1st Prize Winner Science Drama at Jhajjar District Level | Chhuchhakwas, Jhajjar — Transcript
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- 0:01[संगीत]
- 0:03समुद्र केवल पानी का एक विशाल बिस्तर नहीं
- 0:07है बल्कि पृथ्वी के जीवन की धड़कन है।
- 0:10इसकी लहरों में अनगिनत जीवों का घर बसा
- 0:13है। इसकी गहराइयों में हमारे भविष्य की
- 0:16उम्मीद झुकी है। लेकिन आज यही समुद्र
- 0:19हमारी लापरवाही का शिकार बन चुका है।
- 0:22प्लास्टिक, कचरा और प्रदूषण ने इसके नीले
- 0:26आंचल को मैला कर दिया है। समुद्री जीव
- 0:28अपना घर खो रहे हैं। प्रकृति में संतुलन
- 0:31बिगड़ रहा है। लेकिन कहानी यही ख़तम नहीं
- 0:35होती है। क्योंकि बदलाव की शुरुआत हमसे हो
- 0:38सकती है। कल्पना कीजिए एक विशाल नीला
- 0:42समुद्र। [संगीत]
- 0:43चारों तरफ पानी, मछलियां, कछे, वेल और
- 0:48खूबसूरत प्रवाल कुत्तियां। रुको, रुको,
- 0:50रुको। [संगीत] इतना सुंदर समुद्र दिखा रहे
- 0:54हो, लेकिन मेरी मछलियां कहां है? भाई मैं
- 0:57मछुआरा हूं। मुझे तो समुंदर की मछलियां ही
- 1:00चाहिए। Instagram की रील नहीं।
- 1:05कबीर जी थोड़ा धैर्य रखिए। आज की कहानी
- 1:08मछली से शुरू होकर पूरे महासागर तक जाएगी।
- 1:11ठीक है लेकिन अंत में मुझे मेरी मछलियां
- 1:14ही चाहिए। मछलियां तो तुम्हें मिल ही
- 1:16जाएंगी।
- 1:17कैसे? आओ देखते हैं।
- 1:21[संगीत]
- 1:23मछली जल की रानी है। जीवन उसका पानी है।
- 1:27अरे भाई तुम कौन हो?
- 1:29मैं एक समुद्री वैज्ञानिक हूं।
- 1:31तो मैं क्या करूं? मैं बस इतना कह रहा हूं
- 1:34कि मछलियों की चिंता बाद में करो। पहले
- 1:37समुद्र की चिंता करो।
- 1:38क्यों भाई? मैं तो मछुआरा हूं। मुझे तो
- 1:41मछलियों की ही चिंता होगी। समुद्र से मुझे
- 1:44क्या लेना देना? देखो भाई अगर समुद्र
- 1:46स्वस्थ नहीं रहेगा तो तुम्हारी मछलियां भी
- 1:49नहीं रहेंगी। मतलब मतलब हेल्दी ओशन
- 1:53इक्वल्स टू हेल्दी फिश इक्वल्स टू हैप्पी
- 1:55फिशरमैन।
- 1:56ओह तुम्हारे कहने का मतलब है पहले समुद्र
- 1:59बचाओ। नहीं पहले मेरा टिफिन बचाओ।
- 2:02वो तो बच ही जाएगा।
- 2:04कैसे?
- 2:05आओ देखें।
- 2:09[संगीत]
- 2:10समुद्र हमारे जीवन का एक बहुत महत्वपूर्ण
- 2:14हिस्सा है। यह जलवायु को संतुलित रखने में
- 2:17मदद करता है। भोजन और रोजगार देता है और
- 2:20दुनिया भर के करोड़ों लोगों की जिंदगी
- 2:23इससे जुड़ी है। मगर याद रखिए समुद्र को
- 2:26बचाना केवल समुद्र को बचाना नहीं है। यह
- 2:29हमारे पर्यावरण, हमारे जीवन और आगे आने
- 2:33वाली पीढ़ियों को भी बचाना है। तो चलिए
- 2:35देखते हैं।
- 2:40लेकिन सर, हम तो समुद्र से इतनी दूर रहते
- 2:43हैं। समुद्र की समस्या हमारी समस्या कैसे
- 2:47हुई?
