5 Companies That Raised Guidance Again | Q2 FY27 — Transcript
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- 0:00हमको तोड़फोड़ कंपनियां चाहिए जहां पे
- 0:02तोड़फोड़ गाइडेंस है। 10 15 20% सेटिस्फाई
- 0:05नहीं होते। हमको 40 50 60% टाइप की
- 0:08गाइडेंस लुक एट द ग्रोथ 47 51 103 77
- 0:12क्रेजी ग्रोथ मतलब ₹28 का लगभग 1000 हो
- 0:16गया। जिंदगी में इसने ऐसा समय नहीं देखा
- 0:18होगा जैसा अभी इसको देखने को मिल रहा है।
- 0:20एक और कंपनी है कॉल्ड बोल रहे हैं 38 टू
- 0:2340% की ग्रोथ आएगी। बट इन रियलिटी ये लोग
- 0:266070% से ग्रो कर रहे हैं हर साल। तो दो
- 0:28क्वार्टर पहले कह रहे थे 20% से ग्रो
- 0:30करेंगे। पिछले क्वार्टर में कह रहे थे 40%
- 0:32से ग्रो करेंगे। उसमें कह रहे हैं नहीं
- 0:34नहीं 80% से ग्रो करेंगे। अगले साल 2027
- 0:36में वो $1 ट्रिलियन $1 ट्रिलियन का खर्चा
- 0:40करने वाले हैं। $1 ट्रिलियन अगर आप समझो
- 0:43तो पूरे इंडिया की जो जीडीपी है
- 0:46शॉर्टेज हो गई है बहुत ज्यादा
- 0:48ट्रांसफार्मर्स की एस्पेशली हाई वोल्टेज
- 0:50इनके पास ऑर्डर बुक आ गई है भरभर के। तो
- 0:52अगर अप्पर एंड में 350 अचीव कर ली लगभग हो
- 0:54गया ऑलमोस्ट 70-80%
- 0:56तो वो कौन सी कंपनीज़ हैं जो शॉर्टलिस्ट
- 0:58हुई?
- 0:59तो सबसे पहली जो कंपनी है ना वो है
- 1:03दिस वीडियो इज फॉर एजुकेशनेशनल पर्पस
- 1:05ओनली। वी आर नॉट सेबी रजिस्टर्ड
- 1:06एडवाइज़र्स। सो ऑलवेज डू योर ओन रिसर्च
- 1:08बिफोर इन्वेस्टिंग।
- 1:18के शुभम बहुत सी कॉन कॉल्स हो रही हैं और
- 1:21कई कंपनीज़ हैं जिन्होंने पिछली बार जो
- 1:22गाइडेंस दी थी इस बार उससे भी बड़ी गाइडेंस
- 1:24दे रही है कि इस बार हम और ज्यादा तोड़फोड़
- 1:26कर देंगे। 30- 40% की गाइडेंस दे रही है।
- 1:29तो वो कौन सी कंपनीज़ हैं जो शॉर्टलिस्ट
- 1:31हुई हैं। ऑब्वियसली जस्ट स्क्रीनिंग के
- 1:33लिए नॉट फॉर इन्वेस्टमेंट। या सो टू बी
- 1:36ऑनेस्ट हम बहुत सारी कंपनीज़ देखते हैं हर
- 1:39कॉन्फ्रेंस कॉल को तो नहीं सुन पाते लेकिन
- 1:42आजकल एआई की वजह से काफी इजी भी हो गया है
- 1:44समझना कि कहां-कहां पे तोड़फोड़ गाइडेंस आ
- 1:46रही है। तो अपना फ्रेमवर्क सिंपल है। हमको
- 1:48तोड़फोड़ कंपनियां चाहिए जहां पे तोड़फोड़
- 1:51गाइडेंस है। मतलब तोड़फोड़ मतलब 10 15 20%
- 1:55से हमारा जो है मतलब सेटिस्फाई नहीं होते।
- 1:57हमको 40 50 60% टाइप की गाइडेंस और सिर्फ
- 2:00गाइडेंस नहीं मतलब एग्जीक्यूशन का ट्रैक
- 2:02रिकॉर्ड भी होना चाहिए और कोई ट्रिगर भी
- 2:04होना चाहिए क्योंकि आगे का तो कोई भी कुछ
- 2:06भी बोल सकता है कि भाई ये गाइडेंस है वो
- 2:08गाइडेंस है बट कोई रीज़न भी होना चाहिए। तो
- 2:10आज मैं आपको पांच ऐसी कंपनीज़ बताता हूं जो
- 2:13पिछले क्वार्टर में बहुत ही अच्छी गाइडेंस
- 2:15दे रहे थे और इस क्वार्टर में उसे
- 2:16रीिट्रेट भी कर रहे हैं। इस क्वार्टर में
- 2:18मतलब अभी तो रिजल्ट सीजन चल रहा है तो
- 2:20काफी कंपनीज़ के रिजल्ट्स आए नहीं है। तो
- 2:22व्हेन आई से इस क्वार्टर में मतलब अगर इस
- 2:24क्वार्टर का रिजल्ट नहीं आया तो अस्यूम
- 2:26करिए कि पिछले क्वार्टर की ही बात कर रहा
- 2:27हूं क्योंकि अभी तो हार्डली कुछ ही दिन
- 2:29हुए हैं रिजल्ट सीजन शुरू हुए। अगले थोड़े
- 2:31दिनों में पीक आउट होगा तो इस क्वार्टर की
- 2:33रियलिटी समझ में आएगी। तो सबसे पहली जो
- 2:35कंपनी है ना वो है शैडो फैक्स। अह शायद
- 2:38आपने भी कभी देखा होगा यह स्कूटर पे या
- 2:41कहीं पे आपके शहर में अगर घूमते हुए
- 2:43डिलीवरी बॉयज दिखे होंगे जिनके ऊपर शैडो
- 2:45फैक्स की टीशर्ट या उनके स्कूटर के ऊपर
- 2:47शैडो फैक्स लिखा रहता है।
- 2:49आज ही दिखा मेरे को सुबह।
- 2:50हां। तो बेसिकली शैडो फैक्स एक स्टार्टअप
- 2:54है जो कि एक तरीके से बी टू बी डिलीवरीज
- 2:58में काम करती है। एंड व्हेन आई से बी टू
