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भारत कैसे आज़ाद हुआ? 🇮🇳 अंग्रेज़ क्यों भागे? | 20 मिनट में पूरी कहानी — Transcript

by MYSTORA AC · 3,044 words · 415 segments · language hi · Watch on YouTube

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  1. 0:0015 अगस्त 1947
  2. 0:02[संगीत] भारत आजाद हो चुका था। लेकिन एक
  3. 0:05सवाल आज भी बाकी था। अंग्रेज आखिर भारत
  4. 0:09छोड़कर गए क्यों? जिस साम्राज्य ने लगभग
  5. 0:12200 साल तक भारत पर शासन किया वही ब्रिटेन
  6. 0:15अचानक सत्ता छोड़ने के लिए तैयार कैसे हो
  7. 0:18गया? क्या गांधी के आंदोलन निर्णायक थे?
  8. 0:22क्या क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों को
  9. 0:24डराया? या फिर असली कहानी कहीं और छिपी
  10. 0:27थी? क्योंकि [संगीत] 1942 में भारत छोड़ो
  11. 0:31आंदोलन के बावजूद अंग्रेज भारत में मौजूद
  12. 0:34थे। लेकिन सिर्फ 5 साल बाद उनका शासन खत्म
  13. 0:37हो गया। इन 5 वर्षों में ऐसा क्या बदल गया
  14. 0:41जिसने ब्रिटेन को भारत छोड़ने की दिशा में
  15. 0:43धकेल दिया? इसका जवाब 1947 में नहीं
  16. 0:48मिलता। इसके लिए हमें उस कहानी की शुरुआत
  17. 0:51तक जाना होगा जब [संगीत] अंग्रेज भारत में
  18. 0:54सिर्फ व्यापार करने आए थे। 1600 में
  19. 0:57इंग्लैंड से मिले अधिकार के बाद ईस्ट
  20. 0:59इंडिया कंपनी ने भारत में अपने व्यापारिक
  21. 1:02ठिकाने बनाने शुरू किए। उस समय कंपनी का
  22. 1:05लक्ष्य सीधा था। भारत से सामान खरीदना,
  23. 1:08उसे यूरोप में बेचना और मुनाफा कमाना।
  24. 1:11लेकिन 18वीं सदी आते-आते भारत की राजनीति
  25. 1:14बदलने लगी। मुगल सत्ता कमजोर हुई और कई
  26. 1:17क्षेत्रीय शक्तियां उभरने लगी। कंपनी ने
  27. 1:20इस बदलते माहौल में एक बात समझ ली। अगर
  28. 1:24व्यापार को सुरक्षित रखना है तो राजनीति
  29. 1:26पर पकड़ भी जरूरी होगी। [संगीत] फिर आया
  30. 1:291757।
  31. 1:31बंगाल के प्लासी के मैदान में ईस्ट इंडिया
  32. 1:34कंपनी और नवाब सिराजुद्दौला [संगीत] की
  33. 1:36सेनाएं आमने-सामने थी। कंपनी की जीत के
  34. 1:39बाद बंगाल की राजनीति में उसका प्रभाव
  35. 1:42तेजी से बढ़ा। व्यापार अब धीरे-धीरे सत्ता
  36. 1:45के करीब पहुंच रहा था। लेकिन कंपनी की
  37. 1:48असली ताकत अभी सामने आनी बाकी थी। 1764
  38. 1:52में बक्सर का युद्ध उसके लिए एक और
  39. 1:54निर्णायक मोड़ बना। बक्सर के बाद कंपनी की
  40. 1:57स्थिति और मजबूत हुई। अब उसके सामने सिर्फ
  41. 2:00व्यापार नहीं बल्कि राजस्व और प्रशासन की
  42. 2:03शक्ति भी आने वाली थी। 1765 में कंपनी
  43. 2:07[संगीत] को बंगाल, बिहार और उड़ीसा की
  44. 2:10दीवानी मिली। अब भारत से मिलने वाला
  45. 2:13राजस्व उसकी अपनी ताकत बढ़ाने लगा। अब
  46. 2:16कंपनी के पास सिर्फ व्यापार का पैसा नहीं
  47. 2:19था। उसके पास अपनी सेना चलाने और नए
  48. 2:22इलाकों में अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए भी
  49. 2:24संसाधन थे। लेकिन कंपनी की बढ़ती ताकत के
