सास ने विधवा बहू को उसके 5 साल के बेटे समेत भिखारी को दान कर दिया..फिर जो हुआ उसने सबको हिला दिया 😥🤯 — Transcript
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- 0:04गोलू बेटा अंदर आजा। धूप बहुत तेज हो रही
- 0:08है।
- 0:09ओ राधा बच्चे को बाद में देखना। पहले भैंस
- 0:12का दूध निकाल फिर बर्तन मांझने हैं और
- 0:15उसके बाद रसोई भी संभालनी है।
- 0:17जी मां जी अभी करती हूं।
- 0:19मां मुझे बहुत भूख लगी है।
- 0:22बस बेटा थोड़ा इंतजार कर। काम खत्म होते
- 0:26ही तुझे खाना देती हूं।
- 0:28राधा
- 0:30जी बाबूजी।
- 0:31सुबह से शाम होने को आई लेकिन तेरे काम
- 0:33खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहे। एक काम
- 0:35भी समय पर नहीं होता तुझसे।
- 0:37रात भर गोलू को तेज बुखार था इसलिए थोड़ी
- 0:40देर हो गई। बस यही सुनना बाकी था।
- 0:43रोज कोई ना कोई बहाना कभी बच्चा बीमार कभी
- 0:46खुद थकी हुई।
- 0:47मैं आराम नहीं करती मांझी। सुबह से लगातार
- 0:49काम कर रही हूं।
- 0:50काम इसे काम कहते हो तुम। खाने वाले दो-दो
- 0:54मुंह हैं। लेकिन कमाने वाला कोई नहीं।
- 0:57बाबूजी मैं अपनी पूरी कोशिश करती हूं। जिस
- 1:00दिन मेरा बेटा मरा था ना उसी दिन से तू
- 1:02हमारे पर बोझ बन गई।
- 1:03मां जी मेरे पति की मौत में मेरा क्या
- 1:05कसूर था?
- 1:06चुप अब जबान भी चलाने लगी है।
- 1:13इस वक्त कौन आ गया? भगवान के नाम पर कुछ
- 1:16खाने को दे दीजिए। दो दिन से पेट में अन्न
- 1:18का एक दाना नहीं गया। यहां कोई लंगर नहीं
- 1:21लगा है। आगे जाओ।
- 1:22मालिक थोड़ा सा बचा हुआ खाना ही दे दीजिए।
- 1:25बच्चे जैसा पेट है। बस दो रोटी मिल जाए।
- 1:30सुनिए।
- 1:31क्या?
- 1:32मेरे दिमाग में एक बात आई है।
- 1:33कैसी बात?
- 1:34अगर इसे भी इसके साथ भेज दें तो हमारा
- 1:36रोज-रोज का झंझट हमेशा के लिए खत्म हो
- 1:38जाएगा।
- 1:39हां बात तो सही है।
- 1:43मां जी, आप मेरे बारे में क्या बात कर रही
- 1:46हैं?
- 1:46तेरे बारे में ही।
- 1:48जी।
- 1:48आज से तू इस घर में नहीं रहेगी।
- 1:50क्या?
- 1:51हां।
- 1:52सुना नहीं। निकल जा यहां से। लेकिन मां जी
- 1:55मैं जाऊंगी कहां? जहां मन करे इसके साथ
- 1:57चली जा। यह भीख मांगता है ना। तू भी इसके
- 2:00साथ भीख मांग लेना।
- 2:01मालकिन ये क्या कह रही हैं आप? मैं तो खुद
- 2:04दर-दर भटकता हूं। तो इसे भी अपने साथ ले
- 2:07जा। लेकिन मैं
- 2:08ज्यादा सवाल मत पूछ।
- 2:10बाबू जी मैं आपके बेटे की पत्नी हूं। आप
- 2:13मुझे इस तरह कैसे निकाल सकते हैं? मेरा
- 2:16बेटा मर चुका है। अब तू भी हमारे लिए कुछ
- 2:19नहीं है।
- 2:20बाबूजी मेरा छोटा बच्चा है तो उसे भी साथ
- 2:24ले जा।
- 2:28मां मुझे डर लग रहा है।
- 2:32अगर मुझसे कोई गलती हुई है तो मुझे माफ कर
- 2:34दीजिए। लेकिन मेरे बच्चे पे दया कर दीजिए।
- 2:37हम कहां जाएंगे? बस बहुत हो गया तेरा
- 2:40रोना-धोना। निकल यहां से। मां जी नहीं
- 2:44निकली तो धक्के मार कर बाहर निकलवा दूंगी।
- 2:46मालिक कम से कम इन्हें कुछ पैसे या खाना
- 2:49तो दे दीजिए। हमें किसी से कोई मतलब नहीं
- 2:52है। ले जा इन्हें या सड़क पर छोड़ दें।
- 2:55हमारा घर आज से इनके लिए बंद है।
- 2:59आज की कहानी राधा नाम की एक ऐसी विधवा बहू
- 3:03की है जिसे अपने ही ससुराल में कभी सम्मान
- 3:05नहीं मिला। उसकी सास सुमन हर दिन उसे ताने
- 3:09और अपमान के बीच जीने पर मजबूर करती रही।
- 3:13एक दिन सुमन ने राधा को उसके 5 साल बेटे
- 3:17गुलू के साथ उसे घर से निकाल दिया और
- 3:21दोनों को एक भिखारी शंकर के हवाले कर
- 3:24दिया। लेकिन जिस शंकर को दुनिया भिखारी
- 3:27समझती थी, उसी ने राधा और गोलू को सहारा
- 3:31दिया। आखिर शंकर ने ऐसा क्या किया कि राधा
- 3:34और गोलू की जिंदगी बदल गई और सबसे बड़ी
- 3:37बात बरसों बाद राधा की सास और ससुर खुद
- 3:41राधा के सामने किस हाल में आ खड़े हुए।
- 3:44चलिए देखते हैं पूरी कहानी दोस्त।
- 3:48गोलू अब हम कहां जाएंगे बेटा?