- 2:59बी डिलीवरीज तो अस्यूम करिए कि अगर आप एक
- 3:01छोटे कोई ऑनलाइन स्टोर चलाते हो ऑनलाइन
- 3:04रिटेल अपनी वेबसाइट के थ्रू कोई सेलिंग कर
- 3:06रहे हो तो आप खुद से अगर लेट्स से जो ये
- 3:09डीटीडीसी या ये जितने भी नॉर्मल कूरियर
- 3:11सर्विस है अगर आप उनसे टाई अप करोगे तो वो
- 3:13तो आपको लूट लेंगी। व्हाई? बिकॉज़ वो बी टू
- 3:15सी में ज्यादा ऑपरेट करती हैं।
- 3:18तो यहां पे आपको क्या सर्विज चाहिए? आपको
- 3:20कुछ ऐसी सर्विस चाहिए कि भाई जैसे कस्टमर
- 3:22को अगर डिलीवरी है तो 2 दिन में तीन दिन
- 3:24में डिलीवरी हो जाए तो आपको कहीं ना कहीं
- 3:26एक वेयर हाउस चाहिए कस्टमर के आसपास या
- 3:29फिर एक डार्क स्टोर चाहिए या फिर आपको वो
- 3:31डिलीवरी बॉय चाहिए जो आपके लिए डिलीवर करे
- 3:34तो ये क्या करती हैं डिपेंडिंग अपॉन योर
- 3:36वॉल्यूम और आप किस-किस पिन कोड में ऑपरेट
- 3:38करना चाहते हो ये एसएमईस के साथ ऑपरेट
- 3:41करती है उनके साथ डील करती हैं लेकिन
- 3:43इंटरेस्टिंग चीज ये है कि इनकी कुछ बड़ी
- 3:45डील्स भी हैं। इनका जो है ना वो सबसे बड़ा
- 3:47जो कस्टमर है वह है Meesho। अह Meesho
- 3:50आपने देखा होगा जो बहुत सस्ते में सामान
- 3:52डिलीवर करता है।
- 3:54Meesho का भी काफी इंटरेस्टिंग बिज़नेस
- 3:55मॉडल है लेकिन वो आज डिस्कस नहीं करेंगे।
- 3:57आज हम बात कर रहे हैं शैडो फैक्स की। तो
- 3:59शैडो फैक्स का ऑलमोस्ट 40 टू 50% रेवेन्यू
- 4:02Meesho से ही आता है। एंड नॉट जस्ट दैट ये
- 4:05लोग अब समझो कि अ Amazon नाउ जो है वो भी
- 4:10इनके थ्रू डिलीवर कर रहा है। तो जो
- 4:13इंस्टेंट डिलीवरी है तो ये काइंड ऑफ जो दो
- 4:15ये है ना कि एक क्विक कॉमर्स जिसमें कि
- 4:17Amazon नाउ इनका मेन कस्टमर है और एक वो
- 4:20जो है अपना हो गया क्या बोलते हैं Meesho।
- 4:24तो इनकी अभी प्रॉब्लम तो रियल है क्योंकि
- 4:28अगर आप एक एसएमई हो एक छोटे वो हो तो आपके
- 4:31पास कोई चॉइस नहीं है। आप इन जो ट्रेडिशनल
- 4:34बी टू सी वाले हैं उनके पास जा नहीं सकते।
- 4:36खुद से डिलीवरी कर नहीं सकते। तो मेन
- 4:38बिजनेस मॉडल ये है कि भाई अपने वेयर हाउस
- 4:39में रखने का सामान उसका किराया लेते हैं।
- 4:42देन डिलीवरी एजेंट अगर डिलीवर कर रहा है
- 4:44तो किराया ले रहा है। तो अगर आप ऐसी चीजें
- 4:47रख रहे हो इनके वेयर हाउस में जो बहुत
- 4:49दिनों तक सेल नहीं हो रही तो भी मतलब ये
- 4:52काइंड ऑफ इंसेंटिवाइज करता है कि आप ऐसी
- 4:54चीजें रखो जो एकदम हॉट सेलिंग प्रोडक्ट्स
- 4:56है। रादर देन यू नो एवरीथिंग। सो ये इसका
- 5:00बिज़नेस मॉडल है। अब मेन बात कर रहे थे हम
- 5:01ग्रोथ की। तो यह मैंने लास्ट क्वार्टर की
- 5:04कॉन्फ्रेंस कॉल खोली है। एंड अगर आप इनकी
- 5:06ग्रोथ गाइडेंस देखोगे तो बोल रहे हैं 38
- 5:08टू 40% की ग्रोथ आएगी। एंड कहां से आ रही
- 5:11है ये विज़िबिलिटी? हाइपरल अपसाइड स्पेस
- 5:14स्पेसिफिकली इंक्रीमेंटल विज़िबिलिटी फ्रॉम
- 5:16Amazon नाउ। सो जैसा कि मैं बता रहा था कि
- 5:20भाई इन्होंने गाइडेंस को अपग्रेड करा है।
- 5:22तो इन्होंने अपग्रेड क्यों करा है? अगर आप
- 5:24पिछले क्वार्टर में देखोगे ना तो इनकी जो
- 5:27ईयर ऑन ईयर सेल्स ग्रोथ आई है वो 66% की
- 5:30आई है। तो भले ये बोल रहे हैं 38% 40% बट
- 5:33इन रियलिटी ये लोग 6070% से ग्रो कर रहे
- 5:36हैं हर साल।
- 5:38एंड इस वजह से क्योंकि अब इन्हें काफी
- 5:40ज्यादा कॉन्फिडेंस आ गया होगा। तो
- 5:41इन्होंने बोला कि नहीं नहीं अभी मतलब 60%
- 5:44मतलब मैक्सिमम काम तो ऑलरेडी हो गया है।
- 5:46तो इन्होंने बोला नहीं एफवाई 27 में हम 38
- 5:48टू 40% की ग्रोथ आराम से कर लेंगे। पहले
- 5:50ना 27 28% की गाइडेंस दे रहे थे।
- 5:54नाइस।
- 5:55सो, अब थोड़ा सा मैं यहां पर रिस्क भी बता
- 5:57देता हूं और यह भी बता देता हूं कि भाई
- 5:59क्यों आ रही है ग्रोथ। अभी जो है मेन फोकस