  50. 2:27साथ असंतोष भी जमा हो रहा था। भारतीय
  51. 2:31शासकों, किसानों और सैनिकों के बीच
  52. 2:34अलग-अलग कारणों से नाराजगी बढ़ रही थी।
  53. 2:37कंपनी को शायद अंदाजा नहीं था कि उसकी
  54. 2:39सबसे बड़ी ताकत [संगीत] उसकी सेना एक दिन
  55. 2:43उसके शासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन
  56. 2:46सकती है और फिर 1857 से पहले तक कई
  57. 2:49छोटे-बड़े असंतोष एक दूसरे से जुड़ते गए।
  58. 2:52अब माहौल पहले जैसा शांत नहीं रह गया था।
  59. 2:55[संगीत] फिर एक ऐसी घटना हुई जिसने पहले
  60. 2:58से जमा तनाव को अचानक भड़का दिया। [संगीत]
  61. 3:01एनफील्ड राइफल के नए कारतूसों को लेकर
  62. 3:03फैली खबर। कारतूसों को लेकर फैली इस खबर
  63. 3:07ने सैनिकों के बीच पहले से [संगीत] मौजूद
  64. 3:09अविश्वास को और गहरा कर दिया। अब तनाव
  65. 3:12खुलकर दिखाई देने लगा था। [संगीत] 10 मई
  66. 3:151857
  67. 3:16मेरठ में भारतीय सैनिकों का असंतोष
  68. 3:19[संगीत] विद्रोह में बदल गया और ब्रिटिश
  69. 3:21अधिकारियों के सामने स्थिति अचानक गंभीर
  70. 3:24हो गई। विद्रोही सैनिक मेरठ से दिल्ली की
  71. 3:27ओर बढ़े। उनके सामने अब एक ऐसा शहर था
  72. 3:30[संगीत] जो मुगल सत्ता की पुरानी याद अपने
  73. 3:33भीतर समेटे हुए था। दिल्ली [संगीत]
  74. 3:36पहुंचकर विद्रोहियों ने बहादुर शाह जफर से
  75. 3:38नेतृत्व स्वीकार करने की अपील की। अचानक
  76. 3:42विद्रोह को एक राजनीतिक प्रतीक [संगीत]
  77. 3:44मिल गया। अब यह घटना सिर्फ मेरठ या दिल्ली
  78. 3:48तक सीमित नहीं थी। विद्रोह की खबर दूसरे
  79. 3:51क्षेत्रों तक पहुंचने लगी। और कई जगहों पर
  80. 3:54अंग्रेजी सत्ता को चुनौती मिली। कानपुर
  81. 3:57में नाना साहब, झांसी में रानी लक्ष्मीबाई
  82. 4:00और बिहार में कुंवर सिंह जैसे नेताओं ने
  83. 4:03भी अंग्रेजी सत्ता को चुनौती दी। लेकिन यह
  84. 4:07समझना जरूरी है कि पूरे भारत ने एक साथ
  85. 4:10विद्रोह नहीं किया था। कई क्षेत्रों
  86. 4:12[संगीत] में हालात अलग थे और कुछ लोगों ने
  87. 4:15अंग्रेजों का साथ भी दिया। ब्रिटिश सेना
  88. 4:18ने जवाबी कार्रवाई [संगीत]
  89. 4:19शुरू की। धीरे-धीरे दिल्ली और दूसरे
  90. 4:22प्रमुख क्षेत्रों पर फिर से उनका नियंत्रण
  91. 4:25[संगीत] स्थापित होने लगा। 1858
  92. 4:28तक विद्रोह को दबा दिया गया। [संगीत]
  93. 4:31लेकिन इस संघर्ष ने ब्रिटिश सरकार को यह
  94. 4:34एहसास जरूर करा दिया कि भारत पर शासन पहले
  95. 4:38जितना [संगीत] आसान नहीं था। और 1858 में
  96. 4:42ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन समाप्त कर दिया
  97. 4:46गया। भारत अब सीधे ब्रिटिश क्राउन के अधीन
  98. 4:50आने वाला था। 1857 खत्म हो चुका था। लेकिन
  99. 4:53भारतीयों के भीतर उठे सवाल खत्म नहीं हुए
  100. 4:56थे। अब विरोध का एक नया दौर शुरू होने
  101. 4:59वाला था। [संगीत] नई शिक्षित पीढ़ी
  102. 5:01अखबारों और बहसों के जरिए शासन की नीतियों
  103. 5:04पर सवाल उठाने लगी। अब विरोध का तरीका बदल