- 3:51मां मत रो। मैं बड़ा होकर बहुत पैसे
- 3:55कमाऊंगा। फिर आपको कभी कोई नहीं भगाएगा।
- 3:59मेरा बच्चा बहन जी मुझे माफ करना। मैं खुद
- 4:04इतना गरीब हूं कि मुझे नहीं पता कल खाना
- 4:06मिलेगा या नहीं। लेकिन आपको और इस बच्चे
- 4:09को यूं सड़क पर छोड़कर मैं भी नहीं जा
- 4:10सकता।
- 4:12लेकिन आप तो हमें जानते तक नहीं।
- 4:16जानना जरूरी नहीं है। भूख अमीर और गरीब
- 4:19में फर्क नहीं करती। दर्द भी नहीं। मेरा
- 4:22नाम शंकर है। मैं पास की पुरानी झोपड़ी
- 4:24में रात काटता हूं। जगह बहुत छोटी है
- 4:26लेकिन आज आप दोनों वहीं रुक जाना। लेकिन
- 4:28शंकर जी हम आपका बोझ कैसे बन सकते हैं?
- 4:31बोझ आज आप मुसीबत में हैं। कल शायद मैं
- 4:34रहूं। जिंदगी किसी को हमेशा ऊपर नहीं
- 4:37रखती।
- 4:39[नाक से की जाने वाली आवाज़]
- 4:39ठीक है। चलिए।
- 4:48यही है मेरा ठिकाना राधा जी। छत जगह-जगह
- 4:51से टूट गई है। बारिश में पानी भी टपकता
- 4:53है। लेकिन कम से कम सिर छुपाने की जगह है।
- 4:56आज अगर आप नहीं मिलते पता नहीं हम दोनों
- 4:57कहां रात बिताते।
- 4:58यह बच्चे को ओढ़ा दो।
- 5:00नहीं शंकर जी आप क्या ओढ़ेंगे?
- 5:02मुझे आदत है ठंड की। मां हूं नहीं पर दर्द
- 5:06समझता हूं।
- 5:10राधा जी उठिए।
- 5:12क्या हुआ?
- 5:13पानी लाया हूं पास वाले कुएं से। अभी पीने
- 5:16के लिए यही है।
- 5:18[नाक से की जाने वाली आवाज़]
- 5:19खाने के लिए कुछ है? समझ गई।
- 5:21आज मैं फिर निकल जाऊंगी। कुछ भीख मिल गई
- 5:23तो रोटी आ जाएगी।
- 5:25नहीं।
- 5:26नहीं।
- 5:26मैं भी आपके साथ चलूंगी।
- 5:28लेकिन
- 5:29भीख मांग कर पेट तो भर सकता है लेकिन
- 5:31जिंदगी नहीं बदल सकती। मैं अपने बेटे को
- 5:34हमेशा हाथ फैलाते हुए नहीं देख सकती।
- 5:36काम कौन देगा हमें? ना कोई पहचान, ना घर
- 5:39का पता, ना किसी की सिफारिश।
- 5:41कोई ना कोई तो देगा। अगर किसी ने नहीं
- 5:43दिया तो। तब भी कोशिश करेंगे।
- 5:48मालिक कोई काम मिल सकता है? सफाई बर्तन
- 5:52कुछ भी कर लूंगी।
- 5:54नहीं बहन यहां कोई जगह खाली नहीं है।
- 5:58मालिक कोई छोटा-मोटा काम दे दीजिए।
- 6:01काम पहले खुद को देख। यहां काम करने वाले
- 6:04चाहिए। भीख मांगने वाले नहीं।
- 6:08हम भीख नहीं मांग रहे हैं। काम मांग रहे
- 6:10हैं। जो कहना है बाहर जाकर कहो। ग्राहक
- 6:13देख रहे हैं।
- 6:15बर्तन धोने का काम दे दीजिए। सुबह से रात
- 6:18तक कर दूंगा।
- 6:18तुम?
- 6:19जी।
- 6:20तुम्हें देखकर ही लोग खाना छोड़ देंगे।
- 6:22मालिक भूख, जातपात और कपड़े देखकर नहीं
- 6:24आती।
- 6:25ज्यादा ज्ञान मत दे। निकल यहां से।
- 6:34मां।
- 6:36क्या हुआ, बेटा?
- 6:38बहुत भूख लगी है।
- 6:41बस बेटा थोड़ा सब्र कर।
- 6:44आज भी कुछ नहीं मिला।
- 6:45एक जगह से भी हां नहीं मिली।
- 6:48राधा
- 6:49जी।
- 6:50अगर कोई हमें नौकरी नहीं देता तो क्यों ना
- 6:53हम अपना काम शुरू करें?