- 6:01टॉप लाइन ग्रोथ पर है। पर जो पैकेज है
- 6:05उसका साइज बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
- 6:07देन ज्यादा एसएमईस के पास जा रहे हैं।
- 6:09ज्यादा डार्क स्टोर्स खोल रहे हैं। तो
- 6:12मोटा-मोटा ये कुछ चीजें हैं जो ये लोग कर
- 6:14रहे हैं। अगर आप इनके कॉम्पिटिट देखोगे ना
- 6:17तो वो 10-12% के मार्जिनस कमाते हैं। ये
- 6:19मैं ट्रेडिशनल प्लेयर्स की बात कर रहा
- 6:21हूं। ये लोग पर्टिकुलरली जब बहुत ही छोटे
- 6:24थे तब लॉस कर रहे थे। लेकिन अभी पिछले एकद
- 6:27साल से धीरे-धीरे प्रॉफिट में आ रहे हैं।
- 6:29फ्रॉम -30% अब धीरे-धीरे 1% 2% 5% 6% के
- 6:34मार्जिन पे पहुंचे हैं। और ऑलरेडी जो है
- 6:36कंपनी प्रॉफिटेबल है। लेकिन खर्चा भी
- 6:38भर-भर के कर रही है। और अगर आप एक सिंपल
- 6:42सा इसका रीज़न देखो कि भाई ये प्रॉफिटेबल
- 6:44क्यों हो रहे हैं? तो बहुत ही सिंपल है कि
- 6:46भाई अगर आपको एक जिप कोड को सर्व करना है
- 6:49तो पूरा का पूरा जो गेम है वो ये है कि
- 6:51भाई आपका जो ट्रक है या जो भी डिलीवरी है
- 6:53वो कितना ज्यादा फुल है। आप उसे कितनी
- 6:55बेटर तरीके से यूटिलाइज कर पा रहे हो। तो
- 6:57पूरा का पूरा वॉल्यूम का गेम है और एकदम
- 7:00कट थ्रोट एक-एक ऑपरेशंस में 1% यहां से
- 7:03बचा लूं, आधा% यहां से बचा लूं। पूरा का
- 7:06पूरा वही गेम है। एंड वो ओवरटाइम
- 7:09धीरे-धीरे करके क्योंकि ये स्टार्टअप वाला
- 7:12कल्चर है। तो टेक्नोलॉजी को यूज करके एंड
- 7:16यह सब यूज करके मार्जिन को धीरे-धीरे
- 7:18एक्सपेंड कर रहे हैं। सो, यह था शैडो
- 7:20फैक्स के बारे में। अब मैं अगली कंपनी पर
- 7:22चलता हूं। एक और कंपनी है कॉल्ड शांति
- 7:25गोल्ड। एकदम अलग सेगमेंट है। गोल्ड
- 7:27ज्वेलरी का सेगमेंट है। लेकिन इनकी
- 7:29वेबसाइट पर भी देखोगे ना आपको यह गोल्ड
- 7:31ज्वेलरी के बीच में कुछ-कुछ कुछ कुछ
- 7:34स्टोंस दिखाई दे रहे हैं। तो इनका जो मेन
- 7:37काम है वो स्टडेड ज्वेलरी का है। मेन
- 7:39डिजाइन वाला काम है। जैसे कुछ और कंपनीज़
- 7:41भी हैं। आपको याद होगा पिछली बार हमने
- 7:43स्काई गोल्ड की बात करी थी। एंड इस बार
- 7:45नहीं करी क्योंकि ऑलरेडी इसकी बात कर चुके
- 7:47थे। लेकिन ये पूरा का पूरा सेक्टर बहुत
- 7:51क्रेजी तरीके से ग्रो कर रहा है। जैसे अगर
- 7:53आप यहां पे स्काई गोल्ड के नंबर्स भी
- 7:55देखोगे ना तो लुक एट द ग्रोथ 47 51 103 77
- 7:59क्रेजी ग्रोथ एंड सेम चीज स्टॉक प्राइस
- 8:03में भी आपको देखने को मिलेगी। मतलब ₹28 का
- 8:05लगभग 1000 हो गया। लेकिन अगेन यहां पे अगर
- 8:08आप शांति गोल्ड की भी बात करोगे तो शांति
- 8:11गोल्ड की बात करोगे ना तो यह उस उतना बड़ा
- 8:13प्लेयर नहीं है। वो जैसे काफी बड़ा प्लेयर
- 8:15है। वो लीडर है मार्केट लीडर है। वो 16000
- 8:17करोड़ की मार्केट कैप है। यह अभी छोटा
- 8:193000 करोड़ मार्केट कैप की कंपनी है।
- 8:22लेकिन उससे काफी सस्ती मिलती है। स्काई
- 8:24गोल्ड जो 48 के पीई पे मिलती है। शांति
- 8:26गोल्ड सिर्फ 16 के पीई पे मिलती है। एंड
- 8:29अगर आप इनकी ग्रोथ देखोगे तो आपको वही
- 8:31स्काई गोल्ड वाली स्टोरी ना रिपीट होती
- 8:33हुई दिखेगी। 400, 600 फिर देन 1100, 2000,
- 8:372400 तो उतना फास्ट ग्रोथ नहीं है लेकिन
- 8:40रीसेंट टाइम्स में है। एंड इसके मार्जिन
- 8:43सरप्राइजिंगली लीडर के मार्जिन से ज्यादा
- 8:45हैं। जो लीडर है उसके अगर आप मार्जिन
- 8:49देखोगे ना तो 4 1/2 से धीरे-धीरे 67% की
- 8:51तरफ जा रहे हैं। वेयर एज ये लोग ऑलरेडी 10
- 8:5511% के मार्जिन कर रहे हैं। और उसका रीज़न
- 8:58यह है कि वह ज्वेलरी में भी ना थोड़ा सा
- 9:00काम अलग है। ये लोग प्राइमरली स्टडीड
- 9:02ज्वेलरी में काम करते हैं। एंड स्टडीड
- 9:05ज्वेलरी में आप बोलो कि जो लेबर चार्जेस
- 9:07होते हैं अगर आप कभी ज्वेलरी की शॉप पे
- 9:09कभी कुछ खरीदा हो जैसे फैमिली में तो आपने