  104. 5:07रहा था। अब सवाल सिर्फ अंग्रेजी नीतियों
  105. 5:10की आलोचना का नहीं था।
  106. 5:11[संगीत]
  107. 5:12लोग पूछने लगे भारत के फैसले भारतीय खुद
  108. 5:16क्यों नहीं ले सकते? 1885 में भारतीय
  109. 5:19राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना हुई।
  110. 5:22शुरुआत छोटी थी लेकिन आगे चलकर यही संगठन
  111. 5:25स्वतंत्रता आंदोलन का बड़ा राजनीतिक मंच
  112. 5:28बनने वाला था। शुरुआत में कांग्रेस की
  113. 5:31मांगे सीमित थी। प्रशासन में भारतीयों की
  114. 5:34ज्यादा भागीदारी। लेकिन आने वाले वर्षों
  115. 5:37में यही मांग धीरे-धीरे स्वशासन की ओर
  116. 5:39बढ़ने लगी। लेकिन कांग्रेस की शुरुआती
  117. 5:42राजनीति अभी बहुत [संगीत] सीमित थी।
  118. 5:45अंग्रेजी शासन को सीधे चुनौती देने के
  119. 5:47बजाय नेता सुधारों और राजनीतिक अधिकारों
  120. 5:50की मांग कर रहे थे। लेकिन समय के साथ एक
  121. 5:53नई पीढ़ी सामने आई जो मानती थी कि सिर्फ
  122. 5:56मांग करने से आजादी नहीं मिलेगी। अंग्रेजी
  123. 6:00शासन के खिलाफ आवाज अब ज्यादा तेज होने
  124. 6:03लगी। 1905 में बंगाल के विभाजन ने इस
  125. 6:06असंतोष को और भड़का दिया। विरोध अब सिर्फ
  126. 6:09सभाओं तक सीमित नहीं रहा। लेकिन राष्ट्रीय
  127. 6:12आंदोलन के भीतर भी यह सवाल उठने लगा था कि
  128. 6:16अंग्रेजों से अधिकार मांगकर काम चलेगा या
  129. 6:19फिर संघर्ष का रास्ता ज्यादा तेज करना
  130. 6:21होगा। 1907 में सूरत में कांग्रेस [संगीत]
  131. 6:24के भीतर मतभेद खुलकर सामने आए। राष्ट्रीय
  132. 6:28आंदोलन अब अपनी दिशा को [संगीत] लेकर एक
  133. 6:31बड़े मोड़ पर था। फिर 1915 में मोहनदास
  134. 6:34गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे। उस
  135. 6:38समय शायद किसी को अंदाजा नहीं था कि आने
  136. 6:40वाले वर्षों में वे आंदोलन का तरीका ही
  137. 6:43बदल देंगे। [संगीत] गांधी ने तुरंत पूरे
  138. 6:45देश में बड़ा आंदोलन शुरू नहीं किया।
  139. 6:48[संगीत] उन्होंने पहले भारत को समझा।
  140. 6:51लोगों की समस्याओं को करीब से देखा और
  141. 6:53स्थानीय संघर्षों से [संगीत] शुरुआत की।
  142. 6:561917 में चंपारण से गांधी के सत्याग्रह की
  143. 7:00एक महत्वपूर्ण शुरुआत हुई। किसानों की
  144. 7:03समस्या अब राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र
  145. 7:05में आने लगी थी। चंपारण के बाद गांधी का
  146. 7:09तरीका साफ दिखाई देने लगा था। बड़े भाषणों
  147. 7:12से ज्यादा स्थानीय लोगों के बीच जाकर उनकी
  148. 7:15समस्या को [संगीत] समझना और शांतिपूर्ण
  149. 7:17तरीके से उसका समाधान मांगना। 1918 में
  150. 7:21अहमदाबाद के मिल मजदूरों और खेड़ा के
  151. 7:24किसानों [संगीत] के संघर्षों ने गांधी की
  152. 7:26राजनीति को किसानों और मजदूरों तक और आगे
  153. 7:29पहुंचाया। [संगीत] इन स्थानीय आंदोलनों ने
  154. 7:32एक बड़ा संदेश दिया। अहिंसक जन संघर्ष के
  155. 7:36जरिए भी अंग्रेजी शासन पर दबाव बनाया जा