- 2:47बहुत अच्छा सवाल। तुम्हारा खाना कहां से
- 2:50आता है?
- 2:50घर से।
- 2:51और घर में खाना?
- 2:52मम्मी से।
- 2:53और मम्मी खाना कैसे बनाती है?
- 2:55सामान से। और उस सामान की सप्लाई चेन कहीं
- 2:59ना कहीं समुद्र से जुड़ी हो सकती है।
- 3:01अच्छा तो अब यह समुद्र मेरे घर तक पहुंच
- 3:04गया।
- 3:05बिल्कुल समुद्र को जितना हम सोचते हैं
- 3:07उससे कहीं ज्यादा हमसे जुड़ा हुआ है। और
- 3:10मेरे घर तक तो समुद्र सीधे पहुंचता है।
- 3:14कैसे? एक मछली के रूप में।
- 3:16अच्छा। हां। मेरे घर में तो समुद्र का होम
- 3:20डिलीवरी आता है। [संगीत]
- 3:26[संगीत]
- 3:28अब बात करते हैं उस चीज की जो समुद्र में
- 3:31नहीं होना चाहिए। प्लास्टिक
- 3:34एक मिनट एक मिनट प्लास्टिक ने तो समाज की
- 3:37इतनी मदद की है। हल्का है, सस्ता है और कई
- 3:41जगह उपयोगी है।
- 3:42सही बात है। समस्या प्लास्टिक नहीं बल्कि
- 3:45उसका हमारे द्वारा किया गया गैर जिम्मेदार
- 3:48इस्तेमाल है।
- 3:49मतलब? मतलब हम एक बोतल खरीदते हैं, पानी
- 3:52पीते हैं और फिर बाय-ब
- 3:55और समुद्र कहता है वेलकम वेलकम।
- 3:59यही हमारी समस्या है। जो चीज हमारे जीवन
- 4:02में 5 मिनट काम आती है वो पर्यावरण के लिए
- 4:05एक लंबे समय तक समस्या बन जाती है। लेकिन
- 4:08अगर हम प्लास्टिक का इस्तेमाल पूरी तरह
- 4:10बंद कर दे तो? तो मेरी मछलियां किस में
- 4:14आएंगी? [संगीत] कभी जी मछलियों को
- 4:16प्लास्टिक पैकेट में नहीं समुद्र में होना
- 4:19चाहिए। मतलब अब मछलियों को भी हाउसिंग
- 4:22प्रॉब्लम होने लग गई क्या? बिल्कुल उनका
- 4:24रेंट भी बढ़ रहा है।
- 4:27[संगीत]
- 4:32[संगीत]
- 4:34सोचो तो क्यों है आज सहम सहम पानी ये
- 4:40चुपचाप [संगीत]
- 4:41पानी क्यों?
- 4:45चलो [संगीत] बदल दे कहानी कहानी बचा
- 4:50[संगीत]
- 4:52निशानी
- 4:53हम
- 4:56पूछे किधरती
- 4:59कब कहां थे [संगीत][गाना गाने की आवाज़]
- 5:00तुम नदी रो रही थी कब कम [संगीत] थे तुम
- 5:12तो चलिए एक छोटा छोटा सा टेस्ट करते हैं।
- 5:15दर्शकों में से आज कितने लोग रयूजेबल वाटर
- 5:18बोतल लाए हैं? और कितने लोग आज प्लास्टिक
- 5:22बोतल लेकर आए हैं? और जो लोग प्लास्टिक
- 5:26बोतल लेकर आए हैं वो घबराइए मत। हम आपको
- 5:29गिरफ्तार नहीं करेंगे।
- 5:31गिरफ्तार तो आपको किया भी जा सकता है। पर
- 5:34अभी नहीं।
- 5:35अरे आप तो वही पॉलिसी वाले हो ना?