- 9:11देखा होगा कि वो जितने ज्यादा नगीने ये सब
- 9:13चीजें लगी होंगी वो काइंड ऑफ मोतियों को
- 9:17भी सोने के भाव में बेचते हैं। तो काइंड
- 9:21ऑफ उनके मार्जिनस ज्यादा रहते हैं क्योंकि
- 9:22उसमें जो कारीगरी का काम है वो थोड़ा सा
- 9:24ज्यादा रहता है। सो अगर मैं पर्टिकुलरली
- 9:28गाइडेंस की बात करूं तो ये इस क्वार्टर
- 9:31में मतलब इसमें ना दो-तीन ट्रिगर जो है वो
- 9:34एक साथ प्ले आउट हो रहे हैं। सबसे पहला तो
- 9:36ये लोग कैपेसिटी एक्सपेंड कर रहे हैं। एक
- 9:38तो इनकी जयपुर में इनका मेन फैसिलिटी है।
- 9:42तो वहां पे इन्होंने ग्रोथ करने के लिए
- 9:45वहां पे एक्सपेंशन चल रहा है। तो इनका जो
- 9:48काइंड ऑफ वो होता है ना वो केजीस में नापा
- 9:50जाता है। कितने किलो सोने की ज्वेलरी बना
- 9:52पाते हैं। तो जयपुर में लगभग 1200 किलो की
- 9:56जो है वो फैसिलिटी इन्होंने लगाई है और एक
- 9:58और मेरोल करके जगह है वहां पर रैंप अप हो
- 10:01रहा है। तो वहां पे 4000 केजी गोल्ड की
- 10:04फैसिलिटी जो है वो लगाई है। अभी एकिस्टिंग
- 10:072700 kg की थी। तो लॉन्ग स्टोरी शॉर्ट
- 10:10एक्सपेंशन की वजह से और इन सब की वजह से
- 10:13लगभग 50 टू 60% की ग्रोथ गाइडेंस ये लोग
- 10:15दे रहे हैं। अब इंटरेस्टिंग चीज ये है कि
- 10:18इन लोगों को ना दो तरीके से फायदा मिलता
- 10:21है। सबसे पहला जो है फायदा मिलता है अगर
- 10:23गोल्ड के प्राइसेस ऊपर जाते हैं तो इन्हें
- 10:25इन्वेंटरी गेंस होने लगते हैं काफी
- 10:27ज्यादा। तो इसमें अ जो ये ग्रोथ आता है वो
- 10:32वॉल्यूम आता है। एक तो वॉल्यूम ग्रोथ आता
- 10:34है जो कि नॉर्मल 30- 40% की ग्रोथ आ रही
- 10:36है। और अभी अगर आप देखोगे ना तो पीछे
- 10:38गोल्ड के प्राइसेस भी बहुत तेजी से ऊपर जा
- 10:40रहे थे। तो इन्हें डबल फायदा मिल रहा था।
- 10:42एक तो टॉप लाइन में ज्यादा नंबर आता है।
- 10:44उतना ही केजी आप सोना बना रहे हो लेकिन
- 10:46आपका रेवेन्यू ज्यादा आ रहा है। एंड प्लस
- 10:48होता क्या है? जो पड़ा हुआ सोना है लेट्स
- 10:50से आपने खरीदा था 3 महीने पहले। जब कस्टमर
- 10:52की डिलीवरी की बारी आई तो गोल्ड के
- 10:55प्राइसेस ही बढ़ गए। तो आपको उस सोने पर
- 10:57डबल बेनिफिट मिल गया वो तो वो इन्वेंटरी
- 10:59लेकिन वो डबल एज स्वॉर्ड है। तो अगर ये
- 11:02लोग कितनी हैेजिंग कर रहे हैं उस पर
- 11:03डिपेंड करता है। अगर उल्टा पड़ गया मतलब
- 11:05गोल्ड तो जो आपको मेहनत करके आप ग्रोथ कर
- 11:08रहे हो 50% लेकिन आएगी सिर्फ 25% तो अभी
- 11:11इनको डबल बेनिफिट मिल रहा है।
- 11:14तो अब बाकी गोल्ड को तो कोई प्रेडिक्ट
- 11:16नहीं कर सकता। बट मोटा-मोटा अगर इनके
- 11:18सस्टेनेबल मार्जिन की बात करो तो वो 7 8%
- 11:20के हैं। जो भी 10 11% दिख रहे हैं उसमें
- 11:23गोल्ड का बेनिफिट भी है। गॉट इट। सो ये
- 11:27था। देन नेक्स्ट कंपनी पे आते हैं।
- 11:29नेक्स्ट कंपनी इज एचएफसीएल और ये तो कंपनी
- 11:32मतलब एकदम
- 11:35समझो कि अपने जिंदगी में इसने ऐसा समय
- 11:37नहीं देखा होगा जैसा अभी इसको देखने को
- 11:40मिल रहा है। गाइडेंस की अगर मैं बात करूं
- 11:42तो दो क्वार्टर पहले कह रहे थे 20% से
- 11:44ग्रो करेंगे। पिछले क्वार्टर में कह रहे
- 11:46थे 40% से ग्रो करेंगे और अभी दो-ती दिन
- 11:50पहले भी कुछ दिन लास्ट वीक अभी इनकी
- 11:51कॉन्फ्रेंस कॉल आई है उसमें कह रहे हैं
- 11:53नहीं नहीं 80% से ग्रो करेंगे और डेटा
- 11:57सेंटर का एक्चुअली में मतलब काफी बड़ा
- 12:00बेनिफिशरी जो है ये साबित हो गया। सो
- 12:02बिजनेस मॉडल तो बहुत ही ज्यादा सिंपल है।
- 12:04अ बिजनेस मॉडल क्या है कि ये लोग फाइबर
- 12:07ऑप्टिक केबल बनाते हैं जो एक तरीके से
- 12:10इंटरनेट को डिलीवर करने के लिए यूज़ होती
- 12:12है। चाहे आप 5G यूज़ कर रहे हो चाहे 4G यूज़
- 12:15कर रहे हो तो अल्टीमेटली वो फाइबर ऑप्टिक
- 12:17केबल से ही जाएगा। पहले चलती थी वो कॉपर