  156. 7:39सकता था। लेकिन 1919 में अंग्रेजों ने
  157. 7:42रेलेट एक्ट लागू किया। इस कानून ने बिना
  158. 7:45सामान्य न्यायिक प्रक्रिया के गिरफ्तारी
  159. 7:48की आशंका बढ़ा दी और देश भर में विरोध
  160. 7:51भड़क उठा। अप्रैल 1919 में अमृतसर का
  161. 7:55जलियांवाला बाग भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन
  162. 7:58के इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं [संगीत]
  163. 8:00में से एक बन गया। इस घटना ने पूरे देश को
  164. 8:03झकझोर दिया। बहुत से भारतीयों का ब्रिटिश
  165. 8:07शासन की न्यायप्रियता पर बचा हुआ विश्वास
  166. 8:09भी कमजोर पड़ गया। अब गांधी ने ब्रिटिश
  167. 8:12शासन के खिलाफ एक बड़े असहयोग आंदोलन की
  168. 8:15दिशा में कदम बढ़ाया। उद्देश्य था जनता को
  169. 8:19शासन से शांतिपूर्ण [संगीत] दूरी बनाने के
  170. 8:21लिए संगठित करना। 1920 के असहयोग आंदोलन
  171. 8:25ने पहली बार राष्ट्रीय [संगीत] राजनीति को
  172. 8:27बड़े पैमाने पर आम जनता से जोड़ दिया।
  173. 8:31विद्यार्थी, वकील, व्यापारी और आम लोग
  174. 8:34इसमें शामिल होने लगे। लेकिन गांधी
  175. 8:36[संगीत] के लिए आंदोलन की सबसे बड़ी शर्त
  176. 8:39अहिंसा थी। उनका मानना था कि हिंसा आंदोलन
  177. 8:42की नैतिक [संगीत] ताकत को कमजोर कर सकती
  178. 8:44है। लेकिन 1922 में चौरीचौरा की हिंसक
  179. 8:48घटना के बाद गांधी ने असहयोग आंदोलन वापस
  180. 8:51ले लिया। यह फैसला कई लोगों के लिए बेहद
  181. 8:54चौंकाने वाला था। असहयोग आंदोलन की वापसी
  182. 8:58के बाद राष्ट्रीय [संगीत] आंदोलन की
  183. 9:00रफ्तार कुछ समय के लिए धीमी हुई। लेकिन
  184. 9:02आजादी की मांग अब भारतीय राजनीति से हटने
  185. 9:05वाली नहीं थी। इसी दौरान राष्ट्रीय आंदोलन
  186. 9:09के भीतर एक नई पीढ़ी तेजी से उभर [संगीत]
  187. 9:11रही थी। यह पीढ़ी अब पूर्ण स्वतंत्रता की
  188. 9:14मांग को ज्यादा स्पष्ट रूप से सामने
  189. 9:16[संगीत] ला रही थी। 1928 में साइमन कमीशन
  190. 9:20भारत आया। लेकिन उसके [संगीत] विरोध में
  191. 9:23देश भर में प्रदर्शन हुए।
  192. 9:25लोगों की मांग थी कि भारत के भविष्य का
  193. 9:27फैसला भारतीयों की भागीदारी से होना
  194. 9:30चाहिए। लाहौर में साइमन कमीशन के विरोध के
  195. 9:33दौरान लाला लाजपत राय घायल हुए। उनकी
  196. 9:36मृत्यु ने देश में गहरा आक्रोश पैदा किया।
  197. 9:39इसी दौर में भगत सिंह और उनके साथियों की
  198. 9:42क्रांतिकारी गतिविधियां भी युवाओं के बीच
  199. 9:44चर्चा का बड़ा विषय बन गई। उनका रास्ता
  200. 9:48गांधी के रास्ते से अलग था। 1929 के अंत
  201. 9:51तक आजादी की मांग अब और स्पष्ट हो चुकी
  202. 9:54थी। कांग्रेस के भीतर भी पूर्ण स्वतंत्रता
  203. 9:57को लेकर विचार तेजी से मजबूत होने लगे।
  204. 10:00दिसंबर 1929 में लाहौर अधिवेशन में
  205. 10:04जवाहरलाल नेहरू कांग्रेस के अध्यक्ष बने।
  206. 10:07इसी अधिवेशन ने स्वतंत्रता की दिशा को और
  207. 10:10स्पष्ट कर दिया। इसके बाद 26 जनवरी 1930