- 5:38हां भाई।
- 5:39तो आप भी हमें कुछ सुझाव दे दीजिए। देखिए
- 5:42कबीर जी मैं सिर्फ इतना कह सकती हूं कानून
- 5:45भी जरूरी है और आदतें बदलना भी तभी हम
- 5:48अपने महासागर को बचा पाएंगे।
- 5:50अच्छा बिलकुल
- 5:56अब एक छोटा सा खेल खेलते हैं। मैं समस्या
- 5:59बताऊंगी और आप सभी बताएंगे कि समाधान में
- 6:03किसकी भूमिका है? मेरा पहला सवाल है कि
- 6:06समुद्र से प्लास्टिक कम कौन करेगा? हर
- 6:08व्यक्ति इंडस्ट्रीज। सरकार
- 6:11स्टूडेंट्स
- 6:12मछुआरे भी, वैज्ञानिक भी और फ्यूचर जनरेशन
- 6:16भी।
- 6:16वाह, क्या मतलब?
- 6:18यह हम सभी की जिम्मेदारी है।
- 6:22ठीक है अब थोड़ा मुश्किल सवाल। समुद्र का
- 6:24तापमान बढ़ रहा है। अब इसके लिए कौन
- 6:27जिम्मेदार है?
- 6:30अब सब मेरा नाम मत लेना। [संगीत]
- 6:37[संगीत]
- 6:43वाह आज चाल बहुत भारी लग रहा है। लगता है
- 6:46मैंने समुंदर से बड़ी पकड़ पकड़ी है। अरे ये
- 6:50क्या? चप्पल,
- 6:54पैकेट, कचरा [संगीत]
- 6:56और मछलियां कहां है?
- 6:58नहीं।
- 6:58एक भी नहीं।
- 7:00एक भी मछली नहीं। तो आज समुंदर ने मुझे
- 7:02कचरा पैकेज दिया है। ये कौन सी नई फिशिंग
- 7:06टेक्नोलॉजी है भाई? हे भगवान अब मेरा क्या
- 7:10होगा? मेरे बच्चों का क्या होगा और मेरी
- 7:13मछलियों का क्या होगा? कबीर जी सिर्फ
- 7:16मछलियों का ही नहीं ये सोचिए कि समुद्र का
- 7:19क्या होगा? और यही हमारी समस्या है।
- 7:22जैसे-जैसे समुद्र में कचरा बढ़ रहा है,
- 7:25उससे समुद्री जीव प्रभावित हो रहे हैं। और
- 7:28आप जैसे मछुआरों की आजीविका भी प्रभावित
- 7:31हो रही है।
- 7:32अच्छा।
- 7:35[संगीत]
- 7:47[संगीत]
- 7:51[संगीत]
- 7:53अरे आंख से बूंद गिरा कोई चिंगारी [संगीत]
- 7:56का टुकड़ा जला कोई उम्मीद को आग लगा जरा
- 8:00[गाना गाने की आवाज़][संगीत] जहरा की
- 8:01प्यास बुझा जरा
- 8:08[संगीत] उम्मीद को आग लगा जरा
- 8:10[गाना गाने की आवाज़] जहरा की प्यास बुझा
- 8:13जरा घन [संगीत] इतना बरस तेरे करने लगूं
- 8:16मैं पान के ऊपर करने [संगीत] लगूं बहने दे
- 8:20मुझे बहने दे मुझे बहने दे मुझे बहने
- 8:23[गाना गाने की आवाज़] दे
- 8:26[संगीत] ओ बहने दे मुझे बहने दे मुझे बहने
- 8:30दे मुझे बहने [संगीत][गाना गाने की आवाज़]
- 8:31देह दे घनघोर घड़ा बहने दे पानी की तरह
- 8:37सागर में [संगीत][गाना गाने की आवाज़] जा
- 8:38गिरना है बहने दे नदी
- 8:45[संगीत]
- 8:47अगर कोई इंसान अपनी लापरवाही से समुद्र को
- 8:51नुकसान पहुंचा सकता है तो वही इंसान अपनी
- 8:54समझदारी और कोशिश से उसे बचा भी तो सकता
- 8:57है। बदलाव के लिए हमेशा बड़े कदमों की
- 9:00जरूरत नहीं होती। कभी कभी एक छोटी सी पहल,
- 9:04एक सही फैसला और प्रकृति के प्रति
- 9:06जिम्मेदारी ही काफी होती है। तो आइए देखते
- 9:09हैं।
- 9:16अरे भाई ये तुम क्या कर रहे हो?