- 6:55अपना काम?
- 6:56हां।
- 6:57लेकिन हमारे पास पैसे कहां है?
- 6:58बहुत पैसे नहीं चाहिए।
- 7:00यहां तो आज गोलू के लिए रोटी तक नहीं है।
- 7:02आपको चाय बहुत अच्छी बनानी आती है।
- 7:04चाय?
- 7:04हां।
- 7:05सड़क किनारे छोटी सी चाय की दुकान लगा
- 7:07लेते हैं। मेरे पास बस यह हैं।
- 7:09नहीं
- 7:09इन्हें बेच देंगे।
- 7:11राधा जी यह आपकी आखिरी निशानी है।
- 7:13निशानी पेट नहीं भरती शंकर जी। मेरे पति
- 7:16की दी हुई आखिरी चीज है।
- 7:19लेकिन मेरा बेटा भूखा है उसके सामने यह
- 7:22बालियां ज्यादा कीमती नहीं है।
- 7:23ठीक है। लेकिन मेरी भी एक शर्त है।
- 7:25कैसी शर्त?
- 7:26हम दोनों बराबर मेहनत करेंगे और जो
- 7:28कमाएंगे आधा आपका आधा मेरा।
- 7:31आप मुझ पर एहसान कर रहे हैं।
- 7:32नहीं साथी बन रहा हूं।
- 7:34मंजूर है।
- 7:43राधा अगर किसी ने यहां से भगा दिया तो
- 7:46तो दूसरी जगह बैठ जाएंगे।
- 7:47और अगर कोई चाय ही नहीं पी
- 7:49तो कल फिर कोशिश करेंगे। शुरुआत छोटी है
- 7:53लेकिन हमारी है।
- 7:57शंकर जी
- 7:58हां।
- 7:59आज एक भी कप नहीं बिका।
- 8:00कोई बात नहीं। पहला दिन था।
- 8:05कितने की चाय?
- 8:06₹5
- 8:09शंकर जी एक कप बिका।
- 8:11देखा शुरुआत हो गई।
- 8:14कभी दो कप बिकते कभी पांच और कई बार पूरे
- 8:17दिन [संगीत] में एक भी कप नहीं बिकता।
- 8:21लेकिन दोनों ने हार नहीं [संगीत] मानी।
- 8:23मां
- 8:26बहुत भूख लगी है।
- 8:28बस बेटा कल कुछ अच्छा जरूर होगा। यह मेरे
- 8:31साथ आकर और ज्यादा मुसीबत में फंस गए।
- 8:34शायद शायद मुझे इन्हें छोड़ देना चाहिए।
- 8:38[नाक से की जाने वाली आवाज़]
- 8:38नहीं अब चाहे जो हो इन दोनों को मैं भूखा
- 8:42नहीं सोने दूंगा।
- 8:47दो हफ्ते हो गए। ना दुकान ठीक से चली।
- 8:51इतनी कमाई हुई कि पेट भर खाना मिल सके।
- 8:55मैं इन दोनों को और कितने दिन ऐसे रखूंगा?
- 9:01शायद इन्हें मेरी जरूरत ही नहीं है। मैं
- 9:04खुद इनके लिए बोझ बन गया हूं।
- 9:06बोझ
- 9:08राधा जी आप कब आए इन्हें?
- 9:11जब तुम खुद को कोस रहे थे।
- 9:13मैं तो बस
- 9:14झूठ मत बोलो। तुम्हारा चेहरा सब बता रहा
- 9:16है।
- 9:19सच कहूं?
- 9:20कहो।
- 9:22मुझे लगता है मैं तुम्हारे और गोलू के लिए
- 9:24कुछ नहीं कर पा रहा। शायद मैं तुम दोनों
- 9:27का बोझ उठाने के लायक नहीं हूं।
- 9:30दोबारा यह शब्द मत बोलना।
- 9:33कौन सा?
- 9:36बोझ।
- 9:39यह शब्द मैंने बहुत सुना है। मेरे ससुराल
- 9:43वालों ने बोझ कहा। मेरे पति के जाने के
- 9:46बाद मुझे घर से निकाल दिया। लेकिन तुमने
- 9:50मुझे और मेरे बच्चे को सड़क पर नहीं
- 9:52छोड़ा।
- 9:53राधा।
- 9:54इसलिए तुम मुझे बोझ कहोगे तो सबसे ज्यादा
- 9:57दुख मुझे ही होगा।
- 9:59माफ कर दो।
- 10:01माफी बाद में मांगना। पहले एक आखिरी कोशिश
- 10:04करते हैं।
- 10:05कहां?
- 10:06बस स्टैंड के पास।
- 10:08वहां तो पहले से चाय की कई दुकानें हैं।
- 10:11दुकानें हैं। लेकिन हमारी चाय अलग होगी।
- 10:15कैसे?
- 10:17अदरक और इलायची वाली। ऐसी चाय बनाएंगे कि
- 10:21खुशबू से लोग खुद रुक जाएं।
- 10:23ठीक है। एक आखिरी कोशिश।
- 10:37शंकर अदरक थोड़ा और कूटो।
- 10:40इतना?