  208. 10:14को पहली बार स्वतंत्रता दिवस के रूप में
  209. 10:17मनाने का आह्वान किया गया। देश भर में
  210. 10:20लोगों ने आजादी की प्रतिज्ञा ली। अब अगला
  211. 10:23बड़ा कदम आने वाला था। गांधी ने अंग्रेजी
  212. 10:26शासन को चुनौती देने के लिए एक ऐसा आंदोलन
  213. 10:29चुना जिसमें नमक जैसी साधारण चीज
  214. 10:32राष्ट्रीय प्रतिरोध का प्रतीक बनने वाली
  215. 10:34थी। 12 मार्च 1930 को गांधी साबरमती आश्रम
  216. 10:39से दांडी की ओर पैदल निकल पड़े। उनके साथ
  217. 10:42शुरुआत में कुछ ही लोग थे। लेकिन रास्ते
  218. 10:45में यह यात्रा एक बड़े जन आंदोलन में
  219. 10:48बदलने लगी। जैसे-जैसे गांधी दांडी [संगीत]
  220. 10:50की ओर बढ़ते गए, रास्ते में लोगों की
  221. 10:52संख्या बढ़ती गई। नमक का मुद्दा अब आम
  222. 10:56भारतीयों के लिए भी समझ में आने वाला सवाल
  223. 10:58बन चुका था। 6 अप्रैल 1930 को गांधी
  224. 11:02[संगीत] दांडी पहुंचे और समुद्र के किनारे
  225. 11:04नमक कानून तोड़कर सविनय अवज्ञा आंदोलन की
  226. 11:07शुरुआत को [संगीत] एक बड़ा प्रतीक दे
  227. 11:09दिया। इसके बाद देश के कई हिस्सों में
  228. 11:12लोगों ने नमक कानून और दूसरे औपनिवेशिक
  229. 11:15नियमों [संगीत] का शांतिपूर्ण विरोध शुरू
  230. 11:17कर दिया। आंदोलन तेजी से फैलने लगा।
  231. 11:20अंग्रेजी सरकार ने आंदोलन को रोकने के लिए
  232. 11:23गिरफ्तारियां शुरू की। [संगीत] लेकिन
  233. 11:25गिरफ्तारियों के बावजूद देश के कई हिस्सों
  234. 11:28में सविनय अवज्ञा जारी रही। 1930 का यह
  235. 11:32आंदोलन दिखा रहा था कि ब्रिटिश शासन के
  236. 11:34खिलाफ संघर्ष अब देश के बड़े हिस्से में
  237. 11:38आम जनता की भागीदारी वाला आंदोलन बन चुका
  238. 11:40था। 1931 में गांधीइरविन [संगीत]
  239. 11:44समझौते के बाद गांधी लंदन में गोलमेज
  240. 11:47सम्मेलन में शामिल होने गए। लेकिन वहां
  241. 11:49भारत के भविष्य पर कोई निर्णायक समाधान
  242. 11:52नहीं निकल सका। गांधी भारत लौटे लेकिन
  243. 11:55राजनीतिक टकराव फिर बढ़ने लगा। [संगीत]
  244. 11:58सविनय अवज्ञा आंदोलन दोबारा सक्रिय हुआ और
  245. 12:01सरकार ने फिर सख्ती बढ़ा दी। 1932 के बाद
  246. 12:06आंदोलन का एक दौर कमजोर पड़ा लेकिन भारतीय
  247. 12:09राजनीति में स्वतंत्रता की मांग अब
  248. 12:12[संगीत] स्थाई रूप से स्थापित हो चुकी थी।
  249. 12:14इसी बीच दुनिया एक बड़े संकट की ओर बढ़
  250. 12:17रही थी। 1939 में यूरोप में द्वितीय विश्व
  251. 12:21युद्ध शुरू हुआ और ब्रिटेन ने भारत को भी
  252. 12:24युद्ध में शामिल कर दिया। भारतीय नेताओं
  253. 12:27ने सवाल उठाया कि अगर ब्रिटेन लोकतंत्र और
  254. 12:30स्वतंत्रता की बात कर रहा है तो भारत को
  255. 12:32वही अधिकार क्यों नहीं मिल सकते? 1942 तक
  256. 12:37युद्ध और तेज हो चुका था। इसी माहौल में
  257. 12:40कांग्रेस ने अंग्रेजों से साफ कहा अब भारत
  258. 12:43को तुरंत आजाद किया जाना चाहिए। अगस्त