- 12:19वाली वायर्स। अब तो फाइबर ऑप्टिक्स से ही
- 12:21चलता है। वो ग्लास की अ आप बोल सकते हो कि
- 12:24फाइबर होता है ग्लास का और उसके अंदर से
- 12:26लाइट के थ्रू इंटरनेट की डिलीवरी है। तो
- 12:30इसमें मेन चीज ये है कि जो डेटा सेंटर्स
- 12:33के लिए जो केबल्स चाहिए होती हैं वो
- 12:36ज्यादा डेंसिटी वाली चाहिए होती हैं। यानी
- 12:38जिसके अंदर से बहुत ज्यादा फाइबर्स जा रहा
- 12:39हो। तो टेलीकॉम के लिए जितनी चाहिए उससे
- 12:4110x ज्यादा फाइबर्स इन द सेम केबल चाहिए
- 12:44होता है। उसकी टेक्नोलॉजी मतलब दुनिया में
- 12:47ऐसा तो नहीं बोलूंगा कि बहुत ही कम लोगों
- 12:48के पास है बट कंपैरेटिवली जैसे अगर नॉर्मल
- 12:51केबल वाले 100 मैन्युफैक्चरर्स होंगे तो
- 12:53इसके 10 होंगे। लेकिन ऐसा नहीं है कि बहुत
- 12:55ही कम है। मतलब दुनिया में काफी हैं।
- 12:57लेकिन हुआ क्या है कि हमने अभी थोड़े दिन
- 13:00पहले एक एनालिसिस करा था कि एआई डाटा
- 13:04सेंटर्स के ऊपर कितना खर्चा कर रहे हैं
- 13:06कंपनीज़ और 2024 में लगभग $50 बिलियन का
- 13:10खर्चा किया था। $0 बिलियन और मैं यह मेन
- 13:13चारप प्लेयर्स की बात कर रहा हूं। Amazon,
- 13:15Microsoft अह देन यह एi मतलब GCK हो गया
- 13:19और Apple हो गया। एंड मतलब ये हाइपर
- 13:21स्केलर्स जिन्हें बोला जाता है।
- 13:23हम
- 13:24एंड Google ऑफ कोर्स Google को भूल गए।
- 13:25एंड मेटा तो
- 13:282025 में वो 250 बिलियन से ऑलमोस्ट $400
- 13:32बिलियन पहुंचा। 2026 में यह अभी 7 टू 750
- 13:35बिलियन डॉलर का खर्चा कर रहे हैं ऑन
- 13:38सेटिंग अप न्यू डाटा सेंटर्स फॉर एआई एंड
- 13:41अगले साल 2027 में वो $1 ट्रिलियन $1
- 13:45ट्रिलियन का खर्चा करने वाले हैं और ये $1
- 13:48ट्रिलियन का खर्चा अब लोग एआई से क्यों डर
- 13:51रहे हैं कि भाई आप इतना इतना खर्च कर रहे
- 13:53हो एंड ये लोग पैसे रिकवर कर भी पाएंगे या
- 13:56नहीं $1 ट्रिलियन अगर आप समझो तो पूरे
- 13:59इंडिया की जो जीडीपी
- 14:0225%
- 14:04अभी 4 ट्रिलियन की भी जीडीपी नहीं है मतलब
- 14:06उससे थोड़ी कम ही है तो 4 ट्रिलियन जीडीपी
- 14:08से आप 1 ट्रिलियन की बात कर रहे हो इतना
- 14:10खर्चा कर रहे हैं एंड ये सिर्फ एब्सोल्यूट
- 14:13खर्चा है अगर आप इसका कंपाउंडिंग इफेक्ट
- 14:15देखो तो वो खर्चा किसी और के पास जाएगा वो
- 14:18किसी और को एंप्लॉयमेंट देगा वो अपने
- 14:20पार्ट्स वाले को बोलेगा तो अगर आप एज अ
- 14:22इकॉनमी पूरा जीडीपी के टर्म्स में बोलो तो
- 14:24$1 ट्रिलियन डॉलर पता नहीं कितने ट्रिलियन
- 14:26डॉलर की जीडीपी लेकर आएगा
- 14:28क्योंकि वो लूप में घूमेगा अब एट एक्स 10x
- 14:31मल्टीप्लाई होगा। तो आज की डेट में यूएस
- 14:34की इकॉनमी जो 2% से ग्रो कर रही है उसमें
- 14:36मैक्सिमम हिस्सा अगर आज एi डेटा सेंटर पे
- 14:39स्पेंडिंग बंद हो जाए। वो गवर्नमेंट
- 14:40स्पेंडिंग की वजह से नहीं आ रहा। वो
- 14:41प्राइवेट केपेक्स की वजह से नहीं आ रहा।
- 14:43वो कंज्यूमर स्पेंडिंग की वजह से नहीं आ
- 14:46रहा। वो आ रहा है मेनली एआई डेटा सेंटर
- 14:48स्पेंडिंग की वजह से। तो ऑलमोस्ट यूएस की
- 14:511% इकॉनमी ग्रोथ इस वजह से आई है। तो
- 14:54लॉन्ग स्टोरी शॉट इसका एक बेनिफिशरी जो है
- 14:56वो कोरिया था। एंड एक और बेनिफिशरी इंडिया
- 14:59में बोले तो यह केबल वाली कंपनियां थी। तो
- 15:02ऑर्डर भर-भर के आ रहे हैं। डिमांड तगड़ी है
- 15:04बिकॉज़ यह डाटा सेंटर वाली केबल बनाते हैं।
- 15:07तो पर्टिकुलरली अगर इनके ग्रोथ ट्रिगर की
- 15:09बात करूं तो मेन इन्हें ऑर्डर्स मिले जा
- 15:12रहे हैं कभी। और ये लोग डिस्क्लोज़ नहीं
- 15:14करते किसने दिया। मे बी कोई मेटा ने ऑर्डर
- 15:15दे दिया, कोई Google ने ऑर्डर दे दिया। सब
- 15:17एमएसी कंपनीज़ इन्हें ऑर्डर दे रही है। एंड
- 15:20धीरे-धीरे करते-करते इनका जो ओवरऑल वैसे
