास कम पैसों
- 18:34का लेकिन यश के साथ वक्त बिताने वाला। यश
- 18:37ने पढ़ाई [संगीत] दोबारा शुरू की और उसने
- 18:39जो सब्जेक्ट चूज़ किया वह था एनवायरमेंटल
- 18:42साइंस। क्योंकि उस आइलैंड ने उसे नेचर को
- 18:45सिर्फ देखना नहीं [संगीत] समझना सिखाया
- 18:47था। कभी-कभी शाम को दोनों साथ बैठते हैं
- 18:50और उस आइलैंड की बात करते हैं बिना डर के,
- 18:52बिना दर्द के बल्कि एक अजीब सी कृतज्ञता
- 18:55के साथ क्योंकि उस आइलैंड ने उनसे छ साल
- 18:58लिए थे लेकिन बदले में उन्हें एक दूसरे को
- 19:01दिया था हमेशा के लिए। अगर यह कहानी आपको
- 19:04अच्छी लगी तो द Jio [संगीत] वाइब चैनल को
- 19:07सब्सक्राइब करें और बेल आइकॉन जरूर दबाइए
- 19:09ताकि अगली कहानी आप तक सबसे पहले पहुंचे।
- 19:12कमेंट में बताइए कि दिलीप और यश की इस
- 19:15पूरी जर्नी में वो कौन सा पल था जिसने
- 19:18आपको सबसे ज्यादा रोका। यह कहानी एंटायरली
- 19:20फिक्शनल है और एंटरटेनमेंट तथा
- 19:22एजुकेशनेशनल पर्पस के लिए बनाई गई है।
- 19:24इसमें दिखाई गई सर्वाइवल टेक्निक्स,
- 19:25ज्योग्राफी और साइंस रियल रिसर्च पर बेस्ड
- 19:28है। लेकिन दिलीप सावंत, यश और इस कहानी के
- 19:30सभी किरदार काल्पनिक हैं। किसी भी रियल
- 19:32पर्सन या रियल इंसिडेंट से इसका कोई संबंध
- 19:34नहीं है। रियल सर्वाइवल सिचुएशन में हमेशा
- 19:37ट्रेंड प्रोफेशनल्स की मदद लें।
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This page contains the full transcript of बाप-बेटे की जंग — 6 साल Pacific Island पर बिना किसी की मदद के by THE GEO VIBE, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 3,782 words across 448 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.
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