- 9:18क्या हुआ [संगीत] भाई? मैं तो सिर्फ
- 9:20मछलियां ही पकड़ रहा था। इसमें कोई गुनाह
- 9:23है क्या?
- 9:24देखो भाई समुद्र से मछलियां लेना गलत नहीं
- 9:27है। लेकिन जरूरत से अधिक मछलियां पकड़ना
- 9:30समस्या का कारण बन सकता है।
- 9:32तो क्या मैं सिर्फ दो मछलियां पकडूं?
- 9:35नहीं।
- 9:36एक
- 9:36नहीं।
- 9:37तो फिर आधी? अरे आप भी ना हमें वैज्ञानिक
- 9:41जानकारी और स्थानीय परिस्थिति के आधार पर
- 9:44नियम बनाने होंगे। जैसे [संगीत] मछलियों
- 9:47के प्रजनन काल में संरक्षण, उचित फिशिंग
- 9:49प्रैक्टिसेस और अवैध फिशिंग पर भी
- 9:52नियंत्रण करना होगा।
- 9:53ओह तुम्हारे कहने का मतलब है मुझे समुंदर
- 9:56से लड़ना नहीं, उसके साथ काम करना है।
- 10:00बिलकुल।
- 10:00तो ठीक है फिर, आज से मैं समुंदर का
- 10:02एम्प्लॉय हूं।
- 10:04और सैलरी मछली।
- 10:06[संगीत]
- 10:12मेरे पास एक सवाल है।
- 10:14पूछो। क्या समुद्र की भी कोई सीमा होती
- 10:17है?
- 10:18देखो समुद्र की कोई सीमाएं नहीं होती।
- 10:21बल्कि सब देशों की समुद्री सीमाएं जरूर
- 10:24होती है। अच्छा। मतलब समुद्र की सीमाएं
- 10:28नहीं होती। फिर मछलियां क्या वे पासपोर्ट
- 10:31लेकर चलती होंगी? [संगीत] अगर ऐसा होता तो
- 10:34मेरी मछलियां तो बिना वीजा के ही हर जगह
- 10:37घूम लेती हैं और शायद सबसे ज्यादा
- 10:39इंटरनेशनल ट्रैवल भी वही करती हैं। यही तो
- 10:42समस्या की जटिलता है। हर देश के पास
- 10:45समुद्र नहीं है। देखिए समुद्री धाराएं
- 10:48सीमाएं नहीं मानता। प्रदूषण सीमाएं नहीं
- 10:51मानता और कई समुद्री जीव भी हजारों
- 10:54किलोमीटर दूरी तय करते हैं। इसका मतलब अगर
- 10:58एक देश समुद्र को बचाए और दूसरा उसे
- 11:01प्रदूषित करे तो क्या असर दोनों पर होगा?
- 11:04बिल्कुल महासागरों को बचाने के लिए सिर्फ
- 11:08लोकल एक्शंस काफी नहीं होंगे।
- 11:10आप सही कह रहे हैं। हमें लोकल एक्शन फी
- 11:13चाहिए, नेशनल एक्शन फी और इंटरनेशनल
- 11:15कॉरपोरेशन भी। मतलब समुंदर को बचाने के
- 11:18लिए हमें बहुत बड़ा WhatsApp ग्रुप चाहिए
- 11:21होगा। और उसमें कौन-कौन होगा? मछुआरे,
- 11:24वैज्ञानिक, स्टूडेंट्स, सरकार, इंडस्ट्री
- 11:28और आप सब भी।
- 11:30हम्म।
- 11:34[संगीत]
- 11:37अब मिलिए समुद्र के शहरों से, कोरल रील्स।
- 11:41कोरल, यह तो वही कलरफुल चीज है ना जो
- 11:44फिल्मों में बहुत सुंदर दिखती है।
- 11:46हां, लेकिन ये सिर्फ सुंदर नहीं है। इनके
- 11:49आसपास कई समुद्री जीव अपना जीवन बिताते
- 11:52हैं।
- 11:53मतलब अब समुंदर में भी कॉलोनी होने लग गई
- 11:56क्या?