- 10:40हां। खुशबू दूर तक जानी चाहिए।
- 10:49अरे भाई
- 10:51इतनी अच्छी खुशबू कहां से आ रही है?
- 10:55इधर आइए साहब। गरमा गरम चाय है। एक कप
- 10:58देना अभी देता हूं।
- 11:01अरे वाह। अच्छी है।
- 11:04अच्छी है। बहुत बढ़िया। कल से मेरी चाय
- 11:07यहीं से।
- 11:08अच्छा।
- 11:09देखा।
- 11:10क्या?
- 11:12मेहनत कभी-कभी देर से रंग लाती है लेकिन
- 11:15लाती जरूर है।
- 11:19एक दो तीन आठ कप।
- 11:23आज आठ कप बिके?
- 11:24हां।
- 11:27आज पहली बार खर्च निकालने के बाद कुछ पैसे
- 11:30बचे हैं।
- 11:35गोलू,
- 11:37हां मां।
- 11:38आज तेरे लिए भरपेट खाना बनेगा। सच में?
- 11:41हां बेटा।
- 11:50ए भिखारी
- 11:54सामान समेट और यहां से निकल।
- 11:56लेकिन भाई साहब हम यहां कई दिनों से बैठे
- 11:58हैं। आपने पहले कभी मना नहीं किया। अब कर
- 12:01रहा हूं।
- 12:02हमसे कोई गलती हुई है क्या? गलती इतनी है
- 12:05कि यह जगह अब मुझे चाहिए। कल तक दुकान हट
- 12:08गई चाहिए।
- 12:10लेकिन हम जाएं कहां? वो तुम्हारी समस्या
- 12:14है।
- 12:17भाई साहब हम गरीब हैं लेकिन मेहनत करके खा
- 12:20रहे हैं। किसी का हक नहीं मार रहे।
- 12:22मुझे औरतों की बातें सुनने का शौक नहीं
- 12:24है।
- 12:26लेकिन
- 12:27कल अगर दुकान यहां दिखी ना, तो सामान
- 12:30उठाकर सड़क सड़क पर फेंक दूंगा।
- 12:37फिर से नई जगह ढूंढनी पड़ेगी।
- 12:40हर बार यही होता है।
- 12:44जब लगता है कि अब जिंदगी ठीक हो रही है
- 12:46तभी कोई सब छीनने आ जाता है।
- 12:48राधा
- 12:49सच कहूं? अब हिम्मत टूटने लगी है।
- 12:53याद है?
- 12:54क्या?
- 12:55जिस रात मैं खुद को बोझ समझ रहा था।
- 12:58हां।
- 12:58तब तुमने कहा था हार मानने से पहले एक बार
- 13:01और कोशिश करनी चाहिए। आज वही बात मैं
- 13:04तुम्हें कह रहा हूं।
- 13:06दुकान जाएगी, जगह जाएगी, पैसे जाएंगे
- 13:12लेकिन हिम्मत नहीं जाएगी।
- 13:14ठीक है। कल फिर शुरुआत करेंगे।
- 13:19देखो राधा, जगह थोड़ी दूर है, लेकिन यहां
- 13:22कोई हमें हटाएगा नहीं।
- 13:23बाजार से दूर है।
- 13:24तो क्या हुआ?
- 13:25शुरुआत छोटी होगी लेकिन इस बार अपनी होगी।
- 13:29पक्का?
- 13:30पक्का।
- 13:37भाई तुम्हारी अदरक वाली चाय तो कमाल है।
- 13:41सच कह रहे हो शहर में भी ऐसी चाय नहीं
- 13:43मिली। मेरी चाय रोज यहीं लगेगी।
- 13:48गोलू।
- 13:49हां मां।
- 13:51अब तेरा पेट कभी खाली नहीं रहेगा।
- 13:56और मैं बड़ा होकर आपको बहुत बड़ा घर
- 13:58दूंगा।
- 14:00राधा एक बात कहूं?
- 14:03हां कहो।
- 14:03जिस दिन तुमने एक भिखारी पर भरोसा किया
- 14:05था, उसी दिन मुझे लगा था कि शायद मेरी
- 14:08जिंदगी भी बेकार नहीं है।
- 14:09भरोसा सिर्फ मैंने नहीं किया था शंकर।
- 14:12मतलब?
- 14:12तुमने भी तो एक अजनबी औरत और उसके बच्चे
- 14:15को अपने घर में जगह दी थी। लेकिन अभी
- 14:18मंजिल बहुत दूर है।
- 14:19हां। ये तो बस शुरुआत है।
- 14:29राधा आज पूरे 50 कप चाय बिक गई।
- 14:3250?
- 14:33हां। और देखना कल इससे भी ज्यादा बिकेगी।
- 14:37पहले हिसाब पूरा करने दो। ज्यादा सपने मत
- 14:39देखो।
- 14:40सपने देखने में पैसे थोड़े लगते हैं।
- 14:43[हंसी]
- 14:45मां।
- 14:48आ गया मेरा बेटा।
- 14:50आज स्कूल में मास्टर जी ने मेरा नाम पूरी
- 14:53क्लास के सामने बोला।
- 14:55क्यों?
