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एक बच्ची... 5 दिन... और कई बड़े सवाल | Sri Ganganagar Case | Rajasthan — Transcript

by Shubhankar Mishra · 2,240 words · 302 segments · language en · Watch on YouTube

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  1. 0:00अगर एक आदमी हैवान बन जाए तो उसे अपराध
  2. 0:02कहते हैं। लेकिन अगर 32 लोग मिलकर एक 13
  3. 0:06साल की बच्ची पर टूट पड़े तो उसे आप क्या
  4. 0:09कहेंगे?
  5. 0:11हां, हम और आप जब मर्दों के लिए आवाज
  6. 0:14उठाने में लगे थे तब राजस्थान में कुछ ऐसा
  7. 0:16हुआ जिसे सुनकर रूह कांप जा रही है।
  8. 0:19क्योंकि राजस्थान में एक दो तीन नहीं
  9. 0:21बल्कि 32 दरिंदों ने मिलकर
  10. 0:24एक 13 साल के मासूम को पांच दिनों तक नोच
  11. 0:28डाला। 13 साल की बच्ची को 5 दिनों तक।
  12. 0:34यह सोच कर डर लगता है कि उस बच्ची ने इन
  13. 0:36पांच दिनों में कितनी बार मदद के लिए हाथ
  14. 0:39जोड़े होंगे।
  15. 0:41कितनी बार रो-रो कर कहा होगा कि प्लीज घर
  16. 0:44जाने दो। आपको गुस्सा आ रहा है ना? नफरत
  17. 0:47हो रही होगी।
  18. 0:49लेकिन जरा ठहरिए क्योंकि अब जो बताने वाला
  19. 0:52हूं मैं आपको उससे आपको घिन आएगी।
  20. 0:56यह सब किसी सुनसान जंगल में नहीं हुआ है।
  21. 0:58यह शहर के बीचोंबीच हुआ है। होटलों के
  22. 1:01कमरों में जहां रिसेप्शन था, रजिस्टर था,
  23. 1:05स्टाफ था, सीसीटीवी था। सब था। बस इंसान
  24. 1:10नहीं थे।
  25. 1:13जिस रिक्शे वाले को उस बच्ची ने भैया
  26. 1:15प्लीज घर तक छोड़ देंगे कहकर बैठाने की
  27. 1:19रिक्वेस्ट की थी, उस रिक्शे वाले ने उसे
  28. 1:21किडनैप कर बेच दिया। जैसे मंडी में बकरा
  29. 1:23बिकता है।
  30. 1:25और खरीदने वाले कोई भूखे नंगे शराबी
  31. 1:28अपराधी नहीं बल्कि होटल के मालिक मैनेजर
  32. 1:31पढ़े लिखे इज्जतदार कहलाने वाले लोग पांच
  33. 1:35दिन तक वो बच्ची को एक होटल से दूसरे होटल
  34. 1:39घुमाते रहे वो चिल्लाती रही
  35. 1:43जब दर्द ज्यादा बढ़ने लगता तो उस बच्ची के
  36. 1:45मुंह में शराब डाल देते
  37. 1:4813 साल की बच्ची को शराब पिलाते ताकि
  38. 1:52बच्ची के चीखे कमरे से बाहर ना जाए।
  39. 1:56सबसे बड़ी बात जानते क्या है?
  40. 2:0032 लोगों से नोचे जाने के बाद वो बच्ची
  41. 2:02जिंदा है। जिंदा है शरीर से
  42. 2:08लेकिन आत्मा मर चुकी है। क्योंकि स्कूल का
  43. 2:12बैग, दोस्तों के साथ हंसी, मां की गोद सब
  44. 2:16कुछ उन चार होटलों के कमरों में इन पांच
  45. 2:19दिनों में 32 लोगों के लूटे जाने से खत्म
  46. 2:22हो गया।
  47. 2:24और सबसे दुखद जानते क्या है?