  259. 12:461942 में भारत छोड़ो आंदोलन शुरू हुआ।
  260. 12:50गांधी का संदेश था कि अब अंग्रेजों को
  261. 12:53भारत छोड़ना होगा। ब्रिटिश सरकार ने
  262. 12:55आंदोलन के नेताओं को गिरफ्तार [संगीत] कर
  263. 12:57लिया। इसके बावजूद देश के कई हिस्सों में
  264. 13:00विरोध और राजनीतिक गतिविधियां जारी रही।
  265. 13:04भारत छोड़ो आंदोलन को तुरंत आजादी नहीं
  266. 13:07मिली। लेकिन इसने ब्रिटिश सरकार को यह
  267. 13:09दिखा दिया कि युद्ध [संगीत] के बीच भी
  268. 13:11भारत में शासन करना पहले जैसा आसान नहीं
  269. 13:14रहा। लेकिन असली बदलाव अभी बाकी था।
  270. 13:18द्वितीय विश्व [संगीत] युद्ध ने ब्रिटेन
  271. 13:19की आर्थिक और सैन्य ताकत को पहले से कहीं
  272. 13:23ज्यादा कमजोर कर दिया था। 1945 में
  273. 13:26द्वितीय विश्व युद्ध खत्म हुआ। ब्रिटेन
  274. 13:30युद्ध से आर्थिक रूप से कमजोर हो चुका था
  275. 13:32और दुनिया की राजनीति भी तेजी से बदल रही
  276. 13:35थी। युद्ध के बाद ब्रिटेन के सामने आर्थिक
  277. 13:38[संगीत] समस्याएं बढ़ गई। इतने बड़े
  278. 13:40साम्राज्य को बनाए रखना अब पहले जितना
  279. 13:42आसान नहीं था। इसी समय भारत में भी
  280. 13:45राजनीतिक [संगीत] परिस्थितियां तेजी से
  281. 13:47बदल रही थी। अब सवाल यह नहीं था कि आजादी
  282. 13:51मिलेगी या नहीं बल्कि यह था कि आजादी कब
  283. 13:54मिलेगी और इसी दौर [संगीत] में एक और नाम
  284. 13:57तेजी से चर्चा में आया। सुभाष चंद्र बोस।
  285. 14:01उनकी आजाद हिंद फौज ने भारतीय सैनिकों और
  286. 14:04[संगीत] जनता की कल्पना को प्रभावित किया।
  287. 14:06आजाद हिंद फौज सैन्य रूप से ब्रिटिश शासन
  288. 14:09को हरा नहीं सकी। लेकिन युद्ध के [संगीत]
  289. 14:11बाद उसके सैनिकों पर चले मुकदमों ने भारत
  290. 14:14में नई राजनीतिक हलचल पैदा कर दी। लाल
  291. 14:17किले में आजाद हिंद फौज के अधिकारियों के
  292. 14:20मुकदमों ने देश भर में लोगों का ध्यान
  293. 14:22खींचा। कई भारतीय इन सैनिकों के समर्थन
  294. 14:25में सामने आए। अब ब्रिटिश सरकार के सामने
  295. 14:28एक नई चिंता थी। भारतीय सैनिकों और जनता
  296. 14:32के बीच बदलती राजनीतिक भावना को लंबे समय
  297. 14:35तक नजरअंदाज करना आसान नहीं था। फरवरी
  298. 14:381946 में रॉयल इंडियन नेवी के भारतीय
  299. 14:41नाविकों ने बंबई में विद्रोह किया। यह
  300. 14:44घटना ब्रिटिश शासन के लिए एक गंभीर संकेत
  301. 14:47बन गई। नौसैनिक [संगीत] विद्रोह का असर
  302. 14:50सिर्फ बंबई तक सीमित नहीं रहा। दूसरे
  303. 14:52स्थानों पर भी समर्थन और बेचैनी की खबरें
  304. 14:55सामने आई। अब ब्रिटिश नेतृत्व को यह समझ
  305. 14:58आने लगा था कि भारत में सत्ता बनाए रखने
  306. 15:01के लिए सिर्फ प्रशासनिक ताकत काफी नहीं
  307. 15:04होगी। राजनीतिक समाधान की जरूरत तेजी से
  308. 15:07बढ़ रही थी। 1946 में ब्रिटेन ने भारत की
  309. 15:11राजनीतिक समस्या का समाधान खोजने के लिए
  310. 15:13कैबिनेट मिशन भारत भेजा। अब सत्ता
  311. 15:16हस्तांतरण पर गंभीर बातचीत शुरू हो चुकी