- 15:23तो इनके मल्टीपल बिज़नेस हैं। सिर्फ ये
- 15:24केबल वाला बिज़नेस नहीं है। लेकिन आज की
- 15:26डेट में बाकी हर चीज जो है वो एकदम शैडो
- 15:29हो गई है। बाकी किसी चीज में किसी को
- 15:30इंटरेस्ट नहीं है। ईपीसी का बिज़नेस भी है।
- 15:32यानी इंजीनियरिंग प्रोक्योरमेंट
- 15:34कंस्ट्रक्शन वाला बिज़नेस भी है। बट अभी जो
- 15:37है मेनली आई थिंक अराउंड 28,000 करोड़ की
- 15:39इनकी ऑर्डर बुक हो गई है। जस्ट फ्रॉम यू
- 15:42नो ऑल द डेटा सेंटर केबल वाला बिज़नेस। तो
- 15:44यह है यू नो एक और कंपनी। हालांकि ऐसा
- 15:48अननोन कंपनी तो नहीं है बट ट्रिगर सॉलिड
- 15:51था तो इसको मतलब एक दोबारा से मेंशन करना
- 15:54मुझे लगा सही है। आप में से जो लोग
- 15:56इन्वेस्टिंग में इंटरेस्टेड हैं और जो
- 15:58डाटा वाले लोग हैं यानी जो लोग इन्वेस्ट
- 16:00करने से पहले यह देखना चाहते हैं कि
- 16:02एक्चुअली में नंबर क्या है और आप कोई टिप
- 16:04या क्विक रिच स्कीम में बिलीव नहीं करते
- 16:07तो उनके लिए हमारी टीम ने पिछले एक साल
- 16:09में बहुत से टूल्स क्रिएट किए हैं जो
- 16:11इन्वेस्टर को बहुत हेल्प कर सकते हैं। यह
- 16:13टूल्स नॉर्मल स्क्रीनर से ज्यादा हमें
- 16:15वैल्यू प्रोवाइड करते हैं और इन्हें बनाने
- 16:17के लिए हमारी फुल टाइम टीम इस पे काम करती
- 16:19है। अब अगर आप यह जानना चाहते हैं कि
- 16:21हमारा एग्जैक्टली इन्वेस्टिंग मेथड क्या
- 16:22है और यह टूल्स कौन-कौन से हैं? तो आप
- 16:25हमारा संडे का वेबिनार ज्वाइन कर सकते
- 16:26हैं। यह वेबिनार शुभम प्रेजेंट करते हैं
- 16:29जो बरेली यूपी से हैं और 29 की ऐज में
- 16:31Amazon यूएस की जॉब छोड़ के फाइनेंसियली
- 16:33फ्री हो गए थे और फिर यह बोर शिफ्ट हो गए
- 16:35और फुल टाइम इन्वेस्टर बन गए।
- 16:39इस वेबिनार में आप चार मेथड सीखोगे
- 16:41इंटरेस्टिंग कंपनीज ढूंढने के लिए और
- 16:43इसमें एक फ्री गिफ्ट भी मिलेगा। यह
- 16:45वेबिनार हम जेनुइनली रिकॉर्डेड प्ले करते
- 16:47हैं। लेकिन हमारी टीम वहां पर लाइव
- 16:49प्रेजेंट होती है आपके कोई भी क्वेश्चन का
- 16:51आंसर करने के लिए। वेबिनार रिकॉर्डेड होने
- 16:53का रीज़न यह है कि जब तक हम वेबिनार में
- 16:55सिग्निफिकेंट इंप्रूवमेंट नहीं कर देते।
- 16:57उन्हीं मेथड्स को हर संडे आके बार-बार
- 16:58रिपीट करना। एक इनफिशिएंट वे है टाइम को
- 17:01यूज करने का। क्योंकि इस टाइम को हमारी
- 17:03टीम किसी और टूल को बनाने में इन्वेस्ट कर
- 17:05सकती है। तो अगर आप इस वेबिनार में
- 17:07इंटरेस्टेड हैं तो एक बर्गर से भी कम
- 17:09प्राइस में आप इस वेबिनार को ज्वाइन कर
- 17:11सकते हैं। इसका लिंक हमने डिस्क्रिप्शन ऑफ
- 17:13फर्स्ट मैन में दे दिया है। आई नो यू विल
- 17:15लव आवर वर्क। सो एक दो कंपनियां और हैं।
- 17:18यह दो कंपनियां दोनों ट्रांसफार्मर सेक्टर
- 17:20से आती हैं और दोनों बहुत ही ज्यादा तगड़ी
- 17:22ग्रोथ की बात कर रही हैं। सो बिफोर वी टॉक
- 17:25अबाउट द कंपनीज़ मैं थोड़ा सा सेक्टर के
- 17:26बारे में बताता हूं कि ट्रांसफार्मर
- 17:28सेक्टर में हो क्या रहा है? तो ये भी
- 17:30पिछले कई सालों से चल रहा है। लेकिन
- 17:31इंडिया में अभी हो क्या रहा है कि
- 17:35इलेक्ट्रिसिटी की डिमांड बढ़ रही है।
- 17:38क्यों बढ़ रही है? क्योंकि हम ईवीस पे
- 17:40ट्रांसफर कर रहे हैं। हम हम बोल रहे हैं
- 17:42कि भाई हमें मेक इन इंडिया करना है। तो
- 17:45बहुत सारी फैक्ट्रीज आ रही है।
- 17:46मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री ग्रो कर रही
- 17:48है। प्लस सोलर का एक पुश आ रहा है। तो
- 17:51सोलर की वजह से होता क्या है कि
- 17:52इंटरमिटेंट पावर आती है। कभी धूप ज्यादा
- 17:55है, कभी धूप कम है। तो ग्रिड अनस्टेबल
- 17:57होती है। अब ग्रिड अनस्टेबल होती है तो
- 17:59आपको बहुत ज्यादा उसे स्टेबल करने के लिए
- 18:02बहुत सारे इक्विपमेंट्स लगाने पड़ते हैं।