  48. 2:28हमारा आपका रवैया।
  49. 2:30क्योंकि हम वो देश हैं जो क्रिकेट मैच
  50. 2:32जीतने पर सड़कों पर आते हैं।
  51. 2:35लेकिन हमारे देश की एक बेटी पांच दिनों तक
  52. 2:40होटलों में बिकती रही और हमारे शहर की
  53. 2:42नींद नहीं टूटी। और जब खबर बाहर भी आई तब
  54. 2:45भी इस देश में ना कोई कैंडल मार्च कर रहा
  55. 2:48है ना किसी प्राइम टाइम में चीख पुकार मच
  56. 2:51रही है। किसी टीवी चैनल पे आपको यह खबर
  57. 2:53नहीं दिख रही होगी। सोशल मीडिया पर भी कोई
  58. 2:55शोर नहीं मचा रहा
  59. 2:59और यह इस खबर का सबसे दुखद पहलू है।
  60. 3:04लेकिन आज यह चुप्पी मैं तोडूंगा क्योंकि
  61. 3:07राजस्थान के श्रीगंगानगर में जो कुछ हुआ
  62. 3:10वो किसी के साथ भी हो सकता था। किसी शहर
  63. 3:13में हो सकता था। हमारे आपके अपनों के साथ
  64. 3:16हो सकता था और इसलिए इस विषय पर शोर मचाना
  65. 3:19जरूरी है। इस विषय पर सवाल उठाना जरूरी
  66. 3:21है। इस विषय पर विरोध जताना जरूरी है।
  67. 3:23सरकार को जगाना जरूरी है और यह सुनिश्चित
  68. 3:26करना जरूरी है
  69. 3:28कि हमारे देश में बेटियों की इज्जत ताबरू
  70. 3:30कब रुकेगी? क्योंकि
  71. 3:32हर दिन 80 लड़कियों के साथ रेप होता है।
  72. 3:37हर दिन
  73. 3:39और अब यह न्यू नॉर्मल हो चुका है। अगर
  74. 3:42महिला अपराध केसेस की बात की जाए वह तो
  75. 3:44लाखों में है
  76. 3:48और उसी में से एक केस 18 जून की रात को
  77. 3:50हुआ था।
  78. 3:52नमस्कार मैं हूं शुभांकर और यह खबर बड़ी
  79. 3:54तकलीफ दे रही है मुझे। बहुत बहुत तकलीफ दे
  80. 3:57रही है। दिल टूट पड़ा है। 18 जून की रात
  81. 4:0010:30 बजे श्रीगंगानगर एक 13 साल की बच्ची
  82. 4:02को घर जाना था। उसने वही किया जो आपकी
  83. 4:05बेटी करती है। मेरी बहन करती। एक ये
  84. 4:08रिक्शा रोका बैठ गई।
  85. 4:11उसी पल में उसकी जिंदगी बिक गई। वो रिक्शा
  86. 4:13घर नहीं गया। वो गया एक होटल और वहां उस
  87. 4:17रिक्शे वाले ने उस बच्ची का सौदा कर दिया।
  88. 4:20एक सांस लेती धड़कती रोती बच्ची का सौदा।
  89. 4:24जैसे
  90. 4:26कबाड़ बिकता है। सोच कर देखिए उस लड़की का
  91. 4:29रेट लगाया गया होगा। मोलभाव हुआ होगा। और
  92. 4:32वो बच्ची कुछ पता नहीं होगा। वो इंतजार कर
  93. 4:34रही होगी कि रिक्शे वाले भैया बस आ रहे
  94. 4:35हैं अंदर होटल से।
  95. 4:37उसकी कीमत लग रही थी और उसके बाद उसे अंदर
  96. 4:39बुलाया गया और फिर वो पांच दिन शुरू हुए
  97. 4:4218 से 22 जून चार होटल एक कमरे से निकालो