- 14:55क्योंकि मैं सबसे पहले होमवर्क करके गया
- 14:57था।
- 14:59हमारा गोलू भी अब बाकी बच्चों की तरह
- 15:01पढ़ेगा।
- 15:02और एक दिन सबसे आगे बैठेगा।
- 15:04मां, अब मैं बड़ा होकर बड़ा आदमी बनूंगा।
- 15:08बड़ा आदमी नहीं बेटा। अच्छा इंसान बनना।
- 15:11पक्का? और मैं बड़ा होकर आपको बहुत बड़ा
- 15:15घर दूंगा।
- 15:23तो यही है वो दुकान
- 15:27जी सेठ जी। आइए चाय पीजिए।
- 15:30चाय
- 15:32[हंसी] सुना है यहां चाय बहुत बिक रही है।
- 15:34जी भगवान की दया है।
- 15:36भगवान की दया नहीं मेरी दुकान का धंधा आधा
- 15:39हो गया है तुम्हारी वजह से। सेठ जी हम तो
- 15:41बस मेहनत करके अपना घर चला रहे हैं।
- 15:44तुम चुप रहो। एक भिखारी और उठाकर लाई गई
- 15:46औरत।
- 15:49सेठ जी क्या?
- 15:50मेरी बात सुनिए। मेरे लिए राधा की इज्जत
- 15:53से बढ़कर कुछ नहीं।
- 15:55इज्जत?
- 15:58सड़क किनारे चाय बेचने वालों की भी कोई
- 16:00इज्जत होती है?
- 16:02होती है सेठ जी। मैं विधवा हूं। मेरा एक
- 16:06बच्चा है। अपने बच्चे का पेट पालने के लिए
- 16:09मेहनत करती हूं। मुझे शर्म नहीं गर्व है
- 16:11कि मैं किसी के सामने हाथ फैलाने के बजाय
- 16:13मेहनत कर रही हूं।
- 16:15बहुत भाषण दे लिया।
- 16:16मैंने सिर्फ सच कहा है।
- 16:18अच्छा।
- 16:21तुम्हारी दुकान का कोई लाइसेंस है? नगर
- 16:23पालिका में मेरी अच्छी पहचान है। चाहूं तो
- 16:25कल ही ये दुकान बंद हो जाएगी।
- 16:27सेठ जी हमें थोड़ा समय दे दीजिए।
- 16:29समय?
- 16:31तुम जैसे लोगों को कौन समय देता है? यह
- 16:33आखिरी चेतावनी है।
- 16:35या तो दुकान बंद करो या फिर बंद करवाने के
- 16:38लिए तैयार रहो। राधा?
- 16:41हां।
- 16:41अगर उसने सच में नगर पालिका में शिकायत कर
- 16:44दी तो
- 16:44तो हम लाइसेंस बनवाएंगे।
- 16:46लेकिन काम आसान नहीं होगा। आसान होता तो
- 16:50इसे जिंदगी नहीं कहते। जिस दिन मेरे
- 16:52ससुराल वालों ने मुझे बेटे समेत घर से
- 16:54निकाल दिया था। उस दिन मेरे अंदर का डर भी
- 16:57वहीं छूट गया था। अब कोई मुझे धमका कर
- 17:01पीछे नहीं हटा सकता।
- 17:04कागज दिखाओ।
- 17:07यह कागज पूरा नहीं है।
- 17:08कौन सा कागज चाहिए साहब?
- 17:09पहले यह लेके आओ, फिर देखेंगे। फोटो गलत
- 17:13है।
- 17:14लेकिन साहब, कल तो यही फोटो सही था। अब
- 17:16सही नहीं है। अगला
- 17:19हस्ताक्षर यहां नहीं, यहां चाहिए।
- 17:22साहब, यह भी करवा दूंगी। बस लाइसेंस दे
- 17:25दीजिए।
- 17:25अगली तारीख पर आना। राधा कितनी बार
- 17:28जाएंगे?
- 17:29जितनी बार जरूरत पड़े। मुझे लगता है हरि
- 17:32ओम ने यहां भी किसी किसी को पैसे खिला दिए
- 17:34हैं।
- 17:34हो सकता है।
- 17:36फिर
- 17:37फिर भी हम गलत काम नहीं करेंगे। हमें
- 17:39लाइसेंस चाहिए। किसी की मेहरबानी नहीं।
- 17:46राधा देवी।
- 17:47जी।
- 17:48आपका लाइसेंस तैयार है?
- 17:50सच?
- 17:51हां।
- 17:52शुक्रिया साहब।
- 17:59राधा
- 18:00क्या हुआ?
- 18:01अब कोई हमें इतनी आसानी से नहीं हटा सकता।
- 18:09दीदी जीजा जी एक बहुत बड़ा मौका है।
- 18:12कैसा मौका? शहर में जमीन के दाम बहुत तेजी
- 18:15से बढ़ रहे हैं।
- 18:16तो?
- 18:17अगर अभी पैसा लगा दिया 6 महीने में पैसा
- 18:20दोगुना। लेकिन हमारे पास इतना पैसा कहां
- 18:23है? घर है, खेत है,
- 18:26घर गिरवी रख दो। और अगर पैसा डूब गया तो
- 18:30अरे जीजा जी, मैं कोई बाहर वाला हूं क्या?
- 18:33मेरा अपना दोस्त है, बड़ा प्रॉपर्टी डीलर
- 18:36है। भरोसा है उस पर। मुझ पर भरोसा नहीं है
- 18:39क्या?