- 11:56बिलकुल।
- 11:57तो इनकोरस का घर कौन बनाता है?
- 12:00प्रवाल स्वयं एक जटिल जीवी संरचना बनाते
- 12:03हैं।
- 12:03अच्छा मतलब समुंदर में भी बिल्डर्स होने
- 12:06लग गए क्या?
- 12:07बिल्कुल। परंतु इनके पास कंस्ट्रक्शन
- 12:09परमिट नहीं होता और मुझे लगता है अब हमें
- 12:12मरीन बिल्डिंग रेगुलेशंस की भी जरूरत है।
- 12:15लेकिन समुद्र के बढ़ते तापमान के कारण
- 12:18प्रवालों पर तलाव पड़ रहा है। यह सफेद
- 12:21दिखने लगे हैं। इसे कोरल ब्रिजिंग कहते
- 12:23हैं। कोरल को भी गर्मी लगती है।
- 12:26बिल्कुल।
- 12:27तब समुद्र में कह रहा होगा। अरे भाई कोई
- 12:30एसी चला दो।
- 12:33काश इतना आसान होता लेकिन असली समाधान है
- 12:37कि समुद्र को अत्यधिक गर्म होने से रोकना।
- 12:40हां।
- 12:50वाह! आज तो बहुत जरूरी मीटिंग है।
- 12:53अरे भाई किस चीज की मीटिंग चल रही है?
- 12:55मछलियों की।
- 12:57पर लेकिन मछलियां कहां है? अरे वो
- 12:59अंडरग्राउंड ज़ूम मीटिंग में है ना?
- 13:02अच्छा तो बताइए मछलियों की क्या शिकायत
- 13:05है?
- 13:05पहली शिकायत समुंदर में बहुत ज्यादा कचरा
- 13:08है।
- 13:09सही बात।
- 13:09दूसरी शिकायत मछुआरे उनको बहुत ज्यादा
- 13:12तादाद में पकड़ रहे हैं।
- 13:14ये भी सही है।
- 13:14और तीसरी शिकायत बढ़ते कचरे के कारण समुंदर
- 13:18का तापमान भी बढ़ रहा है।
- 13:20ये भी बहुत महत्वपूर्ण है।
- 13:21और चौथी शिकायत
- 13:23रुको मैं बताती हूं। मछलियां भी कह रही
- 13:26होंगी। कबीर जी हमें पकड़ना थोड़ा कम करो।
- 13:29अरे भाई मछलियों के कारण ही तो मेरा घर
- 13:32चलता है।
- 13:33यही संतुलन बहुत जरूरी है जिससे मछलियां
- 13:36भी बची रहे और आप जैसे मछुआरों की आजीविका
- 13:40भी।
- 13:40तो सलूशन क्या होगा?
- 13:42सलूशन यही है। हमें वैज्ञानिक डाटा के
- 13:45आधार पर मछलियों के लिए उचित फिशिंग
- 13:47प्रैक्टिससेस लानी [संगीत] होंगी। मछलियों
- 13:49के प्रजनन काल में उनका संरक्षण करना होगा
- 13:52और जिमिनल फिशिंग को पकड़ने पे बैन करना
- 13:55होगा।
- 13:56मतलब मुझे छोटी मछलियों को छोड़ना है।
- 13:59बिलकुल।
- 14:00तो ठीक है फिर। आज से छोटी मछलियां मेरे
- 14:03बेटी जैसी।
- 14:04और बड़ी मछलियां?
- 14:05बड़ी मछलियां बिरयानी जैसी?