  98. 4:45दूसरे कमरे में एक दरिंदा जाए दूसरा आए
  99. 4:46दूसरा जाए तीसरा आए तीसरा जाए चौथा आए
  100. 4:48पांचवा आए छठा आए सातवां आए आठवां आए
  101. 4:5019वां आए और फिर 32 लोग आए आप एक से 32 तक
  102. 4:54गिन के देख लो आपको समय लग जाएगा उस बच्ची
  103. 4:57ने 32 लोगों को सहा है पांच दिनों तक चार
  104. 5:01अलग-अलग होटलों में
  105. 5:03गिनना आ जाती है अंदर से जब वो दर्द से
  106. 5:06तड़पती तो दवा नहीं, मां नहीं, डॉक्टर
  107. 5:08नहीं उसको शराब डाल दी जाती
  108. 5:12ताकि शोर ना मचा पाए। बेहोशी की हालत में
  109. 5:14रहे और ये लोग उसकी इज्जत लूटते रहे।
  110. 5:1922 जून को पुलिस से निकाला 5 दिन बाद 120
  111. 5:22घंटे बाद। हर घंटा मौत से लंबा।
  112. 5:26वो रिक्शे वाला सर ड्राइवर नहीं था। हम तो
  113. 5:29सोच कर परेशान है कि उसके घर में भी उसकी
  114. 5:32बहन होगी, बेटी होगी, उसकी मां होगी, उसकी
  115. 5:34बीवी होगी। फिर भी उसने बेच दिया पैसे के
  116. 5:38लिए।
  117. 5:39कितना सस्ता है इंसान।
  118. 5:44कल को हमारी आपकी बेटी किसी रिक्शे पर
  119. 5:46बैठी है। क्या आप भरोसा कर पाएंगे? और
  120. 5:47असली गंदगी इस क्राइम में सिर्फ 32
  121. 5:50दरिंदों की नहीं है। यह पूरी मंडी थी। उस
  122. 5:53मंडी में हर किसी का हिस्सा बना था।
  123. 5:55रिक्शे वाले का जिसने बेचा मालिक जिसने
  124. 5:57खरीदा, मैनेजर जिसने कमरा खोला, स्टाफ
  125. 5:59जिसने चादर बदली, बच्ची की वो सूजी आंखें
  126. 6:02देखी, मुंह फेर लिया।
  127. 6:04चार होटलों में पांच दिन तक एक बच्ची
  128. 6:06गिड़गिड़ाती रही। एक भी आदमी एक आदमी 100
  129. 6:09नंबर नहीं मिला पाया। सबकी जेब में फोन
  130. 6:12था।
  131. 6:14लेकिन शायद जमीर किसी के सीने में नहीं
  132. 6:15था। क्यों?
  133. 6:17क्योंकि पैसा जेब में जाए तो कान बहरे हो
  134. 6:19जाते हैं। आंखें अंधी हो जाती है। और यह
  135. 6:23हवस से भी गंदी बीमारी है। लालच है।
  136. 6:28अरे जानवर भी बच्चे की चीख पर कान खड़े कर
  137. 6:31लेते हैं। लेकिन इंसान तो लाश बन गए। आप
  138. 6:35सोच कर देखिए। पांच रातों में जब सब सो
  139. 6:38जाते होंगे। वह बच्ची छत की तरफ देखकर
  140. 6:40क्या सोचती होगी? यही ना कि उसकी मां उसे
  141. 6:42ढूंढ रही होगी। उसका बाप खोज रहा होगा।
  142. 6:44भाई बहन परेशान होंगे।
  143. 6:47अपने ही शहर में
  144. 6:50उसके साथ 32 लोग
  145. 6:54खेल रहे थे
  146. 6:56120 घंटे तक और यह सिर्फ 32 दरिंदों कसूर
  147. 7:00नहीं है। अगर आप इसके जिम्मेदारी की बात