- 18:41मोहन।
- 18:42दीदी, ऐसा मौका बार-बार नहीं आता।
- 18:47मां
- 18:49क्या हुआ बेटा?
- 18:51आज टीचर ने पूरी क्लास के सामने मेरी
- 18:53तारीफ की।
- 18:54क्यों?
- 18:54मैंने सबसे सुंदर लिखाई की।
- 18:58मेरी मेहनत का असली फल तो तू है बेटा।
- 19:01और एक दिन यही बच्चा हम दोनों की किस्मत
- 19:05बदल देगा।
- 19:07अभी तो हमें खुद अपनी किस्मत बदलनी है।
- 19:17राधा।
- 19:18क्या हुआ? आज पांचवा वेटर भी रख लिया।
- 19:20पांचवा?
- 19:20हां, अब काम इतना बढ़ गया है कि हम दोनों
- 19:22से अकेले नहीं संभलता।
- 19:26कभी हमारे पास एक कप चाय बेचने के पैसे
- 19:28नहीं थे और आज लोग हमारी चाय पीते हैं।
- 19:30मां।
- 19:31क्या हुआ बेटा?
- 19:32मेरा रिजल्ट आ गया।
- 19:33कितने नंबर आए?
- 19:34पूरी क्लास में तीसरा नंबर।
- 19:36मुझे पता था मेरा बेटा कर सकता है।
- 19:38मां, मैं बड़ा होकर डॉक्टर बनूंगा।
- 19:40जरूर बनेगा और गरीबों का मुफ्त इलाज
- 19:43करेगा।
- 19:43हां। [हंसी]
- 19:46राधा,
- 19:47हां। हां।
- 19:47मुझे कभी यकीन ही नहीं होता।
- 19:49किस बात का?
- 19:503 साल पहले हम सड़क पर थे।
- 19:51और एक छोटी सी जगह हमने उसी से शुरुआत की
- 19:54थी।
- 19:54और आज इतने लोग हमारे साथ काम कर रहे हैं।
- 19:57मेहनत छोटी हो सकती है लेकिन उसका नतीजा
- 19:59बड़ा हो सकता है। राधा एक बात कहूं?
- 20:03कहो।
- 20:04बहुत दिनों से कहना चाहता था।
- 20:06ऐसी क्या बात है?
- 20:09इन सालों में तुमने मुझे कभी छोटा नहीं
- 20:11समझा।
- 20:11क्योंकि तुम छोटे हो ही नहीं।
- 20:12तुमने मुझे बराबरी दी, इज्जत दी और गोलू
- 20:15को अपना बच्चा समझ कर पाला। मैं चाहता हूं
- 20:17साफ-साफ कहो शंकर।
- 20:18मैं चाहता हूं कि हमारा यह साथ सिर्फ
- 20:20दुकान तक ना रहे। राधा क्या तुम मुझसे
- 20:22शादी करोगी? मैं जानता हूं मैं कभी सड़क
- 20:25पर भीख मांगता था। आज भी कोई बहुत बड़ा
- 20:27आदमी नहीं हूं। लेकिन मैं तुम्हें और गोलू
- 20:30को पूरी जिंदगी इज्जत और खुशी देने की
- 20:32कोशिश करूंगा।
- 20:33शंकर।
- 20:34हां।
- 20:34बड़ा आदमी बनने के लिए बड़ा घर या बहुत
- 20:37पैसा जरूरी नहीं होता। जिस रात पूरी
- 20:39दुनिया ने मुझे और मेरे बेटे को ठुकरा
- 20:41दिया था, अपने टूटे घर दी थी।
- 20:43मेरे लिए उससे बड़ी दौलत?
- 20:44और कुछ नहीं। तो तुम्हारा जवाब?
- 20:48हां, मैं तुमसे शादी करूंगी। लेकिन एक
- 20:51शर्त पर।
- 20:52कैसी शर्त?
- 20:54जैसे हमने जिंदगी शुरू की थी
- 20:56बराबरी से मंजूर है।
- 20:59मां तो शंकर अंकल अब मेरे पापा बनेंगे।
- 21:03हां बेटा।
- 21:04पापा
- 21:06बेटा।
- 21:08[संगीत]
- 21:12आज राधा जी और शंकर जी विवाह के पवित्र
- 21:14बंधन में बंधने जा रहे हैं। राधा?
- 21:16हां।
- 21:17याद है जब पहली बार तुमने मेरा नाम पूछा
- 21:19था।
- 21:20कैसे भूल सकती हूं?
- 21:22मैंने कहा था डरिए मत। मेरा नाम शंकर है।
- 21:25[संगीत]
- 21:26उस दिन मैं अकेला था। आज मेरा परिवार मेरे
- 21:29सामने बैठा है। फेरों के लिए खड़े हो
- 21:31जाइए।
- 21:33पापा, अब आप मुझे कभी छोड़ के मत जाना।
- 21:36कभी नहीं बेटा।
- 21:40आज मुझे किसी ने दया करके जिंदगी नहीं दी।
- 21:43मैंने अपनी जिंदगी खुद बनाई है।
- 21:47सुना तुमने क्या मोहन पैसा लेकर भाग गया।
- 21:51क्या?