- 14:12[संगीत]
- 14:14अब मैं कुछ सवाल पूछती हूं। क्या
- 14:17डेवलपमेंट गलत है? क्या फैक्ट्रीज लगाना
- 14:20गलत है? क्या इंडस्ट्रीज लगाना गलत है?
- 14:24नहीं। लेकिन डेवलपमेंट ऐसा होना चाहिए जो
- 14:27आज हमें सुविधा दे और कल को पर्यावरण के
- 14:30लिए कोई समस्या ना बने।
- 14:32तो हमें ग्रीन इंडस्ट्रीज चाहिए।
- 14:34ग्रीन इंडस्ट्री लेकिन सिर्फ पेंट ग्रीन
- 14:37के साथ नहीं।
- 14:38बिल्कुल। असल बदलाव प्रोडक्शन सिस्टम में
- 14:40होना चाहिए। कम वेस्ट, कम पोलशन, बेहतर
- 14:44रिसाइक्लिंग और सस्टेनेबल मटेरियल्स। और
- 14:47मेरी एक रिक्वेस्ट भी है क्या एक ऐसा भी
- 14:50पैकेट बना दीजिए जिससे समुंदर में मछलियों
- 14:54को वापस लाया जा सके? कबीर जी वह पैकेट
- 14:57नहीं टेलीपॉटर होगा।
- 15:03[संगीत]
- 15:04एक पल के लिए कल्पना कीजिए कि समुद्र बोल
- 15:07सकता है। आइए आज हम सभी इस कल्पना को एक
- 15:11अभिनय द्वारा देखें और यह भी समझने का
- 15:14प्रयास करें कि यदि वर्तमान समय में
- 15:16समुद्र बोल सकता तो वह कैसे अपनी व्यथा
- 15:19प्रकट करता। तो आइए देखते हैं।
- 15:23[संगीत]
- 15:26मैं समुद्र हूं। वाह भाई वाह। आज तो
- 15:30समुद्र भी खुद बोल रहा है। मैंने तुम्हें
- 15:33भोजन दिया, रोजगार दिया, मौसम और जलवायु
- 15:37को संतुलित किया और मैंने तुम्हें सुंदर
- 15:40समुद्र तट दिए।
- 15:41तो हमने भी तो तुम्हें कुछ ना कुछ दिया ही
- 15:43होगा ना।
- 15:44बिल्कुल तुमने भी मुझे बहुत कुछ दिया,
- 15:47कचरा दिया, प्रदूषण दिया, प्लास्टिक दिया
- 15:51और मेरे संसाधनों का दोहन किया। तो हमने
- 15:54डेवलपमेंट भी तो किया ना। मुझे डेवलपमेंट
- 15:58से कोई समस्या नहीं है। लेकिन मुझे ऐसे
- 16:01डेवलपमेंट से समस्या है जिसमें मेरा
- 16:03भविष्य संकट में हो।
- 16:05मतलब तुम्हारा भविष्य हमारा भविष्य है।
- 16:08बिल्कुल। तो ठीक है। इसी बात पे एक मछली
- 16:11हो जाए। यदि तुम मुझे स्वस्थ रखोगे तो मैं
- 16:15तुम्हें एक नहीं बल्कि बहुत सारी मछलियां
- 16:18दे सकूंगा। तो फिर डील डील।
- 16:22[संगीत]
- 16:25समुद्र की बहाली केवल वैज्ञानिकों या
- 16:28सरकारों की जिम्मेदारी नहीं है। यह हम सभी
- 16:31की जिम्मेदारी है। एक व्यक्ति द्वारा
- 16:34उठाया गया एक छोटा सा कदम बहुत बड़ा बदलाव
- 16:37ला सकता है। आज हमें समुद्र से कुछ लेने
- 16:40की नहीं बल्कि उसे बहुत कुछ लौटाने की
- 16:43जरूरत है। तो आइए देखते हैं।
- 16:48[संगीत]
- 16:52अरे [संगीत] अब सब मुझे क्यों देख रहे हो?
- 16:54क्योंकि तुम गवर्नमेंट हो ना?