  148. 7:02करेंगे तो यह पूरे सिस्टम का कसूर है। वो
  149. 7:04पुलिस जो होटलों की चेकिंग के नाम पर
  150. 7:06रजिस्टर पर दस्तखत करके चली आती है।
  151. 7:09वो समाज हम आप जो हरमंच से बेटी बचाओ
  152. 7:14लेकिन जब असली बेटी चीखती है तो हम कान
  153. 7:16बंद कर लेते हैं और कान बंद कर रखा है ना
  154. 7:18तभी तो किसी को सुनाई नहीं पड़ रहा
  155. 7:20तभी तो किसी शहर में कोई विरोध नहीं है
  156. 7:22वरना तो हर कोई अपना तमाशा लिए सड़क पर
  157. 7:24नाच रहा है
  158. 7:27आप लगा दीजिए आप जेसीबी से गड्ढा खोदिए
  159. 7:30हजार आदमी खड़े हो जाएंगे क्रिकेट मैच लगा
  160. 7:33दीजिए लाखों आ जाएंगे
  161. 7:37सिनेमा हॉल के बाहर भीड़ है राशन की लाइन
  162. 7:39के बाहर भीड़ है। हीरो के लिए भीड़ है।
  163. 7:42सेल्फी खिंचवाने के लिए भीड़ है। लेकिन इस
  164. 7:45बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए कोई सड़क पर
  165. 7:48नहीं आया। तब भी जब यह खबर बाहर आ गई।
  166. 7:50इसीलिए कह रहा हूं कि ऐसा अपराध अकेला
  167. 7:52नहीं होता। इसके लिए पूरा मोहल्ला, पूरा
  168. 7:54शहर, पूरा सिस्टम चुपचाप होता है। क्योंकि
  169. 7:58हमने इसे नॉर्मल मान लिया है।
  170. 8:02जब जघन्य अपराध होता है तब हम और आप
  171. 8:04परेशान होते हैं। वरना तो हर दिन में 80
  172. 8:06लड़कियां को रेप होता है।
  173. 8:09हर दिन 80 लड़कियों का रेप होता है।
  174. 8:14हां, ठीक है। खबर आई एक्शन शुरू हुआ है।
  175. 8:17मालिक गिरफ्तार कर लिया गया है। रिक्शा
  176. 8:19ड्राइवर ये सब गिरफ्तार हो रहे हैं। कहा
  177. 8:21जा रहा है बुलडोजर चला देंगे।
  178. 8:23लेकिन भैया रुको। बुलडोजर दीवार गिराता
  179. 8:26है। दरिंदगी नहीं।
  180. 8:28वो होटल गिराए भी किस नाम पर? अवैध
  181. 8:30निर्माण। अवैध थे इसलिए गिरा दिए। मतलब
  182. 8:33पहले से वो गैर कानूनी थे। सालों से धंधा
  183. 8:35चल रहा था। तब सिस्टम चुप बैठा था। आज
  184. 8:39अवैध बोलकर गिराया है जब 13 साल की बच्ची
  185. 8:41के जिंदगी को मलबा बना दिया गया।
  186. 8:45ये इंसाफ नहीं है। ये अपनी नाकामी पर डाला
  187. 8:47गया त्रिपाल है। क्योंकि इमारत तो 6 महीने
  188. 8:50में फिर खड़ी हो जाएगी लेकिन उस बच्ची का
  189. 8:51बचपन कौन सा ठेकेदार बनाएगा?
  190. 8:54और आप खुद सोच के देखो यार जो होटल कल तक
  191. 8:56अवैध पता ही नहीं था।
  192. 9:01वो आज गिराया गया तो ये खानापूर्ति नहीं
  193. 9:03तो और क्या है?
  194. 9:05और सबसे दुखद बात जानते हैं क्या है?