  312. 15:19थी। कैबिनेट मिशन ने भारत के राजनीतिक
  313. 15:22भविष्य को लेकर एक योजना रखी। लेकिन
  314. 15:25कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच कई
  315. 15:27महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी।
  316. 15:31राजनीतिक मतभेद बढ़ते गए और देश का माहौल
  317. 15:34भी तनावपूर्ण होने लगा। अब अंग्रेजों के
  318. 15:37सामने सिर्फ सत्ता हस्तांतरण नहीं बल्कि
  319. 15:40भारत के भविष्य का सवाल भी था। 1946
  320. 15:43[संगीत]
  321. 15:44के चुनावों ने भी यह साफ कर दिया कि
  322. 15:46कांग्रेस और मुस्लिम लीग दोनों भारतीय
  323. 15:49राजनीति में बड़ी ताकत बन चुके थे। सत्ता
  324. 15:53के भविष्य पर उनका प्रभाव निर्णायक था।
  325. 15:55इसी बीच [संगीत] ब्रिटेन में भी नई सरकार
  326. 15:58सत्ता में आ चुकी थी। प्रधानमंत्री क्लेमड
  327. 16:01एटली की सरकार भारत के सवाल को जल्दी
  328. 16:04सुलझाने की दिशा में आगे बढ़ रही थी।
  329. 16:06फरवरी 1947 [संगीत]
  330. 16:08में एटली ने घोषणा कर दी कि ब्रिटेन जून
  331. 16:111948 तक भारत में सत्ता हस्तांतरित कर
  332. 16:14देगा। लेकिन घटनाएं [संगीत] इतनी तेजी से
  333. 16:17बदली कि यह समय सीमा भी आगे खिसक गई। भारत
  334. 16:21में आखिरी वायसराय के रूप में लॉर्ड
  335. 16:23माउंटबेटन आए। उनका काम था सत्ता
  336. 16:26हस्तांतरण की प्रक्रिया को अंतिम रूप
  337. 16:28देना। [संगीत] माउंटबेटन ने भारतीय नेताओं
  338. 16:31से लगातार बातचीत की। लेकिन कांग्रेस और
  339. 16:33मुस्लिम लीग के बीच मतभेद अब बेहद गंभीर
  340. 16:36हो चुके थे। आखिरकार विभाजन की योजना
  341. 16:39सामने आई। भारत और पाकिस्तान के [संगीत]
  342. 16:42रूप में दो नए देशों के निर्माण का रास्ता
  343. 16:45तैयार होने लगा और फिर वह तारीख तय हुई।
  344. 16:48[संगीत]
  345. 16:4815 अगस्त 1947।
  346. 16:52लगभग 200 साल के ब्रिटिश शासन के बाद भारत
  347. 16:55को स्वतंत्रता मिलने वाली थी। 15 अगस्त
  348. 16:581947 की सुबह भारत ने आजादी का नया अध्याय
  349. 17:02[संगीत] शुरू किया। दिल्ली में चारों ओर
  350. 17:05उत्साह और उम्मीद का माहौल उठाया। लेकिन
  351. 17:08आजादी के इस उत्सव के पीछे [संगीत]
  352. 17:10देश का विभाजन भी एक बड़ी त्रासदी बन चुका
  353. 17:13था। लाखों [संगीत] लोगों को अपने घर
  354. 17:15छोड़ने पड़े। भारत और पाकिस्तान के बीच नई
  355. 17:18सीमा खींची गई। इस सीमा ने करोड़ों लोगों
  356. 17:22की जिंदगी को हमेशा के लिए बदल दिया। फिर
  357. 17:25भी स्वतंत्र भारत के सामने अब एक नई
  358. 17:28जिम्मेदारी थी। एक ऐसे देश का निर्माण
  359. 17:31करना जो अपने फैसले खुद ले सके। [संगीत]
  360. 17:34अंग्रेज चले गए लेकिन उनके जाने के पीछे
  361. 17:37सिर्फ एक कारण नहीं था। कई दशकों के
  362. 17:41संघर्ष और बदलती परिस्थितियों का परिणाम
  363. 17:43था। गांधी के आंदोलनों ने करोड़ों
  364. 17:46भारतीयों को राजनीति से जोड़ा और ब्रिटिश