- 16:57तो
- 16:57तो कोई ऐसा ही रूल बना दीजिए कि हर आदमी
- 17:00एक पेड़ लगाए और एक मछली बचाए।
- 17:03पेड़ कहां लगाओगे?
- 17:04समुद्र में।
- 17:08कबीर जी।
- 17:09क्या हुआ? मैं तो बस एक नया एक्सपेरिमेंट
- 17:12ही ट्राई कर रहा था। देखो भाई समुद्र में
- 17:15पेड़ नहीं लगाए जाते हैं। लेकिन हमें ओशन
- 17:18इकोसिस्टम की रक्षा के लिए अलग-अलग उपाय
- 17:21करने होंगे। जैसे मरीन प्रोटेक्टेड
- 17:24एरियाज, कोस्टल इकोसिस्टम रिस्टोरेशन,
- 17:26पोल्यूशन कंट्रोल और सस्टेनेबल फिशिंग
- 17:29पॉलिसीज भी लानी होंगी।
- 17:30और इन नीतियों का पालन करना बहुत जरूरी
- 17:33है।
- 17:34बिल्कुल। क्योंकि नियम खाली किताबों में
- 17:36लिखे होने से समुद्र साफ नहीं हो जाता है।
- 17:39इन नियमों को जमीन और पानी पर भी लागू
- 17:42करना बहुत जरूरी है।
- 17:43फिर तो हमें इसके लिए लोगों को जागरूक भी
- 17:46करना होगा।
- 17:47बिल्कुल।
- 17:49रुकिए। आप सब जरा एक मिनट रुकिए। अरे भाई
- 17:54तुम कौन हो? तुम तो हमारे जैसे बिल्कुल भी
- 17:57नहीं दिख रहे। मैं भविष्य से आई हूं।
- 18:00भविष्य से? तो भाई वहां मछलियों का रेट
- 18:03क्या है? कबीर जी, आप अब भी मछली के बारे
- 18:07में सोच रहे हैं।
- 18:08अरे भाई मैं मछुआरा हूं। प्रोफेशनल
- 18:11कमिटमेंट है। पूछना तो पड़ेगा।
- 18:14अरे ठीक है भाई। मैं उस पीढ़ी की प्रतिनिधि
- 18:17हूं जो तुम्हारे आज के फैसलों का परिणाम
- 18:20देखेगी। यदि तुम आज समुद्र को बचाओगे तो
- 18:23कल मैं आने वाली पीढ़ी को समुद्र दिखा
- 18:26सकूंगी। लेकिन अगर हमने आज कुछ नहीं किया
- 18:29तो मैं उन्हें केवल तस्वीरें ही दिखा
- 18:32सकूंगी। और वह पूछेंगे मां क्या समुद्र सच
- 18:35में इतना नीला हुआ करता था? और मेरे पास
- 18:38उनके सवालों का कोई जवाब नहीं होगा।
- 18:44[संगीत]
- 18:46एक पल के लिए हंसी रुक जाती है। क्योंकि
- 18:49भविष्य की सबसे बड़ी समस्या आज के हमारे
- 18:52फैसलों से बनती है। तो आइए अब देखते हैं
- 18:55कि हम सब क्या-क्या कर सकते हैं। मैं सवाल
- 18:58पूछूंगी और आप सभी जवाब देंगे। तैयार?
- 19:01तैयार। तो ठीक है। प्लास्टिक कम कौन
- 19:04करेगा?
- 19:04हम।
- 19:05जिम्मेदार मिशन कौन करेगा?
- 19:07हम।
- 19:08सस्टेनेबल प्रोडक्शन
- 19:09हम।
- 19:10बेटर पॉलिसीज
- 19:11हम।
- 19:12साइंस एंड रिसर्च
- 19:13हम।
- 19:14युवा अवेयरनेस
- 19:15हम।
- 19:15फ्यूचर जनरेशन
- 19:17हम।
- 19:17और ऑडियंस
- 19:19आप
- 19:19क्या-क्या कर सकते हैं?