  195. 9:09इस देश में पॉक्सो कानून बच्चों को बचाने
  196. 9:12वाला बनाया गया था। लेकिन ऐसा लगता है कि
  197. 9:15कानून है लेकिन दरिंदा डरता नहीं है।
  198. 9:17क्योंकि पॉक्सो कानून कागज पर तो शेर है।
  199. 9:19जमीन पर ढेर और अगर ना ढेर होता तो 13 साल
  200. 9:22की बच्ची को 32 लोग 5 दिनों तक 120 घंटों
  201. 9:26तक चार होटलों में उसी के शहर में नोचकर
  202. 9:29नहीं खाते। उसके मुंह में दारू पिलाकर उसे
  203. 9:32बेहोश करके उसके साथ यह नहीं करते।
  204. 9:37और अगर यह कर रहे हैं तो इसका मतलब है कि
  205. 9:39इन दरिंदों को पॉक्सो का डर नहीं है।
  206. 9:42और जानते क्यों नहीं है? क्योंकि अदालत
  207. 9:43में पॉक्सो के लाखों केस सड़ रहे हैं।
  208. 9:46तारीख पर तारीख तारीख पर तारीख और हर
  209. 9:49तारीख पर वो बच्ची भरी अदालत में खड़ी
  210. 9:51होकर अपना जख्म दोबारा फाड़ती है।
  211. 9:54अजनबियों के सामने बार-बार फास्ट ट्रैक
  212. 9:57कोर्ट नामस चाल गोंगे वाली है। दरिंदे
  213. 10:00जमानत लेकर बाहर फिर उसी गली में सीना तान
  214. 10:03कर डर के मारे। कई बार तो माला पहनाकर
  215. 10:07स्वागत किया जाता है।
  216. 10:10यह हमारा इंसाफ है।
  217. 10:13जब साल 2012 में निर्भया हुआ था तब देश ने
  218. 10:16उम्मीद की थी कि शायद अब इस देश में
  219. 10:20दोबारा निर्भया नहीं होगा क्योंकि तब देश
  220. 10:22मोमबत्तियां लेकर निकला था। कानून की
  221. 10:24बातें हुई थी। भाषण दिए गए थे।
  222. 10:28लेकिन सच यह है कि हर रोज 80 लड़कियों की
  223. 10:30इज्जत लूटी जाती है। हर बार नई बच्ची, नया
  224. 10:34शहर, नई खबर क्योंकि दरिंदों के दिल में
  225. 10:37डर नहीं है। वो जानते हैं कि सालों चलेगा।
  226. 10:39गवाह थकेंगे। फाइल धूल खाएगी।
  227. 10:43बच जाएंगे। कुछ साल में निकल जाएंगे।
  228. 10:47पोक्सो में बच्ची से सामूहिक दरिंदगी पर
  229. 10:49फांसी लिखी है।
  230. 10:51लेकिन ऐसा लगता है कि वो लाइन सिर्फ
  231. 10:53किताबों की शोभा है।
  232. 10:57और एक सवाल मैं पूछना चाह रहा हूं। अगर 32
  233. 10:59लोग मिलकर एक मासूम बच्ची के साथ खेल रहे
  234. 11:02हैं
  235. 11:06तो क्या हर उस शख्स को जिसने कमरा दिया
  236. 11:08चुप्पी बेची जिसने बच्ची के हक में शराब
  237. 11:10उतारी
  238. 11:12क्या उन्हें हमारा कानून सजा देगा और अगर
  239. 11:1532 लोगों को सजा नहीं दी जाएगी एक साथ ऐसी
  240. 11:19सजा जो नजीर बने
  241. 11:24तो फिर यह सजाएं किसके लिए बनाई गई है 13
  242. 11:27साल की बच्ची बच्ची के साथ ये कांड हुआ
  243. 11:29भाई साहब 13 साल की बच्ची के साथ
  244. 11:34हम और आप सोए हुए थे तब हुआ है।
  245. 11:37आप खुद बताइए खबर आपने सुनी थी? नहीं सुनी
  246. 11:40होगी ना? क्योंकि ट्रेंड नहीं है। कोई
  247. 11:42प्राइम टाइम की चीख नहीं है। कोई कैंडल
  248. 11:44नहीं जली ना? कोई सड़क जाम नहीं हुई।
  249. 11:47क्योंकि इस देश में गुस्सा भी साहब
  250. 11:48कैलकुलेटर लेकर आता है। नाम देखकर, सरकार
  251. 11:52देखकर, धर्म देखकर, फायदा देखकर फिर तय