- 18:04एंड देन वहीं पर यह ट्रांसफार्मर्स एक की
- 18:08सबसे ज्यादा जरूरत पड़ती है क्योंकि
- 18:09ट्रांसफार्मर्स आपकी ग्रिड स्टेबिलिटी के
- 18:11लिए बहुत ही ज्यादा इंपॉर्टेंट है। हम
- 18:13तो अगर ₹1 जो है वो खर्च हो रहा है जनरेशन
- 18:17पे तो मल्टी एक्स खर्च होता है ग्रिड
- 18:19स्टेबिलिटी के ऊपर जिसमें ये मल्टीपल
- 18:21चीजें हो गई कैपेसिटर बैंक्स, रिएक्टर्स
- 18:24यह मतलब ट्रांसफार्मर्स और ये सब चीजें।
- 18:27तो यहां पर ना हम दो ट्रांसफार्मर कंपनीज
- 18:29लेकर आए हैं। सबसे पहली जो कंपनी है वह है
- 18:33अटलांटा इलेक्ट्रिकल। अब अटलांटा
- 18:36इलेक्ट्रिकल एंड दूसरी जो कंपनी है वो है
- 18:38सुप्रीम पावर।
- 18:40सो दोनों में डिफरेंस क्या है? मैं थोड़ा
- 18:42सा समझा देता हूं। तो इसमें भी ना
- 18:45कैटेगरीज होती हैं ट्रांसफार्मर में।
- 18:47कैटेगरीज कौन सी? एक होती है जो बहुत ही
- 18:49ज्यादा हाई वोल्टेज में ऑपरेट करती है।
- 18:51हाई वोल्टेज का मतलब अ
- 18:55एचवीडीसी जिसे बोला जाता है या फिर अगर
- 18:57सिंपल भाषा में कहें तो अ जैसे हम बोलते
- 19:00हैं ना 440 वोल्ट का झटका लगा। ये 440
- 19:03वोल्ट है।
- 19:05हां लेकिन ये हाई वोल्टेज नहीं है। ये लो
- 19:07वोल्टेज है। हाई वोल्टेज के 220 केB
- 19:11ये भी ये भी मीडियम वोल्टेज है। हाई
- 19:14वोल्टेज इज 765 KB
- 19:16हां वो एक्सट्रीम के हां
- 19:17एक्सट्रीम हाई 800 KV ठीक है तो जो कुछ
- 19:21कंपनीज़ हैं जैसे हिताची G P और ये सब ये
- 19:24उस लेवल पे ऑपरेट करती हैं। उसमें पूरे
- 19:26इंडिया में सिर्फ चारप कंपनियां ही हैं जो
- 19:29ऑपरेट करती हैं। क्यों? क्योंकि ये समझो
- 19:32कि जहां पे पावर जनरेट हो रही है वहां पे
- 19:34जरूरत है और इसके लिए अप्रूवल्स बहुत
- 19:36ज्यादा स्ट्रिक्ट होते हैं। कोई भी आके
- 19:38ऐसे नहीं हो सकता है। तो अभी एक ट्रेंड चल
- 19:42रहा है। वो ट्रेंड ये चल रहा है कि भ
- 19:44शॉर्टेज हो गई है बहुत ज्यादा
- 19:45ट्रांसफार्मर्स की एस्पेशली हाई वोल्टेज।
- 19:47जैसे-जैसे हम लो पावर में लो उसमें आते
- 19:50हैं उसकी शॉर्टेज नहीं है। लो पावर वाले
- 19:52जो हमारे शहरों के अंदर लगते हैं
- 19:53डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर्स बोलते हैं
- 19:55उनकी शॉर्टेज नहीं है। उसमें तो कमोडिटी
- 19:57है। बहुत सारे प्लेयर्स हैं। लेकिन जो ये
- 20:00मिड और हाई वाला सेगमेंट है उस मिड में
- 20:03थोड़ी कम शॉर्टेज है और हाई में तो बहुत
- 20:04ही ज्यादा शॉर्टेज है। क्यों? क्योंकि
- 20:06हमने जब ये चाइना के साथ वॉर-वॉर लड़ा था
- 20:08तो चाइनीस प्लेयर को भी बोल दिया था भाई
- 20:10हम आपके ट्रांसफार्मर नहीं खरीदेंगे। और
- 20:12फिर इंडिया में उतने प्लेयर्स नहीं थे तो
- 20:14इंडिया में शॉर्टेज हो गए। नॉट जस्ट दैट
- 20:15डिमांड भी बहुत तेजी से आई। दोनों ही
- 20:17चीजें थी। डिमांड भी थी और सप्लाई भी
- 20:18क्रंच हो गई। तो स्टोरी ये चल रही है कि
- 20:21बहुत सारी जो डिस्ट्रीब्यूशन वाली कंपनीज़
- 20:24थी डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर वाली मतलब
- 20:25लो वोल्टेज ट्रांसफार्मर वाली वो
- 20:27धीरे-धीरे मीडियम में आने की कोशिश कर रही
- 20:28हैं। जो मीडियम वाली है वो मीडियम के हायर
- 20:30रेंज में यानी कि लगभग 400 KV में आने की
- 20:33कोशिश कर रही हैं। 500 KV में और जो
- 20:35मीडियम वाली थी वो हाई में जाने की कोशिश
- 20:37कर रही हैं। तो ये जो सुप्रीम पावर और ये
- 20:39है ना सुप्रीम पावर एक तरीके से आप समझो
- 20:41कि लो में ऑपरेट करती थी 33 KV 66 KV और
- 20:44ये 200 KV के आसपास आने की कोशिश कर रहे
- 20:46हैं। यानी अब लो से धीरे-धीरे मीडियम में
- 20:48आने की कोशिश कर रहे हैं। जो अटलांटा है
- 20:50यह टेक्नोलॉजी पार्टनर ढूंढ रहा है हाई
- 20:52में जाने के लिए एंड मीडियम के अप्रूवल के