- 19:21हम महासागरों को समझने का संकल्प लेते
- 19:24हैं।
- 19:24हम प्रदूषण कम करने का संकल्प लेते हैं।
- 19:27हम समुद्री संसाधनों को जिम्मेदारी से
- 19:29प्रयोग करेंगे। हम अपने जीवन में छोटे
- 19:32लेकिन महत्वपूर्ण बदलाव करेंगे। हम विकास
- 19:35और प्रकृति को संतुलित करने का प्रयास
- 19:38करेंगे।
- 19:38हम मजबूत पर्यावरणीय नीतियों और उनके
- 19:41समर्थन का पालन करेंगे।
- 19:43और हम आने वाली पीढ़ी के लिए एक स्वस्थ
- 19:45समुद्र भी छोड़ेंगे। एक लहर छोटी होती है
- 19:49लेकिन लाखों लहरें मिलकर महासागर बनाती है
- 19:53उसी प्रकार एक व्यक्ति का प्रयास छोटा लग
- 19:56सकता है लेकिन लाखों लोग मिलकर बदलाव की
- 19:59एक नई लहर पैदा कर सकते है
- 20:03हम समुंदर से सिर्फ मछलियाँ नहीं चाहते हम
- 20:07समुद्र से सिर्फ संसाधन नहीं चाहते
- 20:11हम वहां सागरों को
- 20:12स्वच्छ देखना चाहते हैं। हम विकास चाहते
- 20:16हैं लेकिन
- 20:17जिम्मेदारी के साथ
- 20:19हम नीतियां चाहते हैं लेकिन उनके प्रभावी
- 20:22पालन के साथ
- 20:23हम भविष्य चाहते हैं लेकिन ऐसा भविष्य
- 20:26जिसमें
- 20:26प्रगति भी जीवित हो
- 20:28क्योंकि भविष्य हमारा इंतजार नहीं कर रहा
- 20:32भविष्य हमारे
- 20:33आज के फैसलों से बन रहा है।
- 20:36तो आइए आज एक वादा करते हैं। प्लास्टिक को
- 20:39कम करेंगे। जिम्मेदार विकल्प चुनेंगे।
- 20:42समुद्र को प्रदूषित नहीं करेंगे। प्रकृति
- 20:45की रक्षा करेंगे और सबसे महत्वपूर्ण आने
- 20:49वाली पीढ़ियों के बारे में भी सोचेंगे।
- 20:51रिस्टोरिंग ओशियंस
- 20:53प्रिजर्विंग जनरेशंस
- 20:55महासागरों को पुनर्जीवित करें। पीढ़ियों
- 20:58को संरक्षित करें।
- 21:00और मछलियों को भी वापस लाए।
- 21:06[संगीत]
- 21:06नीला नीला सागर प्यारा। धरती का है जीवन
- 21:10तारा [संगीत] नीला नीला सागर प्यारा
- 21:12[गाना गाने की आवाज़] धरती का है जीवन
- 21:14तारा लहरों में है [संगीत] इसकी शान चलता
- 21:17इससे पूरा जहान चलता इससे पूरा जहान आज
- 21:22अगर हम कदम बढ़ाएं कल खुशियों के दीप
- 21:25[संगीत] जलाए आज अगर हम कदम बढ़ाएं कल
- 21:28खुशियों के दीप जलाए एक ही नारा एक विचार
- 21:32स्वच्छ समुंदर सुखी संसार स्वच्छ [संगीत]
- 21:35समुंदर सुखी संसार स्वच्छ समुंदर सुखी
- 21:38संसार
- 21:39क्योंकि स्वस्थ महासागर ही स्वस्थ भविष्य
- 21:43है।
- 21:44समुद्र की लहरें आज भी हमें पुकार रही है।
- 21:47सवाल सिर्फ इतना है
- 21:49क्या हम सुन रहे हैं? धन्यवाद।
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This page contains the full transcript of 1st Prize Winner Science Drama at Jhajjar District Level | Chhuchhakwas, Jhajjar by Shivam, generated from the public captions YouTube serves with the video. The transcript has 2,771 words across 477 segments, with the original timestamps preserved so you can click any line to jump to that moment in the embedded player.
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