  252. 11:55करते हैं कि रोना है या छोड़ देना है।
  253. 12:01जिस बच्ची के दर्द में फायदा नहीं, उसकी
  254. 12:03चीख बहरे कानों से टकरा कर लौट जाती है।
  255. 12:06और सच कहूं तो थू है ऐसे चुनिंदा गुस्से
  256. 12:09पर।
  257. 12:11थू है।
  258. 12:14दर्द का कोई एजेंडा नहीं होता है। एजेंडा
  259. 12:16हमने बनाया है। और जिस दिन बेटी की चीख पर
  260. 12:18पार्टी मजहब देखना छोड़ देंगे, राज्य
  261. 12:20देखना छोड़ देंगे, उस दिन सिस्टम की औकात
  262. 12:23नहीं है कि आंख चपका लें।
  263. 12:26वही है। बाकी
  264. 12:29वो बच्ची जिंदा है। घर लौटी है। लेकिन सच
  265. 12:31कहूं कि 13 साल की वो बच्ची जिसको 32
  266. 12:34लोगों ने नोचा।
  267. 12:37अब उसकी आत्मा मर चुकी है। उसके सपने नहीं
  268. 12:40लौटे। उसकी हंसी नहीं लौटी। उसकी नींद
  269. 12:42नहीं लौटी है। शायद वो हर रोज उन चार
  270. 12:46कमरों में वापस जाती होगी। शायद वो जिंदगी
  271. 12:48भर हर रिक्शे से डरेगी। हर होटल के बोर्ड
  272. 12:51से डरेगी। हर अजनबी भैया से डरेगी।
  273. 12:55वो हर रात को अपनी मां से चिपक कर भी
  274. 12:58अकेले रहेगी। उसका बचपन उन चार कमरों में
  275. 13:00दफन हो गया। उसकी कब्र पर बुलडोजर का मलबा
  276. 13:03पड़ा है।
  277. 13:06हम उसका बचपन नहीं लौटा सकते लेकिन इंसाफ
  278. 13:09दिला सकते हैं।
  279. 13:11इसलिए आज अपनीपनी सरकारों को टैग कीजिए।
  280. 13:15अपनेप सरकारों को लानत मलानत भेजिए। आप
  281. 13:19जिस भी प्लेटफार्म पर चाहे इस वीडियो को
  282. 13:20उठा के डालिए, घुसिए।
  283. 13:24कई बार शोर मचाना जरूरी होता है ताकि
  284. 13:27बहरों को सुनाई पड़े।
  285. 13:32हम आशा करते हैं इस केस को आप ठंडा नहीं
  286. 13:34होने देंगे क्योंकि जिस दिन खबर ठंडी होती
  287. 13:37है उस दिन फाइल भी ठंडी हो जाती है। इतना
  288. 13:40शोर मचाइए कि यह शोर अदालतों तक पहुंचे,
  289. 13:43सरकार तक पहुंचे और उन 32 दरिंदों को ऐसी
  290. 13:46सजा दी जाए जिससे उनकी रूह कांप जाए, रूह
  291. 13:50कांप जाए। भविष्य में कोई ऐसा सोच कर भी
  292. 13:53डर जाए।
  293. 13:57क्योंकि अगर आज आप चुप रहे तो कल खबर में
  294. 14:00सिर्फ शहर का नाम बदलेगा बच्ची का दर्द
  295. 14:02नहीं और अगर आज हमने इस केस को आवाज नहीं
  296. 14:05दी तो कल कोई और बच्ची
  297. 14:07कहीं और बैठेगी और फिर यही होगा।
  298. 14:11फैसला आपका है कि आप सोशल मीडिया पर केवल
  299. 14:15ट्रोल और स्क्रोल करेंगे
  300. 14:19या किसी बच्ची को इंसाफ दिलाएंगे।
  301. 14:22जय हिंद जय भारत। नमस्कार।
  302. 14:28नहीं

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This page contains the full transcript of एक बच्ची... 5 दिन... और कई बड़े सवाल | Sri Ganganagar Case | Rajasthan by Shubhankar Mishra , generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 2,240 words across 302 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.

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