- 20:55लिए वेट कर रहा है। ऑलरेडी मीडियम की
- 20:57टेक्नोलॉजी है। मीडियम में अप्रूवल के लिए
- 20:59वेट कर रहा है। सो इन शॉर्ट इन दो रीज़ंस
- 21:02की वजह से मतलब अ इनके पास ऑर्डर बुक आ गई
- 21:06है भर-भर के। दोनों के पास अटलांटा के पास
- 21:09भी और सुप्रीम पावर के पास भी। तो अगर मैं
- 21:11सिंपल यहां पे आपको गाइडेंस दिखाता हूं कि
- 21:15हां। सो सुप्रीम पावर। सो बेसिकली 26 का
- 21:18पीई है लेकिन प्रॉब्लम यह है कंपनी बहुत
- 21:20ही ज्यादा छोटी है तो वोलेट बहुत वोलेटाइल
- 21:22रहती है बट मैं यहां पर क्योंकि ग्रोथ की
- 21:25बात कर रहा हूं सो आई विल जस्ट टॉक अबाउट
- 21:26द ट्रिगरर्स वी विल नॉट टॉक अबाउट द स्टॉक
- 21:28प्राइस और एनी ऑफ़ दैट इसमें जो मेन स्टोरी
- 21:31है वो है कैपेसिटी एक्सपेंशन की इन्होंने
- 21:33ना 2500 से एक्सपेंड करके अपनी कैपेसिटी
- 21:36को 9000 एमबीए पर ईयर पे कर दिया है। एंड
- 21:40बिकॉज़ ऑफ़ दैट ये लोग अब भर-भर के ऑर्डर्स
- 21:44ले रहे हैं। तो अगर आप इनकी रीसेंट कॉन
- 21:47कॉल देखोगे तो इन्होंने जो गाइडेंस दी है
- 21:51एफवाई 27 गाइडेंस 300 टू 350 करोड़ और
- 21:55पिछले क्वार्टर में एफवाई 27 एफवाई 28
- 21:58यानी नेक्स्ट ईयर की गाइडेंस 500 करोड़ की
- 22:01थी एंड इन्होंने बोला है कि भ हमारे पास
- 22:03ऑर्डर वर्डर भी है तो कोई टेंशन नहीं है
- 22:05हम इतना कर देंगे। अब 300 350 करोड़ का
- 22:08मतलब यह है कि अगर आप इनका करंट रेवेन्यू
- 22:10देखते हो तो 190 करोड़ है। तो अगर ये 300
- 22:14भी बोलते हैं लेट्स से तो भी ऑलमोस्ट 40%
- 22:17की ग्रोथ होती है। और अगर अपर एंड में 350
- 22:19अचीव कर लिया
- 22:22तो लगभग हो गया ऑलमोस्ट 70-80%
- 22:26हां 70-80% की ग्रोथ। अब सिमिलरली अगर आप
- 22:30यहां पे अटलांटा इलेक्ट्रिकल की बात करो
- 22:32तो इसका पीई मतलब ऐसा पीई थोड़ा सा हाई है
- 22:36लेकिन ये क्योंकि और ज्यादा हायर एंड पे
- 22:38765 KB की टेक्नोलॉजी भी इनके पास अब आ गई
- 22:40है पार्टनर के थ्रू तो एंड इनका भी सेम है
- 22:43मतलब कैपेसिटी ऑलरेडी लग चुकी है कैपेसिटी
- 22:46देखोगे तो 4x हुई है 16000 से 63000
- 22:50ऑलमोस्ट 4x सो गाइडेंस देखोगे तो 40% केगर
- 22:54फॉर नेक्स्ट थ्री इयर्स विद स्टेबल
- 22:55मार्जिन तो यह चल रहा है अटलांटा
- 22:58इलेक्ट्रिकल में। अच्छा अब यहां पे ना एक
- 23:01चीज है। यह जो जितनी भी कंपनीज़ हैं जो
- 23:03उतने ज्यादा हाई मार्जिन में ऑपरेट नहीं
- 23:05करती। इनको
- 23:07कमोडिटी इनफ्लेशन का जो है वो वो आता है,
- 23:10हिट आता है। मतलब अगर जैसे बहुत तेजी से
- 23:13प्राइसेस बढ़ जाए कॉमोनेंट्स की इनफ्लेशन
- 23:16अभी बढ़ ही रहा है तो इनको दिक्कत हो सकती
- 23:18है। हालांकि सुप्रीम वालों ने अपनी
- 23:20लेटेस्ट कॉनक में बोला है कि हमारा 75%
- 23:22बुक जो है वो पास थ्रू क्लॉज़ से बंधा हुआ
- 23:25है। यानी कि इनफ्लेशन एडजस्टेड है। बाकी
- 23:282025% बुक्स पे ही जो है इंपैक्ट आएगा।
- 23:30बाकी 75% तो पास ऑन कर देंगे। सो ये मतलब
- 23:33चल रहा है कुछ-कुछ ट्रांसफार्मर सेक्टर
- 23:35में।
- 23:37गॉट इट। ठीक है शुभम। आई थिंक अमेजिंग।
- 23:40शैडो फैक्ट्स मुझे काफी इंटरेस्टिंग लगी
- 23:42क्योंकि सुबह-सुबह देखा भी था तो मुझे
- 23:45नहीं पता था कि अच्छा हम इशू के साथ हैं।
- 23:48आई होप कि आई थिंक वीडियो सबके लिए
- 23:49वैलुएबल रही होगी। अभी तो रिजल्ट चल ही
- 23:50रहे हैं। तो अगर कुछ और भी आता है तो वी
- 23:52विल कीप ऑन अपडेटिंग क्योंकि हमारा एफर्ट
- 23:55थोड़ा कम लगता है। बेस्ड ऑन फुल टाइम शुभम
- 24:00इज लिविंग मार्केट 247। सो
- 24:03ठीक है। थैंक यू सो मच। ठीक है। थैंक यू।
- 24:05ओके। बाय-ब।
- 24:07ओके। तो इस संडे का वेबिनार ज्वाइन करने
- 24:08का लिंक हमने डिस्क्रिप्शन और फर्स्ट
- 24:10कमेंट में दे दिया है। सी यू इन द
- 24:12वेबिनार।
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