- 21:53अरे बाप रे। जमीन के कागज भी उसके पास
- 21:56हैं। सुमन देवी जी।
- 21:58जी साहब।
- 21:59आपके कर्ज की 3 महीने से किस्त नहीं आई
- 22:01है।
- 22:02साहब थोड़ा समय [संगीत] दे दीजिए। अब समय
- 22:04देना हमारे हाथ में नहीं है। कर्ज नहीं
- 22:07चुकाया गया तो घर और जमीन दोनों की नीलामी
- 22:10होगी।
- 22:10नहीं साहब, यह हमारा घर है।
- 22:12हमें भी मजबूरी समझिए। [संगीत]
- 22:14लेकिन मोहन ने कहा था पैसा दोगुना हो
- 22:16जाएगा। आपके भाई का फोन बंद है। [संगीत]
- 22:19उसने धोखा दिया।
- 22:22अब हम कहां जाएंगे?
- 22:24मुझे नहीं पता।
- 22:31सुमन।
- 22:32क्या?
- 22:34याद है हमने राधा के साथ क्या किया था?
- 22:37हमने उसे बोझ कहा था। उसके बच्चे को लेकर
- 22:40उसे सड़क पर छोड़ दिया था।
- 22:41तो
- 22:42शायद शायद आज हम उसी का [संगीत] फल भुगत
- 22:45रहे हैं।
- 22:54[संगीत]
- 22:56भाई साहब हां रामलाल जी। कहीं कोई
- 22:58छोटा-मोटा उम्र हो गई है लेकिन हाथ पैर
- 23:01अभी चलते हैं।
- 23:02रामलाल जी इस उम्र में आपको काम कौन देगा?
- 23:05कुछ दिन किसी रिश्तेदार के यहां रह जाइए।
- 23:08रिश्तेदार
- 23:10अब कौन हमें अपनाएगा?
- 23:15रिश्तेदार तो दूर शायद अब कोई अपना भी
- 23:19नहीं बचा।
- 23:22सुमन
- 23:24जी
- 23:25बहुत भूख लगी है। कुछ खाने को मिल जाए तो
- 23:29अब हमें भी भीख मांगनी पड़ेगी। याद है?
- 23:32क्या?
- 23:33कभी हमने एक भूखे आदमी को दरवाजे से खाना
- 23:36मांगते देखा था? और उसी के साथ राधा को भी
- 23:39घर से निकाल दिया था।
- 23:40वो गलती थी।
- 23:41बहुत बड़ी गलती थी।
- 23:45सुमन।
- 23:46हां। वहां बहुत लोग खाना खा रहे हैं।
- 23:49शायद कोई हमें भी कुछ खाने को दे दे।
- 23:56बाबा कुछ चाहिए?
- 23:57बेटा
- 23:59अगर थोड़ा खाना मिल जाए।
- 24:01दो दिन से ठीक से कुछ नहीं खाया है। आप
- 24:03यहीं रुकिए। मैं मालकिन से पूछता हूं।
- 24:06[संगीत]
- 24:08मालकिन
- 24:08हां।
- 24:09बाहर एक बुजुर्ग आदमी और औरत बैठे हैं।
- 24:11बहुत भूखे लग रहे हैं। खाना मांग रहे हैं।
- 24:14उन्हें अंदर बैठाओ।
- 24:15उन्हें अंदर बैठाओ। जी और खाना अच्छे से
- 24:18देना। ऐसे लोगों को कभी खाली मत लौटाना।
- 24:21हमने भी वो दिन देखे हैं।
- 24:28राधा
- 24:31राधा हमारी राधा
- 24:35[संगीत]
- 24:37मां जी
- 24:39बाबूजी
- 24:41[संगीत]
- 24:43तू इतनी बड़ी हो गई
- 24:47ये सब तेरा है मेरा और शंकर का
- 24:51हमें नहीं पता था हम तो बस भूखे थे
- 24:55मुझे पता है
- 24:59राधा
- 25:01[संगीत]
- 25:03राधा हमसे बहुत बड़ी गलती हुई। हमें माफ
- 25:07[संगीत] कर दे बेटी।
- 25:11मांझी
- 25:13जिस दिन आपने मुझे और मेरे बेटे को घर से
- 25:16निकाल दिया था, उस दिन आपने सिर्फ मुझे घर
- 25:18से नहीं निकाला था। आपने मेरा भरोसा तोड़ा
- 25:21था। वो रात
- 25:24सड़क पर बैठा [संगीत] मेरा बच्चा
- 25:27बंद [नाक से की जाने वाली आवाज़] होता हुआ
- 25:28दरवाजा
- 25:29और वो एक शब्द बोझ
- 25:34मैं सब भूल नहीं सकती।
- 25:36हमें माफ कर दे राधा।
- 25:38माफी [संगीत]
- 25:40माफी मांगना आसान है बाबूजी लेकिन जो दर्द
- 25:43सालों तक साथ रहा हो वो एक शब्द से खत्म
- 25:46नहीं होता।
- 25:47हमारा सब कुछ चला गया राधा। [संगीत]
- 25:50क्या हुआ?