  365. 17:48शासन के खिलाफ जनमत को मजबूत किया।
  366. 17:51क्रांतिकारियों ने भी युवाओं के बीच आजादी
  367. 17:54की भावना को तेज किया। भगत सिंह जैसे नाम
  368. 17:58देश की राजनीतिक चेतना का हिस्सा बन गए।
  369. 18:01आजाद हिंद फौज और उसके बाद हुए मुकदमों ने
  370. 18:04भारतीय सैनिकों और जनता के बीच ब्रिटिश
  371. 18:07शासन को लेकर नई बेचैनी पैदा की। 1946 के
  372. 18:12नौसैनिक विद्रोह ने ब्रिटिश सरकार को यह
  373. 18:14संकेत भी दिया कि भारतीय सशस्त्र बलों के
  374. 18:17भीतर पुराना भरोसा पहले जैसा नहीं रहा। और
  375. 18:21सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि द्वितीय
  376. 18:24विश्व युद्ध के बाद ब्रिटेन के पास भारत
  377. 18:26पर लंबे समय तक शासन बनाए रखने की आर्थिक
  378. 18:29और राजनीतिक क्षमता पहले जैसी नहीं बची।
  379. 18:33इसलिए 1947 तक पहुंचतेपहुंचते कई
  380. 18:37परिस्थितियां एक [संगीत] साथ बदल चुकी थी।
  381. 18:40भारतीय जन आंदोलन, राजनीतिक दबाव और
  382. 18:43ब्रिटेन की कमजोर होती। ब्रिटेन के लिए
  383. 18:46भारत को पुराने तरीके से नियंत्रित करते
  384. 18:49रहना अब राजनीतिक, आर्थिक और प्रशासनिक
  385. 18:52रूप से लगातार कठिन होता जा रहा था। लेकिन
  386. 18:55भारत की आजादी किसी एक आंदोलन या किसी एक
  387. 18:58नेता का परिणाम नहीं थी। यह लंबे समय तक
  388. 19:01चले अनेक संघर्षों और राजनीतिक
  389. 19:04प्रक्रियाओं का परिणाम थी। किसानों,
  390. 19:06मजदूरों, विद्यार्थियों, महिलाओं, [संगीत]
  391. 19:09सैनिकों और आम नागरिकों ने अलग-अलग समय पर
  392. 19:12इस संघर्ष को अपनी ताकत दी। [संगीत] गांधी
  393. 19:15की अहिंसा ने जन भागीदारी का एक रास्ता
  394. 19:18बनाया। जबकि दूसरे राष्ट्रवादी और
  395. 19:20क्रांतिकारी प्रयासों ने भी ब्रिटिश शासन
  396. 19:23पर अलग-अलग तरह का दबाव बनाया। द्वितीय
  397. 19:27विश्व युद्ध के बाद इन सभी दबावों का असर
  398. 19:29ब्रिटेन की नीति पर साफ दिखाई देने लगा।
  399. 19:32अब सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया को टालना
  400. 19:35आसान नहीं था। फिर सत्ता हस्तांतरण की
  401. 19:38अंतिम तैयारियां शुरू हुई। दिल्ली में
  402. 19:40ब्रिटिश और भारतीय अधिकारी नए प्रशासन की
  403. 19:43व्यवस्था को अंतिम रूप देने में जुट गए और
  404. 19:46आखिर वह क्षण आ गया जब ब्रिटिश शासन का
  405. 19:49अंत हुआ और भारत ने अपने भविष्य की
  406. 19:52जिम्मेदारी खुद संभाल ली। तो आखिर अंग्रेज
  407. 19:55भारत से क्यों गए? जवाब है किसी एक कारण
  408. 19:58से नहीं बल्कि लंबे स्वतंत्रता संघर्ष,
  409. 20:01बढ़ते राजनीतिक दबाव और बदलती वैश्विक
  410. 20:04परिस्थितियों के संयुक्त प्रभाव से। 15
  411. 20:07अगस्त 1947
  412. 20:10सिर्फ सत्ता बदलने की तारीख नहीं थी। यह
  413. 20:13उस लंबे संघर्ष का परिणाम था जिसने भारत
  414. 20:16के इतिहास की दिशा बदल दी और एक नए
  415. 20:19स्वतंत्र भारत की शुरुआत

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