- 25:51मोहन पैसा लेकर भाग गया। घर गया, जमीन गई,
- 25:55सब कुछ चला गया।
- 25:57आज हमारे पास कुछ नहीं है।
- 25:59लेकिन आपने भी कभी किसी और के बारे में
- 26:01नहीं सोचा था। आपने मुझे और मेरे बेटे को
- 26:04भी ऐसे ही अकेला छोड़ दिया।
- 26:06मां ये कौन है? [संगीत]
- 26:16बेटा ये तेरे दादा-दादी हैं।
- 26:24[संगीत]
- 26:26मेरा पोता
- 26:29भगवान हमें माफ करें।
- 26:32कितना बड़ा हो गया है।
- 26:35मां
- 26:36अभी कुछ मत पूछ बेटा।
- 26:39राधा
- 26:41बाबूजी हाथ मत जोड़िए।
- 26:44राधा
- 26:45बाबूजी हाथ मत जोड़िए।
- 26:47क्या तू हमें माफ कर सकती है? मैं आज भी
- 26:50वह सब नहीं भूल सकती।
- 26:53शायद कभी पूरी तरह भूल भी ना पाऊं।
- 26:57लेकिन मैं आपको सड़क पर नहीं छोड़ सकती।
- 27:01क्योंकि अगर मैंने भी आपके साथ वही किया
- 27:04तो फिर मुझ में और आप में फर्क ही क्या रह
- 27:06जाएगा। ढाबे के पीछे एक कमरा खाली है।
- 27:10क्या?
- 27:11किन,
- 27:12खाना यहीं मिलेगा। बाबूजी चाहें तो हिसाब
- 27:15किताब में मेरी मदद कर सकते हैं।
- 27:17मां जी रसोई में हाथ बटा सकती हैं। लेकिन
- 27:20एक बात [संगीत] साफ है क्या बेटी? यहां
- 27:23कोई किसी पर अपना हक अपना हक नहीं जताएगा।
- 27:27ना सास का ना ससुर का। यहां सब बराबर हैं।
- 27:30मंजूर है। अब हमें कुछ मांगने का हक भी
- 27:33नहीं है। राधा ने सही फैसला लिया है।
- 27:36रिश्ता टूट सकता है। लेकिन इंसानियत नहीं
- 27:39टूटनी चाहिए।
- 27:40मां।
- 27:41हां बेटा। आपने इन्हें अपने पास रख लिया।
- 27:45हां।
- 27:45लेकिन इन्होंने आपके साथ बहुत बुरा किया
- 27:47था ना।
- 27:49किया था बेटा।
- 27:50फिर आपने इन्हें माफ कर दिया?
- 27:53नहीं। माफ करना और सहारा देना दोनों अलग
- 27:56बातें हैं। मैं अपने दर्द को झूठा नहीं
- 27:58कहूंगी। लेकिन किसी के बुरे कर्म की वजह
- 28:01से मैं खुद बुरी [संगीत] नहीं बनना चाहती।
- 28:03मां आप बहुत अच्छी हो।
- 28:08रामलाल जी।
- 28:10हां।
- 28:12देखिए जिसे हमने बोझ समझा था आज वही
- 28:16[नाक से की जाने वाली आवाज़] हमारा सहारा
- 28:17बन गई है।
- 28:19हां सुमन गलती हमारी [संगीत]
- 28:21थी
- 28:22और सजा भी
- 28:24हमने खुद चुनी थी। क्या सोच रही हो?
- 28:27बस यही
- 28:28क्या?
- 28:29कभी-कभी जिंदगी हमें बहुत कुछ छीन कर
- 28:31सिखाती है। उस रात मेरे पास घर नहीं था।
- 28:35पैसे नहीं [संगीत] थे। पहचान नहीं थी।
- 28:40लेकिन आज मेरे पास अपना घर है, अपना काम
- 28:43है और अपना [संगीत] परिवार है। मैंने एक
- 28:47बात सीखी है। माफी देना जरूरी नहीं है
- 28:51लेकिन इंसानियत [संगीत]
- 28:52छोड़ देना भी जरूरी नहीं है। किसी को माफ
- 28:55ना कर पाना कमजोरी नहीं है। और किसी को
- 28:58सहारा देना बदला छोड़ना नहीं है।
- 29:04दोस्तों इस कहानी ने हमें एक बहुत बड़ी
- 29:07सीख दी है कि किसी इंसान की कीमत उसके
- 29:10पैसों, कपड़ों या हैसियत से नहीं बल्कि
- 29:14उसके दिल और उसके कर्मों से होती है। जिस
- 29:17शंकर को लोग देखकर रास्ता बदल लेते थे।
- 29:20उसी ने उस वक्त राधा और गोलू का साथ दिया
- 29:24जब उनके अपने ही लोगों ने उनका साथ छोड़
- 29:27दिया। वहीं दूसरी तरफ सुमन को भी अपने किए
- 29:31का एहसास हुआ। कभी-कभी जिंदगी में हम जिसे
- 29:35छोटा समझकर ठुकरा देते हैं, वही इंसान
- 29:38हमारे लिए सबसे बड़ा सहारा बन जाता है।
- 29:41अगर आपको राधा, गोलू और शंकर की यह कहानी
- 29:45पसंद आई हो, तो वीडियो को एक लाइक जरूर कर
- 29:48दें। और ऐसे ही भावुक और दिल छू लेने वाली
- 29:51कहानियों के लिए हमारे साथ जुड़े रहे।
- 29:54मिलते हैं अगले कहानी में। तब तक अपना
- 29:57ख्याल रखिए और इंसानियत को सबसे ऊपर रखिए।
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